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नोरा फतेही ने महिला आयोग के सामने मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ फिल्म 'केडी द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' में अपनी परफॉर्मेंस को लेकर विवादों में घिरीं अभिनेत्री नोरा फतेही गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुईं।

देशबन्धु 7 May 2026 10:52 pm

दैनिक भास्कर के शिक्षा महोत्सव में हजारों स्टूडेंट्स पहुंचे:करियर मार्गदर्शन फेयर का अंतिम दिन कल, 70% से अधिक प्राप्तांक वाले स्टूडेंट्स का होगा सम्मान

दैनिक भास्कर के पिपराली रोड स्थित मिलन मैरिज गार्डन में 2 दिवसीय आयोजित एजुकेशन एंड करियर फेयर 2026 गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों और अभिभावकों का उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही विद्यार्थियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पहले दिन 900 से अधिक विद्यार्थियों ने फेयर में देश की नामी यूनिवर्सिटी एवं करियर एक्सपर्ट से करियर संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम की शुरुआत मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति एवं प्रेसिडेंट प्रोफेसर आशुतोष भारद्वाज, पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड सुधांशु भूषण झा, जेजे यूनिवर्सिटी के कुलपति मधु गुप्ता, पीएनबी के सर्कल हैड सुधांशु भूषण झा व एसबीआई के एडीएम संदीप कुमार ने किया। इस मौके पर दैनिक भास्कर की सेल्स टीम से क्लस्टर हैड अयाज खान, यूनिट हेड भीम नागदा, झुंझुनूं यूनिट हेड तय्यब अली गौरी, सीकर सिटी डिप्टी मैनेजर अमित शर्मा, सैटेलाइट हेड नरेंद्र सिंह सहित शहर के कई लोग उपस्थित रहे। फेयर में विद्यार्थियों ने विभिन्न यूनिवर्सिटी एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया, फीस, स्कॉलरशिप एवं प्लेसमेंट से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। वहीं करियर एक्सपर्ट ने विद्यार्थियों को बदलते दौर के नए करियर विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर मार्गदर्शन दिया। इन कोर्स में दिखा स्टूडेंट्स का उत्साह, मिले गिफ्ट फेयर में विद्यार्थियों के बीच एमबीए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईएएस, डिफेंस एवं स्टडी अब्रॉड को लेकर सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने भी इस आयोजन को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी और मार्गदर्शक बताया। फेयर में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार व बैग वितरित किए गए। साथ ही विद्यार्थियों को कोल्ड ड्रिंक एवं पिज्जा भी दिया गया। 20 यूनिवर्सिटी ने लिया हिस्सा इस शिक्षा महाकुंभ में देश की 20 से अधिक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी एवं संस्थानों ने हिस्सा लिया। इनमें मोदी यूनिवर्सिटी लक्ष्मणगढ़, पारुल यूनिवर्सिटी वडोदरा, वीआईटी वेल्लोर, एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर, आईआईएस यूनिवर्सिटी जयपुर, पं. दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, शेखावाटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस सीकर, एसजेआई यूनिवर्सिटी जयपुर, जेजेटी यूनिवर्सिटी झुंझुनूं, आर्या कॉलेज जयपुर, सुरेश ज्ञान विहार जयपुर, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी पुणे, एसआरएम यूनिवर्सिटी, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी इंदौर, पिंपरी चिंचवड यूनिवर्सिटी पुणे, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी देहरादून, विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी, आईटीएम यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी जयपुर, इंटरमोस्ट स्टडी अब्रॉड, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी, निरवान यूनिवर्सिटी जयपुर सहित कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं। कल फेयर का अंतिम दिन फेयर का अंतिम दिन शुक्रवार को रहेगा। इस दौरान 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विशेष सम्मान किया जाएगा। साथ ही करियर एवं सफलता से जुड़े विशेष सेमिनार आयोजित होंगे, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हैड सुधांशु भूषण झा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सीकर रीजनल ऑफिस के एडीएम संदीप कुमार, शिक्षा क्षेत्र के शिक्षाविद एवं प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देंगे। इसमें लीडरशिप कोच शंकर मूरलीधरण विद्यार्थियों को सेमिनार से एआई सिम्यूलेशन में कौन से करियर देंगे। साथ ही अल्क सर मेडिकल की पढ़ाई के लिए विशेष सेमिनार में विद्यार्थियों को जानकारी देंगे। कल भी मिलेंगे गिफ्ट शुक्रवार को भी पहले रजिस्ट्रेशन करवाने वाले हाल ही 12वीं पास विद्यार्थियों को पिज्जा एवं कोल्ड ड्रिंक दी जाएगी। साथ ही आकर्षक उपहार एवं बैग भी वितरित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए प्रवेश निशुल्क है। इस शिक्षा महोत्सव में एजुकेशन लोन पार्टनर पंजाब नेशनल बैंक एवं एसबीआई बैंक, नॉलेज पार्टनर प्रिंस एजुहब एवं मैट्रिक्स जेईई एकेडमी, रेडियो पार्टनर एफएम सीकर 89.6, स्टे पार्टनर लोहिया रिजॉर्ट एवं बी पब्लिकेशंस जुड़े हैं। वहीं राइड पार्टनर राइडस्लो द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शहर के प्रमुख स्थानों से इवेंट स्थल तक निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस शिक्षा महाकुंभ का लाभ उठा सकें। अधिक जानकारी के लिए 9772801234 पर संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 10:41 pm

ढाई साल का हिसाब मांगने 45 सूत्रीय एजेंडा:समीक्षा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हवाई सेवाओं पर होगा डिस्कसन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंत्रियों और विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से काम का हिसाब लेने वाले हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने 45 सूत्रीय एजेंडा तय कर दिया है और विभागों को इसकी जानकारी दी गई है। अब सरकार की प्राथमिकता को लेकर बैठकों के माध्यम से विभागवार चर्चा की जाएगी। पहले ये बैठक 8 मई से होना था, लेकिन ऐन मौके पर इसे स्थगित कर दिया गया। अब बैठक की तारीख अलग से जारी की जाएगी। ऐसे होगी विभागवार समीक्षा और अगली प्लानिंग पट्टा वितरण और नर्मदा मिशन मुख्यमंत्री राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्रियों और अफसरों से 'स्वामित्व योजना' की प्रगति का हिसाब लेंगे। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने और प्रधानमंत्री के माध्यम से 50 लाख पट्टों का सिंगल क्लिक वितरण करने का बड़ा निर्णय लिया जाना है। इसके अलावा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों में नई आबादी भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा और उसे आबादी भूमि घोषित किया जाएगा। आरजीपीवी और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन भागों में बांटने की तैयारी तकनीकी शिक्षा और कौशल विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने की तैयारी है। इसके लिए RGPV को तीन विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। यह भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में संचालित किए जाने की तैयारी है। इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन भागों में विभाजित करने की प्लानिंग सरकार ने की है। यह विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में खोले जाएंगे। इसके अलावा, सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का उपयोग दोपहर की शिफ्ट में महाविद्यालयों के संचालन के रूप में होगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग समन्वय करेंगे। साथ ही इन विद्यालय भवनों का उपयोग कोचिंग और स्किल सेंटर के रूप में करने की कार्ययोजना पर सीएम रिपोर्ट लेंगे। नगरीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सरकार नई फायर सेफ्टी नीति और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने पर निर्णय लेगी। शहरी इलाकों की निकायवार पेयजल समीक्षा की जाएगी। साथ ही महानगरों में पानी और सीवेज के प्रबंधन के लिए पीएचई विभाग के थोक अमले को प्रतिनियुक्ति पर शहरी निकायों में शिफ्ट करने की नीति बनाने पर भी काम किया जाएगा। प्रदेश में कैंसर अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग में लाई जाएगी जिसके लिए समय सीमा तय की जाएगी। DBT योजनाओं का एकीकरण और सुरक्षा वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाडली बहना और किसान सम्मान जैसी DBT योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल तैयार करे। 50 करोड़ रुए से अधिक की सामग्री खरीदी की सभी प्रक्रिया को स्टेट फाइनेंस कमेटी और ईएफसी से सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने का निर्णय भी विभाग की ओर से प्रस्तावित है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027' की तैयारी अगले ढाई साल की सबसे बड़ी प्लानिंग जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट है। इसके लिए औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन विभाग को अभी से फोकस एरिया और नीतिगत एप्रोच तय करने को कहा गया है। भोपाल में 'आईटी नॉलेज सिटी' और उज्जैन में 'डीप टेक पार्क' के निर्माण के साथ-साथ AI और डेटा सेंटर जैसे निवेश आकर्षित करने का रोडमैप सीएम के सामने पेश करना होगा। सीएम यादव ने आईटी सेक्टर में बड़े निवेश पर फोकस किया है। पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजना सरकार की प्राथमिकताओं में पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की समय-सीमा तय की जाएगी। इसके लिए हवाई पट्‌टी से हवाई अड्‌डे तक की सुविधाओं का विस्तार करने का काम किया जा रहा है। साथ ही विमानन विभाग को उज्जैन के दताना मताना में नवीन हवाई अड्डे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और पीपीपी मॉडल पर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग से पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड के पदों के सृजन पर जवाब मांगा जाएगा। शहरों के बीच स्थित जेलों और मंडियों को शिफ्ट कर उस जमीन के 'री-डेंसिफिकेशन' की प्लानिंग भी बैठक का हिस्सा है। बैठकों में इन मुद्दों पर भी रहेगा सरकार का फोकस समीक्षा बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। सरकार आगामी ढाई साल के रोडमैप के तहत प्रशासनिक सुधार, कृषि, शिक्षा, रोजगार, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े निर्णयों की तैयारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 6:34 pm

'सरके चुनर' गाना विवाद: संजय दत्त के बाद नोरा फतेही ने भी मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...

वेब दुनिया 7 May 2026 5:43 pm

शिक्षा विभाग डिपार्टमेंटल प्रतियोगिता में गुना का दबदबा:टेबल टेनिस में कई शिक्षकों ने जीते गोल्ड, सिल्वर; बैडमिटन में भी शिक्षक रहे विजेता

छतरपुर में लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशानुसार आयोजित 12वीं राज्य स्तरीय डिपार्टमेंटल टेबल टेनिस और बैडमिंटन प्रतियोगिता 2025-26 में गुना जिले के अधिकारी-कर्मचारी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। खिलाडिय़ों की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल और सहायक संचालक प्रेरणा गुप्ता सहित समस्त कार्यालय स्टाफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और सम्मानित किया। प्रतियोगिता के टीम इवेंट में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टेबल टेनिस स्पर्धा में ग्वालियर संभाग की टीम ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं डबल्स मुकाबले में टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। ग्वालियर संभाग की इस सफल टीम का प्रतिनिधित्व गुना जिले के विश्वास कुमार बाजपेई, मुख्य लिपिक ने किया। टीम में उनके साथ शैलेन्द्र श्रीवास्तव, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं योगेश तिवारी, डीवीसी शामिल रहे। तीनों खिलाडिय़ों के समन्वय और खेल कौशल ने संभाग को गौरव दिलाया। महिला वर्ग में स्वर्णिम सफलता महिला 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टेबल टेनिस स्पर्धा में भी गुना ने अपनी छाप छोड़ी। डबल्स मुकाबले में अल्का त्रिपाठी, दतिया और ममता सोनी, धरनावदा गुना की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। सिंगल्स में भी अल्का त्रिपाठी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि ममता सोनी ने तृतीय स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। बैडमिंटन में भी चमके गुना के खिलाड़ी बैडमिंटन स्पर्धा में भी जिले के खिलाडिय़ों ने पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया। महिला 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के डबल्स मुकाबले में ममता सोनी और अभिलाषा तिवारी की जोड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। वहीं पुरुष वर्ग के 50 वर्ष से कम आयु वर्ग में संजू रघुवंशी, गुना और अशोक कुमार गुप्ता, शिवपुरी की जोड़ी ने डबल्स स्पर्धा में उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। डीईओ ने दी बधाई, बढ़ाया हौसला अधिकारी-कर्मचारियों की इस शानदार सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करता है। उन्होंने सभी पदक विजेता खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सहायक संचालक प्रेरणा गुप्ता ने कहा कि जिले के कर्मचारी खेलों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, यह पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 7:13 am

भाजपा ने शिक्षामित्र-अनुदेशकों से 17 लाख वोटरों को साधा:43 विधानसभा सीटों पर बदल सकता है समीकरण; क्या 18 हजार मानदेय से बनेगी बात?

बंगाल और असम में प्रचंड जीत के बाद अब भाजपा का पूरा फोकस यूपी पर है। 2027 के चुनाव से पहले भाजपाऔर सपा के बीच नैरेटिव बदलने और बनाए रखने की जंग तेज हो गई है। योगी सरकार की तरफ सेबंगाल- सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या, रिजल्ट के बाद 5वां मर्डर; तमिलनाडु CM पर संशय; आतंकी साजिश रच रहे 2 संदिग्ध यूपी से गिरफ्तार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय देने के लिए ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ करना इसी रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक शिक्षामित्र यूपी में 10 वोटरों पर असर डालता है। इस तरह 1.68 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से भाजपा करीब 17 लाख वोटर्स को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, भाजपा की कोशिश सरकारी स्कूलों के मर्जर पर उठ रहे सवालों की काट खोजने की है। वहीं, राजनीतिक जोखिम को भांपते हुए सपा इसके खिलाफ नैरेटिव सेट करने में जुटी है। 43 विधानसभा सीटों पर समीकरण बदलने की क्षमता शिक्षामित्र अपने परिवार और सामाजिक नेटवर्क के सहारे प्रदेश की 43 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक असर रखते हैं। यूपी में शिक्षामित्र और अनुदेशकों की संख्या करीब 1.68 लाख है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक शिक्षामित्र अपने परिवार, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के समेत 10 वोटर्स पर असर रखता है। इस हिसाब से शिक्षामित्र और अनुदेशकों का असर 16.80 लाख वोटर्स पर है। मतलब, हर विधानसभा सीट पर औसतन 4 हजार वोटर्स इनके प्रभाव वाले हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में करीब 43 ऐसी सीटें थी, जहां जीत-हार का मार्जिन 4 हजार से कम था। इनमें से 25 सीटों पर भाजपा, तो 18 पर सपा ने जीत दर्ज की थी। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय, बीमा और कैशलेश इलाज की सुविधा देकर भाजपा ने चुनाव से पहले ऐसी टक्कर वाली सीटों पर समीकरण दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है। अब शिक्षामित्रों से जुड़ी राजनीति समझिए… सपा समर्थक माने जाते हैं शिक्षामित्र-अनुदेशक सपा सरकार ने शिक्षामित्रों को सरकारी स्कूलों में समायोजित करके सहायक शिक्षक बनाने का फैसला किया था। जून, 2014 में 58 हजार और अप्रैल, 2015 में 91 हजार शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाया गया था। इसके चलते सभी का वेतन 35 से 40 हजार रुपए हो गया था। हालांकि, पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का फैसला खारिज कर दिया। भाजपा सरकार आने पर शिक्षामित्रों को राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, मानदेय 3500 से बढ़कर 10 हजार रुपए होने के अलावा कोई सुविधा नहीं मिली। इससे शिक्षामित्रों में संदेश गया कि भाजपा सरकार उनका हित नहीं चाहती। इसके चलते 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों ने खुलकर सपा का साथ दिया। उन्हें भरोसा था कि सपा सरकार बनने पर वे सहायक शिक्षक के पद पर बहाल किए जाएंगे। 2022 में भाजपा ने शिक्षामित्रों को पोलिंग एजेंट नहीं बनने दिया था सपा की तरफ झुकाव को देखते हुए ही भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पोलिंग एजेंट नहीं बनने दिया था। भाजपा की जीत के बाद स्थितियां कुछ बदलीं। शिक्षामित्र संगठनों और सरकार के बीच बैठकों से संदेश गया कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है। सीएम योगी ने 'स्कूल चलो अभियान' के दौरान इनसे सीधी बात की। इससे उम्मीद जगी कि आने वाले समय में नियमितीकरण और 12 महीने के मानदेय जैसी मांगों पर भी विचार हो सकता है। इसके बाद शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सरकार के विरोध का रवैया छोड़ना पड़ा। वहीं, सरकार ने इनका मानदेय बढ़ाने का फैसला किया। इस साल के बजट में शिक्षकों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की और अप्रैल से लागू कर दिया। सपा शिक्षामित्रों में भाजपा का विरोध खत्म नहीं होने देना चाहती मानदेय बढ़ने के बावजूद सपा यह कहकर आलोचना कर रही है कि उसने शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाकर 40 हजार रुपए वेतन दिया था। सरकार बनने पर इसे फिर से लागू किया जाएगा। इसके अलावा सपा सरकारी स्कूलों के मर्जर के मुद्दे पर ‘PDA पाठशाला’ के सहारे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव सोशल मीडिया X पर शिक्षामित्रों के नाम चिट्ठी लिखकर याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा सरकार ने उन्हें शिक्षक बनाया था। कुल मिलाकर सपा की रणनीति शिक्षामित्रों में सरकार को लेकर असंतोष खत्म नहीं होने देने की है। इसके लिए सपा शिक्षक सभा को भी सक्रिय किया गया है। संदेश दिया जा रहा है कि केवल सपा सरकार ही शिक्षामित्रों की समस्याएं खत्म कर सकती है। सपा के ‘षड्यंत्र’ से बचने की नसीहत दे रहे सीएम योगी सीएम योगी जानते हैं कि सपा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भड़काने में कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। इसी वजह से 5 मई को गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने बिना किसी प्रावधान के मनमाने ढंग से शिक्षक बना दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया। इसके बावजूद हमने शिक्षामित्रों को बनाए रखा। साल-2017 में मानदेय 10 हजार रुपए किया। लेकिन, आपके बीच कुछ चंदा वसूलीबाज आ गए, जिन्होंने आपका शोषण किया और विपक्षी दलों के षड्यंत्र में फंसाया। जब आपको समझ आया, तब सरकार आपके साथ खड़ी हुई। अब 18 हजार रुपए मानदेय लागू कर दिया गया है। ट्रिपल कवर की घोषणा से साधा 2027 का चुनाव 1. म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था मिलेगी। 2. बीमा से कवर कराने के लिए एक ही बैंक में खाते खोले जाएंगे। 3. शिक्षामित्र और अनुदेशकों को परिवार समेत 5 लाख रुपए तक कैशलेश इलाज की सुविधा मिलेगी। मानदेय बढ़ाने से सरकार पर 1457 करोड़ का भार बढ़ा यूपी में 1.29 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय केंद्र सरकार के समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 के रेशियो में मिलता है। वहीं, 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनका पूरा भुगतान यूपी सरकार करती है। अब मानदेय बढ़ने से यूपी सरकार पर कुल 1257.77 करोड़ रुपए का भार पड़ा। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रहे 24,717 अनुदेशकों का मानदेय बढ़ने से 217.50 करोड़ रुपए का बोझ पड़ा। इस तरह सरकार पर सालाना 1475.27 करोड़ रुपए का भार पड़ा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल जीतने के बाद BJP यूपी में जोर लगाएगी, संगठन-मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को साधेगी; निशाने पर रहेगी सपा दिन था पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक जीत के जश्न मनाने का। लेकिन, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा का नाम लेकर यह जता दिया कि अगला मिशन यूपी ही है। मोदी ने संकेत दे दिया है कि अब भाजपा पूरी तरह यूपी पर फोकस करेगी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:51 am

शिक्षा विभाग में डेपुटेशन की पुरानी समस्या: आदेशों की अनदेखी कर अफसर रसूखदारों को फायदा पहुंचा रहे, माध्यमिक में 135, प्रारंभिक में 50 कार्मिक नियुक्त

भास्कर एक्सपर्ट शिक्षा विभाग में डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) एक ऐसा असाध्य रोग बन चुका है जिसे विभाग के आला अधिकारी खुद ही पाल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय डेपुटेशन के विरोध में कड़े आदेश जारी करता है, तो दूसरी तरफ रसूखदार शिक्षकों को मलाईदार जगह व्यवस्थार्थ बिठाने के नाम पर खुद ही नियमों को ताक पर रख देता है। हालिया मामला उदयपुर और बीकानेर निदेशालय से जुड़ा है, जहां टीएडी (जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग) के नाम पर शिक्षकों की बड़ी फौज को मूल स्कूलों से हटाकर हॉस्टलों में लगा दिया गया है। उदयपुर में डेपुटेशन का जाल: 185 से ज्यादा कार्मिक इधर-उधर सूत्रों और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, केवल उदयपुर जिले की स्थिति ही चौंकाने वाली है: माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 135 शिक्षक व कार्मिक अपने मूल पदस्थापन को छोड़कर अन्य स्थानों पर डेपुटेशन का आनंद ले रहे हैं, तो प्रारंभिक शिक्षा विभाग में करीब 50 शिक्षक व कार्मिक प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए हैं। इन कार्मिकों की मूल स्कूलों में कमी के चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी ऊपर के दबाव या रसूख के आगे नतमस्तक हैं। निदेशक के विरोधाभासी आदेश: खुद की रोक, खुद ही ने किया उल्लंघन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा जारी ताजा आदेशों ने विभाग के दोहरे मापदंडों की पोल खोल दी है। निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी सूची में राज्य के विभिन्न जिलों से करीब 250 से अधिक शिक्षकों को जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आवासीय बालक/बालिका आश्रम छात्रावासों में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। यह आदेश तब आए हैं जब विभाग लगातार शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने और प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के दावे करता रहा है। 27 फरवरी 2026 में जारी इस आदेशों के तहत टीएडी में हुए इस प्रतिनियुक्ति के खेल में लेवल-1 के शिक्षकों को अधीक्षक और अधीक्षिका के पदों पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। दूसरी आेर निदेशक जाट ने ही 30 अप्रैल को आदेश जारी कर शिक्षकों की विस्तार से जानकारी मांगी है। साथ ही चेताया है कि जो सूची दी जाती है, उसके अतिरिक्त कोई भी कार्मिक यदि डेपुटेशन पर पाया जाता है, तो उसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना, एसआईआर व बीएलओ कार्य में लगे कार्मिक इसमें शामिल नहीं होंगे। शेरसिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ } शिक्षा विभाग में शिक्षकों का मूल काम पढ़ाना है, न कि छात्रावासों का प्रबंधन देखना। एक तरफ स्कूलों में पद खाली हैं, दूसरी तरफ निदेशालय खुद ही सैकड़ों शिक्षकों को शिक्षण कार्य से हटाकर प्रशासनिक कार्यों में लगा रहे हैं। यह विरोधाभास समझ से परे है। साथ ही स्थानीय उदयपुर में भी कई शिक्षकों व कार्मिकों को यहां-वहां पदस्थापित कर व्यवस्थाओं को बिगाड़ने का कार्य विभाग खुद ही कर रहा है, जिसे साफ तौर पर रोकना चाहिए, इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। } जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती व प्रारंभिक चन्द्रशेखर जोशी ने बताया कि सूचियां तैयार की जा रही है, अंतिम रूप देकर उसे निदेशालय भेजा जाएगा।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:30 am

शिक्षा निदेशालय:राज्य कर्मचारियों के पे फिक्सेशन की फिर से होगी गहन जांच, गलत भुगतान मिला तो अधिकारियों से करेंगे वसूली

उदयपुर सहित प्रदेशभर के सरकारी विभागों में गलत तरीके से वेतन ले रहे कर्मचारियों और गलत फिक्सेशन करने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। वित्त विभाग और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के समस्त सेवारत राज्य कर्मचारियों के वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) की फिर से जांच के कड़े आदेश जारी किए हैं। उदयपुर जिले के शिक्षा विभाग में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में तृतीय श्रेणी से लेकर द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों के हाल ही पदोन्नति और एसीपी के मामले निस्तारित हुए हैं। सरकार ने दो टूक कहा है कि यदि भविष्य में नियम विरुद्ध भुगतान का कोई भी मामला सामने आता है तो जांच में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से न केवल उस राशि की वसूली की जाएगी, बल्कि उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। वरिष्ठतम लेखाधिकारी से सत्यापन अनिवार्य विभागीय परिपत्र के अनुसार सभी आहरण वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को अपने कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, एसीपी और एमएसीपी के आधार पर किए गए वेतन निर्धारण की गहनता से पड़ताल करनी होगी। इस जांच को विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी से सत्यापित कराना अनिवार्य होगा। जुलाई-2026 के वेतन बिलों में डीडीओ को यह प्रमाण-पत्र देना होगा कि सभी कार्मिकों के वेतन की जांच कर ली गई है और इसमें कोई विसंगति नहीं है। बता दें कि प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2017 और 2025 में भी ऐसी जांच के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी और गलत वेतन निर्धारण के मामले थम नहीं रहे हैं। समीक्षा मांगी, हम काम शुरू कर चुके“इससे यदि किसी ने जानबूझकर या गलती से गलत फिक्सेशन करवाया या किया है तो स्पष्ट हो जाएगा। सरकार ने विस्तृत समीक्षा मांगी है। हमने उदयपुर जिले में काम शुरू कर दिया है।”-डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), उदयपुर ऑडिट में सामने आ जाएंगी गड़बड़ियां “वर्षभर में वेतन संबंधी जो भी शिकायतें आती हैं, उनमें यदि कोई बड़ी गड़बड़ी होगी तो इस विशेष ऑडिट में वह सामने आ जाएगी।” -चंद्रशेखर जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक), उदयपुर

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:30 am

उत्तर प्रदेश: गुणवत्ता, शोध और नवाचार पर सख्त रुख, राज्यपाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों को समयबद्ध सुधार के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए महाविद्यालयों को समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए हैं

देशबन्धु 6 May 2026 11:49 pm

9 देशों के शिक्षाविदों ने किया सरकारी विद्यालयों का दौरा:NEP को बताया प्रभावशाली; ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर भी सोनीपत पहुंचे

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 और राज्य सरकार के निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखने के लिए विभिन्न 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत सहित प्रदेश के 4 जिलों के शैक्षणिक दौरे पर पहुंचा। इस दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने न केवल सरकारी स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली, बच्चों के सीखने के स्तर और तकनीकी उपयोग को भी करीब से समझा। यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का शिक्षा मॉडल अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है और आने वाले समय में अन्य देश भी इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया शैक्षणिक दौरामंगलवार को 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर और रोहतक के सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचा। सोनीपत में पहली बार इस तरह का अंतरराष्ट्रीय दौरा आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, कबीरपुर और बंदेपुर को चयनित किया गया। यह चयन अपने आप में इस बात का संकेत है कि इन विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। निपुण भारत और निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखाइस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए निपुण भारत मिशन और उसके राज्य स्तरीय विस्तार निपुण हरियाणा मिशन की प्रभावशीलता का आकलन करना था। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस मिशन का लक्ष्य बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करना है। विदेशी प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता और शिक्षण पद्धति को बारीकी से परखा। ब्रिटिश काउंसिल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिइस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर साइमन स्टीपन कर रहे थे। दल में तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, केन्या और घाना सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद् शामिल थे। प्रतिनिधियों में आयशा अबोला, फेरिस सुलेमान, लॉरेंस जॉन संगा सहित कई शिक्षा विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और भारतीय शिक्षा प्रणाली को करीब से समझा। स्कूलों में 3 घंटे से अधिक समय, आधुनिक तकनीक का लिया अनुभवविदेशी प्रतिनिधियों ने दोनों विद्यालयों में 3 घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लाइव डेमो देखा। कक्षा कक्ष में बच्चों की भागीदारी, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल माध्यमों के उपयोग ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। मेंटर्स ऐप के जरिए लाइव ऑब्जरवेशन प्रक्रिया की सराहनानिपुण हरियाणा मिशन के तहत मेंटर्स द्वारा की जाने वाली कक्षा कक्ष ऑब्जरवेशन प्रक्रिया को भी विदेशी प्रतिनिधियों ने लाइव देखा। यह पूरी प्रक्रिया निपुण हरियाणा मेंटर्स ऐप के माध्यम से संचालित होती है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाती है। इस तकनीकी नवाचार की प्रतिनिधियों ने खुलकर सराहना की। शिक्षा अधिकारियों से संवाद, कई अहम सवाल-जवाबभ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। ज्वाइंट डायरेक्टर जितेंद्र जोशी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना, जिला समन्वयक मनोज वर्मा और अन्य अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए गए। इसमें शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। विदेशों में भी गूंजेगी हरियाणा की शिक्षा नीतिविदेशी प्रतिनिधियों ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और निपुण मिशन की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने-अपने देशों में इस मॉडल को लागू करने की सिफारिश करेंगे। इससे न केवल भारत की शिक्षा नीति को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि हरियाणा का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 10:00 pm

फर्जी पिता के नाम पर नौकरी, प्रधान पाठक सस्पेंड:बलरामपुर में शिकायत के बाद जांच में हुआ खुलासा, जिला शिक्षा अधिकारी ने की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच के बाद सामने आई, जिसमें शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक पर फर्जी पिता के नाम से नौकरी हासिल करने का आरोप सही पाया गया। ग्राम कुशफर निवासी सत्यनारायण ने 11 अप्रैल 2025 को कलेक्टर के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कुशफर के सरपंच और एक शासकीय शिक्षक ने एक ही पिता का नाम इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। दूसरे के नाम पर प्रधान पाठक ने की नौकरी जांच के दौरान दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रतिवेदन में शिकायत को सही पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक का वास्तविक नाम रामदुलार (पिता जीतू) है, लेकिन उन्होंने लालमन सिंह (पिता रामवृक्ष) के नाम से सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। इसके परिणामस्वरूप, संबंधित प्रधान पाठक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव ने बताया कि इस मामले में नियमित विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 3:55 pm

शिक्षा समिति बैठक, ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने पर चर्चा:15 मई तक आधार-जनाधार वेरिफिकेशन पूरा करने को कहा

अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्टर सभागार में जिला स्तरीय शिक्षा विभागीय निष्पादन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम प्रजापत, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक नितीन गहलोत सहित जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इन मुद्दों पर की चर्चा बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े जिला एवं ब्लॉक रैंकिंग, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, प्रवेशोत्सव, मिड-डे मील योजना, पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना, आधार एवं जनाधार प्रमाणीकरण की स्थिति, परीक्षा परिणाम, यू-डाइस प्रगति और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर चर्चा की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट बच्चों के कारणों का गहन विश्लेषण कर उन्हें जल्द स्कूलों में वापस नामांकित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को स्कूलों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और शारीरिक और मानसिक विकास के लए नवाचारों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। चौहान ने प्राचार्यों को निर्देश दिया कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलावा कक्षाओं का संचालन कर शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करें। आधार-जनाधार वेरिफिकेशन पर जोर दिया बैठक में आधार एवं जनाधार वेरिफिकेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए चौहान ने इस काम में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि राज्य सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से दी जा रही सहायता राशि समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने अभियान चलाकर 15 मई तक 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन पूरा करने के निर्देश दिए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को जर्जर कक्षाओं में नहीं बैठाया जाए। नामांकन स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सत्र 2026-27 में जिले में कुल नामांकन 1.81 लाख से अधिक है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में नामांकन शॉर्टफॉल को दूर करने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 3:09 pm

आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी:AI और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर आधारित होगी कहानी, विकी कौशल की एंट्री लगभग तय

भारतीय सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। आमिर खान ने खुद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि ‘इडियट्स’ की दुनिया एक बार फिर परदे पर लौटने वाली है। सोशल मीडिया पर इसे फिलहाल ‘4 इडियट्स’ के नाम से चर्चा मिल रही है और इंडस्ट्री में इसे 2026-27 के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। निर्देशक राजकुमार हिरानी और लेखक अभिजात जोशी ने कहानी को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सीक्वल की कहानी पहली फिल्म के अंत के करीब 10 से 15 साल बाद की होगी, जहां रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी होगी। कहानी इस बात को दिखाएगी कि सफलता के बाद भी नई चुनौतियां कैसे उन्हें फिर एक साथ लाती हैं और बदलते समय में शिक्षा व्यवस्था से उनका टकराव कैसे होता है। आमिर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कहानी का नरेशन सुन लिया है और यह बेहद अतरंगी है। फिल्म के लिए कई मीटिंग्स हो चुकीं रोचक ये भी है कि हिरानी के साथ ‘संजू’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके विकी को स्क्रिप्ट काफी पसंद आई है। बताया जा रहा है कि उनका किरदार कहानी में एक नया इमोशनल और फ्रेश एंगल जोड़ेगा। विकी, आमिर और हिरानी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर कई दौर की मीटिंग्स भी हो चुकी हैं। विकी ने मौखिक तौर पर भूमिका के लिए हामी भर दी है। शूटिंग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। इस बार फिल्म का नाम ‘4 इडियट्स’ रखने के पीछे की वजह भी काफी दिलचस्प बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो कहानी इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक दौर की ‘प्रेशर कुकर’ वाली शिक्षा प्रणाली पर टारगेट करेगी। सीक्वल इस बात पर केंद्रित हो सकता है कि कैसे डिजिटल दुनिया में मशीन बनने की दौड़ ने इंसानी जज्बातों को पीछे छोड़ दिया है। विकी कौशल भी बन सकते हैं फिल्म का हिस्सा फिल्म की कास्टिंग को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है। आमिर एक बार फिर रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू के किरदार में नजर आएंगे, यह लगभग तय हो चुका है। वहीं आर. माधवन और शरमन जोशी की वापसी को लेकर आधिकारिक घोषणा भले न हुई हो, लेकिन तीनों एक्टर्स ने एक साथ शूट करने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। सीक्वल में सबसे बड़ा बदलाव ‘चौथे इडियट’ की एंट्री को लेकर बताया जा रहा है। चर्चा है कि राजकुमार हिरानी इस नई भूमिका के लिए विकी कौशल को कास्ट कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 1:47 pm

हरियाणा शिक्षा सदन घेरने पंचकूला पहुंचे लैब सहायक:जॉब सिक्योरिटी और वेतन वृद्धि की मांग, बातचीत के लिए पहुंचे अधिकारी

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सेवारत 4400 कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायक शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए पंचकूला पहुंचे हैं। टीचरों और लैब सहायक जॉब सिक्योरिटी में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत और प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा देने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर हजारों कर्मचारियों ने उम्मीद के साथ आवेदन किया था और आवेदन की अंतिम तिथि को तीन बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारियों का पंजीकरण ही नहीं किया गया, जिससे वे नौकरी सुरक्षा के अधिकार से वंचित रह गए। 5 साल से नहीं बढ़ा वेतन संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से कर्मचारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिना वेतन वृद्धि के काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो गया है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर लैब अटेंडेंट शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके साथ हो रहा भेदभाव और उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 4 साल पहले वार्ता में मांगें मानी कंप्यूटर टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान और कंप्यूटर अध्यापक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष सोनू नरवाल ने कहा कि उनकी चार साल पहले शिक्षा मंत्री कंवर पाल के साथ हुई थी। महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, ईएसआई मेडिकल सुविधा का लाभ, भविष्य निधि लागू करने, कंप्यूटर लैब के लिए बजट आवंटन और 12 वार्षिक छुटियां देने की मांग को भी शिक्षा मंत्री और अधिकारियों ने मान लिया था। वहीं सेवा नियमों में कंप्यूटर शिक्षकों, लैब सहायकों की शैक्षणिक योग्यता, कार्य पद्घति व पदनाम तय करने की बात कही थी, लेकिन उस पर अभी तक काम नहीं हुआ है।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 12:57 pm

डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों को सहारा, गोरखपुर में CM योगी का बड़ा बयान, मानदेय 18 हजार तक बढ़ाने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बिना नियम-कानून के शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में मान्यता देने का कुत्सित प्रयास किया, जो पूरी तरह नियम-विरुद्ध था। उनकी इस ...

वेब दुनिया 5 May 2026 10:32 pm

राजौंद के गरीब बच्चों को दी जा रही फ्री शिक्षा:अपनी गाड़ी से लाता है स्कूल स्टाफ, 23 बच्चों का कराया दाखिला

कैथल जिले में राजौंद के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहेड़ा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिन बच्चों ने कभी स्कूल जाने का सपना भी नहीं देखा था, उन्हें यह विद्यालय शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल ने बताया कि विद्यालय में प्रतिदिन ईंट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को पढ़ाया जाता है। कुल 23 लड़के-लड़कियों ने अपना दाखिला करवाया है। इन सभी बच्चों को सुबह भट्ठे से विद्यालय लाने और छुट्टी के बाद वापस छोड़ने का काम प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल और डीपीई कृष्ण सिंगरोह अपनी निजी गाड़ी से करते हैं। कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी विद्यालय में इन बच्चों की प्रतिदिन पढ़ाई करवाई जाती है। कला अध्यापक राजेश कुमार विशेष रुचि के साथ इन्हें पढ़ाते हैं। इन बच्चों को पढ़ने के लिए कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी गई हैं। दोपहर का भोजन वे मिड-डे मील में करते हैं, और इसके अतिरिक्त उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट भी दिए जाते हैं। पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए पिछले एक महीने से इन बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय लाया जा रहा है, और इस दौरान वे काफी पढ़ना-लिखना सीख गए हैं। इसके अलावा, विद्यालय स्टाफ द्वारा इन बच्चों को पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यालय स्टाफ सदस्य सिकंदर सिंह, बलजीत सिंह, राजबीर सिंह और रामबिलास शास्त्री का भी इस पहल में विशेष योगदान है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:45 pm

गाजियाबाद में 451 शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय मिला:सम्मान समारोह में मेधावी छात्राओं को लैपटॉप देने की घोषणा

गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में शिक्षामित्रों के सम्मान और बढ़े हुए मानदेय वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, महापौर सुनीता दयाल, शहर विधायक संजीव शर्मा और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अतिथियों का स्वागत पौधा और गणेश प्रतिमा भेंट कर किया। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया और सरकार द्वारा उनके हितों के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। महापौर सुनीता दयाल ने शिक्षामित्रों को बच्चों के भविष्य का निर्माता कहा। शहर विधायक संजीव शर्मा ने प्रदेश सरकार के शिक्षा सुधार प्रयासों का उल्लेख किया, जबकि लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शिक्षामित्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। जिलाधिकारी ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षामित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री का ऑनलाइन संबोधन भी प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर गाजियाबाद के लोनी, रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और नगर क्षेत्र के 451 शिक्षामित्रों को उनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय वितरित किया गया। यह भी बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस योजना का लाभ मिला है। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें सरस्वती वंदना, हरियाणवी नृत्य और कजरी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, तीन मेधावी छात्राओं गुलाफ्शा खातून, तानिया और बुशरा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें लैपटॉप देने की घोषणा की।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:28 pm

बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों का सम्मान:मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपए किया, राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक शिक्षकों को सौंपा चेक

बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक ने शिक्षामित्रों को सांकेतिक चेक प्रदान किए और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मलिक ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बच्चे घरों से मोबाइल फोन छिपाकर स्कूल ले जाते हैं और वहां अनुचित सामग्री देखते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनकी शिक्षा व संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले उन्हें ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों के समर्पण का सम्मान भी है। मंत्री कृष्ण पाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुओं का सम्मान और बड़ों का आशीर्वाद एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों को समाज को सही दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनसे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में कुल 376 शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया, जिनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय भेजा गया। सांकेतिक चेक प्राप्त करते समय कई शिक्षामित्र भावुक हो उठे और उनके चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। सभी सम्मानित शिक्षामित्रों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:16 pm

लखीमपुर में 3,191 शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय मिला:राज्यमंत्री सुरेश राही ने खातों में राशि ट्रांसफर कर सम्मानित किया

लखीमपुर में मंगलवार को शिक्षामित्रों के लिए 'शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय ट्रांसफर किया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा रॉयल पैराडाइज में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री सुरेश राही ने विधायक योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और सीडीओ अभिषेक कुमार के साथ दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर गोरखपुर से मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के लिए मानदेय वृद्धि, 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल सुविधा और जीवन बीमा सुरक्षा की घोषणा की, जिसका सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया। जिले के कुल 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय सीधे अंतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को प्रमाण पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से कई शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किए गए। राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षण कार्य को संभाले रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ा हुआ मानदेय शिक्षामित्रों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा और वे और अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। विधायक विनोद शंकर अवस्थी और योगेश वर्मा ने भी शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस निर्णय को शिक्षामित्रों के जीवन में नई ऊर्जा भरने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोजित टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) प्रदर्शनी में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की रचनात्मकता की भी सराहना की गई।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 8:56 pm

दिव्यांग राइडर्स ने शुरू की 616 किमी की यात्रा:धमतरी पहुंचे, शिक्षा जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का है उद्देश्य

धमतरी में दिव्यांग राइडर्स का एक समूह पहुंचा है। ये राइडर्स रायपुर से 616 किलोमीटर लंबी जागरूकता यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से दिव्यांगजनों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। यह यात्रा छत्तीसगढ़ ईगल स्पेशली एबल्ड राइडर्स द्वारा रविवार को रायपुर के घड़ी चौक से शुरू की गई थी। यह जगदलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर तक जाएगी और फिर रायपुर लौटेगी। कुल 616 किलोमीटर की यह यात्रा 3 मई से 5 मई तक पूरी की जाएगी। विभिन्न जिलों से लगभग 35 दिव्यांगजन भाग ले रहे हैं इस अभियान में राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 35 दिव्यांगजन भाग ले रहे हैं, जो बाइक और स्कूटी के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। राइड कॉआर्डिनेटर संदीप कुमार और ऋषि मिश्रा ने बताया कि प्रतिभागी इस यात्रा के जरिए यह संदेश दे रहे हैं कि साहस और आत्मविश्वास के साथ जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। प्रमुख लक्ष्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना आयोजकों के अनुसार, यह सुलभ जागरूकता यात्रा छत्तीसगढ़ ईगल स्पेशली एबल्ड राइडर्स की पहली पहल है, जो समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही है। इसका प्रमुख लक्ष्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। धमतरी शहर पहुंचने पर एक्ज़ेक्ट फाउंडेशन द्वारा जागरूकता यात्रा का स्वागत किया गया। सभी दिव्यांगों को रुद्री स्थित आवासीय विद्यालय में भोजन भी कराया गया। संस्था की अध्यक्ष लक्ष्मी सोनी और उपाध्यक्ष देवश्री जोशी ने कहा कि तपती धूप में दिव्यांगों द्वारा निकाली गई यह यात्रा साहस और आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 7:28 pm

शिक्षामित्रों के बढ़े मानदेय और सम्मान कार्यक्रम का आयोजन:मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री ने 10 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक देकर किए सम्मानित

मुजफ्फरनगर में शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान और सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से हुए इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया। स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिले के विभिन्न विकासखंडों से लगभग 1000 शिक्षामित्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में 10 चयनित शिक्षामित्रों को 18,000 रुपए की धनराशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए कर दिया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षामित्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रहरी हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सोशल सिक्योरिटी की भी घोषणा की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र गांव-गांव में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं और नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ऑपरेशन कायाकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी लैब और ड्रॉपआउट दर को कम करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:21 pm

मेरठ में शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित:31 शिक्षामित्रों को किया गया सम्मानित ,मुख्य अतिथि बोले शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़

मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र प्रेक्षाग्रह में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद जिलाधिकारी ने अतिथियों को पौधा और भगवान राम की प्रतिमा देकर स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर के बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षाग्रह से शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय भुगतान एवं वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका सजीव प्रसारण मेरठ में भी देखा गया। गोरखपुर से सीएम के संबोधन के सजीव प्रसारण के बाद मेरठ में 31 शिक्षामित्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि पांच शिक्षामित्र सुबोध चौधरी, शहजाद, रीमा, शशि सिंह और आरती को चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नरेंद्र कश्यप (राज्य मंत्री, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग) शामिल हुए। उनके साथ लक्ष्मीकांत वाजपेयी , अरुण गोविल , अमित अग्रवाल , गुलाम मोहम्मद , गौरव चौधरी और सुनील भराला समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह में शिक्षा विभाग की योजनाओं जैसे निपुण भारत मिशन, पीएम श्री विद्यालय, मिशन शक्ति, स्मार्ट कक्षाएं, बालिका शिक्षा और नई शिक्षा नीति पर आधारित स्टॉल भी लगाए गए। विभिन्न विकास खंडों के एआरपी द्वारा इन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके बिना शिक्षा का प्रवाह सुचारु रूप से आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षामित्रों के लिए सहयोग जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सीडीओ नूपुर गोयल सहित कई अधिकारी और शिक्षा विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नीलम पंकज ने किया, जबकि आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:19 pm

शिक्षकों और शिक्षामित्रों के प्रति संवेदनशील है सरकार:विधायक बोले- मानदेय वृद्धि परिश्रम का सम्मान, गांव-गांव में शिक्षा की रोशनी फैला रहे

बहराइच में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि को लेकर एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गोरखपुर में हुए शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम नगर के कपूरथला परिसर स्थित उत्थान ऑडिटोरियम में हुआ। इसका शुभारंभ विधान परिषद सदस्य डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, बलहा विधायक सरोज सोनकर और नानपारा विधायक राम निवास वर्मा ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इस प्रसारण को उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में शिक्षा मित्रों ने देखा और सुना। बलहा विधायक सरोज सोनकर ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा शिक्षकों और शिक्षामित्रों के सम्मान तथा हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने मानदेय वृद्धि के निर्णय को शिक्षा मित्रों के परिश्रम का सम्मान बताया और कहा कि शिक्षा मित्र गांव-गांव में शिक्षा की रोशनी फैला रहे हैं। पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज निर्माण के शिल्पी हैं। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विधायक त्रिपाठी ने विश्वास व्यक्त किया कि मानदेय वृद्धि से शिक्षा मित्रों में नई ऊर्जा का संचार होगा। एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा मित्रों का सम्मान और उनके जीवन स्तर में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शिक्षा मित्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके धैर्य और सेवा भावना की जीत है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र जनपद की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उनका योगदान है। मुख्य विकास अधिकारी धनवंता ने कहा कि शिक्षा मित्र राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके योगदान से ही समाज में जागरूकता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि शिक्षा मित्रों का समर्पण और अनुशासन सदैव प्रेरणादायक रहा है। सरकार के इस निर्णय से उनमें उत्साह बढ़ेगा और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण बनेगा। सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान 10 चयनित शिक्षा मित्रों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मित्र संघ के विभिन्न पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:11 pm

