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बगोदर में नीट पेपर लीक के खिलाफ आइसा का प्रतिवाद मार्च, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग

बगोदर| आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को बगोदर में नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला। कार्यकर्ता सरिया रोड किसान भवन से मार्च निकालते हुए बस स्टैंड पहुंचे, जहां यह नुक्कड़ सभा में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा की प्रदेश अध्यक्ष पुष्प विभा दीप ने केंद्र सरकार और एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में लगातार अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया जांच में परीक्षा से पहले गेस पेपर बाजार में मिलने की बात सामने आई है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। वक्ताओं ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आइसा नेताओं ने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराई जाएं और निजी कोचिंग माफिया की भूमिका की जांच की जाए। सभा में आशीष कुमार मंडल, सृष्टि श्रेया, महक रानी, खुशबू कुमारी, बबीता कुमारी, करीना कुमारी, सपना कुमारी, पूजा कुमारी, दीपिका कुमारी, रानी कुमारी, निशा कुमारी, पिंकी कुमारी, मौसम कुमारी, विनीता कुमारी, नीरू कुमारी और अर्जुन महतो सहित कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 14 May 2026 5:30 am

नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने जलाया शिक्षा मंत्री का पुतला

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट 2026 पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला जलाया। प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेस ने कहा कि नीट का पेपर बार-बार लीक हो रहा है। इससे पहले ओएमआर शीट में धांधली भी सामने आई थी। इसे युवाओं के साथ खिलवाड़ बताया। गोदारा ने कहा कि नीट का पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के लिए परीक्षा दी थी। महंगाई के दौर में उन परिवारों के बच्चे भी शामिल थे, जिनके लिए पढ़ाई कराना मुश्किल होता है। घर वाले गहने बेचकर, जमीन बेचकर या गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ने बाहर भेजते हैं। परीक्षा के बाद पता चले कि पेपर लीक से परीक्षा रद्द हुई। ऐसे में परिवारों और परीक्षार्थियों पर क्या गुजरती होगी। गोदारा ने कहा कि हर मोर्चे पर बीजेपी सरकार विफल हो रही है। किसान, युवा, महिला, पेंशनधारी परेशान हैं। सरकार की ओर से आयोजित परीक्षा का इस तरह लीक होना सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द कार्रवाई करे। निष्पक्षता से दोषियों को सजा दे। इसमें लिप्त सभी लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। आगे कोई ऐसी करतूत करने की सोच भी न सके।

दैनिक भास्कर 14 May 2026 5:30 am

नीट पेपर लीक पर बड़वानी में प्रदर्शन:कारंज चौराहे पर शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया; युवक कांग्रेस और NSUI ने मांगा इस्तीफा

बड़वानी जिला मुख्यालय के कारंज चौराहे पर बुधवार शाम युवक कांग्रेस और एनएसयूआई ने नीट परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वयं परीक्षा में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है, इसलिए शिक्षा मंत्री को पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीबीआई जांच और महानिदेशक को हटाने पर सवाल सचिन यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने पहले नीट के महानिदेशक का बचाव किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश स्वयं इस बात का प्रमाण है कि धांधली बड़े स्तर पर हुई है। सचिन यादव ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करें। कारंज चौराहे पर जुटे कार्यकर्ता शाम 6:30 बजे हुए इस प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े, नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव और एनएसयूआई अध्यक्ष असरफ मंसूरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 9:33 pm

विद्या भारती शिक्षा संस्थान का अकाउंट असिस्टेंट गिरफ्तार:डिजिटल साइन कर पर्सनल खाते में ट्रांसफर किए थे 12.81 लाख रुपए

भीलवाड़ा में विद्या भारती शिक्षा संस्थान के लेखा सहायक (अकाउंट असिस्टेंट) को गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि अकाउंटेंट असिस्टेंट ने डिजिटल साइन का दुरुपयोग कर 12.81 लाख रुपए पर्सनल खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऑडिट के दौरान मामला खुल गया। बता दें कि शहर के शास्त्रीनगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में संस्थान संचालित होता है। लाखों का गबन सामने आने के बाद संस्थान के पदाधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। यह था मामला शहर कोतवाल हनुमान सिंह ने बताया- संस्थान के सचिव देवराज सिंह राणावत ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। इसमें बताया कि जनवरी 2019 में नया पटेलनगर निवासी विजय बहादुर सिंह पुत्र बोदू सिंह सोलंकी को अकाउंट्स के काम के लिए नियुक्त किया था। डिजिटल साइन का गलत इस्तेमाल किया अप्रैल 2022 से मार्च 2025 के बीच भविष्य निधि (PF) से संबंधित सभी लेन-देन की जिम्मेदारी विजय बहादुर सिंह पर ही थी। हाल ही में जब अधिकारियों ने ऑडिट किया तो पता चला कि विजय बहादुर सिंह ने अधिकारियों के विश्वास का फायदा उठाकर और डिजिटल हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया और संस्थान के पीडी खाते से राशि निकाल ली। अपने अकाउंट में ट्रांसफर किए रुपए आरोपी ने अलग-अलग फर्जी बिलों के कुल 12 लाख 81 हजार 591 रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (इंडस्ट्रियल स्टेट शाखा, भीलवाड़ा) स्थित अपने निजी अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने संस्थान की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 7:28 pm

धनौरा शिक्षा कार्यालय का बाबू 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:चपरासी से मांगी थी 32 हजार की घूस, जबलपुर लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई

जबलपुर लोकायुक्त टीम ने सिवनी जिले के धनौरा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को योगेश देशमुख के निर्देश और मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार सिरसाम (43) निवासी ग्राम छुई, जिला सिवनी, वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा, विकासखंड धनौरा में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़, विकासखंड छपारा में पदस्थ थे, जहां उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद उनकी पदस्थापना सुनवारा विद्यालय में हुई थी। देवेंद्र सिरसाम की 14 माह की निलंबन अवधि का लगभग 1 लाख 65 हजार रुपए का जीवन निर्वाह भत्ता लंबित था। इस राशि के भुगतान के लिए उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे से संपर्क किया। आरोप है कि कुमरे ने फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के एवज में 32 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। सिरसाम ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी कर्मचारी 25 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमत हो गया। तय योजना के तहत, बुधवार 13 मई 2026 को लोकायुक्त टीम ने धनौरा विकासखंड अधिकारी कार्यालय में कुमरे को आवेदक से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अरुण कुमार कुमरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ट्रैप दल में निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल थी।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 7:19 pm

युवा कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:नीट धांधली के विरोध में झाबुआ में प्रदर्शन

नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से झाबुआ के आदिवासी अंचल के छात्र और अभिभावक परेशान हैं। इसी के विरोध में आज झाबुआ जिला युवक कांग्रेस ने राजगढ़ नाके पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नटवर डोडियार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी प्रताप पटेल ने इस चूक के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की गलती ने हजारों परिवारों के बच्चों के भविष्य के सपनों को प्रभावित किया है, जिन्होंने अपने बच्चों के लिए काफी त्याग किया था। झाबुआ जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले में यह केवल एक परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि उन छात्रों के सपनों का टूटना है जिन्होंने गरीबी से बाहर निकलने के लिए डॉक्टर बनने का मार्ग चुना था। जिले के कई किसान और मजदूर परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई और जमीनें गिरवी रखकर या कर्ज लेकर अपने बच्चों को बड़े शहरों में कोचिंग के लिए भेजा था। विशेष रूप से उन मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों में भारी निराशा है, जिन्हें सरकारी स्तर पर पीएम श्री गर्ल्स स्कूल में विशेष कोचिंग दी गई थी। विज्ञान विषय की शिक्षक श्रद्धा परसाई के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल तक चली इस कोचिंग में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से कई छात्र अपनी मेहनत के दम पर सफलता के करीब थे, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्कूल से मिली पठन सामग्री और शिक्षकों के सहयोग से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये गरीब बच्चे अब व्यवस्था की खामियों के कारण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:24 pm

जुलाना में आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया धरना:बोलीं- प्ले स्कूल की तर्ज पर दे रहीं शिक्षा, टीचर का दर्जा दिए जाने की मांग

जींद जिले में जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की प्रदेश सचिव राजबाला ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी वर्षों से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी सेवाएं ईमानदारी से दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित अधिकार नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल की तर्ज पर दी जा रही शिक्षा राजबाला ने मांग की कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, इसलिए वर्करों को अध्यापक का दर्जा भी मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:16 pm

सलूम्बर में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका:नीट पेपर लीक और बिजली कटौती पर किया प्रदर्शन, कहा-युवाओं का भरोसा उठा

सलूम्बर में बुधवार को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान पर सलूम्बर जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परमानंद मेहता ने किया। जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां से वे रैली के रूप में आशीर्वाद गार्डन प्लस चौराहे तक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। पेपर लीक को लेकर घेरा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। वहीं, जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती से किसान, व्यापारी और आमजन भीषण गर्मी में परेशान हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष परमानंद मेहता ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और आमजन के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 4:58 pm

कांग्रेसी बोले-NEET में पेपर लीक से छात्रों का भरोसा टूटा:चित्तौड़गढ़ जिलाध्यक्ष ने कहा- भविष्य से खिलवाड़ बंद हो; शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया

चित्तौड़गढ़ में बुधवार को NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग लिखी हुई थी। उन्होंने कहा कि धांधली से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ता ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मेहनती छात्रों के सपने टूटे, सरकार जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स मेहनत करके NEET परीक्षा की तैयारी की थी। कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी और गहने तक बेच दिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीसरी बार NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवाओं और छात्राओं ने भी जताई नाराजगी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं भी शामिल हुए। सेगवा निवासी कृष्णा जाट ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। छात्र महीनों और सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले स्टूडेंट्स को उनका हक मिल सके। प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं ने भी कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की खबरें आने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 4:15 pm

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कल मनाएगा ‘नो व्हीकल डे’:निजी वाहनों से नहीं आएंगे अधिकारी-कर्मचारी, पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर फैसला

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा कल (वीरवार) को ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। जिसके तहत कोई भी कर्मचारी और आधिकारी पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे। यह फैसला शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान एवं हरियाणा के साएम नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार लिया है। BSEH के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी और कर्मचारी कल (वीरवार) किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार और बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करें। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी और र्मचारी पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर साइकि या /इलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। उन्होंने बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करना सुनिश्चित करें।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 3:18 pm

हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट पर जलाया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला:नीट परीक्षा रद्द होने के मामले में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

हनुमानगढ़ में बुधवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा की तैयारी में लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित करने का आरोप लगाया। 'स्टूडेंट्स को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान'कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और इसके रद्द होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन मेहनती विद्यार्थियों को हुआ है, जिन्होंने लंबे समय से तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि कई छात्रों ने कोचिंग और पढ़ाई पर भारी खर्च किया, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। मक्कासर ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक पर शोर मचाने वाले लोग अब चुप बैठे हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा कायम रह सके। केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशानापीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवाद सामने आने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। गोठवाल ने केंद्र सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से आमजन परेशान है। परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांगप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 1:33 pm

करौली कलेक्ट्रेट के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का फूंका पुतला:NEET पेपर लीक मामले में फूटा आक्रोश, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

करौली में बुधवार को कांग्रेस ने NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET 2026 पेपर लीक प्रकरण ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और युवाओं में निराशा बढ़ रही है। विरोध प्रदर्शन के तहत, जिला कांग्रेस कार्यालय से एक रैली निकाली गई जो जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।इस प्रदर्शन में पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस जिला अध्यक्ष, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 1:18 pm

स्टूडेंट पिटाई केस में 48 घंटे बाद भी एक्शन नहीं:सुपौल में शिक्षा विभाग के खिलाफ पेरेंट्स और ग्रामीणों में आक्रोश

सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय सुखानगर में सातवीं कक्षा के छात्र की कथित अमानवीय पिटाई के मामले में 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से परिजनों, ग्रामीणों और शिक्षाविदों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुरली प्रसाद सिंह पर छात्र की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने प्रतापगंज थाना एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र काफी डरा-सहमा हुआ है। ''जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा'' पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि दो दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो आरोपी प्रधानाध्यापक पर विभागीय कार्रवाई हुई है और न ही पुलिस स्तर पर कोई ठोस पहल दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक द्वारा दिए गए सफाई बयान में भी पिटाई की बात अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार की गई है, बावजूद इसके शिक्षा विभाग अब तक चुप्पी साधे हुए है। गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल में बच्चों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और इससे शिक्षा व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है। प्रधानाध्यापक के अमर्यादित व्यवहार और गाली-गलौज से परेशान रहते स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के कई शिक्षक-शिक्षिकाएं भी प्रधानाध्यापक के अमर्यादित व्यवहार और गाली-गलौज से परेशान रहते हैं। यहां तक कि विद्यालय की रसोइयों में भी भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है। इधर, प्रभारी बीईओ सितेश झा ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। अब सभी की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 1:11 pm

NEET रद्द होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका:कहा- 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे, पेपरलीक से शिक्षा नगरी की छवि को नुकसान

सीकर में बुधवार को नीट (NEET-UG) परीक्षा का पेपर रद्द होने पर कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस मौके पर धोद प्रत्याशी जगदीश दानोदिया और शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजेश सैनी भी मौजूद रहे। 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे हैं जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कहा- 22 लाख स्टूडेंट्स ही नहीं 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे हैं। परीक्षा से पहले पेपर बाजार में आ गया, ये केंद्र सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। बच्चे और उनके पेरेंट्स NEET एग्जाम की तैयारी को एक तपस्या की तरह करते हैं। पेपर लीक होने के कारण बच्चों की मेहनत बर्बाद हो गई। संबंधित केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पर बोलने से बच रहे हैं। शिक्षा नगरी सीकर की छवि को नुकसान हुआ निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि NEET पेपर लीक की वजह से शिक्षा नगरी सीकर की छवि को नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की गलतियों की वजह से आज लोग सीकर के एज्युकेशन सिस्टम को संदेह की नजरों से देख रहे हैं। ऐसे में अब इस पेपर लीक की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि सीकर में फिर से स्टूडेंट्स बिना किसी डर के तैयारी कर सकें। भजनलाल सरकार बार-बार दावा करती है कि पेपरलीक के आरोपियों को पकड़ा है तो इस पेपरलीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में घुसने से रोका कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कोतवाली सब इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा मय जाब्ता मौजूद रहे। कांग्रेसजनों ने इस मामले में कलेक्टर से बात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया। सीकर वर्तमान में कोटा के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां हर साल लगभग 2.5 लाख स्टूडेंट्स NEET-JEE की तैयारी करते हैं।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 12:57 pm

शैक्षिक महासंघ ने किया आंदोलन का शंखनाद:शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल

डीडवाना में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली, अधिकारियों की उदासीनता और लंबित मांगों के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। महासंघ का आरोप है कि लगातार संवाद के बावजूद शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षकों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष कैलाश सोलंकी ने बताया कि प्रदेश संगठन के आह्वान पर यह आंदोलन 14 मई से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद संगठन ने नियमित वार्ताओं के माध्यम से शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन सरकार और अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। मांगों को लेकर की चर्चाजिला मंत्री पवन कुमार जोशी के अनुसार, संगठन ने शिविरा पंचांग में संशोधन, ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण, पदोन्नति, क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति, स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, आरजीएचएस (RGHS) व्यवस्था को सुचारू रखने, वेतन विसंगति दूर करने और संविदा शिक्षकों को नियमित करने जैसी मांगों पर लगातार चर्चा की। हालांकि इन वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम नहीं मिले। आंदोलन चरणबद्ध रूप से चलेगाजिला संगठन मंत्री भगवान सिंह राठौड़ ने आंदोलन के चरणबद्ध कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके तहत 14 मई को खंड स्तर पर, 29 मई को जिला स्तर पर और 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 10 जून को जयपुर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। 18 जून से प्रदेश स्तरीय क्रमिक धरना शुरू होगा और मानसून सत्र में विधानसभा घेराव भी किया जाएगा। महासंघ ने शिक्षा विभाग पर नवाचार के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वर्तमान नीतियां शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को प्रभावित कर रही हैं। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने शीघ्र मांगों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 10:03 am

शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता पर सख्ती:उन्नाव में वेतन-बिलों की गहन जांच के आदेश, 40 लाख रुपये वापस

उन्नाव में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के हक और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। अब डीआईओएस कार्यालय से निकलने वाले वेतन सहित सभी बिलों की गहन जांच कराई जाएगी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, पीलीभीत के बाद उन्नाव में भी शिक्षकों के एनपीएस, एरियर, बोनस और अन्य सरकारी मदों में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। आरोप है कि एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ चपरासी और चौकीदारों के खातों में विभागीय बाबुओं द्वारा लाखों रुपये भेजे गए और बाद में नकद वापस लेकर उनका बंदरबांट किया गया। 4 तस्वीरें देखिए… यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पुरवा स्थित एमआरएस इंटर कॉलेज के एक शिक्षक से जुड़े भुगतान में अनियमितता की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेन्द्र सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल करते हुए एक जांच समिति गठित की। इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर भी तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई जा चुकी है। इन जांचों के दौरान कई संदिग्ध भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण उजागर होने के बाद हेरफेर में शामिल बाबुओं ने अब तक लगभग 40 लाख रुपये की धनराशि कोषागार में वापस जमा कर दी है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि विभाग में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं का खेल चल रहा था। शासन स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वेतन, एरियर, बोनस, एनपीएस और अन्य भुगतान से संबंधित बिलों के आहरण से पहले सभी दस्तावेजों और खातों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 8:59 am

नवीन पटनायक ने नीट पेपर लीक की कड़ी निंदा की, बीजद ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

ओडिशा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने नीट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद इसे रद्द किए जाने को देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों के अटूट विश्वास पर एक बड़ा आघात बताया है

देशबन्धु 13 May 2026 6:50 am

शैक्षिक महासंघ की वाहन रैली 14 को, सीएम व शिक्षा मंत्री के नाम देंगे ज्ञापन

छीपाबड़ौद| अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा खंड छीपाबड़ौद की ओर से आगामी 14 मई को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम 7 सूत्री ज्ञापन दिया जाएगा। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर दोपहर 2 बजे एसडीएम कार्यालय तक वाहन रैली निकाली जाएगी। खंड मंत्री सौरभ मीना और कर्मचारी महासंघ के तहसील अध्यक्ष धनराज सुमन ने बताया कि सभी शिक्षक दोपहर 2 बजे पंचायत समिति परिसर में जुटेंगे। यहां से दोपहिया और चारपहिया वाहनों से रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचेंगे। जहां मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। ज्ञापन में वेतन विसंगति दूर करने, प्रधानाचार्य अधिकृत दो अवकाश देने, ग्रीष्म अवकाश पहले की तरह देने, जनगणना में एकल शिक्षक, बीमार शिक्षक, छोटे बच्चों वाली महिलाओं को नहीं लगाने, जनगणना में 30% से अधिक शिक्षक नहीं लगाने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति, संविदा कर्मियों को नियमित करने, शिक्षकों, प्रबोधकों की वेतन विसंगतियां दूर करने सहित अन्य मांगें शामिल रहेगी। रैली की तैयारी को लेकर मंगलवार को कस्बे में शिक्षक नेता प्रमोद पंचोली के सानिध्य में बैठक हुई। जिसमें कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सहमंत्री नंदलाल केसरी, धनराज सुमन, शैक्षिक महासंघ के जिला संयुक्त मंत्री प्रमोद पंचोली, जिला उपाध्यक्ष ब्रह्मप्रकाश नागर, जिला सचिव मुरलीधर मीणा, जिला महासमिति सदस्य महेंद्र नागर, नरेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:30 am

एक शिक्षक...4 विषय...4 जिले: शिक्षा विभाग की डीपीसी ने बढ़ाया असमंजस

भास्कर न्यूज | नागौर तीन साल के इंतजार के बाद शिक्षा विभाग ने व्याख्याताओं की डीपीसी सूची तो जारी कर दी, लेकिन इसके साथ ही एक विभाग की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यालय माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से हिंदी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, राजस्थानी, उर्दू सहित कई विषयों की डीपीसी सूची जारी की गई है। 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की लंबित डीपीसी के तहत शिक्षकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत कर 16 मई तक जॉइनिंग के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन नागौर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक बालकिशन भाटी के लिए यह पदोन्नति खुशी के साथ उलझन भी लेकर आई। विभाग ने उन्हें एक नहीं, दो नहीं बल्कि चार अलग-अलग विषयों में चार जिलों में पोस्टिंग दे दी। डीपीसी सूची के मुताबिक भाटी को हिंदी विषय में अजमेर, राजनीति विज्ञान में जालोर, राजस्थानी भाषा में बालोतरा और इतिहास विषय में जोधपुर में पदस्थापन दिया गया है।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:30 am

प्री-पैब: समग्र शिक्षा अभियान के लिए झारखंड ने केंद्र से मांगे ‌

पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के लिए 2400 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है। इसमें रेकरिंग और नॉन-रेकरिंग दोनों तरह के खर्च शामिल हैं। दिल्ली में मंगलवार को आयोजित प्री-पैब (प्री-प्राजेक्ट एप्रूवल बोर्ड) की बैठक में झारखंड के शिक्षा अधिकारियों ने यह प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव में पूर्व की चल रही योजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपए, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 1800 करोड़ रुपए की मांग की गई है। प्री-पैब की बैठक में स्कूलों के लिए बुनियादी ढांचे दुरुस्त करने, स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की गई है। इस बार अब तक कोई नई योजना शामिल नहीं हुई है। हालांकि, झारखंड के शिक्षा अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 14 मई को होनेवाली पैब की बैठक में कोई न कोई नई योजना को मंजूरी दी जाए। पिछली बार स्कूल ग्रांट नहीं मिली थी, पर अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार स्कूल ग्रांट के लिए 120 करोड़ रुपए मिलेंगे। एसएसए में केंद्र और राज्य की 60:40 की हिस्सेदारी होती है। ‘प्री-पैब' की बैठक में राज्य के प्रस्तावों की तकनीकी समीक्षा की गई। अब पैब' की बैठक में अंतिम निर्णय होगा। इस सत्र में कक्षा 1 और 2 की पुस्तकों के लिए आवश्यक फंड की मांग झारखंड ने कक्षा 1 और 2 के लिए अपना नया राज्य आधारित पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकें तैयार की हैं। इस सत्र (2026-27) में इनके वितरण और इसके लिए आवश्यक फंड की मांग की गई है, जो इस प्री-पैब की बैठक में एक बड़ा तकनीकी बिंदु रहा। इन क्षेत्रों पर फोकस : स्मार्ट क्लास, व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, लैब सुदृढ़ीकरण व ड्रॉप-आउट रेट कम करना। एसएसए के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड काफी निर्णायक समग्र शिक्षा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक होती है। यह बोर्ड केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर काम करने वाली सर्वोच्च संस्था है, जो राज्यों की योजनाओं को अंतिम रूप देती है। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हर साल अपनी वार्षिक कार्ययोजना और बजट तैयार करते हैं। पैब इन प्रस्तावों की समीक्षा करता है और यह तय करता है कि किस मद में कितनी राशि आवंटित की जाएगी। वित्तीय वर्ष स्वीकृत राशि 2023-24 2279.16 करोड़ 2024-25 2331.36 करोड़ 2025-26 2485.40 करोड़ समग्र शिक्षा अभियान में राशि लैप्स नहीं होती है, बल्कि वह अगले वर्ष भी खर्च की जा सकती है। मंगलवार की बैठक में पिछले वर्ष खर्च नहीं हो सकी 600 करोड़ की राशि के समायोजन पर केंद्र और राज्य के बीच तकनीकी सहमति बनाने का प्रयास हुआ।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:30 am

शिक्षा मंत्री पर 50 लाख के गबन का आरोप:मिथिलेश तिवारी ने कॉलेज कर्मियों की सैलरी खुद ली, निगरानी की चार्जशीट, पढ़िए जवाब

सम्राट सरकार के शिक्षा मंत्री और फायर ब्रांड नेता मिथिलेश तिवारी कुर्सी संभालते ही विवादों में घिर गए हैं। 11 साल पहले उनके ऊपर दर्ज भ्रष्टाचार की फाइल खुल गई है। मंत्री पर धोखाधड़ी, सरकारी पैसे हड़पने और घोटाला जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मिथिलेश तिवारी के खिलाफ मुजफ्फरपुर के निगरानी कोर्ट में केस चल रहा है। दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होने वाली है। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, शिक्षा मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का A टू Z. मिथिलेश तिवारी पर है क्या आरोप? मिथिलेश तिवारी के मंत्री बनने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का पत्र सामने आया है। सचिव के साइन से जारी पत्र 20 मार्च 2017 को लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि मिथिलेश तिवारी पंडित दीन दयाल उपाध्याय इंटर महाविद्यालय खजुरिया, बरौली, गोपालगंज के तत्कालीन अध्यक्ष हैं। समिति के सचिव ने मिथिलेश तिवारी पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। मिथिलेश तिवारी पर लगे आरोप इसी कॉलेज से जुड़ा है। वह कॉलेज के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष थे। आरोप है कि इन्होंने सरकार से मिले 50 लाख रुपए की हेराफेरी की। पैसा कॉलेज के कर्मियों के वेतन के लिए था। आरोप है कि मिथिलेश ने फर्जी दस्तावेज लगाकर पैसे खुद हड़प लिए। मिथिलेश तिवारी ने चुनावी हलफनामे में भी निगरानी केस की जानकारी सार्वजनिक की है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, विजिलेंस पुलिस थाने में 34/2015 केस पेंडिंग है। स्पेशल जज विजिलेंस कोर्ट मुजफ्फरपुर में केस की सुनवाई चल रही है। मिथिलेश पर फर्जी दस्तावेज देने और बेईमानी करने के अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन की धाराएं लगी हैं। मिथिलेश तिवारी पर 420 की धारा मिथिलेश तिवारी के खिलाफ 7 मई 2015 को निगरानी एसपी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। FIR No 034/2015 है। मंत्री के खिलाफ लगी धाराएं.. कोर्ट में केस की स्थिति जानिए अब तिवारी पर लगी धाराओं को आसान भाषा में समझते हैं PC ACT की 13(2) और 13, (1)(d): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और धारा 13(1)(घ) तब लगाई जाती है जब लोक सेवक (सरकारी कर्मी) अपने पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ यानी घोटाला करता है। ऐसे क्राइम के लिए 1-7 साल का जेल हो सकता है। साल 2018 के संशोधन में धारा 13(1)(घ) के जगह पर आपराधिक कदाचार की नई परिभाषाएं लागू की गईं, जो अवैध तरीके से धन अर्जन किया जाना है। IPC की 409(420), 467/477(A) और 120(B): ये धाराएं आमतौर पर बैंक धोखाधड़ी, सरकारी पैसे के घोटाले और वित्तीय हेरफेर के मामलों में एक साथ लगाई जाती हैं। इसका सीधा मतलब है कि आरोपियों ने मिलकर लूट यानी घोटाला की योजना बनाई। सरकारी या सार्वजनिक धन का गबन किया है। उन पैसे और को छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज और खाते तैयार किए हैं। मंत्री बोले-राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगे इस मामले में मिथिलेश तिवारी का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे फोन पर बात की। उन्होंने कहा, 'यह काफी पुराना मामला है। मेरे स्थानीय विरोधी ने राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगाया था। मामले को लेकर मैं पटना हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने सारी सुनवाई पर रोक लगा दी थी। सरकार से पक्ष मांगा गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई।' हमने (भास्कर ने) जब मुजफ्फरपुर के निगरानी कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कहा तो मंत्री ने जवाब दिया, 'मेरे वकील मेरा पक्ष रख रहे हैं।' क्या सीएम सम्राट नीतीश कुमार के फैसले को दोहराएंगे बिहार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी ने 19 नवंबर 2020 को पदभार ग्रहण करने के मात्र दो घंटे के भीतर इस्तीफा दे दिया था। वह पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल हुए थे। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मेवालाल 2017 में भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने 161 सहायक प्रोफेसरों और जूनियर वैज्ञानिकों की भर्ती की थी। इस भर्ती में धांधली और भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगे थे। यह असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती घोटाला के नाम से जाना जाता है। मेवालाल चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिक्षा मंत्री बनने से पहले जेडीयू ने 2017 में उन्हें पार्टी से निलंबित भी किया था। बाद में अग्रिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह चुनाव लड़े थे। विपक्ष ने मेवालाल पर लगे आरोपों को मुद्दा बनाया। तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। ऐसे में नीतीश कुमार ने 19 नवंबर 2020 की दोपहर को मेवालाल चौधरी को तलब किया। इसके बाद मेवालाल ने अपना इस्तीफा राजभवन को भेज दिया था। अप्रैल 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण डॉ. मेवालाल चौधरी का निधन हो गया।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 5:17 am

हान चेंग ने 'विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन- 2026' के उद्घाटन समारोह में भाग लिया

चीन के चच्यांग प्रांत की राजधानी हांगचो में आयोजित 2026 विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी उपराष्ट्रपति हान चेंग ने भाग लिया और संबोधन दिया।

देशबन्धु 12 May 2026 11:16 pm

Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए

बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.

बूमलाइव 12 May 2026 6:20 pm

कृषि विश्वविद्यालय में संबद्धीकरण से शिक्षा-प्रसार ठप:शिक्षक मूल कॉलेज छोड़ विवि मुख्यालय में जमे, डीन-डायरेक्टर पदों पर भी कब्जा

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में कृषि शिक्षा और प्रसार कार्य संबद्धीकरण के कारण प्रभावित हो रहा है। कृषि महाविद्यालयों और कृषि ज्ञान केंद्रों के लिए नियुक्त वैज्ञानिक और शिक्षक कई वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं। दर्जनों शिक्षकों का अपने मूल तैनाती स्थलों से मोहभंग हो गया है। इसके अतिरिक्त, डीन, डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी वर्षों से जमे हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन संबद्ध शिक्षकों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजने के संबंध में निष्क्रिय बना हुआ है। दावों के बावजूद, इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अवैध रूप से संबद्ध शिक्षकों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक संबद्धीकरण के नाम पर वेतन तो अपने मूल कृषि महाविद्यालयों से ले रहे हैं, लेकिन अध्यापन के बजाय विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में कार्य कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, आजमगढ़ के कोटवा कृषि महाविद्यालय में 400 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और दो दर्जन शिक्षकों की नियुक्ति है, पर पढ़ाई कुछ ही शिक्षकों के भरोसे चल रही है। कीट विज्ञान में डॉ. समीर कुमार, मृदा विज्ञान में डॉ. राबिन चौधरी, उद्यान एवं वानिकी में डॉ. यश्मिता, क्रॉप फिजियोलॉजी में डॉ. आलोक सिंह तथा कृषि प्रसार में डॉ. एन.आर. मीणा व डॉ. पीयूषा सिंह जैसे शिक्षक प्रभावी रूप से कुमारगंज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जबकि वे कोटवा से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। अधिष्ठाता डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह लगातार संबद्धीकरण निरस्त कर शिक्षकों को वापस भेजने के लिए पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, ऐसे में संबद्ध शिक्षकों के लिए कोई पद उपलब्ध नहीं है। यही स्थिति कृषि ज्ञान केंद्रों की भी है, जहां कई कर्मचारी 20 वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं और उन्होंने अपने केंद्रों का दौरा तक नहीं किया है। इसके अलावा, वरिष्ठता को दरकिनार कर कनिष्ठों को विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता बना दिया गया है।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 5:34 pm

फरीदकोट की हरलीन शर्मा को CM ने किया सम्मानित:चंडीगढ़ बुलाए 10वीं के टॉपर; बोले-शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहे

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा एक दिन पहले घोषित 10वीं कक्षा के परिणामों पर सीएम भगवंत सिंह मान ने टॉपर विद्यार्थियों को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि पंजाब के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मंगलवार को सीएम माने ने विशेष रूप से पंजाब टॉपर फरीदकोट के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैतो की छात्रा हरलीन शर्मा के अलावा दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे रूपनगर के मनीमहेश शर्मा और होशियारपुर की रिया रानी को चंडीगढ़ बुलाकर सम्मानित किया, और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पंजाब टॉपर हरलीन शर्मा को 50 हजार का नकद पुरस्कार देकर नवाजा गया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि इन होनहार विद्यार्थियों की मेहनत, उनके माता-पिता की दुआओं और अध्यापकों के सही मार्गदर्शन के कारण पूरे पंजाब का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है पंजाब सरकार- सीएम सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि गांवों और शहरों के हर बच्चे को आगे बढ़ने और ऊंची उड़ान भरने के समान अवसर मिल सकें। सीएम ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह मेहनत कर देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करेंगे।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 2:12 pm

सरकारी स्कूलों में चोरी-तोड़फोड़ पर सख्ती:ऐसी घटनाओं में एफआईआर कराना जरूरी,स्कूल शिक्षा विभाग को 13 साल बाद याद आई आयोग की सिफारिश

मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग की एक सिफारिश स्कूल शिक्षा विभाग को 13 साल बाद उपयोगी लगी है। विभाग ने अब सभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में चोरी, ताला तोड़ने, परिसर के दुरुपयोग या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर अनिवार्य रूप से एफआईआर कराएं। एफआईआर न कराने पर संस्था प्रमुख और संबंधित शिक्षक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अपर परियोजना संचालक समग्र शिक्षा अभियान ने अपने निर्देश में कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने 24 जुलाई 2013 को मानव अधिकार आयोग द्वारा जारी अनुशंसाओं का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने जिले के प्राचार्यों और प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित करना होगा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की चोरी, तोड़फोड़ या अन्य नुकसान की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने वर्ष 2013 में ही स्कूलों में होने वाली चोरी और नुकसान की घटनाओं पर तत्काल पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अनुशंसा की थी।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 11:43 am

शिक्षा विभाग में खेल सामान खरीद में गड़बड़ी का खुलासा:मोतिहारी में माध्यमिक डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर ने किया था इंस्पेक्शन

मोतिहारी शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खरीदी गई खेल सामग्री की गुणवत्ता और खरीद में अनियमितता से जुड़ा है। इसका खुलासा माध्यमिक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) नित्यम कुमार गौरव द्वारा किए गए निरीक्षण में हुआ। यह जांच जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर की गई थी। अरेराज, चिरैया, रामगढ़वा, तुरकौलिया और हरसिद्धि सहित एक दर्जन से अधिक स्कूलों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत जांचा गया। निरीक्षण के दौरान लगभग सभी स्कूलों में खेल सामग्री की गुणवत्ता खराब पाई गई और कई जगहों पर सामग्री की संख्या भी निर्धारित मानकों से कम मिली। चेतावनी के बावजूद 31 मार्च तक आवंटित राशि निकाल ली थी डीपीओ नित्यम कुमार गौरव ने बताया कि अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों ने पूर्व में चेतावनी के बावजूद 31 मार्च तक आवंटित राशि निकाल ली थी, लेकिन उसके अनुरूप खेल सामग्री की खरीद नहीं की गई। विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए बिहार सरकार ने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हाई स्कूलों को 25 हजार रुपये, मिडिल स्कूलों को 10 हजार रुपये और प्राथमिक विद्यालयों को 5 हजार रुपये की राशि खेल सामग्री खरीदने के लिए उपलब्ध कराई थी। इस राशि के उपयोग में सामने आई अनियमितता ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है और दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 11:01 am

गुरुगोष्ठी में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर की गई चर्चा

भरनो|प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय कृत बालिका मध्य विद्यालय भरनो के सभागार में सोमवार को विशेष गुरुगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बीआरसी के लेखापाल राजदीप गुप्ता ने की। गुरुगोष्ठी में प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के सचिव आवश्यक प्रतिवेदन के साथ उपस्थित हुए। जहां शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें एनआइएलपी रजिस्ट्रेशन, अपार आईडी निर्माण, यू-डाइस अपडेट, प्रोग्रेशन रिपोर्ट, चाइल्ड प्रोफाइल तैयार करने, पोशाक वितरण की उपयोगिता, बच्चों के बैंक खाते खोलने, एनसीपीआई मैपिंग, मध्याह्न भोजन संचालन व उसके एसएमएस रिपोर्टिंग जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। मौके पर शिक्षकों को विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही आगामी 12, 13 व 14 मई को आयोजित होने वाली शिक्षकों की टीएनए परीक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया, आवश्यक तैयारी तथा ऑनलाइन संबंधित प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया। गुरुगोष्ठी का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना व विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 5:30 am

तकनीकी शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी

बड़वानी | शासकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर विशेषज्ञ व्याख्यान व तकनीकी क्विज स्पर्धा हुई। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया के मार्गदर्शन में विज्ञान संकाय के रसायन विभाग द्वारा आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. कपिल शाह ने छात्राओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक व आधुनिक नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा तकनीक और नवाचार के इस दौर में युवाओं की भूमिका अहम है। कार्यक्रम में तकनीकी से विकास, नवाचार से आत्मनिर्भर भारत विषय पर क्विज स्पर्धा हुई, प्राचार्य डॉ. भदौरिया ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एनएल गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। डॉ. दिनेश सोलंकी ने बताया ऐसे आयोजन छात्राओं में वैज्ञानिक चेतना व नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। संचालन प्रो. आयुषी व्यास व आभार प्रो. सुमन चौहान ने माना।

दैनिक भास्कर 12 May 2026 5:30 am

ढीले पायजामे से मंत्री जी की ढीली पड़ी इमेज:काल भैरव के मंदिर में शिक्षा मंत्री का टोटका, SBI ATM बना हेयर स्टाइल सेंटर

बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 12 May 2026 5:23 am

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जन्मदिवस पर पक्षियों के लिए लगाए परिंडे

अजमेर। शिक्षा मंंत्री मदन दिलावर के जन्मदिवस पर अजमेर में ‘तेजस उत्सव’ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड राजस्थान राज्य की ओर से सेवा कार्य करते हुए पक्षियों एवं बेजुबान जानवरों के लिए विभिन्न स्थानों पर पानी के परिंडे लगाए गए तथा आमजन को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए […] The post शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जन्मदिवस पर पक्षियों के लिए लगाए परिंडे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 May 2026 9:18 pm

धार कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों की अव्यवस्थाओं पर लगाई फटकार:बैठक से गायब तहसीलदार को नोटिस, शिक्षा-स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जल संरक्षण सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन केंद्रों की समीक्षा करते हुए किसानों को अनावश्यक इंतजार से बचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त तोल कांटे उपलब्ध कराने और प्रतिदिन निगरानी रखने को कहा। डेहरी, बिड़वाल और कानवन केंद्रों पर समस्याओं के कारण अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। जिन केंद्रों पर 80 प्रतिशत से कम खरीदी हुई है, उन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक से तहसीलदार दीपाली जाधव के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जाधव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर जोरशिक्षा और जनजातीय कार्य विभागों की समीक्षा में स्कूलों में नए पंजीयन बढ़ाने और शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा से पुनः जोड़ने पर जोर दिया गया। छात्रावासों के निरीक्षण तथा समग्र आईडी व आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर ऐप पर बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश मिले। स्वास्थ्य विभाग को मातृ मृत्यु दर की साप्ताहिक समीक्षा, गंभीर एनीमिया के मामलों की पहचान और कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए घर-घर सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग को नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों को समय-सीमा में निपटाने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 6:43 pm

कांति कपूर कॉलेज में स्मार्ट क्लास शुरू:इनर व्हील क्लब ने छात्राओं को दी डिजिटल शिक्षा की सुविधा

बरेली के कांति कपूर गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। इनर व्हील क्लब ऑफ बरेली साउथ ने शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह पहल की है। क्लब ने कॉलेज में एक एंड्रॉयड डिजिटल एलईडी बोर्ड स्थापित किया है। इससे छात्राओं को अब आधुनिक और इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। सोमवार को एक कार्यक्रम में स्मार्ट क्लास का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एलईडी बोर्ड के माध्यम से कई शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई और प्रतियोगिताओं का अनुभव पाकर छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया। क्लब अध्यक्षा ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से स्मार्ट क्लास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। क्लब ने इस कमी को दूर करने का प्रयास किया है, ताकि छात्राएं आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है। तकनीक आधारित शिक्षा से छात्राओं की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी, जिससे वे डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगी। कार्यक्रम में क्लब की सचिव, कोषाध्यक्ष और कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:11 pm

जहानाबाद में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से उच्च शिक्षा:आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिल रही वित्तीय सहायता, श्रुति कुमारी को मिला 2 लाख

