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कलेक्टर नेहा मीना ने विकास को बताया प्राथमिकता:स्वास्थ्य, शिक्षा पर जोर; अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ

सिवनी जिले की नवागत कलेक्टर नेहा मीना ने पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता दिखाई। उन्होंने सबसे पहले प्राचीन मठ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिन में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और शाम को मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक के दौरान कलेक्टर मीना ने स्पष्ट किया कि जिले के विकास को नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। कलेक्टर ने विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का सीधा संबंध नागरिकों के जीवन स्तर से है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संतुलित एवं समन्वित विकास के लिए सभी संबंधित विभागों और पक्षों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। कलेक्टर ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अपेक्षा जताई कि मीडिया जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक व तथ्यपरक संवाद के माध्यम से प्रशासन को रचनात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समय पर निराकरण भी संभव होगा। इस परिचयात्मक बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास, नागरिक सुविधाओं और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कलेक्टर ने इन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 8:57 pm

एलन शिक्षा संबल: नीट 2027 के लिए 126 विद्यार्थियों को मिलेगी फ्री कोचिंग

सरकारी स्कूलों के हिंदी माध्यम छात्रों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन, आवास और भोजन की सुविधा भी होगी नि:शुल्क।

प्रातःकाल 13 Apr 2026 8:13 pm

पाली में सरगरा समाज विकास के मुद्दों पर की चर्चा:बोले-शिक्षा से ही समाज और व्यक्तिव का विकास संभव

श्री सरगरा वेलफेयर सोसायटी ऑफ ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉईज पाली के तत्वावधान में 12 अप्रैल रविवार को शहर के नाकोड़ा फूड विला में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें नवगठित कार्यकारिणी को विधिवत शपथ दिलाई गई। समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष मदनलाल पंवार के सान्निध्य में हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव बंशीलाल गहलोत, सचिव अमृतलाल पवार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। देश-प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजन के दौरान समाज की एकजुटता को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और विकास की नई दिशा तय करने को लेकर विशेष मंथन किया गया। बैठक में शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि हमें हमारे बच्चों को उच्च शिक्षित करना चाहिए। ताकि वे अच्छे और सभ्य नागरिक बन सके और शिक्षा के जरिए अच्छा मुकाम हासिल कर सके। इस दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान आयोजन समिति के गोवर्धनलाल, कन्हैयालाल चौहान, धनराज चौहान, संजय कुमार सहित पूरी टीम व्यवस्थाओं में जुटी रही।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 7:39 pm

औरंगाबाद में यूजीसी के विरोध में महापंचायत:लोग बोले- कानून लागू होने पर शिक्षा से वंचित हो सकते सवर्ण वर्ग के छात्र

औरंगाबाद में आज यूजीसी के नए प्रावधानों के विरोध में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। शहर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। महापंचायत का आयोजन सवर्ण एकता मंच के बैनर तले किया गया, जिसकी अध्यक्षता रामकेवल सिंह ने की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यूजीसी से जुड़े नियमों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के लिए घातक बताया। महापंचायत में शामिल भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य प्रवीण सिंह ने अपने संबोधन में यूजीसी के प्रावधानों को “काला कानून” करार दिया। प्रवीण सिंह ने कहा कि बिना पर्याप्त प्रमाण के केवल शिकायत के आधार पर किसी छात्र को संदेह के घेरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। उनके अनुसार, इस प्रकार के नियम संविधान की ओर से प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस नियमावली के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत द्वेष और राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। अन्य वक्ताओं ने भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त कीं। उनका कहना था कि शिक्षा का मूल्यांकन केवल योग्यता, परिश्रम और नैतिकता के आधार पर होना चाहिए, न कि जाति के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि यदि कोई शिकायत झूठी साबित होती है, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं होना न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। इससे कानून के दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है। समाज में बढ़ सकता है असंतोष वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नए नियमों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को विशेष संरक्षण दिया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को बिना पर्याप्त जांच के भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की असंतुलित व्यवस्था से समाज में असमानता और असंतोष बढ़ सकता है। कुछ वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों ने पूर्व में ऐसे कानूनों के संभावित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। महापंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि यह नियमावली समानता के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है और इससे सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस कानून में संशोधन करने या इसे वापस लेने की मांग की। कानून में संशोधन नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी कार्यक्रम के अंत में मंच के सदस्यों ने सवर्ण समाज के लोगों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिले के सभी प्रखंडों में इसी तरह की महापंचायत आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मुद्दे से अवगत कराया जा सके और राज्य स्तर पर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सके।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 7:11 pm

ज्ञानपुर के परिषदीय विद्यालयों में डेस्क-बेंच वितरित:विधायक ने प्राथमिक शिक्षा पर जोर दिया, छात्रों को मिली सुविधा

ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय चिट्ठईपुर और कंपोजिट विद्यालय नथईपुर में सोमवार को कुर्सी-मेज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए नए डेस्क-बेंच प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। यह वितरण कार्यक्रम स्व. रामसखी देवी और स्व. परमानंद श्रीवास्तव, ज्ञानपुर की स्मृति में आयोजित किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षकों ने अतिथियों का माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने बताया कि अब तक क्षेत्र के आठ विद्यालयों में कुर्सी-मेज वितरित किए जा चुके हैं। चिट्ठईपुर विद्यालय में जल्द ही कंप्यूटर और इनवर्टर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताया और भदोही के एक छात्र का उदाहरण दिया, जिसने प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली में आईएएस पद हासिल किया। समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी और शिक्षा को जीवन की मूल कुंजी बताया। उन्होंने अन्य समाजसेवियों से भी ऐसे पुनीत कार्यों में आगे आने की अपील की। विधायक दुबे ने यह भी कहा कि प्राथमिक विद्यालय का वातावरण परिवार जैसा होता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है। इसके विपरीत, कॉन्वेंट विद्यालयों में यह वातावरण नहीं मिल पाता और अभिभावकों का फीस के नाम पर आर्थिक शोषण किया जाता है। इस अवसर पर कैलाशपति शुक्ल, आनंद श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:40 pm

संभल पिता-पुत्र हत्याकांड में परिजनों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:अपराधियों के एनकाउंटर, बच्चों की शिक्षा और आर्थिक मदद की मांग की

संभल में पिता-पुत्र की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट बहजोई पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सौंपा, जिसमें अपराधियों के एनकाउंटर, बच्चों की शिक्षा और आर्थिक मदद की मांग की गई है। यह घटना संभल के थाना धनारी क्षेत्र के गांव भिरावटी से संबंधित है। सोमवार दोपहर 1 बजे पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और ग्राम प्रधान डॉ. सुनील यादव के नेतृत्व में ग्रामीण और पीड़ित परिवार के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। मृतक नरेश की पत्नी गीता और भीमसेन की पत्नी कुंतेश ने ज्ञापन में आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा का प्रबंध, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या रोजगार, परिवार को स्थायी सुरक्षा और जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की मांग की। गीता देवी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पति नरेश और बेटे भीमसेन को अपराधियों ने मार डाला। उन्होंने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए परिवार के गुजर-बसर के लिए सरकारी नौकरी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे की पत्नी गर्भवती है। एक बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया थापुलिस ने पिकअप लोडर लूटने और पिता-पुत्र की हत्या के मामले में एक बदमाश को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस घटना का मास्टरमाइंड अपने सगे भाई के साथ अभी भी फरार है। बुलडोजर कर्रवाई की मांग कीपूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील यादव ने बताया कि 2 अप्रैल को पिता-पुत्र का अपहरण किया गया था। पुलिस ने 6 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज की और 7 अप्रैल को उनके शव बरामद हुए। उन्होंने योगी सरकार से पीड़ित परिवार को मदद और अपराधियों का एनकाउंटर कर उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग की। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव सौंधन की साप्ताहिक बाजार से मेरठ से मजदूर लाने के बहाने गिरफ्तार हुए मनोज ने पिकअप लोडर बुक किया था। 6 अप्रैल को एसपी कार्यालय बहजोई पर धरना प्रदर्शन के बाद 7 अप्रैल को जनपद शामली के जंगल से दोनों के शव मिले थे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:36 pm

जयपुर: मातृभाषा में शिक्षा से संस्कृति का ज्ञान, सिन्धी विश्वविद्यालय की मांग

भारतीय सिन्धु सभा की संगोष्ठी में डॉ. रमेशचन्द अग्रवाल ने नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षण मातृभाषा में करने और जनगणना में सिन्धी लिखवाने पर जोर दिया।

प्रातःकाल 13 Apr 2026 4:30 pm

मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जुटे स्टूडेंट्स:विधि शिक्षा के व्यावहारिक स्वरूप पर जोर; पढ़ें जयपुर की प्रमुख खबरें

जयपुर स्थित विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी में 5वीं रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 का आयोजन किया जा रहा है। रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से विधि विद्यार्थियों की 64 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो इसकी व्यापकता और महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में कुलपति (प्रो.) (डॉ.) एन. डी. माथुर ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा को व्यावहारिक रूप प्रदान करती हैं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष ललित के. पवार ने अपने संबोधन में विधि शिक्षा की सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता न्यायमूर्ति जे. के. रांका ने न्यायिक प्रक्रिया में नैतिकता और पेशेवर ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (राजस्थान उच्च न्यायालय) भारत व्यास ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भागीदारी ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आधुनिक विधि सिद्धांतों के साथ भारतीय न्यायशास्त्र और मीमांसा परंपरा के संतुलन पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सही समय पर मौन रहना भी परिपक्वता का प्रतीक होता है। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने भारतीय संविधान को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं का वास्तविक अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उनकी तर्कशक्ति, शोध क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें विधिक करियर से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन मिला। प्रो. पी. पी. मित्रा ने प्रतियोगिता की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि सुरभि रांका ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में डॉ. शिल्पा रस्तोगी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह प्रतियोगिता आगामी दिनों में विधि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें…

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 2:28 pm

जमुई में एडमिशन अभियान के तहत जागरूकता रैली:'हर बच्चा स्कूल जाए' और 'शिक्षा है सबका अधिकार' जैसे नारे लगे

जमुई जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कल्याणपुर द्वारा नामांकन अभियान के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। यह रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इसमें शामिल छात्र-छात्राओं ने 'हर बच्चा स्कूल जाए' और 'शिक्षा है सबका अधिकार' जैसे नारे लगाए। बच्चों के इन नारों ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने अभिभावकों से अपील की इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने अभिभावकों से अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का नामांकन विद्यालय में कराने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया। रैली को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक सकलदेव प्रसाद, सुधा रानी, जितेंद्र शार्दुल और नेहा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन किया और पूरे अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया। इस जागरूकता रैली का उद्देश्य नामांकन बढ़ाना और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 12:59 pm

पॉक्सो कोर्ट ने स्कूल के खिलाफ दिए जांच के आदेश:नाबालिग के उम्र के कागजों में हेराफेरी, शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं जांच

भरतपुर की पॉस्को कोर्ट संख्या-2 ने नाबालिग से जुड़े मामले में स्कूल रिकॉर्ड में हेराफेरी पाए जाने पर शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने छेड़छाड़ केस में नाबालिग की उम्र के दस्तावेज मंगवाए थे, जिनमें बाद में सील और सिग्नेचर पाए गए। मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने जांच कर संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई करने को कहा है। कोर्ट में पेश किए कागजों में थी हेराफेरी आरोपी पक्ष के वकील विवेक हथैनी ने बताया कि पॉस्को के मामले में कोर्ट स्कूल से लड़की के उम्र के रिकॉर्ड मंगवाता है। जब निजी स्कूल के टीचर कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट में जब उनसे क्रॉस एग्जामिनेशन चल रहा था। कोर्ट में जब रिकॉर्ड पेश किए गए तो, रिकॉर्ड पर सील, सिग्नेचर और क्रमांक थे। जब केस के शुरूआती दौर में पुलिस को रिकॉर्ड दिया गया था तो, उस पर सील, सिग्नेचर और क्रमांक नंबर नहीं था। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया कोर्ट ने टीचर से पूछा की पहले के दस्तावेज में सील, सिग्नेचर और क्रमांक नहीं थे, अब क्यों डाले गए। इस बात को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि स्कूल के दस्तावेज में इस तरह से फेरबदल हो जाता है। इसके बारे में शिक्षा अधिकारी को नहीं पता। जबकि दस्तावेज बदलने से पहले शिक्षा अधिकारी को सूचना देनी पड़ती है। स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद टीम बनाकर स्कूल में जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि नाबालिग की उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में पहले सील मोहर नहीं थी, जिसे बाद में जोड़कर कोर्ट में पेश किया गया। स्कूल को नोटिस जारी किया गया है और जवाब का इंतजार है। सील मोहर और क्रमांक डालकर कोर्ट में पेश किए कागज जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद एक टीम का गठन कर स्कूल में भेजी गई। जहां नाबालिग से सम्बंधित सभी रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में पाया गया कि बच्ची के उम्र से सम्बंधित रिकॉर्ड में पहले सील मोहर नहीं थी। स्कूल की तरफ से बाद में सील मोहर लगाकर कोर्ट में पेश किया गया है। स्कूल को नोटिस भी दिया गया है। जिसका जवाब आना बाकी है। 15 साल की नाबालिग से हुई थी छेड़छाड़ दरअसल, 2025 में एक 15 साल की नाबालिग के साथ थाने में FIR दर्ज हुई थी। युवक ने एक नाबालिग से छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद नाबालिग के परिजनों ने थाने में पॉस्को एक्ट में FIR दर्ज करवाई थी। यह मामला कोर्ट में चल रहा था।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 12:35 pm

पोर्टल के फेर में उलझा गांव:शिक्षा विभाग के टूर्नामेंट में सबकी एंट्री, पर CBSE स्कूलों के ग्राउंड में सरकारी स्कूलों के बच्चों को ना

प्रदेश के स्कूली खेल तंत्र में ऐसी विसंगति सामने आई है, जो सीधे तौर पर सरकारी स्कूलों के होनहार खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। खेल के मैदान पर समान अवसर की बात करने वाला शिक्षा विभाग खुद एकतरफा नियम का शिकार है। विडंबना यह है कि राज्य शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थी तो खुलकर हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन जब बारी सीबीएसई की प्रतियोगिताओं की आती है तो सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। समन्वय की इस कमी के कारण गांवों और सरकारी स्कूलों की हजारों प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े मंच से वंचित रह जाती हैं। प्रतियोगिताएं पूरी तरह इनके अपने पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर होती हैं। चूंकि राज्य के सरकारी स्कूल इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसलिए वहां के छात्र चाहकर भी इन स्पर्धाओं में भाग नहीं ले पाते। वहीं सीबीएसई स्कूलों के छात्र यू-डाइस पोर्टल पर पंजीकृत होने के कारण शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में आसानी से हिस्सा ले लेते हैं। नुकसान... प्रतिभाओं का गला घोंट रही यह पेचीदगी राजस्थान के गांवों में एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल की बेहतरीन प्रतिभाएं हैं। सीबीएसई का क्लस्टर और नेशनल लेवल एक बड़ा एक्सपोजर देता है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चे वंचित हैं। सरकारी स्कूल के टूर्नामेंट्स में निजी और सीबीएसई स्कूलों के आने से प्रतियोगिता बढ़ जाती है, लेकिन सरकारी बच्चों को वह अनुभव लेने के लिए दूसरे मंच नहीं मिल रहे। सीबीएसई का ढांचा देशभर में फैला है। वहां खेलने से खिलाड़ियों को जो राष्ट्रीय पहचान मिल सकती है, वह केवल राज्य स्तरीय सिस्टम तक सीमित होकर रह जाती है। जिम्मेदार ये बोले सरकार से आग्रह करेंगे : डीईओयहां के खिलाड़ियों को सीबीएसई की प्रतियोगिताओं में मौका नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि गांवों की प्रतिभाओं को यह मंच मिले तो वे बहुत आगे जा सकते हैं। हम सरकार से आग्रह करेंगे कि सरकारी स्कूली बच्चों को भी इस पोर्टल पर पंजीकरण का अधिकार मिले।-डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी-माध्यमिक, उदयपुर सीबीएसई से बात करे सरकार ‌यह स्पष्ट रूप से एक बड़ी विसंगति है। राज्य सरकार को सीबीएसई के साथ समन्वय स्थापित कर करना चाहिए, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी उनके पोर्टल पर पंजीकरण मिले और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से जुड़ सकें।-डॉ. भैरूसिंह राठौड़, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:30 am

शुभ शक्ति योजना; श्रमिक परिवार की बेटियों को ₹55 हजार सहायता, शिक्षा और स्वरोजगार को मिलेगा बल

राजस्थान श्रम विभाग की शुभ शक्ति योजना के तहत निर्माण श्रमिक परिवार की अविवाहित बेटियों/महिलाओं को ₹55,000 की सहायता दी जाती है। राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। इसका उपयोग शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार या विवाह में किया जा सकता है। पात्रता में 18 वर्ष आयु, 8वीं पास और श्रमिक का एक वर्ष पंजीकरण जरूरी है। आवेदन ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों माध्यम से किए जा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:30 am

यूनिफॉर्म-बुक्स और स्टेशनरी खरीदने को मजबूर नहीं करें-DM:शिवहर में शिक्षा के व्यवसायीकरण पर सख्ती,कहा-बच्चों में भेदभाव न करें

शिवहर में शिक्षा के व्यवसायीकरण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी-सह-जिला दंडाधिकारी प्रतिभा रानी ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। ये निर्देश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत दिए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों को किसी एक निर्धारित दुकान से यूनिफॉर्म, पुस्तकें या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। यह कदम बिहार निजी विद्यालय (शुल्क) अधिनियम 2019 के तहत किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने की अनिवार्यता को पूर्णतः प्रतिबंधित करता है। यूनिफॉर्म का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करें डीएम ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म का पूरा विवरण, दर सहित, 13 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें। साथ ही, यह जानकारी विद्यालय परिसर में भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी। बिना आवश्यकता के यूनिफॉर्म में बदलाव करने पर भी रोक लगाई गई है। विद्यालय वाहनों में सीसीटीव-मेडिकल किट अनिवार्य इसके अतिरिक्त, बच्चों को अपने बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, विद्यालय वाहनों में सीसीटीवी, मेडिकल किट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। केवल पीले रंग के वाहनों का ही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नामांकित कमजोर वर्ग के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने का भी सख्त निर्देश दिया गया है।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 9:18 pm

'प्राइवेट स्कूलों हटा दें तो शिक्षा की बुनियाद हिल जाए':एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- नए गजट को बताया एकतरफा, सरकार के नियमों के खिलाफ आंदोलन

गोपालगंज में राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए जारी किए गए नए गजट (नियमावली) को लेकर शिक्षा जगत में उबाल है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले शहर के काली स्थान रोड में निजी स्कूल संचालकों ने एक बैठक आयोजित की। इसमें सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रणनीति तैयार की गई। सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार गजट बैठक में मुख्य रूप से सरकार पर यह आरोप लगाया गया कि नए नियम बनाते समय निजी स्कूलों की व्यावहारिक समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। संचालकों का तर्क है कि यह गजट केवल सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। सरकार के इस कदम को दमनकारी और एकपक्षीय बताते हुए जिले के निजी विद्यालय संचालक अब लामबंद हो गए हैं। संचालकों का कहना है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व विमर्श या निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की राय लिए नियम थोप दिए हैं। गजट में शामिल कड़े नियमों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों को पूरा करना छोटे और मध्यम दर्जे के स्कूलों के लिए लगभग असंभव है। नए मानकों को लागू करने से स्कूलों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा ज्ञापन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मांगों का एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा। निजी विद्यालय संचालकों का मानना है कि वे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ी हिस्सेदारी निभाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें सहयोग देने के बजाय जटिल कानूनों के जाल में उलझा रही है। गोपालगंज के संचालकों ने एक स्वर में मांग की है कि शिक्षा का अधिकार तभी सफल होगा जब सरकार निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के प्रति समान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण रखेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष फैज अहमद ने बताया कि सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए पास किया गया गजट एक पक्षीय नियमों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के बारे में यह अफवाह फैलाई जाती है कि वे 'लूटने' का काम करते हैं, जबकि देश से निजी विद्यालयों को हटा दिया जाए तो शिक्षा की बुनियाद हिल जाएगी।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 7:07 pm

शिक्षामित्रों से संवाद, मानदेय बढ़ोतरी पर सरकार का संदेश:18 हजार मानदेय के साथ शिक्षामित्रों को मिलेगी नई ताकत

मैनपुरी के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षामित्रों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला बताया और कहा कि वे बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्री ने देश के समग्र विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में शिक्षा व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका पर भी जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जनपद में लगभग 1840 शिक्षामित्र सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षामित्रों के मानदेय में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 तक उन्हें मात्र 3500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। बाद में इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया और अब बजट सत्र 2025-26 में यह मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। मंत्री ने इसे शिक्षामित्रों के योगदान के प्रति सरकार का सम्मान बताया। मंत्री कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के निर्णय अंतिम नहीं होते और समय व आवश्यकता के अनुसार उनमें बदलाव संभव है। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपेक्षा की कि वे और अधिक निष्ठा के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक, अध्यापक और शिक्षामित्र सभी मूल रूप से 'गुरु' हैं, जिनका समाज में सर्वोच्च स्थान है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिस पर मंत्री ने उन्हें शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा। इस अवसर पर विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:11 pm

18-19 अप्रैल को समस्तीपुर में माले का जिला सम्मेलन:नेताओं ने कहा- शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर आंदोलन करेंगे

भाकपा माले की ताजपुर प्रखंड कमेटी की बैठक गांधी चौक पर हुई। बैठक में समस्तीपुर में होने वाले दो दिवसीय जिला सम्मेलन की सफलता और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। जानकारी के अनुसार, भाकपा माले का जिला सम्मेलन 18 और 19 अप्रैल को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर में आयोजित किया जाएगा। बैठक में आने वाले 15 अप्रैल को राज्य सम्मेलन के लिए डेलीगेट चुनाव और जिला सम्मेलन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संगठनात्मक और आंदोलनात्मक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें संगठन को मजबूत करना, सदस्यता अभियान को तेज करना और जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने का फैसला शामिल है। पर्चा वितरण करने की रणनीति भी तय की इसके अलावा, 16, 17 और 18 मई को दरभंगा में होने वाले राज्य सम्मेलन की सफलता के लिए कोष संग्रह करने का निर्णय भी लिया गया। पंचायत, लोकल कमेटी और शाखा स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने, सम्मेलन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पर्चा वितरण करने की रणनीति भी तय की गई। सदस्यों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसान-मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। इन समस्याओं को लेकर गांव-गांव में अभियान चलाने, पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को संगठित करने और चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। प्रखंड कमेटी ने सभी पंचायतों में शाखा कमेटियों को सक्रिय करने और नए सदस्यों को जोड़ने का भी संकल्प लिया। निकट भविष्य में प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। बैठक में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, प्रभात रंजन गुप्ता, आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, मो० एजाज, रंजू कुमारी, जीतेंद्र सहनी, ललन दास सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:07 pm

राजनांदगांव में 'लखपति ग्राम' और शिक्षा पर जोर:कोचिंग और समर कैंप की तैयारियां शुरू, कलेक्टर ने लखपति दीदियों का सम्मान किया

राजनांदगांव जिले के सर्वांगीण विकास के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। ग्राम सिंघोला 'लखपति ग्राम' बनने की दिशा में अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर जिले के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए निशुल्क कोचिंग और समर कैंप की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने हाल ही में ग्राम सिंघोला का दौरा किया और महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से संचालित अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों का अवलोकन किया। यह ग्राम जल्द ही जिले का शत-प्रतिशत 'लखपति ग्राम' बनने जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गांव के कुल 31 समूहों की 318 महिलाएं अलग-अलग आयमूलक कार्यों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर ने इस दौरान लाया साहू की इलेक्ट्रिक दुकान और अनीता साहू की प्लास्टिक बोरी सिलाई इकाई का भ्रमण कर उनके प्रयासों की सराहना की। लखपति दीदियों का सम्मान इस अवसर पर 5 उत्कृष्ट 'लखपति दीदियों' को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महिलाओं को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले में अब तक 39,771 'लखपति दीदियां' तैयार हो चुकी हैं। शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की पहल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में प्राचार्यों की एक बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विकासखंड मुख्यालयों में शीघ्र ही निशुल्क कोचिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे। इन सेंटरों में शासकीय भवनों का उपयोग कर अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कराई जाएगी। समर कैंप और आधुनिक कौशल विकास कार्यक्रम इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों के लिए विशेष समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में योग और खेलकूद के साथ-साथ चैट जीपीटी (AI) का उपयोग, बैंकिंग प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी शामिल होगा, जिससे बच्चों को आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो सके।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 10:21 am

महात्मा फुले सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता के लिए प्रतिबद्ध रहे : राठौर

भास्कर संवाददाता| सीहोर जिला कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर की अध्यक्षता में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। कांग्रेसजनों ने फुले के चित्र पर माल्यार्पण किया। विवेक राठौर ने कहा कि फुले सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता के लिए प्रतिबद्ध रहे। वे भारतीय समाज सुधार के अग्रदूतों में से एक थे। उनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। वे विचारक, लेखक, समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति-भेद, छुआछूत, लैंगिक असमानता के खिलाफ संघर्ष किया। प्रीतम दयाल चौरसिया ने कहा कि फुले ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन माना। उन्होंने सावित्री बाई फुले के साथ 1848 में बालिकाओं के लिए पहला आधुनिक स्कूल खोला। यह उस समय क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने दलितों, वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का काम किया। हर्षदीप राठौर ने कहा कि फुले ने लेखन, कार्यों से सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकारों की वकालत की। उनका जीवन संघर्ष, सेवा का प्रतीक रहा। उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जो काम किए, वे आज भी प्रेरणा देते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे फुले के आदर्शों पर चलेंगे। सामाजिक समानता बढ़ाएंगे। भाईचारा बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में विवेक राठौर, प्रीतम दयाल चौरसिया, हर्षदीप राठौर, नरेन्द्र खंगराले, आरती खंगराले, केके रिछारिया, भगत सिंह तोमर, तुलसी राजकुमार राठौर, हरिओम सिसोदिया, अतीक चौधरी, ओम सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:30 am

ज्योतिबा फुले की जयंती, देशभक्ति गीतों पर बच्चों का डांस:नीमच में वक्ता बोले- फूल माली सैनी समाज को आगे ले जाने शिक्षा जरूरी

नीमच के स्कीम नंबर 9 में शनिवार को फूल माली सैनी समाज ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती उत्साह के साथ मनाई। इस मौके पर सुबह से लेकर शाम तक कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के बच्चों और बड़ों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दिन की शुरुआत ज्योतिबा फुले की मूर्ति पर फूल मालाएं चढ़ाकर की गई। दोपहर में बच्चों के बीच ड्राइंग, रंगोली, चम्मच रेस और चेयर रेस जैसी कई प्रतियोगिताएं रखी गईं। इन खेलों के जरिए बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई और खूब आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान शाम के वक्त मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें बच्चों ने देशभक्ति के गानों पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद समाज के वरिष्ठ जनों और अतिथियों ने प्रतियोगिताओं में जीतने वाले बच्चों को इनाम देकर उनका हौसला बढ़ाया। शिक्षा पर दिया जोर कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष राकेश सैनी के साथ ही रामचंद्र सैनी, मोहनलाल सैनी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समाज अध्यक्ष ने अपने भाषण में महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए रास्तों पर चलने की बात कही। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि समाज को आगे ले जाने के लिए शिक्षा का प्रसार बहुत जरूरी है। इस आयोजन में सैनी समाज के कई परिवार शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 10:04 pm

लखनऊ कॉलेज में AI के नैतिक उपयोग पर कार्यशाला:छात्रों-शिक्षकों को विज्ञान और शिक्षा में जिम्मेदार AI पर किया जागरूक

लखनऊ के राष्ट्रीय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का विषय 'विज्ञान एवं शिक्षा में एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग' था। इसमें छात्रों और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इसमें शैक्षणिक और वैज्ञानिक कार्यों में एआई के सही इस्तेमाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी पर चर्चा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. निमिष कपूर थे, जो मास्टर ट्रेनर (AI) और बीएसआईपी लखनऊ में वैज्ञानिक हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में शिक्षा और शोध में एआई की भूमिका, डेटा की विश्वसनीयता, नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी पर जोर दिया। डॉ. कपूर ने गलत एआई उपयोग से होने वाली संभावित समस्याओं के बारे में भी बताया। यह कार्यशाला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास सिंह ने कार्यक्रम का सफल समन्वयन किया।इस कार्यक्रम को एशिया वेंचर फिलेंथ्रॉपी नेटवर्क (AVPN), Google.org और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) का सहयोग प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने सत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की कार्यशाला में रसायन विज्ञान विभाग के 10 शिक्षकों और बीएससी व एमएससी के 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और एआई के जिम्मेदार उपयोग के प्रति अपनी समझ को बढ़ाया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र दिए गए। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ, जिसमें अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 8:54 pm

देवास जिला शिक्षा अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं के चलते निलंबित:जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पुष्टि के बाद कार्रवाई, उज्जैन संभागायुक्त ने दिया आदेश

देवास में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती को शनिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत यह कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह ने एक जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कार्यालय में वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि की। कलेक्टर के प्रतिवेदन पर कार्रवाई हुई कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह के प्रतिवेदन पर संभाग आयुक्त उज्जैन आशीष सिंह ने एच.एस. भारती को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, उज्जैन कार्यालय रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शासन के आगामी आदेश तक, देवास के जिला परियोजना समन्वयक अजय मिश्रा को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे इस पद के कार्यों का भी संपादन करेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:59 pm

झुंझुनूं जिलाध्यक्ष बोलीं-महात्मा फुले महिला शिक्षा के महानायक:हर्षिनी कुलहरी ने कहा-वे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, अपने आप में विचार थे

महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती के अवसर पर झुंझुनू में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रीको स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित इस समारोह में कार्यकर्ताओं ने फूले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। महात्मा फुले सिर्फ व्यक्ति नहीं, विचार थे भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी ने कहा- ज्योतिबा फूले मात्र एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। जिन्होंने समाज के सबसे वंचित तबके और महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा फूले दलितों और महिलाओं के उत्थान के सच्चे अग्रदूत थे। उन्होंने उस दौर में समानता की अलख जगाई जब समाज कुरीतियों और भेदभाव की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा ही वह अस्त्र है जिससे किसी भी कुप्रथा का अंत किया जा सकता है। कुलहरी ने कहा- ज्योतिबा फूले और माता सावित्रीबाई फूले ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए। महात्मा फूले ने भारी विरोध के बावजूद लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोलकर इतिहास रचा। कुलहरि ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे फूले के आदर्शों को आत्मसात करें और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करें। कार्यक्रम में जिला महामंत्री दिलीप सैनी, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह शेखावत एवं अजय चाहर, शहर मण्डल अध्यक्ष कमल कांत शर्मा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष राकेश सहल, सोशल मीडिया एवं आईटी जिला संयोजक चंद्र प्रकाश शुक्ला, सौरभ सोनी, ताराचंद सैनी, पार्षद विजय कुमार सैनी, रामनिवास सैनी, विकास पुरोहित, दयाराम सैनी, दीपक स्वामी, उमाशंकर महमिया, रामगोपाल महमिया, नरेन्द्र पूनिया, रमेश चौमाल, मनोहर धूपिया, अनिल जोशी, चंद्र प्रकाश जोशी आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:53 pm

कलेक्टर ने चार गांवों का दौरा किया:जल संकट, शिक्षा की समस्या देखी; अधिकारियों को पानी व्यवस्था के निर्देश

डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों के साथ डिंडोरी और समनापुर जनपद के चार गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जोगी टिकरिया, ओरई, सिमरधा और अमरपुर के भाखा हेरिटेज वाइन प्लांट का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जोगी टिकरिया में कलेक्टर ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बायपास और जल गंगा संवर्धन के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। ओरई गांव में उन्होंने निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास का निरीक्षण किया। यहां हितग्राही सुषमा मरकाम को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए सराहा गया। कलेक्टर ने प्राथमिक शाला में बच्चों की पढ़ाई का अवलोकन किया और मध्याह्न भोजन के चावल की गुणवत्ता भी परखी। अमरपुर के भाखा हेरिटेज वाइन प्लांट के मैनेजर ने बताया कि प्लांट का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में है और यहां पानी की गंभीर समस्या है। इस पर कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री को दस दिन के भीतर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पानी के लिए जाना पड़ता है दूर सिमरधा गांव में लगभग 600 की आबादी के लिए केवल दो हैंडपंप हैं। बैगा आदिवासियों ने बताया कि उन्हें 900 मीटर दूर झिरिया से घाट के नीचे जाकर पानी लाना पड़ता है। कलेक्टर ने पीएचई विभाग को सोलर पैनल मोटर पंप लगाकर पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सिमरधा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग भी की। उन्होंने आंगनबाड़ी और मिडिल स्कूल में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायत भी दर्ज कराई। खामी गांव में महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि हैंडपंप से लाल पानी आता है, जिस पर कलेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। किसान के प्रयास को सराहा झाकी गांव में किसान गणेश सिंह मार्को ने अपनी 'मां की बगिया' में आम, तेंदू और अन्य फलदार पौधों की 50 से अधिक प्रजातियां लगाई हैं। कलेक्टर ने किसान के इस प्रयास की सराहना की।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:23 pm

बांसवाड़ा कलेक्टर बोले-महात्मा फुले ने शिक्षा को हथियार बनाया:कहा-भेदभाव के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई; 200वीं जयंती मनाई

महात्मा ज्योतिबा फुले ने शिक्षा को हथियार बनाया और भेदभाव के खिलाफ उस दौर में पुरजोर आवाज उठाई जिसमें समाज सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। यह बात बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर कलेक्ट्रेट सभागार में कही। जिले भर में शनिवार को ​समाज सुधारक और शिक्षा की अलख जगाने वाले महात्मा फुले की जयंती मनाई गई। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम हुआ। आयोजित किया गया। समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। ​चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की ​कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने महात्मा फुले के चित्र पर फूल अर्पित कर और दीप जलाकर की। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके सामाजिक योगदान को याद किया और उनके द्वारा बताए गए समानता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। ​फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक: कलेक्टर ​समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा- महात्मा फुले ने उस दौर में समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई, जब सामाजिक सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। फुले ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार और आदर्श आज के आधुनिक समाज के लिए भी उतने ही प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं। ​कार्यक्रम में जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर परिषद और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने फुले के जीवन संघर्ष और महिला शिक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए क्रांतिकारी कार्यों पर प्रकाश डाला।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 6:57 pm

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ‘हिंदू रत्न अवार्ड’ से सम्मानित, राहुल गोयल ने भेंट किया सम्मान

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच द्वारा जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री को सनातन संस्कृति के प्रसार हेतु यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।

प्रातःकाल 11 Apr 2026 6:23 pm

भुसावर: शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ की ब्लॉक कार्यकारिणी गठित, अशोक गुप्ता अध्यक्ष

प्रदेश मुख्य महामंत्री गम्भीर सिंह की मौजूदगी में निर्विरोध चुनी गई नई टीम, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और संगठन मजबूती का लिया संकल्प।

प्रातःकाल 11 Apr 2026 5:46 pm

ज्योतिबा फुले जयंती पर समरसता का संदेश:सर्वसमाज ने पुष्पांजलि अर्पित कर शिक्षा व समानता का लिया संकल्प

हनुमानगढ़ में सामाजिक समरसता न्याय मंच के तत्वावधान में शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। जंक्शन स्थित सैन धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के नागरिकों ने भाग लिया। मौजूद लोगों ने महात्मा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष रामप्रताप भाट ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना और महिलाओं व पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। भाट ने जोर दिया कि महात्मा फुले के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट रखने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज को मजबूत और समरस बनाना है, तो उनके सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। शिक्षा, समानता और भाईचारे को बढ़ावा देकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर संगठित होने की जरूरत पर भी बल दिया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महात्मा फुले के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फुले ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा शुरू किया गया शिक्षा आंदोलन वंचित वर्गों के लिए एक नई राह साबित हुआ और समाज में बदलाव की नींव रखी। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में दुर्गादत्त सैनी, कृष्णलाल गहलोत, विजय भाट, बनवारीलाल पंवार, राजेंद्र, चंद्रपाल, सोहनलाल, मुकेश भार्गव, बलदेव सिंह, अनंतराम, रामकृष्ण माहर, हरकमल सिंह, चरणजीत डाल, बलवीर सिंह, विजय टाक, जसवंत कुमार, बनवारी लाल, दुर्गादत्त तंवर, देवीलाल सैनी, ताराचंद, शंकर तेनगरिया, अमित, राधेराम सुथार, महेंद्र सैनी, मुरलीधर सोनी, राजपाल ढुंढाड़ा, ओमप्रकाश सैन, सुरेंद्र जलंधरा, राधेश्याम टाक, ज्ञानचंद और प्रेम कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:40 pm

बलिया में महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती मनाई:मुख्य अतिथि बोले- शिक्षा से ही समाज का उत्थान संभव

बलिया के भृगु आश्रम स्थित आशीर्वाद गार्डेन में शनिवार को माली विकास कल्याण सेवा समिति द्वारा महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. एसके सैनी, प्रदेश अध्यक्ष, माली विकास कल्याण सेवा समिति, और संस्थापक प्रमोद माली ने महात्मा ज्योतिबा राव फुले व सावित्रीबाई फुले के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर तथा दीपक प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे सुख-समृद्धि के साथ ही समाज का हर तरह से उत्थान संभव है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित करने का आग्रह किया। डॉ. सैनी ने यह भी कहा कि सरकार माली समाज पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि वे अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर संगठन के संस्थापक प्रमोद माली ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान कन्हैया जी माली ने की, जबकि संचालन अखिलेश सैनी ने किया। मौके पर नवल जी माली, धर्मात्मा जी माली, प्रभु नाथ जी माली, नथुनी माली, विरेंद्र माली, शिवजी माली सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:24 pm

सपा ने मनाई ज्योतिराव फुले की जयंती:जिलाध्यक्ष बोले- उन्होंने पिछड़े-दलितों के शिक्षा अधिकार के लिए संघर्ष किया

समाजवादी पार्टी ने ज्ञानपुर स्थित जिला कार्यालय में सत्य शोधक ज्योतिराव गोविंद फुले की जयंती मनाई। इस अवसर पर उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने ज्योतिराव गोविंद फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे सत्य शोधक समाज के संस्थापक थे। उन्होंने दलितों और पिछड़ों के शिक्षा के अधिकार के लिए जीवनभर संघर्ष किया। यादव ने बताया कि फुले एक प्रमुख समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक थे, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी। उनका मुख्य उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार दिलाना, बाल विवाह का विरोध करना और विधवा विवाह का समर्थन करना था। फुले समाज को कुप्रथाओं और अंधविश्वास से मुक्त करना चाहते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन स्त्रियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में समर्पित कर दिया। उन्होंने पुणे में कन्याओं के लिए भारत की पहली पाठशाला स्थापित की थी और अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को स्वयं शिक्षा प्रदान की, जो भारत की प्रथम महिला अध्यापिका बनीं। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव हृदय नारायण प्रजापति ने किया। इस दौरान संतोष यादव, शैलेश सिंह मंटू, राजेंद्र दुबे, लालचंद बिंद, प्रदीप वियोगी, कंचन सोनकर, कमला महतो, प्रमोद पाल, करिया पाल, वीरू मिश्र, बच्चन पाल, सौरभ यादव, अजय यादव, विनोद यादव, कार्यालय सचिव गामा प्रसाद यादव और जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार मिश्र पप्पू सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:21 pm

महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती मनाई:सैनी समाज ने निकाली वाहन रैली, छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित

डीडवाना में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती पर सैनी समाज ने भव्य वाहन रैली का आयोजन किया। इस रैली में हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल रहा। रैली का शुभारंभ पदमानीयां बास स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षण संस्थान एवं छात्रावास से हुआ। संयोजक सुरेश सैनी ‘विमान’ के नेतृत्व में यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों जैसे काटला बास, सुभाष सर्कल, आडका बास, रॉयल मार्केट, अशोक स्तंभ, हॉस्पिटल चौराहा और अंबेडकर सर्किल से गुजरी। इसका समापन कुमानिया बास स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सर्किल पर हुआ। रैली के मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। इस आयोजन में विश्व प्रसिद्ध गौशाला नागौर के संस्थापक एवं महामंडलेश्वर कुशालगिरी महाराज की विशेष उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। समापन स्थल पर कुशालगिरी महाराज और समाज के प्रबुद्धजनों ने महात्मा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मालियान पंचायत भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कुशालगिरी महाराज ने कहा कि महात्मा फुले सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और समाज से महात्मा फुले तथा माता सावित्रीबाई फुले के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। समारोह के पश्चात, महाराज ने सावित्रीबाई फुले ई-लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन समाज की एकजुटता, जागरूकता और महापुरुषों के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक बना।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 4:28 pm

ज्योतिबा फुले जयंती पर जरूरतमंदों को सहायक उपकरण वितरित:पानीपत में लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शिक्षा पर दिया जोर

पानीपत जिले में समालखा के देहरा गांव में शनिवार को सैनी सेवा ट्रस्ट ने महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सैनी सेवा ट्रस्ट की चेयरमैन माया देवी, एडवोकेट विशाल कौशिक, अनिल सैनी, मोहन लाल सैनी और अनीता सुनील सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान वहीं अपने संबोधन में एडवोकेट विशाल कौशिक ने कहा कि शिक्षा ही सेवा का माध्यम है और समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा का प्रसार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बच्चों को वितरित की गई कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री माया देवी ने ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता और जागरूकता की अलख जगाई, जो आज भी प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के दौरान सेवा कार्य भी किए गए, जिसमें लगभग 200 बच्चों को शिक्षा के लिए कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। जरूरतमंद लोगों को वितरित की गई उपयोगी सामान इसके साथ ही, जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर, सहारा देने वाले डंडे, कमर बेल्ट और अन्य उपयोगी सामान भी प्रदान किए गए, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके। बता दे कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 में पुणे में हुआ था। महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज सुधार को दी प्राथमिकता महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपने जीवन में शिक्षा और समाज सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए तथा अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर बालिका शिक्षा की शुरुआत की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सैनी सेवा ट्रस्ट ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने समाज में शिक्षा, समानता और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 3:05 pm

खैरथल में निकली बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकियां:भपंग वादकों की थाप और पारंपरिक नृत्य किया, वक्ता बोले- शिक्षा सबसे बड़ा हथियार

खैरथल में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर शनिवार को खैरथल शहर भक्ति, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के रंग में रंगा नजर आया। जिला सैनी महासभा खैरथल के देखरेख में खैरथल के शिवचरण गार्डन में आयोजित भव्य समारोह में हजारों लोगों की भागीदारी रही। जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी और एडवोकेट मुकेश सैनी ने बताया कि जयंती पर अंबेडकर सर्किल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। शोभायात्रा में भगवान गणेश,शिव-पार्वती,रामदरबार,बजरंगबली,राधा-कृष्ण के साथ सावित्रीबाई फुले और महात्मा फुले की प्रेरणादायक झांकियां शामिल रहीं। बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष रही बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भपंग वादकों की थाप और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया और राहगीरों के लिए मीठे पानी की छबील लगाई गई। शोभायात्रा के साथ बाइक और कार रैली ने आयोजन को और भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम में हरियाणवी और राजस्थानी लोक नृत्य,झांकी नृत्य तथा स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग सिंह सैनी मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी ने की। समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों,कलाकारों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। ‘समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई’ मुख्य अतिथि दिलबाग सिंह सैनी ने कहा,“महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक ज्ञान पहुंचाने का काम किया।हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा।” अध्यक्षता कर रहे तेजाराम सैनी ने कहा, “फुले जी का जीवन हमें सिखाता है कि संगठित समाज ही प्रगति कर सकता है।आज जरूरत है कि हम शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ें।” कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 1:40 pm

सावित्री बाइ पढ़ाने जाती तो उन पर गोबर फेंका गया:वहीं से महिला शिक्षा की शुरूआत हुई, ज्योतिराव फुले जयंती पर उनको याद किया

महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले को भी बराबर याद किया गया। पहली महिला टीचर के रूप में महिलाओं को पढ़ाने के प्रति उनके कठिन संघर्ष को कोई नहीं भूला सकता। शनिवार को ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सर्व समाज के लोगों ने माल्यार्पण किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने महिला शिक्षा की शुरूआत की। उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले पहली शिक्षक बनी। उस समय महिला शिक्षा की बात करना गुनाह था। सावित्री बाइ फुले पढ़ाने जाती तो उन पर कीचड़ व गोबर फेंक दिया जाता था। इसकी वजह से उनको बाद में घर भी छोड़ना पड़ा। उन्होंने सामाजिक न्याय की बात की। केवल जाति व धर्म के आधार पर पढ़ने लिखने या व्यापार करने का अधिकार दिया जाना सही नहीं है। इस आवाज को आगे बढ़ाया। पिछड़ों को आगे लाने की अलख जगाई। उनके संघर्ष की बदौलत हम आगे भी आए हैं। वे चाहते थे कि सामाजिक, आर्थिक न्याय सबको मिले। उनके संघर्ष के बाद काफी बदलाव आ चुका है। बाबा साहेब का संविधान भी लागू हुआ है। हम उनके बताए कामों को आगे बढ़ाने में लगे हैं। यही सच्ची मानव सेवा है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 1:28 pm

CBSE अब कक्षा 3 के बच्चों को सिखाएगा AI? जानें क्या है शिक्षा मंत्रालय का नया पाठ्यक्रम

शिक्षा मंत्रालय और CBSE मिलकर एक समावेशी और आधुनिक पाठ्यक्रम विकसित कर रहे हैं, जिसमें शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधन और नैतिक AI शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल भारतीय शिक्षा प्रणाली को भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में ऐतिहासिक मानी जा रही है।

प्रातःकाल 11 Apr 2026 1:18 pm

नवाबगंज में स्कूल चलो अभियान रैली:उन्नाव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजन

उन्नाव के नवाबगंज विकासखंड में बेसिक शिक्षा विभाग ने 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। क्षेत्रीय विधायक बृजेश रावत और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व प्रवक्ता, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और पत्रकार भी मौजूद थे। रैली से पहले, ब्लॉक के कुंवर महेश सिंह सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जहाँ विद्यार्थियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रस्तुतियाँ दीं। इसके बाद, खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर से जागरूकता रैली शुरू हुई। छात्र-छात्राएं हाथों में प्रेरक स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लेकर निकले, और उन्होंने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, नवाबगंज विकासखंड के 'निपुण विद्यालय' घोषित किए गए स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विधायक बृजेश रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य माधुरी और श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनूप ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। विधायक बृजेश रावत ने अपने संबोधन में अभिभावकों से परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सुधारों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विद्यालयों के भौतिक और शैक्षणिक वातावरण में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। रैली के दौरान, लोगों को सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं जैसे प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता, पौष्टिक मध्याह्न भोजन, आधुनिक कक्षाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर और खेल सामग्री के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मीडिया प्रभारी मदन पांडे ने किया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 12:54 pm

MNIT जयपुर में इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव: शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग पर चर्चा

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और प्रो. एन.पी. पाढ़ी ने अनुसंधान, नवाचार और विकसित भारत के संकल्प के साथ कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया।

प्रातःकाल 11 Apr 2026 11:57 am

जिपं उपाध्यक्ष बोले- पोषण, शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

भास्कर न्यूज | बालोद बालोद ब्लॉक के ग्राम अंगारी में बुधवार को नव निर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण समारोह हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने फीता काटकर भवन का लोकार्पण किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया ने की। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्य सतीश भेंडिया, सरपंच ममता अश्वनी डड़सेना, भाजपा मंडल अध्यक्ष करहीभदर धर्मेंद्र साहू, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष विजय सोनखुटिया एवं उपसरपंच दुलेश्वरी कोडप्पा उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण ग्रामीण स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और मातृ-स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी: वहीं सरपंच ममता अश्वनी डड़सेना ने कहा कि नए भवन के प्रारंभ होने से गांव के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को एक ही स्थान पर बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। समारोह के समापन पर सरपंच पति अश्विनी डड़सेना ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में पंच जागेश्वर पटेल, गंगाधर साहू, दिनेश्वरी सिन्हा, मीना बाई, नोमिता पटेल, धनेश्वरी निषाद, बसंती निषाद, हेमीन बाई निषाद, उपसरपंच दुलेश्वरी कोडप्पा, सचिव यज्ञभूषण भारद्वाज, रोजगार सहायक सोहनलाल सिन्हा, गजाधर सिन्हा, संतोष सिन्हा, दुर्योधन साहू, मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:30 am

कौआकोल में प्रधान शिक्षकों की बैठक:शिक्षा गुणवत्ता, शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर

नवादा जिले के कौआकोल बीआरसी भवन में शुक्रवार को प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता बीसीओ सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अजित कुमार ने की। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और शत-प्रतिशत नामांकन अभियान पर विशेष जोर दिया गया। बीईओ अजित कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने सभी प्रधान शिक्षकों को 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कोई बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर सर्वेक्षण कर छूटे हुए बच्चों की पहचान कर तत्काल उनका नामांकन कराने का निर्देश दिया गया। बीईओ ने नामांकन अभियान को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी बताया। प्रधान शिक्षकों को अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में अभिभावकों से संपर्क स्थापित करने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। विशेष रूप से उन छात्रों को पुनः विद्यालय से जोड़ने पर जोर दिया गया, जिन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है या जिनकी उपस्थिति अनियमित रहती है। बैठक में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा की गई। बीईओ ने शिक्षकों को प्रतिदिन समय पर अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड के सभी प्रधान शिक्षक और शिक्षा विभाग के संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 7:53 pm

प्रारंभिक शिक्षा में खेल अधिकारियों के पद सृजन हेतु बारां में सौंपा ज्ञापन

राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खेल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की मांग की।

प्रातःकाल 10 Apr 2026 4:18 pm

नोहर: शिक्षा निदेशालय बीकानेर की टीम ने असरजाना स्कूल में परखी प्रवेशोत्सव की प्रगति

सहायक निदेशक धर्मेंद्र दनेवा के नेतृत्व में अधिकारियों ने हाउस होल्ड सर्वे और नामांकन रिकॉर्ड की समीक्षा कर डिजिटल नवाचारों पर संतोष जताया।

प्रातःकाल 10 Apr 2026 3:05 pm

धार भोजशाला में 24 घंटे पूजा के अधिकार की मांग:सर्वे में बताया यहां संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी; हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के तर्क पूरे, आज फिर सुनवाई

धार स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखा और एएसआई सर्वे के आधार पर भोजशाला को सरस्वती मंदिर बताया। जैन ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1902 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए सर्वे में यह सिद्ध हो चुका है कि भोजशाला एक मंदिर है, जहां संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में भी यह स्थान भोजशाला के रूप में दर्ज है। करीब एक घंटे तक जैन ने एएसआई रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को यहां 24 घंटे पूजा करने का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष 2003 के आदेश में संशोधन जरूरी है। इसके साथ ही हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से तर्क पूरे हो गए। सर्वे में मिले धार्मिक चिन्हों का हवाला जैन ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में कोर्ट के आदेश पर 98 दिन तक चला सर्वे भी इस बात की पुष्टि करता है। सर्वे में दीवारों और खंभों पर भगवान गणेश, ब्रह्मा, नरसिंह सहित पशु आकृतियों के चित्र मिले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मस्जिदों में इस प्रकार के चिन्ह नहीं बनाए जाते। साथ ही त्रिशूल मिलने का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन डेटिंग से यह साबित होता है कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से पहले का है और मंदिर के पत्थरों का उपयोग बाद में मस्जिद निर्माण में किया गया। मेहराब बाद में बनाए जाने का दावा जैन के मुताबिक सर्वे में यह भी सामने आया कि मस्जिद में उपयोग किए गए खंभे मूल रूप से भोजशाला के ही हिस्से थे, जबकि दीवारों पर बने मेहराब बाद में जोड़े गए। आज फिर होगी सुनवाई गुरुवार को सुनवाई के दौरान दूसरे याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से वकील ने बताया कि वे हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के तर्कों का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ अतिरिक्त बिंदु भी रखना चाहते हैं। दस्तावेज स्कैन नहीं होने के कारण वे शुक्रवार को विस्तृत तर्क पेश करेंगे। कोर्ट अब इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 7:03 am

भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और शिक्षा नीति पर सीआईएसटी में बैठक

विदिशा| सीआईएसटी कॉलेज परिसर स्थित महावीर अध्ययन केंद्र में बैठक हुई। भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता, शिक्षा नीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता विनय दीक्षित रहे। धीरेन्द्र चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अध्यक्षता विभाग प्रमुख जनार्दन सिंह चौहान ने की। शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद संस्था प्रमुख, सेवा भारती के जिला प्रमुख आनंद शरण ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में महावीर अध्ययन मंडल प्रमुख राहुल विश्वकर्मा मौजूद रहे। छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। अध्ययन मंडल के सदस्यों ने पिछले चार माह की गतिविधियों की समीक्षा रखी। चर्चा में भारतीय संस्कृति के स्वरूप जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को भारत की संस्कृति, मूल्यों को समझना चाहिए। समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

आत्मानंद स्कूलों में अब लगेगी सालाना 1500 रुपए फीस:स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में सेजेस स्कूलों के प्राचार्यों को नए प्रस्ताव की दी गई जानकारी

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल (सेजेस) में अब पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने इन स्कूलों में शासकीय स्कूलों की तर्ज पर फीस लेने की तैयारी कर ली है। इसके तहत 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना करीब 1500 रुपए तक फीस देनी होगी। इसमें लगभग 450 रुपए स्कूल फीस और शेष राशि शाला विकास समिति के मद में ली जाएगी। राज्य में वर्ष 2020 से शुरू हुए आत्मानंद स्कूलों की संख्या बढ़कर अब 751 हो गई है। गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेशभर के प्राचार्यों की बैठक लेकर स्कूलों की समीक्षा की। इस दौरान शासन की ओर से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल के प्राचार्यों को छात्रों से फीस लेने संबंधी व्यवस्था की जानकारी दी गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों की जो सकारात्मक छवि बनी है, उसे बनाए रखना जरूरी है। इन बिंदुओं पर हुई समीक्षाबोर्ड रिजल्ट, प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षा के लिए लक्ष्य निर्धारण, एडमिशन, अंग्रेजी भाषा में विद्या​र्थियों की दक्षता पर विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, पीटीए आयोजन की सफलता की समीक्षा, पालक अधिकारी द्वारा किए गए प्रयास की समीक्षा, विद्यालय के वातावरण को आकर्षक बनाने में विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, स्मार्ट क्लास रूम व पुस्तकालय का उपयोग। अनुदान फिर से 5 लाख रुपएसरकार ने स्कूलों को मिलने वाले अनुदान को फिर से 5 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। पहले यह राशि घटाकर 2 लाख कर दी गई थी। प्राचार्यों ने बताया कि मौजूदा अनुदान से साफ-सफाई, स्टेशनरी, परीक्षा और रखरखाव जैसे जरूरी खर्च भी पूरे नहीं हो पाते हैं। माह में एक दिन इंग्लिश स्पीकिंग डेस्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्रों पर विशेष फोकस करें। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखा जाए। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर इंग्लिश स्पीकिंग डे मनाया जाएगा। एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा का द्वार : आज फिर घर-घर पहुंचेंगे शिक्षक, अब तक 10,841 बच्चों ने थामी सरकारी स्कूल की राह

उदयपुर| सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग का सघन प्रवेशोत्सव अभियान शुक्रवार को तीसरी बार आयोजित होने जा रहा है। इससे पहले 27 मार्च और 6 अप्रैल को भी यह अभियान चलाया जा चुका है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 10 अप्रैल को शिक्षक 'हाउस होल्ड सर्वे' के लिए घर-घर पहुंचेंगे और ड्रॉपआउट या शिक्षा से वंचित बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। अभियान के इस सघन चरण से ठीक पहले, प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अब तक के आंकड़े उत्साहजनक हैं। दोनों विभागों की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक कुल 10,841 बच्चों का सरकारी स्कूलों में नामांकन हो चुका है। इस चरण में शिक्षकों की टीमें विशेष रूप से उन घरों को लक्षित करेंगी, जहाँ बच्चे किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सर्वे के जरिए बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार उचित कक्षा में सीधे प्रवेश दिलाया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस तीसरे चरण के बाद नामांकन के आंकड़ों में बड़ा उछाल आएगा। जिला िशक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती ने बताया कि सभी शिक्षक पूरी मेहनत से नियमानुसार प्रवेशोत्सव का कार्य कर रहे हैं तो जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक चन्द्रशेखर जोशी का कहना है कि नव प्रवेश इतनी अच्छी संख्या में होना अच्छा संकेत है। अगले चरणों में भी इसका लाभ मिलेगा। नामांकन का गणित: अब तक कुल 10,841 प्रवेश कक्षा 1: 3,820 विद्यार्थी, कक्षा 2: 208 विद्यार्थी, कक्षा 3: 127 विद्यार्थी, कक्षा 4: 116 विद्यार्थी, कक्षा 5: 162 विद्यार्थी, कक्षा 6: 1,266 विद्यार्थी, कक्षा 7: 162 विद्यार्थी, कक्षा 8: 149 विद्यार्थी {प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8): जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) की 9 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 6,012 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इनमें 3,100 छात्र और 2,912 छात्राएं शामिल हैं। {माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 1 से 12): माध्यमिक शिक्षा के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अब तक कुल 4,829 बच्चों का दाखिला हुआ है। खेरवाड़ा ब्लॉक में सर्वाधिक 1,215 प्रवेश हुआ, भींडर ब्लॉक में 706 प्रवेश और वल्लभनगर ब्लॉक में 700 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत

जयपुर | शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले हो सकते हैं। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने इसके संकेत दिए हैं। हालांकि दिलावर ने यह नहीं बताया कि तबादले कब होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि अप्रैल में नया सत्र प्रारंभ हुआ है। अभी तबादले करने पर नामांकन की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। ऐसे में नामांकन की प्रक्रिया बाधित नहीं हो। इसलिए मई-जून में ही तबादले होने की संभावना है। तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादलों के लिए इंतजार करना होगा। इन शिक्षकों के तबादले अंतिम बार अगस्त 2018 में हुए थे। इसके बाद से 8 साल से शिक्षक तबादले खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग में पिछले दिनों करीब 5 हजार प्रिंसिपल और 7 हजार स्कूल व्याख्याताओं के तबादले हुए थे।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों पर निर्णय लें:हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को दो माह का समय दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनूप कुमार सिंह व अन्य की याचिका सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से दलील दी गई कि सरकार के 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 के शासनादेशों के तहत पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र दिया गया है और याचियों का दावा संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा फैसला लें सरकारी वकील ने याचियों की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने तथ्यों और पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याचियों के दावे पर नियमानुसार विचार कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2005 तक चयनित ऐसे शिक्षा मित्र जो बाद की सीधी भर्तियों में अध्यापक बन गए हैं, उन्होंने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरा है जिस पर शासन को निर्णय लेना है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 12:55 am

बुरहानपुर पॉलिटेक्निक में 2.23 करोड़ से बनेगा आधुनिक वर्कशॉप भवन:बढ़ेगी तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता, छात्रों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे

बुरहानपुर जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जीजा माता शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बुरहानपुर में कार्यशाला भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपए की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति न केवल संस्थान की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक, उन्नत और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। विधायक अर्चना चिटनिस के सतत प्रयासों से यह राशि स्वीकृत हुई है। उन्होंने इस विषय को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ उठाया और महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगाविधायक ने बताया कि प्रस्तावित कार्यशाला भवन में आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए उन्नत संसाधन स्थापित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:20 pm

यूपी में शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी:एक अप्रैल से लागू; एक लाख 67 हजार कर्मियों को फायदा

योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश गुरुवार शाम जारी कर दिया है। शिक्षा मित्रों की सैलरी 10 हजार और अनुदेशकों की सैलरी 9 हजार रुपए बढ़ाई गई है। अब शिक्षा मित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षा मित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षा मित्र और 24,717 हजार अनुदेशक हैं। इस तरह एक लाख 67 हजार कर्मचारियों को फायदा मिला है। 9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ी है। बीते दिनों CM योगी ने कहा था, अब शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी होगा। शिक्षा मित्र और उनके परिवार को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। बीते मंगलवार को CM योगी ने कैबिनेट मीटिंग में सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया था। गुरुवार को शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को आदेश की कॉपी भेज दी है। सरकार का ऑर्डर पढ़िए… शिक्षा मित्रों के नाम अखिलेश ने लिखा लेटर कहा- हमारे समय में 40 हजार मिलता था यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाए जाने पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि हमारे समय में 40 हजार मिलता था, लेकिन 9 साल की प्रताड़ना और शिक्षा मित्रों की एकजुटता के बाद और चुनाव में हार के डर से एक हजार रुपए का एहसान किया है। उन्होंने अपील की कि आने वाले चुनाव में हर विधानसभा से शिक्षा मित्र परिवार 22000 वोट कटवाएं। अखिलेश ने शिक्षा मित्रों के नाम एक लेटर भी लिखा है। हूबहू पढ़िए... प्रिय शिक्षा मित्रों, हमारे समय में आपको 40,000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षा मित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18,000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे। भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षा मित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षा मित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के खिलाफ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे, क्योंकि सबसे ज्यादा ज्यादती शिक्षा मित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षा मित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं। हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षा मित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षा मित्र’ पढ़ा-समझा जाए। जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहां मुंह छिपाएगी? पीडीए सरकार आने पर शिक्षा मित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षा मित्र कोई उम्मीद न करें। शिक्षा मित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा! छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश! आपका अखिलेश अब 3 पॉइंट में जानिए शिक्षा मित्रों का अब तक का सफर… 2017 में दोगुना हुआ था अनुदेशकों का मानदेय, नहीं हुआ लागूअनुदेशकों का मानदेय वर्ष 2017 में करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस निर्णय को लागू नहीं किया गया। इसके विरोध में अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायर की थी। लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने अनुदेशकों को 17,000 रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए 17,000 रुपए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें यूपी सरकार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के खिलाफ थी। साथ ही यह आदेश दिया है कि अनुदेशकों की नौकरी खत्म न की जाए। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने साफ कहा कि संविदा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। 10 साल से लगातार काम करने की वजह से यह पद ऑटोमैटिक तरीके से सृजित है। अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय 2017 से लागू किया जाए। शिक्षा मित्रों का 25 जुलाई 2017 को हुआ था समायोजन रद्दयूपी में 2001 से शिक्षा मित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। सपा की सरकार ने 2013-14 में शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। जिनका समायोजन नहीं हुआ। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को इन शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द करने का आदेश दिया। सपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। सहायक अध्यापक से फिर शिक्षा मित्र बना दिए गएसुप्रीम कोर्ट के आदेश से एक साथ 1.78 लाख सहायक अध्यापक फिर शिक्षा मित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपए वेतन पाने वाले फिर 3500 रुपए महीने के मानदेय पर आ गए। इसके खिलाफ प्रदेश भर से आए शिक्षा मित्रों ने लखनऊ में गोमती के तट पर बड़ा आंदोलन किया। आंदोलन के बाद सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए महीने करने की घोषणा की। शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता देने के लिए 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा भी की। शिक्षा मित्रों को आयु सीमा के साथ 25 बोनस अंक भी दिए गए। उसके बाद 2019 में फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा की। इसमें भी शिक्षा मित्रों को आयु सीमा में छूट के साथ बोनस अंक दिए गए। दोनों भर्ती में करीब 13 हजार से अधिक शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने। --------------------- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे को मार डाला:पति के पास जाने की जिद कर रही थी; झांसी में गोली मारकर पुलिस ने पकड़ा झांसी में गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे की हत्या के आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। 40 साल के आरोपी चतुर्भुज पटेल उर्फ दीपक ने 2 अप्रैल की रात लिव-इन में रहने वाली नीलू देवी (30) और उसके बेटे कृष्णा को कुल्हाड़ी से काट डाला था। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:27 pm

शाजापुर में 58 करोड़ के स्कूल भवन का उद्घाटन:शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षक पात्रता पर विधि विभाग से ले रहे सलाह

शाजापुर में सरदार वल्लभभाई पटेल सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। 58 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस भवन का उद्घाटन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने बैंड और पुष्पवर्षा कर मंत्री का स्वागत किया। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति के महत्व पर भी बात की। कार्यक्रम में महेंद्र सिंह सोलंकी और अरुण भीमावद सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यालय के विकास के लिए पानी की टंकी, हॉल के आधुनिकीकरण और प्रतिमा स्थापना जैसे कई कार्यों की घोषणाएं की गईं। शाजापुर दौरे पर आए मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसे आधुनिक भवन उपलब्ध कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार कर रही है। सरकार ले रही विधि विभाग से सलाह शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा करवाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में विधि विभाग से सलाह ले रही है, ताकि शिक्षकों के हित में कोई समाधान निकाला जा सके। मंत्री ने तर्क दिया कि जो शिक्षक वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं और तत्कालीन भर्ती मापदंडों को पूरा कर नियुक्त हुए थे, उनके लिए इतने वर्षों बाद पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना अनुचित है। सांदीपनि विद्यालय के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री उदय प्रताप सिंह दोपहर 3 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां स्कूल और परिवहन विभाग की जिला स्तरीय बैठक में भाग लिया।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:18 pm

शिवहर में 'शिक्षा चौपाल' अभियान शुरू:गांव-गांव जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने की कोशिश

शिवहर जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 'शिक्षाग्रह अभियान' के तहत 'मंत्रा4 चेंज' कार्यक्रम के अंतर्गत सृष्टि महिला समस्या, शिवहर द्वारा जिले के सभी पांचों प्रखंडों के 207 गांवों के वंचित टोलों में 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक 'शिक्षा चौपाल' का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से टीम गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों, किशोर-किशोरियों और समुदाय के लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रही है। चौपालों में बच्चों के स्कूल में नामांकन, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सामाजिक कुरीतियों जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जा रही कार्यक्रम के दौरान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और अन्य सामाजिक कुरीतियों जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जा रही है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर परिवार शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 3:17 pm

कोडरमा में सरकारी CBSE स्कूल बना मॉडल:अब 1-12वीं तक होगी पढ़ाई, नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से अभिभावकों को राहत

कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित सीडी गर्ल्स मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अब पूरी तरह से सीबीएसई आधारित विद्यालय बन गया है। यह जिले का पहला सरकारी स्कूल है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राओं को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जा रही है। इस पहल से उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। पहले इस विद्यालय में केवल कक्षा 9वीं से 12वीं तक सीबीएसई के तहत पढ़ाई होती थी, लेकिन अब शिक्षा विभाग के निर्णय के बाद इसे प्राथमिक स्तर तक विस्तारित कर दिया गया है। इससे छात्राओं को शुरुआती कक्षाओं से ही बेहतर और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल, अंग्रेजी माध्यम पर जोर राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत इस विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब, बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब जैसी उन्नत शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही इंडोर स्पोर्ट्स रूम और तीन आईसीटी रूम भी बनाए गए हैं। अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। विद्यालय के प्राचार्य शशि कुमार ने बताया कि सीबीएसई मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल छोटे बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकें। नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से राहत इस सरकारी स्कूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क है और एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। वर्तमान में निजी सीबीएसई स्कूलों की बढ़ती फीस और महंगी किताबों के कारण अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह स्कूल एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है। विद्यालय में कुल 42 शिक्षक कार्यरत हैं, जो विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित हैं। नामांकन के लिए भी पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 1 से 7 तक प्रत्येक वर्ग में 40-40 सीटें निर्धारित हैं, जबकि 11वीं में आर्ट्स में 120, साइंस और कॉमर्स में 60-60 सीटें हैं। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 10:49 am

पंजाब के स्कूलों में ऑनलाइन ट्रैकर सिस्टम शुरू:बच्चों की गैरहाजिरी पर पेरेंट्स को आएगा मैसेज, शिक्षा मंत्री ने समर्थ प्रोजेक्ट किया लॉन्च

पंजाब सरकार की तरफ से आज से राज्य के 18,000 सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर सिस्टम लागू किया गया है। जिससे अब बच्चों के स्कूल से गैरहाजिर रहने पर उनके पेरेंट्स के पास मैसेज जाएगा। अगर बच्चा तीन दिन से ज्यादा गैरहाजिर रहता है, तो स्कूल की तरफ से पेरेंट्स को कॉल की जाएगी। यदि यह सिलसिला बढ़ता है तो 15 दिन के बाद जिला व फिर मुख्यालय के अधिकारी बात करेंगे। यह दावा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया। उन्होंने बताया कि आज यह सिस्टम लॉन्च कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों की सिक्योरिटी भी मजबूत होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सारे स्टूडेंट्स कवर होंगे। सरकारी स्कूलों में 30 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। वहीं, समर्थ प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबें मुहैया करवाईं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 2022 में जब वह मंत्री बने थे तो उन्हें पता चला था कि सितंबर-अक्टूबर तक किताबें स्कूलों में नहीं पहुंचती थीं और फोटोस्टेट से बच्चों को पढ़ाया जाता था। लेकिन आप सरकार के आते ही सिस्टम में सुधार किया गया। इसके लिए स्ट्रेटजी बनाकर काम किया गया है। इस बार फरवरी में किताबें स्कूलों तक पहुंचाई गईं। इसके बाद अब प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबों के बंडल बनाकर एक अप्रैल को बच्चों को सौंपा गया है, जिससे अब पढ़ाई शुरू हो गई है। शिक्षा क्षेत्र में नंबर एक पर शिक्षा विभाग का दावा है कि PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक स्थान पर रहा है। पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ के अगले चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, चार वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और स्कूलों में कई नई पहल शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने यह काम भी किया पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर 19,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत 118 आधुनिक स्कूल स्थापित किए हैं। इसके अलावा, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड तथा IIM अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की है। NAS 2024 की रैंकिंग में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:56 am

'दरभंगा को शिक्षा का हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध':जिले में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी; सांसद बोले- छात्रों के लिए वरदान साबित होगा

केंद्र सरकार से दरभंगा में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी मिल गई है। इस पर स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने खुशी जताई है। इसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। सांसद ने कहा कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी, जिसमें दरभंगा का केंद्रीय विद्यालय-3 (एम्स) भी शामिल है। अब इस विद्यालय को शुरू करने की स्वीकृति मिलना केंद्र की मोदी सरकार की दूरदर्शी पहल का प्रमाण है। प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई हनुमाननगर प्रखंड स्थित +2 उच्च विद्यालय, कोलहंटा पटोरी में संचालित की जाएगी। साथ ही सभी आवश्यक औपचारिकताओं को एक माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार दरभंगा को शैक्षणिक गरिमा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों के लिए वरदान साबित होगा गोपालजी ठाकुर ने आगे कहा कि एम्स के पास गोढ़इला मौजा के पटोरी में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण में तेजी लाने और शिक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने को लेकर लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री से संपर्क में रहे हैं। उनके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। जब तक विद्यालय का स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाई शुरू करने का केंद्र सरकार का निर्णय क्षेत्र के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा। मिथिला क्षेत्र में शिक्षा, ज्ञान परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:34 am

नूंह DEEO को हरियाणा शिक्षा निदेशालय की फटकार:प्रमोशन केस भेजने में देरी, कल तक नहीं भेजने पर होगी कार्रवाई

हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने मेवात (नूंह) जिले में टीजीटी/सीएंडवी से पीजीटी पदों पर पदोन्नति मामलों में देरी को गंभीरता से लिया है। विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नूंह को कड़े निर्देश जारी करते हुए 10 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के पत्र अनुसार, विभाग ने पहले भी 30 दिसंबर 2025 और 11 मार्च 2026 को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 24 मार्च 2026 तक मांगी गई जानकारी विभाग को प्राप्त नहीं हुई, जिससे आदेशों की अनदेखी सामने आई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित पदोन्नति केस नहीं भेजे गए, तो इसे जान-बूझकर देरी मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए निर्देशों में क्या कहा गया…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 7:51 am

वार्षिक बैठक में शिक्षा, रोजगार व सामाजिक चेतना पर जोर दिया गया

भास्कर न्यूज | पाण्डुका अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा/हल्बी समाज गड़ बिंद्रा नवागढ़ परिक्षेत्र की वार्षिक बैठक पोंड पाण्डुका में आयोजित की गई। बैठक में जिले के लगभग 25 गांवों के सभी सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति/पितृशक्ति, कर्मचारी प्रकोष्ठ, युवा और युवती प्रभाग की उपस्थिति रही। बैठक की शुरुआत आराध्य देवी माई दंतेश्वरी, महात्मा सावित्री ज्योतिबा फूले, भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर, शहीद गैंदसिंह नायक और सुखदेव (पातर) हल्बा के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण पूजा अर्चना से हुई। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पीला चावल का टीका और गुलाल लगाकर किया गया। नन्हीं बच्चियों ने आदिवासी संस्कृति से जुड़ी गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभा को मनमोहक बनाया और उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बैठक का उद्देश्य सालभर का आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना, समाज को संगठित करना, स्वतंत्रता, समानता, मानवता, एकता और भाईचारे की भावना जागृत करना था। साथ ही समाज में शिक्षा, रोजगार के अवसर प्रदान करना, मोबाइल फोन का सदुपयोग, नशा निवारण और सामाजिक प्रकरणों पर चर्चा की गई। मातृशक्ति ने आगामी जाति जनगणना पर ध्यान देने और शिक्षा, रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने समाज में दुर्व्यसन की ओर बढ़ते कदम पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रत्येक गांव में कार्यशाला आयोजित कर इसके दुष्परिणाम रोकने और आदिवासी रीति-नीति, संस्कृति एवं परंपराओं को संजोकर रखने पर जोर दिया। बैठक में गढ़ अध्यक्ष जैतराम नाग ने समाज को संगठित करने पर अपने विचार रखे। गढ़ सचिव पोखराज चिंडा द्वारा सामाजिक विकास उत्थान पर चर्चा की गई। सलाहकार बोधन कांशी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सिहावा संभाग उपाध्यक्ष लीलाम्बर सोम ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अपनी चिंता जाहिर किये। कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रोहित बोर्झा ने महिलाओ को रोजगार सृजन कर शसक्त समाज निर्माण पर अपनी बाते रखी। बैठक में सभी ने समाज को संगठित करने, सामाजिक विकास को बढ़ावा देने और परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 5:30 am

आगरा कैंट-असारवा सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी:हफ्ते 5 दिन चलेगी, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आगरा रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए आगरा कैंट-असारवा सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया है। इस ट्रेन को केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने हरी झंडी दिखाकर असारवा की ओर रवाना किया। इस ट्रेन के नियमित संचालन से आगरा और अहमदाबाद के बीच सीधी कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को बिना बदलकर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। ट्रेन का शुभारंभ करते हुए बघेल ने कहा-प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का धन्यवाद देना चाहुंगा, आगरा के जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर आगरा से असारवा अहमदाबाद से आगरा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। आगरा से अब ये ट्रेन हफ्ते में 5 दिन चलेगी। शाम 6:45 बजे हरी झंडी दिखाई गई है, ये सुबह अहमदाबाद पहुंचेगी। आगरा के पर्यटन को अहमदाबाद की औद्योगिक से जोड़ेगी। हमारे इलाके के बच्चे और लोग बड़ी संख्या में लोग अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे लोगों को यात्रा करने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यहां के जो कपड़ा व्यापारी हैं वे अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस व अन्य छोटे जिले जो भी हैं उन व्यापारियों को गुजरात जाने के लिए काफी लाभ मिलेगा। मंगलवार और बुधवार को छोड़ कर ये ट्रेन चलेगी। एजुकेशन का हब अहमदाबाद बहुत बड़ा है तो आगरा के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। इस ट्रेन के शुभारंभ से आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अहमदाबाद और सुरत जाने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेन का समय गाड़ी सं.- 20178 आगरा कैंट - असारवा: आगरा कैंट से 18:45 बजे प्रस्थान करेगी, असारवा पर 11:00 आगमनगाड़ी सं.- 20177 असारवा- आगरा कैंट: असारवा से 15:00 प्रस्थान, आगरा कैंट स्टेशन पर 07:15 आगमन

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 12:31 am

कानपुर देहात में सड़क हादसे में शिक्षक की मौत:प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक थे, शिक्षा विभाग में शोक की लहर

कानपुर देहात में एक सड़क हादसे में सरकारी शिक्षक अरुण कुमार की मृत्यु हो गई। वे प्राथमिक विद्यालय मल्लाहन पुरवा में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। इस घटना से शिक्षा विभाग में शोक का माहौल है। अब जानिए पूरी घटना… जानकारी के अनुसार, शिक्षक अरुण कुमार(54) कानपुर नगर के इस्माइलपुर रेवना के निवासी थे। वे प्रतिदिन बाइक से डेरापुर तहसील के मल्लाहन पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय आते-जाते थे। बुधवार सुबह वे पढ़ाने के लिए घर से निकले थे और शिक्षण कार्य समाप्त कर वापस लौट रहे थे। बरौर थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर में गंभीर चोट लगने से हुई मौत राहगीरों की सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल अरुण कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवीपुर ले जाया गया। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अरुण कुमार ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे श्रृजन सिंह ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बरौर थाना अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 9:17 pm

सोनभद्र में शिक्षामित्र के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:आदिवासी महिला को भगाने और अपने पास रखने का आरोप

सोनभद्र में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश एक आदिवासी महिला को कथित तौर पर भगाकर अपने पास रखने के मामले में दिया गया है। अदालत ने प्रभारी निरीक्षक मांची को एफआईआर दर्ज करने और सीओ से मामले की विवेचना कराने का निर्देश दिया है।साथ ही, न्यायालय को परिणाम से अवगत कराने को भी कहा है। यह आदेश मांची थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आदिवासी व्यक्ति द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से दाखिल 173 (4) बीएनएसएस प्रार्थना पत्र पर दिया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी 4 नवंबर 2025 को अचानक गायब हो गई थी। कई जगह तलाश करने के बाद भी जब पत्नी का पता नहीं चला, तो 20 नवंबर 2025 को मांची थाना क्षेत्र के पल्हारी गांव निवासी शिक्षामित्र संतोष यादव की पत्नी और गांव के लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी को शिक्षामित्र संतोष यादव भगाकर ले गया है। संतोष यादव पनौरा में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत है। इस जानकारी के बाद, पीड़ित 21 नवंबर 2025 को पनौरा विद्यालय में शिक्षामित्र संतोष यादव से मिला। जब उसने अपनी पत्नी के बारे में पूछताछ की,तो संतोष यादव ने उसका हाथ पकड़कर उसे विद्यालय के बाहर खींच लिया। आरोप है कि संतोष यादव ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे पटक दिया,जिससे उसे चोटें आईं। पीड़ित के अनुसार, संतोष यादव ने उसे जान से मारने और उसकी पत्नी को राजस्थान में बेचने की धमकी भी दी। राहगीरों ने इस घटना को देखा और बीच-बचाव किया। पीड़ित ने उसी दिन पनौरा चौकी पर सूचना दी,लेकिन उसे मांची थाने जाने को कहा गया। मांची थाने के दीवान ने कोर्ट से आदेश लाने पर ही कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद, 24 नवंबर 2025 को पीड़ित ने एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से घटना की सूचना भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।अदालत ने अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस द्वारा विवेचना कराया जाना आवश्यक समझा और प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही प्रभारी निरीक्षक मांची को पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सीओ से विवेचना कराने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 8:49 pm

चाइल्ड–केयर संस्थाओं में रह रहे बच्चें भी स्कूल जाएंगे:हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग का फैसला, हर जिले में बनेगी विशेष समिति

उत्तर प्रदेश सरकार ने चाइल्ड केयर (सीसीआई) संस्थाओं में रह रहे बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने का निर्णय लिया है। उम्र के अनुसार इन बच्चों को उचित कक्षा में दाखिला दिलाना अनिवार्य कर दिया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की जुवेनाइल जस्टिस कमिटी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। सीडीओ की अध्यक्षता में हर जिले में बनेगी समिति अपर मुख्य सचिव पाथ सारथी सेन शर्मा ने 8 अप्रैल को सभी डीएम को जारी पत्र में कहा है कि सीसीआई में रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें नियमित स्कूलों में भर्ती किया जाए। इसके लिए हर जिले में जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) करेंगे। समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला परीक्षा अधिकारी शामिल होंगे। 8वीं तक बीएसए तो 9वीं से ऊपर के लिए डीआईओएस जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव ने कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और कक्षा 9वीं से ऊपर के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक जिम्मेदार होंगे। हर नए बच्चे के आने पर तुरंत स्कूल एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे बच्चों की पढ़ाई में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए व्यापक एजुकेशनल मैपिंग कराई जाएगी। बच्चे की उम्र के अनुसार उन्हें कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में आया विभाग मामला उच्च न्यायालय की जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के 13 फरवरी 2026 के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने साफ कहा था कि चाइल्ड केयर संस्थाओं में रह रहे बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें। सरकार ने कोर्ट के आदेश को गंभीरता से लेते हुए यह पत्र जारी किया है। अपर मुख्य सचिव पाथ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों को स्कूल भेजने में कोई लापरवाही न बरती जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से भी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाते थे ऐसे बच्चे चाइल्ड केयर संस्थाओं में अनाथ, असहाय, परित्यक्त और जरूरतमंद बच्चे रहते हैं। पहले इन बच्चों की पढ़ाई संस्था के अंदर ही कराई जाती थी। अब सरकार का प्रयास है कि ये बच्चे सामान्य स्कूली बच्चों की तरह नियमित स्कूल जाएं, दोस्त बनाएं और मुख्यधारा में शामिल हों।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 8:25 pm

यमुनानगर में 2 सांसदों ने ली अधिकारियों की बैठक:बाढ़ रोकथाम-सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, शिक्षा व्यवस्था में मिली खामियां

यमुनानगर में आज जिला सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल और अंबाला के सांसद वरुण चौधरी ने की। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि जिले को विकसित बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मॉनसून को देखते हुए बाढ़ की संभावित स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। हर साल स्टोन पिचिंग जैसे अस्थायी उपायों के बावजूद बाढ़ की समस्या बने रहने पर सवाल उठाए गए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नदियों और नालों की डी-सिल्टिंग प्रभावी और स्थायी तरीके से कराई जाए, ताकि भविष्य में इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, शिक्षकों की भारी कमी शिक्षा विभाग की समीक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आईं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत ऑनलाइन डेटा सबमिट करने में अधिकारी आवश्यक आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाए। 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों के सर्वे की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पर्याप्त बजट दे रही है, लेकिन उसका सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। रादौर क्षेत्र की लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन न होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अक्टूबर 2025 के सर्वे के अनुसार कक्षा पहली के छात्रों का शैक्षणिक स्तर केवल 31 प्रतिशत पाया गया। जिले में 38 स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जबकि 90 स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रशिक्षण लेने बाद नौकरी जॉइन न करने वाले का भत्ता बंद बैठक में बेरोजगारी भत्ता लेने वाले युवाओं के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि जो युवा प्रशिक्षण लेने के बाद भी नौकरी जॉइन नहीं कर रहे हैं, उनका भत्ता बंद किया जाए। साथ ही सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत उद्योगों से सहयोग लेने का सुझाव दिया गया। उद्योगों को स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा आईटीआई संस्थानों में प्लाईवुड इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया गया, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया और किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की सलाह दी गई। सफाई व्यवस्था और अवैध खनन पर सख्ती बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया। सांसदों ने कहा कि यमुनानगर आने वाले लोगों को स्वच्छ शहर का अनुभव होना चाहिए। कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा अवैध खनन पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने को कहा। बैठक में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, उपायुक्त प्रीति, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद, एडीसी नवीन आहूजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:56 pm

टीएससीटी की प्रेरणा से स्कूल को मिला इन्वर्टर:बीएसए मनीष कुमार सिंह ने किया उद्घाटन, बोले- शिक्षा होगी मजबूत

बलिया के बेरुआरबारी ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा नंबर एक में बुधवार को बच्चों की सुविधा के लिए एक इन्वर्टर लगाया गया। यह इन्वर्टर दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह की पुण्य स्मृति में उनकी पत्नी अनिता सिंह द्वारा दान किया गया है। इस नेक कार्य के लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने प्रेरणा दी थी। स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने फीता काटकर और बटन दबाकर इन्वर्टर का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह के परिवार द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा देगी। उन्होंने टीचर्स सेल्फ केयर टीम के कार्यों और उनके पदाधिकारियों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि टीएससीटी ने कुछ समय पहले दिवंगत शिक्षक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। कार्यक्रम से पहले, टीएससीटी के जिला संयोजक सतीश सिंह, प्रवक्ता चंद्रशेखर पासवान, मीडिया प्रभारी सतीश मेहता, मंडल पासवर्ड रीसेट प्रभारी संजय कन्नौजिया और कन्यादान प्रभारी अब्दुल अंसारी ने बीएसए मनीष कुमार सिंह और बीईओ वीरेंद्र कुमार का अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और फूलमालाओं से स्वागत किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के नेतृत्व में सभी स्टाफ सदस्यों ने भी मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, दिवंगत शिक्षक के परिवार की ओर से स्कूल के बच्चों को कॉपी, पेन, कलर और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। बीएसए ने स्कूल के मेधावी बच्चों को बैग देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अफरोज आरा, प्रियंका यादव, मीरा देवी, शांति गोंड, वंदना सिंह, सीमा सिंह, प्रियंका सिंह, धन्नू यादव, सुरेश कुमार, उमेश कुमार, अरुण सिंह, अमरेश कुमार, सीमा वर्मा, विपुल सिंह, उमेश सिंह और जितेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:11 pm

शिक्षक संघ ने की गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग:शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 4 लाख शिक्षकों और 1 करोड़ छात्र होंगे प्रभावित

बूंदी के नैनवां में राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में बदलाव की मांग की है। संघ ने इस संबंध में शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। संघ का तर्क है कि वर्तमान में निर्धारित अवकाश अवधि राज्य की भीषण गर्मी और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं है। ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई 2026 से 20 जून 2026 तक निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त संस्था प्रधानों को केवल एक दिन का अतिरिक्त अवकाश देने का अधिकार दिया गया है। संघ ने मांग की है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि 17 मई से बढ़ाकर 30 जून तक की जाए। साथ ही संस्था प्रधानों द्वारा घोषित अतिरिक्त अवकाश को पूर्व की भांति दो दिन रखा जाए। इसके अलावा संघ ने शीतकालीन अवकाश को भी 26 दिसंबर से 10 जनवरी तक करने की मांग रखी है। संघ के अनुसार राजस्थान की गर्म जलवायु को देखते हुए यह निर्णय लगभग 4 लाख शिक्षकों और 1 करोड़ विद्यार्थियों के हित में होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के जिला अध्यक्ष बूंदी बाबू लाल नागर, सूरज मल नागर, रामलक्ष्मण, हरजी लाल, सीता राम, चेतन प्रकाश, बंटी कुमार और पुरुषोत्तम मीणा शामिल थे। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 4:31 pm

शिक्षा विभाग का नया सत्र शुरू:माध्यमिक शिक्षा में 1.24 लाख पद रिक्त, प्रिंसिपल के 5945 और वरिष्ठ अध्यापक के 43169 पद खाली

सरकार ने भले ही इस बार 1 अप्रैल से नया सत्र 2026-27 प्रारंभ कर दिया हो, लेकिन स्कूलों में बच्चों को शिक्षकों का इंतजार है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अप्रैल की रिपोर्ट में खाली पदों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विभाग में न केवल शिक्षकों के बल्कि अधिकारियों के पद भी खाली पड़े हैं। विभाग में 4,13,645 स्वीकृत पदों में से 1,24,268 पद खाली पड़े हैं। इसमें प्रिंसिपल के 5945, व्याख्याता के 20516 और वरिष्ठ अध्यापक के 43169 पद खाली हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि माध्यमिक शिक्षा की क्या स्थिति होगी। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार निदेशक का पद खाली पड़ा है। इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके पास काम का अतिरिक्त भार आ गया है। इसके अलावा अतिरिक्त निदेशक के 4 में से 3 पद खाली हैं। उपनिदेशक व जिला शिक्षा अधिकारियों के पद भी बड़ी संख्या में खाली हैं। उधर, इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से बेरोजगारों ने नई भर्तियां प्रारंभ करने की मांग उठाई है। राजस्थान बेरोजगार यूनियन के संयोजक रवींद्र चौधरी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक और कंप्यूटर अनुदेशकों सहित अन्य कैडर के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। सरकार को इन पदों पर नई भर्तियां प्रारंभ करके बेरोजगारों को राहत देनी चाहिए। ये काम हो रहे प्रभावित

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:30 am

बच्चों के लिए उच्च शिक्षा जागरूकता सेमिनार कराया

लुधियाना| पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के स्किल डेवलपमेंट सेंटर ने स्कूली बच्चों के लिए उच्च शिक्षा संबंधी जागरूकता विषय पर एकदिवसीय सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार में 69 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और विद्यार्थियों के अभिभावक शामिल रहे। डॉ. रुपिंदर कौर, एसोसिएट डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट) ने बताया कि पीएयू लुधियाना देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल है और यहां प्रवेश किसी भी छात्र के लिए उपलब्धि मानी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. गुलनीत चाहल ने प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फॉर्म भरने से लेकर डिग्री पूर्ण करने तक के चरणों पर मार्गदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:30 am

एआई कैमरों से होगी नकल पर नकेल:उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में अत्याधुनिक ICCR सेंटर का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आयोग कार्यालय में अत्याधुनिक 'इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम' (ICCR) का उद्घाटन किया गया। इसका लोकार्पण आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने किया गया। ​एआई कैमरा निगरानी और ​रियल-टाइम कंट्रोल ​इस नए कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से अब आयोग द्वारा आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों के जरिए अभ्यर्थियों पर नजर रखी जाएगी। सेंटर के जरिए न केवल परीक्षा कक्ष, बल्कि केंद्रों के आसपास की गतिविधियों देखी जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन व ​त्वरित कार्रवाई अभ्यर्थियों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक सत्यापन का सीधा प्रसारण और रिकॉर्डिंग सीधे आयोग कार्यालय को प्राप्त होगी। यदि परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की कोई भी सूचना मिलती है, तो कंट्रोल रूम से तत्काल प्रभावी कदम और कड़े सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे। ​वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी उद्घाटन के समय संस्था के प्रबंध निदेशक समेत आयोग के सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव उपस्थित रहे। उपसचिव व जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस तकनीकी अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 10:48 pm

रिसाली निगम में 223 करोड़ का बजट पेश,जमकर हंगामा:शिक्षा उपकर, सफाई और कमीशन को लेकर सदन में विवाद, नेताप्रतिपक्ष बोले-विकास के नाम पर लॉलीपॉप

दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में महापौर शशि सिन्हा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना अंतिम बजट पेश किया। कुल 223 करोड़ 51 लाख रुपए के इस बजट में 223 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपए का अनुमानित व्यय रखा गया है। कागजों पर यह बजट 12 लाख 8 हजार रुपए के मामूली लाभ के साथ संतुलित दिख रहा है, लेकिन बजट पेश होते ही सदन में विवाद शुरू हो गया। बजट का सबसे बड़ा विवाद शिक्षा उपकर (एजुकेशन सेस) को लेकर उठा। महापौर शशि सिन्हा ने खुद इस मुद्दे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, जब निगम क्षेत्र में कोई शासकीय स्कूल नहीं है, तो शिक्षा उपकर वसूलना अन्यायपूर्ण है। महापौर ने यह भी बताया कि पार्षदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं को सम्मान राशि देने का प्रस्ताव महापौर ने अपने बजट को विकासोन्मुख बताया और पेयजल समस्या को प्राथमिकता दी। पाइपलाइन विस्तार के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला समूहों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1500 से 2000 रुपए की सम्मान राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी महापौर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। बजट में इस पर विरोध भी हुआ, लेकिन जनहित को देखते हुए सफाई कार्य के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई। कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय निगम ने सफाई का काम स्वयं संचालित करने और कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महापौर ने टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी चयन को लेकर निगम आयुक्त की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। विपक्ष ने इस बजट को लॉलीपॉप बजट और कमीशन का खेल बताते हुए हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने बजट को बताया बेहूदा नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू ने इस बजट को “बेहूदा” बताते हुए सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से जनता को सिर्फ विकास के नाम पर “लॉलीपॉप” दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा उपकर के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह राशि स्कूलों के लिए होती है, लेकिन इसे अन्य मदों में खर्च कर दिया गया। साथ ही सफाई टेंडर में देरी को “कमीशन का खेल” बताते हुए निगम में तीन गुटों की आपसी लड़ाई को जिम्मेदार ठहराया। गुटबाजी का आरोप: विकास या अंदरूनी जंग? विपक्ष ने दावा किया कि निगम में महापौर, सभापति और एमआईसी मेंबर्स के अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं। इस अंदरूनी खींचतान के कारण न तो ठोस निर्णय हो पा रहे हैं और न ही जनता को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। उपलब्धियों का दावा: योजनाएं बड़ी, भरोसा छोटा महापौर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए 182 निर्माण कार्यों के लिए 13 करोड़ 36 लाख की स्वीकृति, 15वें वित्त आयोग से 21 करोड़ 47 लाख के विकास कार्य, और नगरोत्थान योजना से 17 करोड़ 23 लाख के प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। लेकिन विपक्ष और हालात यह संकेत दे रहे हैं कि योजनाओं से ज्यादा चर्चा अब उनके क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर हो रही है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 10:25 pm

इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को सामने बैठाकर पेंटिग बनाई:एमएनआईटी में जुटे देशभर के 35 कलाकार, नई शिक्षा नीति के तहत हो रहा आयोजन

जयपुर में इन दिनों कला और रचनात्मकता की अलग तस्वीर नजर आ रही है। मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में मंगलवार से 6 दिवसीय नेशनल क्रिएटिव आर्ट फेस्ट कारि 2026 का आगाज हुआ। यह आयोजन एमआईटी-एडीटी यूनिवर्सिटी, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जेएलएन मार्ग स्थित एमएनआईटी के वीएलटीसी सभागार में शुरू हुए इस आर्ट फेस्ट में रंगों, रचनात्मकता और कल्पनाओं की अनोखी दुनिया देखने को मिली। कहीं कलाकार कैनवास पर प्रकृति के सुंदर दृश्य उकेर रहे हैं तो कहीं चित्रों के माध्यम से मानव मन की भावनाओं और पीड़ा को अभिव्यक्त किया जा रहा था। कुछ कलाकार आसमान की नीली छटा को रंगों में ढाल रहे हैं। कुछ नारी सौंदर्य की कलात्मक व्याख्या करते नजर आए। इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को सामने बैठाकर उनकी पेंटिंग बनाई। नई शिक्षा नीति के तहत आयोजित इस फेस्ट में राजस्थान और पुणे के 35 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं, जो तीन दिनों तक अलग-अलग थीम पर आधारित सजीव चित्रकारी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही अन्य कला विधाओं के कलाकार भी अपनी कला का लाइव डेमो दे रहे हैं। इन कलाकारों के साथ एमएनआईटी और एमआईटी-एडीटी के लगभग 60 छात्र भी कला की बारीकियां सीख रहे हैं। फेस्ट के दौरान पेंटिंग वर्कशॉप के साथ-साथ क्ले मॉडलिंग और स्कल्पचर की डेमो क्लास भी आयोजित की गई। प्रसिद्ध कलाकार हंसराज चित्र भूमि कुमावत ने क्ले मॉडलिंग का लाइव प्रदर्शन किया, जबकि प्रो. उत्तम जनवाड़े ने लाइव पोर्ट्रेट बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री कलाकार रहे मौजूद इससे पहले एमएनआईटी के प्रभा भवन स्थित दीक्षा सभागार में दीप प्रज्ज्वलन के साथ फेस्ट का औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध चित्रकार एस. शाकिर अली थे, जबकि अध्यक्षता एमएनआईटी के कार्यकारी निदेशक प्रो. ए.बी. गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथियों में कला मर्मज्ञ प्रो. चिन्मय मेहता, फड़ आर्टिस्ट कल्याण जी जोशी, संस्कार भारती के एसोसिएट हेड महावीर भारती और नेशनल अवॉर्ड विजेता कलाकार विजय धोरे शामिल रहे। इस अवसर पर एमएनआईटी के आर्किटेक्चर और प्लानिंग विभाग के प्रमुख प्रो. राजीव श्रृंगी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। फेस्ट में प्रो. तुषार पांखे, रघुनाथ शर्मा, युगल किशोर शर्मा, पुष्पा दुल्लार, मानक प्रजापत, दीपिका माली, रेखा अग्रवाल, अमन शर्मा और मेघा तिवारी सहित कई कलाकारों ने अपनी कला का सजीव प्रदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 8:19 pm

शैक्षिक महासंघ ने शिविरा पंचांग संशोधन का किया विरोध:शिक्षा मंत्री से मिलकर छुटि्टयों में कटौती वापस लेने की मांग की

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) राजस्थान ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में किए गए संशोधनों का कड़ा विरोध किया है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से मुलाकात कर पंचांग में तत्काल संशोधन की मांग की। जिला मंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा और उदयपुर संभाग के उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ भी शामिल थे। महासंघ का आरोप है कि शिविरा पंचांग में किए गए बदलावों से शिक्षकों के अवकाश में कटौती हुई है, जो उनके हितों पर सीधा प्रहार है। प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि शिक्षकों को पहले से ही अन्य विभागों की तुलना में कम अवकाश मिलते हैं। नए संशोधनों से स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संस्था प्रधान के अधिकार क्षेत्र के अवकाश में भी कमी की गई है, जिससे शिक्षकों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने शिक्षा मंत्री से अवकाश कटौती को वापस लेने और संशोधित पंचांग जारी करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अवकाश में कटौती की जाती है, तो शिक्षकों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह 30 पीएल (प्रिविलेज लीव) प्रदान की जानी चाहिए। इस पर शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर ने मामले का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। महासंघ ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 9 अप्रैल को स्थायी कार्यसमिति की आपात वर्चुअल बैठक बुलाई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस दौरान प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, महिला उपाध्यक्ष सुषमा विश्नोई, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, महिला मंत्री गीता जैलिया, अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल और कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 7:05 pm

किशनगंज शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षक को भेजा नोटिस:ई-शिक्षाकोष पोर्टल में नाम रहने से हुई चूक, 2025 में ही हो चुकी है मृत्यु

किशनगंज के बहादुरगंज शिक्षा विभाग ने एक मृत शिक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजकर अपनी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह नोटिस लोहागाढ़ा मिडिल स्कूल के मरहूम शिक्षक फैयाज आलम को भेजा गया है। दरअसल, शिक्षक फैयाज आलम की जुलाई 2025 में एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद उनके साथी शिक्षकों में विभाग की इस चूक को लेकर गहरा दुख और नाराजगी है। BEO बोले- नाम रह जाने से हुई गलती मामले पर जानकारी देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मृणाल सेन ने बताया कि यह गलती ई-शिक्षाकोष पोर्टल में फैयाज आलम का नाम रह जाने के कारण हुई। प्रखंड शिक्षा विभाग के कर्मियों ने स्वीकार किया कि यह मानवीय भूल थी और उन्हें फैयाज आलम की मृत्यु याद नहीं रही। BEO मृणाल सेन ने आगे बताया कि इस गलती को सुधारने के लिए जिला टीम को पोर्टल से नाम संशोधित करने के लिए भेज दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो। इस घटना के बाद जिले भर में विभाग की कार्यप्रणाली पर व्यापक चर्चा हो रही है। “ई-शिक्षाकोष पोर्टल” एकीकृत डिजिटल मंच उल्लेखनीय है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल बिहार सरकार का एक एकीकृत डिजिटल मंच है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, वेतन, छुट्टी और मिड-डे मील की वास्तविक समय में निगरानी करना है। यह पोर्टल आधार-प्रमाणीकृत है और शिक्षकों के स्थानांतरण-पदस्थापन तथा डिजिटल सर्विस बुक के लिए अनिवार्य है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 6:29 pm

कौशांबी डीएम ने अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको का वेतन रोका:शिक्षा विभाग की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर दिए निर्देश

कौशांबी डीएम डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को उदयन सभागार में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए पाया कि अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर, सी. एंड डीएस को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण जुलाई 2026 तक पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता, यूपीसीडको को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। राजकीय महिला महाविद्यालय, मूरतगंज के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए, डॉ. पाल ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:10 pm

टीईटी के खिलाफ 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन:मोगा में शिक्षक संगठनों का ऐलान, नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग

मोगा जिले में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने 11 अप्रैल को संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। ये संगठन टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) और नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजयपाल शर्मा और मोगा जिला इकाई के प्रधान सुखपालजीत सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के शिक्षा मंत्री ने पहले संगठनों को आश्वासन दिया था कि टीईटी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी और विधानसभा में शिक्षकों के पक्ष में एक विधेयक पारित किया जाएगा। हाईकोर्ट में एक हलफनामा किया दायर हालांकि, इसके विपरीत शिक्षा विभाग ने 2017 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जो शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से संबंधित थी। संगठन के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि टीईटी पास किए बिना शिक्षकों को पदोन्नति नहीं दी जाएगी। इसे शिक्षकों के साथ 'वादाखिलाफी' बताया गया है। संघर्ष को और तेज किया जाएगा उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लागू किए जा रहे टीईटी के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। डीटीएफ के वरिष्ठ उपप्रधान सर्वण सिंह औजला, उपप्रधान सुखविंदर सुखी, संयुक्त सचिव दलजीत समराला, वित्त सचिव जसविंदर बठिंडा, प्रेस सचिव लखवीर मुक्तसर और सहायक प्रेस सचिव राजविंदर सिंह बैहणीवाल ने जानकारी दी कि कुल 14 शिक्षक संगठनों ने इस विरोध मार्च में शामिल होने का निर्णय लिया है। नौकरी या पदोन्नति प्रभावित संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस नीति के कारण किसी भी शिक्षक की नौकरी या पदोन्नति प्रभावित होती है, तो वे पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से इस फैसले के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है, यह कहते हुए कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा का एकमात्र रास्ता संघर्ष ही है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 4:55 pm

यूपी में छात्रों को लैपटॉप-टैबलेट, शिक्षामित्रों को 18000 मानदेय, योगी कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर

योगी कैबिनेट ने आज सभी 22 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़कर 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार 40 लाख छात्रों को टैबलेट और 1.5 लाख को लैपटॉप बांटेगी।

देशबन्धु 7 Apr 2026 1:21 pm

IGNOU का आज 39वां दीक्षांत समारोह:20,608 शिक्षार्थियों को डिग्री मिली; स्नातक के 11918 स्टूडेंट्स को मिला सर्टिफिकेट

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) का 39वां दीक्षांत समारोह आज मनाया गया। इसे लेकर रवीन्द्र भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां विशिष्ट अतिथि के रूप में चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति फैजान मुस्तफा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर कुल 20,608 शिक्षार्थियों को डिग्री दी गई। इनमें पीजी के 7606, स्नातक के 11,918, डिप्लोमा के 935 और सर्टिफिकेट के 149 विद्यार्थी शामिल हैं। देशभर में इग्नू के 60 क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से लगभग 2,99,092 छात्रों को डिग्री दी गई। मुकेश कुमार ने BAKSH कार्यक्रम में स्वर्ण पदक हासिल किया 610 (स्नातकोत्तर कार्यक्रम), 85 (BCA) और 25 शिक्षार्थियों (BEd) को उनकी उपाधियां समारोह में व्यक्तिगत रूप से दी गई, जबकि शेष शिक्षार्थियों को कार्यक्रम में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से दी गई। इस अवसर पर इग्नू क्षेत्रीय केंद्र पटना के शिक्षार्थी मुकेश कुमार ने BAKSH कार्यक्रम में स्वर्ण पदक प्राप्त कर क्षेत्रीय केंद्र का नाम रोशन किया। देशभर के क्षेत्रीय केंद्रों में इसे लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, मुख्य समारोह नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में हुआ, जहां देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसका लाइव प्रसारण पटना क्षेत्रीय केंद्र के समारोह रवीन्द्र भवन में किया गया। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णा राव ने इग्नू की प्रगति, विस्तार और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘अप्राप्य तक पहुंच’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि इग्नू शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, विशेषकर बिहार जैसे राज्य में। मुख्य अतिथि प्रो. फैजान मुस्तफा ने अपने संबोधन में इग्नू की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 1:20 pm

शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे:मदरसा शिक्षकों की भर्ती आयोग करेगा, परीक्षा देनी होगी; कैबिनेट में 22 प्रस्ताव पास

योगी कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। उन्होंने कहा- यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षामित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशक हैं। इसके अलावा, अब सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों की भर्ती शिक्षा सेवा चयन आयोग से होगी। यानी अब मदरसा शिक्षक बनने के लिए परीक्षा देनी पड़ेगी, जबकि अभी तक मदरसा स्तर पर ही भर्ती होती थी। यही नहीं, मदरसों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन तैयार की जाएगी। इसमें मदरसों में भी स्कूलों की तरह 8 घंटे पढ़ाई अनिवार्य होगी। मदरसा प्रिंसिपल, शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। बच्चों का पूरा डेटा रखा जाएगा। चलिए सबसे पहले अहम प्रस्तावों को पढ़ते हैं- 1- प्रदेशभर में महापुरुषों की मूर्तियां का सौंदर्यीकरण होगामंत्री असीम अरुण ने कहा- ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत समाज सुधार में योगदान देने वाले महापुरुषों की सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का विकास किया जाएगा। ऐसे सभी स्थलों पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य समाज सुधारकों की मूर्तियों के आसपास छतरी, बाउंड्री और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। एक मूर्ति पर लगभग 10 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। इस योजना की डिलेट जानकारी 14 अप्रैल को दी जाएगी। योजना के तहत नई मूर्तियां स्थापित नहीं की जाएंगी, बल्कि 31 दिसंबर 2025 तक पहले से स्थापित मूर्तियों का ही विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें संत रविदास, कबीरदास, ज्योतिबा फुले जैसे सामाजिक न्याय के प्रवर्तकों सहित सभी समाजों के महापुरुषों की मूर्तियां शामिल की जाएंगी। समाजवादी पार्टी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों का अपमान किया था। उनके नाम पर बने स्मारकों और संस्थानों पर कालिख पोती गई थी। 2- पाकिस्तान से आए 12000 परिवारों को भूमि का अधिकार मिलावित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आजादी के समय पाकिस्तान से आए 12 हजार परिवारों को भूमि का अधिकार दिया गया है। पीलीभीत में 4000, लखीमपुर खीरी में 2350, बिजनौर में 3856 और रामपुर में 2170 परिवारों को भूमि अधिकार मिला है। ये परिवार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। ये लोग पिछले 50 से 70 सालों से इन जिलों में रह रहे थे, लेकिन जमीन अपने नाम न होने के कारण उन्हें कई दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। वे न तो खेती के लिए बैंक से लोन ले पाते थे। न ही सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेच पाते थे। अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में बदलाव कर इन परिवारों को उनकी जमीन पर भूमिधर अधिकार दे दिए गए हैं। यानी अब वे जमीन के कानूनी मालिक होंगे। इससे उन्हें बैंक से लोन लेने में आसानी होगी। वे अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे। 3- 25 लाख टैबलेट बांटेगी सरकारस्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के टेंडर को मंजूरी मिल गई है। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया- इस पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ये टैबलेट प्रदेश के स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास और अन्य शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े युवाओं को मुफ्त दिए जाएंगे, ताकि वे पढ़ाई और रोजगार की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें। अब तक इस योजना के तहत 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन युवाओं को बांटे जा चुके हैं। कैबिनेट बैठक में विभाग के कुल 8 प्रस्ताव पास हुए हैं, जिनमें निवेशकों को सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। 4- 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी सरकार परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के तीन प्रस्ताव पास किए गए हैं। सरकार अब 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी। इससे पहले 23 बस स्टैंड को इसी मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। अब योजना है कि हर जिले में कम से कम एक बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए। इससे करीब 4000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन बनाने के लिए रतनपुर हुसैनपुर गांव की जमीन परिवहन विभाग को मुफ्त में देने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन और डिपो कार्यशाला बनाने के लिए सिंचाई विभाग की जमीन और बलरामपुर की तुलसीपुर तहसील में बस स्टैंड के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन भी मुफ्त में उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है। 5- गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बनेगावन मंत्री ने कहा- गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण पर 491.0777 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैम्पियरगंज क्षेत्र में 50 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा। इसमें बीएससी, एमएससी, पीएचडी के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के बारे में भी पढ़िए खबर लगातार अपडेट की जा रही है….

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 11:38 am

सीडीईओ की नियुक्ति पर विवाद:शिक्षा विभाग में जूनियर के अधीन सीनियर, वरिष्ठता ताक पर, अफसरों ने खोला मोर्चा

जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति और पदानुक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद गहराया है। कुछ वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि वरिष्ठता नियमों की खुली अनदेखी कर एक कनिष्ठ अधिकारी को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) जैसा रसूखदार पद सौंप दिया गया है। इस प्रोटोकॉल वॉर से नाराज वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त शासन सचिव (जयपुर) को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पूछा भी है- जब हम सीनियर हैं तो जूनियर के अधीन काम कैसे करें? अतिरिक्त शासन सचिव को भेजी गई शिकायत के अनुसार प्रतिभा गुप्ता को प्रिंसिपल पद से सीधे सीडीईओ के पद पर पद विरुद्ध नियुक्त किया गया है। वरिष्ठता का गणित˘... कौन कितना सीनियर? अफसरों के दावों और दलीलों की जंग प्रशासनिक मर्यादा जरूरी सीडीईओ हमसे जूनियर हैं। उनके अधीन कार्य करना बेहद मुश्किल और गरिमा के खिलाफ है। हमने सरकार का ध्यान इस विसंगति की ओर खींचा है। -ननिहाल सिंह चौहान, एडीपीसी मुझे सरकार ने दी है जिम्मेदारी“मुझे सरकार ने इस जिम्मेदारी पर बैठाया है। ये सभी अधिकारी मेरे बैचमेट हैं। मेरा ध्यान केवल जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने पर है। मुझ पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।”-प्रतिभा गुप्ता, सीडीईओ, उदयपुर

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:44 am

अपने पंचायत क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता : डीडीसी

लोहरदगा| उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को पंचाइत कर गोइठ कार्यक्रम (29वां) आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीडीसी ने कहा कि सभी मुखिया अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। अगर कोई बच्चा विद्यालय नहीं जा रहा है तो उसका नामांकन विद्यालय में कराएं। स्कूल रूआर-2026 अंतर्गत छूटे हुए बच्चों का नामांकन अवश्य कराएं। शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद है जिसके बाद कोई भी सही या गलत पर निर्णय ले सकता है। आंगनवाड़ी केंद्रों व अपने पंचायत क्षेत्र में विद्यालयों का निरीक्षण अवश्य करें। सेविका-सहायिका से आंगनवाड़ी केंद्र की रिपोर्ट अवश्य लें। विद्यालयों का निरीक्षण करें। शिक्षक समय से आ रहे हैं या नहीं, बच्चों का मध्याह्न भोजन मैन्यू के अनुसार मिल रहा है या नहीं। मौके पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारीगण व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मुखियागण उपस्थित थे। डीडीसी ने कहा कि सभी का टीकाकरण समय से हो। कोई भी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बचें। स्वस्थ रहने के लिए सचेत रहें। किसी बीमारी के कारण एक परिवार आर्थिक, मानसिक व शारीरिक रूप से टूट जाता है। ऐसे में टीकाकरण अवश्य कराएं। जिन लड़कियों की उम्र 14 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो और 15 वर्ष की उम्र पूरी नहीं हुई हो उन्हें बच्चेदानी का कैंसर से बचाने के लिए जिला सदर अस्पताल और सभी चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिरक्षक टीका लगाया जाएगा। सभी योग्य इसका लाभ उठाएं। डीडीसी ने कहा कि सभी मुखिया/वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को कृतसंकल्प रहें।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के गांव-गांव में बजेगी स्कूल की घंटी:नक्सली जहां सरकार विरोधी शिक्षा देते थे, वहां खोले जाएंगे 22 सरकारी स्कूल

बस्तर के सुदूर वनांचलों में अब बदलाव की एक नई इबारत लिखी जा रही है। जिन गांवों में कभी बच्चों को जनताना स्कूलों के जरिए मार्क्सवादी-लेनिनवादी और माओवादी विचारधारा की शिक्षा दी जाती थी, वहां अब भारतीय संविधान और औपचारिक शिक्षा की गूंज सुनाई दे रही है। सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में शिक्षा विभाग ने 22 नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जिन्होंने अब तक स्कूल की दहलीज नहीं देखी थी। दरअसल, बीजापुर और सुकमा जिले के कई नक्सल प्रभावित गांव वर्षों तक पहुंच से बाहर रहे। यहां शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप थी। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में 10 साल तक के बच्चों को अब नर्सरी में दाखिला देना पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने कभी स्कूल का माहौल देखा ही नहीं। कोंटा ब्लॉक की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही है। हिड़मा के गांव पूवर्ती में सीआरपीएफ द्वारा गुरुकुल शुरू किए जाने के बाद बदलाव की शुरुआत हुई। करीब 20 साल बाद यहां बच्चों को पहली बार बताया गया कि स्कूल क्या होता है, ब्लैकबोर्ड कैसे काम करता है और पढ़ाई कैसे की जाती है। आज पूवर्ती गुरुकुल में 30 बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के स्कूल में भी 20 से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है। टेकलागुड़ा सहित अन्य गांवों में भी कैंप खुलने के बाद स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। बारसा देवा का भाई अब अतिथि शिक्षक बन गांव में दे रहा शिक्षा इस बदलाव की बयार अब कभी नक्सलियों के मिलिट्री दलम के कमांडर रहे आत्मसमर्पित नक्सली बारसा देवा के गांव तक पहुंच रही है। सुकमा जिले के ओयोपारा जैसे गांव, जहां अब तक केवल जनताना स्कूल संचालित होते थे, वहां शिक्षा विभाग की टीम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क कर रही है। इस गांव में देवा के बेटे और भाई को छोड़कर कोई भी बच्चा स्कूल नहीं गया था। अब देवा का बेटा 12वीं की परीक्षा दे चुका है और बाकी बच्चों को भी स्कूल से जोड़ने की तैयारी है। बदलते बस्तर की सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि पूर्व नक्सली बारसा देवा का भाई बुधरा बारसा अब सिलगेर में अतिथि शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ा रहा है। वह खुद गांव में शिक्षा की अलख जगा रहा है। बुधरा का कहना है कि भाई के आत्मसमर्पण के बाद हालात बदले हैं और अब वे ओयोपारा में भी स्कूल खोलने की मांग कर रहे हैं। पहले इन जनताना स्कूलों में बच्चों को माओवादी विचारधारा, चारु मजूमदार के सिद्धांत और पार्टी के दस्तावेज पढ़ाए जाते थे। अब इनकी जगह लोकतंत्र, संविधान और सामान्य शिक्षा ले रही है। 22 नए स्कूलों का प्रस्ताव भेजा हैकोंटा ब्लॉक में 22 नए स्कूलों का प्रस्ताव भेजा गया है और जरूरत के अनुसार आगे भी स्कूल खोले जाएंगे। बस्तर अब बंदूक से किताब की ओर बढ़ रहा है, जहां शिक्षा ही भविष्य की नई राह तय कर रही है।- जीआर मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा सुधार पर चर्चा, सदस्यता अभियान पर जोर

भास्कर न्यूज | बाड़मेर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा की खंड शाखा बाड़मेर शहर की ओर से सोमवार को स्थानीय राबाउमावि मालगोदाम रोड में कार्यकर्ता प्रशिक्षण हुआ । शिक्षकों ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती देने का संकल्प लिया। इस दौरान अर्जुन सांझीरा ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संगठन की स्थापना, उद्देश्य एवं अब तक किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रशिक्षण सत्र के मुख्य वक्ता संभाग संगठन मंत्री मुकेश लखारा रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संगठन में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। लखारा ने कहा कि यदि संगठन मजबूत होगा तो शिक्षकों की आवाज भी मजबूती से उठेगी और समस्याओं का समाधान शीघ्र संभव होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएं और संगठन की नीतियों को आम शिक्षकों तक पहुंचाएं। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार सोनी ने किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव साझा किए और संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विचार रखे। खेतसिंह, दिलीप कुमार लोढ़ा, अनिल कुमार जैन, गणपतसिंह, लीलाधर, पंकज गुप्ता, नवीन कुमार, खुमाणसिंह, श्रवणसिंह, हिमांशु एन गौतम, रमेश कुमार खत्री सहित मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को सशक्त बनाने और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

मानसरोवर फैमिली क्लब का ईद मिलन समारोह: बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान

जयपुर | मानसरोवर फैमिली क्लब की ओर से सी-स्कीम में ईद मिलन समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 100 से अधिक परिवारों ने भाग लिया। असगर अली खान ने समाजबंधुओं से बेटों के साथ बेटियों को उच्च शिक्षित करने का आह्वान किया। बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह में रफत कुरैशी, लियाकत अली, महजबी, अर्शी शिक्षा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर:भोपाल संभाग में 41.9 प्रतिशत विद्यार्थी फेल, विशेषज्ञ बोले- इतना कम प्रतिशत 10वीं बोर्ड के लिए खतरे की घंटी

कक्षा 9वीं के नतीजों ने भोपाल संभाग की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। कुल 70,789 विद्यार्थियों में से 29,688 (41.9%) छात्र फेल हो गए। हर 10 में से 4 से ज्यादा बच्चे अगली कक्षा तक नहीं पहुंच पाए। पास प्रतिशत सिर्फ 51.4% विद्यार्थी की पास हो सके। संभाग जिलों के बीच प्रदर्शन में बड़ा अंतर सामने आया। सबसे चिंताजनक स्थिति विदिशा की रही। जहां फेल (8,153) पास (7,820) से ज्यादा हैं। राजधानी औसत से बेहतर रही, फिर भी सीहोर से पिछड़ पीछे गई। भोपाल में 53.3% रिजल्ट रहा। संभाग के औसत से बेहतर, लेकिन सीहोर से पीछे। संसाधन और स्कूल बेहतर होने के बावजूद टॉप पर नहीं पहुंचना बड़ा सवाल है। 5,127 छात्रों का फेल होना संकेत देता है कि बेसिक लर्निंग गैप अभी भी बड़ा है। शैक्षणिक मामलों के जानकार परेश पाठक के मुताबिक 9वीं में ही इतना बड़ा फेल प्रतिशत आगे 10वीं बोर्ड के लिए खतरे की घंटी है। राजधानी भोपाल भी लीड रोल नहीं निभा पा रही है। स्कूल स्तर पर कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और प्रैक्टिस की कमी साफ दिख रही है। हर दूसरा छात्र फेल के करीब 11वीं में भोपाल तीसरे नंबर पर, 79 फीसदी रिजल्ट भोपाल संभाग के 11वीं के नतीजों में राजधानी तीसरे स्थान पर रही। जिले में 7,918 में से 6,282 छात्र पास हुए, यानी करीब 79% रिजल्ट रहा, जबकि 1,591 फेल हुए। संभाग में सीहोर पहले और रायसेन दूसरे स्थान पर रहे। सीहोर में फेल सबसे कम (862) रहे। कुल 47,405 छात्रों में से 35,575 पास और 8,843 फेल हुए, पास प्रतिशत करीब 75% रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक भोपाल का टॉप पर न पहुंचना चिंता का विषय है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am