कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट में स्कूली शिक्षा के डेटा की सटीकता पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट में स्कूली शिक्षा के डेटा की सटीकता पर उठाए सवाल
जींद जिले के पांडु-पिंडारा में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने मंगलवार को राजकीय हाई स्कूल और राजकीय प्राथमिक पाठशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां विद्यार्थियों को मिल रही पढ़ाई और दूसरी सुविधाओं का जायजा लिया। डीसी ने अलग-अलग रजिस्टर भी चेक किए और कक्षाओं में जाकर पढ़ाई के तरीके को भी देखा। दौरे के दौरान डीसी ने बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने अध्यापकों से भी पूछा कि बच्चों को कौन-सा विषय और पाठ पढ़ाया गया है। जब बच्चों ने सही जवाब दिए, तो डीसी ने उनकी तारीफ की और उनका हौसला बढ़ाया। 'बच्चों को रोज क्लास वर्क और होमवर्क दें' डीसी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को रोज क्लास वर्क और होमवर्क दें। साथ ही, उनकी कॉपियां भी हर दिन चेक करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे के काम में गलती मिलती है, तो उसे डांटने के बजाय दोबारा समझाकर सही तरीके से काम करवाएं। डीसी ने जोर दिया कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें पूरी जिम्मेदारी, लगन और संवेदनशीलता से अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं है। इसका उद्देश्य बच्चों में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी है। डीसी ने कहा कि बच्चों को खेलकूद और क्रिएटिव कामों में हिस्सा लेने के लिए भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि उनका पूरा विकास हो सके। 'मिड-डे मील की क्वालिटी पर रखे नजर' डीसी ने स्कूल की प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि वे बच्चों में अनुशासन की भावना पैदा करें। साथ ही, यह भी पक्का करें कि बच्चे साफ-सुथरी स्कूल ड्रेस पहनकर आएं। उन्होंने मिड-डे मील की क्वालिटी और पौष्टिकता पर नजर रखने को भी कहा। भोजन बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। डीसी ने स्कूल कैंपस, क्लासरूम और शौचालयों में रोज साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल के रिकॉर्ड और अलग-अलग रजिस्टरों को सही तरीके से रखा जाए और उन्हें अपडेट किया जाए। बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं से जुड़े कामों में कोई लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी गई।
पंजाब सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। एक साथ 8 IPS और 12 पीपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। सरकार ने 6 जिलों- मलेरकोटला, पठानकोट, पटियाला, मोहाली, बठिंडा और मानसा के SSP का तबादला किया है। गुरप्रीत सिंह भुल्लर को नया आईजीपी बॉर्डर रेंज (अमृतसर) नियुक्त किया गया है। साथ ही शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की पत्नी ज्योति यादव को बठिंडा के SSP के पद से हटाकर कमांडर 82वीं वाहिनी PAP, चंडीगढ़ भेज दिया गया है। इन 6 जिलों के SSP बदले 8 IPS अफसरों के तबादले का आदेश पढ़ें… 12 PPS अफसरों के तबादले का आदेश पढ़ें… ************** ये खबर भी पढ़ें: BJP के खिलाफ AAP का प्रदर्शन: लुधियाना में बैरिकेड तोड़े; जालंधर में पंजाब प्रभारी के कार्यक्रम तक पहुंचे; अमृतसर में बैरिकेडिंग पर रोके सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के भोग में 3 भाजपा सांसदों के शामिल होने को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 4 शहरों में प्रदर्शन किया। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में AAP के वर्करों ने भाजपा का दफ्तर घेरने की कोशिश की। (पढ़ें पूरी खबर)
मधेपुरा जिला परिषद विवाह भवन में लोकमंच के बैनर तले ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे समाज के बुद्धिजीवी, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी देने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और राजनीतिक नेतृत्व के सामने अपनी मांग रखनी होगी। बैठक में ब्राह्मण समाज को आर्थिक रूप से संपन्न मानने की धारणा पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के कई परिवार आज भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। 'कई परिवार मजदूरी कर रहे, योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए' बैठक में कहा गया कि कई परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त जमीन तक नहीं है, जबकि कुछ परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। 'ब्राह्मणों ने दूसरों को ताज पहनाया, अब उचित भागीदारी मिले' सीमांचल कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अजय झा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने देश की उन्नति में हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी ताज पाने की राजनीति नहीं की, बल्कि दूसरों को ताज पहनाने का काम किया। अब समाज को शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। 'दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं, अपनी समस्याओं पर ध्यान चाहिए' लोकमंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि आशीष कुमार झा उर्फ बब्बू झा ने कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकमंच समाज की आवाज बनकर ब्राह्मणों से जुड़े मुद्दों को सरकार और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाएगा। आशीष झा ने स्पष्ट किया कि समाज किसी दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपनी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान चाहता है। नवंबर में पटना से निकलेगी पदयात्रा आशीष झा ने बताया कि लोकमंच की मांगों के समर्थन में नवंबर में पटना के मिलर हाई स्कूल से पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें राज्यभर के ब्राह्मण समाज के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
क्या भारत की तरह अमेरिका में भी है ट्यूशन कल्चर?
भारत में स्कूल के बाद बच्चों के ट्यूशन जाना बेहद आम है. स्कूल में जो चीजें उन्हें समझ नहीं उसके लिए छात्र अलग से कोचिंग या ट्यूटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या अमेरिका में भी बच्चों के लिए ऐसा ही ट्यूशन कल्चर है? इस सवाल पर इंस्टाग्राम पर ‘Sarika in America’ नाम के अकाउंट से शेयर किए गए एक वीडियो में 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने अनुभव के बारे में बताया.
ऑफिस में ज्यादा ईमानदारी से काम करने वालों पर छिड़ी बहस
समय पर काम, बेहतरीन क्वालिटी और बॉस का भरोसा... पहली नजर में यह परफेक्ट एम्प्लॉई की पहचान है, लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में यही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है. इंस्टाग्राम पर वायरल एक वीडियो ने दफ़्तर के इस कड़वे सच पर तीखी बहस छेड़ दी है. जानिए कैसे आपकी ओवर-एफिशिएंसी आपको पहचान देने के बजाय अतिरिक्त काम के जाल में फंसा देती है और इससे बचने के लिए सीमाएं तय करना क्यों जरूरी है.
job news 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक में निकली हैं वैकेंसी, कर सकत हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी एक अच्छी नौकरी की तलाश हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां बैंक में जॉब तलाश रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। इंडियन ओवरसीज बैंक ने जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट के पदों पर भर्ती निकाली है। इसके तहत कुल 291 पदों पर भर्ती होगी। पदों का नाम- जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट कुल पद-291 आवेदन करने की अंतिम तिथि -15 सितंबर 2026 योग्यता- मैनेजर (ब्रांच मैनेजमेंट) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएशन की डिग्री और संबंधित बैंकिंग अनुभव होना चाहिए आयु सीमा- आयु सीमा की गणना 1 अगस्त, 2026 के आधार पर होगी सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट Indian Overseas Bank देख सकते हैं pc- businesstoday.in
IBPS recruitment 2026: 13,706 RRB पदों पर निकली भर्ती, आवेदन करने के लिए जान लें सभी डिटेल्स
pc: BFSI NEWS इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) ने 13,706 RRB पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट प्रोसेस शुरू कर दिया है। इन पोस्ट में ग्रुप “A” ऑफिसर (स्केल 1, 2 और 3) और ग्रुप “B” ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) की रिक्रूटमेंट शामिल है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस आज से शुरू हो गया है और 21 सितंबर को खत्म होगा। जो कैंडिडेट इस जॉब के लिए एलिजिबल और इंटरेस्टेड हैं, वे IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन विंडो बंद होने के दो दिन बाद एप्लीकेशन करेक्शन विंडो बंद हो जाएगी। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 1 सितंबर एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 21 सितंबर एप्लीकेशन करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: एप्लीकेशन विंडो बंद होने के दो दिन बाद। एप्लीकेशन फीस पेमेंट: 21 सितंबर ऑफिशियल वेबसाइट: in वैकेंसी: ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस): 8,183 वैकेंसी ऑफिसर स्केल 1 (PO): 4,256 वैकेंसी ऑफिसर स्केल 2 (मैनेजर): 1,047 वैकेंसी ऑफिसर स्केल 3 (सीनियर मैनेजर): 220 वैकेंसी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: एलिजिबिलिटी अप्लाई किए गए खास पोस्ट के आधार पर अलग-अलग होती है, डिटेल्ड जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखें। जो कैंडिडेट इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट होना चाहिए। रिक्रूटमेंट के लिए एज लिमिट 18 से 32 है, इसमें पोस्ट के हिसाब से लिमिट हैं, आप उन्हें ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं। नेशनलिटी और सिटिज़नशिप से जुड़ी एलिजिबिलिटी भी उपलब्ध है। पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट को उस राज्य की लोकल भाषा आनी चाहिए जिसमें वे अप्लाई कर रहे हैं। जिन कैंडिडेट के खिलाफ कोई कोर्ट केस चल रहा है, उन्हें इस पोस्ट के लिए कंसीडर नहीं किया जाएगा। एप्लीकेशन फीस: अनरिजर्व्ड कैटेगरी: Rs 850 रिजर्व्ड कैटेगरी: Rs 175 सिलेबस और एग्जामिनेशन स्ट्रक्चर: जो कैंडिडेट इस जॉब के लिए एग्जाम देना चाहते हैं, वे सिलेबस और एग्जामिनेशन स्ट्रक्चर की डिटेल्ड जानकारी पाने के लिए ऑफिशियल CRP RRBs XV नोटिफिकेशन देख सकते हैं। सिलेक्शन प्रोसेस: प्रीलिमिनरी एग्जामिनेशन (ऑनलाइन) मेन एग्जामिनेशन (ऑनलाइन) कॉमन इंटरव्यू इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) ibps.in से जुड़ी ज़्यादा जानकारी के लिए, इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट पढ़ सकते हैं।
दक्षिण रेलवे ने अप्रेंटिस भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत 4,471 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 27 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश के 16 शासकीय महाविद्यालयों में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति देकर द्वितीय श्रेणी रजिस्ट्रार बनाया गया। उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को पदस्थापना आदेश जारी किया।
महिला सशक्तिकरण की असली नींव घर और शिक्षा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि महिला सशक्तिकरण की वास्तविक शुरुआत घर और शिक्षा से होती है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, स्टार्टअप, व्यवसाय और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही सोच, अवसर व परिवार का सहयोग मिलना जरूरी है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में सोमवार को लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक ‘‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’’ पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल आनंदीबेन पटेल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और नेतृत्व के हर क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी शक्ति है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें अवसर के साथ-साथ नेतृत्व तथा निर्णय लेने का अधिकार भी मिलना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संघ के कार्यों में मातृशक्ति का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी मां संघ के स्वयंसेवकों और प्रचारकों के प्रति स्नेह, सम्मान व आत्मीयता रखती थीं। महाना ने कहा कि संघ में महिलाओं का सम्मान सर्वोच्च है और उनका सहयोग परिवार, सेवा तथा समाज को साथ लेकर चलने की शक्ति प्रदान करता है। आनंदीबेन पटेल ने पुस्तक की लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र को पुस्तक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के विचारों को समाज तक पहुंचाने और देश के विभिन्न हिस्सों में संवाद की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
NEET पेपर लीक: संजीव मुखिया को राहत, हिरासत से मुक्त करने का आदेश
NEET 2024 पेपर लीक मामले में जेल में बंद संजीव मुखिया को बड़ी राहत मिली है. पटना सीबीआई की विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को इस मामले में न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है. हालांकि, नीट पेपर लीक मामले में राहत मिलने के बावजूद वह आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से दर्ज मामले में जेल में ही रहेगा.
शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को जयपुर में होने वाला राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 स्थगित कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान बीकानेर ने 31 अगस्त को इसका आदेश जारी किया। राज्य में सितंबर में होने वाले नगर निकाय चुनावों की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण समारोह को आगामी सूचना तक टाल दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आचार संहिता के नियमों को देखते हुए सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद समारोह स्थगित करने का निर्णय लिया गया। 5 सितंबर को जयपुर में होना था समारोह राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 5 सितंबर को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित होना प्रस्तावित था। संभागीय संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा जयपुर के तत्वावधान में होने वाले समारोह में प्रदेशभर से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाना था। समारोह स्थगित होने के बाद सम्मानित होने वाले शिक्षकों को अब नई तारीख का इंतजार करना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से निकाय चुनाव पूरे होने और आचार संहिता हटने के बाद कार्यक्रम की नई तारीख और रूपरेखा जारी की जाएगी। आदेश की प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री के विशिष्ट सहायक, स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, आयुक्त, सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और संस्था प्रधानों को भेजी गई है। जिला स्तर के सम्मान पर भी स्थिति साफ नहीं राज्य के सभी जिलों से जिला स्तर पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों की सूची शिक्षा निदेशालय, बीकानेर भेजी जा चुकी है। हालांकि जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को लेकर अभी विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। शिक्षकों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी भी कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षक विभाग से कार्यक्रम के संबंध में जानकारी ले रहे हैं, लेकिन अभी जिला स्तर के समारोह की तारीख को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। ब्लॉक स्तर पर लगातार दूसरे साल सम्मान नहीं होगा शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार इस बार भी ब्लॉक स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह नहीं होगा। लगातार दूसरे साल केवल जिला और राज्य स्तर पर शिक्षकों को सम्मान दिया जाएगा। इस बार जिला स्तर पर 123 और राज्य स्तर पर 66 शिक्षकों सहित कुल 189 शिक्षकों का चयन किया जाना है। जिला स्तर पर चयनित शिक्षक को 11 हजार रुपए और प्रमाण पत्र, जबकि राज्य स्तर पर चयनित शिक्षक को 21 हजार रुपए और प्रमाण पत्र दिया जाना है। शिक्षकों से 11 अगस्त तक शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस बार सम्मानित होने वाले शिक्षकों की संख्या और पुरस्कार राशि में भी कटौती की गई है। सम्मान के लिए 5 साल का शिक्षण अनुभव जरूरी शिक्षक सम्मान के लिए आवेदन करने वाले शिक्षक के पास कम से कम 5 साल का कक्षा शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। अनुभव की गणना 30 जून 2025 के आधार पर की जाएगी। शिक्षकों का चयन 100 अंकों की सूक्ष्म अंक योजना के आधार पर किया जाएगा। कुल 25 से कम अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। शिक्षक संघ ने राशि बंद करने और पारदर्शिता की मांग की शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि शिक्षक सम्मान समारोह में दी जाने वाली नकद राशि बंद की जानी चाहिए। यदि राशि देनी है तो शिक्षक के स्कूल में जाकर दी जाए। उन्होंने कहा कि जिला और राज्य स्तर पर सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेज ऑनलाइन जारी किए जाने चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और दूसरे शिक्षक भी सम्मान के लिए जरूरी कार्यों को समझकर तैयारी कर सकेंगे।
झारखंड की बेटियों ने रचा इतिहास, उच्च शिक्षा में लड़कों को पछाड़ा; देश के टॉप 10 राज्यों में शामिल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड उच्च शिक्षा में छात्राओं के नामांकन में छात्रों से आगे निकल गया है और देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है।
Kangra News: तकनीकी शिक्षा बोर्ड अब क्यूआर कोड वाले वाटरप्रूफ डिप्लोमा करेगा जारी
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड अब विद्यार्थियों को क्यूआर कोड से लैस वाटरप्रूफ डिप्लोमा जारी करेगा।
झारखंड में विश्वविद्यालय और कॉलेजों की पढ़ाई को नए स्तर पर ले जाने के लिए सरकार जे-टॉक (झारखंड ट्रांसफॉर्मिंग एकेडमिक लर्निंग एंड नॉलेज प्लेटफॉर्म) शुरू करेगी। इसके जरिए उच्च शिक्षा में अकादमिक बातचीत और नए विचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। देश-विदेश के विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर लेक्चर सीरीज, पैनल डिस्कशन, डायलॉग, पॉडकास्ट और यूथ टॉक कराए जाएंगे। इस योजना पर हर साल करीब 5.87 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मंजूरी दे दी है। विभाग अब इसे शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है हर साल 196 कार्यक्रम, 9 संबद्ध विवि में सबसे ज्यादा 144 : योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हर साल 196 कार्यक्रम होंगे। इनमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल होंगे। इससे नए विचारों, नवाचार और ज्ञान को साझा करने का मौका मिलेगा। राज्य के 9 संबद्ध विश्वविद्यालयों में हर साल 144 जे-टॉक होंगे। हर कार्यक्रम पर 2 लाख रुपए के हिसाब से 2.88 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं 4 यूनिटरी स्टेट यूनिवर्सिटी में 40 कार्यक्रम होंगे। इन पर 80 लाख रुपए खर्च होंगे। रांची साइंस सेंटर में सालाना 12 जे-टॉक होंगे। हर कार्यक्रम पर 1 लाख रुपए के हिसाब से 12 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा साल में एक बार स्टेट लेवल एनुअल कॉन्क्लेव होगा, जिस पर 1 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस तरह विश्वविद्यालयों और रांची साइंस सेंटर के नियमित कार्यक्रमों पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मार्केटिंग एजेंसी पर 25 लाख और प्रिंटिंग-पब्लिशिंग पर 20 लाख रुपए खर्च होने की संभावना है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी काम आएगी सामग्री: जे-टॉक में सिर्फ कार्यक्रम कराकर बात खत्म नहीं होगी। हर कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और लिखित रूप तैयार किया जाएगा। उसकी इवेंट समरी और छोटे-छोटे लर्निंग मॉड्यूल भी बनाए जाएंगे। इन सभी को एक डिजिटल नॉलेज रिपॉजिटरी में रखा जाएगा। इससे विद्यार्थी, शिक्षक और शोधार्थी बाद में भी इन व्याख्यानों और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री का इस्तेमाल कर सकेंगे। मार्केटिंग एजेंसी करेगी प्रचार, अलग वेब पोर्टल भी बनेगा: जे-टॉक के प्रचार और पहचान बनाने के लिए प्रोफेशनल मार्केटिंग और ब्रांडिंग एजेंसी की मदद ली जाएगी। एजेंसी योजना की ब्रांडिंग और प्रचार की रणनीति बनाएगी। पोस्टर, बैनर, बैकड्रॉप और डिजिटल क्रिएटिव तैयार करने के साथ सोशल मीडिया और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इसका प्रचार करेगी।
घर व शिक्षा से होती है महिला सशक्तीकरण की शुरुआत : राज्यपाल
घर व शिक्षा से होती है महिला सशक्तीकरण की शुरुआत : राज्यपाल
Pratapgarh News: अंग्रेजी माध्यम में दी शिक्षा तो कॉन्वेंट के बच्चों ने भी लिया दाखिला
कंपोजिट विद्यालय बरना के प्रधानाध्यापक देवेंद्र प्रताप सिंह को शिक्षक दिवस पर मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार
Pratapgarh News: रायपुर तियाई हादसे में शिक्षामित्र की भी मौत
लालगंज अझारा निवासी ई-रिक्शा चालक रमाकांत मिश्रा (40) रविवार को सवारी लेकर जा रहे थे। रायपुर तियाई स्थित पेट्रोल पंप के पास सामने आई तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे में घायल ई-रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
शिक्षा और जागरूकता से सशक्त बनें महिलाएं : डॉ. सुमिता आसरी
राजकीय महिला कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Amroha News: अमरोहा के शिया इमाम व शिक्षाविद मौलाना सियादत नकवी का इंतकाल
शहर के मशहूर शिया इमाम, शिक्षाविद और साहित्यकार मौलाना डॉ. सैय्यद मोहम्मद सियादत नकवी का सोमवार को 84 वर्ष की उम्र में इंतकाल हो गया।
Amroha News: इमाम जाफर-ए-सादिक की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला
हजरत इमाम अली नकी ट्रस्ट अमरोहा (रजि.) के तत्वावधान में रविवार रात रिजवी मंजिल, मोहल्ला लकड़ा में इल्मी सेमिनार एवं महफिल-ए-नात-ओ-मनकबत हुई।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि किशोर न्याय कानून का उद्देश्य बाल अपराधियों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास, विकास और समाज में पुनर्स्थापना को सुनिश्चित करना है। न्यायालय ने कहा- किशोर न्याय अधिनियम 2015 ने कठोर दंडात्मक व्यवस्था से हटकर पुनर्वासात्मक न्याय की अवधारणा को अपनाया है। किशोर न्याय बोर्ड और बाल न्यायालयों को बच्चों के पुनर्वास और पुनर्स्थापना की जिम्मेदारी निभानी होगी। कासगंज और जालौन का मामला कासगंज और जालौन निवासी दो बाल अपचारियों की आपराधिक अपील स्वीकार हुए न्यायमूर्ति अजय भनोट ने यह आदेश दिया। अधीनस्थ न्यायालय ने पाक्सो एक्ट में आरोपित दोनों ही आरोपितों की जमानत अर्जी अस्वीकृत कर दी थी। वह हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत पर हैं। कोर्ट ने क्या कहा जानिएकोर्ट ने कहा भारत ने 11 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र के बाल अधिकार संबंधी कन्वेंशन को स्वीकार किया था, जिसके बाद बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए किशोर न्याय कानून में व्यापक प्रावधान किए गए। न्यायालय ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा 3 के तहत बच्चे के सर्वोत्तम हित, सकारात्मक उपाय, संस्थागत देखभाल को अंतिम विकल्प और न्यायिक प्रक्रिया से अलग वैकल्पिक उपाय जैसे सिद्धांतों को महत्वपूर्ण बताया। कहा, ‘हर निर्णय में बच्चे के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उसकी क्षमताओं के पूर्ण विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। कानून का मकसद बच्चों को दंड देकर समाज से अलग करना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाकर मुख्यधारा में वापस लाना है। किशोर न्याय बोर्ड और बाल न्यायालय बच्चे के संरक्षक की भूमिका में भी कार्य करते हैं।’ पीठ का कहना था कि किशोर न्याय बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे और उसके माता-पिता की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सूचित भागीदारी हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चे को रिहा किए जाने के बाद भी पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापना की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। किशोर न्याय बोर्ड को उसकी निगरानी और देखभाल जारी रखनी होगी। बच्चा केवल अपराध का आरोपित नहींकोर्ट ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का पूरा ढांचा इस सोच पर आधारित है कि कानून से संघर्षरत बच्चा केवल अपराध का आरोपित नहीं है, बल्कि उसके विकास और भविष्य की भी चिंता की जानी चाहिए। अपीलकर्ता के जमानत के अधिकार को मनमाने शर्तों या जमानतदारों की अनावश्यक मांगों से बाधित नहीं किया जाना चाहिए। निर्णय की प्रतियां सभी बाल न्याय बोर्डों और बाल न्यायालयों को भेजे जाने का भी निर्देश कोर्ट ने दिया है। प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने पक्ष रखा। अदालत ने प्रकरण में सहयोग के लिए एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) विजेता सिंह की भी सराहना की।
रटने से रचने तक: आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली से मेरा एक सवाल
हाल ही में अजमेर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सृजनात्मक प्रतियोगिता के समापन समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बैठने का अवसर मिला। वहां से लौटते हुए मन में एक सवाल बार-बार लौटता रहा, जो शायद हम सबको बार-बार पूछना चाहिए — क्या हम अपने विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक ... Read more
शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जा सकता : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन सोमवार को कोच्चि में राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए और ‘कॉनफ्लुएंस 3.0’ का उद्घाटन किया...
