Sultanpur News: तिरंगा यात्रा की धूम, भाजपा व शिक्षा विभाग ने निकाली यात्रा
तिरंगा यात्रा की धूम, भाजपा व शिक्षा विभाग ने निकाली यात्रा
Sant Kabir Nagar News: शिक्षा के 10 मानकों का शिक्षक करेंगे पालन
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी
जंतर-मंतर पर ‘शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो’ के नारे के साथ समाजवादियों का प्रदर्शन। युवा सोशलिस्ट पहल ने शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और सांप्रदायीकरण के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया।
हरियाणा सरकार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है।
संतान और शिक्षा के लिए अभिशाप! जानें कितना खतरनाक 5वें भाव का ग्रहण
पंचम भाव में सूर्य-राहु का ग्रहण योग बनने पर व्यक्ति का सोचने का तरीका पारंपरिक नहीं रहता है. वह सामान्य तरीके से अलग हटकर सोचता है और समस्याओं का समाधान जुगाड़ या वैकल्पिक तरीकों से निकालने की कोशिश करता है.
12 अगस्त को तेज बारिश के चलते बंद रहेंगे भोपाल के स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी ने की घोषणा
भोपाल में 12 अगस्त को नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। तेज बारिश की वजह से ये फैसला लिया गया है। हालांकि स्कूलों को छूट है कि वे ऑनलाइन-वर्चुअल क्लासों का आयोजन कर सकते हैं।
चार्ज लेने से पहले ही उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाए गए नरेश पाल गंगवार, 20 दिन पहले दी थी तैनाती
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव पद से कार्यभार संभालने से पहले ही हटा दिया है।
निंबाहेड़ा में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग, NSUI ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
निंबाहेड़ा में NSUI ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा, 2023-24 से चुनाव नहीं होने पर विद्यार्थियों ने उठाई आवाज।
सतना के रामपुर बघेलान ब्लॉक स्थित शासकीय विद्यालय त्योंधरा क्रमांक-1 में छात्रों से गिट्टी ढुलवाने का मामला सामने आया है।
बिहार में UP के शिक्षकों को नो-टेंशन! शिक्षा मंत्री का साफ संदेश- नियमों के तहत ही होंगे सारे तबादले
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार में कार्यरत उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के स्थानांतरण में भेदभाव न होने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार... देश की मौजूदा सियासत पर क्या है Gen-Z की राय
सी-वोटर के सर्वे में 18 से 35 वर्ष के युवाओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का विश्लेषण किया गया है. सर्वे में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया, जबकि महंगाई को भी कई युवाओं ने प्राथमिकता दी.
उत्तराखंड के सरकारी छात्रों को उच्च शिक्षा की सौगात, प्लाक्षा और नवगुरुकुल से मिली स्कॉलरशिप
उत्तराखंड के तीन सरकारी स्कूल के छात्रों रोनिक बिस्वास, मानव दास और कशिश चौहान को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप मिली है।
इनेलो के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निधन से राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। मंगलवार दोपहर इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निवास पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इनेलो परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी ने देश की सेवा के साथ-साथ हरियाणा की शिक्षा, खेल और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका अनुशासन, स्पष्ट सोच, सरल स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पण लंबे समय तक कार्यकर्ताओं और समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा। चौधरी ओपी चौटाला से रहा गहरा संबंध अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी और स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बीच बेहद गहरा और आत्मीय संबंध रहा। दोनों ने लंबे समय तक हरियाणा की शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और राजनीति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर साहब ने अपने अनुभव और कुशल नेतृत्व से जिस भी जिम्मेदारी को संभाला, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। शिक्षा-खेल व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान चौटाला ने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी महान शिक्षाविद होने के साथ-साथ कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने हरियाणा की शिक्षा और खेल व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। राई स्पोर्ट्स स्कूल, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। उनके प्रशासनिक अनुभव और अनुशासनप्रिय कार्यशैली ने संस्थानों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनेलो की जिम्मेदारियों को निष्ठा से निभाया इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने जब भी ब्रिगेडियर ओपी चौधरी को संगठन की कोई जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे पूरी लगन और निष्ठा के साथ निभाया। वह आखिरी सांस तक इनेलो परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। उनका पार्टी के प्रति समर्पण कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। परिवार के साथ बिताया समय, हुए भावुक ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निधन पर शोक जताते हुए अभय चौटाला काफी भावुक नजर आए। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ काफी समय बिताया और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व का हमारे बीच से चले जाना कभी पूरी न होने वाली क्षति है। उनकी विचारधारा, सेवाभाव और समाज के प्रति किए गए कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा। इनेलो पदाधिकारियों ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि इस दौरान इनेलो सोनीपत के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत, प्रदेश सचिव कृष्ण मलिक, प्रदेश सचिव सुरेश त्यागी, पूर्व मेयर प्रत्याशी आनंद खत्री, इनेलो नेता अजित आंतिल, युवा जिला अध्यक्ष विकास मलिक, महिला जिला अध्यक्ष मनजीत फोगाट, अमन आहुलाना, पंडित राजेंद्र गौड़, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजबीर जोगी, विश्व ब्राह्मण फाउंडेशन के उपाध्यक्ष महाबीर शर्मा, जोगेंद्र प्रजापति, पूनम रोहिल्ला सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना इनेलो परिवार की ओर से सामूहिक रूप से ब्रिगेडियर ओपी चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राजस्थान पुलिस में यंग प्रोफेशनल्स भर्ती : आवेदन की अंतिम तिथि 12 अगस्त
राजस्थान पुलिस में विशेषज्ञ युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर डेटा आधारित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक पुलिसिंग को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की पहल के तहत 'यंग प्रोफेशनल्स भर्ती' के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बुधवार, 12 अगस्त, 2026 है।
बिहार में जेईई-नीट कोचिंग के लिए गणित और केमिस्ट्री के शिक्षकों की भर्ती, दो लाख तक मानदेय
यह भर्ती राज्य में संचालित कोचिंग कार्यक्रम के लिए की जा रही है। योग्य और अनुभवी उम्मीदवार 16 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
job news 2026: डिप्टी मैनेजर सहित कई पदों के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सरकारी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने भर्ती का मौका दिया है। कंपनी ने डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। पदों का नाम- इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन कुल पद- 135 आवेदन- 12 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन की लास्ट डेट- उम्मीदवार 26 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे सैलेरी- पदों के अननुसार आवेदन-ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट ntpc.co.in/hi देख सकते है। pc- didlake.org
कौन हैं तेज-तर्रार आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी, जिन्हें सौंपी गई उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपनी बेदाग कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और उत्कृष्ट निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को एक बार फिर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की कमान सौंपी है। प्रशासनिक गलियारों में उनके इस नए और महत्वपूर्ण पदभार संभालने की चर्चा जोरों पर है। अपनी शानदार सर्विस प्रोफाइल और विभिन्न विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अपनी एक खास पहचान बनाने वाली आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी का यह सफर आज के युवा सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बना हुआ है।प्रशासनिक सफर और शानदार कार्यकुंभ का अनुभवदीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने लंबे और सफल प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। उनकी गिनती देश के उन चुनिंदा और अनुभवी आईएएस अधिकारियों में होती है जो जटिल से जटिल नीतियों को धरातल पर उतारने में महारत रखते हैं। उच्च शिक्षा विभाग जैसे अहम मोर्चे पर उनकी नियुक्ति को सरकार का एक बेहद रणनीतिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, क्योंकि देश की नई शिक्षा नीति (NEP) और उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण के दौर में ऐसे कुशल नेतृत्व की खासी जरूरत है।युवाओं और महिला अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोतएक महिला प्रशासनिक अधिकारी के रूप में दीप्ति गौर मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है कि लगन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया जाए तो हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सिविल सेवा की तैयारी करने वाले हजारों छात्र-छात्राएं उनके कामकाज के तरीके और प्रशासनिक अनुशासन का अनुसरण करते हैं। उच्च शिक्षा विभाग में उनके आने से अकादमिक सुधारों, शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में नए मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सिवनी में मंगलवार सुबह एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 10:30 बजे सामने आई। मामला घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम डोला स्थित माध्यमिक शाला का है। मृतका की पहचान मधु यादव (22) पिता सोहन यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह माध्यमिक शाला डोला में शिक्षक और बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल के शिक्षक अशोक कुमार यादव ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल का दरवाजा खोला, तो बच्चों की नजर युवती पर पड़ी। बच्चों ने चिल्लाकर बताया कि युवती ने फांसी लगा ली है। बाकी टीचर दूसरे कक्षा में चले गए थे। स्कूल पहुंचे तो घटना का पता चला घटना की सूचना मिलते ही घंसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस की ओर से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मां बोली-सुबह घर से निकली थी मधु मृतका की मां राजकुमारी यादव इसी स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि युवक सुबह करीब 9:30 बजे घर से निकली थी। स्कूल आने पर उन्हें बेटी के फांसी लगाए जाने की जानकारी मिली। युवती मां के साथ रोजाना स्कूल जाती थी। बच्चों को डांस और गाने भी सिखाती थी। बच्चे उसे मधु बुआ बुलाते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस परिजनों और स्कूल से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। युवती के स्कूल परिसर में पहुंचने और वहां आत्महत्या करने की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले युवती की किसी से बातचीत या कोई विवाद हुआ था या नहीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में मर्ग कायम कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
IAS Deepti Mukharjee: JNU से मास्टर डिग्री, फिर बनी IAS, अब मिली उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी प्रशासनिक अधिकारियों में बड़ा नाम है। वो सीनियर आईएस अधिकारी हैं। इससे पहले उन्होंने कई बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। चलिए जानते हैं कि कौन है दीप्ति मुखर्जी।
टीचरों को आवेदन के 48 घंटे के अंदर छुट्टी नहीं दी तो अफसर नपेंगे, बोले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
बिहार के सरकारी स्कूलों में टीचरों के छुट्टी के आवेदन को लेकर शिक्षा मंत्री ने अहम बातें कही हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि इन आवेदनों पर 48 घंटे के अंदर संज्ञान लेना होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा में नई भर्ती शुरू, चेक करें डिटेल्स और तुरंत करें आवेदन
PC: abplive बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda (BOB) ने Specialist Officer के 206 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए बैंक के अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों में Digital Banking, Information Security, Security, Enterprise Data Management, Corporate Accounts & Taxation Planning और Facility Management समेत कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 206 Specialist Officer पदों पर होगी नियुक्ति इस भर्ती अभियान के तहत कुल 206 पद भरे जाएंगे। पदों के अनुसार उम्मीदवारों की नियुक्ति Manager, Senior Manager, Chief Manager, Technical Officer, Product Manager, Data Scientist, Information Security Officer, Security Manager और Taxation से जुड़े विभिन्न पदों पर की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा से जुड़ी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें। आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 6 अगस्त 2026 आवेदन की अंतिम तारीख: 26 अगस्त 2026 उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है। पद के अनुसार अलग होगी योग्यता Specialist Officer के अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की शर्तें भी अलग निर्धारित की गई हैं। इसी तरह उम्मीदवारों की अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग हो सकती है। आयु की गणना 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इसलिए उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में अपने पद से जुड़ी सभी पात्रता शर्तों को जरूर जांच लें। कितनी देनी होगी आवेदन फीस? आवेदन शुल्क उम्मीदवार की कैटेगरी के आधार पर निर्धारित किया गया है। General, OBC और EWS: 850 रुपये + लागू पेमेंट गेटवे शुल्क SC, ST, PwBD, Ex-Servicemen और महिला उम्मीदवार: 175 रुपये + लागू पेमेंट गेटवे शुल्क आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकेगा। कैसे होगा Specialist Officer का चयन? Bank of Baroda के अनुसार, उम्मीदवारों के आवेदन की स्क्रीनिंग के बाद जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा सकती है। इसके बाद चयन प्रक्रिया में Psychometric Test, Group Discussion और Personal Interview जैसे चरण भी शामिल किए जा सकते हैं। अंतिम नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन और मेडिकल टेस्ट भी किया जाएगा। यदि ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होती है, तो इसमें कुल 150 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा कुल 225 अंकों की होगी और उम्मीदवारों को इसे पूरा करने के लिए 150 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा में Reasoning, English Language, Quantitative Aptitude और संबंधित पद से जुड़ा Professional Knowledge शामिल होगा। गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी की जाएगी। चयन के बाद देना होगा Service Bond नियमित पदों पर नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों के लिए बैंक की निर्धारित शर्तों के अनुसार Service Bond की व्यवस्था भी लागू होगी। Junior Management Grade Scale-I के अधिकारियों को निर्धारित अवधि तक बैंक में सेवा देनी होगी। तय अवधि पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ने की स्थिति में बैंक के नियमों के अनुसार राशि या अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं। इसी तरह Middle और Senior Management Grade के अधिकारियों के लिए भी पद के अनुसार Service Bond की शर्तें निर्धारित की गई हैं। Bank of Baroda Specialist Officer Recruitment के लिए ऐसे करें आवेदन आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले Bank of Baroda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद: वेबसाइट के Career सेक्शन में जाएं। Current Opportunities पर क्लिक करें। Specialist Officer Recruitment से संबंधित नोटिफिकेशन खोलें। अपनी पात्रता जांचने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें। मांगी गई शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की जानकारी दर्ज करें। आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र अपलोड करें। निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रख लें।
ITBP recruitment 2026: 282 मेडिकल ऑफिसर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: kalingatv इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस फोर्स (ITBP) ने 282 मेडिकल ऑफिसर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव शुरू की है, जो 10 अगस्त से 8 सितंबर तक चलेगी। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट ITBP की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए मेडिकल ऑफिसर, स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर और सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर जैसी वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एलिजिबल कैंडिडेट एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले यह पक्का कर लें कि उन्होंने नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लिया है। यह रिक्रूटमेंट सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज मेडिकल ऑफिसर सिलेक्शन बोर्ड के तहत निकाली गई है। ज़रूरी जानकारी: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 10 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 8 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन कुल पोस्ट: 282 वेबसाइट: recruitment.itbpolice.nic.in वैकेंसी: कुल: 282 पोस्ट सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर: 5 पोस्ट स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर: 162 पोस्ट मेडिकल ऑफिसर: 115 पोस्ट पोस्ट ग्रुप A में आते हैं सिलेक्शन प्रोसेस: डॉक्यूमेंटेशन इंटरव्यू फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट मेडिकल एग्जामिनेशन टेस्ट एप्लीकेशन फीस: जनरल/OBC/EWS: Rs 400 ST/SC/EX-सर्विसमैन/फीमेल: कोई फीस नहीं फीस पेमेंट मोड: ऑनलाइन
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना में छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण की सुविधा
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत 860 शीर्ष संस्थानों में मेरिट से दाखिला लेने वाले छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण मिलता है। ₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी और ₹8 लाख तक की पारिवारिक आय पर 3% ब्याज छूट का लाभ मिलता है।
मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है।
अप्रैल 2021 से संचालित यह आवासीय विद्यालय आज देश के विभिन्न राज्यों से आए 170 विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और संस्कार का केंद्र बन चुका है। यहां 14 शिक्षक पढ़ाते हैं।
चंबा के चलुंज बस हादसे में माता-पिता खोने वाले नौ बच्चों को सरकार सहारा देगी। सात को सुख शिक्षा और दो को सुख आश्रय योजना का लाभ मिलेगा।
समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार को 10वीं प्रसार शिक्षा परिषद बैठक हुई है। इस दौरान 16 कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए कार्य योजना तैयार करने पर मंथन हुआ। मौके पर कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने प्रसार तंत्र के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की और वैज्ञानिकों से उत्पादन से आगे सोचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब वैज्ञानिकों को 'तीन एल', लैब से खेत और आजीविका(लैब टू लैंड एंड लाइवलीहुड) पर तुरंत काम करना होगा। अब सिर्फ उत्पादन सिखाना पर्याप्त नहीं है। किसानों को विपणन, निर्यात प्रोटोकॉल और गुणवत्ता मानकों का प्रशिक्षण देना होगा। उन्हें पड़ोसी देशों की मांग और आधुनिक पैकेजिंग की जानकारी भी देनी आवश्यक है, ताकि वे एक उद्यमी बन सकें। कुलपति ने आगे कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को कार्बन फार्मिंग के नए अवसरों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें। केवीके प्रशिक्षण की संख्या और किसानों के नंबर की रिपोर्ट देते हैं, पर अब वो ऐसी रिपोर्ट देखना चाहते हैं जो समाज में आए वास्तविक बदलाव को दर्शाए। न कि सिर्फ प्रशिक्षणों की संख्या को बताएं। देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में कृषि विज्ञान केंद्र विशेष अतिथि के रूप में डॉ. रणधीर सिंह, पूर्व एडीजी कृषि प्रसार, आईसीएआर ने विश्वविद्यालय के प्रसार नेटवर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरपीसीएयू के कृषि विज्ञान केंद्र देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में है। यह गर्व की बात है कि विश्वविद्यालय के सभी 16 केवीके ने लगातार तीन वर्षों तक भारत सरकार की रैंकिंग में शीर्ष स्थान बनाए रखा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त करने से कृषि परिदृश्य स्थायी रूप से बदलेगा। महिला किसान भी पुरूषों की तरह बन सकती है आत्मनिर्भर पद्मश्री राजकुमारी देवी 'किसान चाची' ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि में महिलाओं की भूमिका अपरिहार्य है। कृषि उद्यमिता, प्रसंस्करण और प्राकृतिक खेती को अपनाकर हमारी ग्रामीण महिलाएं और किसान पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज को समृद्धि की ओर ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा परिषद के सदस्य योगेन्द्र कुमार पाठक और राघव शरण प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए और खेती में मजदूर की कमी सहित अन्य स्थानीय किसानों की समस्याओं की चर्चा की।
NEET विवाद के बीच केंद्र का बड़ा फेरबदल, दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव
उच्च शिक्षा विभाग में पिछले कुछ समय में लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। पहले विनीत जोशी को उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
New Higher Education Secretary: केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने महज तीन हफ्ते पहले 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन विवादों के चलते उस फैसले को स्थगित कर दिया गया और अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति की गई है।क्यों बदला गया नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति का फैसला?राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार पहले पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव थे। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उन पर तीखे सवाल उठने लगे थे।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक योजना के तहत खीरे की व्यावसायिक खेती के लिए उनके परिवार (पत्नी, मां और बेटे) को ₹1 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिली थी। सब्सिडी की अंतिम किस्त तब जारी हुई जब वे पशुपालन विभाग में सचिव थे, जो उसी प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा है। पेपर लीक विवाद और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दों के बीच विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा था।हालांकि, गंगवार ने किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत उनके परिवार के सदस्यों ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।कौन हैं आईएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी?दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की मध्य प्रदेश (MP) कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उच्च शिक्षा सचिव बनने से पहले वे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यरत थीं।अब वे विनीत जोशी का स्थान लेंगी जो पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय में सचिव बनाए गए थे।दीप्ति गौड़ मुखर्जी ऐसे समय में उच्च शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रही हैं जब देश में नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के नीतिगत फैसलों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास बहाल करने की बड़ी चुनौती है।एक फैसले से 5 मंत्रालयों में बदला चेहराउच्च शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव की वजह से पांच अन्य विभागों में भी वरिष्ठ नौकरशाहों के फेरबदल की एक श्रृंखला शुरू हो गई:उच्च शिक्षा विभाग: दीप्ति गौड़ मुखर्जी (नवनिर्वाचित सचिव)।कॉर्पोरेट मामले: पल्लवी जैन गोविल (1994 बैच MP कैडर) को नया कॉर्पोरेट मामलों का सचिव बनाया गया है। वह इससे पहले युवा मामलों की सचिव थीं।युवा मामले एवं खेल: भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल अब नए युवा मामलों के सचिव होंगे।भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण: कैबिनेट सचिवालय में ओएसडी (OSD) सुशील कुमार लोहानी को IWAI का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।जल संसाधन और गंगा संरक्षण: असम-मेघालय कैडर की आईएएस अधिकारी अर्चना वर्मा को जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं। वह वर्तमान में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य, टीजीटी और प्रवक्ता के कुल 4956 पद खाली हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा कर रही है।
करनाल में घरौंडा विधानसभा के गांव कालरम का राजकीय उच्च विद्यालय पिछले 3 साल से कमरों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा है। वर्ष 2023 में जनसंवाद कार्यक्रम में मुद्दा उठा और उसके बाद स्कूल ने प्रस्ताव भेजा, जिसके आधार पर करीब 3 करोड़ 8 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार हुआ। वर्ष 2024 में हेड ऑफिस ने लगभग 299 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। हालात यह हैं कि बच्चों को एक-एक कमरे में दो-दो कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कमरे कम, बच्चों पर बढ़ता दबावगांव के ग्रामीण तेजपाल, नकल सिंह, मनोज कुमार व अन्य ने बताया कि तीन साल पहले स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को तोड़ दिया गया था। उस समय कहा गया था कि यहां 10 नए कमरे, स्टेज और शौचालय जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी और करीब 10 महीने में निर्माण पूरा हो जाएगा। लेकिन आज तक न तो निर्माण शुरू हुआ और न ही बजट धरातल पर दिखाई दिया। वर्तमान में प्राइमरी और हाई स्कूल के बच्चों को एक ही भवन में समायोजित किया गया है, जहां एक कमरे में दो-दो कक्षाएं लगती हैं। कई कमरे स्टोर रूम जैसे नजर आते हैं, जिससे बच्चों को बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले कमरे थे, वहां अब केवल खाली जमीन और घास नजर आती है। बच्चों को मजबूरी में तंग जगहों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले ही कम लोग बच्चों को भेजते हैं, लेकिन जो भेजते हैं उनके बच्चों के लिए भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। पंचायत की मांग: हमें दी जाए अनुमतिगांव के सरपंच प्रतिनिधि दीपेंद्र राणा ने बताया कि स्कूल के निर्माण के लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से पत्र आया था, जिसमें 10 कमरे बनाने की बात कही गई थी। बजट भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विंग के पास अब एक भी अपना कमरा नहीं है, सभी पुराने कमरे तोड़ दिए गए थे। ऐसे में बच्चों को हाई स्कूल की बिल्डिंग में एडजस्ट करना पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री, विधायक और शिक्षा विभागदीपेंद्र राणा ने कहा कि पंचायत ने इस मामले को लेकर कई बार स्थानीय विधायक और शिक्षा मंत्री से मुलाकात की है। चार बार शिक्षा मंत्री से मिलने के अलावा दो बार शिक्षा निदेशालय भी गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि विभाग निर्माण नहीं करवा सकता, तो पंचायत को एनओसी दी जाए ताकि ग्रामीणों के सहयोग से कमरों का निर्माण कराया जा सके। अधिकारियों के दावे: प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर परएसएसए विंग के जूनियर इंजीनियर निशांत राणा ने बताया कि वर्ष 2023 में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्कूल का प्रस्ताव आया था। इसके आधार पर 3 करोड़ 8 लाख का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया और 2024 में करीब 299 लाख रुपये का बजट स्वीकृत भी हो गया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर पर होती है और बजट स्वीकृति का पत्र भी मिल चुका है। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय घरौंडा की ओर से दो बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। क्या कहती है खंड शिक्षा अधिकारी घरौंडा की खंड शिक्षा अधिकारी वीना देवी ने भी पुष्टि की कि स्कूल के लिए बजट स्वीकृत है और विभागीय स्तर पर सभी जरूरी दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि टेंडरिंग प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर पर लंबित है और हमारे द्वारा समय-समय पर रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। हाल ही में भी स्कूल से संबंधित पूरा पत्र तैयार कर भेजा गया है। सवालों के घेरे में सिस्टमतीन साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होना शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद अगर निर्माण नहीं होता, तो इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। अब गांव के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा माहौल मिल सके।
शिक्षा मंत्री से मिलीं छात्राएं, विधानसभा देख लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझा
उदयपुर| इंडिया इनफोलाइन फाउंडेशन के तत्वावधान में उदयपुर एवं सलूंबर जिले के स्कूलों की 30 छात्राओं को शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक भ्रमण के लिए जयपुर ले जाया गया। सोमवार को छात्राओं ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात कर संवाद किया और वर्तमान शैक्षिक नवाचारों की जानकारी ली। फाउंडेशन के साहिल हमीद ने बताया कि छात्राओं का दल शनिवार को उदयपुर से रवाना हुआ, जिसे ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। जयपुर पहुंचने के बाद छात्राओं ने राजस्थान विधानसभा का अवलोकन किया तथा विधानसभा की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली को करीब से समझा। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आई छात्राओं के लिए यह भ्रमण प्रेरणादायी अनुभव रहा। इससे उनके आत्मविश्वास और भविष्य की आकांक्षाओं को नई दिशा मिली। दल 12 अगस्त को उदयपुर लौटेगा।
केंद्र सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव
केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नई उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
Gorakhpur News: 20 राज्यों के 130 शिक्षकों ने सीखी उच्च शिक्षा की नई तकनीकें
130 teachers from 20 states learned new techniques for higher education.
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशभान राय : आजादी के आंदोलन से शिक्षा की अलख तक
केशभान राय ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में निभाई अहम भूमिका। विदेशी शासन को चुनौती देना और देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करना था उद्देश्य।
Rewari News: डॉ. राजेंद्र सिंह को दोबारा मिली उप जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी
Dr. Rajendra Singh reappointed as Deputy District Education Officer.
रागिनी नायक ने शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, संसद में गतिरोध पर केंद्र की आलोचना की
रागिनी नायक ने शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, संसद में गतिरोध पर केंद्र की आलोचना की
रेवाड़ी में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने सोमवार को लिसाना गांव में प्रस्तावित सरकारी कॉलेज भवन का शिलान्यास किया। नए भवन के निर्माण पर करीब 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा करीब 35 लाख रुपए की लागत से तैयार सड़क और 10 लाख रुपए की लागत से मंदिर-जोहड़ की चारदीवारी के कार्य का भी उद्घाटन किया गया। कॉलेज के लिए लिसाना गांव में 8 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से कॉलेज को लेकर घोषणा की गई थी। इसके बाद वर्ष 2016 से यहां कक्षाएं लगाई जा रही हैं। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं रेवाड़ी शहर स्थित बॉयज स्कूल के कमरों में संचालित हो रही हैं। नए भवन के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को कॉलेज परिसर में शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े तीन कार्य विधायक ने कहा कि लंबे समय से कॉलेज के नए भवन की मांग की जा रही थी। भवन निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही 35 लाख रुपए की लागत से बनी सड़क का उद्घाटन और 10 लाख रुपए की लागत से मंदिर-जोहड़ की चारदीवारी के कार्य का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। विधायक ने बताया कि कॉलेज भवन का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को नियमित परिसर में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।
कोलकाता, 10 अगस्त . पश्चिम बंगाल में महान समाज सुधारक और शिक्षाविद् ईश्वर चंद्र विद्यासागर के परिवार के एक सदस्य ने प्रदेश के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी है. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के परिवार के सदस्य अमिताव बनर्जी ने ‘जनता दरबार’ में पहुंचकर विद्यासागर की जयंती को ‘बांग्ला शिक्षा दिवस’ ... Read more
सीएम सुवेंदु से ईश्वर चंद्र विद्यासागर के रिश्तेदार की मांग, जयंती को 'बांग्ला शिक्षा दिवस' घोषित करें
पश्चिम बंगाल : जंगीपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग, सांसद खलीलुर रहमान ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
पंजाब विधानसभा ने फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला बिल-2026 पारित किया है, जिससे राज्य में एक नई सेल्फ-फाइनेंस्ड डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित होगी।
हरदोई के शाहाबाद नगर में 10 अगस्त सोमवार को 101 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार में उच्चशिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अम्बेडकर मैदान (बड़ी फील्ड) में इस ध्वजारोहण स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक विशाल तिरंगा मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन सहित कई पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे। लोकार्पण के बाद, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रजनी तिवारी ने कहा कि 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज शाहाबाद की पहचान को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने बताया कि यह स्थल युवाओं और नागरिकों में देश के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। मंत्री ने जोर दिया कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया उन्होंने आगे कहा कि इस तिरंगे के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों और राष्ट्रीय एकता का संदेश मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने इस अवसर पर कहा कि शाहाबाद में 101 फीट ऊंचे तिरंगे की स्थापना नगरवासियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्थल राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा। बब्बन ने लोगों से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान, NEET परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शाहाबाद के मेधावी छात्र स्वरित राठौर और सारांश राठौर (पुत्रगण कमल राठौर) को सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश की एकता-अखंडता का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री सत्येंद्र राजपूत, डॉ. मुरारी लाल गुप्ता, रामनाथ त्रिपाठी, गंगाराम राठौर, वेदराम राजपूत, गोपाल त्रिपाठी, त्रिपुरेश मिश्रा, श्यामबाबू त्रिवेदी, रंजीत कुमार सिंह, गोविंद पाठक, लालाराम राजपूत, अनिल पांडेय पिंटू, एसडीएम, अधिशासी अधिकारी, सभासदगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सूरवाल मॉडल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की ली जानकारी
सवाई माधोपुर के सूरवाल मॉडल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी हरकेश लाल मीणा ने औचक निरीक्षण किया। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, पोषाहार और स्टाफ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
दिल्ली की 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी साइकिल: 9वीं कक्षा की बेटियों के लिए ‘विद्या वाहिनी योजना’, CM रेखा गुप्ता बोलीं- शिक्षा में निवेश ही भविष्य की नींव
एम्स-रायपुर में 121 सीनियर रेजिडेंट पदों पर भर्ती का अवसर, 16 अगस्त तक करें आवेदन
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, एम्स-रायपुर ने तीन वर्ष की अवधि के लिए अपने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट (गैर-शैक्षणिक), ग्रुप-ए के कुल 121 खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इनमें जनरल के 44, ओबीसी के 37, एससी के 20, एसटी के 13 और ईडब्ल्यूएस के 7 पद शामिल हैं।
यूपी के इस जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की सैलरी रोकी, ऐक्शन में BSA; जानें वजह
बीएसए डाॅ.गोरखनाथ पटेल ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने सीतापुर के सभी बीईओ की सैलरी रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही विकासखंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय लोहंगपुर में एमडीएम में लापरवाही को लेकर एक बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शासन ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए एक साथ 700 से अधिक शिक्षकों के ताबड़तोड़ तबादले कर दिए हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में लंबे समय से एक ही जगह पर जमे इन शिक्षकों के इधर-उधर होने से शिक्षा महकमे में भारी हलचल मच गई है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब गलियारों में इस बात की चर्चा सबसे तेज हो गई है कि सरकार आने वाले दिनों में ट्रांसफर और पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक नया सिस्टम अपनाने जा रही है। शिक्षकों के इस बंपर तबादले से जहां कुछ हलकों में राहत की सांस ली जा रही है, वहीं आने वाली नई व्यवस्था को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है।प्रशासनिक फेरबदल के पीछे की वजह और 700 शिक्षकों की नई नियुक्तियांस्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के संतुलित अनुपात को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न संभागों और जिलों से प्राप्त प्रशासनिक आवश्यकताओं और शिकायतों के आधार पर इन 700 से अधिक शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। कई शिक्षक ऐसे थे जो वर्षों से एक ही मनपसंद स्कूल या शहरी इलाकों में डटे हुए थे, जबकि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी शिक्षकों को उनके नए कार्यस्थलों पर जल्द से जल्द ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।अगली बार से ट्रांसफर के लिए अपनाया जा सकता है यह नया डिजिटल सिस्टमइस भारी-भरकम तबादला सूची के सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग के भीतर भविष्य की नीतियों को लेकर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बार-बार उठने वाले सवालों और सिफारिशों के दौर से बचने के लिए सरकार आगामी समय से पूरी तरह से एक नया और ऑटोमेटेड ऑनलाइन सिस्टम अपनाने पर विचार कर रही है। इस संभावित नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों के तबादले पूरी तरह से पारदर्शी, मेरिट और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से तय किए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो सकेगी। शिक्षा विभाग के इस कदम से आने वाले दिनों में शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी।
राउंड टेबल 281 की 11वीं वार्षिक आमसभा में सारांश मित्तल बने अध्यक्ष, शिक्षा पर जोर
कोटा राउंड टेबल 281 की 11वीं वार्षिक आमसभा में सारांश मित्तल अध्यक्ष चुने गए। सरकारी स्कूलों में कक्षा-कक्ष निर्माण पर रहेगा जोर।
job news 2026: साइंटिस्ट और इंजीनियर के पदों पर निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में साइंटिस्ट और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए भर्ती का मौका आया है। इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड ने साइंटिस्ट-इंजीनियर एससी के 93 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिया है। यह भर्ती इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस समेत इंजीनियरिंग विषयों में की जाएगीफ। आवेदन की लास्ट डेट- 17 अगस्त 2026 कुल पद- 93 पदों का नाम-साइंटिस्ट और इंजीनियर योग्यता- बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट isro.gov.inदेख सकते हैं pc-hr news
आयकर में 10वीं पास युवाओं के लिए नौकरी, 56 हजार तक मिलेगा वेतन
इच्छुक उम्मीदवार 11 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि भर्ती के लिए किसी भी वर्ग के उम्मीदवारों से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयन शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।
NTA recruitment 2026: कई पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
PC: KALINGA TV नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस, टेस्ट सिक्योरिटी और ऑपरेशंस जैसे अलग-अलग पोस्ट के लिए नौकरी के मौके खोले हैं। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में कैंडिडेट्स को अलग-अलग प्रोफेशनल असाइनमेंट पर काम करने का मौका मिलेगा। NTA ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के प्रतिभा सेतु पोर्टल के ज़रिए यंग प्रोफेशनल्स के लिए भी एप्लीकेशन शुरू किए हैं। युवाओं को जिन रोल्स पर काम करना होगा उनमें एकेडमिक रिसर्च, लीगल रिसर्च और फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च शामिल हैं। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट्स NTA की वेबसाइट पर जाकर ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं। वैकेंसी : वीडियो एडिटर कम ग्राफिक डिज़ाइनर: 1 इंग्लिश कंटेंट राइटर: 1 डेटा एनालिस्ट कम मीडिया मॉनिटरिंग एग्जीक्यूटिव: 1 रिसर्चर: 1 जनरल मैनेजर – टेस्ट सिक्योरिटी और लाइव ऑपरेशंस: 1 यंग प्रोफेशनल – एकेडमिक रिसर्च: 12 यंग प्रोफेशनल – लीगल रिसर्च: 2 यंग प्रोफेशनल – फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च: 2 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर जाएं। रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट खोलें। नोटिफिकेशन और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को ठीक से पढ़ें। एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें। मांगी गई डिटेल्स के साथ फॉर्म भरें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। एप्लीकेशन फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स dir-admin@nta.gov.in पर ईमेल करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंटआउट अपने पास रखें।
प्रयागराज में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र संवाद के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शैक्षणिक स्थिति, युवाओं की बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कभी देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिने जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय का गौरव लौटना चाहिए। राहुल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, रिसर्च और योग्य फैकल्टी पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी पहचान हासिल कर सके। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं को पेपर लीक, भर्ती घोटालों और चिटिंग जैसी घटनाओं की वजह से निराशा मिल रही है। छात्र संघ चुनाव बहाल करने और युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से मंच देने की भी उन्होंने वकालत की। छात्र संवाद के बाद कई छात्र नेताओं और युवाओं ने राहुल गांधी से रोजगार, शिक्षा और छात्र हितों के मुद्दों पर उम्मीद जताई। 'इलाहाबाद यूनिवर्सिटी कभी देश की शान थी' राहुल गांधी ने कहा कि एक समय इलाहाबाद विश्वविद्यालय देश की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटीज में शुमार था। यह केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि राजनीति और नेतृत्व तैयार करने का भी बड़ा केंद्र था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान को उसका पुराना गौरव और वैभव वापस मिलना चाहिए। रिसर्च और फैकल्टी मजबूत करने पर दिया जोर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का स्तर सुधारने के लिए केवल दावे पर्याप्त नहीं हैं। अकादमिक माहौल, रिसर्च की गुणवत्ता और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति पर गंभीरता से काम करना होगा, ताकि यहां के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें। बेरोजगारी और पेपर लीक पर जताई चिंता राहुल गांधी ने कहा कि आज का युवा बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से परेशान है। लाइब्रेरी और कमरों में दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों की मेहनत पेपर लीक और भर्ती घोटालों की वजह से बेकार हो जाती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ हो रही इस नाइंसाफी को खत्म करना जरूरी है और उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिलना चाहिए। छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उन्होंने कहा कि राजनीति और नेतृत्व की नर्सरी रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। छात्र लगातार लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने संकेत दिया कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उन्हें लोकतांत्रिक मंच मिलना चाहिए। छात्रों ने जताई उम्मीद छात्र संवाद के बाद कई छात्र नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का स्वागत किया। अजय पाण्डेय बागी, छात्र नेता ने कहा, राहुल गांधी ने शिक्षा को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया है। उन्होंने हमसे कहा कि छात्रों के आंदोलन को मजबूत करें, हम आपके साथ हैं। सत्यम कुशवाहा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र ने कहा, राहुल गांधी के आने से छात्रों में उम्मीद जगी है कि शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज मजबूती से उठेगी। अमित, छात्र नेता ने कहा, छात्र संवाद के बाद प्रयागराज के छात्रों में नई उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं के लिए कोई संघर्ष कर रहा है। आदित्य सिंह, छात्र ने कहा, पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने और छात्र संघ बहाल कराने की मांग से युवाओं में नया उत्साह पैदा हुआ है।
ITBP Medical Officer Recruitment 2026: आईटीबीपी ने सीएपीएफ और असम राइफल्स में ग्रुप ए मेडिकल ऑफिसर के 282 पदों पर भर्ती के लिए आज से आवेदन शुरू कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा पांच तक के छात्रों की निपुण परीक्षा का भी रिजल्ट अभिभावकों को दिया जाएगा।
बिहार में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर, CM सम्राट चौधरी बोले- युवा ही करेंगे राज्य का नवनिर्माण
जेवर एयरपोर्ट के बाद बदल रही यमुना सिटी की तस्वीर, दो सेक्टर बनेंगे एजुकेशन हब; 7 यूनिवर्सिटी से बढ़ेगा शिक्षा का केंद्र
संस्कृत विषय के प्रति विद्यार्थियों में घटते रुझान में तेजी लाने और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने राज्य सरकार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इस विषय का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसको लेकर प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से यह जानकारी मांगी गई है कि प्रदेश के जिन विद्यालयों में संस्कृत के शिक्षक पदस्थ हैं। वहां कितने विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय लिया है। अगर नहीं लिया है तो उन्हें प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय लेने के लिए कहा जाए। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वह अपने जिले के सभी शासकीय स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में संस्कृत विषय चयन और अध्यापन कार्य करने को प्रोत्साहित करें। संस्थान के निदेशक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जिन हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक वर्ग एक कार्यरत हैं, उन स्कूलों में कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं में संस्कृत विषय का अध्यापन नहीं कराया जा रहा है। इसलिए चालू शिक्षा सत्र से कक्षा नौवीं और कक्षा ग्यारहवीं में छात्रों को प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय का चयन करने के लिए कहा जाए और ऐसे बच्चों के प्रवेश की जानकारी राज्य सरकार को भेजी जाए। संस्कृत संस्थान की ओर से वर्ष 2025-26 में दोनों ही कक्षाओं में एडमिशन लेने वाले संस्कृत विषय के विद्यार्थियों की जानकारी भी मांगी गई है। उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति भी दे रहे उधर, उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश के ऐसे सभी वर्गों के पात्र निशक्तजन विद्यार्थी, जो शासकीय महाविद्यालय में पढ़ाई करते हुए कंप्यूटर और प्रबंधन में डिग्री ले रहे हैं, उन्हें एकीकृत संस्कृत छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही निशक्तजन विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त करने के लिए जीवन निर्वाह भत्ता और परिवहन भत्ता योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए विद्यार्थियों से नए आवेदन और नवीनीकरण आवेदन संस्था प्रमुख से अप्रूव कराकर संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। दोनों ही छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 31 अगस्त तक आवेदन बुलाए गए हैं।
इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 22 जुलाई से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त तय की गई है।
इन दोनों पोस्ट के कुल 444 रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 20 जुलाई के सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तय की गई है।
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Union Bank Recruitment 2026: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर और जनरल बैंकिंग ऑफिसर के कुल 395 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इन पदों में मैनेजर और जैसे पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बिहार में शिक्षा और परीक्षा में सुधार के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अहम ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को बिहार का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आने वाली पीढ़ी ही राज्य का नवनिर्माण करेगी।
वार्ता के बाद उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सामने आए। सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि तीन दिन की मैराथन बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की कई मांगें मान ली है। लेकिन जेएसएससी सीजील परीक्षा रद्द करने और सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच को लेकर वार्ता टूट गई। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे हठधर्मिता छोड़ें। विधानसभा का घेराव न करें। वार्ता के जरिए समाधान के रास्ते पर लौटें। सीजीएल के मामले में कोर्ट का आदेश आया तो वे उसे मानेंगे। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को आंदोलन में जाने से रोकें। मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीजीएल के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया, जिसे छात्रों ने अस्वीकार कर दिया। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा और बैकलॉग परीक्षा 2023 व 2025 को रद्द करने करने की मांग पर सहमति बनी है। इसमें हुई अनियमितता की जांच सीआईडी से और लेनदेन मामलों की जांच ईडी से कराने का निर्णय लिया गया है। सीआईडी के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल द्वारा कराई गई परीक्षाओं की जांच और सुधारों से जुड़े अधिकतर मामलों पर सहमति बनी है। उनके साथ मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव भी थे। सीजीएल परीक्षा रद्द क्यों नहीं होगी? इस सवाल पर सुदिव्य ने कहा कि सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों व निगरानी के तहत हुई है। इसके अभ्यर्थी नौकरी कर रहे हैं, इसलिए सरकार इसे सीधे रद्द करने में सक्षम नहीं है। फिर सीबीआई जांच क्यों नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जेपीएससी पीली और दूसरी में हुई अनियमितता की जांच सीबीआई 20 साल में भी पूरी नहीं कर पाई। सीआईडी एडीजी का निर्देश...छात्रों का अहित न हो सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। निर्देश दिया गया है कि छात्रों का अहित न हो। छात्र भी शांतिपूर्ण ढंग से घेराव करें। उन्होंने कहा कि अब तक 19 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। कई डिजिटल एविडेंस मिले हैं। कोई भी इन परीक्षाओं के बारे में सीआईडी को जानकारी दे सकता है। अब 2 चरणों में परीक्षा लेने की व्यवस्था हुई: प्रभारी अध्यक्ष जेएसएससी के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि आगामी परीक्षा में गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब दो चरणों में परीक्षा लेने की व्यवस्था की गई है। प्री-लीम्स में तीन प्रश्न पत्र होंगे। परीक्षा के महज कुछ घंटे पहले ही यह तय होगा कि कौन सा प्रश्न पत्र छात्रों को दिया जाएगा। हमारी कोशिश परीक्षा को साफ-सुथरा रखने की है, ताकि किसी भी स्थिति में कोई गड़बड़ी ना हो।
केरल में सावरकर क्विज विवाद: शिक्षा विभाग का एक्शन, शिक्षक को किया निलंबित
केरल के शिक्षा विभाग ने एक स्कूल शिक्षक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक क्विज में वीडी सावरकर से जुड़े प्रश्न के उत्तर के कारण की गई है।
Sonipat News: गोहाना के कॉलेजों में 67 फीसदी सीटें खाली, उच्चतर शिक्षा विभाग ने खोला पोर्टल
67% of seats in Gohana colleges vacant; Higher Education Department opens portal.
करपात्र प्राकट्योत्सव : अनुष्ठानों के साथ विद्वानों का सम्मान, जुटेंगे कुलपति व शिक्षाविद
Karpatri Prakatyotsav: Scholars to be honored alongside rituals; Vice-Chancellors and educationists to gather
समाज की तरक्की शिक्षा व रोजगार में निहित : धर्मवीर प्रजापति
समाज की तरक्की शिक्षा व रोजगार में निहित : धर्मवीर प्रजापति
Sonebhadra News: चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
शिक्षा व्यवस्था अब सुधरेगी या नए संकट में डूब जाएगी
देश में परीक्षा-प्रणाली में सुधार की मांग व्यापक छात्र आंदोलन के बाद तेज हुई है। छात्र पेपर लीक से कहीं अधिक नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित थे। दरअसल, उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर सरकार और एनटीए ने स्वयं…
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा: CPI ने बारूद को चिंगारी दिखा दी, राम जाने आगे क्या होगा
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हिमाचल में सीबीएसई स्कूलों के 10 प्रधानाचार्यों का तबादला, शिक्षा विभाग का आदेश जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 प्रधानाचार्यों के स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
CM सम्राट चौधरी का ऐलान, बिहार शिक्षा व्यवस्था में करेंगे ये बदलाव; 4 प्वाइंट में समझिए
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए चार बड़ी घोषणाएं कीं हैं। जिनमें गुणवत्ता समिति, परीक्षा सुधार, सहयोग शिविर और छात्र कल्याण निदेशालय शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक पीएमश्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका द्वारा कक्षा छह के छात्र-छात्राओं से बेहद आपत्तिजनक बातें करने और धमकी देने का मामला सामने आया है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अपने 36 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रयागराज में 'उठो मेरे देश' कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों पर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम स्वराज भवन के सामने स्थित भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय के बाहर रविवार को हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने 'लड़ो पढ़ाई करने को, पढ़ो समाज बदलने को' का आह्वान किया। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र-युवा आंदोलन ने शिक्षा और रोजगार के सवाल को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने सरकार की बुलडोजर और शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध जारी रखने की बात कही। कुमार ने घोषणा की कि आइसा पूरे उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार कर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन खड़ा करेगा, जिसका लक्ष्य आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा। मुख्य वक्ता डॉ. अंकित ने वर्तमान समय में बौद्धिक चेतना और सवाल पूछने की संस्कृति पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए तर्कशील सोच और नागरिक बोध को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. अंकित ने बताया कि आइसा पिछले 36 वर्षों से शैक्षणिक परिसरों में इसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है। आइसा की इलाहाबाद अध्यक्ष सोनाली ने छात्रसंघों पर प्रतिबंध, विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और छात्रों के निलंबन-निष्कासन जैसी कार्रवाइयों को आम बताया। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 की आलोचना करते हुए शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र को बचाने के लिए संगठित छात्र आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्र-युवा आंदोलनों के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भगत सिंह व डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की। छात्रों ने भी अपने विचार रखे और शिक्षा, रोजगार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम का संचालन आइसा के प्रदेश सचिव शशांक ने किया। इस दौरान हिमांशु, पल्लवी, साक्षी, ज्योति, शशि, शुभम, अजय, अंकित, विवेक समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान जहां एक से बढ़कर एक भव्य और आकर्षक झांकियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं, वहीं रविवार को एक अनोखी झांकी भी चर्चा का केंद्र बनी। आरक्षण हटाओ आंदोलन की झांकी ‘आरक्षण हटाओ अभियान’ का संदेश लेकर कांवड़ यात्रा से गुजरी। झांकी पर समानता, शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई नारे लिखे हुए थे। झांकी के साथ चल रहे लोगों ने बताया कि उनका मुख्य संदेश ‘सबको मिले समानता का अधिकार’ है। उनका कहना है कि सभी विद्यार्थी एक समान हैं और सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। झांकी पर ‘प्रतिभा का सम्मान हो’, ‘सभी की शिक्षा समान हो’, ‘आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, आर्थिक स्थिति के आधार पर मिले’, ‘आरक्षण हटाओ’ और ‘विद्यार्थियों का शोषण बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे। देखिए आरक्षण हटाओ आंदोलन कांवड़ की 2 तस्वीरें - झांकी में शामिल लोगों का कहना था कि शिक्षा और अवसरों में समानता को लेकर वे अपना संदेश लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में इस तरह का सामाजिक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कांवड़ियों ने कहा कि वे कांवड़ यात्रा के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर सभी के लिए एक समान व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि सभी विद्यार्थियों को समान शिक्षा और अवसर मिलने चाहिए और प्रतिभा का सम्मान होना चाहिए। ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन ’ हाल में हुए सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आया है। अभियान से जुड़े लोग आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और सभी विद्यार्थियों के लिए समान शिक्षा एवं अवसर की मांग उठा रहे हैं। मेरठ से गुजरती कांवड़ यात्रा में इस अभियान की झांकी ने भी इसी मुद्दे को अपने अंदाज में सामने रखा।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर खगड़िया से है। यहां पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह खुद को NSA अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों से ठगी करता था। वहीं सीवान में शनिवार को स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने एक युवती का अपहरण कर लिया। इसके बाद चलती गाड़ी में उसके साथ रेप किया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. 100 करोड़ की प्रॉपर्टी वाला फर्जी IAS गिरफ्तार खगड़िया पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों से ठगी करता था। पूरी खबर पढ़ें 2. युवती से रेप, प्राइवेट पार्ट में टांके लगे सीवान में शनिवार को युवती से रेप का मामला सामने आया। पीड़िता का आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने अपहरण किया। इसके बाद चलती गाड़ी में रेप किया। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में जख्म है, ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारण डॉक्टर को टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल युवती की हालत स्थिर है। महिला थाने में दुष्कर्म की FIR दर्ज हुई है। पूरी खबर पढ़ें 3. शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी पटना के अधिवेशन भवन में आज बिहार शिक्षा विभाग के दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। 9 और 10 अगस्त तक चलने वाले इस महामंथन में शिक्षा विभाग के राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक के 400 से अधिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. काजल ने पवन सिंह से किया प्यार का इजहार लालू परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव का एक बार फिर दर्द छलका है। तेज प्रताप ने अपने जीवन की तुलना फिल्म 'बाहुबली फिल्म की कहानी से की है। उन्होंने कहा, मेरी जिंदगी में भी एक ‘कटप्पा’ था, जिसने मेर साथ गद्दारी की। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो कृष्ण और अर्जुन साथ रहते। पूरी खबर पढ़ें 5. बंद कमरे में ब्लेड से काटा पत्नी का गला गयाजी में पति ने पत्नी की हत्या कर दी। धारदार ब्लेड से गले पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद पति ने अपने दोनों हाथ की नस काट ली, हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका की पहचान फेंकनी देवी(30) के तौर पर हुई है। घायल पति मनोज कुमार(35) को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एडमिट कराया गया है। पूरी खबर पढ़ें 6. पटना में तेज रफ्तार बाइक ने छात्र को रौंदा, मौत पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसे में एक मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान सनोज कुमार के बेटे उत्कर्ष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार होने के कारण उत्कर्ष घर के पास गली में साइकिल चला रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार में लहरिया कट बाइक चला रहे युवक ने पीछे से बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। पूरी खबर पढ़ें 7. स्कूल में कट्टा लेकर पहुंचा 9वीं क्लास का छात्र बेगूसराय के खोदावंदपुर थाना क्षेत्र में स्थित पीएमश्री किसान प्लस टू विद्यालय तारा बरियारपुर में आज उस समय अफरातफरी मच गई, जब नवम वर्ग के एक छात्र के पास से देसी कट्टा बरामद हुआ। स्कूल में नाबालिग छात्र के पास हथियार मिलने की जानकारी मिलते ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया। पूरी खबर पढ़ें 8. जिंदल ब्रांड का नकली माल बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा पटना के बाइपास थाना क्षेत्र में जिंदल कंपनी के नाम पर नकली करकट बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शनिवार को प्रदूषण रोड स्थित इस फैक्ट्री पर छापेमारी की। कंपनी का दावा है कि नकली उत्पादों के कारण उसे पिछले दो वर्षों में लगभग 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें 9. सिपाही की गर्लफ्रेंड ने किया हंगामा, हुई शादी समस्तीपुर की एक लड़की अपने प्रेमी से शादी करने के लिए करीब 250 किलोमीटर दूर औरंगाबाद के अंबा पहुंच गई। प्रेमी बिहार पुलिस का सिपाही है और उत्पाद विभाग के एरका चेक पोस्ट पर उसकी तैनाती है। लड़की चेकपोस्ट पर पहुंची, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के 12 जिलों में कल बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने कल यानी सोमवार के लिए बिहार के 12 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर शनिवार को शहर में आदिवासी समाज की ओर से विशाल महारैली निकाली गई। स्टेडियम ग्राउंड से सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुई महारैली करीब चार घंटे बाद शाम 3.30 बजे पुरानी अनाज मंडी पहुंची। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान ढोल-मांदल की थाप और आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा ने पूरे माहौल को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया। बड़ी संख्या में युवा और समाजजन रैली में शामिल हुए। महारैली स्टेडियम ग्राउंड से शुरू होकर इंदिरा चौक, बस स्टैंड, बॉम्बे बाजार, घंटाघर और नगर निगम सहित शहर के प्रमुख मार्गों से निकली। इसके बाद रैली बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। जहां समाजजनों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां से रैली आगे बढ़ते हुए पुरानी अनाज मंडी पहुंची। ढोल-मांदल की थाप पर थिरके युवामहारैली में आदिवासी समाज के युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-मांदल की थाप के साथ युवाओं ने जमकर नृत्य किया। रैली में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई दी। शहर के अलग-अलग स्थानों पर लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से रैली का स्वागत भी किया गया। पुरानी अनाज मंडी में हुआ मंचीय कार्यक्रममहारैली के समापन के बाद पुरानी अनाज मंडी में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समाज के विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। प्रमुख वक्ता टी.आर. ब्राह्मने ने समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अच्छी तरह शिक्षा प्राप्त करें और उच्च पदों पर पहुंचकर समाज और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही समाज की एकजुटता बनाए रखने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी आदिवासी समाज की शिक्षा, सामाजिक एकता, संस्कृति और अधिकारों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। छात्रसंघ से जुड़े मनोज ओसवाल ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित महारैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। उन्होंने बताया कि रैली के बाद पुरानी अनाज मंडी में मंचीय कार्यक्रम हुआ, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मंचीय कार्यक्रम का संचालन मनोज ओसवाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में जयस जिलाध्यक्ष प्रेम अजनारे ने सभी समाजजनों, कार्यकर्ताओं और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया। सामाजिक कार्यकर्ता और समाजजन रहे मौजूदकार्यक्रम में करण अलावा, मोहन मोगरे, रूपेंद्र सोलंकी, राहुल कनाडे, चंदू कनेश, कुंदर कावरे, संजय कन्नौजे, रोहित चौहान, अंतरसिंग डावर, कुंवरसिंग सोलंकी, नरेंद्र गोयल, ओमप्रकाश रावत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से क्यों दिया था इस्तीफ़ा
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा देने के दो हफ़्ते बाद पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है.
Bal Ganga Prahari Gwalior: विद्यालय में स्थापित गंगा नॉलेज सेंटर को विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और संवादात्मक बनाया गया है। यहां इंटरएक्टिव डिस्प्ले, कटआउट्स और विभिन्न शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की गई है।
बिहार में शिक्षा पर सम्राट सरकार के 4 बड़े फैसले, AI से बच्चों की समझदारी की होगी परख
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न लिपिकीय, अलिपिकीय, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरी की जानी है।
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है।
‘शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर’, सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
Patna, 9 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है. Chief Minister ने कहा कि Government का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर ... Read more
बिहार में पारदर्शी परीक्षा के लिए समिति के गठन सहित 4 बड़े शिक्षा सुधारों का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चार बड़े ऐलान किए हैं. पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्र कल्याण और शिकायत निवारण को मजबूत करने के लिए नई समितियों और व्यवस्थाओं के गठन की घोषणा की गई है.
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को ग्वालियर में आदिवासी संगठनों द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली फूलबाग से शुरू होकर थाटीपुर स्थित अजाक्स कार्यालय तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। प्रतिभागी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए चल रहे थे, जिन पर समाज को शिक्षित और जागरूक करने के संदेश लिखे थे। आयोजकों ने आदिवासी समाज के लोगों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की। रैली में शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए लोगों को जागरूक किया गया। पारंपरिक आदिवासी परिधान और आभूषण पहने पुरुष व महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे रैली में आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं की रंगीन छटा बिखरी। पूरे रास्ते उत्साह का माहौल रहा। ढोल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर युवा और बुजुर्ग नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। रैली में शामिल लोग उत्साह के साथ आदिवासी एकता और संस्कृति का संदेश देते नजर आए। कई स्थानों पर पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। आयोजकों ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज की संस्कृति, अधिकारों और विकास को लेकर जागरूकता फैलाने का दिन भी है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। रैली का समापन अजाक्स कार्यालय पहुंचने के बाद हुआ, जिसने समाज में एकजुटता, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में नया नियम, दिन में दो बार लगेगी हाजिरी; शिक्षा विभाग का सख्त आदेश
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की दिन में दो बार हाजिरी होगी, जिसमें डिजिटल अटेंडेंस से पहले भौतिक सत्यापन अनिवार्य है।
पटना के अधिवेशन भवन में आज बिहार शिक्षा विभाग के दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। 9 और 10 अगस्त तक चलने वाले इस महामंथन में शिक्षा विभाग के राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक के 400 से अधिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाना है। दो दिनों तक चलने वाले इस शिविर में सरकारी स्कूलों की वर्तमान स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षकों से जुड़े मुद्दे, तकनीकी बदलाव और विद्यार्थियों के समग्र विकास समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जा रहा है। दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ की तस्वीरें… NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर चिंतन शिविर के प्रमुख एजेंडे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का बिहार में प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। अधिकारियों के साथ चर्चा में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को जमीनी स्तर तक किस तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, शिक्षा के परिणामों में सुधार लाने और विद्यालयी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है। 400 से अधिक अधिकारी एक मंच पर, जमीनी समस्याओं पर मंथन राज्यस्तरीय कार्यशाला में शिक्षा विभाग के 400 से अधिक वरिष्ठ, क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों को एक मंच पर लाने का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं को सीधे सामने लाना और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक रणनीति तैयार करना है। चिंतन शिविर में स्कूलों के संचालन, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर भी चर्चा हो रही है। शिक्षा में AI और आधुनिक तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल इस चिंतन शिविर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की मौजूदगी में सात स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी किया गया है। इन संस्थाओं के सहयोग से पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए AI और आधुनिक डिजिटल समाधानों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुरूप सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। ‘एडेप्टिव लर्निंग’ पर भी फोकस तकनीकी बदलाव के साथ एडेप्टिव लर्निंग को भी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और जरूरत के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश होगी। AI आधारित तकनीक के जरिए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को समझने और उसी के अनुरूप शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी मंथन किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा की होगी समीक्षा चिंतन शिविर में सरकारी स्कूलों में चल रहे स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों से जमीनी स्तर पर इन सुविधाओं की स्थिति, उनके इस्तेमाल और विद्यार्थियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली जा रही है। सिर्फ तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय उनका नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति पर भी चर्चा कार्यशाला में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। खास तौर पर e-Shikshakosh के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति की समीक्षा की जा रही है। शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता, प्रक्रिया को सरल बनाने और तकनीक के माध्यम से पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की रणनीति शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी चिंतन शिविर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, कक्षाओं, डिजिटल संसाधनों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हो रही है। प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही पर भी जोर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल शैक्षणिक सुधार ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही, स्कूलों की नियमित निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा को लेकर भी मंथन हो रहा है। सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन तक हर स्तर पर बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। दो दिनों के मंथन से निकलेगा रोडमैप दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान अलग-अलग सत्रों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। अधिकारियों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इस दौरान सामने आने वाले सुझावों और निष्कर्षों को भविष्य की शिक्षा नीति और विभागीय कार्ययोजना में शामिल किया जा सकता है। 11 अगस्त को सार्वजनिक किए जाएंगे अहम निष्कर्ष दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद इसके महत्वपूर्ण निष्कर्षों और प्रस्तावित नई कार्ययोजनाओं को 11 अगस्त को सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में यह कार्यशाला बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए आगे की दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। अधिवेशन भवन में शुरू हुआ यह दो दिवसीय महामंथन बिहार की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को तकनीक, AI, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

