हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने चुनाव आयोग और सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण मुहिम एसआईआर (SIR - मतदाता सूची का पुनरीक्षण) को लेकर BJP कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक ली। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गलत तरीके से वोट बनवाकर सत्ता हथियाने वालों का दौर अब समाप्त हो चुका है। क्या है SIR अभियान? 18 से ऊपर के बनेंगे वोट पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बुधवार से SIR का काम धरातल पर शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत दो मुख्य बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। पहला, जिन युवाओं की उम्र 18 साल या उससे अधिक हो चुकी है और अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका वोट प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। वहीं दूसरा, जो बुजुर्ग 80 साल से ऊपर की उम्र के हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके नाम अभी भी सूची में हैं, उन्हें वोटर लिस्ट से सम्मानपूर्वक हटाया जाएगा। घुसपैठियों और फर्जी वोटरों पर गिरेगी गाज शिक्षा मंत्री ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो घुसपैठिए बांग्लादेशी या अन्य बाहरी जगहों से संबंध रखते हैं और उन्होंने गलत तरीके से फर्जी वोट बनवा लिए हैं, SIR के माध्यम से उन सभी के वोटों का पूर्ण निरीक्षण (वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य पार्टियों के लोग भी इस पारदर्शी प्रक्रिया में जुट गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का सीधा टारगेट यही है कि जो योग्य मतदाता हैं, उनका वोट सुरक्षित रहे और जो अयोग्य या फर्जी मतदाता हैं, उनका नाम तुरंत काटा जाए। देश के कई राज्यों में ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाकर वोट बनवाए थे, इस अभियान के तहत उनके वोट काटे जा रहे हैं। देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे विपक्ष द्वारा इस प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष इस जनहित के कार्य को लेकर बिना वजह का मुद्दा बना रहा है। आज तक चुनाव आयोग के पास ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं आया, जिसका वोट गलत तरीके से काटा गया हो। वास्तव में विरोध केवल वही लोग कर रहे हैं, जो पहले गलत और फर्जी वोटों के जरिए सत्ता प्राप्त करते थे और फिर लूट मचाते थे। शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हम इस देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे। SIR के जरिए सिर्फ इतना सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी असली और योग्य नागरिक का वोट न कटे और किसी विदेशी या घुसपैठिए का वोट सूची में न रहे।
चुनौतियां से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा
भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भील समाज विकास समिति, भील समाज कर्मचारी अधिकारी संघ और भील समाज शैक्षणिक शोध व विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय भील समुदाय नवचयनित कर्मचारी-अधिकारी व प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों की ओर से महापुरुषों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद सभी आगंतुक मेहमानों का साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। संस्थान के जिलाध्यक्ष डॉ. खगेंद्र कुमार भील ने स्वागत भाषण दिया। बाड़मेर. कार्यक्रम में प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए। समारोह को संबोधित करते हुए दानदाता आजाद सिंह राठौड़ ने भील समुदाय की गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा ही है। इस दौरान उन्होंने युवाओं के अध्ययन की सुविधा के लिए अपने निजी सहयोग से निर्मित 1.51 लाख रुपए की लाइब्रेरी समाज को समर्पित की। मुख्य अतिथि अयोध्या प्रसाद गौड़ ने शिक्षा के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन व पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर राजस्थानी में अपनी बात रखी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नखताराम भील ने विचार व्यक्त किए। समारोह में विशिष्ट अतिथि दिलीप कुमार सिंह ने बालिका शिक्षा और महापुरुषों के सपनों को साकार करने पर जोर दिया। प्रो. रमेश कुमार भील ने छात्रों को ऊंचे सपने देखने और उन्हें हासिल करने की राह सुझाई। पुलिस निरीक्षक किरण कुमार सोमाणी ने नवचयनित कार्मिकों से ईमानदारी से कर्तव्य निर्वहन करने व जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। प्रधानाचार्य नरेश कुमार भील ने नौकरीपेशा वर्ग को नैतिक उत्तरदायित्व और इंसानियत बनाए रखने तथा बिजली विभाग के पूनाराम ने परिवार में आपसी प्रेम की बात की। होनहार छात्रों के उच्च अध्ययन के लिए दानदाता वीरमाराम भील मायाणी ने 51 हजार रुपए व एएसआई मूलाराम सोमाणी ने पुस्तकालय में किताबों के लिए 11 हजार रुपए का नकद सहयोग दिया। समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों में नवचयनित 45 कर्मचारी-अधिकारियों, 12वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक लाने वाले 35 छात्र-छात्राओं और 10वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक अर्जित करने वाले 16 होनहारों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन फरसाराम व अमराराम ने किया। अध्यक्ष अर्जुन भवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0: शिक्षा व समाज के निर्माण पर मंथन
जयपुर | शहर में दो दिवसीय गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0 का आयोजन हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 125 प्रोफेसर, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और समाज चिंतकों ने भाग लिया। सम्मेलन का विषय ‘गुर्जर एथनिसिटी, पहचान, इतिहास, संस्कृति और भविष्य : बदलते भारत में सामुदायिक चेतना, सामाजिक न्याय, नेतृत्व और नई संभावनाएं’ रखा गया। वक्ताओं ने शिक्षा, शोध, सामाजिक उत्तरदायित्व और समावेशी विकास जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने शिक्षित वर्ग से अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से समाज को योगदान देने का आह्वान किया। पहले दिन तीन तकनीकी सत्र हुए। चयनित सहायक प्रोफेसरों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह सरधना, प्रो. पी.एस. वर्मा, प्रो. आर.के. गुर्जर, प्रो. एन.के. भड़ाना सहित कई शिक्षाविदों ने विचार व्यक्त किए। संचालन एवं संयोजन डॉ. बचन सिंह, डॉ. जगराम और महेश कुमार गुर्जर ने किया। सत्र में डॉ. प्रोमिला गुर्जर ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. देवराज भूमला के जीवन संघर्ष, वैज्ञानिक योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से की जा रही कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में अभी पदों को लेकर विवाद नहीं सुलझा है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 जून है, जो नजदीक आती जा रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की चिंता है कि पद नहीं बढ़ाए गए तो उनके सपनों का क्या होगा। इस भर्ती में बैकलॉग के पद अधिक होने के कारण सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी और एमबीसी के नए अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल रहा है। अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि नए अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती में मौका मिल सके। अभ्यर्थी अब अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि शिक्षा विभाग को इस भर्ती में पदों की समय रहते बढ़ोतरी करनी चाहिए। यह भर्ती 3951 पदों के लिए हो रही है। इसमें सामान्य शिक्षा के बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 3415 पद शामिल हैं। इन पदों में नॉन टीएसपी के 2736 पद है। इन पदों में अधिकतर पद पिछली भर्ती के एससी बैकलॉग, एसटी बैकलॉग और एक्स सर्विसमैन बैकलॉग के हैं। ऐसे में नए अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थियों ने अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग रखी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बुधवार को अभियान चलाया। उधर, चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक और वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती की ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 जून है। वर्तमान में जो नियम है उसके अनुसार किसी भर्ती में जो भी पद हैं वो 100% बढ़ सकते है। यानि दुगने हो सकते हैं। पद बढ़ने पर विभाग वर्गीकरण में भी करेक्शन कर सकता है, लेकिन यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए पदों की चिंता किए बिना आवेदन करना चाहिए और परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। 100 प्रतिशत अंक लाने पर भी चयन की संभावना नहीं राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि इस भर्ती में अगर पर्याप्त संख्या में एक्स सर्विसमैन आ गए तो ओबीसी, एमबीसी, सामान्य और ईडब्ल्यूएस के नए अभ्यर्थी 100 प्रतिशत अंक भी ले आएंगे तो चयन होने की संभावना नहीं है। क्योंकि नए अभ्यर्थियों के लिए पोस्ट ही नहीं है। शिक्षा विभाग को पदों की बढ़ोतरी कर अभ्यर्थियों को राहत देनी चाहिए।
कोटा में राहुल गांधी का शिक्षा व्यवस्था पर तीखा वार
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज महारैली' में देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दों पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया
डायट के 3,346 पदों का स्थायीकरण, शिक्षा सुधारों को स्थायी आधार दे रही योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधारों को केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रख रही है। उन्हें धरातल पर लागू करने वाले संस्थानों को भी स्थायी मजबूती प्रदान कर रही है। प्रदेश के 70 जनपदों में संचालित जिला ...
सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) ने नीट पेपरलीक के विरोध में बुधवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च डाक बंगला परिसर से शुरू होकर नवलगढ़ पुलिया होते हुए सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। आक्रोश मार्च के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा- जब से NTA का गठन हुआ है, तब से लेकर आज तक वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, बल्कि नेशनल टॉर्चर एजेंसी है। उन्होंने कहा- 10 साल में NTA के 89 पेपरलीक हुए हैं। 46 बार दोबारा एग्जाम हुई। उन्होंने कहा- SFI अब 19 जून को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेगी। वहीं जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक स्टूडेंट्स वहीं बैठे रहेंगे। जाखड़ ने कहा- नीट का पेपर रद्द होने के बाद सीकर में प्रदीप मेघवाल और उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। इन दोनों की मौत का जिम्मेदार देश की सरकार है, लेकिन शिक्षा मंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में बुधवार को प्रवक्ता संवर्ग (विज्ञापन संख्या 02/2022) के इंटरव्यू के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। रसायन विज्ञान विषय की एक महिला अभ्यर्थी ने दावा किया कि वह लिखित परीक्षा पास कर चुकी है लेकिन उसका इंटरव्यू लेटर डाउनलोड नहीं हो रहा। आयोग के अधिकारियों ने कार्यालयी अभिलेखों की जांच की तो खुलासा हुआ कि महिला ने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ करके किसी अन्य सफल अभ्यर्थी का रोल नंबर अंकित किया था। असल में वह लिखित परीक्षा में पास नहीं थी।आयोग ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप पर सख्ती दिखाते हुए उसी स्थान पर गिरफ्तार अभ्यर्थी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई । उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। उपसचिव ने जारी विज्ञप्ति में सभी अभ्यर्थियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज का प्रयोग न करें और किसी भी अवैध माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास न करें। आयोग ने कहा कि परीक्षाओं और साक्षात्कारों में पारदर्शिता, निष्पक्षता व शुचिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि पर 'उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता संवर्ग के इंटरव्यू 15 जून से चल रहे हैं और 27 जून तक दो पालियों में आयोजित किए जा रहे हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील की है और परीक्षा प्रक्रिया में मिली किसी भी अनियमितता की सूचना देने को कहा है।
लखीसराय जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कर्मचारी और शिक्षक के बीच हुई हाथापाई की घटना का बुधवार को सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। सभी शिक्षक संगठनों के संयुक्त प्रयास से दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा पत्र तैयार कराया गया और आपसी सहमति के बाद दोनों ने उस पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के बाद शिक्षा कार्यालय में चल रहा तनाव खत्म हुआ और अधिकारियों व शिक्षकों ने इसे सकारात्मक कदम बताया। 8 जून को विवाद के बाद हुई थी हाथापाई जानकारी के अनुसार, बीते 8 जून को जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कार्यरत कर्मचारी अमित रंजन और कैलाश कुमार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना के बाद शिक्षक समाज और कार्यालय कर्मियों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। लोगों का कहना था कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह की घटना से गलत संदेश जाता है। शिक्षक संगठनों ने पहल कर कराया समझौता मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने पहल की। जिला शिक्षा कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया और सुलहनामा पत्र पर हस्ताक्षर किए। बैठक में यह संदेश दिया गया कि विद्यालय और कार्यालय का शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी मतभेद को बातचीत और समझदारी से सुलझाना ही बेहतर रास्ता है। शिक्षक संगठनों ने कहा- मर्यादित आचरण जरूरी सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। संगठनों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटना दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन हमेशा आपसी सम्मान, अनुशासन और मर्यादित आचरण के पक्षधर रहे हैं। कार्यालय में बेहतर माहौल के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद सुलह प्रक्रिया के दौरान जिला अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ लखीसराय के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार, अराजपत्रित शिक्षक संघ मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय सचिव रामटहल पासवान, प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट लखीसराय के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ लखीसराय के जिला सचिव रामलोचन सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे। इसके अलावा प्रधान लिपिक संदीप पासवान, बीआरपीएसएस के जिलाध्यक्ष निराला कुमार, प्रधान शिक्षक संगठन लखीसराय के सुमन कुमार और प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के उपाध्यक्ष गीता पासवान भी बैठक में शामिल हुए। सभी शिक्षक नेताओं के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में सभी ने शिक्षा कार्यालय की गरिमा बनाए रखने और आपसी सहयोग से काम करने पर सहमति जताई।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बुधवार को पानीपत के सेक्टर 13-17 स्थित भाजपा कार्यालय श्याम कमल में एक जनता दरबार लगाया। इस जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मंत्री ढांडा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जनता दरबार के समापन के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए शिक्षा मंत्री ने पानीपत के लिए एक बड़ी घोषणा की और विभिन्न राजनीतिक व समसामयिक मुद्दों पर खुलकर बात की। पानीपत को जल्द मिलेगा गर्ल्स कॉलेज मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि पानीपत शहरी सीट से भाजपा विधायक प्रमोद विज उनके पास शहर में एक गर्ल्स कॉलेज (महिला महाविद्यालय) बनाने की मांग लेकर पहुंचे थे। विधायक विज ने तर्क दिया था कि शहर की बेटियों के लिए एक अलग और आधुनिक कॉलेज की बेहद सख्त जरूरत है। प्रमोद विज के इन प्रयासों और जनहित की मांग का संज्ञान लेते हुए मंत्री ढांडा ने प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने घोषणा की, कि सरकार ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और जल्द से जल्द पानीपत में गर्ल्स कॉलेज के निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा। NEET परीक्षा को लेकर सरकार सख्त आगामी 21 जून को होने जा रही नीट (NEET) परीक्षा के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से सभी कड़े इंतजाम पूरे कर लिए हैं। हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है और यदि किसी ने भी परीक्षा में गड़बड़ी करने का दुस्साहस किया, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस और दुष्यंत चौटाला पर साधा निशाना कांग्रेस पर तंज: उन्होंने कांग्रेस को धड़ा पार्टी (गुटों की पार्टी) बताते हुए कहा कि यह उनकी संगठनात्मक कमजोरी है कि यहां के नेता अपने हाईकमान तक की बात नहीं सुनते। कांग्रेसियों को आपस में बैठकर आत्ममंथन करना चाहिए कि उनमें इतनी फूट क्यों है। दुष्यंत चौटाला को नसीहत: पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन पर माफी मांगने के बयान पर ढांडा ने कहा कि दुष्यंत को अपनी कार्यशैली पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। जनता ने भाजपा को नहीं, बल्कि जेजेपी के व्यवहार और काम को नकारा है। अगर जनता भाजपा से नाराज होती, तो प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार कभी नहीं बनती।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) चुन्नीलाल दांगी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वे एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मंच से स्कूल की तारीफ करते हुए अभिभावकों से वहां बच्चों का एडमिशन कराने की अपील कर रहे हैं। खिलचीपुर के छापीहेड़ा नाके पर सोमवार रात एक नए निजी विद्यालय का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बीईओ चुन्नीलाल दांगी, पंडित रोहित नागर और अन्य जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच से संबोधित करते हुए बीईओ ने कहा कि विद्यालय का शुभारंभ हो रहा है, इसलिए क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों को यहां लाकर उनका प्रवेश कराएं और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालवीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना कमजोर हो गया है कि स्वयं विभागीय अधिकारी निजी स्कूलों को बेहतर बता रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की होती है। दैनिक भास्कर के सवालों पर BEO का जवाबइस मामले को लेकर 'दैनिक भास्कर' ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चुन्नीलाल दांगी से सीधी बातचीत की। बातचीत के मुख्य अंश इस प्रकार हैं… विभागीय कार्रवाई का इंतजारबीईओ का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका और आचार संहिता को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले को किस तरह लेते हैं और विभाग की ओर से इस पर क्या स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। अयोध्या में बुधवार सुबह सीबीआई टीम ने पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने करीब ढाई घंटे तक दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। सीबीआई अधिकारियों ने मकान से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस को भी आवश्यक सहयोग के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया था। टीम सुबह 5:30 बजे देवकाली पुलिस चौकी पास स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर पहुंची थी। सुबह करीब 8 बजे टीम कार्रवाई पूरी कर वहां से रवाना हो गई। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब जानिए पूरा मामला… हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रही है जांच अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है। जांच की निगरानी डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में की जा रही है। इसके लिए 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी सीबीआई की एक टीम अमेठी में कैंप कर रही है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में संदिग्धों व मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर भी जांच की गई, जहां बैंक खातों और धन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आईं थी वित्तीय गड़बड़ियां मामले की शुरुआती जांच में आरोप सामने आए थे कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं करते हुए सरकारी धनराशि को विभिन्न शिक्षकों के खातों में स्थानांतरित किया था। मामला उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब सीबीआई दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर पूरे वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों में एक साथ की गई छापेमारी का उद्देश्य जांच को आगे बढ़ाना और कथित घोटाले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। सीबीआई वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ में भी खंगाले जा रहे वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज जांच एजेंसी राजधानी लखनऊ के चिनहट में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर पहुंची है। सीबीआई की टीम बैंक खातों, दस्तावेजों और धन के प्रवाह से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की शुरुआती जांच में सामने आया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी करते हुए कई शिक्षकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की थी। मामले के उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
यूपी की बड़ी खबरें:₹7 करोड़ के शिक्षा घोटाले में लखनऊ पहुंची CBI, अयोध्या समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पूरी खबर पढ़िए… चेन्नई से 20 टन माल लेकर नोएडा एयरपोर्ट पहुंची पहली कार्गो फ्लाइट, वाटर कैनन सलामी से स्वागत जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन हुआ। चेन्नई से करीब 20 टन मिश्रित कार्गो लेकर मालवाहक फ्लाइट एयरपोर्ट पहुंची। वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान वापस चेन्नई के लिए रवाना हो गया। अफकॉम होल्डिंग्स द्वारा संचालित बोइंग 737-800F मालवाहक विमान खाद्य पदार्थ, ऑटो कंपोनेंट्स, मोबाइल डिवाइस और अन्य कंसोलिडेटेड शिपमेंट लेकर नोएडा पहुंचा था। इस सफल संचालन ने साबित कर दिया कि एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल पूर्ण रूप से संचालन के लिए तैयार है। पढ़ें पूरी खबर… सोसाइटी की पार्किंग में कार ने मां-बेटी को रौंदा..VIDEO:नोएडा में 10 मीटर तक घसीटा नोएडा में एक कारोबारी ने कार से सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी 5 साल की बेटी को रौंद दिया। टक्कर लगने के बाद कार में फंसकर मां-बेटी करीब 10 मीटर तक घिसटती हुई चली गईं। साथ में चल रहे पति और बड़ी बेटी बाल-बाल बचे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से पति ने बेटी को कार के नीचे से निकाला। महिला कार के नीचे फंसी रही। आरोपी चालक और लोगों ने 4 मिनट के बाद कार उठाकर महिला को निकाला। इसके बाद मां और बेटी को अस्पताल पहुंचाया। पढ़ें पूरी खबर… निधिवन मंदिर का ठेका 13 करोड़ में उठा, बांके बिहारी के स्वर्ण-रजत झूले की होगी मरम्मत, हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में 11 मुद्दों पर चर्चा मथुरा में बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक सोमवार देर शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा और मंदिर संपत्तियों से जुड़े 11 मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सबसे पहले भगवान बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूले, सिंहासन, सीढ़ी सहित अन्य धातु निर्मित धार्मिक सामग्री की मरम्मत कराए जाने पर चर्चा हुई। करीब 200 किलो सोने चांदी से बने झूले के जीर्णोद्वार को लेकर कमेटी ने सहमति जताई। पढ़ें पूरी खबर…. गाजीपुर में पुलिस ने बदमाश के दोनों पैर में गोली मारकर दबोचा, पाक्सो एक्ट के आरोप में चल रहा था फरार गाजीपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह में मुठभेड़ के दौरान पाक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में वांछित के दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। घायल वांछित को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, दो खोखा, बाइक और 750 रुपए नकद बरामद किए है। पूरी खबर पढ़िए मेरठ में सोती रही पुलिस, क्राइम रजिस्टर ले गए SSP: फिल्टर टेस्ट में फेल महिला थाने के 19 कर्मियों का तबादला मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। ट्रैक सूट में पहुंचे एसएसपी को थाने के मुख्य गेट और परिसर में कोई पुलिसकर्मी नहीं मिला, जबकि कार्यालय में एक महिला सिपाही कुर्सी पर सोती मिली। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कार्यालय से क्राइम रजिस्टर भी अपने साथ ले गए, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में जब एसएसपी ने थाना प्रभारी से क्राइम रजिस्टर मांगा तो पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि रजिस्टर एसएसपी ही अपने साथ ले गए थे। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने महिला थाने में तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का तबादला कर कार्रवाई की। पढ़ें पूरी खबर….
अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा कार्यालय में 59 लाख 78 हजार 852 रुपए के गबन और अनियमित भुगतान का एक मामला सामने आया है। व्यवसायिक शिक्षा के लिए अलग-अलग ट्रेड में सामग्री मद के लिए दो करोड़ रुपए का बजट आया था। इसमें 1.40 करोड़ की सामग्री खरीद ली गई, लेकिन शेष 60 लाख रुपए की राशि खर्च नहीं हो पाई। वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म हो रहा था। ऐसे में 29 मार्च को कैशियर के साथ मिलकर एडीपीसी ने 59.78 लाख रुपए फर्जी तरीके से फर्मों के खातों में डालकर उठा लिए। अब समग्र शिक्षा विभाग के ही कनिष्ठ लेखाकार ने पूरे मामले का भंडाफोड़ किया है। उसने राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से मामले की जांच की मांग की है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर की वित्तीय सलाहकार अनुपमा शर्मा ने बताया कि बाड़मेर एडीपीसी कार्यालय में 60 लाख रुपए गबन का मामला मेरे ध्यान में आया है। हमने जांच के लिए कमेटी बना दी है। इसी सप्ताह से जांच शुरू हो जाएगी। गबन के लिए पुलिस एफआईआर करवाने के भी आदेश दिए है। सामग्री मद का बजट, सेक्शन वीटी-वीसी के मानदेय की, भुगतान अन्य फर्मों को किया कार्यालय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा के कैशियर व एडीपीसी ने मिलकर 28 व 29 मार्च को बिल पास कर दिए। किसी भी भुगतान से पहले संबंधित शाखा द्वारा पत्रावली पर अनुमोदन और जांच होनी चाहिए। नियम का पालन नहीं किया गया। भुगतान स्वीकृति आदेशों के साथ कोई भी मूल बिल, वाउचर या समर्थक दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए थे। समग्र शिक्षा में एडीपीसी ने 60 लाख के फर्जी बिलों से भुगतान कर दिए। गबन को छिपाने के लिए रोकड़पाल ने मूल बिल के साथ कूटरचित बिल इनर शीट लगा दी। कागजों में जिन फर्मों के नाम पर भुगतान स्वीकृत किया गया था, असल में पैसा उन फर्मों को नहीं दिया गया। पैसा किसी अन्य फर्मों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। समग्र शिक्षा की ओर से व्यवसायिक शिक्षा के लिए सामग्री का 2 करोड़ का बजट दिया गया था। इस बजट से व्यवसायिक ट्रेड वाली स्कूलों में सामग्री भेजी जानी थी। 1.40 करोड़ रुपए की सामग्री टेंडर करके भेज दी गई। शेष 60 लाख रुपए वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में लैप्स हो रहे थे। तब एडीपीसी व कैशियर ने मिलकर सेक्शन वीटी-वीसी के मानदेय का भुगतान दिखाया।
पशु चिकित्सा शिक्षा में गडवासू ने राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां और राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान
भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी ने नवीनतम इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क रैंकिंग-2026 में लगातार दूसरे वर्ष भारत के राज्य पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में दूसरा स्थान प्राप्त कर किया है। हालांकि विश्वविद्यालय को पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन क्षेत्र की सभी संस्थाओं में राष्ट्रीय स्तर पर भी पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है, जिससे पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान तथा प्रसार के क्षेत्र में भारत के अग्रणी संस्थानों में इसकी स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। यह रैंकिंग नौ पैरामीटर पर तय हुई है। वहीं पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भी कृषि क्षेत्र के संस्थान में दूसरे स्थान पर पिछले साल की तरह बनी हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की पशु चिकित्सा शिक्षा, पशु स्वास्थ्य, पशुपालन उत्पादन, डेयरी, मत्स्य पालन तथा संबद्ध विज्ञानों में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रसार तथा किसान-केंद्रित विस्तार कार्यक्रमों के माध्यम से पशुधन क्षेत्र को सशक्त बनाने में निरंतर योगदान दिया है। डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, उप कुलपति ने शिक्षकों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों तथा सभी हित-धारकों को इस सफलता में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रयासों और पशुधन क्षेत्र के विकास के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समुदाय के सभी सदस्यों के समर्पण और कठोर परिश्रम ने इसकी शैक्षणिक, अनुसंधान तथा विस्तार गतिविधियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार आधारित अनुसंधान, शैक्षणिक एवं प्रयोगशाला अवसंरचना के आधुनिकीकरण तथा उद्योगोन्मुखी शैक्षणिक कार्यक्रमों के विकास के माध्यम से पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है। उन्होंने नवाचार को प्रोत्साहित करने, कुशल पेशेवरों को तैयार करने तथा सतत पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और ग्रामीण समृद्धि में योगदान देने वाली तकनीकों के विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इन पैरामीटर पर रैंकिंग हुई तय {एकेडमिक रेप्युटेशन: पढ़ाने का तरीका {ग्रेजुएट आउटकम और रोज़गार की क्षमता: निवेश पर रिटर्न {रिसर्च आउटकम: वॉल्यूम, आय और रेप्युटेशन {डिमांड रेश्यो और स्टूडेंट प्रोफाइल {एम्प्लॉयर रेप्युटेशन और इंटरनेशनल आउटलुक {वेलबीइंग और इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट {पीयर परसेप्शन और एलुमनाई फ़ीडबैक {पब्लिक परसेप्शन और डेटा वेरिफिकेशन {इम्पैक्ट और वैल्यू एडिशन रैंकिंग में देशभर के नामी इंस्टीट्यूट लेते भाग: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क एक संस्था है जो हायर एजुकेशन संस्थानों की सालाना रैंकिंग जारी करती है। इसका मकसद दुनिया भर के एकेडमिक संस्थानों का मूल्यांकन करना है। यह खास तौर पर भारत के एकेडमिक संस्थानों की रैंकिंग पर ध्यान देती है। आईआईआरएफ इंडिया रैंकिंग देश भर के 2,500 से ज़्यादा संस्थानों का व्यापक मूल्यांकन और रैंकिंग करती है। इस बड़े मूल्यांकन में कई तरह के एजुकेशनल संस्थान शामिल हैं, जो हर साल रैकिंग में भाग लेते है। यह भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत कंपनीज़ एक्ट, 2013 के तहत रजिस्टर्ड है। 1. नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल 2. इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली 3. सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन, मुंबई 4. तमिलनाडु वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, चेन्नई 5. गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है।
शुरुआती बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को मजबूत बनाने की दिशा में रायपुर जिले में एक नई पहल की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘गढ़बो बचपन’ के संयुक्त सहयोग से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहली बार जिला स्तरीय ‘सुविधादाता एवं पालक बैठक’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पालकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पालकों को ‘आकलन कार्ड’ प्रदान किए गए। इन कार्डों के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों के सीखने, विकास और तैयारियों का व्यवस्थित आकलन कर सकेंगे। इससे बच्चों की शैक्षणिक और व्यवहारिक प्रगति पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को मिला विद्यारंभ प्रमाण पत्र आगामी स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पहली बार ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पार्षदों, स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा इस नवाचार की सराहना की। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बना समन्वय का मंच आयोजन के माध्यम से पालकों, स्कूल प्रबंधन, समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजन की सफलता के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, ‘गढ़बो बचपन’ तथा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना की गई।
वन बंधु परिषद महिला समिति की वार्षिक बैठक मंगलवार को मैग्नेटो मॉल स्थित संतोष हॉल में आयोजित हुई। बैठक में संस्था की तरफ से साल भर किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की गई। मीडिया प्रभारी कविता राठी ने बताया कि इस दौरान संस्था की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष और महिला समिति प्रभारी अनिता खंडेलवाल ने संस्था के कई कार्यों और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में भविष्य की गतिविधियों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही संस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों का सम्मान भी किया गया। बच्चों को मिलता है एजुकेशन अध्यक्ष कांता सिंघानिया और सचिव सरिता रेखानी ने बताया कि, वन बंधु परिषद देशभर में एकल विद्यालय संचालित करती है। इन विद्यालयों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को एजुकेशन दी जाती है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, संस्कार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। इस बैठक में शशि सुरेंद्र दुबे, फूल नत्थानी, मनीषा सिंघानिया, अंजलि अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, मीणा अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रंजना मित्तल, राजश्री गुप्ता, सविता सोनी, छाया राठौर, नंदिनी वर्मा, शैल यदु, सावित्री कश्यप, सुशीला अवधिया, मधु मित्तल, किरण अग्रवाल, उमा चंडीरमानी, पुष्पा साहू, संध्या गुप्ता, ऋतु खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
गोंडा में कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय अब 24 जून तक बंद रहेंगे। पहले इन विद्यालयों को आज से खोलने का निर्णय लिया गया था लेकिन अब ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ा दिया गया है। इस दौरान शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित सभी विद्यालय 24 जून तक अवकाश पर रहेंगे और 25 जून को खुलेंगे। यह बदलाव गोंडा जिले में शिक्षक संघर्ष समिति द्वारा लगातार ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग के बाद किया गया है। समिति के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में बच्चों को लेकर अध्यापकों को लेकर की गई छुट्टियों को लेकर के लगातार शिक्षक संगठन के लोग सवाल उठाकर के सरकार को और शिक्षा मंत्री को लगातार पत्र भी लिख रहे थे। गोंडा शिक्षक संघर्ष समिति के शिक्षक अमर यादव ने इस निर्णय को शिक्षकों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। 25 जून से बच्चे विद्यालयों में आएंगे और पढ़ाई पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में 24 जून तक अवकाश घोषित के आदेश का पालन करना सुनिश्चित करें साथ ही साथ विद्यालय में अध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के अध्यापकों और कर्मचारियों को कठोर कार्रवाई को लेकर के चेतावनी भी दी गई है खंड शिक्षा अधिकारी इसकी लगातार जांच करेंगे।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री और बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को बैकुंठपुर प्रखंड कार्यालय सभागार, गोपालगंज में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई परियोजनाओं, आपदा प्रबंधन और विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री ने मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया। संवेदनशील स्थलों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देशउन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था, राहत सामग्री की उपलब्धता और संवेदनशील स्थलों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री तिवारी ने किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए नहरों, जलाशयों और संबंधित संरचनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कृषि प्रधान क्षेत्र है, इसलिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके। नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने का निर्देश दियाबैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और आवास सहित अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी कहा गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दोहराया कि राज्य सरकार बैकुंठपुर विधानसभा के सर्वांगीण विकास, बेहतर आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हों और जनता को उनका सीधा लाभ मिल सके।
राजस्थान में विज्ञान एवं गणित शिक्षा को अधिक प्रभावी, नवाचारी और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को होटल रॉयल ऑर्किड में राजस्थान में STEM शिक्षा को नए सिरे से समझना: नीतिगत विज़न से लेकर क्लासरूम में अमल तक विषय पर राज्य स्तरीय STEM शिक्षा विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा, आर.एस.सी.ई.आर.टी सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस (सीएमएफ), यूनिसेफ, टाटा ट्रस्ट्स, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट्स) तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समारोह के उद्घाटन सत्र में सी.एम.एफ संस्था की कार्यकारी निदेशक मल्लिका श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद संस्था के जनरल मैनेजर विजय सिंह ने कहा कि इस विमर्श का उद्देश्य राजस्थान में STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) शिक्षा की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 तथा राजस्थान राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (RSCF-SE) 2023 के अनुरूप एक साझा दीर्घकालिक दृष्टिकोण विकसित करना था। इस अवसर पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आरएएस और उप आयुक्त क्वालिटी एवं ट्रेनिंग सेल समग्र शिक्षा राजस्थान सुनीता यादव ने कहा कि STEM शिक्षा केवल विज्ञान और गणित विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, नवाचार और 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है, तो STEM शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा के केंद्र में लाना होगा। उन्होंने बताया कि PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में विज्ञान एवं गणित विषयों में राजस्थान का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है, जो राज्य के शिक्षकों, विद्यालयों तथा शैक्षणिक सहयोग तंत्र के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर के अनुरूप शिक्षण अवसर उपलब्ध कराने, शिक्षक क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने तथा विद्यालय आधारित शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से STEM शिक्षा में बालिकाओं की बढ़ती भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य के अधिकांश रोजगार STEM आधारित कौशलों पर केंद्रित होंगे, इसलिए बालिकाओं को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। विमर्श के दौरान विशेषज्ञों ने विज्ञान एवं गणित शिक्षण में अवधारणात्मक समझ, जिज्ञासा आधारित अधिगम, गणितीय तर्कशक्ति, वैज्ञानिक अन्वेषण तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर प्रशिक्षण आवश्यकता आकलन (Training Needs Assessment - TNA) से प्राप्त प्रमुख निष्कर्ष भी साझा किए गए, जिनके आधार पर आगामी वर्षों में विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के लिए अधिक लक्षित एवं सतत क्षमता निर्माण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आगामी 3 से 5 वर्षों में राजस्थान को शिक्षक क्षमता निर्माण, विद्यालय आधारित शैक्षणिक सहयोग (On-site Support), दक्षता आधारित मूल्यांकन, स्थानीय संदर्भों पर आधारित शिक्षण सामग्री तथा शोध-आधारित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही शिक्षकों को नियमित मेंटरिंग, कक्षा अवलोकन, सह-शिक्षण और सतत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, ताकि नीति की अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से कक्षा-कक्षीय व्यवहार में रूपांतरित किया जा सके। STEM क्या है? STEM का अर्थ है Science (विज्ञान), Technology (प्रौद्योगिकी), Engineering (अभियांत्रिकी) और Mathematics (गणित)। यह एक एकीकृत शिक्षण दृष्टिकोण है, जिसमें इन चारों विषयों को आपस में जोड़कर विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, रचनात्मकता, नवाचार और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करने पर बल देता है। STEM शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए सक्षम बनाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप STEM शिक्षा जिज्ञासा आधारित अधिगम, प्रयोगात्मक शिक्षण और 21वीं सदी के कौशलों को बढ़ावा देती है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी, वैज्ञानिक और आर्थिक चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती 2024 के चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के बाहर प्रदर्शन किया। सैकड़ों अभ्यर्थी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी ने आयुक्त के नाम ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि चॉइस फिलिंग पूरी हुए 6 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हुई। अभ्यर्थियों ने कहा कि हमें शिक्षा मंत्री ने कई बार आश्वासन दिया है। हम DPI के बाहर 9-10 बार आ चुके हैं। केवल इसलिए कि नियुक्ति मिल जाए। शिक्षा मंत्री ने हमसे खुद कहा था जब नया सेशन शुरू होगा। आपकी जॉइनिंग करा देंगे। आज शिक्षा मंत्री कहकर मुकर गए। लोग बार-बार पूछ रहे जॉइनिंग कब होगी शहडोल से आए सलमान ने कहा, रिजल्ट आने के बाद चॉइस फिलिंग भी हो गई, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई। हमारे ऊपर सामाजिक दबाव बन रहा है। लोग बार-बार पूछते हैं कि जॉइनिंग कब होगी। कई लोग तो यह तक कहने लगे हैं कि हम उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। इससे हम सभी मानसिक रूप से परेशान हैं। हर सप्ताह केवल आश्वासन मिल रहा टीकमगढ़ से आए रमाकांत ने कहा- भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए चार साल हो गए। 2022 से परीक्षा, रिजल्ट और चयन तक हर चरण में हमें आंदोलन करना पड़ा। हर सप्ताह सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही। हममें से कई लोग यह तय करके आए हैं कि जब तक जॉइनिंग नहीं होगी, तब तक यहां से वापस नहीं जाएंगे। स्कूलों में नया सत्र शुरू हुआ तो जॉइनिंग क्यों नहीं चयनित शिक्षक सिमरन ने कहा कि एग्जाम दिए 4 साल हो चुके हैं। रैंक भी आ गई, लेकिन अब तक जॉइनिंग नहीं हुई। हर बार अपनी मांग मनवाने के लिए हमें भोपाल आकर धरना देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज से सरकारी और निजी स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है, जबकि हम यहां बैठे हैं। रिजल्ट आए एक साल हो चुका है, समय लगातार निकलता जा रहा है, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… NEET-UG परीक्षा पर सीएम ने तैयारियों की समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में रसोइया संघ ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) बनाने से इनकार कर दिया है। संघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा और जिला शिक्षा अधिकारी से भी मुलाकात की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 15 जून से हो चुकी है और उन्हें मध्याह्न भोजन बनाने के आदेश भी मिल गए हैं। हालांकि, पिछले तीन सालों से 15 जून से 30 जून तक उनसे काम तो लिया जाता है, लेकिन इस 15 दिनों की अवधि का मानदेय नहीं दिया जाता। बिना मानदेय काम करने से किया इनकार इस बार रसोइयों ने बिना मानदेय के काम करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे इस अवधि में भोजन नहीं बनाएंगे। कलेक्टर से हुई मुलाकात और मिला आश्वासन रसोइया संघ के अध्यक्ष ने बताया कि कलेक्ट्रेट में मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने उनसे मध्याह्न भोजन व्यवस्था सुचारु रखने और भोजन बनाने को कहा। कलेक्टर ने रसोइयों को आश्वासन दिया है कि उनकी मानदेय संबंधी समस्या पर जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि कोई समाधान निकाला जा सके।
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
मऊगंज जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हैं। कलेक्टर संजय जैन ने जिले के सभी युवाओं से कौशल आधारित तकनीकी शिक्षा अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगारपरक कौशल भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने सोमवार शाम 4 बजे की पत्रकार वार्ता,बताया कि शासकीय आईटीआई मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश एवं ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया जारी है। आठवीं और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटीआई प्रशिक्षण युवाओं को उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्रदान करता है। इन संस्थानों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और इलेक्ट्रिकल व्हीकल सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान, औद्योगिक प्रशिक्षण तथा रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है। यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है। ग्रामीण युवा अवसर का लाभ उठाएं कलेक्टर संजय जैन ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने युवाओं से समय पर पंजीयन कर अपने भविष्य को नई दिशा देने और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक कुशल और प्रशिक्षित युवा ही विकसित प्रदेश और समृद्ध भारत की आधारशिला है। जिले के सभी युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और कौशल विकास से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। इससे मऊगंज को कौशल सम्पन्न एवं समृद्ध जिला बनाने में भी मदद मिलेगी।
नीट पेपर लीक व महंगाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे बाड़मेर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से उलझ गए। कलेक्ट्रेट के आगे लगे बेरिकेड्स पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, प्रदेश सदस्य ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं को रोकने पर पुलिस ने रोका और धक्का-मुक्की हो गई। कांग्रेसियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी भी मौजूद रहे। ऊंट गाड़ी लेकर निकले बाड़मेर में नीट पेपर लीक, महंगाई, पानी, बिजली समेत स्थानीय मुद्दों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सोमवार को जन आक्रोश रैली निकाली। आदर्श स्टेडियम में एक जनसभा का आयोजन किया गया था। वहां सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी पहुंचे। यहां से ऊंट गाड़ी लेकर नेहरू नगर ओवरब्रिज से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट के आगे बेरिकेड्स लगाकर प्रदर्शन करने वालों को रोकने का प्रयास किया। बेरिकेड्स पर चढ़े तो पुलिस ने टांग खींची इस दौरान कांग्रेसी बेरिकेड्स पर चढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। बेरिकेड्स पर उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी, ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान ठाकराराम माली को पुलिस ने नीचे उतारने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी उनकी टांग खींचते नजर आए। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने बताया- महंगाई, नीट पेपर लीक, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। युवाओं के साथ कुठाराघात किया है। यूथ कांग्रेस के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए आए। यह सरकार फेल हो गई। पूरे देश में इसको लेकर जबरदस्त आक्रोश है। हमारी एक ही मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। बोले- महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन चल रहा है। देश के युवाओं के साथ सुनिश्चियोजित तरीके से पेपर लीक किया गया। सरकार के अंदर बैठे लोगों की ओर से पेपर लीक किया गया। इसको पूरे देश की जनता में रोष है। शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। बार-बार क्रूड तेल के भाव बढ़ने का हवाला देकर तेलों की कीमतें बढ़ाई जा रही है। क्रूड के भाव साल 2014 में 100 डॉलर से बाहर थी लेकिन समय भी पेट्रोल 60-70 रुपए और पेट्रोल 50-60 रुपए है। तेल के भाव बढ़ने से हर इंसान को महंगाई की मार पड़ रही है।
जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को 2 युवकों ने थप्पड़ मारे हैं। इसके बाद पार्टी के समर्थकों ने उन दोनों युवकों को पकड़कर पीट दिया। अभिजीत सोमवार को नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए। शहीद स्मारक पर अभिजीत की अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आपस में भिड़े समर्थक, कई के फोन चोरी प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों के बीच नारेबाजी को लेकर विवाद हो गया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया। धरना स्थल पर कई प्रदर्शनकारियों के मोबाइल भी चोरी हो गए। इसके बाद मंच से लोगों को मोबाइल और सामान की सुरक्षा करने की अपील की गई। प्रदर्शन में शामिल युवा 'मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है' और 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे लिखे पोस्टर और तिरंगा लेकर पहुंचे। कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच की तस्वीर बनाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' का नारा लिखा। प्रदर्शन से जुड़ी 7 तस्वीरें… ये एक संगठन नहीं, छात्रों-अभिभावकों की लड़ाई हैCJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया- यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्थाएं, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का विरोध है। पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
चंडीगढ़ में करीब 15 दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी के बिना काम कर रहे चंडीगढ़ शिक्षा विभाग को आखिरकार नया डीईओ मिल गया है। शिक्षा विभाग ने बीना रानी को जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही विभाग में लंबे समय से लंबित पड़े कई प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद से डीईओ का पद खाली पड़ा था। विभाग के लिए यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि स्कूलों से जुड़े कई प्रशासनिक और वित्तीय फैसले डीईओ स्तर पर ही लिए जाते हैं। पद खाली रहने से प्रभावित हुए कई काम डीईओ का पद खाली रहने का सीधा असर शिक्षा विभाग के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इसके अलावा विभाग में कई महत्वपूर्ण फाइलें भी लंबित पड़ी रहीं। विशेष रूप से चौथी श्रेणी कर्मचारियों के अनुबंध नवीनीकरण से जुड़ी फाइलों को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके कारण उनके वेतन संबंधी मामले भी प्रभावित हुए। नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा सूत्रों के अनुसार डीईओ का पद खाली रहने के पीछे नियुक्ति को लेकर चल रही आंतरिक प्रक्रिया भी एक कारण रही। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आए एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल द्वारा स्वयं को डीईओ नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव चर्चा में था। इसी दौरान नए डीईओ की नियुक्ति को लेकर फैसला लंबित रहा और विभागीय कार्य प्रभावित होते रहे। हालांकि अब बीना रानी की नियुक्ति के साथ इस अनिश्चितता पर विराम लग गया है। नए डीईओ के कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले 11वीं कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों से संबंधित लंबित प्रशासनिक मामलों, कर्मचारियों के अनुबंध और वेतन संबंधी फाइलों का भी निपटारा किया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र के बीच डीईओ की नियुक्ति को विभाग के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक (फाउंडर) अभिजीत दीपके देर रात जयपुर पहुंच गए। पार्टी सोमवार दोपहर 3 बजे गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। प्रदर्शन को लेकर जयपुर पुलिस ने सशर्त अनुमति दी है। प्रशासन की ओर से जारी शर्तों के अनुसार, कार्यक्रम में 800 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदर्शन में तिरंगा, किताब और फूल लेकर आने की अपील पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में आने वाले लोग अपने साथ तिरंगा, किताब और फूल लेकर आएं। रांका ने कहा- यह केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। सभी लोग एकजुट होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासन की ओर से तय सभी नियमों व शर्तों का पालन किया जाएगा। वहीं, इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
शिक्षा का महाकुंभ, अरोड़ा खत्री समाज के 500 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति जोधपुर के तत्वावधान में अरोड़ा खत्री समाज समिति भीलवाड़ा और वरुण शिक्षण संस्थान के सहयोग से टाउन हॉल में “शिक्षा का महाकुंभ-2026” आयोजित किया गया। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 के करीब 500 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए समाजजन, अभिभावक और विद्यार्थी इस अवसर के साक्षी बने। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और ध्वजारोहण से हुई। बालिकाओं द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। बैंड वादन और रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह को उत्साहपूर्ण बना दिया। आयोजन की विशेषता यह रही कि शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के 20 वर्ष पूर्ण होने के साथ छात्रवृत्ति के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले 15 विद्यार्थियों का विशेष सम्मान भी किया। मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल रहे, जबकि अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. बी.पी. सारस्वत ने की। विशिष्ट अतिथियों में अशोक कुमार कोठारी, अनुपम अरोड़ा तथा संतोष आनंद शामिल रहे। अतिथियों का पारंपरिक साफा, शॉल, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि दामोदर अग्रवाल ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
युवाओं को सिख विरासत और गुरु शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया
शहीदों के सरताज, पांचवें पातशाह साहिब श्री गुरु अर्जुन देव महाराज जी के शहीदी पर्व को समर्पित ऐतिहासिक नगर मुल्लांपुर के गुरुद्वारा शहीद गंज मुश्कियाना साहिब की ओर से विशाल नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत पंच प्यारों की अगुवाई तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में की गई। नगर कीर्तन के दौरान संगतों ने गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु अर्जन देव जी की महान शहादत को याद किया। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न गतका अखाड़ों द्वारा सिख युद्ध कला के शानदार प्रदर्शन किए गए। इस अवसर पर युवाओं को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और सिख विरासत से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। गांव की परिक्रमा करने के बाद नगर कीर्तन पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचा, जहां अरदास के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। हजूरी रागी भाई जसप्रीत सिंह ने रसपूर्ण कीर्तन प्रस्तुत किया। वहीं दाढ़ी बलदेव सिंह रकबा के जत्थे ने गुरु साहिब के जीवन इतिहास का वर्णन करते हुए संगतों को निहाल किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान जरनैल सिंह (पंचायत सदस्य), पूर्व प्रधान सुरिंदरपाल सिंह मिठ्ठू, मनजीत सिंह, बाबा बख्शीस सिंह (प्रधान माता गुजर कौर गुरुद्वारा मुल्लांपुर), दविंदर सिंह, परमजीत सिंह सरां, सुरिंदर सिंह, भाग सिंह, प्रीतपाल सिंह हठूर वाले आदि उपस्थित थे।
शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और खेल जगत की 50 प्रतिभाओं को मिला ‘कायम रत्न सम्मान’
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान न केवल उनके योगदान का गौरवगान है, बल्कि यह नई पीढ़ी को सेवा, समर्पण और उत्कृष्टता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्य अतिथि रहे। साथ ही पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सांसद इमरान मसूद, राहुल कस्वां, पूर्व मंत्री अशोक चांदना, रामलाल जाट, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान, पूर्व राजस्थान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलावत खान खान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जयपुर | कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में रविवार को नवाब दादा कायम खां शहादत दिवस पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में उनके साहस, राष्ट्रसेवा और बलिदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली के नेतृत्व में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 50 प्रतिभाओं को ‘कायम र| सम्मान’ से नवाजा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता और प्रतिभा सम्मान को प्रोत्साहित करना रहा। साथ ही, युवाओं को समाज की गौरवशाली विरासत और महान प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से जोड़ना भी इसका प्रमुख लक्ष्य था। रोलसाहबसर, 6 विधायकों और एक सांसद को मरणोपरांत सम्मान ; समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, राष्ट्रनिर्माण, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विशेष सम्मान के तहत श्री क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक स्वर्गीय भगवान सिंह रोलसाहबसर को मरणोपरांत ‘कायम र| सम्मान’ दिया गया। इसके अतिरिक्त 6 विधायकों और एक सांसद को भी मरणोपरांत सम्मान से नवाजा गया। खेल जगत की 12 उत्कृष्ट प्रतिभाओं को भी इस मंच से सम्मानित किया गया।
बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रानी एक पंचायत स्थित नारेपुर धर्मपुर गांव में रविवार शाम को सेवानिवृत्त शिक्षक रंजन कुमार राय के निधन के बाद द्वादश कर्म के दिन श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इलाके के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभा में शिक्षक-शिक्षिका, प्रधानाध्यापक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और अन्य सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत रंजन कुमार राय के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। रंजन कुमार राय पिछले दो वर्षों से पैरालिसिस की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन 3 जून, बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था। शिक्षक रंजन कुमार राय ने 16 अप्रैल 2007 को मध्य विद्यालय भीखमचक में नियोजित शिक्षक के रूप में अपनी पहली सेवा शुरू की थी। उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक वहां अध्यापन कार्य किया। इसके बाद उन्होंने मध्य विद्यालय नारेपुर धर्मपुर में योगदान दिया, जहां से वे सेवानिवृत्त हुए थे। श्रद्धांजलि सभा में मध्य विद्यालय नारेपुर धर्मपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप कुमार, शिक्षक संघ के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष साकेत कुमार सिंह, पूर्व संकुल समन्वयक डॉ. मनोरंजन कुमार राय, शिक्षक हिमांशु कुमार राय, प्रवीण कुमार, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं अनुमंडल प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव देवनीति राय, सेवानिवृत्त शिक्षक महेश्वर भक्त और उमेश चंद्र झा सहित कई लोग उपस्थित थे। अनुमंडल प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव देवनीति राय, पूर्व संकुल समन्वयक डॉ. मनोरंजन कुमार राय और सेवानिवृत्त शिक्षक महेश्वर भक्त ने दिवंगत रंजन कुमार राय की सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि रंजन कुमार राय ने ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने ने बताया कि रंजन कुमार राय ने शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बीआरपी की भूमिका निभाते हुए कई प्रशिक्षणों का आयोजन किया और अपने कार्य के प्रति सजग रहे, जिससे शिक्षा विभाग में उनका कार्य सराहनीय रहा। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अतिथियों ने दिवंगत रंजन कुमार राय के पुत्र दीपक कुमार, अंकित कुमार और अभिनव कुमार को सांत्वना दी और ढाढस बढ़ाया।
महलका में बहुजन युवा एकता सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब:शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता पर दिया जोर
फलावदा क्षेत्र के ग्राम महलका स्थित अनिल फार्म में रविवार को आयोजित बहुजन युवा एकता सम्मेलन में युवाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से हजारों की संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, जागरूकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख हिमांशु सिद्धार्थ रहे। उनके नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बना। बड़ी संख्या में युवा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के गीतों पर नाचते-गाते कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि सम्मेलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक था। इसका उद्देश्य किसी दल विशेष का प्रचार नहीं, बल्कि बहुजन समाज के युवाओं को शिक्षा, संगठन, सामाजिक चेतना और आपसी एकता के सूत्र में जोड़ना है। वक्ताओं ने युवाओं से समाज के विकास और जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन का विशेष आकर्षण रागिनी कार्यक्रम रहा। हस्तिनापुर के रागिनी कलाकार रवि शिवानी और उनकी टीम ने बहुजन महापुरुषों के विचारों तथा सामाजिक जागरूकता पर आधारित प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विनीत सिद्धार्थ, मुकेश कुमार जाटव, आदेश, आदित्य भास्कर, केपी जाटव, राय बहादुर, राहुल और मोहित सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजकों ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी सामाजिक एकता और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
राष्ट्रीय जाट महासभा खैरथल के तत्वावधान में रविवार को मातोर रोड स्थित गार्डन में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में शिक्षा, खेल, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली लगभग 150 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सरोहा थे, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष के.एल. ओला ने की। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। हरियाणा, दिल्ली और यूपी से आए लोगों का किया स्वागत इस अवसर पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से आए समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शिक्षा, संगठन और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और समाज को नई दिशा प्रदान करता है। जागरूकता को बताया संगठन का आधार मुख्य अतिथि सचिन सरोहा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठन की मजबूती ही समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किए जाने की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय जाट महासभा के खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष मामचंद चौधरी और जिला सचिव विनोद चौधरी के प्रयासों की भी प्रशंसा की। प्रतिभाओं को किया प्रोत्साहित समारोह में सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं को उपस्थित लोगों ने तालियों से प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष मामचंद चौधरी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी समाज हित में ऐसे आयोजनों को निरंतर करने का संकल्प दोहराया। ये रहे मौजूद इस अवसर पर अलवर जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, अमित धर्मपाल चौधरी, सत्यवीर चौधरी जागीवाड़ा, नरेश जाट, ज्ञानीराम चौधरी, मुकेश चौधरी, सरजीत चौधरी, योगेश चौधरी, महिपाल सारण सहित अनेक गणमान्य नागरिक, युवा और महिलाएं उपस्थित थे।
ROB पर नहीं बनाया गया फुटपाथ:नामकरण पर शिक्षाविद ने उठाए सवाल, जनप्रतिनिधि-अधिकारी मौन
बालाघाट के गर्रा में नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज के लोकार्पण के बाद अब उसकी गुणवत्ता और अधूरे निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने शनिवार को पुल का लोकार्पण किया था, लेकिन अभी भी पुल पर लाइट लगाने और पानी निकासी का काम अधूरा है। पुल के डाउन साइड में 200 मीटर तक फुटपाथ न होने को बस एसोसिएशन एक बड़ी खामी बता रहा है। बस एसोसिएशन के सचिव श्याम कौशल ने स्वीकार किया कि डाउन पोजिशन में फुटपाथ न होना एक बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों के गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, पुल के नामकरण को लेकर भी विवाद छिड़ गया है। शहर के जागरूक युवा तरुण नगपुरे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर 'राजाभोज' नाम रखने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे जनता के पैसे से बना पुल बताते हुए किसी जाति विशेष को बढ़ावा देने वाला नाम बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष में बहस तेज हो गई है। इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैलाश साहू और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी पुल के निर्माण की गुणवत्ता और नामकरण पर सवाल उठाए हैं। भाजपा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षाविद लता एलकर ने नामकरण पर कहा कि आम जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले में अभी भी सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है। हालांकि पुल के नामरण को लेकर नगरपालिका में प्रस्ताव लाया गया था या नहीं, यह भी अभी साफ नहीं है, जबकि नामकरण को लेकर पूरी एक प्रक्रिया होती है। आरओबी के नामकरण को लेकर नपा में प्रस्ताव लाए जाने के दावो जानने हमने, नपाध्यक्ष, सीएमओ और सभापतियों से चर्चा करने का प्रयास किया। एकमात्र केवल सभापति के पति ने फोन उठाया और उसने बताया कि वह पता करके बताते है लेकिन फिर कोई जवाब नहीं आया। वहीं दूसरी ओर सेतु निर्माण करने वाले सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सनोडिया, इसे कम समय में बेहतर आवागमन सुविधा की दृष्टि से निर्माण को सही ठहरा रहे है, उनका आरोप है कि वनविभाग की एनओसी के कारण, पुल पर 200 मीटर का फुटपाथ नहीं बनाया जा सका।
हांसी स्थित गांव चानौत में भाखड़ा पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच शनिवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने धरना कमेटी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में लंबी चर्चा के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई और ग्रामीण अपनी मूल मांग 'टी कनेक्शन' पर अड़े रहे। बैठक के दौरान मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया कि हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन अमृत-2 योजना के तहत है, जिसमें 'टी कनेक्शन' का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों ने दावा किया कि इसी योजना के तहत पहले ही 12 गांवों और कई ढाणियों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव सरकार की ओर से गांव के लिए एक अलग 8 इंच की पाइपलाइन, मोटर, बिजली कनेक्शन और जनरेटर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन, धरना कमेटी ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। कमेटी सदस्य अनूप चानौत ने बताया कि 21 सदस्यीय और 11 सदस्यीय कमेटियों ने यह निर्णय लिया है कि 'टी कनेक्शन' के अलावा कोई अन्य प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं होगा। ग्रामीणों की मांग है कि यह पाइपलाइन वहीं से बिछाई जाए जहां से हांसी की लाइन बिछनी है। धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान ने 'टी कनेक्शन' के लाभ समझाते हुए कहा कि इससे बिना मोटर और बिजली के दबाव से पानी गांव तक पहुंचेगा। साथ ही, जलघर भरने के बाद कनेक्शन बंद करके पूरा पानी हांसी शहर को दिया जा सकेगा, जिससे दोनों पक्षों की जरूरतें पूरी होगी। सरकार 7.5 करोड़ खर्च करने को तैयार : डीसी इस बीच, उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से जानकारी देते हुए बताया कि सरकार गांव के जलघर के जीर्णोद्धार पर लगभग 7.5 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार है। इससे गांव के जलघर में हर समय 2 करोड़ लीटर से अधिक पानी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अलग से पाइपलाइन के लिए सहमत होते हैं तो अलग पाइपलाइन बिछाने का कार्य कल से ही शुरू किया जा सकता है। वहीं, धरना कमेटी ने घोषणा की है कि बुधवार को महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण ट्रैक्टरों के साथ हांसी पहुंचकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
3 दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों से नई शिक्षा प्रणाली पर चर्चा
दमोह | महर्षि विद्या मंदिर में ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा चेयरमैन महर्षि विद्या मंदिर स्कूल ग्रुप, वीआर खरे, डायरेक्टर सीपीआर एवं जेपी शर्मा डायरेक्टर एकेडमिक एवं ट्रेनिंग के मार्गदर्शन एवं सीबीएसई के तीन दिवसीय इन-हाउस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शिक्षकों से नई शिक्षा प्रणाली के विषय में चर्चा की गई। नर्सरी से कक्षा-12 तक के सभी विषयों में नई शिक्षा पद्धति के तहत पढ़ाने के तरीके में क्या परिवर्तन हुआ है इसकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस, वेल्यू एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन,आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस एवं इंडियन नॉलेज सिस्टम विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में स्कूल के 40 शिक्षकों ने भाग लिया। मेडिटेशन एवं सिद्धि सूत्रों का अभ्यास किया गया। प्रशिक्षण के कोर्स डायरेक्टर प्राचार्य राजेश दीक्षित रहे। रिसोर्स पर्सन मनोज अग्रवाल एवं रत्नेश जैन रहे। अंत में शिक्षकों को सर्टिफिकेट वितरित किए गए। समापन पर संस्कृत शिक्षिका किरन श्रीवास्तव ने आभार माना।
अवैध निकासी मामला...शिक्षा विभाग में 3 साल ‘जमे हुए बाबुओं’ का होगा तबादला
रांची झारखंड के शिक्षा विभाग में वर्षों से एक ही कार्यालय और जिले में जमे लिपिकों को लेकर बड़ी खबर है। वेतन मद में अवैध निकासी के मामलों और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्यभर के क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तरीय शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों के तबादले को लेकर निर्देश जारी किए हैं। अब तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत लिपिकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा, जबकि लंबे समय से एक ही जिले में जमे कर्मचारियों को भी दूसरे जिलों में भेजा जाएगा। माध्यमिक निदेशक राजेश प्रसाद ने भेजे पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव के निर्देशों के आलोक में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने पर रोक लगाना जरूरी है। 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है। नए निर्देश के तहत अब स्थानांतरण की कार्रवाई केवल कार्यालय बदलने तक सीमित नहीं रहेगी। लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों के मामले में नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। निर्देश के अनुसार, यदि कोई लिपिक पिछले 12 वर्षों के दौरान प्रतिनियुक्ति अवधि सहित कुल आठ वर्ष तक एक ही जिले में कार्यरत रहा है, तो उसका स्थानांतरण संबंधित प्रमंडल के दूसरे जिले में किया जाएगा। इसके अलावा, लगातार छह वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों का तबादला भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल औपचारिक स्थानांतरण कर कर्मचारियों को दोबारा पुराने कार्यालय में पदस्थापित करने या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से उसी स्थान पर वापस भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी।
सीएम मोहन यादव से मिले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा और नई शिक्षा नीति पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेंट की। मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय मंत्री प्रधान का पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्रम् से अभिवादन किया तथा उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट की।
गोपालगंज में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन और नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर अपनी राय रखी। उनका स्वागत सदर विधायक सुभाष सिंह और कार्यकर्ताओं ने किया। मंत्री तिवारी ने केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2047 तक देश को 'विकसित भारत' बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि विकास की नींव मजबूत हो चुकी है, जिस पर एक भव्य और समृद्ध भारत का निर्माण होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और देशवासी मिलकर काम कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दियानीट परीक्षा में हुई धांधली के मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार की विफलता नहीं, बल्कि सिस्टम की खामी है। उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में त्वरित और कड़ा एक्शन लिया है। गड़बड़ी सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दिया गया। मंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं एक नई और सुरक्षित प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी। कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगाउन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के विकास कार्यों से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है, और वे सरकार को बदनाम करने की साजिशों में लगे रहते हैं, व्यवस्था में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि सरकार अपने सिस्टम को इतना अभेद्य और मजबूत बनाएगी कि भविष्य में कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगा। मंत्री ने बताया कि परीक्षाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में भी 'महाराष्ट्र की तर्ज' पर कड़े नियम और बेहतरीन प्रणालियां लागू करने की योजना है, ताकि युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो।
NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर को पटना में शनिवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले का जनाजा निकाला। इस दौरान पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम जनाजे को कंधा देते नजर आए। सदाकत आश्रम से शव यात्रा निकाली गई है। पटना में कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीर… गोसाई टोला मोड़ के पास करेंगे पुतला दहन नीट परीक्षा में हुई व्यापक अनियमितताओं, धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ कांग्रेस आज प्रदर्शन कर रही है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेसियों द्वारा गोसाई टोला मोड़ के पास केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। पेपर लीक के कारण रद्द हुई NEET-UG परीक्षा 3 मई को NEET-UG-2026 की परीक्षा हुई। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को दोबारा एग्जाम कराने का फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'हम नहीं चाहते थे कि कोई गलत कैंडिडेट सिलेक्ट हो जाए। इसलिए हमने बड़ी जिम्मेदारी से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून को होगी। 7 मई को गड़बड़ी का पता चला था। फिर 12 मई को रीएग्जाम का फैसला लिया गया।' अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। राहुल गांधी पटना में 11 जुलाई को करेंगे स्टूडेंट सम्मेलन दूसरी ओर कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना में छात्र सम्मेलन आयोजित करेंगे। इस सम्मेलन में छात्रों, उम्मीदवारों, युवा संगठनों, शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाया जाएगा। पेपरलीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लगातार मिल रही शिकायतों के चलते हल्लोमाजरा हाई स्कूल में तैनात एक जेबीटी शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अनुबंध पर नियुक्त थी। विभाग का कहना है कि कई बार चेतावनी और शोकॉज नोटिस जारी करने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षिका के खिलाफ स्कूल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें भेजी जा रही थीं। आरोप था कि शिक्षिका पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की बजाय अलग-अलग मंचों और गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहती थी। इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था। कुछ मामलों में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने 15 मई को शिक्षिका को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस में उस पर लगे आरोपों का जवाब देने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि विभाग के अनुसार न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही उसके कामकाज में अपेक्षित बदलाव दिखाई दिया। इसके बाद स्कूल प्रशासन की रिपोर्ट और जांच में मिले सबूतों के आधार पर विभाग ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं। स्कूल समय में यूनियन गतिविधियों पर भी सख्ती शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने सभी एसएसए शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की यूनियन या सार्वजनिक गतिविधियों में भागीदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। शिक्षा विभाग इससे पहले भी इसी तरह के एक मामले में कार्रवाई कर चुका है। फरवरी-मार्च में डेपुटेशन पर आई एक शिक्षिका को भी वापस पंजाब भेज दिया गया था। उस पर बार-बार छुट्टी लेने, बीमारी का बहाना बनाने और काम में रुचि न दिखाने के आरोप थे। स्कूल प्रशासन ने उसके खिलाफ कई शिकायतें भी की थीं। अधिकारियों से मिलने का समय तय शिक्षा विभाग में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक यूनियनें सक्रिय हैं, जो समय-समय पर अपनी मांगें उठाती रहती हैं। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं कि शिक्षक और कर्मचारी किसी भी मांग या समस्या को लेकर अधिकारियों से दोपहर तीन बजे के बाद ही मुलाकात करें।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में कुलगुरु प्रो. एसके जैन के खिलाफ चल रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आंदोलन के बीच शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विवि परिसर पहुंचे। मंत्री ने कहा कि प्रो. जैन अब अपना कार्यकाल पूरा होने तक विश्वविद्यालय नहीं आएंगे। उनका अवकाश राजभवन द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है। वे 15 दिन अवकाश पर रहेंगे। वहीं प्रभारी कुलगुरु के रूप में प्रो. विवेक शर्मा को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। मंत्री परमार ने बताया कि सीएम और राज्यपाल दोनों चाहते थे कि वे सम्मानजनक स्थिति में इस्तीफा दें या अवकाश पर चले जाएं। उन्होंने छात्र सुविधाओं की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित करने, मंगलवार को स्वयं विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने की घोषणा भी की। इसके बाद एबीवीपी ने धरना खत्म कर दिया। छात्राओं ने बताई समस्याएं, मंत्री बोले-जांच कराएंगेधरने के दौरान छात्राओं ने हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं। उनका कहना था कि हॉस्टल में नवीनीकरण केवल पुताई तक सीमित है, आपात स्थिति में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। शिकायतों के बाद मंत्री ने डॉ. विनिशा सिंह को इंदिरा गांधी गर्ल्स हॉस्टल के वार्डन के पद से हटा दिया है। धारा 52 पर विचार, सीएम को भी दे दी है जानकारी मंत्री ने कहा कि विवि की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दे दी गई है। धारा-52 लागू करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि इसके लिए राजभवन के साथ समन्वय आवश्यक है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा। जो स्कूल एकल शिक्षकीय हैं, वहां तत्काल अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ किए जाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टरर ने भवनविहीन व विद्युतविहीन स्कूलों की जानकारी ली और ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में न्यूज डेस्क लगाएं और छात्रों को न्यूजपेपर पढ़ने की आदत डलवाएं। परीक्षा परिणामों की ब्लॉकवार समीक्षासमीक्षा के दौरान उन्होंने पूर्व शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम की जानकारी ली। कलेक्टर ने बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की सराहना की, वहीं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम की मॉनिटरिंग प्रत्यक्ष रूप से डीईओ स्तर पर की जाए। स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक पोस्टेड होंगेकलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता हो। जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती तत्काल करें। प्रायमरी स्कूलों में कम से कम 2 और मिडिल स्कूलों में 3 शिक्षक अनिवार्य रूप से पदस्थ रहें। कलेक्टर ने पीवीटीजी समुदायों के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में एडमिशन दिलाने पर विशेष फोकस रखने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले ऐसे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा दे रहे हों। 16 जून से पहले स्कूलों में तैयारी के निर्देश जिले में आगामी 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए कलेक्टर वसंत ने सभी स्कूलों में तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा कक्षाओं की आवश्यक मरम्मत का कार्य समय पर पूर्ण कराएं। अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षाकलेक्टर ने बच्चों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन गया है, उनका जल्द आधार कार्ड बनवाएं। उन्होंने विभागों के समन्वय से प्रमाण पत्र निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग एससीईआरटी के राज्य स्तरीय विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने शुक्रवार को वीरपुर स्थित पीएम श्री विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का भी गहन जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में पदाधिकारी ने विद्यालय परिसर के बरामदे, खेल मैदान, वर्ग कक्ष, पुस्तकालय, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और उपस्कर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, रंग-रोगन और रखरखाव की स्थिति का भी जायजा लिया तथा संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नीरज कुमार ने पदाधिकारी को वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है। कई विद्यार्थियों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। उन्होंने अतिरिक्त कक्ष निर्माण, चहारदीवारी और अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया। विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने विद्यालय की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। विद्यालय की आवश्यकताओं से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान आईसीटी वीरपुर प्रखंड समन्वयक सोनी कुमारी, डंडारी प्रखंड के आईसीटी के प्रखंड समन्वयक आलोक कुमार, पीएम श्री विद्यालय के शिक्षक पुनीत कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नवागत प्रथम महिला जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रेणु तोमर और संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल का स्वागत किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल-मालाएं और पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. सुनीत गिरी, संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार पाठक, जिला मंत्री पुष्पेश मिश्र तथा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। डॉ. सुनीत गिरी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधायक निर्वाचन के पूर्व प्रत्याशी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय से शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की व्यक्तिगत समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं छात्रोन्मुख बनती है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में संगठन की संरक्षक डॉ. मधुबाला त्यागी, कोषाध्यक्ष आफताब आलम, प्रधानाचार्य राजीव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, प्रधानाचार्य नरेश कुमार, फैसल मसरूर सिद्दीकी, संजीव कुमार बिश्नोई, वीरपाल सिंह तथा यशपाल सिंह सहित कई शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि का गबन करने वाले ऑपरेटर पर अफसर मेहरबान है। गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा कराने के बावजूद उसके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई। करीब डेढ़ साल पहले गबन का मामला उजागर हुआ। तब तत्परता दिखाते अफसरों ने तत्काल उसे नौकरी से हटा दिया। राशि भी जमा कराई पर एफआईआर कराने के नाम पर रिजल्ट जीरो है। अभी बीईओ कार्यालय पिपरिया और मंगलवारा थाना के बीच 5700 पन्नो की जांच फाइल घूम रही है। अब स्थिति यह है कि पूरी जांच फाइल बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद है। बीईओ और थाना प्रभारी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे। स्वयं, पत्नी और भाई के खाते में गबन की राशि का भुगतानजांच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने स्वयं के तीन खाते और अपनी पत्नी रेवा अहिरवार, भाई अनिल अहिरवार के खाते में छात्रवृत्ति और एरियर्स की राशि ट्रांसफर कराई। कुल गबन राशि 9.48 लाख रुपए है। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक जांच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज समेत राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार की। बीईओ बोले- हमने अपनी तरफ से प्रक्रिया कीपिपरिया बीईओ श्रीलाल रघुवंशी का कहना है कि हमने थाना प्रभारी द्वारा चाही गई वांछित जानकारी तैयार कर ली थी। समस्त अभिलेखों सहित इस कार्यालय के प्रभारी लेखापाल एवं कार्यालयीन स्टाफ 6 मार्च 2026 को पुलिस थाना पिपरिया में उपस्थित हुए। लेकिन समयाभाव के कारण संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इसके बाद 10 मार्च को भी मैं स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुंचा। विवेचक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के व्यस्तता के कारण आवश्यक कार्रवाई नहीं हो सकी। उपरोक्तानुसार कार्रवाई के संबंध में तिथि एवं समय का निर्धारण कर अवगत कराने का थाना प्रभारी से अनुरोध किया, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हो पाई है। मंगलवारा थाना थाना प्रभारी का पक्षथाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का कहना है कि डेढ़ साल पहले हमें एफआईआर के लिए पत्र लिखा। प्राइमरी जांच के आधार पर हम एफआईआर दर्ज करा रहे थे। इसी बीच बीईओ पिपरिया ने ऑपरेटर कमलेश अहिरवार से गबन की राशि जमा करवा ली, जिसका एक पत्र हमें भेजा कि वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराने का मार्गदर्शन मांगा है, तब तक एफआईआर न की जाएं। हमने गबन के संबंध में ऑपरेटर का हाजिरी रजिस्टर, वेतन पर्ची, जिला कोषालय नर्मदापुरम की सम्पूर्ण मूल जांच रिपोर्ट, भुगतान की मानक प्रक्रिया, स्थापना, निलंबन, पदस्थापना की कॉपी समेत जरूरी दस्तावेज सत्यापित मांगे थे। इसके बाद भी बीईओ कार्यालय में हमें जो दस्तावेज भेजे, वो अधूरे दिए। कमियां होने से एफआईआर नहीं हो पाई। एफआईआर में देरी पर जेडी हो चुके नाराजगबन मामले में एफआईआर नहीं होने शिक्षा विभाग का संयुक्त संचालक डॉक्टर मनीष वर्मा ने नाराज़गी जताई थी। जांच के बाद 7 मार्च 2025 को कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए। इसके बाद 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस पर बीईओ और थाना प्रभारी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है।
जींद जिले में उचाना हलके के गांव डाहौला में संत शिरोमणि कबीर दास जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संत कबीर दास को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विधायक ने धानक चौपाल के निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक अत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर दास ने समाज को सत्य, मानवता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। विधायक ने किया संत कबीर के आदर्शों को अपनाने का आह्वान उन्होंने बताया कि संत कबीर दास ने जात-पात, ऊंच-नीच और अन्य सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हुए समाज को एकता और सद्भाव का मार्ग दिखाया। विधायक ने उपस्थित लोगों से संत कबीर दास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अत्री ने जोर दिया कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को इन विचारों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान संत कबीर दास के जीवन और शिक्षाओं पर भी प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने विधायक अत्री का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर अशोक, अमन धानक, धर्मबीर सैन, शमशेर सैणी और जीतू शर्मा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
जमुई में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जमुई पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिसदन में मीडिया से बातचीत की। मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, सिमुलतला आवासीय विद्यालय, शिक्षक बहाली और कोचिंग संस्थानों के नियमन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने बताया कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसकी स्थापना बड़े उद्देश्यों और उम्मीदों के साथ की गई थी, जिस पर सरकार ने पर्याप्त संसाधन खर्च किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में विद्यालय की स्थिति को लेकर कई शिकायतें और चिंताजनक जानकारी सामने आई हैं। इसी कारण वे स्वयं विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगीमंत्री ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक और कठोर निर्णय लिए जाएंगे। उनका उद्देश्य विद्यालय को उसकी मूल भावना और उद्देश्य के अनुरूप संचालित करना है। संभावित कार्रवाई के बारे में मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक कदमों और निर्णयों की विस्तृत जानकारी उनके मंत्री पद संभालने के 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगी। शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गएकोचिंग संस्थानों के संबंध में मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार नई नियमावली तैयार कर रही है। वर्तमान में सभी कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी शिक्षकों को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित करने और कोचिंग संस्थानों से दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विद्यालयों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही सभी जिलाधिकारियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की जाएगी। इस विषय पर भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। शिक्षक बहाली के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालयों में जितने पद रिक्त होंगे, उतनी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहींपटना में खान सर कोचिंग विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा, “कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब विदेश जाना आसान नहीं होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला की ओर से जारी आदेश के तहत सितंबर 2026 तक विदेश यात्रा संबंधी किसी भी आवेदन को मंजूरी के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। केवल गंभीर चिकित्सीय उपचार से जुड़े मामलों में ही राहत दी जाएगी। महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह फैसला मुख्य सचिव, हरियाणा द्वारा 10 जून 2026 को जारी एडवाइजरी के अनुपालन में लिया गया है। आदेश के बाद राज्यभर के सरकारी स्कूलों, जिला शिक्षा कार्यालयों और शिक्षा विभाग के अधीन संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत किसी भी कर्मचारी के विदेश दौरे के प्रस्ताव को सितंबर तक स्वीकृति के लिए अग्रेषित न करें। हजारों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर इस फैसले का सीधा असर स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षकों, प्राचार्यों, शिक्षा अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों पर पड़ेगा। ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने निजी कारणों, पारिवारिक कार्यक्रमों, पर्यटन या अन्य उद्देश्यों से विदेश यात्रा की योजना बनाई थी, उन्हें अब निर्धारित अवधि तक इंतजार करना पड़ सकता है। मेडिकल इमरजेंसी को दी गई छूट सरकार ने मानवीय आधार पर गंभीर बीमारियों और विदेश में आवश्यक चिकित्सा उपचार के मामलों को प्रतिबंध से बाहर रखा है। ऐसे मामलों में नियमानुसार आवेदन पर विचार किया जाएगा। सभी स्तरों पर सख्ती के निर्देश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ), एससीईआरटी, डाइट, बीआईटीई, गेट्टी संस्थानों, निदेशालय मुख्यालय के अधिकारियों तथा विभागीय आईटी सेल को भेजी गई है। आईटी सेल को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश को विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए, ताकि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश
पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

