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आज विज्ञान दिवस:यौन शिक्षा; जिज्ञासु बच्चों को सही जवाब चाहिए, शिक्षक असहज क्यों? गलत दिशा में जा रहे बच्चे

व्यापक यौन शिक्षा का सबसे जरूरी विषय है रिप्रोडक्शन यानी प्रजनन। 8वीं कक्षा में यह विषय है, क्योंकि शारीरिक बदलावों के बीच किशोर-किशोरियों में होने वाली जिज्ञासा को सही दिशा में समझाया जा सके। लेकिन, किताब का पाठ किशोरवय स्टूडेंट्स को ठीक से पढ़ाया नहीं जा रहा। शर्म, सामाजिक संकोच और पारंपरिक सोच बच्चों की जिज्ञासा को रोक रही है, उन्हें गलत ट्रैक से अधूरी या गलत जानकारी लेने पर मजबूर कर रही है। नतीजा- किशोरवय के साथ यौन अपराध या यौन समस्याएं। भास्कर ने 20 सीबीएसई और सरकारी स्कूलों के कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों से बातचीत की। शेष | पेज 6 12 स्कूलों में यह पाठ ठीक से पढ़ाया ही नहीं गया। शिक्षकों ने इसे या तो छोड़ दिया या जल्दी-जल्दी पढ़ाकर आगे बढ़ गए। एनसीईआरटी की किताबों में छपी तस्वीरें दिखाकर खुलकर बात नहीं कर रहे। बच्चों से यहां तक कहा जा रहा है कि सही उम्र आने पर खुद समझ जाओगे...इसे घर जाकर पढ़ना। मजबूरन बच्चे इंटरनेट, दोस्तों या सोशल मीडिया से पूछ रहे हैं। यहीं से भ्रामक जानकारी, गलतफहमियां और गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पढ़ाने में ज्यादा झिझक, नीट में भी केवल 3 प्रतिशत ही वेटेज सरकारी स्कूलों के 5 प्रधानाध्यापकों ने बताया- शिक्षक इसे विषय को पढ़ाने में असहज हैं। महिला शिक्षक चैप्टर बीच में छोड़ देती हैं। पुरुष शिक्षक पढ़ाएं तो बच्चों से अश्लील बातें करने के आरोप लगते हैं। उधर, नीट में 3% प्रश्न ही रिप्रोडक्शन से जुड़े होते हैं। ऐसे में अकादमिक स्तर पर भी इस विषय को सीमित महत्व मिल पाता है। 8वीं के बच्चों की बात सुनिए- मैम सवाल करने से रोकती हैं एक्सपर्ट व्यू- झिझक तोड़नी होगी, को-एजुकेशन स्कूलों में अलग क्लास हो 2012 में सीबीएसई ने एंसीलरी एजुकेशन शुरू की। बच्चों को शारीरिक बदलावों के बारे में बताया जाता है। लाइफ स्किल, फिजिकल एजुकेशन दिया जाता है। नई शिक्षा नीति के तहत यह पाठ पीपीटी, एनिमेटेड वीडियो, ग्राफिक के जरिए भी पढ़ा सकते हैं। सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) स्कूलों में इसे अधिक संवेदनशीलता-सहजता से पढ़ाने के लिए छात्र-छात्राओं की अलग कक्षाएं ली जा सकती हैं, ताकि विद्यार्थी बिना झिझक प्रश्न पूछ सकें और विषय को बेहतर ढंग से समझ सकें।

दैनिक भास्कर 28 Feb 2026 5:17 am

प्ले स्कूल पॉलिसी की दरकार, सिलेबस व करिकुलम तय होने से सुधरेगा शिक्षा का स्तर

प्री-प्राइमरी स्कूल की स्थिति को लेकर शुक्रवार को दैनिक भास्कर अॉफिस में टॉक शो का आयोजन किया गया। इसमें शहर के प्रमुख प्ले स्कूल के प्रिंसिपल और डायरेक्टर पहुंचे और अपनी बातें रखीं। उन्होंने प्ले स्कूल के विजन और दर्शन पर अपने विचार रखते हुए बताया कि प्ले स्कूल में पढ़ कर निकलने वाले बच्चे और जो बच्चे प्ले स्कूल में नहीं पढ़ते है उनमें बेसिक क्या अंतर होता है। प्ले स्कूलों में सिलेबस व करिकुलम पर चिंता जताते हुए कहा कि प्ले स्कूलों में भी एक पॉलिसी होनी चाहिए जिसे सारे स्कूल फॉलो करे। अभी तक प्ले स्कूल के लिए कोई गाइडलाइन तय नहीं है। ऐसे में बच्चों को क्या और कितना पढ़ाना है, यह तय नहीं होता है। स्कूल यह खुद तय करते हैं। अगर एक पॉलिसी या गाइडलाइन होगी तो सारे प्ले स्कूल उसे फॉलो करेंगे, इससे स्कूलों को एक दिशा मिलेगी। इसके अलावा मेट्रो सिटी में और रांची के प्ले स्कूल में क्या अंतर है इसपर भी सभी ने अपने विचार रखे। बताया कि मेट्रो सिटी के स्कूलों में बच्चों की पर्सनालिटी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है लेकिन यहां प्रेप में एडमिशन के लिए हम बच्चों को तैयार करते हैं। प्ले स्कूल को लेकर नजरिया बदलने की जरूरत है। प्ले स्कूल बेहतर होगा अगर हम नेक्स्ट लेवल पर क्वालिटी एजुकेशन और पर्सनालिटी डेवलप करें। सरकार को पॉलिसी लानी चाहिए मेट्रो सिटी के प्ले स्कूलों में बच्चों की पर्सनालिटी पर ज्यादा काम किया जाता है। लेकिन, रांची में देखें तो हमें एकेडमिक पर भी ध्यान देना पड़ता है। क्योंकि, प्ले स्कूल से निकलने के बाद जब बच्चे किसी दूसरे स्कूल में क्लास एक में एडमिशन लेते हैं, तब उन्हें रिटन एग्जाम देना पड़ता है। हमें बच्चों को दूसरों स्कूलों में एडमिशन ले सकें इसके लिए तैयार करना पड़ता है। बड़े स्कूलों की यही डिमांड है, इसलिए हमें भी बच्चों को उसी तरह से तैयार करना पड़ता है। प्ले स्कूल और बड़े स्कूलों के बीच कोई भी ब्रिज नहीं है। प्ले स्कूल के पास ना सिलेबस है और ना करिकुलम इससे बच्चों को क्या पढ़ाना है, यह तय करने में स्कूल को परेशानी होती है। सरकार को ऐसी कोई पॉलिसी लानी चाहिए, जिससे प्ले स्कूल और बड़े स्कूलों के बीच संपर्क बनाया जा सके। -विभा सिंह, मेरे नन्हे कदम एनईपी गाइडलाइन फॉलो नहीं कर रहे हैं प्री-प्राइमरी स्कूल में कई स्कूल एनईपी की गाइडलाइन को फॉलो करते हैं। लेकिन, ऐसे भी कई स्कूल हैं जो इसे पूरी तरह फॉलो नहीं करते हैं। सीबीएसई स्कूल गाइडलाइन को मान रही है, लेकिन अभी भी आईसीएसई बोर्ड के स्कूल इस गाइडलाइन नहीं मानते हैं। इससे क्लास 1 में बच्चों के एडमिशन के समय परेशानी होती है। पेरेंट्स को बच्चों के जन्म तिथि में बदलाव करना पड़ता है। -गरिमा जयंत, यूरो किड्स स्कूल स्कूल में बच्चे ‘सर्व धर्म सम भाव’ सीखते हैं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ भारत की संस्कृति के बारे में भी सिखाया जाता है। स्कूल में बच्चे हर धर्म के पर्व-त्योहार मनाते हैं। इससे उन्हें देश की संस्कृति का पता चलता है और वे उसका आदर करना सीखते हैं। रक्षाबंधन में खुद से राखी बनाते हैं, राम-सीता बनकर फैंसी ड्रेस कंपीटिशन में हिस्सा लेते हैं। हर कार्यक्रम में सहभागी होते हैं। इसके अलावा जितने भी नेशनल डे होता है, सभी मनाते हैं। -मनीष मिशाल, आदर्श किड्स स्कूल बच्चों का आत्मबल अपने आप बढ़ने लगता है स्कूल में हम पेरेंट्स की काउंसलिंग भी करते हैं। उन्हें सिखाते हैं कि बच्चों को क्वांटिटी टाइम नहीं क्वालिटी टाइम दें। उनके काम को सराहें। इससे बच्चे जो भी कुछ सीखते हैं उसे घर में जाकर दुहराते हैं और जब पेरेंट्स उस काम को सराहते हैं तो बच्चों का आत्मबल अपने आप बढ़ने लगता है। हम पेरेंट्स को बताते हैं कि आप बच्चों को आधा घंटा का ही समय दें, लेकिन पूरा समय दें। -मिंत्रा पांडेय, चिरंजीवी प्ले स्कूल, बैंक कॉलोनी ब्रांच पेरेंट्स की भी काउंसलिंग की जाती है स्कूल में बच्चों को अलग-अलग मुद्दों को लेकर जागरूक किया जाता है। जैसे मोबाइल फोन का प्रयोग कम करें, खाने में क्या खाएं और उन्हें जागरूक करने के लिए स्टोरी टेलिंग, ड्रामा, रोल प्ले कराया जाता है। किसी चीज के लिए मना कर रहे है तो क्यों मना कर रहे हैं बताते हैं। इससे बच्चे चीजों को समझते हैं और मानते हैं। पेरेंट्स की भी काउंसलिंग की जाती है कि बच्चे के लिए क्या सही- गलत है। -वंदना कुमार, क्रेयोन्स मोंटेसरी स्कूल प्ले स्कूल से बच्चे जिम्मेदार बनते हैं प्ले स्कूल बच्चों की नींव को मजबूत करता है। जब बच्चा घर पर होता है तो उसे स्कूल में दोस्त मिलते हैं जिसे देखकर वह कैसे व्यवहार करना है, सीखता है। जब बच्चा घर से स्कूल आता है तो स्कूल में कई टास्क कराए जाते हैं जिससे वह जिम्मेदार बनता है। कहानियों के माध्यम से चीजों की कीमत समझना सिखता है। बच्चों को स्कूल में बताया जाता है कि अगर चीजें करनी है तो क्यों करनी है और अगर नहीं करना है तो क्यों नहीं करना है, उन्हें क्यों का जवाब मिलता है। प्ले स्कूल में हर 10 बच्चे पर एक टीचर और एक दीदी होती है, जो उन्हें हर तरह से गाइड करती है। जो बच्चें प्ले स्कूल जाते है उन्हें खेल-खेल में सिखाया जाता है इससे उनका बचपना जिंदा रहता है। उन्हें घर जैसा माहौल मिलता है। और जो बच्चे प्ले स्कूल से ट्रेंड होकर निकलते है उन्हें एडजस्ट करने में परेशानी नहीं होती है। -वंदना बहल, संत माइकल प्ले स्कूल छोटे बच्चे अब टेक्नोलॉजी सीख रहे हैं दैनिक भास्कर के कार्यालय में आयोजित शिक्षा संवाद में भाग लेते शहर के प्ले और प्री-प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल और डायरेक्टर। टीचर का ट्रेंड होना सबसे जरूरी है प्री-प्राइमरी स्तर पर टेक्नोलॉजी का प्रयोग हो रहा है। बच्चों को स्मार्ट बोर्ड पर बढ़ाया जाता है। बच्चे पढ़ने से ज्यादा देखकर सीखते हैं इसलिए उन्हें विजुअल क्लास भी दिया जाता है। बच्चों के साथ टीचर भी सोशल मीडिया और बाकी एप्स की मदद से बच्चों को टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं और उससे सीखकर बच्चों को सीखा रहे हैं। टीचरों को अब हर समय करिकुलम ट्रेनर की जरूरत नहीं पड़ती है, वे सोशल मीडिया या चैट जीपीटी से देखकर सीख रहे हैं। थ्री-डी का इस्तेमाल हो रहा है। -संगीता राज, लिटिल चैंप प्ले स्कूल प्ले स्कूल में समय-समय पर टीचरों की ट्रेनिंग होती है, ताकि वे बच्चों को हमेशा नया सीखा पाएं। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्हें संभालने के लिए ट्रेंड टीचर की जरूरत होती है। प्ले स्कूल में टीचर वैसे चाहिए जो एनर्जेटिक हो, एक्टिव हो और जिसकी चार्मिंग पर्सनालिटी हो। मैच्योर होना बहुत जरूरी है, ताकि बच्चों के पेरेंट्स से बात कर सकें। 23-24 साल के टीचर प्ले स्कूल के लिए सही होते है। नर्सरी टीचर ट्रेनिंग शिक्षकों के लिए बहुत जरूरी है । -डॉ. अर्चना सिन्हा, चिरंजीवी प्ले स्कूल, कुसुम विहार ब्रांच talk show

दैनिक भास्कर 28 Feb 2026 4:00 am

टीकमगढ़ में शिक्षा का मंदिर शर्मसार:छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाला हेडमास्टर गिरफ्तार

ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम धौरी स्थित शासकीय प्राइमरी स्कूल में छात्राओं के साथ गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, स्कूल की बच्चियों ने अभिभावकों से शिकायत की थी कि हेडमास्टर उन्हें गलत तरीके से छूते हैं। मामला सामने आते ही गांव में तनाव फैल गया और करीब 50 से अधिक ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर थाने पहुंचे। डीईओ के निलंबन आदेश के मुताबिक, आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं, जो शिक्षकीय गरिमा के विपरीत और गंभीर आपराधिक श्रेणी के हैं। आरोपी शिक्षक का मुख्यालय अब गौरिहार (छतरपुर) नियत किया गया है।

दैनिक भास्कर 28 Feb 2026 4:00 am

यूजीसी 2026 विनियम: समता, समानता और सामाजिक न्याय पर असमंजस—क्या उच्च शिक्षा में वंचितों को मिलेगा वास्तविक संरक्षण?

13 जनवरी 2026 की यूजीसी अधिसूचना, समता व सामाजिक न्याय के दावे, एससी-एसटी एक्ट 1989, एनसीआरबी आँकड़े और आरक्षण बैकलॉग के संदर्भ में उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव की जमीनी हकीकत का विश्लेषण।

हस्तक्षेप 27 Feb 2026 9:51 pm

CSJMU और VSSD कॉलेज में समझौता ज्ञापन:अब यूनिवर्सिटी की शिक्षा को दिशा दिखाएगा 'गीता का दर्शन'

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) की 'श्रीमद्भगवद्गीता एवं वैदिक शोध पीठ' और विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म (VSSD) कॉलेज के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक दर्शन को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। समझौते के तहत, विद्यार्थियों को गीता के प्रबंधन कौशल, योग और मानसिक स्वास्थ्य के सूत्रों को वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में समझाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान शोध पीठ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'प्रथम गीता सेवारत्न सम्मान' से सम्मानित किया गया। प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश आज के वैश्विक दौर में अत्यधिक प्रासंगिक है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि गीता का उपदेश विद्यार्थियों को निराशा और अवसाद से बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। वरिष्ठ समाजसेवी और उद्यमी बलराम नरूला ने स्पष्ट किया कि गीता का आध्यात्मिक दर्शन सार्वभौमिक है और यह संपूर्ण मानव जाति के लिए उपयोगी है। समाजसेवी डॉ. उमेश पालीवाल और सह-संयोजक अनिल गुप्ता ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए गीता के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन ने भारतीय दर्शन और संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिसे आज दुनिया 'स्ट्रेस मैनेजमेंट' और 'माइंडफुलनेस' कहती है, उसका मूल सिद्धांत 'कर्मण्येवाधिकारस्ते' में निहित है। इसी तरह, 'योग: कर्मसु कौशलम्' प्रोफेशनल एक्सीलेंस और पीक परफॉर्मेंस का मूल सूत्र है। प्रो. टंडन ने यह भी कहा कि आज की न्यूरोसाइंस भी ध्यान और मस्तिष्क के संतुलन के बीच गहरे वैज्ञानिक संबंध को मानती है। उन्होंने पाणिनि की अष्टाध्यायी के नियमों और संस्कृत के ध्वनि शास्त्र को आज के 'कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स' और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) के लिए आधार बताया। प्राचार्य ने कार्यक्रम को महज एक आयोजन न बताकर एक नई दिशा का निर्धारण बताया। उन्होंने कहा कि गीता और संस्कृत को नेतृत्व विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ना ही वर्तमान समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. शोभा मिश्रा और संयोजन प्रो. प्रदीप कुमार दीक्षित द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता सोनकर, डॉ. अंशु सिंह सेंगर, डॉ. आर.के. पांडेय, डॉ. राकेश शुक्ला, डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. मनोज अवस्थी और डॉ. आर.पी. प्रधान सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 9:50 pm

सहारनपुर में मण्डलायुक्त ने की सीएम डैशबोर्ड समीक्षा:रोजगार, शिक्षा, खेल, पर्यटन और राजस्व सुधार पर दिए सख्त निर्देश

सहारनपुर में मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम सर्किट हाउस सभागार में सीएम डैशबोर्ड के तहत विकास कार्यों,कर-करेत्तर और राजस्व कार्यों की मण्डलीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति,रैंकिंग और योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र युवाओं का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। इसके तहत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में मिलेगी। नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3 हजार रुपये प्रतिमाह तक की सहायता दी जाएगी। सभी विभागों को अपने स्टेकहोल्डर्स को योजना की जानकारी देकर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया। शिक्षा का अधिकार के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को योजना का पूरा लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि पहली लॉटरी में चयन से वंचित छात्रों को दूसरी बार अवसर दिया जाए और फीस प्रतिपूर्ति समय पर की जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र वंचित न रहे। जल संचयन-जन भागीदारी के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को बढ़ावा देने और सभी कार्यों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। खेलों को बढ़ावा देने के लिए तहसील स्तर पर प्रयासों में तेजी लाने, खिलाड़ियों के खाते खुलवाने और मण्डल स्तरीय प्रतियोगिताओं को गति देने पर भी बल दिया गया। मण्डलायुक्त ने विभागों की रैंकिंग पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 'ए' श्रेणी वाले विभाग अपनी रैंकिंग बनाए रखें, जबकि 'बी','सी' और 'डी' श्रेणी वाले विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार कर रैंकिंग बेहतर करें। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पीएम कुसुम,मुख्यमंत्री आवास,जल जीवन मिशन,पर्यटन,शिक्षा और समाज कल्याण सहित अन्य योजनाओं में जिन जनपदों की रैंकिंग खराब है,उन्हें अगले माह तक सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए। राजस्व समीक्षा के दौरान लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने,बैकलॉग समाप्त करने और चकबन्दी मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मण्डल एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 9:44 pm

सोमासी के दो भाइयों ने लिया देहदान का संकल्प:मेडिकल शिक्षा व मानव सेवा के लिए रामकुमार व रणजीत सुण्डा आगे आए

चूरू के सोमासी गांव के दो सगे भाइयों ने मेडिकल शिक्षा और मानव सेवा के लिए मृत्यु उपरांत अपनी देह दान करने का संकल्प लिया है। रामकुमार सुण्डा और रणजीत सिंह सुण्डा ने स्वेच्छा से देहदान के फॉर्म भरकर यह निर्णय लिया। देहदान संकल्प के इस अवसर पर चूरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने दोनों भाइयों का स्वागत किया। डॉ. पुकार ने बताया कि यह कदम न केवल मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन में सहायक होगा, बल्कि समाज में अंगदान और देहदान के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करेगा। डॉ. पुकार ने जानकारी दी कि दोनों भाई अपने गुरुजनों और चूरू में चलाए जा रहे अंगदान जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर आगे आए हैं। उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। डॉ. पुकार के अनुसार, चूरू मेडिकल कॉलेज में अब तक 42 लोग देहदान के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। ऐसे संकल्प मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ मानव सेवा की भावना को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 5:56 pm

मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगियों की बैठक:आंदोलन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की, बजट में मांगों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया

राजस्थान शिक्षा सहयोगी संघ (मां-बाड़ी योजना) की जिला स्तरीय बैठक प्रतापगढ़ के टैगोर पार्क में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष खेमराज मीणा ने की।बैठक में जिले के सभी उपखंडों से मां-बाड़ी और डे-केयर शिक्षा सहयोगियों ने भाग लिया। 13 फरवरी से तालाबंदी बैठक में आंदोलन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। शिक्षा सहयोगियों ने बताया कि 13 फरवरी से मां-बाड़ी और डे-केयर केंद्रों पर तालाबंदी और कलमबंदी आंदोलन लगातार जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट सत्र में सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस अनदेखी के कारण प्रदेशभर के लगभग 1 लाख बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रतापगढ़ जिले में संचालित 408 मां-बाड़ी एवं डे-केयर केंद्रों में अध्ययनरत करीब 10,000 बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है। शिक्षा सहयोगियों ने कहा कि लगातार बंद पड़े केंद्रों के कारण बच्चों की शिक्षा, पोषण और नियमित गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ रहा है। वरिष्ठता के आधार पर कैडर निर्धारण की मांग संघ की प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा गया कि मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगियों को वर्ष 2022 में शामिल किया जाए। वरिष्ठता के आधार पर कैडर निर्धारण किया जाए। प्रतिभागियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द सुनवाई नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जिला अध्यक्ष खेमराज मीणा ने कहा कि सरकार की अनदेखी से शिक्षा सहयोगियों में निराशा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी जायज़ मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल सेवा शर्तों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार से सकारात्मक बातचीत होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 5:16 pm

उमरिया के मानपुर कन्या शिक्षा परिसर प्रभारी प्राचार्य निलंबित:शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने का था आरोप, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

उमरिया के मानपुर स्थित कन्या शिक्षा परिसर के प्रभारी प्राचार्य अमरजीत द्विवेदी को गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। 20 फरवरी को परिसर की छात्राओं ने प्राचार्य के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि प्राचार्य का व्यवहार अनुचित था और वह रात के समय भी छात्रावास में घुसकर उनके कमरों में जाते थे। शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने का था आरोप इसके अलावा, छात्रावास की महिला कर्मचारियों ने भी प्राचार्य पर शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच शुरू की थी। मामले की जांच के बाद कलेक्टर ने किया निलंबित जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कार्रवाई का प्रस्ताव संभागीय आयुक्त को भेजा था। शहडोल संभाग की आयुक्त सुरभि गुप्ता ने आरोपों को गंभीर मानते हुए अमरजीत द्विवेदी को निलंबित कर दिया। प्राचार्य पर पहले भी मनमानी और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। नए प्रभारी की नियुक्ति निलंबन के बाद अरनोद कुमार शुक्ला को कन्या शिक्षा परिसर मानपुर का नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने यह भी बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 4:39 pm

मां–बाड़ी शिक्षा सहयोगियों की प्रतापगढ़ में बैठक, 13 फरवरी से तालाबंदी जारी

प्रतापगढ़ के 408 केंद्रों पर 10,000 बच्चों की पढ़ाई बाधित, शिक्षा सहयोगियों ने बजट में अनदेखी पर कैडर निर्धारण और नियमितीकरण की मांग दोहराई।

प्रातःकाल 27 Feb 2026 4:30 pm

गुरुग्राम में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का प्रदर्शन:वेतन वृद्धि और तबादला नीति को लेकर भड़के; मांगें न मानी तो होगा बड़ा आंदोलन

हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा), जो सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध है, ने गुरुग्राम के लघु सचिवालय प्रांगण में एक रोष सभा आयोजित की। सभा की अध्यक्षता जिला प्रधान उदयभान यादव ने की। संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम के माध्यम से निदेशक, सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा, पंचकूला को ज्ञापन सौंपा। राज्य कमेटी सदस्य अरविंद चौहान ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को पंचकूला स्थित निदेशक, सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा के कार्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान विभाग ने मांग पत्र पर सहमति जताई थी। लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है, जिससे फील्ड मिनिस्ट्रीयल स्टाफ में गहरा असंतोष है। ‘मांग दिवस’ पर सौंपा गया ज्ञापन अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर ‘मांग दिवस’ मनाया गया। इसी क्रम में गुरुग्राम में भी ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो उच्चस्तरीय आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की प्रमुख मांगें जिला प्रधान उदयभान यादव ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने कई बार विभागीय समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिले हैं।संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं— ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा संगठन ने सरकार से भी कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन 26 हजार रुपये, लिपिक और स्टेनोटाइपिस्ट के लिए 35,400 रुपये तथा सहायक और आंकड़ा सहायक के लिए 56,100 रुi, का वेतनमान 1 जनवरी 2026 से सातवें वेतन आयोग के तहत लागू करने की मांग प्रमुख है। बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद इस रोष सभा में खंड प्रधान फर्रुखनगर विजय कुमार सहित अनीता, सुनील, संदीप, राजीव श्योराण, दिनेश जून, परविंद्र, बलवान सिंह, संजीव, राकेश, ममता, अजय, मुकेश कुमार, सचिन, सुधीर कुमार, राजेंद्र कुमार समेत अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 2:25 pm

गंगापुर सिटी: स्कूल शिक्षा परिवार की बैठक में वार्षिक परीक्षा और होली मिलन पर निर्णय

ब्लॉक अध्यक्ष नीटू सिंह धाबाई की अध्यक्षता में हुई बैठक में 8 मार्च को भगवती स्कूल में प्रश्नपत्र वितरण और सामूहिक होली मिलन समारोह आयोजित करने का प्रस्ताव पारित हुआ।

प्रातःकाल 27 Feb 2026 12:08 pm

दुर्ग और करनाल विश्वविद्यालय में MoU:उद्यानिकी-वानिकी शिक्षा के क्षेत्र में समझौता, किसानों को भी मिलेगा सीधा लाभ

छत्तीसगढ़ और हरियाणा के 2 प्रमुख विश्वविद्यालयों के बीच उद्यानिकी-वानिकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। महात्मा गांधी उद्यानिकी-वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग और महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी, करनाल ने सोमवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर के बाद विशेषज्ञों ने महाविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया। कुलपतियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर तकनीकी प्रशिक्षण और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी ली। विद्यार्थियों में शोध और नवाचार के प्रति उत्साह देखा गया। समझौते का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का साझा उपयोग और बौद्धिक आदान-प्रदान है। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और ज्ञान हस्तांतरण पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्नत उद्यानिकी तकनीक, पौध संरक्षण, फसल सुधार, जैविक खेती, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं, कृषि उत्पाद प्रसंस्करण और वैज्ञानिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। किसानों को मिलेगा सीधा लाभ कुलपति डॉ. आरआर सक्सेना ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि छात्रों और किसानों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। ज्ञान के आदान-प्रदान से क्षेत्रीय कृषि विकास को नई पहचान मिलेगी। इस पहल से छत्तीसगढ़ और हरियाणा के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्नत बीज और आधुनिक खेती के तरीकों से किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को गति मिलेगी। कृषि नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सकेगा।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 9:13 am

पशुधन बीमा योजना के सवाल-जवाब के दौरान हुआ हंगामा:सदन में गूंजे...‘मंत्री आपके गुलाम नहीं ’ ‘शिक्षा मंत्री दिलावर मानसिक रूप से भ्रमित’ जैसे शब्द

विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पशुधन बीमा योजना के सवाल-जवाब के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग व कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सदन में भाषा की मर्यादा टूट पीछे छूट गई और बहस तू-तड़ाक तक पहुंच गई। गर्ग ने यहां तक कह दिया कि मंत्री आपके गुलाम नहीं है और सदन में तमीज से बात होनी चाहिए। वहीं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायकों ने खेल मैदान के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब को अधूरा बताते हुए वेल में आकर नारेबाजी व हंगामा किया। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि लिखित उत्तर व मंत्री ने जो बोला है, उसमें अंतर है। मंत्री बाड़मेर के प्रभारी भी है। पाली में जाते है तो मदन राठौड़ (भाजपा प्रदेशाध्यक्ष) रहते है। इस पर पटेल ने कहा कि कांग्रेस के काल खंड में ऐसे कारनामे हुए हैं। आपको (हरीश) मंत्रीमंडल से क्यों हटाया था। बीमा का कितना प्रीमियम इन कंपनियों को दिया और कितना क्लेम राजस्थान में मिलेगा? इस पर हरीश चौधरी ने कहा कि जोगाराम जी हुल्लड़ से जवाब नहीं मिलेगा। ये बता दो कि बीमा का कितना प्रीमियम इन कंपनियों को दिया और कितना क्लेम राजस्थान में मिलेगा? मंत्री पटेल जवाब देने लगे तो स्पीकर ने कहा कि एक प्रश्न आधा घंटा नहीं चल सकता। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि दोनों ही पूरक प्रश्न के जवाब नहीं आए। ऐसे काम नहीं चलेगा। भाजपा व कांग्रेस विधायक के बीच बहस होने लग गई। जोगेश्वर गर्ग बोले- कांग्रेस ने बदतमीजी का ठेका ले रखा है। हर समय बदतमीजी करते हो। तमीज से बात करना चाहिए। यह सदन है, आपके गुलाम नहीं, मंत्री है। इस पर जूली ने कहा कि यानी जवाब नहीं दे सकते। उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सदन के बतौर नेता विधानसभा में जवाब देंगे। ट्रेड डील के विरोध में सदन के बाहर टीशर्ट पहनकर पहुंचे कांग्रेसी विधानसभा सत्र से पहले सोमवार सुबह कांग्रेस विधायकों ने अपने सरकारी आवासों से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करते हुए विधानसभा के बाहर नारेबाजी की। कुछ विधायकों ने सफेद टी शर्ट पहने रखी थी, जिस पर लिखा कि पीएम इज कंप्रोमाइज लिखा था। नेता प्रतिपक्ष जूली ने आरोप लगाया कि व्यापार वार्ता में भारत के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं की गई है। खेल मैदान मुद्दे पर वेल में नारेबाजी सीकर स्थित बाजौर के सरकारी स्कूल के खेल मैदान की जमीन निजी फर्म मैसर्स बाजार डेजर्ट सफारी एंड रिजोर्ट को एनओसी देने के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री दिलावर के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने शिक्षा मंत्री को मानसिक रूप से भ्रमित तक कह दिया। डोटासर ने पलटवार करते दिलावर को बीमार बोल दिया। दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग ने खेल मैदान के उपयोग में नहीं लिया, इसलिए आवंटन निरस्त करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे नाराज पारीक व अन्य कांग्रेसी विधायक वेल में आ गए। सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। मं​डियों को 50 करोड़ का कॉर्पस फंडप्रदेश की कमजोर वित्तीय हालत वाली कृषि उपज मण्डी समितियों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए 50 करोड़ रुपए का कॉर्पस फण्ड बनाया गया है। वर्ष 2025 में निदेशालय स्तर पर गठित फंड में 30 करोड़ रुपए जमा हैं। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक समरजीत सिंह के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए गोदारा ने कहा कि भीनमाल कृषि उपज मण्डी समिति में जिंस रखने की पर्याप्त सुविधा है किन्तु बारिश में भीगने की संभावना रहती है। कॉर्पस फंड से 1.37 करोड़ से नाला बनेगा।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 4:03 am

राज्य शिक्षा केंद्र:टेलीग्राम पर फिर पेपर लीक, अब तक 5वीं-8वीं के 8 पेपर आउट

प्रदेश में चल रही 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक होने के आरोप सामने आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसे स्वीकारने से बच रहे हैं। गुरुवार को भोपाल में 8वीं संस्कृत का पेपर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले ही बाहर आ गया। एक जागरूक परिजन ने दैनिक भास्कर को बताया कि प्रश्नपत्र बच्चों तक एक दिन पहले पहुंच चुका था। बाद में वही पेपर वॉट्सएप पर भी उपलब्ध कराया गया। भास्कर ने परीक्षा के बाद एक निजी केंद्र से निकले छात्रों के प्रश्नपत्र से वायरल प्रति का मिलान किया। सेंटर कोड और प्रश्नपत्र कोड समान पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि वही प्रश्नपत्र परीक्षा में वितरित हुआ। भोपाल में 8वीं के लिए 263 केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 34 हजार विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। छात्रों ने भी दावा किया कि पेपर पहले से उपलब्ध था। कुछ टेलीग्राम चैनलों पर भुगतान लेकर प्रश्नपत्र बेचने के आरोप हैं। बैरागढ़ में नकल कराने और ड्यूटी वाले शिक्षकों की अनुपस्थिति के आरोपों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र से छपे प्रश्नपत्र पहले जन शिक्षा केंद्रों को दिए जाते हैं, वहां से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं। प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत ग्रामीण में 5-6 और शहरी में 10-12 केंद्र होते हैं। पेपर केंद्राध्यक्ष लाते हैं, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। जिलावार कोडिंग की जाती है। किस तारीख को कौन सा पेपर आउट हुआ अफसर मानने को ​तैयार नहीं, तर्क- जांच करेंगे भोपाल जिले के 32 जन शिक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र प्रभारी की अभिरक्षा में रखे गए थे। पेपर लीक की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र की जांच की जा रही है। लीक की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - रवीश श्रीवास्तव,डीपीसी स्कूल शिक्षा विभाग मामला संज्ञान में आया है। डीपीसी और जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 4:00 am

पटना PBL मेले में खगड़िया के दो स्कूलों के प्रोजेक्ट:‘मिश्रित खेती’ और ‘ज्यामितीय आकृतियों की पहचान’ का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन

पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेले में खगड़िया जिले के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और नवाचार से विशेष पहचान बनाई। इस मेले में बिहार के सभी 38 जिलों से चयनित गणित एवं विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया। खगड़िया की ओर से विज्ञान विषय में मध्य विद्यालय रामगंज संसारपुर का ‘मिश्रित खेती’ प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया गया। वहीं, मध्य विद्यालय अरैया, मानसी के छात्रों ने ‘ज्यामितीय आकृतियों की पहचान’ नामक प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया। इन दोनों प्रोजेक्ट्स ने खेती, पर्यावरण और गणितीय समझ को सरल व व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत कर अतिथियों और शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों में सोचने की क्षमता बढ़ रहीकार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे अब नवाचार के साथ सीख रहे हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने बताया कि प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा से बच्चों में सोचने, समझने और प्रयोग करने की क्षमता विकसित हो रही है। इससे उनका समग्र विकास संभव हो पा रहा है। खगड़िया से जिला तकनीकी टीम के सदस्य सह मास्टर ट्रेनर शशि शेखर एवं सुमित कुमार, शिक्षिका रेखा सिंह, राजीव कुमार, प्रिया कंचन तथा डायट खगड़िया के व्याख्याता विश्वमोहन राकेश ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। मानसी अरैया की शिक्षिका रेखा सिंह की प्रेरक कहानी का प्रकाशन ‘छोटे कदम, बड़े बदलाव’ पत्रिका में किया गया। उत्कृष्ट योगदान के लिए शशि शेखर एवं सुमित कुमार को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय पीबीएल मेले में खगड़िया की प्रभावशाली उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मकता में किसी से कम नहीं हैं।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 8:46 pm

माघव विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा पर आधारित नई पुस्तक का विमोचन

विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित 'नेक्स्ट जेनरेशन लर्निंग फ्रेमवर्क इन हायर एजुकेशन' पुस्तक एनईपी 2020 और नवीन शिक्षण पद्धतियों पर केंद्रित है।

प्रातःकाल 26 Feb 2026 8:09 pm

स्कूल में लगे ठुमके, नेम बोर्ड को पेपर से ढका:शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने ताला तोड़कर कैंपस में करवाया आर्केस्ट्रा,DEO बोले-जानकारी कर रहे

वैशाली के हाजीपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरलिया चक में स्कूल परिसर के भीतर एक आपत्तिजनक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्कूल परिसर में बना मंच, नर्तकियों का भड़काऊ डांस प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम स्कूल की शिक्षा समिति के अध्यक्ष मलाई सिंह की बेटी की शादी के अवसर पर आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो में स्कूल परिसर में मंच बनाकर तेज ध्वनि में बज रहे गानों पर नर्तकियों द्वारा भड़काऊ अंदाज में प्रस्तुति देते हुए देखा जा सकता है। कार्यक्रम देर रात तक चलने की बात भी सामने आ रही है। स्कूल के सहायक शिक्षक संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष मलाई सिंह ने विद्यालय के मुख्य गेट का ताला तोड़कर परिसर में स्टेज कार्यक्रम का आयोजन कराया। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल के नाम और शिक्षा समिति से संबंधित लिखे गए स्लोगन को कार्यक्रम के दौरान कागज से ढक दिया गया था, ताकि पहचान छिपाई जा सके।' देखें, मौके से आई तस्वीरें… थानाध्यक्ष बोले-आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी इस संबंध में सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि विद्यालय की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि आवेदन मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा, जानकारी नहीं घटना को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं, जब इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी और वे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी, कार्रवाई पर नजर स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी निजी समारोह के लिए सरकारी विद्यालय परिसर का इस तरह उपयोग किया जा सकता है? साथ ही, यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी। इस संबंध में वैशाली जिलाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके पर्सनल ओएसडी के द्वारा बताया गया कि इसकी जानकारी प्राप्त नहीं है प्राप्त की जा रही है।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 6:52 pm

शिक्षकों का प्रदर्शन, टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग:मऊ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट मिले

मऊ जिले में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने काला कानून वापस लो के नारे लगाए और सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। शिक्षकों की मुख्य मांग है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए। उनका तर्क है कि उत्तर प्रदेश में यह अधिनियम 27 जुलाई 2011 से प्रभावी हुआ था। नियमों के अनुसार, इसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए ही टीईटी अनिवार्य था, जबकि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को इससे छूट मिली हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय के बाद, अब सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने या पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया और केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर पुराने शिक्षकों को इस अनिवार्यता से छूट देने की मांग की। इस आंदोलन में कृष्णानंद राय और रामविलास भारती सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 6:31 pm

सात दिन तक अनुपस्थित अतिथि शिक्षकों को नहीं हटाएंगे:स्कूल शिक्षा विभाग ने सात दिन में वापस लिया आदेश, अब अलग से जारी होंगे निर्देश

प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की सात दिन तक लगातार अनुपस्थिति के बाद उनकी सेवाएं एजुकेशन पोर्टल 3.0 से हटाने संबंधी आदेश के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने आज जारी आदेश में 20 फरवरी को जारी आदेश को निरस्त कर दिया है और इसके लिए अलग से निर्देश जारी करने की बात कही गई है। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग के 70 हजार अतिथि शिक्षकों पर लटकी कार्यवाही की तलवार फिलहाल हट गई है। आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय के संचालक केके द्विवेदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकास खंड शिक्षा अधिकारियों, हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल के संकुल प्राचार्यों तथा शाला प्रभारियों को दिए निर्देश में कहा है कि 20 फरवरी को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा अतिथि शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति के संबंध में जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अब इसको लेकर एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने की कार्यवाही के बाद अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। अतिथि शिक्षकों ने सरकार के इस आदेश का स्वागत किया है। यहां गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कल इस संबंध में विधानसभा में मीडिया द्वारा किए गए सवाल के जवाब में कहा था कि अतिथि शिक्षकों के अवकाश के लिए जो नियम शर्तें तय हैं, अगर उससे अधिक अवधि के लिए वे अनुपस्थित रहते हैं तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश दिए थे 20 फरवरी को जारी आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 20 फरवरी को जारी आदेश में कहा गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक लगातार सात दिनों तक ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। यह व्यवस्था स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसमें कहा गया था कि प्रदेश के जिन शासकीय स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की कमी है, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति की गई है। इन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस (e-attendance) प्रणाली के माध्यम से अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करनी होती है। वेतन भी इसी आधार पर जारी किया जाता है। विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या या अन्य कारण बताकर बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं। इसी को देखते हुए सख्ती की गई है। इस आदेश का अतिथि शिक्षक संगठनों ने विरोध किया था। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया। उनका कहना था कि जो शिक्षक जानबूझकर गैरहाजिर रहते हैं, उन पर कार्रवाई उचित है, लेकिन बीमारी, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में अनुपस्थित रहने वालों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… अतिथि शिक्षक नहीं लगा रहे मोबाइल ऐप से अटेंडेंस मध्यप्रदेश में शिक्षक और अतिथि शिक्षक (गेस्ट टीचर्स) की ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई के पहले 15 दिन में पूरी तरह फेल हो गई है। इसी को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सख्त कदम उठाया है। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 18 जुलाई से जो गेस्ट टीचर ई-अटेंडेंस (ऐप से अटेंडेंस) नहीं लगाएंगे, उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और मानदेय (वेतन) नहीं दिया जाएगा।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 4:30 pm

स्कूलों में मनेगा महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस:करणी सेना ने शिक्षा मंत्री और सांसद का जताया आभार

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत (गढ़पुरा) और समस्त पदाधिकारियों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और चित्तौड़गढ़ सांसद सी. पी. जोशी का विशेष आभार व्यक्त किया है। संगठन ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के राज्यारोहण दिवस को स्कूलों में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक और दूरदर्शी है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने 28 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस मनाने का निर्देश दिया है। इस अवसर पर विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाएं, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथाओं से अवगत कराया जाएगा। इससे नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और आत्मगौरव की भावना सुदृढ़ होगी।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 12:52 pm

मानसा में शिक्षा मंत्री बैंस ने बच्चों से मांगी माफी:टीनशेड के नीचे पढ़ाई करते मिले बच्चे, बोले- अगले महीने से मिलेगी नई बिल्डिंग

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मानसा स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बन रही नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया। मंत्री ने छात्रों से बातचीत की और स्कूल के पास बने कूड़ा डंप को हटाने के लिए नगर काउंसिल को निर्देश जारी किए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज पर दौरे की वीडियो भी साझा की। स्कूल में कुछ बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई करते मिले। इस पर मंत्री ने उनसे माफी मांगी और आश्वासन दिया कि अगले एक महीने में उन्हें नई और आधुनिक सुविधाओं से लैस शानदार स्कूल बिल्डिंग मिलेगी, जहां वे बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस लगातार राज्य के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मानसा शहर के स्कूल ऑफ एमिनेंस का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई से संबंधित सवाल-जवाब किए और उनकी तैयारी पर संतोष जताते हुए उन्हें शाबाशी दी। उन्होंने निर्माणाधीन बिल्डिंग का जायजा लिया और स्कूल प्रबंधन के साथ अन्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान स्कूल के पास बने कूड़ा डंप को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाया और नगर काउंसिल अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव पारित कर इसे तुरंत हटाया जाए, क्योंकि स्कूल के पास कूड़ा डंप नहीं होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 12:25 pm

डॉ. राजकुमार: माधव विश्वविद्यालय में शिक्षा, सेवा और संकल्प का संगम

चेयरमैन डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में माधव विश्वविद्यालय नवाचार, कौशल आधारित शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

प्रातःकाल 26 Feb 2026 11:40 am

मृत्यु भोज त्यागा, शिक्षा को दिया बढ़ावा:पूर्व सरपंच के परिवार की पहल, मांडावास स्कूल को 51 हजार रुपए की भेंट

ब्यावर की ग्राम पंचायत लसाड़िया के पूर्व सरपंच पप्पू काठात के परिवार ने मृत्यु भोज की परंपरा को त्यागकर शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिवार ने लक्ष्मण काठात की पुत्रवधू के आकस्मिक निधन के बाद पारंपरिक मृत्यु भोज आयोजित करने के बजाय, उनकी स्मृति में राजकीय प्राथमिक स्कूल, मांडावास को 51 हजार रुपए की राशि भेंट की। परिवारजनों ने बताया कि मृत्यु भोज पर होने वाले व्यय को जनहित में लगाने का संकल्प लिया गया, ताकि दिवंगत आत्मा की स्मृति समाजोपयोगी कार्य से जुड़ सके। इसी भावना के साथ विद्यालय को यह आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल शेख अल्लाहबक्स और बालूराम सहित समस्त स्टाफ तथा ग्रामवासियों ने इस सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग स्कूल के विकास कार्यों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल को सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक सशक्त संदेश बताया। उनका कहना था कि शिक्षा से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। पूर्व सरपंच पप्पू काठात और उनके परिवार के इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्राम मांडावास के नागरिकों ने परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यों से सामाजिक चेतना को बल मिलेगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 11:39 am

शिक्षा मंत्री के जवाब से नाराज कांग्रेस का हंगामा:वेल में आकर दिलावर के खिलाफ नारेबाजी, 15 मिनट तक कार्यवाही स्थगित

​ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब से नाराज कांग्रेस विधायकों ने गुरुवार को विधानसभा में हंगामा किया। इसकी वजह से स्पीकर को 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने सीकर जिले में खेल मैदान से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा- आप उसी जगह क्यों चाहते हो?, क्या उसपर आपके चहेतों की नजर है? कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने दिलावर पर पलटवार करते हुए कहा कि या तो शिक्षा मंत्री के दिमाग में असंतुलन है। कोई अस्थिर दिमाग वाला व्यक्ति ही इस तरह जवाब दे सकता है। इस पर खूब नोकझोंक हुई।मंत्री के जवाब से नाराज कांग्रेस विधायकों ने वेल में शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में स्पीकर ने 1 बजकर 35 मिनट तक के लिए कार्यवाही स्थगित की। दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद ग्रामीण विकास और पंचायतीराज की अनुदान मांगों को रखा गया और फिर बहस शुरू हुई। पशुपालन मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने नाराजगी जताईविधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पशुधन बीमा योजना से जुड़े सवाल पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी के सवाल पर पशुपालन मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने नाराजगी जताई। हरीश चौधरी ने पशुपालन मंत्री पर कमेंट किए तो बीजेपी विधायकों और मंत्रियों ने आपत्ति जताई, इससे हंगामे के हालात बन गए। विधानसभा में बहस की PHOTOS… कांग्रेस को विधानसभा तक पैदल मार्च पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए….

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 10:53 am

झारखंड बजट में लातेहार को शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन की मिली बड़ी सौगात

लातेहार | झारखंड सरकार द्वारा पेश बजट में लातेहार जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में तीन बड़ी सौगातें मिली हैं। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से जिले के सामाजिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। एक साथ तीन परियोजनाओं का सौगात मिलने से स्थानीय लोगों में हर्ष है। लोगों ने कहा कि यह योजनाएं पूरी होगी है तो स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जाएगा। बजट में लातेहार में बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण की घोषणा की गई है। यह विद्यालय खासकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। अभी कई बच्चियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या संसाधनों के अभाव में पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। आवासीय विद्यालय बनने से छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, नियमित पढ़ाई, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधा तथा पोषणयुक्त भोजन मिलेगा। इससे बालिका शिक्षा दर में वृद्धि होगी और गरीब परिवारों की बेटियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। बजट में सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देने की भी घोषणा की गई है, जिसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के मरीजों को गंभीर इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक जांच सुविधा, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और अधिक बेड उपलब्ध होंगे। इससे समय पर इलाज संभव होगा और गरीब मरीजों का खर्च भी कम होगा। मेडिकल कॉलेज बनने से मेडिकल शिक्षा, नर्सिंग और पैरामेडिकल प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी के नए रास्ते खुलेंगे।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 4:00 am

पुलिस सप्ताह पर बच्चों को मिली शिक्षा किट

ब्रह्मपुर | पुलिस सप्ताह दिवस के अवसर पर ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में क्षेत्र के बच्चों के बीच पढ़ाई से जुड़ी शिक्षा किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना तथा बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से आए दर्जनों बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, कटर और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। शिक्षा किट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 4:00 am

ब्रह्मपुर में बच्चों को बांटी शैक्षणिक सामग्री, शिक्षा के लिए किया प्रेरित

भास्कर न्यूज | ब्रह्मपुर पुलिस सप्ताह के तहत बुधवार को ब्रह्मपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित दलित बस्ती में अवस्थित हरिजन प्राथमिक विद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों स्कूली बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल, पेन सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और वंचित वर्गों तक शैक्षणिक सहयोग पहुंचाना था। थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने बताया कि पुलिस सप्ताह के अवसर पर बिहार पुलिस द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि संसाधनों की कमी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। उन्होंने बच्चों को नियमित विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में अनुशासन अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय अभिभावकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाते हैं और पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 4:00 am

गोवा में शिक्षा क्रांति की शुरुआत, केजरीवाल ने ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन कर छात्रों को सौंपी डिजिटल ताकत

गोवा के बेनाउलिम स्थित अवर लेडी ऑफ पट्रोसिनियो कम्युनिटी सेंटर में आज शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद ने जन्म लिया

देशबन्धु 25 Feb 2026 11:38 pm

मुजफ्फरपुर में एईएस को लेकर अलर्ट रहने का आदेश:डीएम ने बीडीओ को बैठक करने के दिए निर्देश, कहा- शिक्षा विभाग एक्शन मोड में काम करें

मुजफ्फरपुर में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) की रोकथाम, जागरूकता और प्रभावी उपचार व्यवस्था को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में यह बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को समन्वित रणनीति के तहत अलर्ट मोड में कार्य करने का सख्त निर्देश दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में पूर्व वर्षों की तरह शून्य मृत्यु दर की उपलब्धि को बनाए रखना है। तत्पर होकर काम करने को कहा जिलाधिकारी ने जीविका, आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से टीम गठित कर सक्रिय और तत्पर होकर काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एईएस/जेई जैसी संवेदनशील बीमारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर सजगता, त्वरित सूचना तंत्र और प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को अपने-अपने प्रखंड में अधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक करने, उन्हें समुचित प्रशिक्षण देने तथा सभी एहतियाती उपायों की पूरी जानकारी देने का निर्देश मिला। उन्हें क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने को भी कहा गया। आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रत्येक परियोजना का भ्रमण कर महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों और अभिभावकों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जीविका समूहों को जागरूकता अभियान का एक मजबूत माध्यम बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था की सुदृढ़ता को लेकर जिलाधिकारी ने एसकेएमसीएच के अधीक्षक और सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को अपने स्तर से विशेष टीम गठित कर समुचित प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग को भी एक्शन मोड में काम करने का निर्देश शिक्षा विभाग को भी एक्शन मोड में काम करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों व अभिभावकों को जागरूक किया जाए। शिक्षकों को एईएस के लक्षणों की जानकारी दी जाए ताकि विद्यालय स्तर पर किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सके। एईएस जागरूकता अभियान के तहत सप्ताहवार कार्ययोजना भी निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले तीन साल में जिले में एईएस से एक भी मृत्यु नहीं हुई है, जो सभी विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को सजग, सक्रिय और तत्पर रहकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 7:43 pm

कोंच प्रखंड में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की समीक्षा:नीति आयोग की टीम ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर की चर्चा

गयाजी जिले के कोंच प्रखंड कार्यालय में बुधवार को नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का नेतृत्व नीति आयोग टीम के प्रतिनिधि गगन कुमार ने किया, जिसमें प्रखंड स्तर के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदीम अख्तर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन, सीडीपीओ कंचन माला, पशु-चिकित्सक डॉ. सोहेल अख्तर खान और आकांक्षी ब्लॉक फेलो दिवेश कुमार सिंहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसका प्राथमिक लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास को गति देना और निर्धारित संकेतकों पर चर्चा करना था। गगन कुमार ने स्पष्ट किया कि नीति आयोग का उद्देश्य पिछड़े ब्लॉकों में शासन व्यवस्था में सुधार लाना और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। डॉ. नदीम अख्तर के साथ प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव और बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। 'संपूर्णता अभियान 2.0' के तहत कुपोषण को दूर करने में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। सीडीपीओ कंचन माला को पूरक पोषण कार्यक्रम की नियमितता और आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन को स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर बालिकाओं के लिए शौचालय और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य ड्रॉपआउट दर में कमी लाना है। पशुपालन विभाग के डॉ. अविनाश कुमार के साथ पशुओं के टीकाकरण और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा हुई, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का आश्वासन दिया, ताकि ब्लॉक की रैंकिंग में सुधार हो सके। गगन कुमार ने फेलो दिवेश कुमार को डेटा फीडिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीकी रूप से सजग रहने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 5:26 pm

5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा के विरोध में लगी याचिका खारिज:हाईकोर्ट ने कहा-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग लेगा परीक्षा, राज्य में 6000+ प्राइवेट स्कूल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा के विरोध में दायर याचिका खारिज कर दी है। ये याचिका छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से लगाई गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि, सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग ही लेगा। इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 6200 निजी स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों की एकीकृत परीक्षा होगी। परीक्षा में पास–फेल का नियम भी लागू रहेगा। निजी स्कूल संगठन ने आरटीई कानून की धारा 16 और 30 का हवाला देकर परीक्षा का विरोध किया था। फेल होने पर दोबारा पढ़ेगा स्टूडेंट लेकिन अदालत में यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर 2024 को आरटीई कानून में संशोधन कर दिया है। संशोधन के अनुसार, कक्षा पांचवीं और आठवीं में वार्षिक परीक्षा होगी और असफल होने पर छात्रों को उसी कक्षा में रोका जा सकेगा। महंगी किताबों के नाम पर अवैध वसूली इस मामले में विकास तिवारी ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर कहा कि, कई निजी स्कूल सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ा रहे हैं और अभिभावकों से महंगी किताबों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें दी जानी हैं, लेकिन निजी स्कूलों ने वर्षों से इन पुस्तकों का वितरण नहीं किया। आरटीई के गरीब छात्रों को भी महंगी निजी किताबें खरीदने को मजबूर किया गया। हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका सुनवाई के बाद न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी ने निजी स्कूल संगठन की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि संशोधित कानून के बाद बोर्ड परीक्षा कराना पूरी तरह वैध है। तिवारी ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि, इससे फर्जी सीबीएसई स्कूलों पर लगाम लगेगी। शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और आरटीई के तहत पढ़ने वाले गरीब छात्रों को अब कक्षा 1 से 10 तक निःशुल्क किताबों का लाभ मिल सकेगा।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 5:13 pm

इंदौर में हिंदी गौरव अलंकरण- 2026:पूर्व जस्टिस कोकजे बोले- मातृभाषा में शिक्षा से ही प्रगति संभव

हिंदी और मातृभाषाओं के संवर्धन के उद्देश्य से कार्यरत मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा प्रेस क्लब में ‘हिंदी गौरव अलंकरण समारोह 2026’ का आयोजन किया गया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय और अतुल तारे को वर्ष 2026 के ‘हिंदी गौरव अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाषा के व्यवहारिक उपयोग, देवनागरी लिपि के संरक्षण और मातृभाषा आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होगी तभी वास्तविक विकास संभव है। इच्छाशक्ति मजबूत होने से भाषाओं का विस्तार और समृद्धि सुनिश्चित होगी। हिंदी के साथ देवनागरी भी जरूरी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों के बावजूद हिंदी सशक्त बनी रहेगी। उन्होंने हिंदी के साथ देवनागरी लिपि के संरक्षण को भी आवश्यक बताया। भाषा को व्यवहार में लाने की जरूरत विशेष अतिथि संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी के सम्मान के लिए उसे सरकारी और सामाजिक कार्यव्यवहार में लाना जरूरी है। उन्होंने भाषायी पाखंड से बचने और भारतीयता के भाव को सशक्त करने की बात कही। साहित्य और कला के अंतर्संबंध पर जोर सम्मानित साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि हिंदी लोक से समृद्ध हुई है और साहित्य व कला के बीच अंतःअनुशासन की आवश्यकता है।अतुल तारे ने कहा कि समाचार पत्रों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई है। एआई और आभासी दुनिया के इस दौर में अपनी भाषा से जुड़ाव ही स्व-बोध कराता है। पांच कवियों को ‘काव्य गौरव अलंकरण’ समारोह में नागदा के कमलेश दवे, मांडव के डॉ. पंकज प्रसून चौधरी, उज्जैन की निशा पंडित, बड़नगर के पुष्पेंद्र जोशी ‘पुष्प’ और भोपाल की शिवांगी प्रेरणा को ‘काव्य गौरव अलंकरण’ प्रदान किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार संध्या राणे के कविता संग्रह ‘शुभम् करोति’ का लोकार्पण भी किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया, जबकि स्वागत उद्बोधन डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने दिया। समारोह में शहर के अनेक साहित्यकार, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 3:44 pm

एमपी की भोजशाला में मिले 800 साल के सबूत:संस्कृत शिलालेख में शिक्षा केंद्र के प्रमाण; अरबी में सुल्तान का नाम मिला; हाईकोर्ट ने मांगे दावे–आपत्ति

मध्य प्रदेश की धार स्थित भोजशाला मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट पर दो हफ्ते के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी, जहां दाखिल जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ASI ने हाईकोर्ट के आदेश पर 22 मार्च 2024 से करीब 100 दिन तक परिसर और उससे 50 मीटर की परिधि में जांच, सर्वे और सीमित उत्खनन किया। टीम में पुरातत्वविद्, अभिलेखविद्, रसायनविद् और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे। शिक्षण केंद्र की संभावना जताने वाले शिलालेख मिलेरिपोर्ट में 12वीं से 20वीं सदी तक के शिलालेखों के प्रमाण मिले हैं। इनमें संस्कृत-प्राकृत के साथ नागरी लिपि के लेख और अरबी-फारसी में लिखे शिलालेख शामिल हैं। कुछ शिलालेख धार्मिक गतिविधियों का संकेत देते हैं तो कुछ शिक्षण केंद्र होने की संभावना जताते हैं। कुछ पत्थरों पर लिखावट मिटाकर दोबारा इस्तेमाल के संकेतरिपोर्ट के मुताबिक, भोजशाला परिसर में 56 अरबी-फारसी शिलालेख मिले, जिनमें दुआएं, नाम और धार्मिक वाक्य हैं। वहीं, 12वीं–16वीं सदी के संस्कृत-प्राकृत शिलालेख भी मिले, जिनमें पारिजातमंजरी-नाटिका और अवनिकर्मसातम जैसे उल्लेख शामिल हैं। कुछ पत्थरों पर लिखावट मिटाकर दोबारा इस्तेमाल किए जाने के संकेत भी मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्थल अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक उपयोग में रहा। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इसके संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र है। परमार राजा के गुरु की लिखी नाटिका का उल्लेख मिलाशिलालेखों में पारिजातमंजरी नाटिका, अवनिकर्मसातम और नागबंध जैसे लेख मिले हैं। इनका जिक्र एएसआई की पुस्तकों ‘एपिग्राफिया इंडिका और कॉर्पस इंसक्रिप्शनम इंडिकारम’ में भी है।पारिजातमंजरी नाटिका को धार के परमार वंश के राजा अर्जुनवर्मन के गुरु मदन ने लिखा था। प्रस्तावना में बताया गया है कि इस नाटक का पहला मंचन देवी सरस्वती के मंदिर में हुआ था।एक शिलालेख में प्राकृत भाषा के दो काव्य मिले हैं, जिनमें हर एक में 109 पद्य हैं। पहले काव्य का नाम अवनिकर्मसातम है। माना जाता है कि इसकी रचना महाराजाधिराज भोजदेव ने की थी। पढ़ाई–लिखाई और व्याकरण वाले शिलालेख मिले पश्चिमी स्तंभशाला में मिले नागबंध शिलालेख पढ़ाई-लिखाई और व्याकरण के नजरिए से महत्वपूर्ण माने गए हैं। इनसे संकेत मिलता है कि यह स्थान कभी शिक्षण केंद्र रहा होगा। माना जाता है कि इसकी स्थापना राजा भोजदेव ने कराई थी। जांच के दौरान 13वीं सदी के आसपास के करीब 50 शिलालेखों के टुकड़े मिले। साथ ही एक प्रतिमा के आधार का टूटा हिस्सा भी मिला। कई पत्थर की पट्टिकाओं पर लिखावट जानबूझकर मिटाई गई थी और बाद में इन्हें निर्माण कार्य में इस्तेमाल कर लिया गया। इसके अलावा 34 छोटे-छोटे खुदे हुए नाम भी मिले हैं। इनमें कुछ नाम 13वीं सदी के हैं, जबकि ज्यादातर 16वीं सदी के बताए गए हैं। भगवान विष्णु की क्षतिग्रस्त प्रतिमा मिली, तो महमूद शाह का जिक्र भी मिला परिसर में मिले अरबी-फारसी के 56 शिलालेख एएसआई की टीम को अरबी और फारसी भाषा के 56 शिलालेख मिले हैं। इनमें से 43 स्याही से लिखे हुए हैं। इन शिलालेखों पर आने वाले लोगों के नाम, धार्मिक वाक्य, दुआएं और फारसी कविता के शेर हैं। काजी जलालुद्दीन, अजीजुद्दीन, सैयद अनवर और कलंदर बैग जैसे आगंतुकों के नाम लिखे हैं। खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की एक छोटी और क्षतिग्रस्त प्रतिमा मिली है। साथ ही मंदिरों के अवशेष भी पाए गए हैं। एक लेख में यह भी उल्लेख है कि 1905 में ग्वालियर राज्य के उप-इंजीनियर सैयद हुसैन यहां आए थे। कमाल मौला की कब्र वाले परिसर में चार कब्रों पर भी शिलालेख मिले हैं। इन पर कुरान की आयतें लिखी हैं। मालवा के सुल्तान महमूद शाह का भी जिक्र मिला एक शिलालेख में मालवा के सुल्तान महमूद शाह प्रथम का उल्लेख है। इसमें दरगाह परिसर में बरामदा, आंगन, कमरे, कुआं, स्नानागार और अन्य भवनों के निर्माण की जानकारी दी गई है। यह निर्माण हिजरी 861 (1456–57 ई.) में हुआ बताया गया है, जबकि शिलालेख हिजरी 866 (1461–62 ई.) में पत्थर पर उकेरा गया था। एक अन्य शिलालेख में तुगलक वंश के समय धार की पुरानी मस्जिदों के दोबारा निर्माण का जिक्र भी मिलता है। अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक स्थल के रूप में उपयोग रिपोर्ट के अनुसार शिलालेखों से यह भी पता चलता है कि यह परिसर अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक स्थल, शिक्षण केंद्र और आम लोगों के आवागमन का स्थान रहा है। यहां मिले शिलालेख इस स्थल के बहुस्तरीय ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हैं। 1902 से अब तक का संरक्षण सफररिपोर्ट बताती है कि ब्रिटिश काल में 1902-03 में सबसे पहले इसके संरक्षण की योजना बनी थी। 1951 में इसे 'राष्ट्रीय महत्व का स्मारक' घोषित किया गया। 1972-73 के उत्खनन में यहां से मुगल-पूर्व काल के चमकीले बर्तन और तांबे की अंगूठी जैसे अवशेष भी प्राप्त हुए थे। एएसआई की रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की राय… भोज उत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट में मिले प्रमाण यह सिद्ध करते हैं कि भोजशाला सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। यहां मां सरस्वती का भव्य मंदिर एवं गुरुकुल स्थापित था। यह वर्षों के संघर्ष का सकारात्मक परिणाम और सनातन समाज के लिए गर्व का विषय है। मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने कहा कि हम शुरू से ही इस सर्वे को लेकर ऑब्जेक्शन लेते आ रहे हैं। 1903 और 1904 में एएसआई के ही सर्वे में तय किया था कि यह स्थान मस्जिद है। संरचना भी मस्जिद जैसी है। नए सर्वे रिपोर्ट में कई तथ्य बदले हुए नजर आ रहे हैं। कोर्ट में अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। ये खबर भी पढ़ें… भोजशाला पर अलाउद्दीन खिलजी के हमले के 700 साल 23 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार भोजशाला पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। हिंदू संगठन दिनभर सरस्वती की पूजा की बात कर रहे हैं। वहीं, मुस्लिम समाज भी नमाज पढ़ने आएगा। इससे पहले 2003 से लेकर 2016 के बीच तीन बार ऐसा मौका आया जब बसंत पंचमी शुक्रवार को ही थी।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 3:01 pm

अहमदाबाद शिक्षा विभाग की अनोखी पहल, विद्यार्थियों के लिए तैयार की 'परीक्षा सहायक' पुस्तिका

Unique initiative of Ahmedabad Education Department : बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले अहमदाबाद जिला शिक्षा विभाग ने एक अनोखी पहल की है। खबरों के अनुसार, विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने 'परीक्षा सहायक पुस्तिका' तैयार की है। इस पुस्तिका के माध्यम से अब विद्यार्थी सिर्फ एक क्लिक में अपने परीक्षा केंद्र का सटीक लोकेशन जान सकेंगे, जिससे वे समय पर केंद्र तक पहुंच सकें। इस पुस्तिका में परीक्षा केंद्रों के संचालकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल की गई है। एक क्लिक में परीक्षा केंद्र का सटीक लोकेशन बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले अहमदाबाद जिला शिक्षा विभाग ने एक अनोखी पहल की है। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने 'परीक्षा सहायक पुस्तिका' तैयार की है। इस पुस्तिका के माध्यम से अब विद्यार्थी सिर्फ एक क्लिक में अपने परीक्षा केंद्र का सटीक लोकेशन जान सकेंगे, जिससे वे समय पर केंद्र तक पहुंच सकें। इस पुस्तिका में परीक्षा केंद्रों के संचालकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल की गई है। ALSO READ: गिफ्ट सिटी के लिए खुशखबरी! PM मोदी ने दी अहमदाबाद मेट्रो विस्तार को मंजूरी, अब शाहपुर तक दौड़ेगी ट्रेन 26 फरवरी से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाएं परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की जल्दबाजी में कई बार छात्र-छात्राएं देर से पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए विभाग ने यह 'परीक्षा सहायक पुस्तिका' तैयार की है। आगामी 26 फरवरी से कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। 15 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल राज्यभर से कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इसके लिए 20 जोन तैयार करते हुए उसके अंतर्गत 138 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में एक लाख 932 विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं। ALSO READ: अहमदाबाद की सड़कों पर अब 'साइबर कवच' के साथ दौड़ेंगी 28 नई हाईटेक ई-बसें बनाए 70 परीक्षा केंद्र इसके लिए दोनों ही जगहों पर कुल 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। शहर जिला शिक्षा अधिकारी आरएम चौधरी और ग्रामीण डीईओ डॉ. बीएन प्रजापति ने बोर्ड परीक्षा का शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र का एक्शन प्लान घोषित किया। Edited By : Chetan Gour

वेब दुनिया 25 Feb 2026 12:27 pm

लखनऊ में दिखा शिक्षा-संस्कार का संगम:मुन्नी देवी वाल्मीकि विद्यालय के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने मन मोहा

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में मुन्नी देवी वाल्मीकि स्मारक विद्यालय का वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कार की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जहाँ लवकुश नगर, इंदिरा नगर स्थित इस विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। वार्षिकोत्सव की शुरुआत पारंपरिक सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य और समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। छोटे बच्चों ने वेलकम सॉन्ग से अतिथियों का स्वागत किया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और ऊर्जा देखते ही बन रही थी, जिसमें नाटक और होली विशेष कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां शामिल थीं। विद्यालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने किया था विद्यालय के प्रबंधक वाल्मीकि अंकित गाभरी ने बताया कि इस विद्यालय का शुभारंभ वर्ष 2003 में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. डी. तिवारी द्वारा किया गया था। यह विद्यालय गरीब तबके के बच्चों को नाममात्र शुल्क पर शिक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का नाम उनकी दादी मुन्नी देवी के नाम पर रखा गया है। मुन्नी देवी स्वयं शिक्षित नहीं थीं, लेकिन उनका सपना था कि समाज के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें। इस सपने को उनके पुत्र नरेश वाल्मीकि ने साकार किया और विद्यालय की स्थापना की। प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ भी विद्यालय को आगे बढ़ाने में निरंतर प्रयासरत हैं। शिक्षा से ही बदलेगी तकदीर अंकित गाभरी ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों को संदेश दिया कि वे बच्चों को पढ़ाने से न डरें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही बच्चे आगे चलकर आईएएस, पीसीएस या देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व शिक्षा और आत्मविश्वास से ही तैयार होता है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को शिक्षा से दूर न रखें, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मुन्नी देवी वाल्मीकि समाज व परिवारजनों अवंतिका गावरी, मीना देवी, नरेश वाल्मीकि, आशीष गावरी, शैलेंद्र गावरी, अतुल गावरी और आनंद देव गावरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 9:53 am

शिक्षा मंत्रीजी ने किया गाय-भैंस में 'अंतर':AI वाले 'गहलोत-पायलट' की चर्चा; श्मशान में ताश का 'खेल'

नमस्कार पद की रेस में पैदल चलने वाले नेताजी ने लग्जरी कारों वाले युवा नेताजी को पछाड़ दिया। उधर, पूर्व सांसदजी ने कंबल बांटने में धर्म का अंतर किया था, इधर कोटा में शिक्षा मंत्रीजी ने ‘गाय-भैंस के दूध’ में फर्क कर दिया। हनुमानगढ़ में तो श्मशान में ही ताश के पत्ते बंट गए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. AI वाले गहलोत-पायलट की चर्चा आपने कछुआ-खरगोश वाली कहानी सुनी होगी। दोनों में रेस हुई। कछुआ लगातार चलता रहा और जीत गया। खरगोश ओवर कॉन्फिडेंस में आकर सो गया और हार गया। हालांकि, हमारी कहानी वाला 'खरगोश' तो सोया भी नहीं। युवाओं के साथ खूब नजर आया। कई जगह धरने-प्रदर्शन में पहुंचा। अरावली को बचाने के लिए पैदल यात्रा निकाली। अब खरगोश के पास ‘सफेद रंग की रफ्तार’ है तो इसमें बेचारे खरगोश का क्या दोष? कुछ लोग कह रहे हैं कि खरगोश इसलिए नहीं जीता क्योंकि उसने लग्जरी कारों का दिखावा किया। अब भैया जिसके पास लग्जरी कारें हैं तो वह दिखाएगा। बल्कि लग्जरी कारों का काफिला है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट तो कारों के कारवां की हैं। खूब सपोर्ट भी है। एक AI वाला मीम बहुत घूम रहा है। इसमें गहलोत और पायलट सोफे पर बैठकर चर्चा कर रहे हैं कि रेस में विनोद जाखड़ क्यों आगे निकल गए। संवाद कुछ इस तरह है- गहलोत- विनोद जाखड़ अध्यक्ष बना कैसे? मीणा कहते हैं कि नरेश ने बनवाया। गुर्जर कहते हैं पायलट ने बनवाया। बैरवा कहते हैं कि डीसी ने बनवाया। माली कहते हैं कि गहलोत ने बनवाया। पायलट-साहब। जाखड़ ने चुपचाप मेहनत की है। औरों की तरह सोशल मीडिया पर लग्जरी गाड़ियां नहीं दिखाई हैं। इसलिए बन गया। 2. शिक्षा मंत्रीजी का गाय वाला ज्ञान कुछ लोग बाजार से डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया, साबुन का घोल, रिफाइंड ऑयल और केमिकल की खरीद करके गुजर रहे थे। रास्ते में पता चला कि शिक्षा मंत्रीजी किसी कार्यक्रम में भाषण दे रहे हैं। भाषण की आवाज पगडंडी तक आ रही थी। कतार में सबसे आगे यूरिया का कट्‌टा सिर पर उठाए चल रहा व्यक्ति बोला- यार, मंत्रीजी का भाषण कभी नहीं सुना। आओ सुनते हैं। सभी लोग सभास्थल पर सबसे पीछे जाकर खड़े हो गए। मंत्रीजी ने कहा- कुछ गायें और भैंसें चुन लो। ऐसी चुनना जिन्होंने 3-4 दिन पहले बच्चे को जन्म दिया हो। एक तरफ गायें खड़ी कर दो, दूसरे तरफ भैंसें खड़ी कर दो। अब दोनों के बच्चों को एक जगह से एक साथ छोड़ो। भैंस का बच्चा एक भैंस के नीचे जाएगा। यह उसकी मां नहीं है। फिर दूसरी के नीचे, तीसरी के नीचे, चौथी के नीचे जाएगा। उसे मुश्किल से अपनी मां मिलेगी। जबकि गाय का बच्चा सीधे अपनी मां के पास जाएगा और दूध पीने लग जाएगा। सभास्थल का टेन्ट तालियों से गूंजने लगा। खरीदारी कर आए लोग भी सामान नीचे रख ताली बजाने लगे। मंत्रीजी ने बात आगे बढ़ाई- यानी गाय का दूध पीने वाला बच्चा होशियार होता है। भैंस का बच्चा माइंड से ठस होता है। दूध पीने के बाद भैंस का बच्चा बैठकर ऊंघता है, जबकि गाय का बच्चा पूंछ ऊंची कर कूंद-फांद करता है। मंत्रीजी का भाषण निष्कर्ष पर आ गया था। वे बोले- अपने बच्चे को अगर चंचल बनाना है तो गाय का दूध पिलाएं। आलसी बनाना है तो भैंस का दूध पिलाएं। उन्होंने प्रोग्रेसिव तरीके से यही बात समझाई- गाय का बच्चा जब छोटा होता है तो उसे बछड़ा कहते हैं। थोड़ा बड़ा होता है तो कैड़ा कहते हैं। थोड़ा और बड़ा होता है तो नारक्या कहते हैं। और बड़ा हो जाता है तो बैल कहते हैं। लेकिन भैंस का बच्चा कितना ही बड़ा हो जाए, वह पाडे का पाडा ही रहता है। इस बात पर खरीदारी कर आए लोग ठहाका मारकर हंसने लगे। सभा में बैठे लोगों ने पलटकर पीछे देखा। वे संभले। उन्होंने अपना-अपना सामान सिर पर उठाया और चल दिए। यूरिया का कट्‌टा लेकर चल रहा लीडर बोला- अच्छा है हम गाय-भैंस के दूध के झंझट में नहीं पड़ते। जल्दी पैर बढ़ाओ। नकली दूध बनाना है और शहर में सप्लाई भी करना है। 3. श्मशान में ताश का खेल कुछ लोग फानी दुनिया से चले जाने के बाद भी अमर हो जाते हैं। वे अपने कामों के कारण हर किसी की यादों में बसते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके काम तो सामान्य होते हैं, लेकिन शौक बड़े होते हैं। उनके शौक अमर हो जाते हैं। हनुमानगढ़ के नोहर में ऐसा ही हुआ। गांव की चौपाल पर बुजुर्ग मांगीलाल सैनी अक्सर अपनी मंडली और युवा मित्रों के साथ ताश खेलते थे। मौसम के अनुसार स्थान बदलते रहते रहते ताश का खेल वही रहता। ताश खेलते-खेलते वक्त कट जाता था, हंसी-मजाक हो जाता था, और सबसे बड़ी बात वे खुश रहते थे। एक दिन ताश खेलकर घर पहुंचे और मांगीलालजी ने दुनिया-जहान को अलविदा कह दिया। उम्र हो गई थी। बहुत कष्ट भी नहीं झेला। ऐसे में मित्र मंडली को संतोष कि चलो जाते-जाते ताश खेल गए। गांव-समाज के लोग परिजन-रिश्तेदारों के साथ श्मशान पहुंच गए। मांगीलालजी के साथ ताश खेलने वाली मंडली भी पहुंची। अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद एक साथी ने जेब से ताश की गड्‌डी निकाली और वहीं श्मशान में ताश खेलने लगे। बोले- मांगीलाल जी की आत्मा को शांति मिलेगी। उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 4. चलते-चलते... कोरोना के बाद थार का बुखार ऐसा कि संपर्क में आने वाले का दिमाग खराब हो जाता है। गाड़ी बढ़िया है। मजबूत है। लेकिन स्टेटस ऐसा बना दिया गया है कि गाड़ी खरीदने का इच्छुक भला आदमी काली थार से दूरी बना लेता है। पुलिस काली थार आते देख सतर्क हो जाती है। बैरिकेडिंग खींचकर दूर से ही सड़क पर डंडा फटकारने लगती है। लेट नाइट काली थार लेकर कोई चाहे अस्पताल में ब्लड डोनेट करने ही जा रहा है, पुलिस उसे शक की निगाह से देखती है। काली थार का मतलब जरूर इसमें बदमाश ही बैठे होंगे जो आगे जाकर वारदात करने वाले हैं। सच में कई वारदातें हो भी गई। जिनको बदमाशी का शौक है उन लोगों ने गाड़ी की इमेज ही खराब कर दी। स्टंटबाज भी बदमाशी करने में पीछे नहीं हैं। थार के रेगिस्तान में इतने तूफान नहीं आते, जितने लोगों ने थार कार के नाम से मचा रखे हैं। बीकानेर नंबर की एक काली थार का वीडियो खूब घूम रहा है। पहाड़ी ढलान पर कार को चलाने वाला स्टंटबाजी दिखा रहा है। कार चारों टायरों पर ऐसे उछल रही है जैसे गाय का दूध पीने के बाद बछड़ा उछलता है। एक यूजर ने कार का नंबर शेयर करते हुए ट्रैफिक पुलिस से अपील है कि इसके मालिक को ढूंढो और समझाओ कि यह हेलिकॉप्टर नहीं है। कार है। कितनी ही कोशिश कर लो, उड़ नहीं पाएगी। इनपुट सहयोग- शक्ति सिंह हाड़ा (कोटा), दीपक भारद्वाज (हनुमानगढ़)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 6:55 am

उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल:मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से एमओयू आज; विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योग आधारित अनुभव

प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कार्यक्रम का आयोजन सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट ऑटोनॉमस कॉलेज में होगा। इस पहल के माध्यम से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ते हुए उन्हें उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी। एमओयू का उद्देश्य और कार्ययोजना समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के अधिकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देंगे। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम (एईडीबी) लागू करने वाले संस्थानों को विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अकादमिक पाठ्यक्रम में अप्रेंटिसशिप को प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सके। विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योग आधारित अनुभव इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें वास्तविक कार्य परिवेश का अनुभव प्राप्त होगा और वे तकनीकी व व्यवहारिक कौशल विकसित कर सकेंगे। अकादमिक शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने का यह प्रयास युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। साथ ही, डिग्री प्राप्त करने के बाद नौकरी की तलाश में लगने वाला समय भी कम हो सकेगा। यह प्रमुख अधिकारी रहेंगे उपस्थित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्त आईएएस और सेंटर ऑफ रिसर्च इन पॉलिसिज के संस्थापक सदस्य राधेश्याम जुलानिया तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (वेस्टर्न रीजन) के निदेशक-प्रशिक्षण डॉ. पीएन जुमले उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश के 85 महाविद्यालयों और 8 विश्वविद्यालयों के प्राचार्य और नोडल प्राध्यापक भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह पहल उच्च शिक्षा को कौशल आधारित और रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 6:05 am

गहलोत जी! आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसालेते थे कि नहीं?...जूली बोले-जो पूछा है वो बताएं

विधानसभा में सोमवार को पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप के कारण जबरदस्त हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व सीएम से पूछा कि, गहलोत साहब बताइए, आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसा लेते थे कि नहीं? उस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मंत्री पॉलिटिकल भाषण खूब दें, लेकिन जो पूछा है, उसका जवाब भी दें। दूसरी ओर, शून्यकाल में बीकानेर में छात्रा से दुष्कर्म व हत्या को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस और भाजपा विधायकों में नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायकों ने वेल में नारेबाजी की। इस पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस पर जूली ने सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाया। गृह राज्य मंत्री ने भी कहा कि विपक्ष ओछी राजनीति कर रहा है। इस पर कांग्रेसी विधायकों ने दुष्कर्म और कानून व्यवस्था के विरोध में वॉक आउट कर दिया। इस बीच अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अचानक दोपहर 2.52 बजे 7 सेकंड के लिए सदन में बिजली चली गई। इस पर भी आरोप प्रत्यारोप होता रहा। दो साल में स्कूलों में खाली पदों को भर देंगे सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों के सवाल पर भी हंगामा हुआ। दिलावर ने कहा कि हम खाली पदों को भर रहे हैं। दो साल में रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों को भरने की भी पहले योजना है। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस ने शिक्षा का सत्यानाश किया। ट्रांसफरों में पैसे ले-लेकर लूटा है आपने। दिलावर ने कहा कि एक बार 3880 और दूसरी बार में 970 पद सृजित किये।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 4:04 am

स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और उद्योग में बड़ा निवेश:ट्रैफिक दबाव कम करने 5 बड़े फ्लाईओवर, 200 बिस्तर का मातृ-शिशु अस्पताल, अंडरग्राउंड होंगे बिजली के तार

विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेशकर विकास का रोडमैप रखा। इसमें राजधानी को लगभग ₹506.5 करोड़ की परियोजनाएं मिली हैं। कालीबाड़ी में 200 बिस्तर का मातृ-शिशु अस्पताल, मेकाहारा में एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट का विस्तार, शहर में 5 बड़े फ्लाईओवर समेत 13 ब्रिज बनेंगे। बिजली केबल को अंडरग्राउंड करने की योजना, नवा रायपुर में डिजिटल और स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास व मेगा परीक्षा केंद्र की स्थापना जैसे जरूरी ऐलान किए गए हैं। घरेलू उड़ानों के विस्तार और एयरस्ट्रिप उन्नयन के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायपुर-जगदलपुर-रायपुर उड़ान दोबारा शुरू होगी। 15 साल से अटका चौड़ीकरण, अब फ्लाईओवर बनेगा तात्यापारा से शारदा चौक तक सड़क चौड़ीकरण 15 साल से मुआवजे की ऊंची लागत के कारण अटका है। अब जाम से राहत के लिए टू-लेन फ्लाईओवर बनेगा। सर्वे में 102 दुकानें और मकान प्रभावित पाए गए हैं। जमीन अधिग्रहण व निर्माण पर करीब 137 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। वर्तमान चौड़ाई 12 से 14 मीटर है, जबकि फूल चौक के पास 12 मीटर होने से बॉटलनेक बनता है। सुबह-शाम पीक आवर में रोज घंटों जाम लगता है। 200 सीटर ओबीसी हॉस्टल, छत्तीसगढ़ कॉलेज बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सरकार रायपुर में पिछड़े वर्ग की छात्राओं के लिए 200 सीटों का पोस्ट मैट्रिक छात्रावास बनाएगी। रायपुर सहित सभी नालंदा पुस्तकालयों में करियर काउंसलिंग केंद्र के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान है। जे. योगानंदम महाविद्यालय समेत 5 कॉलेज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे (15 करोड़)। अटारी कॉलेज पीजी में अपग्रेड होगा। 6 जिलों में सीजीआईटी (38 करोड़), 36 इंक सीजी व एसटीपीआई सेंटर (35 करोड़) और विश्वविद्यालयों को विशेष बजट दिया गया है। रायपुर में पहला होमियोपैथी कॉलेज भी बनाया जाएगा। कमिश्नरी के भीतर खुलेंगे दो नए थाने, तेलीबांधा थाना हाईटेक होगा कमिश्नरी में सरोना और जरवाय में दो नया थाना खोला जाएगा। डीडी नगर को विभाजित कर सरोना में नया थाना खोला जाएगा। इसमें डीडी नगर और आमानाका का इलाका शामिल किया जाएगा। इसी तरह जरवाय में भी नया थाना खोला जाएगा। इसमें कबीर नगर, आमानाका और उरला के इलाकों को मिलाकर नया थाना बनाया जाएगा। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा कोतवाली और आमानाका की तर्ज पर तेलीबांधा थाना को भी हाईटेक किया जाएगा। नई हाईटेक बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसके बाद खम्हारडीह थाना का नया भवन बनाया जाएगा। पिछले बजट की घोषणाएं अधूरी, कई परियोजनाएं ठंडे बस्ते में पिछले बजट में कई बड़ी घोषणाएं हुईं, लेकिन अधिकांश योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं। अंबेडकर में प्रस्तावित आईवीएफ सेंटर शुरू नहीं हुआ। 14.70 किमी एक्सप्रेस-वे टू (मोवा अंडरब्रिज से जोरा) के लिए 1295 करोड़, 6 ओवरब्रिज और 5 डबल डेकर का प्रावधान था, पर काम अटका है। खालसा स्कूल–मोवा थाना ओवरब्रिज, फुंडहर ओवरपास, टर्निंग प्वाइंट फ्लाईओवर आगे नहीं बढ़े। गोंदवारा-खमतराई चौड़ीकरण मुआवजे में रुका। मंडीगेट अंडरब्रिज, भाटागांव-काठाडीह व काठाडीह-महादेव घाट सड़कें लंबित हैं। कमल विहार व सिलतरा थाना अब भी चौकी ही हैं। रायपुर बनेगी राज्य की पहली साइबर तहसीलराज्य में जमीन से जुड़े मामलों की ऑनलाइन सुनवाई के लिए साइबर तहसील स्थापित की जा रही है। रायपुर पहली पूर्णतः ऑनलाइन तहसील बनेगी। इसके लिए प्रदेशभर में 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायपुर में हाईटेक तहसील भवन निर्माणाधीन है। योजना से नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों का फेसलेस और त्वरित निराकरण संभव होगा। पक्षकारों की सुनवाई भी ऑनलाइन होगी। पहला जीएसटी कॉल सेंटर, सभी जानकारी मिलेगीव्यापारियों की जीएसटी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य का पहला जीएसटी कॉल सेंटर नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन में खोला जाएगा। जीएसटी 2.0 सुधार के तहत यह पहल की जा रही है। कॉल सेंटर से छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को कर नियमों, रिटर्न और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी। इससे कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी तथा व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब एयरपोर्ट पर खुलेंगे हैंडीक्राफ्ट शो-रूमप्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, कोरबा और अंबिकापुर एयरपोर्ट पर हैंडीक्राफ्ट शो रूम खोले जाएंगे। रायपुर एयरपोर्ट पर फिलहाल ब्रांडेड कंपनियों के ही आउटलेट हैं। नई पहल से राज्य की पारंपरिक कलाकृतियों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। शो रूम का संचालन हथकरघा विभाग करेगा। इससे यात्रियों को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण हस्तशिल्प उत्पाद मिल सकेंगे। राजधानी में बनेगी सीएसयू, जांच में आसानी होगी टैगोर नगर स्थित राज्य फॉरेंसिक लैब में सीन ऑफ क्राइम यूनिट (सीएसयू) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में 3.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञों और जांचकर्ताओं की एक विशेष टीम होगी, जो अपराध स्थल का दस्तावेजीकरण करने, सबूत जुटाने और उनका विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार होती है। वैज्ञानिक जांच द्वारा अपराधियों को पकड़ा जा सके।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा व्यवस्था की रिव्यु, कम उपस्थिति पर DM सख्त:खगड़िया में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

खगड़िया में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी, अनुशासित और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी (डीएम) नवीन कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालयों में कम उपस्थिति पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया और कड़े निर्देश दिए। बैठक में ज्ञानदीप पोर्टल पर बच्चों के नामांकन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में छात्राओं की औसत उपस्थिति, शिक्षकों व रसोइयों की हाजिरी, वेतन-पेंशन भुगतान, टैबलेट रजिस्ट्रेशन और शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक संघ के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षक संघ के साथ कल एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। डीएम नवीन कुमार ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और उनके त्वरित समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए DM ने छात्रों के परिभ्रमण कार्यक्रमों में इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटी कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों के प्रति जागरूक करना है। कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए इसके अलावा, इंटर स्कूल (KGBV) स्तर पर खेलकूद और कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए गए। इससे छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। समीक्षा में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया कि जिले में कुल 1,01,047 बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम पाई गई। इस कारण वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह गए। मानसी और खगड़िया प्रखंडों का प्रदर्शन विशेष रूप से कमजोर रहा, जिसके लिए संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 9:53 pm

एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती का रिजल्ट जारी करने पर रोक:चिकित्सा शिक्षा विभाग में सीधी भर्ती से भरे जा रहे थे पद, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग में हुई एसोसिएट प्रोफेसर्स की भर्ती पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मण्डल को नोटिस भी जारी किया है और 2 हफ्तों में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में ये याचिका निशा चंदेल सहित कई नर्सों की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर्स के पद, ट्यूटर सिस्टर्स के प्रमोशन से भरने का नियम है, लेकिन राज्य सरकार ने इन्हें सीधी भर्ती से भरने का फरमान सुना दिया। कर्मचारी चयन मण्डल ने बीते दिनों भर्ती परीक्षा भी करवा ली है, जिसके रिजल्ट जारी करने पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में भर्ती के लिए दिसंबर 2025 में विज्ञापन जारी किया था, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर की भर्ती की जानी थी। इसके बाद 25 जनवरी को दूसरा विज्ञापन जारी किया, जिसमें कि सिस्टर ट्यूटर को हटा दिया गया, और एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती निकाली। जिसके बाद सिस्टर ट्यूटर की तरफ से हाईकोर्ट मे याचिका दायर की गई। कोर्ट को बताया गया कि एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए क्ववालीफाई है। भर्ती नियम 2024 के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती 100 प्रतिशत तक प्रमोशन से ही होना है, इसलिए सीधी भर्ती जो निकाली गई है, वह गैरकानूनी है। मामले पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लिया है। चूंकि परीक्षा हो चुकी है, ऐसे में कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मण्डल से जवाब मांगते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 हफ्तों बाद तय की है। ये खबर भी पढ़ें… सोम डिस्टिलरीज की याचिका पर जस्टिस मिश्रा नहीं करेंगे सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका पर सुनवाई हुई। जिससे जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया है। जस्टिस ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़ा केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए। हालांकि न्यायाधीश ने इस केस की सुनवाई से अलग होने का कोई कारण नहीं बताया है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 6:48 pm

लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षामित्र लापता:ऑफिसियल ग्रुप पर लिखा- SDM बीकेट से कह दो जाकर नौकरी ले लें

लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र से सोमवार को एक शिक्षामित्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। सीसीटीवी कैमरे में वह पैदल ही जाते दिखे। उनका अंतिम लोकेशन जुग्गौर चिनहट के पास मिला। उन्होंने अपने ऑफिसियल ग्रुप और ममेरे भाई को मैसेज भेजा है। परिजनों का आरोप है कि एसआईआर के काम को लेकर वह दबाव में थे। भौली बख्शी का तालाब निवासी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि उनका भांजा दिलीप कुमार सिंह उर्फ दीपू (46) पुत्र छत्रपाल सिंह, मूल निवासी ग्राम परसिया पोस्ट लाखन थाना खम्भरिया जनपद बीरी का रहने वाले हैं। वह मौजूदा समय मे भौली-2 में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। मकान नंबर 3/550, जानकीपुरम विस्तार (सेंट्रल अकादमी के पीछे) लखनऊ में परिवार के साथ रहते हैं। घर से पैदल ही निकले थे परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे दिलीप घर से पैदल यह कहकर निकले कि नाश्ता तैयार करो, अभी आकर करेंगे। काफी देर तक वापस न लौटने पर उनकी पत्नी दीपिका सिंह ने फोन मिलाया। फोन की घंटी गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने काफी तलाश की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। मामा के लड़के को मैसेज किया दिलीप सिंह ने अपने ममेरे भाई को मैसेज किया। उसमें लिखा- भाई मैं तुम्हारा कर्जदार बड़ा भाई। मामा-मामी का ख्याल रखना। हमारे भी माता-पिता हैं। पिंकू गाय जरूर रखना मामा-मामी चाहे जितना गुस्सा करें। पिंकू काम का प्रेशर बहुत है। ऑफिसियल ग्रुप पर भी किए मैसेज उसने ऑफिस के वाट्सऐप ग्रुप पर भी मैसेज भेजा है। उसमें लिखा- सुषमा मैडम सुपरवाइजर साहब भाग संख्या 191 बीएलओ दिलीप सिंह शिक्षा मित्र एसआईआर का कार्य छोड़कर जा रहा हूं। मेरे नोटिस फॉर्म मेरी बाइक के झोले में है। जो मेरे घर पर खड़ी है। जरूरत समझना तो ले लेना गुडबाय। इस पर सुषमा नाम से सेव नंबर से जवाब आया- दिलीप आप कहां हो। उसके बाद दिलीप ने लिखा- हां मैं एक बात कहना भूल गया। अपने एसडीएम बीकेटी से कह दो जाकर नौकरी ले लें। जो बार-बार दबाव बनाने के लिए कहते हैं कि नौकरी ले लूंगा। सिस्टम पर शिक्षामित्र दिलों और कुर्बान। इस पर सुषमा नाम से सेव नंबर से फिर जवाब आता है- आप का काम तो ठीक है। आप ऐसा क्यों कह रहे हैं।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 5:32 pm

आर्य प्रतिनिधि सभा अमरोहा ने डीएम को दिया ज्ञापन:शराबबंदी और शिक्षा नीति में बदलाव के साथ अन्य मांग उठाई

अमरोहा में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा अमरोहा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को अमरोहा कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन में प्रदेश में शराबबंदी लागू करने और नई शिक्षा नीति में बदलाव करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि शराबबंदी लागू होने से प्रदेश में अपराधों की वृद्धि को रोकने और परिवारों को बचाने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, आर्य समाज ने नई शिक्षा नीति में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सभी वर्गों के बच्चे एक साथ बैठकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और शिक्षा पर होने वाला व्यय सरकार को वहन करना चाहिए। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा अमरोहा के अध्यक्ष शर्मवीर सिंह आर्य ने बताया कि वे शराबबंदी और शिक्षा नीति में बदलाव के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का विशेष योगदान रहा है, लेकिन उनके विचारों को सरकारी संस्थानों में पूरी तरह लागू नहीं किया गया है, जिससे आम जनता की भागीदारी कम हुई है। ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर गरीब और कम पढ़े-लिखे व्यक्तियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही, आजादी से पूर्व लागू चतुर्थ श्रेणी के लिए नियमित नियुक्ति की व्यवस्था को पुनर्जीवित कर लागू किया जाए।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 2:22 pm

कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने का मुद्दा विधानसभा पहुंचा:उच्च शिक्षा मंत्री बोले-कॉलेजों का परीक्षण किया, जगह होने पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्वीकृत करेंगे

सागर की खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, बांदरी और मालथौन कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने, स्टाफ बढ़ाने और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में गूंजा। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई, मालथौन और बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय और बीएड शुरू करने की मांग भी की। जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू करने और जगह की उपलब्धता होने पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। खुरई विधायक ने यह मांगें रखीध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 और स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है। भवन में भी कठिनाई हैं। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र और कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता है। कुछ कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू करने की मांगइसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी शुरू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास और विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक और कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। कॉलेज में स्वीकृत पद हैं खालीविधायक भूपेंद्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 10 पद रिक्त हैं और बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है। महाविद्यालयों में नए विषय प्रोग्राम भी स्वीकृत उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर जवाब देते हुए कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है। शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में शासकीय महाविद्यालय खुरई में 1 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 1 सहायक प्राध्यापक और मालथौन में 2 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नए विषय और संकाय शुरू करने और रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा, वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं। शेष कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 8:28 am

रायगढ़ में NTPC के खिलाफ धरना प्रदर्शन आज:नौकरी, बेरोजगारी भत्ता और स्वास्थ्य-शिक्षा की मांग, प्रभावित भू-विस्थापित लंबे समय से कर रहे कोशिश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनटीपीसी लारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले प्रभावित परिवारों को अब तक नौकरी, बेरोजगारी भत्ता, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का लाभ नहीं मिला है। प्रभावित लोग लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे हैं। मंगलवार को लारा संघर्ष समिति एनटीपीसी के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। पुसौर विकासखंड में करीब 15 साल पहले जिला प्रशासन ने राज्य की पुनर्वास नीति के तहत स्थानीय किसानों की जमीन अधिग्रहित कर एनटीपीसी लारा परियोजना को सौंप दी थी। इसके बाद भी विस्थापित परिवारों को नियमित रोजगार नहीं मिला। पुनर्वास नीति का पूरा पालन भी नहीं हुआ। कलेक्टर को सौंपा गया था ज्ञापन लारा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने 19 जनवरी को कलेक्टर को भू-विस्थापित परिवारों की ओर से ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में योग्यतानुसार नियमित रोजगार देने की मांग की गई थी। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में रोजगार गारंटी योजना के तहत पिछले करीब 15 साल का बेरोजगारी भत्ता देने की मांग रखी गई थी। साथ ही अनियमितताओं की जांच की बात भी कही गई थी। इसके बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मुख्य गेट पर होगा धरना प्रदर्शन ऐसे में लारा संघर्ष समिति मंगलवार को छपोरा स्थित एनटीपीसी लारा परियोजना के मुख्य गेट के सामने धरना प्रदर्शन करेगी। समिति ने आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति ने क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 7:36 am

जगदीश शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक बने

बालोद| जिले के वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् जगदीश देशमुख को भारतीय जनता पार्टी के शिक्षा प्रकोष्ठ में प्रदेश सहसंयोजक मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय तथा शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कांति लाल जैन की अनुशंसा पर किया गया। समसामयिक विषयों पर लेखन के लिए प्रसिद्ध जगदीश देशमुख की दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे लंबे समय से साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। देशमुख ने पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 4:00 am

भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ की कार्यसमिति में डॉ. अनिल शामिल

जांजगीर| जिले के शिक्षाविद् डॉ. अनिल तिवारी को भारतीय जनता पार्टी के शिक्षा प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी है। डॉ. तिवारी लंबे समय से शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े विषयों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देते रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में वे ज्योतिष व वास्तु परामर्श के क्षेत्र में भी विशेष रूप से पहचाने जाते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 4:00 am

AI ने शिक्षा को आसान बनाया:ऐडटेक-एआई रोडमैप पर चर्चा, धर्मेंद्र प्रधान बोले- 90% परिवारों के पास स्मार्ट फोन

लखनऊ के डिजिटल एक्सपर्ट्स दिल्ली में आयोजित सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सीएसएफ) इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के सैटेलाइट कार्यक्रम शामिल हुए। ‘एडटेक एंड एआई कन्वेनिंग: एजुकेशन डायलॉग्स’ का आयोजन किया गया जिसमें हर बच्चे के लिए समान लर्निंग सुनिश्चित करने के लिए भारत के एडटेक और एआई रोडमैप पर व्यापक चर्चा की गई । कार्यक्रम में सरकारी प्रतिनिधियों, शिक्षा विशेषज्ञों ने टेक्नोलॉजी और एआई को बड़े पैमाने पर शिक्षा सुधार के लिए कैसे प्रभावी बनाया जाए इस पर चर्चा किया। ‘पीएम मोदी डिजिटल इंडिया के प्रति गंभीर’ मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक और एआई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आसान बनाने में शिक्षकों को सशक्त करने और युवाओं को भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने तकनीक को सशक्तीकरण का माध्यम बनाया है और शिक्षा में इसका समावेश अवसरों का विस्तार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया को लेकर बेहद गंभीर हैं। हमारी सरकार चाहती है कि भारत का प्रत्येक बच्चा डिजिटल इंडिया का हिस्सा बने और टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करे। 90% परिवारों के पास स्मार्ट फोन इस अवसर पर ‘भारत सर्वे फॉर एडटेक 2025’ रिपोर्ट का दूसरा संस्करण लॉन्च किया गया। पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने सर्वे जारी करते हुए बताया कि यह 10 राज्यों के 12,500 निम्न आय वर्गीय परिवारों और 2,500 शिक्षकों पर आधारित राष्ट्रीय स्तर का अध्ययन है। रिपोर्ट के अनुसार 90 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक स्मार्टफोन है और 63 प्रतिशत बच्चे सीखने के लिए तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी से समाज में समानता आएगी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने प्रमाण-आधारित नीति निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट एडटेक के उपयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर , चुनौतियों और अंतिम पंक्ति की जरूरतों को समझने में मदद करेगी। सीएसएफ के संस्थापक आशीष धवन और सीईओ श्वेता शर्मा-कुकरेजा ने कहा कि मजबूत डिजिटल आधार और जिम्मेदार एआई नवाचार के जरिए ही हर बच्चे तक समान और प्रभावी शिक्षा पहुंचाई जा सकती है। सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों ने भी एआई के उपयोग पर जोर दिया उन्होंने कहा कि समाज में समानता आएगी।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 11:11 pm

फतेहाबाद में महिला कॉलेज स्टाफ ने प्रिंसिपल पर लगाए आरोप:उच्च शिक्षा विभाग को शिकायत, बोले- महिलाकर्मियों के पहनावे-रंग पर करते है टिप्पणी

फतेहाबाद जिले के रतिया में स्थित शहीद देवेंद्र सिंह महिला गवर्नमेंट कॉलेज में कार्यरत 19 स्टाफ सदस्यों ने कॉलेज इंचार्ज (कार्यकारी प्रिंसिपल) के खिलाफ उच्चतर शिक्षा विभाग को सामूहिक शिकायत भेजी है। शिकायत में इंचार्ज पर शिक्षकों के पहनावे पर टिप्पणी, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और महिला स्टाफ को अकेले में बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत करने वालों में कुल 19 स्टाफ सदस्य हैं। इनमें से 4 एसोसिएट प्रोफेसर, 7 एक्सटेंशन लेक्चरर और 8 नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य शामिल हैं। सभी ने संयुक्त हस्ताक्षर कर उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक, फतेहाबाद के डीसी, रतिया के एसडीएम और जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजी है। स्टाफ सदस्य बोले-कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बनाया शिकायत में कहा गया है कि इंचार्ज द्वारा महिला स्टाफ के पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। इसके अलावा कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया है, जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। स्टाफ सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला कर्मचारियों को कार्यालय में अकेले बुलाया जाता है, जिससे वे असहज महसूस करती हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार इस संबंध में मौखिक आपत्ति भी जताई गई, लेकिन व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। जानिए… स्टाफ सदस्यों ने शिकायत में क्या लिखा डीएचईओ बोले-शिकायत आई है, फॉरवर्ड कर दी मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने उच्चतर शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत सौंपी है। जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी सज्जन कुमार ने बताया कि उन्हें स्टाफ सदस्यों की शिकायत मिली है, जिसमें कई आरोप लगाए हैं। शिकायत कॉपी डीसी डॉ. विवेक भारती को भी भेजी गई। उन्होंने कहा- मेरे पास फतेहाबाद का अतिरिक्त कार्यभार है। मैंने इस शिकायत को मुख्यालय को फॉरवर्ड कर दी है। अब मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी बनेगी। वही कमेटी आगे की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। प्रिंसिपल बोले-मुझे तो मामले की जानकारी नहीं वहीं, इस मामले को लेकर कॉलेज के कार्यकारी प्रिंसिपल परमजीत संधा का कहना है कि उन्हें इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 9:01 pm

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल:9 प्राचार्य और सहायक प्राध्यापकों का तबादला, देखिए किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया है। 9 प्राचार्य और सहायक प्राध्यापकों के तबादले किए गए हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित किया गया है। इन अधिकारियों के हुए तबादले दिखिए लिस्ट

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 7:32 pm

गोंडा में शिक्षामित्रों ने जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात:बृजभूषण सिंह से भी मिले, समस्याओं के समाधान को लेकर दिया आश्वासन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के वेतन में वृद्धि, निशुल्क कैशलेस सुविधा और महिला शिक्षामित्रों को पति के निवास स्थान पर स्थानांतरण की घोषणा की गई है। इस घोषणा के बाद आज सोमवार को गोंडा में शिक्षामित्र संगठनों ने सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी शेष समस्याओं के समाधान के लिए मांग पत्र भी सौंपे है। सोमवार को गोंडा जिले में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मिश्रा के नेतृत्व में हजारों शिक्षामित्रों ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की है। उन्होंने कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह और गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह से भेंट की। शिक्षामित्रों ने इन तीनों नेताओं को भगवान की प्रतिमाएं और मिठाई भेंट कर सरकार की घोषणाओं के लिए धन्यवाद दिया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मिश्रा ने बताया कि इन जनप्रतिनिधियों ने ही उनकी समस्याओं को उठाया था, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें ये सुविधाएं प्रदान की हैं। उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने उनकी बात नहीं सुनी थी। मिश्रा ने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामित्रों की शेष समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से बात करने का आश्वासन भी दिया है। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, जिला संगठन मंत्री तेजेंद्र कुमार शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार, दीपचंद मिश्रा, शिव वर्धन सिंह, शिव कुमार जायसवाल, राकेश कुमार सिंह, श्रीवर्धन सिंह, रमाकांत, बृजभूषण यादव, दुःख हरण नाथ यादव, शैलेश सिंह और राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 6:33 pm

'पाकिस्तान से भी ज्यादा बार हारी कांग्रेस':दरभंगा में संजय झा बोले- उच्च शिक्षा में वैसा काम नहीं हुआ, जैसा नीतीश कुमार चाहते थे

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों में जीतनी बार पाकिस्तान को हार मिली है, उससे ज्यादा बार कांग्रेस चुनाव हार चुकी है। ये बातें जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोमवार को दरभंगा में कही। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा को सुधारने की कोशिशें हुईं, लेकिन जैसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बदलाव चाहते थे, उस तरह का बदलाव नहीं हो पाया। दरअसल, राज्यसभा सांसद संजय झा आज बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के आवास पर पहुंचकर उनकी मां को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे श्यामा माई मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में बने विवाह भवन के विस्तारीकरण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही अतिथि भवन का उद्घाटन भी किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काफी प्रयास किए, परंतु कुलपति नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त समस्याएं बड़ी बाधा रही हैं। बिहार सरकार पैसा देती है, लेकिन कुलपति किस एजेंडा के साथ आते हैं, उस पर नियंत्रण मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि हम उच्च शिक्षा को वैसा नहीं बना पाए जैसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते थे। बोले- कुलपति अपने स्तर पर निर्णय लेते हैं संजय झा ने आरोप लगाया कि कुलपति अपने स्तर पर निर्णय लेते हैं, जिनका छात्रों या राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से सीधा संबंध नहीं रहता। उन्होंने विशेष रूप से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्वयं सिंडिकेट सदस्य के रूप में एक बैठक में मौजूद थे, जहां सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय को पीएचडी की उपाधि देने का प्रस्ताव आया था। संजय झा के अनुसार, उन्होंने उस समय सवाल उठाया था कि मिथिला विश्वविद्यालय से उनका क्या संबंध है? बाद में उन्हें बताया गया कि यह निर्णय चांसलर की पैरवी पर लिया गया था।उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल मिथिला विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे बिहार के विश्वविद्यालयों की स्थिति की बात कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कुलपतियों की नियुक्ति प्रक्रिया में ही मूल समस्या है, क्योंकि इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। संजय झा बोले- सिर्फ एक नहीं पूरे बिहार की यूनिवर्सिटी व्यवस्था में सुधार की जरूरत संजय झा ने कहा कि केवल एक विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे बिहार की विश्वविद्यालय व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कुलपति नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। उन्होंने दावा किया कि सिंडिकेट सदस्य रहते हुए उन्होंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया, जहां बाहरी हस्तक्षेप की चर्चा सामने आई। “कुछ सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है। संजय झा ने बताया कि उन्होंने एक इस जमीन को श्यामा मन्दिर ट्रस्ट को देने की वकालत की थी, ताकि वहां “विवाह भवन” बनाया जा सके और गरीब परिवारों को शादी समारोह के लिए सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उद्घाटन के लिए भी बुलाया गया था और यह परियोजना सामाजिक हित में थी। राज्यसभा सांसद ने मिथिला की ऐतिहासिक विरासत पर भी चिंता जताई संजय झा ने मिथिला की ऐतिहासिक विरासत पर चिंता जताते हुए कहा कि हजारों वर्षों का इतिहास आज भी वैश्विक स्तर पर सही तरीके से प्रस्तुत नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मिथिला रिसर्च इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग बन रही है, लेकिन असली काम दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन और शोध अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मिथिला की विरासत बहुत बड़ी पूंजी है। हमारे पास ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, जिन पर गंभीर शोध की जरूरत है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं अपने फंड से भी सहयोग करूंगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मिथिला के इतिहास को वैश्विक मानचित्र पर लाना उनकी प्राथमिकता है और संसद में भी इस दिशा में पहल की जा रही है। अंत में उन्होंने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना समय की मांग है। पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया, शोध को बढ़ावा और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण, ये सभी राज्य के भविष्य के लिए जरूरी हैं। देश की 58 फीसदी आबादी युवा, ये देश की सबसे बड़ी पूंजी राज्यसभा सांसद संजय झा ने ग्लोबल AI समिट और देश की तकनीकी प्रगति के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सामने एक नई ताकत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की 58% आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है, जो भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि अगर इस युवा आबादी को टेक्नोलॉजी और स्किलिंग से जोड़ा जाए तो भारत विश्व स्तर पर बड़ी छलांग लगा सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाकर राहुल गांधी ने अपना कपड़ा उतार दिया इससे बड़ा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता है। संजय झा ने कहा कि आज कई विकसित देशों में बुजुर्ग आबादी अधिक है और युवा जनसंख्या कम, जबकि भारत के पास युवा शक्ति का बड़ा आधार है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश और भागीदारी देश को नई दिशा दे सकती है। ‘देश की छवि को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है’ संजय झा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में AI के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांति संभव है,स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और बेहतर रेगुलेशन हो सकता है,शिक्षा क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति लाई जा सकती है। उन्होंने कहा की ग्लोबल AI मंच पर दुनिया की शीर्ष कंपनियों और देशों की भागीदारी भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाती है। ऐसे अवसरों पर देश की छवि को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। संजय झा ने विपक्ष और खासकर पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध की राजनीति करते-करते अब कुछ नेता देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में कांग्रेस की सीटें कम आईं, जिसे लेकर जनता सब देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की छवि कांग्रेस पार्टी से बड़ी है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। गेस्ट टीचर के सवाल पर संजय झा ने कहा कि पहले अस्थायी तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, बाद में परीक्षा के माध्यम से स्थायी शिक्षक नियुक्त किए गए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे संबंधित मंत्री से दोबारा बात करेंगे।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 5:34 pm

बहराइच में मुफ्त स्कूल किताबों की हेराफेरी का खुलासा:शिक्षा विभाग का अनुचर समेत 4 गिरफ्तार, 13 हजार पुस्तकें बरामद

बहराइच जिले के रामगांव इलाके में सरकारी स्कूलों में निशुल्क वितरित होने वाली किताबों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कबाड़ी के गोदाम में खड़े एक ट्रक से बड़ी मात्रा में किताबें बरामद कीं। कार्रवाई के दौरान शिक्षा विभाग में तैनात एक अनुचर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से करीब 13 हजार सरकारी पुस्तकें बरामद की हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, सरकारी पुस्तकों को कबाड़ में बेचने के प्रयास की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से 17 तारीख को मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने जांच में सामने आए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। स्टॉक से किताबें निकालकर बेचने की थी साजिश जांच में पता चला कि विभाग में अनुचर पद पर तैनात आरोपी ने कबाड़ी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सरकारी स्टॉक से किताबों का गबन किया। आरोप है कि इन पुस्तकों को अवैध रूप से बेचने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस के अनुसार यह किताबें सरकारी स्कूलों में छात्रों को निशुल्क वितरण के लिए आई थीं। चारों आरोपियों को भेजा गया जेल शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर रामगांव पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 61(2)ए और 316(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस कर रही सप्लाई चेन की जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किताबों की हेराफेरी कितने समय से चल रही थी और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 2:37 pm

बागेश्वर धाम में अब तीरंदाजी, तलवार-भाला चलाना सिखाएंगे:गुरुकुलम में काशी के 5 विद्वान शास्त्र के साथ शस्त्र की भी शिक्षा दे रहे

खजुराहो के बागेश्वर धाम में हिंदू गांव, कैंसर अस्पताल के बाद अब शस्त्र और शास्त्र की भी शिक्षा दी जाएगी। इसके तहत तलवारबाजी, तीरंदाजी, भाला चलाना, मलखंभ सिखाएंगे। 13 फरवरी 2026 को कथावाचक रमेश भाई ओझा, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडित प्रदीप मिश्रा ने मिलकर वैदिक गुरुकुलम की शुरुआत की। इस गुरुकुल में हर जाति के छात्रों को शिक्षा मिलेगी। मुख्य उद्देश्य है- बटुकों को सनातन धर्म, राम-कृष्ण परंपरा और वैदिक संस्कृति से जोड़ना। यहां तीन मंजिला इमारत बनी है, जिसमें अभी 50 बटुकों को प्रवेश दिया गया है। कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। इसमें बनारस से आए शिक्षक पढ़ा रहे हैं। धाम से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में बनी यह तीन मंजिला इमारत अब लोगों को दूर-दूर से आकर्षित कर रही है। दैनिक भास्कर की टीम ने खुद बागेश्वर धाम पहुंचकर इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जुटाई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सुबह 4 बजे से ही आने लगती है शंख की आवाज तड़के चार बज रहे हैं। गुरुकुल के अंदर से शंख बजने की आवाज आने लगती है। इतने में ही एक-एक कर सभी कमरों की लाइट जलने लगती है। इसके बाद चंद मिनटों में एक मंत्री की आवाज साफ-साफ सुनाई देती है। यहां शिक्षा लेने आए छात्र और दूसरे लोग ‘कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।, करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥’ का जप कर रहे हैं। ये वही मंत्र है, जिसे सुबह उठकर सबसे पहले अपने हाथों की हथेली देखते हुए किया जाता है। इसी परिसर में बागेश्वर धाम की गोशाला भी स्थित है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यहां 10 कमरों के साथ विशाल हॉल बनाया गया है। परिसर में ही बागेश्वर बालाजी और अन्य देवी-देवताओं का मंदिर भी है। 10 मिनट ही हुए होंगे, गुरुकुल में चहल-पहल शुरू हो जाती है। छात्र अपने-अपने कपड़े लेकर वॉशरूम की ओर जाने लगते हैं। वहां मौजूद सेवादार ऋषि शुक्ला से पूछा- इतनी सुबह-सुबह सभी नहाने क्यों जा रहे हैं? वह कहते हैं- ये तो गुरुकुल की परंपरा है। 5 बजे से सबको सुबह की पूजा-पाठ शुरू करनी है। ठीक पांच बजे से कुछ मिनट पहले छात्रावास के बरामदे में छात्र अपना-अपना आसन और पूजन के लिए छोटे से तांबे के कलश में जल लेकर आ गए। पूजा-पाठ शुरू कर देते हैं। सुबह छह बजे के करीब पूजन-पाठ पूरा कर लिया। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को देखा। कुछ सहमति बनाते हुए जोर-जोर से हनुमान चालीसा गाने लगे। बनारस से आए हैं शिक्षक गुरुकुलम के प्रधानाचार्य आचार्य गोपाल चरण पांडे 'राजा शास्त्री' बताते हैं कि गुरुकुल का अर्थ ही है 'गुरु का घर'। भगवान राम ने वशिष्ठजी और श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम जाकर शिक्षा ली थी। इसके बाद सदियों से ये परंपरा चली आ रही है। इस गुरुकुल में भी वही नियम हैं। अभी 50 बच्चों यहां प्रवेश ले चुके हैं। गुरुकुल में शिक्षा लेने आए बच्चों को बटुक कहा जाता है। फिलहाल गुरुकुलम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और नेपाल के बटुक शामिल हैं। 20 कमरों में शिक्षक और ब्राह्मणों के रहने की व्यवस्था की गई है। ब्राह्मण बटुक सागर अधिकारी ने बताया कि मैं नेपाल के काठमांडू का रहने वाला हूं। यहां शस्त्र और वेद की शिक्षा ले रहा हूं। भविष्य में भगवताचार्य बनना चाहता हूं। सभी तरह की शिक्षा दी जाएगी आचार्य गोपाल चरण कहते हैं कि स्कूलों में शायद किताबी ज्ञान मिल जाए, लेकिन संस्कार केवल गुरुकुल में मिलते हैं। यहां विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा कि कब उठना है, कब सोना है और कैसे मर्यादित जीवन जीना है। पाठ्यक्रम में केवल वेद-पुराण ही नहीं, बल्कि धनुर्विद्या, आयुर्वेद, ज्योतिष और प्राचीन मल्लविद्या भी शामिल होगी। वर्तमान में 5 शिक्षकों और 50 विद्यार्थियों से शुरुआत की गई है, जिसे आगे चलकर 250 विद्यार्थियों तक बढ़ाया जाएगा। अभी बटुकों को दिनचर्या और संस्कार सिखाए जा रहे हैं। अप्रैल से रेगुलर नियमित शिक्षा शुरू की जाएगी। शस्त्र की शिक्षा भी अप्रैल से ही शुरू होगी। भविष्य में 'वैदिक सनातन बोर्ड' से मान्यता प्राप्त शास्त्री और आचार्य की डिग्रियां भी यहां से दी जाएंगी। धीरेंद्र शास्त्री बोले- भावी पीढ़ी बने संस्कारवान-ज्ञानवान गोपाल चरण कहते हैं, बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का संकल्प है कि भावी पीढ़ी को संस्कारवान और ज्ञानवान बनाया जाए। उनका कहना है कि भोजन और धन का सहारा सीमित समय का होता है, लेकिन विद्या का दान जीवन भर काम आता है। मस्तक पर तिलक धारण करने से लेकर माता-पिता को प्रणाम करने तक के संस्कार इसी सनातनी विद्या से मिलेंगे। काशी के आचार्य कृष्ण कुमार दीक्षित (वेद), शिवम कुमार पांडे (ज्योतिष), दिव्यांशु द्विवेदी (व्याकरण) और प्रियांशु पांडे (यजुर्वेद) यहां बटुकों को शिक्षित करेंगे। आने वाले समय में देश के अन्य बड़े मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर भी इसी तरह के गुरुकुल स्थापित करने की योजना है। देशभर में बनाए जाएंगे गुरुकुल सेवादार ऋषि शुक्ला कहते हैं कि गुरुकुल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशा, जुआ और अपराध जैसी बुराइयों से बचाकर उनका सर्वांगीण विकास करना है। यहां शिक्षा के साथ-साथ तीरंदाजी, साधना और योगासन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों की दिनचर्या भी अनुशासित होगी, जो सुबह 4 बजे जागरण से शुरू होकर रात 9:30 बजे शयन पर समाप्त होगी। इसमें तीन समय की संध्या, स्वाध्याय और बाल भोग का विशेष समय निर्धारित है। यह कोई सामान्य कोचिंग नहीं, बल्कि पूरा बोर्ड होगा। यहां 6वीं से 8वीं तक को 'प्रथमा', 9वीं-10वीं को 'पूर्व मध्यमा', 11वीं-12वीं को 'उत्तर मध्यमा' और ग्रेजुएशन को 'शास्त्री' कहा जाएगा। इसके बाद दो साल का 'आचार्य' कोर्स होगा। ये सभी डिग्रियां वैदिक सनातन बोर्ड से मान्यता प्राप्त होंगी। कैसी होती गुरुकुल की दिनचर्या गुरु-शिष्य संबंध- इस प्रणाली का केंद्रबिंदु गुरु और शिष्य के बीच घनिष्ठ, व्यक्तिगत और आत्मीय संबंध है। शिष्य, गुरु के परिवार के सदस्य की तरह रहते हैं। गुरु उन्हें बेटे की तरह स्नेह देते हैं। यह संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और समर्पण पर आधारित रहता है। ब्रह्मचर्य- विद्यार्थी ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए, आमतौर पर 8 से 25 वर्ष की आयु तक, गुरुकुल में रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। निःशुल्क शिक्षा- गुरुकुल की शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क होती है। इसका संचालन समाज द्वारा दिए गए दान या किसी के संरक्षण से होता है। शिक्षा पूरी होने पर शिष्य अपनी क्षमतानुसार गुरु को गुरु दक्षिणा देते हैं। सामुदायिक जीवन और अनुशासन- छात्र आश्रम के दैनिक कार्यों में गुरु की मदद करते थे, जैसे लकड़ी लाना, भिक्षा मांगना, भोजन पकाना आदि। इन कार्यों से उनमें शारीरिक श्रम, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सेवा भाव के मूल्यों का विकास होता है। व्यक्तिगत ध्यान- गुरु प्रत्येक शिष्य की क्षमता, रुचि और ग्रहणशीलता के अनुसार उसे व्यक्तिगत मार्गदर्शन देते हैं। जिसे आज Student-centric learning कहा जाता है। कैसे होते हैं गुरुकुल? गुरुकुल प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली के आवासीय विद्यालय होते थे, जहां शिष्य गुरु के घर या आश्रम में रहकर शिक्षा प्राप्त करते थे। यह शिक्षा की एक परंपरा है जहां गुरु-शिष्य संबंध, नैतिक चरित्र निर्माण, व्यावहारिक ज्ञान, प्रकृति से जुड़ाव और सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाता है, जिसे जीवन शैली का एक हिस्सा माना जाता है। कैसे पढ़ाई होती थी

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 9:01 am

राजा बली का प्रसंग दंभ व अहंकार त्यागने की शिक्षा देता है: पं. सुरेश

भास्कर न्यूज | खरोरा ग्राम गौरखेड़ा में साहू परिवार की ओर से आयोजित हो रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन रविवार को कथावाचक पंडित पंडित सुरेश कुमार शर्मा ने कथा प्रसंग में वामन, जन्मोत्सव, राम जन्म और कृष्ण अवतार की कथा सविस्तार बताया तो भक्त भावविभोर हो उठे। कथाव्यास ने पंडित सुरेश कुमार शर्मा व्यास पीठ से कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। प्रसंग में उन्होंने आगे बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बली को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह भी बताया कि यह धन संपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करो। उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। यदि हम संसार में पूरी तरह मोह ग्रस्त और लिप्त रहते हुए सांसारिक जीवन जीते है तो हमारी सारी भक्ति एक दिखावा ही रह जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि देवताओं को डर सताने लगा कि राजा इन्द्र की गददी पर आसीन नहीं हो जाए। इस पर देवताओं ने भगवान विष्णु के पास जाकर याचिका लगाई। भगवान विष्णु ने वामन अवतार का वेश धरा और राजा बली के पास पहुंचकर तीन पैर की जमीन मांग ली। राजा बली ने यह वचन दे दिया और भगवान ने विशालकाय रुप लेकर तीनों पैरों में ही संसार को नाप लिया। वामन अवतार प्रसंग में भगवताचार्य ने आगे बताया कि वामन विष्णु के 5वें तथा त्रेता युग के पहले अवतार थे। इसके साथ ही यह विष्णु के पहले ऐसे अवतार थे, जो मानव शरीर में बौने ब्राह्मण के रुप में प्रकट हुए। वामन ऋषि कश्यप तथा अदिति के पुत्र थे। वह आदित्यों में 12वें थे। ऐसी मान्यता है कि वह इंद्र के छोटे भाई थे। वामन को तीन पैरों वाला दर्शाया गया है। त्रिविक्रम रुप में एक पैर धरती पर दूसरा आकाश पर तथा तीसरा बली के सिर पर। भागवत कथा के अनुसार विष्णु ने इंद्र का देवलोक में पुन: अधिकार स्थापित करने के लिए यह अवतार लिया। कथा के दौरान वामन अवतार की आकर्षक झांकी भी सजाई गई थी। वहीं तेरे द्वार खड़ा भगवान भगत भर दे रे झोली जैसे अनेक मधुर भजनों पर श्रद्घालु झूम उठे। कथा के कथावाचक पंडित सुरेश कुमार शर्मा कठिया वाले ने बताया कि 18फरवरी से 26फरवरी तक आयोजित हो रहे भागवत कथा का रसपान करने गांव सहित आसपास गांव से भी बड़ी संख्या में रसिक श्रोतागण पहुंच रहे है। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक है।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 4:55 am

शिक्षा विभाग:जिस विभाग में चार-चार सलाहकार वहां कर्मचारियों के सबसे ज्यादा पेंशन प्रकरण बकाया, प्रकरण निपटाने के लिए कैंप लगाने की तैयारी

शिक्षा विभाग में जिस काम के लिए सलाहकार लगाया गया, वही शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी विभागों में बकाया पेंशन प्रकरण को लेकर सबसे आगे है। हालात ये हो गए कि पहली बार वित्त विभाग अब साल में चार बार कैंप लगाएगा, ताकि पेंशन प्रकरणों का निस्तारण हो सके। अमूमन वित्त विभाग ऐसा नहीं करता, मगर पहली बार ये पहल की है। मगर सवाल ये है कि जिस महकमे में जिन कामों के लिए सलाहकार रखे गए, विभाग उसी में पिछड़ रहा है। शिक्षा निदेशालय में सुरेन्द्र कुमार पुरोहित को सलाहकार नियुक्त करने के साथ ही उनके जिन कामों का बंटवारा किया गया, उसमें पेंशन प्रकरणों का निस्तारण भी दिया गया है। मगर 18 फरवरी को वित्त विभाग ने जो परिपत्र जारी किया, उसमें साफ लिखा है कि शिक्षा विभाग के पेंशन प्रकरणों में सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है। शिक्षा विभाग से प्रतिवर्ष 11,000 कार्मिकों को पीपीओ जारी किए जाते हैं। 31 मार्च 2026 तक 2200 कार्मिक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 700 तो रिटायर हो भी चुके हैं, मगर उनके पेंशन प्रकरण अब तक विभाग को नहीं मिले। इस कारण उनकी पेंशन जारी नहीं हो पाई। इसलिए पहले चरण में शिक्षा विभाग में ही पेंशन अदालत लगाई जाएगी। संभाग स्तर पर पेंशन अदालतें लगेंगी और संबंधित व्यक्ति की समस्या का मौके पर निस्तारण करने का प्रयास होगा। इसमें संबंधित अधिकारियों की भी मौजूदगी अनिवार्य की गई है। ये आदेश वित्त विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने जारी किए। ओम थानवी संजय धवन नूतन हर्ष एक काम- दो सलाहकार नूतन हर्ष के जिम्मे जो काम मिला है, उसमें योजना-गैर योजना मदों में होने वाली बीएफसी की बैठक के प्रस्ताव तैयार करना है। साथ ही विधानसभा में पूछे गए बजट संबंधी सवालों के जवाब भी तैयार करना है। साथ ही साइकिल, टैबलेट क्रय के संबंध में भी जिम्मेदारी है। अब सुरेन्द्र पुरोहित के पास भी योजना मदों में बीएफसी के समय वित्त विभाग में प्रस्तुत करने का जिम्मा है। संजय धवन के पास पहला ही जिम्मेदारी वाला प्वाइंट है कि वे सरकार की बजट घोषणाओं का सफल संचालन कराएं। जन लेखा समिति की बैठक का जिम्मा धवन पर भी है। जन लेखा समिति का काम ओम थानवी पर भी है। सुरेन्द्र कुमार पुरोहित

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 4:00 am

जींद में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी बोले:शिक्षा ही उज्जवल भविष्य का आधार; वार्षिक उत्सव मानकर करें परीक्षा की तैयारी

जींद जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा ही भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का असली आधार है। उन्होंने यह बात रविवार को विधानसभा क्षेत्र के गांव धरोदी स्थित भारत सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कही। मंत्री बेदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार को एक पुण्य का कार्य बताया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवेश के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है और उनमें संस्कार तथा सद्विचारों का समावेश होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी शिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थान भी ग्रामीण छोर तक शिक्षा पहुंचाने की चुनौती को सफलतापूर्वक स्वीकार कर रहे हैं। शिक्षा का दीप प्रज्वलित करना चुनौतीपूर्ण कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का दीप प्रज्वलित करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अच्छे शिक्षण संस्थान संस्कार और सकारात्मक विचारों से युक्त शिक्षा का लगातार प्रसार कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व में अनुशासन, संस्कृति और आत्मविश्वास की भावना के महत्व को रेखांकित किया, इसे युवा पीढ़ी के प्रगतिशील जीवन की आधारशिला बताया। वार्षिक जश्न मानकर करें परीक्षा की तैयारी कृष्ण कुमार बेदी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे परीक्षा को बोझ न मानकर इसे जीवन की तरक्की का एक सोपान समझें। आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास से जीवन का हर लक्ष्य पाना संभव है। लिहाजा विद्यार्थी परीक्षा को वार्षिक जश्न मानकर इसकी तैयारी करें। कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि किताबी शिक्षा के अलावा जीवन को उन्नति के शिखर पर पहुंचाने के लिए खेल, सांस्कृतिक विधा, तकनीकी कौशल तथा शोध जैसी अन्य महत्वपूर्ण प्रतिभाएं भी है, जिनपर फोकस कर विद्यार्थी अपना तथा समाज का नाम उंचा कर सकता हैं। स्कूल को 5.51 लाख देने की घोषणा कृष्ण बेदी ने अपने ऐच्छिक कोष से स्कूल को 5 लाख 51 हजार रुपए तथा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मौजूद चार कलाकारों को 11-11 हजार रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की भारी उपस्थिति रही और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई। कैबिनेट मंत्री ने शिक्षा व खेल के क्षेत्र में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 7:20 pm

कोटपूतली में संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती:समाज सुधार, बालिका शिक्षा पर चर्चा कर दिया संदेश

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कोटपूतली स्थित मोरीजावाली धर्मशाला में संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती मनाई गई। बसीठा रजक समाज समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज सुधार और बालिका शिक्षा पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सूबेदार कैलाश चंद बेनिवाल ने की। इस अवसर पर संत गाडगे महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज सुधार पर गहन विचार-विमर्श किया और अधिक से अधिक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण, संरक्षक बद्री प्रसाद चौहान और लालचंद चौहान सहित मामचंद, रोहिताश, अशोक पंवार, जगदीश, परमानंद जी और हरफूल जैसे कई सदस्य उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में अन्य समिति सदस्य भी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 6:17 pm

भागलपुर में टीचर सम्मान समारोह का आयोजन:बच्चों को बेहतर शिक्षा देने वालों शिक्षकों को किया गया सम्मानित; ट्रेंनिंग कॉलेज में प्रदर्शनी

भागलपुर में टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर नई-नई तकनीकों और नवाचार के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रहे टीचरों को सम्मानित किया गया। समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक प्रयोगों को बढ़ावा देना और शिक्षकों के सराहनीय प्रयासों को मंच देना था। कार्यक्रम के दौरान 'मेरा मोबाइल, मेरी शिक्षा' पहल की विशेष चर्चा रही। इसके तहत शिक्षक डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। मोबाइल, वीडियो सामग्री और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के उपयोग से बच्चों की सीखने की गति और समझ में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। समारोह में शिक्षकों की ओर से तैयार शैक्षणिक सामग्री और विभिन्न मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कागज के टुकड़ों, चार्ट और स्थानीय संसाधनों से तैयार शिक्षण सामग्री ने सबका ध्यान खींचा। प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मकता और शिक्षकों की मेहनत साफ झलक रही थी। बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है टीचर अर्चना मिश्रा ने बताया कि बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाती है ताकि पढ़ाई उनके लिए बोझ न बने। कक्षा में कराई गई गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाता है, जिससे बच्चे घर पर भी अभ्यास कर सकें और अभिभावक भी उनकी प्रगति देख सकें। टीचर रंजीत कुमार ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक नवाचार के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि जगा रहे हैं। स्थानीय सामग्री से तैयार मॉडल बच्चों को विषय समझने में काफी मददगार साबित हो रहे हैं। समारोह में शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षा से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 4:39 pm

हांसी में कालीरामण खाप ने सुभाष बराला को पहनाई पगड़ी:वार्षिक उत्सव में 11 लाख देने की घोषणा; बोले-बच्चों को उच्च शिक्षा दे

हरियाणा के हांसी शहर में रविवार को सिसाय गांव स्थित अखिल भारतीय कालीरामण खाप भवन परिसर में खाप का वार्षिक उत्सव आयोजित किया गया। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। खाप प्रधान कर्मवीर सिंह ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में सांसद बराला ने समाज के उत्थान में खापों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खापों ने समय-समय पर समाज को सही दिशा देने का काम किया है। सांसद ने बुजुर्गों से अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा करने का आग्रह किया, ताकि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किया जा सके। खाप के कार्यक्रम की 2 तस्वीरें… बच्चों की उच्च शिक्षा पर दिया जोर उन्होंने बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सांसद ने बेटा-बेटी में भेदभाव समाप्त कर बेटियों को समान शिक्षा और अवसर प्रदान करने की बात कही। उन्होंने भारतीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन पर भी बल दिया। इस दौरान उन्होंने सिसाय गांव में गेट निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष हिसार आशा खेदड़, जिला परिषद अध्यक्ष सोनू डाटा, मार्केट कमेटी हिसार के अध्यक्ष रविंद्र रॉकी, खाप महासचिव उमेद सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, शिक्षा और संस्कारों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 4:06 pm

भागलपुर के सत्यम को मिला अंतर्राष्ट्रीय सम्मान:20 से अधिक देशों के छात्र-छात्राओं की दी शिक्षा, पिता ने कहा- हमें बेटे पर गर्व है

भागलपुर निवासी सत्यम मिश्रा को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिला है। 2025 की जून महीने में यह सम्मान उन्हें दिया गया था, जिसके बाद आज रविवार को वह भागलपुर स्थित अपने आवास पहुंचे। जहां उनके पिता-माता और अन्य परिजनों ने मिठाइयां खिलाकर बधाई दी। पिता ने अपने बेटे पर गर्व जताते हुए कहा बच्चे ने सीमित संसाधन में अपने माता-पिता के साथ-साथ भागलपुर और देश का नाम रोशन किया है। सत्यम मिश्रा को विश्वविख्यात Harvard University ने अपने प्रतिष्ठित फिलिस स्ट्रीमलिंग अवार्ड से सम्मानित किया। 2000 से दिए जा रहे इस सम्मान को पहली बार किसी भारतीय, वो भी बिहार के युवक को दिए जाने से खुली का माहौल है। सत्यम मिश्रा पिछले कई वर्षों से शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहे हैं। महिलाओं और वंचित वर्ग की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। भारत के अलावा नाइजीरिया, इथियोपिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान और जर्मनी समेत 20 से अधिक देशों की छात्र-छात्राओं को पढ़ाकर उन्होंने शिक्षा को सीमाओं से परे पहुंचाने का कार्य किया है। प्रतिष्ठित Fulbright Scholarship भी मिली है हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने उन्हें न केवल सम्मानित किया, बल्कि मानद डिग्री और विशेष स्कॉलरशिप भी प्रदान की। इससे पहले 2021 में उन्हें वैश्विक स्तर पर चर्चित Global Teacher Prize से नवाजा जा चुका है। इसके बाद उन्हें प्रतिष्ठित Fulbright Scholarship भी प्राप्त हुई थी। लगातार मिल रहे इन सम्मानों ने भागलपुर के इस युवा को शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। हमें सत्यम पर गर्व है सत्यम मिश्रा मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले रविकांत मिश्रा के बेटे हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। सत्यम मिश्रा ने बताया कि बिहार की मिट्टी से निकलकर हार्वर्ड के मंच पर सम्मानित होना सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है। मेरा सपना है कि शिक्षा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुंचे और बेटियां आत्मनिर्भर बनें। सत्यम के पिता रविकांत मिश्रा ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत भावुक क्षण है। सत्यम ने कठिन परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। हमें उस पर गर्व है।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 2:19 pm

कोटा में SIR की फाइनल लिस्ट, 33,910 नाम बढ़े:शिक्षा मंत्री के क्षेत्र से सबसे कम दावे आपत्ति, लाडपुरा विधानसभा में वोटर्स की संख्या सबसे ज्यादा

कोटा में SIR की फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया है। अब जिले में 14 लाख 6 हजार 672 वोटर है। इनमें पुरुष मतदाता 7 लाख 26 हजार 54 और महिला मतदाता 6 लाख 80 हजार 580 है। वहीं 38 थर्ड जेंडर वोटर है। वोटर्स की संख्या के हिसाब से लाडपुरा जिले की सबसे बड़ी विधानसभा है। यहां 275,678 मतदाता है। जबकि सांगोद सबसे छोटी विधानसभा है। यहां 2,00388 वोटर है। 2,49,097 वोटर के हिसाब से कोटा दक्षिण दूसरी, 2,45,177 वोटर के हिसाब से रामगंजमंडी तीसरी, 2,30,387 वोटर के हिसाब कोटा उत्तर चौथी, 2,05,945 वोटर के हिसाब से पीपल्दा जिले की पांचवी बड़ी विधानसभा है। 52,537 दावे आपत्ति दर्ज, 3242 रिजेक्ट हुई 16 दिसंबर से 20 जनवरी में कुल 52,537 दावे आपत्ति दर्ज हुई। जिनमें से 3242 रिजेक्ट हुई। जिले में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म न. 6 के कुल 33,180 आवेदन आए। जबकि नाम हटवाने के लिए फॉर्म न. 7 के कुल 5967 आवेदन आए। शिफ्टिंग व संशोधन के लिए फॉर्म न. 8 के कुल 13,387 आवेदन आए। ओवरसीज वाटर (बाहर के एनआरआई) के लिए फॉर्म न. 6A के 3 आवेदन आए। एप्लीकेशन खारिज हुई शिक्षा मंत्री के क्षेत्र से सबसे कम दावे आपत्ति शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी से सबसे कम 5325 दावे आपत्ति आए। जबकि कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री शांति धारीवाल व भाजपा विधायक कल्पना देवी के लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र से 12-12 हजार से ज्यादा आवेदन आए। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विधानसभा क्षेत्र सांगोद से सबसे ज्यादा 819 एप्लीकेशन खारिज हुई। पीपल्दा विधानसभा सांगोद विधानसभा कोटा उत्तर विधानसभा कोटा दक्षिण विधानसभा लाडपुरा विधानसभा रामगंजमंडी विधानसभा कटने वाले नाम और जीत का अंतर......... ---------- ये खबर पढ़ें-कोटा में SIR की फाइनल लिस्ट, 33,910 नाम बढ़े:शांति धारीवाल और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के क्षेत्र में बढ़े मतदाता ; जिले में अब कुल 14,06,672 वोटर कोटा में निर्वाचन विभाग ने जिले की सभी 6 सीटों की एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया है। SIR के फाइनल लिस्ट के अनुसार जिले में 1,25, 878 के करीब वोटर कट गए है। 16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट लिस्ट के बाद जिले में 33,910 नाम जुड़े हैं। ये खबर पढ़े

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 8:07 am

गरीबी व बीमारी समाज की बड़ी चुनौती, इन्हें शिक्षा के माध्यम से दूर करना संभव

आपको ये समझना होगा कि ‘गरीबी और बीमारी समाज की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। इनको शिक्षा के माध्यम से दूर किया जा सकता है।’ मैंने कुष्ठ रोगियों के इलाज और पुनर्वास में प|ी के गहने तक बेच दिए। तनख्वाह और पेंशन को दाव पर लगा दिया। समाज से आपको जो मिला है, उसे समाज के लिए लौटाएं भी, तभी समाज भी आपको याद रखेगा। वहीं ‘मासूमियत’, ‘आश्चर्य’ और ‘चमत्कार’ जीवन के तीन प्रमुख भाव हैं। यह कहना था पद्मश्री अवॉर्डी व सोशल वर्कर प्रेम सिंह का। वे शनिवार को जेईसीआरसी फाउंडेशन में आयोजित इनोसेंस प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। गौरतलब है कि उन्होंने एमबीए के बाद 13,000 से अधिक कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास का काम किया। इन रोगियों के लिए बनाए गए 97 नियमों में से कई में सरकारी स्तर पर सुधार करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व आईएएस तनु जैन ने कहा- इंसान के रूप में जन्म लिया है तो एक दूसरे की मदद करने को धर्म बनाइए। मनुष्य में त्याग और दूसरों की मदद करने की भावना होती है। सफल होने को सच बोलें, सभी का सम्मान करें और मोबाइल का सीमित उपयोग करें। स्टूडेंट्स को शपथ दिलाई कि वे रोजाना आधे घंटे से अधिक मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे। इंसान होने के नाते एक दूसरे की मदद करें }पूजा मत करो, बराबरी का दर्जा दो ; डॉ. कीर्ति भारती ने कहा- मैं महिलाओं की पूजा नहीं, उन्हें समान अधिकार व बराबरी का दर्जा देने की उम्मीद करती हूं। गौरतलब है कि इन्होंने अभी तक 53 बाल विवाह रुकवाए, 2200+ बाल विवाह समय रहते रोके। इसके लिए इनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। }दिनभर की गतिविधियां; ‘पाइप क्लीनर फ्लॉवर्स’ वर्कशॉप में स्टूडेंट्स ने रंग-बिरंगे पाइप क्लीनर से फूल बनाने सीखे। पेपर प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में कागज पर प्रिंटिंग की विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया गया। पॉटरी वर्कशॉप में स्टूडेंट्स ने मिट्टी से आकार और वस्तुएं बनाना सीखा।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 4:00 am

उच्च शिक्षा विभाग:अब 50 हजार ज्यादा फीस देकर 11वें साल भी टेम्प्रेरी NOC ले सकेंगे कॉलेज

उच्च शिक्षा विभाग ने टेम्प्रेरी एनओसी लेने वाले प्राइवेट कॉलेजों को शिथिलता दी है। प्राइवेट कॉलेज नीति 2021-22 में छूट देते हुए विभाग ने कॉलेजों को 11वें और 12वें साल में भी टेम्प्रेरी एनओसी लेने का मौका दिया है, लेकिन इसके लिए हर साल पेनल्टी फीस में 50 हजार रुपए ज्यादा जमा कराने होंगे। पहले 10 वर्ष तक का ही नियम था। कॉलेजों को प्रथम अस्थायी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद 5 साल में स्थायी अनापत्ति प्रमाण-पत्र के मापदंड पूरे न करने पर छठे साल में 2.5 लाख, सातवें साल में 3 लाख, आठवें साल में 3.5 लाख, नौवें में 4 लाख और 10वें साल में 4.5 लाख रुपए लगते थे। अब 50 हजार रुपए अधिक पेनल्टी के साथ 2 साल का और मौका दिया गया है।

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 4:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

rbi bank assistant vacancy : आरबीआई असिस्टेंट पद के लिए क्या योग्यता चाहिए? कौन इसमें अप्लाई कर सकता है? ये भी जान लें

How to apply for RBI Assistant 2026 : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक और नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। आरबीआई ने 650 पदों पर असिस्टेंट की रिक्तियां निकाली हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट opportunities.rbi.org.in पर भर्ती विज्ञापन जारी हो ...

वेब दुनिया 17 Feb 2026 4:09 pm

गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, ... Read more

अजमेरनामा 13 Feb 2026 4:33 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm