भोपाल में राज्य शासन ने विश्वविद्यालयों में पदस्थ उप कुलसचिव स्तर के अधिकारियों को पदोन्नत कर कुलसचिव के पद पर नई पदस्थापना दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को पदोन्नति के बाद मौजूदा विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को दूसरे विश्वविद्यालयों में पदस्थ किया गया है। इनमें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में पदस्थ रहीं स्वाति वशिष्ठ का नाम भी शामिल है। स्वाति वशिष्ठ को अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल का कुलसचिव बनाया गया है। वे पांढुर्णा कलेक्टर नीरज वशिष्ठ की पत्नी हैं। कई अधिकारियों को मौजूदा विश्वविद्यालय में ही जिम्मेदारी अनिल कुमार शर्मा को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन में ही कुलसचिव पद पर पदोन्नत कर पदस्थ किया गया है। डॉ. अजय वर्मा भी पदोन्नति के बाद क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन में ही कुलसचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा में पदस्थ शैलेंद्र कुमार जैन को भी इसी विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाया गया है। डीके बग्गा को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन से कुलसचिव पद पर जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर भेजा गया है। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ डॉ. अजीत श्रीवास्तव को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल में ही पदस्थ रखा गया है। इन अधिकारियों की भी हुई नई पदस्थापना डॉ. प्रज्जवल खरे को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर का कुलसचिव बनाया गया है। रचना ठाकुर को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू, इंदौर में कुलसचिव पद पर पदस्थ किया गया है। डॉ. रवि शंकर सोनवाल को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से कुलसचिव पद पर क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना भेजा गया है। वहीं, सुषमा सैयाम को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन से कुलसचिव पद पर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट पदस्थ किया है।
छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी
छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी
हाईकोर्ट का फैसला: शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल करने की याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
पाली के समग्र शिक्षा कार्यक्रम अधिकारी कल्याण सिंह को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की ओर से शिक्षा संकाय में पीएचडी की उपाधि देकर सम्मानित किया गया है। पाली जिले के टेवाली गांव निवासी और वर्तमान में पाली में रहने वाले कल्याण सिंह ने अंग्रेजी भाषा के उच्चारण, व्याकरण और शिक्षण पद्धति को लेकर अपना शोधकार्य पूरा किया है। कल्याण सिंह ने “राजस्थान में द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी के उच्चारण, व्याकरण एवं शिक्षण पद्धति के प्रति अभिधारकों का प्रत्यक्षण: संबंध और निहितार्थ” विषय पर शोध किया। यह शोध कॉलेज शिक्षा विभाग के अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञ डॉ. ए.के. पालीवाल के निर्देशन में पूरा किया गया। 5 जिलों के सरकारी स्कूलों में किया अध्ययन शोध के लिए राजस्थान के पाली, जालोर, सिरोही, राजसमंद और उदयपुर जिलों के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के ELT विशेषज्ञों को शामिल किया गया। अध्ययन के लिए सर्वेक्षण पद्धति का इस्तेमाल किया गया। मातृभाषा से अलग होने के कारण उच्चारण में परेशानी शोध में सामने आया कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा से अलग भाषा होने और ध्वन्यात्मक जटिलताओं के कारण अंग्रेजी के उच्चारण और व्याकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों के सामने भी बलाघात, अनुतान, रूप-विज्ञान और वाक्य-विन्यास जैसी चुनौतियां रहती हैं। मौखिक अंग्रेजी और दृश्य-श्रव्य साधनों पर कम ध्यान अध्ययन में अंग्रेजी शिक्षण के दौरान क्षेत्रीय भाषा आधारित पद्धतियों के अधिक इस्तेमाल, मौखिक अंग्रेजी पर अपेक्षाकृत कम ध्यान और दृश्य-श्रव्य साधनों के सीमित उपयोग की स्थिति भी सामने आई। शोध में यह भी पाया गया कि शिक्षकों की अंग्रेजी भाषा और उसके शिक्षण को लेकर बनी धारणा का उनके पढ़ाने के तरीके पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अध्ययन ने राजस्थान के संदर्भ में व्यवस्थित शिक्षक प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर दिया है। साथ ही, शोध में स्वदेशी TESL मॉडल ‘PARI’ विकसित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है।
रायपुर के आजाद चौक में एमए छत्तीसगढ़ी भाषा छात्र संगठन और मोर चिन्हारी के बैनर तले एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी पहली से 12वीं तक छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई, भाषा शिक्षकों, तहसील स्तर पर राजभाषा अधिकारियों और अनुवादकों की भर्ती की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में शिक्षण लागू करने पर जोर दिया।
राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा उप निरीक्षक (दूरसंचार) प्रतियोगी परीक्षा-2024 के साक्षात्कार उपरांत सफल घोषित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची प्राप्त होने के बाद पुलिस विभाग ने अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्थाई रूप से चयन हेतु प्रस्तावित अभ्यर्थियों की सूची राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मामले में मध्य प्रदेश सरकार फेल: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कुपोषण और बीमारियों से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवार से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य सरकार के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मामले में पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाया है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह के नामांकन के बाद गुरुवार को मुजफ्फरपुर में एनडीए की सभा हुई। इसमें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर कई घोषणाएं और आश्वासन दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा। शिक्षकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए डीईओ कार्यालय और दूसरे सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक विभागीय काम के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और ऑनलाइन ही उसकी स्वीकृति की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को अनावश्यक भागदौड़ और किसी तरह के शोषण से बचाना है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरियन से जुड़ी समस्या के समाधान का भी रास्ता निकाला गया है। सातवें वेतनमान की मांग पर भी सरकार ने आकलन शुरू कर दिया है। ‘शिक्षकों की हर समस्या का समाधान करेंगे’ मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रास्ते में आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार स्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने शिक्षकों से एनडीए प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह के पक्ष में समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र प्रसाद सिंह पहले भी शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में सदन में शिक्षकों की आवाज उठाते रहे हैं। तिवारी ने कहा कि उनके विचारों और कार्यशैली में शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्पष्टता है। उन्होंने सभा में मौजूद शिक्षकों से नरेंद्र प्रसाद सिंह को समर्थन देने की अपील की। ‘सातवें वेतनमान का आकलन शुरू’ शिक्षा मंत्री ने सातवें वेतनमान की मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसका आकलन शुरू कर दिया है। वित्त रहित शिक्षकों के भुगतान को लेकर भी उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर तैयारी चल रही है। जरूरत पड़ने पर सरकार से बात कर उन्हें सम्मानजनक तरीके से मासिक भुगतान देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है और शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। शिक्षकों से उन्होंने जाति और अन्य सामाजिक समीकरणों के आधार पर मतदान नहीं करने की अपील करते हुए नरेंद्र प्रसाद सिंह के समर्थन में वोट देने को कहा। दिलीप जायसवाल बोले- एक-एक व्यक्ति 10 वोट की जिम्मेदारी लें सभा में जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी शिक्षकों से नरेंद्र प्रसाद सिंह के समर्थन में वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ही सरकार के स्तर पर कई काम आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि एक-एक व्यक्ति कम से कम 10 शिक्षकों तक एनडीए के पक्ष में संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी ले। जायसवाल ने कहा कि सातवें और आगे के वेतनमान तथा वित्त रहित शिक्षकों के वेतन जैसे मुद्दों पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र प्रसाद सिंह शिक्षक मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने शिक्षकों से चुनाव को गंभीरता से लेने और क्षेत्र के सभी जिलों में जाकर संपर्क करने की अपील की। नरेंद्र सिंह के नामांकन के बाद जुटे एनडीए नेता नामांकन के बाद आयोजित सभा में एनडीए के कई नेता मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, जदयू विधायक पंकज मिश्रा, कोमल सिंह, पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोजपा से जुड़े नेता समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और शिक्षक मौजूद थे। बिहार विधान परिषद की तिरहुत शिक्षक सीट के लिए भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है। 2026 के परिषद चुनाव में तिरहुत शिक्षक समेत आठ स्नातक-शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
1 अक्टूबर, गुरुवार: सीवान के सरस्वती विद्या निकेतन के मॉडल स्कूल बनने से शिक्षा में सुधार, स्मार्ट क्लास की सुविधा।
बेस पे, बोनस और टिप... ये है डिलीवरी पार्टनर की कमाई का गणित!