जहानाबाद में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी छात्र-छात्रा की पढ़ाई बाधित न हो। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) जहानाबाद के माध्यम से यह शिक्षा ऋण सरल प्रक्रिया से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रुति कुमारी को मिला 2 लाख रुपए की राशि इस योजना से लाभान्वित होने वालों में श्रुति कुमारी भी शामिल हैं, जिन्हें पटना स्थित जे.डी. विमेन्स कॉलेज में बी.सी.ए. पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए 2,07,500 रुपए की राशि मिली है। श्रुति कुमारी ने इस सहायता के लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन जहानाबाद का आभार व्यक्त किया। इसी कड़ी में विकाश कुमार भी इस योजना के लाभार्थी हैं, जो गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें अपने पाठ्यक्रम के लिए डीआरसीसी केंद्र जहानाबाद द्वारा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹2,14,600 का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है। विकाश कुमार ने भी सरकार और जिला पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। जिले के कई अन्य छात्र-छात्राओं को भी देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु इस योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की गई है। विद्यार्थियों को 4 लाख तक का ऋण कराया जाता है उपलब्ध बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को 4 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस राशि का उपयोग कॉलेज शुल्क, पुस्तकें, लैपटॉप और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकता है। ऋण की अदायगी पढ़ाई पूरी होने और रोजगार प्राप्त होने के बाद ही शुरू होती है, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर तत्काल आर्थिक दबाव नहीं पड़ता।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 11:31 am

भगवंत मान सरकार की 'शिक्षा क्रांति' लाई रंग, पंजाब ने केरल को पछाड़कर अग्रणी स्थान हासिल किया

पंजाब के 80.1 प्रतिशत स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस, 88.9 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधाएं उपलब्ध, 99.9 प्रतिशत स्कूलों में बिजली आपूर्ति और 99 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

देशबन्धु 11 May 2026 10:51 am

पंजाब में दसवीं का रिजल्ट आज:शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकेंगे छात्र, 12:30 बजे चेयरमैन करेंगे डिक्लेयर

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से 10वीं कक्षा का रिजल्ट आज घोषित किया जाएगा। यह रिजल्ट 12:30 बजे के बाद एजुकेशन बोर्ड की वेबसाइट पर मौजूद रहेगा। दोपहर 12:30 बजे पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन रिजल्ट डिक्लेयर करेंगे। इसके बाद इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। उसके बाद छात्र अपना रोल नंबर डालकर रिजल्ट देख सकते हैं। हेल्पलाइन के जरिए भी ले सकते हैं मदद पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसमें वे अपना रोल नंबर और नाम डालकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in है। अगर किसी भी छात्र को वहां रिजल्ट देखने में दिक्कत आती है तो उसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। छात्र सीधे 9549161161 पर कॉल कर अपना रिजल्ट या उससे संबंधित कोई भी जानकारी पूछ सकते हैं। इस प्रकार देखें रिजल्ट पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की साइट पर जाएं। वहां होम पेज पर रिजल्ट के लिए लिंक दिया गया है। उसे खोलने के बाद वहां 10वीं कक्षा के रिजल्ट का चयन करना है। उस पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और नाम दर्ज करें। इसके बाद आपका रिजल्ट खुल जाएगा। उसको आप या तो सेव कर सकते हैं या डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकते हैं। ढाई लाख से अधिक छात्रों को इंतजार इस बार पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से आयोजित की गई 10वीं की परीक्षा में 2.84 लाख छात्र शामिल हुए थे। 10वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 1 अप्रैल तक हुई थीं। उन सभी छात्रों को अपने रिजल्ट का तभी से इंतजार है और आज वह इंतजार खत्म हो जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 9:25 am

डिजी दुनिया प्रोजेक्ट से डिजिटल शिक्षा, मास्टर ट्रेनर ने शिक्षकों को दिया स्मार्ट क्लास प्रशिक्षण

बरौल | शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर में डिजी दुनिया प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के जरिए शिक्षण को मजबूत करना और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। समग्र शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार यह प्रशिक्षण 4 मई से 19 मई तक जिले के सभी छह विकासखंडों में अलग-अलग मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से चल रहा है। सूरजपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मास्टर ट्रेनर सुखदेव राजवाड़े शिक्षकों को स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण प्रणाली की जानकारी दे रहे हैं। प्रशिक्षण में स्मार्ट क्लास संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग, प्रोजेक्टर और इंटरैक्टिव बोर्ड की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री के इस्तेमाल और तकनीक आधारित पढ़ाई के तरीकों पर सत्र लिए जा रहे हैं। राजवाड़े ने बताया कि डिजिटल माध्यम से चित्र, वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए पढ़ाई कराई जा सकती है। इससे कठिन विषयों को समझाना आसान होता है।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

‘हरा सोचें, हरा जियें’ के संदेश के साथ पौधारोपण का लिया संकल्प, शिविर, शिक्षा पर रहा फोकस

लॉयंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट द्वारा रविवार को एक भव्य क्षेत्रीय सम्मेलन एकजोत 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा में एकता के संदेश को साझा करना और पिछले एक वर्ष में समाज कल्याण के लिए किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करना था। 400 से अधिक सदस्यों ने दर्ज कराई उपस्थिति इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 400 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी क्षेत्रों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। आयोजन की शुरुआत में आए हुए सभी गणमान्य अतिथियों और वरिष्ठ सदस्यों का फूलों के हार और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मेलन में चर्चा की गई कि क्लब ने पूरे वर्ष मानवता की सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रकल्प चलाए हैं। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाए गए, जहां मरीजों की मुफ्त जांच और दवा वितरण किया गया। शिक्षा के लिए सहायता आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई के लिए किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामान बांटा गया। पर्यावरण संरक्षण धरती को हरा-भरा बनाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। सदस्यों ने हरा सोचें, हरा जियें के नारे के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

RSS से जुड़ा शिक्षक संगठन शिक्षा विभाग के विरोधमें, कहा- अधिकारियों की हठधर्मिता से शिक्षा का बंटाधार

जयपुर | शिक्षा विभाग में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आरएसएस से जुड़े शिक्षक संगठन ने अब शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) महासंघ का आरोप है कि वर्तमान में विभाग के अधिकारी नवाचार का चोला ओढ़कर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी तीनों का बंटाधार करने पर तुले हुए हैं। साथ ही हर मुद्दे पर हठधर्मिता अपनाते है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। रविवार को महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने रविवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि प्रदेश की सरकार और उसके अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीनता के कारण सरकार के ढ़ाई वर्ष पूरे होने पर भी शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। उनकी प्रमुख मांगों में शिविरा पंचांग में संशोधन, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गो के स्थानांतरण खोलने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति करने, 2019 से अब तक क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने एवं स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, आरजीएचएस को सुचारू रखने, वेतन विसंगति दूर करने, अवकाश में 10 दिन की कटौती वापस लेने सहित कई मांगे हैं। जिन पर शिक्षा विभाग बात करने को तैयार नहीं है। अब आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है। इसलिए 14 मई को खंड स्तर, 29 मई को जिला स्तर, 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तर का धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 10 जून जयपुर संभाग में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

समर्पण संस्था; समावेशी शिक्षा के लिए शैक्षिक चैरिटी जरूरी, ‘एज्यूकेशनल एम्बेसेडर’ अभियान शुरू

जयपुर | समर्पण संस्था की ओर से दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबन्धन संस्थान में ‘शैक्षिक चैरिटी: समानता और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने पीपीटी के जरिए बताया कि शिक्षा दान सर्वश्रेष्ठ है और संस्था द्वारा निर्धन विद्यार्थियों के लिए “एज्यूकेशनल एम्बेसेडर” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके आवेदन 25 मई तक खुले हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस जी.सी. रॉय ने की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस ए.आर. खान, वेद प्रकाश वर्मा, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. प्रकाश चन्द टेलर, और राजीव कुमार जैन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। एंकर शिवाली गुप्ता ने मंच संचालन किया। संस्था ने संपन्न वर्ग से समाज को वापस लौटाने (पे बैक टू सोसायटी) की भावना के साथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की अपील की।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

हेल्थ, शिक्षा और ईवी तक में बदलाव केप्रोजेक्ट, 26 इनोवेटिव मॉडल होंगे प्रदर्शित

आज टेक्नोलॉजी सिर्फ बड़े शहरों या मशीनों तक सीमित नहीं रह गई है। यह खेती, पानी, स्वास्थ्य और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने का मजबूत जरिया बन रही है। नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर इस बार की थीम ‘रेस्पोंसिबल इनोवेशन फॉर इंक्लूसिव ग्रोथ’ रखी गई है। यानी ऐसी तकनीक, जो हर वर्ग तक पहुंचे और समाज के लिए उपयोगी साबित हो। इसी सोच के साथ सोमवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। इसमें 1200 से ज्यादा स्टूडेंट्स, वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स जुटेंगे। यहां 26 इनोवेटिव मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जो खेती, जल संरक्षण, मेडिकल सुविधाओं और रेस्क्यू सिस्टम जैसे क्षेत्रों में बदलाव ला रहे हैं। सिटी भास्कर में पढ़िए ऐसे ही इनोवेशन की कहानियां... छात्रों ने स्क्रैप से बनाई ई-बाइक जयपुर के रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों नवीन, सौरभ, अवधेश प्रजापत और सारांश यादव ने हर्ष प्रणमी के निर्देशन में स्क्रैप से इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की है। ‘स्क्रैप टू इलेक्ट्रिक बाइक : ए सस्टेनेबल फ्यूचर’ प्रोजेक्ट के तहत बनी इस बाइक की लागत करीब 30 हजार रुपए है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 1 से 1.5 लाख रुपए तक है। यह बाइक एक बार चार्ज में 70 से 75 किमी तक चलती है और 80 से 90 किमी प्रति घंटा की स्पीड देती है। इसमें 48 वोल्ट लिथियम आयन बैटरी लगी है, जो करीब साढ़े चार घंटे में चार्ज हो जाती है। छात्रों का कहना है कि कम लागत में तैयार यह मॉडल सस्टेनेबल और किफायती ट्रांसपोर्ट का विकल्प बन सकता है। इमरान बने एजुकेशन इनोवेटर सरकारी शिक्षक और ऐप डेवलपर इमरान खान डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने खुद प्रोग्रामिंग सीखकर 80 से ज्यादा शैक्षणिक ऐप और 100 से अधिक वेबसाइट बनाई हैं। उनके ‘दिशारी’, ‘देववाणी’, ‘डिजिटल मेवात’, ‘गीर्वाणी’ और ‘प्रशस्त’ प्लेटफॉर्म का उपयोग भारत समेत कई देशों के 3 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी कर रहे हैं। इमरान ने अपने सभी ऐप भारत सरकार को निःशुल्क समर्पित किए हैं। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रीय आईसीटी अवॉर्ड, फुलब्राइट फेलोशिप, जमनालाल बजाज पुरस्कार और ग्लोबल टीचर प्राइज 2025 सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले इमरान अब डिजिटल एजुकेशन के बड़े इनोवेटर के रूप में पहचान बना चुके हैं। पोखरण-2 के बाद शुरू हुआ था टेक्नोलॉजी डे भारत में हर साल 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को इनोवेशन के लिए प्रेरित करना है। यह दिन 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में हुए सफल परमाणु परीक्षण ‘पोखरण-2’ की याद में मनाया जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे घोषित किया था। 18 साल की उम्र में किसानों के लिए बनाया ‘एग्रोबोट’ युवा इनोवेटर और आंत्रप्रिन्योर आर्यन सिंह किसान परिवार से हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्मार्ट ऑटोमेशन के जरिए खेती को आधुनिक बनाने पर काम कर रहे हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने गैरेज को लैब में बदल दिया और तीन साल की रिसर्च के बाद ‘एग्रोबोट’ तैयार किया। यह एआई और आईओटी आधारित मल्टीफंक्शनल रोबोटिक सिस्टम है, जो बुवाई, स्प्रेइंग, स्मार्ट इरिगेशन, फसल मॉनिटरिंग, ड्रोन मैपिंग और एआई एनालिसिस जैसे काम कर सकता है। आर्यन को 2024 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला। हाल ही में दुबई की कंपनी से उन्हें एग्रोबोट के 500 से ज्यादा यूनिट्स का करीब 13 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर मिला है। cb नॉलेज

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

हिंदू युवा संघ का शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित

रांची| हिंदू युवा संघ ने इरगू टोली में शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित किया । कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संस्कारों का संवर्धन करना तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना था। समारोह की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। कार्यक्रम के तहत 150 बच्चों के बीच नोटबुक सेट एवं श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया। इस अवसर पर अर्जुन राम, रूपम झा, आरती सिंह, अजय कुमार, शुचिता, महिमा मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

कैंब्रियन में एयर शो, कौशल शिक्षा पर जोर

रांची | कांके रोड स्थित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में एयर शो का आयोजन कर विद्यार्थियों को ड्रोन और विमानन की बुनियादी समझ से जोड़ा गया। विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि कौशल विकास और व्यवहारिक ज्ञान वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार है तथा स्कूलों की जिम्मेदारी है कि शुरुआत से ही बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा की मजबूत नींव रखी जाए। ओरिएंटेशन सत्र में ड्रोन और विमानों की उड़ान, परिचालन व निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि छात्र तकनीक को रुचि के साथ समझ सकें। विद्यालय प्रबंधन प्रमुख पंचम सिंह और मुख्य अतिथि आनंदमयी सिंह की उपस्थिति रही।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

घर-घर वेद अभियान बैठक में वैदिक शिक्षा पर जोर:गुरुकुल व्यवस्था के पुनर्जागरण का शंखनाद, भारतीय ज्ञान परंपरा बचाने की अपील

सोनभद्र में घर-घर वेद अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आधुनिक शिक्षा के व्यवसायीकरण और भारतीय ज्ञान परंपरा से बढ़ती दूरी के बीच वैदिक शिक्षा तथा गुरुकुल व्यवस्था के पुनर्जागरण का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और सनातन ज्ञान परंपरा को बचाने के लिए वेदों को हर घर तक पहुंचाने तथा निःशुल्क गुरुकुल शिक्षा को मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में वैदिक चेतना के व्यापक प्रसार और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ० ज्ञानेंद्र ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा विश्व की सबसे समृद्ध धरोहरों में से एक है। गुरुकुल संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का आधार डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य शास्त्रों में जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ा गहन ज्ञान मौजूद है। इसे केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 'सामाजिक विकास कार्यक्रम' के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का आधार होते हैं। गुरुकुल खोलने का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित, संस्कारित और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाना है। इस दौरान भारतीय परंपरा के अनुरूप निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था लागू करने पर भी बल दिया गया। संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान की मूल आधारशिला संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. ज्ञानेंद्र ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान की मूल आधारशिला है। उन्होंने बताया कि संस्कृत में मौजूद ज्ञान को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। जर्मनी और अमेरिका सहित कई देशों के विश्वविद्यालयों में संस्कृत तथा भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन कराया जा रहा है, और विदेशी विद्वान भारतीय शास्त्रों पर शोध कर रहे हैं। डॉ. ज्ञानेंद्र ने आगे बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। देश में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, तथा वैदिक शिक्षा और संस्कृत अध्ययन से जुड़े संस्थानों को सहायता प्रदान की जा रही है।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 8:57 pm

शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बड़ौद पहुंचे:आगर मालवा में जनसंघ के पुराने साथियों से की मुलाकात

आगर-मालवा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रविवार को आगर जिले के बड़ौद पहुंचे। गांधी चौक पर जनसंघ के पुराने साथियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री अपने पुराने मित्र गोपाल परमार के निवास पर गए। उन्होंने गोपाल परमार के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बात की। परमार ने मित्र के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुराने संबंध हमेशा आत्मीयता और विश्वास से जुड़े रहते हैं। इस अवसर पर जनसंघ के वरिष्ठ साथियों ने उनसे क्षेत्र की सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की। इस मुलाकात में पुराने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की यादें भी ताजा हुईं। अपने प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय रखबचंद जैन आडवाणी के निवास पर भी गए। वहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे अपने अगले निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 7:43 pm

बोर्ड रिजल्ट में गिरावट पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन:बालोद जिले के 8 प्राचार्य निलंबित, 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई

बालोद जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई भारी गिरावट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 और 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा के बाद जिला शिक्षा विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूल के 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गंभीर गिरावट सामने आई। विभागीय जांच में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता कमजोर बनी हुई है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा गुणवत्ता से समझौता नहीं- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को शिक्षा गुणवत्ता सुधारने, नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की लगातार समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन 8 प्राचार्यों को किया गया निलंबित शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डौंडीलोहारा ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू, गुरूर ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार साहू, गुंडरदेही ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल मोंगरी के प्राचार्य लूमन सिंह साहू, शासकीय हाईस्कूल देवरी/द की प्राचार्य निशा मून तथा डौंडी ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य को निलंबित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में 30 से 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 12वीं बोर्ड के परिणाम भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर पाए गए। 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई कमजोर परीक्षा परिणाम और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर विभाग ने 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की है। इनमें बालोद ब्लॉक के शासकीय सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया, शासकीय हायर सेकेंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा, डौंडीलोहारा ब्लॉक के सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम, डौंडी ब्लॉक के शाउमावि भैसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया, शाउमावि गुजरा की प्राचार्य लीना थॉमस, सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे शासकीय हाईस्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर, गुरूर ब्लॉक के सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शासकीय हाईस्कूल बागतराई के प्राचार्य हलाल खोर रात्रे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक गुरूर के प्राचार्य तपेश गौतम, गुंडरदेही ब्लॉक के शाउमा शाला डोंगीतराई की प्राचार्य श्रीदेवी प्रमोद, शाउमा शाला डुंडेरा के प्राचार्य शिवकुमार साहू, शाउमा शाला चन्दनबिरही की प्राचार्य आर. श्रीलता तथा शाउमा शाला मोहंदीपाट की प्राचार्य बिमला एक्का शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परिणामों में 10 से 36 प्रतिशत तथा 12वीं में 7 से 37 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। बालोद जिले की रैंकिंग भी गिरी इस वर्ष कक्षा 10वीं में बालोद जिला प्रदेश में 29वें और 12वीं में 30वें स्थान पर रहा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 10,551 विद्यार्थियों में से 10,426 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 6,867 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 2,520 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 8,745 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 6,800 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 819 अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परिणाम 77.79 प्रतिशत रहा।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:59 pm

खगड़िया में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित:110 नवाचारी शिक्षक हुए सम्मानित, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, शिक्षा में नवाचार बढ़ाने पर दिया गया जोर

खगड़िया में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के तत्वावधान में डायट रामगंज संसारपुर परिसर में एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के नवाचारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करना था। इस आयोजन को सफल बनाने में टीबीटी के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष रजनी कुमारी, जिला अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला सचिव राकेश कुमार, जिला मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार सिंह सहित अमृता प्रीतम, मुकेश आचार्य, रेखा कुमारी, सोनी कुमारी, अमित कुमार, इंदु शर्मा, अनिल कुमार, ललिता कुमारी, रूपम, मधु विद्यार्थी और अनुभूति वर्मा जैसे सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से रजनी कुमारी, राजेश कुमार और दिनेश कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना की गई। पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर कियाकार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डायट खगड़िया के प्राचार्य मनोज यादव और अन्य व्याख्याता भी उपस्थित रहे। जिले के प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया और सौरभ कुमार विनायक बिन्नी सहित अन्य शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान लोकगीत, अभियान गीत, स्वागत गीत और लोकनृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदमउन्होंने नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित करने की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नवाचार करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिले के कुल 110 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रमुख शिक्षकों में विजय कुमार निराला, मोहम्मद रियाजुद्दीन अमीन असगर, अनुभूति कुमारी, अविनाश कुमार, मधु विद्यार्थी, राकेश कुमार, अमृता प्रीतम, पूजा कुमारी, मोनी कुमारी, रोली, दीपशिखा, नव्या भारती, चंद्रमौली, नम्रता सिंह, कृष्ण कुमार, चंद्रमौली रंजन सहित अनेक शिक्षकों के नाम शामिल रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के सभी सक्रिय सदस्यों के साथ प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 4:56 pm

दौसा में 300 प्रतिभाओं का सम्मान:वक्ता बोले- शिक्षा से दूर होगा अंधेरा; कहा- समाज को मिलना चाहिए MBC आरक्षण का हक

दौसा जिले के कैलाई स्थित देवनारायण मंदिर पर रविवार को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के बैनर तले आयोजित हुए कार्यक्रम में सरकारी सेवा में चयनित और बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स समेत 300 प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक जीआर खटाना ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की मुख्य धुरी है। ऐसे में समाज के लोगों को बच्चों की गुणवत्तायुक्त व रोजगारपरक शिक्षा पर फोकस करना चाहिए। गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बच्चू सिंह बैंसला ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में समाज का संगठन बेहद जरूरी हो गया है। इसके शिक्षा को बढ़ावा देते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना होगा। शिक्षा से दूर होगा अंधकार यूनिवर्सल ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक डॉ. कुलदीप सिंह महुवा ने कहा कि शिक्षा रूपी ज्योति से ही समाज में व्याप्त अशिक्षा का अंधकार दूर हो सकता है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई ने समाज के संगठन पर जोड़ दिया। इसके साथ ही कई अन्य वक्ताओं ने राज्य सरकार से एमबीसी आरक्षण की खामियों को दूर कर समाज को पूरा हक देने की मांग उठाई। ये भी रहे मौजूद गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामावतार बड़िया, प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास मरियाडा, जिलाध्यक्ष माधोसिंह कसाना, प्रदेश शिक्षा प्रकोष्ठ रामफूल भेड़ी, प्रदेश महामंत्री सुमेर श्यालावास, जिला शिक्षा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष दयाराम खटाना, जिला महामंत्री बच्चूसिंह तूंगड़, प्रेमसिंह विद्युडी, प्रमोद पटेल, जिला प्रवक्ता नरसी डोई, जिला कोषाध्यक्ष राजेश विद्युडी सुमेल, जिला कोषाध्यक्ष विश्राम सिंह खूंटला, जिला कार्यकारणी सदस्य जयसिंह पटेल, सुबेसिंह कैलाई, जिला सलाहकार सरदार सिंह, तहसील अध्यक्ष लालसोट सुरज्ञान खींची, तहसील अध्यक्ष सिकराय सुमेर पांचोली, हरेत झींझण, मीडिया प्रभारी मक्खन लीलोज, बसवा अध्यक्ष ओमप्रकाश लांगडी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचन्द्र खूंटला, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर, पवन बासड़ा, राजाराम भजाक, जयसिंह रलावता, मानसिंह बुर्जा, सूबेसिंह कैलाई समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बलेश पटेल पोषवाल ने अतिथियों से पौधरोपण कराया।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 4:15 pm

खैरथल में दलित उत्थान समिति की बैठक:अधिकारों, शिक्षा और संगठन विस्तार पर हुई चर्चा

खैरथल में दलित उत्थान और संघर्ष सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को अनाज मंडी परिसर में हुई। इस बैठक में समाज के कमजोर, पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान तथा अधिकारों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामाजिक एकजुटता, शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन विस्तार और गरीब व दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष की आगामी रणनीति तय की। बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा को बढ़ावा देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब तक दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शिक्षित नहीं होंगे, तब तक उनका समुचित विकास संभव नहीं है। समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाने, जरूरतमंद छात्रों को सहयोग प्रदान करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। समिति ने भविष्य में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उत्पीड़न के मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक में समिति अध्यक्ष श्यामलाल जाजोरिया, कोर टीम सदस्य रोहिताश कुमार जाटव, खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष शिवली राम, समिति संचालक नेता संतराम, दर्शन सिंह, नंदराम, यादराम, सारवान, किशन लाल, लालाराम, प्रकाश, अतर सिंह, फूल सिंह, रिंकू, रजनीश, राधेश्याम और रमेश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन समाज हित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 3:44 pm

महेंद्रगढ़ के सतनाली कॉलेज में MA की कक्षाएं शुरू:स्टूडेंट्स को नहीं जाना पड़ेगा बाहर, ABVP ने शिक्षा मंत्री से की थी मांग

महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा विद्यार्थियों के हित में उठाई गई मांग पूरी हो गई है। राजकीय महाविद्यालय सतनाली में एमए हिंदी और एमए पॉलिटिकल साइंस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बाबत एबीवीपी ने शिक्षा मंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा था। अब सरकार द्वारा दोनों विषयों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। परिषद की ओर से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला और डॉ. आशीष सहित कॉलेज स्टाफ का भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। अब दूर नहीं जाना पड़ेगा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा ने कहा कि अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। एबीवीपी नगर अध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि आसपास के विद्यार्थियों को अब हायर एजुकेशन का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षामंत्री का आभार जताया वहीं, विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सचिन कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए कार्य करती रही है और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाती रहेगी। एबीवीपी ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह मांग पूरी हो सकी। स्टाफ सदस्य मौजूद रहे साथ ही महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला, डॉ. आशीष सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 12:46 pm

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण और शहरी कॉलेजों का ब्यौरा मांगा:उच्च शिक्षा विभाग ने डीएचईओ को भेजा पत्र, प्रोफेसर की ट्रांसफर से पहली कवायद

हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की ग्रामीण और शहरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO) से रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने दो दिन के भीतर जिलेवार सूची भेजने के निर्देश दिए हैं। डायरेक्टर जनरल हायर एजुकेशन, हरियाणा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी सरकारी कॉलेजों का यह विवरण दिया जाए कि वे ग्राम पंचायत, नगर पालिका, उपमंडल मुख्यालय या जिला मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या नहीं। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि संबंधित कॉलेज किस तारीख से ग्रामीण या शहरी क्षेत्र की श्रेणी में माना गया है। विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी भेजा है, जिसमें कॉलेज का नाम, ग्राम पंचायत क्षेत्र में होने की स्थिति, नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने की तारीख, सब-डिवीजन या जिला मुख्यालय के दायरे में आने की जानकारी और संबंधित नियमों के अनुसार ग्रामीण/शहरी दर्जे का उल्लेख करना होगा। 2013 के संशोधित नियमों का हवाला पत्र के साथ हरियाणा एजुकेशन (कॉलेज कैडर) ग्रुप-बी सर्विस (संशोधन) नियम-2013 की प्रति भी संलग्न की गई है। इन नियमों के अनुसार, शिक्षकों के लिए ग्रामीण क्षेत्र या छोटे शहरों में सेवा देना अनिवार्य किया गया था। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि “ग्रामीण क्षेत्र” में वह उपमंडल मुख्यालय भी शामिल होगा, जहां ग्राम पंचायत मौजूद हो। वहीं “छोटा शहर” ऐसी नगर पालिका को माना गया है, जो जिला मुख्यालय या उपमंडल मुख्यालय नहीं है। शिक्षकों की ग्रामीण सेवा से जुड़ा मामला संशोधित नियमों के तहत 2002 के बाद नियुक्त कॉलेज शिक्षकों को न्यूनतम पांच वर्ष ग्रामीण या छोटे शहर में सेवा देनी होगी। इनमें से कम से कम तीन वर्ष वरिष्ठ स्केल से पहले और दो वर्ष चयन ग्रेड से पहले पूरे करना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम को कॉलेजों की वास्तविक ग्रामीण-शहरी स्थिति स्पष्ट करने और सेवा नियमों को लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 6:30 am

शिक्षा में एआई की भूमिका पर शिक्षकों ने सीखी नई तकनीकें

अम्बाला | राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कैंट में एक्सपीरिएंशियल पैडागॉजी एंड एआई इन क्लासरूम टीचिंग विषय पर 3 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन हुआ। शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों को समझा। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य देश राज बाजवा ने किया। उन्होंने एनईपी 2020 के अनुरूप नवाचारी, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया। डॉ. शब्दा बेदी, डॉ. दीपा शर्मा, सजल मिश्रा, पंकज कोहली ने अनुभवात्मक अधिगम, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विचार रखे। सजल मिश्रा ने एआई इन क्लासरूम टीचिंग पर विशेष सत्र लिया। सत्र में चैट जीपीटी, जैमिनी, क्लाउड जैसे एआई टूल्स के शैक्षणिक उपयोग पर चर्चा हुई। समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:30 am

नीति आयोग की रिपोर्ट में मप्र के शिक्षा-व्यवस्था के हाल...:9वीं तक आते-आते 36% बच्चे ही गणित के सवाल हल कर पाते हैं

श्रीमती सावित्री देवी के पुत्र दीपक ढौंडियाल की रिपोर्ट नीति आयोग की रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया’ में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो तस्वीरें सामने आई हैं। मप्र ने पिछले एक दशक में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 10.14% से घटाकर शून्य कर दी है। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या बच्चों को 12वीं तक स्कूल में बनाए रखने की है। इसके तीन संकेत दिखते हैं। पहला- 9वीं-10वीं में ड्रॉपआउट दर 16.8% है। यानी हर 100 में 17 बच्चे 10वीं से पहले पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सबसे खराब राज्यों में 8वें स्थान पर।दूसरा- 10वीं के बाद 31% बच्चे 11वीं तक नहीं पहुंच पा रहे। राज्य की ट्रांजिशन दर 68.9% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 75.1% है। सबसे खराब राज्यें में 9वें पर।तीसरा- मप्र का जीईआर सिर्फ 45% है। यानी 11वीं-12वीं की सही उम्र वाले हर 100 बच्चों में से सिर्फ 45 बच्चे ही स्कूल में नामांकित हैं। मप्र में प्राइमरी ड्रॉपआउट जीरो, पर 12वीं तक 55% बच्चे बाहर हो रहे शिक्षकों के 52 हजार पद खाली, 7 हजार स्कूल एक ‘गुरु’ के भरोसे मप्र की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कुल 52,019 पद खाली हैं। इनमें 47,122 पद सिर्फ प्रारंभिक स्तर के हैं। यानी कुल रिक्तियों का करीब 90% हिस्सा प्राइमरी स्कूलों में है। शिक्षक रिक्तियों के मामले में बिहार (2.77 लाख), झारखंड (99,565) व पश्चिम बंगाल (77,798) के बाद मप्र चौथे स्थान पर है। प्रदेश में 7,217 स्कूल ऐसे हैं जहां पूरा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक चला रहा है। इन स्कूलों में 2.29 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ 463 ऐसे स्कूल मिले जहां एक भी छात्र नहीं है, लेकिन वहां 223 शिक्षक तैनात हैं। दूसरे राज्यों की तुलना में मप्र में शिक्षक संकट ज्यादा गहरा दिखता है। महाराष्ट्र में कुल 8,979 पद खाली हैं और उच्च माध्यमिक स्तर पर सिर्फ 65 पद रिक्त हैं। हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी रिक्तियां मप्र से काफी कम हैं। वहीं राजस्थान में कुल रिक्तियां कम हैं, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर पर 14,949 पद खाली हैं, यानी वहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी ज्यादा है। अपने ही विषय के टेस्ट में 60 से 70% अंक नहीं ला सके शिक्षक नीति आयोग की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो बड़ी कमजोरियां सामने आई हैं। पहली, बड़ी कक्षाओं तक पहुंचते-पहुंचते बच्चों की सीखने की क्षमता घट रही है। दूसरी, शिक्षकों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परख-2024 के मुताबिक, तीसरी कक्षा के 66% बच्चे भाषा सही तरीके से समझ पा रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत 64% से बेहतर है। गणित में भी बच्चों ने 62% अंक हासिल किए। लेकिन 9वीं तक आते-आते स्थिति कमजोर हो जाती है। भाषा समझने वाले बच्चों का प्रतिशत घटकर 52% रह जाता है, जबकि गणित में सिर्फ 36% बच्चे ही दक्ष पाए गए। यानी 64% बच्चे बुनियादी सवाल हल करने में कमजोर हैं। डिजिटल सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह है। प्रदेश के सिर्फ 45.7% स्कूलों में इंटरनेट व 19.6% स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा है। स्मार्ट क्लास का राष्ट्रीय औसत 30.6% है। रिपोर्ट में शिक्षकों की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई गई है। साथ-ई प्रोजेक्ट में मध्य प्रदेश, झारखंड व ओडिशा के कई शिक्षक अपने ही विषयों के टेस्ट में 60-70% अंक तक नहीं ला सके। इसकी वजह शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में सुविधाओं की कमी, बीएड में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का अभाव और नियमित ट्रेनिंग न मिलना है। 14% हिस्सा अपनी ड्यूटी का चुनाव, सर्वे, रिकॉर्ड और मिड-डे मील जैसे गैर-शैक्षणिक कामों में खर्च करते हैं शिक्षक

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:30 am

किसान पुत्र अमन का IFS में 27वीं रैंक:कटिहार के मानसरोवर क्षेत्र में दे रहे सेवा,प्रारंभिक शिक्षा झारखंड से हुई

कटिहार के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम मुजवर टाल निवासी अमन आयुष्कर ने संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 में देशभर में 27वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह परिणाम 8 मई को जारी किया गया, जिसके बाद परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों में खुशी का माहौल है।अमन के पिता ओमप्रकाश तिवारी और माता सुधा तिवारी ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों में अपने बच्चों की परवरिश की। दादा रघुनाथ तिवारी के संस्कारों और परिवार के सहयोग से अमन ने अपनी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया।उनकी बहन कोमल कुमारी और छोटी बहन आस्था तिवारी भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। आस्था तिवारी वर्तमान में इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।अमन की प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के साहेबगंज स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे राजस्थान के कोटा गए।वर्ष 2016 में उन्होंने पश्चिम बंगाल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की, जिसके बाद 2017 में गेट परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2018 में भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में चयनित होकर वे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) में कैप्टन पद पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पदस्थापित हुए। पिथौरागढ़ में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2021 में उन्हें आर्मी मेडल भी प्रदान किया गया, जो लेफ्टिनेंट योगेन्द्र ढीबरी द्वारा दिया गया था। वर्तमान में अमन कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इससे पूर्व, वे बिहार भवन निर्माण विभाग में छपरा में भवन निर्माण पदाधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 9:24 pm

जहानाबाद में शिक्षकों की मटन पार्टी का VIDEO:पढ़ाई छोड़ दावत करने का आरोप; शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

जहानाबाद में एक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा मटन पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना नेहालपुर प्लस टू विद्यालय की बताई जा रही है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर में मटन पार्टी आयोजित करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कई शिक्षकों को एक मेज पर बैठकर मटन पार्टी करते हुए देखा। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। छात्र और गुरु की परंपरा समाप्त होती दिख रहीइस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। विद्यालय जैसे पवित्र स्थान पर शिक्षकों द्वारा इस तरह की गतिविधि से शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हो रही है। यह घटना उस समय सामने आई है जब शिक्षकों का मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना है। इस तरह के आचरण से छात्र और गुरु की परंपरा समाप्त होती दिख रही है। विद्यालय में ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जहां शिक्षक पढ़ाने के बजाय अन्य गतिविधियों में लिप्त पाए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा जगत शर्मसार हो रहा है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 4:50 pm

'CDEO भाजपा के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे':कांग्रेसी बोले- राजनीतिक बयान शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, कलेक्टर को ज्ञापन दिया

राजसमंद में सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल बाल्दी के भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद गहरा गया। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्री के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर सीडीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कांग्रेस ने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी के इस प्रकार के राजनीतिक बयान शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर सीडीईओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने शुरू किया विरोध दरअसल नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के खमनोर ब्लॉक स्थित गांवगुड़ा के सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीडीईओ रामेश्वर लाल बाल्दी मंच से पश्चिमी बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को लेकर बयान दे रहे थे। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे सरकारी पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। बोले- भाजपा प्रवक्ता की तरह काम कर रहे कलेक्ट्री के बाहर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी भाजपा के प्रवक्ता की तरह कार्य कर रहे हैं, जबकि उनके जिम्मे जिले के हजारों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। पढ़ें ये खबर भी… सरकारी अधिकारी बोले- ममता के राज का सफाया हुआ:कहा-10 रुपए की झालमुड़ी ने कमाल कर दिया, BJP का मतलब-भारतीय झालमुड़ी पार्टी, कलेक्टर बोले-कार्रवाई होगी बंगाल की विजय हम सभी के लिए गौरवपूर्ण है। आज भारतीय जनता पार्टी ने अपना नाम बदल दिया है। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 9 May 2026 4:00 pm

वीरपुर के विद्यालयों में पीटीएम मीटिंग:बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और विकास पर चर्चा हुई

बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शनिवार को 'हमारा बच्चा, हमारी जिम्मेदारी' थीम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। साथ ही, घर पर भी पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें ताकि बच्चों का बेहतर विकास हो सके। प्राथमिक विद्यालय नौला मुसहरी में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका कविता कुमारी ने की। इसमें मुखिया प्रतिनिधि प्रीतम कुमार, विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यहां बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता अपनाने और पोषणयुक्त भोजन देने पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय वदिया में एचएम मुकुंद कुमार सिंह ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्य विद्यालय खरमौली में प्रभारी प्रधानाध्यापक विरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इन संगोष्ठियों में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 3:57 pm

MCB जिला शिक्षा में लगातार दूसरे साल सबसे नीचे:10वीं-12वीं बोर्ड में 33 जिलों में आखिरी स्थान पर, DEO बोले- आगे सुधार किया जाएगा

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की तरफ से घोषित 2026 के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान पर रहा। 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले का परिणाम केवल 59.12 प्रतिशत रहा, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में यह 62.40 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस निराशाजनक प्रदर्शन से जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां प्रदेश के कई जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सफलता दर्ज की है, वहीं एमसीबी जिले का यह प्रदर्शन शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की तैयारी और स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चिंताजनक है। लगातार दूसरे वर्ष ऐसी स्थिति बने रहने से शिक्षा विभाग के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। कमजोर शैक्षणिक तैयारी खराब परिणामों का प्रमुख कारण जिले में सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी, नियमित मॉनिटरिंग का अभाव, दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा संसाधनों की कमी और विद्यार्थियों की कमजोर शैक्षणिक तैयारी को खराब परिणामों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर दिख रहा है। इन परिणामों के बाद अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद सुधार के ठोस प्रयास नहीं दिख रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। आगे सुधार किया जाएगा- मिरे जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे ने परिणामों को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की समीक्षा की जाएगी और आगामी सत्र में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। हालांकि, जिले के लगातार खराब प्रदर्शन ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 3:40 pm

पानी मांगा तो आंखों से बहाने लगीं JEN मैडम:शिक्षा अधिकारी बोले- BJP मतलब भारतीय झालमुड़ी पार्टी; बाइक जब्त करने पर पुलिस को लहूलुहान किया

