भारत में खेती और शिक्षा के लिए Google AI लाएगा नए समाधान, ज्वार की फसलों पर ICRISAT संग शोध
वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने भारत में कृषि शोध, किसानों को सलाह देने, शिक्षकों को कृत्रिम मेधा (एआई) का प्रशिक्षण देने और छोटे कारोबारों के लिए एआई आधारित उपकरणों के विकास की दिशा में शुक्रवार को कई कदमों की घोषणा की। गूगल इंडिया ने बयान में कहा कि ज्वार की अधिक उत्पादक और प्रतिकूल जलवायु का सामना करने में सक्षम किस्में विकसित करने के लिए एक आनुवंशिक एटलस तैयार किया जाएगा। इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भी मुहैया कराया जाएगा। ज्वार की नई किस्मों का विकास अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रिसैट), हडसनअल्फा इंस्टीट्यूट फॉर बायोटेक्नोलॉजी और अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर किया जाएगा। इक्रिसैट के जीन बैंक में मौजूद 90 से अधिक देशों की 44,000 से ज्यादा ज्वार किस्मों के संग्रह से नमूने लिए जाएंगे। बयान के मुताबिक, गूगल की एआई इकाई गूगल डीपमाइंड इक्रिसैट में तीन साल की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप भी देगी। इसके तहत ज्वार के अलावा चना, मूंगफली और अरहर के जीनोम का विश्लेषण करने वाले उपकरण विकसित करने पर काम होगा। कृषि क्षेत्र में गूगल की प्रौद्योगिकी को गुजरात सरकार के कृषि प्रगति फसल सूचना मंच में शामिल किया गया है। इसके जरिये पिछले एक साल में राज्य के छह लाख से अधिक किसानों को 90 करोड़ से अधिक परामर्श मोबाइल एसएमएस के जरिए दी गईं। इसके साथ ही, गूगल ने कहा कि मई से अब तक 80,000 से अधिक शिक्षकों को एआई के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। अब बिहार, मध्य प्रदेश, सिक्किम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ साझेदारी के जरिये गूगल एआई एडुकेटर कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। कंपनी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है। यह फिलहाल अंग्रेजी में उपलब्ध है और हिंदी, मराठी, तेलुगु, असमिया, ओड़िया तथा पंजाबी संस्करण इसी महीने जारी किए जाने हैं। गूगल ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की पढ़ाई में मदद के लिए 100 अटल टिंकरिंग लैब में ‘एटीएल साथी’ नामक जेमिनी आधारित डेस्कटॉप ऐप के जरिये सहयोग देने की भी घोषणा की है। गूगल डॉट ओआरजी ने छोटे कारोबारों के लिए गैर-लाभकारी संगठन द/नज को 1.5 करोड़ डॉलर की वित्तीय मदद देने की भी घोषणा की। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को औपचारिक ऋण लेने, नए बाजार तलाशने और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करने में मदद देने वाले एआई उपकरण विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, छोटे शहरों में स्थानीय प्रतिभाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें छोटे कारोबारों से जोड़ने के लिए बहुभाषी, आवाज आधारित मंच भी विकसित किया जाएगा।
सलूंबर की स्कूलों में छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाकर सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास, डाल रोड, सलूम्बर में नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला हुई। कानूनी अधिकारों की दी जानकारीकार्यक्रम में अपर जिला न्यायाधीश विनीत कुमार ने बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, निशुल्क विधिक सेवाओं तथा विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा अधिनियम सहित महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को समझाया। साथ ही जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य और स्वच्छता पर किया जागरूकचिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा अधिकारी डॉ.रिद्धि रोत ने एनीमिया, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को पौष्टिक आहार लेने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कालिका टीम ने बताया आत्मरक्षा का महत्वपुलिस विभाग की कालिका पेट्रोलिंग टीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और विपरीत परिस्थितियों में सतर्कता बरतने के बारे में बताया। टीम ने आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने और स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभाकार्यक्रम में पोस्टर, क्विज और मेहंदी प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। महिला अधिकारिता विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, लाडो प्रोत्साहन और शिक्षा सेतु योजना की जानकारी दी। साथ ही वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र तथा पन्ना धाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की सेवाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल टाइप-4 की छात्राओं, वार्डन, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षित, जागरूक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।
अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र
तिराना, 16 अक्टूबर 2026 । यूरोपीय देश अल्बानिया में महंगी शिक्षा, विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसरों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी तिराना में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच […] The post अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र appeared first on Rashtriya Ujala .
झाड़ोल में शैक्षिक महासंघ ने उठाई उपार्जित अवकाश की मांग, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत ग्रीष्मावकाश में कार्य करने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने हेतु ज्ञापन दिया गया।
गर्ल्स स्कूल में चलाया जागरूकता कार्यक्रम:योजनाओं की दी जानकारी, शिक्षा-सशक्तीकरण पर जोर
ब्यावर जिले के महिला अधिकारिता विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत शाहपुरा मोहल्ला स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम किया। इसमें 180 छात्राओं ने भाग लिया। बालिकाओं को शिक्षा सेतु योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना समेत कई सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विभाग के सहायक निदेशक जगदीश चौधरी ने छात्राओं को योजनाओं के मकसद, पात्रता और उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हर पात्र बालिका और महिला तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचना जरूरी है, ताकि वे शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण में आगे बढ़ सकें।चौधरी ने छात्राओं से उपलब्ध अवसरों का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ आखिरी पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जागरूकता और जनभागीदारी जरूरी है। प्रिंसिपल सुनीता चौधरी की मौजूदगी में यह कार्यक्रम हुआ।
Lakshmibai National Institute of Physical Education: थ्योरी पेपर की समय-सारणी दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित की गई है, जबकि विभिन्न प्रायोगिक और गतिविधि परीक्षाएं सुबह और दोपहर की पालियों में संपन्न होंगी।
pc: abplive फूड टेक्नोलॉजी, डेयरी टेक्नोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में डिग्री धारक युवाओं के लिए हरियाणा सरकार में अधिकारी बनने का सुनहरा अवसर सामने आया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन (विज्ञापन संख्या 25/2026) जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। आइए जानते हैं इस भर्ती से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फूड टेक्नोलॉजी, डेयरी टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ऑयल टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर साइंस, वेटरनरी साइंस, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, केमिस्ट्री या मेडिसिन में स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त 10वीं या उच्च स्तर पर हिंदी या संस्कृत में से किसी एक विषय की पढ़ाई अनिवार्य है। आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। पदों का वर्गवार विवरण कुल 45 पदों का विवरण इस प्रकार है: अनारक्षित (General): 22 पद DSC एवं OSC: 5-5 पद BC-A (NCL): 5 पद BC-B (NCL): 3 पद EWS: 5 पद चयन प्रक्रिया और आवेदन शुल्क चयन प्रक्रिया: अभ्यर्थियों का चयन स्क्रीनिंग टेस्ट, सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट और इंटरव्यू (साक्षात्कार) के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आवेदन शुल्क: सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹1,000 है। जबकि आरक्षित वर्ग (OSC, DSC, BC-A, BC-B, ESM, EWS) के अभ्यर्थियों और सभी वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए ₹250 शुल्क तय किया गया है। दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? सबसे पहले हरियाणा लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hpsc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर 'FSO Recruitment 2026' वाले लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें। आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। अपनी श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क जमा करें। अंत में भरे हुए फॉर्म को री-चेक करके सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए उसका एक प्रिंटआउट निकाल कर सुरक्षित रख लें।
job news 2026: इस विश्वविद्यालय में निकली हैं कई पदों पर भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) ने सीधी भर्ती प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) के आधार पर गैर-शैक्षणिक (नॉन टीचिंग) पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए विभिन्न 56 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। कुल पद- 56 पदों का नाम- इंटरनल ऑडिट ऑफिसर का 1, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर (आईटी) का 1, सेक्शन ऑफिसर के 4, सीनियर असिस्टेंट के 6, स्टाफ नर्स के 2, स्पोर्ट्स कोच (महिला) का 1, जूनियर लाइब्रेरी असिस्टेंट का 1 और जूनियर असिस्टेंट/जूनियर असिस्टेंट कम केयरटेकर के 40 पद शामिल हैं ओवदन की आखिरी तारीख- 20 अक्टूबर 2026 आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc-news18
UPESSC PRT recruitment 2026: 12,000 टीचर पदों पर आवेदन करने की लास्ट डेट बढ़ी आगे.. चेक करें डिटेल्स
pc: kalinga tv उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) ने टीचर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 28 अक्टूबर कर दी है। एप्लीकेशन फॉर्म में बदलाव करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in के ज़रिए रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: अप्लाई करने की आखिरी तारीख: 28 अक्टूबर करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 31 अक्टूबर पोस्ट के हिसाब से वैकेंसी: UP बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत शहरी प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर: 11,508 लड़के और लड़कियों के लिए एफिलिएटेड नॉन-गवर्नमेंट एडेड प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर: 897 टोटल: 12,405 पे स्केल: कैंडिडेट को लेवल 6 के हिसाब से Rs 35,400 से Rs 1,12,400 तक पे मिलेगी। अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं। एडवर्टाइजमेंट लिंक नंबर 05/2026 खोलें। नोटिफिकेशन को ठीक से पढ़ें और एलिजिबिलिटी चेक करें। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें। एप्लीकेशन फॉर्म में सही डिटेल्स भरें। एप्लीकेशन फीस पे करें। भरी गई सभी डिटेल्स चेक करें और फॉर्म सबमिट करें। आगे के रेफरेंस के लिए एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें।
हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम की ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण योजना के तहत 75 हजार रुपये तक ऋण का प्रावधान। खबर के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में केवल दो युवतियों ने लाभ लिया।
राजस्थान में ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र को नई गति देने पर प्रह्लाद जोशी से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर चर्चा की।
शिक्षा विभाग का बड़ा निर्देश: शिक्षकों की शत-प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करें, लापरवाही पड़ी भारी
स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रखने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का नियमित संचालन करना, शिक्षकों की जिम्मेदारी […] The post शिक्षा विभाग का बड़ा निर्देश: शिक्षकों की शत-प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करें, लापरवाही पड़ी भारी first appeared on Sanjeevni Today .
रेलवे भर्ती बोर्ड ने सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा 2026 की उत्तर-कुंजी और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएं देखने के लिए लिंक जारी कर दिया है। अभ्यर्थी 16 अक्तूबर से 25 अक्तूबर 2026 तक प्रश्नों, विकल्पों और उत्तर-कुंजियों पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
भोपाल की सड़कों पर हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. 'एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा?' जैसे नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने सीएम हाउस कूच की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि पदवृद्धि का आदेश जारी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा.
लखनऊ में परम भक्त योगिराज संतोष दास महाराज ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप बघेल से मुलाकात की। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। संतोष दास महाराज ने शिक्षा व्यवस्था से संबंधित अपने विचार साझा किए और आवश्यक बिंदुओं पर निदेशक के साथ विचार-विमर्श किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रताप बघेल को धार्मिक चित्र भेंट किया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान के साथ आपसी संवाद को महत्व दिया गया।
जालौन में पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर गुरुवार को नन्हा कलाम पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व और देश के विकास में उनके योगदान को याद किया। सामाजिक कार्यकर्ता शांतिस्वरूप महेश्वरी ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से देश-विदेश में पहचान बनाई। अलीम सर ने कहा कि डॉ. कलाम युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते थे। उनका जीवन दृढ़ संकल्प और परिश्रम का संदेश देता है। कार्यक्रम में युद्धवीर सिंह कंथरिया, प्रदीप महतवानी और राहुल अलाईपुरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नए नियमों के अनुससार चयनित कर्मचारियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद पांच साल तक सरकारी सेवा में काम करना होगा और पांच लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा।
उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 अक्तूबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 6 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकते हैं।
भारत और पराग्वे के बीच उच्च शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और पराग्वे के प्रतिष्ठित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ असुन्सियोन ने आपसी शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह हस्ताक्षर समारोह एक वर्चुअल मंच के माध्यम से संपन्न हुआ। वर्चुअल मंच पर हुआ ऐतिहासिक हस्ताक्षर इस ऐतिहासिक अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ असुन्सियोन की रेक्टर प्रो. जुली कॉन्सेप्सिओन वेरा डी मोलिनास ने दोनों संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हुए समझौते पर औपचारिक मुहर लगाई। इस कार्यक्रम में पराग्वे में भारत के राजदूत डॉ. पीयूष सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, संकाय सदस्य और पराग्वे स्थित भारतीय दूतावास के राजनयिक भी इस डिजिटल समारोह में शामिल हुए। ज्ञान के वैश्विक प्रसार और संवाद की ओर कदम समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस साझेदारी को लैटिन अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते बौद्धिक संबंधों का प्रतीक बताया। प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की सदियों पुरानी परंपरा ज्ञान के साझा प्रसार और वैश्विक संवाद की रही है। यह साझेदारी दोनों देशों के शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नए दृष्टिकोण तलाशने और समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर संयुक्त रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान करेगी। द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती राजदूत डॉ. पीयूष सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और पराग्वे के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा, जिससे दोनों देशों के युवाओं के बीच परस्पर समझ और शैक्षणिक रिश्ते गहरे होंगे। संयुक्त शोध और आदान-प्रदान पर रहेगा जोर इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शिक्षकों एवं छात्रों के आदान-प्रदान, सम्मेलनों के आयोजन और ज्ञान साझा करने के कार्यक्रमों पर मिलकर काम करेंगे। यह सहयोग नालंदा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक समन्वय स्थापित करने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद का सेतु बनने की प्रतिबद्धता को नई मजबूती प्रदान करता है।
नवरात्र पर पढ़िए... जरूरतमंदों का सहारा बन रहीं महिलाएं, शिक्षा से इलाज तक मदद के लिए बढ़ाए हाथ
सराभा लेडीज क्लब की डायरेक्टर शम्मी बिंद्रा महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए सक्रिय हैं। उनका मानना है कि समाज में कई प्रतिभाशाली महिलाएं ऐसी हैं, जिनमें हुनर तो है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने और मंच पर आने का अवसर नहीं मिल पाता। वह ऐसी महिलाओं को आगे लाने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए काम करती हैं। उन्होंने कई प्रतिभाओं को भी लोगों के सामने पहचान दिलाने का अवसर दिया। क्लब की गतिविधियों के अलावा वह व्यक्तिगत स्तर पर भी महिलाओं और बच्चों की मदद करती हैं। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए वह स्कूल बनवाने में मदद और बच्चों की जरूरत के सामान उपलब्ध करवाने जैसे कार्यों में भी सहयोग करती हैं। उनकी सामाजिक पहल में गरीब परिवारों को आर्थिक सहयोग, बच्चों की जरूरत का सामान उपलब्ध करवाना और शिक्षा के लिए संसाधन जुटाना शामिल है। स्नेह वेलफेयर और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भी वह जरूरतमंद लोगों के इलाज और बच्चों की भलाई के लिए सहयोग देती हैं। भास्कर न्यूज|लुधियाना नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ शहर की कुछ महिलाएं सेवा को भी अपना धर्म मानकर जरूरतमंदों की जिंदगी संवारने में जुटी हैं। इनके लिए समाज सेवा केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को शिक्षा दिलाने, महिलाओं को आत्मविश्वास देने, बुजुर्गों की जरूरतें पूरी करने और प्रतिभाशाली महिलाओं को पहचान दिलाने का जरिया है। कोई सत्संग में एकत्रित होने वाले धन से स्कूल की बच्चियों को यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध करवा रही है, तो कोई जरूरतमंद परिवारों के इलाज, बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नवरात्र के मौके पर जानिए ऐसी महिलाओं की पहल, जिनके छोटे-बड़े प्रयास कई परिवारों के लिए उम्मीद बन रहे हैं। भारत विकास परिषद (पंजाब वेस्ट) की स्टेट पैट्रन अरुणा पुरी करीब 24-25 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय हैं। कॉलेज के समय से ही उनका प्रयास रहा है कि आर्थिक तंगी किसी लड़की की पढ़ाई में रुकावट न बने। वह जरूरतमंद लड़कियों को मुफ्त ट्यूशन देने के साथ उनकी फीस और उच्च शिक्षा के खर्च में भी सहयोग करती रही हैं। उनकी मदद से एक छात्रा एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुकी है और अस्पताल में सेवाएं दे रही है। इसके अलावा, जरूरतमंद लड़कियों की शादी के समय आवश्यक सामान उपलब्ध करवाने और योग्य लोगों को नौकरी दिलाने में भी वह मदद करती हैं। वह महिलाओं के एक सत्संग ग्रुप की अध्यक्ष हैं। सत्संग के दौरान एकत्रित होने वाली राशि को जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा पर खर्च किया जाता है। स्कूलों में छात्राओं को यूनिफॉर्म और स्टेशनरी दी जाती है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। महिलाओं के समूह के सदस्य भी अपनी क्षमता के अनुसार पैसे एकत्रित कर जरूरतमंद परिवारों की सहायता करते हैं। बीमारी के इलाज से लेकर घरों में काम करने वाली सहायिकाओं के परिवारों की जरूरतें पूरी करने तक, वह मदद के लिए आगे रहती हैं। सीनियर सिटीजन केयर फाउंडेशन की वाइस प्रेसिडेंट के रूप में वह बुजुर्गों, विशेषकर महिलाओं की समस्याओं को भी उठाती हैं और जरूरतमंदों को सुनने की मशीन जैसी सुविधाएं दिलाने में सहयोग करती हैं।
शिक्षा को बढ़ावा, कुरीतियां मिटाने पर 17 गांव एकमत
भास्कर न्यूज | भाटापारा भाटापारा तहसील के टोनाटार चक क्षेत्र के आश्रित ग्राम अर्जुनी में सामाजिक, आर्थिक, रोजगार, ग्रामीण समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर एक वृहद समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में अंचल के 17 गांवों के रायपंचों, समस्त डीहवारों, गोंडवाना समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत की। बैठक के दौरान क्षेत्र के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशने, सामाजिक एकजुटता को मजबूती प्रदान करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समाज के अध्यक्ष थानू नेताम ने कहा कि आज की लड़ाई बंदूक और गोली की नहीं, बल्कि शिक्षा और कलम की है। आधुनिक दौर में समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए शिक्षा, जागरूकता, संगठनात्मक मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार है। युवाओं को नशे, दिशाहीनता से बचाकर उच्च शिक्षा की ओर मोड़ना होगा। इससे वे समाज, क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। समीक्षा बैठक में समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों, फिजूलखर्ची को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आपसी भाईचारा, सहयोग की भावना से ही गांवों की स्थानीय समस्याओं का समाधान संभव है। इसके साथ ही गांवों में शिक्षा का स्तर सुधारने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने, सामाजिक एकता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे संवाद के आयोजन का निर्णय लिया गया।
