झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता व हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक एजेंसी की व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किया जाता, तब तक NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ लंबे समय से खाली पड़े विभागीय पदों को भरने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएंगे। झज्जर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गीता भुक्कल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस के संयुक्त संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री से अपील की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने और धरना देने के लिए मजबूर न होना पड़े। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देने की जरूरत पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने परिवार और देश से दूर होकर अवैध रास्तों से विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए देश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। भुक्कल ने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक माहौल मिलेगा तो वे नशे और अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां लागू करने की मांग की। रमेश जाखड़ बने कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष उधर, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष के रूप में रमेश जाखड़ को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस दौरान नवगठित जिला कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। विधायक गीता भुक्कल ने नई कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल पार्टी का सेवा संगठन है, जिसने हमेशा संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि झज्जर जिला कांग्रेस सेवा दल आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष रमेश जाखड़ ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन पर विश्वास जताकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, यह उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल सेवा भाव को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आमजन तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का काम करेगा। कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छाया ग्रह राहु का कुंभ और धनिष्ठा में गोचर: शिक्षा, तकनीक और मीडिया में आ रहा है क्रांतिकारी बदलाव
ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक रहस्यमयी और अत्यंत प्रभावशाली 'छाया ग्रह' माना गया है। प्राचीन वैदिक परंपरा में राहु को 'कलयुग का राजा' कहा जाता है, क्योंकि कलयुग का पूरा ढांचा आभासी दुनिया, अचानक होने वाले परिवर्तनों और तीव्र गति से बदलती तकनीक पर टिका है। राहु अचानक होने वाली घटनाओं, अप्रत्याशित सफलता-विफलता, युद्ध, दूरदर्शिता और लीक से हटकर सोचने (Out of the Box Thinking) का मुख्य कारक है। वर्तमान समय में राहु का गोचर एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय स्थिति का निर्माण कर रहा है, जो आने वाले समय में संपूर्ण विश्व को शिक्षा (Education), प्रौद्योगिकी (Technology), स्पेस टेक्नोलॉजी और मीडिया (Media) के क्षेत्र में एक नए युग में ले जाने वाला है। ALSO READ: देश-दुनिया में जनविद्रोह और युद्ध के संकेत! जानिए किन राशियों के लिए शुभ तो किनके लिए भारी रहेगा यह दौर राहु का वर्तमान गोचर और खगोलीय स्थिति कुंभ राशि में राहु का प्रवास: राहु वर्ष 2025 में शनि देव की स्वामी राशि कुंभ (Aquarius) में प्रवेश कर चुका है और वह 05 दिसंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेगा। कुंभ राशि विज्ञान, अनुसंधान, नए विचारों और वैश्विक नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करती है। धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: 30 जून को राहु का स्पष्ट गोचर धनिष्ठा नक्षत्र में हो गया है, जहाँ वे 15 नवंबर 2027 तक रहेंगे। मंगल से संबंध और 'अंगारक योग' का प्रभाव: धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जिन्हें ऊर्जा, साहस, भूमि, सेना और पराक्रम का कारक माना गया है। जब भी राहु का संबंध किसी भी रूप में मंगल या उसके नक्षत्र से बनता है, तो यह अत्यंत विस्फोटक, ऊर्जावान और परिवर्तनकारी 'अंगारक प्रभाव' पैदा करता है। राहु के कुंभ राशि में गोचर से देश और दुनिया में होंगे ये 5 बड़े बदलाव शनि, मंगल और राहु के संयोग का वैश्विक प्रभाव कुंभ राशि शनि की राशि है और धनिष्ठा नक्षत्र मंगल का है। जब राहु कुंभ राशि में रहकर मंगल के नक्षत्र पर गोचर करता है, तो शनि, मंगल और राहु तीनों की ऊर्जाएं एक साथ क्रियाशील हो जाती हैं। शनि व्यवस्था और दीर्घकालिक ढांचे का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल तीव्र ऊर्जा, साहस और निष्पादन क्षमता देता है। राहु असीमित कल्पना शक्ति, नए विचार और तकनीकी भ्रम उत्पन्न करता है। ALSO READ: नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी इन तीनों शक्तियों के मिलाप से आने वाले समय में विश्व स्तर पर निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे: किन-किन क्षेत्रों में दिखेगा यह क्रांतिकारी परिवर्तन? 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी का नया दौर राहु आभासी दुनिया (Virtual World) का स्वामी है। कुंभ और धनिष्ठा में राहु का यह गोचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसी प्रगति लाएगा जो मानव इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। ऐसे नए AI टूल्स और सॉफ्टवेयर विकसित होंगे जो इंसानी सोच की गति से भी तेज काम करेंगे। ALSO READ: अगले 7 साल की डराने वाली भविष्यवाणी! क्या आने वाला है बड़ा संकट? 2. शिक्षा प्रणाली (Education System) में अभूतपूर्व बदलाव पारंपरिक शिक्षा का तरीका पूरी तरह से बदलने वाला है। डिजिटल एजुकेशन, वर्चुअल क्लासरूम और AI आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म्स हर जगह प्रभावी होंगे। शिक्षा अब किताबों से निकलकर 3D टेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) के जरिए सीधे छात्र-छात्राओं के अनुभव का हिस्सा बनेगी। शोध (Research) और इनोवेशन पर जोर बढ़ेगा। 3. मीडिया, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट में महाक्रांति मीडिया का दायरा अब पूरी तरह से बदल जाएगा। पारंपरिक मीडिया के स्थान पर डिजिटल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म्स का वर्चस्व रहेगा। राहु चूंकि भ्रम और कल्पना शक्ति का कारक है, इसलिए वीएफएक्स (VFX), सिनेमा और गेमिंग इंडस्ट्री में नए आयाम स्थापित होंगे। हालांकि, इसके साथ ही फेक न्यूज, डीपफेक और साइबर धोखाधड़ी की चुनौतियां भी बढ़ेंगी। 4. स्पेस टेक्नोलॉजी (Space Exploration) और रक्षा क्षेत्र मंगल साहस और तकनीक का स्वामी है और धनिष्ठा नक्षत्र में राहु का होना अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) के लिए स्वर्ण काल साबित होगा। दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां नए ग्रहों की खोज, सैटेलाइट नेटवर्क और अंतरिक्ष मिशनों में बड़ी सफलताएं प्राप्त करेंगी। रक्षा तकनीक में भी ड्रोन और ऑटोमेटेड हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। मानव शरीर और दैनिक जीवन में राहु का स्थान ज्योतिषीय दृष्टिकोण से राहु मानव शरीर और हमारे घर के विशिष्ट हिस्सों का प्रतिनिधित्व करता है: शरीर में स्थान: शरीर में राहु सिर की चोटी और ठोड़ी (Chin) पर प्रभाव डालता है। यह हमारी सोच, मानसिक कल्पनाओं और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को नियंत्रित करता है। घर में स्थान: वास्तु के अनुसार, घर के भीतर सीढ़ियां, टॉयलेट, ड्रेनेज सिस्टम और सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान या गैजेट्स राहु के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। राहु का कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में यह गोचर दुनिया के लिए किसी बड़े तकनीकी क्रांति से कम नहीं है। यह समय उन लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा जो नवाचार (Innovation), टेक्नोलॉजी, मीडिया और रिसर्च के क्षेत्र से जुड़े हैं। जहाँ एक ओर यह गोचर तरक्की और नए विचारों के द्वार खोलेगा, वहीं दूसरी ओर राहु के भ्रम, जल्दबाजी और उग्रता से बचकर संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक होगा।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 4 राज्यों के शिक्षामंत्रियों का इस्तीफा मांगा जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि जहां भी गैर-एनडीए सरकारें हैं, उन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। वहां के शिक्षामंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्ष के नेता पंजाब, कर्नाटक, केरल और झारखंड में पेपर लीक पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। केरल में कांग्रेस की सरकार है, झारखंड में इंडी गठबंधन, पंजाब में AAP की सरकार है। इन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। इन नेताओं को अपनी पार्टी या गठबंधन के शिक्षामंत्रियों से इस्तीफा मांगना चाहिए। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र जुटे और पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे छात्रों कोगेट से बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रों ने गेट के पास ही बैठकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। 5 तस्वीरें देखिए- प्रदर्शन के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
भारत में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। सामाजिक विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (IASSI) की भूमिका विषय पर आधारित इस सम्मेलन की संयुक्त मेजबानी नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की ओर से की गई। नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों का जमावड़ा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ प्रोफेसरों, नीति निर्माताओं और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के दिग्गजों ने एक मंच पर आकर हिस्सा लिया। इस दौरान विदेश मंत्रालय भारत सरकार, और नालन्दा विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति सचिन चतुर्वेदी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। दिग्गजों ने देश में सामाजिक विज्ञान के वर्तमान स्वरूप और इसके भविष्य को लेकर गहन मंथन किया। रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई सम्मेलन में चर्चा के मुख्य बिंदु सामाजिक विज्ञान के समग्र विकास में शैक्षणिक और शोध संस्थानों की सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, थिंक-टैंक और शोध केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय व साझेदारी स्थापित करने के रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई। भारत में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान और शिक्षा के स्तर को उन्नत कर वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षाविदों का मानना है कि नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की यह संयुक्त पहल भारत में सामाजिक विज्ञान के परिदृश्य को आधुनिक बनाने और शोधकर्ताओं के लिए एक अधिक सहयोगी और मजबूत ढांचा तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
शिक्षामंत्री का इस्तीफा: किसी की जीत नहीं, सिर्फ राष्ट्रहित है
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद से इस्तीफा देना यह स्पष्ट करता है कि उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा या कुर्सी से कहीं ऊपर देश और युवाओं का भविष्य है, जैसा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को स्वयं लिखे पत्र में भी उल्लेख किया है। जब ...
संसद के मानसून सत्र में आज यानी सोमवार को सपा और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा- सरकार छात्र-नौजवानों पर मुकदमे कर रही है। युवा चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, क्योंकि अब सरकार के लिए यही चेतना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले अखिलेश यादव ने कहा- विपक्ष एकजुट है। INDIA गठबंधन के सभी नेताओं एकजुट हैं। यह संघर्ष काफी बड़ा है। बीजेपी जब से सत्ता में आई है, उसने देश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। मैं युवाओं के मनोबल और उनकी चेतना की सराहना करता हूं। सरकार ने जो टास्क फोर्स अब बनाई है, उसका गठन तो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। 2014 से लेकर अब तक सरकार आखिर क्या कर रही थी? वहीं, सरकार लोकसभा में पेपर लीक पर सख्ती को लेकर 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इस पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- मुद्दा सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सरकार की नीति और नीयत का है। इस धांधली के असली दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उधर, सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा- पेपर लीक केवल सख्त कानून बनाने से नहीं रुक सकता। यह सारा घपला तब से बढ़ा है, जब से पूरी प्रक्रिया डिजिटल हुई है। जब व्यवस्था डिजिटल नहीं थी, तब इस तरह की बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां देखने को नहीं मिलती थीं। संसद में यूपी के सांसदों की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
शिक्षा मंत्री बदलने से नहीं, व्यवस्था बदलने से होगा समाधान : सौगत रॉय
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने नीट पेपर लीक विवाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने, संसद में इस मुद्दे पर चर्चा और विपक्षी दलों की रणनीति पर अपनी प्रतिक्रिया दी
राजस्थान के तीन बड़े संभागों में शिक्षा विभाग की व्यवस्था अब एक अधिकारी, दो जिम्मेदारी के भरोसे चलेगी। पहले से ही जिले की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों के निरीक्षण, बजट और शिक्षकों से जुड़े कामों का बोझ संभाल रहे अधिकारियों पर अब पूरे संभाग की जिम्मेदारी भी डाल दी गई है। संयुक्त निदेशक के पद रिक्त होने के कारण शिक्षा विभाग ने उदयपुर, जोधपुर और भरतपुर संभाग में जिले की शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों को ही संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। इससे अधिकारियों पर काम का बोझ और बढ़ेगा और जिले व संभाग दोनों स्तरों के काम प्रभावित होने की आशंका है। एक तरफ ये अधिकारी अपने जिले के स्कूलों, निरीक्षण, बजट और शिक्षकों से जुड़े काम देखेंगे, वहीं दूसरी तरफ पूरे संभाग की पदोन्नति, पेंशन, स्थानांतरण और विभागीय जांच जैसे महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। शिक्षा विभाग (ग्रुप-2) के संयुक्त शासन सचिव महेंद्र कुमार खींची के अनुसार, उदयपुर के सीडीईओ वीरेन्द्र सिंह यादव को उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जोधपुर के डीईओ प्रारंभिक शिक्षा हिमन्त सिंह तंवर जोधपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का काम देखेंगे। वहीं भरतपुर के डीईओ माध्यमिक शिक्षा सुरेन्द्र कुमार गणगौरिया को 1 अगस्त से भरतपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जिम्मेदारी मिलने से काम का दबाव बढ़ना तय जिले के साथ संभाग का काम भी सीडीईओ और डीईओ की जिम्मेदारी पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी की है। इसमें स्कूलों का निरीक्षण, बजट, ब्लॉक अधिकारियों की मॉनिटरिंग और शिक्षकों की समस्याओं का निपटारा शामिल है। वहीं संयुक्त निदेशक पूरे संभाग की शिक्षा व्यवस्था के प्रशासनिक काम देखते हैं। संभाग स्तर पर शिक्षकों की पदोन्नति, पेंशन प्रकरण, स्थानांतरण और बड़ी विभागीय जांचों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी इसी स्तर पर होते हैं। अब एक ही अधिकारी को जिले और संभाग दोनों की जिम्मेदारी मिलने से काम का दबाव बढ़ना तय है। अधिकारियों को जिला स्तर के नियमित काम के साथ संभाग के कई जिलों से जुड़े मामलों की निगरानी भी करनी होगी। सबसे बड़ी चुनौती : समय और प्राथमिकता... अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि अधिकारी एक साथ जिला और संभाग के कामों को कितना समय दे पाते हैं। जिला स्तर पर स्कूलों के निरीक्षण और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी को लगातार दौरे करने होते हैं। दूसरी ओर संभाग स्तर पर बड़ी संख्या में फाइलों और प्रशासनिक मामलों का निपटारा करना होता है। ऐसे में दोनों जिम्मेदारियों के बीच प्राथमिकता तय करना चुनौतीपूर्ण होगा।
राजस्थान संस्कृत अकादमी ने अभिनव नवाचार किया है। अब वेद विद्यालयों में वेद के साथ ज्योतिष शिक्षा भी मिलेगी। राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधीन कार्यरत राजस्थान संस्कृत अकादमी ने वैदिक शिक्षा को आधुनिक और बहुआयामी बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब अकादमी की ओर से संचालित वेद विद्यालयों में पारंपरिक वेदाध्ययन, पौरोहित्य एवं कर्मकांड के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र की भी सुदृढ़ शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए 37 वेद विद्यालयों में 37 ज्योतिष विशेषज्ञ लगाए जाएंगे। खासबात यह है कि ज्योतिष शिक्षा पढ़ाने के लिए पहली बार सरकारी स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में ज्योतिष विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुआयामों में दक्ष बनाना और वैदिक व ज्योतिषीय अध्ययन के प्रति युवा पीढ़ी की रुचि बढ़ाना है।
सोनम वांगचुक का अनशन और शिक्षा सुधार का एजेंडा
भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार पर निर्भर नहीं हो सकता; इसके लिए नवाचार, जवाबदेही और उद्यमशीलता को जोड़ना होगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जाने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तिफा दे पड़ा। इसके बाद से पीएम व भाजपा की पूरी सरकार दावा कर रही है कि बच्चों की भावनाओं को देखते हुए ही मंत्री द्वारा इस्तिफा दिया गया है। इसी के चलते दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट किया। अपने ट्वीट में सीएम ने कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके सपनों, परिश्रम तथा आकांक्षाओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई, सशक्त कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
करनाल के गवर्नमेंट कॉलेज में आयोजित सम्मान सम्मेलन में प्रदेशभर से पहुंचे लेक्चररों के बीच शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जहां उनकी मांगों और मुद्दों को विस्तार से सुना गया। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की परेशानियों को गंभीरता से ले रही है और जल्द समाधान की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके। हरियाणा लेक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने मंच से शिक्षकों को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। लेक्चररों की समस्याओं पर सरकार गंभीर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इस सम्मेलन में हरियाणा के हजारों लेक्चरर पहुंचे हैं और उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं से सरकार को अवगत कराया है। सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है और प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक बिना किसी बाधा के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है। युवा आंदोलन पर विपक्ष को घेरा युवा आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उठे सवालों पर महिपाल ढांडा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पूरे मामले को केवल राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं। आंदोलन का मकसद छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए था, न कि सरकार पर दबाव बनाना। उन्होंने कहा कि जब यह महसूस हुआ कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें इस आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं और युवाओं को गुमराह किया जा सकता है, तब बड़ा फैसला लिया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे राजनीतिक जीत या हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे गए पत्र और युवाओं पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोकतंत्र का गला घोंटा गया था और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया था। इसके अलावा नसबंदी अभियान का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। महिपाल ढांडा ने कहा कि भाजपा ने हमेशा जनसंख्या को देश की ताकत के रूप में देखा है, न कि बोझ के रूप में। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बदलाव पर टिप्पणी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार प्रहलाद जोशी को दिए जाने पर महिपाल ढांडा ने कहा कि वे एक अनुभवी मंत्री हैं और इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के अनुभव पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि परीक्षाएं किसी मंत्री द्वारा नहीं बल्कि संबंधित एजेंसियों द्वारा कराई जाती हैं, ऐसे में हर घटना के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। आंदोलन को भटकाने की कोशिश का आरोप शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों के आंदोलन की आड़ में देश का माहौल खराब करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने ऐसे लोगों की पहचान की है जो पेशेवर तरीके से आंदोलन को हिंसक दिशा देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी माना था कि आंदोलन गलत दिशा में जा रहा था और घटनाओं की निंदा की थी। एसआईआर से चुनाव प्रक्रिया होगी पारदर्शी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम उसमें शामिल न हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से फर्जी वोटों पर रोक लगेगी और चुनाव प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। नई शिक्षा नीति लागू, अब दिखेगा असर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक इसे पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब इसका असर धीरे-धीरे शिक्षा व्यवस्था में दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। शिक्षकों के सम्मान से बढ़ेगा मनोबल कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों ने भी सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं और उम्मीद जताई कि जल्द समाधान होगा। सम्मेलन में सम्मानित किए गए शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उनका मनोबल बढ़ता है और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। कुल मिलाकर यह सम्मेलन शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी का भी मंच बना, जहां एक ओर शिक्षकों को राहत का भरोसा मिला, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर नीमच में जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार शाम विजय मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लाखों युवाओं और छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। विजय मार्च का आरंभ कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। विजय टॉकीज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार आतिशबाजी की और पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी। रैली का समापन भारत माता चौराहे पर हुआ। यहां नीट धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों की याद में मोमबत्तियां जलाई गईं। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विजय मार्च में जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, गजेंद्र यादव, मधु बंसल, ओम दीवान, मोनू लोकस, राकेश अहीर, योगेश प्रजापति, जावेद दुर्रानी, इलियास कुरैशी, मुकेश कालरा, बृजेश सक्सेना, नाथू सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, भानु प्रताप सिंह राठौड़, इकबाल कुरैशी, शराफत अली और पृथ्वी सिंह वर्मा सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को उकलाना हलके के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यदि नीट पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के चेयरमैन आलोक वर्मा भी अपने कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। 'एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में सबसे अधिक पेपर लीक हुए' उन्होंने आरोप लगाया कि एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में प्रदेश में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि एचपीएससी कार्यालय से करोड़ों रुपए की बरामदगी हुई और एचपीएससी और एचएसएससी से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने कहा कि हरियाणा पेपर लीक के मामलों में पूरे देश में बदनाम हुआ है और भाजपा सरकार की कार्यशैली खर्चा करो, पर्चा आउट कराओ जैसी बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी लेने और एचपीएससी चेयरमैन से तत्काल इस्तीफा दिलाने की मांग की। 'समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं' दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल आधी जीत है। जब तक देश की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार नहीं किए जाते, तब तक कांग्रेस छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं। उन्होंने भाजपा सरकार से छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के लिए देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की। 'प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही' सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। रोजगार के अवसर लगातार कम हुए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनता के दबाव का परिणाम है और युवाओं की आवाज ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया। हरियाणा की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेश से जुड़े चैनत मुद्दे पर की गई घोषणा से यह संदेश गया कि मुख्यमंत्री की भूमिका कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और हत्या, अपहरण तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री पंजाब में जाकर प्रचार में लगे और हरियाणा के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। 'भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए' उन्होंने हिसार एयरपोर्ट और जींद में शुरू की गई हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। लेकिन कई परियोजनाएं धरातल पर अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सकीं। उन्होंने कहा कि हिसार में यदि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े संस्थान स्थापित किए जाते हैं तो इससे पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने गांव बिठमड़ा पहुंचकर राजेश धत्तरवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी। इस अवसर पर सांसद जयप्रकाश, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक नरेश सेलवाल, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा तथा नरेंद्र खैरी सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*शिक्षा मंत्री का स्तीफा सरकार की हार या रणनीति*
दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के स्तीफे पर काकरोच पार्टी संस्थापक अभीजीत दीपके ने कहा कि *झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए*।यह बयान दीपके का घमंड ही लगता है। *शेर भी झुकता है।शेर के झुकने ... Read more
बेमेतरा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बेमेतरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने विजय मार्च निकालकर खुशी जताई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में निकला जुलूस भारत माता चौक से शुरू होकर प्रताप चौक, सिग्नल चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। शहर में निकला विजय मार्च विजय मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए। पूरे मार्ग में उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इसे छात्रों के लंबे आंदोलन की सफलता बताया। छात्रों के संघर्ष की जीत पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के लाखों छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लंबे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और छात्रों के आंदोलन के कारण सरकार को आखिरकार निर्णय लेना पड़ा। राहुल गांधी का भी किया जिक्र आशीष छाबड़ा ने कहा कि छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। उनके अनुसार, पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा की जनता ने भी यह संदेश दिया है कि अन्याय के खिलाफ वह हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी। कांग्रेस का दावा कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को जवाब देना पड़ा। विजय मार्च के दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं के संघर्ष की सफलता बताया।
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के विज्ञापन में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि जुलाई 2026 के भीतर TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होता है तो शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार तारीखें बदली जा रही हैं और लाखों अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। ‘बदलते बयानों से 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी परेशान’ दिलीप कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री पहले कहते रहे कि जुलाई में किसी भी कीमत पर विज्ञापन जारी होगा, फिर कहा गया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक विज्ञापन आ जाएगा और बाद में बयान बदलकर यह कहा जाने लगा कि 25 जुलाई तक केवल अधियाचना आई। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने ही वादे पर कायम नहीं रह सकती तो शिक्षा मंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। दिलीप कुमार ने कहा, उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी महीनों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा बताने से बच रही है। 46 हजार पदों पर भर्ती का वादा निभाने की मांग छात्र नेता ने कहा, सरकार पहले करीब 46 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती निकालने की बात कह चुकी है। ऐसे में अब पदों की संख्या कम नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने वादे के अनुरूप सभी स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी करे, ताकि अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो सके। ‘विज्ञापन नहीं आया तो होगा लोकतांत्रिक आंदोलन’ दिलीप कुमार ने चेतावनी दी कि यदि जुलाई के भीतर TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग ने जुलाई में प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया था, इसलिए सरकार को अपने वादे पर अमल करना चाहिए। 25 जुलाई तक अधियाचना भेजने का दिया गया था निर्देश 7 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में TRE-4 की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। बैठक में अधिकारियों को 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेजने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल और तेज हो गया कि आखिर शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन कब जारी होगा, क्योंकि सरकार की ओर से अब तक इसकी कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने महम पहुंचकर दक्ष प्रजापति समाज के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का जिक्र किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी अपनी राय रखी। मंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने 136वें 'मन की बात' कार्यक्रम में देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में दक्ष प्रजापति समाज के योगदान का उल्लेख किया था। उन्होंने हाथ से बनी और मिट्टी से बनी वस्तुओं के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात दोहराई। शर्मा ने आगामी गणेश चतुर्थी पर मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियों का उपयोग करने का भी आह्वान किया। दक्ष प्रजापति कमेटी द्वारा सौंपी गई मांगों पर बात की अरविंद शर्मा ने दक्ष प्रजापति कमेटी द्वारा सौंपी गई मांगों पर भी बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और जल्द ही इन्हें पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। बोले- युवाओं के लिए बड़ी कुर्बानी दी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी मंत्री शर्मा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधान ने युवाओं के हित में एक 'बड़ी कुर्बानी' दी है। युवा गलत रास्ता ना अपनाएं शर्मा ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि युवाओं को किसी भी तरह का नुकसान न हो और वे गलत रास्ता न अपनाएं, साथ ही देश में अराजकता न फैले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है। प्रधानमंत्री ने भी युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है।
झालावाड़ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला। कांग्रेस कार्यालय से बस स्टैंड तक निकाली गई इस रैली में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन किया था। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के परिणामस्वरूप सरकार को झुकना पड़ा, जो छात्र और विपक्ष के एकजुट संघर्ष की सफलता का प्रमाण है। गुर्जर ने यह भी बताया कि राहुल गांधी हमेशा छात्रों के हितों के साथ खड़े रहे हैं। रैली में विधायक सुरेश गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा, कांग्रेस नेता नेमीचंद मीणा, पीसीसी सदस्य सिद्दीक गोरी, देवकीनंदन वर्मा, सैय्यद इमरान अली, ब्लॉक अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, फूल सिंह गुर्जर, संगठन महासचिव राजेश शर्मा, अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष जीएम सैयद, आमिर खान, फरीद चौधरी, एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष हेमंत बेरवा, चंद्रसिंह राणा, सेवादल जिलाध्यक्ष नंद सिंह राठौड़, प्रवक्ता ओम पाठक, ओमकारेश्वरम शर्मा एडवोकेट, कृष्णा राठौर, नगर अध्यक्ष मनोज राजपाल, अंबेश मीणा, नासिर पठान, विनय अस्तौलिया और पूर्व चेयरमैन बालकिशन बादल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जुलूस के दौरान एक साल पहले हुए पीपलोदी हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की स्मृति में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
जयपुर के हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र में शनिवार को 'अक्षय विद्यालय' की शुरुआत की गई। राजस्थान की बड़ी गौसेवा संस्थाओं में शामिल इस केंद्र ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते हुए स्कूल शुरू किया है। संस्थान का कहना है कि यहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी सीख दी जाएगी। विद्यालय का उद्घाटन राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुचरण गिल, गौ पुनर्वास केंद्र की हाईकोर्ट कमेटी के सदस्य विजय पूनिया और नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर ने किया। बच्चे राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन में अपनाएं उद्घाटन समारोह में गुरुचरण गिल ने बताया कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टर, इंजीनियर या अधिकारी बनाना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो ईमानदारी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना उद्देश्य उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार जुड़े हों तो समाज में नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व अपने आप विकसित होते हैं। विजय पूनिया और सौम्या गुर्जर ने विद्यालय की शुरुआत को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन, योग, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। संस्थान का उद्देश्य बच्चों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना है। बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत होगी गौ पुनर्वास केंद्र के ट्रस्टी रघुपति दास ने बताया कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह ज्ञान के साथ विवेक, करुणा, नैतिकता और सेवा का भाव भी विकसित करे। 'अक्षय विद्यालय' इसी सोच के साथ शुरू किया गया है, ताकि आने वाले समय में यह हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सके। कार्यक्रम में गौ पुनर्वास केंद्र के पदाधिकारी, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, गौसेवक, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का 28 जुलाई को प्रस्तावित रायपुर दौरा स्थगित कर दिया गया है। वे NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम और दिल्ली में लगातार बैठकों के कारण उनका दौरा टाल दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पायलट फिलहाल नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तय करने में व्यस्त हैं। इसी वजह से वे रायपुर नहीं आ सकेंगे। हालांकि, दौरा रद्द नहीं किया गया है और इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। रायपुर दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। बैठक में NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर चर्चा होनी थी। पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी प्रस्तावित थी। इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक घटनाक्रम NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी कारण सचिन पायलट का पूरा फोकस फिलहाल दिल्ली में चल रही बैठकों और आगे की रणनीति पर है। इसके चलते उनका रायपुर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 28 जुलाई को होना था रायपुर दौरा सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर आकर NEET मुद्दे पर आयोजित बैठक में शामिल होने वाले थे। इस दौरान वे कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों से चर्चा करने के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बने नए राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की व्यस्तता के चलते उनका दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, बल्कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।
शिक्षा मंत्रालय संभालते ही फुल एक्शन में प्रह्लाद जोशी! संडे को भी अफसरों की बुलाई हाई-लेवल बैठक
देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद, यानी रविवार को भी उन्होंने मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की एक इमरजेंसी हाई-लेवल बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही पूरे देश के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने दिखाए कड़े तेवरकेंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और नई जिम्मेदारियों के मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने बिना एक भी दिन गंवाए अपने मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनका यह तेवर साफ संकेत दे रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित पड़ी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। रविवार के दिन बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शिक्षा नीति, परीक्षाओं की पारदर्शिता और पिछले समय में उठे सवालों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।क्या NEET परीक्षा पैटर्न में होगा बड़ा बदलाव?देशभर के लाखों मेडिकल Aspirants के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि क्या सरकार NEET परीक्षा प्रणाली, इसके आयोजन के तरीके या काउंसलिंग प्रक्रिया में कोई क्रांतिकारी बदलाव करने वाली है। पिछले कुछ सत्रों में NEET परीक्षा को लेकर हुई विभिन्न गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी द्वारा अचानक बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल किया जा सके।छात्रों और अभिभावकों को है सख्त और पारदर्शी फैसलों का इंतजारएजुकेशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि नए मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा जीतना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फूल-प्रूफ बनाना है। इस संडे मीटिंग में अधिकारियों के साथ मंथन के बाद जल्द ही कुछ बड़े दिशा-निर्देश या नए सुधार सामने आ सकते हैं। देश के करोड़ों छात्र अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीतिगत फैसला लेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो सके।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा संघर्ष खत्म हो गया। लेकिन अब इसी मुद्दे पर पंजाब की राजनीति भी गर्मा गई है। बॉलीवुड कलाकार श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दीपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? अब शिक्षामंत्री ने क्या कहा 6 प्वाइंट में जानिए देश का युवा जागरूक हैआप सभी को बहुत मुबारकबाद। बिग कांग्रेचुलेशंस और सेल्यूट है। यह धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की बात नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि इस देश का युवा आज भी जागरूक है। क्योंकि पिछले कुछ सालों में जिस तरीके की प्रोपोगेंडा मूवीस आ रही थी। अगर कोई भी आवाज उठाए अगर वो पंजाब से उसको खालिस्तानी बोल दो। अगर वो लेह लदाख से उसको चाइनीज़ एजेंट बोल दो या अगर आप इनके खिलाफ बोलेंगे तो आपको देशद्रोही आपको एंटीनेशनल आपको फॉरेन फंडेड बता दिया जाएगा। लेकिन इस संघर्ष ने कॉन्फिडेंस दिया।आवर कंट्रीज इन सेफ एंड इंडिया है। पंजाब में नकल का केस, पेपर लीक नहीं दूसरी चीज अंध भगत गलत जानकारी दे रहे हैं। इन लोगों की अपनी एल्गोरिदम होती है और उसी दुनिया में ये लोग जीते हैं। मेरा आईटी सेल नहीं। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, मेरी अपनी आवाज है। अब यह कह रहे है पंजाब में भी एक पेपर लीक हुआ है। फर्स्ट थिंग फार्मेसी पेपर लीक नहीं था। वह नकल का मामला था। जो लोग बच्चे चीटिंग कर रहे थे उनको मौके पर पकड़ लिया। दूसरा ये है कि यह डिपार्टमेंट मेरा नहीं है। वो मेरे फेलो कलीग का डिपार्टमेंट है। पर कैबिनेट की कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। इसलिए भाग नहीं सकते है। ये लोग बोलेंगे पूरा अब मैं मैं देख रहा हूं । कुछ अंध भक्त मुझे टैग कर कर के कि अच्छा जी अच्छा ये फार्मेसी। यह मेरा डिपार्टमेंट नहीं है। सेकंड थिंग एंड इट वाज़ नॉट अ पेपर लीक। संघर्ष मैं अकेला शिक्षामंत्री शामिल हुआ तीसरी चीज है जी के पूरे देश में बहुत सारे नेता इस संघर्ष में शामिल हुए। मैं पूरे देश अकेला वर्किंग एजुकेशन मिनिस्टर हूं, जो धरने में शामिल हुआ। मैं स्टेज पे नहीं गया। मैं बच्चों के बीच रहा । शाम को बच्चे वायलेंस रिसोर्ट करने लगे। उन्हें समझाया इस मूवमेंट न खत्म नहीं करना। इस मूवमेंट जीना है। दो तीन दिन पहले से इस्तीफे बारे में पूछा गया। । मैंने कहा कि अगर मेरे इस्तीफे से एजुकेशन सिस्टम ठीक होता है तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। जो कहूंगा गूगन पर चैक कर लेना अंधभक्त झूठे दावे कर रहे हैं। पंजाब को बदनाम नहीं करना है। पिछली सरकारों में यह उड़ता पंजाब रहा होगा, अब यह पढ़ता पंजाब है। अगले एक मिनट जो कह रहे त फैक्ट्स है उसे आप गूगल चैट जीपीटी क्लॉड ग्रॉक चैक कर लेना। अकेले एक मिनट में जो कहना है, वह फैक्ट आप गूगल, चैटजीपीटी या ग्रोक कहीं पर भी चेक कर लेना। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार साल में पंजाब नंबर एक है। पहले 27वें नंबर पर था। 2500 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। पूरे स्कूल वाई फाई किए हैमैं पूरे देश में सबसे ज्यादा स्कूल इंस्पेक्शन करने वाला मंत्री हूं। कोई भी शिक्षा मंत्री बनने के लिए तैयार नहीं होता। पंजाब में इसे धरने वाला महकमा कहते हैं। कांटों का ताज माना जाता है, लेकिन मैंने इसे चुना। हमने पूरे पंजाब को वाई-फाई किया। सुरक्षा का इंतजाम किया। बस सर्विस शुरू की। पंजाब ने दो दिन पहले एआई को मेनस्ट्रीम बना दिया। नीट देने वाले 881 बच्चों से मिलेंगे। कोई और राज्य यह डेटा नहीं दे सकता। पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा। नीट टॉपर पंजाब से है। मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आए आप हरजोत बैंस को गाली दे दो, लेकिन पंजाब को गाली नहीं देने दूंगा। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे तैयार हों। पंजाब इस देश को राह दिखा रहा है। हम चाहते हैं कि पूरे देश के शिक्षा मंत्री यहां आएं। हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि पेपर लीक न हो। एजुकेशन मेरा पैशन है। मैं मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आया था। राजनीति में बदलाव लाने के लएि आए थे। पिछले चार में काफी कुद किया ळै।
मथुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 136वें 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने के लिए उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रविवार को मथुरा पहुंचे। वृंदावन मंडल के विद्यापीठ शक्ति केंद्र पर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। करीब आधे घंटे तक मौजूद रहने के बाद उन्होंने कहा कि 'मन की बात' अब केवल किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है। भाजपा नेताओं ने किया स्वागत वृंदावन पहुंचने पर महानगर अध्यक्ष हरीशंकर यादव 'राजू', महामंत्री विनीत शर्मा और वृंदावन मंडल अध्यक्ष जितेंद्र वार्ष्णेय 'रोनू' ने जल शक्ति मंत्री का पटका और माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण सुना। कारगिल के वीरों को किया नमन, युवाओं की सराहना कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख करते हुए देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा लगातार दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। 'अनसुने लोगों को पहचान दिलाता है मन की बात' कार्यक्रम के बाद स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि 'मन की बात' दुनिया के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में शामिल है। इसके माध्यम से ऐसे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिनकी प्रतिभा, ईमानदारी और समाज के लिए किए गए कार्यों पर सामान्यतः ध्यान नहीं जाता। उन्होंने कहा कि खादी, पारंपरिक शिल्प, संगीत और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का उल्लेख होने से उन्हें नई पहचान मिलती है और उनके काम को भी बढ़ावा मिलता है। धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का हर निर्णय राष्ट्रहित और गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, शिक्षा और विकास की सुविधाएं पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश में नकल पर रोक लगने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब मेहनत और योग्यता के आधार पर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उनके अनुसार सरकार के सभी निर्णय राष्ट्र और समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शनिवार शाम को बारां में जिला कांग्रेस कमेटी ने 'विजय मार्च' निकाला। यह मार्च छात्र-युवाओं के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए प्रताप चौक पहुंचा। इसमें कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-युवाओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान छात्रों-युवाओं के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने को लेकर नारे लगाए गए। सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्षजिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि इस 'विजय मार्च' का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने किया। भाया ने अपने संबोधन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, जिससे सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना है।उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस जनता के हितों के लिए सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा ने इस मार्च को देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा शिक्षा, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। देश का युवा चाहता है बदलाव जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने कहा कि देश का युवा बदलाव चाहता है और कांग्रेस उसकी आवाज बनकर लगातार संघर्ष कर रही है। पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को देश के भविष्य के लिए आवश्यक बताया, जबकि पूर्व विधायक निर्मला सहरिया ने युवाओं की उम्मीदों और विश्वास की रक्षा को सरकार की जिम्मेदारी ठहराया। कार्यक्रम का समापन प्रताप चौक पर हुआ, जहां कांग्रेस नेताओं ने छात्रों और युवाओं के हितों के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस दौरान जिला, ब्लॉक, नगर व मंडल कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और युवा मौजूद रहे।
CJP ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को दी चेतावनी; कहा- युवाओं की नजरें आप पर हैं
सीजेपी ने सरकार से अपने पांच सूत्रीय शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना अब नई शिक्षा नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छात्रों को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस ने रविवार सुबह शिक्षा मंत्री के आवास तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता अर्द्धनग्न होकर अपने हाथों में गुलाब के फूल लेकर मंत्री के घर की ओर बढ़े। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मदन दिलावर के आवास से कुछ दूरी पर पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। छात्रों को गुंडा बताने को बर्दाश्त नहीं करेंगे कांग्रेस नेता पवन मीणा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य और हमारे छात्र जब जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे, तो मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें गुंडे कह दिया। देश के भविष्य को इस तरह गुंडा बताना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज हम सभी कांग्रेसी गुलाब का फूल लेकर आए हैं ताकि मंत्री जी इस फूल की खुशबू को सूंघें और उनके दिमाग में छात्रों के प्रति भरी नकारात्मकता और बदबू दूर हो सके। आतंकी हमलों पर दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती पवन मीणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राज्य के शिक्षा मंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देश के सैनिकों पर आतंकी हमले होते हैं, तब मदन दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती। लेकिन अपने हक की बात करने वाले छात्रों को वे अपशब्द कहते हैं। अब मदन दिलावर के इस्तीफे की बारी उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह देश भर के विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठी, ठीक उसी प्रकार अब मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की बारी है। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते और अपना पद नहीं छोड़ते, यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। अब प्रदेश में शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चूरू में जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार देर शाम विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर व देहात ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मंडेलिया हाउस से शुरू होकर वीरगति स्मारक तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज मेघवाल के नेतृत्व में निकले इस जुलूस के समापन पर वीरगति स्मारक पर नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले युवाओं को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलनसुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल और तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया ने इस अवसर पर कहा कि यह लड़ाई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशानुसार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए यह आंदोलन बड़े स्तर पर जारी रहेगा। नेताओं ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह यह भ्रम न पाले कि यह अभियान थम गया है। उन्होंने इस जीत को देश के युवाओं और विपक्षी दलों की एकजुटता का परिणाम बताया। इस कार्यक्रम में केशरीचंद शर्मा, पीसीसी सचिव रियाजत खान, संजय कस्वां, दिनेश कस्वां, जमील चौहान सहित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, पार्षद और जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सलूंबर जिले के हजारों अभ्यर्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 27 जुलाई से 30 जुलाई तक जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, सलूम्बर कार्यालय में चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि, समय और आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने की अपील की है। जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने बताया- काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, आरक्षण संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ लाने का आग्रह किया। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले काउंसलिंग स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। जारी कार्यक्रम के अनुसार, 27 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 1 से 100 तक के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसके बाद 28 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 101 से 225 तक और 29 जुलाई को 226 से 313 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। प्रत्येक दिन प्रातः 9:30 बजे पंजीकरण शुरू होगा और 11:00 बजे से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि और समय का पालन करना सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें काउंसलिंग प्रक्रिया के सफल आयोजन और आगामी नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। विभाग ने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल विभाग द्वारा जारी अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार ही काउंसलिंग में शामिल होने की अपील की है।
नीट परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन की सफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद डीडवाना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय एवं शांति मार्च निकाला। इस दौरान जश्न मनाया गया। पूर्व विधायक चेतन डूडी के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र शामिल हुए। यह विजय मार्च पूर्व विधायक चेतन डूडी के आवास से शुरू हुआ। यह शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए पुरानी पंचायत समिति परिसर पहुंचा। मार्च में शामिल लोग हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर छात्र एकता के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलिमार्च का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हुआ। यहां कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाकर नीट परीक्षा में कथित धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना भी की गई। इस कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि, पार्षद और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस विजय मार्च के दौरान युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग दोहराई।
धौलपुर में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर विजय मार्च निकाला। इस मार्च को कांग्रेस नेताओं ने देश के लाखों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए संघर्ष का परिणाम भी बताया। विजय मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और धौलपुर विधायक संजय कुमार जाटव तथा धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाहा ने किया। यह मार्च शाम 7 बजे जगन चौराहे से शुरू हुआ। गांधी पार्क में हुआ समापनमार्च सराय गजरा रोड, सेठ प्रताप सिंह मार्ग, पुराना डाकखाना चौराहा, लाल बाजार, हनुमान तिराहा और पुरानी सब्जी मंडी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसका समापन गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार जाटव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लाखों विद्यार्थियों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं की आवाज शुरू से उठाई है। देश तानाशाही से नहीं, लोकतंत्र से चलता हैजाटव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए लगातार संघर्ष के कारण केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भविष्य में भी छात्रों और युवाओं के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी। विधायक शोभारानी कुशवाहा ने कहा कि यह देश तानाशाही से नहीं, बल्कि लोकतंत्र से चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस सड़क से संसद तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की। विजय मार्च में बाड़ी विधानसभा प्रत्याशी प्रशांत परमार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित साकेत बिहारी शर्मा, पूर्व प्रधान रामलखन मीणा, मोनू जादौन, लाखन सिंह खिड़ोरा सहित कई जिला कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.... प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
'राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो Gen-Z नेता को बनाएंगे शिक्षा मंत्री', रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो Gen-Z नेता को शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी मांग की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वाराणसी में युवा कांग्रेस और युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि हर जनप्रतिनिधि को जनता के विश्वास और संविधान के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उनके मुताबिक हालिया घटनाक्रम ने दिखाया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनमत सबसे ज्यादा मायने रखता है। 'युवा तय करेंगे कौन कैसा काम कर रहा' युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ओम शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है। यह जनता की भागीदारी और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में देश का युवा तय करेगा कि कौन नेता कैसा काम कर रहा है। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और लोकतंत्र जीता, तानाशाही सोच हारी के नारे लगाए। इस मौके पर रोहित चौरसिया, जमाल अहमद, एजाज अहमद, अंजनी सिंह, दिनेश पटेल, बजरंगी विश्वकर्मा, भरत मौर्या, गुड्डू यादव, रितेश यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोटपूतली में शनिवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विशाल मशाल और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विजय जुलूस निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में यह प्रदर्शन पंचायत समिति परिसर के पास से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मुख्य चौराहे तक पहुंचा। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, प्रदेश महासचिव देव कसाना, डॉ. आरसी यादव, ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश सैनी और महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष मंजू रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता हाथों में मशालें लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्य चौराहे पर आयोजित सभा को जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं और सरकार को युवाओं का विश्वास बहाल करना चाहिए। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित व्यवहार की निंदा की। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 36 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जालोर में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला, जबकि दोनों संगठनों ने अलग-अलग जगह आतिशबाजी की और मिठाई बांटी। नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की जीत बताया। कांग्रेस ने कैंडल लेकर निकाला विजय मार्च जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार शाम संजय नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन से कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला गया। रैली अस्पताल चौराहे पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि सबसे पहले देश के छात्रों को बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो महीने से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के सामने सरकार को झुकना पड़ा और छात्रों की मांगें मानी गईं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के सहयोग से छात्रों की जीत हुई है। इस दौरान आहोर प्रत्याशी सरोज चौधरी, योगेंद्र सिंह कुम्पावत, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल, सवाराम चौधरी, सुरेश मेघवाल, बसंत सुथार, जुल्फिकार अली भुट्टो, लक्ष्मण सांखला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। शिवसेना ने भी पटाखे फोड़कर मनाई खुशी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद शिवसेना (यूबीटी) के जालोर जिला कार्यालय धवला रोड पर भी कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और पटाखे फोड़े। शिवसेना (यूबीटी) के जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र 36 दिनों तक आंदोलन करते रहे और यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद कई छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को शिवसेना (यूबीटी) का पूर्ण समर्थन था। इस दौरान शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, उप शहर प्रमुख रामसिंह राव, सूरज बामणिया, दिनेश राणा, योगी शेषनाथ, मेवनाथ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भीलवाड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) ने विजय मार्च निकाला। पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में मार्च सूचना केंद्र से शुरू हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र संगठन तिरंगा और तख्तियां लेकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचे। यहां बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च का समापन किया गया। इस दौरान युवाओं ने पटाखे भी चलाए और नारेबाजी की। सूचना केंद्र से शुरू हुआ विजय मार्च विजय मार्च के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा सूचना केंद्र पर एकत्रित हुए। इसके बाद रामलाल जाट के नेतृत्व में सभी लोग शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल की ओर रवाना हुए। मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्र संगठनों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां ले रखी थीं। इस दौरान लगातार नारेबाजी की गई। छात्र-युवा एकता के समर्थन में नारे लगाए विजय मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल गांधी के संघर्ष के समर्थन में नारे लगाए। इसके साथ ही छात्र-युवा एकता के समर्थन में भी नारेबाजी की गई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने उत्साह के साथ पटाखे चलाए। मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। रामलाल जाट बोले- छात्रों के संघर्ष की सफलता पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और देश के युवाओं व छात्रों के लगातार संघर्ष की ऐतिहासिक सफलता के मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) की ओर से विजय मार्च निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के धैर्य और जननायक राहुल गांधी के लगातार संघर्ष की जीत है। कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और छात्रों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। अंबेडकर सर्कल पर किया माल्यार्पण विजय मार्च सूचना केंद्र से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही विजय मार्च का समापन हुआ।
अररिया में नीट पेपर लीक प्रकरण में कथित रूप से जान गंवाने वाले 22 छात्रों की स्मृति में शनिवार को अररिया जिला कांग्रेस कमेटी ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च जिला अध्यक्ष मासूम रेजा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के लिए न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। मार्च नेताजी सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर चांदनी चौक होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल पर शाम करीब 7:45 बजे पहुंचा। यहां उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई श्रद्धांजलि सभा के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के उपलक्ष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चांदनी चौक पर विजयी जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मासूम रेज़ा ने इस अवसर पर कहा कि यह संघर्ष केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की लड़ाई बताया। परिजन को एक-एक करोड़ देने का मांग रेजा ने मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित 22 छात्रों के प्रत्येक परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन ने सत्ता को झुकने पर मजबूर किया है, जिसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया गया। मासूम रेज़ा ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाया और छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा। अपने संबोधन में, मासूम रेज़ा ने अररिया की बेटी ज्याश्री का भी उल्लेख किया, जो कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्याश्री की हत्या के मामले में अब तक परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
मऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार शाम NEET पेपर लीक मामले के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। शाम करीब 7:30 बजे जिला कार्यालय हकीकतपुरा से शुरू हुआ यह मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मृत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। मार्च के बाद अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर सभा का आयोजन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि ऐसे मामलों से लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे। मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने न्यायपूर्ण, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।
NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा ...
गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिस्तर से विक्ट्री साइन दिखाते हुए पहला रिएक्शन दिया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और साफ किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए आगे के सुधारों की शुरुआत है। गुरुग्राम में मीडिया और अपने सहयोगियों से बातचीत करते हुए वांगचुक ने साफ किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की एक व्यापक शुरुआत है। अब देश को चलाने का तरीका पूरी तरह बदलेगा और अन्याय की जगह सत्य का शासन स्थापित होगा। एक इस्तीफे से राष्ट्र नहीं बनता सोनम वांगचुक ने कहा कि एक इस्तीफे से राष्ट्र नहीं बनता है। यह तो केवल व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का पहला कदम है। असली चुनौती तो इसके बाद शुरू होती है, जहां हमें जमीन पर उतरकर बुनियादी सुधार का काम करने की जरूरत है। किसी एक चेहरे के बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि नियमों और नीयत को बदलना जरूरी होता है। शिक्षा से लेकर शासन तक बदलाव वांगचुक ने कहा कि देश की शिक्षा में सुधार होना चाहिए। सुधार सिर्फ शिक्षा में नहीं, बल्कि शासन में भी होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही, नीतियों में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी को बढ़ाना उनके आगे के प्लान का मुख्य हिस्सा है। वांगचुक ने तीन प्वाइंट में बताया अपना प्लान भ्रष्टाचार को हटाने की बात कही उन्होंने कहा कि व्यवस्था में जहां कहीं भी, जिस रूप में भी भ्रष्टाचार है, उसे हटाया जाएगा। अब देश किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई या नीतिगत बेईमानी को बर्दाश्त नहीं करेगा। भ्रष्टाचार के हर छोटे-बड़े स्वरूप को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कड़े नियमों, पूर्ण पारदर्शिता और तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जनता के हक पर डाका डालने वाले हर रास्ते को बंद करके ही एक न्यायपूर्ण और पारदर्शी राष्ट्र का निर्माण संभव है। लद्दाख और जम्मू कश्मीर से किए वादों को याद दिलाया उन्होंने कहा कि लद्दाख के अनूठे पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण की रक्षा के लिए लद्दाख के पहाड़ों को संरक्षित करने की मांग पूरी की जाए। इन संवेदनशील ग्लेशियरों और पहाड़ों को औद्योगिक शोषण से बचाना देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, वहां के नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए जो प्रक्रिया चली है, उसे ईमानदारी से चलाया जाए। स्थानीय जनता को शासन में पूरी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कुछ कोशिशें हो रही हैं, उसे छोड़कर जनता के साथ प्यार-मोहब्बत से मिलकर हम सीमाओं को सुदृढ़ करें। जब तक सीमाओं पर रहने वाले नागरिक सुरक्षित और संतुष्ट महसूस नहीं करेंगे, तब तक देश की सुरक्षा अधूरी रहेगी। हमारे पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के लोगों से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा किया जाए। वहां के नागरिकों को पूर्ण राज्य का दर्जा और लोकतांत्रिक स्थिरता का जो भरोसा दिया गया था, उसे समय पर पूरा करना केंद्र सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। वादों को ईमानदारी से निभाने पर ही दोनों क्षेत्रों में शांति, विश्वास और भाईचारे का एक नया युग शुरू होगा।
देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्तिराष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:इस्तीफा मंजूर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है।अतिरिक्त प्रभार: प्रधानमंत्री के परामर्श पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।प्रह्लाद जोशी कौन हैं? जानें उनके पास कौन-कौन से मंत्रालय हैं64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।संसदीय क्षेत्र: वे साल 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा सीट से सांसद हैं।मौजूदा पोर्टफोलियो: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय के जुड़ने से उनके पास महत्वपूर्ण विभागों की कमान आ गई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रह्लाद जोशी की प्रतिक्रियाप्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए लिखा:धर्मेंद्र प्रधान जी का दशकों लंबा और गौरवशाली राजनीतिक करियर रहा है। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल कार्यान्वयन के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 100 से अधिक सुधार हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय देश के विकास में उनके योगदान को कम नहीं करता।जंतर-मंतर से खत्म हुआ छात्रों का आंदोलननीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों का विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगों पर सहमति की प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है और जंतर-मंतर का स्थल पूरी तरह खाली कर दिया गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बरेली में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देर से लिया गया, लेकिन यह सही फैसला है। उनका आरोप है कि यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई की होती तो कई छात्रों की जान बचाई जा सकती थी। 'सरकार को दबाव में लेना पड़ा फैसला' शमीम खान सुल्तानी ने कहा कि वह पहले से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, देशभर में छात्रों का आंदोलन लगातार मजबूत होता गया और आखिरकार सरकार को दबाव में आकर यह निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने इसे छात्रों के संघर्ष का परिणाम बताया। पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की मांग सपा नेता ने कहा कि अब तक सामने आए पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और नए कानून के तहत उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घायल छात्रों और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग शमीम खान सुल्तानी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने मांग की कि घायल छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जिन परिवारों ने पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम में अपने बच्चों को खोया है, उन्हें सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। कानून के सख्ती से पालन की जरूरत उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून बनाया है, लेकिन केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए और दोषियों को समयबद्ध तरीके से सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग सपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो और छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र संघर्ष की ऐतिहासिक जीत : निशांत चतुर्वेदी
भास्कर न्यूज |गढ़वा जेसीएम के जिला अध्यक्ष निशान्त चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों छात्रों के संघर्ष, धैर्य और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर कई सप्ताह से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। यह इस्तीफा लोकतांत्रिक तरीके से लड़े गए छात्र आंदोलन की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्र-छात्राओं की नैतिक जीत है, जिन्होंने अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। शिक्षा मंत्री को इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही पद छोड़ देना चाहिए था। हालांकि देर से लिया गया यह फैसला भी छात्र आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि जेसीएम ने शुरुआत से ही जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छात्रों की आवाज उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद जिले में संगठन के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और इसे छात्र एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने केंद्र सरकार से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा संबंधी तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को उचित वित्तीय मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी मुकदमे अविलंब वापस लेने की भी मांग की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस ने निकाला विजय मशाल जुलूस, छात्रों की जीत बताया
भास्कर न्यूज | बारां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम बारां शहर में विजय मशाल जुलूस निकाला। अंता विधायक व पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया की अगुवाई में जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रताप चौक तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि छात्रों के आत्मसम्मान, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत का प्रतीक है। पूर्व मंत्री व विधायक भाया ने कहा कि देशभर में लाखों छात्रों ने अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया। इस संघर्ष में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया। जिसके परिणामस्वरूप सरकार पर दबाव बना और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। जुलूस में कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, निर्मला सहरिया, पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा सहित कई नेता शामिल हुए।
शिक्षा पर जागरूक करने के लिए रेणुका एशियन बुक में
भास्कर न्यूज | भाटापारा ग्राम कड़ार निवासी 8 वर्षीय रेणुका भारती हीरा ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपना नाम एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। रेणुका पिछले दो वर्षों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक संस्था सुर गंगा मानस परिवार एवं साहित्यिक, सांस्कृतिक लोकमंच से जुड़कर सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मात्र छह वर्ष की आयु से ही वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और मतदान जागरूकता जैसे विषयों पर गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। इसके अलावा विभिन्न मानस मंचों पर रामकथा गायन भी करती हैं। उनकी प्रतिभा और सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें पहले भी कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें राम राज्य गौरव सम्मान-2026, राष्ट्रीय गौरव रत्न सम्मान-2026, भारत गौरव अवार्ड, अपराजिता सम्मान-2025, बाल कल्याण गौरव सम्मान, नशामुक्ति अभियान में विशेष सम्मान तथा लोककला मंच भाटापारा का प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। रेणुका, राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता, गीतकार, डॉ. जगदीश हीरा साहू की भतीजी हैं। उनके पिता केशव राम साहू कलाकार एवं सुर गंगा साहित्यिक, सांस्कृतिक लोकमंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस ने मनाया जश्न, पदाधिकारी बोले- यह तो शुरुआत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उदयपुर में कांग्रेस ने शनिवार शाम को जश्न मनाया। उदयपुर शहर और देहात जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में हिरणमगरी सेक्टर-4 चौराहे पर आतिशबाजी की गई और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इसे केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता की जीत बताया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और भाजपा नेताओं के मामले जनता के सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के कारण जनता का भाजपा से मोहभंग हो चुका है और अब सरकार के पतन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता और कांग्रेस के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में बैठी भाजपा सरकार को अब जनता के सवालों का जवाब देना होगा और उसकी हर नाकामी का हिसाब लिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि वह छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व देहात अध्यक्ष लाल सिंह झाला, विवेक कटारा, जगदीश राज श्रीमाली, कचरूलाल चौधरी, लक्ष्मीनारायण पंड्या, डॉ. कल्याण सिंह राव, डॉ. कौशल नागदा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
प्रहलाद जोशी संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं देश के नए शिक्षा मंत्री?
Pralhad Joshi : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। धर्मेंद्र प्रधान के स्थान पर अब प्रहलाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रहलाद जोशी अभी अपने पहले से संभाल रहे विभागों ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार रात 8 बजे विजय मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में कैंडल लेकर गांधी चौक से रवाना हुए और अहिंसा सर्किल पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान और कांग्रेस पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि आज देश के संविधान की जीत हुई है। यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है। अहंकार हारा और संविधान जीता है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो अभी शुरुआत है। आगे सरकार का अहंकार लगातार टूटता जाएगा। यह देश की छात्रशक्ति के आक्रोश और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष का परिणाम है। शनिवार को बाड़मेर में जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विजय मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के नेतृत्व में गांधी चौक से शुरू हुआ मार्च स्टेशन रोड होते हुए अहिंसा सर्किल पहुंचा। रैली में युवा, छात्र, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता तिरंगे, पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ और छात्रों के समर्थन में नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों की जीत बताया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि युवाओं की आवाज के सामने सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। जो लोग अहंकार में कहते थे कि हमारे सिलेबस में इस्तीफा है ही नहीं, हमने इस्तीफा देना सीखा ही नहीं, उन्हें देश के युवाओं ने लोकतंत्र की ताकत का एहसास करा दिया। सरकार को युवाओं के सामने झुककर उनकी मांगें माननी पड़ीं। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर गांधी स्मारक तक मार्च निकाला और संविधान की रक्षा के लिए प्रार्थना की। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शुरुआत है। देश में शिक्षा प्रणाली में सुधार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना युवाओं की मांग है। उन्होंने कहा कि युवाओं पर लाठीचार्ज करना देश के भविष्य को कुचलने और रौंदने की कोशिश थी, लेकिन युवाओं की एकता ने इसका जवाब दिया है। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के बाद लगातार युवाओं की आवाज उठाई। कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करती रही। कांग्रेस नेता ठाकराराम माली ने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं के साथ खड़ी रही है और लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करती रही। उन्होंने इसे युवाओं की जीत बताया।
बरेली में महानगर कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम नई दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ कथित घटनाओं, NEET और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में सत्याग्रह और कैंडल मार्च निकाला। कमिश्नरी से अंबेडकर पार्क तक निकाले गए मार्च में कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। छात्रों के समर्थन में निकला कैंडल मार्च महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नेतृत्व में आयोजित कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के जरिए आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई। नेताओं ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। एफआईआर वापसी और कार्रवाई की मांग दिनेश दद्दा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री से देशवासियों से माफी मांगने की मांग की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल गंगवार और वरिष्ठ नेता नवाब मुजाहिद हसन ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने कहा कि छात्र-छात्राओं के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सहरसा जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताई। शनिवार शाम 6:30 बजे पार्टी ने इसे छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि देशभर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन और विद्यार्थियों के लगातार संघर्ष के दबाव में केंद्र सरकार को अंततः झुकना पड़ा। जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सत्ता की जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम है। मुकेश झा ने आरोप लगाया कि जिस मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, उसे बचाने के लिए केंद्र सरकार ने हरसंभव प्रयास किया। एआईसीसी सदस्य केसर कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने हमारे यहां इस्तीफे नहीं होते जैसी अहंकारी सोच का प्रदर्शन किया। सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि 20 जुलाई को आंदोलनरत छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने, पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि देने और प्रधानमंत्री से छात्रों व अभिभावकों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। पेपर लीक की घटनाएं बंद नहीं होंगीबिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रंजन यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री के हटने भर से पेपर लीक की घटनाएं बंद नहीं होंगी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नीतिगत सुधारों को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नीरज कुमार निराला, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष नीतीश कुमार, इंटक जिला अध्यक्ष सत्यनारायण चौपाल, पंकज सिंह, महेश यादव, मोहम्मद नईमुद्दीन, मृत्युंजय सिंह, अविनाश यादव, भरत झा, आलोक ठाकुर, रोशन यदुवंशी, विपिन यादव, शंकर मंडल, नीतीश पासवान, वीरेंद्र पासवान, अजय यादव, अशोक राम, रतन यादव, प्रमोद राम, मंगल झा, वेदनाथ झा, सोनू सिंह, हिमांशु कश्यप, गुड्डू यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बालाघाट में विजय मार्च निकाला। यह मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से रात 8 बजे बाइक्स पर शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हनुमान चौक स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर समाप्त हुआ। यहां कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दिवंगत नीट परीक्षार्थियों को मोमबत्ती जलाकर तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मार्च के दौरान ढोल-नगाड़े बजाए गए और कार्यकर्ताओं ने जयकारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षामंत्री के इस्तीफे को भाजपा के पतन की शुरुआत बताया और इस पर संतोष व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े गंभीर मामलों और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के कारण देश भर में व्यापक असंतोष था। उन्होंने शिक्षामंत्री के इस्तीफे को जनभावनाओं की जीत बताया। ये तो सिर्फ झांकी है शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन और राहुल गांधी द्वारा संसद के अंदर व बाहर मुखर होकर आवाज उठाने के कारण सरकार को झुकना पड़ा। इसी के परिणामस्वरूप शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। पंजवानी ने आगे कहा, ‘यह तो झांकी है, नरेंद्र मोदी का इस्तीफा अभी बाकी है।’ उन्होंने सरकार से दिवंगत विद्यार्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, युवाओं पर दर्ज मामले वापस लेने और संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सरगुजा में इंजीनियरिंग और मेडिकल (नीट) की तैयारी के लिए सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जाएंगी। शनिवार को कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए प्रारंभ से ही सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और परीक्षा परिणाम बेहतर हों। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेसकलेक्टर अजीत वसंत ने निर्देशित किया जिले के छात्र-छात्राएं मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें अब जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में ग्यारहवीं के छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी, पृथक कक्ष, बड़ी स्क्रीन सहित सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करें। उन्होंने रायपुर में नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे जिले के विद्यार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बार-बार प्रश्नों का अभ्यास कराया जाए। शिक्षकों की होगी नियुक्ति, स्कूलों में सैनिटरी पैड प्रदाय के निर्देशकलेक्टर अजीत वसंत ने 15वें वित्त की स्वच्छता मद से जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को सेनेटरी पैड प्रदान कराने की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने स्कूलों में पुस्तकों और ड्रेस की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में डीएमएफ मद से 26 अतिथि व्याख्याताओं की स्वीकृति दी है, उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने शाला विकास समिति के माध्यम से अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराने कहा। पीवीटीजी बच्चों के प्रवेश एवं शिक्षा पर विशेष फोकसबैठक में कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाए, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं, आठवीं, नवमीं एवं ग्यारहवीं में प्रवेश लेने वाले हैं। ऐसे सभी बच्चों का अगली कक्षाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं समय पर हो पूर्ण कलेक्टर ने भवन विहीन एवं विद्युत विहीन विद्यालयों की जानकारी लेते हुए उनकी सूची उपलब्ध कराने कहा, ताकि भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा सके। कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन हायर सेकेंडरी विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हैं तथा अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त कक्ष निर्माण कराने कहा। वीबी जी राम जी योजना के तहत 300 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय एवं नगरीय क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी जा रही है। कलेक्टर वसंत ने कि विद्यार्थियों को साइकिल वितरित करने से पहले उसकी गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देश दिया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन चुका है, उनका आधार कार्ड शीघ्र बनवाया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि पूर्ण हो रही है, उन्हें सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ, जीपीओ प्राधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
कटनी में शनिवार देर शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने एक विजय मार्च का आयोजन किया। यह विद्यार्थियों और युवाओं के संघर्ष की सफलता के उपलक्ष्य में निकाला गया। मार्च सुभाष चौक से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरा, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता, छात्र और आम नागरिक तख्तियां व तिरंगा थामे शामिल हुए। विजय मार्च के दौरान कांग्रेसजनों और युवाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। युवाओं के धैर्य की जीत जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि यह सफलता किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं के अनवरत लोकतांत्रिक संघर्ष, उनके धैर्य और न्याय की पुकार की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों की आवाज उठाई है और भविष्य में भी युवाओं के अधिकारों तथा पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। नौजवानों ने लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों ने जिस लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ी है, उसने संपूर्ण राष्ट्र को एक नई दिशा दिखाई है। यह जीत युवाओं के अटूट आत्मविश्वास, एकजुटता और लोकतंत्र की वास्तविक ताकत का प्रमाण है। संविधान की जीत हुई युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इजराइल ने इस जीत को संविधान और युवा शक्ति की विजय बताया। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की जीत है। इजराइल ने आश्वासन दिया कि युवा कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी छात्रों के हितों पर आंच नहीं आने देगी और युवाओं के बेहतर भविष्य तथा शिक्षा में सुधार के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रखेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कोटा में छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर खुशी जताई। राजकीय महाविद्यालय (गवर्नमेंट कॉलेज) कोटा में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष पवन मीणा के नेतृत्व में छात्रों ने आतिशबाजी की और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। पवन मीणा ने कहा- देशभर के युवा पिछले एक महीने से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि सरकार को आखिरकार युवाओं की आवाज सुननी पड़ी है। इस अवसर पर कई छात्र नेताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी कोटा के तत्वावधान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ ने रायपुरा चौराहे से 'विजय मार्च' निकाला। इस मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर छात्र हितों से जुड़े नारे लगाए। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सत्य, लोकतंत्र और युवाओं की जीत बताते हुए इसे मोदी सरकार के अहंकार की हार करार दिया। छात्रों के मुद्दों को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए संघर्ष के कारण ही सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है। प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी और पीसीसी (PCC) महासचिव अमित धारीवाल ने कहा- पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री से देश के छात्रों से माफ़ी मांगने, लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई करने और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुक़दमे वापस लेने की मांग भी दोहराई।
धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे की खबर आते ही जैसलमेर में सियासी माहौल गरमा गया। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में बड़ा विजय मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में निकला यह मार्च अंबेडकर पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य रास्तों से गुजरता हुआ हनुमान चौराहा पहुंचा। रैली में बड़ी संख्या में युवा, छात्र, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तिरंगे, झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ और छात्रों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने इसे देश भर के लाखों छात्रों के लंबे संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों की बड़ी जीत बताया। लाखों छात्रों के संघर्ष की जीत- जिलाध्यक्ष रैली के बाद हनुमान चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि देश भर के लाखों छात्र और युवा काफी समय से पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी जैसी समस्याओं से परेशान थे। वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार आवाज उठा रहे थे। कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के हक की बात प्रमुखता से रखी। जनदबाव के कारण ही आखिरकार केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह जीत देश के हर उस छात्र की है जिसने अपने हक के लिए ईमानदारी से लड़ाई लड़ी। जनता की आवाज दबाना मुमकिन नहीं- पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की ताकत ही सबसे बड़ी होती है। सरकार चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह युवाओं की वाजिब मांग को ज्यादा दिन तक नहीं अनदेखा कर सकती। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को आज देश की जनता ने जवाब दे दिया है। पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने कहा कि पेपर लीक की वजह से लाखों परिवारों और युवाओं के सपने टूटते रहे हैं। युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन के सामने सरकार को हार माननी पड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी। एकजुटता से मिली बड़ी सफलता पूर्व जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर ने कहा कि जब छात्र और युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, तो सत्ता को उनकी बात माननी ही पड़ती है। यह विजय मार्च युवाओं के भरोसे और लोकतांत्रिक ताकत का प्रतीक है। कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, सुमार खान, अशोक तंवर, गोविन्द भार्गव, प्रेमलता चौहान, खटन खान, लख सिंह भाटी सहित एनएसयूआई, सेवादल, ब्लॉक अध्यक्ष और भारी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फलोदी जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम को विजय मार्च निकाला। ये मार्च बिजली घर चौराहे से शुरू होकर अंबेडकर पार्क तक गया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर 'छात्र एकता जिंदाबाद' और 'सत्य की जीत हुई' जैसे नारे लगाए गए। जिला प्रवक्ता सतीश विश्नोई ने बताया कि इस विजय मार्च में जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, पूर्व विधायक किसना राम विश्नोई और हाजी उमरदीन सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी ने इस मौके पर कहा कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय मिलने की मांग की।
नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के निर्देशों पर तरनतारन जिला कांग्रेस कमेटी ने विशाल कैंडल मार्च निकाला। जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हिस्सा लिया। तरनतारन स्थित कांग्रेस भवन से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। मार्च के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं और कांग्रेस पार्टी के निरंतर संघर्ष की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जीत करार दिया। जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने में जुटी थी। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के युवाओं के संघर्ष के आगे आखिरकार मोदी सरकार को घुटने टेकने ही पड़े। 'परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ देश के भविष्य के साथ खिलवाड़' जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपने हक और न्याय की मांग कर रहे शांतिप्रिय छात्रों पर पुलिस के जरिए कार्रवाई करवाना लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा की पवित्रता पर ही सवाल उठने लगें, तो रात-दिन मेहनत करने वाले छात्रों का आत्मविश्वास पूरी तरह टूट जाता है। परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए उठती रहेगी आवाज उन्होंने आरोप लगाया कि नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की भूमिका पर दुनिया भर में सवाल उठ रहे थे, फिर भी मोदी सरकार उन्हें बचाने में लगी रही। भुल्लर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। मार्च में सिटी अध्यक्ष लखविंदर सिंह लक्की पागल, पूर्व पार्षद राजा जोशी, हरप्रीत सिंह संधू पट्टी, युद्धवीर सिंह सरली, इंद्रजीत सिंह रटौल, बलजीत सिंह, जसवंत सिंह रटौल, ब्लॉक अध्यक्ष (कोट दसंदी मल) प्रदीप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (खडूर साहिब) गुरप्रीत सिंह काहलवां, भाग सिंह चकवालिया, अमरजीत सिंह उस्मा, चानन सिंह जौरा, सुखविंदर सिंह दरगा, सरपंच अवतार सिंह जौरा, मंदीप सिंह और प्रितपाल सिंह मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
प्रधानाचार्य परिषद सम्मेलन में शिक्षा गुणवत्ता पर मंथन:नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया
प्रयागराज में प्रधानाचार्य परिषद की ओर से शनिवार को केपी इंटर कॉलेज परिसर में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में माध्यमिक शिक्षा की दशा-दिशा और नई शिक्षा नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर गहन मंथन हुआ। प्रदेश भर से जुटे शिक्षाविदों ने शिक्षा जगत के कई ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामताराम पाल ने प्रधानाचार्यों को विद्यालय और समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्व की याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पहले के दौर में प्रधानाचार्य और अध्यापक प्रचुर मात्रा में शैक्षणिक पुस्तकें लिखते थे, लेकिन वर्तमान में इसमें भारी कमी आई है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत और शिक्षकों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश महामंत्री डॉ. सुखपाल सिंह तोमर ने प्रधानाचार्यों के संरक्षण और तदर्थ प्रधानाचार्यों के नियमितीकरण की मांग की, जिसे सभागार में मौजूद शिक्षकों का समर्थन मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) प्रयागराज डॉ. संतोष कुमार राय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव पर चर्चा की। उन्होंने तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक गुर भी सिखाए। समापन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (प्रयागराज) के सदस्य डॉ. हरेन्द्र राय थे। मुख्य संरक्षक डॉ. देव कृष्ण शर्मा, संरक्षक डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह और अन्य प्रादेशिक पदाधिकारियों ने भी शिक्षा सुधार पर अपने विचार साझा किए। संगठन की प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने के लिए नई प्रादेशिक कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इस दौरान डॉ. राजेश त्रिपाठी को प्रादेशिक कोषाध्यक्ष, मदन मोहन शंखधर को प्रादेशिक संगठन मंत्री और डॉ. योगेन्द्र सिंह को प्रादेशिक संयुक्त मंत्री चुना गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद, गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक मशाल जुलूस निकाला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उन्होंने विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने लाखों युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। यह प्रदर्शन गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर सोहना चौक तक पहुंचा। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा हाथों में जलती हुई मशालें लिए हुए थे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। प्रदर्शनकारियों ने की पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और युवाओं के धैर्य और संघर्ष की जीत बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि केवल इस्तीफे से बात नहीं बनेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ जनता का आक्रोश इस प्रदर्शन में दिखा। कांग्रेस कार्यालय से सोहना चौक तक निकाले गए इस जुलूस ने शहर का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस सोहना चौक पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां सभी प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का वादा किया।
CJP protest ends Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर पर 49 दिनों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन ने शनिवार को देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा 1-1 करोड़ के मुआवजे की मांग स्वीकार करने के बाद ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बैतूल में छात्र आंदोलन से जुड़े सभी प्रमुख संगठनों ने शनिवार को अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त कर मिठाई बांटी। जिला कांग्रेस ने कैंडल मार्च की जगह विजय मार्च निकाला, जबकि एनएसयूआई ने खुशी जताई। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ऑडिटोरियम में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को अपने संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त कर मिठाई बांटी। देर शाम जयस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने नीट सहित विभिन्न परीक्षा घोटालों के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस अवसर पर विजय मार्च निकाला। कारगिल चौक से अंबेडकर चौक तक निकले इस मार्च में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष तथा लोकतांत्रिक जीत का प्रतीक बताया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर खुशी जताई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष नीलेश धुर्वे ने इसे छात्र आंदोलन की जीत करार दिया। इसी क्रम में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर सहित देशभर में आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई। साथ ही परीक्षा घोटालों से प्रभावित परिवारों को सहायता देने और आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई गई। छात्र संगठनों और कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
मऊ जिले में शनिवार शाम उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले दर्जनों शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा और शाम करीब 7 बजे कैंडल मार्च निकालकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। शिक्षामित्रों ने ज्ञापन में बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। संगठन ने शिक्षामित्रों के हित में समय-समय पर जारी शासनादेशों के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कुछ लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग भी दोहराई। उनकी प्रमुख मांगों में 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के पूर्ण क्रियान्वयन की बात शामिल थी। इसके तहत शेष शिक्षामित्रों की उनके मूल विद्यालयों में वापसी और महिला शिक्षामित्रों का उनके ससुराल जनपद में स्थानांतरण सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, आगामी स्पेशल टीईटी परीक्षा में शिक्षकों की तरह शिक्षामित्रों को भी विशेष अवसर प्रदान करने की अपील की गई। संगठन ने यह भी मांग की कि शिक्षामित्रों के लंबे अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। साथ ही, उन्हें वर्ष में 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय दिया जाए और शिक्षकों की भांति मेडिकल अवकाश की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि वे शिक्षामित्रों की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके। इस ज्ञापन और कैंडल मार्च के दौरान जेबी राणा, वेदप्रकाश आर्य, रामकवल यादव, चंदभान यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार शाम 6.30 छात्रों को मिठाई खिलाई और विजय मार्च निकाला। कानपुर में कांग्रेस ने जिला ग्रामीण और महानगर कमेटी ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। तिलक हाल मेस्टन रोड पर पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, जिससे कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर नगर ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि फूलबाग स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा से डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा तक विजय मार्च निकाला। कांग्रेस का पहले कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्रम था, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे विजय मार्च में बदल दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा है कि पुलिस ने जुलूस रोकने का प्रयास किया, हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। विजय मार्च जब आंबेडकर प्रतिमा पहुंचा तो गेट बंद मिला। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने बाहर ही नारेबाजी कर विरोध जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक लड़ाई की जीत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय मिलने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। कानपुर महानगर कांग्रेस ने तिलक हाल में युवाओं और छात्रों के बीच मिष्ठान वितरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए मिठाई बांटी गई। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में तिलक हाल से विजय मार्च निकालने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोक हुई कि पवन गुप्ता बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से पुलिस उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने का प्रयास कर रही थी। पवन गुप्ता ने कहा कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस आगे भी जारी रखेगी और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस संघर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मोतिहारी में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में कांग्रेस पार्टी ने एक विजय मार्च निकालकर इस घटना का जश्न मनाया। यह विजय मार्च देर शाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष गप्पू राय (शशिभूषण राय) के नेतृत्व में निकाला गया। जुलूस शहर के महाराणा प्रताप चौक से शुरू होकर गांधी चौक तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्ता ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने नारेबाजी करते हुए इसे छात्रों और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रही। प्रशासन की मुस्तैदी और आयोजकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राहुल के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन का परिणाम जिला अध्यक्ष शशिभूषण राय ने इस अवसर पर कहा कि यह जीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए थी, लेकिन छात्रों और विपक्ष के दबाव के कारण शिक्षा मंत्री को अंततः इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने इसे युवाओं की आवाज की जीत करार दिया। पूरे बिहार में इस मुद्दे को लेकर कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाएं सामने आईं, लेकिन मोतिहारी में सुबह से लेकर देर शाम तक स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण बनी रही। एसडीओ बोले-स्थानीय लोगों का सहयोग मिला सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिला, जिससे जिले में कहीं भी तनाव की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की बंदी नहीं हुई और जनजीवन सामान्य रहा। मोतिहारी में कांग्रेस का यह विजय मार्च शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जो प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग का परिणाम रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद करौली में जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को 'विजय मार्च' निकाला। मार्च का समापन अंबेडकर पार्क में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। यह मार्च शनिवार शाम पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ। अंबेडकर पार्क तक चले इस आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। मार्च के समापन पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष और टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने कहा कि पार्टी लगातार नीट, सीबीएसई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की सफलता बताया, जिसके बाद सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। इस कार्यक्रम में हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पीसीसी सदस्य भूपेंद्र भारद्वाज, जिला प्रमुख प्रतिनिधि रक्खीलाल बैरवा, भगवान सहाय शर्मा, हुकुम बाई मीणा, रामविलास जाटव सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन में लगभग 40 से 50 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इससे पहले, पार्टी ने नई दिल्ली में छात्र आंदोलन और कांग्रेस सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में कैंडल मार्च की घोषणा की थी। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उस कैंडल मार्च को स्थगित कर 'विजय मार्च' का आयोजन किया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन से संगम चौक तक विजय रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और छात्र संगठन लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी के तहत कांग्रेस ने देशभर के जिला मुख्यालयों में मशाल रैली निकालने का निर्णय लिया था। हालांकि, रैली शुरू होने से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा हो गई, जिसके बाद कांग्रेस ने मशाल रैली को विजय रैली में बदल दिया। रैली में शामिल पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण देशभर में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन जनदबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा। भगत ने कहा कि यदि सरकार पहले ही इस्तीफे का फैसला कर लेती, तो उसकी छवि को कम नुकसान होता। कांग्रेस नेताओं बोले- बड़ी जीत, लेकिन शिक्षा सुधार की लड़ाई जारी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के रूप में आंदोलन को एक प्रतीकात्मक जीत मिली है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई अभी लंबी है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि देशभर के छात्रों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक आंदोलन किया, जिसके दबाव में सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए छात्र एकता और उनकी सफलता को सलाम किया। द्वितेंद्र मिश्रा बोले- इस्तीफा काफी नहीं, युवाओं की लड़ाई जारी रहेगी प्रदेश कांग्रेस महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह नहीं माना जा सकता कि सरकार शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक छोटा कदम है और कांग्रेस युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी। राकेश गुप्ता बोले- दबाव में लिया गया फैसला पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार का यह फैसला युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि सरकार ने जनदबाव में यह कदम उठाया है और उससे अधिक उम्मीद नहीं की जा सकती। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद विजय रैली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्यों, मंडल अध्यक्षों, विभिन्न मोर्चा संगठनों के प्रमुखों और उनके पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को भी 5 लाख रुपए तक मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। रविवार को आगरा में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत शिक्षकों और उनके परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। अभी तक विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कई शिक्षकों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था, क्योंकि उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा नहीं मिलती थी। नई योजना लागू होने के बाद इलाज का खर्च सीधे योजना के तहत वहन किया जाएगा। 5 लाख तक का मिलेगा स्वास्थ्य कवर योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा। कार्ड बनते ही लाभ शुरू हो जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना में शामिल रहेगा। 1900 से ज्यादा बीमारियां, पैकेज में शामिल इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियां पैकेज में शामिल है। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी और बड़ी सर्जरी समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। योजना का संचालन साचीज (SACHIS) के माध्यम से होगा और इलाज आयुष्मान भारत की तय दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। पीएनबी के साथ होगा समझौता कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एक समझौता (एमओयू) भी होगा। इसके तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक और कर्मचारियों को अपना बैंक खाता पीएनबी में खोलना होगा। एमओयू के तहत से सुविधाएं मिलेंगी-
चूरू में शनिवार शाम युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने लोहिया कॉलेज के सामने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आसिफ खान ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के संघर्ष का परिणाम है। खान ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र व युवा संगठन आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसका पूरे देश में विरोध हुआ। कांग्रेस और युवा शक्ति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। शनिवार दोपहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर अनीश खान, अमन दाधीच, सुरेंद्र मेघवाल, पुलकित चौधरी, मोहसिन खान, शिवा सैनी, राकेश मेघवाल, यशस्वी गौड़ और सूफियान खान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए शनिवार शाम सोनीपत में विजय मार्च निकाला। आज पहले कैंडल मार्च आयोजित किया जाना था, लेकिन बदले हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने इसे विजय मार्च का स्वरूप दिया। गांधी चौक से शुरू होकर डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क तक पहुंचे इस मार्च में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों की आवाज और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनती और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन जारी रखेगी। कैंडल मार्च की जगह निकाला विजय मार्च भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कैंडल मार्च के स्थान पर विजय मार्च आयोजित किया। गांधी चौक से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड के निकट स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचकर संपन्न हुआ। कमल दिवान और संजीव दहिया ने किया नेतृत्व विजय मार्च का नेतृत्व शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान और ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने किया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, छात्रों को न्याय और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने नई दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग की भी निंदा की। ‘सिर्फ इस्तीफा नहीं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी’ शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत है, लेकिन केवल मंत्री बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। राहुल गांधी के अभियान का किया उल्लेख ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं युवाओं की मेहनत के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कांग्रेस युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। विजय मार्च का उद्देश्य छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाना और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूत करना था। आंबेडकर पार्क में दीप जलाकर छात्रों को किया नमन मार्च के समापन पर आंबेडकर पार्क में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को नमन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और न्याय की कामना की। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि न्याय, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, जिसे कांग्रेस आगे भी पूरी मजबूती से जारी रखेगी।
हरियाणा के नारनौल में नीट परीक्षा लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित कैंडल मार्च को कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर विजय जुलूस में बदल दिया गया। शनिवार शाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव झूकिया के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से विजय जुलूस निकाला गया, जो महावीर चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। 'युवाओं के संघर्ष की जीत' बताया जुलूस को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव झूकिया और महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती यादव ने कहा कि छात्रों के लंबे संघर्ष, लोकतांत्रिक आंदोलन और जनदबाव के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में युवाओं और जनता की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे छात्रों, युवाओं और सत्य की जीत बताया। संघर्ष जारी रखने का ऐलान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी। उनका आरोप था कि युवाओं की मांगों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया और उनके साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों पर कथित अत्याचार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद विजय जुलूस में राव होशियार सिंह, वेदप्रकाश आर्य, मंजीत यादव मांदी वालों, कुलदीप सिंह भरगड़, सुमेर चेयरमैन, मनपाल यादव, धीरज शर्मा, श्यामसुंदर सोनी, विक्रम अवाना, तुषार यादव, विक्रम यादव, रामकिशन यादव, सुधीर यादव, सुमेर सिंह, रामरूप चौधरी और तौताराम कोहली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, युवा और छात्र शामिल रहे।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पटियाला में आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा एक विशाल विजय एवं रोष मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा और मुख्य प्रवक्ता व जनरल सचिव बलदेव सिंह पन्नू ने संयुक्त रूप से किया। मार्च के दौरान जनसमूह को संबोधित करते हुए 'आप' के मुख्य प्रवक्ता बलदेव सिंह पन्नू ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देशभर के उन लाखों छात्रों के संघर्ष और मेहनत की ऐतिहासिक जीत है, जो अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार को छात्रों की बुलंद आवाज के आगे झुकना ही पड़ा। मुख्य प्रवक्ता व जनरल सचिव बलदेव सिंह पन्नू ने कहा कि जिस तरह पूरा देश कभी अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट हुआ था, ठीक उसी तरह नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी देशभर के छात्र, अभिभावक और नागरिक एक साथ खड़े हुए। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और हमारी पूरी पार्टी ने पहले दिन से छात्रों की इस लड़ाई का समर्थन किया और उनकी आवाज को मजबूती दी। सच और लोकतंत्र की जीत; आगे भी जारी रहेगा संघर्ष पार्टी नेताओं ने इस घटनाक्रम को केवल छात्रों की जीत नहीं, बल्कि सच और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया। पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा और बलदेव सिंह पन्नू ने स्पष्ट किया कि 'आप' भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने अमृतसर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने भंडारी पुल से हॉल गेट तक एक मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मार्च के दौरान AAP नेताओं ने दावा किया कि देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष और जनदबाव के कारण केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी के परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। नेताओं ने इसे छात्रों की एकता और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। हल्का राजासांसी से AAP इंचार्ज सोनिया मान ने कहा कि देश का युवा ही भविष्य है। उन्होंने जोर दिया कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी रही है। मान ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों, किसानों और अन्य वर्गों के समर्थन ने इस आंदोलन को और मजबूत किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की मांग की। विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसे पूरे देश के छात्रों की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की थी और शिक्षा मंत्री को पहले ही पद से हटा देना चाहिए था। धालीवाल ने कहा कि लोकतंत्र की ताकत के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। लोकतंत्र की बड़ी जीत: ईटीओ मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया और अंततः उनकी आवाज को जीत मिली। ईटीओ ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए केंद्र सरकार ने लाठीचार्ज सहित कई कदम उठाए, लेकिन जनता की आवाज के आगे उसे झुकना पड़ा। फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा से जुड़े एक सवाल पर हरभजन सिंह ईटीओ ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार द्वारा दी गई सभी सरकारी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देशभर में छात्रों और युवाओं के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उचित कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और आंदोलन का राजनीतिकरण न करने की अपील की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर […] The post केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी appeared first on Sabguru News .
हरदोई में शनिवार को स्मार्ट क्लास और नए फर्नीचर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विधायक रानू ने फीता काटकर स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी विद्यालयों को गोद लेकर उनकी स्थिति सुधारने में लगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट क्लास और आधुनिक फर्नीचर जैसी सुविधाएं बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सांडी विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सनफरा में कार्यक्रम हुआ। विधायक और ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह राजपूत ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण किया। बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नाटक और लोकगीत प्रस्तुत किए। बाल वाटिका के बच्चों की भक्ति गीत पर प्रस्तुति और बाल बटालियन की पीटी का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा। अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया। विधायक रानू ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीक के उपयोग को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं से बच्चों की पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास करने की अपील भी की। कार्यक्रम का संचालन अजीत शुक्ल ने किया। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालय के विकास में सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित, विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी, जिला आपूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार, खंड विकास अधिकारी अस्मिता सेन, भाजपा नेता दीपांशु सिंह, प्रधान प्रतिनिधि जयराम राजपूत, एआरपी आदर्श अवस्थी, प्रभाकर मिश्र, शेरपाल, मोहम्मद इरफान, रामबरन वर्मा, शिक्षक पुष्पेंद्र शुक्ल, रसूल अहमद, रमेश कुमार, जावेद आलम, अनुराग तिवारी, नवनीत कुमार, संतोष, राखी श्रीवास्तव, शुभा वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित थे।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने शनिवार को डीडवाना में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर सर्किल से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भीम आर्मी के जिला महासचिव राजूराम चांदबासणी और जिलाध्यक्ष ने किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और युवा अंबेडकर सर्किल पर एकत्र हुए, जहां से रैली कलेक्ट्रेट पहुंची। ज्ञापन में पेपर लीक मामलों पर कठोर कानून बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई। संगठन ने संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पुलिस द्वारा सादी वर्दी में की गई कथित कार्रवाई की जांच की भी मांग की। भीम आर्मी ने NEET UG, JEE Main सहित सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क समाप्त करने, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली खत्म करने और अभ्यर्थियों को गृह या निकटवर्ती जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित करने की भी मांग की। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों से सभी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी कर निर्धारित समय सीमा में रिक्त पदों को भरने की भी मांग की गई। इस विरोध प्रदर्शन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के अनेक पदाधिकारी, छात्र एवं युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने छात्रों और युवाओं के संघर्ष को लोकतंत्र की जीत बताते हुए आज शनिवार को 4:30 बजे मिठाई बांटी। यह आयोजन जेपी सिंह मार्केट, बकवल स्थित एसपी कार्यालय के पास जिला कैंप कार्यालय पर हुआ। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश के छात्रों और युवाओं ने अपने अधिकारों तथा निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ बल प्रयोग की निंदा की, इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। सिंह ने जोर दिया कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने मांग की कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर अनुचित कार्रवाई हुई है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। विक्रम जीत सिंह ने देश के गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। सिंह ने आगे कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद ही समस्याओं का स्थायी समाधान है। प्रेस वार्ता के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर छात्रों एवं युवाओं के संघर्ष को लोकतंत्र की जीत बताया और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संकल्प लिया कि जनहित और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रहेगी। इस अवसर पर हिमांशु सिंह, मनजीत यादव, अवधेश मौर्य, नरेंद्र कुमार, संजय राजभर, मोहम्मद आदिल सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
काशी नरेश विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शनिवार दोपहर 12 बजे महाविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया और उन पर हुए लाठीचार्ज तथा अभद्र व्यवहार का जोरदार विरोध जताया। इस दौरान छात्रों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक पर तत्काल रोक लगाना और इसके लिए कठोर कानून बनाना शामिल था। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से छात्रों की पिटाई की और बिना नेम प्लेट वाले पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित करने में पूरी तरह विफल रही है। छात्रों ने दावा किया कि पिछले 12 सालों में मोदी सरकार कोई भी परीक्षा सकुशल संपन्न नहीं करा पाई है, जो उसकी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से मृतक छात्रों की जिम्मेदारी लेने और उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी की। छात्र नेता मुलायम यादव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के सामने सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान ने अंततः इस्तीफा दे दिया, जिसे छात्रों की जीत बताया गया। इस अवसर पर बडेलाल बिना, धीरज दुबे, मुलायम यादव, लव कुश यादव सहित कई छात्र नेता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सोनभद्र में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रॉबर्ट्सगंज के चंडी तिराहे से लोढ़ी कलेक्ट्रेट तक लगभग छह किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा, जिसमें कई सूत्रीय मांगें शामिल थीं। प्रदर्शन के बीच ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई। यह सुनते ही कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने एक-दूसरे को बधाई दी। आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रविकांत ने बताया कि सुबह 11 बजे से भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए गए थे। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे छात्र हितों के मुद्दे पर सरकार का झुकना बताया, जिसकी तुलना उन्होंने किसान आंदोलन में सरकार के फैसले बदलने से की। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे भविष्य में किसी भी भर्ती या प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में पेपर लीक होता है, तो उसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को तत्काल और कठोर सजा दी जानी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। पार्टी ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके और भर्ती परीक्षाओं पर उनका विश्वास कायम रहे।
बलिया कलक्ट्रेट में शनिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 25 जुलाई को ही सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किया था। इस फैसले के कारण प्रदेश में लगभग 15 हजार शिक्षामित्रों की मृत्यु हो गई। इसलिए इस दिन को 'काला दिवस' के रूप में मनाया जाता है। शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और दोपहर 2 बजे बैठक कर दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी। संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं। पहली मांग यह है कि दिवंगत शिक्षामित्रों के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी और मुआवजा दिया जाए। दूसरी मांग के तहत शिक्षामित्रों की सेवा निवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की अपील की गई है। तीसरी मांग में कहा गया है कि जिस प्रकार शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से छूट दी गई है, उसी तरह शिक्षामित्रों को भी टीईटी से मुक्त किया जाए। इसके अतिरिक्त, संघ ने प्रदेश के 60 हजार टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग की है।
देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी बवाल और लगातार बढ़ते राजनीतिक व सामाजिक दबाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पहले दिन से ही इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ले रहे थे। आपको बता दें कि सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में छात्र पिछले एक महीने से भी अधिक समय से उनके इस्तीफे पर अड़े थे। यहां तक कि मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में लंबी भूख हड़ताल की थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, आइए एक नजर डालते हैं धर्मेंद्र प्रधान के बतौर शिक्षा मंत्री कार्यकाल की प्रमुख सफलताओं और विवादों पर।धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियांउनके कार्यकाल में भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई दूरगामी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिन्होंने एजुकेशन सिस्टम की दिशा बदल दी।CUET की शुरुआत: देश के सभी केंद्रीय और प्रमुख विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन को पारदर्शी और एक समान बनाने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) को सफलतापूर्वक लागू किया गया।सस्ती और सुलभ पाठ्यपुस्तकें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत NCERT की नई किताबें तैयार की गईं। इनकी छपाई क्षमता तीन गुना तक बढ़ाई गई, जिससे बाजार में किताबों के दाम कम हुए और अभिभावकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली।विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में एंट्री: उच्च शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए NEP 2020 के तहत 19 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई।हायर एजुकेशन और सिंगल रेगुलेटर: मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और 4 साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम (FYUP) पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा यूजीसी और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनाने के लिए ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पेश किया गया।कार्यकाल से जुड़े वो विवाद, जिन्होंने बढ़ाई सरकार की चिंताजहां एक ओर शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार हुए, वहीं कुछ बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई धांधली ने सरकार को बैकफुट पर भी धकेला।NEET-UG 2024 और 2026 का पेपर लीक: नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। देशभर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की चिंताएं काफी बढ़ा दीं।डिजिटल मूल्यांकन में तकनीकी खामी: सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में पहली बार इस्तेमाल हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली तकनीकी खराबी और धुंधली कॉपियों के कारण काफी विवादों में रही।त्रिभाषा फॉर्मूले और UGC नियमों पर तकरार: कक्षा 9 में त्रिभाषा नीति लागू करने पर तमिलनाडु समेत कई गैर-हिंदी भाषी राज्यों ने केंद्र पर 'हिंदी थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर भी शिक्षा जगत और सामाजिक हलकों में भारी विरोध देखा गया।इन तमाम महत्वपूर्ण उपलब्धियों और गंभीर विवादों के बीच धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिए जाने की खबर फैलते ही वहां डटे हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार जश्न मनाया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र और युवा शक्ति की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने इस सफलता को उन मासूम छात्रों को समर्पित किया, जिन्होंने नीट विवाद और पेपर लीक के भारी तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी थी।‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’जंतर-मंतर के मंच से उत्साहित समर्थकों को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि अगर झुकाने वाला हो तो दुनिया झुकती है और हमने यह कर दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम कॉकरोच हैं और इतनी जल्दी यहां से जाने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र में डरने के बजाय अपने हक के लिए बोलना सीखना सबसे जरूरी है। उनके इस जोशीले भाषण के बाद वहां मौजूद छात्रों का उत्साह और भी बढ़ गया।CJP ने दबाव बढ़ाते हुए रखीं 2 और बड़ी मांगेंशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी होने के बाद अब सीजेपी ने अपनी बाकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नीट विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले सभी मृतक छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा तुरंत दिया जाए। इसके साथ ही, देशभर में चल रहे इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं। सीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी यह ऐलान किया है कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष सड़कों पर इसी तरह जारी रहेगा।बिहार बंद का दिखा उग्र असरदिल्ली में जहां एक तरफ जश्न और दबाव की रणनीति चल रही है, वहीं दूसरी तरफ नीट धांधली के विरोध में बुलाए गए 'बिहार बंद' ने काफी उग्र रूप ले लिया है। पटना, भागलपुर से लेकर औरंगाबाद तक छात्रों का भारी गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।
देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी आक्रोश और छात्र आंदोलन ने आखिरकार एक नया मोड़ ले लिया है। एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर चले विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्रों की अहम मांग पूरी होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है और युवा इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बता रहे हैं।धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?सोशल मीडिया पर अपने विस्तृत पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले दिन से इस स्थिति की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या कानूनी पेचीदगियों में उलझे। देश में भ्रम का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि वे आगे भी देश और ओडिशा के युवाओं के लिए काम करते रहेंगे। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर से अचानक दिल्ली बुलाया गया है।विपक्ष और छात्र संगठनों ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सत्य की जीत और 'सत्ता के हठ की हार' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर लाठियां और पैलेट गन (Pellet Guns) चलाई गईं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे युवा शक्ति की जीत बताया। दिग्गज नेता शरद पवार ने भी छात्रों के लगातार 28 दिनों के अटूट संघर्ष की सराहना करते हुए इसे अन्याय के खिलाफ बड़ी सफलता माना है।सोनम वांगचुक और CJP की प्रतिक्रियासामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने इस मुद्दे पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश की 'जेन ज़ेड' (Gen Z) और शांतिपूर्ण आंदोलन की जीत बताया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। CJP ने अपनी मांगों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और पुलिस द्वारा सार्वजनिक माफी की मांगें अभी भी पेंडिंग हैं, जिन पर जंतर-मंतर और पूरा देश सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।

