‘बुराइयों और नशे की लत का करें दहन’, दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
भागलपुर, 20 अक्टूबर . बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरे के अवसर पर युवाओं से अपने अंदर की बुराइयों और नशे की लत को खत्म करने…
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
फ्रांस में भड़की हिंसा, शिक्षा में बदहाली से 2027 चुनाव तक; जानें मुख्य वजहें
फ्रांस में भड़की हिंसा के पीछे शिक्षा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की सियासी खींचतान मुख्य वजह है. 18 सितंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन बजट कटौती और शिक्षकों की कमी के खिलाफ था, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. राजनीतिक दल भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर अपने हित साध रहे हैं. जानिए क्यों भड़का फ्रांस में जनाक्रोश.
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में नौकरी का मौका: सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के 65 पदों पर भर्ती, 10 नवंबर तक करें आवेदन
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में स्नातक पास युवाओं के लिए सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकली है...
इसरो-एसडीएससी शार भर्ती 2026: टेक्निकल असिस्टेंट सहित 97 पदों पर 9 नवंबर तक करें आवेदन
भारत सरकार के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र और स्पेसपोर्ट, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित है, ने टेक्निकल असिस्टेंट सहित विभिन्न 97 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
उच्च शिक्षा की पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग 23 विषयों का ई-कंटेंट तैयार कर रहा है। इसमें वीडियो, टेक्स्ट, चार्ट और एनिमेशन के जरिए पढ़ाई में मदद मिलेगी। विषय विशेषज्ञ सामग्री की गुणवत्ता और तथ्यों की जांच करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सीनियर पर्सनल असिस्टेंट भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज 20 अक्तूबर से शुरू हो रही है। कुल 65 पदों पर भर्ती की जाएगी।
मैं डरी हुई हूं... HR ने छोड़ी नौकरी, दिल्ली से पहुंची गोवा, बताई वजह
MBA की पढ़ाई पूरी की, साढ़े चार साल नौकरी की और फिर जिंदगी को वापस से शुरू करने के लिए दिल्ली छोड़कर गोवा पहुंच गईं. पूर्व HR प्रोफेशनल अर्पिता साहू के लिए यह फैसला बाहर से भले ही सपने जैसा लगे, लेकिन नई जगह पर जिंदगी शुरू करना उनके लिए आसान नहीं रहा. इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने कई बातें बताई हैं.
कोरबा में कृष्ण पालनहार जन सेवा समिति ने वनांचल के गढ़-उपरोड़ा गांव में 151 कन्याओं का भोज कराया। यह गांव शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। कार्यक्रम में कन्याओं को भोजन कराने के साथ शैक्षणिक स्टेशनरी किट और श्रृंगार सामग्री भी उपहार में दी गई। समिति का उद्देश्य कन्याओं के प्रति सम्मान बढ़ाना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करना और समाज में सेवा-संस्कार की भावना मजबूत करना है। शैक्षणिक सामग्री देकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साह दिखाया और इस सेवा कार्य की सराहना की। सरपंच समेत कई ग्रामीण रहे मौजूद कार्यक्रम में गढ़-उपरोड़ा गांव के सरपंच अंशुमान बिंझवार, राजा राम राठिया और दिनेश देवांगन समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। कन्याओं ने खुशी-खुशी भोज में हिस्सा लिया। आगे भी जारी रहेंगे सामाजिक कार्य संस्था के भरत पटेल, शिवा प्रतीक, साकेत शर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और कन्याओं का सम्मान किया। समिति ने कहा कि आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य जारी रखे जाएंगे।
900+ सरकारी नौकरियां: इन पांच भर्तियों की अंतिम तिथि आज; जल्द भर दें अपनी पसंद की नौकरी का फॉर्म
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पांच भर्तियों में आवेदन का मौका है। सेल भिलाई में 710 प्रशिक्षु, अरुणाचल प्रदेश में 135 और एनआईटी अगरतला में 51 पदों पर भर्ती है। इग्नू और गुजरात उच्च न्यायालय में भी नियुक्तियां होंगी।
व्यापार बढ़ेगा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में होंगे फायदे
मंगलवार को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्रवासियों को रावघाट से रायपुर के बीच पहली बार 12 बोगी वाली नई मेमू ट्रेन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दोपहर 1:30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और रावघाट स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (दिल्ली से) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (रायपुर से) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नई रेल सेवा का शुभारंभ करेंगे। डीआरएम दयानंद ने बताया कि उद्घाटन के बाद यह स्पेशल ट्रेन रावघाट से रवाना होकर दल्लीराजहरा और बालोद होते हुए रायपुर पहुंचेगी। बुधवार से ट्रेन अपने निर्धारित समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से चलेगी। रेलवे द्वारा तय दरों के अनुसार रावघाट से रायपुर (219 किमी) का किराया 55 रूपए होगा। रायपुर से रावघाट: दोपहर 1.20 बजे रायपुर से चलेगी, शाम 4.06 बजे बालोद पहुंचेगी और मात्र 2 मिनट के ठहराव के बाद 4.40 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। वहां से यह ट्रेन 4.45 बजे छूटेगी और 7 बजे रावघाट पहुंचेगी। बालोद और दल्ली राहजरा के थोक व खुदरा व्यापारियों का सीधा संपर्क भानुप्रतापपुर और रावघाट क्षेत्र के हाट-बाजारों से जुड़ेगा। वनोपज और स्थानीय उत्पादों की आवाजाही आसान होगी, जिससे दोनों ओर के स्थानीय कारोबार को बड़ा सहारा मिलेगा। दुर्ग-भिलाई, रायपुर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशन हब माने जाते हैं। रावघाट व अंदरूनी इलाकों के साथ बालोद जिले के छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा और कोचिंग के लिए इन शहरों तक आसानी से आ-जा सकेंगे। साथ ही, भिलाई स्टील प्लांट और रावघाट माइंस प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों व तकनीशियनों के लिए सुरक्षित सफर का रास्ता साफ होगा। बालोद, बस्तर और कांकेर क्षेत्र की प्राकृतिक वादियों, जलप्रपातों और ऐतिहासिक धरोहरों तक रायपुर-दुर्ग-भिलाई के सैलानियों की पहुंच अब सीधी और सुरक्षित हो सकेगी। रावघाट से रायपुर: सुबह 6.30 बजे रावघाट से छूटेगी, और 8.02 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। यहां 5 िमनट के स्टॉपेज के बाद आगे 8.28 बजे बालोद पहुंचेगी। बालोद में मात्र 2 िमनट रूकने के बाद दुर्ग- भिलाई होते रायपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन दोपहर 1.05 बजे रायपुर पहुंचेगी।
शिक्षा विभाग में प्रशासनिक ढांचा गड़बड़ाया:डीपीसी अटकी, 1 शिक्षा अधिकारी के पास 2 से 3 पदों का काम
राजस्थान के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पदों पर डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) नहीं होने से प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि एक अधिकारी को दो से तीन पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है। विभाग में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के 534 पदों में से 131, उप निदेशक (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) के 67 में से 32, संयुक्त निदेशक के 18 में से 9 और अतिरिक्त निदेशक के 3 में से 1 पद खाली है। इन पदों पर नियमित पदोन्नति नहीं होने से अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ रहा है। इसका असर विभागीय कामकाज, प्रशासनिक नियंत्रण और स्कूलों की मॉनिटरिंग पर पड़ रहा है। अधिकारियों को अपने मूल कार्यालय के साथ-साथ अतिरिक्त कार्यभार वाले कार्यालय भी जाना पड़ता है। पदोन्नति के इंतजार में ही कई हो जाएंगे रिटायर डीपीसी में हो रही देरी का नुकसान कई अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा। वे पदोन्नति के इंतजार में ही रिटायर हो जाएंगे। विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया में अभी 1 अप्रैल 2026 को कार्यरत अधिकारियों को ही इस सत्र की डीपीसी में शामिल किए जाने की स्थिति बन रही है। ऐसे में इस तारीख के बाद सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों के पदों पर चालू सत्र में पदोन्नति नहीं हो पाने की संभावना रहेगी। अतिरिक्त कार्यभार की बानगी रिव्यू और रिवीजन सूची जारी हो तो मिले राहत राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि सरकार को डीओपी के वर्ष 2008 के सर्कुलर के नियम 7.1 के अनुसार रिव्यू और रिवीजन सूची भी साथ जारी करनी चाहिए, ताकि रिक्त पदों पर पात्र अधिकारियों का चयन कर पद भरे जा सकें। अगर ऐसा हो तो अधिकारियों को एक से अधिक पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभालने से राहत मिल सकती है। संगठन के मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे का कहना है कि खाली पदों को भरने के लिए तुरंत डीपीसी करनी चाहिए। रिटायर डीईओ राजेंद्र शर्मा ने कहा: इस प्रकार प्रभावित होता है काम; पद खाली होने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है। डीईओ पर जिला और अधीनस्थ कार्यालयों के कामकाज की निगरानी, उप निदेशक पर डीईओ व अधीनस्थ कार्यालयों की निगरानी, उच्च स्तर पर नीतिगत और प्रशासनिक कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी होती है। काम के अतिरिक्त दबाव से कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय निर्णयों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय: हिमाचल में खुलेंगे नए निजी आईटीआई, एआई और ड्रोन तकनीक के होंगे कोर्स
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे।
Kaithal News: खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
Siddharthnagar News: कपिलवस्तु में सड़क, सिंचाई और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा
कपिलवस्तु। नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और सीमा पार व्यापार से जुड़ी विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
Rewari News: समग्र शिक्षा के बिलों का भुगतान एसएनए स्पर्श पोर्टल से होगा
Payments for Samagra Shiksha bills will be made through the SNA Sparsh portal.
संतों की शिक्षाएं समाज में समानता और सद्भाव का देती हैं संदेश : बेदी
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज को मानव सेवा और लोक कल्याण की प्रेरणा देती हैं। उनकी विचारधारा सर्वधर्म समभाव और समस्त मानव जाति के सम्मान पर आधारित है।
मेष राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति
Aries Daily Horoscope, 20 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: सकारात्मक सोच से लाभ होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, आपका उत्साह बढ़ेगा, घर में सुख-शांति रहेगी, घरवालों से मन की बात कह दें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
Budaun News: उच्च शिक्षा में स्वायत्तता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा कर लौटे मनोज
बिसौली। जकार्ता से भारत लौटे शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कांफ्रेंस में वैश्विक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
Bareilly News: खंड शिक्षा अधिकारी पर प्रताड़ित करने का आरोप
सिरौली। कस्बा स्थित यूपीएस कंपोजित विद्यालय में तैनात अंशकालिक अनुदेशक राकेश शास्त्री ने खंड शिक्षा अधिकारी रामनगर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
Azamgarh News: कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
400 से अधिक भारतीय मूल के शिक्षाविदों ने 'भारत को अराजकता से बचाएं' शीर्षक से एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक 25-30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।
कोरबा जिले में सिकल सेल के 550 से अधिक मरीज चिन्हित हैं, लेकिन पेंशन और शिक्षा सहायता का लाभ किसी को नहीं मिल रहा है। जानकारी के अभाव और दिव्यांगता प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण मरीज योजनाओं से वंचित हैं। बीमारी के कारण बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा।
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को मिली नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'प्रशस्त 2.0' कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत 9.20 लाख से अधिक शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
JNU में छात्रों की भूख हड़ताल: MP John Brittas ने राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री से की दखल की मांग
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश करने और इसमें शामिल छात्रों की सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से हस्तक्षेप का आग्रह किया है। ब्रिटास ने रविवार को राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन के आदेश वापस लेने, मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय (सीपीओ) नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को वापस लेने और छात्रों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जेएनयू के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 17वें दिन में प्रवेश कर गई है और इसमें शामिल छात्रों की बिगड़ती सेहत तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू का पूर्व छात्र होने के नाते मैं मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हूं। जिस विश्वविद्यालय ने बहस और असहमति को बढ़ावा दिया, उसे इसके लिए दंडित नहीं करना चाहिए। इसकी लोकतांत्रिक परंपराओं को संरक्षित किया जाना चाहिए और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए।’’ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि भूख हड़ताल तीन अक्टूबर को शुरू हुई थी और इसकी वजह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र समुदाय की ‘‘वास्तविक और लंबे समय से लंबित चिंताओं’’ का कथित तौर पर समाधान नहीं करना था। उन्होंने कहा कि छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन ने गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। ब्रिटास ने लिखा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय से बाहर करने का सीधा असर छात्र संघ के कामकाज पर पड़ता है और इससे उस व्यवस्था को कमजोर किया जाता है, जिसके जरिये छात्र सामूहिक रूप से अपनी शिकायतें सामने रखते हैं।’’उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अधिनियम, 1966 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक जीवन पद्धति को विश्वविद्यालय के बुनियादी सिद्धांतों में शामिल किया गया है। अधिनियम में राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय का ‘विजिटर’ नामित किया गया है। माकपा राष्ट्रपति मुर्मू से अधिनियम की धारा आठ के तहत हस्तक्षेप करने और निष्कासन के आदेश वापस लेने, सीपीओ नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने तथा छात्रों की लंबित शिकायतों का तत्काल समाधान करने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
शारदीय नवरात्र की महानवमी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को परिवार के साथ कन्या पूजन किया। उन्होंने माता दुर्गा की आराधना कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण को समाज के विकास का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां शक्ति का स्वरूप हैं। कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और समाज में बेटियों के महत्व को स्वीकार करने का प्रतीक है। इसकी वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हर बेटी को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और अपने सपने पूरे करने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। परिवार और समाज को भी उनकी शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हों, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य संवार सकें।
राजस्थान हाईकोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.एससी. एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम की काउंसलिंग प्रक्रिया में प्रवेश की मांग को लेकर दायर प्राइवेट एग्रीकल्चर कॉलेजों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब सत्र 2026-27 की काउंसलिंग प्रक्रिया में वे ही संस्थान भाग ले सकेंगे जो पूरी तरह से पारदर्शी और मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी की पीठ कहा कि शिक्षा के गिरते स्तर और तय मानकों की अनदेखी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के इस सख्त रुख से उन तमाम निजी संस्थानों को बड़ा झटका लगा है जो जरूरी मानदंडों को पूरा किए बिना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। इनमें एस.के.डी. एग्रीकल्चर कॉलेज और श्री विनय कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर समेत कई अन्य निजी संस्थानों ने कृषि विभाग के आदेश को चुनौती दी थी। कृषि विभाग ने कॉलेजों की एनओसी बढ़ाने से इन्कार किया दरअसल कृषि विभाग ने आदेश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मानकों, योग्य स्टाफ की नियुक्ति, बैंक खातों से वेतन भुगतान, पीएफ कटौती और बायोमेट्रिक उपस्थिति जैसी अनिवार्य शर्तों को पूरा न करने पर कॉलेजों की एनओसी अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। इधर याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि नीति के तहत उन्हें एक्रीडेशन प्राप्त करने के लिए छह साल का समय मिला है, इसलिए उनकी एनओसी रद्द नहीं की जा सकती। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि समय मिलने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है संस्थानों द्वारा नियमों की अवेहलना की जाए। कोर्ट ने कहा - निजी संस्थान मनमानी नहीं कर सकते कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी संस्थानों की स्थापना के अधिकार का मतलब यह कतई नहीं है कि उन्हें बिना नियमों की पालना के स्वतः मान्यता या संबद्धता का अधिकार मिल जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इन संस्थानों ने पहले भी शपथ पत्र देकर सभी मानकों को समय पर पूरा करने का वादा किया था, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट गए। इस आदेश के बाद अब सत्र 2026-27 की काउंसलिंग प्रक्रिया में वे ही संस्थान भाग ले सकेंगे जो पूरी तरह से पारदर्शी और मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।
जयपुर: दशहरे पर बच्चों ने कार्डबोर्ड से बनाया रावण, सीखीं नैतिक शिक्षाएं
ब्राइट बिगिनिंग्स न्यू डॉन वेलफेयर फाउंडेशन की गतिविधि के जरिए बच्चों को रामायण के आदर्शों, सत्य और सदाचार के महत्व से परिचित कराया गया।
भारत के रक्षा मंत्रालय की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी कि बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर-1 के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर निकाली गई है...
PC: KALINGA TV बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) जल्द ही 33,320 पोस्ट के लिए अपनी रिक्रूटमेंट प्रोसेस बंद करने वाला है, जो 26 अक्टूबर को खत्म होगी। यह रिक्रूटमेंट एजुकेशन डिपार्टमेंट, बिहार के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की वैकेंसी बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। एग्जाम के लिए रजिस्टर करने के लिए एप्लीकेंट्स को ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC, EWS, दूसरे राज्य के कैंडिडेट: Rs 750 SC, ST: Rs 200 बिहार के रहने वाले महिला कैंडिडेट और PwD: Rs 200 एग्जाम से जुड़ी डिटेल्स: MCQ बेस्ड 150 सवाल, हर सवाल एक नंबर का होगा एग्जाम टाइमिंग: 2 घंटे 30 मिनट इसमें नेगेटिव मार्किंग भी है अप्लाई कैसे करें: BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं अब होमपेज पर, “BPSC TRE 4.0 एप्लीकेशन फॉर्म” टाइटल वाले लिंक पर क्लिक करें वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद, ज़रूरी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। अब फॉर्म में पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स भरें। बताए गए फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें और फॉर्म सबमिट करें। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और इसे भविष्य के लिए सेव कर लें।
job news 2026: आरबीआई में निकली हैं इन पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां फार्मेसी की पढ़ाई की है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी पाने का मौका मिल रहा है। आरबीआई को अपनी डिस्पेंसरी के लिए फार्मासिस्ट की जरूरत है। इसके लिए बैंक ने आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। यह जॉइनिंग रिजर्व बैंक अपनी मुंबई और नवी मुंबई ब्रांच के लिए कर रहा है। कुल पद- 22 पदों का नाम- फार्मासिस्ट आवेदन- ऑफलाइन आवेदन की लास्ट डेट-3 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे योग्यता- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास की हो। फार्मेसी एक्ट 1948 से रजिस्टर्ड मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम फार्मेसी में डिप्लोमा किया हो। सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटopportunities.rbi.org.in देख सकते हैं pc- naukri.com
BREAKING : यूरोप के 6 देशों में बड़ा आंदोलन: शिक्षा और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, फ्रांस में हिंसा
चंदौली जिले के पड़या गांव में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का बारजा गिर गया। यह विद्यालय 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बन रहा है। रविवार को अचानक बिल्डिंग का 10 फीट लंबा बारजा नीचे आ गिरा। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने बारजा गिरने की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। इसमें लोक निर्माण विभाग से एक टेक्निकल इंजीनियर और दो प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी। बिल्डिंग मैटेरियल को लैब टेस्ट के लिए भी भेजा जाएगा। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्यदाई संस्था के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
जर्मनी में पढ़ाई: मुफ्त नहीं है शिक्षा, जानें खर्च और नियम
सरकारी यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस नहीं होने के बावजूद सेमेस्टर फीस और जीवनयापन के लिए छात्रों को करना होता है प्रबंध।
NMC New Update: मेडिकल शिक्षा के 2023 वाले नियम वापस, कॉलेजों के लिए ADR जमा करना अब भी जरूरी
NMC New Update: मेडिकल शिक्षा के 2023 वाले नियम वापस, कॉलेजों के लिए ADR जमा करना अब भी जरूरी
हिमाचल प्रदेश के नौ गांवों के 486 परिवारों पर हुए अध्ययन में रोजगार और शिक्षा को पलायन की प्रमुख वजह बताया गया। अध्ययन के अनुसार, लोग गांव लौटते रहे और परिवारों को पैसे भेजते रहे।
उत्तरी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश अल्जीरिया अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक उभरते हुए उच्च शिक्षा हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भूमध्यसागरीय आबोहवा और वैश्विक स्तर पर किफायती ट्यूशन फीस के चलते भारत सहित एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के छात्र अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, यहां दाखिला लेने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए सबसे अहम पड़ाव भाषा का नियम और माध्यम समझना होता है। अल्जीरिया की उच्च शिक्षा प्रणाली बहुभाषी ढांचे पर आधारित है, जहां अलग-अलग संकायों के अनुसार पढ़ाई का माध्यम तय किया जाता है। यदि आप भी अल्जीरिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन से पहले वहां के आधिकारिक भाषा नियमों और प्रोफिशिएंसी शर्तों को बारीकी से समझना अनिवार्य है।अल्जीरियाई उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय (Ministry of Higher Education and Scientific Research) ने विदेशी छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ('Study in Algeria') की शुरुआत की है। इस पोर्टल के जरिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम के अनुसार भाषा दक्षता साबित करनी होती है। देश में मुख्य रूप से तीन भाषाएं—अरबी, फ्रेंच और हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ रही अंग्रेजी—उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक पाठ्यक्रम का आधार हैं। विषय के चयन के आधार पर ही यह निर्धारित होता है कि छात्र को किस भाषा में परीक्षा देनी होगी या किस भाषा का प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।कोर्स और संकाय के आधार पर बंटा है माध्यम: अरबी, फ्रेंच और अंग्रेजी का त्रिकोणअल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में भाषाओं का वर्गीकरण संकाय के आधार पर काफी स्पष्ट रखा गया है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून, इस्लामी अध्ययन, राजनीति विज्ञान और साहित्य जैसे विषयों की पूरी पढ़ाई और परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर अरबी भाषा में आयोजित की जाती हैं। यदि कोई विदेशी छात्र इन विषयों में स्नातक (Licence), स्नातकोत्तर (Master) या डॉक्टरेट की डिग्री लेना चाहता है, तो उसके लिए आधुनिक मानक अरबी (Modern Standard Arabic) में मजबूत पकड़ होना पहली और अनिवार्य शर्त है। अरबी माध्यम के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को संबंधित भाषा में संवाद, लेखन और शोध का प्रमाण देना होता है।दूसरी ओर, चिकित्सा (Medicine), फार्मेसी, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर साइंस और प्राकृतिक विज्ञान जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में दशकों से फ्रेंच भाषा का प्रमुख प्रभाव रहा है। भले ही अल्जीरिया की राष्ट्रीय भाषा अरबी और तमाज़िट हैं, लेकिन अधिकांश तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों में आज भी व्याख्यान, रिसर्च पेपर और प्रैक्टिकल का माध्यम फ्रेंच बना हुआ है। इसके साथ ही, अल्जीरिया सरकार द्वारा अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली का तेजी से अंतरराष्ट्रीयकरण करने की नीति के तहत अब कई प्रमुख विश्वविद्यालयों, नेशनल पॉल ऑफ़ एक्सीलेंस और तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के कोर्सेज पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में संचालित किए जा रहे हैं।विदेशी छात्रों के लिए भाषा दक्षता प्रमाण पत्र (Language Proficiency Requirements)अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में सीधे डिग्री प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए विदेशी छात्रों को अपनी भाषा योग्यता का आधिकारिक प्रमाण देना होता है। यदि आप किसी ऐसे पाठ्यक्रम में आवेदन कर रहे हैं जिसका माध्यम फ्रेंच है, तो आपको DELF (Diplme d'Etudes en Langue Franaise) या DALF अथवा TCF (Test de Connaissance du Franais) का कम से कम B2 स्तर का स्कोरकार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक माना जाता है। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि छात्र क्लासरूम में होने वाले जटिल वैज्ञानिक विमर्श और थ्योरी को आसानी से समझ सके।अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले डिग्री प्रोग्राम्स के लिए छात्रों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य टेस्ट जैसे आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) स्कोर की मांग की जाती है। सामान्य तौर पर न्यूनतम 6.0 से 6.5 बैंड का स्कोर अधिकांश इंजीनियरिंग और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए मान्य होता है। वहीं, जिन छात्रों की पूर्व शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में पूरी हुई है, उन्हें संबंधित संस्थान द्वारा जारी 'मीडियम ऑफ इंस्ट्रक्शन' (MOI) सर्टिफिकेट के आधार पर सशर्त छूट भी मिल सकती है। अरबी भाषा के कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी का एडमिशन बोर्ड छात्र का प्रत्यक्ष ऑनलाइन इंटरव्यू या भाषा परीक्षण ले सकता है।प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर: भाषा में कमजोर छात्रों के लिए विशेष फाउंडेशन कोर्सकई बार ऐसा होता है कि भारत या गैर-अरबी/गैर-फ्रेंच भाषी देशों के प्रतिभाशाली छात्रों के पास उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड तो होता है, लेकिन वे अल्जीरिया की शिक्षण भाषाओं में दक्ष नहीं होते। ऐसे छात्रों के लिए अल्जीरियाई उच्च शिक्षा प्रणाली में 'प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर' (Preparatory / Intensive Language Year) का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके तहत छात्र को मुख्य डिग्री कोर्स शुरू करने से पहले एक साल का गहन भाषा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना होता है।इस एक वर्ष के दौरान छात्र को विश्वविद्यालय के इंटेंसिव लैंग्वेज टीचिंग सेंटर (CEIL) में नामांकित किया जाता है, जहां उन्हें प्रतिदिन कई घंटों तक अरबी या फ्रेंच की व्याकरण, शब्दावली और अकादमिक लेखन का गहन अभ्यास कराया जाता है। वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले मानकीकृत मूल्यांकन को उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को स्वतः उसके मुख्य डिग्री प्रोग्राम (जैसे मेडिसिन, इंजीनियरिंग या आर्ट्स) में नियमित कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी जाती है। यह व्यवस्था विदेशी छात्रों को स्थानीय संस्कृति में ढलने और भाषा के डर को पूरी तरह खत्म करने का बेहतरीन अवसर देती है।वीजा, स्कॉलरशिप और स्थानीय जीवन के लिए भाषा का व्यावहारिक महत्वअल्जीरिया के लिए स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान भी भाषा की तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दूतावास में वीजा साक्षात्कार के समय अधिकारियों द्वारा छात्र से अध्ययन के माध्यम और उनकी तैयारी को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। अल्जीरियाई सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न द्विपक्षीय छात्रवृत्तियों (Government Scholarships) में भी भाषा दक्षता को मेरिट का एक अहम पैमाना माना जाता है।कैंपस के बाहर रोजमर्रा की जिंदगी की बात करें तो अल्जीरिया में स्थानीय बोलचाल की भाषा 'दरिजा' (अल्जीरियाई अरबी) और फ्रेंच का व्यापक प्रभाव है। हॉस्टल, सुपरमार्केट, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बाजारों में बातचीत करने के लिए बेसिक फ्रेंच या अरबी के रोजमर्रा के वाक्यों की जानकारी होना विदेशी छात्रों के लिए जीवन को बेहद सहज बना देता है। इसलिए अल्जीरिया जाने का मन बना रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रस्थान से पहले ही बुनियादी भाषा प्रशिक्षण शुरू कर दें ताकि वे एक सुरक्षित, समृद्ध और तनाव-मुक्त अकादमिक यात्रा का आनंद ले सकें।
TET News Update: MP में 62 हजार शिक्षकों के हक की लड़ाई तेज, स्कूल शिक्षा सचिव से मिलकर रखेंगे बात
शिक्षकों ने प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में बताई जा रही 10 तकनीकी कमियों को दूर कराने की मांग उठाई।
योगी सरकार में मजबूत हुई बेसिक शिक्षा की नींव, कंपोजिट विद्यालयों में 9 साल में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों के दौरान विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के साथ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के कार्यकाल में विद्यालयों को आवश्यकता के अनुरूप ...
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भर्ती 2026 के तहत 60 पदों पर आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। मल्टी टास्किंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर समेत विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्तूबर को समाप्त हो रही है।
शिक्षा, आरक्षण और रोजगार... CM नायब सैनी ने OBC समाज को दी गारंटी; गिनाए हित में लिए गए कई फैसले
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की।
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
Deoria News: बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा का दिया संदेश
Conveyed a message regarding the education and safety of girls
Hisar News: खेलों के जरिये बच्चों को शिक्षा से जोड़ेगी विलेज चैंपियन लीग
ओआईटीएम रूट्स फाउंडेशन ने विलेज चैंपियन लीग (वीसीएल) के तहत कैमरी क्षेत्र के 10 गांवों में खेल जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को खेल गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ना और उनका सर्वांगीण विकास करना है।
विचार: सार्थक बनाई जाए उच्च शिक्षा नीति
छात्रों को सही सवाल पूछना, समस्या को ठीक ढंग से परिभाषित करना और फिर उसका हल निकालना आना चाहिए।
सेवा भारती अजमेर ने किया 151 कन्याओं का पूजन, शिक्षा और सम्मान का दिया संदेश
कचहरी रोड स्थित बीसिट में हुआ आयोजन, हवन-यज्ञ के बाद कन्याओं को कराया भोजन अजमेर। सेवा भारती अजमेर महानगर इकाई की ओर से रविवार को कचहरी रोड स्थित बीसिट परिसर में कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 कन्याओं का पूजन कर भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान का संदेश दिया गया। धार्मिक अनुष्ठान […] The post सेवा भारती अजमेर ने किया 151 कन्याओं का पूजन, शिक्षा और सम्मान का दिया संदेश appeared first on Sabguru News .
56 साल की उम्र में पीएचडी, प्ले स्कूल से सीबीएसई के कक्षा 12 तक के स्कूल का सफर और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे प्रयोगों से पहचान बनाने वालीं डॉ. आरती मित्तल अब भाजपा की राजनीति में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी के प्रदेश संगठन ने रविवार को उन्हें अलीगढ़ महानगर महिला मोर्चा का अध्यक्ष घोषित किया। यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है, क्योंकि आरती की पहचान अब तक मुख्य रूप से शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता की रही है। हालांकि, भाजपा से उनका पारिवारिक नाता पुराना है। उनके पिता और दादा संघ व भाजपा में सक्रिय रहे हैं।भाजपा ने इससे पहले जिला महिला मोर्चा अध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिसमें अलीगढ़ जिले की जिम्मेदारी सरिता माहेश्वरी को सौंपी गई थी। उस समय महानगर अध्यक्ष का नाम घोषित नहीं हुआ था। रविवार को प्रदेश संगठन ने आरती मित्तल के नाम पर मुहर लगाकर इस पद पर नियुक्ति कर दी। संगठन में उनकी तैनाती को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता के साथ पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। परिवार की विरासत, अब खुद संभालेंगी संगठनडॉ. आरती मित्तल ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से संघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता और दादा दोनों संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वह भी भाजपा की समर्थक रही हैं और समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी करती रही हैं। अब संगठन ने औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी है तो वह इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी। आरती के मुताबिक, प्रदेश में पिछले दस वर्षों के दौरान विकास, महिला उत्थान और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों से वह प्रभावित हैं। महिला मोर्चा के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को पार्टी से जोड़ना और सरकार व संगठन के कार्यों को उन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।शिक्षा से पर्यावरण तक बनाई पहचानआरती मित्तल ने वर्ष 2000 में मदर्स टच प्ले स्कूल की शुरुआत की थी। लगातार प्रयासों से यह संस्थान सीबीएसई से संबद्ध कक्षा 12 तक के मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में विकसित हुआ। शिक्षा के साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी अपने काम का हिस्सा बनाया। स्कूल में जीरो वेस्ट की पहल, कंपोस्टिंग और करीब चार हजार प्लास्टिक बोतलों से गार्ड रूम तैयार कराने जैसे प्रयोग किए। इन प्रयासों के चलते उन्हें नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया।सीखने की ललक ऐसी रही कि 56 वर्ष की उम्र में पर्यावरण शिक्षा में पीएचडी पूरी की। लेखन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। गीत-भजन लिखने के साथ उन्होंने पर्यावरण, भारतीय परंपरा और जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर पुस्तकें लिखीं।अब उनके सामने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में बनी पहचान को संगठनात्मक जिम्मेदारी में बदलने की चुनौती है। महिला मोर्चा के जरिए महिलाओं के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाना और उन्हें संगठन से जोड़ना उनके नए कार्यकाल की अहम कसौटी होगी।
योगी सरकार में उच्च शिक्षा के विस्तार को नई गति, अलीगढ़ में प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय को मिला आशय पत्र
चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को 154 नए जेबीटी मिलेंगे, जिससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को भी जल्द राहत मिलेगी। इसके बाद टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की नियुक्तियों और पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
शहर के कालीबाड़ी स्थित जय मां काली दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस वर्ष अपनी अनूठी थीम के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। समिति ने इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी की थीम पर पंडाल तैयार किया है। इसमें पुरातन शिक्षा व्यवस्था से लेकर आधुनिक शिक्षा प्रणाली तक के सफर को दर्शाया गया है। पंडाल के माध्यम से शिक्षा के बदलते स्वरूप, उसके महत्व और विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। पंडाल में अजंता शैली में निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के साथ पंडाल की कलात्मक सजावट और संदेशपरक प्रस्तुति को देख रहे हैं। हजारीबाग की महारानी के नाम से जुड़ी इस पूजा समिति में हर वर्ष अलग-अलग थीम के साथ मां दुर्गा का आगमन होता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति ने इस बार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को चुना है। शिक्षा व्यवस्था के बदलाव और विद्यार्थियों की चुनौतियों को किया प्रदर्शित समिति ने पंडाल की थीम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि शिक्षा सभी लोगों के लिए समान रूप से जरूरी है। पंडाल में मूर्तियों और विभिन्न प्रॉप्स के माध्यम से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई है। इसमें शिक्षकों, स्कूलों और विद्यार्थियों पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव को दिखाया गया है। साथ ही एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को भी प्रस्तुति का हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए लोगों का ध्यान विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और पढ़ाई के दौरान उनके सामने आने वाली परेशानियों की ओर खींचने का प्रयास किया गया है। पंडाल की थीम केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति का संदेश है कि पढ़ाई को केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति का समग्र विकास हो और वह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सके। सभी धर्मों और वर्गों के लिए समान शिक्षा पर जोर जय मां काली दुर्गा पूजा समिति के सदस्य इंद्रजीत अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा सभी धर्मों और सभी लोगों के लिए समान रूप से आवश्यक है। समिति ने इसी विचार को पंडाल के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। उनका उद्देश्य लोगों तक शिक्षा की समानता और उसके महत्व का संदेश पहुंचाना है। समिति हर वर्ष किसी अलग और संदेशपरक विषय पर पंडाल तैयार करती है, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके। इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी को केंद्र में रखकर तैयार की गई थीम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना और पढ़ाई के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े की थैलियों का उपयोग शिक्षा के संदेश के साथ समिति ने पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी पहल में शामिल किया है। पंडाल में भोग के लिए आने वाले सदस्यों को कपड़े की थैलियां दी जा रही हैं, ताकि प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जा सके। पूजा जैसे बड़े आयोजन में छोटे-छोटे बदलावों के जरिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह कालीबाड़ी का यह पंडाल आस्था, कला, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संगम बनकर सामने आया है। अजंता शैली की मां दुर्गा की प्रतिमा, शिक्षा व्यवस्था पर आधारित कलात्मक प्रस्तुति और पर्यावरण हितैषी पहल इसे इस वर्ष हजारीबाग के प्रमुख पूजा आकर्षणों में शामिल कर रही हैं।
बेगूसराय के सिंघौल स्थित हर्ष गार्डन में विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. घनश्याम राय के समर्थन में सभा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में इस समय लगभग 75 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिनका प्रशासनिक नियंत्रण अब तक पंचायती राज विभाग के अधीन रहा है। बिहार सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श किया है और यह निर्णय लिया गया है कि नियोजित शिक्षकों का पूरा नियंत्रण पंचायती राज विभाग से हटाकर शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह नियंत्रण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जैसे ही नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास आएगा, उसके तुरंत बाद सभी पात्र शिक्षकों के लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी व्यवस्थाएं खुद बन जाएगी। मांग, आवश्यकता के अनुसार बीपीएससी को रिक्तियां भेजी हैं- मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग और आवश्यकताओं के अनुसार ही बीपीएससी (BPSC) को रिक्तियां भेजी है। पूर्व में 20 हजार भर्तियों का इरादा था, लेकिन अब तक लगभग 34 हजार पदों के लिए अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में जारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही जहां भी नए पद रिक्त होंगे, उन सभी रिक्तियों को तुरंत बीपीएससी को भेजा जाएगा। जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं और अभ्यर्थियों को रोजगार के भरपूर अवसर मिल सके। पुस्तकालय व्यवस्था और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से बिहार में पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली नहीं हुई थी। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 19 साल के लंबे इंतजार के बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली की जाएगी। सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू, आवेदन प्राप्त किए जा रहे इसके लिए सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जब ट्रांसफर का सामान्य पोर्टल खुलेगा, तो उसमें पुस्तकालय अध्यक्षों, प्रधान शिक्षकों तथा मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण का भी स्पष्ट विकल्प उपलब्ध रहेगा। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के ट्रांसफर के लिए कोई बाधा या बैरियर नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शिक्षकों का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर वे स्वयं संज्ञान लेते हैं और देर रात तक सचिवालय में बैठकर फैसले लेते हैं।
Bhagalpur Education Department Show Cause To Dead Teachers: भागलपुर शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षकों को प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी कर दिया, जिससे विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है।
संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की शिक्षाएं आज भी समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम, समानता, मानवता और श्रम के सम्मान का...
जोमैटो में डिलीवरी पार्टनर कैसे बनें? होती है इतनी कमाई, करना होगा ये काम
आजकल के युवा केवल पढ़ाई या नौकरी ही नहीं करना चाहते हैं. उन्हें चाहिए कि सैलरी के साथ-साथ कुछ एक्स्ट्रा इनकम भी हो. इसके लिए वह पार्ट-टाइम नौकरी करते या फ्रीलांस से जुड़े काम करते हैं. उनके काम के इस लिस्ट में डिलीवरी का काम भी शामिल रहता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर , युवाओं को ये काम कैसे मिलता है, क्या इसके लिए भी पैसे देने होते है और चयन के बाद कितनी कमाई होती है.
किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए उच्च कृषि शिक्षा की राह होगी आसान
किसानों की अगली पीढ़ी को कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की इस योजना के तहत छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटों को दोगुना कर दिया गया है। इसके साथ ही …
जेएनयू में आरएसएस के पथ संचलन का भाजपा ने किया समर्थन, विपक्ष बोला-शिक्षा व्यवस्था होगी खराब
New Delhi, 18 अक्टूबर . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया. इसे…
बिलासपुर के सरकंडा स्थित श्री प्लाजा में नवरात्र के अवसर पर मां आदि शक्ति की प्रतीक कन्याओं का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान 5 हजार से ज्यादा कन्याओं के पैर पूजकर उन्हें उपहार के रूप में किताबें भेंट की गईं। श्री बुक डिपो और श्री प्रकाशन की ओर से कन्याओं को ये पुस्तकें दी गईं। आयोजन में कन्याओं को आध्यात्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई। कन्याओं के सम्मान और सेवा का संदेश कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही बालिकाओं के प्रति सम्मान और सेवा भाव को बढ़ावा देना था। शहर के लोगों ने उत्साह के साथ आयोजन में हिस्सा लिया और कन्याओं का पूजन कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर बिलासपुर के कमिश्नर सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक आरपी गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और डीआईजी रामकश्यप सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शहर के विधायक अमर अग्रवाल, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, गहोई समाज के संरक्षक मनोहरलाल बरंसइया और वरिष्ठ समाजसेवी अनिल टाह भी शामिल हुए। इसके अलावा साहित्यकार और समाजसेवियों ने भी आयोजन में भाग लिया। इनमें डॉ. मदन देशपांडे, मधुश्री देशपांडे, डॉ. ओम माखीजा और डॉ. समर शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। आयोजन में बसंत साड़ी सेंटर परिवार और लालाजी परिवार सहित कई लोगों ने सहयोग किया। गुप्ता परिवार के पीयूष गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, डॉ. पारस गुप्ता, अधिवक्ता पुष्प गुप्ता, आयुषी गुप्ता, पारुल गुप्ता और सियाश्री गुप्ता का विशेष योगदान रहा। इंडियन कॉफी हाउस परिवार ने भी सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने आर्टिजन ग्रेड चार के 660 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। ऑनलाइन आवेदन 21 अक्तूबर 2026 से शुरू होंगे और 18 नवंबर 2026 तक चलेंगे। उम्मीदवारों को दसवीं पास होने के साथ
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पैरामेडिकल भर्ती 2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 23 और 25 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार परीक्षा शहर और तारीख की
रेलवे भर्ती बोर्ड ने आरआरबी जूनियर इंजीनियर सीबीटी-1 परीक्षा 2026 की परीक्षा शहर सूचना पर्ची जारी कर दी है। 27 अक्तूबर को परीक्षा देने वाले उम्मीदवार पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि की मदद से अपनी परीक्षा का
साहित्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण में योगदान के लिए डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ सम्मानित
साहित्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उन्हें आईपीएस मनुमुक्त ‘मानव’ पुरस्कार, नारी रत्न पुरस्कार, हरियाणा की शक्तिशाली महिला पुरस्कार, विश्व हिंदी साहित्य रत्न पुरस्कार, सुपर वुमन अवार्ड, ग्लोबल सुपर वुमन अवार्ड, महिला रत्न सम्मान, नागरिक पत्रकारिता नारद पुरस्कार और साहित्यांचल राष्ट्रीय पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानद डॉक्टरेट उपाधियां भी मिली हैं।
फ्रांस में अनियंत्रित महंगाई और स्कूलों की बदहाली के खिलाफ जनता का गुस्सा विस्फोटक रूप ले चुका है। शनिवार को देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी।
सीजेपी ने शिक्षा का मुद्दा छोड़ दिया
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने क्या शिक्षा का मुद्दा छोड़ दिया? उसके नेता इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
वर्ल्ड डायरी: सऊदी की एअर इंडिया उड़ानें 24 तक रद्द; अल्बानिया में छात्र आंदोलन, शिक्षा मंत्रालय का घेराव
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में सक्रिय तबादला सिंडिकेट के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। विभागीय लेटरहेड, मंत्रालय की जाली सील और अवर सचिव आरपी वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 19 शिक्षकों व कर्मचारियों के मनचाही जगहों पर ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए। हैरत की बात यह है कि इस जाली सूची में शामिल सहायक शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक और व्यायाम शिक्षक श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले की भनक 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) तक को नहीं लगी।मामला सामने आते ही लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में हड़कंप मच गया है। शासन को अंदेशा है कि इन कर्मचारियों ने सिंडिकेट से सांठगांठ कर या अनुचित माध्यमों से यह आदेश तैयार करवाया है। डीपीआई ने मामले की जांच बैठाते हुए सभी 15 डीईओ को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है और तीन प्रमुख बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर फर्जीवाड़े में संलिप्त सभी शासकीय सेवकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन बिंदुओं पर मांगा गया है जवाब : यह फर्जी आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से पहुंचा? इसके आधार पर कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति/ कार्यभार ग्रहण करने हेतु आवेदन दिया और कितनों को रिलीव/ जॉइन कराया गया? फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही जिला स्तर पर क्या कार्रवाई की गई? इन जिलों के डीईओ से मांगी गई रिपोर्ट: बलौदा बाजार, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, कांकेर, कबीरधाम, बालोद, धमतरी, सरगुजा, गौरेला- पेंड्रा- मरवाही, बलरामपुर- रामानुजगंज, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई। सवाल: बिना वेरिफिकेशन कैसे मिली रिलीविंग और जॉइनिंग?फर्जी आदेश जारी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी दफ्तरों के अफसरों ने बिना किसी मंत्रालयिक सत्यापन के फर्जी आदेशों को असली मानकर ज्वॉइनिंग या रिलीविंग कैसे दे दी? 2020 में भी हो चुका है ऐसा फर्जी ट्रांसफरस्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी ट्रांसफर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के फर्जी ट्रांसफर आदेश निकल चुके हैं। इससे पहले 30 मार्च 2020 को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार के नाम से 21 व्याख्याताओं, शिक्षकों व एक क्लर्क का तबादला कर दिया। इसमें व्याख्याता, शिक्षक एलबी और सहायक ग्रेड दो के नाम शामिल हैं। इस फर्जी आदेश में बस्तर के शिक्षक व महिला शिक्षक ज्यादा हैं। उन्हें बालोद, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग आदि स्थानों पर भेजा गया है। मामला उजागर होने के बाद अवर सचिव ने नवा रायपुर के राखी थाने में इसकी लिखित में शिकायत की थी। भास्कर एक्सपर्ट - मुकेश चौधरी, एक्सपर्ट, साइबर क्राइम AI के सुरक्षित इस्तेमाल की ट्रेनिंग जरूरीकिसी भी तरह के सरकारी आदेश को ई मेल के जरिए भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा सरकारी विभाग के वेबसाइट पर आदेश को अपलोड किया जाना चाहिए जारी आदेशों का जिला स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल से क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के बाद ही जॉइनिंग/ रिलीविंग दी जानी चाहिए। जरूरी बात कि सरकारी विभागों के अफसरों व कर्मियों को एआई एथिक्स की ट्रेनिंग देनी चाहिए।
Kanpur News: 23 बिंदुओं पर परखी गई शिक्षा विभाग की तैयारी
परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की शनिवार को समीक्षा हुई।
Aquarius Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का समय है, शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान देना होगा, जल्दबाजी में फैसला ना करें, करियर के मामले में सोच समझ कर निर्णय लें, अपने मन की बात सबसे ना कहें.
वृश्चिक राशि वालों के आज शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, शुभ रंग- हल्का पीला
Scorpio Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: करियर से संबंधित फैसला सोच समझ कर करें, अपने काम सावधानी से करें, शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, किसी बात को लेकर अड़े ना रहें, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में निवेश की स्थिति बनेगी.
Pilibhit News: डीएम ने स्कूलों में बच्चों से पढ़वाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता
अमरिया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को अमरिया तहसील क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बारातबोझ और राजकीय इंटर कॉलेज अमरिया का औचक निरीक्षण किया।
Azamgarh News: पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
शिक्षा को लेकर सड़कों पर जेन-जी, पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं; PM के इस्तीफे की मांग
यूरोपीय देश अल्बानिया में जेन जी सड़कों पर आ गए हैं। शिक्षा व्यवस्था में खराबी और बढ़ती बेरोजगारी के चलते युवाओं ने प्रधानमंत्री रामा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने रबर बुलेट्स को फायर किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की घोषणा की है। उन्होंने स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
फ्रांस में तेजी से बढ़ती महंगाई और शिक्षा के गिरते स्तर के खिलाफ जनता और छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। शनिवार को राजधानी पेरिस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं।
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का नया दौर, बढ़ीं 321 सीटें, तीन नए राजकीय कालेज खुले
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का व्यापक विस्तार हुआ है, जिसमें 321 नई सीटें जोड़ी गई हैं और तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित हुए हैं। इससे युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं, खासकर जापान और जर्मनी में।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षा की घोषित दुश्मन है। शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का आधार रहा है।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी अब छह दिन की होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश में एक दिन की बढ़ोतरी करते हुए 6 से 11 नवंबर 2026 तक छुट्टी घोषित की है। पहले 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन का अवकाश तय किया गया था। संशोधित आदेश से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किया। इससे पहले 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दिवाली की छुट्टी पांच दिन निर्धारित की गई थी। अब इसमें आंशिक संशोधन कर अवकाश की अवधि 11 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। डीएड, बीएड कॉलेजों में भी अवकाश यह आदेश प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इसके साथ ही डीएड, बीएड और एमएड महाविद्यालयों में भी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दिवाली का अवकाश रहेगा। इस तरह स्कूलों और संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में छह दिन छुट्टी रहेगी। दिवाली के मौके पर छुट्टियों की अवधि बढ़ने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार की तैयारियों के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। अवकाश की तारीखों में बदलाव के बाद संस्थानों को संशोधित आदेश के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों की योजना बनानी होगी।
मुजफ्फरपुर की सोनल कुमारी को अखिल भारतीय पंचायत परिषद का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली के मयूर विहार स्थित परिषद के केंद्रीय कार्यालय पंचायत धाम में आयोजित विशेष बैठक में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा गया। परिषद की कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय के निर्देश पर सोनल कुमारी को यह जिम्मेदारी दी। इस मौके पर बिहार और गुजरात से आए कई लोग मौजूद रहे। सोनल कुमारी मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले की निवासी हैं। वह पिछले आठ वर्षों से गुजरात में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। गुजरात को अपनी कर्मभूमि मानने वाली सोनल ग्रामीण शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और स्वच्छता अभियान से जुड़े कार्यों में योगदान देती रही हैं। राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद सोनल कुमारी ने कहा कि आने वाले समय में पंचायतों में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगी। उनका प्रयास महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें पंचायत व्यवस्था से जोड़ने पर रहेगा। परिषद की कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने उम्मीद जताई कि सोनल कुमारी की नियुक्ति से बिहार में महिलाओं का परिषद से जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही गुजरात में भी अधिक महिलाओं को परिषद के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर परिषद के महामंत्री ध्यान पाल सिंह, राष्ट्रीय सचिव जमादार राय समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सोनल कुमारी को नई जिम्मेदारी मिलने पर परिषद के सदस्यों और शुभचिंतकों ने बधाई दी।
मोतिहारी में चंद्रा फाउंडेशन की शुरुआत:महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए करेगा काम
मोतिहारी के बेलबनवा स्थित चंद्रा लाइफलाइन हॉस्पिटल परिसर में शनिवार को चंद्रा लाइफलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन का शुभारंभ हुआ। इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि डॉ. स्वस्ति सिन्हा, विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता वर्मा और संस्था अध्यक्ष डॉ. हेना चंद्रा ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। समाधान के लिए प्रयास करेगा फाउंडेशन फाउंडेशन का लक्ष्य महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान के लिए काम करना है। डॉ. हेना चंद्रा ने बताया कि फाउंडेशन महिलाओं की चुनौतियों को समझकर उनके समाधान के लिए प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सिर्फ चिकित्सा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समान अवसर भी जरूरी हैं। ध्येय वाक्य का जिक्र डॉ. चंद्रा ने बताया कि फाउंडेशन स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़े अवसर महिलाओं तक पहुंचाएगा। उन्होंने ‘Empowering Women, Building a Brighter Tomorrow’ ध्येय वाक्य का जिक्र किया। कार्यक्रम में अवकाश प्राप्त शिक्षिका नलिनी श्रीवास्तव, निशा, अंशु ठाकुर, सबिता सिंह, अधिवक्ता रूपम राज और प्रियंका सिंह समेत कई महिलाओं ने अपने विचार रखे।
समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे किनारे हैं जो कभी मिल नहीं सकते: सीएम योगी
समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे किनारे हैं जो कभी मिल नहीं सकते: सीएम योगी
'समाजवादी' शिक्षा के घोषित दुश्मन, ऐसी-तैसी कर दी; CM योगी का सपा पर बड़ा हमला
सीएम योगी ने लखनऊ में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में सपा पर हमला बोलते हुए समाजवादियों को शिक्षा का घोषित दुश्मन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने शिक्षा की ऐसी-तैसी की और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। उन्होंने सपा की तुलना मगरमच्छ से करते हुए तंज कसा।
ग्रेटर नोएडा, 17 अक्टूबर . महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट Police की ओर से मिशन शक्ति अभियान…
मिशन शक्ति अभियान 6.0: शिक्षा, सहयोग और स्वावलंबन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं और बालिकाएं सम्मानित
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा: एटा में मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्यक्रम
अलीगंज में बहू-बेटी सम्मेलन के दौरान डीएम ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रिंकी कुमारी दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को समस्तीपुर में प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक के रूप में लंबे समय से छात्रों के बीच रहने के कारण वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उनके पास कई योजनाएं हैं। निर्वाचित होने पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। कई कॉलेजों में शुरू हो पीजी की पढ़ाई उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कॉलेजों में खेल मैदान और बेहतर संसाधन की व्यवस्था पर जोर उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगी। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। पिछले दो वर्षों से वह लगातार एमएलसी चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक सम्मेलन के दौरान वास्तु विहार में लोगों ने मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग और चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
चीन : व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र जारी
बीजिंग, उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में 'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' शनिवार को आयोजित 'विश्व व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विकास सम्मेलन- 2026' में जारी किया गया। इसमें बताया गया है कि चीन में कुशल कर्मचारियों और प्रतिभाओं को तैयार करने की क्षमता में व्यापक सुधार हुआ है।
‘चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र’ जारी
बीजिंग, 17 अक्टूबर . उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में ‘चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र’ Saturday को आयोजित ‘विश्व व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विकास सम्मेलन- 2026’…
'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' जारी
'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' जारी
बिहारशरीफ, 17 अक्टूबर . जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर Saturday को नालंदा में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद करने पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों…

