जीवाजी विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु ने संभाला पदभार, शिक्षा और शोध को बेहतर बनाने पर रहेगा जोर
ग्वालियर जीवाजी विवि समाचार: प्रो. राजपूत की सागर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से संबंधित औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। पदभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे गुरुवार सुबह ग्वालियर पहुंचे। विश्वविद्यालय पहुंचने पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु के चार सरकारी स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों की कमी, स्कूलों की जर्जर आधारभूत संरचना और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर...
पेइचिंग में चीन-शांगहाई सहयोग संगठन के बुनियादी शिक्षा सहयोग केंद्र का उद्घाटन
बीजिंग, 10 सितंबर . चीन-शांगहाई सहयोग संगठन के बुनियादी शिक्षा सहयोग केंद्र का अनावरण समारोह 10 सितंबर को पेइचिंग में आयोजित किया गया. जानकारी के अनुसार, यह केंद्र युवा सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षक प्रशिक्षण और आदान-प्रदान, और बुनियादी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करते हैं. एससीओ सदस्य देशों के साथ आदान-प्रदान और ... Read more
सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अब उनकी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष जोर दे रही है इसी के तहत मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित बचपन डे केयर सेंटर, एल-2 भवन लोढ़ी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। सीडीओ ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई और प्रशिक्षण का जायजा लिया तथा शिक्षकों से उनकी प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी बारीकी से देखा। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, ड्रेस, बैग, कॉपी-किताब समेत अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। देखें, 5 तस्वीरें… निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि बचपन डे केयर सेंटर का संचालन नियमित और बेहतर ढंग से किया जाए। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई की जरूरतों के हिसाब से अच्छी शिक्षा और ट्रेनिंग दी जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और कौशल को बढ़ाने के लिए नए तरीकों वाली गतिविधियों और दूसरे अच्छे प्रयासों को बढ़ावा दिया जाए। इससे बच्चे और सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दिव्यां शुक्ला, बचपन डे केयर सेंटर के समन्वयक राहुल कुमार सिंह सहित सभी अध्यापक और कर्मचारी मौजूद थे।
योगी सरकार का डिजिटल शिक्षा पर बड़ा जोर, PM e-VIDYA पर एक जगह मिलेंगे पढ़ाई के जरूरी संसाधन
योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को लगातार विस्तार दे रही है। सरकार का जोर है कि डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों की पहुंच से दूर रहने वाली सुविधा न होकर सीखने का सहज, सुलभ और प्रभावी माध्यम बनें। इसी दिशा में पीएम ई-विद्या डिजिटल ...
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत कक्षा 1 से 5 तक के स्कूलों में शिक्षण सामग्री (TLM) तैयार करने हेतु 56.36 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सिखाना और उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देना है, साथ ही 'निपुण लक्ष्य' पर केंद्रित सामग्री 31 अक्टूबर 2026 तक तैयार की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई जाने वाली शिक्षकों की पात्रता परीक्षा में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की परीक्षा अलग-अलग होगी। यह स्थिति तब बनेगी, जब माध्यमिक शिक्षा मंडल ही पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा कराने वाली एजेंसी बनेगा। लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच इसको लेकर चल रहे संवाद के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल अपना प्लान तैयार कर रहा है और मंडल के प्लान के बाद सरकार इस मामले में अंतिम फैसला लेगी। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों से ऑफलाइन मोड पर पात्रता परीक्षा लेने के लिए कर्मचारी चयन मंडल के बाद दूसरी एजेंसी तलाश रहा स्कूल शिक्षा विभाग अब माध्यमिक शिक्षा मंडल से ही परीक्षा करा सकता है। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन का विकल्प आने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल का परीक्षा एजेंसी बनना तय माना जा रहा है, क्योंकि मंडल द्वारा सभी परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में ही कराई जाती हैं, जबकि कर्मचारी चयन मंडल ऑनलाइन एग्जाम कराता है। बताया जा रहा है कि लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच चर्चा के बाद मंडल ने अपना परीक्षा शेड्यूल तैयार करना शुरू कर दिया है। मंडल के शेड्यूल पर मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री तथा अधिकारियों के बीच डिस्कसन के बाद ही इसे फाइनल किया जाएगा, ऐसा मंडल के अधिकारियों का कहना है। परीक्षा नवंबर या दिसंबर हो सकती है माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा कराने के लिए जो सेटअप रखा गया है, उसके अनुसार परीक्षा फॉर्म भराए जाने के बाद जब लोक शिक्षण संचालनालय परीक्षा देने वाले शिक्षकों की संख्या माध्यमिक शिक्षा मंडल को बताएगा, उसके बाद परीक्षा कराने में दो माह का समय लगेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शेड्यूल देने का काम अगर अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाता है, तो भी परीक्षा नवंबर या दिसंबर महीने तक जाएगी। पहले प्राथमिक, फिर माध्यमिक शिक्षकों की होगी परीक्षा विभाग के अफसरों की मानें तो माध्यमिक शिक्षा मंडल की एजेंसी तय होने के बाद पहले प्राथमिक शिक्षकों और फिर माध्यमिक शिक्षकों की परीक्षा कराई जाएगी। इसी कारण चालू साल में सिर्फ एक बार ही पात्रता परीक्षा हो पाने की संभावना है। दूसरी ओर, शिक्षक संगठनों ने विकासखंड और जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग स्कूल शिक्षा विभाग से की है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा मंडल जिला और विकासखंड स्तर पर भी परीक्षा करा सकता है। ऐसे में शिक्षकों को ज्यादा दूरी तक आना-जाना नहीं पड़ेगा। फीस जमा कराने का काम कर्मचारी चयन मंडल ही कराएगा विभागीय अफसरों के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर कर्मचारी चयन मंडल ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से परीक्षा कराने के लिए पूर्व में घोषित अंतिम तिथि 4 सितंबर से बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी है। ऐसे में आवेदन जमा करने की कार्रवाई कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से ही होगी। बाद में कर्मचारी चयन मंडल जमा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को फॉरवर्ड कर देगा। अब तक करीब 20 हजार आवेदन भरे जाने की जानकारी सामने आई है।
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक गुरुवार को दोपहर 1 बजे फतेहगढ़ के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने विभाग की सभी योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के स्कूलों में जो भी भवन जर्जर हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर गिराने की कार्रवाई पूरी की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को अच्छी पढ़ाई देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी, छात्रों के दाखिले और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए। मिड-डे-मील व्यवस्था को भी बेहतर रखने को कहा उन्होंने स्कूलों में जरूरी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पीने का पानी, शौचालय और मिड-डे-मील व्यवस्था को भी बेहतर रखने को कहा। यह भी निर्देश दिए गए कि सरकार की सभी योजनाओं का फायदा सही छात्रों तक समय पर और साफ तरीके से पहुंचे। छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और दूसरी तय सुविधाएं समय से मिलें। स्कूलों में दाखिले के हिसाब से छात्रों की उपस्थिति की लगातार समीक्षा की जाए। जिन बच्चों की हाजिरी कम है, उनके माता-पिता से संपर्क करके उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्कूलों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित और असरदार निरीक्षण किया जाए, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता जांची जा सके। पीएम श्री स्कूलों में रंगाई-पुताई और बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी दूसरे संसाधन पूरे किए जाएं। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में जो कमियां मिलें, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। अगर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने फिर दोहराया कि जिले के परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों को एक सप्ताह के अंदर गिराने का काम पूरा करें। कायाकल्प योजना के तहत 19 तय मानकों को पूरा करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी गंभीरता से काम करें, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी। पीने के पानी की टंकी की सफाई 3 दिन में कराए पूर्ण सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के पीने के पानी की टंकी की सफाई 3 दिवस में पूर्ण करना सुनिश्चित कर आख्या उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन करें तथा विद्यालयों में अनुशासन एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ , परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राजगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। बैठक में अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने और युवाओं तक कार्यक्रम का संदेश पहुंचाने पर चर्चा की गई। प्रभारी प्रशिक्षक प्रज्ञा फिलिप्स ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था “वेंटिलेटर पर” है। माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद भी कई युवाओं के सामने रोजगार की समस्या रहती है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याएं सुनने और उनकी आवाज उठाने के लिए राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं। NEET प्रभावित छात्रों से संपर्क करने को कहा प्रज्ञा फिलिप्स ने युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं से राजगढ़ जिले के अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचने की अपील की। उन्होंने खासतौर पर पचोर और सारंगपुर क्षेत्र के NEET प्रभावित छात्रों से संपर्क करने को कहा। उन्होंने उन छात्रों से संपर्क करने की बात कही, जिन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ी या जिनका परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। कार्यकर्ताओं से बारकोड स्कैन कर छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराने और सोशल मीडिया के जरिए कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने की अपील की गई। खिलचीपुर नाके पर रजिस्ट्रेशन स्टॉल कार्यक्रम के लिए राजगढ़ में रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया गया है। कांग्रेस की ओर से खिलचीपुर नाके पर स्टॉल लगाया गया है। यहां छात्रों को कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ बारकोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल, पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, कांग्रेस प्रभारी प्रशिक्षक प्रज्ञा फिलिप्स, पूर्व विधायक रामप्रसाद दांगी, बापू सिंह तंवर, हेमराज कल्पोनी, कृष्ण मोहन मालवीय, रामचंद्र दांगी, रघु परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश पुरोहित सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जुवाड़ स्कूल में जनभागीदारी से शिक्षा को मजबूती, 1.05 लाख से होंगे विकास कार्य