यूपी : शिक्षामित्र के कार्यक्रम में बोले सीएम योगी- संवाद से समाधान, टकराव से नहीं

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय बढ़ोतरी के फैसले को सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए शिक्षामित्रों को सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ काम करने की नसीहत दी।

देशबन्धु 5 May 2026 4:28 pm

उन्नाव में शिक्षामित्र सम्मान समारोह:मानदेय बढ़ने पर1300 शिक्षामित्रों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

उन्नाव शहर के निराला प्रेक्षागृह में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से आए शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथि स्वागत के साथ हुई। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसके क्रम में यह आयोजन जिला स्तर पर किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 1300 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिन्हें इस अवसर पर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान कुछ चयनित शिक्षामित्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर मौजूद विधायक और एमएलसी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनके प्रयासों से प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिल रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम से सकारात्मक संदेश जाएगा और जिले की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के दौरान शिक्षामित्रों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना की। यह कार्यक्रम शिक्षामित्रों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:30 pm

गोंडा में शिक्षामित्र सम्मान समारोह कार्यक्रम:2834 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम

गोंडा जिले के जिला पंचायत सभागार में आज मंगलवार को शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया था जहां इस कार्यक्रम में जिले के 2834 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया है जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और उनकी सराहना की है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाए जाने के बाद, उन्हें 18,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, गोंडा सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह और प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने शिक्षामित्रों को ये चेक सौंपकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने शिक्षामित्रों द्वारा बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। डीएम ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें विभिन्न कक्षाओं के बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री (टीचर लर्निंग मटेरियल) और उन्हें बेहतर शिक्षा देने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा और नई तकनीकों की जानकारी देना था। गोंडा प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने सरकार को धन्यवाद दिया और इस पहल की सराहना की है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:26 pm

CM ने शिक्षामित्र सम्मान समारोह को संबोधित किया:बुलंदशहर में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद, शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षामित्र सम्मान कार्यक्रम के तहत बुलंदशहर में एक समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। बुलंदशहर के विकास भवन सभागार में आयोजित इस समारोह में राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी कुमार हर्ष, बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडेय, डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी, विधायक लक्ष्मीराज सिंह, विधायक मीनाक्षी सिंह, बुलंदशहर नगर पालिका अध्यक्ष दीप्ति मित्तल, जिला पंचायत अध्यक्ष अतुल तेवतिया और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विकास चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और परिश्रम को महत्वपूर्ण बताया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करना था।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:25 pm

बहादुरगढ़ के स्कूल में छात्राओं से उतरवाए भारी ड्यूल डेस्क:सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पेरेंट्स नाराज; शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें स्कूली छात्राओं से लकड़ी के ड्यूल डेस्क से भरी गाड़ी अनलोड कराई जाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में फर्नीचर से भरी गाड़ी पहुंचने के बाद मजदूरों की बजाय छात्राओं से ही डेस्क उतारने का काम कराया गया। इस दौरान कई छात्राएं भारी फर्नीचर उठाती नजर आई। मामला सामने आते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव लोगों का कहना है कि स्कूल शिक्षा का मंदिर है, जहां छात्राओं से पढ़ाई के बजाय इस तरह का श्रम कराना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। यदि किसी छात्रा को चोट लगती, तो जिम्मेदारी किसकी होती। वीडियो वायरल होने के बाद अब शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अभिभावकों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं। प्रशासन से जवाब मांग रही जनता हालांकि मामले के सामने आने के बाद अब तक न तो स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है और न ही शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने इस पर खुलकर बयान दिया है। वीडियो वायरल होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है और लोग प्रशासन से जवाब की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन को देंगे नोटिस- अधिकारी डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रतेंद्र सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि आज स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 10:22 am

वाराणसी के 1536 शिक्षामित्रों को 18 हजार मानदेय:गोरखपुर में आज CM करेंगे बढ़े भुगतान का शुभारंभ, काशी में होगा लाइव प्रसारण

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी। आज मंगलवार को वह मानदेय भुगतान का शुभारंभ गोरखपुर से करेंगे। यहां वह शिक्षामित्रों को सम्मानित करेंगे और प्रतीकात्मक चेक भी देंगे। इसी कार्यक्रम की तरह ही वाराणसी में यह आयोजन हो रहा है। चौका घाट स्थित गिरिजा देवी संकुल में यह कार्यक्रम होना है। यहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा। जनपद के 1536 शिक्षामित्रों की सहभागिता हो रही है। यहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कुछ शिक्षामित्रों का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। BSA अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के शिक्षकों व शिक्षामित्रों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम हो रहा है। सबसे ज्यादा शिक्षामित्र आराजीलाइन विकासखंड में जनपद में कुल 1536 शिक्षामित्र परिषदीय विद्यालयाें में तैनात हैं। इसमें सबसे ज्यादा 166 शिक्षामित्र आराजीलाइन विकासखंड में हैं। हरहुआ में 162, काशी विद्यापीठ व बड़ागांव में 143-143, चिरईगांव में 140, चोलापुर में 134, नगर क्षेत्र में 148, पिंडरा में 156 व सेवापुरी विकासखंड में कुल 144 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इन सभी को अब 10 हजार रुपये के बजाय साल में 11 महीने 18 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से आज इसकी शुरूआत हो रही है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:18 am

CM आज करेंगे कल्याण मंडपम और पुल का लोकार्पण:होगा शिक्षामित्रों का सम्मान; 612 करोड़ की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मानदेय वृद्धि के बाद शिक्षामित्रों का सम्मान करेंगे। उसके बाद तारामंडल क्षेत्र में बनाए गए टू लेन पुल का लोकार्पण करेंगे। दोपहर बाद माधव नगर वार्ड के जंगल बेनी माधव मोहल्ले में बने कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) जनता को समर्पित करेंगे। इसके अलावा CM एकीकृत मंडलीय कार्यालय, कुश्मी एन्क्लेव और गोरखपुर सोनौली मार्ग पर बनने वाले प्रवेश द्वार के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री के हाथों गोरखपुर महानगर को कुल 71 विकास परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। लोकार्पण की 26 और शिलान्यास की 45 परियोजनाओं पर 612 करोड़ 31 लाख 84 हजार रुपये की लागत आ रही है। ये सभी परियोजनाएं गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की हैं। लोकार्पण और शिलान्यास के लिए दो कार्यक्रम स्थल बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को पहले तारामंडल क्षेत्र के वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के मध्य स्थित वाटर बॉडी के ऊपर बनाए गए टूलेन ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। इस पुल के निर्माण पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस ब्रिज के जन समर्पित हो जाने से दो हिस्सों में बंटे तारामंडल क्षेत्र की आपसी कनेक्टिविटी मजबूत और सुगम हो जाएगी। अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एंक्लेव, सिद्धार्थ एंक्लेव विस्तार, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थपुरम विस्तार, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, बुद्ध विहार कामर्शियल, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम, जैमिनी गार्डेनिया तथा आसपास के विस्तृत आवासीय क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन के लिए यह ब्रिज काफी सहूलियत देगा। 112 मीटर लंबे टूलेन ब्रिज है पर दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े फुटपाथ भी बनाए गए हैं। लोकार्पण और शिलान्यास का दूसरा कार्यक्रम जंगल बेनी माधव के कल्याण मंडपम में होगा। कल्याण मंडपम के साथ ही सीएम योगी यहां अन्य कई परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह शहर का छठवां क्रियाशील कल्याण मंडपम होगा। इसके निर्माण पर 5 करोड़ 3 लाख रुपये की लागत आई है। जीडीए द्वारा बनवाए गए इस कल्याण मंडपम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि का भी उपयोग किया गया है। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के अनुसार कल्याण मंडपम, अल्प और मध्यम आय वर्ग के लोगों के मांगलिक व अन्य आयोजनों को उनके बजट के अनुरूप शानदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का साकार रूप है। महानगर में अब तक सीएम योगी के हाथों पांच कल्याण मंडपम (खोराबार, सूरजकुंड, मानबेला, राप्तीनगर विस्तार और बिछिया) का लोकार्पण हो चुका है। कल्याण मंडपम बनाने में सीमित आय वाले परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन, बर्थडे और अन्य सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर मैरिज हाउस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री इन प्रमुख परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास-एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये।-लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ रुपये।-गोरखपुर सोनौली मार्ग पर प्रवेश द्वार का निर्माण, लागत 10.11 करोड़ रुपये।-वसुंधरा एंक्लेव से पैडलेगंज चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण, आरसीसी नाला व सौंदर्यीकरण कार्य, लागत 22.58 करोड़ रुपये।-रामगढ़ताल रिंग रोड पर आरकेबीके से सहारा एस्टेट वाले हिस्से में रिटेनिंग वाल की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य, लागत 13.33 करोड़ रुपये।-गुरुकुल सिटी योजना फेज-1 के तहत सड़क निर्माण, 19.17 करोड़ रुपये।-गुलरिहा थाना से भटहट मोड़ तक डेकोरेटिव लाइटिंग, लागत 10.11 करोड़ रुपये। राज्य के सभी जिलों में होगा शिक्षा मित्रों के सम्मान का कार्यक्रम शिक्षामित्रों के मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि का उपहार देकर मान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा की सुदृढ़ता में उनके योगदान के लिए सम्मान भी देने जा रहे हैं। शिक्षामित्रों को सम्मानित करने के लिए प्रदेशस्तरीय भव्य आयोजन योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इस अवसर पर सीएम योगी शिक्षामित्रों को वृद्धि के बाद नियत मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी शिक्षामित्रों को सौंपेंगे। प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात 1.43 लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा को सराहते हुए इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल माह से लागू हो गया है। मानदेय वृद्धि को सम्मान के साथ वितरित करने का शुभारंभ मंगलवार को समारोहपूर्वक गोरखपुर में सीएम योगी के सानिध्य में होगा। पहले मानदेय वृद्धि और अब सेवा के सम्मान की योगी सरकार की पहल से शिक्षामित्रों में उत्साह का जबरदस्त संचार देखा जा रहा है। शिक्षमित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जोरदार तैयारी की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 11 बजे से होने वाले समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, 10 शिक्षामित्रों को नए मानदेय (18 हजार रुपये) की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धिपरक स्टालों का अवलोकन करने के साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता वाले भव्य समारोह के समानांतर राज्य के सभी जिलों में भी आयोजन किए जाएंगे। गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री जी का आशीर्वचन प्राप्त करने के लिए शिक्षामित्रों में खासा उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के जरिये मुख्यमंत्री जी ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा का मान बढ़ाया है। उनकी पहचान और प्रतिष्ठित हुई है और वे अब आर्थिक रूप से मजबूत भी होंगे। सरकार की तरफ से पहले मानदेय वृद्धि और अब सम्मान की पहल से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:07 am

'शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मिले राहत':गयाजी में शिक्षा की गुणवत्ता पर विस अध्यक्ष ने की बैठक, कहा- शिक्षकों का पढ़ाई से ध्यान हटता

गया जिले की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गया जिला अतिथि गृह सभागार में हुई। इसमें शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रोफेसर और अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया और शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी और मतगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में अनावश्यक रूप से न लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि इससे शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई से हटता है और बच्चों के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परीक्षा में नकल रोकने को कहा प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति करने, शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने की बात भी कही। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए, डॉ. प्रेम कुमार ने विश्वविद्यालयों में परीक्षा के दौरान कदाचार (नकल) पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली से ही छात्रों की वास्तविक क्षमता का सही मूल्यांकन संभव है। इसके अलावा गयाजी में एक स्टडी सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो जिले की पौराणिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करेगा। बैठक में गया जी राजकीय लाइब्रेरी परिसर में एक अत्याधुनिक और पृथक लाइब्रेरी के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिल सकें। समन्वित समिति का गठन इसके साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के समग्र विकास के लिए एक समन्वित समिति का गठन किया गया। इस समिति के अध्यक्ष स्वयं डॉ. प्रेम कुमार बनाए गए हैं। संयोजक के रूप में पूर्व कुलपति प्रोफेसर रंजीत कुमार वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सचिव के रूप में डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और डॉ. अवधेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। सदस्य के रूप में प्रोफेसर उपेंद्रनाथ वर्मा, प्रोफेसर मनोरंजन सिंह, प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, प्रोफेसर विकास मोहन सहाय तथा छात्र प्रतिनिधियों में विक्की शर्मा, विराज कुमार और विकास कुमार को शामिल किया गया है। बैठक में उपस्थित सभी शिक्षाविदों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए और सामूहिक प्रयासों के जरिए गया जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 10:34 pm

12वीं के बाद क्या करें?कन्फ्यूजन खत्म:जवाब मिलेगा एक ही जगह-दैनिक भास्कर एजुकेशन एंड करियर फेयर,शिक्षा के महाकुंभ में दो दिन शेष

12वीं के बाद करियर को लेकर कन्फ्यूजन में पड़े विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर आने वाला है। शहर में ‘दैनिक भास्कर एजुकेशन एंड करियर फेयर’ 7 व 8 मई को मिलन मैरिज गार्डन, पिपराली रोड, सीकर में आयोजित होगा, जिसमें देश की 20 से अधिक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी एवं शैक्षणिक संस्थान भाग लेंगे। इस महोत्सव में विद्यार्थियों को एडमिशन, स्कॉलरशिप, करियर काउंसलिंग एवं विभिन्न कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा 12वीं के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन के लिए विशेष सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। फेयर में रजिस्ट्रेशन कर भाग लेने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार एवं गिफ्ट पैक दिए जाएंगे, वहीं 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। फेयर में प्रवेश पूर्णतः निशुल्क रहेगा एवं क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। साथ ही, 7 एवं 8 मई को शहर के मुख्य चौराहों से Rideslo की ओर से विद्यार्थियों के लिए इवेंट स्थल तक पहुंचने की निशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। महोत्सव में मोदी यूनिवर्सिटी (लक्ष्मणगढ़) एवं पारुल यूनिवर्सिटी (वडोदरा) के साथ अमिटी यूनिवर्सिटी, श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी सहित वीआईटी वेल्लोर, पं. दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (पुणे), एसआरएम यूनिवर्सिटी, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी (इंदौर), पीसीईटी्स पिंपरी चिंचवड यूनिवर्सिटी (पुणे), ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी (देहरादून), विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी, आईटीएम यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी (जयपुर), जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी, निरवान यूनिवर्सिटी (जयपुर) सहित कई अन्य संस्थान भाग लेंगे। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे वे एडमिशन प्रक्रिया, फीस, स्कॉलरशिप एवं प्लेसमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एजुकेशन लोन पार्टनर के रूप में पंजाब नेशनल बैंक एवं एसबीआई बैंक, नॉलेज पार्टनर के रूप में प्रिंस एजु हब व मैट्रिक्स जेईई एकेडमी, रेडियो पार्टनर के रूप में एफएम सीकर 89.6, स्टे पार्टनर के रूप में लोहिया रिजॉर्ट एवं बी पब्लिकेशंस इस आयोजन से जुड़े हैं। अधिक जानकारी के लिए 9772801234 पर संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 9:27 pm

