हिमाचल प्रदेश के 155 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार की बहुप्रचारित मेरिट आधारित पोस्टिंग योजना संकट में पड़ गई है।
बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए NIOS ब्रिज कोर्स लांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ
बीएड के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में चयनित सहायक अध्यापकों के लिए छह माह के अनिवार्य ब्रिज कोर्स का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुधवार को नई दिल्ली में किया।
यूपी की 11508 प्राइमरी शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा वेटेज
UPESSC UP Primary Teacher Recruitment 2026: यूपी की 11508 प्राइमरी शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को वेटेज नहीं मिलेगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती में वेटेज देने का आदेश दिया था। राम शरण मौर्य के केस में नवंबर 2020 में आदेश आया था।
कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत (कॉन्सुल जनरल) बर्नाड लिंच ने बुधवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। इन मुलाकातों में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत करने और झारखंड के विकास में पारस्परिक सहयोग पर गहन चर्चा हुई। राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान राज्य में पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और कौशल विकास के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, वनों, झरनों और समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग से राज्य के इन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं, कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी। इस दौरान शिक्षा, मिनरल्स (खनिज), स्किल डेवलपमेंट, निवेश, खेल और पर्यटन में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुल-जनरल की वरिष्ठ अधिकारी एंजेलीना नायर भी मौजूद थीं।
पितृ विहीन बेटी को मिला शिक्षा सम्बल
सवाईमाधोपुर| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन के तहत चकचैनपुरा में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत पितृ विहिन बेटी किरण बैरवा के घर जाकर कार्यक्रम संयोजक बाबूलाल बैरवा ने बैग, शिक्षण सामग्री, जूते-मौजे, पैन, छतरी व आर्थिक सहयोग प्रदान कर आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए मिशन की ओर से सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान मुकेश वर्मा, किशोरीलाल मीना, मिशन संचालक बाबूलाल बेरवा सेवानिवृत प्रधानाध्यापक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
श्रमिकों को शिक्षा-सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना जरूरी
श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस पर बुधवार को राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति सचिवालय सभागार में ‘श्रमिक शिक्षा 2.0- विकसित भारत 2047 के लिए कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने में श्रमिक शिक्षा की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी हुई। दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने कहा कि श्रमिकों को शिक्षा के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना जरूरी है।
Agra News: शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण की सीख
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण की सीख
Shravasti News: बुद्ध की शिक्षाएं दिखाती हैं सही मार्ग
बुद्ध की शिक्षाएं दिखाती हैं सही मार्ग
Shahjahanpur News: शिक्षामित्र सुखपाल का गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
जैतीपुर। कुबेर गौंटिया प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार सुबह पुराना स्कूल भवन गिराए जाते वक्त बीम और मलबे में दबने से जान गंवाने वाले धुबला करीमनगर निवासी शिक्षामित्र सुखपाल कश्यप का शव बुधवार को गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
Fatehpur News: शिक्षामित्र के घर ताला तोड़कर 10 लाख के जेवर और नकदी चोरी
सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास इलाके में शिक्षामित्र के घर का ताला तोड़कर चोर करीब 10 लाख रुपये के जेवर और 10 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए।
फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर याकूतगंज चौकी के पास बुधवार शाम चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार शिक्षा विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी राहुल चौहान (38) की मौत हो गई। पुलिस उन्हें गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के समय उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में जेब से मिले मोबाइल और कागजात की मदद से परिजनों को सूचना दी गई। सिर में गंभीर चोट, हाथ-पैर में फ्रैक्चर राहुल चौहान कादरी गेट थाना क्षेत्र के मसेनी के रहने वाले थे। वह मैनपुरी के बेवर में शिक्षा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। बुधवार शाम याकूतगंज चौकी से कुछ दूरी पर एक चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया गया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और हाथ-पैर में भी फ्रैक्चर हुआ था। चर्चा है कि बाइक को पिकअप वाहन ने टक्कर मारी थी, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल से परिजनों को दी सूचना याकूतगंज चौकी पुलिस राहुल को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर दीपक तिवारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहचान न होने पर पुलिस ने तलाशी ली तो जेब से मोबाइल और कुछ कागजात मिले। मोबाइल से संपर्क करने पर उनकी बहन से बात हुई और परिवार को हादसे की जानकारी दी गई। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। कुछ समय पहले हुआ था बेटा परिजनों के मुताबिक, राहुल दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। कुछ समय पहले ही उनके यहां बेटा हुआ था। उनकी पत्नी बेटे के साथ इन दिनों मायके गई हुई थीं। राहुल की ससुराल कमालगंज में है। उनकी मौत से परिवार सदमे में है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विभाग से पूछा है कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति क्यों दी गई, जबकि बाकी याचियों को अब तक समान लाभ क्यों नहीं मिला। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। याचियों ने न्यायालय को बताया कि एक अंक के विवाद से प्रभावित 2249 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होना था। इसके बावजूद 7 मई 2026 को सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति मिली। याचियों का कहना था कि जब एक अभ्यर्थी को समान विवाद में नियुक्ति का लाभ मिला है, तो बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखने का कारण साफ किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जवाब मांगा है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल करियर निर्माण नहीं है, बल्कि मनुष्य निर्माण है : मोहन भागवत
New Delhi, 16 सितंबर . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आईआईएलएम विश्वविद्यालय एवं बनयान ट्री विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने कक्षा 10 से स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तक के छात्रों से संवाद करके उनके प्रश्नों के उत्तर दिए. शिक्षकों व छात्रों को ... Read more
भोपाल में अतिथि विद्वानों ने शिवराज सिंह चौहान के सामने 11 सितंबर 2023 की महापंचायत में किए गए आश्वासन की याद दिलाते हुए फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग रखी।
शिक्षक संघ का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18-19 सितंबर को नोहर में, शिक्षा पर होगा संवाद
नोहर में 18-19 सितंबर को राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन होगा। बदलते सामाजिक परिवेश, शिक्षक की भूमिका, शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक चुनौतियों और शिक्षक हितों पर चर्चा होगी।
दंगल: जंतर-मंतर आंदोलन के बाद शिक्षा पर चर्चा गंभीर या सिर्फ सियासत?
आज का दंगल देश में शिक्षा को लेकर हुए सियासी जागरण पर है...जब से दिल्ली में जंतर मंतर का आंदोलन हुआ है. जेन-जी और जेन-अल्फा के मुद्दों की चर्चा होने लगी है...कॉकरोच जनता पार्टी वाले चुनिंदा स्कूलों का ऑडिट करने लगे हैं...राहुल गांधी छात्रों की गूंज करते चल ही रहे हैं...बीजेपी सरकारें स्कूलों पर ध्यान देने लगी है...आज खबर आई कि अब यूपी के 14 हजार से अधिक बेसिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा. 300 करोड का फंड भी दे दिया गया....कॉकरोच जनता पार्टी इसे अपनी कामयाबी बताती है कि 15 सितंबर से यूपी के नोएडा में स्कूल ठीक करो अभियान क्या शुरू किया, सरकार स्कूलों को स्मार्ट बनाने की बातें करने लगी है. देखें...
अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दशमेश ऑडिटोरियम में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘हमारे राम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, विरासत, संस्कारों और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. अजय गुप्ता ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ना जरूरी है। परिवार और समाज भी युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नशे से दूर कर युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना लक्ष्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। युवाओं को शिक्षा, सेवा, अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। रामायण से रिश्तों और जिम्मेदारियों की सीख ‘हमारे राम’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रामायण में जीवन और रिश्तों से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश मिलते हैं। इसमें भाई, पुत्र और पति-पत्नी के रिश्तों में जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को समझाया गया है। भगवान राम का जीवन त्याग, सेवा, सत्य और दया का संदेश देता है। युवाओं को सकारात्मक दिशा देकर बनेगा ‘रंगला पंजाब’ उन्होंने कहा कि समाज में नफरत की जगह प्यार, सद्भावना और भाईचारे की भावना मजबूत होनी चाहिए। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और समाज में भाईचारा बढ़ाना ही खुशहाल और ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कानोड़ के डॉ. ललित कुमार चौधरी शिक्षा, स्वास्थ्य, योग और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। वे बच्चों और युवाओं के विकास, व्यक्तित्व बनाने और उनके अच्छे भविष्य के लिए मार्गदर्शन करते हैं। डॉ. चौधरी आज कई छात्रों और परिवारों के लिए प्रेरणा हैं। वे एक करियर काउंसलर और योग ट्रेनर हैं। वे बच्चों को उनकी काबिलियत और रुचि के हिसाब से सही रास्ता दिखाते हैं। साथ ही, वे उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति, आत्मविश्वास और अच्छे व्यक्तित्व को बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। डॉ. चौधरी शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं मानते। वे इसे स्वास्थ्य, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल से जोड़ते हैं।
खगड़िया के इंटर स्कूल महसौड़ी में बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक हुई। इसमें सदर विधायक बबलू कुमार मंडल शामिल हुए। बैठक में स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था, अनुशासन, साफ-सफाई, सुविधाओं और छात्रों की जरूरतों पर विस्तार से बात की गई। विधायक ने स्कूल की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीत नारायण सिंह से स्कूल की समस्याएं और जरूरतें पूछीं। विधायक ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने और छात्रों को अच्छा पढ़ाई का माहौल देने पर जोर दिया। परिसर सुरक्षित रखने चाहरदीवारी जरूरी - विधायक विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि शिक्षा समाज और इलाके के विकास की मजबूत नींव है। बच्चों को अच्छी शिक्षा और जरूरी चीजें देना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों की पढ़ाई के साथ उनके पूरे विकास पर भी ध्यान दें। बैठक में स्कूल की चाहरदीवारी बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने चाहरदीवारी बनाने समेत अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चाहरदीवारी जरूरी है। इसके लिए संबंधित स्तर पर पहल की जाएगी। विकास कार्यों को लेकर रखीं अपनी बातें उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं होने से ही बच्चों को बेहतर माहौल मिल पाएगा। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षक, अभिभावक, स्कूल प्रबंधन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोगों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी स्कूल से जुड़ी समस्याएं और विकास कार्यों को लेकर अपनी बातें रखीं। विधायक ने इन समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने का भरोसा दिया। इस मौके पर गौड़ा शक्ति पंचायत के मुखिया राजेश कुमार सिंह, सरपंच अर्जुन महतो, पंचायत समिति सदस्य उषा देवी, प्रोफेसर रतन कुमार, विंदेश्वरी महतो, विपुल कुमार, मनोज कुमार चौधरी, ललित चौधरी, अनिल प्रसाद सिंह, सुशील प्रसाद सिंह समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
यूसीसी का विरोध करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी इस्लाम की शिक्षा पढ़े : आचार्य प्रमोद कृष्णम
गाजियाबाद, 16 सितंबर . यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है. उन्होंने यूसीसी को समानता और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि इसका विरोध करने से पहले ओवैसी को इस्लाम की शिक्षाओं और समानता के सिद्धांत को ... Read more
यूसीसी का विरोध करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी इस्लाम की शिक्षा पढ़े - आचार्य प्रमोद कृष्णम
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बुधवार को खैरवाड़ा के महुवाल पंचायत मुख्यालय पर सरकारी सीनियर सैकंडरी स्कूल महुवाल में तीन नए क्लासरूम का उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री खराड़ी ने कहा कि गांवों का विकास राज्य और केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सबसे ज्यादा बजट खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा आदिवासी इलाकों की अनदेखी की। वहीं, भाजपा सरकार गांव, गरीब, किसान और आदिवासियों समेत समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस समारोह को पूर्व विधायक नानालाल अहारी, पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, जनजाति मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता शंकर लाल खराड़ी, भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन, भाजपा देहात जिला मंत्री अमित कलाल और नयागांव मंडल अध्यक्ष दुर्गा भगोरा ने भी संबोधित किया। शुरुआत में महुवाल प्रशासक नारायण परमार ने मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर कनबयी मंडल अध्यक्ष नवीन रावल, पूर्व मंडल अध्यक्ष धुलेश्वर वसोहर, मंडल महामंत्री मुकेश गामोट, पूर्व मंडल महामंत्री साकरचंद लबाना, एसडीएम शिवन्या गुप्ता और विकास अधिकारी डुगरलाल प्रजापत मौजूद रहे। इसी के साथ भाजपा नेता जीवालाल गरासिया, बलदेव खराड़ी, धर्मेंद्र कलाल, गटुलाल बारोठ, बच्चुलाल खराड़ी और स्कूल के प्रिंसिपल मोहन लाल परमार समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन साकरचंद बोडात ने किया।
हरियाणा के नारनौल में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश की स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था, किसान और सड़क व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनावों में बारां नगर परिषद के परिणाम का भी जिक्र किया। बारां में आप ने 60 में से 31 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इसे काम और विकास की राजनीति के प्रति लोगों के समर्थन के रूप में देखती है। स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल डॉ. गुप्ता ने रोहतक पीजीआई के जच्चा-बच्चा वार्ड की छत गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी एमआरआई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के विलय और विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट की स्थिति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। पार्टी की नीतियां बताई उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब में आप सरकारों ने सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने हरियाणा में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को लेकर पार्टी की नीतियों का उल्लेख किया। नशे और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया आप प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश में नशे और अपराध को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नारनौल और महेंद्रगढ़ में भी नशे की बिक्री से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से नशे की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। किसानों और सड़कों का मुद्दा उठाया डॉ. गुप्ता ने दक्षिण हरियाणा में फसल खराबे और मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी आवाज उठाती रहेगी। ये रहे मौजूद इस दौरान आप के जिला प्रधान गिरीश खेड़ा, ज्योति सैनी, करण सिंह, जोगिंदर खन्ना, सोमदत्त, मनीष खन्ना, विवेक भटनागर, राजेश कुमार, संजय सैनी, रमेश अग्रवाल कांटीवाल, रामदेव, आत्माराम सैनी और ललित शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सासाराम में जनजातीय महिलाओं-बच्चों की शिक्षा-स्वास्थ्य पर सेमिनार, कार्ययोजना पर हुई चर्चा
16 सितंबर, बुधवार: सासाराम में जनजातीय महिलाओं व बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और संरक्षण को लेकर सेमिनार आयोजित हुआ, जिसमें समस्याओं के आकलन और जिला कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
राजस्थान में फिल्म-टेलीविजन शिक्षा को नई दिशा, FTIR और सनराइजिंग सिनेविज़न एकेडमी में एमओयू
राजस्थान में फिल्म एवं टेलीविजन शिक्षा को नया मंच देने के लिए FTIR और सनराइजिंग सिनेविज़न एकेडमी के बीच एमओयू हुआ। पाठ्यक्रमों में छायांकन, अभिनय, निर्देशन, संपादन और फिल्म निर्माण सहित कई विषय शामिल होंगे।
यूपी में 15000 से अधिक शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने की घोषणा
यूपी में 15000 से अधिक शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने की घोषणा
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’
New Delhi, 16 सितंबर . राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने विषय विशेषज्ञों (एसएमई) के पैनल में शामिल होने के लिए अनुभवी शिक्षकों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया है. इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करना, अकादमिक ईमानदारी बनाए रखना ... Read more
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट'
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट'
शेखपुरा में संगीन मामलों के आरोपी किशोरों से मिले DM:रहन-सहन और शिक्षा-स्वास्थ्य की ली जानकारी
शेखपुरा में बुधवार को डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों के साथ मटोखर स्थित सुरक्षित स्थान (सेफ्टी प्लेस) का औचक निरीक्षण किया। यह सेफ्टी प्लेस संगीन मामलों के आरोपी किशोरों को रखने के लिए बनाया गया है। डीएम ने यहां की व्यवस्थाओं का घंटों तक जायजा लिया। किशोरों से की बातचीत, शिक्षा की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान डीएम ने सेफ्टी प्लेस में रह रहे किशोरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी शिक्षा, रहन-सहन और वहां मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने किशोरों को रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने की सलाह दी। स्वच्छ और सरल जीवन जीने का दिया संदेश डीएम ने किशोरों को शांतिपूर्ण और स्वच्छ जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरल और अनुशासित जीवन से आत्मसंतुष्टि मिलती है। साथ ही किशोरों को भविष्य में देश के सम्मानित नागरिक बनने के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था भी जांची डीएम ने किशोरों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ सेफ्टी प्लेस की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा में तैनात कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक श्वेता कौर, जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. तनवीर आलम और बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में स्कूल का बीम गिरने से जान गंवाने वाले शिक्षामित्र का शव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। दोपहर करीब एक बजे परिजनों ने रामगंगा नदी किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया। गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धुबला करीमनगर निवासी सुखपाल कश्यप कुबेर गौटिया प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। विद्यालय का एक हिस्सा काफी पुराना और जर्जर हालत में था, जिसे तोड़ने का ठेका भी उन्होंने लिया था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह भवन तोड़ने का काम देखने पहुंचे थे। बताया गया कि स्कूल के इंटरवल के दौरान बच्चों को पढ़ाने के बाद वह टूट रहे हिस्से का निरीक्षण करने गए थे। वहां बैठी एक रसोईया को उन्होंने दूसरी जगह जाने के लिए कहा। करीब पांच मिनट बाद उसी स्थान पर एक बड़ा बीम गिर गया और सुखपाल उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद उन्हें चारपाई पर लिटाकर वाहन तक पहुंचाया गया। गंभीर हालत में उन्हें बरेली के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी, चार बेटे और तीन बेटियां सुखपाल कश्यप के परिवार में पत्नी शीला देवी, चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उनके एक बेटे और एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी की शादी कुछ दिन पहले ही तय हुई थी। बुधवार को शव घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। ग्रामीणों ने बताया मददगार थे सुखपाल ग्रामीणों ने बताया कि सुखपाल कश्यप सभी से घुल-मिलकर रहते थे और जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद करते थे। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि भवन तोड़ने के दौरान उन्हें उस स्थान पर सावधानी बरतनी चाहिए थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने भी शिक्षामित्र की मौत पर दुख जताया है। शिक्षामित्र की मौत मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को फेसबुक पर दैनिक भास्कर की खबर साझा करते हुए मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने लिखा, “यह बेहद दुखद समाचार है कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक जर्जर स्कूल की बीम गिरने से शिक्षामित्र की मृत्यु हो गई। शिक्षामित्र के परिजनों के जीवनयापन के लिए सरकार समुचित मुआवजा दे। हर शिक्षामित्र का बीमा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
आरटीई की बकाया पुनर्भरण राशि को लेकर शिक्षा विभाग को ज्ञापन, भुगतान जल्द करने की मांग
भीलवाड़ा में आरटीई सत्र 2025-26 की बकाया पुनर्भरण राशि को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रारंभिक शिक्षा के विद्यालयों का भुगतान लंबित होने से वित्तीय और प्रशासनिक कठिनाइयों का मुद्दा उठाया गया।
जारी आदेश के तहत मनीष मिश्रा, भगवत जायसवाल और गुड़ लाल जगत को उनके वर्तमान विभागों से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत ने नुआखाई के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर में रहने वाले गांड़ा समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल नया अन्न खाने का पर्व नहीं है, बल्कि प्रकृति, धरती, अन्नदाता और कुल देवी-देवताओं के प्रति आभार जताने की परंपरा है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति, पूर्वजों और सामाजिक रिश्तों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि नुआखाई पर परिवारों में कुल देवी-देवताओं की पूजा कर सबसे पहले नया अन्न उन्हें चढ़ाया जाता है। इसके बाद परिवार के लोग नवान्न ग्रहण करते हैं। छोटे लोग बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं और समाज के लोग एक-दूसरे से मिलकर ‘नुआखाई जुहार’ करते हैं। उन्होंने कहा कि यही परंपरा समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करती है। एकजुट होकर काम करने की अपील सावित्री जगत ने कहा कि इस पर्व पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि कोई बेटी शिक्षा से दूर न रहे और कोई महिला अपने अधिकार व सम्मान के लिए अकेली न रहे। उन्होंने नशामुक्त, शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ें, लेकिन अपनी संस्कृति और पहचान को न भूलें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से नुआखाई की परंपराओं को आगे बढ़ाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने सभी को ‘नुआखाई जुहार’ और ‘नुआखाई भेंटघाट’ की शुभकामनाएं दीं।
गांवों में सड़क, शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता : खराड़ी
खैरवाड़ा के महुवाल में मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने राजकीय विद्यालय के नवनिर्मित तीन कक्षों का उद्घाटन किया। उन्होंने गांवों में सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और चिकित्सा सुविधाओं को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
यूपी में 12405 प्राइमरी टीचर के पदों पर निकली भर्ती, आज से करें आवेदन
pc: abplive उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) ने राज्य में 12,405 असिस्टेंट टीचर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस आज, 16 सितंबर, 2026 से शुरू हो रहा है और एलिजिबल कैंडिडेट कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अप्लाई कर सकते हैं। यह रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नंबर 05/2026 के तहत बेसिक और सेकेंडरी एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चलने वाले एडेड स्कूलों में खाली टीचिंग पोस्ट को भरने के लिए की जा रही है। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे एप्लीकेशन जमा करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। कैटेगरी के हिसाब से वैकेंसी डिटेल्स इस रिक्रूटमेंट में दो कैटेगरी के तहत असिस्टेंट टीचर की वैकेंसी शामिल हैं। असिस्टेंट टीचर अर्बन: बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत 11,508 पोस्ट असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी: सेकेंडरी एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत एडेड प्राइमरी स्कूलों के लिए 897 पोस्ट 11,508 अर्बन असिस्टेंट टीचर पोस्ट में से, 4,746 जनरल कैंडिडेट्स के लिए, 3,069 OBC के लिए, 1,116 EWS के लिए, 2,379 SC के लिए और 198 ST कैंडिडेट्स के लिए हैं। 897 अटैच्ड प्राइमरी वैकेंसी में से, 378 पोस्ट जनरल कैंडिडेट्स के लिए, 164 OBC के लिए, 7 EWS के लिए और 348 SC कैंडिडेट्स के लिए हैं। एप्लिकेशन की तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो 16 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। एप्लीकेशन फीस के पेमेंट की आखिरी तारीख भी 15 अक्टूबर है। कैंडिडेट्स 19 अक्टूबर, 2026 तक अपने एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। एप्लिकेंट्स को अप्लाई करने से पहले वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस पूरा करना होगा। कमीशन ने कैंडिडेट्स को सलाह दी है कि फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन में बताई गई सभी एलिजिबिलिटी की शर्तें और निर्देश देख लें। कौन अप्लाई कर सकता है? असिस्टेंट टीचर अर्बन पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ तय टीचर-ट्रेनिंग क्वालिफिकेशन, जैसे BTC, दो साल का BTC उर्दू, स्पेशल BTC, D.El.Ed., चार साल का B.Ed. या कोई दूसरी मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। कैंडिडेट्स ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) भी पास किया हो। असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी पोस्ट के लिए, एप्लीकेंट्स के पास ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से मान्यता प्राप्त BTC या D.El.Ed. होना चाहिए। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार या भारत सरकार द्वारा क्लास 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए आयोजित TET भी क्वालिफाई करना होगा। उम्र सीमा और एप्लीकेशन फीस अर्बन असिस्टेंट टीचर पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 को कम से कम 21 साल और 40 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। एलिजिबल कैंडिडेट्स को लागू नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी। OBC, EWS और दूसरी खास कैटेगरी के कैंडिडेट के लिए एप्लीकेशन फीस ₹1,000 है। SC और ST कैंडिडेट को ₹500 देने होंगे, जबकि दिव्यांग कैंडिडेट के लिए फीस ₹300 है। अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट अपनी एप्लीकेशन जमा करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं: UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। UP Super TET 2026 ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें और दिए गए क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। ज़रूरी एजुकेशनल और पर्सनल डिटेल्स डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। मौजूद ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन से एप्लीकेशन फीस भरें। एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें और भविष्य के लिए एक कॉपी डाउनलोड करें।
RRB recruitment 2026: 590 पैरामेडिकल पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: kalingatv रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने 590 पैरामेडिकल पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। भर्ती का विज्ञापन CEN 05/2026 के तहत है। भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस 15 सितंबर से शुरू हुआ था और 14 अक्टूबर को खत्म होगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार भर्ती के लिए अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन को ठीक से पढ़ लें। योग्यता हर पोस्ट के लिए अलग-अलग है। भर्ती में 590 पोस्ट हैं जिनमें कई हेल्थकेयर और पैरामेडिकल पोस्ट शामिल हैं, जिनमें नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, फार्मासिस्ट और दूसरी स्पेशल कैटेगरी शामिल हैं। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 15 सितंबर एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 14 अक्टूबर एप्लीकेशन फीस भरने की आखिरी तारीख: 16 अक्टूबर एप्लीकेशन करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 17 से 26 अक्टूबर स्क्राइब डिटेल्स जमा करने की तारीख: 27 से 31 अक्टूबर वैकेंसी की जानकारी: नर्सिंग सुपरिटेंडेंट फार्मासिस्ट डायलिसिस टेक्नीशियन ECG टेक्नीशियन लैबोरेटरी असिस्टेंट ग्रेड II रेडियोग्राफर/एक्स-रे टेक्नीशियन हेल्थ और मलेरिया इंस्पेक्टर ग्रेड II ऑप्टोमेट्रिस्ट ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: वैकेंसी के लिए एप्लीकेशन हर पोस्ट के लिए अलग-अलग होता है। कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन को ठीक से पढ़ना चाहिए। सिलेक्शन प्रोसेस: कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मेडिकल एग्जामिनेशन एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC और EWS: Rs 500 SC, ST, एक्स-सर्विसमैन, PwBD, महिला, ट्रांसजेंडर, माइनॉरिटी और EBC: Rs 250 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल RRB एप्लीकेशन पोर्टल पर जाएं। ज़रूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें। लॉग इन करें और CEN 05/2026 के तहत RRB पैरामेडिकल रिक्रूटमेंट 2026 चुनें। पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी ज़रूरी जानकारी भरें। एलिजिबल पैरामेडिकल पोस्ट और पसंदीदा ऑप्शन चुनें, जैसा लागू हो। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से देख लें। कन्फर्मेशन पेज या सबमिट किया गया एप्लीकेशन फॉर्म भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।
job news 2026: इसरो में निकली हैं कई पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरेनट डेस्क। आप भी अगर नौकरी सर्च कर रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स महेंद्रगिरि में नौकरी का शानदार अवसर है. आईपीआसी में टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए के 22 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। आवेदन की लास्ट डेट-5 अक्टूबर 2026 पदों के नाम-टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए कुल पद- 22 योग्यता- पदों के अनुसार आयु सीमा -उम्मीदवार की उम्र 5 अक्टूबर 2026 को 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट iprc.gov.in देख सकते हैं pc- shutterstock.com
शिक्षिका से दुर्व्यवहार-अश्लील हरकत के आरोप में प्रधान शिक्षक निलंबित, SC/ST एक्ट में FIR, दरभंगा में शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायक शिक्षक के 12,405 पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 16 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती के लिए स्नातक, शिक्षक प्रशिक्षण और टीईटी समेत निर्धारित योग्यता जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को आयुष विश्वविद्यालय के नियंत्रण से हटाकर निजी विश्वविद्यालयों को सौंपने की चल रही प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। महंत का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, फीस और डिग्री की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है। आयुष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद पहले ही चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को निजी विश्वविद्यालयों को सौंपने के प्रस्ताव पर अपनी असहमति जता चुकी है। इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई है। निजीकरण से फीस बढ़ने की आशंका महंत के मुताबिक, चिकित्सा और पैरामेडिकल शिक्षा निजी हाथों में जाने से उच्च शिक्षा महंगी हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ने का दावा उन्होंने किया है। उन्होंने कहा कि सीमित आर्थिक संसाधनों वाले छात्रों के लिए इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई मुश्किल हो सकती है। दो अलग व्यवस्था से डिग्री की साख पर सवाल नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर दोहरी व्यवस्था लागू करने से परीक्षा प्रणाली और डिग्री की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। उनका तर्क है कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को बदलने से पहले इसके शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रभावों का स्पष्ट आकलन होना चाहिए। महंत ने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरकार को प्रक्रिया रोकने और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने के निर्देश देने का आग्रह किया है। आयुष विश्वविद्यालय में अभी भी चल रही प्रवेश प्रक्रिया इधर, छत्तीसगढ़ में आयुष पाठ्यक्रमों के लिए 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आधिकारिक पोर्टल पर बीएएमएस, बीएचएमएस और बीएनवाईएस की काउंसलिंग से जुड़ी सूचनाएं जारी की गई हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 2,607 प्रवक्ता पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वान मंगलवार से उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित बंगले के बाहर धरने पर बैठे हैं। बुधवार सुबह करीब 200 अतिथि विद्वानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजरते वक्त रोक लिया। उन्होंने शिवराज को अपनी मांगें बताईं और 11 सितंबर 2023 के उनके आश्वासन याद दिलाए। इससे पहले बुधवार सुबह मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों के चार प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। हालांकि, उन्होंने फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने से इनकार कर दिया। अतिथि विद्वानों का कहना है कि जब तक नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर ठोस नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया बंद की जाए। अतिथि विद्वानों ने शिवराज को बताया कि उनके सामने सबसे बड़ा मुद्दा फॉलन आउट प्रक्रिया है। उन्होंने मांग पत्र भी सौंपा। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि विद्वानों के भविष्य की सुरक्षा के लिए नीति बनने तक उन्हें व्यवस्था में बनाए रखा जाए। 10 जुलाई के सम्मेलन में मिला था आश्वासन अतिथि विद्वानों के मांग पत्र के मुताबिक 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के सामने उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई थी। उस दौरान नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने का आश्वासन दिया गया था। सरकार की ओर से अतिथि विद्वानों के लिए हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति जल्द बनाने और लागू करने की बात भी कही गई थी। इस आश्वासन के बाद वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि विद्वानों में भविष्य को लेकर उम्मीद जगी थी। शिवराज ने 2023 में कहा था- फॉलन आउट नहीं होने देंगे अतिथि विद्वानों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 11 सितंबर 2023 के आश्वासन का भी उल्लेख पत्र में किया है। उनके मुताबिक भोपाल में अतिथि विद्वानों की महापंचायत में शिवराज ने फॉलन आउट की प्रक्रिया रोकने और अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करने की बात कही थी। रक्षाबंधन पर सीएम को बांधी थी राखी मांग पत्र में 28 अगस्त 2026 के रक्षाबंधन का भी जिक्र है। अतिथि विद्वानों के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई अतिथि विद्वान बहनों ने उज्जैन में मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षा सूत्र बांधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि जब तक उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकी जाए। उन्हें ये प्रक्रिया रोकने का आश्वासन दिया था। मांग पत्र में सिर्फ दो प्रमुख मांगें अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार से मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की निश्चित समयावधि तय की जाए। दूसरी, जब तक यह नीति लागू नहीं होती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया बंद की जाए। उन्होंने कहा कि वे केवल नौकरी की सुरक्षा नहीं, बल्कि अपने अनुभव, योग्यता, वर्षों की सेवा और शैक्षणिक योगदान के सम्मान के साथ भविष्य की सुरक्षा चाहते हैं। फॉलन आउट क्या है? नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर संबंधित कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वान की सेवा समाप्त हो जाने को अतिथि विद्वान ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया कहते हैं। इसी व्यवस्था को रोकने की मांग को लेकर मंगलवार से मंत्री के बंगले के बाहर धरना चल रहा है। पहले भी रोका गया शिवराज का काफिला 4 सितंबर 2026: शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग की मांग शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग की मांग को लेकर नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे वर्ग-1 अभ्यर्थियों ने शिवराज का काफिला रोका था। अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा था- यह भर्ती आपके समय की है, आपको आना होगा। वहीं, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर भी पदवृद्धि की मांग उठाई। 5 जुलाई 2026 : आठ साल बाद भी कॉलोनी में सुविधाएं नहीं रायसेन जिला स्थित विश्व पर्यटन स्थल सांची में वार्ड 14 स्थित बांके बिहारी कॉलोनी के रहवासियों ने शिवराज का काफिला रोका। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने ज्ञापन देते हुए बताया कि उनकी कॉलोनी को बसे करीब आठ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कॉलोनाइजर ने सुनहरे सपने दिखाकर प्लॉट बेचे थे, लेकिन सुविधाओं का वादा पूरा नहीं किया। 21 जून 2026 : कांग्रेस नेता और किसानों ने रोका सीहोर में कांग्रेस नेताओं और किसानों ने शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक लिया था। उन्होंने कहा- भले ही हम कांग्रेस पार्टी से हैं, लेकिन आप हमारे प्रतिनिधि हैं। इस पर शिवराज ने जवाब दिया- मैं जनता का प्रतिनिधि हूं तो सबका प्रतिनिधि हूं। आपका भी प्रतिनिधि हूं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने शिवराज से कहा- पिछले 15 दिन से किसान खाद और दूसरे कृषि संबंधी कामों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल का सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा। इस पर शिवराज ने कहा था- जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
दरभंगा के हनुमाननगर प्रखंड के मोरो थाना क्षेत्र स्थित खपड़पुरा प्राइमरी स्कूल के प्रधान शिक्षक कुमार गौरव पर शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत और जातिसूचक उत्पीड़न के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने प्रधान शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें घनश्यामपुर बीआरसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।स्कूल की शिक्षिका ने पिछले सप्ताह प्रधान शिक्षक के खिलाफ मोरो थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में अश्लील टिप्पणी करने, अश्लील वीडियो दिखाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं। स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर निलंबन की अनुशंसामामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से प्रधान शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया था। बताया गया कि उनके जवाब से बीईओ मणिशंकर सिंह संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बीईओ ने प्रधान शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी से की। अनुशंसा के आधार पर डीईओ विद्यानंद ठाकुर ने निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन के दौरान प्रधान शिक्षक को घनश्यामपुर बीआरसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मंगलवार को उन्होंने संबंधित बीईओ के समक्ष योगदान भी कर दिया। विभाग की ओर से मामले की विभागीय जांच की जिम्मेदारी पीओ रंजना कुमारी को दी गई है। उन्हें 45 दिनों के अंदर विभागीय कार्यवाही पूरी कर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। एफआईआर के बाद विभागीय कार्रवाईशिक्षिका की शिकायत पर मोरो थाना में दर्ज प्राथमिकी में एससी/एसटी एक्ट के अलावा अश्लील टिप्पणी, अश्लील वीडियो दिखाने और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया प्रधान शिक्षक के आचरण को सरकारी कर्मी के अनुरूप नहीं मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी के आधार पर जांच की जा रही है।
समग्र शिक्षा अभियान 5 साल बढ़ाया:उज्जैन, चंदेरी समेत तीन सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन नए सिंचाई प्रोजेक्ट मंजूर को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इनमें उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846.05 करोड़, सिंगरौली की गौंड परियोजना के लिए 749.62 करोड़ और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 11.49 करोड़ रुपए कैबिनेट ने मंजूर किए गए हैं। तीनों योजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश में 1.27 लाख हेक्टेयर से अधिक भू-भाग में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। अकेली चितावद परियोजना से 65 हजार हेक्टेयर और गौंड परियोजना से 34.5 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचिंत होगी। तीनों प्रोजेक्ट पर कुल 2600 करोड़ से राशि खर्च होगी। कैबिनेट ने समग्र शिक्षा योजना के तहत 36,006 करोड़ रुपए मंजूर किए, जिससे 18 वर्ष तक के बच्चों का शैक्षणिक व व्यावसायिक विकास होगा। उद्यानिकी की आठ विकास योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में नए खनिज कार्यालयों के लिए 21 पद तथा अनूपपुर-शहडोल के स्कूलों के लिए 36 पद मंजूर हुए हैं। मार्कफेड को 2220 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए मार्कफेड को 2220.62 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया है। 30 सितंबर 2026 तक पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह राशि दी जाएगी। लाड़ली बहना को दिए 250 रुपए का अनुमोदन: कैबिनेट ने रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को अगस्त की नियमित सहायता के साथ दी गई 250 रुपए की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता के मुख्यमंत्री के आदेश का अनुमोदन कर दिया।
विधि-जगत में अपनी लेखनी और शोध के जरिए अलग पहचान बनाने वाले कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र निवासी प्रोफेसर अशोक कुमार राय ने एक और राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है।
Karnal News: महिलाओं ने उठाई शहर की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं की आवाज
महिलाओं ने उठाई शहर की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं की आवाज
Sultanpur News: शिक्षा और रोजगार पर युवाओं पर प्रदर्शन
शिक्षा और रोजगार पर युवाओं पर प्रदर्शन
Sports competitions begin simultaneously in three education blocks, 1198 players will showcase their strength
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा सचिव को भेजा नोटिस, शिक्षण संस्थानों के नियमन में लापरवाही पर मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा देने वाले संस्थानों के पंजीकरण और नियमन संबंधी निर्देशों का पालन न करने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई...
पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बेहतर शिक्षा के मुद्दे को लेकर आइसा की महाजुटान यात्रा मंगलवार को अयोध्या पहुंची। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का जेन जी राइजिंग महाजुटान सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में आयोजित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में निकली यात्रा प्रयागराज से शुरू होकर वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर होते हुए अयोध्या पहुंची। यहां वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। मीडिया से बातचीत में नेहा बोरा ने कहा कि देश और प्रदेश में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा के सवाल पर जगह-जगह आंदोलन चल रहे हैं। आइसा इन आंदोलनों के समर्थन में यात्रा निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलना जरूरी है। हालांकि, बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने लेफ्ट के लगातार सत्ता से बाहर रहने को लेकर सवाल किया तो नेहा बोरा नाराज हो गईं। उन्होंने पत्रकारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकारों को अनपढ़ होना शोभा नहीं देता। उनके इस बयान के बाद बातचीत का माहौल गरमा गया।
UP Cabinet: बेसिक शिक्षा के 14,429 प्राथमिक स्कूल बनेंगे Smart School
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा परिषद के तहत आने वाले 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। खन्ना ने कहा कि इस पहल के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय को 2,07,910 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ‘स्मार्ट स्कूल’ में इंटरनेट कनेक्टिविटी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खन्ना ने कहा, “शिक्षक इंटरनेट कनेक्टिविटी और आईसीटी सुविधाओं के जरिए बच्चों को पढ़ा सकेंगे।”उन्होंने कहा कि इस पहल से विशेष रूप से सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा बजट और स्कूल ग्रांट को लेकर एबीआरएसएम ने राज्य परियोजना निदेशक से की चर्चा
समय पर ग्रांट जारी करने, स्वच्छता बजट बढ़ाने और शिक्षा संकुल की व्यवस्थाएं सुधारने की उठी मांग जयपुर। विद्यालयों को मिलने वाली विभिन्न ग्रांट समय पर जारी करने, स्वच्छता मद का बजट बढ़ाने और शिक्षा संकुल भवन के रखरखाव समेत शिक्षा विभाग से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) […] The post शिक्षा बजट और स्कूल ग्रांट को लेकर एबीआरएसएम ने राज्य परियोजना निदेशक से की चर्चा appeared first on Sabguru News .
ग्रामीण शिक्षा का संबल: श्यामपुरा स्कूल में आधारभूत विकास के लिए मिले 1.05 लाख रुपए
सवाई माधोपुर के श्यामपुरा सरकारी स्कूल को जनसहयोग और राज्यांश मिलाकर मिले 1.05 लाख रुपए। जानिए किस तरह पूर्व छात्र और सेवानिवृत्त शिक्षक के योगदान से बदलेगी विद्यालय की तस्वीर।
बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामले में अवमानना पर सुप्रीम कोर्ट का शिक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी किया
लखनऊ: ‘अपनी जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, ‘एक देश, एक शिक्षा’ व्यवस्था लागू करने की मांग
Lucknow, 15 सितंबर . Lucknow के परिवर्तन चौक पर Tuesday को अपनी जनता पार्टी (एजेपी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था, यूजीसी नियमावली और आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ‘एक देश, एक शिक्षा’ व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने समान शिक्षा प्रणाली, उच्च ... Read more
हिंदी दिवस पर हापुड़ में साहित्यकारों और शिक्षाविदों का हुआ सम्मान, भाषा के महत्व पर मंथन
हापुड़ में हिंदी दिवस पर साहित्यकारों और शिक्षाविदों का सम्मान हुआ। समारोह में हिंदी के महत्व, संरक्षण और दैनिक प्रयोग पर चर्चा हुई।
लखनऊ: 'अपनी जनता पार्टी' का प्रदर्शन, 'एक देश, एक शिक्षा' व्यवस्था लागू करने की मांग
लखनऊ: 'अपनी जनता पार्टी' का प्रदर्शन, 'एक देश, एक शिक्षा' व्यवस्था लागू करने की मांग
बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामले में अवमानना पर Supreme Court का शिक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस
New Delhi, 15 सितंबर . केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव के खिलाफ अवमानना मामले में Supreme Court ने Tuesday को नोटिस जारी किया. यह कार्रवाई उस आरोप पर की गई कि मंत्रालय ने अदालत के उस निर्देश का पालन नहीं किया, जिसमें 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को धर्मनिरपेक्ष या धार्मिक शिक्षा प्रदान ... Read more
मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र राजनीति को फिर से शुरू करने और छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार 15 सितंबर को प्रदर्शन किया। ABVP ने छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन पन्ना एसडीएम संजय नागवंशी को सौंपा। यह प्रदर्शन महाकौशल प्रांत के प्रांत महामंत्री सुव्रत भजल के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन सौंपते हुए ABVP ने मध्यप्रदेश सरकार की मौजूदा नीति पर सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि साल 2017 से प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव पूरी तरह बंद हैं। इसकी वजह से लाखों युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। भारतीय लोकतंत्र में छात्र राजनीति को नेतृत्व की पहली पाठशाला माना जाता है, लेकिन चुनाव न होने से यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी परिषद ने साफ किया कि छात्रसंघ चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है। यह छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और संगठन बनाने का कौशल विकसित करता है। यह छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत का एक मजबूत जरिया है। ABVP ने मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय के साफ निर्देशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन हो। प्रदेश में जल्द ही सीधे, पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय पर छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश सरकार से अपील की है कि वह छात्रों की इस लंबे समय से अटकी मांग पर गंभीरता से विचार करे। साथ ही, छात्रों के हित में चुनाव तुरंत बहाल करे। इस प्रदर्शन के दौरान ABVP पन्ना जिले के कई बड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान में हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। खचाखच भरे महामना हाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान हिंदी प्रकाशन समिति की पत्रिका अचिंत्य-6.0 का विमोचन भी किया गया। ‘मैं एक्टर की लाइफ जीता हूं’विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संजय मिश्रा ने कहा, “मैं एक्टर की लाइफ जीता हूं।” उन्होंने बनारस से अपने लगाव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह शहर बेहद पसंद है। बनारस को उन्होंने केवल शहर नहीं, बल्कि एक खूबसूरत सोच बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि “जो आप हैं, वही रहिए। बनारसी हैं तो बनारसी बने रहिए।” अपने स्कूल के दिनों का किस्सा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि वह कई बार स्कूल पहुंचने में देर कर देते थे। एक बार करीब आधा घंटा देर हुई तो शिक्षक ने कारण पूछा। उन्होंने मम्मी के बीमार होने की बात कह दी। आवेदन लिखने को कहा गया तो उन्होंने 18 पेज लिख डाले, लेकिन आवेदन फिर भी पूरा नहीं कर पाए। उनके इस किस्से पर सभागार में ठहाके गूंज उठे। ‘असफलता का स्वाद चखिए, तभी सफलता समझ आएगी’संजय मिश्रा ने विद्यार्थियों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “असफलता का स्वाद चखो, तब सफलता का मतलब समझ आएगा।” उन्होंने कहा कि संघर्ष व्यक्ति का अपना होता है और हर समय कोई साथ देने वाला नहीं होता। इसलिए जब भी मौका मिले, उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उनके शब्दों में, “मौका मिलते ही चौका मार देना है।” उन्होंने कहा कि जिस काम में दिल लगे, उसी को पूरी ईमानदारी और लगन से करना चाहिए। प्रोफेशन को समय देना जरूरी है, लेकिन सफलता के साथ अपनी जमीन और पहचान को नहीं भूलना चाहिए। ‘इतिहास पढ़ना नहीं चाहता था, इतिहास देखना चाहता था’अपने छात्र जीवन को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छे नहीं रहे। इतिहास पढ़ने में उनकी रुचि कम थी, लेकिन वह इतिहास को देखना चाहते थे। उन्होंने बताया कि आज भी वह स्क्रिप्ट को केवल पढ़ने के बजाय उसे समझने और महसूस करने की कोशिश करते हैं। अपने अभिनय सफर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ‘चाणक्य’ में एक दृश्य के लिए उन्हें 28 टेक देने पड़े थे, जबकि आज वह एक टेक में काम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अभ्यास और निरंतर सीखते रहने का महत्व समझाया। सिनेमा से रहा बचपन से लगावसंजय मिश्रा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही सिनेमा से प्यार था। वह फिल्मों को देखते-देखते अभिनय की दुनिया की ओर आकर्षित हुए। उन्होंने 1991 के टीवी धारावाहिक ‘चाणक्य’ से अभिनय की शुरुआत की और बाद में फिल्मों में काम किया। वर्ष 1995 में रिलीज ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!’ में वह शाहरुख खान के साथ नजर आए। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग अभिनय शैली से दर्शकों के बीच पहचान बनाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं चाहिए। “जरूरी है कि आप बढ़िए, लेकिन अपनी जमीन मत छोड़िए।” उन्होंने पढ़ाई को तनाव नहीं, बल्कि सीखने और समझने की प्रक्रिया के रूप में लेने की सलाह दी।
इंदौर से होगी शिक्षा पर निर्णायक बहस की शुरुआत: मुकेश नायक
Bhopal , 15 सितंबर . Madhya Pradesh की व्यापारिक नगरी इंदौर में 19 सितंबर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम होने जा रहा है, जिसमें Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिकरत करेंगे. राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का दावा है कि इस आयोजन से देश में ... Read more
10000 छात्रों को मिलेगा हाइटेक हॉस्टल, दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान
दिल्ली सरकार ने बाहरी छात्रों की सुरक्षा और रहने की समस्या को ध्यान में रखते हुए 10,000 बेड वाले आधुनिक हॉस्टल बनाने की योजना शुरू की है. सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, नए हॉस्टलों में फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल ऑडिट और 24/7 सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
SC के आदेश की अनदेखी? केंद्रीय शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस जारी
यह पूरी कानूनी कार्यवाही अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट याचिका के बाद शुरू हुई है. इसमें याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के अनिवार्य पंजीकरण और उनकी निगरानी के लिए एक स्पष्ट फ्रेमवर्क बनाया जाए.
राजस्थान में मेडिकल आफिसर के पदों पर होगी भर्ती
इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से स्टार्ट कर दी गई है जो 13 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी। योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी भर्ती में भाग लेने के लिए तय तिथियों में ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौक पर अपनी जनता पार्टी (एजेपी) के छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र मोर्चा के बैनर तले जुटे कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण और समान नागरिक संहिता के समर्थन में जताई सहमति प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण और समान नागरिक संहिता के समर्थन में अपना पक्ष रखा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश में सामाजिक समानता, राष्ट्रीय एकता और समान अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इन विषयों को लेकर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की। एक देश-एक चुनाव लागू करने की मांग प्रदर्शन के दौरान छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देश में एक देश-एक चुनाव व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए इस दिशा में गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे देश के प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे में सुधार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता की मांग छात्र मोर्चा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक देश-एक शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर में शिक्षा के लिए समान अवसर और एक जैसी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को क्षेत्रीय असमानताओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और समान बनाने पर जोर दिया। तख्तियों और नारों के जरिए सरकार तक पहुंचाई आवाज प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें जनहित और देशहित से जुड़ी हैं, इसलिए सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल रहा तैनात प्रदर्शन को देखते हुए परिवर्तन चौक पर पुलिस बल की तैनाती रही। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली और पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रखी।
मेरठ कॉलेज के शिक्षा विभाग में साइबर सुरक्षा व अपराध पर कार्यशाला का आयोजन
मेरठ कॉलेज के शिक्षा विभाग में साइबर सुरक्षा व अपराध पर कार्यशाला का आयोजन
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव, प्राइवेट यूनिवर्सिटी से लेकर महिला विश्वविद्यालय तक 9 अहम पहल
प्राथमिक शिक्षकों और कनिष्ठ सचिव सहायकों के पदों के लिए केवीएस, एनवीएस टियर 2 भर्ती 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।
बिद्री के सुमित कळमकर का यूके की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए चयन
बिद्री के सुमित कळमकर का यूके की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए चयन हुआ है। परिवार के सहयोग से उनका सपना साकार हुआ।
MP में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग, ABVP प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
MP में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग, ABVP प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पैरामेडिकल स्टाफ के 590 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इसमें नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, फार्मासिस्ट समेत कई पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार 15 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग की ट्रांसफर लिस्ट में अजब-गजब कारनामा: सहायक शिक्षक को बनाया बीईओ, बाद में आदेश सुधारा
बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षाधिकारियों के स्थानांतरण सूची में आगरा के एक सहायक शिक्षक कर्ण सिंह धाकड़ को गलती से बीईओ दर्शाकर वाराणसी स्थानांतरित कर दिया गया।
बीईओ का तबादला रोकने लिए शिक्षक का कागजी प्रमोशन।
आगरा के खंदारी स्थित जेपी सभागार में जुटेंगे विद्यार्थी, यूपी राइज 2026 में युवाओं को मिलेंगे स्टार्टअप और रोजगार के अवसर।
खंड शिक्षा अधिकारी की तबादला लिस्ट में टीचर का नाम, शिक्षा विभाग का अजब गजब कारनामा
यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग की एक अजब गजब कारस्तानी सामने आई है। खंड शिक्षा अधिकारियों की तबादला सूची में एक टीचर का नाम शामिल कर दिया गया है। संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा से 121 बीईओ की सूची जारी की गई है।
Maharajganj News: खेत में गिरी बिजली की चपेट में आने से शिक्षामित्र की मौत
Para-teacher dies after being struck by lightning in a field.
Udhampur News: लोगों ने बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए
लोगों ने बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए
Bahraich News: बहराइच के पांच खंड शिक्षा अधिकारी बदले
बहराइच के पांच खंड शिक्षा अधिकारी बदले
Kaithal News: 23 को शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन का एलान
23 को शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन का एलान
Shahjahanpur News: कौशल शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजीव को मिला अवाॅर्ड
शाहजहांपुर। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईएलएम विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर राजीव मोहन पांडेय को भारत एजुकेशन एक्सीलेंस अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया।
2025 में जलवायु आपदाओं से लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित
पापुआ न्यू गिनी में ताउदीबुरा गारो के स्कूल के पास बहने वाली धारा में बाढ़ आने पर पानी स्कूल के भीतर तक पहुँच जाता है और शौचालय भी भर जाते हैं. इससे स्कूल असुरक्षित हो जाता है और16 वर्षीय ताउदीबुरा व उसके सहपाठियों को पढ़ाई बीच में छोड़कर घर लौटना पड़ता है.
मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात की। प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने सहित शासकीय कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की मांग को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने ज्ञापन में कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2017 से छात्रसंघ चुनाव बंद हैं। इसके कारण प्रदेश के लाखों विद्यार्थी परिसरों में अपने लोकतांत्रिक प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित हैं। परिषद ने कहा कि वह लंबे समय से उच्च शिक्षण संस्थानों में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने और विद्यार्थियों को नेतृत्व का अवसर देने के लिए छात्रसंघ चुनाव की मांग करती रही है। सितंबर में चुनाव कराने का आश्वासन, अब तक अधिसूचना नहीं प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ओर से भी परिसरों में छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकार ने सितंबर में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। अभाविप ने मांग की कि अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध चुनाव कराए जाएं। सरकारी कॉलेजों के लिए अलग बजट की मांग प्रतिनिधिमंडल ने करीब 15 दिन पहले प्रदेशभर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर कलेक्ट्रेट स्तर पर किए गए प्रदर्शनों का भी हवाला दिया। अभाविप ने कहा कि कई सरकारी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति में सुधार की जरूरत है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग तत्काल विशेष अतिरिक्त बजट जारी करे। ‘चुनाव सिर्फ राजनीतिक प्रक्रिया नहीं’ अभाविप के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की वास्तविक सहभागिता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं होने से विद्यार्थियों में रोष है। सरकार को विद्यार्थियों की इस मांग पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभाविप के ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ के तहत प्रदेश के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाओं की कमियों को सामने लाया गया है। इन कमियों को दूर करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को छात्रहित में तत्काल अतिरिक्त बजट जारी करना चाहिए।
कोटा नगर निगम चुनाव के नतीजों में भाजपा को अपने ही दिग्गजों के वार्डों में बड़ा झटका लगा है। शिक्षा मंत्री और भाजपा शहर अध्यक्ष के वार्ड में BJP प्रत्याशी हार गए। वहीं कांग्रेस 9 वार्डों में तीसरे नंबर पर रही है, जबकि 3 वार्डों में भाजपा तीसरे नंबर पर रही है। हालांकि, ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के वार्ड 87 का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे यहां मुकाबले की तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। दरअसल, कोटा नगर निगम चुनाव में 100 में से 97 वार्डों का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है। इनमें भाजपा ने 55 और कांग्रेस ने 38 सीटें जीती हैं, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी। तीन वार्ड (11,44 और 87) में मशीन नहीं खुलने से परिणाम होल्ड पर रखा है। कोटा नगर निगम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी के 6 वार्ड आते हैं। इनमें तीन वार्ड (वार्ड 2, 23, 24) में भाजपा को जीत मिली है। जबकि तीन (3,:22, 52) में कांग्रेस जीती है। इन नेताओं के वार्ड में पार्टी प्रत्याशी को हार मिली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के वार्ड 52 से कांग्रेस प्रत्याशी रोहित महावर ने जीत हासिल की है। रोहित महावर ने बीजेपी की एकता वर्मा को 149 वोटों से हराया। भाजपा विधायक कल्पना के वार्ड 41 से भाजपा की हार हुई है। यहां से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। भाजपा प्रत्याशी राकेश 617 वोटों से हार गए। वहीं भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन के वार्ड 55 से कांग्रेस के मनीष ने जीत हासिल की है। मनीष ने बीजेपी के मिलाप जैन को 44 वोट से हराया। कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू के वार्ड 68 से बीजेपी के सुरेश सिंह जीते हैं। सुरेश सिंह ने कांग्रेस के राजेश दयानी को 1330 वोट से हराया। इन नेताओं के वार्ड से पार्टी प्रत्याशी जीते कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल के वार्ड 41 से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। मंगल ने भाजपा प्रत्याशी राकेश को 617 वोटों से हराया है। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड 27 में बीजेपी ने जीत हासिल की है। बीजेपी के लोकेश गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को 624 वोट से हराया। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम के वार्ड से कांग्रेस के योगेश कुमार विजय ने जीत हासिल की है। योगेश ने बीजेपी के देवेंद्र शर्मा को 732 वोट से हराया। लोक सभा स्पीकर ओम बिरला के वार्ड 83 से भाजपा की सीमा चौधरी जीती हैं। सीमा चौधरी ने कांग्रेस की सुनीता शर्मा को 1746 वोटों से हराया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के वार्ड 94 से बीजेपी की दीपिका शर्मा जीती हैं। दीपिका ने कांग्रेस की दीपा मंगल को 1005 वोटों से हराया। मंत्री-विधायक के वार्ड में हार जीत प्रमुख नेताओं के वार्ड में पार्टी को मिले वोट इनकी बड़ी जीत भाजपा के गोपाल राम मंडा पांचवीं बार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। गोपाल ने पहला चुनाव निर्दलीय जीता था। जिसके बाद लगातार भाजपा के टिकट पर जीतते आए है। लॉटरी के चलते इस बार उन्होंने दूसरे वार्ड (वार्ड 91) से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। भाजपा के विवेक राजवंशी लगातार चौथा चुनाव जीते हैं, विवेक ने भी लॉटरी के चलते वार्ड बदला और गोपाल मंडा के वार्ड से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। सबसे बड़ी जीत कांग्रेस के वार्ड 13 से प्रत्याशी फैजल बैग को सबसे ज्यादा वोटों से जीत मिली है। फैसल ने भाजपा के दिनेश सरसिया को 3860 वोटों से हराया है। सबसे कम अंतर से जीत सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया। इन वार्डों में भाजपा कांग्रेस तीसरे चौथे नंबर पर रही 7 वार्ड में 50 से कम अंतर से हार जीत 100 में से 7 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें हार जीत का अंतर 50 से कम रहा है। इनमें तीन में भाजपा, तीन कांग्रेस और एक में निर्दलीय को जीत मिली। सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया।
मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना
New Delhi, 14 सितंबर . BJP MP गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किए जाने, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), वंदे मातरम्, महिला एशिया कप, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और राहुल गांधी के बयानों समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मदरसों में समय-समय पर कई सुधार किए ... Read more
महराजगंज को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सदर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, स्वच्छता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से पाठ्यक्रम और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछकर उनके पढ़ाई के स्तर को जांचा। ज्यादातर छात्राओं द्वारा संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर उन्होंने शिक्षकों की तारीफ की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और छात्राओं को नियमित पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विद्यालय के किचन और डाइनिंग हॉल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं के साथ शाम का नाश्ता भी किया और भोजन की गुणवत्ता जांची। व्यवस्थाएं ठीक पाए जाने पर उन्होंने स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के मानकों को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए। छात्रावास के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बालिकाओं के रहने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों में पर्याप्त हवा और साफ-सुथरा माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। विद्यालय परिसर में बन रहे कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने काम की प्रगति और गुणवत्ता देखी। उन्होंने ठेकेदार को तय मानकों और गुणवत्ता के हिसाब से निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा
बीजापुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने अवकाश के दिन उसूर विकासखंड के विभिन्न पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तीन संस्थाओं में 10 अनुदेशकों के अनुपस्थित मिलने पर उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार, जनता को चाहिए रोजगार और शिक्षा: यासूब अब्बास
Lucknow, 14 सितंबर . ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने के फैसले, 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की योजना और India की महिला क्रिकेट टीम से जुड़े ट्रॉफी विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मदरसों को बंद ... Read more
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है, जिन्होंने अब तक हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एक नोटिस जारी किया है। इसके तहत बिना HTET पास किए सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब भिवानी बोर्ड (BSEH) को साल में दो बार HTET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पर्याप्त मौका मिल सके। अब जानिए विभाग के आदेश में क्या.. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत जारी हुआ नोटिस शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 (अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में 1 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश और रिव्यू पिटीशन में 29 मई 2026 को पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षकों तक यह सूचना तुरंत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
आगरा के नगर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार की जगह एक शिक्षक को खंड शिक्षाधिकारी बनाते हुए शासन से ट्रांसफर का अनुमोदन लेटर जारी हो गया। शिक्षा विभाग में ये लेटर चर्चा का विषय रहा। हालांकि कुछ घंटे बाद संशोधन लेटर जारी हुआ। इसमें खंड शिक्षाधिकारी का नाम नहीं था।सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षाधिकारियों के ट्रांसफर का अनुमोदन लेटर जारी हुआ। इसमें प्रदेश भर के 121 खंड शिक्षाधिकारियों का नाम था। आगरा के भी खंड शिक्षाधिकारी इस सूची में थे। मगर, लिस्ट में 95 नंबर पर खंड शिक्षाधिकारी के नाम के आगे कर्ण सिंह धाकड़ लिखा था। इस नाम को देखकर आगरा के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारी चौंक गए। हर कोई एक दूसरे से पूछने लगा कि ये कौन खंड शिक्षाधिकारी हैं। नगर क्षेत्र में तो सुमित कुमार पिछले तीन साल से ज्यादा समय से खंड शिक्षाधिकारी के पद पर तैनात हैं। जब लोगों ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि कर्ण सिंह धाकड़ नगर क्षेत्र में सहायक अध्यापक हैं। कैसे हुई इतनी बड़ी चूकबेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षाधिकारी की जगह एक शिक्षक का नाम ट्रांसफर लिस्ट में लिखना लापरवाही है। आगरा में शिक्षकों में इसको लेकर कई तरह की चर्चा होती रहीं। अधिकारियों तक मामला पहुंचा। इसके बाद संशोधित लिस्ट जारी की गई। इसमें सुमित कुमार समेत 2 अन्य खंड शिक्षाधिकारियों का नाम ट्रांसफर लिस्ट से हटा दिया।