सवाई माधोपुर के जुवाड़ स्कूल में ग्रामीणों और स्टाफ ने 42 हजार रुपए का जनसहयोग दिया। मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के तहत लगभग 63 हजार रुपए राज्यांश सहित 1.05 लाख रुपए से विकास कार्य होंगे।
job news 2026: पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पदों पर निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी करनी हैं तो यह खबर आपके लिए काम की है। जी हां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से 8 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पदों का नाम-एलएलबी पास अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने का मौका होगा। पदों के नाम- स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पद आयु सीमा- आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी प्राप्त करें आवेदन करने की आखिरी तारीख- 8 अक्टूबर 2026 आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट cbi.gov.in देख सकते हैंं pc- aajtak.in
कांकरवा में पुत्र जन्मोत्सव पर अनूठी पहल, 51 स्कूली बच्चों को बांटे शिक्षा किट
कांकरवा के फलासिया जागीर गांव में ज्वेलर्स महेन्द्र सिंह चुंडावत ने पुत्र जन्मोत्सव पर भजन संध्या और हवन-यज्ञ कराया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के 51 विद्यार्थियों को भोजन और बुकलेट, पेन-पेंसिल सहित पूरा किट बांटा।
बिलासपुर में आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। गुरुवार से बिलासपुर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। 12 सितंबर तक चलने वाले प्रशिक्षण में ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से जुड़ने और पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की रणनीति बताई जा रही है। कांग्रेस नेताओं का फोकस ब्लॉक स्तर से संगठन को मजबूत कर पार्टी को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर है। वहीं, दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता है। सरकार को रोजगार, किसान और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण कांग्रेस का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 सितंबर तक चलेगा। बिलासपुर के बाद 15 सितंबर को सरगुजा संभाग में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण होगा। इसके बाद 20 सितंबर को रायपुर संभाग में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बस्तर और दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। बैज बोले- पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता इधर PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार के पोस्टर अभियान पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता। सरकार को रोजगार, किसानों, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य की स्थिति पर जवाब देना चाहिए। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए 1100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सरकार और मंत्री अपनी जेब में भर रहे हैं, जबकि गांवों में विकास के काम नहीं हो रहे हैं। कांग्रेस का फोकस संगठन को बूथ तक मजबूत करने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की
मध्यप्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल जीडी के 7500 पदों पर निकली भर्ती, 22 सितंबर से करें आवेदन
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की ओर से राज्य में आरक्षक यानी की कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी/GD) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के माध्यम से कॉन्स्टेबल के 7500 रिक्त पदों पर नियुक्तियां होंगी।
भिवानी के हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में वीरवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने भूकंप आने की स्थिति में बचाव को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। डिजास्टर कोर्स के तहत NDRF एवं SDRF ने मॉक ड्रिल में 63 लोंगों को फंसाकर रेस्क्यू किया। SDRF अधिकारी राजकुमार भौरिया ने बताया कि स्टेट डिजास्टर रिलीफ कोर्स के अंदर शिक्षा बोर्ड की बिल्डिंग में भूकंप का सीन बनाया था। इस क्रिएट सीन के अंदर टोटल 63 आदमी फंसे थे, 8 लोगों को सीरियस इंजर्ड दिखाया गया था। जिनको सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया। फायर ब्रिगेड और रेड क्रॉस ने 6 आदमियों को निकाला, कोई कैजुअल्टी नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद बोर्ड परिसर में ही सभी कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी गई। पैनिक होने से ज्यादा नुकसान उन्होंने बताया गया कि भूकंप के समय पैनिक होने से ज्यादा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान अगर बाहर निकलने का मौका न मिले, तो किसी मजबूत टेबल के नीचे कवर-होल्ड पॉजिशन में आना चाहिए। फिलहाल बोर्ड की बिल्डिंग को स्ट्रक्चर सेफ्टी जांच तक खाली रखा गया। मॉक ड्रिल होती रहती है- बोर्ड अध्यक्ष शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि यह ड्रिल होती रहती है, ताकि अगर कोई ऐसी स्थिति आ जाए भूकंप की या कोई इमरजेंसी वाली स्थिति सबको मालूम रहे कि हमें क्या करना है। उन्होंने कहा कि पैनिक में नहीं आना है, नुकीली चीजों के, कांच की चीजों के आसपास नहीं रहना है। अगर अंदर फंस गए हैं, तो दीवार पर किसी धातु की चीज से नॉक करके अपना सिग्नल दें, ताकि रेस्क्यू टीम को पता चल सके। उन्होंने कहा कि NDRF और SDRF टीम का धन्यवाद करते हैं।
SBI recruitment 2026: SO पदों पर निकली भर्ती, 97 लाख तक मिलेगी सालाना सैलरी, जानें डिटेल्स
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने 207 स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। यह रिक्रूटमेंट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी। डाउनलोड करें इंटरैक्टिव मैप्स SBI स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर रिक्रूटमेंट में 207 वैकेंसी शामिल हैं, जिनमें ज़ोनल हेड, रीजनल हेड, रिलेशनशिप मैनेजर-टीम लीड, इन्वेस्टमेंट मैनेजर-टीम लीड, इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, वाइस प्रेसिडेंट-वेल्थ, और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-वेल्थ शामिल हैं। इस रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 25 सितंबर है, जिसे स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर अप्लाई किया जा सकता है। वैकेंसी की जानकारी: कुल: 207 ज़ोनल हेड: 1 रीजनल हेड: 5 रिलेशनशिप मैनेजर-टीम लीड: 24 इन्वेस्टमेंट मैनेजर-टीम लीड: 9 इन्वेस्टमेंट ऑफिसर: 4 वाइस प्रेसिडेंट-वेल्थ: 91 असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-वेल्थ: 73 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: 207 स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर पोस्ट के लिए पोस्ट के हिसाब से एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया नीचे दिया गया है: ज़ोनल हेड: मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 60 परसेंट मार्क्स के साथ MBA डिग्री। CFP, CFA, NISM V-A या NISM 21-A में सर्टिफिकेट। संबंधित फील्ड में 15 साल का अनुभव होना चाहिए। पोस्ट के लिए उम्र सीमा 35 से 50 साल है। रीजनल हेड: 60 परसेंट मार्क्स के साथ बैंकिंग, फाइनेंस या मार्केटिंग में MBA डिग्री। CFP, CFA, NISM V-A, NISM इन्वेस्टमेंट एडवाइजर या NISM 21-A में सर्टिफिकेट। संबंधित फील्ड में 12 साल का अनुभव होना चाहिए। इस पोस्ट के लिए उम्र सीमा 35 से 50 साल है। रिलेशनशिप मैनेजर-टीम लीड: किसी भी फील्ड में बैचलर डिग्री। आठ साल का काम का अनुभव। इस पोस्ट के लिए उम्र सीमा 35 से 50 साल है। इन्वेस्टमेंट मैनेजर-टीम लीड: बैंक द्वारा पोस्ट के लिए बताई गई एजुकेशनल और प्रोफेशनल ज़रूरतें, संबंधित अनुभव और उम्र के क्राइटेरिया के साथ होनी चाहिए। इन्वेस्टमेंट ऑफिसर: फाइनेंस, अकाउंटेंसी, बिज़नेस मैनेजमेंट, कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, कैपिटल मार्केट्स, बैंकिंग, इंश्योरेंस या एक्चुरियल साइंस में मास्टर/पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा। या CFA या CA क्वालिफिकेशन हो। संबंधित फील्ड में 6 साल का अनुभव होना चाहिए। इस पोस्ट के लिए उम्र सीमा 28 से 42 साल है। वाइस प्रेसिडेंट-वेल्थ: किसी भी फील्ड में बैचलर डिग्री। छह साल का काम का अनुभव। पोस्ट के लिए उम्र सीमा 28 से 42 साल है। कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भर्ती: चुने गए कैंडिडेट को पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर अपॉइंट किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट को चार साल और बढ़ाया जा सकता है। बताया गया सालाना CTC फिक्स नहीं है, इस पर बातचीत करनी होगी। CTC जिन बातों पर निर्भर करता है, वे हैं अनुभव, मौजूदा सैलरी और पोस्टिंग की जगह। एप्लीकेशन फीस: जनरल/EWS/OBC: Rs 750 SC/ST/PwBD: कोई फीस नहीं सिलेक्शन प्रोसेस: शॉर्टलिस्टिंग: इंटरव्यू के 1 या 2 राउंड इंटरव्यू मोड: टेलीफोन या वीडियो कॉन्फ्रेंस इंटरव्यू के दौरान CTC पर चर्चा इंटरव्यू मार्क्स: 100 क्वालिफाइंग मार्क्स: बैंक तय करेगा।
बंगाल के इंटर-यूनिवर्सिटी ट्रांसफर बिल पर भड़के शिक्षक-शिक्षाविद
पश्चिम बंगाल में शिक्षा विभाग की नई नीति ने प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में बड़ी बहस छेड़ दी है. राज्य सरकार जहां इसे नए और दूर-दराज के विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में बदलने वाला कदम बता रही है, वहीं शिक्षक संघ इसे संस्थानों की प्रशासनिक स्वायत्तता पर सीधा प्रहार मान रहे हैं. शिक्षकों का आरोप है कि इस फैसले से असहमति जताने वाली आवाजों को निशाना बनाए जाने का खतरा है.