नए शैक्षणिक बदलावों को स्कूलों तक पहुंचाने में शिक्षा परिषदों की अहम भूमिका : प्रिती पाटील
वाळवे खुर्द में बिद्री केंद्र की दूसरी शिक्षा परिषद आयोजित हुई। प्रिती पाटील ने नए शैक्षणिक बदलावों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध कुरुद शासकीय महाविद्यालय की लापरवाही के कारण बीए चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों को छठवें सेमेस्टर का पाठ्यक्रम पढ़ाया गया। परीक्षा के दिन पेपर न मिलने पर छात्रों को लौटा दिया गया, लेकिन परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। छात्र न्याय के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं और कुलसचिव ने समीक्षा का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए 'शिक्षा घर' पहल शुरू की जा रही है। यह योजना राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हर ग्राम पंचायत में ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से संचालित होगी, जिसकी शुरुआत बड़वानी और नर्मदापुरम से हो रही है।
शिक्षक दिवस पर 61 शिक्षकों को मिलेगा राज्य पुरस्कार, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी की सूची
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रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी को 165 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, वीडियो में जाने सुप्रीम कोर्ट और ATS का डर दिखाकर ठगे 66 लाख
सासाराम में DM के जनता दरबार में भूमि, आवास, शिक्षा समेत कई मामलों की सुनवाई
31 अगस्त, सोमवार: सासाराम के डीआरडीए सभागार में आयोजित जनता दरबार में डीएम ने लोगों की समस्याएं सुनीं। फरियादियों ने भूमि विवाद, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और सड़क से जुड़े आवेदन दिए। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया।
पेपर लीक पर मुकेश खन्ना का सवाल-'शिक्षा मंत्री शामिल नहीं तो उन्हें जिम्मेदार क्यों ठहराया जाए?'
मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर छात्रों के प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर दी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में जंतर-मंतर और झारखंड में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षा घर शुरू किए जाएंगे। विद्यार्थी राज्य ओपन स्कूल बोर्ड से 10वीं-12वीं की परीक्षा देकर प्रमाणपत्र हासिल कर सकेंगे।
न कोई ऑफिस, न कोई स्टार्टअप! फिर भी कर रहे हैं 5 लाख की कमाई
सोशल मीडिया पर नौकरी या उससे जुड़े तरह-तरह के दावे किए जाते हैं, जो कई बार सही तो कई बार गलत भी साबित होते हैं. एक्स पर वायरल हो रही पोस्ट में भी ऐसी ही एक बात कही जा रही है. एक युवक ने बताया कि उनके दोस्त इस काम से हर महीने 5 लाख रुपये कमा रहे हैं.
Report :10 साल में 94 हजार सरकारी स्कूल कम! नीति आयोग के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, जानिए क्यों बदल रही है देश की शिक्षा व्यवस्था
सरकारी नौकरी 2026: अगस्त के आखिरी दिन सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के पास आज 13,129 पदों पर आवेदन का आखिरी मौका है। एसबीआई क्लर्क, राजस्थान बिजली विभाग और पंजाब पीटीआई भर्ती के आवेदन आज बंद हो रहे हैं।
बिहार में आरक्षण को लेकर जारी सियासी बहस के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके परिवारों के बच्चों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने पर विचार किया जाना चाहिए।
भारत में उच्च शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पूरी सफलता नहीं, आखिर नए शिक्षा मंत्री से क्यों मायूस हैं सोनम वांगचुक?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है। नए मंत्री ने पद भी संभाल लिया है। लेकिन, इन सब बातों से भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक बहुत खुश नजर नहीं आ रहे हैं। आखिर उनकी मायूसी की क्या वजह है?
कोल इंडिया प्रबंधन प्रशिक्षु भर्ती परीक्षा की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी हो गई है। उम्मीदवार 3 सितंबर रात 11:55 बजे तक अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। 660 पदों के लिए 1.29 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है।
विज्ञान: एआई, रोबोटिक्स की मदद से पढ़ेंगे और सीखेंगे डॉक्टर, मेडिकल शिक्षा बेहतर बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित
उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सुल्तानपुर में छात्राओं से छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला सामने आया है। मामले में स्कूल के सहायक शिक्षक को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। इंदवार पुलिस ने भी शिक्षक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सहायक शिक्षक पर स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे थे। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए। जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित किया जिला शिक्षा अधिकारी बी.एस. सरकंडे ने रविवार को एक पत्र जारी कर निलंबन की जानकारी दी। निलंबन अवधि के दौरान सहायक शिक्षक कोमल चंद गुप्ता का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदवार थाना पुलिस ने भी शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। छात्राओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा, सामाजिक भागीदारी व नेत्रदान जागरूकता को लेकर बैठक में चर्चा
भास्कर न्यूज | अम्बाला कश्यप राजपूत सभा की मासिक बैठक रविवार को सेक्टर-9 स्थित हरविंदर सिंह कश्यप के आवास पर हुई। बैठक की अध्यक्षता सभा के प्रधान त्रिलोचन सिंह ने की और मंच संचालन प्यारा सिंह कश्यप ने किया। बैठक में कश्यप समाज को आगे बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और निर्णय लेने वाले पदों पर समाज की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। बैठक में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज की ओर से हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया। नए सदस्य अमरनाथ कश्यप ने अपना परिचय दिया और सरकारी संस्थाओं के माध्यम से निशुल्क आंख जांच शिविर आयोजित कराने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। वहीं, 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाए जा रहे 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में हाकम सिंह, राम कुमार, प्रदीप कुमार, धनी राम, अजीत सिंह, रूप राम, कपूर सिंह, जयपाल सिंह, रणबीर सिंह, निहालजीत सिंह, ओम प्रकाश, रविंदर सिंह और हरविंदर सिंह आदि मौजूद थे।
घुमंतू समाज के युवा सम्मेलन में शिक्षा, संगठन और संस्कार पर जोर
बूंदी| घुमंतू उत्थान न्यास की ओर से रविवार को शहर में घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों का युवा सम्मेलन हुआ। अध्यक्षता नीरज गर्ग ने की, जबकि मुख्य अतिथि पुरुषोत्तम नुवाल रहे। मुख्य वक्ता प्रभुलाल कालबेलिया ने समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने अभावों के बावजूद राष्ट्र और सनातन संस्कृति की रक्षा की। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर शिक्षा, संस्कार और संगठन के जरिए समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। सम्मेलन में युवाओं ने समाज की वर्तमान चुनौतियों और विकास को लेकर भी विचार साझा किए।
Chandigarh News: फेडरेशन चुनाव में सीटीयू को प्रधान, शिक्षा विभाग को महासचिव पद
फेडरेशन चुनाव में सीटीयू को प्रधान, शिक्षा विभाग को महासचिव पद
Farrukhabad News: ढिलावल तिराहे पर बाइक फिसलने से शिक्षा मित्र की मौत
फर्रुखाबाद। घर से बेटी की शादी के लिए रिश्ता देखने निकले शिक्षा मित्र की ढिलावल तिराहे पर बाइक फिसल गई। बेहोशी की हालत में उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया।
भरतपुर में रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी को साइबर ठगों ने 165 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। सुप्रीम कोर्ट और एटीएस (ATS) का खौफ दिखाकर 66 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। मामले में भरतपुर साइबर थाना पुलिस ने रविवार को संभल (यूपी) से आरोपी ओमपाल (35) को गिरफ्तार किया है। 3 आरोपी भूपेंद्र यादव, फारुख अहमद परी और संदीप मात्रा पहले ही पकड़े जा चुके हैं। एसपी राजेश मीणा ने बताया- पीड़ित रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी ने 2 फरवरी 2026 को साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि 17 अगस्त 2025 को पीड़ित के पास एक अज्ञात फोन आया। बातचीत के दौरान ठगों ने धीरे-धीरे उनके आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज की जानकारी हासिल की। इसके बाद आरोपियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर पीड़ित को फोन किया। ठगों ने झूठा दावा किया कि उन्होंने एक अपराधी को पकड़ा है, जिसके पास से शिक्षा अधिकारी के दस्तावेज मिले हैं। पीड़ित को डरा-धमकाकर ठगों ने उनके बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल हासिल कर ली और अकाउंट में मौजूद पैसों के 'वेरिफिकेशन' की मांग की। जब शिक्षा अधिकारी ने इनकार किया, तो आरोपियों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर 165 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान अपराधियों ने पीड़ित से 3 किस्तों में 22 लाख, 35 लाख और 6 लाख रुपए सहित कुल 66 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने 2 फरवरी को करवाया मामला दर्ज एसपी राजेश मीणा ने बताया- जनवरी 2026 में पीड़ित रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी ने समाचार पत्रों में 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़ी एक खबर पढ़ी। इसके बाद जब उन्होंने आरोपियों से सवाल-जवाब करना शुरू किया तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद 2 फरवरी को उन्होंने साइबर थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और कॉल डिटेल के साथ- साथ बैंक अकाउंट ट्रांजेक्शन को ट्रेक किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ओमपाल (35) निवासी संभल, उत्तर प्रदेश ने कंस्ट्रक्शन की एक फर्जी फर्म बनवाकर बैंक अकाउंट खुलवाया, जिसमें बुजुर्ग से ठगे गए 22 लाख रुपए कैश करवाए गए। इसके बाद पुलिस ने ओमपाल को यूपी के संभल से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि मामले में 3 आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल आरोपी ओमपाल से पूछताछ की जा रही है। साथ ही गैंग के दूसरे सदस्यों को लेकर भी जांच की जा रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज का इतिहास स्वाभिमान, वीरता और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली गाथा है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस समाज ने अपनी मेहनत, कला, संस्कृति और आत्मसम्मान को जीवित रखा। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि शिक्षा ही आने वाली पीढ़ियों का भाग्य बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में हरियाणा और पंजाब की विभिन्न घुमंतू जातियों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के शूरवीरों और महापुरुषों का योगदान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने भाई मक्खन शाह लबाना, भाई लखी शाह बंजारा, भाई निगाहिया और योद्धा भाई जैता के योगदान को याद किया। इस दौरान अखिल भारतीय डीएनटी कल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह देसुजोदा, सतनाम सिंह संधू, हरियाणा घुमंतू जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन सरदार जसमेर सिंह बंजारा, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, सुनीता चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंग्रेजों ने बनाया था 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट' सीएम ने कहा कि समाज की वीरता और राष्ट्रभक्ति से अंग्रेजी हुकूमत भी परेशान थी। इसी के चलते अंग्रेजों ने वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट जैसा काला कानून बनाकर कई समुदायों को जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 31 अगस्त 1952 को इस कानून का कलंक समाप्त हुआ। इसी ऐतिहासिक दिन को विमुक्ति दिवस के रूप में याद किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल विमुक्ति दिवस मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज को वे सभी अवसर और अधिकार मिलने चाहिए, जिनसे वह लंबे समय तक वंचित रहा। 702 घुमंतू परिवारों को प्लॉट दिए गए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हरियाणा में 1.60 लाख परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि करनाल, पलवल और रोहतक में 702 घुमंतू परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जिससे उनके सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत हुई है। डॉ. आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मकान मरम्मत के लिए सहायता राशि 30 हजार से बढ़ाकर 80 हजार रुपए की गई है। इसके तहत 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपए की सहायता दी गई। 500 रुपए में दिए गैस सिलेंडर मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब परिवारों को मात्र 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ 15 लाख से अधिक महिलाओं को मिला है। वहीं मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए 3.85 लाख परिवारों को 1,523 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी गई है।
भोपाल में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर 10 दिन से भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को खून से पत्र लिखा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि हजारों पद रिक्त होने के बावजूद सरकार सीमित भर्ती कर रही है और उनकी अनदेखी की जा रही है।
रोहतक में शिक्षा बचाओ, रोजगार बचाओ, हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर न्याय महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न छात्र संगठनों व सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। न्याय महापंचायत में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कोर्डिनेटर भी शामिल हुए। न्याय महापंचायत के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने कहा कि शिक्षा व रोजगार को लेकर न्याय महापंचायत चल रही है, जिसमें 70 के करीब सामाजिक संगठन शामिल हुए है। सीजेपी की तरफ से स्कूल ठीक करने की मुहिम चला रखी है। सरकार स्कूलों में चला रही सीक्रेट मिशनसुधीर सांगवान ने कहा कि सरकार शायद सरकारी स्कूलों में कोई सीक्रेट मिशन चला रही है। कोई परमाणु संबंधी व्यवस्था वहां चला रही होगी, जिसे सरकार दिखाना नहीं चाहती। जब सरकारी स्कूलों में गए तो पता चला कि मिड-डे मील की क्या हालत है। स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर पड़ी है, जिनके बारे में सरकार ने कोई सुध तक नहीं ली। 400 करोड़ की सरकार को करनी पड़ी घोषणा सुधीर सांगवान ने कहा कि सरकार ने कल आदेश दिया कि जर्जर स्कूल को तुड़वाया जाएगा। 400 करोड़ रुपए की घोषणा की, जिसमें से 200 करोड़ रुपए जारी किए गए। लेकिन सरकार टाइम लाइन बताए कि जर्जर स्कूल तोड़कर कब तक नए बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूल में किस अधिकारी की पढ़ रहे बच्चे, नंबर दे सरकारसुधीर सांगवान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अच्छे शिक्षक नहीं, अच्छी बिल्डिंग नहीं है। अगर कोई सरकारी नौकरी में है तो वह भी प्राइवेट स्कूल की फीस वहन नहीं कर पा रहा। सरकार कोई 10 अधिकारी या नेताओं के नंबर बता दे, जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हो। वह स्वयं वेरीफाई करेंगे। आंकड़ों पर सरकार नहीं करती बात सुधीर सांगवान ने कहा कि कौन की गुणवत्ता वाली शिक्षा की बात सरकार कर रही है। प्राइमरी के स्कूल में 100 से अधिक बच्चे है, जिसमें 2 शिक्षक है और वो भी एसआईआर की ड्यूटी दे रहे है। आंकड़ों पर सरकार बात ही नहीं करती, लेकिन हरियाणा की जनता अब काम करवाएगी। स्कूलों में विजिट किया जा रहा है और स्कूल के हिसाब से टाइम लाइन दी जा रही है।
BPSC TRE 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ होगी एक ही परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने दूर किया संशय
Bihar Teacher Vacancy: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बीपीएससी टीआरई 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ एक ही परीक्षा होगी, जिससे शिक्षकों का संशय दूर हो गया है। उन्होंने शिक्षकों से संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
‘हौसला कार्यक्रम’ के तहत माता-पिता विहीन बालिकाओं की शिक्षा का सहारा बनेगा आरपीएससी शिक्षक फोरम
आरपीएससी शिक्षक फोरम की जिला कार्यकारिणी ने इस वर्ष भी माता-पिता विहीन बालिकाओं की शिक्षा को सहारा देने का निर्णय लिया है। फोरम हौसला कार्यक्रम के अंतर्गत...
‘बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ें’
गत 23 अगस्त को नई दिल्ली की एक सेवा बस्ती में सेवा, समरसता और आत्मीयता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। रोहिणी, सेक्टर-4 स्थित इस सेवा बस्ती में श्रीपेजावर अधोक्षजमठ के पीठाधीश्वर तथा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के न्यासी पूज्य श्री श्री विश्वप्रसन्नतीर्थ स्वामी जी ने प्रवास किया। पूज्य स्वामी जी ने बस्ती के विभिन्न […]
उत्तराखंड शिक्षा विभाग: अनुरोध के आधार पर 1592 शिक्षकों और कर्मचारियों के हुए तबादले; सूची हुई जारी
शिक्षा विभाग में 1592 शिक्षकों, कर्मचारियों के अनुरोध के आधार पर तबादले किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि शिक्षक सात दिन के भीतर प्रतिस्थानी का इंतजार किए बिना स्थानांतरित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करें।
छात्रसंघ चुनाव पर सरकार माडल ही तय नहीं कर पाई
सवाईमाधोपुर| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन के तहत 30 अगस्त 2026 को बैरवा समाज का जिला स्तरीय मातृ-पितृविहीन बालिकाओं का पांचवां शिक्षा संबल अभियान मीणा कॉलोनी स्थित संगठन कार्यालय पर आयोजित होगा। इस दौरान मिशन की ओर से लगभग 10 मातृ-पितृविहीन बालिकाओं को शिक्षा संबल प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम संचालक एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के मिशन एम्बेसडर, बाबूलाल बैरवा, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा होंगे। अध्यक्षता पार्षद संजय बैरवा करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक हरिनारायण बैरवा, पूर्व प्रधान सूरजमल बैरवा, पूर्व जिला प्रमुख सीमा बैरवा, भामाशाह आर.डी. आकोदिया, बलराम सिसोदिया, दूलीराम बैरवा, नेमीचंद बैरवा, अखिल भारतीय बैरवा महासभा के जिलाध्यक्ष मनोज बैरवा, महामंत्री धारासिंह बैरवा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक बैण्डवाल, प्रहलाद ठेकेदार, कजोड़मल बैरवा, तहसीलदार सियाराम बैरवा, व एसीएमएचओ डॉ. शिविर बैरवा उपस्थित रहेंगे।
एनएसएस और शारीरिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना. जीएनकेसीडब्ल्यू कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन एनएसएस इकाई के सहयोग से शारीरिक शिक्षा विभाग ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्लैंक चैलेंज और ''फिटनेस प्रतिज्ञा आयोजित की गई, जिसमें कुल 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया। शारीरिक शिक्षा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर परमिंदर कौर ने प्रतिभागियों को फिटनेस से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी और नियमित व्यायाम के लाभों पर प्रकाश डाला। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मनीता काहलों ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से खेल और फिटनेस गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने का आग्रह किया।
Kanpur News: बीएनएसडी शिक्षा निकेतन का शतरंज में दबदबा कायम
मेजबान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन ने जनपदीय विद्यालयीय शतरंज प्रतियोगिता में लगातार तीसरे वर्ष भी दबदबा कायम रखा।
विचार: रोजगारपरक शिक्षा का अभाव
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश में रोजगारपरक शिक्षा की कमी है, जिससे 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं और अधिकांश स्नातकों को योग्यतानुसार नौकरी नहीं मिल रही
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को पहले की तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
मध्य प्रदेश ग्रुप-3 सब इंजीनियर सहित कई पदों के लिए आवेदन शुरू
इस भर्ती के जरिये कुल 1,700 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न पदों के लिए आवेदन आज यानी 29 अगस्त, 2026 से शरू हो गए हैं। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 12 सितंबर, 2026 तक अपना फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म में करेक्शन करने की लास्ट डेट 17 सितंबर है।
बिजनौर के धामपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मेरठ प्रांत कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। ABVP पदाधिकारियों ने शनिवार दोपहर ढाई बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक की जानकारी दी। बैठक बिजनौर विभाग के धामपुर स्थित राजपूताना रिजॉर्ट में होगी। इसमें ABVP के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण और पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपिन गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। मेरठ प्रांत के प्रदेश मंत्री गौरव गौड़ ने बताया कि बैठक 30 अगस्त सुबह 9 बजे शुरू होगी और 31 अगस्त शाम 5 बजे तक चलेगी। प्रांत स्तरीय बैठक में प्रांत कार्यकारिणी के करीब 237 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा व्यवस्था में करीब 100 कार्यकर्ता लगाए जाएंगे। कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर मंथन बैठक में शिक्षा से जुड़े आगामी प्रस्तावों पर चर्चा के साथ पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। वर्षभर के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। 9 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस कार्यक्रम की संघात्मक समीक्षा भी बैठक में होगी। इसके साथ ही शिक्षा में सुधार को लेकर प्रस्तावित आंदोलनों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। ‘परिसर परिसर वंदे मातरम’ अभियान पर जोर आगामी कार्यक्रमों में ‘परिसर परिसर वंदे मातरम’ अभियान प्रमुख रहेगा। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा होगी। छात्रों के स्क्रीन टाइम को गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी छात्रों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान भी चलाया जाएगा। यह अभियान प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय परिसर में आयोजित करने की योजना है। बैठक में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के 350 वर्ष और आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन के 50 वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की योजना पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा छात्र हित और शैक्षणिक सुधारों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। चर्चा के बाद आवश्यक प्रस्तावों को पारित किया जाएगा।
