सरकारी स्कूलों की बदहाली पर मनोज दुबे का हमला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से इस्तीफे की मांग
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस नेता मनोज दुबे ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग की।
एजुकेशन सिस्टम ऐसा हो कि हर बच्चा को अच्छी शिक्षा का मौका मिले : भूमि पेडनेकर
डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल:'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट विमोचित, जागरूकता रथ रवाना
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय से बाहर रह रही लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल की गई है। जन विकास संस्थान, नौपेड़वा द्वारा संचालित मैत्री परियोजना के तहत शनिवार को 12 बजे शिक्षा मिशन–ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही एक बालिका शिक्षा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के मड़ियाहूं, रामपुर और रामनगर विकासखंडों के 40 चयनित गांवों में पहुंचेगा। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं, उनके अभिभावकों और समुदाय को बालिका शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया और जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज और देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्हें शिक्षा से जोड़ना केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं, बल्कि एक सशक्त, शिक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता अभियानों को समुदाय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण बताया। जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने बताया कि उनका संस्थान अनामांकित और विद्यालय से बाहर रह रही बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम प्रबंधक अवधेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहज और सहभागी बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से समुदाय और अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बालिकाओं के नामांकन, नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका प्रयास है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बालिका को सीखने, आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिले।
राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालत पर भड़के आशुतोष रांका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार पर स्कूलों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की बदहाली के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अब और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सहरसा में बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल और जिला कांग्रेस कमेटी ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग को लेकर शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने में वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन और शिक्षकों को सरकारी सेवा में समायोजित कर मानदेय देने की मांग उठाई गई। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने की, जबकि संचालन पंकज कुमार सिंह ने किया। प्रदेश सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में बिहार कांग्रेस सेवादल पिछले 33 दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में एक दिवसीय धरना दे रहा है। शिक्षकों को उचित अनुदान दिया जाए डॉ. यादव ने मांग की कि वित्त रहित शिक्षकों को उचित अनुदान दिया जाए और उन्हें सरकारी घोषित कर मानदेय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 सितंबर 2026 (शिक्षक दिवस) से बिहार में आत्मदाह यात्रा और कफन यात्रा निकालकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बिहार में कई वित्त रहित कॉलेज संचालित जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने कहा कि बिहार में कई वित्त रहित कॉलेज वर्षों से संचालित हैं, जिनके पास पर्याप्त भूमि, भवन और कमरे उपलब्ध हैं। इसके बावजूद सरकार ऐसे संस्थानों को दरकिनार कर तीन-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस नीति को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का मजाक बताया और कहा कि कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है। सम्राट चौधरी ने चुनाव से पहले किया था वादा झा ने यह भी याद दिलाया कि सिवान की एक सभा में सम्राट चौधरी ने चुनाव से पहले वित्त रहित शिक्षकों के सरकारीकरण और मानदेय देने का वादा किया था। उन्होंने सरकार से इस वादे को पूरा करने की अपील की। इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश महिला अध्यक्ष रुचि सिंह, राम सागर पांडेय, मो. नईम उद्दीन, कुमार हीरा प्रभाकर, सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल, अफरोज खां, बैद्यनाथ झा, पुष्कर कुमार सिंह, राम कुमार पासवान, भरत नारायण झा, अभिनंदन सिंह, मंगल झा और उदय भगत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवास के सरकारी स्कूल में मासूम बच्चों से निर्माण कार्य कराने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। डीईओ ने जांच के आदेश देकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
टोंक हलचल : सामाजिक सौहार्द, शिक्षा, रोजगार और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहा शहर
टोंक जिले में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियों की खासी सक्रियता देखने को मिली। एक ओर जहां ईद और रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से शिष्टाचार मुलाकात की गई।
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्कर के पदों पर निकली भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए मौका
इस भर्ती अभियान के जरिये झांसी के अलग-अलग जिलों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय-समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया को अवश्य पूरा कर लें।
2500 से ज्यादा स्कूल जर्जर, 300 बिना इमारत... इस राज्य में ऐसा है शिक्षा का हाल
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों की स्थिति का ऑडिट कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूलों में भवन और मरम्मत से जुड़ी जरूरतें सामने आईं. सरकार के दस्तावेज के मुताबिक, 2,500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा 300 भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के भवन 450 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए जाने हैं.
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम मान्यता प्राप्त, संबद्ध विद्यालयों के साथ-साथ नई मान्यता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं पर भी लागू होगा। बिना जीएसटी भुगतान के किसी भी आवेदन पर आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 11 अक्टूबर 2024 के परिपत्र और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत शिक्षण संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पोर्टल पर नवीन मान्यता या संबद्धता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करना अनिवार्य होगा। जीएसटी जमा होने की पुष्टि के बाद ही मान्यता प्रदान करने की संस्तुति की जाएगी। भविष्य के सभी नए आवेदनों के लिए भी जीएसटी भुगतान आवश्यक होगा; बिना इसके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। मान्यता शुल्क राजकोष में जमा करने के बाद, जीएसटी की राशि परिषद के निर्धारित बैंक खाते में अलग से जमा करनी होगी। जीएसटी जमा करने की रसीद या चालान की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन आवेदन के समय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसकी एक प्रति संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भी उपलब्ध करानी होगी। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और नवीन मान्यता के इच्छुक संस्थानों को इस नई व्यवस्था से अवगत कराएं। उन्हें नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिषद ने पुनः स्पष्ट किया है कि जीएसटी भुगतान की पुष्टि के बिना मान्यता प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
Delhi Police PE&MT Postponed 2026: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट है। पीई और एमटी परीक्षा स्थगित कर दी गई है। विभाग ने फिजिकल टेस्ट की नई तारीख जारी कर दी है।
SBC Vacancy 2026: रक्षा मंत्रालय के अधीन शिप बिल्डिंग सेंटर, विशाखापत्तनम ने ग्रुप 'सी' के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं।
Baghpat Ground Report: अमर उजाला की टीम ने 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत बागपत जिले में पहुंची।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी, बलिया और गाजियाबाद के तीन शिक्षकों - शालिनी कुशवाहा, डॉ. इफ्तखार खान और डॉ. रेनू त्रिपाठी को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। इन शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने जुनून और निस्वार्थ सेवा से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
Rajasthan: शिक्षामंत्री दिलावर को सीजेपी की दो टूक, आपका टाइम खत्म, दीपके ने कहा, जयपुर जाएंगे
इंटरनेट डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका शुक्रवार को जयपुर में रामपुर कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल विजिट करने पहुंचे जहां पर ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के मुताबिक, सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कुछ लोगों ने पथराव भी किया। सीजेपी के आशुतोष रांका ने इस हमले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हमला करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सीजेपी की तरह कांग्रेस भी भाजपा पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने अपने लोग भेज कर यह सब करवाया. वायरल वीडियो में दिखने वाले एक व्यक्ति पर कांग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि वह लालचंद नाम का व्यक्ति बीजेपी का कार्यकर्ता है। उस व्यक्ति के फेसबुक फोटो भी कांग्रेस के नेता और अन्य लोग शेयर कर रहे हैं। कांग्रेस-सीजेपी के आरोप पर क्या बोले विधायक? भाजपा विधायक कैलाश वर्मा ने कहा कि गांव से बड़ा कोई नहीं होता। मैं यह बात कई बार कह चुका हूं, गांव वाले जब मना कर चुके थे, क्योंकि आप वहां उन्हें कह रहे थे कि गांव के बाहर देख लेंगे। सुबह-सुबह 150 आदमी, मोबाइल फोन लेकर जायेंगे तो गांव वालों ने उनसे पूछा, इसके बाद गांव वालों ने उन्हें बाहर निकाला है। वहीं अभिजीत दीपके ने कहा कि वो अब जयपुर जाएंगे। अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और भाजपा के गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह जयपुर जाएंगे। pc- facebook,etv bahart
दरभंगा के शिक्षा विभाग में बड़ा खेल, डीईओ कार्यालय में भी है उप निदेशक जैसा ‘धनकुबेर’
दरभंगा डीईओ कार्यालय में एक कर्मी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें 20 लाख के रंगरोगन फंड में हेराफेरी और 40 लाख की अतिरिक्त मांग शामिल है।
पटियाला के सरकारी विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक दिनेश कुमार को शिक्षा में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ का आज 5वां दिन है। शुक्रवार को रात भर सैकड़ों छात्र धरनास्थल पर बैठे रहे। वहीं, शनिवार सुबह होते होते ये संख्या हजार तक पहुंच सकती है। आंदोलन को अब नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिलने लगा है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की। वहीं, शिक्षक रौशन आनंद सर ने भी छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मिलने के बाद कहा, 'छात्रों की मांग जायज है। सरकार तत्काल संज्ञान लेकर मांग पूरी करे। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। TRE-4 में दो परीक्षा लेने का निर्णय BPSC का है। इससे शिक्षा विभाग का कोई लेना देना नहीं है। तेजस्वी यादव ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया तेजस्वी यादव ने कहा कि BPSC की ओर से आयोजित AEDO, सैनिटरी समेत विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं BSSC की इंटरमीडिएट, CGL, ASO और BSO समेत लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने की मांग की। उन्होंने TRE-4 में पूर्व की परीक्षाओं की तरह एकल परीक्षा कराने और ‘One Candidate, One Result’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने, लाइब्रेरियन और लंबित लेखपाल भर्ती पूरी करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की है। देखें प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें… तेजस्वी ने पटना डीएम से फोन पर की बात अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने पटना डीएम कुंदन कुमार से फोन पर बातचीत भी की। उन्होंने डीएम से धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। पप्पू यादव ने राज्यपाल से की मुलाकात शुक्रवार को ही पूर्णिया सांसद पप्पू यादव छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मिले। छात्रों ने राज्यपाल के सामने TRE-4 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इस मामले में सरकार और मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। उन्होंने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील भी की। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, फिर भी आंदोलन जारी बिहार सरकार की ओर से TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके तहत कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। सबसे बड़ी मांग TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था खत्म कर सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। इसके साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों की मांग- नया प्रयोग TRE-5 से किया जाए आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एक ही परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। ऐसे में TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। छात्रों का कहना है कि सरकार यदि परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों को डर है कि PT और Mains की प्रक्रिया के कारण भर्ती में और देरी हो सकती है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा था। आंदोलन शुरू होने के बाद विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन अब दो परीक्षाओं की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि TRE-1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। शिक्षा मंत्री ने कहा- सभी मांगें पूरी करना संभव नहीं आंदोलन को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो परीक्षा ही नहीं होने के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि TRE-4 की परीक्षा व्यवस्था का निर्णय शिक्षा विभाग ने अकेले नहीं लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग ने मिलकर नियम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अच्छे प्रतिभा वाले शिक्षक चाहिए। मंत्री ने कहा कि वैकेंसी जारी करना शिक्षा विभाग का काम था और वह किया जा चुका है। अगर दो परीक्षाएं होती हैं तो कई छात्र इसका स्वागत भी कर रहे हैं। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखा पत्र इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी गई हैं। यूनियन ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी इससे परेशान और निराश हैं। यूनियन ने TRE-4 में पहले की तरह एक परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग की है। साथ ही BSSC की परीक्षाओं में संविदा वेटेज हटाने, परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने, LET और BET कराने तथा AEDO परीक्षा की तारीख जारी करने की मांग की है। इसके अलावा BPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा कराई जाए और परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया बदलाव करना है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। रौशन आनंद सर ने छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की छात्र आंदोलन को शिक्षक रौशन आनंद सर का भी समर्थन मिला है। उन्होंने छात्रों से आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा, छात्रों को पूरा दिन धरना स्थल पर रहने की जरूरत नहीं है। अगर विद्यार्थी रोजाना दो-चार घंटे भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपनी भागीदारी निभाते हैं तो इससे आंदोलन को मजबूती मिलेगी।
तीन पीएम श्री स्कूलों में पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी, परखी पढ़ाई और सुविधाएं
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद एवं संयुक्त सचिव कुंवर सिंह पाहन ने शुक्रवार को जिले के तीन पीएम श्री उच्च विद्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना, पठन-पाठन की व्यवस्था एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेना था। निरीक्षण के क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं संयुक्त सचिव ने पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, रजरप्पा प्रोजेक्ट, पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, बरियातू तथा पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, कुल्ही का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, पेयजल एवं स्वच्छता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों से संवाद कर पठन-पाठन एवं शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पीएम श्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ आधारभूत संरचना एवं उपलब्ध संसाधनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन को विद्यालय की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक छात्र-छात्रा तक पहुंचाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, रामगढ़ श्री अभय कुमार सील, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनूप माइकल केरकेट्टा एवं सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी कुमार राज आदि थे।
शिक्षा रैंकिंग में किया बदलाव, अब 12 की जगह 6 प्रमुख मानकों से तय होगी रैंकिंग
झुंझुनूं | शिक्षा रैंकिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है| अब जिला रैंकिंग निर्धारित करने के लिए पहले से चले आ रहे 12 के बजाय 6 प्रमुख मानकों को आधार बनाया जाएगा। अगस्त की रैंकिंग नए मानक के आधार पर होगी। इसमें विद्यार्थियों की उपस्थिति, शाला संबलन निरीक्षण, योग्यता आधारित मूल्यांकन के परिणाम, शिक्षक एप पर सक्रियता, स्कूलों का बुनियादी ढांचा और ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठकों को शामिल किया है। नई व्यवस्था में विद्यार्थी उपस्थिति के 25 प्रतिशत, शाला संबलन निरीक्षण लक्ष्य 20 फीसदी और योग्यता के 20 प्रतिशत के साथ शिक्षकों की सक्रियता के 15 प्रतिशत अंक मिलेंगे। बुनियादी ढांचा और ब्लॉक समीक्षा बैठक के 10% अंक होंगे।
Lalitpur News: बीएसए के निरीक्षण में सहायक अध्यापक व शिक्षामित्र मिले अनुपस्थित
ललितपुर। विद्यालयों के शैक्षिक स्तर को परखने के लिए शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रत्नेश कुमार ने बिरधा और जखौरा ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया।
Gurugram News: प्रयोग से विज्ञान शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर
Emphasis on improving science education through experiments
'आपका टाइम खत्म हो चुका', शिक्षा मंत्री को आशुतोष रांका की दो टूक, अभिजीत दीपके बोले- जयपुर जाएंगे
जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने हमलावर के बीजेपी कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है तो वहीं, सीजेपी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए IIT, जोधपुर और झारखंड सरकार ने पहल शुरू की है। इसके तहत खासतौर पर ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। पहल का उद्देश्य उभरते चिप और डीप-टेक सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में झारखंड सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। इस दौरान राज्य में समावेशी और भविष्य के लिए तैयार सेमीकंडक्टर प्रतिभा एवं नवाचार का इकोसिस्टम विकसित करने को लेकर रणनीतिक चर्चा की गई। बैठक में व्यापक सिलिकॉन माइंड्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्रस्तावित TWISH–Jharkhand (Tribal Women in Semiconductor and Hardware) कार्यक्रम पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित पहल का उद्देश्य आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं, इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों, ITI एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों तथा STEM क्षेत्र की छात्राओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर के तेजी से उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। इस रणनीतिक चर्चा में झारखंड सरकार, IIT जोधपुर और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्मेंट (AIILSG) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा, IIT जोधपुर की शोध एवं तकनीकी क्षमताओं, झारखंड में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की आवश्यकताओं, संभावित संस्थागत भूमिकाओं और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की गई। कक्षा से सेमीकंडक्टर उद्योग तक प्रतिभाओं को तैयार करने की पहल प्रस्तावित TWISH–झारखंड कार्यक्रम में प्रतिभाओं की पहचान और बुनियादी प्रशिक्षण से शुरुआत करते हुए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, रोजगार और उद्यमिता तक एक समग्र लर्निंग पाथवे विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में VLSI Design and Simulation, Embedded Systems, पीसीबी, आईओटी,सेमीकंडटक्टर फंडामेंटल्स, क्लीनरूम एक्सपोजर और फेब्रिकेशन शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से आदिवासी समुदायों, ग्रामीण युवाओं तथा STEM क्षेत्र में छात्राओं और महिलाओं के लिए ऐसे अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का हिस्सा बन सकें। IIT जोधपुर ने अत्याधुनिक शोध एवं प्रयोगशाला क्षमताओं का किया प्रदर्शन झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान IIT जोधपुर के वैज्ञानिक अधिकारियों ने AIoT Fab Lab और सेंट्रल रिसर्च फेसिलिटी (CRF) का प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल को संस्थान में उपलब्ध उन्नत शोध, प्रयोगशाला और तकनीकी विकास की क्षमताओं से अवगत कराया गया। प्रदर्शन के दौरान IIT जोधपुर के बहुविषयक शोध एवं तकनीकी इकोसिस्टम की उन क्षमताओं को रेखांकित किया गया, जिनके माध्यम से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर से जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा, शोध अनुभव और उन्नत कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल में ये हुए शामिल झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल में योजना एवं विकास मंत्री राधा कृष्ण किशोर, अपर सचिव विजया नारायणराव जाधव सहित कई लोग शामिल थे। AIILSG की ओर से रवि रंजन गुरु, क्षेत्रीय निदेशक विनोद पालीवाल और राजीव रंजन गुरु उपस्थित रहे। आईआईटी जोधपुर की ओर से बैठक में डायरेक्टर प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भवानी कुमार सतपथी आदि शामिल हुए।