Bhagalpur Private Schools Notice:भागलपुर शिक्षा विभाग ने आधार मैपिंग और अपार आईडी निर्माण में लापरवाही बरतने पर 24 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ ने 12 सितंबर को साक्ष्य सहित समीक्षा बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया है, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए साँप के प्रवेश और सर्पदंश की रोकथाम हेतु विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
बिहार होम गार्ड में कंपनी कमांडर के 65 पदों पर भर्ती का मौका है। बीपीएसएससी ने भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। पात्र उम्मीदवार नीचे दी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
औरैया में समावेशी शिक्षा के मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा, दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर
Alirajpur जिले की शिक्षा स्थिति: 2011 जनगणना के आंकड़े
अलिराजपुर जिले की 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, यहां की साक्षरता दर 36.10 प्रतिशत है, जिसमें पुरुषों की साक्षरता 42.02 प्रतिशत और महिलाओं की 30.29 प्रतिशत है। जिले की अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, जहां साक्षरता दर और भी कम है। शहरी क्षेत्रों में साक्षरता दर 80.05 प्रतिशत है। इस लेख में हम अलिराजपुर जिले की शिक्षा स्थिति का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
पश्चिम बंगाल: 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति लागू करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा विधेयक
पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को एक दिवसीय विशेष सत्र में शिक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल: 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति लागू करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा विधेयक
पश्चिम बंगाल: 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति लागू करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा विधेयक
देवास: सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे जीतू पटवारी, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले देवास के अर्पित जाज के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने ढांढस बंधाते हुए कहा कि बेहतर शिक्षा व हॉस्टल व्यवस्था होती तो शायद अर्पित को दिल्ली नहीं जाना पड़ता।
अब झारखंड में समग्र शिक्षा की राशि निकालना नहीं होगा आसान, 25 लाख से अधिक पर DC की मंजूरी जरूरी
समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में राशि निकासी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब 25 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति अनिवार्य होगी, जिससे वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अब हर शिक्षक दे सकेगा स्पेशल TET परीक्षा, बेसिक शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त स्कूलों के टीचरों को भी मिली पात्रता
बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 205 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए 10 सितंबर 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
नर्मदापुरम के स्कूल में अजीब हालात: बाहर 5G टॉवर, मोबाइल में फुल सिग्नल; शिक्षा विभाग की फाइलों में ‘जीरो नेटवर्क’
गुरुवार को राज्य विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। इसी विधेयक को पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है।
मारवाड़ी सम्मेलन की बलांगीर मंडल की बैठक हुई, शिक्षा विकास के लिए मिले 85 हजार रुपए
भास्कर न्यूज | बलांगीर लोईसिंघा शाखा के आतिथ्य में मारवाड़ी सम्मेलन की बलांगीर मंडलीय बैठक रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सुभाष चन्द्र अग्रवाल ने की। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, समाज सुधार और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इन संगठन को सक्रिय बनाने, महिला शक्ति को मजबूत करने, वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्प लिया गया। अग्रसेन जयंती के तहत अपना कार्यक्रम–अपना गेस्ट, झलक दिवाली विशेषांक प्रकाशन और बुजुर्गों के सम्मान पर चर्चा हुई। दिवाली के बाद प्रथम रविवार को भटली धाम में परिवार मिलन समारोह आयोजित होगा। पुरी में प्रस्तावित मारवाड़ भवन के निर्माण कार्य की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। कुल 85,000 रुपये की राशि ट्रस्ट में जमा की गई, जिसमें, अरुण अग्रवाल (बोलांगीर)– ₹21,000, सत्यनारायण राजनारायण अग्रवाल (लोईसिंघा) ₹21,000, ललित अग्रवाल (लोईसिंघा) ₹11,000, मोहन अग्रवाल (बोलांगीर) – ₹11,000, सुशील अग्रवाल (बोलांगीर)– ₹11,000, प्रदीप अग्रवाल (बोलांगीर)– ₹10,000 शामिल है। बैठक में प्रांतीय महामंत्री किशन अग्रवाल, निवर्तमान प्रांतीय अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नकुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र जैन, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल व सत्यनारायण गुप्ता, मंडलीय उपाध्यक्ष प्रकाश गोयल, प्रांतीय मंडलीय सचिव अनिल मोदी, बरगढ़ मंडल सचिव आनंद बिरमीवाल, लोईसिंघा शाखा अध्यक्ष कमल अग्रवाल व सचिव कैलाश अग्रवाल उपस्थित थे।
शिक्षक महेंद्र को ज्ञानदीप-शिक्षादूत सम्मान मिला
बम्हनीडीह| जिला शिक्षा विभाग के संवाद, कार्यशाला और कार्य योजना कार्यक्रम में मंगलवार को कलेक्टर सभागार में नगर पंचायत बम्हनीडीह के शिक्षक महेंद्र डडसेना को ज्ञानदीप व शिक्षादूत सम्मान दिया गया। कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए दिया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे। बम्हनीडीह के लोगों ने उपलब्धि पर खुशी जताई। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लखुर्री ने कहा कि महेंद्र डडसेना आगे भी विद्यालय और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तन-मन-धन से लगातार काम करते रहें। स्कूल ने इसे अपना गौरव बताया।
नालसा शिक्षा योजना 2026, निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
सवाई माधोपुर| अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह विधि महाविद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर हुआ। शिविर में विद्यार्थियों को नालसा शिक्षा योजना 2026, निःशुल्क विधिक सलाह, विधिक सहायता पर कानूनी, व्यवहारिक जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव ने कहा, साक्षरता का मतलब सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं। अधिकार, कर्तव्य, कानून की जानकारी भी जरूरी है। विधिक साक्षरता कमजोर, जरूरतमंद वर्गों को न्याय तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, कानूनी जानकारी अपने तक सीमित न रखें। समाज के दूसरे लोगों तक पहुंचाएं। सचिव ने नालसा शिक्षा योजना 2026 पर बताया, यह कमजोर वर्गों, वंचित समूहों के बच्चों, दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा की पहुंच, निरंतरता सुनिश्चित करती है। उद्देश्य स्कूल में दाखिला दिलाना है। पढ़ाई जारी रखना है। छात्रवृत्ति देना है। हॉस्टल सुविधा देना है। मिड डे मील सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ड्रॉपआउट दर कम करने में मदद करना है। समुदायों में शिक्षा के महत्व पर जागरूकता फैलाना है। उन्होंने ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के तहत ‘स्ट्रेंजर डेंजर- नो, गो, टेल’ विषय पर भी बात की। विद्यार्थियों से कहा, स्कूल में पढ़ने वाले परिचित बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने के लिए प्रेरित करें। अनुचित या असहज स्थिति में साफ ‘नहीं’ कहें। वहां से दूर जाएं। किसी भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत बताएं। शिविर में असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने भी कई कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा योजना 2022 पर बताया। योजना के तहत अज्ञात वाहन से हिट एंड रन दुर्घटना में पीड़ितों या उनके आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा, सहायता मिलती है। उन्होंने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना पर भी जानकारी दी। कहा, अपराध पीड़ित व्यक्ति और उनके आश्रितों को नियमानुसार प्रतिकर राशि पाने का अधिकार है। पात्र पीड़ित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए जरूरी विधिक सहायता ले सकते हैं।
गुरु शिक्षा के साथ जीवन की दिशा भी देते हैं
खंडवा| शिक्षक दिवस पर लायन्स क्लब ने लायन्स भवन में शिक्षा गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के शिक्षकों को शाल, श्रीफल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन क्लब अध्यक्ष घनश्याम वाधवा, हेमलता पालीवाल, कोषाध्यक्ष पवन लाड़ एवं कार्यक्रम संयोजक दिनेश श्रीवंश के नेतृत्व में हुआ। रीजन चेयरपर्सन संजना खत्री, डिस्ट्रिक्ट पीआरओ राजीव मालवीय और झोन चेयरपर्सन आशा उपाध्याय अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संजना खत्री ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला हैं। राजीव मालवीय और आशा उपाध्याय ने कहा कि गुरु शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन की दिशा भी देते हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा अरोरा और नारायण बाहेती ने किया। समारोह से पहले बच्चों ने नृत्य प्रस्तुति दी।
150 गांवों में शिक्षा की नई उड़ान, 42 स्कूलों में 10,764 बच्चों को करवा रहे मुफ्त पढ़ाई
भास्कर न्यूज| लुधियाना शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए भारती एयरटेल फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों की अपनी यात्रा का जश्न मनाया। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारती एयरटेल फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष एवं भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके लोगों की क्षमता और सामर्थ्य पर निर्भर करता है। शिक्षा मानव संसाधन विकास की आधारशिला है। भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ते समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निवेश, शिक्षकों को सशक्त बनाना और युवाओं को बदलती दुनिया के लिए जरूरी कौशल व आत्मविश्वास देना हमारी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में फाउंडेशन का काम केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार विस्तारित हुआ है। इसका उद्देश्य ऐसे अवसर तैयार करना है, जहां हर बच्चा सीखने, आगे बढ़ने और देश के विकास में सार्थक योगदान देने में सक्षम हो। पंजाब भारती एयरटेल फाउंडेशन की स्कूल शिक्षा पहल का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। राज्य में 85 सत्य भारती स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जहां 21 हजार से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 51 प्रतिशत छात्राएं हैं। इसके अलावा क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के जरिए 105 सरकारी स्कूलों में 42 हजार से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। लुधियाना में फाउंडेशन के 42 सत्य भारती स्कूल 150 गांवों के 10,764 छात्रों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। हाल ही में 12 सरकारी स्कूलों में क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम का विस्तार किया गया है, जिससे 4 हजार से अधिक छात्रों और 160 शिक्षकों को लाभ मिल रहा है। फाउंडेशन के अनुसार, 25 वर्षों से अधिक की यात्रा में उसकी पहलों का सकारात्मक प्रभाव 78 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर पड़ा है। इनमें 43 लाख से अधिक छात्र और 3.62 लाख शिक्षक शामिल हैं। फाउंडेशन ने 20 राज्यों के 37 हजार से अधिक स्कूलों और 25 हजार से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बनाई है। शिक्षकों के विकास के लिए द टीचर एप भी अहम पहल है। आजीवन निःशुल्क यह प्लेटफॉर्म देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 3 लाख उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुका है। पंजाब में इसके 20 हजार से अधिक उपयोगकर्ता हैं। प्लेटफॉर्म पर शिक्षकों को एआई आधारित टूल, व्यावसायिक सीखने के संसाधन और सहकर्मी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। फाउंडेशन के पांच सत्य भारती आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूलों ने 2025-26 की सीबीएसई परीक्षाओं में कक्षा 10 में 99.6% और कक्षा 12 में पास फीसद 99.53% दर्ज की।
शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा को रोजगारपरक बनाना जरूरी : हरपाल ढांडा
शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए शिक्षा को रोजगारपरक बनाना जरूरी : हरपाल ढांडा
स्काउट शिक्षा से होता है चरित्र का निर्माण: डॉ. राजीव
बेसिक कोर्स फॉर स्काउट मास्टर गाइड कैप्टन के प्रशिक्षण के दूसरे दिन की शुरुआत शुभारंभ लीडर ऑफ द कोर्स (स्काउट) मनोज रावत की देख-रेख में शिष्टाचार के साथ हुआ।
कन्या राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, शिक्षा के क्षेत्र में मिलेगी सफलता
Virgo Daily Horoscope, 10 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: परिवार से सपोर्ट मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, किसी को पैसा उधार ना दें, किसी बात को लेकर उलझन रहेगी, उन्नति के रास्ते में बाधाएं आएंगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Solan News: शिक्षा विभाग सोलन ने शुरू की जेएनवी और एनएमएमएस की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
जेएनवी और एनएमएमएस की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग कक्षाएं शुरू की गई हैं।
Bilaspur News: उल्लास मेले में हिमाचल की संस्कृति और शिक्षा की दिखी झलक
जुखाला (बिलासपुर)। नई दिल्ली में आयोजित उल्लास मेले में हिमाचल प्रदेश की
Mau News: शिक्षा और भविष्य की थीम पर सजेगा हिंदी भवन का दुर्गा पूजा पंडाल
Hindi Bhavan's Durga Puja pandal to be themed around education and the future.
बंगाल विधानसभा में पेश होगा विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
बंगाल सरकार प्रोफेसरों और कर्मचारियों के अंतर-विश्वविद्यालय तबादलों के लिए एक विधेयक पेश करेगी, जिसका उद्देश्य 'एक राज्य, एक शिक्षा व्यवस्था' नीति लागू करना है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को इमारत गिरने से देवास के छात्र अर्पित जाज की मौत हो गई थी। बुधवार रात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनके घर पहुंचे। वे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के साथ कैला देवी क्षेत्र के जय बजरंग में अर्पित के घर गए। परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज और माता पुष्पा जाज से बात की। पटवारी ने अर्पित की मां के सिर पर हाथ रखकर कहा कि इस दुख की घड़ी में वे सब उनके साथ हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी भी परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन बात नहीं हो पाई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करीब 15 मिनट तक अर्पित के घर पर रहे। परिजनों ने उन्हें दिल्ली में हुई घटना और बेटे को ढूंढने में आई मुश्किलों के बारे में भी बताया। इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि हमारी गलतियों के कारण एक बेटा मौत के मुंह में चला गया। अगर प्रदेश में अच्छी शिक्षा व्यवस्था और हॉस्टल होते, तो उसे दिल्ली नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल की स्थिति चिंता का विषय है। पटवारी ने आगे कहा कि इस घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर किया है। शिक्षा व्यवस्था के हालात दयनीय और बदतर हैं। इसी कारण कटनी और देवास के बेटों की जान गई। उन्होंने सरकार की लापरवाही को इसका दोषी बताया। पटवारी ने कहा कि इस घटना से सरकार को सोचना पड़ेगा। राहुल गांधी भी शिक्षा की बात करते हैं। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए देश को सोचना होगा। सागर शराब कांड पर बोले-हत्या का मुकदमा चले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर में शराब से मौतों के मामलों को लेकर कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि प्रदेश में ऐसी कौन सी जगह है जहां अवैध शराब नहीं बिकती है। ऐसी कौन सी जगह है जहां शराब के धंधे में बीजेपी के नेता नहीं है। उन्होंने कहा- मैं सागर को लेकर दावा से कहा रहा हूं कि सौ से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसको लेकर सीबीआई जांच होना चाहिए। एसपी कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए। पटवारी बोले-आबकारी मंत्री को टरमिनेट करना चाहिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीएम मोहन यादव को निर्णय लेना पड़ेगा। जहरीली शराब के पीछे बीजेपी के लोग होते हैं। बीजेपी के लोगों को कुछ नहीं बिगड़ता है। कौन सा ऐसा जिला है जहां शराब के कारोबार में बीजेपी के लोग नहीं हैं। प्रदेश देख रहा है कि समझ रहा है सबक सीखएगा।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने समाज के परिवारों की जानकारी जुटाने के लिए ऑनलाइन परिवार सर्वेक्षण एवं जनगणना शुरू की है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, पारिवारिक स्थिति और विवाह योग्य युवक-युवतियों से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। सर्वेक्षण के लिए ऑनलाइन फॉर्म तैयार किया गया है, जिसे परिवार अपने मोबाइल से ही कुछ मिनट में भर सकेंगे। समाज ने सभी सिक्ख परिवारों से सर्वेक्षण में शामिल होने की अपील की है। समाज के अनुसार सर्वेक्षण से यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने युवा रोजगार से जुड़े हैं और कितने रोजगार की तलाश में हैं। साथ ही स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, उच्च शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और अन्य जरूरतों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इन आंकड़ों के आधार पर जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहायता से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- ऑनलाइन होने से आसान होगा सर्वे छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि आज के समय में ज्यादातर काम ऑनलाइन हो रहे हैं। इसी को देखते हुए परिवार सर्वेक्षण को भी ऑनलाइन किया गया है, ताकि लोगों को फॉर्म लेने और जमा करने के लिए कहीं जाने की जरूरत न पड़े। इससे पूरे छत्तीसगढ़ में समाज के परिवारों की स्थिति और उनकी जरूरतों की जानकारी एक जगह जुटाई जा सकेगी। जरूरत के अनुसार रोजगार, शिक्षा या पारिवारिक समस्याओं में सहयोग करने का प्रयास किया जाएगा। समाजसेवी बोले- जरूरतमंद बच्चों पर दिया जाएगा ध्यान बेबीलॉन होटल के मालिक एवं वरिष्ठ समाजसेवी सरदार जगजीत सिंह खनूजा ने कहा कि सिक्ख समाज हमेशा से सेवा के कार्यों में आगे रहा है। इस सर्वेक्षण के जरिए जरूरतमंद परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा व रोजगार से जुड़ी जरूरतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। सर्वेक्षण की लॉन्चिंग के अवसर पर नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, सुरजीत सिंह छाबड़ा, मनजीत सिंह भाटिया, देवेंद्र सिंह चावला सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कैमूर में बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के पहले चरण के तहत 569 शिक्षकों को अस्थायी रूप से स्कूल आवंटित किए गए हैं। यह फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्थापना समिति की बैठक में लिया गया। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर मिले 1322 आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए विभिन्न कक्षाओं के लिए कुल 1322 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें कक्षा 1 से 5 के लिए 822, कक्षा 6 से 8 के लिए 141, कक्षा 9 से 10 के लिए 162 और कक्षा 11 से 12 के लिए 197 आवेदन शामिल हैं। जांच के बाद 569 शिक्षकों को मिला स्कूल आवेदनों की गहन जांच के बाद कक्षा 1 से 5 में 172, कक्षा 6 से 8 में 134, कक्षा 9 से 10 में 97 और कक्षा 11 से 12 में 166 शिक्षकों को अस्थायी स्कूल आवंटित किया गया है। लॉगिन आईडी से देख सकेंगे आवंटित स्कूल सभी शिक्षक अपनी ई-शिक्षाकोष लॉगिन आईडी के जरिए आवंटित स्कूल की जानकारी देख सकते हैं। विभाग की ओर से शिक्षकों को पोर्टल पर आवंटन की जानकारी जांचने को कहा गया है। दो दिन में ऑनलाइन आपत्ति का मौका यदि किसी शिक्षक को स्कूल आवंटन को लेकर आपत्ति है, तो वह दो दिनों के भीतर पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद ही स्थानांतरण की अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला स्थापना समिति की बैठक में हुआ फैसला बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), एडीएम, पीजीआरओ, डीसीएलआर भभुआ और बीडीओ भभुआ समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
