धमतरी में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को धमतरी जिले के सभी ब्लॉकों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव एवं सह-प्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार शामिल हुए। प्रदर्शन से पहले डॉ. एस.ए. संपत कुमार ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। राहुल गांधी के समर्थन में उठाई आवाज डॉ. संपत कुमार ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करते हुए संबंधित मंत्रियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य का उठाया मुद्दा कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले एक महीने से छात्र और युवा अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार जवाब देने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग कर रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग डॉ. संपत कुमार ने कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
अशोकनगर में तीन कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में 24 घंटे का अनशन किया। यह अनशन शहर के गांधी पार्क में बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर तक चला। कांग्रेस पार्षद रीतेश जैन आजाद, सुधीर चौधरी और शिवा सरवैया अनशन पर बैठे थे। रीतेश जैन ने इस दौरान पानी भी नहीं पिया। कांग्रेस नेता रीतेश जैन ने बताया कि उनका अनशन पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में था। इस दौरान जिला सचिव राणाजी रातीखेड़ा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया गया। छात्रों से मारपीट करने वालों को गुंडा कहाकांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ मारपीट की गई और उनकी नाक से खून निकला। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह ने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि आरएसएस के गुंडे थे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान, सभी कार्यकर्ता हाथों में काली पट्टी बांधे हुए थे। एक-एक कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से हाथों में हथकड़ी, गले में रस्सी का फंदा और खून से रंगी पट्टियां बांधकर आए थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी, जो गले में फंदा बांधकर आए थे, उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण 21 परीक्षार्थियों की मृत्यु हुई है, जो एक तरह से उनके गले में फंदा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बार पेपर लीक हुए हैं। रघुवंशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ पेपर लीक में शामिल कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी थी और गेट बंद कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।
नालंदा ओपन विश्वविद्यालय और सी.आर.सी. पटना के संयुक्त देखरेख में राष्ट्रीय पुनर्वास परिसर के मानकों के तहत आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। वर्चुअल और डिजिटल युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन का मुख्य फोकस दिव्यांगजन सशक्तिकरण, समावेशी शिक्षा और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर रहा। कुलसचिव के मार्गदर्शन में हुई प्रशासनिक व्यवस्थाएं कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार ने की, जबकि कुलसचिव प्रोफेसर अभय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। यह आयोजन राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान के निदेशक डॉ. ललित नारायण और सी.आर.सी. पटना के प्रभारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका कुशल संचालन विकासात्मक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. कुमार भारत भूषण ने किया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. संगीता कुमारी ने अपनी कर्मठता और दृढ़ संकल्प से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया। समापन के इस अंतिम दिन डिजिटल और आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं पर विशेष चर्चा की गई। सी.आर.सी. पटना के व्याख्याता और शैक्षणिक प्रभारी डॉ. विद्या भूषण ने भारत सरकार की डिजिटल पहलों और योजनाओं—जैसे ए.डी.आई.पी. योजना, छात्रवृत्ति योजनाओं, डिजिटल यू.डी.आई.डी. कार्ड और निरामया स्वास्थ्य बीमा—के बारे में विस्तार से बताया। तकनीकी सत्र में डॉ. अमित कुमार ने एन.ई.पी. 2020 के प्रावधानों और कक्षा प्रबंधन पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. कुमार सुरेंद्र प्रताप ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया। आधुनिक तकनीकों की मदद से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिक्षा डिजिटल एरा में शिक्षा की पहुंच को सुगम बनाने के लिए नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के आईटी कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरनाथ पांडे ने एसिस्टिव टूल्स और डिजिटल गैजेट्स के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों की मदद से विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी सामान्य छात्रों की तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिक्षा हासिल करने में पूरी तरह सक्षम हो सकते हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के सहायक लाइब्रेरियन आफ़ताब अहमद ने डिजिटल लाइब्रेरी और ब्रेल बुक्स, ऑडियो बुक्स, स्पीक-टू-टेक्स्ट व टेक्स्ट-टू-स्पीक जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. पल्लवी ने समावेशी शिक्षा के लिए समाज और विद्यालयों में ट्रेंड शिक्षकों की अनिवार्यता पर बात की, जबकि मोनिका सिंह ने भारतीय सांकेतिक भाषा की डिजिटल और व्यावहारिक व्याख्या प्रस्तुत की। यह दो दिवसीय सम्मेलन डिजिटल समावेशिता और दिव्यांगजन शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
देवरिया में समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान बीआरडीपीजी कॉलेज परिसर में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के निर्देशन में हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विश्वविद्यालय के संरक्षण तथा शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा संस्थानों को विवाद का विषय बनाने के बजाय उनके संरक्षण और विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यादव ने विश्वविद्यालय पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे शिक्षा के हितों के विरुद्ध बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शिक्षा संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अभियान के दौरान समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव, यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम अंसारी, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव, हरिओम लाला, बलवंत, धीरज कुमार, विकास यादव, अंकुल, अभिषेक, रवि यादव, बिट्टू, दिलीप, प्रेम और दुर्गेश कुमार सहित कई छात्र और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मऊ में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए पेपर लीक मामले में मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर किया गया कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। अधिवक्ताओं ने जोर दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है और छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार का मौजूदा रवैया युवाओं में असंतोष और आक्रोश बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र-युवाओं के आंदोलन को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने सरकार से उनकी बात सुनकर उचित निर्णय लेने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
नीट पेपर लीक, दिल्ली-पटना में लाठीचार्ज के विरोध में पर्णिया के बायसी में भी छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। बायसी स्थित हाईस्कूल प्रांगण में छात्र और स्थानीय युवाओं का एक विशाल जुटान हुआ। आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही परीक्षा प्रणाली और इसमें हुई अनियमितताओं की जांच कराई जाने की मांग भी की। आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी पूरा समर्थन मिला। उन्होंने ने कहा कि - आज यह बेहद अफसोस की बात है कि जिन छात्रों को अपनी किताबों के सामने बैठकर परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए थी, उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रही है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘Fight Today for a Better Tomorrow’ जैसे नारों वाली तख्तियां और पोस्टर लहरा रहे थे। युवा आंदोलनकारी ने कहा कि देश का युवा आज 1977 और 1975 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलनों की तर्ज पर जाग चुका है। छात्रों ने सबसे पहले सड़कों पर मार्च निकाला, जिसके बाद प्रतीकात्मक रूप से चक्का जाम किया गया और अंत में वे हाईस्कूल के मैदान में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को प्रखंड स्तर से निकालकर जिला मुख्यालय पूर्णिया, राज्य की राजधानी पटना और देश की राजधानी दिल्ली तक ले जाया जाएगा।
दिल्ली में मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को समस्तीपुर में छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एसएफआई, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, किसान मोर्चा के संयुक्त बैनर तले लोगों ने शहर में जुलूस निकाला और डीआरएम कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर के लिए छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय गेट के सामने बैठकर धरना भी दिया। छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। पुलिस के साथ सादे वर्दी में आए गुंडों ने छात्रों के साथ मारपीट की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा के सीनियर नेता मनोज गुप्ता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस आंदोलन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ ही सादे कपड़ों में आए गुंडों ने आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की। वहां मौजूद छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मनोज गुप्ता ने कहा कि लाठीचार्ज में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई हो। आज पूरे देश में लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार के मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नहीं तो आंदोलन और तेज करेंगे’ अखिल भारतीय महिला जनवादी समिति की राज्य सचिव नीलम देवी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया है, उनसे अभद्र व्यवहार किया गया है। छात्राओं के साथ मारपीट और उनसे अभद्रता भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है, सरकार तत्काल दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। नीलम देवी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपना इस्तीफा दें, नहीं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में जुलूस निकाला गया, जो अलग-अलग रास्तों से गुजरकर डीआरएम कार्यालय तक पहुंचा। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में भी छात्रों और समाजसेवियों ने विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और अपनी मांगें रखीं। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन की गूंज के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी आवाज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। पृथ्वीपुर में छात्रों और समाजसेवियों ने दिल्ली के छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए रैली निकाली। रैली में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और न्याय के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की कथित गिरफ्तारी का भी विरोध जताया। दिल्ली की घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पृथ्वीपुर की यह रैली भी शामिल है।
नई दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में एनएसयूआई ने गुरुवार को डीडवाना में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शहर में एक रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल और नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बांगड़ कॉलेज से रैली शुरू की। यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर आवास पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्य द्वार से अंदर जाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें फिर रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उनका कहना था कि नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका मानना था कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि NSUI छात्रों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...
जमुई में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास समाप्त हुआ। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कचहरी चौक पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, यह आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि देश के छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा - जिला कांग्रेस अध्यक्ष उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को बलपूर्वक दबाया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और नीट मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हित में आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
भागलपुर में नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच समाहरणालय के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग हो रही है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भागलपुर के सदर अनुमंडल पदाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग की गई। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… छात्रों पर कार्रवाई, लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है कांग्रेस नेता बिपिन बिहारी ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। ये लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए। उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की जांच कराने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। इस मौके पर कांग्रेस नेता विपिन बिहारी, मुजफ्फर अहमद सहित जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गुरुवार को मुंगेर में हजारों छात्रों ने नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विशाल मार्च निकाला। छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ था। यह मार्च आरडी एंड डीजे कॉलेज से शुरू हुआ और अंबे चौक, गोला रोड, कस्तूरबा वाटर वर्क्स चौक, भगत सिंह चौक, एक नंबर ट्रैफिक होते हुए किला के मुख्य द्वार से शहीद स्मारक के बाद समाहरणालय पहुंचा। कार्यक्रम का समापन समाहरणालय पर एक सभा के साथ हुआ। मार्च के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा को लेकर लगातार नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने हाथों में तिरंगा के साथ महापुरुषों की तस्वीरें लिए हुए थे। परीक्षा पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिएछात्रों ने कहा कि देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए, ताकि योग्य छात्रों के साथ न्याय हो सके। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गईइसके साथ ही छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान एक छात्रा ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के कार्यकाल में हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ही सरकारों में ऐसी घटनाएं हुई हैं। छात्रों के विरोध मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर थी। डीजे कॉलेज से लेकर पूरे जुलूस मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस पदाधिकारी और जवान पूरे समय मार्च के साथ मौजूद रहे, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो. प्रमुख चौक-चौराहों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गेट पर आंदोलन कर रहे छात्र बैठ कर नारे लगाएहालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा वंही किला पहुंचते ही कई आंदोलनकारी छात्र उग्र हो गए सड़को किनारे लगी सरकारी होडिंग के पोस्टर को एक -एक फाड़ना शुरू कर दिया। वही छात्रों के उत्पात को देख प्रसाशन चुप -चाप देखती रही है। जिसके बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन समाहरणलाय पंहुचा जंहा मुख्य गेट पर आंदोलन कर रहे छात्र बैठ कर नारे लगाए। वही छात्रों की भीड़ को देखते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद पहुंचे जंहा आंदोलन कर रहे छात्रों को समझाने की कोशिश की जिसके बाद कई छात्र एसपी की बात को मानकर लौट रहे तभी किसी ने एसपी के ऊपर पानी का बोतल फेंका लेकिन एसपी को नहीं लगी। छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालाएसपी ने कहा की छात्रों ने आज विरोध मार्च निकाला है जंहा छात्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। एसपी ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला था इस विरोध मार्च हजार की संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा विरोध मार्च को लेकर काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की ,एसपी ने आंदोलन कर रहे छात्र -छात्राओं ने अपील की वही अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात को रखे और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करे।
इंदौर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर का भंवरकुआं चौराहा बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। फ्लाई-ओवर के नीचे दिन-रात डटे 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, परिजनों, वकीलों, कुछ संगठनों और आम नागरिकों का यह प्रदर्शन ...
जींद जिले के नरवाना में नीट पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में विश्वकर्मा चौक पर एकत्र हुए छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और बाद में सरकार का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र नेता अभिषेक कान्हा खेड़ा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में विफल रही है। कान्हा खेड़ा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। पारदर्शी परीक्षा कराना सरकार की जिम्मेदारी : शीतल छात्रा योगिता ने युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। वहीं, शीतल ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पायल ने कहा कि छात्र केवल न्याय और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आंदोलन की आवाज सुनने और युवाओं के हित में तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया। गुरुदेव ने बताया कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) के स्टूडेंट्स ने NEET पेपर लीक मामले में जोरदार विरोध दर्ज किया। यहां स्टूडेंट्स ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन और उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रोष मार्च निकाला। वे केयू की नेहरू लाइब्रेरी से करीब आधा किलोमीटर दूर थर्ड गेट तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। इस दौरान स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और करीब आधे घंटे तक थर्ड गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। किसी भी हालात से निपटने के लिए केयू की सिक्योरिटी टीम एक्टिव रही। सिक्योरिटी गार्ड रोष मार्च निकाल रहे स्टूडेंट्स के साथ-साथ चल रहे थे। स्टूडेंट्स बोले- NTA नेशनल टॉर्चर एजेंसी प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स ने जब-जब स्टूडेंट बोला है, राजसिंहासन डोला है और NTA नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, नेशनल टॉर्चर एजेंसी है जैसे नारे लगाए। स्टूडेंट्स के हाथ में प्रधानमंत्री मौन व्रत तोड़ो, मोदी जी आप जियान हो, डिस्ट्रॉय ऑफ एजुकेशन और बेहतर शिक्षा ही भविष्य की नींव है के बैनर स्टूडेंट्स के हाथ में थे। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए- मधु प्रदर्शन में शामिल छात्रा मधु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। NEET समेत कई परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की है, लेकिन लगातार पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री ट्वीट नहीं, छात्रों से बातचीत करें मधु ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से केवल सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देना पर्याप्त नहीं है। हम प्रधानमंत्री से चाहते हैं कि वह सामने आकर छात्रों से बात करें। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकाला गया तो 20 जुलाई के प्रदर्शन से भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हम किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं आए प्रदर्शन में शामिल छात्रा आरजू शर्मा ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं, बल्कि उन छात्रों के साथ खड़े होने के लिए एकत्र हुए हैं जिनकी मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुई है। पूरे देश के छात्र इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। सरकार को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। सुरक्षा बढ़ी, सेकेंड गेट बंद छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। केयू का सेकेंड गेट बंद कर दिया गया था, जबकि थर्ड गेट से ही छात्रों और अन्य लोगों को जांच के बाद प्रवेश दिया गया। परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची, हालांकि किसी पुलिसकर्मी के हाथ में डंडा या लाठी नहीं थी।
करनाल में शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने केंद्र और हरियाणा की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार की निंदा की। वत्स ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को दबाना गलत है और सरकार को युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। कुलदीप वत्स ने कार्यक्रम में शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश आज जिन शहीदों के बलिदान की बदौलत आजाद है, उन्हीं के कारण हर नागरिक खुली हवा में सांस ले रहा है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान भी किया। भरत तिवारी मामले में पुलिस पर सवाल विधायक कुलदीप वत्स ने भरत तिवारी मामले को उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर कर हत्या की गई। वत्स ने कहा कि भरत तिवारी गरीबों, दलितों, किसानों और मजदूरों की आवाज थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने न्याय की लौ नाम से एक संकल्प लिया है, जिसके तहत इस मामले में न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने इसे सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा बताया। जंतर-मंतर आंदोलन और शिक्षामंत्री पर सवाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवा आंदोलन को लेकर कुलदीप वत्स ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वही आंदोलन कर रही बहनों और बेटियों पर लाठियां चलवा रही है। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा मांगना अपराध नहीं वत्स ने कहा कि यदि युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो इसमें कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आंदोलन कर रहे युवाओं के जज्बे की तुलना भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद से करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पेपर लीक पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन पेपर लीक के मुद्दे पर कुलदीप वत्स ने धार्मिक वक्ता धीरेंद्र शास्त्री के बयान से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनके सपने टूट जाते हैं। वत्स ने कहा कि इस समस्या को गंभीरता से लेकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संसद गतिरोध और बीजेपी नेताओं की भाषा पर निशाना संसद में जारी गतिरोध को लेकर विधायक ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बचाने में लगी हुई है। वहीं, पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वत्स ने कहा कि सत्ता के अहंकार में बीजेपी नेताओं की भाषा मर्यादा की सीमाएं पार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र की जगह लठतंत्र चल रहा है और सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्नाव में गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शहर के जीईसी ग्राउंड में इकट्ठे हुए छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और इंकलाब जिंदाबाद, भारत माता की जय, तथा शिक्षा बचाओ जैसे नारे लगाए। उनका आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर छात्रों की आवाज को लगातार अनसुना किया जा रहा है और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शन में शामिल छात्र राजन ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एक अन्य छात्र कुश सिंह ने बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर में छात्र अपनी आवाज उठा रहे हैं और उन्नाव के छात्र भी इसी कड़ी में शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने सरकार से शिक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा बना रहे। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सिरोही के उपखंड अधिकारी हरि सिंह देवल ने गुरुवार को पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल, सिरोही का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों, भौतिक संसाधनों और विभिन्न नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी देवल ने स्कूल के संविधान कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। देवल ने संविधान कक्ष को और अधिक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद उन्होंने स्कूल परिसर में विकसित बाल वाटिका, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय सहित अन्य शैक्षणिक संसाधनों का भी जायजा लिया। इस अवसर पर सीबीईओ भबूताराम भी उपस्थित रहे। उपखंड अधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि वे छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और संविधान के प्रति जागरूक बनाने के लिए नवाचार निरंतर जारी रखें। प्रिंसिपल हीरा खत्री ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम श्री योजना के माध्यम से स्कूल में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पीएम श्री प्रभारी गोपाल सिंह राव ने बताया कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर नवाचार, जागरूकता कार्यक्रम और कौशल विकास गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उपखंड अधिकारी के इस निरीक्षण से स्कूल परिवार में उत्साह का वातावरण देखा गया। शिक्षकों ने इसे स्कूल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रेरणादायक बताया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में लगातार तीसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विश्वविद्यालय के सिंहद्वार समेत पूरे कैंपस में पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीमें पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि पूरे विश्वविद्यालय परिसर की ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर अथवा आसपास किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई संगठन या व्यक्ति बिना अनुमति के प्रदर्शन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना है। विश्वविद्यालय कैंपस में LIU की टीम अलर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्राक्टोरियल बोर्ड की टीमें परिसर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं। पुलिस बल के साथ-साथ स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की टीमें भी कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर, मधुबन पार्क और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर निगरानी बनाए हुए हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश करने वाले लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, बीएचयू के छात्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उनका आरोप है कि प्रत्येक मामले में जांच और कार्रवाई की घोषणा तो होती है, लेकिन दोषियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जताई नाराजगी छात्रों ने मांग की कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की। हालांकि पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते बीएचयू परिसर में किसी भी छात्र संगठन ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं किया। छात्रों ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यक्त की और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ABVP ने भी जारी किया पत्र इस बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। परिषद ने जारी बयान में कहा कि विद्यार्थी होने का दावा करने वाले कुछ अराजक तत्वों और सुरक्षाबलों के बीच हुए टकराव तथा सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अभाविप ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के न्यायोचित आंदोलन की आड़ में कुछ राजनीतिक स्वार्थों से प्रेरित एवं समाजविरोधी तत्वों ने हिंसा और अराजकता फैलाने का प्रयास किया, जिसकी परिषद कड़े शब्दों में निंदा करती है। संगठन ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए विद्यार्थियों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे टकरावों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। परिषद ने अपने बयान में यह भी कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान केवल संवाद, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही संभव है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास शिक्षा प्रणाली में बना रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की आंच प्रयागराज तक पहुंच गई है। बुधवार देर रात यहां प्रतियोगी छात्रों के एक गुट ने कर्नलगंज में प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगर 24 जुलाई तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो 25 से वह अनिश्चतकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के सामने अपनी मांग रखी और इसका वीडियो CJP ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी किया है। पुलिस कमिश्नर की आवास की ओर जाना चाहते थे बुधवार रात छात्रों का एक समूह ट्रैफिक चौराहे से नारेबाजी करते हुए पुलिस कमिश्रर आवास की ओर जाने लगा। जानकारी पर कर्नलगंज थाने की फोर्स के साथ डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य और एसीपी कर्नलगंज विवेक कुमार यादव पहुंचे और उनसे बातचीत शुरू की। कहा, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे छात्रों ने कहा कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन से उनकी कोई नाराजगी नहीं है और वह सिर्फ छात्र हित में अपनी बात रखने के लिए आए हैं। कहा कि 24 जुलाई तक अगर शिक्षा मंत्री धर्मेेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है तो वह 25 जुलाई से धरना प्रदर्शन करेंगे। बाधा न उत्पन्न करे पुलिस-प्रशासन यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट से शुरू होकर पूरे प्रयागराज को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन में किसी तरह की बाधा न उत्पन्न करे। इस पर अफसरों ने उनसे कहा कि वह अनुमति के लिए अप्लाई करें। छात्रों ने बताया कि उन्होंने कर्नलगंज थाना प्रभारी और एसीपी कर्नलगंज को अपना मेमोरेंडम सौंप दिया है। छात्रों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसे बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के करीब CJP ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया। इसमें लिखा कि इलाहाबाद के छात्रों का आग्रह, अगर 24 तारीख तक धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो फिर 25 तारीख से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू होगा।
उकलाना के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। विधायक नरेश सेलवाल ने बयान जारी कर कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार : नरेश उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठाते रहे हैं। जब वे छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, तब उन्हें तथा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नरेश सेलवाल ने बताया कि 21 जुलाई को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा छात्रों के समर्थन में चंडीगढ़ स्थित लोक भवन का घेराव किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक नरेश सेलवाल सहित कई विधायकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सेक्टर-17 थाना में हिरासत में रखा गया, जहां से देर रात करीब एक बजे रिहा किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है।
कांग्रेस ने दिल्ली में पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और छात्रों के मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, कांग्रेस जिला कार्यालय पर लाठी-डंडे लेकर कार्यकर्ता तैनात रहे, क्योंकि कार्यालय के घेराव की सूचना थी। कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों और अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए कथित बर्बर व्यवहार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले को जूतों से रौंदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने इस अवसर पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने तानाशाही की सभी हदें पार कर दी हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर मोदी सरकार और आरएसएस की चुप्पी को भी उजागर किया। जियाउर्रहमान ने भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों से गुलामी से बाहर निकलकर छात्रों के समर्थन में आने का आह्वान किया। जियाउर्रहमान ने दावा किया कि जनता ही सांसद और विधायक बनाती है, और 2027 तथा 2029 के चुनावों में भाजपा का सफाया तय है। उन्होंने यह भी कहा कि बुलंदशहर जिले के कांग्रेसी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के अलावा प्रशांत बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, साजिद गाजी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी, आशु कुरैशी, सुरेंद्र उपाध्याय, शुभम कौशिक और साहिल सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
थलापति विजय की बड़ी मांग: क्या शिक्षा को राज्य सूची में लाने से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा यह बवाल
देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (नीट) के पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, दक्षिण भारतीय सिनेमा के मेगास्टार से राजनेता बने थलापति विजय ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक बेहद कड़ा और बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। विजय ने केंद्र सरकार के पाले से गेंद निकालते हुए शिक्षा को वापस 'राज्य सूची' (State List) में शामिल करने की जोरदार मांग की है। उनका तर्क है कि जब तक राज्यों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था तय करने का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह के पेपर लीक और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले घपले बंद नहीं हो सकते हैं। थलापति विजय के इस बयान के बाद दक्षिण भारत से लेकर राष्ट्रीय राजधानी तक सियासी गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई यह कदम देश की शिक्षा व्यवस्था की सभी समस्याओं का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद ने क्यों पकड़ी है तूल?पिछले कुछ समय से नीट परीक्षा की पारदर्शिता, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों मेधावी छात्रों और उनके अभिभावकों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। छात्रों का कहना है कि साल-दर-साल कड़ी मेहनत करने के बावजूद जब सिस्टम की कमियों के कारण पेपर लीक हो जाते हैं, तो उनका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसी जनआक्रोश और छात्रों के दर्द को समझते हुए राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय नेताओं ने अब खुलकर केंद्र सरकार की सेंट्रलाइज्ड परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।शिक्षा को राज्य सूची में लाने से क्या होगा बदलाव?भारतीय संविधान में शिक्षा मूल रूप से राज्य सूची का विषय हुआ करती थी, जिसे साल 1976 में 42वें संविधान संशोधन के जरिए 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) में डाल दिया गया था, जिसका मतलब है कि इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं। थलापति विजय और अन्य क्षेत्रीय दलों का मानना है कि शिक्षा को दोबारा पूरी तरह राज्य सूची में लाया जाना चाहिए। इसके पीछे मुख्य तर्क यह दिया जा रहा है कि:स्थानीय जरूरतें: हर राज्य की सामाजिक, आर्थिक और भाषाई स्थिति अलग होती है, इसलिए वहां की शिक्षा और प्रवेश परीक्षाएं स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर होनी चाहिए।पारदर्शिता और जवाबदेही: जब परीक्षा का नियंत्रण राज्य सरकारों के पास होगा, तो किसी भी गड़बड़ी या लीक की स्थिति में तुरंत और कड़े स्थानीय कदम उठाए जा सकेंगे।सेंट्रलाइज्ड सिस्टम का दबाव खत्म: दिल्ली से संचालित होने वाली केंद्रीकृत व्यवस्था के बोझ से छात्रों को मुक्ति मिलेगी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को न्याय मिल सकेगा।क्या वाकई खत्म हो जाएगा NEET और पेपर लीक का बवाल?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाना एक जटिल और दूरगामी प्रक्रिया है, जिस पर देश भर में आम सहमति बनना आसान नहीं है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार का यह तर्क रहता है कि एक देश, एक परीक्षा प्रणाली से पूरे देश के छात्रों को एक समान मंच मिलता है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय दल इसे राज्यों के अधिकारों में सीधा दखल मानते हैं। बहरहाल, थलापति विजय की इस मांग ने नीट विवाद को एक नया राजनीतिक और वैचारिक मोड़ दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर और अधिक घमासान देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि गरीब छात्रों की शिक्षा के उद्देश्य से बनाई गई यूनिवर्सिटी को भाजपा सरकार राजनीतिक विरोध के चलते निशाना बना रही है। यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी तो समाजवादी पार्टी राज्यपाल से मुलाकात करेगी और न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि जिस समय जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ था, उस समय वहां न जिला पंचायत थी और न ही नगर पंचायत। वर्ष 2024 में क्षेत्र का विस्तार कर गांवों को स्थानीय निकाय में शामिल किया गया। ऐसे में 48 बीघा जमीन पर यह कहते हुए कार्रवाई करना कि नक्शा पास नहीं कराया गया, पूरी तरह अनुचित है। जब संबंधित निकाय अस्तित्व में ही नहीं था, तब नक्शा पास कराने का प्रश्न ही नहीं उठता। माता प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि आजम खान को पहले राजनीतिक कारणों से मुकदमों में फंसाया गया और अब उनकी बनाई यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और गरीब छात्रों के लिए बने संस्थान को खत्म करने का प्रयास कर रही है। 'पेपर लीक से युवाओं का भविष्य दांव पर' नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। निष्पक्ष परीक्षा कराना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह इसमें पूरी तरह विफल रही। इसी कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर कार्रवाई पर भी उठाए सवाल उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने लौटकर बताया कि बाहरी लोगों ने उनके साथ मारपीट की। यदि लाखों छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। 'भाजपा सपा से डरती है' संविधान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के समय जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का सम्मान दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर मंच से समाजवादी पार्टी का नाम इसलिए लेती है क्योंकि वह उससे राजनीतिक रूप से डरती है और उसे बदनाम करने की कोशिश करती है। 'सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही' माता प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों और किसानों की बजाय बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जाते हैं, जबकि किसानों के छोटे-छोटे कर्ज तक माफ नहीं किए जाते। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के साथ अजय सागर, रामपुर के जिलाध्यक्ष नसीर अहमद खां, विधायक कमाल अख्तर, विधायक शाहिद मंजूर, विधायक एवं प्रदेश महासचिव अताउर्रहमान तथा नवाब जान शामिल रहे।
शेखपुरा में गुरुवार को पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह विरोध मार्च सुबह कोचिंग के लिए आए छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित किया गया था। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं तिरंगा झंडे और नारे लिखी तख्तियां लिए शहर के स्टेशन रोड से पटेल चौक तक जुलूस के रूप में पहुंचे। मानसिक तनाव का सामना कर रहे छात्र इस जुलूस में छात्र राजद नेता आलोक कुमार, निधिश कुमार गोलू और रिक्की खान सहित अन्य छात्र नेता भी शामिल थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार की कथित विफलता के कारण विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं, जिससे छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन की तस्वीरें… प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उनके अनुसार, इस लाठीचार्ज का विरोध करने पर दिल्ली और पटना में भी छात्रों की पिटाई की गई, जिसके कारण कई छात्र अस्पतालों में भर्ती हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। दंडाधिकारियों के नेतृत्व में सशस्त्र पुलिस बल जुलूस के साथ चल रहा था।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने नीट मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खुलासों से सरकार की बौखलाहट लगातार बढ़ती जा रही है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज वीरवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन, सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सुबह करीब साढे 10 बजे लोग कन्हैया साहिब चौक पर इकट्ठा हुए, जिसके बाद करीब 11 बजे लघु सचिवालय की तरफ बढ़ना शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे जाम की स्थिति पैदा हो गए। इस तरफ की सड़क को बंद करके वन-वे ट्रैफिक चलाया गया। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग किसान व अन्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने बताया कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग भाकियू टिकेत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी कीं, जिससे कई छात्र-युवा घायल हो गए। इस घटना से पूरे देश में युवाओं और किसानों में रोष है। सर्व समाज मोर्चा की राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
हरियाणा में NEET पेपर लीक, दिल्ली में लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के समर्थन में आज भी कई जगह धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। धरनों पर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। रोजाना हरियाणा से सुबह की ट्रेनों और बसों में जंतर-मंतर पर लोग जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी विरोध -प्रदर्शनों को देखते हुए मैदान में आ गए हैं। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज गुरुग्राम में कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भी बाकि जिलों में विपक्षी दल प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। बता दें कि कल भी हरियाणा में बड़े स्तर पर युवाओं व विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया था। पंचकूला में कांग्रेस नेताओं व वर्करों ने भाजपा कार्यालय पंचकमल का घेराव किया था और यहां करीब आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया था। हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें:-
लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- 'छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदारएक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं। राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें। रत्ना पाठत बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे'एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं? अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं। सीमा पाहवा ने कहा- 'चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स'एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए। सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती। राजकुमार राव की अपील- 'बातचीत से निकलेगा समाधान'एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है। उन्होंने आगे कहा, छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है। क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामलादेशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
रोजगार शिक्षा देने वाले शिक्षकों के स्थायी रोजगार का ठिकाना नहीं
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगार का गुर सिखाने वाले करीब 5 हजार व्यावसायिक शिक्षकों के स्थायी रोजगार का कोई ठिकाना नहीं है। न तो उन्हें वेतन मिल रहा है और ना ही उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाया गया है। ऐसे में बेरोजगार हुए इन व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने बुधवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपने खून से सरकार को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने हरियाणा मॉडल पर राजस्थान में उनके रोजगार की स्थायी व्यवस्था करने और ठेका प्रथा बंद करने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ भी किया। शहीद स्मारक पर दिनभर दिए गए इस धरने में प्रदेशभर से आए व्यावसायिक शिक्षक मौजूद थे। वर्तमान में प्रदेश के 4 हजार स्कूलों में करीब 7 लाख विद्यार्थी व्यावसायिक शिक्षा में अध्ययनरत है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी और कंप्यूटर लैब अटेंडेंट के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अप्रैल और मई 2026 का लंबित मानदेय जारी करने को लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) और स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं डीडीओ (DDO) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय की ओर से 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि बजट उपलब्ध होने और पहले भी निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कई स्कूलों में अब तक अप्रैल और मई का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को 24 जुलाई 2026 तक हर हाल में वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन जारी होने के बाद कर्मचारियों का डेटा हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयी (Security of Service) Act, 2024 के तहत निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही OTP वेरिफिकेशन सहित सभी औपचारिकताएं 31 जुलाई 2026 तक पूरी करना अनिवार्य होगा। देरी हुई तो होगी कार्रवाई निदेशालय ने आदेश में चेतावनी दी है कि यदि वेतन जारी करने या अन्य औपचारिकताओं में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही हुई तो संबंधित प्रधानाचार्य और डीडीओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस के छात्रों की गूंज अभियान के तहत इंदौर के रविंद्र नाट्यगृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लोकतंत्र, छात्र राजनीति और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी मौजूद रहे। दो नों नेताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और युवाओं की नीति निर्माण में भागीदारी पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार चुनने के बाद नागरिकों का अधिकार है कि वे उसके फैसलों पर सवाल करें। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही है, जहां सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के लिए जवाबदेह हो। यदि सवालों का जवाब नहीं मिलता, तो असंतोष बढ़ता है और आंदोलन की स्थिति बनती है। इस दौरान पटवारी ने छात्र राजनीति और शोध उपाधियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत समझ के अनुसार कई नेता प्रभाव और दबदबे के बल पर नकल करके पीएचडी पूरी कर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीति से जुड़े लोगों में ऐसे मामलों का प्रतिशत काफी अधिक है। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। उच्च शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए पटवारी ने हाल ही में विश्वविद्यालय खोलने के नियमों में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि केवल दो कमरों में विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाली संस्था नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का केंद्र होना चाहिए। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब विपक्ष प्रभावी नहीं रहता, तब जनता सवाल पूछने के बजाय व्यक्तिपूजा की ओर बढ़ने लगती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है, क्योंकि जवाबदेही से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ एसोसिएशन और युवक कांग्रेस से जुड़ी शांभवी शुक्ला की ओर से किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी के संबोधन के वीडियो प्रदर्शन से हुई। संवाद के दौरान युवाओं की भागीदारी, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।
नीमच के मेसी शोरूम चौराहे स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन NEET परीक्षा में अनियमितताओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। 'सच्चाई की लड़ाई' का पोस्टर लगाकर दर्ज कराया विरोध धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा पोस्टर लगाया है, जिसमें दिल्ली में संसद घेराव और पुलिस कार्रवाई के दौरान घटी घटनाओं को दर्शाया गया है। प्रतिनिधियों का आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। BAP और जयस की 6 मुख्य मांगे: CBI जांच: NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच हो। दोषियों की गिरफ्तारी: पेपर लीक में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मुफ्त इलाज: लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों को उचित और नि:शुल्क इलाज दिया जाए। पुलिसकर्मियों पर FIR: छात्राओं के साथ अभद्रता करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज हो। अधिकारियों पर कार्रवाई: छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएं। छात्र अधिकारों की रक्षा: लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास बंद किया जाए। आम आदमी पार्टी समेत अन्य संगठनों का मिला समर्थन इस अनिश्चितकालीन धरने को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई अन्य सामाजिक व स्थानीय संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों के हक की इस लड़ाई में शामिल हो रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
संसद मार्च भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण था। देशभर से हजारों छात्र-युवा शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली पहुंचे थे ताकि सरकार उनकी समस्याओं पर संवाद करे, लेकिन उन्हें पुलिस बल का सामना करना पड़ा। आरोप लगाया गया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, महिला छात्राओं के साथ अभद्रता हुई, अनेक छात्र घायल हुए तथा शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। बुधवार को यह बात पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस प्रियव्रत सिंह ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने कहा देशभर में युवा मोदी सरकार की विफल शिक्षा नीति, लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती में देरी और बढ़ती बेरोजगारी से आक्रोशित है। वक्ताओं ने कहा छात्रों की गूंज अभियान करोड़ों छात्रों की आवाज है, जिसे कांग्रेस सड़क से संसद तक मजबूती से उठाएगी। प्रियव्रत सिंह ने कहा - लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, के.सी. वेणुगोपाल सहित इंडिया गठबंधन के सांसद प्रधानमंत्री से छात्रों की मांगों पर चर्चा करने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। 7.5 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए पूर्व उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश विधानसभा हिना कवारे ने कहा कि पिछले 12 सालों में देशभर में कम-से-कम 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। परीक्षाएं रद्द हुई, परिणामों में देरी हुई और भर्ती प्रक्रियाएं ठप पड़ गई। इससे पूरी एक पीढ़ी का भविष्य संकट में आ गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रही है। नेताओं ने कहा कि NEET-UG 2026 इस विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। 3 मई को हुई परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करनी पड़ी। री-नीट से पहले 21 अभ्यर्थियों की आत्महत्या की खबरों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर संवेदनहीन बनी रही कांग्रेस ने उठाई मांग
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों का असर अब बिहार के मोतिहारी में भी देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षाविद् सोनम वांग्चुक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। कैंडल मार्च में शामिल छात्र नेता संतोष कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सत्याग्रहियों और सोनम वांग्चुक के आंदोलन के प्रति भी समर्थन जताया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया कैंडल मार्च छात्रों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्र और शिक्षाविद् विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी के समर्थन में मोतिहारी में कैंडल मार्च आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात था। मार्च के दौरान छात्रों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दो मिनट का मौन रखा और प्रभावित छात्रों के बेहतर भविष्य की कामना की। छात्रों ने साझा की अपनी पीड़ा प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि पूरे वर्ष की मेहनत के बाद पेपर लीक की खबर ने छात्रों के मनोबल को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि वे केवल निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्र ने यह भी कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का रास्ता चुना है। पांच सूत्री मांग पत्र किया जारी प्रदर्शनकारियों ने पांच सूत्री मांग पत्र जारी कर नीट परीक्षा की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। छात्रों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। संविधान के प्रति आस्था जताई कचहरी चौक पर मार्च के समापन के बाद छात्रों ने संविधान की प्रति के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने आम जनता, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की।
फर्रुखाबाद में बुधवार शाम समाजवादी पार्टी (सपा) सैनिक प्रकोष्ठ ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से लोहिया मूर्ति तक आयोजित किया गया। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे आवास विकास स्थित पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव सर्वेश अंबेडकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने काली पट्टी बांधी और गले में तख्तियां डालकर हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। तख्तियों पर 'नीट पेपर लीक होने पर 20 से अधिक छात्रों को विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा था। लोहिया तिराहा स्थित लोहिया मूर्ति पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई धांधली और नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। यादव ने आगे कहा कि नीट पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। एडवोकेट पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि नीट परीक्षा के पेपर लीक में प्रभावित हुए छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए सैनिक प्रकोष्ठ के साथ समाजवादी पार्टी के अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा, हम उन छात्रों को नमन करते हैं जो नीट परीक्षा के दौरान 'शहीद' हो गए।
गोपालगंज में छात्र संवाद कार्यक्रम:शिक्षा व्यवस्था और छात्र अधिकारों पर हुई चर्चा
गोपालगंज में जिला कांग्रेस कार्यालय में एक छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए चर्चा करना था। महाराष्ट्र के पूर्व विधायक हेमंत ओगले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए हेमंत ओगले ने देश और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और जब तक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और सही मार्गदर्शन नहीं मिलेगा, तब तक समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। ओगले ने केंद्र और राज्य सरकार की वर्तमान शैक्षणिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी पर हुए लाठीचार्ज का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और छात्र अधिकारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस छात्र संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र नेता और स्थानीय युवा शामिल हुए। जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने हेमंत ओगले का स्वागत किया। उन्होंने संकल्प लिया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
मधुबनी में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने बुधवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और पटना में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में था। एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना के नेतृत्व में बुधवार शाम करीब 4 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से थाना चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पैदल मार्च थाना चौक पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पटना में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से छात्रों के प्रति अपनाए गए रवैये पर पुनर्विचार करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस पूरे क्षेत्र में तैनात रही। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन की मौजूदगी में ट्रैफिक थाना पुलिस भी मुस्तैद रही। पुलिस की सतर्कता के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग और बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। एमएसयू ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करती है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने और छात्र आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
पावटा में बुधवार को ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में मुख्य बाजार में कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों से करोड़ों परीक्षार्थियों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है और यह उनके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सभी कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की भी मांग उठाई गई। प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के हितों की रक्षा का उठाया मुद्दा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद धरना-प्रदर्शन में पीसीसी सचिव जगदीश मीणा, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गोयल, जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष महादेव यादव, जिला उपाध्यक्ष मेहरसिंह धनकड़ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बीजापुर जिले के अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास के दावों की हकीकत कुछ और ही है। छिन्नकवाली पंचायत के गुड्डीपाल, कंदुलनाट, आदेड, रालापाल और चिन्नाकवाली गांवों के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बारिश के मौसम में इन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में स्कूल भवन तो हैं, लेकिन शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुंचते। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। बारिश में राशन पहुंचाना भी चुनौती लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों में बाढ़ और खराब सड़कों के कारण गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का राशन भी समय पर नहीं पहुंचता। कई बार राशन लेने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। दो महीने से बिजली गुल ग्रामीणों के अनुसार, कई गांवों में पिछले करीब दो महीने से बिजली नहीं है। बिजली बंद होने से लोगों को अंधेरे में जीवन बिताना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कार्यों में भी परेशानी हो रही है। नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा भी नहीं इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की स्थिति भी बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली और नेटवर्क दोनों नहीं होने से सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और आपातकालीन जानकारी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी नियमित रूप से गांवों तक नहीं पहुंच पातीं। मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बारिश के दौरान खराब रास्तों और उफनते नदी-नालों के कारण अस्पताल पहुंचना और भी कठिन हो जाता है।
बालोद में बुधवार को कांग्रेस ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। जयस्तंभ चौक पर भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की। गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने इस दौरान कहा कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। संजारी-बालोद विधायक और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कम हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि NEET पेपर लीक से देशभर के छात्रों और उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हिरवानी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। लाठीचार्ज और नेताओं की हिरासत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कई सवाल भी किए। इनमें NEET पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक हुई कार्रवाई, छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले और युवाओं के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को हिरासत में लेने के कारण शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बताया।