नीति आयोग की नई रिपोर्ट 'रीइमैजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत@2047' ने भारत में शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर को उजागर किया है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर अबू आजमी बोले- शिक्षा के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन को सम्मान के साथ रहने देना चाहिए
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के निजी स्कूलों के निरीक्षण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी स्कूलों का निरीक्षण राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से साल में कम से कम एक बार किया जाएगा। इससे पहले जारी आदेशों में स्कूलों का हर महीने नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। निजी स्कूल संचालकों के विरोध और आंदोलन के बाद विभाग ने इन आदेशों में संशोधन किया है। निजी स्कूल संचालकों ने मासिक निरीक्षण के आदेश को व्यवहारिक रूप से कठिन बताते हुए इसका विरोध किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूर्व आदेश में संशोधन कर नया आदेश जारी किया। निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा ललित कुमार की ओर से जारी संशोधित आदेश के अनुसार सरकारी और प्राइवेट स्कलों का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इनमें निशुल्क प्रवेश, मान्यता, सीबीएसई से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्कूल में संचालित पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और बाल वाहिनी संचालन सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न विभागीय नियमों और आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कलों का 31 दिसंबर 2026 तक कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। 2027-28 में आरटीई प्रवेशित बच्चों का होगा भौतिक सत्यापनआदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 में आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन भी राजस्थान स्कूल संबल एप के माध्यम से किया जाएगा। इससे आरटीई के तहत होने वाले प्रवेश और स्टूडेंट्स की वास्तविक स्थिति की जांच की जा सकेगी। निजी स्कूल संचालकों को मिली राहतशिक्षा विभाग के इस संशोधन से प्रदेश के निजी स्कूलों को हर महीने होने वाले नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण व्यवस्था जारी रहेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक सरकारी और गैर-सरकारी स्कलों का कम से कम एक बार निरीक्षण किया जाना आवश्यक होगा।
‘शिक्षा का राजनीतिकरण ठीक नहीं’, एनसीईआरटी विवाद पर पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश
New Delhi, 21 अगस्त . कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की एनसीईआरटी टेक्स्ट बुक टीम के पुनर्गठन को लेकर उठ रहे Political सवालों के बीच एनसीईआरटी के पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश ने शिक्षा के कथित Politicalरण पर अपनी राय रखी है. टीम के कुछ सदस्यों के आरएसएस और एबीवीपी से कथित जुड़ाव को ... Read more
हिमंता बिस्व सरमा ने प्रह्लाद जोशी से की मुलाकात; शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा पर की चर्चा
New Delhi, 21 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Friday को Union Minister प्रह्लाद जोशी के साथ बैठक की और राज्य से संबंधित विकास के कई प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की, जिनमें शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं. Chief Minister सरमा ने जोशी के साथ हुई बैठक ... Read more
जोधपुर संभाग के जिला शिक्षा अधिकारियों को अब रोजाना संभाग मुख्यालय में रिपोर्ट भेजनी होगी कि उनके अधीन आने वाले वाले ऑफिस और स्कूल में किसी व्यक्ति ने फोटो-वीडियो बनाए या नहीं। इस संबंध में संयुक्त निदेशक संभाग मुख्यालय जोधपुर की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) हिम्मत सिंह तंवर की तरफ जारी आदेश में इस संबंध में रोजाना 1 बजे इस संबंध में सूचना भेजने के लिए कहा गया है। मुख्यालय की तरफ से जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखा है- आपके अधीन कार्यालयों, स्कूलों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, बिना अनुमति किसी गतिविधि का वीडियो बनाने, फोटो लेने और शैक्षिक वातावरण खराब करने की कोई घटना संज्ञान में आए जाने पर तुरंत प्रभाव से उसकी सूचना और नहीं पाए जाने पर Nil की सूचना रोज दोपहर 1 बजे से पहले ऑफिस की ईमेल पर अनिवार्य रूप से भेजना होगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शिक्षा निदेशालय कि तरफ से प्रिंसिपल या हैडमास्टर की अनुमति बिना बाहरी व्यक्ति के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश भी जारी किए गए थे। ये खबरें भी पढ़िए… दिलावर बोले-स्कूलों में मीडिया एंट्री पर पाबंदी नहीं:CJP की चेतावनी-सरकार एडवांस में FIR दर्ज करवा दे, गहलोत ने कहा-सरकार फैसला वापस ले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन लगाने के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। (पढ़िए पूरी खबर) सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री बैन:स्टूडेंट्स की फोटो-वीडियो बनाने के लिए प्रिंसिपल की अनुमति जरूरी राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)
घाटमपुर की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विधायक सरोज कुरील ने शुक्रवार शाम लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में विद्यालयों के समायोजन और नए मॉडल स्कूल की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों का ही समायोजन किया जाएगा। वहीं, तिराहा पट्टी में करीब 1500 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाला मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने की योजना है। लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान विधायक सरोज कुरील ने घाटमपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सामने रखा। विधायक ने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में विद्यालयों के समायोजन की प्रक्रिया के तहत केवल उन विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 50 से कम विद्यार्थियों का नामांकन है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। मुलाकात के दौरान घाटमपुर के तिराहा पट्टी में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना को लेकर भी जानकारी दी गई। प्रस्तावित विद्यालय में करीब 1500 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की व्यवस्था होगी। विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। खास बात यह होगी कि इस विद्यालय में कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के लिए अलग-अलग विद्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होगी। विधायक बोली- छात्र छात्राओं को मिलेगी बेहतर शिक्षा घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना से घाटमपुर के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र के ग्राम पेंड्रावन में सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर शुक्रवार को स्कूली बच्चों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के जिले में स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से नाराज बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। बच्चों के सड़क पर उतरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पहले देखिए तस्वीरें मामला पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल का है। यहां शिक्षक की कमी को लेकर विद्यार्थी लंबे समय से परेशान बताए जा रहे हैं। बच्चों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विषयवार शिक्षक नहीं होने से उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने और अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता बनी हुई है। पहली बार छत्तीसगढ़ में जेन-अल्फा सड़क पर यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे। बच्चों ने कहा कि उन्हें राजनीति नहीं, स्कूल में शिक्षक चाहिए। वे स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि हर विषय की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों। मंत्री के गृह क्षेत्र में व्यवस्था पर सवाल पेंड्रावन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग के धमधा क्षेत्र में आता है। ऐसे में मंत्री के गृह क्षेत्र में ही सरकारी स्कूल के बच्चों को शिक्षकों की कमी के विरोध में सड़क पर उतरना पड़ा। काफी देर तक सड़कों पर रहे बच्चे चक्काजाम की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। बच्चों और स्थानीय लोगों की मांग है कि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक मिलना उनका अधिकार है। पढ़ाई के लिए बार-बार आवाज उठाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए प्रशासन को जल्द समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष (जिला बाल संरक्षण इकाई), जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) तथा सहायक निदेशक (बाल अधिकारिता विभाग) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव का स्वागत, खेल गतिविधियों को लेकर हुआ मंथन
उदयपुर में नवपदस्थापित उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव का स्वागत हुआ। खेल प्रतियोगिताओं और विद्यार्थियों की भागीदारी पर चर्चा हुई।
NITI Aayog ने खोल दी भारत की शिक्षा व्यवस्था की पोल?
100 में सिर्फ 8 ग्रेजुएट्स को ही अपनी पढ़ाई के हिसाब की नौकरी मिल रही है। NITI Aayog की नई रिपोर्ट Reimagining Skilling for Viksit Bharat @2047 भारत की शिक्षा व्यवस्था और नौकरी के बीच बढ़ते गैप की बड़ी तस्वीर सामने लाती है।
सेमा स्कूल में विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार, भामाशाह परिवार ने बढ़ाईं शिक्षा सुविधाएं
राजसमंद के सेमा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाह परिवार के सहयोग से तीन कक्षा-कक्ष, फर्नीचर, बाउंड्री वॉल, किचन शेड सहित कई विकास कार्य करवाए गए हैं। गणित-विज्ञान शिक्षकों का मानदेय भी ट्रस्ट उठा रहा है।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग तेज
मनोज दुबे ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली, जर्जर भवन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की।
वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल, वलसाड ने 107 साल की विरासत के साथ शिक्षा में रचा नया मुकाम
वलसाड का वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल 107 साल की विरासत के साथ आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 100% बोर्ड परिणाम, तकनीकी सुविधाओं और नए उच्च माध्यमिक भवन से विद्यालय का विस्तार जारी है।
लखनऊ में आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ को पत्र भेजकर समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन के महामंत्री उमेश कुमार पांडे ने कहा कि कई महीनों से शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर समस्या बनी हुई है। परियोजना कार्यालय से मानदेय मिलने के बाद भी समय पर शिक्षामित्रों के खातों में राशि नहीं पहुंचती। संगठन ने मांग की कि परियोजना कार्यालय से मानदेय प्राप्त होने के 3 से 5 दिन के भीतर शिक्षामित्रों के खातों में भुगतान किया जाए। संगठन के अनुसार, जिले में हर महीने 2 से 5 शिक्षामित्रों का मानदेय जिले से लगने के कारण छूट जाता है। इसकी जांच कर समस्या का निस्तारण कराने की मांग की गई। पत्र में एफएलएन प्रशिक्षण-2025 की राशि का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण की राशि नहीं मिली है। पूरे वर्ष संगठन की ओर से कार्यालय को इसकी जानकारी दी जाती रही है। शेष भुगतान की मांग संगठन ने शेष राशि का भुगतान कराने की मांग की। संगठन ने अधिकारियों से सभी समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान कराने की अपील की। इससे शिक्षामित्र मानसिक रूप से स्वतंत्र होकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
भारत में स्नातकों की बेरोजगारी: शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई
भारत में हर साल लाखों युवा स्नातक होते हैं, लेकिन उनमें से केवल 8.25 प्रतिशत ही अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी प्राप्त कर पाते हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई, पाठ्यक्रमों की असंगति, और व्यावहारिक कौशल की कमी जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं का झुकाव बढ़ रहा है। शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है ताकि छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
बिहार सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बावजूद 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है। इन छात्रों की मांग है कि TRE-4 में एक परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग हटाई जाए। आज भी छात्रों की ओर से आंदोलन की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम से की। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की है। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री से इस मामले में बातचीत करेंगे। राज्यपाल ने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आंदोलनकारी छात्रों की मांग पर कहा कि कुछ लोग तो परीक्षा ही नहीं होने की समर्थन में हैं। वह जितने मांग कर रहे हैं, सभी को पूरा करना संभव नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग ने मिलकर यह नियम बनाया है। उन्होंने कहा, 'हमें अच्छे प्रतिभा वाले शिक्षक चाहिए। यह निर्णय शिक्षा विभाग का नहीं है। हमारा काम वैकेंसी जारी करना था, वह हमने कर दिया। अगर दो परीक्षा है तो उसका कई छात्र स्वागत भी कर रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सरकार कोई भी बदलाव TRE-5 से करे छात्र PT और Mains परीक्षा नहीं देना चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे। इसके अलावा TRE-4 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करे। इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इसमें TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें की गई हैं। स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखे पत्र में कहा है- TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी काफी हताश, परेशान और निराश हैं। हमारी मांगें पूरी की जाएं। सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप के साथ सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर ही रह रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि जैसे ही हम लोगों ने प्रदर्शन की शुरुआत की तो TRE 4 का विज्ञापन निकल गया। इस विज्ञापन को लेकर मैं जेल भी गया, मेरे साथ वहां मारपीट की गई। लेकिन दो परीक्षा की बात कही गई है। जबकि TRE 1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। छात्रों का कहना है जो भी एक्सपेरिमेंट करना है वो TRE-5 से कीजिए। PT और MAINS के नाम पर इसको 4 साल लटका दिया जायेगा। TRE-5 में जो भी बदलाव करना है, इसका नोटिस अभी जारी करिए, ताकि अभ्यर्थी उस तरह से उसकी तैयारी करें। BSSC की ओर से एग्जाम का डेट जल्द जारी होना चाहिए। BSSC को लेकर छात्रों की मांग यूनियन ने BSSC से संविदा वेटेज हटाने और परीक्षा तारीख घोषित करने, LET और BET कराने, AEDO परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग की है। साथ ही BPSC सिविल सेवा में हिंदी भाषियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई है। रौशन आनंद सर ने छात्रों को दिया समर्थन छात्र आंदोलन को लेकर शिक्षक रौशन आनंद सर ने अपने छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र नेता आपसी मतभेद खत्म कर एक मंच पर आएं, तभी आंदोलन प्रभावी होगा। अपने क्लास के दौरान रौशन आनंद सर ने कहा, ‘छात्रों को पूरा दिन आंदोलन में रहने की जरूरत नहीं है। अगर हर दिन सिर्फ दो-चार घंटे भी आंदोलन स्थल पर जाकर अपनी भागीदारी निभाएंगे तो इससे छात्रों की मांगों को मजबूती मिलेगी।’ छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा, सभी एकजुट हों- रौशन आनंद उन्होंने कहा, ‘छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा है। एक तरफ छात्र नेता दिलीप कुमार हैं तो दूसरी तरफ छात्र नेता सौरभ कुमार और अमन जैसे लोग हैं। सभी एकजुट होंगे, तभी बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकजुट होंगे।’ रौशन आनंद सर ने कहा, ‘पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र मानसिक दबाव में हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है।' छात्रों की मांगो को लेकर पप्पू यादव राज्यपाल से मिले छात्रों की मांग को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से लोक भवन में मुलाकात की। उनके साथ कुछ अभ्यर्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग का समर्थन किया। TRE-4 से PT-MAINS हटाने की मांग छात्रों की सबसे बड़ी मांग TRE-4 में सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए। छात्रों का कहना है कि TRE-4 पहले ही काफी देर से हो रही है, ऐसे में इसमें PT और MAINS जैसी दो स्टेप पर परीक्षा कराना करना उचित नहीं होगा। सरकार कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्र नेताओं का आरोप है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर PT और MAINS की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन इससे पहले भी PT, MAINS और इंटरव्यू वाली परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 66वीं, 67वीं और 70वीं में भी पेपर लीक हुआ' आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि BPSC की 66वीं, 67वीं और 70वीं जैसी परीक्षाओं में PT और Mains की व्यवस्था होने के बावजूद पेपर लीक के मामले सामने आए। ऐसे में सिर्फ परीक्षा के चरण बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा होनी चाहिए और नए प्रयोग TRE-5 से किए जाएं। 32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती TRE-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ----------------------- ये भी पढ़ें बिहार में छात्र आंदोलन-17 दिन से अनशन, 10KG वजन घटा:प्रोफेसर कुमुद बोले- सरकार तानाशाह, कुछ नहीं सुनती; जानिए प्रदर्शनकारियों की मांगें ‘मैं रहूं या न रहूं बिहार की शिक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए, उच्च शिक्षा रहनी चाहिए। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रोफेसर्स की लड़ाई है। 17 दिनों से बिना अन्न ग्रहण किए आमरण अनशन पर बैठे हैं। वजन करीब 10 किलो कम हो गया है। BP भी लो है और डॉक्टरों ने बिगड़ती हालत को देखते हुए कहा है कि कभी भी अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है। सरकार तानाशाही की तरफ बढ़ रही है। 17 दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन उनकी तरफ से कोई सुध नहीं ली गई।’ पूरी खबर पढ़ें
बड़ी खबर: रीवैल्यूएशन मामले में SC पहुंचे CBSE के 1.68 लाख छात्र
CBSE बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन और पोर्टल की समयसीमा को लेकर उठे विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. लगभग 1.68 लाख छात्रों की शिकायतों और तकनीकी गड़बड़ियों के बीच अदालत ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद मंगलवार को इस पर फैसला आ सकता है.
संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष कलश पूजन अभियान के तहत संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से पवित्र मिट्टी गोपालगंज लाई गई। जिले में पहुंची इस पवित्र मिट्टी को संत रहसू भगत धाम परिसर में कलश में स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद कलश को जिले के विभिन्न प्रखंडों, मंडलों और गांवों में ले जाने की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत गांव-गांव में कलश पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, जो दो दिवसीय गोपालगंज दौरे पर थे, ने संत रविदास की पवित्र मिट्टी वाले कलश का पूजन किया और उन्हें नमन किया। गोपालगंज की संत परंपरा का मंत्री ने उल्लेख किया उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में संतों का विशेष स्थान है। संत रविदास ने समाज को समानता, भक्ति, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जिनके विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व द्वारा संत रविदास के सम्मान तथा उनके विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। गोपालगंज में भी पवित्र मिट्टी के कलश को विभिन्न क्षेत्रों में ले जाकर लोगों को संत रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक संदेशों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज की संत परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने संत रहसू भगत और बैकुंठपुर के सुपन भगत को नमन करते हुए कहा कि गोपालगंज की धरती संतों की समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी रही है। उन्होंने जोर दिया कि संतों के विचार समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने चाहिए, जिससे सामाजिक समरसता और सद्भाव मजबूत हो सके। विधि-विधान से कलश पूजन किया भाजपा के प्रदेश महामंत्री सरोज राजन पटेल ने जानकारी दी कि संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से लाई गई इस पवित्र मिट्टी को कलश में स्थापित कर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जा रहा है। गोपालगंज में भी इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है। अब जिले के विभिन्न प्रखंडों और मंडलों में कलश ले जाकर पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गिरी उर्फ मंटू गिरी ने बताया कि वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को सबसे पहले संत रहसू भगत के मंदिर परिसर में रखा गया और यहां विधि-विधान से कलश पूजन किया गया। इसके बाद कलश को जिले के अलग-अलग प्रखंडों और गांवों में ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अभियान के दौरान लोगों को संत रविदास के जीवन, उनके सामाजिक विचारों और समानता के संदेश की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही साथ ही संत परंपरा और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य समारोह बैकुंठपुर स्थित सिंहासनी धाम में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। कलश के गांव-गांव पहुंचने के दौरान स्थानीय लोगों की सहभागिता से पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम के दौरान गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ, एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पवित्र मिट्टी के कलश को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। अभियान के माध्यम से संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
jaipur, 21 अगस्त . Rajasthan के jaipur में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्कूलों का दौरा करने का विरोध किया गया. बगरू इलाके में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में सीजेपी के कार्यकर्ता जैसे ही पहुंचे गांव के लोगों ने कार्यकर्ताओं का विरोध किया और भगा दिया. आरोप है इस दौरान ग्रामीणों ने ... Read more
PC: jagran महिला एवं बाल विकास विभाग ने झांसी, उत्तर प्रदेश में 223 आंगनवाड़ी वर्कर पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। जो महिलाएं झांसी में आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर काम करने में दिलचस्पी रखती हैं, वे 7 सितंबर, 2026 तक ऑफिशियल वेबसाइट upanganwadibharti.in के ज़रिए ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा कर सकती हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लें। कौन अप्लाई कर सकता है? जो महिला उम्मीदवार तय योग्यता शर्तों को पूरा करती हैं, वे आंगनवाड़ी वर्कर पदों के लिए अप्लाई कर सकती हैं। मुख्य योग्यता शर्तें हैं: आवेदकों के पास क्लास 12 या पद के लिए मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। कम से कम उम्र 18 साल है, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 35 साल है। उम्मीदवारों की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। आवेदक जिस पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उस वार्ड या ग्राम सभा के स्थायी निवासी होने चाहिए। सिलेक्शन क्लास 12 में मिले मार्क्स के हिसाब से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा। घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें आंगनवाड़ी वर्कर पोस्ट के लिए एप्लीकेशन सिर्फ़ ऑनलाइन मोड से ही लिए जाएँगे। कैंडिडेट इन स्टेप्स को फ़ॉलो करके घर बैठे रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: ऑफिशियल वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएँ। होमपेज पर, आंगनवाड़ी वर्कर (AWW) सेक्शन ढूँढें और चुनें। आंगनवाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। सभी ज़रूरी पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी डिटेल्स ध्यान से डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की हुई कॉपी बताए गए फ़ॉर्मेट में अपलोड करें। एप्लीकेशन फ़ॉर्म सबमिट करने से पहले उसे अच्छी तरह से देख लें। फ़ॉर्म सक्सेसफुली सबमिट करने के बाद, आगे के लिए एप्लीकेशन की एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। कैंडिडेट यह पक्का कर लें कि एप्लीकेशन फ़ॉर्म में दी गई सभी जानकारी सही है और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स सही तरीके से अपलोड किए गए हैं। यह भी सलाह दी जाती है कि आखिरी तारीख तक इंतज़ार करने के बजाय, 7 सितंबर, 2026 से पहले एप्लीकेशन पूरी कर लें।
NTPC recruitment 2026: 135 डिप्टी मैनेजर पदों पर आवेदन का सुनहरा मौका, 26 अगस्त तक करें अप्लाई
PC: UxDT नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन ने 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 26 अगस्त है। भर्ती का विज्ञापन एडवरटाइजमेंट नंबर 10/26 के तहत दिया गया है, इच्छुक और योग्य उम्मीदवार डेडलाइन खत्म होने से पहले पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। भर्ती को इलेक्ट्रिकल में 40 पोस्ट, मैकेनिकल में 55 पोस्ट, और C&I में 40 पोस्ट में बांटा गया है, यानी कुल 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट। ज़रूरी तारीखें: ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12 अगस्त ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 26 अगस्त रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट और इंटरव्यू की तारीखें: अभी बताई नहीं गई हैं। वैकेंसी : कुल: 135 पोस्ट इलेक्ट्रिकल: 40 मैकेनिकल: 55 C&I: 40 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (मैकेनिकल): 55 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल/प्रोडक्शन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (C&I): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स/कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन/इंस्ट्रूमेंटेशन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल। एज लिमिट में छूट: SC/ST/OBC-NCL/PwBD: 40 साल क्वालिफिकेशन: पासिंग मार्क्स एक्सपीरियंस: 2 साल की छूट। पे स्केल: इलेक्ट्रिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने मैकेनिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने C&I: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने एप्लीकेशन फीस: जनरल/EWS/OBC: Rs. 500 (नॉन-रिफंडेबल) SC/ST/PwBD/एक्स-सर्विसमैन/महिला: कोई फीस नहीं मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन सिलेक्शन प्रोसेस: एप्लीकेशन शॉर्टलिस्टिंग/स्क्रीनिंग (क्वालिफिकेशन, मार्क्स का परसेंटेज, क्वालिफिकेशन के बाद कितने साल का एक्सपीरियंस, वगैरह के आधार पर) रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट पर्सनल इंटरव्यू या ऊपर दिए गए ऑप्शन का कॉम्बिनेशन अप्लाई कैसे करें: careers.ntpc.co.in पर लॉग ऑन करें, या www.ntpc.co.in पर करियर सेक्शन पर जाएं। एक वैलिड, एक्टिव ईमेल ID से रजिस्टर करें (NTPC कैंडिडेट्स को भेजे गए बाउंस हुए ईमेल के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा)। जिस डिसिप्लिन के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसके लिए सही पर्सनल, एजुकेशनल और एक्सपीरियंस डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें। ऊपर दिए गए डॉक्यूमेंट्स रिक्वायर्ड सेक्शन में लिस्टेड सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू होने वाली एप्लीकेशन फीस (सिर्फ़ जनरल/EWS/OBC कैंडिडेट्स के लिए) SBI पे-इन-स्लिप प्रोसेस से ऑफलाइन, या नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पे करें। ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद, सिस्टम से मिली एप्लीकेशन स्लिप डाउनलोड करें, जिस पर एक यूनिक एप्लीकेशन नंबर हो, और भविष्य के लिए एक कॉपी अपने पास रख लें। कोई भी डॉक्यूमेंट पोस्ट से भेजने की ज़रूरत नहीं है।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों के लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में प्रवेश करने की घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने दो घंटे पेन डाउन रखा। इस दौरान शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों ने काम नहीं किया। दो घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। इधर, राज्य शिक्षा केंद्र में भी कर्मचारियों ने आयुक्त के कक्ष में प्रवेश की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। चयनित शिक्षक नीलम पार्क में जुटे हैं और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। चैंबर में घुसकर की थी नारेबाजी आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह के कार्यालय में गुरुवार शाम प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद नियुक्ति से वंचित उम्मीदवारों के एक समूह ने जबरन घुसकर नारेबाजी की थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सबको आयुक्त के कक्ष से बाहर निकाला था। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने इस घटना का विरोध करते हुए आज से आंदोलन और पेन डाउन करने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर संविदा कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इनके द्वारा आयुक्त के कक्ष में घुसने की कोशिश की निंदा करते हुए कार्यवाही की मांग की गई। मोर्चा के अध्यक्ष रमेश राठौर और अन्य कर्मचारियों ने इस तरह की घटनाओं की स्थिति में सरकारी कामकाज पर असर पड़ने की बात कही। राठौर ने कहा कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी आज प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे हैं। अहिंसात्मक तरीके से लोग अपनी बात रख सकते हैं लेकिन इसके लिए हिंसा का रास्ता अपनाना कतई उचित नहीं है। अल्पवेतन भोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले ने भी इसके विरोध में साथी कर्मचारियों को लेकर प्रदर्शन किया है। आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय के कर्मचारी नेता मुकेश शर्मा ने बताया कि चूंकि कल घटना के बाद प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों ने आयुक्त से माफी मांग ली थी। इसलिए आज दो घंटे तक पेन डाउन रखने के बाद सभी काम पर लौट आए हैं ताकि शासकीय काम काज प्रभावित न होने पाए। नीलम पार्क में प्रदर्शन जारी दूसरी ओर शिक्षक चयन परीक्षा में वर्ग 2 और वर्ग तीन के पदों में वृद्धि को लेकर नीलम पार्क में प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां आंदोलनरत चयनित शिक्षकों द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग से पदों में वृद्धि कर नौकरी देने की मांग की जा रही है। इनका कहना है कि लाखों पद रिक्त हैं लेकिन विभाग पद वृद्धि न करके चयन परीक्षा में पास होने के बाद भी नियुक्ति नहीं दे रहा है। यह खबर भी पढ़ें… पोस्टिंग नहीं मिलने पर कमिश्नर के दफ्तर में घुसे प्रदर्शनकारी:भोपाल में चयनित शिक्षकों को पुलिस ने खदेड़ा प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में D.El.Ed की डिग्री के कारण नियुक्ति से वंचित चयनित शिक्षक गुरुवार शाम लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में घुस गए। करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय की पहली मंजिल पर पहुंचे और आयुक्त के कक्ष में घुस गए। पढ़ें पूरी खबर…
आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी-LKG प्रवेश बंद होने से फूटा पालकों का गुस्सा: पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय संग कलेक्टोरेट पहुंचे मजदूर, पूछा- 'क्या गरीबों के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा का हक नहीं?'
