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कौशांबी में 'स्कूल चलो' अभियान रैली:बच्चों का रोली-चंदन से स्वागत, शिक्षा के लिए जागरूक किया

कौशांबी जनपद में 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण के अंतर्गत बुधवार को विकास खंड कड़ा के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी में जागरूकता रैली निकाली गई। इसका मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना था। रैली निकालने से पहले, विद्यालय पहुंचे सभी बच्चों का शिक्षकों ने रोली-चंदन का टीका लगाकर और पुष्प अर्पित कर आत्मीय स्वागत किया। शिक्षकों ने बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अन्य बच्चों को भी स्कूल से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू के नेतृत्व में निकली इस रैली में विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और ग्रामवासी शामिल हुए। उन्होंने गांव की गलियों में भ्रमण कर शिक्षा का संदेश दिया। बच्चों ने हाथों में रंग-बिरंगे बैनर, पोस्टर और तख्तियां ले रखी थीं। शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया और उन्हें बच्चों के नामांकन व नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान बच्चों ने हर घर का यह है अरमान, पढ़-लिखकर बने महान और स्कूल चलें हम, सपनों को सच करें हम जैसे शिक्षा से जुड़े आकर्षक नारे लगाए, जिससे पूरे गांव में सकारात्मक माहौल बना। प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू ने बताया कि 'स्कूल चलो अभियान' का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए विद्यालय परिवार लगातार अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान शिव प्रताप सिंह, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष महेंद्र कुमार, शिक्षिका माया सिंह, रिया सेठी, शिक्षामित्र बीरेंद्र कुमार व संध्या देवी पटेल सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बच्चों की शिक्षा के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 1:26 pm

प्रधानाध्यापिका सुजीता कुमारी नवाचार के लिए सम्मानित:जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए सम्मान दिया

पूर्णिया जिले के धमदाहा श्रीनगर में आयोजित एक समारोह में मध्य विद्यालय कठबजरा की प्रधानाध्यापिका सुजीता कुमारी को सम्मानित किया गया। उन्हें विद्यालय में नवाचार और उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने यह सम्मान प्रदान किया। जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार प्रकाश ने प्रधानाध्यापिका सुजीता कुमारी को मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र और हरियाली के प्रतीक पौधे से सम्मानित किया। यह सम्मान विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया। इसी समारोह में धमदाहा प्रखंड के अन्य शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में भावना कुमारी, चंदन कुमार, जुली कुमारी, अलका कुमारी, इला कुमारी, प्रिया कुमारी, जयप्रकाश कुमार, असीम चक्रवर्ती और प्रियंका रानी शामिल थे। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानाध्यापिका सुजीता कुमारी जब अपने विद्यालय मध्य विद्यालय कठबजरा पहुंचीं, तो विद्यालय परिवार ने उनका स्वागत किया। सहकर्मी शिक्षकों, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों और अभिभावकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने सुजीता कुमारी के नेतृत्व में विद्यालय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 10:49 am

चौथी-पांचवीं का छात्र पढ़ना-लिखना नहीं जानता तो प्राचार्य-शिक्षक जिम्मेदार:रीवा कमिश्नर बोले- स्कूलों में सिर्फ नामांकन नहीं चलेगा; शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती के निर्देश

रीवा में संभागायुक्त (कमिश्नर) शीलेन्द्र सिंह ने स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर निरीक्षण के दौरान चौथी या पांचवीं कक्षा का कोई भी बच्चा पढ़ना-लिखना नहीं जानता मिला, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि स्कूलों में बच्चों का सिर्फ नामांकन कर लेना (एडमिशन देना) ही काफी नहीं है। असली मकसद हर बच्चे को बुनियादी शिक्षा देना और उसे पढ़ने-लिखने लायक बनाना है। शासन की मंशा बच्चों को आधुनिक और प्रभावी शिक्षा देने की है। बच्चों का भविष्य इसी पर टिका है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कागजी आंकड़ों से नहीं, जमीनी काम से होगा सुधारअधिकारियों और शिक्षकों को दो टूक संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सिर्फ कागजी आंकड़ों से नहीं होगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा। शिक्षकों को यह तय करना होगा कि हर बच्चा सीखे। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें अलग से पढ़ाई में मदद (एक्स्ट्रा क्लास) दी जाए। खुद स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे कमिश्नरकमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। वे खुद भी स्कूलों का निरीक्षण कर पढ़ाई की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। अगर कहीं पढ़ाई का स्तर कमजोर मिला या बच्चों की सीखने की क्षमता ठीक नहीं पाई गई, तो जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 9:24 am

हरियाणा में स्कूल सुरक्षा पर शिक्षा विभाग का अल्टीमेटम:48 घंटे में दें रिपोर्ट, वरना तय होगी जवाबदेही; DEO और DEEO को अंतिम रिमाइंडर

हरियाणा सरकार ने स्कूल सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को ‘फाइनल रिमाइंडर’ भेजा है।रिमांइडर में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अप्रैल-जून 2026 की स्कूल सेफ्टी क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) और लंबित एक्शन टेकन रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर हर हाल में विभाग को भेजी जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह मामला 'मोस्ट अर्जेंट एंड टाइम बाउंड' श्रेणी का है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 30 जून 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि कई जिलों ने अभी तक निर्धारित प्रारूप में स्कूल सुरक्षा रिपोर्ट नहीं भेजी है, जबकि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्कूल सुरक्षा नीति के तहत अनिवार्य है। चार तिमाहियों से अटकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय ने अपने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि कई जिलों की पिछली चार तिमाहियों की Quarterly Progress Reports (QPRs) अभी भी लंबित हैं। इसके कारण स्कूलों में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं हो पा रहा है और ज्वाइंट मॉनिटरिंग कमेटी (JMC) की समीक्षा प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि लंबित रिपोर्टों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल तैयार कर निर्धारित प्रारूप में भेजा जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य पत्र में उल्लेख किया गया है कि 'अविनाश मेहरोत्रा बनाम भारत संघ' (सिविल रिट याचिका संख्या-483/2004) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में सुरक्षा मानकों को लागू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद NDMA School Safety Policy-2016 लागू की गई, जिसके तहत प्रत्येक जिले से स्कूल सुरक्षा गतिविधियों की नियमित तिमाही रिपोर्ट मांगी जाती है। जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाने के निर्देश निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में निर्धारित स्कूल सुरक्षा गतिविधियां सुनिश्चित करें। इसके बाद निर्धारित प्रोफार्मा में प्रत्येक तिमाही की रिपोर्ट समय पर विभाग को भेजी जाए। साथ ही भविष्य में रिपोर्ट भेजने में देरी न हो, इसके लिए प्रत्येक जिले में स्थायी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। क्यों महत्वपूर्ण है यह रिपोर्ट? स्कूल सुरक्षा रिपोर्ट केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि इससे यह तय होता है कि प्रदेश के स्कूल किसी भी आपदा, दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए कितने तैयार हैं। रिपोर्ट के आधार पर राज्य और केंद्र स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा होती है और कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 6:00 am

शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में मासांत बैठक संपन्न, शिक्षा पर जोर

लोहरदगा|शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर लोहरदगा में मासांत बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गुमला विभाग के विभाग प्रमुख ओमप्रकाश सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ओमप्रकाश सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक, सांस्कृतिक व संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी आचार्यों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व संस्कार आधारित शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। बैठक के द्वितीय सत्र में सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, लोहरदगा के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने पंचपदी शिक्षण पद्धति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और छात्र-केंद्रित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आचार्यों को व्यवहारिक सुझाव दिए। बैठक में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा सहित सभी आचार्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी ने आगामी कार्यक्रमों के सफल संचालन तथा गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए निर्धारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया। कुडू|अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टीको कुडू में हूल दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत कॉलेज के सचिव इंद्रजीत भारती द्वारा वीर शहीदों के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने हूल आंदोलन के वीर सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मौके पर कॉलेज सचिव इंद्रजीत भारती ने कहा कि हूल दिवस हमें अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करने वाले वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो के अदम्य साहस और बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कॉलेज के जंग बहादुर, पंकज, अफताब, रेणुका, कुंदन, पवन, ममता, शिव, संदीप, चीनीबास, खुशी, डॉ. सुनीता, डॉ. शशि व शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने वीर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 5:30 am

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना 3 जुलाई तक करें आवेदन

कवर्धा| अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा मिलेगी। इच्छुक पात्र अभिभावक 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 5:30 am

परीक्षार्थियों को नई शिक्षा नीति व उत्तर लेखन की बारीकियां समझाई

शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की ओर से प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए विशेष परीक्षा मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. धीरज कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य नियमित विद्यार्थियों के साथ प्राइवेट परीक्षार्थियों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप परीक्षा प्रणाली, विषय चयन, उत्तर लेखन कौशल व प्रभावी अध्ययन पद्धति की जानकारी देना था। इसका लक्ष्य परीक्षा के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ाना था। कार्यक्रम में प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता भोला बामनिया व दिव्या जमरे ने बताया कि प्राइवेट परीक्षार्थियों को नियमित कक्षाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इससे उन्हें पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और उत्तर लेखन से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। इससे विद्यार्थी परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकें। डॉ. मधुसूदन चौबे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों व विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की उपयोगिता, व्यक्तित्व विकास विषय, जैविक खेती, फील्ड स्टडी, मेजर व माइनर, इलेक्टिव विषय और आधार पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रणाली को सरल, सहज भाषा में समझाया। परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति, अंक-विभाजन व उत्तर प्रस्तुत करने की प्रभावी शैली पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को सीमित समय में प्रभावी तैयारी की रणनीतियाँ बताईं। महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान, नियमित पुनरावृत्ति, संक्षिप्त नोट्स तैयार करना, समय प्रबंधन व विषयवार अध्ययन योजना बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा में उत्तर लिखते समय शीर्षकों व उपशीर्षकों का उचित उपयोग, आवश्यकतानुसार बिंदुवार प्रस्तुति, सरल व शुद्ध भाषा, निर्धारित समय में उत्तर पूरा करना बेहतर अंक प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं। मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों से विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर लिखवाकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। उत्तर लेखन के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों की जानकारी दी गई। प्रभावशाली, क्रमबद्ध उत्तर लिखने की तकनीक भी सिखाई गई। हंसा धनगर, जोया खान, सुखदेव डावर, दिलीप व आरती धनगर का विशेष सहयोग रहा।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 5:30 am

स्नातक द्वितीय वर्ष में भी बदल सकेंगे मुख्य विषय:शर्त-75% अंक जरूरी, झारखंड में उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव होंगे, स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम के लिए ड्राफ्ट तैयार

हाजिरी 75 प्रतिशत से कम तो नहीं दे सकेंगे परीक्षा झारखंड में उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। राज्य सरकार ने स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम के लिए रेगुलेशन (ड्राफ्ट) तैयार कर लिया है। नया नियम लागू होते ही विश्वविद्यालयों में परीक्षा व्यवस्था, आंतरिक मूल्यांकन, विषय परिवर्तन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। प्रथम वर्ष का रिजल्ट घोषित होने के तीन सप्ताह के भीतर छात्र मेजर (मुख्य) विषय बदल सकेंगे। इसके लिए प्रथम वर्ष में न्यूनतम 7.5 सीजीपीए या 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य होगा। यह बदलाव तभी संभव होगा, जब संबंधित विभाग में सीटें खाली होंगी। ड्राफ्ट के अनुसार प्रथम, तृतीय, पंचम और सप्तम यानी सभी विषम सेमेस्टर में विद्यार्थियों को पदोन्नति दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया ई-समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगी, जिससे छात्र अपने आवेदन को ट्रैक कर सकेंगे। यही नहीं, अब 75 प्रतिशत उपस्थिति के बिना छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। छात्र और अभिभावक इसे ई-समर्थ पोर्टल पर देख सकेंगे। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाना है। नई व्यवस्था में निरंतर मूल्यांकन को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पूरी अकादमिक प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने का प्रस्ताव है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी हैएक सेमेस्टर में एक आंतरिक परीक्षाड्राफ्ट के अनुसार मेजर, माइनर और रिसर्च कोर्स में हर सेमेस्टर में सिर्फ एक आंतरिक परीक्षा होगी। अभी दो परीक्षा का प्रावधान है। नए नियम के अनुसार नॉन प्रैक्टिकल विषयों में 25 अंक और प्रैक्टिकल विषयों में 15 अंक का इंटरनल मूल्यांकन होगा। इसमें लिखित परीक्षा, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट और ट्यूटोरियल के साथ उपस्थिति व प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है।अधिकतम हाजिरी पर 5 अंकआंतरिक मूल्यांकन में उपस्थिति के लिए अधिकतम पांच अंक निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार 45 प्रतिशत तक उपस्थिति पर एक अंक, 45 से 55 प्रतिशत पर दो अंक देने का प्रावधान किया गया है। वहीं 55 से 65 प्रतिशत पर तीन अंक दिए जाएंगे। जबकि 65 से 75 प्रतिशत पर चार अंक का नियम है। इसी प्रकार 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर पूरे पांच अंक मिलेंगे। हर कोर्स के लिए अलग मूल्यांकनएबिलिटी इनहांसमेंट और वैल्यू एडेड कोर्स 50-50 अंकों के होंगे। स्किल इनहांसमेंट और मल्टी डिस्पिलनरी कोर्स 75-75 अंकों के होंगे। मेजर, माइनर और रिसर्च कोर्स 100 अंकों के होंगे। इसमें 25 अंक इंटरनल और 75 अंक एंड सेमेस्टर परीक्षा के होंगे। प्रैक्टिकल विषयों में 15 अंक इंटरनल थ्योरी, 25 अंक की थ्योरी परीक्षा और 60 अंक प्रायोगिक परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं।समर टर्म अब सिर्फ छुट्टी नहींजून-जुलाई का समर टर्म अब केवल अवकाश नहीं रहेगा। इसी दौरान अनिवार्य इंटर्नशिप, फील्ड प्रोजेक्ट, सामुदायिक आउटरीच और अलाउड टू कीप टर्म्स (एटीकेटी) परीक्षाएं होंगी। शिक्षकों के लिए इसी अवधि में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), शोध कार्य और मूल्यांकन का कार्यक्रम तय किया गया है। इधर, उपस्थिति नियम पर अफसरों ने उठाए सवाल ड्राफ्ट पर सुझाव के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विवि के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मोड में बैठक हुई। इसमें अधिकारियों ने कहा कि उपस्थिति पर प्रावधान विरोधाभासी है। ड्राफ्ट में 45 प्रतिशत उपस्थिति पर अंक देने का प्रावधान है, वहीं 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में शामिल न करने का नियम है। अगर छात्र परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सकेंगे तो कम उपस्थिति पर अंक देने का क्या औचित्य है। दोनों प्रावधानों में एकरूपता लानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 5:30 am

पीके रैकवार बने छतरपुर के नए जिला शिक्षा अधिकारी, स्कूल-शिक्षा-विभाग-ने-जारी-किए-आदेश।:रायसेन से हुआ तबादला, सहायक संचालक शिक्षा के साथ डीईओ का अतिरिक्त प्रभार मिला

पीके रैकवार को छतरपुर का नया जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बनाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार, पीके रैकवार को रायसेन के जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना अधिकारी (डीपीओ) के पद से स्थानांतरित कर सहायक संचालक शिक्षा बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें छतरपुर के जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अब तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार डिप्टी कलेक्टर कौशल सिंह के पास था। पीके रैकवार के पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के शिक्षा विभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारी उनके पास होगी। छतरपुर में पहले भी दे चुके हैं सेवाएं पीके रैकवार का छतरपुर से पुराना जुड़ाव रहा है। वे इससे पहले जिले में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) और प्राचार्य के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनुभव होने के कारण उनके कार्यकाल से शिक्षा विभाग में बेहतर समन्वय और कार्यों में गति आने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 9:47 pm

शाला दर्पण पर स्टूडेंट, कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य:स्कूल शिक्षा परिषद ने दिए आदेश, लापरवाही पर संबंधित अफसरों पर होगी कार्रवाई

सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करके शिक्षा विभाग राजस्थान ने सख्ती बढ़ा दी है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद,जयपुर की अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीमा शर्मा ने इसके आदेश गत दिनों जारी किए है। आदेश में राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य किया है। इसके लिए टोंक समेत राज्य के समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक समसा को आदेशित किया है। आदेश में कहा गया है कि एनसीईआरटी के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र (आरवीएसके) के लिए राज्यभर के सभी विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी शाला दर्पण पोर्टल से संकलित की जाती है। हाल ही में किए गए डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज नहीं की जा रही है। इसके कारण राजस्थान एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े अपूर्ण और असंगत हो रहे हैं। नई व्यवस्था से कार्मिक और स्टूडेंट लापरवाही नहीं कर पाएंगे। हर कार्य दिवस पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर सभी विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करनी अनिवार्य होगी। किसी भी कर्मचारी, कक्षा या सेक्शन की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं छोड़ी जा सकेगी। साथ ही अनुपस्थित एवं अवकाश पर रहने वाले विद्यार्थियों और कार्मिकों की जानकारी भी सही एवं नवीन (अपडेट) उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला कार्यालयों को उपस्थिति डेटा की नियमित समीक्षा करने और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय स्तर पर उपस्थिति प्रविष्टियां निर्धारित समयावधि में पूरी कर ली जाएं। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपस्थिति डेटा के संधारण में लापरवाही, गलत प्रविष्टि अथवा नियमित अपडेट नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं उत्तरदायी होंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बोले- निर्णय सहीशिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है, जो स्वागत योग्य निर्णय है। इससे शाला दर्पण पर सटीक और अपडेट उपस्थिति दर्ज होने से विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का आकलन संभव होगा तथा राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक मॉनिटरिंग प्रणालियों को विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शिक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्धारण में भी मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 9:38 pm

UP में शिक्षा सुधार का नया मॉडल: कक्षा-कक्ष से मिली सीख के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति, योगी सरकार का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी शिक्षा सुधारों को नई ऊंचाई देते हुए अब कक्षा-कक्ष में होने वाले वास्तविक अधिगम को शिक्षा नीति का केंद्र बना दिया है। प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के ...

वेब दुनिया 30 Jun 2026 8:39 pm

प्रयागराज में छात्रों ने शिक्षा-मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की निकाली अर्थी:पेपर चोर गद्दी छोड़ के लगाए नारे, इस्तीफे की मांग

प्रयागराज में 30 जनवरी मंगलवार शाम 7 बजे सलोरी में अंबेडकर छात्रावास के छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक, नेहा, मनीष कुमार समेत छह कार्यकर्ताओं के आमरण अनशन के समर्थन में मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया और प्रतीकात्मक अर्थी भी निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्ट और गैर-जवाबदेह संस्था बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्रों ने NTA को समाप्त करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। छात्र नेता श्रीकांत अंबेडकर ने कहा कि NTA में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसलिए इस संस्था को खत्म किया जाना चाहिए। आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में लेखपाल, यूपीएसआई, नीट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय इन मामलों में अपनी जिम्मेदारी तय नहीं कर रहा है। आइसा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष विवेक ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शिक्षा और रोजगार बचाने तथा परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है, इसलिए शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर चोर गद्दी छोड़, पेपर लीक बंद करो और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लगाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रयागराज में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में विवेक, भूपेंद्र, सुमित, महेंद्र, आर्यन, उमेश चौधरी, बृजेश, अशोक, अंकुर समेत अंबेडकर छात्रावास के सैकड़ों छात्र शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 8:28 pm

पूर्व विधायक नागरा ने पंजाब-केंद्र सरकार पर साधा निशाना:पटियाला में शिक्षा, रोजगार पर उठाए सवाल, विकास नहीं, विज्ञापनों पर खर्च हो रहा

पटियाला में कांग्रेस ने नीट पेपर लीक और दूसरे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार में तीखा हमला बोला। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की 'आप' सरकार पर हर मुद्दे पर फेल होने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र और पंजाब के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों सरकारों की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक से जहां कई छात्रों ने जान दी। वहीं कई मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार इसकी जिम्मेदारी लेने से बच रही है। पेपर लीक और बेरोजगारी से युवाओं में बढ़ा तनाव नागरा ने कहा कि देश में बार-बार पेपर लीक होना, परीक्षाओं का रद्द होना और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी सरकारों की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने NEET, CBSE, PPSC और NDA जैसी बड़ी परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों का विशेष रूप से जिक्र किया। नागरा ने आरोप लगाया कि इन धांधलियों के कारण देश और पंजाब के विद्यार्थियों में घोर निराशा, मानसिक तनाव और असुरक्षा का माहौल बन चुका है। श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष दिए बयानों की निंद पूर्व विधायक ने बेअदबी कानून को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखे गए पक्ष पर भी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सिख कौम की इस सर्वोच्च धार्मिक संस्था के प्रति ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देना बेहद निंदनीय है और जनप्रतिनिधियों को इसकी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची और पंचायती राज से खिलवाड़ पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए नागरा ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्राओं और विज्ञापनों पर पंजाब के खजाने से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इसका आर्थिक लाभ पंजाब के लोगों या स्थानीय कंपनियों के बजाय दिल्ली की कंपनियों को मिल रहा है। इसके अलावा, गांवों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा (ऑडिट) बाहरी कंपनियों को सौंपने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ बताया। मीडिया की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप नागरा ने राज्य में मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित होने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के अखबारों और टीवी चैनलों में विपक्ष को अपनी बात और जनता से जुड़े मुद्दे रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने अंत में दावा किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पंजाब और पंजाबियों के हितों की पहरेदार रही है, जबकि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 8:24 pm

डबवाली में सरकारी स्कूल के 12 कमरे कंडम घोषित:भवन की हालत जांचने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम, नया भवन बनाने पर विचार

सिरसा जिले के सरकारी स्कूलों में भवनों की स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर है। मुख्यमंत्री स्तर पर हुई समीक्षा और मुख्यालय के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद को शिक्षा विभाग की टीम ने गांव भरोखा और खैरपुर के राजकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरपुर के 12 कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया। ऐसे में 1 जुलाई से स्कूल खुलने से पहले छात्रों के बैठने की व्यवस्था को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। निरीक्षण टीम में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला, समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार, बीईओ सरसा रमेश कुमार, एसडीओ मनमीत सिंह और विभागीय जेई शामिल थे। हालांकि, मुख्यालय से एक विशेष टीम के आने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन वह टीम मौके पर नहीं पहुंची। वर्षों पुरानी तकनीकी चूक बनी परेशानी जांच के दौरान सामने आया कि खैरपुर स्कूल में वर्षों पहले बनाए गए 12 कमरों और बरामदों में निर्माण संबंधी तकनीकी खामियां अब बड़ी समस्या बन चुकी हैं। कुछ वर्ष पहले कमरों की पुरानी छतों को कंडम घोषित कर बदल दिया गया था, लेकिन साथ लगते बरामदों की छतों को नहीं बदला गया। अब बरामदों के स्तर और कमरों की ऊंचाई में अंतर होने के कारण मरम्मत संबंधी प्रस्ताव तकनीकी रूप से उलझ गया है। सूत्रों के अनुसार जब बरामदों की मरम्मत की फाइल मुख्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई। बैठक में इंजीनियरों ने बताया कि कमरों की छतों को पहले ही ऊंचा किया जा चुका है, जबकि बरामदों को उसी स्तर पर नहीं लाया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर तकनीकी त्रुटि माना और मौके की रिपोर्ट तलब की। बहुमंजिला भवन निर्माण की दिशा में सोच रही सरकार शिक्षा विभाग अब पुराने और जर्जर भवनों की मरम्मत पर खर्च करने की बजाय नए बहुमंजिला भवनों के निर्माण की दिशा में विचार कर रहा है। सरकार की योजना है कि कंडम भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला स्कूल भवन बनाए जाएं, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इसी उद्देश्य से मौके पर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री की बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर के कंडम स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में जर्जर भवनों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने और उनकी स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निदेर्शों के तहत जिला स्तर पर निरीक्षण शुरू किया गया है। मुख्यालय से निरीक्षण दल आने की सूचना के चलते अवकाश के दिन भी संबंधित स्कूलों में जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर प्राचार्य और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अब विभागीय रिपोर्ट के आधार पर खैरपुर स्कूल सहित अन्य भवनों के भविष्य को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 7:42 pm

मिथिला आइडल क्वार्टर फाइनल में समस्तीपुर की बेटी:200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था; दिल्ली विश्वविद्यालय से ले रही संगीत की शिक्षा

समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड की प्रतिभा कुमारी ने मिथिला आइडल-2026 प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। अपनी मधुर आवाज और संगीत के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। प्रतिभा कुमारी शिवाजीनगर प्रखंड के बल्लीपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-13 स्थित नौआपोखर गांव निवासी प्रधान शिक्षक उमेश प्रसाद राय और गृहिणी शमता कुमारी की बेटी हैं। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था यह प्रतियोगिता मिथिलांचल की लोक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबनी के झंझारपुर में आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रतिभा ने अपनी सुरीली आवाज, सुर-ताल पर मजबूत पकड़ और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। दूसरे राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान सुरक्षित किया। इस उपलब्धि पर उन्हें प्रमाण-पत्र, मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। प्रतिभा कुमारी वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में संगीत ऑनर्स थर्ड ईयर की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि संगीत के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा है। मध्य विद्यालय बल्लीपुर में अध्ययन के दौरान वह रोजाना चेतना सत्र में हारमोनियम बजाकर प्रार्थना सभा का संचालन करती थीं। वहीं से संगीत के प्रति उनका रुझान और अधिक मजबूत हुआ। इसके बाद उन्होंने रोसड़ा के संगीत गुरु निराला से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात संगीत शिक्षक प्रोफेसर राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की बारीकियां सीख रही हैं। तीन बहनों और एक भाई में प्रतिभा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता जीतना नहीं, बल्कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 5:19 pm

मंडला के कन्या शिक्षा परिसर में जादू-टोने का आरोप:छात्राओं-अभिभावकों ने अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन

मंडला जिले के कन्या शिक्षा परिसर चटुआमार की छात्राओं और अभिभावकों ने मंगलवार को गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन के साथ प्रदर्शन किया। सभी बैगा-बैगी चौक पर एकत्र हुए और नारेबाजी के बाद कलेक्टर के नाम जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षिका एवं छात्रावास अधीक्षिका सिंधिया चौकसे को पद से हटाने की मांग की गई है। कामकाज को लेकर लगाए आरोपज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अधीक्षिका नियमित रूप से देरी से स्कूल पहुंचती हैं और परिसर में कम समय तक रहती हैं। छात्राओं का यह भी कहना है कि उनसे अभद्र भाषा में बात की जाती है। साथ ही स्टाफ और सुरक्षा गार्ड के साथ भी विवाद की स्थिति बनी रहती है। जादू-टोने का भी आरोपछात्राओं और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में नारियल, धागा लिपटा मटका और बोतल जैसी सामग्री मिली है। उनका दावा है कि बच्चों को डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए जादू-टोना कराया जाता है। इन आरोपों के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। कार्रवाई नहीं हुई तो स्कूल छोड़ने की चेतावनीअभिभावकों ने कहा कि यदि शिकायत पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवा देंगे। विभाग ने जांच की बात कहीआदिवासी कार्य विभाग के सहायक संचालक कुलदीप कटहल ने बताया कि विभाग को शिकायत मिल गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षिका के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद संभागीय उपायुक्त के निर्देश पर उनकी पदस्थापना की गई थी। वर्तमान शिकायत की जांच के निर्देश दिए गए हैं और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जादू-टोने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 4:09 pm

शिक्षा के लिए किया सहयोग समाज के भविष्य को संवारता है : कलेक्टर

भास्कर न्यूज| झालावाड़ शिक्षा विभाग के जरिए जिले में स्कूलों के विकास के लिए आर्थिक मदद देने वाले भामाशाहों के सम्मान में सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में सम्मान समारोह हुआ। कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि रहे। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा में दिया योगदान समाज के भविष्य को संवारता है। स्कूलों के विकास के लिए आर्थिक सहयोग दान नहीं, यह पुण्य है। यह सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ती हैं। विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलता है। कलेक्टर ने कहा कि समाज और प्रशासन के साथ मिलकर शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने भामाशाहों का आभार जताया। अन्य लोगों से भी शिक्षा के लिए आगे आने की अपील की। सीडीईओ रामसिंह मीणा ने अतिथियों और भामाशाहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिले में कई भामाशाह स्कूलों के विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सहयोगकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता जताई। इनका भी रहा योगदान प्रेरक श्रेणी में भी भामाशाहों को सम्मानित किया गया। राजेन्द्र कुमार सामरिया ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरोलाकला, खानपुर में दो कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए 22.60 लाख रुपए के दान के लिए भामाशाह को प्रेरित किया। मोहम्मद नावेद अंसारी की ओर से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मंगलपुरा, झालावाड़ के विकास के लिए 7 लाख रुपए के सहयोग के लिए भामाशाह को प्रेरित किया गया। विनय मालव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सारोलाकला,खानपुर में दो कक्ष मय बरामदा निर्माण के लिए 22.60 लाख रुपए का सहयोग दिया। फरनिश कुमार विजय ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पचपहाड़ के विकास में 3.20 लाख रुपए का सहयोग किया। सत्यनारायण लोहार ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगधार डग में जल मंदिर निर्माण और विद्यालय विकास के लिए 2.00 लाख रुपए दिए। परमानन्द गुर्जर ने राउप्रावि नलखेड़ी, राउमावि झीझनी, राउमावि मिश्रोली, पीएमश्री भवानीमंडी विद्यालय में 1.63 लाख रुपए का सहयोग किया। मोरसिंह ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपलोदी-मनोहरथाना के लिए 1.08 लाख रुपए दिए। कैलाश बाई लोधा ने स्वामी श्री रामेश्वर आश्रम राउमावि गुरूकुल बकानी के विकास के लिए 1.04 लाख रुपए का सहयोग किया। घनश्याम गुर्जर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भूमाड़ा़-बकानी के विकास के लिए 1.00 लाख रुपए दिए।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 5:30 am

प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश:मानसून से पहले खुले स्कूल, टपकते और असुरक्षित भवनों से दूर ही रखेंगे बच्चों को

गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद सोमवार से प्रदेशभर के सरकारी स्कूल खुल गए हैं। इसके साथ ही मानसून भी आने को तैयार है, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं और स्कूली स्टाफ की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए हिदायत दी गई है कि किसी भी हाल में बच्चों को जर्जर, असुरक्षित या छत टपकने वाले कमरों में नहीं बैठाया जाए। ऐसे जर्जर भवनों को तुरंत बांस, रस्सी या खतरे का निशान लगाकर बैरीकेड किया जाए, ताकि बच्चे वहां न जा सकें। शिक्षा विभाग की गाइडलाइन, इन 6 बिंदुओं पर होगा फोकस 1. छतों की सफाई-जलभराव से मुक्ति : स्कूल खुलते ही सबसे पहले भवनों की छतों और बरसाती नालों की सफाई की जाएगी, ताकि पानी जमा न हो। भवन की नींव के पास भी पानी नहीं इकट्ठा होने दिया जाएगा। 2. जर्जर भवन गिराने की मॉनिटरिंग : जो स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, उन्हें नियमानुसार तुरंत सुरक्षित तरीके से जमींदोज (ध्वस्त) करने के निर्देश दिए गए हैं। 3. बिजली के खुले तारों पर टेपिंग : स्कूल परिसरों में बिजली की वायरिंग दुरुस्त की जाएगी। कहीं भी खुले तार दिखने पर तुरंत टेपिंग होगी ताकि करंट का खतरा न रहे। 4. पानी के स्रोतों पर पाबंदी : बच्चे पेयजल के लिए बनी टंकियों, कुओं या अन्य जल स्रोतों के पास अकेले नहीं जा सकेंगे। टंकियों की नियमित सफाई कर उस पर तारीख लिखी जाएगी। 5. शौचालयों में रनिंग वाटर : सभी स्कूलों, विशेषकर छात्राओं के शौचालयों में नियमित साफ-सफाई, दरवाजों की मरम्मत और रनिंग वॉटर (बहते पानी) की व्यवस्था अनिवार्य की गई”है। 6. आपदा प्रबंधन-सुरक्षित निकास मैप : हर स्कूल में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एक सुरक्षित निकास योजना का मानचित्र (मैप) बनाया जाएगा और बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी। खुले में या पेड़ के नीचे क्लास लगी तो डीईओ होंगे जिम्मेदार आदेश में सख्त लहजे में कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास खुद का भवन नहीं है, वे वैकल्पिक सुरक्षित भवनों में चलेंगे। यदि कोई भी स्कूल खुले में, झोपड़ी में या पेड़ के नीचे संचालित होता पाया गया, तो इसके लिए सीधे संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्ट न देखकर खुद फील्ड में जाकर रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्राकृतिक आपदा या किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्कूल के सूचना पट्ट पर निकटतम अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस स्टेशन और फायर ब्रिगेड के फोन नंबर और जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। उदयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. लोकेश भारती के अनुसार हमने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी सीबीईओ को कहा गया है कि सतर्कता बरतने के लिए एक्टिव रहें।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 5:30 am

भोज से मोहभंग:दूरस्थ शिक्षा में किताबें भी दूर; 4 माह में भी छात्रों को नहीं मिला स्टडी मटेरियल

मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय से विद्यार्थियों का मोहभंग हो रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों को स्टडी लर्निंग मटेरियल (एसएलएम) मिलने में चार-चार महीने तक देरी हो रही है। कई छात्र परीक्षा नजदीक आने तक किताबों का इंतजार करते रहते हैं। ये ​समस्या पिछले कई सालों से लगातार बनी हुई है। इसका नतीजा यह है कि विश्वविद्यालय की छात्र संख्या में भी लगातार गिरावट आ रही है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में करीब 80 हजार विद्यार्थी हैं, जो पहले 1 लाख से ऊपर हुआ करते थे। प्रवेश के समय विद्यार्थियों से स्टडी मटेरियल की राशि भी ली जाती है। नियम कहता है कि सामान्य स्थिति में एडमिशन के एक महीने के भीतर छात्रों तक अध्ययन सामग्री पहुंच जानी चाहिए, लेकिन भोज में हर सत्र में हजारों छात्र किताबों के लिए चक्कर लगाते रहते हैं। इससे दूरस्थ शिक्षा मॉडल ही कठघरे में आ रहा है। हिंदी ग्रंथ अकादमी से मिलती हैं किताबें, प्रकाशन में देरी ऑनलाइन सामग्री भी नहीं दे पा रहा विवि बड़ा सवाल यह है कि डिजिटल युग में भी विश्वविद्यालय छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जबकि दूरस्थ शिक्षा संस्थानों में डिजिटल स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराना सामान्य व्यवस्था बन चुकी है। छात्र चाहते हैं कि जब तक प्रिंटेड किताबें नहीं मिलतीं, उन्हें वेबसाइट या ई-मेल के माध्यम से एसएलएम उपलब्ध कराया जाए लेकिन ये भी नहीं मिल पाती। दरअसल, यूजी कोर्सेस में विवि स्वयं एसएलएम तैयार नहीं करता। इसके लिए हिंदी ग्रंथ अकादमी से किताबें प्रकाशित कराई जाती हैं। इनका कॉपीराइट अकादमी के पास होने के कारण विवि इन्हें पीडीएफ स्वरूप में विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं करा पाता। हालांकि दोनों संस्थाएं राज्य सरकार के अधीन हैं फिर भी अब तक कोई व्यावहारिक व्यवस्था नहीं बन सकी है। यही समस्या सरकारी कॉलेजों के अजा- अजजा वर्ग के विद्यार्थियों के सामने भी आती है। इनको हिंदी ग्रंथ अकादमी की किताबें निशुल्क देने की व्यवस्था है, लेकिन पुस्तक वितरण में देरी के कारण उन्हें भी पढ़ाई में परेशानी आती है। विशेषज्ञ बोले- सामग्री तुरंत मिलना चाहिए जानकारों का कहना है कि यदि अध्ययन सामग्री को समय पर उपलब्ध कराने और ऑनलाइन एक्सेस की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले समय में दूरस्थ शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का भरोसा और कमजोर हो सकता है। पिछले शैक्षणिक सत्रों में प्रवेश की स्थिति इस समस्या का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी से यूजी के विद्यार्थियों के लिए स्टडी मटेरियल लिया जाता है। अकादमी पर वर्कलोड भी अधिक हो सकता है। पीजी के लिए एसएलएम तैयार कराते हैं। कई बार सभी चेप्टर एक साथ तैयार नहीं हो पाते, इसलिए प्रकाशन में दिक्कत आती है। नए शैक्षणिक सत्र में यह दिक्कत न आए, इसको ध्यान में रखकर कार्यवाही की जा रही है। -डॉ. रतन सूर्यवंशी, निदेशक, भोज (मुक्त) विवि

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 5:30 am

कोटपूतली में 21 भामाशाह और 12 प्रेरक हुए सम्मानित:शिक्षा के विकास में सहयोग देने वालों का किया सम्मान, समाज की भागीदारी को बताया जरूरी

कोटपूतली में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले भामाशाहों और प्रेरकों के सम्मान में सोमवार को जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह सरदार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण रहे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश बंसल और एसीबीईओ-प्रथम कोटपूतली पूर्णचंद कसाना मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों, भामाशाहों और प्रेरकों का स्वागत किया। प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षा सहयोगियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान 21 भामाशाहों और 12 प्रेरकों को माल्यार्पण, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर जिला स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि विद्यालयों के विकास में समाज की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। भामाशाहों के सहयोग से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने सभी भामाशाहों से भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने सभी अतिथियों और भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के लिए समाज का सहयोग शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है और इससे विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य हंसराज यादव ने किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, भामाशाह, प्रेरक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 10:46 pm

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का ऐलान, 'दोबारा परीक्षा होगी, अभ्यर्थियों से नहीं लिया जाएगा शुल्क'

महाराष्ट्र विधानसभा में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक मामले पर शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सरकार की ओर से निवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

देशबन्धु 29 Jun 2026 10:14 pm

रोपड़ में कांग्रेस की बैठक में केंद्र पर निशाना:कुलदीप वैद बोले- NEET घोटाले ने ली 21 छात्रों की जान, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

रोपड़ में कांग्रेस के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद की अध्यक्षता में एक कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों और देश के मौजूदा हालातों पर तीखी टिप्पणी की। वैद ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय मीडिया के रवैये पर निशाना साधा। वैद ने नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों और सिस्टम की खामियों के कारण 21 छात्रों को मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करनी पड़ी। वैद के अनुसार, कानूनन इसे खुदकुशी कहा जा सकता है, लेकिन असल में यह केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा बच्चों की 'संस्थागत हत्या' है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की और राहुल गांधी के शिक्षा प्रणाली बचाने के प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार की आलोचना की केंद्र की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए वैद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 130 डॉलर से घटकर लगभग 69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। इसके बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ पड़ रहा है। मीडिया की भूमिका पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देश का राष्ट्रीय मीडिया जनता के वास्तविक मुद्दों से मुंह मोड़े हुए है। बड़े मीडिया हाउस विपक्ष की आवाज और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से दिखाने में विफल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब का मीडिया फिर भी जनता की आवाज उठाता है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की खबरों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 6:45 pm

वैष्णव समाज ने दिया बालिका शिक्षा-पर्यावरण संरक्षण का संदेश:शहर में गाजे-बाजे के साथ निकाली शोभायात्रा, पूरे रास्ते युवा डीजे पर झूमते हुए चले

आम कबीर पंथी वैष्णव समाज नवयुवक मंडल पाली की और से सोमवार को कबीर जयंती महोत्सव के सुबह गाजे-बाजे के साथ शहर में संत कबीर की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें झांकियों के जरिए वैष्णव समाज ने बेटा-बेटी में भेद नहीं करने, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे पहले सुबह इन्द्रा कॉलोनी रोड स्थित कबीर द्वारे से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। पूरे रास्ते जोश से लबरेज युवा डांस करते हुए चल रहे थे। आकर्षक ड्रेस में सजे समाज के महिला-पुरुष संत कबीर के जैकारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा कबीर द्वारे से रवाना होकर लोढा स्कूल रोड, सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सर्राफा बाजार, पानी दरवाजा, भैरूघाट, गांधी मूर्ति, आदर्श नगर, नहर पुलिया होते हुए इंद्रा कॉलोनी रोड स्थित कबीर द्वारे पहुंच सम्पन्न हुई। इससे पहले रविवार शाम को भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भजन गायकों ने संत कबीर की स्तुति में मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। प्रतिभाओं और भामाशाहों का किया सम्मान आम कबीर पंथी वैष्णव समाज नवयुवक मंडल पाली के प्रवक्ता एडवोकेट परमेश्वर वैष्णव ने बताया कि यहां आयोजित सम्मान समारोह में 8वीं, 10वीं और 12वीं के प्रतिभावान स्टूडेंट को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही समाज के भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। उसके बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। पूरे प्रोग्राम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। व्यवस्थाओं में जुटे समाजबंधु कार्यक्रम के दौरान आम कबीर पंथी वैष्णव समाज नवयुवक मंडल पाली के अध्यक्ष राजवर्धन वैष्णव, अर्जुन दास वैष्णव, संजय वैष्णव, पवन दास वैष्णव, टीकम दास, एडवोकेट लक्ष्मी नारायण वैष्णव, एडवोकेट चंद्र प्रकाश वैष्णव, पूनम दास वैष्णव, ताराचंद वैष्णव, नितेश वैष्णव, गजेंद्र वैष्णव, भारत भूषण वैष्णव, नितेश वैष्णव, आनंद वैष्णव आदि का सहयोग रहा।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:21 pm

राजेन्द्र तोषनीवाल को मिला 'शिक्षा भूषण भामाशाह सम्मान':राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए किया सम्मानित

किशनगंज के प्रतिष्ठित व्यवसायी और समाजसेवी राजेन्द्र तोषनीवाल को राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है। उन्हें राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 'शिक्षा भूषण भामाशाह सम्मान' प्रदान किया गया। यह सम्मान राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने प्रदान किया। राजस्थान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सहयोग और अभूतपूर्व योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को इस सम्मान से नवाजती है। राजेन्द्र तोषनीवाल लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। शिक्षा के प्रसार, विद्यार्थियों के सहयोग और शैक्षणिक संस्थानों के विकास में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है। किशनगंज में सम्मान मिलने की खबर पहुंचने पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संगठनों के लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया। समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अहम पहचान राजेन्द्र तोषनीवाल एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से पहचान रही है। उनके पिता जुगलकिशोर तोषनीवाल किशनगंज के जाने-माने समाजसेवी हैं। वे एमजीएम मेडिकल कॉलेज किशनगंज के सचिव और बाल मंदिर स्कूल के ट्रस्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजेन्द्र तोषनीवाल को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि किशनगंज जिले के लिए भी गर्व का क्षण है। उनका मानना है कि शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 4:02 pm

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर भूख हड़ताल:पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, अनियमितताओं की जांच की मांग

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन चल रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्र-युवा संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। वहीं, इस आंदोलन के समर्थन में आरा सहित बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सामूहिक उपवास और भूख हड़ताल आयोजित की। पूर्व विधायक शिव प्रकाश रंजन ने कहा कि नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में लगातार अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा मंत्रालय को लेनी चाहिए। उनका कहना था कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से आमरण अनशन चल रहा है, जिसके समर्थन में देशभर में छात्र और युवा संगठन सड़कों पर उतरकर सामूहिक उपवास कर रहे हैं। दोबारा परीक्षा आयोजित करना समाधान नहीं उन्होंने कहा कि केवल दोबारा परीक्षा आयोजित कर देना समाधान नहीं है। जिन छात्रों ने कथित अव्यवस्थाओं के कारण मानसिक तनाव झेला या आत्महत्या जैसा कदम उठाया, उन्हें न्याय कौन देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर आज भी छात्रों के मन में संशय बना हुआ है। इसी कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में आईसा और इंकलाबी नौजवान सभा छात्रों के सवालों और पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में कुव्यवस्था के खिलाफ है छात्र नेत्री वर्षा कुमारी ने कहा कि यह आंदोलन केवल नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में कुव्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का अभाव है और छात्रों को लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि परीक्षा केंद्रों की दूरी, बार-बार बदलती परिस्थितियां और परीक्षा प्रक्रिया में खामियों के कारण छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छात्र मानसिक अवसाद से जूझ रहे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह नहीं बनाया जाता और छात्रों के हितों की रक्षा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 2:55 pm

हरियाणा के ITI छात्रों को मिलेंगे ₹2 हजार महीना:रोजगारोन्मुख शिक्षा पर फोकस, सरकार देगी आर्थिक मदद; 2026-27 एडमिशन जारी

हरियाणा सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ा फैसला लेनी जा रही है। सरकार अब आईटीआई में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को हर महीने करीब 2,000 रुपए का वजीफा देगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को आर्थिक मदद देकर उन्हें तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अनुसार, इस योजना से आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम होगी और अधिक युवा उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल हासिल कर सकेंगे। आर्थिक मदद के साथ स्किल डेवलपमेंट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य में निवेश है। इससे छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और तकनीकी शिक्षा को अधिक आकर्षक व रोजगारोन्मुख बनाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि वित्तीय सहायता और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के इस मॉडल से हरियाणा में कुशल युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। प्रदेश में 377 ITI, करीब 1 लाख सीटें सत्र 2026-27 में हरियाणा के 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इनमें 197 सरकारी ITI, 180 निजी ITI, करीब 1 लाख सीटें, 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड इन संस्थानों में पारंपरिक तकनीकी ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीकों से जुड़े कोर्स भी उपलब्ध हैं। ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (DST) पर जोर सरकार प्रशिक्षण की ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (DST) व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत छात्रों को कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इससे प्रशिक्षु मशीनों, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली का वास्तविक अनुभव हासिल कर सकेंगे और रोजगार के लिए बेहतर तैयार होंगे। 8वीं, 10वीं, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। 8वीं, 10वीं और 12वीं पास विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विभाग ने सभी आईटीआई में विशेष हेल्प सेंटर बनाए हैं, जहां छात्रों को रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज और सीट आवंटन से जुड़ी सहायता दी जा रही है। उद्योगों के साथ व्यावहारिक ट्रेनिंग (DST) पर सरकार का जोर है। 2026-27 प्रवेश प्रक्रिया जारी हैं, हेल्प सेंटर भी शुरू हो गए हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 12:33 pm

शिक्षामंत्री बोले-राजस्थान में सरकारी स्कूल प्राइवेट से आगे:नीति आयोग ने भी माना, कहा-40% से कम रिजल्ट आने पर शिक्षकों को देना होगा जवाब

शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने दावा किया कि पूरे देश में राजस्थान ऐसा एकमात्र प्रदेश है, जहां सरकारी स्कूल प्रदर्शन के मामले में प्राइवेट स्कूलों से आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने भी इस बात का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक, स्टूडेंट्स और अधिकारियों की मेहनत से यह बदलाव संभव हुआ है। दिलावर सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। एक लाख जर्जर कमरों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा ठीक दिलावर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में स्कूल भवनों की समय पर मरम्मत नहीं होने से कई भवन जर्जर हो गए। इसका दुखद परिणाम झालावाड़ की घटना के रूप में सामने आया, जिसमें बच्चों की जान गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकल्प लिया है कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों की पहचान कर ली गई है। जो भवन पूरी तरह अनुपयोगी थे, उन्हें हटाया गया है और जिनकी मरम्मत संभव है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक लाख स्कूल कक्ष जर्जर हैं, इसलिए सभी काम एक साथ संभव नहीं है। इसमें समाज और भामाशाहों के सहयोग की भी जरूरत है। सरकारी स्कूलों के बच्चों का प्रदर्शन बेहतर शिक्षामंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी बेहतर परिणाम देकर यह साबित कर रहे हैं कि वे किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे निजी स्कूल, जिनकी सालाना फीस एक, दो या तीन लाख रुपए तक है, वे भी कई मामलों में सरकारी स्कूलों की बराबरी नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। नीति आयोग ने भी माना राजस्थान मॉडल दिलावर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार देश में सामान्य रूप से प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूलों से आगे हैं, लेकिन राजस्थान इसका अपवाद है। यहां सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर है और यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन रहा है। 40 नंबर से कम परिणाम पर शिक्षक की होगी जवाबदेही शिक्षामंत्री ने कहा कि पहले विद्यार्थी 33 अंक लाकर पास हो जाता था, जिसमें 20 अंक सत्रांक और 13 अंक लिखित परीक्षा के होते थे। अब शिक्षकों से कहा गया है कि यदि उनके विद्यार्थियों का प्रदर्शन 40 प्रतिशत से कम रहता है तो संबंधित शिक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनका इंक्रीमेंट रोका जा सकता है, निलंबन या दूरस्थ स्थान पर ट्रांसफर भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और इसका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है। अच्छा काम करने वाले शिक्षकों का 5 साल तक नहीं होगा ट्रांसफर दिलावर ने कहा कि जो शिक्षक अच्छा काम करेंगे, उनका पांच साल तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। वहीं जिनके काम में कमी मिलेगी, उनका ट्रांसफर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर काम के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। 276 से अधिक भामाशाहों और दानदाताओं का हुआ सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक और एनआरआई दानदाताओं का सम्मान किया गया। इनमें 154 भामाशाह, 99 प्रेरक और 23 एनआरआई दानदाता शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इन सहयोगियों से शिक्षा विभाग को 318 करोड़ रुपए का सहयोग मिला, जिससे सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को गति मिली।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 10:38 am

KSDSU में शिक्षाशास्त्री की वार्षिक परीक्षा शुरू:पहले दिने 170 परीक्षार्थी होंगे शामिल; दो पालियों में 3 जुलाई तक एग्जाम

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्री (बी.एड.) सत्र 2025-27 के प्रथम वर्ष और सत्र 2024-26 के द्वितीय वर्ष की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजित की जा रही है। परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित बहुद्देशीय भवन में किया जा रहा है, जो 3 जुलाई तक चलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। पहली पाली में प्रथम वर्ष के छात्र और दूसरी पाली में द्वितीय वर्ष के छात्र परीक्षा दे रहे हैं। पहले दिन इतने छात्र होंगे शामिल विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, शिक्षाशास्त्री पाठ्यक्रम में प्रत्येक सत्र के लिए 100-100 सीटें निर्धारित हैं। परीक्षा के पहले दिन प्रथम पाली में प्रथम वर्ष के 75 परीक्षार्थी तथा द्वितीय पाली में द्वितीय वर्ष के 95 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रवेश से पहले जांच, पहचान पत्र अनिवार्य परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों की सुविधा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। परीक्षा शुरू होने से पहले मुख्य प्रवेश द्वार पर सभी परीक्षार्थियों की जांच की गई। प्रवेश पत्र के साथ वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही छात्रों को निर्धारित परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जायेगा। कदाचारमुक्त परीक्षा पर विशेष निगरानी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। केंद्राधीक्षक डॉ. घनश्याम मिश्र ने बताया, ‘परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुचारु रूप से संचालित हो रही है। सभी परीक्षा कक्षों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। परीक्षा संचालन में विश्वविद्यालय के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।’ परीक्षा केंद्र पर विशेष कार्य पदाधिकारी (शैक्षणिक) डॉ. रामसेवक झा, डॉ. रामानंद झा, डॉ. निशा, डॉ. ऋद्धिनाथ झा, डॉ. संजीव, गोपाल महतो,अवन कुमार राय, पवन सहनी एवं श्रीधर सहित कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 9:58 am

राज्यमंत्री असीम अरुण ने मेधावियों को किया सम्मानित:फिरोजाबाद में बोले- नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई से शिक्षा में सुधार

फिरोजाबाद में रविवार देर शाम हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस समारोह में प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने संबोधन में राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सरकार की सख्ती के कारण नकल माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश की बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं, और कहीं भी गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली। राज्यमंत्री ने लखनऊ की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेशभर में कोचिंग सेंटर, स्कूल, होटल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असीम अरुण ने मेधावी छात्र-छात्राओं से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। राज्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 9:13 am

RPSC विशेष शिक्षा लेक्चरर भर्ती आवेदन की लास्ट डेट कल:121 पदों पर निकली थी वैकेंसी; जानें RPSC की सभी चल रही भर्तियों की पूरी लिस्ट

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की लास्ट डेट कल (30 जून) है। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 8:27 am

NEET विवाद: कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा

भास्कर न्यूज. कोंडागांव| देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज की। कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता हुई। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। परीक्षा में अनियमितताएं हो रही हैं। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। मरकाम ने राजस्थान के कोटा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के छात्रों के बीच दिए संबोधन का हवाला दिया। कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के बजाय युवाओं को निराशा की ओर धकेल रही है। कहा कि राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को सेलेक्शन सिस्टम के बजाय रिजेक्शन सिस्टम बताया। आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों के सपनों को पूरा करने के बजाय उन्हें मानसिक दबाव और तनाव में डाल रही है। मरकाम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। कहा कि परीक्षाओं की तैयारी में परिवार अपनी बड़ी कमाई कोचिंग, किताबों, फीस पर खर्च करते हैं। अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाता है। कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती रहेगी। मरकाम ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की बात कही। कांग्रेस ने कहा कि नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा। इस मौके पर कांग्रेस जिला महामंत्री जयप्रकाश यादव मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी पहुंचे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:30 am

सरकारी स्कूलों के 14.16 करोड़ के शिक्षा सहयोगियों का सम्मान आज

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों को मजबूत बनाने के लिए आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों और शिक्षा प्रेरकों का जिला स्तरीय सम्मान समारोह सोमवार को दोपहर 3 बजे महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय लेबर कॉलोनी में होगा। समारोह में 7 भामाशाहों को शिक्षा श्री सम्मान तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले एक प्रेरक को शाला प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक राजेंद्र कुमार गग्गड़ ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले के राजकीय विद्यालयों को भामाशाहों की ओर से 14 करोड़ 16 लाख 37 हजार 981 रुपए का आर्थिक सहयोग मिला, जिससे विद्यालयों के विकास कार्यों को नई गति मिली। जिला स्तरीय समारोह में भीलवाड़ा राउंड टेबल (22.32 लाख), कृष्णा राजावत (10 लाख), रतनलाल जाट (13.29 लाख), मदन गोपाल माहेश्वरी (3.50 लाख), जगदीश चंद्र सुथार (1 लाख), शंकरलाल जैन (1 लाख) और राकेश रोशन शर्मा (1 लाख 500 रुपए) को ‘शिक्षा श्री सम्मान’ दिया जाएगा। वहीं, बुद्धि प्रकाश त्रिपाठी को ‘शाला प्रेरक सम्मान’ से नवाजा जाएगा। 30 लाख रुपए से अधिक सहयोग देने वाले अंकित अग्रवाल, सत्यनारायण लढ़ा, राम मुरारी और शशांक दीक्षित का राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयन हुआ है। अनिल कुमार शर्मा और आईजीआरएफ को भी राज्य स्तरीय ‘शाला प्रेरक सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान शिक्षा में जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 4 भामाशाह व 2 प्रेरक राज्य स्तर पर होंगे सम्मानित

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:30 am

सूरजपुर में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव:सांसद चिंतामणि महाराज ने बजाई शिक्षा की घंटी, नवप्रवेशी बच्चों को मिली किताबें और यूनिफॉर्म

सूरजपुर के जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में शनिवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव 2026-27 का आयोजन किया गया। सांसद चिंतामणि महाराज ने शिक्षा की घंटी बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें गणवेश तथा पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस योजना से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने बताया कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के उन विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने ऐसे मेधावी विद्यार्थियों की सूची सूरजपुर कलेक्टर को सौंप दी है। कलेक्टर के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को चेक प्रदान किए जाएंगे। विधायक भूलन सिंह मरावी ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र के एक छात्र को गोद लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे उस छात्र की पढ़ाई-लिखाई और शिक्षा से संबंधित सभी खर्च स्वयं वहन करेंगे, ताकि आर्थिक अभाव उसके उज्ज्वल भविष्य में बाधा न बने। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 10:03 pm

कांग्रेस NEET पेपर लीक पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी:मनेन्द्रगढ़ में एनएसयूआई ने की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने NEET पेपर लीक सहित छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इस अभियान को 'छात्रों की गूंज' नाम दिया गया है, जिसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। इसकी जानकारी एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ने मनेन्द्रगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री पूनम सिंह भी मौजूद रहीं। NEET विवाद से छात्रों का भरोसा टूटा: पूनम सिंह कांग्रेस प्रदेश महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे गड़बड़ी के मामलों से छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के चलते 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई मिलकर छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाएंगी। छात्रों तक पहुंचेगा 'छात्रों की गूंज' अभियान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने बताया कि अभियान के तहत छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग नीरज पांडेय ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और देशभर के विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 8:33 pm

महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:50 pm

बालाघाट में युवा कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान का फूंका पुतला:प्रदेश अध्यक्ष बोले-शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

बालाघाट में रविवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कई मुद्दों को लेकर विरोध यह प्रदर्शन केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा। इसमें किसानों की खाद और बिजली की समस्या, युवाओं को रोजगार, लाडली बहना योजना, महंगाई और आदिवासियों की जमीन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। कार्यकर्ताओं ने इन समस्याओं को लेकर सरकार पर नाराजगी जताई। कार्यक्रम में देरी और कम भीड़ कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय विधायक देरी से पहुंचे। कुछ नेता और विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। इस कारण कार्यक्रम में भीड़ कम नजर आई और कई कुर्सियां खाली रहीं। इसे लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा भी होती रही। सरकार पर साधा निशाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया ने कहा कि नीट जैसी परीक्षा में गड़बड़ी गंभीर मामला है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा कि किसानों को समय पर खाद और बिजली नहीं मिल रही है, जिससे हालात खराब हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर जनविरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि हर वर्ग परेशान है। बयान को लेकर प्रतिक्रिया मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर भी घनघोरिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान गंभीरता को कमजोर करते हैं और नेताओं को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। घनघोरिया ने दावा किया कि जनता सरकार के रवैये को समझ रही है और आने वाले समय में बदलाव देखने को मिलेगा।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 6:35 pm

देवरिया में कांग्रेस का 'युवा अधिकार' कार्यक्रम:बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

देवरिया में जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार के दिन में दो बजे मेहड़ा पुरवा में 'युवा अधिकार' कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के अधिकारों पर चर्चा करना था। इसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय शेखर मल्ल 'रोशन' ने की। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को एक एलईडी स्क्रीन पर 'लाखों-करोड़ों छात्रों के टूटे सपनों की कीमत – कोटा गूंज' विषय पर आधारित वीडियो दिखाया गया। इस वीडियो में बेरोजगारी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के कारण युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों को दर्शाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल 'रोशन' ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता में है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और लगातार हो रहे पेपर लीक से परीक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। जिला प्रवक्ता संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना समय की आवश्यकता है। कांग्रेस पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष भरत मणि त्रिपाठी, अब्दुल जब्बार, जिला कोषाध्यक्ष चंदन वर्मा, जिला महासचिव रत्नेश मल्ल 'पिंटू', कुलदीप सिंह यादव, शिव शंकर सिंह, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष धनंजय यादव, जिला सचिव विनोद दुबे तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष राय सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने युवाओं के अधिकार, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दों को गांव-गांव तथा बूथ स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 5:28 pm

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही:दरभंगा में जमाल हसन ने कहा- बेरोजगारी का सामना कर रहे छात्र

दरभंगा जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) के जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में छात्रों की गूंज विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित कर छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। डॉ. जमाल हसन ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था छात्रों के चयन से अधिक उन्हें असफल घोषित करने वाली व्यवस्था बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र सालों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को निराशा और बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्कूल, कोचिंग, हॉस्टल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर होने वाला खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने शिक्षा को सुलभ, सस्ती और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता कमजोर हुई है, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। शिक्षित युवा आज भी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवा आज भी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को भी पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। डॉ. हसन ने छात्रों के बीच बढ़ती निराशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि शिक्षा और रोजगार से जुड़े संकट की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। नीट परीक्षा से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सतही बदलावों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था की मूल खामियों को दूर करना आवश्यक है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन सृजन अभियान के प्रभारी रजनीकांत पाठक ने भी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर प्रिंस परवेज़, हसमत अली अंसारी, राघवेंद्र कुंवर, भागीरथी देवी, एहसान सिद्दीकी, मोहम्मद वसीम अहमद, नसीम हैदर, हायाघाट प्रखंड अध्यक्ष शादाब अतीकी, मुकेश कुमार सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 4:50 pm

झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के दो अनाथ भाई-बहन को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके अभिभावक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिले के उपायुक्त को दिए हैं। दोनों बच्चों सुशील और मंजू के अनाथ होने से उनकी शिक्षा बाधित होने की जानकारी मिलने ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:41 am

कार्यशाला: शिक्षा में एआई की भूमिका पर हुआ मंथन

बोकारो | चिन्मय विद्यालय, बोकारो में शनिवार को सीबीएसई के तत्वावधान में जिला स्तरीय विचार-विमर्श (डीएलडी) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की समझ विषय पर आयोजित कार्यशाला में जिले के 14 विद्यालयों के प्रतिनिधि शिक्षकों ने भाग लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग पर अपने विचार पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किए। कार्यशाला में निर्णायक मंडल में डॉ. एसके सिंह, सुरेश कुमार और बीके सिंह शामिल रहे। इस अवसर पर विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उपप्राचार्य नरमेंद्र कुमार तथा उपप्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 5:30 am

नीट पेपर लीक:कांग्रेस ने केंद्र व शिक्षा प्रणाली पर खड़े किए सवाल

भास्कर न्यूज | जालंधर नीट पेपर लीक मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी और देहाती) की बैठक जालंधर में हुई। जिला प्रधान पूर्व विधायक राजिंदर बेरी और विधायक स. हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और वर्तमान शिक्षा प्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोला। इस दौरान मंच पर वीडियो स्क्रीन के जरिए राहुल गांधी का बच्चों से उनके भविष्य को लेकर संवाद भी दिखाया गया। कांग्रेस का यह राष्ट्रव्यापी अभियान 25 जून से शुरू होकर 9 अगस्त तक कुल 40 दिनों तक चलेगा। कांग्रेसी कार्यकर्ता इस संदेश को जन आंदोलन बनाकर गांव-गांव और शहर-शहर के घर-घर तक पहुंचाएंगे। आने वाले दिनों में यह आंदोलन सड़कों पर भी दिखाई देगा ताकि देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सके। बैठक में पहुंचे ऑब्जर्वर व पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने सीनियर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए छात्रों की गूंज अभियान को पंजाब के जमीनी स्तर तक ले जाने का ऐलान किया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तुरंत भंग करने की मांग की। जोशी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में लगभग 60-70 बार विभिन्न पेपर लीक हुए हैं, जो सरकारी तंत्र की पूरी तरह विफलता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश का कुल शिक्षा बजट मात्र 1.35 से 1.4 लाख करोड़ रुपये है। इसके विपरीत, देश के साढ़े तीन करोड़ छात्रों के माता-पिता कर्ज लेकर कोचिंग और रहने-खाने पर अपनी जेब से करीब 3.54 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। यह राशि सरकारी बजट से तीन गुना ज्यादा है। उन्होंने मांग की कि इस शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने के लिए बच्चों को मुफ्त शिक्षा और कोचिंग मिलनी चाहिए। पूर्व मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि परीक्षा के दबाव और पेपर लीक के मानसिक तनाव के कारण देश में अब तक लगभग 20-21 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने तंज कसा कि एक निजी कंपनी को ठेका देने के बाद अब पेपर सुरक्षित रखने के लिए फौज का सहारा लिया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। इस मौके पर विधायक सुखविंदर सिंह कोटली, डॉ. नवजोत सिंह दाहिया, सुरिंदर कौर, पूर्व एसएसपी राजिंदर सिंह, बलराज ठाकुर, अमृत भोसले और यूथ कांग्रेस प्रधान अंगद दत्ता सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 5:30 am

ब्राइट माइंड्स पंजाब:332 होनहार विद्यार्थी सम्मानित, शिक्षा मंत्री, सिसोदिया हुए शामिल

भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दशमेश ऑडिटोरियम में शनिवार को ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब-2026' के तहत आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अमृतसर जिले के 332 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शामिल हुए। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की पीजीआई 2.0 रैंकिंग में राज्य के स्कूल शीर्ष स्थान पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान अब ‘उड़ता पंजाब’ नहीं बल्कि ‘पढ़ता पंजाब’ के रूप में बनेगी। बैंस ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दी है। इसके तहत निजी स्कूल फीस और अन्य फंड में सालाना अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में अनुचित फीस वृद्धि करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस कराई जाएगी। नई दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली रटने के बजाय समझ आधारित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार कर सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में बदलाव किया है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली को लेकर सुझाव भी दिए। स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉल रोड अमृतसर की छात्रा टिया को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि टिया का चयन इसरो के एक अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यक्रम के लिए हुआ है। इस अवसर पर विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू, डायरेक्टर स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी) सकत्तर सिंह बल, अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) पल्लवी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी कंवलजीत सिंह, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना सहित शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे। स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के दौरान शिक्षा मंत्री बैंस, मनीष सिसोदिया ।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 5:30 am

दिलावर के बयानों पर डोटासरा बोले-कचरे की बात मत करो:शिक्षा का श लिखना नहीं आता वो शिक्षामंत्री, जिसे कुछ नहीं आता वो मुख्यमंत्री, दिलावर सरकार की बेइज्जती करवा रहे

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को कचरा तक कह दिया। डोटासरा ने कहा कि कचरे की बात ही मत करो। यह तो लोगों को खुद जज कर लेना चाहिए कि वह किस प्रकार का आदमी है? डोटासरा बोले कि मंत्री खर्रा ने कहा है कि भाजपा संगठन और CM मदन दिलावर को संयमित आचरण की सलाह देते हैं। फिर भी असर नहीं हो रहा तो किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए नहीं, तो फिर इनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दो। क्योंकि मदन दिलावर CM और राज्य सरकार का नाम बदनाम कर रहे हैं। मदन दिलावर का आचरण तो जैसा है वैसा ही है। मदन दिलावर ने लक्ष्मणगढ़ में महिला की मौजूदगी में अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। दिलावर लक्ष्मणगढ़ आए तो उन्हें वहां पर क्षेत्र के एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बात करनी चाहिए थी, लेकिन अब उनके बारे में ज्यादा बोलना कुछ ठीक भी नहीं है। डोटासरा शनिवार शाम को सीकर के कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कार्यालय में छात्रों की गूंज अभियान के तहत संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, फतेहपुर विधायक हाकम अली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, निवर्तमान सभापति जीवण खां, NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। स्टूडेंट बोले- नई शिक्षा नीति में कई विसंगतियां संवाद के दौरान स्टूडेंट्स ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी की विसंगतियों के बारे में भी जानकारी दी। स्टूडेंट के जवाब में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 2028 में राजस्थान और 2029 में केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार आएगी तो न्यू एजुकेशन पॉलिसी को रिव्यू किया जाएगा और स्टूडेंट की सहूलियत के हिसाब से संशोधन कर नए और बेहतर नियम लागू किए जाएंगे। डोटासरा बोले- इतिहास मंत्री खर्रा को माफ नहीं करेगा डोटासरा ने कहा कि अगर खर्रा के UDH विभाग का मंत्री होते हुए भी सीकर को नगर निगम का दर्जा नहीं मिला तो इतिहास उनको कभी माफ नहीं करेगा। प्रदेश जिसको शिक्षा का श नहीं आता वह शिक्षा मंत्री है। जिसको शुद्ध रूप से उच्च लिखना नहीं आता, वह उच्च शिक्षा मंत्री है और जिसको कुछ नहीं आता वह प्रदेश का मुख्यमंत्री है। जो व्यक्ति कृषि विभाग में करोड़ों की घोटाले पर एक शब्द नहीं बोल सकता वो किसानों को बर्बाद करने वाला कृषि मंत्री है। पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की मांग करेंगे डोटासरा ने कहा कि सरकार को खुद को आत्महत्या करने वाले NEET स्टूडेंट्स के परिवारों की मदद करनी चाहिए थी। जब लोकसभा और विधानसभा चलेगी तब पीड़ित परिवारों के बड़े पैकेज के लिए पीड़ित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज के लिए और उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए मांग की जाएगी। ताकि वे इस सदमें से उबर सके और अपना जीवन यापन कर सके। मास्टर प्लान लागू नहीं करना तो 80 गांवों को क्यों जोड़ा? मास्टर प्लान को लेकर UDH राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा के दिए बयान के जवाब में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि शिक्षा नगरी सीकर का विकास होना चाहिए। अगर मास्टर प्लान की जरूरत नहीं है तो झाबर खर्रा इसी विभाग के मंत्री हैं तो उन्हें मास्टर प्लान को पूरी तरह निरस्त ही कर देना चाहिए। खर्रा का कहना है कि मास्टर प्लान को 2047 के विजन के हिसाब से तैयार करेंगे। भाजपा सरकार को यदि सीकर का मास्टर प्लान लागू ही नहीं करना था तो फिर 80 गांव को UIT में जोड़ना भी नहीं चाहिए था। ऐसा करके सरकार ने उन 80 गांव की सुविधाओं को भी बंद कर दिया। सरकार नहीं चाहती तो फिर इस नगर परिषद को उल्टा नगर पालिका ही बना दो। छात्रों की गूंज राजनैतिक नहीं, PM को सुझाव देंगे गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम इसीलिए लॉन्च किया है, ताकि स्टूडेंट्स को उनके अधिकारों के बारे में पता चल सके। देश की 5 बड़ी परीक्षाओं पर इतना बजट खर्च हो जाता है जितना शिक्षा और चिकित्सा विभाग का कुल राष्ट्रीय बजट है। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर खर्चा होने के बावजूद पेपर लीक हो जाता है तो बच्चे निराश हो जाते हैं। हमें देश में यह सोच डेवलप करनी है कि सिर्फ 5 बड़ी परीक्षाओं के ऊपर ही कैरियर निर्धारित नहीं होता है बच्चों को अन्य दिशाओं में भी आगे बढ़ाने की जरूरत है। डोटासरा ने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम में किसी प्रकार की राजनीतिक आलोचना नहीं की जाएगी। बल्कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी यह सुझाव दिए जाएंगे कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में किस प्रकार से सुधार किया जा सकता है और बच्चों की आत्महत्या रोकी जा सकती हैं।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 10:16 pm

CSJMU को मिला 'स्वयम्-एनपीटीईएल एप्रिसिएशन अवॉर्ड':यूपी के सरकारी विश्वविद्यालयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, डिजिटल शिक्षा में नंबर वन

डिजिटल और ऑनलाइन पढ़ाई के मामले में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने पूरे प्रदेश में अपना परचम लहराया है। यूनिवर्सिटी को डिजिटल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए इस साल भी 'स्वयम्-एनपीटीईएल एप्रिसिएशन अवॉर्ड' से नवाजा गया है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश के सभी राज्य (सरकारी) विश्वविद्यालयों में सीएसजेएमयू का प्रदर्शन सबसे ऊपर रहा। उत्तर प्रदेश से इस लिस्ट में अवध यूनिवर्सिटी और गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी नए संस्थानों के रूप में अपनी जगह बनाई है। आईआईटी कानपुर में मिला सम्मान, नोडल अफसर ने लिया पुरस्कार यह प्रतिष्ठित सम्मान शनिवार की शाम 6 बजे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सीएसजेएमयू की तरफ से स्वयम्-एनपीटीईएल की नोडल अधिकारी और एसपीओसी डॉ. अंशु सिंह ने यह पुरस्कार लिया। यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन पढ़ाई के इस सरकारी प्लेटफॉर्म पर अपनी भागीदारी लगातार मजबूत की है, जिसका नतीजा है कि इसे दोबारा यह सम्मान मिला है। हजारों छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन, यूनिक लर्नर्स की संख्या भी बढ़ी यूनिवर्सिटी के छात्रों में ऑनलाइन कोर्स को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 के सत्र में कैंपस और इससे जुड़े कॉलेजों के 9400 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि जुलाई 2025 के सत्र में 6971 छात्रों ने इन कोर्स में हिस्सा लिया। वहीं, जनवरी 2026 के सत्र में भी छात्रों ने 1064 अलग-अलग कोर्स चुने, जिसमें 5406 यूनिक लर्नर्स (अकेले छात्रों) के जरिए कुल 7622 कोर्स एनरोलमेंट दर्ज किए गए। कमाल की उपलब्धि 4 छात्रों को मिली एनपीटीईएल इंटर्नशिप, 2 का आईआईटी में चयन इस साल यूनिवर्सिटी के लिए एक और बड़ी खुशखबरी रही। एनपीटीईएल की योजनाओं के तहत सीएसजेएमयू के चार छात्रों को प्रतिष्ठित इंटर्नशिप मिली है। इनमें से दो छात्रों का चयन तो सीधे देश के सबसे टॉप आईआईटी संस्थानों में 'एनपीटीईएल समर इंटर्नशिप' के लिए हुआ है। इसमें से एक छात्र स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज का है और दूसरा छात्र एमसीए डिपार्टमेंट का है। यह कामयाबी दिखाती है कि कानपुर यूनिवर्सिटी के छात्र नेशनल लेवल पर अपनी पहचान बना रहे हैं। घर बैठे मिल रही देश के बड़े दिग्गजों से सीखने की सुविधायूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने शिक्षकों, छात्रों, समन्वयकों और संबद्ध कॉलेजों की पूरी टीम की मेहनत को दिया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को घर बैठे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों के बड़े प्रोफेसरों और विशेषज्ञों से ऑनलाइन पढ़ने का मौका मिल रहा है। डॉ. अंशु सिंह ने कहा कि यह सम्मान हमारी डिजिटल शिक्षा की कोशिशों को और मजबूत करता है। आने वाले समय में यूनिवर्सिटी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों और छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई की मुख्यधारा से जोड़ना है।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 9:34 pm

NEET मुद्दे पर युवक कांग्रेस का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; पुलिस ने पानी की बौछार कर हटाया प्रदर्शन

ग्वालियर में NEET परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में युवक कांग्रेस ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बारादरी चौराहे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने का प्रयास भी किया गया, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बारादरी चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर देश के 22 से अधिक शहरों में छात्रों की गूंज अभियान चलाया जा रहा है और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वाटर कैनन से प्रदर्शनकारी तितर-बितर जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने के कारण बिना अनुमति धरना, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध है। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। जब कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें तितर-बितर कर दिया। कुछ समय तक चौराहे पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त करा दिया। भीड़ को मौके से हटा दिया गयासीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि युवक कांग्रेस ने NEET मामले की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। धारा 163 प्रभावी होने के कारण मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। लगभग 150 प्रदर्शनकारी मौजूद थे, जिन्होंने पुतला दहन का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग कर उसे रोक दिया और भीड़ को मौके से हटा दिया।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 7:46 pm

प्रयागराज में अखिलेश यादव 'विजन इंडिया' पर करेंगे संवाद:होटल रेडिसन में बुद्धिजीवियों से करेंगे मंथन, शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था पर रखेंगे विजन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को प्रयागराज पहुंचेंगे। वे 29 जून को प्रयागराज के होटल रेडिसन में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक 'विजन इंडिया' पर बुद्धिजीवियों से संवाद करेंगे। इस संवाद का मुख्य विषय 'शिक्षा-परीक्षा: क्यों ध्वस्त हुई व्यवस्था' होगा। इस दौरान अखिलेश यादव वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना करेंगे। उनका मानना है कि सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने पेपर लीक और लगातार रद्द हो रही परीक्षाओं को युवाओं के भविष्य के लिए हानिकारक बताया है। इसके अतिरिक्त, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को न भरना, मूल्यांकन और आरक्षण नीतियों में बदलाव, शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ, और प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की है। यादव ने स्पष्ट किया है कि दिखावटी सुधारों से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन की आवश्यकता है। अखिलेश यादव ने 'विजन इंडिया' को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नवाचार, सहयोग और प्रगति का प्रतीक बताया है। इस पहल का उद्देश्य भारत को 'नियो इंडिया' में बदलना है। वे कार्यक्रम में 'प्लान, डेवलप और एसेंट' के माध्यम से अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे। 'प्लान' के तहत भारत के भविष्य की बेहतर परिकल्पना करना और उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करना है जहाँ अवसर मौजूद हैं या चुनौतियाँ खड़ी हैं। 'डेवलप' के लिए संवाद और साझेदारी-आधारित समाधानों को बढ़ावा देना है, ताकि भारत जल्द ही विकसित देशों की श्रेणी में अपना स्थान सुनिश्चित कर सके। वहीं, 'एसेंट' का लक्ष्य नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करना है।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 7:42 pm

शाजापुर में NEET पेपर लीक पर युवक कांग्रेस का प्रदर्शन:हाईवे जाम करने की कोशिश, पुलिस ने वाटर कैनन से रोका; शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया

शाजापुर में शनिवार शाम नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बस स्टैंड पर युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने शहरी हाईवे पर चक्का जाम करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। वाटर कैनन से रोका, पुतला छीनने की कशमकश स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (फायर वाहन) का इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें कीं। करीब 10 मिनट तक युवा कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ते हुए सड़क पर बैठने की कोशिश करते रहे। तनावपूर्ण माहौल के बीच जब कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने के लिए पुलिस के वज्र वाहन में बैठने लगे, तभी एक कार्यकर्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक दिया। पुलिस ने तुरंत पुतला छीनकर पानी से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता जलता हुआ पुतला लेकर दोबारा भाग निकले। लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयंत सिकरवार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीट पेपर लीक कांड से देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है और उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है, वे तत्काल इस्तीफा दें। सिकरवार ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ, तो युवक कांग्रेस शाजापुर की हर गली में उग्र प्रदर्शन करेगी। मृत छात्रों को दी श्रद्धांजलि, बैनर लेकर दर्ज कराया विरोध प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा लीक होने के बाद हताशा में आत्महत्या करने वाले 21 छात्र-छात्राओं को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यकर्ता अपने हाथों में मोदी सरकार पेपर लीक की हत्यारी लिखे हुए बैनर व तख्तियां लेकर चल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे महाघोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के सदस्य और छात्र उपस्थित रहे। देखें तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 7:11 pm

पीलीभीत कांग्रेस ने शिक्षा प्रणाली पर साधा निशाना:बोली- देश की शिक्षा 'रिजेक्शन सिस्टम' बन चुकी है

पीलीभीत में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के देशव्यापी अभियान के तहत शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरप्रीत पाल सिंह चब्बा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विजन के अनुसार, युवा भारत का भविष्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था छात्रों के साथ क्रूर मजाक कर रही है। नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के पेपर लीक होने से देश का युवा गहरे तनाव में है, और कई छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के रवैये को संवेदनहीन और अन्यायपूर्ण बताया। हरप्रीत सिंह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रणाली 'सिलेक्शन' नहीं, बल्कि 'रिजेक्शन' सिस्टम बन चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता इतनी कड़ी है कि 3000 बच्चों में से केवल एक आईएएस बनता है, 30 आईआईटी में जाते हैं और मात्र 180 डॉक्टर बन पाते हैं। 691 युवा मनरेगा जैसे अनौपचारिक कार्यों पर निर्भर उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को 'वसूली तंत्र' की तरह काम करने वाला बताया। उनके अनुसार, स्कूल सिस्टम में आने वाले 1000 छात्रों में से केवल 12 युवाओं को ही सैलरी वाला औपचारिक रोजगार मिलता है, जबकि 691 युवा मनरेगा जैसे अनौपचारिक कार्यों पर निर्भर हैं। कांग्रेस प्रवक्ता हेमंत मिश्रा एडवोकेट ने जानकारी दी कि राहुल गांधी ने पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्तियों में देरी और बेरोजगारी के मुद्दों को देश के सामने मजबूती से रखा है। इसी क्रम में युवाओं को जोड़ने के लिए अगले दिन न्यूरिया नगर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार, हरीश मौर्य, मुनेंद्र सक्सेना, सुशील कुमार एडवोकेट, छात्र कांग्रेस अध्यक्ष राजेश वर्मा, नरेश शुक्ला, रवि लोधी, करनजीत सिंह, इरफान, हरिशंकर, कमल कुमार गौड़ और आशु पटेल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 5:15 pm

नीट-विवाद...कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की:कोंडागांव में मोहन मरकाम ने राहुल गांधी के मुद्दों को दोहराते हुए सरकार पर हमला बोला

देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) को लेकर उपजे विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कोंडागांव के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरकाम ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। उन्होंने इन घटनाओं को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। मोहन मरकाम ने हाल ही में राजस्थान के कोटा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों के बीच दिए गए संबोधन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के बजाय युवाओं को निराशा की ओर धकेल रही है। 'रिजेक्शन सिस्टम' बन गई है शिक्षा व्यवस्था: मोहन मरकाम मरकाम ने राहुल गांधी के बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सिलेक्शन सिस्टम की बजाय रिजेक्शन सिस्टम बताया था। उनका आरोप था कि मौजूदा प्रणाली छात्रों के सपनों को पूरा करने के बजाय उन्हें मानसिक दबाव और तनाव में डाल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। मरकाम ने बताया कि परिवार अपनी गाढ़ी कमाई कोचिंग, किताबों और फीस पर खर्च करते हैं, लेकिन अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाता है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मरकाम ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। कांग्रेस का मानना है कि नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर कांग्रेस जिला महामंत्री जयप्रकाश यादव सहित कई कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 3:32 pm

अजमेर में कांग्रेस बोली- शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ बंद हो:शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, अब स्कूलों-कॉलेजों में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करेगी पार्टी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत शनिवार को अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जनकपुरी गंज क्षेत्र में बैठक आयोजित की। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने NEET पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा- राहुल गांधी छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर हैं, जबकि भाजपा सरकार छात्रों के भविष्य के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक ने देश के लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कांग्रेस डॉ. जयपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस जल्द ही अजमेर के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करेगी। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई जा रही हैं, जो राहुल गांधी का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार की गलत शिक्षा नीति और बढ़ते निजीकरण के कारण आम और गरीब विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राठौड़ ने दावा किया कि यूपीए (UPA) सरकार के समय शिक्षा पर भारी बजट खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के बजट में कटौती कर दी है।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 3:31 pm

एबीवीपी का शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूलने का आरोप; सौंपा ज्ञापन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शनिवार को जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर के नाम 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में एबीवीपी ने आरोप लगाया कि जिले में कई निजी विद्यालय निर्धारित मान्यता से अधिक कक्षाओं का अवैध संचालन कर रहे हैं। इन विद्यालयों में न तो पर्याप्त भवन हैं और न ही योग्य शिक्षकों की व्यवस्था है। परिषद ने ऐसे विद्यालयों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। एबीवीपी ने जिले में संचालित कुछ बीएड और डीएड संस्थानों पर डिग्रियों के व्यापारीकरण तथा विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया। परिषद ने इन संस्थानों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके अतिरिक्त, बेसमेंट एवं असुरक्षित स्थानों पर संचालित निजी कोचिंग संस्थानों की जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई गई। शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते परिषद ने शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और प्राचार्यों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। एबीवीपी का कहना है कि कई शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते या केवल उपस्थिति दर्ज कराकर चले जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे मामलों की जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। एबीवीपी ने यह भी बताया कि शासन के निर्देशों के बावजूद कई निजी विद्यालय विद्यार्थियों पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। परिषद ने इस पर तत्काल रोक लगाने और दोषी विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में शासकीय महाविद्यालय में लंबे समय से अधूरे पड़े रेस ट्रैक निर्माण, निर्माणाधीन चेंजिंग रूम में कथित अनियमितताओं की जांच तथा कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग भी शामिल थी। साथ ही, महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और बड़ौदा तहसील में निर्माणाधीन शासकीय महाविद्यालय का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर पूरा कराने की मांग की गई। ज्ञापन के अंत में एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी हित में संगठन उग्र एवं चरणबद्ध आंदोलन करेगा।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 3:10 pm

RUHS में प्रोफेसर भर्ती पर विवाद:RMCTA ने बताया मेडिकल शिक्षा के लिए खतरा, कमेटी को निरस्त करने की मांग

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) मेडिकल कॉलेज, रिम्स और इससे अटैच हॉस्पिटल में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्ती के लिए सरकार की बनाई स्क्रीनिंग कमेटी का विरोध शुरू हो गया। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) अध्यक्ष ने एक पत्र लिखकर इस भर्ती प्रक्रिया का विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री से इस कमेटी को निरस्त करने और इस तरह भर्ती करने की प्रक्रिया को भविष्य में न करने की मांग की है। दरअसल, मेडिकल एज्युकेशन ने 3 सीनियर डॉक्टरों की एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है। इस कमेटी में SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, RUHS मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर और रिम्स ओएसडी डॉ. अजीत सिंह को शामिल किया है। ये कमेटी RUHS कॉलेज, रिम्स में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग करेगी। इसके लिए ग्रुप-2 के प्रिंसिपल स्पेशलिस्ट और सीनियर स्पेशलिस्ट कैडर के डॉक्टर आवेदन कर सकते है। लेटरल एंट्री बताकर जताया विरोध RMCTA के अध्यक्ष डॉ. धीरज जैफ ने बताया- एक तरफ सरकार रिम्स जैसे उच्च स्तरीय संस्थान विकसित करने की बात कर रही है। जहां उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, उच्च गुणवत्ता की मेडिकल शिक्षा और विश्वस्तरीय शोध की अपेक्षा की जाती है। साथ ही भविष्य में गंभीर रोगियों का रेफरल भी ऐसे संस्थान में होगा। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे संस्थानों में केवल लंबे कार्यानुभव के आधार पर जिनका कोई शैक्षणिक अनुभव नहीं है (ग्रुप-2 के डॉक्टर्स) को सीधे प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर बनाना उचित नहीं है। यह मेडिकल शिक्षा को धूमिल करने वाला है। इससे तो मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता, शोध की उत्कृष्टता और संस्थान की अके​डमिक विश्वसनियता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक शिक्षकों की नियुक्ति सदैव राजस्थान लोकसेवा आयोग के माध्यम से होती है। फिर सीधे प्रोफेसर बनाना कहां तक उचित है? इससे नए युवा चिकित्सकों के अवसर कम होंगे और उनका मनोबल गिरेगा।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 2:26 pm

शिक्षा मंत्री के दफ्तर पर लगी कर्मचारियों की भीड़:खुद को बीमार बताकर दे रहे तबादले की अर्जी, मंत्री ने दिया आश्वासन

राजस्थान में तबादलों से बैन हटने के बाद मंत्रियों के आवास व ऑफिस में कर्मचारियों और उनके परिजनों की भीड़ लग गई। कोटा में शिक्षा एव पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने रामचरण सर्कल स्थित जनसंवाद कार्यालय पर जनसुनवाई की। इस दौरान कार्यालय के बाहर लंबी लाइन देखने को मिली। बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी व आमजन तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान तबादला चाहने वाले सरकारी कर्मचारी व उनके परिजन लाइन में लगे रहे। मंत्री ने लोगों से मिलकर उनकी अर्जियां लीं और उनकी समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया। ज्यादातर लोग कोटा बूंदी बारां व झालावाड़ जिले से आए। मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि ज्यादातर लोग तबादला चाहते हैं। इसी कारण अपनी तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे हैं। इनमें कुछ खुद को बीमार बता रहे हैं। कुछ पिता को बीमार बता रहे हैं। कुछ छोटे-छोटे बच्चे होने की बात कह रहे हैं। कोशिश रहेगी कि जो ज्यादा लंबे समय से दूर हैं, उन्हें राहत देने का प्रयास किया जाएगा। बता दें राजस्थान सरकार ने करीब कुछ समय पहले सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया था। इनमें एकल महिला, विधवा, तलाकशुदा और गंभीर बीमार कर्मचारियों (कैंसर, दिमाग की बीमारी, हार्ट की बीमारी, फेफड़े और किडनी की बीमारी से ग्रसित) को प्राथमिकता दी जाएगी। यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के अलावा निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू है। हालांकि, सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों और चिकित्सा विभाग में तबादलों से बैन नहीं हटाया है।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 10:45 am

वित्त रहित शिक्षा : 75% अनुदान वृद्धि लंबित रहने से शिक्षकों में आक्रोश

वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की रणनीति तेज करने का निर्णय लिया है। मोर्चा के अध्यक्ष मंडल की बैठक शुक्रवार को चंदेश्वर पाठक की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 27 जून को रांची के सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय, धुर्वा में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में राज्यभर के 600 संस्थानों के प्राचार्यों और शिक्षक प्रतिनिधियों के शामिल होंगे। रघुनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, पशुपति महतो, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, मनोज तिर्की, विनय उरांव, संजय कुमार ने संयुक्त रुप से कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के 223 संस्थानों का लंबित अनुदान, 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि, एनईपी 2020 के क्रियान्वयन, शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने और 16 जून को विभागीय सचिव के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति पर अब तक कार्रवाई नहीं होने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मोर्चा ने निर्णय लिया कि 27 जून की बैठक में इन सभी मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 5:30 am

हाईकोर्ट सख्त,शिक्षा विभाग के JD को अवमानना नोटिस:45 दिन में बहाली आवेदन पर निर्णय का था निर्देश, संयुक्त संचालक से जवाब तलब

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के एक मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक (JD) शिक्षा आर.पी. आदित्य को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता संजय साहू की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामला मुंगेली जिले में पदस्थ रहे सहायक कार्यक्रम समन्वयक (समग्र शिक्षा) संजय साहू के निलंबन और बहाली से संबंधित है। संजय साहू को 18 सितंबर 2024 को निलंबित किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बिना विभागीय जांच शुरू किए उन्हें लंबे समय तक निलंबित रखा गया और उनका पक्ष भी नहीं सुना गया। हाईकोर्ट ने दिया था 45 दिन में फैसला लेने का निर्देश संजय साहू ने अपने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को आदेश पारित करते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता द्वारा 12 मार्च को दिए गए आवेदन पर 45 दिनों के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए। आदेश के बावजूद नहीं हुआ निर्णय याचिकाकर्ता का कहना है कि न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने और निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी संयुक्त संचालक कार्यालय, बिलासपुर ने उनके बहाली संबंधी आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया। इसे हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना बताया गया है। भेदभाव का भी लगाया आरोप याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि संयुक्त संचालक ने एक अन्य गंभीर मामले में, जिसमें एक शिक्षक पर बालिका से छेड़छाड़ का आरोप था, उसे मात्र छह दिनों में बहाल कर दिया था। वहीं, उनके मामले में हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अवमानना याचिका पर नोटिस समय-सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर संजय साहू ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संयुक्त संचालक आर.पी. आदित्य के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। अब संयुक्त संचालक को हाईकोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि न्यायालय के आदेश का निर्धारित समय के भीतर पालन क्यों नहीं किया गया।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 8:37 pm

कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मांग उठी:कहा-निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था हो,पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित

देशभर में छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर चल रहे कांग्रेस के छात्रों की गूंज अभियान के तहत गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र के मुस्तफाबाद स्थित आजाद शिखर पॉइंट कोचिंग सेंटर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई। डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद ने कहा कि देश का युवा लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का काम कर रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण कई युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। सालों की मेहनत के बाद झटका कोचिंग संस्थान के निदेशक सोनू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने की पीड़ा वही समझ सकता है जिसने वर्षों की मेहनत के बाद ऐसा झटका झेला हो। उन्होंने कहा कि आज भी लाखों छात्र इसी मानसिक तनाव और अनिश्चितता से गुजर रहे हैं। जवाहर राम ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा और अपनी मेहनत का सम्मान चाहता है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों का विश्वास कमजोर हो रहा है और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। छात्रों के हितों को प्राथमिकता दे सरकार कार्यक्रम के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने भी अपनी बात रखी। छात्रों ने कहा कि उन्हें केवल निष्पक्ष परीक्षा, समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था चाहिए ताकि उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की मांग करते हुए कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 7:02 pm

कांग्रेस ने नीट पेपर लीक पर केंद्र को घेरा:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, जनजागरण अभियान का ऐलान

नीट पेपर लीक प्रकरण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य जन मुद्दों को लेकर करौली में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा सुधार के लिए प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान किया। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उनका आरोप था कि लगातार हो रही अनियमितताओं से विद्यार्थियों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदेशभर में चलेगा जनजागरण अभियान नेताओं ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की मांग को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर लगातार आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। ये रहे मौजूद इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पूर्व जिला अध्यक्ष अलका मीणा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:09 pm

मनोज झा बोले- 'भगवान के साथ भी हो रही धोखाधड़ी':राज्य में सच को दबाने के लिए एनकाउंटर, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर संकट

राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने सहरसा स्थित अपने पैतृक आवास पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, भरत तिवारी एनकाउंटर और बिहार की शिक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। महाकाल के बाद अब राम मंदिर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर मनोज झा ने कहा कि यह सिर्फ विपक्ष का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे श्रद्धा के साथ धोखाधड़ी का मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उज्जैन के महाकाल मंदिर और अब राम मंदिर से जुड़े ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। झा ने कहा कि राम और शिव हिंदू आस्था के सबसे बड़े प्रतीक हैं, लेकिन उन्हें भी नहीं बख्शा गया। सरकार मामले की लीपापोती कर रही उन्होंने टिप्पणी की कि इंसानों के साथ धोखाधड़ी तो सुनी थी, अब भगवान के साथ भी धोखाधड़ी हो रही है। उनका आरोप था कि सरकार पूरे मामले की लीपापोती करने में लगी है, जिसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। एफआईआर दर्ज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी सैकड़ों एफआईआर देखी हैं, जो केवल मामले को रफा-दफा करने के लिए दर्ज की जाती हैं। नीतीश को सीएम बनाने का जनादेश भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर मनोज झा ने बिहार सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में सच को दबाने के लिए एनकाउंटर का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनादेश दिया था, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्रों के जरिए उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रोशन आनंद और खान सर के बीच चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि बिहार की शिक्षा और कानून व्यवस्था दोनों गंभीर संकट से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है,जिसके कारण निजी कोचिंग संस्थानों का विस्तार हो रहा है। उनका मानना था कि जब तक सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी,तब तक ऐसे विवाद और समस्याएं सामने आती रहेंगी।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 3:57 pm

पेपर के बाद अब किताबें भी लीक:कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र, शिक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग

NCRT की ओर से नकली और पायरेटेड किताबों को लेकर जारी चेतावनी के बाद कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है। पत्र में लिखा कि पेपर लीक के बाद अब किताबों के लीक होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अभिभावकों और विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही पार्टी ने शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाने और राष्ट्रपति से प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय देने की मांग भी की गई है और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है। एनसीईआरटी के सर्कुलर पर उठाए सवाल पत्र में कहा गया है कि जब देश की सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्था एनसीईआरटी को अपनी ही किताबों की पायरेसी को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ रही है तो यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस का आरोप है कि केवल सर्कुलर जारी करना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा माफियाओं पर लगाए आरोप कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस, निर्धारित दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने की मजबूरी तथा शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण से अभिभावक परेशान हैं। ऐसी परिस्थितियों से शिक्षा माफियाओं को फायदा मिल रहा है। 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू कांग्रेस ने शिक्षा माफियाओं और परीक्षा से जुड़े मामलों के विरोध में 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की समिति से जांच की मांग कांग्रेस ने राष्ट्रपति से पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त राष्ट्रीय नीति और कानून बनाने की भी अपील की है। पेपर लीक पर सख्त सजा की मांग पत्र में मांग की गई है कि पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं के लिए मृत्युदंड और पेपर खरीदने वालों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए। कांग्रेस का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल होगा। राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा विवेक त्रिपाठी ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस विषय पर विस्तृत जानकारी देने के लिए कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 3:51 pm

स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादले को लेकर लगाई कैविएट:28 से 30 जून के बीच जारी होंगे आदेश, संयुक्त संचालक व प्राचार्यों के तबादले भी हुए

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक तबादलों को लेकर शिक्षकों के विरोध को दरकिनार करते हुए अब संभावित कानूनी चुनौती से निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी है। विभाग ने स्थानांतरण आदेश जारी करने से पहले हाईकोर्ट में कैविएट दायर कर दी है। इसके साथ ही संयुक्त संचालक, प्राचार्य और अन्य अधिकारियों के तबादला आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले सहायक संचालकों की पदस्थापना के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अब 24 जून तक ऑनलाइन प्राप्त स्वैच्छिक तबादला आवेदनों के आधार पर भी जल्द आदेश जारी किए जाएंगे। हाईकोर्ट में याचिकाओं की आशंका, इसलिए पहले दायर की कैविएट लोक शिक्षण संचालनालय ने विभागीय स्थानांतरण नीति-2026 के तहत संभावित कानूनी विवादों को देखते हुए कैविएट सूचना जारी की है। विभाग के अनुसार प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण आदेश 28 से 30 जून 2026 के बीच जारी किए जाएंगे। विभाग को आशंका है कि तबादलों के बाद कई कर्मचारी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में न्यायालय विभाग का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश जारी न करे, इसके लिए पहले से ही कैविएट दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संचालनालय ने 25 जून को इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी कर कर्मचारियों और आमजन को भी अवगत कराया है। क्या होता है कैविएट कैविएट एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोई भी पक्ष अदालत से यह आग्रह करता है कि यदि उसके खिलाफ कोई याचिका दायर हो तो बिना उसका पक्ष सुने कोई आदेश पारित न किया जाए। इससे विभाग को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और एकतरफा स्थगन आदेश की संभावना कम होगी। संयुक्त संचालकों के तबादले, कई अफसरों को नई जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग ने संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारियों के तबादले भी जारी कर दिए हैं। इनमें प्रमुख रूप से— 10 प्राचार्यों के भी तबादले विभाग ने 10 प्राचार्यों के तबादला आदेश भी जारी किए हैं। इससे पहले कई सहायक संचालकों को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) बनाया जा चुका है। वहीं कई प्राचार्यों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और अन्य प्रशासनिक पदों पर पदस्थ किया गया है। कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) के तबादले भी पहले ही हो चुके हैं। सस्पेंड रह चुके अफसर को सौंपी ग्वालियर संयुक्त संचालक की कमान लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी तबादला आदेशों पर भी सवाल उठने लगे हैं। आयुक्त कार्यालय से जारी सूची में धर्मेंद्र शर्मा को भोपाल का संयुक्त संचालक बनाया गया है, जबकि भोपाल डीपीसी की जिम्मेदारी सहायक संचालक सिद्धार्थ जैन को सौंपी गई है। वहीं, ग्वालियर में जिला शिक्षा अधिकारी रहते हुए आयुक्त कार्यालय द्वारा निलंबित किए जा चुके एक सहायक संचालक को उच्च पद का प्रभार देते हुए प्रभारी संयुक्त संचालक, ग्वालियर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा जबलपुर में प्रभारी संयुक्त संचालक बनाए गए घनश्याम सोनी के विरुद्ध भी विभागीय जांच लंबित होने की जानकारी सामने आई है। जल्द जारी होंगे स्वैच्छिक तबादला आदेश विभाग ने 24 जून तक स्वैच्छिक तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। इन आवेदनों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब स्वैच्छिक तबादलों की सूची भी जारी की जाएगी। विभाग का कहना है कि सभी आदेश निर्धारित समय-सीमा के भीतर जारी किए जाएंगे। शिक्षकों के विरोध के बीच आगे बढ़ी प्रक्रिया गौरतलब है कि स्वैच्छिक तबादला नीति को लेकर प्रदेशभर में शिक्षकों के एक वर्ग ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया जारी रखी और अब आदेश जारी करने से पहले कानूनी मोर्चे पर भी तैयारी पूरी कर ली है। इससे साफ है कि इस बार तबादला प्रक्रिया को किसी भी न्यायिक बाधा से बचाने के लिए विभाग पहले से सतर्क है।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 2:22 pm

सोनीपत में आज ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक:शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा करेंगे अध्यक्षता; आमजन की शिकायतें सुनकर अधिकारियों को देंगे आवश्यक दिशा-निर्देश

सोनीपत में ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक का आयोजन शुक्रवार को किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री एवं कमेटी के अध्यक्ष महिपाल ढांडा करेंगे। इस दौरान वे आमजन की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को मौके पर सुनेंगे और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। सुबह 10:30 बजे होगी बैठक उपायुक्त नेहा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून, शुक्रवार को ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक सुबह करीब 10:30 बजे मिनी सचिवालय की तीसरी मंजिल पर आयोजित होगी। बैठक में हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री एवं कमेटी के अध्यक्ष महिपाल ढांडा मौजूद रहेंगे। आमजन की समस्याएं सुनेंगे मंत्री बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आमजन की अलग-अलग प्रकार की समस्याओं को मौके पर सुनेंगे। प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। सभी विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में प्रस्तुत होने वाली शिकायतों पर संबंधित विभागों की ओर से रिपोर्ट पेश की जाएगी और मौके पर ही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 6:51 am

बिल जमा होने के बाद भी काट दी बिजली शिक्षा विभाग का कामकाज दिनभर ठप

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा शहर की बिजली व्यवस्था संभाल रहीं कंपनी सिक्योर की कथित लापरवाही के चलते गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक कार्यालय का कामकाज दिनभर ठप रहा। हैरत की बात यह रही कि विभाग की ओर से बिजली बिल समय पर जमा कराने के बावजूद कनेक्शन काट दिया। जिससे आरटीई पुनर्भरण सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10.30 बजे जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक कार्यालय की बिजली अचानक बंद हो गई। शुरुआत में कर्मचारियों ने इसे सामान्य कटौती समझा, लेकिन काफी देर तक आपूर्ति बहाल नहीं होने पर सिक्योर कार्यालय से संपर्क किया गया। वहां से बताया गया कि बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण कनेक्शन काटा गया है। इस पर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने 23 जून को 18,967 रुपए का बिजली बिल जमा कराने की जानकारी देते हुए भुगतान रसीद उपलब्ध कराई। इसके बाद सिक्योर के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कार्यालय की विद्युत लाइन की जांच की, जहां सब कुछ सामान्य मिला। विभाग की ओर से बिल राशि जमा कराने के बावजूद कंपनी स्तर पर उसका टोकन जनरेट ही नहीं किया था। महत्वपूर्ण काम प्रभावित बिजली बंद रहने से कार्यालय में पूरे दिन कोई कार्य नहीं हो सका। वर्तमान में निजी विद्यालयों के आरटीई पुनर्भरण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण से संबंधित कार्य भी जारी है। इसके लिए विभिन्न ब्लॉकों से बाबुओं और कार्मिकों को डीईओ कार्यालय बुलाया था, लेकिन बिजली नहीं होने से सभी कार्य प्रभावित रहे। कर्मियों का कहना है कि यदि टोकन जनरेट होने में देरी हुई तो बिजली बहाली में सोमवार तक का समय लग सकता है। ^सिक्योर के लेवल पर लापरवाही नहीं रहीं। डीईओ कार्यालय में प्री पेड मीटर लगा है। उसका बिल ट्रेजरी के माध्यम से जमा हुआ है। इसका हमको पता नहीं चलता। ट्रेजरी से जमा बिल को के-नंबर से जोड़ा। इसके बाद बिजली निगम ने टोकन नंबर जनरेट किया। शाम 6 बजे डीईओ कार्यालय को टोकन दे दिया गया। -सुनीत माथुर, सिक्योर हेड भीलवाड़ा

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:30 am

डिजाइन शिक्षा का नया अध्याय... राज्यपाल कटारिया ने की वीसीडी कॉलेज की शुरुआत

उदयपुर } वीसीडी कॉलेज ऑफ डिजाइनिंग में आयोजित समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासन के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भारतीय फैशन एवं आंतरिक सज्जा संस्थान, भोपाल रचना एवं डिज़ाइन विद्यालय तथा वीसीडी कॉलेज ऑफ डिजाइनिंग के मध्य शैक्षणिक सहयोग का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि कौशल आधारित एवं व्यवहारिक शिक्षा भी प्रदान की जानी चाहिए, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ सके। महामहिम के महाविद्यालय पहुंचने पर पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के अनुसार ढोल-नगाड़ों, तिलक, पुष्पगुच्छ एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। महाविद्यालय के निदेशक अंकुर मेहता एवं निदेशिका सुलभा मेहता ने शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। समारोह में विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए अतिथियों का सम्मान किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। शैक्षणिक सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों को कौशल आधारित तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर 15 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।राज्यपाल कटारिया ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने चाहिए, जिससे विद्यार्थी व्यावहारिक रूप से अधिक सक्षम बन सकें। समारोह में INIFD चंडीगढ़ से अनीता कौशिक, मानव कौशिक एवं भानु शर्मा, BRDS से डॉ. भंवर राठौड़, INIFD अहमदाबाद से एस. भंसाली एवं प्रीति भंसाली सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का भी सम्मान किया गया।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:30 am

दिलावर: डोटासरा महामूर्ख, भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हुए हैंडोटासरा: जिसे शिक्षा का ‘श’ नहीं आता, उसे शिक्षामंत्री बनाया

जयपुर| प्रदेश की राजनीति में इन दिनों पीसीसी चीफ डोटासरा और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के बीच तीखी राजनीतिक लड़ाई चर्चा का केंद्र है। एसीबी एफआईआर और भ्रष्टाचार के आरोपों से शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत टिप्पणियों और खुले राजनीतिक हमलों तक पहुंच गया है। दोनों प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता भी इस टकराव में खुलकर उतर आए हैं। इससे प्रदेश की राजनीति का तापमान लगातार बढ़ रहा है। उधर, डोटासरा की ओर से किरोड़ीलाल पर लगातार दिए जा रहे बयानों को लेकर शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा संकुल में कहा कि डोटासरा जी जिस प्रकार की बातें कर रहे हैं वैसी कोई महामूर्ख ही कर सकता है। डोटासरा खुद भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हैं और दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ACB-FIR से शुरू हुई जंग, अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंची कुछ नियुक्तियों में गलती हुई : डोटासरा डोटासरा ने स्वीकारा कि कांग्रेस सरकार के दौरान मुझसे गलतियां हो गईं, कुछ बेईमान लोगों को अच्छी जगह पर रखवा दिया। शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा, जिसे शिक्षा का “श’ नहीं आता, उसे शिक्षामंत्री बना दिया गया है। कहानियों से पाप नहीं धुलेंगे: किरोड़ी डोटासरा के आरोपों पर किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। कहानियां गढ़ने से राजनीतिक पाप नहीं धुल सकते। डोटासरा के समर्थन में उतरे गहलोत पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस विवाद में हस्तक्षेप करते डोटासरा का बचाव किया। दावा किया कि अब जब स्वयं किरोड़ी पर सवाल उठे हैं तो वे तिलमिला गए हैं और जांच एजेंसियों पर दबाव में काम करने के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का कांग्रेस पर वार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने के कारण बेचैन है और उसकी राजनीति आज भी पुराने ढर्रे पर चल रही है। डोटासरा बनाम किरोड़ी: प्रदेश की राजनीति में छिड़ा नया संग्राम; गहलोत, दिलावर व राठौड़ मैदान में

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:30 am

चिकित्सा शिक्षा विभाग:एसओपी में ‘सफेद गाउन’, हकीकत, पीबीएम में जिस साड़ी में घर से आती हैं महिलाएं उसी में कर दिया जाता है ऑपरेशन

चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों के लिए जारी की गई एसओपी पर काम शुरू हो गया है। शुक्रवार तक सभी एचओडी को रिपोर्ट पेश करनी है। पीबीएम अस्पताल की 89 साल पुरानी बिल्डिंग में उसका कितना पालन हो सकेगा, कहना मुश्किल है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी ऑपरेशन थिएटर की एसओपी में स्पष्ट लिखा है कि मरीज को ऑपरेशन थिएटर में भेजने से पहले सफेद गाउन पहनाना जरूरी है, लेकिन भास्कर पड़ताल में सामने आया कि पीबीएम अस्पताल में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। खासकर जनाना विंग की बात करें तो प्रसूताएं जिस हालत में आती हैं, उसी हालत में उन्हें ऑपरेशन थिएटर में लिया जाता है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उन्हीं वस्त्रों में बाहर भेजा जाता है, जो प्रसूता घर से पहनकर आई थी। आम तौर पर हरे रंग की एक चद्दर से प्रसूता को ढका जाता है, जिसे सफाईकर्मी वापस ले जाती है। वही चद्दर दूसरी प्रसूता के काम आती है। वार्ड में बेडशीट भी मैली मिलती है। उस पर खून के सूखे हुए दाग-धब्बे नजर आते हैं। ऐसा ही हाल लेबर रूम का है। वहां तो एक बेड पर दो-दो प्रसूताओं को लेटना पड़ता है। गौरतलब है कि पीबीएम जनाना अस्पताल में डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की किडनी फेल हुई थी, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। कोटा, जोधपुर और नागौर में भी इस प्रकार की घटनाएं होने पर सरकार ने सरकारी अस्पतालों के लिए एसओपी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में ओटी का प्रोटोकॉल गाइडलाइन के तहत संचालित होता है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण इसकी अनदेखी कर दी जाती है। भास्कर इनसाइट- 90 हजार की ओपीडी, 27 हजार महिलाएं भर्ती हो रहीं पीबीएम अस्पताल की बिल्डिंग 89 साल पुरानी है। जाहिर है जनाना ओटी भी उतना ही पुराना है। इन सालों में मरीजों की संख्या बढ़कर साल में 90 हजार तक पहुंच गई है, लेकिन आधारभूत सुविधाएं नहीं बढ़ सकीं। जनाना में पांच ऑपरेशन थिएटर हैं। रोज औसत 50 महिलाओं के विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन होते हैं, जिनमें 20 मेजर और 30 माइनर सर्जरी होती है। इनमें 30 से 40 का आंकड़ा प्रसव का है। एक साल में करीब 27 हजार महिलाएं भर्ती होती हैं। दस हजार के नॉर्मल और लगभग सात हजार महिलाओं के सिजेरियन डिलीवरी होती हैं। वार्डों में वेंटिलेशन तक नहीं है। जनाना टॉयलेट की सफाई ही नहीं होती। वहां डिब्बा तक नहीं मिलता। महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। चिकित्सा मंत्री और प्रमुख शासन सचिव के दौरे के बाद यह कमियां सामने आईं तो प्रशासन हरकत में आया है। नोडल प्रभारी से लेकर वार्ड इंचार्ज तक को नोटिस जारी प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के दौरे के दौरान पीबीएम अस्पताल में सामने आई खामियों को लेकर अधीक्षक की जमकर खिंचाई की थी। वापस जयपुर लौटते वक्त भी उन्होंने अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने की हिदायत दी। राठौड़ के दौरे का असर अब नजर आने लगा है। अधीक्षक ने ताबड़तोड़ नोटिस देने शुरू कर दिए हैं। एमएनडीवाई के नोडल अधिकारी डॉ. संजय लोहड़ा, वार्ड इंचार्ज और सुपरवाइजर से लेकर सफाई ठेकेदार तक को नोटिस जारी किए हैं। व्यवस्थाओं में सुधार करना तो दूर की बात, मीडिया में आ रही खबरों के लिए भी नर्सिंग स्टाफ को दोषी ठहराया जा रहा है। आईसीयू में भर्ती कमला की हालत गंभीर सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से मेडिसिन आईसीयू में भर्ती की गई कमला की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके खून की उल्टी हुई है। कमला के 15 दिन के अंतराल में दो बार ऑपरेशन हो चुके हैं। उसे एम्स जैसे उच्च संस्थान में रेफर करने पर विचार किया जा रहा है। उधर, तारा की हालत में काफी सुधार है। उसे एक-दो दिन में छुट्टी दी जा सकती है। चिकित्सा निदेशालय ने एसओपी जारी की है। उसका पालन कराया जाएगा। ऑपरेशन वाले मरीजों के लिए गाउन और अलग से कपड़ों के लिए सरकार से बजट मांगा जाएगा। -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:30 am

यूपीपीएससी ने जारी किया व्याख्याता के 59 पदों का परिणाम:प्राविधिक शिक्षा विभाग में चयन, मई में हुआ था साक्षात्कार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत व्याख्याता (लेक्चरर) के 59 पदों पर भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। यह परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in पर देखा जा सकता है। आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विज्ञापन संख्या ए-7/ई-1/2021 के माध्यम से व्याख्याता फार्मेसी के 22 पदों, व्याख्याता टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के 36 पदों और व्याख्याता आर्किटेक्चर के 01 पद के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इन कुल 59 पदों के लिए साक्षात्कार 4, 5 और 6 मई 2026 को किए गए थे। इन साक्षात्कारों के आधार पर 59 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम में जिन अभ्यर्थियों के नाम के आगे 'प्रोविजनल' शब्द अंकित है, उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर अपने वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यह चयन परिणाम माननीय उच्च न्यायालय में योजित विशेष अपील संख्या-475 (डी)/2019 में आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। आयोग ने यह भी सूचित किया है कि परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक और कट-ऑफ अंक की जानकारी शीघ्र ही वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी, जिसके चलते सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत इस संबंध में अलग से कोई प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 11:10 pm

जिलाध्यक्ष बोले-'भाजपा कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त':गोपालगंज में NEET-CBSE पेपर लीक पर कांग्रेस का हल्लाबोल

गोपालगंज में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने नीट और सीबीएसई पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। यह प्रेस वार्ता कांग्रेस के देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान का हिस्सा थी। इसमें जिलाध्यक्ष ने भाजपा सरकार की कथित छात्र विरोधी नीतियों की आलोचना की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी विफल गर्ग ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा प्रणाली ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता समाप्त हो चुकी है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाएं विफल साबित हुई हैं। उन्होंने आगे कहा, सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य चंद माफियाओं और भ्रष्टाचारियों के हाथों में बेच दिया गया है। पेपर लीक अब कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क बन चुका है। प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल जिलाध्यक्ष ने सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और माफियाओं तक पहुंच जाते हैं, तो सरकार और शिक्षा मंत्रालय क्या कर रहा था? उन्होंने यह भी पूछा कि नीट और सीबीएसई की गड़बड़ियों के कारण करोड़ों छात्रों में पैदा हुए अविश्वास और मानसिक तनाव की भरपाई कौन करेगा। गर्ग ने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ खड़ी प्रेस वार्ता के अंत में, जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किया और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो 'छात्रों की गूंज' आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक और उग्र रूप लेगा।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 9:35 pm

सीवान में कांग्रेस का छात्रों की गूंज अभियान शुरू:शिक्षा-रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी, 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा आंदोलन

सीवान जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा, परीक्षा और रोजगार नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। इस दौरान पार्टी की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ नामक अभियान की शुरुआत की घोषणा की गई। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा और इसके माध्यम से छात्रों, युवाओं तथा अभिभावकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने का आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और छात्रों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल सुशील कुमार ने कहा कि देश में लाखों छात्र उच्च शिक्षा और रोजगार की उम्मीद के साथ तैयारी करते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम को अवसर मिल पाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में शिक्षा छात्रों के लिए सफलता का माध्यम बनने के बजाय निराशा और असफलता का कारण बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा सम्मानजनक रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष को और तेज करेगी। पार्टी का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। पेपर लीक ने छात्रों का भविष्य किया प्रभावित जिला उपाध्यक्ष शशि कुमार ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी छात्रों को निष्पक्ष अवसर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को तनाव, अनिश्चितता और असुरक्षा नहीं बल्कि अवसर, अधिकार और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए। कांग्रेस इसी मांग को लेकर अभियान चला रही है। छात्रों की समस्याओं को मिलेगा मंच अति पिछड़ा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने कहा कि यदि किसी छात्र ने पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता या महंगी फीस की समस्या झेली है तो ‘छात्रों की गूंज’ उसी छात्र की आवाज़ बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान की मांग करने का प्रयास है। मैरवा प्रखंड अध्यक्ष पवन यादव ने दावा किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र और उनके परिवार हर साल भारी आर्थिक बोझ उठाने को मजबूर हैं। कोचिंग, आवेदन शुल्क और अन्य खर्चों के कारण गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। बेरोजगारी और भविष्य की चिंता भी प्रमुख मुद्दा युवा नेता अमित कुशवाहा ने कहा कि करोड़ों युवा लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद बेरोजगारी, तनाव और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है। पचरूखी प्रखंड अध्यक्ष विकास तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज उठाने वालों को निशाना बना रही है। वहीं सदर प्रखंड अध्यक्ष कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि सरकार से सवाल पूछने वालों को अलग-अलग नाम देकर बदनाम करने की राजनीति की जा रही है। 9 अगस्त तक चलेंगे विभिन्न कार्यक्रम कांग्रेस नेताओं ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से छात्रों, युवाओं और अभिभावकों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा। पार्टी का कहना है कि शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर जनदबाव बनाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 8:22 pm

बुरहानपुर में कांग्रेस चलाएगी 'छात्रों की गूंज' अभियान:पेपर लीक के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेगी

बुरहानपुर में ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक रविंद्र महाजन ने गुरुवार को शाहपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों और युवाओं के ज्वलंत मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान के तहत युवाओं और विद्यार्थियों के मुद्दों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। महाजन ने शिक्षा प्रणाली की आलोचना की और नीट पेपर लीक मामले में सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार पेपर लीक होने दे रही है ताकि युवाओं को नौकरी न देनी पड़े। कांग्रेस की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है और परीक्षाओं में सरकार को लाभ हो रहा है, जबकि विद्यार्थियों और अभिभावकों का पैसा खर्च हो रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को ही खकनार में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थी और शिक्षाविद् मौजूद रहे। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रविंद्र महाजन ने छात्रों से संवाद करते हुए वर्तमान में हुए पेपर लीक घोटाले, शिक्षा के व्यवसायीकरण और मौजूदा सरकार की शिक्षा नीतियों की कमियों पर चर्चा की। इस अवसर पर कांग्रेस नेता अशोक पाटील, निखिल खंडेलवाल, किशोर खांडवेकर, मुरलीधर महाजन, शैलेश इंगले, मुकेश महाजन, बलवंत पाटील, गिरीश बाविस्कर और आरती लांडे सहित कई अन्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 5:36 pm

मधेपुरा में कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:पेपर लीक, बेरोजगारी पर शिक्षा व्यवस्था को बताया 'रिजेक्शन सिस्टम'

मधेपुरा में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सौरभ ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अब छात्रों के चयन का नहीं, बल्कि उन्हें बाहर करने का माध्यम बन गई है। उन्होंने इसे 'रिजेक्शन सिस्टम' करार दिया। 3,000 छात्रों में से केवल 1 आईएएस बनता उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 3,000 छात्रों में से केवल एक आईएएस, 30 आईआईटी और 180 डॉक्टर बन पाते हैं, जबकि हजारों युवाओं की वर्षों की मेहनत और सपने अधूरे रह जाते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े भारी आर्थिक बोझ पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक छात्र पर औसतन छह लाख रुपये तक खर्च होते हैं। देशभर के 22 लाख नीट अभ्यर्थियों के परिवार हर साल लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जो पूरे देश के शिक्षा बजट (लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये) के लगभग बराबर है। परीक्षाओं की तैयारी में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च सौरभ ने दावा किया कि एसएससी, यूपीएससी, आरआरबी, जेईई और नीट जैसी शीर्ष पांच परीक्षाओं की तैयारी पर हर साल करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यह राशि कई मंत्रालयों के संयुक्त बजट और शिक्षा बजट से भी अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था स्कूल, ट्यूशन, कोचिंग, हॉस्टल, पेपर लीक, सीबीएसई की गड़बड़ियों और 18 प्रतिशत जीएसटी के बीच फंसकर पूरी तरह से वसूली तंत्र बन गई है। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से बढ़ा तनाव उन्होंने आगे कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप आत्महत्या के मामलों में भी लगभग 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह व्यवस्था छात्रों और उनके अभिभावकों से पैसे वसूलने का एक तंत्र बन चुकी है। रोजगार की स्थिति को भी चिंताजनक बताते हुए उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत किए। 1,000 छात्रों में से सिर्फ 12 को ही स्थायी नौकरी मिल पाती है। वहीं, 691 युवा गिग वर्क, मनरेगा और स्वरोजगार जैसे असंगठित क्षेत्रों में काम करने को मजबूर हैं, जबकि 297 युवा पूरी तरह से बेरोजगार हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के लगभग 80 प्रतिशत इंजीनियर भी रोजगार से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। जिलाध्यक्ष बोले-सरकार पारदर्शी परीक्षाएं कराने में असफलजिलाध्यक्ष ने कहा कि नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने में असफल साबित हुई है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने, कोचिंग उद्योग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता अनिल कुमार, संजय कुमार यादव आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 4:59 pm

NCERT की किताब में इमरजेंसी का जिक्र सही:केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- युवाओं को काले कारनामे की जानकारी होना जरूरी

राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल के दौर के बारे में एक सेक्शन शामिल किया है। इसको लेकर चंडीगढ़ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि NCERT ने सही किया है क्योंकि ऐसे काले कारनामे के बारे में देश की अगली पीढ़ी की जानना चाहिए, ताकि दोबारा ऐसा न हो। बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस फैसला का समर्थन किया है। वहीं कांग्रेस ने इस पर कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां भी सत्ता में होती है, वहां वह अपने हिसाब से इतिहास को पेश करने की कोशिश करती है। इंडिया एंड बियॉन्ड' में इमरजेंसी पर एक सेक्शन शामिल किया है। अब इसी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। बीजेपी के तमाम नेता जहां इसके लिए कांग्रेस को कोसते हुए NCERT की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के नेता इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। 2 प्वाइंटर में समझते हैं प्रधान के बयान को... ​1. इमरजेंसी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का समर्थन ​केंद्रीय मंत्री ने NCERT द्वारा स्कूली किताबों में आपातकाल (1975 की इमरजेंसी) से जुड़े घटनाक्रमों को शामिल करने या उसे पढ़ाए जाने के फैसले का खुलकर बचाव किया। उन्होंने आपातकाल को देश के इतिहास का एक काला कारनामा बताया। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ियों (भविष्य की पीढ़ी) को यह जानना, पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है कि उस दौर में क्या हुआ था। ​2. 'A' टीम और 'B' टीम का जिक्र ​जब एक पत्रकार ने उनसे इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों के विरोध या किसी 'प्लान बी' के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने विरोध करने वालों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग या राजनीतिक दल हैं, जिनके मन में देश की प्रगति और विकास को लेकर एक तरह की कुंठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के हर फैसले का विरोध करने वाले लोग अलग-अलग रूप बदलकर सामने आते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इनमें से कोई 'A' टीम (मुख्य विपक्षी दल) बनकर आता है, तो कोई 'B' टीम (उन्हें परोक्ष रूप से समर्थन देने वाले दल या संगठन) बनकर एजेंडा चलाता है। बयान से ये दिया मैसेज ​धर्मेंद्र प्रधान के इस बयान का सीधा मैसेज यह है कि सरकार इतिहास के उन हिस्सों (जैसे आपातकाल) को नई पीढ़ी के सामने लाने के पक्ष में है जिसे वह कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार की बड़ी भूल मानती है, और इस पर राजनीति करने वालों को वे देश के विकास में बाधक या 'कुंठित' मानसिकता का हिस्सा मानते हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 3:18 pm

शिक्षामंत्री ने कहा- डोटासरा महामूर्ख और भ्रष्टाचारी:दिलावर बोले- यह चरित्रहीन के पतिव्रता महिला पर आरोप लगाने जैसा रवैया; किरोड़ी सोना जैसे खरे

जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। वे अपनी छवि बचाने के लिए दूसरे नेताओं पर आरोप लगाते रहते हैं। दिलावर ने कहा- मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है। दिलावर ने कहा- डोटासरा महामूर्ख और बेईमान हैं। शिक्षा संकुल में स्टेट ओपन स्कूल कार्यालय में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मीडिया से बातचीत के दौरान मदन दिलावर ने यह कहा। दिलावर ने कहा- समझदार व्यक्ति इस तरह की बयानबाजी नहीं करता, लेकिन डोटासरा लगातार राजनीतिक आरोप लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। दिलावर ने कहा- जिस प्रकार कोई चरित्रहीन किसी पतिव्रता महिला पर आरोप लगाए, डोटासरा का रवैया भी वैसा ही है। कहा- किरोड़ी लाल सोने की तरह खरे मदन दिलावर ने कहा- डोटासरा भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हुए हैं। जनता का ध्यान अपने मामलों से हटाने के लिए लगातार दूसरे लोगों पर आरोप लगाते रहते हैं। शिक्षा मंत्री ने किरोड़ी लाल मीणा का बचाव करते हुए कहा- वे सोने की तरह खरे हैं। उन पर लगाया गया कोई भी आरोप टिकने वाला नहीं है। दिलावर ने कहा- डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का सार्वजनिक जीवन और कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी रहा है। उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों में कोई दम नहीं है। जांच एजेंसियां अपना काम कर रहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कानून अपना काम करेगा और जांच एजेंसियां अपना कार्य कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जो लोग आज खुद को बेगुनाह बता रहे हैं, उन्हें भी जांच का सामना करना पड़ेगा। इसी दौरान दिलावर ने कांग्रेस नेता महेश जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी पहले खुद को निर्दोष बताते थे। बाद में उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। ……… यह खबर भी पढ़ें... डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। साथ ही डोटासरा ने किरोड़ी लाल पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 2:39 pm

चंडीगढ़ में यूथ कांग्रेस वर्करों को हिरासत में लिया:शिक्षा मंत्री प्रधान का किया विरोध, इस्तीफा दो के लगाए नारे; बोले-ये लड़ाई जारी रहेगी

चंडीगढ़ के सेक्टर-18 से यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाए जा रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में आयोजित किया गया था। आज ही के दिन वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू किया गया था। भाजपा की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में इस संबंध में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हमारी लड़ाई ऐसे ही जारी रहेगी कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदर्शन पुलिस ने रोका है। पता नहीं उन्हें क्या प्रॉब्लम है। इनके बच्चे परीक्षा नहीं देते। इनके परिवार से नीट का कोई एग्जाम नहीं देता। कांग्रेस पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। हम ऐसे ही लड़ाई जारी रखेंगे। इस दौरान उन्होंने जोर-जोर से नारे लगाए। नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर मंत्री का विरोध यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाल ही में हुए नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का विरोध कर रहे थे। यह विरोध प्रदर्शन यूथ कांग्रेस की ओर से पहले से तय किया गया था। सेक्टर-19 में युवा कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने का आह्वान किया गया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं से हिरासत में ले लिया।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 12:08 pm

बुलंदशहर में 1 जुलाई से स्कूल चलो अभियान:बेसिक शिक्षा विभाग करेगा अधिक बच्चों का नामांकन

बुलंदशहर में बेसिक शिक्षा विभाग ने नए सत्र के लिए बच्चों के नामांकन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक जुलाई से जिलेभर में 'स्कूल चलो अभियान' चलाया जाएगा, जिसके तहत घर-घर संपर्क कर बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1862 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें अब तक लगभग दो लाख बच्चों ने नए सत्र में प्रवेश लिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है या कभी स्कूल नहीं गए। इस अभियान में शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों, ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। विद्यालयों में रैलियां, जागरूकता कार्यक्रम, अभिभावक बैठकें और विशेष नामांकन अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ पाठ्यक्रम आधारित गतिविधियों को भी प्रभावी बनाया जाएगा। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का समय पर विद्यालयों में नामांकन कराएं और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें। संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को स्कूल खोलने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि 16 जून को विद्यालय खुले थे, लेकिन भीषण गर्मी के कारण 24 जून तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया था।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 8:27 am

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

अब फेल होने पर भी नहीं छूटेगी पढ़ाई! दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग का ऐतिहासिक फैसला

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jun 2026 9:26 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am

सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य

शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:00 am

Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए

बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.

बूमलाइव 12 May 2026 6:20 pm

'सरके चुनर' गाना विवाद: संजय दत्त के बाद नोरा फतेही ने भी मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...

वेब दुनिया 7 May 2026 5:43 pm

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है

बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.

बूमलाइव 29 Apr 2026 11:12 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm