डिजिटल समाचार स्रोत

...

विचार: रोजगारपरक शिक्षा का अभाव

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश में रोजगारपरक शिक्षा की कमी है, जिससे 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं और अधिकांश स्नातकों को योग्यतानुसार नौकरी नहीं मिल रही

जागरण 29 Aug 2026 11:11 pm

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण

बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को पहले की तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।

जागरण 29 Aug 2026 8:28 pm

मध्य प्रदेश ग्रुप-3 सब इंजीनियर सहित कई पदों के लिए आवेदन शुरू

इस भर्ती के जरिये कुल 1,700 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न पदों के लिए आवेदन आज यानी 29 अगस्त, 2026 से शरू हो गए हैं। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 12 सितंबर, 2026 तक अपना फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म में करेक्शन करने की लास्ट डेट 17 सितंबर है।

खास खबर 29 Aug 2026 7:14 pm

धामपुर में 30-31 अगस्त को ABVP की प्रांत कार्यकारिणी बैठक:237 कार्यकर्ता जुटेंगे; शिक्षा सुधार से लेकर ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान पर होगी चर्चा

बिजनौर के धामपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मेरठ प्रांत कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। ABVP पदाधिकारियों ने शनिवार दोपहर ढाई बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक की जानकारी दी। बैठक बिजनौर विभाग के धामपुर स्थित राजपूताना रिजॉर्ट में होगी। इसमें ABVP के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण और पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपिन गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। मेरठ प्रांत के प्रदेश मंत्री गौरव गौड़ ने बताया कि बैठक 30 अगस्त सुबह 9 बजे शुरू होगी और 31 अगस्त शाम 5 बजे तक चलेगी। प्रांत स्तरीय बैठक में प्रांत कार्यकारिणी के करीब 237 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा व्यवस्था में करीब 100 कार्यकर्ता लगाए जाएंगे। कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर मंथन बैठक में शिक्षा से जुड़े आगामी प्रस्तावों पर चर्चा के साथ पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। वर्षभर के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। 9 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस कार्यक्रम की संघात्मक समीक्षा भी बैठक में होगी। इसके साथ ही शिक्षा में सुधार को लेकर प्रस्तावित आंदोलनों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। ‘परिसर परिसर वंदे मातरम’ अभियान पर जोर आगामी कार्यक्रमों में ‘परिसर परिसर वंदे मातरम’ अभियान प्रमुख रहेगा। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा होगी। छात्रों के स्क्रीन टाइम को गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी छात्रों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान भी चलाया जाएगा। यह अभियान प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय परिसर में आयोजित करने की योजना है। बैठक में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के 350 वर्ष और आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन के 50 वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की योजना पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा छात्र हित और शैक्षणिक सुधारों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। चर्चा के बाद आवश्यक प्रस्तावों को पारित किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 5:43 pm

Rajnath Singh ने Lucknow में कहा: बिना चरित्र निर्माण के केवल डिग्री वाली शिक्षा अधूरी है

रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को दार्शनिक अंदाज में कहा कि यदि मन बड़ा नहीं है और दूसरों को देखकर ईर्ष्या होती है, तो यह मान लेना चाहिए कि आप पर ईश्वर की कृपा नहीं है। सिंह ने कहा,‘‘ जब उपलब्धियां मूल्यों पर आधारित होती हैं तभी जीवन सार्थक होता है। जब शिक्षा केवल डिग्री दे लेकिन उससे चरित्र का विकास न हो तो ऐसी शिक्षा का कोई मूल्‍य नहीं है, वह अधूरी है।’’उन्होंने यहां बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कहा,‘‘पवित्र मन उसी का होता है, जिसका मन बड़ा होता है। छोटे मन का व्यक्ति कभी पवित्र मन का नहीं हो सकता।’’पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।’’सिंह ने एक विदेशी अखबार द्वारा पूर्व में भारत को लेकर व्यंग्य में कार्टून बनाने का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की सफलता और ‘‘अंतरिक्ष क्षमता’’ देखकर हैरान है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन किसी चमत्कार से नहीं है बल्कि आप जैसे नौजवानों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत, उनकी लगन से आया है। उन्‍होंने कहा कि सफलता की यात्रा अक्सर चार पड़ावों से होकर गुजरती है-पहले लोग आपको नजर अंदाज करते हैं, फिर आप पर हंसते हैं, फिर वह आपका विरोध करते हैं और अंत में वही लोग आपकी सफलता की तारीफ करते हैं। सिंह ने कहा,‘‘आपको भी ऐसे लोग मिलेंगे जो आपकी उपेक्षा करेंगे, आपका मजाक उड़ाएंगे और कहेंगे कि यह कैसे कर सकता है, आपके रास्‍ते में बाधाएं खड़ी करेंगे लेकिन आपको रुकना नहीं है, आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढ़ना है।’’रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि आपको सफल होने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती है। पिछले 12 वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं सुलभता बढ़ी है। शिक्षा के क्षेत्र में बदलावों और अच्‍छी योजनाओं का परिणाम है कि आज देश के नौजवान भौतिकी, गणति, जीवविज्ञान के ओलंपियाड में मेडल जीत रहे हैं, स्‍टार्टअप खड़ी कर रहे हैं, हाइड्रोजन ट्रेन, ड्रोन और कंपनियां बना रहे हैं।’’केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा तीसरा स्‍टार्टअप पारितंत्र बन चुका है। सिंह ने यह भी कहा, ‘‘आर्थिक शक्ति किसी राष्‍ट्र को समृद्ध बनाती है लेकिन सांस्‍कृतिक आत्‍मविश्‍वास हमें महान बनाता है। हमारे सांस्कृतिक मूल्यों का ही परिणाम है कि हमारे देश ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया।’’रक्षा मंत्री ने दावा किया, पहले भारत बोलता था तो दुनिया सुनती नहीं थी, लेकिन आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता है तो सारी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या बोल रहा है।’’विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा , ‘‘जिंदगी का सफर लंबा है और इसे साधना की तरह लेना चाहिए। मन जितना बड़ा होगा, सुख और आनंद की प्राप्ति उतनी ही अधिक होगी।’’बाबा साहब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. आंबेडकर को उस नल से पानी नहीं पीने दिया जाता था, जिससे सभी बच्चे पानी पीते थे। इतना अन्याय सहने के बाद भी उन्होंने भाग्य को कोसने या हिंसा का रास्ता चुनने के बजाय शिक्षा का मार्ग चुना और भारत आकर लोगों में बदलाव की इच्छा जगाई।’’रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई न कोई सुपर पावर है जो पूरे ब्रह्मांड को निर्देशित कर रहा है तथा संतों की कही बातों को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। अहंकार से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार आने पर व्यक्ति की कीमत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र होते हैं और जब संस्थान का नाम डॉ. बाबा साहब के नाम पर हो तो अपेक्षाएं और बढ़ जाती हैं। उन्होंने सफलता में माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को याद रखना चाहिए। सिंह ने कहा,‘‘हुनर और ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता जरूरी है। संस्कार के बिना ज्ञान अधूरा है और संवेदनशीलता के बिना व्यक्तित्व अधूरा है।’’बाबा साहब के हवाले से उन्होंने कहा कि स्वभाव में विनम्रता और चरित्र में नैतिकता न हो तो शिक्षित व्यक्ति हिंसक जानवर से भी अधिक खतरनाक होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, भारत के लिए बड़े सपने देखें और रोजगार देने वाले बनें। समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल समेत कई लोग मौजूद थे।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 4:22 pm

कांग्रेस 5 सितंबर को पटना में निकालेगी कफन यात्रा:वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ नालंदा में विरोध-प्रदर्शन; शिक्षकों, कर्मचारियों के एडजस्टमेंट, रेग्यूलर पे स्केल की मांग

बिहार में करीब 40 साल से से चली आ रही वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और शिक्षकों के समायोजन की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल चौक पर एक दिवसीय धरना दिया। पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से चल रहे आंदोलन की कड़ी में नालंदा 37वां जिला बना, जहां वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के अधिकारों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की गई। इस प्रदर्शन के दौरान आगामी 5 सितंबर को राजधानी पटना में प्रस्तावित ‘कफन यात्रा’ को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। 'वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था का दंश झेलते हुए चार दशक से ज्यादा का वक्त गुजरा' ​धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विवेक सिन्हा ने कहा कि राज्य में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था का दंश झेलते हुए कर्मियों को चालीस साल से अधिक समय बीत चुका है। सीमित संसाधनों और घोर अभावों के बीच वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों और डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारने का काम किया है। इसके बावजूद सरकारों ने उन्हें नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक जीवन से पूरी तरह वंचित रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस शोषणकारी नीति को तत्काल समाप्त कर सभी शिक्षण संस्थानों के कर्मियों के समायोजन के लिए ठोस नीति बनाई जाए। ​कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि 30 जून को अरवल जिले से इस राज्यव्यापी महाआंदोलन का बिगुल फूंका गया था, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। यह आंदोलन केवल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि हजारों पीड़ित शिक्षक परिवारों के आत्मसम्मान और जीवन रक्षा की लड़ाई है। ​उन्होंने सरकार से सभी वित्त रहित संस्थानों के समायोजन, कर्मियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने की मांग की। साथ ही प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पूर्व से संचालित वित्त रहित कॉलेजों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने जिले के तमाम प्राचार्यों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों, छात्रों और शिक्षा प्रेमियों से 5 सितंबर को पटना पहुंचने की अपील की।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 3:33 pm

बिना चरित्र निर्माण के केवल डिग्री देने वाली शिक्षा अधूरी है, लखनऊ में बोले Rajnath Singh

रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को दार्शनिक अंदाज में कहा कि यदि मन बड़ा नहीं है और दूसरों को देखकर ईर्ष्या होती है, तो यह मान लेना चाहिए कि आप पर ईश्वर की कृपा नहीं है। सिंह ने कहा,‘‘ जब उपलब्धियां मूल्यों पर आधारित होती हैं तभी जीवन सार्थक होता है। जब शिक्षा केवल डिग्री दे लेकिन उससे चरित्र का विकास न हो तो ऐसी शिक्षा का कोई मूल्‍य नहीं है, वह अधूरी है।’’ उन्होंने यहां बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कहा,‘‘पवित्र मन उसी का होता है, जिसका मन बड़ा होता है। छोटे मन का व्यक्ति कभी पवित्र मन का नहीं हो सकता।’’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।’’ सिंह ने एक विदेशी अखबार द्वारा पूर्व में भारत को लेकर व्यंग्य में कार्टून बनाने का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत की सफलता देखकर हैरान है। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा , ‘‘जिंदगी का सफर लंबा है और इसे साधना की तरह लेना चाहिए। मन जितना बड़ा होगा, सुख और आनंद की प्राप्ति उतनी ही अधिक होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘परमानंद की कोई सीमा नहीं होती। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court ने Lucknow के 88 गांवों में जल संकट दूर करने के दिए निर्देश यह साधना है। जिस पर ईश्वर की कृपा होती है, उसी का मन बड़ा होता है।’’ बाबा साहब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. आंबेडकर को उस नल से पानी नहीं पीने दिया जाता था, जिससे सभी बच्चे पानी पीते थे। इतना अन्याय सहने के बाद भी उन्होंने भाग्य को कोसने या हिंसा का रास्ता चुनने के बजाय शिक्षा का मार्ग चुना और भारत आकर लोगों में बदलाव की इच्छा जगाई।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई न कोई सुपर पावर है जो पूरे ब्रह्मांड को निर्देशित कर रहा है तथा संतों की कही बातों को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। इसे भी पढ़ें: JPNIC Lucknow के संचालन और रखरखाव को UP Cabinet की मंजूरी, 30 साल की लीज पर दिया अहंकार से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार आने पर व्यक्ति की कीमत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र होते हैं और जब संस्थान का नाम डॉ. बाबा साहब के नाम पर हो तो अपेक्षाएं और बढ़ जाती हैं। उन्होंने सफलता में माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को याद रखना चाहिए। सिंह ने कहा,‘‘हुनर और ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता जरूरी है। संस्कार के बिना ज्ञान अधूरा है और संवेदनशीलता के बिना व्यक्तित्व अधूरा है।’’ बाबा साहब के हवाले से उन्होंने कहा कि स्वभाव में विनम्रता और चरित्र में नैतिकता न हो तो शिक्षित व्यक्ति हिंसक जानवर से भी अधिक खतरनाक होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, भारत के लिए बड़े सपने देखें और रोजगार देने वाले बनें। इसे भी पढ़ें: मिसाइल निर्माण में बड़ी छलांग, ब्रह्मोस की रफ्तार से बढ़ेगा भारत, राजनाथ सिंह ने DRDO को दिया आदेश, भारतीय उद्योगों को सौंपें अपनी उन्नत टेक्नॉजी समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल समेत कई लोग मौजूद थे।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 3:09 pm

बच्चों की रुचि जानने के लिए होगी 'ब्रेन मैपिंग':कटिहार पहुंचे शिक्षा मंत्री, बोले-'शिक्षा विभाग रिफॉर्म से परफॉर्म की ओर बढ़ेगा'