बिहार में करीब 40 साल से से चली आ रही वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और शिक्षकों के समायोजन की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल चौक पर एक दिवसीय धरना दिया। पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से चल रहे आंदोलन की कड़ी में नालंदा 37वां जिला बना, जहां वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के अधिकारों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की गई। इस प्रदर्शन के दौरान आगामी 5 सितंबर को राजधानी पटना में प्रस्तावित ‘कफन यात्रा’ को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। 'वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था का दंश झेलते हुए चार दशक से ज्यादा का वक्त गुजरा' धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विवेक सिन्हा ने कहा कि राज्य में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था का दंश झेलते हुए कर्मियों को चालीस साल से अधिक समय बीत चुका है। सीमित संसाधनों और घोर अभावों के बीच वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों और डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारने का काम किया है। इसके बावजूद सरकारों ने उन्हें नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक जीवन से पूरी तरह वंचित रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस शोषणकारी नीति को तत्काल समाप्त कर सभी शिक्षण संस्थानों के कर्मियों के समायोजन के लिए ठोस नीति बनाई जाए। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि 30 जून को अरवल जिले से इस राज्यव्यापी महाआंदोलन का बिगुल फूंका गया था, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। यह आंदोलन केवल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि हजारों पीड़ित शिक्षक परिवारों के आत्मसम्मान और जीवन रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने सरकार से सभी वित्त रहित संस्थानों के समायोजन, कर्मियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने की मांग की। साथ ही प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पूर्व से संचालित वित्त रहित कॉलेजों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने जिले के तमाम प्राचार्यों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों, छात्रों और शिक्षा प्रेमियों से 5 सितंबर को पटना पहुंचने की अपील की।
मध्यप्रदेश: कांग्रेस ने स्कूली शिक्षा के प्रदर्शन पर सवाल उठाए और कहा- किसी भी जिले ने 60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं किया
बिना चरित्र निर्माण के केवल डिग्री देने वाली शिक्षा अधूरी है, लखनऊ में बोले Rajnath Singh
रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को दार्शनिक अंदाज में कहा कि यदि मन बड़ा नहीं है और दूसरों को देखकर ईर्ष्या होती है, तो यह मान लेना चाहिए कि आप पर ईश्वर की कृपा नहीं है। सिंह ने कहा,‘‘ जब उपलब्धियां मूल्यों पर आधारित होती हैं तभी जीवन सार्थक होता है। जब शिक्षा केवल डिग्री दे लेकिन उससे चरित्र का विकास न हो तो ऐसी शिक्षा का कोई मूल्य नहीं है, वह अधूरी है।’’ उन्होंने यहां बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कहा,‘‘पवित्र मन उसी का होता है, जिसका मन बड़ा होता है। छोटे मन का व्यक्ति कभी पवित्र मन का नहीं हो सकता।’’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।’’ सिंह ने एक विदेशी अखबार द्वारा पूर्व में भारत को लेकर व्यंग्य में कार्टून बनाने का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत की सफलता देखकर हैरान है। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा , ‘‘जिंदगी का सफर लंबा है और इसे साधना की तरह लेना चाहिए। मन जितना बड़ा होगा, सुख और आनंद की प्राप्ति उतनी ही अधिक होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘परमानंद की कोई सीमा नहीं होती। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court ने Lucknow के 88 गांवों में जल संकट दूर करने के दिए निर्देश यह साधना है। जिस पर ईश्वर की कृपा होती है, उसी का मन बड़ा होता है।’’ बाबा साहब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. आंबेडकर को उस नल से पानी नहीं पीने दिया जाता था, जिससे सभी बच्चे पानी पीते थे। इतना अन्याय सहने के बाद भी उन्होंने भाग्य को कोसने या हिंसा का रास्ता चुनने के बजाय शिक्षा का मार्ग चुना और भारत आकर लोगों में बदलाव की इच्छा जगाई।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई न कोई सुपर पावर है जो पूरे ब्रह्मांड को निर्देशित कर रहा है तथा संतों की कही बातों को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। इसे भी पढ़ें: JPNIC Lucknow के संचालन और रखरखाव को UP Cabinet की मंजूरी, 30 साल की लीज पर दिया अहंकार से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार आने पर व्यक्ति की कीमत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र होते हैं और जब संस्थान का नाम डॉ. बाबा साहब के नाम पर हो तो अपेक्षाएं और बढ़ जाती हैं। उन्होंने सफलता में माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को याद रखना चाहिए। सिंह ने कहा,‘‘हुनर और ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता जरूरी है। संस्कार के बिना ज्ञान अधूरा है और संवेदनशीलता के बिना व्यक्तित्व अधूरा है।’’ बाबा साहब के हवाले से उन्होंने कहा कि स्वभाव में विनम्रता और चरित्र में नैतिकता न हो तो शिक्षित व्यक्ति हिंसक जानवर से भी अधिक खतरनाक होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, भारत के लिए बड़े सपने देखें और रोजगार देने वाले बनें। इसे भी पढ़ें: मिसाइल निर्माण में बड़ी छलांग, ब्रह्मोस की रफ्तार से बढ़ेगा भारत, राजनाथ सिंह ने DRDO को दिया आदेश, भारतीय उद्योगों को सौंपें अपनी उन्नत टेक्नॉजी समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल समेत कई लोग मौजूद थे।
बिहार का शिक्षा विभाग अब 'रिफॉर्म से परफॉर्म' की दिशा में आगे बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार में शिक्षा विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने, उनकी प्रतिभा पहचानने और उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करने पर विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करें जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में हुई इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मन में किसी भी तरह की नकारात्मक भावना नहीं आनी चाहिए। उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ पर काम कर रही सरकार मंत्री ने कहा कि कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद बच्चों को लगता है कि उनका जीवन समाप्त हो गया है। इस सोच को बदलने के लिए सरकार 'एलिजिबल फॉर स्किल' (Eligible for Skill) जैसी व्यवस्था पर काम कर रही है। इसके तहत प्रमाणपत्र में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे बच्चे को अपनी स्थिति की जानकारी तो मिले, लेकिन असफलता के कारण उसके अंदर नकारात्मक भावना पैदा न हो। कक्षा 9 से बच्चों की रुचि और क्षमता के पर ध्यान दें शिक्षा मंत्री ने बच्चों की रुचि और क्षमता को समय रहते पहचानने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की 'ब्रेन मैपिंग' कराने की दिशा में भी काम करेगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक। उनका मानना है कि यदि कक्षा नौ से ही बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार ध्यान दिया जाए, तो वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई जिलों में विद्यालय और स्कूलों तक जाने वाली सड़कें जलमग्न होने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पटना में एक बैठक कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कटिहार में भवनहीन विद्यालयों की समस्या के समाधान की दिशा में भी जल्द काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने दोहराया कि बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
मध्य प्रदेश सरकार बालाघाट जिले के आदिवासी क्षेत्र में मृत बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रभावित ग्राम बोंदारी के दौरे के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह 11 बजे लांजी पहुंचे और उसके बाद ग्राम कोरका व बोंदारी का दौरा किया। बोंदारी में उन्होंने एक सभा मंच पर मंत्रियों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के संबंध में जानकारी ली और पोषण आहार की स्थिति पर भी चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रीय विधायकों ने उन्हें वनाधिकार पट्टों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। आदिवासी बहनों ने बांधी राखी इस दौरान आदिवासी बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री और मंत्री इस कोर आदिवासी क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलियों ने एक मंत्री की हत्या कर दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवादी आंदोलन को समाप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास और आदिवासियों के रहन-सहन में सुधार लाने की चुनौती है, जिसे सभी मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पोषण आहार, चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार सहित सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। नक्सलवाद के हटने से सामने आया मामला मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यदि नक्सलवाद सक्रिय होता तो ये मुद्दे सामने नहीं आते। उन्होंने कहा कि लगातार क्षेत्र में जाने से और भी कई बातें सामने आएंगी, जिन पर सुधार और बदलाव की आवश्यकता होगी। डॉ. यादव ने बताया कि आदिवासियों को वनाधिकार के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बालाघाट को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर सरकार लगातार ध्यान केंद्रित करेगी। ये भी रहे मौजूद इस अवसर पर प्रभारी मंत्री उदयप्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, मधु भगत, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की PGI-D रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बड़े शहरों से लेकर आदिवासी जिलों तक स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं, लर्निंग आउटकम, सेफ्टी और डिजिटल लर्निंग की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से विज्ञापनों और दावों के बजाय शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर जवाब देने की मांग की है। देश के टॉप जिले: पंजाब-दिल्ली से कोसों दूर रह गया एमपी जब हम देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों और जिलों पर नजर डालते हैं, तो मध्य प्रदेश की बदहाली और साफ हो जाती है। इस राष्ट्रीय सर्वे में पंजाब के बरनाला जिला 462 अंकों और श्री मुक्तसर साहिब जिला 447 अंकों के साथ देश में सबसे टॉप लीग यानी 'उत्तम-2' ग्रेड में बने हुए हैं। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ ने 437 अंकों के साथ देश में दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। दिल्ली के भी अधिकांश जिले 420 से अधिक अंक लेकर शीर्ष पायदानों पर काबिज हैं। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला सीधी जिला महज 333 अंक यानी सिर्फ 55.5 प्रतिशत ही हासिल कर सका है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि मध्य प्रदेश का सबसे बेस्ट जिला भी देश के टॉप जिलों से पूरे 100 अंक पीछे छूटकर इस रेस से पूरी तरह बाहर हो गया है। वीआईपी और महानगरों का हाल: इंदौर-भोपाल भी फिसड्डी राज्य के जिन महानगरों के दम पर विकास का ढिंढोरा पीटा जाता है, वहां की स्कूली हकीकत सबसे ज्यादा डराने वाली है। इंदौर जैसे महानगर में, जहां प्रदेश भर के बच्चे अपना भविष्य बनाने आते हैं, वहां के स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाएं मात्र 41 प्रतिशत ही पाई गई हैं। इतना ही नहीं, इंदौर में बच्चों की सीखने की क्षमता यानी लर्निंग आउटकम भी सिर्फ 47 प्रतिशत पर सिमट गया है। बात अगर देश के प्रशासनिक केंद्र और राज्य की राजधानी भोपाल की करें, तो यहां भी स्थिति दयनीय है। भोपाल के स्कूलों में लर्निंग आउटकम लगभग 47 प्रतिशत है, जबकि स्कूलों में मासूम बच्चों की सुरक्षा का पैमाना यानी स्कूल सेफ्टी का ग्राफ सिर्फ 37 प्रतिशत पर आकर ठहर गया है। यह स्थिति बताती है कि जब बड़े शहरों का यह हाल है, तो प्रदेश का पूरा सिस्टम किस कदर वेंटिलेटर पर है। बड़वानी में डिजिटल लर्निंग 16 फीसदी पर आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंडिया के दौर में मध्य प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य जिलों की स्थिति और भी बदतर है। सागर जिले में डिजिटल लर्निंग का प्रदर्शन महज 24 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि धार जिले में यह और भी कम यानी सिर्फ 20 प्रतिशत ही रह गया है। सबसे बुरी स्थिति आदिवासी बहुल बड़वानी जिले की सामने आई है, जहां डिजिटल लर्निंग का ग्राफ गिरकर मात्र 16 प्रतिशत पर आ गया है। बड़वानी में बच्चों के सीखने की क्षमता 36 प्रतिशत और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा केवल 26 प्रतिशत ही आंकी गई है। इसके अलावा विदिशा जिले में बच्चों की पढ़ाई का स्तर 41 प्रतिशत और अशोकनगर में स्कूल प्रबंधन 45 प्रतिशत दर्ज हुआ है। सरकारी डेटा के ये आंकड़े यह साबित करने के लिए काफी हैं कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्य प्रदेश के बच्चे बुनियादी और डिजिटल शिक्षा के अधिकार से लगातार वंचित हो रहे हैं। समझिए क्या है 'प्राचेष्टा' और इसमें कहां खड़ा है प्रदेश केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस सूचकांक में जिलों को उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर अलग-अलग ग्रेड दिए हैं। इसमें 'उत्कर्ष' और 'उत्तम' को सबसे शीर्ष स्तर माना जाता है, जबकि 'प्राचेष्टा' को सुधार की ओर बढ़ते हुए मध्यम स्तर की श्रेणी में रखा गया है। प्राचेष्टा का सीधा अर्थ है वह स्तर जहां स्कूल बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की 'चेष्टा' यानी प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता के मानकों पर अभी बहुत पीछे हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के लिए सबसे शर्मनाक बात यह रही कि राज्य के अधिकांश जिले 'प्राचेष्टा-1', 'प्राचेष्टा-2' और 'प्राचेष्टा-3' के चक्रव्यूह में ही फंसकर रह गए हैं। पूरा प्रदेश साठ प्रतिशत के प्रदर्शन स्तर को भी पार नहीं कर पाया है, जिससे साफ है कि यहां के स्कूल अभी सिर्फ बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जीतू पटवारी बोले- यह 25 साल की सरकार का रिपोर्ट कार्ड है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यह रिपोर्ट आपकी सरकार की 25 वर्ष से अधिक की शिक्षा व्यवस्था का गंभीर रिपोर्ट कार्ड माना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि अब विज्ञापनों और प्रचार की राजनीति से बाहर निकलकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर खुली बहस होनी चाहिए। पटवारी ने सीधे शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश के बच्चों का भविष्य कोई राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं है, आप सरकार चला रहे हैं इसलिए जवाब भी आपको ही देना होगा। जेनरेशन-अल्फा के दौर में 16% डिजिटल पढ़ाई मुख्यमंत्री के गृह जिले उज्जैन का उदाहरण देते हुए पत्र में बताया गया है कि वहां भी स्कूल सेफ्टी महज 34 प्रतिशत और डिजिटल लर्निंग सिर्फ 28 प्रतिशत पर टिकी है। जीतू पटवारी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए लिखा कि आज 21वीं सदी में जब दुनिया 'जेनरेशन-अल्फा' की तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की बात कर रही है, तब हमारे कई जिलों में डिजिटल लर्निंग का स्तर 16, 20 और 24 प्रतिशत होना बेहद शर्मनाक है। यह अंतर सिर्फ सरकारी आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों के सुनहरे भविष्य और सरकार के झूठे दावों के बीच की एक बहुत बड़ी खाई है।
India Post recruitment 2026: 23,757 जीडीएस पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: kalingatv डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स ने 23,757 ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, एप्लीकेशन प्रोसेस 31 अगस्त से शुरू होगा। नोटिफिकेशन 27 अगस्त को जारी किया गया था। यह भर्ती अभियान GDS ऑनलाइन एंगेजमेंट शेड्यूल-II, जुलाई 2026 के तहत, विज्ञापन नंबर 17-12/2026-GDS के ज़रिए आता है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार विज्ञापन को ध्यान से पढ़ें और 21 सितंबर से पहले नौकरियों के लिए अप्लाई करें। ज़रूरी तारीखें: रजिस्ट्रेशन की तारीख: 31 अगस्त से 19 सितंबर एप्लीकेशन जमा करने की तारीख: 2 से 21 सितंबर एडिट/करेक्शन विंडो: 23 से 24 सितंबर वैकेंसी : कुल पोस्ट: 23,757 महाराष्ट्र: 2,297 तमिलनाडु: 2,118 उत्तर प्रदेश: 1,691 पश्चिम बंगाल: 1,619 मध्य प्रदेश: 1,450 झारखंड: 1,379 केरल: 1,373 उत्तर पूर्वी: 1,354 ओडिशा: 1,353 कर्नाटक: 1,116 बिहार: 1,098 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं क्लास पास होना चाहिए सेंट्रल/स्टेट गवर्नमेंट या यूनियन टेरिटरी। राज्य की लोकल भाषा क्लास 10th तक पढ़ी होनी चाहिए। कैंडिडेट को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, साइकिल चलाने की काबिलियत, और GDS अलाउंस के अलावा रोज़ी-रोटी का एक अच्छा सोर्स होना चाहिए। जिस राज्य के लिए वे अप्लाई कर रहे हैं, उसकी लोकल भाषा में माहिर होना चाहिए। उम्र सीमा: इस पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। SC/ST: 5 साल OBC: 3 साल EWS: कोई छूट नहीं PwBD: 10 साल PwBD + OBC: 13 साल PwBD + SC/ST: 15 साल सिलेक्शन प्रोसेस: GDS, ABPM, और BPM पोस्ट के लिए सिलेक्शन सिर्फ़ क्लास 10 के मार्क्स के आधार पर होगा। कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं सिलेक्शन सिर्फ़ क्लास 10 के मार्क्स के आधार पर होगा एप्लीकेशन फीस: जनरल/OBC/EWS: Rs 100 SC/ST/PwD/फीमेल/ट्रांसवुमन: कोई फीस नहीं ज़रूरी डॉक्यूमेंट: क्लास 10 की मार्कशीट आइडेंटिटी प्रूफ जाति सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) जन्म तिथि का प्रूफ सरकारी हॉस्पिटल/डिस्पेंसरी से मेडिकल सर्टिफिकेट लोकल/ट्राइबल भाषा प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट अप्लाई कैसे करें: indiapost.gov.in/gdsonlineengagement पर जाएं। एक वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID (हर एक का इस्तेमाल सिर्फ़ एक रजिस्ट्रेशन के लिए किया जा सकता है) का इस्तेमाल करके वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। जेनरेट हुए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशनल (10वीं क्लास) डिटेल्स भरें, और अपना पसंदीदा डिवीज़न और पोस्ट चुनें। तय स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार फ़ोटोग्राफ़ (JPG/JPEG, 30–100 KB) और सिग्नेचर (JPG/JPEG, 20–100 KB) अपलोड करें। एप्लिकेशन का प्रीव्यू करें और ज़रूरत हो तो करेक्शन करें। अगर लागू हो, तो एप्लिकेशन फ़ीस पे करें, और सबमिट करें।
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) ने मैनेजर और जूनियर एग्जीक्यूटिव समेत कई पोस्ट के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस बार इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से कुल 389 वैकेंसी भरी जाएंगी। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट 08 अगस्त 2026 से 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स AAI, AAI रिक्रूटमेंट 2026 के ज़रिए मैनेजर (11 डिसिप्लिन) और जूनियर एग्जीक्यूटिव (4 डिसिप्लिन) पोस्ट के लिए कैंडिडेट की भर्ती कर रहा है। मैनेजर- 259 जूनियर एग्जीक्यूटिव- 129 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया आप AAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिए गए ऑफिशियल नोटिफिकेशन में डिटेल्ड एजुकेशनल क्वालिफिकेशन डिटेल्स और ज़रूरी एक्सपीरियंस देख सकते हैं। एज लिमिट मैनेजर- 32 जूनियर एग्जीक्यूटिव- 27 कैंडिडेट को नियमों के मुताबिक उम्र में छूट मिलेगी। मैट्रिकुलेशन/सेकेंडरी एग्जामिनेशन सर्टिफिकेट में लिखी जन्म तिथि ही मानी जाएगी; इसके बाद कोई बदलाव रिक्वेस्ट नहीं मानी जाएगी। सैलरी डिटेल्स मैनेजर (ग्रुप-A, E-3 लेवल)-Rs. 60,000 – 3% – 1,80,000 (पे स्केल IDA)- लगभग Rs. 21 लाख (CTC हर साल) जूनियर एग्जीक्यूटिव (ग्रुप-B, E-1 लेवल)-Rs. 40,000 – 3% – 1,40,000 (पे स्केल IDA)- लगभग Rs. 21 लाख (CTC हर साल) चुने गए कैंडिडेट AAI रूल्स के हिसाब से महंगाई भत्ता, बेसिक पे का 35% पर्क्स, HRA और CPF, ग्रेच्युटी, सोशल सिक्योरिटी स्कीम और मेडिकल बेनिफिट्स जैसे दूसरे बेनिफिट्स के भी हकदार हैं। एप्लीकेशन फीस जनरल/EWS/OBC(NCL) पुरुष कैंडिडेट – Rs 1,000 SC, ST, PwBD, महिला कैंडिडेट, और AAI अप्रेंटिस जिनकी अप्रेंटिसशिप 1 साल पूरी हो चुकी है, उन्हें फीस देने से छूट है। एप्लीकेशन फीस सिर्फ़ ऑनलाइन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, या कैश कार्ड/मोबाइल वॉलेट से देनी होगी। सिलेक्शन प्रोसेस कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) – ऑब्जेक्टिव टाइप, गलत जवाबों के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं एप्लीकेशन वेरिफिकेशन / उसके बाद के टेस्ट, जैसा पोस्ट पर लागू हो इंटरव्यू – पोस्ट कोड 1 से 11 (मैनेजर पोस्ट) के लिए लागू मैनेजर (फायर सर्विसेज) के लिए: एप्लीकेशन वेरिफिकेशन के बाद फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट, ड्राइविंग टेस्ट, और फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट (दौड़ना, कैजुअल्टी कैरी करना, पोल क्लाइंबिंग, रोप क्लाइंबिंग, लैडर क्लाइंबिंग और उतरना) AAI रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें? AAI की ऑफिशियल वेबसाइट www.aai.aero पर जाएं। “CAREERS” टैब पर जाएं और Advt No. 12/2026/CHQ/DR-CBT के लिए ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्टर करें और पर्सनल, एजुकेशनल और कैटेगरी डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और लागू एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन पे करें (अगर छूट नहीं है)। भरी गई सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई करें, और सबमिट बटन पर क्लिक करें। एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और भविष्य की ज़रूरत के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट ले लें।
डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के तहत 23,757 पदों का सर्किलवार विवरण जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 31 अगस्त से हो जाएगी। 10वीं पास 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। चयन 10वीं के अंकों से बनी मेरिट के आधार पर होगा।
हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का जल्द ही कायाकल्प होगा। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पंखुड़ी पोर्टल शुरू किया है।
एसबीआई ने प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती 2026 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। 1 और 2 अगस्त को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी अपना परिणाम देख सकते हैं। चयनित अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे।
2015 की चयन प्रक्रिया से भर्ती किए गए करीब 11 हजार स्कूल व्याख्याताओं से जुड़े वरिष्ठता विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई 2026 के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली की पीठ ने मामले में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं के समूह को खारिज कर दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं मानी। फैसले के बाद अब व्याख्याताओं की वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी और डीपीसी भी दोबारा कराई जाएगी। एक भर्ती, लेकिन अलग-अलग तारीखों पर नियुक्तियां बनीं विवाद की वजह विवाद आरपीएससी की ओर से 16 अक्टूबर 2015 को जारी विज्ञापन के जरिए विभिन्न विषयों में स्कूल लेक्चररों की भर्ती से जुड़ा था। चयन प्रक्रिया एक ही थी, लेकिन अलग-अलग विषयों के परिणाम अलग-अलग तारीखों पर घोषित हुए। इसके चलते नियुक्ति आदेश भी अलग-अलग समय पर जारी किए गए। वरिष्ठता सूची मुख्य रूप से नियुक्ति की तारीख के आधार पर तैयार की गई। इसे इस आधार पर चुनौती दी गई कि परिणाम, अनुशंसा या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि एक ही चयन प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता नियुक्ति की तारीख के बजाय उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर तय की जाए। हाईकोर्ट ने भी मेरिट के आधार पर वरिष्ठता की बात कही थी राजस्थान हाईकोर्ट ने माना था कि संबंधित नियम एक ही चयन प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों में नियुक्त स्कूल व्याख्याताओं के लिए समान वरिष्ठता सूची बनाने की स्थिति को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं करते हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठता का इस्तेमाल पदोन्नति के समान और निष्पक्ष अवसरों से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने उप-प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से जुड़े कानूनी प्रावधानों में विषयों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने की बात भी कही थी। वरिष्ठता सूची तैयार करने के तरीके के कारण कुछ विषयों के शिक्षक प्रशासनिक प्रक्रिया में पहले नियुक्त होने से उन अभ्यर्थियों से वरिष्ठ हो गए, जिनके चयन में मेरिट बेहतर थी। नियम 36 के क्रियान्वयन से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 के नियम 36 के प्रावधान-1 के क्रियान्वयन को माना गया है। शिक्षा विभाग और आरपीएससी की प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों के अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां मिलीं। छोटे विषयों के अभ्यर्थियों को समय पर जॉइनिंग मिल गई और वे 2016-17 की सूची में शामिल हो गए। वहीं बड़े विषयों के अभ्यर्थी प्रशासनिक देरी के कारण बाद में कार्यग्रहण कर सके। विभाग ने आरपीएससी की मेरिट के बजाय जॉइनिंग की तारीख को वरिष्ठता का आधार बना दिया। इससे एक ही विज्ञापन और चयन प्रक्रिया से चुने गए अभ्यर्थियों के बीच जॉइनिंग की तारीख के कारण करीब दो साल तक का वरिष्ठता अंतर पैदा हो गया। इस व्यवस्था में कम अंक पाने वाले कुछ शिक्षक वरिष्ठ हो गए, जबकि ज्यादा अंक पाने वाले शिक्षक जूनियर हो गए। 2013, 2015 और 2018 भर्ती के शिक्षक प्रभावित इस विवाद से 2013, 2015 और 2018 की प्राध्यापक भर्तियों के करीब 11 हजार व्याख्याता सीधे प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा विभागीय पदोन्नति के जरिए वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी इस प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। इसके साथ विभागीय पदोन्नति से वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नियम 36 के तहत 10 अक्टूबर 2002 की अधिसूचना के अनुसार आरपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट के क्रम में मिश्रित/एकीकृत वरिष्ठता तय की जाएगी। 40 महीने में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा इस विवाद का असर शिक्षा विभाग के वित्तीय प्रबंधन पर भी पड़ा। विभाग की ओर से पिछले 40 महीनों में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा किया गया है। डीपीसी के बाद पदोन्नत शिक्षकों को नए पदों पर पदस्थापित करने के बजाय यथास्थान ही कार्यरत रखा गया और उन्हें उच्च पे-स्केल का भुगतान शुरू कर दिया गया। दावे के अनुसार 5,048 वाइस प्रिंसिपल, 3,200 प्रिंसिपल और 8,000 वाइस प्रिंसिपल सहित कुल 16,248 कार्मिकों को नए पद का कार्यभार संभाले बिना बढ़ा हुआ वेतन दिया गया। इससे सरकार पर हर महीने करीब 8.12 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था। करीब 6 हजार उप प्राचार्यों की पदोन्नति प्रभावित होगी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुरानी वरिष्ठता सूची और उसके आधार पर हुई डीपीसी निरस्त होने की स्थिति बन गई है। वर्तमान में उप प्राचार्य पद पर कार्यरत करीब 6 हजार शिक्षकों की पदोन्नति सूची भी निरस्त होगी और उन्हें दोबारा व्याख्याता पद पर रिवर्ट किया जाएगा। वित्त विभाग के नियमों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर को अब पारदर्शी कॉमन वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार करनी होगी। इसके बाद दोबारा डीपीसी कराई जाएगी। नई प्रक्रिया के बाद चयनित शिक्षकों को नोशनल पे-फिक्सेशन और नए पद पर कार्यग्रहण करने के बाद नकद भुगतान का वैधानिक लाभ मिल सकेगा। 25 अगस्त की बैठक में नहीं हुआ फैसला फैसले को लागू करने के लिए स्थायी समिति की बैठक 25 अगस्त को हुई थी। हालांकि, बैठक में इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका और फैसला अगली तारीख तक टाल दिया गया। शिक्षक संघ ने की फैसले की पूर्ण पालना की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि व्याख्याता से उप प्राचार्य की वरिष्ठता के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई के फैसले को बरकरार रखा है। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सत्र 2012-13 में वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची की भी जांच की मांग की। सलावद के अनुसार सत्र 2011-12 तथा 2013-14 से 2025-26 तक की वरिष्ठता सूची मेरिट के आधार पर तैयार की गई, जबकि सत्र 2012-13 में अलग नियम अपनाया गया था।
सम्भल के सरायतरीन में स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसआईओ) ने शुक्रवार देर रात एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। 'खिताब-ए-आम—नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, इंसानों के मोहसिन' विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। यह कार्यक्रम रात करीब नौ बजे से 12 बजे तक चला। कार्यक्रम में एसआईओ के राष्ट्रीय सचिव हाफिज सय्यद वसी उल्लाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से बात की। हाफिज सय्यद वसी उल्लाह ने इंसानियत, भाईचारे, सद्भाव और आपसी मोहब्बत का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानों के साथ बेहतर व्यवहार, जरूरतमंदों की मदद, पड़ोसियों के अधिकारों और समाज में शांति स्थापित करने की शिक्षा दी। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में एसआईओ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने देर रात तक वक्ताओं को ध्यानपूर्वक सुना। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं और उनके इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र हर शनिवार को बैगलेस डे मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ना है।
बालिका शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा पर भी जोर
भास्कर न्यूज | कोंडागांव बुनागांव स्थित जनपद प्राथमिक शाला के शिक्षक सूरज नेताम ने स्कूल की सभी 35 छात्राओं को राखी और मिठाई भेंट कर रक्षाबंधन मनाया। शिक्षक के हाथों उपहार पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे। इस पहल के जरिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में बेटी पढ़ाओ का संदेश भी दिया। नेताम पिछले करीब 15 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार व्यक्तिगत प्रयास कर रहे हैं। दीपावली, रक्षाबंधन, स्थानीय मेले और अन्य विशेष अवसरों पर वे अपने खर्च से बच्चों को नकद राशि के साथ पेन, कॉपियां, टाई, बेल्ट, कपड़े और अन्य उपहार देते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों में स्कूल आने की रुचि बढ़ाने के साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है। शिक्षक के प्रयासों का असर स्कूलों की दर्ज संख्या में भी दिखाई दिया। पूर्व पदस्थापना वाले ग्राम कोकोड़ी के स्कूल में बच्चों की संख्या 12 से बढ़कर 76 तक पहुंची। वहीं तीन वर्ष पहले बुनागांव स्कूल में उनकी पदस्थापना के समय कुल दर्ज संख्या 24 थी। इनमें सिर्फ 10-11 बालिकाएं नियमित रूप से पढ़ने आती थीं। शिक्षक के प्रयासों के बाद दूसरे वर्ष दर्ज संख्या 35 और तीसरे वर्ष 45 तक पहुंची। सूरज नेताम बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ बालिका शिक्षा और बाल सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाते हैं। बाल विवाह, नशाखोरी और शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ वे रैलियों और चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करते हैं। उनकी पहल का एक खास हिस्सा उत्कृष्ट माता सम्मान है। इसके तहत ऐसी माताओं को चिन्हित कर सम्मानित किया जाता है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखती हैं और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
Lakhimpur Kheri News: बालिका शिक्षा में अनुकरणीय कार्य करने वाले शिक्षक होंगे पुरस्कृत
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में बालिका शिक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले शिक्षक पुरस्कृत होंगे। सीखो-सिखाओ फाउंडेशन की ओर से सीखो सिखाओ अवाॅर्ड्स-2026 की पहल की गई है।
Faridabad News: विज्ञान शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों पर होगी ऑनलाइन बैठक
Online meeting to be held on science education and Sustainable Development Goals.
Sambhal News: बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से मांगा पांच बिंदुओं पर जवाब
ब्लॉक के गांव हेमदपुर स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में लगे पांच यूकेलिप्टस के पेड़ों को बिना नीलामी काटने का मामला तूल पकड़ गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का बेहतरीन मौका, इस तिथि तक करें आवेदन
देश के किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने...
सड़क पर रहने वाले बच्चों ने सीएम रेखा गुप्ता को बांधी राखी, दिल्ली सरकार ने लिया शिक्षा का संकल्प
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन का पर्व 'मुख्यमंत्री जन सेवा सदन' में सड़क पर रहने वाले बच्चों के साथ मनाया। इस दौरान बच्चों ने सीएम को राखी बांधी और मुख्यमंत्री ने उनके सपनों व शिक्षा के लिए सरकार के पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।
मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने विभाग से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामला झुंझुनूं के बनगोठड़ी गांव की दिवंगत शिक्षिका रोशन कुमारी के 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित पुत्र अजय कुमार ओला से जुड़ा है। दरअसल, रोशन कुमारी का वर्ष 2020 में निधन हुआ था। इसके बाद उनके पुत्र अजय कुमार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया कि परिवार का एक अन्य पुत्र पहले से ही सरकारी नौकरी में कार्यरत है। विभाग के फैसले को अजय कुमार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील संजीव महला और विजय पूनियां ने पक्ष रखते हुए बताया कि अजय कुमार 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं और अलग राशन कार्ड के साथ अपना परिवार चला रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि परिवार के दूसरे सदस्य की सरकारी नौकरी होने के बावजूद उसका लाभ अजय कुमार को वास्तविक रूप से नहीं मिल रहा है। ऐसे में केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करना उचित नहीं है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले के मानवीय और आर्थिक पहलुओं को देखते हुए शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। विभाग को चार सप्ताह में जवाब पेश करना होगा। इसके बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।
मध्य प्रदेश में जल्द ही करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होते ही खाली पदों की संख्या और बढ़ सकती है। शिक्षा विभाग मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों की भी गिनती कर रहा है। प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके बाद नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। CM मोहन ने पूछा- कब शुरू होगी भर्ती? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से पूछा कि नई शिक्षक भर्ती कब शुरू होगी और कितने पदों पर की जाएगी। उन्होंने प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों की जानकारी भी मांगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय ने भर्ती की तैयारी तेज कर दी है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने संचालनालय के अधिकारियों को प्रदेशभर में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। 700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों की जगह दो साल में नए भवन स्कूलों की मरम्मत और निर्माण को लेकर भी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों को स्कूलों के निर्माण और मरम्मत का एस्टीमेट तैयार करने और निर्माण एजेंसी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल हैं। इनमें से करीब 700 स्कूल पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इनकी जगह दो साल में नए भवन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अब इन स्कूलों के नए भवन बनाने के खर्च का आकलन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी तय होगी। स्कूलों का निर्माण कलेक्टर के माध्यम से होगा, शाला विकास निधि से कराया जाएगा या किसी अन्य एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 3 हजार स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी सरकार के फैसले के बाद विभाग करीब 3 हजार मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी कर रहा है। इन स्कूलों में कक्षों की स्थिति खराब है और अतिरिक्त निर्माण या सुधार की जरूरत है। एक साथ 3 हजार स्कूलों की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी को देने से काम की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए विभाग 10 से 15 स्कूलों का क्लस्टर बनाकर उन्हें मरम्मत और निर्माण की जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। जीर्ण-शीर्ण स्कूलों के नए भवन और मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की पूरी प्रक्रिया दो साल में पूरी करने का लक्ष्य है। पंचायत, नगरीय निकाय और PHE की भी जिम्मेदारी स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों, नगरीय निकायों और PHE विभाग की भूमिका भी तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम पंचायतों के जरिए कराया जा सकता है। ग्रामीण स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी PHE विभाग को देने पर विचार है। शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम नगरीय निकायों के माध्यम से कराया जा सकता है। इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम निर्णय विभाग स्तर पर होना बाकी है। भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन इधर, भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 और रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर चुके हैं। वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि मांगें नहीं मानी गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। इसी बीच विभाग में नई भर्ती और रिक्त पदों की गणना की प्रक्रिया शुरू होने से अभ्यर्थियों को पद बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई भर्ती में कितने पद शामिल होंगे। यह संख्या प्रमोशन और मार्च 2027 तक होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद रिक्तियों की गणना पूरी होने पर तय होगी। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे दिग्विजय सिंह राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 और रिक्त पदों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानीं गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। पढ़ें पूरी खबर
6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।
सीवान के कस्तूरबा विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर, छात्राओं को शिक्षा व व्यक्तित्व विकास की सीख
28 अगस्त, शुक्रवार: सीवान के महाराजगंज सिकटिया स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित हुआ। बीडीओ बिंदु कुमार ने छात्राओं से संवाद कर शिक्षा, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की जानकारी दी। उन्होंने नियमित पढ़ाई, प्रतिभा निखारने के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुरादाबाद में रक्षाबंधन के अवसर पर आज स्कूली बच्चों और ब्रह्माकुमारी संस्था की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम को राखी बांधी। उन्होंने जिलाधिकारी को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया और पर्व की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने बच्चों की राखियां स्वीकार कीं और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिलाधिकारी के समक्ष शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यालयों में पढ़ाई के माहौल को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया। छात्राओं ने कहा कि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर अपने भविष्य को बेहतर बनाएंगी और समाज के विकास में भी योगदान देंगी। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी महिलाओं ने भी जिलाधिकारी को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने सभी को पर्व की बधाई देते हुए आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन पर कई बार ऐसी दिल को छू लेने वाली तस्वीरें सामने आती हैं, जो समाज में उम्मीद और प्रेरणा की एक नई किरण जगा देती हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक ऐसा ही बेहद मार्मिक, अनोखा और दिल को झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय में उस वक्त एक बेहद भावुक माहौल बन गया जब एक जरूरतमंद मेधावी छात्रा ने पहुंचकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जब जिला प्रशासन के मुखिया को उस बेटी ने अपना भाई माना, तो डीएम साहब ने भी एक बड़े भाई का फर्ज निभाते हुए न केवल उसका रक्षा सूत्र स्वीकार किया, बल्कि उसकी आगे की पढ़ाई में आने वाली सभी आर्थिक और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का ऐतिहासिक ऐलान कर दिया। एक आईएएस अधिकारी द्वारा अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर एक साधारण परिवार की बेटी की शिक्षा की राह को आसान बनाने का यह वाकया इस समय सोशल मीडिया और पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।रक्षाबंधन पर डीएम कार्यालय में सजा अनोखा और भावुक दरबारसावन पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर देश भर में बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही थीं, लेकिन कानपुर के जिलाधिकारी कार्यालय में जो दृश्य देखने को मिला, वह आम परंपराओं से कहीं ज्यादा गहरा और प्रेरणादायक था। आर्थिक तंगी और विषम परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रही एक मेधावी छात्रा ने जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के कक्ष में प्रवेश किया, तो उनके मन में कई उम्मीदें थीं। छात्रा ने बिना किसी झिझक के अपनी राखी डीएम साहब की कलाई पर सजाई और उनके माथे पर तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अप्रत्याशित और स्नेह से भरे पल ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का दिल जीत लिया। एक प्रशासनिक अधिकारी के कड़े और व्यस्त चेहरे के पीछे छिपे एक संवेदनशील इंसान की यह झलक यह साबित करती है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मानवीय संवेदनाएं और आत्मीय रिश्ते हमेशा सबसे ऊपर होते हैं।जब अधिकारी ने निभाया भाई का फर्ज और दूर की पढ़ाई की मुश्किलेंराखी बंधवाने के बाद जब कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को उस छात्रा की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उसकी पढ़ाई में आ रही वित्तीय परेशानियों के बारे में पता चला, तो उन्होंने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने उस छात्रा को अपनी छोटी बहन मानते हुए यह भरोसा दिलाया कि अब उसकी शिक्षा के सफर में कोई भी रुकावट नहीं आएगी। डीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मेधावी बेटी की पढ़ाई-लिखाई, किताबों और स्कूल की फीस से जुड़ी हरसंभव मदद जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जाए। एक बड़े भाई की तरह प्रशासनिक मुखिया द्वारा उठाया गया यह कदम उस छात्रा के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, जिसकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। यह घटना इस बात की मिसाल है कि अगर अधिकारी संवेदनशील हों, तो वे अपनी कलम की ताकत से किसी भी जरूरतमंद की तकदीर और तस्वीर दोनों को बदल सकते हैं।शिक्षा के महत्व और प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा संगमआज के इस दौर में जहां कई बार सरकारी व्यवस्थाओं और नौकरशाही की संवेदनहीनता को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का यह रुख पूरी प्रशासनिक मशीनरी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करता है। शिक्षा किसी भी देश और समाज की रीढ़ होती है, और जब कोई प्रतिभावान छात्र या छात्रा केवल पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाती है, तो यह पूरे समाज की हार होती है। एक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए जब कोई अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर ऐसी बेटियों की जिम्मेदारी उठाता है, तो इससे समाज में यह सकारात्मक संदेश जाता है कि सरकार और प्रशासन आम जनता के वास्तविक सुख-दुख के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कानपुर के स्थानीय नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों ने डीएम साहब की इस दरियादिल और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।समाज के लिए एक बड़ा संदेश और बदलता प्रशासनिक दृष्टिकोणकानपुर की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि रक्षाबंधन का यह पर्व केवल खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर उस व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है जिसे सहारे की जरूरत है। एक तरफ जहां तमाम लोग इस त्योहार को केवल औपचारिकता मानकर मनाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं मानवीय रिश्तों की परिभाषा को और अधिक विस्तृत और मजबूत बनाती हैं। छात्रा और डीएम साहब के बीच की इस भावनात्मक और प्रशासनिक पहल ने यह दिखा दिया कि यदि प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग थोड़ी सी सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखाएं, तो समाज के कई अंधेरे कोनों में उम्मीद की रोशनी पहुंचाई जा सकती है। यह प्रेरणादायक वाकया आने वाले समय में अन्य अधिकारियों और सक्षम नागरिकों को भी आगे आने और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में मदद करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।

