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जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल का समर्थन:बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

बक्सर में आइसा, इनौस और आरवाईए के बैनर तले छात्र-युवाओं ने शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, पेपर लीक की घटनाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध मार्च अंबेडकर चौक से ज्योति चौक तक निकाला गया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने किया, जबकि आरवाईए के जिला संयोजक राजदेव सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लें कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डुमरांव के पूर्व विधायक और इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा रहे। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 दिनों से जारी भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट, यूजीसी-नेट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और NTA की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा नेताओं ने कहा कि शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा है, जिससे गरीब, दलित, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार संबंधी परीक्षाओं में नियमों में बार-बार बदलाव कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐपवा नेता संध्या पाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फंड में कटौती, छात्रावासों की बदहाल स्थिति और लगातार हो रहे पेपर लीक को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। प्रदर्शन और सभा में आरवाईए के राज्य नेता बीरन यादव, जिला नेता रवि मौर्या, रविशंकर राम, बलीराम पासवान, कृष्णा यादव, दीपू कुमार, सर्वेश पांडेय, बब्लू कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 8:52 pm

KGMU कुलपति को लेकर विधायक रागिनी ने लिखा लेटर:राष्ट्रपति-पीएम भेजा, कहा- एससी-एसटी या OBC वर्ग के शिक्षाविद् को मौका मिले

जौनपुर के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के अगले कुलपति की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने कुलपति पद पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य और अनुभवी शिक्षाविद की नियुक्ति किए जाने की मांग की है। 10 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में डॉ. सोनकर ने कहा कि वर्तमान कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त हो रहा है और नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप नियुक्ति की जानी चाहिए। पत्र लिखकर दिए ये तर्क पत्र में उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में आरक्षित वर्ग के 108 शिक्षकीय पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 78 पदों को नॉट फाउंड सूटेबल बताकर रिक्त छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्य परिषद से स्वीकृत लगभग 100 शिक्षकीय पदों का अब तक विज्ञापन नहीं किया गया और कई अवसरों पर संविदा के माध्यम से नियुक्तियां की गईं। इसलिए की मांग डॉ. रागिनी सोनकर ने पत्र में कहा कि KGMU के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में अब तक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसी शिक्षाविद को कुलपति बनने का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने इसे केवल प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक भागीदारी का विषय बताया। विधायक ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि KGMU के अगले कुलपति के चयन में सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और समावेशी प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य, अनुभवी और उत्कृष्ट शिक्षाविद को कुलपति नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:11 pm

वल्लभनगर में शिक्षक संघ ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया:सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और तबादलों की मांग उठाई, बोले- राहत दी जाए

वल्लभनगर में राजस्थान पंचायतीराज और माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेश के राजकीय स्कूलों के सुदृढ़ीकरण और टीचर्स की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया है। टीचर्स ने बताया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श स्कूल की संकल्पना को पूरा करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। बोले- 48 हजार से अधिक पद खाली ज्ञापन में तृतीय श्रेणी टीचर्स के तबादलों को लेकर प्रमुख मांग उठाई गई है, जो सत्र 2018 के बाद से नहीं हुए हैं। संगठन ने इनके शीघ्र ट्रांसफर और टीएसपी से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में टीचर्स के समायोजन की मांग की। पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी टीचर्स की वरिष्ठ टीचर पद पर पदोन्नति नहीं हुई है, जिससे प्रदेश में 48 हजार से अधिक पद खाली हैं। एडिशनल विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में सरकार से प्रभावी पैरवी कर डीपीसी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह भी किया गया है। शिक्षकों ने वित्त विभाग ने 2 जून को जारी सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है। इससे तृतीय श्रेणी टीचर्स को उच्च पद पर जाने पर आरएसआर नियम 24 और 26 के तहत 100 प्रतिशत वेतन संरक्षण का लाभ मिल सकेगा। साल 2010 से पूर्व नियुक्त तृतीय श्रेणी टीचर्स के लिए रीट उत्तीर्ण करने की बाध्यता को हटाने की भी मांग की गई है, ताकि उन्हें सेवा अनुभव के मूल्यांकन, विशेष प्रशिक्षण और अतिरिक्त अवसर देकर व्यावहारिक राहत मिल सके। झालावाड़ के पिपलोद में हुई घटना के बाद जमींदोज किए गए जर्जर कक्षा-कक्षों, शौचालयों और रसोईघरों के पुनर्निर्माण के लिए जल्द से जल्द बजट जारी करने की मांग की गई है, ताकि बाधित हो रहा शैक्षणिक कार्य सुचारू हो सके। कर्मचारियों और शिक्षकों के पेंशन प्रकरण, सरेंडर लीव, जीपीएफ और राज्य बीमा राशि के भुगतान पर लगी अघोषित आर्थिक नाकेबंदी को खत्म कर तुरंत भुगतान व्यवस्था शुरू करने की भी अपील की गई है। संघ ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साल 2015 में बनी स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था को लागू करने की मांग की। इसके तहत नवक्रमोन्नत और अतिरिक्त संकाय वाले सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। संगठन ने आशा व्यक्त की है की छात्र हित और टीचर हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द ही उचित निर्णय लेगी। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री तुलसीराम सुथार, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल लक्षकार, जिला उपाध्यक्ष पुष्कर लोहार, संघर्ष समिति प्रभारी दशरथ सिंह, नरेंद्र अवाना, उदय सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:09 pm

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को बीसीआई से विधि उपाधि मान्यता मिली:देवीपाटन मंडल में विधि शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से विधि उपाधि प्रदान करने की मान्यता मिल गई है। इस संबंध में शासनादेश 3 जुलाई को जारी हुआ था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन को शुक्रवार को प्राप्त हुआ। बीसीआई की विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय के निरीक्षण और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद यह स्वीकृति दी है। यह मान्यता अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 7(1)(i) और विधि शिक्षा नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत प्रदान की गई है। बीसीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय को निर्धारित मानकों और शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, छह माह के भीतर आवश्यक शपथपत्र और अन्य अभिलेख परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय विधि शिक्षा के क्षेत्र में नियमित रूप से पाठ्यक्रम संचालित कर सकेगा। कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने देवीपाटन मंडल के सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली यह मान्यता मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे बलरामपुर सहित देवीपाटन मंडल और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:34 pm

रोहतक में पूर्वमंत्री ने सरपंच को सुनाई खरी-खोटी:मंच से बोले ग्रोवर, कार्यक्रम में बुलाकर शिक्षामंत्री का किया अपमान, मंत्री रहे सावधान

रोहतक के गांव काहनौर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मंच से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरपंच निशा देवी व उसके पति नवीन को खूब खरी खोटी सुनाई। मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि सरपंच जो दिल से पार्टी के साथ नहीं, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि काहनौर गांव में 9 हजार लोग हैं और 6500 वोट है। दो दिन पहले ही सरपंच की तरफ से कार्यक्रम दिया गया, लेकिन आज कार्यक्रम में सरपंच का एक आदमी भी नहीं आया। सरपंच ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को बुलाकर उनका अपमान किया है। सरपंच केवल पैसा लेने के लिए आते है, ऐसे सरपंचों को पहचाने। पैसा लेने के लिए भाजपा, दिल से कांग्रेसीपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरपंच बेचारे से होकर नहीं आते। हमें पहचानना होगा कि किस सरपंच को किस मंत्री के पास लेकर जाना है। सरपंच जो दिल से भाजपा पार्टी के साथ नहीं है, उसके साथ वैसा व्यवहार करें। यह नहीं कि सिर्फ पैसे लेकर चले जाएं और दिल किसी ओर के पास हो। पैसे लेने के लिए भाजपा और दिल से कांग्रेसी बने रहे। भाजपा की विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति भविष्य में बनेगा सरपंचपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि आने वाले समय में सरपंच भाजपा का बनेगा। जो भाजपा पार्टी की विचारधारा से दिल से जुड़ेगा, सरकार भी दिल खोलकर पैसा देगी। यह नहीं चलेगा कि किसी मंत्री से रिबन कटवाकर बाद में पैसे ले ले और गुणगान दूसरी पार्टी का करे। जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका भी ऐसे लोगों से सावधान रहे। कांग्रेस से जुड़े होने का लगाया आरोपपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने गांव की सरपंच निशा देवी व उनके पति नवीन का कांग्रेस से जुड़ाव बताया। नवीन के पिता भूप सिंह कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। ऐसे में शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा का कार्यक्रम तो ले लिया, लोगों को कार्यक्रम में नहीं लेकर आए, जिससे मंत्री का भी अपमान किया है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:32 pm

मनोरमा यादव ने कोटपूतली-बहरोड़ में कार्यभार संभाला:स्काउट-गाइड संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी का स्वागत किया

कोटपूतली जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, कोटपूतली-बहरोड़ के पद पर मनोरमा यादव ने कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। स्थानीय संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंटकर मनोरमा यादव को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जिले में शिक्षा के साथ-साथ स्काउट-गाइड गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। पदाधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर मनोरमा यादव का अभिनंदन किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रशासन और स्काउट-गाइड जैसी संस्कारमूलक गतिविधियों के बेहतर समन्वय से छात्रों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिल सकती है। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि मनोरमा यादव के नेतृत्व में जिले में शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार और छात्र हित से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली के सहायक जिला कमिश्नर प्रशिक्षण हंसराज यादव, सचिव रामवीर यादव, सहायक सचिव प्रशिक्षण कमलेश कुम्हार, संदीप कुमार जांगिड़ और अतुल कुमार मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों में सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 3:55 pm

अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र:इच्छा मृत्यु मांगी, रोते हुए शिक्षक बोले- संविलियन नहीं तो मौत ही सही; आंदोलन के 9वें दिन भी कैबिनेट से नहीं हुआ फैसला

छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं। गुरुवार को आंदोलन के नौवें दिन कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई घोषणा नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके विरोध में आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की। इस दौरान कई शिक्षकों ने रोते हुए तहसीलदार से अपनी पीड़ा बयान की और कहा कि संविलियन नहीं दे सकते तो हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति ही दे दीजिए। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हैं। गुरुवार को रैली की शक्ल में सभी आंदोलनकारी शिक्षक कलेक्टोरेट पहुंचे और वहां पर तहसीलदार के सामने अपनी पूरी बात रखी। धरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 साल से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा मिली है और न ही सम्मानजनक वेतन। खून से लिखा पत्र, कहा- वादा पूरा नहीं कर सकते तो मरने की अनुमति दोआंदोलन के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर सरकार वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती और उनकी मेहनत का सम्मान नहीं कर सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए। शिक्षकों ने साफ किया कि यह किसी तरह की धमकी नहीं है, बल्कि उनकी मजबूरी और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की पीड़ा है। अतिथि शिक्षक बोले- शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिस बाहर निकालाइधर अतिथि शिक्षक विद्यामितान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज यादव ने कहा कि वे स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने गए थे। मुलाकात भी हुई। हमने पहल किया था कि 8 तारीख के कैबिनेट के लिए कि हमारे लिए कुछ पॉजिटिव आ जाए तो हम हड़ताल समाप्त कर देंगे। लेकिन शिक्षा मंत्री के द्वारा हमसे अच्छे से बात भी नहीं किया गया। उल्टा हमे उन्होंने अपने ऑफिस से बाहर भी निकाल दिया। हमें अधिकारा नहीं मिल रहे हैं, इसलिए हम दुर्ग में आकर अपनी मांग को रख रहे हैं। चुनाव के दौरान संविलियन का किया था वादाशिक्षकों ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने कई बार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिया था। चुनाव के दौरान भी संविलियन और समायोजन का वादा किया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस दिशा में कोई बड़ा फैसला होगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से हजारों अतिथि शिक्षकों की उम्मीद टूट गई। नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं कामधरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि वे नियमित शिक्षकों की तरह स्कूलों में पढ़ाने का काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें दूसरे शिक्षकों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है। इससे उनके परिवार आर्थिक तंगी, सामाजिक परेशानियों और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समान काम करने के बावजूद वेतन और सेवा शर्तों में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य अतिथि शिक्षकों का संविलियन या समायोजन किया जाए। साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जल्द फैसला लिया जाए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 10:41 am

खरगोन में बदहाल सड़क से शिक्षा प्रभावित:छात्राएं पैदल स्कूल जाने को मजबूर, 25 साल से सड़क का इंतजार

खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा के कुम्हारखेड़ा से कुकडोल तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है। बदहाल सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। 35 से अधिक विद्यार्थी रोज इसी मार्ग से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन कीचड़ और गड्ढों के कारण छात्राओं को सरकारी साइकिल होने के बावजूद पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग पिछले 25 वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। 35 से ज्यादा विद्यार्थी रोज झेल रहे परेशानी कुम्हारखेड़ा से कुकडोल स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए 35 से अधिक विद्यार्थियों को रोज इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है और पूरा रास्ता कीचड़ से ढका हुआ है। ऐसे में बच्चों के कपड़े और जूते रोज खराब हो जाते हैं। सरकारी साइकिल बेकार छात्राएं पैदल जाने को मजबूर कक्षा 11वीं की छात्राओं राजनंदिनी, खुशी, साक्षी, वैशाली, वंतराज और तरुण ने बताया कि रास्ता इतना खराब है कि साइकिल चलाना संभव नहीं है। मजबूरी में उन्हें रोज पैदल स्कूल जाना पड़ता है और समय पर पहुंचने के लिए एक घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्राओं वंशिका, खुशी और रानी ने बताया कि कई जगह घुटनों तक कीचड़ होने के कारण उन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर चलना पड़ता है। सरकार से मिली निशुल्क साइकिलें घर पर ही खड़ी रहती हैं। ग्रामीण बोले 25 साल से कर रहे मांग कुम्हारखेड़ा के पूर्व सैनिक कैप्टन सुरेश चौहान सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पिछले 25 वर्षों में जिला प्रशासन, विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक सैकड़ों आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन सड़क आज भी बदहाल है। कुकडोल और भसनेर के जनप्रतिनिधियों ने भी बताया कि कई बार लिखित मांग की गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। किसानों को भी हो रही भारी परेशानी खराब सड़क का असर केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं बल्कि किसानों पर भी पड़ रहा है। खेतों से उपज मंडी तक पहुंचाने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ग्राम पंचायतें समय-समय पर गड्ढों में मुरूम और पत्थर डलवाकर अस्थायी मरम्मत कराती हैं, लेकिन बारिश में सड़क फिर खराब हो जाती है। विधायक ने जल्द समाधान का दिया भरोसा भगवानपुरा विधायक केदारसिंह डाबर ने कहा कि किसानों और विद्यार्थियों की समस्या गंभीर है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 9:17 am

हरियाणा के शिक्षामंत्री ढांडा का JJP जुबानी हमला:बोले- BJP एक यूनिवर्सिटी है, जजपा ने यहीं सरकार चलाना सीखा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रदेश के विकास और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ पानी के मुद्दे पर इनेलो और गठबंधन को लेकर जेजेपी (JJP) नेता अजय चौटाला के बयान पर तीखा पलटवार किया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही हरियाणा के दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पल न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गौरवशाली होगा, क्योंकि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षामंत्री की दो अहम बातें… जेजेपी नेता अजय चौटाला के बयान पर पलटवार- BJP एक विश्वविद्यालय है जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता अजय चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन करने को एक गलती बताने वाले बयान पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करना कोई गलती नहीं थी, बल्कि जेजेपी ने बीजेपी के साथ रहकर ही शासन चलाने और जनता की सेवा करने का सलीका सीखा है। भारतीय जनता पार्टी एक 'विश्वविद्यालय' की तरह है, जहां जो भी आता है, वह बहुत कुछ सीखकर ही जाता है। जेजेपी ने भी भाजपा के साथ सरकार में रहकर प्रशासन, संगठन और विकास की राजनीति का वास्तविक अनुभव हासिल किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी हमेशा अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता पाना नहीं बल्कि निस्वार्थ जनसेवा और प्रदेश का समान विकास करना है। शिक्षा मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की अनर्गल राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर केवल जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 7:24 am

ई-विद्या वाहिनी व एफएलएन पर आधारित प्रशिक्षण संपन्न, शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने पर दिया जोर

