शहडोल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सोमवार को सरकारी कामकाज में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में निलंबन की कार्रवाई की है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने सोहागपुर के शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पटासी के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार गुप्ता को निलंबित किया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने नव आरक्षक नीलेश पटारिया (क्रमांक 247) को निलंबित किया है। स्कूल में कम उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर पर कार्रवाई ग्राम पंचायत पटासी में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और पढ़ाई का स्तर कम है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की उपस्थिति कम मिली। प्रशासन के अनुसार, पढ़ाई के स्तर में भी कमी पाई गई। निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रधानाध्यापक स्कूल के संचालन और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास नहीं कर रहे थे। इसके बाद कलेक्टर ने सौरभ कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गोहपारू निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। लगातार गैरहाजिरी पर नव आरक्षक निलंबित पुलिस विभाग के अनुसार, नव आरक्षक नीलेश पटारिया 19 दिसंबर 2025 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित थे। 18 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन शहडोल पहुंचने पर उनकी वर्दी और वेशभूषा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। विभाग के अनुसार, नीलेश पटारिया को बुनियादी प्रशिक्षण के लिए पुलिस ट्रेनिंग शाला, तिगरा, जिला ग्वालियर भेजा जाना था, लेकिन वे प्रशिक्षण में भी शामिल नहीं हुए और बिना सूचना के गैरहाजिर रहे। पुलिस के अनुसार, लगातार गैरहाजिरी और निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने की कार्रवाई पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 64(2) और (4) के तहत अनुशासनहीनता के दायरे में आती है। इसके बाद एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की।
बांग्लादेश आईसीटी ने शिक्षाविद जफर इकबाल समेत 8 के खिलाफ आरोपों को किया स्वीकार
ढाका, 21 सितंबर . बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े कथित मानवता-विरोधी अपराधों के मामले में प्रमुख शिक्षाविद मोहम्मद जफर इकबाल, ढाका विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एएसएम मकसूद कमाल और पूर्व Supreme Court न्यायाधीश एएचएम शम्सुद्दीन चौधरी माणिक समेत आठ लोगों के खिलाफ आरोपों को औपचारिक रूप से ... Read more
बेगूसराय में शिक्षा संवाद-सह-शिक्षक समागम, प्रशांत किशोर ने शिक्षा सुधार पर रखी बात
21 सितंबर, सोमवार: बेगूसराय में शिक्षा संवाद-सह-शिक्षक समागम में जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर पहुंचे। कार्यक्रम में शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा सुधार और शिक्षकों के वेतनमान से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
उमरिया के मानपुर विकासखंड के धमोखर स्थित सरकारी हाईस्कूल परिसर में जेसीबी से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल परिसर से सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकालकर एक रिसोर्ट में भेजी गई। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। बाउंड्रीवॉल और गेट होने के बावजूद मिट्टी निकाली स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल और गेट होने के बावजूद बड़े हिस्से से मिट्टी निकाली गई। स्कूल के गेट की चाबी स्कूल प्रबंधन के पास रहती है। हालांकि, मिट्टी कितनी मात्रा में निकाली गई और इसे किसकी अनुमति से निकाला गया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जनपद पंचायत के अधिकारियों ने जानकारी जुटाना शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मिट्टी निकालने की अनुमति किसने दी थी और इसमें नियमों का पालन हुआ या नहीं। जिला शिक्षा अधिकारी बोले- मामला राजस्व विभाग का उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र बरकड़े ने कहा कि यह मामला राजस्व विभाग से जुड़ा है। हालांकि, अगर स्कूल परिसर से मिट्टी निकाली गई है तो वे इसे दिखवाएंगे। मानपुर CEO ने सचिव से जानकारी लेने की बात कही मानपुर के सीईओ अंकित सिरोठिया ने बताया कि वे धमोखर के सचिव से बात कर जानकारी लेंगे। इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। खनिज अधिकारी विद्याकांत तिवारी ने बताया कि उत्खनन स्कूल परिसर में हुआ है। इसलिए वे पहले कलेक्टर को इसकी जानकारी देंगे। इसके बाद जांच कराई जाएगी।
PISA 2025 रिपोर्ट: वैश्विक शिक्षा में एशियाई छात्रों का दबदबा
PISA 2025 रिपोर्ट ने 15 वर्षीय छात्रों की शैक्षणिक क्षमताओं का वैश्विक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है। इस रिपोर्ट में गणित, विज्ञान, पढ़ाई और डिजिटल समस्या समाधान क्षमताओं का आकलन किया गया है। B-S-J-Z (चीन) ने गणित में सबसे अधिक स्कोर किया, जबकि अमेरिका का स्कोर OECD औसत के बराबर रहा। रिपोर्ट में शिक्षा प्रदर्शन में गिरावट और डिजिटल उपकरणों के प्रभाव पर भी चर्चा की गई है। यह रिपोर्ट शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रवृत्तियों को समझने में मदद करती है।
PISA 2025 Results: गणित में एशियाई देशों का दबदबा, अमेरिका का स्कोर 463; जानें दुनिया की शिक्षा का हाल
उन्नाव के शुक्लागंज में सविता महासभा की ओर से शुक्लागंज में परिवार मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सविता समाज की सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि रामचंद्र प्रधान ने समाज को उसकी आबादी के अनुरूप चार प्रतिशत भागीदारी दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार में सविता समाज को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रामचंद्र प्रधान ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के परिवारों को एक मंच पर लाना और बच्चों को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दौरान भाजपा नेता हिमांशु शर्मा नंदवंशी ने सविता महासभा की ओर से रामचंद्र प्रधान को ज्ञापन सौंपकर कानपुर महानगर में भारत रत्न एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर सड़क मार्ग का नामकरण किए जाने की मांग की। हिमांशु शर्मा ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सविता, सैन और नंदवंशी समाज के गौरव हैं। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर वर्ष 2020 में भी कानपुर महानगर में जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने वर्ष 2018 में लखनऊ के लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में आयोजित सविता समाज के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में प्रदेश के प्रत्येक जिले में जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा तथा एक प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर किए जाने की घोषणा का हवाला दिया गया। हिमांशु शर्मा ने कहा कि कानपुर जैसे औद्योगिक महानगर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा और सड़क मार्ग का नामकरण समाज के लिए गौरव का विषय होगा। रामचंद्र प्रधान ने इसे समाज के विकास से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मांग को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, रांची देश के सबसे अधिक आबादी वाले 100 जिलों में शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से वंचित (NEET) युवाओं की सबसे कम दर वाले जिलों में शामिल है। 15-29 आयु वर्ग के केवल 16.5% युवा NEET श्रेणी में हैं।
टीईटी और एसटीईटी पर भर्ती शिक्षकों के सत्यापित प्रमाणपत्र शिक्षा विभाग को देने होंगे
साल 2015 तक टीईटी और एसटीईटी पर नियुक्त शिक्षकों का सत्यापित प्रमाणपत्र शिक्षा विभाग को देना होगा। निगरानी की टीम ने इन शिक्षकों का प्रमाणपत्र जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से मांगा है।
परंपरा और सभ्यता को बचाने के साथ शिक्षा को बनाएं विकास का आधार: डीसी
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में है। इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना समय की जरूरत है। यह संदेश आदिवासी कर्मचारी समिति, लोहरदगा के तत्वावधान में न्यू नगर भवन में आयोजित करम पूर्व संध्या कार्यक्रम में प्रमुखता से सामने आया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना व कड़सा दीप प्रज्वलित कर की गई। मुख्य अतिथि उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की समृद्ध परंपराओं को केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित न रखते हुए नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से खूब पढ़ने-लिखने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही नशापान से दूर रहकर समाज और जिले के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि डीडीसी राज महेश्वरम ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाता आया है। करम पर्व भी प्रकृति, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा पर्व है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। सुषमा नीलम सोरेन, आईटीडीए के प्रतिनिधि, सेन्हा अंचल अधिकारी, पेशरार प्रखंड विकास पदाधिकारी और लोहरदगा अंचल अधिकारी सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। खोड़हा दल, बीएस कॉलेज छात्रावास, बीर बुद्ध लुरकुड़िया, मेरले, हरमू और फूलकुमारी ग्रुप के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। मौके पर समिति के सभा सदस्य किशोर उरांव, बिनोद कुमार उरांव, सुधीर उरांव, सुनील मिंज, बीफई उरांव, अंजू कुजूर, रेखा उरांव, प्रीति पल्लवी तिग्गा, बालेश्वर भगत, श्रीवास्तव भगत, लक्ष्मी नारायण भगत, जगरनाथ भगत और सत्यदेव भगत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में करम पर्व की सांस्कृतिक भावना के साथ समाज को शिक्षा, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।
Hathras News: नवभारत साक्षरता मिशन के तहत 5222 शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा
परीक्षा में कुल 5,222 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे
Lucknow News: शिक्षा के मौजूदा ढांचे पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
शिक्षा के मौजूदा ढांचे पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
Moradabad News: टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजन किया जाए
टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजन किया जाए
कन्या राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, करें ये उपाय
Virgo Daily Horoscope, 21 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, योजना बना कर काम को आगे बढ़ाएंगे, मन की परेशानियां दूर होंगी, रिश्ते मजबूत होंगे, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में तेजी आएगी.
घुमारवीं में शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे का हो रहा विस्तार : धर्माणी
घुमारवीं (बिलासपुर)। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल में घुमारवीं
Maharajganj News: विद्यालयों की एकजुटता से शिक्षा जगत को मिलेगा मजबूत आधार
The solidarity of schools will provide a strong foundation for the education sector.
शिक्षा व्यवस्था में एमसीक्यू, एआई और कोचिंग के बढ़ते दखल पर दिल्ली विश्वविद्यालय की शिक्षाविद् प्रो. अनीता रामपाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर ज्ञान अर्जित करते हैं। सबसे घातक एमसीक्यू प्रणाली है, जिसमें मूल्यांकन मशीन कर रही है। भविष्य के शिक्षक को मशीन नहीं बनने देना है। निशातगंज स्थित कैफी आजमी अकादमी सभागार, में रविवार को जन विचार मंच की ओर से विचारक अशोक गर्ग और केके चतुर्वेदी की स्मृति में ‘हमारी शिक्षा : हम सभी का भविष्य’ विषय पर संगोष्ठी हुई। भोपाल की नीना ने फैज की नज्म ‘हम देखेंगे’ से कार्यक्रम की शुरुआत की। नीट, पेपर लीक और कोचिंग पर उठाए सवाल प्रो. रामपाल ने नीट परीक्षा, पेपर लीक, एआई और कोचिंग उद्योग के बढ़ते दखल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बच्चे पढ़ना, लिखना और सोचना नहीं कर पा रहे हैं। वस्तुनिष्ठ सवाल सीमित होने चाहिए। विद्यार्थियों द्वारा परीक्षाओं के विरोध को उन्होंने उचित बताया। कहा कि ह्यूमन प्रोफेशनल्स को मशीन से रिप्लेस नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड के शिक्षा मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य की शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और दृष्टि विकसित करना जरूरी है। उनके मुताबिक स्वीडन ने डिजिटलाइजेशन कम कर पाठ्य पुस्तकों की ओर वापसी शुरू की है। शिक्षा व्यवस्था शीर्षासन की तरह पलट गई अध्यक्षीय वक्तव्य में लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा ने कहा कि शिक्षा में लंबे समय से गड़बड़ियां चली आ रही हैं। आज शिक्षा व्यवस्था शीर्षासन की तरह पूरी तरह पलट गई है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस रखने की भी आलोचना की। विज्ञान को पौराणिक संदर्भों से जोड़ना तर्कसंगत नहीं विषय प्रवर्तन करते हुए मानवशास्त्री प्रो. नदीम हसनैन ने कहा कि शिक्षा मानवता को आजाद करने और ताकत देने वाली होनी चाहिए। इसमें विद्यार्थी और शिक्षक सह-विवेचक की भूमिका में हों। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के चयन का तरीका बदला है और इसका असर प्राथमिक शिक्षा में भी दिखाई दे रहा है। विज्ञान को सीधे पौराणिक संदर्भों से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है।
गोंडा के जोतिया गांव में स्थापित भगवान गणेश का पंडाल इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवयुवक मित्र मंडल सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति की ओर से सजाए गए इस पंडाल में पूजा-अर्चना के साथ सामाजिक जागरूकता के संदेश भी दिए जा रहे हैं। रविवार शाम 7 बजे पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच गणपति बप्पा के हाथों में लगे पोस्टर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण संरक्षण की अपील की गई है। प्रतिमा के नीचे रखे गमले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘सांस हो रही कम, आओ पेड़ लगाएं हम’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर लगाए गए हैं। बच्चों ने खुद तैयार किए जागरूकता पोस्टर पंडाल के दोनों ओर रखे गमलों में सर्व शिक्षा अभियान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, मिशन शक्ति, जल संरक्षण और पर्यावरण स्वच्छता से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इन पोस्टरों को गांव के बच्चों ने खुद तैयार किया है। छात्रा गुंजन, आकांक्षा, पप्पी, प्रज्ञा, अनामिका और छात्र अंश, हर्षित, आयूष, अथर्व, अनुराग व आचार्य दीपक तिवारी ने मिलकर पोस्टर बनाए और उन्हें गमलों में लगाया। श्रद्धालु बच्चों की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। चौथे वर्ष आयोजित हो रहा गणेश महोत्सव नवयुवक मित्र मंडल हर साल जोतिया गांव में श्रीगणेश पूजन महोत्सव आयोजित करता है। इस वर्ष आयोजन का चौथा वर्ष है। पंडाल में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। समिति के मुताबिक, पंडाल में सजावट के लिए फूल मुंबई से मंगाए जाते हैं और महोत्सव का पूरा खर्च गांव के लोग मिलकर उठाते हैं। 11 दिवसीय आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पूजा के साथ जागरूकता का प्रयास समिति अध्यक्ष उमानाथ तिवारी ने बताया कि शिक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर सरकार लगातार जागरूकता अभियान चलाती है। इसी सोच के साथ गणेश पंडाल में सामाजिक सरोकारों से जुड़े पोस्टर लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों तक भी ये संदेश पहुंचें। उन्होंने बच्चों को पोस्टर बनाने के लिए प्रेरित किया। समिति के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन तक पंडाल के माध्यम से अलग-अलग सामाजिक संदेश दिए जाते रहेंगे।
लखनऊ, 20 सितम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके।ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है।75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरताउल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया।विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेशइस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई।चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षणपरीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीमप्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
गुरुग्राम जिले के जाटौली मंडी में स्थित एमएलए वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भविष्य को लेकर ग्रामीणों की चिंता फिर सामने आई है। रविवार को ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगदीश सिंह ने की। इस बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे विद्यालय को बंद होने से बचाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएंगे। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने बताया कि एक समय इस एमएलए विद्यालय में करीब 3 हजार छात्र पढ़ते थे। हालांकि, अब छात्रों की संख्या काफी कम हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकार से मिलने वाला अनुदान कई साल पहले बंद हो गया था। इससे विद्यालय के संचालन पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है, जिससे इसके भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। स्कूल भवन और परिसर की अनदेखी से ग्रामीण नाराज ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सितंबर 2019 में जाटौली मंडी में सरकारी विद्यालय की मांग को लेकर एक बड़ी पंचायत हुई थी। इसके बाद क्षेत्र में सरकारी विद्यालय की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों के अनुसार, एमएलए विद्यालय परिसर में ट्रस्ट के सदस्यों के साथ हुई बैठक में विद्यालय के संबंध में एक साल का समय मांगा गया था। हालांकि, इस बात को करीब पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन विद्यालय की इमारत और परिसर की देखरेख व संचालन के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए गए। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने विद्यालय के भविष्य को लेकर अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विद्यालय प्रबंधन, विधायक, सांसद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा। इसका मकसद विद्यालय के संरक्षण और संचालन के लिए ठोस कदम उठाना है। एसटीपी के पानी से विद्यालय परिसर प्रभावित होने का आरोप ग्रामीणों ने विद्यालय की जमीन और संपत्ति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए। इस संबंध में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अपनी बात रखी जाएगी। बैठक में एसटीपी के पानी से विद्यालय परिसर पर असर पड़ने का दावा भी किया गया। इसके अलावा, बिजली-पानी और क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। ग्राम सभा में एसटीपी से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि वे दूसरे गांवों का पानी एसटीपी में लाए जाने का विरोध करेंगे। उनका आरोप है कि एसटीपी से निकलने वाला पानी आसपास के क्षेत्र और पुराने कॉलेज परिसर को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कॉलेज परिसर में पानी जमा होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने एसटीपी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। इसके अलावा बिजली-पानी सहित क्षेत्र की अन्य मूलभूत समस्याओं पर भी चर्चा की गई। चेयरमैन प्रवीण ठाकरिया ने दिया सहयोग का भरोसा ग्राम सभा में नगर परिषद चेयरमैन प्रवीण ठाकरिया ने कहा कि वे गांव की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे उनके साथ खड़े हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जाटौली मंडी के शिक्षण संस्थानों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगदीश सिंह, पार्षद रवि चौहान, कृष्ण कुमार, मनोज कुमारी, मंगल सिंह, पूर्व कप्तान जनक चौहान, सतपाल चौहान, राय सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य युवा मोर्चा मास्टर सुरेंद्र चौहान, पूर्व कमांडर योगेश चौहान, भारत नंबरदार, सुभाष चौहान, गौरव शर्मा, हितेश चौहान, अनिल शर्मा, अजयपाल सिंह, हरीश चौहान, पार्थ सोनी, किशोर चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने प्रिंसिपल पदोन्नति में 50-50 के बजाय 95-5 अनुपात लागू करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से रिक्त प्रिंसिपल पदों को भरने, महंगाई भत्ता जारी करने और कंप्यूटर साइंस फीस हटाने का भी आग्रह किया।
कोटा में जहां शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव केंद्र में था, देहरादून में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था, प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों और रोजगार तथा पुणे में जोन-जी, लोकतंत्र और संविधान जैसे विषय प्रमुख रहे, वहीं इंदौर में इन मुद्दों का दायरा बढ़कर सीधे ‘सिस्टम’ तक पहुंच गया। यानी अभियान की दिशा छात्रों की समस्या से व्यवस्था पर सवाल की ओर बढ़ती दिखी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हो रहा है तो तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखना चाहिए। कार्यक्रम में तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और पहलों के परिणामस्वरूप ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में ड्रॉपआउट दर करीब 16% थी। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट करीब 2 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 38,658 करोड़ रुपए हो गया है। शिक्षा के साथ सुविधाओं पर भी जोर डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं? आज मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने प्रगति की है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अटल जी की सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। मुख्यमंत्री ने कहा… आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मेडिकल कॉलेजों में करीब 680 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 7 हजार से अधिक हो गई हैं। प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन भी बढ़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गई है। इसी तरह वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में करीब 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जो अब करीब 32 हजार मेगावाट हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं और 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती की गई है। सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यदि मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करनी चाहिए। मध्यप्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जनता के बीच भ्रम के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक संवाद होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षाविद संगोष्ठी का आयोजन
संगोष्ठी का मुख्य बिंदु: – भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कृति और संस्कार पर हुआ मंथन। – ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव […] The post राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षाविद संगोष्ठी का आयोजन first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .
मधेपुरा में कांग्रेस कमेटी ने रविवार को आलमनगर से संविधान बचाओ पदयात्रा शुरू की। सुबह 10 बजे प्रखंड कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई पदयात्रा का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नशामुक्ति, शिक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और किसानों की समस्याओं को मुद्दा बनाया। गांव-पंचायत तक पहुंचकर लोगों से संवाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ ने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। संवैधानिक अधिकारों और मूल्यों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जनता के बीच जाकर संवाद करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा के दौरान गांव और पंचायत स्तर पर लोगों से उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। नशे के कारोबार पर चिंता जताई सौरभ ने नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर सबसे ज्यादा युवाओं पर पड़ रहा है। इससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अवैध नशे के कारोबार और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल और दूसरे अवसर बढ़ाने की जरूरत है। नशामुक्त समाज के लिए परिवार, समाज, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षा और रोजगार का मुद्दा भी उठाया पदयात्रा के दौरान शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया गया। संतोष सौरभ ने कहा कि देश और समाज का भविष्य अच्छी शिक्षा पर निर्भर करता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद, भर्ती में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इन पर जवाब मांगा। महंगाई और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा सौरभ ने कहा कि महंगाई का असर गरीब, मजदूर, किसान, छोटे दुकानदार और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की बात कही। साथ ही भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की। अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों में जाएगी पदयात्रा कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पदयात्रा जिले के अलग-अलग प्रखंडों, पंचायतों और गांवों से होकर आगे बढ़ेगी। इस दौरान लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा और संबंधित मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा। पदयात्रा में संविधान की प्रस्तावना और न्याय, स्वतंत्रता, समानता व बंधुता जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। संतोष कुमार सौरभ ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण जनसंवाद, अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
नवादा शहर के बुद्ध रीजेंसी में गणपति महोत्सव के मौके पर वैवाहिक परिचय सम्मेलन हुआ। इसमें बिहार सरकार के मंत्री, विधान पार्षद और समाज के कई बड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गणपति पूजन के साथ हुई। हलवाई समाज की सामाजिक एकजुटता और हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी पर खास चर्चा की गई। इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था वीरेंद्र कुमार ने संभाली। संगठन को मजबूत और बड़ा बनाने पर बात महिला वैश्य महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. ऋचा योगमयी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि समाज को जागरूक करना इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी के बारे में जागरूकता जरूरी है। राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए संगठन खास कार्यक्रम भी चला रहा है। साथ ही संगठन को मजबूत और बड़ा बनाने पर भी बात हुई। निचले पायदान पर खड़े लोगों पर ध्यान देने की जरुरत प्रदेश महासचिव मुकुल मोहन ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद समाज को जागरूक करने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक कामों से जोड़ना है। युवाओं को एकजुट होकर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी पक्की करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के विकास पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है। गरीब परिवारों की मदद और उनके विकास को लेकर भी कार्यक्रम में बातचीत हुई। जदयू के प्रदेश सचिव कन्हैया प्रसाद ने कहा कि समाज को एकजुट होकर अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। शिक्षा और राजनीतिक समेत सभी क्षेत्रों में समाज के लोगों को आगे आकर अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। इस सम्मेलन में 38 जिलों से लोग पहुंचे और अपने विचार रखे। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से कार्यक्रम सफल रहा।
हम अतिथि विद्वान हैं... बस कुछ दिन के मेहमान हैं। लाखों डॉक्टर, इंजीनियर हमने बनाए... आज हम ही फटे हाल में हैं। गिटार की धुन पर अतिथि शिक्षकों का यह गाना रविवार को भोपाल के नीलम पार्क में गूंज रहा है। नियमितीकरण और फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग को लेकर पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठे अतिथि शिक्षक अब गाने के जरिए अपनी मांग और नौकरी की अनिश्चितता बता रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद अतिथि शिक्षक नीलम पार्क में धरने पर बैठे हैं। रविवार दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा भी धरना स्थल पर पहुंचे और अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की। शिक्षक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने की मांग पर अड़े हैं। पहले मंत्री के बंगले के बाहर दिया धरना इससे पहले मंगलवार को सैकड़ों अतिथि शिक्षक उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। वे नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की समय-सीमा तय करने और फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग कर रहे थे। मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि शिक्षकों के 4 प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया था। बातचीत बेनतीजा रही। मंत्री ने फॉलन आउट की प्रक्रिया बंद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बंगले के बाहर डटे अतिथि शिक्षकों को हटाकर नीलम पार्क भेज दिया। शिवराज का काफिला रोककर याद दिलाया था आश्वासन बुधवार सुबह करीब 200 अतिथि शिक्षकों ने वहां से गुजर रहे केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक लिया था। महिलाओं और शिक्षकों ने शिवराज को 11 सितंबर 2023 की महापंचायत का आश्वासन याद दिलाया था। इसमें उन्होंने फॉलन आउट न होने देने की बात कही थी। अतिथि शिक्षकों ने कहा था, सर, सरकार तो आपकी ही है। कल 12 बजे से महिलाएं यहां बैठी हैं, रातभर खुले में पड़े रहे। मंत्री जी अंदर ही हैं, लेकिन पानी तक नहीं दिया जा रहा। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, एक मुख्यमंत्री की घोषणा दूसरे मुख्यमंत्री को पूरी करनी चाहिए। मैं आपकी बात (सीएम तक) पहुंचाऊंगा, प्रयत्न करता हूं। बातचीत के दौरान कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे तो शिवराज ने वीडियो बनाने से मना कर दिया। दो प्रमुख मांगों पर अड़े अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगें हैं— अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री ने हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति बनाने का आश्वासन दिया था। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर उज्जैन पहुंची अतिथि शिक्षकों की बहनों ने सीएम को राखी भी बांधी थी। उस दौरान भी प्रक्रिया रोकने की बात कही गई थी। अतिथि शिक्षकों के मुताबिक अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनी है। क्या है फॉलन आउट प्रक्रिया सरकारी कॉलेजों में नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर वहां पहले से पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त हो जाती है। इसी प्रक्रिया को फॉलन आउट कहा जाता है। वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षक इसी व्यवस्था के विरोध में धरने पर हैं।
रविवार की सुबह बॉम्बे हॉस्पिटल के बाहर का नजारा सामान्य अलग था। हाथों में रनिंग बिब, चेहरे पर उत्साह और म्यूजिक की धुन पर थिरकते कदमों के साथ हजारों लोग एक खास उद्देश्य के लिए जुटे। इंपैक्ट बियॉन्ड बॉर्डर्स फाउंडेशन की ओर से आयोजित स्पेक्टा रन फॉर ह्यूमैनिटी-10 में शहरवासियों ने फिटनेस के साथ सामाजिक सरोकार का संदेश दिया। बॉम्बे हॉस्पिटल से शुरू हुई इस रन में युवाओं के साथ परिवार, बच्चे और बुजुर्ग भी उत्साह से शामिल हुए। रन शुरू होने से पहले प्रतिभागियों ने सामूहिक जुम्बा किया। संगीत की धुन पर प्रतिभागियों ने जमकर उत्साह दिखाया और इसके बाद अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ शुरू हुई। आयोजन में 3, 5 और 10 किलोमीटर की रन रखी गई थी। 3 किलोमीटर की फन रन में बड़ी संख्या में परिवारों और नए रनर्स ने हिस्सा लिया, जबकि 5 और 10 किलोमीटर की टाइम्ड रन में प्रतिभागियों ने अपनी रफ्तार और फिटनेस का प्रदर्शन किया। फिटनेस के साथ बच्चों की शिक्षा का संदेश रन फॉर ह्यूमैनिटी के 10वें संस्करण में प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि फिटनेस के लिए उठाया गया कदम किसी जरूरतमंद बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाने में भी योगदान दे सकता है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मुहिम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना रहा। रन के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागी पूरे परिवार के साथ पहुंचे तो युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ पूरी करने के बाद विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। रन को अतिथियों ने फ्लैग ऑफ किया। इसके बाद प्रतिभागी निर्धारित मार्गों पर दौड़ते हुए आगे बढ़े। आयोजन में इंपैक्ट बियॉन्ड बॉर्डर्स फाउंडेशन से जुड़े बच्चों ने भी फन रन में हिस्सा लिया। उनकी भागीदारी ने आयोजन के सामाजिक उद्देश्य को और खास बना दिया और उन्होंने अपनी मौजूदगी से प्रतिभागियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। ‘एक उद्देश्य के लिए हजारों लोगों का साथ आना उपलब्धि’ आयोजक अंकित जैन ने कहा- सुबह से ही लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों का एक उद्देश्य के लिए एक साथ आना इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। डॉ. वृजेश शाह ने कहा- जुम्बा से लेकर रन के अंतिम पड़ाव तक प्रतिभागियों में ऊर्जा बनी रही। फिटनेस के साथ सामाजिक उद्देश्य को जोड़ना इस आयोजन की खासियत रही। बॉम्बे हॉस्पिटल के अभिषेक चौधरी ने कहा कि हजारों लोगों की भागीदारी ने दिखाया कि शहर के लोग सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश यूईएम के वाइस चांसलर डॉ. बिस्वजॉय चटर्जी ने कहा- यूईएम के स्टूडेंट्स और फैकल्टी की भागीदारी से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश गया। जेके मसाले की ओर से विकाश जैन ने कहा- बच्चों की शिक्षा के लिए होने वाली इस पहल में सहयोग करना समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक माध्यम है। वन साइंस न्यूट्रीशन की ओर से अनिकेत, पवन और दीपांशु ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक सरोकार को एक मंच पर लाने से लोगों को फिटनेस के साथ समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। आयोजक अप्लव सक्सेना ने कहा- इस बार भी लोगों ने जिस तरह उत्साह दिखाया, उससे रन फॉर ह्यूमैनिटी के सामाजिक उद्देश्य को मजबूती मिली है। 3 किलोमीटर की फन रन के जरिए परिवारों और नए रनर्स को भी आयोजन से जोड़ने की कोशिश की गई। इवेंट हेड डॉ. भार्गवी ने कहा- 5 और 10 किलोमीटर की टाइम्ड रन में प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी सहित अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ब्रांड एम्बेसडर विष्णु टांक ने कहा- सुबह एक साथ दौड़ते हुए लोगों को देखकर यह महसूस हुआ कि फिटनेस के साथ किसी बच्चे के भविष्य के लिए योगदान देने का विचार भी लोगों को जोड़ रहा है। ऐसी पहल समाज में सकारात्मक भागीदारी की भावना को मजबूत करती हैं।
हरियाणा में फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती, 28 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इन पदों पर नौकरी के इच्छुक एवं योग्य...
‘800 दिन बचे हैं...’ जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव से कहा- अब शिक्षा पर काम कीजिए
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सस्ती शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से काम करने की अपील की। उन्होंने हर जिले में छात्रों और अभिभावकों के कार्यक्रम की घोषणा की।
राहुल गांधी के इंदौर में हुए कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर विवाद हो गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को X पर पोस्ट में लिखा- कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… रेस्ट इन पीस। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- राहुल और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। छात्र संवाद का इस्तेमाल PM मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए करना बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी दिखाता है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने BJP और RSS पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं, जो सवाल पूछ रहे हैं और जवाबदेही मांग रहे हैं। राहुल ने छात्रों से शिक्षा-रोजगार जैसे मुद्दों पर बात की राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें एडिशन में हिस्सा लिया। इसका विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। यह कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी हो चुका है। इंदौर में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण रुकी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया। एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर खुद और अन्य लोगों पर कार्रवाई होने की बात कही। आदिवासी छात्रों ने हॉस्टल और दूसरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठा, जिस पर राहुल ने उनके आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। राहुल ने कहा कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, कोई एहसान या सुविधा नहीं। कार्यक्रम में कॉमेडियन ने राहुल के साथ PM मोदी की नकल की कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते हाव-भाव और संवाद किए। राहुल गांधी भी उनके साथ हंसते नजर आए। राहुल ने पुलकित से कहा- हाउ आर यू मोदी जी। नाइस टू मीट यू। और बताइए थोड़ा। पुलकित ने इस दौरान कई डायलॉग्स बोले, जिन्हें प्रधानमंत्री की नकल के तौर पर देखा गया। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस के X हैंडल पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। राहुल बोले- सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है राहुल ने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं और संस्थानों के कामकाज, भर्ती, परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर सवाल पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक ऐसा सिस्टम बन गया है, जो छात्रों के सवालों से डरता है और सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय अंधभक्त चाहता है। उन्होंने इस सिस्टम की अलग-अलग परतों का जिक्र करते हुए PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के नाम लिए। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका देश के राजनीतिक, संस्थागत और आर्थिक क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा, पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अलीगढ़ आवास पर धरना-प्रदर्शन जारी
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अलीगढ़ आवास पर धरना-प्रदर्शन जारी
शिक्षक सम्मान समारोह: अमर उजाला के मंच पर सम्मानित होंगे 114 अध्यापक, शिक्षा मंत्री करेंगी सम्मानित
अमर उजाला और जिज्ञासा हॉस्पिटल की ओर से हो रहे शिक्षक सम्मान-2026 के तहत रविवार को शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। पंचायत भवन सभागार में होने वाले कार्यक्रम मे जिले के 114 विजेता शिक्षक सम्मानित होंगे।
Bihar:गोपालगंज के बलथरी में नवनिर्मित प्रवेश द्वार का शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया उद्घाटन
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज के बलथरी में शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया।
जम्मू-कश्मीर में लागू होगा 5-डे स्कूल वीक? शनिवार-रविवार की छुट्टी पर विचार कर रहा शिक्षा विभाग
जम्मू-कश्मीर में स्कूली छात्रों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग विचार कर रहा है, जिसमें शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी।
एचआईटीईएस ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में 21 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें सीनियर ऑपरेशन मैनेजर, ऑपरेशन मैनेजर और चीफ मैनेजर के पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार 10 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद के लिए चुनी गई हैं, जो स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता पर घमासान, शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से मांगे 8 सवालों के जवाब
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल को परीक्षा एजेंसी घोषित करने और परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों के पदनाम संबंधी आदेश जारी होने के बाद शिक्षक संगठनों ने विभाग से आठ सवालों के जवाब मांगे हैं।
विश्वकर्मा जयंती पर विद्यार्थियों को कौशल व तकनीकी शिक्षा का संदेश
भास्कर न्यूज | राहौद भारती प्राइवेट आईटीआई, पकरिया रोड राहौद में भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। शिक्षक, स्टाफ भी मौजूद रहा। परिसर में धार्मिक माहौल दिखा। अनुशासन भी रहा। संचालक संतोष गुप्ता मौजूद और उनके बड़े पुत्र सुदीप गुप्ता भी मौजूद रहे। संतोष गुप्ता ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। उन्होंने शिल्प, तकनीक, निर्माण क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा के योगदान की बात कही। विद्यार्थियों को मेहनत, कौशल, तकनीकी शिक्षा से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जीवराखन लाल देवांगन, कुमुद चंदेल, सज्जन लाल देवांगन, पुतुलुलू पटेल, बिसहुवा केवट मौजूद रहे। अन्य लोग भी पहुंचे। अतिथियों ने पूजा-अर्चना की। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उर्मिला सांडे, प्रभारी प्राचार्य फार्मेसी, आकांक्षा साहू, प्रभारी प्राचार्य भारती प्राइवेट आईटीआई, ज्योति राठौर, शिवा बंजारे, विकास कुमार गुप्ता, सिद्धेश्वरी साहू, मनीषा बंजारे, कौशल प्रसाद देवांगन, मानसिंह वर्मा, रामदुलार यादव, बाबूलाल केवट, कुसुम चौहान सहित स्टाफ मौजूद रहा। पूजा के बाद संस्थान परिसर में महाप्रसाद बांटा गया। छात्र-छात्राएं, अतिथि, स्टाफ ने हिस्सा लिया।
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा बनी सहारा
नारायणपुर| अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की राह आसान कर रही है। योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा मिल रही है। जिले के रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल का चयन राजकुमार कॉलेज रायपुर, डिगेश्वरी जैन की बेटी तेजल का डीपीएस राजनांदगांव में हुआ है। वहीं दिप्ती उसेंडी और पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल बस्तर तथा हिमांशु राना का कृष्णा एजुकेशन सोसायटी भिलाई में हुआ है। योजना से बच्चों को बेहतर शिक्षा और करियर के नए अवसर मिल रहे हैं।
घुमंतू-विमुक्त समुदाय का बूसी में कार्यक्रम, शिक्षा पर जोर रहा
कस्बे के ग्राम पंचायत भवन परिसर में शनिवार शाम डीएनटी संघर्ष समिति पाली के तत्वावधान में घुमंतू और विमुक्त समुदाय ने कार्यक्रम किया। डीएनटी संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से बच्चों को पढ़ाने, उन्हें उच्च शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। अपने हक की लड़ाई जागरूक होकर लड़ने की बात कही। कालबेलिया ने कहा कि आने वाले पंचायत चुनाव में किसी तरह के प्रलोभन में न आएं। बिना भय अपने अधिकार के साथ वोट का सही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे समाज के विकास के लिए पट्टा, पीने के लिए शुद्ध पानी, लाइट, सड़क, श्मशान के लिए भूमि मिल सकेगी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने समाज के विकास के लिए मतदान करने, बिना किसी प्रलोभन के साथ मतदान करने, बच्चों को पढ़ाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया, जिला अध्यक्ष दोलाराम, उपाध्यक्ष जेराराम, महामंत्री जीवाराम, पाली शहर नेमाराम, कोषाध्यक्ष नारायणलाल सपेरा, संगठन मंत्री ईशाराम, जिला सचिव लक्ष्मण सपेरा, मांगीलाल गाडुलिया लोहार, सोनाराम, मुकेशकुमार, प्रेमकुमार, पप्पूराम, रुमाल बूसी, पारस खौड़ मौजूद रहे।
दिवाली-छठ पर खुलेंगे कमाई के नए दरवाजे, 2.5 लाख लोगों को मिलेगी बंपर नौकरी
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भारत की बेटी नीला विखे पाटिल स्वीडन में सांसद बनीं, पिता महाराष्ट्र में हैं प्रख्यात शिक्षाविद
महाराष्ट्र की बेटी नीला विखे पाटिल स्वीडन में सांसद चुनी गई हैं। वह प्रख्यात शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की पुत्री हैं। चुनाव में जीत के बाद नीला ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो मतदान नहीं कर सकते हैं।
युवाओं से छीने जा रहे रोजगार व शिक्षा के अवसर : अजय राय
तिलहर (शाहजहांपुर)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं से रोजगार और शिक्षा के अवसर छीने जा रहे हैं।
Amroha News: एफएलएन प्रशिक्षण से 23 शिक्षक और शिक्षामित्र गैरहाजिर
मंडी धनौरा ब्लॉक संसाधन केंद्र के निरीक्षण में एफएलएन प्रशिक्षण से पांच प्रधानाध्यापक, 11 सहायक अध्यापक और सात शिक्षामित्र समेत 23 अनुपस्थित मिले।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी पर सीएम मोहन यादव का पलटवार, शिक्षा और रोजगार के आंकड़े रखे सामने
हरदोई जनपद में शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक श्री गणेश उत्सव की धूम है। इसी क्रम में गजानन सेवा समिति, वंशी नगर की ओर से गणेश उत्सव के छठे दिन शनिवार को राधा अष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रात 8 बजे भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश शासन की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मुख्य रूप से शामिल हुईं। भजन संध्या में वृंदावन धाम से आए भजन गायक मुकुल द्विवेदी ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भगवान श्री गणेश और राधारानी की भक्ति से जुड़े भजन सुनाए। 'करुणा भरी नजर से निहारो लाडली...' जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। राधारानी की भक्ति में उन्होंने दो पंक्तियां भी प्रस्तुत कीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। दिन की शुरुआत हवन के साथ हुई। इसके बाद सिनेमा रोड पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को भगवान गणेश को छप्पन भोग अर्पित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान गणेश और राधारानी का आशीर्वाद लिया। रात 8:30 बजे आरती हुई। इसमें उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी के साथ सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल और कामिनी अग्रवाल मौजूद रहीं। इस दौरान डॉ. जेके वर्मा को 'डॉ. आलोक सिंह स्मृति पुरस्कार', वरिष्ठ पत्रकार रमेश चंद्र पाठक को 'केके अवस्थी अवार्ड' और अनाहिता द्विवेदी को 'केतन स्मृति अवार्ड' से सम्मानित किया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी की ओर से दिवंगत बेटे केतन की स्मृति में पुरस्कारों की घोषणा के दौरान माहौल भावुक हो गया। समिति अध्यक्ष मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि 20 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद बावन नहर में प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन पंकज अवस्थी ने किया।
देश के सिस्टम पर 6 लोगों का कब्जा, शिक्षा तंत्र हुआ बदहाल: इंदौर में बोले Rahul Gandhi
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाया और कहा कि एक सिस्टम ने पूरे देश पर कब्जा कर लिया है और वह नहीं चाहता कि छात्र उसके सामने अपने बुनियादी मुद्दों को लेकर सवाल उठाएं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र इंदौर में गांधी ने अपने युवा संपर्क कार्यक्रम छात्रों की गूंज के दौरान ‘सिस्टम बनाम छात्र विषय पर बड़ी तादाद में मौजूद युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतिकरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और मुकेश अंबानी व गौतम अदाणी सरीखे शीर्ष उद्योगपतियों की तस्वीरें दिखाते हुए इनके नाम गिनाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा,‘‘पूरे देश पर एक सिस्टम का कब्जा हो गया है जिसके शीर्ष स्तर पर छह लोग हैं।’’गांधी ने पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में शामिल लोगों पर बल प्रयोग के दौरान कील वाली लाठियों और पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया और गृह मंत्री शाह की आलोचना की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा,‘‘सिस्टम अब छात्रों पर आक्रमण कर रहा है।’’राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल पर निशाना साधते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि वह फोन और सोशल मीडिया समेत विभिन्न संचार साधनों पर ‘कब्जा करके बैठे’ हैं और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री तक खुफिया सूचनाएं पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम ने राजनीति से लेकर शिक्षा, कारोबार, नौकरशाही, खेल और मीडिया समेत हर क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। गांधी ने कहा, ‘‘ हिंदुस्तान में सचिन तेंदुलकर और कपिल देव जैसे (पूर्व) किक्रेटर हैं, लेकिन सिस्टम ने गृह मंत्री शाह के बेटे को क्रिकेट का पूरा ठेका दे दिया है।’’उन्होंने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी खूबी होती है-सवाल करना, लेकिन सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र उसके सामने अपने बुनियादी मुद्दों को लेकर सवाल उठाएं। गांधी ने कहा कि सिस्टम को छात्रों से खतरा है क्योंकि वे परिवारवाद, कारोबार पर चंद उद्योगपतियों के एकाधिकार, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग की कमियों को लेकर सवाल करते हैं। उन्होंने कहा,‘‘सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र उससे सवाल करें। इसलिए सिस्टम छात्र नहीं, बल्कि अंधभक्त तैयार करता है। अंधभक्त छात्र विरोधी लोग हैं जो कभी सिस्टम से सवाल नहीं पूछते और अपनी ही दुनिया में खोए रहते हैं। छात्र मोहब्बत की बात करता है, जबकि अंधभक्त नफरत फैलाते हैं।’’गांधी ने कहा कि शिक्षा विलासिता की कोई वस्तु नहीं, बल्कि छात्रों का हक है और सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्रभावकारी शिक्षा तंत्र स्थापित करना चाहिए। गांधी ने कहा कि 2014 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया था, जबकि भाजपा नीत मौजूदा सरकार में यह आवंटन घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। गांधी ने दावा किया कि देश में एक लाख सरकारी विद्यालय बंद हो गए हैं जिनमें से 55 प्रतिशत शिक्षा संस्थान मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं। गांधी ने ये दावे भी किए कि देश में पिछले 10 साल में 1.5 करोड़ विद्यार्थियों से छात्रवृद्धि का लाभ छीन लिया गया और सरकारी विद्यालयों में अध्यापकों के 10 लाख पद खाली पड़े हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उनके बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सिस्टम को लेकर जनता की टूटी उम्मीदें बहाल हों और वह सिस्टम पर फिर से भरोसा करना शुरू कर दे। गांधी ने भाजपा के समर्थकों पर निशाना साधा और कहा,‘‘हम अंधभक्तों का नहीं, बल्कि छात्रों का हिंदुस्तान चाहते हैं।’’कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने ओबीसी आरक्षण, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में घोटालों और अन्य विषयों को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को आपबीती सुनाई और उनसे इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने की मांग की।
बैतूल में जिला कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट दिखाया। यह कार्यक्रम इंदौर में हुआ था। इसके लिए बैतूल के लल्ली चौक पर एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई। शनिवार शाम कार्यक्रम शुरू होते ही कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र वहां इकट्ठा होने लगे। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस लाइव स्क्रीनिंग का सोशल मीडिया पर भी प्रचार किया था। इसके बाद लल्ली चौक पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। खासकर छात्रों में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्सुकता दिखी। बड़ी स्क्रीन पर इंदौर से राहुल गांधी की छात्रों के साथ बातचीत दिखाई जा रही थी। वहां मौजूद छात्र भी कार्यक्रम को ध्यान से देख रहे थे। इंदौर में राहुल गांधी शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे है। बैतूल में कांग्रेस ने इसी कार्यक्रम को लाइव दिखाया है। बता दे कि बैतूल से बड़ी तादाद में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता इंदौर भी पहुंचे है।
रायसेन में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत शनिवार को शासकीय सांदीपनीय और शासकीय आदर्श कन्या विद्यालय में 'विकसित भारत 2047' पर भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसमें करीब 500 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने अपनी कल्पनाओं और सपनों को रंगों के जरिए कागज पर उतारकर भविष्य के भारत की तस्वीर दिखाई। शासकीय सांदीपनीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में करीब 300 छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। कुछ छात्रों ने अपनी पेंटिंग में वंदे भारत और बुलेट ट्रेन को दिखाया। वहीं, कुछ ने आधुनिक सड़कों, बड़े ब्रिज और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकसित भारत की तस्वीर बनाई। एक छात्रा ने अपनी पेंटिंग में पूरे भारत को विकसित रूप में दिखाया, जबकि एक अन्य पेंटिंग में भारत का तिरंगा चांद पर लहराता नजर आया। विद्यार्थियों की पेंटिंग में सिर्फ आधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं था। इसमें हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने, आर्थिक विकास, नई तकनीक और आने वाली पीढ़ी की जरूरतों को भी जगह मिली। बच्चों ने अपनी कल्पना के हिसाब से बताया कि 2047 तक भारत कैसे आत्मनिर्भर और विकसित देश बन सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला नंदन तिवारी ने स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने भाषण प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों से बात की। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सर्टिफिकेट और इनाम देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पेंटिंग में विकसित भारत को लेकर उनकी कल्पना साफ दिखती है। विद्यार्थियों ने यह भी दिखाया है कि भविष्य की पीढ़ी के लिए शिक्षा, तकनीक और आधुनिक सुविधाएं कितनी जरूरी होंगी। तस्वीरें देखिए…
राजस्थान में शिक्षा संकट, 1.21 लाख पद खाली; 7000 से अधिक स्कूल एक शिक्षक के सहारे
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के पद खाली होने से पढ़ाई बाधित हो रही है, जिससे सात हजार से ज्यादा स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने पर सीएम यादव ने शिक्षा के मामले में कांग्रेस पर निशाना साधा
इंदौर, 19 सितंबर . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने Saturday को शिक्षा और विकास के मामले में कांग्रेस के कामकाज पर सवाल उठाए. यह बयान तब आया जब Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे थे. यादव ने ... Read more
कर्नाटक शिक्षा विभाग का फैसला, एकेडमिक टूर पर सेल्फी और रील्स बनाने पर लगी रोक
Bengaluru, 19 सितंबर . कर्नाटक कॉलेज शिक्षा विभाग ने राज्य भर के Governmentी फर्स्ट ग्रेड कॉलेजों द्वारा आयोजित शैक्षणिक दौरों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें छात्रों को ऐसे दौरों के दौरान सेल्फी लेने, वीडियो रिकॉर्ड करने और रील्स बनाने से मना किया गया है. Saturday को कमिश्नर ऑफिस से जारी एक सर्कुलर ... Read more
गांधीनगर, 19 सितंबर . Gujarat में हर आंगनवाड़ी केंद्र पर महिलाओं के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियां (एएमसी) बनाई जाएंगी. इसका उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रारंभिक बाल शिक्षा में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है. इसके साथ ही बच्चों और माताओं को मिलने वाली सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाया जाएगा. Chief Minister भूपेंद्र पटेल ... Read more
अररिया के नरपतगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बरदाहा के प्रधान शिक्षक मो. नईमुद्दीन को मध्याह्न भोजन योजना में गड़बड़ी और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों की हाजिरी दर्ज करने में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में मुख्यालय नरपतगंज प्रखंड संसाधन केंद्र निर्धारित किया है। जांच में 145 में सिर्फ 84 छात्र मिले मामला 15 सितंबर 2026 का है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, अररिया के पत्र के आधार पर दोपहर 1:18 बजे स्कूल का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान विद्यालय में नामांकित 145 छात्रों में से सिर्फ 84 छात्र मौजूद मिले। प्रधान शिक्षक ने बताया कि छात्रों की छुट्टी दोपहर 12:45 बजे ही कर दी गई थी। इस कारण उस दिन मध्याह्न भोजन भी नहीं बनाया गया। आदेश के मुताबिक, विद्यालय में 10 सितंबर से प्रधानमंत्री पोषण योजना बंद थी। इससे छात्रों को योजना के तहत मिलने वाले भोजन का लाभ नहीं मिल सका। ई-शिक्षाकोष की हाजिरी में भी गड़बड़ी जांच के दौरान स्कूल के रिकॉर्ड के साथ ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज छात्रों की उपस्थिति की भी जांच की गई। पोर्टल के अनुसार 10 सितंबर को 75, 11 सितंबर को शून्य, 12 सितंबर को 56 और 15 सितंबर को 75 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। 13 सितंबर को रविवार और 14 सितंबर को हरितालिका तीज की छुट्टी थी। बिना हाजिरी दर्ज किए भोजन योजना चलाने का आरोप प्रधान शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति दर्ज किए बिना मध्याह्न भोजन योजना संचालित की। योजना से लाभान्वित छात्रों से संबंधित रिपोर्ट देने में भी अनियमितता और विभाग को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई विभाग ने इन मामलों को वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, सरकारी कार्य में बाधा, मनमानी और अनुशासनहीनता की श्रेणी में गंभीर आरोप माना है। इसी आधार पर बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में प्रधान शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। विभाग की ओर से उनके खिलाफ आरोप पत्र भी अलग से जारी किया जाएगा।
मधेपुरा में शनिवार को हलुवाई समाज अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा ने बाबा गणिनाथ गोविंद पूजनोत्सव समारोह आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने हिस्सा लिया। लोगों ने विधि-विधान से बाबा गणिनाथ गोविंद की पूजा-अर्चना कर समाज की एकजुटता, सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। यह समारोह जिला परिषद विभाग भवन परिसर में हुआ। सहरसा जिलाध्यक्ष मोहन साह, हरिश्चंद्र साह, अजय साह, अमरेंद्र कुमार, सुशील साह, मदन साह, राजेंद्र साह, सेवानिवृत्त एलआईसी डीओ अरुण साह और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरेन्द्र कुमार साह समेत कई अतिथियों ने दीप जलाकर इसका उद्घाटन किया। सभी अतिथियों ने बाबा गणिनाथ गोविंद के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया। आपसी एकजुटता और सहयोग बहुत जरूरी पूजनोत्सव के कारण सुबह से ही जिला परिषद विवाह भवन परिसर में उत्सव का माहौल था। समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं और लोगों का मनोरंजन किया। दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। गायक और समाजसेवी सुनीत साना ने मंच का संचालन किया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए आपसी एकजुटता और सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक विकास का आधार बताया। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा दिलाने और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया वक्ताओं ने यह भी कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद पूजनोत्सव सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है। यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का भी मौका है। ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और उन्हें एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर देते हैं। इससे युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा, संस्कृति और विरासत से परिचित होने में भी मदद मिलती है। समारोह में समाज के लोगों ने आपसी सहयोग, शिक्षा, सामाजिक उत्थान और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। भगवान शिव का अंश माना गया कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक सौहार्द का माहौल बना रहा। वहां मौजूद लोगों ने बाबा गणिनाथ गोविंद से समाज और क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और तरक्की की कामना की। बाबा गणिनाथ गोविंद को हलवाई, कानू और मध्यदेशीय वैश्य समाज के कुलदेवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। उनका जन्म वर्तमान बिहार के वैशाली जिले के महनार क्षेत्र में हुआ माना जाता है। लोक मान्यता में उन्हें भगवान शिव का अंश माना गया है। बचपन से ही उनके आध्यात्मिक और चमत्कारिक गुणों की कथाएं समाज में प्रचलित हैं।
खेरवाड़ा में मेघवाल समाज खड़क चोखला के सेवानिवृत्त कर्मचारियों (पेंशनरों) की बैठक हुई। इस बैठक में समाज और पेंशनरों के हित में कई अहम फैसले लिए गए। मेघवाल समाज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने समाज में फैली नशाखोरी को खत्म करने और नशा मुक्त युवा पीढ़ी बनाने के लिए एक अभियान चलाने का फैसला किया। बैठक में बालिका शिक्षा के लिए खास कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, समाज में फैली कुरीतियों और बुराइयों को खत्म करने का संकल्प भी लिया गया। इस मौके पर समाज के पूर्व अध्यक्ष छगनलाल मेघवाल मांडवा, पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल मेघवाल बंजारिया, पूर्व अध्यक्ष कालू लाल मेघवाल परेडा, पूर्व ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी मन्नालाल मेघवाल, पूर्व नर्सिंग अधीक्षक मोहनलाल पहाड़ा, जिला अध्यक्ष हरिलाल मेघवाल और सेवानिवृत्त वरिष्ठ अध्यापक नारायण लाल मेघवाल भूधर मौजूद थे। बड़ी संख्या में पेंशनर समाज और मेघवाल समाज के वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित रहे। आभार छगनलाल मेघवाल ने व्यक्त किया।
जवाहर नवोदय विद्यालय में अभिभावक-अध्यापक बैठक, शिक्षा गुणवत्ता सहित इन मुद्दों पर चर्चा
जवाहर नवोदय विद्यालय छोकरबाड़ा कला में अभिभावक-अध्यापक बैठक में शिक्षा गुणवत्ता, पर्यावरण, खेल, स्वास्थ्य, साइबर ठगी और मोबाइल प्रतिबंध पर चर्चा हुई। डॉ. कमलेश मीणा ने बालिकाओं के टीकाकरण की जानकारी दी।
बारां में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) का 2 दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन शनिवार को संपन्न हुआ। यह सम्मेलन अटरू रोड स्थित बैरवा छात्रावास में पूरा हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हेमराज मायथा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माला पहनाकर की गई। इस मौके पर डॉ. सतीश चंद लहरी, प्रधानाचार्य चंद्रशेखर जाटव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामप्रसाद कोटड़ा और मदन जाजोरिया खास मेहमान के तौर पर मौजूद थे। खास मेहमान डॉ. लहरी ने कहा कि यह संगठन शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षालय के हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है। साथ ही यह अंबेडकरवादी विचारों को शिक्षा में बढ़ावा देने पर भी जोर देता है। 2 दिन टीचर्स की समस्याओं पर हुई चर्चापहले दिन बैरवा अधिकारी कर्मचारी विकास समिति के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार बैरवा ने कई मांगें रखीं। इनमें थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले जल्द शुरू करने, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में खाली पदों को काउंसलिंग से भरने, लंबित डीपीसी पूरी करने, विद्या संबल योजना में आरक्षण लागू करने और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्त करने जैसी मांगें शामिल थीं। दूसरे दिन स्थानीय संघ सचिव महेंद्र बैरवा ने कर्तव्यनिष्ठा पर जोर देते हुए कविता सुनाई। प्रदेश प्रतिनिधि सत्यनारायण महावर भी इस दौरान मौजूद थे। सम्मेलन के आखिर में जिलाध्यक्ष ने सभी का धन्यवाद दिया।
धौलपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, स्कूल शिक्षा और प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-1) के जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन हुए। इनमें शिक्षक हितों, शैक्षिक गुणवत्ता, संगठन विस्तार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सामाजिक समरसता और शिक्षकों की सामाजिक भूमिका जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई। इन सम्मेलनों में जिलेभर के शिक्षक और संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर प्रदेश उपाध्यक्ष रामनरेश नाथ राठौड़ ने कहा कि युवा पीढ़ी को गलत विचारों से बचाकर संस्कार, राष्ट्रभावना, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवन की दिशा देना जरूरी है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने 'प्रभावी प्रार्थना सभा' और 'हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' जैसे तरीकों से स्कूलों में संस्कार और अनुशासन विकसित करने की बात कही। जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण का अहम हिस्सा हैं। संगठन का मकसद शिक्षक हितों के साथ-साथ शिक्षा और समाज के बड़े हितों के लिए काम करना है। जिला मंत्री नवनीत शर्मा ने संगठन के शैक्षिक और सामाजिक पहलुओं को स्कूल स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। देवेश प्रसाद शर्मा ने संगठन को मजबूत करने, शिक्षकों की समस्याओं को एक साथ राज्य स्तर पर रखने और सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखे। विभाग संगठन मंत्री जयप्रकाश कटारा ने कार्यकर्ताओं को संगठन की असल बुनियाद बताया। गोविंद शर्मा ने सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयासों से संगठन को मजबूत बनाने के लिए कहा। इसी क्रम में प्राथमिक अध्यापक संघ (एल-1) के जिला स्तरीय सम्मेलन में जिलाध्यक्ष रामनरेश पचौरी ने प्राथमिक शिक्षकों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। जिला सचिव लकी रावत ने संगठन के उद्देश्यों और कामकाज के बारे में जानकारी दी। प्रधानाचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान धौलपुर नीरज शर्मा ने शैक्षिक गुणवत्ता और शिक्षक की जिम्मेदारियों पर विचार रखे। समाजसेवी प्रशांत हुंडावाल ने प्राथमिक शिक्षकों की सामाजिक भूमिका और ऑनलाइन कक्षाओं के बढ़ते चलन के नुकसान पर बात की।
न होगी परीक्षा न ही इंटरव्यू! गांव में ही मिल जाएगी सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है. 23,757 पदों पर भर्ती निकाली है. लेकिन इसके लिए खास बात यह है कि इन पदों के लिए न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू. उम्मीदवारों का चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा.
DUSU प्रेसिडेंट स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम सुलझा सकता है या नहीं?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे लगभग सामने हैं. जीत का सेहरा सजते ही नए छात्र नेताओं के सामने वादों की लंबी फेहरिस्त खड़ी है. लेकिन जिस पद को लेकर हर साल करोड़ों का धुआं उड़ाया जाता है, लाखों के पोस्टर चिपकाए जाते हैं और रैलियों में गाड़ियों के काफिले दौड़ते हैं, आखिर उस DUSU अध्यक्ष की असली ताकत क्या है?
मध्य प्रदेश सूबेदार और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पदों पर निकली भर्ती
वे 24 सितंबर से इन पदों के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। इन पदों पर आवेदन करने की लास्ट डेट आठ अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। फॉर्म में सुधार करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर निर्धारित है।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत सभी 11,580 प्राथमिक विद्यालयों को बालवाटिका से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। वर्तमान में 5,585 विद्यालयों में बालवाटिका संचालित है और शेष में 'जादू का पिटारा' के माध्यम से खेल आधारित शिक्षा शुरू करने के लिए मैपिंग जारी है।
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, ‘पीसा’ नतीजों ने बढ़ाई चिंता
New Delhi, 19 सितंबर . यूरोप में शिक्षा का गिरता स्तर चर्चा का कारण बना है. दुनिया की कुछ सबसे मजबूत और प्रभावशाली मानी जाने वाली शिक्षा व्यवस्थाओं के प्रदर्शन में गिरावट ने शैक्षिक जगत की चिंता बढ़ा दी है. वैश्विक शिक्षा आकलन (पीआईएसए यानी पीसा) के 2025 के नतीजों में फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और ... Read more
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
यूरोप में शिक्षा का गिरता स्तर चर्चा का कारण बना है। दुनिया की कुछ सबसे मजबूत और प्रभावशाली मानी जाने वाली शिक्षा व्यवस्थाओं के प्रदर्शन में गिरावट ने शैक्षिक जगत की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक शिक्षा आकलन (पीआईएसए यानी पीसा) के 2025 के नतीजों में फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड जैसे यूरोपीय देशों के विद्यार्थियों के गणित, पढ़ने और विज्ञान संबंधी प्रदर्शन में कमजोरी सामने आई है। डिजिटल तकनीक और एआई के दौर में ये परिणाम काफी सवाल खड़े करते हैं।
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
हैदराबाद में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के कार्यकारी शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू होंगे
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हाल ही में घोषणा की कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय इस दिसंबर से हैदराबाद में कार्यकारी शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू करेगा। यह कदम हैदराबाद को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम से न केवल स्थानीय छात्रों को लाभ होगा, बल्कि यह उद्योग सहयोग और अनुसंधान गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। जानें इस नई शिक्षा पहल के बारे में और क्या-क्या अवसर मिलेंगे।
शिक्षा: नवोदय स्कूलों को लेकर उदयनिधि स्टालिन ने जताई असहमति, बोले- तमिलनाडु को नहीं है जरूरत
तमिलनाडु में नवोदय स्कूलों को लेकर उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को नवोदय स्कूलों की जरूरत नहीं है। उनका यह बयान राज्य की शिक्षा व्यवस्था और नवोदय स्कूलों को लेकर जारी चर्चा के बीच आया है।
एम्स नॉर्सेट-11 प्रीलिम्स 2026 का परिणाम जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा के पहले चरण में कुल 55,967 उम्मीदवार सफल हुए हैं। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी एम्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
कब्जे का संकट: जहां बनना है शिक्षा संकुल, वहां पड़ीं हैं झोपड़पट्टी; इसलिए अटका है ध्वस्तीकरण
मार्च में जारी हो चुकी है पहली किस्त, छह महीने बाद भी पुरानी बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण शुरू नहीं।
TET को लेकर बड़ा अपडेट: शिक्षा विभाग की गाइडलाइन जारी, जानिए किन टीचर्स को देनी होगी परीक्षा
शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि आरटीई के तहत TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी, जबकि CTET उत्तीर्ण शिक्षकों को छूट मिलेगी. 5 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकेंगे.
लखीमपुर खीरी के बिजुआ में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हो गया। घटना बिजुआ-भीरा मार्ग पर डिमरौल गांव के पास की है। ग्राम इटकुटी निवासी नजमा परवीन, जो आशाटांडा विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हैं, शुक्रवार की सुबह अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से स्कूल जा रही थीं। बाइक पर उनके पति आरिफ खान और दो मासूम बच्चे—अफजल खान (लगभग 9 वर्ष) व पुत्री आफरीन सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही नजमा का परिवार डिमरौल के करीब पहुंचा, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे और खून से लथपथ हो गए। हादसे के तुरंत बाद आरोपी बाइक चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना होते ही आसपास के राहगीर और ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से सभी घायलों को तत्काल बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन आरिफ खान, नजमा परवीन और दोनों बच्चों की चिंताजनक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और टक्कर मारकर भागने वाली अज्ञात बाइक की तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में अगले 6 महीनों के भीतर करीब 1 लाख सरकारी नौकरियां देने के महा-अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।सरकार का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले सभी प्रमुख चयन आयोगों (UPPSC, UPSSSC, UPPRPB और UPESSC) के जरिए लंबित परिणामों, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और अंतिम चयनों को तय समयसीमा के भीतर पूरा कर युवाओं को सीधे नियुक्ति पत्र थमाना है।आज लोकभवन में इन 4 प्रमुख विभागों के अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्रइस महा-अभियान के पहले चरण के तहत आज लखनऊ के लोकभवन सभागार में विभिन्न विभागों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए:व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग: विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में चयनित 48 अनुदेशकों (Instructors) को नियुक्ति पत्र मिले, जिससे आईटीआई (ITI) संस्थानों में वोकेशनल ट्रेनिंग को मजबूती मिलेगी।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं: अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की क्षमता बढ़ाने के लिए 357 नव-चयनित एक्स-रे टेक्नीशियन (X-Ray Technicians) को तैनाती दी गई।आयुष विभाग: प्रदेश भर के प्राथमिक व सामुदायिक आयुष स्वास्थ्य केंद्रों के लिए होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा से जुड़े 404 अभ्यर्थियों को औपचारिक जॉइनिंग लेटर सौंपे गए।उद्योग निदेशालय (कानपुर): सांख्यिकीय आंकड़ों के सटीक विश्लेषण के लिए 9 सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों (ASO) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।1 लाख नौकरियों का रोडमैप: किन विभागों में होंगी सबसे ज्यादा भर्तियां?सरकार के इस 1 लाख नियुक्तियों के अभियान में विभिन्न विभागों और आयोगों की रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है:विभाग / भर्ती बोर्डअनुमानित पद / भर्ती प्रक्रियावर्तमान स्थितिपुलिस एवं होमगार्ड विभाग77,000+ पद (सिपाही, सब-इंस्पेक्टर व होमगार्ड्स)सिपाही भर्ती के अंतिम परिणाम और होमगार्ड प्रक्रिया अग्रिम चरण मेंशिक्षा विभाग (UPESSC)15,000+ पद (सहायक अध्यापक, टीजीटी, पीजीटी)आवेदन व चयन आयोग के स्तर पर प्रक्रिया जारीअधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)13,000+ पद (लेखपाल, जेई, स्टेनोग्राफर, क्लर्क)कई परीक्षाओं के परिणाम व डीवी शेड्यूल जारीलोक सेवा आयोग (UPPSC)10,000+ पद (एलटी ग्रेड टीचर्स, बीईओ, पीसीएस संवर्ग)अधियाचन और आगामी नोटिफिकेशन की तैयारी'बिना सिफारिश, बिना लेनदेन': सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमलानियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जब भी किसी विभाग में भर्ती का विज्ञापन निकलता था, तो 'चाचा-भतीजा' और वसूली तंत्र सक्रिय हो जाता था, जिसके कारण योग्य नौजवान भटकते रहते थे और मामले अदालतों में अटक जाते थे।सीएम ने रेखांकित किया:पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में पारदर्शी, भेदभाव-रहित और आरक्षण नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए 9.5 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष सरकारी नौकरियां दी गई हैं।परीक्षा प्रणाली में सुधार कर पेपर लीक माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई है।परीक्षाओं के आयोजन से लेकर परिणाम जारी करने की समयसीमा को महीनों से घटाकर हफ्तों में समेटा गया है, ताकि युवाओं का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।प्रतियोगी छात्रों के लिए आगे की राहउत्तर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के लिए आगामी 6 महीने बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। पुलिस कांस्टेबल और होमगार्ड की बहुप्रतीक्षित मेरिट लिस्ट से लेकर माध्यमिक व बेसिक शिक्षा परिषदों की शिक्षक भर्तियों के जॉइनिंग लेटर हर सप्ताह अलग-अलग चरणों में जारी किए जाने की योजना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित भर्ती आयोगों की आधिकारिक वेबसाइटों पर नियमित रूप से विजिट करते रहें और अपने शैक्षणिक व आरक्षण से जुड़े दस्तावेजों को समय रहते अपडेट रखें।
मनोविकास समिति को विघ्नहर्ता अवॉर्ड विशेष बच्चों की शिक्षा-सेवा सम्मानित
उज्जैन | गणेश आरती के मानवीकरण की पहल के तहत मनोविकास समिति को ‘विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026’ प्रदान किया गया। समिति की ओर से यह सम्मान मैथ्यू ने ग्रहण किया। कार्यक्रम में कृष्णकांत मिश्रा ने कहा कि गणेश को बुद्धिदाता के रूप में पूजा जाता है, और जो शिक्षक विशेष बच्चों के बीच रहकर अपना समय व ऊर्जा उनके विकास में लगा रहे हैं, वे समाज में विघ्नहर्ता की भावना को व्यवहार में उतार रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरती का मानवीकरण केवल पंक्तियों के उच्चारण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आरती में व्यक्त भावों को समाज के ऐसे वास्तविक सेवा-कार्य से जोड़कर देखना चाहिए जो किसी के जीवन के विघ्न दूर करें। “अंधन को आंख देत” भाव के अंतर्गत नेत्रदान और अंगदान के क्षेत्र में कार्य के लिए नंदकिशोर व्यास को सम्मानित किया गया। “कोढ़न को काया देत” भाव के अंतर्गत कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए यामिनी निवासकर को सम्मान मिला। “बांझन को गर्भ देत” भाव के अंतर्गत मातृत्व और चिकित्सा सेवा में योगदान के लिए अंकुरा हॉस्पिटल की डॉ. आस्था माथुर को सम्मानित किया गया। आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य के लिए अतुल रामनारायण तिवारी को सम्मानित किया गया।
सांदीपनि (पूर्व नाम सीएम राइज) स्कूलों में मर्ज हुई आसपास की स्कूलों के शिक्षकों को अब बिना कोई परीक्षा दिए सीधे यहां पढ़ाने का मौका मिलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने 15 सितंबर को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है, जिसमें विभाग के 17 नवंबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि जो शिक्षक यहां रहना चाहेंगे, उन्हें रखा जाएगा; बाकी की काउंसिलिंग 25 सितंबर तक पूरी की जाएगी। खास बात यह है कि 2021 में जब ये स्कूल शुरू हुए थे, तब यहां टिके रहने के लिए पदस्थ शिक्षकों को भी लिखित परीक्षा व इंटरव्यू पास करना पड़ा था, ताकि पढ़ाई का स्तर ऊंचा बना रहे। प्रदेश में फिलहाल करीब 274 सांदीपनि स्कूल चल रहे हैं, जिन्हें सर्वसुविधायुक्त बनाकर बेहतर पढ़ाई का दावा किया गया है। मगर अब स्कूल मर्ज होने के साथ शिक्षा की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने की उसी शर्त से फिलहाल समझौता कर लिया गया है। यहां पढ़ाने के लिए शिक्षकों को अब परीक्षा देकर अपनी योग्यता साबित नहीं करनी होगी। 67 सांदीपनि स्कूलों में मर्ज हो चुके हैं 450 स्कूल सरकार के मुताबिक, प्रदेश में शून्य नामांकन वाली शालाओं का “एक परिसर, एक शाला’ और सांदीपनि स्कूल व्यवस्था के तहत युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इसी कवायद के पहले चरण में करीब 450 स्कूल सिमटकर सिर्फ 67 सांदीपनि विद्यालयों में समा गए हैं। यानी औसतन हर एक सांदीपनि स्कूल में आसपास की छह-सात पुरानी शालाएं मिला दी गई हैं। दूसरे चरण में भी यह विलय प्रक्रिया जारी है। नीति में मर्जर के लिए 3 किलोमीटर का दायरा तय है, लेकिन असल में इतने स्कूलों को समेटने के लिए कई जगह बच्चों को 5 से 10 किलोमीटर तक दूर भेजा जा रहा है। अतिथि शिक्षकों की नौकरी पर मंडराया खतरा: कई सांदीपनि स्कूलों में अभी रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं। मर्जर के बाद जो नियमित शिक्षक अब यहां पहुंचेंगे, वे इन्हीं खाली पदों पर पदस्थ किए जाएंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि इन पदों पर पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों की जगह नहीं बचेगी और उनकी नौकरी पर खतरा मंडराने लगेगा। यानी नियमित शिक्षकों की पद स्थापना के बाद अतिथियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है। 25 सितंबर तक तय होगा कौन रुकेगा, कौन जाएगा नए आदेश के अनुसार जो शिक्षक सांदीपनि में ही बने रहना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल वहीं रखा जाएगा। लेकिन जो शिक्षक दूसरी स्कूल जाना चाहते हैं, उनकी काउंसिलिंग 25 सितंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच अगर किसी स्कूल में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पहुंच गए हैं, तो जिला स्तर की एक कमेटी तय करेगी कि किसे यहीं रखना है और किसे कहीं और भेजना है। यह फैसला बच्चों की नई दाखिला संख्या के आधार पर लिया जाएगा, न कि शिक्षक की काबिलियत के आधार पर।
राहुल गांधी आज इंदौर में:आदिवासी छात्रों की शिक्षा, होस्टल, स्कूलों और नीट पर युवाओं से करेंगे बात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। रीजनल पार्क के पास होने वाले कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों की फीस, छात्रावास और भर्ती प्रक्रिया में सीटें खाली रहने जैसे मुद्दे उठाए जाने की तैयारी है। नीट व प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ सरकारी स्कूलों और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परेशानियां भी सामने लाई जाएंगी। इसके लिए एक रिटायर्ड शिक्षक को मंच पर बुलाने की तैयारी है, जो सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति बताएंगे। वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं पूरा कार्यक्रम क्या है? - दोप. 1.45 बजे एयरपोर्ट व 5.30 कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। कितने लोगों की जगह है? - कुल क्षमता 15 हजार है। शेष बाहर स्क्रीन पर देख सकेंगे। कौन प्रवेश पा सकेगा? - 35 साल तक के पंजीकृत युवा। नेताओं को अनुमति नहीं। प्रवेश कैसे मिलेगा? - रजिस्ट्रेशन से ही। एंट्री दोप. 2.30 बजे से शुरू होगी। पास स्कैन कर बैंड मिलेंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी? - राघव चैतन्य, लश्करी और विकास प्रस्तुति देंगे। भोजन की व्यवस्था क्या? - सिख समाज 50 हजार लोगों के लिए लंगर लगाएगा। पहले कहां कार्यक्रम हुए? - कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में। राहुल ने एक्स पर लिखा, मैं इंदौर आ रहा हूं और छात्रों, युवाओं और आम लोगों से फीडबैक ले रहा हूं। वहीं इंस्टा पर लिखा, क्या खिला रहे हो इंदौर? पोहा, जलेबी या कुछ और...
Prayagraj News: बच्चों का हाथ थाम राह दिखाएंगे शिक्षामित्र
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Varanasi News: शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपना दल कमेरावादी लड़ेगी चुनाव
Apna Dal (Kamerawadi) will contest the election on the issues of education, employment, and social justice
Sonipat News: शिक्षक 23 को शिक्षा मंत्री के कार्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
Teachers to stage a protest at the Education Minister's
Shahjahanpur News: शिक्षामित्र के परिजनों को 50 लाख मुआवजा और नौकरी देने की मांग
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए से मुलाकात की।
Raebareli News: बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर जोर
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Bhiwani News: हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9वीं से 12वीं की एनरोलमेंट की तिथियां निर्धारित कीं
हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9वीं से 12वीं की एनरोलमेंट की तिथियां निर्धारित कीं
दौसा जिले सिकंदरा क्षेत्र के टोरडा गांव स्थित श्री देवनारायण भगवान मंदिर में भादवी छठ के पावन अवसर पर भगवान के लीलागर घोड़े के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में लक्खी मेले का आयोजन किया गया। मेले में टोरडा-फराशपुरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु निशान लेकर पदयात्रा करते हुए पहुंचे। मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कर भगवान देवनारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला रहे। उन्होंने ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। बैंसला ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी के मंत्र अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, पढ़ी-लिखी माँ और कर्ज मुक्त समाज पर चलने का आह्वान किया। मेले में हजारों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। मेले के दौरान रामू मास्टर, बल्ली भालपुर सहित कई गायकों ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। इस अवसर पर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय सचिव पवन दडगस बासड़ा, मीडिया प्रभारी युवा नेता छगन सीमला, भूपेश पांचोली, संतोष पांचोली, पंचायत समिति सदस्य कप्तान डोई, देशराज फर्राशपुरा, सरपंच हिम्मत कसाना, भागचंद कसाना, विजय सिंह मास्टर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
स्कूल स्टेज पर अश्लील गाने पर टीचर ने मनाया बर्थडे, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश
गोपालगंज जिले के कटेया प्रखंड के बेलही पंचायत में स्थित राजेंद्र उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज में एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें स्कूल के मंच पर एक शिक्षक आपत्तिजनक और हिंसक बोल वाले गाने पर जन्मदिन मनाते दिख रहे हैं। यह वीडियो 15 अगस्त का बताया जा रहा है। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरी घटना… वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्कूल का सांस्कृतिक मंच, जिसका इस्तेमाल देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए होता है, वहां भोजपुरी के चर्चित गाने 'धाय धाय गोली चली... मिली इतना कि भर जाई सभे के झोली' की धुन पर केक काटा जा रहा है और जन्मदिन की पार्टी मनाई जा रही है। इस दौरान मंच पर मौजूद शिक्षक देवेंद्र यादव को केक खिलाकर सेलिब्रेट किया जा रहा है। साथ ही कुछ छात्र और अन्य लोग गानों पर झूमते और जश्न मनाते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों और पैरेंट्स नाराज शिक्षा के मंदिर में राष्ट्रीय पर्व के दिन इस तरह के फूहड़ और गलत मानसिकता को बढ़ावा देने वाले गानों पर शिक्षकों द्वारा जश्न मनाना स्थानीय लोगों और अभिभावकों को बिल्कुल पसंद नहीं आया। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और इसकी कड़ी आलोचना होने लगी। मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। गलत आचरण और लापरवाही की जांच के आदेश वायरल वीडियो के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग ने इस गलत आचरण और लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने मामले की जांच के लिए डीपीओ को निर्देश दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केरल सरकार नॉलेज वैली और रिसर्च पार्क करेगी शुरू, उच्च शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर (आईएएनएस)। केरल को दुनिया का एक प्रमुख ज्ञान केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 'नॉलेज वैली' और 'रिसर्च पार्क' शुरू करेगी। यह जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शुक्रवार को दी।
प्रयागराज जिले के 2,832 परिषदीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही, स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की। आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई बैठक में बीएसए और सभी बीईओ/एबीएसए से ब्लॉकवार जानकारी ली गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन 166 स्कूलों में बच्चों को मेन रोड पार करके जाना पड़ता है, वहां शिक्षामित्र बच्चों को गांव से स्कूल तक सुरक्षित लाने और छुट्टी के बाद वापस पहुंचाने की व्यवस्था संभालेंगे। बैठक में बताया गया कि जिले के 24 विकासखंडों में कुल 2,832 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 166 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों को मुख्य सड़क पार करनी पड़ती है। इन सभी स्कूलों में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। जसरा विकासखंड में स्थानीय नागरिक और व्यापारी भी बच्चों की मदद कर रहे हैं। कई जगह व्यापारियों ने लाल झंडे लगाकर बच्चों को सड़क पार कराने में सहयोग शुरू किया है। मंडलायुक्त ने सभी 166 विद्यालयों में इस व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। 31 स्कूलों में अप्रोच रोड नहीं, 11 में जलभराव समीक्षा में सामने आया कि करीब 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड नहीं है। 11 स्कूलों में गड्ढों के कारण स्थायी जलभराव की समस्या है। वहीं करीब 152 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं होने या विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं। मंडलायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। हाल ही में 44 स्कूलों के पास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाए जाने की कार्रवाई पर उन्होंने संतोष जताया। 184 स्कूलों में दिव्यांग शौचालय नहीं दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं की समीक्षा में पता चला कि करीब 184 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। मंडलायुक्त ने ऐसे स्कूलों में जरूरत के अनुसार रैंप और हैंडरेल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। जहां संभव हो, वहां अलग दिव्यांग शौचालय का निर्माण भी जल्द कराने को कहा। सफाई में लापरवाही पर डीपीआरओ और नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही स्कूलों में साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। सफाईकर्मियों द्वारा नियमित सफाई नहीं किए जाने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने डीपीआरओ और संबंधित नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उपस्थिति बढ़ी या नहीं, अगली बैठक में देना होगा हिसाब बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधानों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ बैठक की भी समीक्षा हुई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा से पहले सभी स्कूलों में समितियों की दोबारा बैठक कराई जाए। इसके बाद यह स्पष्ट आकलन किया जाए कि बैठकों के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बीएसए को अगली बैठक में शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त हस्ताक्षर तथा बैठक के फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। नोटिस बोर्ड पर लगेंगे ‘स्टार परफॉर्मर्स’ के नाम विद्यार्थियों में पढ़ाई, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन के लिए मंडलायुक्त ने ‘स्टार परफॉर्मर्स’ की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों के नाम स्कूल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्हें मेडल और बैज देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़े। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के साथ भोजन करने के निर्देश भी दिए। साथ ही स्कूलों में अधिक से अधिक वॉल पेंटिंग कराने और परिसरों को स्वच्छ, सुंदर और बच्चों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। शारदा अभियान से आउट ऑफ स्कूल बच्चों को जोड़ेंगे शारदा अभियान के तहत स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि इन बच्चों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों की होगी पहचान सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। ऐसे बच्चों के परिवारों से एनजीओ के सहयोग से संपर्क स्थापित कर उन्हें भीख मांगने से मुक्त कराने और उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही, सफाई, मूलभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाए। अगली समीक्षा बैठक में कार्रवाई और प्रगति की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
सिद्धार्थनगर में समाजवादी पार्टी के PDA छात्र-नौजवान जागरूकता अभियान के अंतर्गत सुभद्र नाथ कन्या महाविद्यालय, सेवरा भरौली, बढ़नी में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा तथा अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रबंधक एवं समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सागर पाठक रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष विष्णु उमर ने की। इस दौरान जिला सचिव फैजान आलम, विधानसभा अध्यक्ष छात्र सभा राहुल चौरसिया, जिला सचिव छात्र सभा उमेश यादव सहित पार्टी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सागर पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान छात्राओं और युवाओं के हित में कन्या विद्याधन, लैपटॉप वितरण एवं साइकिल वितरण जैसी योजनाएं संचालित की गई थीं। उन्होंने कहा कि 1090 वूमेन पावर लाइन, डायल-100 और 108 एंबुलेंस सेवा जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को गंभीर चिंता का विषय बताया। अध्यक्षता कर रहे विष्णु उमर ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा छात्र-छात्राओं के अधिकारों और PDA आंदोलन को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लैपटॉप वितरण और कन्या विद्याधन जैसी योजनाओं को पुनः शुरू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा एवं युवाओं के भविष्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। साथ ही कई छात्राओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। अंत में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने छात्र-नौजवानों के बीच जागरूकता अभियान और संवाद को लगातार आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बारां में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विद्यालय शिक्षा जिला बारां का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हुआ। यह सम्मेलन जानकी फोर्ट मैरिज गार्डन, तेल फैक्ट्री में आयोजित किया गया, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा और दीप जलाकर हुई। प्रांतीय संस्कृत प्रमुख रामदास जी महाराज मुख्य अतिथि थे। चित्तौड़ प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह नरेंद्र कंसुरिया मुख्य वक्ता के तौर पर और प्रदेश पर्यवेक्षक पूरणमल नागर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, जिला अध्यक्ष माणक मारन, सम्मेलन संयोजक नरेंद्र मालव और जिला मंत्री कृष्णकांत चौरसिया मौजूद थे। जिला मंत्री कृष्णकांत चौरसिया ने संगठन की गतिविधियों का वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया। मुख्य अतिथि रामदास जी महाराज ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रबोध पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में संस्कार विकसित करने के लिए काम करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने संगठन के 'मेरा विद्यालय-मेरा तीर्थ' अभियान की तारीफ की और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता नरेंद्र कंसुरिया ने कहा कि शिक्षक अपने आचरण से राष्ट्र निर्माण करते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका बताई। प्रदेश उपाध्यक्ष पूरणमल नागर ने जानकारी दी कि संगठन 2.80 लाख सदस्यों के साथ लगातार शिक्षकों के हितों के लिए काम कर रहा है। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन ललित नागर ने किया।

