देश में 10 लाख टीचर्स के पद खाली, शिक्षा मंत्रियों को जवाब देना होगा; क्या बोले आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ने कहा कि 25 जुलाई को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में एक समझौते पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में उसको लागू नहीं किया गया। इससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
बारां के किशनगंज स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में अशोभनीय हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। स्कूल की व्याख्याता सिमरन कालरा और प्रयोगशाला सहायक अक्षत वैष्णव को तत्काल प्रभाव से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बारां में मुख्यालय किया गया है। यह कार्रवाई स्कूल समय के दौरान परिसर में अशोभनीय हरकतों से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। वीडियो सामने आने पर मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों कार्मिकों को स्कूल से हटाने के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने इस प्रकरण में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच सीबीईओ अंता के स्तर से कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे विभागीय जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई तय होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों कार्मिकों को डीईओ कार्यालय में मुख्यालय किया गया है। प्रारंभिक जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य ध्यान वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने पर है।
सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को सीजेपी का खुला पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर पूछे छह सवाल
New Delhi, 24 अगस्त . Governmentी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को खुला पत्र लिखा. उन्होंने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजा है. उन्होंने कहा कि देश को यह जानने की जरूरत है कि Governmentी स्कूलों ... Read more
CBSE से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सीबीएसई समेत स्कूल शिक्षा से जुड़े प्रमुख संस्थानों और कार्यक्रमों की देखरेख करता है।
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल
Deepak letter to the Education Ministers: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने देश और राज्यों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा है।
झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र स्थित ग्राम सेमला में धाकड़ युवा संघ सुनेल क्षेत्र 80 गांव का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ धाकड़ महासभा के पदाधिकारियों ने गणेश वंदना और भगवान धरणीधर की पूजा-अर्चना के साथ किया। समारोह में धाकड़ समाज 80 गांव की महासभा, छात्रावास समिति, श्री धरणीधर मंदिर निर्माण समिति, कर्मचारी संघ और युवा फ्रेंड्स क्लब सहित कई समाजबंधुओं एवं युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान समाज के विकास, युवाओं को शिक्षा एवं संस्कारों से जोड़ने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई। सामूहिक विवाह सम्मेलन का आय-व्यय पेशसमारोह में 49वें सामूहिक विवाह सम्मेलन के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। आयोजक कमेटी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं श्री धरणीधर मंदिर निर्माण की बकाया राशि, छात्रावास निर्माण समिति की सदस्यता शुल्क, भवन निर्माण की गतिविधियों और आगामी खेलकूद प्रतियोगिता को लेकर भी चर्चा हुई। जन्मोत्सव की तैयारियों पर मंथनआगामी 2 सितंबर को भगवान श्री धरणीधर के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा-संस्कारों के जरिए युवा पीढ़ी का भविष्य संवारने पर जोर दिया। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया। महिला इकाई के गठन की आवश्यकतामहिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए कृष्णा मंडलोई ने समाज में महिला इकाई के गठन की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और समाज को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद नागर एवं भेरूलाल नागर मिश्रौली ने किया। इस दौरान श्री धाकड़ महासभा अध्यक्ष बिरधीलाल नागर, धरणीधर मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष भूपेंद्रसिंह मंडलोई, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामप्रसाद कम्पाउंडर, युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी, फ्रेंड्स क्लब अध्यक्ष बलवंत धाकड़, छात्रावास निर्माण समिति उपाध्यक्ष संतोष नागर, भगवान जन्मोत्सव अध्यक्ष प्रकाशचंद नागर सहित पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारी, युवा साथी और समाजबंधु मौजूद रहे।
करनाल के नीलोखेड़ी क्षेत्र में सोमवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रायपुर रोडान गांव के राजकीय प्राइमरी और राजकीय हाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखी। मंत्री ने स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सरपंचों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। हर कक्षा में पहुंचे मंत्री, बच्चों से सीधे पूछे सवालनिरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने संबंधित गांवों के पंचों और सरपंचों को मौके पर बुलाया। उन्होंने स्थानीय स्तर की समस्याओं पर उनके साथ बातचीत की और कहा कि जिन समस्याओं का समाधान पंचायत या सरपंच स्तर पर हो सकता है, उन्हें स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तुरंत दूर कराया जाए। इसके बाद मंत्री स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ बैठक करने के अलावा प्रत्येक कक्षा में पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, किताबों की उपलब्धता और स्कूल में आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने बच्चों से सीधे संवाद कर यह समझने का प्रयास किया कि स्कूलों में उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है और पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही। शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द हल कराने का आश्वासन भी दिया गया। पहले चरण में 1500 स्कूलों का होगा कायाकल्पशिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों को मॉडल शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1500 राजकीय स्कूलों को चिन्हित किया गया है।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाएं और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद प्रदेश के अन्य सभी सरकारी स्कूलों का भी चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प और नवीनीकरण किया जाएगा। उद्देश्य सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सफाई और व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहींमंत्री महिपाल ढांडा ने विभागीय अधिकारियों को सरकारी शिक्षण संस्थानों के संचालन में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने अध्यापकों और प्राचार्यों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएं। स्कूलों में साफ-सफाई को लेकर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वच्छ और बेहतर वातावरण जरूरी है। इसलिए स्कूल परिसरों की सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित स्तर पर जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। लगातार स्कूल-कॉलेजों के दौरे से बढ़ी जवाबदेहीशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के 3 राजकीय कॉलेजों और 5 राजकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। उनके लगातार जमीनी दौरों का उद्देश्य सरकारी शिक्षण संस्थानों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर समझना और कमियों को दूर कराना है।इन निरीक्षणों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ने की बात कही जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों और आम लोगों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। रायपुर रोडान के स्कूलों के निरीक्षण के दौरान भी मंत्री ने मौके पर समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को उनके समाधान के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा एक्शन मोड में, 3 स्कूलों का औचक निरीक्षण कर दिए निर्देश
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और राजकीय स्कूलों में जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण...
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर अभिजीत दीपके का सवाल, शिक्षा मंत्रियों से चिट्ठी लिखकर मांगी 6 जानकारियां; जानें क्या पूछा
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले ने महाराष्ट्र में सरकारी स्कूलों के बंद होने और शिक्षा बजट में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कुंभ मेले के खर्च का छोटा हिस्सा शिक्षा को देने की बात कही।
झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में उपाध्यक्ष और 13 सदस्यों के पद 18 माह से रिक्त हैं, जिससे परिषद के कामकाज पर गंभीर असर पड़ रहा है। इन रिक्तियों के कारण महत्वपूर्ण निर्णयों पर सवाल उठ रहे हैं और वित्त रहित शिक्षा संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभाल अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) दीपक बाबूलाल करवा ने संभाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर उन्नत करने, बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने व आत्मविश्वास से ओत-प्रोत करने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। दीपक बाबूलाल करवा ने बोर्ड मुख्यालय पर सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के पश्चात् अपनी प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षाओं की गुणवत्ता व विश्वसनीयता में अभिवृद्धि के लिए बहुत सराहनीय प्रयास किए गए हैं, इन प्रयासों को जारी रखा जाएगा। कार्यालय में बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगेउन्होंने कहा कि बोर्ड अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके सक्रिय सहयोग व भागीदारी के साथ बोर्ड कार्यालय में और बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगे। जिससे बोर्ड की कार्यप्रणाली में तीव्रता आए व बोर्ड अधिकाधिक छात्र हितैषी बने। उन्होंने कहा कि वे पहले बोर्ड की कार्य प्रणाली को समझेंगे तथा उसके बाद अपना बेस्ट देते हुए सभी स्कीमों को बेहतरी से लागू करने का प्रयास करेंगे। 2020 बैच के आईएएस अधिकारीदीपक बाबूलाल करवा का जन्म 21 मई 1992 को हुआ था। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के अधिकारी हैं और हरियाणा कैडर में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी भिवानी व चरखी-दादरी में कार्यरत हैं। दीपक बाबूलाल करवा के सचिव पद पर कार्यभार ग्रहण के समय बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने उनका अभिनन्दन किया।
चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान का संकल्प, लालचंद लोहारवाड़िया ने पेश की मिसाल
कोटा में हाड़ौती बैरवा समाज उत्थान समिति के वरिष्ठ संरक्षक लालचंद लोहारवाड़िया ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया। परिवार ने भी निर्णय का समर्थन किया, जिसे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण योगदान माना गया।
असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर पदों पर आवेदन शुरू, ग्रेजुएट युवा भर्ती के लिए कर सकते हैं अप्लाई
इस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी भी स्ट्रीम से स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 साल से ज्यादा न हो। आरक्षित वर्ग जैसे एससी/ एसटी/ ओबीसी/ पीडब्ल्यूबीडी वर्ग को ऊपरी उम्र में छूट प्रदान की गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को फिर से कहा कि राज्य भर के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए, उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उपलब्ध रहेगी। यह बात बिहार सरकार द्वारा उन खबरों को गलत बताए जाने के बाद कही गई है जिनमें दावा किया गया था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: Singheshwar Temple Stampede | सावन के अंतिम सोमवार पर मधेपुरा के सिंगेश्वर मंदिर में मची भगदड़! बैरिकेड टूटने से आधा दर्जन लोग घायल एक X पोस्ट में, मुख्यमंत्री चौधरी ने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध है और यह सुविधा पहले की तरह ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में कभी भी वित्तीय संसाधनों को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का दायरा और बढ़ा दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के मुताबिक, अब बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ज़रिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले, 4 लाख रुपये तक की पूरी राशि सिर्फ़ बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए ही दी जाती थी। इसे भी पढ़ें: Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों के साथ जोड़ने का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के ज़रिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे। इस तरह, अब छात्रों के पास पहले की तुलना में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के ज़्यादा विकल्प मौजूद हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नवादा के बैडमिंटन खिलाड़ी राज आर्यन सम्मानित, शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने दिया मोमेंटो
24 अगस्त, सोमवार: नवादा के राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी और बिहार विजेता राज आर्यन को शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया। राज आर्यन ने शानदार प्रदर्शन से नवादा और बिहार का नाम रोशन किया है।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) आज, 24 अगस्त, 2026 को लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक खत्म कर देगा। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर HRDD/RECT/02/2026-27 के तहत जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-I (JMGS-I) कैडर में लगभग 250 लोकल बैंक ऑफिसर पोस्ट पर भर्ती के लिए चलाया जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 8 अगस्त, 2026 से खुला था और आज 24 अगस्त को खत्म होगा। अगर आप इंटरेस्टेड हैं और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं तो जल्दी करें और आज ही ऑफिशियल IOB वेबसाइट के जरिए अप्लाई करें। IOB LBO वैकेंसी 250 वैकेंसी तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में उपलब्ध हैं। संबंधित राज्य के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को तय लोकल भाषा की जरूरत को पूरा करना होगा। तमिलनाडु -100 वैकेंसी कर्नाटक – 50 वैकेंसी महाराष्ट्र – 50 वैकेंसी गुजरात – 50 वैकेंसी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट डिग्री या सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। उम्र सीमा 1 अगस्त, 2026 को 20 से 30 साल के बीच तय की गई है। सरकारी नियमों के अनुसार एलिजिबल रिज़र्व्ड-कैटेगरी के कैंडिडेट को उम्र में छूट मिलेगी। टाइम और कैलेंडर एप्लीकेशन फीस जनरल, OBC और EWS कैटेगरी के कैंडिडेट को Rs 850 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं, SC, ST और PwBD कैंडिडेट को Rs 175 इंटीमेशन चार्ज के तौर पर देने होंगे। पेमेंट ऑनलाइन तरीकों से किया जा सकता है। पे स्केल चुने गए लोकल बैंक ऑफिसर को JMGS-I स्केल में रखा जाएगा। तय इंक्रीमेंट और स्केल स्ट्रक्चर के हिसाब से पे स्केल 48,480 रुपये से 85,920 रुपये है। इस पोस्ट पर अपॉइंट हुए कैंडिडेट्स को 2 लाख रुपये का फाइनेंशियल सर्विस इंडेम्निटी बॉन्ड भी भरना होगा और कम से कम तीन साल तक बैंक में सर्विस करनी होगी। IOB LBO सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में एक ऑनलाइन एग्जाम, जहाँ लागू हो वहाँ लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट, पर्सनल इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन शामिल हैं। जिन कैंडिडेट्स की क्लास 10 या क्लास 12 की मार्कशीट ज़रूरी लोकल लैंग्वेज की पढ़ाई कन्फर्म करती है, उन्हें लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट नहीं देना होगा। ऑनलाइन एग्जाम में रीजनिंग और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, जनरल, इकोनॉमी और बैंकिंग अवेयरनेस, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन, और इंग्लिश लैंग्वेज शामिल हैं। IOB LBO रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल IOB वेबसाइट पर जाकर करियर सेक्शन खोलना चाहिए। उन्हें लोकल बैंक ऑफिसर्स 2026-27 के लिए रिक्रूटमेंट लिंक चुनना चाहिए, रजिस्ट्रेशन पूरा करना चाहिए और ज़रूरी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरनी चाहिए। एप्लीकेंट्स को अपनी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा। लागू फीस ऑनलाइन पे करने के बाद, कैंडिडेट्स को फॉर्म जमा करना चाहिए और फाइनल एप्लीकेशन और पेमेंट रसीद की एक कॉपी रखनी चाहिए। IOB लोकल बैंक ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने की आखिरी तारीख 24 अगस्त, 2026 है।
job news 2026: आईओसीएल में निकली हैं 433 पदों की वैकेंसी, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। नौकरी का सपना देख रहे हैं और वो भी एक अच्छी वाली तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने अपने मार्केटिंग डिवीजन, नॉर्दन रीजन के तहत अप्रेंटिसशिप के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें ट्रेड अप्रेंटिस, टेक्नीशियन अप्रेंटिस, ग्रेजुएट अप्रेंटिस और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों के लिए कुल 433 वैकेंसी हैं। आप आवेदन कर सकते है। पदों का नाम- अप्रेंटिसशिप कुल पद- 433 आवेदन की लास्ट डेट- 6 सितंबर 2026 शैक्षणिक योग्यता- पदों के अनुसार सैलेरी- पदों के अनुसार उम्र सीमा- कम से कम उम्र 18 साल, अधिकतम उम्र 24 साल है आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट IOCL देख सकते हैं PC- searchenginejournal.com
पंजाब सरकार की ओर से करवाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा और धार्मिक समागमों पर कांग्रेस के पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों और यात्राओं पर सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी खर्च पर सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से डॉ. गांधी के बयान पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा है। धार्मिक यात्राओं पर नहीं खर्च होने चाहिए पैसे डॉ. धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उनका परिवार दिन-रात मेहनत करके इसलिए टैक्स भरता है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा मुहैया कराया जा सके। उनके टैक्स के पैसे को ‘एक शाम शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिर बनाने, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान और आडंबर पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। डॉ. गांधी ने कहा कि धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। राज्य की ओर से किसी एक या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसला-अफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। साथ ही इससे समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा होकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिल सकता है। आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह किसी एक परिवार का पैसा नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का टैक्स है। लोगों का पैसा लोगों पर ही खर्च हो रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु रविदास जी के समागमों से लेकर श्री दरबार साहिब, श्री हजूर साहिब, वृंदावन, मथुरा, खाटू श्याम, ‘एक शाम शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ तक हर आस्था का सम्मान करना पंजाब की साझा परंपरा है। नील गर्ग ने कहा कि ‘हमारे राम’ में लोग जिस श्रद्धा से पहुंचते हैं, वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को श्री राम के आदर्शों, संस्कारों और अपनी विरासत से जोड़ने का अवसर है। सरकारी खर्च पर सवाल जरूर पूछे जाने चाहिए, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा उन्होंने कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा। नील गर्ग ने कहा कि अगर कांग्रेस डॉ. गांधी के बयान से सहमत है तो पंजाब के लोगों से आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे। अगर कांग्रेस उनके बयान से सहमत नहीं है तो बताए कि डॉ. गांधी के बयान पर क्या कार्रवाई करने जा रही है।
कौशलपूर्ण शिक्षा से औषधनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसर : राकेश पाटील
कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में औषधनिर्माण उद्योग में करियर अवसरों पर मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ। राकेश पाटील ने Quality Control, Quality Assurance, उत्पादन और शोध सहित रोजगार की संभावनाएं बताईं।
टोहाना: 134-ए के तहत 2 करोड़ बकाया, प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक संकट, जल्द मिलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी से
Delhi Police Constable Physical: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) भर्ती परीक्षा 2025 के तहत 24 और 25 अगस्त को होने वाला शारीरिक दक्षता एवं माप परीक्षण (PE&MT) स्थगित कर दिया गया है।
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
IOB LBO Recruitment 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक की लोकल बैंक ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए आवेदन का आज, 24 अगस्त को आखिरी मौका है। इस भर्ती में 250 पद हैं। चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग आवेदन वाले राज्य में ही होगी।
छत्तीसगढ़ के 35 विश्वविद्यालयों और करीब 600 कॉलेजों में 10,000 से अधिक शैक्षणिक पद रिक्त हैं।
भिंड में बारिश के बाद बेसली नदी का जलस्तर बढ़ने से नदरोली गांव का सड़क संपर्क कट गया है। शिक्षक और विद्यार्थी ट्यूब व मटकी के सहारे नदी पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। दैनिक भास्कर ने रविवार को इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात देखे। अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू किया गया है। नदी किनारे पहुंचे डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी रविवार शाम बेसली नदी के किनारे पहुंचे। उन्होंने नदी के तेज बहाव को देखा। पानी की स्थिति ऐसी थी कि वे भी ट्यूब के सहारे नदी पार कर नदरोली के स्कूल तक नहीं जा सके। उन्होंने मौके पर शिक्षकों को बुलाकर स्कूल की स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या और रोजाना होने वाली परेशानी की जानकारी ली। डीईओ ने निर्देश दिए कि नदी का बहाव तेज होने पर बच्चों को ट्यूब या मटकी के सहारे नदी पार नहीं कराया जाए। शिक्षकों को भी ऐसे जोखिम से बचने के लिए कहा गया है। खबर के बाद मौके पर पहुंचा शिक्षा विभाग दैनिक भास्कर की खबर में नदरोली की करीब एक हजार आबादी की समस्या और स्कूल जाने वाले बच्चों व शिक्षकों की परेशानी को सामने रखा गया था। बारिश में बेसली नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का सड़क संपर्क कट जाता है। इसके बाद बच्चों और शिक्षकों को नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और अब समाधान के विकल्पों पर विचार शुरू किया है। विद्यार्थियों के लिए 4 विकल्पों पर किया जा रहा है विचार पहला विकल्प: पराये के पुरा में पढ़ेंगे 20 विद्यार्थी नदरोली के करीब 20 विद्यार्थी बेसली नदी पार कर पराये के पुरा गांव से पढ़ने आते हैं। प्रस्ताव है कि कक्षा 6वीं से 8वीं तक के इन विद्यार्थियों को पराये के पुरा स्थित प्राथमिक स्कूल में पढ़ाया जाए। इसके लिए वहां शिक्षक की व्यवस्था की जा सकती है। इससे विद्यार्थियों को रोज नदी पार नहीं करनी पड़ेगी। दूसरा विकल्प: गांव में रहकर पढ़ाएंगे शिक्षक नदरोली में कक्षा 1 से 8वीं तक करीब 90 से 100 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल में पांच शिक्षक पदस्थ हैं। विभाग शिक्षकों को एक-एक सप्ताह के लिए गांव में ठहराने की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। वैकल्पिक रूप से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है, ताकि उन्हें रोज नदी पार न करनी पड़े और पढ़ाई जारी रहे। तीसरा विकल्प: रस्सी से बांधकर नाव चलाने की योजना गांव में आवागमन के लिए नाव चलाने का सुझाव भी सामने आया है। नाव के दोनों सिरों को रस्सी से बांधने की योजना है, ताकि तेज बहाव में नाव अपनी दिशा से न भटके। हालांकि, नदी के तेज बहाव को देखते हुए इस व्यवस्था की सुरक्षा पर भी विचार किया जाएगा। चौथा विकल्प: स्टीमर चलाने का प्रस्ताव ग्रामीणों और विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए स्टीमर चलाने का विकल्प भी सामने आया है। प्रस्ताव के अनुसार स्टीमर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध रखा जा सकता है। इसकी सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ के दो जवान तैनात किए जा सकते हैं। तेज बहाव में सुरक्षित आवागमन के लिहाज से इस विकल्प को फिलहाल सबसे मजबूत माना जा रहा है। डीईओ बोले- कलेक्टर के सामने रखेंगे पूरी स्थिति जिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान नदरोली में आवागमन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। इन सभी बिंदुओं को लेकर सोमवार को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात कर पूरी स्थिति बताई जाएगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई और ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुझाए गए विकल्प भी उनके सामने रखे जाएंगे, ताकि सुरक्षित समाधान निकाला जा सके। टयूब और मटके सहारे नदी पार कर रहे थे शिक्षक
पूर्वी प्रजापति समाज ने प्रतिभाओं का सम्मान कर शिक्षा की अलख जगाने का दिया संदेश
शहर के आंबेडकर सर्किल के पास स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में रविवार को हाड़ौती पूर्वी प्रजापति युवा एकता एवं विकास मंडल ने प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षा, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं को भी सम्मान मिला। सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, समाजसेवियों और सामाजिक गतिविधियों में सहयोग करने वाले भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता नारायण प्रजापति ने समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज अलग-अलग स्तरों पर बिखरा हुआ है। संगठन मजबूत करने के लिए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही। नारायण प्रजापति ने कहा कि समाज के अधिकारों और न्याय के लिए संगठित होकर प्रयास करना होगा और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा रहना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता छीतरलाल ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संगठन दोनों का मजबूत होना जरूरी है। प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और संगठन की भावना से जोड़ने पर जोर दिया। युवा एकता मंच के अध्यक्ष हेमराज पोटर ने बताया कि मंच आगे भी ऐसे आयोजन करेगा ताकि समाज की प्रतिभाओं को मंच और प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में समाज के विकास और विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने वालों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्वी प्रजापति समाज जिलाध्यक्ष सूरजमल प्रजापति, कोटा जिलाध्यक्ष बृजराज, इंद्रपाल, मोतीलाल, हरज्ञान, डॉ. कबूलचंद, छीतरलाल, दुर्गाप्रसाद, सुभाष चक्रधारी, सहित समाज के कई पदाधिकारी, बड़ी संख्या में समाजबंधु, युवा, विद्यार्थी और अभिभावक आदि मौजूद थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देश के सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। CJP के सदस्य हरियाणा के 15 स्कूलों का दौरा भी कर चुके हैं। इस बीच हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का इस अभियान को लेकर बयान सामने आया है। हांसी में उन्होंने कहा कि स्कूलों में किसी को भी बिना अनुमति के प्रवेश नहीं दिया जा सकता। स्कूल देश की धरोहर हैं। अगर यहां कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने कहा कि सरपंच और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की मंजूरी के बिना कोई भी व्यक्ति स्कूल में नहीं जा सकता। वहीं CJP की कौर कमेटी के मेंबर सुधीर सांगवान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हम नहीं रुकेंगे। पहले जानिए, शिक्षा मंत्री ने क्या कहा… CJP बोली- हम संविधान के दायरे में, रुकेंगे नहीं CJP शिक्षा मंत्री के बयान पर CJP के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका अभियान रुकने वाला नहीं है। CJP झज्जर के 4-5, भिवानी के 3, चरखी दादरी के 2, गुरुग्राम और हिसार के 1-1 स्कूल समेत तोशाम के सांगवान गांव के एक स्कूल का दौरा कर चुकी है। कुल 15 स्कूलों का दौरा किया गया है। सांगवान का दावा है कि वे स्थानीय सरपंचों और पूर्व सरपंचों के निमंत्रण पर ही गांवों में जाते हैं। SMC सदस्यों के बच्चे भी उन्हीं स्कूलों में पढ़ते हैं, इसलिए वे दबाव में रहते हैं और स्कूल की कमियों को खुलकर सामने नहीं रख पाते। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन से जुड़ी बड़ी कमियां हैं। स्कूलों में 2,800 कामों के लिए 130 करोड़ जारी वहीं, CJP की मुहिम के बीच सरकार ने सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों से लेकर कमरों, चारदीवारी और शौचालयों की कमी दूर करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के स्कूलों में चिन्हित करीब 2,800 विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इन कार्यों को जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। विभाग की ओर से प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कराया गया था। इस दौरान स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और भवनों की स्थिति का मौके पर आकलन किया गया। निरीक्षण में पुराने और जर्जर भवनों को हटाने, नए कमरे बनाने, चारदीवारी और नए शौचालय बनाने के साथ विभिन्न छोटे-बड़े मरम्मत कार्यों की जरूरत सामने आई। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- CJP ने स्कूल की पोल खोली, इकलौती टीचर सस्पेंड:2 की SIR में ड्यूटी; भिवानी में राशन में कीड़े चलने का VIDEO आया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भिवानी के जिस सरकारी स्कूल का वीडियो जारी किया था, वहां की इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कूल में मिड डे मील बनाने वाली 2 कुक को भी हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
Sultanpur News: कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
Shamli News: एक-एक शिक्षामित्र के भरोसे चले रहे नगर के परिषदीय स्कूल
नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
Bilaspur News: कॉलेज बंद, उच्च शिक्षा से दूर हो रहे स्वारघाट के युवा
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर बसे स्वारघाट क्षेत्र में कॉलेज बंद होने से आसपास की पंचायतों के युवा उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
Kushinagar News: शिक्षा से बदलेगी मुसहर समाज की तकदीर, स्कूल भेजने का आह्वान
रायपुर मुसहरटोली में शनिवार को ‘हम पढ़ेंगे तभी बढ़ेंगे’ कार्यक्रम के तहत जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा रविवार देर शाम को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में अपने किसी निजी काम के लिए पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कांग्रेस पर जमकर बरसे। सबसे ज्यादा चर्चा रोहतक सांसद भूपेंद्र हुड्डा की उस पोस्ट पर हुई, जिसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन सिंह को अपना आइडियल बताया था। इस पर ढांडा ने सीधे हुड्डा पर हमला करने के बजाय सवाल को उन्हीं पर छोड़ते हुए कहा दोषी करार दिए गए व्यक्ति किसी के आदर्श हो सकते हैं तो इसका जवाब वही लोग दें, जो उन्हें अपना आइडियल मानते हैं। ढांडा ने कहा कि किसी को अपना आदर्श मानना व्यक्तिगत धारणा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सज्जन सिंह को उच्च न्यायालय दोषी करार दे चुका था। उन्होंने कहा कि उनके लिए आदर्श वह व्यक्ति है, जो समाज में सकारात्मक योगदान दे और लोगों के लिए अच्छा काम करे। गेस्ट टीचरों पर सरकार का मंथन जल्द आ सकता है फैसलाकरनाल में शिक्षा मंत्री से जब गेस्ट टीचरों की मांगों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। ढांडा ने संकेत दिया कि इस मामले में जल्द ही परिणाम सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान से गेस्ट टीचरों की मांगों पर सरकार की ओर से जल्द कोई निर्णय लिए जाने की उम्मीद बढ़ी है। चीनी महंगी होने पर कांग्रेस के सवालों का जवाबचीनी के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस के हमले पर भी ढांडा ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि उनके शासनकाल में जनता को कौन सी ऐसी सुविधाएं और राहत मिली थीं, जिन्हें वे आज सरकार को गिना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चीनी के दाम बढ़े हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार कीमतों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कालाबाजारी के आरोप पर बोले- ऐसा नहीं हुआचीनी के दाम बढ़ने के पीछे कालाबाजारी के सवाल पर ढांडा ने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में ऐसे मामलों में कालाबाजारी के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेता सरकार पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष कर रहे हैं, जबकि उनके शासनकाल में जनता की जेब काटने वालों को संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं।
लखनऊ में ज्ञान प्रसार संस्थान का 23वां वार्षिक समारोह रविवार को विवेक खंड स्थित जीबी सिंह फाउंडेशन में आयोजित किया गया । कार्यक्रम में शिक्षा के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया गया। मुख्य अतिथि मृत्युंजय प्रसाद गुप्त, संपादक विश्व विधायक एवं संसद से सड़क तक, ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की। संस्थान की अध्यक्ष नीरजा द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2003 में 15-20 वंचित बच्चों से इसकी शुरुआत हुई थी। आज संस्थान रोजाना 100 से अधिक बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहा है। अब तक हजारों बच्चे इसका लाभ उठा चुके हैं। शिक्षा से आत्मनिर्भरता की राह संस्थान के सहयोग और मार्गदर्शन से कई विद्यार्थियों ने एलएलबी, एमकॉम, पॉलिटेक्निक, फिजियोथेरेपी, बीएड, बीए और बीकॉम जैसी उच्च शिक्षा हासिल की है। कई बच्चों ने रोजगार से जुड़े कौशल सीखकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। नीरजा द्विवेदी ने संस्थान की यात्रा में सुशीला शर्मा, प्रियम्बदा देवी मिश्रा, परिवार और शिक्षकों के योगदान को याद किया। समारोह में अक्षत मौर्य, नेहा, निशा, सबा और कहकशां की प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान खींचा। 50 बच्चों को मेडल और प्रमाण-पत्र जीबी सिंह फाउंडेशन ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रदीप सिंह ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और वरिष्ठ शिक्षकों को पौधे व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। वहीं 50 उत्कृष्ट बच्चों को प्रमाण-पत्र और मेडल दिए गए। समारोह के अंत में एमसी द्विवेदी, आईपीएस, डीजीपी सेवानिवृत्त ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने फाउंडेशन की अध्यक्ष मीना सिंह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से जीबी सिंह की प्रेरणा से फाउंडेशन शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक और सांस्कृतिक कल्याण के साथ राष्ट्रभावना, नैतिक मूल्यों और लोकसेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है।
निजी नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े के बाद अब सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की हालत भी सामने आ गई है। प्रदेश के कई शासकीय कॉलेज बिना प्राचार्य, बिना उप प्राचार्य और बिना पूरी फैकल्टी के ही चल रहे हैं।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी: बाबा रामदेव
हरिद्वार, 23 अगस्त . योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव होने से शिक्षकों का समय बचेगा और वे पूरी तरह छात्रों ... Read more
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) का संगठन विस्तार और सम्मेलन अभियान जिले में तेजी से जारी है। इसी कड़ी में बरौनी अंचल के मैदा में AISF की शाखा का गठन किया गया। इस दौरान छात्र-युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। मौके पर छात्र-युवाओं को संबोधित करते हुए AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में आए आंकड़ों के अनुसार देश के करीब 19 करोड़ छात्र और युवा शिक्षा-रोजगार से पूरी तरह दूर हैं। सरकार ने सत्ता के लिए नौजवानों से झूठे वादे किए थे अमीन हमजा ने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल सत्ता हासिल करने के लिए देश के नौजवानों से झूठे वादे किए थे। अब सत्ता में आने के बाद युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की कोई सकारात्मक मंशा नजर नहीं आ रही है। AISF के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्र-नौजवान लगातार अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध लेने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है। सरकार की इस छात्र-विरोधी नीति से बिहार के युवाओं में आक्रोश है और वे जल्द ही एक बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन बरौनी अंचल अध्यक्ष आजाद खान और शाहरुख इकबाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन किया गया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाते हुए हक-अधिकार की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।
नवादा शहर के भोजपुरी पैलेस में रविवार को अखिल भारतीय पासी समाज, नवादा जिला इकाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और समाज के अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन परमेश्वर चौधरी ने किया। बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी और वरिष्ठ नेता हीरालाल चौधरी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। गांव-गांव जाकर समाज को जोड़ने पर जोर वक्ताओं ने समाज को जातिगत बिखराव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठन से जोड़ने और समाज के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में गरीब और मेधावी विद्यार्थियों की मदद के लिए जिला स्तर पर शिक्षा प्रकोष्ठ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। चुनाव में आबादी के अनुसार हिस्सेदारी की मांग बैठक में राजनीतिक भागीदारी पर भी चर्चा हुई। आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व और उचित राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को मजबूती से रखने पर सहमति बनी। इसके अलावा ताड़ी व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं, जाति प्रमाण पत्र, आवास योजना और अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण से जुड़े लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। एक महीने में 14 प्रखंडों में बनेगी इकाई प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने अगले एक माह के भीतर जिले के सभी 14 प्रखंडों में संगठन की इकाई गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर संगठित होना चाहिए। जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने बैठक को समाज में नई चेतना की शुरुआत बताया और जल्द जिला सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेता रहे मौजूद इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पिंकी भारती, जिला परिषद सदस्य बसंती देवी, हिसुआ नगर परिषद अध्यक्ष पूजा कुमारी, उपाध्यक्ष टिंकू चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, कृष्णा चौधरी उर्फ पड़कन चौधरी, चंदन चौधरी, निशांत चौधरी सहित जिलेभर से आए सामाजिक कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। बैठक के अंत में नुनु चौधरी, सरोज चौधरी, अवधेश चौधरी, बाबुचंद चौधरी, मधुसूदन चौधरी, सतेंद्र चौधरी, हीरा चौधरी, विनोद चौधरी, रवि चौधरी, जितेंद्र चौधरी और केके चौधरी सहित अन्य लोगों ने समाज की एकता और उत्थान का संकल्प लिया।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15-29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, जो न तो पढ़ रहे हैं, न ही कार्यरत हैं और न ही कोई प्रशिक्षण ले रहे हैं।
झारखंड में रक्षाबंधन पर खुला रहेगा स्कूल, खेल दिवस अभियान के लिए शिक्षा विभाग से शेड्यूल जारी
शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'खेलेगा भारत-जीतेगा भारत' अभियान के तहत रक्षाबंधन पर भी स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे सामाजिक परंपराओं की अनदेखी बताया और आदेश वापस लेने की मांग की है।
अमरोहा में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को सरकार ने दोहरी सौगात दी है। उनका मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। रविवार को माध्यमिक शिक्षा मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। जिले के 2,680 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के कार्ड भी वितरित किए गए। एक दिन में शिक्षा और विकास से जुड़े 3 कार्यक्रम रविवार को अमरोहा में शिक्षा और विकास से जुड़े तीन प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों का सम्मान समारोह, विकास कार्यों की समीक्षा बैठक और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण शामिल रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान लखनऊ के जुपिटर सभागार से मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और रसोइयों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। बोलीं गुलाब देवी- रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से वे स्वस्थ रहेंगे और आगे चलकर देश की सेवा करेंगे। उन्होंने रसोइयों के कार्य की सराहना करते हुए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। विकास कार्यों की समीक्षा, योजनाओं की प्रगति जानी रसोइया सम्मान समारोह के बाद प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र ने सोलर स्ट्रीट लाइट, बीकेएस ग्राम उन्नति, पीएम फसल बीमा, ऑपरेशन कायाकल्प, पेंशन योजनाओं और पीएम मत्स्य संपदा समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं से बोलीं- लक्ष्य तय कर मेहनत करो भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अभी से अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक, जो भी बनना चाहें, उसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। मेधावी छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री दी मंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्राओं को शिक्षा, भोजन, आवास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री देकर सम्मानित किया गया।
उदयपुर के पेसिफिक विश्वविद्यालय (PAHER) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को हुआ। इतिहास विभाग, वैश्विक संस्कृत मंच और वैश्विक इतिहास मंच के तत्वावधान में हुई इस कॉन्फ्रेंस में कुल 222 शोध पत्र पढ़े गए। 'प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा- ज्ञान एवं विज्ञान के आधुनिक आयाम' विषय पर यह संगोष्ठी थी। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय ज्ञान परंपरा, समृद्ध भाषा और दर्शन का लोहा माना गया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के आने से पहले भारत में ज्ञान के संवर्धन के लिए 8 लाख गुरुकुल, विद्यालय और आश्रम संचालित थे। लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू कर हमारी संस्कृति और विज्ञान पर गहरा आघात किया, जिससे देश के पारंपरिक कुटीर उद्योगों का भी पतन हुआ। राज्यपाल ने बप्पा रावल द्वारा विदेशी आक्रांताओं को भारत से खदेड़ने के ऐतिहासिक प्रसंग गिनाते हुए पाकिस्तान के शहर रावलपिंडी के नाम की सार्थकता को भी बप्पा रावल के नाम से जोड़ा। दीर्घश्वसन से लंबी होती है क्रोमोसोम टेलोमर्स की उम्र पेसिफिक यूनिवर्सिटी के समूह अध्यक्ष प्रो. बीपी शर्मा ने कहा कि प्राचीन संस्कृत साहित्य का हर शब्द आधुनिक विज्ञान के लिए उन्नत संदर्भ है। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता एलिजाबेथ ब्लैकबर्न के शोध के अनुसार, योग में बताए गए दीर्घश्वसन (गहरी सांस लेने) से क्रोमोसोम के टेलोमर्स की लंबाई बढ़ती है, जिससे तनाव कम होता है और बुढ़ापे से बचाव होता है। वहीं कुलगुरु प्रो. हेमंत कोठारी ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों और ज्ञान परंपरा पर शोध की जरूरत को रेखांकित किया। एआई के दौर में भारतीय ज्ञान व्यवस्था एक संजीवनीऑस्ट्रेलिया की मुख्य वक्ता रेबेका टेलर (अल्बर्टा यूनिवर्सिटी व पुर्तगाल प्रतिनिधि) ने कहा कि प्राचीन भारतीय वास्तुकला और पवित्र ज्यामिति आज के इनोवेशन की मजबूत नींव हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक वैज्ञानिक पुनर्जागरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखने का प्रभावी माध्यम बताया। सुबह बप्पा रावल की समाधि पर टेका मत्थाइससे पहले सुबह राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मठाठा कैलाशपुरी पहुंचे। वहां उन्होंने बप्पा रावल पैनोरमा का अवलोकन किया, मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल की अश्वारूढ़ प्रतिमा को नमन किया और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा, प्रो. प्रदीप सिंह, प्रो. बीएल चौधरी, इतिहासकार डॉ. जेके ओझा, आयोजन सचिव प्रो. अजातशत्रु सिंह शिवरती सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे।
गुर्जर समाज ने मेधावी बच्चों को सम्मानित किया:वार्षिकोत्सव में शिक्षा और नशामुक्ति का संदेश दिया गया
बागपत में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा देवनारायण गुट ने रविवार को वार्षिक उत्सव एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। चमरावल रोड स्थित गुर्जर भवन में हुए इस कार्यक्रम में समाज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया और शिक्षा व नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। यह समारोह जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने गुर्जर समाज के उत्थान, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिक्षा, खेल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन करने वाले मेधावी बच्चों को पटका पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है। वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और युवा पीढ़ी को इस बुराई के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। दहेज प्रथा को समाज के लिए एक अभिशाप बताते हुए, वक्ताओं ने दहेज लेने और देने, दोनों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। युवाओं को शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, अवनीश, एडवोकेट परविंदर सिंह, श्यामवीर, अंतराम तंवर, प्रताप गुर्जर, मनुपाल बंसल, नरेंद्र, शेर सिंह, बिल्लू प्रधान, रवि बैसला और कर्मवीर गुर्जर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
IBPS Clerk Recruitment 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 28 अगस्त तक कर सकेंगे अप्लाई
बैंक में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्नातक युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आईबीपीएस क्लर्क (कस्टमर सर्विस एसोसिएट/ XVI) भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त...
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर थी, विकास के काम ठप थे और […] The post योगी का सपा पर तीखा हमला, रसोइयों के लिए बड़े ऐलान के साथ कानून-व्यवस्था और शिक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां appeared first on https://rajsattaexpress.com .
जगन मोहन रेड्डी का सीएम नायडू पर निशाना, बोले- सरकारी स्कूलों में शिक्षा को कमजोर कर रही है सरकार
अमरावती, 23 अगस्त . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने Sunday को राज्य Government पर Governmentी स्कूलों की शिक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government Governmentी स्कूलों में दाखिले बढ़ने का दावा कर रही है, लेकिन असल में Governmentी शिक्षा ... Read more
महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए मिशन मोड में काम करें, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए निर्देश
भूमि पेडनेकर : एजुकेशन सिस्टम अच्छा हो तो शिक्षा भी अच्छी होती है
गोवा, डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
National Teachers Award: गणित को आसान बनाने से लेकर डिजिटल शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण तक, देश के शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए हैं। उनके नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण को अब राष्ट्रीय पहचान मिली है।
BPSC 71st Mains: बीपीएससी 71वीं मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को अपनी अनमूल्यांकित उत्तर पुस्तिका देखने का मौका मिलेगा। यदि किसी उत्तर के मूल्यांकन में गलती मिलती है, तो अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
Computer Science: उच्च शिक्षा में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर छात्रों की पसंद में क्षेत्रीय अंतर देखने को मिला है। जहां यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के छात्र सॉफ्ट स्किल कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं
पंजाब के सरकारी स्कूलों के टॉयलेट को लेकर पिछले दिनों हुई सियासी कंट्रोवर्सी के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज एक सरकारी स्कूल के वॉशरूम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। 26 सेकेंड के इस वीडियो में पटियाला के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, भादसों के लड़कों का वॉशरूम दिखाया गया है। वीडियो में वॉशरूम बेहद साफ-सुथरा और आधुनिक नजर आ रहा है। यहां पौधों के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी दिखाई गई हैं। वीडियो शेयर करते हुए बैंस ने लिखा कि, “ मुझे पता है कि आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन हां, यह हमारे गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस, भादसों, पटियाला का लड़कों का वॉशरूम है। जब विजन, पैशन, कड़ी मेहनत और कमिटमेंट एक साथ आते हैं, तो एक मास्टरपीस की उम्मीद करें। यह भगवंत मान सरकार का पंजाब एजुकेशन मॉडल है।” ऐसे शुरू हुआ था विवाद कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और राज्यसभा सांसद व पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर पंजाब के एक सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया था। इसमें स्कूल की खराब हालत दिखाई गई थी। खास तौर पर लड़कियों के टॉयलेट की छत गायब होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद विपक्ष ने पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाए थे। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस खुद फतेहगढ़ साहिब के जल्लाह स्थित सरकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो करीब 7-8 साल पुराना और 2018 का है, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। बैंस ने स्कूल की मौजूदा तस्वीर दिखाई बैंस ने स्कूल की मौजूदा स्थिति दिखाते हुए कहा था कि अब वहां स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, चालू लड़कियों के टॉयलेट, साफ पेयजल, वाई-फाई और सैनिटरी पैड इंसीनरेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बीजेपी पर पुराने वीडियो को मौजूदा स्थिति बताकर पंजाब के सरकारी स्कूलों को बदनाम करने का आरोप लगाया था। अब नए वीडियो के जरिए बैंस ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं को सामने रखने की कोशिश की है। भादसों के स्कूल का यह वीडियो उसी सियासी विवाद के बीच सरकार के “पंजाब एजुकेशन मॉडल” को दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।
Rajasthan News: बगरू स्कूल विवाद पर शिक्षा महासंघ सख्त, कहा- स्कूल राजनीति का अखाड़ा नहीं
बगरू के सरकारी स्कूल में निरीक्षण के प्रयास के दौरान हुए विवाद को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकारी विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने की मांग की है।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक माहौल को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यालयों को 'राजनीति का अखाड़ा न बनाने' की अपील किए जाने के बाद सोशल मीडिया और विपक्षी खेमों से बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए तीखा पलटवार किया गया है।
गणित को आसान बनाने से लेकर पहाड़ी इलाकों में डिजिटल शिक्षा और स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तक, शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए।
Rahul Gandhi से Pune में छात्राओं ने की बात, महिला सुरक्षा और शिक्षा की बाधाएं उठाईं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ शनिवार को संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि यौन उत्पीड़न, व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक परेशानियां अब भी महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बाधा बनी हुई हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पालघर के वसई की अर्थशास्त्र की छात्रा सुचित्रा पागी ने 13 साल की उम्र में स्कूल से घर लौटते समय और बाद में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान छेड़खानी की घटनाओं को याद किया। पागी ने कहा कि इन अनुभवों से उनके मन में पुरुषों को लेकर डर पैदा हो गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे किसी महिला को परेशान होते देखें तो उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे में मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहीं मैत्री ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं शिक्षा में बाधा बन सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए। उन्होंने कहा कि गांवों में माता-पिता अक्सर सुरक्षा कारणों से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकिचाते हैं और इसके बजाय बेटों को पढ़ाना पसंद कर सकते हैं। साइबर और डिजिटल साइंस की बीएससी की दूसरे वर्ष की छात्रा प्रज्ञा गावंडे ने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को रेखांकित किया।
ई-अटेंडेंस विवाद:स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों में ई-अटेंडेंस से बच रहे कर्मचारी
मप्र में ई–अटेंडेंस के दायरे में केवल शिक्षक ही नहीं, कार्यालयीन कर्मचारियों को भी लाया गया है। लेकिन, हालिया रिपोर्ट में यह पता चला है कि कर्मचारी ई-अटेंडेंस को लेकर गंभीर ही नहीं है। मप्र में ई-अटेंडेंस को लेकर सबसे खराब स्थिति स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों और संस्थानों की सामने आई है। विभागीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, लेकिन कार्यालयों और संस्थानों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति इससे काफी पीछे है। कई कार्यालयों में हर 6 में से एक कर्मचारी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के 561 कार्यालयों में कुल 5,214 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से 4,394 (84%) ने ई-अटेंडेंस दर्ज कराई, जबकि 820 कर्मचारी (16%) या तो पोर्टल पर प्रोफाइल नहीं बना सके या उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसी तरह विभाग के 61 डाइट, बीएसी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कुल 1,178 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 1,140 (97%) कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस दर्ज की, जबकि 38 कर्मचारी (3%) अब भी व्यवस्था से बाहर हैं। विभाग ने कार्यालयों और संस्थानों में लंबित प्रोफाइल तथा अनुपस्थित कर्मचारियों की स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष कर्मचारियों की प्रोफाइल तत्काल तैयार कर उन्हें ई-अटेंडेंस प्रणाली से जोड़ा जाए। आदिवासी व बड़े जिलों के दफ्तरों में सबसे ज्यादा लापरवाही कार्यालयीन और संस्थान स्तर पर ई-अटेंडेंस न लगाने के मामले में ज्यादातर आदिवासी जिलों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। इनमें धार जिले के कार्यालयों में पदस्थ 129 लोक सेवकों में से मात्र 56 ने उपस्थिति दर्ज कराई। यहां 73 कर्मचारी गैर-हाजिर मिले। झाबुआ में 61 में से 34 कर्मचारी, अनूपपुर जिले के दफ्तरों में पदस्थ 55 में से 25 कर्मचारियों ने हाजिरी नहीं लगाई। वहीं ग्वालियर के संभागीय मुख्यालय के कार्यालयों में 306 में से 116 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। मंडला के 154 कर्मचारियों में से 58 गैर-हाजिर मिले। बड़वानी जिले में 123 में से 46 कर्मचारी, सीहोर में के कार्यालयों में 176 में से 62 कर्मचारी गैर-हाजिर रहे। डिंडोरी के कार्यालयीन स्टाफ में 34 प्रतिशत यानी करीब 44 कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कराने से बचते दिखे। इसके अलावा भोपाल के दफ्तरों में 109 (15%), खरगोन में 71 (25%), मुरैना में 75 (27%), बैतूल में 46 (30%) और रतलाम में 44 (19%) कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं।
प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउस कीपिंग और बागवानी समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए सरकार की ओर से बजट जारी किए जाने के बावजूद फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के स्कूलों तक यह राशि नहीं पहुंची। तीनों जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) ने अभी तक संबंधित विद्यालयों को बजट आवंटित नहीं किया। अब शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, जिन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए पार्ट टाइम वर्कर कार्यरत नहीं हैं, वहां सफाई, हाउस कीपिंग, बागवानी और अन्य संबंधित कार्यों के लिए 8 हजार रुपए प्रति विद्यालय प्रति माह की दर से राशि जारी की गई है। यह प्रावधान विद्यालय अवकाश अवधि को छोड़कर वर्ष में 10 माह के लिए है। SMC के माध्यम से होना है खर्च जारी राशि का उपयोग स्कूलों में निर्धारित साफ-सफाई एवं रखरखाव के कार्यों पर किया जाना है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित कार्य स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के माध्यम से करवाए जाएं और राशि का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने पूछा- पहले जारी राशि स्कूलों को क्यों नहीं दी? शिक्षा विभाग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के DEEO को भेजे पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा है कि उपरोक्त कार्यों के लिए पूर्व में जारी की गई राशि अभी तक संबंधित विद्यालयों को आवंटित क्यों नहीं की गई। अब तीनों अधिकारियों को इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका स्कूलों में नियमित सफाई, शौचालय, परिसर, खेल मैदान और अन्य जरूरी साफ-सफाई से जुड़े कार्यों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण है। राशि विद्यालयों तक नहीं पहुंचने से इन कार्यों के संचालन में परेशानी आने की स्थिति बन सकती है। विभाग ने इसी कारण बजट के आवंटन की स्थिति पर अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
वेद प्रचार सप्ताह में छात्रों ने सीखी वैदिक शिक्षाएं
लुधियाना| डीएवी पब्लिक स्कूल, बीआरएस नगर में 18 से 22 अगस्त तक वेद प्रचार सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति और आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्म श्री आर्य रत्न डॉ. पूनम सूरी तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या जेके सिद्धू के मार्गदर्शन में हुआ। सप्ताह का उद्देश्य वेदों के शाश्वत ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सार्थक जीवन के लिए शिक्षाओं का प्रसार करना था। शुरुआत यजुर्वेद मंत्रोच्चार के साथ 21-कुंडीय यज्ञ से हुई। प्रतिदिन वैदिक हवन के साथ गतिविधियां आरंभ हुईं, जिससे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना।
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : शिक्षक महासंघ
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बगरू के सरकारी स्कूल में हुई घटना पर विरोध जताया है। प्रदेश संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में कहा कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, राजनीतिक संघर्ष के नहीं। किसी विद्यालय की व्यवस्था, सुविधाओं या शैक्षणिक स्थिति पर आपत्ति हो तो शिक्षा विभाग और प्रशासन के निर्धारित माध्यमों से शिकायत की जा सकती है। संभाग उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि स्कूलों में बाहरी व राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी हैं। महासंघ ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
Jammu News: नवाचार व डिजिटल शिक्षा के लिए राजोरी के अयाज को सम्मानित करेंगी राष्ट्रपति
Jammu and kashmir
हांसी। जो काम छह महीने में नहीं हुआ अब वह तीन दिन में कैसे होगा। आपकी नीयत नहीं है काम करने की।
Mau News: शिक्षा और समाज में योगदान देने वाली विभूतियों का हुआ सम्मान
Eminent personalities who have contributed to education and society were honored.
हंसी (Haryana), 22 अगस्त . Haryana Government ने Governmentी स्कूलों में मीडिया की एंट्री को लेकर एक नया आदेश जारी किया. इसे लेकर विपक्ष कई सवाल खड़े कर रहा है. इसे लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल देश की धरोहर हैं, ऐसे में कोई भी ... Read more
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने 11 डिप्टी रजिस्ट्रारों को कुलसचिव पद पर पदोन्नत किया है। जल्द ही विश्वविद्यालयों में तबादले होंगे, जिससे कई कुलसचिव पदों पर बदलाव संभव है।
ब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया brics,bricsyouthministerब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आज ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक […]
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM
राजकीय विद्यालयों में बाहरी हस्तक्षेप और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का महासंघ ने किया विरोध जयपुर। राजकीय विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त रखने के मुद्दे पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने सख्त रुख अपनाया है। महासंघ ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिरों को किसी भी कीमत पर राजनीति […] The post शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM appeared first on Sabguru News .
स्कूल भैंसों का तबेला बन जाए तो ठीक? राजस्थान के शिक्षा मंत्री पर अभिजीत दीपके का पलटवार
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं। जानकारी में आया है कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग विद्यालयों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने पलटवार किया है।
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे: शैक्षिक महासंघ ने जताया कड़ा विरोध
कोटा में शैक्षिक महासंघ ने विद्यालयों में बाहरी हस्तक्षेप और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध किया, शिक्षा परिसरों की गरिमा बनाए रखने की मांग।
जिला कलक्टर की बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा, हर सप्ताह स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश
चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। नामांकन, उपस्थिति, रीडिंग, स्कूल निरीक्षण, सुरक्षा, निर्माण कार्य और बाल वाहिनी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
फरीदाबाद स्थित मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज में आयोजित वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि विधायिकाएं कानून बनाती हैं, बजट स्वीकृत करती हैं और सरकारों को जवाबदेह बनाती हैं। वहीं विश्वविद्यालय शोध आधारित सुझाव, पर्यावरणीय कानूनों पर विशेषज्ञ राय और छात्रों की लोकतांत्रिक संस्थाओं में भागीदारी बढ़ाकर इस प्रक्रिया को मजबूत कर सकते हैं। 22-23 अगस्त तक चल रहे दो दिवसीय कॉन्क्लेव की थीम ग्रीन कैंपस : सतत और लचीले भविष्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाना है। इसमें देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रति-कुलपति, निदेशक, शिक्षाविद, संकाय सदस्य और छात्र शामिल हुए। मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के 30 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि संस्थान का आदर्श वाक्य क्रिएटिंग बेटर ह्यूमन यानी बेहतर मनुष्य का निर्माण, बेहतर पृथ्वी की जिम्मेदारी से जुड़ने पर और महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि बेहतर मनुष्य और बेहतर पृथ्वी, दोनों अलग-अलग लक्ष्य नहीं हो सकते। कार्यक्रम में मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला, डॉ. एचडी चरण समेत पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से जुड़े सदस्य और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान ने सरकारी स्कूलों में राजनीतिक हस्तक्षेप और टीचर्स को राजनीतिक गतिविधियों में उपयोग किए जाने का कड़ा विरोध किया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है स्कूल के बच्चे भविष्य निर्माण का केंद्र है। और इन्हें राजनीतिक संघर्ष का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि सरकारी स्कूलों को राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को स्कूल परिसर का राजनीतिक प्रचार, प्रदर्शन या शक्ति प्रदर्शन के लिए उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि महासंघ हिंसा का विरोध करता है और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ भी उतनी ही दृढ़ता से आवाज उठाएगा। यदि स्कूलों में नियमों की अनदेखी कर राजनीतिक गतिविधि या बाहरी हस्तक्षेप का प्रयास किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला उठाकर आवश्यकतानुसार लोकतांत्रिक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुष्करणा ने दृढ़ता से कहा, “स्कूल में शिक्षा होगी, राजनीति नहीं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीचर्स पर राजनीतिक दबाव बनाना या उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनाना शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। शिक्षकों का मुख्य कार्य विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के एजेंडे को आगे बढ़ाना। प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़, संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवता, जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला, जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता, प्रदेश मीडिया सदस्य सोहनलाल जाट सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर मनोज दुबे का हमला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से इस्तीफे की मांग
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस नेता मनोज दुबे ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग की।
एजुकेशन सिस्टम ऐसा हो कि हर बच्चा को अच्छी शिक्षा का मौका मिले : भूमि पेडनेकर
डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल:'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट विमोचित, जागरूकता रथ रवाना
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय से बाहर रह रही लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल की गई है। जन विकास संस्थान, नौपेड़वा द्वारा संचालित मैत्री परियोजना के तहत शनिवार को 12 बजे शिक्षा मिशन–ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही एक बालिका शिक्षा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के मड़ियाहूं, रामपुर और रामनगर विकासखंडों के 40 चयनित गांवों में पहुंचेगा। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं, उनके अभिभावकों और समुदाय को बालिका शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया और जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज और देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्हें शिक्षा से जोड़ना केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं, बल्कि एक सशक्त, शिक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता अभियानों को समुदाय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण बताया। जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने बताया कि उनका संस्थान अनामांकित और विद्यालय से बाहर रह रही बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम प्रबंधक अवधेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहज और सहभागी बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से समुदाय और अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बालिकाओं के नामांकन, नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका प्रयास है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बालिका को सीखने, आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिले।
राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालत पर भड़के आशुतोष रांका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार पर स्कूलों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की बदहाली के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अब और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
देवास के सरकारी स्कूल में मासूम बच्चों से निर्माण कार्य कराने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। डीईओ ने जांच के आदेश देकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
देश के विभिन्न राज्यों से सामने आ रही तस्वीरें स्कूली शिक्षा तंत्र की बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत लगभग 10 राज्यों में स्कूली बच्चे अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। आम तौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दिखने वाला छात्र आक्रोश अब प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। 'जेन अल्फा' (2010 के बाद जन्मी पीढ़ी) के ये छात्र किसी राजनीतिक मांग के लिए नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के साफ पानी, चालू पंखे, पक्की छत और विषय विशेषज्ञों की तैनाती की मांग को लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।शिक्षकों का भारी टोटा और जर्जर भवनों का खौफजमीनी हकीकत यह है कि हजारों सरकारी स्कूलों में स्वीकृत पदों के मुकाबले शिक्षकों की भारी कमी है। बोर्ड परीक्षाओं के करीब होने के बावजूद विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा स्कूलों के भवनों की हालत इतनी जर्जर है कि बारिश के मौसम में छतों से पानी टपकता है और बच्चों को जान जोखिम में डालकर बैठना पड़ता है। कई ग्रामीण इलाकों में तो स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कें तक नहीं हैं, जिसके कारण बारिश में बच्चों का स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो जाता है।शौचालय, बिजली और खराब मिड-डे मील ने बढ़ाई नाराजगीयूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE+) और विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, देश के लाखों स्कूलों में आज भी बुनियादी ढांचे का गंभीर अभाव है। कई स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग और चालू हालत में शौचालय नहीं हैं। आवासीय और सर्वोदय विद्यालयों के हॉस्टलों में घटिया स्तर का खाना और अस्वच्छ पेयजल बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। बार-बार शिकायतों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तब बच्चों को हाईवे जाम करने और कलेक्ट्रेट का घेराव करने जैसे कदम उठाने पड़े।शिक्षा के बजट और दावों के बीच बढ़ता फासलाडिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी ढांचा ही चरमराया हुआ है। जब तक स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, सुरक्षित इमारतें, स्वच्छ पेयजल और गरिमापूर्ण माहौल नहीं दिया जाएगा, तब तक शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा। बच्चों का सड़क पर उतरना स्पष्ट संकेत है कि अब शिक्षा नीति को केवल नारों से आगे बढ़कर वास्तविक सुधारों पर काम करना होगा।
टोंक हलचल : सामाजिक सौहार्द, शिक्षा, रोजगार और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहा शहर
टोंक जिले में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियों की खासी सक्रियता देखने को मिली। एक ओर जहां ईद और रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से शिष्टाचार मुलाकात की गई।
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्कर के पदों पर निकली भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए मौका
इस भर्ती अभियान के जरिये झांसी के अलग-अलग जिलों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय-समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया को अवश्य पूरा कर लें।
2500 से ज्यादा स्कूल जर्जर, 300 बिना इमारत... इस राज्य में ऐसा है शिक्षा का हाल
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों की स्थिति का ऑडिट कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूलों में भवन और मरम्मत से जुड़ी जरूरतें सामने आईं. सरकार के दस्तावेज के मुताबिक, 2,500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा 300 भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के भवन 450 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए जाने हैं.
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जारी किया एचटेट परीक्षा परिणाम, 16.57 फीसदी अभ्यर्थी रहे सफल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम मान्यता प्राप्त, संबद्ध विद्यालयों के साथ-साथ नई मान्यता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं पर भी लागू होगा। बिना जीएसटी भुगतान के किसी भी आवेदन पर आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 11 अक्टूबर 2024 के परिपत्र और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत शिक्षण संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पोर्टल पर नवीन मान्यता या संबद्धता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करना अनिवार्य होगा। जीएसटी जमा होने की पुष्टि के बाद ही मान्यता प्रदान करने की संस्तुति की जाएगी। भविष्य के सभी नए आवेदनों के लिए भी जीएसटी भुगतान आवश्यक होगा; बिना इसके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। मान्यता शुल्क राजकोष में जमा करने के बाद, जीएसटी की राशि परिषद के निर्धारित बैंक खाते में अलग से जमा करनी होगी। जीएसटी जमा करने की रसीद या चालान की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन आवेदन के समय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसकी एक प्रति संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भी उपलब्ध करानी होगी। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और नवीन मान्यता के इच्छुक संस्थानों को इस नई व्यवस्था से अवगत कराएं। उन्हें नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिषद ने पुनः स्पष्ट किया है कि जीएसटी भुगतान की पुष्टि के बिना मान्यता प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
Delhi Police PE&MT Postponed 2026: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट है। पीई और एमटी परीक्षा स्थगित कर दी गई है। विभाग ने फिजिकल टेस्ट की नई तारीख जारी कर दी है।
SBC Vacancy 2026: रक्षा मंत्रालय के अधीन शिप बिल्डिंग सेंटर, विशाखापत्तनम ने ग्रुप 'सी' के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं।
Baghpat Ground Report: अमर उजाला की टीम ने 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत बागपत जिले में पहुंची।
दिल्ली HC ने 14 साल से कम उम्र के बच्चे को दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम के तहत स्कूल से न निकालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने EWS छात्रा को आठवीं की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी, बलिया और गाजियाबाद के तीन शिक्षकों - शालिनी कुशवाहा, डॉ. इफ्तखार खान और डॉ. रेनू त्रिपाठी को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। इन शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने जुनून और निस्वार्थ सेवा से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।

