Gemini Daily Horoscope, 28 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, संतान की सेहत को लेकर चिंता रहेगी, भावनाओं में बहकर कोई भी काम करने से बचें, धन से जुड़े मामले में धोखा मिल सकता है सावधान रहें, सेहत ठीक रहेगी.
Deoria News: दो माह से मानदेय नहीं मिलने से शिक्षामित्र परेशान
Shikshamitras (para-teachers) distressed over non-receipt of honorarium for two months
विचार: जिम्मेदार नागरिक निर्माण में शिक्षा का महत्व
यह लेख शिक्षा, परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। नई शिक्षा व्यवस्था को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम नागरिक तैयार करना चाहिए।
प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती के लिए धरने पर बैठे छात्रों ने मंगलवार दोपहर हंगामा कर दिया। दोपहर करीब 3 बजे 200 छात्र चार लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए शिक्षा निदेशालय में घुस गए। विभागों में ताला लगाने का प्रयास किया। कई कुर्सियां तोड़ डालीं और कॉरिडोर में घुसकर नारेबाजी की। घटना के संबंध में अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल ने प्रयागराज के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार दोपहर करीब 3:00 बजे निदेशालय के मुख्य द्वार के सामने वी.आई.पी. रोड को दोनों ओर से जाम कर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ कुछ उपद्रवी और अराजक तत्व शामिल हो गए। इन तत्वों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश किया। कार्यालय के अनुभागों में रखे फर्नीचर को तोड़ा, अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अपर शिक्षा निदेशक को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर अमर्यादित टिप्पणियां और गाली-गलौज की गई। अराजक तत्वों ने जिला प्रशासन द्वारा तय धरना स्थल पर जाने के बजाय निदेशालय परिसर को ही धरना स्थल बना लिया, जिससे उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और परिषद से जुड़े अति-महत्वपूर्ण शासकीय कार्य ठप हो गए। कार्यालय में भय और असुरक्षा के माहौल को देखते हुए प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और प्रदर्शनकारियों को तय धरना स्थल पर स्थानांतरित कर स्थिति को सामान्य बनाया जाए। मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने लिखा पत्र वहीं शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के मंत्री सुधीर सिंह यादव द्वारा शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) एवं अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भेजे गए पत्र के अनुसार, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शनकारी अचानक अत्यंत उग्र हो गए। उपद्रवी कई अनुभागों में जबरन घुस गए और वहां तोड़फोड़ की। इस दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट की कोशिश भी की गई तथा परिसर में खड़ी कुछ कर्मचारियों की मोटरसाइकिलों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। संघ की मांग है कि जिला एवं पुलिस प्रशासन के माध्यम से निदेशालय परिसर में तत्काल पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जब तक पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो जाती अथवा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त नहीं होता, तब तक कार्यालय में अवकाश घोषित किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा इंतजामों के अभाव में किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी निदेशालय के सक्षम अधिकारियों की होगी।
हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फिर बदलाव करते हुए 6 एचसीएस अधिकारियों के तबादले करते नए जिम्मेदारी व कई को अतिरिक्त प्रभार दिया है। तबादला लिस्ट के अनुसार महिला एचसीएस अधिकारी डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन में जॉइंट डायरेक्टर ( एडमिनिस्ट्रेशन और मिडे मील) का जिम्मा दिया है। डॉ. निर्मल नगर को एलिमेंट्री एजुकेशन का एडिशनल डायरेक्टर (एडमिन) नियुक्त किया है। एचसीएस अधिकारी सुरेंद्र सिंह को उनकी वर्तमान ड्यूटी के साथ वुमन चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग के एडिशनल डायरेक्ट एडमिन का चार्ज दिया है। एचसीएस अधिकारी कुलधीर सिंह को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ आयुष विभाग में एडिशनल डायरेक्टर एडमिन का चार्ज दिया है। डॉ. इंद्रजीत मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार को जिला परिषद महेंद्रगढ़, सीईओ और डीआरडीए महेंद्रगढ़ का एडिशनल डायरेक्टर बनाया है। वहीं एचसीएस अधिकारी डॉ. इंद्रजीत को कॉरपोरेशन शुगर मिल का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा विभाग के शिक्षणेतर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, प्रदेश में रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल ...
उत्तराखंड अनुपूरक बजट 2026-27: स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के लिए आवंटन
गैरसैंण में पेश बजट में अटल आयुष्मान, डिजिटल लर्निंग और खेल सुविधाओं समेत कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मंजूर किए गए।
कोल्हान विश्वविद्यालय में पिछले आठ वर्षों से लंबित पड़े छात्र संघ चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजेगा, जिससे छात्रों में उम्मीद जगी है।
56 वर्ष वालों के लिए एनसीएससी में निकली भर्ती, डायरेक्टर सहित 11 पदों के लिए करें आवेदन, जानें डिटेल
अनुसूचित जाति राष्ट्रीय आयोग (एनसीएससी) ने सामान्य केंद्रीय सेवा समूह 'ए' राजपत्रित गैर-मंत्रालयी में डेप्युटेशन (शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट सहित) के आधार पर निदेशक (डायरेक्टर) सहित विभिन्न 11 पदों पर रिक्तियों की घोषणा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करके की है।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि आज के दौर में दुनिया को केवल सवालों के जवाब जानने वाले लोगों की ही नहीं, बल्कि बेहतर सवाल पूछने...
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मऊगंज, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में जिला शिक्षा कार्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इससे मऊगंज के लोगों को शिक्षा विभाग से जुड़े कामों के लिए रीवा नहीं जाना पड़ेगा। कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने यह जानकारी दी। शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को मिलेगी सुविधा मऊगंज में अब तक शिक्षा विभाग से जुड़े कई कामों के लिए लोगों को रीवा जाना पड़ता था। जिला शिक्षा कार्यालय खुलने से शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और अन्य लोगों को स्थानीय स्तर पर काम कराने की सुविधा मिलेगी। नए जिलों में कार्यालय खोलने का उद्देश्य शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय समस्याओं का समाधान आसान बनाना है। कार्यालयों के भवन, स्टाफ और संचालन शुरू होने की तारीख को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
एनआईए भर्ती अलर्ट: एएसपी और डीएसपी के 14 पदों के लिए फटाफट करें आवेदन, 7 नवंबर अंतिम तिथि
देश की एक प्रमुख आतंकवाद-रोधी और कानून प्रवर्तन जांच एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के कुल 14 पदों के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।
UP RO ARO भर्ती 2026: समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी के लिए आवेदन शुरू, 26 नवंबर तक मौका
सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर जाब निकली है। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा...
यूपी के 1.22 लाख शिक्षा कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 5 लाख तक का फ्री इलाज करा सकेंगे
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त और वित्त विहीन विद्यालयों के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने को मंजूरी दी है।
pc: jagran सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। खादी सुधार एवं विकास कार्यक्रम (KRDP) के तहत ग्रुप 'बी' (Group B) और ग्रुप 'सी' (Group C) के कुल 12,878 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। योग्य उम्मीदवार इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मुख्य विवरण: कुल पद: 12,878 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 नवंबर 2026 आधिकारिक वेबसाइट: krdp.org.in भर्ती का माध्यम: ऑनलाइन योग्यता और पद इस भर्ती में 10वीं/आईटीआई पास से लेकर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा धारक युवा अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। प्रमुख पदों का विवरण नीचे दिया गया है: खादी विकास अधिकारी: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री। (आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष) खादी निरीक्षक / लेखा अधिकारी / फील्ड अधिकारी: संबंधित विषय में स्नातक या हथकरघा/वस्त्र में डिप्लोमा (आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष) तकनीकी अधिकारी: टेक्सटाइल/मैकेनिकल/केमिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. या बी.टेक (B.E./B.Tech) (आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष) कनिष्ठ सहायक : किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास, साथ ही हिंदी (25 शब्द प्रति मिनट) या अंग्रेजी (30 शब्द प्रति मिनट) टाइपिंग गति और कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान। (आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष) ग्रामोद्योग कार्यकर्ता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण। (आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष) कैसे करें आवेदन? सबसे पहले KRDP की आधिकारिक वेबसाइट krdp.org.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए Recruitment लिंक पर क्लिक करें। अपनी योग्यता के अनुसार पद का चयन करें और मांगे गए सभी दस्तावेज व जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करें। अंतिम तिथि से पहले अपने आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें।
UP Cabinet Meeting |उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
शिक्षा और रोजगार: भारतीय युवाओं की चुनौती
भारत में शिक्षा और बेरोजगारी के बीच का संबंध जटिल है। एक ओर, स्नातक की डिग्री प्राप्त करने वाले युवा नौकरी की तलाश में हैं, जबकि दूसरी ओर, निरक्षर लोग कम वेतन पर काम कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि स्नातकों में बेरोजगारी दर 29.1 प्रतिशत है, जबकि निरक्षरों में यह केवल 3.4 प्रतिशत है। यह स्थिति शिक्षा के मूल्य और नौकरी की वास्तविकता को उजागर करती है। जानें कि कैसे अधिक शिक्षा भी नौकरी पाने में बाधा बन सकती है और क्या कदम उठाने चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने इरास्मस मोबिलिटी कार्यक्रम के लिए चयन और पात्रता के नए नियम तय किए हैं। इसके तहत छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के चयन में शैक्षणिक रिकॉर्ड, साक्षात्कार, उपस्थिति और शोध प्रस्ताव को महत्व मिलेगा। सामान्य, ओबीसी और
कवर्धा के पंडरिया में 1998 के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में EOW ने 28 साल बाद 6 तत्कालीन अधिकारियों और 16 अभ्यर्थियों सहित 22 लोगों पर 1000 पन्नों का चालान पेश किया है।
प्रयागराज में टीजीटी परीक्षा में पुरानी नियमावली के तहत प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अवसर देने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार दोपहर 12 बजे से छात्र शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे हैं। रात होने के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों का कहना है कि जब तक टीजीटी परीक्षा में प्रभावित अभ्यर्थियों को एक मौका देने का फैसला नहीं होता, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि पहले लंबे धरने और 19 दिन के आमरण अनशन के दौरान आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक इस संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। नई नियमावली से बाहर होने का दावा प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती में नियमों और पात्रता मानदंडों में बदलाव से वर्षों से तैयारी कर रहे कई अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा में शामिल होने का संकट खड़ा हो गया है। वे चाहते हैं कि पुरानी नियमावली बहाल की जाए और जारी विज्ञापन में संशोधन करके प्रभावित छात्रों को एक अवसर दिया जाए। रातभर धरना जारी रखने का ऐलान छात्रों ने निदेशालय के मुख्य गेट पर बैठकर “पुरानी नियमावली बहाल करो” और “एक अवसर दो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक धरना जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि शासन और शिक्षा निदेशालय की ओर से जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। शासन से लिखित आदेश की मांग अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा निदेशालय और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। वे चाहते हैं कि शासन स्तर पर स्पष्ट लिखित आदेश जारी हो और अभ्यर्थियों की समस्याओं पर बातचीत के लिए प्रशासन व आयोग के अधिकारी वार्ता करें। छात्रों की प्रमुख मांगें
आदिवासी समुदाय के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर राजस्थान में 1 से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों तथा छात्रावासों में विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी कर कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देशों के अनुसार, विद्यार्थियों को जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, आदिवासी संस्कृति, कला, परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और पर्यावरण संरक्षण में जनजातीय समुदायों के योगदान से परिचित कराया जाएगा। 15 नवंबर को शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। प्रतियोगिताओं से निखरेगी विद्यार्थियों की प्रतिभा जनजातीय गौरव दिवस के दौरान पेंटिंग, कहानी लेखन, कविता, निबंध, फोटोग्राफी, पारंपरिक कला एवं शिल्प, लोकसंगीत, जनजातीय नृत्य, नाटक, नुक्कड़ नाटक और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। प्रतियोगिताओं के लिए ‘मेरा कबीला, मेरी विरासत’, ‘भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योगदान’ और ‘अपनी जनजाति को जाने, अपनी विरासत को जाने’ जैसे विषय निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों, इतिहास, भाषाओं और पारंपरिक विरासत पर 250 से 300 शब्दों के संक्षिप्त लेख लिखने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यशालाओं और सामुदायिक गतिविधियों पर जोर कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में जनजातीय संस्कृति, नृत्य, संगीत और शिल्प पर आधारित कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ विद्यार्थियों को स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सामुदायिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जनजातीय नायकों के योगदान से प्रेरणा लेंगे विद्यार्थी शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा), राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा सहित आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इन आयोजनों को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी में जनजातीय विरासत के प्रति सम्मान, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित की जा सकती है। गतिविधियों की रिपोर्ट पोर्टल पर करनी होगी अपलोड शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि आयोजित गतिविधियों के फोटोग्राफ, वीडियो और संक्षिप्त विवरण निर्धारित जनजातीय कार्य मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की पालना सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा ली जाने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 का आयोजन इसी साल किया जाना है। इसके लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा सरकार को प्रपोजल भी भेजा गया है। जिसको हरी झंडी मिलते ही एचटेट एग्जाम की तिथियों की घोषणा हो जाएगी। उम्मीद है कि 26-27 दिसंबर को एग्जाम लिया जा सकता है। कोर्ट द्वारा हर साल एचटेट परीक्षा करवाने के निर्देश दिए गए थे। जिस वजह से शिक्षा बोर्ड हर साल एचटेट ले रहा है। बीच में एचटेट की देरी होने के कारण एचटेट 2025 का आयोजन 4-5 जुलाई 2026 को करवाया गया था, जिसका रिजल्ट आ चुका है। शिक्षा बोर्ड प्रशासन द्वारा इसी साल एचटेट-2026 करवाने की तैयारी चल रही है। 26-27 दिसंबर को हो सकता है एचटेट जानकारी के अनुसार, एचटेट परीक्षा को लेकर शिक्षा बोर्ड ने एग्जाम से संबंधित एजेंसियों का भी चयन किया जा चुका है और टेंडरिंग प्रक्रिया की जा चुकी है। जिसमें बॉयोमैट्रिक, वीडियोग्राफी, सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर फ्रिस्किंग, ऑनलाइन आवेदन एवं डेटा प्रोसेसिंग आदि शामिल हैं। वहीं अब एचटेट परीक्षा की तिथि घोषणा करने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा 26-27 दिसंबर को एग्जाम करवाने के लिए प्रपोजल भेज दिया है। उम्मीद है कि सरकार द्वारा मुहर लग जाएगी। एचटेट-2025 का 16.57% रहा रिजल्ट हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET-2025) का रिजल्ट 22 अगस्त को घोषित किया था। इसमें 31 हजार 847 स्टूडेंट पास हुए। कुल मिलाकर तीनों लेवल का रिजल्ट 16.57% रहा है, जो पिछले 10 साल में सबसे अच्छा था। इससे पहले 2016 में 22.08% अभ्यर्थी पास हुए थे। इस बार 2.33 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से एक लाख 66 हजार 137 लड़कियां थीं। रजिस्ट्रेशन कराने वालों में से 1.92 लाख ने ही एग्जाम दिया। 4 और 5 जुलाई को ये परीक्षा हुई थीं। प्राइमरी टीचर (लेवल-1) का रिजल्ट सबसे खराब रहा, इसमें सिर्फ 3.53% अभ्यर्थी ही पास हुए। कुल 31402 स्टूडेंट्स ने पेपर दिया था। ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (लेवल-2) में सफलता प्रतिशत सबसे अधिक 20.71 रहा। कुल 99 हजार 896 ने पेपर दिया था। पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (लेवल-3) में 16.5% अभ्यर्थी सफल रहे। कुल 60 हजार 922 स्टूडेंट्स ने पेपर दिया था। 6-7 नवंबर को होगी बायोमेट्रिक HTET-2025 के अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवाने का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थी 6 व 7 नवंबर को शिक्षा बोर्ड मुख्यालय, भिवानी पर उपस्थित होकर अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवा सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए केवल एक अथवा दो अवसर मिले हैं और जिनका परीक्षा परिणाम RLV (Result late due to verification) दर्शाया गया है। ऐसे अभ्यर्थियों को 6 व 7 नवंबर को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए अवसर दिया जा रहा है। शिक्षा बोर्ड द्वारा दिए गए तीनों अवसरों पर यह प्रक्रिया पूर्ण करने में अनुपस्थित रहे हैं, ऐसे अभ्यर्थी 6 नवंबर तक शिक्षा बोर्ड मुख्यालय, भिवानी पर रूम नंबर-28 में इस आशय का प्रतिवेदन देते के लिए एचटेट परीक्षा से संबंधित इंफोर्मेशन बुलेटिन में वर्णित फीस/जुर्माना राशि जमा करवाकर 6 नवंबर से 7 नवंबर तक अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। अभ्यर्थियों द्वारा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए अपना फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र तथा मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) लेकर आना अनिवार्य होगा। बोर्ड सचिव ने कहा- इसी साल करवाएंगे एचटेट हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि एचटेट-2026 का आयोजन इसी साल करवाया जाएगा। हालांकि अभी सरकार के पास प्रपोजल भेजा गया है। सरकार द्वारा मुहर लगने के बाद तिथियों की घोषणा भी कर दी जाएगी। हालांकि शिक्षा बोर्ड एचटेट को लेकर पूरी तरह से तैयार है और इसकी साल एचटेट करवाने के लिए जुटा हुआ है। बेहतर ढंग से एचटेट का आयोजन करवाया जाएगा।
योगी कैबिनेट की बैठक आज, 1.22 लाख शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेज इलाज की मिल सकती है सौगात - Jagran
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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आज 27 अक्टूबर 2026 अहम दिन है। आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल मोटर मैकेनिक के 21 पदों और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में ग्रुप-3 के 1,715 पदों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख है।
यह शिक्षा बच्चों को आगे पढ़ाई और रोजगार का विकल्प देती हैै
भास्कर न्यूज | जालंधर स्किल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में एनएसक्यूएफ और हुनर शिक्षा जैसी योजनाओं के तहत नई वोकेशनल स्ट्रीम शुरू की जा रही हैं, लेकिन पहले से चल रही पुरानी वोकेशनल स्ट्रीम धीरे-धीरे बंद होती जा रही हैं। कहीं वोकेशनल लेक्चरर के रिटायर होने तो कहीं प्रमोशन के बाद पद खाली होने से स्ट्रीम पर असर पड़ा है। नई भर्ती नहीं होने के कारण कई स्कूलों में ट्रेड बंद हो चुके हैं और कुछ में एक ही शिक्षक दो-दो जिम्मेदारियां संभाल रहा है। पुराने वोकेशनल शिक्षकों के मुताबिक प्रदेश में पुरानी वोकेशनल शिक्षा की शुरुआत 1976 में हुई थी। इसमें इलेक्ट्रिकल, रेडियो एंड टीवी, इंश्योरेंस एंड बैंकिंग, आईटी, गारमेंट मेकिंग, हॉर्टिकल्चर, फूड एंड प्रिजर्वेशन, लेदर गुड्स सहित कई ट्रेड चलाए जाते रहे हैं। शिक्षकों के अनुसार इस कैडर में 181 पद हैं, जिनमें से केवल 48 भरे हुए हैं, जबकि 133 पद खाली हैं। उनका कहना है कि आखिरी भर्ती 2013 में हुई थी। इसके बाद नई भर्ती नहीं होने से रिटायरमेंट और प्रमोशन के बाद खाली हुए पदों पर नियुक्तियां नहीं हुईं। शिक्षकों के अनुसार एक ट्रेड में दो वोकेशनल लेक्चरर और एक एसएलए (स्किल्ड लैब अटेंडेंट) का प्रावधान रहा है। कई स्कूलों में एसएलए के पद भी खाली हैं। एसएलए की आखिरी भर्ती 1997 में होने की बात शिक्षक बताते हैं। उनका कहना है कि ट्रेड के लिए जरूरी मशीनें और उपकरण भी लंबे समय से इस्तेमाल में हैं और रखरखाव के अभाव में खराब हो रहे हैं। शिक्षकों के मुताबिक कई ट्रेड्स का रॉ मटीरियल भी 1994 के बाद नहीं आया। शिक्षकों का कहना है कि पुरानी वोकेशनल स्ट्रीम में बच्चों को वोकेशनल विषय के साथ जरूरी कोर विषय भी पढ़ाए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर गारमेंट मेकिंग में डिजाइन एंड पैटर्न मेकिंग, यूनिट मैनेजमेंट, क्लोदिंग एंड ड्रेस मेकिंग, कमर्शियल क्लोदिंग जैसे विषयों के साथ जनरल फाउंडेशन, अंग्रेजी, पंजाबी और ईवीएस जैसे विषय भी शामिल हैं। उनका कहना है कि यह शिक्षा बच्चों को आगे पढ़ाई और रोजगार दोनों के विकल्प देती है। शिक्षकों का कहना है कि पुरानी वोकेशनल स्ट्रीम को बंद करने के बजाय समय के साथ इसका सिलेबस अपडेट कर नई भर्ती की जानी चाहिए। उनके मुताबिक इससे बच्चों को स्किल के साथ आगे की पढ़ाई और रोजगार के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं। डीईओ सेकेंडरी गुरिंदरजीत कौर को कॉल और मैसेज किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। मैकेनिकल सर्विसिंग से जुड़े एक वोकेशनल लेक्चरर ने बताया कि पहले मशीनों के रखरखाव के लिए एसएलए होते थे। उनके जाने के बाद नई भर्ती नहीं हुई। शिक्षक मशीनें चला तो लेते हैं, लेकिन मशीनों के नियमित और तकनीकी रखरखाव के लिए अलग कर्मचारी की जरूरत होती है। एसएलए नहीं होने से यह काम प्रभावित हो रहा है। गारमेंट मेकिंग से जुड़े एक शिक्षक ने बताया कि उनके स्कूल में पहले गारमेंट मेकिंग, निटिंग टेक्नोलॉजी और कमर्शियल आर्ट की तीन स्ट्रीम चलती थीं। रिटायरमेंट और प्रमोशन के बाद इन पदों पर नई नियुक्ति नहीं हुई। कमर्शियल आर्ट के शिक्षक रिटायर हो गए, जबकि निटिंग टेक्नोलॉजी के शिक्षक प्रमोट होकर चले गए। इसके बाद दोनों स्ट्रीम बंद हो गईं। शिक्षक के अनुसार हर स्ट्रीम में दो पद होते हैं। उनके मुताबिक करीब चार साल पहले विषय का सिलेबस अपडेट हुआ था, लेकिन 2011 से स्ट्रीम के लिए कोई ग्रांट नहीं आई। नई तकनीक और उपकरण देखकर बच्चे भी इन स्ट्रीम की ओर आकर्षित होते हैं। उनके स्कूल में गारमेंट मेकिंग की करीब 25 मशीनें ही फिलहाल काम कर रही हैं। खराब मशीनों को स्कूल के फंड से ठीक करवाया जाता है। डिपार्टमेंट से कोई ग्रांट नहीं मिल पा रही।
female students received degrees
भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप शिक्षा नीति लागू करना सबका दायित्व : बाल किशन
Implementing an education policy in line with the Indian knowledge tradition is
Rohtak News: शिक्षा समिति कार्यकारिणी का किया सम्मान
Honored the executive committee of the education society
वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत : पूजा
वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत : पूजा
धनु राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ होगा, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 27 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ होगा, करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, विदेश से संबंधित काम काम बनेंगे, आपका मान यश बढ़ेगा.
Baghpat News: शिक्षा के मंदिर में लग रही घटिया सामग्री, काम भी देरी से होने पर भड़के मंत्री
political news
Hamirpur (Himachal) News: नादौन और हमीरपुर के सह शिक्षा स्कूलों में हफ्ते में बनेंगी एसएमसी
SMCs will be formed in the co-educational schools of Nadaun and Hamirpur within a week.
महापुरुषों की शिक्षाओं से मिलती है आगे बढ़ने की राह : अशोक
The teachings of great figures provide a path for moving forward: Ashok
Pilibhit News: नाटक मंचन से दिया शिक्षा और भाईचारे का संदेश
बीसलपुर। ड्रीम ड्रामा आर्ट्स वेलफेयर सोसाइटी के कलाकारों ने सोमवार को मोहल्ला दुर्गा प्रसाद में नाटक मंचन के माध्यम से दर्शकों को मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण संदेश दिए।
महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी दिखाती हैं जीवन की सही राह : विधायक
संतों और महापुरुषों के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का मार्गदर्शन हैं। युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चलकर अच्छे समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को देती हैं सही दिशा : जाम्बा
महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को देती हैं सही दिशा : जाम्बा
शिक्षा से ही होगा सामाजिक बुराइयों का अंत : सुमेर चंद वर्मा
समारोह में सत्संग और भंडारे का आयोजन भी किया गया।
Saharanpur News: मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर दिया जोर
Emphasis placed on improving the education system in madrasas
पौने दो लाख शिक्षा कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, योगी कैबिनेट में कल 21 फैसले
यूपी में मंगलवार सुबह 11 बजे योगी कैबिनेट की मीटिंग होगी। इस मीटिंग में शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत नियमित और संविदा कर्मियों को कैशलेश इलाज के प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। इसका लाभ प्रदेश के तकरीबन पौने दो लाख कर्मचारियों को मिलेगा। 21 अहम फैसल हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला: 28 साल बाद 22 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश
कवर्धा जिले के पंडरिया में वर्ष 1998 में हुई शिक्षाकर्मी वर्ग तीन की 320 पदों की भर्ती में भारी अनियमितताओं को लेकर 28 साल बाद विशेष अदालत में चालान पेश किया गया।
प्रयागराज/लखनऊ, 26 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर दी है। विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के सत्यापन और अद्यतन के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया से चयनित 7,526 प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपलोड की गई है। इसमें विद्यालयों को आवंटित विद्यार्थियों का विवरण भी शामिल है।सूची को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति के परीक्षण और अनुमोदन के लिए जारी किया गया है। परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।28 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्तियांऑनलाइन चयनित परीक्षा केंद्रों के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत होने पर संबंधित छात्र, अभिभावक, प्रधानाचार्य अथवा प्रबंधक निर्धारित प्रारूप में उचित कारण और साक्ष्य के साथ अपना प्रत्यावेदन परिषद के पोर्टल upmsp.edu.in पर 28 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त प्रत्यावेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त आपत्तियों का जिला विद्यालय निरीक्षक समुचित परीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण करेंगे। इसके बाद जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति से अनुमोदित अथवा संस्तुत सूची और आख्या 6 नवंबर 2026 तक परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन अग्रसारित की जाएगी।राजकीय विद्यालयों के 862, सहायता प्राप्त के 3,276 केंद्र प्रस्तावितवर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्तावित 7,526 परीक्षा केंद्रों में 862 राजकीय विद्यालय, 3,276 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और 3,388 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इस प्रकार तीनों श्रेणियों के विद्यालयों को मिलाकर परीक्षा केंद्रों का प्रस्तावित निर्धारण किया गया है।जिलावार प्रस्तावित केंद्रों की सूची में प्रयागराज में सर्वाधिक 269 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित हैं। इसके बाद आजमगढ़ में 232, गोरखपुर में 175, प्रतापगढ़ में 164, आगरा में 161, देवरिया में 160, सीतापुर में 150, बलिया में 149, हरदोई में 148 और लखीमपुर खीरी में 143 केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।अन्य प्रमुख जिलों में बरेली और शाहजहांपुर में 130 से अधिक केंद्र प्रस्तावित हैं। लखनऊ और कानपुर नगर में 127-127, वाराणसी में 117 तथा अयोध्या में 114 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। कानपुर देहात में 73 केंद्र प्रस्तावित हैं।आपत्तियों के परीक्षण के बाद होगा अंतिम निर्धारणमाध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह के अनुसार, शासनादेशों के तहत तहसील स्तरीय समितियों द्वारा प्रमाणित और अद्यतन कराई गई विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा केंद्रों का चयन किया गया है। अब जनपदीय केंद्र निर्धारण समितियां प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्रों की सूची को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य करेंगी।परीक्षा केंद्र निर्धारण की इस प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित परीक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करना और शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
,712 मामलों में कोर्ट में जवाब दाखिल किया जा चुका है। ये मामले मुख्य रूप से संविलियन, पूर्व सेवा गणना, पदोन्नति और क्रमोन्नति से जुड़े हैं।
New Delhi, 26 अक्टूबर . Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला ने Monday को New Delhi में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)…
दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर बोले कुलदीप कुमार- शिक्षा और सुरक्षा दोनों गायब
दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर बोले कुलदीप कुमार- शिक्षा और सुरक्षा दोनों गायब
उदयपुर: बकाया मानदेय को लेकर कुक कम हेल्परों ने शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
14 माह से दूध गर्म करने और 7 माह से पोषाहार का मानदेय अटका, दीपावली से पहले बकाया भुगतान व मानदेय बढ़ाने की मांग की।
तमिलनाडु के प्राइवेट स्कूल घोटाले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना से तमिलनाडु की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अररिया की स्थानीय समस्याओं और आम लोगों के संघर्षों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष - कहानी एक जिले की, हाल पूरे देश का’ का विमोचन किया गया। एडीबी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में फैसल जावेद यासीन की शिक्षिका मीनू शरण और उनकी चचेरी दादी मोहसिना खातून ने पुस्तक का अनावरण किया। 160 पेज की किताब में 32 अध्याय यह पुस्तक फैसल जावेद यासीन और ओम प्रकाश राय ने लिखी है। 160 पेज और 32 अध्यायों वाली इस किताब में अररिया की समस्याओं के जरिए देश की व्यवस्था और आम लोगों की चुनौतियों को समझने की कोशिश की गई है। पुस्तक में भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, खाद की कमी, अस्पतालों की बदहाली और जनआंदोलनों जैसे मुद्दों को जगह दी गई है। इसमें सामाजिक सद्भाव और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की आवाज भी शामिल है। लेखकों का उद्देश्य जिले की समस्याओं को सामने लाना है। आम लोगों की आवाज को सामने लाने की कोशिश कार्यक्रम में साहित्यकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। उन्होंने पुस्तक के विषयों पर अपने विचार रखे। इस मौके पर फैसल जावेद यासीन ने कहा कि यह पुस्तक सिर्फ उनकी कहानी नहीं है, बल्कि उन आम लोगों की आवाज है, जिनकी समस्याएं अक्सर व्यवस्था के बीच दब जाती हैं। पुस्तक के जरिए लेखकों ने अररिया के अनुभवों और चुनौतियों को सामने रखने का प्रयास किया है। स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित यह किताब पाठकों को जिले की समस्याओं, सामाजिक संबंधों और बदलाव के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विचार करने का अवसर देती है।
सीमावर्ती जिले गुरदासपुर के ब्लॉक कलानौर के गांव दियोल निवासी शिक्षाविद और सेवानिवृत्त शिक्षक जसपाल सिंह पड्डा का कैंसर से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से इलाके में शोक की लहर है। जसपाल सिंह पड्डा पिछले कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को उन्होंने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे और इलाके में शिक्षाविद के रूप में उनकी पहचान थी। उनके बेटे सतिंदर पाल सिंह ने बताया कि परिवार इस दुख की घड़ी में शोकाकुल है। उनके छोटे भाई के विदेश से लौटने के बाद बुधवार को पैतृक गांव दियोल में जसपाल सिंह पड्डा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। कई गांवों में हो चुकी कैंसर से मौतें ब्लॉक कलानौर के कई गांवों में कुछ समय के दौरान कैंसर से कई लोगों की मौत होने का मामला चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार हो रही इन मौतों से क्षेत्र के लोगों में चिंता है। स्थानीय स्तर पर कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह और समय रहते बीमारी का पता लगाने के लिए जांच व जागरूकता की जरूरत महसूस की जा रही है।
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में ऑनलाईन आवेदन अब 5 नवम्बर तक
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के द्वारा विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए...
स्कूल से करियर तक की राह आसान बनाने पर जोर, शिक्षा सचिव की सीबीएसई को सलाह
New Delhi, 26 अक्टूबर . स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव टीके अनिल कुमार ने Monday को स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार…
100 करोड़ घोटाला केस में पूर्व शिक्षा मंत्री गिरफ्तार, डीएमके नेता पर चला पुलिस का डंडा
डीएमके नेता और पूर्व तमिलनाडु शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यमोझी के खिलाफ कड़ा ऐक्शन हुआ है। पुलिस ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार किया। अनबिल को 100 करोड़ रुपए के प्राइवेट स्कूल स्कैम केस में यह कार्रवाई हुई है।
100 करोड़ के कथित घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश गिरफ्तार, तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज
100 करोड़ के कथित घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश गिरफ्तार, तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज
तमिलनाडु: निजी स्कूलों की मंजूरी में 100 करोड़ रुपए के घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री गिरफ्तार
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश को सोमवार को ग्रेटर चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मद्रास हाई कोर्ट द्वारा निजी स्कूलों की मंजूरी से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
177 स्कूल, 100 करोड़ की रिश्वत... तमिलनाडु के पूर्व शिक्षा मंत्री किस मामले में हुए गिरफ्तार?
द्रमुक नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री महेश पोय्यामोझी को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है.
गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड स्थित डुमरिया मध्य विद्यालय में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। यह वही विद्यालय है, जहां उन्होंने बचपन में पढ़ाई की थी। वर्षों बाद मंत्री के रूप में अपने पुराने स्कूल पहुंचने पर उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। इस दौरान उन्होंने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। कक्षाओं से लेकर मध्याह्न भोजन तक का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के सभी कक्षा-कक्षों, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने शिक्षकों से बातचीत कर पढ़ाई के स्तर और रोजाना होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री ने विद्यार्थियों से भी संवाद किया और उनकी पढ़ाई, खेलकूद तथा स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा। नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने का निर्देश विद्यालय की स्थिति की समीक्षा करते हुए मिथिलेश तिवारी ने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को विद्यार्थियों की उपस्थिति और नामांकन संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए शिक्षकों को अभिभावकों के साथ नियमित संवाद करने और जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्कूल से जुड़ सकें। डिजिटल क्लासरूम और नई बेंच-डेस्क की तैयारी शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में बेहतर पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक शिक्षण सामग्री (टीएलएम), नई बेंच-डेस्क और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। पुराने स्कूल पहुंचकर भावुक हुए मंत्री निरीक्षण के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह विद्यालय उनकी शुरुआती शैक्षणिक यात्रा का गवाह रहा है। उनकी प्राथमिकता है कि राज्य के हर सरकारी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जरूरी संसाधन उपलब्ध हों, ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चे आगे चलकर देश का नाम रोशन कर सकें। मंत्री के दौरे से विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।
सोनीपत जिले में भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में सोमवार को चौथे दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को बधाई दी और उनके मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों व अभिभावकों के योगदान की सराहना की। 3 छात्राओं से शुरू हुआ गुरुकुल, आज 6 हजार से अधिक बेटियों का शिक्षा धाम राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 1936 में भगत फूल सिंह द्वारा केवल 3 छात्राओं के साथ शुरू किया गया कन्या गुरुकुल आज एक विशाल विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है, जहां 6 हजार से अधिक युवतियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी लिंग या सीमा की मोहताज नहीं होती। शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी ग्रामीण बेटी गरीबी या सामाजिक पूर्वाग्रहों के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। विकसित भारत के संकल्प में बेटियों की भूमिका महत्वपूर्ण: शिक्षा मंत्री हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का एक नया पड़ाव है। भगत फूल सिंह द्वारा प्रज्वलित शिक्षा की लौ आज मशाल बन चुकी है। सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में शिक्षित बेटियों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहेगा। संस्कारयुक्त शिक्षा से मजबूत होगी राष्ट्र की नींव: अरविंद शर्मा हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षित करना पूरे समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समावेश पर बल दिया। इस दौरान सहकारिता मंत्री ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के लिए ₹11 लाख का अनुदान देने की घोषणा की। कार्यक्रम में ये भी रहे उपस्थित समारोह के दौरान डॉ. रीटा शर्मा, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश, रजिस्ट्रार प्रो. शिवालिक यादव और भाजपा गोहाना जिलाध्यक्ष बिजेंद्र मलिक सहित अनेक शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समतामूलक एवं संस्कारवान समाज के निर्माण का आधार : रणबीर गंगवा
महर्षि वाल्मीकि जी ने महाकाव्य रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन, रिश्तों की मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया...
बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन देना भी जरूरी : सीएम मोहन यादव
बड़वानी, 26 अक्टूबर . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन में अच्छे संस्कार, सनातन संस्कृति के मूल्य…
चंडीगढ़। पीजीआई चंडीगढ़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चिकित्सा सेवाओं की पहचान मजबूत की है। संस्थान को न्यूजवीक की World’s Best Specialized Hospitals 2027 सूची में पांच चिकित्सा विशेषज्ञताओं में शामिल किया गया है। इनमें कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), एंडोक्राइनोलॉजी (हार्मोन संबंधी बीमारियां), ऑन्कोलॉजी (कैंसर), पीडियाट्रिक्स (बाल चिकित्सा) और पल्मोनोलॉजी (फेफड़ों के रोग) शामिल हैं। यह सूची न्यूजवीक ने वैश्विक डेटा विश्लेषण कंपनी स्टेटिस्टा के सहयोग से तैयार की है। इस उपलब्धि को पीजीआई में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की देखभाल, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। संस्थान देशभर से आने वाले मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराता है। टीमवर्क और बेहतर इलाज पर जोर पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान संस्थान के लिए गर्व की बात है। यह उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं देने के प्रति पीजीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इसका श्रेय फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी टीमों और अन्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। प्रो. लाल के अनुसार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ नई तकनीक, अनुसंधान, मरीजों की पहुंच और संवेदनशील देखभाल भी जरूरी है। यह उपलब्धि संस्थान को चिकित्सा सेवाओं और शिक्षा के स्तर में और सुधार के लिए प्रेरित करेगी। मरीजों के अनुभव भी आकलन का हिस्सा न्यूजवीक और स्टेटिस्टा की रैंकिंग के सातवें संस्करण में अस्पतालों का आकलन प्रतिष्ठा, मान्यता और इलाज के परिणामों से जुड़े विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है। इसमें पेशेंट-रिपोर्टेड आउटकम मेजर्स (PROMs) को भी महत्व दिया गया है। इसके तहत मरीजों से मिली जानकारी के आधार पर इलाज के उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव को समझा जाता है। 1962 में हुई थी संस्थान की स्थापना वर्ष 1962 में स्थापित पीजीआई चंडीगढ़ देश का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का संस्थान है। यहां मरीजों के इलाज के साथ डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने और नई उपचार पद्धतियों पर शोध करने का काम भी किया जाता है।
भागलपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, ₹98 लाख के फ्रॉड केस में क्लर्क जफर अली सस्पेंड
भागलपुर शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षिका आईडी बनाकर 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है।
रेवाड़ी के बाल भवन सभागार में जिला स्तरीय महर्षि वाल्मीकि जयंती का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने हजारों साल पहले रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना की थी, जिसकी आज भी श्रद्धा के साथ अनुसरण किया जाता है। ऐसा सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ दोबारा नहीं लिखा गया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से वर्तमान पीढ़ी को मेहनत करने और शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने की, जबकि एसडीएम दलबीर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। विनीता पीपल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के आदि कवि माने जाते हैं। उन्होंने संस्कृत में रामायण की रचना कर समाज को ऐसा ग्रंथ दिया, जिसकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। इस तरह के आयोजन महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देते हैं। समारोह की अध्यक्षता कर रही भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना चला रही है। इसके माध्यम से संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। तप, धर्म और ज्ञान से जीवन को बनाएं श्रेष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बलडोदिया ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों को तप, धर्म और ज्ञान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि महान संतों के विचारों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने आचरण को बेहतर बना सकता है। समारोह के दौरान नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने सफाई कर्मचारियों को उनकी कर्मठ सेवाओं के लिए सम्मानित किया। एसडीएम दलबीर सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रवीन शर्मा, जिला कार्यालय सचिव सत्यपाल धूपिया, दिनेश खिच्ची, गुलशन कुमार, भाजपा एससी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दारा सिंह, मुकेश सारवान, सुनील मेंहदीरत्ता और सुरेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
OUSSSC recruitment 2026: 7,268 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV ओडिशा यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (OUSSSC) ने कंबाइंड यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ (ग्रेजुएट लेवल से नीचे) परीक्षा के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में कांस्टेबल (सिविल), कांस्टेबल (कम्युनिकेशन), कांस्टेबल OISF, फायरफाइटर, फायरफाइटिंग ड्राइवर, ड्राइवर PMT और ट्रैफिक कांस्टेबल पदों के लिए 7,268 वैकेंसी हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 23 अक्टूबर को शुरू हुआ था और भर्ती के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 12 नवंबर रात 10 बजे तक है। कैंडिडेट्स को अपने एप्लीकेशन जमा करने से पहले एलिजिबिलिटी की शर्तें और डिटेल्ड नोटिफिकेशन देख लेना चाहिए। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन की तारीख: 23 अक्टूबर एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 23 अक्टूबर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 12 नवंबर फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 13 नवंबर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कॉन्स्टेबल (सिविल): कैंडिडेट्स ने हायर सेकेंडरी (क्लास 12) परीक्षा या इसके बराबर की क्वालिफिकेशन पास की हो। कॉन्स्टेबल (कम्युनिकेशन): एप्लीकेंट्स के पास बताई गई साइंस क्वालिफिकेशन होनी चाहिए या उनके पास एलिजिबल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए। कॉन्स्टेबल OISF: कैंडिडेट्स का क्लास 10 पास होना ज़रूरी है। फायरफाइटर और ट्रैफिक कांस्टेबल: एप्लिकेंट्स का क्लास 12 या इसके बराबर का एग्जाम पास होना ज़रूरी है। एज लिमिट भी पोस्ट के हिसाब से अलग-अलग होती है। कैंडिडेट्स को लागू एज क्राइटेरिया, छूट और दूसरी शर्तों के लिए डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट देखना चाहिए। अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट ousssc.odisha.gov.in पर जाएं। कंबाइंड यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज (बेलो ग्रेजुएट लेवल) एग्जामिनेशन 2026 के लिए रिक्रूटमेंट सेक्शन या लेटेस्ट नोटिफिकेशन खोलें। डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट पढ़ें और पसंदीदा पोस्ट के लिए एलिजिबिलिटी की ज़रूरतें चेक करें। ज़रूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और पर्सनल और एजुकेशनल जानकारी के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें। बताए गए फॉर्मेट में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू एग्जामिनेशन फीस पे करें और फॉर्म में भरी गई सभी डिटेल्स चेक करें। एप्लीकेशन सबमिट करें और भविष्य के रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज की एक कॉपी सेव कर लें।
PC: Kalinga tv रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) दिवाली से पहले ग्रुप D के 30,000 पदों के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव का नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। यह रिक्रूटमेंट ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन और दूसरे टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल पदों के लिए होने की संभावना है। एप्लीकेशन प्रोसेस नवंबर से दिसंबर के बीच, साल खत्म होने से पहले पूरा होने की उम्मीद है। सभी ज़ोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स को प्रपोज़्ड रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए खाली पदों की डिटेल्स जमा करने के लिए कहा गया है। इस रिक्रूटमेंट के लिए कुल खाली पदों की संख्या भी अभी फाइनल नहीं हुई है, यह डेटा रिव्यू के बाद पता चलेगा। कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) का पहला फेज़ अगले साल के पहले क्वार्टर में होने की संभावना है। जो कैंडिडेट्स RRB रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें और रेगुलर तौर पर ऑफिशियल RRB वेबसाइट देखते रहें। उम्र सीमा, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, एप्लीकेशन फीस और एग्जाम की तारीखों के बारे में डिटेल्स डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी होने के बाद मिलेंगी। एग्जाम की तारीखें, टाइमटेबल और दूसरी डिटेल्स ऑफिशियल नोटिफिकेशन में जारी की जाएंगी। अपडेट रहने और परीक्षा की तैयारी के लिए RRB के ऑफिशियल पोर्टल को रेगुलर फॉलो-अप करना ज़रूरी है।
26 अक्टूबर, सोमवार: गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड स्थित डुमरिया मध्य विद्यालय का शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। अपने पुराने स्कूल में उन्होंने बच्चों से संवाद किया और पोशाक राशि की जानकारी देते हुए ड्रेस पहनकर विद्यालय आने की अपील की।
बढ़ती महंगाई और शिक्षा तंत्र की लचर हालत को लेकर फ्रांस में शुरू हुआ आंदोलन अब बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अब तक 1,300 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है।
शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा पंजाब: वाल्मीकि पर्व पर सीएम मान ने बताया शिक्षा का महत्व
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
लखनऊ में सोमवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर सुंदरकांड का पाठ किया। उन्होंने सरकार और अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए। पुलिस ने अभ्यर्थियों को मौके से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को उठाकर ले जाते दिखे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और अभद्रता करने के आरोप लगाए। पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… 'घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता' प्रदर्शन करने आए तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। ‘भर्ती में घोटाले का आरोप’ प्रदर्शन कर रहे आशुतोष वर्मा ने कहा कि हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं ’ आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि योग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। यहां से उठाकर हमको इको गार्डन में बिठा दिया जाएगा दिन वही गुजर जाएगा। त्योहार के समय प्रदर्शन करना बहुत दुख की बात है मगर मजबूरी में करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 501 पदों पर नियुक्तियां होंगी। योग्य उम्मीदवार 26 नवंबर
बिहार के 13 जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में नामांकन शुरू, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा
VIDEO: मतदान करने पहुंचीं प्रधानाचार्य ने बताईं शिक्षकों की उम्मीदें, शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर
औरंगाबाद जिले के शिक्षा विभाग के अपने भवन का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में है। करीब 20 वर्षों से दूसरे परिसर के सहारे संचालित हो रहे जिला शिक्षा विभाग को आखिरकार कार्यालय भवन के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। शहर के अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी मैदान में विभाग के लिए 100 गुणा 80 वर्गफुट जमीन चिह्नित की गई है। कुल 8,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में जी प्लस-3 भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस भवन के निर्माण पर तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। जमीन उपलब्ध होने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। प्रस्तावित निर्माण स्थल पर साफ-सफाई और जमीन के समतलीकरण का काम कराया जा रहा है। विभागीय भवन का शिलान्यास मंगलवार को होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कार्यक्रम की तिथि को लेकर अभी असमंजस बना हुआ है। चर्चा है कि अनुग्रह इंटर स्कूल के अध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह की अनुपस्थिति के कारण शिलान्यास कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकता है। अपने भवन के अभाव में जिला शिक्षा विभाग को लंबे समय से दूसरे संस्थान के परिसर पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब जमीन मिलने से विभाग के स्थायी कार्यालय का रास्ता साफ हुआ है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में भी उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें अपना कार्यालय मिल सकेगा। तीन करोड़ से अधिक की लागत से बनेगा जी प्लस-3 भवन जिला शिक्षा विभाग के लिए प्रस्तावित भवन जी प्लस-3 यानी भूतल सहित चार मंजिला होगा। इसके निर्माण पर तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है। भवन में विभागीय कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक कार्यालयी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, कमरों की संख्या, निर्माण की समयसीमा और अन्य सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा अभी स्पष्ट नहीं है। भवन का निर्माण पूरा होने के बाद जिला शिक्षा विभाग के कामकाज को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय संबंधी कार्यों के लिए स्थायी जगह उपलब्ध होगी। विभागीय दस्तावेजों के रखरखाव, बैठकों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल विभाग अनुग्रह मध्य विद्यालय परिसर से संचालित हो रहा है। इससे पहले कार्यालय निजी किराये के मकान में चलता था। अपना भवन नहीं होने के कारण विभाग को लंबे समय तक वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा। शिक्षा विभाग जिले में स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षकों से जुड़े कार्यों और शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। ऐसे में स्थायी कार्यालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। कई बार हुई जमीन की तलाश, अब निर्माण की जगी उम्मीद जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय भवन के लिए पहले भी कई बार जमीन तलाशने की कोशिश की गई थी। अलग-अलग स्थानों पर जमीन चिह्नित करने की पहल हुई, लेकिन विभिन्न कारणों से मामला आगे नहीं बढ़ सका। अनुग्रह इंटर स्कूल परिसर में भी पहले कई बार जमीन उपलब्ध कराने को लेकर प्रयास किए गए थे। इसके बावजूद विभाग को अपना भवन नहीं मिल पाया था। विभागीय कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल के तहत पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने भी स्थल का निरीक्षण किया था। लंबे समय तक चली कवायद के बाद अब अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी मैदान में जमीन उपलब्ध होने से निर्माण की उम्मीद मजबूत हुई है। फिलहाल प्रस्तावित स्थल पर निर्माण से पहले की तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है, लेकिन अध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह की अनुपस्थिति के कारण कार्यक्रम टलने की चर्चा भी है। ऐसे में शिलान्यास को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। जमीन मिलने से पूरी हुई पहली बाधा करीब दो दशक से अपने भवन की प्रतीक्षा कर रहे जिला शिक्षा विभाग के लिए जमीन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अब भवन निर्माण शुरू होने और निर्धारित समय में पूरा होने पर सबकी नजर रहेगी। तीन करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला जी प्लस-3 भवन तैयार होने के बाद विभाग को स्थायी कार्यालय मिलेगा। इससे न केवल विभागीय कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही कार्यालय भवन की समस्या का भी समाधान होने की उम्मीद है।
मदरसों में पढ़ाई और धर्म शिक्षा के नियमों पर उठे सवाल, बिना गाइडलाइन चल रहे छात्रावास; प्रशासन बेखबर
मदरसे का संचालक नियमों के अनुसार इस रूप में होना चाहिए कि बच्चों व बच्चियों को स्कूली शिक्षा के साथ अतिरिक्त एक दो पीरियड धार्मिक शिक्षा के भी लगाए जाएं।
3500+ सरकारी नौकरियां: इन तीन भर्तियों की अंतिम तिथि आज; जल्द भर दें अपनी पसंद की नौकरी का फॉर्म
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जरूरी खबर है। बिहार शिक्षक भर्ती, छत्तीसगढ़ व्याख्याता भर्ती और सी-डैक भर्ती में आवेदन करने की अंतिम तारीख आज है। इन तीनों भर्तियों में कुल 35,125 पद बताए गए हैं।
Amroha News: सर सैय्यद डे पर गूंजा शिक्षा का संदेश, युवाओं को सिविल सेवा के लिए किया प्रेरित
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) एलुमिनी एसोसिएशन ने शहर के एक होटल में सर सैय्यद डे मनाया।
Maharajganj News: शिक्षा से समाज में जागरूकता और सम्मान को मिलता है बढ़ावा
नंदवंशी प्रतिभा सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी में शिक्षा और संविधान के महत्व पर हुई चर्चा
Chandauli News: बौद्ध महोत्सव में शिक्षा और संविधान की रक्षा का संदेश
A message on education and the protection of the Constitution at the Buddhist festival
Panchkula News: मुख्यमंत्री मान ने वाल्मीकि पर्व पर शिक्षा का महत्व बताया
Chief Minister Mann highlighted the importance of education on the occasion of Valmiki Jayanti.
पंजाब को शिक्षा के केंद्र के रूप में किया जा रहा विकसित : मान
Punjab is being developed as a hub for education: Mann
Azamgarh News: आजमगढ़ की विरासत, शिक्षा और रोजगार पर ‘यूपी संवाद’ में मंथन
Deliberations on Azamgarh
Pilibhit News: शिक्षामित्रों, अनुदेशकों को मानदेय नहीं मिला, राज्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पीलीभीत। जिले के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सितंबर व अक्तूबर महीने का मानदेय नहीं मिला है। शासन से अनुदान जारी होने के एक महीने बाद भी भुगतान न होने से उनके परिवार त्योहारों के बीच समस्याएं हो रही है।
संत रविदास की शिक्षाओं से प्रेरणा लें : निर्मलदास
डेरा हड़तान गांव में संत पूर्णदास के सानिध्य में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वीं जयंती और डेरा के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वार्षिक संत समागम का आयोजन किया गया।
इजरायली हमले में गाजा की यूनिवर्सिटी में 3 की मौत, शिक्षा मंत्रालय का बड़ा आरोप
रविवार को गाजा शहर की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर इजरायली हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। शिक्षा मंत्रालय ने इसे छात्रों पर हमला बताया और दुनिया की चुप्पी पर सवाल उठाया।
UP में 17 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा विभाग की अपील-अफवाहों से बचें
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 17 हजार से अधिक शिक्षक पदों की भर्ती पर स्थिति स्पष्ट की है. विभाग ने अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने और तैयारी पर फोकस करने को कहा है. चयनितों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की छूट मिलेगी और टीजीटी में अधिकतम आयु सीमा की बाध्यता नहीं होगी.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में आयोजित क्षेत्रीय युवा मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। युवाओं को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है और सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सूबे में युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के केवल योग्यता के आधार पर अब तक 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। जीतने वाले नम्र रहें और हारने वाले और कड़ी मेहनत करें युवा मेले में विद्यार्थियों के उत्साह और हुनर की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने शुरुआती दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “युवाओं को मेरी सलाह है कि इन मुकाबलों में हिस्सा लेना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है। जो जीतते हैं, उन्हें नम्र रहना चाहिए और जो हार जाते हैं, उन्हें और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। तुम बस अपनी पढ़ाई और मेहनत पर ध्यान दो, पंजाब सरकार हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ी है।” 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर इस युवा मेले में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिसमें चार चरणों के तहत 60 विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। संगीत, नृत्य, थिएटर और लोक कला जैसी गतिविधियों को मुख्यमंत्री ने युवाओं को पंजाब की विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया। सीएम मान ने पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और इसके युवा कल्याण विभाग के कई दशकों के योगदान की विशेष सराहना की। शिक्षा केवल क्लासरूम तक सीमित न रहे मुख्यमंत्री मान ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि स्वतंत्र सोच और जिम्मेदारी की भावना वाले नागरिक तैयार करना है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे प्रतिनिधियों का चुनाव करें जो जमीनी स्तर पर जनता के दुखों और समस्याओं को समझते हों।
लखनऊ में जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, बाल कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इनरव्हील क्लब ऑफ लखनऊ की ओर से कई पहल की गईं। महानगर स्थित गोल्डन एप्पल होटल में क्लब की आधिकारिक चेयरमैन विजिट आयोजित हुई। इसमें डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी की मौजूदगी में क्लब की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी गई। इस दौरान जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सहायता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा हुई। बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर जोर क्लब की ओर से मनवी की शिक्षा के लिए फीस पहले ही जमा कराई जा चुकी है। रनिंग स्कूल के लिए टॉय रूम तैयार कराने की पहल भी की गई। फिट गर्ल्स परियोजना के तहत योग मैट और किट उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली एक मां को केएमसी चेयर उपलब्ध कराने की पहल की गई। जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए रजिस्टर उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। रेखा मित्तल ने इसके लिए सहयोग देने की बात कही। जरूरतमंद परिवारों को भी मिलेगी मदद जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए क्लब सदस्यों ने आगे बढ़कर सहयोग किया। संगीता मरवाह के सौजन्य से कपड़े के थैलों का वितरण कराने की व्यवस्था की गई। वहीं, क्लब की ओर से एक घरेलू सहायिका की बेटी के विवाह के लिए जरूरी सामान जुटाया जा रहा है। इसमें क्लब के सदस्य मिलकर सहयोग कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ हिंसा समाप्त करने का संदेश भी दिया गया। सदस्यों ने जागरूकता नारों के जरिए लोगों को इस विषय के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया। दूध विक्रेता के लिए सोलर लाइट की पहल बख्शी का तालाब क्षेत्र के पहाड़पुर में 20 भैंसों की देखभाल करने वाले दूध विक्रेता पुत्तन की मदद के लिए सोलर लाइट और पैनल उपलब्ध कराने की पहल की गई। इसका उद्देश्य उनके रोजमर्रा के काम में सहायता करना है। क्लब की ओर से जरूरतमंदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर अलग-अलग स्तर पर सहयोग की योजनाएं तैयार की गईं। इको-फ्रेंडली ज्वेलरी से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आईएसओ पल्लवी के संयोजन में इको-फ्रेंडली ज्वेलरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके जरिए पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में एनजीओ नवजीवन के बच्चों की ओर से तैयार दीपावली की वस्तुओं का स्टॉल भी लगाया गया। इसका उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता को मंच देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना था। इस दौरान क्लब की पहचान को मजबूत करने के लिए इनरव्हील बोर्ड लगाने की योजना भी प्रस्तुत की गई।
राजस्थान के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आगामी 28 अक्टूबर को 'विशेष अभियान-6' के तहत ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) के प्रबंधन और इसके सही निस्तारण को लेकर जागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में सभी शिक्षा अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की थीम ‘ई-वेस्ट मैनेजमेंट’ रखी जाएगी। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे- पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी आदि के नुकसान, इसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका समझाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज) और अन्य गतिविधियां कराई जाएंगी। खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को करेंगे इकट्ठाइस अभियान के तहत स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इकट्ठा किया जाएगा और उन्हें अधिकृत रिसाइकलर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट के गलत निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है। शिक्षक संघ रेसटा ने कहा- पर्यावरण के लिए अभियान जरूरीशिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि ई-वेस्ट प्रबंधन आज के समय की बड़ी जरूरत है। खराब मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरियों का सही निस्तारण न होने से मिट्टी और पानी दूषित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें इसके सही संग्रहण और रिसाइकलिंग की व्यावहारिक जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट और फोटोअभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट 28 अक्टूबर को ही 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके साथ ही गतिविधियों के प्रमाण के रूप में जियो-टैग लोकेशन वाली फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यह अभियान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।
घर, पेंशन और शिक्षा से लेकर भ्रष्टाचार तक, Europe के कई देशों में सड़कों पर उतरे हजारों लोग
यूरोप के कई देशों में वीकेंड पर महंगाई, आवास संकट, पेंशन में कटौती, शिक्षा व्यवस्था, भ्रष्टाचार और युद्ध के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए। शनिवार को फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई और कुछ जगहों पर अतिरिक्त सैनिकों को भी तैनात किया गया। अलग-अलग देशों में प्रदर्शन के मुद्दे अलग रहे, लेकिन महंगाई, घरों के बढ़ते किराए और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी आम रही। फ्रांस में आंसू गैस और पानी की बौछार से भीड़ को हटाया फ्रांस में शनिवार को लगातार दूसरे वीकेंड हजारों लोगों ने बढ़ती महंगाई और दूसरी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। पेरिस के अलावा मार्से, लियोन, बोर्डो, लील और नांत समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने देशभर में करीब 70,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। अधिकारियों के मुताबिक करीब 4.10 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए, जबकि प्रदर्शन आयोजित करने वाले सीजीटी यूनियन ने यह संख्या करीब 8 लाख बताई। पेरिस में मुख्य मार्च काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रदर्शन खत्म होने के बाद कुछ जगहों पर झड़पें हुईं। दूसरे शहरों में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। कुछ दुकानदारों ने लूटपाट की आशंका को देखते हुए अपनी दुकानों के शीशे और दरवाजे बंद कर दिए। इसे भी पढ़ें: ऐसा क्या बदल रहे हैं Trump कि Obama ने व्हाइट हाउस की तुलना सद्दाम की चीजकेक फैक्टरी से कर दी? इटली के मिलान में सैनिक तैनात, हजारों युवाओं ने किया मार्च इटली में शनिवार को हजारों युवाओं ने मिलान, रोम और ट्यूरिन में मार्च किया। पिछले वीकेंड हुई हिंसा और लूटपाट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। मिलान में प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, हालांकि रोम और ट्यूरिन में कुछ जगहों पर झड़पें हुईं। मिलान में सैनिकों ने सड़कों पर गश्त की। कई महंगी दुकानों ने सुरक्षा के लिए अपने शीशे और दरवाजे बंद कर लिए थे। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मिलान में 500 और सैनिकों को तैनात करने और हिंसा में शामिल नाबालिगों के खिलाफ सख्त सजा का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, राजनीतिक जवाबदेही और सरकार की नीतियों समेत कई मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई। अल्बानिया के तिराना में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प अल्बानिया की राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों के पास आग लगाई और पुलिस पर चीजें फेंकीं। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में फीस कम करने, शिक्षा में सरकारी निवेश बढ़ाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। बाद में यह आंदोलन सरकार के खिलाफ बड़े अभियान में बदल गया। शनिवार के प्रदर्शन में छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षक संगठन, विपक्षी नेता और कई अन्य लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़े एक महंगे समुद्री इलाके के निर्माण की योजना को लेकर लोगों की नाराजगी से भी जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री एदी रामा ने कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठा रही है और बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। सर्बिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आंदोलन, चुनाव में भी दिखा असर सर्बिया में रविवार को अचानक संसदीय चुनाव हुए। यहां छात्रों के नेतृत्व वाला आंदोलन लंबे समय से राजनीतिक बदलाव की मांग कर रहा है और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच के खिलाफ दबाव बना रहा है। यह आंदोलन 2024 में नोवी साद शहर के रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राजनीतिक जवाबदेही की मांग की थी। करीब दो साल से चल रहे इस आंदोलन को काफी समर्थन मिला है। आंदोलन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रमुख है। छात्रों की सूची में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, कलाकार और किसान भी शामिल हैं। रायशुमारी के अनुसार चुनाव में मुकाबला कड़ा माना जा रहा था। हालांकि, अलग-अलग सर्वे में अलग-अलग तस्वीर सामने आई। वुचिच ने भ्रष्टाचार और दमन के आरोपों से इनकार किया है। चुनाव उनके नेतृत्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Iran पर हमले की संभावना से Donald Trump का इनकार नहीं, समझौते का भी दिया विकल्प पुर्तगाल में घरों के बढ़ते किराए के खिलाफ प्रदर्शन पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में शनिवार को हजारों लोगों ने सस्ते और आसानी से मिलने वाले घरों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद लोगों ने शहर के रॉसियो स्क्वायर में 100 से ज्यादा टेंट लगाकर वहां डेरा डाल दिया। रविवार तड़के पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इस दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। पुर्तगाल में घरों की कीमत और किराए तेजी से बढ़े हैं। 2017 के बाद से घरों की कीमत दोगुने से ज्यादा हो चुकी है, जबकि नए किराए के समझौतों में किराया भी लगभग दोगुना हो गया है। प्रदर्शनकारी सरकार से ऐसे प्रस्ताव वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिनसे किराएदारों को घर से निकालना आसान हो सकता है और नए किराए पर लगी सीमा हटाई जा सकती है। लिस्बन में घरों की कीमत बना बड़ा मुद्दा लिस्बन में प्रदर्शनकारियों ने सरकार की उन योजनाओं का भी विरोध किया, जिनसे सालाना किराया बढ़ाने की सीमा में बदलाव और किराया न देने वाले लोगों को घर से निकालना आसान हो सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले से ही महंगे घरों के बीच ऐसे बदलाव किराएदारों की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। पुर्तगाल में घरों की कमी भी बड़ी समस्या है। पुर्तगाल के केंद्रीय बैंक के अनुमान के मुताबिक, देश में करीब 3 लाख घरों की कमी है। यह संख्या लिस्बन में मौजूद कुल घरों के लगभग बराबर है। स्पेन में पेंशन में बदलाव के खिलाफ सड़कों पर उतरे बुजुर्ग स्पेन की राजधानी मैड्रिड में शनिवार को हजारों बुजुर्गों और दूसरे प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला। उन्होंने सरकारी पेंशन व्यवस्था को सुरक्षित रखने और इसे निजी हाथों में जाने से रोकने की मांग की। प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब देश में पेंशन व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर बहस चल रही है। प्रदर्शनकारियों को डर है कि पेंशन व्यवस्था में बदलाव से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। स्पेन में घरों के बढ़ते किराए और कीमतों को लेकर भी प्रदर्शन होते रहे हैं। लोगों के लिए सस्ते घर मिलना लगातार मुश्किल हो रहा है। यूरोप में बढ़ रही है घर और खर्च की चिंता यूरोप के अलग-अलग देशों में हुए इन प्रदर्शनों के मुद्दे अलग-अलग रहे, लेकिन महंगाई, घरों की बढ़ती कीमतें, किराया, सार्वजनिक सेवाएं और आर्थिक सुरक्षा लोगों की बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। स्पेन, फ्रांस और इटली समेत कई यूरोपीय देशों में घरों की बढ़ती कीमत और किराए ने आम लोगों पर दबाव बढ़ाया है। इन प्रदर्शनों से साफ है कि आर्थिक मुश्किलों और सरकारी नीतियों को लेकर लोगों की नाराजगी कई देशों में लगातार बढ़ रही है।
झुंझुनूं जिले के सभी 1474 सरकारी स्कूल और विभागीय ऑफिसों को दीपावली से पहले एक नया लुक मिल सकेगा। हालांकि इस काम के लिए विभागीय स्तर पर नया बजट जारी नहीं किया गया है। इसे जनसहयोग और सामुदायिक सहभागिता से पूरा किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिले के सभी स्कूलों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। 3 नवंबर तक हर हाल में काम पूरा करना अनिवार्य किया गया है। दीपोत्सव की पूरी अवधि के दौरान सभी परिसरों को आकर्षक लाइटिंग से रोशन किया जाएगा। इस अभियान में शिक्षकों और स्टूडेंट्स के साथ-साथ पेरेंट्स, स्थानीय ग्रामवासियों, स्काउट-गाइड, एनएसएस और एनसीसी के कैडेट्स का सहयोग लिया जाएगा। सभी के सामूहिक श्रमदान के जरिए स्कूल परिसर, खेल मैदान, कक्षा-कक्षों और शौचालयों आदि की सफाई, रिपेयरिंग का कार्य होगा। नकारा सामान की होगी नीलामीअभियान के तहत स्कूलों में लंबे समय से डंप पड़े बेकार और नकारा फर्नीचर और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों को नियमानुसार नष्ट करने या नीलाम करने के निर्देश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दिए हैं, जिससे परिसरों को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाया जा सके। सीडीईओ अशोक शर्मा ने बताया कि दीपावली से पहले स्कूलों को संवारने के लिए कोई अलग से बजट नहीं मिला है, इसलिए मुख्य रूप से जनसहयोग ही जुटाना होगा। हालांकि, यदि जनसहयोग की पूरी व्यवस्था नहीं हो पाती है, तो स्कूल आवश्यकतानुसार अपनी 'कंपोजिट स्कूल ग्रांट' की राशि का उपयोग कर सकते हैं।
वजीरपुर में शिक्षा संघ की बैठक, बोनस, अवकाश वेतन और शिक्षकों की समस्याओं पर उठी मांग
राजस्थान शिक्षा संघ (सियाराम) की वजीरपुर उपशाखा की बैठक में दीपावली से पहले बोनस, छह माह से लंबित समर्पित अवकाश वेतन, बीएलओ के क्षतिपूर्ति अवकाश, शिक्षकों की डीपीसी और विद्यालयों की समस्याओं को लेकर मांगें उठीं।
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रशिक्षण देने के लिए गूगल एजुकेशन सहित 11 आईटी कंपनियों से करार किया है।

