महात्मा फुले की 199वीं जयंती: जानिए कैसे उन्होंने शिक्षा को बनाया 'अछूतों' का हथियार
11 अप्रैल 2026 को महात्मा ज्योतिराव फुले की 199वीं जयंती पर उनके सामाजिक सुधार, महिला शिक्षा और जाति-विरोधी आंदोलन के ऐतिहासिक योगदान को याद किया जा रहा है। जानिए कैसे फुले और सावित्रीबाई ने भारत में समानता और शिक्षा की नींव रखी।
जैसलमेर: ओड समाज क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू, नशा मुक्ति और शिक्षा का संदेश
तोताराम ओड की ढाणी में जिला स्तरीय टूर्नामेंट का आगाज़, उद्घाटन मैच में भोजका जैसलमेर ने बबर मगरा 11 को हराकर दर्ज की जीत।
कटनी जिले के बरही नगर परिषद स्थित सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर सोमवार को भाजपा के झंडे लहराते पाए गए। शासकीय शिक्षण संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडे लगाए जाने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामला संज्ञान में आते ही जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह ने इसे 'शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण' बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है और स्कूल गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता है। सिंह ने मांग की है कि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित स्कूल के प्राचार्य को निर्देशित कर मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटवा दिए। डीईओ ने बताया कि किया कि शासकीय परिसर में इस तरह की गतिविधि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि सुरक्षा के बावजूद स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत हरनी चट्टी, अदफा में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रामा निषाद ने एक नए आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया। यह विद्यालय 520 छात्राओं के लिए बनाया गया है। इसे पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान करना है। विद्यालय में 520 बेड की व्यवस्था उद्घाटन समारोह में मंत्री रामा निषाद ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में बिहार के सभी जिलों में आवासीय प्लस टू विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरनी चट्टी स्थित इस विद्यालय में 520 बेड की व्यवस्था है, जिससे बड़ी संख्या में छात्राओं को लाभ मिलेगा। मंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब बेटियां पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी, तभी समाज का समग्र विकास संभव होगा।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व की सरकारों ने इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किया, लेकिन वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति हुई है। 35 प्रतिशत बेटियां विभिन्न विभागों में कार्यरत मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 35 प्रतिशत बेटियां विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में कार्यरत हैं, जो समाज में बढ़ते बदलाव का संकेत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस नए विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार 12वीं कक्षा के बाद भी छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने हाल ही में इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षाओं में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। पहले से अधिक सुरक्षित हैं बेटियां सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियां अब पहले से अधिक सुरक्षित हैं और वे हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं। खासकर पुलिस सेवाओं में भी उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा गया और इस पहल को बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
सुरेश बने भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के मीडिया प्रभारी
खरोरा | खरोरा निवासी सुरेश कुमार साहू को भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर ग्रामीण का जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव एवं संगठन महामंत्री पवन साय के मार्गदर्शन में, शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कांतिलाल जैन के निर्देश तथा जिला अध्यक्ष श्याम कुमार नारंग की सहमति से की गई। सुरेश कुमार साहू की नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज तहसील इकाई खरोरा के शिक्षकगणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। बधाई देने वालों में अध्यक्ष गोपाल दास पड़वार, सचिव हरिश्चंद्र देवांगन, संयोजक सीताराम यादव, संरक्षक के.आर. वर्मा, सलाहकार भूपेंद्र कुमार नायक, आसाराम वर्मा, रमेश कुमार वर्मा, संतोष वर्मा, गणेशराम देवांगन व राम सिंह घिलहरे व अन्य मौजूद थे।
पीथमपुर के छत्रछाया कम्युनिटी हॉल में रविवार देर शाम सर्व यादव समाज का सम्मेलन हुआ। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज के लोग जुटे। पूरा हॉल 'जय यादव-जय माधव' के नारों से गूंज उठा, जो समाज की एकता को साफ दिखा रहा था। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाई और मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ कसरावद विधायक सचिन यादव की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। मंच पर राजीव यादव, कैलाश यादव और पार्वती रामावतार यादव जैसे समाज के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से साफा बांधकर और फूलों की मालाओं से किया गया। युवाओं और शिक्षा पर जोर नारायण यादव ने अपने भाषण में यादव समाज के गौरवशाली इतिहास की चर्चा की। उन्होंने युवाओं से कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को शिक्षा और संगठन के दम पर अपनी पहचान और मजबूत करनी होगी। उन्होंने युवाओं को राजनीति और समाज सेवा में आगे आकर नेतृत्व करने की प्रेरणा दी। वहीं, विधायक सचिन यादव ने कहा कि आज के दौर में अच्छी शिक्षा और रोजगार सबसे जरूरी हैं। उन्होंने समाज के लोगों को अपने हक के लिए जागरूक रहने की बात कही। होनहार बच्चों का सम्मान और बेटियों की पढ़ाई का संकल्प सम्मेलन के दौरान समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संकल्प भी लिया गया। वक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक बेटियां आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समाज का पूरा विकास मुमकिन नहीं है। संगठित समाज की झलक कार्यक्रम में हेमंत पटेल, अतुल यादव, ओमप्रकाश अहीर और योगेश यादव जैसे समाजसेवियों ने भी अपनी बात रखी। बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि यादव समाज आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह एकजुट और तैयार है।
जमुई जिले में रविवार को शिक्षा और विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल हुई। बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने बरहट प्रखंड के गढ़वा कटौना और बरुअटटा में नवनिर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय भवनों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में ट्रेनों के ठहराव बहाल करने और जमुई स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग भी प्रमुखता से उठाई। गढ़वा कटौना में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। ये विद्यालय भवन स्थानीय बच्चों को प्लस टू तक की शिक्षा प्रदान करेंगे, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सात किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगाअपने संबोधन में मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि वे कटौना हॉल्ट के पुनरुद्धार को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के संपर्क में हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोविड-पूर्व की तरह ट्रेनों का ठहराव और टिकट काउंटर की सुविधा बहाल होने तक उनके प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही, उन्होंने जमुई स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी केंद्र सरकार के समक्ष रखने की बात कही, जिससे जिले के विकास को गति मिल सके। बरुअटटा में उद्घाटन किए गए उत्क्रमित उच्च विद्यालय ने स्थानीय बच्चों के लिए शिक्षा की राह आसान कर दी है। अब छात्र-छात्राओं को प्लस टू की पढ़ाई के लिए सात किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। पहले इस क्षेत्र में केवल कक्षा एक से आठवीं तक की ही सुविधा थी, जिससे आगे की पढ़ाई कई छात्रों के लिए कठिन हो जाती थी। रखरखाव में सहयोग देने का आह्वान कियामंत्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब आम जनता उसके प्रति जागरूक और सजग हो। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि यह विद्यालय केवल सरकार की योजना नहीं, बल्कि हर ग्रामीण परिवार की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्कूल के विकास और रखरखाव में सहयोग देने का आह्वान किया। इन कार्यक्रमों में जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, भाजपा जिला अध्यक्ष दुर्गा केसरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जमुई सदर प्रखंड के बरबट्टा गांव में रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल हुई। विधायक श्रेयसी सिंह ने नव निर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, शिक्षक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रेयसी सिंह ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए विद्यालय भवनों का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में मिले समर्थन के कारण ही उन्हें दोबारा क्षेत्र की सेवा करने का मौका मिला है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में और भी विकास कार्य किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया। उनका मानना है कि नए विद्यालय भवन से बच्चों की शिक्षा में सुधार आएगा और क्षेत्र का शैक्षणिक स्तर मजबूत होगा। कार्यक्रम का समापन शिक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ हुआ।
शिक्षा निदेशक जिन नियमों का हवाला देते हैं उन्हीं नियमों की शब्दावली में छिपा एक शब्द ‘विवेकानुसार’आज प्रदेश के लाखों अभिभावकों की जेब पर डकैती का कानूनी जरिया बन गया है। पाठ्यक्रम तो एनसीईआरटी का है, लेकिन किताबों के ब्रांड चुनने की इस ‘विवेकीय आजादी’ ने निजी स्कूलों को प्राइवेट प्रकाशकों का ‘एजेंट’ बना दिया है। नतीजा यह है कि 60 फीसदी तक के भारी-भरकम कमीशन के चक्कर में ₹200 का बुक-सेट ₹4000 में बेचा जा रहा है और विभाग स्पष्ट निर्देशों के अभाव में हाथ पर हाथ धरे बैठा है। भास्कर ने 4 अप्रैल के अंक में ‘पहली कक्षा में एनसीईआरटी का पूरा सेट रु 195 में, निजी स्कूलों का 3280 से 4500 रुपए तक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अभिभावकों की परेशानी को उजागर किया। उधर, अभिभावक संघ ने राज्य सरकार से पाठ्य पुस्तकों में एकरूपता की मांग की है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के माध्यम से सरकारी एवं निजी स्कूलों में एक समान यूनिफॉर्म लागू करने के प्रस्ताव पर संयुक्त अभिभावक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार शिक्षा में वास्तविक सुधार के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाकर ड्रेस कोड थोपने में लगी हुई है, जबकि प्रदेशभर के अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी पाठ्य पुस्तकों की खरीद-फरोख्त से त्रस्त हैं। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि आज प्रदेश में सबसे बड़ा आर्थिक बोझ यूनिफॉर्म नहीं, बल्कि निजी स्कूलों द्वारा अनिवार्य रूप से थोपी जा रही महंगी और अनावश्यक पाठ्य पुस्तकों का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग अभिभावकों के सब्र की परीक्षा बिल्कुल न लें। अभिभावक तब तक शांत हैं, जब तक वे बिखरे हुए हैं, लेकिन अब अभिभावक न केवल जागरूक हो रहे हैं बल्कि मुखर भी हो रहे हैं। सरकार और विभाग समय रहते चेत जाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यूं समझें क्या है नियम और कहां है खामी निजी स्कूलों को भी निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में किया जाए शामिल राज्य सरकार तथा शिक्षा विभाग को चाहिए कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में शामिल किया जाना चाहिए। गैर सरकारी स्कूलों में भी पाठ्यक्रम, कक्षा शिक्षण तथा बोर्ड परीक्षा व मूल्यांकन सरकारी स्कूलों के समान ही होता है। -भास्कर एक्सपर्ट- -महेंद्र पांडे, मुख्य महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ प्राथमिक एवं माध्यमिक “एक विद्यार्थी की वार्षिक पुस्तकों पर औसतन खर्च 4 हजार से 12 हजार तक आ रहा है, जो यूनिफॉर्म के खर्च से कई गुना अधिक है। शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री के संज्ञान में यह मामला हर वर्ष आता है, इसके बावजूद खुलेआम अभिभावकों की आर्थिक लूट जारी है। इस पर रोक लगाने के बजाय सरकार ड्रेस को एक समान करने जैसे सतही निर्णय लेकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।”-अभिषेक जैन बिट्टू, प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ पिछले साल तक मेरे दोनों बच्चे महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ रहे थे। इस साल पास के ही निजी स्कूल में प्रवेश दिलाया है। बेटी पांचवीं और बेटा नौवीं कक्षा में है। दोनों की किताबों का खर्च ही ₹3900 आया है, जो सरकारी स्कूलों की तुलना में बहुत अधिक है। राज्य सरकार को चाहिए कि निजी स्कूलों में भी सरकारी दरों पर एनसीईआरटी और आरबीएसई की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू करे, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।-दीपक पडिहार, निवासी, चौधरी कॉलोनी “निजी स्कूलों में एनसीईआरटी और राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल द्वारा स्वीकृत पाठ्यक्रम ही लागू करना अनिवार्य है। निजी स्कूल प्राइवेट प्रकाशन की बुक्स रख सकते हैं। हालांकि निजी स्कूलों में उपलब्ध किताबें कम से कम तीन स्थानीय दुकानों पर उपलब्ध होने का निर्देशों में प्रावधान है।”-सीताराम जाट, निदेशक, माध्यमिक
वित्तरहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा सचिव का फूंका पुतला
लोहरदगा|झारखंड में दो सौ से अधिक वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का अनुदान रोके जाने के विरोध में लोहरदगा में वित्तरहित शिक्षक-कर्मचारियों ने शनिवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव का पुतला दहन किया। झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर अपनी नाराजगी जताई। इस क्रम में एमएलए महिला कॉलेज में शिक्षा सचिव के पुतला दहन कार्यक्रम में शिक्षिका गीता कुमारी ने कहा कि सरकार ने राज्य के कुछ संस्थानों को अनुदान दिया और बाकियों को अन्यायपूर्ण तरीके से वंचित किया। जो 2004 के अधिनियम के खिलाफ है। सभी दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए गए थे। कहा कि सरकार वित्तरहित संस्थानों का अस्तित्व मिटाने की साजिश कर रही है। वहीं अनुदान चालू करने, बकाया राशि का भुगतान और शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही मांगे पूरी न होने तक चरणबद्ध आंदोलन और प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी विभाग और सरकार को दी गई है। मौके पर शिक्षक और कर्मी मौजूद थे।
शिक्षा को बढ़ावा देने जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित
पाली | महिला जन सहयोग वेलफेयर सोसाइटी और मिलन फ्रेंड्स क्लब के सहयोग से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री दी गई। भामाशाह मुकेश रोनल लोढा के सहयोग से कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, सोपनर इत्यादि स्टेशनरी वितरित की गई। इस सामजिक कार्य में संस्था अध्यक्ष अंकिता बोहरा, सचिव अन्नु सोलंकी, उपाध्यक्ष प्रियंका व्यास व नरेन्द्र गुगलिया, नरेश पंवार आदि का सहयोग रहा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 3030 बच्चों को अलॉटमेंट
खरगोन| शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किया। 2 अप्रैल को आयोजित ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में जिले के 487 निजी स्कूलों की कुल 3209 सीटों के मुकाबले 3030 सीटों पर विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित बच्चों को अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित स्कूलों में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) खेमराज सेन ने बताया कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को 15 अप्रैल तक संबंधित स्कूल में रिपोर्टिंग कर दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी तय तिथि तक प्रवेश नहीं लेता है, तो उसकी सीट स्वतः निरस्त कर दी जाएगी और उस सीट को अगली प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर स्कूल पहुंचें, ताकि बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित हो सके। साथ ही जिन सीटों पर अभी आवंटन नहीं हुआ है, उनके लिए विभाग द्वारा जल्द ही अगली लॉटरी या चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा का लाभ मिल सके।
लखनऊ से काशी का प्रवेशद्वार पिंडरा विधानसभा है, जहां इंटनेशनल एयरपोर्ट है और अब इसका विस्तार हो रहा है। देश में पहली बार ऐसा हाईटेक एयरपोर्ट बनेगा जिसके कई फिट नीचे वाहन दौड़ेंगे और ऊपर विमान। इस क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए तो सड़कों का जाल बिछाया गया। पिंडरा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह लगातार 9 वर्ष से क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं, पेशे से शिक्षक अवधेश सिंह ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम किया। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज और कई बड़े अस्पताल उनकी पहचान बन गए हैं। दैनिक भास्कर ने विधायक से पिंडरा के विकास कार्यों पर चर्चा की तो पता चला कि करोड़ों के प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं और कई पाइप लाइन में हैं। यह पीएम का संसदीय क्षेत्र नहीं है लेकिन पीएम अब तक सबसे ज्यादा इसी क्षेत्र से रूबरू हुए हैं यानि काशी आना है तो पिंडरा एक मात्र रास्ता है। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश- सवाल: पिंडरा विधानसभा में आपके द्वारा कौन-कौन से महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए? जवाब: अमूल की डेयर मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है, विधायक बनने के बाद सबसे पहले गुजराज गया और अमूल के डायरेक्टर से मिला। उन्हें जमीन उपलब्ध कराया और अमूल के आने के कारण हर घर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में है। घरों में गाय-भैंस रख करके लोग सुबह-शाम दूध अमूल के भंडारण में जाता है और सीधे खाते में पैसा आता है। पिंडरा 2017 के पहले उपेक्षा का शिकार था और अब तस्वीर ही बदल गई है। एजुकेशन के क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज, गर्थमा में बनकर तैयार हो गया और नई टेक्नोलॉजी को बढ़ा रहे हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज जो बेकार पड़ा था, उसके लिए धन आवंटित कराकर तैयार कराया। बसनी हॉस्पिटल, पिंडरा हॉस्पिटल गंगापुर हॉस्पिटल, धौकलगंज और गजोखर में हॉस्पिटल में हॉस्पिटल हैं, वहीं पीएससी और सीएससी शानदार बिल्डिंग में चल रहे हैं। करीब 6 करोड़ रुपए सीएसआर फंड से लेकर मैंने दो वेंटिलेटर और आठ आईसीयू बनाया। नदी के उस पार किसानों की सहूलियत के लिए पुलिया बनवाई। मंदिरों को करोड़ों रुपए देकर भव्य सौंदर्यीकरण कराया। विकास ने प्रगति और कीमत बढ़ाई। अब हमारे क्षेत्र की जमीनें इतनी महंगी हो गई हैं अगर एक बिस्वा भी जमीन गया तो 40 लाख 50 लाख रुपया मिलता है। गरीबी नहीं बल्कि उद्योग और व्यापार चलने लगता है। पांच बेरोजगारों को अपने स्थान पे छोटा व्यवसाय मिल रहा है, बिना गारंटी लोन मिल रहा है। सवाल: आगे क्या ऐसा कुछ काम विकास काम रह गए जो अभी तक आप पूरा नहीं करा पाए? जवाब: मैं समझता हूं कि उसको मैं बताना नहीं चाहता हूं। बहुत सारे ऐसे काम हैं जिसको करने से मेरा क्षेत्र बनारस की तुलना में सुदृढ होगा। बस मान लीजिए कि इस पिंडरा को सेकंड काशी बनाने का प्रयास है। पैरामीटर भी तय हैं कि उस मिनी काशी में हमारा हॉस्पिटल हो, ट्रामा सेंटर हो, हमारा एजुकेशन भी ए-क्लास का हो कि वहीं के हमारे क्षेत्र के बच्चे किसी दूसरे जगह नहीं जाए। हमारे क्षेत्र के मरीज कहीं दूसरे जगह नहीं जाएं और रेफर नहीं इलाज मिले। बहुत जल्दी ही देखिएगा 2027 में हो सकता है उसका भी ही शिलान्यास कर दूं। सवाल: वाराणसी में कई विधायक हैं लेकिन अक्सर आप चर्चाओं में रहते हैं। क्या इस बार टिकट पार्टी से मिल पाएगा? जवाब: मैं काम करता हूं, पार्टी ने टिकट दिया मैं चुनाव लड़ा जीता। अपने क्षेत्र के सभी मतदाताओं का आभार प्रकट करना चाहता हूं कि इतने अधिक वोट से जिताया। रात दिन सोता नहीं हूं, इसका काम पिंडरा में दिखाई दे रहा है। मैं फिर कह रहा हूँ यदि पार्टी इस योग्य समझेगी कि मुझको टिकट दिया जाए टिकट देंगे तो जरूर लड़ूंगा। सवाल: आप खुद अपने काम को 10 में से कितना नंबर देंगे? जवाब: 100 परसेंट यानि 10 में से 10 नंबर दूंगा।
जयपुर अब देश का उभरता हुआ शिक्षा हब बन गया है। हजारों छात्र यहां आ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों को छोड़कर जयपुर को चुनने की वजह साफ है सुरक्षित, शांत और कम तनाव वाला माहौल। पेरेंट्स को भरोसा है कि यहां उनके बच्चे अच्छे वातावरण में पढ़ सकेंगे और बेहतर करियर बना सकेंगे। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट पीआर सोढानी ने बताया कि ने जयपुर को हेल्थकेयर शिक्षा का नया केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यूनिवर्सिटी ने अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के साथ MOU साइन कर ग्लोबल MPH प्रोग्राम जयपुर में ही शुरू किया। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई मिल रही है। AI के बढ़ते महत्व को देखते हुए स्कूल ऑफ डिजिटल हेल्थ की स्थापना की गई। भारत में पहली बार एमबीए इन हेल्थ केयर एनालिटिक्स लॉन्च किया गया, जिसमें AI, मशीन लर्निंग, बिग डाटा और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स सिखाए जाते हैं। अन्य प्रमुख कोर्सेस में एमबीए हॉस्पिटल और हेल्थ मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट, डेवलपमेंट मैनेजमेंट और मास्टर्स ऑफ पब्लिक हेल्थ शामिल हैं। ये कोर्स छात्रों को मैनेजरियल भूमिकाओं के लिए तैयार करते हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अलग IIHMR फाउंडेशन बनाया गया, जो ट्रेनिंग, इनक्यूबेशन और एंटरप्रेन्योरशिप सपोर्ट देता है। AI को कोर्सेस में पूरी तरह शामिल किया गया है ताकि हेल्थकेयर सेक्टर के भविष्य के लिए छात्र तैयार हों। जॉन्स हॉपकिंस जैसे ग्लोबल सहयोग और सरकारी समर्थन से यूनिवर्सिटी छात्रों को न सिर्फ डिग्री बल्कि रियल-वर्ल्ड स्किल्स दे रही है। पीआर सोढानी का मानना है कि टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ाने से जयपुर जल्द ही नॉलेज कैपिटल बनेगा। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी AI, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए जयपुर को हेल्थकेयर शिक्षा का वैश्विक हब बना रही है और लाखों छात्रों का उज्ज्वल भविष्य तैयार कर रही है।
जयपुर पर्यटन से आगे बढ़कर शिक्षा का पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। शांत वातावरण, कम खर्च, अच्छी इंडस्ट्री और सुरक्षित माहौल की वजह से UP, बिहार, MP समेत कई राज्यों के छात्र यहां आ रहे हैं। एसकेआईटी कॉलेज ने इस हब को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। यहां 100 प्रतिशत योग्य छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिलता है। इस साल 800-850 छात्र प्लेस हो चुके हैं। कॉलेज वर्ल्ड क्लास शिक्षा देता है ताकि कोई छात्र बाहर जाकर अपने आप को कम न महसूस करे। AI को लेकर कॉलेज ने एडवांस लैब्स बनाईं। इंटर्नशिप और इंटरडिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स के जरिए AI को टूल बनाकर सिखाया जा रहा है। स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सेंटर चल रहे हैं जो भविष्य में गूगल-अमेज़ॅन जैसी कंपनियां तैयार कर सकते हैं। एसकेआईटी के डायरेक्टर जयपाल मील ने कहा कि AI हर फील्ड में जरूरी है और हम छात्रों को डरने की बजाय इसका इस्तेमाल सिखाते हैं। एडवांस लैब्स, रोबोटिक्स, मेट्रो कनेक्टिविटी और किफायती को-वर्किंग स्पेस भी लगातार बढ़ रहे हैं। एसकेआईटी जैसे संस्थान प्रैक्टिकल एक्सपोजर और इंडस्ट्री टाई-अप से छात्रों को तैयार कर रहे हैं।
जयपुर अब केवल पिंक सिटी या पर्यटन नगरी नहीं रहा। यह देश का उभरता हुआ शिक्षा हब बन गया है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों को छोड़कर हजारों छात्र राजस्थान आ रहे हैं क्योंकि यहां कानून-व्यवस्था मजबूत है, परिवार जैसा माहौल है और बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने इस बदलाव में अहम योगदान दिया। 26 साल पहले 152 इंजीनियरिंग छात्रों से शुरू हुई यात्रा आज 4500 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग और कुल 21,000 छात्रों तक पहुंच गई है। इनमें 35 प्रतिशत छात्र देशभर से आते हैं। यूनिवर्सिटी ने AI को कोर्स में पूरी तरह एम्बेड किया है। टीचर्स को इंडस्ट्री और विदेशी संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाई गई। स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम बहुत मजबूत है जिसमें सरकार ने करोड़ों रुपये की मदद दी। जेईसीआरसी का फोकस अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पर बरकरार है लेकिन अब मैनेजमेंट, लॉ, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे वर्टिकल्स भी जोड़े गए हैं। AI के साथ स्टार्टअप और सहयोग पर भी जोर है। यूनिवर्सिटी में डेडिकेटेड एक्सपर्ट टीम इनक्यूबेशन चला रही है। जॉनस हॉपकिंस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सहयोग से छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर मिल रहा है। अमित अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन ने बताया कि राजस्थान सरकार की सक्रिय भूमिका से मेडिकल यूनिवर्सिटी का सपना भी साकार हो रहा है। 1200 बेड का हॉस्पिटल जल्द शुरू होगा। जयपुर को विश्व स्तर का शिक्षा हब बनाने के लिए संस्थान, छात्र और सरकार का यह त्रिकोण तेजी से काम कर रहा है। जेईसीआरसी जैसे संस्थान न सिर्फ डिग्री बल्कि सही करियर और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा कर रहे हैं।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर यूपी में शिक्षामित्रों के मानदेय से जुड़ी है। सीएम योगी ने इसे अप्रैल महीने से बढ़ाने का ऐलान किया। वहीं, दूसरी खबर कई जिलों में अचानक बदले मौसम को लेकर है। चलिए, सिलसिलेवार तरीके से पढ़ते हैं कि यूपी में दिनभर क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें… 1. यूपी में शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे, अनुदेशकों को भी बढ़ा मानदेय मिलेगा सीएम योगी ने वाराणसी में 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय मिलेगा। अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे। सीएम ने बजट सत्र के दौरान इनकी सैलरी बढ़ाने की बात कही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2. टीजीटी और एलटी ग्रेड भर्ती के लिए TET अनिवार्य, हाईकोर्ट बोला- भर्ती 9वीं और 10वीं के टीचर्स के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी/एलटी ग्रेड की नई भर्तियों में TET परीक्षा को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने लोकसेवा आयोग को TGT अध्यापक भर्ती विज्ञापन में यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि यह भर्ती 9 और 10 में पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए निकाली गई है। यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने दिया। पूरी खबर पढ़ें… 3. मीरा कुमार बोलीं- मैंने भी छुआछूत की दिक्कत झेली, गड़बड़ी न होती तो अजय राय MP होते लखनऊ में मीरा कुमार ने कहा कि मैंने भी छुआछूत झेला है। पढ़ाई के दौरान मेरी मां ने भी इसे सहा। शीर्ष पद पर रहते हुए पिताजी भी इससे बच नहीं पाए। एक नेता ने मुझे नाश्ते पर बुलाया। अंदर से महिला ने कहा कि इन अछूत को खिलाएंगे तो प्लेट तोड़नी पड़ेगी। वह कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर बोल रही थीं। पूरी खबर पढ़ें… 4. साध्वी वेश में कोर्ट में पेश हुई गैंगस्टर पूजा तोमर, कन्नौज के चर्चित रेप केस में नवाब सिंह के साथ आरोपी कन्नौज के चर्चित नाबालिग रेप केस की आरोपी गैंगस्टर पूजा तोमर कोर्ट में साध्वी वेश में पेश हुई। लंबे समय से फरार चल रही पूजा को 27 मार्च को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल (अनौगी) भेज दिया गया। पूजा रेप केस में मुख्य आरोपी सपा नेता नवाब सिंह यादव के साथ सह-आरोपी है। पूरी खबर पढ़ें… 5. TET अनिवार्यता के खिलाफ लाखों टीचर्स का दिल्ली में प्रदर्शन, यूपी से 30 हजार शिक्षक शामिल हुए यूपी के 30 हजार टीचरों ने TET अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार को प्रदर्शन किया। इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक समेत 20 राज्यों के लाखों शिक्षक शामिल हुए। टीचरों ने “टीईटी हटाओ, शिक्षक बचाओ” जैसे नारे लगाए। शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर, 2025 के फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाया जाए। पूरी खबर पढ़ें… अब 8 अहम खबरें… 6. कानपुर-जालौन और ललितपुर में जमकर ओले गिरे, आंधी-बारिश से पेड़ उखड़े यूपी में शनिवार को एक बार फिर मौसम बिगड़ गया। कानपुर, ललितपुर, जालौन में जमकर ओले गिरे। कानपुर के गोविंद नगर में कई पेड़ उखड़ गए। उधर, जालौन की माधौगढ़ तहसील में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। जमकर ओले भी गिरे। सड़क और खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गईं। पूरी खबर पढ़ें… 7. सहारनपुर के मदरसे में बच्चे को 36 डंडे मारे, एक मौलाना उल्टा करके पैर पकड़े रहा सहारनपुर के एक मदरसे में दो मौलानाओं ने 10 साल के बच्चे की बेरहमी से पिटाई की। एक ने बच्चे को उल्टा करके पैर पकड़े, दूसरे ने 36 डंडे मारे। बच्चा चिल्लाते हुए छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी मौलाना उसे पीटता रहा। पुलिस के मुताबिक, तीसरे मौलाना का दोनों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उसने वीडियो वायरल किया। पूरी खबर पढ़ें… 8. MP के सीएम ने दुकानदार से कहा- क्या खिलाओगे, काशी में कचौड़ी-सब्जी और लस्सी मंगवाई वाराणसी में मध्य प्रदेश के CM दूसरे दिन भी रहे। शनिवार की सुबह CM मोहन यादव अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ शहर की प्रसिद्ध राम भंडार की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकानदार से पूछा- क्या खिलाओगे। फिर मध्य प्रदेश सीएम ने कचौड़ी और लस्सी का ऑर्डर दिया। आम लोगों के साथ ही बैठकर नाश्ता किया। इसके बाद खुद दुकानदार को बिल के पैसे दिए। पूरी खबर पढ़ें… 9. रूस से 7 महीने बाद रामपुर पहुंचा युवक का शव, नौकरी करने गया, सेना में भर्ती हुआ रामपुर के 22 साल के शावेद का शव मौत के 7 महीने बाद रूस से भारत लाया गया। शनिवार तड़के दिल्ली एयरपोर्ट पर शव पहुंचा, जहां से परिजन उसे रामपुर ले गए और सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।शावेद पिछले साल जून में रूस में एक फर्नीचर कंपनी में काम करने गया था। बाद में वह रूसी सेना में शामिल हो गया। उसने मां से आखिरी बार कहा था- हालात बहुत खराब हैं। पूरी खबर पढ़ें… 10. आगरा में चखने के कागज से खुला हत्या का राज, प्रेमी से पति को मरवाया था आगरा में चखने के कागज से 3 दिन पहले मिले अधजले शव और हत्या का राज खुल गया। अफेयर का विरोध करने पर पत्नी ने प्रेमी से पति की हत्या कराई थी। प्रेमी के एक दोस्त ने भी उसका साथ दिया था। प्रेमी ने खेत में ले जाकर उसे शराब पिलाई, गला दबाकर उसे मार दिया। फिर पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। अधजली लाश को वहीं छोड़कर भाग गए। पूरी खबर पढ़ें… 11. तलाक के बाद बैंड-बाजे के साथ घर लौटी बेटी, मेरठ में पिता बोले- 'आई लव माय डॉटर' मेरठ में एक पिता ने बेटी का तलाक होने पर घर में ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। जैसे किसी शादी या त्योहार का जश्न हो। तलाक के बाद पूरा परिवार खुशियों से झूम उठा। ढोल की थाप पर लोग नाचते-गाते नजर आए। मिठाइयां बांटी गईं। फूल-माला पहनाकर बेटी का स्वागत किया गया। परिवार के सभी सदस्यों की टी-शर्ट पर लिखा था- I Love My Daughter। पूरी खबर पढ़ें… 12. रील के बहाने लड़की का चाकू से गला रेता, बिहार के प्रेमी ने गोंडा आकर किया मर्डर गोंडा में बिहार के प्रेमी ने रील बनाने के बहाने प्रेमिका के हाथ-पैर बांधे और चाकू से उसका गला रेत दिया। दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। प्रेमिका उससे जरूरत के बहाने डेढ़ लाख रुपए ले चुकी थी। उसकी डिमांड बढ़ती ही जा रही थी, जिससे प्रेमी परेशान था। मना करने पर प्रेमिका दबाव बनाने लगी। प्रेमी को शक था कि उसका किसी और से अफेयर है। पूरी खबर पढ़ें… 13. 75 साल के बुजुर्ग ने 4 साल की बच्ची से रेप किया, संतकबीर नगर में बहाने से बुलाया संतकबीरनगर के दुधारा क्षेत्र के एक गांव में 75 साल के बुजुर्ग ने चार साल की बच्ची से रेप किया। घटना के बाद बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी गुरुवार शाम गांव की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी। पूरी खबर पढ़ें… खबर जो हटकर है… 14. मेरठ में 6 महीने बाद घर लौटा तोता', अब ज्यादा 'मम्मी' बोलता, पहले से ज्यादा सो रहा मेरठ में 6 महीने बाद घर लोटा तोता 'किट्टू' पहले के मुकाबले कुछ बदल गया है। वह पहले मम्मी नहीं बोलता था और ज्यादा गोलगप्पे और आलू के पराठे खाता था। लेकिन अब ज्यादा फल खाना पसंद कर रहा है। वह पहले से ज्यादा सो रहा है। तोते के लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। सभी ने उसकी वापसी पर केक काटा और रेस्टोरेंट में पार्टी की। पूरी खबर पढ़ें… कल क्या रहेगा खास… 15. मोदी-अखिलेश के बाद दम दिखाएंगे मंत्री निषाद, नोएडा में रैली करेंगे 5 अप्रैल को यूपी के मंत्री संजय निषाद नोएडा के इनडोर स्टेडियम में बड़ी रैली करने जा रहे हैं। निषाद पार्टी ने मेरठ मंडल समेत पूरे पश्चिमी यूपी से कार्यकर्ताओं को बुलाया है। इसमें निषाद समाज के साथ-साथ गुर्जर समाज को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। बीते दिनों पीएम मोदी और सपा प्रमुख अखिलेश भी नोएडा में रैली कर चुके हैं। कल शाम 7 बजे फिर होगी मुलाकात…
सिद्धार्थनगर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक:डीएम ने गुणवत्ता सुधार और डिजिटल शिक्षा पर दिया जोर
सिद्धार्थनगर में 4 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में प्रशिक्षण संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन, सहायक निदेशक सुमन शा और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना था। संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षण पद्धति को रोचक बनाने और डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने शिक्षा विभाग के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में समय पर पढ़ाई सुनिश्चित की जाए और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, छात्रों के सीखने के स्तर का समय-समय पर मूल्यांकन करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में सारथी प्लेटफॉर्म के जरिए आईआईटी कानपुर द्वारा नीट और जेईई की तैयारी कराए जाने की जानकारी दी गई। सभी छात्रों का अपार आईडी बनवाने के भी निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक सुमन शा ने शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण सत्रों से शिक्षकों के कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु नवाचार अपनाने पर जोर दिया और शिक्षकों को आधुनिक तरीकों से पढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
सीएम योगी ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया, अब मिलेगी 5 लाख की फ्री इलाज सुविधा
बागपत कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल ने सीसाना पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय के बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। डीएम ने स्कूली बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किताबें बच्चों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं और वे ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। डीएम ने बच्चों से नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों को भी संबोधित किया। डीएम ने कहा कि बच्चों को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि बच्चों को बेहतर माहौल और पर्याप्त संसाधन मिलेंगे, तो वे निश्चित रूप से अपने सपनों को साकार कर पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नई किताबें मिलने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे उनकी पढ़ाई में रुचि और बढ़ेगी। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं। इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना था।
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान प्रभावित ग्राम उरपुटी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में प्रारंभिक शिक्षा, पूरक पोषण आहार, नाश्ता व्यवस्था और खेल आधारित शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, साफ-सफाई और अभिलेखों के संधारण की समीक्षा की और व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। आंगनबाड़ी पहुंचने पर बच्चों ने छत्तीसगढ़ का राजगीत आरपा पैरी के धार पेश कर कलेक्टर का स्वागत किया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर कलेक्टर ने उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों से फलों, रंगों और जानवरों के नाम पूछे, जिस पर बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए। पोषण स्तर की जानकारी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, नियमित वजन मापन और पोषण स्तर की जानकारी ली। उन्होंने कुपोषण मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। बच्चों को खिलौने और मिठाइयां दीं गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बच्चों को व्यक्तिगत पानी की बोतल रखने के लिए प्रेरित करने और हाथ धोने व स्वच्छता की आदत विकसित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को खिलौने और मिठाइयां भी दीं। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि डुबान प्रभावित क्षेत्र में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना प्रशंसनीय है। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य के लिए स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त पीढ़ी तैयार हो सके।
टोंक के नगरफोर्ट क्षेत्र के मांडकला में अखिल भारतीय रैगर महासभा के तत्वावधान में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार की रूपरेखा बनाई गई। कार्यक्रम में भामाशाहों ने लाखों रुपए सहयोग की घोषणा की। समारोह में समाज के लोगों ने भाग लिया और वक्ताओं ने शिक्षा व सामाजिक सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में टोंक सहित बूंदी और सवाई माधोपुर के लोग शामिल हुए। मांडकला स्थित समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार के लिए भामाशाह गोपाल लाल दबकिया नासिरदा और कार्यवाहक विकास अधिकारी सावर चिरंजी लाल वर्मा ने एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। पलाई गांव के समाज ने एक लाख रुपए और बालापुरा गांव के समाज ने 51 हजार रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा अन्य भामाशाहों ने भी आर्थिक सहयोग दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निवाई विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की बात कही। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएल नवल ने अंधविश्वास से दूर रहने और उच्च शिक्षा पर जोर दिया। सामाजिक एकता पर चर्चा जिलाध्यक्ष शंकर लाल हाथीवाल ने समाज में कुरीतियां खत्म करने और सामाजिक व राजनीतिक एकता मजबूत करने की बात कही। समारोह में मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, राष्ट्रीय महासचिव बद्री नारायण झिंगोनिया, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष तारा बेनिवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू लाल खमोकरिया, पूर्व प्रधान देवली शंकुतला वर्मा, चिरोंज प्रशासक कमलेश वर्मा, प्रो. डॉ. राजेन्द्र वर्मा, डॉ. भूषण सालोदिया, रामभज वर्मा, भामाशाह अर्जुन लाल थलेटिया, शंकर लाल फूलेता आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र सालोदिया, महासभा के कोषाध्यक्ष महेन्द्र मंडरावलिया, महामंत्री रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल,मीडिया प्रभारी चेतन वर्मा, युवा अध्यक्ष अमित थलहेटिया सहित जिले के साथ ही बूंदी व सवाई माधोपुर जिले के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, बद्री नारायण झिंगोनिया, तारा बेनिवाल, बाबूलाल खमोकरिया, शंकुतला वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। साथ ही धर्मेंद्र सालोदिया, महेंद्र मंडरावलिया, रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल, चेतन वर्मा और अमित थलहेटिया सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
देवरिया के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) शिवनारायण सिंह का शुक्रवार को तबादला कर दिया गया। उन्हें प्रयागराज में सहायक शिक्षा निदेशक (पत्राचार शिक्षा संस्थान) के पद पर तैनात किया गया है। उनकी जगह अपर सचिव (शोध) स्कंद शुक्ल को देवरिया का नया डीआईओएस बनाया गया है। शिवनारायण सिंह ने 4 जुलाई 2024 को देवरिया में जिला विद्यालय निरीक्षक का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियां हुईं। हालांकि, इस अवधि में कुछ विवाद भी सामने आए। विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अनियमितता के आरोप लगे, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। उनका नाम कुछ विद्यालयों के प्रबंधकीय विवादों में भी चर्चा में रहा। इन मामलों को लेकर कई लोगों ने शासन स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। सूत्रों के अनुसार, इन शिकायतों की जांच के लिए कई बार समितियां गठित की गईं, लेकिन किसी भी जांच को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। इस अचानक हुए तबादले के बाद जिले में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोग इसे पूर्व में हुई शिकायतों और विवादों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर तबादले का कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। नए डीआईओएस स्कंद शुक्ल के कार्यभार संभालने के बाद अब जिले के शिक्षा विभाग में नई कार्यशैली और पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है।
झुंझुनूं के लाम्बा गोठड़ा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या अनिता शर्मा के तबादले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने शिक्षा विभाग के आदेश के क्रियान्वयन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इसके तहत अनिता शर्मा का तबादला बीकानेर जिले के एक स्कूल में कर दिया गया था। बता दें कि शिक्षा विभाग ने यह तबादला 22 सितंबर 2025 को एक आदेश जारी कर किया था। लाम्बा गोठड़ा की प्रधानाचार्य अनिता शर्मा को राजकीय माध्यमिक विद्यालय, मानीपुर (बीकानेर) भेजा गया था। आदेश को नियमों के खिलाफ बताते हुए प्रधानाचार्या ने राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में चुनौती दी थी। न्यायालय में दी गई मुख्य दलीलें प्रधानाचार्या के वकील संजीव महला ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि विभाग ने जो तबादला आदेश दिए वे स्थानांतरण नीति और विधि के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। यह तबादला प्रशासनिक जरूरत के बजाय राजनीतिक विद्वेष (Political Vendetta) से प्रेरित होकर किया गया। अनिता शर्मा 2027 में रिटायर होने वाली हैं। नियम के मुताबिक रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को सामान्यतः परेशान नहीं किया जाता। यह तर्क भी दिया गया कि अनिता शर्मा एक महिला अधिकारी हैं। और उनके पूरे सेवाकाल के दौरान कोई भी शिकायत या प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज नहीं हुई। शिक्षा विभाग से मांगा जवाब मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश आनंद शर्मा ने शिक्षा विभाग की ओर से 22/09/2025 को जारी किए गए तबादला आदेश के इंप्लीमेंट पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी। कोर्ट ने राजस्थान शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब भी मांगा।
राजस्थान: शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, ऋषभदेव पखवाड़े से होगा नए सत्र का आगाज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के विद्यालयों में पहली बार शुरू होगा ऋषभदेव पखवाड़ा, विद्यार्थियों को मिलेगी नैतिक मूल्यों और षट्कर्म की शिक्षा।
उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने निजी प्रकाशन की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के निदेशक को ऐसे मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों को जेल भेजने का अभियान चलाने को कहा है। यह निर्देश संभल सहित विभिन्न स्थानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें NCERT की किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है। मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि उनके पास अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देश हैं कि स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही बेची और पढ़ाई जाएं। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए कहा कि यदि ऐसी कोई शिकायत सामने आती है, तो वह स्वयं संबंधित अधिकारियों से बात करेंगी और जांच के आदेश देंगी। यदि यह साबित होता है कि अभिभावकों पर दबाव बनाकर दूसरी किताबें बेची जा रही हैं या NCERT की पुस्तकों के नाम पर ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं, तो दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। उन्होंने फोन पर शिक्षा विभाग के निदेशक से बात कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसके बाद निदेशक ने अभियान चलाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी (नियमित) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) की दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक परीक्षार्थी 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेकेंडरी (10वीं) एवं सीनियर सेकेंडरी (12वीं) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 का समापन हो चुका है। ऐसे सभी नियमित परीक्षार्थी जो वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 में प्रविष्ट हुए हैं, लेकिन अपनी दी गई परीक्षा से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षा बोर्ड द्वारा अंक सुधार का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि इच्छुक परीक्षार्थी अतिरिक्त विषय को छोड़कर अधिकतम किन्हीं भी 3 विषयों की पुन: परीक्षा देने के लिए स्वयंपाठी तौर पर 1000 रुपए शुल्क सहित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षार्थियों को दिया मौका बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी अपरिहार्य कारणों जैसे गंभीर बीमारी/चोट/खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिता इत्यादि परिस्थितियों के कारण वार्षिक परीक्षा में प्रविष्ट नहीं हो पाए। ऐसे सभी परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में निर्धारित तिथियों में संपर्क करते हुए निर्धारित शुल्क ऑफलाइन व पात्रता संबंधित दस्तावेज जमा करवाकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यदि कोई परीक्षार्थी प्रथम वार्षिक परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहा है और पुन: परीक्षा के लिए आवेदन करता है तो ऐसे परीक्षार्थी का आवेदन पत्र अयोग्य मानते हुए रद्द किया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तिथि बारे परीक्षार्थियों को शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (कानपुर प्रांत) की ओर से शहर के एक होटल में मीडिया संवाद कार्यक्रम रखा गया। अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर ने संघ के 100 साल पूरे होने और आगामी “पंच परिवर्तन” अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि संघ ने समाज सेवा के 100 साल पूरे कर लिए हैं। विजयदशमी 2025 तक देशभर में किए गए कामों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। हिंदू सम्मेलन कर और घर-घर संपर्क कर लोगों को संगठन की गतिविधियों, सेवा कामों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा- संघ किसी का विरोधी नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा, सुरक्षा और विकास के लिए कार्य करता है। हर वर्ग से संवाद, संगठन का विस्तार उन्होंने कहा कि देशभर में विभिन्न संवाद कार्यक्रमों के जरिए हर वर्ग के लोगों से संपर्क स्थापित किया गया। संघ ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत की है और सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया है। मीडिया से बातचीत में नरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि संघ किसी का विरोधी नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा, सुरक्षा और विकास के लिए कार्य करता है। उन्होंने 1948 में लगे प्रतिबंध और 1975 के आपातकाल के दौरान संघ पर लगी रोक का भी उल्लेख किया। देशभर में एक लाख से ज्यादा शाखाएं उन्होंने बताया कि देशभर में 55 हजार से अधिक दैनिक शाखाएं और 32 हजार से ज्यादा साप्ताहिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। इस तरह एक लाख से अधिक शाखाओं के माध्यम से संघ का कार्य जारी है। इसके अलावा 32 सहयोगी संगठन सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शताब्दी के बाद ‘पंच परिवर्तन’ अभियान संघ ने शताब्दी वर्ष के बाद “पंच परिवर्तन” के तहत पांच प्रमुख विषयों पर काम करने की योजना बनाई है- कार्यक्रम में संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इन पांच बिंदुओं के माध्यम से समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखा गया है।
राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाया है। किताब, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों की जांच के आदेश दिए गए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों(DEO) को भेजे आदेश में 15 अप्रैल से पहले स्कूलों की चैकिंग करने के आदेश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन और पेरेंट्स पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश है। इसके लिए एक परफोर्मा भी जारी किया है। इसमें किसी प्राइवेट स्कूल के खिलाफ कितनी शिकायतें मिली, इसकी भी जानकारी देनी होगी। दरअसल, निदेशक की ओर से एक अप्रैल को जारी आदेशों के अनुसार- गैर सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों में स्टूडेंट्स से किताब, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि के नाम पर लगातार अनियमिताओं की शिकायत मिल रही थी। निजी स्कूलों की ओर से बच्चों और उनके पेरेंट्स पर इन्हें खरीदने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। 3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांचस्कूलों में 1 अप्रैल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। नियमों का उल्लंघन नहीं हो, इसके लिए निजी स्कूलों की जांच के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएंगी। ये कमेटियां 15 अप्रैल 2026 से पहले जिले के सभी गैर सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में नियमों का उल्लंघन या पेरेंट्स से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गंभीर मामलों में मान्यता निरस्त करने को लेकर भी सिफारिश कर सकेगी। 20 अप्रैल तक भेजनी होगी रिपोर्टनिरीक्षण के बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारी निर्धारित प्रारूप (एमएस एक्सेल) में रिपोर्ट 20 अप्रैल 2026 तक ई-मेल के माध्यम से निदेशालय को भेजेंगे। शिक्षा विभाग का कहना है- यदि कोई निजी स्कूल निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी बोले- आदेश की पालना करेंगेबीकानेर के जिला शिक्षा अधिकारी किशन दान चारण का कहना है- माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश दिया है। इसकी पालना की जा रही है, अगर कोई निजी स्कूल संचालक या शिक्षक बच्चों पर दबाव डाल रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए… सरकारी स्कूलों में बदली गर्मी की छुट्टियों की तारीख:नवंबर में सिर्फ 14 दिन खुलेंगे स्कूल, जानें- नए सेशन में क्या-क्या बदलाव हुए प्रदेश में आज (1 अप्रैल) से स्कूलों का नया सेशन शुरू हो चुका है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस बार कैलेंडर में छुट्टियों और एग्जाम समेत कई बड़े बदलाव किए गए हैं। पूरी खबर पढ़िए
Government's big Decision Regarding NCERT : देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को आधिकारिक रूप से डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। ...
जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब सरकार की चार साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार ने चार साल में सरकार द्वारा किए गए जमीनी विकास कार्यों, जैसे मुफ़्त बिजली, शिक्षा में सुधार, मोहल्ला क्लीनिक, और खेल मैदानों के निर्माण की जानकारी देना था। इस सभा को संबोधित करते हुए जालंधर वेस्ट विधायक औ मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि यह कोई चुनावी रैली नहीं है, बल्कि जनता की अदालत में सरकार के कार्यों का हिसाब देने का एक प्रयास है। उन्होंने जालंधर वेस्ट के पार्षद कुमुद जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक साल में शहर की कायाकल्प हो चुकी है। शहर के हर चौराहे की खूबसूरती और हर कोने में चल रहे सफाई अभियान इस बात का प्रमाण हैं कि एक ईमानदार मेयर शहर की सूरत बदल सकता है। खेलों से नशा मुक्ति का मार्गपंजाब के युवाओं को नशे के जाल से निकालने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है।मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि पूरे पंजाब के गांवों में 9,000 खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। इन मैदानों में कबड्डी, क्रिकेट, टेनिस, बैडमिंटन और हॉकी के लिए आधुनिक सुविधाएं और सामान सरकार की ओर से मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जो बच्चा खेल के मैदान से जुड़ेगा, वह नशे से दूर रहेगा। शिक्षा और रोजगार पर जोरशिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए पंजाब सरकार 5-5 एकड़ में आधुनिक स्कूलों का निर्माण कर रही है, जो निजी स्कूलों को भी टक्कर देंगे। यहां शिक्षा पूरी तरह मुफ्त होगी ताकि गरीब से गरीब बच्चा भी डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सके। इसके साथ ही, पारदर्शी तरीके से बिना किसी सिफारिश के 65,000 सरकारी नौकरियां पंजाब के नौजवानों को दी जा चुकी हैं, जिसका रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल पर मौजूद है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आगे बढ़ी सरकार मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि 10 लाख रुपये तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा की जानकारी दी। अब परिवार का कोई भी सदस्य बीमार होने पर बड़े निजी अस्पतालों जैसे फोर्टिस या मैक्स में कार्ड दिखाकर मुफ्त इलाज करा सकता है। उन्होंने आगे कहा की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने पेंशन और आर्थिक मदद की योजनाओं में विस्तार किया है। बुढ़ापा और विधवा पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। साथ ही, परिवार की महिलाओं के लिए प्रति माह सम्मान राशि की योजना लागू की जा रही है, जिससे एक ही परिवार में कई महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है, जबकि संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच तय हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, ऐसे में समय पर परिणाम घोषित कर छात्रों को आगे की पढ़ाई में कोई देरी न हो, यह विभाग की प्राथमिकता है। 16 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पूरे प्रदेश से बने 100 नकल प्रकरण परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद मुरैना में सबसे ज्यादा 41 नकल के प्रकरण सामने आए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 मामले दर्ज किए गए। वहीं, पूरे प्रदेश से करीब 100 नकल प्रकरण बने थे। अंतिम चरण में रिजल्ट की तैयारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है ताकि किसी भी तरह की गलती न रह जाए। उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को कोई परेशानी न हो। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। एक्सपर्ट की सलाह: तनाव से बचें छात्र परीक्षा के दौरान छात्रों की सेहत को लेकर भी विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से बेहतर प्रदर्शन संभव है। रिजल्ट का ट्रेंड: उतार-चढ़ाव का पैटर्न समय पर रिजल्ट, आगे की पढ़ाई में राहत शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इस बार समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। यदि तय समयसीमा के भीतर परिणाम घोषित हो जाते हैं, तो यह छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बड़ी राहत होगी।
शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार व नैतिक मूल्यों का होना जरूरी है : सुशील
गढ़वा | गुरुवार को डीएवी मॉडल स्कूल फरठिया में बच्चों का वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। जिसमें कक्षा में प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस वर्ष का स्कूल टॉपर मो. मुराद अंसारी रहे। जिन्हें विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार राधिका कुमारी को बेस्ट अटेंडेंस अवार्ड दिया गया। शाइस्ता परवीन को सुंदर हैंडराइटिंग के लिए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य अनिरुद्ध केसरी ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों को जंक फूड से बचाए एवं मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। घोषित परीक्षाफल के अनुसार सोनम कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त की। जबकि अभय उरांव ने द्वितीय तथा अभी उरांव ने तृतीय स्थान प्राप्त की। इसी तरह एलकेजी में नवाज हसन, सोनाली कुमारी, स्नेहा कुमारी, यूकेजी में मो मुराद अंसारी, अरमान रजा, मो आरिश रजा अंसारी, वर्ग प्रथम में अर्जो देवनाथ, फैजान रजा, अयान खान, वर्ग द्वितीय में शिवम कुमार, वैष्णवी केशरी, चांदनी कुमारी, वर्ग तृतीय मे अर्शी नाज, राधिका कुमारी, शाहिस्ता नाज, वर्ग चतुर्थ में हिमानी कुमारी, मुस्कान खातून, खुशनुमा परवीन, वर्ग पंचम में सुप्रिया कुमारी, जोया परवीन आदि उपस्थित थे। भास्कर न्यूज | गढ़वा शहर के संगत मोहल्ला स्थित मॉडल इन्फैंट स्कूल में परीक्षा फल प्रकाशन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य लोगों की भी अच्छी भागीदारी रही। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि समाजसेवी सुशील कुमार केसरी, विशिष्ट अतिथि आदर्श विवाह आयोजन समिति के अध्यक्ष विजय कुमार केसरी, विनोद कुमार पाठक तथा वार्ड संख्या 16 के वार्ड पार्षद पारस नाथ कश्यप ने संयुक्त रूप से विद्यालय के संरक्षक स्वर्गीय रामकिशुन केसरी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सुशील कुमार केसरी ने आर्थिक रूप से कमजोर दस छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान कर सराहनीय पहल की। इस कदम की उपस्थित लोगों ने काफी प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वहीं विशिष्ट अतिथि विजय कुमार केसरी ने कहा कि शिक्षा जीवन की सफलता की कुंजी है। बिना शिक्षा के कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी। विनोद कुमार पाठक एवं पार्षद पारस नाथ कश्यप ने भी बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय के निदेशक शशिशेखर गुप्ता ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, वहीं अभिभावकों में भी गर्व का भाव देखा गया। समारोह ने छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रजनीश कुमार पाठक, वेद प्रकाश, मोहम्मद एनाम खान, संदीप केसरी, सुभाष कुमार केसरी, रामानंद चौबे, सच्चिदानंद धर दुबे, संजय कुमार ठाकुर, धनंजय ठाकुर, मंजू देवी, तनु तिवारी, अलका दुबे, खुशी कुमारी, गिनी देवी, सुनील कुमार कुशवाहा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मिनाक्षी को शिक्षा योगदान पर मानद डॉक्टरेट सम्मान
उदयपुर | शिक्षाविद् मिनाक्षी जोशी को शिक्षा प्रशासन और शिक्षा विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ऑनरेरी डॉक्टरेट अवार्ड काउंसिल तथा भारत गौरव रत्न सम्मान अवार्ड काउंसिल (भारत सरकार) की ओर से दिया गया। संस्थाध्यक्ष गोपेश शर्मा ने बताया दिल्ली में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि धर्मवीर सिंह, आईआर एस प्रशांत कुमार की उपस्थिति में उपाधि दी गई।
प्रदेश में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन उससे पहले ही निजी स्कूलों में किताबों, यूनिफॉर्म, जूते और स्टेशनरी के नाम पर अभिभावकों से मनमानी वसूली हो चुकी है। अब दिखाने के लिए शिक्षा विभाग 15 अप्रैल तक जांच अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसकी टाइमिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि हर साल सत्र शुरू होते ही स्कूल तय दुकानों या स्कूल से ही महंगी खरीद का दबाव बनाते हैं और विभाग कार्रवाई में देरी करता है। नतीजतन, जब तक जांच शुरू होती है, तब तक अधिकांश अभिभावक जरूरी सामान खरीद चुके होते हैं। ऐसे में यह अभियान महज औपचारिकता बनकर रह जाता है। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के निर्देश पर निजी स्कूलों में किताबों, यूनिफॉर्म, जूते और टाई से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। विभाग के अनुसार कई स्कूल पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। आदेश के अनुसार मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें 15 अप्रैल तक जिले के गैर-सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी 20 अप्रैल तक रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। अभिभावकों ने किताबें पहले ही खरीद लीं, इसिलए दुकानों पर भीड़ कम हो गई। निजी स्कूल सत्र के पहले ही दिन से किताबें और यूनिफॉर्म अनिवार्य कर देते हैं। ऐसे में अभिभावक शुरुआती सप्ताह में ही पूरा खर्च कर देते हैं। जबकि विभाग की जांच प्रक्रिया 15 अप्रैल तक चलेगी और रिपोर्ट 20 तक जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस देरी से अभिभावकों को कोई ठोस राहत मिलती नजर नहीं आ रही और अभियान का असर सीमित रह सकता है। भास्कर नॉलेज - एक दुकान से खरीदी की बाध्यता नहीं अभिभावकों के लिए एक दुकान से खरीदारी की बाध्यता नहीं है। वे कहीं से भी किताबें-ड्रेस खरीद सकते हैं। 5 साल तक ड्रेस नहीं बदलेगी। कम से कम 3 दुकानों पर उपलब्धता जरूरी है। किताबों-कॉपी पर स्कूल का नाम छापकर महंगी बिक्री प्रतिबंधित है। लिस्ट पहले से जारी करना अनिवार्य है और एनसीईआरटी/आरबीएसई किताबों को प्राथमिकता देनी है। उल्लंघन पर स्कूलों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना या मान्यता संबंधी कार्रवाई की जा सकती है। अभिभावक अपनी शिकायतें संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं, जिनकी जांच तय समय सीमा में की जाएगी। सोमवार से करेंगे जांच“हम सोमवार या मंगलवार से अभियान शुरू करेंगे। 20 अप्रैल तक रिपोर्ट भेजनी है, इसके लिए टीमें गठित की जा रही हैं।”-डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। कमलनाथ ने कांग्रेस के आंदोलन की निकाली हवामध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। छिंदवाड़ा पहुंचे कमलनाथ से जब मीडिया ने गैस की किल्लत को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि किसी तरह की कमी नहीं है। कमलनाथ ने कहा- ‘यह अव्यवस्था है। ऐसी कोई कमी नहीं है, लेकिन माहौल बना दिया गया है कि कमी है'। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़कों तक एलपीजी की किल्लत को लेकर मोदी सरकार को घेर रही है। पार्टी की ओर से ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ जैसे नारे भी लगाए जा रहे हैं। अब कमलनाथ के इस बयान से कांग्रेस के आंदोलन की हवा निकलती नजर आ रही है। भाजपा का कहना है कि कमलनाथ ने एलपीजी को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है। वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि झूठ और भ्रम के सहारे जनता को गुमराह करने वाली कांग्रेस को अब शर्म आनी चाहिए। सिंधिया ने आगे कहा कि कांग्रेस को जनता में डर और अविश्वास फैलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करना चाहिए। सीएम मोहन यादव ने ममता बनर्जी को दिया नया नाममुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को नया नाम दिया है। उन्होंने कहा कि ‘ममता दीदी के राज में लोग परेशान हैं। ये दीदी नहीं हैं, अब ममता ‘अप्पी’ हो गई हैं। ये बात पूरे देश में सुनाई दे रही है।’ सीएम पश्चिम बंगाल के बांकुरा में भाजपा के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता दीदी बंगाली मानुष के अधिकारों को बांग्लादेश को देने पर तुली हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव नहीं, धर्मयुद्ध है, जिसमें श्रीराम का मंत्र हम सभी को ताकत दे रहा है।’ उन्होंने मंच से जय श्रीराम का नारा भी लगवाया। सीएम ने ममता सरकार पर घोटालों के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि यहां का युवा कंगाल होता जा रहा है, जबकि बांग्लादेशी मालामाल हो रहे हैं। सीएम यादव ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का दावा भी किया। भाजपा विधायक ने बताई अपनी अजीब ‘शिक्षा नीति’डिंडौरी जिले के शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर मैं मंत्री बन गया तो नियम बना दूंगा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे, नहीं तो उनका प्रमोशन रोक दिया जाएगा। विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि यह नियम नेताओं पर भी लागू होगा। नेताओं को भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना पड़ेगा, नहीं तो उनका टिकट भी बंद कर दिया जाएगा। ओमप्रकाश धुर्वे शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। उस समय मंच पर कलेक्टर और एसडीएम समेत कई अधिकारी मौजूद थे, जो उनकी बातें सुनकर हैरान भी दिखे और मुस्कुराते नजर आए। अब इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग कह रहे हैं कि भले ही मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी हो, लेकिन विधायक एक अलग ही “नीति” की बात कर रहे हैं। कुछ लोग इसे मजाकिया अंदाज में कही गई गंभीर बात मान रहे हैं। वहीं, कुछ का कहना है कि मंत्री बनने के बाद ही ऐसे नियम बन सकते हैं, और मंत्री बनना इतना आसान नहीं, क्योंकि पहले से ही कड़ा मुकाबला है। आईएएस अफसर बनना चाहते थे विधायक शाक्यगुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक बार बयान दिया था कि सिलेक्टेड लोग, इलेक्टेड लोगों पर हावी रहते हैं। अब उन्होंने खुलासा किया है कि वे खुद भी सिलेक्टेड बनना चाहते थे। मतलब आईएएस अधिकारी। एक स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने मन की बात साझा की। उन्होंने कहा- मैं भी आईएएस बनना चाहता था, लेकिन परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी। सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह था कि मेरे पिता मजदूर थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ठान लिया था कि या तो आईएएस अधिकारी बनेंगे या फिर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद मुझे टिकट मिला और मैंने चुनाव लड़ा। जब पन्नालाल शाक्य यह बातें कह रहे थे, उस समय मंच पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इनपुट सहयोग - देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें - रियलिटी चेक में जीतू पटवारी फेल, भरी सभा में फजीहत: छींक आई और कट गई पंडोखर सरकार की चोटी मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद का रियलिटी चेक किया, लेकिन उसमें वे फेल हो गए। हुआ यूं कि युवा कांग्रेस की बैठक में उन्होंने पूछा कि मेरे नेतृत्व में संगठन कैसा चल रहा है, मेरा कामकाज कैसा है। इस पर एक कार्यकर्ता ने कहा कि आप कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। आपको गंभीरता से उनकी बात सुननी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें
वी केयर फॉर ठाकुरगंज के संस्थापक और चिकित्सक डॉ. आसिफ सईद ने ठाकुरगंज के जेडीयू विधायक गोपाल अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. सईद ने विधायक पर जनता को गुमराह करने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। ये आरोप विधायक गोपाल अग्रवाल के उस बयान के बाद सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि किशनगंज में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठिए मौजूद हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। डॉ. सईद ने विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य करवाया गया था। इस प्रक्रिया में सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्हीं की सरकार द्वारा यह पुनरीक्षण कार्य किया गया, तो अब घुसपैठिए कहां से बचे हैं? उन्होंने आगे कहा कि विधायक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते। डॉ. सईद के अनुसार, विधायक लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जिससे कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा। डॉ. आसिफ ने जोर देकर कहा कि जब सरकार ने स्वयं मतदाता पहचान प्रक्रिया के दौरान सभी फॉर्मों की जांच की थी और यह निर्धारित किया था कि कौन बिहार और भारत का नागरिक है, तो घुसपैठियों का मुद्दा उठाना भ्रामक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक आम जनता के बुनियादी मुद्दों, अंचल के विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
क्षेत्रीय सांसद चिंतामणि महाराज ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अंबिकापुर (दरिमा) से शुरू हुई हवाई सेवा के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। सांसद ने प्रधानमंत्री को पारंपरिक मक्के की लावा से बनी माला पहनाकर स्वागत किया। सांसद महाराज ने अंबिकापुर हवाई सेवा को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों और केंद्र-राज्य समन्वय के बाद अंबिकापुर से नई दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो पाई है। इस पहल से सरगुजा देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ गया है, जिससे विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। सांसद ने मैनपाट पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की उठाई मांग भेंट के दौरान सांसद ने क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। उन्होंने मैनपाट जैसे प्राकृतिक स्थलों के समग्र विकास और राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। सांसद ने बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावनाओं पर भी जोर दिया। शिक्षा क्षेत्र में संस्कृत विद्यालय स्थापना का मुद्दा उठा शिक्षा के क्षेत्र में, सांसद चिंतामणि महाराज ने छत्तीसगढ़ में शासकीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग की अपेक्षा की। सांसद ने बताया कि वर्तमान में राज्य में एक भी सरकारी संस्कृत विद्यालय नहीं है, जिससे इस प्राचीन भाषा के संरक्षण और प्रसार में बाधा आ रही है। सांसद ने सरगुजा के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हवाई सेवा जैसी उपलब्धि के बाद अब उनकी प्राथमिकता पर्यटन, शिक्षा और क्षेत्रीय आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है। चिंतामणि महाराज की प्रधानमंत्री से यह भेंट सरगुजा के भविष्य और विकास की नई दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
बैतूल आईटीआई को मिले 14.11 करोड़ रुपए:छात्रावास और ट्रेड भवन बनेंगे; तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
बैतूल जिले में तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों से जिला मुख्यालय स्थित शासकीय आईटीआई बैतूल और शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई कोसमी में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 14 करोड़ 11 लाख 5 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने यह स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत बैतूल आईटीआई में 60 सीटों वाले बालक छात्रावास के निर्माण के लिए 3 करोड़ 41 लाख 58 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, कोसमी स्थित शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई में 60 सीटों वाले बालिका छात्रावास के लिए 3 करोड़ 42 लाख 79 हजार रुपए और 6 ट्रेड शेड भवनों के निर्माण के लिए 7 करोड़ 26 लाख 68 हजार रुपए की राशि मंजूर की गई है। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में छात्रावास सुविधा न होने के कारण कई छात्र-छात्राएं किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। नए छात्रावास बनने से उन्हें आईटीआई परिसर में ही सुरक्षित और सुलभ आवासीय सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता और एकाग्रता बढ़ेगी। विशेष रूप से, महिला आईटीआई कोसमी में छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त छात्रावास की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस स्वीकृति से यह मांग पूरी होगी। साथ ही, नए ट्रेड शेड भवनों के निर्माण से नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे, जिससे छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे और वे विभिन्न व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह पहल जिले में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राजसमंद में प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को राजसमंद जिले के दौरे के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दिलावर ने प्रतिभाशाली छात्रों को उपरना ओढ़ाकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। लक्ष्य को समर्पित रहे स्टूडेंट्स इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण ही उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाता है। उन्होंने छात्रों को लगातार परिश्रम करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनका योगदान अहम होता है। उन्होंने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और विद्यार्थियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। इसके बाद मंत्री दिलावर नाथद्वारा पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बिलासपुर के टिकरापारा निवासी स्वर्गीय सुशील सगदेव (60) ने चिकित्सा शिक्षा और समाज में जागरूकता के लिए देहदान कर एक मिसाल कायम की है। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) को सौंप दिया। इस अवसर पर स्वर्गीय सगदेव के परिवारजनों ने पूर्ण संवेदनशीलता का परिचय दिया। उनकी धर्मपत्नी ममता सुशील सगदेव, पुत्री समृद्धि सुशील सगदेव, पुत्र शुभम सगदेव और साला संदीप बल्हाल सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। देहदान समाज के लिए एक महान प्रेरणा देहदान की प्रक्रिया के दौरान सिम्स के एनाटॉमी विभाग से डॉ. शिक्षा जांगड़े और डॉ. अमित कुमार मौजूद रहे। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने स्वर्गीय सगदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका यह देहदान समाज के लिए एक महान प्रेरणा है। सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी इसे एक अत्यंत प्रेरक और समाजोपयोगी निर्णय बताया। ब्रह्माकुमारी परिवार की मंजू बहन, विद्या बहन, गायत्री बहन, ईश्वरी बहन, रूपा बहन, शशी बहन और ज्ञाना बहन ने आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की साथ ही अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यशाला में संस्कार युक्त शिक्षा पर हुई चर्चा
बोकारो | सरस्वती विद्या मंदिर शिवपुरी बालीडीह में आचार्य कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। कार्यशाला में संस्कृति, संस्कार और आधुनिक अध्यापन कौशल के समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानाचार्या गीता मिश्रा ने बताया कि समय-सारणी, विद्यालय की कार्ययोजना, बाल विकास, आचार्य विकास एवं प्रांत की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री दिलावर ने किया स्कूलों का लोकार्पण, सफाई का दिलाया संकल्प
बड़गांव, वाटी और बेदला में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आईआईफएल फाउंडेशन द्वारा निर्मित राजकीय विद्यालयों के नए भवनों का लोकार्पण किया। समारोह में मंत्री ने 10वीं और 12वीं में प्रथम आने वाले छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक नहीं अपनाने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान मदन दिलावर ने करोड़ों की लागत से भवन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर फाउंडेशन के संस्थापक निर्मल जैन और निदेशक मधु जैन का सम्मान किया। समारोह में विधायक फूलसिंह मीणा, गजपाल सिंह, पुष्कर तेली, डॉ. पुष्पा शर्मा, पन्नालाल शर्मा, कैलाश शर्मा, संजय शर्मा, मोहन पटेल, दीपक शर्मा, नेनचंद सुथार, अशोक शर्मा, राहुल श्रीमाली, नाहरसिंह पड़ियार और लतिका पालीवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 का शिविरा पंचांग जारी कर दिया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश 10 दिन कर कर दिया है, जबकि शीतकालीन अवकाश की छुट्टियां जनवरी में की गई हैं। सत्र में 237 कार्यदिवस रहेंगे। 69 अवकाश, 52 रविवार, 4 शैक्षिक सम्मेलन के अवकाश और 1 एचएम पावर का अवकाश सहित मिलाकर 126 छुट्टियां रहेंगी। 2 दिन कलेक्टर की ओर से घोषित अवकाश भी होगा। अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्टूबर में और वार्षिक परीक्षा मार्च में होगी। अब संस्था प्रधान पावर की छुट्टियां कम कर दी गई है। पहले संस्था प्रधान को पूरे साल में 2 अवकाश का पावर था। अब एक ही कर दिया गया है। उधर, शिक्षक संगठनों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर सरकार स्पष्ट आदेश जारी करे। शीतकालीन अवकाश जनवरी में शिफ्टजनवरी के महीने में कड़ाके की सर्दी को देखते हुए बार बार अवकाश में बढ़ोतरी करनी पड़ती है। इस परेशानी को दूर करते हुए विभाग ने इस बार शीतकालीन अवकाश जनवरी में ही शिफ्ट कर दिया है। पहले 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक होता था। अब इसको 31 दिसंबर से 10 जनवरी कर दिया गया है। इस साल भी 5 जनवरी से 15 जनवरी के बीच पूरे प्रदेश के अधिकांश जिलों में कड़ाके की सर्दी के चलते अवकाश में बढ़ोतरी की गई थी। शिक्षामंत्री मदन दिलावर का कहना है कि मौसम में बदलाव के चलते सर्दी अब जनवरी में अधिक पड़ती है। कई बार सर्दी के कारण अलग से अवकाश घोषित करना पड़ता है। इस कारण इस बार शीतकालीन अवकाश 10 जनवरी तक किया गया है। पंचांग की प्रमुख तिथिनया सत्र 1 अप्रैल से परीक्षाएं इस प्रकार होंगी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती गलत है। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के कार्यकारी अध्यक्ष नवीन शर्मा, प्रवक्ता मुकेश मीणा का कहना है शिक्षक संगठनों ने शिक्षामंत्री से कटौती पर विरोध जताया था।
शहर के बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में बुधवार को भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। मौका था सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेषों के दर्शन का, जिसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आयोजित इस खास कार्यक्रम में भक्तों ने न केवल पावन अवशेषों के दर्शन किए, बल्कि प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना का संकल्प भी लिया। जैसे ही अवशेषों का रथ परिसर में पहुंचा, पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालु अपने आराध्य के इन पवित्र अंशों की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखे। झांसी से कानपुर पहुंची देशव्यापी यात्रा सोमनाथ मंदिर के इन पवित्र अवशेषों की यह यात्रा एक बड़े संकल्प का हिस्सा है। संस्था के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में लिए गए संकल्प के बाद इन अवशेषों को देशव्यापी यात्रा पर निकाला गया है। यह यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए और लोगों को जागरूक करते हुए आगे बढ़ रही है। बुधवार को यह पावन यात्रा झांसी से चलकर कानपुर पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने पूरे उत्साह और गाजे-बाजे के साथ इसका स्वागत किया। पुनर्स्थापना के संकल्प से जुड़े श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे भक्तों के बीच केवल दर्शन की ही होड़ नहीं थी, बल्कि अपनी विरासत को सहेजने का जज्बा भी साफ दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सोमनाथ के इन प्राचीन अवशेषों के सामने सिर झुकाया और प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना के कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रण लिया। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का मौका मिलता है। आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा पूरा परिसरबीएनएसडी शिक्षा निकेतन का परिसर बुधवार को किसी शिवालय की तरह नजर आ रहा था। फूलों की सजावट और धूप-दीप की खुशबू के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वालंटियर्स भी मुस्तैद रहे। दर्शन के लिए आए बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई भक्तों ने कहा कि सोमनाथ जाना हर किसी के लिए तुरंत संभव नहीं होता, लेकिन शहर में ही इन मूल अवशेषों के दर्शन प्राप्त होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।देशभर में घूम रही है यह पावन धरोहरसोमनाथ ज्योतिर्लिंग के ये अवशेष अपनी यात्रा के दौरान जिस भी शहर में जा रहे हैं, वहां का माहौल शिवमय हो रहा है। कानपुर में दर्शन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह साफ था कि धर्म और आस्था के प्रति लोगों का जुड़ाव आज भी बेहद गहरा है। अब यह यात्रा अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी, जहां अन्य शहरों के लोग भी इन ऐतिहासिक और धार्मिक अवशेषों के साक्षी बन सकेंगे।
रामपुर में स्कूल चलो अभियान शुरू:प्राथमिक शिक्षा मजबूत करने, नामांकन बढ़ाने पर जोर
रामपुर में नए शैक्षिक सत्र के आरंभ के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। विकास भवन से आयोजित इस रैली को शहर विधायक आकाश सक्सेना, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने हाथों में शिक्षा संबंधी स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। मुख्य अतिथि विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के जीवन की नींव होती है। यदि यह नींव मजबूत होगी, तो बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल होगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति में वृद्धि होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के प्रयासों से लगातार हो रहे सुधारों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था और भी बेहतर होगी। कार्यक्रम के दौरान परिषदीय स्कूलों के बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी शुरू किया गया। यह पुस्तक वितरण अभियान जिले के सभी विद्यालयों में चलाया जा रहा है। इस अवसर पर नामांकन बढ़ाने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में वेलेंन्टिना विक्टर, सुनील कुमार, मनोज शर्मा, गौतम सिंह और अंशु देवी शामिल थे। मॉरीशस में व्याख्यान देने वाले डॉ. राजवीर सिंह को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी सहित कई अन्य अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर के वहलना स्थित कम्पोजिट विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निरवाल और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने छात्र-छात्राओं की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और नियमित रूप से विद्यालय आने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही, छात्र-छात्राओं को शैक्षिक किट वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। जागरूकता रैली में बच्चों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शिक्षा का संदेश दिया। मम्मी-पापा हमें पढ़ाओ, स्कूल चलकर नाम लिखाओ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इससे अभिभावकों में भी बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति जागरूकता बढ़ी। अपने संबोधन में कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि 'स्कूल चलो अभियान' केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से चलने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा मजदूरी या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि जनपद में घर-घर सर्वे अभियान चलाकर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान की जाएगी। उनका पुनः नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ईंट-भट्टों, मलिन बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अभिभावकों को बताया गया कि सरकार बच्चों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, किताबें, स्कूल बैग, जूते-मोजे और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं प्रदान कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे घर-घर जाकर शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे और हर पात्र बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
झाबुआ के रामा स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्कूल चलें हम अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव आयोजित किया गया। इस मौके पर कलेक्टर नेहा मीणा ने नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और साइकिलें वितरित कीं। शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कलेक्टर नेहा मीणा ने शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि सशक्त समाज और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने 'जनसंख्या लाभांश' का जिक्र करते हुए कहा कि देश की इस शक्ति का सही उपयोग तभी होगा, जब युवा शिक्षित, कुशल और आत्मविश्वासी होंगे। कलेक्टर ने विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के समय पर वितरण के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए नियमित करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया। प्रदेश से नियुक्त ओआईसी मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार यह चार दिवसीय प्रवेशोत्सव 1 से 4 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी आरएस बामनिया ने आश्वस्त किया कि जिले में साइकिल और पाठ्यपुस्तक वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर पंजीकरण संख्या 1,90,668 तक पहुंच गई है, जिसे 100 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपार आईडी (APAR ID) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें अपनी रुचि व क्षमता के अनुसार करियर चुनने के लिए प्रेरित किया। ग्राम आंबा के बाबू सिंह बरिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेंद्रसिंह चौहान, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन, डीपीसी रालुसिंह सिंगार सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, प्राचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
जहानाबाद में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में बुधवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने 13 विशिष्ट शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। अप्रैल महीने से सरकारी विद्यालयों में नया सत्र शुरू हो रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत घोसी प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 10,780 पुस्तकें प्रखंड संसाधन केंद्र से निशुल्क उपलब्ध कराई गईं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का नजदीकी विद्यालय में नामांकन कराएं, जहां उन्हें निशुल्क पुस्तकें मिलेंगी। नामांकित छात्र-छात्राओं को तुरंत पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे नामांकित छात्र-छात्राओं को तुरंत पुस्तकें उपलब्ध कराएं। सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं को समय पर पोशाक की राशि भी दी जाती है। पठन-पाठन में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। नियुक्ति पत्र देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने नए शिक्षकों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। उन्होंने सभी से मिलकर शिक्षा व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। घोसी प्रखंड में स्कूलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने जब से पदभार ग्रहण किया है, तब से घोसी प्रखंड में स्कूलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। शिक्षा में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है और शिक्षक भी समय पर पहुंचकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
भिंड जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत प्रवेशोत्सव कार्यक्रम उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने मेहगांव के पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से की, जहां नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा को देश के भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अभिभावकों की भी सहभागिता देखने को मिली। प्रवेशोत्सव के अवसर पर मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ही बच्चों के जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें नियमित अध्ययन और अनुशासन का पालन करने की प्रेरणा दी। छात्राओं को तिलक लगाया कार्यक्रम में छात्राओं का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें पाठ्यपुस्तकें वितरित कर शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाया गया। मंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इस दौरान एसडीएम मेहगांव, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीओपी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ‘स्कूल चलें हम’ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।जिले के अन्य स्कूलों में भी इसी प्रकार प्रवेशोत्सव मनाया गया, जहां बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। यह अभियान न केवल नामांकन बढ़ाने में सहायक बन रहा है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार कर रहा है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने कक्षा 12वीं का परिणाम मंगलवार को जारी किया। उदयपुर जिले का प्रदर्शन इस बार मिश्रित रहा। विज्ञान संकाय में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कॉमर्स और कला संकाय ने बेहतर प्रदर्शन किया। तीनों संकायों का कुल परिणाम 96 प्रतिशत से अधिक रहा, जो जिले की शिक्षा गुणवत्ता को दर्शाता है। विज्ञान संकाय का परिणाम 96.32 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 98.64 प्रतिशत के मुकाबले 2.32 प्रतिशत कम है। वहीं, कॉमर्स में 0.12 प्रतिशत और कला संकाय में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष कॉमर्स का परिणाम 98.96 प्रतिशत और कला का 97.13 प्रतिशत रहा था। इस बार विज्ञान संकाय में छात्रों और छात्राओं के परिणाम में क्रमशः 2.86 प्रतिशत और 2.26 प्रतिशत की कमी आई है। इसके विपरीत, कॉमर्स में छात्रों का परिणाम 0.19 प्रतिशत और छात्राओं का 0.58 प्रतिशत बढ़ा है। कला संकाय में भी छात्रों का परिणाम 0.71 प्रतिशत और छात्राओं का 0.33 प्रतिशत बढ़ा है। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की बात करें तो कला संकाय में सबसे अधिक 5573 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए। विज्ञान में 5278 और कॉमर्स में 967 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। सफलता की कहानियां: संघर्ष और संकल्प शिक्षा मंत्री ने उदयपुर से जारी किया रिजल्ट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने मंगलवार को कक्षा 12वीं के सभी संकायों और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी सभागार से वर्चुअली बटन दबाकर परिणाम घोषित किया। इस वर्ष समेकित परीक्षा परिणाम 96.45 प्रतिशत रहा है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मार्च महीने में ही 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं शिक्षा मंत्री ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के कारण ही यह संभव हो पाया है। गौरतलब है कि इस बार 10वीं का परिणाम भी 24 मार्च को ही जारी किया जा चुका है।शिक्षा मंत्री ने भविष्य की योजनाओं और नियमों में बदलाव को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इसके अनुसार आगामी सत्र से विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा, जिससे मानसिक तनाव कम होगा और सुधार का अवसर बढ़ेगा। नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। इससे कार्यदिवसों की संख्या 235 से बढ़कर 244 हो जाएगी। इसके अलावा तीन विषयों में री-चेकिंग करवाई जा सकेगी। पहले केवल गणित में यह सुविधा थी। अब विज्ञान और अंग्रेजी में भी विद्यार्थी री-चेकिंग करा सकेंगे। इसी सत्र से बीकानेर और सीकर में सैनिक स्कूल शुरू होंगे, साथ ही संभाग स्तर पर वेद विद्यालयों का संचालन किया जाएगा। अनुशासन और सुविधाओं पर सख्तीमंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया कि शिक्षण के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान और सूर्य नमस्कार को संस्कार निर्माण का आधार बताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित न की जाएं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को दी बधाई परिणाम जारी करने के बाद मंत्री दिलावर ने विभिन्न संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से फोन पर बात कर उन्हें और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, सलूम्बर विधायक शांतादेवी और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
जेसन्स एकेडमी के डायरेक्टर जैसन जोसफ ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर अपनी लीडरशिप स्किल्स को नई मजबूती दी। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम उनके लिए प्रेरणादायक और परिवर्तनकारी अनुभव रहा, जिसने उन्हें शिक्षा क्षेत्र को नए विजन के साथ देखने की दिशा दी। जेसन्स एकेडमी के डायरेक्टर जैसन जोसफ ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर लीडरशिप और मैनेजमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख हासिल की। उन्होंने बताया कि IIM इंदौर का यह प्रोग्राम उनके लिए पहला ऐसा अनुभव रहा, जिसने उन्हें नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा प्रदान की। उनके अनुसार, इस प्रोग्राम ने उन्हें अपने कार्य को अधिक समर्पण और उत्साह के साथ करने की प्रेरणा दी। यहां से उन्होंने पांच महत्वपूर्ण सिद्धांतों को अपनाया, जिन्हें वे अपने संस्थान में लागू कर रहे हैं। पहली सीख समय की पाबंदी (Punctuality) की रही, जिसे उन्होंने किसी भी संस्थान की सफलता की आधारशिला बताया। दूसरी, निरंतरता (Consistency), क्योंकि लगातार प्रयास ही स्थायी परिणाम सुनिश्चित करते हैं। तीसरी सीख समर्पण (Dedication) की रही, जहां लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूर्ण निष्ठा आवश्यक होती है। चौथी, फोकस (Focus), यानी लक्ष्य पर स्पष्ट ध्यान बनाए रखना सफलता की कुंजी है। पांचवीं और विशेष सीख कड़ी मेहनत के साथ राष्ट्रभावना और जिम्मेदारी को जोड़ने की रही। उनके अनुसार, शिक्षा केवल करियर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने उन्हें यह समझाया कि लीडरशिप का अर्थ केवल टीम का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देना भी है। एक सफल लीडर के लिए स्पष्ट विजन, ज्ञान और दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने शॉर्टकट से दूर रहने, कड़ी मेहनत अपनाने और सही तरीके से सीखने पर जोर दिया। वहीं अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘उद्यम संवाद’ ने उनके विजन को विस्तार दिया और उन्हें एक बेहतर एजुकेशन लीडर बनने की दिशा प्रदान की।
लवन परिक्षेत्र के झेरिया यादव समाज के वार्षिक अधिवेशन में शिक्षा पर जोर दिया
लाहोद| लवन परिक्षेत्र झेरिया यादव समाज का वार्षिक अधिवेशन ग्राम चंगोरी पुरीधाम में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सामाजिक एकता संगठन की मजबूती और शिक्षा के स्तर को सुधारने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई अधिवेशन के दौरान समाज के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी सत्र से कक्षा 10वीं और 12वीं में सर्वोच्च (अधिकतम) अंक प्राप्त करने वाले यादव समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा ताकि युवाओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़े कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुजेराम यादव (वकील) एवं संरक्षक झेरिया यादव समाज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकर लाल यादव ने की इस अवसर पर मेलाराम यादव (उपाध्यक्ष, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) रामनाथ यादव (अध्यक्ष) लच्छमण यादव (उपाध्यक्ष आदि थे।
शिक्षा संस्कार केंद्र के बच्चों को एक साल के लिए गोद लिया
भैरूंदा| नगर पालिका अध्यक्ष मारुति शिशिर ने सिद्धपुर सेवा भारती के सेवा निधि संग्रह अभियान के तहत सबरी बस्ती के देवी अहिल्याबाई शिक्षा संस्कार केंद्र के बच्चों को एक साल के लिए गोद लिया। उन्होंने दिवंगत माता-पिता की स्मृति में केंद्र संचालन के लिए 20 हजार रुपए की राशि दी। समाजसेवी संतोष वर्मा ने केशव बस्ती के वाल्मीकि शिक्षा संस्कार केंद्र के बच्चों को एक साल के लिए गोद लिया। उन्होंने स्वर्गीय पिता नर्मदा प्रसाद वर्मा की स्मृति में 20 हजार रुपए सेवा भारती को सौंपे। इस मौके पर सिद्धपुर सेवा भारती समिति, सीहोर ने दोनों के प्रति आभार जताया। समिति सदस्यों ने कहा कि ऐसे सहयोग से वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा, संस्कार का मौका मिलता है। भविष्य की नींव मजबूत होती है। समिति ने समाज के अन्य लोगों से आगे आने की अपील की। जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा, संस्कार की रोशनी पहुंचाने की बात कही।
बलरामपुर के दो युवा खान सर से मिले:शिक्षा जागरूकता के लिए की साइकिल और कांवड़ यात्रा
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के दो युवाओं, दीपक यादव और सूर्य यादव ने शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक यात्रा पूरी की। वे प्रसिद्ध शिक्षक खान सर से मिलने पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात काफी पोसिटिव रही। गाँव टाँगरमहरी के निवासी दीपक यादव (23) और बलरामपुर के वार्ड नंबर 4 के सूर्य यादव (21) ने यह कठिन यात्रा 9 दिनों में पूरी की। सूर्या ने साइकिल से सफर किया, जबकि दीपक अपने कंधे पर कांवड़ लेकर चले। इस कांवड़ में वे लगभग पांच-पांच किलो धान और चावल लेकर गए थे। राज्य की पहचान दर्शाने धान, चावल साथ ले गए दीपक यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है, इसलिए वे अपने राज्य की पहचान दर्शाने के लिए धान और चावल साथ ले गए थे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जागरूक करना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना था। आदिवासी बच्चों को मिले सहीं दिशा उन्होंने यह भी बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। उनका लक्ष्य था कि यहां के बच्चों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, ताकि वे भी बड़े संस्थानों में अध्ययन कर सकें और अपना भविष्य उज्जवल बना सकें। ये यात्रा साहस और समर्पण का एक उदाहरण दोनों युवाओं ने अपनी मुलाकात को 'बहुत अच्छा' बताया और कहा कि इस पहल से उन्हें समाज और शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी काम करने की प्रेरणा मिली है। उनकी यह यात्रा साहस और समर्पण का एक उदाहरण है, जो अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनी है।
कानपुर देहात के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर बस-2 का लोकार्पण किया गया। रनिया स्थित फैक्ट्री परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन (एकल कानपुर चैप्टर) और फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड ने सहयोग किया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन आलोक सिंह, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कंप्यूटर ऑन व्हील्स जैसी योजनाएं ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने डिजिटल साक्षरता के साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी को भी महत्वपूर्ण बताया। सिंह ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने इस बस को वंचित बच्चों के लिए अवसरों का द्वार बताया। उन्होंने कहा कि यह समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने बच्चों में नैतिकता, अनुशासन और जागरूकता पर जोर दिया। पाण्डेय ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी शामिल की जानी चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने इस पहल को ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने प्रशिक्षण के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन करने पर बल दिया। फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के प्रवर्तक निदेशक कुंदन लाल भाटिया ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी सामाजिक दायित्वों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण उत्थान के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के प्रेसीडेंट डॉ. ए.एस. प्रसाद ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, “यदि बच्चे विद्यालय नहीं आ सकते, तो विद्यालय को बच्चों तक पहुंचना होगा।” उन्होंने बताया कि इस बस में 8 लैपटॉप के माध्यम से एक समय में 16 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों को कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा तथा प्रतिदिन दो गांवों में सुबह-शाम कक्षाएं संचालित होंगी। बस में सोलर पैनल की व्यवस्था इसे पर्यावरण अनुकूल बनाती है।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं आयुषी, कीर्ति एवं कृतिका ने डिजिटल शिक्षा का सजीव प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित लोगों को इस पहल की उपयोगिता का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।उल्लेखनीय है कि इस अभियान के तहत अब तक 52 बसें संचालित हो रही हैं और नई बस के जुड़ने से यह पहल और व्यापक हो गई है। “एकल ऑन व्हील्स” ग्रामीण भारत में डिजिटल साक्षरता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड स्थित प्राचीन देवपहाड़ी मठ इन दिनों वैदिक शिक्षा के केंद्र के रूप में उभरा है। यहां संचालित जगद्गुरु आदि शंकराचार्य बाबा जागनाथ वैदिक गुरुकुलम में वर्तमान में 93 छात्र चारों वेदों की निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही 50 नए बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे छात्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है। गुरुकुल के महंत ब्रह्मचारी स्वामी गौरवानंद जी महाराज और आचार्य अमितोश द्विवेदी ने बताया कि इस गुरुकुल की स्थापना लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को वैदिक ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार देना और सनातन धर्म के प्रति जागरूक बनाना है। उनका कहना है कि यह गुरुकुल आधुनिक शिक्षा के दौर में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित और आगे बढ़ा रहा है। आधुनिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है यहां केवल वेदों की शिक्षा ही नहीं दी जाती, बल्कि आधुनिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इसका लक्ष्य छात्रों को समय के साथ कदम मिलाकर चलने और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। गुरुकुल में अनुशासन, संस्कार, योग और दैनिक दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास हो सके। गुरुकुल प्रबंधन ने सरकार और समाज के लोगों से अपील की है कि वे यहां आकर शिक्षा व्यवस्था का अवलोकन करें और इस पुनीत कार्य में सहयोग प्रदान करें, ताकि यह परंपरा निरंतर फलती-फूलती रहे। अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य को लेकर संतोष व्यक्त किया बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से अपने बच्चों का नामांकन कराने पहुंचे अभिभावकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अभिभावक संजय पांडेय और सोनू पांडेय ने बताया कि उन्हें इस गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और माहौल अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप लगा। उन्होंने महंत और आचार्यों के समर्पण की सराहना करते हुए बच्चों के भविष्य को लेकर संतोष व्यक्त किया। गौरतलब है कि विभिन्न जिलों से आए छात्र मठ परिसर में रहकर गुरु-शिष्य परंपरा के तहत वेद, संस्कार और अनुशासन की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक निर्धारित दिनचर्या के अनुसार अध्ययन, साधना और अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं। इससे न केवल बच्चों में ज्ञान का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी समझ भी विकसित हो रही है। इस पहल से गिरिडीह सहित आसपास के क्षेत्रों में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को नई पहचान मिल रही है और लोग फिर से गुरुकुल परंपरा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष और कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम के प्रधानाध्यापक शिव सिंह 33 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। 31 मार्च को अवकाश होने के कारण उन्होंने 30 मार्च को ही कार्यभार सौंपते हुए अवकाश ग्रहण किया। उनके सम्मान में सोमवार को एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। अपने 33 वर्षीय सेवाकाल में उन्होंने सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के रूप में कुल छह विद्यालयों में अपनी सेवाए दीं। खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव ने उन्हें सम्मानित किया और उनके सुखी, निरोग तथा स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए समाज को अपनी सेवाएँ जारी रखने की अपील की। शिव सिंह ने वर्ष 1993 में प्राथमिक विद्यालय मनीपुर, गौरीगंज में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। दो साल बाद उनका स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय खरगपुर, भादर में हुआ। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय रघईपुर में 12 वर्षों तक सेवा दी। उनकी पदोन्नति सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय घोरहा में हुई। प्रधानाध्यापक के रूप में पदोन्नति मिलने पर वर्ष 2015 में उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय दहियांवा में तैनात किया गया। यहां से वे जुलाई 2023 में कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम में प्रधानाध्यापक के रूप में आए और 30 मार्च तक सेवारत रहे। अपने सेवाकाल के दौरान शिव सिंह ने दस वर्षों तक उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में शिक्षकों का नेतृत्व भी किया। सोमवार को उन्होंने वरिष्ठ सहायक अध्यापक संजीव कुमार को कार्यभार सौंपकर अवकाश प्राप्त किया। विद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। विदाई और सम्मान समारोह को भादर के ग्राम प्रधान राम चन्द्र सिंह ने प्रमुख रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कपिलेश यादव, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक काली सहाय सिंह, विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष रीता मौर्य प्रधान प्रतिनिधि शुभम् सिंह देवांशु सिंह, अवनीश वर्मा, विजय प्रताप यादव, संध्या गुप्ता, गणेश प्रसाद शर्मा, लालती देवी, शिवकरन गुप्ता, कौशलेंद्र सिंह, स्नेहा शुक्ल, प्रतिभा ओझा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आशा देवी, आभा सिंह, रेखा, सतीश शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सहकर्मी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति हड़पने के इरादे से छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई को मरवा दिया। दामोदर सिंह (62) रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी थे। उनके पास लगभग 4 करोड़ की प्रॉपटी और 30 तोला सोना था, जो वह हड़पना चाहता था। मर्डर के लिए उसने गांव के ही युवक से 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की थी और साढ़े 4 लाख रुपए एडवांस भी दे भी दिए थे। मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। वारदात में 15 लोग शामिल थे। 21 मार्च को दामोदर को बुलाकर गमछे से उसका गला घोंटा गया, लाश घटनास्थल से 60km दूर जंगल ले जाकर रेत में दफनाया गया, फिर मोबाइल नदी में बहा दिया था। 8 दिन बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व कांग्रेस नेता समेत 4 नाबालिग और परिवार के ही सदस्य है। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… बेटे के साथ चल रहा था जमीनी विवाद दरअसल, दामोदर सिंह राजपूत (62) शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी थे। जो रिटायर के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने प्रॉपटी और सोना हड़पने की साजिश रची। पहले भी की थी मारने की कोशिश आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी पता चला कि 2025 में दामोदर सिंह को मारने की कोशिश एक सड़क हादसे के जरिए की गई थी। पूजा के नाम पर बुलाया, गला घोंटकर जंगल में दफनाया 21 मार्च को प्लानिंग के तहत छोटे भाई रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव और उसके साथियों (प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग) ने दामोदर की गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। पहली कार खराब हुई तो दूसरे से ठिकाने लगाया आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार में भरा। रास्ते में कार खराब होने पर देवराज साहू की कार मंगवाई गई और शव को शिफ्ट कर कवर्धा के देक्सय जंगल में नदी के पास गड्डा खोदकर रेत में दफना दिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया। घर नहीं पहुंचे को परिजनों ने तलाश शुरू की 21 मार्च को दामोदर सिंह अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों फौरन लालपुर थाने में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमें गठित की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने मुंगेली जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी इलाकों के CCTV खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध कार (CG 10 AC 8986) दामोदर सिंह राजपूत की बाइक का पीछा करते हुए दिखाई दी। गांव के ही रहने वाले युवक दी सुपारी पुलिस ने कार मालिक देवचरण साहू से पूछताछ की तो पता चला कि ग्राम झाफल के रहने वाले संजय यादव ने किराए पर ली थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार कैश जब्त किया है। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। ……………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कवर्धा में रिटायर्ड लेखाधिकारी का शव जंगल से बरामद: मुंगेली के रहने वाले थे, 21 मार्च को बाइक से घर जाने के लिए निकले थे मुंगेली के रहने वाले रिटायर्ड लेखा अधिकारी का शव रविवार को कवर्धा के जंगलों से बरामद किया गया है, जो 21 मार्च से लापता थे। हत्या के बाद उनके शव को दफनाया दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे 12वीं आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इन परिणामों की घोषणा की। इस वर्ष का कुल परिणाम प्रतिशत पिछले साल के मुकाबले कम रहा। 12वीं की परीक्षाओं के लिए कुल 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनकी परीक्षाएं 11 मार्च को समाप्त हुई थीं। बोर्ड के इतिहास में यह पहली बार है कि 12वीं का परिणाम मार्च महीने में घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त यह भी पहली बार हुआ है कि 12वीं के परिणामों से पहले 10वीं कक्षा का परिणाम जारी किया गया। बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट 24 मार्च को घोषित किया था। इस साल और पिछले साल का रिजल्ट प्रतिशत भास्कर डिजिटल एप पर पब्लिश होगी फोटो दैनिक भास्कर एप पर 12वीं बोर्ड राजस्थान में 95 प्रतिशत या इससे ज्यादा नंबर लाने वाले बच्चों के फोटो, वीडियो के साथ उनके इंटरव्यू भी पब्लिश होंगे। रिजल्ट के साथ ही बच्चों के इंटरव्यू और एनालिसिस भी एप पर पढ़ने को मिलेगा। 95 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लाने वाले डीग जिले के स्टूडेंट्स इन नंबर 9529009554 पर अपनी डिटेल शेयर करे।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा का परिणाम आज जारी कर दिया है। इस बार आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ घोषित किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सुबह 10 बजे परिणाम जारी किया। बोर्ड परीक्षाओं में कुल 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थी पंजीकृत थे। परिणाम को लेकर छात्रों में काफी उत्सुकता देखी गई। इस साल और पिछले साल का रिजल्ट प्रतिशत 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की तस्वीरें भास्कर एप पर प्रकाशित की जाएंगी। इसके लिए छात्रों को अपनी फोटो, मार्कशीट की कॉपी के साथ माता-पिता, स्कूल, गांव-शहर का नाम संबंधित जिले के रिपोर्टर के मोबाइल नंबर- 9982266926 पर भेजना होगा।
4 सालों में शिक्षा बजट बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए किया, 60 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले, 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 ने नीट परीक्षा पास की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
शिक्षा, समाजसेवा के लिए सरोज तिवारी सम्मानित
बेमेतरा| राजधानी में वर्ल्ड ब्राहम्ण फेडरेशन के बैनर तले आयोजित महिला शिखर सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 33 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्राम धनगांव निवासी शिक्षिका सरोज तिवारी को शिक्षा एवं समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। सरोज तिवारी, फेडरेशन बेमेतरा की जिला सचिव भी हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर महापौर मिलन चौबे, भाजपा प्रवक्ता शताब्दी पांडे, डीसीपी अर्चना झा, प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ओझा और हेमलता शर्मा उपस्थित रहे।
अधिकारों की मजबूती के लिए शिक्षा और राजनीति का ज्ञान होना जरूरी
जालंधर | मुस्लिम समाज को अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर अधिक सजग होना होगा। लोकतंत्र में वही समाज प्रभावी होता है जो शिक्षा, जागरूकता और राजनीतिक सहभागिता के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है।' यह बात मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रंट पंजाब के अध्यक्ष अख्तर सलमानी ने कही। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल मतदान तक सीमित न रहें, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में हिस्सेदारी के लिए आगे आएं। उन्होंने शिक्षा को समाज की वास्तविक ताकत बताते हुए कहा कि बेहतर शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नई सोच से सकारात्मक बदलाव संभव है। सलमानी ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशासनिक सेवाओं और तकनीकी शिक्षा की ओर प्रेरित करने, सामाजिक एकता बनाए रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित, संगठित और राजनीतिक रूप से जागरूक समाज ही आने वाले समय में अपनी पहचान मजबूत कर पाएगा।
महावीर की शिक्षाओं और आदर्शों को याद किया
लुधियाना| एसडीपी सभा और कॉलेज प्रबंधक समिति के सभाध्यक्ष बलराज कुमार भसीन के नेतृत्व में भाषा विभाग (हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी) की तरफ से महावीर जयंती बड़े उत्साह और आध्यात्मिक श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस उत्सव का उद्देश्य भगवान महावीर की शिक्षाओं और आदर्शों को याद करना था, जिसमें अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्म-अनुशासन जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया। इस अवसर को और भी जीवंत बनाते हुए, छात्राओं ने पोस्टर बनाने की गतिविधि के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने न केवल छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि उन्हें अपने जीवन में नैतिक और सदाचार संबंधी मूल्यों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यकारिणी प्राचार्या, डॉ. रंजना सूद ने सभी विभागों के प्रवक्ताओं और छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें ऐसी मूल्य-आधारित गतिविधियों में लगातार भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया ।
आज अंतिम कार्य दिवस, शिक्षा विभाग के कार्यालय खुलेंगे
उदयपुर | राज्य सरकार के शिक्षा (ग्रुप-1) विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को लेकर अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत 31 मार्च को अंतिम कार्य दिवस घोषित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय खुले रहेंगे। हालांकि, विद्यालयों को इससे छूट दी गई है। आदेश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष के समापन के मद्देनजर आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के निष्पादन के लिए यह व्यवस्था की गई है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहकर लंबित कार्यों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक
-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

