समाज की तरक्की शिक्षा व रोजगार में निहित : धर्मवीर प्रजापति
समाज की तरक्की शिक्षा व रोजगार में निहित : धर्मवीर प्रजापति
Sonebhadra News: चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
Fatehpur News: महिला शिक्षामित्र के घर से 20 लाख के जेवर-नकदी चोरी
थाना क्षेत्र के बड़ागांव मछरिया में चोरों ने शनिवार को शिक्षामित्र के घर को निशाना बनाया।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा: CPI ने बारूद को चिंगारी दिखा दी, राम जाने आगे क्या होगा
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हिमाचल में सीबीएसई स्कूलों के 10 प्रधानाचार्यों का तबादला, शिक्षा विभाग का आदेश जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 प्रधानाचार्यों के स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
CM सम्राट चौधरी का ऐलान, बिहार शिक्षा व्यवस्था में करेंगे ये बदलाव; 4 प्वाइंट में समझिए
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए चार बड़ी घोषणाएं कीं हैं। जिनमें गुणवत्ता समिति, परीक्षा सुधार, सहयोग शिविर और छात्र कल्याण निदेशालय शामिल हैं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अपने 36 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रयागराज में 'उठो मेरे देश' कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों पर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम स्वराज भवन के सामने स्थित भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय के बाहर रविवार को हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने 'लड़ो पढ़ाई करने को, पढ़ो समाज बदलने को' का आह्वान किया। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र-युवा आंदोलन ने शिक्षा और रोजगार के सवाल को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने सरकार की बुलडोजर और शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध जारी रखने की बात कही। कुमार ने घोषणा की कि आइसा पूरे उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार कर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन खड़ा करेगा, जिसका लक्ष्य आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा। मुख्य वक्ता डॉ. अंकित ने वर्तमान समय में बौद्धिक चेतना और सवाल पूछने की संस्कृति पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए तर्कशील सोच और नागरिक बोध को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. अंकित ने बताया कि आइसा पिछले 36 वर्षों से शैक्षणिक परिसरों में इसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है। आइसा की इलाहाबाद अध्यक्ष सोनाली ने छात्रसंघों पर प्रतिबंध, विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और छात्रों के निलंबन-निष्कासन जैसी कार्रवाइयों को आम बताया। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 की आलोचना करते हुए शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र को बचाने के लिए संगठित छात्र आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्र-युवा आंदोलनों के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भगत सिंह व डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की। छात्रों ने भी अपने विचार रखे और शिक्षा, रोजगार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम का संचालन आइसा के प्रदेश सचिव शशांक ने किया। इस दौरान हिमांशु, पल्लवी, साक्षी, ज्योति, शशि, शुभम, अजय, अंकित, विवेक समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान जहां एक से बढ़कर एक भव्य और आकर्षक झांकियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं, वहीं रविवार को एक अनोखी झांकी भी चर्चा का केंद्र बनी। आरक्षण हटाओ आंदोलन की झांकी ‘आरक्षण हटाओ अभियान’ का संदेश लेकर कांवड़ यात्रा से गुजरी। झांकी पर समानता, शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई नारे लिखे हुए थे। झांकी के साथ चल रहे लोगों ने बताया कि उनका मुख्य संदेश ‘सबको मिले समानता का अधिकार’ है। उनका कहना है कि सभी विद्यार्थी एक समान हैं और सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। झांकी पर ‘प्रतिभा का सम्मान हो’, ‘सभी की शिक्षा समान हो’, ‘आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, आर्थिक स्थिति के आधार पर मिले’, ‘आरक्षण हटाओ’ और ‘विद्यार्थियों का शोषण बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे। देखिए आरक्षण हटाओ आंदोलन कांवड़ की 2 तस्वीरें - झांकी में शामिल लोगों का कहना था कि शिक्षा और अवसरों में समानता को लेकर वे अपना संदेश लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में इस तरह का सामाजिक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कांवड़ियों ने कहा कि वे कांवड़ यात्रा के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर सभी के लिए एक समान व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि सभी विद्यार्थियों को समान शिक्षा और अवसर मिलने चाहिए और प्रतिभा का सम्मान होना चाहिए। ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन ’ हाल में हुए सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आया है। अभियान से जुड़े लोग आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और सभी विद्यार्थियों के लिए समान शिक्षा एवं अवसर की मांग उठा रहे हैं। मेरठ से गुजरती कांवड़ यात्रा में इस अभियान की झांकी ने भी इसी मुद्दे को अपने अंदाज में सामने रखा।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर खगड़िया से है। यहां पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह खुद को NSA अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों से ठगी करता था। वहीं सीवान में शनिवार को स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने एक युवती का अपहरण कर लिया। इसके बाद चलती गाड़ी में उसके साथ रेप किया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. 100 करोड़ की प्रॉपर्टी वाला फर्जी IAS गिरफ्तार खगड़िया पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों से ठगी करता था। पूरी खबर पढ़ें 2. युवती से रेप, प्राइवेट पार्ट में टांके लगे सीवान में शनिवार को युवती से रेप का मामला सामने आया। पीड़िता का आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने अपहरण किया। इसके बाद चलती गाड़ी में रेप किया। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में जख्म है, ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारण डॉक्टर को टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल युवती की हालत स्थिर है। महिला थाने में दुष्कर्म की FIR दर्ज हुई है। पूरी खबर पढ़ें 3. शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी पटना के अधिवेशन भवन में आज बिहार शिक्षा विभाग के दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। 9 और 10 अगस्त तक चलने वाले इस महामंथन में शिक्षा विभाग के राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक के 400 से अधिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. काजल ने पवन सिंह से किया प्यार का इजहार लालू परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव का एक बार फिर दर्द छलका है। तेज प्रताप ने अपने जीवन की तुलना फिल्म 'बाहुबली फिल्म की कहानी से की है। उन्होंने कहा, मेरी जिंदगी में भी एक ‘कटप्पा’ था, जिसने मेर साथ गद्दारी की। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो कृष्ण और अर्जुन साथ रहते। पूरी खबर पढ़ें 5. बंद कमरे में ब्लेड से काटा पत्नी का गला गयाजी में पति ने पत्नी की हत्या कर दी। धारदार ब्लेड से गले पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद पति ने अपने दोनों हाथ की नस काट ली, हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका की पहचान फेंकनी देवी(30) के तौर पर हुई है। घायल पति मनोज कुमार(35) को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एडमिट कराया गया है। पूरी खबर पढ़ें 6. पटना में तेज रफ्तार बाइक ने छात्र को रौंदा, मौत पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसे में एक मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान सनोज कुमार के बेटे उत्कर्ष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार होने के कारण उत्कर्ष घर के पास गली में साइकिल चला रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार में लहरिया कट बाइक चला रहे युवक ने पीछे से बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। पूरी खबर पढ़ें 7. स्कूल में कट्टा लेकर पहुंचा 9वीं क्लास का छात्र बेगूसराय के खोदावंदपुर थाना क्षेत्र में स्थित पीएमश्री किसान प्लस टू विद्यालय तारा बरियारपुर में आज उस समय अफरातफरी मच गई, जब नवम वर्ग के एक छात्र के पास से देसी कट्टा बरामद हुआ। स्कूल में नाबालिग छात्र के पास हथियार मिलने की जानकारी मिलते ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया। पूरी खबर पढ़ें 8. जिंदल ब्रांड का नकली माल बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा पटना के बाइपास थाना क्षेत्र में जिंदल कंपनी के नाम पर नकली करकट बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शनिवार को प्रदूषण रोड स्थित इस फैक्ट्री पर छापेमारी की। कंपनी का दावा है कि नकली उत्पादों के कारण उसे पिछले दो वर्षों में लगभग 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें 9. सिपाही की गर्लफ्रेंड ने किया हंगामा, हुई शादी समस्तीपुर की एक लड़की अपने प्रेमी से शादी करने के लिए करीब 250 किलोमीटर दूर औरंगाबाद के अंबा पहुंच गई। प्रेमी बिहार पुलिस का सिपाही है और उत्पाद विभाग के एरका चेक पोस्ट पर उसकी तैनाती है। लड़की चेकपोस्ट पर पहुंची, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के 12 जिलों में कल बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने कल यानी सोमवार के लिए बिहार के 12 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
हरदा में विश्व आदिवासी दिवस पर समाज एकजुट:संस्कृति, जल-जंगल बचाने और शिक्षा पर जोर;