रोहतक सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए सुपर-40 मॉडल:JEE–NEET कोचिंग की शुरुआत, शिक्षा मंत्री ने छात्रों से किया संवाद

रोहतक में हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए सुपर 40 कार्यक्रम को सरकारी शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह मॉडल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संसाधनों के अभाव से मुक्त कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं JEE–NEET के लिए तैयार करेगा। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी बच्चा अभाव में नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हिसार रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुपर 40 कार्यक्रम के नए सत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड, कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग देना, विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाना है, ताकि वे निजी कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। सुपर-40 के स्टूडेंट्स से किया संवादशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सुपर-40 में शामिल स्टूडेंट्स के साथ संवाद किया और कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी हुई है। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी किसी से कम नहीं हैं। उनमें अपार प्रतिभा है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम की है। सुपर 100 की तर्ज पर जिला स्तरीय मॉडलDC सचिन गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के सुपर 100 मॉडल से प्रेरित है। सुपर 40 उन विद्यार्थियों के लिए अवसर का मंच है, जो किसी कारणवश सुपर 100 का हिस्सा नहीं बन पाते। यहां उन्हें उसी स्तर की कोचिंग और तैयारी करवाई जा रही है। विद्यार्थियों को JEE–NEET दोनों परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। आगामी सत्र में योजना का किया जाएगा विस्तारDC सचिन गुप्ता ने बताया कि अगले सत्र से कक्षा 11वीं व 12वीं के लिए एक वर्षीय कोर्स, दो वर्षों में स्ट्रक्चर्ड तैयारी मॉडल, NCERT आधारित कॉन्सेप्ट बिल्डिंग, नियमित टेस्ट एवं प्रदर्शन मूल्यांकन लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को AIIMS, IIT जैसे संस्थानों तक पहुंचाना है। यह धारणा समाप्त करनी है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल निजी संस्थानों में ही उपलब्ध है।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 7:37 pm

SIR से हुए पेट-दर्द का मोदी ने इलाज किया:रोहतक में बोले शिक्षामंत्री, ममता के जंगलराज में जनता ने खिलाया कमल

रोहतक पहुंचे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने पश्चिम बंगाल व अन्य राज्यों से आए चुनावी रूझानों को लेकर कहा कि जनता ने भाजपा पर विश्वास दिखाया है। जो लोग गलत वोट बनाकर भारत के लोकतंत्र से खिलवाड़ करते थे, SIR से उन लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिसकी दवा आज पीएम नरेंद्र मोदी ने दे दी। शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने पश्चिम बंगाल चुनाव में आए भाजपा के पक्ष में रूझानों पर कहा कि भाजपा बहुत बड़े अंतर से जीत रही है। भाजपा ने कोई चाल नहीं चली, बल्कि बूथ स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं को खड़ा किया है। बंगाल की जनता समझदार है और पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों पर विश्वास जताया है। पश्चिम बंगाल में ममता का था महाजंगलराज शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का महा जंगलराज चल रहा था। ममता ने कार्यकर्ताओं को गुंडागर्दी के साथ लाचार व बेबस बनाकर ठगी की थी। कार्यकर्ताओं के साथ खेला गया, उन्हें मारा गया, उन सबके खिलाफ लोगों ने अपना वोट भाजपा को पूरे विश्वास के साथ दिया है। कम्युनिस्ट ने बंगाल को बनाया लाचार व बीमार महिपाल ढांडा ने कहा कि ममता से पहले कम्युनिस्ट का राज बंगाल में रहा। 35 साल तक कम्युनिस्ट ने बंगाल को बीमार व लाचार बना दिया। लोगों को उम्मीद थी कि मां माटी व मानुष की बात करने वाली ममता जरूर अपने ममतामयी हृदय के साथ कुछ बदलाव करेगी, लेकिन वह दानव रूपी व्यक्तित्व में आकर अनाचार, दुराचार व अत्याचार करने पर उतारू हो गईं। जंगलराज के बीच खिला कमल महिपाल ढांडा ने कहा कि ममता के ठेकेदारों ने जिस प्रकार आतंक मचाया, लोगों को लूटने का काम किया। उस महा लूट व जंगलराज के खिलाफ लोगों ने कमल की सुगंध को लेना ही सही समझा। एक बार जहां भाजपा की सरकार बनती है, वहां बार-बार बनती है। इसको कुछ तो कारण होगा। असम में कांग्रेस ने केवल लूटने का काम किया महिपाल ढांडा ने कहा कि मैं असम में दो माह रहा। असम में तीसरी बार बड़े अंतर से भाजपा जीत रही है। यहां पहले बम धमाके होते थे। अपहरण करके बम बांधकर उड़ा देते थे। आईएएस व आईपीएस भी सुरक्षित नहीं थे। कांग्रेस ने केवल असम की जनता को लूटने का काम किया, जबकि भाजपा ने 10 साल में असम की तस्वीर बदल दी।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 3:27 pm

प्रख्यात शिक्षाविद कालीचरण मिश्रा का निधन:राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित थे, कांग्रेस नेता बोले-राजकीय सम्मान से हो विदाई

सुपौल के प्रख्यात शिक्षाविद एवं विलियम्स हाई स्कूल सुपौल के पूर्व प्रधानाचार्य लगभग 100 वर्षीय कालीचरण मिश्रा का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को लेकर उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका था। वे लंबे समय तक विद्यालय में अपनी सेवा देकर हजारों छात्रों के जीवन को नई दिशा देने के लिए जाने जाते थे। कालीचरण मिश्रा ने अपने कार्यकाल में शिक्षा की ऐसी नींव रखी, जिससे सुपौल का नाम बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में ऊंचा हुआ। उनके मार्गदर्शन में पढ़े छात्र आज देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्र क्रमशः चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवा, राजनीति और अन्य पेशों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि उनके निधन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी ने इसे सुपौल के लिए बेहद दुखद क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कालीचरण मिश्रा जैसे शिक्षाविद विरले ही होते हैं, जिन्होंने न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा किया बल्कि समाज को भी नई दिशा दी। मिन्नत रहमानी ने बिहार सरकार से मांग की है कि कालीचरण मिश्रा की अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ की जाए। उन्होंने इस संबंध में सुपौल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी आग्रह किया है कि उनके सम्मान में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने एक स्वर में कहा कि कालीचरण मिश्रा का योगदान सदैव याद रखा जाएगा और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 10:07 am

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने AMU छात्र सैफ का शोध प्रकाशित किया:भारत में पर्यावरण शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित

पीलीभीत में भारत में पर्यावरण शिक्षा की मौजूदा स्थिति पर किए गए एक शोध ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के शिक्षा विभाग के शोधार्थी मोहम्मद सैफ कुरैशी के अध्ययन को यूनाइटेड किंगडम की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी द्वारा ‘ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल एजुकेशन’ (2026) में प्रकाशित किया गया है। रटने और परीक्षा तक सीमित पढ़ाईपीलीभीत निवासी सैफ कुरैशी के शोध पत्र “टीचिंग द पॉलिटिक्स ऑफ अर्थ: रीइमैजिनिंग एनवायरनमेंटल एजुकेशन फॉर प्लैनेटरी जस्टिस इन इंडिया” में बताया गया है कि भारतीय स्कूलों में पर्यावरण की पढ़ाई रटने और परीक्षा पास करने तक सीमित रह गई है। समस्याओं के कारणों से अनजान छात्रअध्ययन में पाया गया कि छात्र प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे शब्दों से परिचित हैं, लेकिन इनके पीछे छिपे राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक कारणों को नहीं समझ पाते। यह सैद्धांतिक ज्ञान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ी खाई को दर्शाता है। स्कूल बनाम सामुदायिक मॉडल में अंतरशोध के दौरान दिल्ली-एनसीआर के एक आधुनिक स्कूल और झारखंड के एक सामुदायिक शिक्षण केंद्र का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। निष्कर्षों में सामने आया कि स्कूलों में पर्यावरण को ‘गैर-राजनीतिक’ विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, जिससे छात्र नीतियों और शासन की भूमिका से अनभिज्ञ रहते हैं। वहीं सामुदायिक केंद्रों में बच्चे पर्यावरण को अपने अधिकारों, संसाधनों और जीवन से जोड़कर समझते हैं, जिससे उनमें भागीदारी और जागरूकता अधिक पाई गई। तुरंत बदलाव की जरूरत: शोधशोध में चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षा प्रणाली में जल्द सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य की पीढ़ी समस्याओं को जानने के बावजूद उनके समाधान निकालने में सक्षम नहीं होगी। सैफ ने पाठ्यक्रम में स्थानीय मुद्दों, नीति विश्लेषण और प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन को शामिल करने की सिफारिश की है। पीलीभीत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशनइस उपलब्धि ने न सिर्फ एएमयू बल्कि उनके गृह जनपद पीलीभीत का नाम भी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में रोशन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध भारत में पर्यावरणीय साक्षरता की दिशा बदलने के लिए एक ठोस आधार प्रदान कर सकता है।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 9:37 am

रविदास समाज की बैठक में सशक्त कमेटी का गठन, शिक्षा और संगठन पर दिया जोर

कोडरमा | प्रखंड के गरायडीह गांव में रविदास समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर समाज की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में दलित उत्पीड़न संघर्ष समिति के जिला उपाध्यक्ष सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि लंबे समय से समाज बिखरा हुआ था, लेकिन अब एक सशक्त मंच तैयार किया गया है, जिससे समाज को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को दोहराते हुए कहा कि हक और अधिकार की लड़ाई जीतने के लिए एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास को त्यागने पर भी जोर दिया। बैठक में सर्वसम्मति से 17 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें राजू दास को अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट कर आपसी विवादों का समाधान समाज के स्तर पर ही करने का प्रयास किया जाएगा।नई कार्यकारिणी में मंजू देवी को उपाध्यक्ष, अनीता देवी को सचिव, विकास दास को कोषाध्यक्ष और रामादास को संयोजक बनाया गया। बैठक में सोनू दास, महेंद्र दास, संजय दास, अमित दास, कामेश्वर दास और रवि दास समेत कई लोगों ने अपने विचार रखते हुए शिक्षा और संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। इटखोरी |इटखोरी थाना में विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें इटखोरी थाना से सेवानिवृत्त हुए सब इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह को विदाई दी गई। दिलबाग सिंह 1990 में बिहार के पटना में एक सिपाही के पद पर नियुक्त हुए थे। योगदान विभाजन के बाद वह झारखंड में सेवा दे रहे थे। उन्होंने इटखोरी थाना में आयोजित विदाई समारोह में कहा कि 36 वर्षों के नौकरी में कानून व्यवस्था जहां भी गए हम बनाए रखें। आम जनता के बीच मेरा दोस्ताना रिश्ता रहा और आखिर में हमको चतरा जिला इटखोरी थाना मिला, जो मेरे लिए यादगार रहेगा। मेरे सभी सहपाठी का भरपूर सहयोग रहा, आखिर मे मां भद्रकाली मे पूजा अर्चना करने का भी मौका मिला। यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात रही। इस बीच इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह एवं सभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें मां भद्रकाली का मोमेंटो एवं अंग वस्त्र और उपहार भेंट किया। थाना प्रभारी ने कहा इस नौकरी के दौरान समय-समय पर विषम परिस्थितियां आती रही है, जिनसे निपटने के लिए मेरे मित्र दिलबाग सिंह हमेशा तैयार रहे और उनका अच्छा योगदान रहा। इस बीच इनका जनता के साथ भी मित्रवत व्यवहार रहा। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान ईमानदारी व निष्ठा से कार्य कर इटखोरी थाना का गौरव बढ़ाया है।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:30 am

चीता-मेहरात की बैठक में शिक्षा के लिए 20 बीघा जमीन खरीदने का प्रस्ताव पारित, जालियां प्रथम में एंबुलेंस भेंट

ब्यावर | राजस्थान चीता-मेहरात काठात महासभा की महत्वपूर्ण बैठक सेदरिया रोड स्थित महासभा भवन में हुई। अध्यक्षता कर्नल मोहम्मद सलीम ने की। बैठक में कार्यकारिणी और संरक्षक मंडल के पदाधिकारी शामिल हुए। समाज के उत्थान को लेकर कई फैसले लिए गए। आगामी आम अधिवेशन 31 मई को सारणिया गांव में कराने का निर्णय हुआ। इसी दिन प्रतिभा सम्मान समारोह भी होगा। शिक्षा के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए 20 बीघा जमीन खरीदने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। सदस्यों ने हाथ खड़े कर समर्थन किया। समाज हित में भामाशाह आलम काठात, जालिया सरपंच ने महासभा को नई एम्बुलेंस भेंट की। एम्बुलेंस का संचालन महासभा की स्वास्थ्य समिति करेगी। बैठक के अंत में दुआ की गई। मुल्क में खुशहाली और अमन-चैन की कामना की गई। बैठक में मुख्य संरक्षक प्रो. जलालुद्दीन काठात, सचिव माधू काठात, उपाध्यक्ष अमजद काठात, डांग अध्यक्ष अशोक चीता, एडवोकेट वाजिद खान चीता, रफीक काठात, रोशन काठात, सायर काठात, दीन मोहम्मद, सुभान काठात, सुवा काठात सहित कई लोग मौजूद रहे। जालियां प्रथम गांव की प्रशासक आमना आलम काठात ने राजस्थान चीता मेहरात (काठात) महासभा को एक एंबुलेंस भेंट की। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। इस पहल के पीछे रोशन काठात को मुख्य प्रेरणा बताया गया। लोकार्पण के दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने आमना आलम काठात और आलम काठात के परिवार का आभार जताया। आलम काठात ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होती थी। एंबुलेंस शुरू होने से समय पर परिवहन संभव होगा।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:30 am

शिक्षा, संस्कार व व्यसन मुक्ति अभियान की बनाई रूपरेखा

भास्कर संवाददाता | बड़वानी गायत्री शक्तिपीठ साली टांडा में जिला स्तरीय एकदिनी जन्म शताब्दी अनुयाज कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शांतिकुंज, हरिद्वार से शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, व्यसन मुक्ति जैसे रचनात्मक अभियानों को वर्ष 2026 के जन्म शताब्दी वर्ष में जन-जन तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम की शुरुआत ओंकारेश्वर उपजोन समन्वयक पन्नालाल बिरला, जिला समन्वयक विक्रम जमरे, प्रबंधन ट्रस्टी नरेंद्र डावर, सुनीता पाटीदार सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन व देव पूजन के साथ की। अतिथियों का स्वागत तिलक लगाकर, अतिथि देवो भव परंपरा के अनुसार किया गया। दो सत्रों में आयोजित कार्यशाला में प्रज्ञा संस्थान की स्थापना, अर्थ अनुशासन, युवा जोड़ो अभियान, स्वास्थ्य, पर्यावरण व जल संरक्षण, साहित्य विस्तार, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, नारी जागरण, संस्कारवान पीढ़ी निर्माण, साधना-स्वाध्याय, मंडल निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। पन्नालाल बिरला, डॉ. सोहन गुर्जर, सुनीता पाटीदार, जोगीलाल मुजाल्दे, रामलाल पटेल, केशरीलाल, योगेश पाटीदार ने मार्गदर्शन दिया। योजनाओं के प्रभावी संचालन के तरीके बताए। जन्म शताब्दी अनुयाज संकल्प के तहत तहसीलवार संकल्प लिए गए। जिला व तहसील समन्वय समितियों के नवनिर्वाचित सदस्यों की उपस्थिति में इन संकल्पों के क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में अनूप जमरे, ज्ञान प्रसाद डावर, राजेंद्र व कांता चौहान ने प्रज्ञा गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी। आशीर्वचन में गायत्री धाम के पंडित मेवालाल पाटीदार ने कहा व्यक्ति को अपने आचरण से प्रेरणा देनी चाहिए। यदि हम व्यसन मुक्ति की बात करें, स्वयं उसका पालन न करें, तो समाज पर उसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिला समन्वयक विक्रम जमरे ने युग निर्माण योजना को गति देने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यशाला में सहायक समन्वयक दिनेश चौधरी, रूपसी, मगनलाल डुडवे, शीला अहिरे, कन्हैयालाल, गायत्री दासोंधी, निर्मला वर्मा, दुर्गा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन महेंद्र भावसार ने किया। अंत में शक्ति पीठ प्रबंधन ट्रस्टी नरेंद्र डावर ने सद्संकल्प पाठ कराया और आभार प्रदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:30 am

एक दिन में मान्यता की 200-फाइलें साइन करने की चैटिंग:जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से उगाही, कोड वर्ड लड्डू और मिठाई

जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से खुलेआम उगाही का खेल चल रहा है। इसका कोड वर्ड है लड्डू और मिठाई। इंजीनियरों से कभी डीपीसी के नाम पर दीपावली पर मिठाई बांटने के नाम पर, तो कभी भोपाल मिठाई भेजने के नाम पर खुलेआम रुपए देने के लिए कहा जाता है। जिला शिक्षा केंद्र के अंतर्गत सभी इंजीनियरों के वाट्सएप ग्रुप जेडएसके इंजीनियर सूचना ग्रुप की ऐसी कई चैटिंग सामने आई है, जिसमें खुलेआम रुपयों की बातचीत हो रही है। इसके अलावा जानबूझकर मान्यता की फाइलें अटकाने, मिठाई के रुपए भेजने के लिए यूपीआई स्कैनर की फोटो भेजने सहित कई ऐसे मैसेज और पोस्ट भी सामने आई है, जो यह साबित करती है कि रुपयों का खेल खुलेआम चल रहा है। जिला शिक्षा केंद्र के अंतर्गत पूरे जिले में कुल 13 ​इंजीनियर हैं। इधर, डीपीसी ने इंजीनियरों के इस मैसेज पर हैरानी जताते हुए कार्रवाई की बात कही है। इस संबंध में जब इंजीनियर संदीप जैन से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि लड्डू के लिए रुपए लेने जैसी कोई बात ही नहीं है। वहीं इंजीनियर वल्लभसिंह राठौर भी मुकर गए। बोले- मैंने मिठाई या लड्डू के डिब्बे का कोई मैसेज पोस्ट नहीं किया है। ग्रुप पर इस तरह कोड वर्ड से हो रही रुपयों की डिमांड ​इंजीनियर संदीप जैन ने इंजीनियर मनीष शर्मा के मैसेज को टैग करते हुए पोस्ट किया। जैन साहब भोपाल की मिठाई का बोल रहे हैं। क्या करना है सभी बताओ। राशि 214.67 लाख रुपए है। इस लिस्ट के नीचे लिखा है- इसके अनुसार करना है। इंजीनियर संदीप जैन ने ग्रुप पर यूपीआई स्कैनर की फोटो भेजकर मैसेज पोस्ट किया। उसके नीचे लिखा कि मिठाई के 800 रुपए इस पर भेज दो सभी। इंजीनियर वल्लभ राठौर ने ग्रुप पर एक मैसेज फॉरवर्ड किया है। लिखा- डीपीसी सर द्वारा भोपाल से प्राप्त निर्देश अनुसार 20 डिब्बे 500-500 ग्राम इच महाकाल प्रसाद के भेजना है। उसकी जवाबदारी निर्माण शाखा को दी है। आज ही खरीदकर कल सुबह की ट्रेन से भेजना है। तो जो भी फंड जमा है, जैन साहब के पास, उसमें से खरीद लें? यदि कोई आपत्ति हो तो जैन साहब/डीपीसी साहब से बात कर लें प्लीज। हमने कभी भी किसी को ​लड्डू के लिए शेयर कलेक्ट करने को नहीं कहा। हमें लड्डू बांटना होंगे तो हम अपने रुपयों से बांटेंगे। अगर किन्हीं इंजीनियरों ने मेरा नाम का इस्तेमाल कर इस तरह से कोई मैसेज भेज रुपए लिए हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार त्रिपाठी, डीपीसी

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:30 am

शिक्षा में नवाचार के लिए डॉ. छतलानी सम्मानित

उदयपुर | शिक्षण, शोध व आईटी के क्षेत्र में योगदान के लिए राजस्थान विद्यापीठ के डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी को ड्रॉप ऑफ चेंज संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान शिक्षा जगत में नवाचार और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। संस्था के संस्थापक शुभम सक्सेना ने प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए डॉ. छतलानी के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी विशेषज्ञता न अकादमिक क्षेत्र बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक है।

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:30 am

राजपुरोहित समाज के गुरुकुल में वार्षिकोत्सव 10 मई को:देशभर से शामिल होंगे समाजबंधु; पांच गुरुकुल में दी जा रही अंग्रेजी के साथ वैदिक शिक्षा

ब्रह्मऋषि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल का वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 का आयोजन 10 मई को खेतेश्वर गुरुकुल मायलावास में किया जाएगा। अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज विकास संस्थान की ओर से यह गुरुकुल संचालित किया जा रहा है। इसमें राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर ब्रह्मधाम आसोतरा के वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम महाराज ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में शिक्षा के साथ संस्कारों का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से सबसे पहले 2 जुलाई 2016 को मायलावास में गुरुकुल की स्थापना की गई थी। वर्तमान में समाज के पांच गुरुकुल संचालित किया जा रहे हैं। जो मायलावास (बालोतरा), बिजरोल खेड़ा, सायला, रायथल, (जालोर) ओर सवाई छोटी चूरू में स्थापित हैं। इनके माध्यम से नई शिक्षा नीति के तहत समाज के बच्चों को हिंदी, इंग्लिश के साथ ही वेदों का अध्ययन संस्कृत भाषा में करवाया जा रहा है। वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम ने बताया- वार्षिकोत्सव में पांचों गुरुकुल के ऋषि कुमार शामिल होंगे। इसमें ब्रह्म धाम आसोतरा के सदगुरुदेव तुलसाराम महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर निर्मल दास महाराज मौजूद रहेंगे। वहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के IAS गंगा सिंह दण्डाली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम भी शामिल होंगे। पौराणिक शिक्षा अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के लिए आवश्यक वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम ने बताया- आज के समय में आधुनिक शिक्षा भी जरूरी है, लेकिन हमारे ऋषि मुनियों की पौराणिक शिक्षा भी एक अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसलिए इन गुरुकुलों में वेद विज्ञान की पौराणिक पढ़ाई के साथ ही ऋषि कुमारों को हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई भी करवाई जा रही है। इससे यह अपने क्षेत्र में कीर्तिमान गढ़ सकें। इसके अलावा उन्हें नित्य योग, प्राणायाम, ध्यान के अलावा उन्हें नैतिक शिक्षा संस्कारों का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। आगामी वर्षों में इन गुरुकुलों की संख्या में और भी बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल 530 विद्यार्थी पढ़ रहे गुरुकुल के 11 ऋषि कुमारों ने अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर गुरुकुल का नाम रोशन किया। वर्ष 2026-27 सत्र में इन गुरुकुल में 530 विद्यार्थी हैं, जो 13 जिलों से यहां पढ़ने के लिए आए हैं।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 8:15 pm

रायगढ़ में MCH अस्पताल स्टाफ क्वार्टर-फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन का भूमिपूजन:प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भवन बनेगा, स्वास्थ्य मंत्री बोले-गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और वेलनेस सरकार की प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रविवार को मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कई नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन, 100 बिस्तर वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल के लिए स्टाफ क्वार्टर और 10 बिस्तरीय योग व प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग राशि स्वीकृत की गई है। फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन के लिए 1393.71 लाख रुपए, 100 बिस्तर वाले MCH अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर के लिए 393.79 लाख रुपए और 10 बिस्तरीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लिए 280.57 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ अच्छी चिकित्सा शिक्षा और वेलनेस को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया है, वे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिला है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का संपूर्ण विज्ञान है। आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा, ताकि लोग दवाओं पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रह सकें। रायगढ़ के भविष्य को नई दिशा मिलेगी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से और योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया है, वे रायगढ़ के भविष्य को नई दिशा देंगी। आने वाले समय में रायगढ़ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल होगा। कार्यक्रम में लोगों को आयुष्मान कार्ड और सिकल सेल कार्ड भी दिए गए, जिससे उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिल सके।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 7:34 pm

ब्रह्माकुमारी संस्थान का समर कैम्प का शुरू:मेडिटेशन पर जोर, बच्चों को मिलेगी आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा, 20 साल से लगातार हो रहा आयोजन

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने चौबे कॉलोनी स्थित विश्व शांति भवन में समर कैम्प का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि, हर बच्चे में विशेष प्रतिभा होती है, जिसे पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। समर कैम्प बच्चों को अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर देता है और मेडिटेशन जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में बच्चे पढ़ाई से ज्यादा मोबाइल में समय बिता रहे हैं, जो एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन से बच्चों की एकाग्रता बढ़ेगी और जीवन मूल्यों की शिक्षा उन्हें सही दिशा देगी। अच्छे संस्कार अपनाकर बनें आदर्श नागरिक जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि, वे अच्छे संस्कार अपनाएं और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें। उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन के अनुभवों से भी सीखना जरूरी है। संस्कारों की पाठशाला बना समर कैम्प ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि, यह समर कैम्प बच्चों को नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने बताया कि चौबे कॉलोनी में यह कैम्प पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी वनिषा दीदी ने किया।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 2:03 pm

आरा में शिक्षकों का सम्मान, तकनीकी शिक्षा पर जोर:बिहार स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना की दी गई जानकारी, करियर के प्रति किया जागरूक

आरा में शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा देने और शिक्षकों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से रविवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री महादेव ज्ञान सॉल्यूशन फाउंडेशन कॉलेज यूनी के नेतृत्व में जीएनआईओटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख शिक्षकों को एक मंच पर लाया गया। सभी को अंगवस्त्र और किट देकर सम्मानित किया गया। समारोह में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा की समझ बेहद जरूरी हो गई है। अगर छात्रों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिले, तो वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं। इस मौके पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। करियर के प्रति किया जागरूक संस्था के निदेशक साकेत कुमार ने बताया कि उनकी संस्था मैट्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है। संस्था का उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को उनके करियर के प्रति जागरूक करना भी है। खासकर दसवीं और ग्यारहवीं के छात्रों को यह समझाने की जरूरत है कि उन्हें आगे क्या करना है और किस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है। छात्रों से अपील कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षाविदों और अलग-अलग संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी वक्ताओं ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि अपने छात्रों को तकनीकी शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक छात्र इन अवसरों का लाभ उठा सकें।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 9:53 am

58 शिक्षकों ने सीखे समावेशी शिक्षा के गुर

लुधियाना |मॉडल टाउन स्थित गुरु नानक इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के संरक्षण में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में संस्थान के 58 शिक्षकों ने भाग लिया। इस सत्र का उद्देश्य स्कूली माहौल में लैंगिक समानता के प्रति समझ और जागरूकता विकसित करना था।इस सत्र का नेतृत्व प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हरनीत सिंह प्रिंसिपल पोदार इंटरनेशनल स्कूल और किरणजीत कौर कटारिया प्रिंसिपल गुरु हरकिशन आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लुधियाना ने किया। उन्होंने पारंपरिक सोच से हटकर एक लैंगिक रूप से संवेदनशील मानसिकता अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे ज्ञान, कौशल और शिक्षण पद्धतियों से सुसज्जित करना था, जिनकी मदद से वे अपनी कक्षाओं में समावेशिता को बढ़ावा दे सकें। कार्यक्रम की शुरुआत में, प्रत्येक शिक्षक को हैंडआउट्स दिए गए और उन्होंने विभिन्न व्यक्तिगत व सामूहिक गतिविधियों में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। चर्चाओं के दौरान लैंगिक रूप से संवेदनशील संस्कृति के महत्व पर ज़ोर दिया गया, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी शामिल करने की बात कही गई। पाठ्यक्रम में शामिल की जा सकने वाली कई पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 5:39 am

शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पर मार्गदर्शन

भास्कर न्यूज | लुधियाना न्यू सुभाष नगर स्थित ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षकों के लिए कैम्ब्रिज ग्लोबल पर्सपेक्टिव पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षण पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप सुदृढ़ बनाना तथा छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन, जिज्ञासा आधारित शिक्षण और वैश्विक समझ विकसित करना था। सत्र का संचालन कैम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन, यूके की विशेषज्ञ मनीषा नंदा द्वारा किया गया। यह सत्र संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों को बताया गया कि किस प्रकार वैश्विक विषयों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ कक्षा शिक्षण में प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सकता है। ग्रीनलैंड श्रृंखला के विभिन्न शाखाओं के शिक्षकों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित होना चाहिए। प्रधानाचार्या डॉ. ज्योति पुजारा ने शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण को आवश्यक बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि छात्र जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बन सकें।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 5:36 am

बालिकाओं को शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया

बड़वानी | शहर के वार्ड क्रमांक 20 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में शनिवार को लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत आयोजित उत्सव में बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में योजना के लाभों और बालिका शिक्षा पर जोर दिया गया। पर्यवेक्षक बसंती भिड़े उपस्थित रहीं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्थानीय महिलाएं शामिल हुई। पात्र बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ ही अभिभावकों को योजना से मिलने वाले आर्थिक व सामाजिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जागरूक हो सकें। भिड़े ने कहा बालिकाओं की शिक्षा सबसे बड़ा सशक्तिकरण का माध्यम है और लाड़ली लक्ष्मी योजना इसी दिशा में मजबूत पहल है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें।

दैनिक भास्कर 3 May 2026 5:30 am

जनजातीय सशक्तिकरण की कुंजी शिक्षा: मोहन भगवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भगवत ने शनिवार को शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली साधन बताया

देशबन्धु 2 May 2026 11:21 pm

20 दिवसीय ललित कला कार्यशाला का शुभारंभ:राज्य ललित कला अकादमी और राजरानी माता शिक्षा निकेतन का संयुक्त आयोजन

लखीमपुर खीरी के बेहजम में राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश और राजरानी माता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन ललित कला कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन खंड शिक्षा अधिकारी देवेश राय, ब्लॉक प्रमुख रामशंकर राज, व्यवस्थापक उमेश कुमार गुप्ता और प्रधानाचार्य आलोक कुमार सैनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी देवेश राय ने कहा कि यह विद्यालय न केवल अपने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए जाना जाता है, बल्कि क्षेत्र में कला एवं संस्कृति के संवर्धन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और उनकी सृजनात्मकता व आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। ब्लॉक प्रमुख रामशंकर राज ने ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी कला कार्यशालाओं के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य आलोक कुमार सैनी ने अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई दिशा देते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यशाला के संयोजक संजीव गुप्ता ने बताया कि इस 20 दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों को क्ले मॉडलिंग, मंडला आर्ट, दृश्य चित्रण और रचनात्मक ड्राइंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे और उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अकादमी के सदस्य अभिनव दीप के विशेष प्रयासों से जनपद में कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को एक मंच मिल रहा है और विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि बढ़ रही है। यह कार्यशाला न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारेगी, बल्कि क्षेत्र में कला एवं संस्कृति के प्रति नई ऊर्जा का संचार भी करेगी।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:21 pm

सरवड़ी पुरोहितान स्कूल में नई लाइब्रेरी का लोकार्पण:संत तुलछाराम महाराज बोले- शिक्षा ही समाज के विकास का मजबूत आधार

बालोतरा के सरवड़ी पुरोहितान स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में नई लाइब्रेरी भवन का लोकार्पण किया गया। ब्रह्मधाम आसोतरा तीर्थ के गादीपति संत तुलछाराम महाराज ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक, छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए संत तुलछाराम महाराज ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का मजबूत आधार है। उन्होंने छात्रों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित रहने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। संत ने पुस्तकालय को ज्ञान का मंदिर बताया, जहां से छात्रों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। लाइब्रेरी के साथ ही स्कूल परिसर में अन्य निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर शिक्षा क्षेत्र में सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। समाजसेवियों और दानदाताओं को साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। सम्मानित भामाशाहों में बादरसिंह राजपुरोहित (सरवड़ी), हिम्मताराम पटेल (बागलोप), विशन सिंह राजपुरोहित, रणवीर सिंह राजपुरोहित, उम्मेदसिंह राजपुरोहित, घेवरराम सुथार, अर्जुनसिंह, भेरूसिंह और हनुमान सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे। ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल में लाइब्रेरी शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को अध्ययन सामग्री मिलेगी और शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। कार्यक्रम के अंत में संत तुलछाराम महाराज ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद दिया।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 3:37 pm

डीएम सौरभ जोरवाल ने छात्रों को पढ़ाया:मोतिहारी मॉडल स्कूल में शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

पूर्वी चंपारण में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल स्वयं शिक्षक की भूमिका में मोतिहारी के लखौरा स्थित मॉडल विद्यालय श्री रामदवन विभीषण उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय पहुंचे। उन्होंने कक्षा में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया और उनसे संवाद किया। इस दौरान डीएम ने छात्रों से पढ़ाई, अनुशासन और विद्यालय की व्यवस्था से संबंधित प्रश्न पूछे, साथ ही उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। 27 प्रखंडों में मॉडल विद्यालय स्थापित किए जा रहे डीएम ने शिक्षण कार्य के साथ-साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इस पहल से प्रशासन की शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति गंभीरता और बच्चों के भविष्य के लिए प्रतिबद्धता सामने आई है। यह पहल बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। इसके तहत पूर्वी चंपारण जिले के 27 प्रखंडों में एक-एक मॉडल विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इन विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और नवाचार-आधारित शिक्षा प्रदान करना है। प्रत्येक विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिल सके। इन मॉडल विद्यालयों में माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) के लिए संगीत, ललित कला, नृत्य और शारीरिक शिक्षा सहित कुल 8 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 11-12) के लिए 16 शिक्षकों की तैनाती होगी। शिक्षकों का चयन शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और साक्षात्कार के आधार पर पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। मेधावी छात्रों को मेरिट के आधार पर नामांकन इन मॉडल विद्यालयों से जिले के लाखों छात्रों को अपने ही प्रखंड में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, NMMS परीक्षा में 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को मेरिट के आधार पर नामांकन दिया जाएगा। डीएम सौरभ जोरवाल ने बताया कि ये विद्यालय केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि आसपास के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी शैक्षणिक मार्गदर्शन और संसाधन साझा करने का कार्य करेंगे। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन विद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता का मॉडल बनाया जाएगा। अब पूर्वी चंपारण के छात्रों का सपना सरकारी विद्यालयों में ही साकार होता नजर आ रहा है।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 3:33 pm

गोरखपुर के DIOS डॉ. अमरकांत सिंह का हुआ निधन:दिल्ली में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली, शिक्षा विभाग में शोक की लहर

गोरखपुर की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे DIOS डॉ. अमरकांत सिंह का शनिवार को दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले में शोक का माहौल बन गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों में गहरा दुख देखा जा रहा है। दरअसल, डॉ. अमरकांत सिंह कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। वहीं उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रशासनिक अनुभव के आधार पर मिली जिम्मेदारी डॉ. अमरकांत सिंह की तैनाती वर्ष 2023 में गोरखपुर में DIOS के पद पर हुई थी। इससे पहले वे लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में सहायक शिक्षा निदेशक (सेवाएं) के पद पर कार्यरत रहे। प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। DIOS के रूप में उन्होंने जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी निभाई। शिक्षकों की उपस्थिति, वेतन वितरण, स्थानांतरण प्रक्रिया, अनुशासनात्मक कार्रवाई और विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखने जैसे कार्यों पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी। परीक्षाओं के संचालन में सक्रिय भूमिका उनके कार्यकाल में बोर्ड परीक्षाओं को व्यवस्थित और नकलविहीन तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परीक्षा केंद्रों की तैयारी, निरीक्षण व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे परीक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हुआ। डॉ. अमरकांत सिंह के निधन को लेकर शिक्षकों में गहरा शोक है। माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आज अपने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संघ से जुड़े लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में दिए योगदानजिले की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू ढंग से संचालित करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनके निधन को शिक्षा विभाग के लिए बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में आसान नहीं मानी जा रही। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा जगत के एक कर्मठ, निष्पक्ष और संवेदनशील अधिकारी, DIOS डॉ. अमरकांत सिंह का आकस्मिक निधन शिक्षा विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से गोरखपुर मंडल ने एक अभिभावक तुल्य अधिकारी खो दिया है। उन्होंने दिवंगत अधिकारी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 1:26 pm

ईंट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को मिलेगी शिक्षा:शेखपुरा में 'अक्षर लर्निंग सेंटर' और 'प्रोजेक्ट स्वाभिमान' का शुभारंभ, अंत्योदय योजना का लाभ दिलाना उद्देश्य

शेखपुरा में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने 'प्रोजेक्ट स्वाभिमान' के तहत 'अक्षर लर्निंग सेंटर' का विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य ईंट भट्ठों पर काम करने वाले प्रवासी और स्थानीय मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि ईंट भट्ठों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चे अक्सर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। 'प्रोजेक्ट स्वाभिमान' का लक्ष्य इन बच्चों को केवल साक्षर बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना भी है। अंत्योदय योजना का लाभ दिलाना उद्देश्य जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन इन परिवारों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने मजदूरों के लिए लेबर कार्ड, राशन कार्ड और जीविका समूह से जुड़ाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि अंत्योदय योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। डीएम ने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले के 5 अलग-अलग स्किल सेंटरों पर 'अक्षर लर्निंग सेंटर' का संचालन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं इन केंद्रों का निरीक्षण किया और बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने इस कार्य में सभी विभागों के समन्वय और सहयोग की सराहना भी की। जनप्रतिनिधि और पदाधिकारीगण रहे उपस्थित कार्यक्रम की शुरुआत में जिला पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी और अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 1:08 pm

हाथरस जिले की कल मनाई जाएगी 29वीं वर्षगांठ:29 साल में विकास थमा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में फिसड्डी

हाथरस जिला कल 3 मई को अपनी 29वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस जिले का गठन 3 मई 1997 को अलीगढ़ और मथुरा जनपदों से अलग कर किया गया था। अपने 29 साल के इतिहास में इस जिले का नाम चार बार बदला गया है। तत्कालीन ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के प्रयासों से 3 मई 1997 को हाथरस को जिले का दर्जा मिला। इसमें अलीगढ़ की हाथरस, सिकंदराराऊ व इगलास तहसीलें और मथुरा की सादाबाद तहसील शामिल की गई थीं। हालांकि, स्थानीय विरोध के बाद इगलास तहसील को वापस अलीगढ़ जिले में मिला दिया गया। इसके बाद सासनी को तहसील का दर्जा मिला और इस समय हाथरस जिले में चार तहसीलें हैं। सपा सरकार में खत्म कर दिया था जिले का दर्जा.. जिला सर्जन के बाद जिले में जिला स्तरीय कार्यालयों का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन वर्ष 2004 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने जिले का दर्जा समाप्त कर दिया। इस दौरान जनपद न्यायालय तो हाथरस में ही संचालित रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्थाएं फिर से अलीगढ़ और मथुरा से संचालित होने लगीं। हाथरस को जिला बनाए रखने के लिए शहर के समाजसेवियों, वकीलों और व्यापारिक संगठनों ने 'जनपद बचाओ आंदोलन' शुरू किया। लगभग तीन साल के संघर्ष के बाद, वर्ष 2007 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर जिले का दर्जा बहाल कर दिया गया। चार बार बदला गया जिले का नाम... जिले के नामकरण को लेकर भी खूब राजनीति हुई। जब बसपा सरकार ने हाथरस को जिला घोषित किया, तो इसका नाम 'महामाया नगर' रखा गया। बाद में भाजपा सरकार आने पर इसका नाम बदलकर 'हाथरस' कर दिया गया। फिर बसपा सरकार बनने पर इसे 'महामायानगर' और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पुनः 'हाथरस' कर दिया गया। उद्योग धंधों का नहीं हो पाया विकास.. जिला बनने के बाद लोगों को यह उम्मींद थी कि उद्योग धंधों का विकास होगा। हाथरस की पहचान पहले की औद्योगिक शहर के रूप में होगी। शहर में रंग-गुलाल उद्योग, दाल उद्योग, हैंडीक्राफ्ट उद्योग के अलावा सिकंदराराऊ के पुरदिलनगर का मूंगा मोती उद्योग, सासनी का कांच उद्योग, बिसावर का चांदी उद्योग को सरकारी प्रोत्साहन नहीं मिला। ट्रांसपोर्ट नगर की लोगों को दरकार… हाथरस में अभी भी ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन सका है। इसका सीधा असर जनपद के उद्योग धंधों पर पड़ा है। एक जनपद एक उत्पाद में हींग उद्योग व रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग शामिल हुए हैं। हसायन के इत्र, गुलकंद, गुलाब जल उद्योग को जीआई टैग मिला है। हालांकि जिले के बनने के बाद यह जिला कई नेशनल हाईवे से जुड़ गया है और लोगों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिली है। जिले में अभी तक नहीं बना मेडिकल कॉलेज...हाथरस जिला सबसे ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं में फिसड्डी है। जिला स्तरीय सरकारी अस्पताल हैं। हाथरस में अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं बना है। हाथरस से बाद में जो जनपद बने, वहां मेडिकल कॉलेज खुल गए, लेकिन 29 साल बाद भी हाथरस जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं बना। स्थिति यह है की छोटी बीमारियों के मरीजों को भी उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है। यहां सरकारी व्यवसायिक शिक्षा के नाम पर कोई उच्च संस्थान नहीं है। 70 साल पुराने एमजी पॉलीटेक्निक को भी इंजीनियरिंग कॉलेज का दर्जा नहीं मिला। अभी भी इस जिले में कई जिला स्तरीय कार्यालय नहीं है। अभी भी यहां अलीगढ़ और हाथरस की सहकारी बैंक ही संचालित है। जिला बनने के बाद महिला थाना व साइबर थाना की बात छोड़ दें तो जिले में कोई नया थाना नहीं बना। कोई नई नगर पंचायत नहीं बनी। कोई नया ब्लॉक सृजित नहीं हुआ। जब के वहां के लोगों द्वारा लगातार इसे लेकर मांग भी की जा रही है। अलबत्ता हाथरस में जिला न्यायालय के नए भवन और जेल का निर्माण इस समय चल रहा है।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 9:26 am

यूपी में इस साल डेढ़ लाख भतियां होंगी:पुलिस में 80 हजार, शिक्षा विभाग में 50 हजार पद; 10 साल में 10 लाख नौकरी का टारगेट

यूपी सरकार ने इस साल डेढ़ लाख युवाओं को नौकरी देने का टारगेट रखा है। पुलिस विभाग में करीब 80 हजार, शिक्षा विभाग में 50 हजार भर्ती हो सकती हैं। इसके अलावा राजस्व, मेडिकल, न्याय, महिला एवं बाल विकास विभाव में भर्तियां प्रस्तावित हैं। कई भर्तियों के विज्ञापन भी सामने आ गए हैं। ‘सरकार 10 साल में 10 लाख नौकरी’ का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। यूपी में फरवरी-मार्च 2027 में विधानसभा चुनाव होने तय हैं। जनवरी में आचार संहिता लग जाएगी। इस हिसाब से मौजूदा बीजेपी सरकार के पास 8 महीने का समय बचा है। इसी में भर्तियों का ऐलान, परीक्षाएं और रिजल्ट देना है। किस विभाग में कौन-सी भर्ती है, उसके लिए क्या योग्यता चाहिए, भर्ती कैसे होगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में… होमगार्ड के एक पद के लिए 46 दावेदार हैं यूपी में होमगार्ड के 41,424 पदों के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल को परीक्षा हुई। इसमें 19 लाख 29 हजार 155 कैंडिडेट शामिल हुए। यानी होमगार्ड के एक पद के लिए 46 दावेदार हैं। लिखित परीक्षा का रिजल्ट 15 से 30 जून तक आ सकता है। लिखित परीक्षा पास हुए कैंडिडेट को ही शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। 15 लाख कैंडिडेट्स ने UPSI की परीक्षा दी पिछले महीने 14 और 15 मार्च को UPSI के 4,543 पदों के लिए परीक्षा कराई गई। इसमें करीब 15 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। सभी 75 जिलों में सेंटर बने थे। इसका 10 मई तक रिजल्ट आ सकता है। यूपी पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा जून में यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर 31 दिसंबर 2025 को भर्ती का ऐलान हुआ। मेल कैंडिडेट्स के लिए सिविल पुलिस में 10,469 और पीएसी में 15,131 पद हैं। महिला पीएसी के लिए अलग से 1341 पद हैं। जेल वॉर्डन के कुल 3385 पद हैं, इसमें 106 पद महिलाओं के लिए हैं। एप्लीकेशन फॉर्म 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक भरा गया। 8, 9 और 10 जून 2026 को लिखित परीक्षा होगी। कैंडिडेट की उम्र कितनी होनी चाहिए? लेखपाल भर्ती में 100 सवाल पूछे जाएंगे यूपी में इस वक्त लेखपाल के 7994 पदों पर भर्ती चल रही है। इस भर्ती के लिए 28 जनवरी तक फॉर्म भरा गया। 21 मई को परीक्षा होगी। 100 नंबर की इस परीक्षा में 100 सवाल होंगे। परीक्षा का पैटर्न ऑब्जेक्टिव होगा। गलत जवाब पर 0.25 नंबर कटेंगे। इसमें UP PET-2025 पास कैंडिडेट्स ही अप्लाई कर पाए हैं। ऐसे कैंडिडेट्स की संख्या करीब 3.66 लाख है। कैंडिडेट की उम्र कितनी होनी चाहिए? ASO-ARO के 929 पदों पर भर्ती UPSSSC ने असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (ASO) और असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर (ARO) के लिए आवेदन मांगे हैं। इनमें 929 पदों में ASO के 916 पद हैं, ARO के 13 पद हैं। नोटिफिकेशन 21 अप्रैल को जारी हुआ। एप्लीकेशन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 11 मई है। परीक्षा की तारीख अभी डिक्लेयर नहीं हुई है। कैंडिडेट की उम्र कितनी होनी चाहिए? असिस्टेंट बोरिंग टेक्नीशियन के 402 पदों पर भर्ती UPSSSC ने असिस्टेंट बोरिंग टेक्नीशियन के 402 पदों पर भर्ती निकाली है। 15 अप्रैल से 5 मई के बीच कैंडिडेट फॉर्म भर सकते हैं। कैंडिडेट 10वीं पास हो। वह मशीनिस्ट, फिटर, टर्नर, वायरमैन से आईटीआई पास हो। इसके अलावा UP-PET- 2025 परीक्षा में पास होना जरूरी है। लिखित परीक्षा के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा, फिर ज्वाइनिंग प्रक्रिया शुरू होगी। कैंडिडेट की उम्र कितनी होनी चाहिए? अब उन भर्तियों की बात, जो प्रस्तावित हैं… लोवर पीसीएस के लिए 29 मई से आवेदन UPSSSC ने 2285 पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। इनमें 548 पद असिस्टेंट ट्रेजरी अकाउंटेंट के लिए है। ऑडिटर के 419 पद, अमीन के 323 पद, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के 238 पद और क्लर्क के 229 पदों पर भर्ती होनी है। इन पदों के लिए 29 मई से आवेदन किया जा सकेगा। कैंडिडेट ग्रेजुएट होना चाहिए। UP PET-2025 की परीक्षा में पास हुआ हो। परीक्षा जुलाई में कराई जा सकती है। फॉरेस्ट गार्ड के लिए आवेदन 30 जून से शुरू UPSSSC ने फॉरेस्ट गार्ड यानी वन रक्षक के 708 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए 30 जून से आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन की आखिरी तारीख 20 जुलाई को है। सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है शिक्षक भर्ती 17 फरवरी, 2026 को विधानसभा में शिक्षा मंत्री ने बताया था कि यूपी में अभी शिक्षकों के 46,944 पद खाली हैं। यूपी में 2018 के बाद बेसिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8 तक) के स्तर पर कोई भर्ती नहीं आई। सरकार 2, 3 और 4 जुलाई को टीईटी की परीक्षा करवाने जा रही है। करीब 35 हजार पदों पर सितंबर-अक्टूबर तक विज्ञापन जारी होने की संभावना है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी 25 हजार पदों पर भर्ती की संभावना यूपी में माध्यमिक शिक्षा विभाग में अगले कुछ महीने में करीब 25 हजार पदों पर भर्ती हो सकती है। अभी 4513 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें करीब 23 हजार टीजीटी-पीजीटी के तहत भर्तियों की संभावना है। इसके अलावा सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 1200 से ज्यादा असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रिंसिपल के पदों पर भर्ती की संभावना है। इस भर्ती का ऐलान जून-जुलाई के महीने में हो सकता है। यूपी में सरकारी नौकरियों के अलावा संविदा के पदों पर भी भर्तियां जारी हैं… आंगनवाड़ी के 10 हजार पदों पर भर्ती इस वक्त आंगनवाड़ी में करीब 10,478 पदों पर भर्ती हो रही है। ये भर्ती अलग-अलग जिलों में हो रही है। इनमें लखनऊ के 1106 पद, बाराबंकी में 22 पद, सुल्तानपुर में 809, तो इटावा में सिर्फ 8 पदों पर भर्ती हो रही है। आपके जिले में कितने पद खाली हैं, इसे upanganwadibharti.in पर जाकर देख सकते हैं। भर्ती से जुड़ी सारी डिटेल भी वहीं मिल जाएगी। डॉक्टर्स के करीब 4500 पद भरे जाएंगे यूपी में अगले 5 महीनों में डॉक्टर्स के करीब 4500 पदों पर भर्ती हो सकती है। स्पेशलिस्ट डॉक्टर के करीब 2 हजार पद भरे जाने की संभावना है। सरकार ने विभागों से खाली पदों की जानकारी पहले ही मांग ली थी। प्लस प्वाइंट ये है कि पिछले 2 सालों में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। इसलिए तेजी से भर्ती कराई जा सकती है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ISC, ICSE रिजल्ट 2026 जारी:10वीं में 98%, 12वीं में 99% स्टूडेंट्स पास, टॉपर्स की लिस्ट इस साल भी नहीं की गई रिलीज काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानी सीआइएससीई ने ICSE क्लास 10वीं और ISC 12वीं एग्जाम के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। CISCE 10वीं में 98.18% स्टूडेंट्स पास हुए। यह एग्जाम 2.6 लाख स्टूडेंट्स ने दिया था। वहीं 12वीं में 99.13% स्टूडेंट्स पास हुए हैं।पूरी खबर पढें…

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:39 am

शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने की जरूरत

बालोद | हाल ही में जारी 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में बालोद जिले का टॉप टेन सूची से बाहर होना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल हैं। शिक्षकों एवं उच्चाधिकारियों के बीच समुचित तालमेल की कमी के कारण विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर पर असर पड़ा है। यदि शिक्षण व्यवस्था में सुधार और लापरवाह शिक्षकों पर नकेल कसा जाए तो पढ़ाई व परीक्षा परिणामों में सुधार हो सकता है। -आरआर यदु, बालोद

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:30 am

दो वरिष्ठ शिक्षकों को विदाई दी...शिक्षा क्षेत्र में योगदान को किया गया सम्मानित

भास्कर न्यूज | महादेवडांड बगीचा विकासखंड शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित समारोह में दो वरिष्ठ शिक्षकों को विदाई दी गई। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कालिया के प्रधान पाठक अमृत राम खलखो और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिहारडांड़ के शिक्षक नारायण यादव को सेवानिवृत्ति पर पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उनके लंबे सेवाकाल और शिक्षा क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दोनों शिक्षकों ने न केवल विद्यार्थियों को शिक्षित किया, बल्कि उनके व्यक्तित्व और संस्कार निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। समारोह के दौरान दोनों शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सहकर्मियों ने उनके सरल स्वभाव और सहयोगी कार्यशैली को याद करते हुए भावुक माहौल में विदाई दी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने कहा कि ऐसे शिक्षक समाज की मजबूत नींव होते हैं। समारोह में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक उपस्थित रहे और सभी ने उनके स्वस्थ व सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिलीप टोप्पो, लेखाकार शैलेश अम्बस्ट, प्रधान लिपिक अमृत किस्पोट्टा, तिलक श्रीवास, मनोज बाखला, एमआईएस समन्वयक ममता शर्मा सहित विभागीय कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:30 am

पात्रता में बदलाव, 1 लाख रु. का सहयोग करने वालों को भी मिलेगा शिक्षा श्री सम्मान

शिक्षा में सुधार को लेकर सहयोग करने वाले भामाशाहों को आकर्षित करने के लिए शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के भामाशाह सम्मान की शर्त में बड़ा बदलाव किया है। अब एक लाख से अधिक के सहयोग पर भी जिला स्तर पर सम्मान मिलेगा। विभाग की ओर से अब जिला स्तर पर सम्मान की पात्रता 1 लाख से 29,99,999 रुपए तक तय की है। पहले यह राशि 5 लाख से 29,99,999 रुपए तक तक थी। अब इसकी न्यूनतम सीमा 4 लाख रुपए घटा दी है। जिला स्तर पर भामाशाहों को शिक्षा श्री सम्मान प्रदान किया जाता है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के भामाशाह सम्मान समारोह की गाइडलाइन जारी कर दी। इसके अनुसार राज्य स्तर पर सम्मान की पात्रता में कोई बदलाव नहीं किया है। समारोह में 1 अप्रैल, 2025 से लेकर 31 मार्च, 2026 तक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए प्रदान किया जाएगा। राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 29 जून को जयपुर में होगा। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी प्रारंभ कर दी है। समारोह के आयोजन को लेकर शिक्षा संकुल में शुक्रवार को आवश्यक बैठक हुई। संयुक्त निदेशक मंजू शर्मा ने कहा कि यह प्रथम चरण की बैठक थी। इसमें सभी से समारोह को लेकर सुझाव लिए हैं। राज्य स्तर पर यह है पात्रता राज्य स्तर पर भामाशाहों के सम्मान के लिए शिक्षा विभाग ने दो कैटेगरी बनाई है। इसमें 30 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए से कम के सहयोग पर शिक्षा भूषण सम्मान और 1 करोड़ रुपए या इससे अधिक के सहयोग पर शिक्षा विभूषण के सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। ऑनलाइन आवेदन 19 मई तक सम्मान के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 मई तक किया जा सकता है। इसके बाद 21 मई से 1 जून तक निदेशालय स्तर पर आवेदनों की जांच की जाएगी। चयनित भामाशाहों की सूची का अनुमोदन 8 से 10 जून के बीच होगा। समारोह का आयोजन 29 जून को होगा। सरकारी स्कूलों में सहयोग के लिए भामाशाह प्रेरित होंगे पूर्व उपनिदेशक राधेश्याम जाट का कहना है कि जिला स्तर पर सहयोग की सीमा 5 लाख से घटाकर 1 लाख रुपए से अधिक करने पर बड़ी संख्या में भामाशाह सहयोग के लिए आगे आएंगे। पहले 5 लाख से कम वाले सहयोग करने के बावजूद सम्मानित नहीं होते थे। सम्मान मिलने पर भामाशाह भी सहयोग के लिए प्रेरित होंगे और इससे शिक्षा के विकास के लिए बजट मिलेगा। इस सहयोग से स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:30 am

स्कूल शिक्षा के भर्ती नियमों में संशोधन:अब संविदाकर्मियों को 50%, ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण

स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य शिक्षा सेवा एवं अधीनस्थ शिक्षा सेवा (शाला शाखा) भर्ती तथा पदोन्नति नियम-2016 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। विभाग की सीधी भर्ती के पदों में संविदा कर्मचारियों को 50% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10% आरक्षण का लाभ मिलेगा। शुक्रवार को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, जिससे आगामी भर्तियों में हजारों संविदा कर्मचारियों और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा। संशोधित नियमों के मुताबिक विभाग में सीधी भर्ती के कुल रिक्त पदों का 50% तक उन संविदा अधिकारियों/ कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेगा जिन्होंने न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। इस आरक्षण का लाभ सिर्फ एक बार लिया जा सकेगा। यह होगा फायदा आयु सीमा में भी बड़ी राहत : संविदा कर्मचारियों को भर्ती में शामिल होने के लिए आयु में विशेष छूट दी गई है। उनके द्वारा संविदा पर की गई सेवा के वर्षों के बराबर आयु सीमा में छूट मिलेगी, बशर्ते उनकी अधिकतम आयु 55 वर्ष से अधिक न हो। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रचलित नियमों के अधीन होगी। ईडब्ल्यूएस के आरक्षण से नहीं बदलेगा एससी-एसटी आरक्षण अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए भी सीधी भर्ती में 10% पद आरक्षित रखने का स्पष्ट प्रावधान कर दिया गया है। लेकिन स्पष्ट किया गया है कि इससे अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, वह पूर्व की तरह ही यथावत लागू रहेगी।

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:30 am

अब साल में 2 बार लागू होगी एडमिशन की व्यवस्था:आरजीपीवी बना रहा गाइडलाइन, तकनीकी शिक्षा विभाग का तर्क- प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध होगी

प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब साल में दो बार एडमिशन की व्यवस्था लागू होने जा रही है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने ये निर्णय लिया है और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) नई व्यवस्था के लिए गाइडलाइन तैयार कर रहा है। इसका मकसद सभी सीटें भरना और एडमिशन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है। नई व्यवस्था के तहत एक शैक्षणिक सत्र जुलाई से और दूसरा जनवरी से शुरू होगा। जुलाई सत्र में सभी कॉलेजों की 100 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश के लिए सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग कराई जाएगी। जो सीटें खाली रह जाएंगी, उन्हें जनवरी सत्र में भरा जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे एडमिशन प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर तक खिंचने की समस्या खत्म हो जाएगी। अभी सीटें खाली रहने पर कई संस्थान कोर्ट तक पहुंच जाते हैं, जिससे काउंसलिंग लंबी चलती है। इधर, विशेषज्ञों का कहना है, नई व्यवस्था में पढ़ाई के क्रम और प्लेसमेंट को लेकर चुनौतियां रहेंगी। जनवरी सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र जनवरी-फरवरी में पासआउट होंगे, जबकि अधिकांश कंपनियां दिसंबर तक रिजल्ट आने वाले छात्रों को ही ज्वाइनिंग देती हैं। ऐसे में इन छात्रों के लिए अलग से प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करनी पड़ सकती है। विशेषज्ञों की राय... पढ़ाई के क्रम के साथ प्लेसमेंट और लेटरल एंट्री पर भी असर पहला सेमेस्टर बाद में, दूसरा पहलेगाइडलाइन तैयार करते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत न पड़े और विश्वविद्यालय पर परीक्षा का बोझ भी न बढ़े। इसी कारण इस प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है कि जनवरी सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को सीधे सेकंड सेमेस्टर से पढ़ाई कराई जाए। इसके बाद वे जुलाई सत्र में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स के साथ पहला सेमेस्टर पढ़ें। इसी तरह छात्र क्रमश: चौथा फिर तीसरा सेमेस्टर, इसके बाद छठा फिर पांचवां सेमेस्टर पढ़ेंगे। इसी तरह आठवें और फिर सातवें सेमेस्टर की पढ़ाई करेंगे। विषय आपस में जुड़े होते हैं : एक्सपर्टबीयू के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. एचएस त्रिपाठी का कहना है कि इंजीनियरिंग में शुरुआती सेमेस्टर में बेसिक विषय पढ़ाए जाते हैं और आगे के सेमेस्टर में एडवांस कोर्स। विद्यार्थी पहले एडवांस विषय पढ़ेंगे तो उनकी समझ पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई विषय एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। वहीं डिप्लोमा के बाद लेटरल एंट्री से बीटेक सेकंड ईयर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर भी असर पड़ेगा। अभी एक सत्र में बची सीटों पर अगले साल लेटरल एंट्री के जरिए प्रवेश दिया जाता है, लेकिन दो सत्र होने से उनके लिए सीटें कम हो सकती हैं। एकेडमिक कैलेंडर ठीक से लागू होगा अभी सितंबर-अक्टूबर तक प्रवेश चलते रहते हैं। अब विवि का एकेडमिक कैलेंडर प्लानिंग के अनुसार लागू हो सकेगा। इसमें 2 ग्रुप संचालित करने होंगे। ​अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। प्लेसमेंट के लिए कंपनियां अलग-अलग समय पर शेड्यूल अपडेट करेंगी।' -प्रो. एससी चौबे, कार्यवाहक कुलगुरु, आरजीपीवी

दैनिक भास्कर 2 May 2026 5:30 am

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ...

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:21 pm

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?

अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया ...

वेब दुनिया 23 Apr 2026 12:02 pm

शिक्षाप्रद कहानी: बालक राम से 'परशुराम' बनने की गाथा

बहुत पुरानी बात है, महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के एक बहुत ही आज्ञाकारी पुत्र थे, जिनका नाम था 'राम'। राम बचपन से ही बहुत शांत, बुद्धिमान और बलवान थे। वे अपने माता-पिता की सेवा करना अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।

वेब दुनिया 15 Apr 2026 2:59 pm

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है 7000 युवा

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm