Palwal News: सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था, 36 अधिकारियों को 180 स्कूलों की जिम्मेदारी
सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था, 36 अधिकारियों को 180 स्कूलों की जिम्मेदारी
Bareilly News: 7808 अभ्यर्थी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की परीक्षा देंगे
7808 अभ्यर्थी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की परीक्षा देंगे
Hisar News: सार्वजनिक शिक्षा बचाने को अध्यापकों ने धरना देकर किया सत्याग्रह
हिसार। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की जिला इकाई ने गांधी जयंती पर सार्वजनिक शिक्षा बचाने की मांग को लेकर धरना देकर सत्याग्रह किया।
शरणार्थी बच्चों की पढ़ाई पर संकट, 58 लाख स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर
विस्थापन की वजह से बेघर होने वाले शरणार्थी बच्चों के जीवन में शिक्षा, फिर से जीवन को पटरी लाने में मदद कर सकती है, लेकिन लाखों बच्चों के लिए ये अवसर भी उनकी पहुँच से दूर होता जा रहा है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, पिछले वर्ष दुनिया भर में लगभग 60 लाख शरणार्थी बच्चे स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर थे.
भभुआ के अहिवास में ग्रामसभा, शिक्षा-स्वास्थ्य समेत सरकारी योजनाओं की जानकारी और नशामुक्ति का संकल्प
2 अक्टूबर, शुक्रवार, भभुआ: गांधी जयंती पर अहिवास पंचायत के सामुदायिक भवन में जन योजना अभियान के तहत ग्रामसभा हुई। ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवास, पेंशन समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। पंचायत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए पौधरोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र का शिक्षकों को आदेश, पॉलिटिक्स छोड़ो, पाठ्यक्रम पूरा करवाओ
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शिक्षा विभाग कर्मचारी सहकारी सभा कोटा-बारां का वार्षिक अधिवेशन रविवार को
वार्षिक अधिवेशन में ऋण सीमा बढ़ाकर 4-4 लाख रुपये करने, टीए वृद्धि और लाभांश वितरण के प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा।
UPSSSC भर्ती 2026: खेल निदेशालय में 108 पदों पर नौकरी का मौका, 14 अक्टूबर से आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से खेल निदेशालय मुख्य परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का...
UP Shikshamitra Special TET 2026: उत्तर प्रदेश के तमाम स्कूलों में काम कर रहे शिक्षा मित्रों ने हाईकोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. शिक्षकों जैसा काम करने के बावजूद वो स्पेशल टीईटी नहीं दे सकते हैं.
मेरठ में 4 अक्टूबर को स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2025 का आयोजन 28 केंद्रों पर होगा, जिसमें 13,024 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक चलेगी और जिलाधिकारी ने तैयारियों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं।
गयाजी में जनसुराज पार्टी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर अपना दूसरा स्थापना दिवस मनाया। शुक्रवार को चंदौती मोड़ स्थित कार्यालय में हुए समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रवि रंजन ने की, जिसमें कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी और शास्त्री के चित्रों पर फूल चढ़ाकर हुई। कार्यकर्ताओं ने केक काटा और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने शिक्षा, बेरोजगारी और पलायन को बिहार के प्रमुख मुद्दे बताया। पार्टी नेता बोले- विधानसभा में सफलता न मिलने के बाद भी मुहिम कमजोर नहीं हुई पार्टी नेताओं ने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद भी जन सुराज की मुहिम कमजोर नहीं पड़ी। कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत रखा। जिला अध्यक्ष रवि रंजन ने बताया कि संस्थापक प्रशांत किशोर की तरह कार्यकर्ताओं में बिहार को बदलने का संकल्प है। चुनाव परिणाम के बाद संगठन ने गतिविधियां तेज कीं और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहने के निर्देश दिए। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का भी जिक्र हुआ। वक्ताओं ने कहा कि प्रशांत किशोर की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह जीत संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए मनोबल बढ़ाने वाली रही है। एमएलसी चुनाव को लेकर तैयारी तेज जन सुराज नेताओं ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर भी अपनी तैयारियों का दावा किया। वक्ताओं ने कहा कि पार्टी ने एमएलसी चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और जिन सीटों पर चुनाव लड़ना है, वहां संगठन स्तर पर काम किया जा रहा है। नेताओं ने दावा किया कि पार्टी अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि जन सुराज अपने मजबूत और सक्रिय समर्थकों को चुनाव में सहयोग देगा। पार्टी का लक्ष्य बिहार के हर जिले, पंचायत और गांव तक संगठन को पहुंचाना है। शिक्षा, बेरोजगारी और पलायन को बनाया प्रमुख मुद्दा जन सुराज की जिला उपाध्यक्ष कांती कुमारी ने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मिलकर स्थापना दिवस मनाया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के नेतृत्व में बिहार में बदलाव की मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है। बिहार में शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं का पलायन गंभीर मुद्दे हैं। इन समस्याओं को लेकर जन सुराज लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता हर क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे और जनता की समस्याओं को सुनकर उन्हें जिला और प्रदेश संगठन तक पहुंचाएंगे। उनका कहना था कि संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब कार्यकर्ता सीधे आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझें। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और बिहार के विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने का संकल्प लिया। इस दौरान कार्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और कार्यकर्ताओं ने “जय बिहार, जय जन सुराज” के नारे लगाए।
महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय द्वारा RKCL कोर्सेज को ‘इंटर्नशिप’ के लिए मान्यता
महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपने स्नातक (UG) कोर्सेज BA, B.Com, B.Sc आदि के
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), बिलासपुर ने संविदा के आधार पर डेंटिस्ट सहित विभिन्न 13 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर वैकेंसी की घोषणा की है।
UP बेसिक शिक्षा विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती 2026
UP बेसिक शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में कुल 01 पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 3 अक्टूबर 2026 है। सभी इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक जानकारी को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। इस भर्ती में आवेदन शुल्क नहीं है और आयु सीमा 21 से 40 वर्ष के बीच है। अधिक जानकारी के लिए लेख को पूरा पढ़ें।
UPPSC स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार अब आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा 4 अक्टूबर 2026 को होगी। इस भर्ती के लिए 1,24,806 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। जानें कैसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड और परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक दस्तावेज।
यूपी बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 70 हजार प्राथमिक शिक्षकों को जल्द मिलेगी पदोन्नति
यूपी बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 70 हजार प्राथमिक शिक्षकों को जल्द मिलेगी पदोन्नति
SSC CHSL Recruitment 2026: एसएससी सीएचएसएल में आवेदन करने की लास्ट डेट नजदीक, जल्दी करें अप्लाई
pc: jagran कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने 12वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा 2026 के तहत कुल 2,536 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। जो उम्मीदवार इन पदों पर नौकरी पाने के इच्छुक हैं, वे समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन की अंतिम तिथि पास SSC CHSL 2026 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 07 सितंबर 2026 से शुरू हो चुके हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 07 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। अंतिम दिनों में वेबसाइट पर तकनीकी समस्या से बचने के लिए उम्मीदवारों को जल्द से जल्द फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है। पद अनुसार वेतन चयनित उम्मीदवारों को पदानुसार निम्नलिखित वेतनमान (Pay Scale) दिया जाएगा: लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) / जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (JSA): ₹19,900 से ₹63,200 प्रतिमाह डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO Grade-A): ₹25,500 से ₹81,100 प्रतिमाह डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO): ₹29,200 से ₹92,300 प्रतिमाह पात्रता एवं मानदंड शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं (10+2) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा: उम्मीदवारों की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 01 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आयु सीमा में छूट: SC / ST: 5 वर्ष OBC: 3 वर्ष PwD (दिव्यांग): 10 वर्ष आवेदन शुल्क सामान्य / अनारक्षित वर्ग: ₹100 महिला, SC, ST और दिव्यांग वर्ग: निःशुल्क (कोई शुल्क नहीं) चयन प्रक्रिया एवं परीक्षा पैटर्न उम्मीदवारों का चयन दो चरणों की परीक्षा (Tier-1 और Tier-2) के आधार पर किया जाएगा। Tier-1 परीक्षा पैटर्न: विषय: अंग्रेजी, जनरल इंटेलिजेंस (रीज़निंग), क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (गणित), और सामान्य जागरूकता (GK/GS)। कुल प्रश्न एवं अंक: 100 प्रश्न (कुल 200 अंक)। समय अवधि: 1 घंटा। नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.50 अंक काटे जाएंगे।
Canara Bank Apprentice Recruitment 2026: 3500 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: BW Business world केनरा बैंक ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर ग्रेजुएट अप्रेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 के लिए लेटेस्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, केनरा बैंक ग्रेजुएट अप्रेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 के ज़रिए कुल 3500 वैकेंसी भरी जाएंगी। एलिजिबल और इंटरेस्टेड कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। केनरा बैंक ग्रेजुएट अप्रेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक 1 अक्टूबर, 2026 से खुल गया है और 17 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया उम्र सीमा जिन कैंडिडेट की उम्र 01.09.2026 को 20 से 28 साल के बीच है, वे इन ग्रेजुएट अप्रेंटिस वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए एलिजिबल हैं। कैंडिडेट का जन्म 02.09.1998 से पहले और 01.09.2006 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए (दोनों दिन मिलाकर)। मैक्सिमम उम्र सीमा जनरल कैटेगरी और EWS कैंडिडेट पर लागू होती है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन जिन एप्लीकेंट्स के पास भारत सरकार से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में डिग्री (ग्रेजुएशन) है या सेंट्रल गवर्नमेंट से मान्यता प्राप्त कोई बराबर की क्वालिफिकेशन है, वे इस पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान दें कि कैंडिडेट ने अपनी ग्रेजुएशन 01.01.2023 से पहले और 01.09.2026 के बाद पास नहीं की होनी चाहिए। स्टाइपेंड चुने गए कैंडिडेट्स को 16,650 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा (भारत सरकार की तरफ से सब्सिडी अमाउंट, अगर कोई हो, तो शामिल है)। एप्लीकेशन फीस SC/ST/PwBD कैटेगरी को छोड़कर सभी कैंडिडेट्स को 500 रुपये की एप्लीकेशन फीस देनी होगी (जिसमें इंटीमेशन चार्ज भी शामिल है)। पेमेंट डेबिट कार्ड (RuPay/ Visa/ MasterCard/ Maestro), क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड या मोबाइल वॉलेट से किया जा सकता है। केनरा बैंक अप्रेंटिस ऑनलाइन अप्लाई करें https://nats.education.gov.in पर रजिस्टर करें और अपनी प्रोफ़ाइल 100% तक पूरी करें। जेनरेट किया गया एनरोलमेंट नंबर संभाल कर रखें। www.canarabank.bank.in पर जाएं, करियर खोलें, फिर रिक्रूटमेंट, फिर “FY 2026-27 के लिए अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत केनरा बैंक में ग्रेजुएट अप्रेंटिस की एंगेजमेंट” लिंक खोलें। “CLICK HERE FOR NEW REGISTRATION” पर क्लिक करें और बेसिक जानकारी डालें। एक प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड जेनरेट होगा और ईमेल और SMS से भेजा जाएगा। सेव किया गया डेटा उनका इस्तेमाल करके फिर से खोला जा सकता है। NATS एनरोलमेंट ID डालें, सभी फ़ील्ड भरें, और ज़िले की पसंद के साथ एक राज्य चुनें। नीचे बताए अनुसार फ़ोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करें। डिटेल्स वेरिफ़ाई करने के लिए “SAVE AND NEXT” का इस्तेमाल करें। फ़ाइनल सबमिट पर क्लिक करने के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। ऑनलाइन फीस पे करें (अगर लागू हो), फिर एप्लीकेशन और ई-रसीद का प्रिंटआउट ले लें। कैंडिडेट रिक्रूटमेंट ड्राइव के बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
दिल्ली में नया स्कूल खोलना हुआ अब और अधिक कड़ा: शिक्षा विभाग ने बदले मान्यता के नियम
भारत की राष्ट्रीय राजधानी और शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले दिल्ली (Delhi) में यदि आप भी अपना खुद का नया स्कूल खोलने का सपना देख रहे हैं या शैक्षणिक क्षेत्र में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और आंखें खोल देने वाली है। दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education - DoE) ने शहर में नए निजी स्कूलों की स्थापना, मान्यता (Recognition) देने और उनके संचालन से जुड़े नियमों में बहुत बड़े, कड़े और व्यापक बदलाव कर दिए हैं। पिछले कुछ समय से बढ़ती व्यावसायिकता, बुनियादी ढांचे की कमियों और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े तमाम सवालों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नियमों का शिकंजा कस दिया है। अब कोई भी व्यक्ति या संस्था अपनी मर्जी से मनमाने तरीके से स्कूल नहीं खोल सकेगी, बल्कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित किए गए पैमानों, लैंड नॉर्म्स (Land Norms), फायर सेफ्टी, प्लेग्राउंड के क्षेत्रफल और वित्तीय पारदर्शिता के कड़े मानदंडों पर सौ फीसदी खरा उतरना होगा। आज के इस विस्तृत, ज्ञानवर्धक और मार्गदर्शक आलेख में हम आपको दिल्ली में नया स्कूल खोलने से जुड़े इन बदले हुए नए नियमों, जरूरी दस्तावेजों और पूरी अनुमति प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, ताकि फैसला लेने से पहले आपको हर बात की सटीक जानकारी हो।दिल्ली में नया स्कूल खोलने के बदले गए नियमों की मुख्य बातें और सख्त शर्तेंशिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए नए और संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर में स्कूल खोलने के लिए सबसे पहले भूमि (Land Requirement) और भवन की स्थिति को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। पहले के मुकाबले अब स्कूल के लिए जमीन का क्षेत्रफल, कक्षा कक्षों (Classrooms) का आकार, हवादार कमरे, दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप और लिफ्ट जैसी सुविधाएं होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली के विभिन्न जोन में भूमि की उपलब्धता और मास्टर प्लान दिल्ली (MPD) के नियमों के तहत ही सोसाइटी या ट्रस्ट के नाम पर जमीन का पंजीकृत होना जरूरी है। नए नियमों के तहत प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्कूल भवन किसी भी प्रकार से छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरनाक न हो, जिसके लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट (Structural Safety Audit) रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। जो लोग यह सोचते थे कि केवल कम पूंजी और छोटे से कमरे के जरिए स्कूल का संचालन शुरू किया जा सकता है, उनके लिए अब राह बेहद कठिन हो गई है और हर एक मानक को कागजों से लेकर धरातल पर साबित करना होगा।फायर सेफ्टी, सुरक्षा और एनओसी (NOC) के नियमों में हुआ बड़ा बदलावकिसी भी स्कूल के संचालन में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, और इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी (Fire Safety Norms), पुलिस वेरिफिकेशन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी (NOC) के नियमों को बेहद सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत अब स्कूल को मान्यता मिलने से पहले दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) से संपूर्ण क्लीयरेंस लेना होगा, जिसमें यह प्रमाणित हो कि आपातकालीन स्थिति में बच्चों को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त रास्ते और आधुनिक अग्निशामक यंत्र मौजूद हैं। इसके अलावा, स्कूल परिसर के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड, बच्चों के परिवहन के लिए स्कूल बसों में जीपीएस (GPS) और स्पीड गवर्नर का होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी भी स्कूल द्वारा सुरक्षा मानकों में थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाती है, तो शिक्षा विभाग बिना किसी पूर्व चेतावनी के मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।वित्तीय पारदर्शिता, टीचर्स की योग्यता और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियानया स्कूल खोलने की इस पूरी प्रक्रिया में केवल इमारत और सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वित्तीय प्रबंधन (Financial Transparency) और शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता पर भी बहुत कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। स्कूल चलाने वाली संस्था या ट्रस्ट को यह साबित करना होगा कि उनके पास कम से कम अगले तीन साल तक स्कूल के सुचारू संचालन और शिक्षकों का वेतन देने के लिए पर्याप्त फंड (Reserve Fund) मौजूद है। इसके साथ ही, स्कूल में पढ़ाने वाले सभी शिक्षक एनसीटीई (NCTE) के मानकों के अनुसार पूरी तरह प्रशिक्षित, बीएड (B.Ed) या डीएलएड (D.El.Ed) और टेट (TET) पास होने चाहिए, और उन्हें समय पर उचित वेतनमान देना स्कूल प्रबंधन के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। फीस के निर्धारण में भी मनमानी रोकने के लिए शिक्षा निदेशालय के नियमों का पालन करना होगा ताकि अभिभावकों का आर्थिक शोषण न हो सके।आवेदन करने से पहले इन बातों को समझें और फिर लें कोई अंतिम फैसलायदि आप इन तमाम कड़े नियमों, जटिल प्रक्रियाओं और भारी-भरकम पूंजी निवेश के बावजूद दिल्ली में स्कूल खोलने का पक्का मन बना चुके हैं, तो किसी भी प्रकार का कदम उठाने से पहले एक योग्य लीगल एडवाइजर और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की सलाह अवश्य लें। शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नए सत्र के लिए मान्यता के आवेदन से जुड़े सभी फॉर्म और दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें, क्योंकि एक छोटी सी तकनीकी चूक या अधूरे दस्तावेज आपके वर्षों के सपने को पानी फेर सकते हैं। सही योजना, पूरी तैयारी और नियमों के दायरे में रहकर किया गया यह प्रयास न केवल आपको एक सफल शिक्षा उद्यमी बनाएगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को एक बेहतरीन और सुरक्षित शिक्षण संस्थान भी प्रदान करेगा।
कुरुक्षेत्र में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप पर निशाना साधा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वोट चोरी की बात लोगों को बरगलाने और सत्ता हासिल करने का ढकोसला है। अगर किसी को वोट कटने को लेकर कोई आपत्ति थी तो उसके लिए वोट बनवाने और आपत्ति दर्ज कराने के रास्ते खुले थे। शिक्षा मंत्री ढांडा आज SMB गीता स्कूल में आयोजित खेल प्रतियोगिता में पहुंचे थे। इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 700 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री ने स्कूल में बनने वाले नए हॉस्टल का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने खेल में हिस्सा ले रहे बच्चों का हौसला भी बढ़ाया। SIR से कोई आपत्ति तो कोर्ट जाए- ढांडा मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि किस चुनाव में और किस तरह वोट चोरी हुई।जहां-जहां SIR हुआ, वहां लोगों को अपना वोट दोबारा बनवाने और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिला। अगर फिर भी किसी को प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो वह कोर्ट भी जा सकता था। 50-60 साल में देश को आगे नहीं बढ़ाया ढांडा ने कहा कि कांग्रेस को जनता ने लंबे समय तक मौका दिया, लेकिन देश को आगे बढ़ाने की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ। आज देश में ऐसा नेतृत्व है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से भारत की बात रखता है। भारत के प्रधानमंत्री मोदी को 34 देशों ने अपने सर्वोच्च सम्मान दिए हैं। अगर देश का सम्मान और प्रभाव बढ़ रहा है तो किसी को परेशानी क्यों होनी चाहिए। हरियाणा की प्रतिभा किसी से कम नहीं शिक्षा मंत्री ने हरियाणा की खेल प्रतिभा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी में नीरू ढांडा समेत कई खिलाड़ी देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। हरियाणा के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपना योगदान दे रही है। स्कूल लेवल पर खेलों को बढ़ावा उन्होंने कहा कि हरियाणा में बच्चों को स्कूल स्तर से ही खेलों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। खेलों के जरिए बच्चों में सिर्फ शारीरिक क्षमता नहीं बढ़ती, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की समझ भी विकसित होती है। शिक्षा के साथ खेलों को भी विकास का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है।
वह सुंदर वृक्ष, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति फिर सींच रही है
महात्मा गांधी ने शिक्षा को केवल पढ़ाई और रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, भाषा, संस्कृति और जीवन से जोड़ने वाली व्यवस्था के रूप में देखा था.
श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत गुरुवार रात स्थानीय नेहरू स्टेडियम में भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में ड्रोन ने आसमान में रंग-बिरंगी रोशनियों के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और उनकी महान शिक्षाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मौजूद संगत ने इस अनूठी प्रस्तुति को श्रद्धा और उत्साह के साथ देखा। इस दौरान सुरिंदर सिंह पारस के ढाडी जत्थे ने ढाडी वारों के माध्यम से गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं, सामाजिक समानता और भाईचारे के संदेश को प्रस्तुत किया। गुरबाणी गायन और आसमान में उभरती रोशन आकृतियों ने पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक माहौल प्रदान किया। पंजाब में 4 विशाल नगर कीर्तन निकाले जाएंगेविधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरी श्रद्धा के साथ बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी गुरु जी के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब में जल्द ही चार विशाल नगर कीर्तन निकाले जाएंगे, जिनमें से एक नगर कीर्तन फरीदकोट से निकलेगा। इसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को बड़े स्तर पर शामिल किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उचित प्रबंधवहीं डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन और बाणी पूरी मानवता को समानता, सांझीवालता व मानव सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है। जिला प्रशासन द्वारा संगत की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उचित प्रबंध किए गए। संगत के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई। इस मौके पर लंगर कमेटी माता खीवी जी, सफाई कमेटी और जोड़ा घर कमेटी को सम्मानित किया गया। संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अनूठा प्रयासइंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि ड्रोन के माध्यम से की गई यह प्रस्तुति श्री गुरु रविदास जी को नमन करने के साथ-साथ उनके समानता, भाईचारे, दया, सामाजिक न्याय और मानव सम्मान के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अनूठा प्रयास है।
बापू ने कई साल पहले दिया था वोकेशनल लर्निंग का आइडिया, शिक्षा व्यवस्था पर गांधी के पांच विचार
Mahatma Gandhi Views On Education: न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत जिन रिफॉर्म्स की बात हो रही है, उनका विचार महात्मा गांधी ने आज से कई साल पहले ही रख दिया था. गांधी का मानना था कि छात्रों का विकास हर तरह से किया जाना चाहिए.
फ्रांस में शिक्षा नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज, देखें दुनिया आजतक
फ्रांस में मौजूदा शिक्षा नीतियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है...पेरिस से शुरू हुआ ये आंदोलन अब दूसरे शहरों तक पहुंच गया है... जहां कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया...स्कूलों की बदहाल व्यवस्था, संसाधनों की कमी और शिक्षा के लिए ज्यादा फंड की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. देखें...
RRC NWR Apprentice Recruitment 2026: आरआरसी एनडब्ल्यूआर ने अप्रेंटिस भर्ती 2026 के तहत 2008 प्रशिक्षण स्लॉट के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। 10वीं और आईटीआई पास अभ्यर्थी 7 अक्तूबर से 6 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
आईबीपीएस क्लर्क प्रीलिम्स एडमिट कार्ड 2026 जारी हो गया है। उम्मीदवार 10 और 11 अक्तूबर को होने वाली परीक्षा के लिए ibps.in से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती में 11,663 पद हैं।
आरपीएससी एपीओ परिणाम 2026 जारी हो गया है। सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर पीडीएफ डाउनलोड कर अपना रोल नंबर चेक कर सकते हैं।
हरियाणा के 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की उम्मीद जगी है।
ब्यावर से मिली सीख देश के कई राज्यों में शिक्षा की गुणवत्ता में नया बदलाव लाएगी
भास्कर न्यूज| ब्यावर उदयपुर रोड स्थित आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में चार दिवसीय अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली ने यह विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर एनसीईआरटी और आईयूसीटीई, वाराणसी के सहयोग से कराया। यह कार्यक्रम देश के 50 आदर्श विद्या मंदिरों में चल रहा है। कार्यक्रम 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चला। प्रतिभागियों ने सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक पूरी तरह अनुशासित गुरुकुलीय दिनचर्या का अनुभव किया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने सुबह जलपान के बाद आशापुरा माता मंदिर में दर्शन किए। उच्च माध्यमिक विभाग की वंदना-दर्शन हुई। कक्षा 11-12 का शिक्षण-अवलोकन किया गया। अटल लैब में चल रहे नवाचारी प्रयोगों का भी निरीक्षण किया गया। समापन सत्र में पश्चिम बंगाल से डॉ. सौम्य दीप्त सेन, डॉ. निर्मल कुमार मंडल, पिलानी से शैलेंद्र पांडे, भरतपुर से डॉ. शंकर लाल समेत कई शिक्षाविदों ने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर एनईपी 2020 का वास्तविक और जीवंत मॉडल पेश करता है। प्रधानाचार्य नवीन कुमार सैनी ने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर, ब्यावर को राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगधर्मी कार्यशाला के लिए चुना गया। उन्होंने कहा कि यहां से मिली सीख देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा की गुणवत्ता में नया बदलाव लाएगी। कार्यक्रम के अंत में सीमा सोलंकी, ममता शर्मा, राधा किशन मिश्रा और शोभा कंवर ने अतिथियों और शिक्षाविदों का आभार जताया।
गांवों के विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार रहे माणिकपुरी
भास्कर न्यूज | खरोरा शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, पहचान और भविष्य निर्माण का सशक्त साधन है। इसी सोच के साथ कृष्ण मानिकपुरी आरंग विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक से हायर सेकेंडरी स्तर तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। कृष्ण माणिकपुरी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ जीवनोपयोगी और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी जानकारी भी देते हैं। उनके मार्गदर्शन में नैतिक एवं शारीरिक शिक्षा, संगीत-नृत्य, लेखन और चित्रकला के साथ करियर मार्गदर्शन पर भी जोर दिया जाता है। वे विद्यार्थियों को माता-पिता के सम्मान के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने नैतिक दायित्वों के प्रति जागरूक करते हैं। उनके प्रयास से विद्यार्थियों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा मिल रहा है। शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर सर्वांगीण विकास से जोड़ने की उनकी पहल ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। कृष्ण माणिकपुरी की शैक्षिक एवं सामाजिक सेवा से प्रभावित होकर विभिन्न राज्य स्तरीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंचों द्वारा उन्हें पुरस्कार एवं सम्मान भी प्रदान किए जा चुके हैं। निजी चुनौतियों और अपने करियर की तैयारी के बीच भी उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा और मार्गदर्शन देने का कार्य जारी रखा है। उनके इस प्रयास से विद्यार्थी और अभिभावक उत्साहित हैं। उनका सेवाभावी प्रयास अन्य युवाओं को भी शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित कर रहा है।
उच्च शिक्षा में बढ़ी बेटियों की भागीदारी: आईआईटी-आईआईएम-एनआईटी में प्लेसमेंट दोगुना, वेतन 105% बढ़ा
उच्च शिक्षा में बढ़ी बेटियों की भागीदारी: आईआईटी-आईआईएम-एनआईटी में प्लेसमेंट दोगुना, वेतन 105% बढ़ा iit-iim-nit-campus-placement-salary-growth-female-students-higher-education-report
शिक्षा नीति ने खोले नई संभावनाओं के द्वार : अनुराग
Education policy has opened doors to new possibilities: Anurag
भोपाल में राज्य शासन ने विश्वविद्यालयों में पदस्थ उप कुलसचिव स्तर के अधिकारियों को पदोन्नत कर कुलसचिव के पद पर नई पदस्थापना दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को पदोन्नति के बाद मौजूदा विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को दूसरे विश्वविद्यालयों में पदस्थ किया गया है। इनमें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में पदस्थ रहीं स्वाति वशिष्ठ का नाम भी शामिल है। स्वाति वशिष्ठ को अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल का कुलसचिव बनाया गया है। वे पांढुर्णा कलेक्टर नीरज वशिष्ठ की पत्नी हैं। कई अधिकारियों को मौजूदा विश्वविद्यालय में ही जिम्मेदारी अनिल कुमार शर्मा को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन में ही कुलसचिव पद पर पदोन्नत कर पदस्थ किया गया है। डॉ. अजय वर्मा भी पदोन्नति के बाद क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन में ही कुलसचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा में पदस्थ शैलेंद्र कुमार जैन को भी इसी विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाया गया है। डीके बग्गा को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन से कुलसचिव पद पर जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर भेजा गया है। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ डॉ. अजीत श्रीवास्तव को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल में ही पदस्थ रखा गया है। इन अधिकारियों की भी हुई नई पदस्थापना डॉ. प्रज्जवल खरे को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर का कुलसचिव बनाया गया है। रचना ठाकुर को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू, इंदौर में कुलसचिव पद पर पदस्थ किया गया है। डॉ. रवि शंकर सोनवाल को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से कुलसचिव पद पर क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना भेजा गया है। वहीं, सुषमा सैयाम को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन से कुलसचिव पद पर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट पदस्थ किया है।
छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी
छात्रों से बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी- स्वच्छ भारत की भी जिम्मेदारी हमारी
बिहार में टीचरों के ट्रांसफर का शेड्यूल तय, 4 से 10 अक्टूबर तक ई-शिक्षाकोष पर करें ऑनलाइन आवेदन
बिहार में शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के लिए 4 अक्टूबर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे।
हाईकोर्ट का फैसला: शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल करने की याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
पाली के समग्र शिक्षा कार्यक्रम अधिकारी कल्याण सिंह को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की ओर से शिक्षा संकाय में पीएचडी की उपाधि देकर सम्मानित किया गया है। पाली जिले के टेवाली गांव निवासी और वर्तमान में पाली में रहने वाले कल्याण सिंह ने अंग्रेजी भाषा के उच्चारण, व्याकरण और शिक्षण पद्धति को लेकर अपना शोधकार्य पूरा किया है। कल्याण सिंह ने “राजस्थान में द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी के उच्चारण, व्याकरण एवं शिक्षण पद्धति के प्रति अभिधारकों का प्रत्यक्षण: संबंध और निहितार्थ” विषय पर शोध किया। यह शोध कॉलेज शिक्षा विभाग के अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञ डॉ. ए.के. पालीवाल के निर्देशन में पूरा किया गया। 5 जिलों के सरकारी स्कूलों में किया अध्ययन शोध के लिए राजस्थान के पाली, जालोर, सिरोही, राजसमंद और उदयपुर जिलों के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के ELT विशेषज्ञों को शामिल किया गया। अध्ययन के लिए सर्वेक्षण पद्धति का इस्तेमाल किया गया। मातृभाषा से अलग होने के कारण उच्चारण में परेशानी शोध में सामने आया कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा से अलग भाषा होने और ध्वन्यात्मक जटिलताओं के कारण अंग्रेजी के उच्चारण और व्याकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों के सामने भी बलाघात, अनुतान, रूप-विज्ञान और वाक्य-विन्यास जैसी चुनौतियां रहती हैं। मौखिक अंग्रेजी और दृश्य-श्रव्य साधनों पर कम ध्यान अध्ययन में अंग्रेजी शिक्षण के दौरान क्षेत्रीय भाषा आधारित पद्धतियों के अधिक इस्तेमाल, मौखिक अंग्रेजी पर अपेक्षाकृत कम ध्यान और दृश्य-श्रव्य साधनों के सीमित उपयोग की स्थिति भी सामने आई। शोध में यह भी पाया गया कि शिक्षकों की अंग्रेजी भाषा और उसके शिक्षण को लेकर बनी धारणा का उनके पढ़ाने के तरीके पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अध्ययन ने राजस्थान के संदर्भ में व्यवस्थित शिक्षक प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर दिया है। साथ ही, शोध में स्वदेशी TESL मॉडल ‘PARI’ विकसित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है।
रायपुर के आजाद चौक में एमए छत्तीसगढ़ी भाषा छात्र संगठन और मोर चिन्हारी के बैनर तले एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी पहली से 12वीं तक छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई, भाषा शिक्षकों, तहसील स्तर पर राजभाषा अधिकारियों और अनुवादकों की भर्ती की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में शिक्षण लागू करने पर जोर दिया।
केंद्रीय खेल मंत्री ने शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का एक व्यापक डेटाबेस बनाने का आह्वान किया
New Delhi, 1 अक्टूबर . केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने Thursday को शारीरिक शिक्षा पेशेवरों के मॉड्यूल का शुभारंभ किया और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और पोषण में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. केंद्रीय खेल मंत्री ने जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक प्रतिभा की ... Read more
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मामले में मध्य प्रदेश सरकार फेल: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कुपोषण और बीमारियों से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवार से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य सरकार के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मामले में पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाया है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह के नामांकन के बाद गुरुवार को मुजफ्फरपुर में एनडीए की सभा हुई। इसमें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर कई घोषणाएं और आश्वासन दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा। शिक्षकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए डीईओ कार्यालय और दूसरे सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक विभागीय काम के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और ऑनलाइन ही उसकी स्वीकृति की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को अनावश्यक भागदौड़ और किसी तरह के शोषण से बचाना है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरियन से जुड़ी समस्या के समाधान का भी रास्ता निकाला गया है। सातवें वेतनमान की मांग पर भी सरकार ने आकलन शुरू कर दिया है। ‘शिक्षकों की हर समस्या का समाधान करेंगे’ मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रास्ते में आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार स्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने शिक्षकों से एनडीए प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह के पक्ष में समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र प्रसाद सिंह पहले भी शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में सदन में शिक्षकों की आवाज उठाते रहे हैं। तिवारी ने कहा कि उनके विचारों और कार्यशैली में शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्पष्टता है। उन्होंने सभा में मौजूद शिक्षकों से नरेंद्र प्रसाद सिंह को समर्थन देने की अपील की। ‘सातवें वेतनमान का आकलन शुरू’ शिक्षा मंत्री ने सातवें वेतनमान की मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसका आकलन शुरू कर दिया है। वित्त रहित शिक्षकों के भुगतान को लेकर भी उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर तैयारी चल रही है। जरूरत पड़ने पर सरकार से बात कर उन्हें सम्मानजनक तरीके से मासिक भुगतान देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है और शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। शिक्षकों से उन्होंने जाति और अन्य सामाजिक समीकरणों के आधार पर मतदान नहीं करने की अपील करते हुए नरेंद्र प्रसाद सिंह के समर्थन में वोट देने को कहा। दिलीप जायसवाल बोले- एक-एक व्यक्ति 10 वोट की जिम्मेदारी लें सभा में जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी शिक्षकों से नरेंद्र प्रसाद सिंह के समर्थन में वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ही सरकार के स्तर पर कई काम आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि एक-एक व्यक्ति कम से कम 10 शिक्षकों तक एनडीए के पक्ष में संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी ले। जायसवाल ने कहा कि सातवें और आगे के वेतनमान तथा वित्त रहित शिक्षकों के वेतन जैसे मुद्दों पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र प्रसाद सिंह शिक्षक मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने शिक्षकों से चुनाव को गंभीरता से लेने और क्षेत्र के सभी जिलों में जाकर संपर्क करने की अपील की। नरेंद्र सिंह के नामांकन के बाद जुटे एनडीए नेता नामांकन के बाद आयोजित सभा में एनडीए के कई नेता मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, जदयू विधायक पंकज मिश्रा, कोमल सिंह, पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोजपा से जुड़े नेता समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और शिक्षक मौजूद थे। बिहार विधान परिषद की तिरहुत शिक्षक सीट के लिए भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है। 2026 के परिषद चुनाव में तिरहुत शिक्षक समेत आठ स्नातक-शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
1 अक्टूबर, गुरुवार: सीवान के सरस्वती विद्या निकेतन के मॉडल स्कूल बनने से शिक्षा में सुधार, स्मार्ट क्लास की सुविधा।
बेस पे, बोनस और टिप... ये है डिलीवरी पार्टनर की कमाई का गणित!
गिग वर्कर्स को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के अनुसार हर हफ्ते या हर 15 दिन में पेमेंट मिलती है. एक ऑर्डर की पूरी कमाई में प्लेटफॉर्म का कमीशन, टैक्स वगैरह चीज़ें शामिल होती हैं और उसके बाद डिलीवरी पार्टनर के हाथ में कुछ आता है.
DSSSB Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का मौका, 641 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 6 अक्टूबर से
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने सीनियर पर्सनल असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, प्यून आदि पदों पर भर्ती के लिए...
यूपी के 73 हजार शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा- याचिकाकर्ता सिर्फ इस आधार पर स्पेशल TET में शामिल होने का अधिकार नहीं मांग सकते कि वे सामान्य TET में बैठने के योग्य हैं। इनकी कानूनी स्थिति सरकारी टीचर से अलग है। याचिका पिछले साल सितंबर महीने में वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों ने दाखिल की थी। कहा था- हमें भी स्पेशल TET में बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने 24 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के फैसले के बाद यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि यह फैसला दुखद है। हम लोग अगली अदालत में जाएंगे, डबल बेंच में जाएंगे। वहां से पूर्ण विश्वास है कि मुझे राहत मिलेगी। प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र हैं। इनमें से करीब 73 हजार ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र यह परीक्षा पास कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा- शासन का फैसला सही हाईकोर्ट ने कहा- अभी आप शिक्षक ही नहीं हैं, तो शिक्षकों के लिए होने वाली टीईटी परीक्षा में कैसे शामिल हो सकते हैं? सरकार का फैसला सही है, शासनदेश में कोई खामी नहीं है। आरटीई एक्ट में शिक्षक और नॉन शिक्षक के प्रावधान साफ हैं। टीईटी शिक्षकों के लिए है, जो शिक्षक नहीं है, उनके लिए नहीं है। कानून की दृष्टि से शिक्षामित्र शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में उनकी मांग जायज नहीं कही जा सकती। वसीम बोले- अब डबल बेंच में जाएंगे यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि हम लोग तो बहुत आशान्वित थे। मामला रिजर्व हुआ था। आज खारिज हुआ, यह दुखद है। हम लोग हिम्मत के साथ आगे की लड़ाई लड़ेंगे। माननीय न्यायालय में हम लोग डबल बेंच में जाएंगे और अपील करेंगे। इस आदेश से कहीं न कहीं हम लोगों की क्षति हुई है, नुकसान हुआ है। 26 वर्षों से हम लोग लगातार सेवा दे रहे हैं। जब प्राइवेट विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, एडेड विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, संविदा कर्मी स्पेशल एजुकेटर को शामिल किया गया, तो शिक्षामित्र को वंचित करना यह गलत है। जानिए, क्या है स्पेशल TET परीक्षा 5 सितंबर से आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा शिक्षामित्रों को क्यों चाहिए स्पेशल टीईटी? शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी नौकरी स्थायी करने और शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को स्पेशल टीईटी देने का मौका मिल रहा है, तो शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। कई शिक्षामित्रों ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है। ऐसे में शिक्षक पद के लिए पात्रता हासिल करने के लिहाज से यह परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन भी किए और हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की। हालांकि, हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। 2028 तक TET पास करना जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 1 सितंबर को दिए आदेश में सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी किया था। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने विशेष राहत की मांग को लेकर आंदोलन किया था। शासन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष TET कराने की घोषणा की थी। अब इसकी कार्ययोजना को मंजूरी दे दी गई है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- पूर्व IAS दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, मिर्जापुर से ताल ठोकेंगी या राजा भैया के साथ जाएंगी पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखेंगी। राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर और मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल से पुराने विवाद ने सियासी गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। सपा-कांग्रेस की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर
UP के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका, स्पेशल TET परीक्षा में नहीं हो सकेंगे शामिल
UP के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उनकी स्पेशल TET परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग को खारिज कर दिया है. पिछले लंबे समय से यूपी के हजारों शिक्षा मित्र राहत की मांग कर रहे हैं.
Bank of Baroda recruitment 2026: 1100 पदों पर आवेदन का आखिरी दिन, हाथ से ना जानें दें मौका
PC:kalingatv बैंक ऑफ़ बड़ौदा आज, 1 अक्टूबर को वेल्थ एग्जीक्यूटिव और क्रेडिट एनालिस्ट के पद पर भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो बंद कर देगा। ऑर्गनाइज़ेशन का मकसद इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए कुल 1,100 पद भरना है। एप्लिकेंट आज यानी 1 अक्टूबर, 2026 तक बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। हालांकि, कैंडिडेट 16 अक्टूबर, 2026 तक अपने जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म प्रिंट कर सकते हैं। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इन पदों के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। कैंडिडेट को अप्लाई करने से पहले पोस्ट के हिसाब से एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दूसरी ज़रूरतों के लिए डिटेल्ड रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन देखना चाहिए। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: एप्लीकेशन फीस जनरल, इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) और अन्य बैकवर्ड क्लास (OBC) कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 850 रुपये एप्लीकेशन फीस देनी होगी। शेड्यूल्ड कास्ट (SC), शेड्यूल्ड ट्राइब (ST), पर्सन विद बेंचमार्क डिसेबिलिटीज़ (PwBD), एक्स-सर्विसमैन (ESM) और महिला कैंडिडेट्स के लिए फीस 175 रुपये है। एप्लीकेशन फीस और इंटिमेशन चार्ज नॉन-रिफंडेबल हैं। कैंडिडेट्स को चार्ज देना होगा, भले ही ऑनलाइन टेस्ट न हुआ हो या उन्हें इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया हो। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: अप्लाई कैसे करें बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट -bankofbaroda.bank.in पर जाएं। होमपेज पर, करियर ऑप्शन पर क्लिक करें। SO रिक्रूटमेंट के लिंक पर क्लिक करें। रजिस्टर करें और लॉगिन करें। जरूरी डिटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें। एप्लीकेशन फीस पे करें। फॉर्म सबमिट करें। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक हार्ड कॉपी रख लें। कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए बैंक द्वारा दिए गए डायरेक्ट एप्लीकेशन लिंक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई करने से पहले नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें।
राज्य में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षण संस्थाओं के छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीयन/नवीनीकरण, कोर्स
job news 2026: क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर सहित कई पदों के लिए निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने अलग-अलग सरकारी विभागों में ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट समेत 70 पदों को भरा जाना है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पदों का नाम- क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट कुल पद -70 योग्यता- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- पदों के आधार पर आवेदन की लास्ट डेट-19 अक्टूबर 2026 उम्र सीमा- न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 30 वर्ष ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट sssb.punjab.gov.in देख सकते हैं pc- northyorks.gov.uk
पानीपत जिला नागरिक अस्पताल से वीरवार सुबह एचआईवी-एड्स और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता बाइक रैली निकाली गई। इस रैली को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा के भाई हरपाल ढांढा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों ने लोगों को नशे से दूर रहने तथा एचआईवी-एड्स से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। जिला नागरिक अस्पताल से शुरू हुई बाइक रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए संजय चौक पहुंची। इसके बाद रैली सचिवालय के सामने से गुजरते हुए वापस जिला नागरिक अस्पताल पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। बाइक रैली में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों ने भाग लिया। रैली के दौरान एचआईवी-एड्स से बचाव और नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए गए। रैली के शुभारंभ के दौरान जिला नागरिक अस्पताल के सीएमओ डॉ. विजय मलिक समेत अस्पताल के अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। चिकित्सकों ने कहा कि एचआईवी-एड्स और नशे जैसी समस्याओं से निपटने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के माध्यम से एचआईवी संक्रमण से बचाव किया जा सकता है, जबकि नशे से दूर रहकर युवा अपने स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों तक यह संदेश पहुंचाना रहा कि एचआईवी-एड्स को लेकर किसी तरह का भ्रम या भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
BU: नेपाल की छात्रा एमएससी, छात्र बीकॉम में लेगा प्रवेश, शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से आए आवेदन
बीयू प्रशासन ने मंथन के बाद दोनों विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए ऑफर लेटर भेज दिया है। दोनों से अब तक की पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि उनकी जांच की जा सके।
गोरखपुर में महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर 1 अक्टूबर को एसएस लाइब्रेरी, कमला आर्केड, जुबली रोड में गांधी विचार-संगम एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू होगा। समारोह में साहित्य, हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को ‘विद्या वाचस्पति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व. प्रो. (मेजर) दिग्विजय नाथ मौर्य होंगे। अध्यक्षता गोरखलाल श्रीवास्तव करेंगे। सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ शुभाशीषकर्ता, डॉ. नारायण यादव संयोजक और वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार आयोजक हैं। कार्यक्रम का संचालन ई. मिन्नत गोरखपुरी करेंगे। विशेष अतिथियों में आकाशवाणी गोरखपुर के सहायक निदेशक (कार्यक्रम) मनीष कुमार द्विवेदी, समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी हसन जमाल ‘बबुआ भाई’, नवल किशोर नथानी, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. पीएन पांडेय, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ. सतीश चंद शुक्ल और रमेश मणि त्रिपाठी शामिल होंगे। समारोह में गांधी विचार, साहित्य, हिंदी भाषा और शिक्षा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श भी किया जाएगा।
यूपीएससी ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 363 प्रिंसिपल पदों की भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना नाम और रोल नंबर चेक कर सकते हैं।
ब्रिटेन में पोस्ट-ग्रेजुएट पढ़ाई करने की योजना बना रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए शेफील्ड हैलम यूनिवर्सिटी ने ट्रांसफॉर्म टुगेदर स्कॉलरशिप शुरू की है। जनवरी 2027 इंटेक के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 1 नवंबर 2026 है।
शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर माहौल पर जोर
बोकारो थर्मल | केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें महाप्रबंधक (प्रशासन) अलेक्जेंडर ए. कुजूर, वरीय प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। प्राचार्य डॉ. बीआर डे ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, विभिन्न गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी समिति को दी। सदस्यों ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और विद्यालय के विकास में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
विद्यार्थियों ने जाने उच्च शिक्षा व करियर विकल्प
लुधियाना| श्री शालिग्राम जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहादुर के रोड, दाना मंडी के विद्यार्थियों ने सीजीसी यूनिवर्सिटी का शैक्षिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा तथा विभिन्न करियर विकल्पों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सीजीसी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक धाराओं एवं पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि कक्षा 12वीं के बाद अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुसार विषय और पाठ्यक्रम का चयन किस प्रकार किया जा सकता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा के अवसर, विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा भविष्य में उपलब्ध करियर विकल्पों से परिचित करवाया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा अपने मन में उठ रहे प्रश्नों के उत्तर भी विशेषज्ञों से जाने। विद्यालय के जनरल सेक्रेटरी विशाल जैन ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Aquarius Tarot Card Horoscope 01 October:- Knight of wands की ऊर्जा कार्यों को सही तरीके से पूरा करने के प्रयास में तेजी, अपने रिश्ते की गरिमा बनाए रखने का प्रयास और किसी अधिकारी के पक्षपात और राजनीति के कारण नई नौकरी की तलाश की बात लेकर आ सकते हैं आईए जानते हैं ,कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Lucknow News: पूर्व कुलपति को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शिक्षाविद और राजनीतिक हस्तियां
पूर्व कुलपति को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शिक्षाविद और राजनीतिक हस्तियां
शिक्षा और आत्मविश्वास से युवतियां बनेंगी सशक्त: अपर्णा यादव
MAINPURI NEWS APARNA YADAV
Rampur News: शिक्षा के रंगों से सजाया विकसित भारत का सपना
राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘शिक्षित भारत एवं विकसित भारत’ विषय पर चार्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई।
Sonebhadra News: इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों ने सीखी नवाचार और तकनीकी शिक्षा की बारीकियां
इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों ने सीखी नवाचार और तकनीकी शिक्षा की बारीकियां
Sonebhadra News: उद्यमिता की उड़ान भरेंगे शिक्षा निकेतन के 20 विद्यार्थी
उद्यमिता की उड़ान भरेंगे शिक्षा निकेतन के 20 विद्यार्थी
Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा में योगदान के लिए कुलपति को सम्मान
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मक्ता और सपनों को मंच मिलना जरूरी: शिक्षा मंत्री
बच्चों की प्रतिभा,रचनात्मक्ताऔर सपनों को मंच मिलनाजरूरी:शिक्षा मंत्री
Bijnor News: शिक्षा के सितारों का होगा आज सम्मान, सजेगा उत्कृष्टता का मंच
Stars of education will be honored today, a platform for excellence will be set.
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जेआर शिक्षा-शोध में होंगे पारंगत
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग और एसजीपीजीआई लखनऊ के बीच चिकित्सा शिक्षा और शोध को लेकर समझौता हुआ है।
Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा विधेयक पर अनुराग ने गोवा में की चर्चा
Anurag discussed the Education Bill in Goa.
भूख, रोज़ी-रोटी, शिक्षा का संकट - लेबनान के बच्चों से छिन रहा बचपन
“मैं अपने बच्चों के लिए कपड़े ख़रीदना चाहता था, लेकिन नहीं ले पाया. मैं उनका दाख़िला स्कूल में कराना चाहता था, मगर यह भी मेरे बस में नहीं है.” लेबनान में चार बच्चों के एक पिता ने अपनी यह व्यथा बयाँ की है, मगर टकराव, आर्थिक मन्दी और गहरी मानवीय आवश्यकताओं से घिरे देश में हज़ारों परिवार इन्हीं वास्तविकताओं व निराशाजनक भविष्य की आशंका से जूझ रहे हैं.
शिवहर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अब जिले के अधिकारी मॉडल स्कूलों में खुद कक्षाएं लेंगे और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को करीब से समझेंगे और कमियों को चिह्नित करेंगे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को श्रीराम खेलावन जंगी उच्च विद्यालय, कुशहर से जोड़ा गया है। वहीं निदेशक, राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम को पिपराही के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है। तरियानी, पुरनहिया, डुमरी कटसरी और शिवहर के स्कूलों में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल की होगी समीक्षा अधिकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपयोग की स्थिति देखेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और पाठ्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। हर सप्ताह डीईओ को देनी होगी रिपोर्ट सभी अधिकारियों को अपनी ली गई कक्षा और स्कूल निरीक्षण की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों को जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी और सीधे कक्षा लेने की व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल मजबूत होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कटिहार जिले के सभी 20 आदर्श विद्यालयों में 30 सितंबर 2026 को 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' कार्यक्रम के तहत अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी हुई। राज्य सरकार और जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में इसका आयोजन किया गया। आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर फोकस इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, सुविधाओं और जरूरतों पर अभिभावकों, शिक्षकों व प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना था। नामित वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 20 आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया। स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर लैब, विज्ञान लैब और खेल जैसी आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। उच्च विद्यालय का खुद निरीक्षण किया कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और आधुनिक शिक्षण विधियों के इस्तेमाल की समीक्षा भी हुई। संगोष्ठी में अभिभावकों और छात्रों ने अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने स्मार्ट कक्षा और प्रयोगशालाओं से मिल रहे लाभों पर खुशी जताई। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय का स्वयं निरीक्षण किया।
कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि पारंपरिक कारीगरी को बचाने और नई पीढ़ी को इस क्षेत्र से जोड़ने के लिए कौशल-आधारित शिक्षा को औपचारिक मान्यता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कारीगर इस उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण नींव हैं। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि ज्वेलरी क्षेत्र को एक संगठित पेशेवर उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना बेहद आवश्यक है।
बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी स्कूल की पुरानी सीढ़ी गिरने से एक बच्ची की जान चली गई। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और पुरानी इमारतों की हालत पर सवाल उठने लगे हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा - शिक्षा मंत्री बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बुधवार को कटिहार में एक बैठक में थे। उन्होंने खगड़िया के स्कूल हादसे पर बात की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई होगी। मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पुरानी सीढ़ी की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत दी गई थी या नहीं। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
यूपी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश
उदयपुर: स्कूल शिक्षा रैंकिंग में खेरवाड़ा ब्लॉक 64 अंकों के साथ प्रथम
शैक्षणिक व प्रशासनिक मानकों में बेहतर प्रदर्शन के दम पर ब्लॉक ने जिला स्तर पर पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया।
सरकारी स्कूलों का समय 15 अक्टूबर तक यथावत रहेगा:शिक्षक संघ रेसटा की मांग पर शिक्षा विभाग ने दिए आदेश
राजस्थान के सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में आगामी 1 से 15 अक्टूबर तक स्कूल समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान में चल रहा ग्रीष्मकालीन समय (सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक) ही यथावत लागू रहेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने राजस्थान एलिमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) की मांग को गंभीरता से लेते हुए यह राहत प्रदान की है। मौसम में ठंडक न होने से लिया गया फैसलानियमों के अनुसार, प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर से सरकारी स्कूलों का समय बदलकर शीतकालीन कर दिया जाता है। हालांकि, इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है औश्र सर्दी का प्रभाव शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अचानक समय बदलने से छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता। संघ ने 23 सितंबर को सौंपा था ज्ञापनरेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद विभाग ने शिक्षक और विद्यार्थी हित में फैसला लेते हुए समय यथावत रखने के आदेश जारी किए। रेसटा के टोंक जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह जाट ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए यह मांग रखी गई थी। समय न बदलने से स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के धरनई हरिजन टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-215 में बुधवार को ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के विकास, पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में एमएलसी अनिल कुमार, विधायक सुबेदार दास, जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया, जिला अध्यक्ष धीरज कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अतिथियों ने दीप जलाकर और गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। बच्चों ने स्वागत गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं। खेल के जरिए बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर कार्यक्रम के दौरान कहानी-कविता, खेल, मिलान और पहचान जैसी गतिविधियां कराई गईं। बच्चों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया। अतिथियों ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास और स्कूल-पूर्व शिक्षा में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पोषण टेबल पर स्थानीय खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी केंद्र पर स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों से सजी पोषण टेबल लगाई गई। माताओं को बच्चों के ऊपरी आहार और संतुलित पोषण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में गोदभराई और अन्नप्राशन की रस्म भी कराई गई। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर केक काटा ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के तहत बच्चों के साथ केक काटा गया। बच्चों के बीच फल, मिठाई और शैक्षणिक खिलौने वितरित किए गए। वहीं, बेहतर सेवाएं देने वाली सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ता को सम्मानित किया गया।
गोपालगंज में बाल्मीकि नगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोपालगंज जिले के दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल और चिंताजनक हो गई है। नदी के जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से तटीय और निचले क्षेत्रों में तेजी से पानी फैल रहा है। इस बीच शीतलपुर में रिंग बांध टूटने से स्थिति और अधिक बेकाबू हो गई है। बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी आसपास के दर्जनों गांवों और निचले इलाकों में तेजी से प्रवेश कर रहा है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर के स्थानीय विधायक मिथिलेश तिवारी स्वयं मैदानी स्तर पर उतरे। 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश उन्होंने आपदा की इस घड़ी में सीधे बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री ने शीतलपुर समेत आसपास के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बांधों और गंडक नदी के तटबंधों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बांध की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर की रफ्तार और सबसे अधिक खतरे वाले क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट रहने का कड़ा निर्देश दिया। ''सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ'' उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी नए खतरे को समय रहते टाला जा सके। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू करने की हिदायत दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रभावित जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, बाढ़ प्रभावित प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सहायता बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थलों, राहत शिविरों, भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, नावों की पर्याप्त व्यवस्था और पशुचारे का प्रबंध सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन आज, पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कोटा में आज शिक्षा सहकारी–स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीना की मौजूदगी में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर विचार होंगे। पहल का उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और जागरूकता फैलाना है।
IIT जोधपुर में नॉन-फैकल्टी के 20 पदों पर भर्ती, 1 अक्टूबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जोधपुर की ओर से नॉन-फैकल्टी के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है...
क्या कोई बच्चा सिर्फ 15 दिन में हिंदी पढ़ना सीख सकता है? छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का डकईपारा सरकारी स्कूल यही कर दिखा रहा है. यहां बच्चों को किताबें रटाई नहीं जातीं, खास ढंग से पढ़ाया से जाता है. यह स्कूल नवंबर तक पूरा सिलेबस खत्म कर देता है और कई सम्मान हासिल कर चुका है.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की संविदा व्याख्याता (अंग्रेजी) पायल कौशले की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया। विद्यालय के प्राचार्य की ओर से DEO कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, पायल कौशले 20 दिसंबर 2024 से 16 अगस्त 2026 तक लगातार कार्य से अनुपस्थित रहीं। इसके बाद वह 17 अगस्त 2026 को विद्यालय पहुंचीं, लेकिन अगले ही दिन 18 अगस्त से दोबारा बिना सूचना अनुपस्थित हो गईं। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब लगातार ड्यूटी से गायब रहने पर विद्यालय प्रबंधन ने 25 अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन नोटिस के बावजूद शिक्षिका ने न तो जवाब दिया और न ही विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर कार्यभार संभाला। DEO ने तत्काल प्रभाव से खत्म की संविदा लंबे समय तक अनुपस्थिति, नोटिस का जवाब नहीं देने और शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही को आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी ने संविदा सेवा समाप्त करने का फैसला लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
बलौदाबाजार में राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें एक ही परिवार के सास-ससुर, बेटा-बहू और पति-पत्नी ने एक साथ परीक्षा दी। जिले में कुल 1467 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 1403 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। कलेक्टर कुलदीप शर्मा और जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में परीक्षा आयोजित की गई। जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार गेंदले ने बताया कि जिले में 157 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रधानपाठकों को केंद्राध्यक्ष और शिक्षकों को पर्यवेक्षक व मूल्यांकन की जिम्मेदारी दी गई थी। पढ़ना, लिखना और गणित के पूछे सवाल परीक्षा में शिक्षार्थियों से पढ़ना, लिखना और गणित से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रत्येक विषय 50 अंक का था। इस तरह परीक्षा कुल 150 अंकों की थी। 200 घंटे की पढ़ाई पूरी करने के बाद सफल शिक्षार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की ओर से अंक पत्र और साक्षरता प्रमाण पत्र दिया जाएगा। पीले चावल देकर परीक्षा के लिए किया था आमंत्रित परीक्षा से एक-दो दिन पहले केंद्राध्यक्ष, संबंधित संस्था के शिक्षक और स्वयंसेवी शिक्षकों ने शिक्षार्थियों के घर पहुंचकर उन्हें पीले चावल और शिक्षार्थी पर्ची देकर परीक्षा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया था। शिक्षार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार इस समय के बीच परीक्षा केंद्र पहुंचकर परीक्षा देने की सुविधा दी गई थी। रंगोली से सजाए केंद्र, तिलक लगाकर स्वागत परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया। केंद्रों में पर्याप्त रोशनी, हवा और पेयजल की व्यवस्था की गई। कई केंद्रों को रंगोली से सजाया गया और शिक्षार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कुछ केंद्रों पर सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए। गांवों की दीवारों पर लिखे साक्षरता के नारे साक्षरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए गांवों की दीवारों पर साक्षरता संबंधी नारे लिखे गए। परीक्षा केंद्रों पर भी पोस्टर और बैनर लगाए गए।
बिलासपुर के स्कूलों में 1,618 शिक्षक नदारद, विद्या समीक्षा केंद्र ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल
बिलासपुर जिले में विद्या समीक्षा केंद्र की निगरानी में 1,618 शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले। बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के सरकारी व आत्मानंद स्कूलों में लापरवाही सामने आई।
भारतीय शिक्षा प्रणाली और इतिहास के पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक बदलाव की बयार
किसी भी देश की युवा पीढ़ी को उसकी संस्कृति, संस्कारों और पूर्वजों के गौरवशाली अतीत से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम उस देश की शिक्षा प्रणाली और स्कूली पाठ्यक्रम होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के शैक्षिक ढांचे और विशेषकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के पाठ्यक्रम में कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिले हैं। इसी कड़ी में अब 9वीं कक्षा की इतिहास की किताबों (History Textbooks) में एक बहुत बड़ा और बहुप्रतीक्षित बदलाव किया गया है। नए पाठ्यक्रम के तहत अब देश के नौनिहाल और युवा छात्र केवल बाहरी आक्रान्ताओं के आक्रमणों और उनकी सफलताओं का सीमित इतिहास पढ़ने के बजाय, उन विदेशी ताकतों—जैसे अरब, तुर्की और मुगल हमलों—के खिलाफ डटकर मुकाबला करने वाले भारतीय राजाओं, महाराजाओं और वीर रानियों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की वीर गाथाओं का अध्ययन करेंगे।क्यों महसूस की गई पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार की आवश्यकता?आजादी के बाद लंबे समय तक देश के स्कूली पाठ्यक्रमों में भारतीय इतिहास का वह पहलू ज्यादा प्रमुखता से पढ़ाया जाता रहा जिसमें बाहरी आक्रमणकारियों के वर्चस्व और उनकी प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत वर्णन होता था। हालांकि, इस व्यवस्था के कारण देश के कई महान स्थानीय राजाओं, जनजातीय नायकों, क्षेत्रीय शासकों और उन वीर रानियों के इतिहास को या तो हाशिए पर धकेल दिया गया या फिर उन्हें बहुत संक्षिप्त रूप में पढ़ाया गया जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आधुनिक शिक्षाविदों, इतिहासकारों और सामाजिक चिंतकों लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि भारतीय इतिहास को एकपक्षीय दृष्टिकोण से देखने के बजाय समग्रता और स्वाभिमान के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इसी सोच के तहत एनसीईआरटी ने आधुनिक अनुसंधान, ऐतिहासिक साक्ष्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को ध्यान में रखते हुए 9वीं कक्षा के इतिहास के सिलेबस को पूरी तरह से नया स्वरूप दिया है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व महसूस कर सके।अरब, तुर्की और मुगल हमलों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध की अनकही कहानियांनई संशोधित इतिहास की पुस्तकों में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया है कि किस प्रकार भारत के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर आने वाले विदेशी आक्रमणकारियों—चाहे वे शुरुआती अरब हमलावर रहे हों, तुर्की शासक रहे हों या बाद के मुगल सम्राट रहे हों—को यहां के स्थानीय राजाओं, रियासतों और योद्धाओं द्वारा कड़ा और भयंकर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था। किताबों में अब केवल हार या पराजय का वर्णन नहीं मिलेगा, बल्कि उन वीरतापूर्ण संघर्षों को प्रमुखता दी जाएगी जहाँ राजाओं और रानियों ने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम तक के उन तमाम गुमनाम या कम चर्चित नायकों के अध्यायों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है जिन्होंने विदेशी सत्ता के सामने कभी घुटने नहीं टेके। लोकल और रीजनल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो देश के विभिन्न राज्यों के छात्र अब अपने स्थानीय इतिहास और नायकों के बारे में भी गहराई से जान सकेंगे।पाठ्यक्रम में वीर रानियों और जनजातीय नायकों के योगदान को मिला उचित स्थानइस पाठ्यक्रम संशोधन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भारतीय इतिहास की उन महान वीरांगनाओं और रानियों के जीवन चरित्र को जोड़ा गया है जिन्होंने युद्ध के मैदान में प्रत्यक्ष रूप से नेतृत्व किया और दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों के उन जनजातीय नायकों (Tribal Heroes) की गाथाओं को भी किताबों में जगह मिली है जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी ताकतों और बाद में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लंबी लड़ाइयां लड़ी थीं। आधुनिक डिजिटल सर्च ट्रेंड्स और एआई एनालिटिक्स यह दर्शाते हैं कि जब स्कूली किताबों में इस तरह के प्रेरणादायक और देशभक्ति से ओत-प्रोत अध्यायों को जोड़ा जाता है, तो छात्रों में अपने देश के प्रति सम्मान और जिज्ञासा की भावना कई गुना बढ़ जाती है। यह बदलाव केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक विकास और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।शिक्षाविदों और समाज की प्रतिक्रिया: एक स्वागत योग्य कदम या बहस का मुद्दा?एनसीईआरटी की इन नई किताबों और संशोधित पाठ्यक्रम के आने के बाद देश भर के शिक्षाविदों, इतिहासकारों, अभिभावकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक बड़ा वर्ग इस बदलाव को पूरी तरह से स्वागत योग्य और आवश्यक कदम बता रहा है, जिनका तर्क है कि किसी भी राष्ट्र को अपनी युवा पीढ़ी को अपने सच्चे इतिहास से परिचित कराना चाहिए न कि किसी औपनिवेशिक या विकृत मानसिकता के चश्मे से इतिहास पढ़ाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ आलोचकों का यह मानना है कि इतिहास के पुनर्लेखन में पूर्ण निष्पक्षता और अकादमिक शुद्धता का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का वैचारिक विवाद उत्पन्न न हो। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों का यही मानना है कि जब छात्र देश की मिट्टी के लिए लड़ने वाले शूरवीरों की कहानियां पढ़ेंगे, तो उनके भीतर नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना का स्वाभाविक विकास होगा।
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भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला ने उदयपुर सौर वेधशाला परिसर में प्रशिक्षु भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह मौका टेलीस्कोप, ऑफिस और हिंदी ट्रांसलेशन जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों के लिए है।
रिज्यूमे नौकरी के लिए आपकी पहली पहचान होता है। आज कई कंपनियां AI की मदद से रिज्यूमे की जांच करती हैं, इसलिए इसमें सही जानकारी, जरूरी स्किल्स और सरल फॉर्मेट का होना बेहद जरूरी है।
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प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रदेश के स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों के DEO से जवाब मांगा गया है। संचालनालय ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाना माना है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर जवाब और जानकारी नहीं देने पर अक्टूबर का वेतन रोक दिया जाएगा। 7 सितंबर को मांगी थी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी बिल्डिंग नहीं है या जिनकी बिल्डिंग में मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। संचालनालय के मुताबिक, बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी भी जिले से तय समय में जानकारी नहीं मिली। 3 दिन में जवाब देना होगा 29 सितंबर को जारी नोटिस में संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी यह जानकारी जरूरी है। समय पर जानकारी नहीं देना सरकारी काम के प्रति लापरवाही माना गया है। DEO को अब 3 दिन के अंदर अपना जवाब और स्कूलों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने कहा है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

