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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय से जारी किए परीक्षा परिणाम

माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ अन्य परीक्षाओं के परिणाम घोषित अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 की माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ अन्य परीक्षाओं के परिणाम मंगलवार को जारी कर दिए। राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी करते हुए बताया कि माध्यमिक एवं माध्यमिक […] The post शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय से जारी किए परीक्षा परिणाम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Mar 2026 9:26 pm

यूपी के 1.86–लाख शिक्षक अब UPTET-2026 परीक्षा दे सकेंगे:शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन बड़े संशोधन कर दी बड़ी राहत

यूपी के 1.86 लाख शिक्षक अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) दे सकेंगे। मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटेट के विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका में तीन बड़े संशोधन किए हैं। इन संशोधनों के बाद बीएड पास अभ्यर्थी सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा ही दे सकेंगे। वे प्राथमिक (1 से 5) के लिए अब पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा बीएड/बीटीसी में अध्ययनरत छात्र भी अब इस परीक्षा में बैठ सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 20 मार्च को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया था। यूपी में ये परीक्षा चार साल बाद होने जा रही है। इस बार की परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें प्रदेश के 1.86 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के टीचर भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। हालांकि इन टीचरों में 50 हजार ऐसे शिक्षक भी थे, जो टीईटी की परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते हैं। इन शिक्षकों के सामने संकट ये है कि सितंबर 2027 से पहले उन्होंने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी छिन जाएगी। दैनिक भास्कर ने 23 मार्च को यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट': शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें टीईटी परीक्षा के लिए अपात्र 50 हजार शिक्षकों के दर्द को प्रमुखता से उठाया था। अब मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन संशोधनों के माध्यम से इन 50 हजार शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। आयोग ने ये तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए तीन से चार लाख आवेदकों को बड़ी राहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया कि आयोग के तीन बड़े संशोधनों से टीईटी के लिए अपात्र 50 हजार सहायक अध्यापकों के साथ ही तीन से चार लाख उन अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, जो अभी बीएड या बीटीसी में प्रवेश लिए होंगे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट':TET परीक्षा दें या फिर SIR और जनगणना के टारगेट पूरे करें यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 9:23 pm

गाजियाबाद में हेरिटेज रन 2026 की तैयारी शुरू:11 अप्रैल को नाइट रन, श्रमिकों की शिक्षा-सुरक्षा पर भी जोर

गाजियाबाद में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य शहर के विकास, फिटनेस और श्रमिकों के हितों को बढ़ावा देना रहा। इन कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण शामिल हुए। उन्होंने दोनों कार्यक्रमों में भाग लेकर लोगों को फिटनेस, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। विकास भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन ऑयल गाजियाबाद हेरिटेज रन 2026 की आधिकारिक टी-शर्ट लॉन्च की गई। इस दौरान राज्यमंत्री असीम अरुण भी मौजूद रहे।जानकारी दी गई कि यह रन 11 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा। इसे उत्तर प्रदेश का पहला नाइट हेरिटेज रन बताया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागी रात के समय दौड़ का अनुभव ले सकेंगे। यह दौड़ गाजियाबाद के एलिवेटेड रोड और ग्रीन सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र में आयोजित होगी। इस बड़े आयोजन में 21.1 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी, 5 किमी, 3 किमी वॉक और 2 किमी व्हीलचेयर रेस जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं। अनुमान है कि इसमें 10 हजार से ज्यादा लोग भाग लेंगे। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगभग 28.91 लाख रुपये के नगद इनाम भी रखे गए हैं। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को फिट रहने के लिए प्रेरित करना और गाजियाबाद को खेल और फिटनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा दुर्गावती सभागार में राज्यमंत्री असीम अरुण की मौजूदगी में श्रमिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। राज्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक सबसे पहले अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें और काम करते समय हेलमेट, बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों को समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके |श्रमिकों से अपील की गई कि वे खुद भी जागरूक बनें और अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। साथ ही कंपनियों और फैक्ट्रियों से कहा गया कि वे श्रमिकों को समय पर वेतन और जरूरी सुविधाएं दें। इन दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य गाजियाबाद में फिटनेस, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर जीवन को बढ़ावा देना है।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 9:11 pm

राजस्थान में कैसे बढ़ा 10वीं का रिजल्ट:पैटर्न बदलाव और नई शिक्षा का कितना पड़ा असर, जानिए एक्सपर्ट ने बताए कौन से 6 कारण

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा का रिजल्ट का प्रतिशत कोरोना काल के बाद हर साल बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल भी 1.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अगर वर्ष 2020 के रिजल्ट से तुलना करें तो इसमें 13.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की। एक्सपट्‌र्स ने रिजल्ट बढ़ने के कई कारण बताए। इसका सबसे बड़ा कारण नई शिक्षा नीति और पेपर पैटर्न में बदलाव है। नई शिक्षा नीति में सिलेबस कम करने के साथ कोर्स भी सरल किया गया। उसे बच्चों के इंटरेस्ट का बनाया गया, जिससे पढ़ाई का बोझ घटा और स्कोर करना आसान हुआ। ऐसे में रिजल्ट प्रतिशत बढ़ा। साथ ही पेपर में मल्टीपल चॉइस प्रश्नों की संख्या व स्टूडेंट्स का डिजिटल आईक्यू बढ़ना भी बताया है। इसके अलावा बोर्ड की ओर से जारी ब्ल्यू प्रिंट बेस्ड मॉडल पेपर है। जो अब समय से जारी हो रहा है, जिससे स्टूडेंट्स और टीचर्स उन्हीं चैप्टर पर फोकस कर रहे हैं, जो ज्यादा मार्क्स के हैं। वहीं साइंस और इंग्लिश में सवालों की बढ़ी संख्या, सरल पैटर्न व रेग्यूलर एग्जाम से भी परिणाम में सुधार हुआ है। एक्सपर्ट ने बताए ये कारण… नई शिक्षा नीति कोरोना काल के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई और इसमें कई बदलाव हुए। इसमें सिलेबस को कम करने के साथ कोर्स भी सरल किया गया है। उसे बच्चों के इंटरेस्ट का बनाया गया, जिससे पढ़ाई का बोझ घटा और स्कोर करना आसान हुआ। ऐसे में रिजल्ट प्रतिशत बढ़ा। ब्लूप्रिंट और मॉडल पेपर बोर्ड पहले से पेपर पैटर्न, मार्किंग स्कीम और सैंपल पेपर जारी करता रहा था, लेकिन कुछ वर्षों से ब्ल्यू प्रिंट बेस्ड मॉडल पेपर समय पर दे रहा है। इससे टीचर्स और स्टूडेंट्स को तैयारी करने का समय मिल रहा है। इस कारण भी रिजल्ट में सुधार हुआ। इससे बच्चों को तैयारी की स्पष्ट दिशा मिलती है। ऑब्जेक्टिव और MCQ आधारित सवाल ज्यादापेपर में ऑब्जेक्टिव और बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) की संख्या बढ़ी है। पहले चार प्रश्न ही आते थे। अब इनकी संख्या 18 की गई है। ऐसे में स्कोर करना आसान हो गया है। इनमें अनुमान और एलिमिनेशन से भी अंक मिल जाते हैं। इसके अलावा फिल इन द ब्लैंक यानी खाली स्थान भरने वाले ज्यादा प्रश्न आने लगे हैं। डिजिटल आईक्यू में बढ़ोतरी बच्चों में कोरोनाकाल के बाद बच्चे टेक्नो फ्रेंडली हो गए हैं। जिससे डिजिटल आईक्यू में भी बढ़ोतरी हुई है। पेरेंट्स भी जागरूक हुए हैं। स्कूल के अलावा खुद पढ़ा रहे या कोचिंग करवाई जाती है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है। रेग्यूलर टेस्ट और मार्गदर्शन स्कूलों ने अपने परिणाम में सुधार करने के लिए नियमित टेस्ट लेना शुरू किया है। वहीं स्टूडेंट्स पर फोकस भी बढ़ाया है, ताकि जिन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा तो उन पर विशेष ध्यान दे सकें। स्मार्ट क्लास और विजुअल लर्निंगवीडियो, एनीमेशन और प्रेजेंटेशन से कठिन सब्जेक्ट भी आसानी से समझ में आते हैं। कई स्कूलों में जिन बच्चों को कम समझ में आता है, उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाती है। इससे परिणाम में सुधार हुआ। अब जानते हैं कि किस साल कितना रहा रिजल्ट…. राजस्थान बोर्ड - 10वीं के टॉप 5 जिले …………. पढे़ं ये खबर भी… 10वीं में जुड़वा बहनों के 98 % नंबर आए:सब्जी बेचने वाले की बेटी के 98.67 प्रतिशत; कोटा में परिणाम देख डांस करने लगे स्टूडेंट कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 6:38 pm

एक अप्रैल से सचिन सिन्हा बनेंगे अपर मुख्य सचिव:माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष स्मिता भारद्वाज के रिटायर होने से रिक्त होगा ACS का पद

माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष और प्रमुख सचिव स्मिता भारद्वाज 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगी। उनके रिटायरमेंट के बाद प्रशासन अकादमी में पदस्थ प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा नए अपर मुख्य सचिव बनेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार को माध्यमिक शिक्षा मंडल में नए अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। यह जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव स्तर के ही किसी अफसर को सौंपी जाएगी। अपर मुख्य सचिव स्मिता भारद्वाज 31 मार्च को रिटायर होंगी। उसके बाद अपर मुख्य सचिव स्तर का एक पद रिक्त हो जाएगा और 1 अप्रैल से इस पद पर नई अफसर की पदस्थापना होगी। सीनियारिटी के हिसाब से सचिन सिन्हा अपर मुख्य सचिव पद के दावेदार हैं, इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग 31 मार्च या 1 अप्रैल को उनके पदोन्नति करने का आदेश जारी करेगा। सिन्हा से पहले शिवशेखर शुक्ला अपर मुख्य सचिव बनाए गए थे। इस साल रिटायर होंगे ये अफसर साल 2026 में जिन अन्य आईएएस अफसरों का रिटायरमेंट होना है, उसमें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय का नाम शामिल है, जो मई में रिटायर होंगी। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी आशीष श्रीवास्तव अक्टूबर में रिटायर होंगे। वे वर्तमान में गृह मंत्रालय में पदस्थ हैं। एमपी कैडर के प्रमुख सचिव स्तर के एक अन्य अधिकारी उमाकांत उमराव 1 अगस्त को रिटायर होंगे। वहीं लोकायुक्त संगठन में सचिव अरुणा गुप्ता अक्टूबर और खादी ग्रामोद्योग के महाप्रबंधक पद पर पदस्थ माल सिंह भयडिया जून में सेवानिवृत्त होंगे।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 6:02 pm

वीएमओयू कोटा और हार्टफुलनेस ट्रस्ट के बीच एमओयू, दूरस्थ शिक्षा में बढ़ेगी गुणवत्ता

कुलगुरु प्रो बीएल वर्मा की मौजूदगी में हुआ समझौता; विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए योग, ध्यान और तनाव प्रबंधन के संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेगा विश्वविद्यालय।