बारां में एनएसयूआई ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने छात्रों पर लाठीचार्ज और हिरासत में लेने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। ब्लॉक अध्यक्ष नितेश मीणा और जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और हंगर स्ट्राइक के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें हिरासत में लेना गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष कशिश धाकड़ और जिला सचिव यशवंत कटारिया ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लेना भी गलत था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना कोई अपराध नहीं है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग भी उठाई। इस दौरान अनिरुद्ध मीणा, हरीश मीणा, अविनाश मीणा, कौशल सुमन, हर्षित नागर, सौरभ नागर सहित कई छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को चूरू में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था। केंद्र सरकार के इशारे पर हुई इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसी क्रूरता के विरोध में बुधवार को देशभर में पुतले जलाकर प्रदर्शन किए गए। किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को तुरंत समाप्त करने और नीट धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) को भी निरस्त करने की मांग की, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। किसान सभा जिलाध्यक्ष इंद्राज सिंह ने कहा कि यह फ्री ट्रेड डील देश के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। किसान नेता कॉमरेड निर्मल प्रजापत ने केंद्र सरकार की दमनात्मक कार्रवाई और फ्री ट्रेड डील की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आने वाले समय में किसान मोर्चा के बैनर तले एक बड़े आंदोलन का आह्वान भी किया। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री कॉमरेड उमराव सहारण, परमेश्वरलाल, आयुष खीचड़, अनिल कुमार, विक्रम मेघवाल, शेराराम जाखड़, धर्मेंद्र भांभू, राजेंद्र बलारा, विकास शर्मा, विनोद स्वामी, रामकुमार खीचड़, रामस्वरूप मेघवाल, बेगराज मील और दीपाराम सहित कई किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
कौशाम्बी जिला मुख्यालय में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में NEET परीक्षा लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुई कथित बर्बरता और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी व बदसलूकी के विरोध में था। इस दौरान कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से देश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दोबारा चुनाव कराने की भी मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी न्यायहित में नहीं थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पुलिस के दम पर 'गुंडागर्दी' पर उतारू है और उनके कार्यकर्ताओं को 'हाउस अरेस्ट' कर रही है। पाण्डेय ने सवाल उठाया कि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों नहीं ले पा रही है, जबकि छात्रों पर बर्बरता की जा रही है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
हनुमानगढ़ के पक्कासारणा गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की एक महिला शिक्षिका के तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सीडीईओ को ज्ञापन सौंपकर तबादला रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका का तबादला विवाद के मूल कारणों की जांच किए बिना कर दिया गया, जबकि मामले के दूसरे पक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि शिक्षिका ने पहले ही एक अन्य शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों के अनुसार, विभाग ने शिकायत की निष्पक्ष जांच पूरी किए बिना ही शिक्षिका का तबादला महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, मुंडा कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि तबादला आदेश निरस्त कर शिक्षिका को पुनः पक्कासारणा स्कूल में ही पदस्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से दूसरे शिक्षक के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से एकतरफा कार्रवाई की समीक्षा करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन को तेज करेंगे, जिसमें स्कूल पर ताला लगाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। प्रदर्शन के दौरान रणवीर, रमेश, विजय माली, राजू, सोनू, साहबराम, विजय कुमार, करण, विनोद, दलीप कुमार, पंकज, पवन खीचड़, महेंद्र कुमार, हेमचंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
नरसिंहपुर जिले के सुभाष पार्क के पास बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र नेता मुकुल तिवारी ने इस दौरान बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से संबंधित हैं। तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मुकुल तिवारी ने 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई लाठीचार्ज की घटना पर गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और इस आंदोलन का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाया और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई की अपील की। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
NEET पेपर लीक में भाकपा का प्रतिरोध मार्च:छात्र आंदोलन पर एक्शन, गृह-शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की मधुबनी जिला इकाई ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले और छात्र-युवा आंदोलन पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया। यह मार्च टाउन क्लब मैदान से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में भाकपा कार्यकर्ता शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे। समाहरणालय के समक्ष कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग भी उठाई कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, अश्रुगैस के प्रयोग और कथित अमानवीय कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व जिला मंत्री मिथिलेश झा, राष्ट्रीय परिषद सदस्य राजश्री किरण, राज्य परिषद सदस्य उपेंद्र सिंह, रामनारायण बनरैत, मनोज मिश्र, राकेश कुमार पांडेय, रामनारायण यादव, आनंद कुमार झा, सूर्यनारायण महतो, मदन मिश्र, अशेश्वर यादव, मोतीलाल शर्मा, मो. साबिर, बलराम यादव, अजय वर्मा, संतोष कुमार झा और अनिल कुमार सिंह सहित अन्य नेताओं ने किया। 'आंदोलनों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही सरकार' समाहरणालय के समक्ष आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्र-युवा आंदोलनों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के कथित बाजारीकरण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के प्रति दमनात्मक व्यवहार अपनाने की आलोचना की। वक्ताओं ने जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई की न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। चरणबद्ध आंदोलन चलाने की घोषणा की नेताओं ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और उसके जनसंगठन लगातार छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी और अलोकतांत्रिक नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाने की घोषणा की। इस कार्यक्रम में राजेंद्र मिश्रा, धीरज पासवान, मो. कलाम, सत्यनारायण यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनीपत कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया गया। छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी सोनीपत ने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रों की मांगों पर संवैधानिक हस्तक्षेप की अपील की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों और छात्राओं के साथ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी नेताओं के साथ हुए पुलिस व्यवहार की भी आलोचना की। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी सोनीपत की ओर से डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र-छात्राएं परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती में देरी और प्रशासनिक विफलताओं से युवाओं का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दें। कांग्रेस की प्रमुख मांगेंज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। इसके अलावा परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने तथा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई समाप्त करने की भी मांग की गई। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार ने बेटियों के साथ किया अभद्र व्यवहार सोनीपत शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही बेटियों के साथ कथित रूप से बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार के शासन में ही छात्राओं के साथ अभद्रता हुई। कमल दीवान ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ कथित मारपीट की, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया, जिससे उन्हें चोट भी पहुंची। कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करती है। जगबीर मलिक ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप पूर्व विधायक जगबीर मलिक ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज देश के लिए बेहद शर्मनाक घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर की गई। जगबीर मलिक ने कहा कि देश में सैकड़ों पेपर लीक हो चुके हैं और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को फेलियर बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही भाजपा पर कई राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के पास नैतिकता नहीं बची है और वह समाज को जाति एवं धर्म के आधार पर बांटने का काम कर रही है। राहुल गांधी और खड़गे की हिरासत का भी किया जिक्र ज्ञापन में कांग्रेस ने 21 जुलाई 2026 की उस घटना का भी उल्लेख किया, जब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत कार्रवाई थी। ज्ञापन में कहा गया कि बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
डीडवाना के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) रूपाराम पिण्डार ने 5वीं और 8वीं बोर्ड पूरक परीक्षा के तहत लाडनूं स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उन्हें संतोषजनक पाया। पिण्डार ने लाडनूं के जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल और पीएम श्रीमती केशर देवी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का दौरा किया। दोनों केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल लोडसर का भी सम्बलन किया। उन्होंने स्कूल में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के गृहकार्य की नियमित जांच और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता तथा निर्धारित मैन्यू के अनुसार व्यवस्था को सराहनीय बताया। उन्होंने विशेष रूप से विज्ञान एवं गणित विषय की अध्यापिका सुमित्रा के कार्य की प्रशंसा की, जिसे विद्यार्थियों के हित में प्रभावी बताया गया। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सुचित्रा के स्कूल प्रबंधन, शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन और सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय की भी सराहना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल स्टाफ को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी को इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
कटनी जिले के बड़वारा तहसील मुख्यालय में कांग्रेस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुतला छीनने को लेकर बड़वारा पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि कार्यकर्ता पुतला जलाने में सफल रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- युवाओं की आवाज दबा रही सरकार युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्र और जनविरोधी मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अधिकार मांग रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं। जब राहुल गांधी इस कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठे, तो उन्हें असंवैधानिक तरीके से हिरासत में ले लिया गया। अधिकारों की बात करने पर पुलिस बल का प्रयोग कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विकास निगम ने कहा कि जब भी देश का युवा अपने भविष्य और अधिकारों की बात करता है, तो सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर आवाज दबाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के हित में निर्भीक होकर आवाज उठाई, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और पुलिस बल मौजूद रहा।
सहरसा जिला कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व युवा अध्यक्ष केशव चंद्र यादव, छत्तीसगढ़ के विधायक राघवेंद्र सिंह और एनएसयूआई अध्यक्ष केसर कुमार सिंह की उपस्थिति में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान छात्रों की गूंज की रूपरेखा और देश में छात्रों व युवाओं के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि देश के शिक्षा मंत्री को अभिलंब इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन छात्रों के आंदोलन पर लाठियां बरसाई जा रही है। करोड़ों छात्रों के भविष्य के लिए खतराप्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व युवा अध्यक्ष केशव चंद्र यादव ने कहा कि देश का युवा आज परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। उन्होंने नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी व पेपर लीक की घटनाओं को करोड़ों छात्रों के भविष्य के लिए खतरा बताया। यादव ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे तुरंत भंग करने और एक स्वतंत्र, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित करने की मांग की। छत्तीसगढ़ के विधायक राघवेंद्र सिंह ने देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी और बदहाल बुनियादी ढांचे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में अत्यधिक देरी युवाओं के अमूल्य वर्षों को बर्बाद कर रही है। सिंह ने सरकार से सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक बाध्यकारी वार्षिक कैलेंडर लागू करने की मांग की, ताकि परीक्षाएं और नियुक्तियां समय पर पूरी हो सकें। अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान कियाएनएसयूआई के अध्यक्ष केसर कुमार सिंह ने स्थानीय युवाओं और छात्रों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की इस आवाज को सड़कों से लेकर संसद तक उठाएगी। सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी दोहराई। नेताओं ने बताया कि छात्रों की गूंज आंदोलन के तहत देशभर के प्रमुख शहरों में छात्रों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुकेश कुमार झा (जिलाध्यक्ष), कुमार हीरा प्रभाकर (वरीय उपाध्यक्ष), रंजन यादव (प्रदेश महासचिव), मो मजनू हैदर कैश (प्रदेश प्रतिनिधि) सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।
मरवाही जनपद पंचायत में समग्र शिक्षा अभियान की करीब 99.27 लाख रुपए की राशि के गबन के मामले में कार्रवाई की गई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार सागर और सहायक ग्रेड-3 भुवन प्रसाद की आगामी दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। शासन ने समग्र शिक्षा अभियान के खाते में जमा राशि वापस करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि सीईओ ने राशि वापस नहीं की। उन्होंने संयुक्त खाते से बीआरसीसी का नाम हटाकर अकेले खाते का संचालन किया और फर्जी खर्च दिखाकर 99 लाख 27 हजार 684 रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) से मिले दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट के जरिए हुआ। शासन ने पहले ही खाता बंद कर राशि लौटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जांच के बाद जारी हुआ आदेश मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर विजय दयाराम केके निर्देश पर जिला स्तरीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के जवाब के आधार पर सीईओ और सहायक ग्रेड-3 के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। जांच में क्या मिला जांच में पता चला कि समग्र शिक्षा अभियान की राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास मेला, पंचायत चुनाव, स्टेशनरी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किया गया। राशि का समायोजन तो किया गया, लेकिन भुगतान के दौरान संयुक्त हस्ताक्षर और वित्तीय नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। वित्तीय नियमों का पालन नहीं हुआ जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान की राशि के उपयोग में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। जिला स्तरीय जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार सागर और सहायक ग्रेड-3 भुवन प्रसाद की आगामी दो वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई की गई है।
राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा में कई युवा घायल हो गए थे। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है और सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए हैं।अखिलेश यादव ने बताया क्यों नहीं ले रही सरकार इस्तीफाअखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी सरकार चाहकर भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं ले सकती है। सपा प्रमुख ने इसके पीछे बड़ा कारण बताते हुए कहा कि यदि एक मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो सरकार के कई अंदरूनी और बड़े राज खुल सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का दबाव और डर ही सरकार को कोई कड़ा कदम उठाने से रोक रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि व्यवस्था के भीतर कई परतें छिपाई जा रही हैं।पुलिस कार्रवाई की तुलना हिटलरशाही से कीछात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए अखिलेश यादव ने इसकी तुलना हिटलर के शासनकाल से कर दी। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से आए युवाओं के साथ जिस तरह का अमानवीय बर्ताव किया गया है, वैसा तानाशाही दौर में ही देखा जाता है। लोकतंत्र में इस तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जा सकती है, जहां युवाओं के सिर फोड़े जा रहे हैं और उन पर अत्याचार किया जा रहा है।
भिवानी में संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्र लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल भी शुरू की। साथ ही कहा कि जब तक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देती, तब तक वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे। विरोध प्रदर्शन व भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता मंजीत लांग्यान व पूर्व छात्र नेता उमेश भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर जो लाठीचार्ज किया गया है। उसको लेकर छात्र भिवानी के चिड़ियाघर रोड स्थित चंद्रशेखर चौक पर एकत्रित हुए। यहां से तिरंगे झंडे हाथों में लेकर मार्च निकाला और प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए घटनाक्रम के विरोध तथा न्याय की मांग को लेकर किया गया है। मार्च के उपरांत, दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल भी की गई। उन्होंने कहा कि यह भूख हड़ताल छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी। छात्रों पर लाठी चार्ज निंदनीय उन्होंने कहा कि छात्र नीट परीक्षा लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया और पुलिस ने दुर्व्यवहार किया गया। जो निंदनीय है। इसको लेकर छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है। सरकार इस मांग को पूरा करने की बजाय उल्टा लाठीचार्ज कर रही है। सिविल ड्रेस में भी आपराधिक तत्वों ने छात्रों पर लाठियों से हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने की बजाए उन्हें दमनकारी तरीके से दबाने का प्रयास कर रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक छात्रों की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
मऊ जनपद में बुधवार दोपहर 12 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक के लगातार सामने आ रहे मामलों, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद लगभग 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने में पूरी तरह विफल रही है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेता उदय प्रताप राय ने इस अवसर पर कहा कि पार्टी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसदों और समाजवादी पार्टी के सांसदों के साथ कथित तौर पर किए गए अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पेपर लीक के मुद्दे पर देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। राय ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर किसानों को पर्याप्त बीज और खाद नहीं मिल रही है, जबकि खाद की कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, उदय प्रताप राय ने दोहरीघाट क्षेत्र में एक 24 वर्षीय दलित युवक की पुलिस हिरासत के बाद हुई मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक हुए सभी मेडिकल परीक्षणों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इन सभी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को भेजा गया है। प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
NEET पेपर लीक मामले, छात्रों के भविष्य से कथित खिलवाड़ और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को नागौर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा, मनीष मिर्धा सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस की सतर्कता से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष इंद्रदेव पाल के नेतृत्व में सुबह 11:30 बजे हुए इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने विंध्य एक्सप्रेसवे पक्षी विहार योजना को रद्द करने की प्रमुख मांग रखी। इसके साथ ही, किसानों की भूमि कृषि हेतु सुरक्षित रखने और जबरन भूमि अधिग्रहण न करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग भी इसमें शामिल थी। मोर्चा की अन्य मांगों में भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता बंद करना, अमेरिकी कृषि उत्पादों के हमले से भारतीय किसानों की रक्षा करना, बिजली का निजीकरण रोकना और ईंधन चार्ज के नाम पर बिजली बिल में 10% की वृद्धि न करना शामिल है। उन्होंने किसी भी प्रकार का स्मार्ट मीटर न लगाने, फसलों का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की। किसानों ने वन्य और आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की। धनापुर, कधिया, इमाम अली और जोलहापुर के किसानों की जमीन से यूपीसीडा का नाम खारिज कर किसानों का नाम पूर्ववत दर्ज करने की मांग की गई। भदोही विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान रद्द करने और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। मांगों को मानने की अपील छात्रों और सोनम वांगचुक की मांगों को मानने की अपील भी की गई। इस अवसर पर घनश्याम गौतम, हीरालाल यादव, केशव प्रसाद, मिठाई लाल, अमरावती, बंसराज, सूबेदार, सुनील कुमार, हीरा नारायण, रामलाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की अनुमति नहीं दी, जिसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। हंगामे के बीच कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया। बाद में लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा के 4 बड़े अपडेट्स खबर के मिनट-टू-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
मैहर में मंगलवार शाम छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। छात्र सतना रोड से करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। देखिए 4 तस्वीरें… अमन चौरसिया के नेतृत्व में निकला मार्च यह पैदल मार्च अमन चौरसिया के नेतृत्व में आयोजित किया गया। छात्रों ने ज्ञापन में कहा कि पेपर लीक, भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं में अनियमितताएं, मानसिक तनाव तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। गैर-राजनीतिक पहल होने का दावा छात्रों ने कहा कि यह पहल पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने प्रशासन से शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। छात्रों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार रात बुरहानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। शहर कांग्रेस के नेतृत्व में जयस्तंभ चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जयस्तंभ चौराहे पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई गई। NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और छात्र दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। 'सड़क से संसद तक छात्रों के साथ कांग्रेस' कांग्रेस मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के समर्थन में सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी और लाठीचार्ज जैसे दमनात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में पूर्व विधायक हमीद काजी, अमर यादव, वाजिद इकबाल, इंद्रसेन देशमुख, फहीम हाशमी, हामिद डायमंड, उजैफा मुलायमवाला, हाफिज मंसूरी, आसिफ खान, जावेद खान, आरिफ खान, अब्दुल्ला अंसारी, देवेश्वर ठाकुर, सौरभ कुरैशी, सरिता भगत, डॉ. इमरान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उनका उद्देश्य छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं था। बल्कि उनका मकसद राजनीतिक सुर्खियों के ...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग के विरोध में सलूंबर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार देर शाम प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया। युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस मुद्दे पर चुप्पी का विरोध किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने जोर दिया कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से करना चाहिए, न कि लाठी और आंसू गैस के प्रयोग से। ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जगदीश भंडारी, डीसीसी संगठन महासचिव गणेश एन. मेहता, डीसीसी कोषाध्यक्ष प्रद्युम्न कोडिया, महासचिव अब्दुल रऊफ खान, सचिव नारायण भोई, लसाड़िया ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष माज़िद बेग मिर्ज़ा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह बस्सी, खेल प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद, नगर निकाय अध्यक्ष महिपाल जैन, पूर्व नगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश कोऑर्डिनेटर मोहम्मद समीर, एडवोकेट दिनेश जैन, गजेंद्र मेहता, रोहित भट्ट, निखिल जैन, पार्षद कन्हैयालाल मीणा, मुकेश चौबीसा, तुषार पारडिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पचपदरा रिफाइनरी के निकलने वाले पेट्रोल और डीजल बेचने के लिए प्रदेश सरकार ने राजस्थान में सरकारी जमीनों पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 47 यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की जमीनें अधिग्रहीत की जाएंगी। इसके लिए जमीनें भी चिह्नित कर ली गई हैं। जमीनों के लिए पेट्रोलियम विभाग ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। दूसरी ओर, सरकार के इस फैसले से शिक्षण संस्थानों में खलबली मची हुई है। फिलहाल यह तय नहीं है कि जमीन बेची जाएगी या फिर किराए पर ली जाएगी। इसके लिए पहले रेवेन्यू और यूडीएच से रिकॉर्ड लेने के बाद पॉलिसी बनेगी। इसके अलावा अन्य विभागों से भी जमीन लेने का प्रस्ताव है। राजस्थान यूनिवर्सिटी की 3 जगह लेंगे जमीन, 1 जेएलएन पर आदेश के अनुसार जयपुर में पेट्रोल पंप के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी की 3 जगह जमीन ली जाएगी। जेएलएन मार्ग, तलवंडी, शांति पथ और महात्मा गांधी रोड के पास पंप खोले जाएंगे, यानी कैंपस के तीनों तरफ। जानकारी के अनुसार एचपीसीएल के अधिकारियों ने आरयू में पंप खोले जाने को लेकर जमीन का परीक्षण भी कर लिया है। जबकि खास बात यह है कि अभी तक जेएलएन मार्ग पर कहीं भी पेट्रोल पंप नहीं है। प्रदेश के इन यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में जमीन चिन्हित अजमेर में एमडीएस विवि., गवर्नमेंट कॉलेज और टीटी कॉलेज। अलवर में गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर, आरआर कॉलेज, जीडी गवर्नमेंट कॉलेज। जोधपुर में एमबीएम यूनि., जेएनवीयू, गवर्नमेंट कॉलेज चौपासनी, कुड़ी भगतासनी। कोटा में वीएमओयू, आरटीयू, कोटा यूनिवर्सिटी, कॉमर्स कॉलेज। नागौर में मिर्धा कॉलेज समेत अन्य को आदेश दिए गए हैं। 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल और पेट्रोल बेचा जाएगा एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लि. (HRRL) पचपदरा, जिला बालोतरा में स्थापित 9 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी परियोजना है, जो राज्य सरकार एवं एचपीसीएल का संयुक्त उद्यम है। प्रतिवर्ष 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल और 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल की बिक्री के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल कैडर की ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी कर्मचारियों के HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) डेटा और संबंधित दस्तावेजों को अपडेट व सत्यापित करने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक उच्च शिक्षा (DGHE) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO), सरकारी कॉलेजों, पुस्तकालयों और एनसीसी इकाइयों के प्राचार्यों, डीडीओ और चेकर को 30 जुलाई 2026 तक यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के तहत प्रस्तावित ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव से पहले कर्मचारियों का रिकॉर्ड पूरी तरह सही, अद्यतन और सत्यापित होना जरूरी है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरी की जा सके। गलत अपडेट पर चेकर होंगे जिम्मेदार विभाग ने आदेश में कहा है कि HRMS में स्वीकृत प्रत्येक संशोधन की जिम्मेदारी संबंधित चेकर की होगी। यदि बिना उचित सत्यापन के गलत, फर्जी या नियमों के विपरीत कोई अपडेट किया जाता है तो संबंधित चेकर के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 30 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि HRMS अपडेट, रिकॉर्ड सुधार और आपत्तियों के निपटारे का पूरा कार्य 30 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। विभाग ने इसे अत्यंत जरूरी (टॉप प्रायोरिटी) कार्य घोषित किया है, ताकि ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव निर्धारित समय पर शुरू की जा सके।
कानपुर में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस ने कोतवाली चौराहे पर केन्द्र सरकार का पुतला फूंका, जबकि दक्षिण क्षेत्र में दबौली में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शहर दक्षिण में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मंगलवार शाम 6.30 प्रदेश महासचिव जेपी पाल और एआईसीसी सदस्य विकास अवस्थी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कानपुर महानगर कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में कोतवाली चौराहे पर मंगलवार रात 9 बजे प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की गिरफ्तारी तथा उनके साथ हुई बदसलूकी का विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में पवन गुप्ता, जेपी पाल, विकास अवस्थी, राकेश साहू, संतोष पाठक, राजेश गौतम, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, जावेद उस्मानी, आशुतोष शुक्ला, विनोद अवस्थी, शाहिद जमील, अर्पित मिश्रा, जितेंद्र ब्रह्म, मोहित सैनी, शिवेंद्र श्रीवास्तव समेत कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध:संभल में सपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
संभल में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन रात 9 बजे से 10:15 बजे तक चला। चंदौसी के थाना बहजोई कस्बा क्षेत्र स्थित इस्लामनगर चौराहे पर यह प्रदर्शन हुआ। सपा के जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार और गुन्नौर विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए संभल पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार ने बताया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में छात्र-नौजवानों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी हिरासत में लिया गया। स्थिति बिगड़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। महासचिव ने कहा कि अखिलेश यादव छात्रों और युवाओं के दुख-दर्द को समझते हैं और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान छात्रों के लिए कई योजनाएं चलाई थीं। प्रदर्शनकारियों ने 20 से अधिक बार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, उनकी मांग पूरी नहीं हुई और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए तथा लाठीचार्ज किया गया। महासचिव ने यह भी कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आईं, जिसे संविधान के लिए शर्मनाक बताया गया। उन्होंने दोहराया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष उमेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव, जिलाध्यक्ष छात्र सभा सुरेंद्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधानसभा सुनील यादव, उमर सभासद जीशान, सभासद शेर मोहम्मद, सचिन यादव, पप्पू शर्मा, अशोक गुप्ता, लव यादव, चेतन गुप्ता, मुनेश यादव, अरविंद यादव, मुर्शिद खान, सद्दाम कुरेशी, हनी बाबा, शरद यादव, बिजेंद्र यादव, वीर सिंह यादव, रविंद्र यादव, शोभित कुमार, मनीष यादव, ललितेश यादव, लव यादव, पुष्पेंद्र यादव, राघव शर्मा, ललितेश यादव, उमेश दिवाकर, डॉ हंसराज सिंह, धर्मेंद्र दिवाकर, सर्वेश दिवाकर, रामबाबू दिवाकर, रामवीर यादव, भारत सिंह यादव, महेश यादव, जसवीर प्रधान आदि मौजूद रहें।
दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम मैहर जिले के अमरपाटन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अमरपाटन में सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर फूंकी और नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। तानाशाही का आरोप और गिरफ्तारी की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा स्थल पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
बलिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और कार्यकर्ता मंगलवार रात जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गये। सपा नेता व कार्यकर्ता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रिहाई की मांग कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रात करीब 9:25 बजे धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव को रिहा करो और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। सपा जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने बताया कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर लाठीचार्ज किया गया। देखें, 3 तस्वीरें… उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए संसद से प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी रास्ते में रोककर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यादव ने इसे लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने वालों पर अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। विधायक संग्राम सिंह यादव ने अखिलेश यादव सहित गिरफ्तार सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। यादव ने कहा कि जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान डीएम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर डटे रहे। सपा सुप्रीमों की रिहाई की खबर मिलने तथा लखनऊ सपा कार्यालय से इसकी पुष्टि के बाद सपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जेल का फाटक टूट गया, हमारा नेता छूट गया के नारे के साथ रात 10.20 बजे धरना समाप्त किया।
शाजापुर में मंगलवार शाम जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बस स्टैंड स्थित पार्टी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। रात 8:30 बजे से 10 बजे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। ट्रैफिक प्वाइंट पर बैठकर जताया विरोध प्रदर्शनकारी बस स्टैंड से निकलकर शहरी हाईवे स्थित ट्रैफिक प्वाइंट पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और चक्काजाम करने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दंडवत होकर आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज न करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल रहा तैनात विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन समाप्त किया। उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश्वर सिंह प्रताप ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी। देखें तस्वीरें…
दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बालाघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम करीब 8:30 बजे जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य हनुमान चौक पर टायर जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट मामले को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। देश में 'तख्तापलट' जैसे हालात का आरोप श्याम पंजवानी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। उन्होंने देश के वर्तमान हालातों की तुलना पड़ोसी देशों में हुए तख्तापलट से करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए।
टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नीट पेपर लीक मामले में सरकार पर हमला कांग्रेस नगर अध्यक्ष गौरव शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष अनीस अहमद ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग जिला महासचिव संजय नायक ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के बल पर जनता और विपक्ष का आंदोलन कुचलने का प्रयास कर रही है। नारेबाजी में शामिल रहे कई दिग्गज धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पार्थ सिंह, भगतराम यादव, राजीव जैन और सुनील भाईजी सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।
सरगुजा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन पर्यटन-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री और अन्य अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही समाज में कौशल, आत्मविश्वास और समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि शासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी विद्यार्थी ड्रॉपआउट न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा आज के समय में सफलता का मूल मंत्र है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का विशेष महत्व राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा जैसे जनजातीय बहुल जिले में शिक्षा का महत्व और भी अधिक है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूल में नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे। उन्होंने सभी से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की। अतिथियों ने बच्चों को दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि शासन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। भारत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की अपील की। शिक्षकों की कमी दूर करने अतिथि व्याख्याताओं की होगी नियुक्ति कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले के भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों की स्वीकृति दी गई है। बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और पीवीटीजी समुदाय के बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है। कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। छात्राओं को साइकिल, बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। वहीं साइकिल वितरण योजना के तहत 21 पात्र छात्राओं को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित 3 शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों का भी शॉल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संयुक्त संचालक (शिक्षा) संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, डीएमसी सर्वजीत पाठक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सीधी शहर के गांधी चौक पर मंगलवार रात करीब 8 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। डेढ़ घंटे चले इस प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने मुख्य मार्ग पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रैफिक हुआ प्रभावित, लोग हुए परेशान गांधी चौक पर धरना देने से पुराने बस स्टैंड, नए बस स्टैंड, सब्जी मंडी और अस्पताल चौक को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क पर जाम लगने के कारण वाहन चालकों और आम राहगीरों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर बोला हमला जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने देश की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। बिना अनुमति के हुआ प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात मामले में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि इस धरना-प्रदर्शन की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
हरदा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार देर शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर के छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। मोहन साई ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार ने आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। पेपर लीक से युवाओं के सपने टूट रहे: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं और उनके परिवार कोचिंग के लिए भारी खर्च उठाते हैं। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहुल गांधी की रिहाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता चंदर सिंह सौंधिया मंगलवार रात कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी की रिहाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। धरने पर बैठे चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अन्याय हुआ और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उनका आरोप था कि कुछ छात्रों के हाथ-पैर टूटे, जबकि कई के सिर में चोट लगी। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। राहुल छात्रों की आवाज उठा रहे थे: सौंधिया सौंधिया ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध करती है। उन्होंने राहुल गांधी को तत्काल रिहा करने, छात्रों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। मंगलवार देर रात तक कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और राहुल गांधी रिहा नहीं होते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
दतिया के बम-बम महादेव चौराहे पर मंगलवार शाम छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान चौराहे पर राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन में शामिल छात्र 'We Stand With Sonam Sir', 'Save Democracy' और 'Please Support Save Education System' लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले संदेश भी लिखे थे, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरोध में उदयपुर में युवाओं ने प्रदर्शन किया। युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने मंगलवार को टाउनहॉल परिसर के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हाथों में तख्तियां लेकर लगाए नारे कार्यक्रम के तहत शाम करीब 4 बजे से नगर निगम के उद्यान स्थित टाउनहॉल परिसर में युवा जुटने लगे। इसके बाद प्रदर्शन शुरू हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सभी ने सोनम वांगचुक के पक्ष में भी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा- देशभर के लाखों विद्यार्थी कड़ी मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं जैसी घटनाएं उनके भविष्य और सपनों पर गहरा असर डालती हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाल के पेपर लीक मामलों और उनसे जुड़े तनाव के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास कमजोर कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में मंगलवार को यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो अनुचित है। इस प्रदर्शन में शामिल विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर के युवाओं में इस घटना को लेकर आक्रोश है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पंकज शुक्ला ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा।
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि भारत की राष्ट्रपति एवं विश्वविद्यालय की विजिटर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह स्वीकृति प्रदान की है। प्रो. टंकेश्वर कुमार का कार्यकाल 28 जुलाई, 2026 से एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है अथवा नए कुलपति की नियुक्ति या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, को लेकर शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 20 जुलाई, 2026 को आदेश जारी किया गया है। उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई दिशा प्रदान की प्रो. टंकेश्वर कुमार के नेतृत्व में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, अधोसंरचना विकास, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संस्कृति के विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित करते हुए टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में पहली बार 1001-1200 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त किया तथा हरियाणा के विश्वविद्यालयों में अग्रणी स्थान हासिल किया। इसी प्रकार, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भी विश्वविद्यालय ने पहली बार प्रवेश करते हुए 1001-1100 रैंक बैंड में स्थान बनाया। प्रो. टेंकेश्वर ने जताया केंद्र सरकार का आभार शोध गुणवत्ता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 'सिटेशन्स प्रति पेपर' श्रेणी में देश के अग्रणी संस्थानों में स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, टाइम्स हायर एजुकेशन इंटरडिसिप्लिनरी साइंस रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय 301-350 रैंक बैंड में शामिल हुआ तथा आईआईआरएफ रैंकिंग में भी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कार्यकाल विस्तार के लिए भारत की राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्ट शिक्षण, उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा तथा समाजोपयोगी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
डूंगरपुर में कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए और नीट पेपर लीक और दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज की घटना के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक गणेश घोगरा ने इस अवसर पर कहा कि लाखों छात्रों ने डॉक्टर बनने के लिए दिन-रात मेहनत की, कोचिंग पर लाखों रुपए खर्च किए और उनके माता-पिता ने गहने व जमीनें तक गिरवी रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। घोगरा ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहे युवाओं और छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल भी छात्रों के समर्थन में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
बांसवाड़ा में NEET पेपर लीक को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर शाम के समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश में पिछले लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होना पूरी तरह से शासन-प्रशासन और सरकार की नाकामी को दर्शाता है। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह पेपर लीक का विरोध, केंद्र सरकार की नाकामी और उनका हिटलरशाही व्यवहार है। गरीब परिवार के संघर्षों का होता है सौदा कांग्रेस वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार का बच्चा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है। उसकी तैयारी के लिए गरीब परिवार अपनी चल-अचल संपत्ति तक को गिरवी रख देता है या बेच देता है। ऐसे में परीक्षा का पेपर लीक होना उस नौजवान के सपनों पर सीधा कुठाराघात है। इस व्यवस्था से व्यथित होकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है। ऐसे में केंद्र सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी ही होगी, लेकिन इसके विपरीत केंद्र सरकार द्वारा युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में युवा छात्र-छात्राएं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया गया है, जो बेहद निंदनीय है। प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद पार्टी प्रवक्ता एडवोकेट इमरान खान पठान ने बताया कि इस उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान अमजद हुसैन, देवबाला राठौर, नवाब फौजदार, रूपेश जैन, जाहिद अहमद सिंधी, बुरहान रतलामी, सुभाष निनामा, रितेश नानी, अरविंद डामोर, मिलन चाहिल, संजय जैन, चंदा डामोर, अनीता सिसोदिया, शाहरुख खान, धनेश्वर यादव, पार्थ त्रिवेदी, आसिफ मुस्तफा, अजय मईडा, भारत दोषी, इकबाल लोखंडवाला, सुनील मीणा, दिलीप पटेल, मास्टर रामलाल डिंडोर, भरत यादव और तुफैल अहमद सिंधी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिवपुरी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार शाम बड़ी संख्या में छात्र शहर के माधव चौक पर एकत्र हुए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि दिल्ली में अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। छात्रों ने जानकारी दी कि उन्हें शिवपुरी में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते उन्होंने निर्णय लिया है कि जब तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा, तब तक वे प्रतिदिन शाम को माधव चौक पर कुछ घंटों के लिए शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। छात्रों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके प्रदर्शन से आम जनता और यातायात को कोई परेशानी नहीं होगी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। युवाओं ने तख्तियां लेकर नारे लगाए और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। नीट में गड़बड़ी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के कड़े रुख के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार टाली गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए 'वेल' में पहुंच गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा न थमने पर कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद भी गतिरोध जारी रहने पर सदन को पहले 2 बजे और फिर बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबा रही है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को 'सड़क से संसद तक' उठाता रहेगा। राज्यसभा में भी यही स्थिति देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाठीचार्ज का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे और फिर 2 बजे तक टालनी पड़ी। दोपहर बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी स्थिति नहीं बदली। खड़गे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे ही उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई पर बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया। संसद स्थगित होने के बाद विरोध की आंच बाहर तक पहुंची। विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रधानमंत्री आवास के नजदीक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करिए…
विद्यार्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कांग्रेस पार्टी ने कड़ी निंदा की है। भिवानी में कांग्रेस के ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष करण सिंह गोठड़ा ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। गोठड़ा ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख रहे युवाओं और छात्राओं की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। तानाशाही रवैया अपना रही सरकार : गोठड़ा उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यदि छात्र अपनी शिक्षा, रोजगार और अन्य अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी समस्याओं का समाधान करे, न कि उन पर बल प्रयोग करे। करण सिंह गोठड़ा ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कांग्रेस नेता ने सरकार से पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों पर हुई इस कार्रवाई ने प्रदेशभर के युवाओं और अभिभावकों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। गोठड़ा ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई और दमनकारी रवैया जारी रहा, तो कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
मैहर जिले के अमरपाटन में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में यह प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने रामनगर रोड से सतना चौराहा तक जुलूस निकाला और अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से उच्च न्यायालय के नाम ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और व्यापम की जांच की मांग प्रदर्शनकारियों ने देश में भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधलियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापमं और शिक्षक भर्ती जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। सौंदर्यीकरण न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन संगठन ने अमरपाटन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा परिसर के लंबे समय से लंबित सौंदर्यीकरण की मांग भी दोहराई। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 अगस्त से बाबा साहब की प्रतिमा स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौजूद रहा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूरे छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया गया। सरगुजा में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से कलेक्टोरेट चौक तक बारिश के बीच रैली निकाली। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 'पेपर लीक पर सरकार असंवेदनशील' जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में नीट समेत 152 परीक्षाओं के पेपर लीक होने का दावा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और युवाओं में भारी नाराजगी है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए था। जिला कांग्रेस के महामंत्री, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रभारी आलोक सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर जा रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में शफी अहमद, राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा, इंदरजीत सिंह धंजल, संजीव मंदिलवार, मैदान जायसवाल, असफाक अली, संजय सिंह, जीवन यादव, आलोक सिंह, अमित कुमार सिंह, शुभम जायसवाल, प्रतिपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंदसौर में आदिवासी युवक ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर पोस्ट की तो कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की। जातिसूचक अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। माफी मांगने पर ही उसे छोड़ा गया। मामला मंदसौर जिले में सोमवार का है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया। इसमें कुछ युवक पीड़ित से हाथ जोड़कर माफी मंगवाते नजर आ रहे हैं। एक युवक कह रहा है कि जो लोग पोस्ट कर रहे हैं, यशस्वी प्रधानमंत्री के बारे में कुछ कहते हुए…अगर शर्म आ रही हो न तो आप भारत छोड़ सकते हो। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। यह तुम्हारी गलतफहमी है कि तुम्हारे पास कोई आएगा नहीं। हमारे जैसे कार्यकर्ता अगर पहुंच गए न तो पेंट गीली हो जाएगी। ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के साथ नारायणगढ़ थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ही प्रदर्शन खत्म किया गया। 5-6 लोग घर पहुंचे, बदसलूकी की पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से संबंधित पोस्ट की थी। इसमें लिखा था, “शर्म आती है मुझे ऐसे व्यक्ति को अपना प्रधानमंत्री कहते हुए, जिसको एक महान साइंटिस्ट के जीवन और करोड़ों बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपने अनपढ़ मंत्री की कुर्सी प्यारी है।” युवक ने कहा कि इस पोस्ट से नाराज होकर कन्हैयालाल धनगर सोमवार रात करीब 11 बजे 5-6 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी लोगों ने उसके साथ बदसलूकी की। जान से मारने की धमकी देते हुए भविष्य में ऐसी पोस्ट न करने की चेतावनी दी। पुलिस बोली- आरोपियों को जल्द पकड़ेंगे नारायणगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने कहा- शिकायत मिलने पर कन्हैयालाल धनगर और गोविंद पंवार के खिलाफ FIR की है। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों के बजरंग दल कार्यकर्ता होने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। ये खबर भी पढ़ें… किन्नरों ने युवक को पीटा, नग्नकर गलियों में घुमाया, VIDEO खरगोन में किन्नर का वेश धारण कर लोगों से पैसे मांगने वाले युवक की किन्नरों के समूह ने पिटाई की। उसके कपड़े फाड़ दिए, बाल पकड़कर जमीन पर पटका, सड़क पर घसीटा और नग्नकर गलियों में घुमाया। युवक हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन पिटाई नहीं रुकी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
कासगंज में मंगलवार को जनपद न्यायालय कासगंज में अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट, चेयरमैन जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई की निंदा की। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने 20 जुलाई को हुए इस कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सत्येन्द्र पाल सिंह बैस ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई को अनुचित बताया और कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और आमजन की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि देश के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस दौरान राकेश मिश्रा, प्रमोद सक्सेना, कमल कुमार सिंह यादव, फिरोज खान, मुकीम, जितिन मौर्य, अब्दुल मावूद, अश्वनी कुमार, चंद्रशेखर यादव, हेमंत भारद्वाज, सत्यम शर्मा, अंजुम राहत, आशीष चौहान, मोहम्मद खालिद, शादाब, नेम सिंह, दिनेश वर्मा, संजय कुमार, मनीष और मोहित बघेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