भोपाल जिला पंचायत में बुधवार को हुई साधारण सभा की मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधि अफसरों पर जमकर उखड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने और स्टॉफ की कमी पर उन्होंने नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने तो सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा से कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हुई तो आपके ऑफिस के सामने ही 7 दिन बाद धरने पर बैठूंगा। जिपं अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर की अध्यक्षता और सीईओ इला तिवारी की मौजूदगी में दोपहर में मीटिंग हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में शुरुआत से आखिरी तक जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दों पर अफसरों को घेरा। सदस्य मेहर ने कहा कि नल-जल योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वपूर्ण एवं गरीब को नल से जल उपलब्ध कराने का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसे प्रशासन की लापरवाही वाली कार्यशैली के कारण जमीनी स्तर पर कागजी साबित होना पड़ रहा है। बैठक में बैरसिया स्वास्थ्य विभाग की बीएमओ डॉ. पुष्पा गुरु पर भी आरोप लगाते हुए मेहर ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी जिला पंचायत सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। प्रस्ताव पर जवाब देते हुए सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने कहा 3 दिन के अंदर रिपोर्ट दूंगा। इस पर सदस्य मेहर ने सात दिन बाद धरने पर बैठने की चेतावनी दे दी। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए मेहर ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की स्थिति यह है कि 70 प्रतिशत स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुचारू व्यवस्था ही नही है। बिजली विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि करोड़ों रुपए सरकार मरम्मत व रखरखाव के जारी करती है तो फिर क्यों गांवों में कहीं तार टूटे, लटके हैं। कहीं केबल ही उपलब्धता नहीं। फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अधूरे पंचायत भवनों का मुद्दा उठाया। कहा कि सालों पहले भवनों के लिए राशि जारी कर दी गई है, लेकिन अब तक भवन तैयार नहीं हुए। राजपूत ने अंत्येष्टी के लिए ग्रामीणों को वन विभाग द्वारा लकड़ी दिए जाने की मांग की। पुलिस के साथ आधी रात को कार्रवाई की जरूरत क्यों? विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर ने वन विभाग की कार्रवाई और उसकी शैली पर सवाल किए। उन्होंने एक गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि बेवजह ग्रामीणों को डरा-धमकाया जा रहा है। टीम गांव में पुलिस के साथ पहुंची, जबकि चोरी जैसा मामला ही नहीं था। उन्होंने बैरसिया क्षेत्र के रेंजर से सवाल-जवाब भी किए। एसडीओ मनमोहन सिंह जाटव ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उपाध्यक्ष, 3 सदस्य नहीं पहुंचे बैठक में उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट और तीन सदस्य नहीं पहुंचे। सदस्य चंद्रेश राजपूत ने कहा कि हर बार मीटिंग होती है, लेकिन अफसर जनप्रतिनिधियों की बातों को अनसुना कर देते हैं। इस वजह से आज जिपं उपाध्यक्ष भी नहीं आए हैं। बैठक में सदस्य विक्रम भालेश्वर, बीजिया राजोरिया, गंगा मालवीय, समेत सदस्य प्रतिनिधि सुरेश सिंह राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। फंदा जनपद में भी मीटिंग हुईबुधवार को ही जनपद पंचायत फंदा में भी सामान्य प्रशासन एवं साधारण समिति की बैठक हुई। अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अध्यक्षता में आयोजित हुई। जनपद सीईओ शिवानी मिश्रा ने बैठक का एजेंडा रखते हुए अध्यक्ष की अनुमति से बैठक शुरू की। बैठक में ग्रामीण क्षेत्र में चल रही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जनपद उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर, सदस्य संतोष प्रजापति, राहुल मंडलोई आदि मौजूद थे।
9 सितंबर, बुधवार: गोपालगंज के सिधवलिया स्थित महम्मदपुर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के छठियार समारोह में शिक्षा मंत्री एवं बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आरती की और क्षेत्रवासियों को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
NPTEL: ऑनलाइन शिक्षा का एक अनूठा प्लेटफार्म
NPTEL, जो IITs द्वारा स्थापित एक प्रमुख ऑनलाइन शिक्षा पहल है, छात्रों को बिना IIT में दाखिला लिए IIT पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है। 2003 में शुरू हुई यह परियोजना, विज्ञान और इंजीनियरिंग के विषयों को देशभर में फैलाने का प्रयास करती है। NPTEL पर हजारों मुफ्त पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, और इसके YouTube चैनल पर करोड़ों दृश्य हैं। Eklavya पहल ने इस कार्यक्रम के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह घरों तक पहुँच सका।
पानीपत के शाहपुर गांव के पूर्व सरपंच और भाजपा नेता जसमेर कुंडू ने कहा कि इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा पर अभद्र टिप्पणी की है। जब तक चौटाला माफी नहीं मांगते, आम जनता और जाट समाज में उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ता रहेगा। मीडिया से बात करते हुए कुंडू ने आरोप लगाया कि देवीलाल परिवार ने अपनी टिप्पणियों से खुद को अवसरवादी नेता साबित किया है। उन्होंने कहा कि महिपाल ढांडा के लगातार तीसरी बार विधायक बनने और मंत्री पद मिलने से जाट समाज में उनकी छवि मजबूत हो रही है। इसी को देखते हुए चौटाला ने उनकी छवि खराब करने के लिए यह टिप्पणी की है, जो अशोभनीय है। गलतफहमी में है चौटाला : जसमेर कुंडू कुंडू ने आगे कहा कि चौटाला अपनी टिप्पणी से यह साबित करना चाहते हैं कि वे ही जाट समाज के एकमात्र नेता हैं। हालांकि, यह उनकी गलतफहमी है। जाट समाज में हमेशा से कई अच्छे नेता रहे हैं। उन्होंने चौधरी देवीलाल का उदाहरण दिया, जिनकी 36 बिरादरी आज भी इज्जत करती है। कुंडु ने कहा कि चौटाला परिवार की अगली पीढ़ी ने देवीलाल के नाम को भी खराब कर दिया है। जसमेर कुंडू ने कहा कि जब तक अभय चौटाला हरियाणा की जनता और जाट समाज से माफी नहीं मांगते और अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक उनके खिलाफ गुस्सा बना रहेगा। नहीं करनी चाहिए इस तरह की टिप्पणी कुंडू ने कहा कि इतने बड़े नेता को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने हरियाणा की जनता को 'मैं कांड' और 'कंडेला कांड' की याद दिलाई, जिसमें हरियाणा को काफी नुकसान हुआ था। कुंडू ने आरोप लगाया कि चौटाला हरियाणा को अपनी जागीर समझते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेता को चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाएगी। उनके साथ दयानंद कुंडू खाप प्रवक्ता, जोगिंदर सिंह, रामपाल सिंह आदि उपस्थित थे।
श्रीलंका की प्रधानमंत्री से राजनाथ सिंह की मुलाकात, विकास, शिक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा
New Delhi, 9 सितंबर . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Wednesday को कोलंबो में श्रीलंका की Prime Minister हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने India और श्रीलंका के बीच विकासात्मक सहयोग, शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई. साथ ही दोनों देशों के मजबूत सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों ... Read more
कोंडागांव के माकड़ी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीरापुर में विद्यार्थियों के प्रदर्शन और स्कूल की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने स्कूल में पदस्थ पीटीआई व्यायाम शिक्षक निर्मल कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं प्रभारी प्राचार्य कुंभज ऋषि भोयर को पद की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उनकी जगह एक अन्य योग्य व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। कक्षा शिक्षक नहीं मिलने पर छात्रों ने किया था धरना मामले में माकड़ी विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में स्कूल की शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुशासन व्यवस्था को लेकर स्थिति का उल्लेख किया गया। पत्र के अनुसार, 8 सितंबर को स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कक्षा शिक्षक नहीं होने के विरोध में सड़क पर धरना दिया और नारेबाजी की थी। छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की गई। प्रभारी प्राचार्य पर निगरानी में लापरवाही का आरोप विभागीय पत्र में कहा गया कि प्रभारी प्राचार्य को अपने विषय की नियमित पढ़ाई के साथ स्कूल में शिक्षकों के अध्यापन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन और संस्था के समुचित संचालन की निगरानी करनी थी। जांच के दौरान प्रभारी प्राचार्य की ओर से अपने विषय की नियमित पढ़ाई में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद उन्हें प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी से हटाने का निर्णय लिया गया। पीटीआई शिक्षक पर छात्रों ने की थी शिकायत विद्यालय के पीटीआई/व्यायाम शिक्षक निर्मल कुमार के खिलाफ भी विद्यार्थियों ने शिकायत की थी। छात्रों का कहना था कि स्कूल में खेल और शारीरिक गतिविधियां नियमित रूप से नहीं कराई जातीं। छात्रों ने शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने के आरोप भी लगाए थे। विभागीय कार्रवाई के तहत अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है। नए व्याख्याता को सौंपी गई जिम्मेदारी प्रभारी प्राचार्य को हटाए जाने के बाद विभाग ने स्कूल के किसी अन्य योग्य व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी है। इसका उद्देश्य स्कूल की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु करना है। DEO बोलीं- विद्यार्थियों के हित से समझौता नहीं जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का हित विभाग की प्राथमिकता है और स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ में भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक...
बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, इनोवेशन, कृषि, ग्रीन एनर्जी, खेल, पर्यटन, निवेश और युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करने सहित विभिन्न क्षेत्रों में हरियाणा …
इंदौर: दलाल बाग में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षाविद् सम्मानित
दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने स्वर्गीय प्रदीप कासलीवाल की पुण्यतिथि पर शिक्षा और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।
पाकुड़ जिला मुख्यालय में बुधवार को भाजपा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छात्रों के आंदोलन के समर्थन में था। इसका नेतृत्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने किया। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात थे कार्यकर्ताओं का जुलूस जिला मुख्यालय के लड्डू बाबू आम बागान से शुरू हुआ। यह जुलूस समाहरणालय पहुंचा, जहां मुख्य द्वार के पास कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव और थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात थे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी कर रही है और यहां की नौकरियां बेच रही है। परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली का जिक्र किया। मरांडी ने कहा कि जब हजारों छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तो सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया और केस दर्ज किए। उन्होंने परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गिट्टी, बालू और खनिज पदार्थों को बेचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। कलेक्ट्रेट में घुसकर आंदोलन करने की चेतावनी बाबूलाल मरांडी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार भाजपा की मांग को पूरा नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में वे कलेक्ट्रेट में घुसकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए यदि लाठी खानी पड़े या जेल जाना पड़े तो भी वे तैयार हैं। इस मौके पर लिट्टीपाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक दिनेश विलियम्स मरांडी, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, जिला प्रभारी निवास मंडल, मीरा प्रवीण सिंह, दुर्गा मरांडी, मिस्फिका हसन समेत अन्य वक्ताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रदर्शन के अंत में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर भाजपा के जिला महामंत्री रूपेश भगत, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष चंपा शाह, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, रतन भगत समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
मधेपुरा शिक्षा विभाग के स्थापना कार्यालय में काम कराने पहुंचे मध्य विद्यालय उदा (बालक) के प्रधानाध्यापक संजय प्रताप पर सहायक कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। वहीं, सहायक कर्मचारी के आवेदन पर सदर थाना में प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सर्विस बुक के काम को लेकर हुआ विवाद घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। प्रधानाध्यापक संजय प्रताप अपनी सर्विस बुक से जुड़े काम के सिलसिले में शिक्षा भवन स्थित स्थापना शाखा पहुंचे थे। इसी दौरान वहां कार्यरत सहायक कर्मचारी सूर्यनारायण मंडल से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मारपीट का आरोप आरोप है कि कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और प्रधानाध्यापक ने सहायक कर्मचारी के साथ मारपीट की। कर्मचारी ने प्रधानाध्यापक पर थप्पड़ मारने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंची। एसआई मिथिलेश कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद सहायक कर्मचारी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया निराधार प्रधानाध्यापक संजय प्रताप ने अपने ऊपर लगे मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी सर्विस बुक करीब आठ महीने से स्थापना शाखा में पड़ी है। उसमें दर्ज आपत्ति के निराकरण के लिए उन्होंने सर्विस बुक को लेखा शाखा भेजने का आग्रह किया था। इसी बात को लेकर कर्मचारी से कहासुनी हुई, लेकिन उन्होंने मारपीट नहीं की। डीईओ ने किया निलंबित, जांच जारी सहायक कर्मचारी सूर्यनारायण मंडल के आरोपों और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने प्रधानाध्यापक संजय प्रताप को निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष विमलेन्दु कुमार ने बताया कि सहायक कर्मचारी के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
job news 2026: एसबीआई में निकली हैं कई पदों पर भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो फिर स ये खबर आपके लिए काम की हो सकती है। जी हां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर के पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 24 सितंबर तक अप्लाई कर किया जा सकता है। पदों के नाम- चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर आयु सीमा- उम्मीदवारों की आयु की गणना 31 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 24 सितंबर2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट sbi.co.in देख सकते हैं pc- insta
बिहार में बाढ़ के बीच शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 13 जिलों के 5 हजार स्कूल डूबे; बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
pc: jagran उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने असिस्टेंट, क्लर्क, रजिस्ट्रार और दूसरे पदों समेत अलग-अलग ग्रुप C पोस्ट के लिए एक नई भर्ती की घोषणा की है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 8 सितंबर, 2026 से शुरू हो गया है। योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल के ज़रिए अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन एप्लीकेशन भरने की आखिरी तारीख 7 अक्टूबर, 2026 है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अप्लाई करने से पहले डिटेल्ड नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें ताकि यह पक्का हो सके कि वे अपनी पसंदीदा पोस्ट के लिए ज़रूरी योग्यताएं पूरी करते हैं। करेक्शन विंडो और एग्जाम की तारीख जिन एप्लीकेंट से एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, उन्हें सुधार करने का मौका दिया जाएगा। एप्लीकेशन करेक्शन विंडो 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। रिक्रूटमेंट शेड्यूल के मुताबिक, लिखित परीक्षा 15 नवंबर, 2026 को होने की उम्मीद है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इन ग्रुप C पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों को आम तौर पर किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से क्लास 12/इंटरमीडिएट पास होना चाहिए। हालांकि, कुछ खास पोस्ट के लिए एक्स्ट्रा एजुकेशनल या टेक्निकल क्वालिफिकेशन की ज़रूरत हो सकती है। एलिजिबिलिटी कंडीशंस के मुताबिक, एप्लीकेंट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 को कम से कम 21 साल और 42 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। मौजूदा सरकारी नियमों के मुताबिक, रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेंट्स को पोस्ट के हिसाब से एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और दूसरी एलिजिबिलिटी कंडीशंस के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखना चाहिए। एप्लीकेशन फीस जनरल और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स को ₹300 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। SC, ST और PwD कैंडिडेट्स के लिए फीस ₹150 रखी गई है। अनाथ कैंडिडेट्स बिना किसी फीस के अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। कैसे अप्लाई करें कैंडिडेट्स इन स्टेप्स को फॉलो करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: UKSSSC की ऑफिशियल रिक्रूटमेंट वेबसाइट पर जाएं। रिलेवेंट रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन लिंक चुनें। ज़रूरी पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और एप्लीकेशन फॉर्म में बाकी जानकारी डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और लागू फीस पे करें। पूरा किया हुआ फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। सिलेक्शन प्रोसेस और एग्जाम पैटर्न सिलेक्शन मुख्य रूप से एक लिखित परीक्षा पर आधारित होगा। क्वेश्चन पेपर में 100 सवाल होंगे जिनके 100 मार्क्स होंगे, और कैंडिडेट्स को टेस्ट पूरा करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। कुछ पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स को लिखित परीक्षा के अलावा टाइपिंग टेस्ट भी देना पड़ सकता है। इस रिक्रूटमेंट कैंपेन के ज़रिए, UKSSSC का मकसद अलग-अलग पोस्ट पर ग्रुप C की कुल 553 वैकेंसी भरना है। कैंडिडेट्स को परीक्षा, एडमिट कार्ड और आगे के सिलेक्शन स्टेज के बारे में अपडेट के लिए रेगुलर ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल चेक करते रहना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा सचिव भगवती सिंह ने आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सहित प्रदेश के 33 जिला विद्यालय निरीक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस में 10% से कम उपस्थित पाए जाने पर नोटिस जारी किया है। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर इन सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक को अपने-अपने जिलों की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में स्थिति न सुधरने पर मामले में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में प्रदेश के सभी 33 जिला विद्यालय निरीक्षकों को नोटिस जारी करके सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। वही इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा सचिव की तरफ से लेटर मिला है। जल्द से जल्द ऑनलाइन अटेंडेंस सही कर लिया जाएगा। 33 जिलों को जारी हुआ नोटिस माध्यमिक शिक्षा के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के 33 जिलों को ऑनलाइन अटेंडेंस 10% से कम होने के लिए नोटिस जारी किया है। ऐसे में आजमगढ़ जिले में ऑनलाइन अटेंडेंस 7% के लगभग है जो की काफी कम है। इसके साथ ही 10% से कम ऑनलाइन अटेंडेंस वाले जिलों में भदोही, उन्नाव, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, गोंडा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थ नगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर सुल्तानपुर फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस बुलंदशहर, लखनऊ, बहराइच, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवरिया और मुख्यमंत्री का जिला गोरखपुर भी शामिल है। जहां पर ऑनलाइन अटेंडेंस 10% से कम है। इन सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जिलों में ऑनलाइन अटेंडेंस की स्थिति में सुधार लाना है।
भोपाल में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारियों के बीच सेवारत शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। शिक्षक संघों ने मांग की है कि विभाग स्पष्ट करे कि वर्ष 2018 में अध्यापकों को राज्य शिक्षा सेवा में विधिवत नियुक्ति मिलने के बाद 8 साल बाद TET की अनिवार्यता किस प्रावधान और आधार पर लागू की जा रही है। अलग-अलग तरीके से हुई नियुक्तियां प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियां अलग-अलग चरणों, संवर्गों और पंचायत व नगरीय निकायों के जरिए हुई हैं। कई नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश सिविल अपील 4032/1995 के तहत हुई थीं और 2008 में सरकार ने इन शिक्षकों का अध्यापक पद पर संविलियन किया था। इसके बाद वर्ष 2018 में संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत गठित राज्य शिक्षा सेवा में इन्हें उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक के पद दिए गए। शिक्षकों का कहना है कि जब विभाग न्यायालय में भी इनकी विधिवत नियुक्ति स्वीकार कर चुका है, तो अब TET की अनिवार्यता क्यों लागू की जा रही है। TET से पहले 6 मांगें रखीं 1. वर्षवार-संवर्गवार सूची जारी हो विभाग लिखित रूप से स्पष्ट करे कि किस वर्ष और किस संवर्ग में नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है और किन्हें इससे छूट प्राप्त है। 2. पुरानी नियुक्तियों पर स्थिति साफ हो RTE अधिनियम लागू होने (2009-10) से पहले नियुक्त शिक्षकों और कोर्ट के आदेश से नियुक्त अध्यापकों की TET को लेकर कानूनी स्थिति सार्वजनिक की जाए। 3. पदोन्नति वालों पर नियम तय हों 1998 से 2018 के बीच नियुक्त ऐसे शिक्षकों, जिन्हें बाद में पदोन्नति या उच्च पद का प्रभार मिला है, उनकी TET पात्रता मूल नियुक्ति की तारीख से तय होगी या पदोन्नति की तारीख से, यह स्पष्ट किया जाए। 4. परीक्षा की अनुमति के नियम बताएं सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार सेवारत कर्मचारियों के लिए TET में शामिल होने से पहले विभाग से अनुमति लेना जरूरी है या नहीं, इस पर स्थिति साफ की जाए। 5. सेवा लाभ और वरिष्ठता सुरक्षित रहे शिक्षकों को आशंका है कि TET पास करने पर उनकी पुरानी सेवा, वेतन, पेंशन और वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। विभाग सेवा हितों की सुरक्षा का लिखित आश्वासन दे। 6. विस्तृत लिखित गाइडलाइन जारी हो TET की पात्रता, छूट, संवर्ग और परीक्षा की वैधता सहित सभी संबंधित बिंदुओं पर विभाग विस्तृत और लिखित दिशा-निर्देश जारी करे। नियम स्पष्ट नहीं हुए तो बहिष्कार शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल और राजेश मिश्रा ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर एक समान नियम लागू करने से पहले उनकी नियुक्ति की प्रकृति का परीक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियां अलग-अलग समय, नियमों और संवर्गों के तहत हुई हैं। शिक्षक संगठनों ने कहा है कि यदि स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा से पहले TET की पात्रता, अनिवार्यता और छूट संबंधी लिखित निर्देश जारी नहीं करता है, तो सेवारत शिक्षक आगामी TET परीक्षा का बहिष्कार करेंगे।
औचक निरीक्षण में दो शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले:BSA ने एक दिन का वेतन रोका, स्पष्टीकरण मांगा
देवरिया में जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी ने बरहज तहसील के परिषदीय स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान बिजौली तिवारी प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षामित्र गैरहाजिर मिले। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दोनों का एक दिन का वेतन रोक दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने बिजौली तिवारी और पिपरा पांडेय प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति और स्कूल की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने और बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूलों में साफ-सफाई, शिक्षण व्यवस्था और सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों की लगातार निगरानी करने और शिक्षकों की उपस्थिति पक्की करने के निर्देश भी दिए। बिजौली तिवारी प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षामित्रों के गैरहाजिर मिलने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इसके बाद बीएसए ने दोनों शिक्षामित्रों का एक दिन का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश जारी किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्कूलों की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षकों को जिम्मेदारी से काम करते हुए बच्चों के पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए लगातार कोशिश करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में निरीक्षण लगातार किया जाए और कमियों को समय पर दूर किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिल सके।
बरेली जिले में आंगनवाड़ी सहायिका के 171 पदों पर भर्ती का मौका है। 12वीं पास महिला उम्मीदवार 8 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। भर्ती से जुड़ी पात्रता और जरूरी जानकारी यहां देखें।
मेरठ में गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम, मेधावी छात्रों को किया सम्मानित; शिक्षा के साथ संस्कृति का दिया संदेश
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में निकाय चुनाव चल रहे हैं और चुनावों के बीच में बयानबाजी का दौर जारी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेता ऐसा कोई मौका नही छोड़ रहे हैं जिससे की एक दूसरे की बुराई की जा सके। अब भाजपा नेता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री दिलावर और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बयान पर पलटवार करते हुए उनके सियासी सफर और कथित बयानों को लेकर तीखा हमला बोला। चुनावी जनसंपर्क के दौरान दिलावर ने कहा, बिकाऊ बैल की तरह रोज दल बदलने वाले मुझे चरित्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। दिलावर ने तंज कसते हुए कहा, आप जैसा चरित्र जीने से बेहतर मैं मरना पसंद करूंगा, मदन दिलावर की होड़ सात जन्म तो क्या, सौ जन्म में भी आप नहीं कर सकते। मदन दिलावर ने गुंजल के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा, गुंजल पहले अपने चरित्र का आईना देखें और बताएं कि वह किस चरित्र की बात कर रहे हैं। दिलावर ने कहा, मेरा जीवन निष्कलंक है, कोई मेरे चरित्र पर एक भी दाग साबित कर दे तो मैं अपनी सारी संपत्ति उसके नाम करने को तैयार हूं। pc- abp news,ndtv
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश में 1,936 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नौकरी से निकाला फिर नोटिस पीरियड देने को कहा, WFH पर HR का जवाब वायरल
पहले तो नौकरी से निकाला फिर नोटिस पीरियड भी कराया लेकिन नहीं दी वर्क फ्रॉर्म होम की भी सुविधा. एक कर्मचारी ने रेडिट पर अपने और HR की बातचीत से जुड़ी पोस्ट शेयर की है, जिसने यूजर्स को भी हैरान कर दिया है. लेकिन इसके पीछे मामला क्या है चलिए जानते हैं.
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में पदोन्नति नहीं होने से संयुक्त संचालक का पद खाली, प्राचार्यों को प्रभार
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के अभाव में उच्च अधिकारियों की कमी है। 15 अफसरों के दायित्व बदले गए, प्राचार्यों को संयुक्त संचालक समेत डीईओ का प्रभार मिला।
समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी मिली है। साथ ही, निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा पांच तक कर दिया गया है, जिसमें सीखने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
श्रीकृष्ण के गुरुकुल से एआई युग तक शिक्षा का सफर दिखाया
खंडवा | बड़गांव भीला रोड स्थित सेंट जोन्स स्कूल में शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यार्थियों ने भगवान श्री कृष्ण के गुरुकुल जीवन से लेकर वर्तमान एआई युग तक शिक्षा व्यवस्था के बदलाव पर आधारित प्रेरक नाट्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारी, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाना भी है। संस्था संचालक ए.एस. सिकरवार ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच की सराहना की। अतिथि एम.के. बंसल ने कहा कि तकनीक ज्ञान दे सकती है, लेकिन संस्कार ही अच्छा इंसान बनाते हैं। जे.एस. कुकरेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्राचार्य पुष्पा सिकरवार, भूपेंद्र दीक्षित, सोनल संतवाणी, श्रुति बक्षी, अदिति विदवानी, योगेंद्र चांडक सहित स्टाफ मौजूद रहा।
Kushinagar News: शिक्षा और साक्षरता के प्रति किया जागरूक
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मंगलवार को क्षेत्र के सेमराहरदो के अचल पट्टी में चौपाल का आयोजन हुआ।
Bareilly News: इंजीनियरिंग शिक्षा में पुस्तकों का महत्व बताया
इंजीनियरिंग शिक्षा में पुस्तकों का महत्व बताया
वृश्चिक राशिवालों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में लाभ का योग, जानें दैनिक भाग्यफल
Scorpio Daily Horoscope, 9 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, उन्नति के रास्ते बनेंगे, अपने ज्ञान और हुनर को बढ़ाने का समय है, जल्दबाजी में कोई निवेश ना करें, रिश्तेदारों के सहयोग से बिजनेस ना करें, व्यापार में लाभ का योग है.
Mohali News: पंजाब शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल, डीए जारी करने की मांग
Punjab Education Board employees stage pen-down strike demand release of DA
ज्ञान के साथ विवेक और समझ प्रदान करती है शिक्षा : कुलपति
ज्ञान के साथ विवेक और समझ प्रदान करती है शिक्षा : कुलपति
Siddharthnagar News: शिक्षा ही हमारी प्रगति का मूल आधार है
बांसी। रतनसेन डिग्री काॅलेज बांसी में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से एक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किए।
Shahjahanpur News: शिक्षा के महत्व का संदेश लेकर निकाली साक्षरता जागरूकता रैली
शाहजहांपुर। रोटी गोदाम परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया। इस बीच शिक्षा के महत्व का संदेश लेकर साक्षरता जागरूकता रैली निकाली गई।
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ न्याय की भावना मजबूत करती है: डॉ. रामविलास
Education makes a person self-reliant and strengthens the sense of justice: Dr. Ramvilas
Bilaspur News: पीएमश्री स्कूलों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
बिलासपुर। पीएमश्री स्कूलों के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और सीएचटी
Bhiwani News: शिक्षा बोर्ड में 11 को होगी भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल
शिक्षा बोर्ड में 11 को होगी भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल
आज विधानसभा कक्ष संख्या-77 में नेता सदन, विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सर्वदलीय बैठक आहूत की गयी जिसमें प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री उच्च शिक्षा योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा श्रीमती गुलाब देवी जी, विधान परिषद नेता विरोधी दल श्री लाल बिहारी यादव, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री राजबहादुर सिंह चन्देल, डा. आकाश अग्रवाल, श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डा. बाबू लाल तिवारी, श्री साकेत मिश्रा, डा. मान सिंह यादव, डा. आशुतोष सिन्हा सहित अन्य माननीय सदस्य सदस्यों के साथ बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्यों द्वारा अपने सुझाव एवं विचार रखे गए। सदस्यों ने शिक्षकों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं, उनकी सुविधाओं तथा उनके हितों से जुड़े विषयों पर सरकार के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की भी चर्चा हुई। विशेष रूप से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों के साथ-साथ एडेड एवं सेल्फ फाइनेंस संस्थानों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत किया गया।बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सरकार के इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक वर्ग के हित में महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी कदम बताते हुए बैठक में उपस्थित सभी माननीय सदस्यों ने प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। माननीय सदस्यों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केवल विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना ही आवश्यक नहीं है, बल्कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्मिक के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। इस दिशा में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। बैठक में शिक्षा विभागों से संबंधित विभिन्न विषयों पर सर्वदलीय विचार-विमर्श को सकारात्मक एवं रचनात्मक बताते हुए सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी संवाद एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं विचारों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपस्थित माननीय सदस्यों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा हुई। सभी पक्षों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 13 अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। इस आदेश के तहत बिलासपुर और सरगुजा के संयुक्त संचालकों के प्रभार में बदलाव किया गया है। साथ ही जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, दुर्ग, मुंगेली, खैरागढ़ और बलौदाबाजार सहित कई अन्य जिलों में नए जिला शिक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है।
उत्तराखंड की शिक्षा और यूसीसी नीतियां देशभर में बन रहीं मॉडल: मनु गौर
देहरादून, 8 सितंबर . उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की ड्राफ्टिंग समिति के सदस्य मनु गौर ने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू किए गए शिक्षा सुधार अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन रहे हैं और देश के विभिन्न ... Read more
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रशस्त (PRASHAST) 2.0 के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले ...
चित्तौड़गढ़ के दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षा संबलन की जांच, CBE0 ने परखी व्यवस्थाएं
चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के दूरस्थ घरोल, सूरतसिंह जी का खेड़ा, बांडा गणेशपुरा, भुगाड़िया और फुसरिया विद्यालयों का निरीक्षण हुआ। शैक्षणिक गुणवत्ता, सुरक्षा, मध्याह्न भोजन और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
जशपुर जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को अचानक होने वाली आर्थिक जरूरतों के लिए अब महंगे बाहरी कर्ज या ऑनलाइन लोन एप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जशपुर पुलिस ने अपने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुलिस सहकारी बैंक को नए सिरे से सक्रिय किया है। इसके तहत जरूरतमंद पुलिसकर्मियों को सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी बैंक के फंड के लिए पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से उनके पद के अनुसार हर महीने राशि जमा कराई जा रही है। आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के कर्मचारियों से 500 रुपए, एएसआई, एसआई और टीआई रैंक से 1,000 रुपए तथा राजपत्रित अधिकारियों से 2,000 रुपए प्रतिमाह जमा लिए जाएंगे। 6 महीने बाद शुरू होगा लोन बैंक में जमा राशि पर छह महीने की लॉक-इन अवधि रखी गई है। यह अवधि पूरी होने के बाद सातवें महीने से ऋण वितरण शुरू किया जाएगा। कर्ज देने में जरूरत के आधार पर प्राथमिकता तय की गई है। सबसे पहले खुद या परिवार के इलाज के लिए आर्थिक मदद चाहने वाले कर्मचारियों के आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद बच्चों की शिक्षा, शादी-ब्याह और मकान या जमीन से जुड़ी जरूरतों के लिए ऋण दिया जाएगा। आपात स्थिति में रात में भी मदद की तैयारी पुलिस विभाग ने आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था तैयार करने की योजना भी बनाई है। बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति में रात के समय पैसों की जरूरत पड़ने पर अधिकृत अधिकारी के पास नगद राशि सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। जरूरतमंद कर्मचारी से आवेदन मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि उसके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जा सकेगी। इससे गंभीर परिस्थितियों में कर्मचारी को अगले दिन कार्यालय खुलने या सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 30 समान किश्तों में चुकाना होगा ऋण सहकारी बैंक से मिलने वाले ऋण की वसूली 30 समान मासिक किश्तों में की जाएगी। ऋण पर चार प्रतिशत सालाना ब्याज लिया जाएगा। ब्याज से मिलने वाली राशि भी बैंक के फंड में जुड़ती रहेगी। इससे बैंक की पूंजी बढ़ेगी और भविष्य में अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने की क्षमता मजबूत होगी। 950 में से 816 कर्मचारी बने सदस्य जशपुर जिले में करीब 950 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से अब तक 816 कर्मचारी और अधिकारी सहकारी बैंक की सदस्यता ले चुके हैं। सदस्यता का यह आंकड़ा बताता है कि पुलिसकर्मियों में इस व्यवस्था को लेकर रुचि है। नियमित रूप से सदस्यों की ओर से जमा होने वाली राशि से बैंक का फंड लगातार बढ़ाने और आने वाले समय में ऋण वितरण का दायरा बढ़ाने की योजना है। ऑनलाइन लोन एप से महंगे कर्ज से बचाने की पहल पुलिस विभाग के अनुसार, अचानक आर्थिक जरूरत पड़ने पर कई लोग ऑनलाइन एप के जरिए तत्काल कर्ज ले लेते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर लोन लेना आसान होता है, लेकिन ब्याज और दूसरे शुल्क की वास्तविक लागत कई बार बाद में सामने आती है, जिससे कर्ज अपेक्षाकृत महंगा पड़ सकता है। पुलिस सहकारी बैंक की व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को ऐसी परिस्थितियों से बचाते हुए कम ब्याज पर अपने ही विभागीय सहकारी बैंक से जरूरत का ऋण उपलब्ध कराना है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को जरूरत के समय कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस सहकारी बैंक को नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। इससे पुलिसकर्मियों को आवश्यकताओं के लिए सहज तरीके से ऋण मिल सकेगा और उन्हें महंगे बाहरी कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
चित्तौड़गढ़ में शिक्षा के लिए दान करने वाले भामाशाह सम्मानित, मांगीबाई ने दिए 15 लाख
चित्तौड़गढ़ में शिक्षा के लिए दान करने वाले भामाशाहों का सम्मान हुआ। 80 वर्षीय निरक्षर मांगी बाई अहीर ने 15 लाख रुपए दान किए, वहीं एनआरआई डॉ. मुस्तफा ने डिजिटल शिक्षा के लिए करीब 18 लाख रुपए दिए।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका शारदा नेताम को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं से मालिश करवाने, निजी घरेलू काम लेने और अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। जांच में छात्रावास की भोजन व्यवस्था और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं। शारदा नेताम मूल रूप से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर पदस्थ थीं। प्रतिनियुक्ति पर वह पोड़ी उपरोड़ा कन्या छात्रावास की अधीक्षिका की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। निलंबन आदेश बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने जारी किया है। छात्राओं ने सड़क पर उतरकर किया था प्रदर्शन मामला 6 अगस्त 2026 का है। अधीक्षिका के व्यवहार से परेशान छात्राओं ने मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए उन्हें हटाने और उनकी जगह दूसरी अधीक्षिका नियुक्त करने की मांग की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनसे मालिश करवाने, घरेलू काम कराने और अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। तीन प्राचार्यों की समिति ने की जांच पोड़ी उपरोड़ा के SDM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की जांच समिति गठित की थी। समिति ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान लिए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में अधीक्षिका का छात्राओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं पाए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, मालिश करवाने और निजी घरेलू काम लेने के आरोप सही पाए गए। मेन्यू के अनुसार खाना नहीं, गुणवत्ता भी खराब जांच में छात्रावास के भोजन को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और खाने की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी। इसके अलावा अधीक्षिका द्वारा छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा-पाठ और घंटी बजाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे छात्राओं की पढ़ाई और नींद प्रभावित होने की बात कही गई। गंभीर कदाचार मानकर किया निलंबन कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी से मिले प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने शारदा नेताम के कृत्यों को गंभीर कदाचार माना। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने की उम्मीद है।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश में कहा कि नाबालिग छात्र याचिकाकर्ताओं को अपने सहपाठियों के साथ मारपीट करने के कारण उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखने से रोका गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करते हुए ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप...

