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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ कार्यक्रम:बीएससी, एमएससी के नवप्रवेशित छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया

जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में नवप्रवेशित बीएससी और एमएससी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ, अधिष्ठापन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान-विस्तार और शोध के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने छात्रों से संस्थान की शैक्षणिक और शोध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर प्रमोद यादव ने विश्वविद्यालय की छात्र कल्याणकारी गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, रचनात्मक गतिविधियों और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और ई-संसाधनों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पाठ्यपुस्तकों के अलावा उच्च स्तरीय संदर्भ सामग्री पढ़ने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रोफेसर प्रमोद कुमार, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. सुजीत चौरसिया और डॉ. संदीप वर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समय प्रबंधन, प्रयोगात्मक शिक्षा और शोध के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनके सफल शैक्षणिक जीवन की आधारशिला तैयार करना था।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 5:21 pm

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ली एनटीए की समीक्षा बैठक, परीक्षा व्यवस्था के संपूर्ण ऑडिट के निर्देश

New Delhi, 17 अगस्त . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Monday को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज और हाल में सामने आई परीक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. शिक्षा मंत्री ने एनटीए को परीक्षा की सभी प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. एजेंसी को परीक्षा व्यवस्था ... Read more

डेली किरण 17 Aug 2026 4:42 pm

शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा

शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा

समाचार नामा 17 Aug 2026 4:30 pm

सिरसा में सरपंच ने स्वतंत्रता दिवस पर नहीं लिया सम्मान:अंबाला के पंजोखरा साहिब घटना का विरोध; शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य पर हुआ चयन

सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के एक सरपंच ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर प्रशासन की ओर से दिए जाने वाले सम्मान को लेने से इनकार कर दिया। यह प्रोग्राम डबवाली के श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल परिसर में उपमंडल स्तर पर हुआ था। सरपंच या उनकी तरफ से कोई प्रतिनिधि यह सम्मान लेने नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मट्टदादू के सरपंच गगन रणदीप सिंह मट्टदादू ने प्रशासन द्वारा दिया जाने वाला सम्मान ग्रहण नहीं किया। उन्होंने पंजोखरा साहिब में हुई घटना के विरोध में यह कदम उठाया और स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूरी बनाए रखी। दरअसल, सरपंच गगन रणदीप सिंह मट्टदादू का चयन शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए किया गया था। उन्होंने गांव में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूटी भेंट योजना शुरू की थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक सुरक्षित परिवहन सुविधा भी उपलब्ध करवाई थी। मंच से सरपंच के नाम की घोषणा की थी डबवाली में आयोजित इस समारोह के दौरान प्रोटोकॉल के तहत मंच से उनके नाम की घोषणा भी की गई। हालांकि, सरपंच की ओर से सम्मान ग्रहण करने के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने पंजोखरा साहिब घटना के विरोध में सम्मान लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, रणदीप सिंह मट्टदादू ने सराहनीय कार्यों के लिए चयन किए जाने पर स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद भी किया। सरपंज बोले- लाठीचार्ज से सिख संगत में असंतोष इसी मामले में पत्रकारों से बातचीत में सरपंच प्रतिनिधि रणदीप सिंह मट्टदादू ने बताया कि अंबाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में हुई घटना से सिख संगत में नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। सिख संगत पर लाठीचार्ज किया गया और प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर भी सिख संगत में असंतोष है। मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग रणदीप सिंह मट्टदादू ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजोखरा साहिब मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए निर्दोष सिख नौजवानों को तुरंत रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने धार्मिक माहौल बिगाड़ने और सामाजिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 4:17 pm

महवा : विश्व ब्राह्मण सभा ट्रस्ट का स्नेह मिलन व शपथ ग्रहण समारोह, शिक्षा, संस्कार और सेवा पर दिया गया जोर

विश्व ब्राह्मण सभा ट्रस्ट तहसील महवा का स्नेह मिलन व तहसील कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गोपीनाथजी मंदिर महवा में हुआ।

खास खबर 17 Aug 2026 4:00 pm

61 लीटर की कांवड़ लेकर चली इस अभ्यर्थी की कहानी जान‍िए

यूपी पुलिस समेत कई सरकारी नौकरियों की परीक्षा देने के बावजूद सफलता न मिली. श‍िव भक्त और उत्तर प्रदेश की बेटी मानसी राजपूत की मेहनत के साथ-साथ उनकी कांवड़ भी हर साल कठ‍िन कांवड़ बनती जा रही है. इस बार 61 लीटर गंगाजल उठाकर कांवड़ यात्रा पर निकली मानसी की खूब चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं इस अभ्यर्थी की कहानी...

आज तक 17 Aug 2026 3:47 pm

RSSB recruitment 2026: 874 जूनियर इंजीनियर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन

PC: KALINGATV राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 874 जूनियर इंजीनियर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है; कैंडिडेट 14 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें आगे बढ़ने से पहले रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, वैकेंसी डिटेल्स और एप्लीकेशन रिक्वायरमेंट्स को ठीक से पढ़ना भी पक्का कर लेना चाहिए। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे सब्जेक्ट्स की वैकेंसी भरी जाएंगी, इसलिए जॉब के लिए अप्लाई करने वाले लोगों के पास इन कोर्सेज से रिलेटेड डिग्री होनी चाहिए। ज़रूरी डेट्स: एप्लीकेशन शुरू होने की डेट: 16 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन खत्म होने की डेट: 14 सितंबर, 2026 एग्जाम की डेट: फरवरी 2027 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, या एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग जैसी रिलेवेंट इंजीनियरिंग ब्रांच में डिप्लोमा या BE/BTech डिग्री होनी चाहिए। वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए ज़रूरी उम्र 18 से 40 साल के बीच है। सिलेक्शन प्रोसेस: लिखा हुआ एग्जाम डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एप्लीकेशन फीस: UR/Gen/OBC: Rs 600 OBC (NCL)/EWS/SC/ST/PWD: Rs. 400 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर जाएं। राजस्थान SSO ID और पासवर्ड से लॉग इन करें। संबंधित जूनियर इंजीनियर रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन चुनें। ज़रूरी डिटेल्स डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी अपने पास रखें।

राजस्थान खबरे 17 Aug 2026 2:29 pm

बिहार शिक्षा विभाग के क्लर्क ट्रांसफर पर फिलहाल 'ब्रेक', कैडर तय होने के बाद ही मिलेगी हरी झंडी

शिक्षा विभाग में लिपिकों का स्थानांतरण राज्य स्तरीय कैडर निर्धारण होने तक रुका रहेगा। पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यह स्पष्टीकरण दिया है, जिससे पंकज कुमार समेत छह कर्मचारियों को इंतजार करना होगा।

जागरण 17 Aug 2026 2:27 pm

PNB recruitment 2026: 545 LBO पदों पर आवेदन की आज है लास्ट डेट, इस तरह करें आवेदन

PC: kalingatv पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 545 लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 2026-27 रिक्रूटमेंट ड्राइव के रिक्रूटमेंट प्रोसेस के लिए एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है। एप्लीकेशन का तरीका ऑनलाइन है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) रजिस्ट्रेशन पोर्टल के ज़रिए चलाया जा रहा है। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट आज तक जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं और ध्यान दें कि वे सिर्फ़ एक स्टेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उन्हें उस चुने हुए स्टेट की भाषा आनी ज़रूरी है। जो कैंडिडेट पहले से रिक्रूटमेंट के बारे में जानते हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक फ़ॉर्म पूरा नहीं किया है या जमा नहीं किया है, उन्हें डेडलाइन से पहले इसे पूरा करके जमा कर देना चाहिए, अगर वे यह मौका नहीं चूकना चाहते हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए। जिन कैंडिडेट की उम्र 1 जुलाई तक 20 से 30 साल है, वे इस पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस रिक्रूटमेंट में रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए उम्र में छूट भी है। कैंडिडेट के पास चुने हुए शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक या रीजनल रूरल बैंक के क्लर्क या ऑफिसर कैडर में क्वालिफिकेशन के बाद कम से कम एक साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए। उन्हें वह राज्य चुनना होगा जिसकी भाषा वे जानते हैं। राज्य के हिसाब से वैकेंसी का बंटवारा: असम: 85 पश्चिम बंगाल: 80 कर्नाटक: 78 गुजरात: 77 महाराष्ट्र: 67 तमिलनाडु: 51 तेलंगाना: 41 दूसरी वैकेंसी केंद्र शासित प्रदेशों और दूसरे राज्यों जैसे नॉर्थ-ईस्टर्न रीजन, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लिए हैं। सिलेक्शन प्रोसेस: ऑनलाइन रिटन एग्जाम एप्लीकेशन स्क्रीनिंग लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LPT) पर्सनल इंटरव्यू एप्लीकेशन फीस: SC, ST और PwBD: Rs 59 जनरल, OBC और EWS: Rs 1,180 रिटन एग्जाम: एग्जाम में 150 सवाल होंगे जो 150 मार्क्स के होंगे। एग्जाम में रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन और जनरल, बैंकिंग और इकोनॉमी अवेयरनेस होंगे। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि इस एग्जाम में गलत जवाबों के लिए नेगेटिव मार्किंग भी होगी। जो कैंडिडेट्स एग्जाम और लैंग्वेज असेसमेंट पास करेंगे और शॉर्टलिस्टेड लिस्ट में अपना नाम पाएंगे, उन्हें तय शर्तों के तहत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। फॉर्म सबमिट करने से पहले पक्का कर लें: आपने जो डिटेल्स भरी हैं, जैसे पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, चुना हुआ राज्य और लोकल भाषा, वे सही हैं।

राजस्थान खबरे 17 Aug 2026 2:27 pm

फर्रुखनगर में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का प्रदर्शन:लंबित मांगों पर जताई नाराजगी, समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) के आह्वान पर सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रांगण में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता बीईओ कार्यालय की असिस्टेंट कुसुम चौहान ने की। कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं का समाधान न होने पर विभाग के प्रति असंतोष व्यक्त किया। हेमसा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, संगठन ने फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारियों की मांगों को लेकर 11 फरवरी 2026 को शिक्षा सदन, पंचकूला में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद द्विपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें कुछ मांगों और समस्याओं का दो माह में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। जायज मांगों का शीघ्र समाधान कराने की मांग संगठन का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद इन मांगों का समाधान नहीं हुआ है और वार्ता के मिनट्स ऑफ मीटिंग भी जारी नहीं किए गए हैं। हेमसा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अरविंद चौहान ने बताया कि 11 अगस्त को विभाग के साथ दोबारा वार्ता बैठक हुई थी, लेकिन कर्मचारियों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। लंबे समय से मांगों का समाधान न होने के कारण फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ में नाराजगी है। चौहान ने कहा कि विभाग को कर्मचारियों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार आंदोलन के लिए मजबूर न होना पड़े। 25 को पंचकूला पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल उन्होंने जानकारी दी कि 12 अगस्त को हेमसा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विभाग द्वारा आश्वासनों का पालन न करने के विरोध में निर्णय लिया गया। इसके तहत, 25 अगस्त को राज्य कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सदन, पंचकूला पहुंचेगा। इस दौरान अधिकारी से मुलाकात कर मांगों और समस्याओं के शीघ्र निपटारे की मांग की जाएगी। यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ, तो संगठनात्मक स्तर पर आगामी आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह चौहान, लिपिक भंवरकौर, लिपिक चेतन, लिपिक अजय कुमार, जगदीश सहित अन्य महिला कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 2:26 pm

जमशेदपुर में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए बना जिला विद्या समीक्षा केंद्र, समस्याओं का तत्काल होगा निपटारा

पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'जिला विद्या समीक्षा केंद्र' का उद्घाटन किया गया है।

जागरण 17 Aug 2026 2:19 pm

राजस्थान जूनियर इंजीनियर भर्ती के लिए आवेदन स्टार्ट, जल्द करें अप्लाई

इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू कर दी गई है। ऐसे में जो भी युवा सरकारी इंजीनियर बनना चाहते हैं वे इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म भरने एवं फीस जमा करने की लास्ट डेट 14 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

खास खबर 17 Aug 2026 1:55 pm

लुधियाना सीटी यूनिवर्सिटी में 400 से अधिक प्रधानाचार्य जुटे:शिक्षा के भविष्य और करियर विकल्पों पर हुआ मंथन, 400 से अधिक शिक्षाविदों का हुआ महासंगम

सीटी यूनिवर्सिटी में एक भव्य प्रधानाचार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से 400 से अधिक प्रधानाचार्यों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानाचार्यों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना और विद्यालयों व उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों के भविष्य, नए करियर विकल्पों और उच्च शिक्षा की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 400 से अधिक प्रधानाचार्यों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में स्कूलों की भूमिका अहम सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में प्रधानाचार्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि विद्यालय स्तर पर ही छात्रों को सही दिशा और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे उच्च शिक्षा और एक बेहतर करियर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकते हैं। स्कूल और यूनिवर्सिटी मिलकर बनाएंगे 'शैक्षणिक सेतु' विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितिन टंडन ने सीटी यूनिवर्सिटी के 'विद्यालय संपर्क कार्यक्रम' की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के बीच एक मजबूत शैक्षणिक सेतु (Bridge) का निर्माण करना है। विद्यार्थियों को समय रहते उच्च शिक्षा के नए अवसरों, उद्योग-आधारित शिक्षा और बदलते वैश्विक शैक्षणिक वातावरण की जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। डॉ. टंडन ने आगे जोड़ा कि यदि स्कूल और यूनिवर्सिटी मिलकर काम करें, तो छात्रों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुनने में बहुत मदद मिलेगी। सीटी यूनिवर्सिटी स्कूलों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक संबंध मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। होटल मैनेजमेंट और ग्लोबल करियर की अपार संभावनाएं विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रमुख डॉ. आशीष रैना ने इस दौरान होटल मैनेजमेंट और आतिथ्य (Hospitality) के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आतिथ्य क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। होटल मैनेजमेंट की आधुनिक पढ़ाई विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के शानदार अवसर प्रदान करती है। नवाचार और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान सीटी यूनिवर्सिटी के विभिन्न स्कूलों और शैक्षणिक विभागों द्वारा विद्यार्थियों के लाइव प्रोजेक्ट्स, नवाचारों (Innovations) और विविध शैक्षणिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में आए प्रधानाचार्यों ने यूनिवर्सिटी में चल रहे व्यावहारिक, नवाचार-आधारित और बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षण कार्यक्रमों की सराहना की और इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। कुलाधिपति का संदेश: केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है शिक्षा सीटी यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने उपस्थित प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल चारदीवारी या कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोनों स्तरों के शिक्षण संस्थानों के बीच और अधिक मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और बेहतर अवसर देने के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने ऐसे सम्मेलनों को शिक्षा के भविष्य के लिए एक साझा सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। यह सफल सम्मेलन सहयोग, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित (Student-Centric) शिक्षा को बढ़ावा देने के एक मजबूत संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 1:30 pm

Haryana HC Clerk Admit Card: हरियाणा हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती का प्रवेश पत्र जारी, 24 अगस्त से सीबीटी परीक्षा

Haryana High Court Clerk Admit Card 2026: हरियाणा हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड 17 अगस्त को जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार sssc.gov.in से रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि के जरिए हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

अमर उजाला 17 Aug 2026 12:33 pm

Delhi Master Plan 2047: नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हब; स्कूल से स्टार्टअप तक जुड़ेंगी शिक्षा की कड़ियां

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षा को सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक सीमित रखने के बजाय बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और नए बिजनेस तक जोड़ने की योजना है।नए प्लान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अधिक निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है।मास्टर प्लान के अनुसार, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए शिक्षा समेत दूसरी जरूरी सामाजिक सुविधाओं के लिए अभी से जमीन और बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।इसी दिशा में नरेला में करीब 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और नए कारोबार से जुड़े संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आने वाले समय में दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।शिक्षा के हर स्तर को एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारीमास्टर प्लान में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर कॉलेज, उच्च शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार तक का रास्ता आसान हो सके। इसके लिए शुरुआती शिक्षा केंद्रों और स्कूलों से लेकर आवासीय व विशेष स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक की सुविधाओं को एक व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।इसके अलावा रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर, ITI, पॉलीटेक्निक, स्किल ट्रेनिंग सेंटर, मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग संस्थान, होटल मैनेजमेंट संस्थान और कोचिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ जरूरी कौशल देने और आगे बेहतर रोजगार व करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।पढ़ाई के साथ-साथ खेल और दूसरी गतिविधियों पर जोरइस प्लान के तहत स्कूलों में अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल, कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। इसी वजह से स्कूलों में पर्याप्त स्थान की व्यवस्था के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, स्कूल के कुल अनुमत निर्माण क्षेत्र का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा खेल और अन्य गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्विमिंग पूल, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी छूट दी जाएगी। इन सुविधाओं के लिए अधिकतम 150 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र तय निर्माण सीमा से अलग रखा जा सकेगा।स्कूलों के लिए जमीन और FAR के नए मानकमास्टर प्लान में स्कूलों के स्तर के अनुसार जमीन, निर्माण और सड़क की चौड़ाई के मानक तय किए गए हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्र के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर जमीन, अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर रखी गई है। कक्षा छह तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क कम से कम 18 मीटर चौड़ी होनी चाहिए और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर होगी। कक्षा 12 तक के स्कूल के लिए न्यूनतम 4,000 वर्गमीटर जमीन, 40% तक निर्माण और 180 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। इस श्रेणी के भवनों के लिए अधिकतम ऊंचाई की अलग सीमा तय नहीं की गई है। दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्रजो स्पेशल चाइल्ड बच्चे हैं (दिव्यांग) उनके लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे विशेष स्कूलों के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन की जरूरत होगी, जबकि अधिकतम 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण की अनुमति होगी। यहां 120 FAR रखा गया है। इन स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तय की गई है।इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल की सुविधाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, नई हो या पहले से बनी स्कूल की इमारत, सभी में दिव्यांगजन अधिकार कानून के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए आवासीय स्कूल शुरू करने का विकल्प भी मास्टर प्लान में रखा गया है।कॉलेज और शोध संस्थानों को ज्यादा निर्माण क्षमतामास्टर प्लान में कॉलेजों, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ज्यादा निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कम से कम 1,000 वर्गमीटर जमीन या संबंधित मान्यता देने वाली संस्था के तय मानकों में से जो भी ज्यादा होगा, उसे आधार माना जाएगा।इन परिसरों में अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी और 225 FAR तय किया गया है। संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर रखी गई है।वहीं, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कैंपस में लाइब्रेरी, लैब, वर्कशॉप, खेल मैदान, इंडोर गेम्स की सुविधा, ऑडिटोरियम और हॉस्टल बनाए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर छात्रों और जरूरी स्टाफ के लिए कैंपस के अंदर ही रहने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल और हरियाली पर भी जोरविश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्रों के लिए अधिकतम 225 FAR का प्रावधान है। इनके लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 24 मीटर होगी और जमीन का आकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार तय किया जाएगा।छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर माहौल और दूसरी गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर की कुल जमीन का 15 फीसदी हिस्सा खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रखना होगा। इसके अलावा, 15 फीसदी जमीन पर पार्क और हरियाली विकसित करना जरूरी होगा। यानी बड़े शैक्षणिक परिसरों में पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और खुले वातावरण के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी।नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हबनरेला में करीब 138 हेक्टेयर जमीन पर एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद शिक्षा को रिसर्च, कौशल विकास, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ना है। इस केंद्र में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों को भी स्थापित होने की जगह मिल सकेगी।यह भी पढ़ें:West Bengal Hotel Fire: बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 की मौत, कई घायल

ज़ी न्यूज़ 17 Aug 2026 11:05 am

शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण, शिक्षा ऋण लेना छात्रों के लिए एक सामान्य विकल्प बन गया है। इस लेख में, हम शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। जानें कि आपको क्या दस्तावेज चाहिए और कैसे आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

नौकरी नामा 17 Aug 2026 11:01 am

सोनीपत में खुले निजी स्कूल, छुट्टी के आदेश बेअसर:स्वतंत्रता दिवस के चलते दिया था अवकाश; शिक्षा विभाग की निगरानी पर उठे सवाल

सोनीपत स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत जिले के कई निजी स्कूल खुले नजर आए। सुबह के समय सड़कों पर स्कूली बच्चों की आवाजाही दिखाई दी। शहर के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में तो छोटे-छोटे बच्चे पीठ पर भारी-भरकम बैग लादकर स्कूल में प्रवेश करते हुए नजर आए। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से जारी अवकाश के आदेशों की पालना को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि जिला उपायुक्त नेहा सिंह की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलों में आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आदेश के बावजूद खुले निजी स्कूल स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा विभाग को आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत शहर में कई निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाया। इससे साफ है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कुछ स्कूल संचालक अपने स्तर पर स्कूल संचालित कर रहे हैं। शिवा शिक्षा सदन में बैग लेकर पहुंचे बच्चे सोनीपत के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में सोमवार सुबह छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुंचते दिखाई दिए। बच्चों की पीठ पर भारी-भरकम स्कूल बैग थे और वे स्कूल परिसर में प्रवेश कर रहे थे। छुट्टी के सरकारी आदेश के बावजूद स्कूल में बच्चों को बुलाए जाने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल बंद रखने से जुड़े सरकारी या प्रशासनिक आदेशों की पालना को लेकर सवाल उठे हों। इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आदेशों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। प्रशासन के आदेशों की पालना पर सवाल जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में अवकाश के आदेशों की पालना करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्कूल खुले मिलना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती है। यदि आदेश जारी होने के बाद भी निजी स्कूलों में कक्षाएं लगती हैं तो संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और कार्रवाई की व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश समाजसेवी एवं एडवोकेट देवेंद्र गौतम ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश की जानकारी देखी थी। उनके अनुसार 15 अगस्त की छुट्टी के एवज में 17 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया था। छुट्टी को लेकर भी उठाए सवाल देवेंद्र गौतम ने कहा कि 16 अगस्त को रविवार था और ऐसे में 17 अगस्त को अलग से छुट्टी करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का स्तर लगातार गिर रहा है और बार-बार इस प्रकार की छुट्टियां करने से पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और पढ़ाई के दिनों को लेकर गंभीरता से विचार करने की बात कही। आदेशों की पालना जरूरी सरकारी आदेशों के बावजूद निजी स्कूलों के खुले रहने का मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है या नहीं और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 9:37 am

CERT-In: वैज्ञानिक-बी पदों पर आवेदन की आज आखिरी तारीख, बिना अनुभव वालों के लिए शानदार मौका, तुरंत भरें फॉर्म

CERT-In Scientist B Recruitment 2026: सीईआरटी-आईएन में वैज्ञानिक-बी के 133 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन का आज 17 अगस्त 2026 को आखिरी मौका है। भर्ती में कार्य अनुभव अनिवार्य नहीं है।

अमर उजाला 17 Aug 2026 9:19 am

Kangra News: 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने पर भड़का शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ

स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश सरकार द्वारा 100 और सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा का हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है।

अमर उजाला 17 Aug 2026 8:22 am

MP High Court Vacancy: क्या आप ग्रेजुएट हैं? एमपी हाईकोर्ट में निकली सहायक ग्रेड-3 की भर्ती; आज से आवेदन शुरू

MP High Court Assistant Grade-3 Recruitment 2026: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी पाने का यह अच्छा मौका है।

अमर उजाला 17 Aug 2026 6:00 am

शिक्षा संजीवनी अभियान में शिक्षक संगठनों का सहयोग, डेस्क-बेंच के लिए स्वेच्छा निधि

भास्कर संवाददाता | बैतूल जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे शिक्षा संजीवनी अभियान को शिक्षक संगठनों का भी सहयोग मिलेगा। कलेक्टर कार्यालय में नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे से विभिन्न शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्षों ने मुलाकात कर अभियान में स्वेच्छा से सहयोग देने का संकल्प लिया। संगठनों ने प्राथमिक स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के लिए अपनी स्वेच्छा निधि से अनुदान देने की बात कही। अजाक्स संघ के जिलाध्यक्ष दशरथ धुर्वे ने बताया सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षक संगठन अपनी क्षमता के अनुसार अभियान में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा ग्रामीण और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के स्कूलों में बैठक व्यवस्था बेहतर होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षक संगठनों की पहल की सराहना करते हुए कहा अभियान के तहत कमजोर शैक्षणिक सुविधाओं वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन स्तर से भी अधिक से अधिक स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। अभियान में शिक्षकों के प्रशिक्षण, लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 5:30 am

Gorakhpur News: गोरखपुर मंडल के 75 उत्कृष्ट शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक होंगे सम्मानित

75 outstanding teachers, Shiksha Mitras, and instructors from the Gorakhpur division will be felicitated.

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:37 am

Moradabad News: शिक्षा व स्वास्थ्य की अलख जगा रहीं शहर की महिलाएं

शिक्षा व स्वास्थ्य की अलख जगा रहीं शहर की महिलाएं

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:27 am

Kanpur News: आउटसोर्सिंग कर्मियों को उच्च शिक्षा में मिलेगी 50 फीसदी छूट

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने अपने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग आसान बनाते हुए बड़ी घोषणा की है।

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:27 am

Delh: मास्टर प्लान-2047 में खींचा गया है शिक्षा का नया खाका, पढ़ाई से रोजगार तक जुड़ेगी पूरी व्यवस्था

दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का व्यापक खाका तैयार किया गया है।

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:09 am

शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी : सुरेंद्र सिंह

Promoting innovation in education is essential: Surendra Singh

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:08 am

Kurukshetra News: अतिथि अध्यापक 23 को करेंगे शिक्षामंत्री कार्यालय का घेराव

अतिथि अध्यापक 23 को करेंगे शिक्षामंत्री कार्यालय का घेराव

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:03 am

Udham Singh Nagar News: बुद्ध की शिक्षा को जीवन में आत्मसात करने पर दिया बल

बुद्ध की शिक्षा को जीवन में आत्मसात करने पर दिया बल

अमर उजाला 17 Aug 2026 2:02 am

Dehradun News: टीईटी मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात करेंगे सीएम धामी

राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी के इस मसले पर आदेश के बाद मुख्यमंत्री धामी से मिले।

अमर उजाला 17 Aug 2026 1:43 am

Auraiya News: ध्वजारोहण के नियमों पर बीईओ और शिक्षामित्र में झड़प, वीडियो वायरल

ध्वजारोहण के नियमों पर बीईओ और शिक्षामित्र में झड़प, वीडियो वायरल

अमर उजाला 17 Aug 2026 1:42 am

शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान का आह्वान:छात्र-युवा संसद को लेकर बनाई रणनीति, दरभंगा में भाकपा माले का मंथन

दरभंगा में भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक रविवार को लहेरियासराय स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में हुई। 20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली छात्र-युवा संसद की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पार्टी नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनसरोकारों के मुद्दों को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाने और छात्र-युवा संसद को बड़ी भागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। इसके बाद दिवंगत साथियों की स्मृति में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में खेग्रामस एवं किसान महासभा के सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने, कमेटियों और शाखाओं के विस्तार, पार्टी पत्रिका ‘लोकयुद्ध’ की वार्षिक सदस्यता बढ़ाने और फंड संग्रह अभियान को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, मधुबनी जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण एवं समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने पर्यवेक्षण किया। 'सरकार का रवैया गरीब विरोधी है' मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि छात्र-युवाओं के आंदोलन के बाद दलित-गरीबों का राज्यव्यापी अनशन-सत्याग्रह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर राज के खिलाफ पीपी एक्ट 1947 के तहत गरीबों के वास-आवास का सवाल महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। आंदोलन के दबाव में सरकार ने बासगीत पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन सरकार का रवैया गरीब विरोधी है। डेढ़ डिसमिल जमीन में गरीब परिवार अपना घर बनाने के साथ मवेशियों को कहां रखेंगे। सरकार 5 डिसमिल जमीन देने के वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि हर भूमिहीन परिवार को जमीन और पहले से सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने मिथिला में सूखे की स्थिति और पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की। 'दलित-वंचित समुदायों पर बढ़ते हमलों की भी निंदा की' बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के सवाल पर चल रहे आंदोलनों के प्रति एकजुटता जताई गई। संगठन ने सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था बेहतर बनाने को भी प्रमुख मुद्दा बनाने का निर्णय लिया। साथ ही 20 अगस्त को मिथिला विश्वविद्यालय में होने वाली छात्र-युवा संसद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में दलित-वंचित समुदायों पर बढ़ते हमलों की भी निंदा की गई। बैठक में बंदना सिंह, गंगा मंडल, सत्यनारायण पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, श्याम पंडित, विशंभर कामत, ललन कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत राम, ललन पासवान, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, शनिश्चरी देवी, लोकेश राज सहित दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिले के कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 8:41 pm

शिक्षा के लिए केंद्र सरकार का बड़ा संबल: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर खुला आवेदनों का द्वार

देशभर के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और स्कूली पढ़ाई को बिना किसी वित्तीय रुकावट के जारी रखने का शानदार अवसर सामने आया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एकीकृत प्लेटफॉर्म 'नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल' (National Scholarship Portal - NSP) पर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, यूजीसी (UGC), एआईसीटीई (AICTE) और राज्य सरकारों की दर्जनों छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।कक्षा 9वीं और 10वीं के प्री-मैट्रिक विद्यार्थियों से लेकर 11वीं-12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), मेडिकल, इंजीनियरिंग और पीएचडी स्तर के शोधार्थियों तक के लिए स्कॉलरशिप के दरवाजे खुले हैं। पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि अधिकांश पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा योजनाओं के लिए 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सरल और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए बायोमेट्रिक व फेस-ऑथेंटिकेशन आधारित 'वन-टाइम रजिस्ट्रेशन' (OTR) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।31 अक्टूबर तक का समय: प्रमुख तिथियां और वेरिफिकेशन का टाइमलाइनछात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद पोर्टल स्वचालित रूप से बंद हो जाता है:छात्रों द्वारा ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026 (पोस्ट-मैट्रिक, कॉलेज/यूनिवर्सिटी और टॉप क्लास स्कीम्स के लिए)।दोषपूर्ण आवेदनों (Defective Applications) के सुधार की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026।शिक्षण संस्थान स्तर पर सत्यापन (Institute Verification): 15 नवंबर 2026 तक।जिला/राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी सत्यापन (DNO/SNO/L2 Verification): 30 नवंबर 2026 तक।OTR (One Time Registration) हुआ अनिवार्य: फेस-ऑथेंटिकेशन से बनेगी 14 अंकों की परमानेंट आईडीNSP पोर्टल पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने से पहले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना अनिवार्य है। यह एक 14-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर होता है, जो छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवनकाल (Academic Career) के लिए मान्य रहता है।ओटीआर रजिस्ट्रेशन की मुख्य प्रक्रिया:आधार/ईआईडी सत्यापन: विद्यार्थी अपने आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट आईडी (EID) के जरिए ओटीआर पोर्टल पर पंजीकरण शुरू करेंगे। यदि छात्र नाबालिग (Minor) है और उसके पास आधार नहीं है, तो अभिभावक के आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है।NSP OTR और Face RD ऐप: ओटीआर जनरेट करने के लिए छात्रों को गूगल प्ले स्टोर से 'NSP OTR App' और यूआईडीएआई का 'Aadhaar Face RD App' डाउनलोड करना होगा।लाइव फेस-ऑथेंटिकेशन: मोबाइल कैमरे के सामने लाइव फेस ऑथेंटिकेशन पूरा होते ही सिस्टम द्वारा एक परमानेंट OTR नंबर और पासवर्ड छात्र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है।सिंगल आईडी से सभी लाभ: एक बार ओटीआर बनने के बाद छात्र हर साल बिना बार-बार बेसिक डिटेल भरे उसी आईडी से सीधे छात्रवृत्ति के लिए अप्लाई या रिन्यू कर सकते हैं।मंत्रालयों और प्रमुख स्कॉलरशिप योजनाओं की लिस्ट: स्कूल से लेकर रिसर्च तक अवसरनेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर भारत सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्रालयों की सैकड़ों योजनाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं:उच्च शिक्षा विभाग (Ministry of Education):PM-USP (केंद्रीय क्षेत्र की छात्रवृत्ति योजना - CSSS): 12वीं कक्षा में संबंधित बोर्ड के टॉप 20th परसेंटाइल में आने वाले मेधावी कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए ₹12,000 से ₹20,000 सालाना की सहायता।पीएम-यूएसपी विशेष छात्रवृत्ति योजना (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छात्रों के लिए)।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice):पीएम यशस्वी (PM YASASVI) योजना: ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) श्रेणी के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप-क्लास स्कूल शिक्षा छात्रवृत्ति।अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम।जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs):एसटी (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और फेलोशिप (National Fellowship & Scholarship)।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD):40% या अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप।अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE):प्रगति स्कॉलरशिप (Pragati Scheme): तकनीकी डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं के लिए प्रति वर्ष ₹50,000 की वित्तीय सहायता।सक्षम एवं स्वनाथ स्कॉलरशिप (Saksham & Swanath): दिव्यांग छात्रों और अनाथ/शहीद परिवारों के बच्चों के लिए विशेष तकनीकी शिक्षा सहायता।गृह मंत्रालय व रेल मंत्रालय:सीएपीएफ (CAPF), असम राइफल्स, रेलवे और नक्सल/आतंकी हमलों में शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए 'प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम' (PMSS)।पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria): कौन-कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन?यद्यपि प्रत्येक योजना के विस्तृत पात्रता नियम अलग-अलग हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रीय योजनाओं के लिए बुनियादी शर्तें इस प्रकार हैं:नागरिकता व शैक्षणिक स्थिति: आवेदक भारत का मूल नागरिक होना चाहिए और यूजीसी/एआईसीटीई/सीबीएसई या राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में नियमित (Regular) रूप से नामांकित होना चाहिए।शैक्षणिक योग्यता: पिछली अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा (जैसे 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन) में न्यूनतम 50% से 60% अंक (योजना के अनुसार) होना आवश्यक है।पारिवारिक आय सीमा (Annual Income):अधिकांश पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स योजनाओं के लिए माता-पिता की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।पीएम-यूएसपी (CSSS) और टॉप क्लास कॉलेज योजनाओं के लिए पारिवारिक आय की ऊपरी सीमा ₹4.50 लाख से ₹8.00 लाख प्रति वर्ष तक हो सकती है।सिंगल मेरिट स्कीम नियम: नए नियमों (AY 2026-27) के तहत एक छात्र एक समय में केवल एक 'मेरिट-बेस्ड' स्कॉलरशिप और आवश्यकतानुसार एक या अधिक 'वेलफेयर-बेस्ड' इंसेंटिव का लाभ ले सकता है।आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग: बैंक खाते में सीधे DBT से आएगी छात्रवृत्तिस्कॉलरशिप का पैसा सुरक्षित और बिना किसी बिचौलिए के सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (APBS) का उपयोग किया जाता है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र का बैंक खाता केवल आधार कार्ड से लिंक (Link) होना ही काफी नहीं है, बल्कि वह भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के सर्वर पर 'एनपीसीआई आधार सीडेड' (NPCI Aadhaar Seeded / Mapped) होना अनिवार्य है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने छात्रों की सुविधा के लिए 'भारत आधार सीडिंग इनेबलर' (BASE) प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जिसके जरिए छात्र घर बैठे अपने बैंक खाते की सीडिंग स्थिति जांच सकते हैं या नजदीकी बैंक शाखा व कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर इसे एक्टिवेट करवा सकते हैं। खाता माइनर (संयुक्त) होने के बजाय छात्र के अपने नाम का सक्रिय (Active) एकल बचत खाता होना चाहिए।ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्टफॉर्म भरने से पहले विद्यार्थी निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रतियां (स्कैन कॉपी) तैयार रखें:छात्र का आधार कार्ड या आधार एनरोलमेंट स्लिप (EID)।आधार से लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए)।पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ।पिछली कक्षा की अंकतालिका (Marksheet)।सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/EBC - यदि लागू हो)।मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।वर्तमान कॉलेज/स्कूल की फीस रसीद और बोनाफाइड छात्र प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate)।दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate - यदि लागू हो)।बैंक पासबुक की प्रति (खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट दिखने चाहिए)।NSP Scholarship 2026 के लिए स्टेप-बाय-स्टेप कैसे करें आवेदन?छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन और निःशुल्क है:स्टेप 1 (पोर्टल पर जाएं): सबसे पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं।स्टेप 2 (OTR जनरेट करें): होमपेज पर 'Apply for One Time Registration (OTR)' पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर डालें, ओटीपी सत्यापित करें और आधार ई-केवाईसी व फेस आरडी ऐप से फेस-ऑथेंटिकेशन पूरा करके अपना 14 अंकों का OTR नंबर प्राप्त करें।स्टेप 3 (लॉगिन करें): OTR आईडी और पासवर्ड की मदद से स्टूडेंट डैशबोर्ड में लॉगिन करें।स्टेप 4 (योजना का चयन): अपनी शैक्षणिक योग्यता, वर्ग और आय के आधार पर पोर्टल पर प्रदर्शित 'Eligible Schemes' की सूची में से संबंधित स्कॉलरशिप स्कीम का चयन करें।स्टेप 5 (विवरण भरें व दस्तावेज अपलोड करें): शैक्षणिक रिकॉर्ड, कॉलेज रोल नंबर, फीस विवरण भरें और मांगे गए आवश्यक प्रमाण पत्रों को अपलोड करें।स्टेप 6 (फाइनल सबमिट व प्रिंट): भरे हुए फॉर्म को दोबारा जांचें और 'Final Submit' करें। आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी का प्रिंटआउट निकालकर अपने संस्थान (स्कूल/कॉलेज) के स्कॉलरशिप नोडल अधिकारी के पास सत्यापन के लिए तुरंत जमा करें।आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें: फॉर्म रिजेक्शन से बचने के टिप्सअक्सर छोटी-मोटी मानवीय भूलों के कारण छात्रों का स्कॉलरशिप फॉर्म रिजेक्ट या डिफेक्टिव हो जाता है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतें:डेटा मिसमैच से बचें: छात्र का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड में 100% एक समान (स्पेलिंग सहित) होना चाहिए।संस्थान सत्यापन सुनिश्चित करें: फॉर्म ऑनलाइन जमा करने के बाद अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि वे 15 नवंबर से पहले आपके आवेदन को पोर्टल पर 'Approved' मार्क कर दें।फर्जी बैंक विवरण न दें: बंद पड़े खाते या जनधन खाते की लिमिट के कारण कई बार राशि अटक जाती है। हमेशा एक्टिव सेविंग्स अकाउंट ही दर्ज करें।नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल केंद्र सरकार की एक अत्यंत कल्याणकारी पहल है जो प्रतिभा को धन के अभाव में दबने नहीं देती। इच्छुक और पात्र विद्यार्थी अंतिम दिनों की सर्वर व्यस्तता से बचने के लिए 31 अक्टूबर 2026 से काफी पहले अपना OTR और ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें। किसी भी सहायता या प्रश्न के लिए विद्यार्थी राष्ट्रीय हेल्पलाइन 0120-6619540 या आधिकारिक ईमेल helpdesk@nsp.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 8:28 pm

'बड़े इरादों से ही खड़े होते हैं बड़े संस्थान':युवाओं को बताया शिक्षा का महत्व; बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर की चर्चा

जयपुर में एम. डी. चोपदार ने कहा- बड़े इरादों से ही बड़े संस्थान खड़े होते हैं। उन्होंने कहा- करीब दो साल पहले रखे गए विचार को रविवार को जयपुर में एक संस्थान के रूप में साकार किया गया है। HKZ IAS RAS Academy का रविवार को शुभारंभ संतों के सान्निध्य, शिक्षाविदों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों की मौजूदगी में हुआ। कार्यक्रम के साथ ही जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में पहल की शुरुआत हुई। वहीं वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में पीर सैय्यद गुलाम हुसैन जिलानी और कृष्ण दास महाराज, आमीन खान मौजूद रहे। 300 विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था एम. डी. चोपदार ने बताया- एकेडमी में 300 सीटों का प्लान तैयार किया गया है। इसमें 150 लड़कियों और 150 लड़कों के अलग-अलग बैच से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यार्थियों को देशभर के प्रसिद्ध शिक्षकों एवं प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की व्यवस्था की गई है। एकेडमी में इन-हाउस लाइब्रेरी की सुविधा के साथ शिक्षकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यक्रम में पूर्व आईएएस ललित मेहरा, पूर्व आईएएस जाकिर हुसैन, एडिशनल एसपी अमजद अली खान, पूर्व आरएएस फतेह मोहम्मद खान, पूर्व आरएएस मुकर्रम शाह, प्रोफेसर महमूद अली खान आदि लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 7:46 pm

पूर्व विधायक रामकरण कसाना की 99वीं जयंती मनी:देवनारायण मंदिर पुतली में हुआ जयंती समारोह, महिला शिक्षा और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन

कोटपूतली में किसान केसरी' के नाम से विख्यात भूतपूर्व विधायक स्वर्गीय रामकरण सिंह कसाना की 99वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। यह आयोजन श्री देवनारायण गुर्जर समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में देवनारायण मंदिर, पुतली में हुआ। इस मौके पर सर्वसमाज के लोगों ने उनके सामाजिक योगदान, किसान हितों और राजनीतिक जागृति के प्रयासों को याद किया। किसानों के हित में किए उल्लेखनीय कार्य: रामस्वरूप कसाना पूर्व संसदीय सचिव एवं विधायक रामस्वरूप कसाना ने कहा कि रामकरण सिंह कसाना ने सामाजिक सुधार और किसानों के हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। विरोधियों को भी साथ लेकर चलते थे कसाना: रामचंद्र रावत पूर्व विधायक रामचंद्र रावत ने रामकरण सिंह कसाना के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए बताया कि वे चुनाव के बाद भी राजनीतिक विरोधियों को गले लगाकर सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनका व्यक्तित्व आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक था। बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत: मंजू रावत मंजू रावत ने महिला शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। संस्कृति और विरासत से जुड़ने का आह्वान जीकैप के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान के अध्यक्ष पी.डी. गुर्जर तथा वरिष्ठ आरएएस अधिकारी महाराम गुर्जर ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, विरासत और सामाजिक इतिहास से जुड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संस्थागत विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। ये रहे मौजूद इस जयंती समारोह में कैलाश दास, रामनिवास यादव, हंसराज कसाना, रोहिताश्व किसान नेता, दाताराम गिरदावर, रामावतार मेडिकल, रामावतार कसाना (प्रिंसिपल), मास्टर बाबूलाल कसाना, हंसराज रावत पनियाला, ओमप्रकाश जांगल, ख्यालीराम सरपंच, लालचंद कसाना डेलीगेट, जयराम कसाना पुतली, बरफा पुतली, गिरिराज मेडिकल, एडवोकेट रामसिंह, बाबूलाल कंपाउंडर, दारा पुतली, विनोद अवाना, एडवोकेट राधेश्याम, रणवीर रावत, नरेंद्र रावत, रामोतार खटाना, बुधराम कसाना, रामनिवास राहेड़ा, विजेंदर रावत, विक्रम घांघल, इंद्राज कसाना सुंदरपुरा, मंदिर प्रबंधन समिति अध्यक्ष पन्ना लाल कसाना, कमलेश छावड़ी, हर सहाय छावड़ी, राजीव कसाना, रोहिताश पंच, प्रकाश पंच, रोशन लाल कसाना, मुंशी कसाना, पायलट राजेश कसाना, जगमाल कसाना, पूरण कसाना, हवासिंह कसाना, प्रकाश कसाना, महावीर कसाना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सर्वसमाज के लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 7:29 pm

यमुनानगर में अभिभावकों का निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन:'एक देश-एक किताब-एक समान फीस' की उठाई मांग; बोले-शिक्षा अधिकार, आर्थिक बोझ नहीं

यमुनानगर में प्राइवेट स्कूलों पर बढ़ती फीस, किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने मॉडल टाउन स्थित नेहरू पार्क के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। “एक देश-एक किताब-एक समान फीस” अभियान के तहत किए गए प्रदर्शन में अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और किताबों समेत अन्य खर्चों के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग नहीं होनी चाहिएं। फीस और किताबों के खर्च पर उठाए सवाल अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूलों में फीस के अलावा किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य मदों में होने वाले खर्च से परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर शिक्षा सभी बच्चों का समान अधिकार है तो आर्थिक स्थिति के आधार पर उसकी पहुंच अलग-अलग क्यों हो रही है। संजीव नंदा, संजय राघव, जय राम सैनी, अंकुश बख्शी, नीरज कुमार, सुशील बत्रा ने निजी स्कूलों की फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबों के नाम पर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए और “एक देश-एक किताब-एक समान फीस” जैसी व्यवस्था पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। बोले- किसी संस्था के खिलाफ नहीं आंदोलन अभिभावकों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने “शिक्षा अधिकार है-व्यापार नहीं”, “एक देश-एक किताब”, “एक समान फीस-हर बच्चे का अधिकार” और “गरीब हो या अमीर-शिक्षा मिले सबको समान” जैसे नारे लगाए।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 7:15 pm

गोपालगंज में अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि:शिक्षा मंत्री और विधायक पहुंचे; प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, लगाए ‘अमर रहें’ के नारे

गोपालगंज में भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि मनाई गई। शहर के अरार मोड़ स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और सदर विधायक सुभाष सिंह सहित कई छोटे-बड़े भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया और उनके प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थेमाल्यार्पण के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे। उनकी भाषण शैली, दूरदर्शिता और विपक्ष का सम्मान करने की कला उन्हें अद्वितीय बनाती थी। उन्होंने देश में सुशासन की नींव रखी और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसलों से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उनके विचार आज भी प्रेरणास्रोतमिथिलेश तिवारी और सुभाष सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि अटल जी के आदर्श और उनके विचार आज भी हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। इस अवसर पर अरार मोड़ का पूरा परिसर 'अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल जी के पदचिन्हों पर चलने और उनके सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 5:28 pm

रायसेन में रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती मनाई:शहर में 10 से 12 जगहों पर हुए कार्यक्रम, एकता और शिक्षा का संदेश दिया

रायसेन में रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती मनाई गई। जिला मुख्यालय स्थित रानी अवंतीबाई लोधी परिसर में समाजजनों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। रायसेन ब्लॉक में जयंती के उपलक्ष्य में करीब 10 से 12 स्थानों पर कार्यक्रम हुए। इनमें रानी अवंतीबाई के त्याग, शौर्य और बलिदान को याद किया गया। आलोक संघ के प्रदेश सचिव रघुवीर सिंह भदौरिया ने समाज को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नवोदय कोचिंग क्लासेज, ‘छू लो आसमान, किसने रोका है’ अभियान और नीट की तैयारी से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। समाज की एकता पर दिया संदेश जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश लोधी ने समाज से जुड़े विषयों और सामाजिक हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला प्रवक्ता डॉ. कुबेर लोधी ने अशोकनगर जिले की चंदेरी तहसील के महोली चौराहे पर रानी अवंतीबाई की प्रतिमा हटाए जाने और बाद में पुनर्स्थापना के घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि एकजुटता से ही समाज मजबूत होता है। जयघोष के साथ दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान लोगों ने रानी अवंतीबाई को श्रद्धांजलि दी। ‘जय लोधेश्वर’, ‘वीरांगना रानी अवंतीबाई अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। कार्यक्रम का समापन नगर अध्यक्ष द्वारा समाजजनों का आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस दौरान प्रसाद के रूप में बूंदी और गुलाब जामुन वितरित किए गए। मुख्य कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश लोधी, आलोक संघ के रघुवीर सिंह भदौरिया, प्रदेश महासचिव महिला मोर्चा लीला लोधी, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष रामवती लोधी, नगर अध्यक्ष गोविंद लोधी, उपाध्यक्ष जमुना प्रसाद लोधी, पूर्व नगर अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह लोधी और जिला प्रवक्ता डॉ. कुबेर लोधी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 5:19 pm

शिक्षा निदेशालय में 1 करोड़ का भवन बेकार:7 साल से अधूरा मीटिंग हॉल, दीवारों पर दीमक चढ़ी, खिड़कियों के कांच टूटे

बीकानेर के शिक्षा निदेशालय में करीब 1 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी मीटिंग हॉल 7 साल से अधूरा पड़ा है। भवन का स्ट्रक्चर करीब 4 साल पहले तैयार हो चुका, लेकिन फर्नीचर तक नहीं लगाया गया। इस्तेमाल शुरू होने से पहले ही दीमक ने स्टेयर, दीवारों और टॉयलेट को नुकसान पहुंचा दिया, जबकि खिड़कियों के कांच भी टूट चुके हैं। खास बात यह है कि यह भवन निदेशालय परिसर में अधिकारियों की सीट से महज 100 मीटर दूर है, फिर भी इसे पूरा कराने की सुध नहीं ली गई। तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी ने 20 लाख की मांग के बजाय 50 लाख रुपए विधायक कोटे से दिए थे। अब करीब एक करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भवन को उपयोग में लाने की जगह उसके खंडहर बनने का खतरा है। सात साल पहले शुरू हुआ काम, करीब एक करोड़ रुपए खर्चबीकानेर के शिक्षा निदेशालय परिसर में अधिकारियों की बैठकों के लिए मीटिंग हॉल बनाने का काम करीब सात साल पहले शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत तत्कालीन शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल के प्रयासों से हुई। उन्होंने तत्कालीन भाजपा विधायक गोपाल कृष्ण जोशी से विधायक कोटे से 10 से 20 लाख रुपए देने का आग्रह किया था। प्रोजेक्ट को बेहतर मानते हुए जोशी ने 20 लाख की जगह 50 लाख रुपए दिए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बजट देने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद डिडेल का ट्रांसफर हो गया और भवन निर्माण की जिम्मेदारी PWD को मिल गई। करीब चार साल पहले भवन का स्ट्रक्चर तैयार हो गया और अब तक करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया गया था हॉल हॉल का निर्माण आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया था। इसमें स्टेयर बनाई गई थी, ताकि पीछे बैठने वाले लोग भी मंच पर मौजूद व्यक्ति को आसानी से देख सकें। हर चेयर के आगे माइक लगाने की व्यवस्था की गई थी। टॉयलेट और अन्य कमरे भी बनाए गए हैं। तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी ने 50 लाख रुपए देने के साथ हर सीट पर माइक सिस्टम लगाने के लिए भी कहा था। यानी भवन को इस तरह तैयार किया गया था कि इसमें अधिकारियों की नियमित बैठकों के साथ बड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मंत्री या मुख्यमंत्री के कार्यक्रम भी हो सकें। चार साल से स्ट्रक्चर तैयार, फर्नीचर का इंतजारभवन का स्ट्रक्चर तैयार होने के करीब चार साल बाद भी इसमें फर्नीचर तक नहीं लगाया जा सका है। मुख्य रूप से अब फर्नीचर का काम बाकी है। फर्नीचर लगने के बाद हॉल का उपयोग शुरू किया जा सकता है। लेकिन जिस जगह टेबल-कुर्सियां लगनी थीं और अधिकारियों की बैठकें होनी थीं, वहां लंबे समय से काम बंद पड़ा है। इस दौरान खिड़कियों के कांच टूट चुके हैं। स्टेयर, दीवारों और टॉयलेट में दीमक लग चुकी है। यानी जिस हॉल को बैठकों के लिए तैयार किया गया था, वह उपयोग शुरू होने से पहले ही खराब होने लगा है। निदेशालय के अपने परिसर में बना भवन, फिर भी नहीं हुआ पूरायह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भवन शिक्षा निदेशालय के अपने परिसर में है। अधिकारियों की सीट से महज करीब 100 मीटर दूर होने के बावजूद सात साल में इसका काम पूरा नहीं हो पाया। हाल ही में रिटायर हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट करीब दो साल तक निदेशालय में रहे, लेकिन इस दौरान भी भवन को पूरा करवाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। सवाल है कि जब भवन का अधिकांश काम पूरा हो चुका था तो चार साल से फर्नीचर क्यों नहीं लगाया गया? निर्माण के दौरान और उसके बाद भवन की निगरानी किसकी जिम्मेदारी थी? लंबे समय तक बंद सरकारी भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी कौन लेगा? रिटायर संयुक्त निदेशक बोले- विभाग अब ध्यान नहीं दे रहारिटायर संयुक्त निदेशक रमेश हर्ष का कहना है कि यह भवन तत्कालीन निदेशक नथमल डिडेल और तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी के प्रयासों से बना था। अब विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस हॉल का उपयोग DEO और DD स्तर के अधिकारियों की मीटिंग के लिए किया जा सकता है। मंत्री या मुख्यमंत्री के बीकानेर आने पर भी यह हॉल उपयोगी साबित हो सकता है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य से यह भवन बनाया गया था, उसका फायदा अब तक नहीं मिल पाया है।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 11:25 am

अखिलेश यादव पर बृजलाल का बड़ा निशाना, बोले- सपा सरकार में नकल माफिया को मिला बढ़ावा, चौपट हुई शिक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और विकास को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया को बढ़ावा मिला और ...

वेब दुनिया 16 Aug 2026 11:15 am

Rajasthan Job: राजस्थान में निकली 24000+पदों पर सफाई कर्मचारी की भर्ती, बिना शैक्षणिक योग्यता वाले करें अप्लाई

Rajasthan Safai Karmchari Bharti: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। स्वायत्त शासन विभाग ने सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 के तहत 24,752 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अमर उजाला 16 Aug 2026 10:10 am

Afghanistan में Taliban पाबंदी से 22 लाख लड़कियां शिक्षा से दूर, 20,000 महिला शिक्षकों की कमी का खतरा

(गजाल हबीबयार, ओटावा विश्वविद्यालय) ओटावा, 15 अगस्त (द कन्वरसेशन) तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में वापस लौटने के कुछ ही हफ्तों के भीतर लड़कियों के कक्षा छह से आगे की पढ़ाई करने पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध अब तक नहीं हटाया गया है। अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है, जहां लड़कियों और महिलाओं को औपचारिक रूप से माध्यमिक और उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोका गया है। इसके बाद के वर्षों में, अफगानिस्तान की महिलाओं को उन ज्यादातर क्षेत्रों में काम करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया, जहां वे पहले कार्यरत थीं। लगभग 22 लाख किशोरियों को लगभग 1,800 दिनों से माध्यमिक विद्यालय जाने से रोका गया है। यूनिसेफ के 2026 के एक विश्लेषण के अनुसार, इन प्रतिबंधों के कारण 2030 तक अफगानिस्तान में 20,000 महिला शिक्षकों और 5,400 स्वास्थ्यकर्मियों की कमी हो सकती है। इन पाबंदियों की वजह से देश को पहले ही हर साल अनुमानित 8.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हो रहा है। सितंबर, 2025 से तालिबान बलों ने संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों समेत अफगान महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों में प्रवेश करने से भी रोक दिया है। जनवरी 2026 में महिला सरकारी कर्मचारियों को 2021 से घर पर रहने के लिए मिल रहा कम किया गया वेतन भी बंद कर दिया गया। मैंने ऐसा कुछ पहले भी एक बार होते हुए देखा था। तब मैं 1996 में छोटी लड़की थी, जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था। इस दूसरी पाबंदी (2021 से लगाई गई) के बारे में जो बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है, वह यह नहीं है कि ऐसा दोबारा हुआ। बल्कि यह है कि इस बार दुनिया की विफलता जागरूकता की कमी के कारण नहीं है। हर कोई जानता है कि अफगान लड़कियों के साथ क्या हो रहा है। विफलता यह है कि इस सच्चाई को जानने के बावजूद तालिबान को इसकी कोई वास्तविक कीमत नहीं चुकानी पड़ी है। तालिबान के सत्ता में आने के कुछ ही दिनों के भीतर, अफगान महिलाएं काबुल की सड़कों पर “रोटी, काम, आजादी” के नारे लगाते हुए उतर आई थीं। तब से वे जोखिम उठाते हुए लगातार यही मांग करती आ रही हैं। अफगान महिलाओं के समूहों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं और प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि इसके जवाब में उन्हें गिरफ्तारियों और यातनाओं का सामना करना पड़ा है। फरवरी 2026 में भी काबुल की लड़कियों ने सड़कों पर उतरकर शिक्षा के अधिकार की मांग की थी। लेकिन जहां विरोध प्रदर्शन करना बहुत खतरनाक हो गया है, वहां अफगान महिलाओं ने इसके बजाय एक शांत तरीका अपनाया है: उन्होंने घरों से संचालित भूमिगत स्कूलों का अनौपचारिक नेटवर्क बनाया है, जहां उन लड़कियों को पढ़ाया जाता है, जिनके पास अन्यथा कक्षा में पढ़ने का कोई अवसर नहीं होता। तालिबान के साथ अंतरराष्ट्रीय संपर्क का मुख्य माध्यम संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चल रही दोहा प्रक्रिया है। वर्ष 2023 से तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, जिनका उद्देश्य अंततः अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से शामिल करना है—जिसमें सामान्य राजनयिक संबंध, तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता और देश की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तथा व्यापार में सामान्य रूप से फिर से भागीदारी शामिल है। तालिबान के आग्रह पर महिलाओं और अफगान नागरिक समाज के समूहों को मुख्य वार्ताओं से बाहर रखा गया है। इसके बजाय, वे अलग से और मुख्य वार्ताओं से इतर मुलाकात करते हैं। वर्ष 1996 में मेरी उम्र कम थी और मेरी अंतिम परीक्षाएं होने में कुछ ही सप्ताह बाकी थे, तभी तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। उस रात बिजली नहीं थी, इसलिए हम रेडियो के आसपास इकट्ठा हुए और सुना कि हमें अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया है, लेकिन लड़कियों के लिए स्कूल अगली सूचना तक बंद किए जा रहे हैं। शुरुआत में, मैं समझ नहीं पाई कि इसका क्या मतलब था। एक छोटी छात्रा होने के नाते, अंतिम परीक्षाएं रद्द होने की खबर से मैं खुश थी, इसलिए मैं यह बात अपनी दादी को बताने के लिए दौड़ पड़ी। लेकिन अंधेरे गलियारे में कुछ दूर जाने के बाद मुझे असलियत समझ में आई: अगले साल स्कूल नहीं होगा। मैं वहीं बैठ गई और रोने लगी। मेरे माता-पिता मेरी बहन और मुझे पाकिस्तान ले गए ताकि हम अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। ऐसा फैसला कई अफगान परिवारों के लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं था। हमारे लिए भी यह आसान नहीं था। विदेश में रहने वाले हमारे रिश्तेदारों ने हमारी पढ़ाई का खर्च उठाकर हमारा समर्थन किया। मेरी कुछ सहेलियां स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं और, जहां तक मुझे पता है, इसके बजाय उनकी शादी कर दी गई। आगे चलकर मैं अफगान सरकार में खान एवं पेट्रोलियम मंत्रालय की निदेशक, फिर उपमंत्री और उसके बाद कार्यवाहक मंत्री के पद पर सेवा देने वाली पहली महिला बनी। मेरी पीढ़ी के लिए वे परिस्थितियां बदल गई थीं। लेकिन इस पीढ़ी के लिए भी वे बदलेंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है—सिर्फ जागरूकता से यह बदलाव नहीं आएगा। अफगान महिलाएं पिछले पांच साल से लगातार विरोध और संघर्ष करके यह दिखा रही हैं कि वे लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध को हमेशा के लिए स्वीकार नहीं करेंगी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि बाकी दुनिया ने तालिबान के इस प्रतिबंध के खिलाफ इतना कम प्रयास करके ही संतोष क्यों कर लिया है।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 10:10 am

Bareilly: यहां छात्र सीख रहे ड्रोन और अंतरिक्ष विज्ञान की तकनीक, शिक्षा के नए आयाम लिख रहा ये सरकारी स्कूल

बरेली के छावनी क्षेत्र का आरएन टैगोर इंटर कॉलेज शिक्षा के नया आयाम गढ़ रहा है। यहां स्थापित ड्रोन और रोबोटिक्स लैब आकर्षण का केंद्र हैं।

अमर उजाला 16 Aug 2026 8:56 am

उत्तराखंड पहाड़ के स्कूलों में बच्चे घटे तो 20% घटा पोषण का अनाज, शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने से पीएम पोषण योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन में 20.1% की कमी आई है। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।

जागरण 16 Aug 2026 6:43 am

'स्वतंत्रता दिवस पर विवादित मुद्दे...', PM मोदी के अर्बन नक्सल वाले बयान पर हिमाचल के शिक्षा मंत्री की नसीहत

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए 'अर्बन नक्सल' बयान से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों पर समाज को सकारात्मक और एकजुटता का संदेश देना चाहिए, न कि विवादित मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

जागरण 16 Aug 2026 3:15 am

पूर्व प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह की मौत:हॉर्ट अटैक से गई जान, 35 साल शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं

शामली के पूर्व प्रधानाचार्य और वरिष्ठ शिक्षाविद् कैप्टन लोकेंद्र कुमार की हॉर्ट अटैक से मौत हो गई। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत, पूर्व विद्यार्थियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को शिक्षा, एनसीसी और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया है। 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने करीब 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। उन्होंने 1 अगस्त 1990 से 6 नवंबर 2014 तक राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज में ड्राइंग प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके बाद 7 नवंबर 2014 से 31 मार्च 2025 तक प्रधानाचार्य के पद पर सेवाएं देते हुए सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वर्ष 1988 से 1990 तक उन्होंने दिल्ली जल निगम में भी सेवा की थी। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से एमए ड्राइंग एंड पेंटिंग और एमए भारतीय इतिहास की शिक्षा प्राप्त की थी। एनसीसी में कैप्टन के रूप में किया मार्गदर्शन लोकेंद्र कुमार वर्ष 1999 से 2023 तक लगातार एनसीसी अधिकारी रहे और कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कई सौ कैडेट्स को सेना, सुरक्षा बलों और पुलिस में भर्ती होने के लिए मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई कैडेट आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज की एनसीसी इकाई का प्रदर्शन भी लगातार उत्कृष्ट रहा। कई वर्षों तक कॉलेज के कैडेट गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होते रहे। कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सैन्य परंपरा से जुड़ा था परिवार कैप्टन लोकेंद्र कुमार का जन्म 10 जनवरी 1965 को मुजफ्फरनगर जिले के बरवाला गांव में महावीर सिंह और शांति देवी के परिवार में हुआ था। उनका परिवार सैन्य परंपरा से जुड़ा रहा। उनके पिता, चाचा, ताऊ और दादा सेना में रहे। परिवार के सदस्यों ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा 1999 के कारगिल युद्ध में भाग लिया था। उनके दादा और ताऊ स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। स्काउट एवं गाइड से भी जुड़े रहे लोकेंद्र कुमार भारत स्काउट एवं गाइड के आजीवन सदस्य रहे और वर्तमान में जिला उपायुक्त के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। ड्राइंग विषय में भी उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम लगातार बेहतर रहा। सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के थे धनी विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि लोकेंद्र कुमार सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनसे जुड़े लोगों के अनुसार, उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनके व्यवहार से प्रभावित होता था। वे मुलाकात के दौरान जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करते और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते थे। दो पुत्र और 96 वर्षीय पिता को छोड़ गए लोकेंद्र कुमार अपने पीछे दो पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके 96 वर्षीय पिता भी जीवित हैं। उनके निधन पर नीरज कुमार बेनीवाल, श्रवण तोमर, योगेंद्र सिंह, मलिक नवाब सिंह मलिक, सुधीर कुमार निर्वाल, पवित्र चौधरी समेत अनेक शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों और सामाजिक लोगों ने शोक व्यक्त किया। शिक्षा, एनसीसी, अनुशासन और युवाओं के मार्गदर्शन के क्षेत्र में कैप्टन लोकेंद्र कुमार के योगदान को विद्यार्थी, शिक्षक और क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 10:51 pm

एआई शिक्षा से बदलेगा भारत का भविष्य, पीएम मोदी की घोषणा का भारतीय शिक्षा बोर्ड ने किया स्वागत

हरिद्वार, 15 अगस्त . भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi द्वारा एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण देने की घोषणा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि एआई 21वीं सदी की सबसे तेजी से विकसित हो रही तकनीकों में से एक है, जो ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 9:21 pm

'सपा राज में पड़ी थी नकल माफिया की नींव', शिक्षा व्यवस्था पर अखिलेश यादव के सवालों का बृजलाल ने दिया जवाब

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के शिक्षा और विकास संबंधी सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने सपा सरकार पर नकल माफिया को बढ़ावा देने और शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाया।

जागरण 15 Aug 2026 8:33 pm

बाबा रामदेव का बड़ा बयान, जेन-जी की जीवनशैली, राजनीति और शिक्षा व्यवस्था पर उठाये तीखे सवाल

योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के मौजूदा हालात, युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z), राजनीतिक परिदृश्य और शिक्षा व्यवस्था पर बेबाक अंदाज में अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने एक तरफ जहां देश के युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा व्यवस्था की कमियों और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर तीखा प्रहार करते हुए बड़े आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली। बाबा रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं को किसी एक ही चश्मे से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी में एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश का नाम रोशन कर रहा है।जेन-जी की कार्यशैली और बदलती जीवनशैली पर रामदेव की टिप्पणीयुवाओं के बारे में बात करते हुए योग गुरु ने कहा कि देश के कई जेन-जी युवा बेहद शानदार काम कर रहे हैं और नई ऊंचाइयां छू रहे हैं, लेकिन साथ ही युवाओं का एक ऐसा वर्ग भी है जो गलत आदतों और भटकाव की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि कुछ युवा हिंसा जैसी गतिविधियों में लिप्त हैं, कई-कई बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड बनाने जैसी आधुनिक जीवनशैली अपना रहे हैं, तथा बीड़ी-सिगरेट और शराब के सेवन जैसी बुरी लतों का शिकार हो रहे हैं। बाबा रामदेव ने इन तमाम बुराइयों की कड़ी निंदा करते हुए देश के सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और अच्छी आदतों को अपनाकर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।राजनीतिक निराशा और पीएम पद के दावेदारों पर तंजदेश के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए बाबा रामदेव ने उन तमाम विपक्षी नेताओं और आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो अक्सर यह दावा करते रहते हैं कि देश में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए कटाक्ष किया कि कुछ लोग राजनीतिक रूप से पूरी तरह हताश हो चुके हैं और दिन-रात सिर्फ प्रधानमंत्री की कुर्सी पाने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने ऐसे राजनेताओं को सलाह देते हुए कहा कि यदि देश की जनता को आपको प्रधानमंत्री बनाना होगा, तो वे खुद आपको यह मौका देंगे, इसलिए नेताओं को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। रामदेव ने सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों से अपील की कि वे देश में जाति, वर्ग या किसी भी समुदाय के आधार पर सामाजिक विभाजन पैदा करने की कोशिशों से बचें। उन्होंने माना कि वैचारिक और राजनीतिक विरोध होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस विरोध को कभी भी व्यक्तिगत दुश्मनी या नफरत में नहीं बदलना चाहिए।शिक्षा प्रणाली की बदहाली और पेपर लीक पर आंदोलन की चेतावनीदेश की शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि देश के स्कूलों और परीक्षा तंत्र में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वह इसके खिलाफ एक बड़ा देशव्यापी आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे। देश भर के छोटे और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि व्यवस्थाएं कितनी लाचार हैं जहां बच्चे योग्य शिक्षकों, बिजली, पीने के पानी और बुनियादी शौचालयों जैसी सुविधाओं की कमी के कारण स्कूल छोड़ने पर विवश हैं। उन्होंने सरकारी परीक्षा प्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि स्कूलों में कई बार किताबें होती हैं तो शिक्षक नहीं होते, और अगर शिक्षक होते हैं तो किताबें गायब मिलती हैं। इसके अलावा, यदि सब कुछ ठीक हो भी जाए, तो परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।बोर्ड परीक्षाओं की प्रासंगिकता और सरकारी नौकरियों में पक्षपातअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बाबा रामदेव ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं की आज के समय में प्रासंगिकता और उपयोगिता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले पूरी तरह से प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं पर निर्भर हो चुके हैं, जिसके कारण छात्रों के कोमल मन पर बेवजह मानसिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरियों के चयन और इंटरव्यू प्रक्रिया पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के लिए होने वाले लगभग 90 से 99 प्रतिशत साक्षात्कार पक्षपातपूर्ण या भेदभाव से भरे होते हैं, जहां योग्यता को दरकिनार करके केवल अपनी विचारधारा, जाति और पहचान के लोगों को ही अनुचित तरीके से प्राथमिकता दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 7:32 pm

कौन हैं IAS दीप्ति गौर मुखर्जी, उच्च शिक्षा सचिव के साथ मिला UGC चेयरमैन का जिम्मा

IAS ऑफिसर दीप्ति गौर मुखर्जी ने हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंटमेंट के बाद UGC चेयरमैन का एडिशनल चार्ज संभाला है। यह बदलाव नरेश पाल गंगवार के अपॉइंटमेंट के विवाद की वजह से रुकने के बाद हुआ है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 5:58 pm

स्वतंत्रता दिवस पर मायावती बोलीं- युवाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मिले, पहले संवैधानिक संस्थाएं निभाएं जिम्मेदारी

स्वतंत्रता दिवस पर मायावती बोलीं- युवाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मिले, पहले संवैधानिक संस्थाएं निभाएं जिम्मेदारी

समाचार नामा 15 Aug 2026 4:30 pm

राजौंद में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ पर जागरूकता कार्यक्रम:कन्या भ्रूण हत्या रोकने और शिक्षा के महत्व पर जोर, पीएनडीटी एक्ट की जानकारी दी

कैथल जिले में राजौंद क्षेत्र के जखौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सब-सेंटर सोंगल गांव में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी डॉ. संदीप के दिशा निर्देशों पर हुआ। कार्यक्रम में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी सुमन रानी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अमनप्रीत, आशा कार्यकर्ता कौशल्या, मीनू, सुदेश और कमलेश सहित सभी आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को अच्छी शिक्षा व संस्कार देने के लिए जागरूक करना था। वक्ता बोले- लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं वक्ताओं ने बताया कि आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं हैं। उन्होंने सुनीता विलियम्स, कल्पना चावला, सानिया मिर्जा, बबीता और विनेश फोगाट जैसे सफल महिलाओं के उदाहरण दिए, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है। सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिक सिंह जैसे नाम भी सामने रखे गए। इस अवसर पर अमीन खान ने पीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या या लिंग जांच करते पाए जाने पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने सभी से बेटियों को जीने का अधिकार देने की अपील की।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 4:08 pm

जॉब अलर्ट : सुरक्षा अधिकारी सहित कई पदों पर नियुक्ति का अवसर, इस तिथि तक करें आवेदन

सीएसआईआर-सीएसआईओ की ओर से जारी रिक्तियों में सुरक्षा अधिकारी (ग्रुप-बी) का 1, रिसेप्शनिस्ट (ग्रुप-बी) का 1 और ड्राइवर (ग्रुप-सी) के 4 पद शामिल हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर तय की गई है।

खास खबर 15 Aug 2026 3:20 pm

शिक्षा संकुल में राज्य परियोजना निदेशक रश्मि शर्मा ने किया ध्वजारोहण

राज्य परियोजना निदेशक रश्मि शर्मा ने स्वतन्त्रता दिवस पर शिक्षा संकुल जयपुर में ध्वजारोहण किया।

खास खबर 15 Aug 2026 3:05 pm

स्वतंत्रता दिवस पर जीतू पटवारी ने फहराया तिरंगा, मध्य प्रदेश में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा​ ‌की मांग

Bhopal , 15 अगस्त . स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष प्रमुख जीतू पटवारी ने पार्टी कार्यालय में झंडा फहराया. इस दौरान उन्होंने केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा की मांग की. पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के महापर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं देता ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 2:31 pm

स्वतंत्रता–दिवस पर मायावती बोलीं–युवाओं को बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार मिले:युवाओं से जवाबदेही मांगने का समय नहीं, पहले अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएं

बहुजन समाज(बसपा) मायावती ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता स्वतंत्रता दिवस का जश्न जरूर मनाए, लेकिन ‘विकसित भारत’ और ‘मेरा भारत महान’ का सपना तभी साकार होगा, जब सरकारें जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाएं। उन्होंने सरकारों से संवैधानिक जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की मांग की। मायावती ने कहा कि देश में अनेक समस्याओं से घिरे लोग स्वतंत्रता दिवस का जश्न हर्ष-उल्लास के साथ जरूर मनाएं, लेकिन विकसित भारत का सपना साकार करने की क्षमता रखने वाली युवा पीढ़ी अब सरकारों से जवाबदेही मांगने लगी है। ऐसे में सरकारों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। ‘चेक एंड बैलेंस’ व्यवस्था प्रभावी हो बसपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं के बीच ‘चेक एंड बैलेंस’ की बेहतर व्यवस्था की थी। इसका उद्देश्य यह था कि कोई भी संस्था निरंकुश होकर काम न कर सके। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक व्यवस्था को सही मायने में प्रभावी बनाना जरूरी है, ताकि कोई भी ‘डिक्टेटर’ या निरंकुश व्यक्ति पैदा न हो सके। इससे देश और समाज के सर्वसमाज के लोग सही तरीके से आगे बढ़ सकेंगे। 52% आबादी 30 साल से कम, युवाओं को क्या मिला? मायावती ने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी का लगभग 52% हिस्सा 30 वर्ष से कम उम्र का है। ऐसे में सरकारों को यह देखना जरूरी है कि देश का युवा वर्ग अपने जीवन में असमानता और असमान अवसरों का अनुभव क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारें युवाओं को बेहतर भविष्य देने के लिए लगातार वादे करती हैं, लेकिन जब उनका सही लाभ नहीं मिल पाता तो व्यवस्था में बैठे लोगों से जवाबदेही मांगने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होते हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि युवाओं को बेहतर स्कूल, अस्पताल, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस काम होना चाहिए। उन्होंने सभी सरकारों से सतर्क होने की मांग की। दलितों से लेकर किसानों-मजदूरों तक का मुद्दा उठाया मायावती ने अपने संदेश में दलितों, आदिवासियों, पीड़ितों और अन्य उपेक्षित वर्गों के साथ गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारों को इन वर्गों के करोड़ों मेहनतकश लोगों को बार-बार उनके ‘दायित्व’ की याद दिलाने के बजाय अपने संवैधानिक दायित्व, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और जनहित के प्रति सरकारों को अपनी शपथ को पहले सही तरीके से निभाना चाहिए। इसके बाद ही जनता को भी अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का नैतिक अधिकार सरकारों को होगा। मायावती बोलीं-सिर्फ जश्न नहीं, जवाबदेही भी जरूरी मायावती के स्वतंत्रता दिवस संदेश का फोकस सिर्फ शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक ओर देश की युवा आबादी और उसके भविष्य का मुद्दा उठाया, वहीं दूसरी ओर संविधान में तय संस्थागत संतुलन और सरकारों की जवाबदेही को केंद्र में रखा। बसपा प्रमुख ने साफ संकेत दिया कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि सरकारों के कामकाज और जनता के अधिकारों की समीक्षा का भी समय है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं, गरीबों, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के वास्तविक विकास से जोड़ने की बात कही।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 1:42 pm

फतेहाबाद में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने फहराया तिरंगा:शहीदों को किया नमन, श्रद्धांजलि दी, परेड ने दी सलामी; सजावट के साथ कूडे़ के ढेर

फतेहाबाद में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हालांकि, देशभक्ति के इस जश्न और शहर की सजावट के बीच चरमराई सफाई व्यवस्था ने एक बड़ी विडंबना पेश की। मुख्य समारोह से पूर्व, शिक्षा मंत्री ढांडा ने शहीद स्मारक पहुंचकर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर अमर बलिदानियों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात, उन्होंने मुख्य समारोह स्थल पर तिरंगा फहराया और शानदार मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने मंच से सभी जिलावासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यहां देखें फोटो… सजावट के साथ लगे दिखाई दिए कूडे़ के ढेर स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शहर को देशभक्ति के रंग में रंगने का प्रयास किया गया था। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों को तिरंगे की आकर्षक सजावट से रोशन किया गया था। लेकिन, इस भव्य सजावट के ठीक नीचे कूड़े के ढेर लगे हुए थे, जो एक निराशाजनक तस्वीर पेश कर रहे थे। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा जब रेस्ट हाउस से कार्यक्रम स्थल के लिए निकले, तो उनका काफिला रेस्ट हाउस के पास ही लगे कूड़े के ढेरों के पास से गुजरा। यह दृश्य शहर की सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता था। शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने का मुख्य कारण नगर परिषद कर्मचारियों की चल रही हड़ताल थी। इस हड़ताल के चलते पूरे शहर में कूड़े का अंबार लगा हुआ था।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 1:07 pm

बिहार में 15 अगस्त 2026 से 3 बड़े बदलाव, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा सुधार

बिहार में स्वतंत्रता दिवस पर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा हुई है। अस्पतालों में नई रेफरल नीति और शिक्षकों के अवकाश नियम 15 अगस्त 2026 से लागू होंगे, जबकि स्कूलों में ई-लर्निंग व्यवस्था शुरू हो गई है।

जागरण 15 Aug 2026 1:04 pm

झंडा फहराने के तरीके पर बीईओ-शिक्षामित्र भिड़े:औरैया में भाग्यनगर बीआरसी में विवाद, शिक्षामित्र ने ध्वजारोहण की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

औरैया के भाग्यनगर ब्लॉक स्थित बीआरसी केंद्र पर स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) दाताराम और शिक्षामित्र रमाकांत मिश्रा के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विवाद के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर मौजूद अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव का प्रयास किया। घटना 15 अगस्त की सुबह करीब 8:01 बजे बाबा परमहंस स्थित दिबियापुर बीआरसी भाग्यनगर में हुई। शिक्षामित्र रमाकांत मिश्रा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर खींचकर फहराने के बजाय पहले से ही छत पर बांध दिया गया था। इसके बाद उसे खोलकर ध्वजारोहण किया गया। शिक्षामित्र ने इसी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। वीडियो बनाने पर बढ़ी बहस रमाकांत मिश्रा के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है, जबकि पहले से ऊपर बांधे गए ध्वज को खोलना अलग प्रक्रिया है। आपत्ति जताने के बाद उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वीडियो बनाए जाने को लेकर बीईओ और शिक्षामित्र के बीच तीखी बहस होने लगी। बीईओ ने वीडियो बनाने से रोकने का किया प्रयास शिक्षामित्र का आरोप है कि बीईओ दाताराम ने उन्हें वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया और अपने विद्यालय जाने को कहा। वहीं, शिक्षामित्र ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर नियमों का हवाला देते हुए सवाल उठाते रहे। विवाद बढ़ने पर वहां मौजूद कुछ शिक्षक और कर्मचारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा तेज विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना को लेकर शिक्षकों और आम लोगों के बीच चर्चा है। लोगों का कहना है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और ध्वजारोहण के नियमों की जानकारी दी जाती है, ऐसे में सरकारी अधिकारियों के कार्यक्रम में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका मामले में बीएसए संजीव कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं, बीईओ दाताराम ने भी फोन नहीं उठाया। अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की स्थिति और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 12:58 pm

स्वामी रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, कही ये बात

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने के बाद योग गुरु राम देव ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी, नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं के साथ-साथ सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार पर चिंता जताई. बाबा रामदेव ने कहा कि अगर शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो युवाओं में असंतोष बढ़ेगा और उन्हें देशहित में एक बार फिर अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

आज तक 15 Aug 2026 12:49 pm

नौकरी मांगने सड़क पर उतरे छात्रों पर कार्रवाई की तैयारी:शिक्षा मंत्री के जिले में बिना अनुमति किया प्रदर्शन, अगले दिन SDM का नोटिस: 50-50 हजार के बंधपत्र पर मांगा जवाब, 18 अगस्त को पेशी

दुर्ग में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले बेरोजगार छात्रों के उपर बाउंड ओवर की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक तरफ आगामी शिक्षक भर्ती में कई विषयों के छात्रों को मौका मिलने पर सवाल खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के बाद नेतृत्व करने वाले छात्रों पर SDM कोर्ट की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की तैयारी है। करीब 5 छात्रों को नोटिस भेजकर 18 अगस्त को SDM के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। इन छात्रों से 6 महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 50-50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र को लेकर जवाब मांगा गया है। छात्रों का कहना है कि वे नौकरी मांगने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके सामने पहले ही रोजगार का संकट है। अब प्रदर्शन के बाद बाउंड ओवर की कार्रवाई से उन पर एक और दबाव बन गया है। छात्रों का सवाल है कि जब सरकार से भर्ती में अवसर देने की मांग करना ही उनका मुद्दा है, तो अपनी बात रखने के बाद उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है। छात्र ऐसे में अपनी मांग उठाने वालों की आवाज को दबा रही है। शिक्षा मंत्री के जिले में अपनी मांग को रखने पर छात्रों को डराया जा रहा है। प्रदर्शन के अगले ही दिन SDM कोर्ट की कार्रवाईअपनी मांगों को लेकर विद्यार्थियों ने 13 अगस्त को प्रदर्शन किया था। SDM के 14 अगस्त के आदेश के मुताबिक पुलिस ने BNSS की धारा 126 से 135(3) के तहत मामला SDM कोर्ट भेजा। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया कि 13 अगस्त को हिंदी भवन के सामने मेन रोड पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया गया, जिससे आवागमन में परेशानी हुई। इसी रिपोर्ट के आधार पर SDM ने BNSS की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी किया। आदेश में 6 महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र को लेकर जवाब मांगा गया है। नेतृत्व करने वाले करीब 5 छात्रों को 18 अगस्त को SDM के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। छात्रों का सवाल- रोजगार मांगने पर कार्रवाई क्यों?छात्रों का कहना है कि वे पहले ही बेरोजगारी से परेशान हैं। सरकार से शिक्षक भर्ती की मांग करना उनका अधिकार है। एक तरफ भर्ती में पद कम होने और परीक्षा में मौका नहीं मिलने की चिंता है, दूसरी तरफ प्रदर्शन के बाद बाउंड ओवर की कार्रवाई सामने आ गई है। ऐसे में छात्रों के सामने आर्थिक और मानसिक दबाव दोनों बढ़ गए हैं। 13 अगस्त को हिंदी भवन के सामने किया था प्रदर्शन13 अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र दुर्ग पहुंचे थे। हिंदी भवन के सामने मेन रोड पर शिक्षक भर्ती और CTET से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। छात्रों की सबसे बड़ी मांग आगामी शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक, जीव विज्ञान व्याख्याता, रसायन व्याख्याता और गणित व्याख्याता के पद शामिल करने की है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने इन विषयों से पढ़ाई की है और लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। अगर भर्ती में इन विषयों के पद नहीं निकले तो पढ़ाई और तैयारी में लगाए सालों के बाद भी उन्हें नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका नहीं मिलेगा। CTET देने वाले छात्रों को भी मौका देने की मांगछात्रों ने 6 सितंबर 2026 को होने वाली CTET परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जो छात्र 6 सितंबर को CTET की परीक्षा देंगे, उन्हें भी आगामी शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का मौका मिलना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा की तारीख को देखते हुए उन्हें बाहर करना कई छात्रों के लिए बड़ा नुकसान होगा। इसके अलावा स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता में सभी को 5 प्रतिशत छूट देने और स्वामी आत्मानंद स्कूलों की भर्ती में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम के योग्य छात्रों को मौका देने की मांग भी की गई थी। शिक्षा मंत्री के गृह जिले में उठी आवाजजिस दुर्ग में छात्रों ने प्रदर्शन किया, वह प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। छात्रों ने यहां पहुंचकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री से भी छात्रों की मांगों को लेकर सवाल किया गया था, लेकिन छात्रों के मुताबिक उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। छात्रों का कहना है कि सरकार को बेरोजगार युवाओं की परेशानी समझनी चाहिए। वे किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और रोजगार के लिए आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में मांगों पर बातचीत करने के बजाय बाउंड ओवर की कार्रवाई शुरू होने से छात्रों में नाराजगी है। जानिए क्या है बाउंड ओवर की कार्रवाई?बाउंड ओवर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली प्रतिबंधात्मक कार्रवाई है। जब पुलिस को किसी व्यक्ति से शांति भंग होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका होती है, तो मामला SDM कोर्ट भेजा जा सकता है। SDM BNSS की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी कर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगते हैं। इसके बाद सुनवाई में बंधपत्र की शर्त तय हो सकती है। यह सजा या FIR नहीं होती। बंधपत्र की राशि सीधे जुर्माना नहीं है, बल्कि तय अवधि तक शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी से जुड़ी होती है। दुर्ग मामले में 6 महीने के लिए ₹50 हजार की प्रतिभूति वाले बंधपत्र पर जवाब मांगा गया है। SDM आदेश में क्या कहा गयाSDM के 14 अगस्त के आदेश के अनुसार पुलिस ने BNSS की धारा 126 से 135(3) के तहत प्रकरण भेजा था। पुलिस रिपोर्ट में 13 अगस्त को हिंदी भवन के सामने मेन रोड पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने और आवागमन में व्यवधान होने की बात कही गई है। इसके आधार पर SDM ने BNSS की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी किया। नेतृत्व करने वाले छात्रों से 6 महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र को लेकर जवाब मांगा गया है। उन्हें 18 अगस्त को SDM कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 12:48 pm

तिरंगा लगाते 11 केवी लाइन की चपेट में आया छात्र:दतिया में मौत के बाद स्कूल बंद, शिक्षा विभाग ने जांच कराने की बात कही

दतिया में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान एक छात्र की मौत हो गई। लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल की छत पर तिरंगा लगाते समय 16 वर्षीय राज कुशवाह 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जिला शिक्षा अधिकारी विद्या मिश्रा ने बताया कि यह घटना उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीईओ मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल संचालकों को छात्रों से किसी भी प्रकार का काम न कराने के निर्देश जारी किए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम भी नहीं हुआघटना के बाद लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल बंद रहा और वहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किया गया। शनिवार सुबह राज के शव का जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को स्कूल संचालक ने करीब डेढ़ बजे छुट्टी के बाद राज को वापस बुलाया था और उसे झंडा लगाने के लिए छत पर भेजा था। तभी हादसा हुआ और उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें तत्काल सूचना नहीं दी। राज के चचेरे भाई ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि परिवार को किसी मुआवजे की जरूरत नहीं है, दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। शरीर गंभीर रूप से झुलस गया थाकोतवाली थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने बताया कि छात्र का शरीर गंभीर रूप से झुलस गया था। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। परिजन की शिकायत के बाद घटना की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले में स्कूल संचालक नंदकिशोर कुशवाह की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 12:34 pm

स्वतंत्रता दिवस पर रामदेव ने उठाए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर सवाल, कहा-‘सुधर जाओ, नहीं तो आंदोलन करूंगा’,

स्वतंत्रता दिवस पर योगगुरु रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और सरकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। उन्होंने सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

देशबन्धु 15 Aug 2026 12:25 pm

SBI Clerk Recruitment 2026: एसबीआई में जूनियर एसोसिएट क्लर्क के 9124 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन

PC: Jagran स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने जूनियर एसोसिएट (कस्टमर सपोर्ट और सेल्स) के पद पर भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है, जिसे आमतौर पर SBI क्लर्क पद के रूप में जाना जाता है। बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने में दिलचस्पी रखने वाले कैंडिडेट ऑफिशियल SBI रिक्रूटमेंट पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए कुल 9,124 जूनियर एसोसिएट पद भरे जाएंगे। योग्य कैंडिडेट 31 अगस्त, 2026 तक अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। SBI क्लर्क एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया जूनियर एसोसिएट पद के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट के पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन या यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। जो लोग अभी अपने ग्रेजुएशन प्रोग्राम के आखिरी साल में हैं, वे भी रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन में बताई गई शर्तों के तहत अप्लाई करने के योग्य हो सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 अप्रैल, 2026 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। एप्लिकेंट की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। रिजर्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी उम्र सीमा में छूट मिलेगी। OBC कैंडिडेट्स को 3 साल, SC/ST कैंडिडेट्स को 5 साल और PwBD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 10 साल की छूट मिलेगी। SBI क्लर्क सिलेक्शन प्रोसेस जूनियर एसोसिएट्स के लिए सिलेक्शन प्रोसेस तीन स्टेज में होगा — प्रीलिमिनरी एग्जाम, मेन एग्जाम और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट। प्रिलिमिनरी एग्जाम में 100 सवाल होंगे जिनके 100 मार्क्स होंगे। इंग्लिश लैंग्वेज, न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीज़निंग एबिलिटी से सवाल पूछे जाएंगे। एग्जाम एक घंटे का होगा। कैंडिडेट्स यह भी ध्यान दें कि हर गलत जवाब के लिए एक-चौथाई नंबर काटे जाएंगे। जो कैंडिडेट्स प्रीलिमिनरी एग्जाम में क्वालिफाई करेंगे, वे मेन एग्जाम में जाएंगे। मेन एग्जाम 200 मार्क्स का होगा। जो लोग मेन एग्जाम में ज़रूरी क्राइटेरिया क्लियर करेंगे, उन्हें बाद में लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। SBI क्लर्क सैलरी जूनियर एसोसिएट पोस्ट के लिए चुने गए कैंडिडेट्स को SBI के नियमों के मुताबिक हर महीने लगभग ₹24,050 से ₹64,480 की सैलरी मिलेगी, साथ ही दूसरे लागू फायदे और अलाउंस भी मिलेंगे। एप्लीकेशन फीस एप्लीकेशन फीस कैंडिडेट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग होती है: SC, ST और PwBD कैंडिडेट्स: कोई फीस नहीं जनरल, OBC और EWS कैंडिडेट्स: ₹750 एलिजिबल कैंडिडेट्स को डेडलाइन से पहले अपना एप्लीकेशन पूरा कर लेना चाहिए और फॉर्म जमा करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई कर लेनी चाहिए।

राजस्थान खबरे 15 Aug 2026 12:17 pm

TNPSC recruitment 2026: 821 ग्रुप 2 और 2A पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन

PC: kalingatv तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन (TNPSC) ने तमिलनाडु में एडमिनिस्ट्रेटिव, एग्जीक्यूटिव और सुपरवाइजरी रोल के लिए 821 ग्रुप 2 और 2A पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन 11 अगस्त को जारी किया गया था और एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू हो गया है। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट अपने ऑफिशियल TNPSC एग्जामिनेशन पोर्टल के जरिए जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। भर्ती के लिए परीक्षा नवंबर महीने में होगी और उम्मीदवार 9 सितंबर तक एप्लीकेशन भर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफ़िकेशन और एप्लीकेशन: 11 अगस्त अप्लाई करने की आखिरी तारीख: 9 सितंबर करेक्शन विंडो: 13–15 सितंबर प्रीलिमिनरी परीक्षा: 1 नवंबर वैकेंसी : ग्रुप 2 इंटरव्यू पोस्ट: 41 ग्रुप 2 A नॉन-इंटरव्यू पोस्ट: 780 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री उम्र सीमा: जनरल – 1 जुलाई को 18-32 साल SC/ST/MBC/BC/BCM: कोई उम्र सीमा नहीं सिलेक्शन प्रोसेस: प्रीलिमिनरी परीक्षा, मेन रिटन परीक्षा, सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन काउंसलिंग परीक्षा : एक प्रीलिमिनरी परीक्षा ऑफ़लाइन मोड में OMR शीट का इस्तेमाल करके आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। इसके बाद, जो लोग प्रीलिमिनरी एग्जाम पास करेंगे, वे संबंधित पोस्ट के लिए मेन रिटन एग्जाम पेपर देंगे। आखिर में, सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन और काउंसलिंग होगी। अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल TNPSC एग्जामिनेशन पोर्टल पर जाएं। रजिस्टर्ड ID और पासवर्ड का इस्तेमाल करके वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोफाइल में लॉग इन करें। अगर पहली बार रजिस्ट्रेशन सिस्टम से अप्लाई कर रहे हैं तो आधार लिंकिंग पूरी करें। कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन-II z चुनें और अप्लाई नाउ पर क्लिक करें। जरूरी डिटेल्स डालें और लेटेस्ट फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। लागू एप्लीकेशन फीस पे करें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें। आगे के रेफरेंस के लिए एक कॉपी डाउनलोड करके सेव कर लें।

राजस्थान खबरे 15 Aug 2026 12:07 pm

IOCL Vacancy 2026: डिप्लोमा या ग्रेजुएशन कर चुके हैं? इंडियन ऑयल में निकली एक्जीक्यूटिव के 470 पदों पर भर्ती

IOCL Executive Recruitment 2026: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 470 एक्जीक्यूटिव पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीई/बीटेक, एमबीए, एलएलबी या डिप्लोमा योग्यता रखने वाले उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 15 Aug 2026 11:52 am

आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से सर्वथा मुक्तिः मुख्यमंत्री

लखनऊ, 15 अगस्तः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए शहीद होने वाले रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी। कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि उस अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से भी सर्वथा मुक्ति है, जिसे कारण देश लगातार कमजोर होता गया। हम सब आजादी के 79वर्ष पूरे कर चुके हैं और 80वें स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह दिवस केवल हमें समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा, बल्कि हमें संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में नागरिक के रूप में कर्तव्य करने की भी प्रेरणा प्रदान कर रहा है। हर नागरिक का आह्वान करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो एक व्यक्ति, जाति, संप्रदाय नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा।देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना ही था रणबांकुरों का ध्येयमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में आज ही के दिन भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में स्वाधीनता का अहसास कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान का परिणाम है। देश अंतरविरोधों व षडयंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन इसने मन-मस्तिष्क से गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, मेरठ में धनसिंह कोतवाल आदि रणबांकुरों के नेतृत्व में हर गांव, जनपद, प्रांत में स्वाधीनता की लौ जलती दिखाई दे रही थी। उस समय सभी के मन में एक ही भाव था कि हमें देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी दिख रहेमुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने जो अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता थी, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशक में समाधान हुआ है। इसी का परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी अब दिखाई देते हैं।देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्कसीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों से किए गए आह्वान का भी जिक्र किया। कहा कि अराजकता, असमानता, अशिक्षा पर विजय प्राप्त करनी है तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। पीएम ने कहा था कि देश में केवल चार जातियों (गरीब, युवा, महिला, किसान) को फोकस करते हुए कार्य करेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। पिछले 12 वर्ष में इन्हीं चार तबकों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनीं। इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की इच्छाशक्ति भी दिखाई दी, जिसका परिणाम रहा कि आमजन को शासन की योजना से जुड़ने में मदद मिली है। डायरेक्टर बेनिफिट स्कीम के माध्यम से शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने का कार्य हुआ। मिशन रोजगार से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के अनुरूप युवा खुद को तैयार कर सकें, इसके लिए नए-नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए, संस्थान बनाए गए। स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा के लिए देश में मेडिकल कॉलेज, एम्स की नई श्रृंखला खड़ी हुई, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ। रेलवे की कनेक्टिविटी बढ़ी, मेट्रो व रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। अमृत भारत, वंदे भारत, नमो भारत जैसी आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास बढ़े।हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा भारतमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा है। जब देश के पास यशस्वी नेतृत्व होता है और सामूहिकता के साथ देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं। देश की आजादी की लड़ाई भी ध्यानाकर्षित करती है तो जब हम बंटे थे तो आजादी के लिए संघर्ष होता था। राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब से गुरु गोविंद सिंह, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे नेतृत्व प्रदान किया। सभी का उद्देश्य एक ही था कि हर हाल में विदेशी दासता से मुक्ति मिले, लेकिन सामूहिक रूप से किया गया प्रयास 1857 में देखने को मिला। इसके बाद लगातार संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों को जन्म दिया। गोरखपुर में चौरीचौरा, लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन आदि संघर्ष अनवरत रूप से बढ़ता रहा।देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को किया नमनसीएम योगी ने कहा कि भारत मां के जिन वीर बलिदानियों, क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया, उन्हें देश स्मरण कर रहा है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की। सीएम ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूमने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्र भारत में देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी किया यादमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप्र में कानून व्यवस्था स्थापित करने, अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को बढ़ाने के लिए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उप्र के अन्य अधिकारियों व कार्मिकों को भी बधाई दी। सीएम ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को अपने- अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे तो स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 11:47 am

Video: रिज पर 13 टुकड़ियों ने किया भव्य मार्च पास्ट, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने की अध्यक्षता

Video: रिज पर 13 टुकड़ियों ने किया भव्य मार्च पास्ट, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने की अध्यक्षता

अमर उजाला 15 Aug 2026 11:38 am

मोहाली के स्कूलों में 17 अगस्त को छुट्टी घोषित:जिला शिक्षा विभाग का फैसला, पंजाब रोडवेज में शामिल होंगी 1,279 नई बसें

पंजाब रोडवेज के बेड़े में जल्द 1,279 नई बसें शामिल होंगी। इससे बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। वहीं, लोगों को आधार के जरिए घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा दी गई है। जालंधर और लुधियाना से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 15 प्रीमियम वोल्वो बसें शुरू की गई हैं। वहीं, जिले के सभी स्कूलों में 17 अगस्त को छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी गिन्नी दुग्गल ने इसकी जानकारी दी। स्वतंत्रता दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने ये घोषणाएं करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को अब एक करोड़ रुपए की एक्स-ग्रेशिया राशि दी जाएगी। इसमें अग्निवीर और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। आइए, चार पॉइंट में जानते हैं कैबिनेट मंत्री ने हरभजन सिंह ईटीओ क्या कहा। अब पढ़ें क्या बोले मंत्री:- 1279 नई बसें जल्द मिलेगी पंजाब रोडवेज के बेड़े में 1,279 नई बसें शामिल की जाएंगी, जिससे बसों की कुल संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। जालंधर और लुधियाना से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 15 प्रीमियम बसें शुरू की गई हैं। मंत्री ने कहा कि इससे ट्रांसपोर्ट माफिया पर भी लगाम लगी है। इसके अलावा 56 नई बस सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को आधार आधारित लर्निंग लाइसेंस घर बैठे बनवाने की सुविधा दी गई है। वहीं, लाइसेंस और अन्य दस्तावेज स्पीड पोस्ट के जरिए लोगों के घर तक पहुंचाए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 11:20 am

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण: पटवारी बोले- भ्रष्टाचार से लड़ेंगे, मुफ्त शिक्षा की मांग

स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण के बाद जीतू पटवारी ने कांग्रेस के आगामी संघर्षों का खाका रखा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज करने, केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

अमर उजाला 15 Aug 2026 11:11 am

बाबा रामदेव का बड़ा बयान: ‘इंटरव्यू में जाति-धर्म देखकर नौकरी मिलती है’, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

योगगुरु बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिद्वार में शिक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियों और युवाओं के बढ़ते आंदोलनों को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने दावा किया कि देश में युवाओं के असंतोष की बड़ी वजह शिक्षा और भर्ती व्यवस्था की कमियां हैं। बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू […] The post बाबा रामदेव का बड़ा बयान: ‘इंटरव्यू में जाति-धर्म देखकर नौकरी मिलती है’, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल appeared first on https://rajsattaexpress.com .

राजसत्ता एक्सप्रेस 15 Aug 2026 10:35 am

फतेहाबाद में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने फहराया तिरंगा, ली परेड की सलामी

फतेहाबाद में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने फहराया तिरंगा, ली परेड की सलामी

अमर उजाला 15 Aug 2026 10:08 am

Railway Jobs 2026: रेलवे में एएलपी, स्टेशन मास्टर समेत 1421 पदों पर आवेदन शुरू, 10वीं-12वीं पास भरें फॉर्म

East Coast Railway GDCE Vacancy 2026: ईस्ट कोस्ट रेलवे ने सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा 2026 के तहत 1,421 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 15 Aug 2026 7:00 am

सड़क, राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विस्तार से सामान्य हो रहा जीवन

जगरगुंडा कभी बस्तर में नक्सलियों की राजधानी के नाम से पहचानी जाती थी। यहां के बाजार में शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था। सड़कें सूनी रहती थीं। विकास की रफ्तार सुरक्षा के साए में थम गई थी। अब करीब चार दशक बाद काले झंडे की जगह इस 15 अगस्त को तिरंगा झंडे के साथ यहां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। जगरगुंडा की पहचान सिर्फ एक पंचायत की नहीं, बल्कि बस्तर की आदिवासी संस्कृति और जंगल से जुड़ी जीवनशैली की भी है। मुरिया और गोंड समाज की परंपराएं, पारंपरिक पहनावा, स्थानीय खान-पान, लोकगीत और नृत्य यहां के ग्रामीण जीवन का हिस्सा हैं। आसपास के गांवों के लिए जगरगुंडा का हाट-बाजार लंबे समय से खरीदारी और वनोपज के कारोबार का प्रमुख केंद्र रहा है। महुआ, इमली, तेंदूपत्ता समेत अन्य स्थानीय उत्पाद यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। लंबे समय तक नक्सल हिंसा ने इसकी पहचान पर भय की परत चढ़ा दी। शाम होते ही बाजार की गतिविधियां थम जाती थीं। सरकारी सुविधाओं की पहुंच और सामान्य आवाजाही भी प्रभावित रही। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ी है। सड़क संपर्क में सुधार से आसपास के गांवों तक पहुंच आसान हुई है। बाजार में भी गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। इलाके में कभी नक्सलियों की दहशत का इस कदर... जगरगुंडा कभी नक्सलियों का बड़ा केंद्र रहा। यहां हमलों में कई जान गई। 2023 की कुंदेड़ मुठभेड़ में 3 डीआरजी जवान शहीद हुए। दिसंबर में सीआरपीएफ के एसआई की शहादत हुई। आईईडी हमले में दो कोबरा जवान शहीद हुए। नक्सलियों ने ग्रामीणों को भी नहीं बख्शा। मुखबिरी के आरोप में जन अदालत लगाकर कई ग्रामीणों की हत्या की। 2023 में दुलेड़ के उप सरपंच माड़वी गंगा, शिक्षादूत कवासी सुक्का की हत्या ने दहशत बढ़ाई। सिलगेर के शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे, गोंदपल्ली के शिक्षादूत की हत्या भी इसी दौर की घटनाएं हैं। जगरगुंडा की सबसे बड़ी कहानी यहां हो रहा बदलाव है। कभी नक्सल गतिविधियों के कारण जिस इलाके में सरकारी पहुंच और सामान्य जीवन बाधित था, वहां अब सुरक्षा के साथ विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। सड़क, राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए सिर्फ सुविधा नहीं है। यह सामान्य जीवन की वापसी का संकेत है। इस बदलाव के बीच जगरगुंडा अपनी पुरानी पहचान भी वापस पा रहा है। इसका हाट-बाजार आसपास के ग्रामीणों को जोड़ता है। जंगल से मिलने वाली वनोपज यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। महुआ, इमली और तेंदूपत्ता जैसे उत्पादों से जुड़ी गतिविधियां गांवों की आजीविका से सीधे जुड़ी हैं।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 5:30 am

21 साल बाद बजी स्कूल की घंटी:जिन स्कूलों को नक्सलियों ने बम से उड़ाया या बंद कराया, वहीं से फिर फैल रहा शिक्षा का उजियारा

देश और दुनिया में एक ओर शिक्षा एआई के दौर तक पहुंच चुकी है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर के कई हिस्सों में सही मायने में शिक्षा अब जाकर पहुंची है। बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद के खौफ ने शिक्षा की राह रोक दी थी, वहां अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। स्कूलों में फिर से बच्चों की आवाज गूंज रही है, शिक्षक पहुंच रहे हैं और गांवों में पढ़ाई का माहौल बन रहा है। 31 मार्च 2026 के बाद नक्सल प्रभाव खत्म होने के साथ बीजापुर और नारायणपुर के उन इलाकों में शिक्षा व्यवस्था दोबारा खड़ी की जा रही है, जहां वर्षों से स्कूल बंद थे। दोनों जिलों में कुल 52 स्कूल फिर से संचालित किए गए हैं और इनमें 1375 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें बीजापुर के 38 स्कूलों में करीब 1100 और नारायणपुर के 14 स्कूलों में 275 बच्चे अध्ययनरत हैं। नारायणपुर में चार स्कूल आजादी के बाद पहली बार खुलेनारायणपुर में भी नक्सल प्रभाव के कारण लंबे समय से बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। जिले में कुल 14 स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 10 स्कूल ऐसे हैं, जो करीब 12 साल बाद फिर खुले हैं। वहीं 4 गांव ऐसे हैं, जहां आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू हुआ है। इन स्कूलों में करीब 275 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। जिन गांवों में कभी स्कूल तक पहुंचना चुनौती था, वहां अब शिक्षक और बच्चे एक साथ नजर आ रहे हैं। शेष पेज 7 पर दंतेवाड़ा में पेड़ के नीचे शुरू हुई पढ़ाईदंतेवाड़ा में भी नक्सलवाद का प्रभाव खत्म होने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव सामने आया है। जिले के लावा, बड़ेपल्ली और बैनपाल गांव में आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू हो पाए हैं। इन तीनों स्कूलों में करीब 40 बच्चों का पहली बार दाखिला हुआ है। इन गांवों में अभी स्कूल भवन तैयार नहीं हुए हैं। इसके बावजूद शिक्षा शुरू करने में इंतजार नहीं किया गया। पेड़ के नीचे ही शाला प्रवेश उत्सव आयोजित कर बच्चों को स्कूल से जोड़ा गया। अब इन गांवों में स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृति भी मिल चुकी है। यानी फिलहाल पेड़ की छांव में शुरू हुई पढ़ाई जल्द अपने भवन में पहुंचेगी। दंतेवाड़ा के मुलेर सहित कुछ अन्य गांवों में सुरक्षा कारणों से दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किए गए स्कूलों को भी अब उनके मूल गांवों में वापस शुरू किया गया है। इससे ग्रामीणों के बच्चों को अपने गांव में ही पढ़ाई की सुविधा मिल रही है। जिन्हें बम से उड़ाया, वहां नए भवन में फिर शुरू हुई पढ़ाईनक्सलवाद के दौर में बस्तर के चारों जिलों में स्कूल और आश्रम भी हिंसा की चपेट में आए। कई स्कूल भवनों को नक्सलियों ने बम से उड़ा दिया, तो कई जगह भवनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसका सबसे सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा। कई इलाकों में स्कूल बंद हुए और शिक्षक व सरकारी अमला भी अंदरूनी गांवों तक नहीं पहुंच सका। अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद इन इलाकों में सरकारी व्यवस्थाओं की वापसी हो रही है। सुकमा के बुर्कलंका क्षेत्र का गच्छनपल्ली गांव इसके उदाहरण हैं। कभी माओवादियों की पीएलजीए बटालियन-1 का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में अब नया स्कूल भवन तैयार हो चुका है। नक्सलियों द्वारा तोड़े गए पुराने स्कूल की जगह नए भवन में पढ़ाई शुरू होना गांव के लिए बदलाव की बड़ी तस्वीर है।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 5:30 am

Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को दी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी

मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में बीए, बीएससी और बीकॉम के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. रचना अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली की जानकारी दी।

अमर उजाला 15 Aug 2026 1:46 am

VIDEO: नवनियुक्त चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने एसटीएच और राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

VIDEO: नवनियुक्त चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने एसटीएच और राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

अमर उजाला 15 Aug 2026 1:45 am

डिजिटल अरेस्ट : पहलगाम हमले से संबंध बता शिक्षा विभाग की रिटायर्ड महिला अफसर से सवा करोड़ की ठगी

गाजियाबाद। साइबर ठगों ने बेसिक शिक्षा विभाग की रिटायर्ड महिला अफसर को पहलगाम हमले में उनका नाम आने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट करके उनसे सवा करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

अमर उजाला 15 Aug 2026 1:44 am

भाजपा की सरकार शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध : वित्त मंत्री

शाहजहांपुर। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि भाजपा की सरकार शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। डबल इंजन की सरकार में शिक्षकों के हित के लिए कई योजनाएं चलाई गईं हैं।

अमर उजाला 15 Aug 2026 1:12 am

वित्तविहीन विद्यालयों के 44 हजार शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा:बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश, आवेदन प्रक्रिया शुरू

प्रदेशभर के वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत लगभग 44 हजार शिक्षकों और उनके आश्रितों को अब मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का सीधा लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके साथ ही योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। निदेशक ने बताया कि प्रदेश में कुल 1.60 लाख बेसिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 4.50 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 4,600 वित्तविहीन बेसिक और जूनियर हाईस्कूलों में तैनात 44,000 शिक्षक भी अब इस योजना के दायरे में आ गए हैं। यह कदम वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है। योजना का लाभ उठाने के लिए शिक्षकों को तय नियमों के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। शिक्षकों को सबसे पहले http://cmtcts-upsdc-gov-in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। पोर्टल पर उन्हें स्वयं और अपने सभी आश्रितों की पूरी जानकारी उनके आधार कार्ड के अनुसार ही दर्ज करनी होगी। शिक्षक के आवेदन से लेकर अंतिम स्वीकृति तक की प्रक्रिया चार स्तरों पर पूरी की जाएगी। सबसे पहले संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक यह जांच करेंगे कि शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार है या नहीं और वे निरंतर कार्यरत हैं या नहीं। इसके बाद आवेदन को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पास अग्रसारित किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के समक्ष भेजी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार किए जाने के साथ ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों से संबंधित सत्यापित एवं हस्ताक्षरित सूचना 07 दिवस के भीतर शिक्षा निदेशक कार्यालय को हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराई जाए।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 11:34 pm

पेटीज खाने से जयपुर में छात्र की मौत पर शिक्षा विभाग का एक्शन, अभिभावक संघ ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

जयपुर के स्कूल में पेटीज खाने के बाद छात्र की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अभिभावक संघ ने 3 दिन का शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम दिया है. अगर कार्रवई नहीं बड़ा प्रदर्शन होगा.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 11:33 pm

'मुझसे पॉलिटिक्स मत खेलना, शिक्षा मंत्री को हटाकर आया हूं;' पुलिसवाले से भिड़े कॉकरोच वाले आशुतोष रांका

अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि जल्द ही जंतर-मंतर पार्ट 2 शुरू किया जाएगा। इस बीच उन्होंने देशभर के जेन-जी और जेन-अल्फा से स्कूलों की अव्यवस्था का वीडियो बनाकर भेजने और वायरल करने का अनुरोध किया है, ताकि कॉकरोच टीम उसकी लड़ाई लड़ सकें।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 10:46 pm

शिक्षक संघ अंबेडकर ने नवपदस्थापित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का किया स्वागत, शिक्षकों के मुद्दों पर चर्चा

मावली की नवपदस्थापित सीबीईओ प्रेरणा नौसालिया का शिक्षक संघ अंबेडकर ने अभिनंदन किया, शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा।

प्रातःकाल 14 Aug 2026 8:31 pm

बच्चों के बीच शिक्षा और केयर किट का वितरण:तिरंगा देकर बढ़ाया देशभक्ति का भाव, पटना के फ्रेजर रोड में कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस पर जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए राम किंकर शाही मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से शिक्षा और केयर किट का वितरण किया गया। शुक्रवार को पटना के सी.पी. ठाकुर लेन, फ्रेजर रोड में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री के साथ खाद्य सामग्री और भारतीय तिरंगा भी दिया गया। कॉपी, पेन-पेंसिल समेत जरूरी सामग्री दी सीतामढ़ी के मेदनीपुर निवासी स्वर्गीय राम किंकर प्रसाद शाही की स्मृति में स्थापित फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को कॉपी, पेंसिल, पेन सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री दी गई। इसके अलावा बच्चों को खाद्य सामग्री भी दी गई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों को तिरंगा देकर उनमें देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। शिक्षा में आर्थिक अभाव को बाधा नहीं बनने देंगे फाउंडेशन के निदेशक सतीश कुमार ने कहा, आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। जरूरतमंद बच्चों को सहयोग देकर उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन इसी उद्देश्य के साथ लगातार जनकल्याणकारी कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में जारी रहेगा काम सतीश कुमार ने बताया कि राम किंकर शाही मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जाएंगे। फाउंडेशन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों और परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 7:21 pm

जुलाना में एक्सीडेंट में शिक्षा विभाग के क्लर्क की मौत:ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा, घर से 200 मीटर पहले गाड़ी ने मारी टक्कर

जींद जिले में जुलाना के वार्ड नंबर 7 निवासी 45 वर्षीय विनोद खटकड़ की शुक्रवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। विनोद बुआना शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। यह हादसा उनके घर से करीब 200 मीटर पहले अटल पार्क के पास हुआ। एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे विनोद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। लोगों ने सीएचसी पहुंचा, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित आसपास के लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और घायल विनोद को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। विनोद की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वार्ड के लोगों ने बताया कि विनोद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और रोजाना ड्यूटी के बाद घर लौटते थे।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 7:12 pm

बाबू चंदू सिंह स्मारक पथ का उद्घाटन:शिक्षा मंत्री ने सहरसा नगर निगम की व्यवस्थाओं की सराहना की

सहरसा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 स्थित नया बाजार में शुक्रवार को बाबू चंदू सिंह स्मारक पथ का उद्घाटन किया गया। सूबे के शिक्षा मंत्री सह सहरसा जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिलापट्ट का अनावरण कर सड़क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर नगर निगम क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों पर चर्चा हुई, जिसमें जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार, नगर निगम की महापौर बैन प्रिया, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, उप नगर आयुक्त, स्वच्छता प्राधिकारी, रोकड़पाल और वार्ड पार्षद प्रतिनिधियों सहित नगर निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत किया गया और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस अवसर पर नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने शहर में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम की तैयारियों के लिए नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मियों को धन्यवाद दिया। मंत्री तिवारी ने कहा कि शहर के विकास के लिए केवल सड़क और भवन निर्माण ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्वच्छता, बेहतर यातायात व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नगर निगम इन क्षेत्रों में कार्य कर शहर के समग्र विकास को गति दे रहा है। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से आम लोगों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। नगर निगम के अधिकारियों ने इस दौरान शहर में चल रहे विभिन्न विकास और जनसुविधा संबंधी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहरसा शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए निगम लगातार प्रयासरत है। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और शहर के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस सड़क के उद्घाटन से स्थानीय लोगों में भी खुशी का माहौल देखा गया। निगम ने स्वच्छ, सुंदर और विकसित सहरसा के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 7:11 pm

शिक्षित बेटियों से डरती है भाजपा, इसलिए शिक्षा योजनाओं पर चला रही कैंची: टीकाराम जूली

जूली ने कहा कि दरअसल भाजपा शिक्षित समाज, खासतौर पर शिक्षित बच्चियों से डरती है, क्योंकि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, सवाल पूछने वाला और सही-गलत में फर्क करने वाला बनाती है। यही वजह है कि भाजपा सरकार बेटियों की शिक्षा को मजबूत करने वाली योजनाओं में कटौती कर रही है।

खास खबर 14 Aug 2026 6:47 pm

हरियालो राजस्थान की दिशा में बढ़ा कदम, शिक्षा सहकारी-स्काउट गाइड वाटिका का हुआ उद्घाटन

कोटा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दसलाना में ‘शिक्षा सहकारी-स्काउट गाइड वाटिका’ का उद्घाटन हुआ। ‘हरियालो राजस्थान’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर संरक्षण का संकल्प लिया गया।

प्रातःकाल 14 Aug 2026 6:09 pm

शिक्षकों को नहीं करना पड़ा ई-अटेंडेंस लॉग आउट:सर्वर कैपिसिटी बढ़ाएगा स्कूल शिक्षा विभाग, छुट्‌टी होने पर एक साथ लॉग आउट के कारण दिक्कत

प्रदेश में तीन लाख से अधिक शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों द्वारा शाम को छुट्‌टी के समय एक साथ लॉग आउट करने के चलते सर्वर पर बढ़ा लोड शुक्रवार को भी असरकारी रहा। इसे देखते हुए विभाग ने सभी शिक्षकों को एसएमएस भेजकर बगैर लॉग आउट किए ही शाम की अटेंडेंस लगने की सुविधा दे दी। अब अगले तीन दिनों में सर्वर की कैपिसटी बढ़ाने का काम पूरा कर लिया जाएगा ताकि एक साथ लॉग आउट की स्थिति में भी शिक्षकों की अटेंडेंस आसानी से लग सके। आज स्कूल पहुंचे शिक्षकों को विभाग ने मैसेज भेजकर जानकारी दी कि ई अटेंडेंस के सफलतापूर्वक लॉग इन करने वाले सभी कर्मचारियों को 14 अगस्त को स्वत: लॉग आउट कर दिया जाएगा। इसलिए कर्मचारियों की मैन्युअली लॉगआउट करने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि सर्वर की कैपिसटी बढ़ाने का काम किया जा रहा है। अगले दो तीन दिनों में कैपिसिटी बढ़ाने का काम हो जाएगा। इसके बाद लॉग आउट समय पर एक साथ लोड बढ़ने पर भी दिक्कत नहीं होगी। बैरसिया के सोहाया हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे कमिश्नर जन विश्वास अभियान के चलते लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोहाया, भोपाल का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संबंध में चर्चा की। कमिश्नर ने क्लास में बच्चों को पढ़ाने के तरीके और विद्यालय की गतिविधियों को भी दो घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहकर देखा। निरीक्षण के दौरान भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य एवं एपीसी विनोद गुप्ता उपस्थित रहे। समस्याओं के निराकरण का आयुक्त ने दिया आश्वासन लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के विद्यालय निरीक्षण के बाद नवीन शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति, क्रमोन्नति, टीईटी परीक्षा, ई-अटेंडेंस एवं अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के संबंध में चर्चा कर उनका ध्यान आकर्षित कराया गया। आयुक्त ने आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि आयुक्त सिंह ने कहा कि आगामी माह में पदोन्नति एवं टीईटी परीक्षा से संबंधित समस्याओं के निराकरण की दिशा में कार्रवाई पूर्ण होने की संभावना है। वहीं ई-अटेंडेंस में तकनीकी त्रुटि के कारण किसी भी शिक्षक को अनुपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा, ऐसा आश्वासन भी दिया गया।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 5:56 pm

असम उच्च शिक्षा परिषद संस्थानों को देगा नई मजबूती, राज्य के छात्रों को भी मिलेगी बेहतर शिक्षा

गुवाहाटी, 14 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया. उनके मुताबिक, हम राज्य में शिक्षा प्रणाली को प्रस्तावित ‘असम उच्च शिक्षा परिषद’ के तहत संगठित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम रहे हैं. सीएम सरमा ने कहा कि परिषद उच्च शिक्षा प्रणाली ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 2:36 pm