गिग वर्कर्स को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के अनुसार हर हफ्ते या हर 15 दिन में पेमेंट मिलती है. एक ऑर्डर की पूरी कमाई में प्लेटफॉर्म का कमीशन, टैक्स वगैरह चीज़ें शामिल होती हैं और उसके बाद डिलीवरी पार्टनर के हाथ में कुछ आता है.
DSSSB Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का मौका, 641 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 6 अक्टूबर से
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने सीनियर पर्सनल असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, प्यून आदि पदों पर भर्ती के लिए...
यूपी के 73 हजार शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा- याचिकाकर्ता सिर्फ इस आधार पर स्पेशल TET में शामिल होने का अधिकार नहीं मांग सकते कि वे सामान्य TET में बैठने के योग्य हैं। इनकी कानूनी स्थिति सरकारी टीचर से अलग है। याचिका पिछले साल सितंबर महीने में वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों ने दाखिल की थी। कहा था- हमें भी स्पेशल TET में बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने 24 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के फैसले के बाद यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि यह फैसला दुखद है। हम लोग अगली अदालत में जाएंगे, डबल बेंच में जाएंगे। वहां से पूर्ण विश्वास है कि मुझे राहत मिलेगी। प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र हैं। इनमें से करीब 73 हजार ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र यह परीक्षा पास कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा- शासन का फैसला सही हाईकोर्ट ने कहा- अभी आप शिक्षक ही नहीं हैं, तो शिक्षकों के लिए होने वाली टीईटी परीक्षा में कैसे शामिल हो सकते हैं? सरकार का फैसला सही है, शासनदेश में कोई खामी नहीं है। आरटीई एक्ट में शिक्षक और नॉन शिक्षक के प्रावधान साफ हैं। टीईटी शिक्षकों के लिए है, जो शिक्षक नहीं है, उनके लिए नहीं है। कानून की दृष्टि से शिक्षामित्र शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में उनकी मांग जायज नहीं कही जा सकती। वसीम बोले- अब डबल बेंच में जाएंगे यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि हम लोग तो बहुत आशान्वित थे। मामला रिजर्व हुआ था। आज खारिज हुआ, यह दुखद है। हम लोग हिम्मत के साथ आगे की लड़ाई लड़ेंगे। माननीय न्यायालय में हम लोग डबल बेंच में जाएंगे और अपील करेंगे। इस आदेश से कहीं न कहीं हम लोगों की क्षति हुई है, नुकसान हुआ है। 26 वर्षों से हम लोग लगातार सेवा दे रहे हैं। जब प्राइवेट विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, एडेड विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, संविदा कर्मी स्पेशल एजुकेटर को शामिल किया गया, तो शिक्षामित्र को वंचित करना यह गलत है। जानिए, क्या है स्पेशल TET परीक्षा 5 सितंबर से आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा शिक्षामित्रों को क्यों चाहिए स्पेशल टीईटी? शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी नौकरी स्थायी करने और शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को स्पेशल टीईटी देने का मौका मिल रहा है, तो शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। कई शिक्षामित्रों ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है। ऐसे में शिक्षक पद के लिए पात्रता हासिल करने के लिहाज से यह परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन भी किए और हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की। हालांकि, हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। 2028 तक TET पास करना जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 1 सितंबर को दिए आदेश में सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी किया था। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने विशेष राहत की मांग को लेकर आंदोलन किया था। शासन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष TET कराने की घोषणा की थी। अब इसकी कार्ययोजना को मंजूरी दे दी गई है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- पूर्व IAS दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, मिर्जापुर से ताल ठोकेंगी या राजा भैया के साथ जाएंगी पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखेंगी। राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर और मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल से पुराने विवाद ने सियासी गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। सपा-कांग्रेस की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर
UP के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका, स्पेशल TET परीक्षा में नहीं हो सकेंगे शामिल
UP के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उनकी स्पेशल TET परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग को खारिज कर दिया है. पिछले लंबे समय से यूपी के हजारों शिक्षा मित्र राहत की मांग कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, इस तरह करें आवेदन
PC: jagran देश की सर्वोच्च अदालत, Supreme Court of India ने जूनियर कोर्ट असिस्टेंट (Junior Court Assistant - JCA) के 250 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 7 अक्टूबर 2026 से SCI Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियाँ ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 7 अक्टूबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 28 अक्टूबर 2026 (रात 11:55 बजे तक) ऑब्जेक्टिव टेस्ट (संभावित तिथि): 20 नवंबर 2026 पात्रता मानदंड शैक्षणिक योग्यता: भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक । इसके साथ ही कंप्यूटर संचालन का ज्ञान और 35 शब्द प्रति मिनट (अंग्रेजी) की कंप्यूटर टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए। आयु सीमा (1 सितंबर 2026 के अनुसार): न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष (आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी।) चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कुल चार चरणों के आधार पर किया जाएगा: ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट: 100 अंकों का लिखित परीक्षा (क्वालीफाइंग अंक - 50)। कंप्यूटर टाइपिंग स्पीड टेस्ट: 50 अंकों का टाइपिंग टेस्ट। डिस्क्रिप्टिव टेस्ट (लिखित परीक्षा): निबंध व कॉम्प्रिहेंशन पर आधारित परीक्षा। व्यक्तिगत साक्षात्कार : 25 अंकों का इंटरव्यू। वेतन और भत्ते पे-लेवल: लेवल-6 (Group-B Non-Gazetted) प्रारंभिक बेसिक पे: ₹35,400 प्रति माह अन्य भत्ते: नियमानुसार अन्य सरकारी भत्ते देय होंगे। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले आधिकारिक सुप्रीम कोर्टवेबसाइट के Recruitment सेक्शन में जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।
राज्य में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षण संस्थाओं के छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीयन/नवीनीकरण, कोर्स
job news 2026: क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर सहित कई पदों के लिए निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने अलग-अलग सरकारी विभागों में ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट समेत 70 पदों को भरा जाना है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पदों का नाम- क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट कुल पद -70 योग्यता- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- पदों के आधार पर आवेदन की लास्ट डेट-19 अक्टूबर 2026 उम्र सीमा- न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 30 वर्ष ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट sssb.punjab.gov.in देख सकते हैं pc- northyorks.gov.uk
पानीपत जिला नागरिक अस्पताल से वीरवार सुबह एचआईवी-एड्स और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता बाइक रैली निकाली गई। इस रैली को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा के भाई हरपाल ढांढा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों ने लोगों को नशे से दूर रहने तथा एचआईवी-एड्स से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। जिला नागरिक अस्पताल से शुरू हुई बाइक रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए संजय चौक पहुंची। इसके बाद रैली सचिवालय के सामने से गुजरते हुए वापस जिला नागरिक अस्पताल पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। बाइक रैली में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों ने भाग लिया। रैली के दौरान एचआईवी-एड्स से बचाव और नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए गए। रैली के शुभारंभ के दौरान जिला नागरिक अस्पताल के सीएमओ डॉ. विजय मलिक समेत अस्पताल के अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। चिकित्सकों ने कहा कि एचआईवी-एड्स और नशे जैसी समस्याओं से निपटने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के माध्यम से एचआईवी संक्रमण से बचाव किया जा सकता है, जबकि नशे से दूर रहकर युवा अपने स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों तक यह संदेश पहुंचाना रहा कि एचआईवी-एड्स को लेकर किसी तरह का भ्रम या भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
BU: नेपाल की छात्रा एमएससी, छात्र बीकॉम में लेगा प्रवेश, शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से आए आवेदन
बीयू प्रशासन ने मंथन के बाद दोनों विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए ऑफर लेटर भेज दिया है। दोनों से अब तक की पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि उनकी जांच की जा सके।
गोरखपुर में महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर 1 अक्टूबर को एसएस लाइब्रेरी, कमला आर्केड, जुबली रोड में गांधी विचार-संगम एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू होगा। समारोह में साहित्य, हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को ‘विद्या वाचस्पति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व. प्रो. (मेजर) दिग्विजय नाथ मौर्य होंगे। अध्यक्षता गोरखलाल श्रीवास्तव करेंगे। सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ शुभाशीषकर्ता, डॉ. नारायण यादव संयोजक और वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार आयोजक हैं। कार्यक्रम का संचालन ई. मिन्नत गोरखपुरी करेंगे। विशेष अतिथियों में आकाशवाणी गोरखपुर के सहायक निदेशक (कार्यक्रम) मनीष कुमार द्विवेदी, समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी हसन जमाल ‘बबुआ भाई’, नवल किशोर नथानी, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. पीएन पांडेय, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ. सतीश चंद शुक्ल और रमेश मणि त्रिपाठी शामिल होंगे। समारोह में गांधी विचार, साहित्य, हिंदी भाषा और शिक्षा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श भी किया जाएगा।
यूपीएससी ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 363 प्रिंसिपल पदों की भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना नाम और रोल नंबर चेक कर सकते हैं।
ब्रिटेन में पोस्ट-ग्रेजुएट पढ़ाई करने की योजना बना रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए शेफील्ड हैलम यूनिवर्सिटी ने ट्रांसफॉर्म टुगेदर स्कॉलरशिप शुरू की है। जनवरी 2027 इंटेक के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 1 नवंबर 2026 है।
Canara Bank Apprentice Recruitment 2026: नई नौकरी की तलाश कर रहे स्नातकों के लिए अक्तूबर की शुरुआत एक बड़े अवसर के साथ होने जा रही है। केनरा बैंक की 3,500 स्नातक अपरेंटिस पदों पर भर्ती के लिए आज यानी 1 अक्तूबर से आवेदन शुरू होंगे।
विद्यार्थियों ने जाने उच्च शिक्षा व करियर विकल्प
लुधियाना| श्री शालिग्राम जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहादुर के रोड, दाना मंडी के विद्यार्थियों ने सीजीसी यूनिवर्सिटी का शैक्षिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा तथा विभिन्न करियर विकल्पों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सीजीसी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक धाराओं एवं पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि कक्षा 12वीं के बाद अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुसार विषय और पाठ्यक्रम का चयन किस प्रकार किया जा सकता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा के अवसर, विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा भविष्य में उपलब्ध करियर विकल्पों से परिचित करवाया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा अपने मन में उठ रहे प्रश्नों के उत्तर भी विशेषज्ञों से जाने। विद्यालय के जनरल सेक्रेटरी विशाल जैन ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Aquarius Tarot Card Horoscope 01 October:- Knight of wands की ऊर्जा कार्यों को सही तरीके से पूरा करने के प्रयास में तेजी, अपने रिश्ते की गरिमा बनाए रखने का प्रयास और किसी अधिकारी के पक्षपात और राजनीति के कारण नई नौकरी की तलाश की बात लेकर आ सकते हैं आईए जानते हैं ,कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Lucknow News: पूर्व कुलपति को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शिक्षाविद और राजनीतिक हस्तियां
पूर्व कुलपति को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शिक्षाविद और राजनीतिक हस्तियां
शिक्षा और आत्मविश्वास से युवतियां बनेंगी सशक्त: अपर्णा यादव
MAINPURI NEWS APARNA YADAV
Rampur News: शिक्षा के रंगों से सजाया विकसित भारत का सपना
राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘शिक्षित भारत एवं विकसित भारत’ विषय पर चार्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई।
Sonebhadra News: इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों ने सीखी नवाचार और तकनीकी शिक्षा की बारीकियां
इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों ने सीखी नवाचार और तकनीकी शिक्षा की बारीकियां
Sonebhadra News: उद्यमिता की उड़ान भरेंगे शिक्षा निकेतन के 20 विद्यार्थी
उद्यमिता की उड़ान भरेंगे शिक्षा निकेतन के 20 विद्यार्थी
Pilibhit News: नए खंड शिक्षा अधिकारी का यूटा ने किया स्वागत
पीलीभीत। अमरिया के नए खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग कुमार मिश्र का बुधवार को यूटा संगठन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। बहराइच से आए मिश्र का खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मक्ता और सपनों को मंच मिलना जरूरी: शिक्षा मंत्री
बच्चों की प्रतिभा,रचनात्मक्ताऔर सपनों को मंच मिलनाजरूरी:शिक्षा मंत्री
Bijnor News: शिक्षा के सितारों का होगा आज सम्मान, सजेगा उत्कृष्टता का मंच
Stars of education will be honored today, a platform for excellence will be set.
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जेआर शिक्षा-शोध में होंगे पारंगत
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग और एसजीपीजीआई लखनऊ के बीच चिकित्सा शिक्षा और शोध को लेकर समझौता हुआ है।
Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा विधेयक पर अनुराग ने गोवा में की चर्चा
Anurag discussed the Education Bill in Goa.
भूख, रोज़ी-रोटी, शिक्षा का संकट - लेबनान के बच्चों से छिन रहा बचपन
“मैं अपने बच्चों के लिए कपड़े ख़रीदना चाहता था, लेकिन नहीं ले पाया. मैं उनका दाख़िला स्कूल में कराना चाहता था, मगर यह भी मेरे बस में नहीं है.” लेबनान में चार बच्चों के एक पिता ने अपनी यह व्यथा बयाँ की है, मगर टकराव, आर्थिक मन्दी और गहरी मानवीय आवश्यकताओं से घिरे देश में हज़ारों परिवार इन्हीं वास्तविकताओं व निराशाजनक भविष्य की आशंका से जूझ रहे हैं.
शिवहर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अब जिले के अधिकारी मॉडल स्कूलों में खुद कक्षाएं लेंगे और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को करीब से समझेंगे और कमियों को चिह्नित करेंगे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को श्रीराम खेलावन जंगी उच्च विद्यालय, कुशहर से जोड़ा गया है। वहीं निदेशक, राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम को पिपराही के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है। तरियानी, पुरनहिया, डुमरी कटसरी और शिवहर के स्कूलों में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल की होगी समीक्षा अधिकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपयोग की स्थिति देखेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और पाठ्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। हर सप्ताह डीईओ को देनी होगी रिपोर्ट सभी अधिकारियों को अपनी ली गई कक्षा और स्कूल निरीक्षण की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों को जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी और सीधे कक्षा लेने की व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल मजबूत होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कटिहार जिले के सभी 20 आदर्श विद्यालयों में 30 सितंबर 2026 को 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' कार्यक्रम के तहत अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी हुई। राज्य सरकार और जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में इसका आयोजन किया गया। आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर फोकस इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, सुविधाओं और जरूरतों पर अभिभावकों, शिक्षकों व प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना था। नामित वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 20 आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया। स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर लैब, विज्ञान लैब और खेल जैसी आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। उच्च विद्यालय का खुद निरीक्षण किया कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और आधुनिक शिक्षण विधियों के इस्तेमाल की समीक्षा भी हुई। संगोष्ठी में अभिभावकों और छात्रों ने अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने स्मार्ट कक्षा और प्रयोगशालाओं से मिल रहे लाभों पर खुशी जताई। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय का स्वयं निरीक्षण किया।
खगड़िया में स्नेह समिति कार्यक्रम शुरू:माताओं और समुदाय की भागीदारी से मजबूत होगी बच्चों की शिक्षा
खगड़िया में बच्चों की शिक्षा एवं सीखने के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से ‘स्नेह समिति’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर के निर्देश पर DIET प्रशिक्षण संस्थान, खगड़िया में कार्यक्रम का शुभारंभ एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन DIET के प्राचार्य ने किया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से ICDS के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड एवं जिला परियोजना प्रबंधक, शिक्षा विभाग के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला संसाधन व्यक्ति (DRP), प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर (BLMT) सहित प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं मंत्रा फॉर चेंज के मास्टर ट्रेनर शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान माता स्नेह समिति, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका समूहों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजन समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए नियमित गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक समूह में करीब 5 से 8 माताओं का शैक्षिक समूह गठित किया जाएगा। यह समूह हर सप्ताह बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति को लेकर बैठक करेगा। वहीं, प्रत्येक माह विद्यालय स्तर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जाएगी। शिक्षा चौपाल के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा जीविका स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से बाल मेला सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) तथा Teaching at the Right Level (TaRL) के लक्ष्यों को हासिल करने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने टीम के साथ की बैठक प्रशिक्षण के बाद प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की टीम के साथ जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्नेह समिति कार्यक्रम और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने माता स्नेह समिति, FLN और TaRL के लिए बेहतर टीम एवं कार्य-तंत्र विकसित करने, आंगनबाड़ी, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा में माताओं और समुदाय की भूमिका बढ़ाने तथा कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश बैठक में उन टोला एवं माताओं की पहचान करने पर भी बल दिया गया, जहां बच्चों की शिक्षा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे क्षेत्रों को स्नेह समिति कार्यक्रम से जोड़कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित पदाधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभ्यास कक्षा, शिक्षा चौपाल एवं स्नेह समिति की गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करने तथा उनकी प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्नेह समिति के माध्यम से माता, विद्यालय, आंगनबाड़ी और जीविका समूहों के बीच समन्वय मजबूत कर बच्चों की शिक्षा में समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इससे FLN एवं TaRL के लक्ष्यों को हासिल करने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी स्कूल की पुरानी सीढ़ी गिरने से एक बच्ची की जान चली गई। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और पुरानी इमारतों की हालत पर सवाल उठने लगे हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा - शिक्षा मंत्री बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बुधवार को कटिहार में एक बैठक में थे। उन्होंने खगड़िया के स्कूल हादसे पर बात की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई होगी। मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पुरानी सीढ़ी की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत दी गई थी या नहीं। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
यूपी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश
उदयपुर: स्कूल शिक्षा रैंकिंग में खेरवाड़ा ब्लॉक 64 अंकों के साथ प्रथम
शैक्षणिक व प्रशासनिक मानकों में बेहतर प्रदर्शन के दम पर ब्लॉक ने जिला स्तर पर पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया।
सरकारी स्कूलों का समय 15 अक्टूबर तक यथावत रहेगा:शिक्षक संघ रेसटा की मांग पर शिक्षा विभाग ने दिए आदेश
राजस्थान के सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में आगामी 1 से 15 अक्टूबर तक स्कूल समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान में चल रहा ग्रीष्मकालीन समय (सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक) ही यथावत लागू रहेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने राजस्थान एलिमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) की मांग को गंभीरता से लेते हुए यह राहत प्रदान की है। मौसम में ठंडक न होने से लिया गया फैसलानियमों के अनुसार, प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर से सरकारी स्कूलों का समय बदलकर शीतकालीन कर दिया जाता है। हालांकि, इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है औश्र सर्दी का प्रभाव शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अचानक समय बदलने से छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता। संघ ने 23 सितंबर को सौंपा था ज्ञापनरेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद विभाग ने शिक्षक और विद्यार्थी हित में फैसला लेते हुए समय यथावत रखने के आदेश जारी किए। रेसटा के टोंक जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह जाट ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए यह मांग रखी गई थी। समय न बदलने से स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के धरनई हरिजन टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-215 में बुधवार को ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के विकास, पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में एमएलसी अनिल कुमार, विधायक सुबेदार दास, जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया, जिला अध्यक्ष धीरज कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अतिथियों ने दीप जलाकर और गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। बच्चों ने स्वागत गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं। खेल के जरिए बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर कार्यक्रम के दौरान कहानी-कविता, खेल, मिलान और पहचान जैसी गतिविधियां कराई गईं। बच्चों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया। अतिथियों ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास और स्कूल-पूर्व शिक्षा में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पोषण टेबल पर स्थानीय खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी केंद्र पर स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों से सजी पोषण टेबल लगाई गई। माताओं को बच्चों के ऊपरी आहार और संतुलित पोषण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में गोदभराई और अन्नप्राशन की रस्म भी कराई गई। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर केक काटा ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के तहत बच्चों के साथ केक काटा गया। बच्चों के बीच फल, मिठाई और शैक्षणिक खिलौने वितरित किए गए। वहीं, बेहतर सेवाएं देने वाली सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ता को सम्मानित किया गया।
गोपालगंज में बाल्मीकि नगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोपालगंज जिले के दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल और चिंताजनक हो गई है। नदी के जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से तटीय और निचले क्षेत्रों में तेजी से पानी फैल रहा है। इस बीच शीतलपुर में रिंग बांध टूटने से स्थिति और अधिक बेकाबू हो गई है। बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी आसपास के दर्जनों गांवों और निचले इलाकों में तेजी से प्रवेश कर रहा है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर के स्थानीय विधायक मिथिलेश तिवारी स्वयं मैदानी स्तर पर उतरे। 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश उन्होंने आपदा की इस घड़ी में सीधे बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री ने शीतलपुर समेत आसपास के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बांधों और गंडक नदी के तटबंधों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बांध की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर की रफ्तार और सबसे अधिक खतरे वाले क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश दिया। ''सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ'' उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी नए खतरे को समय रहते टाला जा सके। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू करने की हिदायत दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रभावित जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, बाढ़ प्रभावित प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सहायता बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थलों, राहत शिविरों, भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, नावों की पर्याप्त व्यवस्था और पशुचारे का प्रबंध सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन आज, पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कोटा में आज शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीना की मौजूदगी में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विचार होंगे। पहल का उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और जागरूकता फैलाना है।
जीएमसीएच-चंडीगढ़ में 74 सीनियर रेजिडेंट पदों पर नियुक्ति का अवसर, 5 अक्टूबर को वॉक-इन-इंटरव्यू
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), चंडीगढ़ ने अपने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट के कुल 74 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर रिक्तियों की घोषणा की है।
क्या कोई बच्चा सिर्फ 15 दिन में हिंदी पढ़ना सीख सकता है? छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का डकईपारा सरकारी स्कूल यही कर दिखा रहा है. यहां बच्चों को किताबें रटाई नहीं जातीं, खास ढंग से पढ़ाया से जाता है. यह स्कूल नवंबर तक पूरा सिलेबस खत्म कर देता है और कई सम्मान हासिल कर चुका है.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की संविदा व्याख्याता (अंग्रेजी) पायल कौशले की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया। विद्यालय के प्राचार्य की ओर से DEO कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, पायल कौशले 20 दिसंबर 2024 से 16 अगस्त 2026 तक लगातार कार्य से अनुपस्थित रहीं। इसके बाद वह 17 अगस्त 2026 को विद्यालय पहुंचीं, लेकिन अगले ही दिन 18 अगस्त से दोबारा बिना सूचना अनुपस्थित हो गईं। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब लगातार ड्यूटी से गायब रहने पर विद्यालय प्रबंधन ने 25 अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन नोटिस के बावजूद शिक्षिका ने न तो जवाब दिया और न ही विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर कार्यभार संभाला। DEO ने तत्काल प्रभाव से खत्म की संविदा लंबे समय तक अनुपस्थिति, नोटिस का जवाब नहीं देने और शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही को आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी ने संविदा सेवा समाप्त करने का फैसला लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
बलौदाबाजार में राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें एक ही परिवार के सास-ससुर, बेटा-बहू और पति-पत्नी ने एक साथ परीक्षा दी। जिले में कुल 1467 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 1403 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। कलेक्टर कुलदीप शर्मा और जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में परीक्षा आयोजित की गई। जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार गेंदले ने बताया कि जिले में 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रधानपाठकों को केंद्राध्यक्ष और शिक्षकों को पर्यवेक्षक व मूल्यांकन की जिम्मेदारी दी गई थी। पढ़ना, लिखना और गणित के पूछे सवाल परीक्षा में शिक्षार्थियों से पढ़ना, लिखना और गणित से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रत्येक विषय 50 अंक का था। इस तरह परीक्षा कुल 150 अंकों की थी। 200 घंटे की पढ़ाई पूरी करने के बाद सफल शिक्षार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की ओर से अंक पत्र और साक्षरता प्रमाण पत्र दिया जाएगा। पीले चावल देकर परीक्षा के लिए किया था आमंत्रित परीक्षा से एक-दो दिन पहले केंद्राध्यक्ष, संबंधित संस्था के शिक्षक और स्वयंसेवी शिक्षकों ने शिक्षार्थियों के घर पहुंचकर उन्हें पीले चावल और शिक्षार्थी पर्ची देकर परीक्षा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया था। शिक्षार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार इस समय के बीच परीक्षा केंद्र पहुंचकर परीक्षा देने की सुविधा दी गई थी। रंगोली से सजाए केंद्र, तिलक लगाकर स्वागत परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया। केंद्रों में पर्याप्त रोशनी, हवा और पेयजल की व्यवस्था की गई। कई केंद्रों को रंगोली से सजाया गया और शिक्षार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कुछ केंद्रों पर सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए। गांवों की दीवारों पर लिखे साक्षरता के नारे साक्षरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए गांवों की दीवारों पर साक्षरता संबंधी नारे लिखे गए। परीक्षा केंद्रों पर भी पोस्टर और बैनर लगाए गए।
बिलासपुर के स्कूलों में 1,618 शिक्षक नदारद, विद्या समीक्षा केंद्र ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल
बिलासपुर जिले में विद्या समीक्षा केंद्र की निगरानी में 1,618 शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले। बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के सरकारी व आत्मानंद स्कूलों में लापरवाही सामने आई।
भारतीय शिक्षा प्रणाली और इतिहास के पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक बदलाव की बयार
किसी भी देश की युवा पीढ़ी को उसकी संस्कृति, संस्कारों और पूर्वजों के गौरवशाली अतीत से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम उस देश की शिक्षा प्रणाली और स्कूली पाठ्यक्रम होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के शैक्षिक ढांचे और विशेषकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के पाठ्यक्रम में कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिले हैं। इसी कड़ी में अब 9वीं कक्षा की इतिहास की किताबों (History Textbooks) में एक बहुत बड़ा और बहुप्रतीक्षित बदलाव किया गया है। नए पाठ्यक्रम के तहत अब देश के नौनिहाल और युवा छात्र केवल बाहरी आक्रान्ताओं के आक्रमणों और उनकी सफलताओं का सीमित इतिहास पढ़ने के बजाय, उन विदेशी ताकतों—जैसे अरब, तुर्की और मुगल हमलों—के खिलाफ डटकर मुकाबला करने वाले भारतीय राजाओं, महाराजाओं और वीर रानियों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की वीर गाथाओं का अध्ययन करेंगे।क्यों महसूस की गई पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार की आवश्यकता?आजादी के बाद लंबे समय तक देश के स्कूली पाठ्यक्रमों में भारतीय इतिहास का वह पहलू ज्यादा प्रमुखता से पढ़ाया जाता रहा जिसमें बाहरी आक्रमणकारियों के वर्चस्व और उनकी प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत वर्णन होता था। हालांकि, इस व्यवस्था के कारण देश के कई महान स्थानीय राजाओं, जनजातीय नायकों, क्षेत्रीय शासकों और उन वीर रानियों के इतिहास को या तो हाशिए पर धकेल दिया गया या फिर उन्हें बहुत संक्षिप्त रूप में पढ़ाया गया जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आधुनिक शिक्षाविदों, इतिहासकारों और सामाजिक चिंतकों लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि भारतीय इतिहास को एकपक्षीय दृष्टिकोण से देखने के बजाय समग्रता और स्वाभिमान के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इसी सोच के तहत एनसीईआरटी ने आधुनिक अनुसंधान, ऐतिहासिक साक्ष्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को ध्यान में रखते हुए 9वीं कक्षा के इतिहास के सिलेबस को पूरी तरह से नया स्वरूप दिया है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व महसूस कर सके।अरब, तुर्की और मुगल हमलों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध की अनकही कहानियांनई संशोधित इतिहास की पुस्तकों में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया है कि किस प्रकार भारत के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर आने वाले विदेशी आक्रमणकारियों—चाहे वे शुरुआती अरब हमलावर रहे हों, तुर्की शासक रहे हों या बाद के मुगल सम्राट रहे हों—को यहां के स्थानीय राजाओं, रियासतों और योद्धाओं द्वारा कड़ा और भयंकर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था। किताबों में अब केवल हार या पराजय का वर्णन नहीं मिलेगा, बल्कि उन वीरतापूर्ण संघर्षों को प्रमुखता दी जाएगी जहाँ राजाओं और रानियों ने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम तक के उन तमाम गुमनाम या कम चर्चित नायकों के अध्यायों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है जिन्होंने विदेशी सत्ता के सामने कभी घुटने नहीं टेके। लोकल और रीजनल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो देश के विभिन्न राज्यों के छात्र अब अपने स्थानीय इतिहास और नायकों के बारे में भी गहराई से जान सकेंगे।पाठ्यक्रम में वीर रानियों और जनजातीय नायकों के योगदान को मिला उचित स्थानइस पाठ्यक्रम संशोधन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भारतीय इतिहास की उन महान वीरांगनाओं और रानियों के जीवन चरित्र को जोड़ा गया है जिन्होंने युद्ध के मैदान में प्रत्यक्ष रूप से नेतृत्व किया और दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों के उन जनजातीय नायकों (Tribal Heroes) की गाथाओं को भी किताबों में जगह मिली है जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी ताकतों और बाद में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लंबी लड़ाइयां लड़ी थीं। आधुनिक डिजिटल सर्च ट्रेंड्स और एआई एनालिटिक्स यह दर्शाते हैं कि जब स्कूली किताबों में इस तरह के प्रेरणादायक और देशभक्ति से ओत-प्रोत अध्यायों को जोड़ा जाता है, तो छात्रों में अपने देश के प्रति सम्मान और जिज्ञासा की भावना कई गुना बढ़ जाती है। यह बदलाव केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक विकास और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।शिक्षाविदों और समाज की प्रतिक्रिया: एक स्वागत योग्य कदम या बहस का मुद्दा?एनसीईआरटी की इन नई किताबों और संशोधित पाठ्यक्रम के आने के बाद देश भर के शिक्षाविदों, इतिहासकारों, अभिभावकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक बड़ा वर्ग इस बदलाव को पूरी तरह से स्वागत योग्य और आवश्यक कदम बता रहा है, जिनका तर्क है कि किसी भी राष्ट्र को अपनी युवा पीढ़ी को अपने सच्चे इतिहास से परिचित कराना चाहिए न कि किसी औपनिवेशिक या विकृत मानसिकता के चश्मे से इतिहास पढ़ाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ आलोचकों का यह मानना है कि इतिहास के पुनर्लेखन में पूर्ण निष्पक्षता और अकादमिक शुद्धता का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का वैचारिक विवाद उत्पन्न न हो। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों का यही मानना है कि जब छात्र देश की मिट्टी के लिए लड़ने वाले शूरवीरों की कहानियां पढ़ेंगे, तो उनके भीतर नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना का स्वाभाविक विकास होगा।
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला ने उदयपुर सौर वेधशाला परिसर में प्रशिक्षु भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह मौका टेलीस्कोप, ऑफिस और हिंदी ट्रांसलेशन जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों के लिए है।
रिज्यूमे नौकरी के लिए आपकी पहली पहचान होता है। आज कई कंपनियां AI की मदद से रिज्यूमे की जांच करती हैं, इसलिए इसमें सही जानकारी, जरूरी स्किल्स और सरल फॉर्मेट का होना बेहद जरूरी है।
प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
केनरा बैंक में 3500 पदों पर होगी भर्ती, हर महीने मिलेगा इतना स्टाइपेंड
केनरा बैंक ने ग्रेजुएट्स अप्रेंटिस के 3,500 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इच्छुक उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को हर महीने इतने हजार रुपये की स्टाइपेंड दी जाएगी.
पंजाब में कल यानी 1 अक्टूबर से सभी सरकारी स्कूलों का समय बदल जाएगा। स्कूल सुबह 8:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 2:30 बजे छुट्टी होगी। इससे पहले स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक लग रहे थे। यह नए नियम राज्य के सारे प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू होंगे। यह समय 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। राज्य में 19 हजार से अधिक स्कूल है। जहां पर यह नियम लागू होंगे। मौसम में बदलाव और शैक्षणिक सत्र की समयसारणी के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे नए समय का पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्टूडेंट्स और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सेशन में 3 बार बदलता है स्कूलों का समय पंजाब में स्कूल का समय सेशन में 3 बार बदलता है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूलों का टाइम सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहता है। जबकि एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक का प्राइमरी स्कूलों का समय सुबह साढ़े 8 से ढाई बजे और मिडिल से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक का समय सुबह साढ़े 8 बजे से दोपहर 2.50 बजे तक रहता है। एक नवंबर से 28 फरवरी तक प्राइमरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से 3 बजे तक व मिडिल से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक का समय सुबह 9 बजे से 3.20 बजे तक रहता है।
शिक्षा और एनीमिया को लेकर जागरूक किया
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानपुरा भाखरी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिका शिक्षा तथा पोषण व एनीमिया पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। महिला अधिकारिता विभाग के अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक देवी बामणिया ने सहयोग भी, सम्मान भी पहल की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर ने लालसा हेल्पलाइन 15100, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पीड़ित प्रतिकर योजना, बाल विवाह और लोक अदालत से जुड़ी जानकारी साझा की। पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र की परामर्शदाता माया चारण और उर्मिला कुमारी ने भी जानकारी दी।
तमिलनाडु, पांडिचेरी व गुजरात से आए शिक्षकों ने देखा यहां का शिक्षा मॉडल
विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से एनसीईआरटी नई दिल्ली व आईआईटी वाराणसी के सहयोग से शुरू किए गए अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु, पांडिचेरी व गुजरात से आए शिक्षकों ने केशर देवी सोती आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में भारतीय शिक्षा मॉडल की जानकारी ली। शिक्षकों ने स्कूल की भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार आधारित दिनचर्या और गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया। कक्षा अवलोकन सत्र में विज्ञान प्रयोगशाला, बगीचा, क्रीड़ांगण, आदर्श घर, तरणताल, चिड़ियाघर, वस्तु संग्रहालय, कार्यशाला, कला शाला एवं चित्र पुस्तकालय जैसी व्यवस्थाओं को देखा। अभिभावकों से संवाद कर संस्कार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की जानकारी ली। प्रतिभागियों ने पंचपदी, पंचमुखी शिक्षा और शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाओं को भारतीय शिक्षा परंपरा का जीवंत स्वरूप बताया। प्रधानाचार्य किशनलाल सैनी ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य समग्र और शिक्षा में नए आयाम जोड़ना है। इस मौके पर पितृकुल फाउंडेशन के सुरेश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य विक्रम नाथावत, प्रभुदयाल प्रजापत, पार्वती शर्मा, मंजुलता तंवर, बाबूलाल प्रजापत आदि उपस्थित थे।
Amroha News: आईटीआई के 782 प्रशिक्षार्थियों ने लिया इनोवेशन चैलेंज में हिस्सा
सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों अमरोहा, हसनपुर, गंगेश्वरी, गजरौला और नौगावां सादात में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज एवं मोटिवेशन कार्यक्रम हुए।
Lalitpur News: ब्लॉक स्तरीय मेले में शिक्षा विभाग ने गिनाईं उपलब्धियां
ब्लॉक स्तरीय मेले में शिक्षा विभाग ने गिनाईं उपलब्धियां
शिक्षा का हिस्सा बन रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वंशिका
डीएवी गर्ल्स कॉलेज के एफडीपी सेल की ओर से शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भारत का पहला IIT कैंपस फ्रांस में स्थापित होगा: शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर
भारत का पहला IIT कैंपस जल्द ही फ्रांस में स्थापित होने जा रहा है, जो भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा। इस ऐतिहासिक पहल के तहत, भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही डिग्री की आपसी मान्यता और अनुसंधान में सहयोग की योजनाएं भी बनाई गई हैं। यह कदम भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता को यूरोप में मजबूत करेगा और 2026 को नवाचार का वर्ष मानते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी प्रगाढ़ करेगा।
आंकड़े बताते हैं कि सपा के शासन में मदरसा शिक्षा सबसे ज्यादा खराब हुई: दानिश अंसारी
New Delhi, 29 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को बेहतर बनाने की योजना की घोषणा के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने कहा कि अगर इसे लागू किया जाता है तो यह एक अच्छा कदम होगा, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि 2012-2017 के दौरान ... Read more
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में सुविधाओं की कमी के लिए BEO और BDO संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। BEO को दो दिन में स्कूलों की जरूरतें BDOs को बताने का निर्देश दिया गया। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अचानक निरीक्षण पर जोर दिया गया। कोई भी स्कूल तय समय से पहले बंद न हो। अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2025-26 के मॉडल स्कूलों में डिजिटल गेट, टाइलिंग, स्मार्ट क्लास, झूले, रसोईघर और लाइब्रेरी जैसे बचे काम 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे करने का निर्देश दिया गया। छात्रों के मानसिक विकास के लिए प्रार्थना सभा में सामान्य ज्ञान का अभ्यास कराया जाए। आदर्श विद्यालय बनाने में स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पीडीडीआरडीए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत मौजूद रहे।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना शासन ने बदल दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर उन्हें कुलसचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनकी जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव बनाया गया है। 3 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में BNS की धारा 316(4) के तहत FIR दर्ज हुई थी। विश्वविद्यालय में शिकायत मिलने के बाद गठित तथ्य-संग्रह समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। मामले में कुलदीप पर महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लेने और उसका एक हिस्सा उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने के आरोप लगाए गए थे। FIR के बाद वित्तीय अधिकार वापस लिए गए मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने भी कुलसचिव की वित्तीय भूमिका पर निर्णय लिया था। 29 अगस्त को भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय के भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी। कुलसचिव के हस्ताक्षर से वित्तीय लेन-देन नहीं करने की व्यवस्था की गई थी। कार्यपरिषद के फैसले में विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और कामकाज की निरंतरता को ध्यान में रखने की बात कही गई थी। इसी दौरान विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की मांग भी सामने आई थी।
कोटा में शिक्षा सहकारी-स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन, होगा पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में वाटिका की शुरुआत की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मदरसों की शिक्षा में लागू होगा उत्तराखंड मॉडल, एक हाथ में कुरआन दूसरे में कम्प्यूटर
छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड की तर्ज पर मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने साझा किया कि मदरसों में धार्मिक तालीम के साथ कंप्यूटर, विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को हुनरमंद बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
एमबीबीएस की सीट बढ़ने से छात्रों को मिलेंगे अधिक विकल्पः केंद्रीय शिक्षा मंत्री
वर्तमान में नीट यूजी की काउंसलिंग व एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में एमबीबीएस की अतिरिक्त सीटों के जुड़ने से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरणों में बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहे थे।
क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से देश की चुनावी व्यवस्था बदल जाएगी? क्या उनके पद से हटते ही मतदाता सूची की तमाम शिकायतें खत्म हो जाएंगी, क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा, क्या राजनीति के अपराधीकरण पर लगाम लग जाएगी और क्या लोकतंत्र पहले से ज्यादा पारदर्शी हो जाएगा? यह सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो रही है, उनके खिलाफ महाभियोग की तैयारी की बात सामने आ रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या समस्या सिर्फ एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त में है? सवाल उठता है कि अगर व्यवस्था की बुनियाद में ही खामियां हैं, तो फिर सिर्फ चेहरा बदलने से क्या बदलेगा? सवाल यह भी उठता है कि आखिर क्यों न बहस उस कानून पर हो, जो भारत की चुनावी व्यवस्था की रीढ़ है यानि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951? और क्यों न पूछा जाए कि इस कानून में ऐसी कौन-सी खामियां हैं, जिन्हें दूर किए बिना भ्रष्टाचार, अपराध और धनबल से मुक्त राजनीति की कल्पना अधूरी ही रहेगी? देखा जाये तो सवाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का नहीं, चुनावी व्यवस्था की बुनियाद का है। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त बदल जाएगा तो पूरी चुनाव व्यवस्था सुधर जाएगी? क्या एक व्यक्ति के पद से हट जाने भर से मतदाता सूची की सारी विसंगतियां खत्म हो जाएगी? क्या राजनीतिक दलों का टिकट बांटने का तरीका पारदर्शी हो जाएगा? क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा? क्या आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवार चुनावी मैदान से बाहर हो जाएंगे? अगर इन सवालों का जवाब नहीं है तो फिर बहस केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे तक क्यों सीमित है? इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: Gyanesh Kumar के चलते बंपर वोटिंग के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं, फिर Vote Chori कैसे हो गयी? अभी हाल ही में सबने देखा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा क्षेत्र की कुव्यवस्थाओं के खिलाफ हुए छात्रों के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। लेकिन क्या इससे शिक्षा व्यवस्था सुधर गयी? किसी मंत्री के इस्तीफे से यदि व्यवस्था अपने आप सुधर जाती, तो भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किसी दूसरी नीति, कानून, जवाबदेही और संस्थागत परिवर्तन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। इसलिए चुनाव आयोग के मुखिया को बदलने की राजनीतिक मांग और चुनावी व्यवस्था में स्थायी सुधार, दोनों को एक ही चीज मानना गंभीर भूल होगी। असल बीमारी उस कानून में भी खोजनी होगी जो चुनाव लड़ने की पात्रता और अयोग्यता तय करता है। हम आपको बता दें कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनाव की योग्यता, अयोग्यता, नामांकन, मतदान, मतगणना, चुनाव अपराध, भ्रष्ट आचरण और चुनाव याचिकाओं जैसी पूरी व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। लेकिन जरा विडंबना देखिए। एक चपरासी की नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता चाहिए। सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा चाहिए। भर्ती परीक्षा होती है। चरित्र और दस्तावेजों की जांच होती है। नियुक्ति के बाद सेवा नियम लागू होते हैं। गलती होने पर कार्रवाई होती है। लेकिन जो व्यक्ति देश की संसद में कानून बनाएगा, करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में भाग लेगा, उसके लिए मूल संवैधानिक शर्तें क्या हैं? भारतीय नागरिक होना, निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करना और मतदाता होना जैसी आवश्यकताएं हैं। यहां सवाल उठता है कि क्या जनप्रतिनिधि बनने के लिए सार्वजनिक जीवन का कोई न्यूनतम मानक नहीं होना चाहिए? इसके अलावा एक और प्रश्न आपराधिक राजनीति का है। सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीति के अपराधीकरण को गंभीर समस्या मानते हुए राजनीतिक दलों को आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक करने और ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण बताने का निर्देश दे चुका है। लेकिन क्या केवल जानकारी सार्वजनिक कर देना पर्याप्त है? साथ ही यदि कोई दल बार-बार गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को टिकट देता है तो केवल उम्मीदवार से सवाल क्यों होना चाहिए? टिकट देने वाले दल से भी जवाब क्यों नहीं मांगा जाए? सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीतिक दलों से ऐसे उम्मीदवारों के चयन का कारण बताने को कह चुका है लेकिन फिर भी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। देखा जाये तो चुनावी सुधार का मतलब केवल निर्वाचन आयुक्त बदलना नहीं हो सकता। इसका मतलब होना चाहिए, उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता, आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई, चुनावी चंदे की पारदर्शिता, झूठे हलफनामे पर कठोर कार्रवाई, चुनावी भ्रष्टाचार पर प्रभावी दंड और राजनीतिक दलों की जवाबदेही। यदि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है तो चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के लिए कानून में भी सर्वोच्च सार्वजनिक जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए? ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बुलंद कर रहे विपक्षी दलों को बताना चाहिए कि वह सिर्फ व्यक्ति बदलना चाहते हैं या व्यवस्था? जब तक कानून की खामियों को नहीं सुधारा जायेगा तब तक किसी एक पदाधिकारी का इस्तीफा केवल चेहरे को बदलेगा, चुनावी व्यवस्था की तस्वीर को नहीं। -नीरज कुमार दुबे
हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय शाक्य महासभा जिला इकाई के चुनाव मंगलवार को हुए। इसमें मुरारीलाल शाक्य को निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुना गया। चुनाव अधिकारी विद्याराम शाक्य ने यह प्रक्रिया पूरी करवाई।इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश शाक्य, राजस्थान प्रभारी अवधेश, राजस्थान कॉर्डिनेटर ग्याप्रसाद और दिल्ली प्रदेश सचिव राकेश बाबू समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष बनने के बाद मुरारीलाल शाक्य ने कहा कि वे समाज के बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देंगे। साथ ही, जरूरतमंद और असहाय परिवारों की मदद को प्राथमिकता देंगे।उन्होंने बताया कि समाज में मृत्यु भोज जैसी कई कुरीतियां हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े परिवारों को आगे लाने के लिए भी काम होगा। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में भी सहयोग किया जाएगा।
आईटीबीपी में स्पोर्ट्स कोटा के तहत 126 पदों पर निकली भर्ती, खिलाड़ी 3 अक्टूबर से करें आवेदन
खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) ग्रुप-'सी' (नॉन-गजेटेड और नॉन-मिनिस्टीरियल) के 126 पदों को भरने के लिए योग्य और इच्छुक नागरिकों (जिनमें नेपाल और भूटान के नागरिक भी शामिल हैं) से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
ITBP Head Constable Recruitment 2026: 12वीं पास युवाओं के लिए मौका, 27 अक्टूबर तक करें आवेदन
इंडो तिब्बती बॉर्डर पुलिस में हेड कान्स्टेबल (मोटर मैकेनिक) के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है जिसके लिए आवेदन स्टार्ट हो गए हैं। एप्लीकेशन प्रॉसेस 28 सितंबर से शुरू होकर 27 अक्टूबर....
job news 2026: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सहित कई पदों पर निकली हैं वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां मध्य प्रदेश में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से 8 अक्टूबर तक आवदेन कर सकेंगे। मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी के पास आवेदन करने काम मौका होगा। पदों के नाम- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की संख्या- आधिकारिक बेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- अभ्यर्थी की अधिकतम आयु वर्ग के अनुसार 33/ 38 साल से ज्यादा न हो। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 8 अक्टूबर, 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट esb.mp.gov.in देख सकते हैं pc- news18
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
नवादा में डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा- शिक्षक समाज बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव
29 सितंबर, मंगलवार: नवादा में जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों को बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाने की बात कही।
आरटीई पुनर्भरण राशि और परीक्षा शुल्क में भेदभाव का आरोप, स्कूल शिक्षा परिवार ने सौंपा ज्ञापन
निजी स्कूल संचालकों ने आरटीई पुनर्भरण राशि के भुगतान में हो रही देरी तथा निजी और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से लिए जा रहे अलग-अलग शुल्क को लेकर नाराजगी जताई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा परिवार, राजस्थान, जिला भरतपुर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के करीब एक दशक के कामकाज का खुद आकलन किया है। एक टीवी इंटरव्यू में उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, यमुना की सफाई, प्रदूषण, महिला सुरक्षा और शराब नीति जैसे मुद्दों पर 1 से 10 के पैमाने पर नंबर देने […] The post केजरीवाल ने खुद को कहां दिए कितने नंबर? शराब नीति को 10, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी बहुत कुछ बाकी था appeared first on https://rajsattaexpress.com .
एआइएसएचई आंकड़ों की सटीकता पर योगी सरकार का जोर, यूपी में शिक्षा योजनाएं होंगी बेहतर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने एआइएसएचई (अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण) में सही और समय पर जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया है।
BPSC TRE-4 में शिक्षक भर्ती की सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। पहले 32,388 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी। अब इसे बढ़ाकर 33,320 कर दिया गया है। यानी कुल 932 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। उच्च माध्यमिक स्कूलों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। यहां 439 पद बढ़ाए गए हैं। जबकि माध्यमिक विद्यालयों में 493 पद शामिल किए गए हैं। TRE-4 के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 सितंबर से शुरू हो चुकी है। दूसरी तरफ पटना में मंगलवार को TRE-4 कैंडिडेट और ग्रुप ‘D’ कैंडिडेट का प्रदर्शन चल रहा है। TRE-4 कैंडिडेट अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास का घेराव करने पहुंचे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि CTET 2026 में अपीयर हुए अभ्यर्थियों को भी BPSC TRE-4 की परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए। इधर, ग्रुप ‘D’ के कैंडिडेट गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले हैं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया है। इसके बाद करीब 500 प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए हैं। तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी पोस्टर-बैनर के साथ जेपी गोलंबर पर धरने पर बैठे हैं। पोस्टर पर लिखा है, ‘चपरासी की परीक्षा ली तो नियुक्ति दो, नियुक्ति नहीं तो मृत्यु दो।’ कुछ प्रदर्शनकारी फोल्डिंग लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। ये प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे थे। पहले शिक्षा मंत्री के आवास के घेराव की तस्वीरें देखिए.. ग्रुप ‘D’ के कैंडिडेट के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… एग्जाम के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई दैनिक भास्कर से बात करते हुए ग्रुप-D के एक कैंडिडेट ने कहा, “2012 में फॉर्म भरा था। विज्ञापन में लिखा था- साइकिल चलाओ, नौकरी पाओ। इसके बाद परीक्षा ली गई। मैट्रिक और आठवीं स्तर की परीक्षा ली गई, लेकिन इसमें IAS स्तर के सवाल पूछे गए। हम सरकार से लड़ रहे हैं। सड़क पर बैठे हैं। सरकार हमारी बात सुने। हमसे मिलने के लिए सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आया है। भास्कर से बातचीत में प्रदर्शनकारी कैंडिडेट ने कहा, “हम लोग 9,720 कैंडिडेट हैं। 2023 में हम लोगों ने फॉर्म भरा था। 2024 में परीक्षा हुई, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। हम लोगों की मांग है कि या तो सरकार हमारी नियुक्ति करे या मृत्यु दे।” पुलिस ने की बैरिकेडिंग मार्च को देखते हुए पटना में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मौके पर वाटर कैनन और राइट कंट्रोल वाहन भी मौजूद हैं। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार नियंत्रित करने की तैयारी की गई है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
इंडियन ऑयल ने 58 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। इच्छुक उम्मीदवार 18 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्या Bankatira High School में शिक्षा का भविष्य खतरे में है? जानें पूरी कहानी!
Bankatira High School की स्थिति चिंताजनक है, जहां विकास कार्य अधूरे हैं और छात्रों को उचित शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल रहा है। स्कूल में कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल की कमी है, जिससे शिक्षा प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापक और प्रबंधन समिति ने कर्मचारियों की कमी और विकास कार्यों की विफलता पर चिंता जताई है। क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान करेगा? जानें पूरी कहानी!
जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी भी साल में 2 बार, शिक्षा मंत्रालय कई बड़े बदलाव लाने की तैयारी में
NEET UG , CUET UG Exam : शिक्षा मंत्रालय ने अपने मसौदे में जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं को भी साल में कम से कम दो बार आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
बलरामपुर के 6984 शिक्षार्थियों में परीक्षा देने उत्साह
भास्कर न्यूज़| बलरामपुर उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा एफएलएनएटी हुई। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत सभी 6984 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 4339 महिलाएं रहीं। 2645 पुरुष रहे। परीक्षा शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की पहल पर हुई। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में व्यवस्था की गई। जिले में 480 परीक्षा केंद्र बनाए गए। विकासखंड बलरामपुर में 81 केंद्र रहे। कुसमी में 82 केंद्र रहे। राजपुर में 66 केंद्र रहे। रामचंद्रपुर में 116 केंद्र रहे। शंकरगढ़ में 75 केंद्र रहे। वाड्रफनगर में 60 केंद्र रहे।
कोरवा आश्रम... मासूम बेटियों के सिर पर शिक्षा से पहले पानी का बोझ
अंबिकापुर | एक किमी दूसरे से सिर पर पानी रख लाती ये मासूम मैनपाट के बरिमा स्थित पहाड़ी ये आश्रम की छात्राएं हैं। इस तस्वीर से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पहाड़ी कोरवा आश्रमों की स्थिति कितनी बदहाल होगी। पिछले पांच दिनों से आश्रम का बिजली गुल है, मोटर से पानी नहीं आ रहा। दो में से एक हैंडपंप खराब है, दूसरे से लाल पानी निकलता है। अधीक्षिका शांति कुजूर खुद स्वीकार कर रही है कि समस्या तो है, लेकिन करें तो करें क्या?
Lucknow News: मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
Kurukshetra News: शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
Bhadohi News: समायोजन को लेकर शिक्षामित्रों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Shiksha Mitras submitted a memorandum to the District Magistrate regarding their regularization.
मिथुन राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, जरूरी टिप- अहंकार से बचें
Gemini Daily Horoscope, 29 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, नए लोगों से संपर्क बनेगा, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा, किसी से झगड़ा करने से बचें, व्यापार में योजना बना कर काम करें.