बिहार का शिक्षा विभाग अब 'रिफॉर्म से परफॉर्म' की दिशा में आगे बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार में शिक्षा विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने, उनकी प्रतिभा पहचानने और उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करने पर विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करें जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में हुई इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मन में किसी भी तरह की नकारात्मक भावना नहीं आनी चाहिए। उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ पर काम कर रही सरकार मंत्री ने कहा कि कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद बच्चों को लगता है कि उनका जीवन समाप्त हो गया है। इस सोच को बदलने के लिए सरकार 'एलिजिबल फॉर स्किल' (Eligible for Skill) जैसी व्यवस्था पर काम कर रही है। इसके तहत प्रमाणपत्र में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे बच्चे को अपनी स्थिति की जानकारी तो मिले, लेकिन असफलता के कारण उसके अंदर नकारात्मक भावना पैदा न हो। कक्षा 9 से बच्चों की रुचि और क्षमता के पर ध्यान दें शिक्षा मंत्री ने बच्चों की रुचि और क्षमता को समय रहते पहचानने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की 'ब्रेन मैपिंग' कराने की दिशा में भी काम करेगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक। उनका मानना है कि यदि कक्षा नौ से ही बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार ध्यान दिया जाए, तो वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई जिलों में विद्यालय और स्कूलों तक जाने वाली सड़कें जलमग्न होने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पटना में एक बैठक कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कटिहार में भवनहीन विद्यालयों की समस्या के समाधान की दिशा में भी जल्द काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने दोहराया कि बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 3:04 pm

मृत आदिवासी बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख की सहायता:CM डॉ. मोहन यादव बोंदारी पहुंचे, शिक्षा-स्वास्थ्य और पोषण आहार पर जानकारी ली

मध्य प्रदेश सरकार बालाघाट जिले के आदिवासी क्षेत्र में मृत बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रभावित ग्राम बोंदारी के दौरे के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह 11 बजे लांजी पहुंचे और उसके बाद ग्राम कोरका व बोंदारी का दौरा किया। बोंदारी में उन्होंने एक सभा मंच पर मंत्रियों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के संबंध में जानकारी ली और पोषण आहार की स्थिति पर भी चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रीय विधायकों ने उन्हें वनाधिकार पट्टों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। आदिवासी बहनों ने बांधी राखी इस दौरान आदिवासी बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री और मंत्री इस कोर आदिवासी क्षेत्र में आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलियों ने एक मंत्री की हत्या कर दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवादी आंदोलन को समाप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास और आदिवासियों के रहन-सहन में सुधार लाने की चुनौती है, जिसे सभी मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पोषण आहार, चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार सहित सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। नक्सलवाद के हटने से सामने आया मामला मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यदि नक्सलवाद सक्रिय होता तो ये मुद्दे सामने नहीं आते। उन्होंने कहा कि लगातार क्षेत्र में जाने से और भी कई बातें सामने आएंगी, जिन पर सुधार और बदलाव की आवश्यकता होगी। डॉ. यादव ने बताया कि आदिवासियों को वनाधिकार के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बालाघाट को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर सरकार लगातार ध्यान केंद्रित करेगी। ये भी रहे मौजूद इस अवसर पर प्रभारी मंत्री उदयप्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, मधु भगत, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 2:50 pm

एजुकेशन हब इंदौर के स्कूलों में मात्र 41% बुनियादी सुविधाएं:शिक्षा मंत्रालय के सर्वे में देश के टॉप जिलों की रेस से बाहर हुआ एमपी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की PGI-D रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बड़े शहरों से लेकर आदिवासी जिलों तक स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं, लर्निंग आउटकम, सेफ्टी और डिजिटल लर्निंग की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से विज्ञापनों और दावों के बजाय शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर जवाब देने की मांग की है। देश के टॉप जिले: पंजाब-दिल्ली से कोसों दूर रह गया एमपी जब हम देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों और जिलों पर नजर डालते हैं, तो मध्य प्रदेश की बदहाली और साफ हो जाती है। इस राष्ट्रीय सर्वे में पंजाब के बरनाला जिला 462 अंकों और श्री मुक्तसर साहिब जिला 447 अंकों के साथ देश में सबसे टॉप लीग यानी 'उत्तम-2' ग्रेड में बने हुए हैं। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ ने 437 अंकों के साथ देश में दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। दिल्ली के भी अधिकांश जिले 420 से अधिक अंक लेकर शीर्ष पायदानों पर काबिज हैं। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला सीधी जिला महज 333 अंक यानी सिर्फ 55.5 प्रतिशत ही हासिल कर सका है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि मध्य प्रदेश का सबसे बेस्ट जिला भी देश के टॉप जिलों से पूरे 100 अंक पीछे छूटकर इस रेस से पूरी तरह बाहर हो गया है। वीआईपी और महानगरों का हाल: इंदौर-भोपाल भी फिसड्डी राज्य के जिन महानगरों के दम पर विकास का ढिंढोरा पीटा जाता है, वहां की स्कूली हकीकत सबसे ज्यादा डराने वाली है। इंदौर जैसे महानगर में, जहां प्रदेश भर के बच्चे अपना भविष्य बनाने आते हैं, वहां के स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाएं मात्र 41 प्रतिशत ही पाई गई हैं। इतना ही नहीं, इंदौर में बच्चों की सीखने की क्षमता यानी लर्निंग आउटकम भी सिर्फ 47 प्रतिशत पर सिमट गया है। बात अगर देश के प्रशासनिक केंद्र और राज्य की राजधानी भोपाल की करें, तो यहां भी स्थिति दयनीय है। भोपाल के स्कूलों में लर्निंग आउटकम लगभग 47 प्रतिशत है, जबकि स्कूलों में मासूम बच्चों की सुरक्षा का पैमाना यानी स्कूल सेफ्टी का ग्राफ सिर्फ 37 प्रतिशत पर आकर ठहर गया है। यह स्थिति बताती है कि जब बड़े शहरों का यह हाल है, तो प्रदेश का पूरा सिस्टम किस कदर वेंटिलेटर पर है। बड़वानी में डिजिटल लर्निंग 16 फीसदी पर आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंडिया के दौर में मध्य प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य जिलों की स्थिति और भी बदतर है। सागर जिले में डिजिटल लर्निंग का प्रदर्शन महज 24 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि धार जिले में यह और भी कम यानी सिर्फ 20 प्रतिशत ही रह गया है। सबसे बुरी स्थिति आदिवासी बहुल बड़वानी जिले की सामने आई है, जहां डिजिटल लर्निंग का ग्राफ गिरकर मात्र 16 प्रतिशत पर आ गया है। बड़वानी में बच्चों के सीखने की क्षमता 36 प्रतिशत और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा केवल 26 प्रतिशत ही आंकी गई है। इसके अलावा विदिशा जिले में बच्चों की पढ़ाई का स्तर 41 प्रतिशत और अशोकनगर में स्कूल प्रबंधन 45 प्रतिशत दर्ज हुआ है। सरकारी डेटा के ये आंकड़े यह साबित करने के लिए काफी हैं कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्य प्रदेश के बच्चे बुनियादी और डिजिटल शिक्षा के अधिकार से लगातार वंचित हो रहे हैं। समझिए क्या है 'प्राचेष्टा' और इसमें कहां खड़ा है प्रदेश केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस सूचकांक में जिलों को उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर अलग-अलग ग्रेड दिए हैं। इसमें 'उत्कर्ष' और 'उत्तम' को सबसे शीर्ष स्तर माना जाता है, जबकि 'प्राचेष्टा' को सुधार की ओर बढ़ते हुए मध्यम स्तर की श्रेणी में रखा गया है। प्राचेष्टा का सीधा अर्थ है वह स्तर जहां स्कूल बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की 'चेष्टा' यानी प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता के मानकों पर अभी बहुत पीछे हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के लिए सबसे शर्मनाक बात यह रही कि राज्य के अधिकांश जिले 'प्राचेष्टा-1', 'प्राचेष्टा-2' और 'प्राचेष्टा-3' के चक्रव्यूह में ही फंसकर रह गए हैं। पूरा प्रदेश साठ प्रतिशत के प्रदर्शन स्तर को भी पार नहीं कर पाया है, जिससे साफ है कि यहां के स्कूल अभी सिर्फ बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जीतू पटवारी बोले- यह 25 साल की सरकार का रिपोर्ट कार्ड है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यह रिपोर्ट आपकी सरकार की 25 वर्ष से अधिक की शिक्षा व्यवस्था का गंभीर रिपोर्ट कार्ड माना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि अब विज्ञापनों और प्रचार की राजनीति से बाहर निकलकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर खुली बहस होनी चाहिए। पटवारी ने सीधे शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश के बच्चों का भविष्य कोई राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं है, आप सरकार चला रहे हैं इसलिए जवाब भी आपको ही देना होगा। जेनरेशन-अल्फा के दौर में 16% डिजिटल पढ़ाई मुख्यमंत्री के गृह जिले उज्जैन का उदाहरण देते हुए पत्र में बताया गया है कि वहां भी स्कूल सेफ्टी महज 34 प्रतिशत और डिजिटल लर्निंग सिर्फ 28 प्रतिशत पर टिकी है। जीतू पटवारी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए लिखा कि आज 21वीं सदी में जब दुनिया 'जेनरेशन-अल्फा' की तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की बात कर रही है, तब हमारे कई जिलों में डिजिटल लर्निंग का स्तर 16, 20 और 24 प्रतिशत होना बेहद शर्मनाक है। यह अंतर सिर्फ सरकारी आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों के सुनहरे भविष्य और सरकार के झूठे दावों के बीच की एक बहुत बड़ी खाई है।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 2:08 pm

India Post recruitment 2026: 23,757 जीडीएस पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन

pc: kalingatv डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स ने 23,757 ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, एप्लीकेशन प्रोसेस 31 अगस्त से शुरू होगा। नोटिफिकेशन 27 अगस्त को जारी किया गया था। यह भर्ती अभियान GDS ऑनलाइन एंगेजमेंट शेड्यूल-II, जुलाई 2026 के तहत, विज्ञापन नंबर 17-12/2026-GDS के ज़रिए आता है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार विज्ञापन को ध्यान से पढ़ें और 21 सितंबर से पहले नौकरियों के लिए अप्लाई करें। ज़रूरी तारीखें: रजिस्ट्रेशन की तारीख: 31 अगस्त से 19 सितंबर एप्लीकेशन जमा करने की तारीख: 2 से 21 सितंबर एडिट/करेक्शन विंडो: 23 से 24 सितंबर वैकेंसी : कुल पोस्ट: 23,757 महाराष्ट्र: 2,297 तमिलनाडु: 2,118 उत्तर प्रदेश: 1,691 पश्चिम बंगाल: 1,619 मध्य प्रदेश: 1,450 झारखंड: 1,379 केरल: 1,373 उत्तर पूर्वी: 1,354 ओडिशा: 1,353 कर्नाटक: 1,116 बिहार: 1,098 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं क्लास पास होना चाहिए सेंट्रल/स्टेट गवर्नमेंट या यूनियन टेरिटरी। राज्य की लोकल भाषा क्लास 10th तक पढ़ी होनी चाहिए। कैंडिडेट को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, साइकिल चलाने की काबिलियत, और GDS अलाउंस के अलावा रोज़ी-रोटी का एक अच्छा सोर्स होना चाहिए। जिस राज्य के लिए वे अप्लाई कर रहे हैं, उसकी लोकल भाषा में माहिर होना चाहिए। उम्र सीमा: इस पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। SC/ST: 5 साल OBC: 3 साल EWS: कोई छूट नहीं PwBD: 10 साल PwBD + OBC: 13 साल PwBD + SC/ST: 15 साल सिलेक्शन प्रोसेस: GDS, ABPM, और BPM पोस्ट के लिए सिलेक्शन सिर्फ़ क्लास 10 के मार्क्स के आधार पर होगा। कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं सिलेक्शन सिर्फ़ क्लास 10 के मार्क्स के आधार पर होगा एप्लीकेशन फीस: जनरल/OBC/EWS: Rs 100 SC/ST/PwD/फीमेल/ट्रांसवुमन: कोई फीस नहीं ज़रूरी डॉक्यूमेंट: क्लास 10 की मार्कशीट आइडेंटिटी प्रूफ जाति सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) जन्म तिथि का प्रूफ सरकारी हॉस्पिटल/डिस्पेंसरी से मेडिकल सर्टिफिकेट लोकल/ट्राइबल भाषा प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट अप्लाई कैसे करें: indiapost.gov.in/gdsonlineengagement पर जाएं। एक वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID (हर एक का इस्तेमाल सिर्फ़ एक रजिस्ट्रेशन के लिए किया जा सकता है) का इस्तेमाल करके वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। जेनरेट हुए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशनल (10वीं क्लास) डिटेल्स भरें, और अपना पसंदीदा डिवीज़न और पोस्ट चुनें। तय स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार फ़ोटोग्राफ़ (JPG/JPEG, 30–100 KB) और सिग्नेचर (JPG/JPEG, 20–100 KB) अपलोड करें। एप्लिकेशन का प्रीव्यू करें और ज़रूरत हो तो करेक्शन करें। अगर लागू हो, तो एप्लिकेशन फ़ीस पे करें, और सबमिट करें।

राजस्थान खबरे 29 Aug 2026 2:07 pm

AAI recruitment 2026: 389 मैनेजर और जूनियर एग्जीक्यूटिव वैकेंसी के लिए करें ऑनलाइन अप्लाई, डिटेल्स देखें

