नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15-29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, जो न तो पढ़ रहे हैं, न ही कार्यरत हैं और न ही कोई प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अमरोहा में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को सरकार ने दोहरी सौगात दी है। उनका मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। रविवार को माध्यमिक शिक्षा मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। जिले के 2,680 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के कार्ड भी वितरित किए गए। एक दिन में शिक्षा और विकास से जुड़े 3 कार्यक्रम रविवार को अमरोहा में शिक्षा और विकास से जुड़े तीन प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों का सम्मान समारोह, विकास कार्यों की समीक्षा बैठक और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण शामिल रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान लखनऊ के जुपिटर सभागार से मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और रसोइयों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। बोलीं गुलाब देवी- रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से वे स्वस्थ रहेंगे और आगे चलकर देश की सेवा करेंगे। उन्होंने रसोइयों के कार्य की सराहना करते हुए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। विकास कार्यों की समीक्षा, योजनाओं की प्रगति जानी रसोइया सम्मान समारोह के बाद प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र ने सोलर स्ट्रीट लाइट, बीकेएस ग्राम उन्नति, पीएम फसल बीमा, ऑपरेशन कायाकल्प, पेंशन योजनाओं और पीएम मत्स्य संपदा समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं से बोलीं- लक्ष्य तय कर मेहनत करो भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अभी से अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक, जो भी बनना चाहें, उसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। मेधावी छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री दी मंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्राओं को शिक्षा, भोजन, आवास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री देकर सम्मानित किया गया।
उदयपुर के पेसिफिक विश्वविद्यालय (PAHER) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को हुआ। इतिहास विभाग, वैश्विक संस्कृत मंच और वैश्विक इतिहास मंच के तत्वावधान में हुई इस कॉन्फ्रेंस में कुल 222 शोध पत्र पढ़े गए। 'प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा- ज्ञान एवं विज्ञान के आधुनिक आयाम' विषय पर यह संगोष्ठी थी। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय ज्ञान परंपरा, समृद्ध भाषा और दर्शन का लोहा माना गया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के आने से पहले भारत में ज्ञान के संवर्धन के लिए 8 लाख गुरुकुल, विद्यालय और आश्रम संचालित थे। लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू कर हमारी संस्कृति और विज्ञान पर गहरा आघात किया, जिससे देश के पारंपरिक कुटीर उद्योगों का भी पतन हुआ। राज्यपाल ने बप्पा रावल द्वारा विदेशी आक्रांताओं को भारत से खदेड़ने के ऐतिहासिक प्रसंग गिनाते हुए पाकिस्तान के शहर रावलपिंडी के नाम की सार्थकता को भी बप्पा रावल के नाम से जोड़ा। दीर्घश्वसन से लंबी होती है क्रोमोसोम टेलोमर्स की उम्र पेसिफिक यूनिवर्सिटी के समूह अध्यक्ष प्रो. बीपी शर्मा ने कहा कि प्राचीन संस्कृत साहित्य का हर शब्द आधुनिक विज्ञान के लिए उन्नत संदर्भ है। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता एलिजाबेथ ब्लैकबर्न के शोध के अनुसार, योग में बताए गए दीर्घश्वसन (गहरी सांस लेने) से क्रोमोसोम के टेलोमर्स की लंबाई बढ़ती है, जिससे तनाव कम होता है और बुढ़ापे से बचाव होता है। वहीं कुलगुरु प्रो. हेमंत कोठारी ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों और ज्ञान परंपरा पर शोध की जरूरत को रेखांकित किया। एआई के दौर में भारतीय ज्ञान व्यवस्था एक संजीवनीऑस्ट्रेलिया की मुख्य वक्ता रेबेका टेलर (अल्बर्टा यूनिवर्सिटी व पुर्तगाल प्रतिनिधि) ने कहा कि प्राचीन भारतीय वास्तुकला और पवित्र ज्यामिति आज के इनोवेशन की मजबूत नींव हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक वैज्ञानिक पुनर्जागरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखने का प्रभावी माध्यम बताया। सुबह बप्पा रावल की समाधि पर टेका मत्थाइससे पहले सुबह राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मठाठा कैलाशपुरी पहुंचे। वहां उन्होंने बप्पा रावल पैनोरमा का अवलोकन किया, मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल की अश्वारूढ़ प्रतिमा को नमन किया और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा, प्रो. प्रदीप सिंह, प्रो. बीएल चौधरी, इतिहासकार डॉ. जेके ओझा, आयोजन सचिव प्रो. अजातशत्रु सिंह शिवरती सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे।
गुर्जर समाज ने मेधावी बच्चों को सम्मानित किया:वार्षिकोत्सव में शिक्षा और नशामुक्ति का संदेश दिया गया
बागपत में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा देवनारायण गुट ने रविवार को वार्षिक उत्सव एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। चमरावल रोड स्थित गुर्जर भवन में हुए इस कार्यक्रम में समाज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया और शिक्षा व नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। यह समारोह जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने गुर्जर समाज के उत्थान, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिक्षा, खेल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन करने वाले मेधावी बच्चों को पटका पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है। वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और युवा पीढ़ी को इस बुराई के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। दहेज प्रथा को समाज के लिए एक अभिशाप बताते हुए, वक्ताओं ने दहेज लेने और देने, दोनों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। युवाओं को शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, अवनीश, एडवोकेट परविंदर सिंह, श्यामवीर, अंतराम तंवर, प्रताप गुर्जर, मनुपाल बंसल, नरेंद्र, शेर सिंह, बिल्लू प्रधान, रवि बैसला और कर्मवीर गुर्जर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
IBPS Clerk Recruitment 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 28 अगस्त तक कर सकेंगे अप्लाई
बैंक में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्नातक युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आईबीपीएस क्लर्क (कस्टमर सर्विस एसोसिएट/ XVI) भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त...
यू डाइस प्लस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के करीब 25 सरकारी स्कूलों का संचालन सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे हो रहा है। इन विद्यालयों में हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। युक्तियुक्तकरण नीति लागू होने के बाद भी धरातल पर शिक्षकों की तैनाती में भारी असंतुलन बना हुआ है जिससे बच्चों की बुनियादी शिक्षा खतरे में पड़ गई है।
जगन मोहन रेड्डी का सीएम नायडू पर निशाना, बोले- सरकारी स्कूलों में शिक्षा को कमजोर कर रही है सरकार
अमरावती, 23 अगस्त . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने Sunday को राज्य Government पर Governmentी स्कूलों की शिक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government Governmentी स्कूलों में दाखिले बढ़ने का दावा कर रही है, लेकिन असल में Governmentी शिक्षा ... Read more
महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए मिशन मोड में काम करें, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए निर्देश
भूमि पेडनेकर : एजुकेशन सिस्टम अच्छा हो तो शिक्षा भी अच्छी होती है
गोवा, डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
National Teachers Award: गणित को आसान बनाने से लेकर डिजिटल शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण तक, देश के शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए हैं। उनके नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण को अब राष्ट्रीय पहचान मिली है।
BPSC 71st Mains: बीपीएससी 71वीं मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को अपनी अनमूल्यांकित उत्तर पुस्तिका देखने का मौका मिलेगा। यदि किसी उत्तर के मूल्यांकन में गलती मिलती है, तो अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
Computer Science: उच्च शिक्षा में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर छात्रों की पसंद में क्षेत्रीय अंतर देखने को मिला है। जहां यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के छात्र सॉफ्ट स्किल कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं
पंजाब के सरकारी स्कूलों के टॉयलेट को लेकर पिछले दिनों हुई सियासी कंट्रोवर्सी के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज एक सरकारी स्कूल के वॉशरूम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। 26 सेकेंड के इस वीडियो में पटियाला के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, भादसों के लड़कों का वॉशरूम दिखाया गया है। वीडियो में वॉशरूम बेहद साफ-सुथरा और आधुनिक नजर आ रहा है। यहां पौधों के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी दिखाई गई हैं। वीडियो शेयर करते हुए बैंस ने लिखा कि, “ मुझे पता है कि आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन हां, यह हमारे गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस, भादसों, पटियाला का लड़कों का वॉशरूम है। जब विजन, पैशन, कड़ी मेहनत और कमिटमेंट एक साथ आते हैं, तो एक मास्टरपीस की उम्मीद करें। यह भगवंत मान सरकार का पंजाब एजुकेशन मॉडल है।” ऐसे शुरू हुआ था विवाद कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और राज्यसभा सांसद व पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर पंजाब के एक सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया था। इसमें स्कूल की खराब हालत दिखाई गई थी। खास तौर पर लड़कियों के टॉयलेट की छत गायब होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद विपक्ष ने पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाए थे। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस खुद फतेहगढ़ साहिब के जल्लाह स्थित सरकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो करीब 7-8 साल पुराना और 2018 का है, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। बैंस ने स्कूल की मौजूदा तस्वीर दिखाई बैंस ने स्कूल की मौजूदा स्थिति दिखाते हुए कहा था कि अब वहां स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, चालू लड़कियों के टॉयलेट, साफ पेयजल, वाई-फाई और सैनिटरी पैड इंसीनरेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बीजेपी पर पुराने वीडियो को मौजूदा स्थिति बताकर पंजाब के सरकारी स्कूलों को बदनाम करने का आरोप लगाया था। अब नए वीडियो के जरिए बैंस ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं को सामने रखने की कोशिश की है। भादसों के स्कूल का यह वीडियो उसी सियासी विवाद के बीच सरकार के “पंजाब एजुकेशन मॉडल” को दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल शिक्षा को बनाएं प्रभावी : एसडीएम
