फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए। सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है। सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है? जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए। मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे। युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें। सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे? जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए। सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची? जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे। सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा। सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है। मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
सृजन संवाद में पुलिस-शिक्षा विभाग ने छात्रों को कानून, साइबर सुरक्षा और कॅरियर का दिया पाठ
शासकीय सांदीपनि कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल बाजार में गुरुवार को शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सृजन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, डीएसपी दिनेश सिंह मर्सकोले, यातायात प्रभारी गजेंद्र केन, निरीक्षक कविता नागवंशी, उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। यातायात प्रभारी गजेंद्र केन ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। निरीक्षक कविता नागवंशी ने महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जेजे एक्ट, बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया। समझी पुलिस की कार्यप्रणाली कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को थाना बैतूल बाजार का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें पुलिस थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछे। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुरुषोत्तम देशमुख ने किया। इस अवसर पर शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य एल.एल. लिल्हौरे ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी बताया। प्रभारी प्राचार्य आर.के. मालवीय ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की सलाह दी। टीओटी-प्रशिक्षित शिक्षक रमेश कुमार पिंजारे और दशरथ गावंडे ने मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारी विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
Shahjahanpur News: प्राथमिक शिक्षा की नींव जर्जर...बच्चों के सिर से छिनी छत
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में प्राथमिक शिक्षा की हकीकत इससे अलग है।
Faridabad News: शिक्षा को रोचक बनाने के गुर सीखकर लौटे मास्टर ट्रेनर
Master trainers return after learning techniques to make education engaging.
Mumbai , 6 अगस्त . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने Thursday को Mumbai में आईआईएमयूएन यानी इंडिया इंटरनेशनल म्यून द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में जेन-जी’ और जेन-अल्फा से खुलकर बातचीत की. इस एक घंटे तक चले इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षा, राजनीति, लैंगिक समानता, एलजीबीटीक्यू अधिकार, देश की युवा भूमिका और ... Read more
देवरिया, 6 अगस्त . Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदली है. एक समय जहां Governmentी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं आज देवरिया के सहवा स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय राज्य के मॉडल स्कूलों में शुमार हो गया है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ ... Read more
यूपी में अब डिजिटल होगी परिषदीय शिक्षा, स्कूलों में चलेगी स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
अभिजीत दिपके ने लॉन्च किया 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान, कहा- शिक्षा कमाई का जरिया नहीं
Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को 'क्या बोलती पब्लिक' नाम से देशभर में एक जन-संपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद नागरिकों से सीधे जुड़ना और उनकी परेशानियों व मुद्दों को करीब से समझना है। इस दौरान दिपके ने स्कूल-कॉलेजों में बढ़ती फीस को लेकर भी चिंता जताई।अभियान की शुरुआत की घोषणा करते हुए दिपके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार इस अभियान की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस के कारण आम परिवारों के लिए अच्छी शिक्षा पाना मुश्किल होता जा रहा है।शिक्षा में सुधार पहला मुद्दा होगाउन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार हमारा पहला मुद्दा होगा जिस पर हम काम करेंगे। दिपके ने कहा, हमारा मानना है कि देश में शिक्षा महंगी हो गई है। पहली कक्षा के लिए सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपये के बीच है, और इसके अलावा डोनेशन भी देना पड़ता है।मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए इतनी महंगी शिक्षा का खर्च उठाना कितना मुश्किल है, इस पर सवाल उठाते हुए दिपके ने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा, “जिन परिवारों की आमदनी इतनी नहीं है, वे इतना पैसा कहां से लाएंगे?”माता-पिता कर्ज लेने को मजबूरदिपके ने यह भी दावा किया कि कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण कई माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं।उन्होंने कहा, “कॉलेज और कोचिंग की फीस भी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से कई परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। हम परिवारों को इस बोझ से मुक्त करना चाहते हैं। अगर माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो उन पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए।”दिपके ने अंबेडकर का किया जिक्रडॉ. बी.आर. अंबेडकर का जिक्र करते हुए, दिपके ने तर्क दिया कि शिक्षा को एक व्यावसायिक गतिविधि के बजाय एक मौलिक अधिकार बने रहना चाहिए।उन्होंने कहा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार यह एक मौलिक अधिकार है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह मुनाफा कमाने का एक व्यापार बन गया है।यह भी पढ़ें:गुरुग्राम में भारी बारिश का कहर! सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक ठप, प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की दी सलाह
जम्मू-कश्मीर में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) राष्ट्रीय औसत 30% से काफी पीछे, केवल 21.5% है। वहीं दिल्ली- हरियाणा आगे हैं।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में थर्ड ग्रेड टीचर के तबादलों की मांग को लेकर धरना जारी है। जयपुर के शहीद स्मारक पर हजारों शिक्षक धरना दे रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में थर्ड ग्रेड टीचर्स के तबादले लंबे समय से बंद हैं, इसी मांग को लेकर वे आंदोलन कर रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि प्रशासन ने धरना खत्म करवाने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर बिजली बंद कर दी गई है, पानी की व्यवस्था रोक दी गई है और शौचालय भी बंद करवा दिए गए हैं। कई वर्षों से ट्रांसफर का इंतजार कई शिक्षकों ने बताया, वे 6-7 साल से एक ही जगह पर पोस्टेड है, अब उनकी शादियां हो चुकी है और बच्चे हो चुके हैं, हम परिवार से दूर रहने को मजबूर है और परिजनों को समय नहीं दे पा रहे हैं। शिक्षा मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल इस बीच शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मिला। मुलाकात के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक सोच रखती है। हालांकि, शिक्षकों ने मंत्री के आश्वासन को पुरानी बात बताते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ भरोसे नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। pc- ndtv
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के नियमित शिक्षकों के तबादले में गेस्ट टीचरों के पदों को रिक्त मानने की मांग पर शिक्षा विभाग के पूर्व आदेश को रद्द कर दिया है।
झारखंड : जेपीएससी को लेकर प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी, छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को बदतर बताया
नीति आयोग की रिपोर्ट ने युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा व्यवस्था की हकीकतों को उजागर किया: शिवसेना (यूबीटी)
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को चार प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें समान पदनाम, कंप्यूटर साइंस फीस, पदोन्नति और एसएमसी प्रवक्ताओं के नियमितीकरण की मांग शामिल है।
हिमाचल शिक्षा विभाग जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक का पद करेगा सृजित, क्यों बदली जा रही व्यवस्था?
हिमाचल शिक्षा विभाग हर जिले में संयुक्त निदेशक का पद सृजित करने जा रहा है, जिससे उपनिदेशक एक ही अधिकारी के अधीन होंगे। यह पुनर्गठन प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा।
मंडी में शिक्षा विभाग के लैब अटेंडेंट महेश्वर सिंह को चरस तस्करी में संलिप्तता के कारण नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। लाखों के लेनदेन का भी खुलासा हुआ था।
एक और छात्र आंदोलन: शिक्षा-परीक्षा तंत्र में बीमारी की गहरी पैठ, आरोप-प्रत्यारोप से परे धांधलीमुक्त बनना जरूरी
शिक्षा से जुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां
भारत आज विकसित राष्ट्र बनने, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ का स्वप्न साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन शिक्षा, नई शिक्षा नीति, आधुनिक विश्वविद्यालय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे विषय हमारे विकास के प्रतीक बन चुके हैं। ... Read more
Gorakhpur News: शिक्षिकाओं से बोलीं राज्यपाल, शिक्षा के साथ सामाजिक बदलाव की भी लें जिम्मेदारी
गोरखपुर विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में 35 शिक्षिकाओं से किया संवाद
Prayagraj News: स्कूलाें में भविष्य बनने से पहले मुरझाई शिक्षा
स्कूलाें में भविष्य बनने से पहले मुरझाई शिक्षा
Yamuna Nagar News: मौलिक शिक्षा निदेशक से मिले अध्यापक सौंपा मांंग पत्र
मौलिक शिक्षा निदेशक से मिले अध्यापक सौंपा मांंग पत्र
Bahraich News: शिक्षा की राह में पानी ने खींची लक्ष्मण रेखा
शिक्षा की राह में पानी ने खींची लक्ष्मण रेखा
CJP सियासत से दूर: शिक्षा के साथ ई-20 पेट्रोल पर आंदोलन, जंतर-मंतर के बाद महाराष्ट्र में बनी नई रणनीति क्या?--CJP to Function as a Public Pressure Group, Not a Political Party; New Strategy Under Discussion
Udham Singh Nagar News: समस्याओं के संबंध में उच्च शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन
समस्याओं के संबंध में उच्च शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन
5 अगस्त, बुधवार, सीवान: भाकपा (माले) की प्रतिवाद सभा में महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने छात्र-युवा आंदोलन का उल्लेख करते हुए बिहार बंद के दौरान पुलिस फायरिंग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले: अब चुप्पी नहीं, संवाद ज़रूरी
उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले The post उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले: अब चुप्पी नहीं, संवाद ज़रूरी appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
शिक्षा से जुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां
वास्तव में किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक मापदंड उसकी गगनचुंबी इमारतें, चौड़ी सड़कें अथवा डिजिटल सुविधाएँ नहीं होतीं, बल्कि यह होता है कि उस देश का सबसे अंतिम, सबसे कमजोर और सबसे गरीब बच्चा कितनी सुरक्षा और सम्मान के साथ शिक्षा प्राप्त कर पा रहा है। यदि किसी बच्चे को विद्यालय पहुँचने के लिए उफनती नदी, बहते नाले, टूटी पुलिया, जर्जर The post शिक्षासेजुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों की सुबह की प्रार्थना सभा में 15 मिनट शारीरिक व्यायाम अनिवार्य किया है। जानें नए निर्देश, पीटी की जिम्मेदारी और स्कूलों पर असर।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र को मजबूत किया है, जिसमें बेसिक, तकनीकी, उच्च और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
जयपुर के शिक्षा संकुल में व्यावसायिक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। शिक्षक स्थायी जॉब पॉलिसी, ठेका प्रथा समाप्त करने, लंबित वेतन भुगतान और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं।
Updates: बंगाल में CJP के अभिजीत और सौरभ के खिलाफ जीरो FIR; आज से ओडिशा में BRICS शिक्षा मंत्रियों की बैठक
असम शिक्षा विभाग ने नई स्कूल प्रबंधन समितियां बनाने का दिया निर्देश
असम के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी और प्रोविंशियलाइज्ड स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 के अनुसार, हर एकेडमिक ईयर शुरू होने के एक महीने के भीतर स्कूल मैनेजमेंट कमेटियां (एसएमसी) बनाएं और मौजूदा स्कूल मैनेजमेंट डेवलपमेंट कमेटियों (एसएमडीसी) की जगह इन्हें लागू करें।
Mandi News: 400 स्कूलों में नहीं प्रधानाचार्य, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से प्रधानाचार्य पदोन्नति सूची शीघ्र जारी करने की मांग की है।
Yamuna Nagar News: बच्चों ने सुनाईं मनोरंजक व शिक्षाप्रद कहानियां
सुढैल स्थित न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल में नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी के बच्चों के लिए कहानी कहो गतिविधि कराई गई। बच्चे अपनी कहानियों के अनुरूप रंग-बिरंगी वेशभूषा में पहुंचे।
नशे से दूर रहकर कौशल और शिक्षा को अपनाएं : नरेश ढांडा
मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग की एंटी ड्रग्स सेल के उप निरीक्षक नरेश ढांडा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है।
निपुण मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता पर दें ध्यान : एडीसी
एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Hisar News: बदली व्यवस्था...बास शिफ्ट हुआ खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय
बास। शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय को हांसी से बास स्थानांतरित कर दिया गया है।
'2028 शैक्षणिक सत्र से नया पाठ्यक्रम लागू होगा', पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन
'2028 शैक्षणिक सत्र से नया पाठ्यक्रम लागू होगा', पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन
बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी कौन? बच्चे, समाज,समय या शिक्षा?
बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी The post बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी कौन?बच्चे,समाज,समय या शिक्षा? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
झारखंड के 24 जिलों में AI आधारित शिक्षा की शुरुआत, 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
विकास भारती बिशुनपुर और ग्लोबसलर्न ने झारखंड के 24 जिलों में प्रेप्जी नामक एआई-आधारित शिक्षण मंच शुरू करने के लिए समझौता किया है। यह पहल कक्षा 6-12 के ग्रामीण और जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करेगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार होगा।
मदरसों में बेहतर शिक्षा मिले, आतंकी गतिविधियां न हों : एनडीए नेता
मदरसों में बेहतर शिक्षा मिले, आतंकी गतिविधियां न हों : एनडीए नेता
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले-मदरसे से शिक्षा प्राप्त करने वालों की सोच आतंकवादी जैसी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले-मदरसे से शिक्षा प्राप्त करने वालों की सोच आतंकवादी जैसी
शिक्षाविद और पूर्व राज्यपाल डॉ. डीवाई पाटिल का निधन, एकनाथ शिंदे और सुप्रिया सुले ने जताया शोक
शिक्षाविद और पूर्व राज्यपाल डॉ. डीवाई पाटिल का निधन, एकनाथ शिंदे और सुप्रिया सुले ने जताया शोक
पद्म श्री से सम्मानित शिक्षाविद, राजनेता और समाजसेवी DY Patil का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार
प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवी और पूर्व राज्यपाल डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव (डी. वाई.) पाटिल का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
UP Monsoon Session: केशव मौर्य बोले- आतंकी हमले मदरसा शिक्षा का प्रमाण
UP Monsoon Session: केशव मौर्य बोले- आतंकी हमले मदरसा शिक्षा का प्रमाण
UGC की मंजूरी से भारत में खुलेंगे 15 विदेशी विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा का होगा विस्तार
भारत में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 15 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की अनुमति दे दी है। इन संस्थानों में ऑस्ट्रेलिया, इटली, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के विश्वविद्यालय शामिल हैं। कहां खुलेंगे नए कैंपस? ये विदेशी विश्वविद्यालय भारत के प्रमुख शहरों में अपने परिसर स्थापित करेंगे। स्वीकृत शहरों में बेंगलुरु, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई और चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक और व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं। यह कदम भारत को एक वैश्विक शैक्षिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। UGC की मंजूरी और प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इन विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपनी शाखाएं खोलने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों का पालन करने वाले विश्वविद्यालयों को ही मंजूरी दी गई है। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत में खुलने वाले विदेशी कैंपस उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करें और स्थानीय नियामक निकायों के मानकों का पालन करें। शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर इन विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में कैंपस खुलने से भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे न केवल विदेशी शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या कम होगी, बल्कि यह भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को भी बढ़ाएगा। साथ ही, यह विभिन्न देशों के साथ शैक्षिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा। क्या होंगे फायदे? यह पहल भारत को उच्च शिक्षा के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने में मदद करेगी। छात्रों को विभिन्न देशों के शैक्षणिक पाठ्यक्रमों और शोध के अवसरों तक पहुंच मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और भारत में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों को प्रतिवर्ष तीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन दस से इकतीस अगस्त तक किए जा सकेंगे। सरकारी स्कूलों से पढ़कर स्नातक में प्रवेश लेने वाली छात्राएं इसका लाभ उठा सकती हैं।
राज्यपाल ने शिक्षा में AI और तकनीकी कौशल पर दिया जोर, कोर विवि रुड़की ने प्रस्तुत की योजनाएं
राज्यपाल गुरमीत सिंह से कोर विश्वविद्यालय रुड़की की कुलपति प्रो. अनुभा सिंह ने भेंट कर एआइ व आधुनिक प्रौद्योगिकी पहलों पर प्रस्तुतीकरण दिया। राज्यपाल ने शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए कौशल व तकनीकी दक्षता से लैस करने पर जोर दिया।
Una News: स्कूलों में बजट राशि खर्च पर शिक्षा विभाग सख्त, मांगी रिपोर्ट
सरकारी स्कूलों में बजट खर्च को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है।
धामी सरकार ने शिक्षा, पेयजल और पर्यटन के लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर किए
इसमें वीर चंद्र सिंह गढ़वाली विश्वविद्यालय, डुंडेश्वर महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण और सहस्त्रधारा पेयजल योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिससे प्रदेश में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
Auraiya News: मूल विद्यालय वापसी की मांग पर शिक्षामित्रों ने सौंपा ज्ञापनो
मूल विद्यालय वापसी की मांग पर शिक्षामित्रों ने सौंपा ज्ञापनो
Unnao News: शिक्षामित्र की रायबरेली में मौत, गांव में चीख पुकार
शिक्षामित्रकी रायबरेली में मौत, गांव में चीख पुकार
Udham Singh Nagar News: इलाज-शिक्षा और रोजगार का त्रिवेणी बनेगा मेडिकल कॉलेज
इलाज-शिक्षा और रोजगार का त्रिवेणी बनेगा मेडिकल कॉलेज
मदरसों में आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रवाद की जरूरत, यूसीसी पूरे देश में लागू हो : कारी अबरार जमाल
मदरसों में आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रवाद की जरूरत, यूसीसी पूरे देश में लागू हो : कारी अबरार जमाल
जगद्गुरु कृपालु यूनिवर्सिटी आधुनिक शिक्षा और भारतीय मूल्यों का संगम, ओडिशा बनेगा वैश्विक शिक्षा केंद्र : सीएम माझी
पंजाब: बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की परीक्षा में नकल में लिप्त हरियाणा का गिरोह, हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल: शिक्षा मंत्री
उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, डॉ. सयाना बने निदेशक
उत्तराखंड शासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में फेरबदल करते हुए डॉ. आशुतोष सयाना को चिकित्सा शिक्षा निदेशक बनाया है। पांच मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को भी बदला गया है, जिनमें श्रीनगर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, अल्मोड़ा और हरिद्वार शामिल हैं।
शिक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा उठेगा, हमारा संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा: अभिजीत दिपके
शिक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा उठेगा, हमारा संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा: अभिजीत दिपके
3 जुलाई, सोमवार, गोपालगंज: सावन के अवसर पर सिंहासनी स्थित बाबा धनेश्वरनाथ महादेव मंदिर में करीब 60 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रावणी मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
संत रविदास की शिक्षाएं पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत : अनुराग
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
आखिर क्यों पूरा नहीं कर पाते शिक्षा मंत्री अपना कार्यकाल
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन ने भारत की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की प्राथमिकताओं पर एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल सिर्फ़ इस्तीफा देने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पर नहीं, बल्कि मोदी सरकार के दौरान शिक्षा मंत्रालय की पूरी दिशा को लेकर भी उठ रहे हैं। साल 2014 से केंद्र में सत्ता में आने के बाद से अब तक मोदी सरकार में शिक्षा मंत्री रही स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल 'निशंक' और धर्मेंद्र प्रधान को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। पांचवा शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी को बनाया गया है, हालांकि जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मोदी सरकार को तय करना है कि जोशी ही पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री रहेंगे या किसी नए चेहरे की तलाश करके उसको स्वतंत्र रूप से शिक्षा मंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जोशी भी विवादों में रहे हैं। साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो गैंग रेप और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई पर जब चौतरफ़ा सवाल उठ रहे थे, तब प्रल्हाद जोशी ने इसका बचाव किया था। सवाल यही है कि आखिरकार कोई भी शिक्षा मंत्री अपना कार्यकाल क्यों नहीं पूरा कर पाया। मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में शिक्षा मंत्रालय ही ऐसा प्रमुख मंत्रालय रहा, जिसकी कमान पांच अलग-अलग मंत्रियों ने संभाली वहीं, गृह, विदेश, वित्त, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे मंत्रालयों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रही। शिक्षा, संस्कृति और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (आईएनबी) ऐसे कुछ चुनिंदा मंत्रालय हैं, जिन्हें सॉफ्ट पावर की तरह देखा जाता है और जो संघ की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए अहम रहे हैं। यही कारण है कि यहां विवाद ज़्यादा हुए और अस्थिरता भी उतनी ही दिखती है। गौरतलब है कि आईएनबी में 12 साल के भीतर सात केंद्रीय मंत्री और संस्कृति मंत्रालय में पांच केंद्रीय मंत्री बने हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय संभाला मोदी के दूसरे कार्यकाल में यह ज़िम्मेदारी रमेश पोखरियाल 'निशंक' को मिली। मगर 2021 में हुए कैबिनेट विस्तार के दौरान धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बना दिया गया, जिनके इस्तीफ़े की मांग को लेकर एक महीने तक कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक जंतर-मंतर पर बैठे रहे और आख़िरकार केंद्र सरकार दबाव में आई और प्रधान को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। नीट परीक्षा के लीक होने का मामला अलग कर दें, तो संघ से जुड़े उन सभी प्रमुख लक्ष्यों को धर्मेंद्र प्रधान बिना शोर-शराबा किए लागू करा पाने में सफल रहे हैं, जिनकी कोशिश उनके पूर्ववर्तियों ने ज़ोर लगाते हुए की और विवादों में फंसते गए। ग़ौरतलब है कि 2014 में बनी पहली मोदी कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया, फिर मोदी के दूसरे कार्यकाल में वे शिक्षा मंत्री बने और मोदी के तीसरे कार्यकाल में भी यह ज़िम्मेदारी जारी रही। प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को बढ़ावा मिला। मातृभाषा और कई भाषाओं में शिक्षा को उन्होंने बढ़ावा दिया। मगर तीन-भाषा फ़ॉर्मूला पर तमिलनाडु राज्य सरकार के साथ लंबे समय तक वे विवाद के केंद्र में भी रहे। विरोधियों ने उन पर राजनीतिक हस्तक्षेप और हिंदी थोपने का आरोप लगाया, जिससे शिक्षा नीति केंद्र बनाम राज्य के विवाद का मुद्दा बन गई। मोदी सरकार के कार्यकाल के चारों शिक्षा मंत्रियों में से एक भी अपना विज़न लागू करने के लिए स्वतंत्र नहीं था। रणनीतियां ऊपर से बनती थीं। ये ज़रूर है कि हर मंत्री का उसे लागू करने का तरीक़ा अलग हो सकता है जैसे, स्मृति ईरानी ज़्यादा मुख़र थीं, जावड़ेकर रणनीतिक चुप्पी वाले व्यक्ति थे। मोदी के शासन में शिक्षा विभाग में जो भी नीतियां अपनाई गईं, वे सभी वाम विचारधारा को हटाने के मक़सद से लागू हुईं। संघ का मक़सद भारत की शिक्षा व्यवस्था से वाम विचारधारा वाली शिक्षा-पद्धति को हटाना है, क्योंकि संघ मानता है कि वे मुग़लों के समर्थक रहे हैं। संघ की नज़र में, मुग़ल घुसपैठिए हैं और देश की मुस्लिम आबादी उनकी वंशज है। संघ पर आरोप लगते रहें कि इस एजेंडे को पूरा मोदी सरकार के जरिए कराया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: NEET Protest पर Smriti Irani का बड़ा बयान, कहा- GenZ और PM Modi के बीच नहीं है कोई दूरी इसी लक्ष्य को साधने के लिए मोदी सरकार के चार शिक्षा मंत्रियों के चयन का पैमाना रहा है। स्मृति ईरानी को छोड़ दें, तो नवनियुक्त शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल 'निशंक' और धर्मेंद्र प्रधान संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। वाजपेयी के ज़माने में भी संघ से आने वाले मुरली मनोहर जोशी को शिक्षा मंत्री बनाया गया था, जो दर्शाता है कि संघ इस मंत्रालय में अपना दख़ल हमेशा चाहता रहा है। स्मृति ईरानी के साथ उनके नाम पर डिग्री विवाद, जेएनयू विवाद और रोहित वेमुला की आत्महत्या जैसे विवाद जुड़ चुके थे। स्मृति ईरानी संघ की पृष्ठभूमि से नहीं थीं। नई शिक्षा नीति तैयार करने और उसे लागू करने में देरी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्मृति से बहुत खुश नहीं था। संघ के संदेशों को समझना आसान नहीं है। संघ शोर-शराबा नहीं करता। यही कारण है कि फिलाहल संघ की पृष्ठभमि वाले प्रकाश जोशी को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। मंत्रालय में स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान नई शिक्षा नीति पर काम की शुरुआत हुई। मोदी के कार्यकाल के तीसरे शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' के समय इसे लागू किया गया। शिक्षा मंत्री रहे निशंक की पहचान संघ से आने वाले एक विद्वान की रही है, जो संघ के मक़सद को आगे ले जा सकते थे। हालांकि, अपने अवैज्ञानिक बयानों को लेकर भी वे विवादों में आए। उन्होंने यहां तक कहा कि चरक ऋषि ने अणु-परमाणु की खोज की थी। कोविड के समय जेईई-नीट की परीक्षा कराए जाने की घोषणा के बाद निशंक के ख़िलाफ़ काफ़ी ऑनलाइन विरोध हुआ था। विरोध में लोग कोर्ट भी गए, जहां सरकार के पक्ष में फ़ैसला आया। हालांकि, तब बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने से रह गए, जिसे लेकर विवाद हुआ। उनके समय भी आरोप लगे कि नई शिक्षा नीति के ज़रिए केंद्र सरकार शिक्षा पर नियंत्रण अपने हाथों में लेने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने नकार दिया था। शिक्षा मंत्रालय के जरिए मोदी सरकार का सारा जोर संघ को साधने में रहा है, किन्तु शिक्षा के उत्थान के लिए बजट को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी कारण शिक्षा मंत्रालय में बजट घटता गया और विवाद बढ़ते गए। केंद्रीय बजट में शिक्षा मंत्रालय की हिस्सेदारी पिछले 12 वर्षों में तेज़ी से घटी हैै यह हिस्सा 2013-14 में कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में 4.6% था, जो 2025-26 में घटकर 2.5% रह गया। शिक्षा का घटता बजट ही दर्शाता है कि मोदी सरकार शिक्षा में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। चारों शिक्षा मंत्रियों के समय में लगभग हर विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर फ़ैकल्टी के चयन में संघ की विचारधारा को प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा में सुधार के लिए आवश्यक रोजगारपरक, रचनात्मक, सकारात्मक और शोधपरक वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित मुद्दे खास स्थान नहीं ले सके। पेपर लीक के केंद्र ही नहीं राज्यों की सरकारों ने कठोर कानून बनाए हैं, सजा और जुर्माने को बढ़ाया है, किन्तु देश में जब तक मौजूद सिस्टम ठीक नहीं होगा, तब तक चाहे कितने ही मंत्री बदल दिए जाएं, पेपर लीक की घटनाएं रुकने की कोई गारंटी नहीं है। - योगेन्द्र योगी
शिक्षा संस्थान ‘विद्यार्थी’ नहीं, ‘अनुयायी’ तैयार कर रहे, राहुल गांधी के बयान से छिड़ी नई बहस
राहुल गांधी का यह बयान मीडिया में दब गया कि आरएसएस बच्चों को पढ़ने नहीं देना चाहता। जानेमाने विचारक अपूर्वानंद ने आज सत्य हिन्दी पर वक्त-बेवक्त कॉलम में लिखा है- धीरे धीरे सरकारी-गैरसरकारी शिक्षा संस्थान आरएसएस द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों के संस्करण बनते जा रहे हैं।
असम: बिस्वनाथ में शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल, विधायक पल्लब लोचन दास ने शुरू की 'दीक्षा' योजना
असम के बिस्वनाथ विधानसभा क्षेत्र के छात्रों और शिक्षित युवाओं की शैक्षिक प्रगति के लिए विधायक पल्लब लोचन दास की एक विशेष पहल 'दीक्षा' रविवार से शुरू की गई।
Lalitpur News: माध्यमिक विद्यालयों में होगी व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई
ललितपुर। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से बारहवीं तक के छात्रों को अब व्यवसायिक शिक्षा भी मिलेगी। इसके लिए विद्यालय में दो-दो प्रशिक्षक सप्ताह में छह घंटे प्रशिक्षण देंगे।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार, शिक्षा-स्वास्थ्य और सुविधाओं पर सरकार का फोकस : कृष्ण कुमार बेदी
उन्होंने बताया कि नरवाना नागरिक अस्पताल को 100 बेड क्षमता तक विकसित करने और नए भवन के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।
बेटियों की शिक्षा से ही मजबूत होगा समाज का भविष्य : डॉ. रविंद्र बेरीवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता जयपाल अमरहेड़ी ने की, जबकि रोहतक से समाजसेवी संदीप प्रजापति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
ओडिशा के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन
ओडिशा के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर समेत चार शहरों में स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है।
CM डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में 435 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देते हुए इसे 1 साल में 'मेट्रोपोलिटन सिटी' बनाने, मदन महल में नया चिड़ियाघर और सांदीपनि विद्यालय खोलने का ऐलान किया।
कानपुर: जुगियाना बस्ती में जागी शिक्षा की अलख, पहल हुई तो बढ़े कई हाथ
कानपुर: जुगियाना बस्ती में जागी शिक्षा की अलख, पहल हुई तो बढ़े कई हाथ
अमर उजाला के शिक्षा अभियान के बाद जुगियाना बस्ती में कई संस्थाओं ने बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई। रविवार को शिविर लगाकर सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों ने बच्चों का प्रवेश कराया।
Kangra News: अटकी नियुक्तियों को लेकर शिक्षा मंत्री से मिला टीजीटी आर्ट्स का प्रतिनिधिमंडल
हिमाचल प्रदेश में टीजीटी आर्ट्स के चयनित अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी रुकी हुई नियुक्तियों को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की।
शिक्षा के मंदिरों से बेहतरीन भविष्य निकलने से भारत बनेगा विश्व गुरु : जयवीर
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शिक्षा में बाधा नहीं बनेगा आर्थिक अभाव : कौशल
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Kaushambi News: बीएसए ने 11 शिक्षामित्रों की सेवाएं की समाप्त
BSA terminated the services of 11 Shikshamitras.
स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से लागू हो रही है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों के लाखों शिक्षकों व कर्मचारियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जिससे उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार मिलेगा।
नीट और सीबीएसई घटनाक्रम को लेकर फिर देशभर कि राजनीति गर्म होने वाली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
कानपुर में SFI का प्रदर्शन: शिक्षा बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
कानपुर में SFI का प्रदर्शन: शिक्षा बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
शिक्षा मंत्रालय मौलाना आजाद से प्रहलाद जोशी तक!
केंद्र सरकार में नए शिक्षा मंत्री बने प्रहलाद जोशी को काम संभाले अभी चार दिन भी नहीं बीते कि उन पर विवाद खड़े हो गए हैं।
पीएम मोदी को चेतावनी देते पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह वीडियो डीपफेक है
बूम ने पाया कि धर्मेंद्र प्रधान ने मूल वीडियो 18 जून को शेयर किया था, जिसमें वह ओड़िया में शीतल षष्ठी के त्यौहार पर बोल रहे हैं. कई AI डिटेक्शन टूल्स ने भी वायरल वीडियो के ऑडियो को एआई जनरेटेड बताया है.
सोनम वांगचुक का अनशन और शिक्षा सुधार का एजेंडा
भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार पर निर्भर नहीं हो सकता; इसके लिए नवाचार, जवाबदेही और उद्यमशीलता को जोड़ना होगा।
*शिक्षा मंत्री का स्तीफा सरकार की हार या रणनीति*
दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के स्तीफे पर काकरोच पार्टी संस्थापक अभीजीत दीपके ने कहा कि *झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए*।यह बयान दीपके का घमंड ही लगता है। *शेर भी झुकता है।शेर के झुकने ... Read more
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन, प्रियंका चोपड़ा ने यूं जताई खुशी
देशभर में नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद अहम और ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर ...
नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ...
इब्राहिम अली खान भी उतरे छात्रों के समर्थन में, बोले- शिक्षा के लिए डर का माहौल सही नहीं
देशभर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन को जहां एक तरफ आम जनता और कई ...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सोच अच्छी, लेकिन जमीनी अमल अभी बहुत धीमा : सुकृति सूरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए दृष्टिबाधित छात्रा सुकृति सूरी ने कहा कि नीति की सोच और उद्देश्य सकारात्मक हैं, लेकिन इसका प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

