बिहार के बेतिया में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना 13वां वर्षगांठ समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसमें जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. एन.एन. शाही, बेतिया की महापौर गरिमा देवी शिकारिया, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद समायल अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि वे भले ही विपक्ष के विधायक हों, लेकिन सबसे पहले जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहेविधायक रंजन ने सरकारी विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सकारात्मक या प्रगतिशील नीति नहीं अपना रही है। उन्होंने सदन की स्थिति पर भी चिंता जताई, यह कहते हुए कि विपक्ष कमजोर है और सत्ता पक्ष के विधायक भी शिक्षा की वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। विधायक ने सरकारी विद्यालयों में कक्षाओं, शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया और सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।
अयोध्या को शैक्षिक रूप से विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से “वाणी और व्यवहार” विषय पर प्रभावी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन हर्षवर्धन सिंह (संस्थापक, रामराज्य अयोध्या फाउंडेशन एवं प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता युवा मोर्चा) के नेतृत्व में हुआ। कार्यशाला झुनझुनवाला ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट परिसर स्थित झुनझुनवाला ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि नरेंद्र भदौरिया (निदेशक, विश्व संवाद केंद्र लखनऊ) ने शिक्षकों के चरित्र, आदर्श आचरण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके व्यवहार की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी संप्रेषण और सकारात्मक दृष्टिकोण से कक्षा का वातावरण प्रेरक बनता है, जिससे सीखने की गुणवत्ता स्वतः बढ़ती है। अपने संबोधन में हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि अयोध्या को आध्यात्मिक नगरी के साथ-साथ शैक्षिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित करना समय की आवश्यकता है। यदि शिक्षण प्रक्रिया में संवाद-कौशल, संस्कार और नैतिक मूल्यों का समावेश किया जाए, तो अयोध्या देश के लिए आदर्श शैक्षिक मॉडल बन सकती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शालिनी अग्रवाल ने संवाद-कौशल आधारित सहभागिता कार्यशाला का संचालन किया। इसमें शिक्षकों ने व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी संप्रेषण, सकारात्मक भाषा प्रयोग और विद्यार्थियों से संवेदनशील संवाद के व्यावहारिक तरीके सीखे। कार्यशाला में टाइनी टॉस स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल तथा झुनझुनवाला ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के प्राचार्यों और शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा जताई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षकों के कौशल विकास के लिए निरंतर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले निदेशक तथा केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सुनील कुमार यादव की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आकांक्षात्मक विकास खण्ड जैथरा और अवागढ़ में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। दो दिवसीय जनपद भ्रमण के तहत आयोजित इस बैठक में निदेशक ने स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुँचें और कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। विद्यालयों से ड्रॉप आउट हो रहे बच्चों की पहचान कर अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित करने और उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। यादव ने विकास खण्डों में सामाजिक एवं आर्थिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने और भारत नेट की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड, आईसीडीएस, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण पेयजल योजना, कौशल विकास, भारत नेट, बेसिक शिक्षा, कृषि, पंचायती राज और सोशल डेवलपमेंट सहित विभिन्न संकेतकों पर विस्तृत चर्चा हुई। कुछ योजनाओं में ऑनलाइन डेटा फीडिंग और वास्तविक प्रगति में अंतर पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संकेतकों में अपेक्षित प्रगति न होने पर विशेष सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जरूरतमंद महिलाओं को इन समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका में वृद्धि करने और उन्हें जन जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ने पर भी बल दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने केंद्रीय प्रभारी अधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। बैठक में परियोजना निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपायुक्त एनआरएलएम प्रतिमा निमेष, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार, उप कृषि निदेशक समित कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी मो. राशिद, बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर.पी. शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, खंड विकास अधिकारी जैथरा अजीत सिंह, खंड विकास अधिकारी अवागढ़ पी.एस. आनंद, खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, एमओआईसी अवागढ़ डॉ. ब्रजेश कुमार, एमओआईसी जैथरा डॉ. राहुल चतुर्वेदी, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुनीश कुमार, वरिष्ठ सहायक श्रवण कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे है।
सलूंबर में मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। विरोध स्वरूप उन्होंने अपने-अपने केंद्रों पर ताला लगा दिया और सलूंबर पहुंचे। सरकार के खिलाफ जताया विरोध जिले के सभी मां बाड़ी डे केयर के शिक्षा सहयोगियों ने प्रदेश सरकार के प्रति विरोध जताते हुए यह कदम उठाया। उन्होंने जिला कलेक्टर अवधेश मीणा को ज्ञापन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। ज्ञापन में बताया गया कि टीएसपी, टाडा माडा और सहरिया क्षेत्रों में टीएडी विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 3006 मां बाड़ी डे केयर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में ये योजनाएं स्वच्छ परियोजना के तहत चल रही हैं, जिनमें लगभग 4600 शिक्षा सहयोगी कार्यरत हैं। ये है मुख्य मांगें शिक्षा सहयोगियों की मुख्य मांग है कि उन्हें जनजाति ग्राम विकास समिति से हटाकर वरिष्ठता के आधार पर कैडर निर्धारण किया जाए। साथ ही, सभी को राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 में शामिल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बजट एप्रोप्रिएशन बिल में उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो मां बाड़ी डे केयर केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके अलावा, सभी शिक्षा सहयोगी पेन डाउन स्ट्राइक पर रहेंगे। इन्होंने सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंपते समय संगठन के जिलाध्यक्ष उदय लाल मीणा, थावरचंद, रामलाल, केशव लाल, दिनेश मीणा, रमेश मीणा, लक्ष्मण और नाथू लाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षा सहयोगी मौजूद थे।
जहानाबाद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने 'गुरु गोष्ठी' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर भविष्य का रोडमैप तैयार किया और कई कड़े निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना और शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा करना है। यह कार्यक्रम जहानाबाद, मखदुमपुर, मोदनगंज, घोसी, काको और हुलासगंज प्रखंडों में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रधानाचार्यों से सीधा संवाद किया। मखदुमपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में आयोजित मुख्य गोष्ठी को संबोधित करते हुए DEO सरस्वती कुमारी ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लगभग 200 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानशिक्षकों को बच्चों को नियमित होमवर्क देने और शिक्षकों द्वारा उसकी प्रतिदिन जांच अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। विद्यालय का वातावरण ऐसा हो, कि बच्चे स्वयं आकर्षित हों DEO ने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चे स्वयं आकर्षित हों। इसके लिए उन्होंने साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, बच्चों का अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म में आना और वर्ग-सापेक्ष शिक्षण पद्धतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुशासन और प्रेरणादायक माहौल को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों की समस्याएं बताईं जिले के अन्य प्रखंडों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुष्मिता भारद्वाज और गोविंद कुमार ने भी प्रधानाध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की। गोष्ठी के दौरान प्रधानाध्यापकों ने अपने विद्यालयों की समस्याओं, संसाधनों की कमी और नवाचारी सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। DEO सरस्वती कुमारी ने कई प्रधानाचार्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए रचनात्मक कार्यों और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की सराहना की और उन्हें अन्य विद्यालयों के लिए रोल मॉडल बताया।
श्रावस्ती जनपद की अचरौरा शाहपुर और खलीफतपुर ग्राम पंचायतों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। आगा खान फाउंडेशन ने टाटा मोटर्स के सहयोग से इन पंचायतों में ऑनलाइन एलसीडी टीवी के माध्यम से कक्षाएं संचालित की हैं। लगभग एक माह पहले शुरू हुई इस पहल के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। पहले विद्यालयों में बच्चों का नामांकन तो पर्याप्त था, लेकिन उनकी उपस्थिति कम रहती थी। ऑनलाइन टीवी क्लास शुरू होने के बाद बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और रुचि बढ़ी है। डिजिटल माध्यम से शिक्षा मिलने के कारण बच्चे अब नियमित रूप से विद्यालय आ रहे हैं, जिससे उपस्थिति दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और शिक्षण व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। इन कक्षाओं में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान सहित अन्य विषय पढ़ाए जा रहे हैं। एलसीडी स्क्रीन के माध्यम से दृश्य-श्रव्य पाठ बच्चों को आसानी से समझ आ रहे हैं। आधुनिक तकनीक का उपयोग जटिल विषयों को सरल बनाने में मदद कर रहा है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। इस पहल को ग्रामीण अभिभावकों और स्थानीय समुदाय का भी समर्थन मिल रहा है। अभिभावक बच्चों की बढ़ती रुचि और नियमित उपस्थिति से संतुष्ट हैं। आगा खान फाउंडेशन से जुड़े सुशील यादव ने बताया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से अचरौरा शाहपुर और खलीफतपुर में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले नामांकन अधिक था, लेकिन उपस्थिति कम रहती थी। ऑनलाइन एलसीडी से पढ़ाई शुरू होने के बाद बच्चों का आकर्षण बढ़ा है और वे रुचि के साथ विद्यालय आ रहे हैं। यादव ने बताया कि संस्था हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की शिक्षा प्रदान कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत हो रहा है। इस पहल को ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
पटना में NEET स्टूडेंट से रेप-मौत मामले में हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। केन नॉट रन…वह कभी हॉस्टल नहीं चला सकते हैं। सामान्य से सामान्य घटना की भी जानकारी थाने पर देना चाहिए, लेकिन शंभू गर्ल्स हॉस्टल ने कोई जानकारी नहीं दी है। एक्शन मोड में आकर बिहार पुलिस के मुखिया DGP विनय कुमार का यह दावा भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में झूठा निकला है। जिस तरह पटना SSP ने बिना जांच पड़ताल के स्टूडेंट से रेप की बात को खारिज कर दिया था, ठीक ऐसे ही DGP ने भी घटना के 28 दिन बाद 4 फरवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द करने का दावा कर दिया। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने 6 विभागों के 12 से अधिक अधिकारियों से मिलकर पड़ताल की है, जिसमें पता चला कि DGP जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द करने का दावा कर रहे हैं, उसका लाइसेंस किसी विभाग से जारी ही नहीं हुआ था। घटना के बाद सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की, लेकिन रजिस्ट्रेशन कहां होगा, इसका भी किसी विभाग में कहीं कोई निर्देश नहीं है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए DGP विनय कुमार के दावे पर पड़ताल में विभागों ने क्या जवाब दिया...। सबसे पहले हम पटना के VIP और DGP ऑफिस कवर करने वाले शास्त्री नगर थाना पहुंचे। हॉस्टल संचालक बनकर पहुंचे अंडर कवर रिपोर्टर की मुलाकात सब इंस्पेक्टर अभय से हुई। हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर सब इंस्पेक्टर ने हमें नगर निगम और DM ऑफिस का रास्ता दिखा दिया। बोले- रजिस्ट्रेशन कराकर उसकी कॉपी दीजिए, फिर थाने से आगे की प्रक्रिया होगी। रिपोर्टर - मुझे हॉस्टल चलाना है, रजिस्ट्रेशन का नियम आ गया है। अभय - अच्छा, आप हॉस्टल चलाते हैं? रिपोर्टर - चलाते नहीं हैं, चलाने का पूरा प्लान है। अभय - अच्छा, आपको हॉस्टल चलाना है? रिपोर्टर - जी हां, सर। अभय - प्रक्रिया है कि आप DM साहब के यहां या नगर निगम से हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कराइए। रिपोर्टर - इसके बाद क्या करना होगा? अभय - इसके बाद थाने से एक फॉर्मेट दिया जाएगा, उसी के अनुसार काम करना होगा। रिपोर्टर - अच्छा, इसमें क्या होगा। अभय - उसमें यह दर्ज रहेगा कि कब लड़कियां बाहर निकल रही हैं, कब वापस आ रही हैं, कहां जा रही हैं। रिपोर्टर - जी, अब बदल गया सब। अभय - इसके अलावा CCTV लगाना होगा, थाने में सूचना के लिए एक रजिस्टर होगा। रिपोर्टर - थाने के रजिस्टर में क्या भरना होगा। अभय - इसमें छात्राओं का पर्सनल कॉन्टैक्ट नंबर, पेरेंट्स के नंबर के साथ पूरी डिटेल होगी। रिपोर्टर - ठीक है सर अभय - अब आपको अथॉरिटी से पता करना होगा कि रजिस्ट्रेशन कैसे होगा। रिपोर्टर - सर, आपको पता नहीं है कहां होगा रजिस्ट्रेशन? अभय - नगर निगम या जिला कार्यालय होगा वहां पता कर लीजिए। रिपोर्टर - ठीक है सर, पता कर लेते हैं। अभय - रजिस्ट्रेशन कराकर उसकी कॉपी हमें दीजिए, फिर हम यहां से फॉर्मेट के अनुसार काम करेंगे। शास्त्री नगर थाने के सब इन्सपेक्टर अभय से बातचीत के बाद हम DM ऑफिस पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात हेल्प डेस्क पर बैठे कर्मचारी से हुई। इसके बाद हम स्थापना शाखा पहुंचे, जहां हमारी मुलाकात प्रधान लिपिक के पद पर तैनात चंद्रभूषण कुमार आरोही से हुई। रिपोर्टर - गर्ल्स हॉस्टल का जो रजिस्ट्रेशन होना है, वह कहां से करना होगा? चंद्रभूषण - यह शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला है, DEO ऑफिस जाइए। रिपोर्टर - थाने से बताया जा रहा है कि यहीं से रजिस्ट्रेशन होगा। चंद्रभूषण - यहां से ऐसा कुछ नहीं होता है। रिपोर्टर - फिर कहां जाना होगा, प्रक्रिया कहां से शुरू करें? चंद्रभूषण - यहां कोई प्रक्रिया नहीं है, यह पूरा मामला शिक्षा विभाग का है। रिपोर्टर - अब समझ में नहीं आ रहा कि कहां से होगा। चंद्रभूषण - मुझे कोई आइडिया नहीं है कि कहां से होगा, कौन करेगा। रिपोर्टर - जिलाधिकारी कार्यालय से तो सब काम होता है, बताया भी यही जा रहा है। चंद्रभूषण - आप डीडीसी कार्यालय में जाकर पता कीजिए। DM ऑफिस के प्रधान लिपिक के बताए अनुसार हम DDC ऑफिस पहुंच गए। यहां हेल्प डेस्क पर बैठे व्यक्ति ने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन यहां नहीं होता है। आप कहीं और जाकर देखिए। उन्होंने कहा कि डीएम कार्यालय जाइए, वहीं से होगा या फिर ऊपर जाकर प्रधान लिपिक से बात कीजिए, जो दूसरे तल्ले पर मिलेंगे। यहां हमारी मुलाकात क्लर्क मधुकर प्रसाद सिन्हा से हुई। रिपोर्टर - गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कहां से हो रहा है? मधुकर सिन्हा - यहां से नहीं हो रहा है। रिपोर्टर - जिलाधिकारी कार्यालय से बताया गया कि यहीं होता है। मधुकर सिन्हा - यहां पर नहीं होता, किसने बताया आपको यहां के बारे में? रिपोर्टर - स्थापना शाखा से हमें यहां भेजा गया है। मधुकर सिन्हा - यहां ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होता है भाई। पड़ताल के दौरान विकास भवन में हमारी मुलाकात एक महिला कर्मचारी से हुई जिसने बताया कि अभी जब तय ही नहीं हुआ कि कहां किस विभाग से रजिस्ट्रेशन होगा तो शंभू गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कहां से होगा। रिपोर्टर - हॉस्टल चलाना है, उसी का रजिस्ट्रेशन कराना है। महिला कर्मी - रजिस्ट्रेशन का अभी कोई डिसाइड ही नहीं हुआ है? रिपोर्टर - कैसे होगा, कुछ पता ही नहीं चल पा रहा है। महिला कर्मी - नहीं, कुछ तय नहीं हुआ है। रिपोर्टर - कब तक होने की संभावना है? महिला कर्मी - कहा नहीं जा सकता है। रिपोर्टर - आगे क्या होगा? महिला कर्मी - जब डीएम निर्देश देंगे, तभी तय होगा। रिपोर्टर - अभी कोई संभावना है? महिला कर्मी - अभी इसकी कोई फाइल नहीं आई तो शंभू हॉस्टल का कैसे होगा। रिपोर्टर - तब क्या किया जाए। महिला कर्मी - DM कार्यालय में जाइए वहीं होगा, नहीं तो SDM कार्यालय चले जाइए। महिला कर्मी से बातचीत के बाद हम SDM कार्यालय पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात पीयूष से हुई। वह भी कोई जानकारी नहीं दे पाए, किसी दूसरे कार्यालय में जाकर पता करने की सलाह दी। रिपोर्टर - गर्ल्स हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन की जानकारी चाहिए, यहां हो जाएगा क्या? पीयूष - हमें नहीं पता है कि हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कहां से होगा। रिपोर्टर - ऊपर से हमें आपके पास भेजा गया है। पियूष - यहां से कुछ नहीं होगा, आप कहीं और देखिए, किसी दूसरे कार्यालय में पता कीजिए। रिपोर्टर - कैसे होगा फिर, यहीं तो लोग भेज रहे हैं। पियूष - यहां करने का कोई आदेश नहीं, आप पटना नगर निगम में जाकर देख लीजिए। SDM कार्यालय में पीयूष से बातचीत के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना नगर निगम पहुंची। यहां हमारी मुलाकात नगर निगम में कार्यरत बड़े बाबू संजय से हुई। संजय ने भी रजिस्ट्रेशन में हमारी कोई मदद नहीं की। रिपोर्टर - गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कहां से होगा, यहां हो पाएगा क्या? संजय - गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कराना है? रिपोर्टर - जी गर्ल्स हॉस्टल चलाने के लिए। संजय - नगर निगम में इस संबंध में कोई पेपर आया है क्या? रिपोर्टर - हमें जानकारी मिली है कि यहीं से हो रहा है, इसलिए आए हैं। संजय - ऊपर आर्य टीम है, पवन जी हैं, उनसे मिलिए, वह बताएंगे। इस दफ्तर से उस दफ्तर घुमाया, कहीं जानकारी नहीं नगर निगम के कर्मचारी संजय के बताने के बाद हम ऊपर आर्य टीम के पास पहुंचे, लेकिन यहां न पवन मिले और ना पंकज से मुलाकात हुई। वहां मौजूद लोगों ने हमें फिर नीचे दोबारा संजय के पास भेज दिया। संजय ने फिर हमें सी ब्लॉक भेज दिया। संजय - आप सी ब्लॉक जाइए, वहीं पर होगा। रिपोर्टर - हम लोग हर जगह घूम चुके हैं, सभी लोग एक-दूसरे के पास भेज रहे हैं। संजय - वही लोग यहीं भेज रहे होंगे। रिपोर्टर - हां, सब लोग यही कह रहे, नगर निगम में होगा। संजय - तब तो यह गलत जानकारी दी जा रही है आप लोगों को। रिपोर्टर - तब क्या करें सर। संजय - हां, अब याद आया, जहां नगर आयुक्त बैठते हैं, उनके सामने पीएसए बैठते हैं, वहां जाकर पूछ लीजिए। नगर निगम के बड़े बाबू संजय के बताए अनुसार भास्कर रिपोर्टर नगर निगम के अमीन रविरंजन के पास पहुंचा। रवि रंजन ने बातचीत में कहा शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े कई खुलासे कर दिए। क्योंकि नगर निगम में पता चला था कि पहले बिल्डिंग का नक्शा पास होगा तब हो सकता है कहीं हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन भी हो जाए। रिपोर्टर - हमें गर्ल्स हॉस्टल के लिए नक्शा पास कराना है। रविरंजन - कहां का नक्शा है? रिपोर्टर - सर, बोरिंग रोड का। रविरंजन - अप्रूवल बहुत जरूरी होता है, सड़क कितनी चौड़ी है? रिपोर्टर - 16 फीट रास्ता है। रविरंजन - पहले अपना परिचय दीजिए। रिपोर्टर - हम बाहर से आए हैं, यहां हॉस्टल बना रहे हैं। रविरंजन - देखिए, रोड की चौड़ाई, ऊंचाई और आसपास की स्थिति देखी जाती है। रिपोर्टर - मुआयना होगा क्या पहले? रविरंजन - हां, इसके बाद ही नक्शा पास होता है, पहले जमीन का वेरिफिकेशन करा लीजिए, फिर आगे बढ़िए। रिपोर्टर - हम चाहते हैं कि पहले घर बनाएं और उसी में हॉस्टल चलाएं। रविरंजन - देखिए, हॉस्टल कमर्शियल होता है, कमर्शियल भवन के लिए न्यूनतम 40 फीट रास्ता चाहिए। रिपोर्टर - अच्छा, ऐसा नहीं पता था। रविरंजन - रेजिडेंशियल का अलग नक्शा होता है। रिपोर्टर - हम सोच रहे हैं कि पहले घर बनवा लें, फिर उसमें हॉस्टल चलाएं। रविरंजन - ऐसा मत कीजिए, हॉस्टल मत चलाइए। रिपोर्टर - शंभू हॉस्टल भी तो ऐसे ही बना होगा ना जिसमें अभी घटना हुई है। रविरंजन - उसकी बात छोड़ दीजिए, कैसे बना है। रिपोर्टर - तो क्या शंभू गलत तरीके से बना था? रविरंजन - गलत तो बहुत लोग करते हैं, जो पकड़ा जाता है वही कुसूरवार होता है। रिपोर्टर - यानि यहां बहुत ऐसे हॉस्टल फर्जी तरीके से चल रहे हैं? रविरंजन - बोरिंग रोड में बहुत निर्माण गलत है, जब निगरानी होती है तो काम रुक जाता है। रिपोर्टर - जिसका पता नहीं चलता उसका क्या होता है? रविरंजन - जिसका पता नहीं चलता, वह बनवा लेता है। लेकिन पकड़ा गया तो इतना जुर्माना होता है। रिपोर्टर - शंभू हॉस्टल में भी तो ऐसा ही है। रविरंजन - इसलिए हम कह रहे हैं कि आप सोच समझकर काम कीजिए। रविरंजन ने किया शंभू गर्ल्स हॉस्टल का खुलासा शंभू गर्ल्स हॉस्टल में कैसे खेल चल रहा, रजिस्ट्रेशन के नाम पर क्या था। इसका खुलासा रविरंजन ने किया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की तरह एक दो नहीं कई हॉस्टल चल रहे हैं। कहीं रजिस्ट्रेशन की कोई व्यवस्था भी नहीं है, इसलिए सब हॉस्टल ऐसे ही चल रहा है। रविरंजन ने बताया कि अगर हॉस्टल चलाना है तो कम से कम 10 कट्ठा जमीन चाहिए, तभी नियम पूरे होंगे। पटना में किसी भी हॉस्टल के पास ऐसा नहीं है। रिपोर्टर - पटना में तो ज्यादातर हॉस्टल मकान के नक्शे पर ही चल रहे हैं। रविरंजन - बिल्कुल, बोरिंग रोड में कई हॉस्टल ऐसे हैं, जिनका अप्रूवल मकान का है और हॉस्टल चल रहा है। रिपोर्टर - शंभू हॉस्टल इसी वजह से फंसा है? रविरंजन - शंभू वाला बहुत बुरी तरह फंसा है। रिपोर्टर - उसका मकान का भी नक्शा पास नहीं था? रविरंजन - उसका तो किसी तरह का नक्शा पास नहीं था। देखिए, जैसे अस्पताल चलते रहते हैं, लेकिन घटना होने पर जांच शुरू होती है, वैसे ही यह मामला है। रिपोर्टर - आप सही जानकारी दे रहे हैं, इसलिए मैं आपके पास आया हूं। रिपोर्टर - हॉस्टल के लिए 40 फीट रास्ता जरूरी है? रविरंजन - नियम बहुत हैं, आगे, पीछे, बगल की दूरी, एरिया का कैटेगरी लाल, पीला, ग्रीन सब कुछ देखा जाता है। इसी आधार पर नक्शा पास होता है। नगर निगम में ही हमारी मुलाकात एक पटल के इंचार्ज अमरेश से हुई। अमरेश से जब शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बारे में पूछा गया तो वह भड़क गए और बोले शंभू गर्ल्स हॉस्टल की बात ही मत कीजिए। रिपोर्टर - गर्ल्स हॉस्टल बनाने के लिए नक्शा कैसे और कहां से पास होगा? अमरेश - बायलॉज के हिसाब से नक्शा बनवाइए, पास हो जाएगा। रिपोर्टर - फिर शंभू हॉस्टल और दूसरे लोग कैसे चला रहे हैं? अमरेश - तो आप भी कर लीजिए ना। रिपोर्टर - हम तो बस जानकारी ले रहे हैं। अमरेश - करने के लिए तो कुछ भी हो जाता है, हमारा पदाधिकारी घूमेगा, जानकारी होगी तो कार्रवाई होगी। रिपोर्टर - मैं सिर्फ जानकारी के लिए पूछ रहा था। अमरेश - आप उसका उदाहरण क्यों दे रहे हैं? पहले तो उसकी बात मत कीजिए। रिपोर्टर - क्यों क्या हो गया? अमरेश - जिसका नक्शा ही पास नहीं हुआ है तो उस घर में हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कहां होगा। अमरेश से बातचीत के बाद हम पटना नगर निगम के टाउन प्लानर अमित से मिले। अमित ने साफ कर दिया कि जिस घर का नक्शा नहीं पास है वहां कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है। अब ऐसे में हमने सवाल किया कि जब शंभू गर्ल्स हॉस्टल का कोई नक्शा ही नहीं पास है तो डीजीपी ने किस रजिस्ट्रेशन को कैंसिल करने की बात कही है। इस पर अमित ने चुप्पी साध ली। रिपोर्टर - हमें नक्शा पास कराना है कैसे और कहां होगा। अमित - जमीन के कागजात दिखाइए, अमीन से प्रक्रिया शुरू होती है। रिपोर्टर - थोड़ा प्रोसेस बता दीजिए। अमित - ऑनलाइन आवेदन करना होता है। रिपोर्टर - ठीक है। अमित - एक आर्किटेक्ट पकड़ना होता है, वही नक्शा बनाएगा। समझदार आर्किटेक्ट होना चाहिए। रिपोर्टर - ठीक है, तो बिना नक्शा से हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन होगा क्या? अमित - सवाल ही नहीं है, ऐसे कैसे काम होगा नियम विरुद्ध। नगर निगम से पड़ताल के बाद हम दानापुर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां हमारी मुलाकात सहायक आर्किटेक्ट सुनील से मुलाकात हुई। सुनील ने बताया कि नियम के बिना ही सब हॉस्टल चल रहे हैं, जिस भवन का नक्शा पास नहीं है, वहां हॉस्टल चल रहा है तो वह गलत है। रिपोर्टर - हॉस्टल खोलने का रजिस्ट्रेशन कहां से होगा? सुनील - यहां हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन नहीं होता है, यहां सिर्फ बिल्डिंग का नक्शा पास किया जाता है। रिपोर्टर - उसके परमिशन लेने के लिए कहां जाना होगा? सुनील - यहां नहीं होता, हॉस्टल चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन डीएम ऑफिस जाना होगा। रिपोर्टर - अच्छा, जो बिल्डिंग होगी वह आपके यहां से पास होगी? सुनील - हां, बिल्डिंग का नक्शा पास होगा तब हॉस्टल का काम होगा। रिपोर्टर - अच्छा। सुनील - जैसे सिनेमा हॉल खोलना हो तो हमारा स्ट्रक्चर पास हो जाएगा, उसके बाद आप बिल्डिंग बनाइए, लेकिन उसमें सिनेमा हॉल चलाने की अनुमति जिला अधिकारी ही देंगे। उसी तरह हॉस्टल में भी प्रक्रिया है। रिपोर्टर - मतलब स्ट्रक्चर के लिए आपके पास आना होगा? सुनील - हां, पहले नक्शा पास कराइए, बिल्डिंग खड़ी कीजिए, फिर हॉस्टल में बच्चियों को रखने की अनुमति जिलाधिकारी से लीजिए। रिपोर्टर - हॉस्टल के लिए क्या-क्या करना जरूरी है? सुनील - बायलॉज के हिसाब से काम कीजिए। रिपोर्टर - बायलॉज कहां मिलेगा? सुनील - सचिवालय के पास किसी दुकान पर देख लीजिए या किसी आर्किटेक्ट से मिल लीजिए। रिपोर्टर - ठीक है, हमारे पास खाली जमीन भी है और एक घर भी है। सुनील - घर रेजिडेंशियल है या हॉस्टल के लिए बना है? रिपोर्टर - नहीं, रेजिडेंशियल है। सुनील - तो उसमें हॉस्टल नहीं चल सकता। खाली जमीन पर पहले हॉस्टल बनवाइए, फिर उसका रजिस्ट्रेशन कराइए। रिपोर्टर - मतलब पुराने भवन में नहीं चलेगा? सुनील - हम मना नहीं कर रहे हैं, लेकिन जो नियम है वही बता रहे हैं। रिपोर्टर - ठीक है। सुनील - हम लोग सिर्फ यह परमिशन देते हैं कि बिल्डिंग कैसे खड़ी करनी है। रहने की परमिशन यहां से नहीं मिलेगी। रिपोर्टर - यानी जितने लोग हैं, सब मनमाने तरीके से रह रहे हैं? सुनील - दूसरे को देखने की क्या जरूरत है, आप अपना देखिए। रिपोर्टर - मतलब सब वैसे ही रह रहे हैं? सुनील - जब प्रशासन का डंडा चलेगा तो सब ठंडे हो जाएंगे। रिपोर्टर - हां, शंभू हॉस्टल वाला देख लीजिए। सुनील - हां, जिस दिन सरकार सख्त हुई, उसी दिन मामला हो जाएगा। रिपोर्टर - यहां हॉस्टल वाले नक्शा पास कराकर बनाए हैं या नहीं? सुनील - कुछ लोगों ने बनाया होगा। आपके पास जमीन है न? रिपोर्टर - हां, है। सुनील - तो आप हॉस्टल का नक्शा पास कराइए, फिर आगे का काम कराइए। कई विभागों की पड़ताल के बाद भी कहीं हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन की कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद भास्कर रिपोर्टर पटना के फायर ब्रिगेड ऑफिस पहुंचा। यहां भी हॉस्टल की कोई लिस्ट नहीं मिली। यहां भी वही पता चला कि सब हवा हवाई वाला हिसाब किताब है। शंभू हॉस्टल की भी यहां कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसा लगा कि उसकी भी यहां कोई सूचना दी ही नहीं गई थी कि पटना में कोई शंभू गर्ल्स हॉस्टल भी चल रहा है। रिपोर्टर - हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन कराना है, इसके लिए क्या करना होगा? सतीश - कहां होगा यह नहीं पता हम तो सिर्फ NOC दे सकते हैं। रिपोर्टर - क्या प्रक्रिया है? सतीश - ऑनलाइन आवेदन कीजिए। रिपोर्टर - क्या-क्या चाहिए? सतीश - साइट पर जाकर सब कुछ ऑनलाइन कर दीजिए, हो जाएगा। रिपोर्टर - मतलब रूम का साइज और जिस घर में हॉस्टल खोलना है, वह कैसा होना चाहिए? सतीश - सब कुछ ऑनलाइन है, साइट पर फॉर्म भरने के दौरान जैसा-जैसा मांगा जाएगा, उसी तरह से करना होगा। जब कहीं रजिस्ट्रेशन होता ही नहीं तो DGP क्यों बोल गए बड़ी बात भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में 6 विभागों में पड़ताल के दौरान कहीं भी ऐसा नहीं मिला जहां से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन लिया जाता हो। हर विभाग में बस यही बोला गया कि हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन को लेकर न पहले से कोई गाइडलाइन थी और ना ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाद कोई आदेश मिला है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने हर पटल पर शंभू गर्ल्स हॉस्टल का नाम लिया, लेकिन उस पर कोई खुलकर बात करने को भी तैयार नहीं हुआ। इससे यह साफ हो गया कि जिस घर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल चल रहा था, उस घर का भी नक्शा पूरी तरह से पास नहीं था। क्योंकि भास्कर की पड़ताल में कहीं कोई अधिकारी या निगमकर्मी ये नहीं बताया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग का नक्शा पास था। ऐसे में बड़ा सवाल है कि जब पटना में किसी भी हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन नहीं है और ना ही पहले था तो DGP कैसे दावे के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की बात कह रहे हैं।
नई नीति बनने तक ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले नहीं हो सकेंगे : शिक्षामंत्री
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों को लेकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जूली ने कहा कि सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों को गुमराह कर रही है। भाजपा ने घोषणा पत्र में तबादला नीति बनाने की बात कही थी, लेकिन आधा कार्यकाल बीत चुका है। नीति कब बनेगी और तबादले कब होंगे? अभी तक स्पष्ट नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय 2200 से अधिक तबादले किए गए थे, जबकि कांग्रेस शासन में एक भी तबादला नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘आप लोग तब कहां थे?’ शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई तबादला नीति प्रक्रियाधीन है। इसके अंतिम रूप लेने के बाद ही तबादलों पर विचार किया जाएगा। विधायकों की अभद्र भाषा और गलत इशारों का मुद्दा उठा कोर्ट में मामला : जेजेएम घोटाले वाले इलाकों में पेयजल योजनाओं के काम बंद जल जीवन मिशन घोटाले का मामला प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों में उठा। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि जेजेएम में फर्जी प्रमाण पत्रों पर काम लेने वाली फर्म मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल और गणपति ट्यूबवेल को ब्लैकलिस्ट किया गया था। दोनों फर्में अदालत से अन्य ठेकेदारों को काम आवंटित नहीं करने का आदेश ले आईं। विभाग ने हाईकोर्ट में अपील की है, लेकिन मामला डेढ़ साल से लंबित है। फर्जी डिग्रियों पर सख्ती; निजी विविके लिए बनेगा नियामक आयोग प्रश्नकाल में निजी विश्वविद्यालयों में भर्तियों में अनियमितता और बैकडेट में फर्जी डिग्रियां जारी करने का मुद्दा उठा। उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि 10 विश्वविद्यालयों की जांच के आदेश दिए हैं। विधायक कालीचरण सराफ ने पूछा कि क्या अन्य राज्यों की तर्ज पर निजी विश्वविद्यालयों के नियंत्रण के लिए नियामक आयोग गठित किया जाएगा? मंत्री ने कहा कि प्रारूप तैयार है। विधि विभाग को भेजने के बाद कैबिनेट में रखा जाएगा। शून्यकाल में अभद्र भाषा के इस्तेमाल और आपत्तिजनक इशारे करने वाले विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की मांग उठी। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि मामला गंभीर है और सोशल मीडिया पर प्रदेश की आठ करोड़ जनता विधानसभा की कार्यवाही देखती है। भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पहले धारीवाल ने दो बार गालियां दीं, फिर राजाखेड़ा से विधायक रोहित बोहरा ने आपत्तिजनक व्यवहार किया। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर संसदीय मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पीकर से कहा कि ऐसे सदस्यों को सदन में रहने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि मामला इतना गंभीर नहीं है। स्पीकर ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वे वीडियो देखने के बाद उचित कार्रवाई करेंगे। दिलावर : हमने 2200 तबादले किए, आपने एक भी नहीं किए जूली : 2 साल में भी तबादला नीति नहीं
नेतृत्व शिखर सम्मेलन 16 सेदेशभर के शिक्षाविद् जुटेंगे, 28 सत्र में परंपरा से AI तक मंथन
जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय, राज्य सरकार एवं विद्या भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में झालाना स्थित आरआईसी में राष्ट्रीय संस्थागत नेतृत्व शिखर सम्मेलन-2026 सोमवार को आयोजित होगा। इसमें देशभर के केन्द्रीय एवं डीम्ड विवि के कुलपति, आईआईटी, आईआईएम संस्थानों के निदेशक समेत शिक्षाविद् शामिल होंगे। आरयू की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा, आयुक्त (उच्च शिक्षा) डॉ. ओ.पी.बैरवा ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि दो दिन में विभिन्न विषयों पर 28 सत्र होंगे। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, एआई, भारतीय भाषा परिवार, शिक्षक-शिक्षा में भविष्य जैसे अनेक मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय संयोजक डॉ.संजय शर्मा के अनुसार इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े को सौंपी जाएगी। इसके बाद में केन्द्र सरकार को भेजी जाएगी। उद्घाटन समारोह में डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा, एनसीटीई के चेयरमैन प्रो.पंकज अरोड़ा मौजूद रहेंगे। दूसरे दिन समापन सत्र में राज्यपाल और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। ये प्रमुख वक्ता सम्मेलन में अनुभव करेंगे साझा प्रो.राजीव आहूजा ( निदेशक, आईआईटी रोपड़), प्रो. धनंजय सिंह (सदस्य सचिव, आईसीएसएसआर), प्रो.गांती.एस.मूर्ति (राष्ट्रीय समन्वयक, आईकेएस प्रभाग), चामू कृष्ण शास्त्री (अध्यक्ष, भारतीय भाषा समिति), प्रो. अरुण मोहन शैरी (निदेशक, आईआईटी लखनऊ), प्रो.जगदीश कुमार (पूर्व अध्यक्ष, यूजीसी), प्रो.श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलगुरु, केन्द्रीय संस्कृत विवि) अपने अनुभव साझा करेंगे।
सरकारी कॉलेजों के लिए होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर और मंत्रालयिक कर्मचारियों (अशैक्षणिक) की संविदा भर्तियों पर संकट खड़ा हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इन पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी है। बोर्ड अभ्यर्थनाओं का परीक्षण करा रहा है। इसमें सामने आ रहा है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती बोर्ड के अधिकार में नहीं है। इस पद पर भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग करता है। साथ ही मंत्रालयिक कर्मचारियों की भर्ती को लेकर भी बोर्ड असमंजस में है। उधर, संविदा पर भर्ती का विरोध भी शुरू हो गया है। शिक्षकों ने इसके विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा है कि इस तरह से होने वाली भर्ती को नई शिक्षा नीति-2020 के अनुकूल नहीं है। सरकार को नियमित भर्ती करनी चाहिए। उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों चयन बोर्ड को असिस्टेंट प्रोफेसर के 3540 पदों पर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के 1184 पदों पर संविदा भर्ती की अभ्यर्थना भेजी थी। बोर्ड ने अभी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है। बोर्ड इन अभ्यर्थियों का परीक्षण करा है कि यह भर्तियों उसके अधिकार क्षेत्र में है या नहीं। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के मामले में पिछले दिनों बोर्ड ने उच्च शिक्षा विभाग से यह मार्गदर्शन मांगा था कि यह पद राजपत्रित है या नहीं। इसको लेकर विभाग ने बोर्ड को कहा था कि यह ना तो राजपत्रित है और ना ही अराजपत्रित। क्योंकि यह संविदा भर्ती है। हालांकि चयन बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पहले अभी विभाग से ग्रेड पे व अन्य मामलों को लेकर स्पष्टीकरण चाह रहा है। इसके बाद ही बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर निर्णय लेगा। संविदा भर्ती करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं राजसेस महाविद्यालयों में संविदा आधारित नियुक्तियों और अस्थायी अकादमिक ढांचे का मॉडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की अवधारणा के अनुरूप नहीं है। यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति विरोधी है। संगठन इस तरह की भर्ती का विरोध करता है। काली पट्टी बांधकर शिक्षक इस पर विरोध जता चुके है। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल के नाम जिलों के प्रभारी मंत्री, जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा है। सभी राजसेस महाविद्यालयों को नियमित राजकीय महाविद्यालयों के रूप में परिवर्तित कर नियमित भर्ती की जाए। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अभ्यर्थना मिली है“चयन बोर्ड को संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अभ्यर्थना मिली है। बोर्ड इसका परीक्षण करा रहा है। इस पद पर भर्ती वैसे तो चयन बोर्ड नहीं कराता है। लेकिन फिर भी इस मामले पर सरकार के निर्देशों का इंतजार करेंगे। सरकार अगर हमें अनुमति देगी तो भर्ती को लेकर आगे की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।” -आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड
गणेश शंकर विध्यार्थी मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग की ओर से 13 फरवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों से आए हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य औषधि विज्ञान, क्लीनिकल रिसर्च, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिक्स और औषधीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध कार्यों, उभरती तकनीकों, नैतिक शोध पद्धतियों तथा रोगी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही एकेडमिक, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण प्रो. अमिता तिलक ने दिया और कार्यक्रम का संचालन भी किया। GSVM के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों को शोध के नए आयामों से जोड़ते हैं और संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विधानसभा सत्र के कारण उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने संदेश भेजकर सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और औषधि शिक्षा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों में दिखा छात्रों का उत्साह सम्मेलन के दौरान शोधार्थियों ने नैनो-प्रौद्योगिकी, क्लीनिकल फार्मेसी, हर्बल दवाओं और दवा सुरक्षा से संबंधित शोध कार्य पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किए। विशेषज्ञ समिति द्वारा सभी शोध सारों का मूल्यांकन किया गया और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. सुधीर सिंह गंगवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। फार्मेसी के विभागाध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शोधोन्मुख और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और व्यावसायिक नैतिकता को बढ़ावा मिल सके।
बांका में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास निगम ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत चांदन प्रखंड के नावाडीह स्थित संगम जीविका महिला विकास स्वाबलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) के लैंगिक विशेषज्ञ और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महिलाओं को बेटियों के महत्व, समान अधिकार, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। DHEW के लैंगिक विशेषज्ञ मो.महबूब आलम ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ शेखर कुमार दास ने बचत, बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन, बाल विवाह रोकथाम और दहेज उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की। लैंगिक विशेषज्ञ श्रीकांत कुमार ने उपस्थित जीविका दीदियों को बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ समाज की शक्ति हैं और उनके संरक्षण, शिक्षा तथा सशक्तिकरण से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर जीविका समूह की अध्यक्ष सावित्री देवी, बुक कीपर श्रीमती मंजू पांडेय सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
बेतिया जिले के मैनाटांड प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बेलवाटोला में हाजिरी बनाकर घर जा रहे एक शिक्षक को ग्रामीणों ने रास्ते में रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान शिक्षक ने स्वीकार किया कि वे किसी जरूरी कार्य से घर जा रहे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, संबंधित शिक्षक प्रतिदिन सुबह हाजिरी बनाकर विद्यालय से चले जाते हैं और शाम में लौटकर चेक आउट करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शौचालय पर हमेशा लगा रहता है ताला ग्रामीणों ने अन्य शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का शौचालय हमेशा ताला बंद रहता है, जिससे बच्चों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा ग्रामीणों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों से ही उनकी थालियां साफ कराई जाती हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। अभिभावकों ने इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षा पदाधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन इस मामले में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
बिहार विधानसभा में बजट सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को संदीप सौरभ, अख्तरुल ईमान समेत 6 सदस्यों से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार का जवाब होगा। विधान मंडल के दोनों ही सदनों विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष सरकार को घेरेगा। विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े आलोक कुमार मेहता, भाई वीरेन्द्र और अन्य तीन सदस्यों से प्राप्त ध्यानाकर्षण पर सरकार का जवाब होगा। नगर आवास विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से राजू तिवारी, विनय कुमार और अन्य सात सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नोत्तर काल के तहत अल्प सूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर होंगे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार सरकारी सेवक संशोधन नियमावली 2025, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली 2024, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि संशोधन नियमावली 2025 और बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती और सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे। विधान परिषद में ध्यानाकर्षण बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में प्रश्न काल के अलावा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सदन की मेज पर रखी जानी है। ध्यानाकर्षण के तहत डॉ. मदन मोहन झा, वंशीधर ब्रजवासी, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, नवल किशोर यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह के सवाल हैं। कल सीएम और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक बजट सत्र के आठवें दिन गुरुवार को नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र में नोक-झोंक हुई थी। दरअसल, राजद विधायक पानी में आर्सेनिक का मुद्दा उठा रहे थे, इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनके स्वेटर को देख कर कहा- ‘इतने कपड़े क्यों पहने हो।’ इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘आपने ही तो दिया है, छोटे भाई को भूल जाते हैं। इसलिए कहते हैं समय पर दवा खाया कीजिए।’ जिसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम को डिफेंड करने उठे और कहा, ‘सीएम की चिंता है कि इतना कपड़ा क्यों पहने हैं, इतनी तो ठंढ नहीं है।’ काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘सरकार भी अपराध पर बोलने से ऐसे ही बच रही है।’ वहीं पोर्टिको में राजद विधायकों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था- ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ।’ ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन है।’
संभल जिले के चंदौसी स्थित अलावलपुर गांव के कंपोजिट विद्यालय के सामने कूड़े का ढेर लगा है। इस ढेर में अक्सर आग लगा दी जाती है, जिससे उठने वाला धुआं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और राहगीरों के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। यह समस्या शिक्षा के स्तर में सुधार और विद्यालयों के कायाकल्प के दावों के बावजूद बनी हुई है। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे, गांव से गुजरते समय कंपोजिट विद्यालय के ठीक सामने, एक 6 फीट की सड़क पार कर कूड़े का अंबार देखा गया। इस कूड़े में आग लगी हुई थी और उससे घना धुआं उठ रहा था, जो स्कूल के बच्चों के साथ-साथ वहां से गुजर रहे ग्रामीणों के लिए भी जोखिम भरा था। यह गांव यूपी सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में आता है, इतना ही नहीं उनकी बेटी डॉ. सुगंधा सिंह इसी क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख है। स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है। गांव की प्रधान मंगलवती और ग्राम सचिव ने पहले जेसीबी लगाकर स्कूल के सामने से गंदगी हटवाई थी। हालांकि, कुछ समय बाद गांव के लोगों ने फिर से स्कूल के सामने कूड़े का ढेर लगाना शुरू कर दिया। कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापक भावना सागर ने बताया कि विद्यालय के ठीक सामने कूड़े का ढेर लगा रहता है और अक्सर उसमें आग भी लगा दी जाती है। उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की है और बीडीओ को लिखित आवेदन भी दे चुकी हैं। उन्होंने गांव वालों को जागरूक करने की भी कोशिश की है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि मैंने बच्चों के साथ मिलकर हाथों में म्यूजिक सिस्टम लेकर प्रेरक गाने बजाए और बाकायदा अनाउंसमेंट भी किया कि 'स्कूल के सामने गंदगी न फैलाएं, इससे आपके अपने बच्चे ही बीमार होंगे।' स्कूल के सामने सफाई रखना ही बेहतर है। लेकिन इसके बावजूद गांव वाले मानने को तैयार नहीं हैं। अभी हाल ही में 8-10 लड़के मेरे पास आए थे और कहने लगे, 'मैम, कुछ भी कीजिये पर इस कूड़े को हटवाइये।' इसके बाद उन लोगों ने मीटिंग की और अपने स्तर पर पैसे इकट्ठे करके जेसीबी से कूड़ा साफ करवाया। लेकिन अफसोस, फिर से वही स्थिति बन गई है। गांव वाले समझने को तैयार ही नहीं हैं। अब मैं क्या करूँ? मेरी तरफ से कोशिशों में कोई कमी नहीं है। भावना सागर पिछले 12 वर्षों से अलावलपुर गांव के इस कंपोजिट विद्यालय में तैनात हैं। विद्यालय में कुल 176 बच्चे पढ़ने आते हैं। गांव की आबादी लगभग 3500 है। राहुल कुमार, दीप्ति शर्मा, विपिन कुमार, रीना कुमारी, शाहना परवीन और धर्मेंद्र कुमार यहां बच्चों को पढ़ाते हैं।
हरियाणा के शिक्षा विभाग में 2014 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत नियमित किए गए प्रोग्रामर पर विवाद खड़ा हो गया है। जिसका खुलासा शिक्षा विभाग की सीनियर अधिकारी और सहायक निदेशक द्वारा हरियाणा सरकार को लिखे गए पत्र से हुआ है। विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ने सरकार को भेजे लेटर में लिखा है कि साल 2014 की रेगुलराइजेशन नीति के तहत शिक्षा विभाग में प्रोग्रामर को नियमित करते हुए बहुत सारी अनियमितता बरती गई हैं। जिसमें वरूण अग्रवाल प्रोग्रामर के मामले में विभाग ने नियमों और जरूरी शर्तों व क्राइटेरिया को दरकिनार करते हुए नियमित किया गया पाया गया। पत्र में आगे लिखा गया है कि जिन कर्मचारी/अधिकारियों द्वारा ये अनियमितताएं की गई है उन पर सख्त अनुशासनिक कार्यवाही होनी चाहिए। ऐसे प्रोग्रामर जिनको 3 वर्ष के अनुभव और बिना शैक्षणिक योग्यता पूर्ण करते हुए नियमित किया गया है, को तुरंत प्रभाव से रिवर्ट किया जाना बनता है ताकि हरियाणा सरकार पर जो वर्ष 2014 से अब तक वित्तीय हानि हुई है उससे बचा जा सके। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये नियम वर्ष 2014 से पहले लागू थे और कानूनी रूप से अनिवार्य हैं। इन नियमों में 'या समकक्ष शब्द नहीं है। इसलिए इनके अलावा किसी अन्य योग्यता को मान्य नहीं माना जा सकता। 3 पॉइंट में समझिए 2 केसों का उदाहरण.. तीन बिंदुओं पर जांच की मांग…
गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, ... Read more
उच्च शिक्षा विभाग ने दोनों पक्षों को तलब किया
लुधियाना| श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज से कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से निकाले गए कर्मचारी कुलभूषण शर्मा का दिन-रात का धरना 25वें दिन भी जारी है। कुलभूषण शर्मा ने बताया कि उनकी शिकायत पर उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) के डायरेक्टर ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया है। शर्मा ने कहा कि एयूसीटी जत्थेबंदी के प्रधान प्रो. घई और उनके सहयोगियों की मेहनत से अब मामले की सुनवाई शुरू हो गई है और उन्हें जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर द्वारा भी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। धरने के साथ-साथ कुलभूषण शर्मा और उनके परिवार का भूख हड़ताल भी जारी है, जो 9वें दिन में प्रवेश कर गई। धरने में संजय किमोठी, वेद प्रकाश, गुरदेव सिंह, दिनेश गौड़, राहुल गौड़, परवीन, वोहरा, जगत सिंह, हेमराज सैनी, अजीत, राकेश तिवारी, मनी वर्मा, गुरमीत सिंह और विनीत सहित कई समर्थक शामिल हुए।
प्रॉक्सी शिक्षकों पर सख्ती के निर्देश, शिक्षा विभाग ने गठित की जांच समितियां और फ्लाइंग स्क्वॉड
उदयपुर| अब यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति (प्रॉक्सी) को स्कूल में पढ़ाने के लिए भेजता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार ऐसे शिक्षकों को सीधे सेवा से अलग कर सकती है। दरअसल, कई जिलों में जनप्रतिनिधियों से लेकर आमजन तक की ओर से प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करें। इसके साथ ही संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की भी गहन जांच की जाएगी। निदेशालय ने इस प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय को भेजी जाए। जांच रिपोर्ट ईमेल आईडी samparkpor tal.ele@gm ail.com पर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी इन आदेशों का उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा फर्जी तरीके से कार्यरत शिक्षकों पर रोक लगाना है। उच्चाधिकारियों ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यालयों पर फोकस किया जाए। उच्च न्यायालय द्वारा मंजू गर्ग बनाम राजस्थान राज्य याचिका में दिए गए आदेशों की पालना में निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा ने राज्य के सभी जिलों में जांच समितियों और फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने 31 जुलाई 2024 और 28 अक्टूबर 2025 की सुनवाई के दौरान स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षकों की उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में निदेशालय ने जिला स्तर पर विशेष निगरानी टीमें तैनात करने का निर्णय लिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति का स्वरूप : प्रॉक्सी शिक्षकों की पहचान और जांच के लिए प्रत्येक जिले में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष: मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ), सदस्य: जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय, प्रारंभिक शिक्षा) और सदस्य के रूप में संबंधित ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को शामिल करना है।
शिक्षा सेवकों की मांगों के लिए केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को सौंपा जाएगा ज्ञापन
सिटी रिपोर्टर|रजौली रजौली प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दायित्वों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विद्यालय के एकमात्र विज्ञान शिक्षक शन्नी कुमार को मतदान केंद्र संख्या-360 बलिया पश्चिम भाग के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त किए जाने के बाद पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। प्रधानाध्यापक सतीश कुमार ने बताया कि शन्नी कुमार कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की पढ़ाई कराते हैं। ऐसे में उनकी बीएलओ ड्यूटी लगने से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाध्यापक ने सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक को चुनावी कार्य से मुक्त करने की मांग की है। नवादा|बिहार मुसहर भुईंया शिक्षा सेवक महासंघ के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष मुकेश मांझी ने बताया कि सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी एक दिवसीय दौरे पर जिले के कौआकोल प्रखंड के महुडर गांव पहुंचेंगे। इस दौरान उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री संतोष मांझी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के भी आने की संभावना है। कार्यक्रम के क्रम में वे हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के जिला अध्यक्ष अशोक मांझी की माता के श्राद्धकर्म में शामिल होंगे। इस अवसर पर शिक्षा सेवक महासंघ का एक शिष्टमंडल अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपेगा। पठन-पाठन पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव प्रधानाध्यापक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विद्यालय में विज्ञान विषय के लिए शन्नी कुमार ही एकमात्र शिक्षक हैं। वे न केवल उच्च कक्षाओं की नियमित पढ़ाई संचालित करते हैं, बल्कि विज्ञान प्रयोगशाला (लैब) से संबंधित सभी कार्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। यदि वे बीएलओ कार्य में व्यस्त रहते हैं, तो कक्षा 9 से 12 तक की विज्ञान कक्षाएं बाधित हो जाएंगी। इससे विशेषकर बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है, जो छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है। इस संबंध में बीडीओ संजीव झा ने बताया कि वे फिलहाल इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) के चेयरमैन की गाड़ी एवं गनमैन को लेकर विवादास्पद टिप्पणी के साथ एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें डॉ. पवन कुमार शर्मा पर पद छोड़ने के बाद सरकारी गाड़ी और गनमैन रखने के आरोप लगे हैं। जबकि डॉ. पवन कुमार ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि अब उनके पास बोर्ड चेयरमैन का एडिशनल चार्ज है। वायरल हो रहा लेटर 2 फरवरी को जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार द्वारा आदेश क्रमांक KW/5/6-2010 सै०शि० (5) दिनांक 6 जनवरी की अनुपालना में 31 जनवरी (अपराह) से बोर्ड कार्यालय के अध्यक्ष पद का कार्यभार छोड़ दिया गया है। अतः सभी शाखाध्यक्षों से अनुरोध है कि इसके संबंध में अपनी-अपनी शाखा से संबंधित लेय/देय राशि बारे बे-बाकी प्रमाण-पत्र इस परिपत्र के जारी होने की तिथि से तीन दिनों के अंदर-2 प्रशासन शाखा को भिजवाना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित अवधि तक किसी शाखा से वांछित प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि उस शाखा का उनसे कुछ भी लेय/देय नहीं है। आरोपों को बताया निराधार डॉ. पवन कुमार शर्मा का कहना है कि उनके पास 28 फरवरी तक अध्यक्ष एडिशनल चार्ज है। जब 31 जनवरी को पद छोड़ा तो उन्होंने किसी भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया था। वे खुद की गाड़ी में ही आए थे। लेकिन 6 फरवरी से उन्हें एडिशनल चार्ज दिया है। इसके बाद में गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं।
लसाड़िया में बच्चों की शिक्षा के लिए मदर्स वर्कशॉप और लर्निंग कैंप शुरू
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और बासुदेव कनोरिया संस्थान के सहयोग से देवलिया, धौलिया और अंग्गड़ पंचायतों में माताओं को शिक्षण गतिविधियों से जोड़ा गया।
पाकिस्तान के स्वात ज़िले में बाढ़ से 120 बालिका स्कूल क्षतिग्रस्त। यूनेस्को ने 12,000 लड़कियों की शिक्षा बचाने के लिए जलवायु-अनुकूल पुनर्निर्माण की मांग की...
नालंदा जिले के सैकड़ों निजी स्कूल गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश देने से कतरा रहे हैं। जिले के 801 पंजीकृत निजी विद्यालयों में से 336 स्कूलों ने आरटीई पोर्टल पर अपनी नामांकन क्षमता तक अपलोड नहीं की है। जो स्पष्ट रूप से इन संस्थानों की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कानून का खुला उल्लंघन शिक्षा के अधिकार के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय को अपनी कुल क्षमता का 25 प्रतिशत सीटें कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। यह प्रावधान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज में शैक्षणिक समानता स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। लेकिन जिले के 336 स्कूल इस संवैधानिक प्रावधान को दरकिनार कर रहे हैं। समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद शाहनवाज ने बताया कि ज्ञानदीप पोर्टल पर पहली कक्षा में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तमाम स्कूलों के प्राचार्यों ने अपनी नामांकन क्षमता (इंटेक कैपेसिटी) ही पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। विभाग की सख्ती: 24 घंटे का अल्टीमेटम मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ ने संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर निर्धारित समय में नामांकन क्षमता पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई, तो स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह कदम निश्चित रूप से स्वागत योग्य है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या इससे पहले विभाग ने पर्याप्त सतर्कता बरती। क्या केवल धमकी देने से स्कूलों की मानसिकता बदल जाएगी। बार-बार की अनदेखी की गई डीपीओ की ओर से प्राचार्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नामांकन क्षमता अपलोड करने के लिए मोबाइल समेत कई माध्यमों से बार-बार सूचित किया गया है। लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने विभागीय आदेश की अनदेखी की है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नामांकन क्षमता अपलोड न करना आपकी मनमानी और विभागीय आदेश की अवहेलना है। साथ ही, यह दर्शाता है कि आप कमजोर और वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को अपने विद्यालय में नामांकन देने को इच्छुक नहीं हैं, जो मान्यता के पूर्व निर्धारित मानदंडों की अवहेलना है।
हाई कोर्ट ने पूछा:शिक्षा उपकर लिया तो निगम के 184 स्कूलों में सुविधा क्यों नहीं दी
जनता से शिक्षा उपकर के रूप में टैक्स लेने के बावजूद नगर निगम के अधीन संचालित 184 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं हैं? इस सवाल पर नगर निगम हाई कोर्ट में कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। जवाब के लिए समय मांगने पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक स्पष्ट जवाब पेश किया जाए, अन्यथा निगमायुक्त को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। प्रशासनिक जज विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने निगम से पूछा है कि अब तक शिक्षा उपकर के रूप में कुल कितनी राशि वसूली गई है और वह राशि किन-किन मदों में खर्च की गई। साथ ही यह भी पूछा कि सभी स्कूलों में वॉशरूम, पीने का पानी, बेहतर क्लासरूम, खेल मैदान सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं क्यों विकसित नहीं की गईं? याचिका में गंभीर आरोप: याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष विजयवर्गीय ने पैरवी करते हुए कहा कि नगर निगम शिक्षा उपकर के नाम पर जनता से राशि वसूल रहा है, लेकिन यह पैसा स्कूलों पर खर्च नहीं किया जा रहा। स्कूलों की इमारतें तो बनी हैं, पर उनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि कई स्कूलों में बेंच, ब्लैकबोर्ड, पानी की टंकी जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सामाजिक क्लबों और संगठनों के दान से कराई जा रही हैं। जबकि उपकर की राशि से ग्राउंड, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, पर्याप्त बेंच और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए। कई स्कूलों में न तो लाइब्रेरी है और न ही लैब की सुविधा उपलब्ध है। 25 स्कूलों की जांच, 10 का निरीक्षण पूराहाई कोर्ट ने तीन वकीलों की कमेटी गठित कर 25 स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। कमेटी अब तक 10 स्कूलों का निरीक्षण कर चुकी है। कोर्ट ने शेष 15 स्कूलों का निरीक्षण कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बेटियों की शिक्षा समाज व देश की प्रगति का मार्ग: शिवरतन
भास्कर न्यूज | भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रिय नेता शिवरतन शर्मा ने सोमवार को दत्तरेंगी एवं कोटमी में आयोजित साईकिल वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दत्तरेंगी व कोटमी में निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि बेटियों की शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की सच्ची प्रगति का मार्ग है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिवरतन शर्मा ने कहा बेटियों को शिक्षित करना समाज को नई दिशा देना है, और हम इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं। शिवरतन शर्मा ने कहा कि साइकिल मिलने से अब छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आसानी होगी।
दिल्ली के शिक्षा अधिकारियों ने किया पीएम श्री स्कूल सुखेर का भ्रमण; नवाचारों को सराहा
उदयपुर | स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को दिल्ली के 25 सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों के दल ने बड़गांव ब्लॉक स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुखेर का ‘एक्सपोजर विजिट’ किया। इस दल का नेतृत्व समग्र शिक्षा उदयपुर की कार्यक्रम अधिकारी विमलेश यादव एवं नई दिल्ली की जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंजु गौड़ ने किया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय की बाल वाटिका, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने विद्यालय के सुव्यवस्थित खेल मैदान, स्वच्छता प्रबंधन (शौचालय) और मिड-डे मील की गुणवत्ता के साथ-साथ एसएमसी व एसडीएमसी के दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य माया जाटव और डॉ. अंजु गौड़ के बीच शैक्षिक उन्नयन और नए नवाचारों को लागू करने पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सैकड़ों शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के विरोध में किया गया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 ब्लॉकों के शिक्षक इसमें शामिल हुए। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक विरोधी बयान दिया था, जिससे पूरे देश के शिक्षक नाराज हैं। महामंत्री विजय त्रिपाठी ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना अनैतिक है। उन्होंने तर्क दिया कि इन शिक्षकों की भर्ती उस समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। शिक्षकों ने कहा कि नई शिक्षक प्रणाली केवल नए शिक्षकों पर लागू होनी चाहिए, न कि उन शिक्षकों पर जो दशकों से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में पूरे देश में शिक्षक एक बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान राजेंद्र सिंह, विजय त्रिपाठी, अनिल वर्मा, लाल देवेंद्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र उमराव, आकाश कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना 10वां बजट सदन में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट में प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जनपद को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें बाढ़ नियंत्रण, प्रशासनिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में श्रावस्ती में बाढ़ शमन योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से राहत दिलाना है। इसके अलावा, बलरामपुर-श्रावस्ती को बौद्ध सर्किट से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रशासनिक भवन एवं अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का कार्य भी प्रगति पर है। परिवहन पर विशेष जोरइस वर्ष प्रस्तुत 53.47 लाख करोड़ रुपये का यह बजट 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं को गति देने की महत्वाकांक्षी रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क एवं राजमार्ग, गृह तथा रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकताएं तय की गई हैं। श्रावस्ती को रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में भी बजट में ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्टल स्थापित करने तथा प्रमुख एवं छोटे तीर्थ स्थलों के विकास की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं। कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के लिए भी प्रावधान किए गएबजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को वैश्विक केंद्र बनाने, कैंसर की दवाओं को सस्ता करने, बायो-फार्मा योजना की शुरुआत, उद्योगों को प्रोत्साहन, पूंजीगत व्यय में वृद्धि, 'लखपति दीदी' और 'गांव की दीदी' जैसी योजनाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, गरीबी उन्मूलन, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर, यह बजट प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जैसे पिछड़े जनपदों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव और जीपीएम जिले के प्रभारी सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने आज कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के साथ विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और उनकी उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, स्टाफ की कमी और अधोसंरचना से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों को तत्काल अपने स्तर पर निपटाने और यदि संभव न हो तो वरिष्ठ कार्यालय से समाधान कराने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने शिक्षा, टीकाकरण और जल संरक्षण पर दिया जोर प्रभारी सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता, टीकाकरण और पानी बचाने पर खास ध्यान दिया। उन्होंने जिले के स्कूलों और वहां पढ़ रहे बच्चों की संख्या की जानकारी ली। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति और माता-पिता-शिक्षक की नियमित बैठकों पर जोर दिया। साथ ही, महतारी वंदन योजना में एक ही नाम के दोहराव की समस्या को सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, पशु पालन, जल और परिवहन सहित कई मुद्दों पर चर्चा बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं, पशु संगणना, पशु टीकाकरण, भू-जल संवर्धन, वाटर रिचार्ज, पेयजल योजनाओं, खनिजों-खदानों और परिवहन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने का आश्वासन दिया। इस बैठक में डीएफओ ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्थान विधानसभा में आज पेश होने वाले बजट को लेकर झुंझुनूं जिले की जनता में भारी उत्साह और उम्मीदें हैं। शेखावाटी का हृदय कहे जाने वाले इस जिले को इस बार आधारभूत ढांचे, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और वर्षों से लंबित 'यमुना जल समझौते' के क्रियान्वयन को लेकर बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा है। प्रमुख मुद्दे जो बजट के केंद्र में रह सकते हैं यमुना जल समझौता: जिले की प्यास बुझाने के लिए यमुना के पानी को लेकर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के बजट आवंटन पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह मुद्दा जिले की राजनीति और कृषि दोनों के लिए जीवन रेखा समान है। शिक्षा और खेल: 'सैनिकों की खान' कहे जाने वाले इस जिले में खेल यूनिवर्सिटी की सुविधाओं के विस्तार और नए स्किल सेंटर की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठ रही है।
राजस्थान की भजनलाल सरकार आज अपना तीसरा बजट पेश कर रही है। प्रदेश की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को सुबह सवा 11 बजे सदन में डिजिटल बजट प्रस्तुत करेंगी। यह बजट प्रदेश के विकास की दिशा तय करेगा। बजट से पहले सीएम ने विधायकों से की मुलाकातइस बजट से प्रतापगढ़ जिले के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट से पहले सभी भाजपा विधायकों और विधानसभा प्रत्याशियों से मुलाकात कर उनकी राय जानी थी। सड़कों को लेकर जनता की उम्मीदप्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत दयनीय है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों, खासकर छात्रों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलों पर पानी आ जाने से रास्ते बंद हो जाते हैं और कई गांवों में तो अभी तक सड़कें बनी ही नहीं हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इस बजट में सड़कों का निर्माण हो, जिससे जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान हो सके। जिले के कई गांवों में घंटों गुल रहती है बिजलीजिले के धरियावद क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर है। गर्मी के दिनों में कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय बिजली बंद रहती है और रात में आपूर्ति होती है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में दिक्कतें आती हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बजट में बिजली समस्या का समाधान होने से बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा सुविधाओं में बढ़ोतरी की उम्मीदप्रतापगढ़ जिले में शिक्षा सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए कोटा, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। युवाओं को उम्मीद है कि इस बजट में जिले में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें बाहर न जाना पड़े।
हलेश्वर स्थान महोत्सव की तैयारियों में जुटा शिक्षा विभाग, मांगी गई सूची
भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी धार्मिक आस्था, लोक-संस्कृति और पारंपरिक विरासत का प्रतीक श्री हलेश्वर स्थान महोत्सव इस वर्ष 13 फरवरी 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को यादगार बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन में जिले के छात्रों और शिक्षकों की अहम भूमिका सुनिश्चित की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा डुमरा प्रखंड के निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि वे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए अपने-अपने विद्यालय से एक दल का गठन करें। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि छात्रों एवं शिक्षकों की सूची 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे तक डीपीओ माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता कार्यालय में उपलब्ध कराएं। प्राप्त सूचियों के आधार पर आयोजन समिति द्वारा विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जिसकी सूचना संबंधित विद्यालयों को दी जाएगी। डीपीओ आयुष कुमार ने बताया कि हलेश्वर स्थान महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जिले की लोक-संस्कृति, भक्ति संगीत और पारंपरिक कलाओं को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की सहभागिता से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी।
शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल-मुख्याध्यापक मजबूत कड़ी: खन्ना
भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों एवं हाई स्कूलों के मुख्याध्यापकों की मिशन समर्थ 4.0 एवं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माधव विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रणजीत एवेन्यू ए-ब्लॉक में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 15 ब्लॉकों से आए 226 प्रिंसिपल व मुख्याध्यापक शामिल हुए। इस सत्र में मिशन समर्थ को स्कूलों में प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना ने कहा कि शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक एक मजबूत कड़ी हैं, जो विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (डीआरसी) डॉ. राजन ने मिशन समर्थ 4.0 को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर स्कूल प्रमुखों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक समझ को मजबूत करना है, ताकि वे पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षक मैनुअल, खेल पिटारा आधारित गतिविधियों, मिशन समर्थ की समय-सारिणी तथा गतिविधियों के रिकॉर्ड को सही तरीके से संधारित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और योजनाबद्ध शिक्षण से ही मिशन समर्थ के लक्ष्य पूरे किए जा सकते हैं।
शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति से ही समाज का उत्थान : विधायक साहू
भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम सोनकर समाज के अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक इंद्र कुमार साहू ने कहा कि समाज का एक अलग महत्व है। यदि शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखा जाए, तो समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। समाज के समग्र विकास के लिए इन तीनों मूल्यों पर चिंतन और अमल आवश्यक है। विधायक साहू ने कहा कि सोनकर समाज मेहनतकश समाज है जो परिश्रम के बल पर निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने समाज में बिन्नी बाई को दानदाता के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि ऐसी महान विभूतियां पूरे समाज के लिए गौरव का विषय हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। विधायक साहू ने कहा कि बेटियां आज शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। कहा कि समाज को हम क्या दे रहे हैं? इस पर भी चिंता करें। समाज संगठित रहेगा तो सारे काम संभव होगा। साहू ने समाज के लोगों से नशापान का त्याग करने की अपील करते हुए कहा कि नशा समाज की जड़ों को कमजोर करता है। स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक समाज ही विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के हर सुख-दुख में वे सदैव साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर विधायक इंद्रकुमार साहू एवं विधायक रोहित साहू ने 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले सामाजिक भवन का भूमिपूजन किया। नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में अर्जुन्दा के प्रभा सोनकर, कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप टेन प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली भावना सोनकर, समाज के एमबीबीएस, एमडी डॉ रेशमा सोनकर, डॉ टिकेन्द्र सोनकर, डॉ बलराम सोनकर, डॉ मयंक सोनकर, डॉ प्रियंका सोनकर, डॉ आकाश सोनकर एवं समाज के एएसआई सोनकर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन चेतन सोनकर ने किया। श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सोनकर समाज के अधिवेशन में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक रोहित साहू ने समाज की एकता, आस्था और सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि समाज है तभी हमारी पहचान है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर समाज के प्रति विश्वास और निष्ठा होना आवश्यक है। समाज के लिए समय निकालना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। जब भी समाज का कोई आयोजन, उत्सव या कार्यक्रम हो, उसमें पूरे परिवार के साथ अनिवार्य रूप से सहभागिता करनी चाहिए। इससे सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है।
शिक्षा कोर्स तक सीमित न रहे: डॉ. राठौर
भास्कर न्यूज | जांजगीर डीबीएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक उत्सव आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संचालक और कलेश्वर नाथ पब्लिक ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश कुमार राठौर ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट की सचिव और राठौर क्षत्रीय समाज महिला सभा की प्रांतीय अध्यक्ष ममता राठौर ने की। मुख्य अतिथि रमेश कुमार राठौर ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसका उद्देश्य समाज, राष्ट्र और मानवता के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिभा को सामने लाने का मंच है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ममता राठौर ने कहा कि यह आयोजन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है, जहां प्रतिभा और आत्मविश्वास एक मंच पर दिखाई देता है। कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। रमेश कुमार राठौर ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। फार्मेसी जैसे जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पढ़ रहे विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य सेवा के मजबूत स्तंभ बनेंगे। कॉलेज में वर्षभर आयोजित गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में मनोज सिंह, संजय राठौर, राजेश क्षत्रीय और अमरिस राठौर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वसुधा सिंह, रोहित कोरी, ऋतु सूर्यवंशी, टिकेश्वरी पटेल, रिशि नायक, हिमानी विश्वकर्मा, कल्पना, विकास, अकील, कृष्णा, विमला और उमा मौजूद रहे। संचालन हिमानी, नुती और नागेश सर ने किया।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं क्लास की परीक्षा के साथ 12 फरवरी से परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा। इस बार सभी कक्षाओं की परीक्षा मार्च माह में पूरी हो जाएगी। उधर, शिक्षा विभाग ने भी परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। बीकानेर जिले से 42553 अभ्यर्थी 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में कुल 215 परीक्षा केंद्र गठित किए गए हैं, जहां सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक परीक्षा होगी। बोर्ड के दिशा निर्देशानुसार बिना प्रवेश पत्र किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रवेश पत्र के साथ ही अभ्यर्थियों को स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा। 10वीं कक्षा की परीक्षा की शुरुआत अंग्रेजी के पेपर से होगी। 12 फरवरी को पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा होगी। उधर, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए डीईओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी गठित कर दिया गया है। बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर लें। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। अन्य कक्षाओं की परीक्षा 8वीं बोर्ड 19 फरवरी से 5वीं कक्षा 20 फरवरी से 9वीं -11वी 7 मार्च से जिले में मनोविज्ञान विषय नहीं, 12वीं की परीक्षा 13 से 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा भी 12 फरवरी से ही शुरू होगी। पहले दिन मनोविज्ञान विषय का पेपर होगा। लेकिन बीकानेर जिले के स्कूलों में मनोविज्ञान विषय नहीं होने के कारण 13 फरवरी को अनिवार्य अंग्रेजी विषय के साथ परीक्षा की शुरुआत होगी। 12वीं कक्षा में जिले से 35209 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। “12 फरवरी को पहले दिन 10वीं की बोर्ड परीक्षा के तहत अंग्रेजी विषय का पेपर होगा। बीकानेर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 42553 पंजीकृत हैं। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा।”-किशन दान चारण, डीईओ, माध्यमिक
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन, बच्चों को सड़क सुरक्षा की दी महत्वपूर्ण शिक्षा
उदयपुर| नीलिमा ज्वेल्स सुखाड़िया सर्कल में 11, 12 और 13 फरवरी को तीन दिवसीय आभूषण प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी में प्राकृतिक हीरों से बनी एक्सक्लूसिव और डिज़ाइनर ज्वेलरी का शानदार संग्रह प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रदर्शनी परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन मिश्रण होगी। इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता आयोजित उदयपुर| द विजन एकेडमी स्कूल में इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रतिमा सामर और उप प्राचार्य श्रीमती मानसी टिक्कू के निर्देशन में हुआ। युवाओं को लोकतंत्र की ताकत पहचानने का दिया संदेश उदयपुर| सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू भूपालपुरा में इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. देवीलाल गर्ग , डॉ. अक्षय राज और विद्यालय की चेयरपर्सन अलका शर्मा ने कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लिया। मुख्य अतिथियों ने अपने अभिभाषणों में वोट की अहमियत पर जोर दिया और युवाओं को लोकतंत्र की ताकत को पहचानने का संदेश दिया। उदयपुर| गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के सक्रिय सहयोग में मंगलवार को स्व. नर्मदा देवी ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञान देव विश्वकर्मा थे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मार्केटिंग हेड कल्पेश चन्द रजबार और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीईओ ऋषि कपूर ने अपने संबोधन में कहा बच्चों को सड़क सुरक्षा और सिविक सेंस के प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। समारोह के दौरान मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ (महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर), मायरा राज्यलक्ष्मी चन्द (रॉकवुड्स स्कूल), ज्यांशु जाट (सीपीएस स्कूल) को रोड सेफ्टी ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया, जो पूरे वर्ष भर अपने-अपने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के महत्व को फैलाएंगे।
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार 2.0 का 5वां बजट पेश करेंगे। अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जनवरी- 2027 के पहले सप्ताह तक आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में यह बजट योगी सरकार का चुनावी बजट माना जा रहा। इसमें सरकार अपने वोटबैंक को साधने के लिए महिला, युवा, किसान, मजदूर और कर्मचारी वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी। बजट का आकार 9 लाख 20 हजार करोड़ से ज्यादा तक हो सकता है। पढ़िए यूपी बजट पर खास रिपोर्ट… वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार बजट को अंतिम रूप दे चुके हैं। इसको सीएम योगी ने भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, बुधवार सुबह सीएम योगी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे वित्तमंत्री विधानसभा में और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य विधान परिषद में बजट पेश करेंगे। 9 लाख करोड़ से ज्यादा का होगा बजटसरकार ने पिछले साल 20250-26 के लिए 8.7 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया था। उसके बाद 2 बार अनुपूरक बजट पेश किए। जानकार मानते हैं कि सरकार हर साल बजट में करीब 20 फीसदी की वृद्धि करती है। अगले साल चुनाव भी हैं। इस लिहाज से सरकार बजट में कोई कमी नहीं रखेगी। बजट का आकार 9.20 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है। जानिए बजट में क्या मिल सकता है आउटसोर्सिंग कर्मचारी भर्तीसरकार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारी सेवा निगम का गठन किया है। माना जा रहा है कि सरकार बजट में निगम के जरिए होने वाली भर्तियों की बात कर सकती है। चुनाव से पहले निगम के जरिए 50 हजार से ज्यादा पदों पर आउटसोर्सिंग भर्ती कराने की योजना है। आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने के लिए बजट प्रावधान भी हो सकता है। पेंशन बढ़ सकती हैसरकार विधवा, निराश्रित, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसको 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए महीने किया जा सकता है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ सकता हैसरकार 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 27 हजार से अधिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी बजट में कर सकती है। मानदेय में दो-दो हजार रुपए की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 8वें वेतनमान को लागू करने की होगी घोषणासरकार बजट में एक अप्रैल, 2026 से यूपी में 8वां वेतनमान लागू करने की घोषणा कर सकती है। इसका सीधा फायदा 15 लाख से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ 11 लाख से अधिक पेंशनर्स को होगा। महिलाओं-युवाओं पर रहेगा फोकससरकार महिला वोटबैंक के लिए 60 साल से ज्यादा आयु की महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त यात्रा की घोषणा कर सकती है। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी बजट में बड़ी घोषणा हो सकती है। सरकार युवाओं के लिए सरकारी विभागों में नौकरी का प्रस्ताव ला सकती है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी योजना लागू हो सकती है। लखनऊ में मेट्रो विस्तार के लिए बजटलखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार के लिए सरकार बजट प्रावधान करेगी। वहीं, कुछ शहरों में मेट्रो रेल परियोजना स्थापित करने की घोषणा भी हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकसवित्त विभाग के एक अफसर बताते हैं कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा। विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 10-10 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की जा सकती है। संकल्प पत्र के वादों पर होगी बातभाजपा ने विधानसभा चुनाव- 2022 से पहले संकल्प पत्र जारी किया था। इसमें जनता से 131 वादे किए गए थे। योगी सरकार ने भाजपा के संकत्प पत्र के ज्यादातर बड़े वादे या तो पूरे कर दिए हैं या पूरा करने की कवायद शुरू हो चुकी है। 8-9 वादे ऐसे हैं, जिन्हें पूरा किया जाना है। जानकार मानते हैं कि चुनावी बजट होने के कारण सरकार संकल्प पत्र के बाकी वादों को पूरा करने की घोषणा भी कर सकती है। बजट पर देशभर की निगाह रहेगीप्रदेश सरकार के बजट पर यूपी की नहीं, देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों, आर्थिक मामलों के जानकारों की नजर रहेगी। प्रदेश की जनता की भी टकटकी लगाकर देखेगी कि सरकार ने चुनाव में जाने से पहले क्या-क्या वादे पूरे किए? कौन-सी बड़ी योजना लेकर आ रही? अनुपूरक बजट पेश करना भी एक विकल्पराजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा मौके पर चौका लगाने में माहिर है। यह भी संभव है कि बुधवार को बजट में ज्यादा बड़ी घोषणाएं न की जाएं। विधानसभा चुनाव का माहौल देखा जाए। इसके बाद विधानसभा के मानसून सत्र या शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर कोई बड़ी घोषणा करे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… UP सरकार पिछले बजट का आधा ही खर्च कर पाई, पेंशन-भत्तों के लिए 100% रकम दी, हेल्थ-इंफ्रा में कटौती वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं परीक्षा फॉर्म की शुल्क बढ़ा दी है। जिसके विरोध में मंगलवार को NSUI ने माशिमं कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं छात्रों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए घर का सोना, जमीन के कागज और गुल्लक लेकर कार्यालय पहुंचे। शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। NSUI का आरोप है कि, परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी से गरीब, मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। संगठन का कहना है कि, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच फीस बढ़ाना छात्रों के हितों के खिलाफ है। इससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पढ़ाई के लिए परिवारों को छोटी बचत तक खर्च करनी पड़ रही प्रदर्शन के दौरान NSUI प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि, प्रदेश में हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी जमा-पूंजी और छोटी बचत तक खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, शिक्षा को अधिकार के बजाय व्यापार बनाया जा रहा है। परीक्षा शुल्क बढ़ाकर गरीब छात्रों के भविष्य पर असर डाला जा रहा है। NSUI ने मांग की है कि, 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म की बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस ली जाए। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा सुलभ बनाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में प्रदेश सचिव कुणाल दुबे, गावेश साहू, अंकित बंजारे, ओज पांडेय, शेख अर्सलान, तनिष्क मिश्रा, मनीष साहू, प्रियांशु मिंज, पुष्पेंद्र जायसवाल सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करियर की संभावनाओं से छात्रों और अभिभावकों को रूबरू कराने के उद्देश्य से 11 फरवरी को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) भोपाल में टूरिज्म एजुकेशन एक्सपो और ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर मेकिंग प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन आईएचएम भोपाल और इंडियाटूरिज्म मुंबई (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार) के संयुक्त सहयोग से सुबह 11 बजे से अरेरा कॉलोनी स्थित आईएचएम परिसर में होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. इलैयाराजा टी , आईएएस, सचिव, पर्यटन विभाग, मध्यप्रदेश सरकार; मुख्यमंत्री के सचिव; प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, आईएचएम भोपाल के अध्यक्ष शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अभय अरविंद बेडकर, आईएएस, अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और परमवीर सिंह, जनरल मैनेजर, ताज लेकफ्रंट भोपाल की उपस्थिति रहेगी। छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन का केंद्र बनेगा एक्सपोटूरिज्म एजुकेशन एक्सपो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे विशेष रूप से स्कूल छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए तैयार किया गया है। एक्सपो में हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, क्यूलिनरी आर्ट्स, ट्रैवल और संबंधित क्षेत्रों में करियर अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इंटरैक्टिव करियर डिस्प्ले, छात्रों द्वारा किए जाने वाले लाइव डेमो और फैकल्टी व इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से संवाद की सुविधा भी रहेगी। आईएचएम छात्रों का लाइव फूड प्रोडक्शन और सर्विस डेमोकार्यक्रम में आईएचएम भोपाल के छात्र लाइव फूड प्रोडक्शन और हॉस्पिटैलिटी सर्विस डिस्प्ले के जरिए अपनी प्रोफेशनल स्किल्स का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तुति भारतीय आतिथ्य परंपरा और संस्थान में दी जा रही व्यावहारिक ट्रेनिंग की झलक पेश करेगी। इसके अलावा ‘देखो अपना देश’ अभियान की भावना के अनुरूप स्कूली छात्रों के लिए क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे भारत की पर्यटन, संस्कृति और विरासत के प्रति जागरूकता और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार की कालीबाई भील स्कूटी योजना के तहत निजी स्कूल की 12वीं कृषि संकाय की छात्रा शेफाली शर्मा (पुत्री अशोक शर्मा) को निशुल्क स्कूटी प्रदान की गई है। इस उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने छात्रा की मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। शेफाली शर्मा वर्तमान में बीए की छात्रा हैं और उच्च शिक्षा की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश जाट, सूरजमल शर्मा, मुकेश सेन, अशोक शर्मा, अशोक कुमार बासनीवाल और रोहित यादव सहित विद्यालय एवं महाविद्यालय का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और राज्य सरकार की इस योजना को बालिकाओं की शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मधुबनी जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी 75 इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्रों पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के प्रति जागरूक करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी दी वितरित किए गए पंपलेटों के माध्यम से छात्रों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण सरल प्रक्रिया और आसान किश्तों पर उपलब्ध कराया जाता है। छात्र इस योजना का लाभ उठाकर विभिन्न व्यावसायिक, तकनीकी और सामान्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। जिला प्रशासन का यह प्रयास छात्रों को समय पर योजना की जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे वे इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद बिना किसी देरी के अपनी आगे की पढ़ाई की योजना बना सकेंगे और उच्च शिक्षा के अपने सपनों को साकार कर पाएंगे। अधिक से अधिक छात्रों को योजना के प्रति जागरूक करने के निर्देश जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक छात्रों को इस योजना के प्रति जागरूक करें। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आवेदन प्रक्रिया में भी सहयोग प्रदान किया जाए। मधुबनी जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भीलवाड़ा के एक सरकारी स्कूल के एनुअल फंक्शन में स्टूडेंट्स के अमर्यादित गानों पर डांस का मामला सामने आया है। स्कूल में डीजे लगाया गया था, जिसकी धुनों पर स्कूली बच्चियां भी डांस कर रही थी। इसी बीच छत पर गुपचुप-गुपचुप... सोया था बहनोई और 3 पैग जैसे गाने बजाए गए। स्टूडेंट्स इन गानों पर डांस करने लगी। हालांकि डांस का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी किया। ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी शिखा राणा का कहना है कि स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस कर 3 दिन मे जवाब मांगा है। 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया है. विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 3 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी जानकारी के अनुसार- शक्करगढ की सरकारी स्कूल में 9 फरवरी को एनुअल फंक्शन का आयोजन किया गया था। इसमें स्टूडेंट्स और स्कूल स्टाफ के साथ सभी टीचर्स भी मौजूद थे। इस दौरान फिल्मी गानों पर स्टूडेंट्स ने डांस किया। इसी बीच डीजे ने अमर्यादित और फूहड़ गाने बजाना शुरू कर दिया, जिन पर स्कूली बच्चियां भी डांस करने लगी। स्कूल परिसर में अमर्यादित गानों पर डांस का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाया और कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हरियाणा शिक्षा विभाग में तैनात 85 जेबीटी को प्रमोट कर टीजीटी पंजाबी बनाया गया है। अब इन टीचरों को नए सेंटर पर भेजा जाएगा। जिसके लिए विभाग ने ऑनलाइन चॉइस सेंटर मांगे हैं। 11 फरवरी रात 12 बजे तक इसके लिए इन टीचरों को आवेदन करना होगा। शिक्षा विभाग में TGT प्रमोट हुए टीचरों के लिए हरियाणा के 269 स्कूलों में पोस्ट खाली हैं, जहां के लिए ये अब अप्लाई कर सकेंगे। टीजीटी पंजाबी सर्वाधिक वैकेंसी अंबाला जिले में खाली हैं, जहां पर 102 स्कूलों में टीचर नहीं है। वहीं, इसके साथ-साथ भिवानी, गुरुग्राम, हिसार व जींद में एक-एक, फतेहाबाद में 7, कैथल में 14, करनाल में 16, कुरूक्षेत्र में 12, यमुनानगर में 6 , पंचकूला में 14, पानीपत में 6, रोहतक में 1, सिरसा में 21, सोनीपत में 1 वैकेंसी खाली है। पदोन्नति प्रक्रिया और आवश्यकताएं…
चित्रकूट के रामनगर विकासखंड में दिव्यांग श्रेणी के बच्चों को सुविधाजनक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 79 परिषदीय विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी रामनगर में 10 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता और सीखने की क्षमता के आधार पर पहचानना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। खंड शिक्षा अधिकारी एन.पी. सिंह ने बताया कि समावेशी शिक्षा के तहत सभी बच्चों को एक साथ बैठकर समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय से एक-एक नोडल शिक्षक को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित नोडल शिक्षक अपने कैचमेंट एरिया में ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे जिनकी सीखने की क्षमता कम है या जो किसी भी प्रकार की दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। इन बच्चों को चिन्हित कर नामांकित किया जाएगा और शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। समर्थ ऐप के माध्यम से ऐसे बच्चों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को शासन से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और उनके अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। स्पेशल एजुकेटर संजय कुमार पांडेय और गुड़िया त्रिपाठी द्वारा यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कासगंज जनपद के प्राथमिक विद्यालय तिलसई खुर्द के प्रधानाध्यापक चैतन्य कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय पर एरियर भुगतान में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। प्रधानाध्यापक चैतन्य कुमार के अनुसार, उनका एरियर भुगतान लंबे समय से कासगंज स्थित वित्त एवं लेखा अधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यालय में बिना रिश्वत लिए एरियर का भुगतान नहीं किया जाता है। चैतन्य कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि यदि रिश्वत दी जाए तो भुगतान एक सप्ताह के भीतर हो जाता है, जबकि रिश्वत न देने पर अनावश्यक अड़चनें पैदा की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रिश्वत नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उनके एरियर का भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। चैतन्य कुमार ने पिछले एक वर्ष में हुए सभी एरियर भुगतानों की भी जांच की मांग की है, ताकि भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने बिना रिश्वत लिए उनके एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने और रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बिना हेलमेट बाइक चलाने के मामले ने अब राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में NSUI दुर्ग विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवलतानी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। मामला दुर्ग ट्रैफिक थाना में ट्रैफिक TI के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा हुआ है। दरअसल, 7 फरवरी को NSUI के कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ट्रैफिक थाना पहुंचे थे। उन्होंने ट्रैफिक टीआई युवराज साहू से मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। साथ अपने साथ भेंट स्वरूप चूड़ी-साड़ी भी लेकर आए थे। इस दौरान एनएसयूआई नेताओं ने टीआई के साथ दुर्व्यवहार भी किया। इस मामले को लेकर अब कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि बिना हेलमेट के घूमना और इंस्पेक्शन करना एक मंत्री को शोभा नहीं देता। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 23 जनवरी की सुबह का है। जब दुर्ग शहर विधायक और प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ शहर भ्रमण पर निकले थे। इसी दौरान यातायात जागरूकता सप्ताह चल रहा था। लेकिन मंत्री बिना हेलमेट के सड़कों पर घूमते नजर आए। इसका वीडियो खुद मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था। दूसरा बयान भी हुआ था वायरल शिक्षा मंत्री के बिना हेलमेट वाहन चलाने का मामला जब तूल पकड़ने लगा, तो मीडिया ने उनसे सवाल किया। जवाब में उन्होंने कहा कि रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक हेलमेट नियमों में छूट रहती है और नियमों में शिथिलता होती है। उन्होंने बताया कि वह सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर निकले थे, इसलिए उस समय हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं होता। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री शहर में घूम रहा है, यह समाचार है, लेकिन बिना हेलमेट घूम रहा है, यह भी समाचार है? ट्रैफिक पुलिस ने नहीं की थी कोई कार्रवाई इधर, ट्रैफिक पुलिस ने मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे नाराज एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। 7 फरवरी को एनएसयूआई दुर्ग विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवलतानी के नेतृत्व में कार्यकर्ता दुर्ग ट्रैफिक थाना पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रैफिक टीआई युवराज साहू को चूड़ी, बिंदी और साड़ी भेंट करने का प्रयास किया। एनएसयूआई नेताओं का कहना था कि जब आम जनता और छात्रों के चालान काटे जा रहे हैं, तो मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो NSUI ने भेंट की थी चुड़ी ट्रैफिक पुलिस ने कई दिनों तक मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद एनएसयूआई दुर्ग विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवलतानी के नेतृत्व में 7 फरवरी को कार्यकर्ता दुर्ग ट्रैफिक थाना पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रैफिक टीआई को चूड़ी, बिंदी और साड़ी भेंट करने का प्रयास किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से दुर्व्यवहार भी किया। इसके बाद अगले ही दिन ट्रैफिक टीआई की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने एनएसयूआई नेता सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने वरुण केवलतानी और अन्य के खिलाफ धारा 126(2)-BNS, 132-BNS, 221-BNS और 3(5)-BNS के तहत मामला दर्ज किया है। कांग्रेस के दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने भी उठाए थे सवाल दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भी मंत्री गजेंद्र यादव के बिना हेलमेट बाइक चलाने को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि ट्रैफिक पुलिस स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स का चालान काट रही है। दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री खुद बिना हेलमेट पहने शहर में घूमकर इंस्पेक्शन कर रहे हैं। उनके साथ वाले लोग भी बिना हेलमेट के शहर में घूम रहे हैं। यह सब रोड सेफ्टी महीने के दौरान हो रहा है। यह मंत्री की लापरवाही है। वे दूसरों को हेलमेट पहनने की सीख देंगे, लेकिन खुद हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। इस तरह बिना हेलमेट के घूमना और इंस्पेक्शन करना एक मंत्री को शोभा नहीं देता। …………………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सड़क सुरक्षा माह में मंत्री ने बिना हेलमेट बाइक चलाई,VIDEO: गजेंद्र यादव ने वीडियो पोस्ट किया,सोशल मीडिया पर लोग बोले- बाहुबली का मुखड़ा कैसे दिखेगा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा महीना चल रहा है। इस दौरान शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट पहने बाइक चलाते दिखे। ऐसे ही शहर में घूमते रहे। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इसका वीडियो पोस्ट किया है। पढ़ें पूरी खबर…
समस्तीपर जिले के अलग-अलग प्रखंडों से स्कॉलरशिप के लिए कुल 90,688 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 41 हजार 834 आवेदन समीक्षा के दौरान त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं। हालांकि जो आवेदन त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं। उसे शिक्षण संस्थानों में 14-16 फरवरी के बीच लगने वाले विशेष कैंप में ठीक कराया जा सकेगा। डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से समीक्षा की गई है। जिसमें स्कॉलरशिप को लेकर प्राप्त हुए आवेदन की जांच की गई। 7637 आवेदन को जांच के दौरान सही पाया गया। जिसके बाद भुगतान के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है। छात्रों को इन योजनाओं के तहत 10 हजार से एक लाख रुपए तक राशि दी जाती है। विशेष कैंप ठीक करा सकेंगे आवेदन डीडीसी ने बताया कि जिन-जिन छात्रों के आवेदन में गड़बड़ी पाई गई है। वैसे छात्रों के लिए अगामी 14-16 फरवरी तक स्कूल और कॉलेजों को विशेष कैंप लगाकर गड़बड़ी को ठीक किया जाएगा। सभी स्कूल और कॉलेज को इसके लिए जानकारी दी गई है। गड़बड़ी ठीक होने के बाद फिर से आवेदन की समीक्षा कर भुगतान के लिए सरकार को भेजा जाएगा। 7837 आवेदन किए गए स्वीकृत डीडीसी ने बताया कि समीक्षा के दौरान 7837 आवेदन को स्वीकृत किया गया है। गत समीक्षा में 34229 आवेदन को स्वीकृत किया गया था। जिस कारण अबतक कुल 42066 आवेदन को स्वीकृत कर पटना भेजा जा चुका है। अब प्रत्येक सप्ताह स्कॉलरशिप से संबंधित आवेदन की जांच के लिए समीक्षा की जाएगी।
सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में हो रही अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना निदेशक विनायक मिश्र ने हाल ही में उठाए गए कदम से साफ संकेत दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला तब सामने आया जब कई स्कूलों की ओर से रात 12 बजे के बाद भी एमडीएम से लाभान्वित विद्यार्थियों का विवरण ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा था। यह व्यवस्था तब और संदिग्ध हो जाती है। जबकि बच्चों को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच ही भोजन परोसा जाता है। डीपीओ का सख्त निर्देश इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए योजना निदेशक ने एमडीएम डीपीओ को पत्र भेजकर सभी प्राचार्यों को सख्त हिदायत दी है। एमडीएम डीपीओ अंशु कुमारी ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में शाम 4 बजे तक ही आंकड़े पोर्टल पर दर्ज करें। एमडीएम बीआरपी को इसकी नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राचार्य और बीआरपी दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भारत सरकार करती है आंकड़े निरस्त डीपीएम जीतेंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि रात 12 बजे के बाद दर्ज किए गए आंकड़ों को भारत सरकार निरस्त कर देती है। ऐसे में प्राचार्यों की यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि योजना के क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने प्राचार्यों से अपील करते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो तुरंत जिला कार्यालय को सूचित करें ताकि समाधान किया जा सके। टैबलेट से उपस्थिति, फोटो अपलोड अनिवार्य योजना में पारदर्शिता लाने के लिए अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों की तस्वीर, नामांकन और उपस्थिति अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले के सरकारी स्कूलों में टैबलेट के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है। यह डिजिटल पहल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में कारगर साबित हो रही है। इस कड़े रुख का परिणाम भी सामने आया है। फर्जी नामांकन पर काफी हद तक रोक लगी है और पिछले एक साल में एमडीएम से लाभान्वित होने वाले वास्तविक बच्चों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ी है। बच्चों के हक पर कोई समझौता नहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने कड़े शब्दों में कहा कि विद्यालयों में बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित करने वाले चाहे कोई भी हो, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा जारी रहेगी और गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति: बालवाड़ी शिक्षकों की 5 दिवसीय ट्रेनिंग, 97 ने भाग लिया
बालोद. एनईपी के तहत प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षक। भास्कर न्यूज | बालोद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत फाउंडेशनल स्तर पर बालवाड़ी शिक्षकों के लिए दो दिवसीय ऑनलाइन एवं तीन दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण का आयोजन डायट अछोटी द्वारा जमरुवा में किया गया। प्रशिक्षण सत्रों में एनईपी 2020, ईसीसीई का परिचय एवं अवधारणा, खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की अधिगम शैली, थीम आधारित पाठ्यक्रम, दैनिक कार्य योजना, लैंगिक भेदभाव तथा बच्चों के आकलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागी शिक्षकों से संबंधित व्यावहारिक गतिविधियां भी कराई गईं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने गतिविधियों पर समूह चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण भी किया। इस प्रशिक्षण में 97 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आह्वान ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा, जिसकी डीएमसी एवं डायट प्राचार्य द्वारा सराहना की गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर/जिला संसाधन समूह के रूप में खिलानंद साहू, ठाकुरराम सिन्हा, जय कुमार साहू, मीनू ठाकुर उपस्थित रहे। वहीं आह्वान ट्रस्ट से प्रेम नारायण वर्मा एवं तुकाराम टेखरे ने भी प्रशिक्षण सत्रों में योगदान दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने गंदगी का अंबार
कवर्धा| जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने कचरा फेंका जा रहा है। कार्यालय के बाउंड्रीवॉल से सटे सार्वजनिक यूरिनल के आसपास कचरा डंप होने से अस्वच्छता फैल रही है। यहां नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कार्यालय जैसे संवेदनशील शासकीय परिसर के सामने गंदगी फैलने से आमजन को परेशानी हो रही है। -दिलीप श्रीवास्तव, कवर्धा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जागा शिक्षा विभाग, आठ मार्च तक सभी स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आखिरकार स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने 8 मार्च तक सभी जिलों में सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट की व्यवस्था करने का फरमान जारी कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस रिपोर्ट 2024-25 में प्रदेश के करीब 5500 स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं होने का खुलासा हुआ था। पिछले वर्ष युक्तियुक्तकरण में स्कूलों का मर्जर होने के बाद समस्या का कुछ समाधान तो हुआ लेकिन अभी भी एक हजार से अधिक स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट उपलब्ध नहीं हो पाया है। बीजापुर, सुकमा, कोरबा, बलरामपुर, बस्तर और जांजगीर-चांपा के स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट की सबसे अधिक कमी है। विभागीय निर्देशों के बाद जिन स्कूलों में टॉयलेट जर्जर या अनुपयोगी स्थिति में हैं, वहां मरम्मत शुरू कर दी गई है। वैसे स्कूल जहां लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं और वहां एक ही टॉयलेट उपलब्ध है तो उसे गर्ल्स टॉयलेट बना दिया गया है। इसके लिए इन स्कूलों ने विभाग के लगभग 10 साल पुराने आदेश का सहारा लिया है। युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में बढ़ी गर्ल्स टॉयलेट की संख्या अगर पिछले वर्ष स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के दौरान मर्जर से प्रदेश में गर्ल्स टॉयलेट स्कूलों की संख्या बढ़ गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 48757 सरकारी स्कूल संचालित थे। इनमें 37.64 लाख विद्यार्थी हैं। इनमें छात्राओं की संख्या 19.54 लाख है। युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों की संख्या घटकर 38 हजार हुई। लिहाजा बिना गर्ल्स टॉयलेट वाले 5500 स्कूलों में से अभी भी एक हजार से अधिक स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं है।
30 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे 15 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मियों को नहीं मिलेगी पेंशन
राज्य के सरकारी स्कूलों में 30-30 साल से सेवाएं दे रहे करीब पौने दो लाख शिक्षाकर्मियों को नियमित तो कर दिया गया है लेकिन 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि इन शिक्षकों के लिए पेंशन योजना की घोषणा 2018 में की गई और उसके बाद न्यूनतम 10 साल की नौकरी अनिवार्य की गई। यानी जो शिक्षक 2028 तक सेवा में रहेंगे उन्हीं को पेंशन की पात्रता मिलेगी। इस कड़े मापदंड के कारण पंद्रह हजार से ज्यादा शिक्षकों को पेंशन नहीं मिलेगी, क्योंकि वे 2028 के पहले ही रिटायर हो जाएंगे। हालांकि रिटायर होने वाले ज्यादातर शिक्षक 1995- 98 से सेवाएं दे रहे हैं। पड़ताल के दौरान पता चला है कि शिक्षा कर्मी से एलबी शिक्षक का दर्जा पाने वाले इन शिक्षकों का रिटायरमेंट करीब तीन-चार साल से सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक 4 हजार से ज्यादा शिक्षक रिटायर हो चुके हैं। हजारों रुपए वेतन के रूप में पाने वाले व्याख्याता वर्ग के शिक्षकों को 95 हजार से 65 हजार तक अंतिम वेतन मिला लेकिन पेंशन की पात्रता नहीं मिली। इस वजह से रिटायरमेंट के अगले महीने से शिक्षक पूरी तरह खाली हाथ हो रहे हैं। 2028 के बाद रहेंगे नौकरी में तभी पेंशन क्योंकि न्यूनतम 10 साल की सेवा जरुरी बरसों नौकरी के बाद हाथ खाली सभी को मिले पेंशन योजना का लाभ छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करने की मांग की है। इसके अलावा शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का लाभ मांगा गया है। यही नहीं सेवानिवृति के पश्चात मूल वेतन का 50% आजीवन पेंशन की मांग की गई है। एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, सचिव वित्त विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा में पेंशन के प्रावधान नियम में रिलेक्सेशन देते हुए 5 वर्ष की न्यूनतम सेवा में पेंशन का प्रावधान करने मांग की है। 92 हजार वेतन... जीरो पेंशन परचून की दुकान खोलनी पड़ी कांकेर के जैनुलाल राना व्याख्याता पद से रिटायर हुए। उन्हें अंतिम वेतन 92 हजार मिला। 1995 बैच के जैनुलाल को पेंशन नहीं मिल रही है। अब परिवार चलाने उन्हें परचून की दुकान खोलनी पड़ी है। उन्होंने कहा था कि पेंशन से ही शिक्षकों के सम्मान बचेगा। यही स्थिति गीता साहू की है। 18 अगस्त 1995 से प्राथमिक शाला देवक्ट्टा में पदस्थ गीता साहू को मजबूरी में कृषि कार्य करना पड़ रहा है। प्राथमिक शाला बछेराभाठा के प्रधान पाठक महेंद्र साहू को 30 साल की सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित होना पड़ गया है। भागवत राम वर्मा की व्याख्याता के तौर पर प्रथम नियुक्ति 1995 में हुई थी।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। विधान परिषद में आज नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कार्यवाही शुरू होते ही राजद एमएलसी ने लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर हंगामा किया। सुनील सिंह ने दभंगा में 6 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या का मुद्दा उठाया। जिसके बाद राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 15 खबरें… 01- राबड़ी ने मांगा इस्तीफ, CM बोले: ई लड़की को कुछ आता है बजट सत्र के 5वें दिन लंच ब्रेक के बाद सदन में थर्ड सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने 12, 165.3947 करोड़ का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट सदन के पटल पर रखा। सुबह विधान परिषद में नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कार्यवाही शुरू होते ही राजद एमएलसी ने लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर हंगामा किया। सुनील सिंह ने दभंगा में 6 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या का मुद्दा उठाया। जिसके बाद राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। पूरी खबर पढ़ें 02- अध्यक्ष बनने के बाद नितिन का पहला बिहार दौरा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन आज सोमवार को पहली बार पटना पहुंचे। पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया। जोड़ी नीतीश-मोदी के हिट हो गइल गाने के साथ स्वागत किया गया। राष्ट्र्रीय अध्यक्ष के स्वागत में बाइक रैली निकाली गई है। पटना में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 03- लालू यादव की अब राजद में कोई वैल्यू नहीं: तेजप्रताप लैंड फॉर जॉब केस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ रमीज नेमत भी मौजूद रहे। तेजप्रताप ने रविवार को पहली बार पांचों जयचंदों के नाम लिए थे, इसमें रमीज का भी नाम है। इधर, तेज प्रताप यादव ने सोमवार को दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की और RJD नेता और राबड़ी देवी के मुंह बोले भाई सुनील सिंह पर जोरदार हमला बोला। पूरी खबर पढ़ें 04- लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में तेजस्वी की पेशी लैंड फॉर जॉब केस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ रमीज नेमत भी मौजूद रहे। तेजप्रताप ने रविवार को पहली बार पांचों जयचंदों के नाम लिए थे, इसमें रमीज का भी नाम है। पूरी खबर पढ़ें 05- शिक्षा मंत्री के खिलाफ कैंडिडेट्स का हल्लाबोल पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत पटना कॉलेज से हुई, जो करीब दो घंटे बाद जेपी गोलंबर पर आकर खत्म हुई। अभ्यर्थी हाथों में ‘शिक्षा मंत्री झूठा है’ और ‘I LOVE TRE-4’ लिखे पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। पूरी खबर पढ़ें 06- पटना, भागलपुर, सिविल कोर्ट उड़ाने की धमकी पटना, पटना सिटी, औरंगाबाद और भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके साथ ही औरंगाबाद की दाउदनगर अनुमंडल कोर्ट को भी मेल भेजा गया है। सिविल कोर्ट पटना, भागलपुर, औरंगाबाद और जिला बार एसोसिएशन के नाम मेल पर लेटर भेजा गया है। इसमें लिखा है कि जज के चैंबर और वॉशरूम में 4RDX रखे हैं। रिमोट से ब्लास्ट करेंगे। धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। पूरी खबर पढ़ें 07- 2026 में डेढ़ लाख से ज्यादा नौकरी देगी सरकार बिहार सरकार इस साल 1.50 लाख नौकरियां देगी। इसके लिए अलग-अलग विभागों को वैकेंसी भेजी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के ACS डॉ. बी राजेंद्र ने भास्कर से बातचीत में ये जानकारी दी है। ACS ने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक 9 लाख 84 हजार 141 लोगो को नौकरी दी गई। इसमें से 7 लाख 95 हजार 832 लोगों को पक्की नौकरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें 08- जेल में ही रहेंगे पप्पू यादव, बेल पर सुनवाई टली पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज सुनवाई टल गई है। फिलहाल वे पटना की बेऊर जेल में ही रहेंगे। मेल से पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद MP-MLA कोर्ट को भी खाली कराया गया है। इसी वजह से आज बेल पर सुनवाई नहीं हो पाएगी। फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें 09- मामी को भगाकर घर लाया पति, पत्नी को घर से भगाया बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने तीन शादी की है। उसने यह भी बताया कि उसके पति ने दूसरी शादी अपनी मामी से भागकर की है। इस शादी से ससुरालवालों को भी कोई दिक्कत नहीं थी। महिला का कहना है कि वह अपना मन मारकर दूसरी पत्नी के साथ रहने के लिए तैयार हो गई, लेकिन अब उसे पता चला कि अब उसके पति ने तीसरी शादी कर ली है। पूरी खबर पढ़ें 10- इंटर बोर्ड की परीक्षा, छठे दिन पकड़े गए 13 नकलची बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का आज छठा दिन है। आज पहले पाली में हिंदी की परीक्षा है। सेंटर पर छात्रों की एंट्री बंद हो गई है। चेकिंग के बाद ही एंट्री मिली। परीक्षार्थियों के जूते-बेल्ट उतरवाए गए हैं। बगहा में सोमवार सुबह घना कोहरा है, जिससे दूर से आने वाले स्टूडेंस को काफी परेशानी हुई। ठंड में जूते बैन होने से वो ज्यादा परेशान दिखें। पूरी खबर पढ़ें 11- 8 लाख की नकली दवाएं जब्त, रडार पर दवा कंपनियां पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने एक निजी मकान में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में लगभग आठ लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं, रैपर, नामी कंपनियों के लेबल और दवा बनाने वाली मशीनें बरामद की गईं। अधिकारियों के अनुसार, सुनील कुमार झा इस रैकेट का मुख्य आरोपी और फैक्ट्री का मालिक है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें 12- आरा में फंदे से लटका मिला आर्मी जवान का शव आरा में रविवार को फंदे से लटका हुआ आर्मी जवान का शव मिला है। शेयर बाजार में नुकसान से डिप्रेशन में था। जिसके चलते आत्महत्या की आशंका है। पत्नी ने भी आत्महत्या की बात कही है। मृतक की पहचान रोहतास जिले के नानो गांव निवासी गुरुचरण सिंह के पुत्र विजेंद्र कुमार(36) के तौर पर हुई। करीब 6 साल से नवादा थाना क्षेत्र के न्यू करमन टोला बस स्टैंड के पास किराए के घर में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। पूरी खबर पढ़ें 13- अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस पर पथराव, कई घायल पटना के कंकड़बाग इलाके के मेदांता अस्पताल के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसक झड़प हुई है। इसमें पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों को चोटें आईं हैं। शहर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसी के तहत आज मेदांता के पास से अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसके बाद हो मौके पर हल्ला होने लगा। इस दौरान पुलिस टीम पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14- पूर्णया में शराब के नशे में मारपीट करते पकड़े गए नेता जी पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव को शराब के नशे में पुलिस ने पकड़ा है। डगरूआ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने खुद इसकी पुष्टि की है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें प्रखंड प्रमुख कुछ युवकों के साथ हाथापाई करते हुए नजर आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें अब चलते-चलते एक नजर कल के मौसम पर 15- बिहार में कल सामान्य रहेगा मौसम, दिन में घूप सुबह कोहरा रहेगा मौसम विभाग के अनुसार बिहार में कल यानी मंगलवार को मौसम सामान्य बना रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा और दिन में धूप रहेगी। वहीं रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के मोहनपुर पंचायत अंतर्गत दूर्गा मंदिर खरवा परिसर में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा की ओर से सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कुशवाहा समाज के लोग शामिल हुए, जिससे परिसर पूरी तरह भरा रहा। सम्मेलन का शुभारंभ कुशवाहा समाज के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश महतो, प्रदेश अध्यक्ष धीरज सिंह कुशवाहा और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद शहीद जगदेव प्रसाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के राष्ट्रीय ध्वज और कुशवाहा समाज के ध्वज के झंडोत्तोलन के साथ हुई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद सामाजिक न्याय और समानता के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे। उनके विचार आज भी समाज को दिशा दिखाने का काम करते हैं। उन्होंने कुशवाहा समाज से शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की अपील की। संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश महतो ने कहा कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसका सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर समाजहित में काम करने और शहीद जगदेव प्रसाद के संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथि, मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा की ओर से फूल-माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
सीएमएस छात्रों ने इस्कॉन मंदिर का भ्रमण किया:'संस्कार शाला' कार्यक्रम में मिली आध्यात्मिक शिक्षा
लखनऊ के श्री राधारमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में साप्ताहिक 'संस्कार शाला' कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) राजाजीपुरम कैंपस-2 के छात्रों ने इस कार्यक्रम के तहत मंदिर का विशेष भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की। यह कार्यक्रम मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम की धर्मपत्नी अचिन्त्य रूपिणी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में पहुंचने पर छात्रों ने हरिनाम संकीर्तन और तुलसी आरती में हिस्सा लिया।अचिन्त्य रूपिणी ने छात्रों को नैतिक मूल्यों, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर जानकारी दी। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।सीएमएस के छात्रों ने संस्कार शाला में उपस्थित अन्य बच्चों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। संस्कार शाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ना और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में करुणा, सेवा-भाव, अनुशासन और आत्मिक चेतना जैसे गुणों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार और सुसंस्कृत नागरिक बन सकें।कार्यक्रम के समापन पर सीएमएस के छात्रों और संस्कार शाला के अन्य बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सीकर जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्रा की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को बेड टच करता था। इतना ही नहीं वह लड़कियों को अश्लील इशारे भी करता था। जिसकी शिकायत प्रिंसिपल को की गई, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। हेडमास्टर ने किया बेड टच छात्रा ने प्रिंसिपल मैडम को शिकायत देकर बताया कि 4 फरवरी को छठे पीरियड में स्कूल हेडमास्टर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। सिर और गाल पकड़कर बेड टच किया। ऐसे में वह डर गई और फिर अगले 5 फरवरी को स्कूल की छुट्टी ले ली। छात्रा की शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल मैडम ने CBEO को मामले में कार्रवाई के लिए लेटर लिखा। ऐसे में तीन लोगों की कमेटी बनाई गई। जिन्होंने जांच शुरू की। इस दौरान अन्य छात्राओं ने भी अपने बयानों में हेडमास्टर की ओर से सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने की पुष्टि की। इसके अलावा दो अन्य छात्राओं ने आरोप लगाया कि वॉशरूम जाते वक्त आरोपी उन्हें गंदे इशारे करता है। ऐसे में जांच कमेटी ने यह रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी। अब शिक्षा विभाग ने आरोपी हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है।
शिक्षा समिति पर कब्जे का मुख्य आरोपी अभिमन्यु गिरफ्तार, चार दिन रिमांड पर
बैंक से 18 करोड़ रुपए का लोन उठाने के बाद शिक्षा समिति के प्रबंधन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध बदलाव करने के मामले में चित्रकूट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिमन्यु जाखड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। पुलिस रिमांड के दौरान लोन राशि के उपयोग, दस्तावेजों की कड़ियों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच में सामने आया कि समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी पुत्री को आवेदक व गारंटर बनाकर बैंक से करीब 18 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था। लोन जारी होने के बाद ही दोनों को पद से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार अध्यक्ष और उनकी पुत्री ने किसी प्रकार का इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि उनके नाम से तैयार इस्तीफों पर जाली हस्ताक्षर किए गए। चुनाव प्रक्रिया की पालना नहीं की, अध्यक्ष को हटाया: अध्यक्ष को हटाने के बाद आरोपी के मामा रणजीत गोदारा को समिति का अध्यक्ष बना दिया गया। जांच में इस बदलाव के लिए न तो वैध चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मिले और न ही समिति के सदस्यों की सहमति का कोई रिकॉर्ड सामने आया। फर्जी स्टांप पेपर और ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर की एसीपी आदर्श नगर लक्ष्मी सुथार की जांच में यह भी सामने आया कि इस्तीफा और समझौता पत्रों में इस्तेमाल किए गए स्टांप पेपर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं। इन फर्जी दस्तावेजों को आरोपी की लॉगिन आईडी से सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर रिकॉर्ड में अवैध बदलाव कराया गया। थानाधिकारी प्रभु सिंह ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान लोन राशि कहां खर्च की गई और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