प्रातःकाल 24 Mar 2026 5:46 pm

सांसद ने सदन में ओसीएफ-इंटर-कॉलेज शुरू करने की मांग की:बोले- शाहजहांपुर में रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालन से मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज बंद होने से छात्र-छात्राओं को हो रही कठिनाइयों के बीच सांसद अरुण सागर ने इस मुद्दे को संसद में उठाया है। उन्होंने नियम 377 के तहत पत्र देकर ओसीएफ इंटर कॉलेज को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ करने की मांग की है, ताकि उनके संसदीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। सांसद अरुण सागर ने सदन में कहा कि यह मुद्दा उनके संसदीय क्षेत्र के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा है। शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज, जो पहले ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री के अधीन एक प्रतिष्ठित संस्थान था, उसके बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सत्र 2025-26 में छात्रों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया, जिससे उनकी शिक्षा की निरंतरता प्रभावित हुई। सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में शाहजहांपुर राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। जहाँ भारत की साक्षरता दर लगभग 77 प्रतिशत है, वहीं शाहजहांपुर जनपद में यह लगभग 65 प्रतिशत के आसपास है। उच्च माध्यमिक स्तर पर नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता भी सीमित है। सांसद ने रक्षा मंत्रालय द्वारा इस विद्यालय को पुनः प्रारंभ कर सीबीएसई से संचालित करने और इसे केंद्रीय विद्यालय प्रणाली में शामिल करने के प्रस्ताव को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में केवल दो केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें सीटें बहुत सीमित हैं। उन्होंने सदन से निवेदन किया कि इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए और ओसीएफ इंटर कॉलेज शाहजहांपुर को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य कर रही है और उनकी इस मांग को जल्द पूरा किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 5:23 pm

बैतूल में 23 हजार बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र:2348 आंगनवाड़ी केंद्रों पर एकसाथ कार्यक्रम, स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल

बैतूल में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को बाल मंदिर सभाकक्ष में विद्यारंभ प्रमाण पत्र एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी में शाला पूर्व शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में यह पहल पहली बार की जा रही है। इसके तहत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ देकर उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता दी जा रही है। 23 हजार 245 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्रबैतूल जिले में यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित हुआ, जहां जिले की 12 परियोजनाओं के 90 सेक्टर और 2348 आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ समारोह आयोजित किए गए। जिले में कुल 23 हजार 245 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में बाल चौपाल का आयोजन भी किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता रही। बच्चों को प्रमाण पत्र मिलते देख अभिभावकों और बच्चों में उत्साह देखा गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दींबाल मंदिर सभाकक्ष में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। लाडली बिटिया ज्ञानवी गुरबाने ने देशभक्ति कविता “सरफरोशी की तमन्ना” और “इंकलाब जिंदाबाद” की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सहायक संचालक विवेक ऊईके और सीडीपीओ निरंजन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी में मिलने वाली प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना, बच्चों को सहज रूप से स्कूल में प्रवेश दिलाना और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह आयोजन प्रदेशभर में एक साथ आयोजित किया गया, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के मजबूत आधार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 5:16 pm

RBSE 10वीं का रिजल्ट जारी, 94.23% छात्र पास:शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, पिछले साल से बेहतर रहा परिणाम

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस वर्ष 94.23 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले साल के 93.06 प्रतिशत से 1.17 प्रतिशत अधिक है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अजमेर स्थित कार्यालय से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम की घोषणा की। इस बार लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.63 रहा, जबकि लड़कियों ने 94.20 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। यह पहली बार है जब 10वीं का परिणाम 12वीं के परिणाम से पहले घोषित किया गया है। बोर्ड के इतिहास में भी यह पहला अवसर है जब मार्च माह में परिणाम जारी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के मद्देनजर परिणामों से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा किया गया ताकि नए सत्र की तैयारियां सुचारु रूप से चल सकें। इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू हुई थीं। 10वीं की परीक्षा में कुल 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:27 pm

राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम घोषित:शिक्षा मंत्री दिलावर ने जारी किया, जिले में 24 हजार से अधिक छात्रों को इंतजार खत्म

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी किया। इसके साथ ही जिले में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बोर्ड के अजमेर ऑफिस से परिणा जारी किया। इस वर्ष जिले में माध्यमिक (10वीं) परीक्षा के लिए कुल 24,674 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इन छात्रों के लिए 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) इन्द्रेश तिवाड़ी ने बताया कि परीक्षा के सफल आयोजन के बाद अब परिणाम घोषित किया जा रहा है। विद्यार्थी परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:23 pm

राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम घोषित:शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर से किया जारी, 10 लाख छात्रों को इंतजार खत्म

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने दसवीं क्लास का परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किया गया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर दोपहर 1 बजे अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से परिणाम जारी किया। इसके साथ ही मंत्री पांचवीं और आठवीं बोर्ड के परिणाम भी जारी किए। इस वर्ष राजस्थान बोर्ड सीबीएसई बोर्ड से पहले मार्च माह में ही नतीजे घोषित कर एक रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। यह पहली बार होगा, जब राजस्थान बोर्ड का सेकेंडरी परीक्षा परिणाम मार्च माह में जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा-2026 में लगभग 10 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुए थे। परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध होगा।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:04 pm

राजस्थान शिक्षा बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी:जोधपुर में 95% से ज्यादा नंबर वाले स्टूडेंट्स के फोटो भास्कर एप पर प्रकाशित होंगे

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। ऐसा पहली बार है, जब 10वीं क्लास का रिजल्ट 12वीं कक्षा से पहले जारी हुआ है। छात्र अपना परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। जोधपुर जिले के उन विद्यार्थियों के लिए एक जरूरी सूचना है, जिन्होंने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इनमें 95% से अधिक अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की फोटो और उनका रिजल्ट 'भास्कर डिजिटल' प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। इसके माध्यम से जिले के प्रतिभावान छात्र अपनी सफलता की कहानी सबके साथ साझा कर सकेंगे। 95% से ज्यादा नंबर लाने वाले होनहारों की फोटो दैनिक भास्कर पर प्रकाशित होगी 95% से ज्यादा नंबर लाने वाले छात्र अपनी फोटो और मार्कशीट नीचे दिए गए प्रारूप में वॉट्सएप नंबर 9414176786 पर भेज सकते हैं। इस फॉर्मेट में भेजें जानकारी… नाम : स्कूल का नाम और शहर/एरिया : कितने प्रतिशत : मार्कशीट की फोटो फोटो/वीडियो : बच्चे की परिवार के साथ, जश्न मनाते हुए एक्शन फोटो या वीडियो। विशेष अपील: छात्र और अभिभावक कृपया ध्यान दें कि दिए गए वॉट्सएप नंबर पर कॉल न करें, केवल निर्धारित फॉर्मेट में मैसेज ही भेजें।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 12:58 pm

राजस्थान बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी:शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी किया, भास्कर एप पर होगी टॉपर्स की फोटो पब्लिश

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से बोर्ड कार्यालय से यह रिजल्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 10 लाख 68 हजार 109 स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हो गया है। बोर्ड इतिहास में यह पहला मौका है, जब मार्च में रिजल्ट घोषित किया जा रहा है, दसवीं का रिजल्ट 12वीं से पहले जारी किया गया है। इस साल बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की गई थी। पिछले साल अजमेर जिले का रिजल्ट 94.45% रहा था। भास्कर एप पर फोटो होगी पब्लिश अजमेर जिले के 95% या उससे ज्यादा नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स की फोटो भास्कर एप पर पब्लिश होगी। ऐसे स्टूडेंट्स को अपना नाम, फोटो, मार्कशीट की कॉपी, माता-पिता और स्कूल का नाम इस मोबाइल नंबर 9166112143 पर इस फॉर्मेट में वॉट्सऐप करें। इस फॉर्मेट में भेजें जानकारी… नाम : स्कूल का नाम और शहर/एरिया : कितने प्रतिशत : मार्कशीट की फोटो फोटो/वीडियो : बच्चे की परिवार के साथ, जश्न मनाते हुए एक्शन फोटो या वीडियो।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 12:57 pm

बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों का चयन करते हैं अभिभावक : पाठक

गढ़वा | प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एस.एन. पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के विकास पर व्यापक खर्च किया गया है। मॉडल विद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया गया है। वहीं बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। इसके बावजूद यदि अभिभावक इन विद्यालयों को छोड़कर निजी विद्यालयों की ओर रुख कर रहे हैं, तो इसे केवल व्यवस्था की विफलता के रूप में देखना उचित नहीं होगा। बल्कि अभिभावकों की अपनी प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग भी सक्रिय हैं। जिनका निजी विद्यालयों से प्रत्यक्ष रूप से कोई सरोकार नहीं है और न ही वे इनके उपभोक्ता हैं। फिर भी वे निजी विद्यालयों के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग निजी शिक्षा व्यवस्था को खलनायक के रूप में प्रस्तुत कर समाज में भ्रम और द्रोह फैलाना चाहते हैं, जो उचित नहीं है। पाठक ने कहा कि बड़ी संख्या में अभिभावक ऐसे हैं, जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से विद्यालयों का चयन करते हैं। ये अभिभावक वास्तविक उपभोक्ता हैं और अपने अनुभव के आधार पर निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभिभावक निष्पक्ष हैं और निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली तथा शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए उनका समर्थन कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उद्देश्य : महासचिव पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और सरकारी प्रयासों के समानांतर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। निजी और सरकारी विद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। जिससे अंततः छात्रों को ही लाभ मिलेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे शिक्षा के मुद्दे को राजनीति या व्यक्तिगत विचारधाराओं से ऊपर उठकर देखें और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक सोच के साथ निर्णय लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की तुलना करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 4:00 am

आगरा में सेंट पैट्रिक्स स्कूल पर 5 लाख का जुर्माना:DM के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई, यूनिफार्म और बुक्स की मनमानी बिक्री का मामला

आगरा के सेंट पैट्रिक्स जूनियर कॉलेज पर स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म बेचने और विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने पर ₹5 लाख का जुर्माना लगा है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शिकायतों और छापेमारी के बाद नाराजगी व्यक्त की। क्या था मामलागुरुवार को शिकायत पर जीआइसी प्रधानाचार्य डा. मानवेंद्र सिंह और खंड शिक्षाधिकारी बाह अमरनाथ ने सेंट पैट्रिक्स जूनियर कालेज में छापा मारा था। इस दौरान उन्हें स्कूल के अंदर काउंटर लगाकर यूनिफार्म बेची जाती हुई मिली थी। साथ ही स्कूल परिसर में मिले अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो से ही पुस्तकें खरीदने के निर्देश दिए हैं। डीएम की कार्रवाईसोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों के साथ बैठक की। इसमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सभी पक्षों को सुनने और छापा मारने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट को देख डीएम बेहद नाराज दिखे। उन्होंने शासनादेशों का उल्लंघन कर स्कूल परिसर से यूनिफार्म बेचने और चिह्नित दुकानदारों से पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों को निर्देशित करने के आरोपों का दोषी मानते हुए दो लाख का जुर्माना वसूलने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाईवहीं मामले में बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने भी स्कूल पर सख्त कार्रवाई की है। इसके अंतर्गत उन्होंने स्कूल पर कुल पांच लाख का जुर्माना वसूलने के लिए नोटिस भेजने की बात कही है। साथ ही मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा है। अन्य स्कूलों पर भी होगी कार्रवाईनया सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही स्कूलों ने प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं से सांठगांठ कर महंगी पुस्तकों और यूनिफार्म के नाम पर अभिभावकों को ठगना आरंभ कर दिया है। इसकी शिकायत अधिकारियों तक भी पुहंचीं है। मामले में आठ स्कूलों की जांच के निर्देश डीएम ने शिक्षाधिकारियों को दिए हैं। अब रोजाना स्कूलों के विरुद्ध मिल रही शिकायतों पर छापामार कार्रवाई होगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषी स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 11:28 pm

शहीद दिवस पर भोपाल में कैंडल मार्च:अमर क्रांतिकारियों को अर्पित की श्रद्धांजलि, शिक्षा और ड्रग माफिया के खिलाफ लगाए नारे

भोपाल में शहीद दिवस पर एनएसयूआई ने साढ़े 10 नंबर चौराहे से हबीबगंज अंडर ब्रिज स्थित शहीदों की प्रतिमा स्थल तक कैंडल मार्च निकाला। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए शिक्षा माफियाओं के खिलाफ, फर्जी निजी विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के निजीकरण एवं व्यवसायीकरण के विरोध में, छात्र संघ चुनाव शीघ्र करवाने की मांग को लेकर, निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया। अध्यक्ष बोले- प्रदेश में शिक्षा माफिया हावीएनएसयूआई भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शहीदों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसमें शिक्षा सबके लिए सुलभ और समान अवसर वाली होनी चाहिए। आज प्रदेश में शिक्षा माफिया हावी हैं और फर्जी संसाधनों के आधार पर निजी विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे संस्थानों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा निजी स्कूलों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए। छात्र संघ चुनाव न होने से युवाओं की आवाज दब रही प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि छात्र संघ चुनाव न करवाकर युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है। यदि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखती है तो तत्काल छात्र संघ चुनाव की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण शहीदों के सपनों के भारत के खिलाफ है और एनएसयूआई इस अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करती रहेगी। मांग- नशे के कारोबार पर हो सख्त कार्रवाईप्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा देने के बजाय नशे का जाल फैलाया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। सरकार को चाहिए कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करे और सकारात्मक नीतियां लागू करे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और शहीदों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, आर्यन मंडलोई, धीरज वर्मा, योगेश सोनी समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 9:10 pm

अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग पर मिला आश्वासन:भाजपा नेता विवेक मौर्य और प्रभारी ईओ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात की थी

अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता विवेक मौर्य और अकबरपुर के ईओ विशाल सारस्वत ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। मंत्री ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को अकबरपुर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण संबंधी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मुलाकात के दौरान भाजपा नेता विवेक मौर्य ने जिले में उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के हित में केंद्रीय विद्यालय के शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग वर्षों से लंबित और बहुप्रतीक्षित है और विद्यार्थियों के लिए इसका शीघ्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। विवेक मौर्य और ईओ विशाल सारस्वत ने शिक्षा मंत्री को बताया कि स्थानीय प्रशासन ने जिले में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से संबंधित सभी पिछली बाधाओं को दूर कर लिया है। इसके लिए सिझौली में 5 एकड़ भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। उन्होंने जानकारी दी कि जब तक निर्माण प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक जीजीआईसी के नवीन परिसर में केंद्रीय विद्यालय के परिसर निर्माण तक अस्थायी कक्षाएं चलाने के लिए आवश्यक कमरों की संख्या भी चिह्नित कर ली गई है। विवेक मौर्य और ईओ सारस्वत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला का पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज सौंपते हुए शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत अधिकारियों को अकबरपुर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया। विद्यालय संगठन संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों के विवरण सहित उपलब्ध कराने का पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके क्रम में कार्यालय नगर पालिका परिषद् अकबरपुर अंबेडकरनगर के पत्र संख्या- द्वारा जिला अम्बेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए नगर पालिका परिषद् अकबरपुर के वार्ड सिझौली में कुल पांच एकड़ भूमि का चयन करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ को जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकरनगर के माध्यम से पत्र धर्मेन्द्र प्रधान जी को भाजपा नेता श्री विवेक मौर्य के सहयोग से जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकरनगर का पत्र दिया गया।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 8:57 pm

जमुई स्टेडियम में 300 बालिकाएं सम्मानित:पढ़ाई छोड़ने वाली फिर शिक्षा से जुड़ीं, DM ने किया सम्मान, ‘बाल साथी फेलोशिप’ की शुरुआत

जमुई स्टेडियम में “बालिका शिक्षा संकल्प सह सम्मान” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां समग्र सेवा संस्था के प्रयासों से पढ़ाई में लौटीं 300 बालिकाओं और महिलाओं को सावित्रीबाई फुले शिक्षा सम्मान से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने इस पहल को सशक्त समाज की नींव बताया। बालिका एवं महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नवीन कुमार, दयाशंकर प्रसाद, नितिन कुमार, संस्था के सचिव मकेश्वर और बालिकाओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मानित की गईं ये 300 बालिकाएं और महिलाएं वे थीं जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, लेकिन संस्था के प्रयासों से वे शिक्षा की मुख्यधारा से फिर से जुड़ पाईं। शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यमकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने यह भी कहा कि यह सम्मान अंत नहीं, बल्कि शिक्षा की पहली सीढ़ी है और प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था के सचिव मकेश्वर ने बताया कि इन बालिकाओं को बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के माध्यम से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कराई गई। मुंगेर में आयोजित परीक्षा में कुल 900 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 292 बालिकाएं सफल रहीं। इस अवसर पर 70 “प्रेरक दीदी” को भी अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। किताबें आसानी से उपलब्ध कराने की मांगें शामिलकार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें बोस परीक्षा केंद्र को जिला स्तर पर स्थापित करने, परीक्षा शुल्क माफ करने और किताबें आसानी से उपलब्ध कराने की मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, चिमनी भट्टा पर काम करने वाले परिवारों की बेटियों को भी शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। “बाल साथी शिक्षा फेलोशिप” की शुरुआतइस दौरान पटना से गुंजन कुमारी और प्रकाश कुमार ने भी अपने विचार रखे। जिले के विभिन्न प्रखंडों से करीब 500 लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में “बाल साथी शिक्षा फेलोशिप” की शुरुआत भी की गई, जिसका उद्देश्य ‘खुद पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे’ के संकल्प के साथ बालिका शिक्षा को और मजबूत बनाना है। यह आयोजन शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 8:40 pm

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 10वीं परीक्षा का परिणाम कल

अजमेर/जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर कल 24 मार्च 2026 मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम जारी करेंगे। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय से जारी कार्यक्रम के अनुसार मंत्री मदन दिलावर अपराहन 1:00 बजे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अजमेर स्थित कार्यालय से परीक्षा […] The post माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 10वीं परीक्षा का परिणाम कल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Mar 2026 6:42 pm

कोटा: विश्व वानिकी सप्ताह का आगाज, स्काउट गाइड और शिक्षा सहकारी ने किया पौधरोपण

कोटा दक्षिण में संगोष्ठी और क्विज प्रतियोगिता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया, आंवली वन क्षेत्र में फलदार और छायादार 85 पौधे लगाए गए।

प्रातःकाल 23 Mar 2026 4:01 pm

बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट आज 1:30 बजे जारी:शिक्षा मंत्री ने किया अनाउंसमेंट घोषणा, टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत भी जारी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट आज, 23 मार्च को दोपहर 1:30 बजे जारी किया गया। इसकी आधिकारिक जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने दी है। रिजल्ट की घोषणा शिक्षा विभाग, बिहार के मंत्री सुनील कुमार द्वारा पटना में जारी किया गया है। इस मौके पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर भी मौजूद रहे। रिजल्ट जारी होते ही लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया, जो पिछले कई दिनों से अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 2 से 13 फरवरी तक हुई थी परीक्षा बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक राज्यभर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के लाखों परीक्षार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य तेजी से पूरा किया गया, ताकि समय पर रिजल्ट जारी किया जा सके। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड ने समयबद्ध तरीके से परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया है। इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करना होगा। मुख्य वेबसाइट्स: results.biharboardonline.com biharboardonline.bihar.gov.in interbiharboard.com seniorsecondary.biharboardonline.com रिजल्ट लिंक जारी होने के तुरंत बाद एक्टिव कर दिया जाएगा, जिससे छात्र बिना देरी के अपना स्कोर चेक कर सकें। डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा छात्र रिजल्ट जारी होने के बाद अपनी डिजिटल मार्कशीट भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। यह मार्कशीट प्रारंभिक उपयोग के लिए मान्य होगी। बाद में स्कूलों के माध्यम से ओरिजिनल मार्कशीट वितरित की जाएगी। बोर्ड की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वेबसाइट्स पर अधिक ट्रैफिक के बावजूद छात्र आसानी से अपना परिणाम देख सकें। टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत भी होगा जारी रिजल्ट के साथ ही बोर्ड द्वारा टॉपर्स की सूची, स्ट्रीम-वाइज पास प्रतिशत और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इससे यह साफ हो सकेगा कि इस वर्ष किस संकाय में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। टॉपर्स के इंटरव्यू और उनकी सफलता की कहानी भी बाद में सामने आएगी, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। फर्जी लिंक से सावधान रहने की अपील बोर्ड और शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही रिजल्ट चेक करें। कई बार फर्जी वेबसाइट्स और लिंक के जरिए साइबर ठगी की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 1:27 pm

झज्जर गुरुकुल के वार्षिक समारोह का आज होगा भव्य समापन:स्वामी रामदेव, योगानंद शास्त्री, आचार्य बलदेव जी गुरुकुल से ले चुके है शिक्षा।

झज्जर का ऐतिहासिक गुरुकुल अपने 110वें वार्षिक समारोह को लेकर विशेष चर्चा में है। समारोह का दूसरा दिन आज आयोजित हो रहा है, जिसमें परंपरा, शिक्षा, संस्कार और वैदिक विचारधारा की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। वर्षों पुरानी सनातनी परंपरा को संजोए यह गुरुकुल आज भी नैतिकता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति की शिक्षा देने में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। आज होगा समारोह का समापन, सुबह 9 बजे हवन वार्षिक समारोह का समापन आज धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे हवन से होगी, जिसके बाद विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान विद्यार्थियों और विद्वानों का सम्मान भी किया जाएगा। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पूर्व छात्रों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों के पहुंचने की संभावना है। 1916 में रखी गई थी वैदिक शिक्षा की मजबूत नींव झज्जर गुरुकुल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि वैदिक परंपरा, नैतिक शिक्षा और सनातनी विचारधारा का जीवंत केंद्र है। वर्ष 1916 में स्थापित इस गुरुकुल की नींव स्वामी श्रद्धानंद जी ने रखी थी, जबकि इसकी स्थापना करवाने में पंडित विशम्बर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 110 वर्षों की यह यात्रा आज भी भारतीय संस्कृति और संस्कारों की मजबूत मिसाल बनी हुई है। 8 एकड़ परिसर और 400 गायों के साथ आत्मनिर्भर परंपरा झज्जर गुरुकुल का परिसर करीब 8 एकड़ में फैला हुआ है। यहां लगभग 400 गायें हैं, जो गुरुकुल की गौसेवा और आत्मनिर्भर व्यवस्था की परंपरा को दर्शाती हैं। शिक्षा के साथ-साथ यहां सेवा, अनुशासन और भारतीय जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारने पर जोर दिया जाता है। स्वामी रामदेव से योगानंद शास्त्री तक, कई नामी हस्तियां रही हैं छात्र झज्जर गुरुकुल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास है। यहां से योग गुरु स्वामी रामदेव से लेकर योगानंद शास्त्री, आचार्य बलदेव जैसे कई प्रसिद्ध व्यक्तित्व शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। यही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पूर्व राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र भी इस गुरुकुल के विद्यार्थी रह चुके हैं। यह बात अपने आप में बताती है कि गुरुकुल ने केवल छात्र नहीं, बल्कि विचारवान और समाज को दिशा देने वाले व्यक्तित्व तैयार किए हैं। 200 के करीब विद्यार्थी दे रहे परीक्षा गुरुकुल में इस समय करीब 200 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। यहां शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और आत्मानुशासन से भी जुड़ी है। यही वजह है कि यहां का वातावरण आधुनिक शिक्षा से अलग एक विशेष भारतीयता का अनुभव कराता है। संस्कारों के साथ आत्मनिर्भरता की भी शिक्षा झज्जर गुरुकुल में विद्यार्थियों को सनातन परंपरा, वैदिक ज्ञान और नैतिक मूल्यों के साथ-साथ जीवन जीने की व्यावहारिक शिक्षा भी दी जाती है। यह गुरुकुल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐसी पाठशाला है जहां व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष जोर दिया जाता है। यहां विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा, संयम और संस्कृति से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। आचार्य विजयपाल संभाल रहे गुरुकुल की बागडोर गुरुकुल की व्यवस्था और संचालन की जिम्मेदारी इस समय आचार्य विजयपाल संभाल रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में गुरुकुल अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का काम कर रहा है। 110 वर्षों की यह यात्रा गुरुकुल की मजबूत वैचारिक नींव और समर्पित नेतृत्व का प्रमाण है। च्यवनप्राश के लिए भी पहचान झज्जर गुरुकुल केवल शिक्षा और संस्कारों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने च्यवनप्राश के लिए भी खास पहचान रखता है। क्षेत्र में गुरुकुल का च्यवनप्राश काफी प्रसिद्ध माना जाता है, जो इसकी पारंपरिक आयुर्वेदिक पहचान को भी मजबूत करता है। बेरी विधायक डॉ. रघुबीर कादियान के पहुंचने की संभावना समारोह में बेरी से विधायक डॉ. रघुबीर कादियान के पहुंचने का कार्यक्रम है। उनके अलावा भी कई सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोग इस समापन समारोह में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में आज का दिन गुरुकुल परिवार के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 7:35 am

