संत कबीर नगर जिले में आज एक नया केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन किया गया। इस विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्वलन के साथ नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय इंटर कालेज, बनौली के प्राचार्य संतोष कुमार गोंड रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से स्थानीय बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताया। समारोह की अध्यक्षता पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, वायुसेना स्थल, गोरखपुर के प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय ने की। उन्होंने नए विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन अपने अनुशासन और उत्कृष्ट शिक्षा के लिए जाना जाता है। उन्होंने नए स्टाफ और छात्रों को इस नए परिसर में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्रीय विद्यालय संत कबीर नगर के प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव और प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। स्थायी भवन का निर्माण पूरा होने तक यह विद्यालय अस्थायी रूप से राजकीय इंटर कालेज, बनौली, संत कबीर नगर के परिसर में संचालित होगा।
पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का कोर्ट में सरेंडर, रामचरितमानस को बताया था नफरत फैलाने वाला ग्रंथ
बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने सोमवार को बेतिया कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई। चंद्रशेखर ने 2023 में रामचरितमानस पर विवादित बयान देते हुए इसे समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उन पर हिंदुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप है।
FTIR-IICT साझेदारी से राजस्थान में AVGC-XR शिक्षा और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को मिलेगा विस्तार
जयपुर के FTIR और मुंबई के IICT के बीच रणनीतिक साझेदारी हुई है। AVGC-XR शिक्षा के तहत विशेषीकृत पाठ्यक्रम, प्रमाणन, कार्यशाला, मास्टरक्लास, इंटर्नशिप और करियर कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर मिलेंगे।
समग्र शिक्षा की STARS योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित
स्कूल शिक्षा विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित STARS (Strengthening Teaching-Learning and Results for States)
ITBP हेड कांस्टेबल (शिक्षा और तनाव परामर्शदाता) भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी
इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस बल (ITBP) ने हेड कांस्टेबल (शिक्षा और तनाव परामर्शदाता) के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में कुल 16 पद हैं, और आवेदन प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से शुरू होकर 27 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक जानकारी को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। इस भर्ती के लिए आयु सीमा 20 से 25 वर्ष है, और आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 100 रुपये है। अधिक जानकारी के लिए लेख को पूरा पढ़ें।
रोटरी क्लब टोंक, डिस्ट्रिक्ट 3056 की सत्र 2026-27 की नई कार्यकारिणी एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को डाइट रोड स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित हुआ। समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ एजाजी सहित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं बोर्ड सदस्यों ने पद एवं सेवा की शपथ ली।
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए केनरा बैंक ने एक वर्ष की अवधि के लिए विभिन्न राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और भाषा के आधार पर ग्रेजुएट अप्रेंटिस के कुल 3,500 पदों पर नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन मांगे हैं।
सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। केनरा बैंक ने देशभर में ग्रेजुएट अप्रेंटिस के 3500 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली है...
मध्य प्रदेश : सरकार ने राज्य शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के कल्याण के उपाय बढ़ाए
Bhopal , 28 सितंबर . Madhya Pradesh Government ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी उपाय बढ़ा दिए हैं. पिछले चार-पांच दिनों में मृत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति के 851 आदेश जारी किए गए हैं. Monday को जारी बयान में कहा गया कि लंबे समय से लंबित मामलों ... Read more
Lucknow, 28 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Monday को विधानसभा चुनाव को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की Government बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा और शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने के साथ ... Read more
job news 2026: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरेनट डेस्क। आप भी अगर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आप भी इसके लिए आवेदन कर सकते है। पदों का नाम-असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर योग्यता- स्नातक या परास्नातक पास, पत्रकारिता में डिग्री या हिंदी के अलावा किसी और भाषा का ज्ञान होने वाले अभ्यर्थियों को प्रिफरेंस दी जाएगी। आवेदन- ऑफलाइन आवेदन निर्धारित पते पर जमा कर सकते हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि- 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। आयु-न्यूनतम उम्र 20 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 30 साल सैलेरी- प्री रिवाइज्ड पे-बैंड 2 के अनुसार 9300-34,800 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देख सकते हैं आवेदन कहां कर सकते हैं जमा अभ्यर्थी एप्लीकेशन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट या इस पेज पर दिए लिंक से डाउनलोड कर लें। इसके बाद इसे पूर्ण रूप से भरकर साथ में सभी दस्तावेज और फीस डिमांड ड्राफ्ट अटैच करके The Under Secretary (Administration), Press Council of India, Room No. 346, 3rd Floor, Soochna Bhawan, 8 CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi-110 003 पर भेज दें। pc- ecolleague.in
देवरिया में अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह पर सोमवार को दिन में 11 बजे जिला पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। देवरिया एसोसिएशन वेलफेयर ऑफ द डेफ (DAWD) ने 'सभी के लिए सांकेतिक भाषा के अधिकार' विषय पर यह आयोजन किया। देखें, 3 तस्वीरें… इसमें बधिर समुदाय के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। अपर मुख्य अधिकारी प्रियंका चौधरी और अनुवादक शानवी मरोदिया मौजूद थीं। उन्होंने बधिर लोगों की समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। Our Sign Educognitify के निदेशक मोहम्मद फारुख और तबरेज आलम ने शिक्षा के महत्व और भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संस्था के अध्यक्ष जमील अहमद, महासचिव सलमान खान समेत पदाधिकारी और बधिर समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। समापन मुख्य जिला पंचायत अतिथि अर्जुन सिंह की मौजूदगी में हुआ।
UPSC recruitment 2026: 13 पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
PC: kalingatv यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने एडवर्टाइजमेंट नंबर 12/2026 के तहत 13 पोस्ट के लिए एक नया रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, अलग-अलग सेंट्रल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट और ऑर्गनाइजेशन में 13 पोस्ट पर डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन मंगाए गए हैं। ये वैकेंसी जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (शुगर टेक्नोलॉजी), असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल, लॉ ऑफिसर और कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट ग्रेड II (जूनियर स्केल) के पदों के लिए हैं। कमीशन ने 26 सितंबर, 2026 को डिटेल्ड रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया था। एलिजिबल और इंटरेस्टेड कैंडिडेट UPSC एप्लीकेशन पोर्टल upsconline.nic.in के जरिए इन जॉब वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 16 अक्टूबर तक। UPSC रिक्रूटमेंट 2026: वैकेंसी डिटेल्स जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (शुगर टेक्नोलॉजी): 1 असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल: 8 लॉ ऑफिसर: 3 कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट ग्रेड II (जूनियर स्केल): 1 UPSC डायरेक्ट रिक्रूटमेंट 2026: एप्लीकेशन फीस शेड्यूल कास्ट (SC), शेड्यूल्ड ट्राइब (ST) और पर्सन्स विद बेंचमार्क डिसेबिलिटीज़ (PwBD) कैटेगरी को छोड़कर सभी कैंडिडेट्स को 25 रुपये एप्लीकेशन फीस देनी होगी। कैंडिडेट्स को डेडलाइन से पहले ज़रूरी डिटेल्स देकर और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा करना चाहिए। एप्लीकेंट ऑफिशियल UPSC वेबसाइट पर उपलब्ध डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट के ज़रिए रिक्रूटमेंट ड्राइव के बारे में डिटेल्ड जानकारी देख सकते हैं, जिसमें पोस्ट के हिसाब से एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, एज लिमिट, एक्सपीरियंस रिक्वायरमेंट और दूसरी चीज़ें शामिल हैं।
PC: kalingatv ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (OPTCL) एक साल की अप्रेंटिसशिप के लिए 100 ग्रेजुएट, डिप्लोमा और ITI ट्रेड अप्रेंटिस की भर्ती के लिए सही कैंडिडेट की भर्ती के लिए नया रिक्रूटमेंट ड्राइव चला रहा है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर OPTCL-14013/9/2026-T AND D – पार्ट (1) – 14389, तारीख 29 अगस्त 2026 के तहत चलाया जा रहा है। ओडिशा न्यूज़ अपडेट्स एलिजिबल एप्लीकेंट 1 अक्टूबर 2026 तक optcl.co.in पर ऑनलाइन मोड से अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 2 सितंबर 2026 से शुरू हुआ था। ध्यान दें कि एप्लीकेंट को पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। ज़रूरी तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12:00 AM, 2 सितंबर 2026 (बुधवार) ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 11:59 PM, 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) वैकेंसी की जानकारी चार तरह की अप्रेंटिसशिप और ग्यारह सब्जेक्ट में कुल 100 अप्रेंटिस सीटें उपलब्ध हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन डिग्री इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री IT: कंप्यूटर साइंस / इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा सिविल: सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर ह्यूमन रिसोर्स (नॉन-इंजीनियरिंग): पर्सनल मैनेजमेंट / पर्सनल मैनेजमेंट और इंडस्ट्रियल रिलेशन में bMBA (HR) / MSW / PG डिग्री या इसके बराबर फाइनेंस (नॉन-इंजीनियरिंग): किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/इंस्टीट्यूशन से M.Com (फाइनेंस/अकाउंट्स), या ICAI से CMA में इंटरमीडिएट के साथ B.Com, या इसके बराबर लॉ (नॉन-इंजीनियरिंग): LLM / LLB या इसके बराबर ITI इलेक्ट्रीशियन: ITI इलेक्ट्रीशियन ट्रेड या उसके बराबर ITI इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक: इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में ITI या उसके बराबर उम्र सीमा कैंडिडेट की उम्र 1 अगस्त 2026 को 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। नोटिफिकेशन में कोई ज़्यादा से ज़्यादा उम्र सीमा नहीं बताई गई है। स्टाइपेंड की जानकारी डिग्री इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिप्लोमा टेक्नीशियन अप्रेंटिस: Rs 10,900 ITI ट्रेड अप्रेंटिस: Rs 9,600 सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट को इस पोस्ट के लिए एकेडमिक मेरिट, रिटन टेस्ट या इंटरव्यू के आधार पर चुना जाएगा, जैसा कि संबंधित डिसिप्लिन के लिए ज़रूरी है। OPTCL रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करें: डिग्री इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल, IT, टेलीकॉम), डिप्लोमा (इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम, सिविल), और डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग (HR, फाइनेंस, लॉ) के एप्लिकेंट को NATS 2.0 पोर्टल nats.education.gov.in पर रजिस्टर करना चाहिए। वहीं, ITI ट्रेड अप्रेंटिस NAPS पोर्टल apprenticeshipindia.gov.in पर रजिस्टर कर सकते हैं। www.optcl.co.in पर जाएं और फिर “HRD सेक्शन” पर क्लिक करें। ट्रेनिंग और डेवलपमेंट ऑप्शन पर जाएं। अपरेंटिस 2026 की एंगेजमेंट के लिए एडवर्टाइजमेंट और अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। निर्देशों के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें। एप्लीकेशन सबमिट करें।
Canara Bank Recruitment 2026: केनरा बैंक ने 3,500 स्नातक अपरेंटिस पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 1 अक्तूबर से शुरू होंगे। चयन 12वीं या डिप्लोमा के अंकों के आधार पर मेरिट, स्थानीय भाषा परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के जरिए होगा।
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ लागू करने की अपील की
Bengaluru, 28 सितंबर . कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य बीएस शिवन्ना ने Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर अपील की है कि देशभर में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करें. उन्होंने कहा कि राज्य बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई जैसे अलग-अलग शिक्षा पाठ्यक्रमों की जगह ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ अपनाई जानी चाहिए. एमएलसी शिवन्ना ... Read more
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
ग्वालियर में पहली बार आयोजित हुई वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कांफ्रेंस में दो दिन न्यायिक शिक्षा पर मंथन पूरा हुआ।
झारखंड के करीब 1000 समग्र शिक्षा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, 40% वृद्धि का था प्रस्ताव
झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षा परियोजना कर्मियों के मानदेय वृद्धि के लिए एक समिति गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति ने यह निर्णय लिया है, जो अन्य विभागों के मानदेय का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
शिक्षा ही विकसित भारत 2047 की सबसे बड़ी ताकत : अनुराग
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री एवं लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में सेवा करने के लिए पैसों की नहीं, बल्कि अच्छी नीयत, सेवा भाव और समर्पण की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य, शिक्षा की बेहतर पहल, आज से जिले की मंईयां को मिलेगी राशि
बोकारो | सदर अस्पताल में बुधवार से मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सर्जरी (न्यूरो सर्जरी) की सुविधा शुरू होगी। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि इस सेवा के प्रारंभ होने से आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब तबके के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान में सदर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से 550 मरीज आते हैं। इनमें से औसतन 70 मरीज न्यूरो संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं। न्यूरो सर्जरी और परामर्श सेवाओं के संचालन के लिए विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. धर्मेंद्र मोहन प्रसाद की नियुक्ति की गई है। जबकि एनेस्थिसिया में डॉ. पंकज सिन्हा, डॉ. सौरव सांख्यायन, डॉ. महेंद्र प्रसाद सहयोग करेंगे। डॉक्टरों ने बताया कि सिर में गंभीर व लगातार दर्द होना या चक्कर आना। हाथ-पैर में सुन्नता, झुनझुनी या कमजोरी, रीढ़ की हड्डी, गर्दन या पीठ में तीव्र दर्द होने पर न्यूरो सर्जन से सलाह लें।
करमडार-भोजली की परंपरा के बीच शिक्षा का संदेश, कलाकार सम्मानित
भास्कर न्यूज | महासमुंद सहीस सारथी समाज सेवा समिति बिलासपुर के तत्वावधान में ग्राम करमतला स्थित शिवमंगल भवन में दो दिवसीय कुलदेवी करमसेनी जयंती, करमडार एवं भोजली महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें रायगढ़, कोरबा, शक्ति, जांजगीर, महासमुंद और रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से हुई। शाम को झांझ-मंजीरे और कर्मा गीतों की गूंज के बीच करमडार और भोजली दाई को सम्मान के साथ सभागार में लाकर सामाजिक विधि-विधान से स्थापित किया गया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथियों का फूल-माला, गमछा और माता करमसेनी का छायाचित्र भेंट कर सम्मान किया गया। प्रांताध्यक्ष केआर सागर ने कहा कि महोत्सव समाज के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। करमसेनी दाई कर्म की देवी हैं। भादो में फसलों के लहलहाने पर किसान सुख-समृद्धि की कामना के साथ जंगल से करमडार यानी हल्दू की डाल ससम्मान लेकर आते हैं। उन्होंने समाज को शिक्षित बनने और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। प्रांतीय समिति ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले बाल कलाकारों को कॉपी-पेन देकर सम्मानित किया। महिला मंडल को माता करमसेनी की प्रतिमा भेंट की गई। दूसरे दिन करमडार और भोजली के भावभीने विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। संचालन सीताराम सागर ने किया। जिलाध्यक्ष रामनारायण साहनी, तुलेन्द्र सागर सहित प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारी, महिला ब्रिगेड और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। छालीवुड अभिनेता व निर्देशक सुनील सागर के निमंत्रण पर अभिनेता करण खान और अभिनेत्री काजल टीम के साथ महोत्सव में पहुंचे। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह बढ़ा। करण खान ने अपनी फिल्मों के शूटिंग दृश्यों का लाइव प्रदर्शन किया। समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सेक्सोफोन वादक लल्ला साहनी (आरंग) की धुनों ने माहौल को संगीतमय बनाया। शक्ति जिले की महिला कर्मा मंडली, केआर सागर, छलिया साहनी तथा महेंद्र पटेल एवं साथियों के लोक कला मंच ने कर्मा नृत्य-गायन की प्रस्तुतियां दीं। समाजजन रातभर कर्मा गीतों पर थिरकते रहे और जगराता किया।
शिक्षक वर्ग 2 और 3 के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन किया।
डीपीआई ने लंबित अनुकंपा नियुक्ति मामलों में तेजी दिखाते हुए 651 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों और 200 भृत्यों को नियुक्ति दी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रविवार को भी 25 नियुक्ति आदेश जारी किए गए।
छत्तीसगढ़ में दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। 95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन अब पूरी तरह तैयार है। इसमें 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट अंतिम रेलखंड का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इस रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी इलाकों को रेल नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी। दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री ट्रेनें चल रही हैं। अब यह रेल संपर्क रावघाट तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना से जुड़ा वीडियो साझा किया। रेल मंत्री बोले- रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेल मंत्री ने कहा कि 95 किमी लंबी नई रेल लाइन से लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होगी। रायपुर और भिलाई से संपर्क भी होगा मजबूत रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा। रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ व्यापार से जुड़े कामों के लिए लोगों की आवाजाही आसान होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड के पूरा होने को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में आवागमन बेहतर होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व व्यापार के अवसरों को गति मिलेगी। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन में अहम दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रेल लाइन के जरिए लौह अयस्क के परिवहन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने में भी रेल संपर्क उपयोगी होगा। पर्यटन और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने परियोजना को जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और व्यापार के अवसर आसान होंगे। रेल संपर्क बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। 95 किमी लंबी इस रेल परियोजना का पूरा होना दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों का बड़े शहरों से संपर्क बढ़ेगा और लोगों को आवागमन के साथ स्थानीय व्यापार व अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 'न्यायिक शिक्षा के क्षितिज का विस्तार' विषय पर आयोजित दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हो गया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 27 सितंबर को दो अलग-अलग सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने डिजिटल चुनौतियों और समावेशी न्याय प्रणाली पर अपनी बात रखी। पहला सत्र: तकनीक से न्याय में तेजी, पर चुनौतियां भी कम नहीं दिन के पहले सत्र 'न्यायिक शिक्षा का डिजिटल रूपांतरण: अवसर, चुनौतियां और आगे का रास्ता' में कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंद राज और मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सुधाकर कालगांवकर ने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बना रही है और इसके लिए न्यायिक अधिकारियों को किस प्रकार प्रशिक्षित करने की जरूरत है। दूसरा सत्र: संवेदनशील व समावेशी न्याय व्यवस्था पर जोर दूसरे सत्र 'संवेदनशील और समावेशी न्याय के लिए न्यायिक सक्षमताओं का निर्माण' विषय पर गुजरात हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी और उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुभाशीष तालपत्रा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समाज के हर वर्ग तक निष्पक्ष और संवेदनशील न्याय पहुंचाने के पहलुओं को रेखांकित किया। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने दिया धन्यवाद भाषण कार्यक्रम के अंत में मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति जी. एस. अहलूवालिया ने दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के सभी सत्रों के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया और ज्ञानार्जन के मुख्य पहलुओं को साझा करते हुए आभार व्यक्त किया। BSF के डॉग शो ने मोहा मन दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बीएसएफ टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा एक विशेष डॉग शो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित श्वानों के करतबों को सराहा गया।
मारवाड़ राजपूत सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत के रविवार को पाली आने पर राजपूत समाज की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत ने अपने संबोधन में EWS से संबंधित प्रावधानों के सरलीकरण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम तरीके से मिलना चाहिए। भामाशाह भंवर सिंह मंडली ने साफा पहनाकर माल्यार्पण किया। विमलेन्द्र सिंह राणावत ने शिक्षा के महत्व को बताया। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान पार्षद विक्रमपाल सिंह चौहान और मारवाड़ राजपूत सभा के उपाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान का भी साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंच संचालन बलवीर सिंह राणावत ने किया। श्री राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अजयपाल सिंह हेमावास ने बताया कि कार्यक्रम में गोपाल सिंह शेखावत, बाघ सिंह कुंपावत, महावीर सिंह कुंपावत, दलपत सिंह कुंपावत, वीरेन्द्र सिंह नरूका, छोटू सिंह उदावत, छैल सिंह कुंपावत, जितेंद्र सिंह भाटी, जवान सिंह मानी, दिलीप सिंह जोधा, चंद्रेशपाल सिंह, महेंद्र सिंह चांदावत, गुलाब सिंह गिरवर, पर्वत सिंह वेलार, उम्मेद सिंह टेवाली, प्रवीण सिंह भाटी, प्रताप सिंह कुंपावत एवं शक्ति सिंह हेमावास सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक हितों, समाज की एकता और संगठन की मजबूती को लेकर चर्चा की गई।
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव को तलब किया हैं। रेट ने यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। आदेश में कहा गया है कि संयुक्त शासन सचिव 7 दिन में रेट के पूर्व आदेश की पालना करें, वरना 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें। संयुक्त शासन सचिव ने प्रार्थी को कर दिया था निलंबित अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि संयुक्त शासन सचिव ने 15 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर प्रार्थी को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश के विरुद्ध प्रार्थी ने अधिकरण के समक्ष अपील प्रस्तुत कर चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने 17 अप्रैल को निलंबन आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया था। चार महीने में भी कार्यग्रहण नहीं करवाया रेट के आदेश के बाद प्रार्थी ने विभाग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कार्यग्रहण करवाने की गुहार लगाई। लेकिन विभाग ने अधिकरण के आदेश के चार महीने का समय गुजरने के बाद भी प्रार्थी को कार्यग्रहण नहीं करवाया। इसे लेकर प्रार्थी ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अवमानना याचिका दायर की। इस पर अधिकरण ने विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। लेकिन विभाग ने इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर अधिकरण की बेंच ने सुनवाई कर संयुक्त शासन सचिव को पालना करने के आदेश दिए है और आदेश की पालना नहीं करने पर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
ईरान में शिक्षा और औद्योगिक विकास: 85% स्टेशनरी का घरेलू उत्पादन
साक्षरता दर और तकनीकी कौशल में बढ़ोतरी से ईरान ने प्रतिबंधों के बावजूद स्टेशनरी उद्योग को आत्मनिर्भर बनाया है।
सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा जारी एक आदेश के 24 घंटे के भीतर रद होने का मामला गर्मा गया है।
डीग में राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (प्राचार्य) रेसा-पी की नई जिला कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव हुआ। रविवार को हुए जिला स्तरीय सम्मेलन में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय डीग के प्रिंसिपल मुकेश शर्मा को अध्यक्ष चुना गया। प्राचार्य अरविंद कुमार कौशल जिला मंत्री और प्राचार्य भगवानदास गुप्ता कोषाध्यक्ष बने। कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह मुख्य अतिथि थे। निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र सिंह और जिले के कई प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में प्राचार्यों की सेवा और प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा हुई। साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 'समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम रेसा-पी'मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह ने रेसा-पी को समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम बताया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि संगठन सिर्फ सेवा मामलों तक सीमित नहीं रहेगा। यह शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के विकास पर भी काम करेगा। प्राचार्यों के अनुभव साझा करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। जिला मंत्री अरविंद कुमार कौशल ने कहा कि सभी प्राचार्यों के सहयोग और मार्गदर्शन से संगठन को मजबूत बनाया जाएगा तथा सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला कोषाध्यक्ष भगवानदास गुप्ता ने सभी प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में नोडल प्राचार्य गोपाल प्रसाद, कन्हैयालाल शर्मा, शिवराम सिंह गुर्जर, नीरज शर्मा, ललितेश गुप्ता, रजनी शर्मा, सुमित्रा धंधेल, धर्मेंद्र शर्मा, चरण सिंह, विष्णु कुमार शर्मा सहित जिले के सैकड़ों प्राचार्यों ने सहभागिता की। प्रांतीय पर्यवेक्षक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य सुरेंद्र कुमार शर्मा 'सार्थक' ने निर्विरोध निर्वाचन को संगठन की एकजुटता, समरसता और सर्वसम्मति का संदेश बताया।
डिजिटल शिक्षा में भारतीय भाषाओं की बढ़ती भूमिका पर DU के DCAC में राष्ट्रीय सेमिनार
दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स (DCAC) में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें भारतीय भाषाओं, डिजिटल शिक्षा, AI, अनुवाद और नई तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल युग में भारतीय भाषाओं को शिक्षा, शोध और ज्ञान निर्माण से जोड़ना समय की जरूरत है.
आमली में ₹95 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन, शिक्षा और सड़क सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
बारां के अटरू क्षेत्र के आमली गांव में विधायक राधेश्याम बैरवा ने ₹95 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। इनमें विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष, बरामदा और महादेव मंदिर मार्ग का निर्माण शामिल है।
भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (RMPI) के जिला वित्त सचिव बलदेव सिंह पंडोरी ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि मौजूदा शासक वर्ग साजिश के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा इतनी महंगी कर दी गई है कि यह केवल अमीरों की जागीर बनकर रह गई है, जिसके चलते गरीब और मध्यम वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी का मुंह तक नहीं देख पा रहे हैं। नशे की दलदल में धकेले जा रहे युवा बलदेव सिंह पंडोरी ने तरनतारन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि देश और प्रदेश के गरीब बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों से लगातार वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार की रोजगार-विरोधी तथा निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। काम न मिलने और दर-दर भटकने की मजबूरी के कारण आज पंजाब का युवा भयंकर मानसिक तनाव में है और धीरे-धीरे नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। भगवंत मान सरकार पर दागे तीखे सवाल पंजाब की 'आप' सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए आरएमपीआई नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान युवाओं को घर-घर रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आए थे। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत है—जब युवा अपने हक का रोजगार मांगने सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर पुलिसिया लाठियां बरसाई जाती हैं और उन्हें जेलों में डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। जिन गिने-चुने पदों पर भर्ती की भी जा रही है, वे महज अस्थायी और अपर्याप्त हैं।
पीएम श्री विद्यालय आमेट का औचक निरीक्षण, उपनिदेशक ने परखी शिक्षा और व्यवस्थाएं
समग्र शिक्षा जयपुर के उपनिदेशक महेंद्र प्रताप गर्ग ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आमेट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, प्रयोगशाला, पीएम श्री गतिविधियों, अभिलेखों और विद्यालय व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने क्लर्क, ड्राइवर, फील्ड आर्टिस्ट और अनुवादक समेत 70 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवार भी कुछ पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में घोषणा की कि अगले वर्ष से बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी।
केस-1: सूर्यमणि कुमार पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में कर्मचारी हैं। इनकी पकड़ अधिक है। पिछले डेढ़ दशक से इसी ऑफिस में तैनात हैं। यहां का हर व्यक्ति और हर काम उनसे परिचित है। इस दफ्तर में पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों के नजदीकी बन जाते हैं। केस-2: कमलेश 10 साल से अधिक समय से पटना के RDEO ऑफिस में तैनात हैं। कार्यालय के लगभग हर काम में माहिर हैं। हर अधिकारी के पसंदीदा बनने में उन्हें अधिक समय नहीं लगता। दरअसल, बिहार के लगभग हर क्षेत्रीय कार्यालय की स्थिति ऐसी ही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के रिजनल ऑफिस में कई कर्मचारी नौकरी शुरू करने के बाद वहीं से रिटायर हो जाते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह तैनात रहने के कारण वे ऑफिस में प्रभावशाली स्थिति बना लेते हैं। स्पेशल रिपोर्ट में जानिए ऐसे करीब 10,000 कर्मचारियों के साथ क्या होने वाला है? राज्य सरकार की क्या तैयारी है? बदलेंगे कर्मचारियों के कैडर और ट्रांसफर-पोस्टिंग के नियम बिहार के शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों को लेकर सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। अभी कई स्तरों पर कर्मचारियों का कैडर जिला या प्रमंडल आधारित है। ऐसे में कर्मचारी उसी कैडर क्षेत्र में ट्रांसफर होते हैं, जिससे लंबे समय तक एक क्षेत्र में रहने की स्थिति बनती है। विभाग के स्तर पर अब इस व्यवस्था में बदलाव पर काम चल रहा है। क्षेत्रीय कार्यालयों में क्यों वर्षों से जमे हैं कर्मचारी? बिहार के सरकारी कार्यालयों में अलग-अलग पदों के लिए अलग कैडर व्यवस्था है। किसी कर्मचारी का कैडर राज्य स्तर का है तो किसी का प्रमंडल या जिला स्तर का। यही वजह है कि हर कर्मचारी का ट्रांसफर पूरे बिहार में नहीं हो सकता। संबंधित संवर्ग की नियमावली यह तय करती है कि कर्मचारी का तबादला किस क्षेत्र तक किया जा सकता है। बिहार में किस स्तर पर कैडर की व्यवस्था है? बिहार के सरकारी कार्यालयों में मोटे तौर पर अलग-अलग स्तरों पर संवर्ग बनाए गए हैं। इनमें राज्य स्तर, प्रमंडल स्तर और जिला स्तर की व्यवस्थाएं शामिल हैं। 1. राज्य स्तर का कैडर राज्य स्तर के कैडर में आने वाले कर्मचारियों की सेवा और तबादला व्यवस्था पूरे राज्य के दायरे में हो सकती है। ऐसे संवर्गों में संबंधित विभाग की जरूरत के अनुसार पोस्टिंग किया जाता है। इस स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में एसडीओ, डीएसपी, बीडीओ, कल्याण पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी जैसे पदों की अलग-अलग सेवा नियमावलियां हैं। वहीं, सचिवालय और विभागीय कार्यालयों में सहायक, यूडीसी और एलडीसी जैसे पद भी हैं। 2. प्रमंडलीय स्तर का कैडर दूसरा स्तर प्रमंडल का है। इस व्यवस्था में कर्मचारी एक प्रमंडल के भीतर अलग-अलग कार्यालयों में तैनात किए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग के कुछ अधीनस्थ कार्यालयों के लिपिकीय संवर्ग है। इसका असर यह होता है कि कर्मचारी का ट्रांसफर प्रमंडल के बाहर आसानी से नहीं हो पाता। यानी प्रमंडल के संवर्ग का कर्मचारी लंबे समय तक इसी प्रमंडल में अलग-अलग कार्यालयों में काम करता रहता है। 3. जिला स्तर का कैडर तीसरा स्तर जिला आधारित कैडर है। इस व्यवस्था में कर्मचारी का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से संबंधित जिले तक सीमित रहता है। जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के कार्यालयों में ऐसे कर्मचारियों की तैनाती होती है। इससे किसी जिले में लंबे समय से काम कर रहा कर्मचारी उसी जिले के अलग-अलग ऑफिस में घूमता रहता है। कैडर बदलने तक उसका कार्यक्षेत्र मूल रूप से उसी सीमा में रहता है। जमे-जमाए कर्मचारियों पर नई पॉलिसी से क्या असर होगा? शिक्षा विभाग के स्तर पर लंबे समय से एक ही कार्यालय या क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विभाग का मानना है कि किसी ऑफिस में कर्मचारी का लंबे समय तक बने रहना प्रशासनिक दृष्टि से हमेशा उचित नहीं है। खासकर उन कार्यालयों में जहां विभागीय काम से रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह रहने से कर्मचारी को कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी हो जाती है। जैसे, कौन सा काम किस स्तर पर होता है, कौन सी फाइल कहां जाती है और किस प्रक्रिया में कितना समय लगता है। यहीं से समानांतर व्यवस्था बनने की आशंका पैदा होती है। किसी अधिकारी का तबादला होने के बाद भी यदि कार्यालय का पुराना सिस्टम जस का तस बना रहता है तो अधिकारी के लिए व्यवस्था में बदलाव करना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से अब सिर्फ अधिकारियों के ट्रांसफर के बजाय कार्यालय के कर्मचारियों की तैनाती को भी व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारी बदलते हैं, लेकिन सिस्टम वही रहता है शिक्षा विभाग में अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादला होता रहता है, लेकिन ऑफिस में काम करने वाले कई कर्मचारी लंबे समय तक वहीं बने रहते हैं। ऐसे में नया अधिकारी जब कार्यालय संभालता है तो उसे कामकाज समझने के लिए उन्हीं पुराने कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है। यही निर्भरता विभाग के लिए चिंता का विषय है। ट्रांसफर सुधार पर जोर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के स्तर से शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था को लेकर लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षकों के लिए 2026 में नई ट्रांसफर व्यवस्था लागू की गई है। इसमें ऑनलाइन आवेदन और तय प्रक्रिया के माध्यम से स्थानांतरण की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने शिक्षकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर दिया है। अगस्त 2026 में भी विभाग की ओर से कहा गया था कि बिना ऑनलाइन आवेदन के शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। अब इसी तरह कर्मचारियों की तैनाती व्यवस्था को भी अधिक व्यापक और जरूरत आधारित बनाने की तैयारी की जा रही है। यहीं से रेशनलाइजेशन का आइडिया लिया गया है। किस स्तर पर बदलाव की तैयारी है? विभागीय सूत्रों के अनुसार नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसका पहला लक्ष्य कैडर की सीमा को लेकर है। अभी जहां संबंधित कर्मचारी का कैडर जिला या प्रमंडल स्तर तक सीमित है। नई व्यवस्था में इसे राज्य स्तर तक ले जाने का प्रस्ताव है। इसका मतलब यह होगा कि शिक्षा विभाग के संबंधित संवर्ग के कर्मचारी को जरूरत के अनुसार बिहार के किसी भी जिले में तैनात किया जा सकेगा। पांच साल का अंतराल तय होने के आसार प्रस्ताव में दूसरा अहम बिंदु कर्मचारियों के एक स्थान पर रहने की अवधि को लेकर है। सूत्रों के अनुसार पांच साल का अंतराल तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है। कर्मचारियों की संख्या के अनुसार होगा ट्रांसफर नई व्यवस्था का दूसरा बड़ा हिस्सा रेशनलाइजेशन होगा। सरल भाषा में इसका मतलब है, जहां जितने कर्मचारियों की जरूरत है, वहां उतने ही कर्मचारी रहें। अभी किसी ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो सकती है, जबकि दूसरे कार्यालय में काम के मुकाबले कर्मचारी कम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादा कर्मचारी वाले कार्यालय से कर्मचारियों को कम कर्मचारी वाले कार्यालय में भेजा जा सकता है। शिक्षा विभाग में यह मॉडल शिक्षकों की तैनाती में भी चर्चा में रहा है। विभाग ने जरूरत से अधिक शिक्षकों को कमी वाले जिलों में भेजने की योजना पर काम किया जा रहा है। 1 लाख 6 हजार से अधिक शिक्षक को रेसलाइजेंशन के जरिए ट्रांसफर किया जा रहा है। अब कर्मचारियों के मामले में भी इसी तरह की जरूरत आधारित तैनाती का प्रस्ताव सामने आ रहा है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों पर क्या असर होगा? रेशनलाइजेशन लागू होने की स्थिति में सबसे पहले कर्मचारियों की वास्तविक जरूरत का आकलन करना होगा। पटना, गया या मुजफ्फरपुर जैसे जिलों के जिला शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारी अधिक हैं। नियमावली में सिर्फ एक लाइन जोड़कर हो सकता है बदलाव सूत्रों के अनुसार मौजूदा नियमावली में संशोधन के लिए बड़े पैमाने पर नई नियमावली बनाने के बजाय मौजूदा प्रावधान में संशोधन किए जाने की तैयारी है। सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा?
परियोजना बालिका स्कूल भवन का भूमिपूजन,बेटियों की शिक्षा को मिलेगा आधार
इटखोरी प्रखंड मुख्यालय स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, इटखोरी के नए भवन निर्माण कीशनिवार को विधिवत शुरुआत हुई।भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम वैदिकमंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ।भाजपा जिला महामंत्री मृत्युंजय सिंहने मुख्य अनुष्ठान कर शिलान्यासकिया। पंडित अमोद पांडेय नेविधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई।करीब 3 करोड़ रुपए की लागत सेविद्यालय का नया भवन बनायाजाएगा।इस मौके पर मृत्युंजय सिंह ने कहाकि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण औरसुरक्षित शिक्षा उपलब्ध करानासरकार की प्राथमिकता है। उन्होंनेकहा कि विद्यालय का पुराना भवनजर्जर हो चुका था, जिससे छात्राओंको पठन-पाठन में परेशानी होती थी।नए भवन के निर्माण से 500 सेअधिक छात्राओं को बेहतर शैक्षणिकवातावरण मिलेगा। उन्होंने निर्माणकार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यानरखने और निर्धारित समय पर भवनपूरा करने को कहा।प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारीकैलाशपति पातर ने बताया कि भवनका निर्माण शिक्षा विभाग की योजनाके तहत किया जा रहा है। नए भवनमें आधुनिक कक्षा-कक्ष, विज्ञानप्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष,पुस्तकालय, प्रधानाध्यापक कक्ष औरछात्राओं के लिए अलग शौचालयपरिसर सहित आवश्यक सुविधाएंउपलब्ध होंगी। विद्यालय प्रबंधनसमिति की अध्यक्ष प्रतिमा कुमारी नेकहा कि परियोजना बालिका उच्चविद्यालय क्षेत्र की बालिकाओं केलिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। नएभवन के निर्माण से छात्राओं कोबेहतर सुविधाएं मिलेंगी औरअभिभावकों में भी खुशी है। इससेविद्यालय में नामांकन बढ़ने कीउम्मीद है। प्रधानाध्यापक विनीतकुमार ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों,शिक्षकों, छात्राओं, एसएमसी सदस्योंऔर ग्रामीणों का आभार जताया। भूमिपूजन कार्यक्रम में विद्यालय केशिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्राओं, समितिके सदस्यों सहित बड़ी संख्या मेंग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंतमें श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों केबीच प्रसाद का वितरण किया गया।
शिक्षा विभाग: 2 नवाचारों को मिला ‘स्कॉच अवॉर्ड’
प्रदेश के शिक्षा विभाग के दो नवाचार ‘खुशीशाला खुद की खोज’ और ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच पुरस्कार मिला है। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड में स्कॉच समूह के 110वें शिखर सम्मेलन में दोनों पहलों को सम्मानित किया गया। राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि ‘खुशीशाला खुद की खोज’ विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण, करुणा और सकारात्मक कक्षा वातावरण को मजबूत करने पर केंद्रित है। ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक आधारित आकलन से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति समझने, आंकड़ों के आधार पर समीक्षा और आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रयास है। चार माह चली प्रक्रिया: स्कॉच पुरस्कार की करीब चार माह की प्रक्रिया 3 जून 2026 को पंजीकरण एवं नामांकन से शुरू हुई। अखिल भारतीय स्तर पर निर्णायक मंडल के समक्ष परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके बाद परियोजनाएं स्कॉच की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गईं, जहां निर्धारित मानकों पर अंक निर्धारण एवं मूल्यांकन हुआ। राजस्थान की ‘प्रखर राजस्थान’, ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ और ‘खुशीशाला खुद की खोज’ सेमीफाइनल के लिए चयनित हुईं। विभाग को सेमीफाइनल प्रमाण पत्र मिला। पुनः प्रस्तुतिकरण के बाद अंतिम चरण में ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ और ‘खुशीशाला खुद की खोज’ चयनित हुईं और दोनों को स्कॉच पुरस्कार मिला। समारोह में उपायुक्त सुनीता यादव, उपनिदेशक जयदयाल गोयल सहित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर के विभागीय अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रमुख शिक्षा सचिव के खिलाफ जमानती वारंट, हाईकोर्ट में तलब
अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने अदालती नोटिस तामील होने के बाद भी अदालत में खुद या अधिवक्ता के पेश नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव को 5 हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया है। जस्टिस अनुरूप सिंघी ने यह निर्देश प्रदीप व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि मामले में पक्षकार बनाए गए प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव की ओर से उपस्थित होने के लिए उन्हें कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर अदालत ने प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव को जमानती वारंट से तलब किया है। मामले से जुड़े अधिवक्ता आमिर खान ने बताया कि महात्मा गांधी व विवेकानंद मॉडल स्कूल में पूर्व शिक्षकों को चयन और साक्षात्कार के बाद भी नई जगह पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त नहीं किया था। जिस पर प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 8 सितंबर, 2025 को प्रार्थियों को राहत देते हुए विभाग को निर्देश दिए थे। इस आदेश की पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई। पिछली सुनवाई पर अदालत ने अवमानना नोटिस जारी कर संबंधित अफसरों को तलब किया, लेकिन नोटिस तामील होने के बावजूद प्रमुख शिक्षा सचिव की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।
लोक शिक्षण संचालनालय ने महज पांच दिन में 851 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति देकर आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें 651 को तृतीय श्रेणी कर्मचारी के पद पर और 200 को भृत्य के पद पर पोस्टिंग दी गई। इसका एक बड़ा फायदा जिलों और संभाग में हुआ। यहां औसतन हर संभाग और जिलों को लगभग 10 से 12 कर्मचारी मिल गए। यह पद लंबे समय रिक्त थे। रविवार को भी अनुकंपा के 25 मामलों के आदेश जारी होने की सूचना है। इसके बाद संचालनालय द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कर्मचारियों की पेंशन और दूसरे प्रकरण के मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आयुक्त कार्यालय की तरफ से एक गूगल लिंक जारी की गई है। यह लिंक सीधे सभी को भेजी गई, ताकि परेशान कर्मचारी अपनी जानकारी सीधे भर सके। इस जानकारी की समीक्षा आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा अपनी निगरानी में कराई जाएगी। जिलों में समाधान शिविर भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें क्रमोन्नति और समयमान, वेतनमान प्रकरणों के साथ विभागीय जांच के मामलों की समीक्षा की जाएगी। इन सभी मामलों की जानकारी भरकर सभी संयुक्त संचालकों को रविवार तक भेजना है। स्कूल शिक्षा की तर्ज पर होंगे अनुकंपा मामलों के निराकरण मप्र में करीब 23 हजार अनुकंपा नियुक्ति के मामले लगभग एक दशक से अटके हैं। इनका निराकरण करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से जानकारी मांगी है। इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले लोक शिक्षण संचालनालय ने 600 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति के मामलों की समीक्षा करके नियुक्ति आदेश भी कर दिया। अब जानकारी यह आ रही है कि इसी तर्ज पर बाकी विभागों को भी काम करने के लिए कहा गया है। जानकारी यह मिली है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने मातहतों को कहा है कि वे जिलों से पूरी जानकारी जुटाएं। कौन अधिकारी आदेश जारी करने के लिए सक्षम हैं, उनके पदनाम, सभी लंबित मामलों की सूची बनवाएं और इसे एक साथ करके फाइल बनाएं। यह काम अगले 15 से 20 दिन में करना है। इसके बाद जो अफसर अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए सक्षम हैं, उन्हें भोपाल बुलाकर तत्काल आदेश जारी कराया जाएगा। इस कवायद केवल अनुकंपा नियुक्ति ही नहीं, बल्कि पेंशन और चतुर्थ से तृतीय श्रेणी के सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्नति के और विभागीय लंबित प्रकरण शामिल है। इन सभी प्रकरणों का संभाग और जिलावार ब्यौरा तैयार करना है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में इन सभी मामलों को लेकर समीक्षा बैठक होगी।
Sonipat News: कार्यक्रम में पोषण-शिक्षा पर दिया जोर
Emphasis placed on nutrition education at the event.
Jind News: 423 स्कूलों में निपुण मिशन से 32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा
Foundational education of 32,852 children across 423 schools will be strengthened through the Nipun Mission.
Solan News: विद्यालय के विकास और बच्चों की शिक्षा पर चर्चा
राजकीय उत्कृष्ट उच्च विद्यालय बीनू में शनिवार को बैठक का आयोजन किया गया।
Sirmour News: ददाहू स्कूल में सहशिक्षा की शुरुआत, 63 छात्राओं ने लिया प्रवेश
ददाहू स्कूल में सहशिक्षा की शुरुआत, 63 छात्राओं ने लिया प्रवेश
Chandauli News: 100 छात्राओं को आवासीय सुविधा के साथ मिलेगी शिक्षा
100 female students will receive education along with residential facilities.
बिहार सरकार की पहली प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराना है : रामकृपाल यादव
दानापुर, 26 सितंबर . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी Saturday को दानापुर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी-2026 में शामिल हुए. यहां उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ क्लास रूम में बैठकर उनसे संवाद किया. सीएम ने अगले वर्ष से सभी Governmentी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की दिशा में ... Read more
स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग में चार दिन में रिकार्ड बनाया है। एक साथ इतनी अधिक अनुकम्पा नियुक्ति किसी दूसरे और विभाग ने नहीं दी है। चार दिन में विभाग ने 851 अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी कर भृत्य और सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। उधर स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यवाही के बाद दूसरे विभागों पर भी इसके लिए दबाव बना है और वहां भी इसकी तैयारी की जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के तत्काल निराकरण की दिशा में शनिवार को 251 और नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही पिछले 4 दिनों में कुल 851 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को सम्मानजनक जीवन का आधार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूसरी ओर आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने कहा कि अभी कुछ और अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी हो सकते हैं। बताया जाता है कि आयुक्त सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए संभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों से कैम्पेन के तौर पर कार्यवाही कराई और प्रमोशन से रिक्त पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कराकर वर्षों से पेंडिंग केस का निराकरण किया है। नगरीय विकास, पंचायत और आदिवासी विकास में भी पेंडेंसी प्रदेश में भारी भरकम अमले वाले विभागों में नगरीय विकास और आवास विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास, उच्च शिक्षा आदिवासी विकास विभाग समेत जल संसाधन और अन्य विभाग हैं। इन विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति के पेंडिंग मामलों की संख्या अधिक है। अब जबकि स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान चलाकर अनुकम्पा नियुक्ति दी है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसकी समीक्षा भी करने वाले हैं तो दूसरे विभागों पर भी नियुक्ति के लिए दबाव बना है। साथ ही सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर दूसरे विभागों में क्यों आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं जबकि वहां प्रमोशन की कार्यवाही पहले ही हो चुकी है।
गुरु-शिष्य परंपरा और आधुनिक शिक्षा पर जोर, मुंडोती में शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित
मुंडोती के उच्च माध्यमिक विद्यालय में भारतीय शिक्षण मंडल और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय इकाई ने शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया। गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कार, गणित शिक्षा और शोध पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया।
रजत जयंती पर 39 प्रतिभाओं का सम्मान, शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में उतारने का आह्वान
खेरवाड़ा में शांतिनाथ दिगम्बर जैन समाज एवं युवा परिषद के प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह की रजत जयंती मनाई गई। 31 विद्यार्थियों, 8 अध्यापिकाओं और वरिष्ठ समाजजनों का सम्मान किया गया।
राजस्थान की शिक्षा में नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, दो पहलों को स्कॉच पुरस्कार
नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड में स्कॉच समूह द्वारा आयोजित
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन से जुड़े 5 प्रभावशाली नेताओं के बेटों की एंट्री हुई है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद पर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी ने कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन भरा है। भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव ने सचिव और उपाध्यक्ष पद पर नामांकन दाखिल किया है। RCA चुनाव में 3 गुट आमने-सामनेRCA चुनाव में 3 गुट बन गए हैं। पहला गुट स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर का है। दूसरा गुट पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ का है। तीसरा गुट बृज किशोर उपाध्याय का है। तीसरे गुट के बृजकिशोर शर्मा ने अध्यक्ष पद पर, रतन सिंह उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) पद पर, पिंकेश पोरवाल सचिव (सेक्रेटरी, राजेश सारस्वत संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी), विष्णु अग्रवाल कोषाध्यक्ष, अरिष्ट सिंघवी ने कार्यकारी सदस्य (एग्जीक्यूटिव मेंबर) के पद पर नामांकन किया है। दूसरे गुट के लिए पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद पर मनोज शर्मा, कोषाध्यक्ष के पद पर सुशील जैन, जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर सुशील जैन और रतन सिंह, सदस्य के पद पर धर्मवीर सिंह ने नामांकन दाखिल किया। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर ने नामांकन दाखिल करने पहुंचकर चुनावी समीकरणों को और गरमा दिया। धनंजय सिंह ने कहा- हमारे पास सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं आई है, इसलिए हम नामांकन भरने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे पैनल को लेकर भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं भाजपा समर्थित जिला क्रिकेट संघों का कहना है कि सरकार और संगठन की ओर से जो निर्देश दिए जाएंगे, वे उसी के अनुसार आगे काम करेंगे। खबर के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….
एसबीआई में 207 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, 5 अक्टूबर तक करें अप्लाई
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, एसबीआई ने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर स्पेशलिस्ट कैडर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। कुल 207 पदों पर रिक्तियों की घोषणा की गई है।
लॉ ऑफिसर और जेटीओ सहित कई पदों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
वे यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आज यानी 26 सितंबर से इन पदों के लिए अप्लाई कर सकते है। इन पदों पर आवेदन करने की लास्ट डेट 16 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है।
परिषदीय विद्यालयों में बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों को पात्रता पूरी करने का अवसर देने के लिए पहली बार आयोजित की जा रही स्पेशल टीईटी में अब शिक्षामित्र भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए आवेदन पोर्टल खोल दिया गया है। शिक्षामित्र 4 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इससे प्रदेश में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों में से लगभग 73 हजार को टीईटी पास करने का अवसर मिलेगा। करीब 70 हजार शिक्षामित्र पहले ही यूपीटीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। शिक्षामित्रों ने स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उन्हें भी परीक्षा में शामिल करने की मांग उठाई थी। इसके बाद विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने का अनुरोध किया था। तर्क दिया था अन्य शिक्षकों को मौका तो शिक्षामित्रों को क्यों नहीं एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा था कि जब अन्य शिक्षकों, सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षक) और एजुकेटर्स को विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है तो लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षामित्रों को विभागीय स्तर पर स्पेशल टीईटी में शामिल करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर मिलने से वर्षों से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र अपनी पात्रता पूरी कर सकेंगे और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। 18 हजार रुपए मानदेय, टीईटी पास करने से पात्रता पूरी करने का मौका प्रदेश में शिक्षामित्रों को राज्य सरकार की ओर से वर्तमान में 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। स्पेशल टीईटी में शामिल होने का मौका मिलने से बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को निर्धारित पात्रता पूरी करने का अवसर मिलेगा। 5 सितंबर से शुरू है आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा विशेष टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो चुकी है। 4 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख है। परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। यह परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है। 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य सुप्रीम कोर्ट ने बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में विशेष टीईटी आयोजित की जा रही है। स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने से अब बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षामित्रों के लिए भी टीईटी पास करने का रास्ता खुल गया है, जो अभी तक इसकी पात्रता पूरी नहीं कर सके थे।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सत्ता से बाहर रहने को लेकर हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सत्ता पाने के लिए इतनी तड़प क्यों है और इसके लिए राजनीतिक मर्यादाओं की सीमाएं क्यों लांघी जा रही हैं। महिपाल ढांडा ने कहा कि जब कांग्रेस के पास सत्ता थी, तब उन्हें प्रदेश की सेवा करने का पूरा अवसर मिला था। अगर उस दौरान कांग्रेस ने जनता के हित में काम और अच्छे कर्म किए होते, तो आज उन्हें सत्ता से बाहर रहकर इस तरह उतावलापन नहीं दिखाना पड़ता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भी सालों तक विपक्ष में रही, लेकिन कभी इस तरह की उतावली राजनीति नहीं की। कांग्रेस ने सत्ता में रहकर केवल भ्रष्टाचार और लूट-खसोट की, यही वजह है कि अब सत्ता हाथ से निकलने पर उनकी बेचैनी साफ झलक रही है। सेवा संकल्प अभियान: अजीजुल्लापुर में पौधारोपण, सिविल अस्पताल में बांटे फल राजनीतिक हमले के साथ-साथ शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के तहत आयोजित कई सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अजीजुल्लापुर गांव के पास पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर नैनो वन के रूप में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद महिपाल ढांडा पानीपत के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से उनका हाल-चाल जाना और उन्हें फल व पौष्टिक आहार वितरित किए। कांग्रेस सत्ता के बिना रह नहीं पा रही है। जब जनता ने सेवा का मौका दिया था, तब भ्रष्टाचार किया। अब सत्ता जाने के बाद उनके नेता मर्यादाएं लांघ रहे हैं।
बिना लिखित परीक्षा पाएं सरकारी नौकरी! NHM में 4,724 स्टाफ नर्स पदों पर सीधी भर्ती, जानें आखिरी तारीख
pc: abplive नेशनल हेल्थ मिशन, तमिलनाडु (NHM-TN) ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में संविदा (Contractual) आधार पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें: कुल पद: 4,724 (स्टाफ नर्स) आवेदन की अंतिम तिथि: 25 सितंबर (शाम 5:00 बजे तक) आवेदन का तरीका: ऑफलाइन (जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करें) मासिक वेतन: ₹21,000 प्रति माह (संविदा आधार पर) चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा — शैक्षणिक अंक, अनुभव और मेरिट के आधार पर (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ)। शैक्षणिक योग्यता व पात्रता: डिग्री/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान (Indian Nursing Council से संबद्ध) से B.Sc Nursing या GNM होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का Tamil Nadu Nurses and Midwives Council में वैध रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। किन विभागों/संस्थानों में होगी नियुक्ति? जिला स्तर पर पदों का आवंटन निम्नलिखित विभागों के अधीन आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में होगा: डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nhm.tn.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म और जिलावार वैकेंसी डिटेल्स डाउनलोड करें। दस्तावेज़ संलग्न करें: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। इसके साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन, फोटो और पहचान पत्र की कॉपियां अटैच करें। फॉर्म जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म 25 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले संबंधित जिले के District Health Officer (DHO) या District Health Society (DHS) के कार्यालय में पहुँचाएँ।
रेलवे में 12वीं पास के लिए निकली 1688 नौकरियां, RRB NTPC का नोटिफिकेशन जारी
pc: abplive रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) अंडरग्रेजुएट पदों के लिए CEN 07/2026 के तहत शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न रेलवे जोन में कुल 1,688 रिक्त पदों को भरा जाएगा। महत्वपूर्ण तिथियां: विस्तृत नोटिफिकेशन: 14 अक्टूबर 2026 ऑनलाइन आवेदन शुरू: 15 अक्टूबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 13 नवंबर 2026 (रात 11:59 बजे तक) पद, संख्या और शुरुआती वेतन (7th CPC): कमर्शियल कम टिकट क्लर्क: 700 पद (शुरुआती वेतन: ₹21,700) जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 600 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट: 200 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) ट्रेन क्लर्क: 188 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) योग्यता और आयु सीमा: शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) पास। टाइपिस्ट पदों के लिए हिंदी/अंग्रेजी में कंप्यूटर टाइपिंग अनिवार्य है। आयु सीमा: 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क और रिफंड : सामान्य/ओबीसी: ₹500 (CBT-1 परीक्षा में शामिल होने पर ₹400 रिफंड) SC/ST/महिला/दिव्यांग/अल्पसंख्यक/ईडब्ल्यूएस: ₹250 (CBT-1 में शामिल होने पर पूरा ₹250 रिफंड) चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न: चयन 4 चरणों में होगा: CBT-1, CBT-2, टाइपिंग स्किल टेस्ट (लागू पदों के लिए) और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन/मेडिकल जांच। दोनों परीक्षाओं में 1/3 नेगेटिव मार्किंग होगी। CBT-1 पैटर्न (90 मिनट, 100 प्रश्न): जनरल अवेयरनेस (40), मैथ्स (30), रीजनिंग (30)। CBT-2 पैटर्न (90 मिनट, 120 प्रश्न): जनरल अवेयरनेस (50), मैथ्स (35), रीजनिंग (35)। इच्छुक उम्मीदवार समय सीमा के भीतर आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान समग्र शिक्षक संघ ने प्रदेश में तेज गर्मी को देखते हुए स्कूलों में शीतकालीन समय सारणी 1 अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर से लागू करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक ज्ञापन भेजा है। संघ के जिला महामंत्री शोएब खान ने बताया कि मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज हो रहा है। ऐसे में अगर 1 अक्टूबर से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाता है, तो छात्रों और शिक्षकों को गर्मी और धूप से परेशानी हो सकती है। शिविरा पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक ग्रीष्मकालीन समय सारणी (सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे) लागू रहती है। वहीं, 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक शीतकालीन समय सारणी (सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे) का प्रावधान है। संघ ने मौजूदा मौसम को देखते हुए इसे 15 दिन आगे बढ़ाने की अपील की है।
DC ने शिक्षकों को राशन कार्ड वेरिफिकेशन के काम में लगाया, भड़क गईं शिक्षा सचिव
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि शिक्षकों को केवल कानून के तहत मंजूरी वाले कामों जैसे चुनाव से जुड़े काम, हर दस साल में होने वाली जनगणना और आपदा प्रबंधन के लिए ही लगाया जाना चाहिए।
भारतीय वायु सेना ने अग्निवीरवायु भर्ती परीक्षा 2027 की प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपने उत्तरों की जांच कर सकते हैं और उत्तरकुंजी में किसी जवाब को लेकर आपत्ति होने पर तय समय के भीतर चुनौती दर्ज करा सकते हैं।
तकनीकी शिक्षा से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, डिग्री के साथ स्किल जरूरी: संतोष सुमन
तकनीकी शिक्षा से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, डिग्री के साथ स्किल जरूरी: संतोष सुमन
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने भारतीय सेना के तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों के उन कैडेट्स को इंजीनियरिंग में दाखिले का अवसर देने का फैसला किया है, जो मेडिकल बोर्ड आउट होने के कारण अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाते।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि चिकित्सकों के लिए आवासीय कॉलोनियां बनेंगी और फर्जीवाड़े रोकने के लिए तंत्र विकसित होगा।
एग्जाम से पहले छात्रों को झटका! क्या वाकई कम हो गई SSC CGL की सीटें?
SSC CGL 2026 की परीक्षाओं का आयोजन 30 सितंबर से होने वाला है. लेकिन इसके पहले आयोग की ओर से उम्मीदवारों को तगड़ा झटका लगा है. पहले माना जा रहा था कि इस एग्जाम के जरिए 12 हजार पदों पर भर्ती होनी थी लेकिन अब इन टेंटेटिव वैकेंसी की संख्या कम कर दी गई है.
SIR खत्म होते ही शिक्षक लौटेंगे क्लासरूम, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
पंजाब सरकार ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर कक्षाओं में वापस बुलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। अब शिक्षक केवल चुनाव, जनगणना और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में ही न्यूनतम संख्या में लगाए जा सकेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आवश्यक बताया और स्कूलों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर बल दिया।नई शिक्षक भर्तीन्यूज पेपर को पढ़ाई का हिस्सा बनाएं
Kangra News: शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में सम्मानित हुईं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मंजरी महाजन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित प्रधानाचार्य मंजरी वी महाजन को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विशेष रूप से सम्मानित किया है।
तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। इसके लिए छात्रों को डिग्री के साथ तकनीकी दक्षता भी हासिल करनी होगी। यह बातें लघु जल संसाधन मंत्री और हम सेक्युलर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शुक्रवार को गयाजी में कहीं। वे रौना चाकंद स्थित एक निजी कॉलेज में आयोजित नए इंजीनियरिंग और डिप्लोमा छात्रों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से नियमित पढ़ाई करने और तकनीकी क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने की अपील की। छात्रों से तकनीकी जानकारी पर फोकस करने की अपील मंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है। छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना होगा। इससे वे आगे रोजगार और करियर के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे। विधायक मनोरमा देवी भी रहीं मौजूद कार्यक्रम में बेलागंज विधायक मनोरमा देवी भी शामिल हुईं। उन्होंने शिक्षा के साथ महिला सशक्तिकरण और समाज के विकास में युवाओं की भूमिका पर बात रखी। कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए रोजगार को लेकर संस्थान की योजना बताई। उन्होंने कहा कि छात्र नियमित क्लास करें और पढ़ाई पर ध्यान दें। संस्थान में ही कंपनियों को बुलाकर कैंपस चयन कराया जाएगा। उन्होंने छात्रों को नौकरी की गारंटी का भरोसा भी दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान में पॉलिटेक्निक के साथ बीसीए, बीबीए और एमबीए की पढ़ाई भी उपलब्ध है। उनका जोर प्लेग्रुप से लेकर उच्च शिक्षा तक एक ही परिसर में शिक्षा की व्यवस्था विकसित करने पर रहा। छात्रों को अनुशासन में रहना जरूरी कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने पौधारोपण और दीप प्रज्वलन से की। गयाजी कॉलेज के शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी और अनुशासन पर ध्यान देने की बात कही। आर्श सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की प्रबंध निदेशक डॉ. कविता निश्चल ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात कही। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नवनीत निश्चल ने मेहनत और समर्पण को जरूरी बताया। इस दौरान कंप्यूटर साइंस के एचओडी राहुल, सिविल के अविनाश, मैकेनिकल के उत्तम और इलेक्ट्रिकल के मनीष ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान की जरूरत बताई। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भगवान कृष्ण पर आधारित शास्त्रीय-फ्यूजन नृत्य, रेट्रो डांस, भजन और बॉलीवुड प्रस्तुतियां हुईं। शांति निकेतन एकेडमी की प्राचार्या पल्लवी सरकार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
रांची विश्वविद्यालय (आरयू) में एमबीए और बीबीए पाठ्यक्रम के लिए छह संविदा सहायक प्राध्यापकों की चयन सूची जारी होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में जारी अकादमिक अंक (एपीआई) सूची और 24 सितंबर को अंतिम चयनित छह अभ्यर्थियों के नामों का मिलान करने पर अकादमिक मेरिट और चयन परिणाम में भारी अंतर सामने आया है। मेरिट लिस्ट में 72-72 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए हैं, जबकि 45 और 50 अकादमिक अंक वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है। साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थी विकास शर्मा ने कुलपति और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को साक्ष्यों के साथ ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि एमबीए-एचआर और फाइनेंस दोनों में 72 अंक के साथ वे रैंक-1 पर थे, फिर भी उनका चयन नहीं हुआ, जबकि 50 अंक वाले अभ्यर्थी डॉ. जयश्री (28वां स्थान) और 55 अंक वाले अभ्यर्थी डॉ. मोवपिया (17वां स्थान) का चयन हो गया। टॉप-10 में से केवल 3 का चयन, 7 बाहर शीर्ष 10 अभ्यर्थियों में से 7 बाहर हो गए हैं। 72 अंक के साथ विकास शर्मा व अनन्या प्रिया, 71 पर दुर्गेश कुमार, 69.7 पर अहमद अजहर, 66 पर आशीष त्रिपाठी, 63 पर सुगंधा कुमारी व 62 अंक पर नीलिमा कुमारी का चयन नहीं हुआ। टॉप-10 से मदनजीत (67 अंक), नाजिश हसन (64 अंक) व अनिमेष झा (60 अंक) ही जगह बना पाए। 6 चयनित अभ्यर्थियों का अकादमिक गणित कम अंक वाला अभ्यर्थी आगे कैसे निकला पूरी प्रक्रिया में 80 अंक अकादमिक रिकॉर्ड के और मात्र 20 अंक इंटरव्यू के निर्धारित थे। यदि 72 अंक वाले अभ्यर्थी को इंटरव्यू में शून्य (0) अंक भी दिए जाएं, तब भी उसका कुल स्कोर 72 होता है। वहीं 45 अंक वाले अभ्यर्थी को इंटरव्यू में पूरे 20 में से 20 अंक भी दे दिए जाएं, तो अधिकतम योग 65 ही पहुंचता है। ऐसे में बिना रोस्टर (आरक्षण श्रेणी) या संशोधित अंकों के विवरण के यह समझना मुश्किल है कि 45 अंक वाला अभ्यर्थी मेरिट में आगे कैसे निकला।वेबसाइट से लिंक कैसे गायब हुआ : अभ्यर्थी ने सवाल उठाया है कि चयन सूची जारी होने के बाद विवि की वेबसाइट के नोटिफिकेशन पेज से एमबीए-बीबीए की अकादमिक अंक-सूची का लिंक उपलब्ध नहीं है। अभ्यर्थियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से पदवार और रोस्टरवार अंतिम मेरिट के साथ प्रत्येक अभ्यर्थी के कुल प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग की है। अभी महज चयन सूची जारी हुई है, किसी की नियुक्ति अंतिम रूप से नहीं हुई है अकादमिक अंक जारी होने के बाद इंटरव्यू से पहले लगभग दर्जन भर अभ्यर्थियों के अकादमिक प्वाइंट में बदलाव हुआ है। कुछ अभ्यर्थियों के अंक बढ़े हैं और कुछ के कम भी हुए हैं। अभी चयन सूची जारी हुई है, किसी की नियुक्ति अभी अंतिम रूप से नहीं हुई है। - डॉ. स्मृति सिंह, निदेशक, सीवीएस, रांची यूनिवर्सिटी
शिक्षा विभाग की पहल, शाम को लाइव क्लास
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने ‘ई-पाठशाला’ कार्यक्रम शुरू किया है। डिजिटल पार्टनर ‘मिशन ज्ञान’ के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को घर बैठे ऑनलाइन कक्षाएं उपलब्ध कराना है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राज्यभर के संभागीय संयुक्त निदेशकों, डीईओ और संस्था प्रधानों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। जिन स्कूलों में विषय अध्यापकों के पद रिक्त हैं, वहां संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल समय के दौरान स्मार्ट क्लास या आईसीटी लैब में इन्हीं रिकॉर्डेड कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखें।
अग्रवाल शिक्षा समिति के चुनाव कल; 31 पदों के लिए 33 प्रत्याशी, 4571 मतदाता करेंगे फैसला
108 साल पुरानी श्री अग्रवाल शिक्षा समिति के त्रिवार्षिक चुनाव रविवार को अग्रवाल पीजी कॉलेज में होंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी चानणमल अग्रवाल ने बताया कि सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना के बाद देर शाम नतीजे घोषित होंगे। समिति के 31 शासकीय पदों के लिए नामांकन वापसी के बाद 33 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव में समाज के कुल 4571 मतदाता वोट डालेंगे, जिनमें 800 सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों के हैं। गौरतलब है कि पिछले दो बार से सुरेश अग्रवाल निर्विरोध अध्यक्ष चुने जा रहे थे। श्री अग्रवाल शिक्षा समिति का गठन 1918 में हुआ था।
ब्रेस्ट कैंसर पर भास्कर की विशेष सीरिज के बाद अब सरकार की ओर से कैंसर की जांच से लेकर उपचार तक की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी दिखाई है। इस दिशा में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग गांव-ढाणियों तक जो चुनौती बनी है, उसके लिए राज्य में पहले से संचालित 8 कैंसर जांच वैन के अलावा 31 जिलों में नई कैंसर वैन संचालित की जाएगी। इस वैन में स्तन कैंसर की जांच के साथ विभिन्न प्रकार के कैंसर की भी शुरुआती पहचान हो सकेगी। इसके अलावा श्रीगंगानगर, कोटा, अजमेर, झालावाड़, बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा और भरतपुर मेडिकल कॉलेजों में लिनियर एक्सीलिरेटर मशीनें स्थापित करने की तैयारी है। इन मशीनों से कैंसर मरीजों को बेहद आधुनिक तकनीक से सटीक, सस्ता और सुलभ ईलाज मिल सकेगा। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक प्रस्ताव बनाकर फाइनेंस विभाग को भेज दिया है। दोनों सुविधाओं पर करीब 350 करोड़ रुपए के बजट का अनुमान है, जिसके लिए केंद्र से भी मदद ली जाएगी। शेष | पेज 4 संबंधित डिप्टी डायरेक्टर (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन) डॉ. वंदना शर्मा के मुताबिक फाइनेंस की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए बड़ी कंपनियों, घरानों आदि को आमंत्रित करेंगे। नई वैन में स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी, गर्भाश्य ग्रीवा कैंसर के लिए वीआईए जांच, डिजिटल एक्सरे, मुंह के कैंसर की जांच आदि सुविधाएं रहेंगी। हर वैन प्रतिमाह 15 शिविर करेगी, 1.29 करोड़ मंजूर भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में कैंसर वैन के संचालन में हो रही लापरवाही को उजागर किया था। बहरहाल मौजूदा 8 वैन के लिए 1.29 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दी है। आदेश के मुताबिक हर वैन प्रतिमाह 15 जांच शिविर (8 वैन सालभर में 1440) करेगी। हर शिविर के लिए 9 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इसमें अब स्टाफ के बजाए वैन ड्राइवर को 1000, सहायक को 500, डीजल अन्य खर्चों पर 7500 हजार रुपए खर्च किए जा सकेंगे। हर शिविर के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र निदेशालय को भेजना होगा। बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी कैंसर उपचार के लिए फिलहाल जयपुर-जोधपुर मेडिकल कॉलेज में लिनियर एक्सीलिरेटर मशीन है। नए प्रस्ताव के मुताबिक इसे दूसरी मेडिकल कॉलेजों के लिए भी खरीदा जाना है। पारंपरिक रेडिएशन मशीनों की तुलना में लीनियर एक्सीलिरेटर से कैंसर ट्यूमर का सटीक तरीके से इलाज हो सकेगा। इलाज का पूरा खाका तैयार कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग जरूरी है। दूर-दराज इलाकों तक वैन पहुंचे, जिसके लिए प्लानिंग है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए 8 मेडिकल कॉलेजों पर पीपीपी और केंद्र की मदद से आधुनिक मशीनें उपलब्ध करानी है। एएनएम, सीएचओ की ट्रेनिंग का पूल तैयार करवा रहे हैं।-गायत्री राठौड़, प्रमुख सचिव हेल्थ
Bareilly News: दूरस्थ शिक्षा में पहली बार रुविवि का शतक पार
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ डिस्टेंस ऑनलाइन एजुकेशन के तहत 110 पंजीकरण हुए हैं।
Prayagraj News: सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी
सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी
Lakhimpur Kheri News: कस्तूरबा विद्यालयों के निरीक्षण में लापरवाही बरत रहे शिक्षाधिकारी
जिले में संचालित होने वाले 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निरीक्षण कराए जाते हैं।
तिगड़ाना। सरकारी स्कूलों के प्रति समाज की सोच बदलने और जनसहभागिता से शिक्षा में बदलाव की मिसाल गांव प्रेमनगर में सामने आई है। ग्राम शिक्षा समिति, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से राजकीय हाई स्कूल का सफल कायाकल्प किया गया है।
Mahendragarh-Narnaul News: भाषण प्रतियोगिता में शिक्षा दूसरा स्थान पर
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में रावमा विद्यालय जैलाफ की कक्षा 12वीं की छात्रा शिक्षा ने दूसरा स्थान हासिल किया।
Faridabad News: शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूलों का किया निरीक्षण
An Education Department team inspected the schools.
मेघालय: 'एमपीओडब्ल्यूईआर कार्यक्रम' के तहत 31 स्कूलों को डिजिटल शिक्षा का प्रोत्साहन
मेघालय: 'एमपीओडब्ल्यूईआर कार्यक्रम' के तहत 31 स्कूलों को डिजिटल शिक्षा का प्रोत्साहन
ओडिशा के पाठ्यपुस्तकों में 1,741 त्रुटियाँ: शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
ओडिशा सरकार ने हाल ही में कक्षा I से VIII तक की पाठ्यपुस्तकों में 1,741 त्रुटियों की पहचान की है, जिसमें व्याकरण, वर्तनी और तथ्यात्मक त्रुटियाँ शामिल हैं। शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि इन त्रुटियों को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में जिम्मेदारी तय की गई है। जानें इस मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की है और आगे क्या योजनाएँ हैं।
26 सितंबर 1820 को बंगाल के मेदिनीपुर में जन्मे ईश्वर चंद्र बंदोपाध्याय उर्फ ईश्वर चंद्र विद्यासागर सिर्फ एक विद्वान ही नहीं बल्कि एक युग-परिवर्तनकारी व्यक्तित्व थे। उन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के जरिए भारत के भविष्य की नींव रखी।
कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में करियर एवं उच्च शिक्षा के अवसरों पर एक्सटेंशन लेक्चर आयोजित
कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से 25 सितंबर 2026 को छात्राओं के लिए ‘डिस्कवर, डेवलप, डिजाइन-योर जर्नी बियॉन्ड ग्रेजुएशन’ विषय...
डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. जगदीश कुमार को मिलेगा ‘शिक्षा भूषण’ सम्मान
हैदराबाद में 3 अक्टूबर को होगा सम्मान समारोह, तीनों शिक्षाविदों को एक-एक लाख रुपए की सम्मान राशि के साथ रजत चिन्ह और प्रशस्ति पत्र नई दिल्ली। शिक्षा, शोध और समाज निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष प्रतिष्ठित ‘शिक्षा भूषण–अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान’ डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. […] The post डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. जगदीश कुमार को मिलेगा ‘शिक्षा भूषण’ सम्मान appeared first on Sabguru News .
एनईपी शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को देती है अहमियत : प्रह्लाद जोशी
एनईपी शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को देती है अहमियत : प्रह्लाद जोशी
PC: jagran बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने BPSC TRE 4.0 भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज, 25 सितंबर से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण (Registration) करा सकते हैं। इस भर्ती अभियान के ज़रिए राज्य में शिक्षकों के कुल 32,388 पदों पर बहाली की जाएगी। अलग-अलग कक्षाओं (वर्गों) के अनुसार पदों का विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयु सीमा (Age Limit) पुरुष उम्मीदवार: अधिकतम 37 वर्ष महिला उम्मीदवार: अधिकतम 40 वर्ष कक्षा कुल पद क्लास 1 से 5 3847 पद क्लास 6 से 8 8563 पद क्लास 9 से 10 3877 पद क्लास 11 से 12 16101 पद घर बैठे ऐसे करें आवेदन सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएँ। होमपेज पर दिए गए 'New User Registration' लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरें। मांगे गए सभी जरूरी शैक्षणिक और पहचान दस्तावेजों की स्कैंड कॉपी अपलोड करें। फीस का भुगतान करें, फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसका एक प्रिंटआउट निकालकर रख लें।
pc: hindustan times बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने वेल्थ एग्जीक्यूटिव और क्रेडिट एनालिस्ट पोस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ा दी है। 1100 पोस्ट के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 1 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। जिन कैंडिडेट्स ने अप्लाई नहीं किया है, वे बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.bank.in के ज़रिए अप्लाई कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रिंट करने की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर, 2026 तक है। जो कैंडिडेट्स इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उनके पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: कैसे अप्लाई करें ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए, कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं। 1. बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाएं। 2. होम पेज पर मौजूद करियर लिंक पर क्लिक करें। 3. एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट्स को SO रिक्रूटमेंट पर क्लिक करना होगा। 4. फिर से एक नया पेज खुलेगा जहाँ कैंडिडेट्स को खुद को रजिस्टर करना होगा। 5. रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद, एप्लीकेशन फॉर्म भरें। 6. एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। 7. सबमिट पर क्लिक करें और आपका एप्लीकेशन सबमिट हो जाएगा। 8. पेज डाउनलोड करें और आगे की ज़रूरत के लिए उसकी हार्ड कॉपी रख लें। एप्लीकेशन फीस जनरल, EWS और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए ₹850/- और SC, ST, PWBD, ESM और महिला कैंडिडेट्स के लिए ₹175/- है। कैंडिडेट को नॉन-रिफंडेबल एप्लीकेशन फीस/इंटीमेशन चार्ज देना होगा, चाहे ऑनलाइन टेस्ट हो या न हो और भले ही कैंडिडेट इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट हो या न हो। सिलेक्शन प्रोसेस में एप्लीकेशन स्क्रूटनी, ऑनलाइन टेस्ट, साइकोमेट्रिक टेस्ट या आगे के सिलेक्शन प्रोसेस के लिए सही समझा जाने वाला कोई और टेस्ट शामिल हो सकता है, जिसके बाद कैंडिडेट्स के ग्रुप डिस्कशन और/या इंटरव्यू / इंटरव्यू के कई राउंड होंगे। साइकोमेट्रिक टेस्ट और/या PI कैंडिडेट की पर्सनैलिटी, कम्युनिकेशन का लेवल, क्लैरिटी और प्रॉब्लम सॉल्विंग इनोवेटिवनेस, एफिशिएंसी का लेवल, देश के किसी भी हिस्से में काम करने की इच्छा, पोस्ट के लिए सूटेबिलिटी वगैरह को असेस करने के लिए किया जाएगा। ऑनलाइन टेस्ट में 120 मार्क्स के 120 सवाल होंगे। एग्जाम का टाइम 120 मिनट है। क्वेश्चन पेपर 4 सेक्शन में बंटा हुआ है- इंग्लिश लैंग्वेज, रीज़निंग एबिलिटी और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, जनरल / इकोनॉमिक और बैंकिंग अवेयरनेस और पोस्ट से रिलेटेड प्रोफेशनल नॉलेज। सभी सेक्शन में गलत जवाब देने पर पेनल्टी लगेगी। हर सवाल के लिए जिसका कैंडिडेट ने गलत जवाब दिया है, उस सवाल के लिए दिए गए मार्क्स में से 0.25 पेनल्टी के तौर पर काट लिए जाएंगे ताकि करेक्टेड स्कोर मिल सके। अगर कोई सवाल खाली छोड़ दिया जाता है, यानी कैंडिडेट कोई जवाब नहीं देता है; तो उस सवाल के लिए कोई पेनल्टी नहीं लगेगी।
job news 2026: 178 पदों पर निकली हैं भर्ती, इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर पीएमबीआई ने फार्मा, आईटी और मीडिया समेत कई विभागों में 178 संविदा पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और अनुभव मांगा गया है। आप भी इसके लिए आवेदन कर सकते है। पदों का नाम- फार्मा, आईटी और मीडिया सेक्टर में पदों की संख्या- 178 सैलेरी- 32,500 रुपये से 1.58 लाख रुपये तक योग्यता - पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट- 15 अक्टूबर 2026 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देख सकते हैं pc- magnific.com
किसी बच्चे का पहली बार धाराप्रवाह पढ़ना, संख्याओं को सही तरीके से समझना, तस्वीर देखकर कहानी सुनाना या कक्षा में बिना झिझक अपनी बात रखना—बुनियादी शिक्षा के ये छोटे बदलाव उसकी आगे की पढ़ाई का आधार बनते हैं। झज्जर जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत इन्हीं बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। बच्चों को केवल पाठ याद कराने के बजाय उन्हें समझकर सीखने और अपनी बात व्यक्त करने के अवसर दिए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान में जिले की ओर से स्थानीय जरूरतों के अनुसार शिक्षण गतिविधियों और नवाचारों को अपनाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षकों को आवश्यक शैक्षिक सहयोग दिया जा रहा है। हर बच्चे की सीखने की क्षमता पर फोकस डीईओ रतिंद्र सिंह ने बताया कि मिशन निपुण झज्जर के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के साथ बच्चों के भाषायी कौशल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों की जरूरत, बच्चों के सीखने के स्तर और शिक्षकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए शिक्षण गतिविधियों को तैयार किया जा रहा है। अभियान का फोकस इस बात पर है कि बच्चा केवल पाठ्यक्रम पूरा न करे, बल्कि जो पढ़ रहा है उसे समझे, संख्याओं का इस्तेमाल कर सके और अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सके। शिक्षक, मेंटर और अकादमिक टीम मिलकर कर रही काम निपुण के जिला संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि जिले में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और डीईओ रतिंद्र सिंह के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, ब्लॉक कांग्रेस शिक्षा अधिकारियों, मेंटर्स और अकादमिक टीमों को अभियान से जोड़ा गया है। बच्चों की सीखने की प्रगति को लगातार देखा जा रहा है और जहां जरूरत महसूस होती है, वहां शिक्षण पद्धति में बदलाव किया जाता है। कहानी, चित्र और खेल से सीखना हुआ आसान निपुण अभियान के तहत कक्षा में सीखने को रोचक बनाने के लिए चित्र, कहानी, संवाद, खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाषा विकास के साथ संख्या ज्ञान को भी बच्चों के रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरीके से बच्चों को सिर्फ सही उत्तर बताने के बजाय सवाल समझने, जवाब देने, बोलने और अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलता है। इससे कक्षा में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। लगातार मॉनिटरिंग से सामने आ रही बच्चों की वास्तविक जरूरत अभियान का एक अहम हिस्सा विद्यालयों का निरंतर अनुश्रवण है। मेंटर्स और अकादमिक टीमों के माध्यम से कक्षाओं में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझा जा रहा है। इसके आधार पर शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाता है। इस प्रक्रिया में बच्चों के अलग-अलग सीखने के स्तर को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर है। यानी एक ही तरीके से सभी बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण रणनीति अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। झज्जर के स्थानीय प्रयोगों से मिल रहा नया अनुभव डीईओ रतिंद्र सिंह के अनुसार, जिले में किए जा रहे स्थानीय प्रयोगों से यह सामने आया है कि बच्चों की वास्तविक जरूरत को समझकर तैयार की गई गतिविधियां सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकती हैं। निपुण हरियाणा मिशन के तहत झज्जर में किए जा रहे प्रयासों का लक्ष्य बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है, ताकि बच्चे आगे की कक्षाओं में जाने से पहले पढ़ने, समझने, लिखने, संख्या ज्ञान और अभिव्यक्ति जैसी जरूरी दक्षताओं में सक्षम हो सकें।