हरदा में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में जिलेभर के आदिवासी समाज के लोग एकजुट हुए। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समाज के लोगों ने नगर में वाहन रैली निकाली। इसके साथ ही आदिवासी सभ्यता और संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। इन आयोजनों में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने आदिवासी सभ्यता और संस्कृति को समाज की पहचान बताते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों की रक्षा के लिए समाज के सभी लोगों को आगे आना होगा। महिलाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने का आह्वान किया। इस दौरान विधायक डॉ. आर.के. दोगने सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद रविवार शाम को एक और रैली निकाली गई। इसमें पारंपरिक आदिवासी गीतों की धुन पर युवाओं ने नृत्य किया और 'जय सेवा जय जोहार' के नारे लगाए। रैली का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आयोजन से जुड़े लोकेश कलमे ने बताया कि समारोह के दौरान समाज के मेधावी विद्यार्थियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने आदिवासी समाज के लोगों को 'वनवासी' कहने पर कड़ी आपत्ति जताई। सभी ने एक सुर में कहा कि आदिवासी संस्कृति देश की सबसे पुरानी संस्कृति है और वे आदिकाल से जंगल की रक्षा कर रहे हैं। उन्हें अपने आप को 'वनवासी' नहीं बल्कि 'आदिवासी' कहने पर गर्व करना चाहिए।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर शनिवार को शहर में आदिवासी समाज की ओर से विशाल महारैली निकाली गई। स्टेडियम ग्राउंड से सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुई महारैली करीब चार घंटे बाद शाम 3.30 बजे पुरानी अनाज मंडी पहुंची। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान ढोल-मांदल की थाप और आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा ने पूरे माहौल को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया। बड़ी संख्या में युवा और समाजजन रैली में शामिल हुए। महारैली स्टेडियम ग्राउंड से शुरू होकर इंदिरा चौक, बस स्टैंड, बॉम्बे बाजार, घंटाघर और नगर निगम सहित शहर के प्रमुख मार्गों से निकली। इसके बाद रैली बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। जहां समाजजनों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां से रैली आगे बढ़ते हुए पुरानी अनाज मंडी पहुंची। ढोल-मांदल की थाप पर थिरके युवामहारैली में आदिवासी समाज के युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-मांदल की थाप के साथ युवाओं ने जमकर नृत्य किया। रैली में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई दी। शहर के अलग-अलग स्थानों पर लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से रैली का स्वागत भी किया गया। पुरानी अनाज मंडी में हुआ मंचीय कार्यक्रममहारैली के समापन के बाद पुरानी अनाज मंडी में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समाज के विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। प्रमुख वक्ता टी.आर. ब्राह्मने ने समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अच्छी तरह शिक्षा प्राप्त करें और उच्च पदों पर पहुंचकर समाज और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही समाज की एकजुटता बनाए रखने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी आदिवासी समाज की शिक्षा, सामाजिक एकता, संस्कृति और अधिकारों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। छात्रसंघ से जुड़े मनोज ओसवाल ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित महारैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। उन्होंने बताया कि रैली के बाद पुरानी अनाज मंडी में मंचीय कार्यक्रम हुआ, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मंचीय कार्यक्रम का संचालन मनोज ओसवाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में जयस जिलाध्यक्ष प्रेम अजनारे ने सभी समाजजनों, कार्यकर्ताओं और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया। सामाजिक कार्यकर्ता और समाजजन रहे मौजूदकार्यक्रम में करण अलावा, मोहन मोगरे, रूपेंद्र सोलंकी, राहुल कनाडे, चंदू कनेश, कुंदर कावरे, संजय कन्नौजे, रोहित चौहान, अंतरसिंग डावर, कुंवरसिंग सोलंकी, नरेंद्र गोयल, ओमप्रकाश रावत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से क्यों दिया था इस्तीफ़ा
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा देने के दो हफ़्ते बाद पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है.
Bal Ganga Prahari Gwalior: विद्यालय में स्थापित गंगा नॉलेज सेंटर को विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और संवादात्मक बनाया गया है। यहां इंटरएक्टिव डिस्प्ले, कटआउट्स और विभिन्न शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की गई है।
बिहार में शिक्षा पर सम्राट सरकार के 4 बड़े फैसले, AI से बच्चों की समझदारी की होगी परख
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है।
‘शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर’, सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
Patna, 9 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है. Chief Minister ने कहा कि Government का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर ... Read more
बिहार में पारदर्शी परीक्षा के लिए समिति के गठन सहित 4 बड़े शिक्षा सुधारों का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चार बड़े ऐलान किए हैं. पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्र कल्याण और शिकायत निवारण को मजबूत करने के लिए नई समितियों और व्यवस्थाओं के गठन की घोषणा की गई है.
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को ग्वालियर में आदिवासी संगठनों द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली फूलबाग से शुरू होकर थाटीपुर स्थित अजाक्स कार्यालय तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। प्रतिभागी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए चल रहे थे, जिन पर समाज को शिक्षित और जागरूक करने के संदेश लिखे थे। आयोजकों ने आदिवासी समाज के लोगों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की। रैली में शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए लोगों को जागरूक किया गया। पारंपरिक आदिवासी परिधान और आभूषण पहने पुरुष व महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे रैली में आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं की रंगीन छटा बिखरी। पूरे रास्ते उत्साह का माहौल रहा। ढोल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर युवा और बुजुर्ग नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। रैली में शामिल लोग उत्साह के साथ आदिवासी एकता और संस्कृति का संदेश देते नजर आए। कई स्थानों पर पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। आयोजकों ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज की संस्कृति, अधिकारों और विकास को लेकर जागरूकता फैलाने का दिन भी है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। रैली का समापन अजाक्स कार्यालय पहुंचने के बाद हुआ, जिसने समाज में एकजुटता, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में नया नियम, दिन में दो बार लगेगी हाजिरी; शिक्षा विभाग का सख्त आदेश
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की दिन में दो बार हाजिरी होगी, जिसमें डिजिटल अटेंडेंस से पहले भौतिक सत्यापन अनिवार्य है।
पटना के अधिवेशन भवन में आज बिहार शिक्षा विभाग के दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। 9 और 10 अगस्त तक चलने वाले इस महामंथन में शिक्षा विभाग के राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक के 400 से अधिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाना है। दो दिनों तक चलने वाले इस शिविर में सरकारी स्कूलों की वर्तमान स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षकों से जुड़े मुद्दे, तकनीकी बदलाव और विद्यार्थियों के समग्र विकास समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जा रहा है। दो दिवसीय राज्यस्तरीय ‘कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर’ की तस्वीरें… NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर चिंतन शिविर के प्रमुख एजेंडे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का बिहार में प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। अधिकारियों के साथ चर्चा में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को जमीनी स्तर तक किस तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, शिक्षा के परिणामों में सुधार लाने और विद्यालयी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है। 400 से अधिक अधिकारी एक मंच पर, जमीनी समस्याओं पर मंथन राज्यस्तरीय कार्यशाला में शिक्षा विभाग के 400 से अधिक वरिष्ठ, क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों को एक मंच पर लाने का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं को सीधे सामने लाना और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक रणनीति तैयार करना है। चिंतन शिविर में स्कूलों के संचालन, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर भी चर्चा हो रही है। शिक्षा में AI और आधुनिक तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल इस चिंतन शिविर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की मौजूदगी में सात स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी किया गया है। इन संस्थाओं के सहयोग से पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए AI और आधुनिक डिजिटल समाधानों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुरूप सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। ‘एडेप्टिव लर्निंग’ पर भी फोकस तकनीकी बदलाव के साथ एडेप्टिव लर्निंग को भी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और जरूरत के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश होगी। AI आधारित तकनीक के जरिए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को समझने और उसी के अनुरूप शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी मंथन किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा की होगी समीक्षा चिंतन शिविर में सरकारी स्कूलों में चल रहे स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों से जमीनी स्तर पर इन सुविधाओं की स्थिति, उनके इस्तेमाल और विद्यार्थियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली जा रही है। सिर्फ तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय उनका नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति पर भी चर्चा कार्यशाला में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। खास तौर पर e-Shikshakosh के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति की समीक्षा की जा रही है। शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता, प्रक्रिया को सरल बनाने और तकनीक के माध्यम से पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की रणनीति शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी चिंतन शिविर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, कक्षाओं, डिजिटल संसाधनों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हो रही है। प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही पर भी जोर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल शैक्षणिक सुधार ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही, स्कूलों की नियमित निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा को लेकर भी मंथन हो रहा है। सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन तक हर स्तर पर बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। दो दिनों के मंथन से निकलेगा रोडमैप दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान अलग-अलग सत्रों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। अधिकारियों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इस दौरान सामने आने वाले सुझावों और निष्कर्षों को भविष्य की शिक्षा नीति और विभागीय कार्ययोजना में शामिल किया जा सकता है। 11 अगस्त को सार्वजनिक किए जाएंगे अहम निष्कर्ष दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद इसके महत्वपूर्ण निष्कर्षों और प्रस्तावित नई कार्ययोजनाओं को 11 अगस्त को सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में यह कार्यशाला बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए आगे की दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। अधिवेशन भवन में शुरू हुआ यह दो दिवसीय महामंथन बिहार की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को तकनीक, AI, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
SSB Constable Admit Card 2026: सशस्त्र सीमा बल ने कॉन्स्टेबल ट्रेड्समैन पीईटी-पीएसटी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था।
KRCL Apprentice Trainee Recruitment: कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 134 अप्रेंटिस ट्रेनी पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
पाली के सुमेरपुर रोड स्थित बाडसा रिसॉर्ट में रविवार शाम राहुल गांधी के लाइव कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ का प्रसारण किया गया। इसमें सैकड़ों युवाओं ने राहुल गांधी का लाइव संबोधन देखा और सुना। कार्यक्रम का प्रसारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से देशभर के 250 से अधिक शहरों में किया गया। इस दौरान न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, समान अवसर, सुरक्षित भविष्य और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बाडसा रिसॉर्ट में युवाओं ने देखा लाइव कार्यक्रम राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पाली के सुमेरपुर रोड स्थित बाडसा रिसॉर्ट में किया गया। रविवार शाम हुए कार्यक्रम में सैकड़ों युवा शामिल हुए। युवाओं ने राहुल गांधी का लाइव संबोधन देखा और सुना। इस अवसर पर युवाओं ने वरिष्ठ नेताओं का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया। प्रयागराज से 250 से अधिक शहरों में हुआ प्रसारण युवा नेता राकेश कुमार संवशा ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से देशभर के 250 से अधिक शहरों में किया गया। राहुल गांधी ने युवाओं से संवाद करते हुए न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, समान अवसर, सुरक्षित भविष्य और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। युवाओं को सत्ता में भागीदारी और सम्मान देने की बात राहुल गांधी ने युवाओं को सत्ता में समुचित भागीदारी और सम्मान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की नींव हैं और युवाओं के बिना किसी भी देश की प्रगति संभव नहीं है। कार्यक्रम में युवाओं की समस्याओं और उनके भविष्य को लेकर चर्चा को प्रमुखता दी गई। ये नेता और युवा रहे मौजूद कार्यक्रम में पाली विधायक भीमराज भाटी, कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी महावीर सिंह सुकरलाई, वरिष्ठ नेता खेतसिंह मेड़तिया, कांग्रेस अध्यक्ष हकीम भाई, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत, वरिष्ठ महिला नेता नीलम बिड़ला, शोभा सोलंकी और एडवोकेट भागीरथ सिंह राजपुरोहित मौजूद रहे। इनके अलावा वरिष्ठ पार्षद हाजी मेहबूब भाई, युवा नेता असगर खत्री, पार्षद प्रकाश चौहान, रमेश चावला, समाजसेवी फारुक भाई रंगीला, सीताराम जोशी, महासचिव मांगूसिंह दुदावत, ओबीसी जिलाध्यक्ष गोविन्द बंजारा और युवा नेता मुकेश बारोलिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंगलाराम बाडसा, अजय मेवाड़ा, पार्षद निर्मल तेजी, गोरधन देवासी, अरबाज खान, जोगाराम सोलंकी, रिजवान चढ़वा, जिशान अली रंगरेज, संजय परमार, एनएसयूआई महासचिव अरविंद सिसोदिया, रमेश चौहान एवं भेरूसिंह राजपुरोहित सहित बडी संख्या में युवा मौजूद रहे।
1538 पदों पर भर्ती, 64 हजार से ज्यादा सैलरी, कौन कर सकता है आवेदन?
अगर आप भी बैंक में सरकारी नौकरी की लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, तो ये खबर आपके लिए शानदार मौका लेकर आया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत कुल 1538 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. लेकिन सवाल ये होता है कि इन पदों पर आखिर कौन लोग आवेदन कर सकते हैं? तो चलिए इससे जुड़ी सारी डिटेल जान लेते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर बयान दिया, कहा कि NEET पेपर लीक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 'जेन Z' को गुमराह करने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि उनके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस्तीफे की पेशकश की थी।
मध्य प्रदेश के सरकार स्कूलों में नौवीं-10वीं कक्षाओं में पढ़ाने वाले संस्कृत शिक्षक खाली हो गए हैं। विद्यार्थियों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रम के साथ हिंदी और अंग्रेजी को चुनना पसंद किया है, जिससे तीसरी भाषा के तौर पर पढ़ाई जा रही संस्कृत उनकी प्राथमिकता में ही नहीं है।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि जेन Z (Gen Z) ऐसी ताकत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि देश के युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा ...
Dharmendra Pradhan: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रधान ने शनिवार (8 जुलाई) को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 'जेन जी' को गुमराह करने की कोशिशें की गईं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद संबलपुर के जीएमयूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर पहली बार प्रतिक्रिया दी।प्रधान ने कहा, जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं। वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। NEET मुद्दे पर भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटने के ठीक दो हफ़्ते बाद उन्होंने यह बयान दिया।'मेरे लिए पदमहत्वपूर्ण नहीं था'शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधान ने कहा कि उस समय उन्हें कोई निजी समस्या नहीं थी। उनके लिए मंत्री पद से अधिक जरूरी युवा भारतीयों की उम्मीदें थीं। प्रधान ने कहा, Gen Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मुझे कोई निजी समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले दशक में करीब 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं।प्रधान ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटने की पेशकश की थी। रायराखोल में एक और बैठक में प्रधान ने अपनेखिलाफ आयोजित विरोध-प्रदर्शनों को लेकर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD प्रमुख नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी आलोचना किए जाने को लेकर पटनायक पर भी पलटवार किया।प्रधान ने कहा, नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान भी कहते हैं।उन्होंने BJD अध्यक्ष पर अपनेखिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े? इस पर वहां मौजूद लोगों ने 'नहीं' में जवाब दिया।प्रधान ने कहा कि भले ही उन्होंने ओडिशा का नाम रोशन न किया हो। लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी ऐसा कुछ नहीं किया जिससे राज्य की बदनामी हो। उन्होंने कहा, हो सकता है कि मैं राज्य के लिए सम्मान न लाया होऊं। लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया। मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा पर आंच आए।'भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से केंद्रीय मंत्री बना'प्रधान ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से वे 12 साल पहले केंद्रीय मंत्री बने थे। पटनायक के खिलाफ उनकी यह टिप्पणी एक ऐसे कार्यक्रम में आई जहां BJD विधायक और ओडिशा विधानसभा में उप-नेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे।प्रधान ने कहा कि BJD के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए उन्होंने आचार्य से सलाह ली थी कि क्या उन्हें कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। BJD के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने प्रधान के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि BJP नेता को इसलिए आलोचना का सामना करना पड़ा क्योंकि सरकार ने छात्र विरोध-प्रदर्शनों को जिस तरह से संभाला, वह गलत था।उन्होंने तर्क दिया कि प्रधान को उन घटनाओं की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस की कार्रवाई के लिए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री को क्यों दोषी ठहराया जाएगा। सूत्रों ने PTI को बताया कि संबलपुर पुलिस ने एहतियात के तौर पर BJD के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि Gen-Z यानि युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश हुई थी. मेरे लिए बच्चों से ज्यादा पद जरूरी नहीं है.
Maharajganj News: 60 दिव्यांग विद्यार्थियों के घर जाकर शिक्षा देंगे 24 एजुकेटर्स
24 educators will go to the homes of 60 disabled students and provide them education.
Kanpur News: बीएनएसडी शिक्षा निकेतन और गुरुनानक गर्ल्स स्कूल ने जीता खिताब
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में शनिवार को जनपद माध्यमिक स्कूल जिमनास्टिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें मेजबान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन और गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज का दबदबा रहा।
मूल्य शिक्षा बच्चों को बेहतर जीवन जीने की कला सिखाती है : सुमित मेहता
मूल्य शिक्षा बच्चों को बेहतर जीवन जीने की कला सिखाती है : सुमित मेहता
Sambhal News: पुलिस को शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस को शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार
'शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया क्योंकि...', धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई, लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. वहीं ओडिशा में प्रधान ने नवीन पटनायक पर युवाओं को अपने खिलाफ प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप लगाया.
Mandi News: नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दी जानकारी
सुंदरनगर के एमएलएसएम महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हुआ
उच्च शिक्षा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की शक्ति में बदलने का माध्यम : प्रो. मुनेश
उरई। डीवी कॉलेज में शनिवार को शिक्षक शिक्षा विभाग व आईक्यूएसी की ओर से समकालीन सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में उच्च शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया।
Gurugram News: शिक्षा विभाग के नियमों की अवहेलना कर शनिवार को खुले रहे कई निजी स्कूल
Several private schools remained open on Saturday, flouting Education Department rules.
Protests: 'मैं किसान का बेटा, वापस आऊंगा', इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार; Gen Z को लेकर क्या बोले?--Dharmendra Pradhan Says He Resigned After Attempts to Mislead Gen Z During NEET Protests
Bhadohi News: नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को दें बेहतर शिक्षा
Provide better education to children under the New Education Policy
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में क्या है मदरसों की शिक्षा का भविष्य?
यूपी कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य मदरसा बोर्ड अब कामिल और फाजिल जैसी उच्च शिक्षा की डिग्रियां नहीं देंगे. सरकार ने ये फैसला क्यों लिया और इस फैसले के बाद यूपी में क्या होगा मदरसा शिक्षा का भविष्य
सावरकर क्विज विवाद : सामान्य शिक्षा मंत्री ने जांच और सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
तिरुवनंतपुरम, 8 अगस्त . केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि वे कासरगोड के कुंबला और मंजेश्वर उप-जिलों के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर आयोजित ‘फ्रीडम क्विज’ से जुड़े विवाद की विस्तृत जांच करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. यह विवाद तब ... Read more
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के बाहर यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की लाइव स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रयागराज से छात्रों को संबोधित किया, जिसका सीधा प्रसारण पटियाला के छात्रों और युवाओं को दिखाया गया। उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इनमें पेपर लीक, युवाओं का भविष्य, रोजगार के अवसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में डेटा सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस की महासचिव हरनीत कौर बराड़, यूथ कांग्रेस पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गगनदीप सिंह जलालपुर और जिला यूथ कांग्रेस प्रधान अर्शदीप सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे। नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश में चल रहे मौजूदा मुद्दों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की एक पहल बताया। नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए यूथ कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से पेपर लीक के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा घंटों मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत व्यर्थ हो जाती है। नेताओं ने जानकारी दी कि पेपर लीक के विरोध में दिल्ली और चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती में शिक्षक के पदों की संख्या बढ़ने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने बिहार के सभी जिलों में खाली पड़े टीचर के पदों की जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि जिलों से रिक्तियां मिलने पर इन्हें टीआरई 4 में जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन का इंतजार और बढ़ सकता है।
अरावली पर्वतमाला से जुड़े पर्यावरणीय, पारिस्थितिक और खनन संबंधी विषयों के परीक्षण के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की उच्च स्तरीय समिति की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। पहले बैठक 10 अगस्त को दोपहर 3 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह सुबह 10 बजे जिला परिषद सभागार में होगी। बैठक में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, खनिज पट्टाधारकों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित सभी संबंधित हितधारकों को सुझाव और अभिमत रखने का अवसर मिलेगा। समिति इन सुझावों और व्यावहारिक अनुभवों का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाओं में शामिल करने पर विचार करेगी। उदयपुर खनन अभियंता आरिफ अंसारी ने बताया कि समिति अरावली से जुड़े पर्यावरणीय, पारिस्थितिक और खनन संबंधी विषयों का व्यापक परीक्षण कर आवश्यक अनुशंसाएं तैयार कर रही है। इसी क्रम में उदयपुर में सार्वजनिक परामर्श आयोजित किया जा रहा है। उदयपुर को मिले 8 नए पटवारी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की पटवारी प्रतियोगी परीक्षा-2025 में अंतिम रूप से चयनित 8 अभ्यर्थियों को उदयपुर जिले में पटवारी पद पर नियुक्ति दी गई है। जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को दो वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु के रूप में अस्थायी नियुक्ति दी गई है। नवनियुक्त पटवारियों को सोमवार 10 अगस्त से जिला कलेक्टर कार्यालय के भू-अभिलेख अनुभाग में कार्यभार ग्रहण करना होगा। इनमें गैर अनुसूचित क्षेत्र यानी नॉन-टीएसपी के 3 और अनुसूचित क्षेत्र यानी टीएसपी के 5 अभ्यर्थी शामिल हैं। नॉन-टीएसपी क्षेत्र में बिशन लाल परसोया, यशपाल गुर्जर और पीयूष गोचर का चयन हुआ है। वहीं टीएसपी क्षेत्र में भावेश कुमार, जितेन्द्र मीणा, ध्रुव रावल, शोभा लाल भट्ट और रितिक राज सिंह चुंडावत को नियुक्ति मिली है। मेवाड़-वागड़ की बेटियों के लिए शिक्षा की पहल विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र में डॉ. दिव्यानी कटारा के नेतृत्व में सामाजिक पहल आयोजित की गई। इस दौरान वागड़, मेवाड़ और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों से आई बालिकाओं को स्टेशनरी किट वितरित की गई। पहल का उद्देश्य आदिवासी समाज की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना रहा। सामाजिक सरोकार और जनजागरूकता की पहल के रूप में आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं से संवाद कर उन्हें नियमित अध्ययन, उच्च शिक्षा और अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. दिव्यानी कटारा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस अस्मिता, पहचान, संस्कृति और हक-अधिकारों को सम्मान के साथ याद करने का दिन है। आदिवासी समाज की हर बेटी के शिक्षित होने से समाज की ताकत बढ़ेगी। शिक्षा बेटियों को अपने अधिकार समझने, आत्मनिर्भर बनने और समाज का नेतृत्व करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि वागड़ और मेवाड़ की बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है। नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मावली (उदयपुर) में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6 में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। विद्यालय के प्राचार्य घनश्याम मीना ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय की वेबसाइट पर जाकर नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए आवेदन में संशोधन की सुविधा 11 और 12 अगस्त को उपलब्ध रहेगी। इस दौरान अभ्यर्थी लिंग, श्रेणी, क्षेत्र, दिव्यांगता और परीक्षा के माध्यम सहित अन्य संबंधित विवरणों में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।
बिहार के 4 डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद, उच्च शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन
उच्च शिक्षा विभाग ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद कर दी है, जिससे उनकी मान्यता समाप्त हो गई है।
सुकमा जिले के कोर्रा स्थित आरएमएस 100 सीटर बालक आश्रम-छात्रावास में बच्चों से धान की रोपाई कराने और खाने-नाश्ते में कटौती करने के आरोप लगे हैं। आश्रम में रहने वाले छात्रों ने जांच टीम के सामने अधीक्षक पर निजी काम कराने और विरोध करने पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। अब प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है। छात्रों का कहना है कि उन्हें आश्रम में पढ़ाई के लिए रखा गया है, लेकिन कई बार पढ़ाई के समय उन्हें खेतों में धान की रोपाई करने के लिए भेज दिया जाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे अधीक्षक के निजी काम कराए जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। खाने-नाश्ते को लेकर भी शिकायत छात्रों ने भोजन व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की है। उनका कहना है कि उन्हें सुबह करीब 9 बजे और शाम 7 बजे ही खाना दिया जाता है। वहीं, तय मेन्यू के मुताबिक शाम करीब 4 बजे मिलने वाला नाश्ता भी नियमित रूप से नहीं दिया जाता। छात्रों ने खाने की मात्रा कम करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि कई बार उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता। जांच के लिए पहुंची अधिकारियों की टीम शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की टीम आश्रम पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। छात्रों ने टीम के सामने खेत में काम कराने, भोजन-नाश्ते की व्यवस्था और अधीक्षक के व्यवहार को लेकर अपनी बात रखी। अधिकारियों ने छात्रों के बयान दर्ज किए और मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल डांढा ने शनिवार को बसताड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया और कॉलेज में मौजूद सुविधाओं, कमियों व जरूरतों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल डांढा ने छात्राओं से उनके भविष्य, पढ़ाई और कॉलेज से जुड़ी जरूरतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलें, इसलिए उनके सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। मंत्री ढांडा ने छात्राओं से पूछा कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं, ताकि सरकार उन पर काम कर सके। हर गांव में खुलेगी लाइब्रेरी : ढांडा शिक्षा मंत्री महिपाल डांढा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के हर गांव में लाइब्रेरी खोलने की योजना पर काम कर रही है। इससे बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलेगा और वे एकाग्रता के साथ पढ़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि पहले के समय में संसाधनों की कमी थी, लेकिन अब सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है और बच्चों को किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए 2000 एमओयू का लक्ष्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए कंपनियों के साथ 2000 समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और पढ़ाई के बाद नौकरी पाने में आसानी होगी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगी कार्रवाई शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में स्कूल संचालकों के साथ बैठक की गई है और उन्हें अपनी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। लाइब्रेरी की अहमियत पर जोर विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने छात्राओं से पूछा कि वे लाइब्रेरी का कितना उपयोग करती हैं। उन्होंने कहा कि घरों में पढ़ाई के लिए हमेशा अनुकूल माहौल नहीं मिल पाता, ऐसे में लाइब्रेरी बेहद जरूरी है। यहां छात्र एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने सभी छात्रों से नियमित रूप से लाइब्रेरी जाने की अपील की। महिला कॉलेज भवन जल्द होगा पूरा महिला कॉलेज की अधूरी बिल्डिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर हरविंद्र कल्याण ने बताया कि कोर्ट में स्टे के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब कोर्ट का फैसला आ चुका है। जल्द ही भवन निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर इसे पूरा किया जाएगा। सरकार शिक्षा सुधार के लिए प्रतिबद्ध : हरविंद्र स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। बच्चों को सभी जरूरी सुविधाएं देने और अभावों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से मिलने वाले सुझावों के आधार पर बनाई गई नीतियां ज्यादा प्रभावी साबित होती हैं। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रखे। दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि इन पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बिहार:बसंतपुर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत
8 शनिवार, अगस्त: सीवान के बसंतपुर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजे और फूलों की माला से अभिनंदन किया। भाजपा कार्यालय में समारोह भी हुआ।
छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लंबे समय से चल रहे ट्रांसफर के इंतजार को लेकर शिक्षा विभाग ने आखिरकार आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने करीब 700 शिक्षकों का ट्रांसफर किया है। वहीं अलग-अलग कारणों से करीब 400 शिक्षकों के नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए। अब विभाग अगले चरण में ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम शुरू करने की तैयारी पर भी मंथन कर रहा है। दरअसल, ट्रांसफर के लिए विभाग ने पहले करीब 1,600 शिक्षकों की लिस्ट तैयार की थी। इसके बाद इस लिस्ट की समीक्षा की गई और संख्या कम करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के बाद करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित लिस्ट तैयार हुई। अंतिम जांच में भी तय नियमों के मुताबिक नहीं पाए गए करीब 400 नाम हटा दिए गए। इसके बाद बची लिस्ट में शामिल करीब 700 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। इन शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर की प्रक्रिया में स्कूलों की पढ़ाई और बच्चों के हित को प्राथमिकता दी। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पहले ही कम है, वहां से शिक्षक हटाने से बचा गया है। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों, सिंगल टीचर वाले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों और ऐसे शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया। जिनके जाने से स्कूल शिक्षक विहीन हो सकता था। इसके अलावा अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में ट्रांसफर के मामलों और ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों को भी अंतिम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। विभाग का कहना है कि किसी शिक्षक के ट्रांसफर से स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। आवेदन और सिफारिश के आधार पर बनी थी लिस्ट जानकारी के मुताबिक, ट्रांसफर के लिए शिक्षकों से मिले आवेदनों और अलग-अलग स्तर से आई सिफारिशों के आधार पर नामों की लिस्ट तैयार की गई थी। इसके बाद विभाग ने हर केस की जांच की। शुरुआती लिस्ट से लेकर अंतिम लिस्ट तक कई स्तर पर जांच हुई। इसी दौरान करीब 400 नाम हटा दिए गए। अब अंतिम लिस्ट में शामिल शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हो गया है। ट्रांसफर हुए शिक्षकों को अब नए स्कूल में ज्वाइन करना होगा। अगली बार ऑनलाइन ट्रांसफर का सिस्टम बनाने की तैयारी मौजूदा ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग अब आगे की व्यवस्था को ऑनलाइन करने पर भी विचार कर रहा है। विभाग में शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने का सिस्टम शुरू करने को लेकर चर्चा चल रही है। अगर यह सिस्टम लागू होता है तो शिक्षक एक तय पोर्टल पर जाकर खुद ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। इससे ट्रांसफर की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने और आवेदन का समय पर निराकरण करने में मदद मिल सकती है। विभाग दूसरे राज्यों में चल रहे ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम का भी अध्ययन कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच के बाद सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। फिलहाल करीब 700 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी हो चुके हैं। अब इन शिक्षकों की नजर नए पदस्थापना वाले स्कूलों पर है।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमताओं के समुचित उपयोग और उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) एवं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के युवा अधिकारी इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद कर उन्हें प्रेरित करेंगे और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का पंचकूला गवर्नमेंट कॉलेज में औचक निरीक्षण
हरियाणा केशिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-1 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया
धार में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक रैली और आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस आयोजन कमेटी, धार ने शनिवार को उदय रंजन क्लब मैदान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। समिति ने बताया कि रैली में जिलेभर से आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाया जाएगा। आदिवासी समाज के महेश चौहान ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना है। इसका लक्ष्य विश्व आदिवासी दिवस के महत्व, आदिवासी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के युवा और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति तथा संवैधानिक अधिकारों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। रैली के बाद होने वाली आमसभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जंगल-जमीन, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून और संवैधानिक अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आमसभा के उपरांत आदिवासी समाज अपनी प्रमुख मांगों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की जाएगी। आयोजन समिति ने समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सभी नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। समिति ने इस दौरान शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया है। समिति के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज की संस्कृति, पहचान, अधिकारों और नई पीढ़ी को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला काउंसिल और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर सोनभद्र में एक जोरदार पैदल मार्च निकाला। यह मार्च आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की विभिन्न जनहित समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुर्क तिराहा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। जिला सचिव आरके शर्मा ने बताया कि खनिज और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध सोनभद्र देश को ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, जिले के आदिवासी, किसान, मजदूर और आम नागरिक आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना और बभनी में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खोलने की मांग शामिल थी। संगठन ने उत्तर प्रदेश में पेसा कानून का कड़ाई से पालन कराने, जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों एवं परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा वनाधिकार कानून के दावों के निस्तारण तक पात्र लोगों को बेदखल नहीं करने की मांग भी की। आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भाकपा ने मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, खनन में प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिक्त पद भरने और बभनी-म्योरपुर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में स्थानीय युवाओं, प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों को उद्योगों में रोजगार में प्राथमिकता, प्रतिदिन 20 घंटे बिजली आपूर्ति, जर्जर विद्युत तार-पोल और ट्रांसफार्मर बदलने तथा 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल थी। संगठन ने सीएसआर और डीएमएफ निधि का पारदर्शी तरीके से स्थानीय विकास में इस्तेमाल करने और 'हर घर नल जल' योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग भी की। ज्ञापन में कोल, मुसहर, धांगर, धरकार और बियार समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पर्याप्त राशन एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। भाकपा ने मुख्यमंत्री से 19 सूत्रीय मांगों पर आश्वासन के बजाय धरातल पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विभाग ने गहन जांच-पड़ताल और विभागीय समीक्षा के बाद लगभग 700 शिक्षकों की नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं।
कोंकण रेलवे में 134 अप्रेंटिस ट्रेनी पदों पर नियुक्ति का अवसर, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया
रेलवे में नौकरी करना लाखों युवाओं का सपना होता है। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आपके लिए कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) ने स्पेशल ड्राइव और नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (एनएटीएस) के तहत अप्रेंटिस ट्रेनी के विभिन्न 134 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।
झालावाड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रसंघ चुनावों की बहाली सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पीजी कॉलेज झालावाड़ के बाहर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करना, विश्वविद्यालयों में समयबद्ध अकादमिक कैलेंडर लागू करना, रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करना, सरकारी कॉलेजों में नियमित प्रिंसिपलों की नियुक्ति तथा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित करना शामिल था। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और नेतृत्व विकसित करने का अवसर देते हैं। लंबे समय से चुनाव न होने के कारण छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। परिषद ने सरकार से छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र घोषणा करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद, कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम एक ज्ञापन पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल आर.के. मीना को सौंपा। इस दौरान जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से छात्र हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हित से जुड़ी इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषद ने दोहराया कि वह छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी।
मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में 27वें से पहले स्थान पर पहुंच गया है, केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने मोहाली में 800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और बताया कि अब तक 69,094 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पंचकूला के गवर्नमेंट कॉलेज का दौरा किया, जहां उन्होंने 'नो एंट्री विदाउट परमिशन' नोटिस पर आपत्ति जताई और उसे हटाने को कहा। मंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर बातचीत की।
SBI Clerk Recruitment 2026: क्लर्क के 1538 पदों पर रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, चेक कर लें डिटेल्स
PC: jagran स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने क्लर्क के 1,538 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार SBI की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन विंडो 7 अगस्त, 2026 को खुली थी और उम्मीदवार 27 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। SBI क्लर्क भर्ती 2026: उम्र सीमा क्लर्क पदों के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र सीमा 1 अप्रैल, 2026 के आधार पर कैलकुलेट की जाएगी। आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को लागू नियमों के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी: OBC उम्मीदवार: 3 साल SC/ST उम्मीदवार: 5 साल विकलांग व्यक्ति: 10 साल आवेदकों के पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री भी होनी चाहिए, साथ ही भर्ती नोटिफिकेशन में बताई गई दूसरी योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा। SBI क्लर्क सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट्स का सिलेक्शन एक प्रीलिमिनरी एग्जाम और उसके बाद मेन एग्जाम से होगा। प्रिलिमिनरी एग्जाम में 100 सवाल होंगे और कुल 100 मार्क्स होंगे। इंग्लिश लैंग्वेज, न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीज़निंग एबिलिटी जैसे सब्जेक्ट्स से सवाल पूछे जाएंगे। कैंडिडेट्स को एग्जाम पूरा करने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा। एग्जाम में हर गलत जवाब के लिए एक-चौथाई मार्क्स की नेगेटिव मार्किंग भी होगी। जो कैंडिडेट्स प्रीलिमिनरी स्टेज में क्वालिफाई करेंगे, उन्हें मेन एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। मेन एग्जाम 200 मार्क्स का होगा और इसमें 190 सवाल होंगे। पेपर में जनरल और फाइनेंशियल अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड कवर होंगे। SBI क्लर्क एप्लीकेशन फीस कैंडिडेट्स को अपना फॉर्म जमा करते समय तय एप्लीकेशन फीस देनी होगी। OBC कैंडिडेट्स के लिए, एप्लीकेशन फीस ₹750 है। SC, ST और PwBD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फीस देने से छूट दी गई है। योग्य उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लें और सभी योग्यता की ज़रूरतों और निर्देशों के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें।
PC: kalingatv बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कई डिपार्टमेंट में स्पेशलिस्ट ऑफिसर पोस्ट के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाए हैं। ऑफिशियल रिक्रूटमेंट के मुताबिक, ऑर्गनाइज़ेशन का मकसद इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए रेगुलर बेसिस पर कुल 206 स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती करना है। इन पोस्ट में मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर, टेक्निकल मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजर, डेटा साइंटिस्ट, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर, सिक्योरिटी मैनेजर, टैक्सेशन मैनेजर और कई दूसरे स्पेशलिस्ट पोस्ट शामिल हैं। सभी इंटरेस्टेड एप्लीकेंट अगर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं तो ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए 26 अगस्त, 2026 तक रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रोसेस 6 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। चुने गए कैंडिडेट्स को बैंक की ऑपरेशनल ज़रूरतों के आधार पर भारत में कहीं भी पोस्ट किया जा सकता है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: वैकेंसी डिटेल्स डिजिटल बैंकिंग, फैसिलिटी मैनेजमेंट, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, सिक्योरिटी, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस और कॉर्पोरेट अकाउंट्स एंड टैक्सेशन प्लानिंग डिपार्टमेंट में वैकेंसी खुली हैं। टोटल : 206 डिजिटल बैंकिंग: 19 फैसिलिटी मैनेजमेंट: 88 इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी: 16 सिक्योरिटी: 54 एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस: 14 कॉर्पोरेट अकाउंट्स और टैक्सेशन प्लानिंग: 15 बैंक ऑफ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: एप्लीकेशन फीस कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म जमा करते समय एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन देनी होगी। जनरल, OBC और EWS: Rs. 850 (GST सहित) प्लस पेमेंट गेटवे चार्ज SC, ST, बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले लोग, एक्स-सर्विसमैन और महिलाएं: Rs. 175 (GST सहित) प्लस पेमेंट गेटवे चार्ज एप्लीकेशन फीस नॉन-रिफंडेबल है, चाहे सिलेक्शन स्टेज कोई भी हो। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में मिले एप्लीकेशन की संख्या के आधार पर नीचे दिए गए एक या ज़्यादा स्टेज शामिल हो सकते हैं: एप्लीकेशन स्क्रीनिंग ऑनलाइन एग्जाम साइकोमेट्रिक टेस्ट ग्रुप डिस्कशन (अगर लागू हो) पर्सनल इंटरव्यू अगर ऑनलाइन एग्जाम होता है, तो उसमें रीजनिंग, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और प्रोफेशनल नॉलेज के सेक्शन शामिल होंगे। बैंक तय सिलेक्शन स्टेज में परफॉर्मेंस के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार करेगा।
भारत में कक्षा 1 से 12 तक शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों की संख्या में कमी
भारत में शिक्षा के हालात पर एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश में केवल 5.67 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं जो कक्षा 1 से कक्षा 12 तक शिक्षा प्रदान करते हैं। इस आंकड़े के अनुसार, अधिकांश छात्रों को अपनी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर स्कूल बदलने की आवश्यकता होती है। हालांकि, सरकार ने संक्रमण दर में सुधार और ड्रॉपआउट दर में कमी की भी जानकारी दी है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
AIIMS Raipur Recruitment 2026: एम्स रायपुर में सीनियर रेजिडेंट के 121 पदों पर भर्ती निकली है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह एक अच्छा मौका है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।
AAI Recruitment 2026: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत सिविल, फाइनेंस समेत अन्य विभागों में कुल 389 पदों को भरा जाएगा।
मेडिकल शिक्षा में बड़ा बदलाव: 11 नए कोर्स किए लॉन्च, अस्पतालों के लिए मान्यता नियम सख्त
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के लिए मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। साथ ही अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी में 11 नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इसके लिए एनबीईएमएस ने नोटिफिकेशन जारी किया है।
स्कूल ड्रेस में खेत में धान रोपते बच्चों का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश
स्कूल ड्रेस में खेत में धान रोपते बच्चों का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश
उमरिया जिले के करकेली विकासखंड के देवरी मजरा गांव में स्कूल गणवेश पहने बच्चों द्वारा खेत में धान की रोपाई करते हुए एक वीडियो सामने आया है। शुक्रवार को यह वीडियो सामने आया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो में कई बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में धान के पौधे लगाते हुए स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये बच्चे देवरी मजरा गांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र हैं, जहां माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदान की जाती है। प्राचार्य ने कहा, रोपण विषय का प्रैक्टिकल इस मामले पर स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को धान की रोपाई के उद्देश्य से खेत में नहीं ले जाया गया था। उनके मुताबिक, नए पाठ्यक्रम में रोपण से संबंधित विषय शामिल है, जिसके तहत बच्चों को खेत में ले जाकर रोपण की प्रक्रिया और उससे जुड़ी जानकारी दी जा रही थी। प्राचार्य ने बच्चों से जबरन रोपाई कराने के आरोप को गलत बताया। डीईओ बोले- मामले की जांच कराई जाएगी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बीएस बरकड़े ने बताया कि विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुष्टि की कि उन्हें वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घायल जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिव शक्ति कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक टीचर को नामजद करते हुए छह अज्ञात नकाबपोश हमलावरों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने नामजद आरोपी शिक्षक राजगीर शर्मा को गिरफ्तार कर कर लिया है। अजीमाबाद थाना क्षेत्र के ताराचक गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में सहार प्रखंड के खैरा कन्या मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार घटना के पीछे एक प्रमाण पत्र की जांच और पदस्थापना को लेकर चल रहे विवाद की बात सामने आ रही है। हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता की छह धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गाड़ी रोककर किया हमला प्राथमिकी के अनुसार, गुरुवार की देर शाम डीपीएम (एमडीएम) शिव शक्ति कुमार, डीपीओ राहुल रंजन और क्लर्क वेंकटेश कुमार कार से लौट रहे थे। रतनपुर-सनदिया पुल के पास आरा-पटना हाईवे पर बाइक और कार से पहुंचे पांच-छह हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडे और बैट से कार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कार के शीशे तोड़ दिए और अधिकारियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। करीब दस मिनट तक चली मारपीट में डीपीओ, डीपीएम और क्लर्क घायल हो गए। हमले में वेंकटेश कुमार का एक दांत भी टूट गया। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हस्तक्षेप कर तीनों अधिकारियों को हमलावरों के चंगुल से बचाया। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। अफरा-तफरी के बीच ग्रामीणों ने एक हमलावर राजगीर शर्मा को मोबाइल सहित पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मोबाइल, अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
JTET: 9 साल से नहीं हुई झारखंड TET परीक्षा, हाईकोर्ट सख्त; शिक्षा सचिव को शोकॉज नोटिस
राज्य में करीब नौ साल से जेटेट का आयोजन नहीं हुआ है। इसपर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 मार्च 2026 तक जेटेट आयोजित करने का निर्देश दिया था।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और राई स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व प्राचार्य ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने 95 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली । गांव ठरु उलदेपुर के मूल निवासी एवं वर्तमान में सेक्टर-14 निवासी ब्रिगेडियर चौधरी के निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन, महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के वाइस चांसलर और राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्राचार्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनका अंतिम संस्कार आज शनिवार दोपहर बाद 3 बजे सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा। शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा जीवन ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के उत्थान, अनुशासन व युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया। शिक्षा के क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव और दूरदर्शी सोच के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना से भी जोड़ने का प्रयास किया। हजारों विद्यार्थियों को दिखाई सफलता की राह शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए ब्रिगेडियर चौधरी ने हजारों विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित किया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका मार्गदर्शक भाव उन्हें शिक्षा जगत में अलग पहचान दिलाता रहा। कई महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रहे। इसके अलावा उन्होंने महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के पूर्व वाइस चांसलर और राई स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व प्राचार्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। वे सोनीपत के ब्राइट स्कॉलर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संरक्षक भी रहे। इन संस्थानों में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी।सादगी और अनुशासन के लिए रहे यादगार ब्रिगेडियर चौधरी के व्यक्तित्व में सादगी, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का अद्भुत समन्वय रहा। उनके परिचितों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के अनुसार वे विद्यार्थियों और युवाओं को हमेशा मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने जताया शोक सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर चौधरी का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी अपने पीछे पत्नी, बेटा, बेटी, पौते और नाती समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी गहरा शोक है। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के लिए किए गए योगदान को लंबे समय तक सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। आज सेक्टर-15 शिव मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद 3 बजे सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में शिक्षा, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के पहुंचने की संभावना है।
कौशल शिक्षा को मजबूत करने पर दिया जोर
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना लुधियाना के शास्त्री नगर स्थित बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एलएसएससी के तत्वावधान में सीबीएसई प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (पीआरपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम ''कौशल विकास'' पर आयोजित हुआ। कक्षा 9 और 10 में कौशल विकास के अनिवार्य कार्यान्वयन पर केंद्रित इस कार्यक्रम में लुधियाना के विभिन्न स्कूलों से 66 प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, इसके बाद प्रधानाचार्य डॉ. अनुजा कौशल ने संबोधन में कौशल-आधारित शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्कूल के स्किल विभाग द्वारा 23 कौशल विषयों के माध्यम से ''कौशल बोध'' और ''कौशल विकास'' पर निरंतर फोकस का उल्लेख किया। कार्यक्रम में सीबीएसई के कौशल शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर व अतिरिक्त निदेशक आर. पी. सिंह उपस्थित रहे। शैक्षणिक सत्रों का संचालन डॉ. शायदा राणा और डॉ. सोनिया मागो ने किया। प्रमुख आकर्षण सीबीएसई के प्रशिक्षण व कौशल शिक्षा निदेशक डॉ. बिस्वजीत सहा के साथ वर्चुअल संवाद रहा, जिसमें उन्होंने नीति से अभ्यास तक कौशल विकास को लागू करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में एनईपी 2020 व एनसीएफ-एसई 2023, पाठ्यक्रम समझ, गतिविधि योजना, आकलन, ''बैगलेस डेज'' और ''माय करियर एडवाइजर'' सहित सत्र आयोजित हुए।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कौशल आधारित शिक्षा को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यावहारिक तरीके और गतिविधियां भी समझाई गईं।
उच्च शिक्षा विभाग:कैबिनेट की मंजूरी बिना जारी हुई अतिथि व्याख्याता नीति, वित्त ने लौटाया प्रस्ताव
प्रदेश के शासकीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की सेवाएं लेने के लिए 17 जुलाई को जारी संशोधित नीति विवादों में आ गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही उच्च शिक्षा विभाग से नीति जारी होने पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि नीति में मानदेय और अवकाश जैसे वित्तीय एवं सेवा शर्तों से जुड़े प्रावधान किए गए हैं। अब वित्त विभाग ने इन प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को लौटा दिया है। नई नीति में अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 2 हजार रुपए प्रति कार्य दिवस के हिसाब से भुगतान होगा, लेकिन एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपए ही दिए जाएंगे। पहले पीरियड के आधार पर करीब 400 से 500 रुपए तक मानदेय मिलता था। अतिथि ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी को 1600 रुपए प्रतिदिन, अतिथि शिक्षण सहायक को 1400 तथा अतिथि ग्रंथालय सहायक और क्रीड़ा सहायक को 1200 रुपए प्रतिदिन देने का प्रावधान है। इनकी मासिक अधिकतम सीमा क्रमश: 40 हजार, 35 हजार और 30 हजार तय की गई है। संशोधित नीति में अतिथि व्याख्याताओं को प्रत्येक शिक्षण सत्र में 11 आकस्मिक अवकाश देने का प्रावधान है। यानी 11 महीने की सेवा अवधि में हर महीने एक दिन अवकाश मिल सकेगा। वित्तीय प्रावधानों पर उठे सवाल नीति जारी होने के बाद अतिथि व्याख्याता नए सत्र में कॉलेजों में दोबारा पढ़ाने के लिए बुलावे का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच नीति जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे। मानदेय और अवकाश से जुड़े वित्तीय एवं सेवा शर्तों के लिए वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी जरूरी बताई जा रही है। नीति जारी करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने वित्त को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वित्त विभाग ने आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव वापस उच्च शिक्षा को लौटा दिया। उच्च शिक्षा मंत्री बोले- व्याख्याता भर्ती नहीं रूकेगीउच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि अतिथि व्याख्याता नीति 2024 में बनाई गई थी और इसमें संशोधन किया गया है। वित्त विभाग की ओर से कुछ आपत्तियां आई हैं और इस संबंध में वित्त मंत्री से चर्चा की गई है। अतिथि व्याख्याता भर्ती से संबंधित प्रक्रिया जारी रहेगी। अतिथि व्याख्याता भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी: चौधरीवित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अतिथि व्याख्याता नीति के नोटिफिकेशन में जो भी प्रक्रियात्मक त्रुटि हुई है, वह अलग विषय है। कैबिनेट की मंजूरी के बिना नोटिफिकेशन जारी किया गया है, इस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। हालांकि इसका असर अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री से भी चर्चा हुई है। अतिथि व्याख्याता भर्ती की प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी।
Kurukshetra News: अतिथि अध्यापक आज फूंकेंगे शिक्षा मंत्री का पुतला
अतिथि अध्यापक आज फूंकेंगे शिक्षा मंत्री का पुतला
Kanpur News: नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय मंथन, देशभर से जुटे 108 शिक्षा विशेषज्ञ
जयनारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज विकासनगर में शुक्रवार से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से प्राथमिक एवं मिडिल स्तर की शैक्षिक परिषद की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
Gorakhpur News: शिक्षा के साथ शिक्षण में भी बेटियों की धमक, संवार रहीं कल की तस्वीर
15 हजार से अधिक महिला शिक्षक दे रहीं भविष्य को आकार। प्राथमिक से कंपोजिट विद्यालयों तक निभा रहीं अहम भूमिका।
Mohali News: मोहाली में एनएसक्यूएफ शिक्षकों का प्रदर्शन, शिक्षा विभाग में विलय की मांग
NSQF teachers protest in Mohali, demand merger with the Education Department
Chandauli News: 62 वर्ष की जाए शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की उम्र
Retirement age of Shiksha Mitras should be set at 62 years.
ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों ने बैठक में सर्वसम्मति से अपनाया घोषणापत्र, पांच मुख्य प्राथमिकताएं तय
मीडिया से बात करते हुए जोशी ने बताया कि बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इथियोपिया के शिक्षा मंत्री, प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत पांच अगस्त को भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ हुई थी।
उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अब प्रतिदिन नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी और परिसरों में नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक रहेगी।
बेरोजगारी-शिक्षा पर सरकार क्या कर रही, पीएम मोदी 15 अगस्त पर बताएं: अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री भारत के युवाओं को संबोधित करें। हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वे बताएं कि सरकार शिक्षा, बेरोजगारी और जीवन यापन के खर्च के संबंध में युवाओं के लिए क्या कर रही है।
शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक! परिसर में ही पीने का आरोप, सीधी में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक! परिसर में ही पीने का आरोप, सीधी में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यूपी में क्या है मदरसों की शिक्षा का भविष्य
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने उच्च शिक्षा की डिग्रियां कामिल और फाजिल बंद करने का फैसला लिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर लिया गया है, जिसने मदरसा शिक्षा बोर्ड को विश्वविद्यालय स्तर की...
ब्यावर जिले में पिछले तीन सालों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को गति देने के साथ अब भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ब्यावर के विकास की नई रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिला प्रगति प्रदर्शनी के शुभारंभ के बाद कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और विधायक शंकर सिंह रावत ने जिले में हुए विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। वहीं, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने भविष्य में विकसित होने वाले मिनी सचिवालय की प्रस्तावित योजना और विकास रोडमैप की जानकारी दी। स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास को प्राथमिकता कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और विधायक शंकर सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ब्यावर जिले के विकास के प्रति गंभीर और संवेदनशील है। जिले की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों से जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में ब्यावर जिले के विकास को और गति मिलेगी तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आमजन मिलकर बढ़ाएंगे विकास जिले के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। सामूहिक प्रयासों से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही गई, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बनेगा मिनी सचिवालय जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने भविष्य में विकसित होने वाले मिनी सचिवालय की प्रस्तावित योजना और विकास रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने मिनी सचिवालय के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप किए जाने वाले निर्माण एवं विस्तार कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। जिला कलेक्टर ने बताया कि मिनी सचिवालय को आगामी वर्षों की प्रशासनिक और जनसंख्या संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की योजना है। इसमें विभिन्न विभागों के कार्यालयों के लिए पर्याप्त स्थान, आमजन के लिए सुगम आवागमन, पार्किंग और अन्य आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाएं शामिल होंगी। एक परिसर में मिलेंगी विभिन्न विभागीय सुविधाएं मिनी सचिवालय का विकास केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दीर्घकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसकी योजना तैयार की जा रही है। इससे जिला मुख्यालय पर विभिन्न विभागों की सेवाओं का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा। साथ ही आमजन को एक ही परिसर में विभिन्न विभागीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। संतुलित विकास पर रहेगा फोकस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ब्यावर के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। विकास कार्यों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
बेगूसराय के सर्वोदय नगर में शुक्रवार को विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की 85वीं पुण्यतिथि मनाई गई। यह कार्यक्रम शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति द्वारा आयोजित किया गया था। जेपी सेनानी और शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में अमरेंद्र कुमार सिंह ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर को भारतीय साहित्य का महान रचनाकार, शिक्षाविद् और मानवतावादी बताया। उन्होंने कहा कि ठाकुर ने शांति निकेतन की स्थापना की थी और वर्ष 1913 में 'गीतांजलि' के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर एशिया के पहले नोबेल विजेता साहित्यकार बने। सिंह ने जोर दिया कि ठाकुर का साहित्य आज भी समाज को मानवता, शिक्षा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। मौके पर महिला सेल की सचिव सुनीता देवी ने कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने साहित्य के माध्यम से नारी सम्मान, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को नई दिशा प्रदान की। कवयित्री पल्लवी राज ने उन्हें दूरदर्शी शिक्षाविद्, दार्शनिक और महान कवि बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर पवन शर्मा, रवि पोद्दार गांधी, सुशील राय, राजेंद्र महतो, अनाया सिंह और पल्लवी राज सहित कई गणमान्य लोगों ने विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पेपर लीक: राज ठाकरे ने सरकार की आलोचना की, शिक्षा प्रणाली और कोचिंग संस्कृति पर उठाए सवाल
नासिक, 7 अगस्त . नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर देशव्यापी आक्रोश और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 40 दिनों तक चले छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद Maharashtra नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने Friday को Maharashtra के नासिक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र Government, कोचिंग संस्थानों और शिक्षा प्रणाली ... Read more
पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को चंडीगढ़ सेक्टर-43 स्थित सामुदायिक केंद्र में संवादात्मक बैठक और खुली जनसुनवाई का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के सदस्य पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने की। बैठक का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनके सुझाव लेना और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में कदम उठाना था। बैठक में आयोग के कोर ग्रुप के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने मानवाधिकारों के साथ-साथ शहर की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, जनकल्याण योजनाओं और सरकारी सेवाओं से जुड़े कई मुद्दे आयोग के सामने रखे। नागरिकों ने प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए। जनता की शिकायतों के समाधान का भरोसा पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग के पास आने वाली हर वास्तविक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और उसका जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी होती है। नागरिक और सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे तो लोगों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। अधिकारियों ने विभागों से जुड़े सवालों के दिए जवाब बैठक में पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों के साथ-साथ चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़े मामलों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और कई सवालों के जवाब भी दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अन्य मामलों को संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। जागरूकता-जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर मानवाधिकार आयोग ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और प्रशासन व जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। आयोग ने कहा कि आगे भी इस तरह की खुली जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे आयोग के सामने रख सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
सिरोही में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने शिवगंज एवं सिरोही क्षेत्र के मतदान केंद्रों के निरीक्षण के दौरान राजकीय विद्यालय नारदरा एवं वाण का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का संदेश देते हुए छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
कोटा के सुवि नेत्र चिकित्सालय में मेडिकल रेटिना फेलोशिप का प्रशिक्षण पूरा हुआ। देशभर के युवा नेत्र चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दे दी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दी है, जिससे राजधानी में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ के खुलने का रास्ता साफ़ हो गया है। उन्होंने कहा कि कई सालों से देखा जा रहा है कि दिल्ली के छात्र अच्छी हायर एजुकेशन के लिए देश के दूसरे हिस्सों या विदेश जाते हैं, जिसमें काफ़ी खर्च होता है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि अच्छी शिक्षा की यह ज़रूरत दिल्ली में ही पूरी हो और छात्रों को उनके अपने शहर में ही बेहतर मौके मिलें। इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC विवाद पर BJP सांसद Nishikant Dubey का अल्टीमेटम: युवाओं को न्याय नहीं मिला तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने आज इस बिल को मंज़ूरी दे दी है और इसे जल्द ही दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार जब विधानसभा में इस बिल पर चर्चा हो जाएगी और इसे पास कर दिया जाएगा, तो दिल्ली में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ खोलने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि NEP 2020 लागू होने के बाद, दिल्ली सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के मुताबिक़ आगे बढ़ रही है और दिल्ली में खुलने वाली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ भी NEP 2020 के नियमों का पालन करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारा पक्का इरादा है कि इन यूनिवर्सिटीज़ में दिल्ली के छात्रों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि राजधानी के छात्रों को अपने ही शहर में बेहतरीन क्वालिटी वाली हायर एजुकेशन के मौके मिल सकें। प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल की मुख्य बातें जानें - प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ज़मीन खुद खरीदनी होगी; सरकार ज़मीन नहीं देगी। - दिल्ली के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित होंगी। - सरकार फीस पर नज़र रखेगी और एक रेगुलेटरी कमेटी बनाएगी। - NEP के नियमों का पालन करना ज़रूरी होगा। दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ बिल की मुख्य बातें: - दिल्ली सरकार एक नोटिफिकेशन के ज़रिए प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ बनाने की मंज़ूरी दे सकेगी। - यूनिवर्सिटीज़ को UGC और दूसरे रेगुलेटरी निकायों (नियम बनाने वाली संस्थाओं) द्वारा तय किए गए स्टैंडर्ड्स का पालन करना होगा। - यूनिवर्सिटीज़ सिर्फ़ 'यूनिटरी मॉडल' पर काम करेंगी; यानी, वे दूसरे कॉलेजों को अपने साथ नहीं जोड़ (एफिलिएट नहीं कर) सकेंगी। - ज़रूरत के हिसाब से दिल्ली में अतिरिक्त कैंपस, रीजनल सेंटर और स्टडी सेंटर खोले जा सकेंगे। इसे भी पढ़ें: BJP को RSS Chief Mohan Bhagwat की सलाह माननी चाहिए, NEET पर बोले दीपके प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शर्तें - स्पॉन्सर करने वाली संस्था के पास ज़मीन होनी चाहिए या कम से कम 30 साल के लिए लीज़ (पट्टे) पर ज़मीन होनी चाहिए। - एकेडमिक बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी, डिजिटल रिसोर्स और स्टूडेंट्स के लिए सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। - फैकल्टी और दूसरे एकेडमिक स्टाफ़ की नियुक्ति UGC के स्टैंडर्ड्स के अनुसार करनी होगी। दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षण - हर कोर्स में दिल्ली के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान। - इन सीटों पर दाखिला GNCTD की मौजूदा आरक्षण नीति के तहत होगा। सरकार की मज़बूत निगरानी - उच्च शिक्षा मंत्री यूनिवर्सिटी के 'विज़िटर' होंगे। - विज़िटर के पास जानकारी मांगने, निरीक्षण का आदेश देने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में निर्देश जारी करने का अधिकार होगा। - ज़रूरत पड़ने पर प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय मामलों की जांच की जा सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

