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अमृतसर: गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा पर जोर, शिक्षकों ने कहा- देश की मजबूत नींव तैयार होगी

अमृतसर, 5 सितंबर . शिक्षक दिवस के अवसर पर अमृतसर के निष्काम सेवा पब्लिक स्कूल के शिक्षकों ने शिक्षा के महत्व और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए. स्कूल की अध्यापिका संतोष और शिक्षक सरदार सिंह ने कहा कि देश की नई पीढ़ी को बेहतर बनाने ... Read more

डेली किरण 5 Sep 2026 7:53 pm

शिक्षक समाज के मार्गदर्शक, इनके सम्मान से बढ़ता है शिक्षा का गौरव : विद्यार्थी परिषद

मधुबनी — (श्रवण प्रधान) शिक्षक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, मधुबनी की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह […] The post शिक्षक समाज के मार्गदर्शक, इनके सम्मान से बढ़ता है शिक्षा का गौरव : विद्यार्थी परिषद first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .

नवसंचार समाचार 5 Sep 2026 7:10 pm

शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे जीतू पटवारी, बोले- मांगों को लेकर CM को लिखेंगे पत्र; 8 सितंबर को शिक्षा मंत्री से बैठक

शिक्षकों के समर्थन में नीलम पार्क पहुंचे जीतू पटवारी, शिक्षक अभ्यर्थियों से संवाद किया और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखने का भरोसा दिया।

दैनिक जागरण 5 Sep 2026 6:52 pm

कन्नौज में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सम्मानित:जीआईसी उमर्दा में किया गया सम्मान, शिक्षामित्र भी पहली बार शामिल हुए

कन्नौज के माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे टीचरों के साथ ही इस बार शिक्षामित्र और अनुदेशक का भी सम्मान किया गया। ये सम्मान उन्हें माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर जीआईसी उमर्दा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सम्मान पाकर शिक्षामित्र ने खुशी का इजहार किया। टीचर्स-डे पर शनिवार दोपहर उमर्दा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 11 टीचर माध्यमिक के और 3 टीचर बेसिक शिक्षा विभाग के शामिल हैं। इसके अलावा कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय युसुफपुर भगवान की शिक्षामित्र अनीता देवी, उच्चतर प्राथमिक विद्यालय जसौली के अनुदेशक शैलेन्द्र कुमार राणा और हसेरन के विशेष शिक्षक संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। उन्हें ये सम्मान विभाग की ओर से पहली बार दिया गया। शिक्षामित्र अनीता देवी ने सम्मान पाकर खुशी का इजहार किया। हालांकि यहां मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत और डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में डीआईओएस पप्पू सरोज ने शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों का हुआ सम्मान- राजकीय हाईस्कूल रामखेड़ा के प्रधानाध्यापक हर्ष दीपांकर तिवारी, भारतीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज सिकंदरपुर के प्रवक्ता डॉ. केके झा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के प्रवक्ता सस्मित कुमार द्विवेदी, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा की सहायक अध्यापक मंजू वर्मा, गोमती देवी इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापक स्नेहलता, राजकीय हाईस्कूल गुगरापुर सहायक अध्यापक रश्मि राठौर, राजकीय अभिनव विद्यालय गंगधरापुर के अध्यापक देवऋषि मिश्रा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज बिरौली के व्यायाम शिक्षक कोषांक यादव, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के व्यायाम शिक्षक आकाश गुप्ता, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा के सहायक अध्यापक देवेश गुप्ता, श्याम लाल खंडेलवाल इंटर कॉलेज विशुनगढ़ के अध्यापक अनुज कुमार द्विवेदी शामिल हैं। इसके अलावा उच्चतर प्राथमिक विद्यालय हैबतपुर कटरा की अध्यापक स्नेहलता द्विवेदी, कम्पोजिट विद्यालय फतेहपुर जसोदा के सहायक अध्यापक पंकज त्रिवेदी और प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर की प्रधानाध्यापक पूजा पांडेय को भी सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:42 pm

नायब सैनी सरकार की दोहरी नाकामी-कॉलेज खाली, खिलाड़ी बेबस, शिक्षा और खेल दोनों को बर्बाद कर रही भाजपा सरकार : राव नरेंद्र सिंह

शनिवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा नारनौल में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की...

खास खबर 5 Sep 2026 5:41 pm

शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र 'राष्ट्रीय धर्म' है : सीएम पटेल

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर कहा कि शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र 'राष्ट्रीय धर्म' है, जो व्यक्ति के जीवन को संवारकर राष्ट्र का निर्माण करता है।

खास खबर 5 Sep 2026 5:25 pm

शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र ‘राष्ट्रीय धर्म’ है : सीएम पटेल

गांधीनगर, 5 सितंबर . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Saturday को शिक्षक दिवस के मौके पर कहा कि शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र ‘राष्ट्रीय धर्म’ है, जो व्यक्ति के जीवन को संवारकर राष्ट्र का निर्माण करता है. उन्होंने ‘शिक्षक दिवस’ के विशेष अवसर पर गांधीनगर में आयोजित एक समारोह में ... Read more

डेली किरण 5 Sep 2026 5:23 pm

बैतूल के 227 सरकारी स्कूलों में अब सुधरेंगी बुनियादी सुविधाएं:शिक्षक दिवस पर शिक्षा संजीवनी अभियान शुरू, भवन से डिजिटल क्लासरूम तक होंगे विकास कार्य

शिक्षक दिवस पर बैतूल जिले के 227 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘शिक्षा संजीवनी अभियान’ की शुरुआत की गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विकास कार्यों का शुभारंभ किया। बडोरा, कोसमी, जामठी और खेड़ी सांवलीगढ़ के स्कूलों में कार्यक्रम हुए। इस दौरान शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सहित जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय जरूरत के हिसाब से होंगे काम अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में स्थानीय जरूरत के अनुसार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके तहत भवन और क्लासरूम का सुधार, डेस्क-बेंच, बाउंड्रीवाल, डिजिटल क्लासरूम सहित विद्यार्थियों के लिए जरूरी अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकारी बजट के साथ समाज की भागीदारी अभियान में सरकारी बजट के साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और अन्य सहयोगियों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास में समाज की सीधी भागीदारी बढ़नी चाहिए। स्कूलों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की निगरानी में भी समाज को भूमिका निभानी चाहिए। छात्रों को मिलेगा बेहतर माहौल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बताया कि अभियान के पहले चरण में चयनित स्कूलों में उनकी जरूरत के अनुसार विकास कार्य कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके ने अभियान को सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अच्छी पहल बताया।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:22 pm

सुल्तानपुर में TET/CTET पास शिक्षामित्रों ने उठाई नियमितीकरण की मांग:मध्य प्रदेश की तरह 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग

सुल्तानपुर में TET/CTET पास शिक्षामित्रों ने अपने नियमितीकरण की मांग उठाई है। शनिवार 4 बजे जिले भर के शिक्षामित्र शहर के त्रिकोनिया पार्क में इकट्ठा हुए। उन्होंने फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्र उत्थान समिति, उत्तर प्रदेश (जनपद सुल्तानपुर) के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 25 सालों से करीब 80,000 शिक्षामित्र काम कर रहे हैं। ये सभी स्नातक, बीटीसी और TET/CTET पास हैं। NCTE के सभी नियम पूरे करने के बावजूद उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा और समान वेतन नहीं मिल रहा है। संगठन ने मांग की है कि उत्तराखंड की तरह उत्तर प्रदेश सरकार भी एक ठोस नियमावली बनाए। इससे योग्य शिक्षामित्रों को नियमित किया जा सके। शिक्षामित्रों ने अपने मांग पत्र में कई अहम बातें रखी हैं। इसमें उत्तराखंड सरकार की प्रक्रिया का अध्ययन कर तुरंत एक कानूनी नियमावली बनाकर TET/CTET पास शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने आने वाली शिक्षक भर्तियों में उम्र में छूट, काम के अनुभव के आधार पर भारांक (अंक) और मध्य प्रदेश की तरह 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग की है। नॉन-टेट शिक्षामित्रों को भी विभागीय TET परीक्षा में शामिल होने का मौका देने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपने और कार्यक्रम के दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष विजय सिंह, जिला महामंत्री अंकित श्रीवास्तव, जिला महासचिव मो. अफसर, कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद मिश्र और जिला संरक्षक राजेश तिवारी मौजूद रहे। इनके साथ इंद्रेश यादव, दीप्ति दुबे, संगीता यादव, शमा परवीन, ममता सिंह, अंजुला तिवारी, प्रमोद वर्मा, प्रमोद कुमार और अमिताभ गौतम भी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:19 pm

शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र 'राष्ट्रीय धर्म' है : सीएम पटेल

शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र 'राष्ट्रीय धर्म' है : सीएम पटेल

समाचार नामा 5 Sep 2026 5:19 pm

शिक्षक दिवस पर केरल के मंत्री रोजी एम. जॉन बोले, शिक्षा में इंसानियत और समानता जरूरी

केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन की शिक्षक दिवस पर की गई फेसबुक पोस्ट से विवाद खड़ा हो गया है।

खास खबर 5 Sep 2026 5:12 pm

आंवलखेड़ा में अध्यापकों का सम्मान:शिक्षा और संस्कार के साथ मनाया शिक्षक दिवस, बच्चों ने शिक्षकों को किया सम्मानित

आगरा में मीरा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित संतराम बीए सावित्रीबाई फुले निःशुल्क शिक्षा संस्कार केंद्र, आंवलखेड़ा आगरा पर शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के संस्थापक धर्मवीर प्रजापति ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने, सोचने-समझने की क्षमता विकसित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा का मूल्य बहुत अधिक है, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने के साथ-साथ परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर शिक्षा केंद्र के बच्चों ने अपने शिक्षकों को उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया। बच्चों के इस स्नेह और सम्मान से शिक्षक भी भावुक नजर आए। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने बच्चों को शिक्षा के प्रति निरंतर मेहनत करने और अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम ने शिक्षा, संस्कार और गुरु सम्मान का सुंदर संदेश दिया।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:11 pm

बुलंदशहर में शिक्षक सम्मान समारोह, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के 78 शिक्षक सम्मानित

बुलंदशहर के विकास भवन सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 78 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर भी जिले की शिक्षिका जूली मलिक को सम्मान मिला।

प्रातःकाल 5 Sep 2026 4:48 pm

पश्चिम बंगाल के सीएम ने स्वामी विवेकानंद के विजन के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया

पश्चिम बंगाल के सीएम ने स्वामी विवेकानंद के विजन के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया

समाचार नामा 5 Sep 2026 3:41 pm

सीवान: जीरादेई की शिक्षिका वीनस दीक्षित को शिक्षक दिवस पर सम्मान, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना में किया सम्मानि

5 सितंबर, शनिवार: सीवान के जीरादेई आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय की वरीय शिक्षिका वीनस दीक्षित को शिक्षक दिवस पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सम्मानित किया। उन्हें शिक्षा में नवाचार और समावेशी शिक्षा के लिए यह सम्मान मिला।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 3:21 pm

शिक्षक दिवस पर CM मोहन का Gen-Z शिक्षकों से संवाद:बोले- आने वाले 25-30 साल तक यही युवा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देंगे

शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के जेन जी (Gen Z) शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वन-टू-वन संवाद किया। कार्यक्रम अहिल्या आश्रम क्रमांक-1 में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से वर्ष 1997 के बाद जन्मे शासकीय शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने जेन जी शिक्षकों और अधिकारियों से सीधे बातचीत कर यह जाना कि नई पीढ़ी शिक्षा व्यवस्था को किस नजरिए से देखती है। संवाद में शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों, तकनीक के इस्तेमाल और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रदेशभर से पहुंचे जेन जी शिक्षकों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद किया और अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा किए। इस आयोजन को नई पीढ़ी की सोच और शिक्षा व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाने की पहल के तौर पर देखा गया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में जेन जी युवाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से नई पीढ़ी की सोच और अपेक्षाओं को समझने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम ने शिक्षकों से पूछा- प्लेन कैसे उड़ता है? सीएम ने कहा कि यहां पंचतंत्र की बात हो रही है। कहा जा रहा है कि ऐसा कौन-सा एक तंत्र है, जिसमें बाकी चारों तंत्र समाहित हैं। आकाश में वायु भी है, जल भी है और सूर्य भी है। प्रकृति के हर एक पहलू में सब कुछ विद्यमान है। आवश्यकता केवल हमारी दृष्टि की है, हम किस दृष्टिकोण से उसे देखते हैं और उसमें क्या खोज पाते हैं। इस दौरान शिक्षकों से पूछा कि प्लेन कैसे उड़ता है? शिक्षक ने सीएम डॉ. मोहन यादव से पूछा मुख्यमंत्री जी, एक विशेष और पर्सनलाइज्ड लर्निंग सॉफ्टवेयर को शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी? क्या इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करने की कोई योजना है? सीएम बोले- कांग्रेस के बोलने और करने में अंतर है कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के बोलने और करने में बहुत बड़ा अंतर है। इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि लगातार तीन बार राहुल गांधी जी और कांग्रेस, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की जीत को रोक नहीं पा रही है। कांग्रेस को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कहां कमी रह रही है और कहां गलतियां हो रही हैं। अतीत में कांग्रेस ने जो गलतियां कीं, उन गलतियों से सीखना भी जरूरी है। आज की पीढ़ी से लेकर आने वाली पीढ़ियों तक, जिन लोगों को कांग्रेस के शासनकाल में कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनके अवसर प्रभावित हुए और जो कई अवसरों से वंचित रह गए, इन सभी सवालों पर कांग्रेस को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अगर कांग्रेस वास्तव में बदलाव चाहती है, तो उसे केवल बोलने तक सीमित नहीं रहना होगा। उसे अपने अतीत की गलतियों को स्वीकार करना होगा, आत्ममंथन करना होगा और अपने काम तथा अपनी नीतियों के माध्यम से जनता का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा। सीएम बोले- दो वर्षों में 18,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई सीएम ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों में नई भर्तियों के माध्यम से नए लोगों को अवसर देने और विभागों में नई ऊर्जा एवं नई कार्यसंस्कृति लाने का काम किया है। लगभग दो वर्षों में 18,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। ट्रेनिंग के उपरांत हमने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से लेकर विभिन्न स्तरों के सभी पदों को भरने का काम किया। शिक्षकों की नियुक्तियां भी बड़े स्तर पर की गई हैं। आज हमने यह भी घोषणा की है कि TET की परीक्षा ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से 40,000 से अधिक शिक्षकों को प्रमोशन का अवसर मिलेगा। इससे नए पद सृजित होंगे और भविष्य में नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा। आज का यह सत्र युवा मित्रों के साथ संवाद का अवसर था। आने वाले 25–30 वर्षों तक हमारे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने में यही युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ हम प्रदेश को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश और तेज गति से आगे बढ़ेगा’ सीएम ने कहा- जब देश आगे बढ़ रहा है, तो मध्य प्रदेश भी उसी ताकत और गति के साथ आगे बढ़े, इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि 28–28 वर्ष की उम्र में युवा जिला शिक्षा अधिकारी बन रहे हैं। इसी तरह 27–28 वर्ष के अनेक युवा शिक्षकों से मिलकर, उनके साथ संवाद करके और उनके विचार जानकर भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे विद्यार्थी बड़े पैमाने पर मेरिट में स्थान बना रहे हैं। आज इन्हीं प्रयासों के बल पर हमारे शिक्षा तंत्र में ड्रॉपआउट दर लगभग शून्य हुई है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश और तेज गति से आगे बढ़ेगा और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 3:02 pm

बक्सर के बालिका मध्य विद्यालय रामपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित:बच्चों की पिटाई का वीडियो हुआ वायरल, शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई

बक्सर के सरकारी स्कूलों में लगातार गलत काम और बच्चों के साथ बुरे बर्ताव के मामले सामने आ रहे हैं। छात्राओं से गलत काम, मारपीट और बुरे बर्ताव के कई मामलों के बाद अब चौसा प्रखंड के बालिका मध्य विद्यालय रामपुर में बच्चों की पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से शिक्षा विभाग और शिक्षकों में हलचल है। शिक्षा अधिकारी ने टीचर से मांगा था सफाई जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 3 सितंबर को एक आदेश जारी हुआ था। इसके अनुसार, 29 जुलाई को सोशल मीडिया पर बालिका मध्य विद्यालय रामपुर का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में स्कूल की छात्राओं और छात्रों के साथ प्रखंड शिक्षिका सुषमा सिंह द्वारा मारपीट और चोट पहुंचाने जैसी हरकतें करने की बात सामने आई थी। वीडियो सामने आने के बाद चौसा के प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने 1 अगस्त को स्कूल का दौरा किया। इस दौरान संबंधित शिक्षिका और प्रभारी प्रधानाध्यापक से सफाई मांगी गई। जांच और सफाई मिलने के बाद स्कूल चलाने में लापरवाही, नियमों का पालन न करने और शिक्षक के पद के खिलाफ काम करने के आरोप में प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके बाद बिहार सरकारी सेवक नियम, 2005 के तहत विपिन कुमार को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान उनका ऑफिस प्रखंड संसाधन केंद्र, नावानगर तय किया गया है। बक्सर जिले में पिछले कुछ समय से सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के साथ बुरे बर्ताव और स्कूल चलाने में गलत काम के कई मामले लगातार सामने आए हैं। डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहीर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय में छात्राओं से गलत काम का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की थी। छात्रा से कंधे की मालिश कराने का आरोप इसी तरह, ब्रह्मपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय गरहथा कला में जांच के दौरान एक छात्रा से कंधे की मालिश कराने का आरोप लगा था। इसके साथ ही कई पढ़ाई और कामकाज से जुड़ी गलतियां भी सामने आई थीं। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत चार शिक्षकों को निलंबित किया गया था। इसी तरह बक्सर के आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय में छात्राओं ने प्रधानाध्यापिका और शिक्षिकाओं पर मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। छात्राओं ने लोहे के स्केल और चप्पल से पिटाई करने की शिकायत की थी। जांच के बाद प्रधानाध्यापिका अंजु कुमारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। अब चौसा के रामपुर विद्यालय के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक के निलंबन से शिक्षा विभाग की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। लगातार हो रही विभागीय कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, इन घटनाओं ने सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 2:19 pm

बलरामपुर में शिक्षक दिवस पर 29 शिक्षक सम्मानित:डीएम-एसपी ने किया सम्मान, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर जोर

बलरामपुर में शनिवार को कलेक्ट्रेट में शिक्षक दिवस और शिक्षक सम्मान समारोह हुआ। यह कार्यक्रम देश के दूसरे राष्ट्रपति, शिक्षाविद् और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर दोपहर 12 बजे आयोजित किया गया। इस दौरान डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन और एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें याद किया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी याद किया गया। जिले के अलग-अलग विकासखंडों के 29 शिक्षक और कर्मियों को सम्मानित किया गया। इन सभी ने शिक्षा और स्कूली गतिविधियों में अच्छे काम किए थे। सम्मान पाकर शिक्षक-कर्मियों के चेहरों पर खुशी दिखी। डीएम ने सभी को बधाई दी और कहा कि वे इसी लगन से काम करते रहें। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के पूरे विकास पर जोर दिया। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि शिक्षक सिर्फ बच्चों को किताबें नहीं पढ़ाते। वे उनमें जानने की इच्छा, आत्मविश्वास, अनुशासन और कुछ नया करने का हुनर भी बढ़ाते हैं। शिक्षक बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं। हर बच्चे की अपनी अलग खूबी और क्षमता होती है। शिक्षक इस खूबी को पहचानकर सही रास्ता दिखाते हैं। इससे बच्चे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच पाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में ऐसा अच्छा माहौल बनाना चाहिए। जहां बच्चे बिना किसी डर के सवाल पूछ सकें, नई चीजें सीख सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें। शिक्षकों को हर बच्चे की पढ़ाई पर खास ध्यान देना चाहिए। यह देखना चाहिए कि कोई भी बच्चा सीखने में पीछे न रह जाए। डीएम ने नए और मजेदार तरीकों से पढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होना चाहिए। अच्छे काम करने वाले शिक्षकों का सम्मान दूसरों को भी प्रेरणा देता है। शिक्षकों को अपने स्कूल को बेहतर भविष्य बनाने का केंद्र बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की असली जीत उसके छात्रों की सफलता में है। जब छात्र जिम्मेदार नागरिक बनकर आगे बढ़ते हैं, तो वही शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। समारोह में बलरामपुर से प्रियंका तिवारी एवं निर्मला कुमारी, उतरौला से रंजना गुप्ता एवं शशिना वर्मा, हरैया सतघरवा से अवध बिहारी एवं आशा गौतम, पचपेड़वा से मनोज कुमार मिश्र एवं रजनीश, गैसड़ी से राघवेन्द्र सिंह एवं हरिराम गुप्ता तुलसीपुर से शुभम श्रीवास्तव एवं अमित गुप्ता, श्रीदत्तगंज से शिव प्रसाद एवं मो. असरार सिद्दीकी, रेहरा बाजार से रामेश्वर कुमार वर्मा एवं जितेन्द्र कुमार प्रजापति, नगर बलरामपुर से मनीष वर्मा एवं प्रतिमा करौली तथा गैड़ास बुजुर्ग से कुतुबुल्लाह खान एवं शिव कुमार को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वहीं स्पेशल एजुकेटर के रूप में पचपेड़वा से सत्येन्द्र सिंह, तुलसीपुर से प्रतिमा सिंह, उतरौला से शैलेश कुमार पाण्डेय, नगर बलरामपुर से देव बाबू पाण्डेय, गैड़ास बुजुर्ग से सुरेश चन्द्र चौधरी तथा गैसड़ी से मेराज अहमद को सम्मान मिला। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के लिए गैड़ास बुजुर्ग की ममता यादव, तुलसीपुर की संगीता मिश्र तथा बलरामपुर देहात की कु. स्नेहलता को भी सम्मानित किया गया। अंत में जिलाधिकारी ने सभी सम्मानित शिक्षकों एवं कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि जनपद के शिक्षक इसी समर्पण, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देंगे और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे। समारोह में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी अशोक पाठक समेत अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 1:42 pm

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले- अब मुगल का नहीं गूगल का जमाना, गूगल से MOU, AI से ट्रेंड होंगे शिक्षक

5 सितंबर, शनिवार: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अब मुगल का नहीं गूगल का जमाना है। गूगल के साथ एमओयू हुआ है, इससे शिक्षकों की कैपेसिटी बिल्डिंग होगी और उन्हें एआई के साथ ट्रेंड किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 1:28 pm

बिहार : खाकी वर्दी के साथ कैसे बदली हजारों गरीब बच्चों की तकदीर, सुपर 30 से लेकर 'आनंद शिक्षा निकेतन' तक का सफर

शिक्षकों का सम्मान करने का दिन यानी शिक्षक दिवस हर साल हमारे समाज में एक खास उम्मीद और प्रेरणा लेकर आता है, लेकिन जब बात एक ऐसे शख्स की हो जो हाथों में कानून की किताब और राइफल थामने के साथ-साथ झुग्गी-झोपड़ियों और गरीब बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए किताबें बांटता रहा हो, तो कहानी अपने आप में अद्भुत हो जाती है। बात हो रही है बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और जाने-माने शिक्षाविद् अभयानंद की, जिनकी पहचान सिर्फ एक कड़क आईपीएस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि उन अनगिनत इंजिनियरों और डॉक्टरों के गॉडफादर के रूप में भी दर्ज है जिन्होंने कभी अभावों में अपनी जिंदगी बिताई थी। एक वर्दीधारी अधिकारी के तौर पर उन्होंने जिस तरह शिक्षा का संचार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक किया, उसने यह साबित कर दिया कि ज्ञान वह रोशनी है जो हर अंधेरे कोने को रोशन कर सकती है।भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक उच्च पद पर आसीन अधिकारी के लिए अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर गणित और भौतिकी के जटिल समीकरणों को पढ़ाना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता, लेकिन अभयानंद ने इस असंभव लगने वाले काम को अपनी जिंदगी का मुख्य मकसद बना लिया था। जब वे दिनभर अपराधियों की धरपकड़ और कानून-व्यवस्था की समीक्षा में व्यस्त रहते थे, तब उनकी शामें उन होनहार और गरीब बच्चों के नाम होती थीं जिनके पास महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस भरने के लिए एक फूटी कौड़ी भी नहीं होती थी। फिजिक्स (भौतिकी) के उनके पढ़ाने के अनूठे अंदाज और कॉन्सेप्ट्स को क्लियर करने की उनकी क्षमता ने छात्रों के मन से विज्ञान का डर हमेशा के लिए निकाल दिया। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा किसी की बपौती नहीं होती, उसे बस सही मार्गदर्शन और एक अदद मौके की जरूरत होती है जो उन्होंने अपनी कक्षाओं के माध्यम से हजारों बच्चों को दिया।किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके परिवार का जो प्रभाव होता है, वही उसके भविष्य की नींव तय करता है और अभयानंद के मामले में भी यह बात पूरी तरह सटीक बैठती है। उनका शुरुआती परिवेश बौद्धिक और वैचारिक रूप से बेहद समृद्ध रहा, जहां शिक्षा को ही सबसे बड़ा धन माना जाता था। उनके घर का माहौल हमेशा से ऐसा था जहां किताबों के बीच चर्चाएं होना आम बात थीं और उनके पिता से मिले अनुशासन व समाज सेवा के संस्कारों ने उनके भीतर बचपन से ही एक गहरी सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भर दिया था। परिवार से मिले इन्हीं शुरुआती पाठों ने उन्हें यह सिखाया कि प्रशासनिक पद पर रहकर जनता की सेवा करना अपनी जगह एक कर्तव्य है, लेकिन समाज के बौद्धिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए ज्ञान का दान सबसे बड़ा पुण्य है। यही कारण था कि उन्होंने अपनी पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए शिक्षा के प्रसार को अपना अनौपचारिक मिशन बना लिया।बिहार की धरती से उपजी वह क्रांतिकारी शैक्षिक पहल जिसे आज पूरी दुनिया 'सुपर 30' के नाम से जानती है, उसके शुरुआती संस्थापकों में अभयानंद का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। गणितज्ञ आनंद कुमार के साथ मिलकर उन्होंने समाज के सबसे गरीब तबके के 30 ऐसे मेधावी बच्चों को चुनना शुरू किया जो आईआईटी (IIT) जैसी दुनिया की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने का सपना तो देखते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कदम पीछे खींच लेते थे। अभयानंद ने अपने आवास और सीमित संसाधनों के जरिए इन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया और अपनी अनूठी रणनीतिक सोच से यह साबित कर दिया कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता के आड़े नहीं आ सकती। उनके पहले ही प्रयास में जब इन बच्चों ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की, तो देश-दुनिया का ध्यान इस अनूठे प्रयोग की ओर आकर्षित हुआ और शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ।वक्त के साथ भले ही शुरुआती संस्थागत साझेदारियों में कुछ वैचारिक अंतर आए और रास्ते अलग हुए, लेकिन अभयानंद के भीतर सुलग रही शिक्षा की वह लौ और अधिक तेज हो गई। उन्होंने अपनी राह खुद चुनी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन इलाकों का रुख किया जहां शिक्षा की पहुंच अब भी एक सपना बनी हुई थी। पटना के पास बाढ़ (Barh) अनुमंडल के एक छोटे से ग्रामीण इलाके मसौढ़ी और अन्य सुदूर गांवों में उन्होंने 'आनंद शिक्षा निकेतन' जैसी पहलों की शुरुआत की, जहां उन्होंने सीधे तौर पर समाज के सबसे पिछड़े और मुसहर जैसी जातियों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि केवल शहरी और संभ्रांत वर्ग के बच्चे ही नहीं, बल्कि खेतों में काम करने वाले और ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चे भी कलम पकड़ना सीखें और अपने भविष्य की पटकथा खुद लिखें।पुलिस विभाग के सर्वोच्च पद से सेवानिवृत्त होने के बाद जब अमूमन लोग अपने परिवार और विश्राम की जिंदगी चुनते हैं, तब अभयानंद ने अपने इस शैक्षिक आंदोलन को और अधिक विस्तार दे दिया। आज भी वे अपनी कक्षाओं में पूरी तल्लीनता से युवाओं को पढ़ाते नजर आते हैं और उनका यह समर्पण इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चा शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता। उनके पढ़ाए हुए छात्र आज देश और दुनिया के नामी-गिरामी तकनीकी संस्थानों, वैज्ञानिक शोध केंद्रों और प्रशासनिक पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं, जो उनके द्वारा बोए गए बीज का ही वटवृक्ष रूप है। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर उनकी यह कहानी हमें यह याद दिलाती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल पदों की नहीं, बल्कि सच्ची नीयत, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ भाव से ज्ञान बांटने की जरूरत होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:23 pm

खेल और शिक्षा जीवन बदल सकती है, ब्राजील फुटबॉल लीजेंड काफू ने युवा लड़कियों को दी सलाह

मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर रहे और टीम को 2 बार विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले काफू ने शनिवार को मुंबई की जरूरतमंद युवा लड़कियों के साथ फुटबॉल फील्ड पर समय बिताया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल के गुर बताने के साथ ही खेल और शिक्षा के जरिए अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

समाचार नामा 5 Sep 2026 1:16 pm

Teachers' Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Teachers' Day 2026: एक छात्र के जीवन में शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाता है, वह सही-गलत की पहचान करना और अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह भी दिखाता है। इस असाधरण काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने वाले ऐसे योग्य शिक्षकों को हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने जज्बे से ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, 5 सितंबर को, टीचर्स डे के मौके नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 बेहतरीन टीचर्स को नेशनल टीचर्स अवार्ड्स 2026 देंगी। अवार्ड पाने वालों में 48 स्कूल टीचर, 21 हायर एजुकेशन टीचर और मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MoSDE) के 13 ट्रेनर शामिल हैं। इस समारोह में सम्मानित शिक्षकों के शानदार काम को दिखाने वाली छोटी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। ये अवार्ड शिक्षकों के शिक्षा में खास योगदान और छात्रों की जिंदगी पर उनके लंबे समय तक चलने वाले असर को पहचान देते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है, जो एक जाने-माने फिलॉसफर, स्कॉलर और राजनेता थे। वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे और उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी जयंति पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। President of India, Smt. Droupadi Murmu will confer the National Teachers’ Awards 2026 on 82 exceptional educators on Teachers’ Day.The awardees include 48 School Teachers, 21 Higher Education Teachers and 13 Teachers from MoSDE, whose dedication and excellence continue to… pic.twitter.com/xiLJEXlODk— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) September 3, 2026 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, ये बेहतरीन टीचर शिक्षा के क्षेत्र में लगन और बेहतरीन काम दिखाते हैं। एक टीचर सिर्फ ज्ञान देने से कहीं ज्यादा करता है। वे दिमाग को आकार देते हैं, अच्छे और सच्चे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं और हर छात्र के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं। राष्ट्रपति ने टीचर्स डे से एक दिन पहले देश भर के टीचर्स को भी बधाई दी।अपने संदेश में उन्होंने कहा, शिक्षक दिवस के मौके पर, मैं देश भर के सभी टीचर्स को दिल से बधाई देती हूं। शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है, जो एक महान लेखक और फिलॉसफर थे। वे एक बहुत अच्छे टीचर भी थे। इस मौके पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन के जरिए प्रतिभा को निखारने और चरित्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छा इंसान बनाने के लिए गाइड करना उनका फर्ज है।शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, देश के बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल टीचर्स डे (5 सितंबर) पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों को एक सख्त, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया से चुना जाता है।UP Special TET 2026: स्पेशल टीईटी का नोटिफिकेशन जारी, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन और क्या है आवेदन की लास्ट डेट

ज़ी न्यूज़ 5 Sep 2026 1:01 pm

30 साल से ज्यादा सेवा: नवाचार से सरकारी स्कूल को दी नई पहचान,अब सीएम शिक्षा गौरव से सम्मानित होंगे शिक्षक अहमद

सीमित संसाधनों के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और बच्चों को सीखने के नए अवसर देने की दिशा में काम करने वाले शिक्षक मकबूल अहमद ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में अलग पहचान बनाई है।

अमर उजाला 5 Sep 2026 12:56 pm

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बच्चों की शिक्षा के रास्ते में कौन-सी जानलेवा भौगोलिक चुनौतियां खड़ी

देश के एक तरफ जहां डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे देश के कई दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में आज भी मासूम बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए किस कदर जूझ रहे हैं, इसकी एक बेहद दर्दनाक और डरावनी तस्वीर झारखंड से सामने आई है। झारखंड के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 629 बच्चे रोज अपनी जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, क्योंकि उनके रास्ते में कोई सुरक्षित पुल या पक्की सड़क मौजूद नहीं है। मानसून के इस मौसम में जब बारिश के कारण इलाके के स्थानीय नाले और नदियां उफान पर होती हैं, तो इन नौनिहालों को अपने छोटे-छोटे बस्ते कंधे पर लादकर और जान जोखिम में डालकर तेज धार वाले पानी को पार करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि कम से कम बच्चों के आने-जाने के लिए एक सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता हर पल दहशत में रहते हैं कि न जाने कब कोई बड़ा हादसा इन मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ जाए।स्कूल जाने वाले 629 बच्चों की इस दैनिक मुश्किल यात्रा के दौरान किन भयानक जोखिमों का सामना करना पड़ता है?जब सुबह के वक्त ये 629 छात्र अपने घरों से शिक्षा ग्रहण करने के लिए निकलते हैं, तो उनके परिजनों की सांसें तब तक अटकी रहती हैं जब तक वे वापस सुरक्षित घर नहीं लौट आते हैं। स्कूल पहुँचने के लिए इन बच्चों के पास या तो घुटनों से ऊपर बहते गंदे पानी और तेज बहाव वाले नाले को पार करने का विकल्प होता है या फिर पढ़ाई छोड़ने का, और ये मासूम भविष्य संवारने की जिद में हर रोज इस मौत के खेल को खेलने के लिए विवश हैं। कई बार बारिश इतनी तेज होती है कि पानी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि छोटे बच्चे उसमें बहने से बाल-बाल बचते हैं, जिन्हें बड़े बच्चे या ग्रामीण मिलकर किसी तरह संभालते हैं। स्कूल के शिक्षकों का भी यह कहना है कि इस प्रकार की खतरनाक परिस्थितियों के कारण बच्चों की उपस्थिति (Attendance) पर बहुत बुरा असर पड़ता है, और बारिश के दिनों में कई बच्चे स्कूल ही नहीं आ पाते हैं। शिक्षा का अधिकार (RTE) और बच्चों की सुरक्षा के तमाम बड़े-बड़े सरकारी दावे इस उफनते नाले के सामने पूरी तरह से दम तोड़ते नजर आते हैं, जो हमारी प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनहीनता का एक जीता-जाता प्रमाण है।स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस गंभीर समस्या पर चुप्पी से ग्रामीणों में क्यों भड़का हुआ है भारी गुस्सा?लंबे समय से चली आ रही इस अमानवीय और खतरनाक समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का सब्र अब पूरी तरह से जवाब दे चुका है, जिसके चलते प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता वोट मांगने के लिए इन दुर्गम रास्तों पर आ जाते हैं और पक्का पुल बनवाने का वादा करके चले जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी सुधि लेने नहीं आता है। जब मीडिया के माध्यम से इन मासूम बच्चों की जानलेवा यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, तब जाकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटी है और वे मामले की जांच कराने की रटी-रटाई बात कह रहे हैं। जनता का सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े और अनहोनी हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही उनकी आंखें खुलेगी और यहाँ पुल का निर्माण कराया जाएगा। लोकतंत्र के इस दौर में जहाँ देश विकास की ऊंची उड़ान भर रहा है, वहीं झारखंड के इन 629 बच्चों का इस तरह से जान जोखिम में डालकर पढ़ना हमारे सिस्टम के माथे पर एक बहुत बड़ा कलंक है।इस गंभीर संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग को तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?झारखंड के इस सुदूर इलाके में सामने आई इस दर्दनाक तस्वीर ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि कागजी विकास और जमीनी हकीकत के बीच अभी भी बहुत बड़ी खाई मौजूद है जिसे पाटना बेहद जरूरी है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग को बिना किसी देरी के युद्ध स्तर पर इस नाले या नदी पर एक मजबूत और सुरक्षित पुल के निर्माण का प्रस्ताव पास करना चाहिए ताकि इन बच्चों की जान को हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सके। जब तक स्थायी पुल बनकर तैयार नहीं होता, तब तक बच्चों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित नाव या अस्थायी पुल की व्यवस्था प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए ताकि शिक्षा का यह सफर मौत का सफर न बने। देश के भविष्य कहे जाने वाले इन 629 मासूमों को उनकी पढ़ाई के अधिकार के साथ-साथ सुरक्षित जीवन जीने का हक मिलना ही चाहिए, और इसके लिए स्थानीय प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 12:51 pm

कानपुर: प्राविधिक शिक्षा सेवा परीक्षा कल, 21 केंद्रों पर 8883 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कानपुर में यूपी प्राविधिक शिक्षा (अध्यापन) सेवा परीक्षा-2025 में नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। छह सितंबर को जिले के 21 केंद्रों पर 8883 अभ्यर्भी परीक्षा देंगे।

अमर उजाला 5 Sep 2026 12:19 pm

सरकारी नौकरी 2026: एम्स में निकली सीनियर रेजिडेंट के पदों पर भर्ती, क्या है आवेदन की शर्तें? जानें सभी नियम

AIIMS Recruitment 2026: एम्स नागपुर ने 72 सीनियर रेजिडेंट पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। संबंधित विषय में एमडी, एमएस, डीएनबी, डीएम या एम.सीएच. डिग्री रखने वाले उम्मीदवार 17 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 5 Sep 2026 12:08 pm

'शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाएं', CM सैनी से शिक्षक दिवस पर मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग मांगा।

जागरण 5 Sep 2026 12:02 pm

भोपाल के इस कैंपस ने 60 सालों में बदली देश की शिक्षा की तस्वीर, तैयार किए जा रहे हैं नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के 'मास्टर ट्रेनर्स'

भोपाल स्थित NCERT की प्रमुख इकाई RIE पिछले छह दशकों से देश में NEP 2020 के तहत मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। जानिए RIE भोपाल के इतिहास और शिक्षा क्षेत्र में इसके योगदान के बारे में।

दैनिक जागरण 5 Sep 2026 11:40 am

MP में कहीं एक टीचर के भरोसे 51 बच्चे तो कहीं 212 पर 25 गुरुजी तैनात, शिक्षक दिवस पर खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही के चलते दर्जनों स्कूल बंद होने की कगार पर हैं या अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। कई स्थानों पर जर्जर भवनों के कारण बच्चे मंदिरों के प्रांगण में या पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हैं।

दैनिक जागरण 5 Sep 2026 10:56 am

हिमाचल शिक्षा विभाग: बिना मान्यता स्कूल चलाया तो भरना होगा एक लाख जुर्माना

हिमाचल में निजी स्कूलों के नाम पर मनमानी अब नहीं चलेगी। बिना मान्यता और जरूरी पंजीकरण के स्कूल संचालित करने वाले संचालकों पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई का शिकंजा कसेगा।

अमर उजाला 5 Sep 2026 10:19 am

Kerala के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभाजनकारी एजेंडे पर रोक लगाएं: Roji M John

तिरुवनंतपुरम, पांच सितंबर केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने शिक्षक दिवस पर उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वतंत्र विचारों और संवैधानिक मूल्यों का केंद्र बनाए रखने की वकालत करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे संस्थानों के प्रमुखों का विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले संगठनों से जुड़ना ‘‘लोकतांत्रिक समाज के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है।’’रोजी ने शिक्षक दिवस पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘उच्च शिक्षा के जिन संस्थानों को स्वतंत्र विचारों और संवैधानिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए, उनके प्रमुखों द्वारा अपने पद की गरिमा को भूलकर विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले संगठनों के मंचों तक खुद को सीमित कर लेना लोकतांत्रिक समाज के बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है।’’राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘संकीर्ण राजनीतिक हितों के आगे अकादमिक स्वायत्तता के विशेषाधिकार का समर्पण करने वाली ऐसी प्रवृत्तियां शिक्षा और शिक्षण के मूल सार पर ही सवाल खड़ा करती हैं।’’मंत्री की यह टिप्पणी राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति और पीठ सदस्यों को मनोनीत करने सहित विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार और राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के बीच जारी मतभेदों के बीच आई है। यह विवाद जून में तब और गहरा गया था जब राज्य के कुछ कुलपतियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित किया था। रोजी ने तब भी उनकी भागीदारी की आलोचना करते हुए कहा था कि कुलपति का पद अकादमिक और प्रशासनिक तटस्थता का प्रतिनिधित्व करता है। मंत्री ने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के लिए भेदभाव रहित और मानवीय पीढ़ियों का निर्माण करने की अपनी जिम्मेदारी को याद करने का अवसर होना चाहिए। उन्होंने भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए कहा कि राधाकृष्णन शिक्षण के महत्व में विश्वास रखते थे और चाहते थे कि उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। रोजी ने जाति के आधार पर छात्रों को अपमानित किए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोग शिक्षण के मूल अर्थ को समझने में पूरी तरह विफल रहे हैं। रोजी ने कहा, ‘‘स्टाफ रूम में बैठकर एक छात्र को उसकी जाति के नाम से अपमानित करने वाले और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोग वे हैं जो शिक्षण के वास्तविक अर्थ को नहीं समझ पाए।’’मंत्री ने उन सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं जो ‘‘ज्ञान से अंधकार को दूर करते हैं’’ और छात्रों को संवैधानिक मूल्यों तथा मानवता को बनाए रखना सिखाते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर और शिक्षकों के सम्मान में देश में हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 10:02 am

पत्नी की गई नौकरी, तो बच्चों के सांभर में मिलाया गोबर, आरोपी  गिरफ्तार 

तमिलनाड़ु के इरोड जिले में अरुमुगम नाम के एक शख्स को पकड़ा गया है. उसपर आरोप है कि उसने एक छात्रा से स्कूल में सांभर में गोबर का पाउडर मिलाने के लिए कहा था. लेकिन जब खाना परोसने से पहले टीचर ने खाना चखा तो उन्हें कुछ गड़बड़ लगी.

आज तक 5 Sep 2026 9:50 am

ग्रामीण स्कूल में नवाचार, शिक्षक हेमंत वैद्य को राज्य पुरस्कार:शाजापुर की स्कूल में नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए मिलेगा सम्मान

शाजापुर के मावि कांजा में पदस्थ शिक्षक हेमंत वैद्य को शिक्षक दिवस पर शनिवार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में उन्हें विद्यार्थियों की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन, नए तरीकों से पढ़ाने और स्कूल के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल-श्रीफल और 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि मिलेगी। छात्रों ने परीक्षाओं में किया बेहतर प्रदर्शन हेमंत वैद्य के मार्गदर्शन में मावि कांजा के विद्यार्थियों ने पिछले 10 साल में कई परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है। इनमें नेशनल मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा, ओलिंपियाड और विज्ञान मेले जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। वैद्य स्कूल में गणित और विज्ञान पढ़ाने के साथ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वे डाइट और राज्य स्तर पर दूसरे शिक्षकों को भी पढ़ाने के नए तरीकों को लेकर मार्गदर्शन देते हैं। गांव वालों की मदद से स्कूल में बढ़ीं सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र के इस स्कूल में गांव वालों के सहयोग से कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्कूल में कंप्यूटर लैब, 7 किलोवाट का सोलर प्लांट, स्मार्ट बोर्ड, नया फर्नीचर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भोपाल में राज्यपाल, सीएम और शिक्षा मंत्री रहेंगे मौजूद शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में हेमंत वैद्य को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। उनके चयन पर शिक्षा विभाग और स्कूल परिवार ने खुशी जताई है।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 9:23 am

डिग्री या इंसानियत? सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा दर्शन से समझिए असल तालीम का पैगाम, आज के दौर में क्यों है सबसे ज्यादा जरूरी

आज की आधुनिक जीवनशैली और प्रतिस्पर्धी दौर में शिक्षा की परिभाषा महज अच्छे अंक हासिल करने, बड़ी डिग्रियों का संग्रह करने और मोटे सैलरी पैकेज वाली नौकरी पाने तक सिमट कर रह गई है। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक हर जगह केवल करियर और आर्थिक सफलता की होड़ मची है। लेकिन क्या केवल किताबी ज्ञान और डिग्रियों का ढेर किसी व्यक्ति को वास्तव में शिक्षित बना सकता है? जब समाज में उच्च शिक्षित लोगों द्वारा संवेदनहीनता, लालच और असहिष्णुता जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तब यह बुनियादी सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि आखिर पढ़ाई का असली मकसद क्या है। इसी जटिल प्रश्न का सबसे सटीक और शाश्वत उत्तर भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा दर्शन में मिलता है।डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का शिक्षा दर्शन: केवल ज्ञान नहीं, चरित्र निर्माण है आधारडॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल मस्तिष्क को सूचनाओं से भरना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के अंतःकरण को जागृत करना है। उनका प्रसिद्ध विचार था कि यदि शिक्षा मनुष्य को एक बेहतर, करुणामयी और नैतिक इंसान नहीं बना सकती, तो वह शिक्षा अधूरी और व्यर्थ है। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि तालीम ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को केवल आजीविका कमाना न सिखाए, बल्कि जीवन जीना सिखाए। जब तक शिक्षा में मानवीय मूल्य, दया, सत्य और सहिष्णुता शामिल नहीं होंगे, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है। राधाकृष्णन के अनुसार, एक शिक्षित व्यक्ति वह नहीं है जिसके पास डिग्रियों का पुलिंदा है, बल्कि वह है जो समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशील है और अन्याय के खिलाफ खड़ा होने का नैतिक साहस रखता है।आधुनिक युग में राधाकृष्णन के विचारों की प्रासंगिकता और भविष्य की राहआज के सूचना क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में राधाकृष्णन के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो चुके हैं। तकनीकी कौशल और पेशेवर दक्षता निसंदेह जीवन यापन के लिए जरूरी हैं, लेकिन तकनीक का सही उपयोग वही व्यक्ति कर सकता है जिसके भीतर मानवीय संवेदनाएं जीवित हों। अगर किसी डॉक्टर के पास बड़ी डिग्री है मगर मरीज के प्रति हमदर्दी नहीं, या किसी इंजीनियर के पास ज्ञान है मगर पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव नहीं, तो ऐसी शिक्षा अंततः विनाशकारी सिद्ध होती है। इसलिए आधुनिक शिक्षा प्रणाली को अब केवल परिणाम-केंद्रित होने के बजाय मूल्य-आधारित बनना होगा। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को यह सिखाना होगा कि डिग्रियां आपको पद दिला सकती हैं, लेकिन इंसानियत ही आपको सच्चा सम्मान और आत्मिक शांति दिला सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:50 am

हिंदुस्तान जिंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम से 75 सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा ... Read more

इंडिअस न्यूज़ 5 Sep 2026 8:19 am

RSS शिक्षा प्रकोष्ठ Vidya Bharati पश्चिम बंगाल के सभी 345 प्रखंडों में खोलेगी स्कूल

कोलकाता, चार सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिक्षा प्रकोष्ठ विद्या भारती पश्चिम बंगाल में अपने स्कूल नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। संगठन की योजना अगले कुछ वर्षों में राज्य के सभी 345 प्रखंडों में अपने स्कूल खोलने की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विद्या भारती के स्कूलों के विस्तार की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल में राज्य में कम से कम 1,000 विद्या भारती संस्थान स्थापित करने का आह्वान किया था। इससे बंगाल में संगठन के शैक्षणिक नेटवर्क का विस्तार हो सकता है। विद्या भारती के संयुक्त संगठन सचिव पार्थ घोष के अनुसार, वर्तमान में संगठन राज्य के 150 प्रखंडों में 313 स्कूल संचालित कर रहा है। घोष ने पीटीआई-से कहा, ‘‘हमारी योजना अगले कुछ वर्षों में 150 प्रखंडों से विस्तार करते हुए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक स्कूल स्थापित करने की है।’’विद्या भारती के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन की अगले एक साल में 50 और प्रखंडों में पहुंच बनाने की योजना है। विद्या भारती के अधिकारी चिरंजीत महतो ने कहा, ‘‘हम पिछले कुछ वर्षों से विस्तार की दिशा में काम कर रहे हैं। अगले एक साल में राज्य के 50 और प्रखंडों में विस्तार करने की हमारी योजना है।’’यह विस्तार ऐसे राजनीतिक समय में हो रहा है, जब राज्य में नव निर्वाचित भाजपा सरकार शिक्षा प्रशासन में बदलाव और शिक्षा में भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर अधिक बल देने की बात कर रही है। विद्या भारती इस विस्तार को वर्ष 2027 से पहले एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। वर्ष 2027 में संगठन अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के 75 वर्ष पूरे करेगा। महतो ने कहा, ‘‘वर्ष 2027 में विद्या भारती स्कूलों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए हमें उम्मीद है कि तब तक हम काफी विस्तार कर चुके होंगे।’’विद्या भारती के स्कूल आमतौर पर संबंधित राज्य बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम का पालन करते हैं। साथ ही इनमें संगठन की ओर से भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना पर विशेष जोर दिया जाता है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 7:17 am

अटल आवासीय विद्यालय योजना, जहां मजदूरों के बच्चों को मिलती है मुफ्त शिक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त आवासीय शिक्षा की अहम पहल है. इसके तहत बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई के साथ हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म, किताबें और खेल-कूद जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.

आज तक 5 Sep 2026 7:07 am

उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने दी रिपोर्ट:एसटीए ड्राफ्ट तैयार; विवि एंट्रेंस और पीटीईटी जैसी परीक्षा कराएगी एजेंसी

एनटीए की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (एसटीए) बनाने का ड्राफ्ट तैयार है। उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने एनटीए के दौरे और संबंधित विभागों से सुझाव पर ड्राफ्ट तैयार किया है। यह एजेंसी विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस, पीटीईटी, प्री डीएलएड जैसे एंट्रेंस एग्जाम कराएगी। एसटीए की ओर से सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) आधारित एग्जाम्स कराए जाएंगे, जिनके लिए जिला मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। ये परीक्षाएं कराएगा एसटीए : राजस्थान में हर साल 18 लाख छात्र यूनिवर्सिटीज से लेकर विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। ड्राफ्ट के अनुसार विश्वविद्यालयों के यूजी-पीजी के एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट), रीट, जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (एग्रीकल्चर), फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), पीटीईटी, प्री पीएचडी एग्जाम (अगर लागू हो) के अलावा टेक्निकल और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के एंट्रेंस एग्जाम कराए जाएंगे। एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन व्यवस्था के अध्ययन के लिए टीम ने एनटीए का दौरा किया है। एसटीए के लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है।--डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग भास्कर एक्सपर्ट - पेपर लीक पर अंकुश लगेगा पीटीईटी, डीएलडी जैसी परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी कराती है। एक एजेंसी एंट्रेंस एग्जाम कराएगी तो पेपर लीक पर अंकुश लगेगा। समय पर परीक्षाएं होंगी और परिणाम जल्दी आएंगे।-प्रो. कैलाश सोढ़ानी, पूर्व वीसी वीएमओयू

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:30 am

पेड़-पौधों में कला, खेल में गणित और बॉटनिकल–गार्डन में साइंस:आज सम्मानित होंगे यूपी की शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले 84 गुरु

शिक्षक दिवस पर आज प्रदेश के 84 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनकी नवाचारी कार्यशैली और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूपी के 3 शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' प्रदान करेंगी। वहीं, गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 81 शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से नवाजेंगे। सम्मान पाने वाले इन शिक्षकों में कोई प्रकृति को ब्लैकबोर्ड बनाकर कला सिखाता है, कोई गणित के मुश्किल सूत्रों को खेल में बदल देता है, तो कोई 63 साल की उम्र में YouTube और बॉटनिकल गार्डन से साइंस को आसान बना रहा है। यह उन गुरुओं के सम्मान का दिन है जिन्होंने शिक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने का आनंद बनाया। पुरस्कार में किसे क्या मिलेगा अब पढ़िए राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाले तीनों शिक्षकों की खूबी– कौशांबी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा खेल के जरिए पढ़ाती हैं कौशांबी के कम्पोजिट विद्यालय रसूलाबाद कोइलहा में कार्यरत शालिनी कुशवाहा को आज राष्ट्रपति के हाथों 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026' मिलेगा। 18 अप्रैल 2018 से स्कूल में तैनात शालिनी वर्तमान में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अंग्रेजी से एमए करने वाली शालिनी की कक्षा का नियम अलग है। वह कठिन पाठ्यक्रम या गणित के सवालों को कभी 'मुश्किल' नहीं कहतीं, बल्कि आओ, आज नया खेल खेलते हैं कहकर पढ़ाना शुरू करती हैं। भाषा, गणित और FLN (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) पर केंद्रित उनके इस तरीके ने लगभग 333 बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाया है। शालिनी की मां भी शिक्षिका थीं, उन्हीं की प्रेरणा से वो टीचर बनीं। स्कूल के 6 घंटों के अलावा वह रोज घर पर 2 घंटे नई टीचिंग ट्रिक्स तैयार करती हैं। उनका मानना है कि बच्चे उपदेश से नहीं, उदाहरण से सीखते हैं। कहती हैं कि–बच्चों में जैसा बीज बोएंगे, वैसा ही पौधा तैयार होगा। शिक्षक का काम पढ़ाई का डर नहीं, सीखने का आनंद देना है। बलिया के डॉ. इफ्तेखार की अनोखी क्लास: पेड़-पौधों को बनाया ब्लैकबोर्ड बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां भी आज राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक–2026 सम्मान ग्रहण करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रदेश भर से चुने गए 12 शिक्षकों का साक्षात्कार हुआ था, जिनमें से केवल तीन का चयन किया गया। इसके बाद कठिन राष्ट्रीय स्तर के इंटरव्यू प्रक्रिया को पार करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। डॉ. खां के पढ़ाने का तरीका अनूठा है। वह बच्चों को केवल किताबों या कॉपियों तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति से जोड़कर पढ़ाते हैं। विद्यालय परिसर के पेड़-पौधों और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को ही वह शिक्षा का माध्यम बनाते हैं। उनकी कार्यशैली 'लर्निंग बाय डूइंग' पर आधारित है। वे पहले किसी भी गतिविधि को खुद करके दिखाते हैं, फिर बच्चों से करवाते हैं। उनकी इस मेहनत का नतीजा है कि उनके कई पढ़ाए छात्र आज IIT, NIT, BHU, जामिया और DU जैसे देश के शीर्ष संस्थानों में पहुंचे हैं और प्रोफेसर व डिजाइनर जैसे पदों पर सफल हैं। पुराने छात्र जब स्कूल आकर नए बच्चों से अनुभव साझा करते हैं, तो इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है। शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी को स्कूल तक सीमित न रखते हुए डॉ. खां पिछले 26 वर्षों से हर रविवार अपने आवास पर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सफलता ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। बॉटनिकल गार्डन और PPT से विज्ञान की पढ़ाई बनाई आसान गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 63 वर्षीय विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को भी आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित होंगी। वर्ष 1987 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली और करीब 26 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी डॉ. रेनू त्रिपाठी ने 2006 में इस कॉलेज में कार्यभार संभाला था। उन्होंने विज्ञान जैसे कठिन विषय को सरल व प्रयोगात्मक बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड, PPT, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल और स्कूल के बॉटनिकल गार्डन का इस्तेमाल किया। पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ खुद को तकनीक से जोड़ते हुए वह इस उम्र में भी YouTube, ऑनलाइन प्रेजेंटेशन और डिजिटल माध्यमों से छात्राओं को पढ़ा रही हैं। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान विषय पर 12 किताबें लिखी हैं और कई रिसर्च पेपर भी तैयार किए हैं। जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने जा रहीं डॉ. रेनू त्रिपाठी शिक्षा को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा मानती हैं और रिटायरमेंट के बाद भी गरीब व जरूरतमंद बच्चों को मुफ़्त पढ़ाने का संकल्प रखती हैं। गोरखपुर में 81 शिक्षकों सीएम योगी करेंगे सम्मानित शिक्षक दिवस पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इनमें से 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार और 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनितों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इसमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार पाने वाले 5 शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए इन शिक्षकों का चयन

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:00 am

हिमाचल: शिक्षा के सितारों को सलाम, 32 शिक्षकों को आज मिलेगा पुरस्कार, जानें इनकी उपलब्धियां

पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई शिक्षक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं।

अमर उजाला 5 Sep 2026 5:00 am

Sant Kabir Nagar News: परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दी जाएगी तकनीकी शिक्षा

परिषदीय विद्यालयों में कक्षा-छह से आठ तक डिजिटल लर्निंग अनिवार्य कर दी गई है। इ

अमर उजाला 5 Sep 2026 3:00 am

Panipat News: शिक्षा के साथ समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण की सीख

शिक्षा के साथ समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण की सीख

अमर उजाला 5 Sep 2026 2:21 am

Gorakhpur News: नगर निकायों से शिक्षा-स्वास्थ्य खर्च का मांगा ब्योरा

Details of education and health expenditure sought from urban local bodies.

अमर उजाला 5 Sep 2026 2:17 am

Kanpur News: कल 21 केंद्रों पर होगी प्रावधिक शिक्षा सेवा परीक्षा

कल 21 केंद्रों पर होगी प्रावधिक शिक्षा सेवा परीक्षा

अमर उजाला 5 Sep 2026 1:58 am

Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा से साहित्य तक हिंदी के संवर्धन में जुटे डॉ. पंकज गौड़

शिक्षा से साहित्य तक हिंदी के संवर्धन में जुटे डॉ. पंकज गौड़

अमर उजाला 5 Sep 2026 1:44 am

नीट-पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन के लिए जयपुर में पुख्ता व्यवस्थाएं, 5 केंद्रों पर 2,499 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (आयुर्विज्ञान), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नीट-पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन का आयोजन 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को...

खास खबर 4 Sep 2026 10:16 pm

एम्स-मंगलगिरि में प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट सहित कई पदों पर आवेदन जारी, 22 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छा मौका है। एम्स-मंगलगिरि ने प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट सहित अन्य कई पदों...

खास खबर 4 Sep 2026 9:58 pm

पटवारी ने पूछा-2,426 स्कूल क्यों बंद हुए?:स्कूल शिक्षा मंत्री बोले-छात्र नहीं थे, इसलिए शालाएं अस्थायी रूप से बंद कीं; बच्चे मिलेंगे तो दोबारा शुरू करेंगे

मध्यप्रदेश में 2426 स्कूल कम होने के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह आमने-सामने हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर पूछा है कि जब सरकार शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने का दावा कर रही है तो प्रदेश में इतने स्कूल कम कैसे हो गए? पटवारी ने स्कूलों के बंद होने और विलय का जिला-वार हिसाब मांगते हुए बच्चों के स्कूल से दूर होने का सवाल उठाया है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर में कहा कि सरकार ने बच्चों वाले एक भी स्कूल को बंद नहीं किया है। जिन शालाओं में छात्र नहीं थे या बहुत कम थे, उन्हें अस्थायी रूप से बंद कर पास के स्कूल में बच्चों को शिफ्ट किया गया है। बच्चे मिलेंगे तो स्कूल फिर शुरू कर दिए जाएंगे। पटवारी ने पूछा- 2426 स्कूल कम होने का पूरा हिसाब दें पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश में 2426 स्कूल कम होने का जिला-वार, विकासखंड-वार और स्कूल-वार विवरण क्या है?। इनमें कितने स्कूल बंद हुए, कितने दूसरे स्कूलों में मर्ज किए गए और कितने स्कूल किस प्रशासनिक आदेश के तहत समाप्त किए गए, सरकार इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन स्कूलों का विलय किया गया, वहां पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को अब नए स्कूल तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में कितनी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पटवारी का कहना है कि स्कूलों के विलय का सबसे ज्यादा असर गरीब, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के बच्चों पर पड़ता है। मंत्री बोले- बच्चों वाले एक भी स्कूल को बंद नहीं किया स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पटवारी के सवालों के जवाब में कहा कि अखबारों में केवल इतना छपता है कि 2600 स्कूल बंद हो गए, जबकि पूरी स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी के साथ कह सकती है कि मध्यप्रदेश में एक भी ऐसा स्कूल नहीं है, जहां बच्चे हों और सरकार ने उसे बंद किया हो। मंत्री के अनुसार, जिन स्कूलों में बच्चे नहीं थे, उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया गया है। जहां बच्चों की संख्या कम थी, वहां उन्हें पास के स्कूल में शिफ्ट किया गया। उन्होंने कहा कि अगर बाद में बच्चे मिलते हैं तो उन स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाएगा। मंत्री ने निजी स्कूलों के बंद होने का भी दिया हवाला राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूलों की संख्या में कमी के आंकड़े को केवल सरकारी स्कूलों के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक करीब 1000 निजी संस्थाएं भी बंद हुई हैं। गांवों में कई बार शिक्षित बेरोजगार लोग निजी स्कूल शुरू कर लेते हैं। दो-तीन साल स्कूल चलाने के बाद जब उन्हें लगता है कि स्कूल नहीं चल रहा है तो वे उसे बंद कर देते हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे निजी स्कूलों के बंद होने की संख्या भी करीब 1000 के आसपास है। इसलिए 2600 स्कूल बंद होने की बात को सीधे सरकारी स्कूल बंद करने से जोड़ना सही नहीं है। पटवारी ने पूछा- स्कूल बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी? पटवारी ने सरकार से यह भी पूछा है कि यदि स्कूलों में बच्चों की संख्या कम थी तो स्कूल बंद या मर्ज करने से पहले बच्चों के लिए परिवहन, साइकिल, बस या सुरक्षित आवागमन की क्या व्यवस्था की गई। उन्होंने सरकार से यह जानकारी भी मांगी है कि कितने बच्चों को नया स्कूल घर से अधिक दूरी पर मिला और कितने बच्चों ने दूरी बढ़ने के कारण पढ़ाई छोड़ दी। पटवारी ने सवाल उठाया कि सरकार की जिम्मेदारी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की है या स्कूल को बच्चों के पास रखने की। उन्होंने अगले तीन वर्षों में ऐसे किसी सरकारी स्कूल को बंद या मर्ज नहीं करने की गारंटी भी मांगी है, जिसके कारण बच्चों को पहले से अधिक दूरी तय करनी पड़े। नामांकन घटने के दावे पर भी मंत्री का पलटवार पटवारी ने अपने पत्र में नामांकन और ड्रॉपआउट को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि स्कूल से बाहर बच्चों, ड्रॉपआउट बच्चों, दूसरे स्कूल में स्थानांतरित बच्चों और UDISE+ में दर्ज नहीं हो पाए बच्चों की वास्तविक संख्या कितनी है। मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल नामांकन कम नहीं हुआ है, बल्कि पिछले साल के मुकाबले दर्ज संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उन राज्यों में है जहां बच्चों का नामांकन पहले से बेहतर हुआ है और प्राथमिक स्तर पर भी नामांकन बढ़ा है। ड्रॉपआउट पर सरकार का दावा- दो साल से जीरो लेवल ड्रॉपआउट को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकारी और कुछ एजेंसियों के आंकड़े UDISE पर आधारित हैं। उनका दावा है कि मध्यप्रदेश पिछले दो साल से ड्रॉपआउट के मामले में जीरो लेवल पर खड़ा है। पहले ड्रॉपआउट बड़े प्रतिशत में होता था, लेकिन सरकार उसे शून्य दर पर लेकर आई है। वहीं पटवारी ने अपने पत्र में UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कक्षा 9-10 में 13 प्रतिशत ड्रॉपआउट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि हर 100 बच्चों में 13 बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं और कक्षा 8 से 9 तथा कक्षा 10 से 11 के बीच कितने बच्चे शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो जाते हैं। ड्रॉपआउट पर भी सरकार-कांग्रेस के दावे अलग पटवारी ने अपने पत्र में यूडाइस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कक्षा 9-10 में 13 प्रतिशत ड्रॉपआउट का मुद्दा उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में माध्यमिक स्तर पर लड़कों का ड्रॉपआउट 14.7 प्रतिशत और लड़कियों का 11.3 प्रतिशत रहा। पटवारी ने सरकार से पूछा है कि हर 100 बच्चों में 13 बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं और कक्षा 8 से 9 तथा कक्षा 10 से 11 के बीच कितने बच्चे शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो रहे हैं। वहीं मंत्री का दावा है कि मध्यप्रदेश पिछले दो साल से ड्रॉपआउट को जीरो लेवल पर लेकर आया है। उनका कहना है कि प्राथमिक स्तर पर नामांकन बढ़ा है और प्रदेश में बच्चों की दर्ज संख्या पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक हुई है। 15.25 लाख से 11.12 लाख तक ‘ड्रॉपबॉक्स’ में बच्चे सामने आए आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल प्रदेश के स्कूलों से 15.25 लाख बच्चे ‘ड्रॉपबॉक्स’ में थे। इस साल भी 11.12 लाख बच्चे ड्रॉपबॉक्स में दर्ज हैं। ड्रॉपबॉक्स में ऐसे बच्चे शामिल हैं जो पिछले स्कूल से निकल चुके हैं, लेकिन नए स्कूल में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। इन बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाना चुनौती है। नामांकन के आंकड़ों में 17 लाख का अंतर सरकारी आंकड़ों में नामांकन को लेकर भी अंतर सामने आया है। सत्र 2025-26 में राज्य के शिक्षा पोर्टल पर नामांकित छात्रों की संख्या करीब 1.35 करोड़ बताई गई, जबकि यूडाइस में यह संख्या 1.52 करोड़ दर्ज है। दोनों आंकड़ों में करीब 17 लाख का अंतर है। अधिकारियों की ओर से इसका कारण बताया गया है कि यूडाइस में प्री-प्राइमरी का डेटा भी शामिल होता है। कांग्रेस इसी अंतर को लेकर सरकार से वास्तविक नामांकन संख्या स्पष्ट करने की मांग कर रही है। पहली से 12वीं तक सिर्फ 37.3% बच्चे पहुंच रहे यूडाइस के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पहली से 12वीं तक बच्चों की रिटेंशन रेट 37.3 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 51.9 प्रतिशत बताया गया है। इसका मतलब यह है कि प्राथमिक स्तर पर स्कूल में आने वाले बड़ी संख्या में बच्चे 12वीं तक पहुंचने से पहले शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो जाते हैं। कांग्रेस का सवाल है कि सरकार इस अंतर को कम करने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 8:31 pm

उदयपुर में प्रत्याशियों की शिक्षा का रोचक मुकाबला:चुनावी मैदान में PhD से साक्षर तक उम्मीदवार, जानें किस पार्टी में कितने पढ़े-लिखे चेहरे

उदयपुर में नगर निगम चुनाव का मुकाबला अब केवल विकास और वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'डिग्रियों' तक भी है। एक तरफ जहां कुछ प्रत्याशियों के नाम के आगे 'डॉक्टर' की उपाधि और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हैं, तो दूसरी तरफ ऐसे चेहरे भी हैं जो केवल 'साक्षर' हैं या महज 5वीं-7वीं कक्षा तक ही पढ़े हैं। कांग्रेस के पास जहां सबसे ज्यादा पीएचडीधारी 3 उम्मीदवार हैं, वहीं सबसे ज्यादा 10 साक्षर और कम पढ़े-लिखे उम्मीदवार भी उसी पार्टी में हैं। उधर, भाजपा का चुनावी प्रोफाइल अधिक 'बैलेंस्ड' और 'मिडिल-हाई' एजुकेशन है, जहां पोस्ट ग्रेजुएट्स की संख्या ज्यादा है और 'साक्षर' श्रेणी के उम्मीदवार कांग्रेस से आधे से भी कम हैं। हालांकि, सबसे कम शिक्षित (5वीं पास) प्रत्याशी भाजपा का है। इस बार दोनों पार्टियों ने अच्छी संख्या में उच्च शिक्षित युवाओं और दिग्गजों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के पास 3 और भाजपा के पास 2 पीएचडी धारी कांग्रेस के पास 3 पीएचडी धार उम्मीदवार है, जिनमें डॉ. पूनम राठौड़ (कांग्रेस, वार्ड 17), डॉ. नेहा कुमावत (कांग्रेस, वार्ड 25) और डॉ. हितांशी शर्मा (कांग्रेस, वार्ड 73) से हैं। जबकि भाजपा में पंकज बोरणा (वार्ड 74) और कविता जोशी (वार्ड 76) पार्टी के सबसे उच्च शिक्षित उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पीएचडी की है। प्रोफेशनल डिग्री पर कांग्रेस और भाजपा में टक्कर वर्तमान दौर में प्रोफेशनल डिग्री (LLB, MBA, CA, B.Tech) वाले उम्मीदवारों की मांग काफी बढ़ चुकी है। इस बार कुल 30 प्रोफेशनल डिग्री धारी उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही 15-15 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। कांग्रेस (15): इस सूची में वकीलों (LLB) की खासी भरमार है, जो वार्ड 2, 3, 14, 27, 39, 46, 55, 64 और 66 से मैदान में हैं। इसके अलावा वार्ड 19 से राघव चपलोत और वार्ड 54 से अमित श्रीवास्तव B.Tech हैं, जबकि वार्ड 22 से हिदायतुल्ला के पास बीएससी नर्सिंग की डिग्री है। भाजपा (15): भाजपा ने वार्ड 1, 39, 71, 73, 75 और 80 में एलएलबी धारकों को उतारा है। इसके साथ ही पार्टी के पास सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के रूप में वार्ड 35 से सुनील कंठालिया और वार्ड 44 से आशीष कोठारी शामिल हैं। वहीं वार्ड 27, 30 और 33 के उम्मीदवार एमबीए (MBA) डिग्री धारी हैं। पोस्ट ग्रेजुएट (PG): कुल 23 प्रत्याशी पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जिनमें भाजपा के 13 (MA, M.Com, M.Sc) और कांग्रेस के 10 उम्मीदवार शामिल हैं। ग्रेजुएट: कुल 29 ग्रेजुएट उम्मीदवारों में 16 कांग्रेस के और 13 भाजपा के प्रत्याशी हैं। कम शिक्षा वाले प्रत्याशी: भाजपा में 'पांचवीं पास' तो कांग्रेस में 'साक्षरों' की फौज राजनीति में केवल बड़ी डिग्रियां ही नहीं, बल्कि जमीनी अनुभव भी अहमियत रखता है। यही कारण है कि पार्टियों ने कम पढ़े-लिखे और साक्षर लोगों को भी मौका दिया है। 12वीं से कम शिक्षा: 10वीं, 8वीं और उससे कम पढ़े-लिखे उम्मीदवारों में कांग्रेस के 27 और भाजपा के 20 प्रत्याशी हैं। आठवीं और पांचवीं पास: भाजपा के 7 उम्मीदवार केवल आठवीं पास हैं। खास बात यह है कि सबसे कम पढ़े-लिखे प्रत्याशी भाजपा के दुर्गालाल (वार्ड 77) हैं जो सिर्फ 5वीं पास हैं, जबकि कांग्रेस की तरफ से मीठालाल (वार्ड 74) और भूराशंकर (वार्ड 77) 7वीं तक शिक्षित हैं। साक्षर उम्मीदवार: कई प्रत्याशियों ने अपनी शिक्षा में किसी कक्षा का उल्लेख न कर खुद को केवल 'साक्षर' बताया है। इनकी संख्या कांग्रेस में अधिक है, जहां कुल 15 साक्षर प्रत्याशियों में से 10 कांग्रेस और 4 भाजपा के हैं।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 7:28 pm

2 साल में घूस लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं MP की 18 महिला अफसर: राजस्व, शिक्षा और पुलिस विभाग शामिल, देखें पूरी लिस्ट

मई 2024 से जुलाई 2026 के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रिश्वतखोरी के मामलों में 18 महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 7:20 pm

बक्सर यौन शोषण मामले पर शिक्षा मंत्री सख्त, बोले- सभी स्कूलों के लिए बनेगी एसओपी

Patna, 4 सितंबर . बिहार के बक्सर में सामने आए छात्राओं के कथित यौन शोषण के मामले को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है. उन्होंने कहा कि घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है. विभाग ने आरोपी शिक्षकों को निलंबित करने के साथ उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव मांगा है. इस ... Read more

डेली किरण 4 Sep 2026 6:53 pm

हिंदुस्तान जिंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम से 75 सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को मिली नई दिशा

हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में यह कार्यक्रम 75 सरकारी विद्यालयों में संचालित हो रहा है, जहां 60 से अधिक फेलो और फील्ड पर्सनल्स शिक्षक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सेवाएं दे रहे हैं।

खास खबर 4 Sep 2026 5:58 pm

गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को राष्ट्रीय अवार्ड, शिक्षा नवाचार में मिला सम्मान

गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को NIEPA और शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय अवार्ड मिला। शैक्षिक प्रशासन, नेतृत्व और शिक्षा नवाचार में उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

प्रातःकाल 4 Sep 2026 5:24 pm

छात्र-युवा संवाद, शिक्षा-परीक्षा और रोजगार पर घेरा:शेखपुरा के ससबहना में आइसा-आरवाईए का आयोजन, सैकड़ों छात्र-युवा हुए शामिल

शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के ससबहना में शुक्रवार को आइसा और आरवाईए की ओर से छात्र-युवा संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-युवा शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… छात्र आंदोलन को बताया बड़ी जीत आइसा के जिला सचिव मो. रिक्की खान और आरवाईए के जिला सचिव प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि छात्र-नौजवानों के संघर्ष के दबाव में केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन और जंतर-मंतर पर कार्रवाई के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से हटने को वे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत मानते हैं। वक्ताओं ने कहा कि एकजुट छात्र-युवा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने अपनी मांगें रख सकते हैं। पटना आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का किया जिक्र वक्ताओं ने कहा कि 22 जुलाई को आइसा-आरवाईए के आह्वान पर पटना में राजभवन मार्च निकाला गया था। शिक्षा और भविष्य के सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों का भी उन्होंने जिक्र किया। नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में छात्रों की रिहाई हुई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने पड़े। पेपर लीक और बेरोजगारी पर चिंता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे छात्र-युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने BPSC, BSSC और BPSSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नियमितता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की मांग वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और कमजोर शैक्षणिक व्यवस्था का सबसे अधिक असर गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की महंगी शिक्षा वहन नहीं कर पाने वाले परिवारों के लिए सरकारी स्कूल सबसे बड़ा सहारा हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों को मजबूत करना जरूरी है। 6 सितंबर को पटना पहुंचने की अपील आइसा-आरवाईए नेताओं ने कहा कि शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्कूल-कॉलेजों में सुधार के सवाल को लेकर राज्यभर में छात्र-युवा संवाद किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से 6 सितंबर को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचकर इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। कार्यक्रम में भाकपा माले अरियरी प्रखंड सचिव सह किसान नेता कमलेश कुमार मानव, विशेश्वर महतो, राहुल कुमार, अंकित कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 5:13 pm

गणित पढ़ना चाहते थे एस राधाकृष्णन, उनकी अध्यक्षता में बना था स्वतंत्र भारत का पहला शिक्षा आयोग

New Delhi, 4 सितंबर . 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव तिरुत्तनी में जन्मे सर्वपल्ली राधाकृष्णन का बचपन आर्थिक तंगी और गरीबी में बीता. एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने के बजाय मंदिर का पुजारी बन जाए. लेकिन, ... Read more

डेली किरण 4 Sep 2026 4:58 pm

देश सेवा के बाद समाज सेवा: 3 साल BSF में सेवा देने वाले भिंड के शिवम अब जरूरतमंद बच्चों को दे रहे नि:शुल्क शिक्षा

भिंड समाचार: परिजनों का कहना था कि सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं होता और नौकरी छोड़कर अनिश्चित रास्ते पर जाना उचित नहीं है। इसके बावजूद शिवम अपने फैसले पर कायम रहे।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 4:56 pm

सवाई माधोपुर के शिक्षा नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान, एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता सम्मानित

सवाई माधोपुर शिक्षा नवाचार एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता सम्मान, NIEPA National Conference 2026 Dinesh Kumar Gupta, भविष्य की उड़ान सवाई माधोपुर 41 करोड़ रुपये, राजस्थान शिक्षा अधिकारी राष्ट्रीय सम्मान, Sawai Madhopur education innovation

प्रातःकाल 4 Sep 2026 4:53 pm

शहडोल के सरकारी स्कूल में बच्चों से छत साफ करवाई:पाइप के सहारे नीचे उतरे बच्चे; शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल

शहडोल जिले के गोरतरा ग्राम पंचायत के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम नहीं थे। स्कूली बच्चों से फिसलन भरी छत साफ कराई गई वीडियो में बच्चे स्कूल भवन के छज्जे और छत पर सफाई करते दिख रहे हैं। बारिश के कारण भवन की सतह पर काई जमने के कारण काफी फिसलन हो गई थी। इसके बावजूद बच्चों को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। पढ़ाई की उम्र में बच्चों से ऐसा काम करवाने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। गंभीर बात यह है कि छत पर जाने के लिए बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई उचित सीढ़ी या अन्य सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी। वीडियो में बच्चें पाइप के सहारे नीचे उतरते दिखाई दे रहें हैं। इससे हादसे की आशंका और बढ़ गई। असिस्टेंट कमिश्नर बोले- जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय सिन्हा ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 4:22 pm

शिक्षामंत्री के निर्देश पर पोटाकेबिन पुसनार में बदलाव:बीजापुर में अधीक्षकों-शिक्षकों की बैठक,बच्चों की पढ़ाई के साथ अब योग,प्राणायाम और खेलकूद पर भी जोर

बीजापुर। पोटाकेबिन पुसनार (भैरमगढ़) में अधीक्षकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर बच्चों की शिक्षा, दैनिक दिनचर्या और स्कूल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बच्चों की पढ़ाई के साथ योग, प्राणायाम, प्रार्थना और खेलकूद को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए। बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्कूल में अनुशासन, स्वच्छता और सकारात्मक माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। प्रार्थना के लिए लगेंगे लाउडस्पीकर बैठक में बच्चों की सामूहिक प्रार्थना को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पोटाकेबिन में लाउडस्पीकर लगाने के निर्देश दिए गए। स्कूल परिसर को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया। कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनी गईं बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सामने आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और बच्चों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने कहा कि पोटाकेबिन में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छा शैक्षणिक माहौल, अनुशासन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए स्कूल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और जरूरी सुधार किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 2:36 pm

दिल्ली पुलिस कांस्टेबल: आ गई फिजिकल टेस्ट की नई तारीखें, सितंबर में इस दिन से हो रहा शुरू; देखें शेड्यूल

दिल्ली पुलिस भर्ती-2025 के तहत कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल समेत चार पदों के लिए फिजिकल टेस्ट की नई तारीखों की घोषणा कर दी गई है। अब परीक्षा सितंबर और अक्तूबर 2026 में निर्धारित नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 12:39 pm

दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं

दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं

अमर उजाला 4 Sep 2026 12:01 pm

आरआरबी एनटीपीसी: रेलवे में 5165 पदों पर भर्ती, 12वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए मौका, कब से शुरू होंगे आवेदन?

रेलवे में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एनटीपीसी के तहत कुल 5165 पदों पर भर्ती करने जा रहा है। इस भर्ती में 12वीं पास और स्नातक उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा।

अमर उजाला 4 Sep 2026 11:30 am

बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बातउन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।टीएमसी पर लगाए ये आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।सीएम ने क्या कहासीएम ने कहा कि, हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा। आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा, मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

ज़ी न्यूज़ 4 Sep 2026 10:44 am

Aligarh Ground Report: विश्वविद्यालय से बढ़े शिक्षा के अवसर, चिकोरी ने विदेशों में बनाई पहचान; जमीनी हकीकत

Aligarh Ground Report: उत्तर प्रदेश के जिलों में ‘यूपी सक्षम’ अभियान के तहत अमर उजाला की टीम लगातार जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही है। लोगों के जीवन में आए बदलाव और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए टीम अलीगढ़ पहुंची।

अमर उजाला 4 Sep 2026 10:25 am

MP में स्कूली शिक्षा का संकट, 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते 63% बच्चे पढ़ाई से दूर, इंदौर का सबसे बुरा हाल

मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते सत्र में राज्य के स्कूलों से 15.25 लाख बच्चे गायब रहे, वहीं इस साल 11.12 लाख बच्चों को 'ड्रॉपबॉक्स' में डाल दिया गया है।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 10:15 am

मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: राजीव गांधी विश्वविद्यालय का पुनर्गठन

मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है, जिसमें राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जा रहा है। इस निर्णय के साथ ही विश्वविद्यालय के नाम से राजीव गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। नए विश्वविद्यालयों का नामकरण और प्रशासनिक प्रणाली में बदलाव से लाखों छात्रों और सैकड़ों कॉलेजों पर प्रभाव पड़ेगा। सरकार का यह कदम तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उद्देश्य से है।

नौकरी नामा 4 Sep 2026 9:28 am

शिक्षा में नवाचार का सम्मान:महमूदाबाद के दो शिक्षकों का जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान के लिए चयन

सीतापुर में महमूदाबाद के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं शैक्षिक नवाचार के लिए महमूदाबाद ब्लॉक के दो शिक्षकों अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत को इस वर्ष जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षकों के चयन की खबर से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्राथमिक विद्यालय भूसना के शिक्षक अरुण कुमार तथा कंपोजिट विद्यालय देवसराय के शिक्षक कुलदीप राजपूत ने विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की शिक्षा, सहभागिता और उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार विभिन्न प्रयास किए हैं। उनके शैक्षिक नवाचारों और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस वर्ष दोनों शिक्षकों ने शिक्षक इस्लाम सर के साथ मिलकर बेसिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो’ गीत भी तैयार किया। यह गीत प्रदेश स्तर पर काफी पसंद किया गया और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के अभियान में उपयोगी पहल के रूप में सामने आया। शिक्षक अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षण और उनकी प्रतिभा को निखारना उनकी प्राथमिकता है। दोनों शिक्षक विद्यालय स्तर पर लगातार नए प्रयोग करते हुए बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करते हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलने वाला यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षकों के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 9:26 am

यूपी: डीजीएमई की कुर्सी पर आईएएस नहीं डॉक्टर होंगे तैनात, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद पर अब आईएएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ चिकित्सक प्रधानाचार्य की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

अमर उजाला 4 Sep 2026 9:14 am

बिहार: शिक्षा का मंदिर हुआ शर्मसार, दो शिक्षक निलंबित; छात्राओं को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप

बक्सर के डुमरांव प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, नथुनी अहिर के डेरा में तैनात दो सरकारी शिक्षकों विरेन्द्र प्रसाद और अरविन्द कुमार पर छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

अमर उजाला 4 Sep 2026 8:53 am

प्रशांत किशोर का शिक्षकों पर बड़ा हमला, बोले- ‘गुरुजी से मस्टरवा बन गए’, जाति के नाम पर वोट देने से बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था

प्रशांत किशोर का शिक्षकों पर बड़ा हमला, बोले- ‘गुरुजी से मस्टरवा बन गए’, जाति के नाम पर वोट देने से बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था

समाचार नामा 4 Sep 2026 8:40 am

जीडीएस भर्ती 2026: आवेदन करते समय कौन सी सावधानियां रखें? ये दो चीजें संभलकर भरें, गलती हुई तो पछताना पड़ेगा

Postal GDS 2026: डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। फॉर्म भरने से पहले उम्मीदवारों को पंजीकरण और आवेदन पत्र में दर्ज की जाने वाली जानकारी को लेकर खास सावधानी बरतनी होगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 7:01 am

बंगाल में शिक्षा का नया मॉडल? RSS के 1000 स्कूल खुलेंगे, मदरसों पर भी CM शुभेंदु का बड़ा ऐलान

बंगाल में एक साल में RSS की शिक्षा शाखा विद्या भारती से जुड़े 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है। CM ने राज्य के चार शिक्षा विभागों को एक करने और मदरसा शिक्षा के लिए अलग प्रशासन न रखने का प्रस्ताव दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 6:34 am

माध्यमिक ​सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा पर फैसला:5 निजी विवि के 218 अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट जांचेगा शिक्षा विभाग

माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की फिर से जांच होगी। यह जांच उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग करेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए पत्र भेजा है। माध्यमिक सहायक आचार्य के लिए अनुशंसित 877 अभ्यर्थियों में से 218 निजी यूनिवर्सिटी से पास हुए हैं। इन्होंने अपनी शैक्षणिक डिग्रियां (जैसे बीएड, एमए या अन्य संबंधित योग्यताएं) देश या राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से ली हैं। इतनी बड़ी संख्या में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के चयन होने से उनकी योग्यता और डिग्री की वैधता को लेकर शिक्षा विभाग ने सम्यक जांच का निर्णय लिया है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की सूक्ष्मता से जांच करने पर जोर दिया है। ऐसे में यह स्पष्ट हो चुका है कि नियुक्ति पत्र वितरण में अभी समय लगेगा। फिर से फ्रेश काउंसलिंग भी हो सकता है। निजी विश्वविद्यालयों से पास हुए अभ्यर्थियों में झारखंड के राधागोविंद विश्वविद्यालय, वाईबीएन विश्वविद्यालय, सिक्किम के अल्पाइन विश्वविद्यालय समेत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के तीन प्राइवेट यूनिवर्सिटी के हैं। हाल ही में हुई महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में भी झारखंड के इन दो निजी विश्वविद्यालयों से पास हुई अभ्यर्थियों पर सवाल खड़े हुए थे। शिक्षा विभाग इस संदर्भ में सर्तकता से आगे बढ़ रहा है। 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा, इनमें 218 निजी विवि से पास महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति में गड़बड़ी मिलने पर हुई जांच 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने आंतरिक जांच कराई। स्क्रूटनी में पता चला कि यहां भी निजी यूनिवर्सिटी से पास आउट अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है। ऐसे में इन अभ्यर्थियों के एक-एक प्रमाण पत्रों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। राज्य में लगभग 1373 माध्यमिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से की है। इन अभ्यर्थियों के बारे में शिक्षा सचिव व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को शिकायत मिली। जब जांच हुई, तो इसकी पुष्टि हुई। आशंका है कि साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और एआई के कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र गलत हो सकते हैं। +2 उच्च विद्यालयों में नियुक्ति के लिए अनुशंसित हुआ नाम यह नियुक्ति परीक्षा राज्य के प्लस-टू उच्च विद्यालयों में विभिन्न विषयों के प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्यों (कक्षा 9 से 12) के लिए आयोजित की गई थी। जेएसएससी द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा, निर्धारित अर्हता तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम अनुशंसा सूची तैयार की गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और झारखंड सरकार के नियुक्ति नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री प्राप्त करने वाले योग्य और पात्र अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र माने गए हैं। पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और मानकों के तहत संपन्न हुई है। निजी यूनिवर्सिटी की डिग्री की होगी जांच : निदेशकमाध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने कहा कि माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति की अनुशंसा में शामिल कई अभ्यर्थियों ने निजी यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। उनके प्रमाण पत्रों की जांच उच्च शिक्षा विभाग करेगा। जांच के बाद ही इनकी वैधता और मान्यता को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 5:30 am

Budaun News: रिसौली के फर्जी स्कूल की जांच करेगी दो खंड शिक्षाधिकारियों की टीम

बदायूं। रिसौली के मोहल्ला भरा पट्टी में सीबीएसई पैटर्न का फर्जी स्कूल संचालित होने की सूचना पर विभाग की ओर टीम गठित की गई है, जो इस मामले की जांच करेगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 2:02 am

शिक्षा कोरी नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति का माध्यम बने

शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026 शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा-दृष्टि, शिक्षक की भूमिका और भावी पीढ़ी के निर्माण पर गंभीर आत्ममंथन का दिन है। किसी राष्ट्र का भविष्य केवल उसके विद्यालयों की संख्या, भवनों की भव्यता, पुस्तकों की उपलब्धता या परीक्षाओं के परिणामों से निर्धारित नहीं होता, ... Read more

अजमेरनामा 4 Sep 2026 1:16 am

Pilibhit News: कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा

स्कूल समय के बाद भी ई-विद्या के निशुल्क चैनलों से पढ़ सकेंगी छात्राएं

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:06 am

लखनऊ में मर्सिडीज-बेंज ने एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स दिए:एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ मिलकर शिक्षाविदों को किया सम्मानित

लखनऊ के गोमतीनगर में मर्सिडीज-बेंज और एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से मर्सिडीज-बेंज एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों, अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं और करियर गाइडेंस विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक समारोह सराहनीय हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय परिवेश, सभ्यता और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा के मूल तत्वों को समझना जरूरी है। भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ नैतिकता और गुरु-शिष्य परंपरा को भी महत्व दिया गया है। इसमें मानव कल्याण की भावना समाहित है। समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है कार्यक्रम की शुरुआत पिहू द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुई। एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है। भावी पीढ़ी तैयार करने में उनके योगदान का सम्मान किया जाना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि शसौमित्र गौर ने कहा कि अगली पीढ़ी के मजबूत भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल और मूल्यों का संतुलन होना चाहिए। डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप विकसित करना होगा हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की कार्यकारी निदेशक समिता सिंह बफीला ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्थानों को AI और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा। हालांकि शिक्षा के केंद्र में विद्यार्थी और मानवीय मूल्य हमेशा बने रहने चाहिए। समारोह में गैरी डोमिनिक एवरेट, सोमा चंद्रा, डॉ. मंजुला गोस्वामी, गुंजन साहनी, दिव्या सिंह, गुंजन दनानी, मधुलिका अग्रवाल, डॉ. मांडवी त्रिपाठी, पूजा सिंह, डॉ. प्रेरणा मित्रा, डॉ. धीरज मेहरोत्रा, रचना मिश्रा, डॉ. विभा आहूजा, रुद्रेन्द्र बसाक, अंजना स्वामी, पूनम अरोड़ा, प्रेरणा त्रिपाठी, सिंधु तिवारी, मितुशी नेगी और आशा यादव समेत अन्य लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 11:25 pm

ई-शिक्षाकोष में अटेंडेंस लगाकर छुट्टी लेने का आरोप:UP की शिक्षिका पूजा सिंह सस्पेंड, विभाग ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश की शिक्षिका पूजा सिंह को अररिया के प्राथमिक विद्यालय झौवा बटुरबाड़ी से निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी दर्ज की, लेकिन छुट्टी ले ली। साथ ही, संबंधित अधिकारी की मंजूरी के बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का भी इस्तेमाल किया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अररिया ने 29 अगस्त 2026 को स्कूल का अचानक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ई-शिक्षाकोष में पाया गया कि शिक्षिका पूजा सिंह ने 29 अगस्त को अपनी हाजिरी लगाई थी। वहीं, स्कूल के दफ्तर में इसी तारीख का आकस्मिक छुट्टी का आवेदन भी मिला। 31 अगस्त को मांगी गई थी सफाई हाजिरी रजिस्टर की जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने संबंधित अधिकारी से मंजूरी लिए बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का इस्तेमाल किया था। विभाग के आदेश में आरोप लगाया गया है कि यह काम प्रधान शिक्षक से मिलीभगत करके किया गया। यह मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 31 अगस्त को शिक्षिका से सफाई मांगी थी। विभागीय कार्रवाई शुरू की गई विभाग के मुताबिक, पूजा सिंह ने तय समय तक अपना जवाब दफ्तर में जमा नहीं किया। इसे उच्च अधिकारी के आदेश की बात न मानना माना गया। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), अररिया ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत पूजा सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, फारबिसगंज तय किया गया है। उन्हें नियमों के हिसाब से जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। विभाग की ओर से आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ अलग से दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 10:06 pm

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में अधिकारी लेंगे क्लास:सप्ताह में एक दिन बच्चों को पढ़ाएंगे, बेहतर शिक्षा और गाइडेंस मिलेगा

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए अब जिले के 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी नामित अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपने-अपने मॉडल स्कूल में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इस दौरान वे बच्चों को विषय आधारित शिक्षा देंगे। साथ ही उनके प्रदर्शन का अध्ययन कर उन्हें बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया इसी क्रम में गुरुवार को सरस्वती विद्या निकेतन माहेश्वरी एकेडमी मॉडल स्कूल में कटिहार के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार सिंह ने पढ़ाने की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों के बीच क्लास लेकर पढ़ाया और उनकी रुचि तथा प्रतिभा को समझने की कोशिश की। साथ ही बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राहुल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की भूमिका निभाकर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उन्हें उसी दिशा में बेहतर करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। बच्चों को बेहतर बनाना ही इस पहल का मुख्य मकसद है। वहीं, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले के सभी 20 मॉडल स्कूलों में शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और इस पहल की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कटिहार में शुरू की गई इस पहल की पूरे बिहार में तारीफ हो रही है। राज्य सरकार भी इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों के स्कूलों में नियमित रूप से पहुंचने से बच्चों को न केवल पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव और प्रेरणा से अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करने में भी मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:51 pm

प्रशांत किशोर बोले-नीतीश के शासन में शिक्षा व्यवस्था बदहाल रही:कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा; शिक्षकों से कहा- आपको सबने ठगा

गया में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर जन सुराज की ओर से शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम गया शहर के ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी विद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या स्कूली शिक्षा का लगातार कमजोर होना है। यदि शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा। ‘शिक्षा की बदौलत परिवार में बने आईएएस-आईपीएस’ प्रशांत किशोर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा मजदूरी और बैलगाड़ी चलाने का काम करते थे। परिवार ने मिलकर उनके पिता को पढ़ाया। शिक्षा की बदौलत आज उनके परिवार में बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा की ताकत है और बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता भी शिक्षा ही है। नीतीश कुमार के शासनकाल पर उठाए सवाल नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका सबसे बड़ा अध्याय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया। ‘आपको सबने ठगा, मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए’ शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा- अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं। इसके बावजूद सरकारें उनकी बात क्यों नहीं मानतीं, यह बड़ा सवाल है। प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। प्रशांत किशोर ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा करना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के सुझाव जानना था। शिक्षक समाज की भूमिका सबसे अहम : रवि रंजन दांगी कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के नेता और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य रवि रंजन दांगी ने की। वे गया जिला अध्यक्ष भी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षक समाज की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। दांगी ने कहा कि किसी भी समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को सम्मान के साथ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। साथ ही, उन्हें बेहतर कार्य माहौल भी मिलना चाहिए। शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने रखे सुझाव कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान शिक्षक सम्मान और स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर माहौल जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में अहम पहल शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को जन सुराज की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रबुद्धजनों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। हरिदास सेमिनरी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक समाज के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक संवाद के इस मंच से शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल और आए सुझाव आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकते हैं। गया में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम जन सुराज के शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:39 pm

बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए आरजीपीवी को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला : उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन विश्वविद्यालयों में बांटने और नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाएं हैं। वहीं, गुरुवार को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। इसे लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्थिति स्पष्ट की है।

दैनिक जागरण 3 Sep 2026 9:27 pm

'जो लोग क्रांतिकारी...', CM योगी ने सुनाया सपा सरकार के शिक्षामंत्री का वो किस्सा

'पंचायत आजतक' मथुरा के विशेष सत्र 'योगी की चुनावी लीला' में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला. साथ ही CM योगी ने सपा सरकार के शिक्षामंत्री का एक किस्सा भी सुनाया. देखें Video.

आज तक 3 Sep 2026 7:41 pm

'बिस्मिल और बिस्मिल्ला खान...', जब CM योगी ने सुनाया सपा कार्यकाल के शिक्षा मंत्री का किस्सा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार में शिक्षा से लेकर नौकरियों तक व्यवस्था बदहाल थी और नकल करना जन्मसिद्ध अधिकार जैसा माहौल बना दिया गया था. उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल को बिस्मिल्लाह खान बताए जाने का किस्सा सुनाते हुए सपा पर हमला बोला और कहा कि अब यूपी में नीतिगत फैसलों में कोई भेदभाव नहीं होता.

आज तक 3 Sep 2026 7:23 pm

माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व

सुप्रीम कोर्ट : राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री, फोटो-वीडियो और रिकॉर्डिंग पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका […] The post माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व्यवस्था के विरुद्ध है तो शिक्षा विभाग को सामूहिक अर्थ दंड भुगतना होगा first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .

नवसंचार समाचार 3 Sep 2026 6:56 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार: गीतांजलि आंग्मो (आईएएन

भुवनेश्वर, 3 सितंबर . जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने Thursday को कहा कि Government को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को सक्रिय रूप से लागू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को छोटा या अलग-थलग ... Read more

डेली किरण 3 Sep 2026 6:48 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार गीतांजलि आंग्मो

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा

खास खबर 3 Sep 2026 6:44 pm