शिक्षा मंत्री को बस 2 दिन का टाइम, कॉकरोचों ने दे दी वॉर्निंग, नए प्रोटेस्ट का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के ग्रामीण इलाके में मौजूद एक स्कूल का दौरा किया था, जहां उनपर हमला हो गया। सीजेपी के आरोप हैं कि गांव में लंबे समय से एक स्कूल तबेले में चल रहा था। CJP ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
MRPL Vacancy 2026: एमआरपीएल ने गेट 2026 के जरिए असिस्टेंट इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और केमिकल डिसिप्लिन के उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।
शिक्षा विभाग सख्त: हिमाचल के सभी सरकारी स्कूलों में उबला या फिल्टर पानी बच्चों को पिलाने के आदेश
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के प्राथमिक स्कूल बाड़ी में खीर खाने के बाद छात्रों के बीमार पड़ने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर जोर दिया।
MP TET 2026 Registration: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 12 अक्तूबर से आयोजित की जाएगी।
शिक्षकों के कल्याण के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 3.75 करोड़ रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्कूलों में झंडियां बेची जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बजट एकत्र करने के लिए प्रत्येक जिले को टारगेट दिया है। इस बजट के लिए स्कूलों में शिक्षक दिवस पर झंडियां भिजवाई जाएगी। करीब 3 लाख शिक्षकों से 3 करोड़ रुपए और दानदाताओं को 15 लाख झंडियां बेचकर 75 लाख रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर शिक्षक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस तरह से एकत्र किए जा रहे बजट का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। राज्य सरकार शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद पुष्करणा ने कहा है कि राज्य सरकार को शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करना चाहिए। इस तरह से एकत्र बजट की जिम्मेदारी भी इस बोर्ड को दी जाए। यह है प्रतिष्ठान का कार्य; शिक्षक के निधन पर 20 हजार रुपए सहायता दी जाती है। शिक्षकों के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए 15000 रुपए सहायता दी जाती है। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भारत भ्रमण की सुविधा है। इसलिए उठ रहे हैं सवाल ये है टारगेट विद्यार्थियों के लिए झंडी लेना अनिवार्य नहीं है। दानदाताओं को भी झंडियां दी जा सकती है। इसके हिसाब के बारे में तो उच्चाधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। -अशोक कुमार पारीक, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर पर्दा डालने के लिए पहले शिक्षा विभाग ने बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियो लेने पर रोक लगाई, फिर आदेश पर शिक्षामंत्री ने कहा- मीडिया के प्रवेश पर कोई रोक नहीं। इसी का रियलिटी चेक गुरुवार को भास्कर टीम ने जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में सरकारी स्कूलों में पहुंचकर किया। रिपोर्टर्स को भी प्रवेश नहीं दिया गया। फोटो लेने की वजह लिखित में देने को कहा गया। राजकीय सी.से. स्कूल बजाज नगर जयपुर रिपोर्टर प्रिंसिपल आशा शर्मा से मिला और फोटो लेने का आग्रह किया। प्रिंसिपल ने बाहर एंट्री करके आने को कहा। गेट के पास रजिस्टर में एंट्री के बाद केवल बाहर फोटो लेने की इजाजत दी। पोद्दार सी.से. स्कूल गांधीनगर जयपुर स्कूल के बाहर रजिस्टर नहीं था। प्रिंसिपल लक्ष्मीनारायण झा से कक्षा कक्षों की फोटो लेने का आग्रह किया। प्रिंसिपल ने पहले कारण पूछा और मना कर दिया। पोद्दार मूक बधिर स्कूल, जयपुर स्कूल के दरवाजे पर फोटोग्राफी प्रतिबंध का नोटिस चस्पा है।। लिखा है- बिना अनुमति ऐसा करने पर पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। राजकीय उमावि चांदपोल चौखा जोधपुर रिपोर्टर से प्रिंसिपल नीतू भाटी ने कहा- स्कूल में आदेश के अनुसार फोटो पर प्रतिबंध है। लिखित में दीजिए, फिर अनुमति देने पर विचार करेंगे। राबाउमावि सरदारपुरा जोधपुरस्कूल में फोटो करने से मना कर दिया। प्रिंसिपल डॉक्टर संगीता अरोड़ा ने कहा- मीडिया कवरेज का लिखित में कारण बताओ। यह निर्णय स्कूली बालक बालिकाओं के हित में लिया गया है। राजकीय उमावि नाथूसर गेट बीकानेरस्कूल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कोई रोक-टोक नहीं। विजिटर रजिस्टर भी नहीं। रिपोर्टर ने प्रिंसिपल-शिक्षकों से बात की। फोटो लिए। राजकीय उमावि मुक्ता प्रसाद नगर बीकानेर स्कूल में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों से स्कूल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली, फिर फोटोज भी लिए। विजिटर रजिस्टर नहीं था। महात्मा गांधी स्कूल मुक्ता प्रसाद नगर बीकानेरयहां कक्षा-कक्षों की कमी। बरामदे और टीनशेड के नीचे क्लास चल रही थीं। एक भवन में 3 स्कूलों के विद्यार्थी हैं। हमने फोटो खींचे तो संस्था प्रधान ने इस आपत्ति जताई। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल फतेह टीबा जयपुर फोटो जर्नलिस्ट को किसी ने रोका नहीं, ना कहीं विजिटर रजिस्टर था। स्कूल में करीब 10 मिनट रहने के बाद फोटोग्राफर लौट आया। राबाउमावि श्याम सदन सरदारपुरा जोधपुरस्कूल पहुंचने पर कार्यवाहक प्रिंसिपल ओमप्रकाश विश्नोई ने साफ कह दिया कि बिना परमिशन किसी भी तरह की फोटोग्राफी ओर कवरेज पर बैन है। भले ही आप मीडिया से हो। 3 दिन पहले बोले थे शिक्षामंत्री- स्कूलों में प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं शिक्षा विभाग ने 3 दिन पहले स्कूलों की सुरक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों की निजता का हवाला देकर आदेश जारी किए- कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं करेगा। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों या खेल मैदानों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक रहेगी। कोई इसका उल्लंघन करेगा तो संस्था प्रधान पॉक्सो जैसी धाराओं में केस दर्ज करा सकते हैं। इस पर विवाद हुआ तो शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा था- स्कूल में बच्चों की सुरक्षा हमारा जिम्मा है। अभिभावकों से कुछ छुपा हुआ नहीं। कोई भी कभी भी बिना अनुमति स्कूल में घुस जाए, ऐसा नहीं होगा। सरकार ने स्कूलों में फोटो व वीडियो रिकार्डिंग पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। ऐसा जरूरी होने पर संस्था प्रधान की अनुमति लेना जरूरी होगा।
TISS में बनेगा स्कूल ऑफ एनालिटिक्स: रतन टाटा के नाम पर रखने की तैयारी; क्या बदलेंगे तकनीकी शिक्षा के मायने?
कुंभ राशिवालों को परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का दिन है, आपका सम्मान बढ़ेगा, परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, धन कमाने के नए रास्ते तलाशने का समय है.
वृश्चिक राशिवाले लंबी दूरी की यात्रा ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: लोगों से उलझने से बचें, अचानक प्रॉपर्टी से संबंधित फैसला ना करें, सावधानी से काम करने का दिन है, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा.
गुरु रविदास ने समाज को शिक्षित, स्वावलंबी और नशा मुक्त होने की दी शिक्षा : मेघवाल
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Kanpur News: कठिन है शिक्षा की डगर, चलना जरा संभलकर
जनपद के शिक्षा के मंदिरों की स्थिति बेहद दयनीय है। कहीं स्कूल गेट के बगल में मवेशी बंधे हैं तो कहीं बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता मौत का रास्ता बना हुआ है।
Bareilly News: छात्रा से दस हजार रिश्वत लेते माध्यमिक शिक्षा परिषद का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार
छात्रा से दस हजार रिश्वत लेते माध्यमिक शिक्षा परिषद का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार
Hamirpur (Himachal) News: आर्थिक संकट के अंधेरे में शिक्षकों ने जलाई शिक्षा की ज्योति
In the darkness of economic crisis, teachers lit the light of education.
वंदे मातरम विवाद पर बोले पप्पू यादव- शिक्षा के असली मुद्दों से भटका रहे
Patna, 20 अगस्त . वंदे मातरम विवाद को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आजादी में जिनकी कोई भूमिका नहीं थी, वो अब वंदे मातरम पर सवाल उठा रहे हैं. पप्पू यादव ने इसे ‘नफरत और बांटने वाली राजनीति’ बताते हुए कहा ... Read more
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर राज्य सरकार पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे से इस्तीफा देने की मांग की है.
राजस्थान में लंबे समय से स्थायी आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के 473 परिवारों को अब अपना पक्का घर मिल गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 13 अगस्त को लाभार्थी परिवारों को आवास आवंटन सौंपे। स्थायी पता नहीं होने से इन परिवारों को सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में परेशानी होती थी। आवास मिलने के बाद अब इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। घर से शिक्षा तक, घुमंतू परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल राजस्थान सरकार की यह आवासीय पहल उन परिवारों के लिए अहम मानी जा रही है, जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर रहे हैं। स्थायी घर मिलने से उन्हें न केवल सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि स्थायी पते से दस्तावेज, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। न्यूयॉर्क स्थित राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के अध्यक्ष और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन के एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर लंबे समय से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं के योगदान को भी रेखांकित किया। दुर्गादास जी के प्रयासों की सराहना प्रेम भंडारी ने घुमंतू जाति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय प्रमुख दुर्गादास के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार दुर्गादास जी एक दशक से ज्यादा समय से घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों में उनकी लंबे समय से चली आ रही जमीनी सेवा को महत्वपूर्ण बताया गया है। ब्रिटिश दौर के कलंक का असर आज भी घुमंतू और विमुक्त समुदायों का इतिहास सामाजिक भेदभाव से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश शासन के दौरान एक कानून के तहत इन्हें ऐतिहासिक रूप से ‘अपराधी जनजातियों’ की श्रेणी में रखा गया था। यह कानून 1952 में निरस्त कर दिया गया, लेकिन इससे जुड़ा सामाजिक कलंक और आर्थिक पिछड़ापन लंबे समय तक बना रहा। आज भी कई परिवारों के पास स्थायी घर, औपचारिक दस्तावेज और सरकारी योजनाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं है। ऐसे में आवास उपलब्ध कराना इनके पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले भी हुए रोजगार और जागरूकता से जुड़े प्रयास इन समुदायों के लिए पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में सामाजिक और कल्याणकारी स्तर पर कई गतिविधियां हुई हैं। जनवरी 2025 में जयसिंहपुरा खोर की चेतना बस्ती में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना था। इसके बाद 29 नवंबर 2025 को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सैकड़ों परिवारों को आजीविका से जुड़े साधन वितरित किए। आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम को प्रेम भंडारी ने RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन की ओर से व्यक्तिगत रूप से प्रायोजित किया था। RANA के सचिव रवि जारगढ़ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। स्वच्छता के बाद अब बच्चों की शिक्षा पर फोकस इन संगठनों की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता प्रोत्साहन अभियान को भी समर्थन दिया गया। आयोजकों का कहना है कि इससे बस्तियों में स्वच्छता की स्थिति सुधारने में मदद मिली। अब प्रेम भंडारी का फोकस इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर है। उन्होंने कहा कि वह इन समुदायों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और सिविल सेवक बनते देखना चाहते हैं। RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन योग्य और जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उनकी शिक्षा का खर्च उठाने की योजना पर काम करेंगे। सरकार की योजना के खर्च का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं यह पहल सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय की भागीदारी का उदाहरण भी है। हालांकि, राजस्थान सरकार ने अभी तक 473 फ्लैटों की योजना की कुल लागत और लाभार्थियों के चयन के विस्तृत मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में योजना के आर्थिक पक्ष और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के स्कूलों की बदतर हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकारों से छात्रों की बात सुनने और बल प्रयोग न करने की अपील करते हुए बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग की है।
आगरा मुख्य विकास अधिकारी ने गुरुवार को नगरीय क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क में शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं अफसर ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे-मील की गुणवत्ता, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। सीडीओ ने सबसे पहले मंडी सईद खां स्थित कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी का निरीक्षण किया। यहां कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है और इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां भी संचालित है। निरीक्षण के समय कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी में पंजीकृत 128 छात्रों में से 108 और प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां में 63 में से 56 छात्र उपस्थित मिले। इसी विद्यालय परिसर में कंपोजिट विद्यालय वजीरपुरा और प्राथमिक विद्यालय कन्या वजीरपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सभी छात्र यूनिफार्म में मिले। छात्रों को दिए जा रहे मिड-डे-मील की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। छात्रों ने भी उन्हें दिए जा रहे भोजन को अच्छा बताया। सभी छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है, जिसकी पुष्टि छात्रों ने बातचीत के दौरान की। स्कूल में पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगा मिला और सभी छात्र इसी से पानी पीते मिले। इसके बाद सीडीओ ने कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस विद्यालय परिसर में प्राथमिक विद्यालय पुनियापाड़ा और प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। सीडीओ ने यहां पढ़ रहे छात्रों से बातचीत कर उनके पढ़ाई के स्तर की जांच की, जो संतोषजनक पाया गया। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए।
बिहार EOU ने शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में पटना और बेगूसराय के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी में लाखों रुपये नकद, करीब 51 लाख रुपये के आभूषण, बैंक खातों, बीमा, म्यूचुअल फंड, फ्लैट और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले।
नयागांव उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल खराड़ीवाड़ा में गुरुवार को राहत और प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भामाशाहों के सहयोग से कक्षा 1 से 5वीं तक के 110 जरूरतमंद छात्रों को निःशुल्क स्कूल जूते वितरित किए गए। साथ ही, स्कूल में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लैपटॉप देने की भी घोषणा की गई। संस्थाप्रधान अशोक कुमार नायक ने बताया कि खराड़ीवाड़ा पहाड़ा निवासी भामाशाह शैलेष खराड़ी के सौजन्य से इन छोटे बच्चों को जूते उपलब्ध कराए गए हैं। शैलेष खराड़ी ने शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य में भी सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में रमेश कुमार, वजिया बंजारा और महेश गरासिया ने संयुक्त रूप से स्कूल को लैपटॉप देने की घोषणा की। भामाशाहों ने कहा कि तकनीक के माध्यम से बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल युग के लिए तैयार हो सकें। मौजूद भामाशाह राकेश रावल ने भी आगामी दिनों में कक्षा 6 से 8वीं तक के 100 छात्रों को जूते प्रदान करने की घोषणा की। संस्थाप्रधान अशोक कुमार नायक ने सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधर सकती है और ऐसे प्रयासों से गरीब व जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलता है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होती है।
हरियाणा के भिवानी जिले के सरकारी स्कूल के एक वीडियो ने बच्चों को परोसे जाने वाले मिड डे मील की हैरान करने वाली तस्वीर पेश की है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सांगवान गांव के प्राइमरी स्कूल की वीडियो जारी की। जिसमें राशन में कीड़े-सुरसरी चलते दिख रहे हैं। कमरों की दीवारों में बड़ी दरारें हैं और टॉयलेट बेहद खराब हालात में दिख रहे हैं। टीम के सदस्य लोकेश ने बताया कि हरियाणा के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत स्कूलों में जाकर स्थिति देखी जा रही है। 18 अगस्त को इस प्राइमरी स्कूल में पहुंचे थे। दूसरी तरफ, डिस्ट्रिक्ट एलिमेंटरी एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) विनय कुमार जिंदल ने वीडियो पर सफाई दी। बोले-ये जो खराब राशन था, ये खाने के लिए नहीं था, बल्कि अलग निकाल रखा था। सबसे पहले जानिए…वीडियो में क्या दिख रहा सीजेपी की टीम ने इस तरह दिखाया स्कूल का हाल… स्कूल में 40 बच्चों पर 3 टीचर, 2 SIR में लगे बता दें कि गांव सांगवान के प्राइमरी स्कूल में 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनको पढ़ाने के लिए स्कूल में 3 टीचर्स हैं। जिनमें से 2 की एसआईआर में ड्यूटी लगी है। ऐसे में 1 टीचर के जिम्मे ही स्कूल की सारी जिम्मेदारी आई हुई है। इस पर गांव सांगवान के सरपंच विद्या देवी के प्रतिनिधि बलजीत ने बताया कि स्कूल के राशन में कीड़े मिलने की सूचना नहीं है। हालांकि स्कूल को अच्छे से चलाने के लिए प्रयास किए जाते हैं। डीईईओ बोले-खराब राशन क्यों डिस्पोज नहीं किया जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) विनय कुमार जिंदल ने बताया कि वीडियो उनके सामने आई थी। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच की। जिसके बाद पता चला कि यह अनाज व राशन अलग से रखा हुआ था, बच्चों के खाने के लिए नहीं था। जिसे डिस्पोज करना था, लेकिन उसे डिस्पोज नहीं किया। इस मामले की जांच की जा रही है। स्कूल में 3 में से 2 टीचर्स की एसआईआर में ड्यूटी कैसे लगी, इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा चरित्र, संस्कृति और आत्मा को आकार देती है : रहमतुन्निसा ए.
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। आज जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘स्कूल ऑफ़ लाइफ़’ विषय पर ऑरा ई-मैगज़ीन की ओर से एक शैक्षिक सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया। इस सेमिनार में इस बात पर चर्चा की गई कि शिक्षा किस तरह […]
असिस्टेंट प्रोफेसर के इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार जेकेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर हंगामा; वीडियो में जाने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
स्कूलों में मीडिया पाबंदी, बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जूली ने निकाला सविनय अवज्ञा मार्च
जूली ने कहा कि करीब 15 दिन पहले विद्यालय की खराब स्थिति, गंदे पानी और गंदगी से भरे शौचालयों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने वहां जाकर बच्चों से मुलाकात की थी और दोबारा मिलने का भरोसा दिया था। गुरुवार को जब वे फिर विद्यालय पहुंचे तो उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अजमेर जिले के केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के सावर उपखंड में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के नशे में पहुंचने का मामला सामने आया है। मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत के उंदरी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के कार्यवाहक प्रिंसिपल भीमाराम शराब के नशे में स्कूल पहुंचे। हालत इतनी खराब थी कि वे स्कूल के खेल मैदान में घास पर ही सो गए। घटना का वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें स्कूल से हटाकर दूसरी जगह पदस्थापित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक के नशे में स्कूल पहुंचने की जानकारी मिलने पर विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शिक्षक को मैदान से उठाकर पानी से चेहरा और सिर धोया गया, लेकिन काफी देर तक उन्हें होश नहीं आया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सावर के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी। 27 साल से इसी स्कूल में थे, 6 महीने पहले मिला था प्रमोशन एडिशनल प्रिंसिपल भीमाराम पिछले करीब 27 साल से इसी विद्यालय में कार्यरत थे। करीब 6 महीने पहले उनका प्रमोशन हुआ था और उन्हें एडिशनल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी दी गई थी। वे स्कूल में बच्चों को मैथ्स और साइंस पढ़ाते थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक के इस तरह नशे में स्कूल आने से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल का माहौल प्रभावित हुआ। विभाग ने स्कूल से हटाकर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर लगाया मामला सामने आने के बाद गुरुवार को अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने शिक्षक को उंदरी स्थित स्कूल से हटाकर मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नई जिम्मेदारी दी है। साथ ही मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भी दी गई है। अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने बताया कि शिक्षक के नशे की हालत में स्कूल आने की शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए मीणों का नयागांव और पारा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भेजा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की मांग- विभाग करे सख्त कार्रवाई ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में शिक्षक का नशे की हालत में पहुंचना बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई और विद्यालय की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है। (इनपुट-मान सिंह मिना, घटियाली)
शिक्षा विभाग के फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी प्रतिबंध के विरोध में पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
टोंक में शिक्षा विभाग के विद्यालयों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध के विरोध में आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपकर आदेश निरस्त करने की मांग की।
कांग्रेस की बैठक में पेपर लीक, शिक्षा और परिसीमन के मुद्दों पर हुई चर्चा
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस की ऑफ-ब्रीफिंग में Thursday को कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कांग्रेस संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में पेपर लीक से लेकर परिसीमन तक कई मुद्दे उठे. जयराम रमेश ने कहा कि पेपर लीक को लेकर राज्यों के अलग-अलग कानून हैं और केंद्र का अलग कानून ... Read more
साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग निदेशक ने किया राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण
साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग के निदेशक महेन्द्र कुमार खींची ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग से संबंधित...
झारखंड के मासिक जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा में पूर्वी सिंहभूम 76.38% अंकों के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा, जबकि लोहरदगा और कोडरमा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
कैमूर जिले में सरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' शुरू किया गया है। प्रशासन ने इसके सुचारु संचालन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। छात्रों की सहायता के लिए 'मे आई हेल्प यू' डेस्क पर कंप्यूटर ऑपरेटर और कार्यालय कर्मियों की तैनाती की जाएगी। रचनात्मक विचार साझा कर सकेंगे स्टूडेंट इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य सरकारी डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल संस्थान (जीएनएम/एएनएम), पॉलिटेक्निक, आईटीआई, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सिमुलतला और सरकारी छात्रावासों के विद्यार्थियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। पोर्टल को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: 'सुझाव' और 'शिकायतें'। 'सुझाव' श्रेणी के तहत, छात्र शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने रचनात्मक विचार साझा कर सकेंगे। इन सुझावों को अंतिम निर्णय के लिए राज्य स्तरीय समिति के समक्ष भेजा जाएगा। 'शिकायतें' श्रेणी में, छात्र शिक्षा और संस्थान से जुड़ी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। समस्याओं की नियमित समीक्षा की जाएगी इनमें शिक्षकों की अनुपस्थिति, समय पर परीक्षा न होना या छात्रावास की कमियां शामिल हैं। विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत मामले भी दर्ज करा सकेंगे। आगामी 25 तारीख (माह के चौथे मंगलवार) से इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों की समस्याओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल छात्रों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुंचाने में मदद करेगी।
सुजीत की नर्सिंग शिक्षा को मिला सहारा:RBK ने 50 हजार का चेक और 3100 रुपए की मदद की
चौमूं में राज ब्रह्मा कार्मिक समूह समिति (RBK) ने नया बास शाहपुरा निवासी सुजीत शर्मा की नर्सिंग शिक्षा के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी है। सुजीत का राजकीय नर्सिंग कॉलेज, अजमेर में सत्र 2026 के लिए प्रवेश हुआ है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कॉलेज फीस जमा करना बड़ी चुनौती बन गई थी। परिवार की स्थिति सामने आई तो RBK ने की पहल अत्यंत निर्धन परिवार से आने वाले सुजीत की फीस जमा करने में परेशानी की जानकारी मिलने पर राजब्रह्म कार्मिक समूह (RBK) समिति से जुड़े सदस्यों ने उसकी मदद के लिए पहल की। के.आर. मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अमर शर्मा, सामोद सीएचसी के सर्जन डॉ. प्रदीप बारी, आयुर्वेद वरिष्ठ चिकित्सक सांवरमल शर्मा और नर्सिंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने सुजीत की आर्थिक स्थिति को देखते हुए RBK एडमिन पैनल से फीस सहायता की अनुशंसा की। जांच के बाद 50 हजार रुपए का चेक पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद समिति ने सुजीत की कॉलेज फीस के लिए 50 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। इससे फीस जमा करने की चिंता दूर हुई और उसकी नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने का रास्ता साफ हुआ। डॉ. अमर शर्मा ने भी किया व्यक्तिगत सहयोग समिति की सहायता के अतिरिक्त डॉ. अमर शर्मा ने व्यक्तिगत सहयोग के तौर पर 3,100 रुपए नकद सुजीत की माताजी को सौंपे। आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के लिए काम कर रही RBK RBK एडमिन पैनल के कवि पंडित पंकज ने बताया कि राजब्रह्म कार्मिक समूह समिति राजस्थानभर में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सरोकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाती है। कार्यक्रम में नर्सिंग ऑफिसर मनीष शर्मा, परमेश्वर शर्मा, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, राजेश बारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
जातिगत भेदभाव रोकने के UGC नियमों पर टली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इस पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि UGC पहले अपना जवाब याचिकाकर्ताओं को सौंपे, ताकि वे उसका अध्ययन कर सकें. अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी. गौरतलब है कि इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने UGC के इन नए नियमों के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए केंद्र और यूजीसी से जवाब तलब किया था.
अभिजीत दीपके ने अब इस शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा, बोले- इसके लिए वोट देते हैं क्या?
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कॉजपा संयोजक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग की। बोले- मंत्रियों के कुत्तों को भी बच्चों से बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
जल्दी करें, ग्रेजुएट युवाओं के पास आईबीपीएस क्लर्क बनने का अंतिम मौका, 11403 पदों पर होनी है भर्ती
आवेदन करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट 5 सितंबर 2026 तक लिया जा सकेगा। इस भर्ती में शामिल होने के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। साथ ही पदानुसार उम्मीदवारों के पास अन्य निर्धारित पात्रताएं भी होनी चाहिए जिसकी जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दर्ज है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण: लायंस क्लब ने स्कूल में लगाए 150 पौधे, LED TV भी भेंट
भीलवाड़ा के Government Primary School, Takhat Pura में लायंस क्लब भीलवाड़ा प्रताप ने 150 पौधे लगाए और LED TV भेंट किया। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पौधों की नियमित देखभाल को लेकर क्लब ने सेवा गतिविधि आयोजित की।
ये सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं : टीकाराम जूली
jaipur, 20 अगस्त . Rajasthan में विपक्ष के नेता टीकाराम जुली ने कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर Thursday को राज्य Government के उस आदेश के खिलाफ विधानसभा तक विरोध मार्च निकाल लिया, जिसमें उन्होंने मीडिया पर शिक्षा विभाग की कवरेज करने पर रोक लगा दी. भजनलाल Government के आदेश के खिलाफ अब राज्य में मीडिया ... Read more
गृह मंत्रालय की श्रीलंकाई शरणार्थी राहत और पुनर्वास योजना के तहत शिविरों में रह रहे शरणार्थियों को मुफ्त राशन, इलाज और नकद सहायता दी जाती है। बच्चों को 12वीं तक मुफ्त शिक्षा तथा गर्भवती महिलाओं को ₹6,000 की मदद मिलती है
गंगापुर सिटी में स्कूल शिक्षा परिवार की बैठक, 21 अगस्त के विधानसभा घेराव की बनी रणनीति
गंगापुर सिटी में स्कूल शिक्षा परिवार की महत्वपूर्ण बैठक में 21 अगस्त 2026 के जयपुर विधानसभा घेराव को लेकर रणनीति बनी। वाहनों, अनुशासन और अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