भास्कर न्यूज|​गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला के तत्वावधान में डायट परिसर में आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से ई-विद्या वाहिनी आधारित अनुश्रवण प्रणाली और आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान के प्रभावी मूल्यांकन पर केंद्रित था। 06 जुलाई से 09 जुलाई तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड साधन सेवियों और संकुल साधन सेवियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ​प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ज्योति खलखो ने संयुक्त रूप से किया। संबोधन में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में शिक्षा के डिजिटलीकरण और डेटा-आधारित निर्णयों का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने प्रतिभागियों को ई-विद्या वाहिनी के माध्यम से विद्यालयों में नियमित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ​प्रशिक्षण के दौरान डायट के संकाय सदस्य कुमार सुंदरम भारद्वाज और डॉ. रंजना सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर प्रकाश डाला। ​प्रशिक्षण का संचालन व तकनीकी मार्गदर्शन मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार और अनिमा रानी टोप्पो ने किया। इस दौरान ई-विद्या वाहिनी ऐप और पोर्टल के प्रभावी उपयोग के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य स्तरीय टीम से प्रियंका कुमारी और जिला टीम के सत्यजीत मंडल ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। सत्र के दौरान एफएलएन मूल्यांकन के तरीकों, सीखने के परिणामों का विश्लेषण और अनुश्रवण के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि कैसे मूल्यांकन के आंकड़ों का उपयोग करके विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक जीवंत और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकता है। ​इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के बीआरपी और सीआरपी में शैक्षणिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल अनुश्रवण प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा मुफ्त, किताब-यूनिफॉर्म की आड़ में वसूली

भास्कर न्यूज| झलप शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा देने का सरकारी दावा झलप में दम तोड़ता दिख रहा है। क्षेत्र के कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल (छिदौली) और सेंट थॉमस मिशन स्कूल (झलप) पर आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के पालकों से कॉपी, किताब और गणवेश के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। विडंबना यह है कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट दराजों में कैद है और पालकों का आर्थिक शोषण जारी है। जानकारी के अनुसार, सेंट थॉमस स्कूल में 69 और कार्मेल स्कूल में 133 सीटें आरटीई के अंतर्गत हैं। पालकों का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा प्रति बच्चा करीब 2,400 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। जो किताबें सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं, स्कूल प्रबंधन उन्हीं पाठ्यक्रमों की किताबें निजी दुकानों से 600 रुपये तक में खरीदने का दबाव बना रहा है। मजदूरी कर परिवार पालने वाले अभिभावकों के लिए यह खर्च उनके महीने भर के राशन के बराबर है। आरोपों के घेरे में आए दोनों स्कूलों के प्रिंसिपलों ने अपना बचाव करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कार्मेल स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि वे किसी से शुल्क नहीं ले रहे, जबकि सेंट थॉमस प्रबंधन का दावा है कि वे किसी पर दबाव नहीं बनाते। इस मामले में प्रशासनिक निष्क्रियता का आलम यह है कि शिकायतें सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस का खेल चल रहा है। महासमुंद बीईओ भोपाल सिंह बंजारा ने स्वीकार किया कि 3 जुलाई को जांच में शिकायत सही पाई गई थी और स्कूल प्रबंधन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। प्रबंधन के दावों और पालकों के पास मौजूद रसीदों के बीच का विरोधाभास सीधे तौर पर बड़ी धांधली की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह है कि यदि शिकायत सही साबित हो चुकी है, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या यह रसूखदारों का संरक्षण है या शिक्षा विभाग की मिलीभगत? अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन स्कूलों पर नकेल कसता है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों के मानदेय भुगतान की मांग

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से संचालित स्वच्छ परियोजना के तहत कार्यरत मां बाड़ी के शिक्षा सहयोगियों को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। शिक्षा सहयोगियों ने जनजाति मंत्री से हस्तक्षेप कर बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने, तत्काल राहत दिलाने की मांग की है। साथ ही, लंबे समय से उठ रही मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों के लिए स्पष्ट कैडर निर्धारित किया जाए, ताकि नियुक्ति, दायित्व और भुगतान व्यवस्था पारदर्शी बने।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

'बिहार में विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे हैं':भास्कर एजुकेशन कॉन्क्लेव सीजन-2 में पहुंचे अशोक चौधरी, कहा- शिक्षा समाज की भी जवाबदेही

पटना में गुरुवार को एक ही मंच पर जाने माने एजुकेशनिस्ट और पॉलिसिमेकर्स जुटे। दरअसल, दैनिक भास्कर की ओर से एजुकेशन कॉन्क्लेव सीजन -2 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्लासरूम टू कैरियर, भविष्य के शिक्षा रोडमैप, स्टूडेंट मेंटल हेल्थ और स्ट्रेस मैनेजमेंट, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श हुआ। शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे बिहार सरकार के मंत्री प्रो. अशोक चौधरी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही है। इसमें जितने लोग पार्टिसिपेट कर पाए उतना बेहतर है। दैनिक भास्कर ने इस सेंसटाइज मुद्दे को सबके सामने रखने की एक पहल की है, जो की बहुत ही सराहनीय है। बिहार में एजुकेशन की क्वालिटी भी बढ़ रही है। देखें आयोजन की कुछ तस्वीरें… हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे उन्होंने आगे कहा, बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में नीतीश कुमार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे हैं। नालंदा यूनिवर्सिटी में 2 साल पहले करीब 30-40 बच्चे पढ़ रहे थे। अब तो उनकी संख्या भी बढ़ी है। अब हमें विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को बनाना है। प्रधानमंत्री ने विक्रमशिला के लिए एक्स्ट्रा बजट की बात की है और जल्द ही हम इस पर काम शुरू करेंगे। हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसके लिए काफी प्रयत्नशील है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई यह काॅन्कलेव शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं के लिए चर्चा का एक सशक्त मंच साबित हुआ। पटना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो अजय कुमार सिंह, मशहूर एजुकेशनिस्ट केसी सिन्हा, NIFT पटना के डायरेक्टर राहुल शर्मा, CIMP के डायरेक्टर प्रो राणा सिंह, शिक्षा विभाग हायर एजुकेशन के डायरेक्टर प्रो एन के अग्रवाल सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। यह काॅन्कलेव बिहार की शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक पहल है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 10:43 pm

कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

राज किसान साथी पोर्टल पर होंगे ऑनलाइन आवेदन अजमेर। कृषि विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत कृषि शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। पात्र छात्राएं राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से आगामी 31 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकती हैं। कृषि विभाग […] The post कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 9 Jul 2026 9:15 pm

अतिथि शिक्षकों ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन:नए शिक्षा सत्र में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, बोले- इससे हमारे भविष्य पर संकट

मऊगंज में अतिथि शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश के आयुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे कलेक्टर कार्यालय मऊगंज पहुंचकर एसडीएम रश्मि चतुर्वेदी के माध्यम से दिया गया। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति, जिला मऊगंज ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान आ रही समस्याओं और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रभावित होने की बात कही है। समिति ने ज्ञापन में बताया कि प्रदेश के अतिथि शिक्षक पिछले 17 से 18 वर्षों से स्कूल शिक्षा विभाग में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों ने लगातार बेहतर परीक्षा परिणाम भी दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। समिति का कहना है कि नियमित शिक्षकों के स्थानांतरण, अतिशेष शिक्षकों के समायोजन, नई भर्ती, पदोन्नति और नई पद संरचना लागू होने के कारण कई विद्यालयों में रिक्त पद समाप्त हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, सत्र 2025-26 में कार्यरत अनेक अतिथि शिक्षकों की पुनः जॉइनिंग नहीं हो सकी है। अतिथि शिक्षकों ने मांग की है कि उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों को दी जाने वाली व्यवस्था की तर्ज पर बाहर हुए शिक्षकों को शाला चयन में प्रथम वरीयता दी जाए। इसके लिए उनके लिए अलग से काउंसलिंग आयोजित की जाए। इसके अतिरिक्त, समिति ने अवकाश व्यवस्था लागू होने तक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की है। उन्होंने कम उपस्थिति के आधार पर बाहर हुए शिक्षकों की पुनः जॉइनिंग कराने और अतिथि शिक्षकों के लिए नियमित अवकाश व्यवस्था लागू करने की भी अपील की है। समिति ने अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आग्रह किया है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 6:52 pm

NEET पेपर लीक को लेकर अररिया में छात्रों का धरना-प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, भूख हड़ताल भी जारी

अररिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने एक दिवसीय धरना और सामूहिक भूख हड़ताल की। यह प्रदर्शन समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुबह बस स्टैंड से एक रैली शुरू हुई, जो चांदनी चौक होते हुए समाहरणालय पहुंची। यहां रैली एक सभा में बदल गई, जिसके बाद छात्र धरना स्थल पर बैठकर भूख हड़ताल पर चले गए। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौजवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल और धरने के प्रति एकजुटता व्यक्त की। पेपर लीक के बाद 22 छात्रों ने आत्महत्या की सभा को संबोधित करते हुए अररिया कॉलेज के छात्र सुनील कुमार पासवान ने कहा कि नौजवान कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सिस्टम में घोटाले हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट लीक के बाद अब तक 22 छात्रों ने आत्महत्या की है। पासवान ने सरकार से जवाबदेही तय करने और व्यवस्था सुधारने की मांग की। जन जागरण शक्ति संगठन के सचिव आशीष रंजन ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन की गूंज पूरे देश में है। उन्होंने कहा, 'आज हम अररिया से उनकी आवाज में अपनी आवाज जोड़ रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा, अन्यथा यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा।' उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में अररिया से भी एक बड़ा जत्था शामिल होगा। घोटाले में शामिल दोषियों पर कार्रवाई की मांग सभा में रंजीत पासवान, अभिषेक, सब्यसाची, मुनाजिर, मांडवी, कन्हैया, लक्ष्मी, ज्योति, पवन कुमार और नारद मुर्मू सहित कई छात्र-नौजवानों ने अपने विचार रखे। छात्रों का आरोप है कि नीट घोटाले में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है और दोषी अधिकारियों-नेताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील कुमार, रंजय पासवान, गोपाल, पवन कुमार राम, लक्ष्मी और ज्योति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों पर तुरंत कार्रवाई हो और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। यह धरना-भूख हड़ताल बिहार सहित पूरे देश में छात्र आंदोलन की बढ़ती लहर का हिस्सा है, जिसमें युवा सरकार से जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:06 pm

छत्तीसगढ़ में 5 IAS अधिकारियों का तबादला,GPM को मिला नया-कलेक्टर:विजय दयाराम को मिली जिम्मेदारी; संतोष देवांगन बने स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव

छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले को नया कलेक्टर मिला है। वहीं स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास और जिला पंचायत महासमुंद में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से यह आदेश जारी किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन (IAS-2013) को उनके वर्तमान पद से हटाकर विशेष सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है। जबकि विजय दयाराम के (IAS-2015) को जीपीएम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार-प्रशिक्षण और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। पढ़ें आदेश कॉपी- हेमंत नंदनवार को तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी हेमंत रमेश नंदनवार (IAS-2020) को संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सुमित अग्रवाल बने SUDA के CEO सुमित अग्रवाल (IAS-2021) को छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उनके कार्यभार संभालने के बाद रिमिजियुस एक्का को SUDA के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि वे संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पहले की तरह बने रहेंगे। अनुपमा आनंद को मिली नई जिम्मेदारी अनुपमा आनंद (IAS-2023), जो अभी सरायपाली (महासमुंद) में एसडीएम (राजस्व) हैं, उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत महासमुंद बनाया गया है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 2:48 pm

भाजपा ने शिक्षक शौर्य दिवस पर किया शिक्षकों का सम्मान:लखनऊ में शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधकों का सम्मान, बृजेश पाठक बोले - शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राजधानी के सहकारिता भवन में 'शिक्षक शौर्य दिवस' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक संगठन की ओर से किया गया, जिसमें शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शामिल हुए। उनके साथ भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग मंच पर मौजूद रहे। शिक्षकों के योगदान को किया गया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं गढ़ते, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। शिक्षा और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। समापन पर सभी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। साथ ही 'शिक्षक शौर्य दिवस' के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को समाज में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 12:49 pm

भिवानी में NSUI ने शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का फूंका पुतला:HTET एग्जाम की खामियों को लेकर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

भिवानी शहर के चिड़ियाघर रोड़ पर NSUI ने एचटेट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका और कहा कि एचटेट में खामियां करने के लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। NSUI जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यान ने कहा कि एचटेट पेपर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जो गलतियां की हुई थी। कुछ प्रश्न पत्रों में प्रिंटिंग गलती थी ओर कुछ पश्न गलत थे। उसके विरोध में व एग्जाम देने वाले अभ्यार्थियों के समर्थन में आज विरोध प्रदर्शनक या गया है। विरोध स्वरूप शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका गया है। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं उन्होंने कहा कि जब शंकर धूपड़ शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बने तो कह रहे थे कि शिक्षा बोर्ड का अच्छा वातावरण रखूंगा। कोई भी गलतियां नहीं होगी, जो पहले एचटेट में गलतियां हो चुकी है, वह नहीं होगी। लेकिन उन्होंने आते ही पहली ही एचटेट परीक्षा में खामियां दिखा दी कि वे शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं हैं। शिक्षा मंत्री व सीएम का पुतला फूकेंगे मंजीत लांग्यान ने कहा कि आज केवल शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का पुतला फूंका है, क्योंकि शिक्षा बोर्ड चेयरमैन के अंतर्गत आता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिनके द्वारा पेपर गलत किया गया है, उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अगर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हरियाणा के शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री का भी पुतला फूंका जाएगा।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 12:31 pm

मौत के बाद भी 81 देह बनीं मेडिकल शिक्षा की पाठशाला, देहदानी परिवारों का सम्मान

भास्कर न्यूज | झालावाड़ चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में अमूल्य योगदान देने वाले देहदानी परिवारों का बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में सम्मान किया गया। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजित इस आयोजन में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने देहदान करने वाले परिजनों और देहदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने वाले समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजक और मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि स्वर्गीय गिरधारी मोटवानी (भवानीमंडी), स्वर्गीय राजरानी अदलक्खा (छीपाबड़ौद), डॉ. जेएल लोढ़ा (झालावाड़) और मानव प्रभु के देहदान के लिए उनके परिजनों व संबंधित संस्थाओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. कुलवंत गौड़, कमलेश गुप्ता दलाल, अजय गोयल और नितिन कटारिया को भी देहदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शर्मा, प्रोफेसर डॉ. हेमलता शर्मा सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। इससे मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की जटिल संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने का अवसर मिलता है और बेहतर चिकित्सक तैयार होते हैं। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के देहदान कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एनाटॉमी विभाग में अब तक 129 लोगों ने देहदान का संकल्प पत्र भरकर अपनी सहमति दी है। इनमें से 81 लोगों के निधन के बाद उनकी देह अध्ययन के लिए मेडिकल कॉलेज को मिल चुकी है। कॉलेज सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, जिससे समाज में महादान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

विश्रामपुर में शुरू हुई स्मार्ट शिक्षा व्यवस्था

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विश्रामपुर में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। इस पहल से विद्यालय के छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा अधिक रोचक, प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अस्तित्व फाउंडेशन की संस्थापिका अनुपमा दीवान एवं विद्यालय के प्राचार्य एन.एन. देवांगन ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं छात्रा निशा राजपूत ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर उपस्थितजनों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि अनुपमा दीवान ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल शिक्षा समय की आवश्यकता है। स्मार्ट पैनल के माध्यम से विद्यार्थियों की विषयों में रुचि बढ़ेगी, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा तथा वे आधुनिक तकनीक से जुड़कर भविष्य के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे। विद्यालय के प्राचार्य एन.एन. देवांगन ने कहा कि स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ शिक्षण को सरल, रोचक एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से नई तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं नवाचार को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, एसएमसी सदस्यों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा विभाग:डॉ. लोकेश को एक दिन पहले जेडी का जिम्मा दिया, अब सलूंबर डीईओ बनाया

राज्य सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उदयपुर और नवगठित सलूंबर जिले में सीडीईओ, डीईओ और सीबीईओ स्तर के कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि उदयपुर के डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती को एक दिन पहले ही उदयपुर संभाग का संयुक्त निदेशक (जेडी) नियुक्त किया गया था, लेकिन अब नए आदेश में उन्हें सलूंबर का डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक लगाया गया है। डॉ. भारती के स्थान पर बड़गांव के सीबीईओ दीपक गौड़ को उदयपुर का डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक बनाया गया है। वहीं सिरोही के वीरेंद्र सिंह यादव को उदयपुर का नया मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) नियुक्त किया गया है। जिले में भी कई ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। उदयपुर में इन्हें मिली नई जिम्मेदारी वीरेंद्र सिंह यादव : सीडीईओ, सिरोही से सीडीईओ, उदयपुरदीपक गौड़ : सीबीईओ, बड़गांव से डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, उदयपुरदुर्गेश मेनारिया : सीबीईओ, गिर्वा से डीईओ (मुख्यालय) प्रारंभिक, उदयपुरकिरण कोटिया : सीबीईओ, वल्लभनगर से सीबीईओ, बड़गांव चंद्रशेखर जोशी : डीईओ (मुख्यालय) प्रारंभिक, उदयपुर से सीबीईओ, गिर्वाप्रीति शर्मा : सीबीईओ, जयसमंद (सलूंबर) से सीबीईओ, वल्लभनगरविजय लक्ष्मी सारस्वत : सीबीईओ, कोटड़ा से सीबीईओ, गोगुंदाकुंज बिहारी भारद्वाज : डीईओ कार्यालय (मुख्यालय) प्रारंभिक, बूंदी से एडीपीसी, उदयपुर सलूंबर समेत अन्य जिलों में ये बदलाव डॉ. लोकेश भारती : डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, उदयपुर से डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, सलूंबर नानिहाल सिंह चौहान : एडीपीसी (समसा), उदयपुर से सीबीईओ, जयसमंद (सलूंबर)प्रतिभा गुप्ता : सीडीईओ, उदयपुर से आरएससीईआरटी, उदयपुरप्रेरणा नौसालिया : सीबीईओ, गोगुंदा से सीबीईओ, धरियावदनगेन्द्र कुमार मेहता : सीबीईओ, झल्लारा (सलूंबर) से सीबीईओ, बागीदौरा (बांसवाड़ा)

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा विभाग में 8 हजार से अधिक तबादले, 138 जिला शिक्षा अधिकारियों में से 17 को जयपुर में दी पोस्टिंग

जयपुर | शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर रात बंपर तबादला सूचियां जारी की हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, वरिष्ठ अध्यापक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक सहित विभिन्न पदों पर 8 हजार से अधिक तबादले किए। प्रदेश में 138 जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) के तबादले किए गए, जिनमें से 17 अधिकारियों को जयपुर जिले में पोस्टिंग मिली। इनमें 8 महिला अधिकारी शामिल हैं। डीईओ की नियुक्तियां सीबीईओ, सीमेट, शिक्षा निदेशालय और शिक्षा विभाग मुख्यालय सहित विभिन्न पदों पर की गई हैं। जयपुर जिले में आमेर, जयपुर पूर्व, जयपुर पश्चिम, झोटवाड़ा सिटी, सांभरलेक, तूंगा और आंधी जैसे महत्वपूर्ण ब्लॉकों में सीबीईओ लगाए हैं। साथ ही डीईओ लीगल (प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा), ओएसडी शिक्षा तथा डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां हुई हैं। पिछले एक वर्ष में डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय के पद पर छठे अधिकारी के रूप में गिरिराज कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। गिरिराज कुमारडीईओ प्रारंभिक मुख्यालय जयपुर मंडल में सबसे अधिक तबादले; आठ हजार से अधिक तबादलों में 6,167 स्थानांतरण मंडल के भीतर और 2,145 एक मंडल से दूसरे मंडल में किए गए। सबसे अधिक 918 तबादले जयपुर मंडल में हुए। इसके अलावा पाली में 363, अजमेर में 854, बीकानेर में 515, जोधपुर में 616, भरतपुर में 519, चूरू में 789, उदयपुर में 869 और कोटा में 724 शिक्षक-कर्मचारियों के तबादले किए गए।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

शोभित विश्वविद्यालय ने प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक मानकों की दिशा में बढ़ाया एक परिवर्तनकारी कदम

प्रबंधन शिक्षा में अपने उत्कृष्टता के तीन दशक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वर्षव्यापी समारोहों के अंतर्गत शोभित विश्वविद्यालय के नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ ने 7 जुलाई 2026 को आयोजित एएसीएसबी सदस्यता ऑनबोर्डिंग समारोह के माध्यम से एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की

देशबन्धु 9 Jul 2026 12:54 am

डोटासरा बोले- शेखावाटी में राजनीतिक रंजिश निकालने तबादले किए:यह शिक्षा मंत्री की बेशर्मी, क्षेत्र-विशेष के लोगों को निशाना बनाने का अधिकार किसने दिया?

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में राजनीतिक रंजिश निकालने का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र (चिट्ठी) लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी तीखा निशाना साधा है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा- मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर राजनीतिक दुर्भावना से तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री जी, क्या शेखावाटी की जनता ने इसीलिए भाजपा को वोट दिए थे? भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना और तानाशाही रवैए से सीकर, चूरू और झुंझुनूं में शिक्षकों के जो तबादले किए हैं, वह शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता (बेशर्मी) को दर्शाता है। शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक डोटासरा ने लिखा- शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। शिक्षा विभाग में अब तक अकेले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 400 ट्रांसफर किए जा चुके हैं। ये केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनादेश, जनप्रतिनिधित्व और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र भी है। द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 ट्रांसफर प्रशासनिक (टीए/डीए) आधार पर किए गए हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में कुल 174 में से 147 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो कुल ट्रांसफर का करीब 84.48% है। शिक्षकों को तबादलों के जरिए डराने की रणनीति डोटासरा ने लिखा- इससे पहले व्याख्याता तबादला सूची में मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्‍मणगढ़ से कुल 143 में से 122 ( 85.31%) और प्रधानाचार्य सूची में 81 में से 71 ( 87.65%) ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर किए गए थे। क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के जरिए डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है? सिर्फ शेखावाटी ही नहीं पूरे प्रदेश का यही हाल जहां से कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। एक संभाग,एक विधानसभा क्षेत्र को निशाना बनाना सवालों के घेरे में डोटासरा ने लिखा- लगातार एक ही संभाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को इस प्रकार निशाना बनाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अगर सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कदम उठा रही है, तो ये लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इतिहास गवाह है कि जनता की आवाज़ को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए हैं। मैं अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज़ पहले भी उठाता रहा हूं, और आगे भी पूरी मजबूती से उठाता रहूंगा।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 9:47 pm

उच्च शिक्षा मंत्री बैरवा से मिले ABVP के पदाधिकारी:छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं

जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिनंडल ने उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलकर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा के नेतृत्व में परिषद के सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुताबिक सिलेबस बनाकर उसे लागू करने और मूल्यांकन में प्रभावी समन्वय स्थापित करने, प्रदेशभर में एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, राज्य शिक्षा आयोग के गठन, फीस स्ट्रक्चर, निजी विश्वविद्यालय निगरानी आयोग के गठन करने, अगले सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं। इसके अलावा हॉस्टल्स के जर्जर भवन के निर्माण और मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने कहा- परिषद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक और सकारात्मक समाधान भी कराना है। सरकार उनकी मांगें पूरी करे, जिससे राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विद्यार्थी केंद्रित बन सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेन्द्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग, चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा और जयपुर प्रांत सह मंत्री उमा सैनी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 8:43 pm

शिक्षा मंत्री का ऐलान-शिक्षक ट्रांसफर शेड्यूल जल्द:TRE-4 इसी महीने शुरू, पूरे बिहार में प्राइवेट कोचिंग-स्कूलों को एसओपी भेजी जाएगी

बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने थावे मंदिर में पूजा-अर्चना की, समाहरणालय परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए और भाजपा के जिला सम्मेलन को संबोधित किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक स्थानांतरण, निजी कोचिंग संस्थानों पर सख्त कानून बनाने और भाजपा उम्मीदवार की जीत के दावों सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य में नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत तबादले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग अगले कुछ दिनों में स्थानांतरण का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगीमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। जब तक सभी विद्यालयों में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। शेड्यूल जारी होने के बाद शिक्षक निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करेंगे और नियमों के अनुरूप उनका स्थानांतरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगी और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीमंत्री के अनुसार, 25 जुलाई तक विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लेगा और TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। गोपालगंज दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नई और प्रभावी कोचिंग नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम तय होंगे और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई नीति लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीउन्होंने कहा कि बिहार में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में विभाग ने अध्ययन शुरू कर दिया है और विभिन्न राज्यों की कोचिंग नीतियों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025 में लागू की गई कोचिंग नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उस नीति के बेहतर प्रावधानों को बिहार की जरूरतों के अनुसार शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुझाव और मसौदे तैयार किए हैं, जिन्हें नई नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगाउन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था लागू करना है जिससे छात्रों के हितों की रक्षा हो, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय हो और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आए। इसके लिए सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) लागू किया जाएगा, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। नई नीति में छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई का माहौल, संस्थानों की जवाबदेही और आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगाउन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही उनका संचालन होगा। सरकार की कोशिश है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई कोचिंग नीति लागू कर दी जाए। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार की जमकर सराहना की और कहा कि भाजपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है, जो पिछले करीब 16 वर्षों से युवा मोर्चा से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगामंत्री ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने एक जमीनी कार्यकर्ता पर विश्वास जताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में भी जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था और इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा बड़े बहुमत से जीत हासिल करेगी। निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित अवैध वसूली पर उन्होंने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सभी निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगीशिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अनुचित या अवैध वसूली सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दिशा में पहले से कार्रवाई की जा रही है और अब सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगी। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय तय नियमों का उल्लंघन करता है या अभिभावकों का आर्थिक शोषण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है और किसी भी स्थिति में उनका आर्थिक दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 7:16 pm

सुगौली में राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन:मोतिहारी में छात्रों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी उच्च शिक्षा

मोतिहारी के सुगौली प्रखंड की सुकुल पाकड़ पंचायत में बुधवार को राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुगौली का विधिवत उद्घाटन किया गया। सांसद डॉ. संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कॉलेज का शुभारंभ किया। इस उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है। फिलहाल यह महाविद्यालय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुकुल पाकड़ चिलझपटी के अस्थायी परिसर से संचालित होगा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं फूल-माला देकर स्वागत किया। इस अवसर पर बीडीओ नूतन किरण सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नई शिक्षा नीति के तहत भवनों का निर्माण उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बताया कि सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत जहां स्थायी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां आधुनिक स्कूल भवनों में ही डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सुगौली के धनही शिवालय स्थित ऐतिहासिक परिसर में इस कॉलेज का स्थायी भवन बनाया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है। कॉलेज क्षेत्र की सालों पुरानी मांग थी-विधायक वहीं, विधायक बबलू गुप्ता ने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थायी भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा और कॉलेज को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और संसाधनों की बचत होगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:03 pm

बीआरसी में स्कूली बच्चों से कराई गई किताबों की ढुलाई,VIDEO:कुशीनगर में खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए

कुशीनगर के दुदही ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में स्कूली बच्चों से नई पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वाहन में लोडिंग कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे नई किताबों के बंडल उठाकर वाहन तक ले जाते और उन्हें लोड करते दिखाई दे रहे हैं। जबकि नियमानुसार बीआरसी से परिषदीय विद्यालयों तक पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। इसके बावजूद विद्यालय में पढ़ने आए बच्चों से यह कार्य कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा ग्रहण करने आए बच्चों से इस प्रकार का श्रम कराना न केवल अनुचित है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों का समय पढ़ाई के लिए होना चाहिए, न कि किताबों की ढुलाई जैसे कार्यों में। मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि वह घटना के समय एक बैठक में थीं। उन्होंने कहा कि बीआरसी तक किताबें पहुंचाने और वहां से विद्यालयों तक वितरण कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की गहन जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित फर्म की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:32 pm

देवरिया में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू:शिक्षकों, शिक्षामित्रों को कैशलेस कार्ड और डीबीटी का मिलेगा लाभ

देवरिया में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और शैक्षिक सत्र की डीबीटी योजना का शुभारंभ किया गया। जनपद स्तरीय यह कार्यक्रम देवरिया क्लब में आयोजित हुआ, जिसका सीधा प्रसारण वाराणसी स्थित हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम थीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य सहित शिक्षा विभाग व प्रशासन के कई अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में परिषदीय विद्यालयों के भौतिक संसाधनों, शैक्षणिक गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इसी के साथ शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए डीबीटी योजना का भी शुभारंभ किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना की रूपरेखा और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े सभी पात्र कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की गई।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:32 pm

यूपी में कैशलेस इलाज का लाभ:कानपुर में मंत्री बोले- शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोईयों बीमा और उपचार मिलेगा, देश का पहला राज्य बना

यूपी में शिक्षकों को 1 करोड़ रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। सीएम योगी ने काशी से बुधवार को इसका घोषणा की । कानपुर में भी बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा ने शिक्षकों को मिलने वाले योजना के लाभ से कार्ड वितरित किए। बुधवार सुबह 10 बजे शहर के मर्चेंट चेम्बर हाल में शुरू हुआ। लखनऊ में ऐलान के बाद कानपुर के शिक्षकों 11.45 बजे मंच पर यूपी सरकार में मंत्री राकेश सचान और सांसद रमेश अवस्थी के साथ विधायकों ने कैशलेस उपचार कार्ड दिए । 10 बसिक शिक्षा और 10 माध्यमित शिक्षा के शिक्षकों को कार्ड दिया गया। इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता (एमओयू) किया गया है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कैश लेश उपचार योजना का लाभ यूपी के शिक्षकों को मिल सकेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद है। प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना से लाभ में लाभ पाने वाले साथ ही परिवार को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में जो एक करोड से ज्यादा बच्चे पढ़ने वाले बच्चों के मिड्डे मिल की योजना उसकी राशि आज जारी की गई है। इसके अतिरिक्त योजना में एसबीआई के साथ एक एमओयू किया गया है कि एक्सीडेन्टल बीमा कवर्ड किया गया है। हादसा होने की दशा मे इस योजना के लाभ पाने वाले के परिवार को भी भविष्य में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। 3 पॉइंट में पढ़िए, किसे कितना एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा स्थायी शिक्षक या कर्मचारियों को 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 1 करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। 10 हजार रुपए से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख रुपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख रुपए का इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। 10 हजार रुपए से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा मिलेगा।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 1:38 pm

चंदौली में 20 शिक्षकों को कैशलेस ट्रीटमेंट कार्ड मिले:मंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रतीक भेंट किए, बोले- शिक्षा में आएगा बदलाव

चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात 20 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा के स्मार्ट कार्ड के प्रतीक भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ियों के हितों के लिए कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू की है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आगामी दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू होने के बाद शिक्षक समाज के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, क्योंकि अब उनके स्वास्थ्य की चिंता प्रदेश सरकार कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान परिवेश में बेसिक के अलावा माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में काफी बदलाव देखने को मिला है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली और संसाधन अब आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का परिणाम बताया। एक सवाल के जवाब में मंत्री जायसवाल ने राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी जामा मस्जिद और चर्च की चर्चा नहीं करते, क्योंकि वह 'लूंगी और टोपी वालों' को खुश रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के दौरान कब्रिस्तान की बाउंड्री करा रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, सैयदराजा विधायक प्रतिनिधि सुशील सिंह जनौली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 1:23 pm

आजमगढ़ में बोले सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान:शिक्षा के क्षेत्र में नित नए काम कर रही है सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी में 12 लाख शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आशिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 प्रति विद्यार्थी का अंतरण इसके साथ ही 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा हेतु स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ समझौता किया। इसके तहत यूपी में शिक्षकों को एक करोड रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। इस कार्यक्रम का आजमगढ़ में भी सजीव प्रसारण किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान उपस्थित रहे। जिले के डीएम रविंद्र कुमार और सीडीओ परीक्षित खटाना ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिक्षा के क्षेत्र में नया काम कर रही है सरकार प्रदेश सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैशलेस इलाज के लिए चर्चा की है इसके साथ ही 12 लाख शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू की है निश्चित रूप से बड़ी संख्या में शिक्षक इससे लाभान्वित होंगे। कैशलेस इलाज के लिए 4:30 सौ करोड रुपए सालाना खर्च होंगे जिसका भुगतान प्रदेश की सरकार करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से गुरुजनों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों से गुरु दक्षिणा के रूप में यही मांगते हैं कि आप बच्चों पर ध्यान दें। स्कूल का वातावरण स्कूल जैसा होना चाहिए। निश्चित रूप से पूरे प्रदेश के शिक्षकों शिक्षामित्र की तरफ से इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का मैं धन्यवाद ज्ञापित कर रहा हूं। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए काम हो रहे हैं। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में इसके परिणाम सभी को देखने को मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 1:11 pm

स्कूली शिक्षा में चंडीगढ़ सबसे आगे, फिर भी ‘उत्कर्ष’ से दूर; यूपी, बिहार समेत कई राज्य अब भी आकांक्षी श्रेणी में

PGI 2.0 रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ ने 761 से 820 अंकों के दायरे में प्रदर्शन करते हुए ‘उत्तम-3’ ग्रेड प्राप्त किया। यह श्रेणी लगभग 61 से 70 प्रतिशत प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करती है। हालांकि चंडीगढ़ देश में शीर्ष पर रहा, लेकिन वह अब भी सर्वोच्च श्रेणियों से काफी पीछे है। इससे स्पष्ट होता है कि देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अभी और सुधार की जरूरत है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 12:46 pm

लखनऊ में भाषा विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह:सुधांशु त्रिवेदी बोले- शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं

लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देने के साथ विश्वविद्यालय को कई नई सौगातें भी मिलीं। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते हैं, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाओं, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए दो लिफ्ट और तीन विशेष शौचालय समेत कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। समारोह में 1246 विद्यार्थियों को डिग्री और 110 मेधावियों को 125 मेडल भी प्रदान गए। 5 तस्वीरें देखिए… ……….. 11वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 11:04 am

राजस्थान शिक्षा विभाग में 5 हजार कर्मचारियों के ट्रांसफर:ग्रेड सेकेंड टीचर, लाइब्रेरियन और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर बदले

राजस्थान शिक्षा विभाग में ट्रांसफर का सिलसिला शुरू हो गया है। पहले ही दिन करीब 5 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के ट्रांसफर किए है। आदेश मंगलवार (7 जुलाई) देर रात को जारी किए गए। इनमें सबसे ज्यादा ग्रेड सेकंड शिक्षकों के साथ बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और लाइब्रेरियन भी शामिल हैं। विभाग ने ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को 10 दिन में नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रोबेशन पीरियड वाले और ट्राइबल-नॉन ट्राइबल एरिया से जुड़े कुछ ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगाई गई है। प्रोबेशन और ट्राइबल एरिया से जुड़े ट्रांसफर पर फिलहाल रोकशिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का नाम तबादला सूची में है लेकिन वे अभी प्रोबेशन पीरियड में हैं, उन्हें नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा। इसी तरह ट्राइबल एरिया से नॉन-ट्राइबल एरिया या नॉन-ट्राइबल एरिया से ट्राइबल एरिया में हुए ट्रांसफर के मामलों में भी फिलहाल कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा। 10 दिन में जॉइन करने के निर्देश, कुछ आदेश नहीं होंगे प्रभावीविभाग ने सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति हो चुकी है या जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, अगर उनका नाम गलती से तबादला सूची में शामिल हो गया है तो ऐसे आदेश प्रभावी नहीं माने जाएंगे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:58 am

कॉलेजों के प्राचार्य संघ ने शिक्षा मंत्री को सौंपा मांग-पत्र

पानीपत | हरियाणा राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय प्रिंसिपल संघ ने प्रधान विक्रम सिंह के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को मांग-पत्र सौंपकर सहायता प्राप्त कॉलेजों की लंबित प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। सतवीर सिंह ने कहा कि जो एसोसिएट प्रोफेसर प्राचार्य पद का कार्यभार संभालते हैं, उन्हें कार्यभार ग्रहण करते ही प्राचार्य पद से जुड़े सभी वित्तीय और सेवा लाभ मिलें। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे प्राचार्यों के बकाया लाभों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। सतवीर सिंह ने बताया कि कई कॉलेजों में शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पद लंबे समय से खाली हैं। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का स्वागत करते हुए उन्होंने रिक्त पदों पर चयन जल्द पूरा कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:14 am

CM आज शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे:वाराणसी से यूपी के शिक्षक-शिक्षामित्र, अनुदेशकों को बड़ी सौगात देंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुधवार को दूसरे दिन भी वाराणसी में हैं। वाराणसी से ही ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ को हरी झंडी देंगे। शहर के TFC के हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 25 लोगों को कैशलेस चिकित्सा संबंधित प्रतीकात्मक कार्ड देंगे। वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी जनपद मुख्यालयों पर होगा। साल 2025 में शिक्षक दिवस के मौके पर योगी ने इस योजना की घोषणा की थी। 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ MoU होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों का सम्मान भी किया जाएगा। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहेंगी। 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा ‘चिकित्सकीय कवच’ जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षकों को इलाज की चिंताओं से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ करेंगे। आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शुरू हो रही इस योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसमें समानता और सामाजिक सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी इस सुरक्षा घेरे में शामिल किया गया है।बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अकेले वाराणसी जनपद के 1,54,634 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री प्रदेश भर के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के माता पिता के डीबीटी के जरिए 1200 रुपये भी ट्रांसफर करेंगे। यह धनराशि विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते मोजे व स्टेशनरी के सामान आदि के लिए दिए जाते हैं। मंडल के 66,205 शिक्षक-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ वाराणसी मंडल के 7,417 बेसिक विद्यालयों में कार्यरत कुल 66,205 पात्र कर्मचारियों को सीधे तौर पर इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा से प्रभावित होंगे। इसमें नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी शामिल कर सरकार ने सबको सामाजिक एवं समान सुरक्षा की गारंटी दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री परिषदीय विद्यालयों के करीब 1.10 करोड़ छात्र छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की धनराशि भी भेजेंगे। रसोइया व स्पेशल एजुकेटर्स की भी मौजूदगी इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को संभालने वाले हर कर्मचारी का ध्यान रखा गया है। मंडल भर के 22,708 रसोइयों, 8,559 शिक्षामित्रों, 1,904 अनुदेशकों, 811 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं व स्टाफ व 210 स्पेशल एजुकेटर्स को भी इस योजना का पात्र बनाया गया है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होने के बाद शिक्षक और अन्य कर्मचारी पूरी ऊर्जा व समर्पण के साथ नौनिहालों के भविष्य को संवारने में योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस कदम से पूरे वाराणसी मंडल के शिक्षा जगत में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है। 8 जुलाई को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। वाराणसी मंडल के लाभार्थियों की संख्या

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:00 am

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का प्रचार करेगी मोबाइल वैन

लुधियाना| श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब सरकार के सालभर चलने वाले कार्यक्रमों के तहत डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने एक विशेष मोबाइल डॉक्यूमेंट्री वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन लुधियाना जिले के गांवों में जाकर लोगों को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और दर्शन (फिलासफी) पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाएगी। इस अवसर पर उनके साथ एडीसी (ग्रामीण विकास) नरिंदर सिंह धालीवाल भी मौजूद थे। डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि पंजाब सरकार ने लुधियाना जिले के लिए दो विशेष रूप से डिजाइन की गईं डॉक्यूमेंट्री वैन भेजी हैं। हर वैन रोजाना दो गांवों को कवर करेगी, जिससे श्री गुरु रविदास जी का समानता, सामाजिक न्याय, भक्ति और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश सीधे लोगों तक पहुंच सके। शुरुआती चरण में ये वैन समराला और रायकोट सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गांवों का दौरा करेंगी। इन विशेष वैनों में हाई-टेक एलईडी स्क्रीन पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

वीएमओयू: प्रवेश शुरू, महिलाओं और छात्राओं को देंगे मुफ्त शिक्षा

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, ऑनलाइन डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय केंद्र निदेशक डॉ. रश्मि बोहरा ने बताया कि राज्य सरकार की बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना के तहत महिला-छात्राओं की फीस प्रवेश के बाद राज्य सरकार पुनर्भरण करेगी, जिससे उनकी पढ़ाई निशुल्क रहेगी। अभ्यर्थी स्वयं या ई-मित्र केंद्र से विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। विवि में स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान, पुस्तकालय विज्ञान और पत्रकारिता, स्नातकोत्तर में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, पुलिस प्रशासन, हिंदी, इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, राजस्थानी, गणित, शिक्षा, वाणिज्य, समाजशास्त्र, भूगोल, कंप्यूटर विज्ञान और एमबीए, डिप्लोमा में संस्कृति एवं पर्यटन, जलग्रहण प्रबंधन, मास कम्युनिकेशन आदि में प्रवेश लिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

स्वर्णकार राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान; मेधावी विद्यार्थी सम्मानित

बिड़ला ऑडिटोरियम में स्वर्णकार सेवा दल की ओर से ‘राष्ट्रीय शिक्षा र| सम्मान-2026’ समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक और खेलकूद उपलब्धियों के लिए प्रमाण पत्र, मेडल, स्मृति चिन्ह और स्टेशनरी भेंट कर सम्मानित किया।दल के संस्थापक निरंजन कड़ेल व प्रदेश अध्यक्ष प्रभुदयाल बूटन ने इसे शिक्षा को बढ़ावा देने वाली पहल बताया। इस मौके पर भामाशाह रूपचंद जालू, लालचन्द भामा व महावीर डावर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

PGI इंडेक्स में चंडीगढ़ देश में नंबर-1:पंजाब, दिल्ली और केरल दूसरे नंबर पर; स्कूल शिक्षा पर केंद्र की रिपोर्ट जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2025-26 में स्कूली शिक्षा के मामले में चंडीगढ़ ने देशभर में बाजी मारी है और वह टॉप पर रहा है। वहीं पंजाब, केरल, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। क्या है PGI 2.0 और कैसे तय होते हैं ग्रेड? इस बार राज्यों को कोई फिक्स रैंक देने के बजाय अलग-अलग 'ग्रेड्स' यानी परफॉर्मेंस बैंड में बांटा गया है। इसका फायदा यह है कि एक जैसी परफॉर्मेंस वाले कई राज्य एक ही बैंड में आ सकते हैं, जिससे हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ता है। यह इंडेक्स कुल 70 इंडिकेटर्स (संकेतकों) आधारित है, जिन्हें 2 मुख्य कैटेगरी (आउटकम और गवर्नेंस-मैनेजमेंट) के तहत 6 डोमेन में परखा गया है, इनमें लर्निंग आउटकम और क्वालिटी, एक्सेस (पहुंच), इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं, इक्विटी (समानता), गवर्नेंस प्रोसेस और टीचर्स एजुकेशन और ट्रेनिंग शामिल है। टॉप पर चंडीगढ़, 'उत्कर्ष' और 'उत्तम-1' में कोई नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के ग्रेडिंग सिस्टम का नामकरण कुछ इस तरह किया गया है उत्कर्ष: 90% से ज्यादा स्कोर (कोई भी राज्य/UT इस तक नहीं पहुंच सका) उत्तम-1: 81 से 90% (इस कैटेगरी में भी कोई राज्य नहीं) उत्तम-2: 71 से 80% (खाली रहा) उत्तम-3: 61 से 70% (सिर्फ चंडीगढ़ इस कैटेगरी में जगह बना पाया, इसलिए वह टॉप पर है) बाकी राज्यों का हाल: दूसरे नंबर पर रहने वाले पंजाब, दिल्ली, केरल और दादरा-नगर हवेली 'प्रचेश्टा-1' (51-60%) कैटेगरी में रहे। वहीं, सबसे निचले पायदानों यानी आकांक्षी-1 और आकांक्षी-2 में भी कोई राज्य नहीं है। जिलों का रिपोर्ट कार्ड (PGI-D): किसने किया सुधार? जिलों की ग्रेडिंग (PGI-D) कुल 600 अंकों और 70 इंडिकेटर्स पर की गई है, जिन्हें 11 अलग-अलग डोमेन (जैसे डिजिटल लर्निंग, स्कूल सेफ्टी, फंड यूटिलाइजेशन) में बांटा गया था। देश के 462 जिलों ने अपने आउटकम स्कोर में सुधार किया है, जिनमें से 50 जिलों ने अपना ग्रेड लेवल भी सुधारा है। देश के कुल 19 जिलों ने 70% से ज्यादा स्कोर कर 'उत्तम-2' ग्रेड हासिल किया है। 2024-25 में ऐसे जिलों की संख्या 16 थी। कहां के कितने जिले टॉप पर? पंजाब: 7 जिले दिल्ली: 4 जिले केरल: 3 जिले महाराष्ट्र: 2 जिले चंडीगढ़, दीव और हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): 1-1 जिला

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 9:37 pm

DDC ने शिक्षा विभाग को पौधारोपण का दिया निर्देश:शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली दिवस पर परिचर्चा, 44701 पौधे लगाने का टारगेट

शेखपुरा में मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता शेखपुरा के डीडीसी संजय कुमार ने की। इस अवसर पर डीडीसी, डीआरडीए निदेशक और डीईओ मो तनवीर आलम को जल-जीवन-हरियाली प्रतीक चिन्ह पौधे देकर सम्मानित किया गया। कुल 44,701 पौधे लगाने का लक्ष्य सौंपा गया सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। परिचर्चा को संबोधित करते हुए डीडीसी ने बताया कि इस अभियान के तहत शिक्षा विभाग को जिले में कुल 44,701 पौधे लगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इन सभी पौधों को जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के परिसरों में लगाया जाएगा। डीडीसी ने सभी बीईओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में वृक्षारोपण कार्य को पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने भूजल स्तर सुधारने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए। सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से सोख्ता का निर्माण निर्देशों में कहा गया कि जिले के सभी सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से सोख्ता का निर्माण कराया जाए। साथ ही, सभी सरकारी एवं सार्वजनिक चापाकलों (हैंडपंपों) और कुओं के पास भी सोख्ता निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बेकार बहने वाला पानी वापस जमीन के अंदर जा सके। डीडीसी ने जिले में पानी की लगातार घटती उपलब्धता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और इस पर सभी जिलेवासियों को सामूहिक रूप से ध्यान देने तथा जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पानी की हर एक बूंद कीमती है, इसलिए अधिक से अधिक पानी बचाएं। पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए सभी जिलेवासी 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ें और अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण कर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी लें।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 8:29 pm

दुष्कर्म का आरोपी प्रिंसिपल सस्पेंड:थाने में मामला दर्ज होने के बाद शिक्षा मंत्री दिलावर ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

डीग जिले के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, बरौली चौथ के प्रिंसिपल रणधीर सिंह को दुष्कर्म के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार प्रिंसिपल रणधीर सिंह के खिलाफ भरतपुर जिले के उद्योग नगर थाने में एक युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में कार्यरत अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का अनैतिक और गंभीर कृत्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की गरिमा बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक थी। मंत्री ने यह भी कहा कि नैतिक पतन और विभाग की छवि धूमिल करने वाले कार्मिकों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 7:31 pm

किशनगंज में सैनिक स्कूल का शुभारंभ:मंत्री ने किया उद्घाटन, अब जिले में मिलेगी अनुशासित शिक्षा, NDA की भी होगी तैयारी

किशनगंज में मंगलवार को शहर के मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के प्रथम शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विद्यालय का उद्घाटन किया। यह आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित कर संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और मां सरस्वती की वंदना से हुई। विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगाअपने संबोधन में मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके अनुशासित, संस्कारित और राष्ट्रभक्त युवाओं में निहित होती है। उन्होंने जोर दिया कि सैनिक शिक्षा केवल सेना में भर्ती होने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगाउन्होंने बताया कि पहले ऐसे संस्थानों में पढ़ाई के लिए छात्रों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को अपने जिले में ही बेहतर अवसर मिल सकेंगे। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, शारीरिक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगाविद्यार्थियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा। स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि इस संस्थान की शुरुआत सीमांचल में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया और संस्थान की भावी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर धनंजय जायसवाल, प्रधानाचार्य नागेंद्र तिवारी, अनिल केजरीवाल, देवदास सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 4:00 pm

सिरसा में स्कूली में जाकर वैन-वाहनों के जांचे दस्तावेज:ट्रैफिक पुलिस शिक्षा विभाग और आरटीए से लेगा रिपोर्ट, 22000 का चालान काटा

सिरसा में गर्मी की छुटि्टयों के बाद स्कूल खुलने के साथ ही स्कूली वाहनों पर भी सख्ती हो गई है। ट्रैफिक पुलिस स्कूल में जाकर वैन की चेकिंग कर रही है तो रोड से गुजरने वाले स्कूल वाहनों की भी रूकवाकर चेकिंग की जा रही है। सर्वे में कुछ स्कूली वैन में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र व दस्तावेजों की खामियां मिल रही है। इस पर कुछ वाहनों का चालान भी किया है। जानकारी के अनुसार, इन दिनों पुलिस ने रानियां और सिरसा ब्लॉक में पांच से छह स्कूलों में स्कूली वाहनों की चेकिंग की है। इस दौरान कई तरह की खामियां मिली है। कुछ वैन के कागज नहीं तो किसी की फिटनेस नहीं मिली। एक वैन के दस्तावेज नहीं थे तो उसका 22 हजार रुपए का चालान किया गया। कुछ वैन में तो अग्निशमन यंत्र तक नहीं मिले, जो कि प्राथमकि है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इन स्कूलों वाहनों का रिकॉर्ड शिक्षा विभाग एवं आरटीए से लिया जाएगा। उसी में पता चल पाएगा कि जिले में कितने स्कूली वाहन है। इसे लेकर पुलिस स्कूलों में जाकर अभियान चलाएगा। यदि किसी वाहन के दस्तावेज नहीं मिले तो उसे जब्त भी किया जा सकता है। एसआई शैलेंद्र सिंह की टीम स्कूल और फील्ड से इन स्कूली वाहनों की जांच करेगी। पुलिस ने एक माह पहले दी थी चेतावनी पुलिस के अनुसार, सभी स्कूल संचालकों और वैन ड्राइवर को करीब डेढ माह पहले ही नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी कि सभी अपने-अपने वाहनों की गर्मियों की छुटि्टयों में फिटनेस एवं दस्तावेज प्रक्रिया पूरी करवा ले। इसके बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा था कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। सरकार व पुलिस की ओर से जो मापदंड तय किए है, उनको मानकों को पूरा करना होगा। कुछ स्कूल संचालकों ने कराई प्रक्रिया पूरी दरअसल, पिछले दिनों छुट्टियों में कुछ स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूली वाहनों की फिटनेस व दस्तावेज प्रक्रिया पूरी करवा ली है। काफी वैन की आरटीए में पासिंग हुई है। इन वाहनों की फिटनेस जांची और दस्तावेज चेक किए। शुरू में आरटीए टीम ने राहत देते हुए मानक एवं दस्तावेज पूरे करने को कहा गया। थाना प्रभारी बोले-सिरसा व रानियां में की जांच ट्रैफिक पुलिस थाना प्रभारी बलराज सिंह ने बताया कि अभी स्कूली वाहनों की चेकिंग चल रही है। हमने रानियां व सिरसा ब्लॉक में कुछ स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की है। उनमें से कुछ वाहनों की फिटनेस व दस्तावेज पूरी नहीं मिली तो उनको चेतावनी दी है। कुछ वाहन का चालान किया है। इस बारे में शिक्षा विभाग से भी जानकारी मांगी जाएगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:00 pm

सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, लेक्चरर APO:स्टूडेंट ने शिक्षा मंत्री को लिखा था लेटर, उसी दिन मुख्यालय भेजा; जांच टीम बनाई

झुंझुनूं के एक सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित लेक्चरर (व्याख्याता) को एपीओ कर दिया है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए लेक्चरर को तुरंत प्रभाव से स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम भी गठित की है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री से की शिकायत छात्रा ने 2 जुलाई को शिक्षा मंत्री को लेटर भेजकर स्कूल के एक लेक्चरर (व्याख्याता) पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। छात्रा ने शिकायत में लेक्चरर के व्यवहार को लेकर गंभीर बातें लिखीं और कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश, सात दिन में रिपोर्ट तलब शिकायत शिक्षा मंत्री तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। 5 जुलाई को विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए और सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम बनाई। यह टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। मामला शिक्षा मंत्री के संज्ञान में आते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने संबंधित व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया। उन्हें स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाचार्या बोलीं- पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं मिली स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा - व्याख्याता के एपीओ किए जाने की वजह की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार 4 जुलाई तक स्कूल का माहौल पूरी तरह सामान्य था। पूरा स्टाफ रोज की तरह साथ में स्कूल से निकलता था और उस समय ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले किसी छात्रा, स्टाफ सदस्य या गांव के लोगों की ओर से लेक्चरर के खिलाफ कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई थी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:03 pm

समर कैंप में योगदान पर शिक्षा सेविकाएं सम्मानित:बेगूसराय सदर के राजकीयकृत मध्य विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह

बेगूसराय सदर के राजकीयकृत मध्य विद्यालय, सांख में मंगलवार को प्रार्थना सभा के दौरान एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह समर कैंप के सफल समापन के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें शिक्षा सेविकाओं नीतू कुमारी और स्वाति कुमारी को सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. जे.पी. ज्योति ने उन्हें सम्मानित किया। इन शिक्षा सेविकाओं को समर कैंप में बच्चों के शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, विद्यालय का प्रतीक चिह्न (लोगो) और प्रोत्साहन राशि भेंट की गई। दोनों सेविकाओं ने पूरे 30 दिनों तक समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ बच्चों के पठन-पाठन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक डॉ. जे.पी. ज्योति ने कहा कि नीतू कुमारी और स्वाति कुमारी का योगदान विद्यालय के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर दोनों शिक्षा सेविकाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अरविंद कुमार ने किया। इस मौके पर समर कैंप समन्वयक संतोष कुमार ठाकुर, गीता कुमारी, नीतीश कुमार, राजीव कुमार, जुबैदा खातून, मंगलम, पूनम कुमारी, कंचन कुमारी, राजकिशोर जी, पूजा भारती सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 11:39 am

छत्तीसगढ़ में स्कूलों के समय में बदलाव की मांग:फेडरेशन ने शिक्षा सचिव को लिखा पत्र; बोले- पढ़ाई और प्रशासनिक काम हो रहे प्रभावित

छत्तीसगढ़ में स्कूलों के समय को लेकर नई मांग उठी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर सभी सरकारी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने की मांग की है। फेडरेशन ने कहा है कि शनिवार को हायर सेकेंडरी (12वीं तक) स्कूल भी सुबह की पाली (मॉर्निंग शिफ्ट) में चलाए जाएं। फेडरेशन का कहना है कि युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद ज्यादातर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से पढ़ाई और प्रशासनिक काम में दिक्कत हो रही है। इसलिए सभी स्कूलों का समय एक जैसा किया जाए। अलग-अलग टाइमिंग से बढ़ रही दिक्कत फेडरेशन ने कहा है कि प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का काम, ऑनलाइन एंट्री, परीक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालते हैं। इसके अलावा संकुल स्तर की बैठकों में भी शामिल होना पड़ता है। अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से इन सभी कामों को समय पर करना मुश्किल हो जाता है। शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट से काम होगा आसान फेडरेशन का कहना है कि अगर शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूल भी सुबह की पाली में चलें और सभी स्कूलों का समय एक जैसा हो जाए, तो बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बैठकें करने, रिपोर्ट तैयार करने, प्रशासनिक काम निपटाने और अगले सप्ताह की पढ़ाई की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। शिक्षा विभाग से जल्द फैसला लेने की मांग फेडरेशन ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट की अनुमति दी जाए। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने के लिए जल्द जरूरी आदेश जारी किए जाएं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 11:39 am

शिक्षा का उद्देश्य अच्छे अंक नहीं संस्कार विकसित करना भी है

भास्कर न्यूज | जालंधर कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल में आध्यात्मिक मार्गदर्शक, शिक्षाविद् और लेखक पद्मभूषण एमके सान्निध्य में आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया।इस दौरान स्कूल परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में एमके कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक या नौकरी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के भीतर आत्मबोध, करुणा, विवेक और अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को आत्म विकास और समाज की सेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित किया। एम को विश्व शांति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के संदेश के लिए जाना जाता है। उनकी कन्याकुमारी से कश्मीर तक करीब 7,500 किलोमीटर लंबी वॉक ऑफ होप पदयात्रा देश में सद्भाव और एकता का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर एलडब्ल्यूईएस की एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन जे.के. कोहली, प्रबंधन सदस्य मोहिंदर चोपड़ा, एलडब्ल्यूईएस की प्रेसिडेंट मोना भाटिया, कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल के प्रबंधन सदस्य सनी सप्रा तथा एलडब्ल्यूईएस की डायरेक्टर (एचआर, मैनेजमेंट एवं एडमिनिस्ट्रेशन) प्रियंका भाटिया भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें एम ने जीवन, अध्यात्म और सत्य की खोज से जुड़े विषयों पर उपस्थित लोगों से संवाद किया।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:51 am

नक्सली विचारधारा की जगह योजना जत्था ने ली, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर

भास्कर न्यूज | सुकमा कभी सुकमा के दूरस्थ गांवों में नक्सलियों की जन नाट्य मंडली सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ प्रस्तुतियों से लोगों को अपनी विचारधारा से जोड़ती थी। अब उन्हीं इलाकों में प्रशासन का योजना जत्था पहुंच रहा है। ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसे जिले के बदलते सामाजिक माहौल और शासन की बढ़ती पहुंच का संकेत माना जा रहा है। पहली बार सुकमा जिले के कोर्रा और सोना कूकानार के राउतपारा में योजना जत्था पहुंचा। गांव में जत्था देखकर ग्रामीण हैरान हुए। कुछ ही देर में वे टीम के सदस्यों से हिल-मिल गए। नीति आयोग के तत्वावधान में संचालित योजना जत्था अभियान के तहत रविवार को सुकमा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोर्रा और ग्राम पंचायत सोना कूकानार के राऊतपारा में मॉडल साक्षरता कार्यक्रम हुआ। कोर्रा में 76 ग्रामीण शामिल हुए। राऊतपारा में 155 ग्रामीण पहुंचे। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम में टीम ने नाटक, संवाद, जनसंपर्क के जरिए जानकारी दी। बरसात में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बताईं। स्वच्छता के उपाय बताए। मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके समझाए। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पात्रता बताई। आवेदन प्रक्रिया समझाई। ^अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। लोगों को साक्षरता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। योजनाओं से जरूरतमंद ग्रामीणों को जोड़कर ही उनके जीवन में बदलाव लाना संभव है। योजना जत्था इसी उद्देश्य के साथ लगातार संवेदनशील गांवों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में यह पहल विकास और शासन के प्रति ग्रामीणों में विश्वास बढ़ाने की दिशा में कदम है। - अमित कुमार, कलेक्टर सुकमा

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

टीचर्स एसोसिएशन ने नवपदस्थ डीईओ का किया सम्मान, शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर

भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की जिला इकाई ने बीआरसीसी भवन, महासमुंद में सम्मान समारोह किया। इसमें महासमुंद, रायपुर, गरियाबंद के नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारियों का एसोसिएशन पदाधिकारियों ने शॉल, स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, रायपुर के डीईओ एम.जी. सतीश नायर, गरियाबंद के डीईओ राजेश चंद्राकर को सम्मानित किया गया। नवपदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी भोपाल सिंह बंजारा, डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान, बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा को भी पुष्पगुच्छ, प्रतीक-चिह्न देकर सम्मान मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी ने की। डीईओ बी.एल. देवांगन, एम.जी. सतीश नायर, राजेश चंद्राकर ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा, शैक्षिक दायित्व निभाते हुए ही हम इन पदों तक पहुंचे हैं। प्राथमिकता यह है कि शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। प्रदेश में स्वस्थ, गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल बने। संचालन जिला सचिव नंदकुमार साहू ने किया। मौके पर लालजी साहू, प्रदीप वर्मा, जगदीश सिन्हा, तुलेंद्र सागर, पुष्पलता भार्गव, सम्पा बोस, प्रदीप वर्मा मौजूद रहे। एसोसिएशन के प्रांतीय प्रतिनिधि सुधीर प्रधान और केशवराम साहू ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि शिक्षा के स्तर को सुधारने और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के लिए शिक्षक सदैव तत्पर हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा सेतु योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं में नवीन प्रवेश शुरू

प्रतापगढ़ | निदेशालय महिला अधिकारिता विभाग राजस्थान जयपुर द्वारा महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने, निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने एवं शिक्षा से वंचित, विद्यालय छोड़ चुकी (ड्रॉप आउट) अथवा किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से दूर रह गई महिलाओं एवं बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा सेतु योजना संचालित की जा रही है। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक नेहा माथुर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं का कक्षा 10वीं एवं 12वीं में निशुल्क पंजीयन कराता है। इस प्रणाली में वर्ष में दो बार परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं तथा कक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अभ्यर्थियों को पांच वर्षों में कुल नौ अवसर प्रदान किए जाते हैं। शिक्षा सेतु योजना के अंतर्गत 45 वर्ष तक की महिलाएं राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। वर्ष 2026 के लिए स्ट्रीम-2 में प्रवेश/पंजीयन की तिथियां 10 जुलाई से 31 जुलाई तक (बिना विलंब शुल्क) व 1 अगस्त से 10 अगस्त तक (250 रुपए विलंब शुल्क सहित) निर्धारित की गई हैं। इसी प्रकार स्ट्रीम-1 में प्रवेश/पंजीयन की तिथियां 1 जुलाई से 31 अगस्त तक (बिना विलंब शुल्क), 1 सितम्बर से 15 सितम्बर तक (250 रुपए विलंब शुल्क सहित), 16 सितम्बर से 30 सितम्बर तक (350 रुपए विलंब शुल्क सहित) तथा 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक (500 रुपए विलंब शुल्क सहित) निर्धारित हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं से शिक्षा सेतु योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने एवं समय पर आवेदन करने का आग्रह किया गया है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए कार्यालय सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, बगवास में संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा से बदलेगी जिंदगी: वीएसएसएल हर साल खर्च करेगा 25 लाख रुपए

भास्कर न्यूज | लुधियाना वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड ने अपने सीएसआर प्रोजेक्ट'दिशा' के तहत झुग्गी-बस्ती में रहने वाले 101 बच्चों को जीवन भर मुफ्त शिक्षा देने की पहल की है। ये बच्चे वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत बीसीएम स्कूल, फोकल पॉइंट में शिक्षा प्राप्त करेंगे। लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और वर्धमान स्टील्स के सीएसआर, एडमिन हेड अमित धवन ने इन बच्चों की शिक्षा के लिए बीसीएम स्कूल के अधिकारियों को 16.75 लाख रुपये का चेक सौंपा। डिप्टी कमिश्नर ने जरूरतमंद बच्चों के लिए वीएसएसएल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौम्या जैन और चेयरमैन सचित जैन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। सीएसआर हेड अमित धवन ने बताया कि वीएसएसएल इन बच्चों की जीवन भर की शिक्षा में मदद कर रहा है और इस प्रोजेक्ट पर हर साल लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

असम विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन, बिजली, शिक्षा, इथेनॉल और जलभराव के मुद्दों पर सरकार को घेरा

असम विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने राज्य में बिजली संकट, सरकारी स्कूलों की स्थिति, इथेनॉल मिश्रित ईंधन की नीति और गुवाहाटी में लगातार हो रहे जलभराव जैसे मुद्दों को उठाया

देशबन्धु 6 Jul 2026 11:39 pm

बीएचयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन:डॉ.मुखर्जी विरासत से संवरेगी 21वीं सदी की शिक्षा; राज्यपाल बोले- डिग्री-रोजगार तक सीमित न रहे पढ़ाई

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के यूनेस्को चेयर फॉर पीस एंड इंटरकल्चरल अंडरस्टैंडिंग तथा मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में इक्कीसवीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार : शिक्षा की पुनर्कल्पना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र में हुआ। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय यूनेस्को सहयोग आयोग के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शिक्षकों को उत्तरदायी भी बनना होगा - राज्यपाल बिहारउद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केन्द्र नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाले रणनीतिक संस्थान हैं। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान, नवाचार, अंतर्विषयी अध्ययन और उद्योग-जगत से सहयोग पर आधारित शैक्षिक सुधारों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती विशिष्ट अतिथि यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. ओबिजियोफोर अगिनम ने शिक्षा को पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि करुणा, सहानुभूति और समालोचनात्मक चिंतन से युक्त नागरिक तैयार करना शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन तथा सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तीव्र तकनीकी बदलाव के दौर में शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली तथा कक्षा सहभागिता की पुनर्समीक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को शैक्षिक सुधारों का नेतृत्व करने वाला संस्थान बताते हुए विद्यार्थियों के बीच संवाद, शांति और संघर्ष-समाधान की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 8:29 pm

गोंडा के तीन खंड शिक्षा अधिकारियों का ट्रांसफर:पदोन्नति के साथ दूसरे जिलों में मिली नई तैनाती, उपेंद्र कुमार त्रिपाठी बने वरिष्ठ प्रवक्ता डायट संतकबीर नगर

गोंडा में तैनात तीन खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का आज सोमवार 2 बजे एक आदेश जारी करके तबादला कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने आज 6 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इन अधिकारियों को पदोन्नति के साथ दूसरे जिलों में भेजा गया है, जबकि तीन नए वरिष्ठ प्रवक्ता गोंडा आए हैं। स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों में उपेंद्र कुमार त्रिपाठी शामिल हैं, जिन्हें गोंडा से संत कबीर नगर भेजा गया है। उन्हें वहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) संत कबीर नगर में वरिष्ठ प्रवक्ता बनाया गया है। चंद्रभूषण पांडेय का तबादला अयोध्या किया गया है, जहां वे डायट अयोध्या में वरिष्ठ प्रवक्ता का पद संभालेंगे। इसी तरह, रामखेलावन सिंह को भी गोंडा से बाराबंकी भेजा गया है, जहां उन्हें डायट बाराबंकी में वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में पदोन्नत किया गया है। विशेष सचिव के आदेशानुसार, इन तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल अपने वर्तमान कार्यस्थल से कार्यमुक्त होकर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी से वरिष्ठ प्रवक्ता डायट के पद पर पदोन्नति मिली है। वहीं, रायबरेली में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात वीरेंद्र नाथ और अयोध्या में तैनात अमित श्रीवास्तव को भी पदोन्नति के बाद गोंडा भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, संत कबीर नगर में खंड शिक्षा अधिकारी रहे अर्जुन प्रसाद को भी पदोन्नति देकर गोंडा में वरिष्ठ प्रवक्ता डायट दर्जी कुआं बनाया गया है। गोंडा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तीन खंड शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति मिली थी और उनका गोंडा से तबादला हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि तीन वरिष्ठ प्रवक्ता डायट दर्जीकुआँ, गोंडा में आए हैं। स्थानांतरित हुए अधिकारियों को कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:36 pm

जहानाबाद में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग:शिक्षकों ने नियमित वेतनमान, सेवा और सुरक्षा को लेकर दिया धरना, ज्ञापन सौंपा

जहानाबाद जिला मुख्यालय में सोमवार को वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने और शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा व पेंशन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के राज्यव्यापी महाआंदोलन के छठे चरण का हिस्सा था। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र सौंपा। इसमें वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष और रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद के प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से भी जुड़ा है। उन्होंने सरकार से इन संस्थानों का समायोजन कर कर्मचारियों को सम्मानजनक सुविधाएं देने की अपील की। डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने जहानाबाद के सभी वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों और विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, प्राचार्यों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, अधिवक्ताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षा प्रेमियों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जहानाबाद से उठी यह आवाज पूरे बिहार में शिक्षक सम्मान और शिक्षा न्याय की लड़ाई को नई मजबूती प्रदान करेगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 3:22 pm

जहानाबाद में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन:वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग

जहानाबाद में सोमवार को कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में कारगिल चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने, वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन और शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के राज्यव्यापी महाआंदोलन के छठे चरण का हिस्सा था। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वर्षों से उपेक्षित शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा में लाने की अपील की। वक्ताओं ने बताया कि वित्त रहित संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक असुरक्षा और असमानता का सामना कर रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के संयोजक संजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति का मुद्दा केवल शिक्षकों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था, लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से वित्त रहित कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों का समायोजन कर वहां कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जैसे लाभ उपलब्ध कराने की मांग की। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि वर्षों से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षक और कर्मचारी उपेक्षा का शिकार हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहानाबाद से उठी यह आवाज पूरे बिहार में शिक्षक सम्मान और शिक्षा न्याय की लड़ाई को नई दिशा देगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 3:04 pm

सोनीपत में NIFTM-K और मैसी यूनिवर्सिटी के बीच समझौता:खाद्य प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा, 5 सालों तक वैध रहेगा

सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम-कुंडली) ने न्यूजीलैंड की मैसी विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार 2 जुलाई 2026 को हुआ, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। इस समझौता ज्ञापन पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव एपी दास जोशी, संयुक्त सचिव देवेश देवल और निफ्टम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय सहित वरिष्ठ टीम की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। 5 वर्षों तक वैध रहेगा एमओयू सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएं, तृतीय-पक्ष वित्तपोषण के लिए संयुक्त आवेदन, सेमिनारों और अकादमिक बैठकों में भागीदारी, संकाय और शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान, और छात्र गतिशीलता कार्यक्रम शामिल हैं। दोनों संस्थानों के समर्पित समन्वयक इन सहयोगात्मक पहलों के कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। यह समझौता 5 वर्षों तक वैध रहेगा और आपसी सहमति से इसे अगले 5 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। यह एमओयू दोनों पक्षों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करता है और भविष्य में शैक्षणिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-बाध्यकारी ढांचा प्रदान करता है। इस सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में वृद्धि होने, खाद्य प्रौद्योगिकी और प्रसंस्करण में नवाचार को बढ़ावा मिलने, ज्ञान के आदान-प्रदान में सुगमता आने और दोनों संस्थानों के छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के लिए अधिक अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 2:21 pm

BHU में रुद्राभिषेक:नए सेमेस्टर के दाखिले से पहले प्रोफेसर-अधिकारी शामिल हुए, कुलपति बोले- छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा बेहतर होगी

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले कैंपस स्थित श्रीविश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की गई‌। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन मौजूद रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नया सत्र सभी के लिए शुभकारी हो, इसकी भी कामना की गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आज भगवान विश्वनाथ की पूजा-अर्चना कर विश्वविद्यालय की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि विश्वविद्यालय पूरे तन, मन और धन से अध्ययन-अध्यापन के कार्य में निरंतर समर्पित रहे। साथ ही, छात्रों, शिक्षकों और सभी कर्मचारियों के हित में कार्य होते रहें तथा विश्वविद्यालय लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा होगा बेहतर पिछले महीने हुई छात्र से जुड़ी घटना के संबंध में पूछे गए सवाल पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्र और सभी संबंधित पक्ष मिलकर कार्य कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सामंजस्य और संवाद के माध्यम से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय BHU क्षेत्रफल के लिहाज ये एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। 13 सौ एकड़ में बने इस विश्ववविद्यालय में 6 संस्थान 14 संकाय के साथ ही 140 से अधिक विभाग मौजूदा समय में कार्यरत है। कैंपस के मध्य में भगवान शंकर का विशाल मंदिर है। जिसे मशहूर उद्योगपति युगल किशोर बिरला ने बनवाया है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 12:41 pm

शिक्षा, खेल और संस्कृति में अव्वल छात्रों का सम्मान

मनेंद्रगढ़ | एकेडेमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्यालय संचालकों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन व वंदना के साथ किया। समारोह में शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी व प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित कर कहा कि पुरस्कार केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम और उत्कृष्टता की प्रेरणा भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत व सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। विद्यालय के संचालकों ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका काजल रजक ने किया। कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

रांची महानगर कांग्रेस की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम रांची| रांची महानगर कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत रविवार को रांची स्थित कार्निवल बैंक्विट हॉल में ‘संविधान संवाद’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार राजा ने की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवा प्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं झारखंड प्रभारी के. राजू, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित अन्य नेताओं ने संविधान, लोकतंत्र और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। के. राजू ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। यह सभी नागरिकों को समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश के युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाना है। उन्होंने छात्रों से संविधान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जैसे विषयों पर छात्रों ने खुलकर विचार रखे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संस्कार और रोजगार जरूरी : डॉ. सुनील

विशेष संवाददाता | रांची विप्र फाउंडेशन जोन-6 की झारखंड प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों ने रविवार को पदभार ग्रहण किया। मारवाड़ी भवन में आयोजित पदभार ग्रहण सह अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुंबई से आए विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ. सुनील शर्मा ने पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण कराया। अध्यक्षता नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सीए जयप्रकाश शर्मा ने की। समारोह में प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ रांची, जमशेदपुर, सिमडेगा, गिरिडीह, रामगढ़ और देवघर जिला इकाइयों के अध्यक्ष व महामंत्रियों के नामों की औपचारिक घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष सीए जयप्रकाश शर्मा ने संगठन की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि विप्र फाउंडेशन का उद्देश्य समाज को संगठित करना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास करना तथा विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। मुख्य अतिथि डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संस्कार और रोजगार सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन देशभर में इन क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। समाज की एकता से उसकी सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी भी सशक्त होगी।क्षेत्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, झारखंड प्रभारी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निरंजन लाल शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री शरद शर्मा व प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप शर्मा ने भी संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। मंच संचालन शशांक भारद्वाज ने किया। समारोह में अजय दाधीच, गणेश दायमा, अमित मणि शर्मा, प्रमोद सारस्वत, पवन शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, बबलू हरित, किशन शर्मा, रेखा शर्मा, अशोक पुरोहित, ललित शर्मा सहित विभिन्न जिलों से लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

CCSU से निकाला गया कांग्रेस का छात्र आक्रोश मार्च:केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, 9 अगस्त तक लाखों युवाओं को जोड़ने का दावा

कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत रविवार को मेरठ में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आक्रोश मार्च निकाला। अभियान के मेरठ शहर संयोजक अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में निकले मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च की शुरुआत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के मुख्य द्वार से हुई। इसके बाद मार्च तेजगढ़ी होते हुए वापस विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की छात्र एवं युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, पेपर लीक बंद करो, युवाओं को रोजगार दो और शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ जैसे नारे लगाए गए। मार्च को संबोधित करते हुए अभियान के शहर संयोजक अवनीश काजला ने कहा कि देश का छात्र और युवा वर्ग शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और अवसरों की कमी से परेशान है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है और मेरठ में इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अवनीश काजला ने दावा किया कि मेरठ में अब तक करीब सात हजार छात्र-युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 9 अगस्त तक चलने वाले अभियान के दौरान जिले से लाखों छात्र-युवा शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई में शामिल होंगे। मार्च में जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, हेमंत प्रधान, अल्तमस त्यागी, सुमित विकल, सहरयाब मुखिया, संजय कटारिया, राज केशरी, विनोद सोनकर, रवि कुमार, रीना शर्मा, मुस्ताजब चौधरी, अजीम प्रधान, सरताज चौधरी, राहत चौहान, यूसुफ अंसारी, इकराम चौधरी, दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र जाटव, शिवकुमार शर्मा, विकास शर्मा, सोनम रानी, बबली देवी, अनिल प्रेमी, नसीम राजपूत, निशांत तोमर, शहबाज अली, इकरामुद्दीन अंसारी, हिमांशु शर्मा, जितेंद्र भारद्वाज, प्रवीण कुमार, अवधेश सक्सेना, मुजाहिद और यासिर सैफी समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 11:02 pm

ग्वालियर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम:युवाओं ने रैप, कविता और ओपन माइक के जरिए शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी पर उठाई आवाज

भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी छात्रों की गूंज अभियान के तहत रविवार शाम ग्वालियर के बैजाताल (मोतीमहल) पर ग्वालियर की GOONJ (Voices Turn Into Movements) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रैप, कविता, शायरी और ओपन माइक के माध्यम से छात्र-छात्राओं और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, कवि, कलाकार और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से प्रस्तुत रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था— “शब्द नहीं... ये आवाज़ है देश के युवाओं की।” अपने संबोधन में मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाला युवा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ा है। उनका कहना था कि जब मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य युवाओं को ऐसा लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें। उनके अनुसार ग्वालियर की GOONJ ने यह साबित किया है कि युवाओं की आवाज़ अब आंदोलन का रूप ले रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरे देश में मजबूती से उठ रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समापन अवसर पर मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की चेतना और परिवर्तन का मंच है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 10:22 pm

खगड़िया में 5 हजार स्नातकों से संवाद:रजनीश रंजन ने रखे 7 वादे, रोजगार-शिक्षा के मुद्दों पर मांगा समर्थन

खगड़िया में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव-2026 के मद्देनजर रविवार को खगड़िया जिला मुख्यालय स्थित केएन क्लब में एक जिला स्तरीय स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग पांच हजार स्नातक मतदाता शामिल हुए। इसे कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 74 वर्षों के इतिहास में पहली बार आयोजित ऐसा संवाद कार्यक्रम बताया गया है। कार्यक्रम में पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही संभावित एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन (कोसी पुत्र) का समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में उपस्थित स्नातक मतदाताओं को संबोधित करते हुए रजनीश रंजन ने कहा कि यदि उन्हें कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की जनता का समर्थन मिला, तो वे विधान परिषद में स्नातकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और बेरोजगार युवाओं के हितों की आवाज मजबूती से उठाएंगे। 'सात निश्चय' के जरिए रखीं अपनी प्राथमिकताएं उन्होंने अपने 'सात निश्चय' का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराना होगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'एक पाठ्यक्रम-एक वेतनमान' लागू करने, वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था की समस्या समाप्त करने, सभी स्नातकों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा तथा शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, संविदाकर्मियों एवं बेरोजगार स्नातकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने का भी वादा किया। पुस्तकालय, हेल्थ सेंटर और भत्ते का भी किया जिक्र रजनीश रंजन ने अधिवक्ताओं के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना, जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी की स्थापना तथा बेरोजगार स्नातकों के लिए मासिक भत्ता लागू कराने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर पूछे गए सवाल संवाद कार्यक्रम के दौरान स्नातक मतदाताओं ने रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसरोकारों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। रजनीश रंजन ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि युवाओं का पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार पर लगातार दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि की भूमिका केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि स्नातकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करना भी आवश्यक है। कार्यक्रम में कई अन्य स्नातक मतदाताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और रजनीश रंजन के प्रति समर्थन जताया। कोर टीम ने जताया भरोसा, मनीषा रंजन ने किया आभार व्यक्त इस दौरान कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न जिलों से पहुंचे कोर टीम के सदस्यों ने आगामी चुनाव में उनके पक्ष में मजबूती से काम करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के अंत में रेडियो ईस्ट एंड वेस्ट की महानिदेशिका एवं भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्या मनीषा रंजन ने सभी स्नातक मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि रजनीश रंजन एमएलसी बनते हैं तो वे खगड़िया सहित पूरे कोसी क्षेत्र के स्नातकों के हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेंगे। कार्यक्रम का संचालन अमरजीत राठौर ने किया। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्नातक मतदाता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 9:22 pm

राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान में पहुंचीं डिप्टी सीएम दीया कुमारी:बोलीं- शिक्षा से ही बनेगा विकसित भारत, मेधावी स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी

राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। स्वर्णकार सेवा दल की ओर से रविवार को बिड़ला सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, मेडल, स्मृति-चिह्न और स्टेशनरी सामग्री भेंट कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर सम्मान मिलने की खुशी साफ दिखाई दी, वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की सफलता पर गर्व महसूस किया। दिया कुमारी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संस्कारी और जागरूक नागरिक बनाने की प्रक्रिया है। आज का विद्यार्थी कल का बनाएगा भारत उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भारत बनाएगा। इसलिए युवाओं को केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। सिर्फ अंक नहीं, संस्कार भी जरूरी दीया कुमारी ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी अच्छा इंसान बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करने का आह्वान किया। डिप्टी सीएम ने की स्वर्णकार सेवा दल की इस पहल की सराहना डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने स्वर्णकार सेवा दल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना अत्यंत प्रेरणादायी कार्य है। ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने मेधावी बच्चों को पहचान देता है, तो वे और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं और दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। दीया कुमारी ने अपने संबोधन में सभी सामाजिक संगठनों और समाजों से आग्रह किया कि वे भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे सम्मान समारोह आयोजित करें। होनहार बच्चों के सम्मान से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा उन्होंने कहा कि अगर हर समाज अपने होनहार बच्चों का सम्मान करेगा, तो निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा और युवाओं में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा पैदा होगी। समारोह के दौरान सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मेधावी छात्र-छात्राओं ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया। वहीं अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के सम्मान बच्चों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देते हैं और उनकी मेहनत को नई पहचान मिलती है।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:39 pm

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए जुटें कार्यकर्ता:तूल में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में बोले शिक्षा मंत्री, 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया

भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मरण पखवाड़े के तहत रविवार को बैतूल के मैरीज गार्डन में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. मुखर्जी के विचारों को बताया प्रेरणा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रवाद के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहते हुए भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने जिस विचारधारा की शुरुआत की, वही आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार करने वाला कदम है। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद दुर्गादास उइके ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और देश की एकता व अखंडता के मजबूत पक्षधर थे। उनके जीवन से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और सेवा व समर्पण की प्रेरणा मिलती है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर जिला संगठन प्रभारी एवं पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने स्मरण पखवाड़े के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और प्रत्येक बूथ पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने पर जोर दिया। औद्योगिक नीति में योगदान का किया उल्लेख भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान निर्माण के साथ स्वतंत्र भारत की औद्योगिक नीति को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने देश की पहली औद्योगिक नीति की रूपरेखा तैयार करने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:31 pm

'ई-अटेंडेंस में ढील नहीं, सभी शिक्षकों को लगाना पड़ेगा':बैतूल में बोले स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, चेक पोस्ट फिर हो सकते हैं चालू

बैतूल में रविवार को स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी), ई-अटेंडेंस व्यवस्था और परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर सरकार का पक्ष रखा। टीईटी पर बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करेंगे पालन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर मंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट जो भी निर्देश देगा, सरकार उसका पालन करेगी। विभाग इसके लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो। अभी कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मुख्य चिंता यह है कि जिस मापदंड के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई थी, अब नए मापदंड क्यों लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट गई थी। सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमों के अनुसार हुआ था। इसके बावजूद यदि कोर्ट परीक्षा कराने का निर्देश देता है तो सरकार उसका पालन करेगी। ई-अटेंडेंस पर सख्त रुख ई-अटेंडेंस को लेकर मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों को तय समय पर स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि सुबह स्कूल आना और शाम तक अपनी जिम्मेदारी निभाना सभी के लिए अनिवार्य है। ई-अटेंडेंस का पालन भी ईमानदारी से करना होगा। उन्होंने बताया कि करीब 98 प्रतिशत अतिथि शिक्षक और 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। कुछ लोगों की वजह से पूरी व्यवस्था नहीं रोकी जा सकती। नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मिलेगी राहत मंत्री ने कहा कि उपस्थिति मोबाइल या अन्य स्वीकृत माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, वहां छूट दी जा रही है। महिलाओं, बीमारी की स्थिति और मातृत्व अवकाश पर रहने वाली महिला अतिथि शिक्षकों को भी आवश्यक राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब एक हजार गांवों में नेटवर्क की समस्या है। ऐसे लगभग 7 से 8 प्रतिशत शिक्षकों को राहत दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य विसंगतियों को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट फिर शुरू हो सकते हैं परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर मंत्री ने कहा कि भविष्य में इन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने रिव्यू पिटिशन दायर की है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर अध्ययन कर रही है कि जिन चेक पोस्टों पर पहले से बड़ा निवेश हुआ है, वहां परिवहन, खनिज, कृषि और वाणिज्य विभागों का संयुक्त अमला तैनात कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। यदि यह व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी साबित होती है तो इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:53 pm

RJD का 30वां स्थापना दिवस, तेजस्वी घूमने गए यूरोप:लालू का जनता के नाम संदेश- धर्म की राजनीति में शिक्षा-रोजगार, सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को दबा रहे

RJD आज रविवार को अपना 30वां स्थापना दिवस पूरे बिहार में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पार्टी की ओर से राज्य के सभी 38 जिलों में स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम विस्तृत संदेश जारी किया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल यूरोप दौरे पर हैं। इसलिए उनकी मौजूदगी में मुख्य कार्यक्रम 1 जुलाई को ही पार्टी कार्यालय में आयोजित किया गया था। लालू यादव बोले- 5 जुलाई बिहार की राजनीति का ऐतिहासिक दिन अपने संदेश में लालू प्रसाद यादव ने कहा, ‘5 जुलाई 1997 को राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए की गई थी। यह कोई साधारण दिन नहीं, बल्कि बिहार और देश की राजनीति की दिशा और दशा बदलने वाला ऐतिहासिक दिन है।’ कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण को किया नमन लालू यादव ने कहा, ‘राजद का विस्तार लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और मेहनत की बदौलत हुआ है।’ उन्होंने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के योगदान को सलाम किया। गरीब की भागीदारी वाला विकास हमारा लक्ष्य- लालू लालू यादव ने अपने संदेश में कहा, 'राजद का विकास मॉडल केवल चमकते हवाई अड्डों, मॉल और बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। पार्टी ऐसे विकास में विश्वास करती है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो।' उन्होंने आगे कहा, ‘मजदूरों, किसानों, कारीगरों और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही राजद का उद्देश्य है।’ संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र पर चिंता जताई लालू यादव ने आरोप लगाया, ‘देश में संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और लोकतंत्र नई चुनौतियों का सामना कर रहा है।’ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। राजद सिर्फ चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं- लालू अपने संदेश में लालू यादव ने कहा, ‘राजद केवल चुनाव लड़ने वाली मशीन नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है।’ उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और उनके मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की अपील की। जब सदन चलता है, तब तेजस्वी गायब रहते हैं- जमा खान बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। सत्तापक्ष लगातार उनके विदेश दौरे पर सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। 1 जुलाई को आयोजित स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम की तस्वीरें… लालू यादव बोले- ‘हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे’ तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे पर रहने के कारण पार्टी ने स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम 1 जुलाई को ही पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया था। इसे लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा के कारण कार्यक्रम पहले आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लालू प्रसाद यादव ने की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘पार्टी ने हमेशा संघर्ष किया है और आगे भी जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।’ तेजस्वी बोले- लालू नाम नहीं एक विचारधारा है तेजस्वी ने कहा, पार्टी को 30 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक कोई इस पर उंगली नहीं उठा सकता। “यह संघर्ष करने वाली पार्टी है और मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलकर लालू जी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे।” उन्होंने कहा- लालू यादव सिर्फ एक नाम नहीं हैं, बल्कि एक विचारधारा हैं, एक विज्ञान हैं, एक यूनिवर्सिटी हैं। इसलिए उन्हें गालियां दी जाती हैं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि सभी ओरिजिनल भाजपाई हो जाएं। लालू यादव ने न जाने कितने सांसद और मंत्री बनाए। सबको मौका दिया, सबको आगे बढ़ाया। अब फैशन हो गया है कि जो लालू यादव को गाली देगा, उसे बीजेपी आगे बढ़ाएगी। लालू यादव के बिना बिहार और देश की राजनीति की कल्पना नहीं की जा सकती। तेजस्वी यादव की बड़ी बातें बिहार का खजाना खाली है: तेजस्वी ने भाजपा और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार का खजाना खाली है। कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं, योजनाओं के लिए पैसा नहीं है, यहां तक कि विधायक फंड का पैसा भी रोक दिया गया है। कुछ बेईमान पदाधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।” सम्राट चौधरी को बताया अंगूठाछाप: उन्होंने कहा, सम्राट चौधरी अंगूठाछाप मुख्यमंत्री हैं। यह सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल पर चल रही है। जिस मुख्यमंत्री पर हत्या का केस है, जो खुद अपराधी है, उसके शासन में फर्जी एनकाउंटर होना स्वाभाविक है। सम्राट चौधरी को बिहार की चिंता नहीं है, बल्कि सरकार अमित शाह चला रहे हैं। पगड़ी नहीं संभाल पाए, बिहार क्या संभालेंगे: तेजस्वी ने आरोप लगाया, “गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी तक नहीं संभाल पाए और जाकर मुंडन करा लिया। जो अपनी पगड़ी नहीं संभाल पाया वो बिहार क्या संभालेगा।” अंतिम सांस तक बीजेपी और RSS से लड़ता रहूंगा: तेजस्वी ने कहा, बेईमान अधिकारी, सरकारी पैसे और स्वतंत्र एजेंसियों का दुरुपयोग करके ये लोग चुनाव जीतते हैं। मैं अंतिम सांस तक बीजेपी और RSS से लड़ता रहूंगा। कोई भी हमेशा सत्ता में नहीं रहता। हर किसी का समय तय है। आपसी लड़ाई मत कीजिए, पार्टी का नुकसान होता है: उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव में सीटें सीमित होती हैं। हमने सभी साथियों से धैर्य रखने को कहा था। सरकार बनने के बाद सभी को उचित सम्मान मिलेगा, लेकिन होता यह है कि लोग एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं। आपसी लड़ाई का नुकसान पार्टी और उन्हें होता है। हमारी पार्टी आज भी मजबूत है। कई लोग आए और गए, लेकिन पार्टी का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी उठा स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी गूंजा। पार्टी कार्यालय पहुंचे समर्थक छोटू छलिया ने कहा कि यदि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो उसे गोली नहीं मारी जानी चाहिए थी। उन्होंने बिहार में जातीय राजनीति का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप गीत भी प्रस्तुत किया।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 12:15 pm

70 हजार टीचर्स को टीईटी से बचाने की कोशिश:MP में 2005 से 2009 के बीच भर्ती शिक्षकों के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा स्कूल शिक्षा विभाग

एमपी के करीब 70 हजार टीचरों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से राहत दिलाने स्कूल शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगा। विभाग का तर्क है कि साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों ने पहले ही सरकारी चयन परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की थी, इसलिए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। यदि सुप्रीम कोर्ट यह दलील स्वीकार करता है, तो हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने अप्रैल में निर्देश जारी कर प्रदेश के स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के उन सभी शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने को कहा है, जिनकी नियुक्ति साल 1998 से 2009 के बीच, यानी शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून लागू होने से पहले हुई थी। इस आदेश से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें परीक्षा से छूट मिलेगी। वहीं, पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा। परीक्षा पास नहीं करने वाले टीचरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा पहले 31 अगस्त 2027 तय की थी। जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई है। 2005 से 2009 में भर्ती शिक्षकों को राहत दिलाने की तैयारी स्कूल शिक्षा विभाग साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए करीब 70 हजार शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से राहत दिलाने के लिए नया कानूनी प्रयास कर रहा है। इन शिक्षकों की नियुक्ति सरकार द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा के आधार पर हुई थी। हालांकि, यह परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नहीं थी और न ही इसे नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, विधि विभाग और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से राय लेने के बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर सकती है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया जाएगा कि साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती शिक्षकों ने पहले ही सरकारी चयन परीक्षा पास कर नियुक्ति प्राप्त की है, इसलिए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने से छूट दी जाए। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस याचिका में राहत मिलने की संभावना सीमित है, लेकिन शिक्षकों के हित को देखते हुए यह कानूनी पहल की जा रही है। यदि सुप्रीम कोर्ट राहत देता है, तो पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले करीब आधे शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है। फिलहाल मामला विचाराधीन होने के कारण विभाग के अधिकारी आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। व्यापमं के माध्यम से इन वर्षों में हुई शिक्षक भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग ने साल 2005-06 में पहली बार व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 2008-09 में भी व्यापमं के जरिए भर्ती परीक्षा कराकर शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं। वहीं 2010-11 और 2012-13 में गुरुजी और अनुदेशकों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई, जिसके बाद उन्हें अध्यापक के रूप में नियुक्त किया गया। दोबारा याचिका पर भी नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पात्रता परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए तो शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद विभाग और शिक्षक संगठनों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर आदेश में राहत की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कर दिया कि पात्रता परीक्षा देना अनिवार्य होगा और इस शर्त में कोई छूट नहीं दी जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षकों को आंशिक राहत देते हुए परीक्षा आयोजित करने की समय-सीमा एक साल बढ़ाकर अगस्त 2028 तक कर दी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जो शिक्षक पहली बार में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे, उन्हें बाद में होने वाली प्रत्येक पात्रता परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। ऐसे में अब स्कूल शिक्षा विभाग के पास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्रता परीक्षा आयोजित कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। 65 से अधिक याचिकों का खारिज कर चुका है सुप्रीम कोर्ट शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सुप्रीम कोर्ट 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर चुका है। ये याचिकाएं राज्य सरकारों, शिक्षक संगठनों और व्यक्तिगत शिक्षकों ने दायर की थीं। सभी ने 2025 के फैसले पर पुनर्विचार मांगा था। RTE एक्ट में पहले से न्यूनतम योग्यता हासिल करने की व्यवस्था अलग-अलग पुनर्विचार याचिकों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि TET परीक्षा कराने में समय और संसाधन लगते हैं, इसलिए दो साल की अवधि बढ़ाकर तीन साल की गई है। मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है जिन्हें RTE एक्ट 2009 लागू होने से पहले नियुक्त किया गया था और जिनके रिटारमेंट में पांच साल से अधिक समय बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के फैसले में कहा था कि ऐसे शिक्षकों को 1 सितंबर 2025 से दो साल के भीतर TET पास करना होगा। कोर्ट ने कहा कि राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन (RTE) एक्ट में पहले से व्यवस्था है कि सेवा में मौजूद शिक्षक भी तय समय में न्यूनतम योग्यता हासिल करें। कानून लागू होने के समय सेवा में रहे शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान था और उन्हें आवश्यक योग्यता हासिल करने का समय दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि संसद चाहती थी कि सभी शिक्षक न्यूनतम मानकों को पूरा करें। कोर्ट ने कहा कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की अधिसूचनाएं या अधीनस्थ नियम मूल कानून से ऊपर नहीं हो सकते, इसलिए किसी छूट के आधार पर TET की अनिवार्यता खत्म नहीं की जा सकती। बेंच ने कहा कि केवल नौकरी जाने की आशंका के आधार पर फैसला निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे बिना TET योग्यता वाले शिक्षक सेवा में बने रहेंगे और इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा पर पड़ेगा। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि 2011 के संशोधन से पहले नियुक्त शिक्षकों को करियर के बीच में TET पास करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और इससे सेवा शर्तों में अनुचित बदलाव होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह दलील भी खारिज कर दी। यह खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य:SC ने कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं, पात्रता परीक्षा जरूरी; 1 साल का अतिरिक्त समय मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:47 am

टोल टैक्स पर मंत्री का ज्ञान:बागेश्वर बाबा की शरण में शिक्षा मंत्री, प्रिंसिपल का 'पॉकेट मनी' प्रेम

बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:38 am

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना : फॉर्म 12 तक

बलौदाबाजार| कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार हेतु 31 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 1 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिया जाएगा। महासमुंद| बीएनवाईएस प्रथम व द्वितीय वर्ष की पूरक परीक्षा 20 से 24 जुलाई तक, सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्र श्री महावीर प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, नगपुरा निर्धारित है। 2024-25 बैच के छात्र ऑनलाइन और पूर्व छात्र ऑफलाइन आवेदन 9 जुलाई तक कर सकते हैं। महासमुंद| श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' में आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी गई है। इस योजना के तहत कक्षा 5वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी पोर्टल shramevjayate. cg. gov .in या चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा, चिकित्सा व पर्यावरण के लिए बढ़ाया सेवा का दायरा

बाड़मेर | महावीर इंटरनेशनल एपेक्स के स्थापना दिवस पर महावीर इंटरनेशनल केंद्र बाड़मेर ने महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में कार्यक्रम किया। संस्था ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत सघन पौधरोपण किया। नए शिक्षण सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विद्यालय प्रवेश कार्यक्रम भी हुआ। महावीर इंटरनेशनल एपेक्स ने इस साल 4 जुलाई को स्थापना दिवस पर पूरे भारत में शिक्षा व पर्यावरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। देश के चुनिंदा स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के विशेष कार्यक्रम में शामिल किया गया। इसमें बाड़मेर के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय को भी शामिल किया गया। कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए संस्था ने स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं को कॉपियां मुफ्त बांटी। महावीर इंटरनेशनल बाड़मेर के अध्यक्ष बाबूलाल संखलेचा ने कहा कि इस साल सेवा कार्यों का दायरा बढ़ाया गया है। पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। सचिव गौतम बोथरा ने कहा महावीर इंटरनेशनल समय-समय पर सेवा प्रकल्प चलाता है। सामाजिक कार्यक्रम करता है। यह सेवा यात्रा आगे भी जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

भारतीय शिक्षा व्यवस्था में संस्कृति को केंद्र में रखना जरूरी

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास व शासकीय आदर्श कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को न्यास का स्थापना दिवस भारतीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति व भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा के केंद्र में रखने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता मप्र लोक सेवा आयोग इंदौर के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा भारतीय संस्कृति व ज्ञान परंपरा को शिक्षा का आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वैदिक गणित, भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण, शिक्षक शिक्षा व आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को शामिल करने में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय लोकनायकों, लोकभाषाओं व लोक परंपराओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है। भारतीय ग्रंथों में निहित वैज्ञानिक दृष्टि को लंबे समय तक उचित महत्व नहीं मिला। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने की। उन्होंने कहा भारतीय शिक्षा दिवस हमारी ज्ञान परंपरा, संस्कृति व संस्कारों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मुख्य अतिथि राजेश गुप्ता ने कहा ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसके साथ विवेक और संस्कार जुड़े हों। जो जीवन जीने की सही दिशा दे, वही वास्तविक गुरु है। विशिष्ट अतिथि रामसागर मिश्र ने कहा शिक्षा में ज्ञान, स्वाभिमान और स्वावलंबन का समावेश जरूरी है। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम्, सरस्वती पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। डॉ. दिनेश पाटीदार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डॉ. अनिल पाटीदार ने किया, जबकि आभार डॉ. बीएस मुझाल्दा ने व्यक्त किया। अतिथियों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

UP के 10-लाख शिक्षक–कर्मचारियों का 1 करोड़ तक का बीमा:बेसिक शिक्षा विभाग और SBI के बीच 8 जुलाई को होगा ऐतिहासिक समझौता

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को 1 करोड़ तक का बीमा कवच मिलने जा रहा है। 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच इस पर समझौता होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक इस समझौते के तहत विभाग में कार्यरत 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा, दोनों तरह के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए बस इन कर्मचारियों का सैलरी खाता एसबीआई में खोलना होगा। इसका लाभ नियमित शिक्षक, अन्य सहयोगी कर्मचारी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मी, मिड–डे मील से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों ये लाभ मिलेंगे– बच्चों के लिए एड-ऑन कवर किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए अलग से वित्तीय सहायता (एड-ऑन कवर) का प्रावधान भी इस समझौते में किया गया है। योगी सरकार ने संविदा कर्मियों का भी पूरा ध्यान रखा है। इन्हें वेतन के आधार पर दो श्रेणियों में लाभ मिलेगा। श्रेणी 1: 10,000 से अधिक मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी श्रेणी 2: 10,000 से कम मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 9:39 pm

जेएनयू छात्रसंघ संयुक्त सचिव की तबीयत बिगड़ी:अस्पताल में भर्ती कराए गए दानिश अली, प्रदर्शनकारियों ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली की तबीयत शनिवार को भूख हड़ताल के सातवें दिन गंभीर रूप से बिगड़ गई। छात्र संगठन आइसा के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे उन्हें डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया। संगठन का दावा है कि लगातार उपवास के कारण उनका ब्लड शुगर स्तर घटकर 46 एमजी/डीएल पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा और आईवी फ्लूइड चढ़ाया गया। अस्पताल ले जाते समय जंतर-मंतर पर मौजूद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्र संगठन का कहना है कि दानिश अली समेत आंदोलन में शामिल छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 से अधिक प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल आइसा के मुताबिक, दानिश अली के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक सहित 20 से अधिक प्रदर्शनकारी अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आइसा ने कहा, दानिश अली की बिगड़ती तबीयत आंदोलन की गंभीरता को दिखाती है। सरकार को तत्काल छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करना चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 8:48 pm

NCZCC में कला शिक्षा, रोजगार पर विमर्श:डॉ. सचिन सैनी बोले: कला शिक्षा बनाती है आत्मनिर्भर युवा, नई नीति में भूमिका अहम

प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) द्वारा आयोजित संवाद श्रृंखला 'विमर्श' के तहत शनिवार को 'कला शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा' विषय पर एक परिचर्चा हुई। इस कार्यक्रम में कला शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि बदलते समय में कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता का मजबूत आधार बन रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय, मुख्य वक्ता डॉ. सचिन सैनी और राज्य ललित कला अकादमी के अभिनव दीप ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. सचिन सैनी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग में सहायक आचार्य हैं। मुख्य वक्ता डॉ. सचिन सैनी ने कहा कि कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर की पहचान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कला शिक्षा का उद्देश्य केवल कलाकार तैयार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, कौशल, संवेदनशीलता और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी है। डॉ. सैनी के अनुसार, यदि कला को तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जाए, तो यह युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने अपने व्याख्यान में कला शिक्षा की पारंपरिक विरासत से लेकर आधुनिक समय में उसके बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। डॉ. सैनी ने डिजाइन, डिजिटल आर्ट, एनीमेशन, संग्रहालय, कला संरक्षण, सांस्कृतिक संस्थानों, कला शिक्षण, शोध और रचनात्मक उद्योगों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की व्यापक संभावनाएँ बताईं। डॉ. सैनी ने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में कला शिक्षा की बढ़ती उपयोगिता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में कला शिक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता को व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कला शिक्षा और करियर से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. सैनी ने सरल और तथ्यपरक उत्तर दिए। कार्यक्रम के अंत में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया। इस परिचर्चा में बड़ी संख्या में कला प्रेमी, विद्यार्थी, शोधार्थी और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 8:11 pm

'सनातन परंपरा को जीवंत रखने में गुरुकुल महत्वपूर्ण':पूर्व राजद प्रत्याशी ने शिवहर में वैदिक शिक्षा व्यवस्था की सराहना की

शिवहर विधानसभा के पूर्व राजद प्रत्याशी नवनीत कुमार झा ने शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुलम वेद विद्यालय, बभनटोली का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गुरुकुल में अध्ययनरत बटुकों से मुलाकात की और वैदिक शिक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया। विद्यालय परिसर में नवनीत कुमार झा ने बटुकों से वेद, वेदांग, संस्कृत अध्ययन, दैनिक दिनचर्या और गुरुकुल परंपरा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों के वैदिक अध्ययन की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन ज्ञान परंपरा को जीवंत बनाए रखने में ऐसे गुरुकुलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। झा ने कहा कि शिवहर जैसे जिले में वैदिक शिक्षा का यह केंद्र स्थापित होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसे केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने गुरुकुल के संचालकों और आचार्यों के प्रयासों की प्रशंसा की। पूर्व राजद प्रत्याशी ने जोर दिया कि आज के दौर में जहां युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर हो रहे हैं, वहीं इस प्रकार के गुरुकुल उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में यह संस्थान वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। गुरुकुल के प्राचार्य पंडित जयकांत शास्त्री ने बताया कि यहां वेद, व्याकरण, धर्मशास्त्र, संस्कार, कर्मकांड, ज्योतिष और संस्कृत सहित अन्य सामान्य विषयों की विशेष तैयारी कराई जाती है। गुरुकुल परिवार ने नवनीत कुमार झा का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें संस्थान की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया गया। उनके आगमन से बटुकों और गुरुकुल परिवार में उत्साह का माहौल देखा गया।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 7:58 pm

शिक्षा मंत्री बोले- अंग्रेजी मीडियम स्कूल बंद नहीं होंगे:यह केवल अफवाहें हैं; जहां स्टूडेंट्स नहीं होंगे, ऐसी जगह निर्णय लिया जा सकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण के अवसर पर कोटा में भी जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। शहर के सियाम ऑडिटोरियम में हुए आयोजन में शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से करीब 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग एक लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया- यमुना जल परियोजना का लाभ शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों तक पहुंचेगा, जिससे लगभग 75 लाख लोगों को पेयजल राहत मिलेगी। अंग्रेजी माध्यम स्कूल बंद नहीं होंगे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को बंद किए जाने की खबरों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में विद्यार्थी ही नहीं होंगे, ऐसे विद्यालयों के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन जहां बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां के विद्यालय किसी भी स्थिति में बंद नहीं किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्यों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और इस संबंध में विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 7:19 pm

प्रभारी डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के निर्देश:मिर्जापुर में डीएम को निरीक्षण में मिली अनियमितताएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुधार के निर्देश

मिर्जापुर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) हलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार बिना पूर्व स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। साथ ही वे बिना अनुमति जिला मुख्यालय से बाहर पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए। दवा वितरण कक्ष की जांच में फार्मासिस्ट अजय कुमार कुशवाहा द्वारा दवाओं के वितरण का इंडेक्स तैयार न किए जाने तथा अभिलेखों का समुचित रखरखाव न होने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए फार्मासिस्ट को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार, दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने हलिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भटवारी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:42 pm

कांग्रेस का वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ धरना-प्रोटेस्ट:कैमूर में मांगें नहीं मानने पर 24 अगस्त को कफन यात्रा की चेतावनी

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना भभुआ में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने किया। मीडिया से बात करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि यह आंदोलन पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 30 जुलाई को अरवल से हुई थी, जिसके बाद आरा, बक्सर और सासाराम में भी प्रदर्शन किए गए। भभुआ में यह इसी कड़ी का हिस्सा था। ''सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा'' उन्होंने सरकार की वर्तमान शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने का सपना है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज चार-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जबकि वित्त रहित शिक्षकों के पास करोड़ों रुपये की भूमि और भवन उपलब्ध हैं, जो माननीय राज्यपाल के नाम पर पंजीकृत हैं। कांग्रेस सेवा दल की मुख्य मांग है कि सरकार इन कॉलेजों और स्कूलों का अधिग्रहण करे। साथ ही, वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करे। मुख्यमंत्री आवास के सामने कफन पदयात्रा निकाली जाएगी - डॉ. यादव डॉ. यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो सभी 38 जिलों का दौरा पूरा करने के बाद 24 अगस्त को पटना में मुख्यमंत्री आवास के सामने 'कफन पदयात्रा' निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक अब सेवानिवृत्ति के करीब हैं और भुखमरी की कगार पर हैं। इसलिए सरकार या तो उन्हें नियत वेतनमान दे या फिर कफन।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 4:57 pm

केटीयू में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस:रायपुर और हिसार विश्वविद्यालय मिलकर करेंगे जनसंचार शिक्षा में सहयोग, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर फोकस

रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में जनसंचार शिक्षा और शोध को मजबूत करने के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का विशेष दौरा किया। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई के साथ बैठक की और इस पूरे प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। जनसंचार में बनेगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बैठक में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि जनसंचार शिक्षा, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम किया जाएगा। इसी के तहत रायपुर विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। नई तकनीक और रिसर्च से जुड़ेंगे छात्र चर्चा के दौरान यह भी तय हुआ कि इस सेंटर के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। साथ ही, छात्रों को नई तकनीक, आधुनिक मीडिया और रिसर्च से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि इस पहल का मकसद जनसंचार शिक्षा में नया रोडमैप तैयार करना है, जिसमें अकादमिक सुधार, रिसर्च को बढ़ावा और रणनीतिक विकास शामिल रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया इंडस्ट्री और अकादमिक क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। इस सहयोग के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान (एक्सचेंज प्रोग्राम) के नए अवसर भी बनाए जाएंगे, जिससे शिक्षा और शोध दोनों स्तरों पर नई संभावनाएं खुलेंगी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 3:58 pm

कानपुर सांसद रमेश अवस्थी बोले:प्राथमिक स्कूल में पार्टी का बैनर लगाना गलत, सपा विधायक ने शिक्षा के मंदिर को बनाया राजनीति का अखाड़ा

कानपुर सांसद ने परमट के प्राथमिक स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के बच्चों को वितरित की गई स्कूल ड्रेस, और हेडमास्टर को सस्पेंड किए जाने पर विधायक पर स्कूल को राजनीतिक अखाड़ा बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक जुलाई को प्रधानाचार्य नवीन कुमार त्रिपाठी को मेरे द्वारा स्कूल में ड्रेस वितरित किए जाने की बात की गई थी। जिसका पेमेंट कर ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि 1 और 2 जुलाई को स्टाफ बाहर रहेगा, इसलिए दो दिन बाद का कार्यक्रम रख लीजिए। फिर एक जुलाई को अखिलेश का जन्मदिन मनाकर वहां ड्रेस वितरित किया जाना। स्कूल के क्लासरूम में राजनीतिक बैनर लगाकर बर्थ-डे मनाना, ये ठीक नहीं है। दैनिक भास्कर ऐप से कानपुर के सांसद ने शनिवार को दोपहर 12 बजे फोन पर बातचीत में बताया कि परमट के प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर नवीन से बात हुई थी कि एक जुलाई को विद्यालय में बच्चों को ड्रेस वितरित करनी है। लेकिन हेडमास्टर ने बताया कि स्कूल स्टाफ कहीं ट्रेनिंग पर बाहर जा रहा है, इसलिए उस दिन रहने दीजिए। उन्होंने मुझे 6 जुलाई की तारीख दी, क्योंकि 3 जुलाई को मुझे दिल्ली जाना था। इस पर मैंने कहा ठीक है। ड्रेस की बात भी हो गई थी, पेमेंट कर 30 जून को ही ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन परमट स्थित प्राथमिक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे सपा विधायक पॉलिटिक्स का अखाड़ा बना रहे हैं। स्कूल पर राजनीति करने का काम कर रहे हैं। जब इन्हें पता लग गया कि सांसद वहां स्कूल में ड्रेस वितरित करने जा रहे हैं, तो किसी तरह इन्हें खबर लग गई होगी। तो ये खुद ही वहां राजनीति करने पहुंच गए। अगर ड्रेस ही बच्चों के हित में वितरित करनी थी, तो वहां पार्टी और अखिलेश का बैनर लगाने की क्या जरूरत थी। विधायक लगातार उसी स्कूल को लेकर राजनीति कर रहे हैं। बस वो तो चाहते हैं कि बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी के घर के सामने पत्थर लग जाए। इस तरह की राजनीति कर रहे हैं। इसलिए केवल परमट स्कूल को राजनीति के लिए केंद्रित कर लिया है। शहर में कई प्राथमिक स्कूल थे, जहां जाकर वो स्कूल ड्रेस वितरित कर सकते थे। सपा विधायक से मेरा यही कहना है कि अगर विकास के कार्यों को देखकर आपका भी उसी तरह से काम करने का मन है, तो करिए, लेकिन इस तरह की राजनीति मत करिए कि बच्चों और एक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे केंद्र बनाकर वहां राजनीति की जाए। स्कूल में जब उस दिन गए, तो वहां न नरेंद्र मोदी पढ़ाने की बात पढ़ाई गई थी। वहां तो अचानक पहुंचे, तो बच्चों से बातचीत में भारत के प्रधानमंत्री का नाम पूछा। बच्चों ने प्रधानमंत्री का नाम बताया, वहीं बोर्ड पर लिखा गया। एक स्कूल में अखिलेश यादव का बैनर लगा रहे हो, क्या इस तरह की राजनीति ठीक है? स्कूल के हेडमास्टर की बात की जाए, तो अगर स्कूल में कोई इस तरह से बैनर-पोस्टर अंदर लगा रहा था, तो इसकी सूचना अपने अधिकारी को देने की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन उन्होंने नहीं दी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 1:00 pm

उमरिया में जर्जर स्कूल भवन हटाने पर विवाद:पंचायत और शिक्षा विभाग आमने-सामने, गिराने की जिम्मेदारी पर गतिरोध

उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। मानपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बरबसपुर स्थित शासकीय स्कूल में क्षतिग्रस्त भवन को हटाने का मामला पंचायत और शिक्षा विभाग के बीच विवाद का कारण बन गया है। बारिश में बढ़ा खतरा, कार्रवाई अधूरी जिले में कई स्कूल भवनों को पहले ही जर्जर घोषित कर हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कई जगहों पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। बारिश के मौसम में इन भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत का आरोप, शिक्षकों पर सहयोग न करने की बात ग्राम पंचायत बरबसपुर के सरपंच सौखी लाल यादव ने आरोप लगाया कि विभाग के निर्देश पर जेसीबी लेकर स्कूल परिसर में जर्जर भवन गिराने की कोशिश की गई, लेकिन स्कूल स्टाफ के सहयोग नहीं करने से काम रोकना पड़ा। विभाग का पक्ष, जिम्मेदारी पंचायत की बताई जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि सभी जर्जर भवनों को हटाने के लिए पंचायतों को पत्र जारी किए जा चुके हैं और यह जिम्मेदारी उन्हीं की है। वहीं, सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्री मुमताज खान ने कहा कि मामले में शिक्षकों से चर्चा कर समाधान कराया जाएगा और भवन हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 11:44 am

बरेली में TET का आखिरी इम्तिहान:17 केंद्रों पर उमड़े अभ्यर्थी, नौकरी चाहने वालों के साथ शिक्षक और शिक्षा मित्र भी दे रहे परीक्षा

बरेली में शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का तीसरा और आखिरी दिन है। जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। खास बात यह रही कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर सिर्फ शिक्षक बनने का सपना लेकर पहुंचे युवा ही नहीं, बल्कि पहले से कार्यरत शिक्षक और शिक्षा मित्र भी परीक्षा देते नजर आए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीईटी को सभी संबंधित शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जाने के कारण इस बार परीक्षा का स्वरूप पहले की तुलना में काफी अलग दिखाई दिया। तीन दिन में 37 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षातीन दिनों तक चली इस परीक्षा में जिले के 17 केंद्रों पर कुल 37,613 अभ्यर्थियों के शामिल हुए है। पहले और दूसरे दिन दो-दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई, जबकि शनिवार यानी अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा कराई जा रही है। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। समय से पहले पहुंचने के लिए कई अभ्यर्थी सुबह ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। दूसरे जिलों से भी पहुंचे परीक्षार्थीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए बरेली के अलावा आसपास के कई जिलों से भी अभ्यर्थी पहुंचे। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे और प्रमुख मार्गों पर सुबह से परीक्षार्थियों की आवाजाही बढ़ी रही। कई अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा मित्र भी परीक्षा देते नजर आए। पहले दो दिन दो पालियां, आखिरी दिन सिर्फ एकपरीक्षा के पहले और दूसरे दिन पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। समय का सख्ती से पालन कराया गया और निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामपरीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। पर्याप्त पुलिस बल के साथ केंद्रों की निगरानी की जा रही है। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया। सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इन 17 केंद्रों पर हुई परीक्षाजिले में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज (ब्लॉक ए और बी), एसवी इंटर कॉलेज, श्री पीसी आजाद इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विष्णु इंटर कॉलेज, श्री गुलाब राय इंटर कॉलेज, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज, बिशप मंडल इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और केपीआरसी कला केंद्र गर्ल्स इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। अब परिणाम का इंतजारतीन दिन तक शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। जिन युवाओं ने शिक्षक बनने के लिए परीक्षा दी है, उनके लिए यह परीक्षा भविष्य तय करने वाली है, जबकि कार्यरत शिक्षक और शिक्षा मित्र भी अब अपने परिणाम का इंतजार करेंगे।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 9:39 am

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

अब फेल होने पर भी नहीं छूटेगी पढ़ाई! दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग का ऐतिहासिक फैसला

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jun 2026 9:26 am