अक्टूबर का वेतन चाहिए तो पूरा कराएं डाटा सत्यापन, मुजफ्फरपुर में शिक्षा विभाग ने तय की समयसीमा
मुजफ्फरपुर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए डाटा सत्यापन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रधानाध्यापकों को आज ही शिक्षकों के अभिलेख प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
Bareilly News: कार्यालय में नहीं मिले उच्च शिक्षा अधिकारी तो गेट पर चस्पा किया ज्ञापन
बरेली कॉलेज में असाइनमेंट न जांचने के मामले को लेकर उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में बृहस्पतिवार को एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी रजत मिश्रा व अन्य ज्ञापन देने पहुंचे
Basti News: संयुक्त शिक्षा निदेशक बनी शिफा व उप शिक्षा निदेशक बनी काजल
मिशन शक्ति के तहत दो छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक पद पर बृहस्पतिवार को आसीन किया गया। छात्राएं अधिकारी की भूमिका में कार्य की। अभिलेखों को देखा।
Kanpur News: खुशी बनीं एक दिन की खंड शिक्षा अधिकारी, सुनीं शिक्षकों की समस्याएं
मिशन शक्ति के तहत बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय जवाहर नगर सिकंदरा की कक्षा पांच की छात्रा खुशी को एक दिन के लिए राजपुर का बीईओ बनाया गया।
स्कूलों में शौचालय की सुविधा 99.8 फीसद, फिर भी 15 से 21 साल की 19.8 फीसद लड़कियां शिक्षा से बाहर
Ballia News: छात्राओं के कॅरिअर, शिक्षा-सुरक्षा पर दी सीख
Offered guidance on the careers, education, and safety of female students
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र की मीना जैन बच्चों को दे रहीं निशुल्क शिक्षा
कुरुक्षेत्र की मीना जैन बच्चों को दे रहीं निशुल्क शिक्षा
Una News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर भाषण में बीएड प्रथम वर्ष की कशिश प्रथम
प्रतियोगिता में विवेकानंद सदन की बीएड छात्रा कशिश ने प्रथम स्थान हासिल किया।
Sirsa News: रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में वीरवार को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सहयोग से रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) पर कार्यशाला और रोजगारपरक कौशल विकास विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया गया।
Ghazipur News: कलाम के सपनों का भारत बनाने के लिए विज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी
Promoting science and education is essential to building the India of Kalam
Bilaspur News: तकनीकी शिक्षा मंत्री ने फ्रंटियर्स ऑफ लर्निंग पुस्तक का किया विमोचन
बिलासपुर। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता
Lalitpur News: स्कूल में शिक्षामित्र की हालत बिगड़ी, मौत
ललितपुर। कंपोजिट विद्यालय गदयाना में कार्यरत शिक्षामित्र 56 वर्षीय जानकी निवासी ग्राम गदयाना की बुधवार को अचानक हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की। मृतक के पुत्र ने हार्ट अटैक से मौत हाेने की
पीएम मोदी ने लद्दाख में विकास, शिक्षा और खेलों के लिए कई योजनाओं का किया ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह लद्दाख के विकास को लेकर कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है. केंद्र सरकार ने लद्दाख में हाई कोर्ट की स्थापना को मंजूरी दी है, जिससे न्याय व्यवस्था आसान और सुगम बनेगी. आज लद्दाख में डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से युवाओं और स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. भारत नेट और हाई-स्पीड इंटरनेट के विस्तार से पर्यटन, होटल, होमस्टे, ऑनलाइन बिजनेस और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आई है.
दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाना, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना है इस समझौते का उद्देश्य। अधिकारी संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने और आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में भूमिका निभाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सुदूर रंगरिक गांव के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की घोषणा की
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार के 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के दुर्गम और दूरस्थ इलाके में स्थित रंगरिक गांव में एक रात...
केरल PM-Shri योजना से खुद नहीं हट सकता, शिक्षा मंत्री शमसुद्दीन ने विधानसभा में दी जानकारी
केरलम के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में कहा कि राज्य केंद्र की पीएम-श्री योजना से एकतरफा तरीके से बाहर नहीं हो सकता, क्योंकि पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन में इससे बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है। शमसुद्दीन ने कहा कि राज्य सरकार पीएम-श्री योजना के संबंध में आगे की कार्रवाई पर फैसला उप-समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही करेगी। शमसुद्दीन ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि समझौता ज्ञापन में यह उल्लेख है कि इसके प्रावधानों में किसी भी संशोधन या बदलाव के लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत संबंधित अधिकार केंद्र के पास हैं। विपक्षी सदस्यों के बार-बार सवाल पूछने के बावजूद मंत्री ने इस बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि सरकार समझौता ज्ञापन को अदालत में चुनौती देगी या केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत केंद्र द्वारा रोकी गई धनराशि जारी कराने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की पड़ताल के लिए गठित मंत्रिमंडल की उपसमिति की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें इस मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। इसकी रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के सामने मुश्किल स्थिति है, क्योंकि पिछली एलडीएफ सरकार ने ‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएम-श्री) योजना लागू करने पर सहमति जताई थी और अक्टूबर 2025 में इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। शमसुद्दीन ने राज्य के इस रुख को दोहराया कि केरलम के सरकारी स्कूलों में राज्य द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अलावा कोई अन्य पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जा सकता। मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात पर अपने विकल्पों पर विचार कर रही है कि समग्र शिक्षा केरल (एसएसके) समेत केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली रोकी गई धनराशि के मामले में उच्चतम न्यायालय या किसी अन्य उपयुक्त अदालत का रुख किया जाए या नहीं। विपक्षी सदस्यों के कानूनी कार्रवाई शुरू करने के सुझावों पर उन्होंने कहा कि सरकार अभी इस मामले पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में आगे क्या करना चाहिए और क्या रुख अपनाना चाहिए, हम फिलहाल इसी पर विचार कर रहे हैं। आप यहां सुझाव दे रहे हैं और हमें मुकदमा दायर करने के लिए कह रहे हैं। हम इस पर विचार करेंगे।’’तमिलनाडु की कानूनी चुनौती का जिक्र करते हुए शमसुद्दीन ने विपक्ष के इस सुझाव पर सवाल उठाया कि केरलम को भी अदालत का रुख करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पहले ही बता चुकी है कि एसएसके और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली धनराशि केरलम के बच्चों का अधिकार है और इसे पीएम-श्री योजना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एसएसके और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि इस राज्य के बच्चों का अधिकार है। इसलिए, संघीय व्यवस्था के तहत यह हमारा अधिकार है और हमें यह धनराशि मिलनी ही चाहिए।’’विधानसभा में पूछे गए सवाल में पंजाब का भी जिक्र किया गया, जिसने अक्टूबर 2022 में पीएम-श्री योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे और 241 विद्यालयों का चयन किया था। पंजाब ने जुलाई 2023 में योजना से हटने का फैसला किया था, लेकिन 26 जुलाई 2024 को इसे फिर से लागू करने का निर्णय लिया। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में अब 419 विद्यालयों में यह योजना लागू की जा रही है। सदस्यों ने यह भी कहा कि तमिलनाडु को छोड़कर सभी राज्यों ने योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पंजाब और अन्य राज्यों में हुए बदलावों को देखते हुए केरलम भी अपने रुख पर फिर से विचार कर सकता है। पीएम-श्री योजना के तहत 14,500 विद्यालयों को उन्नत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे 18 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य इन विद्यालयों को आदर्श संस्थानों के रूप में विकसित करना और उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 की भावना को समाहित करना है।
राजमाता विजायराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 12 वें दीक्षांत समारोह में 666 विद्यार्थियों को उपाधि मिली। चार छात्रों को स्वर्ण पदक दिए गए। साथ ही तीन छात्रों को सरताज बहादुर सिन्हा स्मृति पुरस्कार दिए गए।
शिवहर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुविधाजनक माहौल देने के लिए जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की निगरानी तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने मातृ एवं शिशु अस्पताल, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की 520 छात्राओं के लिए बन रहे आवासीय प्लस-2 उच्च विद्यालय और जननायक कर्पूरी ठाकुर पिछड़ा/अति पिछड़ा छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा की समीक्षा की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को स्वीकृत योजना तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप काम पूरा कराने का निर्देश दिया। वहीं, छात्रावास में साफ-सफाई की कमी मिलने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी। प्रशासन का जोर निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ मौजूदा सुविधाओं में सुधार करने पर है, ताकि जिले के लोगों, खासकर महिलाओं, नवजात शिशुओं, ग्रामीण छात्राओं और छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण की समीक्षा जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि भवन निर्माण में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इंजीनियरों को नियमित निगरानी करने को भी कहा गया, ताकि निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जल्द तैयार किया जा सके। अस्पताल शुरू होने से गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को जांच, उपचार, प्रसव और देखभाल की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। 520 छात्राओं के लिए बन रहा आवासीय विद्यालय जिले में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की 520 छात्राओं के लिए आवासीय प्लस-2 उच्च विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। डीएम ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को स्वीकृत योजना और तकनीकी मानकों के अनुसार निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी को भी नियमित रूप से निर्माण स्थल का निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने को कहा। इस विद्यालय का उद्देश्य दूरदराज की छात्राओं को आवासीय सुविधा के साथ आगे की पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराना है। छात्रावास में सफाई की कमी पर जताई नाराजगी जननायक कर्पूरी ठाकुर पिछड़ा/अति पिछड़ा छात्रावास के निरीक्षण के दौरान डीएम ने साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। कमी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी। उन्होंने छात्रावास भवन की अंदरूनी और बाहरी मरम्मत के साथ परिसर में बन रहे साइकिल स्टैंड तथा सेप्टिक टैंक का काम निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। छात्रों से सुविधाओं की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों से उनकी आवासीय व्यवस्था, साफ-सफाई और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका शीघ्र समाधान करने को कहा। डीएम ने कमरों, शौचालयों, गलियारों और पूरे परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।
राजस्थान में कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षाएं 15 अक्टूबर यानी आज से शुरू होनी थीं। स्कूलों में तैयारी हो चुकी थी और कई निजी स्कूलों में पेपर भी शुरू हो गए थे। लेकिन शिक्षा विभाग ने गुरुवार देर शाम अचानक परीक्षा की तारीखें बदल दीं। अब ये परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी। दरअसल, पंचायतीराज चुनाव के लिए चिह्नित स्कूलों को 20 अक्टूबर से पोलिंग के लिए हैंडओवर करना है। ऐसे में इन स्कूलों में परीक्षाएं नियमित रूप से कराना संभव नहीं था। विभाग को परीक्षा की तारीखें पहले ही बदल देनी चाहिए थीं, लेकिन आदेश देर शाम जारी किया गया। कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं स्कूल स्तर पर ही होती हैं, इसलिए कई स्कूलों में तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं शुरू भी हो गई थीं। इससे स्कूलों में दिनभर असमंजस बना रहा। पंचायतीराज चुनाव के कारण बदला कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार की ओर से 15 अक्टूबर की देर शाम जारी आदेश में परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन की जानकारी दी गई। आदेश के अनुसार, पंचायतीराज चुनाव के कारण कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) की तारीखें बदली गई हैं। अब ये परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होंगी। इससे पहले शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 के अनुसार परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित थीं। निजी स्कूलों में शुरू हो चुके थे एग्जाम परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव का आदेश देर शाम जारी होने से पहले स्कूलों में असमंजस बना रहा। संशोधित तारीखों को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं मिलने के कारण कई निजी स्कूलों ने तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं शुरू कर दी थीं। सरकारी स्कूलों में भी परीक्षा आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब विभाग के आदेश के बाद सभी संबंधित अधिकारियों और स्कूलों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा 9 से 12 तक की परीक्षाएं भी इसी अवधि में राज्य के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में समान परीक्षा योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तारीखें भी पहले बदली जा चुकी हैं। इन कक्षाओं की परीक्षाएं भी 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित होनी हैं। अब कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) का कार्यक्रम भी इसी अवधि में तय किया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान गुरुवार को केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी...
jaipur, 15 अक्टूबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने New Delhi में केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से Thursday को मुलाकात कर प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. इस संबंध में उन्होंने social media पर तस्वीर साझा ... Read more
मध्य प्रदेश में किसान, मेहमान, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और आपके कानूनी अधिकारों के लिए 27050 करोड़
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दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर लहेरियासराय के पोलो मैदान में मतदाता अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, विश्वविद्यालयों की बदहाल स्थिति, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में भाकपा-माले के स्नातक क्षेत्र के प्रत्याशी संदीप कुमार चौधरी को विजयी बनाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाने का भी मौका है। भाकपा-माले के युवा विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि देश में छात्र-युवा आंदोलन बदलाव की नई उम्मीद पैदा कर रहा है। जंतर-मंतर से उठे संघर्ष, लोकतंत्र, रोजगार और शिक्षा के अधिकार के संदेश को गांव-गांव, पंचायत-पंचायत और शिक्षित बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाने की जरूरत है। सदीप ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद, शैक्षणिक सत्र में देरी, शोधार्थियों की समस्याएं और पुस्तकालयों-प्रयोगशालाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। कहा कि रोजगार के सीमित अवसरों का असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक पहल जरूरी है। मिथिलांचल की शैक्षणिक विरासत भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र मिथिलांचल की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मिथिला की पहचान ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, तर्क और सामाजिक चेतना की समृद्ध परंपरा से रही है। इसके बावजूद क्षेत्र के हजारों युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आज भी चुनौती बनी हुई है। स्नातक क्षेत्र के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय मतदाताओं से संपर्क करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसे विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को लगातार उठाना चाहिए। ‘उच्च शिक्षा के विस्तार की जरूरत’ भाकपा-माले प्रत्याशी संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि मिथिलांचल में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, बंद पड़े महाविद्यालयों को चालू करने, दूरस्थ शिक्षा को मजबूत बनाने और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को महंगा बनाने के बजाय आम विद्यार्थियों की पहुंच में लाना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य अभिषेक कुमार ने की। सम्मेलन में डॉ. संतोष कुमार यादव, शिक्षक नेता नंदन सिंह, मिथिलेश्वर सिंह, शिव दयाल यादव, आरके सहनी, प्रो. हृषिकेश झा, चुन्नू सिंह, नेयाज अहमद, शनिचरी देवी, अमित पासवान, आइसा नेता मिथिलेश यादव, प्रिंस राज, रंजीत राम, हरि पासवान, अशोक पासवान, देवेंद्र कुमार, पप्पू खान, उमेश प्रसाद साह, नंदलाल ठाकुर, विनोद सिंह, पप्पू पासवान और ईश्वर दयाल सिंह सहित दर्जनों स्नातक मतदाता मौजूद थे।
लद्दाख को मिलेगी विकास की नई रफ्तार, PM मोदी ने 3350 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन; युवाओं की शिक्षा पर जोर
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मावली की 32 किशोरियों ने जाना शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों का महत्व
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 पर विकल्प संस्थान, उदयपुर ने मावली ब्लॉक की 32 किशोरियों को सरकारी संस्थानों का भ्रमण कराया। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, एफआईआर प्रक्रिया और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्राचार्य मेघश्याम ढाकरे को राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार, न्यायाधीश प्रकाश पाटील ने किया सम्मानित
समुद्रपूर के विद्या विकास महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. मेघश्याम ढाकरे को गुजरात के आनंद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार मिला। इसके बाद प्रथम श्रेणी दिवाणी न्यायालय में न्यायमूर्ति प्रकाश पाटील ने उनका सत्कार किया।
डॉ. कलाम की जयंती पर सेमिनार:वसीम राईन बोले- वैज्ञानिक सोच और शिक्षा से ही देश बनेगा विकसित राष्ट्र
भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर गुरुवार शाम 4:00 बजे को ग्राम सैदनपुर के मदरसा अल जामियातुल अशरफिया रज्जाकिया फखरूल उलूम में एक सेमिनार हुआ। इसमें डॉ. कलाम के जीवन और राष्ट्र विकास में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने पर जोर दिया। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मेहनत से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर मिसाल कायम की। उनका सपना भारत को विकसित राष्ट्र बनाना था, जिसके लिए शिक्षा और वैज्ञानिक सोच जरूरी है। अजय गुरु ने आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया। एडवोकेट रागधीर सिंह सुमन ने डॉ. कलाम को देश का गौरव बताया और युवाओं से मेहनत करने को कहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता इकबाल अंसारी ने की, मैनेजर असरार अंसारी ने धन्यवाद किया।
समस्तीपुर में भाकपा-माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि बिहार में एमएलसी चुनाव सरकार बनाने या गिराने का चुनाव नहीं, बल्कि अपनी ताकत और मुद्दों को सामने रखने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र और संविधान बचाने के सवाल पर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को भाकपा-माले ने चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाया है। विधायक संदीप सौरभ गुरुवार को दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाकपा-माले समर्थित उम्मीदवार संदीप कुमार चौधरी के समर्थन में समस्तीपुर पहुंचे। उन्होंने पार्टी कार्यालय में आयोजित पीसी को संबोधित किया और बाद में समर्थित उम्मीदवार के साथ कॉलेजों का भ्रमण कर शिक्षकों-मतदाताओं से संपर्क किया। सरकार के दावे और जमीन हकीकत अलग उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। इंटर पास करने के बाद बिहार में बड़ी संख्या में छात्र डिग्री कॉलेजों में नामांकन से वंचित रह जाते हैं। पीजी की पढ़ाई भी चुनिंदा कॉलेजों में ही उपलब्ध है, जिसके कारण बड़ी संख्या में छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। संदीप सौरभ ने कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई शिक्षण संस्थानों में लाइब्रेरी और लैब तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। वित्त रहित कॉलेजों में शिक्षकों को महज 5 से 10 हजार रुपए मानदेय दिया जा रहा है। नियोजित शिक्षक भी कई सुविधाओं से वंचित हैं। विरोध के बावजूद संविदा पर बहाली की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के सवालों को लेकर संघर्ष कर रहे भाकपा-माले समर्थित उम्मीदवार संदीप कुमार चौधरी को प्रथम वरीयता का वोट देकर विजयी बनाएं। छात्र-युवा और शिक्षा के मुद्दे को बनाया चुनावी एजेंडा भाकपा-माले समर्थित उम्मीदवार संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा है और यहां मतदाता बनने की प्रक्रिया भी जटिल है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्रहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज छात्र-युवा शिक्षा, रोजगार, महंगाई, स्कूल-कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं की कमी, संविदा बहाली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अदालतों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सरकार की ओर से वैकेंसी निकालने की घोषणा के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। स्नातक स्तर पर सीटें सीमित हैं संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में छात्र इंटर पास कर रहे हैं, जबकि स्नातक स्तर पर सीटें सीमित हैं। इसके कारण छात्रों को अपनी पसंद का विषय नहीं मिल पा रहा है और उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या शहरों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भाकपा-माले ने इन्हीं सवालों को चुनाव का मुद्दा बनाया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे भाकपा-माले समर्थित उम्मीदवार को प्रथम वरीयता का वोट देकर विजयी बनाएं। पीसी में भाकपा-माले के जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, चुनाव प्रभारी सुनील कुमार, ललन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA ने प्रचार तेज कर दिया है। मोतिहारी में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने NDA प्रत्याशी आनंद पुष्कर को जिताने की अपील की। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार ने शिक्षकों का ऑनलाइन ट्रांसफर किया है। NDA सरकार हमेशा शिक्षकों के हित में काम करती है और उनकी मांगों को पूरा करती है। उन्होंने शिक्षकों को सातवें वेतन की मांग पूरी करने का भरोसा दिया। बागी नेताओं पर साधा निशाना तिवारी ने NDA से बगावत कर चुनाव लड़ रहे नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपनी स्थिति का पता चल रहा है। वोटरों का समर्थन NDA को मिल रहा है। चुनाव नतीजों के बाद बागी नेताओं को अपनी गलती का एहसास होगा। अपराध पर बोले- अपराधियों का ठिकाना श्मशान घाट बढ़ते अपराध पर मंत्री ने कहा कि सरकार को बदनाम करने की साजिश हो रही है। पुलिस के हाथ खुले हैं और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधियों का ठिकाना अब श्मशान घाट है।” तिवारी ने कहा कि NDA सरकार सुशासन और कानून-व्यवस्था पर समझौता नहीं करेगी। राधा मोहन सिंह ने भी की वोट देने की अपील भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने भी शिक्षकों से NDA प्रत्याशी आनंद पुष्कर के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक मेहता ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पावन पर्व शक्ति, भक्ति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुजरात से निकला गरबा आज पूरे देश में माता रानी की आराधना का मुख्य केंद्र बना हुआ है; ठीक इसी तरह गुजरात से निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज विश्व पटल पर एक शक्तिशाली व्यक्तित्व के रूप में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
Teacher Recruitment 2026: 2,721 पदों पर होगी बंपर भर्तियां, जानें पूरी डिटेल!
PC: Adobe सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आंध्र प्रदेश स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने AP DSC Teacher Recruitment 2026 का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 2,721 रिक्त पदों को भरा जाएगा। मुख्य विवरण यह भर्ती आंध्र प्रदेश टीचर रिक्रूटमेंट टेस्ट (APTRT) 2026 के तहत निकाली गई है, जिसके माध्यम से स्कूल असिस्टेंट, सेकंडरी ग्रेड टीचर्स (SGT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT), पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT), प्रिंसिपल और फिजिकल एजुकेशन के पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। पदों का विवरण (Post-Wise Breakdown) कुल 2,721 संभावित (Tentative) पदों का विवरण इस प्रकार है: सेकंडरी ग्रेड टीचर (SGT) : 1,205 पद स्कूल असिस्टेंट (SA): 906 पद सेकंडरी ग्रेड टीचर (स्पेशल एजुकेशन): 200 पद स्कूल असिस्टेंट (स्पेशल एजुकेशन): 150 पद ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर (TGT) : 113 पद पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) : 81 पद फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 34 पद प्रिंसिपल : 30 पद फिजिकल डायरेक्टर (PD) : 2 पद महत्वपूर्ण तिथियां शॉर्ट नोटिस जारी होने की तिथि: 13 अक्टूबर 2026 विस्तृत नोटिफिकेशन (Detailed Notification): योग्यता, आयु सीमा, आवेदन तिथियों और परीक्षा शेड्यूल से जुड़ा पूरा नोटिफिकेशन 3 नवंबर 2026 या उससे पहले जारी होने की उम्मीद है।
Pc: jagran ग्रेजुएट युवाओं और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे योग्य उम्मीदवारों के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) में काम करने का बेहतरीन मौका सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मास्टर (शॉर्टहैंड) के 15 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। योग्य उम्मीदवार 27 अक्टूबर 2026 तक ऑफलाइन/ईमेल के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। मुख्य विवरण पद का नाम: कोर्ट मास्टर (शॉर्टहैंड) - कुल पद: 15 (संभावित) वेतनमान (Pay Scale): पे मैट्रिक्स का लेवल 11 (₹67,700 - ₹2,08,700) + अन्य स्वीकार्य भत्ते। भर्ती का प्रकार: डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) आधार पर। पात्रता और शैक्षणिक योग्यता शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। शॉर्टहैंड स्पीड: अंग्रेजी शॉर्टहैंड में 120 शब्द प्रति मिनट (w.p.m.) की गति आवश्यक है। टाइपिंग स्पीड: कंप्यूटर ऑपरेशन का ज्ञान और 40 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए। अनुभव: हाई कोर्ट या जिला अदालतों में प्राइवेट सेक्रेटरी, सीनियर PA, PA, या सीनियर स्टेनोग्राफर के पद पर कम से कम 5 वर्ष की नियमित सेवा का अनुभव। आयु सीमा: 1 अक्टूबर 2026 तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु 56 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया शॉर्टहैंड स्किल टेस्ट: 120 w.p.m. की गति पर अंग्रेजी शॉर्टहैंड टेस्ट (अधिकतम 5% गलतियों की अनुमति)। इंटरव्यू / इंटरैक्शन: स्किल टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। पिछले 5 वर्षों के ACRs/APARs और विजिलेंस क्लीयरेंस की समीक्षा की जाएगी। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप (Proforma) में आवेदन पत्र भरकर अपने संबंधित हाई कोर्ट के माध्यम से रूट करना होगा। शुरुआती जांच के लिए स्कैन की गई कॉपी recruitment.cell@sci.nic.in पर ईमेल द्वारा भेजनी होगी। इसके बाद पूर्ण आवेदन पत्र मूल दस्तावेजों के साथ Recruitment Cell, Supreme Court of India, Tilak Marg, New Delhi - 110001 के पते पर डाक द्वारा भेजना होगा।
BTSC में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों पर भर्ती, 24 अक्टूबर तक करें आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बिहार में फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) बनने का अवसर है...
बिहारः शिक्षा विभाग में बड़ा घपला, किरानी ने डिजिटल हेराफेरी कर 76 का गबन किया; सस्पेंड
पटना शिक्षा विभाग के कार्यालय की मेकर लॉगइन आईडी (प्रवेश प्रणाली) के दुरुपयोग से 76 लाख 71 हजार 983 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। इस आरोप में एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा राजेश यादव ने विद्यालय का किया औचक निरीक्षण
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने गुरुवार को जयपुर
job news 2026: शिक्षा सेवा चयन आयोग की और से निकली हैं 2607 पदों के लिए भर्ती, कर दें आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की हैं, जी हां उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से प्रवक्ता के 2607 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन जारी हैं। जो उम्मीदवार भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वो आवेदन कर सकते है। 17 अक्टूबर 2026 के बाद एप्लीकेशन विंडो क्लोज कर दी जाएगी। योग्यता-संबंधित विषयों से पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ ही बीएड उत्तीर्ण किया हो। आयु सीमा- 1 जनवरी 2026 को ध्यान में रखकर उम्मीदवार की अधिकतम आयु 62 साल से ज्यादा न हो। पदों का नाम - प्रवक्ता कुल पद- 2607 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट upessc.up.gov.in भी देख सकते हैं pc- welcome-hub-germany.com
उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 अक्तूबर है। इस भर्ती में 12,405 पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवारों को आज ही आवेदन और शुल्क जमा करना होगा। लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को प्रस्तावित है।
प्रदेश भर मे बाल विवाह रोकने के लिए शिक्षा विभाग डायरेक्टर ललित कुमार ने आदेश जारी किए हैं। स्कूल के प्रिंसिपल, प्रधानाध्यापक, VDO और पटवारियों को पुलिस जैसी जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने इन सभी को आधिकारिक तौर पर 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी' (CMPO) नियुक्त कर दिया है। अब ये पुलिस की तरह इस मामले में कार्रवाई कर सकेंगे. हालांकि, इस फैसले से कई शिक्षक संगठन नाराज हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और मुख्य सचिवों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस से मिले निर्देशों के बाद सरकार ने जमीनी स्तर पर निगरानी का पूरा ढांचा ही बदल दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार के स्तर से जारी आदेशों के मुताबिक, अब ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाल विवाह रोकने के लिए केवल पुलिस का इंतजार नहीं करना होगा। सरकार ने सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल्स, प्रधानाध्यापकों, ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) और पटवारियों को आधिकारिक तौर पर ये हक दिया है। सबसे बड़ा मोड़ यह है कि 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023' के प्रावधानों के तहत इन सभी अधिकारियों को संज्ञेय अपराधों की जांच करने के लिए सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों जैसी ताकत दे दी गई है। पढ़ें किसे कहां की जिम्मेदारीग्रामीण क्षेत्रों में संस्था प्रधान जिस स्कूल में कार्यरत है, वहां की ग्राम पंचायत में और शहरी क्षेत्रों में जिस नगरपालिका वार्ड के अंतर्गत आता है, वहां के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक पूरी निगरानी रखेंगे। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारी , पटरियों को अपनी पूरी ग्राम पंचायत और पटवारी अपने पटवार मंडल के दायरे में बाल विवाह के मामलों की सीधी जांच करेंगे। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सभी संभागीय संयुक्त निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी इस आदेश की सख्त पालना सुनिश्चित करवाएंगे। हालांकि इस निर्णय से कई शिक्षक संगठन नाराज हैं, उनका मानना है कि इस व्यवस्था से शिक्षण कार्य प्रभावित होगा।
रेलवे में सरकारी नौकरी: 12वीं पास के लिए 1688 पद, आरआरबी एनटीपीसी यूजी के लिए आज से करें आवेदन
रेलवे भर्ती बोर्ड ने आरआरबी एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट भर्ती 2026 के तहत 1,688 पदों पर भर्ती निकाली है। विस्तृत अधिसूचना जारी हो चुकी है। 12वीं पास उम्मीदवार आज, 15 अक्तूबर से 13 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती में चार तरह के पद शामिल हैं।
छिंदवाड़ा में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने फील्ड अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि BEO, BRC, BAC और जनशिक्षकों की जिम्मेदारी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी करना है। लगातार लापरवाही और कारण बताओ नोटिस के बाद भी सुधार नहीं होने पर कलेक्टर ने परासिया के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। मुख्यालय छोड़ने से पहले लेनी होगी अनुमति कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा केंद्र और जनजातीय कार्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। इसमें शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की APAAR ID, शिक्षकों की ई-अटेंडेंस, छात्रवृत्ति, आवास सहायता राशि, एमपी टास पंजीयन, सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य विभागीय कार्यों की विकासखंडवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी BEO, BRC और संबंधित फील्ड अधिकारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से निवास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद ही मुख्यालय छोड़ा जा सकेगा। बैठक में अधिकारियों के मुख्यालय पर निवास की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रमाण पत्र संतोषजनक नहीं पाए जाने पर स्पष्ट प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए गए। मुख्यालय पर निवास नहीं करने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया। APAAR ID के आंकड़ों में गड़बड़ी पर नाराजगी कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की APAAR ID बनाने की प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों में विसंगतियां मिलीं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए पोर्टल के अनुसार वास्तविक डेटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विकासखंडों में विद्यार्थियों की APAAR ID बनाने का काम शत-प्रतिशत पूरा कराने को कहा। 30 अक्टूबर तक अपडेट करनी होगी स्कूल प्रोफाइल कलेक्टर ने यू-डाइस पोर्टल पर स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट करने का काम 30 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। परासिया, छिंदवाड़ा, अमरवाड़ा, चौरई, तामिया और जुन्नारदेव विकासखंडों में धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। 98.6% विद्यार्थियों को मिली गणवेश की राशि गणवेश वितरण की समीक्षा में बताया गया कि 98.6 प्रतिशत विद्यार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। कलेक्टर ने शेष विद्यार्थियों तक राशि पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों के लिए समय-समय पर गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण आयोजित करने और स्वीकृत नवीन निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा। पात्र विद्यार्थियों को समय पर मिले छात्रवृत्ति जनजातीय कार्य विभाग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी पात्र विद्यार्थियों का एमपी टास पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और आवास सहायता योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। बैठक में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग एसएस मरकाम, जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक जेके इड़पाचे, सहायक संचालक शिक्षा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, BRC और BAC मौजूद रहे।
सीएम उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 30 तक
बलरामपुर| मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को तात्कालिक सहायता दी जाएगी। निर्धारित प्रारूप में 30 अक्टूबर तक ऑफलाइन आवेदन जमा करें।
Panchkula News: पंचकूला के पजल मॉडल से बदलेगी हरियाणा की शिक्षा
पंचकूला के पजल मॉडल से बदलेगी हरियाणा की शिक्षा
Pilibhit News: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की टोली बैठक में कौमी एकता और शिक्षा पर जोर
पीलीभीत। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से बुधवार को चंदोई में टोली बैठक आयोजित की गई। इसमें कौमी एकता, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को जागरूक करने पर चर्चा हुई।
Pilibhit News: क्षेत्रीय उच्च शिक्षा उच्च शिक्षा अधिकारी ने किया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण
बीसलपुर। बरेली के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार गोस्वामी ने बुधवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में औचक निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
Mandi News: शिक्षा बोर्ड को प्रमाणपत्रों में नाम सुधारने के आदेश
सरकाघाट की सिविल जज कोर्ट नंबर-दो की अदालत ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को छात्र के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में नाम और पिता का नाम ठीक करने के आदेश दिए हैं।
सदाचार, सेवा और मानवता का संदेश देती हैं संतों की शिक्षाएं : बराला
टोहाना। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने कहा कि संत-महात्माओं की शिक्षाएं समाज को सदाचार, सेवा, परोपकार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मास्टर प्लान 2047 के तहत नरेला में 138 हेक्टेयर का एजुकेशन हब विकसित किया जाएगा।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने टोंक जिला परियोजना कार्यालय (DPO) को वित्तीय ट्रांसपैरेंसी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। ये निर्देश तब दिए गए हैं जब ऑडिट में बार-बार कमियां सामने आ रही हैं। इन कमियों को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को वित्तीय नियमों का पालन करनें, अधूरे ऑडिट पूरे करने के निर्देश दिए हैं। परिषद के वित्तीय सलाहकार के अनुसार- हर साल के लेखों का आंतरिक ऑडिट नियुक्त ऑडिटर के जरिए कराया जाता है। इसमें हर जिले की पहली और दूसरी छमाही की ऑडिट रिपोर्प रिषद को भेजी जाती है। इन रिपोर्ट में कई कमियां बार-बार सामने आने पर ये कदम उठाया गया है। जीएसटी-टीडीएस कटौती और कैश बुक व्यवस्थित करने पर जोर ऑडिट रिपोर्ट में बिलों के भुगतान पर नियमानुसार जीएसटी, टीडीएस और आयकर की कटौती नहीं करने, कटौती की राशि समय पर जमा नहीं कराने, कैश बुक में काट-छांट, रोकड़ पुस्तिका अधूरी रखने और विभिन्न वित्तीय रजिस्टरों में अधूरे कॉलम जैसी कमियां सामने आईं। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर नहीं रखने, अनुपयोगी सामग्री का निपटारा पैंडिंग रखने और कोर्ट के मामलों की सूचि का लिखित ब्योरा उपलब्ध नहीं होने जैसे मामले चिह्नित किए गए। निर्देशों के तहत राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम (आरटीपीपी) 2012 और नियम 2013 के प्रावधानों के अनुसार खरीद प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। निविदा और अनुबंध संबंधी दस्तावेजों में आवश्यक हस्ताक्षर तय करने, अनुपयोगी सामग्री के कागज तैयार कर नियम से निपटारा करने और दफ्तर के वाहनों की लॉगबुक व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साफ निर्देश- हिसाब से खर्च करें राशि विदेश सेवा में प्रतिनियुक्ति की शर्तों की पालना, यात्रा भत्ते के अधिक भुगतान पर रोक और स्वीकृत मद के उद्देश्य के अनुसार ही राशि खर्च करने को कहा गया है। बिजली और टेलीफोन बिलों का समय पर भुगतान करने तथा बिलों के भुगतान में अनियमित प्रक्रियाओं से बचने पर भी जोर दिया है। परिषद ने साफ कहा कि आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों में पैंडिंग काम की अनुपालना समय पर पूरी कर रिपोर्ट परिषद को भेजी जाए। वित्तीय पारदर्शिता के साथ जवाबदेही भी तय हो शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा- शिक्षा विभाग में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी धन के उचित उपयोग के लिए आंतरिक ऑडिट अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऑडिट में सामने आने वाली कमियों को केवल रिपोर्ट तक सीमित रखने के बजाय उनका समयबद्ध समाधान तय किया जाना चाहिए। वित्तीय नियमों की पालना, अभिलेखों का नियमित संधारण और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने से अनियमितताओं की आशंका कम होगी तथा सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही बढ़ेगी। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे बिलों के भुगतान, कर कटौती, स्टॉक रजिस्टर और निविदा प्रक्रिया सहित सभी वित्तीय कार्यों में निर्धारित नियमों का पालन करें। लंबित अंकेक्षण अनुच्छेदों की नियमित समीक्षा कर उनकी अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, जहां किसी प्रकार की कमी सामने आती है, वहां सुधारात्मक कार्रवाई भी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में एक जैसी आपत्तियों की पुनरावृत्ति न हो और शिक्षा विभाग की वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
शासकीय कॉलेजों में होने वाली 595 प्राध्यापक भर्ती में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम में नयागांव ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पहाड़ा की छात्रा प्रणल चौहान ने भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने छात्रा वर्ग में जिला स्तर पर यह उपलब्धि पाई है। प्रणल ने अपने आत्मविश्वास और तर्कपूर्ण विचारों से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। इस प्रतियोगिता में जिले भर के स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। विजेता छात्रा प्रणल चौहान को CDEO वीरेन्द्र यादव, ADPC कुंज बिहारी भारद्वाज, DEO एलिमेंट्री दुर्गेश मेनारिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मानित किया। उन्होंने प्रणल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस उपलब्धि पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जयमाला खराड़ी और अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कल्पेश मीणा ने भी प्रणल को बधाई दी। प्रणल की सफलता पर स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
Railway Apprentice Recruitment 2026: रेलवे में 2008 पदों पर भर्ती, 10वीं और ITI पास युवाओं को मौका
सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC), जयपुर की और से अप्रेंटिसशिप के 2008 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन जल्द ही स्टार्ट कर...
साक्षर भारत मिशन योजना के तहत जिले में तैनात रहे 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों के बकाया मानदेय का मामला फिर गरमा गया है। बुधवार की दोपहर करीब 3:30 बजे लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने डीएम ऑफिस पहुंचकर शिक्षा प्रेरकों के करीब 40 माह के बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग उठाई है। पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन कठेरिया ने 14 अक्टूबर को जिलाधिकारी को संबोधित पत्र देकर जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर पार्टी शिक्षा प्रेरकों के हक के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर लड़ाई लड़ेगी। पार्टी की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया कि वर्ष 2009-10 में साक्षर भारत मिशन योजना के तहत मैनपुरी जिले में 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी। इन्हें 2 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था। मार्च 2018 में बिना किसी नोटिस के इनकी संविदा समाप्त कर दी गई। इसके साथ ही करीब 40 माह का मानदेय भी बकाया रह गया, जिसका भुगतान अब तक नहीं हो सका है। जिलाध्यक्ष पवन कठेरिया ने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के क्रम में करीब छह माह पहले सभी प्रभावित शिक्षा प्रेरकों से उनके बैंक खातों का विवरण जमा कराया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक किसी भी शिक्षा प्रेरक को बकाया मानदेय नहीं मिला है। इससे लंबे समय से भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व शिक्षा प्रेरकों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने इस देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब संबंधित शिक्षा प्रेरकों के बैंक विवरण पहले ही जमा कराए जा चुके हैं, तो भुगतान की प्रक्रिया अब तक पूरी क्यों नहीं हुई। पत्र के जरिए प्रशासन से मामले में पहल कर बकाया राशि दिलाने की मांग की गई है। लोक जनशक्ति पार्टी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि उपलब्ध बैंक विवरण के आधार पर 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों के बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराया जाए। पार्टी का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मामले का निस्तारण कर प्रभावित लोगों को राहत दी जानी चाहिए।
कैमूर में डीएम की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को तय समय में सुधार के सख्त निर्देश दिए। जिले में 6 स्कूल भवनहीन और 38 भूमिहीन हैं। डीएम ने भवनहीन स्कूलों के लिए जल्द प्रस्ताव भेजने, भूमिहीन स्कूलों के लिए तुरंत जमीन ढूंढने का आदेश दिया। सुरक्षा-भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर 279 स्कूलों में पीने के पानी की समस्या दूर करने को पीएचईडी विभाग से बात करने को कहा गया। 158 स्कूलों में 'कायाकल्प योजना' के तहत संपर्क सड़क बनाने के निर्देश भी दिए गए। 59.60% महिला साक्षरता दर पर डीएम ने चिंता जताई, इसे बढ़ाने को खास योजना बनाने को कहा। PBL में जिले के अच्छे प्रदर्शन (जुलाई में पहला, अगस्त में दूसरा) की तारीफ भी हुई। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 2-3 दिन तक हाजिरी सिंक न होने पर शिक्षकों का वेतन कटेगा। अधौरा के नेटवर्क रहित स्कूलों को पहचानने, बिना मान्यता वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सुरक्षा-भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पने सफर को याद करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनकी शिक्षा का बड़ा योगदान है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कॉमेडी सीरीज चुंबक को मिल रहे प्यार पर भी खुशी जाहिर की और बताया कि कैसे इस शो ने उन्हें एक नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने का मौका दिया।
गंगापुर सिटी: मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रशासन और स्कूल शिक्षा परिवार की बैठक
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके विद्यार्थियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई।
हरियाणा के प्राथमिक विद्यालयों में सफाई के लिए 8000 रुपये का बजट, शिक्षा विभाग ने जारी किया रिमाइंडर
स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत लंबित बजट आवंटन में तेजी लाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सागर के ढाना स्थित पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में बुधवार को वोकेशनल लैब का उद्घाटन किया गया। ब्रिगेडियर ललित शर्मा ने फीता काटकर लैब का शुभारंभ किया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। स्कूल के प्रिंसिपल विनोद कुमार ने बताया कि लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे वे अपनी रुचि और दक्षता के अनुसार व्यावहारिक कौशल विकसित कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में व्यावसायिक और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। विद्यालय में शुरू की गई इस लैब से विद्यार्थियों को किस प्रकार का प्रशिक्षण मिलेगा। यह लैब में उपलब्ध सुविधाओं और संचालित की जाने वाली गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
मुरादाबाद के अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त शिक्षा पा रहे श्रमिकों के बच्चे
स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और मुफ्त हॉस्टल-भोजन सुविधाओं के दम पर श्रमिक परिवारों के छात्र आईएएस, डॉक्टर और जज बनने के सपने पूरे कर रहे हैं।
गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में गैस सिलेंडर से हुए गैस लीकेज के कारण मंगलवार देर शाम हादसे में झुलसे 17 लोगों में से इलाज के दौरान बुधवार को 2 लोगों की मौत हो गई है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में कंचन शर्मा की बेटी मिस्टी कुमारी (18) शामिल हैं, जिनकी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे मृतक प्रेम नाथ मांझी के बेटे अंकुश कुमार (5) हैं, जिनकी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला एक्टिव हो गया। इसके बाद स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सदर अस्पताल पहुंचे। मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी - शिक्षा मंत्री उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस विकट परिस्थिति में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मीडिया और अधिकारियों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। अस्पताल में झुलसे लोगों की तस्वीरें… झुलसे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे लोगों में शीला नाथ मांझी (50), कुसुम देवी (35), नेहा कुमारी (20), पिंकी कुमारी (18), कंचन कुमार (20), चमेली देवी (35), कुंदन कुमार शर्मा (18), आयोग कुमार (5) और बेबी देवी (20) शामिल हैं। इनके अलावा रौशन कुमार, आयुष कुमार, आरती कुमारी और रीमा देवी भी झुलस गए हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट घायल शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जिला पदाधिकारी को इस घटना के कारणों की पूरी तरह जांच करने का निर्देश दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे अन्य सभी लोगों को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया है। जहां सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की विशेष देखरेख में चल रहा है। जिला प्रशासन लगातार घायलों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। पूरे रूम में फैली दीया से लगी आग परिवार की महिला पिंकी कुमारी ने बताया कि घर में खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। उसे बदलने के लिए घर की महिलाएं नया सिलेंडर लगाने लगीं। सिलेंडर बदलने के दौरान महिलाएं उसका कैप हटाकर रेगुलेटर लगाने की कोशिश कर रही थीं। इसी बीच तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। कमरे में दीया जल रहा था। इसी दौरान गैस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। उस समय कमरे में जितने लोग बैठे थे, सभी झुलस गए। उन्होंने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ था।
उच्च शिक्षा के बाद करियर के लिए बेहतरीन कोर्सेस
कक्षा 12 या स्नातक के बाद करियर के लिए सही कोर्स का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम AI, डेटा विज्ञान, वित्त, और स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे सही कोर्स आपके करियर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।
जालौन में जनता दर्शन में अपने पिता के साथ पहुंची दिव्यांग बालिका श्रुति की शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन की पहल रंग लाने लगी है। विद्यालय में दाखिला होने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी समीर स्वयं उच्च प्राथमिक विद्यालय, काशीराम कॉलोनी पहुंचे। यहां उन्होंने श्रुति से मुलाकात कर उसकी पढ़ाई और विद्यालय के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। साथ ही उसका उत्साह बढ़ाते हुए नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न हो जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी बच्चा परिस्थितियों के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने और जीवन में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का रास्ता भी दिखाती है। दरअसल, नौ अक्टूबर को श्रुति अपने पिता भगत सिंह निवासी पाठकपुरा, उरई के साथ जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची थी। सुनवाई के दौरान पता चला कि पारिवारिक परिस्थितियों और शारीरिक दिव्यांगता के चलते बालिका औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रही थी। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उसकी पढ़ाई की व्यवस्था कराने और विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रुति की शिक्षा को लेकर शिक्षकों से जोर प्रशासन के प्रयासों के बाद श्रुति का उच्च प्राथमिक विद्यालय, काशीराम कॉलोनी, उरई में दाखिला कराया गया। बुधवार को जिलाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर उससे बातचीत की और पढ़ाई के प्रति उसकी रुचि के बारे में जाना। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से भी बालिका की शिक्षा को लेकर आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया। बालिका को सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करके का अवसर मिलेगा डीएम ने कहा कि सामान्य बच्चों के साथ विद्यालय में पढ़ने से श्रुति को सीखने, समझने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल दाखिला कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि बालिका की पढ़ाई नियमित रूप से जारी रहे और उसे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मैनपुरी में साक्षर भारत मिशन योजना के तहत काम करने वाले शिक्षा प्रेरकों ने अपने 40 माह के बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने बताया कि जिले में 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों का मानदेय छह साल से बकाया है। वर्ष 2009-10 में इनकी नियुक्ति हुई थी और इन्हें हर महीने दो हजार रुपये मिलते थे। मार्च 2018 में बिना किसी सूचना के उनकी संविदा खत्म कर दी गई। इसके बाद से 40 महीने का मानदेय बकाया है। छह महीने पहले सभी प्रेरकों के बैंक खाते की जानकारी जमा कराई गई थी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। इससे उन्हें आर्थिक दिक्कतें हो रही हैं। जिलाध्यक्ष पवन कठेरिया ने जल्द भुगतान की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे संवैधानिक तरीके से प्रेरकों के हक की लड़ाई लड़ेंगे। यह ज्ञापन 14 अक्टूबर को सौंपा गया।
यूको बैंक: स्नातक पास युवाओं के लिए निकली 530 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू, जानें चयन प्रक्रिया
UCO Bank Apprentice Recruitment 2026: यूको बैंक ने अपरेंटिस के 530 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। स्नातक उम्मीदवार 14 से 29 अक्तूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। चयन के लिए ऑनलाइन परीक्षा 7 नवंबर को होगी।
रायसेन में नवरात्रि के अवसर पर आनंदम ग्रुप की ओर से कन्या शिक्षा परिसर में सामूहिक कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इसमें 450 से अधिक कन्याएं शामिल हुईं। धार्मिक आस्था और सेवा भाव के साथ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और स्वरुचि कन्या भोज कराया गया। चरण पखारकर तिलक लगाया, उतारी आरती कार्यक्रम की शुरुआत कन्याओं के चरण पखारने से हुई। इसके बाद उनके माथे पर तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन किया गया और आरती उतारी गई। सामूहिक आरती के बाद सभी कन्याओं को उनकी रुचि के अनुसार भोजन कराया गया। हर साल नवरात्रि में होता है आयोजन आनंदम ग्रुप की ओर से हर साल नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन और भोज का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश देना है। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं पर नजर रखी और कन्याओं के सम्मान व सेवा से जुड़े इस प्रयास की सराहना की।
UP बेसिक शिक्षा विभाग में ECCE शिक्षक भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करें
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने झांसी में ECCE शिक्षक के 36 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। योग्य उम्मीदवार 8 अक्टूबर 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है और आयु सीमा 18 से 40 वर्ष है। अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।
मजदूरों के बच्चों को मिल रही मुफ्त शिक्षा, अटल आवासीय विद्यालय में बदल रही जिंदगी
स्मार्ट क्लासरूम, हॉस्टल, लाइब्रेरी और खेलकूद की सुविधाओं के बीच पढ़ रहे 718 विद्यार्थी, शिक्षा से लेकर रहने और खाने तक की व्यवस्था मुफ्त.
रक्षा मंत्रालय के अधीन गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय ने तकनीशियन के 32 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। कुशल और अर्धकुशल तकनीशियन पदों के लिए आवेदन 17 अक्तूबर से शुरू होंगे। योग्य अभ्यर्थी 6 नवंबर 2026 तक डाक से आवेदन भेज सकेंगे।
क्या Jagatsinghpur के Ganailo स्कूल में शिक्षा का भविष्य खतरे में है?
जगतसिंहपुर के गणाइलो सरकारी उच्च विद्यालय की स्थिति चिंताजनक है। जर्जर इमारतें, कक्षाओं की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय अभिभावक इस समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगा रहे हैं। क्या शिक्षा का भविष्य वास्तव में खतरे में है? जानें पूरी कहानी में!
भारतीय सेना टीईएस-57 भर्ती 2026: बिना लिखित परीक्षा सेना में अफसर बनने का मौका, आवेदन आज से शुरू
भारतीय सेना की दस जमा दो तकनीकी प्रवेश योजना टीईएस-57 के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अक्तूबर 2026 से शुरू हो रही है। जुलाई 2027 में शुरू होने वाले पाठ्यक्रम के लिए बारहवीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में कम से कम 60 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।