उपमंडलीय अधिकारी (नागरिक) पालमपुर डॉ. ओपी यादव ने कहा कि प्री स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रभावी प्रयास करें।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक माहौल को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यालयों को 'राजनीति का अखाड़ा न बनाने' की अपील किए जाने के बाद सोशल मीडिया और विपक्षी खेमों से बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए तीखा पलटवार किया गया है।
गणित को आसान बनाने से लेकर पहाड़ी इलाकों में डिजिटल शिक्षा और स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तक, शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए।
Rahul Gandhi से Pune में छात्राओं ने की बात, महिला सुरक्षा और शिक्षा की बाधाएं उठाईं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ शनिवार को संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि यौन उत्पीड़न, व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक परेशानियां अब भी महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बाधा बनी हुई हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पालघर के वसई की अर्थशास्त्र की छात्रा सुचित्रा पागी ने 13 साल की उम्र में स्कूल से घर लौटते समय और बाद में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान छेड़खानी की घटनाओं को याद किया। पागी ने कहा कि इन अनुभवों से उनके मन में पुरुषों को लेकर डर पैदा हो गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे किसी महिला को परेशान होते देखें तो उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे में मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहीं मैत्री ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं शिक्षा में बाधा बन सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए। उन्होंने कहा कि गांवों में माता-पिता अक्सर सुरक्षा कारणों से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकिचाते हैं और इसके बजाय बेटों को पढ़ाना पसंद कर सकते हैं। साइबर और डिजिटल साइंस की बीएससी की दूसरे वर्ष की छात्रा प्रज्ञा गावंडे ने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को रेखांकित किया।
ई-अटेंडेंस विवाद:स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों में ई-अटेंडेंस से बच रहे कर्मचारी
मप्र में ई–अटेंडेंस के दायरे में केवल शिक्षक ही नहीं, कार्यालयीन कर्मचारियों को भी लाया गया है। लेकिन, हालिया रिपोर्ट में यह पता चला है कि कर्मचारी ई-अटेंडेंस को लेकर गंभीर ही नहीं है। मप्र में ई-अटेंडेंस को लेकर सबसे खराब स्थिति स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों और संस्थानों की सामने आई है। विभागीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, लेकिन कार्यालयों और संस्थानों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति इससे काफी पीछे है। कई कार्यालयों में हर 6 में से एक कर्मचारी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के 561 कार्यालयों में कुल 5,214 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से 4,394 (84%) ने ई-अटेंडेंस दर्ज कराई, जबकि 820 कर्मचारी (16%) या तो पोर्टल पर प्रोफाइल नहीं बना सके या उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसी तरह विभाग के 61 डाइट, बीएसी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कुल 1,178 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 1,140 (97%) कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस दर्ज की, जबकि 38 कर्मचारी (3%) अब भी व्यवस्था से बाहर हैं। विभाग ने कार्यालयों और संस्थानों में लंबित प्रोफाइल तथा अनुपस्थित कर्मचारियों की स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष कर्मचारियों की प्रोफाइल तत्काल तैयार कर उन्हें ई-अटेंडेंस प्रणाली से जोड़ा जाए। आदिवासी व बड़े जिलों के दफ्तरों में सबसे ज्यादा लापरवाही कार्यालयीन और संस्थान स्तर पर ई-अटेंडेंस न लगाने के मामले में ज्यादातर आदिवासी जिलों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। इनमें धार जिले के कार्यालयों में पदस्थ 129 लोक सेवकों में से मात्र 56 ने उपस्थिति दर्ज कराई। यहां 73 कर्मचारी गैर-हाजिर मिले। झाबुआ में 61 में से 34 कर्मचारी, अनूपपुर जिले के दफ्तरों में पदस्थ 55 में से 25 कर्मचारियों ने हाजिरी नहीं लगाई। वहीं ग्वालियर के संभागीय मुख्यालय के कार्यालयों में 306 में से 116 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। मंडला के 154 कर्मचारियों में से 58 गैर-हाजिर मिले। बड़वानी जिले में 123 में से 46 कर्मचारी, सीहोर में के कार्यालयों में 176 में से 62 कर्मचारी गैर-हाजिर रहे। डिंडोरी के कार्यालयीन स्टाफ में 34 प्रतिशत यानी करीब 44 कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कराने से बचते दिखे। इसके अलावा भोपाल के दफ्तरों में 109 (15%), खरगोन में 71 (25%), मुरैना में 75 (27%), बैतूल में 46 (30%) और रतलाम में 44 (19%) कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं।
प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउस कीपिंग और बागवानी समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए सरकार की ओर से बजट जारी किए जाने के बावजूद फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के स्कूलों तक यह राशि नहीं पहुंची। तीनों जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) ने अभी तक संबंधित विद्यालयों को बजट आवंटित नहीं किया। अब शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, जिन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए पार्ट टाइम वर्कर कार्यरत नहीं हैं, वहां सफाई, हाउस कीपिंग, बागवानी और अन्य संबंधित कार्यों के लिए 8 हजार रुपए प्रति विद्यालय प्रति माह की दर से राशि जारी की गई है। यह प्रावधान विद्यालय अवकाश अवधि को छोड़कर वर्ष में 10 माह के लिए है। SMC के माध्यम से होना है खर्च जारी राशि का उपयोग स्कूलों में निर्धारित साफ-सफाई एवं रखरखाव के कार्यों पर किया जाना है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित कार्य स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के माध्यम से करवाए जाएं और राशि का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने पूछा- पहले जारी राशि स्कूलों को क्यों नहीं दी? शिक्षा विभाग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के DEEO को भेजे पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा है कि उपरोक्त कार्यों के लिए पूर्व में जारी की गई राशि अभी तक संबंधित विद्यालयों को आवंटित क्यों नहीं की गई। अब तीनों अधिकारियों को इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका स्कूलों में नियमित सफाई, शौचालय, परिसर, खेल मैदान और अन्य जरूरी साफ-सफाई से जुड़े कार्यों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण है। राशि विद्यालयों तक नहीं पहुंचने से इन कार्यों के संचालन में परेशानी आने की स्थिति बन सकती है। विभाग ने इसी कारण बजट के आवंटन की स्थिति पर अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
वेद प्रचार सप्ताह में छात्रों ने सीखी वैदिक शिक्षाएं
लुधियाना| डीएवी पब्लिक स्कूल, बीआरएस नगर में 18 से 22 अगस्त तक वेद प्रचार सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति और आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्म श्री आर्य रत्न डॉ. पूनम सूरी तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या जेके सिद्धू के मार्गदर्शन में हुआ। सप्ताह का उद्देश्य वेदों के शाश्वत ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सार्थक जीवन के लिए शिक्षाओं का प्रसार करना था। शुरुआत यजुर्वेद मंत्रोच्चार के साथ 21-कुंडीय यज्ञ से हुई। प्रतिदिन वैदिक हवन के साथ गतिविधियां आरंभ हुईं, जिससे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना।
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : शिक्षक महासंघ
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बगरू के सरकारी स्कूल में हुई घटना पर विरोध जताया है। प्रदेश संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में कहा कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, राजनीतिक संघर्ष के नहीं। किसी विद्यालय की व्यवस्था, सुविधाओं या शैक्षणिक स्थिति पर आपत्ति हो तो शिक्षा विभाग और प्रशासन के निर्धारित माध्यमों से शिकायत की जा सकती है। संभाग उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि स्कूलों में बाहरी व राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी हैं। महासंघ ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2026 की परीक्षाओं का परिणाम मार्च में ही घोषित हो गया था। परिणाम आए 5 महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन इस परीक्षा में राज्य और जिला स्तर पर टॉप रहने वाले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब तक टैबलेट का इंतजार हैं। इनके साथ ही 2025 के टॉपर्स को भी अभी तक टैबलेट नहीं मिले हैं। शिक्षा विभाग ने 2 मई 2025 को, 3 जून 2025 को और 25 नवंबर 2025 को टैबलेट के प्रस्ताव सरकार को भिजवाया था, लेकिन न तो प्रशासनिक स्वीकृति मिली और ना वित्तीय स्वीकृति। इसी कारण दो साल से योजना अटकी है। सरकार की ओर से बजट नहीं दिए जाने से 60,600 विद्यार्थियों को अब तक टैबलेट नहीं मिले हैं। अब प्रदेश में निकाय चुनाव की आचार संहिता लग गई है। इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। यह आचार संहिता 3 महीने रहेगी। तीन महीने बाद बजट मिल भी जाता है तो टेंडर प्रक्रिया में 3 से 4 महीने लग जाएंगे। ऐसे में इस सत्र में मार्च 2027 तक विद्यार्थियों को टैबलेट मिलना मुश्किल लग रहा है। पहले 27,900 मिलते थे, अब 30,300 टैबलेट प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ने के बाद अब तक एक बार फिर टैबलेट वितरण नहीं हुआ है। यहां जिलों की संख्या 8 बढ़ गई है। पहले 33 जिलों के आधार पर कुल 27,900 टैबलेट वितरण होते थे, लेकिन अब 41 जिलों के आधार पर एक सत्र में 30,300 टैबलेट वितरण होंगे। दो सत्रों के बकाया होने के कारण 60,600 टैबलेट वितरित होने हैं। ये है योजना सरकारी स्कूल के 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के राज्य स्तर पर टॉप रहने वाले प्रत्येक कक्षा के 6 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाता है। इसके अलावा जिला स्तर पर हर जिले के टॉप 100 विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाता है। राज्य स्तर पर कुल 18,000 और जिला स्तर पर कुल 12,300 टैबलेट दिए जाने हैं।
हांसी। जो काम छह महीने में नहीं हुआ अब वह तीन दिन में कैसे होगा। आपकी नीयत नहीं है काम करने की।
Mau News: शिक्षा और समाज में योगदान देने वाली विभूतियों का हुआ सम्मान
Eminent personalities who have contributed to education and society were honored.
हंसी (Haryana), 22 अगस्त . Haryana Government ने Governmentी स्कूलों में मीडिया की एंट्री को लेकर एक नया आदेश जारी किया. इसे लेकर विपक्ष कई सवाल खड़े कर रहा है. इसे लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल देश की धरोहर हैं, ऐसे में कोई भी ... Read more
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने 11 डिप्टी रजिस्ट्रारों को कुलसचिव पद पर पदोन्नत किया है। जल्द ही विश्वविद्यालयों में तबादले होंगे, जिससे कई कुलसचिव पदों पर बदलाव संभव है।
ब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया brics,bricsyouthministerब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आज ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक […]
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM
राजकीय विद्यालयों में बाहरी हस्तक्षेप और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का महासंघ ने किया विरोध जयपुर। राजकीय विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त रखने के मुद्दे पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने सख्त रुख अपनाया है। महासंघ ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिरों को किसी भी कीमत पर राजनीति […] The post शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM appeared first on Sabguru News .
स्कूल भैंसों का तबेला बन जाए तो ठीक? राजस्थान के शिक्षा मंत्री पर अभिजीत दीपके का पलटवार
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं। जानकारी में आया है कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग विद्यालयों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने पलटवार किया है।
जिला शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और मध्याह्न भोजन व सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) और पीएम श्री विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी विद्यालयों के नियमित और प्रभावी निरीक्षण का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा उनकी अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाने पर भी जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, मध्याह्न भोजन योजना के पारदर्शी संचालन, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और क्रियाशील शौचालयों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए भी कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने का आह्वान किया।
जिला कलक्टर की बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा, हर सप्ताह स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश
चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। नामांकन, उपस्थिति, रीडिंग, स्कूल निरीक्षण, सुरक्षा, निर्माण कार्य और बाल वाहिनी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
फरीदाबाद स्थित मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज में आयोजित वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि विधायिकाएं कानून बनाती हैं, बजट स्वीकृत करती हैं और सरकारों को जवाबदेह बनाती हैं। वहीं विश्वविद्यालय शोध आधारित सुझाव, पर्यावरणीय कानूनों पर विशेषज्ञ राय और छात्रों की लोकतांत्रिक संस्थाओं में भागीदारी बढ़ाकर इस प्रक्रिया को मजबूत कर सकते हैं। 22-23 अगस्त तक चल रहे दो दिवसीय कॉन्क्लेव की थीम ग्रीन कैंपस : सतत और लचीले भविष्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाना है। इसमें देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रति-कुलपति, निदेशक, शिक्षाविद, संकाय सदस्य और छात्र शामिल हुए। मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के 30 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि संस्थान का आदर्श वाक्य क्रिएटिंग बेटर ह्यूमन यानी बेहतर मनुष्य का निर्माण, बेहतर पृथ्वी की जिम्मेदारी से जुड़ने पर और महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि बेहतर मनुष्य और बेहतर पृथ्वी, दोनों अलग-अलग लक्ष्य नहीं हो सकते। कार्यक्रम में मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला, डॉ. एचडी चरण समेत पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से जुड़े सदस्य और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान ने सरकारी स्कूलों में राजनीतिक हस्तक्षेप और टीचर्स को राजनीतिक गतिविधियों में उपयोग किए जाने का कड़ा विरोध किया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है स्कूल के बच्चे भविष्य निर्माण का केंद्र है। और इन्हें राजनीतिक संघर्ष का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि सरकारी स्कूलों को राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को स्कूल परिसर का राजनीतिक प्रचार, प्रदर्शन या शक्ति प्रदर्शन के लिए उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि महासंघ हिंसा का विरोध करता है और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ भी उतनी ही दृढ़ता से आवाज उठाएगा। यदि स्कूलों में नियमों की अनदेखी कर राजनीतिक गतिविधि या बाहरी हस्तक्षेप का प्रयास किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला उठाकर आवश्यकतानुसार लोकतांत्रिक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुष्करणा ने दृढ़ता से कहा, “स्कूल में शिक्षा होगी, राजनीति नहीं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीचर्स पर राजनीतिक दबाव बनाना या उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनाना शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। शिक्षकों का मुख्य कार्य विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के एजेंडे को आगे बढ़ाना। प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़, संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवता, जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला, जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता, प्रदेश मीडिया सदस्य सोहनलाल जाट सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर मनोज दुबे का हमला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से इस्तीफे की मांग
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस नेता मनोज दुबे ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग की।
एजुकेशन सिस्टम ऐसा हो कि हर बच्चा को अच्छी शिक्षा का मौका मिले : भूमि पेडनेकर
डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल:'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट विमोचित, जागरूकता रथ रवाना
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय से बाहर रह रही लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल की गई है। जन विकास संस्थान, नौपेड़वा द्वारा संचालित मैत्री परियोजना के तहत शनिवार को 12 बजे शिक्षा मिशन–ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही एक बालिका शिक्षा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के मड़ियाहूं, रामपुर और रामनगर विकासखंडों के 40 चयनित गांवों में पहुंचेगा। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं, उनके अभिभावकों और समुदाय को बालिका शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया और जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज और देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्हें शिक्षा से जोड़ना केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं, बल्कि एक सशक्त, शिक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता अभियानों को समुदाय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण बताया। जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने बताया कि उनका संस्थान अनामांकित और विद्यालय से बाहर रह रही बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम प्रबंधक अवधेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहज और सहभागी बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से समुदाय और अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बालिकाओं के नामांकन, नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका प्रयास है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बालिका को सीखने, आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिले।
राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालत पर भड़के आशुतोष रांका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार पर स्कूलों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की बदहाली के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अब और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सहरसा में बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल और जिला कांग्रेस कमेटी ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग को लेकर शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने में वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन और शिक्षकों को सरकारी सेवा में समायोजित कर मानदेय देने की मांग उठाई गई। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने की, जबकि संचालन पंकज कुमार सिंह ने किया। प्रदेश सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में बिहार कांग्रेस सेवादल पिछले 33 दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में एक दिवसीय धरना दे रहा है। शिक्षकों को उचित अनुदान दिया जाए डॉ. यादव ने मांग की कि वित्त रहित शिक्षकों को उचित अनुदान दिया जाए और उन्हें सरकारी घोषित कर मानदेय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 सितंबर 2026 (शिक्षक दिवस) से बिहार में आत्मदाह यात्रा और कफन यात्रा निकालकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बिहार में कई वित्त रहित कॉलेज संचालित जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने कहा कि बिहार में कई वित्त रहित कॉलेज वर्षों से संचालित हैं, जिनके पास पर्याप्त भूमि, भवन और कमरे उपलब्ध हैं। इसके बावजूद सरकार ऐसे संस्थानों को दरकिनार कर तीन-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस नीति को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का मजाक बताया और कहा कि कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है। सम्राट चौधरी ने चुनाव से पहले किया था वादा झा ने यह भी याद दिलाया कि सिवान की एक सभा में सम्राट चौधरी ने चुनाव से पहले वित्त रहित शिक्षकों के सरकारीकरण और मानदेय देने का वादा किया था। उन्होंने सरकार से इस वादे को पूरा करने की अपील की। इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश महिला अध्यक्ष रुचि सिंह, राम सागर पांडेय, मो. नईम उद्दीन, कुमार हीरा प्रभाकर, सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल, अफरोज खां, बैद्यनाथ झा, पुष्कर कुमार सिंह, राम कुमार पासवान, भरत नारायण झा, अभिनंदन सिंह, मंगल झा और उदय भगत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देश के विभिन्न राज्यों से सामने आ रही तस्वीरें स्कूली शिक्षा तंत्र की बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत लगभग 10 राज्यों में स्कूली बच्चे अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। आम तौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दिखने वाला छात्र आक्रोश अब प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। 