नमस्कार झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोगों ने JEN मैडम को पानी की समस्या बताई तो वे आंखों से पानी बहाने लगीं। हनुमानगढ़ में किरोड़ी बाबा ने SBI की ब्रांच पर धावा बोल दिया। अलवर के गोविंदगढ़ में भीड़ ने पुलिस को ‘स्टंट’ दिखा दिया और राजसमंद के शिक्षा अधिकारी की बंगाल-फतेह से बांछें खिल गईं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. रोने से घड़े नहीं भरते रोने से घड़े नहीं भरते। इसलिए JEN मैडम को रोते देखकर भी महिलाओं का दिल नहीं पसीजा। झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। बोले- कई महीने से पानी की समस्या है। विरोध-प्रदर्शन चलने लगा। गुस्साए लोगों ने सरकारी विभाग तक जाने वाला पानी बंद कर दिया। जेईएन अंतरा मीणा मौके पर पहुंचीं तो महिलाओं ने घेर लिया। खूब खरी-खोटी सुनाई। मैडम को रोना आ गया। वे कार में बैठकर रोनी लगीं। वहां भी महिलाएं पहुंच गईं और कटाक्ष करती रहीं। फोन करके मैडम किसी से कहने लगीं कि मुझ पर हाथ उठाया। इससे महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया। एक महिला बोली- मैडम को धूप लग रही थी। इसलिए एसी कार में जाकर बैठ गईं। हम कई दिन से धूप में तपकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हम इंसान नहीं हैं क्या? मैडम का रोना व्यर्थ गया। न जी हल्का हुआ और न जल संकट का हल निकला। 2. SBI की शाखा पर कृषि मंत्रीजी का छापा बाबा अंतर्यामी हैं। पहुंचे हुए हैं। कहीं कोई गबन कर रहा हो, मिलावट कर रहा हो, लॉकर में दस्तावेज छुपाकर बैठा हो, बाबा को पता चल जाता है। पुलिस बाद में पहुंचती है। पहले बाबा पहुंच जाते हैं। बाबा राजनीति में आने से पहले डॉक्टर थे। लेकिन उनकी टाइमिंग को देखकर लगता है कि सीबीआई में रहे होंगे। इस दफे बाबा हनुमानगढ़ पहुंच गए। वहां पल्लू में SBI की शाखा है। यह वह पल्लू नहीं है, जिसमें महिलाएं पूंजी को गांठ बांधकर रख लेती हैं। इस पल्लू में पूरे 9 करोड़ दबाने की तैयारी थी। बाबा ने पता लगाया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा क्लेम के लिए इसी ब्रांच में फर्जी खाते चल रहे थे। सब खाते किसानों के नाम पर थे, लेकिन किसान कोई नहीं था। किसान के नाम पर क्लेम उठाने, कर्जा लेने और सब्सिडी खाने की तैयारी थी। बैंक मैनेजर भोले बन गए। उनके पास न रिकॉर्ड, न दस्तावेज। स्कीम का ID पासवर्ड मांगा तो बोले कर्मचारियों ने मेरा आईडी-पासवर्ड चोरी करके गड़बड़ी की होगी। बाबा का पारा चढ़ा। बोले- इस तरह तो कोई पूरा बैंक साफ कर सकता है। बाबा ने कहा- पटवार रिपोर्ट में जब साफ है कि इन किसानों के नाम कोई जमीन ही नहीं है तो फिर बिना जमाबंदी फसल बीमा कैसे हो गया? इस पर मैनेजर साहब जमीन खुरचने लगे। 3. ‘स्टंटबाजों’ से पिट गई गोविंदगढ़ पुलिस पुलिस की महिमा भी अजब-गजब है। कभी यह खेत में दौड़ लगाकर तस्करों को दबोच लेती है। कभी थाने में घुसे वकील को चांटे मार देती है। पुलिस के साथ कभी खुशी-कभी गम वाला सीन बनता रहता है। अलवर के गोविंदगढ़ में तो अलग ही मामला हो गया। दिल्ली नंबर की बुलेट बाइक पर फड़फड़ाते युवक निकले। क्लच दबाकर रेस दी तो साइलेंसर में पटाखा फूटा। पुलिस का पारा चढ़ा। ऐसी बाइकों के खिलाफ अभियान चल ही रहा है। तो पुलिस ने बाइक जब्त कर ली। संबंधित समाज को 'पटाखे फोड़ना' कतई गैर-कानूनी नहीं लगा। 'इतनी सी बात पर पुलिस ने बाइक पकड़ ली।' बात फैल गई। थाने के बाहर भीड़ जुट गई। लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ी के शीशे फूट गए। थाना परिसर में ईंट-भाटों की बारिश हो गई। SHO साहब के मुंह पर आकर पत्थर पड़ा। टांके लगाने पड़े। स्टंटबाजों की भीड़ ने बिना बाइक भी 'स्टंट' दिखा दिया। इसके बाद पुलिस ने 4 लोगों को पकड़ कर अंदर कर दिया। उम्मीद है बाकी के स्टंट की भी हवा जल्द निकालेगी। 4. चलते-चलते… (नोट: कृपया झालगुड़ी को झालमुड़ी पढ़ा जाए।) यूं तो कार्यक्रम स्कूल की नई इमारत के लोकार्पण का था। लेकिन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी यानी CDEO साहब किसी और बात से उत्साहित थे। वे बड़ी बेसब्री से मंच पर बुलाए जाने का इंतजार कर रहे थे। अति उत्साह में उनका रोम-रोम पुलकित हो रहा था। उनका इंतजार समाप्त हुआ। वे मंच पर थे। उन्होंने हर्ष और गौरव जैसे शब्दों से बात की शुरुआत की। बोले- बंगाल फतेह हम सबके लिए गौरव की बात है। हर्ष का विषय है। लोग चौंके। उन्हें लगा कि नई इमारत की खूबियां गिनाएंगे। लेकिन CDEO साहब का ध्यान बंगाल में बनी नई इबारत पर था। वे सीधे पार्टी पर आ गए। चहकते हुए कहा- आज भारतीय जनता पार्टी अति प्रसन्न है। यह चुटकुला चल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपना नाम भी बदल दिया है। लोग फिर चौंके। CDEO साहब ने खुलासा समझाया- अब बीजेपी का मतलब हो गया है- भारतीय झालगुड़ी पार्टी। भीड़ में लोगों के फुसफुसाने की आवाज आई- झालगुड़ी नहीं झालमुड़ी। लेकिन यह करेक्शन मंच तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद उन्होंने जीत के नायक का जिक्र किया। बोले- भारत को यशस्वी लीडर मिला है, जो डिसीजन मेकर है। जिसका नेतृत्व सशक्त है। उन्हीं के कारण हिंदुस्तान का डंका विश्व में बज रहा है। उन्होंने बंगाल में 10 रुपए की झालगुड़ी ली। झालगुड़ी कमाल कर गई। दीदी का राज साफ हो गया। पूर्व में भाजपा का परचम लहरा गया। इसके बाद उन्होंने संस्कृति, सनातन और विरासत जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बात मुकम्मल की। स्कूल की नई इमारत भी सोचती रह गई कि...हमसे का भूल हुई.. इनपुट सहयोग- दिनेश श्रोत्रिय (राजसमंद), दीपक भारद्वाज (हनुमानगढ़), अमित कुमार शर्मा (गोविंदगढ़, अलवर), राजकुमार शर्मा (नवलगढ़, झुंझुनूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 7:00 am

दौरे को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग की तैयारियां:एनएमसी कवर्धा समेत पांच मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाएं जांचेगा, सब सही तो 250 सीटें बढ़ेंगी, टीचिंग के 97 पद स्वीकृत

प्रदेश में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम इसी महीने मनेंद्रगढ़, जशपुर, कवर्धा, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा का निरीक्षण कर सकती है। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप मिलने पर इसी सत्र से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे प्रदेश में एमबीबीएस की 250 नई सीटें बढ़ेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़कर 1680 प्रदेश में फिलहाल 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें कुल 1430 एमबीबीएस सीटें हैं। नए कॉलेज शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। प्रत्येक नए कॉलेज में 50-50 सीटें होंगी। इस तरह 250 सीटें बढ़ने के बाद प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1680 तक पहुंच जाएगी।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 5:30 am

​डोटासरा बोले- शिक्षा मंत्री की संस्था में करोड़ों का घपला:हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में करोड़ों के हेरफेर में दिलावर की मिलीभगत

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता वाली संस्था हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में हुए भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा कि हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान जिसके अध्यक्ष खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, संस्था में करोड़ों रुपए का भारी भ्रष्टाचार हुआ है। दस्तावेजों के साथ गंभीर आरोप लगे हैं, शिकायतें सामने हैं, फिर भाजपा सरकार जांच और कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? क्या शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने संरक्षण में हुए इस पूरे घोटाले पर जवाब देंगे? क्योंकि जिस संस्था के वो स्वयं अध्यक्ष हैं उसमें करोड़ों का घोटाला हुआ। क्या उनकी जानकारी और मिलीभगत के बिना ये संभव है? डोटासरा ने कहा- हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान संस्था में करोड़ों रुपए के गबन, फर्जी बिल-वाउचर, फर्जी हस्ताक्षर से निजी खातों में पैसे ट्रांसफर, भर्ती में पद देने और अवैध वसूली के सबूत हैं। संस्था के जिला ऑर्गेनाइजर अजय कुमावत ने पूरे भ्रष्टाचार और गबन को सबूतों के साथ सरकार से शिकायत की है। डोटासरा जयपुर कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- बिना सक्षम स्वीकृति के शिविरों में मनमानी शुल्क निर्धारित करके निजी बैंक खातों में अवैध वसूली की गई है। इस संस्था ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ऐसे कैंप दिखाए गए हैं जो हुए ही नहीं, लेकिन उनके नाम पर जमकर पैसा उठाया गया। हर प्रतिभागी से 300 रुपए शुल्क लेना अनिवार्य, लेकिन संस्था के खाते में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ। फिर वो पैसा गया कहां ? ये पैसा संस्था के राज्य सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर गबन करने का आरोप है। 13 हजार छात्रों से फीस लेकर 39 लाख रुपए निजी खातों में किए ट्रांसफर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा- डीएलएड के छात्रों को स्काउट का प्रशिक्षण अनिवार्य है। करीब 13 हजार छात्रों से 300 रुपए वार्षिक शुल्क के नाम पर करीब 39 लाख रुपए निजी खातों में वसूले गए। इन्हें प्रशिक्षण तक नहीं कराया गया और फर्जी सर्टिफिकेट बांट दिए गए। जयपुर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जो मई 2024 में रिटायर हो चुके हैं, उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके बिल पास कराए और अपने निजी खातों में पैसे ट्रांफसर करवा लिए गए। पद देने के नाम पर 30- 30 हजार की वसूली की गई डोटासरा ने कहा- CSR फंड के 60 लाख रुपए सरकारी अनुदान में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर गबन किए गए। RTI में जानकारी तक नहीं दी गई। स्काउट गाइड दर्पण पत्रिका की कॉपियां बांटने के नाम पर 7.5 लाख रुपए, स्टीकर वितरण के नाम पर हर साल 1 लाख रुपए लिए गए। पद देने के लिए बिना विज्ञप्ति पक्षपातपूर्ण भर्ती करके निजी खातों में 30-30 हजार रुपए की अैधव वसूली की गई। संगठित लूट के तहत संस्था के जिला कार्यालयों को 30 से 40% कमीशन पर बजट आवंटन किया गया। संस्था के सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों ने करीब 23 लाख रुपए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। शिकायतकर्ता मनोज कुमावत ने 6 लाख 94 हजार रुपए सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के खातों में दिए। संगठित लूट का सबूत है डोटासरा ने कहा- मदन दिलावर और भाजपा की तरह ये केवल अनर्गल आरोप नहीं हैं, बल्कि दस्तावेजों, बिल वाउचरों, बैंक खातों में हुए ट्रांसफर के पैसों और तथ्यों के साथ संगठित लूट का सबूत है।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 9:39 pm

गर्मियों की छुट्टियों में कटौती पर शिक्षक नाराज, किया सद्बुद्धि-यज्ञ:शिक्षा मंत्री के आदेशों की आहुति दी; 71 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

राजस्थान शिक्षक संघ 'सियाराम' ने अपनी 71 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन के चतुर्थ चरण में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को जिला प्रारंभिक शिक्षा ऑफिस परिसर में शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की 'सद्बुद्धि' के लिए यज्ञ किया। साथ ही हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के 1008 पाठ किए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के आदेशों की भी आहुति भी दी। ​7 साल से तबादलों का इंतजार​यज्ञ के दौरान शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले 7 साल से ट्रांसफर न होने पर गहरा दुख जताया। जिला मंत्री महिपाल भुता ने आरोप लगाया कि टीएसपी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन काउंसलिंग के समय विभाग मनमर्जी से पदों को प्रदर्शित करता है, जो विधि विरुद्ध है। शिक्षकों ने मांग की कि टीएसपी के सभी रिक्त पदों को काउंसलिंग में शामिल किया जाए। ये रही प्रमुख मांगें ​यज्ञ में बंदर के आने पर लगाया भोग​यज्ञचार्य जिलाध्यक्ष नवीन जोशी के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश सभाध्यक्ष ललित आर. पाटीदार, अशोक शर्मा और नानूराम डामोर सहित कई दिग्गज शामिल हुए। पाठ के दौरान परिसर में अचानक बंदरों के आने पर शिक्षकों ने इसे शुभ संकेत माना और प्रसन्नता जताते हुए गुड़-चने का भोग लगाया। इस अवसर पर पंकज द्विवेदी, निलेश शाह, नारायण सिंह, भूपेश वर्मा, डायालाल यादव, महिपाल भाटिया, निलेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 7:32 pm

शिक्षा मंत्री की सद्बुद्धि के लिए किया गया यज्ञ:बोले- गर्मियों की छुट्टियों में की कटौती को रोके, मांग नहीं मानी तो विरोध करेंगे

भरतपुर जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस के बाहर शुक्रवार को टीचरों ने शिक्षा मंत्री की सद्बुद्धि के यज्ञ किया। टीचरों की मांग है कि गर्मियों की छुट्टियों की कटौती के आदेश को रोका जाए। बिना किसी संगठन की राय लिए शिक्षा सत्र को नए सिरे से शुरू कर दिया गया। अगर शिक्षा मंत्री हमारी मांगे नहीं मानेंगे तो, शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध किया जाएगा। टीचरों में रोष, बोले- नए सिरे से सत्र की शुरुआत की जाए टीचर कृष्ण सिंह बैसला ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का 1 महीने से अनशन चल रहा है। शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों की कटौती कर दी गई हैं। साथ ही शिक्षा सत्र नए सिरे से शुरू किया गया है। इस निर्णय के लिए शिक्षक संगठनों की राय नहीं ली गई है। इससे राजस्थान के पूरे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। सभी शिक्षकों की राजस्थान सरकार से प्रार्थना है। तुरंत ऐसी कार्रवाइयों को रोका जाए। जिससे शिक्षक वर्ग परेशान हो। इसी क्रम में आज शिक्षकों में सद्बुद्धि यज्ञ किया है। साथ ही भगवान हनुमान का पाठ किया है। इससे शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि मिले। वह शिक्षकों के बारे में सकारात्मक सोचें। शिक्षा मंत्री टीचरों के मान सम्मान का धयान नहीं रखते धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि वे अपनी बात रखना चाहते है। अगर शिक्षा मंत्री शिक्षकों को उत्तेजित करेंगे शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षा मंत्री ऐसे स्टेटमेंट देते हैं कि हमारे मान सम्मान का भी ध्यान नहीं रखा जाता। शिक्षा मंत्री आए दिन शिक्षकों को परेशान करने पर उतरे हुए हैं। शिक्षा मंत्री बिना वार्ता लेते हैं निर्णय सभी शिक्षकों का निवेदन है कि वह हमारी बात को सुनें। कोई भी निर्णय लेने से पहले शिक्षक संगठनों से वार्ता करें। बिना वार्ता के कोई भी निर्णय लेना न्यायसंगत नहीं है। अगर शिक्षकों के खिलाफ अन्याय पूर्ण कार्रवाई हुई तो, सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। शिक्षा मंत्री का पुरजोर विरोध किया जाएगा। 18 मई से विरोध की शुरुआत विरोध की शुरुआत 18 मई को रामगंज मंडी से निकलने वाली रैली से होगी। अगर उससे भी निर्णय नहीं निकलता तो, सभी शिक्षक लामबंद होकर जयपुर में आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसलिए शिक्षकों की प्रार्थना है कि हमें आंदोलन करने पर मजबूर न करें। शांतिपूर्ण तरीके से हमारी समस्याओं का समाधान करें।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:06 pm

टीकमगढ़ की 102 साल पुरानी इमारत का जीर्णोद्धार शुरू:राज परिवार ने शिक्षा को बढ़ावा देने बनवाया था, अब बनेगी जिला लाइब्रेरी

टीकमगढ़ के ऐतिहासिक नजरबाग परिसर में स्थित 102 साल पुरानी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की इमारत अब फिर से अपने पुराने वैभव में लौटेगी। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की पहल पर इस प्राचीन इमारत के जीर्णोद्धार के लिए 99 लाख रुपए का फंड जारी किया गया है, जिसके बाद मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। इस ऐतिहासिक बिल्डिंग का निर्माण तत्कालीन राज परिवार के राजा वीर सिंह ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करवाया था। यह शहर का पहला गर्ल्स स्कूल था, जहां दशकों तक छात्राओं ने शिक्षा प्राप्त की। हालांकि, चार साल पहले स्कूल के यहां से स्थानांतरित होने और देखरेख की कमी के कारण यह अमूल्य धरोहर जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो रही थी। हेरिटेज के रूप में होगा विकास शुक्रवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मरम्मत कार्य का जायजा लिया और इसे समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद इसे एक हेरिटेज लुक दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की पुरानी यादों को संजोना है, क्योंकि इस स्कूल से कई परिवारों और पूर्व छात्राओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। गीता भवन और संग्रहालय की योजना जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद इस भवन का बहुउद्देशीय उपयोग किया जाएगा। यहां जिला लाइब्रेरी को ट्रांसफर किया जाएगा। इसे गीता भवन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां आयोजित होंगी। बिल्डिंग के एक हिस्से में विशेष संग्रहालय (म्यूजियम) बनाया जाएगा। कलेक्टर ने शहर के लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई भी पुरानी ऐतिहासिक धरोहर हो, तो वे इसे इस संग्रहालय में भेंट कर सकते हैं। भेंट करने वाले व्यक्ति के सम्मान में उनकी वस्तु के साथ उनका फोटोग्राफ भी वहां प्रदर्शित किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 3:53 pm

हिन्दी भाषा का अपमान करना सही नहीं:रोहतक में शिक्षामंत्री बोले, बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में ला रहे टैक्नोलॉजी

रोहतक में सरकारी स्कूल में निपुण वाटिका व प्राइवेट स्कूल में साइंस लैब का उद्घाटन करने पहुंचे हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। अगर कोई राष्ट्र भाषा को लेकर टिका टिप्पणी करता है तो वह सही नहीं है। राष्ट्र भाषा का सम्मान करना चाहिए। महिपाल ढांडा ने कहा कि देश में 27-28 के करीब राष्ट्रीय भाषाए हैं, क्योंकि हर राज्य की अपनी भाषा है। सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिया गया है तो उसका सम्मान जरूरी है। देश की आजादी के बाद हिंदी को राष्ट्र भाषा माना गया था। सरकार समय के अनुसार बढ़ रही आगे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार के संज्ञान में जो भी विषय आ रहे हैं, उन पर काम किया जा रहा है। समय के अनुसार ही सरकार आगे बढ़ रही है। वहीं, बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में भी टैक्नोलॉजी को बढ़ाया जा रहा है। निपुण वाटिका इसका उदाहरण है। वहीं, प्राइवेट स्कूल में साइंस लैब भी इसका एक उदाहरण है। समाज के हाथ में होती थी शिक्षा महिपाल ढांडा ने कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज के हाथ में ही शिक्षा होती थी। सरकार सिर्फ उनकी मददगार होती थी। उसी तर्ज पर वर्तमान समय में स्कूलों के अंदर एसएमसी भी चला रहे है। आज भी समाज के लोगों द्वारा स्कूल चलाए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है और सरकार उनकी मदद कर रही है। सरकारी स्कूलों में भी बढ़ा रहे सुविधाएंमहिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंदर भी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। निपुण वाटिका एक ऐसा ही सुंदर कार्यक्रम है, जिसमें खेल-खेल में ही बच्चे सीख रहे हैं। आज आवश्यकता तो है और धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों में साइंस लैब जैसी व्यवस्थाओं को लाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 3:37 pm

केजीके कॉलेज प्रबंध समिति की वैधता पर विवाद गहराया:उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपति से मांगी रिपोर्ट

मुरादाबाद के केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता का विवाद अब उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर कोई असर न पड़े, इसके लिए शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने पूर्व में प्राचार्य के अधिकार सीमित करते हुए प्रो. विनोद पांडेय को प्रशासनिक और प्रो. उपदेश चौहान को वित्तीय अधिकार सौंपे थे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. डॉ. सुधीर कुमार ने इस आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद, आयोग द्वारा चयनित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी ने कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की प्रबंध समितियां आमतौर पर ट्रस्ट या सोसायटी के माध्यम से संचालित होती हैं। अधिकारी के अनुसार, ट्रस्ट आधारित समितियों में पदाधिकारी स्थायी होते हैं और चुनाव नहीं होते, जबकि सोसायटी के तहत संचालित संस्थाओं में संविधान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाती है। अब तक मिले दस्तावेजों के आधार पर, केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित होती प्रतीत हो रही है। समिति की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुलपति से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विश्वविद्यालय से जवाब प्राप्त होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 1:23 pm

RTE-एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त...387 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं:कहा-क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एडमिशन को लेकर हैरानी जताई है। इस मामले में राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है, जिनमें ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं। यह जानकारी सामने आने पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने हैरानी जताते हुए शासन से पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं राज्य सरकार कुछ छिपा तो नहीं रही है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिका पर हुई सुनवाई दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र को देखकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि राज्य के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला, जबकि 366 ऐसे स्कूल हैं जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन काफी कम आए हैं। इनमें प्रदेश के अधिकांश बड़े स्कूल शामिल हैं। हाईकोर्ट ने पूछा- क्या बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते गरीब बच्चे? राज्य शासन का यह जवाब सुनकर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। कोर्ट ने पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। डिवीजन बेंच ने RTE के तहत आबंटित सीटों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य शासन को शपथ पत्र के जरिए पूरी जानकारी पेश करने को कहा गया है। सरकार को बताना होगा कि किस स्कूल में कितनी सीटें आवंटित की गईं और किन बच्चों का एडमिशन हुआ है। हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा इस मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने अधिकारियों से पूछा कि प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तब गरीब बच्चों का दाखिला आखिर कब होगा। क्या प्रशासन की लापरवाही से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। बता दें कि RTE से जुड़े कई अन्य मामलों की सुनवाई पहले से चल रही है। सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम मिले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के शपथ पत्र पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बताया गया है कि प्रदेश के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। वहीं 366 ऐसे स्कूल हैं, जहां कुल सीटों के मुकाबले काफी कम आवेदन मिले हैं। कई स्कूलों में केवल एक या दो सीटों पर ही एडमिशन की जानकारी दी गई है। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि अगर किसी स्कूल में सिर्फ एक बच्चे का एडमिशन हुआ है, तो क्या वहां कुल चार बच्चे ही पढ़ रहे हैं। जबकि RTE के तहत स्कूलों में कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। ………………………. हाईकोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… RTE एडमिशन में देरी पर हाईकोर्ट नाराज: पूछा- प्रवेश प्रक्रिया में अगस्त बीत जाएगा तो बच्चे पढ़ेंगे कब, राज्य शासन पेश करे एक्शन प्लान छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में हो रही देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर एडमिशन जुलाई-अगस्त तक चलते रहेंगे, तो बच्चे पढ़ाई कब शुरू करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 8 May 2026 9:32 am

TRE-4 कैंडिडेट्स का महाआंदोलन:पटना कॉलेज से BPSC ऑफिस तक करेंगे मार्च, 2 साल से वैकेंसी की मांग; कल ही नए शिक्षा मंत्री ने ली है शपथ

बिहार सरकार के 32 मंत्रियों ने गुरुवार को शपथ ली है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बीजेपी कोटे से मंत्री मिथिलेश तिवारी को दी गई है। इसी बीच आज पटना में BPSC TRE 4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन होगा। छात्र नेता दिलीप ने महाआंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन की शुरुआत पटना कॉलेज कैंपस से 11.30 से होगी, जहां हजारों अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना है। अभ्यर्थियों का मार्च पटना कॉलेज से निकलकर अशोक राजपथ, बिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, खेतान मार्केट, बाकरगंज और गांधी मैदान होते हुए BPSC कार्यालय तक जाएगा। TRE 4 विज्ञापन में लगातार हो रही देरी को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। तीन-चार दिनों में विज्ञापन आने की बात कही गई थी छात्र नेता दिलीप ने कहा कि BPSC परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि TRE 4 का विज्ञापन तीन-चार दिनों में जारी कर दिया जाएगा और 25-26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकिन अब 8 मई हो चुका है और अभी तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और BPSC लाखों अभ्यर्थियों को सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में TRE 4 अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य के करीब 13 लाख छात्र भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सरकार और BPSC को जल्द फैसला लेना चाहिए। 46,595 पदों पर आएगा नोटिफिकेशन TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर भर्ती की जाएगी। बिहार लोक सेवा आयोग को इसके लिए अधियाचना पिछले फरवरी महीने में ही मिल चुकी थी। जिसे शिक्षा विभाग की ओर से वापस ले लिया गया और इसे वार्षिक कैलेंडर में भी शामिल कर लिया गया है। संभावित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि परिणाम नवंबर 2026 में जारी होने की संभावना है। हालांकि अब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है। पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति TRE-4 भर्ती में पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ SC-ST और पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर भर्ती होगी। सभी पदों के लिए आयोग जल्द संयुक्त विज्ञापन जारी करेगा, जिसके बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य में शिक्षकों की वर्तमान स्थिति फिलहाल बिहार में करीब 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले दो वर्षों में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से लगभग 2.27 लाख शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 3 लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर राज्यकर्मी बन चुके हैं।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 6:00 am

शिक्षा केंद्र में रुपए देने के मैसेज मामले में होगी जांच

भास्कर संवाददाता | उज्जैन जिला शिक्षा केंद्र में लड्डू-मिठाई के नाम पर इंजीनियरों को मैसेज भेजकर रुपए देने के मामले में कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने जांच की बात कही है। संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया गया है। जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों के वाट्सएप ग्रुप (जेडएसके इंजीनियर सूचना ग्रुप) पर इंजीनियरों के बीच हुई चैटिंग में यह खुलासा हुआ था। भास्कर ने 4 मई के अंक में मामले का वाट्सएप ग्रुप पर हुई चैटिंग के प्रमाण सहित खुलासा किया था। इंजीनियर संदीप जैन ने ग्रुप पर डीपीसी के नाम पर दीपावली पर मिठाई के पैकेट वितरित करने, रुपए देने के लिए यूपीआई स्कैनर की फोटो भेजने और एक ही दिन में मान्यता की 200 फाइलें साइन करने जैसे कई अन्य मैसेज भेजे थे। वहीं इंजीनियर वल्लभसिंह राठौर ने भी ग्रुप पर मैसेज भेजा था कि डीपीसी सर द्वारा भोपाल से प्राप्त निर्देशानुसार 500-500 ग्राम के महाकाल लड्डू प्रसादी के पैकेट भेजने का मैसेज भेजा था। मामले में कलेक्टर सिंह का कहना है कि इस मामले में संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किए हैं। मामले की जांच भी की जाएगी। जांच में जो भी दोषी सिद्ध होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:50 am

टैगोर के साहित्य और शिक्षा योगदान को किया याद

एचवीएम ग्लोबल स्कूल, सेक्टर 32 में रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। स्कूल में आयोजित विशेष प्रातःकालीन सभा की शुरुआत रवीन्द्रनाथ टैगोर के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित प्रश्नोत्तरी से हुई। इसके बाद छात्रों के सामने उनके जीवन, दर्शन तथा साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर भाषण प्रस्तुत किया गया। सभा में छात्रों ने गुरुदेव के रचित गीत भी प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण संगीतमय बना रहा।कार्यक्रम के तहत कक्षा गतिविधियां भी कराई गईं। कक्षा 3 से 5 के छात्रों ने रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय लिखा। कक्षा 6 से 8 के छात्रों ने कवि के चित्र और रेखाचित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित की।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:30 am

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ...

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:21 pm

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है

बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.

बूमलाइव 29 Apr 2026 11:12 am

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?

अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया ...

वेब दुनिया 23 Apr 2026 12:02 pm

शिक्षाप्रद कहानी: बालक राम से 'परशुराम' बनने की गाथा

बहुत पुरानी बात है, महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के एक बहुत ही आज्ञाकारी पुत्र थे, जिनका नाम था 'राम'। राम बचपन से ही बहुत शांत, बुद्धिमान और बलवान थे। वे अपने माता-पिता की सेवा करना अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।

वेब दुनिया 15 Apr 2026 2:59 pm

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है 7000 युवा

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm