कैमूर में बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के पहले चरण के तहत 569 शिक्षकों को अस्थायी रूप से स्कूल आवंटित किए गए हैं। यह फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्थापना समिति की बैठक में लिया गया। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर मिले 1322 आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए विभिन्न कक्षाओं के लिए कुल 1322 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें कक्षा 1 से 5 के लिए 822, कक्षा 6 से 8 के लिए 141, कक्षा 9 से 10 के लिए 162 और कक्षा 11 से 12 के लिए 197 आवेदन शामिल हैं। जांच के बाद 569 शिक्षकों को मिला स्कूल आवेदनों की गहन जांच के बाद कक्षा 1 से 5 में 172, कक्षा 6 से 8 में 134, कक्षा 9 से 10 में 97 और कक्षा 11 से 12 में 166 शिक्षकों को अस्थायी स्कूल आवंटित किया गया है। लॉगिन आईडी से देख सकेंगे आवंटित स्कूल सभी शिक्षक अपनी ई-शिक्षाकोष लॉगिन आईडी के जरिए आवंटित स्कूल की जानकारी देख सकते हैं। विभाग की ओर से शिक्षकों को पोर्टल पर आवंटन की जानकारी जांचने को कहा गया है। दो दिन में ऑनलाइन आपत्ति का मौका यदि किसी शिक्षक को स्कूल आवंटन को लेकर आपत्ति है, तो वह दो दिनों के भीतर पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद ही स्थानांतरण की अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला स्थापना समिति की बैठक में हुआ फैसला बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), एडीएम, पीजीआरओ, डीसीएलआर भभुआ और बीडीओ भभुआ समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
भोपाल जिला पंचायत में बुधवार को हुई साधारण सभा की मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधि अफसरों पर जमकर उखड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने और स्टॉफ की कमी पर उन्होंने नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने तो सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा से कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हुई तो आपके ऑफिस के सामने ही 7 दिन बाद धरने पर बैठूंगा। जिपं अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर की अध्यक्षता और सीईओ इला तिवारी की मौजूदगी में दोपहर में मीटिंग हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में शुरुआत से आखिरी तक जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दों पर अफसरों को घेरा। सदस्य मेहर ने कहा कि नल-जल योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वपूर्ण एवं गरीब को नल से जल उपलब्ध कराने का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसे प्रशासन की लापरवाही वाली कार्यशैली के कारण जमीनी स्तर पर कागजी साबित होना पड़ रहा है। बैठक में बैरसिया स्वास्थ्य विभाग की बीएमओ डॉ. पुष्पा गुरु पर भी आरोप लगाते हुए मेहर ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी जिला पंचायत सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। प्रस्ताव पर जवाब देते हुए सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने कहा 3 दिन के अंदर रिपोर्ट दूंगा। इस पर सदस्य मेहर ने सात दिन बाद धरने पर बैठने की चेतावनी दे दी। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए मेहर ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की स्थिति यह है कि 70 प्रतिशत स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुचारू व्यवस्था ही नही है। बिजली विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि करोड़ों रुपए सरकार मरम्मत व रखरखाव के जारी करती है तो फिर क्यों गांवों में कहीं तार टूटे, लटके हैं। कहीं केबल ही उपलब्धता नहीं। फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अधूरे पंचायत भवनों का मुद्दा उठाया। कहा कि सालों पहले भवनों के लिए राशि जारी कर दी गई है, लेकिन अब तक भवन तैयार नहीं हुए। राजपूत ने अंत्येष्टी के लिए ग्रामीणों को वन विभाग द्वारा लकड़ी दिए जाने की मांग की। पुलिस के साथ आधी रात को कार्रवाई की जरूरत क्यों? विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर ने वन विभाग की कार्रवाई और उसकी शैली पर सवाल किए। उन्होंने एक गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि बेवजह ग्रामीणों को डरा-धमकाया जा रहा है। टीम गांव में पुलिस के साथ पहुंची, जबकि चोरी जैसा मामला ही नहीं था। उन्होंने बैरसिया क्षेत्र के रेंजर से सवाल-जवाब भी किए। एसडीओ मनमोहन सिंह जाटव ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उपाध्यक्ष, 3 सदस्य नहीं पहुंचे बैठक में उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट और तीन सदस्य नहीं पहुंचे। सदस्य चंद्रेश राजपूत ने कहा कि हर बार मीटिंग होती है, लेकिन अफसर जनप्रतिनिधियों की बातों को अनसुना कर देते हैं। इस वजह से आज जिपं उपाध्यक्ष भी नहीं आए हैं। बैठक में सदस्य विक्रम भालेश्वर, बीजिया राजोरिया, गंगा मालवीय, समेत सदस्य प्रतिनिधि सुरेश सिंह राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। फंदा जनपद में भी मीटिंग हुईबुधवार को ही जनपद पंचायत फंदा में भी सामान्य प्रशासन एवं साधारण समिति की बैठक हुई। अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अध्यक्षता में आयोजित हुई। जनपद सीईओ शिवानी मिश्रा ने बैठक का एजेंडा रखते हुए अध्यक्ष की अनुमति से बैठक शुरू की। बैठक में ग्रामीण क्षेत्र में चल रही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जनपद उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर, सदस्य संतोष प्रजापति, राहुल मंडलोई आदि मौजूद थे।
हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया ने शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, कृषि, हरित ऊर्जा, खेल और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
9 सितंबर, बुधवार: गोपालगंज के सिधवलिया स्थित महम्मदपुर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के छठियार समारोह में शिक्षा मंत्री एवं बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आरती की और क्षेत्रवासियों को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
NPTEL: ऑनलाइन शिक्षा का एक अनूठा प्लेटफार्म
NPTEL, जो IITs द्वारा स्थापित एक प्रमुख ऑनलाइन शिक्षा पहल है, छात्रों को बिना IIT में दाखिला लिए IIT पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है। 2003 में शुरू हुई यह परियोजना, विज्ञान और इंजीनियरिंग के विषयों को देशभर में फैलाने का प्रयास करती है। NPTEL पर हजारों मुफ्त पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, और इसके YouTube चैनल पर करोड़ों दृश्य हैं। Eklavya पहल ने इस कार्यक्रम के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह घरों तक पहुँच सका।
पानीपत के शाहपुर गांव के पूर्व सरपंच और भाजपा नेता जसमेर कुंडू ने कहा कि इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा पर अभद्र टिप्पणी की है। जब तक चौटाला माफी नहीं मांगते, आम जनता और जाट समाज में उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ता रहेगा। मीडिया से बात करते हुए कुंडू ने आरोप लगाया कि देवीलाल परिवार ने अपनी टिप्पणियों से खुद को अवसरवादी नेता साबित किया है। उन्होंने कहा कि महिपाल ढांडा के लगातार तीसरी बार विधायक बनने और मंत्री पद मिलने से जाट समाज में उनकी छवि मजबूत हो रही है। इसी को देखते हुए चौटाला ने उनकी छवि खराब करने के लिए यह टिप्पणी की है, जो अशोभनीय है। गलतफहमी में है चौटाला : जसमेर कुंडू कुंडू ने आगे कहा कि चौटाला अपनी टिप्पणी से यह साबित करना चाहते हैं कि वे ही जाट समाज के एकमात्र नेता हैं। हालांकि, यह उनकी गलतफहमी है। जाट समाज में हमेशा से कई अच्छे नेता रहे हैं। उन्होंने चौधरी देवीलाल का उदाहरण दिया, जिनकी 36 बिरादरी आज भी इज्जत करती है। कुंडु ने कहा कि चौटाला परिवार की अगली पीढ़ी ने देवीलाल के नाम को भी खराब कर दिया है। जसमेर कुंडू ने कहा कि जब तक अभय चौटाला हरियाणा की जनता और जाट समाज से माफी नहीं मांगते और अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक उनके खिलाफ गुस्सा बना रहेगा। नहीं करनी चाहिए इस तरह की टिप्पणी कुंडू ने कहा कि इतने बड़े नेता को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने हरियाणा की जनता को 'मैं कांड' और 'कंडेला कांड' की याद दिलाई, जिसमें हरियाणा को काफी नुकसान हुआ था। कुंडू ने आरोप लगाया कि चौटाला हरियाणा को अपनी जागीर समझते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेता को चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाएगी। उनके साथ दयानंद कुंडू खाप प्रवक्ता, जोगिंदर सिंह, रामपाल सिंह आदि उपस्थित थे।
कोंडागांव के माकड़ी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीरापुर में विद्यार्थियों के प्रदर्शन और स्कूल की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने स्कूल में पदस्थ पीटीआई व्यायाम शिक्षक निर्मल कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं प्रभारी प्राचार्य कुंभज ऋषि भोयर को पद की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उनकी जगह एक अन्य योग्य व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। कक्षा शिक्षक नहीं मिलने पर छात्रों ने किया था धरना मामले में माकड़ी विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में स्कूल की शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुशासन व्यवस्था को लेकर स्थिति का उल्लेख किया गया। पत्र के अनुसार, 8 सितंबर को स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कक्षा शिक्षक नहीं होने के विरोध में सड़क पर धरना दिया और नारेबाजी की थी। छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की गई। प्रभारी प्राचार्य पर निगरानी में लापरवाही का आरोप विभागीय पत्र में कहा गया कि प्रभारी प्राचार्य को अपने विषय की नियमित पढ़ाई के साथ स्कूल में शिक्षकों के अध्यापन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन और संस्था के समुचित संचालन की निगरानी करनी थी। जांच के दौरान प्रभारी प्राचार्य की ओर से अपने विषय की नियमित पढ़ाई में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद उन्हें प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी से हटाने का निर्णय लिया गया। पीटीआई शिक्षक पर छात्रों ने की थी शिकायत विद्यालय के पीटीआई/व्यायाम शिक्षक निर्मल कुमार के खिलाफ भी विद्यार्थियों ने शिकायत की थी। छात्रों का कहना था कि स्कूल में खेल और शारीरिक गतिविधियां नियमित रूप से नहीं कराई जातीं। छात्रों ने शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने के आरोप भी लगाए थे। विभागीय कार्रवाई के तहत अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है। नए व्याख्याता को सौंपी गई जिम्मेदारी प्रभारी प्राचार्य को हटाए जाने के बाद विभाग ने स्कूल के किसी अन्य योग्य व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी है। इसका उद्देश्य स्कूल की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु करना है। DEO बोलीं- विद्यार्थियों के हित से समझौता नहीं जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का हित विभाग की प्राथमिकता है और स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ में भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक...
बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, इनोवेशन, कृषि, ग्रीन एनर्जी, खेल, पर्यटन, निवेश और युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करने सहित विभिन्न क्षेत्रों में हरियाणा …
इंदौर: दलाल बाग में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षाविद् सम्मानित
दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने स्वर्गीय प्रदीप कासलीवाल की पुण्यतिथि पर शिक्षा और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।
नवादा के छात्रों और अभिभावकों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। भाजपा नेता और सांसद विवेक ठाकुर ने राजकीयकृत कन्हाई इंटर विद्यालय, नवादा में केंद्रीय विद्यालय नवादा के अस्थायी परिसर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी शुरू हो गई। केंद्रीय विद्यालय के संचालन से जिले में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… वर्षों पुराना सपना हुआ साकार उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि नवादा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना यहां के लोगों का वर्षों पुराना सपना था, जो अब साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय शुरू होने से जिले के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। शिक्षा विकास की मजबूत नींव सांसद ने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। केंद्रीय विद्यालय के शुरू होने से नवादा में शिक्षा के विकास को नई गति मिलेगी। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसरों के साथ अपने भविष्य को संवारने के लिए एक बेहतर मंच मिलेगा। शिक्षा के साथ सुविधाओं पर जोर विवेक ठाकुर ने कहा कि नवादा संसदीय क्षेत्र में शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, सड़क, रेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना भी इन्हीं प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नवादा को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम जारी रहेगा। छात्रों के भविष्य का बनेगा केंद्र सांसद ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होगा, बल्कि नवादा के बच्चों के भविष्य को बेहतर दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने विद्यालय के संचालन पर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन में ये रहे मौजूद उद्घाटन कार्यक्रम में डीसीसी शंभू शरण पांडे, अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग और रजौली विधायक विमल राजवंशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय शुरू होने को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भी उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
पाकुड़ जिला मुख्यालय में बुधवार को भाजपा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छात्रों के आंदोलन के समर्थन में था। इसका नेतृत्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने किया। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात थे कार्यकर्ताओं का जुलूस जिला मुख्यालय के लड्डू बाबू आम बागान से शुरू हुआ। यह जुलूस समाहरणालय पहुंचा, जहां मुख्य द्वार के पास कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव और थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात थे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी कर रही है और यहां की नौकरियां बेच रही है। परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली का जिक्र किया। मरांडी ने कहा कि जब हजारों छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तो सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया और केस दर्ज किए। उन्होंने परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गिट्टी, बालू और खनिज पदार्थों को बेचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। कलेक्ट्रेट में घुसकर आंदोलन करने की चेतावनी बाबूलाल मरांडी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार भाजपा की मांग को पूरा नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में वे कलेक्ट्रेट में घुसकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए यदि लाठी खानी पड़े या जेल जाना पड़े तो भी वे तैयार हैं। इस मौके पर लिट्टीपाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक दिनेश विलियम्स मरांडी, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, जिला प्रभारी निवास मंडल, मीरा प्रवीण सिंह, दुर्गा मरांडी, मिस्फिका हसन समेत अन्य वक्ताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रदर्शन के अंत में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर भाजपा के जिला महामंत्री रूपेश भगत, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष चंपा शाह, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, रतन भगत समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
मधेपुरा शिक्षा विभाग के स्थापना कार्यालय में काम कराने पहुंचे मध्य विद्यालय उदा (बालक) के प्रधानाध्यापक संजय प्रताप पर सहायक कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। वहीं, सहायक कर्मचारी के आवेदन पर सदर थाना में प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सर्विस बुक के काम को लेकर हुआ विवाद घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। प्रधानाध्यापक संजय प्रताप अपनी सर्विस बुक से जुड़े काम के सिलसिले में शिक्षा भवन स्थित स्थापना शाखा पहुंचे थे। इसी दौरान वहां कार्यरत सहायक कर्मचारी सूर्यनारायण मंडल से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मारपीट का आरोप आरोप है कि कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और प्रधानाध्यापक ने सहायक कर्मचारी के साथ मारपीट की। कर्मचारी ने प्रधानाध्यापक पर थप्पड़ मारने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंची। एसआई मिथिलेश कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद सहायक कर्मचारी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया निराधार प्रधानाध्यापक संजय प्रताप ने अपने ऊपर लगे मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी सर्विस बुक करीब आठ महीने से स्थापना शाखा में पड़ी है। उसमें दर्ज आपत्ति के निराकरण के लिए उन्होंने सर्विस बुक को लेखा शाखा भेजने का आग्रह किया था। इसी बात को लेकर कर्मचारी से कहासुनी हुई, लेकिन उन्होंने मारपीट नहीं की। डीईओ ने किया निलंबित, जांच जारी सहायक कर्मचारी सूर्यनारायण मंडल के आरोपों और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने प्रधानाध्यापक संजय प्रताप को निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष विमलेन्दु कुमार ने बताया कि सहायक कर्मचारी के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
job news 2026: एसबीआई में निकली हैं कई पदों पर भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो फिर स ये खबर आपके लिए काम की हो सकती है। जी हां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर के पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 24 सितंबर तक अप्लाई कर किया जा सकता है। पदों के नाम- चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर आयु सीमा- उम्मीदवारों की आयु की गणना 31 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 24 सितंबर2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट sbi.co.in देख सकते हैं pc- insta
pc: jagran उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने असिस्टेंट, क्लर्क, रजिस्ट्रार और दूसरे पदों समेत अलग-अलग ग्रुप C पोस्ट के लिए एक नई भर्ती की घोषणा की है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 8 सितंबर, 2026 से शुरू हो गया है। योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल के ज़रिए अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन एप्लीकेशन भरने की आखिरी तारीख 7 अक्टूबर, 2026 है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अप्लाई करने से पहले डिटेल्ड नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें ताकि यह पक्का हो सके कि वे अपनी पसंदीदा पोस्ट के लिए ज़रूरी योग्यताएं पूरी करते हैं। करेक्शन विंडो और एग्जाम की तारीख जिन एप्लीकेंट से एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, उन्हें सुधार करने का मौका दिया जाएगा। एप्लीकेशन करेक्शन विंडो 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। रिक्रूटमेंट शेड्यूल के मुताबिक, लिखित परीक्षा 15 नवंबर, 2026 को होने की उम्मीद है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इन ग्रुप C पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों को आम तौर पर किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से क्लास 12/इंटरमीडिएट पास होना चाहिए। हालांकि, कुछ खास पोस्ट के लिए एक्स्ट्रा एजुकेशनल या टेक्निकल क्वालिफिकेशन की ज़रूरत हो सकती है। एलिजिबिलिटी कंडीशंस के मुताबिक, एप्लीकेंट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 को कम से कम 21 साल और 42 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। मौजूदा सरकारी नियमों के मुताबिक, रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेंट्स को पोस्ट के हिसाब से एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और दूसरी एलिजिबिलिटी कंडीशंस के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखना चाहिए। एप्लीकेशन फीस जनरल और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स को ₹300 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। SC, ST और PwD कैंडिडेट्स के लिए फीस ₹150 रखी गई है। अनाथ कैंडिडेट्स बिना किसी फीस के अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। कैसे अप्लाई करें कैंडिडेट्स इन स्टेप्स को फॉलो करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: UKSSSC की ऑफिशियल रिक्रूटमेंट वेबसाइट पर जाएं। रिलेवेंट रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन लिंक चुनें। ज़रूरी पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और एप्लीकेशन फॉर्म में बाकी जानकारी डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और लागू फीस पे करें। पूरा किया हुआ फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। सिलेक्शन प्रोसेस और एग्जाम पैटर्न सिलेक्शन मुख्य रूप से एक लिखित परीक्षा पर आधारित होगा। क्वेश्चन पेपर में 100 सवाल होंगे जिनके 100 मार्क्स होंगे, और कैंडिडेट्स को टेस्ट पूरा करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। कुछ पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स को लिखित परीक्षा के अलावा टाइपिंग टेस्ट भी देना पड़ सकता है। इस रिक्रूटमेंट कैंपेन के ज़रिए, UKSSSC का मकसद अलग-अलग पोस्ट पर ग्रुप C की कुल 553 वैकेंसी भरना है। कैंडिडेट्स को परीक्षा, एडमिट कार्ड और आगे के सिलेक्शन स्टेज के बारे में अपडेट के लिए रेगुलर ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल चेक करते रहना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा सचिव भगवती सिंह ने आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सहित प्रदेश के 33 जिला विद्यालय निरीक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस में 10% से कम उपस्थित पाए जाने पर नोटिस जारी किया है। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर इन सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक को अपने-अपने जिलों की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में स्थिति न सुधरने पर मामले में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में प्रदेश के सभी 33 जिला विद्यालय निरीक्षकों को नोटिस जारी करके सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। वही इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा सचिव की तरफ से लेटर मिला है। जल्द से जल्द ऑनलाइन अटेंडेंस सही कर लिया जाएगा। 33 जिलों को जारी हुआ नोटिस माध्यमिक शिक्षा के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के 33 जिलों को ऑनलाइन अटेंडेंस 10% से कम होने के लिए नोटिस जारी किया है। ऐसे में आजमगढ़ जिले में ऑनलाइन अटेंडेंस 7% के लगभग है जो की काफी कम है। इसके साथ ही 10% से कम ऑनलाइन अटेंडेंस वाले जिलों में भदोही, उन्नाव, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, गोंडा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थ नगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर सुल्तानपुर फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस बुलंदशहर, लखनऊ, बहराइच, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवरिया और मुख्यमंत्री का जिला गोरखपुर भी शामिल है। जहां पर ऑनलाइन अटेंडेंस 10% से कम है। इन सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जिलों में ऑनलाइन अटेंडेंस की स्थिति में सुधार लाना है।
भोपाल में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारियों के बीच सेवारत शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। शिक्षक संघों ने मांग की है कि विभाग स्पष्ट करे कि वर्ष 2018 में अध्यापकों को राज्य शिक्षा सेवा में विधिवत नियुक्ति मिलने के बाद 8 साल बाद TET की अनिवार्यता किस प्रावधान और आधार पर लागू की जा रही है। अलग-अलग तरीके से हुई नियुक्तियां प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियां अलग-अलग चरणों, संवर्गों और पंचायत व नगरीय निकायों के जरिए हुई हैं। कई नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश सिविल अपील 4032/1995 के तहत हुई थीं और 2008 में सरकार ने इन शिक्षकों का अध्यापक पद पर संविलियन किया था। इसके बाद वर्ष 2018 में संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत गठित राज्य शिक्षा सेवा में इन्हें उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक के पद दिए गए। शिक्षकों का कहना है कि जब विभाग न्यायालय में भी इनकी विधिवत नियुक्ति स्वीकार कर चुका है, तो अब TET की अनिवार्यता क्यों लागू की जा रही है। TET से पहले 6 मांगें रखीं 1. वर्षवार-संवर्गवार सूची जारी हो विभाग लिखित रूप से स्पष्ट करे कि किस वर्ष और किस संवर्ग में नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है और किन्हें इससे छूट प्राप्त है। 2. पुरानी नियुक्तियों पर स्थिति साफ हो RTE अधिनियम लागू होने (2009-10) से पहले नियुक्त शिक्षकों और कोर्ट के आदेश से नियुक्त अध्यापकों की TET को लेकर कानूनी स्थिति सार्वजनिक की जाए। 3. पदोन्नति वालों पर नियम तय हों 1998 से 2018 के बीच नियुक्त ऐसे शिक्षकों, जिन्हें बाद में पदोन्नति या उच्च पद का प्रभार मिला है, उनकी TET पात्रता मूल नियुक्ति की तारीख से तय होगी या पदोन्नति की तारीख से, यह स्पष्ट किया जाए। 4. परीक्षा की अनुमति के नियम बताएं सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार सेवारत कर्मचारियों के लिए TET में शामिल होने से पहले विभाग से अनुमति लेना जरूरी है या नहीं, इस पर स्थिति साफ की जाए। 5. सेवा लाभ और वरिष्ठता सुरक्षित रहे शिक्षकों को आशंका है कि TET पास करने पर उनकी पुरानी सेवा, वेतन, पेंशन और वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। विभाग सेवा हितों की सुरक्षा का लिखित आश्वासन दे। 6. विस्तृत लिखित गाइडलाइन जारी हो TET की पात्रता, छूट, संवर्ग और परीक्षा की वैधता सहित सभी संबंधित बिंदुओं पर विभाग विस्तृत और लिखित दिशा-निर्देश जारी करे। नियम स्पष्ट नहीं हुए तो बहिष्कार शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल और राजेश मिश्रा ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर एक समान नियम लागू करने से पहले उनकी नियुक्ति की प्रकृति का परीक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियां अलग-अलग समय, नियमों और संवर्गों के तहत हुई हैं। शिक्षक संगठनों ने कहा है कि यदि स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा से पहले TET की पात्रता, अनिवार्यता और छूट संबंधी लिखित निर्देश जारी नहीं करता है, तो सेवारत शिक्षक आगामी TET परीक्षा का बहिष्कार करेंगे।
औचक निरीक्षण में दो शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले:BSA ने एक दिन का वेतन रोका, स्पष्टीकरण मांगा
देवरिया में जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी ने बरहज तहसील के परिषदीय स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान बिजौली तिवारी प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षामित्र गैरहाजिर मिले। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दोनों का एक दिन का वेतन रोक दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने बिजौली तिवारी और पिपरा पांडेय प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति और स्कूल की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने और बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूलों में साफ-सफाई, शिक्षण व्यवस्था और सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों की लगातार निगरानी करने और शिक्षकों की उपस्थिति पक्की करने के निर्देश भी दिए। बिजौली तिवारी प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षामित्रों के गैरहाजिर मिलने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इसके बाद बीएसए ने दोनों शिक्षामित्रों का एक दिन का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश जारी किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्कूलों की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षकों को जिम्मेदारी से काम करते हुए बच्चों के पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए लगातार कोशिश करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में निरीक्षण लगातार किया जाए और कमियों को समय पर दूर किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिल सके।
इस वैकेंसी के लिए आवेदन स्टार्ट हो चुके हैं जो निर्धारित अंतिम तिथि 4 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट ngri.res.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
बरेली जिले में आंगनवाड़ी सहायिका के 171 पदों पर भर्ती का मौका है। 12वीं पास महिला उम्मीदवार 8 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। भर्ती से जुड़ी पात्रता और जरूरी जानकारी यहां देखें।
मेरठ में गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम, मेधावी छात्रों को किया सम्मानित; शिक्षा के साथ संस्कृति का दिया संदेश
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में निकाय चुनाव चल रहे हैं और चुनावों के बीच में बयानबाजी का दौर जारी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेता ऐसा कोई मौका नही छोड़ रहे हैं जिससे की एक दूसरे की बुराई की जा सके। अब भाजपा नेता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री दिलावर और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बयान पर पलटवार करते हुए उनके सियासी सफर और कथित बयानों को लेकर तीखा हमला बोला। चुनावी जनसंपर्क के दौरान दिलावर ने कहा, बिकाऊ बैल की तरह रोज दल बदलने वाले मुझे चरित्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। दिलावर ने तंज कसते हुए कहा, आप जैसा चरित्र जीने से बेहतर मैं मरना पसंद करूंगा, मदन दिलावर की होड़ सात जन्म तो क्या, सौ जन्म में भी आप नहीं कर सकते। मदन दिलावर ने गुंजल के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा, गुंजल पहले अपने चरित्र का आईना देखें और बताएं कि वह किस चरित्र की बात कर रहे हैं। दिलावर ने कहा, मेरा जीवन निष्कलंक है, कोई मेरे चरित्र पर एक भी दाग साबित कर दे तो मैं अपनी सारी संपत्ति उसके नाम करने को तैयार हूं। pc- abp news,ndtv
नौकरी से निकाला फिर नोटिस पीरियड देने को कहा, WFH पर HR का जवाब वायरल
पहले तो नौकरी से निकाला फिर नोटिस पीरियड भी कराया लेकिन नहीं दी वर्क फ्रॉर्म होम की भी सुविधा. एक कर्मचारी ने रेडिट पर अपने और HR की बातचीत से जुड़ी पोस्ट शेयर की है, जिसने यूजर्स को भी हैरान कर दिया है. लेकिन इसके पीछे मामला क्या है चलिए जानते हैं.
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में पदोन्नति नहीं होने से संयुक्त संचालक का पद खाली, प्राचार्यों को प्रभार
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के अभाव में उच्च अधिकारियों की कमी है। 15 अफसरों के दायित्व बदले गए, प्राचार्यों को संयुक्त संचालक समेत डीईओ का प्रभार मिला।
समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी मिली है। साथ ही, निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा पांच तक कर दिया गया है, जिसमें सीखने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
श्रीकृष्ण के गुरुकुल से एआई युग तक शिक्षा का सफर दिखाया
खंडवा | बड़गांव भीला रोड स्थित सेंट जोन्स स्कूल में शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यार्थियों ने भगवान श्री कृष्ण के गुरुकुल जीवन से लेकर वर्तमान एआई युग तक शिक्षा व्यवस्था के बदलाव पर आधारित प्रेरक नाट्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारी, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाना भी है। संस्था संचालक ए.एस. सिकरवार ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच की सराहना की। अतिथि एम.के. बंसल ने कहा कि तकनीक ज्ञान दे सकती है, लेकिन संस्कार ही अच्छा इंसान बनाते हैं। जे.एस. कुकरेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्राचार्य पुष्पा सिकरवार, भूपेंद्र दीक्षित, सोनल संतवाणी, श्रुति बक्षी, अदिति विदवानी, योगेंद्र चांडक सहित स्टाफ मौजूद रहा।
शिक्षा संकाय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम
उदयपुर | सुखाड़िया विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। संकाय प्रभारी राजकुमारी अहीर ने स्वागत उद्बोधन में विभाग की गतिविधियों और पिछले वर्षों में किए गए कार्यों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि कैलाश डागा ने कहा कि शिक्षक बनने के लिए धैर्य, सहनशीलता और दूरदृष्टि जरूरी है। प्रभा वाजपेयी ने आचरण के साथ तकनीक के सही उपयोग को सीखने का आग्रह किया।
Kushinagar News: शिक्षा और साक्षरता के प्रति किया जागरूक
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मंगलवार को क्षेत्र के सेमराहरदो के अचल पट्टी में चौपाल का आयोजन हुआ।
Bareilly News: इंजीनियरिंग शिक्षा में पुस्तकों का महत्व बताया
इंजीनियरिंग शिक्षा में पुस्तकों का महत्व बताया
वृश्चिक राशिवालों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में लाभ का योग, जानें दैनिक भाग्यफल
Scorpio Daily Horoscope, 9 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, उन्नति के रास्ते बनेंगे, अपने ज्ञान और हुनर को बढ़ाने का समय है, जल्दबाजी में कोई निवेश ना करें, रिश्तेदारों के सहयोग से बिजनेस ना करें, व्यापार में लाभ का योग है.
ज्ञान के साथ विवेक और समझ प्रदान करती है शिक्षा : कुलपति
ज्ञान के साथ विवेक और समझ प्रदान करती है शिक्षा : कुलपति
Siddharthnagar News: शिक्षा ही हमारी प्रगति का मूल आधार है
बांसी। रतनसेन डिग्री काॅलेज बांसी में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से एक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किए।
Shahjahanpur News: शिक्षा के महत्व का संदेश लेकर निकाली साक्षरता जागरूकता रैली
शाहजहांपुर। रोटी गोदाम परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया। इस बीच शिक्षा के महत्व का संदेश लेकर साक्षरता जागरूकता रैली निकाली गई।
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ न्याय की भावना मजबूत करती है: डॉ. रामविलास
Education makes a person self-reliant and strengthens the sense of justice: Dr. Ramvilas
आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता : एडीसी
उन्हें निरंतर शिक्षा से जोड़कर उनकी आयु के अनुरूप शैक्षणिक स्तर तक पहुंचाना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
Bilaspur News: पीएमश्री स्कूलों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
बिलासपुर। पीएमश्री स्कूलों के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और सीएचटी
Bhiwani News: शिक्षा बोर्ड में 11 को होगी भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल
शिक्षा बोर्ड में 11 को होगी भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल
आज विधानसभा कक्ष संख्या-77 में नेता सदन, विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सर्वदलीय बैठक आहूत की गयी जिसमें प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री उच्च शिक्षा योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा श्रीमती गुलाब देवी जी, विधान परिषद नेता विरोधी दल श्री लाल बिहारी यादव, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री राजबहादुर सिंह चन्देल, डा. आकाश अग्रवाल, श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डा. बाबू लाल तिवारी, श्री साकेत मिश्रा, डा. मान सिंह यादव, डा. आशुतोष सिन्हा सहित अन्य माननीय सदस्य सदस्यों के साथ बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्यों द्वारा अपने सुझाव एवं विचार रखे गए। सदस्यों ने शिक्षकों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं, उनकी सुविधाओं तथा उनके हितों से जुड़े विषयों पर सरकार के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की भी चर्चा हुई। विशेष रूप से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों के साथ-साथ एडेड एवं सेल्फ फाइनेंस संस्थानों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत किया गया।बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सरकार के इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक वर्ग के हित में महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी कदम बताते हुए बैठक में उपस्थित सभी माननीय सदस्यों ने प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। माननीय सदस्यों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केवल विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना ही आवश्यक नहीं है, बल्कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्मिक के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। इस दिशा में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। बैठक में शिक्षा विभागों से संबंधित विभिन्न विषयों पर सर्वदलीय विचार-विमर्श को सकारात्मक एवं रचनात्मक बताते हुए सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी संवाद एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं विचारों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपस्थित माननीय सदस्यों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा हुई। सभी पक्षों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उत्तराखंड की शिक्षा और यूसीसी नीतियां देशभर में बन रहीं मॉडल: मनु गौर
देहरादून, 8 सितंबर . उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की ड्राफ्टिंग समिति के सदस्य मनु गौर ने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू किए गए शिक्षा सुधार अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन रहे हैं और देश के विभिन्न ... Read more
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रशस्त (PRASHAST) 2.0 के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले ...
चित्तौड़गढ़ के दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षा संबलन की जांच, CBE0 ने परखी व्यवस्थाएं
चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के दूरस्थ घरोल, सूरतसिंह जी का खेड़ा, बांडा गणेशपुरा, भुगाड़िया और फुसरिया विद्यालयों का निरीक्षण हुआ। शैक्षणिक गुणवत्ता, सुरक्षा, मध्याह्न भोजन और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
जशपुर जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को अचानक होने वाली आर्थिक जरूरतों के लिए अब महंगे बाहरी कर्ज या ऑनलाइन लोन एप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जशपुर पुलिस ने अपने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुलिस सहकारी बैंक को नए सिरे से सक्रिय किया है। इसके तहत जरूरतमंद पुलिसकर्मियों को सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी बैंक के फंड के लिए पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से उनके पद के अनुसार हर महीने राशि जमा कराई जा रही है। आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के कर्मचारियों से 500 रुपए, एएसआई, एसआई और टीआई रैंक से 1,000 रुपए तथा राजपत्रित अधिकारियों से 2,000 रुपए प्रतिमाह जमा लिए जाएंगे। 6 महीने बाद शुरू होगा लोन बैंक में जमा राशि पर छह महीने की लॉक-इन अवधि रखी गई है। यह अवधि पूरी होने के बाद सातवें महीने से ऋण वितरण शुरू किया जाएगा। कर्ज देने में जरूरत के आधार पर प्राथमिकता तय की गई है। सबसे पहले खुद या परिवार के इलाज के लिए आर्थिक मदद चाहने वाले कर्मचारियों के आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद बच्चों की शिक्षा, शादी-ब्याह और मकान या जमीन से जुड़ी जरूरतों के लिए ऋण दिया जाएगा। आपात स्थिति में रात में भी मदद की तैयारी पुलिस विभाग ने आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था तैयार करने की योजना भी बनाई है। बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति में रात के समय पैसों की जरूरत पड़ने पर अधिकृत अधिकारी के पास नगद राशि सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। जरूरतमंद कर्मचारी से आवेदन मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि उसके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जा सकेगी। इससे गंभीर परिस्थितियों में कर्मचारी को अगले दिन कार्यालय खुलने या सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 30 समान किश्तों में चुकाना होगा ऋण सहकारी बैंक से मिलने वाले ऋण की वसूली 30 समान मासिक किश्तों में की जाएगी। ऋण पर चार प्रतिशत सालाना ब्याज लिया जाएगा। ब्याज से मिलने वाली राशि भी बैंक के फंड में जुड़ती रहेगी। इससे बैंक की पूंजी बढ़ेगी और भविष्य में अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने की क्षमता मजबूत होगी। 950 में से 816 कर्मचारी बने सदस्य जशपुर जिले में करीब 950 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से अब तक 816 कर्मचारी और अधिकारी सहकारी बैंक की सदस्यता ले चुके हैं। सदस्यता का यह आंकड़ा बताता है कि पुलिसकर्मियों में इस व्यवस्था को लेकर रुचि है। नियमित रूप से सदस्यों की ओर से जमा होने वाली राशि से बैंक का फंड लगातार बढ़ाने और आने वाले समय में ऋण वितरण का दायरा बढ़ाने की योजना है। ऑनलाइन लोन एप से महंगे कर्ज से बचाने की पहल पुलिस विभाग के अनुसार, अचानक आर्थिक जरूरत पड़ने पर कई लोग ऑनलाइन एप के जरिए तत्काल कर्ज ले लेते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर लोन लेना आसान होता है, लेकिन ब्याज और दूसरे शुल्क की वास्तविक लागत कई बार बाद में सामने आती है, जिससे कर्ज अपेक्षाकृत महंगा पड़ सकता है। पुलिस सहकारी बैंक की व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को ऐसी परिस्थितियों से बचाते हुए कम ब्याज पर अपने ही विभागीय सहकारी बैंक से जरूरत का ऋण उपलब्ध कराना है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को जरूरत के समय कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस सहकारी बैंक को नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। इससे पुलिसकर्मियों को आवश्यकताओं के लिए सहज तरीके से ऋण मिल सकेगा और उन्हें महंगे बाहरी कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
चित्तौड़गढ़ में शिक्षा के लिए दान करने वाले भामाशाह सम्मानित, मांगीबाई ने दिए 15 लाख
चित्तौड़गढ़ में शिक्षा के लिए दान करने वाले भामाशाहों का सम्मान हुआ। 80 वर्षीय निरक्षर मांगी बाई अहीर ने 15 लाख रुपए दान किए, वहीं एनआरआई डॉ. मुस्तफा ने डिजिटल शिक्षा के लिए करीब 18 लाख रुपए दिए।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका शारदा नेताम को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं से मालिश करवाने, निजी घरेलू काम लेने और अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। जांच में छात्रावास की भोजन व्यवस्था और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं। शारदा नेताम मूल रूप से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर पदस्थ थीं। प्रतिनियुक्ति पर वह पोड़ी उपरोड़ा कन्या छात्रावास की अधीक्षिका की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। निलंबन आदेश बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने जारी किया है। छात्राओं ने सड़क पर उतरकर किया था प्रदर्शन मामला 6 अगस्त 2026 का है। अधीक्षिका के व्यवहार से परेशान छात्राओं ने मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए उन्हें हटाने और उनकी जगह दूसरी अधीक्षिका नियुक्त करने की मांग की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनसे मालिश करवाने, घरेलू काम कराने और अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। तीन प्राचार्यों की समिति ने की जांच पोड़ी उपरोड़ा के SDM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की जांच समिति गठित की थी। समिति ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान लिए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में अधीक्षिका का छात्राओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं पाए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, मालिश करवाने और निजी घरेलू काम लेने के आरोप सही पाए गए। मेन्यू के अनुसार खाना नहीं, गुणवत्ता भी खराब जांच में छात्रावास के भोजन को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और खाने की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी। इसके अलावा अधीक्षिका द्वारा छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा-पाठ और घंटी बजाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे छात्राओं की पढ़ाई और नींद प्रभावित होने की बात कही गई। गंभीर कदाचार मानकर किया निलंबन कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी से मिले प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने शारदा नेताम के कृत्यों को गंभीर कदाचार माना। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने की उम्मीद है।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश में कहा कि नाबालिग छात्र याचिकाकर्ताओं को अपने सहपाठियों के साथ मारपीट करने के कारण उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखने से रोका गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करते हुए ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप...
शेखपुरा के जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में मंगलवार को दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिक्षा कला प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें जेएनवी पटना संकुल के 20 जिलों से 400 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने दीप जलाकर किया। जनजातीय गीत-संगीत का प्रदर्शन करेंगे प्रतियोगिता प्राचार्य विनय कुमार ने सभी 20 विद्यालयों के 400 प्रतिभागियों और उनके शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में कला नाम से आयोजित यह कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच है। विद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में कार्यक्रम की पूरी तैयारी की गई थी। इस प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागी एकल और समूह शास्त्रीय नृत्य, गीत-संगीत गायन, लोक गीत-संगीत और सामूहिक जनजातीय गीत-संगीत का प्रदर्शन करेंगे। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने भी सभी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विकास के बिना हमारा सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। खेल मैदान और व्यायामशालाएं का निर्माण सभ्यता, संस्कृति और खेलकूद प्रतियोगिताएं हमें शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के साथ-साथ सामाजिक विकास में भी मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि जिले की सभी पंचायतों में सरकार के निर्देशों के तहत खेल मैदान और व्यायामशालाएं बनाई जा रही हैं। डीएम ने सभी प्रतिभागियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की। अतिथियों का स्वागत जेएनवी के प्राचार्य विपिन कुमार ने किया, जबकि मंच संचालन हिंदी विषय के शिक्षक विपिन कुमार ने किया।
यूपी में समग्र शिक्षा बजट के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर, कार्मिकों के मानदेय में 25 फीसदी बढ़ोतरी मंजूर
Lucknow, 8 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Governmentी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर Government ने अपनी निगरानी और क्रियान्वयन व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में Tuesday को हुई समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में वर्ष ... Read more
राजभाषा का दर्जा, पढ़ाने वालों के पद खाली; झारखंड में उर्दू शिक्षा बदहाल
झारखंड में उर्दू को द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिलने के बावजूद शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, जहां शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, रांची जैसे जिलों में भी उर्दू शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
दुनिया भर में शिक्षा, ज्ञान और जागरूकता के प्रसार के उद्देश्य से हर साल 8 सितंबर का दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस तारीख को पूरे वैश्विक स्तर पर 'अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस' (International Literacy Day) के रूप में मनाया जाता है। आधुनिक युग में जहां एक तरफ तकनीक और विज्ञान अपनी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ समाज के एक बड़े हिस्से तक बुनियादी शिक्षा और साक्षरता की रोशनी पहुंचाना आज भी दुनिया भर की सरकारों और नीति निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यानी यूनेस्को (UNESCO) ने आज से दशकों पहले साल 1966 में हर साल 8 सितंबर को इस दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक ऐलान किया था, ताकि दुनिया भर में निरक्षरता के अभिशाप को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें। आज के इस डिजिटल और प्रतिस्पर्धी दौर में जब हम विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, तब साक्षरता दिवस हमें इस बात की याद दिलाता है कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति पढ़ना-लिखना नहीं सीख जाता, तब तक किसी भी देश का वास्तविक विकास अधूरा ही माना जाएगा। इस विशेष अवसर पर देश-विदेश में विभिन्न कार्यक्रमों, गोष्ठियों और साक्षरता अभियानों का आयोजन किया जाता है, जिसके जरिए लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाता है।अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का ऐतिहासिक सफर और UNESCO द्वारा की गई वह अहम शुरुआतअंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास पर यदि नजर डाली जाए, तो इसकी नींव साल 1965 के सितंबर महीने में ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित शिक्षा मंत्रियों के एक विश्व सम्मेलन के दौरान रखी गई थी। उस सम्मेलन में दुनिया भर के देशों ने इस बात पर गंभीर मंथन किया था कि किस प्रकार अनपढ़ आबादी को साक्षर बनाकर वैश्विक गरीबी, भुखमरी और असमानता जैसी समस्याओं से निपटा जा सकता है। इसके बाद, यूनेस्को (UNESCO) ने 26 अक्टूबर 1966 को अपनी 14वीं आम कॉन्फ्रेंस के दौरान आधिकारिक तौर पर हर साल 8 सितंबर को 'अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा कर दी। इसके अगले ही साल यानी 1967 में पहली बार पूरी दुनिया में यह दिवस बहुत ही उत्साह और संकल्प के साथ मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, समुदायों और समाजों के बीच साक्षरता के महत्व को बढ़ावा देना था। तब से लेकर आज तक हर साल एक खास थीम (Theme) के तहत इस दिन को मनाया जाता है, जो उस वर्ष की वैश्विक शैक्षिक प्राथमिकताओं और चुनौतियों को रेखांकित करने का काम करती है।वैश्विक और भारतीय परिदृश्य में साक्षरता की स्थिति: आंकड़ों के आईने में सचजब हम वैश्विक स्तर पर साक्षरता के आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं, तो यह बात सामने आती है कि पिछले कुछ दशकों में निश्चित रूप से भारी सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी एक बहुत लंबी दूरी तय करनी बाकी है। दुनिया के कई विकासशील और गरीब देशों में आज भी करोड़ों ऐसे बच्चे और वयस्क हैं जिन्हें बुनियादी शिक्षा तक नसीब नहीं होती है, जिससे उनकी आजीविका और सामाजिक उत्थान के रास्ते बंद हो जाते हैं। अगर बात भारत की की जाए, तो देश की आजादी के बाद से ही साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए कई बड़े राष्ट्रीय अभियान जैसे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, और हाल ही में लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन तमाम सरकारी और गैर-सरकारी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत की साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद देश के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों, आदिवासी अंचलों और पिछड़ी बस्तियों में आज भी बड़ी संख्या में लोग बुनियादी अक्षर ज्ञान से वंचित हैं, जो हमारे शिक्षा तंत्र के दावों पर कई बार गंभीर सवाल खड़े करता है।आधुनिक समाज में शिक्षा और डिजिटल साक्षरता की नई चुनौतियां और जरूरतेंसाक्षरता की परिभाषा समय के साथ तेजी से बदल रही है, और आज के इस आधुनिक तकनीक-प्रधान युग में साक्षरता का मतलब केवल अपने हस्ताक्षर करना या साधारण किताबें पढ़ना भर नहीं रह गया है। आज के समय में 'डिजिटल साक्षरता' (Digital Literacy) और तकनीकी ज्ञान उतना ही महत्वपूर्ण हो चुका है जितना कि पारंपरिक पढ़ना और लिखना, क्योंकि बिना कंप्यूटर, स्मार्टफोन और इंटरनेट के बुनियादी इस्तेमाल के ज्ञान के कोई भी व्यक्ति आधुनिक समाज में पिछड़ सकता है। आज के इस दौर में जहाँ शिक्षा को हर बच्चे का मौलिक अधिकार माना गया है, वहीं ड्रॉपआउट रेट (School Dropout Rate) यानी बीच में ही स्कूल छोड़ देने वाले बच्चों की संख्या आज भी सरकारों के लिए एक बड़ी सिरदर्द बनी हुई है। गरीबी, बाल श्रम, सामाजिक कुप्रथाएं और स्कूलों में बुनियादी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की कमी ऐसे मुख्य कारण हैं जिनके चलते कई बच्चे अपनी प्राथमिक शिक्षा भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इन तमाम बाधाओं को पार करने के लिए केवल सरकारी नीतियां ही नहीं, बल्कि समाज के हर एक सक्षम नागरिक को आगे आकर अपना योगदान देना होगा, तभी साक्षरता के वास्तविक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।साक्षरता दिवस का संदेश: आइए मिलकर समाज के हर कोने तक पहुंचाएं शिक्षा की रोशनीअंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस केवल एक तारीख या औقपचारिकता निभाने का दिन नहीं है, बल्कि यह हम सभी को यह आत्मविश्लेषण करने का अवसर देता है कि हमने अपने समाज को शिक्षित बनाने की दिशा में अब तक क्या योगदान दिया है। शिक्षा ही वह एकमात्र ऐसा शक्तिशाली हथियार है जो किसी भी व्यक्ति की गरीबी, अज्ञानता और पिछड़ेपन की बेड़ियों को हमेशा के लिए तोड़कर उसे एक आत्मनिर्भर और सम्मानित नागरिक बना सकता है। जब एक परिवार शिक्षित होता है, तो उसकी आने वाली पीढ़ियां संवर जाती हैं, और जब पूरा समाज साक्षर बनता है, तो देश प्रगति के पथ पर बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ने लगता है। इस साक्षरता दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने आस-पास के उन सभी बच्चों और वयस्कों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करेंगे जो किन्हीं कारणों से पीछे छूट गए हैं। साक्षरता का यह दिया केवल सरकारों के भरोसे नहीं बुझना चाहिए, बल्कि इसे हर घर, हर गली और हर गांव तक जलाने की जिम्मेदारी हम सबकी सामूहिक रूप से बनती है, ताकि आने वाला भविष्य और अधिक उज्ज्वल, जागरूक और सशक्त बन सके।
फिरोजाबाद में मानव शक्ति पार्टी ने तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम दिव्या सिंह को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक यादव के नेतृत्व में प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। मानव शक्ति पार्टी ने प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की। पार्टी नेताओं ने जर्जर हो चुके प्राथमिक स्कूलों के भवनों की मरम्मत और जरूरी सुविधाएं देने की बात कही। इसके साथ ही, किसानों को यूरिया और डीएपी खाद खुले बाजार में पर्याप्त मात्रा में देने की मांग की गई। पार्टी ने कहा कि किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। सरकार को इसकी सही व्यवस्था करनी चाहिए। ज्ञापन में सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने की मांग भी उठाई गई। लगातार बढ़ रही महंगाई पर भी चिंता जताई गई। इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। पार्टी ने प्रदेश में शराबबंदी लागू करने की भी मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि पार्टी आम जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से इन पांचों मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष विनीत बसंत, फिरोजाबाद जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह चौहान, सलाहकार समिति के राष्ट्रीय महासचिव श्रीकृष्ण, पूर्व प्रधान, प्रदेश महासचिव महिपाल सिंह एडवोकेट, रुमाल सिंह एडवोकेट, मंजीत सिंह, प्रदेश सचिव मोनू यादव, महिपाल सिंह, आगरा मंडल उपाध्यक्ष राममोहन यादव, जिला महासचिव विपिन कुमार, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष साधना देवी चौहान, मंडल महासचिव अरुणा पाल, अनुपम सक्सेना, निर्मला जादौन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मनु सिंह, जिला महासचिव रेनू यादव, विधानसभा सचिव सिरसागंज संध्या शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष टूंडला गिरिजा देवी, जिला अध्यक्ष व्यापक प्रकोष्ठ मनमोहन कुमार और टीटू यादव समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
हिमाचल शिक्षा विभाग ने 2016 से 2021 की अवधि के वेतन एरियर की गणना प्री-रिवाइज्ड पे स्केल से करने के निर्देश दिए हैं। गलती पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 225 पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
योगी सरकार का अभियान, बालवाटिका से बच्चों की शिक्षा की मजबूत होगी नींव
यूपी में बुनियादी शिक्षा की मजबूत करने के लिए योगी सरकार एक्शन में नजर आ रही है.. सरकार बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव बालवाटिका स्तर से ही तैयार करने की दिशा में सीखने को बच्चों के लिए सहज, आनंदमय और रचनात्मक अनुभव से जोड़ रही है.अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस यानि आज से सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित की जाएगी.
रोहतक में मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला द्वारा कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा को लेकर की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि अभय सिंह चौटाला को अपने शब्द वापस लेते हुए महिपाल ढांडा से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि महिपाल ढांडा जाट समाज का कलंक नहीं गौरव है। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि अभय चौटाला के बेटे ने प्रदर्शन के दौरान एक आईएएस व आईपीएस के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसे सब जानते है। एक मंत्री के बारे में जो शब्द बोला गया, क्या ऐसी छोटी मानसिकता व सोच इनेलो पार्टी की है। इसी कारण आज पार्टी सत्ता से बाहर बैठी है। अभय चौटाला नहीं देख पाए विधानसभा का दरवाजा मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि अभय चौटाला की पार्टी कभी सत्तासीन होती थी। उसके बाद 10 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए और तीसरे चुनाव में अभय चौटाला विधानसभा का दरवाजा नहीं खोल पाए। उनकी मानसिकता के कारण ऐसा हुआ। अभय चौटाला के शब्दों की भर्त्सना करते हुए मांग की कि शिक्षामंत्री से माफी मांगे। जनता ने अभय चौटाला को नकाल दिया मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि अभय चौटाला की मानसिकता व सोच के कारण ही जनता ने नकारा और आज वो घर बैठे है। इनेलो नेताओं के विचार व मानसिकता दर्शाती है कि जब वो सत्ता में थे तो किन-किन शब्दों का प्रयोग करते थे। अभय चौटाला बोलते थे कि लुटेरा और कमेरा वर्ग, किसे परिभाषित करते थे, उन्हें बताना चाहिए। अर्चना गुप्ता ने कौन से विशेष वर्ग की बात कही मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि बहुत सारी चीजें होती नहीं, बल्कि राजनीतिक पार्टियां उसे बढ़ा चढ़ाकर बोलती है। अर्चना गुप्ता ने विशेष वर्ग की बात कही, कौन सा विशेष वर्ग कौन बताएगा। कुछ लोगों ने इसे अपनी राजनीति चमकाने का जरिया बना लिया। वो शब्द किस संदर्भ बोला गया, वो एक अलग विषय है।
एसएससी सीएचएसएल 2026 भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 12वीं पास उम्मीदवार लोअर डिवीजन क्लर्क, जूनियर सचिवालय सहायक और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर ने हासिल की पूर्ण साक्षरता, शिक्षा में नई ऊंचाइयों की ओर
जम्मू-कश्मीर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां साक्षरता दर 98.43 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि केंद्र सरकार के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत संभव हुई है। शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और शिक्षकों तथा स्वयंसेवकों की मेहनत की सराहना की। इस लेख में जानें कि कैसे 7.58 लाख गैर-साक्षर व्यक्तियों की पहचान की गई और FLNAT परीक्षा में 5.53 लाख लोगों ने सफलता प्राप्त की।
पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी से आईएमएस बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की आईसीयू में मारपीट के आरोपों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रो. लाहिड़ी की भतीजी ने आईएमएस बीएचयू के निदेशक समेत कई अधिकारियों को दोबारा ई-मेल कर उनकी सुरक्षा और मेडिकल जांच को लेकर कई सवाल उठाए। परिजनों ने इलाज पर संतुष्टि जताते हुए चेहरे और सिर पर लगी चोटों को देखते हुए आंतरिक चोट की आशंका दूर करने के लिए कराई गई जांच का ब्योरा मांगा है। ई-मेल में परिजनों ने कहा है कि प्रो. लाहिड़ी के चेहरे और सिर पर प्रहार किए गए थे। उनका उद्देश्य किसी भी आंतरिक चोट की संभावना को दूर करना है। उन्होंने बीएचयू से पूछा है कि क्या इस संबंध में जांच की गई है। यदि जांच हुई है तो उसमें क्या सामने आया, इसकी जानकारी दी जाए। परिजनों के मुताबिक चेहरे पर चोट के निशान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि प्रो. लाहिड़ी को हिंसक तरीके से कई बार मारा गया। परिजनों ने कहा कि छह सितंबर को बीएचयू अस्पताल की ओर से जवाब मिला, लेकिन यह समझना मुश्किल है कि एक ऐसे व्यक्ति ने, जो प्रो. लाहिड़ी के प्रति मित्रवत नहीं था, आईसीयू जैसे संवेदनशील और स्टाफ की निगरानी वाले स्थान पर एक कमजोर एवं बीमार व्यक्ति पर हमला कैसे किया। ई-मेल में कहा गया है कि घटना गंभीर चिंता का विषय है। हमलावर और प्रो. लाहिड़ी दोनों संस्थान के डॉक्टर हैं, इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय संस्थान को करना है। साथ ही परिजनों ने आग्रह किया कि पूरे मामले में प्रो. लाहिड़ी के व्यक्तित्व और प्रतिष्ठा को धूमिल न होने दिया जाए। सुरक्षा और इलाज को लेकर दो प्रमुख चिंता परिजनों ने कहा कि उनकी मुख्य चिंता दो बातों को लेकर है। अस्पताल में प्रो. लाहिड़ी की डॉ. अरविंद से सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनका उपचार एवं देखभाल निर्बाध रूप से जारी रहे। उन्होंने बीएचयू द्वारा उनकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए व्यवस्था किए जाने की जानकारी पर कुछ राहत भी जताई। परिजनों ने कुछ डॉक्टरों की ओर से सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। ई-मेल में कहा गया है कि ऐसे अतार्किक बयान प्रो. लाहिड़ी को लगी चोटों पर परिवार की पीड़ा और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने संस्थान से मामले में स्पष्ट रुख अपनाने और ऐसी टिप्पणियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट प्रो. टीके लाहिड़ी से मारपीट के आरोपों को शिक्षा मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। मंत्रालय ने बीएचयू से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की थी। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की पूरी जानकारी मंत्रालय को भेज दी। प्रदेश शासन को भी प्रकरण से अवगत कराया गया है। बीएचयू की रिपोर्ट में आरोपी चिकित्सक को हटाने और मामले की जांच के संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई है। जांच कमेटियों ने शुरू की पड़ताल मारपीट के आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को आईसीयू के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। कमेटी ने प्रो. लाहिड़ी से भी बात की, लेकिन वह घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इसके अलावा बीएचयू की सात सदस्यीय आंतरिक कमेटी ने भी जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ फैक्ट फाइंडिंग का काम कर रही है। कमेटी के डॉक्टरों ने प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की अलग-अलग जांच की है। इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन आईएमएस बीएचयू के निदेशक और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भेजी जाएगी। परिजनों का ई-मेल जांच कमेटी को भेजा गया आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि परिजनों का ई-मेल जांच कमेटी को भेज दिया गया है। उनकी मांगों पर कमेटी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रो. लाहिड़ी के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है और उनकी टीम सुबह-शाम स्वास्थ्य संबंधी अपडेट ले रही है।
राज्य के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में अब रिसर्च और इनोवेशन की शुरुआत ग्रेजुएशन से ही कराने की तैयारी है। मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के नाम पर सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में ‘लिटिल आइंस्टीन क्लब’ बनाए जाएंगे। इसका मकसद विद्यार्थियों को रटने के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और हैंड्स-ऑन लर्निंग से जोड़ना है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने क्लब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को पिछले महीने तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मंजूरी दी थी। इसके बाद विभाग ने 74.22 करोड़ रुपए के संभावित खर्च को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि राज्य योजना प्राधिकृत समिति जल्द ही इस पर स्वीकृति दे सकती है। सरकार का मानना है कि राज्य के अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर शुरुआती रिसर्च ट्रेनिंग और शोध की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी शोध पद्धति, वैज्ञानिक अन्वेषण, डेटा संग्रह-विश्लेषण और नवाचार की प्रक्रियाओं से अक्सर स्नातकोत्तर या उससे आगे की पढ़ाई में जुड़ते हैं। रिसर्च से प्रोटोटाइप तक की ट्रेनिंग लिटिल आइंस्टीन क्लब के तहत स्नातक विद्यार्थियों के लिए तीन वर्षीय कैरिकुलम-इंटीग्रेटेड कार्यक्रम चलेगा। पहले साल बेसिक रिसर्च स्किल सिखाई जाएगी। दूसरे साल विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं के समाधान और प्रोटोटाइप विकास से जोड़ा जाएगा। तीसरे साल उन्हें रिसर्च असिस्टेंटशिप का अवसर मिलेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तैयार इस परियोजना का संचालन झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद (जेसीएसटीआई) करेगा। पहले चरण में राज्य के 221 उच्च शिक्षण संस्थानों को इससे जोड़ा जाएगा। इनमें 3 राज्य विश्वविद्यालय, 18 निजी विश्वविद्यालय, 100 राजकीय डिग्री व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। जानिए...तीन साल में कैसे आगे बढ़ेगा कार्यक्रम पहले-दूसरे सेमेस्टर: फाउंडेशन कोर्स के तहत ऑनलाइन ‘सर्टिफिकेट बेस्ड रिसर्च एकेडमिक प्रोग्राम’ चलेगा। पहले सेमेस्टर में फाउंडेशनल रिसर्च एप्टीट्यूड और दूसरे में एडवांस्ड रिसर्च एप्टीट्यूड का सर्टिफिकेट मिलेगा। छात्र रिसर्च थिंकिंग, डेटा संकलन और एकेडमिक इंटीग्रिटी सीखेंगे। तीसरा सेमेस्टर: 100 इच्छुक छात्रों को 5-5 के 20 समूहों में बांटा जाएगा। ये स्थानीय समस्याओं पर काम करेंगे और पोस्टर प्रेजेंटेशन देंगे। इसके लिए संस्थान को 10 हजार और प्रत्येक चयनित समूह को 3 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। चौथा सेमेस्टर: चुने गए 3 सर्वश्रेष्ठ समूहों को मॉडल बनाने के लिए अधिकतम 20 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। पांचवां सेमेस्टर: जेसीएसटीआई के जरिए मॉडल्स का फुल-स्केल परीक्षण, इनक्यूबेशन और पेटेंट कराया जाएगा। छात्र फैकल्टी के पेड प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ेंगे। छठा सेमेस्टर: रिसर्च असिस्टेंटशिप के तहत छात्र रिसर्च पेपर और डेटा एनालिसिस का काम करेंगे। राज्य के 25 सर्वश्रेष्ठ रिसर्च असिस्टेंट और 25 बेस्ट वर्किंग मॉडल्स को 20-20 हजार रुपए का नकद पुरस्कार मिलेगा। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित होगी योजना की पारदर्शिता और मॉनिटरिंग के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित होगी। उच्च शिक्षा निदेशक इसके सह-अध्यक्ष और जेसीएसटीआई के कार्यकारी निदेशक सदस्य सचिव होंगे। झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर योजना के लिए समर्पित वेब पोर्टल विकसित करेगा। झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी डिजिटल सिलेबस, वीडियो लेक्चर और क्वेश्चन बैंक तैयार करेगी। पढ़ाई स्टेट एलएमएस पोर्टल के जरिए होगी।
शिक्षा इंसान को जिम्मेदार नागरिक बनाने का सबसे सशक्त माध्यम : अभिनव भगत
बेड़ो स्थित ओक रिज नेशनल पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल परिसर में भव्य व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राष्ट्रीय सचिव सह ओडिशा युवा कांग्रेस प्रभारी अभिनव भगत उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा इंसान को सही मार्ग दिखाने और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगन से पढ़ाई करने और जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने की अपील की। मौके पर लोहरदगा युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष गुलाम जिलानी, रांची जिला युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष आरिफ राजा, बेड़ो प्रखंड युवा कांग्रेस अध्यक्ष हसीबुल अंसारी, शहीद अंसारी, बेड़ो युवा कांग्रेस के सचिव रेयाज अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
कोंडागांव के मदन कोर्राम को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव सम्मान
भास्कर न्यूज | कोंडागांव शिक्षक दिवस पर आयोजित बस्तर संभाग स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह-2026 में कोंडागांव जिले के शासकीय प्राथमिक शाला नयापारा कमेला के प्रधान अध्यापक मदन लाल कोर्राम को उत्कृष्ट अध्यापन कार्य के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें उत्कृष्ट प्रधान अध्यापक मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2026 दिया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बस्तर संभाग के संभागायुक्त जगदलपुर, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर ने प्रदान किया। शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, बेहतर अध्यापन, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के आधार पर उनका चयन हुआ। सम्मान के बाद मदन लाल कोर्राम स्कूल पहुंचे। संकुल परिवार, शाला परिवार ने आत्मीय स्वागत किया। शिक्षकों, सहयोगियों ने पुष्पगुच्छ भेंट किया। तिलक-चंदन लगाया। अभिनंदन किया। सम्मान मिलने से कमेला क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा। मदन लाल कोर्राम ने इसे शिक्षकीय जीवन का गौरवपूर्ण, अविस्मरणीय क्षण बताया। संकुल परिवार, विद्यार्थियों, सहकर्मियों, शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, यह सम्मान केवल मेरा नहीं। उन सभी का है, जिन्होंने शिक्षकीय यात्रा में साथ दिया। उन्होंने कहा, यह पुरस्कार नई ऊर्जा, नई प्रेरणा देने वाला है। शिक्षा सेवा के प्रति समर्पण और मजबूत हुआ है। शिक्षा के माध्यम से सशक्त, उन्नत समाज का निर्माण लक्ष्य है। यह सम्मान कर्तव्यों को और अधिक निष्ठा, समर्पण से निभाने की प्रेरणा देगा। उन्होंने सभी के स्नेह, मार्गदर्शन, शुभकामनाओं के लिए संकुल परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया।
शिक्षा, संगठन और जागरूकता से ही समाज की प्रगति : प्रजापति
भास्कर संवाददाता | भैरूंदा दक्ष प्रजापति आर्मी मध्यप्रदेश के नेतृत्व में नगर में तहसील स्तरीय सामाजिक बैठक एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष आरएन प्रजापति का कार्यकर्ताओं और समाजजनों ने पुष्पमालाओं से स्वागत किया। बैठक में समाज की एकता और संगठन को मजबूत करने के साथ शिक्षा, युवाओं की भागीदारी, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि आरएन प्रजापति ने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता समाज की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने युवाओं से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने और नशाखोरी, अशिक्षा सहित अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। नगर में निकली भव्य शोभायात्रा सामाजिक बैठक के बाद नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में महिला उत्थान विभाग की प्रदेश अध्यक्ष नीलिमा दीदी प्रजापति, पूर्व आईएएस एवं प्रदेश मार्गदर्शक एसएल प्रजापति, प्रदेश प्रभारी डॉ. गौरीशंकर प्रजापति सहित प्रदेश, संभाग, जिला और तहसील स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
Sirmour News: शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए चार वरिष्ठ शिक्षक सम्मानित
उत्तर प्रदेशीय कल्याण समिति पांवटा साहिब की कार्यकारिणी की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में समिति से जुड़े रहे चार वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और दीर्घकालीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
Palwal News: थाना प्रभारी 50 हजार और शिक्षा विभाग का क्लर्क 25 हजार लेते गिरफ्तार
थाना प्रभारी 50 हजार और शिक्षा विभाग का क्लर्क 25 हजार लेते गिरफ्तार
अमेरिका में भारतवंशियों का सम्मान: शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा में दिया योगदान; किसे मिला पुरस्कार?
Deoria News: बच्चों की मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करना ही शिक्षा की पहली सीढ़ी
Strong educational foundation for children
Bilaspur News: डिजिटल शिक्षा और नवाचार से संवरेंगे पीएम श्री स्कूल
जुखाला (बिलासपुर)। पीएम श्री विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण
बिलासपुर शिक्षा विभाग में पदोन्नति का बड़ा खेल, ग्रंथपाल मद से बांटे जा रहे वेतन
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 2021 में हुई 30 कर्मचारियों की पदोन्नति विवादों में घिर गई है। सहायक ग्रेड-02 बने इन कर्मियों को ग्रंथपाल संवर्ग के बजट से वेतन देने और नियमों की अनदेखी का आरोप है। डीपीआइ में शिकायत दर्ज कराई गई है, जबकि पुरानी जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कवर्धा में घर से शुरू किया शिक्षा के उजियारे का सफर, शासन ने दिए 10 बोनस अंक
कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के सिरमा डबरी गांव की बारहवीं कक्षा की छात्रा करिश्मा साहू ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने दादा-दादी और चाचा-चाची समेत दस से अधिक निरक्षरों को रोजाना एक दो घंटे पढ़ाकर अक्षर ज्ञान दिया। उनके इस सराहनीय सामाजिक प्रयास के लिए शासन ने उन्हें दस बोनस अंक प्रदान किए हैं।
विचार: शिक्षकों की राह तकते शिक्षा संस्थान
शिक्षकों की कमी का पहला असर कक्षा पर पड़ता है। उपलब्ध शिक्षकों को अधिक कक्षाएं और अधिक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं।
UP बेसिक शिक्षा विभाग में ECCE शिक्षक भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करें
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने ECCE शिक्षक भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इच्छुक उम्मीदवार 31 अगस्त से 08 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में कुल 23 पद हैं, और आवेदन शुल्क शून्य है। उम्मीदवारों को UP Sewayojan पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए पूरी अधिसूचना पढ़ें।
मधेपुरा में बीपी मंडल रोड स्थित मंडल परिसर में सोमवार को कोसी युवा मोर्चा के बैनर तले ‘शिक्षा और संविधान : दिशा-दशा’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। बीएनएमयू के पूर्व कुलसचिव प्रो. सचिन्द्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री, लोकसभा सांसद, विधान पार्षद और राष्ट्रीय स्तर के विचारकों ने शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। स्कूलों के नाम और रंग बदलने पर जताई आपत्ति वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्कूलों के नाम और रंग बदलने के जरिए शिक्षा व्यवस्था के साथ सामाजिक विरासत को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को किसी भी तरह के राजनीतिक या सांप्रदायिक प्रभाव से मुक्त रखना जरूरी है। युवाओं से शिक्षा, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की गई। कार्यक्रम संयोजक आनंद मंडल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन शिक्षा और संविधान पर मंडरा रहे संकट के खिलाफ संघर्ष का आगाज है। मधेपुरा से उठी आवाज उम्मीद की किरण पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ संघर्ष की जमीन कमजोर हो रही है। ऐसे समय में मधेपुरा से विरासत की रक्षा के लिए उठी आवाज उम्मीद की किरण है। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की। समान शिक्षा व्यवस्था की मांग लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियां शिक्षा और संविधान विरोधी हैं। बिहार के सरकारी विद्यालयों में अलग-अलग तरह की शिक्षा व्यवस्था से वर्तमान और भावी पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने रासबिहारी मंडल के नाम पर स्थापित विद्यालय समेत राज्य के करीब साढ़े पांच सौ विद्यालयों के नाम बदले जाने की आलोचना की और समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। डॉ. लक्ष्मण यादव बोले- सांप्रदायीकरण की साजिश दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं विचारक डॉ. लक्ष्मण यादव ने कहा कि स्कूलों का नाम और रंग बदलना शिक्षा के सांप्रदायीकरण की साजिश है। उन्होंने कहा कि जब विरासत पर खतरा मंडराए तो वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह अपनी विरासत को बचाने के लिए आगे आए। ‘भय का माहौल बनाना लोकतंत्र के लिए खतरा’ बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. अजय सिंह ने कहा कि पटना से दिल्ली तक की सरकारें ऐसा भय का माहौल बना रही हैं कि लोग सवाल न करें। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। वाम नेता ओम प्रकाश भारती और प्रमोद प्रभाकर ने रासबिहारी लाल मंडल विद्यालय का नाम बदले जाने को मधेपुरा की पहचान पर चोट बताया। सामूहिक प्रयास से ही शिक्षा और संविधान की रक्षा राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनहित के मुद्दों से दूर है। पूर्व विधायक राम कुमार यादव, गांधी विचारक डॉ. विजय, नितेश कुमार, ज्योति मंडल, शिक्षक नेता परमेश्वरी यादव, कांग्रेस नेता संदीप यादव, मो. अलाउद्दीन और निशांत यादव समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. सचिन्द्र महतो ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए शिक्षा और संविधान की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई। सिंहेश्वर के पूर्व विधायक चन्द्रहास चौपाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि युवा साहित्यकार डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौर ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में प्रो. रामचंद्र प्रसाद मंडल, प्रभाष मंडल, सौरव सुमन, महेंद्र यादव, सोनी यादव, कृष्ण कुमार यादव, संजय यादव, विनीत, प्रो. अरुण कुमार, प्रज्ञा यादव, प्रो. रीता यादव, विनीता भारती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरव कुमार, हिरेंद्र कुमार पप्पू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अररिया जिला प्रशासन की ओर से 14 से 19 सितंबर तक विशेष ऋण वसूली कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए सभा भवन में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, एनएमडीएफसी टर्म लोन और शिक्षा ऋण योजना के तहत दिए गए कर्ज की वसूली में तेजी लाना है। बकाया राशि जमा करने का मिलेगा मौका कैंप में कर्जधारकों को अपनी बकाया राशि जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्हें समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कर्जधारक बकाया राशि और भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर पहल सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम, पटना के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत वितरित राशि की वसूली को गति देना है। प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश जिला पदाधिकारी ने कैंप की जानकारी अधिक से अधिक कर्जधारकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिला निगम प्रभारी कार्यालय और जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। विभागों को मिलकर काम करने का आदेश जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कैंप को सफल बनाने का निर्देश दिया है। प्रशासन की अपील है कि अधिक से अधिक कर्जधारक कैंप का लाभ उठाकर बकाया ऋण का भुगतान करें।
प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को विकसित भारत-2047 संकल्प से जोड़ने का निर्णय लिया है।
टोंक की राजकीय स्कूल में लेक्चरर और शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह मीना सलावद को सोमवार को द्वितीय राज्य स्तरीय 'शिक्षक गौरव सम्मान-2026' से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान मानव जन जागृति सेवा संस्थान जयपुर की ओर से चौमूं में हुए द्वितीय राज्य स्तरीय शिक्षक गौरव सम्मान समारोह में दिया गया। शिक्षा के साथ साथ मोहर सिंह मीना ने सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सह शैक्षणिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। राज्यभर से मिले थे 491 आवेदन राज्य स्तरीय 'शिक्षक गौरव सम्मान-2026' के लिए राजस्थान भर से 491 आवेदन प्राप्त हुए थे। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं एवं उल्लेखनीय योगदान के आधार पर 50 शिक्षकों का चयन किया गया। मोहर सिंह को राज्य स्तरीय सम्मान मिलने पर शिक्षकों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार गुप्ता थे। विशिष्ट अतिथियों में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा, लेखिका डॉ.सुनीता दामिनी गुप्ता, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान की शिविरा पत्रिका के वरिष्ठ संपादक डीईओ रामसिंह मीणा, डीवाईएसपी सोनचंद लाड़ना शामिल थे। समारोह की अध्यक्षता संस्थान प्रदेशाध्यक्ष सौदागर ने की।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने निकले आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं की सोमवार को पुलिस से झड़प हो गई। कार्यकर्ता नलघर चौक पर धरना-प्रदर्शन के बाद ज्ञापन देने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। इससे पहले AAP ने प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत के नेतृत्व में नलघर चौक पर धरना दिया। पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, गौधाम योजना, सड़क, किसान, बिजली और रोजगार समेत 7 मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना मुकेश अहलावत ने कहा कि, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा के गिरते स्तर का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर AAP ने अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। नेताओं ने प्रदेश की जर्जर सड़कों और सड़कों पर बैठे मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। महंगी खाद और बेरोजगारी पर भी प्रदर्शन प्रदेश सहप्रभारी सौरभ झा ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता, बढ़ती लागत, समर्थन मूल्य और मुआवजे से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं, बेरोजगारी को लेकर पार्टी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के वादे के बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली हैं। AAP ने खाली पदों पर पारदर्शी भर्ती शुरू करने की मांग की। AAP की 7 मांगें शिक्षा: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जाए। स्वास्थ्य: अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। गौधाम योजना: कथित भ्रष्टाचार की जांच और आवारा मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था। सड़क: जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए। किसान: खाद-बीज, समर्थन मूल्य और मुआवजे की समस्याओं का समाधान। बिजली: बढ़े हुए और अनाप-शनाप बिजली बिलों से उपभोक्ताओं को राहत। रोजगार: युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और खाली पदों पर पारदर्शी भर्ती। मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में आंदोलन AAP के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि, सरकार ने अगर इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को प्रदेशभर में ले जाया जाएगा। प्रदर्शन सिर्फ ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रहेगा। AAP ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मराठा आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का फैसला, शिक्षा-रोजगार के लिए जारी किए 4 अहम आदेश
Mumbai /जालना, 7 सितंबर . Maharashtra Government ने जालना के अंतरवाली सराटी में मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के Monday को लगातार 10वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही मराठा, कुनबी और सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के लिए शिक्षा, वित्त और रोजगार से जुड़े बड़े लाभ देने ... Read more
सरकार विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा मुहैया करवाने पर दे रही बल : नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवता एवं तकनीकी शिक्षा मुहैया करवाने पर बल दे रही है ताकि विद्यार्थी वर्तमान समय की मांग...
विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के साथ जीवन से जुड़ी शिक्षा भी मिले : राज्यपाल बागडे
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी को केवल पाठ्यपुस्तकों का ही अध्ययन नहीं कराया जाए, बल्कि उससे इतर जीवन से जुड़ी विवेक जागरूक...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से मौसम के बिगड़े मिजाज और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसके तहत राजधानी के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल अगले तीन दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रखने का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए इस नए सर्कुलर ने बच्चों के अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि अचानक आए इस फैसले से एक बार फिर से ऑनलाइन कक्षाओं और बच्चों की पढ़ाई के तौर-तरीकों पर चर्चा शुरू हो गई है। दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ ही हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स इस कदर गिर चुका है कि छोटे बच्चों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद बुरा और गंभीर असर पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई थी, जिसके मद्देनजर सरकार को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।शिक्षा निदेशालय का आधिकारिक सर्कुलर और तीन दिनों की छुट्टियों का पूरा ब्यौरादिल्ली के शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी किए गए इस ताजा और महत्वपूर्ण सर्कुलर के अनुसार, राजधानी के तमाम इलाकों में स्थित नर्सरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं तक के सभी शैक्षणिक संस्थान अगले तीन दिनों तक बंद रहेंगे और इस दौरान छात्रों को स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होगी। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल परिसरों में फिजिकल क्लासेज यानी ऑफलाइन पढ़ाई पूरी तरह से स्थगित रहेगी, ताकि बच्चों को जहरीली हवा और खराब मौसम के प्रकोप से बचाया जा सके। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूलों को यह अनुमति दी गई है कि वे इन तीन दिनों के दौरान ऑनलाइन माध्यमों से अपनी क्लासेज जारी रख सकते हैं ताकि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके। शिक्षा विभाग के इस आदेश को दिल्ली के सभी जोनल अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों तक तुरंत प्रभाव से पहुंचा दिया गया है ताकि इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।खतरनाक वायु प्रदूषण और मौसम के बिगड़े हालात बने स्कूल बंद होने की मुख्य वजहराजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ ही एक भयंकर रूप धारण कर लेती है, और इस बार भी स्थिति कमोबेश वैसी ही डरावनी बनी हुई है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक सूक्ष्म कणों की मात्रा तय मानकों से कई गुना अधिक दर्ज की जा रही है, जिसके कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है और लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की लगातार यह चेतावनी आ रही थी कि इस तरह के जहरीले वातावरण में छोटे बच्चों का घर से बाहर निकलना उनके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इन्हीं तमाम स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियों और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा निदेशालय ने बिना किसी देरी के इन तीन दिनों की छुट्टियों का यह सख्त और जरूरी फैसला लिया है।अभिभावकों की बढ़ी चिंताएं और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की ओर वापसीस्कूलों के अचानक तीन दिनों के लिए बंद होने के इस फैसले ने एक बार फिर से दिल्ली के कामकाजी माता-पिता और अभिभावकों के सामने लॉजिस्टिक और बच्चों की देखभाल से जुड़ी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जिन घरों में माता-पिता दोनों नौकरीपेशा हैं, उनके लिए अचानक बच्चों की देखभाल के प्रबंध करना एक बड़ा सिरदर्द बन जाता है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों की आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार स्क्रीन के सामने रहने वाले ऑनलाइन क्लासेज के असर को लेकर भी पेरेंट्स चिंता में हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों के दौरान कोविड महामारी के बाद से स्कूल और छात्र ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के आदि हो चुके हैं, इसलिए इस बार वर्चुअल कक्षाओं पर स्विच करना स्कूलों के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल साबित नहीं हो रहा है। शिक्षकों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से होमवर्क और स्टडी मटीरियल छात्रों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि तीन दिनों की इस छुट्टी के दौरान अकादमिक सफर में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियांदिल्ली सरकार और पर्यावरण मंत्रालय लगातार जमीनी स्तर पर हालात पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर आगे के फैसले लिए जा रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज नहीं किया जाता है और प्रदूषण का यह स्तर यूं ही बना रहता है, तो सरकार इन छुट्टियों को आगे भी बढ़ा सकती है, जिसकी आधिकारिक घोषणा स्थिति की समीक्षा करने के बाद की जाएगी। फिलहाल दिल्ली के सभी नागरिकों से यह अपील की जा रही है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और बच्चों को बाहरी गतिविधियों से दूर रखें। शिक्षा निदेशालय के इन निर्देशों का उद्देश्य केवल और केवल बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मौसम साफ होने के बाद स्कूल अपने सामान्य समय और सुचारू रूप से फिर से खुल सकेंगे।
job news 2026: सीनियर पर्सनल असिस्टेंट सहित कई पदों के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी करनी हैं तो दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर पर्सनल असिस्टेंट और पर्सनल असिस्टेंट की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 150 पद भरे जाएंगे। पदों का नाम-सीनियर पर्सनल असिस्टेंट और पर्सनल असिस्टेंट कुल पद- 117 पद आवेदन प्रक्रिया- 15 सितंबर को शुरू होगी आवेदन करने की अंतिम तिथि- 5 अक्टूबर 2026 है शैक्षणिक योग्यता- सीनियर पर्सनल असिस्टेंट- इस पद के लिए उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना चाहिए, साथ में अंग्रेजी शॉर्टहैंड स्पीड 110 शब्द प्रति मिनट पर्सनल असिस्टेंट- इस पद के लिए भी उम्मीदवारों को ग्रेजुएट होना चाहिए, साथ ही इंग्लिश शॉर्टहैंड स्पीड 100 शब्द प्रति मिनट उम्र सीमा-न्यूनम उम्र सीमा 18 साल और अधिकतम 32 साल है सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट delhihighcourt.nic.in देख सकते हैं pc- shine.com
pc: kalingatv बैंक ऑफ़ बड़ौदा आज यानी 7 सितंबर, 2026 को लोकल बैंक ऑफिसर्स पोस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो बंद कर देगा। जो कैंडिडेट्स इन पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे जल्दी करें और आज लिंक बंद होने से पहले बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर रजिस्टर कर लें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, बैंक का मकसद ऑर्गनाइजेशन रिक्रूटमेंट ड्राइव में 2482 लोकल बैंक ऑफिसर्स पोस्ट भरना है। ध्यान दें कि एक कैंडिडेट सिर्फ एक स्टेट के लिए अप्लाई कर सकता है और किसी भी कैंडिडेट को एक से ज़्यादा एप्लीकेशन जमा नहीं करनी चाहिए। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया जॉब वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए एप्लीकेंट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/इंस्टीट्यूशन से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। पोस्ट-एक्सपीरियंस किसी भी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक में ऑफिसर के तौर पर कम से कम 1 साल का पोस्ट-क्वालिफिकेशन एक्सपीरियंस होना चाहिए, जैसा कि सिर्फ रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के दूसरे शेड्यूल में लिस्टेड है। पोस्ट के लिए उम्र 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए। एप्लीकेशन फीस जनरल, EWS और OBC कैंडिडेट को 850 रुपये + पेमेंट गेटवे चार्ज के साथ एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं SC, ST, PWBD, ESM/DESM और महिलाओं को 175 रुपये + पेमेंट गेटवे चार्ज के साथ पेमेंट करना होगा। पेमेंट ऑनलाइन मोड से करना होगा। सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में ऑनलाइन टेस्ट/कई राउंड के टेस्ट, साइकोमेट्रिक टेस्ट या आगे के सिलेक्शन प्रोसेस के लिए सही समझा जाने वाला कोई और टेस्ट शामिल है, जिसके बाद ऑनलाइन टेस्ट में क्वालिफाई करने वाले कैंडिडेट का इंटरव्यू होगा। LBO पोस्ट के लिए अप्लाई कैसे करें पोस्ट के लिए अप्लाई करने के लिए एलिजिबल कैंडिडेट नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाएं। करियर लिंक पर क्लिक करें और एक नया पेज खुलेगा। LBO अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। ऑनलाइन रजिस्टर करें और अकाउंट में लॉगिन करें। एप्लीकेशन फॉर्म भरें और एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। सबमिट पर क्लिक करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे की जरूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी रख लें।
DRDO CVRDE Recruitment 2026: 93 अप्रेंटिस पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: kalingatv DRDO के एक डिवीज़न, द कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (CVRDE) जो अवाडी, चेन्नई में है, ने 93 अप्रेंटिस पोस्ट के लिए एक रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। यह जॉब का मौका अलग-अलग ट्रेड/डिसिप्लिन/डिग्री में ITI अप्रेंटिस ट्रेनी के लिए है। जो कैंडिडेट रिक्रूटमेंट का पूरा नोटिफिकेशन देखना चाहते हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एम्प्लॉयमेंट न्यूज़ सितंबर (05-11) 2026 पर जा सकते हैं। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट ध्यान दें कि सिलेक्शन पूरी तरह से वॉक-इन इंटरव्यू के दौरान कैंडिडेट के परफॉर्मेंस पर डिपेंड करता है। वॉक-इन इंटरव्यू 8 और 9 सितंबर को है। एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि ITI-क्वालिफाइड कैंडिडेट को बस अपने डॉक्यूमेंट्स के साथ आकर इंटरव्यू देना है। ज़रूरी जानकारी: इंटरव्यू की तारीख: 8 और 9 सितंबर एग्जाम और पोस्ट का नाम: ITI अप्रेंटिस ट्रेनी वेबसाइट: https://drdo.gov.in/ ऑर्गनाइज़ेशन: कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (CVRDE) DRDO वैकेंसी की जानकारी: रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए कुल वैकेंसी: 93 कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA): 13 ड्राफ्ट्समैन (मैकेनिकल): 10 इलेक्ट्रीशियन: 12 फिटर: 10 मैकेनिक (मोटर व्हीकल): 8 मशीनिस्ट: 5 पेंटर: 1 प्लंबर: 3 टर्नर: 5 सिलेक्शन प्रोसेस: ITI में मिले मार्क्स। इंटरव्यू इंटरव्यू की तारीख: 8 और 9 सितंबर इंटरव्यू का समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन चेन्नई के अवाडी में CVRDE में मौके पर ही जॉइनिंग लेटर दिए जाएंगे।
UPSSSC Computer Operator Recruitment 2026: यूपीएसएसएससी ने कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर के 12 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन आज 7 सितंबर से शुरू हो गए हैं। पीईटी 2025 पास अभ्यर्थी 28 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
जीएसएल भर्ती : सरकारी कंपनी में ट्रेनी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव के 31 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती के तहत मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फाइनेंस और नेवल आर्किटेक्चर विभागों में कुल 31 पद भरे जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति दो साल के संविदा आधार पर होगी, जिसे जरूरत के अनुसार एक साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
UIIC AO Recruitment 2026: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के पास सरकारी बीमा कंपनी में अधिकारी बनने का मौका है। यूआईआईसी ने प्रशासनिक अधिकारी के 225 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 8 सितंबर से शुरू होंगे।
यूपी पीईटी 2026: आवेदन का आज आखिरी मौका, रात तक भर दें फॉर्म; जानें फीस, योग्यता और परीक्षा पैटर्न
UP PET 2026: यूपी पीईटी 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख आज 7 सितंबर है। आयोग ने तकनीकी दिक्कतों के चलते समयसीमा बढ़ाई थी। उम्मीदवार 8 सितंबर तक आवेदन में सुधार कर सकेंगे।
दूसरी कमेटी कर रही जांच, छह महीने पहले बनी दो सदस्यीय कमेटी ने नहीं दी थी रिपोर्ट।
सीएम योगी बोले-शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन जरूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे बच्चों को केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही-गलत की समझ भी देते हैं।
Banking Jobs 2026: इस समय अलग-अलग बैंकों में कई पदों पर भर्ती चल रही है। एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईबीपीएस, बैंक ऑफ इंडिया समेत सात भर्तियों में हजारों पद हैं। पात्रता और चयन प्रक्रिया भर्ती के अनुसार अलग-अलग है।