'जेन अल्फा' (2010 के बाद जन्मी पीढ़ी) के ये छात्र किसी राजनीतिक मांग के लिए नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के साफ पानी, चालू पंखे, पक्की छत और विषय विशेषज्ञों की तैनाती की मांग को लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।शिक्षकों का भारी टोटा और जर्जर भवनों का खौफजमीनी हकीकत यह है कि हजारों सरकारी स्कूलों में स्वीकृत पदों के मुकाबले शिक्षकों की भारी कमी है। बोर्ड परीक्षाओं के करीब होने के बावजूद विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा स्कूलों के भवनों की हालत इतनी जर्जर है कि बारिश के मौसम में छतों से पानी टपकता है और बच्चों को जान जोखिम में डालकर बैठना पड़ता है। कई ग्रामीण इलाकों में तो स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कें तक नहीं हैं, जिसके कारण बारिश में बच्चों का स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो जाता है।शौचालय, बिजली और खराब मिड-डे मील ने बढ़ाई नाराजगीयूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE+) और विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, देश के लाखों स्कूलों में आज भी बुनियादी ढांचे का गंभीर अभाव है। कई स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग और चालू हालत में शौचालय नहीं हैं। आवासीय और सर्वोदय विद्यालयों के हॉस्टलों में घटिया स्तर का खाना और अस्वच्छ पेयजल बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। बार-बार शिकायतों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तब बच्चों को हाईवे जाम करने और कलेक्ट्रेट का घेराव करने जैसे कदम उठाने पड़े।शिक्षा के बजट और दावों के बीच बढ़ता फासलाडिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी ढांचा ही चरमराया हुआ है। जब तक स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, सुरक्षित इमारतें, स्वच्छ पेयजल और गरिमापूर्ण माहौल नहीं दिया जाएगा, तब तक शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा। बच्चों का सड़क पर उतरना स्पष्ट संकेत है कि अब शिक्षा नीति को केवल नारों से आगे बढ़कर वास्तविक सुधारों पर काम करना होगा।
टोंक हलचल : सामाजिक सौहार्द, शिक्षा, रोजगार और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहा शहर
टोंक जिले में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियों की खासी सक्रियता देखने को मिली। एक ओर जहां ईद और रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से शिष्टाचार मुलाकात की गई।
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्कर के पदों पर निकली भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए मौका
इस भर्ती अभियान के जरिये झांसी के अलग-अलग जिलों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय-समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया को अवश्य पूरा कर लें।
2500 से ज्यादा स्कूल जर्जर, 300 बिना इमारत... इस राज्य में ऐसा है शिक्षा का हाल
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों की स्थिति का ऑडिट कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूलों में भवन और मरम्मत से जुड़ी जरूरतें सामने आईं. सरकार के दस्तावेज के मुताबिक, 2,500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा 300 भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के भवन 450 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए जाने हैं.
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम मान्यता प्राप्त, संबद्ध विद्यालयों के साथ-साथ नई मान्यता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं पर भी लागू होगा। बिना जीएसटी भुगतान के किसी भी आवेदन पर आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 11 अक्टूबर 2024 के परिपत्र और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत शिक्षण संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पोर्टल पर नवीन मान्यता या संबद्धता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करना अनिवार्य होगा। जीएसटी जमा होने की पुष्टि के बाद ही मान्यता प्रदान करने की संस्तुति की जाएगी। भविष्य के सभी नए आवेदनों के लिए भी जीएसटी भुगतान आवश्यक होगा; बिना इसके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। मान्यता शुल्क राजकोष में जमा करने के बाद, जीएसटी की राशि परिषद के निर्धारित बैंक खाते में अलग से जमा करनी होगी। जीएसटी जमा करने की रसीद या चालान की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन आवेदन के समय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसकी एक प्रति संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भी उपलब्ध करानी होगी। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और नवीन मान्यता के इच्छुक संस्थानों को इस नई व्यवस्था से अवगत कराएं। उन्हें नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिषद ने पुनः स्पष्ट किया है कि जीएसटी भुगतान की पुष्टि के बिना मान्यता प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
Delhi Police PE&MT Postponed 2026: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट है। पीई और एमटी परीक्षा स्थगित कर दी गई है। विभाग ने फिजिकल टेस्ट की नई तारीख जारी कर दी है।
SBC Vacancy 2026: रक्षा मंत्रालय के अधीन शिप बिल्डिंग सेंटर, विशाखापत्तनम ने ग्रुप 'सी' के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं।
दिल्ली HC ने 14 साल से कम उम्र के बच्चे को दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम के तहत स्कूल से न निकालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने EWS छात्रा को आठवीं की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी, बलिया और गाजियाबाद के तीन शिक्षकों - शालिनी कुशवाहा, डॉ. इफ्तखार खान और डॉ. रेनू त्रिपाठी को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। इन शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने जुनून और निस्वार्थ सेवा से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
Rajasthan: शिक्षामंत्री दिलावर को सीजेपी की दो टूक, आपका टाइम खत्म, दीपके ने कहा, जयपुर जाएंगे
इंटरनेट डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका शुक्रवार को जयपुर में रामपुर कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल विजिट करने पहुंचे जहां पर ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के मुताबिक, सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कुछ लोगों ने पथराव भी किया। सीजेपी के आशुतोष रांका ने इस हमले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हमला करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सीजेपी की तरह कांग्रेस भी भाजपा पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने अपने लोग भेज कर यह सब करवाया. वायरल वीडियो में दिखने वाले एक व्यक्ति पर कांग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि वह लालचंद नाम का व्यक्ति बीजेपी का कार्यकर्ता है। उस व्यक्ति के फेसबुक फोटो भी कांग्रेस के नेता और अन्य लोग शेयर कर रहे हैं। कांग्रेस-सीजेपी के आरोप पर क्या बोले विधायक? भाजपा विधायक कैलाश वर्मा ने कहा कि गांव से बड़ा कोई नहीं होता। मैं यह बात कई बार कह चुका हूं, गांव वाले जब मना कर चुके थे, क्योंकि आप वहां उन्हें कह रहे थे कि गांव के बाहर देख लेंगे। सुबह-सुबह 150 आदमी, मोबाइल फोन लेकर जायेंगे तो गांव वालों ने उनसे पूछा, इसके बाद गांव वालों ने उन्हें बाहर निकाला है। वहीं अभिजीत दीपके ने कहा कि वो अब जयपुर जाएंगे। अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और भाजपा के गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह जयपुर जाएंगे। pc- facebook,etv bahart
दरभंगा के शिक्षा विभाग में बड़ा खेल, डीईओ कार्यालय में भी है उप निदेशक जैसा ‘धनकुबेर’
दरभंगा डीईओ कार्यालय में एक कर्मी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें 20 लाख के रंगरोगन फंड में हेराफेरी और 40 लाख की अतिरिक्त मांग शामिल है।
पटियाला के सरकारी विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक दिनेश कुमार को शिक्षा में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ का आज 5वां दिन है। शुक्रवार को रात भर सैकड़ों छात्र धरनास्थल पर बैठे रहे। वहीं, शनिवार सुबह होते होते ये संख्या हजार तक पहुंच सकती है। आंदोलन को अब नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिलने लगा है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की। वहीं, शिक्षक रौशन आनंद सर ने भी छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मिलने के बाद कहा, 'छात्रों की मांग जायज है। सरकार तत्काल संज्ञान लेकर मांग पूरी करे। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। TRE-4 में दो परीक्षा लेने का निर्णय BPSC का है। इससे शिक्षा विभाग का कोई लेना देना नहीं है। तेजस्वी यादव ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया तेजस्वी यादव ने कहा कि BPSC की ओर से आयोजित AEDO, सैनिटरी समेत विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं BSSC की इंटरमीडिएट, CGL, ASO और BSO समेत लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने की मांग की। उन्होंने TRE-4 में पूर्व की परीक्षाओं की तरह एकल परीक्षा कराने और ‘One Candidate, One Result’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने, लाइब्रेरियन और लंबित लेखपाल भर्ती पूरी करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की है। देखें प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें… तेजस्वी ने पटना डीएम से फोन पर की बात अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने पटना डीएम कुंदन कुमार से फोन पर बातचीत भी की। उन्होंने डीएम से धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। पप्पू यादव ने राज्यपाल से की मुलाकात शुक्रवार को ही पूर्णिया सांसद पप्पू यादव छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मिले। छात्रों ने राज्यपाल के सामने TRE-4 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इस मामले में सरकार और मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। उन्होंने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील भी की। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, फिर भी आंदोलन जारी बिहार सरकार की ओर से TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके तहत कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। सबसे बड़ी मांग TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था खत्म कर सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। इसके साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों की मांग- नया प्रयोग TRE-5 से किया जाए आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एक ही परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। ऐसे में TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। छात्रों का कहना है कि सरकार यदि परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों को डर है कि PT और Mains की प्रक्रिया के कारण भर्ती में और देरी हो सकती है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा था। आंदोलन शुरू होने के बाद विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन अब दो परीक्षाओं की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि TRE-1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। शिक्षा मंत्री ने कहा- सभी मांगें पूरी करना संभव नहीं आंदोलन को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो परीक्षा ही नहीं होने के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि TRE-4 की परीक्षा व्यवस्था का निर्णय शिक्षा विभाग ने अकेले नहीं लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग ने मिलकर नियम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अच्छे प्रतिभा वाले शिक्षक चाहिए। मंत्री ने कहा कि वैकेंसी जारी करना शिक्षा विभाग का काम था और वह किया जा चुका है। अगर दो परीक्षाएं होती हैं तो कई छात्र इसका स्वागत भी कर रहे हैं। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखा पत्र इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी गई हैं। यूनियन ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी इससे परेशान और निराश हैं। यूनियन ने TRE-4 में पहले की तरह एक परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग की है। साथ ही BSSC की परीक्षाओं में संविदा वेटेज हटाने, परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने, LET और BET कराने तथा AEDO परीक्षा की तारीख जारी करने की मांग की है। इसके अलावा BPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा कराई जाए और परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया बदलाव करना है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। रौशन आनंद सर ने छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की छात्र आंदोलन को शिक्षक रौशन आनंद सर का भी समर्थन मिला है। उन्होंने छात्रों से आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा, छात्रों को पूरा दिन धरना स्थल पर रहने की जरूरत नहीं है। अगर विद्यार्थी रोजाना दो-चार घंटे भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपनी भागीदारी निभाते हैं तो इससे आंदोलन को मजबूती मिलेगी।
तीन पीएम श्री स्कूलों में पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी, परखी पढ़ाई और सुविधाएं
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद एवं संयुक्त सचिव कुंवर सिंह पाहन ने शुक्रवार को जिले के तीन पीएम श्री उच्च विद्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना, पठन-पाठन की व्यवस्था एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेना था। निरीक्षण के क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं संयुक्त सचिव ने पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, रजरप्पा प्रोजेक्ट, पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, बरियातू तथा पीएम श्री उत्कृष्ट उच्च विद्यालय, कुल्ही का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, पेयजल एवं स्वच्छता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों से संवाद कर पठन-पाठन एवं शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पीएम श्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ आधारभूत संरचना एवं उपलब्ध संसाधनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन को विद्यालय की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक छात्र-छात्रा तक पहुंचाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, रामगढ़ श्री अभय कुमार सील, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनूप माइकल केरकेट्टा एवं सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी कुमार राज आदि थे।
शिक्षा रैंकिंग में किया बदलाव, अब 12 की जगह 6 प्रमुख मानकों से तय होगी रैंकिंग
झुंझुनूं | शिक्षा रैंकिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है| अब जिला रैंकिंग निर्धारित करने के लिए पहले से चले आ रहे 12 के बजाय 6 प्रमुख मानकों को आधार बनाया जाएगा। अगस्त की रैंकिंग नए मानक के आधार पर होगी। इसमें विद्यार्थियों की उपस्थिति, शाला संबलन निरीक्षण, योग्यता आधारित मूल्यांकन के परिणाम, शिक्षक एप पर सक्रियता, स्कूलों का बुनियादी ढांचा और ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठकों को शामिल किया है। नई व्यवस्था में विद्यार्थी उपस्थिति के 25 प्रतिशत, शाला संबलन निरीक्षण लक्ष्य 20 फीसदी और योग्यता के 20 प्रतिशत के साथ शिक्षकों की सक्रियता के 15 प्रतिशत अंक मिलेंगे। बुनियादी ढांचा और ब्लॉक समीक्षा बैठक के 10% अंक होंगे।
Champawat News: रोजी-रोटी और शिक्षा की जंग... रोजाना कैलाश नदी ले रही इम्तिहान
रोजी-रोटी और शिक्षा की जंग... रोजाना कैलाश नदी ले रही इम्तिहान
Gurugram News: प्रयोग से विज्ञान शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर
Emphasis on improving science education through experiments
'आपका टाइम खत्म हो चुका', शिक्षा मंत्री को आशुतोष रांका की दो टूक, अभिजीत दीपके बोले- जयपुर जाएंगे
जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने हमलावर के बीजेपी कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है तो वहीं, सीजेपी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए IIT, जोधपुर और झारखंड सरकार ने पहल शुरू की है। इसके तहत खासतौर पर ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। पहल का उद्देश्य उभरते चिप और डीप-टेक सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में झारखंड सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। इस दौरान राज्य में समावेशी और भविष्य के लिए तैयार सेमीकंडक्टर प्रतिभा एवं नवाचार का इकोसिस्टम विकसित करने को लेकर रणनीतिक चर्चा की गई। बैठक में व्यापक सिलिकॉन माइंड्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्रस्तावित TWISH–Jharkhand (Tribal Women in Semiconductor and Hardware) कार्यक्रम पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित पहल का उद्देश्य आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं, इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों, ITI एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों तथा STEM क्षेत्र की छात्राओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर के तेजी से उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। इस रणनीतिक चर्चा में झारखंड सरकार, IIT जोधपुर और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्मेंट (AIILSG) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा, IIT जोधपुर की शोध एवं तकनीकी क्षमताओं, झारखंड में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की आवश्यकताओं, संभावित संस्थागत भूमिकाओं और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की गई। कक्षा से सेमीकंडक्टर उद्योग तक प्रतिभाओं को तैयार करने की पहल प्रस्तावित TWISH–झारखंड कार्यक्रम में प्रतिभाओं की पहचान और बुनियादी प्रशिक्षण से शुरुआत करते हुए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, रोजगार और उद्यमिता तक एक समग्र लर्निंग पाथवे विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में VLSI Design and Simulation, Embedded Systems, पीसीबी, आईओटी,सेमीकंडटक्टर फंडामेंटल्स, क्लीनरूम एक्सपोजर और फेब्रिकेशन शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से आदिवासी समुदायों, ग्रामीण युवाओं तथा STEM क्षेत्र में छात्राओं और महिलाओं के लिए ऐसे अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का हिस्सा बन सकें। IIT जोधपुर ने अत्याधुनिक शोध एवं प्रयोगशाला क्षमताओं का किया प्रदर्शन झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान IIT जोधपुर के वैज्ञानिक अधिकारियों ने AIoT Fab Lab और सेंट्रल रिसर्च फेसिलिटी (CRF) का प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल को संस्थान में उपलब्ध उन्नत शोध, प्रयोगशाला और तकनीकी विकास की क्षमताओं से अवगत कराया गया। प्रदर्शन के दौरान IIT जोधपुर के बहुविषयक शोध एवं तकनीकी इकोसिस्टम की उन क्षमताओं को रेखांकित किया गया, जिनके माध्यम से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर से जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा, शोध अनुभव और उन्नत कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल में ये हुए शामिल झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल में योजना एवं विकास मंत्री राधा कृष्ण किशोर, अपर सचिव विजया नारायणराव जाधव सहित कई लोग शामिल थे। AIILSG की ओर से रवि रंजन गुरु, क्षेत्रीय निदेशक विनोद पालीवाल और राजीव रंजन गुरु उपस्थित रहे। आईआईटी जोधपुर की ओर से बैठक में डायरेक्टर प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भवानी कुमार सतपथी आदि शामिल हुए।
नीति आयोग की नई रिपोर्ट 'रीइमैजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत@2047' ने भारत में शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर को उजागर किया है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर अबू आजमी बोले- शिक्षा के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन को सम्मान के साथ रहने देना चाहिए
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के निजी स्कूलों के निरीक्षण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी स्कूलों का निरीक्षण राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से साल में कम से कम एक बार किया जाएगा। इससे पहले जारी आदेशों में स्कूलों का हर महीने नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। निजी स्कूल संचालकों के विरोध और आंदोलन के बाद विभाग ने इन आदेशों में संशोधन किया है। निजी स्कूल संचालकों ने मासिक निरीक्षण के आदेश को व्यवहारिक रूप से कठिन बताते हुए इसका विरोध किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूर्व आदेश में संशोधन कर नया आदेश जारी किया। निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा ललित कुमार की ओर से जारी संशोधित आदेश के अनुसार सरकारी और प्राइवेट स्कलों का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इनमें निशुल्क प्रवेश, मान्यता, सीबीएसई से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्कूल में संचालित पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और बाल वाहिनी संचालन सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न विभागीय नियमों और आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कलों का 31 दिसंबर 2026 तक कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। 2027-28 में आरटीई प्रवेशित बच्चों का होगा भौतिक सत्यापनआदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 में आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन भी राजस्थान स्कूल संबल एप के माध्यम से किया जाएगा। इससे आरटीई के तहत होने वाले प्रवेश और स्टूडेंट्स की वास्तविक स्थिति की जांच की जा सकेगी। निजी स्कूल संचालकों को मिली राहतशिक्षा विभाग के इस संशोधन से प्रदेश के निजी स्कूलों को हर महीने होने वाले नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण व्यवस्था जारी रहेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक सरकारी और गैर-सरकारी स्कलों का कम से कम एक बार निरीक्षण किया जाना आवश्यक होगा।
‘शिक्षा का राजनीतिकरण ठीक नहीं’, एनसीईआरटी विवाद पर पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश
New Delhi, 21 अगस्त . कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की एनसीईआरटी टेक्स्ट बुक टीम के पुनर्गठन को लेकर उठ रहे Political सवालों के बीच एनसीईआरटी के पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश ने शिक्षा के कथित Politicalरण पर अपनी राय रखी है. टीम के कुछ सदस्यों के आरएसएस और एबीवीपी से कथित जुड़ाव को ... Read more
'शिक्षा का राजनीतिकरण ठीक नहीं', एनसीईआरटी विवाद पर पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश
'शिक्षा का राजनीतिकरण ठीक नहीं', एनसीईआरटी विवाद पर पूर्व अधिकारी वेद प्रकाश
जोधपुर संभाग के जिला शिक्षा अधिकारियों को अब रोजाना संभाग मुख्यालय में रिपोर्ट भेजनी होगी कि उनके अधीन आने वाले वाले ऑफिस और स्कूल में किसी व्यक्ति ने फोटो-वीडियो बनाए या नहीं। इस संबंध में संयुक्त निदेशक संभाग मुख्यालय जोधपुर की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) हिम्मत सिंह तंवर की तरफ जारी आदेश में इस संबंध में रोजाना 1 बजे इस संबंध में सूचना भेजने के लिए कहा गया है। मुख्यालय की तरफ से जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखा है- आपके अधीन कार्यालयों, स्कूलों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, बिना अनुमति किसी गतिविधि का वीडियो बनाने, फोटो लेने और शैक्षिक वातावरण खराब करने की कोई घटना संज्ञान में आए जाने पर तुरंत प्रभाव से उसकी सूचना और नहीं पाए जाने पर Nil की सूचना रोज दोपहर 1 बजे से पहले ऑफिस की ईमेल पर अनिवार्य रूप से भेजना होगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शिक्षा निदेशालय कि तरफ से प्रिंसिपल या हैडमास्टर की अनुमति बिना बाहरी व्यक्ति के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश भी जारी किए गए थे। ये खबरें भी पढ़िए… दिलावर बोले-स्कूलों में मीडिया एंट्री पर पाबंदी नहीं:CJP की चेतावनी-सरकार एडवांस में FIR दर्ज करवा दे, गहलोत ने कहा-सरकार फैसला वापस ले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन लगाने के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। (पढ़िए पूरी खबर) सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री बैन:स्टूडेंट्स की फोटो-वीडियो बनाने के लिए प्रिंसिपल की अनुमति जरूरी राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)
घाटमपुर की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विधायक सरोज कुरील ने शुक्रवार शाम लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में विद्यालयों के समायोजन और नए मॉडल स्कूल की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों का ही समायोजन किया जाएगा। वहीं, तिराहा पट्टी में करीब 1500 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाला मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने की योजना है। लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान विधायक सरोज कुरील ने घाटमपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सामने रखा। विधायक ने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में विद्यालयों के समायोजन की प्रक्रिया के तहत केवल उन विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 50 से कम विद्यार्थियों का नामांकन है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। मुलाकात के दौरान घाटमपुर के तिराहा पट्टी में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना को लेकर भी जानकारी दी गई। प्रस्तावित विद्यालय में करीब 1500 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की व्यवस्था होगी। विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। खास बात यह होगी कि इस विद्यालय में कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के लिए अलग-अलग विद्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होगी। विधायक बोली- छात्र छात्राओं को मिलेगी बेहतर शिक्षा घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना से घाटमपुर के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र के ग्राम पेंड्रावन में सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर शुक्रवार को स्कूली बच्चों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के जिले में स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से नाराज बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। बच्चों के सड़क पर उतरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पहले देखिए तस्वीरें मामला पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल का है। यहां शिक्षक की कमी को लेकर विद्यार्थी लंबे समय से परेशान बताए जा रहे हैं। बच्चों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विषयवार शिक्षक नहीं होने से उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने और अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता बनी हुई है। पहली बार छत्तीसगढ़ में जेन-अल्फा सड़क पर यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे। बच्चों ने कहा कि उन्हें राजनीति नहीं, स्कूल में शिक्षक चाहिए। वे स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि हर विषय की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों। मंत्री के गृह क्षेत्र में व्यवस्था पर सवाल पेंड्रावन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग के धमधा क्षेत्र में आता है। ऐसे में मंत्री के गृह क्षेत्र में ही सरकारी स्कूल के बच्चों को शिक्षकों की कमी के विरोध में सड़क पर उतरना पड़ा। काफी देर तक सड़कों पर रहे बच्चे चक्काजाम की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। बच्चों और स्थानीय लोगों की मांग है कि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक मिलना उनका अधिकार है। पढ़ाई के लिए बार-बार आवाज उठाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए प्रशासन को जल्द समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष (जिला बाल संरक्षण इकाई), जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) तथा सहायक निदेशक (बाल अधिकारिता विभाग) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव का स्वागत, खेल गतिविधियों को लेकर हुआ मंथन
उदयपुर में नवपदस्थापित उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव का स्वागत हुआ। खेल प्रतियोगिताओं और विद्यार्थियों की भागीदारी पर चर्चा हुई।
NITI Aayog ने खोल दी भारत की शिक्षा व्यवस्था की पोल?
100 में सिर्फ 8 ग्रेजुएट्स को ही अपनी पढ़ाई के हिसाब की नौकरी मिल रही है। NITI Aayog की नई रिपोर्ट Reimagining Skilling for Viksit Bharat @2047 भारत की शिक्षा व्यवस्था और नौकरी के बीच बढ़ते गैप की बड़ी तस्वीर सामने लाती है।
सेमा स्कूल में विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार, भामाशाह परिवार ने बढ़ाईं शिक्षा सुविधाएं
राजसमंद के सेमा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाह परिवार के सहयोग से तीन कक्षा-कक्ष, फर्नीचर, बाउंड्री वॉल, किचन शेड सहित कई विकास कार्य करवाए गए हैं। गणित-विज्ञान शिक्षकों का मानदेय भी ट्रस्ट उठा रहा है।
पीएम श्री विद्यालय बनें गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के आदर्श केंद्र : वी श्रीनिवास
मुख्य सचिव. वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधानों के साथ राज्य स्तरीय वेबिनार-2 का आयोजन हुआ...
वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल, वलसाड ने 107 साल की विरासत के साथ शिक्षा में रचा नया मुकाम
वलसाड का वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल 107 साल की विरासत के साथ आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 100% बोर्ड परिणाम, तकनीकी सुविधाओं और नए उच्च माध्यमिक भवन से विद्यालय का विस्तार जारी है।
लखनऊ में आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ को पत्र भेजकर समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन के महामंत्री उमेश कुमार पांडे ने कहा कि कई महीनों से शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर समस्या बनी हुई है। परियोजना कार्यालय से मानदेय मिलने के बाद भी समय पर शिक्षामित्रों के खातों में राशि नहीं पहुंचती। संगठन ने मांग की कि परियोजना कार्यालय से मानदेय प्राप्त होने के 3 से 5 दिन के भीतर शिक्षामित्रों के खातों में भुगतान किया जाए। संगठन के अनुसार, जिले में हर महीने 2 से 5 शिक्षामित्रों का मानदेय जिले से लगने के कारण छूट जाता है। इसकी जांच कर समस्या का निस्तारण कराने की मांग की गई। पत्र में एफएलएन प्रशिक्षण-2025 की राशि का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण की राशि नहीं मिली है। पूरे वर्ष संगठन की ओर से कार्यालय को इसकी जानकारी दी जाती रही है। शेष भुगतान की मांग संगठन ने शेष राशि का भुगतान कराने की मांग की। संगठन ने अधिकारियों से सभी समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान कराने की अपील की। इससे शिक्षामित्र मानसिक रूप से स्वतंत्र होकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
भारत में स्नातकों की बेरोजगारी: शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई
भारत में हर साल लाखों युवा स्नातक होते हैं, लेकिन उनमें से केवल 8.25 प्रतिशत ही अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी प्राप्त कर पाते हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई, पाठ्यक्रमों की असंगति, और व्यावहारिक कौशल की कमी जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं का झुकाव बढ़ रहा है। शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है ताकि छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
बिहार सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बावजूद 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है। इन छात्रों की मांग है कि TRE-4 में एक परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग हटाई जाए। आज भी छात्रों की ओर से आंदोलन की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम से की। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की है। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री से इस मामले में बातचीत करेंगे। राज्यपाल ने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आंदोलनकारी छात्रों की मांग पर कहा कि कुछ लोग तो परीक्षा ही नहीं होने की समर्थन में हैं। वह जितने मांग कर रहे हैं, सभी को पूरा करना संभव नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग ने मिलकर यह नियम बनाया है। उन्होंने कहा, 'हमें अच्छे प्रतिभा वाले शिक्षक चाहिए। यह निर्णय शिक्षा विभाग का नहीं है। हमारा काम वैकेंसी जारी करना था, वह हमने कर दिया। अगर दो परीक्षा है तो उसका कई छात्र स्वागत भी कर रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सरकार कोई भी बदलाव TRE-5 से करे छात्र PT और Mains परीक्षा नहीं देना चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे। इसके अलावा TRE-4 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करे। इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इसमें TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें की गई हैं। स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखे पत्र में कहा है- TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी काफी हताश, परेशान और निराश हैं। हमारी मांगें पूरी की जाएं। सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप के साथ सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर ही रह रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि जैसे ही हम लोगों ने प्रदर्शन की शुरुआत की तो TRE 4 का विज्ञापन निकल गया। इस विज्ञापन को लेकर मैं जेल भी गया, मेरे साथ वहां मारपीट की गई। लेकिन दो परीक्षा की बात कही गई है। जबकि TRE 1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। छात्रों का कहना है जो भी एक्सपेरिमेंट करना है वो TRE-5 से कीजिए। PT और MAINS के नाम पर इसको 4 साल लटका दिया जायेगा। TRE-5 में जो भी बदलाव करना है, इसका नोटिस अभी जारी करिए, ताकि अभ्यर्थी उस तरह से उसकी तैयारी करें। BSSC की ओर से एग्जाम का डेट जल्द जारी होना चाहिए। BSSC को लेकर छात्रों की मांग यूनियन ने BSSC से संविदा वेटेज हटाने और परीक्षा तारीख घोषित करने, LET और BET कराने, AEDO परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग की है। साथ ही BPSC सिविल सेवा में हिंदी भाषियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई है। रौशन आनंद सर ने छात्रों को दिया समर्थन छात्र आंदोलन को लेकर शिक्षक रौशन आनंद सर ने अपने छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र नेता आपसी मतभेद खत्म कर एक मंच पर आएं, तभी आंदोलन प्रभावी होगा। अपने क्लास के दौरान रौशन आनंद सर ने कहा, ‘छात्रों को पूरा दिन आंदोलन में रहने की जरूरत नहीं है। अगर हर दिन सिर्फ दो-चार घंटे भी आंदोलन स्थल पर जाकर अपनी भागीदारी निभाएंगे तो इससे छात्रों की मांगों को मजबूती मिलेगी।’ छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा, सभी एकजुट हों- रौशन आनंद उन्होंने कहा, ‘छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा है। एक तरफ छात्र नेता दिलीप कुमार हैं तो दूसरी तरफ छात्र नेता सौरभ कुमार और अमन जैसे लोग हैं। सभी एकजुट होंगे, तभी बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकजुट होंगे।’ रौशन आनंद सर ने कहा, ‘पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र मानसिक दबाव में हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है।' छात्रों की मांगो को लेकर पप्पू यादव राज्यपाल से मिले छात्रों की मांग को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से लोक भवन में मुलाकात की। उनके साथ कुछ अभ्यर्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग का समर्थन किया। TRE-4 से PT-MAINS हटाने की मांग छात्रों की सबसे बड़ी मांग TRE-4 में सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए। छात्रों का कहना है कि TRE-4 पहले ही काफी देर से हो रही है, ऐसे में इसमें PT और MAINS जैसी दो स्टेप पर परीक्षा कराना करना उचित नहीं होगा। सरकार कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्र नेताओं का आरोप है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर PT और MAINS की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन इससे पहले भी PT, MAINS और इंटरव्यू वाली परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 66वीं, 67वीं और 70वीं में भी पेपर लीक हुआ' आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि BPSC की 66वीं, 67वीं और 70वीं जैसी परीक्षाओं में PT और Mains की व्यवस्था होने के बावजूद पेपर लीक के मामले सामने आए। ऐसे में सिर्फ परीक्षा के चरण बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा होनी चाहिए और नए प्रयोग TRE-5 से किए जाएं। 32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती TRE-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ----------------------- ये भी पढ़ें बिहार में छात्र आंदोलन-17 दिन से अनशन, 10KG वजन घटा:प्रोफेसर कुमुद बोले- सरकार तानाशाह, कुछ नहीं सुनती; जानिए प्रदर्शनकारियों की मांगें ‘मैं रहूं या न रहूं बिहार की शिक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए, उच्च शिक्षा रहनी चाहिए। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रोफेसर्स की लड़ाई है। 17 दिनों से बिना अन्न ग्रहण किए आमरण अनशन पर बैठे हैं। वजन करीब 10 किलो कम हो गया है। BP भी लो है और डॉक्टरों ने बिगड़ती हालत को देखते हुए कहा है कि कभी भी अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है। सरकार तानाशाही की तरफ बढ़ रही है। 17 दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन उनकी तरफ से कोई सुध नहीं ली गई।’ पूरी खबर पढ़ें
बड़ी खबर: रीवैल्यूएशन मामले में SC पहुंचे CBSE के 1.68 लाख छात्र
CBSE बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन और पोर्टल की समयसीमा को लेकर उठे विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. लगभग 1.68 लाख छात्रों की शिकायतों और तकनीकी गड़बड़ियों के बीच अदालत ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद मंगलवार को इस पर फैसला आ सकता है.
संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष कलश पूजन अभियान के तहत संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से पवित्र मिट्टी गोपालगंज लाई गई। जिले में पहुंची इस पवित्र मिट्टी को संत रहसू भगत धाम परिसर में कलश में स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद कलश को जिले के विभिन्न प्रखंडों, मंडलों और गांवों में ले जाने की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत गांव-गांव में कलश पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, जो दो दिवसीय गोपालगंज दौरे पर थे, ने संत रविदास की पवित्र मिट्टी वाले कलश का पूजन किया और उन्हें नमन किया। गोपालगंज की संत परंपरा का मंत्री ने उल्लेख किया उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में संतों का विशेष स्थान है। संत रविदास ने समाज को समानता, भक्ति, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जिनके विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व द्वारा संत रविदास के सम्मान तथा उनके विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। गोपालगंज में भी पवित्र मिट्टी के कलश को विभिन्न क्षेत्रों में ले जाकर लोगों को संत रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक संदेशों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज की संत परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने संत रहसू भगत और बैकुंठपुर के सुपन भगत को नमन करते हुए कहा कि गोपालगंज की धरती संतों की समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी रही है। उन्होंने जोर दिया कि संतों के विचार समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने चाहिए, जिससे सामाजिक समरसता और सद्भाव मजबूत हो सके। विधि-विधान से कलश पूजन किया भाजपा के प्रदेश महामंत्री सरोज राजन पटेल ने जानकारी दी कि संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से लाई गई इस पवित्र मिट्टी को कलश में स्थापित कर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जा रहा है। गोपालगंज में भी इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है। अब जिले के विभिन्न प्रखंडों और मंडलों में कलश ले जाकर पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गिरी उर्फ मंटू गिरी ने बताया कि वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को सबसे पहले संत रहसू भगत के मंदिर परिसर में रखा गया और यहां विधि-विधान से कलश पूजन किया गया। इसके बाद कलश को जिले के अलग-अलग प्रखंडों और गांवों में ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अभियान के दौरान लोगों को संत रविदास के जीवन, उनके सामाजिक विचारों और समानता के संदेश की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही साथ ही संत परंपरा और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य समारोह बैकुंठपुर स्थित सिंहासनी धाम में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। कलश के गांव-गांव पहुंचने के दौरान स्थानीय लोगों की सहभागिता से पूजन एवं अभिनंदन कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम के दौरान गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ, एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पवित्र मिट्टी के कलश को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। अभियान के माध्यम से संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
jaipur, 21 अगस्त . Rajasthan के jaipur में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्कूलों का दौरा करने का विरोध किया गया. बगरू इलाके में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में सीजेपी के कार्यकर्ता जैसे ही पहुंचे गांव के लोगों ने कार्यकर्ताओं का विरोध किया और भगा दिया. आरोप है इस दौरान ग्रामीणों ने ... Read more
job news 2026: राजस्थान में निकली इस भर्ती के लिए आवेदन करने के बचे हैं 4 दिन
इंटरनेट डेस्क। नौकरी की तलाश हैं और वो भी राजस्थान में तो राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओर से जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, कॉमर्शियल असिस्टेंट के रिक्त पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आप भी इस जॉब के लिए आवेदन कर सकते है। कुल 2005 रिक्त पदों की इस भर्ती के लिए तय तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पदों के नाम- जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, कॉमर्शियल असिस्टेंट पदों की संख्या- 2005 आयु सीमा- आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें आवेदन करने की आखिरी तारीख- 25 अगस्त 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट energy.rajasthan.gov.in देख सकते है। pc- hr.economictimes
NTPC recruitment 2026: 135 डिप्टी मैनेजर पदों पर आवेदन का सुनहरा मौका, 26 अगस्त तक करें अप्लाई
PC: UxDT नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन ने 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 26 अगस्त है। भर्ती का विज्ञापन एडवरटाइजमेंट नंबर 10/26 के तहत दिया गया है, इच्छुक और योग्य उम्मीदवार डेडलाइन खत्म होने से पहले पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। भर्ती को इलेक्ट्रिकल में 40 पोस्ट, मैकेनिकल में 55 पोस्ट, और C&I में 40 पोस्ट में बांटा गया है, यानी कुल 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट। ज़रूरी तारीखें: ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12 अगस्त ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 26 अगस्त रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट और इंटरव्यू की तारीखें: अभी बताई नहीं गई हैं। वैकेंसी : कुल: 135 पोस्ट इलेक्ट्रिकल: 40 मैकेनिकल: 55 C&I: 40 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (मैकेनिकल): 55 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल/प्रोडक्शन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (C&I): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स/कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन/इंस्ट्रूमेंटेशन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल। एज लिमिट में छूट: SC/ST/OBC-NCL/PwBD: 40 साल क्वालिफिकेशन: पासिंग मार्क्स एक्सपीरियंस: 2 साल की छूट। पे स्केल: इलेक्ट्रिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने मैकेनिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने C&I: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने एप्लीकेशन फीस: जनरल/EWS/OBC: Rs. 500 (नॉन-रिफंडेबल) SC/ST/PwBD/एक्स-सर्विसमैन/महिला: कोई फीस नहीं मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन सिलेक्शन प्रोसेस: एप्लीकेशन शॉर्टलिस्टिंग/स्क्रीनिंग (क्वालिफिकेशन, मार्क्स का परसेंटेज, क्वालिफिकेशन के बाद कितने साल का एक्सपीरियंस, वगैरह के आधार पर) रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट पर्सनल इंटरव्यू या ऊपर दिए गए ऑप्शन का कॉम्बिनेशन अप्लाई कैसे करें: careers.ntpc.co.in पर लॉग ऑन करें, या www.ntpc.co.in पर करियर सेक्शन पर जाएं। एक वैलिड, एक्टिव ईमेल ID से रजिस्टर करें (NTPC कैंडिडेट्स को भेजे गए बाउंस हुए ईमेल के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा)। जिस डिसिप्लिन के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसके लिए सही पर्सनल, एजुकेशनल और एक्सपीरियंस डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें। ऊपर दिए गए डॉक्यूमेंट्स रिक्वायर्ड सेक्शन में लिस्टेड सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू होने वाली एप्लीकेशन फीस (सिर्फ़ जनरल/EWS/OBC कैंडिडेट्स के लिए) SBI पे-इन-स्लिप प्रोसेस से ऑफलाइन, या नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पे करें। ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद, सिस्टम से मिली एप्लीकेशन स्लिप डाउनलोड करें, जिस पर एक यूनिक एप्लीकेशन नंबर हो, और भविष्य के लिए एक कॉपी अपने पास रख लें। कोई भी डॉक्यूमेंट पोस्ट से भेजने की ज़रूरत नहीं है।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों के लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में प्रवेश करने की घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने दो घंटे पेन डाउन रखा। इस दौरान शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों ने काम नहीं किया। दो घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। इधर, राज्य शिक्षा केंद्र में भी कर्मचारियों ने आयुक्त के कक्ष में प्रवेश की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। चयनित शिक्षक नीलम पार्क में जुटे हैं और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। चैंबर में घुसकर की थी नारेबाजी आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह के कार्यालय में गुरुवार शाम प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद नियुक्ति से वंचित उम्मीदवारों के एक समूह ने जबरन घुसकर नारेबाजी की थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सबको आयुक्त के कक्ष से बाहर निकाला था। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने इस घटना का विरोध करते हुए आज से आंदोलन और पेन डाउन करने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर संविदा कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इनके द्वारा आयुक्त के कक्ष में घुसने की कोशिश की निंदा करते हुए कार्यवाही की मांग की गई। मोर्चा के अध्यक्ष रमेश राठौर और अन्य कर्मचारियों ने इस तरह की घटनाओं की स्थिति में सरकारी कामकाज पर असर पड़ने की बात कही। राठौर ने कहा कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी आज प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे हैं। अहिंसात्मक तरीके से लोग अपनी बात रख सकते हैं लेकिन इसके लिए हिंसा का रास्ता अपनाना कतई उचित नहीं है। अल्पवेतन भोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले ने भी इसके विरोध में साथी कर्मचारियों को लेकर प्रदर्शन किया है। आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय के कर्मचारी नेता मुकेश शर्मा ने बताया कि चूंकि कल घटना के बाद प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों ने आयुक्त से माफी मांग ली थी। इसलिए आज दो घंटे तक पेन डाउन रखने के बाद सभी काम पर लौट आए हैं ताकि शासकीय काम काज प्रभावित न होने पाए। नीलम पार्क में प्रदर्शन जारी दूसरी ओर शिक्षक चयन परीक्षा में वर्ग 2 और वर्ग तीन के पदों में वृद्धि को लेकर नीलम पार्क में प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां आंदोलनरत चयनित शिक्षकों द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग से पदों में वृद्धि कर नौकरी देने की मांग की जा रही है। इनका कहना है कि लाखों पद रिक्त हैं लेकिन विभाग पद वृद्धि न करके चयन परीक्षा में पास होने के बाद भी नियुक्ति नहीं दे रहा है। यह खबर भी पढ़ें… पोस्टिंग नहीं मिलने पर कमिश्नर के दफ्तर में घुसे प्रदर्शनकारी:भोपाल में चयनित शिक्षकों को पुलिस ने खदेड़ा प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में D.El.Ed की डिग्री के कारण नियुक्ति से वंचित चयनित शिक्षक गुरुवार शाम लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में घुस गए। करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय की पहली मंजिल पर पहुंचे और आयुक्त के कक्ष में घुस गए। पढ़ें पूरी खबर…
आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी-LKG प्रवेश बंद होने से फूटा पालकों का गुस्सा: पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय संग कलेक्टोरेट पहुंचे मजदूर, पूछा- 'क्या गरीबों के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा का हक नहीं?'
शिक्षा मंत्री को बस 2 दिन का टाइम, कॉकरोचों ने दे दी वॉर्निंग, नए प्रोटेस्ट का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के ग्रामीण इलाके में मौजूद एक स्कूल का दौरा किया था, जहां उनपर हमला हो गया। सीजेपी के आरोप हैं कि गांव में लंबे समय से एक स्कूल तबेले में चल रहा था। CJP ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
MRPL Vacancy 2026: एमआरपीएल ने गेट 2026 के जरिए असिस्टेंट इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और केमिकल डिसिप्लिन के उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।
शिक्षा विभाग सख्त: हिमाचल के सभी सरकारी स्कूलों में उबला या फिल्टर पानी बच्चों को पिलाने के आदेश
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के प्राथमिक स्कूल बाड़ी में खीर खाने के बाद छात्रों के बीमार पड़ने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर जोर दिया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं ज्ञान सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और 'द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया' ने एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी मुंबई में आयोजित 10वें वार्षिक 'आईसी3 कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो' के मंच पर संपन्न हुई। इस अकादमिक समझौते के तहत दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर संयुक्त शोध परियोजनाओं, शिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करेंगे। साथ ही, दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नियमित आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे अकादमिक संसाधनों के साझा उपयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बौद्धिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई में हुआ मुंबई में आयोजित समारोह में नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर सत्यनारायण शास्त्री एवं डॉ. मुनीर मैगरी उपस्थित रहे। वहीं द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रोफेसर अमित चक्रमा और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेड कमिश्नर (इंडिया-गल्फ) डॉ. इयान मार्टिनस सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। छात्रों के लिए अवसर साझेदारी पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक फलक का निरंतर विस्तार कर रहा है। नालंदा के पुनरुत्थान में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका आरंभ से ही महत्वपूर्ण रही है, ऐसे में यह करार दोनों देशों के ज्ञान संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह सहयोग UWA की आधुनिक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नालंदा की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को एक साथ लाते हुए शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर नए द्वार खोलेगा।
MP TET 2026 Registration: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 12 अक्तूबर से आयोजित की जाएगी।
शिक्षकों के कल्याण के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 3.75 करोड़ रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्कूलों में झंडियां बेची जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बजट एकत्र करने के लिए प्रत्येक जिले को टारगेट दिया है। इस बजट के लिए स्कूलों में शिक्षक दिवस पर झंडियां भिजवाई जाएगी। करीब 3 लाख शिक्षकों से 3 करोड़ रुपए और दानदाताओं को 15 लाख झंडियां बेचकर 75 लाख रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर शिक्षक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस तरह से एकत्र किए जा रहे बजट का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। राज्य सरकार शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद पुष्करणा ने कहा है कि राज्य सरकार को शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करना चाहिए। इस तरह से एकत्र बजट की जिम्मेदारी भी इस बोर्ड को दी जाए। यह है प्रतिष्ठान का कार्य; शिक्षक के निधन पर 20 हजार रुपए सहायता दी जाती है। शिक्षकों के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए 15000 रुपए सहायता दी जाती है। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भारत भ्रमण की सुविधा है। इसलिए उठ रहे हैं सवाल ये है टारगेट विद्यार्थियों के लिए झंडी लेना अनिवार्य नहीं है। दानदाताओं को भी झंडियां दी जा सकती है। इसके हिसाब के बारे में तो उच्चाधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। -अशोक कुमार पारीक, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय

