शिवहर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अब जिले के अधिकारी मॉडल स्कूलों में खुद कक्षाएं लेंगे और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को करीब से समझेंगे और कमियों को चिह्नित करेंगे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को श्रीराम खेलावन जंगी उच्च विद्यालय, कुशहर से जोड़ा गया है। वहीं निदेशक, राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम को पिपराही के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है। तरियानी, पुरनहिया, डुमरी कटसरी और शिवहर के स्कूलों में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल की होगी समीक्षा अधिकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपयोग की स्थिति देखेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और पाठ्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। हर सप्ताह डीईओ को देनी होगी रिपोर्ट सभी अधिकारियों को अपनी ली गई कक्षा और स्कूल निरीक्षण की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों को जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी और सीधे कक्षा लेने की व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल मजबूत होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कटिहार जिले के सभी 20 आदर्श विद्यालयों में 30 सितंबर 2026 को 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' कार्यक्रम के तहत अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी हुई। राज्य सरकार और जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में इसका आयोजन किया गया। आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर फोकस इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, सुविधाओं और जरूरतों पर अभिभावकों, शिक्षकों व प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना था। नामित वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 20 आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया। स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर लैब, विज्ञान लैब और खेल जैसी आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। उच्च विद्यालय का खुद निरीक्षण किया कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और आधुनिक शिक्षण विधियों के इस्तेमाल की समीक्षा भी हुई। संगोष्ठी में अभिभावकों और छात्रों ने अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने स्मार्ट कक्षा और प्रयोगशालाओं से मिल रहे लाभों पर खुशी जताई। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय का स्वयं निरीक्षण किया।
खगड़िया में स्नेह समिति कार्यक्रम शुरू:माताओं और समुदाय की भागीदारी से मजबूत होगी बच्चों की शिक्षा
खगड़िया में बच्चों की शिक्षा एवं सीखने के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से ‘स्नेह समिति’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर के निर्देश पर DIET प्रशिक्षण संस्थान, खगड़िया में कार्यक्रम का शुभारंभ एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन DIET के प्राचार्य ने किया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से ICDS के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड एवं जिला परियोजना प्रबंधक, शिक्षा विभाग के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला संसाधन व्यक्ति (DRP), प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर (BLMT) सहित प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं मंत्रा फॉर चेंज के मास्टर ट्रेनर शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान माता स्नेह समिति, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका समूहों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजन समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए नियमित गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक समूह में करीब 5 से 8 माताओं का शैक्षिक समूह गठित किया जाएगा। यह समूह हर सप्ताह बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति को लेकर बैठक करेगा। वहीं, प्रत्येक माह विद्यालय स्तर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जाएगी। शिक्षा चौपाल के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा जीविका स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से बाल मेला सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) तथा Teaching at the Right Level (TaRL) के लक्ष्यों को हासिल करने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने टीम के साथ की बैठक प्रशिक्षण के बाद प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की टीम के साथ जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्नेह समिति कार्यक्रम और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने माता स्नेह समिति, FLN और TaRL के लिए बेहतर टीम एवं कार्य-तंत्र विकसित करने, आंगनबाड़ी, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा में माताओं और समुदाय की भूमिका बढ़ाने तथा कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश बैठक में उन टोला एवं माताओं की पहचान करने पर भी बल दिया गया, जहां बच्चों की शिक्षा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे क्षेत्रों को स्नेह समिति कार्यक्रम से जोड़कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित पदाधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभ्यास कक्षा, शिक्षा चौपाल एवं स्नेह समिति की गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करने तथा उनकी प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्नेह समिति के माध्यम से माता, विद्यालय, आंगनबाड़ी और जीविका समूहों के बीच समन्वय मजबूत कर बच्चों की शिक्षा में समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इससे FLN एवं TaRL के लक्ष्यों को हासिल करने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि पारंपरिक कारीगरी को बचाने और नई पीढ़ी को इस क्षेत्र से जोड़ने के लिए कौशल-आधारित शिक्षा को औपचारिक मान्यता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कारीगर इस उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण नींव हैं। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि ज्वेलरी क्षेत्र को एक संगठित पेशेवर उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना बेहद आवश्यक है।
बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी स्कूल की पुरानी सीढ़ी गिरने से एक बच्ची की जान चली गई। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और पुरानी इमारतों की हालत पर सवाल उठने लगे हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा - शिक्षा मंत्री बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बुधवार को कटिहार में एक बैठक में थे। उन्होंने खगड़िया के स्कूल हादसे पर बात की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई होगी। मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पुरानी सीढ़ी की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत दी गई थी या नहीं। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
यूपी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश
सरकारी स्कूलों का समय 15 अक्टूबर तक यथावत रहेगा:शिक्षक संघ रेसटा की मांग पर शिक्षा विभाग ने दिए आदेश
राजस्थान के सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में आगामी 1 से 15 अक्टूबर तक स्कूल समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान में चल रहा ग्रीष्मकालीन समय (सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक) ही यथावत लागू रहेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने राजस्थान एलिमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) की मांग को गंभीरता से लेते हुए यह राहत प्रदान की है। मौसम में ठंडक न होने से लिया गया फैसलानियमों के अनुसार, प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर से सरकारी स्कूलों का समय बदलकर शीतकालीन कर दिया जाता है। हालांकि, इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है औश्र सर्दी का प्रभाव शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अचानक समय बदलने से छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता। संघ ने 23 सितंबर को सौंपा था ज्ञापनरेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद विभाग ने शिक्षक और विद्यार्थी हित में फैसला लेते हुए समय यथावत रखने के आदेश जारी किए। रेसटा के टोंक जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह जाट ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए यह मांग रखी गई थी। समय न बदलने से स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के धरनई हरिजन टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-215 में बुधवार को ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के विकास, पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में एमएलसी अनिल कुमार, विधायक सुबेदार दास, जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया, जिला अध्यक्ष धीरज कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अतिथियों ने दीप जलाकर और गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। बच्चों ने स्वागत गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं। खेल के जरिए बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर कार्यक्रम के दौरान कहानी-कविता, खेल, मिलान और पहचान जैसी गतिविधियां कराई गईं। बच्चों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया। अतिथियों ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास और स्कूल-पूर्व शिक्षा में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पोषण टेबल पर स्थानीय खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी केंद्र पर स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों से सजी पोषण टेबल लगाई गई। माताओं को बच्चों के ऊपरी आहार और संतुलित पोषण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में गोदभराई और अन्नप्राशन की रस्म भी कराई गई। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर केक काटा ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के तहत बच्चों के साथ केक काटा गया। बच्चों के बीच फल, मिठाई और शैक्षणिक खिलौने वितरित किए गए। वहीं, बेहतर सेवाएं देने वाली सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ता को सम्मानित किया गया।
गोपालगंज में बाल्मीकि नगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोपालगंज जिले के दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल और चिंताजनक हो गई है। नदी के जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से तटीय और निचले क्षेत्रों में तेजी से पानी फैल रहा है। इस बीच शीतलपुर में रिंग बांध टूटने से स्थिति और अधिक बेकाबू हो गई है। बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी आसपास के दर्जनों गांवों और निचले इलाकों में तेजी से प्रवेश कर रहा है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर के स्थानीय विधायक मिथिलेश तिवारी स्वयं मैदानी स्तर पर उतरे। 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश उन्होंने आपदा की इस घड़ी में सीधे बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री ने शीतलपुर समेत आसपास के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बांधों और गंडक नदी के तटबंधों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बांध की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर की रफ्तार और सबसे अधिक खतरे वाले क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश दिया। ''सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ'' उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी नए खतरे को समय रहते टाला जा सके। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू करने की हिदायत दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रभावित जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, बाढ़ प्रभावित प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सहायता बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थलों, राहत शिविरों, भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, नावों की पर्याप्त व्यवस्था और पशुचारे का प्रबंध सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन आज, पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कोटा में आज शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीना की मौजूदगी में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विचार होंगे। पहल का उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और जागरूकता फैलाना है।
जीएमसीएच-चंडीगढ़ में 74 सीनियर रेजिडेंट पदों पर नियुक्ति का अवसर, 5 अक्टूबर को वॉक-इन-इंटरव्यू
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), चंडीगढ़ ने अपने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट के कुल 74 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर रिक्तियों की घोषणा की है।
IIT जोधपुर में नॉन-फैकल्टी के 20 पदों पर भर्ती, 1 अक्टूबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जोधपुर की ओर से नॉन-फैकल्टी के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है...
क्या कोई बच्चा सिर्फ 15 दिन में हिंदी पढ़ना सीख सकता है? छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का डकईपारा सरकारी स्कूल यही कर दिखा रहा है. यहां बच्चों को किताबें रटाई नहीं जातीं, खास ढंग से पढ़ाया से जाता है. यह स्कूल नवंबर तक पूरा सिलेबस खत्म कर देता है और कई सम्मान हासिल कर चुका है.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की संविदा व्याख्याता (अंग्रेजी) पायल कौशले की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया। विद्यालय के प्राचार्य की ओर से DEO कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, पायल कौशले 20 दिसंबर 2024 से 16 अगस्त 2026 तक लगातार कार्य से अनुपस्थित रहीं। इसके बाद वह 17 अगस्त 2026 को विद्यालय पहुंचीं, लेकिन अगले ही दिन 18 अगस्त से दोबारा बिना सूचना अनुपस्थित हो गईं। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब लगातार ड्यूटी से गायब रहने पर विद्यालय प्रबंधन ने 25 अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन नोटिस के बावजूद शिक्षिका ने न तो जवाब दिया और न ही विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर कार्यभार संभाला। DEO ने तत्काल प्रभाव से खत्म की संविदा लंबे समय तक अनुपस्थिति, नोटिस का जवाब नहीं देने और शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही को आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी ने संविदा सेवा समाप्त करने का फैसला लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
बिलासपुर के स्कूलों में 1,618 शिक्षक नदारद, विद्या समीक्षा केंद्र ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल
बिलासपुर जिले में विद्या समीक्षा केंद्र की निगरानी में 1,618 शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले। बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के सरकारी व आत्मानंद स्कूलों में लापरवाही सामने आई।
भारतीय शिक्षा प्रणाली और इतिहास के पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक बदलाव की बयार
किसी भी देश की युवा पीढ़ी को उसकी संस्कृति, संस्कारों और पूर्वजों के गौरवशाली अतीत से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम उस देश की शिक्षा प्रणाली और स्कूली पाठ्यक्रम होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के शैक्षिक ढांचे और विशेषकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के पाठ्यक्रम में कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिले हैं। इसी कड़ी में अब 9वीं कक्षा की इतिहास की किताबों (History Textbooks) में एक बहुत बड़ा और बहुप्रतीक्षित बदलाव किया गया है। नए पाठ्यक्रम के तहत अब देश के नौनिहाल और युवा छात्र केवल बाहरी आक्रान्ताओं के आक्रमणों और उनकी सफलताओं का सीमित इतिहास पढ़ने के बजाय, उन विदेशी ताकतों—जैसे अरब, तुर्की और मुगल हमलों—के खिलाफ डटकर मुकाबला करने वाले भारतीय राजाओं, महाराजाओं और वीर रानियों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की वीर गाथाओं का अध्ययन करेंगे।क्यों महसूस की गई पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार की आवश्यकता?आजादी के बाद लंबे समय तक देश के स्कूली पाठ्यक्रमों में भारतीय इतिहास का वह पहलू ज्यादा प्रमुखता से पढ़ाया जाता रहा जिसमें बाहरी आक्रमणकारियों के वर्चस्व और उनकी प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत वर्णन होता था। हालांकि, इस व्यवस्था के कारण देश के कई महान स्थानीय राजाओं, जनजातीय नायकों, क्षेत्रीय शासकों और उन वीर रानियों के इतिहास को या तो हाशिए पर धकेल दिया गया या फिर उन्हें बहुत संक्षिप्त रूप में पढ़ाया गया जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आधुनिक शिक्षाविदों, इतिहासकारों और सामाजिक चिंतकों लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि भारतीय इतिहास को एकपक्षीय दृष्टिकोण से देखने के बजाय समग्रता और स्वाभिमान के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इसी सोच के तहत एनसीईआरटी ने आधुनिक अनुसंधान, ऐतिहासिक साक्ष्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को ध्यान में रखते हुए 9वीं कक्षा के इतिहास के सिलेबस को पूरी तरह से नया स्वरूप दिया है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व महसूस कर सके।अरब, तुर्की और मुगल हमलों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध की अनकही कहानियांनई संशोधित इतिहास की पुस्तकों में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया है कि किस प्रकार भारत के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर आने वाले विदेशी आक्रमणकारियों—चाहे वे शुरुआती अरब हमलावर रहे हों, तुर्की शासक रहे हों या बाद के मुगल सम्राट रहे हों—को यहां के स्थानीय राजाओं, रियासतों और योद्धाओं द्वारा कड़ा और भयंकर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था। किताबों में अब केवल हार या पराजय का वर्णन नहीं मिलेगा, बल्कि उन वीरतापूर्ण संघर्षों को प्रमुखता दी जाएगी जहाँ राजाओं और रानियों ने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम तक के उन तमाम गुमनाम या कम चर्चित नायकों के अध्यायों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है जिन्होंने विदेशी सत्ता के सामने कभी घुटने नहीं टेके। लोकल और रीजनल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो देश के विभिन्न राज्यों के छात्र अब अपने स्थानीय इतिहास और नायकों के बारे में भी गहराई से जान सकेंगे।पाठ्यक्रम में वीर रानियों और जनजातीय नायकों के योगदान को मिला उचित स्थानइस पाठ्यक्रम संशोधन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भारतीय इतिहास की उन महान वीरांगनाओं और रानियों के जीवन चरित्र को जोड़ा गया है जिन्होंने युद्ध के मैदान में प्रत्यक्ष रूप से नेतृत्व किया और दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों के उन जनजातीय नायकों (Tribal Heroes) की गाथाओं को भी किताबों में जगह मिली है जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी ताकतों और बाद में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लंबी लड़ाइयां लड़ी थीं। आधुनिक डिजिटल सर्च ट्रेंड्स और एआई एनालिटिक्स यह दर्शाते हैं कि जब स्कूली किताबों में इस तरह के प्रेरणादायक और देशभक्ति से ओत-प्रोत अध्यायों को जोड़ा जाता है, तो छात्रों में अपने देश के प्रति सम्मान और जिज्ञासा की भावना कई गुना बढ़ जाती है। यह बदलाव केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक विकास और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।शिक्षाविदों और समाज की प्रतिक्रिया: एक स्वागत योग्य कदम या बहस का मुद्दा?एनसीईआरटी की इन नई किताबों और संशोधित पाठ्यक्रम के आने के बाद देश भर के शिक्षाविदों, इतिहासकारों, अभिभावकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक बड़ा वर्ग इस बदलाव को पूरी तरह से स्वागत योग्य और आवश्यक कदम बता रहा है, जिनका तर्क है कि किसी भी राष्ट्र को अपनी युवा पीढ़ी को अपने सच्चे इतिहास से परिचित कराना चाहिए न कि किसी औपनिवेशिक या विकृत मानसिकता के चश्मे से इतिहास पढ़ाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ आलोचकों का यह मानना है कि इतिहास के पुनर्लेखन में पूर्ण निष्पक्षता और अकादमिक शुद्धता का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का वैचारिक विवाद उत्पन्न न हो। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों का यही मानना है कि जब छात्र देश की मिट्टी के लिए लड़ने वाले शूरवीरों की कहानियां पढ़ेंगे, तो उनके भीतर नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना का स्वाभाविक विकास होगा।
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला ने उदयपुर सौर वेधशाला परिसर में प्रशिक्षु भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह मौका टेलीस्कोप, ऑफिस और हिंदी ट्रांसलेशन जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों के लिए है।
रिज्यूमे नौकरी के लिए आपकी पहली पहचान होता है। आज कई कंपनियां AI की मदद से रिज्यूमे की जांच करती हैं, इसलिए इसमें सही जानकारी, जरूरी स्किल्स और सरल फॉर्मेट का होना बेहद जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की चिंताएं: कठघरे में सरकार, कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा तक एकसाथ पांच से अधिक मामले
सुप्रीम कोर्ट की चिंताएं: कठघरे में सरकार, कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा तक एकसाथ पांच से अधिक मामले
प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
पंजाब में कल यानी 1 अक्टूबर से सभी सरकारी स्कूलों का समय बदल जाएगा। स्कूल सुबह 8:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 2:30 बजे छुट्टी होगी। इससे पहले स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक लग रहे थे। यह नए नियम राज्य के सारे प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू होंगे। यह समय 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। राज्य में 19 हजार से अधिक स्कूल है। जहां पर यह नियम लागू होंगे। मौसम में बदलाव और शैक्षणिक सत्र की समयसारणी के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे नए समय का पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्टूडेंट्स और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सेशन में 3 बार बदलता है स्कूलों का समय पंजाब में स्कूल का समय सेशन में 3 बार बदलता है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूलों का टाइम सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहता है। जबकि एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक का प्राइमरी स्कूलों का समय सुबह साढ़े 8 से ढाई बजे और मिडिल से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक का समय सुबह साढ़े 8 बजे से दोपहर 2.50 बजे तक रहता है। एक नवंबर से 28 फरवरी तक प्राइमरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से 3 बजे तक व मिडिल से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक का समय सुबह 9 बजे से 3.20 बजे तक रहता है।
शिक्षा और एनीमिया को लेकर जागरूक किया
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानपुरा भाखरी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिका शिक्षा तथा पोषण व एनीमिया पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। महिला अधिकारिता विभाग के अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक देवी बामणिया ने सहयोग भी, सम्मान भी पहल की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर ने लालसा हेल्पलाइन 15100, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पीड़ित प्रतिकर योजना, बाल विवाह और लोक अदालत से जुड़ी जानकारी साझा की। पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र की परामर्शदाता माया चारण और उर्मिला कुमारी ने भी जानकारी दी।
तमिलनाडु, पांडिचेरी व गुजरात से आए शिक्षकों ने देखा यहां का शिक्षा मॉडल
विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से एनसीईआरटी नई दिल्ली व आईआईटी वाराणसी के सहयोग से शुरू किए गए अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु, पांडिचेरी व गुजरात से आए शिक्षकों ने केशर देवी सोती आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में भारतीय शिक्षा मॉडल की जानकारी ली। शिक्षकों ने स्कूल की भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार आधारित दिनचर्या और गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया। कक्षा अवलोकन सत्र में विज्ञान प्रयोगशाला, बगीचा, क्रीड़ांगण, आदर्श घर, तरणताल, चिड़ियाघर, वस्तु संग्रहालय, कार्यशाला, कला शाला एवं चित्र पुस्तकालय जैसी व्यवस्थाओं को देखा। अभिभावकों से संवाद कर संस्कार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की जानकारी ली। प्रतिभागियों ने पंचपदी, पंचमुखी शिक्षा और शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाओं को भारतीय शिक्षा परंपरा का जीवंत स्वरूप बताया। प्रधानाचार्य किशनलाल सैनी ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य समग्र और शिक्षा में नए आयाम जोड़ना है। इस मौके पर पितृकुल फाउंडेशन के सुरेश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य विक्रम नाथावत, प्रभुदयाल प्रजापत, पार्वती शर्मा, मंजुलता तंवर, बाबूलाल प्रजापत आदि उपस्थित थे।
Amroha News: आईटीआई के 782 प्रशिक्षार्थियों ने लिया इनोवेशन चैलेंज में हिस्सा
सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों अमरोहा, हसनपुर, गंगेश्वरी, गजरौला और नौगावां सादात में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज एवं मोटिवेशन कार्यक्रम हुए।
Lalitpur News: ब्लॉक स्तरीय मेले में शिक्षा विभाग ने गिनाईं उपलब्धियां
ब्लॉक स्तरीय मेले में शिक्षा विभाग ने गिनाईं उपलब्धियां
Sirmour News: समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना की गतिविधियों पर डाला प्रकाश
समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना की गतिविधियों पर डाला प्रकाश
शिक्षा का हिस्सा बन रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वंशिका
डीएवी गर्ल्स कॉलेज के एफडीपी सेल की ओर से शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भारत का पहला IIT कैंपस फ्रांस में स्थापित होगा: शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर
भारत का पहला IIT कैंपस जल्द ही फ्रांस में स्थापित होने जा रहा है, जो भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा। इस ऐतिहासिक पहल के तहत, भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही डिग्री की आपसी मान्यता और अनुसंधान में सहयोग की योजनाएं भी बनाई गई हैं। यह कदम भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता को यूरोप में मजबूत करेगा और 2026 को नवाचार का वर्ष मानते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी प्रगाढ़ करेगा।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में सुविधाओं की कमी के लिए BEO और BDO संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। BEO को दो दिन में स्कूलों की जरूरतें BDOs को बताने का निर्देश दिया गया। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अचानक निरीक्षण पर जोर दिया गया। कोई भी स्कूल तय समय से पहले बंद न हो। अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2025-26 के मॉडल स्कूलों में डिजिटल गेट, टाइलिंग, स्मार्ट क्लास, झूले, रसोईघर और लाइब्रेरी जैसे बचे काम 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे करने का निर्देश दिया गया। छात्रों के मानसिक विकास के लिए प्रार्थना सभा में सामान्य ज्ञान का अभ्यास कराया जाए। आदर्श विद्यालय बनाने में स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पीडीडीआरडीए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत मौजूद रहे।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना शासन ने बदल दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर उन्हें कुलसचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनकी जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव बनाया गया है। 3 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में BNS की धारा 316(4) के तहत FIR दर्ज हुई थी। विश्वविद्यालय में शिकायत मिलने के बाद गठित तथ्य-संग्रह समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। मामले में कुलदीप पर महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लेने और उसका एक हिस्सा उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने के आरोप लगाए गए थे। FIR के बाद वित्तीय अधिकार वापस लिए गए मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने भी कुलसचिव की वित्तीय भूमिका पर निर्णय लिया था। 29 अगस्त को भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय के भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी। कुलसचिव के हस्ताक्षर से वित्तीय लेन-देन नहीं करने की व्यवस्था की गई थी। कार्यपरिषद के फैसले में विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और कामकाज की निरंतरता को ध्यान में रखने की बात कही गई थी। इसी दौरान विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की मांग भी सामने आई थी।
कोटा में शिक्षा सहकारी-स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन, होगा पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में वाटिका की शुरुआत की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मदरसों की शिक्षा में लागू होगा उत्तराखंड मॉडल, एक हाथ में कुरआन दूसरे में कम्प्यूटर
छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड की तर्ज पर मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने साझा किया कि मदरसों में धार्मिक तालीम के साथ कंप्यूटर, विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को हुनरमंद बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
एमबीबीएस की सीट बढ़ने से छात्रों को मिलेंगे अधिक विकल्पः केंद्रीय शिक्षा मंत्री
वर्तमान में नीट यूजी की काउंसलिंग व एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में एमबीबीएस की अतिरिक्त सीटों के जुड़ने से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरणों में बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहे थे।
कोसी स्नातक सीट से उम्मीदवार एनके यादव का वादा, उच्च शिक्षा होगा सबसे बड़ा मुद्दा
भागलपुर, 29 सितंबर . राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित एमएलसी उम्मीदवार डॉ. एनके यादव ने कहा कि कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उच्च शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी शिक्षा में सुधार उनकी प्राथमिकता होगी. डॉ. एनके यादव ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि नीतीश Government के कार्यकाल के दौरान शिक्षा का विस्तार ... Read more
क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से देश की चुनावी व्यवस्था बदल जाएगी? क्या उनके पद से हटते ही मतदाता सूची की तमाम शिकायतें खत्म हो जाएंगी, क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा, क्या राजनीति के अपराधीकरण पर लगाम लग जाएगी और क्या लोकतंत्र पहले से ज्यादा पारदर्शी हो जाएगा? यह सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो रही है, उनके खिलाफ महाभियोग की तैयारी की बात सामने आ रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या समस्या सिर्फ एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त में है? सवाल उठता है कि अगर व्यवस्था की बुनियाद में ही खामियां हैं, तो फिर सिर्फ चेहरा बदलने से क्या बदलेगा? सवाल यह भी उठता है कि आखिर क्यों न बहस उस कानून पर हो, जो भारत की चुनावी व्यवस्था की रीढ़ है यानि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951? और क्यों न पूछा जाए कि इस कानून में ऐसी कौन-सी खामियां हैं, जिन्हें दूर किए बिना भ्रष्टाचार, अपराध और धनबल से मुक्त राजनीति की कल्पना अधूरी ही रहेगी? देखा जाये तो सवाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का नहीं, चुनावी व्यवस्था की बुनियाद का है। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त बदल जाएगा तो पूरी चुनाव व्यवस्था सुधर जाएगी? क्या एक व्यक्ति के पद से हट जाने भर से मतदाता सूची की सारी विसंगतियां खत्म हो जाएगी? क्या राजनीतिक दलों का टिकट बांटने का तरीका पारदर्शी हो जाएगा? क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा? क्या आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवार चुनावी मैदान से बाहर हो जाएंगे? अगर इन सवालों का जवाब नहीं है तो फिर बहस केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे तक क्यों सीमित है? इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: Gyanesh Kumar के चलते बंपर वोटिंग के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं, फिर Vote Chori कैसे हो गयी? अभी हाल ही में सबने देखा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा क्षेत्र की कुव्यवस्थाओं के खिलाफ हुए छात्रों के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। लेकिन क्या इससे शिक्षा व्यवस्था सुधर गयी? किसी मंत्री के इस्तीफे से यदि व्यवस्था अपने आप सुधर जाती, तो भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किसी दूसरी नीति, कानून, जवाबदेही और संस्थागत परिवर्तन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। इसलिए चुनाव आयोग के मुखिया को बदलने की राजनीतिक मांग और चुनावी व्यवस्था में स्थायी सुधार, दोनों को एक ही चीज मानना गंभीर भूल होगी। असल बीमारी उस कानून में भी खोजनी होगी जो चुनाव लड़ने की पात्रता और अयोग्यता तय करता है। हम आपको बता दें कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनाव की योग्यता, अयोग्यता, नामांकन, मतदान, मतगणना, चुनाव अपराध, भ्रष्ट आचरण और चुनाव याचिकाओं जैसी पूरी व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। लेकिन जरा विडंबना देखिए। एक चपरासी की नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता चाहिए। सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा चाहिए। भर्ती परीक्षा होती है। चरित्र और दस्तावेजों की जांच होती है। नियुक्ति के बाद सेवा नियम लागू होते हैं। गलती होने पर कार्रवाई होती है। लेकिन जो व्यक्ति देश की संसद में कानून बनाएगा, करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में भाग लेगा, उसके लिए मूल संवैधानिक शर्तें क्या हैं? भारतीय नागरिक होना, निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करना और मतदाता होना जैसी आवश्यकताएं हैं। यहां सवाल उठता है कि क्या जनप्रतिनिधि बनने के लिए सार्वजनिक जीवन का कोई न्यूनतम मानक नहीं होना चाहिए? इसके अलावा एक और प्रश्न आपराधिक राजनीति का है। सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीति के अपराधीकरण को गंभीर समस्या मानते हुए राजनीतिक दलों को आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक करने और ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण बताने का निर्देश दे चुका है। लेकिन क्या केवल जानकारी सार्वजनिक कर देना पर्याप्त है? साथ ही यदि कोई दल बार-बार गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को टिकट देता है तो केवल उम्मीदवार से सवाल क्यों होना चाहिए? टिकट देने वाले दल से भी जवाब क्यों नहीं मांगा जाए? सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीतिक दलों से ऐसे उम्मीदवारों के चयन का कारण बताने को कह चुका है लेकिन फिर भी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। देखा जाये तो चुनावी सुधार का मतलब केवल निर्वाचन आयुक्त बदलना नहीं हो सकता। इसका मतलब होना चाहिए, उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता, आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई, चुनावी चंदे की पारदर्शिता, झूठे हलफनामे पर कठोर कार्रवाई, चुनावी भ्रष्टाचार पर प्रभावी दंड और राजनीतिक दलों की जवाबदेही। यदि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है तो चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के लिए कानून में भी सर्वोच्च सार्वजनिक जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए? ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बुलंद कर रहे विपक्षी दलों को बताना चाहिए कि वह सिर्फ व्यक्ति बदलना चाहते हैं या व्यवस्था? जब तक कानून की खामियों को नहीं सुधारा जायेगा तब तक किसी एक पदाधिकारी का इस्तीफा केवल चेहरे को बदलेगा, चुनावी व्यवस्था की तस्वीर को नहीं। -नीरज कुमार दुबे
हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय शाक्य महासभा जिला इकाई के चुनाव मंगलवार को हुए। इसमें मुरारीलाल शाक्य को निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुना गया। चुनाव अधिकारी विद्याराम शाक्य ने यह प्रक्रिया पूरी करवाई।इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश शाक्य, राजस्थान प्रभारी अवधेश, राजस्थान कॉर्डिनेटर ग्याप्रसाद और दिल्ली प्रदेश सचिव राकेश बाबू समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष बनने के बाद मुरारीलाल शाक्य ने कहा कि वे समाज के बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देंगे। साथ ही, जरूरतमंद और असहाय परिवारों की मदद को प्राथमिकता देंगे।उन्होंने बताया कि समाज में मृत्यु भोज जैसी कई कुरीतियां हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े परिवारों को आगे लाने के लिए भी काम होगा। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में भी सहयोग किया जाएगा।
ITBP Head Constable Recruitment 2026: 12वीं पास युवाओं के लिए मौका, 27 अक्टूबर तक करें आवेदन
इंडो तिब्बती बॉर्डर पुलिस में हेड कान्स्टेबल (मोटर मैकेनिक) के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है जिसके लिए आवेदन स्टार्ट हो गए हैं। एप्लीकेशन प्रॉसेस 28 सितंबर से शुरू होकर 27 अक्टूबर....
job news 2026: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सहित कई पदों पर निकली हैं वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां मध्य प्रदेश में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से 8 अक्टूबर तक आवदेन कर सकेंगे। मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी के पास आवेदन करने काम मौका होगा। पदों के नाम- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की संख्या- आधिकारिक बेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- अभ्यर्थी की अधिकतम आयु वर्ग के अनुसार 33/ 38 साल से ज्यादा न हो। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 8 अक्टूबर, 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट esb.mp.gov.in देख सकते हैं pc- news18
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
नवादा में डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा- शिक्षक समाज बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव
29 सितंबर, मंगलवार: नवादा में जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों को बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाने की बात कही।
आरटीई पुनर्भरण राशि और परीक्षा शुल्क में भेदभाव का आरोप, स्कूल शिक्षा परिवार ने सौंपा ज्ञापन
निजी स्कूल संचालकों ने आरटीई पुनर्भरण राशि के भुगतान में हो रही देरी तथा निजी और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से लिए जा रहे अलग-अलग शुल्क को लेकर नाराजगी जताई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा परिवार, राजस्थान, जिला भरतपुर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
बांका के शंभूगंज में नीति आयोग की टीम ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
29 सितंबर, मंगलवार: बांका जिले के आकांक्षी प्रखंड शंभूगंज में नीति आयोग की टीम ने विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। टीम ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पोषण और आधारभूत संरचना समेत विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के करीब एक दशक के कामकाज का खुद आकलन किया है। एक टीवी इंटरव्यू में उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, यमुना की सफाई, प्रदूषण, महिला सुरक्षा और शराब नीति जैसे मुद्दों पर 1 से 10 के पैमाने पर नंबर देने […] The post केजरीवाल ने खुद को कहां दिए कितने नंबर? शराब नीति को 10, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी बहुत कुछ बाकी था appeared first on https://rajsattaexpress.com .
एआइएसएचई आंकड़ों की सटीकता पर योगी सरकार का जोर, यूपी में शिक्षा योजनाएं होंगी बेहतर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने एआइएसएचई (अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण) में सही और समय पर जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया है।
इंडियन ऑयल ने 58 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। इच्छुक उम्मीदवार 18 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्या Bankatira High School में शिक्षा का भविष्य खतरे में है? जानें पूरी कहानी!
Bankatira High School की स्थिति चिंताजनक है, जहां विकास कार्य अधूरे हैं और छात्रों को उचित शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल रहा है। स्कूल में कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल की कमी है, जिससे शिक्षा प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापक और प्रबंधन समिति ने कर्मचारियों की कमी और विकास कार्यों की विफलता पर चिंता जताई है। क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान करेगा? जानें पूरी कहानी!
दिल्ली के स्कूलों ने शिक्षा में शीर्ष रैंकिंग हासिल की
दिल्ली के स्कूलों ने EducationWorld इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026-27 में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्टता दिखाई है। सरकारी, केंद्रीय सरकारी, निजी, विशेष आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इस सर्वेक्षण में 18,000 उत्तरदाताओं ने भाग लिया, जिसमें स्कूल के माता-पिता, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल थे। जानें किस स्कूल ने क्या स्थान प्राप्त किया और रैंकिंग के मानदंड क्या थे।
जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी भी साल में 2 बार, शिक्षा मंत्रालय कई बड़े बदलाव लाने की तैयारी में
NEET UG , CUET UG Exam : शिक्षा मंत्रालय ने अपने मसौदे में जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं को भी साल में कम से कम दो बार आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
बलरामपुर के 6984 शिक्षार्थियों में परीक्षा देने उत्साह
भास्कर न्यूज़| बलरामपुर उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा एफएलएनएटी हुई। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत सभी 6984 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 4339 महिलाएं रहीं। 2645 पुरुष रहे। परीक्षा शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की पहल पर हुई। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में व्यवस्था की गई। जिले में 480 परीक्षा केंद्र बनाए गए। विकासखंड बलरामपुर में 81 केंद्र रहे। कुसमी में 82 केंद्र रहे। राजपुर में 66 केंद्र रहे। रामचंद्रपुर में 116 केंद्र रहे। शंकरगढ़ में 75 केंद्र रहे। वाड्रफनगर में 60 केंद्र रहे।
कोरवा आश्रम... मासूम बेटियों के सिर पर शिक्षा से पहले पानी का बोझ
अंबिकापुर | एक किमी दूसरे से सिर पर पानी रख लाती ये मासूम मैनपाट के बरिमा स्थित पहाड़ी ये आश्रम की छात्राएं हैं। इस तस्वीर से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पहाड़ी कोरवा आश्रमों की स्थिति कितनी बदहाल होगी। पिछले पांच दिनों से आश्रम का बिजली गुल है, मोटर से पानी नहीं आ रहा। दो में से एक हैंडपंप खराब है, दूसरे से लाल पानी निकलता है। अधीक्षिका शांति कुजूर खुद स्वीकार कर रही है कि समस्या तो है, लेकिन करें तो करें क्या?
Lucknow News: मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
Kurukshetra News: शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
मिथुन राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, जरूरी टिप- अहंकार से बचें
Gemini Daily Horoscope, 29 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, नए लोगों से संपर्क बनेगा, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा, किसी से झगड़ा करने से बचें, व्यापार में योजना बना कर काम करें.
Yamuna Nagar News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों की दी जानकारी
यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से मुकंदलाल नेशनल कॉलेज, यमुनानगर के सहयोग से यूजीसी प्रायोजित आठ दिवसीय ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Rewari News: वाल्मीकि समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने का लिया निर्णय
Decision taken to promote education within the Valmiki community.
Deoria News: शिक्षामित्रों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर दिया धरना
Shiksha Mitras staged a protest over their five-point demands.
Basti News: सुपर टेट में छूट देकर समायोजित करने की शिक्षामित्रों ने की मांग
Shiksha Mitras demand adjustment with an exemption from the Super TET.
Unnao News: शिक्षामित्रों ने की शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग
शिक्षामित्रोंने की शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग
Ghazipur News: शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देने और सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने की मांग
Demand to exempt Shiksha Mitras from the Super TET and raise the retirement age to 62 years.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात prahladjoshi,france,franceeducationministerकेंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने […]
संत कबीर नगर जिले में आज एक नया केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन किया गया। इस विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्वलन के साथ नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय इंटर कालेज, बनौली के प्राचार्य संतोष कुमार गोंड रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से स्थानीय बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताया। समारोह की अध्यक्षता पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, वायुसेना स्थल, गोरखपुर के प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय ने की। उन्होंने नए विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन अपने अनुशासन और उत्कृष्ट शिक्षा के लिए जाना जाता है। उन्होंने नए स्टाफ और छात्रों को इस नए परिसर में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्रीय विद्यालय संत कबीर नगर के प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव और प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। स्थायी भवन का निर्माण पूरा होने तक यह विद्यालय अस्थायी रूप से राजकीय इंटर कालेज, बनौली, संत कबीर नगर के परिसर में संचालित होगा।
पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का कोर्ट में सरेंडर, रामचरितमानस को बताया था नफरत फैलाने वाला ग्रंथ
बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने सोमवार को बेतिया कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई। चंद्रशेखर ने 2023 में रामचरितमानस पर विवादित बयान देते हुए इसे समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उन पर हिंदुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप है।
FTIR-IICT साझेदारी से राजस्थान में AVGC-XR शिक्षा और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को मिलेगा विस्तार
जयपुर के FTIR और मुंबई के IICT के बीच रणनीतिक साझेदारी हुई है। AVGC-XR शिक्षा के तहत विशेषीकृत पाठ्यक्रम, प्रमाणन, कार्यशाला, मास्टरक्लास, इंटर्नशिप और करियर कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर मिलेंगे।
डीईआरसी भर्ती 2026 - कार्यकारी निदेशक समेत कई पदों पर आवेदन जारी, 56 वर्ष वालों के लिए खास मौका
सरकारी नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने
समग्र शिक्षा की STARS योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित
स्कूल शिक्षा विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित STARS (Strengthening Teaching-Learning and Results for States)
ITBP हेड कांस्टेबल (शिक्षा और तनाव परामर्शदाता) भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी
इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस बल (ITBP) ने हेड कांस्टेबल (शिक्षा और तनाव परामर्शदाता) के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में कुल 16 पद हैं, और आवेदन प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से शुरू होकर 27 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक जानकारी को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। इस भर्ती के लिए आयु सीमा 20 से 25 वर्ष है, और आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 100 रुपये है। अधिक जानकारी के लिए लेख को पूरा पढ़ें।
रोटरी क्लब टोंक, डिस्ट्रिक्ट 3056 की सत्र 2026-27 की नई कार्यकारिणी एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को डाइट रोड स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित हुआ। समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ एजाजी सहित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं बोर्ड सदस्यों ने पद एवं सेवा की शपथ ली।
झालावाड़ के पीजी कॉलेज में 'नशा मुक्ति एवं युवाओं की भूमिका' विषय पर एक व्याख्यान हुआ। इसका आयोजन नई किरण नशा मुक्ति केंद्र ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर जी.के. मालवीय ने की, जबकि मुख्य वक्ता डॉ. अश्विनी कुमार पाटीदार और विशिष्ट अतिथि डॉ. मुनेश मीणा रहे। डॉ. पाटीदार ने छात्रों को तंबाकू, शराब और सिंथेटिक ड्रग्स से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने नशे से दूर रहने के लिए आत्मचिंतन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को जरूरी बताया। योग और आयुर्वेद की जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी। डॉ. मुनेश मीणा ने कहा कि नशा पूरे परिवार को प्रभावित करता है। प्रोफेसर जी.के. मालवीय ने विद्यार्थियों को पढ़ाई को जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाने और भविष्य निर्माण पर ध्यान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देती है। कार्यक्रम में पीजी कॉलेज के संकाय सदस्य, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। अंत में डॉ. रामकिशन माली ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं स्टूडेंट्स का आभार व्यक्त किया।बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया से बचाव का संदेशबेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं एवं महिलाओं में स्वास्थ्य, पोषण, संतुलित आहार तथा एनीमिया की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 28 से 30 सितम्बर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, असनावर में महिला अधिकारिता विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर सोनिया पाटीदार ने किशोरियों एवं बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करने की जानकारी दी। साथ ही एनीमिया की रोकथाम के लिए बालिकाओं को आयरन की गोलियां वितरित की गईं। कार्यक्रम में बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं एवं सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बालिकाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। पन्नाधाय सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के सलाहकारों तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहित किया।शिविर के दौरान बालिकाओं को सहजन, अर्जुन एवं आंवला जैसे उपयोगी एवं औषधीय पौधे भी भेंट किए गए। इसके माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से बालिकाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने, एनीमिया से बचाव के उपायों को अपनाने तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक और सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। केनरा बैंक ने देशभर में ग्रेजुएट अप्रेंटिस के 3500 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली है...
मध्य प्रदेश : सरकार ने राज्य शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के कल्याण के उपाय बढ़ाए
Bhopal , 28 सितंबर . Madhya Pradesh Government ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी उपाय बढ़ा दिए हैं. पिछले चार-पांच दिनों में मृत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति के 851 आदेश जारी किए गए हैं. Monday को जारी बयान में कहा गया कि लंबे समय से लंबित मामलों ... Read more
Lucknow, 28 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Monday को विधानसभा चुनाव को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की Government बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा और शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने के साथ ... Read more
job news 2026: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरेनट डेस्क। आप भी अगर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आप भी इसके लिए आवेदन कर सकते है। पदों का नाम-असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर योग्यता- स्नातक या परास्नातक पास, पत्रकारिता में डिग्री या हिंदी के अलावा किसी और भाषा का ज्ञान होने वाले अभ्यर्थियों को प्रिफरेंस दी जाएगी। आवेदन- ऑफलाइन आवेदन निर्धारित पते पर जमा कर सकते हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि- 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। आयु-न्यूनतम उम्र 20 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 30 साल सैलेरी- प्री रिवाइज्ड पे-बैंड 2 के अनुसार 9300-34,800 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देख सकते हैं आवेदन कहां कर सकते हैं जमा अभ्यर्थी एप्लीकेशन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट या इस पेज पर दिए लिंक से डाउनलोड कर लें। इसके बाद इसे पूर्ण रूप से भरकर साथ में सभी दस्तावेज और फीस डिमांड ड्राफ्ट अटैच करके The Under Secretary (Administration), Press Council of India, Room No. 346, 3rd Floor, Soochna Bhawan, 8 CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi-110 003 पर भेज दें। pc- ecolleague.in
देवरिया में अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह पर सोमवार को दिन में 11 बजे जिला पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। देवरिया एसोसिएशन वेलफेयर ऑफ द डेफ (DAWD) ने 'सभी के लिए सांकेतिक भाषा के अधिकार' विषय पर यह आयोजन किया। देखें, 3 तस्वीरें… इसमें बधिर समुदाय के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। अपर मुख्य अधिकारी प्रियंका चौधरी और अनुवादक शानवी मरोदिया मौजूद थीं। उन्होंने बधिर लोगों की समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। Our Sign Educognitify के निदेशक मोहम्मद फारुख और तबरेज आलम ने शिक्षा के महत्व और भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संस्था के अध्यक्ष जमील अहमद, महासचिव सलमान खान समेत पदाधिकारी और बधिर समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। समापन मुख्य जिला पंचायत अतिथि अर्जुन सिंह की मौजूदगी में हुआ।
UPSC recruitment 2026: 13 पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
PC: kalingatv यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने एडवर्टाइजमेंट नंबर 12/2026 के तहत 13 पोस्ट के लिए एक नया रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, अलग-अलग सेंट्रल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट और ऑर्गनाइजेशन में 13 पोस्ट पर डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन मंगाए गए हैं। ये वैकेंसी जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (शुगर टेक्नोलॉजी), असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल, लॉ ऑफिसर और कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट ग्रेड II (जूनियर स्केल) के पदों के लिए हैं। कमीशन ने 26 सितंबर, 2026 को डिटेल्ड रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया था। एलिजिबल और इंटरेस्टेड कैंडिडेट UPSC एप्लीकेशन पोर्टल upsconline.nic.in के जरिए इन जॉब वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 16 अक्टूबर तक। UPSC रिक्रूटमेंट 2026: वैकेंसी डिटेल्स जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (शुगर टेक्नोलॉजी): 1 असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल: 8 लॉ ऑफिसर: 3 कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट ग्रेड II (जूनियर स्केल): 1 UPSC डायरेक्ट रिक्रूटमेंट 2026: एप्लीकेशन फीस शेड्यूल कास्ट (SC), शेड्यूल्ड ट्राइब (ST) और पर्सन्स विद बेंचमार्क डिसेबिलिटीज़ (PwBD) कैटेगरी को छोड़कर सभी कैंडिडेट्स को 25 रुपये एप्लीकेशन फीस देनी होगी। कैंडिडेट्स को डेडलाइन से पहले ज़रूरी डिटेल्स देकर और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा करना चाहिए। एप्लीकेंट ऑफिशियल UPSC वेबसाइट पर उपलब्ध डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट के ज़रिए रिक्रूटमेंट ड्राइव के बारे में डिटेल्ड जानकारी देख सकते हैं, जिसमें पोस्ट के हिसाब से एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, एज लिमिट, एक्सपीरियंस रिक्वायरमेंट और दूसरी चीज़ें शामिल हैं।
PC: kalingatv ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (OPTCL) एक साल की अप्रेंटिसशिप के लिए 100 ग्रेजुएट, डिप्लोमा और ITI ट्रेड अप्रेंटिस की भर्ती के लिए सही कैंडिडेट की भर्ती के लिए नया रिक्रूटमेंट ड्राइव चला रहा है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर OPTCL-14013/9/2026-T AND D – पार्ट (1) – 14389, तारीख 29 अगस्त 2026 के तहत चलाया जा रहा है। ओडिशा न्यूज़ अपडेट्स एलिजिबल एप्लीकेंट 1 अक्टूबर 2026 तक optcl.co.in पर ऑनलाइन मोड से अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 2 सितंबर 2026 से शुरू हुआ था। ध्यान दें कि एप्लीकेंट को पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। ज़रूरी तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12:00 AM, 2 सितंबर 2026 (बुधवार) ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 11:59 PM, 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) वैकेंसी की जानकारी चार तरह की अप्रेंटिसशिप और ग्यारह सब्जेक्ट में कुल 100 अप्रेंटिस सीटें उपलब्ध हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन डिग्री इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री IT: कंप्यूटर साइंस / इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा सिविल: सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर ह्यूमन रिसोर्स (नॉन-इंजीनियरिंग): पर्सनल मैनेजमेंट / पर्सनल मैनेजमेंट और इंडस्ट्रियल रिलेशन में bMBA (HR) / MSW / PG डिग्री या इसके बराबर फाइनेंस (नॉन-इंजीनियरिंग): किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/इंस्टीट्यूशन से M.Com (फाइनेंस/अकाउंट्स), या ICAI से CMA में इंटरमीडिएट के साथ B.Com, या इसके बराबर लॉ (नॉन-इंजीनियरिंग): LLM / LLB या इसके बराबर ITI इलेक्ट्रीशियन: ITI इलेक्ट्रीशियन ट्रेड या उसके बराबर ITI इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक: इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में ITI या उसके बराबर उम्र सीमा कैंडिडेट की उम्र 1 अगस्त 2026 को 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। नोटिफिकेशन में कोई ज़्यादा से ज़्यादा उम्र सीमा नहीं बताई गई है। स्टाइपेंड की जानकारी डिग्री इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिप्लोमा टेक्नीशियन अप्रेंटिस: Rs 10,900 ITI ट्रेड अप्रेंटिस: Rs 9,600 सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट को इस पोस्ट के लिए एकेडमिक मेरिट, रिटन टेस्ट या इंटरव्यू के आधार पर चुना जाएगा, जैसा कि संबंधित डिसिप्लिन के लिए ज़रूरी है। OPTCL रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करें: डिग्री इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल, IT, टेलीकॉम), डिप्लोमा (इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम, सिविल), और डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग (HR, फाइनेंस, लॉ) के एप्लिकेंट को NATS 2.0 पोर्टल nats.education.gov.in पर रजिस्टर करना चाहिए। वहीं, ITI ट्रेड अप्रेंटिस NAPS पोर्टल apprenticeshipindia.gov.in पर रजिस्टर कर सकते हैं। www.optcl.co.in पर जाएं और फिर “HRD सेक्शन” पर क्लिक करें। ट्रेनिंग और डेवलपमेंट ऑप्शन पर जाएं। अपरेंटिस 2026 की एंगेजमेंट के लिए एडवर्टाइजमेंट और अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। निर्देशों के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें। एप्लीकेशन सबमिट करें।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इन दिनों रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत पदयात्रा कर ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं। सोमवार को गांव चौसला में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस की तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार कश्मीर के आतंकवादियों को पेंशन देती थी। कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनका आरोप गलत है तो कांग्रेस नेता उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और उन्हें जेल भेजें। दिलावर ने कांग्रेस को वोट न देने की अपील करते हुए कहा- 'मदन दिलावर से कोई नाराजगी हो तो मदन दिलावर को पत्थर मार देना, लेकिन वोट कमल के फूल पर ही देना।' शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना दिलावर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। दिलावर ने राहुल गांधी की धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा- 'मां ईसाई, पिता मुस्लिम और वे खुद (राहुल) को ब्राह्मण बताते हैं, दत्तात्रेय गोत्र का होने की बात कहते हैं। कमाल के हिंदू हैं राहुल गांधी, कोट के ऊपर जनेऊ पहनते हैं और चमड़े के जूते पहनकर यज्ञ करते हैं।' दिलावर ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'राहुल गजब के विद्वान हैं। ऐसी मशीन बना ली है कि एक तरफ से आलू डालो तो दूसरी तरफ से सोना बनकर निकलता है।' इसके बावजूद बावले कांग्रेसी उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं। हाड़ौती भाषा में ‘बावला’ शब्द का अर्थ बताते हुए उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस को वोट न देने की अपील शिक्षा मंत्री ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि 'भूलकर भी कांग्रेस को वोट मत देना।' उन्होंने कहा, 'मदन दिलावर से कोई नाराजगी हो तो मदन दिलावर को पत्थर मार देना, लेकिन वोट कमल के फूल पर ही देना।' दिलावर ने कहा कि कमल के फूल पर दिया गया वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाएगा और इससे देश मजबूत होगा तथा राष्ट्रभक्त सरकार बनेगी।
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ लागू करने की अपील की
Bengaluru, 28 सितंबर . कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य बीएस शिवन्ना ने Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर अपील की है कि देशभर में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करें. उन्होंने कहा कि राज्य बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई जैसे अलग-अलग शिक्षा पाठ्यक्रमों की जगह ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ अपनाई जानी चाहिए. एमएलसी शिवन्ना ... Read more
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
झारखंड के करीब 1000 समग्र शिक्षा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, 40% वृद्धि का था प्रस्ताव
झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षा परियोजना कर्मियों के मानदेय वृद्धि के लिए एक समिति गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति ने यह निर्णय लिया है, जो अन्य विभागों के मानदेय का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
शिक्षा ही विकसित भारत 2047 की सबसे बड़ी ताकत : अनुराग
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री एवं लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में सेवा करने के लिए पैसों की नहीं, बल्कि अच्छी नीयत, सेवा भाव और समर्पण की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य, शिक्षा की बेहतर पहल, आज से जिले की मंईयां को मिलेगी राशि
बोकारो | सदर अस्पताल में बुधवार से मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सर्जरी (न्यूरो सर्जरी) की सुविधा शुरू होगी। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि इस सेवा के प्रारंभ होने से आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब तबके के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान में सदर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से 550 मरीज आते हैं। इनमें से औसतन 70 मरीज न्यूरो संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं। न्यूरो सर्जरी और परामर्श सेवाओं के संचालन के लिए विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. धर्मेंद्र मोहन प्रसाद की नियुक्ति की गई है। जबकि एनेस्थिसिया में डॉ. पंकज सिन्हा, डॉ. सौरव सांख्यायन, डॉ. महेंद्र प्रसाद सहयोग करेंगे। डॉक्टरों ने बताया कि सिर में गंभीर व लगातार दर्द होना या चक्कर आना। हाथ-पैर में सुन्नता, झुनझुनी या कमजोरी, रीढ़ की हड्डी, गर्दन या पीठ में तीव्र दर्द होने पर न्यूरो सर्जन से सलाह लें।
करमडार-भोजली की परंपरा के बीच शिक्षा का संदेश, कलाकार सम्मानित
भास्कर न्यूज | महासमुंद सहीस सारथी समाज सेवा समिति बिलासपुर के तत्वावधान में ग्राम करमतला स्थित शिवमंगल भवन में दो दिवसीय कुलदेवी करमसेनी जयंती, करमडार एवं भोजली महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें रायगढ़, कोरबा, शक्ति, जांजगीर, महासमुंद और रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से हुई। शाम को झांझ-मंजीरे और कर्मा गीतों की गूंज के बीच करमडार और भोजली दाई को सम्मान के साथ सभागार में लाकर सामाजिक विधि-विधान से स्थापित किया गया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथियों का फूल-माला, गमछा और माता करमसेनी का छायाचित्र भेंट कर सम्मान किया गया। प्रांताध्यक्ष केआर सागर ने कहा कि महोत्सव समाज के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। करमसेनी दाई कर्म की देवी हैं। भादो में फसलों के लहलहाने पर किसान सुख-समृद्धि की कामना के साथ जंगल से करमडार यानी हल्दू की डाल ससम्मान लेकर आते हैं। उन्होंने समाज को शिक्षित बनने और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। प्रांतीय समिति ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले बाल कलाकारों को कॉपी-पेन देकर सम्मानित किया। महिला मंडल को माता करमसेनी की प्रतिमा भेंट की गई। दूसरे दिन करमडार और भोजली के भावभीने विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। संचालन सीताराम सागर ने किया। जिलाध्यक्ष रामनारायण साहनी, तुलेन्द्र सागर सहित प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारी, महिला ब्रिगेड और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। छालीवुड अभिनेता व निर्देशक सुनील सागर के निमंत्रण पर अभिनेता करण खान और अभिनेत्री काजल टीम के साथ महोत्सव में पहुंचे। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह बढ़ा। करण खान ने अपनी फिल्मों के शूटिंग दृश्यों का लाइव प्रदर्शन किया। समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सेक्सोफोन वादक लल्ला साहनी (आरंग) की धुनों ने माहौल को संगीतमय बनाया। शक्ति जिले की महिला कर्मा मंडली, केआर सागर, छलिया साहनी तथा महेंद्र पटेल एवं साथियों के लोक कला मंच ने कर्मा नृत्य-गायन की प्रस्तुतियां दीं। समाजजन रातभर कर्मा गीतों पर थिरकते रहे और जगराता किया।
घर-घर जलाई जाएगी योग शिक्षा की अलख : चरणदास गुप्ता
The flame of yoga education will be lit in every household: Charandas Gupta
छत्तीसगढ़ में दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। 95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन अब पूरी तरह तैयार है। इसमें 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट अंतिम रेलखंड का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इस रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी इलाकों को रेल नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी। दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री ट्रेनें चल रही हैं। अब यह रेल संपर्क रावघाट तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना से जुड़ा वीडियो साझा किया। रेल मंत्री बोले- रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेल मंत्री ने कहा कि 95 किमी लंबी नई रेल लाइन से लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होगी। रायपुर और भिलाई से संपर्क भी होगा मजबूत रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा। रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ व्यापार से जुड़े कामों के लिए लोगों की आवाजाही आसान होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड के पूरा होने को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में आवागमन बेहतर होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व व्यापार के अवसरों को गति मिलेगी। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन में अहम दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रेल लाइन के जरिए लौह अयस्क के परिवहन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने में भी रेल संपर्क उपयोगी होगा। पर्यटन और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने परियोजना को जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और व्यापार के अवसर आसान होंगे। रेल संपर्क बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। 95 किमी लंबी इस रेल परियोजना का पूरा होना दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों का बड़े शहरों से संपर्क बढ़ेगा और लोगों को आवागमन के साथ स्थानीय व्यापार व अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 'न्यायिक शिक्षा के क्षितिज का विस्तार' विषय पर आयोजित दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हो गया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 27 सितंबर को दो अलग-अलग सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने डिजिटल चुनौतियों और समावेशी न्याय प्रणाली पर अपनी बात रखी। पहला सत्र: तकनीक से न्याय में तेजी, पर चुनौतियां भी कम नहीं दिन के पहले सत्र 'न्यायिक शिक्षा का डिजिटल रूपांतरण: अवसर, चुनौतियां और आगे का रास्ता' में कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंद राज और मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सुधाकर कालगांवकर ने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बना रही है और इसके लिए न्यायिक अधिकारियों को किस प्रकार प्रशिक्षित करने की जरूरत है। दूसरा सत्र: संवेदनशील व समावेशी न्याय व्यवस्था पर जोर दूसरे सत्र 'संवेदनशील और समावेशी न्याय के लिए न्यायिक सक्षमताओं का निर्माण' विषय पर गुजरात हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी और उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुभाशीष तालपत्रा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समाज के हर वर्ग तक निष्पक्ष और संवेदनशील न्याय पहुंचाने के पहलुओं को रेखांकित किया। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने दिया धन्यवाद भाषण कार्यक्रम के अंत में मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति जी. एस. अहलूवालिया ने दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के सभी सत्रों के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया और ज्ञानार्जन के मुख्य पहलुओं को साझा करते हुए आभार व्यक्त किया। BSF के डॉग शो ने मोहा मन दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बीएसएफ टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा एक विशेष डॉग शो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित श्वानों के करतबों को सराहा गया।
मारवाड़ राजपूत सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत के रविवार को पाली आने पर राजपूत समाज की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत ने अपने संबोधन में EWS से संबंधित प्रावधानों के सरलीकरण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम तरीके से मिलना चाहिए। भामाशाह भंवर सिंह मंडली ने साफा पहनाकर माल्यार्पण किया। विमलेन्द्र सिंह राणावत ने शिक्षा के महत्व को बताया। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान पार्षद विक्रमपाल सिंह चौहान और मारवाड़ राजपूत सभा के उपाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान का भी साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंच संचालन बलवीर सिंह राणावत ने किया। श्री राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अजयपाल सिंह हेमावास ने बताया कि कार्यक्रम में गोपाल सिंह शेखावत, बाघ सिंह कुंपावत, महावीर सिंह कुंपावत, दलपत सिंह कुंपावत, वीरेन्द्र सिंह नरूका, छोटू सिंह उदावत, छैल सिंह कुंपावत, जितेंद्र सिंह भाटी, जवान सिंह मानी, दिलीप सिंह जोधा, चंद्रेशपाल सिंह, महेंद्र सिंह चांदावत, गुलाब सिंह गिरवर, पर्वत सिंह वेलार, उम्मेद सिंह टेवाली, प्रवीण सिंह भाटी, प्रताप सिंह कुंपावत एवं शक्ति सिंह हेमावास सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक हितों, समाज की एकता और संगठन की मजबूती को लेकर चर्चा की गई।
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव को तलब किया हैं। रेट ने यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। आदेश में कहा गया है कि संयुक्त शासन सचिव 7 दिन में रेट के पूर्व आदेश की पालना करें, वरना 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें। संयुक्त शासन सचिव ने प्रार्थी को कर दिया था निलंबित अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि संयुक्त शासन सचिव ने 15 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर प्रार्थी को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश के विरुद्ध प्रार्थी ने अधिकरण के समक्ष अपील प्रस्तुत कर चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने 17 अप्रैल को निलंबन आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया था। चार महीने में भी कार्यग्रहण नहीं करवाया रेट के आदेश के बाद प्रार्थी ने विभाग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कार्यग्रहण करवाने की गुहार लगाई। लेकिन विभाग ने अधिकरण के आदेश के चार महीने का समय गुजरने के बाद भी प्रार्थी को कार्यग्रहण नहीं करवाया। इसे लेकर प्रार्थी ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अवमानना याचिका दायर की। इस पर अधिकरण ने विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। लेकिन विभाग ने इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर अधिकरण की बेंच ने सुनवाई कर संयुक्त शासन सचिव को पालना करने के आदेश दिए है और आदेश की पालना नहीं करने पर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
डीग में राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (प्राचार्य) रेसा-पी की नई जिला कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव हुआ। रविवार को हुए जिला स्तरीय सम्मेलन में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय डीग के प्रिंसिपल मुकेश शर्मा को अध्यक्ष चुना गया। प्राचार्य अरविंद कुमार कौशल जिला मंत्री और प्राचार्य भगवानदास गुप्ता कोषाध्यक्ष बने। कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह मुख्य अतिथि थे। निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र सिंह और जिले के कई प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में प्राचार्यों की सेवा और प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा हुई। साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 'समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम रेसा-पी'मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह ने रेसा-पी को समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम बताया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि संगठन सिर्फ सेवा मामलों तक सीमित नहीं रहेगा। यह शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के विकास पर भी काम करेगा। प्राचार्यों के अनुभव साझा करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। जिला मंत्री अरविंद कुमार कौशल ने कहा कि सभी प्राचार्यों के सहयोग और मार्गदर्शन से संगठन को मजबूत बनाया जाएगा तथा सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला कोषाध्यक्ष भगवानदास गुप्ता ने सभी प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में नोडल प्राचार्य गोपाल प्रसाद, कन्हैयालाल शर्मा, शिवराम सिंह गुर्जर, नीरज शर्मा, ललितेश गुप्ता, रजनी शर्मा, सुमित्रा धंधेल, धर्मेंद्र शर्मा, चरण सिंह, विष्णु कुमार शर्मा सहित जिले के सैकड़ों प्राचार्यों ने सहभागिता की। प्रांतीय पर्यवेक्षक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य सुरेंद्र कुमार शर्मा 'सार्थक' ने निर्विरोध निर्वाचन को संगठन की एकजुटता, समरसता और सर्वसम्मति का संदेश बताया।

