इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
मऊगंज जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हैं। कलेक्टर संजय जैन ने जिले के सभी युवाओं से कौशल आधारित तकनीकी शिक्षा अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगारपरक कौशल भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने सोमवार शाम 4 बजे की पत्रकार वार्ता,बताया कि शासकीय आईटीआई मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश एवं ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया जारी है। आठवीं और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटीआई प्रशिक्षण युवाओं को उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्रदान करता है। इन संस्थानों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और इलेक्ट्रिकल व्हीकल सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान, औद्योगिक प्रशिक्षण तथा रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है। यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है। ग्रामीण युवा अवसर का लाभ उठाएं कलेक्टर संजय जैन ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने युवाओं से समय पर पंजीयन कर अपने भविष्य को नई दिशा देने और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक कुशल और प्रशिक्षित युवा ही विकसित प्रदेश और समृद्ध भारत की आधारशिला है। जिले के सभी युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और कौशल विकास से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। इससे मऊगंज को कौशल सम्पन्न एवं समृद्ध जिला बनाने में भी मदद मिलेगी।
नीट पेपर लीक व महंगाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे बाड़मेर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से उलझ गए। कलेक्ट्रेट के आगे लगे बेरिकेड्स पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, प्रदेश सदस्य ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं को रोकने पर पुलिस ने रोका और धक्का-मुक्की हो गई। कांग्रेसियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी भी मौजूद रहे। ऊंट गाड़ी लेकर निकले बाड़मेर में नीट पेपर लीक, महंगाई, पानी, बिजली समेत स्थानीय मुद्दों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सोमवार को जन आक्रोश रैली निकाली। आदर्श स्टेडियम में एक जनसभा का आयोजन किया गया था। वहां सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी पहुंचे। यहां से ऊंट गाड़ी लेकर नेहरू नगर ओवरब्रिज से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट के आगे बेरिकेड्स लगाकर प्रदर्शन करने वालों को रोकने का प्रयास किया। बेरिकेड्स पर चढ़े तो पुलिस ने टांग खींची इस दौरान कांग्रेसी बेरिकेड्स पर चढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। बेरिकेड्स पर उम्मेदाराम बेनीवाल, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी, ठाकराराम माली चढ़ गए। इस दौरान ठाकराराम माली को पुलिस ने नीचे उतारने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी उनकी टांग खींचते नजर आए। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने बताया- महंगाई, नीट पेपर लीक, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। युवाओं के साथ कुठाराघात किया है। यूथ कांग्रेस के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए आए। यह सरकार फेल हो गई। पूरे देश में इसको लेकर जबरदस्त आक्रोश है। हमारी एक ही मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। बोले- महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन चल रहा है। देश के युवाओं के साथ सुनिश्चियोजित तरीके से पेपर लीक किया गया। सरकार के अंदर बैठे लोगों की ओर से पेपर लीक किया गया। इसको पूरे देश की जनता में रोष है। शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। बार-बार क्रूड तेल के भाव बढ़ने का हवाला देकर तेलों की कीमतें बढ़ाई जा रही है। क्रूड के भाव साल 2014 में 100 डॉलर से बाहर थी लेकिन समय भी पेट्रोल 60-70 रुपए और पेट्रोल 50-60 रुपए है। तेल के भाव बढ़ने से हर इंसान को महंगाई की मार पड़ रही है।
जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को 2 युवकों ने थप्पड़ मारे हैं। इसके बाद पार्टी के समर्थकों ने उन दोनों युवकों को पकड़कर पीट दिया। अभिजीत सोमवार को नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए। शहीद स्मारक पर अभिजीत की अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आपस में भिड़े समर्थक, कई के फोन चोरी प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों के बीच नारेबाजी को लेकर विवाद हो गया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया। धरना स्थल पर कई प्रदर्शनकारियों के मोबाइल भी चोरी हो गए। इसके बाद मंच से लोगों को मोबाइल और सामान की सुरक्षा करने की अपील की गई। प्रदर्शन में शामिल युवा 'मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है' और 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे लिखे पोस्टर और तिरंगा लेकर पहुंचे। कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच की तस्वीर बनाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' का नारा लिखा। प्रदर्शन से जुड़ी 7 तस्वीरें… ये एक संगठन नहीं, छात्रों-अभिभावकों की लड़ाई हैCJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया- यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्थाएं, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का विरोध है। पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
चंडीगढ़ में करीब 15 दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी के बिना काम कर रहे चंडीगढ़ शिक्षा विभाग को आखिरकार नया डीईओ मिल गया है। शिक्षा विभाग ने बीना रानी को जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही विभाग में लंबे समय से लंबित पड़े कई प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद से डीईओ का पद खाली पड़ा था। विभाग के लिए यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि स्कूलों से जुड़े कई प्रशासनिक और वित्तीय फैसले डीईओ स्तर पर ही लिए जाते हैं। पद खाली रहने से प्रभावित हुए कई काम डीईओ का पद खाली रहने का सीधा असर शिक्षा विभाग के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इसके अलावा विभाग में कई महत्वपूर्ण फाइलें भी लंबित पड़ी रहीं। विशेष रूप से चौथी श्रेणी कर्मचारियों के अनुबंध नवीनीकरण से जुड़ी फाइलों को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके कारण उनके वेतन संबंधी मामले भी प्रभावित हुए। नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा सूत्रों के अनुसार डीईओ का पद खाली रहने के पीछे नियुक्ति को लेकर चल रही आंतरिक प्रक्रिया भी एक कारण रही। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आए एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल द्वारा स्वयं को डीईओ नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव चर्चा में था। इसी दौरान नए डीईओ की नियुक्ति को लेकर फैसला लंबित रहा और विभागीय कार्य प्रभावित होते रहे। हालांकि अब बीना रानी की नियुक्ति के साथ इस अनिश्चितता पर विराम लग गया है। नए डीईओ के कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले 11वीं कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों से संबंधित लंबित प्रशासनिक मामलों, कर्मचारियों के अनुबंध और वेतन संबंधी फाइलों का भी निपटारा किया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र के बीच डीईओ की नियुक्ति को विभाग के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 435 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित थानों में तहरीर भेज दी गई है। सभी कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका था और आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई थी। इस पूरे मामले को लेकर एक लिस्ट डीएम लखनऊ को भेजी गई है। कई विभागों के कर्मचारी ड्यूटी से रहे नदारद नगर निगम के आठों जोनों में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पंचायत विभाग, सीएमओ कार्यालय समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरती और ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। जोनवार थानों में भेजी गई सूची नगर निगम के अनुसार, जोन-1 में 69 कर्मचारियों की सूची थाना हजरतगंज भेजी गई है। जोन-7 में 62 कर्मचारी नियुक्ति सामग्री और स्टेशनरी लेने तक नहीं पहुंचे। कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जबकि कुछ के नंबर गलत पाए गए। इनके खिलाफ थाना गाजीपुर में तहरीर भेजी गई है।इसी प्रकार जोन-3 के 244 कर्मचारियों के खिलाफ थाना अलीगंज, जोन-6 के 165 कर्मचारियों के खिलाफ थाना ठाकुरगंज और जोन-8 के 75 कर्मचारियों के खिलाफ थाना आशियाना में सूची भेजी गई है। जनगणना कार्य में सहयोग करना कानूनी दायित्व नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 4, 5 और 11 के तहत नियुक्त कर्मचारी 'लोक सेवक' माने जाते हैं और जनगणना कार्य में सहयोग करना उनका कानूनी दायित्व है। यदि कोई कर्मचारी इस कार्य से इनकार करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान अधिकारियों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एक हजार रुपये तक जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल जनगणना कार्य में शामिल कराने को कहा है। समय पर नहीं लौटे तो डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट नगर निगम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
शिक्षा का महाकुंभ, अरोड़ा खत्री समाज के 500 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति जोधपुर के तत्वावधान में अरोड़ा खत्री समाज समिति भीलवाड़ा और वरुण शिक्षण संस्थान के सहयोग से टाउन हॉल में “शिक्षा का महाकुंभ-2026” आयोजित किया गया। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 के करीब 500 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए समाजजन, अभिभावक और विद्यार्थी इस अवसर के साक्षी बने। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और ध्वजारोहण से हुई। बालिकाओं द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। बैंड वादन और रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह को उत्साहपूर्ण बना दिया। आयोजन की विशेषता यह रही कि शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के 20 वर्ष पूर्ण होने के साथ छात्रवृत्ति के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले 15 विद्यार्थियों का विशेष सम्मान भी किया। मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल रहे, जबकि अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. बी.पी. सारस्वत ने की। विशिष्ट अतिथियों में अशोक कुमार कोठारी, अनुपम अरोड़ा तथा संतोष आनंद शामिल रहे। अतिथियों का पारंपरिक साफा, शॉल, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि दामोदर अग्रवाल ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
युवाओं को सिख विरासत और गुरु शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया
शहीदों के सरताज, पांचवें पातशाह साहिब श्री गुरु अर्जुन देव महाराज जी के शहीदी पर्व को समर्पित ऐतिहासिक नगर मुल्लांपुर के गुरुद्वारा शहीद गंज मुश्कियाना साहिब की ओर से विशाल नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत पंच प्यारों की अगुवाई तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में की गई। नगर कीर्तन के दौरान संगतों ने गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु अर्जन देव जी की महान शहादत को याद किया। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न गतका अखाड़ों द्वारा सिख युद्ध कला के शानदार प्रदर्शन किए गए। इस अवसर पर युवाओं को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और सिख विरासत से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। गांव की परिक्रमा करने के बाद नगर कीर्तन पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचा, जहां अरदास के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। हजूरी रागी भाई जसप्रीत सिंह ने रसपूर्ण कीर्तन प्रस्तुत किया। वहीं दाढ़ी बलदेव सिंह रकबा के जत्थे ने गुरु साहिब के जीवन इतिहास का वर्णन करते हुए संगतों को निहाल किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान जरनैल सिंह (पंचायत सदस्य), पूर्व प्रधान सुरिंदरपाल सिंह मिठ्ठू, मनजीत सिंह, बाबा बख्शीस सिंह (प्रधान माता गुजर कौर गुरुद्वारा मुल्लांपुर), दविंदर सिंह, परमजीत सिंह सरां, सुरिंदर सिंह, भाग सिंह, प्रीतपाल सिंह हठूर वाले आदि उपस्थित थे।
शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और खेल जगत की 50 प्रतिभाओं को मिला ‘कायम रत्न सम्मान’
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान न केवल उनके योगदान का गौरवगान है, बल्कि यह नई पीढ़ी को सेवा, समर्पण और उत्कृष्टता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्य अतिथि रहे। साथ ही पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सांसद इमरान मसूद, राहुल कस्वां, पूर्व मंत्री अशोक चांदना, रामलाल जाट, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान, पूर्व राजस्थान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलावत खान खान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जयपुर | कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में रविवार को नवाब दादा कायम खां शहादत दिवस पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में उनके साहस, राष्ट्रसेवा और बलिदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली के नेतृत्व में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 50 प्रतिभाओं को ‘कायम र| सम्मान’ से नवाजा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता और प्रतिभा सम्मान को प्रोत्साहित करना रहा। साथ ही, युवाओं को समाज की गौरवशाली विरासत और महान प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से जोड़ना भी इसका प्रमुख लक्ष्य था। रोलसाहबसर, 6 विधायकों और एक सांसद को मरणोपरांत सम्मान ; समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, राष्ट्रनिर्माण, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विशेष सम्मान के तहत श्री क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक स्वर्गीय भगवान सिंह रोलसाहबसर को मरणोपरांत ‘कायम र| सम्मान’ दिया गया। इसके अतिरिक्त 6 विधायकों और एक सांसद को भी मरणोपरांत सम्मान से नवाजा गया। खेल जगत की 12 उत्कृष्ट प्रतिभाओं को भी इस मंच से सम्मानित किया गया।
बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रानी एक पंचायत स्थित नारेपुर धर्मपुर गांव में रविवार शाम को सेवानिवृत्त शिक्षक रंजन कुमार राय के निधन के बाद द्वादश कर्म के दिन श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इलाके के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभा में शिक्षक-शिक्षिका, प्रधानाध्यापक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और अन्य सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत रंजन कुमार राय के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। रंजन कुमार राय पिछले दो वर्षों से पैरालिसिस की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन 3 जून, बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था। शिक्षक रंजन कुमार राय ने 16 अप्रैल 2007 को मध्य विद्यालय भीखमचक में नियोजित शिक्षक के रूप में अपनी पहली सेवा शुरू की थी। उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक वहां अध्यापन कार्य किया। इसके बाद उन्होंने मध्य विद्यालय नारेपुर धर्मपुर में योगदान दिया, जहां से वे सेवानिवृत्त हुए थे। श्रद्धांजलि सभा में मध्य विद्यालय नारेपुर धर्मपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप कुमार, शिक्षक संघ के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष साकेत कुमार सिंह, पूर्व संकुल समन्वयक डॉ. मनोरंजन कुमार राय, शिक्षक हिमांशु कुमार राय, प्रवीण कुमार, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं अनुमंडल प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव देवनीति राय, सेवानिवृत्त शिक्षक महेश्वर भक्त और उमेश चंद्र झा सहित कई लोग उपस्थित थे। अनुमंडल प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव देवनीति राय, पूर्व संकुल समन्वयक डॉ. मनोरंजन कुमार राय और सेवानिवृत्त शिक्षक महेश्वर भक्त ने दिवंगत रंजन कुमार राय की सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि रंजन कुमार राय ने ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने ने बताया कि रंजन कुमार राय ने शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बीआरपी की भूमिका निभाते हुए कई प्रशिक्षणों का आयोजन किया और अपने कार्य के प्रति सजग रहे, जिससे शिक्षा विभाग में उनका कार्य सराहनीय रहा। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अतिथियों ने दिवंगत रंजन कुमार राय के पुत्र दीपक कुमार, अंकित कुमार और अभिनव कुमार को सांत्वना दी और ढाढस बढ़ाया।
महलका में बहुजन युवा एकता सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब:शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता पर दिया जोर
फलावदा क्षेत्र के ग्राम महलका स्थित अनिल फार्म में रविवार को आयोजित बहुजन युवा एकता सम्मेलन में युवाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से हजारों की संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, जागरूकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख हिमांशु सिद्धार्थ रहे। उनके नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बना। बड़ी संख्या में युवा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के गीतों पर नाचते-गाते कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि सम्मेलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक था। इसका उद्देश्य किसी दल विशेष का प्रचार नहीं, बल्कि बहुजन समाज के युवाओं को शिक्षा, संगठन, सामाजिक चेतना और आपसी एकता के सूत्र में जोड़ना है। वक्ताओं ने युवाओं से समाज के विकास और जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन का विशेष आकर्षण रागिनी कार्यक्रम रहा। हस्तिनापुर के रागिनी कलाकार रवि शिवानी और उनकी टीम ने बहुजन महापुरुषों के विचारों तथा सामाजिक जागरूकता पर आधारित प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विनीत सिद्धार्थ, मुकेश कुमार जाटव, आदेश, आदित्य भास्कर, केपी जाटव, राय बहादुर, राहुल और मोहित सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजकों ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी सामाजिक एकता और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
राष्ट्रीय जाट महासभा खैरथल के तत्वावधान में रविवार को मातोर रोड स्थित गार्डन में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में शिक्षा, खेल, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली लगभग 150 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सरोहा थे, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष के.एल. ओला ने की। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। हरियाणा, दिल्ली और यूपी से आए लोगों का किया स्वागत इस अवसर पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से आए समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शिक्षा, संगठन और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और समाज को नई दिशा प्रदान करता है। जागरूकता को बताया संगठन का आधार मुख्य अतिथि सचिन सरोहा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठन की मजबूती ही समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किए जाने की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय जाट महासभा के खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष मामचंद चौधरी और जिला सचिव विनोद चौधरी के प्रयासों की भी प्रशंसा की। प्रतिभाओं को किया प्रोत्साहित समारोह में सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं को उपस्थित लोगों ने तालियों से प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष मामचंद चौधरी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी समाज हित में ऐसे आयोजनों को निरंतर करने का संकल्प दोहराया। ये रहे मौजूद इस अवसर पर अलवर जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, अमित धर्मपाल चौधरी, सत्यवीर चौधरी जागीवाड़ा, नरेश जाट, ज्ञानीराम चौधरी, मुकेश चौधरी, सरजीत चौधरी, योगेश चौधरी, महिपाल सारण सहित अनेक गणमान्य नागरिक, युवा और महिलाएं उपस्थित थे।
ROB पर नहीं बनाया गया फुटपाथ:नामकरण पर शिक्षाविद ने उठाए सवाल, जनप्रतिनिधि-अधिकारी मौन
बालाघाट के गर्रा में नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज के लोकार्पण के बाद अब उसकी गुणवत्ता और अधूरे निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने शनिवार को पुल का लोकार्पण किया था, लेकिन अभी भी पुल पर लाइट लगाने और पानी निकासी का काम अधूरा है। पुल के डाउन साइड में 200 मीटर तक फुटपाथ न होने को बस एसोसिएशन एक बड़ी खामी बता रहा है। बस एसोसिएशन के सचिव श्याम कौशल ने स्वीकार किया कि डाउन पोजिशन में फुटपाथ न होना एक बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों के गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, पुल के नामकरण को लेकर भी विवाद छिड़ गया है। शहर के जागरूक युवा तरुण नगपुरे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर 'राजाभोज' नाम रखने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे जनता के पैसे से बना पुल बताते हुए किसी जाति विशेष को बढ़ावा देने वाला नाम बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष में बहस तेज हो गई है। इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैलाश साहू और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी पुल के निर्माण की गुणवत्ता और नामकरण पर सवाल उठाए हैं। भाजपा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षाविद लता एलकर ने नामकरण पर कहा कि आम जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले में अभी भी सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है। हालांकि पुल के नामरण को लेकर नगरपालिका में प्रस्ताव लाया गया था या नहीं, यह भी अभी साफ नहीं है, जबकि नामकरण को लेकर पूरी एक प्रक्रिया होती है। आरओबी के नामकरण को लेकर नपा में प्रस्ताव लाए जाने के दावो जानने हमने, नपाध्यक्ष, सीएमओ और सभापतियों से चर्चा करने का प्रयास किया। एकमात्र केवल सभापति के पति ने फोन उठाया और उसने बताया कि वह पता करके बताते है लेकिन फिर कोई जवाब नहीं आया। वहीं दूसरी ओर सेतु निर्माण करने वाले सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सनोडिया, इसे कम समय में बेहतर आवागमन सुविधा की दृष्टि से निर्माण को सही ठहरा रहे है, उनका आरोप है कि वनविभाग की एनओसी के कारण, पुल पर 200 मीटर का फुटपाथ नहीं बनाया जा सका।
पाली सरगरा समाज शिक्षा समिति की ओर से नया गांव रोड स्थित निर्माणाधीन छात्रावास का निरीक्षण किया गया। सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डीआर सागर के नेतृत्व में पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान बीएड कर रही एक जरूरतमंद प्रतिभावान छात्रा को 27 हजार रुपए की फीस सहायता का चेक भी दिया गया। छात्रावास निर्माण पर अब तक समाजबंधुओं के सहयोग से करीब दो करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य जारी है। दो करोड़ रुपए की लागत से चल रहा निर्माण कार्य छात्रावास नया गांव रोड स्थित जेसीबी वाली गली में बनाया जा रहा है। कोषाध्यक्ष मनोहरलाल बालवंशी ने बताया कि समाजबंधुओं के सहयोग से अब तक करीब दो करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य के तहत सात कमरे, हॉल और किचन सहित अन्य सुविधाएं तैयार की गई हैं। वर्तमान में छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है। निर्माणाधीन छात्रावास का लिया जायजा सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डीआर सागर के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रावास निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों ने निर्माण हो चुके कमरों और अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा तथा कार्य की प्रगति की जानकारी ली। बीएड छात्रा को दी 27 हजार रुपए की फीस सहायता निरीक्षण के दौरान एक जरूरतमंद प्रतिभावान छात्रा, जो बीएड की पढ़ाई कर रही है, उसकी फीस सहायता के लिए कॉल आया। इस पर सोसायटी के कोषाध्यक्ष को बुलाकर छात्रा के लिए 27 हजार रुपए की फीस राशि का चेक दिया गया। शिक्षा से कोई बच्चा वंचित नहीं रहे: पदाधिकारी सोसायटी अध्यक्ष डीआर सागर ने कहा कि सरगरा समाज शिक्षा समिति की ओर से छात्रावास निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है। सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के सचिव कन्हैयालाल चौहान ने कहा कि सोसायटी अब तक समाज के जरूरतमंद और प्रतिभावान स्टूडेंट्स को बिना ब्याज फीस सहायता उपलब्ध करवाती रही है। आने वाले समय में शिक्षा समिति के साथ मिलकर शैक्षणिक सेमिनार और एक्सपर्ट गाइडेंस भी उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कई स्टूडेंट्स को मिल चुकी है फीस सहायता सोसायटी के कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार कच्छवाह ने बताया कि सरगरा एज्युकेशन सोसायटी पाली की ओर से अब तक समाज के कई प्रतिभावान स्टूडेंट्स को बिना ब्याज फीस राशि उपलब्ध करवाई गई है। यह राशि सीधे शैक्षणिक संस्थानों के नाम चेक के माध्यम से जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि होनहार और प्रतिभावान स्टूडेंट्स के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके फोटो सार्वजनिक नहीं किए जाते। इस दौरान बद्रीलाल चौहान, दौलतराम देवड़ा, केवलचंद पंवार, विनोद कच्छवाह गांधीधाम, जितेंद्र कच्छवाह और अशोक कच्छवाह सहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
3 दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों से नई शिक्षा प्रणाली पर चर्चा
दमोह | महर्षि विद्या मंदिर में ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा चेयरमैन महर्षि विद्या मंदिर स्कूल ग्रुप, वीआर खरे, डायरेक्टर सीपीआर एवं जेपी शर्मा डायरेक्टर एकेडमिक एवं ट्रेनिंग के मार्गदर्शन एवं सीबीएसई के तीन दिवसीय इन-हाउस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शिक्षकों से नई शिक्षा प्रणाली के विषय में चर्चा की गई। नर्सरी से कक्षा-12 तक के सभी विषयों में नई शिक्षा पद्धति के तहत पढ़ाने के तरीके में क्या परिवर्तन हुआ है इसकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस, वेल्यू एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन,आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस एवं इंडियन नॉलेज सिस्टम विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में स्कूल के 40 शिक्षकों ने भाग लिया। मेडिटेशन एवं सिद्धि सूत्रों का अभ्यास किया गया। प्रशिक्षण के कोर्स डायरेक्टर प्राचार्य राजेश दीक्षित रहे। रिसोर्स पर्सन मनोज अग्रवाल एवं रत्नेश जैन रहे। अंत में शिक्षकों को सर्टिफिकेट वितरित किए गए। समापन पर संस्कृत शिक्षिका किरन श्रीवास्तव ने आभार माना।
अवैध निकासी मामला...शिक्षा विभाग में 3 साल ‘जमे हुए बाबुओं’ का होगा तबादला
रांची झारखंड के शिक्षा विभाग में वर्षों से एक ही कार्यालय और जिले में जमे लिपिकों को लेकर बड़ी खबर है। वेतन मद में अवैध निकासी के मामलों और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्यभर के क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तरीय शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों के तबादले को लेकर निर्देश जारी किए हैं। अब तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत लिपिकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा, जबकि लंबे समय से एक ही जिले में जमे कर्मचारियों को भी दूसरे जिलों में भेजा जाएगा। माध्यमिक निदेशक राजेश प्रसाद ने भेजे पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव के निर्देशों के आलोक में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने पर रोक लगाना जरूरी है। 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है। नए निर्देश के तहत अब स्थानांतरण की कार्रवाई केवल कार्यालय बदलने तक सीमित नहीं रहेगी। लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों के मामले में नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। निर्देश के अनुसार, यदि कोई लिपिक पिछले 12 वर्षों के दौरान प्रतिनियुक्ति अवधि सहित कुल आठ वर्ष तक एक ही जिले में कार्यरत रहा है, तो उसका स्थानांतरण संबंधित प्रमंडल के दूसरे जिले में किया जाएगा। इसके अलावा, लगातार छह वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों का तबादला भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल औपचारिक स्थानांतरण कर कर्मचारियों को दोबारा पुराने कार्यालय में पदस्थापित करने या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से उसी स्थान पर वापस भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी।
सीएम मोहन यादव से मिले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा और नई शिक्षा नीति पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भेंट की। मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय मंत्री प्रधान का पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्रम् से अभिवादन किया तथा उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट की।
गोपालगंज में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन और नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर अपनी राय रखी। उनका स्वागत सदर विधायक सुभाष सिंह और कार्यकर्ताओं ने किया। मंत्री तिवारी ने केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2047 तक देश को 'विकसित भारत' बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि विकास की नींव मजबूत हो चुकी है, जिस पर एक भव्य और समृद्ध भारत का निर्माण होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और देशवासी मिलकर काम कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दियानीट परीक्षा में हुई धांधली के मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार की विफलता नहीं, बल्कि सिस्टम की खामी है। उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में त्वरित और कड़ा एक्शन लिया है। गड़बड़ी सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दिया गया। मंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं एक नई और सुरक्षित प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी। कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगाउन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के विकास कार्यों से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है, और वे सरकार को बदनाम करने की साजिशों में लगे रहते हैं, व्यवस्था में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि सरकार अपने सिस्टम को इतना अभेद्य और मजबूत बनाएगी कि भविष्य में कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगा। मंत्री ने बताया कि परीक्षाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में भी 'महाराष्ट्र की तर्ज' पर कड़े नियम और बेहतरीन प्रणालियां लागू करने की योजना है, ताकि युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो।
NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर को पटना में शनिवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले का जनाजा निकाला। इस दौरान पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम जनाजे को कंधा देते नजर आए। सदाकत आश्रम से शव यात्रा निकाली गई है। पटना में कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीर… गोसाई टोला मोड़ के पास करेंगे पुतला दहन नीट परीक्षा में हुई व्यापक अनियमितताओं, धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ कांग्रेस आज प्रदर्शन कर रही है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेसियों द्वारा गोसाई टोला मोड़ के पास केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। पेपर लीक के कारण रद्द हुई NEET-UG परीक्षा 3 मई को NEET-UG-2026 की परीक्षा हुई। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को दोबारा एग्जाम कराने का फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'हम नहीं चाहते थे कि कोई गलत कैंडिडेट सिलेक्ट हो जाए। इसलिए हमने बड़ी जिम्मेदारी से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून को होगी। 7 मई को गड़बड़ी का पता चला था। फिर 12 मई को रीएग्जाम का फैसला लिया गया।' अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। राहुल गांधी पटना में 11 जुलाई को करेंगे स्टूडेंट सम्मेलन दूसरी ओर कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना में छात्र सम्मेलन आयोजित करेंगे। इस सम्मेलन में छात्रों, उम्मीदवारों, युवा संगठनों, शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाया जाएगा। पेपरलीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लगातार मिल रही शिकायतों के चलते हल्लोमाजरा हाई स्कूल में तैनात एक जेबीटी शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अनुबंध पर नियुक्त थी। विभाग का कहना है कि कई बार चेतावनी और शोकॉज नोटिस जारी करने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षिका के खिलाफ स्कूल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें भेजी जा रही थीं। आरोप था कि शिक्षिका पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की बजाय अलग-अलग मंचों और गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहती थी। इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था। कुछ मामलों में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने 15 मई को शिक्षिका को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस में उस पर लगे आरोपों का जवाब देने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि विभाग के अनुसार न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही उसके कामकाज में अपेक्षित बदलाव दिखाई दिया। इसके बाद स्कूल प्रशासन की रिपोर्ट और जांच में मिले सबूतों के आधार पर विभाग ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं। स्कूल समय में यूनियन गतिविधियों पर भी सख्ती शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने सभी एसएसए शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की यूनियन या सार्वजनिक गतिविधियों में भागीदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। शिक्षा विभाग इससे पहले भी इसी तरह के एक मामले में कार्रवाई कर चुका है। फरवरी-मार्च में डेपुटेशन पर आई एक शिक्षिका को भी वापस पंजाब भेज दिया गया था। उस पर बार-बार छुट्टी लेने, बीमारी का बहाना बनाने और काम में रुचि न दिखाने के आरोप थे। स्कूल प्रशासन ने उसके खिलाफ कई शिकायतें भी की थीं। अधिकारियों से मिलने का समय तय शिक्षा विभाग में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक यूनियनें सक्रिय हैं, जो समय-समय पर अपनी मांगें उठाती रहती हैं। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं कि शिक्षक और कर्मचारी किसी भी मांग या समस्या को लेकर अधिकारियों से दोपहर तीन बजे के बाद ही मुलाकात करें।
स्कूल शिक्षा की समस्याओं के लिए 15 से 17 जून तक शिविर
भास्कर न्यूज | बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विकासखंड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। शिविर जिला शिक्षाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित होंगे। इनमें आम नागरिक, शिक्षक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, पालक और विद्यार्थी अपनी शिकायतें और आवेदन जमा कर सकेंगे। शिविर की तिथियां तय कर दी गई हैं। राजपुर और शंकरगढ़ में 15 जून को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर होगा। कुसमी और बलरामपुर में 16 जून को शिविर लगेगा। रामचन्द्रपुर और वाड्रफनगर में 17 जून को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सेवा निवृत्ति लाभ से जुड़े प्रकरण लिए जाएंगे। सामान्य भविष्य निधि और अन्य वित्तीय दावों, वेतन निर्धारण, वेतन विसंगति, एरियर्स भुगतान और सेवा पुस्तिका से जुड़े मामलों पर भी आवेदन स्वीकार होंगे। पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान, वरिष्ठता और अवकाश स्वीकृति से जुड़े प्रकरण भी रहेंगे। एचआरएमआईएस पोर्टल, कर्मचारी प्रोफाइल और अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़ी समस्याएं भी दर्ज की जाएंगी। आवेदनों की जांच के बाद अधिकतम 15 दिनों के भीतर नियम अनुसार निराकरण का लक्ष्य रखा है। त्रिपाठी ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा। जो स्कूल एकल शिक्षकीय हैं, वहां तत्काल अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ किए जाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टरर ने भवनविहीन व विद्युतविहीन स्कूलों की जानकारी ली और ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में न्यूज डेस्क लगाएं और छात्रों को न्यूजपेपर पढ़ने की आदत डलवाएं। परीक्षा परिणामों की ब्लॉकवार समीक्षासमीक्षा के दौरान उन्होंने पूर्व शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम की जानकारी ली। कलेक्टर ने बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की सराहना की, वहीं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम की मॉनिटरिंग प्रत्यक्ष रूप से डीईओ स्तर पर की जाए। स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक पोस्टेड होंगेकलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता हो। जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती तत्काल करें। प्रायमरी स्कूलों में कम से कम 2 और मिडिल स्कूलों में 3 शिक्षक अनिवार्य रूप से पदस्थ रहें। कलेक्टर ने पीवीटीजी समुदायों के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में एडमिशन दिलाने पर विशेष फोकस रखने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले ऐसे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा दे रहे हों। 16 जून से पहले स्कूलों में तैयारी के निर्देश जिले में आगामी 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए कलेक्टर वसंत ने सभी स्कूलों में तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा कक्षाओं की आवश्यक मरम्मत का कार्य समय पर पूर्ण कराएं। अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षाकलेक्टर ने बच्चों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन गया है, उनका जल्द आधार कार्ड बनवाएं। उन्होंने विभागों के समन्वय से प्रमाण पत्र निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग एससीईआरटी के राज्य स्तरीय विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने शुक्रवार को वीरपुर स्थित पीएम श्री विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का भी गहन जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में पदाधिकारी ने विद्यालय परिसर के बरामदे, खेल मैदान, वर्ग कक्ष, पुस्तकालय, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और उपस्कर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, रंग-रोगन और रखरखाव की स्थिति का भी जायजा लिया तथा संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नीरज कुमार ने पदाधिकारी को वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है। कई विद्यार्थियों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। उन्होंने अतिरिक्त कक्ष निर्माण, चहारदीवारी और अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया। विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने विद्यालय की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। विद्यालय की आवश्यकताओं से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान आईसीटी वीरपुर प्रखंड समन्वयक सोनी कुमारी, डंडारी प्रखंड के आईसीटी के प्रखंड समन्वयक आलोक कुमार, पीएम श्री विद्यालय के शिक्षक पुनीत कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नवागत प्रथम महिला जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रेणु तोमर और संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल का स्वागत किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल-मालाएं और पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. सुनीत गिरी, संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार पाठक, जिला मंत्री पुष्पेश मिश्र तथा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। डॉ. सुनीत गिरी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधायक निर्वाचन के पूर्व प्रत्याशी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय से शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की व्यक्तिगत समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं छात्रोन्मुख बनती है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में संगठन की संरक्षक डॉ. मधुबाला त्यागी, कोषाध्यक्ष आफताब आलम, प्रधानाचार्य राजीव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, प्रधानाचार्य नरेश कुमार, फैसल मसरूर सिद्दीकी, संजीव कुमार बिश्नोई, वीरपाल सिंह तथा यशपाल सिंह सहित कई शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि का गबन करने वाले ऑपरेटर पर अफसर मेहरबान है। गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा कराने के बावजूद उसके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई। करीब डेढ़ साल पहले गबन का मामला उजागर हुआ। तब तत्परता दिखाते अफसरों ने तत्काल उसे नौकरी से हटा दिया। राशि भी जमा कराई पर एफआईआर कराने के नाम पर रिजल्ट जीरो है। अभी बीईओ कार्यालय पिपरिया और मंगलवारा थाना के बीच 5700 पन्नो की जांच फाइल घूम रही है। अब स्थिति यह है कि पूरी जांच फाइल बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद है। बीईओ और थाना प्रभारी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे। स्वयं, पत्नी और भाई के खाते में गबन की राशि का भुगतानजांच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने स्वयं के तीन खाते और अपनी पत्नी रेवा अहिरवार, भाई अनिल अहिरवार के खाते में छात्रवृत्ति और एरियर्स की राशि ट्रांसफर कराई। कुल गबन राशि 9.48 लाख रुपए है। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक जांच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज समेत राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार की। बीईओ बोले- हमने अपनी तरफ से प्रक्रिया कीपिपरिया बीईओ श्रीलाल रघुवंशी का कहना है कि हमने थाना प्रभारी द्वारा चाही गई वांछित जानकारी तैयार कर ली थी। समस्त अभिलेखों सहित इस कार्यालय के प्रभारी लेखापाल एवं कार्यालयीन स्टाफ 6 मार्च 2026 को पुलिस थाना पिपरिया में उपस्थित हुए। लेकिन समयाभाव के कारण संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इसके बाद 10 मार्च को भी मैं स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुंचा। विवेचक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के व्यस्तता के कारण आवश्यक कार्रवाई नहीं हो सकी। उपरोक्तानुसार कार्रवाई के संबंध में तिथि एवं समय का निर्धारण कर अवगत कराने का थाना प्रभारी से अनुरोध किया, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हो पाई है। मंगलवारा थाना थाना प्रभारी का पक्षथाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का कहना है कि डेढ़ साल पहले हमें एफआईआर के लिए पत्र लिखा। प्राइमरी जांच के आधार पर हम एफआईआर दर्ज करा रहे थे। इसी बीच बीईओ पिपरिया ने ऑपरेटर कमलेश अहिरवार से गबन की राशि जमा करवा ली, जिसका एक पत्र हमें भेजा कि वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराने का मार्गदर्शन मांगा है, तब तक एफआईआर न की जाएं। हमने गबन के संबंध में ऑपरेटर का हाजिरी रजिस्टर, वेतन पर्ची, जिला कोषालय नर्मदापुरम की सम्पूर्ण मूल जांच रिपोर्ट, भुगतान की मानक प्रक्रिया, स्थापना, निलंबन, पदस्थापना की कॉपी समेत जरूरी दस्तावेज सत्यापित मांगे थे। इसके बाद भी बीईओ कार्यालय में हमें जो दस्तावेज भेजे, वो अधूरे दिए। कमियां होने से एफआईआर नहीं हो पाई। एफआईआर में देरी पर जेडी हो चुके नाराजगबन मामले में एफआईआर नहीं होने शिक्षा विभाग का संयुक्त संचालक डॉक्टर मनीष वर्मा ने नाराज़गी जताई थी। जांच के बाद 7 मार्च 2025 को कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए। इसके बाद 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस पर बीईओ और थाना प्रभारी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है।
जींद जिले में उचाना हलके के गांव डाहौला में संत शिरोमणि कबीर दास जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संत कबीर दास को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विधायक ने धानक चौपाल के निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक अत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर दास ने समाज को सत्य, मानवता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। विधायक ने किया संत कबीर के आदर्शों को अपनाने का आह्वान उन्होंने बताया कि संत कबीर दास ने जात-पात, ऊंच-नीच और अन्य सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हुए समाज को एकता और सद्भाव का मार्ग दिखाया। विधायक ने उपस्थित लोगों से संत कबीर दास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अत्री ने जोर दिया कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को इन विचारों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान संत कबीर दास के जीवन और शिक्षाओं पर भी प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने विधायक अत्री का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर अशोक, अमन धानक, धर्मबीर सैन, शमशेर सैणी और जीतू शर्मा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
जमुई में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जमुई पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिसदन में मीडिया से बातचीत की। मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, सिमुलतला आवासीय विद्यालय, शिक्षक बहाली और कोचिंग संस्थानों के नियमन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने बताया कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसकी स्थापना बड़े उद्देश्यों और उम्मीदों के साथ की गई थी, जिस पर सरकार ने पर्याप्त संसाधन खर्च किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में विद्यालय की स्थिति को लेकर कई शिकायतें और चिंताजनक जानकारी सामने आई हैं। इसी कारण वे स्वयं विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगीमंत्री ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक और कठोर निर्णय लिए जाएंगे। उनका उद्देश्य विद्यालय को उसकी मूल भावना और उद्देश्य के अनुरूप संचालित करना है। संभावित कार्रवाई के बारे में मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक कदमों और निर्णयों की विस्तृत जानकारी उनके मंत्री पद संभालने के 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगी। शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गएकोचिंग संस्थानों के संबंध में मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार नई नियमावली तैयार कर रही है। वर्तमान में सभी कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी शिक्षकों को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित करने और कोचिंग संस्थानों से दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विद्यालयों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही सभी जिलाधिकारियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की जाएगी। इस विषय पर भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। शिक्षक बहाली के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालयों में जितने पद रिक्त होंगे, उतनी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहींपटना में खान सर कोचिंग विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा, “कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा सत्र 2026-28 के लिए बी.एड. (विभागीय) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों की अनंतिम चयन सूची एवं अनंतिम प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अभ्यर्थी शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की वेबसाइट तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चयन एवं प्रतीक्षा सूची देख सकते हैं। इससे अभ्यर्थियों को अपने चयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त होगी। 18 जून तक प्रस्तुत कर सकेंगे दावा-आपत्तिआवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सूची के संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थी 11 जून से 18 जून 2026 तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रभारी के समक्ष करना होगा आवेदन प्रस्तुतदावा-आपत्ति दर्ज कराने के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक-07 में प्रवेश प्रभारी के समक्ष कार्यालयीन समय में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। महाविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित अवधि के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
शिक्षा विभाग में प्रशासनिक सुस्ती और ढर्रे का एक ऐसा अनूठा उदाहरण सामने आया है जो सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विभाग में जर्जर स्कूलों, बजट और नामांकन जैसे पारंपरिक मुद्दों से इतर एक ऐसी गहरी सुस्ती पसरी है, जिसके कारण दोषी कर्मचारियों पर परोक्ष रूप से रहम की जा रही है। दूसरी ओर निर्दोष कार्मिकों को सालों तक जांच प्रक्रिया में उलझाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि विभाग में साल 1989 यानी पिछले 37 सालों से विभागीय जांच के प्रकरण लंबित पड़े हैं। इस कछुआ चाल के कारण कई कार्मिक बिना किसी फैसले के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कइयों की फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सीसीए-16 अनुभाग के तहत कुल 425 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं। इन लंबित प्रकरणों का विश्लेषण करने पर विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती है। कुल मामलों में से 192 मामले ऐसे हैं जिनके पेंडिंग रहने के लिए सीधे तौर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ढर्रा जिम्मेदार है। जानकारों का कहना है कि जो मामले कोर्ट या पुलिस के पास हैं उनमें तो विभाग पैरवी के अलावा ज्यादा कुछ नहीं कर सकता फिर भी कोर्ट में अपना वकील खड़ा करके स्थगन तुड़वाने का प्रयास होना चाहिए जो नहीं हुआ। इसमें अकेले जांच रिपोर्ट अप्राप्त या रिमांड के ही 155 मामले हैं। साफ है कि विभाग के आला अधिकारी जांच अधिकारियों से समय पर रिपोर्ट ही नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा 24 मामलों में चार्जशीट के जवाब आना बाकी है और 13 मामलों में जांच रिपोर्ट आने के बाद भी आगे की कार्रवाई या अभ्यावेदन अपेक्षित है। केवल साल 2024 से 2026 के बीच ही विभाग के स्तर पर 137 नए मामले पेंडिंग हो चुके हैं। पुलिस-एसीबी और सरकार स्तर पर लंबित 233 मामले : दूसरी तरफ 233 मामले ऐसे हैं जिन पर शिक्षा विभाग का सीधा नियंत्रण नहीं है। ये प्रकरण अदालती कार्रवाई, पुलिस जांच या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के जाल में उलझे हुए हैं। इसमें 142 मामले पुलिस प्रकरणों के रूप में लंबित हैं, जबकि 41 गंभीर मामले एसीबी में चल रहे हैं। इसके अलावा 33 मामलों में आरोपी कार्मिक न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) लेकर आ चुके हैं जिससे विभाग के हाथ बंधे हुए हैं। वहीं 17 मामलों में विभाग अपनी ओर से कार्रवाई पूरी कर दंड अनुमोदन के लिए फाइल शासन (जयपुर) को भेज चुका है, जहां से अंतिम फैसले का इंतजार है।
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चंडीगढ़ को समावेशी विकास और प्रभावी प्रशासन के सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर की शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंडीगढ़ विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासकों ने भाग लिया। इस दौरान मानव विकास, बेहतर प्रशासन और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का किया उल्लेख कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ ने 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर देश में एक नई मिसाल कायम की है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के चलते शहर को शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में लगातार दूसरे वर्ष सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ ग्रेड मिला है। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ और ‘शिखर-26’ जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी करवाई जा रही है। साथ ही सरकारी स्कूलों में कौशल विकास आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में ‘प्रोजेक्ट सारथी’ बना मिसाल स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए प्रशासक ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट सारथी’ के तहत हजारों एनएसएस स्वयंसेवक सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सहायता कर रहे हैं। इससे अस्पतालों में आने वाले लोगों को बेहतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ देश का पहला आधिकारिक स्लम-फ्री शहर बन चुका है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और समावेशी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि चंडीगढ़ का विकास मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
लखनऊ पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रात्रि 2:20 पर एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड हुई । इको गार्डन में पेपर लीक को लेकर युवा आक्रोश प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। अभिजीत नीले रंग की इंडिया लिखा हुआ टी-शर्ट पहने हुए थे। इस दौरान दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। ‘शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे प्रदर्शन’ अभिजीत ने कहा कि 6 जून दिल्ली में 12 जून पुणे में हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। सभी छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। हम अपनी बातों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखेंगे । प्रदर्शन की अनुमति न होने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो सुबह हम लोकल पुलिस स्टेशन पर जाकर बात करेंगे। हम उनसे कहेंगे कि प्लीज हमें परमिशन दे दीजिए। पुराने प्रोटेस्ट का हवाला देकर लेंगे अनुमति अभिजीत ने कहा कि हम पुलिस को बताएंगे कि दिल्ली जंतर मंतर पर पीसफुल प्रोटेस्ट किया था और 11जून को पुणे में पीसफुल प्रोटेस्ट किया इसलिए लखनऊ में भी हम ऐसे ही करेंगे। हम कहीं से कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं बस लोकतंत्र में अपनी बात रख रहे हैं। जो कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। एयरपोर्ट से जब बाहर निकले तो उनके हाथ में एक बैग था साथ में दो से तीन साथी और थे। एयरपोर्ट के अंदर और बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और इंटेलिजेंस के लोग मौजूद थे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद गाड़ी में बैठकर अभिजीत अज्ञात जगह रवाना हो गए। पुलिस से अनुमति नहीं हालांकि इको गार्डन में पेपर लीक के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को लखनऊ पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी और AISA की ओर से किया गया था। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने हर हाल में प्रदर्शन करने का दावा किया है। एसोसिएशन के लखनऊ यूनिट प्रेसिडेंट शांतम निधि इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट किसी भी हाल में रद्द होने वाला नहीं हम सभी लोग एक गार्डन जरूर पहुंचेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले साथी किसी भी धर्म का शिकार ना हो।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने पर सख्ती दिखाई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। कोचिंग में पढ़ाने को माना जाएगा नियमों का उल्लंघन विभाग के अनुसार, कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने का कार्य करते हैं। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए इसे शिक्षकों की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। दोषी शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक कोचिंग, निजी ट्यूशन या व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन में संलिप्त न रहे। विभाग ने इस मामले में निगरानी बढ़ाने को भी कहा है।
नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जुलाई 2024 में पानी भर जाने से कई विद्यार्थियों की मौत के बाद सामने आई गंभीर सुरक्षा खामियों तथा संरचनात्मक एवं आधारभूत सुविधाओं की कमियों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों के नियम की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी संदर्भ में बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। बैठक में एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, उच्च शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित सभी प्रमुख नियामक एवं नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा उक्त दुर्घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आरके गौबा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों में मौजूद कमियों का परीक्षण कर व्यापक निवारक उपायों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में प्रणालीगत कमियों की पहचान करते हुए कोचिंग संस्थानों के प्रभावी विनियमन और निगरानी के लिए एक व्यापक रूपरेखा सुझाई गई है। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों से जुड़े मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा यह बैठक दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की प्रशासनिक एवं निगरानी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जिसके माध्यम से बिखरी हुई निगरानी प्रणाली से आगे बढ़कर एक समन्वित शैक्षणिक एवं नियामक ढांचा विकसित किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नियामक ढांचा तैयार हो रहा : सूद मंत्री ने आगे कहा इस प्रक्रिया के संचालन के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूद ने यह भी कहा बैठक में दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार कर उसे शीघ्र लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एक बहु-विषयक समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इन दिशा-निर्देशों में कोचिंग संस्थानों की शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता एवं परामर्श व्यवस्था, आधारभूत संरचना मानक, भवन सुरक्षा अनुपालन, अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था, तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण एवं कार्य परिस्थितियों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल कोचिंग संस्थानों का विनियमन करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली जल्द ही कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जनपद में नवागंतुक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) वीरेंद्र कुमार सिंह और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) आशीष वर्मा का स्वागत समारोह आयोजित किया। यह कार्यक्रम जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा, जिलामंत्री बाबू सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सौरभ शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी तेजप्रकाश शर्मा, समस्त जिला कार्यसमिति, सभी ब्लॉक अध्यक्ष व ब्लॉक मंत्री सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अधिकारियों का अभिनंदन किया। बैठक हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा ने नवागंतुक अधिकारियों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में जनपद की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण की भी उम्मीद जताई। वित्त एवं लेखाधिकारी आशीष वर्मा ने शिक्षकों की वित्त संबंधी समस्याओं का समाधान समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने भी संगठन के सहयोग से शासन की योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और शिक्षकों की समस्याओं का न्यायसंगत निराकरण करने का भरोसा दिलाया। दोनों अधिकारियों ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिखाए गए इस स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संरक्षक देवेंद्र भारद्वाज ने की, जबकि संचालन जिलामंत्री बाबू सिंह और श्रीमती गीतिका शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के समापन पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा और जिलामंत्री बाबू सिंह ने स्वागत समारोह में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अनुपम शर्मा, अनिल कर्दम, देवेंद्र राणा, जिला संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, दिनेश शर्मा, सुधा आर्य, जिला प्रचार मंत्री तनुज शर्मा, संजीव शर्मा, कपिल सिंह, विनी कुमार, डॉ. नूतन गर्ग, प्रणव यादव, नीलमणि शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष उदयवीर सिंह, अखिलेश शर्मा, राकेश राठी, वीरेंद्र सिंह, सी.पी. सिंह, मनोज कुमार शर्मा, अमित शर्मा, रामप्रकाश, भूपेंद्र सिंह, मुकेश कुमार सिंह, देशराज सिंह, नीरज शर्मा और महावीर सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
ब्यावर जिले के मसूदा ब्लॉक का 7 प्रशिक्षु आरएएस अधिकारियों के एक दल ने भ्रमण किया। गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत यह भ्रमण किया। इस दौरान दल ने विभिन्न ग्रामीण एवं प्रशासनिक संस्थानों का दौरा कर विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जमीनी स्थिति का अध्ययन किया। इस दौरान अधिकारियों ने शेरगढ़, देवमाली, जालिया, खरवा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) केलू का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और सेवा वितरण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दल में प्रशिक्षु आरएएस अधिकारी कुशल चौधरी, संजय शर्मा, अंशिका अग्रवाल, हिमानी राठौड़, मनीष गहलोत, लोकेश चौधरी और सूर्य प्रताप सिंह शामिल रहे। प्रशासनिक कार्यप्रणाली का किया अध्ययनदल ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया। पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया।
कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप, बोले- शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार
ओडिशा के संबलपुर में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे आरोप लगाए
रतलाम के जावरा में मंगलवार को रिटायर्ड शिक्षक से सेवानिवृत्ति व पीपीओ प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने वाले बाबू को निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग उज्जैन अनसिंह बघेल ने की है। जावरा में शासकीय कन्या कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 अनिल वर्मा को मंगलवार को उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेत पकड़ा था। बाबू के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज होने के बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के अंतर्गत उज्जैन संभागीय कार्यालय से तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई। रतलाम में किया अटैच निलंबन अवधि में अनिल वर्मा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रतलाम रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक लोढ़ा ने बताया विभागीय संभागीय कार्यालय से बाबू को निलंबित कर दिया है। 20 हजार रुपए मांगे थे शिकायतकर्ता शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट शासकीय उमावि हाटपिपल्या (ब्लॉक जावरा) से 31 मई को उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे। जावरा के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू अनिल वर्मा ने उनका रिटायरमेंट सर्टिफिकेट और पीपीओ जारी करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ था। टेबल की दराज में रखे थे रुपए शिकायत और वॉयस सैंपल के सत्यापन के बाद मंगलवार दोपहर लोकायुक्त टीम ने बाबू अनिल वर्मा को उसके ऑफिस में 10 हजार रुपए लेते ट्रेप किया था। बाबू ने रुपए लेकर अपनी टेबल की दराज में रजिस्टर के नीचे रख दिए थे, जिन्हें टीम ने मौके से बरामद कर लिया। लोकायुक्त ने बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
नमस्कार शिक्षा मंत्रीजी ने किसके लिए कहा कि किरोड़ीजी पर आरोप लगाने वाले गिरेबान में झांकें? पूनियाजी की रसीद वाली अपील सुनी? काबिले, काबिले गौर है। राजधानी में आग बुझाने के लिए धक्कामार दमकल पहुंच गई और अफसरों में एक सिफारिशी चिट्ठी की खास चर्चा है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. निशाने पर 'चिर प्रतिद्वंद्वी' दो नेताओं की अदावत चरम पर है। एक हैं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। दूसरे हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा। दिलावर कहते हैं- वे मेरे मित्र हैं। हालांकि बहुत ही बेशर्म आदमी हैं। डोटासरा तो ‘वे मेरे मित्र हैं’ वाली औपचारिकता भी नहीं करते। सीधे कहते हैं- उनसे घटिया इंसान धरती पर पैदा नहीं हुआ। ताजा मामला कृषि मंत्रीजी के छापों से जुड़ा है। उन्होंने डोटासराजी के एरिया में छापेमारी कर दी थी। ऐसे में चीफ साहब हमलावर हो गए। मंत्रीजी पर आरोप लगा दिया कि छापेमारी में उगाही का खेल चल रहा है। करोड़ों का खेल भी उजागर हो गया। डायरेक्टर समेत कई धरे गए। इसके बाद डोटासरा ने फिर अटैक किया। किरोड़ी बाबा ने भी ऐलान कर दिया- जिस दिन सबूत निकाल लोगे मंत्री पद से इस्तीफा देकर गिरफ्तार हो जाऊंगा। इस टकराव में शिक्षा मंत्रीजी भी कूद पड़े। उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी को बहुत ही मीठे लहजे में कड़ी नसीहत दी- किरोड़ी जी पर आरोप लगाने वाले गिरेबान में झांक लें। साथ ही यह भी कह दिया- अगर किरोड़ी लाल जी बेईमान हैं तो मदन दिलावर ईमानदार नहीं हो सकता। इस बयान के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दोगुने उत्साह से किसी एक को बेईमान साबित करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं। जुबानों पर धार लगाई जा रही है। 2. लड्डू और अपील राज्यसभा का लड्डू खाने के बाद पूनिया को बधाई देने वालों का तांता लग गया। कोई बुके देकर फोटो खिंचवाना चाहता है। कोई भेंट करने और भेंट देने को उतावला है। किसी को साफा बांधकर सम्मान करना है तो किसी को मुलाकात के बहाने रील बनानी है। चूंकि पूनियाजी अब उच्च सदन के मेंबर बनेंगे। उच्च सदन भद्र नेतागण की सभा। ऐसे में उन्हें साफा-पटका-सम्मान, माला-गुलदस्ता पान सब कुछ तुच्छ लगने लगा है। उन्होंने जनता से अपील की- अगर मान-सम्मान उपहार-भेंट देना चाहते हैं तो इतना कीजिए कि गोशाला में दान देकर रसीद मुझे दे दीजिए। किसी जरूरतमंद की मदद कर दीजिए। किसी का उद्धार कर दीजिए। हो न हो, माखनलाल चतुर्वेदी जी के ‘पुष्प’ का भी राज्यसभा जाना तय हो गया होगा। इसीलिए उसकी अभिलाषा सुरबालाओं के गहनों में गूंथे जाने की नहीं रह गई थी। 3. धक्कामार सिस्टम बताइए। थाने की नाक के नीचे बारूद का खेल चलता रहा। पटाखे बनते रहे। बिकते रहे। लेकिन पुलिस सूंघ नहीं पाई। कई लोग जान से हाथ धो बैठे। जयपुर से खरगोश पकड़ा गया तभी पुलिस को सतर्क हो जाना चाहिए था। कम से कम थाना पुलिस को यह तो जानकारी होनी चाहिए कि अपने एरिया में क्या हो रहा है? हादसे के बाद तो पूरा अमला पहुंच गया। राख से सबूत जुटाए जा रहे हैं। अब मालिकों को तलाशा जा रहा है। क्या फायदा? जो चले गए वो तो नहीं लौटेंगे। सिस्टम की लाचारगी देखिए। आग लगने की सूचना पर पहुंची दमकल धक्का-स्टार्ट निकली। आग बुझाने के बजाए फायर कर्मी धक्का मारकर स्टार्ट करने की कोशिशें करते रहे। ये हाल इमरजेंसी सेवा के। चश्मदीद इस लाचारगी का वीडियो बनाने लगे। कितनी शर्मसार करने वाली तस्वीर रही होगी। जो मदद करने आए थे, उन्हें खुद मदद की जरूरत थी। 4. चलते-चलते.. एक बड़े नेताजी की सिफारिशी चिट्ठी चर्चा में है। नेताजी ने राजनीति में लंबी पारी खेली, लेकिन सिफारिश में गड़बड़ कर गए। उन्होंने सीधे फाइनेंस विभाग को लेटर लिख दिया कि फलां मैडम को यहां लगाया जाए। विभाग के अफसर सकते में। क्या करें? तबादला-डेपुटेशन का काम कार्मिक विभाग का। अफसरों में चर्चा- इतने बड़े नेताजी अगर बड़ों को ही चिट्ठी लिखते तो बेहतर होता। उनका कहा कौन टालता? चिट्ठी भी आई तो गलत पते पर। इसका क्या करें? चिट्ठी में नेताजी ने जिस तरह मैडम की सेवा और समर्पण का जिक्र किया, उससे लगता है कि जल्द ही चिट्ठी और मैडम दोनों सही मुकाम तक पहुंच जाएंगी। इनपुट सहयोग- ऋषभ सैनी, महेंद्र सैनी (जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
कॉलेज शिक्षा: सरकारी कॉलेजों से घट रहा मोह, सीटों के मुकाबले 36% ही आवेदन
जिले के सबसे पुराने और बड़े राजकीय बहीर महाविद्यालय में इस वर्ष भी प्रवेश को लेकर अपेक्षित उत्साह दिखाई नहीं दिया। कॉलेज में उपलब्ध सीटों के मुकाबले महज 36 प्रतिशत आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। वहीं जिले के सबसे बड़े कन्या महाविद्यालय गुलजार बाग में भी करीब 54 प्रतिशत सीटों के लिए ही आवेदन आए हैं। कुल मिलाकर सरकारी कॉलेजों में प्रवेश की स्थिति 40 से 60 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है। शिक्षाविदों का मानना है कि विद्यार्थियों का रुझान अब पारंपरिक बीए, बीकॉम और बीएससी पाठ्यक्रमों से हटकर प्रोफेशनल, स्किल आधारित और रोजगारोन्मुखी कोर्सों की ओर बढ़ रहा है। निजी विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान आधुनिक सुविधाओं, नए पाठ्यक्रमों तथा बेहतर प्लेसमेंट के दावों के साथ विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी कॉलेजों में प्रवेश संख्या लगातार घट रही है। करीब 66 वर्ष पुराने बहीर महाविद्यालय को कभी जिले के विद्यार्थियों की पहली पसंद माना जाता था। एक समय यहां प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा रहती थी, लेकिन अब सीटें खाली रहना आम बात बन गई है। इस वर्ष कला संकाय में चित्रकला विषय शुरू होने से कुछ हद तक आवेदन बढ़े हैं, लेकिन विज्ञान और वाणिज्य संकायों में अपेक्षित रुचि नहीं दिखी। प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून थी। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आवेदन संख्या कम अवश्य है, लेकिन पूर्व वर्षों की तुलना में कुछ संकायों में स्थिति में सुधार हुआ है। वहीं कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य सुलोचना मीणा ने बताया कि कला वर्ग में पिछले वर्षों की तुलना में आवेदन बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 12वीं के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी नीट, जेईई, सीए, एसएससी, बैंकिंग, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट जाते हैं। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा के विस्तार से ऑनलाइन डिग्री, दूरस्थ शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों के विकल्प बढ़ने से भी नियमित कॉलेजों में प्रवेश प्रभावित हुआ है। यह स्थिति केवल टोंक तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में देखने को मिल रही है। कला वर्ग : 1500 सीटें, 551 आवेदन विज्ञान (मैथ्स) : 176 सीटें, 57 आवेदन विज्ञान (बायो) : 176 सीटें, 105 आवेदन वाणिज्य : 200 सीटें, 22 आवेदन बीबीए : 60 सीटें, 6 आवेदन कॉलेज में आवेदन अपेक्षाकृत कम आए हैं, लेकिन कुछ संकायों में पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति में सुधार हुआ है। विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए नए विषय और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। - प्रो. लोकेश शर्मा, प्राचार्य, बहीर महाविद्यालय
देश की नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य रटने की प्रणाली को समाप्त करना, बच्चों की समझ बढ़ाना और नंबर-प्रतिशत का प्रेशर कम करना है। इसके उलट प्रदेश सरकार की नीतियां धरातल पर प्रतिशत का भारी दबाव बना रही हैं। शिक्षा विभाग अब शिक्षकों का प्रतिशत माप रहा है, जिसका अंतिम मानसिक दबाव स्कूली छात्रों पर ही आना तय है। अफसरों की इस मनमानी के दो ताजा मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक में तो हाईकोर्ट ने विभाग पर जुर्माना तक लगा दिया है, फिर भी अधिकारी नहीं संभल रहे हैं। ताजा मामला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले कोटा का है, जहां जिला कलेक्टर के आदेश का हवाला देकर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन सभी सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका वर्ष 2026 का बोर्ड परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से कम रहा है। विभाग ने 79 प्रतिशत परिणाम लाने वाले प्रिंसिपलों को भी नोटिस थमा दिए हैं, जबकि सरकारी नियम के अनुसार केवल 60 प्रतिशत या उससे कम परिणाम रहने पर ही नोटिस देने का प्रावधान है। कोटा, लाडपुरा, खैराबाद, इटावा और सुल्तानपुर ब्लॉक के दर्जनों स्कूलों को इसके दायरे में लाकर तीन दिन में संस्था प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसा ही एक मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भरतपुर के एक स्कूल की उप-प्राचार्य की याचिका स्वीकार करते हुए कुछ समय पहले उनकी सर्विस बुक से “सचेत रहें’ की टिप्पणी को हटाने और निरस्त करने का आदेश दिया था। मामला परीक्षा परिणाम से जुड़ा है। गणित की व्याख्याता अंजू के पास कक्षा 12वीं की भौतिक विज्ञान का अतिरिक्त प्रभार था। विभागीय परिपत्र के अनुसार अतिरिक्त विषय में न्यूनतम 35% परिणाम अनिवार्य था। उनके छात्रों का परीक्षा परिणाम 56.52% रहा। विभाग ने विभागीय कार्यवाही तो बंद कर दी लेकिन उनकी सर्विस बुक में “सचेत रहें’ की प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी। कोर्ट ने इसे बिना वजह परेशान करने वाली कार्रवाई और परिनिंदा का ही एक रूप माना। कोर्ट ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए विभाग पर ₹20,000 का हर्जाना लगाया है जिसे संबंधित अधिकारी से वसूलने की छूट दी गई है। आदेश क्या हैं : आदेश के तहत 80 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम वाले सभी स्कूलों के संस्था प्रधानों (प्रधानाचार्यों) को तीन दिन के भीतर कम परिणाम रहने के स्पष्ट कारणों सहित एक पेज का विस्तृत नोट प्रस्तुत करना होगा। कोटा, लाडपुरा, खैराबाद, इटावा और सुल्तानपुर ब्लॉक के दर्जनों स्कूल इस दायरे में आए हैं। इनमें न्यूनतम परिणाम वाले स्कूलों में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सकतपुर (45.45%) और भीमपुरा (52.78%) प्रमुख रूप से शामिल हैं । डीईओ ने साफ चेतावनी दी है कि इस सूचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए । तय समय में जवाब न भेजने या लापरवाही बरतने पर होने वाली किसी भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारी और संस्था प्रधान स्वयं जिम्मेदार होंगे।
भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी लुधियाना के कॉलेज ऑफ फिशरीज से स्नातक हुए 20 मत्स्य पालन स्टूडेंट्स को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से मत्स्य पालन विभाग, पंजाब में मत्स्य पालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्हें नियुक्ति पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह के दौरान प्रदान किए गए। इस अवसर पर पंजाब के पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और निदेशक एवं वार्डन, फिशरीज पंजाब भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों को ईमानदार एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया तथा उनकी पेशेवर योग्यता के आधार पर यह पद प्राप्त करने के लिए बधाई दी। वीसी डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने नियुक्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मत्स्य पालन शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता के अनेक उद्यमशील अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश में मत्स्य पालन शिक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक शैक्षणिक उत्कृष्टता वाला एक अग्रणी संस्थान है, जो भारत और विदेशों में विभिन्न पदों के लिए योग्य एवं कुशल मत्स्य पालन पेशेवर तैयार करने के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर तथा डॉक्टरेट स्तर के कार्यक्रम संचालित करता है। कॉलेज ऑफ फिशरीज की डीन डॉ. मीरा डी आंसल ने इन प्रतिभाशाली पूर्व स्टूडेंट्स की उपलब्धि की सराहना करते हुए नव-नियुक्त अधिकारियों पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि ये अधिकारी राज्य में उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से मत्स्य पालन विकास के संभावित लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक मूल्यवान संसाधन के रूप में योगदान देंगे। नियुक्ति पत्र देते मुख्यमंत्री भगवंत मान।
आईटीआई शिक्षार्थियों पर अत्याचार के विरोध में उतरा पीआईसीएमसी, जमकर किया प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | लुधियाना पेंशनर इंफॉर्मेशन सेंटर मैनेजमेंट कमेटी (पीआईसीएमसी) लुधियाना' की ओर से चेयरमैन सुशील कुमार की अध्यक्षता में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना तक रोष प्रदर्शन किया गया। यह रोष प्रदर्शन पिछले दिनों पटियाला में अपरेंटिस (आईटीआई) के शिक्षार्थियों पर पंजाब पुलिस पटियाला द्वारा किए गए अंधाधुंध अत्याचार की पुरज़ोर निंदा और दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग के पक्ष में किया गया। सभा ने पेंशनरों की मांगों के संबंध में पंजाब सरकार द्वारा हाई कोर्ट में पेश की गई लिफाफा बंद रिपोर्ट, जो कि कर्मचारी/पेंशनर विरोधी है, की फोटोस्टेट कॉपियां डिप्टी कमिश्नर लुधियाना दफ्तर के आगे जला दीं। पेंशनर भवन लुधियाना के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह दुग्गा ने बताया कि कर्मचारियों/पेंशनरों का डीए (महंगाई भत्ता) 42% से बढ़ाकर 60% किया जाए, पेंशनरों की पेंशन 2.59 के गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) के साथ तय की जाए, और पे-कमिशन (वेतन आयोग) के बकाए का एकमुश्त भुगतान किया जाए, जिसके आदेश हाईकोर्ट ने भी दिए हैं।
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल:नए शैक्षणिक सत्र से पहले प्रशासनिक सर्जरी
नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। रायपुर, बिलासपुर समेत 11 जिलों के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) बदले गए हैं। जबकि 14 नए डीईओ बनाए गए हैं। बुधवार को जारी आदेश में कुल 28 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना की गई है। इस बदलाव को शिक्षा प्रशासन में कसावट लाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदेश के अनुसार एम.जी. सतीश कुमार को रायपुर का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह जिला शिक्षा कार्यालयों के अलावा लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई), संयुक्त संचालक कार्यालयों और विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभाग ने अधिकांश अधिकारियों का स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता और कार्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया है। इनको हटाकर डीपीआई व संभागीय कार्यालयों में भेजा गया कई जिलों के डीईओ को भी हटाकर उन्हें डीपीआई और संभागीय कार्यालयों में नवीन पदस्थापना दी गई है। हिमांशु भारतीय डीईओ रायपुर को डीपीआई में उपसंचालक, आरपी.मिरे डीईओ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को डीपीआई, डॉ.के.वेंकट राव डीईओ रायगढ़ को प्रभारी उपसंचालक कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक दुर्ग, जगजीत धीर प्रभारी डीईओ गरियाबंद को डीपीआई, गेंदराम चतुर्वेदी डीईओ बेमेतरा का हायर सेकेंडरी स्कूल दाढ़ी बेमेतरा का प्राचार्य, लखन लाल धनेलिया डीईओ बीजापुर को सहायक संचालक बस्तर, राजकुमार कठौते डीईओ बीजापुर को सहायक संचालक योजना कार्यालय बस्तर और अशोक कुमार पटेल को नए आदेश के अनुसार डीपीई में पदस्थ किया गया है। वहीं बिलासपुर डीईओ विजय कुमार को सक्ती का, डीईओ बालोद मधुलिका तिवारी को धमतरी, डीईओ धमतरी अभय जायसवाल को बेमेतरा का प्रभार दिया गया है। कोरबा डीईओ बरकरारशिक्षा विभाग के तबादला आदेश में 14 जिलों के प्रभारी डीईओ बदले गए, लेकिन कोरबा जिला इससे अछूता रहा। पिछले कुछ समय से कोरबा जिला शिक्षा विभाग विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। हाल ही में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि प्रशासनिक फेरबदल के दौरान कोरबा के जिला शिक्षा अधिकारी को भी बदला जा सकता है, लेकिन जारी सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। इससे जिले के शिक्षा प्रशासन में फिलहाल यथास्थिति बनी हुई है। बीजापुर का ‘अजीबो-गरीब’ विवाद सुलझापिछले 10 महीनों से बीजापुर में एक ही पद पर दो डीईओ लखनलाल धनेलिया और राजकुमार कठौते कार्यरत थे। यह स्थिति हाई कोर्ट के स्टे और प्रशासनिक तालमेल की कमी के कारण बनी थी, जिससे जिले के शिक्षकों और कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति थी। नए आदेश के जरिए सरकार ने दोनों को वहां से हटाकर बस्तर भेज दिया और राजेश कुमार पाण्डेय को कमान सौंपी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने 28 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पदस्थ किए गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को लोक शिक्षण संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने, जिलों में प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रायपुर और बिलासपुर में बदले DEO जारी सूची के अनुसार, एमजी सतीश कुमार को रायपुर का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं, अब तक रायपुर DEO रहे हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ किया गया है। बिलासपुर में रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वे विजय कुमार ताण्डे का स्थान लेंगे। इन जिलों में भी नए प्रभारी DEO महासमुंद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी), कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद समेत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। महासमुंद में बीएल देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वे पहले लोक शिक्षण संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर कार्यरत थे। BEO और सहायक संचालकों को भी नई जिम्मेदारी तबादला सूची में कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), सहायक संचालकों और प्राचार्यों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को जिला स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में भेजा गया है। शिक्षा मंत्री बोले- कामकाज में आएगी तेजी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विभागीय पुनर्संरचना का उद्देश्य शिक्षा प्रशासन को और मजबूत करना है। इससे शैक्षणिक योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और जिलों में कामकाज की गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नए पदस्थापनों से शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। 10 जून को रोहतक के जिला एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) की ओर से उनका सस्पेंशन लेटर जारी हुआ। इस लेटर में 8 जून से सस्पेंशन के आदेश लागू होने की बात कही गई है। लेटर में सस्पेंशन का भी कोई कारण नहीं बताया गया है। सुलेखा दलाल रोहतक के रैनकपुरा कॉलोनी के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में प्राइमरी (पीआरटी) गेस्ट टीचर हैं। अब उसने शिक्षा विभाग से सस्पेंड करने का रीजन मांगा है, लेकिन उन्हें कोई भी जवाब नहीं मिल रहा। दैनिक भास्कर से बातचीत में सुलेखा ने कहा- मैं खुद हैरान हूं। मैं अपने निलंबन का कारण जानना चाहती हूं। मैं अपने बेटे व ऐसे बच्चों के हक के लिए आवाज उठाने गई थी। बेटा दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है और कंपीटिशन की तैयारी कर रहा है। बच्चे मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाते हैं। बेटे के लिए मरते दम तक लड़ती रहूंगी। रोहतक शिक्षा विभाग की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर की कॉपी… जंतर मंतर पर सुलेखा दलाल की वीडियो वायरल कॉकरोच जनता पार्टी का 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल भी पहुंची थी। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा था कि युवा आर-पार की लड़ाई के लिए आए है। वह किसी के साथ नहीं है, लेकिन अपने बच्चों के साथ है। एक मां के तौर पर वह आई हैं और एक मां पूरे देश की मां होती है। यह वीडियो वायरल हो रहा है। लेडी टीचर सुलेखा दलाल ने सस्पेंड करने पर कही ये बातें… बोलीं- मैं 2007 से गेस्ट टीचर, कभी कोई शिकायत नहीं सुलेखा दलाल 2007 से गेस्ट टीचर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम के बाद 2018 से रोहतक के प्राइमरी स्कूल में गेस्ट टीचर के रूप में कार्यरत है। जिस भी स्टेशन पर वह रही, वहां कभी कोई शिकायत नहीं दी। अब उन्हें बिना कोई रीजन दिए सस्पेंड किया गया है। इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। --------------------------------ये खबर भी पढ़ें… एल्विश यादव ने खरगोश जनता पार्टी बनाई:लिखा- सबका विकास गाजर के साथ, कॉकरोच पार्टी वालों से बहस नहीं करता गुरुग्राम के रहने वाले बिग बॉस OTT सीजन-2 के विनर एल्विश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जवाब में खरगोश जनता पार्टी (KJP) का पोस्टर जारी किया है। बुधवार को उन्होंने अपने X हैंडल पर CJP पर तंज कसते हुए KJP का पोस्टर और मैनिफेस्टो शेयर किया। (पूरी खबर पढ़ें)
शेखपुरा जिला प्रशासन ने ईंट-भट्ठा श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया है। बुधवार को जिला हब फॉर विमेन टीम ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने और मजदूरों के बच्चों व महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की। इस अभियान के तहत सदर प्रखंड के पैन पंचायत, शेखोपुरसराय प्रखंड के वेलाव पंचायत और बरबीघा प्रखंड के सामसखुर्द पंचायत के ईंट-भट्टों पर संचालित 'अक्षर लर्निंग सेंटर' के 125 बच्चों को विशेष स्कूल किट वितरित किए गए। यह वितरण 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत किया गया।बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, कॉपियां, स्लेट, किताबें, ड्राइंग बुक, पेंसिल बॉक्स और क्रेयॉन रंग जैसी पाठ्य सामग्री दी गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखी, जिससे उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ईंट-भट्टों पर काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों के बीच एक विशेष जागरूकता बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान उन्हें माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो सके। महिलाओं को अपने बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। टीम ने उपस्थित सभी लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। ताकि वे पात्रता जानकर उनका लाभ उठा सकें।इस अवसर पर जिला हब फॉर विमेन के जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा ने बच्चों और उनके अभिभावकों को बताया कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जिससे बच्चे आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। एक शिक्षित बच्चा न केवल अपना, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। साथ ही, जब तक हमारी माताएं-बहनें स्वास्थ्य और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए सभी माता-पिता से अपील है कि वे बच्चों को हर दिन केंद्र पर पढ़ने के लिए जरूर भेजें।डीएम शेखर आनंद के निर्देशों पर जाकर इन महादलित और वंचित परिवारों के बच्चों और महिलाओं को तथा ईंट भट्ठा श्रमिक के परिवारों को स्वास्थ्य, अधिकार और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सुदूर ग्रामीण इलाकों तक विकास की यह अलख मजबूती से जलती रहे।कार्यक्रम मे मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा के साथ कई हब कर्मी एवं शिक्षक गण सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्री-डीएलएड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा का आयोजन BSTC की करीब 23000 सीटों के लिए किया गया था। परीक्षा 20 मई को हुई थी। श्रीगंगानगर जिले की मुस्कान चौधरी ने टॉप किया है, जबकि दूसरे स्थान पर अजमेर की चंचल वैष्णव रहे। परीक्षा का आयोजन वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय ने करवाया था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फोन पर बातचीत की और उन्हें बधाई भी दी। ओपन यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया- परीक्षा में 605242 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 4 लाख 97 हजार 178 (4,97,178) अभ्यर्थी यानी 82.16 फीसदी ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया था। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और प्रश्न पत्रों पर क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। वहीं फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाली पर्सनलाइज्ड ओएमआर शीट के जरिए फर्जीवाड़े और नकल की संभावनाओं को लगभग खत्म किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं शिक्षा मंत्री दिलावर ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा- राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रारम्भिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- वह 1000 स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं। नई भर्तियों के सवाल पर मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि लगातार टीचर्स सेवानिवृत्ति होते हैं, कुछ का देहांत हो जाता है और कुछ नए स्कूल भी खुलते हैं। ऐसे में जैसे जैसे टीचर्स की जरूरत होती है उसके अनुसार ही नई भर्ती की जाएगी।
बलरामपुर जिले की नवपदस्थ कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने पदभार संभालने के बाद पहली बार पत्रकारों से संवाद किया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने जिले के विकास की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक कार्ययोजना और आगामी रणनीति की जानकारी साझा की। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कुपोषण उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम और पर्यटन विकास प्रशासन के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। विभागों की समीक्षा, विकासखंडों का दौरा शुरू कलेक्टर त्रिपाठी ने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद से विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने जिले के अलग-अलग विकासखंडों का दौरा कर स्थानीय समस्याओं, जरूरतों और विकास संबंधी चुनौतियों को समझने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला भौगोलिक दृष्टि से बड़ा और विविधताओं से भरपूर है। यहां विकास की कई चुनौतियां हैं, लेकिन संभावनाएं भी उतनी ही व्यापक हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कलेक्टर ने कहा कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर रहेगा फोकस शिक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुपोषण और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि बलरामपुर जिले के घने जंगल, प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष बनाते हैं। जिले में इको-टूरिज्म के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वन विभाग और जिला वनमंडलाधिकारी (DFO) के साथ प्रारंभिक चर्चा भी की जा चुकी है। आने वाले समय में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध पहल की जाएगी। जिले की परिस्थितियों से पहले से हैं परिचित कलेक्टर ने बताया कि वे पूर्व में राजपुर और वाड्रफनगर क्षेत्र में कार्य कर चुके हैं, इसलिए जिले की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों की उन्हें अच्छी जानकारी है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनभागीदारी से मिलेगा विकास को नया आयाम पत्रकार वार्ता के दौरान कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही बलरामपुर जिले को विकास की नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनभागीदारी के माध्यम से जिले में बेहतर प्रशासन, प्रभावी योजनाएं और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब अगले महीने होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी में स्कूल शिक्षा विभाग जुट गया है। विभाग के अफसरों ने शिक्षक संगठनों को आश्वस्त किया है कि जो भी परीक्षा ली जाएगी, उसकी पाठ्य सामग्री ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसका अध्ययन कर शिक्षक परीक्षा दे सकें। इसके साथ ही विभाग परीक्षा की तैयारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में भी जुटा है। साथ ही विभाग विधि विशेषज्ञों से यह राय भी ले रहा है कि 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से परीक्षा लेकर जिन्हें शिक्षक बनाया गया था, उन्हें भी पात्रता परीक्षा के दायरे में रखा जाएगा या नहीं रखा जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की परीक्षा की तैयारी में जुटे लोक शिक्षण आयुक्त ने यह जानकारी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल को दी है। इसके पहले अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में सभी संबद्ध प्रांत अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी रिव्यू याचिकाओं के खारिज होने के बाद बने हालातों विचार-विमर्श किया गया। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि टीईटी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक संघर्ष किया जाएगा। आंदोलन की तैयारी इसी क्रम में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए देशभर के विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही जून माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। यह भी तय हुआ कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संघर्ष को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में जागरुकता यात्रा भी निकाली जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री, आयुक्त और कर्मचारी कल्याण समिति अध्यक्ष से मिला प्रतिनिधि मंडल बैठक के बाद प्रतिनिधि मंडल ने वल्लभ भवन में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर टीईटी, सेवा अवधि की गणना सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल ने कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा से भी मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया तथा 5 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। शर्मा ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे इस विषय में आवश्यक पहल करेंगे। प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह से भी टीईटी एवं अन्य विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में मनोहर दुबे, जगदीश यादव, राकेश नायक, राकेश दुबे, परमानंद डेहरिया, डीके सिंगौर, दर्शन ओट, राकेश पटेल, शालिग राम चौधरी, राकेश पांडे, सुरेश यादव, उपेंद्र कौशल, अखिलेश कुमार तिवारी, रामचरण वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र , नीलेश आर्य, हीरानंद नरवरिया उपस्थित रहे। ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है।पूरी खबर पढ़ें
पंचायतीराज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को ग्राम पंचायत सीमलवाड़ा के पंचायत समिति सभागार में एक वर्चुअल जनसुनवाई की। इस दौरान विकास अधिकारी, निवर्तमान प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी विभिन्न समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने सीमलवाड़ा तालाब के ओटे पर फैली गंदगी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने, झूलते विद्युत तारों को ठीक कराने, खराड़ी फला में सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराने और तालाब के ओवरफ्लो होने पर नाले के संकरे होने से उत्पन्न समस्या बताते हुए नाले को चौड़ा करने जैसी शिकायतें रखीं। मंत्री दिलावर ने सभी मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के द्वार तक पहुंचकर पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री दिलावर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनहित के कार्यों के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्षों को देशहित, विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि इन वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने ग्राम पंचायतों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पंचायत क्षेत्र में रोड लाइट लगाने एवं उनके विस्तार, एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने, जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास करने, आबादी क्षेत्र में स्थित मंदिरों को पट्टे जारी करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह भूमि पर विकास कार्य कराने, मवेशियों के लिए शेड निर्माण और तालाबों के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मांस की दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी दुकानों को बंद कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक दिव्यांग मां के संघर्ष की कहानी सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। आर्थिक तंगी और दस्तावेजी त्रुटि के कारण बेटे की पढ़ाई को लेकर परेशान परिवार को अब बड़ी राहत मिली है। क्षेत्र के एक निजी स्कूल ने बच्चे की पूरी शिक्षा निशुल्क कराने की जिम्मेदारी उठाई है। मामला ग्राम पंचायत सारबहरा के वार्ड नंबर 10 स्थित सरकारी टोला निवासी रेशमा वंशकार का है। तीन फीट की दिव्यांग रेशमा वंशकार और उनके पति मुकेश वंशकार अपने बेटे शौर्य वंशकार के बेहतर भविष्य के लिए उसे आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते थे। आय प्रमाण पत्र की गलती बनी बाधा परिवार के अनुसार, पटवारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र में उनकी वास्तविक आय से अधिक 80 हजार रुपए वार्षिक आय दर्ज कर दी गई थी। इसी वजह से शौर्य का आरटीई के तहत प्रवेश नहीं हो पा रहा था और परिवार लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था। मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। पेंड्रारोड तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल ने आय प्रमाण पत्र में जल्द सुधार कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रमाण पत्र में संशोधन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। शिक्षा विभाग की पहल से मिली राहत इसी दौरान जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी की पहल पर क्षेत्र के निजी विद्यालय अमिता शिक्षा निकेतन ने परिवार की मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया। स्कूल के प्राचार्य पार्थ चट्टोपाध्याय और वाइस प्रिंसिपल मोनी चट्टोपाध्याय ने शौर्य वंशकार को कक्षा दूसरी में प्रवेश दे दिया। स्कूल प्रबंधन ने सिर्फ प्रवेश ही नहीं दिया, बल्कि बच्चे की पूरी शिक्षा निशुल्क कराने का भी निर्णय लिया है। मां का सपना हुआ पूरा बेटे को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना संजोए बैठी दिव्यांग मां रेशमा वंशकार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। आर्थिक परेशानियों और सरकारी दस्तावेजों की त्रुटियों के बीच जो सपना अधूरा लग रहा था, वह अब पूरा होता नजर आ रहा है। परिवार ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के प्रति आभार जताया है। वहीं, इस पहल को क्षेत्र में संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश
पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