लापरवाही: मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंचे 2430 परीक्षक:वाराणसी में भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में नहीं जांची गई एक भी कापियां

यूपी बोर्ड के कापियों के मूल्यांकन कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। वाराणसी में संडे को चारों मूल्यांकन केंद्रों पर महज 444 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य के लिए पहुंचे थे, जबकि 2430 परीक्षक केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं थे। संडे को ही सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था जिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षा केंद्र बने हैं वहां दोपहर परीक्षा खत्म होने पर यानी एक बजे के बाद से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। शहर के भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में तो स्थिति यह रही है कि यहां एक भी परीक्षक कापियां जांचने के लिए नहीं पहुंचे थे। यहां पर हाईस्कूल विषय की कापियां जांची जा रही है लेकिन संडे को यहां कोई पहुंचा नहीं है। 24118 कापियाें का हो सका मूल्यांकन कार्य संडे को कुल 24118 कापियों का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की 3216 कापियां और इंटरमीडिएट की 20902 कापियां थी। पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में 5727 कापियां, पीएम श्री प्रभु नारायण इंटर कालेज 15175 कापियां व जेपी मेहता नगर निगम इंटर कॉलेज में 3216 कापियों का मूल्यांकन हुआ। भारतीय शिक्षा मंदिर कोई भी परीक्षक कापियाें के मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंचा है। संडे तक हाईस्कूल की 18.59% और इंटरमीडिएट में 29.31% उत्तरपुस्तिकाएं जांची गई हैं। अभी हाईस्कूल की 290524 और इंटरमीडिएट की 172007 कापियों का मूल्यांकन कार्य होना है।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 12:06 am

रामपुर में सम्राट अशोक जयंती और होली मिलन समारोह:समाज सुधार और शिक्षा पर जोर दिया, कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं

रामपुर में सैनी, मौर्य, शाक्य और कुशवाहा सभा ने होली मिलन एवं सम्राट अशोक जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्सव पैलेस, रामलीला ग्राउंड में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक लिमिटेड रामपुर के चेयरमैन मोहनलाल सैनी थे। उन्होंने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के व्यक्तित्व और उनके विशाल साम्राज्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। सैनी ने कहा कि अशोक विश्व के महानतम और शक्तिशाली सम्राटों में से एक थे। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। पूर्व समाज कल्याण अधिकारी वीके सैनी ने कलिंग युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस युद्ध की भयावहता के बाद सम्राट अशोक ने हिंसा त्याग दी और धम्म विजय का मार्ग अपनाया। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह सैनी ने समाज के गौरवशाली इतिहास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस समाज का इतिहास मजबूत होता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने युवाओं से अपने पूर्वजों के संघर्षों को जानने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील की। पूर्व भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी सैनी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला ही परिवार और समाज को सशक्त बना सकती है। सभा अध्यक्ष पन्नालाल सैनी ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समारोह में कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 11:11 pm

​बाबा रामदेव का वाराणसी में स्वागत:मऊ में योग और शिक्षा संवाद के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली लौटे योग गुरु

पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव रविवार को अल्प प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके प्रशंसकों और समर्थकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे से वे सीधे सड़क मार्ग द्वारा मऊ जनपद के लिए रवाना हुए। मऊ स्थित लिटिल फ्लावर चिल्ड्रन स्कूल में आयोजित 'योग व शिक्षा संवाद' कार्यक्रम में बाबा रामदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मऊ से वाराणसी वापसी के दौरान चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी टोल प्लाजा पर भी समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मार्कंडेय महादेव के पुजारी मुन्ना गिरी, रिंकू गिरी और गौरव गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। डॉ. विजय यादव के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और छात्र भी स्वागत के लिए उपस्थित रहे। बाबा रामदेव ने लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। शाम करीब 4 बजे बाबा रामदेव वापस वाराणसी हवाई अड्डे पहुंचे। उनके साथ संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा भी मौजूद रहे। हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज में कुछ देर रुककर उन्होंने लोगों से भेंट की और फिर इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 8:56 pm

पीथमपुर में महाराष्ट्र समाज ने मनाया गुड़ी पड़वा:हिंदू नव वर्ष पर स्नेह मिलन समारोह, शिक्षा-स्वरोजगार पर जोर

पीथमपुर में महाराष्ट्र समाज ने हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर एक भव्य स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में धार के पूर्व विधायक श्रीमंत करण सिंह पवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में करियर मार्गदर्शक और इंदौर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संजीव गवते ने युवक-युवतियों को भविष्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने उच्च शिक्षा के साथ-साथ युवाओं में स्वरोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए 'मालिक बनने की चाह' पर जोर दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण मुंबई से आए प्रसिद्ध हास्य कलाकार सुबोध चितले रहे। मराठी सीरियल्स और 'आर्टिस्ट ऑफ द ईयर' से सम्मानित चितले ने अपने चुटकुलों और हास्य नाटकों के अनुभवों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिससे पूरा माहौल खुशनुमा हो गया। इंदौर मराठी समाज के उपाध्यक्ष चंद्रकांत पराड़कर ने समाज को संगठित करने की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं, महाराष्ट्र समाज पीथमपुर के अध्यक्ष यशवंत पैठणकर ने संस्था का परिचय देते हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नितिन पाटिल, सुजय घोरपड़े, सुनील ठोसरे सहित समाज के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 8:10 pm

हम अपने राज्य के 'ब्रांड एंबेसडर'-DM:नवादा में बिहार दिवस पर DIET सभागार में कार्यक्रम, बोले- शिक्षा-खेल में करें उत्कृष्ट प्रदर्शन

नवादा में बिहार दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे न केवल अपने परिवार या विद्यालय का, बल्कि पूरे बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि हम जहाँ भी रहते हैं चाहे बिहार में हों, देश के अन्य भागों में या विदेश में हम अपने राज्य के 'ब्रांड एंबेसडर' होते हैं। हमारा आचरण, हमारे कार्य और हमारी उपलब्धियाँ बिहार की छवि को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके प्रत्येक प्रयास में बिहार का उज्ज्वल भविष्य निहित है और वे अपने भविष्य का निर्माण करते हुए राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित शिक्षकों को जिला पदाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्थापना प्रभारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रभारी सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 7:52 pm

भारत भौतिक नहीं, संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा ‘विश्व गुरु’:जयपुर में ‘ज्ञानसभा’ का आगाज़, शिक्षा में भारतीयता और चरित्र निर्माण पर मंथन

राजस्थान के शैक्षणिक भविष्य को एक नई परिभाषा देने और राज्य की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में दो दिवसीय 'राजस्थान ज्ञान सभा का आगाज हुआ। यह विशेष समागम राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय,शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और जेईसीआरसी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विख्यात शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि शिक्षा न केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम है, बल्कि संस्कार, चरित्र और समाज निर्माण की आधारशिला है। जब तक भौतिक विकास के साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश नहीं होगा, तब तक भारत ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता। कोठारी ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और जीवन मूल्यों पर आधारित रही है। ‘ज्ञानसभा’ उसी परंपरा को वर्तमान संदर्भ में पुनर्जीवित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज के दुखी, पीड़ित और वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील हों। यही सच्चे अर्थों में ‘विश्व गुरु’ बनने की कसौटी है, न कि केवल आर्थिक या सामरिक शक्ति। संस्कार आधारित शिक्षा पर सरकार का भी जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें संस्कार एवं नैतिकता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ‘ज्ञानसभा’ जैसे आयोजनों को शिक्षा जगत के लिए नई दिशा देने वाला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय बौद्धिक प्रमुख सुनील सुखदेव भाई मेहता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में जीवन मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, लेकिन आधुनिकता के प्रभाव में हम उनसे दूर होते गए हैं। उन्होंने औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर भारतीयता को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। जालोर के नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर सराहना कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेशचंद्र पोखरियाल ने जालोर के शिक्षाविद संदीप जोशी के नवाचारों-इतिहास संकलन, कन्या पूजन और मल्टीटैलेंट पोस्टर की सराहना की। उन्होंने इसे संस्कारयुक्त और प्रयोगधर्मी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। अपने संबोधन में संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख सुनील भाई मेहता ने भी जालोर के शिक्षक के नवाचारों का उल्लेख करते हुए सराहना की। देशभर से आए शिक्षाविदों ने भी इन प्रयासों को प्रेरणादायी माना। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का मार्गदर्शक बताते हुर रमेश पोखरियाल निशंक (पूर्व शिक्षा मंत्री, भारत सरकार) ने बताया की हमारा उद्देश्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना है जो वैक्षिक स्तर पर प्रति लेकिन जिसकी जड़े भारतीय मूल्यों और संस्कृति में गहरी जमी हों। उनके अनुसार, मातृभाषा शिक्षा और अनुसंधान पर जोर देना हमारे युवाओं के में सांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। ज्ञान का संगम बना आयोजन कार्यक्रम में जयपुर, बांसवाड़ा, सीकर, कोटा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्रीय संस्थाओं के निदेशक सहित प्रदेशभर से शिक्षाविद, कॉलेज शिक्षा सचिव ओ.पी. बैरवा और जेईसीआरसी के प्रेजिडेंट विक्टर गंभीर सहित सहित प्रदेशभर से शिक्षाविद् उपस्थित रहे। जिनमें जोधपुर प्रांत से संदीप जोशी, चंद्रशेखर कछवाहा,देवाराम गोदारा, दीपिका शर्मा, भारतीय भाषा अभियान के अश्विन राजपुरोहित, न्यास के शांतिलाल दवे, वचनाराम काबावत, विक्रमसिंह रावलोत, राणीदान सिंह, नटवर नांगल, विष्णु शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 7:49 pm

अंधविश्वास महिलाओं की प्रगति में बाधा:डॉ. दिनेश ने महिलाओं को जागरूक होने की सलाह दी, बोले- महिला जागृति के लिए शिक्षा जरूरी

जिला स्तरीय महिला जागृति शिविर में प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने महिलाओं को उनके अधिकारों, क्षमताओं और समाज में महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास महिलाओं की जागरूकता में बड़ी बाधा है। डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा, अंधविश्वास के कारण कई महिलाएं अपने अधिकार और क्षमताएं समझ नहीं पातीं, जिससे वे अपने भविष्य को संवारने में असमर्थ रहती हैं। कार्यक्रम धरसीवां विकासखंड, ग्राम गोढ़ी मोहदी के सरकारी स्कूल में आयोजित किया गया। डॉ. मिश्र ने कहा कि बालिका शिक्षा महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। एक शिक्षित बालिका न केवल खुद बल्कि अपने पूरे परिवार को शिक्षित करती है। महिलाओं के अधिकार और समाज का समर्थन जरूरी उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी के साथ परिवार और समाज का समर्थन भी जरूरी है। इससे महिलाएं अपने फैसले लेने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित और सक्षम बनती हैं। स्थानीय महिला समूह, संगठन और मीडिया महिलाओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा, समाज का समर्थन, संगठनों और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिलकर ही महिलाओं की स्थिति में सुधार ला सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। अंधविश्वास महिलाओं की जागरूकता में बाधा डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास और कुरीतियां जैसे जादू-टोना, टोनही, डायन कहने जैसी बातें महिलाओं के अधिकारों और जागरूकता में बाधा डालती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई महिला टोनही नहीं होती, बीमारियों का इलाज केवल सही जांच और चिकित्सा से हो सकता है, कथित तंत्र मंत्र या झाड़ फूंक से नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी कुछ समाजों में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता है, उन्हें पर्दे में रखा जाता है, बाल विवाह और दहेज जैसी प्रथाएं जारी हैं। यह सब बंद होना चाहिए और महिलाओं को उनके अधिकारों और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। कार्यक्रम में आयुक्त महादेव कावरे, पूर्व आईएएस इंदिरा मिश्र और महिला बाल विकास विभाग की ए. श्रीवास्तव उपस्थित थीं।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 6:58 pm

झज्जर के गुरुकुल में 110वां वार्षिक समारोह:ओमप्रकाश धनखड़ बोले- सनातनी शिक्षा से मजबूत हो रहा देश, विकसित भारत प्रधानमंत्री का लक्ष्य

झज्जर जिले में स्वामी दयानंद ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार और ज्ञान से उजाला करने को समर्पित कर दिया। उनकी सुधारवादी विचारधारा से ही स्वदेशी और स्वराज का मंत्र मिला। स्वामी जी के इसी मंत्र से प्रेरित होकर देश की आजादी के लिए अनेक देशवासियों ने त्याग और बलिदान दिया। स्वामी जी विचारधारा आज भी हमें नवाचार की ओर अग्रसर करती है। भारत वर्ष की इस समृद्ध परंपरा को गुरुकुल आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने गुरुकुल झज्जर के 110 वें वार्षिक समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। सनातनी शिक्षा के नवाचार से भारत हुआ मजबूतधनखड़ ने कहा कि झज्जर गुरुकुल ने इस क्षेत्र में सनातनी परंपरा और नैतिकता की शिक्षा को निरंतर आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है। ओमानंद सरस्वती जी ने स्वामी दयानंद जी की विचारधारा के प्रचार प्रसार में अपना जीवन समर्पित कर दिया। ओमानंद जी ने विपरित परिस्थितियों में भी सनातनी परपंरा को आगे बढ़ाने का काम किया। सनातनी शिक्षा सुधार की ओर अग्रसर करती है धनखड़ ने कहा कि मैकाले शिक्षा नीति दूसरों के पीछे-पीछे चलना सिखाती है। हमारे वेद व सनातनी शिक्षा नवाचार और सुधार की ओर अग्रसर करती है। हमारी सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय सम्मेलन कराने जैसे निर्णय हमें नई तकनीक और नये ज्ञान के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं। शक्तिशाली देश अब से लगाए उम्मीद धनखड़ ने कहा कि सनातनी शिक्षा की बदौलत ही दुनिया के शक्तिशाली देश अब भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखने लगे हैं। पश्चिम एशिया युद्ध को रोकने के लिए कई बड़े देश भारत को आगे आने की बात कर रहे हैं। यह आगे बढ़ते भारत की ताकत है संस्कृति, संस्कार और नवाचार हमारी ताकत धनखड़ ने कहा कि भारत के युवा अपनी संस्कृति और संस्कारों को तकनीक के साथ समावेश करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा की रीति और नीति में सनातनी संस्कृति के साथ राष्ट्र विकास सर्वोपरि है । आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। वैदिक परंपरा से किया गया स्वागत पीएम मोदी के सशक्त नेतृत्व में हर भारतीय का सपना वर्ष 2047 तक विकसित भारत हो अपना। इसके लिए जरूरी है कि हम अपने संस्कारों और संस्कृति के साथ नवाचार को अपनाएं। गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचने पर आचार्य विजयपाल जी ने भाजपा राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ का वैदिक परंपरा से स्वागत किया।इस अवसर पर आचार्य विजयपाल , स्वामी प्रद्युम्न ,स्वामी देवव्रत , स्वामी पूर्णानंद डॉ योगानंद शास्त्री,आचार्य विजयानंद, सहित सैकड़ों की संख्या में आचार्य ,शिक्षाविद् और छात्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 6:16 pm

नूंह में शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग:BMS ने पदाधिकारी बोले- परीक्षा और इंटरव्यू के बाद चयन, आंदोंलन की चेतावनी

नूंह जिले में शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग जोर पकड़ रही है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने इन शिक्षा सहायकों को स्थायी करने की अपील की है, जो कई वर्षों से अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए शिक्षा सहायकों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, हर साल मार्च आते ही इनकी नौकरी पर संकट मंडराने लगता है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इन शिक्षा सहायकों का चयन लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और प्रशिक्षण के बाद हुआ है। वे नियमित शिक्षकों की तरह ही अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक स्थायित्व नहीं मिला है। आंदोलन की चेतावनी संघ ने मांग की है कि शिक्षा सहायकों को पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत लाया जाए और फिर उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा दिया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस संबंध में जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग इस बीच, नूंह जिले में एक और समस्या सामने आई है। यहां कई चयनित स्थायी शिक्षक अपनी नियुक्ति के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं करते, जिससे स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली रह जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भर्ती अभियान चलाने और क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग भी उठ रही है।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 3:55 pm

शिक्षा मंत्री के निवास का अतिथि शिक्षकों ने किया घेराव:सरगुजा-कांकेर समेत कई जिलों से पहुंचे विद्यामितान; नियमितीकरण-समान वेतन और मानदेय की मांग

छत्तीसगढ़ में प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर रविवार को दुर्ग में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करते नजर आए। बड़ी संख्या में पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सरगुजा, कांकेर सहित कई जिलों से शिक्षक बड़ी संख्या में दुर्ग पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि वे कक्षा शिक्षण, आईसीटी प्रशिक्षण, निर्वाचन कार्य, एनएसएस, बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी और पेपर मूल्यांकन जैसे सभी कार्य नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायी दर्जा मिल रहा है और न ही समान वेतन। प्रदर्शनकारी बोले- 2015-16 से दे रहे सेवाएं प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने बताया कि वे सत्र 2015-16 से स्कूल शिक्षा विभाग में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे व्याख्याता के स्वीकृत पदों पर कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिला है।प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंत्री निवास के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तीन थाना प्रभारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। शिक्षकों ने अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया और जल्द समाधान की उम्मीद जताई। मंत्री ने सुनी समस्याएं शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद उनके बीच चिंता बढ़ गई। इस खबर से शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल बन गया। इसी मुद्दे को लेकर अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव किया। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेने और अपनी स्थिति साफ करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और उनकी बातों को समझने का प्रयास किया। हटाने का कोई फैसला नहीं मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को हटाने की बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। मंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से देख रही है और उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। केबिनेट में चर्चा के बाद फैसला शिक्षकों ने बताया कि मंत्री से चर्चा हुई है। शिक्षकों के अनुसार मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के मानदेय का निर्धारण उनकी पात्रता के अनुसार किया जाएगा और इस पूरे मामले पर कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट की बैठक के बाद अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। अपनी मुख्य मांगों को रखा मंत्री के सामने अतिथि शिक्षकों ने मंत्री के सामने अपनी मुख्य मांगें रखीं, जिनमें स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन, ग्रीष्मकालीन अवधी का मानदेय, समान कार्य के बदले समान वेतन और सरकारी कर्मचारियों की तरह अवकाश की सुविधा शामिल है। शिक्षकों ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने भी ग्रीष्मकालीन मानदेय और अवकाश देने के संबंध में निर्देश दिए हैं, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। मंत्री से चर्चा के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला होगा। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी स्थिति में काम कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 2:18 pm

राज्यपाल ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी ली

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से बिहार में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में चल रहीं योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षा विभाग से उच्च शिक्षा को अलग कर उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है। उन्होंने बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति, समर्थ पोर्टल, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय, उच्च शिक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया। सरकारी स्कूलों, शिक्षकों एवं नामांकित बच्चों की संख्या, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं अन्य डीबीटी योजनाओं, स्कूली शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल पहल, प्रधानमंत्री पोषण योजना आदि के बारे में राज्यपाल को अवगत कराया। मुख्य सचिव ने उन्हें बाल हृदय योजना, बाल श्रवण योजना, भव्या एप्लीकेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य स्वास्थ्य समिति, मेडिकल शिक्षा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आदि के विषय में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग में ‘दीदी की रसोई’ के क्रियान्वयन पर राज्यपाल ने खुशी जाहिर की।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:52 am

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर सेमिनार

अमृतसर | खालसा कॉलेज फॉर वूमेन में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : विस्तार और कौशल विकास के लिए एक रूपरेखा’ विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन खालसा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर और खालसा कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के मानद सचिव रजिंदर मोहन सिंह छीना ने किया। इस दौरान प्रो. डॉ. अनिल मोंगा, यूजीसी, नई दिल्ली से कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन के पूर्व निदेशक प्रो. जीडी शर्मा, प्रो. डॉ. अमनदीप वर्मा तथा खालसा यूनिवर्सिटी की अकादमिक डीन डॉ. सुरिंदर कौर उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मानद सचिव छीना ने फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पहल करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य स्नातकों के कौशल को बढ़ाना है, जिससे वे अधिक रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बन सकें।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:20 am

एजीसी और सहोदय स्कूल्स कॉम्प्लेक्स ने करवाया ‘शिक्षा रत्न सम्मान समारोह'

अमृतसर| अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (एजीसी) ने अमृतसर सहोदय स्कूल्स कॉम्प्लेक्स के सहयोग से शिक्षा रत्न सम्मान समारोह’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पंजाब विधानसभा के माननीय स्पीकर कुलतार सिंह संधवां उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका की सराहना की और आधुनिक शिक्षा पर बल दिया। समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 100 से अधिक स्कूल प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। एजीसी के चेयरमैन अमित शर्मा और एमडी डॉ. रजनीश अरोड़ा ने नवाचार व छात्र सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान सीबीएसई (लुधियाना) के अंडर सेक्रेटरी महेश कुमार सतीजा और मेयर जतिंदर सिंह मोटी भाटिया आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:18 am

बाल मैत्री: शिक्षा व संस्कारों का संदेश दिया

आंगनवाड़ी केन्द्र- 01 कुमदाबस्ती और प्राथमिक शाला कुमदाबस्ती में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रख बाल मैत्री कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों के बीच संवाद को मजबूत करना और शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ मित्रवत माहौल में बातचीत की, जिसमें उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, स्वच्छता और दैनिक गतिविधियों से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। बच्चों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बना। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनबसिया सिंह, ममता राजवाड़े और फुलेश्वरी राजवाड़े व प्राथमिक शाला कुमदाबस्ती की शिक्षिका ईरीना कुजूर, सुनीता यादव और शिक्षक पन्नेलाल उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षकों ने कहा कि नियमित रूप से विद्यालय आना, मन लगाकर पढ़ाई करना और अनुशासन का पालन करना सफलता की कुंजी है। इसके साथ ही बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और आपसी सहयोग की भावना विकसित करने भी प्रेरित किया। संवाद सत्र के दौरान कई बच्चों ने पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों, खेल सामग्री की कमी और अन्य जरूरतों को साझा किया। इस पर शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा, अच्छे व्यवहार और अनुशासन के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। प्रश्न-उत्तर सत्र में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के बाल मैत्री कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:00 am

17 हजार 338 शिक्षार्थी देंगे परीक्षा महापरीक्षा

भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में आज राष्ट्रव्यापी नवभारत साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा सुबह 10से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें जिले के 17,338 शिक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा 15 वर्ष से अधिक आयु के उन शिक्षार्थियों के लिए है, जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययन किया है। तीन घंटे की परीक्षा में पढ़ना, लिखना और गणित विषय शामिल होंगे, प्रत्येक विषय 50 अंकों का होगा। सफल अभ्यर्थियों को एनआईओएस और एनआईएलपी से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए केंद्राध्यक्ष और मूल्यांकनकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर द्वारा विकासखंडवार अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जागरूकता अभियान जारी है।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:00 am

जिला शिक्षा रैंकिंग में उदयपुर 11 स्थान फिसला, 40वें नंबर पर पहुंचा

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा फरवरी 2026 की जारी जिला शिक्षा रैंकिंग में उदयपुर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। प्रदेश के 41 जिलों की सूची में उदयपुर 40वें पायदान पर खिसक गया है। पिछले महीने जनवरी में उदयपुर 29वें स्थान पर था। फरवरी माह के लिए जिले का कुल स्कोर 18 रहा, जबकि इसी अवधि में करौली 54.00 के स्कोर के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। हालत ऐसी है कि हम नए जिलों के साथ आकर खड़े हो गए हैं। मौजूदा रैंकिंग को विभाग ने अत्यंत चिंताजनक माना है। इस गिरावट पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) ने जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और संबंधित प्रभारियों को फटकार लगाई है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक चंद्रशेखर जोशी के अनुसार ये स्थिति बेहद बुरी है। प्रारंभिक इसमें शामिल नहीं है। पैरामीटर्स में सभी सीबीइओ शामिल हैं। हम मॉनिटरिंग का हिस्सा हैं। हमारे लक्ष्य हम पूरा करते हैं। ब्लॉकवार स्थिति क्रम ब्लॉक वर्तमान स्कोर 1 खेमली (उदयपुर) 35.00 2 वल्लभनगर (उदयपुर 29.00 3 नयागांव (उदयपुर) 25.00 4 कुराबड़ (उदयपुर) 24.00 5 बड़गांव (उदयपुर) 23.00 6 फलासिया (उदयपुर) 22.00 7 खेरवाड़ा (उदयपुर) 21.00 8 गिर्वा (उदयपुर) 21.00 9 मावली (उदयपुर) 20.00 10 ऋषभदेव (उदयपुर) 20.00 11 झाड़ोल (उदयपुर) 18.00 12 गोगुंदा (उदयपुर) 18.00 13 सायरा (उदयपुर) 16.00 14 भिंडर (उदयपुर) 12.00 15 कोटड़ा (उदयपुर) 8.00 16 देवला (उदयपुर) 3.00 औसत 19.69 उदयपुर जिले का प्रदर्शन... 12 मानकों में सिर्फ 18 नंबर मिले 1. विद्यार्थी उपस्थिति n पात्र संख्या 2,08,482 n मानक पूरा 1,55,553 •स्कोर 0/10 2. सीबीए रिजल्ट n पात्र संख्या 1,99,180 n •मानक पूरा 45,107 •स्कोर 0/7 3. ओआरएफ रिजल्ट • n पात्र संख्या 1,88,532 • n मानक पूरा 1,00,278 •स्कोर 1/7 4. बोर्ड रिजल्ट • n पात्र संख्या 2,916 • n मानक पूरा 75 •स्कोर 0/10 5. टेक्स्ट बुक और वर्कबुक करेक्शन n •पात्र संख्या 752 n मानक पूरा 722 स्कोर 5/5 6. एबीएल लिट यूजेज • n पात्र संख्या 756 • n मानक पूरा 748 स्कोर 1/3 7. होम वर्क n पात्र संख्या 756 n मानक पूरा 376 स्कोर 0/3 8. मिशन स्टार्ट n पात्र संख्या 739 n मानक पूरा 93 स्कोर 0/5 9. विजिट टारगेट n पात्र संख्या 752 n मानक पूरा 295 स्कोर 0/15 10. शिक्षक एप एंगेजमेंट n पात्र संख्या 2,639 n मानक पूरा 1,227 स्कोर 0/15 11. टॉयलेट और वाटर एवलेबिलिटी n पात्र संख्या 756 n मानक पूरा 584 n स्कोर 10/10 नोट : एक नंबर अन्य मानक के मिले हैं। बाकी सभी मानकों में उदयपुर का प्रदर्शन खराब है। -प्रतिभा गुप्ता, सीडीईओ उदयपुर -लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक टॉप और बॉटम फाइव जिले n टॉप: करौली- 54, झुन्झुनू- 44, हनुमानगढ़- 42, डूंगरपुर- 41, सीकर- 39 n बॉटम: डीग- 18, खैरथल- 18, बारा- 18, उदयपुर -18, जोधपुर- 17

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:00 am

पोर्टा केबिन कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग:बस्तर सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर पोर्टा केबिन विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा उठाया। मुलाकात के दौरान सांसद कश्यप ने बस्तर के अत्यंत दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में संचालित पोर्टा केबिन विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों एवं भृत्यों के सुरक्षित पुनर्वास और स्थायी समायोजन के संबंध में एक पत्र सौंपा। सांसद ने मंत्री को बताया कि इन क्षेत्रों में कर्मचारी पिछले करीब 15 वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद, उनके भविष्य को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मानवीय आधार पर इन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। सांसद ने तर्क दिया कि इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:07 pm

बीजापुर में दो DEO की नियुक्ति पर विवाद:विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

बीजापुर जिले में एक ही कार्यालय में दो जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की पदस्थापना का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि जिले में एक ही समय पर दो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इसे 'अव्यवस्थित व्यवस्था' बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है, जो अब पटरी से उतरती दिख रही है। मंडावी ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र मंडावी ने इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि वर्तमान में बीजापुर में एन.एल. धनेलिया जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं, वहीं राजकुमार कठौते सहायक संचालक और प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। बताया गया है कि 10 जुलाई 2025 से दोनों अधिकारी एक ही कार्यालय से कार्य संचालन कर रहे हैं। इससे विभागीय कार्यों में टकराव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। विधायक ने मंत्री से मांग की है कि स्थिति स्पष्ट करते हुए एक ही अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। इस पूरे मामले ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 2:46 pm

बागपत में 9 बर्ष पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित:नुक्कड़ नाटक से स्वच्छता, शिक्षा और नशा मुक्ति का दिया गया संदेश

बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर नववर्ष के अवसर पर एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों, स्वच्छता, शिक्षा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता नुक्कड़ नाटक था, जिसमें कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों और समस्याओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए लोगों को स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। कलाकारों के संवाद और प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर किया, और दर्शकों ने नुक्कड़ नाटक को खूब सराहा। इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भी जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए सभी का सहयोग जरूरी है और लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। अंत में, आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 1:00 pm

केवी सुकमा में इए शिक्षा सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

सुकमा| केंद्रीय विद्यालय सुकमा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रभारी प्राचार्य दिनेश कुमार ने बताया कि कक्षा पहली में प्रवेश हेतु अभिभावक 20 मार्च से 2 अप्रैल तक केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुल 80 सीटों पर चयन लॉटरी के माध्यम से होगा और पहली सूची 9 अप्रैल को जारी की जाएगी। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च 2026 तक न्यूनतम 6 वर्ष होनी चाहिए। वहीं कक्षा 2 से 12वीं में रिक्त सीटों पर 2 से 8 अप्रैल तक ऑफलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:00 am

परांजपे सर की स्मृति में दो पुरस्कारों की घोषणा, शिक्षा की अलख जगाने वाले होंगे सम्मानित

श्री सत्यसाईं विद्या विहार में शिक्षक और संस्था के निदेशक स्व. माधव परांजपे की स्मृति में शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन व शिक्षाविद् शामिल हुए। संस्था चेयरमैन डॉ. रमेश बाहेती ने कहा कि परांजपे सर के जाने का हमें वियोग नहीं मानना चाहिए, क्योंकि उनकी जैसी विलक्षण प्रतिभाएं देवताओं की पंक्ति का हिस्सा बन जाती हैं। परांजपे सर देवताओं की पंक्ति में बैठकर वहां से हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। उनका आशीर्वाद हम पर बना हुआ है। ‘श्री माधव परांजपे स्वर्ण पदक’ मिलेगा श्रद्धांजलि सभा में डॉ. बाहेती ने स्व. माधव परांजपे की स्मृति में दो पुरस्कारों की घोषणा की। एक पुरस्कार एक लाख रुपए मूल्य का प्रदेश के उन शिक्षकों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने पिछड़े इलाकों में शिक्षा की अलख जगाई है। इसमें सत्य साईं विद्यालयों के शिक्षकों को छोड़कर अन्य शिक्षकों को चयनित किया जाएगा। वहीं सत्य साईं स्कूल के छात्रों के लिए उन्होंने ‘श्री माधव परांजपे स्वर्ण पदक’ की भी घोषणा की। इस पदक को प्राप्त करने वाले छात्रों के चयन की रूपरेखा स्कूल प्राचार्या अंजू चोपड़ा द्वारा तय की जाएगी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:00 am

अपने ही विभाग को खोखला कर रहा था एकाउंटेंट:शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला,सैलरी के नाम पर निकाल लिए 1 करोड़ 11 लाख;14 पर एफआईआर दर्ज

जबलपुर में शिक्षा विभाग के पनागर विकासखंड में पदस्थ एकाउंटेंट ने शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर ना सिर्फ अपने और परिवार की जेब भरी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को कई सालों तक हर माह वेतन भी दिया। खुलासा होने के बाद पनागर थाने में तीन शिक्षा अधिकारियों सहित 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी। इधर फर्जीवाड़ा से घिरे लोगों को जैसे ही एफआईआर को पता चला, तो सभी अंडरग्राउंड हो गए हैं, जिनकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। ऐसे हुआ घोटाला उजागर दरअसल कोष लेखा विभाग भोपाल से जबलपुर कलेक्टर को इनपुट मिला कि स्कूल शिक्षा विभाग के पनागर ब्लाक में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, जिसमें कि अतिथि शिक्षकों के नाम पर 2018 से वेतन निकाला जा रहा है, जो कि उन लोगों को दिया जा रहा है, जो कि या तो रिटायर हो गए हैं, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की हो। यह राशि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने लागइन-पासवर्ड से निकाली और फिर अलग-अलग खातों में जमा करवाई। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा और लेखा विभाग की टीम गठित की और जब विजय कुमार सहित अन्य लोगों के बैंक खाते चेक किए, तो सभी के खातों में लाखों रुपए निकले। शिक्षा विभाग में पदस्थ विजय कुमार के साथ-साथ उनकी पत्नी दो बेटी के खातों में कई लाख रुपए मिले। तीन पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी शामिल के नाम भी इस घोटाले मे सामने आए हैं, इसके अलावा जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा एवं पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में राशि भेजी गई है, जो कि करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपए हैं। मास्टरमाइंड था एकाउंटेंटजांच के दौरान यह भी पता चला कि विजय कुमार भलावी 2016 से पनागर ब्लाक में पदस्थ था। तभी से उसने यह घोटाला हर माह करना शुरू कर दिया था। 2018 से 2026 के बीच तीन शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे, जिनकी लागइन-पासवर्ड से यह राशि निकाली गई और बाद में फिर अलग-अलग 16 खातों में ट्रांसफर की गई। बीईओ कार्यालय पनागर में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ब्लॉक के शिक्षकों की सूची में फर्जी तरीके से ऐसे नाम जोड़ देता था, जो कि कहीं शिक्षक हैं ही नहीं। इसके बाद उनके नाम की सैलरी जब आती थी, तो उसे निकालकर अपने और पत्नी, दो बेटियों सहित अन्य साथियों के खातों में डाल लेता था। यह पूरा कारनामा वह बेहद शातिर तरीके से किया गया था, जिसकी विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी को भनक ही नहीं लगी। हाल ही में जब कोषलेखा विभाग भोपाल में राशि का मिलान नहीं हुआ तब मामला सामने आया और शिकायत कलेक्टर तक पहुंची। बड़े अधिकारी भी शक के घेरे में शिक्षा विभाग से लेकर जिला कोषालय भी शक के दायरे में बताया जाता है कि इस मामले में जहां स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी शंका जाहिर की जा रही है, वहीं जिला कोषालय के अधिकारी और कर्मचारी भी निशाने पर हैं। इतना बड़ा मामला बिना सहभागिता के संभव नहीं है। शिक्षा विभाग के पास भी शिक्षकों की सूची होती है और उनमें नए नाम शामिल होने की जानकारी अधिकारियों को नहीं मिल पाई यह चौंकाने वाली बात है। वहीं जिला कोषालय ने भी बिना सत्यापन लगातार सैलरी निकाली, इस पर भी संदेह जताया जा रहा है। बैंक खातों पर रोक लगाई बताया जाता है कि घपले की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अभी तक के रिकॉर्ड भी बीईओ कार्यालय से मांगे गए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे ने पनागर थाने में प्रतिवेदन देते हुए बताया कि विकासखंड की पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे,नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक ग्रेड विजय कुमार भलावी, शिक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला,अनिल कुमार ने 2018 से 2025 के बीच कई फर्जी नाम जोड़े और बकायदा उनके खाते में वेतन का भुगतान भी किया गया। 16 खातों में रुपए हुए ट्रांसफर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी कई सालों से शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी कर रहा था। वह शिक्षकों की सूची में किसी का भी नाम जोड़कर उन्हें शिक्षक बना देता था, और फिर उसके नाम की सैलरी ना सिर्फ अपने खाते बल्कि पत्नी और बेटियों के नाम पर ट्रांसफर करता था। अभी तक 16 खातों की पहचान हो गई है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक शासकीय राशि भेजी गई है। विजय कुमार के 4, पत्नी और दो बेटियों के 1-1 खाते के अलावा रिटायर हो चुके शिक्षकों के खाते भी सामने आए हैं। इन पर हुई एफआईआर विकासखंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पनागर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय कुमार भलावी सहित शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे, नरेंद्र तिवारी,जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा, पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार का कहना है कि विजय कुमार ने बड़ी ही चालाकी से यह फर्जीवाड़ा किया है। विजय कुमार ने ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन निकाला था, जो कि या तो रिटायर हो चुके थे, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की थी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 12:20 am

शिक्षक पात्रता परीक्षा से नाराज शिक्षक विधायक से मिले:मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र; MLA बोले- यह शिक्षकों के अनुभव का अपमान

टीईटी अनिवार्य करने के सरकारी आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने शुक्रवार को वारासिवनी विधायक विवेक पटेल से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के नाम ज्ञापन देकर इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। विधायक पटेल ने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए शासन को पत्र लिखकर परीक्षा समाप्त करने का आग्रह किया है। 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर आदेश का विरोध ब्लॉक अध्यक्ष रोशनलाल नगपुरे ने बताया कि यह आदेश विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए चिंताजनक है जिनकी नियुक्ति वर्ष 2009 से पहले हुई थी। शिक्षकों का तर्क है कि वे तत्कालीन निर्धारित योग्यता और मापदंडों को पूरा करने के बाद ही शासकीय सेवा में आए थे। दशकों की सेवा के बाद पुनः पात्रता परीक्षा देना उनके अनुभव और वरिष्ठता का अपमान है। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मांग शिक्षक संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है और कानूनी राहत प्रदान नहीं करती है, तो उन्हें सामूहिक रूप से 'इच्छा मृत्यु' की अनुमति प्रदान की जाए। इस आदेश से हजारों शिक्षकों में नौकरी की असुरक्षा और मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। विधायक बोले- शिक्षकों को मिले पूरा सम्मान विधायक विवेक पटेल ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जो शिक्षक 20-25 वर्षों से अध्यापन कार्य करा रहे हैं, उनसे दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव का निरादर है। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना देने के बजाय उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। विधायक ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाएंगे।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 8:42 pm

उच्च शिक्षा के लिए दो चिकित्सकों को अध्ययन अवकाश:उदाकिशुनगंज पीएचसी में कार्यरत डॉक्टर राउरकेला और सहरसा में पढ़ाई करेंगे

उदाकिशुनगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में कार्यरत दो चिकित्सा पदाधिकारियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु विभाग द्वारा अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया गया है। इस अवसर पर शुक्रवार को संजीवनी फिजियोथेरेपी क्लिनिक परिसर में एक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंकित सौरभ को तीन वर्षों का अध्ययन अवकाश मिला है। वे उड़ीसा के राउरकेला में पीजी की पढ़ाई करेंगे और फैमिली मेडिसिन शाखा में उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे। वहीं, पीएचसी में पदस्थापित डॉ. नवीन कुमार को दो वर्षों के अध्ययन अवकाश की अनुमति मिली है। वे सहरसा स्थित लार्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। समारोह में उपस्थित लोगों ने दोनों चिकित्सकों के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास व्यक्त किया कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्य अतिथि डॉ. अंकित सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि यह जुदाई नहीं बल्कि विदाई है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से जो प्यार और सम्मान मिला है, वह जीवनभर उनके साथ रहेगा। उन्होंने सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस दौरान नवनियुक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार का फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार विनोद विनीत ने किया, जबकि अध्यक्षता पूर्व प्रखंड प्रमुख विकास चंद्र यादव ने की। समारोह में रजनीकांत ठाकुर, विकास कुमार, नितीश शर्मा, प्रदीप मंडल, समाजसेवी गौरव कबीर, नीतीश राणा, जदयू नगर अध्यक्ष संतोष मंडल, वार्ड पार्षद अजय मंडल, अनुराग सिंह, समरेंद्र कुमार, गौरव कुमार, अमर आशीष, डॉ. जय कुमार, सीएचओ मु. शकील अख्तर, अवधेश मेहता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 7:04 pm

धमतरी के 80 छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन:शिक्षा विभाग ने जारी की सूची, नगरी से सबसे ज्यादा 27 छात्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से 80 स्टूडेंट्स का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन हुआ है। सत्र 2026-27 में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, चयनित स्टूडेंट्स में 55 शासकीय विद्यालयों से और 25 अशासकीय विद्यालयों से हैं। शासकीय स्कूलों से अधिक संख्या में छात्रों का चयन जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, नगरी विकासखंड से सर्वाधिक 27 स्टूडेंट्स चयनित हुए हैं। वहीं कुरूद विकासखंड से 22, मगरलोड से 20 और धमतरी विकासखंड से 11 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है। जिला शिक्षा विभाग ने चयनित विद्यार्थियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन को ग्रामीण और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 2:26 pm

गुजरात: भाजपा अध्यक्ष ने विकास, आदिवासी कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस को 'शून्य' बताया

गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने गुरुवार को दाहोद में बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया

देशबन्धु 20 Mar 2026 10:25 am

महेंद्रगढ़ कॉलेज में Msc कोर्स शुरू करने की मांग:विष्णु सेवा समिति ने सीएम-शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन; बोले- स्टूडेंट्स हो रहे परेशान

महेंद्रगढ़ में विष्णु सेवा समिति ने राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से महाविद्यालय में एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की है।श्री विष्णु सेवा समिति महेंद्रगढ़ के प्रधान मनोहर लाल झुकिया, कोषाध्यक्ष रामानंद शर्मा और अन्य प्रतिनिधियों ने राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्राचार्य प्रोफेसर विजय यादव को यह ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्चतर शिक्षा विभाग और महानिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग, पंचकूला के नाम भेजा गया है। सत्र 2026-27 से शुरू करने की रखी मांगसमिति ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ में सत्र 2026-27 से एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी जैसे महत्वपूर्ण स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। समिति ने बताया कि यह महाविद्यालय क्षेत्र का एक प्राचीन और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, जिसने अनेक विद्यार्थियों को उच्च पदों पर पहुंचाया है। पाठ्यक्रम न होने से विद्यार्थियों को हो रही परेशानीवर्तमान में इन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से छात्राओं को इससे कई व्यावहारिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई बार उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है। महाविद्यालय में उपलब्ध है आवश्यक संसाधनसमिति ने यह भी उल्लेख किया कि महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के लिए एक अलग भवन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार ने हाल ही में विज्ञान विषयों में नए प्राध्यापकों की नियुक्तियां भी की हैं। अतः आवश्यक आधारभूत संरचना और शैक्षणिक संसाधन पहले से ही उपलब्ध हैं, जिससे इन पाठ्यक्रमों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सकता है। सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने की अपीलसमिति के पदाधिकारियों ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और महेंद्रगढ़ जिले के समग्र शैक्षिक विकास को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ में एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी पाठ्यक्रम शीघ्रता से प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की जाए। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विद्यार्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगी।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 10:10 am

12 की छात्रा बनी संयुक्त शिक्षा निदेशक:एक दिन का मिला प्रभार, बोली गर्ल्स स्कूलों में हो पुलिस सुरक्षा

आगरा में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक मेधावी छात्रा को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाया गया। इस दौरान छात्रा ने बालिका शिक्षा से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा और सुधार के सुझाव दिए। मिशन शक्ति अभियान के छठवें चरण में बृहस्पतिवार को श्री गोपीचंद शिवहरे बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा हर्षिता अवस्थी को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। श्रमिक पिता की बेटी हर्षिता ने जिम्मेदारी संभालते ही राजकीय इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। हर्षिता ने खास तौर पर बालिका विद्यालयों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, निर्धन छात्राओं को आर्थिक सहायता देने, फीस कम करने और अनुशासन सख्त करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने ‘यश आई नो’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर मंडलीय वित्त एवं लेखाधिकारी राजेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी बंसल और आनंद वीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 5:40 am

दिव्यांग बच्चों के लिए हर प्रमंडल में खुलेगा सेंटर, इलाज-शिक्षा फ्री

झारखंड में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और मल्टीपल डिसेबिलिटी से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य के सभी प्रमंडलों में विशेष आवासीय सह डे-केयर पुनर्वास केंद्र खोलने की तैयारी है। इसे अप्रैल से शुरू करने की योजना है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इन केंद्रों का संचालन अनुभवी गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य में फिलहाल करीब 1.35 लाख बच्चे विकासात्मक दिव्यांगता से प्रभावित हैं। इनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम और बहु-दिव्यांगता के मामले अधिक हैं। नई व्यवस्था के तहत इन बच्चों को नि:शुल्क इलाज, प्रशिक्षण, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। हर प्रमंडल में एक केंद्र स्थापित होगा। इस पर सालाना करीब 4.5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अभी ऐसी समेकित सुविधाओं की कमी के कारण परिजनों को काफी परेशानी होती है, जिसे यह योजना दूर करेगी। भोजन और आवासीय सुविधा के साथ विशेषज्ञों की टीम भी रहेगीयहां भोजन के साथ 24 घंटे देखभाल की व्यवस्था होगी। टीम में प्रधानाचार्य, विशेष शिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, नर्स, आया और सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। 18 साल के बाद भी एडल्ट होम की सुविधाकेंद्रों में 18 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर चुके दिव्यांगों के लिए भी एडल्ट होम की व्यवस्था होगी। यहां उनके लिए अलग से विशेष चिकित्सीय देखभाल की जाएगी। माता-पिता को भी मिलेगा प्रशिक्षणविशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती वर्षों में दिव्यांगता की पहचान और हस्तक्षेप से इसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। इस योजना के तहत अर्ली इंटरवेंशन पर जोर दिया जाएगा, जिससे बच्चों को समय रहते उपचार मिल सके और वे समावेशी शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। माता-पिता को भी प्राथमिक देखभालकर्ता के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। वह सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है जानिए...किन्हें मिलेगा लाभ:इस योजना के तहत ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी से पीड़ित बच्चों और युवाओं को लाभ मिलेगा। ऐसे बच्चों को विशेष देखभाल, थेरेपी और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए ये केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 4:53 am

डीएवीवी नहीं करवाएगा पीजी एडमिशन की प्रवेश परीक्षा, उच्च शिक्षा विभाग ने विक्रम यूनिवर्सिटी को सौंपा जिम्मा

भास्कर संवाददाता| इंदौर कॉलेजों में पीजी में एडमिशन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में कॉमन व्यवस्था लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने अहम फैसला लेते हुए उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी यह परीक्षा नहीं लेगी। पहले डीएवीवी सहित हर यूनिवर्सिटी को अपने स्तर पर यह परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया था। अब इसमें बड़ा बदलाव कर दिया गया है। उज्जैन यूनिवर्सिटी जल्द इसके लिए प्रक्रिया शुरू करेगी। जिन छात्रों को संकाय बदलकर या मेजर-माइनर विषय बदलकर पीजी करना है, उन्हें यह परीक्षा देना होगी। जल्द ही आवेदन की तारीखें घोषित होंगी। परीक्षा अप्रैल में संभव है। दरअसल, (2026-27) से व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। पहली बार कॉलेजों में पात्रता परीक्षा के जरिये प्रवेश होंगे। ऐसे छात्र (थर्ड ईयर पासआउट) जो संकाय बदलकर किसी दूसरे संकाय में पीजी करना चाहते हैं, उन्हें यह यूनिवर्सिटी एलिजिबिलिटी टेस्ट देना होगा। जैसे बीकॉम व बीएससी के छात्र को किसी भी स्पेशलाइजेशन में एमए करना है तो उन्हें यह पात्रता परीक्षा देना होगी। बीए के भी उन छात्रों को पात्रता परीक्षा देना होगी, जो मेजर या माइनर सब्जेक्ट से हटकर किसी अन्य विषय में पीजी करना चाहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ जो छात्र संबंधित विषय में सीयूईटी पीजी में क्वालिफाई होंगे, उन्हें भी कॉलेजों में पीजी में प्रवेश मिल जाएगा। डीएवीवी से जुड़े कॉलेजों में एमए में 28 स्पेशलाइजेशन हैं। एमएससी में भी 22 हैं। अब छात्र इन्हें अपनी मर्जी से नहीं चुन सकेंगे। एमए में हिस्ट्री, हिंदी, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, सोशल साइंस, सोशियोलॉजी, जियोग्राफी सहित स्पेशलाइजेशन हैं। वहीं एमएससी के स्पेशलाइजेशन में माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस, बॉटनी, मैथ्स सहित अन्य स्पेशलाइजेशन हैं। प्रवेश परीक्षा में पास होने के बाद छात्र पात्र माने जाएंगे, लेकिन एडमिशन उन्हें अॉनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के तहत ही मिलेगा। यानी ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन व चॉइस फिलिंग व मेरिट के आधार पर कॉलेज अलॉट होगा। कॉलेजों में एडमिशन के लिए दस्तावेज सत्यापन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया वैसी ही रहेगी। प्रोफेसर डॉ. सरिता राणा कहती हैं, छात्रों को प्रवेश परीक्षा की तैयारी अभी से करना चाहिए। पूरे प्रदेश के लिए एक जैसी एग्जाम होने से छात्रों की चुनौती बढ़ गई है। ग्रेजुएशन का सिलेबस ही पूछा जाएगा तो आसानी रहेगी।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 4:00 am

एमपी हलचल: कोटि सूर्य उपासना में शामिल हुए सीएम:कांग्रेस का आरोप: शिक्षा विभाग ने 39 हजार का कम्प्यूटर 1.39 लाख में खरीदा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में 'ब्रह्म ध्वज' की स्थापना कर नव संवत्सर 2083 की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने 2 हजार साल पहले जिस लोकतांत्रिक सुशासन और कर्जमुक्त समाज की नींव रखी थी, प्रदेश सरकार उसी मार्ग पर आगे बढ़ रही है। कोटि सूर्य उपासना और 'विक्रमोत्सव-2026' के तहत सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन हुआ। सीएम ने वैदिक घड़ी और शोधपीठ की स्थापना को सांस्कृतिक पुनरुत्थान का हिस्सा बताया। पं. कुंजीलाल दुबे की 130वीं जयंती पर श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष स्व. पं. कुंजीलाल दुबे को पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा में हिंदी भाषा को प्रतिष्ठित स्थान दिलाने और संसदीय परंपराओं को समृद्ध करने में उनका योगदान अतुलनीय है। नरसिंहपुर में जन्मे पं. दुबे लगातार तीन बार (1956-1967) विधानसभा अध्यक्ष रहे। शिक्षा और कानून के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें पद्मभूषण और डी-लिट जैसी उपाधियों से सम्मानित किया गया था। कांग्रेस का आरोप- 39 हजार का कंप्यूटर 1.39 लाख में खरीदा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षा विभाग के टेंडर में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। नायक के अनुसार, 2023 और 2025 के टेंडरों में 40 करोड़ की राशि बढ़ाकर 90 करोड़ कर दी गई और किसी खास वेंडर को लाभ पहुंचाने के लिए 'भोपाल में ऑफिस' जैसी अजीब शर्तें थोपी गईं। मुकेश नायक ने कहा- रेट लिस्ट का अंतर: कांग्रेस ने दावा किया कि 1800 का यूपीएस 9000 में और 25 हजार का प्रिंटर 1 लाख रुपए में खरीदा गया। इस शर्त के कारण अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रक्रिया से बाहर हो गईं और बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दाम पर खरीदारी की गई।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 7:14 pm

IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली लीडरशिप सोच:AI- रोबोटिक्स और शिक्षा में नवाचार की प्रेरणा

जब शिक्षा में नई तकनीक और दूरदर्शी नेतृत्व जुड़ता है, तब एक स्कूल पूरे क्षेत्र के लिए बदलाव का केंद्र बन सकता है। पोल स्टार द स्कूल, डीडवाना के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज सैनी इसी सोच के साथ शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2005 में स्थापित यह स्कूल अपने क्षेत्र का पहला इंग्लिश मीडियम सीबीएसई संस्थान है, जो छात्रों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है। IIM इंदौर में आयोजित उद्यम संवाद लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के बाद उन्हें शिक्षा प्रबंधन और नेतृत्व के नए आयाम समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम से मिली सीख को वे अपने संस्थान में लागू कर स्कूल की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल लर्निंग शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेंगे। इसलिए वे इन तकनीकों को अपने स्कूल में लाकर क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 6:54 pm

एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी ने नए स्कूल का उद्घाटन किया:बहराइच के रामगांव में बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा

बहराइच के रामगांव में नवनिर्मित एवीएम ग्लोबल स्कूल का उद्घाटन किया गया। भारतीय जनता पार्टी की एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी और 'नारियल मैन' के नाम से प्रसिद्ध धर्मेंद्र राजभर ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक गिरजा शंकर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की उन्नति का आधार है और यह नया स्कूल बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। धर्मेंद्र राजभर ने भी बच्चों को खेल और साहस के प्रति प्रोत्साहित किया। समारोह का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गीत, लोक नृत्य और देशभक्ति कार्यक्रमों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय के आधुनिक परिवेश और उसके प्रबंधन की सराहना की। अंत में, विद्यालय के प्रबंधक गिरिजा शंकर शुक्ला ने सभी अतिथियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 1:22 pm

यूपी पर कनाडा की नजर: रक्षा, ऊर्जा और शिक्षा में रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश हब बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए कनाडा ने राज्य के साथ रक्षा, ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई है

देशबन्धु 19 Mar 2026 8:04 am

शिक्षा के बारे में माता-पिता को शिक्षित करना' विषय पर कार्यक्रम आयोजित

भास्कर न्यूज | जालंधर सीबीएसई द्वारा कपूरथला रोड स्थित सेठ हुकम चंद एसडी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा के बारे में माता-पिता को शिक्षित करना' विषय पर कार्यक्रम करवाया गया। इसका मुख्य फोकस स्कूल और अभिभावकों के बीच एक प्रभावी साझेदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर आईटी नेक्स्ट जेन ग्रुप ऑफ स्कूल के मैनेजमेंट कोऑर्डिनेटर सतपाल और एमजीएन पब्लिक स्कूल, आदर्श नगर के हेड मिस्ट्रेस संगीता भाटिया उपस्थित रहे। स्कूल प्रिंसिपल प्रियंका शर्मा ने उन्हें पौधे भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चे की शिक्षा में स्कूल और माता-पिता की साझा जिम्मेदारी पर विशेष प्रकाश डाला गया। इस दौरान नवीन शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और नई शिक्षा नीति, एसडीजी 4 तथा भारतीय मूल्यांकन प्रणाली में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। इस पहल का लक्ष्य बच्चों का न केवल शैक्षणिक विकास करना है, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक, रचनात्मक और आध्यात्मिक पहलुओं का एक साथ संतुलित विकास सुनिश्चित करना भी है।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 5:13 am

बच्चों को शिक्षा की अहमियत समझाई

भास्कर न्यूज | जालंधर स्टेट पब्लिक स्कूल में किंडरगार्टन के छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को स्कूल के वातावरण, पाठ्यक्रम, पढ़ाने के तरीकों और बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी गतिविधियों की पूरी जानकारी देना था। कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा शबद गायन से हुई, जिसके बाद प्रिंसिपल सवीना बहल ने प्रारंभिक शिक्षा की अहमियत और खेल-आधारित व रचनात्मक शिक्षण पद्धति के बारे में बताया। शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की दैनिक दिनचर्या, सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल के साथ संवाद करने के माध्यमों के बारे में विस्तार से समझाया । साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि वे घर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में कैसे मदद कर सकते हैं ।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 5:11 am

ओबीसी कल्याण का अलग से दफ्तर शिक्षा योजनाओं पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए अलग से संचालनालय गठन, नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं विकास संबंधित अनेक विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह है। सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है। शिक्षा पर फोकस बढ़ाते हुए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान ऑनलाइन सीधे विद्यार्थियों के खातों में किया जा रहा है। इसके लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, जिससे वे इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। सरकार ने छात्रावास सुविधा बढ़ाने पर भी जोर दिया है। वर्तमान में 55 छात्रावास संचालित हैं, जबकि नए बजट में छह जिलों में नए पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत ऐसे छात्रों को भी आर्थिक मदद मिलेगी, जिन्हें छात्रावास में जगह नहीं मिल पाती। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 4:00 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

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मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

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मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm