डिजिटल समाचार स्रोत

शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे मजबूत कड़ी है

भास्क्र न्यूज| सिमडेगा गोंड आदिवासी समाज में शिक्षा,स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों को लेकर जागरूकता लगातार मजबूत हो रही है। समाज के बुजुर्गों से लेकर महिलाएं,युवा और बच्चे तक शिक्षा को प्राथमिकता देने,स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने को लेकर सजग नजर आए। समाज के लोगों को बच्चों की नियमित पढ़ाई,बालिकाओं की उच्च शिक्षा,स्वच्छता अपनाने,नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे मजबूत कड़ी है,जबकि बेहतर स्वास्थ्य से ही समग्र उन्नति संभव है। इसके साथ ही समाज की पारंपरिक संस्कृति,रीति–रिवाजो ं और पहचान को संरक्षित रखने पर जोर दिया गया। कहा गया कि आधुनिकता के इस दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बचाना आवश्यक है,ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी पहचान न खोए। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं आवास,पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति और स्वरोजगार की जानकारी भी समाज के लोगों को दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे योजनाओं की सही जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार आवेदन करें,ताकि किसी भी लाभ से वंचित न रहें। पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को मिले अधिकारों,स्थानीय स्वशासन,जल–जंगल–जमीन की सुरक्षा और आदिवासी हितों से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने,संशोधन कराने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई। ठंड के मौसम को देखते हुए बुजुर्गों और महिलाओं के बीच कंबल का वितरण किया गया,जिससे जरूरतमंदों को राहत मिली। इस पहल को समाज के लोगों ने सराहा। इन सभी सामाजिक विषयों को लेकर यह चर्चा झारखंड प्रदेश गोंड आदिवासी महासभा के तत्वावधान में कोचेडेगा प्रखंड अंतर्गत मांझीटोली में आयोजित एक सामाजिक बैठक के दौरान की गई। लोगों को अपनी सभ्यता और संस्कृति को संरक्षित करने की जरूरत:विमलामहासभा अध्यक्ष विमला प्रधान ने कहा कि गोंड समाज को शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर संगठित रूप से आगे बढ़ने की जरूरत है। पेसा कानून के तहत मिले अधिकारों की जानकारी से ही समाज अपने संस्कृति,परम्परा और सभ्यता की प्रभावी सुरक्षा कर सकता है। शिक्षा के प्रति भी जागरूकता जरूरी है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:58 am

शिक्षा विहार परिवार ने मनाया नववर्ष, नई कार्यकारिणी चुनी

जयपुर | जगतपुरा स्थित शिक्षा विहार कॉलोनी में पौषबड़ा और नववर्ष महोत्सव मनाया गया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। महिलाओं ने कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी। रामनगरिया थानाधिकारी चंद्रभान सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए और कॉलोनीवासियों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. पारीक बने कॉलोनी के निर्विरोध अध्यक्ष : इस मौके पर शिक्षा विहार कॉलोनी के निर्विरोध चुनाव भी संपन्न हुए। इसमें डॉ. शंकर सहाय पारीक को अध्यक्ष, बाबूलाल शर्मा को उपाध्यक्ष, चरणजीत सचिव, हर्षा शर्मा को संयुक्त सचिव, अनिल शर्मा कोषाध्यक्ष, राकेश गुप्ता सह कोषाध्यक्ष, नीतू मीणा सांस्कृतिक सचिव और सीमा शर्मा को संयुक्त सांस्कृतिक सचिव चुना गया। इसके साथ ही अनिल भार्गव व गोपाल शर्मा को कॉलोनी के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजनों की जिम्मेदारी दी गई। नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने कॉलोनी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:22 am

प्रदेश में 2540 वनवासी ग्रामों में चल रहे एकल विद्यालय, 75 हजार बच्चे ले रहे शिक्षा

वनबन्धु परिषद जयपुर चैप्टर की ओर से रविवार को महाराणा प्रताप सभागार में वार्षिकोत्सव एवं दानदाता सम्मान समारोह हुआ। इस दौरान ‘भारत के रंग-एकल के संग’ कार्यक्रम ने ग्रामीण एवं आदिवासी भारत के उत्थान को समर्पित राष्ट्रसेवा की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि अर्जुन दास सेतिया रहे। कार्यक्रम में फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसायटी, जयपुर चैप्टर के सदस्यों, दानदाताओं एवं जनसमूह सहित 500 से अधिक लोगों की सहभागिता रही। विद्यालय संचालन में सहयोग करने वाले 150 दानदाताओं को सम्मानित किया। कलाकार करुणा ठाकुर की टीम ने श्रीरामचरितमानस पर आधारित नृत्य-नाटिका पेश की। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों के युवा कलाकार शामिल थे। चैप्टर के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने बताया कि एकल अभियान का ध्येय आओ जलाएं दीप वहां, जहां अब भी अंधेरा है के मंत्र के साथ ग्रामीण भारत के अंतिम छोर तक शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं सांस्कृतिक जागृति की रोशनी पहुंचाना है। एकल अभियान का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में समग्र ग्राम विकास और आत्मनिर्भरता लाना है, जिससे वंचित बच्चों को घर-द्वार पर शिक्षा मिल सके और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। संयोजक मनमोहन महिपाल एवं संगीता गुप्ता, सचिव पुष्पेन्द्र चौधरी, वनबन्धु परिषद के संरक्षक विमल चन्द सुराणा, आरडी बाहेती, सुरेश पोद्दार, राजेन्द्र सेतिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। { एकल अभियान द्वारा संपूर्ण भारत में एक गांव, एक शिक्षक, एक विद्यालय, 30 हजार रुपए प्रति वर्ष प्रति विद्यालय दान के माध्यम से राजस्थान में 2540 वनवासी ग्रामों में एकल विद्यालय पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से कार्य कर रहा है। { राजस्थान में 75,900 बच्चे प्राथमिक शिक्षा ले रहे हैं। { संस्था के द्वारा देश में 24 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। 8 हजार से अधिक ग्रामीण कार्यकर्ताओं, 90 हजार शिक्षकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रीरामचरितमानस पर आधारित नृत्य-नाटिका पेश करते कलाकार।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:20 am

शिक्षा विभाग ने तैयार किया एप:9वीं-12वीं के छात्रों के लिए बनाया ‘माय कॅरियर एडवाइजर’ एप, 1500 से अधिक कॅरियर विकल्प

विद्यार्थियों को भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने और सही कॅरियर चुनने में मदद के लिए शिक्षा विभाग ने ‘माय कॅरियर एडवाइजर‘ मोबाइल एप लॉन्च किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार यह एप विद्यार्थियों के लिए कॅरियर की जागरूकता बढ़ाने और बेहतर योजना बनाने में मददगार साबित होगा। इसका सबसे अधिक फायदा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को होगा। साथ ही शिक्षक और काउंसलर्स के लिए भी यह एप उपयोगी साबित होगा। विद्यार्थी तीन प्रमुख मूल्यांकनों के माध्यम से अपना सेल्फ-रिव्यू कर सकते हैं। एप्टीट्यूड टेस्ट (20 मिनट), इंटरेस्ट टेस्ट (12 मिनट) व वैल्यूज टेस्ट (14 मिनट) के माध्यम से विद्यार्थियों का परीक्षण हो सकेगा। एप पर छात्रों को 1500 से अधिक करियर विकल्पों और जॉब रोल्स की जानकारी दी गई है। एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध; इस एप को एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wadhwani.careerhl=en_IN व आईओएस एप स्टोर पर https://apps.apple.com/in/app/my-career-advisor-by-moe/id6738484430 लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। बिना डिग्री जॉब विकल्प इस एप में कॉलेज डिग्री के साथ-साथ बिना डिग्री के जॉब ऑप्शन भी उपलब्ध रहेंगे। इससे हर प्रकार के विद्यार्थी को मार्गदर्शन मिल सके। विद्यार्थी प्रोफाइल तैयार कर सकते हैं। अपनी सेल्फ-रिव्यू रिपोर्ट, मैच्ड रोल्स और फेवरिट्स को अभिभावकों, शिक्षकों और सलाहकारों के साथ साझा भी कर सकते हैं, जिससे कॅरियर संबंधी निर्णय और प्रभावी हो जाता है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:12 am

+2 में अपग्रेड होंगे 10वीं तक के 1711 हाई स्कूल:खर्च होंगे 2000 करोड़ रूपए, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता  विभाग केंद्र को भेजेगा प्रस्ताव

इंटर की पढ़ाई के लिए बन रहा हाई स्कूलों के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव राज्य में 10वीं तक के 1711 हाई स्कूल अब प्लस टू में अपग्रेड होंगे। इस पर लगभग 2000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे। इन स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, शौचालय और अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा। नए शिक्षकों की नियुक्तियां भी होंगी। राज्य के विभिन्न जिलों में अभी 1158 प्लस टू स्कूल चल रहे हैं। ऐसे में 10वीं तक के 1711 हाई स्कूलों के अपग्रेड होने के बाद राज्य में प्लस टू स्कूलों की संख्या 2869 हो जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग यह प्रस्ताव बना रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार की ओर से केंद्र को यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। अपग्रेडेड प्लस टू स्कूलों में विज्ञान, कला और कॉमर्स तीनों संकाय की पढ़ाई होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने पूर्व में केंद्र सरकार को झारखंड के हर जिले के 15 हाईस्कूलों को प्लस टू में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा था। एनईपी में नौंवीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होनी है नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में स्पष्ट उल्लेख है कि नौंवीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होगी। चूंकि डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद हो चुकी है। ऐसे में 10वीं पास करने वाले बच्चे 12वीं तक उसी स्कूल में पढ़ाई करें, इसके लिए हाई स्कूलों का अपग्रेडेशन जरूरी है। इन अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपने ही इलाके में उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर देना, स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को बढ़ाना भी है। माध्यमिक आचार्य की योग्यता एमए/एमएससी बीएड होगी प्लस टू स्कूलों में 20-22 शिक्षकों की नियुक्ति होती है। पूर्व से हाई स्कूलों में जितने शिक्षक हैं, उनके अलावा जितने शिक्षकों की आवश्यकता हो, उन सबकी नियुक्ति करनी होगी। झारखंड में माध्यमिक आचार्य बनने के लिए, संबंधित विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री (कम से कम 45-50% अंकों के साथ) और बीएड की डिग्री भी होनी चाहिए। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होना भी आवश्यक है। यह योग्यताएं माध्यमिक (कक्षा 9-12) शिक्षकों के लिए है। 40 स्कूलों को तय सीटों से अधिक एडमिशन लेना पड़ा डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद कर दी गई है। ऐसे में इंटर के छात्रों को इस बार एडमिशन और फिर रजिस्ट्रेशन के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ा। राज्य के 40 वित्त रहित स्कूलों में इस बार निर्धारित सीट से अधिक एडमिशन लेना पड़ा। जैक से अनुमति नहीं मिलने के कारण इनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा था। भारी दबाव के बाद सीट में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है। हाई स्कूलों के प्लस टू में अपग्रेडेशन के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। पांच साल में तैयार होंगे सभी अपग्रेडेड प्लस टू स्कूल यदि इन सभी 1711 हाईस्कूलों को अपग्रेड करने की स्वीकृति मिलती है, तो भी इसे तैयार होने में कम से कम पांच साल लगेंगे। अगर समय पर पैसे उपलब्ध नहीं हुए, तो फिर अवधि और आगे बढ़ सकती है। अपग्रेडेड प्लस टू स्कूलों में कम से कम 6 और अधिकतम 10 वर्ग कक्षों का और निर्माण किया जाएगा। प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके अलावा हर क्लास के लिए बेंच-डेस्क की भी आवश्यकता होगी।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:00 am

योगी सरकार चिकित्सा शिक्षा में देगी 1200 नौकरियों की सौगात

Uttar Pradesh news : योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। ...

वेब दुनिया 5 Jan 2026 12:59 am

खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में नारायण बाजरगान बने अध्यक्ष:13 सदस्यों का परिणाम आना बाकी, कहा- शिक्षा पर रहेगा फोकस

अलवर में खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में अध्यक्ष पद पर नारायण बाजरगान ने जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में नारायण बाजरगान ने रिषिकांत को 143 वोटों के अंतर से पराजित किया। अध्यक्ष पद के लिए कुल दो उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले समिति के अध्यक्ष योगेश बड़ाया थे, जिन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। चुनाव प्रक्रिया खंडेलवाल स्कूल परिसर में सुबह से शुरू हुई थी। शाम 5 बजे के बाद अध्यक्ष पद की मतगणना हुई। इसमें नारायण बाजरगान की जीत की पुष्टि हुई। अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित होने के बाद अब समिति के 13 सदस्यों के चुनाव की मतगणना जारी है, जिनके परिणाम आना अभी बाकी हैं। अध्यक्ष बोले- शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा फोकस अध्यक्ष पद पर विजयी रहे नारायण बाजरगान ने पदभार संभालने के बाद शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा- समिति का अध्यक्ष बनने के बाद अब उनका पूरा फोकस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। पिछले कार्यकाल में जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें चिह्नित कर उन पर गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि खंडेलवाल शिक्षा समिति को और अधिक प्रगतिशील बनाया जा सके। नारायण बाजरगान ने कहा- विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समिति के सभी निर्णय पारदर्शिता और सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे। नारायण बाजरगान अलवर की अनाज मंडी में चावल के प्रमुख व्यापारी हैं और वर्तमान में वहां उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 8:40 pm

भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी ; शिक्षा और कौशल पर गुवाहाटी में दो दिवसीय रणनीतिक बैठक

गुवाहाटी में 5-6 जनवरी 2026 को आईआईटी गुवाहाटी में मानव संसाधन कार्य समूह की बैठक आयोजित होगी। बैठक में नीति निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ AI आधारित शिक्षा, कौशल विकास और कार्यबल तैयारियों पर चर्चा करेंगे, जो भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के निर्णयों को मार्गदर्शन देगा।

प्रातःकाल 4 Jan 2026 7:20 pm

वाराणसी में 6 जनवरी तक बंद हुए स्कूल:जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दिया आदेश, कक्षा 8 तक स्कूल बंद

वाराणसी में अत्यधिक ठंड, कोहरे और शीतलहर को देखते हुए डीएम के निर्देश पर 6 जनवरी तक कक्षा-8 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी दी है। सभी बोर्डों के स्कूलों के लिए यह नियम मान्य होगा। बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने बताया- जिले में अत्यधिक ठंड को देखते हुए डीएम सत्येंद्र कुमार ने जिले के सभी कक्षा-8 तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया था। ऐसे में ठंड को देखते हुए और आने वाले दिनों में बढ़ी ठंड के मद्देनजर जिले के कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 5 और 6 जनवरी को बंद कर दिया गया है। सभी बोर्ड के स्कूल रहेंगे बंद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया। जिले के सभी स्कूल/ राजकीय/ अशासकीय सहायता प्राप्त/ निजी मान्यता प्राप्त/ सीबीएससी/ आईसीएससी/ संस्कृत और मदरसा बोर्ड के स्कूल बंद रहेंगे। इस अवधि में यदि कोई भी स्कूल खुला पाया गया तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस अवधि में अध्यापकों को पूर्व की भांति स्कूल आना होगा और दिए गए कार्य सम्पादित करने होंगे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 6:33 pm

टोंक में कोली समाज की 100 प्रतिभाएं सम्मानित:बालिका शिक्षा और मेधावी छात्रों का सम्मान गर्व का विषय

जिला मुख्यालय पर रविवार को अखिल भारतीय कोली समाज टोंक के तत्वावधान में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान निर्वाचन आयोग, जयपुर के सचिव (आईएएस) राजेश महावर रहे। उन्होंने बालिका शिक्षा एवं उन्नत प्रतिभाओं को सम्मानित करने को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि समाज की महिलाओं का राज्य की सेवाओं में अमूल्य योगदान रहा है, जो प्रेरणादायी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. सुनील कुमार महावर ने स्वास्थ्य को अमूल्य निधि बताते हुए संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त आहार अपनाने पर जोर दिया। सुश्री तपस्या कोली, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग ने मंच से महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए मील का पत्थर बताया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पप्पूराम कोली ने कहा कि प्रतिभाएं समाज का गौरव हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर माता-पिता व समाज का नाम रोशन किया। डॉ. धनराज कोली ने मानव मन व शरीर के संतुलन तथा नियमित स्वास्थ्य देखभाल पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने समाज की कुरीतियों व अशिक्षा को दूर करने के सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। 100 स्टूडेंट्स को किया सम्मानित समारोह में जयपुर स्थित छात्रावास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि समाज से 6 आरएएस में चयन हुआ है। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं-12वीं, खेलकूद, विभिन्न प्रोफेशन एवं राजकीय सेवा में चयनित लगभग 100 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लेखराज महावर, दिनेश बुंदेल, पंकज महावर, पूर्व पार्षद राजेंद्र महावर, प्रवीण महावर (अधिवक्ता), हीरालाल महावर, लालचंद महावर, महावीर गजेंद्र महावर, जसवंत महावर, सत्यनारायण महावर, चौथमल महावर, रमेश महावर (पूर्व पार्षद), कमल महावर सहित महिला विंग से संगीता महावर, शीलू बुंदेल, सीमा, सीता बुंदेल आदि उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 6:24 pm

डीग में भामाशाहों और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान:शिक्षा, संस्कार और पुस्तकों के महत्व पर दिया जोर; श्री हिंदी पुस्तकालय समिति का शताब्दी वर्ष समारोह मनाया

डीग में श्री हिंदी पुस्तकालय समिति ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को दानदाताओं और प्रतिभाओं के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां वाणी के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया। बृजेश शर्मा ने मंत्रोच्चार किया, जबकि सुनील सरल ने मां वाणी की वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजीनियर लक्ष्मण शर्मा ने अपने संबोधन में शिक्षा, संस्कार और पुस्तकों के महत्व पर जोर दिया। शर्मा ने समिति के शताब्दी वर्ष को एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। सिद्धपीठ पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी कौशल किशोर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय समाज को बौद्धिक रूप से समृद्ध करने का एक सशक्त माध्यम हैं और युवाओं को इनसे जुड़ना चाहिए। बॉम्बे हॉस्पिटल जयपुर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अध्ययन को आवश्यक बताया। लोहागढ़ ग्रुप ऑफ कंपनी भरतपुर के डायरेक्टर भगत सिंह दूसरे विशिष्ट अतिथि थे। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं के सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को समाज की मजबूती का आधार बताया। भगत सिंह ने समिति को एक लाख रुपये देने की भी घोषणा की। श्री हिंदी पुस्तकालय समिति के सभापति मानसिंह यादव ने अतिथियों का परिचय दिया और स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समिति के प्रधानमंत्री के.के. मुदगल ने कार्यक्रम का विस्तृत विवरण दिया। कवि सुरेंद्र सार्थक ने मंच संचालन किया। सभापति यादव ने समिति के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग की स्थापना वर्ष 1927 में एक किराए के कमरे से हुई थी। यह लगभग दस वर्षों तक वहीं से संचालित हुई। वर्ष 1937 में समिति का अपना भवन बनकर तैयार हुआ, जहां यह पुस्तकालय आज भी चल रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 6:02 pm

जानिए मुरली मनोहर जोशी की राजनीतिक यात्रा ; शिक्षाविद से राजनेता तक कैसा था सफर

मुरली मनोहर जोशी के राजनीतिक जीवन, भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में उनकी भूमिका, केंद्रीय मंत्री के रूप में योगदान और भारतीय राजनीति में उनकी वैचारिक विरासत पर आधारित एक विस्तृत और पेशेवर समाचार लेख।

प्रातःकाल 4 Jan 2026 5:29 pm

कुम्हार प्रजापति समिति के गिरियक प्रखंड में निर्विरोध चुनाव:संगठन को मजबूत करने का आह्वान, कहा- शिक्षा-जागरूकता समाज को ले जाएगा आगे

नालंदा के ऐतिहासिक पावापुरी जल मंदिर के पास आज बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति का प्रखंड स्तरीय अधिवेशन और चुनाव हुआ। लोकतांत्रिक परंपरा का निर्वाह करते हुए गिरियक प्रखंड के लिए नए पदाधिकारियों का निर्विरोध चुनाव किया गया। समिति के जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित और जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू की देखरेख में संपन्न हुई इस चुनाव प्रक्रिया में राज कुमार पंडित को प्रखंड अध्यक्ष, सुरेंद्र पंडित को सचिव और प्रदीप कुमार बिंदु को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा दुखन पंडित उपाध्यक्ष, मित्तू देवी महिला अध्यक्ष, पूनम देवी महिला सचिव और रानी देवी महिला कोषाध्यक्ष के पद पर निर्वाचित हुईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अमन राज ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए समाज के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। एकजुटता और शिक्षा पर जोर अधिवेशन को संबोधित करते हुए जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू ने प्रजापति समाज के सदस्यों से एकजुट रहने, शिक्षित होने और सामाजिक चेतना जगाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की सच्ची ताकत उसकी एकजुटता में निहित है। हमें नियमित बैठकों में भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और सामूहिक निर्णयों का पालन करना चाहिए। शिक्षा और जागरूकता ही हमारे समाज को आगे ले जा सकती है। जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित ने संगठन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। समाज को इसे हमेशा बनाए रखना चाहिए। बिखरे हुए लोग कभी भी अपने अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा सकते। उत्पीड़न के खिलाफ खुद लड़नी होगी लड़ाई जिला युवा सचिव प्रवेश पंडित ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रजापति समाज पर लगातार उत्पीड़न हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन से अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां यह बताती हैं कि हमें अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी होगी। इसके लिए हमारा संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। केवल मजबूत संगठन ही समाज के हितों की रक्षा कर सकता है।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 5:13 pm

World Braille Day: जानिए कैसे बने लुई ब्रेल शिक्षा और समानता की अनदेखी आवाज़

विश्व ब्रेल दिवस हर साल 4 जनवरी को लुई ब्रेल की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिवस दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल लिपि के महत्व, समान शिक्षा, सूचना तक पहुंच और समावेशी समाज की वैश्विक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

प्रातःकाल 4 Jan 2026 3:07 pm

भगवंत सिंह मान ने शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को सौंपे नियुक्ति पत्र

‘मिशन रोज़गार’ के तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने के साथ पंजाब में पहली बार चार सालों में युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां मिलने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ

देशबन्धु 4 Jan 2026 11:55 am

उदयपुर में ओबीसी समाज महापंचायत ने मनाई सावित्रीबाई फुले जयंती:200 प्रतिभावान छात्रा-महिला सम्मानित, MLA बोले- नारी शिक्षा से ही समाज का विकास संभव

भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती उदयपुर में सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट और ज्योतिबा फुले टीटी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में मनाई गई। इस अवसर पर माली कॉलोनी स्थित द फॉर्च्यून पार्क होटल गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में 200 प्रतिभावान छात्राओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर जिले के ओंगणा, झाड़ोल, सलूंबर सहित कई गांवों से आईं 200 प्रतिभावान छात्राओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को अतिथियों द्वारा उपरणा, प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकेश चौधरी ने की। वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी मुख्य अतिथि रहे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी प्रतिभा गुप्ता भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। सेवानिवृत्त एसडीएम शंकरलाल मालवीय, मोटिवेशनल स्पीकर नवनीत नागर और दिनेश चौधरी विशिष्ट अतिथि थे। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर मुख्य वक्ता थे। सभी अतिथियों का स्वागत पगड़ी, उपरणा और स्मृति चिन्ह भेंटकर अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने किया। संस्थापक दिनेश माली ने अपने संबोधन में बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रेरणा से सावित्रीबाई फुले ने 17 वर्ष की आयु में 1 जनवरी 1848 को पुणे के भिड़ेवाड़ा में भारत का पहला बालिका विद्यालय खोला। शुरुआत में इसमें केवल 9 लड़कियां पढ़ने को तैयार हुई थीं। उन्होंने 1851 तक तीन और बालिका विद्यालय खोले। ज्योतिबा फुले का उद्देश्य महिलाओं की दशा सुधारना और उन्हें समाज में पहचान दिलाना था। विधायक उदयलाल डांगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। मोटिवेशनल स्पीकर नवनीत नागर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा में अच्छे अंक नौकरी में सफलता की गारंटी नहीं होते। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता निरंतर और धैर्य के साथ तैयारी करने से मिलती है। इस अवसर पर संस्थापक दिनेश माली, प्रदेश महिला प्रदेश अध्यक्ष मणि बहन पटेल, कोषाध्यक्ष गंगा देवी माली, अध्यक्ष लोकेश चौधरी, महामंत्री सूर्य प्रकाश सुहालका, प्रवक्ता नरेश पूर्बिया, संयोजक भेरुलाल कलाल, युवा प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर माली, महिला प्रदेश महामंत्री शर्मिला माली, पीएस पटेल, बालकृष्ण सुहालका, डीपी लक्ष्कार, दिनेश कुमार माली, पूजा टेलर, जयमाला टेलर, मंजू माली (आईटी सेल) सहित 22 समाजों के अध्यक्ष व पदाधिकारी, कलावती पूर्बिया, कोमल पूर्बिया और ललिता पूर्बिया जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 8:27 am

वित्त विभाग:शिक्षा विभाग-वित्त विभाग के बीच फंसे 5 हजार शिक्षक, 100 करोड़ वसूली होगी

प्रदेश के 5 हजार से अधिक शिक्षक वित्त विभाग के एक आदेश को लेकर असमंजस में हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को बिना पद सृजित किए ही शहर के स्कूलों में पोस्टिंग दे दी। वेतन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के खाली पड़े पदों से दिया गया। अब वित्त विभाग ने इन शिक्षकों को दिए गए शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति को गलत बताते हुए वसूली के आदेश जारी किए हैं। आदेश के बाद 5 हजार शिक्षकों से करीब 100 करोड़ रुपए वसूल करने की तैयारी है। अब शिक्षक परेशान है कि उनको शिक्षा विभाग ने पोस्टिंग दी थी। वेतन की जिम्मेदारी भी शिक्षा विभाग की थी। इसमें उनकी क्या गलती है। वित्त विभाग के आदेश के कारण इन शिक्षकों का 3 माह से वेतन भी अटका हुआ है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार ग्रामीण इलाके के खाली पदों से उठाए गए वेतन के साथ शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता शामिल नहीं होगा। अगर किसी शिक्षक को भुगतान किया गया है तो उनसे वसूली की जाएगी। विभाग ने अप्रैल 2023 के बाद दिए गए भत्ते की वसूली के आदेश जारी किए हैं। प्रत्येक शिक्षक से 1.75 लाख से लेकर 2 लाख तक की वसूली हो सकती है। यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए के करीब है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शिक्षकों की यह समस्या शिक्षा सचिव तक पहुंचाई है। प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश से शिक्षकों में रोष है। यह है मामला : पिछली सरकार में इन शिक्षकों को चयन के बाद काउंसलिंग के लिए महात्मा गांधी स्कूलों में स्थायी पोस्टिंग दी गई थी। तब विभाग की ओर से कहा गया था कि इन स्कूलों में पद सृजित करेंगे। अभी तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं हुए हैं। इन शिक्षकों का वेतन दूसरे स्कूलों से ही उठ रहा है। अब वित्त विभाग के आदेश ने इन शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। पद सृजित करने का काम शिक्षा विभाग का है। हम शहरी क्षेत्र में काम कर रहे हैं तो हमें शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता मिला है। वेतन देना विभाग का काम है। इनका कहना है...शहरी क्षेत्र में काम करने पर शिक्षक शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता व शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता लेने के हकदार है। वित्त विभाग इनसे वसूली नहीं कर सकता। पद सृजित करने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही की सजा शिक्षकों को नहीं भुगतने देंगे। वित्त विभाग आदेश वापस लें। -रामकृष्ण अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने और पूरे मामले की मुझे अभी जानकारी नहीं है। पता कर उचित कार्रवाई की जाएगी। -सीताराम जाट, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 5:07 am

अमृतसर रासा यूनिट की बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन

अमृतसर रासा यूनिट की एक महत्वपूर्ण बैठक अजन्ता सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढाब खटीकां में आयोजित की गई। बैठक के दौरान स्कूलों से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शिक्षण पद्धतियों में सुधार तथा स्कूल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर अपने-अपने सुझाव रखे। सभी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने अमृतसर के समस्त निवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और आने वाले नए साल को सुख-समृद्धि व खुशहाली से भरपूर बनाने की कामना की। बैठक में विनोद कपूर, जगजीत सिंह, सुजीत शर्मा बबलू, दविंदर पिपलानी, सुशील अग्रवाल, अरुण मंसोतरा, मयंक कपूर, समीर भाटिया, पुनीत गुप्ता, सुमित पुरी, कुनाल कपूर, नरेंद्रपाल सिंह, यादविंदर, दिनेश कपूर, गौरव अरोड़ा, कुलविंदर सिंह तथा जगजीत उपस्थित रहे। बैठक आपसी सहमति, भाईचारे और सकारात्मक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें भविष्य में भी इसी तरह मिलकर शिक्षा सुधार के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

दुमका में राज्यपाल से कई शिक्षाविदों ने मिलकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं

दुमका | लोक भवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचार भेंट की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दी । राज्यपाल से मिलने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी जतिन कुमार, यंग उड़ान सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक रंजन, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के पीजी हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय सिन्हा तथा एस.पी. महिला कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा हनीफ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान जतिन कुमार सहित प्रतिनिधियों ने शिक्षा के विस्तार, सामाजिक सहभागिता, युवाओं की सक्रिय भूमिका तथा संथाल परगना क्षेत्र की उन्नति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए। राज्यपाल ने सभी के योगदान की उच्च सराहना की तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रेरणा प्रदान की।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

69वें नेशनल स्कूल गेम्स का शिक्षा मंत्री बैंस करेंगे उद्घाटन

एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से छह जनवरी से 11 जनवरी तक लुधियाना में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स करवाए जा रहे हैं। इसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना में सुबह 11:30 बजे करेंगे जिसमें अलग-अलग राज्यों के 937 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस महाकुंभ में लुधियाना के अलग-अलग खेल के मैदानों में जूडो, ताइक्वांडो और गतका के रोमांचक मुकाबले करवाए जाएंगे। इन गेम्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ये जानकारी डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स सुनील कुमार, डीईओ सेकेंडरी डिंपल मदान, डिप्टी डीईओ अमनदीप सिंह, जिला स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर कुलवीर सिंह और कोच अजीतपाल सिंह ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि नेशनल स्कूल गेम्स की तैयारियों के लिए प्रिंसिपलों और स्कूल प्रमुखों की अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं और ड्यूटी लगाई गई हैं। इसके अलावा खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए पूरे पंजाब से 300 खेल शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई हैं। इन खेलों में देशभर के 937 स्कूली खिलाड़ियों के साथ लगभग 150 अधिकारी और कोच भी पहुंच रहे हैं। जूडो अंडर-14 लड़के और लड़कियों के मुकाबले बीसीएम आर्य स्कूल शास्त्री नगर लुधियाना में होंगे, ताइक्वांडो अंडर-14 लड़कियों के मुकाबले सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू लुधियाना में होंगे। गतका अंडर-19 लड़के और लड़कियों के मुकाबले ओपन थियेटर पीएयू लुधियाना में होंगे। उन्होंने आगे कहा कि लुधियाना के 36 स्कूलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा, रेलवे और बस स्टैंड लुधियाना से खिलाड़ियों को स्कूल लाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पीएयू स्कूल लुधियाना में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। ताकि खिलाड़ियों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों को पीएयू स्कूल में लाने और छोड़ने, खाने-पीने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि खेल मुकाबलों के दौरान वीडियोग्राफी का भी इंतजाम किया गया है और मैचों के दौरान खेल की टेक्निकल टीम भी मौजूद रहेगी। जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों के लिए मेडिकल टीमों का भी इंतजाम किया गया है। 6 जनवरी को उद्घाटन समारोह के दौरान, अलग-अलग स्कूलों के स्टूडेंट्स कल्चरल प्रोग्राम पेश करेंगे। इस मौके पर प्रिंसिपल कंवलजोत कौर, प्रिंसिपल विश्वकीरत कौर, प्रिंसिपल करमजीत कौर, प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

महिलाओं ने शिक्षा के प्रसार का लिया संकल्प

भास्कर न्यूज | विभूतिपुर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) द्वारा देश की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती चांदसुरारी स्थित पूर्व मुखिया सुलेखा कुमारी के आवासीय परिसर में समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता देव कुमारी देवी ने की। समारोह की शुरुआत में उपस्थित महिलाओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जनवादी महिला समिति की अंचल सचिव सुलेखा कुमारी ने उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने समाज की तमाम प्रताड़नाओं और कुरीतियों को सहते हुए महिला शिक्षा की जो अलख जगाई थी, आज उसी का परिणाम है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके पदचिन्हों पर चलते हुए समाज में शिक्षा और जागरूकता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। समारोह को संगीता कुमारी, अनीता देवी, बसंती देवी, पनमा देवी, रामदाय देवी, रंजू देवी, रिचा कुमारी और अन्नू कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व पर बल दिया।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

तरियानी : महिलाओं को शिक्षा का हक दिलाया

भास्कर न्यूज| सीतामढ़ी प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्रम में जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास, सीतामढ़ी के सभागार में राष्ट्रमाता माता सावित्री बाई फूले की जयंती बिनोद बिहारी मंडल, छात्रावास अधीक्षक की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाया गया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह के मुख्य अतिथि फूले अम्बेडकरी विचारधारा के प्रमुख स्तंभ प्रो. शशिभूषण प्रसाद सिंह ने कहा कि आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा राव फूले से प्रेरणा लेकर सदियों से शिक्षा एवं मौलिक अधिकारों से वंचित कमजोर वर्गों के लिए बालिका विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा का द्वार सबके लिए खोला। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियां अंधविश्वास, पाखंड, रूढ़िवादिता, छुआछूत, के खिलाफ सत्य शोधक समाज की स्थापना कर लोगों को जागृत किया। विधवा विवाह को प्रोत्साहित किया। जीवन पर्यन्त रोगियों की सेवा करती रही। उनके जीवन संघर्ष को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कृषि सहायक संजय पासवान ने कहा कि भारत में सबके लिए शिक्षा का द्वार खोलने के लिए तत्कालीन अंग्रेजी सरकार से 1848 ई. चार्टर एक्ट के माध्यम से कानून बनवाया। पुणे में पहला आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना की। छात्रावास अधीक्षक बिनोद बिहारी मंडल ने कहा कि जो देश एवं समाज अपने महापुरुषों के इतिहास एवं बलिदान को भूल जाता है, वह गुलाम हो जाता हैं। उन्होंने माता सावित्री बाई फूले के द्वारा समाज सुधार के लिए चलाए गए आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की। जयंती समारोह को नागेंद्र पासवान, कमल किशोर, धनंजय साहनी, राजकपूर, साजन कुमार, राजीव कुमार, सुनील सहनी, पिंकू मंडल, शैलेन्द्र कुमार, सुधीर कुमार, अनीश कुमार, संजीत कुमार, गोविंद कुमार, नंदकिशोर कुमार, हरिश्चंद्र कुमार, नीरज कुमार, सिद्धांत कुमार, सुबोध कुमार, रौशन कुमार सहित दर्जनों छात्र एवं अभिभावक उपस्थित थे। तरियानी|सावित्रीबाई फुले की याद में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वो भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं। उनका जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था। उनके पिता का नाम खंदोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर 1848 में बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उन्हें शिक्षा का हक दिलाया। उन्होंने विधवाओं के लिए एक आश्रय स्थल की स्थापना की और बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया। सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पुरनहिया| नेचर फाउंडेशन के तत्वावधान में मध्य विद्यालय अशोगी में जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनके जीवन संघर्ष और महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने में उनके योगदान पर चर्चा की गई। बताया गया कि उन्होंने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। बाल विवाह का शिकार होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने का संकल्प लिया और महिलाओं को शिक्षित करने के उद्देश्य से स्कूल खोले। इस जयंती समारोह में स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। नेचर फाउंडेशन के अध्यक्ष रंजीत कुमार, सचिव कुणाल कंचन, सदस्य यतेन्द्र भगत, रामदयाल भगत, निरंजन राय आदि थे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

रामानुजगंज में सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती:माली मालाकार मोर्चा ने शिक्षा जागरूकता पर किया कार्यक्रम, बच्चों ने नृत्य और नाटक से दी श्रद्धांजलि

रामानुजगंज में माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन ने सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई। शनिवार, 3 जनवरी को आमंत्रण धर्मशाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में एसडीओपी रामानुजगंज बाजीलाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र मालाकार, राजेंद्र मालाकार (जिला पलामू), रंजीत मालाकार, अवधेश मालाकार (जिला गढ़वा) और सर्व रवि समाज के जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश रवि शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। न्यू स्मार्ट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा जागरूकता पर आधारित नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को प्रेरित किया। 84 जरूरतमंद बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर बढ़ाया उत्साह इस अवसर पर 84 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को गर्म कपड़े वितरित किए गए। मुख्य अतिथि बाजीलाल सिंह ने स्वयं बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया। समाज और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों लाल बिहारी चौबे, लक्ष्मण ठाकुर, शिवकुमार यादव, अनिरुद्ध दास, वेद प्रकाश केसरी, प्रहलाद सोनी, लालमन सोनी और शिक्षिका शीला गुप्ता को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षिका बिंदी सिंह और निजी विद्यालयों के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। पत्रकारों को परंपरागत रूप से डायरी और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक लक्ष्मी सोनी और मंटू ठाकुर ने किया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाश मालाकार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें सर्व रवि दास समाज जनकल्याण ब्लॉक रामानुजगंज का पूर्ण सहयोग रहा। विनोद भगत, सतीश मालाकार, राजेंद्र मालाकार, सुरेंद्र मालाकार, रंजीत मालाकार, पिंटू मालाकार, देव शंकर मालाकार, संजय गुप्ता, शीला मालाकार, मीना गुप्ता और विक्रांत मालाकार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और सामाजिक समानता के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 9:18 pm

सैकड़ों महिलाओं-बच्चों ने शिक्षा के लिए संकल्प लिया:कटिहार में सावित्री बाई फुले जयंती पर जन-जागरूकता रैली

कटिहार के हसनगंज प्रखंड में शनिवार को सावित्री बाई फुले जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जन जागरण शक्ति संगठन ने एक जन-जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। रैली बलुआ पंचायत भवन से शुरू हुई और छोटकी रटनी, डीह रटनी तथा बड़की रटनी गांवों से होते हुए छोटकी रटनी गांव में एक सभा में परिवर्तित हो गई। इस रैली में शहरपुरा, पनसेरवा, बरुवा टोला, भतौरिया, छोटकी रटनी, बड़की रटनी और डीह रटनी सहित कई गांवों से युवा क्लबों के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं ने भाग लिया। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने गीत-संगीत और नारों के जरिए शिक्षा तथा सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। सावित्री बाई फुले थीं देश की पहली महिला शिक्षिका सभा को संबोधित करते हुए फूलकुमारी दीदी ने सावित्री बाई फुले के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक थीं, जिन्होंने भारत में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलकर शिक्षा की नींव रखी। उनके प्रयासों के कारण ही आज देश की बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर और पायलट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती उषा दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होने से समाज की आधी आबादी को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है। उषा दीदी ने एक गीत के माध्यम से सभी से पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान युवा टीम ने हम लोग हैं दीवाने और हम होंगे कामयाब जैसे प्रेरक गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना के साथ हुआ। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता फूलकुमारी, उषा दीदी, लक्ष्मीकांत प्रसाद और साहिल सहित युवा टीम के सदस्य आरती, प्रियंका, सुनील, चाँद, माला, सबरी, योगिता, ज्योति, खुशबू तथा सैकड़ों अन्य बच्चे और महिलाएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 8:50 pm

कौशांबी में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई:सांसद ने कहा- उनकी प्रारंभिक शिक्षा कठिनाइयों भरी थी

कौशांबी के नगर पालिका परिषद भरवारी के गिरसा चौराहे पर शनिवार शाम को शिक्षा की देवी माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कौशांबी सांसद पुष्पेन्द्र सरोज ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने माता सावित्रीबाई फुले अमर रहें के नारे लगाए और उपस्थित लोगों को जयंती की बधाई दी। सांसद सरोज ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के नयागांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अत्यंत कठिनाइयों भरी थी। उन्होंने नारी शिक्षा के लिए अथक प्रयास किए। सावित्रीबाई फुले ने गाँव-गाँव जाकर नारी शिक्षा और बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई और कई बालिका विद्यालय खोले। सांसद ने कहा कि नारी शिक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। कार्यक्रम में आयोजक लव कुश मौर्य, अंजनी कुशवाहा, सभासद विक्रम सिंह एडवोकेट, अरुण कुमार, सीताराम कुशवाहा, शंकर लाल केशरवानी, संतोष कुमार केसरवानी, सपा नेता गुलाम हुसैन और भारत सिंह लोधी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:31 pm

सावित्रीबाई फुले जयंती: आम आदमी पार्टी ने दी श्रद्धांजलि:शिक्षा और सामाजिक न्याय पर उनके विचारों पर हुई चर्चा

देश की पहली महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक और नारी मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी क्रम में मेरठ दक्षिण विधानसभा के गुर्जर चौक, गाँव लिसाड़ी नूर नगर में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के संघर्ष, शिक्षा-दृष्टि और सामाजिक समानता के विचारों पर विस्तार से चर्चा की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज का बड़ा हिस्सा महिलाओं को पढ़ने-लिखने का अधिकार देने के खिलाफ था। उन्होंने जोर दिया कि सावित्रीबाई फुले का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार है। चौधरी ने आगे कहा कि आज भी जब बेटियों की पढ़ाई, दलित-पिछड़ों के अधिकार और सामाजिक न्याय पर हमले हो रहे हैं, तब फुले के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया, बल्कि जाति और लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ भी निर्भीक संघर्ष किया। अंकुश चौधरी ने सरकारों से अपील की कि वे सिर्फ जयंती मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को लेकर सावित्रीबाई फुले की सोच को नीतियों में उतारें। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गरीबों और वंचितों को समान अवसर दिलाना ही सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब शिक्षा महंगी और असमान होती जा रही है, तब फुले के विचार हमें एक समान, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:19 pm

कन्नौज में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई:मंत्री असीम अरुण ने कहा- कोई बच्ची शिक्षा से वंचित न रहे, हाईस्कूल तक पढ़ाई जरूरी

कन्नौज जिले में नारी शिक्षा की प्रणेता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने एक कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। सावित्रीबाई फुले की जयंती के उपलक्ष्य में भुलभुलियापुर और भुन्ना गांवों में महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा जागृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वंचितों और पिछड़ों के सशक्तीकरण तथा महिला शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले के अद्वितीय योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी समाज को समानता, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर दिया कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में बालिका शिक्षा की मशाल जलाई, जब समाज में इसके लिए संघर्ष करना पड़ता था। मंत्री अरुण ने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि कन्नौज जनपद में कोई भी बच्ची विद्यालय जाने से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बालिका पढ़ाई से छूट गई हो, तो उसे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनिवार्य रूप से प्रवेश दिलाया जाए, ताकि हर बच्ची कम से कम हाईस्कूल तक की शिक्षा अवश्य प्राप्त कर सके। इस अवसर पर स्थानीय लोगों और युवाओं को शिक्षा के महत्व, सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के संदेश दिए गए। कार्यक्रम में रामकली दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, अरुण कठेरिया, राजन अवस्थी, संजय कटियार (प्रधान), रामानंद दोहरे (पूर्व प्रधान) और विकास त्रिपाठी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:18 pm

जगदीशपुर में सावित्रीबाई फुले जयंती मनाई गई:महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार में योगदान को याद किया गया

महिला शिक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक सुधार की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मध्य विद्यालय जगदीशपुर में सम्मानपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर शिक्षिकाओं को सम्मानित भी किया गया। प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र ने सावित्रीबाई फुले के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया और समाज को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि मध्य विद्यालय जगदीशपुर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है और इससे संबद्ध कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में प्रखंड की लगभग सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। यह विद्यालय सावित्रीबाई फुले के विचारों को व्यवहार में उतारने का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय की छात्राएं शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर पहचान बना रही हैं। कार्यक्रम में वार्डेन सपना कुमारी, शिक्षिकाएं फूल कुमारी, वीणा कुमारी, प्रतिमा मिश्रा, पुष्पलता कुमारी, वीवी नाहिदा, भारती कुमारी और मीनाक्षी कुमारी सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। विद्यालय कर्मियों और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को महिला शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:17 pm

गया में पहली बार लगेगा शिक्षा मेला:10-11 जनवरी को होगा आयोजन, 30-35 शिक्षण संस्थान होंगे शामिल

गयाजी में पहली बार दो दिवसीय शिक्षा मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 10 और 11 जनवरी, 2026 को नगमतिया रोड स्थित एक निजी होटल में होगा। इसका आयोजन कॉलेज आप्तक, गया और डेस्टिनी एजुकेशन ज़ोन एंड सोशल वेलफेयर फाउंडेशन, पटना के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। मेले में देशभर के 30-35 प्रतिष्ठित कॉलेज और विश्वविद्यालय भाग लेंगे। इस मेले का मुख्य उद्देश्य छात्रों को देशभर के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों की विस्तृत जानकारी देना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना है। इसमें भाग लेने वाले शिक्षण संस्थानों के उच्च पदाधिकारी और प्रतिनिधि विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्स, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा और करियर विकल्पों के बारे में सामने से जानकारी देंगे। मुफ्त प्रवेश की विशेष व्यवस्था शिक्षा मेले में सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत या उत्तीर्ण मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि उन्हें एक ही स्थान पर देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस शिक्षा मेले में कॉलेज आप्तक, गया की ओर से श्री विकास कुमार सिन्हा और डेस्टिनी एजुकेशन ज़ोन एंड सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से शम्स तबरेज अख्तर सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, सेवियर एजुकेशन के अनिल कुमार सिन्हा, धनबाद के शिक्षाविद जावेद अंसारी, आरा के शिक्षा सलाहकार संदीप कुमार और जननेता टिंकू गोस्वामी भी इसमें सहभागिता करेंगे। आयोजकों ने बताया कि गया जिले के सभी मुखिया, सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में यह आयोजन गया के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान देना है।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 5:35 pm

बारां में एकल अभियान की समीक्षा बैठक संपन्न: ग्राम विकास और संस्कार शिक्षा के संकल्प के साथ कार्यकर्ताओं को दिया लक्ष्य

बारां में एकल अभियान की जिला स्तरीय दो दिवसीय समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आचार्य परमानंद के मार्गदर्शन में ग्राम विकास, संस्कार शिक्षा और मकर संक्रांति तक ग्राम समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया। स्वामी विवेकानंद जयंती को भव्य रूप से मनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। पूरी खबर पढ़ें।

प्रातःकाल 3 Jan 2026 5:34 pm

फर्जी आदेश से सरकारी नौकरी पाने वाले 4 कर्मचारी बर्खास्त:खैरागढ़ में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई; स्पष्टीकरण मांगा गया

खैरागढ़ गंडई छुईखदान जिले में फर्जी नियुक्ति प्रकरण में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी आदेशों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में 4 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद शामिल हैं। विभागीय जांच में यह सामने आया कि साल 2021 में सहायक ग्रेड-3 और संबंधित पदों पर इनकी नियुक्तियां जिन आदेशों के आधार पर हुई थीं, वे आधिकारिक रूप से जारी ही नहीं किए गए थे। दस्तावेजों की सत्यता जांचने पर पता चला कि पत्र क्रमांक और हस्ताक्षर विभागीय अभिलेखों से मेल नहीं खाते थे। इससे स्पष्ट हुआ कि नियुक्ति आदेश फर्जी थे। मामले का खुलासा होने के बाद सभी संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण और दस्तावेज अपनी नियुक्ति को वैध साबित नहीं कर सके। इसके बाद, शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया। इस प्रकरण के सामने आने से विभागीय नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल उठ गए हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 11:20 am

नूंह में यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग:गांव के लोग बोले-उनके गांव में बने विश्वविद्यालय, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नये अवसर

हरियाणा के नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर नगीना खंड के गांव नांगल मुबारिकपुर को चुने जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गांव के सैकड़ों पंच-सरपंचों, जिला पार्षदों, ब्लॉक समिति सदस्यों और गोत्र पाल के चौधरियों ने कहा कि ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर के पास लगभग 800 एकड़ पंचायत भूमि उपलब्ध है। फरवरी 2019 में पंचायत द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 180 एकड़ भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। गांव का एक प्रतिनिधिमंडल ने नूंह जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुका है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए और भूमि की आवश्यकता पड़ी तो पंचायत पूरा सहयोग करेगी। गांव नांगल मुबारिकपुर के सरपंच अजहरुद्दीन, बिलाल अहमद, अजीज हुसैन और राजूद्दीन ने बताया कि यह गांव मेवात नूंह जिले के बिल्कुल मध्य में स्थित है। उन्होंने कहा कि जिले के तीनों प्रमुख क्षेत्रों नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका से इसकी दूरी लगभग समान है, जिससे विश्वविद्यालय तक सभी विद्यार्थियों की पहुंच आसान होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से 3 किलोमीटर रहेगी गांव की दूरी प्रतिनिधियों ने बताया कि नांगल मुबारिकपुर नगीना बड़कली चौक के नजदीक है और जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां मीठे पानी की उपलब्धता, शुद्ध हवा और दोनों ओर अरावली की हरियाली मौजूद है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। प्रतिनिधियों ने बताया कि गांव दिल्ली-अलवर हाईवे 248-ए से करीब 3 किलोमीटर, नगीना कस्बे के पास, नगीना-तिजारा रोड से 4 किलोमीटर तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित है। पूरे जिले के लिए सुविधाजनक रहेगी यूनिवर्सिटी इसके साथ ही पिनगवां से 15 किलोमीटर और पुन्हाना, नूंह, फिरोजपुर झिरका व तावडू से 20 से 45 किलोमीटर के दायरे में होने के कारण यह स्थान पूरे जिले के लिए सुविधाजनक है। डीसी ने यह स्वीकार किया कि नांगल मुबारिकपुर जिले के बीचों-बीच स्थित है, जो स्थल चयन के लिए एक अहम बिंदु है। इस अवसर पर चौधरी आस मोहम्मद जमादार ने जिलेवासियों और सभी जनप्रतिनिधियों से नांगल मुबारिकपुर में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि नगीना क्षेत्र मेवात का केंद्र है और यहां विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 7:48 am

संकट के बीच शिक्षा की छलांग? म्यांमार में नर्सिंग-मिलिट्री ग्रेजुएट्स का रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ा - क्यों बढ़ रही है इन कोर्सेज की डिमांड?

म्यांमार में नर्सिंग और मिलिट्री ग्रेजुएट्स की संख्या में 2025 में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 86,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्य और सैन्य कर्मियों ने देश की स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती बढ़ी है।

प्रातःकाल 3 Jan 2026 7:38 am

पुलिस को नागरिकता प्रमाण पत्र चाहिए:पासपोर्ट रिन्यू कराने 59 वर्षीय मीना क्षेत्री को फिर साबित करनी होगी नागरिकता, जबकि जन्म-शिक्षा-विवाह सब ग्वालियर में

59 वर्षीय मीना क्षेत्री ने 2016 में पासपोर्ट बनवाया था। अब उसे रिन्यू कराना है, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी वे सफल नहीं हो पा रहीं। खुद को भारतीय नागरिक बताने के लिए उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, समग्र आईडी, वोटर कार्ड, एसआईआर की जानकारी, नई मतदाता सूची में अपना नाम... ये सभी जानकारी पुलिस को दे दी है। पर पुलिस का कहना है कि जब तक नागरिकता प्रमाण पत्र पेश नहीं किया जाएगा, तब तक पासपोर्ट रिन्यू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी। ये स्थिति तब है जब मीना का जन्म ग्वालियर में हुआ। पूरी शिक्षा यहीं से ली और विवाह भी ग्वालियर में हुआ। पिता बटालियन में आरक्षक और पति सूबेदार रहे... 26 जुलाई 1967 को ग्वालियर में जन्मी मीना क्षेत्री के पिता शेर बहादुर ठकुरी ग्वालियर में विशेष सशस्त्र बल की 13वीं बटालियन में आरक्षक थे। 11 फरवरी 1985 को नौकरी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया। मीना का विवाह भीम बहादुर क्षेत्री से हुआ, जो पीटीएस तिघरा से 31 जनवरी 2025 को सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। जुलाई 2016 में मीना का पासपोर्ट बना, जिसमें मीना को भारतीय नागरिक बताया गया है। इनसे जुड़े ‌सभी दस्तावेज वे पुलिस को दे चुकी हैं। पुलिस के अधिकारी इस मामले में जवाब देने से कतराते नजर आए। 1987 से पहले जन्म हुआ तो प्रमाण पत्र जरूरी नहीं एडवोकेट अंकुश जैन ने बताया कि नागरिक भारतीय संहिता 1955 के अनुसार, जिन भी नागरिक का जन्म 1987 से पूर्व भारत में हुआ है। उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं है। वे सभी लोग भारत के ही नागरिक माने जाएंगे। महिला के बयान दर्ज कर एसपी ऑफिस भेज दिए हैं गुरुवार को मीना क्षेत्री के कथन दर्ज किए गए उसकी रिपोर्ट बनाकर एसपी ऑफिस फॉरवर्ड कर दी गई है। मामले की जानकारी टीआई के संज्ञान में है। मीना क्षेत्री मूलरूप से नेपाल की हैं। - दीवान सुल्तान सिंह लहारिया, पुलिस थाना गिरवाई क्या मेरी कोई शिकायत हुई है, जो वर्जन क्यों दूं इस मामले में जब गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि क्या मेरी कोई शिकायत हुई है। जो मैं इस मामले में वर्जन दूं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:00 am

रायपुर को किस चीज की जरूरत और कमियां क्या...:ट्रैफिक, हेल्थ-शिक्षा•, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से बदलेगा रायपुर का भविष्य

राजधानी रायपुर के भविष्य को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय एक साझा दिशा की ओर इशारा करती है। ट्रैफिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी नियोजन... हर मोर्चे पर ठोस और दीर्घकालीन योजना की जरूरत बताई जा रही है। रोड इंजीनियरिंग से लेकर मेट्रो, इंडस्ट्री, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्ता आधारित शिक्षा और सस्टेनेबल शहरी विकास तक, विशेषज्ञ मानते हैं कि समन्वित प्रयासों के बिना रायपुर स्मार्ट और रहने योग्य शहर नहीं बन सकता। संसाधनों के सही उपयोग, मजबूत पब्लिक सिस्टम और पर्यावरण संतुलन के साथ ही राजधानी का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। सुरेंद्र कुमार जैन, इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्टअब हमारे रायपुर को चाहिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तभी बनेगा स्मार्ट शहर राजधानी के सर्वांगीण विकास में अधोसंरचना की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। किसी भी शहर या राज्य की प्रगति उसके संसाधनों के सही उपयोग और दीर्घकालीन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। हालांकि, वर्तमान में एक बड़ी चुनौती यह है कि राज्य के अधिकांश संसाधन मुफ्त योजनाओं और वेतन-भत्तों पर खर्च हो रहे हैं, जिससे अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। नवा रायपुर का समग्र विकास, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर, मेट्रो या मोनोरेल परियोजना, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार, औद्योगिक हब और आईटी पार्क का निर्माण प्रमुख हैं। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार भी जनहित में आवश्यक बताया गया है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय को अनिवार्य बताया गया है। वित्तीय निरंतरता को भी एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को इसका सकारात्मक उदाहरण बताया गया है, जो आज भी निरंतर रूप से संचालित हो रही है। वहीं, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण की समस्या और गिरते भूजल स्तर जैसी बाधाएं भी अधोसंरचना विकास में चुनौती बनी हैं। रायपुर को लॉजिस्टिक और रिटेल पावरहाउस के रूप में विकसित कर सार्वजनिक-निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विकास को नई दिशा मिलेगी। बाधा या बदलाव - स्काईवॉक ने रोका फ्लाईओवर का रास्ता, गार्डन से आगे बनेगा राजधानी रायपुर में पीडब्ल्यूडी स्काईवॉक का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही यहां फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया है। राज्य सरकार ने हाल ही में गांधी उद्यान (गुरु तेगबहादुर उद्यान) से तेलीबांधा (नेताजी सुभाष चौक/गुरुनानक चौक) तक 173 करोड़ रुपए की लागत से 4-लेन फ्लाईओवर को मंजूरी दी है। स्काईवॉक का ढांचा नहीं होता तो यह फ्लाईओवर फाफाडीह चौक, देवेंद्र नगर, शास्त्री चौक और घड़ी चौक को जोड़कर बनाया जा सकता था। समर पाटनी, रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्टट्रैफिक नियमों के पालन से ही जाम से राहत, बायपास सड़क की भी जरूरत राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के पीछे लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी बड़ी वजह है। यदि वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तो कई जगहों पर जाम की स्थिति ही पैदा न हो। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और नई सड़कों की भी आवश्यकता है। शहर के भीतर एक बायपास सड़क की जरूरत बताई गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। मोवा-सड्डू क्षेत्र की ओर नई सड़क या लंबा ओवरब्रिज बनाया जाना चाहिए, क्योंकि शहर का विस्तार इसी दिशा में तेजी से हो रहा है। टाटीबंध से जोरा तक एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। इस मार्ग पर दोनों ओर सर्विस रोड और अंडरपास का निर्माण किया जाना चाहिए। नया एक्सप्रेसवे बनाकर बिलासपुर रोड को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ा जाए, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों का समय बचे। वहीं, नवा रायपुर के प्रमुख जंक्शनों का सर्वे कर उन्हें सिग्नल फ्री जंक्शन में बदले जाने की जरूरत है, जिसके लिए अभी से योजना और तैयारी शुरू करनी होगी। शहर में निजी वाहनों का दबाव कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना भी जरूरी है। इसके तहत एसी बसें चलाई जाएं और हर रूट पर सिटी बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा सिलतरा बायपास को बिलासपुर रोड से जोड़ने के लिए नई एक्सेस कंट्रोल सड़क बनाई जाए, जिससे दुर्ग और रायपुर के बीच ट्रैफिक दबाव कम हो सके। मनीष पिल्लीवार, टाउन प्लानर एंड आर्किटेक्टटिकाऊ, समावेशी व जल-संवेदनशील शहर हो वर्ष 2026 तक रायपुर को सस्टेनेबल (टिकाऊ), समावेशी और जल-संवेदनशील शहर के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई जा रही है। इसके लिए शहर में वॉक-फ्रेंडली सड़कें, चौड़े फुटपाथ और साइकिल ट्रैक को अनिवार्य रूप से विकसित किया जाना चाहिए। इससे निजी वाहनों की संख्या घटेगी, जाम की समस्या कम होगी और ध्वनि व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके तहत अधिक से अधिक ई-बसों की सुविधा विकसित की जानी चाहिए, ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। इसके साथ ही नई इमारतों में रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर रूफ और नेचुरल वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। शहर के तालाब, नाले और हरित कॉरिडोर को शहरी डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देने से ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकता है। वहीं, पब्लिक स्पेस, बस-स्टॉप और बाजारों को मानव-केंद्रित डिजाइन के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। यही भविष्य का रायपुर होगा-एक स्वच्छ, सुरक्षित और रहने योग्य शहर। डॉ. जवाहर सूरी सेट्‌टी, वरिष्ठ शिक्षाविद्डिग्री पर नहीं, बल्कि शिक्षा पर हो फोकस समय तेजी से बदल रहा है और तकनीक लगातार नई दिशा ले रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है, जिसमें केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं रह गया है। ऐसे में प्रदेश में अब शिक्षा व्यवस्था का फोकस डिग्री के बजाय गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर होना चाहिए। स्कूली स्तर पर कौशल विकास और समानांतर शिक्षा को प्रभावी रूप से वर्ष 2026 से लागू किया जाना आवश्यक है। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, लेकिन इनमें प्रदेश के महज एक प्रतिशत विद्यार्थी ही प्रवेश पा रहे हैं। इसे देखते हुए जरूरी है कि प्रदेश के निजी और सरकारी दोनों तरह के शैक्षणिक संस्थानों को कम से कम एनआईटी स्तर की गुणवत्ता के साथ विकसित किया जाए, ताकि अधिक संख्या में छात्रों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। इसके साथ ही बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। तकनीकी युग में बच्चों की आउटडोर गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं, जिससे शारीरिक समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में पर्याप्त खेलकूद के संसाधन विकसित कर अनुकूल माहौल बनाना जरूरी होगा। ताकि बच्चों को स्वस्थ और संतुलित विकास का अवसर मिले। डॉ विवेक चौधरी, कैंसर विशेषज्ञ व डीन मेडिकल कॉलेज, रायपुरमेकाहारा से उम्मीद, पर पुरानी मशीनें बनीं चुनौती डॉ. भीमराव अंबेडकर अपस्ताल केवल राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों की उम्मीदों का केंद्र है। यहां एक्स-रे से लेकर सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई और कैंसर इलाज तक की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। हालांकि, अस्पताल में लगी अधिकांश जांच और उपचार से जुड़ी मशीनें पुरानी हो चुकी हैं या अपनी निर्धारित उम्र पूरी करने के करीब हैं, जिसके चलते मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी मशीनों को तत्काल बदले जाने की जरूरत है, ताकि जांच और इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इसके अलावा जिला अस्पताल और हमर क्लीनिकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। यदि विशेषज्ञों की नियमित पोस्टिंग हो जाए, तो सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी हद तक पटरी पर आ सकती है। इसका सीधा असर अंबेडकर अस्पताल पर भी पड़ेगा, जहां मरीजों की भीड़ कम होगी और इलाज के स्तर में सुधार संभव होगा। राजधानी के निजी अस्पतालों में वर्तमान में अंग प्रत्यारोपण की सुविधाएं उपलब्ध हैं। किडनी के साथ-साथ लीवर ट्रांसप्लांट के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, शहर के बीच स्थित डॉ. खूबचंद बघेल (डीकेएस) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद बताए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 5:37 am

नीतीश के करीबी अशोक चौधरी की जॉइनिंग क्यों रोकी गई:शिक्षामंत्री ने जांच के लिए भेजा, आयोग बोला-हमारे पास शिकायत नहीं; क्या JDU के भीतर क्लैश?

बयान-1 ‘अशोक चौधरी के असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से जुड़े कागजात विश्वविद्यालय आयोग को भेजे गए हैं। प्रमाण पत्रों में कुछ कमियां थीं।’- सुनील कुमार, मंत्री शिक्षा विभाग बयान-2 ‘अशोक चौधरी से जुड़ी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। आयोग की ओर से चयन करने के बाद की सूची शिक्षा विभाग को भेजी गई। वह लौट कर नहीं आई है।- गिरिश कुमार चौधरी, अध्यक्ष विश्वविद्यालय सेवा आयोग बिहार के शिक्षा विभाग से जुड़े दो आला अधिकारियों का एक मंत्री पर दिए दो अलग-अलग बयान के बाद दो तरह के सवाल उठ रहे हैं? इस पूरे विवाद को समझने के लिए हमने बिहार के शिक्षा विभाग के मंत्री, विश्वविद्यालय चयन आयोग और एक्सपर्ट से मामले को समझा। दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरी में पढ़िए आखिर विवाद कहां से शुरू हुआ, क्यों हुआ और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है? पहले बात नियुक्ति और डिग्री पर विवाद की विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 2020 में 52 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली के लिए विज्ञापन निकाला था। 57 साल के मंत्री ने पॉलिटिकल साइंस विषय के लिए आवेदन भरा था। इस विषय के लिए 17 जून से 22 जून 2025 तक इंटरव्यू चला। रिजल्ट 24 जून 2025 को जारी हुआ। 280 पदों के लिए भर्ती होनी थी। 274 के लिए अभ्यर्थियों के नाम चुनकर सिफारिश की गई। SC वर्ग में 10वें स्थान पर अशोक चौधरी का नाम था। अनुभव प्रमाण पत्र की जांच पूरी नहीं होने के चलते बाकी अनारक्षित कैटेगरी के 2 अभ्यर्थियों को वेटिंग में रखा गया। बाद में आरोप लगे कि अशोक चौधरी के सर्टिफिकेट में कमियां हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से बच रहे हैं। 29 दिसंबर को जब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से अशोक चौधरी की नियुक्ति रोकने के संबंध में सवाल पूछा गया तो, उन्होंने कहा, ‘कुछ कमियां मिली हैं। हमने मामले को विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजा है। हर बात को गहराई से देख रहे हैं।’ अब आयोग के अध्यक्ष से समझिए पूरा मामला भास्कर ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग के चेयरमैन डॉ. गिरीश कुमार चौधरी से बात की। उन्होंने कहा, ‘हमने शिक्षा विभाग को सभी अभ्यर्थियों से जुड़े कागजात भेज दिए हैं। हमसे किसी ने अशोक चौधरी से जुड़ी शिकायत नहीं की है।’ गिरीश कुमार ने कहा, ‘शिकायत मिलने पर जांच कराते हैं। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होती है और उस अभ्यर्थी का चयन आयोग के स्तर से रद्द कर दिया जाता है। पॉलिटिकल साइंस विषय से जुड़े अभ्यर्थियों की लिस्ट नियम के अनुसार चयन कर शिक्षा विभाग को भेजी जा चुकी है।’ अब आगे क्या होगा? मामला शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय सेवा आयोग के बीच फंसा हुआ है। काफी किच-किच होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। अशोक चौधरी से जुड़े कागजात पूरे पाए जाएंगे और कोई गड़बड़ी नहीं मिलेगी तो नियुक्ति भी संभव है। चौधरी का नाम और पीएचडी दोनों सही अशोक चौधरी की नियुक्ति रोकने के पीछे दो तरह की बात कही जा रही है। पहला उनके दो नाम और दूसरा पीएचडी में गड़बड़ी। भास्कर ने दोनों मुद्दों की पड़ताल की। ये सच है कि अशोक चौधरी के दो नाम हैं, लेकिन सभी डॉक्यूमेंट पर यही लिखा हुआ है। भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक, अशोक चौधरी के पासपोर्ट में अशोक कुमार उर्फ अशोक चौधरी लिखा है। SDO के स्तर से जारी किए गए उनके जाति प्रमाण पत्र में भी उनका नाम अशोक कुमार उर्फ अशोक चौधरी लिखा है। इसके बाद हमने मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही से बात की। चौधरी इन्हीं के अंडर में पीएचडी की डिग्री ली है। इनकी पीएचडी का विषय था- ‘बिहार विधानसभा में दलित महिलाओं की भूमिका’। शाही ने कहा, ‘पीएचडी का विषय समाज में महिलाओं की भूमिका में बदलाव से जुड़ा है। यह साफ है कि पीएचडी से जुड़ा कोई मामला नहीं है।’ नियुक्ति से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया नियुक्ति से पहले विश्वविद्यालय सेवा आयोग की एक्सपर्ट कमेटी अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए कागजातों की जांच करती है। इसके बाद अभ्यर्थी को अंक दिए जाते हैं। इसके आधार पर अभ्यर्थी को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू के बाद आयोग अभ्यर्थी की नियुक्ति के लिए सिफारिश करता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद रिजल्ट में अशोक चौधरी का नाम था। ये था ऑफिशियल अब पॉलिटिकल विवाद समझिए… क्यों अशोक चौधरी की बहाली पर हुआ विवाद? 2 पॉइंट मामला केवल एकेडमिक तक सीमित नहीं है। सूत्रों की मानें तो अशोक चौधरी की बहाली को लेकर हो रहे विवाद में राजनीति भी है। इसे 2 पॉइंट में समझिए… अशोक चौधरी के मामले में हो रही छीछालेदर को जेडीयू की इंटरनल पॉलिटिक्स का हिस्सा भी माना जा रहा है। अशोक चौधरी का कद दलित नेता के रूप में उभरा है। उनकी एक बेटी शांभवी चौधरी लोकसभा सांसद हैं। दूसरी बेटी की शादी एक बड़े नेता के बेटे से होने की बात चल रही है। इस सब को देखते हुए सूत्र बता रहे हैं दूसरी बेटी की शादी के बाद अशोक चौधरी की धाक जेडीयू में और बढ़ सकती है। ऐसे में कइयों को दिक्कत हो सकती है। इसलिए दलित पॉलिटिक्स के चलते भी उनकी ज्वॉइनिंग में रोड़ा अटकाया जा रहा हो। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जेडीयू में अशोक चौधरी के बढ़ते कद के चलते कुछ नेताओं में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की इस बार की वैकेंसी में बाहरी की जगह बिहारी को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। पहले इंटरव्यू बोर्ड में ज्यादातर एक्सपर्ट बाहर के होते थे। इस बार कई एक्सपर्ट बिहार के थे। नतीजा बाहर के लोगों की भौंहे आयोग पर तनी हुई हैं। छोटी-छोटी गलतियों पर आलोचना हो रही है। ये लोग साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बहाली नीट एंड क्लीन नहीं है। जानकारी है कि एक बाहरी लॉबी इस काम में लगी है। क्या हैं जेडीयू की इंटरनल पॉलिटिक्स के मायने? जेडीयू में अशोक चौधरी की गिनती नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में होती है। कुछ दिनों से अशोक चौधरी के परिवार और नीतीश कुमार के बेटे निशांत के बीच करीबी ज्यादा दिख रही है। 28 दिसंबर को सीएम हाउस में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया था। उसमें अशोक चौधरी की बेटी और दामाद भी पहुंचे थे। निशांत के साथ तस्वीर सामने आई थी। यह सब एक तरफ और दूसरी तरफ इसकी चर्चा खूब है कि निशांत बिहार की राजनीति में कब एक्टिव होंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था, ‘पार्टी के लोग और समर्थक चाहते हैं कि निशांत पार्टी में आकर काम करें। यह फैसला उनको लेना है कि कब पार्टी में कामकाज शुरू करते हैं।’ अशोक चौधरी कह चुके हैं कि ‘जिस दिन नीतीश कुमार और निशांत चाहेंगे, उस दिन से निशांत पार्टी में एक्टिव हो जाएंगे।’ जेडीयू में ये खास नेता दलित वर्ग से आते हैं श्याम रजक: जेडीयू में श्याम रजक की पहचान बड़े दलित नेता के रूप में है। वह आरजेडी में जाकर वापस आए हैं। फुलवारीशरीफ विधानसभा से विधायक हैं। नई सरकार में मंत्री नहीं बनाए गए हैं। खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में श्याम रजक को शामिल किया जा सकता है। रजक कई बार मंत्री बने। सुनील कुमार: शिक्षा मंत्री और पूर्व आईपीएस सुनील कुमार पिछली नीतीश सरकार में भी शिक्षा मंत्री थे। एक दिन पहले सुनील कुमार को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस की तरफ से बेस्ट एजुकेशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया गया है। अशोक चौधरी: श्याम रजक जब जेडीयू छोड़कर आरजेडी में गए तब बतौर दलित नेता अशोक चौधरी का कद जेडीयू में बढ़ा। अब दोनों जेडीयू में हैं। अशोक चौधरी के पास अभी ग्रामीण कार्य विभाग है। नीतीश कुमार पर बेटी शांभवी के साथ मिलकर एक किताब लिख चुके हैं। डॉ. आलोक कुमार सुमन: गोपालगंज से लोकसभा सांसद हैं। 2019 और 2024 में भी उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता था। महेश्वर हजारी: समस्तीपुर के कल्याणपुर से जेडीयू के विधायक हैं। बिहार सरकार मंत्री रह चुके हैं। नई सरकार में मंत्री पद नहीं मिला है। रत्नेश सदा: सहरसा के सोनवर्षा से जेडीयू विधायक हैं। पहले मंत्री रह चुके हैं, लेकिन इस बार मंत्री पद नहीं मिला है। अशोक राम: लंबे समय तक कांग्रेस के नेता रहे। छह बार विधान सभा का चुनाव जीते। मंंत्री भी रहे। अगस्त 2025 में कांग्रेस छोड़ जेडीयू में शामिल हो गए। नीतीश कुमार ने दलित कार्ड खेलने के लिए अशोक राम के लिए जेडीयू का दरवाजा खोला था। इन्होंने दरभंगा के कुशेश्वर स्थान से अपने बेटे अतिरेक कुमार को जेडीयू का टिकट दिलवाया। वह चुनाव जीत गए हैं। राजद की मांग- मंत्री पद से इस्तीफा दें अशोक चौधरी राजद ने राजभवन को पत्र लिखा है। मांग की है कि अशोक चौधरी मंत्री पद से इस्तीफा दें। निष्पक्ष जांच के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है। आरजेडी ने मुख्य रूप से अशोक चौधरी के नाम और पीएचडी की डिग्री पर सवाल उठाया है। राज्यपाल को पत्र लिखने वाले आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. नवल किशोर यादव से भास्कर ने बात की। पूछा कि आपने अशोक चौधरी की पीएचडी डिग्री की जांच की मांग की है। क्या आधार है? नवल किशोर ने कहा, ‘मैंने नहीं देखा है कि उनके किस डॉक्यूमेंट में गड़बड़ी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कागजात में कमियां पाई गई हैं।’ अशोक चौधरी ने साधी चुप्पी, टाल दी प्रेस कॉन्फ्रेंस अशोक चौधरी ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। वह वोकल नेता रहे हैं। चुप बैठने वालों में उनकी गिनती नहीं होती। अशोक चौधरी मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन ऐसा नहीं किया। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, ‘मंत्री अशोक चौधरी जवाब दें कि उनकी डिग्री फर्जी नहीं है। पीएचडी पूर्णकालिक डिग्री है। अशोक चौधरी ने कब इसके लिए क्लास किया?’ पिता का सपना पूरा करना चाहते हैं अशोक चौधरी अशोक चौधरी पॉलिटिक्स में काफी समय से एक्टिव हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि वह बिहार सरकार के मंत्री रहने के बाद भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर क्यों बहाल होना चाहते हैं? यह मामला अशोक चौधरी के सेंटिमेंट से जुड़ा है। उनके करीबी बताते हैं कि अशोक चौधरी के पिता महावीर चौधरी पॉलिटिकल साइंस से एमए थे। पॉलिटिक्स की अनिश्चितता से वे वाकिफ थे। उन्होंने बेटे से कहा था कि प्रोफेसर की नौकरी के लिए प्रयास करें। असिस्टेंट प्रोफेसर बनना अशोक चौधरी के लिए पिता का सपना पूरा करने जैसा है। नोट- भास्कर रिपोर्ट ने अशोक चौधरी को फोन किया। जवाब मिला कि एक दिन बाद उनसे बात हो सकती है। उनका पक्ष आने पर अपडेट किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 5:29 am

बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान देना होगा

भास्कर न्यूज | जेवरतला रोड महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में शपथ ली। नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। कक्षा 11वीं वाणिज्य की छात्राएं पल्लवी, पायल, साधना, देविका, दिव्या, हिमानी, ललिता, लीलम एवं निधि ने संदेशपरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रभारी प्राचार्य टीएल देवांगन ने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल कराना है तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ व्याख्याता रेशमी साहू ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रतिबंध के बावजूद प्रतिवर्ष लाखों बच्चों का बाल विवाह हो रहा है। जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आते हैं। इसे समाप्त करने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। व्याख्याता पवन सिन्हा एवं हेपशीबा एंथोनी ने कहा कि देश और प्रदेश की उन्नति के लिए बाल विवाह को जड़ से समाप्त करना होगा, जिसके लिए गांव, पंचायत, कस्बों के साथ-साथ धर्मगुरुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग आवश्यक है। व्याख्याता अजय पाठक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश से बाल विवाह को पूर्णतः समाप्त करना है। इस अवसर पर शिक्षक भागवत साहू, महेश रावटे, रवि देवांगन सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 4:00 am

विधानसभा अध्यक्ष महाना ने शिवराज सिंह को दी श्रद्धांजलि:हरदोई में शिक्षाविद की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित

हरदोई में मल्लावां-बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष कुमार सिंह 'आशु' के पिता, शिक्षाविद एवं लोकतंत्र सेनानी स्व. शिवराज सिंह की सातवीं पुण्यतिथि मनाई गई। शुक्रवार को दिव्य आलोक सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. आलोक सिंह 'नीलू' की पुण्य स्मृति भी की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने स्व. शिवराज सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने संबोधन में विधायक आशीष सिंह 'आशु' को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी किया। दिव्य आलोक सेवा फाउंडेशन ने इस पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान कई सेवा कार्य भी किए। इनमें निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सब्जी बीज वितरण और दिव्यांगों के लिए ट्राई साइकिल वितरण शामिल थे। उपस्थित अतिथियों ने फाउंडेशन द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने जनहित में किए जा रहे इन कार्यों की सराहना की। विधायक आशीष कुमार सिंह 'आशु' ने मल्लावां पहुंचने पर दिनेश जी और सतीश महाना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता द्वारा दिखाए गए सेवा के मार्ग पर चलना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध वर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 11:22 pm

फलोदी में शिक्षा को लेकर जिला कलेक्टर की बैठक:साप्ताहिक टेस्ट और औचक निरीक्षण करना होगा, रिपोर्ट देने के निर्देश

फलोदी में जिला कलक्टर श्वेता चौहान की अध्यक्षता में आज जिला निष्पादन समिति की बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली। स्कूली शिक्षा को लेकर दिए निर्देशकलेक्टर ने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षाओं की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए प्रति सप्ताह अनिवार्य रूप से टेस्ट आयोजित करने और उनकी कमियों को दूर करने पर जोर दिया। साप्ताहिक टेस्ट की रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कार्यालय को भेजने के भी आदेश दिए गए। बैठक में विशेष रूप से विज्ञान और गणित विषयों में कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य इन विषयों में छात्रों के प्रदर्शन में सुधार लाना है। जिला कलक्टर ने राजकीय विद्यालयों में विद्युत और पेयजल कनेक्शन की स्थिति, आवश्यक मरम्मत कार्य और शौचालयों की वस्तुस्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को शीतकालीन अवकाश के बाद अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का आदेश दिया। स्कूलों को देनी होगी रिपोर्टनिरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की दर्ज संख्या, उपस्थिति, शिक्षकों की पदस्थापना और उनके द्वारा पढ़ाए जा रहे विषयों की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। कलक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे विद्यार्थियों को रुचिकर ढंग से पढ़ाएं, नियमित होमवर्क दें, अभ्यास करवाएं, यूनिट टेस्ट लें और कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर विशेष ध्यान दें। इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सोहन राम विश्नोई सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 7:07 pm

नोहर: चकराजासर में बाल संस्कार केंद्र का आगाज, अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे घुमंतु परिवारों के नौनिहाल

नोहर की ग्राम पंचायत चकराजासर में घुमंतु बच्चों के लिए बाल संस्कार केंद्र का शुभारंभ किया गया। निवर्तमान चेयरमैन बलबीर सुथार ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया। जानिए कैसे यह केंद्र गाडिया लोहार परिवारों के नौनिहालों के जीवन में बदलाव लाएगा और कौन-कौन इस ऐतिहासिक पहल का साक्षी बना।

प्रातःकाल 2 Jan 2026 6:40 pm

हरियाणा शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन हो:यमुनानगर में पूर्व शिक्षा मंत्री ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र, विचार करने की मांग

हरियाणा में लंबे अंतराल के बाद शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने हरियाणा टीचर्स ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2025 पर पुनर्विचार करने और आवश्यक संशोधन की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को पत्र लिखकर नीति के एक प्रावधान पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कंवरपाल गुर्जर ने पत्र में लिखा कि नई नीति के अनुसार, किसी ब्लॉक में लगातार 15 वर्ष सेवा पूरी कर चुके या करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। इससे कई शैक्षणिक ब्लॉकों खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के निकटवर्ती इलाकों में शिक्षकों का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। 35 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद खाली पूर्व मंत्री ने विशेष रूप से छछरौली, सढौरा, नारायणगढ़ और कालका जैसे पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्रों का जिक्र किया। इन इलाकों में शिक्षक अक्सर ट्रांसफर के बहाने चले जाते हैं, लेकिन बदले में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती। गुर्जर ने अपने कार्यकाल (शिक्षा मंत्री के रूप में) का हवाला देते हुए बताया कि 2004, 2007 और 2011 बैच के शिक्षकों को उन्होंने जिला आवंटन कर दिया था। इसके बाद सभी अपने-अपने जिलों में चले गए। लेकिन जब दोबारा ट्रांसफर का समय आया, तो देरी के कारण वे खाली पदों पर नहीं लौट सके। नतीजा? आज छछरौली क्षेत्र के स्कूलों में 35 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद खाली पड़े हैं। पहाड़ी क्षेत्र के स्कूल होंगे प्रभावित नई पॉलिसी से यह संख्या और बढ़ जाएगी। पहाड़ी क्षेत्रों के स्कूल सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, जहां पहले से ही शिक्षकों की कमी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि छछरौली विकास के लिहाज से ब्लॉक तो बन गया, लेकिन शिक्षा ब्लॉक अभी तक नहीं बना। ऐसे में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पॉलिसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए संशोधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि 15 साल की शर्त पर शिक्षा मत्री को पुनर्विचार करना चाहिए। गुर्जर ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि मंत्री इस पर गंभीरता से विचार करेंगे और छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 5:44 pm

जयपुर: वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश पाठक बने अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सामाजिक न्याय संगठन के शिक्षा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जयपुर: अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सामाजिक न्याय संगठन ने वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी ब्रजेश पाठक को शिक्षा प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। 20 वर्षों का अनुभव रखने वाले पाठक अब देशभर के वंचित और जरूरतमंद बच्चों को स्कॉलरशिप और उच्च शिक्षा दिलाने के अभियान का नेतृत्व करेंगे। डॉ. नीरज सिंह और चमन कंवर ने इस नियुक्ति को शिक्षा क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

प्रातःकाल 2 Jan 2026 4:56 pm

बेसिक शिक्षा की समायोजन सूची ने मचाया हंगामा:पहली बार उठ रहे गंभीर सवाल; बिना काउंसिलिंग के ही बना गई लिस्ट

शिक्षकों का समायोजन करना बेसिक शिक्षा विभाग में कठिन रहा है। फिरभी अब तक जो भी समायोजन हुए हैं, उनको लेकर बहुत सवाल नहीं उठाए जा सके थे। लेकिन इस बार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में जो सूची जारी की गई है, वह गंभीर सवालों से घिरी है। इस सूची के जारी होने के बाद से ही हंगामा मचा है। शिक्षक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं और कई शिक्षकों ने लिखित रूप से अपना विरोध जताया है। सबसे बड़ी कमी यह है कि इस सूची में नियमों की एकरूपता ही नजर नहीं आती। एक ही जिले में अलग-अलग नियम नजर आ रहे हैं। पहले जहां सार्वजनिक रूप से काउंसिलिंग के जरिए सूची को अंतिम रूप दिया जाता था, वहीं इस बार बंद कमरे में सूची तैयार कर सीधे सार्वजनिक कर दी गई। इस सूची को जब शिक्षकों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। इस सूची में प्रभावशाली शिक्षकों को बचाने का जतन भी नजर आता है। फिलहाल शिक्षक संगठन इसको लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। पहले जानिए किस तरह की कमियां नजर आ रही हैंअलग-अलग ब्लाकों में अलग-अलग नियम नजर आ रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक जिस विद्यालय पर 150 छात्र से कम होंगे, वहां प्रधानाध्यापक का पद नहीं होगा। यानी यहां से यदि किसी सीनियर शिक्षक को समायोजित करना होगा तो वह प्रधानाध्यापक का कार्यभार देख रहा शिक्षक ही होगा। लेकिन भटहट ब्लाक में 150 से कम शिक्षक संख्या वाले स्कूल पर सबसे वरिष्ठ शिक्षक को छोड़ दिया गया और ब्रह्मपुर ब्लाक में सबसे वरिष्ठ यानी प्रधानाध्यापक का कार्यभार देख रही महिला शिक्षक को गैर ब्लाक में समायोजित कर दिया गया।एक महिला शिक्षक ने जिले के कैंपियरगंज ब्लाक में 2013 में ज्वाइन किया था लेकिन जब सूची आयी तो उसे 2009 में ज्वाइन दिखाकर सबसे वरिष्ठ बताकर समायोजित कर दिया गया। जबकि 2009 में उसकी ज्वाइनिंग महराजगंज जिले में थी और 2013 में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के जरिए वह गोरखपुर आयी थीं। यानी इस जिले में उनकी ज्वाइनिंग 2013 से मानी जानी चाहिए। इसी विद्यालय पर उनसे सीनियर शिक्षक हैं और उनको बचा लिया गया। एक ब्लाक में छात्रों की संख्या के अनुपात में कई शिक्षक सरप्लस हैं लेकिन वहां के शिक्षकों को इस समायोजन से बाहर रखा गया है। किसी विद्यालय पर कुल 4 अध्यापक हैं तो वहांसरप्लस की सूची में 6 अध्यापक दिखा दिए और दो अध्यापकों को समायोजन में डाल दिया गया। यह भी आरोप लग रहे हैं कि पिछले एक सप्ताह में कुछ विद्यालयों की छात्र संख्या बदल दी गई, जिससे वहां कुछ शिक्षक बच सकें। किसी विद्यालय पर एक अध्यापक को सरप्लस दिखाया लेकिन समायोजन दो लोगों का कर दिया। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि वरिष्ठता सूची का निराकरा किए बिना ही समायोजन कर दिया गया। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग नियम है। किसी जिले ने वरिष्ठ शिक्षकों को समायोजित किया है तो कहीं जूनियर शिक्षकों को उनके विद्यालयों से हटाया गया है। बंद व एकल विद्यालय पर पहले नहीं तैनात हुए शिक्षकजुलाई 2025 में गैर जनपद से जो शिक्षक आए थे उन्हें बंद व एकल विद्यालयों पर समायोजित नहीं किया गया। इस समायोजन के पीछे बंद व एकल विद्यालयों पर शिक्षकों की संख्या बढ़ाने का तर्क दिया जा रहा है। शहर से सटे ब्लाकों के शिक्षकों को दूरस्थ ब्लाकों में भेजा गया है। कोर्ट जाने की तैयारी में शिक्षकइस समायोजन नीति के विरोध में कई शिक्षक कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वे कई तरह की कमियां उजागर कर रहे हैं। बीएसए कार्यालय पर भी शिक्षक नेताओं का जमावड़ा लगा है। वे नियमों मे एक रूपता व इस सूची को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 1:51 pm

योगी ने 3 महिला IAS को राजस्व की जिम्मेदारी दी:शिक्षा और स्वास्थ्य भी संभालेंगी; यूपी में 21 सीनियर अफसरों का ट्रांसफर

यूपी की योगी सरकार ने देर रात 8 महिला अफसरों समेत 21 IAS का ट्रांसफर किया है। इनमें ज्यादातर प्रमोशन आए अफसर हैं, जिन्हें नई तैनाती मिली है। सचिव से प्रमुख सचिव बनने वाले दो और विशेष सचिव से सचिव बने कुछ अफसरों को भी नई तैनाती दी गई है। इसके अलावा, 3 महिला IAS अफसरों को राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी महिला अफसरों को सौंपा गया है। साथ ही निर्वाचन, वित्त, राजस्व, नगर विकास, चिकित्सा शिक्षा और महिला कल्याण जैसे विभागों के अफसरों में भी फेरबदल किया गया है। अपर्णा यू को प्रमुख सचिव राजस्व, एसवीएस रंगाराव को प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय राष्ट्रीय एकीकरण तथा सामान्य प्रशासन बनाया है। इसके अलावा अखंड प्रताप सिंह विशेष सचिव निर्वाचन से उसी विभाग में सचिव बनाए गए हैं। नेहा शर्मा को प्रभारी महानिरीक्षक निबंधक से महानिरीक्षक निबंधक की जिम्मेदारी दी गई। डॉ. सारिका मोहन को सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा बनाया गया है। पूरी लिस्ट देखिए- महिला अफसरों को मिली प्राइम पोस्टिंग IAS ट्रांसफर सूची में महिला अफसरों को प्राइम पोस्टिंग दी गई है। अर्पणा यू को राजस्व विभाग का प्रमुख सचिव, सुधा वर्मा को राजस्व विभाग का सचिव, मोनिका रानी को स्कूल शिक्षा महानिदेशक, सारिका मोहन को चिकित्सा शिक्षा विभाग का महानिदेशक, नेहा शर्मा को महानिदेशक निबंधन, डॉ. वंदना शर्मा को निदेशक महिला कल्याण विभाग और संदीप कौर को वित्त विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है। राजस्व विभाग की कमान महिला अफसरों के हाथ राजस्व विभाग की कमान अब पूरी तरह महिला अफसरों के हाथ रहेगी। राजस्व परिषद की रजिस्ट्रार कंचन वर्मा हैं। अब अपर्णा यू और सुधा वर्मा की तैनाती से विभाग की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथ आ गई है। योगेश कुमार को लंबे समय बाद मिली अच्छी पोस्टिंग IAS योगेश कुमार को लंबे समय बाद अच्छी पोस्टिंग मिली है। उन्हें सहकारिता विभाग का निबंधक और आयुक्त बनाया गया है। 2017 के बाद से योगेश कुमार मनरेगा, ग्राम्य विकास विभाग, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा और गृह विभाग में विशेष सचिव पद पर तैनात रहे। उन्हें केवल बांदा और अमेठी में ही जिलाधिकारी बनने का मौका मिला। नवीन कुमार को हटाया ट्रांसफर सूची में जीएस नवीन कुमार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सचिव पद से हटाकर राजस्व परिषद में सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे साइड-लाइन वाली पोस्टिंग माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, किसी परियोजना को लेकर उनकी विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिल गर्ग से नहीं बन रही थी। अनिल गर्ग और विभागीय मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सिफारिश पर उन्हें हटाया गया है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए यूपी में बूंदाबांदी, 4 दिन भयंकर ठंड पड़ेगी:30 जिलों में कोहरा, इटावा में ट्रक टकराए, ड्राइवर जलकर कंकाल हुआ उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। शिमला, मनाली और नैनीताल जैसे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा सर्दी पड़ रही है। इस बीच नए साल पर पश्चिमी यूपी में मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में हुई बूंदाबांदी ने ठिठुरन बढ़ा दी। प्रदेश में सीजन में पहली बार रात के वक्त न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरी खबर पढ़िए

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 9:57 am

शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शैक्षिक सुधार के लिए दिए सुझाव

बालोतरा | राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षा मंत्री मदनलाल दिलावर से शिष्टाचार भेंट की। संगठन के बालोतरा जिलाध्यक्ष लाखसिंह डूंगरोत ने बताया कि आज प्रदेश अध्यक्ष के साथ शिक्षा मंत्री मदनलाल से भेंट कर प्रदेश में शिक्षा और शिक्षकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इनमें शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश में शिक्षक संघों को मान्यता देने के विषय पर संगठन का मत रखते हुए बताया कि शिक्षा विभाग राजस्थान में लगभग 5 लाख शिक्षक पद स्वीकृत है जो कि राजस्थान सरकार के कुल कार्मिकों का 55% है। शिक्षकों की विभिन्न समस्या रखने के लिए उचित मंच प्रदान किया जाना चाहिए। केरल, तमिलनाडु, गुजरात आदि राज्यों में सर्वाधिक सदस्य संख्या वाले शिक्षक संघ को मंच प्रदान करते हुए शिक्षा विभाग से मान्यता प्रदान की है। इसी प्रकार राजस्थान में भी शिक्षा विभाग में मान्यता देने के लिए शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए गिरदावरी से मान्यता प्रदान की जावें। शिक्षक कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाएं, ताकि शिक्षक कल्याण की योजनाएं एवं सुझाव राज्य सरकार को समय-समय पर प्रेषित कर सके। सभी शिक्षक संवर्गों की पदोन्नति शीघ्र करते हुए आगामी 2 माह में पदोन्नति पश्चात पदस्थापन किए जाएं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न किया जा रहा है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के समान मापदंड रखते हुए अंग्रेजी माध्यम महात्मा गांधी स्कूल एवं हिंदी माध्यम के स्कूलों में पदों को स्वीकृत किया जाएं। वरिष्ठ व्याख्याता केडर (संवर्ग) नहीं बनाने, टीएसपी क्षेत्र से नॉन टीएसपी क्षेत्र व नॉन टीएसपी क्षेत्र से टीएसपी क्षेत्र में शिक्षकों को उनके गृह जिलों में पदस्थापित किया जाएं। समसा में प्रतिनियुक्ति से संबंधित जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर के साक्षात्कार एक साथ जनवरी माह में पूर्ण करवा कर पदस्थापन आदेश जारी किए जाएं।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 5:04 am

मुख्यमंत्री हेमंत ने शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को दी मंजूरी:इंटर कॉलेजों में सीटें बढ़ेंगी; 50 हजार छात्रों को राहत, अब सभी स्टूडेंट्स करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

वित्त रहित और सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में नामांकन को लेकर फंसे करीब 50 हजार छात्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीट वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। स्कूली शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगा। इसके बाद वर्ष 2025-27 सत्र के लिए निर्धारित सीटों से अधिक नामांकन लेने वाले इंटर कॉलेजों में छात्रों का रजिस्ट्रेशन संभव हो सकेगा। राज्य के वित्त रहित इंटर कॉलेजों में विज्ञान और कला दोनों संकायों की सीटें बढ़ाई जाएंगी। संभावना जताई जा रही है कि विज्ञान की तुलना में कला संकाय में अधिक सीटें बढ़ेंगी। 2025-27 सत्र में करीब 40 वित्त रहित इंटर कॉलेजों ने निर्धारित सीमा से अधिक नामांकन लिया था। नियमानुसार प्रति संकाय 128 सीटों पर नामांकन होना था, लेकिन कई कॉलेजों में तीन से पांच गुना तक एडमिशन ले लिया गया। इन संस्थानों ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से अनुमति मिलने की उम्मीद में नामांकन किया था। हालांकि, 18 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद जैक ने अब तक अनुमति नहीं दी थी। इससे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया था। अब सीट बढ़ने के बाद रजिस्ट्रेशन का रास्ता साफ हो जाएगा। जैक अध्यक्ष नटवा हांसदा ने बताया कि शिक्षा विभाग को छात्रों से जुड़ी पूरी रिपोर्ट भेजी गई थी और सीट बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। 40 संस्थानों में सीटों से ज्यादा नामांकन राज्य के 40 से अधिक वित्त रहित इंटर कॉलेजों ने 2025-27 सत्र के लिए निर्धारित सीटों से अधिक नामांकन लिया था। इससे करीब 50 हजार छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए। कई संस्थानों में इसे लेकर हंगामे की स्थिति भी बनी। राज्य में कुल 195 स्वीकृत इंटर कॉलेज हैं, जबकि 50 से अधिक स्थापना अनुमति प्राप्त संस्थान हैं। इनमें से करीब 40 कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन नहीं होने से छात्रों की परेशानी बढ़ी थी। डीईओ ने पहले ही भेज दी थी जांच रिपोर्ट विभिन्न जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) ने सितंबर-अक्टूबर में ही इन कॉलेजों की भौतिक जांच कर रिपोर्ट जैक को सौंप दी थी। जैक ने डीईओ से यह जांच कराई थी कि संबंधित संस्थानों में आधारभूत संरचना और पढ़ाई की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 4:00 am

यूपी संस्कृत शिक्षा बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल जारी:19 फरवरी से होगा शुरू होंगे एग्जाम, 56 हजार स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं का 19 फरवरी से आयोजन होगा। 28 फरवरी तक चलने वाली परीक्षा में 56 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसके लिए परिषद की ओर से केंद्र निर्धारण किया जा रहा है। लगभग 250 परीक्षा केंद्र प्रदेश भर में बनाए जाएंगे। परिषद के अनुसार परीक्षा में प्रदेश भर के 1102 संस्कृत विद्यालयों के छात्र शामिल होंगे। इसमें कक्षा 10 (पूर्व मध्यमा द्वितीय) के 21906, कक्षा 11 (उत्तर मध्यमा प्रथम) के 19751, कक्षा 12वीं (उत्तर मध्यमा द्वितीय) के 14145 और डिप्लोमा के 556 कुल 56358 छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक और दूसरी पाली में दो से 5.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। परिषद की ओर से जारी किया गया शेड्यूल परिषद के सचिव शिवलाल ने बताया कि 19 फरवरी को अनिवार्य संस्कृत का पेपर होगा। इस दिन परीक्षा में सर्वाधिक छात्र शामिल होंगे। परीक्षा कार्यक्रम विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। साथ ही सभी विद्यालयों को भेजकर इसके लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय में बनेगा कंट्रोल रूम उन्होंने बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी परीक्षा की पार्क रोड स्थित मुख्यालय से वेब कास्टिंग की जाएगी। इसके लिए मुख्यालय पर कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV होना अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्र में डबल लॉक अलमारी में पेपर-कॉपी रखवाए जाएंगे। वहीं कड़ी सुरक्षा में पेपर निकालकर वितरित किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर बिजली और इंटरनेट की निर्बाध व्यवस्था होगी।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 8:22 pm

ABVP ने जरुरतमंद के बीच किया गर्म कपड़ों का वितरण:छात्र-छात्राओं के बीच बांटे गए पाठ्य सामग्री, शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना था उद्देश्य

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बेगूसराय इकाई द्वारा आज जरूरतमंदों के बीच गर्म वस्त्र एवं पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य था ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय लोगों को राहत पहुंचाना। कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना रहा। जिसमें कार्यकर्ताओं ने बता दिया कि विद्यार्थी परिषद अपने मूल मंत्र सेवा, समर्पण और संस्कार के साथ निरंतर समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग उपस्थित थे। जिन्हें स्वेटर, कंबल सहित अन्य गर्म कपड़े प्रदान किए गए। कॉपी, किताब, पेन-पेंसिल भी छात्रों के बीच बांटी गई इसके साथ ही बच्चों एवं छात्रों को कॉपी, किताब, पेन-पेंसिल जैसी आवश्यक पाठ्य सामग्री भी वितरित की गई। जिससे कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहे। ठंड के मौसम में गर्म वस्त्र पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर संतोष और खुशी देखने को मिली। वहीं, पढ़ने का सामान पाकर बच्चे काफी खुश दिखे। इस अवसर पर जिला मीडिया संयोजक अमन कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल छात्र राजनीति तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए कार्य करने वाला राष्ट्रवादी छात्र संगठन है। परिषद का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और सेवा पहुंचाना है, जिससे एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण हो सके। नगर मंत्री बोले- एबीवीपी का हर कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है नगर मंत्री अजित कुमार ने कहा कि एबीवीपी का हर कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है। ठंड के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता करना मानवीय कर्तव्य है और परिषद भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर करती रहेगी। नगर सह मंत्री सिद्धार्थ कुमार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सेवा भाव और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। SFS प्रमुख छोटू कुमार ने कहा कि शिक्षा के बिना समाज की प्रगति संभव नहीं है। पाठ्य सामग्री का वितरण उन बच्चों के लिए सहायक होगा, जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। नगर सोशल मीडिया संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि समाज सेवा के कार्यों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे प्रेरणा लेकर सहयोग के लिए आगे आएं। 'युवा शक्ति जब संगठित होकर सेवा कार्य करती है' SFD प्रमुख आशीष सत्यम ने कहा कि युवा शक्ति जब संगठित होकर सेवा कार्य करती है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। जीडी कॉलेज इकाई के उपाध्यक्ष सौरभ कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद कॉलेज स्तर पर भी छात्रों को समाज सेवा से जोड़ने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में अमित कुमार, प्रेम कुमार, सचिन कुमार, गोविंद कुमार एवं सन्नी उपस्थित थे। सभी वितरण कार्य में सक्रिय सहयोग किया और अनुशासित एवं सेवा भाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी बेगूसराय इकाई के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता, शिक्षा के प्रसार और समाजहित से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। जिससे सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना को एवं अधिक मजबूत किया जा सके।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 7:55 pm

शिक्षा, सड़क और रेल से 2026 में बदलेगा अरवल:650 करोड़ से लगभग 14KM लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को मिली मंजूरी

साल 2025 का अंतिम दिन अरवल के लिए नई उम्मीदों और बड़े सपनों का संदेश लेकर आया है। लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहे अरवल के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। शिक्षा, सड़क, रेल, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी कई बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कई योजनाएं जमीन पर उतरने को तैयार हैं। इन फैसलों से न सिर्फ जिले की बुनियादी संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। करपी प्रखंड के झिकटिया गांव में केंद्रीय स्कूल के स्थायी भवन निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। तत्कालीन जिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद भेजे गए प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक स्कूल भवन के साथ प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वार्टर, खेल का मैदान और छात्रावास की सुविधा होगी। इसके निर्माण से अरवल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी और पढ़ाई के लिए बाहर पलायन की मजबूरी कम होगी। 650 करोड़ का ग्रीनफील्ड बाईपास, जाम से मिलेगी राहत अरवल शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने 650 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 14 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को मंजूरी दी है। यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर बनेगा, जो पटना को औरंगाबाद होते हुए झारखंड से जोड़ता है। बाईपास के निर्माण के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही बाहर से गुजर सकेंगे। इससे जाम, प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अरवल–बिहार शरीफ फोर लेन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी वर्ष 2026 अरवल के लिए बेहद अहम साबित होगा। अरवल–बिहार शरीफ फोर लेन सड़क परियोजना के तहत जिले में तीन नए बाईपास प्रस्तावित हैं। जलपुरा मोड़ पर 2.20 किमी, इमामगंज में 3.30 किमी और किंजर में 3.15 किमी लंबे बाईपास बनाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए 665.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। सांसद सुरेंद्र यादव, जिला प्रशासन और तत्कालीन डीएम कुमार गौरव की सक्रिय भूमिका से यह योजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। इसके पूरा होने से पटना, बिहार शरीफ और गया की दूरी कम होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और जिले में व्यापार व निवेश के नए अवसर खुलेंगे। 2026 बनेगा विकास का मील का पत्थर शिक्षा और सड़क के साथ रेल व अन्य आधारभूत सुविधाओं में प्रस्तावित विस्तार से अरवल की तस्वीर आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। 2026 को जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि अरवल के विकास का मील का पत्थर मान रहे हैं, जो जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 6:59 pm

लोक शिक्षा केंद्र पहाड़ा में मासिक बैठक:खड़क निर्माण मजदूर संगठन और क्लस्टर ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय

नयागांव उपखंड के लोक शिक्षा केंद्र पहाड़ा में गुरुवार को खड़क निर्माण मजदूर संगठन खैरवाड़ा एवं क्लस्टर पहाड़ा की मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 7 ग्राम पंचायतों की महिला पदाधिकारियों सहित कुल 98 महिला-पुरुष उपस्थित रहे। बैठक में आम सहमति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने, वरिष्ठ नागरिक दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने और सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा शामिल थी। यह भी तय किया गया कि अधिक से अधिक जरूरतमंद पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा और सभी पेंशन योजनाओं से जुड़े पुरुष-महिलाओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। मार्च महीने में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई। इसके अतिरिक्त, आत्मा कार्यक्रम के तहत खेती से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा हुई और पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य करने का संकल्प लिया गया। राजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चित करने और महिला सुरक्षा सखी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। तालुका विधिक सेवा समिति खैरवाड़ा के पीएलवी चंदूलाल मेघवाल ने उपस्थित महिलाओं को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी। उन्होंने घरेलू महिला हिंसा रोकथाम अधिनियम, न्याय आपके द्वार अभियान, शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया, पीड़ित प्रतिकर स्कीम और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और संवाद योजना पर विस्तार से बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता खड़क निर्माण मजदूर संगठन खैरवाड़ा पहाड़ा क्लस्टर के संरक्षक नानालाल पटेल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पीएलवी चंदूलाल मेघवाल उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों में नंद लाल गर्ग, शीला पटेल, रमिला देवी मेघवाल, बैंक बीसी रीना गरासिया और अरावली लोक समिति फेडरेशन नयागांव ब्लॉक सदस्य चंपा लाल बोडात शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में नंद लाल गर्ग ने सभी का आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 6:16 pm

पाली में पटेल समाज का चतुर्थ राष्ट्रीय युवा संस्कार शिविर:महंत दयाराम ने कहा-शिक्षा युक्त और नशामुक्त युवा ही समाज की नींव

पाली जिले के रोहट क्षेत्र के शिकारपुरा स्थित तीर्थ श्रीराजाराम आश्रम परिसर में चतुर्थ राष्ट्रीय युवा संस्कार शिविर एवं तीन दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। संत राजारामजी युवा जागृति मंच शिकारपुरा के देख-रेख में आयोजित इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय युवा संस्कार शिविर का उद्घाटन गादीपति महंत दयाराम महाराज की मौजूदगी में हुआ। मंच के प्रदेशाध्यक्ष भरत पटेल की अध्यक्षता में राजेश्वर भगवान की प्रतिमा के सामने दीपक जलाया गया। युवाओं का संस्कारयुक्त होना जरूरी महंत दयाराम महाराज ने संत राजाराम महाराज की जीवनी, उपदेशों एवं प्रसंगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-समाज के सर्वांगीण विकास के लिए युवाओं का शिक्षायुक्त, नशामुक्त एवं संस्कारयुक्त होना जरूरी है। संतों की तरह युवाओं के भाव निर्मल और आचरण सुसंस्कारित होने चाहिएं। जागरूक युवा समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मलीन गादीपतियों की जीवनी पर भी प्रकाश डाला। बौद्धिक सत्रों में मिला विशेषज्ञ मार्गदर्शन शिविर के दौरान आयोजित दो बौद्धिक सत्रों में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने युवाओं को मार्गदर्शन किया। कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के निदेशक डॉ. प्रदीप पगारिया ने कृषि नवाचार, आधुनिक खेती एवं जैविक फसलों की जानकारी दी। विकास अधिकारी हीराराम कलबी ने पंचायती राज व्यवस्था तथा वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी भेराराम कंलबी ने कंलबी (पटेल) समाज के इतिहास, समाज में व्याप्त कुरीतियों, टूटते परिवारों को बचाने के उपाय एवं आदर्श परिवार की स्थापना पर अपने विचार रखे। वॉलीबॉल प्रतियोगिता में दिखा जोश शिकारपुरा में आयोजित तीन दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में जोधपुर, बालोतरा, जालोर, सिरोही, सांचौर एवं पाली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों की टीमों ने भाग लिया। यहां खेले गए मुकाबलों में युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक संदेश चतुर्थ राष्ट्रीय युवा संस्कार शिविर में कलबी पटेल समाज के एक हजार से अधिक युवा पारंपरिक मारवाड़ी वेशभूषा-धोती, कुर्ता एवं चुनरी साफे में शामिल हुए। युवाओं ने पारंपरिक परिधान के माध्यम से संस्कारों एवं सांस्कृतिक गौरव का संदेश समाज को दिया। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में संत सांवलाराम महाराज, कानाराम महाराज, प्रदेशाध्यक्ष भरत पटेल, सवाराम चौधरी, शिविर संयोजक रुगनाथराम चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल, उकाराम चौधरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष भंवराराम सर, संगठन मंत्री प्रकाश चौधरी, महादेवाराम पथमेड़ा, प्रदेश मंत्री डॉ. नरसीराम चौधरी, पोलाराम नारनाड़ी, करनाराम पटेल मौजूद रहे। साथ ही जिला अध्यक्ष श्रवण पटेल, सांचौर जिलाध्यक्ष पुखराज, जालोर अध्यक्ष रामाराम आकवा, बाड़मेर जिलाध्यक्ष आसूराम चौधरी, पाली जिलाध्यक्ष प्रेम पटेल दूदली, बालोतरा जिलाध्यक्ष गणपत चौधरी, सिरोही जिलाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट खीमाराम पटेल, प्रचार मंत्री पुखराज दयालपुरा, पूर्व जिलाध्यक्ष विमलेश चौधरी, भंवरलाल, अर्जुन चौधरी भी शामिल रहे। साथ ही भगाराम सवाईपुरा, हरीश चौधरी जुडाल, तिलोक चौधरी, भीमाराम डुंगरपुर, गोपाराम बजाज, भूराराम मुकनपुरा सहित विभिन्न जिलों, तहसीलों व ग्राम इकाइयों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चौधरी ने किया।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 5:42 pm

मधुबनी में शिक्षकों की शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा:शिक्षा विभाग 3 जनवरी से 7 जनवरी तक लगाएगा कैंप

मधुबनी जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक विशेष कैंप का आयोजन किया है। इस कैंप में शिक्षा विभाग के तहत संचालित विभिन्न संभागों से संबंधित जिले के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। यह पहल विभिन्न अपीलीय प्राधिकारों के समक्ष दायर परिवादों, लोक शिकायतों और सेवा शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से की गई है। यह कैंप मधुबनी के शिक्षा भवन में 3 जनवरी, 2026 से 7 जनवरी, 2026 तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक शिकायतों का निपटारा किया जाएगा।कैंप में अनुमंडलवार शिकायतें सुनी जाएंगी। जयनगर अनुमंडल क्षेत्र के लिए 3 जनवरी, 2026 को, बेनीपट्टी अनुमंडल क्षेत्र के लिए 4 जनवरी, 2026 को, फुलपरास अनुमंडल क्षेत्र के लिए 5 जनवरी, 2026 को, झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्र के लिए 6 जनवरी, 2026 को और मधुबनी सदर अनुमंडल क्षेत्र के लिए 7 जनवरी, 2026 को शिकायतें निपटाने का दिन निर्धारित किया गया है। मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का ही निराकरण किया जाएगा सभी संबंधित शिक्षक और एक्स्ट्रा करिकुलर कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला, प्रमंडल या राज्य स्तरीय प्राधिकार के समक्ष दायर अपनी शिकायत से संबंधित पावती की प्रति और आवश्यक साक्ष्य के साथ उपस्थित रहें। इस कैंप में केवल शिक्षा विभाग के शिक्षक और एक्स्ट्रा करिकुलर कर्मियों की सेवा, वेतन, छुट्‌टी और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का ही निराकरण किया जाएगा। शिकायतों के समाधान के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध लंबित शिकायतों के समाधान के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा।ऑन-स्पॉट निराकरण के लिए निर्धारित समय सारणी के अनुसार, शिक्षा विभाग के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को अपने संभागीय कर्मियों के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 5:11 pm

शाहजहांपुर में शिक्षामित्र की बेटी ने की आत्महत्या:परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में थे, मौसा ने पुलिस को दी सूचना

शाहजहांपुर में एक शिक्षामित्र की 18 वर्षीय बेटी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतका की पहचान बबिता के रूप में हुई है। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जा रहे थे, तभी मृतका के मौसा ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। यह घटना थाना कांट क्षेत्र के मरैया फर्स्ट मोहल्ले में बुधवार दोपहर हुई। शिक्षामित्र सुखबीर सिंह की बेटी बबिता का शव मकान की ऊपरी मंजिल पर फांसी से लटका मिला। उसकी छोटी बहन ने उसे देखकर परिजनों को सूचना दी। सुखबीर सिंह की पहली पत्नी सविता का निधन करीब 20 साल पहले हो गया था, जिनसे बबिता सहित तीन बच्चे हैं। उन्होंने बाद में वसुधा से दूसरी शादी की, जिनसे उनके तीन और बच्चे हैं। बबिता के पिता शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच, बबिता की सगी मां के भाई (मौसा) को उसकी मौत की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया और आरोप लगाया कि बबिता ने अपनी सौतेली मां की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या की है। बबिता के पिता सुखबीर सिंह ने सौतेली मां पर लगे प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को बबिता ने ही खाना बनाया था और परिवार के सभी सदस्यों को खिलाया था, जिसमें वह खुद भी शामिल थे। खाना खाने के बाद वह खेत पर चले गए थे, और इसी दौरान बबिता ने फांसी लगा ली। उन्होंने यह भी बताया कि वे बबिता के लिए रिश्ता भी देख रहे थे। कांट थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बबिता की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 2:25 pm

शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नतियों सहित 9 सूत्रीय मांगों का सीएम को ज्ञापन, शिक्षा मंत्री को भी पत्र

शारीरिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश महामंत्री डॉ. भेरू सिंह राठौड़ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को मेल के माध्यम से 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शारीरिक शिक्षा कैडर से जुड़ी लंबित पदोन्नतियों, भर्ती, पदस्थापन और खेल गतिविधियों से संबंधित कई अहम मांगें रखी गईं। संघ ने मांग की कि शारीरिक शिक्षा कैडर में समय पर पदोन्नति की जाए तथा 50 प्रतिशत पद बढ़ाकर पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही शारीरिक शिक्षक भर्ती 2022 में चयनित शिक्षकों का तत्काल स्थायीकरण एवं वेतन नियमितीकरण करने की मांग की गई। ज्ञापन में हाल ही में पदोन्नत व्याख्याता शारीरिक शिक्षा एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी (शा. शिक्षा) की काउंसलिंग कर पदस्थापन शीघ्र कराने पर भी जोर दिया गया। दो या अधिक फैकल्टी वाले विद्यालयों में एक व्याख्याता शारीरिक शिक्षा तथा एक तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक का पद स्वीकृत करने की मांग रखी गई। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के बाद दूसरा पद शारीरिक शिक्षक का स्वीकृत करने और छात्र संख्या की बाध्यता समाप्त करने, नवगठित जिलों में उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा के पद स्वीकृत करने तथा प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में भी ऐसे पद सृजित करने की मांग शामिल है। राठौड़ ने बताया कि संगठन ने पूर्व में भी सरकार से कई बार इन मामलों में पत्र लिखा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

दैनिक भास्कर 1 Jan 2026 4:00 am

कबाड़ी को किताब बेचने के मामले में होगी कार्रवाई:मोहनलालगंज खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे, प्रधानाध्यापक पर गिरेगी गाज

लखनऊ के मोहनलालगंज के नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल से कबाड़ी को किताबें बेचने के मामले में आज कार्रवाई हो सकती है। प्रधानाध्यापक के अलावा कार्रवाई की जद में कुछ शिक्षक भी आ सकते हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ये कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले मंगलवार को वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से जांच के आदेश दिए गए थे। बुधवार सुबह इस मामले की जांच करने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नेवाजखेड़ा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से विस्तार से घटनाक्रम के बारे में जाना। कई लोगों से अलग-अलग बात करने बाद फिर कबाड़ी से मिलकर उसका भी पक्ष लिया गया। वीडियो वायरल में दिखी थी नए सत्र की नई किताबें वायरल वीडियो में कबाड़ी स्कूल के भीतर से किताबें लेकर बाहर निकलते हुए दिख रहा है। स्कूल के बाहर मौजूद गांव के कुछ बच्चों ने कबाड़ी को रोका और बोरी खोली। जिसमें कक्षा एक से पांचवी के बच्चों को पढ़ाई जाने वाली किताबें थी। वीडियो में एक बाइक सवार पास खड़ा है। पास में खड़े गांव के कुछ लड़के कबाड़ी से पूछ रहे हैं कि बोरी में क्या किताबें हैं? एक लड़के ने ठेले के पास जाकर बोरी खोलने पर उसमें रखी किताबें दिखाई दे रही हैं। ठेलिया पर करीब छह बोरी में किताबें और अन्य समाग्री रखी हुई दिख रही है। जिसका वजन करीब दो क्विंटल बताया जा रहा है। पास में खड़े एक लड़के ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। ग्रामीणों से मिलकर तैयार की रिपोर्ट मोहनलालगंज BEO सुशील कनौजिया ने बताया कि बुधवार को मैं खुद जांच के लिए स्कूल पहुंचा था। यहां मेरे जाने के बाद कई ग्रामीण जुटे थे। मौके पर सभी ने इस बात की तस्दीक करते हुए बताया कि खुद प्रधानाध्यापक शिक्षक के साथ आए थे। और उनकी मौजूदगी में किताबें बेचीं गई है। इसके अलावा मैंने कबाड़ी से भी बात की है। उसने भी ये बताया कि रेट फाइनल करके पहले किताब बेची गई और फिर बाद में ये कह कर वापस ले गए कि इसका वीडियो वायरल हो गया है। ऐसे में प्रकरण पूरा साफ नजर आ रहा है। मैं बुधवार शाम तक जांच रिपोर्ट पूरी करके उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दूंगा। आगे की कार्रवाई उनके द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मोहनलालगंज खंड शिक्षाधिकारी को इस प्रकरण की जांच के आदेश दिये हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पर जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक कुछ कहना ठीक नहीं है। BEO ने प्रधानाध्यापक से मांगा जवाब मोहनलालगंज बीइओ सुशील कनौजिया ने बीएसए के निर्देश के बाद नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीईओ ने प्रधानाध्यापक से कबाड़ी को बेची गई किताब किस वर्ष की हैं, इसकी जानकारी मांगी है। साथ ही अन्य सामाग्री की भी डिटेल जानकारी मांगी गई है। 20% बच्चों के पास किताबें नहीं नगर व ग्रामीण इलाकों के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 20% बच्चों के पास पाठ्यक्रम की सभी किताबें नहीं हैं। जुलाई व अगस्त में शिक्षकों ने किताबों की डिमांड बीईओ को भेजी थी। अभी तक नहीं पहुंची हैं। वहीं इस प्राइमरी स्कूल में ज्यादा किताबें होने पर प्रधानाध्यापक ने दूसरे स्कूलों के जिन बच्चों के पास किताबें नहीं। उन्हें देने के बजाए बेच दी हैं।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 3:32 pm

पंजाब में सर्दी के कारण बढ़ी छुट्टियां:अब 8 जनवरी को खुलेंगे स्कूल,शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने किया ऐलान

पंजाब में बढ़ रहे सर्दी के प्रकोप के कारण अब सभी स्कूलों में छुट्टियां बढ़ गई है। अब सभी प्राइवेट और सरकारी, एडिड और मान्यता प्राप्त स्कूल 8 जनवरी को खुलेंगे। यह ऐलान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने X पर लिखा है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा निर्देश पर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोहरे को देखते हुए बच्चों और स्टाफ की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी, एडिड, मान्यता प्राप्त और प्राइवेट स्कूल में 7 जनवरी तक छुट्टियां की जा रही है। 8 जनवरी को पहले की तरह स्कूल खुलेंगे। 19 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल, 35 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्सपंजाब में इस समय 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूल है। इनमें 35 लाख से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ाई का रहे है। मौसम विभाग पहले ही साफ कर चुका है, 1 जनवरी के बाद ठंड बढ़ेगी। ऐसे में विभाग किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है। शिक्षा विभाग की तरफ से जो अपना एनुअल एकेडमिक कैलेंडर बनाया गया है। उसमें भी इन छुटिट्यों को भी शामिल किया है। इसके अलावा मंथली वाइस जो सिलेबस बांटा गया है। उसे भी इसी आधार पर बांटा गया है, ताकि स्कूलों में पढ़ाई नियमित चलती रहे। यदि कोई प्राइवेट स्कूल सरकारी निर्देशों की पालना नहीं करता तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन भी सरकार लेगी।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 2:19 pm

भिवानी में शुरू हुई बच्चों के लिए रोड स्केटिंग:शिक्षा बोर्ड परिसर में अभ्यास की अनुमति मिली; रोलर स्केटिंग के साथ खेलेंगे हॉकी

भिवानी में लंबे अंतराल के बाद बच्चों की स्केटिंग गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में छोटे-छोटे बच्चे रोड स्केटिंग करते नजर आ रहे हैं। स्केटिंग जैसी एक्टिविटी से बच्चे न केवल मोबाइल की लत से दूर रहेंगे, बल्कि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी। खास बात यह है कि रोड स्केटिंग में भिवानी की मात्र 3 साल की बच्ची भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। शिक्षा बोर्ड परिसर में मिली नई जगह कई वर्षों से भिवानी में स्केटिंग के लिए कोई उपयुक्त स्थान नहीं था, जिसके कारण बच्चे इस खेल से दूर हो गए थे। अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अपने परिसर में स्केटिंग के लिए जगह उपलब्ध कराई है। इससे बच्चों को अभ्यास का अवसर मिला है और वे रोड स्केटिंग के माध्यम से प्रदेश और देश स्तर पर भिवानी का नाम रोशन करने की तैयारी में हैं। बच्चों में उत्साह, खेल के प्रति बढ़ी रुचि शिक्षा बोर्ड परिसर में स्केटिंग करते बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। प्रशिक्षकों का कहना है कि स्केटिंग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके संतुलन और एकाग्रता को भी मजबूत करती है। ठाकुर विक्रम सिंह बोले – बच्चे करेंगे भिवानी का नाम रोशन भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि अब भिवानी के बच्चे रोड स्केटिंग में भी अपनी पहचान बनाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले बच्चों के पास अभ्यास के लिए जगह नहीं थी, जिसके कारण वे इस खेल में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा स्थान उपलब्ध कराए जाने के बाद छोटे-छोटे बच्चे स्केटिंग के माध्यम से भिवानी का नाम प्रदेश और देशभर में रोशन करेंगे। हॉकी को भी मिलेगा बढ़ावा ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि रोड स्केटिंग जैसी गतिविधियां न केवल बच्चों को खेलों की ओर प्रेरित करेंगी, बल्कि इससे हॉकी जैसे अन्य खेलों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भिवानी के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 11:40 am

साय कैबिनेट की बैठक आज:कमिश्नरी–धर्मांतरण संशोधन बिल पर कैबिनेट ले सकती है फैसला, स्वास्थ्य-शिक्षा और कर्मचारियों के मुद्दों पर होगी चर्चा

छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट की बैठक आज 31 दिसंबर को होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगी। वहीं, कई विभागों से प्रस्ताव मंगाए गए हैं।साय कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा कमिश्नरी, धर्मांतरण संशोधन विधेयक और जमीन रजिस्ट्री से जुड़े मामलों पर भी कैबिनेट में आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव समय पर तैयार कर सचिवालय को उपलब्ध कराएं। इस साल का यह आखिरी कैबिनेट बैठक बताया जा रहा है कि यह बैठक कई मायनों में अहम रहने वाली है। क्योंकि साल के आखिरी दिन होने के कारण सरकार 2026 की शुरुआत से पहले कई लंबित मुद्दों पर फैसला ले सकती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बैठक में नई योजनाओं की रूपरेखा, लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, प्रशासनिक सुधार, कर्मचारियों से जुड़े प्रस्ताव और आगामी वित्तीय वर्ष की तैयारियों को लेकर चर्चा की जा सकती है। रोजगार और विकास से जुड़े निर्णय संभव इसके अलावा सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों पर भी कैबिनेट का रुख साफ हो सकता है। रोजगार, उद्योग, ग्रामीण विकास और नगरीय निकायों से जुड़े मामलों पर सरकार ठोस कदम उठा सकती है।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 7:16 am

जयपुर के राजकुमार को ‘शिक्षा श्री’ पुरस्कार से किया सम्मानित

जयपुर | जयपुर के राजकुमार वर्मा को “शिक्षा श्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बीकानेर के लोहिया कॉलेज में पीएचडी कर रहे वर्मा को यह सम्मान कर्नल सोफिया कुरैशी के भारतीय सेना में योगदान विषय पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने के लिए मिला। पुरस्कार कुलगुरु बी.एल. मोहता लर्निंग इंस्टीट्यूट, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की ओर से दिया गया। वर्मा ने इस रिसर्च को देश को समर्पित बताया।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 4:30 am

आयकर विभाग का करदाता जागरूकता, शिक्षा कार्यक्रम

अमृतसर| आयकर विभाग की ओर से मंगलवार को करदाता जागरूकता एवं शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गैर-लाभकारी संस्थाओं, ट्रस्टों, अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों को आयकर अधिनियम के तहत मिलने वाली कर छूटों, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अनुपालन से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न ट्रस्टों, सोसायटियों और एनजीओ के प्रतिनिधियों के अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं एडवोकेट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बार एसोसिएशन के सदस्य एसके महाजन ने अपने सहयोगियों के साथ देवेंद्र यादव, आयकर अधिकारी (छूट), अमृतसर का स्वागत किया और करदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए आयकर विभाग की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। उपस्थितजनों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और जानकारीपूर्ण बताया तथा स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक प्रभावशाली कदम करार दिया। इस मौके पर जयश्री शर्मा, अमनप्रीत कौर के अलावा देवेंद्र यादव, कमल चौधरी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 4:00 am

पांच प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का स्थानांतरण

रांची| झारखंड अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पांच प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का शुक्रवार को स्थानांतरण किया गया है। इस संबंध में निदेशक, शिक्षा मनोज कुमार के द्वारा आदेश जारी किया गया है। इनमें प्रभाकर कुमार को पटमदा, पूर्वी सिंहभूम से नामकुम, रांची और कल्पना तांती को नामकुम से अनगड़ा, रांची स्थानांतरित किया गया है। कल्पना सिल्ली की बीईईओ के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगी। गारू, लातेहार में पदस्थापित बीईईओ निर्मला लता को लातेहार के सरयू, बालूमाथ, चंदवा व बरियातू प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी तरह सीमा कुमारी को कैरो, लोहरदगा से स्थानांतरित कर ओरमांझी, रांची और तितुलाल मंडल को तिसरी, गिरिडीह से कोडरमा सदर में पदस्थापित किया गया है।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 4:00 am

शिक्षा ही सामाजिक न्याय का मजबूत माध्यम:राष्ट्रपति बोलीं- कार्तिक उरांव का यूनिवर्सिटी का सपना साकार होगा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को गुमला के रायडीह प्रखंड स्थित मांझाटोली में आयोजित अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम सह कार्तिक जतरा-2025 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने गुमला में विश्वविद्यालय निर्माण का सपना देखा था, जिसे साकार करने के लिए पिछले 15 वर्षों से प्रयास जारी हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री आज जनजातीय समाज से हैं। यदि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर प्रयास करे तो गुमला में विश्वविद्यालय का सपना अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत माध्यम है, और इसके बिना विकास अधूरा है। उन्होंने पंखराज कार्तिक उरांव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जनजातीय चेतना और पहचान को मजबूती दी। वे हमेशा अपनी मिट्टी से जुड़े रहे और समाज को दिशा देने का काम किया। राष्ट्रपति ने कहा कि जब वे झारखंड की राज्यपाल थीं, तब टाना भगतों की जमीन की रजिस्ट्री एक-एक रुपए में कराई गई थी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सभी को गांवों से जुड़ना होगा। मैं अपने गांव को गोद ले रही हूं, वह मेरी मां है। आर्थिक सहयोग न सही, लेकिन मार्गदर्शन तो दे ही सकते हैं। कार्तिक उरांव की विरासत पर सियासी दांव झामुमो : विरासत के सहारे भावनात्मक जुड़ाव की कोशिश झामुमो ने भी कार्तिक उरांव को प्रमुखता दी। सिरमटोली सरना स्थल के पास फ्लाइओवर निर्माण को लेकर उठे विरोध के दौरान यह मुद्दा और उभरा। झामुमो सरकार ने विरोध शांत करने के लिए फ्लाइओवर का नाम ‘कार्तिक उरांव सेतु’ रखने की घोषणा की। इसे आदिवासी भावनाओं को सम्मान देने का प्रयास बताया गया। कांग्रेस : आदिवासी नेतृत्व का चेहरा बनाकर पेश किया कार्तिक उरांव इंजीनियरिंग की नौ डिग्रियां रखने वाले देश के चुनिंदा लोगों में शामिल थे। गुमला में जन्मे कार्तिक को कांग्रेस ने लंबे समय तक आदिवासी समाज का मार्गदर्शक चेहरा बताया। वे तीन बार सांसद और केंद्रीय मंत्री बने। आदिवासी अधिकार, शिक्षा व सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनके योगदान को कांग्रेस लगातार रेखांकित करती रही। भाजपा : विचार और मांगों को आगे बढ़ाने की रणनीति अब भाजपा भी कार्तिक उरांव की विरासत को रणनीतिक रूप से आगे बढ़ाने में जुटी है।‘कार्तिक जतरा’ का आयोजन इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसमें धर्मांतरण, आरक्षण और आदिवासी पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई। साथ ही शक्ति निकेतन विश्वविद्यालय की मांग को भी केंद्र में रखा गया, जिसकी कल्पना कार्तिक उरांव ने की थी।

दैनिक भास्कर 31 Dec 2025 4:00 am

महेंद्रगढ़ विधायक ने शिक्षा मंत्री से की मुलाकात:उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मांगें रखीं, महिपाल ढांडा ने दिया भरोसा

महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने मंगलवार को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महेंद्रगढ़ क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। शिक्षा मंत्री ने विधायक को आश्वासन दिया कि सरकार शिक्षा के विकास को लेकर गंभीर है और उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। विधायक यादव ने बताया कि राजकीय महिला महाविद्यालय महेंद्रगढ़ और राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए, उन्होंने राजकीय महिला महाविद्यालय में एक नई साइंस बिल्डिंग और राजकीय महाविद्यालय में एक अकादमिक ब्लॉक के निर्माण की मांग की। मंत्री ने मांगों को पूरा करने का भरोसा विधायक के अनुसार, इन निर्माण कार्यों से महेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इससे उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और छात्र-छात्राओं का भविष्य और अधिक सशक्त होगा। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधायक कंवर सिंह यादव की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोहराया कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और विधायक द्वारा रखी गई मांगों को शीघ्र पूरा किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 30 Dec 2025 8:33 pm

उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की कौन सा देश है पहली पसंद, नीति आयोग ने जारी की रिपोर्ट

नीति आयोग की उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में कनाडा 4,27,000 भारतीय छात्रों के साथ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा गंतव्य रहा।

देशबन्धु 23 Dec 2025 4:19 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है 7000 युवा

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm