जन्म से नहीं, शिक्षा के कर्म से पिता:1000 बच्चों का सहारा बने ‘बाबूजी’, सपनों को दे रहे हैं उड़ान
पिता सिर्फ वह नहीं होता, जो उंगली पकड़कर अपने बच्चे को चलना सिखाए। पिता वह भी होता है, जो उन बच्चों का हाथ थाम ले, जिनके पास सहारा देने वाला कोई नहीं होता। शहर की स्लम बस्तियों में रहने वाले एक हजार से अधिक बच्चों के लिए राकेश श्रीवास्तव ऐसे ही बाबूजी हैं। 67 वर्षीय बाबूजी कोरोना के समय अनाथ बच्चों का जीवन संवारने का संकल्प लिया। यही से शुरू हुआ उनका सफर। वह अभी तक एक हजार से ज्यादा बच्चों को पढ़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि साल 2021 में राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में मैनेजमेंट की नौकरी से रिटायर होने के बाद बेसहारा बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी कक्षाएं सिकंदर कंपू, कैंसर पहाड़िया, चंद्रवदनी का नाका सहित शहर में पांच स्थानों पर चलती हैं। उन्होंने स्लम बस्तियों में रहने वाली बेटियों का दाखिला कॉलेजों में अपने खर्चे से कराया। अब वे 8 बेटियां शहर के अलग-अलग स्थानों पर संचालित कक्षाओं में पढ़ाती हैं। बाबूजी ने जब इस काम की शुरुआत की तो उनके साथ 3 से 4 लोग थे। धीरे-धीरे उनके पढ़ाए बच्चे ही इस कार्य में जुड़ गए। जिसकी बदौलत करीब एक हजार से ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ा है। उनके गुरुकुल से निकलकर कई बच्चे कॉलेजों में पहुंच रहे हैं।
फोरम की बैठक में शिक्षा व लीज नीति पर चर्चा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो अनएडेड स्कूल्स मैनेजमेंट फोरम की जनरल बॉडी मीटिंग सेक्टर-1 स्थित एक होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रबंधकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में फोरम के अध्यक्ष एसपी सिंह, सचिव डॉ. डीएन प्रसाद, कोषाध्यक्ष अक्षत गुप्ता, समन्वयक महेश त्रिपाठी तथा अन्य सम्मानित सदस्यों की उपस्थिति रही। शुभारंभ अभिषेक कुमार प्राचार्य जीजीपीएस बोकारो ने अतिथियों के स्वागत के साथ किया। पिछली बैठक की समीक्षा की गई। इस दौरान शिक्षा संस्थानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से चल रहे न्यायालयीन मामलों तथा सेल नई लीज नवीनीकरण नीति पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार साझा किए तथा विद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए संभावित समाधान और रणनीतियों पर चर्चा की। इसके अलावा वार्षिक सदस्यता शुल्क, नए सदस्यों के स्वागत तथा शिक्षा एवं प्रशासन से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर भी सार्थक संवाद हुआ। अंत में सभी सदस्यों ने बोकारो के शैक्षिक विकास एवं अनएडेड विद्यालयों के हितों की सुरक्षा हेतु सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
बैठक में शिक्षा गुणवत्ता, एप पर हाजिरी व पौधरोपण पर हुई चर्चा
भास्कर न्यूज | कुकदूर नए शैक्षणिक सत्र को सुव्यवस्थित व गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से कुई संकुल में संचालित शासकीय, अशासकीय प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों की समीक्षा बैठक संकुल प्राचार्य ने ली। शिक्षक जितेंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि समीक्षा बैठक का उद्देश्य नए शिक्षा सत्र की तैयारी की समीक्षा करना तथा विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बैठक में शाला प्रवेश उत्सव व संकुल स्तरीय प्रवेश अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया गया। पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग, वितरण तथा शेष बची पुस्तकों के समुचित प्रबंधन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, सभी आवश्यक पंजी को अद्यतन रखने तथा यू-डाइस पोर्टल पर विद्यार्थियों के प्रोग्रेस की समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण, वाटर हार्वेस्टिंग एवं सोखता गड्ढों के निर्माण, न्योता भोजन कार्यक्रम व 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। वीएसके एप में उपस्थिति दर्ज करें: वीएसके एप के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की ऑनलाइन एंट्री नियमित रूप से करने तथा ऑनलाइन अवकाश प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर विद्यालय भवनों में शाला संचालन नहीं करने तथा भवन एवं किचन शेड के रंगरोगन कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। छात्रवृत्ति, आईपीआर अपलोड, शिक्षक दैनंदिनी का नियमित संधारण, पाठ्यक्रम विभाजन पंजी, जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र संबंधी कार्य पर चर्चा की।
शिक्षा ग्रहण कर बेहतर करियर बनाने किया प्रेरित
भास्कर न्यूज | कुकदूर शासकीय नवीन कॉलेज कुई-कुकदूर ने संस्थागत सामाजिक दायित्व (आईएसआर) के तहत ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राम कामठी में विशेष अकादमिक कार्यक्रम किया। प्राचार्य डॉ.जीए घनश्याम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्कूली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्राध्यापकों एवं स्टाफ ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर विशेष कक्षाओं के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। अंग्रेजी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जटिल अवधारणाओं को सरल एवं सहज भाषा में समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विषयों के प्रति रुचि बढ़ी। विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसिलिंग सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों तथा व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और शिक्षा को सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम मानने के लिए प्रेरित किया गया। संयुक्त बैठक में शिक्षा संबंधित हुई चर्चा: अकादमिक सत्र के बाद शासकीय नवीन कॉलेज कुई-कुकदूर के प्राध्यापकों व ग्राम कामठी स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों के बीच संयुक्त बैठक हुई। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन के लिए तैयार करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए साझा प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
किशनगंज में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमिटी ने महंगाई, बेरोजगारी और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर आयोजित इस विरोध मार्च में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहाबुल अख्तर ने की। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव आश्रम से गांधी चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। गांधी चौक पहुंचकर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया गया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद, विधायक कमरूल हुदा, बहादुरगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी प्रो. मोसब्बीर आलम, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. आजाद साहिल, पूर्व जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू तथा नगर अध्यक्ष सजल कुमार साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने जनहित के सवालों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखंड स्थित ग्राम सुजातनगर में नट समाज उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने नट समुदाय को शिक्षा के माध्यम से अपने कौशल को निखारने और उत्थान की ओर बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर श्री दादी रूपा सती के वार्षिक मेले में भी शिरकत की। कार्यक्रम में नट समाज उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कुशाल नट सहित समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का 51 किलो फूलों की माला, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल बागडे ने घुमंतू समुदायों के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि नट समाज ने महाराणा प्रताप के संघर्षों और स्वतंत्रता आंदोलन सहित विभिन्न ऐतिहासिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल ने नट समुदाय की पारंपरिक कला और कौशल को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया। युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की प्रशंसा राज्यपाल ने नट समाज के युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों और उनके एकाग्रता कौशल की प्रशंसा की, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह बौद्धिक क्षमता विकसित करने, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करने का माध्यम है। राज्यपाल ने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने और सरकारी स्कूलों व छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। युवाओं से सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का आह्वान उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया, साथ ही परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने को सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने नट समुदाय की विभिन्न मांगों को भी सुना। उन्होंने चिकित्सा, आवास और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मोतिहारी में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में प्रदर्शन किया। कचहरी चौक पर आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय ने किया। धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में है, और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। ''देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा'' जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने बेरोजगारी के चरम पर होने और महंगाई से आम लोगों की कमर टूटने का जिक्र किया। राय ने शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, को युवाओं के विश्वास पर गहरा आघात बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेहनती छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी वर्षों की तैयारी व्यर्थ जा रही है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई धरना-प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दरभंगा में नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, बढ़ती बेरोजगारी और बेलगाम महंगाई के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी अर्बन के देखरेख में लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अर्बन जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने किया। धरना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लहेरियासराय टावर तक मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल धरना-प्रदर्शन में बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता डॉ. मदन मोहन झा, जिला कांग्रेस कमेटी रूरल के जिलाध्यक्ष मिथिलेश चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। धरना को संबोधित करते हुए डॉ. जमाल हसन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी से त्रस्त है और पढ़े-लिखे नौजवान रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा डॉ. झा ने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। अभिभावक जमीन बेचकर और कठिन परिश्रम कर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है और इस मामले में प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। रूरल जिलाध्यक्ष मिथिलेश चौधरी ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है। युवाओं के सपनों को लगातार कुचला जा रहा है, जबकि किसानों, मजदूरों और गरीबों की समस्याओं पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी और जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी। मिथिलेश चौधरी से कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। दोनों नेताओं ने कहा कि देश का छात्र न्याय मांग रहा है,युवा रोजगार मांग रहा है और जनता महंगाई से राहत मांग रही है,लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि युवाओं, छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
मुजफ्फरपुर में NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरैयागंज टावर पर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने किया। प्रदर्शन से पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से सरैयागंज टावर तक विरोध मार्च निकाला। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि NEET समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि परीक्षा संचालन में गड़बड़ियां हुई हैं, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना चाहिए। कार्यक्रम में जूही प्रीतम समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कांग्रेस पार्टी ने आज गयाजी में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना के नेतृत्व में राजेंद्र आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा भगाओ, देश बचाओ, महंगाई पर लगाम लगाओ और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें विभिन्न जनसमस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। केंद्र सरकार पर हमला बोला सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन कर दिया है। खाद्य पदार्थों, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। झुना ने बेरोजगारी की समस्या को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार उनके लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक हो रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। देश के युवाओं का विश्वास तोड़ा उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने देश के युवाओं का विश्वास तोड़ा है। छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। झुना ने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए इस मामले में जवाबदेही तय करने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण आम लोगों का जीवन संकट में है। सरकार को जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पूरे बिहार में व्यापक जनआंदोलन चलाएगी। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के हितों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में राज्यभर में सड़क पर उतरकर चक्का जाम और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस भाई ओमकार, विद्या शर्मा, युगल किशोर सिंह, सुनील पासवान, नवाव अली, मोहम्मद समालदूण, अशोक प्रसाद भारती समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन छात्रों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जिनकी मौत की घटनाएं चर्चा में रही हैं। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान रचने वाले स्कूलों को दैनिक भास्कर प्रदान करेगा एक्सीलेंस अवार्ड
झुंझुनूं | दैनिक भास्कर सामाजिक दायित्वों में सदैव अग्रणी रहा है। इसी कड़ी में भास्कर परिवार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली झुंझुनूं जिले की शिक्षण संस्थाओं को स्कूल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित करने जा रहा है। इसमें उच्च शिक्षा, अनुकूल वातावरण, सामाजिक-सांस्कृतिक क्रियाकलापों के साथ बेहतर परिणाम देने वाली शिक्षण संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में झुंझुनूं की देश में अलग पहचान स्थापित करने वाली शिक्षण संस्थाएं शामिल होंगी। दूसरे राज्यों से विद्यार्थियों के झुंझुनूं में अध्ययन के लिए आने में योगदान देने वाली संस्थाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। दैनिक भास्कर ने अवार्ड के लिए शिक्षण संस्थाओं से रजिस्ट्रेशन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षण संस्थानों को प्रेरणा स्वरूप प्रस्तुत करना है।
कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) राजस्थान में विकास का अहम माध्यम बनकर उभर रही है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की ओर से जारी वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार राज्य की 1,851 कंपनियों ने सामाजिक और विकास परियोजनाओं पर 1,145.67 करोड़ रुपए खर्च किए। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और खेल सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की गई। राज्य के सभी 37 जिलों को सीएसआर गतिविधियों का लाभ मिला, लेकिन सबसे अधिक निवेश जयपुर और उदयपुर को प्राप्त हुआ। 248.24 करोड़ रुपए के सीएसआर निवेश के साथ जयपुर राज्य का सबसे बड़ा लाभार्थी जिला रहा, जबकि उदयपुर 97.57 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उदयपुर-जयपुर को 345.81 करोड़ रुपए का निवेश मिला। यानी कुल फंड का 30% हिस्सा इन दोनों जिलों में खर्च किया गया। अजमेर (87.26 करोड़), अलवर (68.54 करोड़) और भीलवाड़ा (49.71 करोड़) भी शीर्ष 5 जिलों में शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में ही राज्य में 2,268 करोड़ खर्च हुए। 10 साल में 300 करोड़ से 1,146 करोड़ पहुंचा
युवा महाधिवेशन आज, 3 सत्रों में 7 घंटे चर्चा; शिक्षा-रोजगार पर फोकस
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पहचान जैसी चुनौतियों से जूझ रहे घुमंतू समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को जयपुर में घुमंतू युवा महाधिवेशन-2026 आयोजित किया जाएगा। बदलते समय में शिक्षा और कौशल विकास को सामाजिक उन्नति का आधार मानते हुए यह पहल युवाओं को नई दिशा देने के लिए की जा रही है। घुमंतू जाति उत्थान न्यास एवं बड़ पीपली बालाजी धाम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सीकर रोड स्थित मौजमहल रिसोर्ट में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक महाधिवेशन होगा। इसमें तीन सत्रों में करीब सात घंटे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में मदद करेंगे वॉलंटियर्स महाधिवेशन में 500 वॉलंटियर्स तैयार किए जाएंगे, जिन्हें शहर के आसपास बसी घुमंतू समाज की बस्तियों में भेजा जाएगा। ये वॉलंटियर्स बच्चों और उनके परिजनों को शिक्षा, चिकित्सा, आध्यात्मिकता, योग और रोजगार से जोड़ने में मदद करेंगे। वॉलंटियर्स का चयन बस्तियों के युवाओं में से ही किया जाएगा। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी महानगर टोली के कार्यकर्ताओं को पंजीकरण, जल-विहार व्यवस्था, अल्पाहार, मंच संचालन, बैठक व्यवस्था, अतिथि सत्कार, मध्यान्ह भोजन और समापन की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शिक्षा, करियर, उद्यमिता और स्वास्थ्य पर होगा मंथन महाधिवेशन में शिक्षा, करियर, रोजगार, उद्यमिता, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। युवाओं को यह समझाने का प्रयास होगा कि बदलते दौर में केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि कौशल, स्वरोजगार और सामाजिक नेतृत्व भी सफलता के महत्वपूर्ण रास्ते हैं। अलग-अलग संवाद सत्र में मिलेगा मार्गदर्शन कार्यक्रम संयोजक सर्वेश्वर शर्मा के अनुसार युवक और युवतियों के लिए अलग-अलग संवाद सत्र आयोजित होंगे, जहां वे अपने सवाल रख सकेंगे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल तथा बड़ पीपली बालाजी धाम के महंत प्रमेन्द्र नाथ महाराज युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
तेलंगाना को शिक्षा और खेलों का केंद्र बनाएंगे: सीएम रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने तेलंगाना को देश का शिक्षा और खेल केंद्र बनाने का संकल्प लिया है।
गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को समाजसेवी सतपाल सिंह ने दंडवत प्रणाम करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तपती धूप के बीच जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। विद्या ज्योति सेवा संस्थान से जुड़े सतपाल सिंह ने दोपहर की भीषण गर्मी और लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार से लेकर डीएम कार्यालय तक दंडवत प्रणाम किया। सतपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने यह तरीका देश और प्रदेश की आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तथा सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए अपनाया है। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना है। ज्ञापन में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आम लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग की, साथ ही युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की अपील की ताकि बेरोजगारी कम हो सके। समाजसेवी ने कहा कि दंडवत प्रणाम करते हुए ज्ञापन देने का उद्देश्य अपनी पीड़ा और जनता की भावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि जब तक आम लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। डीएम कार्यालय में एसडीएम अरुण दीक्षित ने सतपाल सिंह का ज्ञापन प्राप्त किया और इसे संबंधित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।
हरदोई में बेसिक शिक्षा विभाग में 29 हजार शिक्षक भर्ती से संबंधित 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां गायब मिली हैं। इस मामले में अब बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले बीएसए दफ्तार के बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। दरअसल, एजुकेटर भर्ती से जुड़ी एक संस्था की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने 2 लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह की तीन सदस्यीय समिति बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने घंटों तक भर्ती, नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की। जांच के दौरान कुछ जरूरी पत्रावलियां रिकॉर्ड से गायब मिलीं, जबकि कई दस्तावेजों में विसंगतियों की आशंका जताई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भर्ती संबंधी अभिलेख रखने वाली कई अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जांच में यह भी सामने आया कि 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया का दायित्व भी उनके पास था। एक ओर सरकारी रिकॉर्ड गायब होने का मामला है तो दूसरी ओर चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और धन उगाही के आरोप लगे हैं। ऐसे में पूरा शिक्षा विभाग जांच एजेंसियों के रडार पर है और सभी की नजर अब जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
अमृतसर में सिख रेजिमेंट ने अपने अग्निवीरों को उच्च शिक्षा और आधुनिक कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए देश की प्रतिष्ठित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्र-निर्माण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा यह एमओयू (MoU) 16 जून 2026 को रेजिमेंट की ओर से सिख रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। इस अनूठी साझेदारी के बाद अब सिख रेजिमेंट के अग्निवीर देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ अपनी उच्च शिक्षा के सपने को भी पूरा कर सकेंगे। स्नातक डिग्री और 6 महीने के डिप्लोमा कोर्स का मिलेगा विकल्प इस विशेष शैक्षणिक पहल के तहत, सेवारत अग्निवीरों को उनकी रुचि और करियर की योजनाओं के अनुसार कई तरह के कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे। तीन वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम: अग्निवीर अपनी सैन्य सेवा के दौरान ही बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) और बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) जैसे डिग्री कोर्सेज की पढ़ाई कर सकेंगे। शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा कोर्सेज: तकनीकी और व्यावसायिक कौशल को मजबूत करने के लिए छह महीने की अवधि वाले विभिन्न विशिष्ट डिप्लोमा कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। अग्निवीरों के सर्वांगीण विकास और दीर्घकालिक करियर पर फोकस सिख रेजिमेंट और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक क्षमता और भविष्य में उनके दीर्घकालिक करियर की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा एक बार फिर शिक्षकों की कमी को लेकर चर्चा में है। प्रदेश में स्वीकृत 1507 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के पदों में से 478 पद लंबे समय से खाली हैं। वहीं नीटकॉम कंपनी के तहत काम कर रहे 86 व्यावसायिक शिक्षकों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। इसे लेकर प्रभावित शिक्षकों ने समग्र शिक्षा कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की तस्वीरें… इस प्रदर्शन को NSUI ने लीड किया। करीब 3 घंटे का तक प्रदर्शन चला। इसके बाद तीन दिन का अल्टीमेटम देकर NSUI कार्यकर्ता और पीड़ित शिक्षक कार्यालय से रवाना हुए । शिक्षकों का आरोप: एक्सटेंशन देने की बात हुई थी, अब नौकरी से निकाला प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी की ओर उन्हें कुछ महीनों का वेतन भी अब तक नहीं मिला है। शिक्षकों का आरोप है कि पहले मौखिक रूप से बताया गया था कि उनकी नौकरी आगे बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें लगातार पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि एजेंसी ने उन्हें कहा है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी अपनी इच्छा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं कई बार समग्र शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। समग्र शिक्षा का जवाब: एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही की गई थी भर्ती इस पूरे मामले पर समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि ये शिक्षक सीधे तौर पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। जो केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही थी और यह बात पहले से स्पष्ट की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी शिक्षक का वेतन रोका गया है, तो उसका समाधान किया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन को लेकर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।
देवरिया के दीनानाथ पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आठ नए शिक्षकीय पदों का सृजन किया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी। नवसृजित पदों में समाजशास्त्र, हिंदी और गृह विज्ञान विषयों में परास्नातक स्तर पर दो-दो पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वाणिज्य संकाय में स्नातक स्तर पर दो पद सृजित किए गए हैं, जिससे महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन नए विषयों के शुरू होने से छात्राओं को अब उच्च शिक्षा के लिए अन्य जिलों या दूरस्थ संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नए पदों और विषयों की शुरुआत से संस्थान को एक नई पहचान मिलेगी और छात्राओं के प्रवेश में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने इसे महाविद्यालय के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्राचार्य डॉ. कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी के सहयोग और प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल संस्थान के विकास को गति देगा, बल्कि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शेखपुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को NEET पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स में गड़बड़ी और महंगाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव और युवा नेता राहुल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। उन्होंने दोनों से इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय, आजाद हिंद आश्रम में एकत्र हुए। जिला अध्यक्ष आनंदी यादव ने कहा कि NEET में हुई धांधली से देश के 24 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा का निजीकरण कर रही है। NEET में घोटाला बंद करो के नारे इसके बाद, NEET में घोटाला बंद करो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और मोदी सरकार हाय-हाय जैसे नारे लगाते हुए मार्च आजाद हिंद आश्रम से शुरू होकर पटेल चौक तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। मार्च के दौरान दुकानदारों और राहगीरों ने भी छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। पटेल चौक पर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संयुक्त पुतला दहन किया। युवा नेता राहुल कुमार ने मशाल जलाकर पुतले में आग लगाई। पत्रकारों से बात करते हुए राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने शिक्षा माफिया को खुली छूट दे दी है। ''ग्रेस मार्क्स का खेल केंद्र सरकार की साजिश'' उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और ग्रेस मार्क्स का खेल केंद्र सरकार की साजिश है। उन्होंने आगे कहा कि इससे गरीब किसान के बेटे के डॉक्टर बनने का सपना टूट जाता है, जबकि अमीर छात्र पैसे देकर सीट खरीद लेते हैं। कांग्रेस ने NEET परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। शेखपुरा से हर साल सैकड़ों छात्र NEET की तैयारी करते हैं। उनके माता-पिता अक्सर फीस भरने के लिए अपनी जमीन तक बेच देते हैं। और इधर भाजपा के लोग पेपर बेच रहे हैं। राहुल गांधी जी ने कहा था नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलो। हम भी कह रहे हैं - शिक्षा के बाजार में दलाली बंद करो। शिक्षा बचाओ, देश बचाओ आंदोलन और होगा तेज जब तक न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। जिला अध्यक्ष आनंदी यादव ने ऐलान किया कि अगर 7 दिन में सरकार ने मांग नहीं मानी तो शेखपुरा में छात्रों के साथ मिलकर शिक्षा बचाओ, देश बचाओ आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष कुमार सत्यजीत, कार्यकारी जिला अध्यक्ष रौशन कुमार, राजेश रंजन उर्फ़ गुरु मुखिया,, महेंद्र कुशवाहा, पप्पू राज मंडल,गोरेलाल कुशवाहा,आमिर राज मंडल,विपिन चौरसिया, गोल्डन खान,शंकर प्रसाद भैया जी ,दानी प्रसाद,प्रेम गुप्ता सहित अन्य शामिल थे।
पलवल में मिड-डे मील वर्कर्स और किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। ताऊ देवीलाल पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। यूनियन नेताओं ने सरकार पर वायदाखिलाफी और गरीब वर्ग के शोषण का आरोप लगाया है। प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू की जिला प्रधान रामरती चौहान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बलजीत शास्त्री ने की। शिक्षा मंत्री की कार्यशैली से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मिड-डे मील वर्कर्स की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उनकी प्रमुख मांगों में वर्कर्स को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देना शामिल है। उन्होंने वर्तमान मानदेय को बहुत कम बताते हुए इसे बढ़ाकर 12 महीने का भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति पर उचित लाभ व सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं सीटू की प्रधान रामरती चौहान और सचिव उर्मिला रावत ने बताया कि जब मिड-डे मील वर्कर्स का मानदेय तय किया गया था, तब हरियाणा का न्यूनतम वेतन 9,000 रुपए था। अब यह बढ़कर 15,220 रुपए हो गया है, लेकिन इन वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और धर्मचंद ने सरकार की बिजली नीति की आलोचना की। सरकार बिजली का निजीकरण कर रही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है और 'एग्री डिस्काम' नाम से पांचवीं कंपनी बना रही है। इससे किसानों को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने स्मार्ट और प्रीपेड मीटरों को जबरन थोपे जाने का भी कड़ा विरोध किया। नेताओं ने तेल, गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे गरीब जनता के साथ अन्याय बताया। प्रदर्शन में ये रहे शामिल प्रदर्शन के दौरान सर्वसम्मति से भविष्य की रणनीति तय की गई। इसके तहत, 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव और पड़ाव किया जाएगा। दस अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में किसान नेता दरियाब सिंह, किशनचंद शर्मा, समयराम कुंडू, हरिचंद वर्मा, रमेशचंद, भागीरथ, कर्ण सिंह आर्य व नंद किशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।
धार्मिक व आधुनिक शिक्षा देने दारुल उलूम अनवारे मुस्तफा मदरसे की हुई शुरुआत
भास्कर संवाददाता| बड़वानी पाटी रोड स्थित ईदगाह भवन परिसर में दारुल उलूम अनवारे मुस्तफा मदरसे की शुरुआत समाजजनों, उलेमा-ए-किराम, प्रबुद्ध नागरिकों ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। जामा मस्जिद के खतीब व इाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी ने फातिहा ख्वानी कराई। मदरसा प्रबंधन ने बताया कि संस्थान में मुस्लिम बच्चों को दीनी शिक्षा के साथ हिन्दी, उर्दू, अरबी, अंग्रेजी, गणित जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी कराई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सहित रहने, भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। मदरसे के संचालन के लिए गठित नई कमेटी में हाजी सादिक मंसूरी को अध्यक्ष, हाजी फजलुर्रहमान शेख को सचिव बनाया गया है। दोनों पदाधिकारियों ने कहा। उद्देश्य बच्चों को धार्मिक व आधुनिक शिक्षा देकर उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर शहर के शायर व पूर्व राजपत्रित अधिकारी अब्दुल सादीक शेख बुंदेली की पुस्तक “बहत्तर कलाम: शहीदाने कर्बला” का विमोचन किया गया। लेखक ने बताया कि पुस्तक में हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इस्लामी मूल्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। मुख्य अतिथि पुलिस अधिकारी असद खान ने कहा कि यह संस्थान नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने, वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में हाजी जुबैर मंसूरी, डॉ. शोएब गौरी, अब्दुल कय्यूम सिद्दीक शेख सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
विद्यार्थियों को पुरस्कार, शिक्षा के लिए किया प्रोत्साहित
शहीदी दिवस के अवसर पर सिख समाज द्वारा विगत एक माह से बच्चों को गुरुवाणी का वचन एवं पाठ सिखाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण में 25 बच्चों ने भाग लिया। उन्होंने गुरुवाणी पढ़ना सीखा। उन्होंने उसका महत्व समझा। कार्यक्रम के दौरान इन सभी बच्चों को समाज की ओर से सम्मानित किया गया। समाजजनों ने इसे नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल बताया। गुरु नानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के सहयोग से सिख समाज ने 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को 3100 रुपये, द्वितीय को 2100 रुपये तथा तृतीय को 1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मानित विद्यार्थियों में अशनित कौर, अशमीत सिंह, प्रभाजोत सिंह, दलजीत प्रीत सिंह बख्शी, सिरत कौर, प्रेखेर रिया, सहजप्रीत सिंह और जपीत सिंह सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे। समाज ने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
महासमुंद के 4 शिक्षकों को सीएम शिक्षा गौरव अलंकरण से नवाजा
भास्कर न्यूज| महासमुंद शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और सराहनीय योगदान देने वाले महासमुंद जिले के दो व्याख्याताओं और दो प्राचार्यों को प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान से नवाजा गया है। रायपुर के प्रो. जेएन पांडेय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय गरिमामय समारोह में इन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा थीं। छत्तीसगढ़ शासन की इस योजना के तहत रायपुर संभाग के प्रत्येक जिले से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले एक-एक व्याख्याता को शिक्षा श्री और एक-एक प्राचार्य को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान के लिए चुना गया था। समारोह में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महासमुंद जिले के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल, श्रीफल और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। सत्र 2025-26 के लिए शासकीय हाई स्कूल रोहिना (बसना) में पदस्थ व्याख्याता कमलेश साहू को शिक्षा श्री सम्मान और शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद के प्राचार्य गोविंद राम सिन्हा को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान से विभूषित किया गया। सत्र 2024-25 के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बढ़ाईपाली (पिथौरा) में कार्यरत राजीव कुमार तिवारी को शिक्षा श्री और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केजुवां (सरायपाली) के प्राचार्य चुमनलाल पुहुप को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान प्रदान किया गया। संभाग स्तर पर हुई स्क्रूटनी: मां सरस्वती की वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में रायपुर संभाग के सहायक संचालक आलोक चांडक ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। संभागीय संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव ने चयन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके लिए शिक्षकों से प्रविष्टियां मंगवाई जाती हैं। इसके बाद संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए संभाग स्तर पर कड़ी स्क्रूटनी (जांच) के बाद ही सबसे श्रेष्ठ व्याख्याता और प्राचार्य का चयन किया जाता है।
गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाओं से स्टूडेंट्स को किया प्रेरित
भास्कर न्यूज | लुधियाना ग्रीन लैंड सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल ने गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस एक वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से मनाया। इस अवसर पर छात्रों को इस दिवस के महत्व से अवगत कराया गया और गुरु अर्जन देव जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके सर्वोच्च बलिदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। स्टूडेंट्स को बताया गया कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य, आस्था, विनम्रता और मानवता के मूल्यों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। साथ ही साहस, धैर्य और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। वीडियो के माध्यम से, छात्रों ने शांति, सार्वभौमिक भाईचारे और निस्वार्थ सेवा को बढ़ावा देने में गुरु जी के अमूल्य योगदान के बारे में जाना। शिक्षकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत सच्चाई और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है और यह लोगों को साहस और विश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है। ग्रीन लैंड स्कूलों की श्रृंखलाओं के चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका जीवन बलिदान, सहनशीलता और आध्यात्मिक शक्ति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आज आदर्श नागरिक बनाने वाली शिक्षा की जरूरत, तभी बेहतर समाज का निर्माण होगा : डॉ. अजय सिंह
स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करते हुए एडिशनल कमिश्नर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि आज ऐसे एजुकेशन सिस्टम की आवश्यकता है जिससे हमें आदर्श नागरिक मिलें, जो देश के विकास में सहयोग दे, न कि बाधा बनें। पुलिसिंग के नजरिए से हम समाज को देखते हैं, तो लगता है कि हमारी आज की शिक्षा प्रणाली वो एजुकेशन इंपोर्ट नहीं कर पा रही है। इसमें आवश्यक बदलावों के लिए एक मुहिम चलाई जानी चाहिए। साथ ही देखना चाहिए कि- पाठ्यक्रम आज की जरूरत के हिसाब से है या नहीं, क्या वह भारत के नागरिकता के मायनों पर खरा उतरा या नहीं? नैतिक मूल्य सिखाए जाने चाहिए कि- आप पढ़ने के बाद समाज के लिए संसाधन बन रहे हैं या खतरा। तभी आदर्श समाज और देश का निर्माण होगा। एडिशनल कमिश्नर गुरुवार को महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित वीजीयू प्रजेंट्स एंड को-पॉवर्ड बाय एमजेआरपी यूनिवर्सिटी दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेरेंट्स से कहा कि जब भी कोई व्यक्ति आपके सामने मदद मांगने आता है, तो उसकी जगह अपने आप को रखकर देखिए। अगर हम में यह समानुभूति आ जाए तो समाज बहुत सुंदर बन सकता है। 3 दिवसीय प्रतिभा सम्मान समारोह के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में सीबीएसई और आरबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि आईपीएस अजय सिंह, आईपीएस राजर्षि राज वर्मा, बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी की वाइस चांसलर डॉ. रश्मि जैन ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स को बेहतरीन कॅरियर के लिए टिप्स भी दिए। इस अवसर पर दैनिक भास्कर के जयपुर यूनिट हेड सुरेंद्र लालवानी भी मौजूद रहे। मार्क्स नहीं, सीखने पर दें ध्यान: डीसीपी साउथ राजर्षि कार्यक्रम में डीसीपी साउथ राजर्षि ने पेरेंट्स से कहा कि 10वीं और 12वीं जीवन में महत्वपूर्ण मील के पत्थर होते हैं। बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार फील्ड चुनने दें, वे स्वत: ही अच्छा परफॉर्म करेंगे। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि व स्टडी के दौरान ज्यादा टेंशन न लें और मार्क्स पर नहीं सीखने पर ध्यान दें। क्योंकि जीवन में आगे यही महत्वपूर्ण है कि आपने क्या सीखा। अपने पर्सनेलिटी डवलपमेंट पर फोकस करें। साथ ही सोशल और इमोशनल कोशंट कैसा है, इस पर ध्यान दें और अपनी क्षमता के अनुसार बेस्ट दें। प्रतिभा सम्मान समारोह का तीसरा दिन आज तीन दिवसीय प्रतिभा सम्मान समारोह के तहत शुक्रवार को भी प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ और आईजी कानून व्यवस्था डॉ. प्रीति चन्द्रा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मप्र दौरे के बीच मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें पत्र लिखकर प्रदेश के आदिवासी समाज की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि 1.53 करोड़ आदिवासी आबादी वाले इस राज्य के जनजातीय अंचलों में विकास की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पटवारी ने शिक्षा , बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, बेरोजगारी, पलायन, बढ़ती महंगाई, वनाधिकार और अपराध जैसे मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार को निर्देशित करने का आग्रह किया है। कांग्रेस ने विशेष शिक्षा-स्वास्थ्य आपात योजना लागू करने, रिक्त पदों को भरने और पेसा कानून के वास्तविक क्रियान्वयन सहित 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं। दिग्विजय बोले- मुख्य चुनाव अधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट की भूमिका स्पष्ट हो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह के दौरान उन्होंने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त रहते हुए ज्ञानेश कुमार अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कैसे हो सकते हैं? इस पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। दिग्विजय ने राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया। चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता की मांग को लेकर आयोजित इस सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण : बबलू
भास्कर न्यूज़ | अमृतसर मान्यता प्राप्त एवं एफीलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (रासा), पंजाब के महासचिव सुजीत शर्मा (बबलू) ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से ग्रीष्मकालीन अवकाश का सही उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छुट्टियों को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर बच्चों के बौद्धिक व शैक्षणिक विकास के लिए इस्तेमाल करें। लंबे अवकाश में पढ़ाई से दूरी बनाने पर स्कूल खुलने पर पाठ्यक्रम समझने में कठिनाई आती है। सुजीत शर्मा ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने को कहा, जिससे उनका आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों से खेल-कूद के साथ सामान्य ज्ञान, लेखन व पठन-पाठन की आदतें बनाए रखने को कहा।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ टोंक ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। जिसमें 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी अधिसूचना तथा सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान किए जाने की मांग की है। कहा- शिक्षा वर्ग पीड़ित ज्ञापन में लिखा है कि देशभर के लाखों शिक्षकों में वर्तमान समय में गहरी चिंता, पीड़ा की भावना व्याप्त है। इसका कारण 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा सबंधी अधिसूचना तथा उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों है, जिनके कारण वर्ष 2010 में नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। महासंघ ने कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा को न्यूनतम योग्यता के रूप में अधिसूचित किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंड एवं चयन प्रक्रियाओं के अनुमार विधिवत रूप से की जा चुकी थीं। इन शिक्षकों ने वर्षों से राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं चरित्र निर्माण के क्षेत्र में योगदान दिया है। पदोन्नति को लेकर मांगें महासंघ ने भारत सरकार से मांग कि है कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संबंध में विशेष प्रावधान करते हुए उनके सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा के लिए आवश्यक विधायी, नीतिगत अथवा प्रशासनिक कदम शीघ्र उठाए जाएं। साथ ही 23 अगस्त 2010 में पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता में स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए।आवश्यकता होने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर दौरे के दौरान शहर में जल संरक्षण, शिक्षा, आईटी विकास और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने खंडवा रोड स्थित लिंबोदी तालाब पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया, बड़ा गणपति स्थित शासकीय शारदा कन्या स्कूल में छात्राओं से संवाद कर खगोलीय प्रयोगशाला देखी, निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण कर प्रदेश को आईटी हब बनाने का रोडमैप साझा किया, वीरगढ़ी हनुमान मंदिर की प्राचीन बावड़ी के संरक्षण के निर्देश दिए और किला मैदान पहुंचकर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। लिंबोदी तालाब पर श्रमदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा रोड स्थित करीब 100 साल पुराने लिंबोदी तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि “जल है तो कल है, जल ही जीवन का आधार है।” उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता दोनों जरूरी हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेशभर में अब तक 2 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर में 10 से अधिक बड़े तालाबों और 250 से ज्यादा कुओं-बावड़ियों के संरक्षण का काम किया गया है। उन्होंने तालाबों और उनसे जुड़े जलमार्गों पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने श्रमदान भी किया और लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अमृत 2.0 योजना के तहत तालाबों में स्टोन बोल्डर पिचिंग, टो-वॉल, रैलिंग, इको-फ्रेंडली पाथवे और स्टोन बेंच जैसे विकास कार्य किए जा रहे हैं। स्कूल चले हम अभियान में छात्राओं से मिले मुख्यमंत्री बड़ा गणपति स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंचे। यहां उन्होंने ‘स्कूल चले हम’ अभियान के तहत छात्राओं से मुलाकात की और स्कूल में स्थापित अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। ‘स्पार्क एस्ट्रोनॉमी लैब’ में छात्राओं ने मुख्यमंत्री को टेलिस्कोप, ग्रह-नक्षत्र ट्रैकिंग सिस्टम, रॉकेट मॉडल, सैटेलाइट मॉडल, सौर मंडल, चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण से जुड़े मॉडल्स की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना की और कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत इस तरह की आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने स्मार्ट क्लास में जाकर छात्राओं से उनके भविष्य के सपनों और लक्ष्यों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। आईटी पार्क-3 का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का संकल्प है और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) इसका ग्रोथ इंजन बनेगा। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4, उज्जैन आईटी पार्क और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। 557 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह 22 मंजिला ग्रीन बिल्डिंग आईटी पार्क मध्य भारत का सबसे बड़ा आईटी पार्क बनने जा रहा है। वीरगढ़ी हनुमान मंदिर की बावड़ी का निरीक्षण मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर पहुंचकर वहां स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का मूल स्वरूप सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से उसका जीर्णोद्धार किया जाए। साथ ही सुरक्षा के लिए रैलिंग, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और आसपास सौंदर्यीकरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्राचीन जल संरचनाएं हमारी समृद्ध परंपरा और जल प्रबंधन की पहचान हैं। रानी लक्ष्मीबाई को दी श्रद्धांजलि इंदौर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री किला मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का साहस, शौर्य और राष्ट्रप्रेम देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की विरासत को सहेजने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। सीएम के इन कार्यक्रमों में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, मालिनी गौड़, मनोज पटेल, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
हरदोई में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हरदोई द्वारा निकाले गए जुलूस के बाद प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। शिक्षकों ने 2011 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान करने की मांग की। उनका कहना था कि वर्तमान में देश भर के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। जिला संयोजक शचींद्र मिश्र सचिन ने बताया कि कोई भी नियम, अधिसूचना या नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक चेतना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षकों ने तर्क दिया कि लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों को प्रभावित करेगा। उन्होंने एकजुट होकर संसद और केंद्र सरकार से आवश्यक विधायी या नीतिगत हस्तक्षेप कर इस वर्ग को उचित संरक्षण प्रदान करने की मांग की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और टेट से मुक्ति दिए जाने की अपील की। इस अवसर पर संजय शुक्ला, मुकेश मिश्रा, अमित शुक्ल, अखिलेश सिंह, अनिल दीक्षित, श्यामजी गुप्ता, अवनीश तिवारी, राम किंकर बाजपेयी, अजीत शुक्ल, नन्हे लाल राठौर, अवधेश सिंह, सौरभ सिंह, नीरज जायसवाल, विजय सिंह, आशुतोष द्विवेदी, संजय विक्रम सिंह, आशुतोष मिश्रा, खुशबु श्रीवास्तव, विभा अवस्थी, अनीता मिश्रा, इंदु, ममता, पुष्पांजलि, अमर ज्योति, सुधा हलवाई, सोमेंद्र, तपन अवस्थी, निधि चौरसिया, अमित शर्मा, शिवम शर्मा, संदीप सिंह, हर्षेंद्र, सत्येंद्र श्रीवास्तव, रामरक्ष पाल, विकास सिंह, गौरव गुप्ता, राजेश कुमार, रमेश कुमार, सुधाकर, सुनील अवस्थी सहित सभी ब्लॉक के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष समेत सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता गुरुवार को नूंह पहुंचीं। उनके आगमन पर संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। डॉ. गुप्ता ने समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और संगठन के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। अर्चना गुप्ता का नूंह आना बेहद महत्वपूर्ण : सुरेंद्र सिंह इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू ने कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता का नूंह आगमन संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और समाजहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। पिंटू ने यह भी कहा कि कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। आयोजकों ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इस प्रेस वार्ता में संगठन की आगामी रणनीति, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला शाखा अजमेर के तत्वावधान में गुरुवार को जिलेभर के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने परिसर का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ‘पुराने शिक्षकों को TET से मुक्ति दो’, ‘शिक्षकों पर अन्याय बंद करो’ और ‘शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के बारे में बताया। शिक्षकों ने केंद्र सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर पुराने शिक्षकों के हितों की रक्षा करने की मांग की। संसद में कानून बनाकर फैसला रद्द करने की मांग प्रदर्शन के दौरान महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर पुराने शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हैं और सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही सेवा में आए हैं। ऐसे शिक्षकों को दोबारा TET परीक्षा की अनिवार्यता के दायरे में लाना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि संसद में विशेष कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को रदद् किया जाए और 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण दिया जाए। साथ ही शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखते हुए उन्हें सभी गैर-शैक्षणिक दायित्वों से मुक्त करने की भी मांग की। ज्ञापन में उठाई ये प्रमुख मांगें आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा के साथ जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नरूका, जिला मंत्री गुमान सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज करते हुए प्रदेशव्यापी स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने चुनाव आयोग और सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण मुहिम एसआईआर (SIR - मतदाता सूची का पुनरीक्षण) को लेकर BJP कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक ली। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गलत तरीके से वोट बनवाकर सत्ता हथियाने वालों का दौर अब समाप्त हो चुका है। क्या है SIR अभियान? 18 से ऊपर के बनेंगे वोट पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बुधवार से SIR का काम धरातल पर शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत दो मुख्य बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। पहला, जिन युवाओं की उम्र 18 साल या उससे अधिक हो चुकी है और अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका वोट प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। वहीं दूसरा, जो बुजुर्ग 80 साल से ऊपर की उम्र के हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके नाम अभी भी सूची में हैं, उन्हें वोटर लिस्ट से सम्मानपूर्वक हटाया जाएगा। घुसपैठियों और फर्जी वोटरों पर गिरेगी गाज शिक्षा मंत्री ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो घुसपैठिए बांग्लादेशी या अन्य बाहरी जगहों से संबंध रखते हैं और उन्होंने गलत तरीके से फर्जी वोट बनवा लिए हैं, SIR के माध्यम से उन सभी के वोटों का पूर्ण निरीक्षण (वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य पार्टियों के लोग भी इस पारदर्शी प्रक्रिया में जुट गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का सीधा टारगेट यही है कि जो योग्य मतदाता हैं, उनका वोट सुरक्षित रहे और जो अयोग्य या फर्जी मतदाता हैं, उनका नाम तुरंत काटा जाए। देश के कई राज्यों में ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाकर वोट बनवाए थे, इस अभियान के तहत उनके वोट काटे जा रहे हैं। देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे विपक्ष द्वारा इस प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष इस जनहित के कार्य को लेकर बिना वजह का मुद्दा बना रहा है। आज तक चुनाव आयोग के पास ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं आया, जिसका वोट गलत तरीके से काटा गया हो। वास्तव में विरोध केवल वही लोग कर रहे हैं, जो पहले गलत और फर्जी वोटों के जरिए सत्ता प्राप्त करते थे और फिर लूट मचाते थे। शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हम इस देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे। SIR के जरिए सिर्फ इतना सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी असली और योग्य नागरिक का वोट न कटे और किसी विदेशी या घुसपैठिए का वोट सूची में न रहे।
चुनौतियां से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा
भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भील समाज विकास समिति, भील समाज कर्मचारी अधिकारी संघ और भील समाज शैक्षणिक शोध व विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय भील समुदाय नवचयनित कर्मचारी-अधिकारी व प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों की ओर से महापुरुषों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद सभी आगंतुक मेहमानों का साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। संस्थान के जिलाध्यक्ष डॉ. खगेंद्र कुमार भील ने स्वागत भाषण दिया। बाड़मेर. कार्यक्रम में प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए। समारोह को संबोधित करते हुए दानदाता आजाद सिंह राठौड़ ने भील समुदाय की गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा ही है। इस दौरान उन्होंने युवाओं के अध्ययन की सुविधा के लिए अपने निजी सहयोग से निर्मित 1.51 लाख रुपए की लाइब्रेरी समाज को समर्पित की। मुख्य अतिथि अयोध्या प्रसाद गौड़ ने शिक्षा के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन व पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर राजस्थानी में अपनी बात रखी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नखताराम भील ने विचार व्यक्त किए। समारोह में विशिष्ट अतिथि दिलीप कुमार सिंह ने बालिका शिक्षा और महापुरुषों के सपनों को साकार करने पर जोर दिया। प्रो. रमेश कुमार भील ने छात्रों को ऊंचे सपने देखने और उन्हें हासिल करने की राह सुझाई। पुलिस निरीक्षक किरण कुमार सोमाणी ने नवचयनित कार्मिकों से ईमानदारी से कर्तव्य निर्वहन करने व जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। प्रधानाचार्य नरेश कुमार भील ने नौकरीपेशा वर्ग को नैतिक उत्तरदायित्व और इंसानियत बनाए रखने तथा बिजली विभाग के पूनाराम ने परिवार में आपसी प्रेम की बात की। होनहार छात्रों के उच्च अध्ययन के लिए दानदाता वीरमाराम भील मायाणी ने 51 हजार रुपए व एएसआई मूलाराम सोमाणी ने पुस्तकालय में किताबों के लिए 11 हजार रुपए का नकद सहयोग दिया। समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों में नवचयनित 45 कर्मचारी-अधिकारियों, 12वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक लाने वाले 35 छात्र-छात्राओं और 10वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक अर्जित करने वाले 16 होनहारों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन फरसाराम व अमराराम ने किया। अध्यक्ष अर्जुन भवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0: शिक्षा व समाज के निर्माण पर मंथन
जयपुर | शहर में दो दिवसीय गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0 का आयोजन हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 125 प्रोफेसर, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और समाज चिंतकों ने भाग लिया। सम्मेलन का विषय ‘गुर्जर एथनिसिटी, पहचान, इतिहास, संस्कृति और भविष्य : बदलते भारत में सामुदायिक चेतना, सामाजिक न्याय, नेतृत्व और नई संभावनाएं’ रखा गया। वक्ताओं ने शिक्षा, शोध, सामाजिक उत्तरदायित्व और समावेशी विकास जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने शिक्षित वर्ग से अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से समाज को योगदान देने का आह्वान किया। पहले दिन तीन तकनीकी सत्र हुए। चयनित सहायक प्रोफेसरों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह सरधना, प्रो. पी.एस. वर्मा, प्रो. आर.के. गुर्जर, प्रो. एन.के. भड़ाना सहित कई शिक्षाविदों ने विचार व्यक्त किए। संचालन एवं संयोजन डॉ. बचन सिंह, डॉ. जगराम और महेश कुमार गुर्जर ने किया। सत्र में डॉ. प्रोमिला गुर्जर ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. देवराज भूमला के जीवन संघर्ष, वैज्ञानिक योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए।
सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) ने नीट पेपरलीक के विरोध में बुधवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च डाक बंगला परिसर से शुरू होकर नवलगढ़ पुलिया होते हुए सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। आक्रोश मार्च के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा- जब से NTA का गठन हुआ है, तब से लेकर आज तक वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, बल्कि नेशनल टॉर्चर एजेंसी है। उन्होंने कहा- 10 साल में NTA के 89 पेपरलीक हुए हैं। 46 बार दोबारा एग्जाम हुई। उन्होंने कहा- SFI अब 19 जून को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेगी। वहीं जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक स्टूडेंट्स वहीं बैठे रहेंगे। जाखड़ ने कहा- नीट का पेपर रद्द होने के बाद सीकर में प्रदीप मेघवाल और उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। इन दोनों की मौत का जिम्मेदार देश की सरकार है, लेकिन शिक्षा मंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में बुधवार को प्रवक्ता संवर्ग (विज्ञापन संख्या 02/2022) के इंटरव्यू के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। रसायन विज्ञान विषय की एक महिला अभ्यर्थी ने दावा किया कि वह लिखित परीक्षा पास कर चुकी है लेकिन उसका इंटरव्यू लेटर डाउनलोड नहीं हो रहा। आयोग के अधिकारियों ने कार्यालयी अभिलेखों की जांच की तो खुलासा हुआ कि महिला ने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ करके किसी अन्य सफल अभ्यर्थी का रोल नंबर अंकित किया था। असल में वह लिखित परीक्षा में पास नहीं थी।आयोग ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप पर सख्ती दिखाते हुए उसी स्थान पर गिरफ्तार अभ्यर्थी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई । उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। उपसचिव ने जारी विज्ञप्ति में सभी अभ्यर्थियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज का प्रयोग न करें और किसी भी अवैध माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास न करें। आयोग ने कहा कि परीक्षाओं और साक्षात्कारों में पारदर्शिता, निष्पक्षता व शुचिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि पर 'उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता संवर्ग के इंटरव्यू 15 जून से चल रहे हैं और 27 जून तक दो पालियों में आयोजित किए जा रहे हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील की है और परीक्षा प्रक्रिया में मिली किसी भी अनियमितता की सूचना देने को कहा है।
लखीसराय जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कर्मचारी और शिक्षक के बीच हुई हाथापाई की घटना का बुधवार को सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। सभी शिक्षक संगठनों के संयुक्त प्रयास से दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा पत्र तैयार कराया गया और आपसी सहमति के बाद दोनों ने उस पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के बाद शिक्षा कार्यालय में चल रहा तनाव खत्म हुआ और अधिकारियों व शिक्षकों ने इसे सकारात्मक कदम बताया। 8 जून को विवाद के बाद हुई थी हाथापाई जानकारी के अनुसार, बीते 8 जून को जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कार्यरत कर्मचारी अमित रंजन और कैलाश कुमार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना के बाद शिक्षक समाज और कार्यालय कर्मियों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। लोगों का कहना था कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह की घटना से गलत संदेश जाता है। शिक्षक संगठनों ने पहल कर कराया समझौता मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने पहल की। जिला शिक्षा कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया और सुलहनामा पत्र पर हस्ताक्षर किए। बैठक में यह संदेश दिया गया कि विद्यालय और कार्यालय का शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी मतभेद को बातचीत और समझदारी से सुलझाना ही बेहतर रास्ता है। शिक्षक संगठनों ने कहा- मर्यादित आचरण जरूरी सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। संगठनों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटना दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन हमेशा आपसी सम्मान, अनुशासन और मर्यादित आचरण के पक्षधर रहे हैं। कार्यालय में बेहतर माहौल के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद सुलह प्रक्रिया के दौरान जिला अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ लखीसराय के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार, अराजपत्रित शिक्षक संघ मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय सचिव रामटहल पासवान, प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट लखीसराय के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ लखीसराय के जिला सचिव रामलोचन सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे। इसके अलावा प्रधान लिपिक संदीप पासवान, बीआरपीएसएस के जिलाध्यक्ष निराला कुमार, प्रधान शिक्षक संगठन लखीसराय के सुमन कुमार और प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के उपाध्यक्ष गीता पासवान भी बैठक में शामिल हुए। सभी शिक्षक नेताओं के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में सभी ने शिक्षा कार्यालय की गरिमा बनाए रखने और आपसी सहयोग से काम करने पर सहमति जताई।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बुधवार को पानीपत के सेक्टर 13-17 स्थित भाजपा कार्यालय श्याम कमल में एक जनता दरबार लगाया। इस जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मंत्री ढांडा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जनता दरबार के समापन के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए शिक्षा मंत्री ने पानीपत के लिए एक बड़ी घोषणा की और विभिन्न राजनीतिक व समसामयिक मुद्दों पर खुलकर बात की। पानीपत को जल्द मिलेगा गर्ल्स कॉलेज मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि पानीपत शहरी सीट से भाजपा विधायक प्रमोद विज उनके पास शहर में एक गर्ल्स कॉलेज (महिला महाविद्यालय) बनाने की मांग लेकर पहुंचे थे। विधायक विज ने तर्क दिया था कि शहर की बेटियों के लिए एक अलग और आधुनिक कॉलेज की बेहद सख्त जरूरत है। प्रमोद विज के इन प्रयासों और जनहित की मांग का संज्ञान लेते हुए मंत्री ढांडा ने प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने घोषणा की, कि सरकार ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और जल्द से जल्द पानीपत में गर्ल्स कॉलेज के निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा। NEET परीक्षा को लेकर सरकार सख्त आगामी 21 जून को होने जा रही नीट (NEET) परीक्षा के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से सभी कड़े इंतजाम पूरे कर लिए हैं। हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है और यदि किसी ने भी परीक्षा में गड़बड़ी करने का दुस्साहस किया, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस और दुष्यंत चौटाला पर साधा निशाना कांग्रेस पर तंज: उन्होंने कांग्रेस को धड़ा पार्टी (गुटों की पार्टी) बताते हुए कहा कि यह उनकी संगठनात्मक कमजोरी है कि यहां के नेता अपने हाईकमान तक की बात नहीं सुनते। कांग्रेसियों को आपस में बैठकर आत्ममंथन करना चाहिए कि उनमें इतनी फूट क्यों है। दुष्यंत चौटाला को नसीहत: पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन पर माफी मांगने के बयान पर ढांडा ने कहा कि दुष्यंत को अपनी कार्यशैली पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। जनता ने भाजपा को नहीं, बल्कि जेजेपी के व्यवहार और काम को नकारा है। अगर जनता भाजपा से नाराज होती, तो प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार कभी नहीं बनती।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) चुन्नीलाल दांगी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वे एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मंच से स्कूल की तारीफ करते हुए अभिभावकों से वहां बच्चों का एडमिशन कराने की अपील कर रहे हैं। खिलचीपुर के छापीहेड़ा नाके पर सोमवार रात एक नए निजी विद्यालय का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बीईओ चुन्नीलाल दांगी, पंडित रोहित नागर और अन्य जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच से संबोधित करते हुए बीईओ ने कहा कि विद्यालय का शुभारंभ हो रहा है, इसलिए क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों को यहां लाकर उनका प्रवेश कराएं और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालवीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना कमजोर हो गया है कि स्वयं विभागीय अधिकारी निजी स्कूलों को बेहतर बता रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की होती है। दैनिक भास्कर के सवालों पर BEO का जवाबइस मामले को लेकर 'दैनिक भास्कर' ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चुन्नीलाल दांगी से सीधी बातचीत की। बातचीत के मुख्य अंश इस प्रकार हैं… विभागीय कार्रवाई का इंतजारबीईओ का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका और आचार संहिता को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले को किस तरह लेते हैं और विभाग की ओर से इस पर क्या स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। अयोध्या में बुधवार सुबह सीबीआई टीम ने पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने करीब ढाई घंटे तक दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। सीबीआई अधिकारियों ने मकान से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस को भी आवश्यक सहयोग के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया था। टीम सुबह 5:30 बजे देवकाली पुलिस चौकी पास स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर पहुंची थी। सुबह करीब 8 बजे टीम कार्रवाई पूरी कर वहां से रवाना हो गई। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब जानिए पूरा मामला… हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रही है जांच अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है। जांच की निगरानी डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में की जा रही है। इसके लिए 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी सीबीआई की एक टीम अमेठी में कैंप कर रही है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में संदिग्धों व मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर भी जांच की गई, जहां बैंक खातों और धन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आईं थी वित्तीय गड़बड़ियां मामले की शुरुआती जांच में आरोप सामने आए थे कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं करते हुए सरकारी धनराशि को विभिन्न शिक्षकों के खातों में स्थानांतरित किया था। मामला उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब सीबीआई दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर पूरे वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों में एक साथ की गई छापेमारी का उद्देश्य जांच को आगे बढ़ाना और कथित घोटाले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। सीबीआई वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ में भी खंगाले जा रहे वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज जांच एजेंसी राजधानी लखनऊ के चिनहट में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर पहुंची है। सीबीआई की टीम बैंक खातों, दस्तावेजों और धन के प्रवाह से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की शुरुआती जांच में सामने आया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी करते हुए कई शिक्षकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की थी। मामले के उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
यूपी की बड़ी खबरें:₹7 करोड़ के शिक्षा घोटाले में लखनऊ पहुंची CBI, अयोध्या समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पूरी खबर पढ़िए… चेन्नई से 20 टन माल लेकर नोएडा एयरपोर्ट पहुंची पहली कार्गो फ्लाइट, वाटर कैनन सलामी से स्वागत जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन हुआ। चेन्नई से करीब 20 टन मिश्रित कार्गो लेकर मालवाहक फ्लाइट एयरपोर्ट पहुंची। वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान वापस चेन्नई के लिए रवाना हो गया। अफकॉम होल्डिंग्स द्वारा संचालित बोइंग 737-800F मालवाहक विमान खाद्य पदार्थ, ऑटो कंपोनेंट्स, मोबाइल डिवाइस और अन्य कंसोलिडेटेड शिपमेंट लेकर नोएडा पहुंचा था। इस सफल संचालन ने साबित कर दिया कि एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल पूर्ण रूप से संचालन के लिए तैयार है। पढ़ें पूरी खबर… सोसाइटी की पार्किंग में कार ने मां-बेटी को रौंदा..VIDEO:नोएडा में 10 मीटर तक घसीटा नोएडा में एक कारोबारी ने कार से सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी 5 साल की बेटी को रौंद दिया। टक्कर लगने के बाद कार में फंसकर मां-बेटी करीब 10 मीटर तक घिसटती हुई चली गईं। साथ में चल रहे पति और बड़ी बेटी बाल-बाल बचे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से पति ने बेटी को कार के नीचे से निकाला। महिला कार के नीचे फंसी रही। आरोपी चालक और लोगों ने 4 मिनट के बाद कार उठाकर महिला को निकाला। इसके बाद मां और बेटी को अस्पताल पहुंचाया। पढ़ें पूरी खबर… निधिवन मंदिर का ठेका 13 करोड़ में उठा, बांके बिहारी के स्वर्ण-रजत झूले की होगी मरम्मत, हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में 11 मुद्दों पर चर्चा मथुरा में बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक सोमवार देर शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा और मंदिर संपत्तियों से जुड़े 11 मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सबसे पहले भगवान बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूले, सिंहासन, सीढ़ी सहित अन्य धातु निर्मित धार्मिक सामग्री की मरम्मत कराए जाने पर चर्चा हुई। करीब 200 किलो सोने चांदी से बने झूले के जीर्णोद्वार को लेकर कमेटी ने सहमति जताई। पढ़ें पूरी खबर…. गाजीपुर में पुलिस ने बदमाश के दोनों पैर में गोली मारकर दबोचा, पाक्सो एक्ट के आरोप में चल रहा था फरार गाजीपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह में मुठभेड़ के दौरान पाक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में वांछित के दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। घायल वांछित को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, दो खोखा, बाइक और 750 रुपए नकद बरामद किए है। पूरी खबर पढ़िए मेरठ में सोती रही पुलिस, क्राइम रजिस्टर ले गए SSP: फिल्टर टेस्ट में फेल महिला थाने के 19 कर्मियों का तबादला मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। ट्रैक सूट में पहुंचे एसएसपी को थाने के मुख्य गेट और परिसर में कोई पुलिसकर्मी नहीं मिला, जबकि कार्यालय में एक महिला सिपाही कुर्सी पर सोती मिली। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कार्यालय से क्राइम रजिस्टर भी अपने साथ ले गए, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में जब एसएसपी ने थाना प्रभारी से क्राइम रजिस्टर मांगा तो पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि रजिस्टर एसएसपी ही अपने साथ ले गए थे। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने महिला थाने में तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का तबादला कर कार्रवाई की। पढ़ें पूरी खबर….
अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा कार्यालय में 59 लाख 78 हजार 852 रुपए के गबन और अनियमित भुगतान का एक मामला सामने आया है। व्यवसायिक शिक्षा के लिए अलग-अलग ट्रेड में सामग्री मद के लिए दो करोड़ रुपए का बजट आया था। इसमें 1.40 करोड़ की सामग्री खरीद ली गई, लेकिन शेष 60 लाख रुपए की राशि खर्च नहीं हो पाई। वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म हो रहा था। ऐसे में 29 मार्च को कैशियर के साथ मिलकर एडीपीसी ने 59.78 लाख रुपए फर्जी तरीके से फर्मों के खातों में डालकर उठा लिए। अब समग्र शिक्षा विभाग के ही कनिष्ठ लेखाकार ने पूरे मामले का भंडाफोड़ किया है। उसने राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से मामले की जांच की मांग की है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर की वित्तीय सलाहकार अनुपमा शर्मा ने बताया कि बाड़मेर एडीपीसी कार्यालय में 60 लाख रुपए गबन का मामला मेरे ध्यान में आया है। हमने जांच के लिए कमेटी बना दी है। इसी सप्ताह से जांच शुरू हो जाएगी। गबन के लिए पुलिस एफआईआर करवाने के भी आदेश दिए है। सामग्री मद का बजट, सेक्शन वीटी-वीसी के मानदेय की, भुगतान अन्य फर्मों को किया कार्यालय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा के कैशियर व एडीपीसी ने मिलकर 28 व 29 मार्च को बिल पास कर दिए। किसी भी भुगतान से पहले संबंधित शाखा द्वारा पत्रावली पर अनुमोदन और जांच होनी चाहिए। नियम का पालन नहीं किया गया। भुगतान स्वीकृति आदेशों के साथ कोई भी मूल बिल, वाउचर या समर्थक दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए थे। समग्र शिक्षा में एडीपीसी ने 60 लाख के फर्जी बिलों से भुगतान कर दिए। गबन को छिपाने के लिए रोकड़पाल ने मूल बिल के साथ कूटरचित बिल इनर शीट लगा दी। कागजों में जिन फर्मों के नाम पर भुगतान स्वीकृत किया गया था, असल में पैसा उन फर्मों को नहीं दिया गया। पैसा किसी अन्य फर्मों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। समग्र शिक्षा की ओर से व्यवसायिक शिक्षा के लिए सामग्री का 2 करोड़ का बजट दिया गया था। इस बजट से व्यवसायिक ट्रेड वाली स्कूलों में सामग्री भेजी जानी थी। 1.40 करोड़ रुपए की सामग्री टेंडर करके भेज दी गई। शेष 60 लाख रुपए वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में लैप्स हो रहे थे। तब एडीपीसी व कैशियर ने मिलकर सेक्शन वीटी-वीसी के मानदेय का भुगतान दिखाया।
पशु चिकित्सा शिक्षा में गडवासू ने राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां और राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान
भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी ने नवीनतम इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क रैंकिंग-2026 में लगातार दूसरे वर्ष भारत के राज्य पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में दूसरा स्थान प्राप्त कर किया है। हालांकि विश्वविद्यालय को पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन क्षेत्र की सभी संस्थाओं में राष्ट्रीय स्तर पर भी पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है, जिससे पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान तथा प्रसार के क्षेत्र में भारत के अग्रणी संस्थानों में इसकी स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। यह रैंकिंग नौ पैरामीटर पर तय हुई है। वहीं पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भी कृषि क्षेत्र के संस्थान में दूसरे स्थान पर पिछले साल की तरह बनी हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की पशु चिकित्सा शिक्षा, पशु स्वास्थ्य, पशुपालन उत्पादन, डेयरी, मत्स्य पालन तथा संबद्ध विज्ञानों में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रसार तथा किसान-केंद्रित विस्तार कार्यक्रमों के माध्यम से पशुधन क्षेत्र को सशक्त बनाने में निरंतर योगदान दिया है। डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, उप कुलपति ने शिक्षकों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों तथा सभी हित-धारकों को इस सफलता में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रयासों और पशुधन क्षेत्र के विकास के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समुदाय के सभी सदस्यों के समर्पण और कठोर परिश्रम ने इसकी शैक्षणिक, अनुसंधान तथा विस्तार गतिविधियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार आधारित अनुसंधान, शैक्षणिक एवं प्रयोगशाला अवसंरचना के आधुनिकीकरण तथा उद्योगोन्मुखी शैक्षणिक कार्यक्रमों के विकास के माध्यम से पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है। उन्होंने नवाचार को प्रोत्साहित करने, कुशल पेशेवरों को तैयार करने तथा सतत पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और ग्रामीण समृद्धि में योगदान देने वाली तकनीकों के विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इन पैरामीटर पर रैंकिंग हुई तय {एकेडमिक रेप्युटेशन: पढ़ाने का तरीका {ग्रेजुएट आउटकम और रोज़गार की क्षमता: निवेश पर रिटर्न {रिसर्च आउटकम: वॉल्यूम, आय और रेप्युटेशन {डिमांड रेश्यो और स्टूडेंट प्रोफाइल {एम्प्लॉयर रेप्युटेशन और इंटरनेशनल आउटलुक {वेलबीइंग और इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट {पीयर परसेप्शन और एलुमनाई फ़ीडबैक {पब्लिक परसेप्शन और डेटा वेरिफिकेशन {इम्पैक्ट और वैल्यू एडिशन रैंकिंग में देशभर के नामी इंस्टीट्यूट लेते भाग: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क एक संस्था है जो हायर एजुकेशन संस्थानों की सालाना रैंकिंग जारी करती है। इसका मकसद दुनिया भर के एकेडमिक संस्थानों का मूल्यांकन करना है। यह खास तौर पर भारत के एकेडमिक संस्थानों की रैंकिंग पर ध्यान देती है। आईआईआरएफ इंडिया रैंकिंग देश भर के 2,500 से ज़्यादा संस्थानों का व्यापक मूल्यांकन और रैंकिंग करती है। इस बड़े मूल्यांकन में कई तरह के एजुकेशनल संस्थान शामिल हैं, जो हर साल रैकिंग में भाग लेते है। यह भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत कंपनीज़ एक्ट, 2013 के तहत रजिस्टर्ड है। 1. नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल 2. इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली 3. सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन, मुंबई 4. तमिलनाडु वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, चेन्नई 5. गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है।
शुरुआती बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को मजबूत बनाने की दिशा में रायपुर जिले में एक नई पहल की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘गढ़बो बचपन’ के संयुक्त सहयोग से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहली बार जिला स्तरीय ‘सुविधादाता एवं पालक बैठक’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पालकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पालकों को ‘आकलन कार्ड’ प्रदान किए गए। इन कार्डों के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों के सीखने, विकास और तैयारियों का व्यवस्थित आकलन कर सकेंगे। इससे बच्चों की शैक्षणिक और व्यवहारिक प्रगति पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को मिला विद्यारंभ प्रमाण पत्र आगामी स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पहली बार ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पार्षदों, स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा इस नवाचार की सराहना की। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बना समन्वय का मंच आयोजन के माध्यम से पालकों, स्कूल प्रबंधन, समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजन की सफलता के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, ‘गढ़बो बचपन’ तथा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना की गई।
वन बंधु परिषद महिला समिति की वार्षिक बैठक मंगलवार को मैग्नेटो मॉल स्थित संतोष हॉल में आयोजित हुई। बैठक में संस्था की तरफ से साल भर किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की गई। मीडिया प्रभारी कविता राठी ने बताया कि इस दौरान संस्था की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष और महिला समिति प्रभारी अनिता खंडेलवाल ने संस्था के कई कार्यों और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में भविष्य की गतिविधियों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही संस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों का सम्मान भी किया गया। बच्चों को मिलता है एजुकेशन अध्यक्ष कांता सिंघानिया और सचिव सरिता रेखानी ने बताया कि, वन बंधु परिषद देशभर में एकल विद्यालय संचालित करती है। इन विद्यालयों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को एजुकेशन दी जाती है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, संस्कार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। इस बैठक में शशि सुरेंद्र दुबे, फूल नत्थानी, मनीषा सिंघानिया, अंजलि अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, मीणा अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रंजना मित्तल, राजश्री गुप्ता, सविता सोनी, छाया राठौर, नंदिनी वर्मा, शैल यदु, सावित्री कश्यप, सुशीला अवधिया, मधु मित्तल, किरण अग्रवाल, उमा चंडीरमानी, पुष्पा साहू, संध्या गुप्ता, ऋतु खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
गोंडा में कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय अब 24 जून तक बंद रहेंगे। पहले इन विद्यालयों को आज से खोलने का निर्णय लिया गया था लेकिन अब ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ा दिया गया है। इस दौरान शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित सभी विद्यालय 24 जून तक अवकाश पर रहेंगे और 25 जून को खुलेंगे। यह बदलाव गोंडा जिले में शिक्षक संघर्ष समिति द्वारा लगातार ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग के बाद किया गया है। समिति के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में बच्चों को लेकर अध्यापकों को लेकर की गई छुट्टियों को लेकर के लगातार शिक्षक संगठन के लोग सवाल उठाकर के सरकार को और शिक्षा मंत्री को लगातार पत्र भी लिख रहे थे। गोंडा शिक्षक संघर्ष समिति के शिक्षक अमर यादव ने इस निर्णय को शिक्षकों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। 25 जून से बच्चे विद्यालयों में आएंगे और पढ़ाई पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में 24 जून तक अवकाश घोषित के आदेश का पालन करना सुनिश्चित करें साथ ही साथ विद्यालय में अध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के अध्यापकों और कर्मचारियों को कठोर कार्रवाई को लेकर के चेतावनी भी दी गई है खंड शिक्षा अधिकारी इसकी लगातार जांच करेंगे।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री और बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को बैकुंठपुर प्रखंड कार्यालय सभागार, गोपालगंज में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई परियोजनाओं, आपदा प्रबंधन और विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री ने मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया। संवेदनशील स्थलों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देशउन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था, राहत सामग्री की उपलब्धता और संवेदनशील स्थलों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री तिवारी ने किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए नहरों, जलाशयों और संबंधित संरचनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कृषि प्रधान क्षेत्र है, इसलिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके। नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने का निर्देश दियाबैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और आवास सहित अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी कहा गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दोहराया कि राज्य सरकार बैकुंठपुर विधानसभा के सर्वांगीण विकास, बेहतर आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हों और जनता को उनका सीधा लाभ मिल सके।
राजस्थान में विज्ञान एवं गणित शिक्षा को अधिक प्रभावी, नवाचारी और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को होटल रॉयल ऑर्किड में राजस्थान में STEM शिक्षा को नए सिरे से समझना: नीतिगत विज़न से लेकर क्लासरूम में अमल तक विषय पर राज्य स्तरीय STEM शिक्षा विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा, आर.एस.सी.ई.आर.टी सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस (सीएमएफ), यूनिसेफ, टाटा ट्रस्ट्स, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट्स) तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समारोह के उद्घाटन सत्र में सी.एम.एफ संस्था की कार्यकारी निदेशक मल्लिका श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद संस्था के जनरल मैनेजर विजय सिंह ने कहा कि इस विमर्श का उद्देश्य राजस्थान में STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) शिक्षा की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 तथा राजस्थान राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (RSCF-SE) 2023 के अनुरूप एक साझा दीर्घकालिक दृष्टिकोण विकसित करना था। इस अवसर पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आरएएस और उप आयुक्त क्वालिटी एवं ट्रेनिंग सेल समग्र शिक्षा राजस्थान सुनीता यादव ने कहा कि STEM शिक्षा केवल विज्ञान और गणित विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, नवाचार और 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है, तो STEM शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा के केंद्र में लाना होगा। उन्होंने बताया कि PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में विज्ञान एवं गणित विषयों में राजस्थान का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है, जो राज्य के शिक्षकों, विद्यालयों तथा शैक्षणिक सहयोग तंत्र के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर के अनुरूप शिक्षण अवसर उपलब्ध कराने, शिक्षक क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने तथा विद्यालय आधारित शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से STEM शिक्षा में बालिकाओं की बढ़ती भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य के अधिकांश रोजगार STEM आधारित कौशलों पर केंद्रित होंगे, इसलिए बालिकाओं को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। विमर्श के दौरान विशेषज्ञों ने विज्ञान एवं गणित शिक्षण में अवधारणात्मक समझ, जिज्ञासा आधारित अधिगम, गणितीय तर्कशक्ति, वैज्ञानिक अन्वेषण तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर प्रशिक्षण आवश्यकता आकलन (Training Needs Assessment - TNA) से प्राप्त प्रमुख निष्कर्ष भी साझा किए गए, जिनके आधार पर आगामी वर्षों में विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के लिए अधिक लक्षित एवं सतत क्षमता निर्माण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आगामी 3 से 5 वर्षों में राजस्थान को शिक्षक क्षमता निर्माण, विद्यालय आधारित शैक्षणिक सहयोग (On-site Support), दक्षता आधारित मूल्यांकन, स्थानीय संदर्भों पर आधारित शिक्षण सामग्री तथा शोध-आधारित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही शिक्षकों को नियमित मेंटरिंग, कक्षा अवलोकन, सह-शिक्षण और सतत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, ताकि नीति की अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से कक्षा-कक्षीय व्यवहार में रूपांतरित किया जा सके। STEM क्या है? STEM का अर्थ है Science (विज्ञान), Technology (प्रौद्योगिकी), Engineering (अभियांत्रिकी) और Mathematics (गणित)। यह एक एकीकृत शिक्षण दृष्टिकोण है, जिसमें इन चारों विषयों को आपस में जोड़कर विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, रचनात्मकता, नवाचार और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करने पर बल देता है। STEM शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए सक्षम बनाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप STEM शिक्षा जिज्ञासा आधारित अधिगम, प्रयोगात्मक शिक्षण और 21वीं सदी के कौशलों को बढ़ावा देती है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी, वैज्ञानिक और आर्थिक चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती 2024 के चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के बाहर प्रदर्शन किया। सैकड़ों अभ्यर्थी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी ने आयुक्त के नाम ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि चॉइस फिलिंग पूरी हुए 6 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हुई। अभ्यर्थियों ने कहा कि हमें शिक्षा मंत्री ने कई बार आश्वासन दिया है। हम DPI के बाहर 9-10 बार आ चुके हैं। केवल इसलिए कि नियुक्ति मिल जाए। शिक्षा मंत्री ने हमसे खुद कहा था जब नया सेशन शुरू होगा। आपकी जॉइनिंग करा देंगे। आज शिक्षा मंत्री कहकर मुकर गए। लोग बार-बार पूछ रहे जॉइनिंग कब होगी शहडोल से आए सलमान ने कहा, रिजल्ट आने के बाद चॉइस फिलिंग भी हो गई, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई। हमारे ऊपर सामाजिक दबाव बन रहा है। लोग बार-बार पूछते हैं कि जॉइनिंग कब होगी। कई लोग तो यह तक कहने लगे हैं कि हम उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। इससे हम सभी मानसिक रूप से परेशान हैं। हर सप्ताह केवल आश्वासन मिल रहा टीकमगढ़ से आए रमाकांत ने कहा- भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए चार साल हो गए। 2022 से परीक्षा, रिजल्ट और चयन तक हर चरण में हमें आंदोलन करना पड़ा। हर सप्ताह सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही। हममें से कई लोग यह तय करके आए हैं कि जब तक जॉइनिंग नहीं होगी, तब तक यहां से वापस नहीं जाएंगे। स्कूलों में नया सत्र शुरू हुआ तो जॉइनिंग क्यों नहीं चयनित शिक्षक सिमरन ने कहा कि एग्जाम दिए 4 साल हो चुके हैं। रैंक भी आ गई, लेकिन अब तक जॉइनिंग नहीं हुई। हर बार अपनी मांग मनवाने के लिए हमें भोपाल आकर धरना देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज से सरकारी और निजी स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है, जबकि हम यहां बैठे हैं। रिजल्ट आए एक साल हो चुका है, समय लगातार निकलता जा रहा है, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… NEET-UG परीक्षा पर सीएम ने तैयारियों की समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में रसोइया संघ ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) बनाने से इनकार कर दिया है। संघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा और जिला शिक्षा अधिकारी से भी मुलाकात की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 15 जून से हो चुकी है और उन्हें मध्याह्न भोजन बनाने के आदेश भी मिल गए हैं। हालांकि, पिछले तीन सालों से 15 जून से 30 जून तक उनसे काम तो लिया जाता है, लेकिन इस 15 दिनों की अवधि का मानदेय नहीं दिया जाता। बिना मानदेय काम करने से किया इनकार इस बार रसोइयों ने बिना मानदेय के काम करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे इस अवधि में भोजन नहीं बनाएंगे। कलेक्टर से हुई मुलाकात और मिला आश्वासन रसोइया संघ के अध्यक्ष ने बताया कि कलेक्ट्रेट में मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने उनसे मध्याह्न भोजन व्यवस्था सुचारु रखने और भोजन बनाने को कहा। कलेक्टर ने रसोइयों को आश्वासन दिया है कि उनकी मानदेय संबंधी समस्या पर जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि कोई समाधान निकाला जा सके।
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
मऊगंज जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हैं। कलेक्टर संजय जैन ने जिले के सभी युवाओं से कौशल आधारित तकनीकी शिक्षा अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगारपरक कौशल भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने सोमवार शाम 4 बजे की पत्रकार वार्ता,बताया कि शासकीय आईटीआई मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश एवं ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया जारी है। आठवीं और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटीआई प्रशिक्षण युवाओं को उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्रदान करता है। इन संस्थानों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और इलेक्ट्रिकल व्हीकल सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान, औद्योगिक प्रशिक्षण तथा रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है। यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है। ग्रामीण युवा अवसर का लाभ उठाएं कलेक्टर संजय जैन ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने युवाओं से समय पर पंजीयन कर अपने भविष्य को नई दिशा देने और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक कुशल और प्रशिक्षित युवा ही विकसित प्रदेश और समृद्ध भारत की आधारशिला है। जिले के सभी युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और कौशल विकास से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। इससे मऊगंज को कौशल सम्पन्न एवं समृद्ध जिला बनाने में भी मदद मिलेगी।
नीट पेपर लीक व महंगाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे बाड़मेर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से उलझ गए। कलेक्ट्रेट के आगे लगे बेरिकेड्स पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, प्रदेश सदस्य ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं को रोकने पर पुलिस ने रोका और धक्का-मुक्की हो गई। कांग्रेसियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी भी मौजूद रहे। ऊंट गाड़ी लेकर निकले बाड़मेर में नीट पेपर लीक, महंगाई, पानी, बिजली समेत स्थानीय मुद्दों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सोमवार को जन आक्रोश रैली निकाली। आदर्श स्टेडियम में एक जनसभा का आयोजन किया गया था। वहां सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी पहुंचे। यहां से ऊंट गाड़ी लेकर नेहरू नगर ओवरब्रिज से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट के आगे बेरिकेड्स लगाकर प्रदर्शन करने वालों को रोकने का प्रयास किया। बेरिकेड्स पर चढ़े तो पुलिस ने टांग खींची इस दौरान कांग्रेसी बेरिकेड्स पर चढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। बेरिकेड्स पर उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी, ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान ठाकराराम माली को पुलिस ने नीचे उतारने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी उनकी टांग खींचते नजर आए। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने बताया- महंगाई, नीट पेपर लीक, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। युवाओं के साथ कुठाराघात किया है। यूथ कांग्रेस के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए आए। यह सरकार फेल हो गई। पूरे देश में इसको लेकर जबरदस्त आक्रोश है। हमारी एक ही मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। बोले- महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन चल रहा है। देश के युवाओं के साथ सुनिश्चियोजित तरीके से पेपर लीक किया गया। सरकार के अंदर बैठे लोगों की ओर से पेपर लीक किया गया। इसको पूरे देश की जनता में रोष है। शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। बार-बार क्रूड तेल के भाव बढ़ने का हवाला देकर तेलों की कीमतें बढ़ाई जा रही है। क्रूड के भाव साल 2014 में 100 डॉलर से बाहर थी लेकिन समय भी पेट्रोल 60-70 रुपए और पेट्रोल 50-60 रुपए है। तेल के भाव बढ़ने से हर इंसान को महंगाई की मार पड़ रही है।
जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को 2 युवकों ने थप्पड़ मारे हैं। इसके बाद पार्टी के समर्थकों ने उन दोनों युवकों को पकड़कर पीट दिया। अभिजीत सोमवार को नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए। शहीद स्मारक पर अभिजीत की अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आपस में भिड़े समर्थक, कई के फोन चोरी प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों के बीच नारेबाजी को लेकर विवाद हो गया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया। धरना स्थल पर कई प्रदर्शनकारियों के मोबाइल भी चोरी हो गए। इसके बाद मंच से लोगों को मोबाइल और सामान की सुरक्षा करने की अपील की गई। प्रदर्शन में शामिल युवा 'मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है' और 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे लिखे पोस्टर और तिरंगा लेकर पहुंचे। कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच की तस्वीर बनाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' का नारा लिखा। प्रदर्शन से जुड़ी 7 तस्वीरें… ये एक संगठन नहीं, छात्रों-अभिभावकों की लड़ाई हैCJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया- यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्थाएं, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का विरोध है। पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
चंडीगढ़ में करीब 15 दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी के बिना काम कर रहे चंडीगढ़ शिक्षा विभाग को आखिरकार नया डीईओ मिल गया है। शिक्षा विभाग ने बीना रानी को जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही विभाग में लंबे समय से लंबित पड़े कई प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद से डीईओ का पद खाली पड़ा था। विभाग के लिए यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि स्कूलों से जुड़े कई प्रशासनिक और वित्तीय फैसले डीईओ स्तर पर ही लिए जाते हैं। पद खाली रहने से प्रभावित हुए कई काम डीईओ का पद खाली रहने का सीधा असर शिक्षा विभाग के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इसके अलावा विभाग में कई महत्वपूर्ण फाइलें भी लंबित पड़ी रहीं। विशेष रूप से चौथी श्रेणी कर्मचारियों के अनुबंध नवीनीकरण से जुड़ी फाइलों को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके कारण उनके वेतन संबंधी मामले भी प्रभावित हुए। नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा सूत्रों के अनुसार डीईओ का पद खाली रहने के पीछे नियुक्ति को लेकर चल रही आंतरिक प्रक्रिया भी एक कारण रही। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आए एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल द्वारा स्वयं को डीईओ नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव चर्चा में था। इसी दौरान नए डीईओ की नियुक्ति को लेकर फैसला लंबित रहा और विभागीय कार्य प्रभावित होते रहे। हालांकि अब बीना रानी की नियुक्ति के साथ इस अनिश्चितता पर विराम लग गया है। नए डीईओ के कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले 11वीं कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों से संबंधित लंबित प्रशासनिक मामलों, कर्मचारियों के अनुबंध और वेतन संबंधी फाइलों का भी निपटारा किया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र के बीच डीईओ की नियुक्ति को विभाग के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक (फाउंडर) अभिजीत दीपके देर रात जयपुर पहुंच गए। पार्टी सोमवार दोपहर 3 बजे गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। प्रदर्शन को लेकर जयपुर पुलिस ने सशर्त अनुमति दी है। प्रशासन की ओर से जारी शर्तों के अनुसार, कार्यक्रम में 800 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदर्शन में तिरंगा, किताब और फूल लेकर आने की अपील पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में आने वाले लोग अपने साथ तिरंगा, किताब और फूल लेकर आएं। रांका ने कहा- यह केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। सभी लोग एकजुट होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासन की ओर से तय सभी नियमों व शर्तों का पालन किया जाएगा। वहीं, इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