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) ने मैनेजर और जूनियर एग्जीक्यूटिव समेत कई पोस्ट के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस बार इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से कुल 389 वैकेंसी भरी जाएंगी। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट 08 अगस्त 2026 से 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स AAI, AAI रिक्रूटमेंट 2026 के ज़रिए मैनेजर (11 डिसिप्लिन) और जूनियर एग्जीक्यूटिव (4 डिसिप्लिन) पोस्ट के लिए कैंडिडेट की भर्ती कर रहा है। मैनेजर- 259 जूनियर एग्जीक्यूटिव- 129 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया आप AAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिए गए ऑफिशियल नोटिफिकेशन में डिटेल्ड एजुकेशनल क्वालिफिकेशन डिटेल्स और ज़रूरी एक्सपीरियंस देख सकते हैं। एज लिमिट मैनेजर- 32 जूनियर एग्जीक्यूटिव- 27 कैंडिडेट को नियमों के मुताबिक उम्र में छूट मिलेगी। मैट्रिकुलेशन/सेकेंडरी एग्जामिनेशन सर्टिफिकेट में लिखी जन्म तिथि ही मानी जाएगी; इसके बाद कोई बदलाव रिक्वेस्ट नहीं मानी जाएगी। सैलरी डिटेल्स मैनेजर (ग्रुप-A, E-3 लेवल)-Rs. 60,000 – 3% – 1,80,000 (पे स्केल IDA)- लगभग Rs. 21 लाख (CTC हर साल) जूनियर एग्जीक्यूटिव (ग्रुप-B, E-1 लेवल)-Rs. 40,000 – 3% – 1,40,000 (पे स्केल IDA)- लगभग Rs. 21 लाख (CTC हर साल) चुने गए कैंडिडेट AAI रूल्स के हिसाब से महंगाई भत्ता, बेसिक पे का 35% पर्क्स, HRA और CPF, ग्रेच्युटी, सोशल सिक्योरिटी स्कीम और मेडिकल बेनिफिट्स जैसे दूसरे बेनिफिट्स के भी हकदार हैं। एप्लीकेशन फीस जनरल/EWS/OBC(NCL) पुरुष कैंडिडेट – Rs 1,000 SC, ST, PwBD, महिला कैंडिडेट, और AAI अप्रेंटिस जिनकी अप्रेंटिसशिप 1 साल पूरी हो चुकी है, उन्हें फीस देने से छूट है। एप्लीकेशन फीस सिर्फ़ ऑनलाइन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, या कैश कार्ड/मोबाइल वॉलेट से देनी होगी। सिलेक्शन प्रोसेस कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) – ऑब्जेक्टिव टाइप, गलत जवाबों के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं एप्लीकेशन वेरिफिकेशन / उसके बाद के टेस्ट, जैसा पोस्ट पर लागू हो इंटरव्यू – पोस्ट कोड 1 से 11 (मैनेजर पोस्ट) के लिए लागू मैनेजर (फायर सर्विसेज) के लिए: एप्लीकेशन वेरिफिकेशन के बाद फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट, ड्राइविंग टेस्ट, और फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट (दौड़ना, कैजुअल्टी कैरी करना, पोल क्लाइंबिंग, रोप क्लाइंबिंग, लैडर क्लाइंबिंग और उतरना) AAI रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें? AAI की ऑफिशियल वेबसाइट www.aai.aero पर जाएं। “CAREERS” टैब पर जाएं और Advt No. 12/2026/CHQ/DR-CBT के लिए ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्टर करें और पर्सनल, एजुकेशनल और कैटेगरी डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और लागू एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन पे करें (अगर छूट नहीं है)। भरी गई सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई करें, और सबमिट बटन पर क्लिक करें। एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और भविष्य की ज़रूरत के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट ले लें।

राजस्थान खबरे 29 Aug 2026 2:03 pm

नगर पालिका चुनाव से पहले शिक्षा मंत्री के बहू-बेटे को झटका, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आवेदन खारिज

बारां जिले की नवगठित अटरू नगर पालिका में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता दिलावर ने वार्ड नंबर 21 में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन एसडीएम ने जांच के बाद दोनों आवेदन खारिज कर दिए।

खबर इंडिया टीवी 29 Aug 2026 12:32 pm

इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती 2026: किस सर्किल में कितनी वैकेंसी? पीडीएफ में देखें 23757 रिक्तियों की पूरी जानकारी

डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के तहत 23,757 पदों का सर्किलवार विवरण जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 31 अगस्त से हो जाएगी। 10वीं पास 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। चयन 10वीं के अंकों से बनी मेरिट के आधार पर होगा।

अमर उजाला 29 Aug 2026 12:25 pm

एसबीआई: पीओ प्रीलिम्स का रिजल्ट जारी, पीडीएफ में चेक करें अपना रोल नंबर, 1500 पदों के लिए मुख्य परीक्षा कब?

एसबीआई ने प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती 2026 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। 1 और 2 अगस्त को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी अपना परिणाम देख सकते हैं। चयनित अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे।

अमर उजाला 29 Aug 2026 10:27 am

शिक्षा-विभाग की वरिष्ठता-सूची अवैध घोषित, सुप्रीम-कोर्ट ने एसएलपी खारिज की:राज्य के 6 हजार उप प्राचार्य का डिमोशन तय, अब आरपीएससी मेरिट के आधार पर होगी

2015 की चयन प्रक्रिया से भर्ती किए गए करीब 11 हजार स्कूल व्याख्याताओं से जुड़े वरिष्ठता विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई 2026 के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली की पीठ ने मामले में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं के समूह को खारिज कर दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं मानी। फैसले के बाद अब व्याख्याताओं की वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी और डीपीसी भी दोबारा कराई जाएगी। एक भर्ती, लेकिन अलग-अलग तारीखों पर नियुक्तियां बनीं विवाद की वजह विवाद आरपीएससी की ओर से 16 अक्टूबर 2015 को जारी विज्ञापन के जरिए विभिन्न विषयों में स्कूल लेक्चररों की भर्ती से जुड़ा था। चयन प्रक्रिया एक ही थी, लेकिन अलग-अलग विषयों के परिणाम अलग-अलग तारीखों पर घोषित हुए। इसके चलते नियुक्ति आदेश भी अलग-अलग समय पर जारी किए गए। वरिष्ठता सूची मुख्य रूप से नियुक्ति की तारीख के आधार पर तैयार की गई। इसे इस आधार पर चुनौती दी गई कि परिणाम, अनुशंसा या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि एक ही चयन प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता नियुक्ति की तारीख के बजाय उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर तय की जाए। हाईकोर्ट ने भी मेरिट के आधार पर वरिष्ठता की बात कही थी राजस्थान हाईकोर्ट ने माना था कि संबंधित नियम एक ही चयन प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों में नियुक्त स्कूल व्याख्याताओं के लिए समान वरिष्ठता सूची बनाने की स्थिति को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं करते हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठता का इस्तेमाल पदोन्नति के समान और निष्पक्ष अवसरों से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने उप-प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से जुड़े कानूनी प्रावधानों में विषयों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने की बात भी कही थी। वरिष्ठता सूची तैयार करने के तरीके के कारण कुछ विषयों के शिक्षक प्रशासनिक प्रक्रिया में पहले नियुक्त होने से उन अभ्यर्थियों से वरिष्ठ हो गए, जिनके चयन में मेरिट बेहतर थी। नियम 36 के क्रियान्वयन से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 के नियम 36 के प्रावधान-1 के क्रियान्वयन को माना गया है। शिक्षा विभाग और आरपीएससी की प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों के अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां मिलीं। छोटे विषयों के अभ्यर्थियों को समय पर जॉइनिंग मिल गई और वे 2016-17 की सूची में शामिल हो गए। वहीं बड़े विषयों के अभ्यर्थी प्रशासनिक देरी के कारण बाद में कार्यग्रहण कर सके। विभाग ने आरपीएससी की मेरिट के बजाय जॉइनिंग की तारीख को वरिष्ठता का आधार बना दिया। इससे एक ही विज्ञापन और चयन प्रक्रिया से चुने गए अभ्यर्थियों के बीच जॉइनिंग की तारीख के कारण करीब दो साल तक का वरिष्ठता अंतर पैदा हो गया। इस व्यवस्था में कम अंक पाने वाले कुछ शिक्षक वरिष्ठ हो गए, जबकि ज्यादा अंक पाने वाले शिक्षक जूनियर हो गए। 2013, 2015 और 2018 भर्ती के शिक्षक प्रभावित इस विवाद से 2013, 2015 और 2018 की प्राध्यापक भर्तियों के करीब 11 हजार व्याख्याता सीधे प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा विभागीय पदोन्नति के जरिए वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी इस प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। इसके साथ विभागीय पदोन्नति से वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नियम 36 के तहत 10 अक्टूबर 2002 की अधिसूचना के अनुसार आरपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट के क्रम में मिश्रित/एकीकृत वरिष्ठता तय की जाएगी। 40 महीने में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा इस विवाद का असर शिक्षा विभाग के वित्तीय प्रबंधन पर भी पड़ा। विभाग की ओर से पिछले 40 महीनों में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा किया गया है। डीपीसी के बाद पदोन्नत शिक्षकों को नए पदों पर पदस्थापित करने के बजाय यथास्थान ही कार्यरत रखा गया और उन्हें उच्च पे-स्केल का भुगतान शुरू कर दिया गया। दावे के अनुसार 5,048 वाइस प्रिंसिपल, 3,200 प्रिंसिपल और 8,000 वाइस प्रिंसिपल सहित कुल 16,248 कार्मिकों को नए पद का कार्यभार संभाले बिना बढ़ा हुआ वेतन दिया गया। इससे सरकार पर हर महीने करीब 8.12 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था। करीब 6 हजार उप प्राचार्यों की पदोन्नति प्रभावित होगी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुरानी वरिष्ठता सूची और उसके आधार पर हुई डीपीसी निरस्त होने की स्थिति बन गई है। वर्तमान में उप प्राचार्य पद पर कार्यरत करीब 6 हजार शिक्षकों की पदोन्नति सूची भी निरस्त होगी और उन्हें दोबारा व्याख्याता पद पर रिवर्ट किया जाएगा। वित्त विभाग के नियमों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर को अब पारदर्शी कॉमन वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार करनी होगी। इसके बाद दोबारा डीपीसी कराई जाएगी। नई प्रक्रिया के बाद चयनित शिक्षकों को नोशनल पे-फिक्सेशन और नए पद पर कार्यग्रहण करने के बाद नकद भुगतान का वैधानिक लाभ मिल सकेगा। 25 अगस्त की बैठक में नहीं हुआ फैसला फैसले को लागू करने के लिए स्थायी समिति की बैठक 25 अगस्त को हुई थी। हालांकि, बैठक में इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका और फैसला अगली तारीख तक टाल दिया गया। शिक्षक संघ ने की फैसले की पूर्ण पालना की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि व्याख्याता से उप प्राचार्य की वरिष्ठता के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई के फैसले को बरकरार रखा है। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सत्र 2012-13 में वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची की भी जांच की मांग की। सलावद के अनुसार सत्र 2011-12 तथा 2013-14 से 2025-26 तक की वरिष्ठता सूची मेरिट के आधार पर तैयार की गई, जबकि सत्र 2012-13 में अलग नियम अपनाया गया था।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 9:39 am

SIO ने नबी-ए-करीम की शिक्षाओं पर किया कार्यक्रम:हाफिज सय्यद वसी उल्लाह मुख्य अतिथि रहे, दिया इंसानियत का संदेश

सम्भल के सरायतरीन में स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसआईओ) ने शुक्रवार देर रात एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। 'खिताब-ए-आम—नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, इंसानों के मोहसिन' विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। यह कार्यक्रम रात करीब नौ बजे से 12 बजे तक चला। कार्यक्रम में एसआईओ के राष्ट्रीय सचिव हाफिज सय्यद वसी उल्लाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से बात की। हाफिज सय्यद वसी उल्लाह ने इंसानियत, भाईचारे, सद्भाव और आपसी मोहब्बत का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानों के साथ बेहतर व्यवहार, जरूरतमंदों की मदद, पड़ोसियों के अधिकारों और समाज में शांति स्थापित करने की शिक्षा दी। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में एसआईओ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने देर रात तक वक्ताओं को ध्यानपूर्वक सुना। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं और उनके इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 9:25 am

समग्र शिक्षा अभियान: मिट्टी के खिलौने और मूर्तियां बनाना सीखेंगे छात्र, स्कूलों में आयोजन; बैगलेस डे मनाएंगे

समग्र शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र हर शनिवार को बैगलेस डे मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ना है।

अमर उजाला 29 Aug 2026 9:23 am

बालिका शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा पर भी जोर

भास्कर न्यूज | कोंडागांव बुनागांव स्थित जनपद प्राथमिक शाला के शिक्षक सूरज नेताम ने स्कूल की सभी 35 छात्राओं को राखी और मिठाई भेंट कर रक्षाबंधन मनाया। शिक्षक के हाथों उपहार पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे। इस पहल के जरिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में बेटी पढ़ाओ का संदेश भी दिया। नेताम पिछले करीब 15 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार व्यक्तिगत प्रयास कर रहे हैं। दीपावली, रक्षाबंधन, स्थानीय मेले और अन्य विशेष अवसरों पर वे अपने खर्च से बच्चों को नकद राशि के साथ पेन, कॉपियां, टाई, बेल्ट, कपड़े और अन्य उपहार देते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों में स्कूल आने की रुचि बढ़ाने के साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है। शिक्षक के प्रयासों का असर स्कूलों की दर्ज संख्या में भी दिखाई दिया। पूर्व पदस्थापना वाले ग्राम कोकोड़ी के स्कूल में बच्चों की संख्या 12 से बढ़कर 76 तक पहुंची। वहीं तीन वर्ष पहले बुनागांव स्कूल में उनकी पदस्थापना के समय कुल दर्ज संख्या 24 थी। इनमें सिर्फ 10-11 बालिकाएं नियमित रूप से पढ़ने आती थीं। शिक्षक के प्रयासों के बाद दूसरे वर्ष दर्ज संख्या 35 और तीसरे वर्ष 45 तक पहुंची। सूरज नेताम बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ बालिका शिक्षा और बाल सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाते हैं। बाल विवाह, नशाखोरी और शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ वे रैलियों और चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करते हैं। उनकी पहल का एक खास हिस्सा उत्कृष्ट माता सम्मान है। इसके तहत ऐसी माताओं को चिन्हित कर सम्मानित किया जाता है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखती हैं और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

दैनिक भास्कर 29 Aug 2026 5:30 am

Lakhimpur Kheri News: बालिका शिक्षा में अनुकरणीय कार्य करने वाले शिक्षक होंगे पुरस्कृत

जिले के माध्यमिक विद्यालयों में बालिका शिक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले शिक्षक पुरस्कृत होंगे। सीखो-सिखाओ फाउंडेशन की ओर से सीखो सिखाओ अवाॅर्ड्स-2026 की पहल की गई है।

अमर उजाला 29 Aug 2026 2:39 am

Solan News: जलजनित रोगों को लेकर शिक्षा सख्त, स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण

बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है।

अमर उजाला 29 Aug 2026 1:46 am

Faridabad News: विज्ञान शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों पर होगी ऑनलाइन बैठक

Online meeting to be held on science education and Sustainable Development Goals.

अमर उजाला 29 Aug 2026 1:44 am

दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का बेहतरीन मौका, इस तिथि तक करें आवेदन

देश के किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने...

खास खबर 28 Aug 2026 8:54 pm

सड़क पर रहने वाले बच्चों ने सीएम रेखा गुप्ता को बांधी राखी, दिल्ली सरकार ने लिया शिक्षा का संकल्प

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन का पर्व 'मुख्यमंत्री जन सेवा सदन' में सड़क पर रहने वाले बच्चों के साथ मनाया। इस दौरान बच्चों ने सीएम को राखी बांधी और मुख्यमंत्री ने उनके सपनों व शिक्षा के लिए सरकार के पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।

जागरण 28 Aug 2026 8:15 pm

100% दृष्टिबाधित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं देने पर हाईकोर्ट सख्त:शिक्षा विभाग को नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब

मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने विभाग से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामला झुंझुनूं के बनगोठड़ी गांव की दिवंगत शिक्षिका रोशन कुमारी के 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित पुत्र अजय कुमार ओला से जुड़ा है। दरअसल, रोशन कुमारी का वर्ष 2020 में निधन हुआ था। इसके बाद उनके पुत्र अजय कुमार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया कि परिवार का एक अन्य पुत्र पहले से ही सरकारी नौकरी में कार्यरत है। विभाग के फैसले को अजय कुमार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील संजीव महला और विजय पूनियां ने पक्ष रखते हुए बताया कि अजय कुमार 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं और अलग राशन कार्ड के साथ अपना परिवार चला रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि परिवार के दूसरे सदस्य की सरकारी नौकरी होने के बावजूद उसका लाभ अजय कुमार को वास्तविक रूप से नहीं मिल रहा है। ऐसे में केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करना उचित नहीं है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले के मानवीय और आर्थिक पहलुओं को देखते हुए शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। विभाग को चार सप्ताह में जवाब पेश करना होगा। इसके बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 8:12 pm

MP में जल्द शुरू होगी 10 हजार शिक्षकों की भर्ती:प्रमोशन-रिटायरमेंट के बाद बढ़ सकती संख्या; CM ने शिक्षा विभाग से पूछा- कितने पद खाली

मध्य प्रदेश में जल्द ही करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होते ही खाली पदों की संख्या और बढ़ सकती है। शिक्षा विभाग मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों की भी गिनती कर रहा है। प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके बाद नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। CM मोहन ने पूछा- कब शुरू होगी भर्ती? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से पूछा कि नई शिक्षक भर्ती कब शुरू होगी और कितने पदों पर की जाएगी। उन्होंने प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों की जानकारी भी मांगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय ने भर्ती की तैयारी तेज कर दी है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने संचालनालय के अधिकारियों को प्रदेशभर में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। 700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों की जगह दो साल में नए भवन स्कूलों की मरम्मत और निर्माण को लेकर भी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों को स्कूलों के निर्माण और मरम्मत का एस्टीमेट तैयार करने और निर्माण एजेंसी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल हैं। इनमें से करीब 700 स्कूल पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इनकी जगह दो साल में नए भवन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अब इन स्कूलों के नए भवन बनाने के खर्च का आकलन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी तय होगी। स्कूलों का निर्माण कलेक्टर के माध्यम से होगा, शाला विकास निधि से कराया जाएगा या किसी अन्य एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 3 हजार स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी सरकार के फैसले के बाद विभाग करीब 3 हजार मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी कर रहा है। इन स्कूलों में कक्षों की स्थिति खराब है और अतिरिक्त निर्माण या सुधार की जरूरत है। एक साथ 3 हजार स्कूलों की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी को देने से काम की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए विभाग 10 से 15 स्कूलों का क्लस्टर बनाकर उन्हें मरम्मत और निर्माण की जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। जीर्ण-शीर्ण स्कूलों के नए भवन और मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की पूरी प्रक्रिया दो साल में पूरी करने का लक्ष्य है। पंचायत, नगरीय निकाय और PHE की भी जिम्मेदारी स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों, नगरीय निकायों और PHE विभाग की भूमिका भी तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम पंचायतों के जरिए कराया जा सकता है। ग्रामीण स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी PHE विभाग को देने पर विचार है। शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम नगरीय निकायों के माध्यम से कराया जा सकता है। इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम निर्णय विभाग स्तर पर होना बाकी है। भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन इधर, भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 और रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर चुके हैं। वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि मांगें नहीं मानी गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। इसी बीच विभाग में नई भर्ती और रिक्त पदों की गणना की प्रक्रिया शुरू होने से अभ्यर्थियों को पद बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई भर्ती में कितने पद शामिल होंगे। यह संख्या प्रमोशन और मार्च 2027 तक होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद रिक्तियों की गणना पूरी होने पर तय होगी। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे दिग्विजय सिंह राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 और रिक्त पदों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानीं गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 7:36 pm

'नफरत भरी कार्रवाई', शिक्षकों को सस्पेंड करने पर कर्नाटक सरकार पर भड़के शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरएसएस मार्च में भाग लेने वाले दो सरकारी शिक्षकों के निलंबन पर कर्नाटक सरकार पर 'घृणा' से काम करने का आरोप लगाया और कार्रवाई वापस लेने की मांग की।

जागरण 28 Aug 2026 7:12 pm

नितिन बने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, आरा और मुजफ्फरपुर में नए SDO; बिहार में 6 IAS समेत 9 अफसर का ट्रांसफर

6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Aug 2026 4:57 pm

सीवान के कस्तूरबा विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर, छात्राओं को शिक्षा व व्यक्तित्व विकास की सीख

28 अगस्त, शुक्रवार: सीवान के महाराजगंज सिकटिया स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित हुआ। बीडीओ बिंदु कुमार ने छात्राओं से संवाद कर शिक्षा, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की जानकारी दी। उन्होंने नियमित पढ़ाई, प्रतिभा निखारने के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Aug 2026 2:13 pm

स्कूली बच्चों और ब्रह्माकुमारी महिलाओं ने डीएम को बांधी राखी:शिक्षा व्यवस्था मजबूत रखने का लिया संकल्प

मुरादाबाद में रक्षाबंधन के अवसर पर आज स्कूली बच्चों और ब्रह्माकुमारी संस्था की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम को राखी बांधी। उन्होंने जिलाधिकारी को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया और पर्व की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने बच्चों की राखियां स्वीकार कीं और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिलाधिकारी के समक्ष शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यालयों में पढ़ाई के माहौल को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया। छात्राओं ने कहा कि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर अपने भविष्य को बेहतर बनाएंगी और समाज के विकास में भी योगदान देंगी। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी महिलाओं ने भी जिलाधिकारी को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने सभी को पर्व की बधाई देते हुए आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 1:33 pm

एलन शिक्षा संबल में रक्षाबंधन का भावनात्मक आयोजन, स्टूडेंट्स ने फैकल्टीज को बांधी राखी

कोटा के एलन सुपथ कैम्पस में रक्षाबंधन पर स्टूडेंट्स ने फैकल्टीज को राखी बांधी। शिक्षा, सुरक्षा और कॅरियर को लेकर जिम्मेदारी का संकल्प लिया गया।

प्रातःकाल 28 Aug 2026 1:09 pm

फेल नहीं होंगे बिहार के विद्यार्थी; सम्राट के शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान; मार्क्स शीट पर FAIL नहीं लिखा जाएगा

शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Aug 2026 12:48 pm

बीटीएससी: बिहार स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित; 7,376 अभ्यर्थी चयनित, क्या है अगला चरण? जानें

बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।

अमर उजाला 28 Aug 2026 11:48 am

अच्छी खबर: हिमाचल में 870 पदों पर फिजिकल एजुकेशन टीचर्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 870 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसकी जानकारी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने दी।

जागरण 28 Aug 2026 11:06 am

58 साल के शिक्षक अनिरुद्धलाल ने पास की TET परीक्षा:सेवानिवृत्ति की उम्र में शिक्षा मित्र के ताने के बाद हासिल की सफलता

संतकबीरनगर के मेंहदावल ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसौनां खुर्द के 58 वर्षीय शिक्षक अनिरुद्धलाल ने सेवानिवृत्ति की उम्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने वर्ष 2026 में बुधवार को देर रात आए परिणाम में यह परीक्षा पास की। अनिरुद्धलाल के अनुसार, यह उपलब्धि एक शिक्षा मित्र द्वारा दिए गए ताने का परिणाम है। शिक्षा मित्र ने उनसे कहा था कि पुराने शिक्षक टीईटी जैसी कठिन परीक्षा पास नहीं कर सकते, जिसके लिए दिन-रात एक करना पड़ता है। इस टिप्पणी से आहत होकर, अनिरुद्धलाल ने परीक्षा पास करने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने तुरंत टीईटी की तैयारी शुरू कर दी, क्योंकि इस परीक्षा के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है। उनका परीक्षा केंद्र गोरखपुर के एक विद्यालय में पड़ा था, जहाँ वे सबसे अधिक उम्र के परीक्षार्थी थे। कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, जबकि कई अन्य ने उनके प्रयास की सराहना की। टीईटी पास किए शिक्षक ने बताया कि उम्र की पढ़ाई की कोई सीमा नही होती है। अगर आपके अंदर किसी भी तरह का कुछ भी पाने का जुनून है तो वह कड़े परिश्रम व सफलता से पाया जा सकता है। 30 साल के बाद मैने पढ़ाई शुरू की, और दो महीने की कठिन परिश्रम के बाद यह सफलता प्राप्त की है। इस परीक्षा देने का उद्देश्य यह था कि अपने से जूनियर को यह दिखाना और एहसास कराना था कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। और ज्ञान हमेशा अधूरा रहता है।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 9:12 am

राजस्थान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटा का सियासी दांव फेल? पड़ोसियों के बयान ने पलट दिया गेम

मदन दिलावर के बेटे पवन और बहू हेमलता ने बारां की अटरू नगर पालिका के वार्ड-21 में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का आवेदन दिया था. हालांकि, पड़ोसियों के बयान ने पूरा मामला बदल दिया.

NDTV इंडिया 28 Aug 2026 7:36 am

महंगाई पर कांग्रेस की अनोखी बारात, शिक्षा व्यवस्था सुधारने बरसते पानी में उतरी एबीवीपी

भास्कर संवाददाता| विदिशा मध्य प्रदेश के विदिशा में गुरुवार को जनसमस्याओं, बढ़ती महंगाई और छात्र हितों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर जबरदस्त सियासी व सामाजिक गर्माहट देखने को मिली। जिला कांग्रेस कमेटी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अलग-अलग मांगों को लेकर एक ही दिन सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ पूरी ताकत से मोर्चा खोला, जिससे दिनभर शहर का राजनीतिक पारा चढ़ा रहा। एक तरफ जहां नगर कांग्रेस ने आसमान छूती महंगाई और लाड़ली बहना योजना की विसंगतियों के खिलाफ अनूठा, व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक प्रदर्शन आयोजित कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया, वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शासकीय महाविद्यालयों के जर्जर भवनों, खस्ताहाल इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं के गंभीर अभाव के विरोध में बरसते पानी के बीच कलेक्टोरेट का जोरदार घेराव किया। एबीवीपी के इस उग्र प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प तथा धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, जिसमें प्रदर्शनकारी पुलिस का पहला सुरक्षा घेरा और बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। एक ही दिन में हुए इन दो बड़े और आक्रामक अभियानों ने प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी । नगर कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ माधवगंज चौराहे से तिलक चौक तक व्यंग्यात्मक शैली में रैली निकाली। प्रदर्शन में एक व्यक्ति साड़ी पहनकर तेल की शीशी लिए तथा दूसरा प्याज की माला पहने नजर आया। शक्कर से भरे ठेले की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक की बंदूकें लिए लोग और दुल-दुल घोड़ी साथ चल रही थी, वहीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीतू राजपूत चुटकी भर शक्कर बांटती दिखीं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष रवि साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना के नाम पर जनता को लॉलीपॉप देकर बिजली बिल और दैनिक सामानों के जरिए भारी वसूली की जा रही है।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 5:30 am

5 साल में बढ़ गए 4 गुना से अधिक कोर्स:MGUG का रोजगारपरक शिक्षा पर जोर; CM योगी हैं कुलाधिपति

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGUG) का शुक्रवार, 28 अगस्त को 5वां स्थापना दिवस है। 12 कोर्सेज के साथ 2021 में शुरू हुए इस विश्वविद्यालय में 5 साल के भीतर 4 गुना से अधिक कोर्स संचालित हो रहे हैं। इस समय यहां 53 विशिष्ट और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस विश्वविद्यालय ने उच्च, विशिष्ट, रोजगारपरक और चिकित्सा शिक्षा को नई राह दिखाई है। 5 साल में एमबीबीएस, बीएएमएस सहित 4 दर्जन से अधिक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शुरूआत हुई है। शोध अनुसंधान के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू कर इस विवि ने शैक्षिक प्रोद्योगिकी और गुणपत्ता पर विशेष जोर दिया है। तत्कालीन राष्ट्रपति के हाथों हुआ था लोकार्पण 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों लोकार्पित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय 5 वर्ष में ही शिक्षा के विशिष्ट व प्रमुख केंद्र के रूप में विख्यात हो चुका है। यहां भारतीय ज्ञान मूल्यों का संरक्षण व संवर्धन, वर्तमान और भावी समय को ध्यान में रखकर अनुसंधानिक तरीके से किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में यहां पाठ्यक्रम ऐसे हैं जो समाज के लिए लाभकारी, विद्यार्थी के लिए सहज रोजगारदायी हैं। इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ की मंशा 2032 तक गोरखपुर को 'नॉलेज सिटी' के रूप में ख्यातिलब्ध कराने की है। 10 दिसम्बर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में आए तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 तक गोरखपुर को नॉलेज सिटी बनाने का आह्वान किया था। MGUG के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि इस विश्वविद्यालय की नींव में युग पुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के विचार हैं। उनका जिनका मानना था कि दासता से मुक्ति, स्वावलंबन व सामाजिक विकास के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ इसी वैचारिक परंपरा के संवाहक हैं। उनके मार्गदर्शन में इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य भारतीय ज्ञान मनीषा के आलोक में मूल्य संवर्धित, रोजगारपरक उस शिक्षा को बढ़ावा देना है जो समग्र रूप में सामाजिक व राष्ट्रीय हितों का पोषण कर सके। बीएएमएस और एमबीबीएस के विद्यार्थियों को मिली विशेष उपलब्धि MGUG के बीएएमएस और एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उपलब्धि हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। बीएएमएस के विद्यार्थियों को प्रति वर्ष औसतन पांच विशिष्ट अनुसंधान के लिए चयनित किया जा रहा है तो एमबीबीएस के दो विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के शोध अनुसंधान के लिए चयनित किया गया। निजी विश्वविद्यालय के रूप में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला एमजीयूजी राज्य का पहला विश्वविद्यालय है। शोध, नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले एमओयूशिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में शोध-अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एमजीयूजी ने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी), लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय नेपाल, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, एम्स गोरखपुर, केजीएमयू लखनऊ, आरएमआरसी गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद, वैद्यनाथ आयुर्वेद, इंडो-यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, जुबिलेंट एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी, लॉजिस्टिक सेक्टर स्किल काउंसिल आदि के साथ एमओयू किया है। अत्याधुनिक और आयुर्वेद, दोनों पद्धतियों से उत्कृष्ट चिकित्सा का केंद्रएमजीयूजी शिक्षा के साथ ही परिसर में संचालित अस्पतालों के जरिये काफी किफायती दर पर मॉडर्न मेडिसिन और आयुर्वेद, दोनों की उत्कृष्ट चिकित्सा का केंद्र भी बन गया है। इसके मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में जटिल कैंसर तक की सर्जरी का सफलतापूर्वक इलाज हो रहा है। यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज कराने का रहे हैं। इसी तरह आयुर्वेद अस्पताल में भी उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा है। आयुर्वेद अस्पताल के विश्व स्तरीय 11 कॉटेज वाले पंचकर्म केंद्र ने कम समय में ही विश्वसनीय उपचार की ख्याति अर्जित की है। यहां कई दुर्लभ बीमारियों का सफल इलाज हो चुका है। 5 साल में हुआ दो राष्ट्रपति का आगमनएमजीयूजी निजी क्षेत्र का संभवतः प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जहां पांच साल के दौरान दो बार राष्ट्रपति का आगमन हुआ। 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसका लोकार्पण करने आए थे। जबकि एक जुलाई 2025 को वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु यहां अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम और पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण करने आईं थीं। पांचवां स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार कोमहायोयी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर में 28 अगस्त (शुक्रवार) को पांचवां स्थापना समारोह मनाया जाएगा। दोपहर बाद 3 बजे से होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री एवं इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ अपने आशीर्वचन से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इन कोर्सेज का होता है संचालन इस विश्वविद्यालय में श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एमबीबीएस और गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बीएएमएस की पढ़ाई का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की नर्सिंग फैकल्टी में दर्जनभर रोजगारदायी पाठ्यक्रम पूर्ण क्षमता से संचालित हैं। विश्वविद्यालय में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, एलॉयड हेल्थ साइंसेज और फार्मेसी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से संबंधित डिप्लोमा से लेकर मास्टर और पीएचडी तक के चार दर्जन से अधिक पाठ्यक्रम हैं। दो वर्षीय एएनएम, तीन वर्षीय जीएनएम, चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय एमएससी नर्सिंग, डिप्लोमा इन डायलिसिस, डिप्लोमा इन आप्टिमेट्री, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रामा केयर, डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन (सभी दो वर्षीय), चार वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी ऑनर्स बॉयोटेक्नालोजी, बीएससी आनर्स बॉयोकेमिस्ट्री, बीएससी आनर्स माइक्रोबॉयोलोजी, बीएससी फोरेंसिक साइंस, दो वर्षीय एमएससी बॉयोटेक्नालोजी। तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल बॉयोकेमिस्ट्री, तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलोजी, एमएससी फोरेंसिक साइंस, दो वर्षीय एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, एमएससी एग्रोनोमी, एमएससी हॉर्टिकल्चर, एमएससी प्लांट पैथालॉजी, एमएससी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, चार वर्षीय बी फार्मा, दो वर्षीय डी फार्मा, बीबीए लॉजिस्टिक, बीबीए ई कॉमर्स, एमबीए फार्मा मैनेजमेंट, एमबीए एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, एमबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग,एमबीए इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, और पीएचडी (बायो टेक्नोलॉजी, आयुर्वेद, मेडिकल बायोकेमिस्ट्री, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, एग्रीकल्चर, फोरेंसिक साइंस, फार्मेसी, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट), बीसीए और एमसीए आदि।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 5:00 am

Karnal News: लंबित राज्य शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा, 78 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, शिक्षा मंत्री के जिले से सर्वाधिक 13 नाम

लंबित राज्य शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा, 78 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, शिक्षा मंत्री के जिले से सर्वाधिक 13 नाम

अमर उजाला 28 Aug 2026 2:15 am

Karnal News: परिसर एक स्कूल चार, अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एकसाथ दी जा रही शिक्षा

परिसर एक स्कूल चार, अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एकसाथ दी जा रही शिक्षा

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:52 am

एफएलएन प्रशिक्षण : बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर

एफएलएन प्रशिक्षण : बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:45 am

Udham Singh Nagar News: सीएम धामी ने शिक्षा-रोजगार और कौशल विकास पर खुलकर की चर्चा

सीएम धामी ने शिक्षा-रोजगार और कौशल विकास पर खुलकर की चर्चा

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:45 am

Mahendragarh-Narnaul News: रसायन पढ़ाते-पढ़ाते राकेश ने बदली शिक्षा की तस्वीर

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और बेहतर काम के लिए गांव पटीकरा निवासी राकेश कुमार को शिक्षक दिवस पर प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:44 am

Yamuna Nagar News: शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार ने दिलाया राज्य शिक्षक पुरस्कार

राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत जेबीटी शिक्षक पवन कुमार कश्यप को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है।

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:37 am

सूडान: 2 लाख बच्चों की शिक्षा के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की पहल

संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शिक्षा कोषने सोमवार को सूडान में युद्ध से प्रभावित2लाख बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए2.2 करोड़ डॉलर की नई पहलकी घोषणा की. देश में जारी गृहयुद्ध के कारण लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित है और बड़ी संख्या में बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.

खास खबर 28 Aug 2026 12:00 am

महाराष्ट्र के हिंगोली में शिक्षा की बदहाल तस्वीर, स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करते बच्चे; देखें वीडियो

महाराष्ट्र के हिंगोली में शिक्षा की बदहाल तस्वीर, स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करते बच्चे; देखें वीडियो

समाचार नामा 27 Aug 2026 9:45 pm

बीपीएससी टीआरई-4: शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर संगीत शिक्षक पद के उम्मीदवारों ने किया विरोध प्रदर्शन

Patna, 27 अगस्त . बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (बीपीएससी टीआरई- 4) में वैकेंसी बढ़ाने की मांग कर रहे संगीत शिक्षक पद के उम्मीदवारों ने Thursday को Patna में राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान उम्मीदवारों ने और ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 9:43 pm

एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने ली शपथ:शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति का सभापति पद संभाला

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति के सभापति बनाए गए एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह ने गुरुवार को पदभार संभाल लिया। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। शपथ के बाद ऋषिपाल सिंह ने सभापति से शिष्टाचार भेंट की और समिति के आगामी कामकाज को लेकर चर्चा की। बोले- पारदर्शिता के साथ होगी जांच ऋषिपाल सिंह ने कहा कि समिति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से निर्वहन करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा समिति की प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को समिति की आगामी बैठकों और कार्ययोजना को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही शिक्षा के व्यवसायीकरण से जुड़े मामलों की जांच और समिति की आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। शिकायतों की समीक्षा कर देगी सुझाव समिति शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायीकरण से जुड़ी शिकायतों, व्यवस्थाओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार सरकार को सुझाव और संस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी। ऋषिपाल सिंह ने समिति के सदस्यों के साथ आगामी बैठकों के एजेंडे और कार्यप्रणाली पर भी विचार-विमर्श किया। ये हैं समिति के सदस्य समिति में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, विजय बहादुर पाठक, डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, सलिल विश्नोई, राम चंद्र प्रधान, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, रामतीर्थ सिंघल और डॉ. आकाश अग्रवाल सदस्य हैं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 9:28 pm

बेगूसराय से शुरू होगा स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ अभियान, AISF ने सरकार पर साधा निशाना

27 अगस्त, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में AISF के अंचल सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ-देश बचाओ अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर सवाल उठाए। सम्मेलन के दौरान सीएम सम्राट चौधरी का पुतला भी जलाया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 8:26 pm

साढ़े चार करोड़ का घोटाला बड़ा नहीं है, शिक्षा मंत्री के इस बयान पर मचा भारी सियासी घमासान

छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव से जुड़े लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का यह बयान सामने आया कि चार-पांच करोड़ का घोटाला कोई बड़ा घोटाला नहीं है, जिससे जांच की निष्पक्षता और गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

दैनिक जागरण 27 Aug 2026 6:23 pm

बीएमसी स्कूलों में कॉपी-किताबों के वितरण में देरी, शिक्षा समिति में हंगामा; शिवसेना का वॉकआउट

मुंबई के बीएमसी स्कूलों में 31 जुलाई की समय सीमा के बाद भी हजारों बच्चों को कॉपियां, बैग, छाते और रेनकोट नहीं मिले। शिक्षा समिति में हंगामा हुआ और शिवसेना नगरसेवकों ने वॉकआउट किया।

प्रातःकाल 27 Aug 2026 6:10 pm

How JEE Mains Previous Year Papers Help You Score 99+ Percentile?

All toppers stress the importance of solving previous years’ question papers to understand the pattern of questions and not just mug up.

खास खबर 27 Aug 2026 6:08 pm

एमपी में पेपर लीक नहीं, परीक्षा रद कर दोबारा एग्जाम के खर्च से डरा शिक्षा विभाग, परीक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव

प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग पेपर लीक से नहीं, पेपर लीक के बाद पूरे प्रदेश में दोबारा परीक्षा कराने के खर्च से डरा हुआ है। इसकी वजह से सरकारी स्कूलों की कक्षा नौवीं से 12वीं तक होने वाली तिमाही परीक्षाओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है।

दैनिक जागरण 27 Aug 2026 5:56 pm

थारू छात्राओं ने बांधी राखी, मिला शिक्षा का उपहार:बलरामपुर फर्स्ट ने नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र की बेटियों को दीं पुस्तकें

बलरामपुर। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति की प्रतियोगी छात्राओं के लिए रक्षाबंधन का पर्व इस बार प्रेरणादायी अवसर बन गया। बिशुनपुर विश्राम क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं इन छात्राओं ने गुरुवार दोपहर बलरामपुर फर्स्ट टीम के सदस्यों को राखी बांधी। इसके जवाब में संगठन ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें भेंट कीं, जो शिक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के कोर्स कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह, शिक्षक रवि मिश्रा, शिक्षक राहुल कुमार और आदिति त्रिपाठी को छात्राओं ने राखी बांधी। राखी बांधते समय छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उम्मीद साफ झलक रही थी। पुस्तकें मिलने के बाद उनकी खुशी एक नए संकल्प में बदल गई, जिसमें उन्होंने मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने की बात कही। हेमा, अनीशा, चांदनी, रंजना, नीलू, कल्पना और संजना सहित अन्य छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद ये छात्राएं अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में बलरामपुर फर्स्ट द्वारा दी गईं ये पुस्तकें उनके लिए केवल उपहार नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा पर जताया गया भरोसा और उनके सपनों को मिला एक मजबूत सहारा हैं। संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, पर्याप्त संसाधन और उचित अवसरों की होती है। थारू समाज की बेटियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बलरामपुर फर्स्ट के संयोजक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य है कि थारू समाज की बेटियां शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करें, आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। सिंह ने जोर देकर कहा कि एक बेटी की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य को ही नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। इसलिए, प्रतिभाशाली थारू छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सक्षम लोगों और विभिन्न संगठनों को आगे आना चाहिए।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:32 pm

कबिरुद्दीनपुर स्कूल में रक्षाबंधन पर बच्चों ने बीएसए को बांधी-राखी:छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति सजग रहने और अनुशासन का पालन कर आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित

जौनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय कबिरुद्दीनपुर में गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर करीब 1 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर के विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने बीएसए की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत बीएसए समीर ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के प्रति सजग रहने, अनुशासन का पालन करने और मेहनत के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। देखिए 3 तस्वीरें… बीएसए ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके प्रेरणादायी संबोधन से बच्चों में उत्साह नजर आया। विद्यालय परिवार ने बीएसए के आगमन को प्रेरणादायी क्षण बताया। इस दौरान विंध्यवासिनी उपाध्याय, पूर्व ईआरपी महेंद्र यादव और प्रधानाध्यापक अचल हरिमूर्ति समेत विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और बच्चों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:14 pm

डिंडौरी के बजाग आकांक्षी ब्लॉक की समीक्षा बैठक:सीईओ ने 38 संकेतकों पर की चर्चा, शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर

डिंडौरी में गुरुवार को आकांक्षी विकासखंड बजाग में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने जनपद पंचायत सभाकक्ष में यह बैठक ली। सीईओ ने स्पष्ट किया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी योजना में लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों से जुड़े 38 प्रमुख संकेतकों की समीक्षा हुई। बेहतर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों और सुधार की आवश्यकता वाले संकेतकों पर चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। सीईओ ने स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित निगरानी, कम वजन वाले बच्चों की संख्या घटाने और टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं (रेमेडियल क्लास) संचालित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान 'हर घर नल-जल योजना', स्व-सहायता समूहों के विस्तार, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मलेरिया नियंत्रण और एफएमडी टीकाकरण की प्रगति भी जांची गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:03 pm

नौकरी या शिक्षा... Gen-Z के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या है? पढ़ें- देश का मिजाज

इंडिया टुडे के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में जेन-जी के रुख और देश के बदलते मूड को समझने की कोशिश की गई है. जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वे है. इसमें NEET संकट से 2029 के चुनाव तक के मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं. साथ ही यह जानने की कोशिश की गई कि एक इस्तीफे से जेन-जी संतुष्ट है या यह सिर्फ शुरुआत है.

आज तक 27 Aug 2026 5:02 pm

10वीं-12वीं में सीधे प्रवेश-विद्यालय परिवर्तन के दस्तावेज करें अपलोड:शिक्षा बोर्ड की हिदायत, विद्यालय एक माह में बोर्ड वेबसाइट पर 31 से करे अपडेट

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने जारी प्रेस वक्तव्य में बताया कि प्रदेश के सभी संबंधित विद्यालय शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं एवं 12वीं में सीधा प्रवेश लेने वाले अथवा विद्यालय परिवर्तन किए जाने वाले विद्यार्थियों के अनिवार्य दस्तावेज विद्यालय में प्रवेश दिए जाने की अंतिम तिथि से एक माह तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विद्यालय मुखिया 31 अगस्त से बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर कक्षा 10वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा 9वीं का रिपोर्ट कार्ड व 10वीं कक्षा की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। दस्तावेज अपलोड करने होंगेउन्होंने बताया कि इसी प्रकार कक्षा 12वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा दसवीं का प्रमाण पत्र, कक्षा 11वीं का रिपोर्ट कार्ड व 12वीं की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करें। इसके अतिरिक्त विद्यालय ऐसे सभी विद्यार्थियों के माता-पिता से नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र भी प्राप्त कर अपलोड करें। शपथ-पत्र का नमूना बोर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध है।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:47 pm

पेपर लीक पर हो कड़ी कार्रवाई, शिक्षा माफियाओं पर कसें शिकंजा : देवेंद्र नाथ महतो

गिरिडीह, 27 अगस्त . Jharkhand में भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से 24 संकल्प के साथ 24 जिलों के लिए निकाली जा रही ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गिरिडीह पहुंच गई है. इस यात्रा का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं. यात्रा का उद्देश्य जेपीएससी ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 4:38 pm

दो बार सड़क जाम के बाद पेंड्रावन पहुंचे शिक्षा मंत्री:छात्रों से की मुलाकात, सेल्फी लेकर बनाया वीडियो; स्टूडेंट्स बोले-पानी की समस्या भी दूर कराइए

शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार सड़क पर उतरकर धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग जाम करने वाले पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्रों से मिलने गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पहुंचे। प्रदर्शन खत्म होने के दो दिन बाद स्कूल पहुंचे मंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। मंत्री ने बताया कि छात्रों की मांग को देखते हुए उसी दिन जरूरी व्यवस्था करने के आदेश दे दिए गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। छात्रों ने वीडियो में मंत्री को धन्यवाद दिया। मंत्री ने छात्रों से कहा, आपने फोन पर बात करने की बात कही थी, लेकिन हम खुद आपसे मिलने आए हैं। उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। स्कूल में पहुंचे तीन नए शिक्षकों से भी मंत्री ने बात की और बेहतर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि एक और शिक्षक जल्द ही स्कूल में पदस्थ होगा। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्कूल की व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बोले- बच्चों की मांग पर उसी दिन निकाला आदेश पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब उन्हें छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिली, उसी समय विभागीय बैठक में निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पर तीन शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की गई और प्राचार्य का दूसरी जगह तबादला कर दिया गया। अंडा गांव से नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है। 400 बच्चों के लिए मांगे थे 17 शिक्षक, आंदोलन के बाद 3 पहुंचे पेंड्रावन स्कूल में करीब 400 से 500 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छात्रों का कहना था कि 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और उन्हें कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स विषयों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी मांग को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त और फिर 25 अगस्त को धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। 25 अगस्त का प्रदर्शन करीब 12 घंटे चला और रात 12 बजे छात्रों ने शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत और आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया था। इसके बाद विभाग ने प्राचार्य को हटाने, तीन नए शिक्षकों की व्यवस्था करने और एक अन्य शिक्षक की जल्द पदस्थापना का निर्णय लिया। गुरुवार को शिक्षा मंत्री खुद स्कूल पहुंचे और नई व्यवस्था का जायजा लिया। पानी की समस्या बताई तो दो दिन में व्यवस्था के निर्देश स्कूल में बातचीत के दौरान एक छात्रा ने मंत्री को शिक्षकों की समस्या के अलावा पानी की परेशानी भी बताई। छात्रा ने स्कूल में पर्याप्त पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं होने की बात कही। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दो दिनों के भीतर स्कूल में पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था करने की बात कही। स्कूल पहुंचने के बाद मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल रहे छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली। इसके बाद बच्चों के साथ एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें छात्रों ने शिक्षा मंत्री को उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। गांव के बच्चों को ई-पोर्टल से JEE-NEET की तैयारी कराने की योजना मंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई नियमित कराने पर विभाग का फोकस है। उन्होंने बताया कि दुर्ग में JEE और NEET की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है। गांवों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ देने के लिए ई-पोर्टल के जरिए बड़े कोचिंग संस्थानों और उनके फैकल्टी की मदद से विशेष कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विषयवार विशेषज्ञों की मदद से पढ़ाई बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए गुरुवार शाम 5 बजे दुर्ग जिले के हायर सेकेंडरी स्कूलों को लेकर संयुक्त संचालकों की बैठक भी रखी गई थी। ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दुर्ग में स्कूली बच्चों का चक्काजाम, प्रिंसिपल हटाए गए:बोले- 400 स्टूडेंट्स को पढ़ाने सिर्फ 4 टीचर; 3 शिक्षकों की व्यवस्था की गई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल में 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ 3 टीचर और 1 प्रिंसिपल हैं। बच्चों का कहना है कि टीचरों की कमी के कारण उनका कोर्स पूरा नहीं हो पाता। कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:34 pm

NFC Apprentice 2026: एनएफसी में ट्रेड अप्रेंटिसशिप के लिए नोटिफिकेशन जारी, जान लें डिटेल्स

pc: jagran न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) ने ITI ट्रेड अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए एक ऑफिशियल छोटा नोटिफिकेशन जारी किया है। NFC में अप्रेंटिस के तौर पर शामिल होने के इच्छुक कैंडिडेट जल्द ही अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए, NFC में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए 451 कैंडिडेट चुने जाएंगे। ऑर्गनाइज़ेशन ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर एक शुरुआती नोटिफिकेशन जारी किया है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, उम्र सीमा, स्टाइपेंड और दूसरी ज़रूरी शर्तों के बारे में डिटेल्ड नोटिफिकेशन में जानकारी दी जाएगी, जिसके जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। स्टाइपेंड डिटेल्स अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए चुने गए कैंडिडेट को उनकी ट्रेनिंग पीरियड के दौरान स्टाइपेंड मिलेगा। स्टाइपेंड की रकम उस ट्रेड के आधार पर अलग-अलग होने की उम्मीद है जिसमें कैंडिडेट चुना गया है। एप्लिकेंट को अपने संबंधित ट्रेड पर लागू सही स्टाइपेंड के लिए डिटेल्ड नोटिफिकेशन देखना चाहिए। NFC अप्रेंटिस भर्ती के लिए अप्लाई कैसे करें NFC ITI ट्रेड अप्रेंटिस भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस जल्द ही शुरू होगा। एप्लीकेशन विंडो खुलने के बाद, एलिजिबल कैंडिडेट अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं: NFC की ऑफिशियल वेबसाइट www.nfc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर मौजूद संबंधित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाएं। सभी ज़रूरी पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी डिटेल्स ध्यान से डालें। बताए गए फॉर्मेट में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें। एप्लीकेशन फॉर्म को रिव्यू करें और सबमिट करें। आगे के रेफरेंस के लिए भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म की एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। कौन अप्लाई कर सकता है? अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट को भारत के किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से क्लास 10 पास होना चाहिए। इसके अलावा, एप्लीकेंट के पास संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है। NFC रिक्रूटमेंट का डिटेल्ड नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। इसलिए, कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे एप्लीकेशन की तारीखों, उम्र सीमा, ट्रेड के हिसाब से वैकेंसी, स्टाइपेंड, सिलेक्शन प्रोसेस और दूसरी एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के बारे में अपडेट के लिए रेगुलर तौर पर ऑफिशियल NFC वेबसाइट देखते रहें। एप्लीकेंट को डिटेल्ड नोटिफिकेशन उपलब्ध होने पर उसे ध्यान से पढ़ना चाहिए और अपना एप्लीकेशन सबमिट करने से पहले यह पक्का कर लेना चाहिए कि वे सभी बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं।

राजस्थान खबरे 27 Aug 2026 2:32 pm

India Post GDS recruitment 2026: 25,000 से ज़्यादा पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी, चेक करें डिटेल्स

pc: kalingatv डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स, मिनिस्ट्री ऑफ़ कम्युनिकेशंस ने इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक (GDS) ऑनलाइन एंगेजमेंट शेड्यूल-II, जुलाई 2026 के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। एडवर्टाइजमेंट नंबर 17-12/2026-GDS के तहत जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से पोस्टल सर्कल में ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक पोस्ट के लिए 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। जियोग्राफिक रेफरेंस वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 31 अगस्त, 2026 को शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन एप्लीकेशन और फीस पेमेंट विंडो 2 सितंबर को शाम 5 बजे खुलेगी। कैंडिडेट 21 सितंबर, 2026 को शाम 5 बजे तक एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से BPM, ABPM और डाक सेवक रोल सहित GDS पोस्ट पर 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को मैथ और इंग्लिश के साथ क्लास 10 पास होना चाहिए और उन्हें संबंधित लोकल भाषा का ज्ञान होना चाहिए। बेसिक कंप्यूटर नॉलेज और साइकिलिंग स्किल्स भी ज़रूरी हैं। उम्र सीमा 18 से 40 साल है, जिसकी कैलकुलेशन 21 सितंबर, 2026 के हिसाब से की जाएगी। तय नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेशन फीस और सर्विस की शर्तें UR, OBC और EWS कैटेगरी के पुरुष कैंडिडेट को Rs. 100 एप्लीकेशन फीस देनी होगी। SC, ST, PwBD, महिला और ट्रांसवुमन कैंडिडेट को फीस में छूट है। BPM को Rs. 12,000 से Rs. 29,380 का टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) मिलेगा, जबकि ABPM और डाक सेवकों को Rs. 10,000 से Rs. 24,470 मिलेंगे। काम करने की ज़रूरत रोज़ाना कम से कम चार घंटे और ज़्यादा से ज़्यादा पाँच घंटे है। चुने गए BPM को अपने खर्चे पर ब्रांच पोस्ट ऑफिस के लिए रहने की जगह का इंतज़ाम करना होगा और पोस्ट विलेज में रहना होगा। ABPM और डाक सेवकों को संबंधित पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी जूरिस्डिक्शन में रहना होगा। इंडिया पोस्ट GDS सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन सिस्टम से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा, जो क्लास 10 के मार्क्स का इस्तेमाल करके चार डेसिमल प्लेस तक कैलकुलेट की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स का फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा, उसके बाद मेडिकल एग्जामिनेशन और प्री-एंगेजमेंट फॉर्मैलिटीज़ होंगी। इंडिया पोस्ट GDS रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल इंडिया पोस्ट GDS ऑनलाइन एंगेजमेंट पोर्टल पर जाना चाहिए, अपने मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके OTR पूरा करना चाहिए, क्लास 10 की डिटेल्स डालनी चाहिए, पोस्टल डिवीजन और पोस्ट प्रेफरेंस चुननी चाहिए, ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने चाहिए, लागू फीस देनी चाहिए और डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन जमा करनी चाहिए।

राजस्थान खबरे 27 Aug 2026 2:28 pm

बेसिक विद्यालय पहाड़पुर में राखी-मेहंदी प्रतियोगिता:खंड शिक्षा अधिकारी के प्रोत्साहन से बच्चों ने उत्साहपूर्वक दिखाई अपनी कलात्मक प्रतिभा

बेसिक विद्यालय पहाड़पुर महमूदाबाद में राखी पर्व के अवसर पर राखी मेकिंग प्रतियोगिता एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी उदय मणि पटेल के प्रोत्साहन तथा प्रभारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीति रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए सुंदर-सुंदर राखियां बनाईं तथा मेहंदी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पर्व के महत्व के बारे में बताया। अमित दीक्षित, प्रियंका चौधरी, पूनम बंशवार एवं सायमा जोहरा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, आपसी प्रेम, भाईचारे एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का भाव विकसित हुआ। कार्यक्रम का वातावरण उल्लास और उमंग से भर गया तथा बच्चों ने राखी पर्व को यादगार बनाया।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:38 pm

जालंधर के सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास या कबाड़खाना? AAP सरकार के शिक्षा दावों की पोल खुली

आलमारी, लोहे के भारी ट्रंक, गंदे मंदे गद्दे, नीले ड्रम, गैस-बर्तन और पुराने झाड़ू। जी नहीं यह कबाडख़ाना नहीं, पंजाब के जालंधर महानगर में एक सरकारी स्कूल की स्मार्ट क्लास है। जी हां, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में चल रही पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग की स्मार्ट स्कूलों की झलक इसी स्कूल से मिल […]

पांचजन्य 27 Aug 2026 1:32 pm

'दलित हूं इसलिए 6 महीने के लिए रेस्टीकेट किया':लखनऊ में BBAU छात्र बोला- शिक्षा से वंचित किया जा रहा, डकैती जैसे आरोप लगाए गए

मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:31 pm

BBAU गेट के बाहर खड़े लॉ छात्र का वीडियो:बोला- शिक्षा से वंचित किया जा रहा, 6 महीने रेस्टीकेट कर 12 हजार का जुर्माना लगाया

मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:31 pm

छात्रों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा में सुधार के सुझाव देने के लिए कैबिनेट की एक उप-समिति गठन: कर्नाटक सरकार

Bengaluru, 27 अगस्त . कर्नाटक Government ने Thursday को छात्रों की चिंताओं को सुनने और राज्य की शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों की सिफारिश करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाने का फैसला किया. Chief Minister डीके शिवकुमार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और हज व वक्फ मंत्री यूटी खादर की अध्यक्षता में ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 1:28 pm

इंडिया पोस्ट जीडीएस के 24000 से अधिक पदों के लिए 31 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

इस भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से 10th/ मैट्रिकुलेशन पास होना चाहिए। 10th में गणित एवं अंग्रेजी विषयों में में पासिंग मार्क्स प्राप्त किये हों। न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

खास खबर 27 Aug 2026 1:13 pm

'द ब्लेस्ड वन्स' का पटना में 9वां सेंटर खुला:विशेष बच्चों को मिलेगी थेरेपी और शिक्षा; ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम समेत कई जरूरतों पर मिलेगी मदद

दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। द ब्लेस्ड वन्स ने पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी में अपना नया सेंटर शुरू किया है। यह बिहार में संस्था का नौवां केंद्र है। सेंटर के शुरू होने से विशेष बच्चों को उनके शहर में ही थेरेपी, शिक्षा और कौशल विकास जैसी विशेषज्ञ सेवाएं मिलने की सुविधा होगी। ऑटिज्म से सेरेब्रल पाल्सी तक बच्चों को मिलेगी मदद नए सेंटर में ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम, एडीएचडी और सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञ बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझकर उनके व्यवहार, सीखने की क्षमता और रोजमर्रा के कौशल को बेहतर बनाने पर काम करेंगे। सेंटर में बच्चों के लिए थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और काउंसलिंग की सुविधा दी जाएगी। विशेषज्ञों की मदद से बच्चों की क्षमता, व्यवहार, सीखने की जरूरत और रोजमर्रा के कौशल पर काम किया जाएगा। परिवारों को भी मिलेगा मार्गदर्शन संस्था का फोकस सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहेगा। संस्था बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी आवश्यक मार्गदर्शन देने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी, जिन्हें अब तक विशेष बच्चों के लिए बेहतर सेवाओं की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर सेवाएं मिलने से परिवारों के समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही बच्चों को नियमित रूप से विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध हो सकेगी। पूर्व आईएएस अधिकारी अमिताभ वर्मा ने बिहार के परिवारों की जरूरतों को देखते हुए पटना में सेंटर की शुरुआत को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नौ केंद्रों तक पहुंचा नेटवर्क पटना सेंटर शुरू होने के साथ ‘द ब्लेस्ड वन्स’ के बिहार में केंद्रों की संख्या 9 हो गई है। यह पहल बिहार में विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पटना सेंटर के जरिए बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक सहयोग, शिक्षा, थेरेपी और कौशल विकास का अवसर देने पर जोर रहेगा। यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई राह खोल सकती है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार सुविधाओं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश में रहते हैं। शुभारंभ समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद नए सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और मेंटर अमिताभ वर्मा, डायरेक्टर क्षितिज साठे, एडवाइजरी बोर्ड सदस्य डॉ. मीनाक्षी वर्मा (पीएचडी), हर्षल सैजारे, डायरेक्टर मनोज प्रसाद तथा पटना ब्रांच हेड एवं ऑक्यूपेशनल थेरपिस्ट डॉ. आशीष राज समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 12:09 pm

इंडिया पोस्ट: जीडीएस के 25000+ पदों निकली बंपर वैकेंसी, 31 अगस्त से करें आवेदन; क्या है योग्यता? जानें सबकुछ

इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक के 25,000 से अधिक पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 31 अगस्त से आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से जुड़ी योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी यहां देखें।

अमर उजाला 27 Aug 2026 10:53 am

सीबीएसएल वैकेंसी 2026: केनरा बैंक में चल रही है कई पदों पर भर्ती, इस तारीख से पहले जमा करें फॉर्म; जानें सबकुछ

केनरा बैंक की सहयोगी कंपनी सीबीएसएल ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 27 Aug 2026 7:00 am

क्यों छात्रों ने शिक्षा मंत्री को मिस्टेक मिनिस्टर कहा:पहले फैसला, फिर बदलाव; जानिए मिथिलेश तिवारी के 5 बड़े ‘करेक्शन’

“शिक्षा विभाग लेटर-पर-लेटर जारी करता है। अधिकारियों को सुझाव दिया जाएगा कि विभाग में बिना जरूरत पत्र जारी करना रोकें। विभाग का उद्देश्य काम में पारदर्शिता लाना है। बार-बार नए निर्देश जारी करने की जगह जमीनी स्तर पर सुधार करना है।” शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 8 मई 2026 को मंत्री पद संभालने के तुरंत बाद ये बातें कहीं। इससे शिक्षकों को उम्मीद जगी कि शिक्षा विभाग में अब बार-बार आदेश और निर्देश जारी करने के बजाय स्पष्ट नीति के तहत काम होगा। लेकिन 42 दिनों में ही तस्वीर कुछ अलग दिखाई देने लगी है। भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, शिक्षा मंत्री ने पद संभालने के बाद कौन से बड़े फैसले लिए। उनमें क्या बदलाव करना पड़ा? पहले जानिए… शिक्षा मंत्री को छात्रों ने कौन सा नया नाम दिया मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री बनने के बाद से अपने फैसलों के चलते चर्चा में हैं। 6 लाख से अधिक शिक्षक-कर्मी और करोड़ों छात्रों से जुड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद मंत्री ने कई मुद्दों पर तेजी से निर्णय लेने की कोशिश की। करेक्शन 1: पांच साल की शर्त में राहत ट्रांसफर पॉलिसी में सेवा अवधि को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया था। 5 साल की सेवा पूरी करने वालों का तबादला किया जाना था। पहली बार ट्रांसफर प्रोसेस में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए इस शर्त में राहत दी गई। करेक्शन 2: प्रोबेशन वाले शिक्षकों को भी ट्रांसफर का मौका नियमावली की मूल व्यवस्था में प्रोबेशन अवधि के शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में शामिल होना मुश्किल था। शिक्षकों ने इसका विरोध किया। लगातार मांग उठी कि पहली स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रोबेशन पर काम कर रहे शिक्षकों को भी मौका दिया जाए। इसके बाद विभाग ने इस मामले में राहत दी। 28 जुलाई को इससे संबंधित आदेश जारी किया गया। इसके बाद पहली स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रोबेशन अवधि वाले शिक्षक भी शामिल हो सके। इसका सीधा फायदा टीआरई-3 से नियुक्त शिक्षकों को हुआ। यानी नई नियमावली लागू होने के बाद दूसरा बड़ा बदलाव भी करना पड़ा। करेक्शन 3: सरप्लस शिक्षक का तबादला सरप्लस का मतलब ऐसे स्कूल से है जहां छात्रों की संख्या के मुकाबले जरूरत से ज्यादा शिक्षक उपलब्ध हैं। नई नीति में स्कूलों में शिक्षकों की संख्या तय करने के लिए छात्र नामांकन को आधार बनाया गया। करेक्शन 4: गृह पंचायत और गृह प्रखंड पर भी फंसा पेंच स्थानांतरण नीति में एक अहम व्यवस्था उन शिक्षकों से जुड़ी थी जो अपने गृह पंचायत या गृह प्रखंड में तैनात हैं। सरकार का तर्क था कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात शिक्षकों का संतुलित तरीके से स्थानांतरण किया जाए। इससे एक इलाके में शिक्षकों की अधिकता और दूसरे इलाके में कमी को दूर करने में मदद मिल सकती थी। इस प्रावधान को लेकर भी शिक्षकों की ओर से आपत्ति सामने आई। मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। करेक्शन 5: टीआरई-4 की अधियाचना शिक्षा मंत्री के स्तर से टीआरई-4 के तहत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन भर्ती की अधियाचना को लेकर सवाल उठे। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री जल्द से जल्द बड़े फैसले लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी जल्दबाजी में कुछ मामलों में बाद में सुधार की जरूरत पड़ रही है। अधियाचना दो बार भेजना पड़ा। पहली बार में कई विषय छूट गए थे। टीआरई-4 में दो परीक्षा लेने की घोषणा की गई है। छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। मंत्री को खुला हाथ या अनुभव की कमी? शिक्षा विभाग बिहार सरकार के सबसे बड़े और संवेदनशील विभागों में से एक है। इस विभाग का सीधा संबंध लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों और करोड़ों विद्यार्थियों से है। मंत्री के सामने चुनौती सिर्फ आदेश जारी करने की नहीं है। उन्हें यह तय करना है कि कोई नियम लागू होने के बाद स्कूलों में उसका असर क्या होगा। शिक्षा मंत्री को सरकार की ओर से काम करने की पर्याप्त स्वतंत्रता मिलने की भी चर्चा रही है। शिक्षा विभाग में सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी की तैनाती है। इससे यह संदेश जाता है कि मंत्री को प्रशासनिक स्तर पर काम करने की पर्याप्त गुंजाइश दी गई है। इतनी बड़ी स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी बड़ी होती है। किसी भी फैसले का असर सीधे शिक्षकों और विद्यार्थियों पर पड़ता है। इसलिए विभाग के हर फैसले पर अब ज्यादा नजर है। एक तरफ सुधार का दावा, दूसरी तरफ लगातार बदलाव शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सामने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदलने की बड़ी चुनौती है। शिक्षकों की कमी, अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन, स्थानांतरण, भर्ती, स्कूलों में स्टाफ का संतुलन और शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगें। इन सभी पर एक साथ काम करना आसान नहीं है। मंत्री ने कई मुद्दों पर तेजी दिखाई है। लेकिन तेजी के साथ एक और चीज जुड़ गई है-फैसलों में बदलाव। किसी नीति में जरूरत के मुताबिक सुधार होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। लेकिन जब एक के बाद एक फैसलों में बदलाव होता है तो विपक्ष और कर्मचारी संगठन सवाल उठाते हैं कि क्या सरकार ने फैसला लेने से पहले सभी पक्षों का पर्याप्त आकलन किया था? यही सवाल अब शिक्षा मंत्री के सामने भी है।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:55 am

Bhiwani News: नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना

नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना

अमर उजाला 27 Aug 2026 1:47 am

Panchkula News: निपुण मिशन में स्कूल विजिट को लेकर शिक्षा विभाग सख्त

Education Department strict regarding school visits under Nipun Mission.

अमर उजाला 27 Aug 2026 1:11 am

बेगूसराय में हिन्दुस्तान ओलंपियाड स्कूल संवाद, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर हुई चर्चा

26 अगस्त, बुधवार: बेगूसराय के एमआरजेडी कॉलेज विष्णुपुर में हिन्दुस्तान ओलंपियाड के तहत स्कूल संवाद कार्यक्रम हुआ। शिक्षाविदों और वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा की। देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठी।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 7:13 pm

स्पीकर संधवां ने बेंच पर बैठ विद्यार्थियों से किया संवाद:फरीदकोट के सरकारी स्कूल का लिया जायजा; कहा-शिक्षा समाज की तरक्की की बुनियाद

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बुधवार को हलका कोटकपूरा के गांव खारा स्थित सरकारी स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों और अध्यापकों से बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई, खेल गतिविधियों और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें मेहनत और लगन के साथ शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया। स्पीकर संधवां ने अध्यापकों से बातचीत के दौरान स्कूल की आवश्यकताओं और विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों और अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्पीकर ने विकास परियोजनाओं की करवाई शुरुआत इससे पहले गांव खारा में स्पीकर संधवां ने लोगों को साफ पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए आरओ प्लांट तथा गलियों-नालियों के विकास कार्यों की शुरुआत करवाई। इसके अलावा 21 लाख 28 हजार रुपये की लागत से 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत बिछाई जाने वाली पाइपलाइन के कार्य का भी नींव पत्थर रखा।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:49 pm

पटना लाठीचार्ज के विरोध में AISU का प्रोटेस्ट:मधेपुरा में मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया, न्याय की मांग

पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISU) ने बुधवार को मधेपुरा के भूपेंद्र चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी AISU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. मुरारी ने कहा कि पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज लोकतंत्र और छात्र अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता गौतम आनंद पर पुलिस ने हमला किया, जिससे उनके सिर में 13 टांके लगे हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मुरारी ने मांग की कि सरकार गौतम आनंद के बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाए, उन्हें न्याय दिलाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा संगठन प्रदेश अध्यक्ष ई. अंशु यादव ने सरकार से बीपीएससी, पीएचडी स्कॉलर और एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित है। यादव ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक संगठन सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। ''छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता'' उन्होंने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने और मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर सहित तमाम छात्रों की मांगों का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं मिलता, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 3:44 pm

झारखंड में निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी मिलेगी स्टूडेंट डायरी, शिक्षा और छात्रवृत्ति में सुधार

झारखंड कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट डायरी शुरू करने और चिकित्सकों की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसके साथ ही गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को आसान बनाने और ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप का विस्तार करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

जागरण 26 Aug 2026 2:36 pm

श्योपुर में शिक्षा व्यवस्था शर्मसार: स्कूल में शराब पीते दिखे शिक्षक, वीडियो वायरल

26 अगस्त, बुधवार: श्योपुर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सुठारा से शिक्षक का वीडियो वायरल हुआ। आरोप है कि शिक्षक श्रीपाल जाटव बच्चों की मौजूदगी में शराब की बोतल लेकर नशे में दिखे। परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 1:40 pm

एचपीपीएससी एचपीएएस 2026: हिमाचल ने पांच विभागों में निकाली विभिन्न पदों पर वैकेंसी, क्या है आवेदन की शर्तें?

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एचपीएएस भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत पांच विभागों में 22 पद भरे जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार 22 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:59 pm

CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP

CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:49 pm

केवीएस-एनवीएस भर्ती: सीबीएसई ने दूसरे चरण के चार विषयों के परिणाम किए घोषित, जानें कैसा रहा आपका रिजल्ट

केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति ने पीजीटी गणित और टीजीटी गणित-संस्कृत के दूसरे चरण की भर्ती परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:14 pm

मिस यूनिवर्स इंडिया-2026: केजिया लिज मेजो का युवाओं को संदेश, शिक्षा से लोकतंत्र तक कही बड़ी बात

मिस यूनिवर्स इंडिया-2026 के खिताब के बाद केजिया लिज मेजो ने युवाओं, शिक्षा, लोकतांत्रिक भागीदारी और देश की एकता को लेकर अपनी सोच साझा की।

अमर उजाला 26 Aug 2026 11:47 am

एमपीएससी: ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया रद्द, पेपरलीक की शिकायतों के बाद लिया फैसला, आयोग ने क्या कहा? जानें

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पद की भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। 22 मार्च 2026 को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में पेपरलीक की शिकायतों के बाद आयोग ने यह फैसला लिया।

अमर उजाला 26 Aug 2026 11:39 am

बढ़ती महंगाई से बदहाल जनता, जूली ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

बढ़ती महंगाई से बदहाल जनता, जूली ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

अमर उजाला 26 Aug 2026 10:40 am

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- टीचर्स करा रहे आंदोलन:समीक्षा बैठक में कहा- प्राचार्यों का फोकस केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री बंद करें

पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में मंगलवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, अलग-अलग जिलों से पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा), जिला क्रीड़ा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने जब अपने-अपने हिस्से का ब्यौरा दे दिया, तो मंत्री गजेंद्र यादव अपनी कुर्सी छोड़कर माइक के पास आए। आते ही उन्होंने कहा, “मोबाइल से रिकॉर्डिंग करना बंद करिए, मैं भाषण देने थोड़ी आया हूं।” इसके बाद उन्होंने सवाल किया- स्कूलों की समस्याओं का मूल कारण क्या है? सवाल सुनते ही गोष्ठी में गर्दन ऊंची कर बैठे अधिकारी दुबकने लगे। जवाब नहीं मिला तो मंत्री यादव ने रैंडमली पूछा- “पेंड्रा के डीईओ आए हैं क्या? जवाब दीजिए।” दूसरी ओर से जवाब आया, “सर, लोकल लेवल पर एडमिनिस्ट्रेशन सही नहीं है।” इस जवाब से बाकी अधिकारियों के भीतर भी उत्साह जागा। सक्ती के डीईओ बोले, “मॉनिटरिंग और प्रबंधन की कमी है।” इसके बाद कांकेर डीईओ भी उठे और बोले, “शिक्षकों के बीच समन्वय ठीक हो जाए तो सब सही हो जाएगा।” रायगढ़ के डीईओ का जवाब आया, “सर... नैतिक शिक्षा और संस्कार की कमी ही सारी समस्याओं की जड़ है।” इन सभी जवाबों को मंत्री ने कंसीडर तो किया, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में गजेंद्र यादव ने खुद ही अपने सवाल का जवाब दिया। अपने जवाब के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग की खामियां गिनाईं और अपना प्लान बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ शिक्षक आंदोलन करा रहे हैं, वहीं कई प्राचार्यों का फोकस अपने केबिन की स्पेस पर है। मंत्री ने स्कूलों में यूट्यूबर्स और पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही यह भी बताया कि जब तक शिक्षक भर्ती नहीं हो जाती, तब तक यूट्यूब के जरिए पढ़ाई कैसे करानी है। एक-एक कर सभी पॉइंट्स को डिटेल में एक्सप्लेन करेंगे, लेकिन सबसे पहले स्कूलों की मूल समस्याओं पर शिक्षा मंत्री का जवाब जान लीजिए… स्कूलों को अपना नहीं मानते प्रिंसिपल, यही दिक्कत शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को बताया कि स्कूलों में समस्याओं का मूल कारण यह है कि शिक्षक और प्राचार्य स्कूलों को अपना मानते ही नहीं हैं। वे स्कूल में केवल सैलरी लेने आते हैं, ताकि उनका घर चल सके। उनके भीतर यह सोच ही नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर कैसे किया जाए। हमारे शिक्षक यह चिंतन ही नहीं कर रहे कि स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं आ रहे हैं, शौचालय क्यों खराब है और स्कूल की बिल्डिंग क्यों बिगड़ी हुई है। इतना कहकर मंत्री कुछ देर रुके और फिर सवाल किया- “बताइए, ईमानदारी से किसी ने सोचा है ये सब?” कुछ सेकेंड तक कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने फिर अपने ही सवाल का जवाब देते हुए कहा- “नहीं सोचे न... इसके चलते ही स्कूलों का सिस्टम बिगड़ा हुआ है।” अब समझिए, कैसे स्कूली रकबे का अधिकतर क्षेत्र प्रिंसिपल कब्जा रहे हैं अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए मंत्री ने दो उदाहरणों के जरिए समझाया कि कैसे स्कूली रकबे के बड़े और बेहतर हिस्से पर शिक्षक और प्रिंसिपल कब्जा कर रहे हैं। उदाहरण 1: मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले वे तीजन बाई के गांव गनियारी गए थे। यहां सरकारी स्कूल की बाउंड्रीवॉल ही 3 एकड़ में फैली हुई है। स्कूल में कम से कम 20 कक्षाएं हैं और पुरानी बिल्डिंग भी उसी तरह बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में ताला लगा हुआ है और वहां कचरा डाल दिया गया है। वहीं, नई बिल्डिंग के सबसे अच्छे कमरे को प्रिंसिपल ने अपना कमरा बना लिया है। इसके बाद के अच्छे कमरे शिक्षकों और दूसरे स्टाफ के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं। उदाहरण 2: मंत्री गजेंद्र यादव ने आगे बताया कि बीते सोमवार तरीघाट में उन्होंने सरकारी स्कूल के बाहर कुछ बच्चों को खड़े देखा। उन्होंने रुककर बच्चों से पूछा कि कोई समस्या है? बच्चों ने कहा, “नहीं-नहीं।” सामने खड़ी एक टीचर ने कहा, “बताओ-बताओ।” इसके बाद बच्चों ने बताया कि क्लास नहीं लगती। मंत्री यादव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पूरा स्कूल घूमा। प्रिंसिपल के कमरे में पहुंचे तो देखा कि कमरा किसी कलेक्टर के कमरे जितना बड़ा बनवाया गया है। उन्होंने प्रिंसिपल से पूछा- “इतना बड़ा कमरा क्यों रखा है?” इस पर जवाब मिला, “लोग आते हैं।” मंत्री यादव ने कहा, “ये तो स्थिति है। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ।” शिक्षक कराते हैं स्कूलों में आंदोलन बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री आंदोलन की बात पर आए। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों में जितने आंदोलन होते हैं, वे कराए जाते हैं। किसी शिक्षक को कोई अतिरिक्त विषय पढ़ाने के लिए कह दिया जाए तो बच्चों से आंदोलन करा दिया जाता है। इसके बीच ही उन्होंने बिना फ्लो तोड़े तपाक से एक सवाल और पूछा- “बताओ जरा, ऐसे ही होता है न? बताओ जरा?” लेकिन इस बार इंतजार किए बिना ही खुद जवाब देते हुए बोले- “सब प्लान्ड रहता है। पुराने मठाधीशों को हटाया तो आंदोलन कर रहे हैं।” आखिर में आग्रह करते हुए मंत्री यादव ने कहा कि अगर आप अपना और अपने परिवार का अच्छा चाहते हैं तो अपने स्कूल के बच्चों पर फोकस कीजिए। डीईओ सिर्फ कागजी काम न करें, बल्कि स्कूलों का दौरा करें। मीडिया पर बोले: लिखित में नहीं दे रहा, लेकिन पूरा स्कूल मत घुमाइए बोलते-बोलते मंत्री यादव स्कूलों के शौचालय के मुद्दे पर आए। उन्होंने कहा, “समग्र से पैसा बहुत आता है, आप उसका सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बच्चे पानी और वॉशरूम के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो यह बड़े दुर्भाग्य की बात है।” इसके बाद उन्होंने धीरे से कहा, “मीडिया वाले भी हैं। जरूरी नहीं है कि हम उनको पूरा स्कूल घुमाएं। हम लिखित में नहीं दे रहे हैं, लेकिन कोई मीडिया वाला फिजूल में स्कूल में न घुसे। ये किसी के नहीं हैं। किसी को पूछोगे कि कोई समस्या है क्या, तो आदमी हां ही बोलेगा कि समस्या है।” यह कहकर मंत्री यादव ने करीब 10 सेकेंड का पॉज लिया। बातचीत के दौरान यह उनकी ओर से लिया गया सबसे लंबा पॉज था। इसके बाद उन्होंने कहा, “इस पर भी आपको ध्यान देना है।” हालांकि, बातचीत के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा यूट्यूबर्स और पत्रकारों की ओर है। बैंड दल अनिवार्य करें, बच्चियों को सेल्फ डिफेंस सिखाएं मंत्री यादव यहां से वापस स्टूडेंट्स पर लौटे और बोले कि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बैंड दल अनिवार्य तौर पर बनाइए। इसके लिए जिला पुलिस बैंड से मदद ले सकते हैं। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स खरीदकर केवल रखने के लिए नहीं हैं। इसके अलावा गर्ल्स के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग अनिवार्य कीजिए। इस संबंध में आदेश भी जारी कर देंगे। यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र दिया मंत्री यादव ने विभाग के अधिकारियों को यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र भी दिया। लेकिन इसके एवज में फिर से एक सवाल कर लिया- “पीएम ई-विद्या सारे स्कूलों में चलता है या नहीं? इसके बारे में जानते हैं या नहीं? बताओ जरा।” उन्होंने बताया कि पांच चैनल हैं, लेकिन डीटीएच जरूरी है। इसी बीच मंच पर बैठे अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए। बताया गया कि पीएम ई-विद्या यूट्यूब पर भी चल सकता है। आखिर में तय हुआ कि जब तक शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक इसी के जरिए पढ़ाइए। मंत्री यादव ने इस मुद्दे पर आखिरी बात यह कही कि कोई भी बच्चा स्कूल आए तो फालतू न बैठे, उसे पढ़ाइए। सफलता भी बताई- पहली बार स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी मंत्री यादव ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार इन पांच सालों में सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। यह सुनकर सभी अधिकारियों ने तालियां बजाईं। इसके बाद गुजरात मॉडल का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि वहां बच्चे सरकारी स्कूलों की ओर लौट रहे हैं। वहां हो सकता है तो यहां भी हो सकता है। आखिर में उन्होंने कहा- “भोजन मंत्र जरूर कराइए, इससे बच्चे संस्कारित होंगे।” इसके बाद मंत्री सहित सभी अधिकारी लंच करने चले गए और समीक्षा बैठक समाप्त हुई। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सरकारी-स्कूलों के बच्चों को 25 तक पहाड़ा याद होना जरुरी: फ्लूएंट इंग्लिश आनी चाहिए, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिए निर्देश स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े याद होने चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी में फ्लूएंट रीडिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 10:36 am

पुरकाजी विधानसभा में 'सत्ता का संग्राम': जनता ने गिनाए विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे, देखें ये रिपोर्ट

अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत प्रदेश की विधानसभाओं में जनता का मूड जानते हुए मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र पहुंची।

अमर उजाला 26 Aug 2026 9:12 am

एनटीपीसी भर्ती 2026: डिप्टी मैनेजर के 135 पदों पर आवेदन की आज अंतिम तारीख, अनुभवी उम्मीदवार फटाफट भरें फॉर्म

एनटीपीसी आज डिप्टी मैनेजर के 135 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बिना देरी किए ऑनलाइन आवेदन कर दें। इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 10 साल का कार्य अनुभव होना जरूरी है।

अमर उजाला 26 Aug 2026 7:00 am