रोहतक की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) में 4 मई को दूसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 760 स्टूडेंट को डिग्री दी जाएगी। साथ ही 36 स्टूडेंट को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. अमित आर्य ने बताया कि दीक्षांत समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, सीएम नायब सिंह सैनी व शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। दीक्षांत समारोह में फिल्म एंड टेलीविजन के 2018 बैच के स्टूडेंट को भी डिग्री दी जाएगी, जिनका कोर्स पिछले 6 माह में दिन रात एक करके पूरा करवाया गया है। तरुण तहलानी के साथ काम कर रही पूजा सैनी सुपवा के डिजाइन विभाग की स्टूडेंट पूजा सैनी को डिग्री मिलने वाली है, जो फेमस फैशन डिजाइनर तरुण तहलानी के साथ काम कर रही है। वहीं, गुरुग्राम में सन्नी इंटरनेशनल एक्सपोर्ट हाउस में काम करने वाली दीपांशी व जयपुर में मोदी फर्नीचर में काम करने वाले सुनील को भी डिग्री मिलने जा रही है। 3 मई से लगाई जाएगी विजुअल आर्ट्स में प्रदर्शनी VC डॉ. अमित आर्य ने बताया कि विजुअल आर्ट्स विभाग में 3 मई से प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसका नाम अभिव्यंजना रखा गया है। यह प्रदर्शनी 8 मई तक चलेगी, जिसे पब्लिक के लिए 5 मई को खोला जाएगा। प्रदर्शनी में विजुअल आर्ट्स के बच्चों द्वारा किए गए काम को दर्शाया जाएगा। 2011 में चार कोर्सों से शुरू किया संस्थान बता दें कि कांग्रेस सरकार ने 2011 में 4 कोर्सों के लिए संस्थान की स्थापना की। जिसमें राज्य ललित कला संस्थान, राज्य डिजाइन संस्थान, राज्य फिल्म और टेलीविजन संस्थान, राज्य नगरीय योजना और वास्तुकला संस्थान शामिल रहे। ये संस्थान एमडीयू से संबंधित थे। 2014 में यूनिवर्सिटी का मिला दर्जा हरियाणा सरकार ने 2014 में चारों संस्थानों को अपग्रेड करते हुए 5 अगस्त 2014 को यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया। इसका नाम स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स रखा गया। वहीं, चारों संस्थानों को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर बनाया गया। 2018 में यूनिवर्सिटी का नाम बदला हरियाणा की भाजपा सरकार ने 2018 में यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर पंडित लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स कर दिया। मार्च 2023 में फिर से सरकार ने नाम में बदलाव कर पंडित की जगह दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स नाम कर दिया। 2021 में हुआ पहला दीक्षांत समारोह, अब दूसरा होगा दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स का पहला दीक्षांत समारोह यूनिवर्सिटी बनने के बाद नवंबर 2021 में करवाया गया। करीब साढ़े चार बाद अब दूसरा दीक्षांत समारोह 4 मई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 2017 बैच से लेकर 2021 बैच के स्टूडेंट को डिग्री प्रदान की जाएंगी।
रोहतक में 69वीं नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आई 27 टीम भाग ले रही है। टूर्नामेंट खेलने आई टीमों ने व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से खिलाड़ियों के रूकने की जगह में कुछ बदलाव किए गए है। नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट चैंपियनशिप की ओपनिंग सेरेमनी के दिन मध्य प्रदेश की टीम ने आरोप लगाया था कि उन्हें रात के समय ना पीने का पानी मिला, ना शौचालय व नहाने के लिए पानी मिला। एक कमरे में 16 खिलाड़ियों को रोका गया। गद्दों पर ना चद्दर थी और तकिए। मैस भी केवल एक जगह काफी दूर बनाई, जिससे खिलाड़ियों को परेशानी हुई। मध्य प्रदेश की टीम ने आरोप लगाया कि कमरे में एक कूलर था और रात के समय लाइट तक नहीं थी, जिसके कारण पूरी रात खिलाड़ी सो नहीं सके। खिलाड़ियों को हुई अव्यवस्था के बाद शिक्षा विभाग की तरफ से खिलाड़ियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर मंथन किया गया। कंट्रोल रूम व मैस हुई शिफ्ट शिक्षा विभाग की तरफ से पहले मैस व कंट्रोल रूम को वैश्य संस्था में बनाया गया, लेकिन खिलाड़ियों को हुई परेशानी के बाद मैस व कंट्रोल रूम को अब सेक्टर-3 स्थित मार्केट के पास कम्यूनिटी सेंटर में शिफ्ट किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके। इन स्कूलों से टीमों को दूसरी जगह किया शिफ्ट शिक्षा विभाग की तरफ से तक्षशिला व मानव रचना स्कूल में ठहरने वाली टीमों को अब नए बस स्टैंड के पास MDN स्कूल में रोका गया है। वहीं, MS सरस्वती स्कूल में रहने वाली टीमों को चेतन्य स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ियों को एसी रूम व अन्य सुविधाएं मिल सके। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयासजिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक का कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिन स्कूलों में खिलाड़ियों को परेशानी हो रही थी, उन खिलाड़ियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। खिलाड़ियों के खाने व पीने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। विभाग की टीम हर समय खिलाड़ियों के साथ मौजूद है।
शिक्षा मंत्रीजी ने पकड़ी 'टॉयलेट' वाली खामी:स्टंटबाज लड़की का 'चालान'; AEN के सामने 'सड़क-परीक्षण'
नमस्कार शिक्षा मंत्रीजी दौरे पर निकलते हैं और सरकारी स्कूलों का हाल सामने आ जाता है। श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में तो टॉयलेट पर सही से महिला और पुरुष तक नहीं लिखा था। जयपुर में स्टंटबाज लड़की की ‘रील’ पुलिस ने बना दी। बारां में ASP साहब का सिंघम अवतार दिखा और फलोदी में AEN जी की बात झूठी साबित हो गई। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. शिक्षामंत्रीजी ने पकड़ी 'टॉयलट' वाली गलती शिक्षा मंत्रीजी जब-जब औचक दौरों पर निकलते हैं, तब-तब कोई न कोई ऐसा गड़बड़झाला सामने आ ही जाता है कि सरकारी स्कूलों की पोल खुल जाती है। पिछले दिनों श्रीगंगानगर में शिक्षामंत्री जी ने 8वीं क्लास के बच्चे से 49 + 2 का सवाल पूछ लिया था। बच्चे के जवाब पर उन्होंने माथा पकड़ लिया था। श्रीगंगानगर के ही सूरतगढ़ में भी व्यवस्थाओं की सूरत उजागर हो गई। शिक्षामंत्रीजी एक उच्च माध्यमिक यानी 12वीं तक के स्कूल का दौरा करने पहुंचे। स्कूल का मेन गेट देख वे चौंके। स्कूल पर माध्यमिक विद्यालय लिखा था। मंत्रीजी ने सोचा गलती से 10वीं तक के स्कूल में तो नहीं पहुंच गए? मंत्रीजी ठीक जगह पहुंचे थे। बस स्कूल वालों ने क्रमोन्नत होने के बाद भी 5 साल तक बोर्ड पर उच्च जोड़ देने का तुच्छ कष्ट नहीं उठाया था। मंत्री जी स्कूल के अंदर दाखिल हुए। यहां टॉयलट चमाचम थे। ताखरांवाली ग्राम पंचायत के सरपंच (प्रशासक) ने टॉयलेट की दीवार पर नीले-पीले-लाल अक्षरों में मोटा-मोटा अपना नाम लिखवा रखा था- सरपंच भारत रतन। एक तरफ लाल तीर बनाकर पुरुष शौचालय लिखा था दूसरी तरफ महिला शौचालय। मंत्रीजी पुरुष शौचालय में घुसे। अंदर जाने पर वह महिला शौचालय निकला। महिला शौचालय के अंदर पुरुष शौचालय का सिस्टम था। मंत्रीजी भी एक ही जिले के दौरे पर कितनी बार माथा पीटते? खामी दुरुस्त करने के निर्देश देकर चुपचाप चल पड़े। 2 स्टंटबाज लड़की की पुलिस ने बनाई ‘रील’ जयपुर पुलिस ने एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में एक लड़की जयपुर की सड़कों पर बाइक का स्टंट दिखा रही है। बैकग्राउंड में गाना है। गाने के बोल हैं- हुस्न गली में सैकड़ों दीवाने हो गए गुम। गाने की बीट से भी तीव्र गति से एस लड़की सड़क पर इनफील्ड दौड़ा रही है। कारों को ओवरटेक कर रही है। बसों को ओवरटेक कर रही है। बाइक को रोड पर नागिन की तरह लहरा रही है। चलती बाइक पर खड़ी हो जाती है और हाथों को स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की तरह खोल देती है। स्क्रीन पर एक तरफ जयपुर पुलिस का लोगो नजर आ रहा है। नीचे लिखा है- पहले- स्टंट दिखाकर लाइक बटोर रहे थे। वीडियो आगे बढ़ता है और लड़की का चालान काटती पुलिस नजर आती है। पोस मशीन से लंबे-चौड़े चालान की रील निकल रही है। स्क्रीन पर लिखा है- अब यातायात पुलिस जयपुर का चालान देखकर सबक मिल गया। 3. ASP साहब का सिंघम अवतार बारां में बदमाशों ने खूब तांडव मचाया। व्यापारी को किडनैप किया। खेत में ले जाकर खूब मारा-पीटा। एक करोड़ की फिरौती मांगी। 14 लाख वसूल भी लिए। 15 लाख और देने का वादा लेकर कब्रिस्तान के पास पटक गए। पुलिस को यह खुली चुनौती थी। पुलिस की टीमों ने एक-एक कर 6 बदमाशों को दबोच लिया। सातवां मुख्य आरोपी फरार। मौके की नजाकत के अनुसार नगर परिषद को मुख्य आरोपी का मकान सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बना पाया गया। जेसीबी के साथ पुलिस और नगर परिषद टीम मोहल्ले में पहुंची और मकान ढहा दिया। कार्रवाई के बाद एएसपी साहब ने माइक-भोंपू संभाला और सिंघम के लहजे में पूरे मोहल्ले को चेतावनी दी-बदमाशी करके ये मत सोचना कि बच जाओगे। यही हश्र होगा। 4. चलते-चलते.. हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े-लिखे को फारसी क्या। हाथ में पहने कंगन को देखने के लिए आईने के क्या जरूरत है। वह तो प्रत्यक्ष दिख ही रहा है। कभी कभी प्रत्यक्ष होते हुए भी चीजें नहीं दिखती। जैसे फलोदी नगर परिषद के AEN साहब को नहीं दिखी। हुआ यूं कि लंबे समय से लोग सड़क की मांग कर रहे थे। सड़क बनने लगी। लोग खुश। लेकिन सड़क का हाल देखकर लोगों का माथा ठनका। सड़क हाथों से उखड़ रही थी। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। AEN साहब को मौके पर बुलाया गया। एक अति उत्साही ने पूछा- साहब, क्या आपके हिसाब से सड़क में जो मैटेरियल डाला है वो ठीक है? साहब बोले- ठीक है। इसके बाद एईएन साहब की आंखों के सामने ही सड़क की अग्नि परीक्षा हो गई। लोगों ने हाथों से सड़क उखाड़कर कहा- ये ठीक है? आप भी भ्रष्टाचारी हैं। इनपुट सहयोग- काका सिंह (श्रीगंगानगर), शुभम निमोदिया (बारां)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी।
दक्षता आधारित शिक्षा प्रणाली पर हुआ मंथन
लुधियाना| लुधियाना के काकोवाल रोड स्थित जीएमटी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में वीरवार को स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य संसाधन व्यक्तित्व मिस नफीस भांमी और मिस कनिका सचदेवा रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की नई नीतियों से अवगत कराना और दक्षता-आधारित वाले प्रश्नों के निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा करना रहा। सत्रों में इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसी प्रश्न-पद्धति से छात्रों में रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच विकसित करने में सहायता मिलती है। कार्यशाला के समापन पर स्कूल की प्रिंसिपल अमरजीत धालीवाल ने मुख्य संसाधन व्यक्तित्वों को फूलों के गुलदस्ते भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षकों से नए पाठ्यक्रम के प्रावधानों को अभ्यास में लागू करने की अपील की।
बैठक में अच्छी शिक्षा को लेकर की गई चर्चा
बोकारो | डॉ. राजेंद्र प्रसाद पब्लिक स्कूल रानीपोखर में कक्षा 8वीं, नवीं व 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गुरुवार को शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार की उपस्थिति में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा करना व अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित करना था।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा सिंधी एकेडमी की पहली महिला अध्यक्ष सुषमा जेठानी का स्वागत और सम्मान किया गया। यह स्वागत प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने अपने कार्यालय में किया। इस मौके पर सुषमा जेठानी ने कहा कि वे पूरे छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर काम करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि पहली बार महिला अध्यक्ष बनने से पूरे सिंधी समाज में खुशी का माहौल है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष धनेश मटलानी, रितेश वाधवा और सिंधु सभा के महामंत्री मुरलीधर शादीजा भी मौजूद रहे।
हिसार के सीसवाला के सीएससी केंद्र पर आज इलेक्ट्रिक स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा ने लाभार्थी छात्राओं को स्कूटी की चाबियां सौंपीं। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि परिवहन की समस्या के कारण छात्राओं को पढ़ाई में अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। स्कूटी मिलने से अब छात्राओं को भीड़भाड़ वाली बसों में यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। वे समय पर और सुरक्षित तरीके से कॉलेज पहुंच सकेंगी, जिससे उनके समय की बचत होगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगी। सरकार की इस योजना के तहत, हरियाणा श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों की बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इस अवसर पर रामचंद्र नंबरदार, छाजूराम महला, बीजेपी कार्यकारिणी सदस्य सतबीर खोवाल, डॉ. राजेश, सतबीर भाकर, जगदीश घोडेला, सतबीर जांगड़ा, राममूर्ति, रामनिवास, सतबीर, सतपाल, नेकीराम, सुरेंद्र, संजय, दिनेश, संदीप और प्रवीण घोड़ला सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। केंद्र संचालक राजकुमार घोड़ेला ने योजना की पात्रता शर्तें बताईं। इसके अनुसार, श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण और कम से कम एक साल की सदस्यता अनिवार्य है। आवेदक बेटी हरियाणा के किसी कॉलेज में अध्ययनरत हो, उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो और वह अविवाहित हो। साथ ही, परिवार में किसी के नाम पर पहले से कोई वाहन पंजीकृत नहीं होना चाहिए।
फिरोजाबाद में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक और मानसिक शोषण को रोकने तथा शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धीरेंद्र कुमार और बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से की। इस बैठक में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालक और अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान निजी विद्यालयों में फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, परिवहन शुल्क और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित अभिभावकों की शिकायतों पर गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग किसी भी स्थिति में अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। निजी विद्यालयों को शासन द्वारा निर्धारित शिक्षा अधिनियम, शुल्क नियंत्रण, मान्यता संबंधी प्रावधानों और पारदर्शी व्यवस्था का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। बीएसए आशीष कुमार पांडेय ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए कि विद्यालयों को शिक्षा का मंदिर माना जाए, न कि व्यावसायिक शोषण का केंद्र। उन्होंने अभिभावकों पर अनावश्यक किताबें, ड्रेस, कॉपी या अन्य सामग्री खरीदने का दबाव न बनाने और फीस संरचना में पूर्ण पारदर्शिता रखने पर जोर दिया। बैठक में मौजूद अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। इस पर दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यदि किसी भी स्कूल द्वारा नियम विरुद्ध शुल्क वसूली, उत्पीड़न या दबाव बनाया गया तो शिक्षा विभाग तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई करेगा। अधिकारियों ने दोहराया कि अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं और बच्चों की शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ या अनुचित दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। साथ ही, अभिभावकों से मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र सक्रिय किया जाएगा।
भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) 2024 का रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय करने को लेकर वीरवार हंगामा हो गया। एक तरफ बोर्ड प्रशासन रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय करना चाहता है। वहीं कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। जिसके कारण कर्मचारियों ने हड़ताल पर कर दी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संगठन के महासचिव सोमबीर पूनिया ने कहा कि एचटेट 2024 की ओएमआर सीट को डिस्ट्रॉय करने पर रोक लगाई जाए। जिसका सभी कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने हड़ताल की है। जबकि बोर्ड प्रशासन द्वारा गलत तरीके से रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय किया जा रहा है। जब बोर्ड कर्मचारियों को इसका पता लगा तो उन्होंने विरोध दर्ज कराया। इसलिए सभी कर्मचारियों ने हड़ताल की और कहां की गलत तरीके से रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय ना किया जाए। बता दें कि HTET-2024 के तीनों लेवल में कुल 3.31 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिसका रिजल्ट करीब 14 प्रतिशत रहा। इनमें से जिनमें से करीब 47 हजार परीक्षार्थियों को को सफलता मिली थी। रिजल्ट 101 दिन बाद जारी किया गया था। लेवल-1 यानी प्राइमरी टीचर व लेवल-2 यानी ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर में क्रमशः 16.2 व 16.4% विद्यार्थी सफल हुए। जबकि लेवल-3 यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर की परीक्षा में सिर्फ 9.6 प्रतिशत को ही सफलता मिली। HTET पास करने का मतलब सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं है, बल्कि सरकारी भर्ती में आवेदन करने की पात्रता भर है। अगले महीने से HTET-2025 की आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। हम समाचार को लगातार अपडेट कर रहे है…
राजस्थान में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में किसी भी तरह की आउटडोर गतिविधियां नहीं करने के आदेश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने आदेश जारी कर स्कूल प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गाइडलाइन के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान किसी भी प्रकार की आउटडोर खेल गतिविधि, ड्रिल या कैंप आयोजित नहीं किए जाएंगे। प्रार्थना सभा भी खुले मैदान के बजाय छायादार स्थान या कक्षाओं में कम समय के लिए आयोजित करनी होगी। विद्यार्थियों को भारी स्कूल बैग से राहत देने के लिए केवल आवश्यक पाठ्यपुस्तकें ही लाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में पेयजल और प्राथमिक उपचार की विशेष व्यवस्था शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में शुद्ध और ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए वाटर कूलर, मटके या अन्य उपयुक्त साधनों का उपयोग किया जाएगा। विद्यार्थियों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक स्कूल में फर्स्ट एड किट, ओआरएस और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रखना अनिवार्य किया गया है। परिवहन और यूनिफॉर्म में भी राहत निर्देशों के तहत स्कूल बसों और वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर रोक लगाई गई है। वाहनों में पीने के पानी और फर्स्ट एड किट की उपलब्धता भी अनिवार्य होगी। विद्यार्थियों को टोपी, गमछा और पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है। गर्मी को देखते हुए स्कूल यूनिफॉर्म में भी ढील दी गई है। छात्र-छात्राएं सूती, हल्के और आरामदायक कपड़े पहन सकेंगे। चमड़े के जूतों के स्थान पर कैनवास या कपड़े के जूते पहनने की अनुमति दी गई है। कक्षाओं और छात्रावासों में विशेष इंतजाम स्कूलों को सभी कक्षाओं में पंखों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने, पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक बिजली व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रावासों में भी पानी, बिजली, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। खेलकूद गतिविधियां केवल शाम के समय आयोजित की जाएंगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों को भी किया जाएगा जागरूक शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन समितियों, एसएमसी, एसडीएमसी और पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों और विद्यार्थियों को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इन निर्देशों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। क्या करें, क्या न करें
बिहार में शिक्षा विभाग के अंदर फर्जीवाड़े की जड़ें कितनी गहरी है, इसका अंदाजा विजिलेंस जांच की ताजा रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने राज्य भर के उन 1,346 नियोजित शिक्षकों की सूची जारी की है, जिन्होंने 2006 से 2015 के बीच फर्जी या इनवैलिड इंस्टीट्यूट के प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है। इस मामले में विजिलेंस के महानिदेशक ने कड़ा रुख अपनाते हुए नालंदा के नौ और शेखपुरा के पांच शिक्षकों समेत सभी संदिग्धों का पूरा ब्योरा जिला शिक्षा पदाधिकारियों से तलब किया है। निगरानी विभाग की जांच में देशभर के 10 ऐसे संस्थानों को चिन्हित किया गया है जिनकी डिग्रियां अमान्य हैं, लेकिन उनके आधार पर बिहार में एक बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से वेतन उठा रहे हैं। नालंदा जिले में मंदार विद्यापीठ के प्रमाणपत्रों पर सात और प्रयाग महिला विद्यापीठ के प्रमाणपत्रों पर दो शिक्षक कार्यरत पाए गए हैं। इसी तरह शेखपुरा में मंदार विद्यापीठ से तीन, प्रयाग महिला विद्यापीठ से एक और हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद से एक फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए बहाली का मामला सामने आया है। डीईओ से सैलरी और सेवामुक्त करने की जानकारी मांगी गई है विजिलेंस ने सभी डीईओ को भेजे पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा है कि इन शिक्षकों के खिलाफ अब तक नियोजन इकाइयों ने क्या कार्रवाई की है। महानिदेशक ने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि ये शिक्षक अभी भी विद्यालय में तैनात हैं या उन्हें सेवामुक्त कर दिया गया है। साथ ही उनके वेतन भुगतान की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी गई है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हिंदी विद्यापीठ देवघर के प्रमाणपत्रों पर हुआ है, जहां से 702 शिक्षकों ने डिग्रियां ली थीं। इसके अलावा दक्षिण भारती हिंदी प्रचार सभा मद्रास, काशी विद्यापीठ वाराणसी और हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद जैसे संस्थानों के नाम पर भी सैकड़ों शिक्षकों ने अमान्य सर्टिफिकेट पेश किए हैं। रिपोर्ट विजिलेंस को भेजा जाएगा नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने पुष्टि की है कि विजिलेंस की टीम ने जिले के नौ शिक्षकों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि ये शिक्षक अमान्य संस्थानों के दस्तावेजों पर बहाल हुए थे, अब विभाग उन पर की गई अब तक की कार्रवाई और उनके वर्तमान स्टेटस की रिपोर्ट तैयार कर विजिलेंस को भेजने की तैयारी में है। इस खुलासे के बाद से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में इन शिक्षकों पर प्राथमिकी के साथ-साथ वेतन रिकवरी की तलवार भी लटक रही है।
मणिपुर के राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका की सराहना की
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य के सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, सामाजिक विकास और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों की सराहना की।
समग्र शिक्षा के कर्मचारियों को 2-3 महीने बाद मिल रहा वेतन
बारां| पूर्व लोक जुम्बिश कर्मचारी, जो वर्तमान में समग्र शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, उन्हें वेतन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में बुधवार को पूर्व लोक जुम्बिश कर्मचारी समग्र शिक्षा जिला बारां इकाई ने कलेक्टर के माध्यम से राज्य परियोजना निदेशक स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में संघ अध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि वेतन भुगतान नियमित नहीं हो रहा है। बजट 2-3 महीने गुजरने के बाद आता है। इसी वजह से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में वेतन आहरण के दिशा-निर्देश जारी करने की मांग रखी गई। नियमित रूप से वेतन भुगतान कराने की मांग भी की गई। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष शंकरलाल सुमन, महामंत्री पंकज राठौर, पूर्व लोक जुम्बिश समग्र शिक्षा कर्मचारी संघ अध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा, मंत्री रामचंद्र बैरवा मौजूद रहे। बारां जिले के सभी पूर्व लोक जुम्बिश कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
शिक्षा निदेशक के आदेश, अब 30 मिनट का लंच:दफ्तर में गप्पे मारना व बिना बताए गायब रहना पड़ेगा भारी
सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और सीट से गायब रहने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर अब गाज गिरने वाली है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने एक कड़ा आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई कार्मिक या तो समय पर ऑफिस नहीं आते या फिर वर्किंग ऑवर्स के दौरान सीट से नदारद रहकर गप्पे मारते रहते हैं, जिससे आमजन के जरूरी काम अटक जाते हैं। आदेश के अनुसार अब सभी अधिकारी-कर्मचारियों को ऑफिस आते ही सबसे पहले उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) में हस्ताक्षर करने होंगे। इसके साथ ही, पूरे समय अपनी सीट पर मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि भोजनावकाश (लंच ब्रेक) के नाम पर कर्मचारी घंटों बाहर रहते हैं। अब सरकार के नियमों के अनुसार केवल 30 मिनट का ही समय लंच के लिए मिलेगा। ये हैं निर्देश लापरवाही पर कार्रवाई होगी: निदेशक सीताराम जाट ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों की पालना कठोरता से की जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई होगी। यह आदेश पिछले निर्देशों की निरंतरता में जारी किया गया है।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे ने कहा कि बालिका शिक्षा से देश प्रदेश व समाज की प्रगति अधिक सुसंगत और मजबूत होती है। इसलिए बालिकाओं को अच्छी शिक्षा दिलाएं जिससें समाज और परिवार प्रगति करें। यह बात उन्होंने बुधवार को पाली जिले के रोहट के चेंडा गांव में श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता गुरुकुल कन्या कॉलेज के छात्रावास के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा से दो परिवार शिक्षित होते है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है और आगे है। बालक हो या बालिका उन्हें अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए जिससे कि वे जीवन में आगे बढे और देश प्रदेश का नाम रोशन करे। उन्होंने साध्वी भगवती बाई के छात्रावास गुरुकुल निर्माण के लिए योगदान को सराहा। साथ ही कहा कि हमारे यहां पहले गुरुकुल पद्धति थी जिसमें हमारी संस्कृति, देव, सनातन धर्म की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि यहां पर महिला शिक्षा, संस्कारित समाज, नैतिकता, ईमानदार लोग तैयार हो। राज्यपाल ने महिलाओं की भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे धर्म समाज में महिलाओं को देवी का रूप माना जाता रहा है उन्हें दुर्गा, सरस्वती, मॉ काली, लक्ष्मी का रूप माना गया है। सरकारी योजनाओं के बारे में भी बतायाइस अवसर पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की योजना बेटी बचाओं बेटी पढाओ के बारे में बालिकाओं के जागरूकता के लिए लाई गई है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की जन्म दर कम होना हमारे लिए चिंता का विषय है। लड़का हो या लड़की सभी एक समान है यह भाव मन में रखना होगा।उन्होंने राजस्थान के वीरों, कला, धर्म, सस्कृति व विदेशी आक्रातांओं के आक्रमण के बारे में बताया साथ ही यहां के वीरता को बप्पा रावल की बहादुरी का उदाहरण दिया। दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारम्भइससे पहले कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन कर राज्यपाल ने शुभांरभ किया। भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यपाल का जनप्रतिनिधियों व संस्था के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। इससे पूर्व राज्यपाल का जिला कलक्टर डॉ रविन्द्र गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन ने गुलदस्ता देकरस्वागत किया। साथ ही पुलिस जवानों द्वारा राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर पाली भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, जिला महामंत्री दिग्विजय सिंह राठौड़, नारायण कुमावत, जिला उपाध्यक्ष देवीलाल मेघवाल, जिला मंत्री प्रतापसिंह जोधा, सिरोही सांसद लूंबाराम चौधरी, पूर्व सांसद देवजी पटेल, पूर्व मंत्री अमराराम, पाली विधायक भीमराज भाटी, पुखराज पटेल, त्रिलोक चौधरी, राहुल मेवाड़ा, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ बजरंगसिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज, उपखण्ड अधिकारी रोहट, सहित कॉलेज का स्टाफ व बालिकाएं, पुलिस प्रशासन के अलावा अधिकारी व आमजन मौजूद रहे। कल आएंगे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, 10 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर रहेगा प्रतिबंधमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गुरुवार को जिला पाली के रोहट क्षेत्र के नया चेण्डा में आना प्रस्तावित है। कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन मुस्तेद है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि ग्राम नया चेण्डा, तहसील रोहट के 10 किलोमीटर के परिधीय क्षेत्र में ड्रोन (यूएवी) के संचालन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 01 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उद्देश्य वीवीआईपी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी गुरूवार को पाली जिले के रोहट क्षेत्र के नया चैण्डा गॉव के दौरे पर रहेंगे।
'बेटे-बेटियों को एक समान समझो और ऊंची शिक्षा दिलाओ':गज सिंह ने कहा- शिक्षा ही समाज को आगे ले जाएगी
जोधपुर के पूर्व राजघराने के गज सिंह ने कहा- शिक्षा ही समाज को आगे प्रगति के पथ पर ले जाएंगी। इसलिए बेटे-बेटियों को एक समान समझो दोनों उच्च शिक्षित करो ताकि वे अच्छे मुकाम पर पहुंचकर समाज का नाम रोशन कर सके। वे बुधवार को पाली के इंद्रा कॉलोनी वीर दुर्गादास छात्रावास में दुर्गादास शिक्षा समिति पाली की ओर से नवनिर्मित कार्यालय भवन उद्घाटन एवं भवन विस्तार शिलान्यास कार्यक्रम में आए थे। लाखोटिया भजन संध्या में भी आ चुके है कार्यक्रम संयोजक अजयपाल सिंह हेमावास ने बताया- इससे पहले वे भैरूघाट पर राधा कृष्ण मंदिर के लोकार्पण समारोह में अतिथि के रूप में आए थे। नेमीचंद देवड़ा ने बताया कि साल 1989 में जोधपुर के पूर्व राजघराने के गज सिंह लाखोटिया भजन संध्या में भी अतिथि के रूप में आए थे। पाली पहुंचने पर रास्ते में जैन समाज, मुस्लिम समाज सहित कई समाजों और संगठनों से जुड़े लोगों ने उन पर फूल बरसाकर स्वागत किया। इस अवसर पर छात्रावास में पराक्रमी सिंह चोटिला, कानसिंह चिमनपुरा, लूण सिंह दूदीया, मनोहर सिंह रामासिया, चेतन सिंह झाला आदि भामाशाहों का सम्मान किया गया है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में सेक्रेटरी राजेंद्र सिंह डिंगाई, नारायण सिंह माणकलाव, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, पूर्व विधायक मारवाड़ जंक्शन खुशवीर सिंह जोजावर, समाजसेवी भंवर सिंह मंडली और संस्था अध्यक्ष गुलाब सिंह गिरवर और जगपाल सिंह बाला भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कार्यकारिणी अध्यक्ष गुलाब सिंह सोनगरा गिरवर, उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह कुंपावत उतवण, सचिव राजेन्द्र सिंह उदावत, डिंगाई, विक्रम सिंह सोनगरा, गिरवर, जवान सिंह कुंपावत, मानी, परबतसिंह कुंपावत, टेवाली, जवान सिंह जैतावत सरदार समंद, भवानी सिंह सोनगरा, सादड़ा, गजेन्द्र सिंह मेड़तिया, खौड़, जगपाल सिंह सोनगरा, बाला, राघवेन्द्र सिंह भाटी, बाबरा कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था में जुटे रहे। इसके साथ ही कार्यक्रम में डॉ त्रिभुवन सिंह, छोटू सिंह उदावत, पुष्पेंद्र सिंह कुड़की, महीराज सिंह चाणोद, गोपाल सिंह शेखावत, महेंद्र सिंह ठाटा, विक्रम सिंह माताजी गुड़ा, वीरेंद्र सिंह नरूका, सवाई सिंह जैतावत, भीम सिंह सोनिया,पर्बत सिंह वेलार, चंद्रेशपाल सिंह रातडी, मनोहर सिंह निंबली, पर्बत सिंह बागल, जितेंद्र सिंह थरासनी, झुंरार सिंह देनोक, महेंद्र सिंह बाता, प्रताप सिंह सोनाई मांझी, देवेंद्र सिंह मेंवी, प्रतापसिंह बिठिया, लक्ष्मण सिंह हेमावास, पुष्पेंद्र सिंह हेमावास, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रसिंह भाटी, मानवेंद्र सिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में राजपूत समाज के महिला-पुरुष कार्यक्रम में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण?
Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ...
भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को केवल व्यापारिक नजरिए से नहीं, बल्कि मानव क्षमता निर्माण के एक मजबूत आधार के रूप में देखा जाना चाहिए। यह बात शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और एसोचैम राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र ने कही। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित सेक्टोरल राउंड टेबल में उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते की सफलता केवल शुल्क में कमी, बाजार पहुंच या आर्थिक लाभ से नहीं आंकी जानी चाहिए, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि उसने मानव संसाधन, ज्ञान और संस्थागत विश्वास को कितना मजबूत किया। कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि भारत अपने विशाल जनसंख्या आधार और मजबूत उच्च शिक्षा प्रणाली के कारण एक बड़ी ताकत है, वहीं न्यूज़ीलैंड अनुप्रयुक्त शिक्षा, व्यावसायिक गुणवत्ता, सतत कृषि और शोध आधारित व्यावहारिक प्रणालियों में अग्रणी है। दोनों देशों की ये खूबियां एक-दूसरे के लिए पूरक हैं और यही इस समझौते की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस समझौते के केंद्र में शिक्षा और कौशल विकास को रखा जाना चाहिए। इसके तहत संयुक्त डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रम, अकादमिक क्रेडिट ट्रांसफर, योग्यता की पारस्परिक मान्यता, क्षेत्रीय कौशल साझेदारी और डिजिटल प्रमाणन प्रणाली जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कृषि, डेयरी विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यावरणीय प्रणालियों को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भारत और न्यूज़ीलैंड मिलकर व्यावहारिक और प्रभावी परिणाम दे सकते हैं। कुंवर शेखर विजेंद्र ने यह भी कहा कि इस समझौते में योग और आयुष को शामिल किया जाना खास महत्व रखता है। इससे भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर पहचान और विस्तार मिलेगा, जो निवारक और समेकित स्वास्थ्य प्रणाली के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
कैथल पहुंचे प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा:स्टंबल लैब का उद्घाटन किया, डीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट
कैथल में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने पूंडरी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से डीसी कैथल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टंबल लैब का उद्घाटन किया। इस लैब से प्रशिक्षित बच्चों के आत्मविश्वास को देखते हुए शिक्षा मंत्री प्रभावित दिखे और मौके पर ही घोषणा की कि स्टंबल लैब प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए योजना बनाई जाएगी। इससे छोटे-छोटे बच्चों का भी इतना आत्मविश्वास बढ़ा है कि वे सभी से पूरे उत्साह से बातचीत कर रहे हैं। स्टंबल लैब की कल्पना डीसी अपराजिता ने की कैथल डीसी अपराजिता के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को इससे काफी लाभ मिलेगा। स्टंबल लैब की कल्पना डीसी अपराजिता ने की थी। तीन माह पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट में बच्चों को मुख्य रूप से किसी एक काम में असफल होने पर निराश होने की बजाए, दोगुने उत्साह के साथ फिर से अगली गतिविधि में भाग लेकर सफल होने की प्रेरणा देना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया मंत्री महीपाल ढांडा दोपहर बाद स्कूल में पहुंचे। जहां डीसी अपराजिता सहित विधायक सतपाल जांबा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने इस प्रोजेक्ट का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने प्रोजेक्ट की जानकारी दी। इसके बाद डीसी अपराजिता ने पूरे प्रोजेक्ट के बारे में बताया। साथ ही मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अब तक हुई गतिविधियों, उनके परिणाम, स्टंबल लैब के तहत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों, उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया। प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने का ऐलान इसके बाद मंत्री ने चार कक्षाओं में जाकर स्टंबल लैब के तहत की जा रही गतिविधियों में भाग लिया। बच्चों से सवाल पूछे। मंत्री बच्चों के आत्मविश्वास से इतना प्रभावित हुए कि प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने का ऐलान कर दिया। डीसी अपराजिता का विजन है कि हम सभी को जीवन में कभी न कभी असफलता का सामना करना पड़ता है। उनका प्रयास है कि हमारे बच्चों को जब कभी किसी भी काम में असफलता का सामना करना पड़े तो वे उसे घबराकर सफलता का प्रयास करना बंद न करें। वे उस काम में रुचि लें और उस बाधा को पहचानें, जिस बाधा या स्टंबल या अवरोध के कारण वे उस काम में सफल नहीं हो सके। उस कारण को जानकर उसे दूर करें। अपने प्रयास में सुधार करें, निश्चित तौर पर उन्हें सफलता मिलेगी। साथ ही हर बच्चा कक्षा में उत्सुकता के साथ गतिविधियों में भाग ले।
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
स्कूलों में बनेंगी नशा मुक्ति समितियां कलेक्टर ने ली शिक्षा समीक्षा बैठक
श्रीगंगानगर। कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक हुई। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में पांच विद्यार्थियों की जागरूकता समिति बनाई जाए। ‘नशा मुक्ति कॉर्नर’ स्थापित हों। बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के लिए सभी को पुस्तकालय से किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
स्कूलों में बनेंगी नशा मुक्ति समितियां, कलेक्टर ने ली शिक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा बैठक
श्रीगंगानगर। कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक हुई। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में पांच विद्यार्थियों की जागरूकता समिति बनाई जाए। ‘नशा मुक्ति कॉर्नर’ स्थापित हों। बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के लिए सभी को पुस्तकालय से किताबें उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा बैठक में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, एचपीवी वैक्सीनेशन, स्कूलों में नामांकन, मिड-डे मील, पीएमश्री विद्यालय और टैबलेट वितरण जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग: दागी और व्यसनी शिक्षकों की बनेगी ब्लैक लिस्ट
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक माहौल सुधारने और शिक्षकों की छवि को स्वच्छ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने क्लीन-अप ड्राइव शुरू की है। इसे लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने आदेश जारी किया है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है। अब ऐसे शिक्षकों और कार्मिकों को चिह्नित किया जा रहा है जो शराब, तंबाकू, गुटखा जैसे व्यसनों के आदी हैं या जिनका आचरण अशोभनीय व आपराधिक प्रवृत्ति का है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी। स्कूल स्तर पर प्रधानाध्यापकों और साथी स्टाफ के माध्यम से गोपनीय रूप से जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग यह पता लगा रहा है कि कौन से शिक्षक स्कूल परिसर या अपने निजी जीवन में ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं, जो शिक्षक की गरिमा को धूमिल करती हैं। मायने साफ हैं कि आने वाले दिनों में राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अनुशासन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी होगी। यानी अनुशासनहीनत को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अप्रैल अंत तक भेजना होगी सूची इस मुहिम के पीछे विभाग का तर्क है कि शिक्षक समाज का दर्पण और बच्चों का आदर्श होता है। यदि शिक्षक स्वयं नशे का शिकार होगा या उसका आचरण संदिग्ध होगा, तो विद्यार्थियों के भविष्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा मंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ दागी कार्मिकों की सूची निर्धारित प्रारूप में अप्रैल के अंत तक अनिवार्य रूप से भेजें। सूची में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया गया है- कार्मिक का नाम एवं एम्प्लॉई आईडी। पद और वर्तमान पदस्थापन स्थान। व्यसन का विवरण (शराब, नशा, तंबाकू या अश्लीलता) और पूर्व में की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का ब्योरा। कदम स्वागत योग्य, सूची बनवा रहे -डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), उदयपुर
उज्जैन शिक्षा विभाग के डीईओ एवं डीपीसी ने मंगलवार को आकस्मिक निरीक्षण कर बड़ी कार्यवाही करते हुए 18 कर्मचारियों के उनके र्कायालय में नहीं मिलने पर वेतन काट दिया। सुबह करीब प्रातः 10.05 पर डीईओ महेंद्र खत्री एवं डीपीसी अशोक त्रिपाठी के दल ने बीआरसी उज्जैन ग्रामीण एवं शहर के कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। कार्यालय में केवल बीआरसी राजकुमार पाल उपस्थित मिले। उज्जैन ग्रामीण के 8 कर्मचारी एवं बीआरसी उज्जैन शहर विजय पगारे सहित उनके 9 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीईओ महेंद्र खत्री ने राजकुमार पाल को छोड़ अन्य सभी 18 कर्मचारियों का एक दिन वेतन काटने के आदेश दिए हैं। डीईओ ने बताया कि इस प्रकार से कार्यालयों का निरीक्षण आगामी दिवस में पूरे जिले में होगा। उन्होंने कहा कि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय , बीआरसी कार्यालय, संकुल कार्यालय ग्रीष्मावकाश में पूर्ण रूप से संचालित मिले सभी कर्मचारी अपने नियत समय प्रातः 10 बजे कार्यालय में उपस्थित हों और 6 बजे के बाद ही कार्यालय छोड़ें। अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस अवसर पर गिरीश तिवारी एडीपीसी समग्र शिक्षा भी उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने लंबित प्रस्तावों, मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों और नई स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नर्सिंग छात्राओं की नियुक्ति में सभी जिलों का विकल्प देने पर भी जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने बुधनी, दमोह और छतरपुर मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही आउटसोर्स पदों पर भर्ती के लिए सभी जिलों में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। नर्सिंग कॉलेजों में 59 राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए। नर्सिंग छात्राओं को सभी जिलों का विकल्प उप मुख्यमंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों की उत्तीर्ण छात्राओं की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी जिलों का विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं को अपनी पसंद के स्थान पर सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। बैठक में सागर में कैंसर अस्पताल और सिंगरौली में अस्पताल उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई। साथ ही एयर एम्बुलेंस संचालन, शव वाहन व्यवस्था, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती और 16 जिला अस्पतालों में नए पद सृजित करने के प्रस्तावों को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। रीवा-सतना के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ने रीवा और सतना मेडिकल कॉलेज के भ्रमण के दौरान सामने आए मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान और मैहर जिला अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ में मंगलवार को भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रांतीय कार्यालय का उद्धघाटन हुआ। इस दौरान योग गुरु रामदेव, शिक्षाविद अवध ओझा समेत कई दिग्गज पहुंचे। इस दौरान योग गुरु राम देव ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल से गुलामी शिक्षा से मुक्ति मिलेगी।केवल भारत ही नहीं दुनिया भर में इसका प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण नहीं दिया, तो वो 50% आरक्षण लेंगी। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि जैसे डॉक्टर के पास जाते ही परिवार के सदस्य को हम उसे समर्पित करते हुए सिर्फ बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते है, वैसे ही गुरु के समक्ष भी बच्चों को समर्पित करते हुए मन में कोई संशय नहीं रखना चाहिए। संत की लीलाओं को कोई जान नहीं सकता, और ये भी एक लीला हैं। भारतीय शिक्षा बोर्ड को संतों की लीला की तरह मानकर इसे अपनाए। उन्होंने भरोसा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, छपाई और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। यह बैठक स्कूलों के मौजूदा शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी, ताकि छात्रों को समय पर किताबें सुनिश्चित की जा सकें। गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है।
सरकारी स्कूल के बच्चों के मिड-डे मील में एक मरा चूहा मिला है। बच्चों को दाल परोसी जानी थी। उससे पहले ही भगोने में चूहा नजर आ गया। ये मामला अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली का है। स्कूल की शिकायत के बाद आज शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे और जांच की। एक दिन पहले हुआ था मिड-डे मिल सप्लाई स्कूल में करीब 120 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। एनजीओ की ओर से सोमवार को मिड-डे मील सप्लाई किया गया था। बच्चों को खाना परोसा जाना था। एक भगोने में दाल भरी हुई थी। बच्चों ने जैसे ही भगोने के ऊपर रखी थाली हटाई, मरा हुआ चूहा नजर आया। इसके बाद टीचर्स को शिकायत की। स्टाफ के सदस्यों ने तुरंत दाल का बर्तन अलग किया और मरे चूहे का फोटो लिया। गनीमत रही कि बच्चों को दाल परोसे जाने से पहले ही चूहा नजर आ गया था। अधिकारी बोले- लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई टीचर्स ने इस बारे में प्रिसिंपल को बताया। इसके बाद शिक्षा विभाग में शिकायत की गई। जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह ने जांच के लिए टीम गठित की। स्कूल पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्राम गोस्वामी ने कहा कि इस मामले की जांच कर रहे हैं, जिसकी भी गलती होगी उस पर कार्यवाही की जाएगी। --- ये खबर भी पढ़िए- डोमिनोज ने बिल्डर को वेज की जगह नॉनवेज पिज्जा भेजा:खाने के आधे घंटे बाद फोन करके बताया, पता चलते ही तबीयत बिगड़ी अजमेर में डोमिनोज ने शाकाहारी ग्राहक को वेज की जगह नॉनवेज पिज्जा भेज दिया। आधे घंटे बाद कंपनी ने फोन करके बताया कि पिज्जा नॉनवेज था। (पढ़िए पूरी खबर)
शिक्षा रत्न सम्मान से ममता झा सम्मानित
डौंडी| राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान 2025-26 का आयोजन रायपुर स्थित स्वामी आत्मानंद प्रो. जेएन पांडे शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। नवाचारी शिक्षकों के सबसे बड़े स्वप्रेरित समूह नवाचारी गतिविधियां समूह ने इसका आयोजन किया। इस अवसर पर राज्यभर के 160 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला औराटोला की सहायक शिक्षिका ममता झा को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान डॉ. रघु, एके सारस्वत, हिमांशु भारती, अरुण कुमार शर्मा एवं सुचिता पांडे द्वारा प्रदान किया गया। ममता झा को यह सम्मान सामुदायिक सहभागिता से शाला विकास विषय पर किए गए नवाचारों के लिए मिला। उनके प्रयासों से विद्यालय को समुदाय से श्रमदान, संसाधन सहयोग और सहभागिता लगातार मिल रही है। विद्यालय द्वारा भी समुदाय के लिए उपहार, न्योता भोज और पिकनिक जैसे कार्यक्रम से सहभागिता को मजबूत कर सकते हैं।
आरटीई के मुद्दे पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का असहयोग आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
बैकुंठपुर | छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का 1 मार्च से जारी असहयोग आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में कोरिया जिला संगठन से जुड़े निजी विद्यालयों में भी आंदोलन प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है। आंदोलन के तहत प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शासन के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं देने का निर्णय लिया है। बताया गया कि 17 अप्रैल को प्रदेशभर के प्राइवेट विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं 18 अप्रैल को सामूहिक रूप से विद्यालय बंद रखे गए। इसी कड़ी में 23 अप्रैल को सभी विद्यालयों ने शिक्षा मंत्री को डाक माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में प्रमुख मांग रखते हुए कहा है कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि शासकीय विद्यालयों में प्रति विद्यार्थी होने वाले व्यय के बराबर निर्धारित की जाए। वर्तमान में यह व्यय 22 हजार रुपए से अधिक बताया है।
आरटीई के तहत प्रदेश के निजी स्कूलों में निशुल्क के तहत दूसरे राउंड में 91 हजार विद्यार्थियों को सीट आवंटित की गई है। इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन अंतिम तिथि 28 अप्रैल तक किया जाएगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जबकि कमी होने पर आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। पहले राउंड में 3.06 लाख विद्यार्थियों को सीट आवंटित हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण करीब 50 हजार आवेदन खारिज कर दिए गए। अभिभावकों की शिकायतों के बाद सरकार ने सुधार का मौका दिया, जिससे 20 हजार विद्यार्थियों को राहत मिली। इसके बावजूद करीब 30 हजार अभ्यर्थी अब भी प्रवेश से वंचित रह गए हैं। यदि दूसरे राउंड के बाद भी सीटें रिक्त रहती हैं, तो शिक्षा विभाग 12 मई को तीसरे राउंड का आवंटन करेगा। विदित रहे कि शिक्षा सत्र 2026-27 में निशुल्क प्रवेश के लिए प्री- प्राइमरी और फर्स्ट कक्षा में प्रदेशभर से 6.25 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए गए हैं। जिसमें से दो राउंड में अब तक 3.97 लाख अभ्यर्थियों को सीट आवंटन किया गया है। यूं समझें सीट आवंटन का नया फॉर्मूला इस बार सरकार ने सीट निर्धारण के लिए नया तरीका अपनाया है। पिछले तीन वर्षों के नॉन-आरटीई एडमिशन डेटा का औसत लेकर कुल सीटें तय की गईं और उनमें से 25% सीटें आरटीई के तहत निर्धारित की गईं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कक्षा में 10 सीटें निर्धारित हैं और प्रमोशन से 8 छात्र पहले से हैं, तो शेष 2 सीटों पर ही आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा। संशोधन का मौका भी, 8 मई तक परिवेदना निस्तारण दूसरे राउंड के अभ्यर्थी 30 अप्रैल तक अपने दस्तावेजों में सुधार कर पुनः अपलोड कर सकते हैं। वहीं, इस चरण से जुड़ी परिवेदनाओं का निस्तारण 8 मई तक किया जाएगा। सेकंड राउंड का सीट आवंटन कर दिया गया है। दस्तावेजों के सत्यापन की अंतिम तिथि 28 अप्रैल निश्चित है। दस्तावेजों में संशोधन की आवश्यकता होने पर अभिभावक 30 अप्रैल तक संशोधन दस्तावेज भी रि-अपलोड कर सकेंगे।-चंद्र किरण पंवार, आरटीई प्रभारी, प्रारंभिक
शिक्षा मेला 1.0 में छात्रों को मिला ग्लोबल एक्सपोजर
भास्कर न्यूज | लुधियाना टीम आयुष जैन के सहयोग से 'शिक्षा मेला 1.0' के द्वितीय चरण का आयोजन कुंदन विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। इस शैक्षणिक मेले में 12 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों ने सहभागिता की। जिससे छात्रों को वैश्विक शैक्षणिक अवसरों का एक विस्तृत परिदृश्य प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्य ने किया। उद्घाटन के बाद सुबह10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक मेले को छात्रों एवं अभिभावकों के लिए खोला गया। इस मंच ने छात्रों को विविध शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का अन्वेषण करने, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित करने तथा मूल्यवान करियर मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु एक संवादात्मक अवसर प्रदान किया। माता-पिता भी उपस्थित रहे और उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनके बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक मार्गों और भविष्य की संभावनाओं को समझने में गहरी रुचि दिखाई दी। यह कार्यक्रम सभी उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और लाभकारी साबित हुआ।
शिक्षा परिषद का कमाल:सुस्ती में डूबा जल पखवाड़ा; 16 से 30 तक अभियान, आदेश 25 को, कई स्कूल बेखबर
सरकारी विभागों में लेटलतीफी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय जल शक्ति अभियान के तहत स्कूलों में 16 से 30 अप्रैल तक जल पखवाड़ा मनाया जाना था। हैरानी की बात यह है कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इसका आदेश 25 अप्रैल को जारी किया। ऐसे में 15 दिन चलने वाले अभियान के लिए स्कूलों के पास केवल तीन दिन ही बचे हैं। इससे शिक्षा विभाग में असमंजस की स्थिति बन गई है। अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक-2 अशोक कुमार मीणा ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को भेजे निर्देशों में बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए ‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन’ के तहत स्कूलों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल पखवाड़ा मनाया जाना है। आदेश देरी से जारी होने के कारण अधिकांश स्कूलों को इसकी जानकारी तक नहीं मिल पाई। कई संस्था प्रधानों और शिक्षकों ने बताया कि उन्हें अब तक ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। ऐसे में अभियान के अंतिम दिनों में औपचारिकताएं पूरी करने की नौबत आ गई है। परिषद ने गतिविधियों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए हैं, इससे जिला स्तर पर भ्रम और बढ़ गया है। केंद्र के थे निर्देश, जवाब देने से बच रहे अधिकारी आदेश में हुई देरी को लेकर भास्कर ने जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क कर कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन मामला उच्चाधिकारियों से जुड़ा होने से सभी बचते नजर आए। निर्देशों के अनुसार पहले दिन प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों और शिक्षकों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही विशेष सभाएं, एसएमसी-पीटीएम बैठकें, जल संरक्षण कार्यशालाएं तथा निबंध, चित्रकला, पोस्टर, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। स्कूलों की वेबसाइट और सूचना पट्टों पर भी जल संरक्षण संबंधी संदेश प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेट ओपन स्कूल फर्जीवाड़ा:शिक्षा विभाग ने साधी चुप्पी; एसओजी को जांच सौंपने से पहले लेंगे लीगल राय
राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में फेल से पास करने के लिए अंकतालिकाओं में फर्जी तरीके से किए गए संशोधन पर शिक्षा विभाग ने चुप्पी साध रखी है। खुद की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी विभाग ने मामला एसओजी को नहीं सौंपा है, जबकि स्टेट ओपन में एक संविदा कर्मी ने सुपर एडमिन बनकर 1107 अंकतालिकाओं में संशोधन कर दिए। इसमें नाम और जन्म तिथि बदलकर कई अभ्यर्थियों की अंकतालिकाएं दूसरे के नाम से जारी कर दी और कई अभ्यर्थियों को फेल से पास कर दिया। अब विभाग मामला एसओजी को सौंपने से पहले लीगल राय लेने की तैयारी कर रहा है। स्टेट ओपन में 5 साल में हुए इस फर्जीवाड़े को लेकर किसी को भनक तक नहीं लगी, जबकि वर्ष 2021 से लेकर अब तक इन सचिव और निदेशक के पद पर कई अधिकारी लग चुके हैं। डीओआईटी से मिलीभगत करके संविदा कर्मी अपना खेल करता रहा और स्टेट ओपन के यह अधिकारी आंख मूंदकर बैठे रहे। मामला सामने आने के बाद विभाग ने जांच कराई तो बड़ा खेल सामने आया। स्टेट ओपन ने भले ही संविदा कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी हो, लेकिन अभी तक आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। फर्जीवाड़े से किसने फायदा उठाया, रिकॉर्ड नहीं बड़ा सवाल यह है कि फर्जी तरीके से तैयार अंकतालिकाओं से अब तक किसने क्या फायदा उठाया। इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। मामले की एसओजी से जांच कराने पर नई परतें खुल सकती हैं। अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि शिक्षा मंत्री हमेशा कहते हैं कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करूंगा, इसलिए वे इस फर्जीवाड़े की जांच एसओजी को जल्द से जल्द सौंपे। संविदा कर्मी का चयन कौन सी चयन समिति ने किया और सुपर एडमिन के अधिकार किसने दिए, किसकी सिफारिश से दिए। इसकी भी जांच होनी चाहिए। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा कि स्टेट ओपन के फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट पर लीगल राय ली जाएगी। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग:ट्रांसफर, प्रमोशन सहित 12 शिकायतें ऑनलाइन दर्ज होंगी
शिक्षा विभाग में शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं को सीधे अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) तक पहुंचाने के लिए नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। एसीएस शिक्षा राजेश यादव ने सचिवालय और शिक्षा संकुल स्थित कार्यालय के बाहर QR कोड लगवाए हैं। इन्हें स्कैन कर शिक्षक-कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति समस्या ऑनलाइन दर्ज कर सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जो दूरदराज के जिलों से एसीएस से मिलने आते हैं, लेकिन अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं होने पर बिना समाधान लौटना पड़ता है। अब ऐसे लोग QR कोड स्कैन कर शिकायत सीधे भेज सकेंगे। फॉर्म को ‘एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म’ नाम दिया गया है। शिक्षा विभाग में 5 लाख से अधिक शिक्षक-कर्मचारी कार्यरत हैं। बता दें कि एसीएस यादव ने 23 मार्च को कार्यग्रहण किया था। इन समस्याओं के लिए कर सकेंगे आवेदन 12 तरह की शिकायतों का विकल्प है। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन-सीनियरिटी-डीपीसी, पे फिक्सेशन-एरियर, पेंशन-रिटायरमेंट बेनेफिट, कोर्ट केस, भवन-आधारभूत सुविधा या स्कूल सुरक्षा, शाला दर्पण या डिजिटल पोर्टल इश्यू, स्कॉलरशिप-मिड-डे मिल या यूनिफॉर्म, संस्कृत एजुकेशन या बाल वाटिका, एडमिनिस्ट्रेटिव शिकायत या जांच, नो स्पेशिफिक ग्रीवांस और अन्य श्रेणियां शामिल हैं। सचिवालय-शिक्षा संकुल में एसीएस कार्यालय के बाहर लगे QR QR कोड स्कैन करते ही मोबाइल पर ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। इसमें शिकायतकर्ता को अपना ईमेल, नाम, मोबाइल नंबर, पद और पोस्टिंग का जिला भरना होगा। इसके बाद शिकायत किस तरह की है, यह चुनना होगा। संबंधित विभाग और संबंधित अधिकारी का नाम व पद भी दर्ज करना होगा। इसके बाद समस्या संक्षेप में लिखकर उससे जुड़े दस्तावेज अपलोड किए जा सकेंगे। अंत में फॉर्म सबमिट करना होगा। हर सप्ताह रिव्यू “ऑनलाइन आने वाली शिकायतों का हर सप्ताह रिव्यू करेंगे। इससे पता चलेगा कि किस जिले से सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं और किस प्रकार की समस्याएं अधिक हैं। इसी आधार पर आगे का प्लान बनाकर राहत देने का प्रयास करेंगे।”-राजेश यादव, एसीएस, शिक्षा विभाग
सरकारी विभागों में विभागीय जांच के आदेश देना आसान है, लेकिन उन्हें समय पर पूरा करना मुश्किल साबित हो रहा है। इंदौर में शिक्षा, राजस्व, खनिज और नगरीय प्रशासन विभाग के 7 अधिकारियों-कर्मचारियों पर काम में लापरवाही व आर्थिक गड़बड़ी को लेकर विभागीय जांच लंबित है। इनमें कोई मामला 4 महीने पुराना है तो कोई 3 साल से अटका हुआ है। नियमों के मुताबिक जांच अधिकारी नियुक्त होने के बाद 6 महीने में रिपोर्ट और पूरी प्रक्रिया एक साल में समाप्त होना चाहिए। इंदौर के 7 मामलों को जोड़ें तो लंबित जांचों की कुल अवधि करीब 70 महीने से ज्यादा है। धार, खरगोन, खंडवा, आलीराजपुर, झाबुआ में पदस्थ अधिकारियों की भी जांच पेंडिंग निलंबित हो तो 45 दिन में चार्जशीट पेश होना जरूरी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 और सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार जांच अधिकारी की नियुक्ति की तारीख से 6 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। पूरी प्रक्रिया को 1 वर्ष के भीतर समाप्त करना जरूरी है। छोटे मामलों का निराकरण अधिकतम 150 दिन (5 माह) में किया जाना अनिवार्य है। यदि अधिकारी निलंबित है, चार्ज शीट 45 दिनों में जारी होना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में इसे 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम समय शेष है, उनके मामलों की सुनवाई प्रतिदिन कर इसे सेवानिवृत्ति से पहले समाप्त करना जरूरी है।
मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (RTE) एक्ट 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 मई 2026 (शाम 5 बजे तक) तय की है। जिला शिक्षा अधिकारी पठानकोट कमलदीप कौर ने इस संबंध में जानकारी दी। कमलदीप कौर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवार और जरूरतमंद परिवार इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकें और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।निजी स्कूलों में 25% सीटें आरक्षितउप जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री डीजी सिंह ने योजना के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत सभी प्राइवेट बिना सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है।केवल ऑनलाइन आवेदन ही होंगे मान्यअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। इच्छुक अभिभावकों को सरकारी आरटीई पोर्टल https://rte.epunjabschool.gov.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 2 मई के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और कोई नया आवेदन दर्ज नहीं हो सकेगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शीअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दाखिले की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। पहले की तरह ही ऑनलाइन ड्रॉ (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से बच्चों का चुनाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्रता मानदंड और अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों ने अपील की है कि इच्छुक माता-पिता समय रहते आवेदन करें ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके।
कोंडागांव जिले के पांच शिक्षकों को रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 25 अप्रैल को स्वामी आत्मानंद प्रो. जे.एन. पाण्डेय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्च माध्यमिक विद्यालय, रायपुर में दिया गया। यह आयोजन भारत के सबसे बड़े नवाचारी शिक्षा समूह 'भारत छत्तीसगढ़' द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों द्वारा संचालित स्व-प्रेरित नवाचारी गतिविधियों को पहचानना और सम्मानित करना था। इन शिक्षकों को मिला सम्मान कई चरणों में हुई चयन प्रक्रिया समूह प्रमुख संजीव सूर्यवंशी और जिला टीम ने बताया कि चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई। सबसे पहले वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। पूरे देश से 700 से अधिक और छत्तीसगढ़ से 400 से ज्यादा आवेदन मिले। इसके बाद दस्तावेजों की जांच, साक्षात्कार और क्रॉस इंटरव्यू के बाद अंतिम सूची जारी की गई। जिले में खुशी का माहौल कोंडागांव जिले के शिक्षकों को सम्मान मिलने पर जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान और जिला मिशन समन्वयक ईमल सिंह बघेल ने सभी शिक्षकों को बधाई दी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के उपसचिव रघु सर, समग्र शिक्षा के उपसंचालक ए.के. सारस्वत, रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, डीएमसी अरुण कुमार शर्मा और प्राचार्य सुचिता पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति, स्थानांतरण और अतिशेष प्रक्रिया को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति नियम 2025 फिलहाल न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और इन पर अंतरिम रोक लगी हुई है। ऐसे में पूर्व नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि तय क्रम पहले पदोन्नति, फिर ट्रांसफर और अंत में अतिशेष का पालन किया जाए। कार्यवाहक नियुक्ति और प्रभार की प्रक्रिया को दी चुनौती जबलपुर हाईकोर्ट में दायर याचिका में 20 जून 2025 को जारी उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्ति और प्रभार देने की प्रक्रिया को रोक दिया गया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पदोन्नति) नियम 2025 की वैधता अभी कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर अंतरिम रोक भी लगी है। राज्य के वकील ने भी इस तथ्य की पुष्टि की। इसी आधार पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि नए नियमों से प्रभावित हुए बिना, पूर्व प्रभावी प्रावधानों के तहत पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर इसे पूरा किया जाए। प्रभार देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्ति और प्रभार देने की प्रक्रिया को बिना विलंब शुरू किया जाए। यह प्रक्रिया संशोधित नियमों से प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि उन पर फिलहाल रोक लगी हुई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इन पदोन्नतियों का अंतिम निर्णय याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। साथ ही राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के सदस्य उपेंद्र कौशल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सबसे पहले पदोन्नति और प्रभार की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। इसके बाद ही स्थानांतरण और अंत में अतिशेष (Surplus) की कार्रवाई की जानी चाहिए। मोर्चा का मानना है कि यदि इस क्रम का पालन नहीं किया गया, तो प्रदेश के हजारों शिक्षकों के हित प्रभावित होंगे और प्रशासनिक असंतुलन की स्थिति बन सकती है। गलत क्रम से बढ़ सकता है विवाद शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि पहले ट्रांसफर या अतिशेष की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो पदोन्नति के पात्र शिक्षकों को नुकसान होगा। इससे कई पदों पर असंतुलन पैदा होगा और बाद में सुधार करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए प्रशासनिक दृष्टि से भी पहले पदोन्नति, फिर ट्रांसफर और अंत में अतिशेष की प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश के अनुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो शिक्षक संगठन आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
स्कूल वाहन पोर्टल पर अपलोड न करने पर:अम्बेडकरनगर में मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र
अम्बेडकरनगर जिले में 870 स्कूली वाहनों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जांच प्रक्रिया पूरी होने और सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के बाद इन वाहनों को स्कूलों में संचालन के लिए हरी झंडी दी जा रही है। शासन स्तर से यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल उपलब्ध कराया गया है। सभी स्कूल प्रबंधकों को अपने वाहनों से संबंधित पूरा विवरण इस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई भी विवरण अपलोड नहीं किया जाता है, तो ऐसे वाहनों को अनफिट मानकर स्कूलों में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। जिले में कुल 1265 स्कूली वाहन संचालित हैं। इनमें से अब तक लगभग 870 वाहनों को ही पोर्टल पर अपलोड किया जा सका है। यह प्रक्रिया अभी जारी है। पोर्टल पर प्रत्येक वाहन का पंजीकरण, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र अपलोड करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और उनके चरित्र प्रमाणपत्र भी अपलोड किए जाने हैं। उपसंभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सभी स्कूली वाहनों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो स्कूल अपने वाहनों का विवरण उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
धोबी महासंघ की बैठक में सामाजिक सुधार और शिक्षा पर जोर, शिक्षा रत्न सम्मान समारोह 5 को
भास्कर न्यूज | झुमरी तिलैया बजरंग नगर में अखिल भारतीय धोबी महासंघ, कोडरमा इकाई की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मनिंदर राम ने किया। जिसमें समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के मार्गदर्शन और समाज में एकता व समरसता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। जिला परिषद सदस्य महादेव राम ने अंधविश्वास और पाखंड पर चिंता जताते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच अपनाकर ही समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने युवाओं से जागरूकता फैलाने की अपील की। जिला सचिव प्रकाश रजक ने संगठन की मजबूती और एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता में निहित है। उन्होंने संगठन से जुड़े लोगों को पुनः सक्रिय करने और युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता बताई। अध्यक्ष मनिंदर राम ने समाज के समग्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, जागरूकता और संगठनात्मक एकता के माध्यम से ही सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। बैठक में सुशील कुमार और एम. चंद्रा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सहायता योजना बनाने का सुझाव दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 5 जुलाई को जयनगर में शिक्षा रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। मौके पर महेश रजक, विजय रजक, मिथलेश रजक, दुर्गा प्रसाद राम, प्रदीप राम, पवन रजक, विनोद बिहारी रजक, सहित अन्य मौजूद थे। इटखोरी | झारखंड अधिविद परिषद द्वारा आयोजित मैट्रिक दसवीं की परीक्षा 2026 के मेधावी तीन छात्र-छात्राओं को जिप सदस्या सरिता देवी, प्रतिनिधि भरत साव एवं मुखिया रंजय भारती आदि ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेधावी विद्यार्थियों के बेहतर रिजल्ट से क्षेत्र के अन्य बच्चों में भी एक प्रेरणा जगती है। इन प्रतिनिधियों ने सोनिया गांव के टॉपर प्रेम कुमार राणा के पुत्र अक्षय कुमार, शहरजाम के सुशील कुमार वर्मा की पुत्री सुप्रिया कुमारी एवं इसी गांव के दिलीप कुमार वर्मा की बेटी साधना कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला अफजाई करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
शिक्षा विभाग : पदोन्नत हुए 11881 व्याख्याताओं को काउंसलिंग का इंतजार
उदयपुर| शिक्षा विभाग में पिछले तीन साल की डीपीसी में पदोन्नत हुए 11881 व्याख्याताओं को काउंसलिंग कैलेंडर का इंतजार है। शिक्षा विभाग में 13 अप्रैल को हुई डीपीसी में 11881 सेकंड ग्रेड शिक्षकों का व्याख्याता पदों पर प्रमोशन हुआ है। लेकिन वर्तमान में शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल तक इनके यथास्थान कार्यग्रहण के आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के उच्च माध्यमिक स्कूलों में व्याख्याता के 20 हजार से अधिक पद रिक्त है। नया शिक्षा सत्र इस बार 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। ऐसे में पदोन्नत व्याख्याता जल्द से जल्द काउंसलिंग का कैलेंडर जारी कर पोस्टिंग की मांग कर रहे हैं। उधर, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेज कर एक से अधिक विषयों में चयनित शिक्षकों को पिछले साल की तरह सभी विषयों में काउंसलिंग का मौका देने की मांग की है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के लोकसभा में पास न होने पर भाजपा महिला जन आक्रोश कार्यक्रम चला रही है। इसी कार्यक्रम के तहत रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री और मथुरा के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने विपक्ष को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि आगामी चुनावों में इनको महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। परिसीमन से नहीं होना था किसी राज्य को नुकसान प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाली है, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के झूठ को बेनकाब करते हुए स्पष्ट किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। विपक्षी दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर प्रक्रिया को टालने की कोशिश कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक तकनीकी बहाना है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने हेतु इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ दृढ़ता से लड़ाई लड़ेगी। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कहा 16 और 17 अप्रैल 2026 को संसद में संविधान (131 वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही सदन में नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी पार्टियां देश की आधी आबादी की नजरों में हमेशा के लिए गिर गए। भाजपा विपक्ष के महिला विरोधी आचरण की निंदा करती है केंद्र और प्रदेश सरकार 16 और 17 अप्रैल 2026 को संसद में पूरे देश ने जो शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण विपक्षी गठबंधन का देखा, उसकी कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल संवैधानिक संशोधन या परिसीमन से जुड़े विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि भारत की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है। विपक्ष राजनीतिक बहानों और देरी की खड़ी करता है दीवार मंत्री ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि जब भी निर्णय-निर्माण में महिलाओं को समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी की दीवारें खड़ी कर देते हैं। विपक्षियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की साजिश, एक बार फिर उजागर हो गई। ये सभी दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। जन आक्रोश महिला पदयात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन पहुंचे। जहां उन्होंने महिला जन आक्रोश कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को संबोधित किया। इसके बाद स्मारक भवन से रंगजी चौराहा तक जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली गई। पार्टी की महिला पदाधिकारियों के साथ निकाली गई इस पदयात्रा में विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अखिलेश यादव और राहुल गांधी का फूंका पुतला महिला जन आक्रोश पदयात्रा के रंग जी चौराहा पहुंचने पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री और मथुरा के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने पुतला पर जमकर चप्पल भी बरसाते हुए अपने आक्रोश का इजहार किया। यह रहे मौजूद इस दौरान राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, MLC ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव,महामंत्री कुंजबिहारी चतुर्वेदी ,विनीत शर्मा, महानगर मंत्री कल्पना गर्ग,पूजा चौधरी,वृंदावन अध्यक्ष जितेंद्र वार्ष्णेय रोनू आदि मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा एक अभिनंदन समारोह में दिए गए “कांग्रेस महिलाओं से चिढ़ती है” बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे मिथ्या और जनता को गुमराह करने वाला बताया है। राखी गौतम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का बयान हास्यास्पद, और तथ्यों से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदन दिलावर झूठे भाषणों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करती आई है। इसके उलट उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां महिलाओं के अधिकारों को लेकर केवल खोखले दावे किए जाते हैं। गौतम ने कहा कि जिस पार्टी में महिला नेताओं के कद लगातार घटाए जा रहे हो,उसी पार्टी के मंत्री द्वारा कांग्रेस पर आरोप लगाना विडंबना है। दिलावर के कांग्रेस को दलित और महिला विरोधी बताने वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस ने महिला विधायकों को अवसर दिया है। साथ ही जिला स्तर पर भी महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें दलित वर्ग की महिलाएं भी शामिल रही हैं। राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सशक्त किया है। पंचायती राज में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण इसका उदाहरण है। इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तक, कांग्रेस ने महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में स्थान दिया है। राखी गौतम ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी जैसी नेताओं की राजनीतिक स्थिति किसने कमजोर की, महिला आरक्षण बिल को परिसीमन के नाम पर कौन टाल रहा है? कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के प्रति वास्तविक उदासीनता भाजपा में है, जहां महिला आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा, महिला नेताओं का अपमान हो रहा है और महिला अपराधों पर चुप्पी साधी जा रही है। अंत में राखी गौतम ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से अपने बयान के लिए देश की महिलाओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
शिक्षा से सशक्तिकरण पर पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
उज्जैन | नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत माकड़ौन महाविद्यालय में शिक्षा से सशक्तिकरण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य की अध्यक्षता में हुआ। छात्र-छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया। मीडिया प्रभारी डॉ. नरेंद्र सारिया ने बताया इसमें प्रथम श्याम सिंह, द्वितीय श्रुति पन्या और कुसुम उपाध्याय तृतीय स्थान पर रहीं। पोस्टरों में शिक्षा व महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलू दिखाए गए। रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। प्रतियोगिता की संयोजक डॉ. शबाना व सह-संयोजक अर्चना सोलंकी थीं। निर्णायक मंडल में डॉ. नीता जाधव और डॉ. शिवलाल मेवाड़ा शामिल थे।
शनिवार को जीएसटी और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अनुसार रोड स्थित रस्तोगी बुकमार्ट पर छापा मारा। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई यह जांच देर शाम तक जारी रही। अभिभावकों और कुछ स्कूल संचालकों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि कोर्स की किताबें खरीदने के लिए छात्रों पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। उनका दावा था कि इसमें कमीशनखोरी का खेल चलता है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बाजार में सस्ती उपलब्ध किताबें भी इसी दुकान से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती थीं। एक अभिभावक के अनुसार, हमें स्कूल से साफ कहा जाता था कि किताबें सिर्फ इसी बुकमार्ट से लें, वरना पूरी लिस्ट नहीं मिलेगी। नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व कर्मचारी ने खुलासा किया कि दुकान में कई बार बिलिंग और स्टॉक में अंतर रखा जाता था। कुछ बिक्री दूसरे नामों से दर्ज की जाती थी, जिससे टैक्स चोरी की आशंका बढ़ जाती है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक पंजीकृत फर्म के माध्यम से किताबों की बिक्री के दस्तावेज मिले हैं। इससे टैक्स चोरी और लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। टीम ने मौके से खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड, स्टॉक विवरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में कुछ संदिग्ध लेन-देन और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया है। सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कोर्स के नाम पर कमीशनखोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। एक अधिकारी ने कहा कि यदि स्कूल और दुकान के बीच किसी अवैध गठजोड़ का सबूत मिलता है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अधिकारियों की टीम सभी जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
एनआईटी जालंधर में दो दिवसीय अकादमिक समीक्षा बैठक शुरू, शिक्षा-शोध व प्रदर्शन पर मंथन किया
जालंधर | डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जालंधर में 24-25 अप्रैल को दो दिवसीय अकादमिक समीक्षा बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक का उद्देश्य संस्थान की शिक्षण-प्रणाली, शोध गतिविधियों और समग्र प्रदर्शन की समीक्षा कर सुधार की दिशा तय करना है। निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनौजिया, रजिस्ट्रार प्रो. अजय बंसल, डीन और विभागाध्यक्षों ने उपस्थित विशेषज्ञों का स्वागत किया। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) जे. एस. यादव भी मौजूद रहे। डीन (अकादमिक प्रशासन) प्रो. रमन बेदी ने स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। पहले दिन विभागीय प्रस्तुतियों के बाद पाठ्यक्रम, अध्यापन विधियां, लैब सुविधाएं, शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्लेसमेंट और भावी योजनाओं पर चर्चा हुई। दूसरे दिन केंद्रीय सुविधाओं की समीक्षा, शोध एवं नवाचार सम्मेलन, डिजाइन थिंकिंग लैब का उद्घाटन तथा समापन सत्र होगा। प्रमुख विशेषज्ञों में प्रो. जयंत मोरेश्वर मोडक, प्रो. एसके खरे, प्रो. केके शुक्ला, प्रो. तलारी त्यागराज, प्रो. दीपक बी. फाटक, प्रो. सुकुमार नंदी, प्रो. यूबी देसाई, प्रो. मोहम्मद अख्तर, प्रो. जे. रामकुमार और प्रो. के. मुरलीधर शामिल हैं।
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर राज्य सरकार और प्राइवेट स्कूलों के बीच चल रहे टकराव के बीच, सरकार ने निजी स्कूलों पर सख्ती शुरू कर दी है। एक ही दिन में दो आदेश जारी किए गए हैं। इसमें पहला आदेश मनमानी फीस वृद्धि रोकने और दूसरा दूसरा कॉपी-किताबों व यूनिफॉर्म के नाम पर चल रही कमीशनखोरी पर रोक लगाने से संबंधित है। हालांकि यह आदेश तब जारी हुआ है जबकि ज्यादातर अभिभावकों ने कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म खरीदी कर ली है। क्योंकि एक अप्रैल से ही सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में फीस समिति बनानी होगी और 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से अनुमति लेनी होगी। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी निजी स्कूल इन नियमों को तोड़ता है या तय सीमा से अधिक फीस वसूलता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ानी होंगी। साथ ही 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म और कॉपी किताब खरीदने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। मुख्य सचिव ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा है। दरअसल, नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही शिकायतें आ रही थीं कि निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहे हैं। साथ ही चुनिंदा दुकानों से ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें व स्टेशनरी खरीदने का दबाव बना रहे हैं। शेष|पेज 11 निजी स्कूलों को अपने यहां विद्यालय फीस समिति बनाना अनिवार्य नियमों के तहत हर निजी स्कूल को अपने यहां अनिवार्य रूप से एक विद्यालय फीस समिति बनानी होगी। यह समिति पिछले साल की फीस के मुकाबले एक साल में अधिकतम 8 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकेगी। अगर कोई स्कूल 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे जिला फीस समिति से विशेष अप्रूवल (अनुमोदन) लेना अनिवार्य होगा। निजी स्कूल हर साल 10%- 20% तक बढ़ा रहे फीस इस तरह का आदेश सरकार हर साल जारी करती है, इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल हर साल 10% से 20% तक फीस बढ़ा रहे हैं। मनमानी फीस वृद्धि को इस तरह समझा जा सकता है कि कई स्कूलों में फीस समिति तो बनी है लेकिन बैठकें ही नहीं होती हैं। जबकि कई स्कूल कुछ अभिभावकों को बुलाकर फीस वृद्धि के लिए पहले से तय फार्मेट पर हस्ताक्षर करवा लेते हैं। संसाधनों के नाम पर फीस बढ़ा दिया जाता है।
उदयपुर | जाने माने समाज शास्त्रीय एवं शिक्षाविद् डॉ. मोहन लाल चौबीसा का 88 वर्ष की उम्र में 23 अप्रैल को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। विद्या भवन रुलर इंस्टीट्यूट में समाज शास्त्र प्रोफेसर के रूप में 38 वर्ष तक सेवाएं दी। 28 वर्ष तक राजस्थान बाल कल्याण समिति में संयुक्त निदेशक तथा व्यवस्थापक के पद पर सेवा दी। वे सिंघानिया युनिवर्सिटी में प्रथम रजिस्ट्रार भी रहे। राजस्थान बाल कल्याण समिति (जेआर ग्रुप ऑफ कॉलेज) के विस्तार में जनजाति बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए 12 महाविद्यालय की स्थापना एवं संचालन में अहम योगदान रहा। संस्था के संयुक्त निदेशक के पद पर कार्य किया।
मप्र पुलिस ने लोगों से जुड़ाव के लिए एक पहल की है। भर्ती होकर आए नए आरक्षकों को गांवों में सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस की ट्रेनिंग शाखा ने पहली बार ‘विलेज कनेक्ट’ प्रयोग के तहत प्रदेश के 8 ट्रेनिंग सेंटरों के आसपास 64 गांव गोद लेकर 27 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कराई है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, अपराध की स्थिति, स्वच्छता, आंगनबाड़ी, खेल मैदान और पशुपालन आदि शामिल हैं। यह जानकारी संबंधित विभागों से साझा की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक कई गांवों में आज भी बेटियों को कई किमी दूर स्कूल जाना पड़ता है, आधे से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं, मोबाइल नेटवर्क नहीं है। कई जगह अवैध शराब व नशा सामाजिक संकट बन चुका है। शराब की वजह से पारिवारिक झगड़े बढ़े इंदौर के मोरौद गांव से हायर सेकंडरी स्कूल 10-12 किमी दूर है। परिवहन साधन न होने से बेटियां स्कूल नहीं जा पा रही हैं। सागर के भोलगढ़, गोडहर, लोही, खजुवा गांवों में अवैध शराब की बिक्री और नशा एक गंभीर मुद्दा है। उज्जैन के करोंदिया में शराब से पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे हैं। गांवों में 40-50% युवा बेरोजगार उमरिया के अंचला गांव में 1215 तो महरोई में 807 युवा बेरोजगार हैं। सागर के डूडर बनहोरी (50%), लिधोराखुर्द (45%) और पिपरिया (40%) में बेरोजगारी की दर बहुत ऊंची है। पचमढ़ी के राईखेड़ा में 39% युवाओं को काम की तलाश है। ग्वालियर के तालपुरा में भी ऐसी ही स्थिति है। पानी नहीं, पशु फसल उजाड़ रहे ट्रेनिंग का स्तर सुधारेगा विलेज कनेक्ट प्रोग्राम… अभी तक आरक्षकों को 9 महीने की ट्रेनिंग के दौरान इनडोर-आउटडोर ट्रेनिंग ही दी जाती रही है। विलेज कनेक्ट से नवआरक्षकों में आमजन से बात करने का सलीका आएगा, फील्ड पोस्टिंग की कठिनाइयों का भी अंदाजा होगा। - राजाबाबू सिंह, एडीजी ट्रेनिंग
यूपी बोर्ड में फेल होकर भी पास हुए 2.51 लाख छात्र क्या है माध्यमिक शिक्षा परिषद का वो जादुई नियम?
इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?
अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया ...
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश
पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

