खेरवाड़ा के भाणदा विद्यालय में पूर्व छात्रों की घोषणा के अनुसार 25 हजार रुपये का कंप्यूटर सेट स्थापित किया गया, जिससे छात्राओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का एक्शन मोड, सोनीपत के स्कूल का किया औचक निरीक्षण
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और धरातलीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं...
सोनीपत। हरियाणा में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा इन दिनों लगातार ग्राउंड पर उतरकर व्यवस्थाओं की हकीकत जांच रहे हैं। कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट लेने के बजाय मंत्री स्वयं स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक स्कूल पहुंचे मंत्री ने परिसर में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पढ़ाई के माहौल का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और स्कूल में पढ़ाई तथा उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सीधे फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी पढ़ाई की स्थिति शिक्षा मंत्री ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याएं और जरूरतें मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। स्कूल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी जांचा। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखा जाए। विद्यार्थियों को किसी भी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। कार्यालय में बैठने के बजाय ग्राउंड पर पहुंच रहे मंत्री शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा लगातार शिक्षण संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी स्तर की स्थिति को खुद समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे स्कूलों और कॉलेजों में जाकर व्यवस्थाओं की सीधे निगरानी कर रहे हैं और कमियों को मौके पर ही दूर करने के निर्देश दे रहे हैं। 11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके निरीक्षण पिछले 11 दिनों में शिक्षा मंत्री कई शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। इन दौरों के दौरान भी उन्होंने शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षकों को दिए निर्देशनिरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जहां गरीब से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में एक रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मेले में क्षेत्र के 2240 युवाओं ने रोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 35 निजी कंपनियों ने युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए भाग लिया। कैप्टन योगेश बैरागी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता और हुनर के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि राज्य का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और अपने पैरों पर खड़ा हो सके। एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल रहे : बैरागी उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी योग्यता के अनुसार उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और अपने कौशल को लगातार बढ़ाने का आह्वान किया। कैप्टन बैरागी ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को आज के समय में युवाओं के लिए बेहद जरूरी बताया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो रही है। मेले में पहुंची निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और अनुभव के आधार पर चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। रोजगार मेले में दिनभर रही युवाओं की चहल-पहल बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने से आईटीआई परिसर में दिनभर चहल-पहल रही। युवाओं ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से नौकरी से संबंधित विस्तृत जानकारी भी हासिल की। इसी मौके पर आईटीआई में एक पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम होशियार सिंह, आईटीआई के प्राचार्य राजेश कुंडू, जिला रोजगार अधिकारी अंजू नरवाल, रामफल शर्मा और यशवंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा- मैं बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद जयपुर लौट रहा हूं। अब अगले कुछ दिनों तक अपनी पूरी टीम के साथ राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करूंगा। आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया X पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को संबोधित करते हुए लिखा- मदन दिलावर जी आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं अपनी टीम के साथ वहां का भी दौरा करूंगा। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही। रांका के इस बयान के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस फिर शुरू हो गई है। खास बात यह है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकारी स्कूलों के निरीक्षण और बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर शिक्षा विभाग पहले ही सख्ती के कदम उठा चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी के सक्रिय होने के बाद शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के सरकारी स्कूलों में पहुंचने और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मीडिया और आमजन की एंट्री पर बैन लगा दिया है। विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश और गतिविधियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। सरकार की ओर से स्कूलों की व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न होने का तर्क दिया गया था। वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की आलोचना से बचने और सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकने की कोशिश बताया। इसी विवाद के बीच आशुतोष रांका ने राजस्थान लौटते ही सरकारी स्कूलों के दौरे का ऐलान किया है। बता दें कि राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति लंबे समय से राजनीतिक बहस का मुद्दा रही है। सरकार की ओर से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, भवन निर्माण, डिजिटल संसाधन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे किए जाते रहे हैं। वहीं विपक्ष और विभिन्न संगठन कई स्कूलों में सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब आशुतोष रांका की ओर से 10 बेहतर स्कूल बताने की चुनौती के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा विभाग के सामने राजनीतिक रूप से भी जवाब देने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में सरकार इन स्कूलों की जानकारी देती है तो रांका और उनकी टीम के संभावित दौरे पर भी नजर रहेगी। वहीं अगर स्कूलों के निरीक्षण को लेकर फिर रोक-टोक होती है, तो यह मुद्दा राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है। --- ये खबर भी पढ़िए- दिलावर बोले-स्कूलों में मीडिया एंट्री पर पाबंदी नहीं:CJP की चेतावनी-सरकार एडवांस में FIR दर्ज करवा दे, गहलोत ने कहा-सरकार फैसला वापस ले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन लगाने के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। (पढ़िए पूरी खबर)
एनएचआरसी भर्ती अलर्ट: रिसर्च ऑफिसर सहित 33 पदों पर आवेदन जारी, जानें डिटेल्स
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक खास मौका सामने आया है। दरअसल, एनएचआरसी ने डेपुटेशन के आधार पर अनुसंधान अधिकारी (रिसर्च ऑफिसर) सहित विभिन्न 33 रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आमंत्रित किए हैं।
NHAI भर्ती 2026: जनरल मैनेजर समेत 12 पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता और सैलरी
नौकरी के बेहतर अवसरों की तलाश में जुटे लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है।
job news 2026: इस जॉब के लिए आवेदन करने के बचे हैं आपके पास 7 दिन, फिर नहीं मिलेगा मौका
इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सरकारी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने भर्ती का मौका दिया है। कंपनी ने डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभागों में कुल 135 पद भरे जाएंगे। पदों के नाम- इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन आवेदन की लास्ट डेट- 26 अगस्त 2026 कुल पद- 135 पदों पर होगी भर्ती योग्यता- पदों के अनुसार होगी सैलेरी- 2 लाख तक मिलेगी आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट ntpc.co.in देख सकते हैं pc- HR news
फतेहगढ़ साहिब के सरकारी हाई स्कूल जल्ला में बाथरूमों की खराब हालत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायरल होने के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल का औचक दौरा किया। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर वायरल वीडियो में दिखाए गए स्थान का निरीक्षण किया और स्कूल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पुराना है और स्कूल की वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शाता। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे बाथरूम करीब पांच साल से बंद हैं। स्कूल में अब नए और आधुनिक बाथरूम बनाए जा चुके हैं। मंत्री बोले- स्कूल के मौजूदा बाथरूम साफ-सुथरे हैं मंत्री ने बताया कि स्कूल के मौजूदा बाथरूम साफ-सुथरे हैं और वहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। लड़कियों के बाथरूम में सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन भी चालू हालत में मिली। स्कूल में करीब 100 विद्यार्थी और 9 शिक्षक हैं। चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में स्कूल की मरम्मत पर करीब 15 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा स्कूल में दो स्मार्ट पैनल, तीन प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और साइंस लैब, वाई-फाई तथा पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। स्कूल भवन की मरम्मत और अन्य विकास कार्य अभी जारी हैं। व्हाइटवॉश के लिए अनुदान मंजूर हो चुका है और मानसून के बाद काम शुरू किया जाएगा। मंत्री ने स्कूल के पीछे पंचायत के मैदान के रखरखाव का मुद्दा भी पंचायत के समक्ष उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पुराने वीडियो के आधार पर राय बनाने के बजाय मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति की जांच करना जरूरी है।
pc: india tv राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए एक बड़ी भर्ती का मौका अनाउंस किया गया है। लोकल सेल्फ गवर्नमेंट डिपार्टमेंट, राजस्थान ने सफाई कर्मचारी रिक्रूटमेंट 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए कुल 24,752 वैकेंसी भरी जाएंगी। यह भर्ती एडवर्टाइजमेंट नंबर 01/2026 के तहत अनाउंस की गई है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 15 अगस्त, 2026 को शुरू हुआ था और एलिजिबल कैंडिडेट्स 28 सितंबर, 2026 तक अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। अप्लाई करने से पहले, कैंडिडेट्स तय उम्र सीमा, डोमिसाइल की ज़रूरतें और वर्क एक्सपीरियंस क्राइटेरिया को ध्यान से देख लें। 24,752 सफाई कर्मचारी वैकेंसी राजस्थान सफाई कर्मचारी रिक्रूटमेंट 2026 के तहत कुल 24,752 पोस्ट अनाउंस की गई हैं। इनमें से 24,277 वैकेंसी नॉन-TSP एरिया के लिए रिज़र्व हैं, जबकि 475 पोस्ट TSP एरिया में भरी जाएंगी। इसलिए ज़्यादातर वैकेंसी नॉन-TSP कैटेगरी में उपलब्ध हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट राजस्थान के रहने वाले होने चाहिए। इसके अलावा, एप्लिकेंट के पास सफाई कर्मचारी के तौर पर कम से कम एक साल का काम का एक्सपीरियंस होना चाहिए। एप्लिकेंट के लिए कम से कम उम्र 21 साल है, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 40 साल है। उम्र 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। लागू कैटेगरी के एलिजिबल कैंडिडेट को रिक्रूटमेंट नियमों के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे अपनी एप्लीकेशन जमा करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ लें ताकि यह पक्का हो सके कि वे सभी एलिजिबिलिटी शर्तों को पूरा करते हैं। एप्लीकेशन फीस जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट और दूसरे राज्यों के एप्लिकेंट को ₹600 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। OBC, BC, SC और ST कैंडिडेट के लिए एप्लीकेशन फीस ₹400 है। अगर किसी कैंडिडेट को जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन करने की ज़रूरत है, तो ₹100 की करेक्शन फीस लगेगी। एप्लीकेशन फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड और मोबाइल वॉलेट जैसे कई ऑनलाइन पेमेंट तरीकों से दी जा सकती है। राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू करें। एप्लीकेशन फॉर्म में डोमिसाइल और वर्क एक्सपीरियंस डिटेल्स के साथ ज़रूरी पर्सनल जानकारी डालें। तय एप्लीकेशन फीस भरें और पूरा फॉर्म जमा करें। फाइनल सबमिशन से पहले, एप्लीकेशन में दी गई सभी जानकारी को ध्यान से देख लें। राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026: आखिरी तारीख ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करने और ज़रूरी फीस भरने की आखिरी तारीख 28 सितंबर, 2026 है। परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। कैंडिडेट को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड के बारे में बताया जाएगा, जबकि रिजल्ट की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। एप्लिकेंट्स को एग्जाम, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और रिक्रूटमेंट प्रोसेस के दूसरे स्टेज से जुड़े अपडेट्स के लिए रेगुलर ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए।
BPSC टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन 4 का नोटिफिकेशन जारी, 32,388 पोस्ट के लिए करें आवेदन
pc: kalingatv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने मंगलवार यानी 18 अगस्त को स्कूल टीचरों की कुल 32,388 पोस्ट पर भर्ती के लिए टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE) 4 का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, कमीशन 1 सितंबर, 2026 को TRE 4 एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू करेगा। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि ऑफिशियल शेड्यूल के मुताबिक एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2026 है। कमीशन ने बताया कि फीस पेमेंट लिंक भी 1 सितंबर को एक्टिवेट हो जाएगा। इसमें आगे कहा गया है कि फीस पेमेंट की आखिरी तारीख 29 सितंबर, 2026 है। ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, एप्लीकेशन से जुड़ी गाइडलाइंस कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर मौजूद हैं। X पर ऑफिशियल सर्कुलर शेयर करते हुए, कमीशन ने कहा: “एडवरटाइज़मेंट नंबर 14/2026 के तहत, एजुकेशन डिपार्टमेंट, बिहार के तहत स्कूल टीचर्स के कुल 32,388 खाली पदों पर अपॉइंटमेंट के लिए योग्य भारतीय कैंडिडेट्स से ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाए गए हैं।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 जुलाई को घोषणा की थी कि एजुकेशन डिपार्टमेंट ने टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE) 4 के तहत 32,388 टीचर्स की भर्ती के लिए बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) को एक रिक्विजिशन भेजा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, खाली पद अलग-अलग स्कूल लेवल पर इस तरह बांटे गए हैं: क्लास 1 से 5: 3,847 पद क्लास 6 से 8: 8,563 पद क्लास 9 से 10: 3,877 पद क्लास 11 से 12: 16,101 पद
बहादुरगढ़ में हरियाणा सरकार की स्वामित्व योजना के तहत पात्र होने के बावजूद नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 किराएदार दुकानदारों को अब तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से नगर परिषद को नियमित रूप से दुकानों का किराया देते आ रहे हैं, लेकिन जब मालिकाना हक देने की बात आती है तो नगर परिषद जमीन की मलकियत शिक्षा विभाग की बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक फरियाद लगाई। सीएम विंडो पर भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग पर डाल दी गई। इससे दुकानदारों में रोष है। योजना के तहत मिलना था मालिकाना हक दुकानदारों के मुताबिक वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य 20 वर्ष या उससे अधिक समय से सरकारी जमीन पर किराएदार के रूप में दुकान चला रहे पात्र दुकानदारों को निर्धारित कलेक्टर रेट के आधार पर मालिकाना हक देना था। बहादुरगढ़ में रेलवे रोड सहित शहर के कई हिस्सों में नगर परिषद के किराएदार दुकानदारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। लेकिन नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 दुकानदार अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब वे योजना के तहत अपनी पात्रता के आधार पर मालिकाना हक मांगते हैं तो नगर परिषद की ओर से कहा जाता है कि दुकानों की जमीन परिषद की नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की है। 25-30 साल किराया लिया, अब मलकियत पर सवाल दुकानदारों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की थी तो इतने वर्षों तक नगर परिषद ने दुकानदारों से किराया किस आधार पर वसूला? दुकानदारों के अनुसार वर्षों से किराया लेने वाली नगर परिषद अब मलकियत का सवाल उठाकर उन्हें योजना का लाभ देने से पीछे हट रही है। दुकानदारों का कहना है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की है तो नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी, ताकि पात्र दुकानदारों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके। उनका आरोप है कि न तो शिक्षा विभाग की ओर से एनओसी दी गई और न ही नगर परिषद ने इसे हासिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए। सीएम विंडो पर भी नहीं निकला समाधान दुकानदारों ने अधिकारियों से निराश होकर सीएम विंडो पर शिकायतें दर्ज कराईं। उनका कहना है कि शिकायतों पर भी उन्हें समाधान देने के बजाय अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी बताई जाती रही। दुकानदारों के अनुसार पूरा मामला ऐसा हो गया है जैसे समस्या की गेंद एक विभाग से दूसरे विभाग के पाले में डाल दी गई हो, जबकि वे वर्षों से अपनी दुकान पर कारोबार करते हुए किराया भी जमा कराते रहे हैं। दुकानदारों की मांग- एनओसी लेकर जल्द मिले मालिकाना हक दुकानदारों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी दिलवाई जाए और स्वामित्व योजना के तहत पात्र सभी दुकानदारों को मालिकाना हक दिया जाए। दुकानदारों का कहना है कि वे योजना की पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं। ऐसे में केवल विभागीय पेच के कारण उन्हें उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मामले में जल्द निर्णय लेकर वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
दिल्ली कक्षा 9 के लिए नए नियम 2026: शिक्षा में बदलाव
दिल्ली के स्कूलों में कक्षा 9 के लिए नए नियम 2026 लागू होने जा रहे हैं, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा और तीसरी भाषा अनिवार्य होगी। छात्रों को गणित और विज्ञान में 'उन्नत स्तर' चुनने का विकल्प भी मिलेगा। जानें इन बदलावों का क्या प्रभाव पड़ेगा और कैसे छात्रों की शिक्षा में सुधार होगा।
CSL Recruitment 2026: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने दो विभागों में शिप ड्राफ्ट्समैन ट्रेनी के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मुजफ्फरपुर जिले में सोशल मीडिया पर सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वाले एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविंद सिन्हा ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय साढ़ा कन्या, मोतीपुर के विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। इस संबंध में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया। जारी आधिकारिक पत्र (ज्ञापांक 1401) के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री के संबंध में राजनीतिक और अशोभनीय टिप्पणियां की थीं। विभाग ने 17 अगस्त 2026 को उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। निलंबन काल में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा जवाब और मामले की समीक्षा के बाद विभाग ने पाया कि शिक्षक का यह आचरण स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। राजेश कुमार का यह कृत्य 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976' और संशोधित 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 2026' का प्रथम दृष्टया सीधा उल्लंघन माना गया है। इन्हीं आरोपों को प्रमाणित मानते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है। निलंबन की अवधि के दौरान शिक्षक राजेश कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालय, मोतीपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, निलंबन काल में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') अलग से जारी किया जाएगा, जिसके बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय होगी। इस आदेश की प्रति संबंधित शिक्षक, प्रखंड शिक्षा अधिकारी और स्थापना शाखा को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
रावलियावास स्कूल में 17 बच्चों को मिली यूनिफॉर्म, भामाशाह के सहयोग से छात्रों में बढ़ा उत्साह; शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस सड़क, शिक्षा, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरेगी। UCC बिल भी निकाय चुनावों के बाद संभावित सत्र तक टलता नजर आ रहा है।
यूपी बेसिक शिक्षा विभाग अब अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों को इंटरनेट मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाएगा। विभाग नकारात्मक और भ्रामक खबरों का तथ्यों के आधार पर तत्काल जवाब देगा।
एमबी में नशा मुक्ति की शपथ, अधीक्षक बोले- नशे नहीं, शिक्षा पर खर्च करें आय
एमबी अस्पताल में अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन के सान्निध्य में नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के तहत राष्ट्रीय शपथ कार्यक्रम हुआ। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं प्रशासनिक अमले ने नशे से दूर रहने और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। डॉ. सुमन ने कहा कि नशा स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। यदि वह पैसा शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च हो तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवर सकता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए स्वस्थ युवा शक्ति आवश्यक है। विकसित युवा, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना सबकी जिम्मेदारी है। बता दें, एमबी के ओपीडी परिसर स्थित कमरा नंबर 134 में तंबाकू मुक्ति केंद्र पर परामर्श व मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे अब तक 6,992 मरीज सेवाएं ले चुके हैं और लगभग 500 मरीजों को तंबाकू छोड़ने में सफलता मिली है।
Panipat News: शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
Bareilly News: अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
मेष राशिवालों को मन शांत रखना होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 19 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: मन को शांत रखना होगा, सेहत के मामले में लापरवाही ना करें, हर किसी से मन की बात शेयर करने से बचें, आज धन निवेश में जल्दबाजी ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Mandi News: शिक्षा खंड चच्योट-2 की धंग्यारा में होगी खेलकूद प्रतियोगिता
स्कूलों में जल्द खेलों की रौनक लौटेगी। शिक्षा विभाग ने अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Bahraich News: जिले के 34 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
जिले के 34 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए के कामकाज की समीक्षा की, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे ठीक करने का निर्देश
कृषि विभाग में 460 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिली नियुक्ति
राजस्थान सरकार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कृषि विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 के तहत 460 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का...
मध्य प्रदेश ने सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कूल के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की उपस्थिति, आव
कटिहार में यूथ की बात कार्यक्रम:टाउन हॉल में युवाओं ने जवाबदेही, शिक्षा सुधार की उठाई आवाज
कटिहार के टाउन हॉल में मंगलवार को 'यूथ की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य देशभर में चल रहे युवा आंदोलन के बीच युवाओं से संवाद स्थापित करना था। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दर्जनों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, लोकतंत्र और सरकार की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। ''जवाबदेही के लिए आवश्यक था शिक्षा मंत्री का इस्तीफा'' कार्यक्रम में चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन, पटना विश्वविद्यालय की छात्र नेत्री सबा आफरीन और सामाजिक कार्यकर्ता कामायनी स्वामी ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार से जवाबदेही तय करने की प्रमुख मांगें उठाईं। मोहनपुर, मनसाही से आए छात्र सचिन ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही के लिए आवश्यक था। हालांकि, उनके स्थान पर सक्षम नेतृत्व न आने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। छात्रा प्रियंका ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों का सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है। ''आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया'' उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को डराया नहीं जा सकता और वे सरकार से सवाल पूछते रहेंगे। कन्नन गोपीनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों और सरकार के बीच भरोसे का एक सामाजिक अनुबंध होता है। युवा कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास करने की उम्मीद करते हैं, लेकिन परीक्षा में अनियमितताओं से यह भरोसा टूट जाता है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया है। इस ऊर्जा का उपयोग देश की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए। विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर फोकस सबा आफरीन ने शिक्षा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और कहा कि बिहार इस क्षेत्र में पिछड़ रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान राजू रंजन ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। प्रियंका, गोविंद और दीपक ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र पासवान, पवन कुमार, दीपनारायण पासवान, आरती कुमारी, पूजा कुमारी, गौतम, सुहानी और लक्ष्मीकांत प्रसाद सहित कई अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 4.5 साल में 2300 करोड़ का निवेश; केरल से भी आगे निकला
पंजाब सरकार ने दावा किया है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं. नए क्लासरूम, आधुनिक लैब और बेहतर नतीजों के दम पर पंजाब अब स्कूली शिक्षा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.
आप सरकार की पंजाब शिक्षा सुधार योजना सरकारी स्कूलों को 2300 करोड़ रुपये के निवेश, नई कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, वाई-फाई और
BPSC TRE 4 में जुड़ेंगे 886 पद, कुल कितने शिक्षकों की होगी भर्ती; शिक्षा मंत्री ने कर दिया ऐलान
बीपीएससी टीआरई 4 शिक्षक भर्ती परीक्षा में मगही, मैथिली, प्राकृत समेत 8 भाषाओं और कृषि विषय के 886 अतिरिक्त पदों को जोड़ा जाएगा। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी जानकारी दी है। पदों की संख्या बढ़ने से अभ्यर्थियों को सरकारी टीचर बनने का ज्यादा मौका मिलेगा।
एटा में मनु हितैषी की पहल से पिताविहीन दो बच्चों को मिला शिक्षा का अधिकार
एटा के मारहरा में मनु हितैषी के प्रयास से पिताविहीन दो बच्चों का सनशाइन स्कूल में दाखिला हुआ, आर्थिक संकट के बीच मिली शिक्षा की नई राह।
स्टडी लोन में मोरेटोरियम और EMI की गणना को कैसे समझें
उच्च शिक्षा की फीस, हॉस्टल, किताबों, यात्रा और अन्य खर्चों को पूरा करना कई परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का सपना होगा आसान, छात्राओं को हर साल मिलेंगे 30 हजार रुपये
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की उपस्थिति में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए।
प्रदेशभर के 1 लाख से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का संचालन देखने वाले प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक का पद खाली रह गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद तो 14 महीनों से रिक्त है। पहले सीताराम जाट को कार्यवाहक लगाया गया था अब उनके रिटायर होने पर ललित कुमार को कार्यवाहक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। राज्य के करीब 25 लाख स्टूडेंट्स की शिक्षा व्यवस्था कार्यवाहक स्थिति में एक सेशन निकाल चुकी है। समझिए किसके पास था कौनसा पद जयपुर से संचालित कर रहे जून 25 तक प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में 2 अलग-अलग आईएएस बैठते थे। इसके बाद जून 25 में दोनों के बीच एक आईएएस कर दिया गया। अब हालात ये हैं कि दोनों के लिए कोई आईएएस नहीं है, बल्कि जयपुर के अधिकारी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस ललित कुमार भी जयपुर से ही दोनों निदेशालयों को संचालित कर रहे हैं।
BPSC भर्ती 2026 : स्कूल टीचर के 32,388 पदों पर बंपर वैकेंसी, 1 सितंबर से करें आवेदन
ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 तथा ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
बरांडा फला के 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए दान की भूमि, शिक्षा के विकास की पहल
खेरवाड़ा के बरांडा फला में 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए स्वेच्छा से भूमि दान की। तहसीलदार के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए।
job news 2026: असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के पदों पर निकली इस वैकेंसी के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आप भी अ्रगर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के बंपर पदों पर निकली भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 15 सितंबर 2026 तक आवदेन किया जा सकता है। ग्रेजुएशन उत्तीर्ण इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। पदों के नाम- असिस्टेंट ग्रेड थर्ड पदों की संख्या- 1174 पद आयु सीमा- अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 साल से कम न हो। अधिकतम आयु पुरुष उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 45 वर्ष निर्धारित है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 15 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन - ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट mphc.gov.in देख सकते हैं pc-
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने मंगलवार को मधुबनी समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। यह धरना वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने तथा वित्त रहित महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के समायोजन सहित विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। धरना दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति के कारण वर्षों से डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस नीति को तत्काल समाप्त करने और वित्त रहित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने की अपील की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन झा उर्फ रूपन झा और पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मिश्र ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान के साथ सेवा सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन तथा अन्य सेवा संबंधी लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग की। दिव्यांग शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग धरना के माध्यम से कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं। इनमें दिव्यांग शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय सहायता सुनिश्चित करना, वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना, तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देना शामिल था। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार को वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया।
TRE-4 Recruitment: बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती, आज जारी हो सकता है विज्ञापन; जानें शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
सलूंबर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय समारोह धूमधाम से हुआ। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने ध्वजारोहण किया और 44 प्रतिभाओं का सम्मान हुआ। समारोह में शिक्षा-स्वास्थ्य को विकसित सलूंबर की आधारशिला बताया।
Bank of Baroda LBO Recruitment 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर के 2,482 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन 18 अगस्त से शुरू होंगे और 7 सितंबर तक चलेंगे।
यूपी में विभिन्न जिलों में निकली भर्ती, मल्टी टास्किंग स्टाफ के लिए आठवीं पास कर सकते हैं अप्लाई
योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी इस वैकेंसी में शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से सेवायोजन पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। आवेदन करने की लास्ट डेट 22 अगस्त 2026 निर्धारित है।
पटना के गर्दनीबाग में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और रघुपति राघव राजा राम के साथ छात्र न्याय सत्याग्रह की शुरुआत हुई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। स्टूडेंट्स बैनर पोस्टर लेकर बैठे हैं। छात्रों ने कहा कि हमें 2 से 4 दिन के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन चाहिए। हम लोग लॉलीपॉप नहीं लेंगे। छात्रों ने शिक्षा मंत्री को मिस्टेक तिवारी बताया। कहा कि उन्होंने इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर इस्तीफा देने की बात की थी। वो नोटिफिकेशन जारी नहीं कर पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। इसके पहले वाले शिक्षा मंत्री भी TRE-4 के नोटिफिकेशन की बात करते रहे, लेकिन नोटिफिकेशन नहीं आया। शिक्षा मंत्री नोटिफिकेशन जारी करें या इस्तीफा दें। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन छात्र न्याय सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हैं। छात्र नेता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करो नहीं तो शिक्षा मंत्री का आवास घेरेंगे। छात्र न्याय सत्याग्रह की 3 तस्वीरें देखिए… छात्र नेता बोले- 24 घंटे में नोटिफिकेशन जारी करो छात्र नेता दिलीप ने कहा कि बिहार के करोड़ों छात्रों को हितों को देखते हुए हम आज से धरने पर बैठ रहे हैं। 24 घंटे के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। हम चाहते हैं कि ये परीक्षा एक बार में ली जाए। शिक्षा मंत्री ने कहते थे 25 जुलाई तक नोटिफिकेशन आ जाएगा। 24 घंटे में संशोधन कर देंगे। उनकी सब बातें झूठी हैं। ये शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग भी ठीक से नहीं कर पाए हैं। हम उन्हें 24 घंटे का वक्त दे रहे हैं इसके बाद उनके आवास का घेराव करेंगे। BPSC के विद्वान अधिकारी बोल रहे हैं कि TRE-4 में PT, MAINS होगा। कहा जा रहा पेपर लीक से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अरे BPSC के बेशर्मो...शर्म नहीं आती है। 66वीं, 67 वीं, 70 वीं का पेपर लीक हुआ। उसमें PT, MAINS इंटरव्यू होता था। हमें TRE-4 में PT, MAINS नहीं चाहिए। TRE-5 से इसे लागू करिए। क्यों कि TRE-4 में पहले ही बहुत देर हो चुकी है। लालू बोले- सरकार AK-47 से गोली चलवाती है तेजस्वी यादव कल यानी बुधवार को तेजस्वी यादव छात्रों की मांग को लेकर राजभवन मार्च निकालने वाले हैं। वहीं, दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया 'X' पर लिखा है कि समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त हैं। लूट तंत्र से बनी सरकार मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है। तानाशाही के खिलाफ सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो। JDU बोली- बिहारी में जितनी बहाली हुई, उतनी किसी राज्य में नहीं जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि आंदोलन करना छात्रों का अधिकार है। अगर छात्रों की कोई समस्या है तो वे आंदोलन करें। सरकार उनकी समस्या का समाधान करेगी। बिहार में जितनी बहाली हुई है, उतनी किसी दूसरे राज्य में नहीं हुई है। सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं पर जरूर ध्यान देगी। पटना में छात्र न्याय सत्याग्रह से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
SSC CHSL 2025: एसएससी सीएचएसएल का FRTA रिजल्ट जारी, 3515 उम्मीदवार DV के लिए चयनित
SSC CHSL FRTA Result 2026: एसएससी ने सीएचएसएल 2025 के फर्स्ट राउंड टेंटेटिव अलोकेशन का रिजल्ट जारी कर दिया है। टियर-2 प्रदर्शन के आधार पर 3,515 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए प्रोविजनली रिकमेंड किया गया है।
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों को लेकर जो आदेश जारी किया गया है। उस पर अब सियासी घमासान मच गया है। इस पर अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान भी सामने आया है।
सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं
सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं
सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के टीईटी न होने से उनकी पदोन्नति नहीं हो पा रही है, लेकिन जिन शिक्षकों ने टीईटी किया है विभाग में उनकी भी पदोन्नति लटक गई है।
‘दिमाग़ी नक्सल’ के शोर में असली सवाल गुम क्यों? शिक्षा सुधार की जगह बदनामी की राजनीति क्यों
Dimaagi Naxal PM Modi:‘दिमाग़ी नक्सल’ के नए राजनीतिक शब्द के बीच असली सवाल शिक्षा और युवाओं के भविष्य का है। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का सवाल है कि क्या बदनामी की राजनीति से छात्र आंदोलन का जवाब दिया जा सकता है?
शिक्षा विभाग का आदेश:स्कूलों में फोटो या वीडियो बनाने और स्ट्रीमिंग पर रोक
नाबालिग बालिकाओं के फोटो लेने पर पॉक्सो में केस दर्ज हो सकता है शिक्षा विभाग के एक आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा निदेशालय के आदेश में सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को लेकर जो पाबंदियां लगाई गई हैं, उन्हें लेकर शिक्षा मंत्री ने सफाई तक दी है। आदेश में है कि संस्था प्रधान स्थानीय पुलिस की सहायता से मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के अनुसार POCSO, किशोर न्याय अधिनियम, 2015, आईटी अधिनियम में केस दो सकता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है गलत प्रचारित किया जा रहा है कि स्कूलों में आने-जाने व वीडियो रिकार्डिंग पर प्रतिबंध है। नाबालिग की फोटो लेने से पहले अभिभावक की परमिशन जरूरी है। बिना पूर्व अनुमति के स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा बिना पूर्व अनुमति बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश नहीं होगी।आगंतुक को विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी देनी होगी।बाहरी व्यक्ति कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, विद्यार्थियों की किसी भी गतिविधि वाले क्षेत्र में बिना किसी स्टाफ के साथ के प्रवेश नहीं कर सकेगा।प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों अथवा विद्यालय गतिविधियों का फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग अथवा लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी।विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का प्रसारण, प्रकाशन अथवा प्रसार नहीं होगा।यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी का प्रयास करता है अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न करता है तो प्रधानाचार्य पुलिस तथा डीईओ को सूचित करेंगे।ऐसे व्यक्ति, जिसके स्कूल में आने से सुरक्षा, निजता, अनुशासन अथवा शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता हो, प्रधानाचार्य उसे प्रवेश की अनुमति अस्वीकार कर सकता है। अनुमति के बिना बालक-बालिका की पहचान उजागर नहीं करेगा। आदेश पर सवाल भी सरकारी स्कूलों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पदों से बनी स्थिति को मीडिया की ओर से दिखाया जाना या प्रकाशित आखिरकार कैसे गलत हो सकता है। संस्था प्रधान किसी से बदले की भावना से भी मुकदमा दर्ज कर सकते हैं। स्कूलों की खामियों को दिखाना गलत है तो फिर ऐसे आदेश अन्य सरकारी संस्थाओं के लिए भी निकाले जा सकते हैं?
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
Yamuna Nagar News: गुरु रविदास की शिक्षाओं का किया गुणगान
गांव चाहड़ो आहलूवाला स्थित श्री गुरु रविदास ज्ञान प्रकाश आनंद आश्रम में मासिक सत्संग हुआ। महंत अशोकानंद ने गुरु महाराज की शिक्षाओं व आदर्शों से सत्संग को निहाल किया।
Basti News: महिलाओं के उत्थान व बेटियों के शिक्षा पर महिला संगठनों का जोर
Women's organizations emphasize on the upliftment of women and education of daughters
परीक्षा में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई लताड़, मांगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यूजीसी नेट परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मिली गड़बड़ियों को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से वार्ता की। महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि वार्ता के दौरान शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर समानुपात में शिक्षकों की नियुक्ति करने, 33000 संविदा शिक्षको को प्रबोधकों […] The post अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की अतिरिक्त मुख्य सचिव से वार्ता सम्पन्न appeared first on Sabguru News .
ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से दुनिया भर में शिक्षा पर संकट, लाखों बच्चों के स्कूल छूटने का खतरा
ईरान युद्ध की मार अब दुनिया के उन बच्चों तक भी पहुंच रही है, जो युद्ध से हजारों किलोमीटर दूर हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। कई परिवारों के लिए भोजन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।
लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाने में शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका: ज्ञानेश कुमार
Patna, 17 अगस्त . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने Monday को Patna के ज्ञान भवन में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स और ‘ईसीआईनेट’ सम्मेलन के दौरान यह बात कही. इस अवसर पर ... Read more
शिक्षा मंत्री ने एनटीए की समीक्षा बैठक की, परीक्षा प्रणाली के व्यापक ऑडिट का दिया आदेश
New Delhi, 17 अगस्त . राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित कुछ परीक्षाओं को लेकर नए सिरे से मुद्दे उठने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Monday को इसके कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की और इसे सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट करने का निर्देश दिया. ... Read more
चुनाव में AAP विधायक ने दिया शिक्षा का गलत ब्योरा? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने यह भी माना था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण का आरोप तभी बनता है जब किसी दूसरे उम्मीदवार के बारे में चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से गलत बयान दिया गया हो.
जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में नवप्रवेशित बीएससी और एमएससी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ, अधिष्ठापन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान-विस्तार और शोध के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने छात्रों से संस्थान की शैक्षणिक और शोध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर प्रमोद यादव ने विश्वविद्यालय की छात्र कल्याणकारी गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, रचनात्मक गतिविधियों और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और ई-संसाधनों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पाठ्यपुस्तकों के अलावा उच्च स्तरीय संदर्भ सामग्री पढ़ने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रोफेसर प्रमोद कुमार, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. सुजीत चौरसिया और डॉ. संदीप वर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समय प्रबंधन, प्रयोगात्मक शिक्षा और शोध के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनके सफल शैक्षणिक जीवन की आधारशिला तैयार करना था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ली एनटीए की समीक्षा बैठक, परीक्षा व्यवस्था के संपूर्ण ऑडिट के निर्देश
New Delhi, 17 अगस्त . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Monday को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज और हाल में सामने आई परीक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. शिक्षा मंत्री ने एनटीए को परीक्षा की सभी प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. एजेंसी को परीक्षा व्यवस्था ... Read more
शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा
शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा
विश्व ब्राह्मण सभा ट्रस्ट तहसील महवा का स्नेह मिलन व तहसील कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गोपीनाथजी मंदिर महवा में हुआ।
61 लीटर की कांवड़ लेकर चली इस अभ्यर्थी की कहानी जानिए
यूपी पुलिस समेत कई सरकारी नौकरियों की परीक्षा देने के बावजूद सफलता न मिली. शिव भक्त और उत्तर प्रदेश की बेटी मानसी राजपूत की मेहनत के साथ-साथ उनकी कांवड़ भी हर साल कठिन कांवड़ बनती जा रही है. इस बार 61 लीटर गंगाजल उठाकर कांवड़ यात्रा पर निकली मानसी की खूब चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं इस अभ्यर्थी की कहानी...
स्कूल में मलाला यूसुफजई की किताब को लेकर बवाल, शिक्षा विभाग ने क्यों ठोका जुर्माना
अहमदाबाद के आनंद निकेतन स्कूल पर मलाला की किताब विवाद को लेकर शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद जुर्माना लगाया गया है।
RSSB recruitment 2026: 874 जूनियर इंजीनियर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 874 जूनियर इंजीनियर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है; कैंडिडेट 14 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें आगे बढ़ने से पहले रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, वैकेंसी डिटेल्स और एप्लीकेशन रिक्वायरमेंट्स को ठीक से पढ़ना भी पक्का कर लेना चाहिए। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे सब्जेक्ट्स की वैकेंसी भरी जाएंगी, इसलिए जॉब के लिए अप्लाई करने वाले लोगों के पास इन कोर्सेज से रिलेटेड डिग्री होनी चाहिए। ज़रूरी डेट्स: एप्लीकेशन शुरू होने की डेट: 16 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन खत्म होने की डेट: 14 सितंबर, 2026 एग्जाम की डेट: फरवरी 2027 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, या एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग जैसी रिलेवेंट इंजीनियरिंग ब्रांच में डिप्लोमा या BE/BTech डिग्री होनी चाहिए। वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए ज़रूरी उम्र 18 से 40 साल के बीच है। सिलेक्शन प्रोसेस: लिखा हुआ एग्जाम डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एप्लीकेशन फीस: UR/Gen/OBC: Rs 600 OBC (NCL)/EWS/SC/ST/PWD: Rs. 400 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर जाएं। राजस्थान SSO ID और पासवर्ड से लॉग इन करें। संबंधित जूनियर इंजीनियर रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन चुनें। ज़रूरी डिटेल्स डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी अपने पास रखें।
बिहार शिक्षा विभाग के क्लर्क ट्रांसफर पर फिलहाल 'ब्रेक', कैडर तय होने के बाद ही मिलेगी हरी झंडी
शिक्षा विभाग में लिपिकों का स्थानांतरण राज्य स्तरीय कैडर निर्धारण होने तक रुका रहेगा। पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यह स्पष्टीकरण दिया है, जिससे पंकज कुमार समेत छह कर्मचारियों को इंतजार करना होगा।
PNB recruitment 2026: 545 LBO पदों पर आवेदन की आज है लास्ट डेट, इस तरह करें आवेदन
PC: kalingatv पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 545 लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 2026-27 रिक्रूटमेंट ड्राइव के रिक्रूटमेंट प्रोसेस के लिए एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है। एप्लीकेशन का तरीका ऑनलाइन है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) रजिस्ट्रेशन पोर्टल के ज़रिए चलाया जा रहा है। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट आज तक जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं और ध्यान दें कि वे सिर्फ़ एक स्टेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उन्हें उस चुने हुए स्टेट की भाषा आनी ज़रूरी है। जो कैंडिडेट पहले से रिक्रूटमेंट के बारे में जानते हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक फ़ॉर्म पूरा नहीं किया है या जमा नहीं किया है, उन्हें डेडलाइन से पहले इसे पूरा करके जमा कर देना चाहिए, अगर वे यह मौका नहीं चूकना चाहते हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए। जिन कैंडिडेट की उम्र 1 जुलाई तक 20 से 30 साल है, वे इस पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस रिक्रूटमेंट में रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए उम्र में छूट भी है। कैंडिडेट के पास चुने हुए शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक या रीजनल रूरल बैंक के क्लर्क या ऑफिसर कैडर में क्वालिफिकेशन के बाद कम से कम एक साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए। उन्हें वह राज्य चुनना होगा जिसकी भाषा वे जानते हैं। राज्य के हिसाब से वैकेंसी का बंटवारा: असम: 85 पश्चिम बंगाल: 80 कर्नाटक: 78 गुजरात: 77 महाराष्ट्र: 67 तमिलनाडु: 51 तेलंगाना: 41 दूसरी वैकेंसी केंद्र शासित प्रदेशों और दूसरे राज्यों जैसे नॉर्थ-ईस्टर्न रीजन, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लिए हैं। सिलेक्शन प्रोसेस: ऑनलाइन रिटन एग्जाम एप्लीकेशन स्क्रीनिंग लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LPT) पर्सनल इंटरव्यू एप्लीकेशन फीस: SC, ST और PwBD: Rs 59 जनरल, OBC और EWS: Rs 1,180 रिटन एग्जाम: एग्जाम में 150 सवाल होंगे जो 150 मार्क्स के होंगे। एग्जाम में रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन और जनरल, बैंकिंग और इकोनॉमी अवेयरनेस होंगे। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि इस एग्जाम में गलत जवाबों के लिए नेगेटिव मार्किंग भी होगी। जो कैंडिडेट्स एग्जाम और लैंग्वेज असेसमेंट पास करेंगे और शॉर्टलिस्टेड लिस्ट में अपना नाम पाएंगे, उन्हें तय शर्तों के तहत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। फॉर्म सबमिट करने से पहले पक्का कर लें: आपने जो डिटेल्स भरी हैं, जैसे पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, चुना हुआ राज्य और लोकल भाषा, वे सही हैं।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) के आह्वान पर सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रांगण में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता बीईओ कार्यालय की असिस्टेंट कुसुम चौहान ने की। कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं का समाधान न होने पर विभाग के प्रति असंतोष व्यक्त किया। हेमसा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, संगठन ने फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारियों की मांगों को लेकर 11 फरवरी 2026 को शिक्षा सदन, पंचकूला में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद द्विपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें कुछ मांगों और समस्याओं का दो माह में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। जायज मांगों का शीघ्र समाधान कराने की मांग संगठन का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद इन मांगों का समाधान नहीं हुआ है और वार्ता के मिनट्स ऑफ मीटिंग भी जारी नहीं किए गए हैं। हेमसा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अरविंद चौहान ने बताया कि 11 अगस्त को विभाग के साथ दोबारा वार्ता बैठक हुई थी, लेकिन कर्मचारियों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। लंबे समय से मांगों का समाधान न होने के कारण फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ में नाराजगी है। चौहान ने कहा कि विभाग को कर्मचारियों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार आंदोलन के लिए मजबूर न होना पड़े। 25 को पंचकूला पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल उन्होंने जानकारी दी कि 12 अगस्त को हेमसा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विभाग द्वारा आश्वासनों का पालन न करने के विरोध में निर्णय लिया गया। इसके तहत, 25 अगस्त को राज्य कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सदन, पंचकूला पहुंचेगा। इस दौरान अधिकारी से मुलाकात कर मांगों और समस्याओं के शीघ्र निपटारे की मांग की जाएगी। यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ, तो संगठनात्मक स्तर पर आगामी आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह चौहान, लिपिक भंवरकौर, लिपिक चेतन, लिपिक अजय कुमार, जगदीश सहित अन्य महिला कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'जिला विद्या समीक्षा केंद्र' का उद्घाटन किया गया है।
सीटी यूनिवर्सिटी में एक भव्य प्रधानाचार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से 400 से अधिक प्रधानाचार्यों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानाचार्यों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना और विद्यालयों व उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों के भविष्य, नए करियर विकल्पों और उच्च शिक्षा की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 400 से अधिक प्रधानाचार्यों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में स्कूलों की भूमिका अहम सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में प्रधानाचार्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि विद्यालय स्तर पर ही छात्रों को सही दिशा और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे उच्च शिक्षा और एक बेहतर करियर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकते हैं। स्कूल और यूनिवर्सिटी मिलकर बनाएंगे 'शैक्षणिक सेतु' विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितिन टंडन ने सीटी यूनिवर्सिटी के 'विद्यालय संपर्क कार्यक्रम' की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के बीच एक मजबूत शैक्षणिक सेतु (Bridge) का निर्माण करना है। विद्यार्थियों को समय रहते उच्च शिक्षा के नए अवसरों, उद्योग-आधारित शिक्षा और बदलते वैश्विक शैक्षणिक वातावरण की जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। डॉ. टंडन ने आगे जोड़ा कि यदि स्कूल और यूनिवर्सिटी मिलकर काम करें, तो छात्रों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुनने में बहुत मदद मिलेगी। सीटी यूनिवर्सिटी स्कूलों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक संबंध मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। होटल मैनेजमेंट और ग्लोबल करियर की अपार संभावनाएं विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रमुख डॉ. आशीष रैना ने इस दौरान होटल मैनेजमेंट और आतिथ्य (Hospitality) के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आतिथ्य क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। होटल मैनेजमेंट की आधुनिक पढ़ाई विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के शानदार अवसर प्रदान करती है। नवाचार और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान सीटी यूनिवर्सिटी के विभिन्न स्कूलों और शैक्षणिक विभागों द्वारा विद्यार्थियों के लाइव प्रोजेक्ट्स, नवाचारों (Innovations) और विविध शैक्षणिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में आए प्रधानाचार्यों ने यूनिवर्सिटी में चल रहे व्यावहारिक, नवाचार-आधारित और बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षण कार्यक्रमों की सराहना की और इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। कुलाधिपति का संदेश: केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है शिक्षा सीटी यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने उपस्थित प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल चारदीवारी या कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोनों स्तरों के शिक्षण संस्थानों के बीच और अधिक मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और बेहतर अवसर देने के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने ऐसे सम्मेलनों को शिक्षा के भविष्य के लिए एक साझा सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। यह सफल सम्मेलन सहयोग, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित (Student-Centric) शिक्षा को बढ़ावा देने के एक मजबूत संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
Haryana High Court Clerk Admit Card 2026: हरियाणा हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड 17 अगस्त को जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार sssc.gov.in से रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि के जरिए हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार के विद्यार्थियों की शैक्षणिक और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया। CM सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन जेडी वूमेंस कॉलेज में किया गया। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से छात्र अपनी शैक्षणिक और छात्रावास संबंधी समस्याओं एवं सुझावों को सरकार तक पहुंचा सकेंगे। पोर्टल का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को एक जगह दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। सरकार की ओर से इसे विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनाने की तैयारी है। शिक्षा और छात्रावास से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर के मुताबिक, राज्य के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। 1100 पर संपर्क की भी सुविधा पोर्टल से संबंधित जानकारी के लिए विद्यार्थियों को 1100 नंबर पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। विद्यार्थी सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी के लिए इस नंबर का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पोर्टल के इस्तेमाल और शिकायत दर्ज करने को लेकर विद्यार्थियों की परेशानी कम होगी। शिकायतों के समाधान की समयसीमा तय सरकार की ओर से शिकायत दर्ज होने के बाद उसके समाधान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। कार्यक्रम के अनुसार, परिवार दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर उसका निपटारा कर आवेदक को इसकी सूचना देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी शिकायत की स्थिति और उसके समाधान की जानकारी समय पर मिल सकेगी। कई मंत्री रहेंगे मौजूद विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम में शिक्षा और सरकार से जुड़े कई मंत्री मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, बिजेंद् प्रसाद यादव, उच्य शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के शामिल होंगे। पोर्टल के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों की समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके समाधान की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार होने की उम्मीद है।
Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षा को सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक सीमित रखने के बजाय बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और नए बिजनेस तक जोड़ने की योजना है।नए प्लान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अधिक निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है।मास्टर प्लान के अनुसार, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए शिक्षा समेत दूसरी जरूरी सामाजिक सुविधाओं के लिए अभी से जमीन और बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।इसी दिशा में नरेला में करीब 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और नए कारोबार से जुड़े संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आने वाले समय में दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।शिक्षा के हर स्तर को एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारीमास्टर प्लान में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर कॉलेज, उच्च शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार तक का रास्ता आसान हो सके। इसके लिए शुरुआती शिक्षा केंद्रों और स्कूलों से लेकर आवासीय व विशेष स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक की सुविधाओं को एक व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।इसके अलावा रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर, ITI, पॉलीटेक्निक, स्किल ट्रेनिंग सेंटर, मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग संस्थान, होटल मैनेजमेंट संस्थान और कोचिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ जरूरी कौशल देने और आगे बेहतर रोजगार व करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।पढ़ाई के साथ-साथ खेल और दूसरी गतिविधियों पर जोरइस प्लान के तहत स्कूलों में अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल, कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। इसी वजह से स्कूलों में पर्याप्त स्थान की व्यवस्था के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, स्कूल के कुल अनुमत निर्माण क्षेत्र का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा खेल और अन्य गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्विमिंग पूल, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी छूट दी जाएगी। इन सुविधाओं के लिए अधिकतम 150 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र तय निर्माण सीमा से अलग रखा जा सकेगा।स्कूलों के लिए जमीन और FAR के नए मानकमास्टर प्लान में स्कूलों के स्तर के अनुसार जमीन, निर्माण और सड़क की चौड़ाई के मानक तय किए गए हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्र के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर जमीन, अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर रखी गई है। कक्षा छह तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क कम से कम 18 मीटर चौड़ी होनी चाहिए और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर होगी। कक्षा 12 तक के स्कूल के लिए न्यूनतम 4,000 वर्गमीटर जमीन, 40% तक निर्माण और 180 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। इस श्रेणी के भवनों के लिए अधिकतम ऊंचाई की अलग सीमा तय नहीं की गई है। दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्रजो स्पेशल चाइल्ड बच्चे हैं (दिव्यांग) उनके लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे विशेष स्कूलों के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन की जरूरत होगी, जबकि अधिकतम 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण की अनुमति होगी। यहां 120 FAR रखा गया है। इन स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तय की गई है।इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल की सुविधाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, नई हो या पहले से बनी स्कूल की इमारत, सभी में दिव्यांगजन अधिकार कानून के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए आवासीय स्कूल शुरू करने का विकल्प भी मास्टर प्लान में रखा गया है।कॉलेज और शोध संस्थानों को ज्यादा निर्माण क्षमतामास्टर प्लान में कॉलेजों, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ज्यादा निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कम से कम 1,000 वर्गमीटर जमीन या संबंधित मान्यता देने वाली संस्था के तय मानकों में से जो भी ज्यादा होगा, उसे आधार माना जाएगा।इन परिसरों में अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी और 225 FAR तय किया गया है। संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर रखी गई है।वहीं, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कैंपस में लाइब्रेरी, लैब, वर्कशॉप, खेल मैदान, इंडोर गेम्स की सुविधा, ऑडिटोरियम और हॉस्टल बनाए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर छात्रों और जरूरी स्टाफ के लिए कैंपस के अंदर ही रहने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल और हरियाली पर भी जोरविश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्रों के लिए अधिकतम 225 FAR का प्रावधान है। इनके लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 24 मीटर होगी और जमीन का आकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार तय किया जाएगा।छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर माहौल और दूसरी गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर की कुल जमीन का 15 फीसदी हिस्सा खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रखना होगा। इसके अलावा, 15 फीसदी जमीन पर पार्क और हरियाली विकसित करना जरूरी होगा। यानी बड़े शैक्षणिक परिसरों में पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और खुले वातावरण के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी।नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हबनरेला में करीब 138 हेक्टेयर जमीन पर एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद शिक्षा को रिसर्च, कौशल विकास, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ना है। इस केंद्र में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों को भी स्थापित होने की जगह मिल सकेगी।यह भी पढ़ें:West Bengal Hotel Fire: बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 की मौत, कई घायल
शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण, शिक्षा ऋण लेना छात्रों के लिए एक सामान्य विकल्प बन गया है। इस लेख में, हम शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। जानें कि आपको क्या दस्तावेज चाहिए और कैसे आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
सोनीपत स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत जिले के कई निजी स्कूल खुले नजर आए। सुबह के समय सड़कों पर स्कूली बच्चों की आवाजाही दिखाई दी। शहर के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में तो छोटे-छोटे बच्चे पीठ पर भारी-भरकम बैग लादकर स्कूल में प्रवेश करते हुए नजर आए। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से जारी अवकाश के आदेशों की पालना को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि जिला उपायुक्त नेहा सिंह की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलों में आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आदेश के बावजूद खुले निजी स्कूल स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा विभाग को आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत शहर में कई निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाया। इससे साफ है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कुछ स्कूल संचालक अपने स्तर पर स्कूल संचालित कर रहे हैं। शिवा शिक्षा सदन में बैग लेकर पहुंचे बच्चे सोनीपत के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में सोमवार सुबह छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुंचते दिखाई दिए। बच्चों की पीठ पर भारी-भरकम स्कूल बैग थे और वे स्कूल परिसर में प्रवेश कर रहे थे। छुट्टी के सरकारी आदेश के बावजूद स्कूल में बच्चों को बुलाए जाने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल बंद रखने से जुड़े सरकारी या प्रशासनिक आदेशों की पालना को लेकर सवाल उठे हों। इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आदेशों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। प्रशासन के आदेशों की पालना पर सवाल जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में अवकाश के आदेशों की पालना करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्कूल खुले मिलना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती है। यदि आदेश जारी होने के बाद भी निजी स्कूलों में कक्षाएं लगती हैं तो संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और कार्रवाई की व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश समाजसेवी एवं एडवोकेट देवेंद्र गौतम ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश की जानकारी देखी थी। उनके अनुसार 15 अगस्त की छुट्टी के एवज में 17 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया था। छुट्टी को लेकर भी उठाए सवाल देवेंद्र गौतम ने कहा कि 16 अगस्त को रविवार था और ऐसे में 17 अगस्त को अलग से छुट्टी करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का स्तर लगातार गिर रहा है और बार-बार इस प्रकार की छुट्टियां करने से पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और पढ़ाई के दिनों को लेकर गंभीरता से विचार करने की बात कही। आदेशों की पालना जरूरी सरकारी आदेशों के बावजूद निजी स्कूलों के खुले रहने का मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है या नहीं और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
CERT-In Scientist B Recruitment 2026: सीईआरटी-आईएन में वैज्ञानिक-बी के 133 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन का आज 17 अगस्त 2026 को आखिरी मौका है। भर्ती में कार्य अनुभव अनिवार्य नहीं है।
Kangra News: 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने पर भड़का शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ
स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश सरकार द्वारा 100 और सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा का हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है।
शिक्षा संजीवनी अभियान में शिक्षक संगठनों का सहयोग, डेस्क-बेंच के लिए स्वेच्छा निधि
भास्कर संवाददाता | बैतूल जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे शिक्षा संजीवनी अभियान को शिक्षक संगठनों का भी सहयोग मिलेगा। कलेक्टर कार्यालय में नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे से विभिन्न शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्षों ने मुलाकात कर अभियान में स्वेच्छा से सहयोग देने का संकल्प लिया। संगठनों ने प्राथमिक स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के लिए अपनी स्वेच्छा निधि से अनुदान देने की बात कही। अजाक्स संघ के जिलाध्यक्ष दशरथ धुर्वे ने बताया सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षक संगठन अपनी क्षमता के अनुसार अभियान में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा ग्रामीण और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के स्कूलों में बैठक व्यवस्था बेहतर होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षक संगठनों की पहल की सराहना करते हुए कहा अभियान के तहत कमजोर शैक्षणिक सुविधाओं वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन स्तर से भी अधिक से अधिक स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। अभियान में शिक्षकों के प्रशिक्षण, लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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