सोलन के कसौली क्लब में 23 से 25 अक्तूबर तक खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल होगा। वांगचुक, सतिंदर सरताज, इम्तियाज अली, पूजा बेदी और दिव्या दत्ता समेत कई चर्चित हस्तियां इसमें शामिल होंगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत युवाओं को स्विट्जरलैंड के जेनेवा स्थित मुख्यालय में काम करने का अवसर मिल रहा है। विज्ञान, स्वास्थ्य, नैतिकता और नेतृत्व से जुड़े कार्यों का अनुभव लेने के इच्छुक उम्मीदवार 24 अक्तूबर 2026
सुनीता शर्मा 37 सालों से शिक्षा और समाजसेवा से जुड़ी हैं। वह न्यू सेंचुरी पब्लिक स्कूल चलाती हैं। उनका मानना है कि आर्थिक परेशानी बच्चों की पढ़ाई नहीं रोकनी चाहिए। बच्चों को पढ़ाने की रुचि से उन्होंने स्कूल शुरू किया। फीस सामान्य परिवारों की पहुंच में रखी गई है। कुछ जरूरतमंद बच्चों की फीस माफ भी की जाती है, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रहे। वह कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी हैं। इनके जरिए जरूरतमंद बच्चों को किताबें और स्टेशनरी दी जाती है। सर्दियों में पुराने कपड़े इकट्ठे कर जरूरतमंदों तक पहुंचाए जाते हैं। बाजार से सामान खरीदकर भी परिवारों को मदद मिलती है। सुनीता शर्मा और उनके संगठन गरीब बेटियों की शादी में भी सहयोग करते हैं। परिवार की जरूरत के अनुसार सामान जुटाकर दिया जाता है, जिससे शादी का आर्थिक दबाव कम हो सके।
राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर में चिकित्सा अधिकारी के 600 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि आज 13 अक्तूबर 2026 है। एमबीबीएस डिग्री और राजस्थान चिकित्सा परिषद में स्थायी पंजीकरण वाले अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सतना में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार माध्यमिक शिक्षिका रेनू समुद्रे को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। वह शासकीय हाईस्कूल धवारी-5 में पदस्थ हैं। 48 घंटे से ज्यादा समय तक जेल में रहने के कारण विभाग ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को टिकुरिया टोला से शिक्षिका रेनू समुद्रे समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उन पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप है। इस मामले में कोलगवां थाने में केस दर्ज है। जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग ने निलंबन आदेश जारी किया। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत की गई है। निलंबन अवधि में रेनू समुद्रे का मुख्यालय नागौद बीईओ कार्यालय रहेगा। उन्हें नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा। धर्मांतरण से जुड़ा आपराधिक मामला फिलहाल पुलिस जांच में है।
हिंदी मेटा डिस्क्रिप्शन: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने समूह तीन उपयंत्री और अन्य पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज, 13 अक्तूबर 2026 से दोबारा शुरू कर दी है।
डीएसएसएसबी: दिल्ली में सफाई कर्मचारी और चौकीदार के पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; ऐसे भरें फॉर्म
हिंदी मेटा डिस्क्रिप्शन: दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में सफाई कर्मचारी और चौकीदार के 25 पदों पर आज यानी 13 अक्तूबर से आवेदन शुरू हो गए हैं। दसवीं पास अभ्यर्थी 11 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
हरियाणा में दो नई निजी यूनिवर्सिटी को मिली मान्यता, उच्च शिक्षा के बढ़े नए अवसर
हरियाणा सरकार ने रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को मान्यता दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है।
बालिका शिक्षा पर सक्सेना को ज्ञान साधिका सम्मान
बारां | भारत विकास परिषद शाखा ने नौ दिवसीय नवदुर्गा नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम के दूसरे दिन सोमवार को शहर के बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल की प्रधानाचार्या रेखा सक्सेना को ज्ञान साधिका सम्मान से सम्मानित किया। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए किए काम के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया।परिषद के सचिव हितेश खंडेलवाल ने बताया कि मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी है। यह तप, अनुशासन, साधना, ज्ञान का प्रतीक है। इन्हीं गुणों के अनुरूप रेखा सक्सेना के समर्पित काम को सम्मानित किया गया। परिषद इस साल नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के गुणों के आधार पर समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट, प्रेरणादायी काम करने वाली नौ महिलाओं का सम्मान करेगी। कार्यक्रम में परिषद अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल, प्रवीण बंसल, अंबिका प्रकाश शर्मा, राजेंद्र विजय, आशा विजय, अस्मिता टोंगिया सहित कई सदस्य मौजूद थे।
Yamuna Nagar News: शिक्षा में नैतिक मूल्यों पर डाला प्रकाश
महाराजा अग्रसेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुमथला राव में सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
नोएडा में रामलीला के मंच से शिक्षा-स्वास्थ्य की गूंज, प्रोमेथियस स्कूल के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने किया शुभारंभ
Shahjahanpur News: जेल में बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
शाहजहांपुर। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित निरीक्षण समिति ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया।
Budaun News: 200 से अधिक शिक्षामित्रों को मूल विद्यालयों में वापसी का इंतजार
बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत दो सौ से अधिक शिक्षामित्रों को अपने मूल विद्यालयों में वापसी का इंतजार है। इसके लिए शिक्षामित्रों ने ब्लॉक स्तर पर आवेदन किया था। संबंधित अधिकारियों ने अभिलेखों की जांच के बाद आवेदन जिला स्तर पर भेज दिए हैं।
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी रजनीश आनंद ने भाजपा उम्मीदवार एनके यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एनके यादव ने बांका जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कभी आवाज नहीं उठाई। सोमवार को जन सुराज पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान रजनीश आनंद ने भाजपा प्रत्याशी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनके यादव दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आनंद ने कहा कि एनके यादव की जुबान पर बांका जिले का नाम तक नहीं आता। उन्होंने जिले के शिक्षित युवाओं और स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया है। रजनीश आनंद ने कहा कि इस बार बांका के मतदाता भाजपा प्रत्याशी को सबक सिखाएंगे। उन्होंने मतदाताओं से जन सुराज पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
पीएमबीआई भर्ती अलर्ट: जनरल मैनेजर सहित 178 पदों के लिए फटाफट करें आवेदन, 15 अक्टूबर अंतिम तिथि
फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) ने संविदा के आधार पर विभिन्न विभागों में जनरल मैनेजर सहित अलग-अलग कुल 178 पदों पर पात्र...
दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान (डीएससीआई) ने एडहॉक आधार पर 44 दिनों के लिए अपने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट के कुल 36 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की...
सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता : देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या 5 और 6 में कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न सड़क निर्माण...
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने कृषि और विधि पाठ्यक्रमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल की है। परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार ने बताया कि बीएससी कृषि और एमएससी कृषि के अध्यादेशों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार करने तथा एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर प्रोन्नति में आ रही बाधा दूर करने के लिए दो अलग-अलग समितियों का गठन किया है। दोनों समितियां दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रचलित नियमों और अध्यादेशों का अध्ययन कर अपनी संस्तुतियां देंगी। इसके आधार पर विश्वविद्यालय आगे की कार्रवाई करेगा। कृषि पाठ्यक्रमों के लिए नए अध्यादेश की तैयारी बीएससी कृषि और एमएससी कृषि पाठ्यक्रमों में सिक्स डीन कमेटी की संस्तुतियां लागू करने के संबंध में गठित समिति की अध्यक्षता कृषि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. भूपेन्द्र कुमार त्रिपाठी करेंगे। समिति में इटावा के जनता कॉलेज, बकेवर के प्रो. अशोक कुमार पाण्डेय और स्कूल ऑफ एडवांस एग्रीकल्चर एंड सोशल साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु त्रिवेदी को शामिल किया गया है। उप-कुलसचिव (परीक्षा) अंजलि मौर्या समिति की समन्वयक होंगी। बीपीआरडी की वजह से प्रोन्नति में आ रही बाधा की होगी जांच विधि पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की समस्या पर विचार करने के लिए दूसरी समिति गठित की गई है। विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रत्यावेदन देकर बताया था कि परीक्षा परिणाम में बीपीआरडी अंकित होने के कारण उन्हें अगले सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही है। इस मामले पर 12 अक्टूबर को बैठक भी हुई थी। समिति की अध्यक्षता विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पीएन त्रिवेदी करेंगे। इसमें वीएसएसडी कॉलेज, कानपुर के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार उपाध्याय, अटल बिहारी बाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज के प्रो. शशिकान्त त्रिपाठी और डॉ. राहुल तिवारी तथा बीएनडी कॉलेज, कानपुर के डॉ. ओमेन्द्र सिंह को सदस्य बनाया गया है। उप-कुलसचिव (परीक्षा) अंजलि मौर्या समन्वयक रहेंगी।
एमपी में स्कूल शिक्षा के 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति अटकी, जनजातीय विभाग ने दे दिए आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति लटकी हुई है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को व्याख्याता बना दिया है।
शिक्षा निदेशालय ने डीबीटी योजनाओं के तहत छात्रों को आर्थिक सहायता के लिए बैंक खातों को आधार से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे भुगतान में देरी और त्रुटियों को दूर कर पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जयपुर में कन्यावंदन महोत्सव: बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा का दिया संदेश
ह्यूमन लाइफ फाउंडेशन ने 600 कन्याओं का पूजन कर घटते लिंगानुपात और भ्रूणहत्या जैसी सामाजिक समस्याओं के खिलाफ जनजागरूकता फैलाई।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कॉलेज की छात्राओं से की सीधी बातचीत, सुरक्षा और शिक्षा पर दिया भरोसे का संदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने 5वीं तक पढ़ी एक लड़की ने बताया कि वह हिंदी का अखबार नहीं पढ़ सकती। अपना नाम लिखने के अलावा हिंदी में कुछ भी नहीं लिख सकती। इसके बाद कोर्ट ने यूपी की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा- यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि पीड़िता ने केवल 5वीं कक्षा तक ही स्कूल में पढ़ाई क्यों की? राज्य यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पाया कि उसकी शिक्षा जारी रहती? या फिर उसे 12वीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी करने के लिए स्कूल में बने रहने के लिए बाध्य क्यों नहीं किया गया? दरअसल, कोर्ट एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसका संबंध POCSO एक्ट से जुड़े एक मामले से था। याचिकाकर्ता राकेश यादव उर्फ पप्पू ने लड़की को कोर्ट में पेश करने की मांग की थी। लड़की के साथ वह साल- 2025 में घर से भाग गया था। बाद में लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया था। मामला 5 अक्टूबर का है, जो सोमवार को सामने आया। कोर्ट ने लड़की के एजुकेशन बैक ग्राउंड के बारे में पूछा सुनवाई के दौरान जजों ने लड़की से उसके एजुकेशन बैक ग्राउंड के बारे में सवाल किए। कोर्ट ने पूछा कि क्या वह हिंदी का अखबार पढ़ सकती है? लड़की ने इसका जवाब ‘न’ में दिया। जब उससे पूछा गया कि क्या वह अपना नाम लिख सकती है, तो उसने 'हां' कहा। कोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि रिकॉर्ड और राज्य के वकील के अनुसार लड़की 5वीं कक्षा तक पढ़ी थी। इसके बावजूद वह अपनी मातृभाषा में अखबार नहीं पढ़ सकती। लड़की केवल हस्ताक्षर कर सकती है। हिंदी में इससे अधिक कुछ नहीं लिख सकती। कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछे सवाल, दिए सुझाव कोर्ट ने लड़की के पिता से भी बातचीत की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लड़की के पिता से भी बात की। पिता ने बताया कि वह निरक्षर हैं और कभी स्कूल नहीं गए। मजदूरी करके महीने में 10 से 12 हजार रुपए कमा लेते हैं। परिवार में कमाने वाले वह अकेले हैं। उन्हें अपने 4 बच्चों के साथ बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ती है। चारों बच्चे भी अभी नहीं कमाते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा- आबादी का एक बड़े हिस्से को कानून और संविधान से मिले अधिकारों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों को अपने कानूनी कर्तव्यों, दायित्वों और उनके उल्लंघन के परिणामों की जानकारी भी नहीं है। POCSO एक्ट में संशोधन पर सुझाव मांगे हाईकोर्ट ने विधि आयोग से POCSO Act के उन प्रावधानों में संशोधन सुझाने का अनुरोध किया, जो नाबालिगों के बीच संबंधों से जुड़े मामलों पर लागू होते हैं। कोर्ट ने कहा कि इस विषय की समीक्षा की जानी चाहिए। कहा- कुछ परिस्थितियों में कानून को सख्ती से लागू करने के परिणाम न्याय को आगे बढ़ाने के बजाय अन्याय को बढ़ावा दे सकते हैं। खासकर तब, जब ऐसे संबंध से बच्चे का जन्म हो चुका हो। कोर्ट ने सुझाव दिया कि विधि आयोग इस बात पर विचार कर सकता है कि स्पेशल जज को सजा तय करते समय मामले की परिस्थितियों पर विचार करने का पर्याप्त विवेकाधिकार दिया जाए। लड़की को युवक के साथ जाने की इजाजत दी याचिकाकर्ताओं ने बताया कि लड़की और युवक दोनों घर से भाग गए थे। इसके बाद उन्होंने 1 सितंबर, 2025 को एक हलफनामा बनवाया, जिसमें खुद को पति-पत्नी बताया था। लेकिन, राज्य सरकार और लड़की के पिता ने उसकी जन्मतिथि 25 जुलाई, 2010 बताई थी। इस तरह लड़की सिर्फ 15 साल की थी। इसीलिए लड़की को बरामद करने के बाद उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। बाद में वहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। सोमवार को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में लड़की के स्कूल की ओर से जारी जन्मतिथि का प्रमाणपत्र नहीं है। न ही नगर निकाय या पंचायत का जन्म प्रमाणपत्र है। हालांकि, हडि्डयों के परीक्षण के आधार पर लड़की की उम्र करीब 18 साल आंकी गई। इसके बाद कोर्ट ने लड़की को वयस्क माना। लड़की ने युवक के साथ रहने की इच्छा जताई। इस पर कोर्ट ने उसे युवक के साथ जाने की इजाजत दे दी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें…. लखनऊ की वॉन्टेड मॉडल दिल्ली भागी, करीबी हिरासत में, कारोबारी की हत्या में आरोपी श्रद्धा दुबे का पति से तलाक, एक बेटा भी है लखनऊ में 28 साल के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या में वॉन्टेड मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश तेज कर दी गई है। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है। पुलिस की एक टीम वहां रवाना कर दी गई है। हजरतगंज पुलिस ने रविवार को श्रद्धा के 2-3 करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पढ़िए पूरी खबर
जम्मू-कश्मीर में स्कूली शिक्षा की नींव कमजोर है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में 5वीं कक्षा के 62% बच्चे दूसरी कक्षा की किताब नहीं पढ़ पाते। रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी स्कूलों में स्थिति अधिक चिंताजनक है, जहाँ केवल 21.8% छात्र ही इस स्तर पर पढ़ पाते हैं।
LIC हाउसिंग फाइनेंस में 50 मैनेजमेंट ट्रेनी पदों पर भर्ती, फ्रेशर्स भी कर सकते हैं आवेदन
सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे फ्रेशर्स युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में मैनेजमेंट ट्रेनी...
सपा और शिक्षा नदी के दो छोर, CM योगी का गोरखपुर से चुनावी शंखनाद; विपक्ष पर जमकर बरसे
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से यूपी एमएलसी चुनाव में अपने अभियान का शंखनाद कर दिया। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला।
बारां में अखिल विश्व गायत्री परिवार के नारी जागरण सम्मेलन और कन्या कौशल शिविर में राजस्थान की पहली महिला यूट्यूबर नीता शर्मा को सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर उनकी उपलब्धियों की तारीफ की गई। नीता शर्मा आईटीआई इंग्लिश स्टेनो की स्टेट टॉपर रह चुकी हैं। उन्होंने कक्षा 5 से लेकर एमसीए, एमटेक तक के कंप्यूटर कोर्स का सरल हिंदी में अनुवाद कर यूट्यूब पर अपलोड किया है। उनके चैनल से भारत सहित 32 से ज्यादा देशों के विद्यार्थी मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा ले रहे हैं। वे इंटेक लेडी विंग की चेयरपर्सन भी हैं। वे शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन और 'चौपाल' गतिविधि से महिला सशक्तिकरण व ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय हैं। कार्यक्रम में जिला संयोजिका कैलाश मेवाड़ा और चारू सिंह जादौन समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम के तहत तरनतारन जिले में सिविल और पुलिस प्रशासन गांवों तक पहुंचा। डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार और एसएसपी सुरेंद्र लांबा के निर्देश पर अधिकारियों ने लोगों को नशे के बुरे असर के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने लोगों से सीधे बात की और बताया कि सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही नशे जैसी बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को शिक्षा, खेलों और दूसरी अच्छी गतिविधियों से जोड़ें। परिवार का साथ, अच्छी संगत और खेलकूद युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। प्रशासन लोगों से संपर्क कर रहा है, नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और नशे से प्रभावित लोगों के इलाज व पुनर्वास पर ध्यान दे रहा है। युवाओं को सही दिशा में जोड़ने के लिए खेल सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। तस्करों की पुलिस को सूचना दें लोग अंत में अधिकारियों ने लोगों से पूर्ण सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी संबंधी कोई जानकारी मिलती है तो वह उसे संबंधित अधिकारियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से ही जिले को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
नवरात्र के दूसरे दिन झालावाड़ में अग्रवाल समाज ने कंजर समुदाय की 58 बालिकाओं का विधि-विधान से कन्या पूजन कर उन्हें सम्मानित किया। बालिकाओं को पांच तरह के पकवान परोसने के साथ पेंसिल, बिस्किट, बिंदी, हेयर बैंड और नकद राशि भेंट की गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को सम्मान देने के साथ शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समुदाय के परिवारों से सामाजिक जुड़ाव बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों और पुलिस विभाग के प्रतिनिधि ने भी भाग लिया। रलायती गांव से पहुंचीं बालिकाएं, आत्मीय स्वागत के साथ कराया भोजन कार्यक्रम अग्रवाल सेवासदन में आयोजित किया गया। इसके लिए झालरापाटन के पास स्थित रलायती गांव से कंजर समुदाय की 58 बालिकाओं को वाहनों के माध्यम से लाया गया। अग्रवाल समाज के लोगों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और सम्मान के साथ भोजन कराया। बालिकाओं को पांच तरह के पकवान परोसे गए। इसके बाद विधि-विधान से कन्या पूजन कर उन्हें उपहार दिए गए। उपहार देकर पढ़ाई के लिए किया प्रोत्साहित कन्या पूजन के बाद बालिकाओं को पेंसिल, बिस्किट, बिंदी, हेयर बैंड और नकद राशि भेंट की गई। शिक्षण सामग्री देने का उद्देश्य उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था। आयोजन के दौरान बालिकाओं के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। समाज के पदाधिकारियों ने उनसे संवाद कर नियमित रूप से स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। आयोजकों ने इस पहल के जरिए संदेश दिया कि हर बेटी सम्मान और बेहतर भविष्य की हकदार है। प्रशासन के प्रयासों में समाज ने निभाई भागीदारी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष पुखराज जैन ने बताया कि जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से कंजर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अग्रवाल समाज ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और जरूरतमंद परिवारों तक सहयोग पहुंचाने से सकारात्मक बदलाव की राह आसान हो सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के परिवारों के साथ संवाद बढ़ाना, बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और सामाजिक स्तर पर अपनापन विकसित करना रहा। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ परिवारों में शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। समाज के पदाधिकारी और पुलिसकर्मी रहे मौजूद कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष पुखराज जैन, पॉलिटेक्निक कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजुल गोयल, सचिव संदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल, पूनमचंद अग्रवाल, कमल खरीददार, संजय अग्रवाल, मेघना जैन, चेतना जैन और मधु अग्रवाल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग की ओर से एएसआई मदन गुर्जर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
चूरू के राजकीय बागला उच्च माध्यमिक स्कूल में जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम हुआ। इसमें विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं, जिनमें आठ ब्लॉकों के 16 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने भाषण और सामूहिक चर्चा का अभ्यास किया। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सज्जनसिंह सैनी ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया और सहशैक्षिक गतिविधियों का महत्व बताया। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ओमप्रकाश प्रजापत ने कहा कि प्रतिभा निखारने का मौका सबको मिलता है, बस क्षमता पहचानें। अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी सरिता आत्रेय ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सहायक निदेशक शिवराज सिंह चारण, एपीसी सूर्यकांत शर्मा, प्रेमसिंह इन्दा, पीओ नन्दलाल बौद्ध, तेजपाल सिंह, अशोक कुमार व मुकेश ने विचार रखे और इन कार्यक्रमों की उपयोगिता पर जोर दिया। प्रिंसिपल बबिता सैनी और उप प्राचार्य विजयपाल धुंवा ने अतिथियों का आभार जताया। प्रभारी विनय सोनी ने आयोजन की जानकारी दी।
लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन - हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (एलआईसी एचएफएल) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, एलआईसी एचएफएल ने मैनेजमेंट ट्रेनी - मार्केटिंग और सेल्स के कुल 50 पदों पर रिक्तियों की घोषणा की है।
छात्र की मौत पर IIIT रांची में फूटा छात्रों का गुस्सा
IIIT रांची के फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य सिंह की मौत के बाद संस्थान के 1000 से अधिक छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में खराब लिफ्ट, एम्बुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की कमी के कारण समय पर इलाज नहीं मिला. छात्रों ने निदेशक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है.
TMC recruitment 2026: 57 पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
PC: kalingatv टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) ने मेडिकल, साइंटिफिक, एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्निकल पोस्ट के लिए 57 वैकेंसी के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन का एडवर्टाइजमेंट नंबर TMC/AD/119/2026 है। नोटिफिकेशन 28 सितंबर को जारी किया गया था और अप्लाई करने का प्रोसेस अब 28 अक्टूबर तक खुला है। एप्लीकेशन ऑफिशियल वेबसाइट tmc.gov.in के ज़रिए ऑनलाइन भरना होगा। इस रिक्रूटमेंट में मेडिकल ऑफिसर, मेडिकल फिजिसिस्ट, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, ऑफिसर, टेक्नीशियन, क्लर्क, अटेंडेंट और दूसरे डेज़िग्नेशन जैसे पोस्ट हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 28 सितंबर एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 28 सितंबर एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 28 अक्टूबर एप्लीकेशन फीस: अनरिजर्व्ड, OBC, EWS और पुरुष: Rs 300 SC, ST, PwD, महिला और एक्स-सर्विसमैन: कोई फीस नहीं पेमेंट मोड: डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI के ज़रिए ऑनलाइन। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन पोस्ट के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, और कैंडिडेट्स को इस रिक्रूटमेंट में एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बारे में डिटेल्स जानने के लिए ऑफिशियल एडवर्टाइजमेंट नोटिफिकेशन देखना चाहिए। एज लिमिट: एज लिमिट: पोस्ट के हिसाब से 25-50 साल। एप्लीकेबल एज में छूट रिलेवेंट रूल्स के तहत दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस: रिटन एग्जाम इंटरव्यू क्वालिफाइंग स्किल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं करियर ऑप्शन सर्च करें और रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नंबर TMC/AD/119/2026 ढूंढें। सही कॉन्टैक्ट डिटेल्स का इस्तेमाल करके खुद को रजिस्टर्ड करें। फॉर्म भरें और अपनी डिटेल्स डालें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें और फॉर्म सबमिट करें। आगे के रेफरेंस के लिए एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें।
CPRI Recruitment 2026: 110 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट ने 110 पोस्ट पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पोस्ट में इंजीनियरिंग ऑफिसर ग्रेड 1, इंजीनियरिंग असिस्टेंट, साइंटिफिक असिस्टेंट, टेक्नीशियन ग्रेड 1, टेक्निकल अटेंडेंट ग्रेड 1, असिस्टेंट ग्रेड II, और मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) ग्रेड 1 पोस्ट शामिल हैं। भर्ती का एडवर्टाइजमेंट नंबर CPRI/06/2026 है और इसे CPRI करियर की ऑफिशियल वेबसाइट पर देखा जा सकता है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 19 सितंबर 2026 को शुरू हुआ था, और एलिजिबल कैंडिडेट 12 अक्टूबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। कैंडिडेट एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने से पहले पोस्ट के हिसाब से क्वालिफिकेशन, उम्र सीमा, वैकेंसी, एप्लीकेशन फीस और सिलेक्शन प्रोसेस देख लें। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 19 सितंबर एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 12 अक्टूबर एग्जाम की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है पोस्ट के हिसाब से वैकेंसी: इंजीनियरिंग ऑफिसर Gr.1 (इलेक्ट्रिकल): 7 इंजीनियरिंग ऑफिसर Gr.1 (सिविल): 1 इंजीनियरिंग असिस्टेंट (इलेक्ट्रिकल): 10 इंजीनियरिंग असिस्टेंट (मैकेनिकल): 1 साइंटिफिक असिस्टेंट: 2 टेक्नीशियन Gr.1 (इलेक्ट्रिकल): 2 टेक्नीशियन Gr.1 (मैकेनिकल): 2 टेक्निकल अटेंडेंट Gr.1: 37 असिस्टेंट Gr. II: 29 मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) Gr.1: 14 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: अलग-अलग पोस्ट के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया अलग-अलग हैं, इसलिए यह सलाह दी जाती है कि इंटरेस्टेड कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट cpri.res.in पर जाएं। सिलेक्शन प्रोसेस: GATE/CBT/स्किल टेस्ट/ट्रेड टेस्ट/प्रोफिशिएंसी टेस्ट, जैसा लागू हो अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट cpri.res.in पर जाएं। अब, होमपेज पर मौजूद करियर ऑप्शन पर क्लिक करें। करियर सेक्शन में, करंट ओपनिंग्स ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर एडवर्टाइजमेंट नंबर CPRI/06/2026 वाले एप्लीकेशन फॉर्म लिंक पर क्लिक करें। नाम, कैटेगरी, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल ID वगैरह डिटेल्स डालकर एग्जाम के लिए रजिस्टर करें। एग्जाम के लिए रजिस्टर होने के बाद, एजुकेशनल और पर्सनल डिटेल्स देकर एप्लीकेशन फॉर्म भरें। फोटोग्राफ और सिग्नेचर सहित ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। आखिर में एप्लीकेशन फीस पे करें और फॉर्म सबमिट करें। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और इसे भविष्य के लिए सेव कर लें।
उच्च शिक्षा का दशक और गुणवत्ता की परीक्षा
समावेशी विकास के हिमायती अर्थशास्त्री मानव पूंजी सिद्धांत के तहत शिक्षा को महज सामाजिक कल्याण या व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पादकता, नवाचार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की बुनियादी पूंजी के रूप में देखते हैं। इस लिहाज से कह सकते हैं कि किसी देश की युवा आबादी अपने आप में विकास की गारंटी नहीं होती। उसकी वास्तविक आर्थिक और सामाजिक क्षमता इस बात से निर्धारित होती है कि उसे उपलब्ध शिक्षा ज्ञान, कौशल और निर्णय क्षमता में कितना रूपांतरित कर पाती है। भारत आज इसी द्वंद्व के बीच खड़ा है। एक ओर विशाल युवा आबादी जनसांख्यिकीय लाभांश की संभावना प्रस्तुत करती है, दूसरी ओर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और वैश्विक श्रम बाजार में आते बदलाव मानव पूंजी निर्माण की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती दे रहे हैं। ह्यूमनिटीज एंड सोशल साइंसेज कम्युनिकेशंस में 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन ने भी रेखांकित किया कि भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव का आर्थिक लाभ अनुकूल नीतिगत वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और लैंगिक सशक्तीकरण पर निर्भर करता है। इसलिए पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा के विस्तार और सुधारों का मूल्यांकन केवल संस्थानों तथा नामांकन की बढ़ती संख्या से नहीं, बल्कि इस कसौटी पर किया जाना चाहिए कि भारत अपनी युवा आबादी को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की सक्षम मानवीय शक्ति में कितना बदल पाया है। इसे भी पढ़ें: Gen Z Revolt: मोदी के दोस्त के देश में भी वही हो रहा,जो भारत में हुआ था? भयंकर साज़िश का पर्दाफ़ाश! इस दशक में भारतीय उच्च शिक्षा का सामाजिक आधार उल्लेखनीय रूप से विस्तृत हुआ है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के अनुसार, कुल नामांकन 2014 से 15 के लगभग 3.42 करोड़ से बढ़कर 2023 से 24 में करीब 4.50 करोड़ हो गया। महिलाओं के साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ी है, जो उच्च शिक्षा के व्यापक सामाजिक विस्तार का संकेत है। हालांकि, नामांकन वृद्धि अपने आप में पर्याप्त नहीं है। वास्तविक लोकतंत्रीकरण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, पर्याप्त संसाधन और रोजगारपरक अवसरों तक समान पहुंच जरूरी है। महानगरों और छोटे शहरों के संस्थानों के बीच गुणवत्ता का अंतर अब प्रमुख चुनौती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने उच्च शिक्षा सुधार के लिए व्यापक वैचारिक ढांचा प्रस्तुत किया। बहुविषयक अध्ययन, लचीली पाठ्यचर्या, शोध उन्मुख शिक्षा, कौशल विकास और अकादमिक क्रेडिट की हस्तांतरणीयता इसके प्रमुख प्रावधान हैं। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट विद्यार्थियों को शैक्षणिक यात्रा में अधिक लचीलापन देता है, जबकि समर्थ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रवेश, परीक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने की क्षमता रखते हैं। इन पहलों का महत्व संस्थागत विस्तार से आगे बढ़कर सीखने की गुणवत्ता, शैक्षणिक गतिशीलता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में है। फिर भी नीतिगत महत्वाकांक्षा और संस्थागत वास्तविकता के बीच की दूरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बहुविषयक शिक्षा के लिए विभिन्न विषयों के सक्षम विभाग, प्रशिक्षित शिक्षक और पर्याप्त अकादमिक संसाधन चाहिए। शोध आधारित शिक्षा के लिए प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, शोध अनुदान और मार्गदर्शन की व्यवस्था आवश्यक है। डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बना सकते हैं, लेकिन वे कमजोर शिक्षण व्यवस्था की भरपाई नहीं कर सकते। इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वास्तविक मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उसके प्रावधानों ने कक्षाओं में शिक्षण, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और विश्वविद्यालयों की अकादमिक संस्कृति में कितना बदलाव पैदा किया है। उच्च शिक्षा सुधार की केंद्रीय कसौटी शिक्षक व्यवस्था और शोध क्षमता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाले कर्मचारी नहीं, बल्कि ज्ञान सृजन, आलोचनात्मक विवेक और बौद्धिक स्वतंत्रता के वाहक हैं। अनेक संस्थानों में रिक्त पदों, संविदा नियुक्तियों और गैर शैक्षणिक दायित्वों का दबाव शिक्षण, शोध निर्देशन और विद्यार्थियों से संवाद को प्रभावित करता है। इसलिए पारदर्शी नियुक्ति, अकादमिक स्वतंत्रता और निरंतर प्रशिक्षण को दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखना आवश्यक है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता शोध और नवाचार में उनके योगदान से भी निर्धारित होती है। भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन व्यापक विश्वविद्यालय व्यवस्था में शोध संस्कृति को और मजबूत करने की आवश्यकता है। कृषि, जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्र भारतीय संदर्भ में महत्वपूर्ण शोध अवसर प्रस्तुत करते हैं। इसके लिए शोध वित्तपोषण बढ़ाने, उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग तथा युवा शोधकर्ताओं को स्वतंत्र अवसर देने की जरूरत है। विश्वविद्यालयों को ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके उत्पादक केंद्र बनाना होगा। इसी तरह रोजगार और उच्च शिक्षा के संबंध को भी अधिक सूक्ष्मता से समझने की जरूरत है। डिग्री और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग की बदलती मांगों पर प्रश्न उठाती है। तकनीकी दक्षता, डिजिटल साक्षरता, संचार क्षमता और समस्या समाधान जैसे कौशल अब अनेक क्षेत्रों में आवश्यक हो गए हैं। फिर भी, रोजगारोन्मुखी शिक्षा का अर्थ विश्वविद्यालयों को उद्योग की तात्कालिक जरूरतों के अधीन कर देना नहीं है। मानविकी और सामाजिक विज्ञान विषय विद्यार्थियों में ऐतिहासिक चेतना, नैतिक विवेक, लोकतांत्रिक समझ और समाज के जटिल प्रश्नों का विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करते हैं। एक सक्षम उच्च शिक्षा व्यवस्था को आर्थिक उपयोगिता और बौद्धिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन कायम करना होगा। उसका उद्देश्य केवल रोजगार पाने योग्य व्यक्ति तैयार करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, विवेकशील और उत्तरदायी नागरिक बनाना भी है। हाल में बिहार में 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों की शुरुआत, 2,451 संविदा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति तथा विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक और डिजिटल सुधारों की पहल इसी राष्ट्रीय चुनौती का एक प्रासंगिक उदाहरण है। इन प्रयासों से उच्च शिक्षा की भौगोलिक पहुंच और संस्थागत क्षमता बढ़ाने की संभावना बनती है। लेकिन इनकी दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कॉलेजों में नियमित शिक्षण, पर्याप्त संसाधन, अकादमिक नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण कितना विकसित होता है। बिहार का अनुभव इस व्यापक तथ्य को रेखांकित करता है कि संस्थानों की संख्या बढ़ाना सुधार का प्रारंभिक चरण है, उसकी परिणति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में ही हो सकती है। ये पूरा दशक भारतीय उच्च शिक्षा में विस्तार और संस्थागत परिवर्तन का दौर रहा है, लेकिन अगली चुनौती कहीं अधिक जटिल है। बढ़ता नामांकन, महिलाओं और वंचित समूहों की भागीदारी तथा डिजिटल प्रशासन सकारात्मक आधार तैयार करते हैं, पर गुणवत्ता, शिक्षक उपलब्धता, शोध क्षमता और रोजगारपरकता की चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। इसलिए उच्च शिक्षा नीति का केंद्र अब मात्र विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समान अवसरों का निर्माण होना चाहिए। भारत की युवा आबादी तभी वास्तविक जनसांख्यिकीय लाभांश में बदल सकती है, जब शिक्षा उसे ज्ञान, कौशल और नवाचार की क्षमता प्रदान करे। आने वाले दशक की अग्निपरीक्षा इसी रूपांतरण में निहित है। - संजीव कुमार मिश्र
job news 2026: राजस्थान में सफाई कर्मचारियों के पदों पर भर्ती, आवेदन में बचा हैं 1 दिन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां राजस्थान स्थानीय स्वशासन विभाग ने सफाई कर्मचारियों के 24,752 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया बंद होने वाली है। अधिकारियों ने इसके लिए 15 अगस्त 2026 को आवेदन आमंत्रित किए थे, आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर 2026 है। कुल पद-24,752 पदों का नाम- सफाई कर्मचारी शैक्षणिक योग्यता- उम्मीदवारों को राजस्थान का निवासी होना चाहिए, साथ ही सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने का एक साल का अनुभव होना चाहिए, पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है। आयु सीमा- 1 जनवरी 2026 के अनुसार न्यूनतम उम्र सीमा 21 साल और अधिकतम 40 साल है। सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट- 13 अक्टूबर 2026 ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट lsg.rajasthan.gov.in देख सकते हैं pc- india.com
युवा उद्यमी की बालिका शिक्षा के लिए प्रेरणादायक पहल, छात्राओं के लिए बनाया हॉस्टल; 30 बेटियां कर रहीं परीक्षाओं की तैयारी
पीएम श्री विद्यालय में बाल मेला: खेल-खेल में बच्चों को दी जा रही शिक्षा
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बड़ी सादड़ी के बोहैड़ा स्थित स्कूल में बाल मेले का आयोजन, बच्चों के लिए कठपुतली खेल भी होगा आयोजित।
सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ रहे करीब 1 लाख 50 हजार बच्चों से अब नि:शुल्क बस सेवा छिनने वाली है। स्कूल शिक्षा विभाग इन बसों का किराया तय करने जा रहा है। जिसका असर सीधेतौर पर बच्चों के अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा। विभाग के इस प्रस्ताव को आज चर्चा के बाद कैबिनेट मंजूरी दे सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के तहत कलेक्टरों को अपने जिले में संचालित सांदीपनि विद्यालयों की बसों का किराया तय करने और अभिभावकों से वसूली का अधिकार दिया जा सकता है। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है, तो अब तक मुफ्त बस सुविधा का लाभ ले रहे बच्चों के अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। मुफ्त सुविधा में बदलाव की तैयारी प्रदेश में फिलहाल 370 सांदीपनि विद्यालयों में बसों के जरिए बच्चों को निशुल्क लाने और घर पहुंचाने की व्यवस्था संचालित है। इस सुविधा पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए सरकार मौजूदा नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, कलेक्टरों को जिले की परिस्थितियों के अनुसार बस किराया निर्धारित करने और अभिभावकों से शुल्क लेने की व्यवस्था लागू करने का अधिकार मिल सकता है। हालांकि, किराया कितना होगा, किन बच्चों से वसूला जाएगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कोई छूट मिलेगी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बसें नहीं, फिर भी व्यवस्था बदलने की तैयारी प्रस्ताव के बीच परिवहन सुविधा की उपलब्धता भी बड़ा सवाल है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 19 जिलों में सांदीपनि विद्यालयों के करीब 1.5 लाख बच्चों को बस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई विद्यालयों में बसें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जिन बच्चों को अभी परिवहन सुविधा नहीं मिल रही, उनके लिए पहले बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी या किराया वसूली की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार के फैसले से यह भी स्पष्ट होगा कि शुल्क की जिम्मेदारी किन अभिभावकों पर डाली जाएगी। नए जिलों में महिला-बाल विकास के कार्यालयों पर भी फैसला संभव कैबिनेट बैठक में मैहर, पांढुर्णा, निवाड़ी और मऊगंज जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय खोलने तथा जिला स्तर पर पद सृजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। इसके अलावा 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान की प्रगति और कार्यों की समीक्षा भी मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों के साथ की जा सकती है।
पटना यूनिवर्सिटी के 109वें स्थापना दिवस को लेकर आज सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। जयप्रकाश नारायण अनुषद भवन (सीनेट हॉल) में कार्यक्रम होगा। समारोह में यूजी वोकेशनल, सेल्फ फाइनेंस, बीएड, एलएलबी और फाइन आर्ट्स के 12 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री होंगे मुख्य अतिथि समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री संजय कुमार टाइगर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. शिवजतन ठाकुर सम्मानित अतिथि होंगे, जबकि बिहार पुलिस के पूर्व महानिदेशक विनय कुमार विशिष्ट पूर्ववर्ती छात्र के रूप में कार्यक्रम में भाग लेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 17 विद्यार्थियों से शुरू हुआ था विश्वविद्यालय का सफर पटना विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1 अक्टूबर 1917 में हुई थी। बिहार और ओडिशा के अलग प्रांत बनने के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार की जरूरत महसूस की गई। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की स्थापना की पहल हुई। इसके लिए छोटानागपुर क्षेत्र पर भी विचार किया गया था, लेकिन अंत में पटना को मुख्यालय चुना गया। शुरुआत में महज 17 विद्यार्थियों से शुरू हुआ विश्वविद्यालय आज राज्य के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां वर्तमान में करीब 25 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने बिहार में उच्च शिक्षा के विकास और शैक्षणिक आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भोपाल में स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधानपाठकों को व्याख्याता के पद पर पदोन्नति दे दी है। इस अंतर को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों में नाराजगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद विभाग में पदोन्नति के आदेश क्यों जारी नहीं हो रहे हैं। दो विभागों में पदोन्नति का अंतर मध्यप्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की अलग-अलग स्थिति का मुद्दा फिर चर्चा में है। संगठन का कहना है कि दोनों विभागों में समान योग्यता, अर्हता और सेवा शर्तों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को जनजातीय कार्य विभाग में पदोन्नति का लाभ मिल रहा है, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक इससे वंचित हैं। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग में पिछले कुछ महीनों में सहायक शिक्षक से उच्च श्रेणी शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक से व्याख्याता के पद पर पदोन्नतियां की जा चुकी हैं। इसके विपरीत, स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक की पदोन्नति प्रक्रिया अब भी लंबित है। सीएम के निर्देशों के बाद भी आदेश नहीं संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के आदेश जारी नहीं होना चिंता का विषय है। एक ही प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति की अलग-अलग स्थिति होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब दोनों विभागों में शिक्षकों की योग्यता और सेवा शर्तें समान हैं, तो पदोन्नति के अवसरों में अंतर क्यों है। उच्च पद का प्रभार, नियमित पदोन्नति नहीं उपेन्द्र कौशल ने कहा कि करीब दो साल पहले उच्च पद का प्रभार संभालने वाले शिक्षकों को भी अब तक नियमित पदोन्नति के आदेश नहीं मिले हैं। लंबे समय से उच्च पद का दायित्व निभाने के बावजूद नियमित पदोन्नति का लाभ नहीं मिलना शिक्षकों के सेवा हितों से जुड़ा मुद्दा है। लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। संगठन ने कहा कि पात्र शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाए और उच्च पद का प्रभार संभाल रहे पात्र शिक्षकों के मामलों का भी जल्द निराकरण किया जाए। संगठन के अनुसार, लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के लिए शासन को स्पष्ट समय-सीमा तय करनी चाहिए, ताकि पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके।
उत्तर प्रदेश के राजकीय ITI में अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है। अब इन पदों पर चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा होगा, जिससे लगभग 2000 पदों पर भर्ती का रास्ता खुलेगा और प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधरेगी।
रांची विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम बाधित हो रहे हैं। स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 40% शिक्षक कार्यरत होने से लगभग 30,000 छात्रों को एनईपी पाठ्यक्रम का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गेट 2027: आज आवेदन का आखिरी मौका, चूके तो क्या होगा? जानें परीक्षा, प्रवेश पत्र और परिणाम की तारीखें
गेट 2027 के लिए विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने की आज, 12 अक्तूबर 2026 को अंतिम तारीख है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन में सुधार का मौका 14 अक्तूबर से मिलेगा।
सरकारी नौकरी: इन 4 भर्तियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि आज, तुरंत भरें फॉर्म; जानें पूरी डिटेल्स
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आवेदन का अहम मौका है। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट
शिक्षा की बदहाली के विरुद्ध आंदोलन करेगा छात्र संगठन
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी के बगान टोला में रविवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन का बोकारो जिला छात्र सम्मेलन संपन्न हुआ। इसमें सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, छात्रवृत्ति की समस्या, शैक्षणिक सत्र में अनियमितता और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय कोषाध्यक्ष समसुल आलम ने कहा कि शिक्षा बजट में कटौती और संसाधनों की कमी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो रही है। जिला प्रभारी प्रदीप यादव ने कहा कि चंदनकियारी और चंद्रपुरा में सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन इन समस्याओं को लेकर आंदोलन करेगा।
बाड़मेर के एक युवा उद्यमी ने समाज सेवा और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय मिसाल पेश की है। युवा उद्यमी ने करीब एक करोड़ की लागत से बालिकाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल का निर्माण करवाया है ताकि उसमें रह कर जरूरतमंद बालिकाएं अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। वर्तमान में यहां 30 बेटियां परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अपनी मेहनत के बल पर सफल उद्यमी बनने वाले जोगेंद्र गौड़ की यह पहल समाज की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है। जानकारी के अनुसार गांव में एक मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन चल रहा था। इस दौरान शिखर कलश स्थापना के लिए जब बोली लगाई जा रही थी, तो युवा उद्यमी जोगेंद्र गौड़ ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित बोली में सबसे आगे रहते हुए 40 लाख रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई। लेकिन जब गांव के लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा में हो रही परेशानी की जानकारी दी तो उन्होंने अपनी यह बोली छोड़ दी। उन्होंने समाज और गांव के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस राशि को समाज की बेटियों के भविष्य को संवारने में लगाने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद गौड़ ने अपने मित्रों और समाज के वरिष्ठ शिक्षाविदों से गहन विचार-विमर्श किया। सभी की सलाह पर यह निष्कर्ष निकला कि आज के समय में समाज की बालिकाओं की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक सुरक्षित व सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर की सख्त जरूरत है। इस पर बिना किसी संकोच के जोगेंद्र गौड़ ने सुमेर गोशाला के पास स्थित अपनी खुद की 10 हजार वर्ग फीट की कीमती जमीन बालिका शिक्षा के नाम समर्पित कर दी। आज इसी जमीन पर लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से एक शानदार और सर्वसुविधायुक्त भवन खड़ा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस है हॉस्टल, 30 बेटियां पढ़ रही:जोगेंद्र गौड़ द्वारा बनवाए गए इस आधुनिक भवन में बालिकाओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। इस सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल में कुल 15 कमरे, एक विशाल डाइनिंग हॉल और पढ़ाई के लिए एक सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी का निर्माण करवाया गया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में ब्राह्मण समाज की 30 मेधावी बेटियां इस हॉस्टल में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कड़ी तैयारी कर रही हैं। बेटियों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हॉस्टल में विशेष प्रबंध किए गए हैं। बालिकाओं के लिए पौष्टिक भोजन और नाश्ते की व्यवस्था के लिए रसोइया नियुक्त किया गया है, वहीं हॉस्टल की पूरी सुरक्षा और जिम्मेदारी संभालने के लिए एक समर्पित महिला वार्डन भी मौजूद हैं। विशेषज्ञ दे रहे हैं निशुल्क सेवाएं, भामाशाहों का सहयोग: इस पहल का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि समाज की इन बेटियों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए कई विद्वान आगे आए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर प्रकाश गौड़, देवराज गौड़, व्याख्याता पुखराज गौड़, भगवान सहाय शर्मा, वरिष्ठ अध्यापक सरिता और सांख्यिकी अधिकारी अशोक बबेरवाल अपना बहुमूल्य समय निकालकर इन बालिकाओं को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा व मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस भवन को पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए ओमप्रकाश शर्मा के प्रयासों से फंड एकत्रित किया गया।
शिक्षा संजीवनी अभियान में टी-शर्ट और लोअर बांटे
बैतूल | शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला पुलिस लाइन में रविवार को शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत पहल की। संस्था प्रमुख और प्रधान पाठक आशा नायक ने सभी विद्यार्थियों को टी-शर्ट और लोअर वितरित किए। छात्रों को हर बुधवार और शनिवार यह ड्रेस पहनकर स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, मनीष मिसर, जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकड़े, संकुल प्राचार्य एलएल लिल्लौरे, बीआरसी कन्या गंज के जनशिक्षक राजेश महोते, रवि अतुलकर, स्कूल स्टाफ के शारदा सोनी, अनिशा खान, स्नेहलता यादव, अर्चना देशमुख, माया आठनेरे, आशा सरनेकर उपस्थित रहीं।
प्रकृति के बीच दे रहे हैं शिक्षा:मध्य प्रदेश... खेत व गोशाला में बच्चे सीख रहे हैं जिंदगी का हुनर
सोचिए... स्कूल की घंटी बजे और बच्चे खेत, पेड़ों और गोशाला की ओर निकल पड़ें। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कोंडा देवरी गांव के साधना विद्यास्थली स्कूल में बच्चे प्रकृति के बीच जिंदगी के हुनर सीख रहे हैं। जैविक फार्म साधना पथ के परिसर में हजारों पेड़ हैं। परित्यक्त और बेसहारा देशी गायों के संरक्षण के लिए गोशाला है। इसी परिसर में यह स्कूल चलता है, जहां बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती। उन्हें किताबें, स्कूल ड्रेस फ्री देते हैं। संस्थापक शशि भूषण सिंह ने 2013 में हैदराबाद में 16 लाख रु. पैकेज वाली नौकरी छोड़कर प्राकृतिक जीवन, खेती और शिक्षा का रास्ता चुना। रोहतक के जतिन अनेजा कंट्री हेड की भूमिका छोड़कर इस काम से जुड़े। पुष्पेंद्र पटेल ने पीएचडी और पेशेवर भविष्य की संभावनाओं के बीच इस प्रयोग को चुना। बच्चों की तुलना नहीं करते शशि कहते हैं- यहां पांचवीं तक के 40 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षा का जोर रटने और परीक्षा के दबाव से ज्यादा सीखने की प्रक्रिया पर है। शिक्षक बच्चों को एक-दूसरे से आगे निकलने की दौड़ में नहीं लगाते। उनकी तुलना नहीं करते। पुराने स्कूल में छोटी-सी गलती पर भी डांट पड़ती थी। यहां पढ़ने में मजा आता है। खेल-खेल में पढ़ाई होती जाती है। यहां खेती-किसानी से जुड़ी बातें भी बताते हैं। -आंशिक ठाकुर, छात्र
Maharajganj News: माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रश्नपत्र अपलोड, तैयारी होगी आसान
हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, पुराने पैटर्न से समझेंगे परीक्षा की रणनीति
Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा महाकुंभ में आकर्षण का केंद्र बने स्वयं सहायता समूहों के स्टाल
Self-help group stalls become the center of attraction at the 'Shiksha Mahakumbh'
Hamirpur (Himachal) News: मातृभाषा में शिक्षा और कौशल विकास से उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
Education and skill development in the mother tongue will give a new direction to higher education.
इटानगर, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में रविवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए एक समान नियमों को मंजूरी देने के साथ ही महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी।
पाकिस्तान में दो मानवाधिकार वकीलों की गिरफ्तारी पर अमेरिका-ब्रिटेन के शिक्षाविदों ने जताई चिंता
New Delhi, 11 अक्टूबर . Pakistan के दो वकील पिछले कुछ महीनों से दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं. इन मानवाधिकार वकीलों का नाम इमान जैनब मजारी-हाजिर और हादी अली चट्ठा है. फिलहाल हिरासत में हैं और इसे लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में कार्यरत Pakistanी मूल के कई शिक्षाविदों और विद्वानों ने ... Read more
विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में शनिवार को मुनिश्री संवेगरत्न सागर ने कहा कि प्रभु के वचनों को जीवन में अपनाने से ही आत्मा को शुद्ध बनाया जा सकता है। धर्मसभा में प्रवचन सुनने का लाभ तभी है, जब उनकी बातों को अपने व्यवहार में उतारा जाए। मुनिश्री ने कहा कि केवल धर्म की बातें सुनने से जीवन नहीं बदलता। इसके लिए मन की बुराइयों को दूर करना और अपने विचारों व व्यवहार को अच्छा बनाना जरूरी है। व्यक्ति को अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारने का प्रयास करना चाहिए। चातुर्मास समिति ने किया सम्मान उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हर समय अपने विचारों और कामों को अच्छा रखने की कोशिश करनी चाहिए। गुस्सा, लालच और दूसरी बुरी आदतें सही-गलत की समझ को कमजोर कर देती हैं। वर्षावास में मिल रही सीख को जीवन में अपनाने से व्यक्ति सही रास्ते पर आगे बढ़ सकता है। इस दौरान 30 उपवास पूरे करने पर तपस्वी पलक छाजेड़ का चातुर्मास समिति ने सम्मान किया। समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि वर्षावास में धर्म, ध्यान, तप और भक्ति के कार्यक्रम जारी हैं। धर्मसभा में मौजूद श्रद्धालुओं ने पलक की कठिन तपस्या की सराहना की।
11 अक्टूबर, रविवार: देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम में हिस्सा लिया, देखें दृश्य।
चूरू में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजस्थान महिला कल्याण मंडल ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा व सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम एक निजी शिक्षण संस्थान में आयोजित हुआ। संस्था की सुमन चोपड़ा व नदीम खान ने बालिकाओं के विकास, शिक्षा व समान अवसरों पर जोर दिया। बाल विवाह, बाल शोषण और लैंगिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को खत्म करने का संदेश भी दिया गया। बालिकाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक रहने व हिंसा-शोषण में मदद लेने को प्रेरित किया गया। मोहित जांगिड़ के मार्गदर्शन में शहर की लाइब्रेरी में भी कार्यक्रम हुआ। इसमें पूनम शर्मा, आइना सैनी, सकीना, प्रीतिका, प्रिया जांगिड़, मीरा, आयशा खान, जाहरा खान, सोफिया, अनाम खान, रीजा गौरी, स्नेह, दृष्टि, गीता कंचन व आलीया खान शामिल थीं। संस्था की पूनम सिसोदिया ने बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने व अधिकारों के प्रति सजग रहने को प्रेरित किया। कार्यक्रम का लक्ष्य बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता व सकारात्मक सोच सुनिश्चित करना था।
भागलपुर शिक्षा विभाग के 6 लिपिकों को हटाया गया, 98.12 लाख रुपये के गबन का मामला
भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के गबन के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने बड़ा कदम उठाया है।
कर्मचारी हितैषी मोहन सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार हुए कर्मचारी विरोधी
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चयन प्रक्रिया में प्रथम चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), द्वितीय चरण की CBT, और आवश्यकतानुसार दस्तावेज सत्यापन व चिकित्सा परीक्षा शामिल होगी। जूनियर लेखा सहायक सह टाइपिस्ट और वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट के पदों के लिए कंप्यूटर आधारित टाइपिंग कौशल परीक्षा (CBTST) से छूट दी गई है, हालांकि कार्यभार ग्रहण करने के बाद बुनियादी टाइपिंग दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने जूनियर ट्रांसलेटर हिंदी भर्ती परीक्षा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा 30 अक्तूबर को आयोजित होगी। अभ्यर्थी परीक्षा से 10 दिन पहले शहर सूचना पर्ची और चार दिन पहले प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
केएमएटी परिणाम 2026 जारी: अब आवेदन संख्या और जन्मतिथि से ऐसे डाउनलोड करें अंकपत्र; आगे क्या होगा?
केएमएटी परिणाम 2026 जारी कर दिया गया है। कर्नाटक निजी स्नातकोत्तर महाविद्यालय संघ ने प्रबंधन अभिरुचि परीक्षा के परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं। अभ्यर्थी आवेदन संख्या और जन्मतिथि की सहायता से अपना अंकपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
पेपर लीक रोग बन चुका है, सरकारें बरत रहीं सावधानी: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी
पटना से दिल्ली रवाना होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पेपर लीक को एक 'रोग' बताया और कहा कि सरकारें परीक्षाएं पारदर्शी बनाने के लिए सतर्क हैं. उन्होंने बिहार में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि जनता पर अनावश्यक खर्च का बोझ नहीं पड़ना चाहिए.
Bihar Education Salary Cell New Rules: भागलपुर शिक्षा विभाग में 98 लाख के गबन के बाद, बिहार में पहली बार भागलपुर और बांका जिलों में 'वेतन कोषांग' का गठन किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत अब जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की सीधी अनुमति और तीन-स्तरीय जांच के बिना किसी भी शिक्षक या कर्मचारी का वेतन जारी नहीं होगा, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता से बालिकाएं बनें सशक्त समाज की नींव : असावा
भास्कर न्यूज|बारां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बालिकाओं के सशक्तीकरण के साथ लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने कहा कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और लोकतांत्रिक भागीदारी से सशक्त बालिकाएं ही सशक्त समाज की नींव रख सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं एवं उपस्थित जनसमूह को बिना किसी प्रलोभन, दबाव या भय के निर्भीक होकर निष्पक्ष मतदान करने की शपथ दिलाई। कलेक्टर असावा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र मतदाता की भागीदारी जरूरी है। पंचायतीराज आम चुनाव में मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने बालिकाओं एवं महिलाओं से स्वयं मतदान के प्रति जागरूक रहने और परिवार व आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूक मतदाता स्वतंत्र विवेक से अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ गांवों के विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करते हैं। कार्यक्रम में जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी पूनम पाटनी, जिला रसद अधिकारी प्रिया शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गेंदालाल रेगर, जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी हरिमोहन गालव एवं दशरथ सुवानियां, सीबीईओ गायत्री मीणा एवं कालूलाल मीणा, एसीबीईओ सुशीला मीणा तथा स्वीप के सह प्रभारी अमित भार्गव सहित प्रधानाचार्य, शिक्षक और बालिकाएं उपस्थित रहीं। समारोह में बालिकाओं को ईसीई नेट एप के माध्यम से ऑनलाइन मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें पात्र युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करने और निर्वाचन संबंधी जानकारी का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
शिक्षा मजबूत सीढ़ी है जो भविष्य बदल सकती है: पटेल
भास्कर संवाददाता। बड़वानी शिक्षा के अधिकार और हर जरूरतमंद तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने के अनूठे सिलसिले के तहत शनिवार को एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-9 (दशहरा मैदान) में एक प्रेरणादायी आयोजन हुआ। जिला प्रशासन की पहल और दैनिक भास्कर की सामाजिक सरोकार से जुड़ी मुहिम के बाद, सब पढ़ें, सब बढ़ें अभियान के तहत यहां 150 बच्चों को पठन-पाठन सामग्री, अभ्यास पुस्तिकाएं, स्टेशनरी, के साथ-साथ फल और खाद्य सामग्रियां वितरित की गईं। इस मानवीय पहल से सरकारी स्कूल के जरूरतमंद बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा शिक्षा ही वह मजबूत सीढ़ी है जो बच्चों का भविष्य बदल सकती है। शासन की योजनाओं का लाभ हर छात्र तक पहुंचे, इसके लिए हमें लगातार बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखना होगा। डीईओ ज्योति पटेल ने कहा हमारा यह मुख्य दायित्व है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चे को शिक्षा से वंचित न होना पड़े। शिक्षा प्रेमी राकेश गौतम ने उत्साह बढ़ाते हुए कहा बच्चों के चेहरों पर यह मुस्कान ही हमारा सबसे बड़ा पुरस्कार है। शाला के विकास और इन नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हम हरसंभव सहयोग देने को हमेशा तत्पर हैं। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता आशा कुमरावत और शाला प्रभारी हेमलता शर्मा सहित दुर्गेश पुरोहित, जावेद खान, मालवीय व शादब खान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग की मासिक रिपोर्ट 52 से 7 पेजों में सिमटी
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से हर महीने जारी होने वाली उपलब्धियों की रिपोर्ट में इस बार कटौती कर दी गई है। विभागीय उपलब्धियों को लेकर पहले 50 से 52 पेज की रिपोर्ट जारी होती थी, जो अब केवल 7 पन्नों में सिमट गई है। इस रिपोर्ट से शिक्षक और विद्यार्थियों को विभाग की कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलती थी, लेकिन अब रिपोर्ट 7 पन्नों में सिमटने से कई तथ्य रिपोर्ट से गायब हो गए। रिपोर्ट में इस तरह की कटौती को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पहले इस रिपोर्ट में विभाग की महीनेभर की गतिविधियों और उपलब्धियों के साथ नियुक्तियों, रिक्त पदों की स्थिति और विभिन्न योजनाओं की प्रगति से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल होती थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट छोटी करने के पीछे क्या वजह हो सकती है। कहीं विभाग खाली पदों की डिटेल को छुपाना तो नहीं चाहता है। यह रिपोर्ट पिछले कई सालों से जारी हो रही थी। माध्यमिक शिक्षा में कई निदेशक आए और चले गए, लेकिन रिपोर्ट हर महीने जारी होती रही। अगस्त 2026 में यह रिपोर्ट 51 पेज की और सितंबर 2026 में 52 पेज की जारी हुई थी। अब अक्टूबर में यह महज 7 पन्नों की जारी हुई है। खाली पदों की डिटेल गायब पेज कम होने से इस रिपोर्ट से खाली पदों की डिटेल भी सामने नहीं आ पाई है। वरना हर महीने शिक्षा विभाग के हर कैडर के स्वीकृत पदों के साथ साथ इन पदों पर कार्यरत व खाली पदों की डिटेल भी सार्वजनिक होती थी। इस बार यह गायब हो गई है। बेरोजगारों को मिलती थी खाली पदों की जानकारी राजस्थान बेरोजगार यूनियन के संयोजक रवींद्र चौधरी का कहना है कि विभाग की रिपोर्ट से उन्हें यह जानकारी मिलती थी कि कौन सी भर्ती आने वाली है और किस भर्ती की क्या स्थिति है। इसके अलावा विभाग में किस कैडर के खाली पद कितने है। उससे हम सरकार से उन खाली पदों को भरने की मांग करते थे, लेकिन विभाग ने अब इसमें कटौती कर बेरोजगार युवाओं को निराश कर दिया है। स्कूलों की वर्तमान नहीं मिली अब 7 पन्नों की रिपोर्ट में ना तो महात्मा गांधी स्कूलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी है और ना ही शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूलों के अवलोकन का रिकॉर्ड शामिल है। शाला दर्पण पोर्टल व शिक्षा विभाग नवाचार, आंतरिक व विभागीय जांच प्रकरण सहित कई तथ्य नहीं है।
Maharajganj News: नवोदय समेत 21 सीबीएसई स्कूलों में एआई की भी शिक्षाⱔ
मिशन इंडिया के तहत शिक्षा मंत्रालय का प्रयास, एआई साक्षरता के तहत विद्यार्थी सीखेंगे भविष्य की तकनीकी
Kaithal News: शिक्षकों को कला आधारित शिक्षा की तकनीकों की दी जानकारी
शिक्षकों को कला आधारित शिक्षा की तकनीकों की दी जानकारी
Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा महाकुंभ 6.0 में 350 नवाचारों से दिखाई तकनीक की ताकत
The power of technology was showcased through 350 innovations at Shiksha Mahakumbh 6.0.
Shahjahanpur News: शिक्षामित्रों के समायोजन का रास्ता साफ, पहले चरण में 400 की सूची तैयार की
शाहजहांपुर। जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों के समायोजन का रास्ता साफ हो गया है। विभाग ने पहले चरण में मूल विद्यालय में वापस जाने वाले करीब 400 शिक्षामित्रों की सूची तैयार कर ली है।
Pilibhit News: मूल विद्यालय भेजने को शिक्षामित्रों का 12 अक्तूबर को धरना
पीलीभीत। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन 12 अक्तूबर को बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय और महिला शिक्षामित्रों को ससुराल वाले विद्यालय में भेजने की मांग को लेकर है।
Kanpur News: दिव्यांगों की बेहतर शिक्षा के लिए बने 10 वीडियो देखने में शिक्षक नहीं दिखा रहे रुचि
दिव्यांग बच्चों को जरूरत के मुताबिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रशस्त एप पर शिक्षकों के प्रशिक्षण की रफ्तार धीमी है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल का महत्वपूर्ण निर्णय, बोर्ड परीक्षाओं में अतिथि शिक्षकों की भी लगेगी ड्यूटी
माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार अतिथि शिक्षकों को भी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बिहार: कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर शिक्षा होगी अनिवार्य, स्कूलों को हाईटेक बनाने की तैयारी
Patna, 10 अक्टूबर . बिहार में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य Government ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 2027 के नए शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा ... Read more
बिहार ने 1520 नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए केंद्र से 2021 करोड़ रुपये की मांग की है।
वैदिक सनातन जनकल्याण ट्रस्ट, जयपुर के मुख्य संरक्षक पंडित हरि शंकर बीलवाल ‘धर्मरक्षक’ ने शनिवार को स्कूली बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में जाना। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए बेहतर भविष्य के लिए मेहनत और लगन से पढ़ाई करने का संदेश दिया। पंडित हरि शंकर बीलवाल का मानना है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर रहे हैं। उनका सेवा प्रयास बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा जगाने पर केंद्रित है। 70 से अधिक बच्चों की शिक्षा में सहयोग पंडित हरि शंकर बीलवाल अब तक 70 से अधिक जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर चुके हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को किताबें, कॉपियां, जूते और मोजे उपलब्ध कराते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा में किया गया सहयोग बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कोरोना काल में 2000 से अधिक परिवारों की मदद उनकी सेवा गतिविधियां शिक्षा तक सीमित नहीं हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने 2000 से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में सहयोग किया। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 22 बेटियों के विवाह में सहायता की। सर्दियों में कंबल वितरण और गर्मियों में प्याऊ व वाटर कूलर की व्यवस्था जैसे कार्यों के माध्यम से भी वे आमजन की मदद करते रहे हैं। पशु-पक्षियों की सेवा में भी सक्रिय पंडित बीलवाल मानव सेवा के साथ बेजुबान पशु-पक्षियों की देखभाल को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके सेवा प्रयासों में गौशालाओं में हरी घास और सब्जियों की व्यवस्था, पक्षियों के लिए चुग्गा और स्वच्छ पानी तथा बंदरों और श्वानों के लिए भोजन उपलब्ध कराना शामिल है। जनकल्याण के कार्यों में योगदान सनातन संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े पंडित हरि शंकर बीलवाल धार्मिक गतिविधियों, मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार और जनकल्याण के कार्यों में भी सहयोग करते रहे हैं। उन्हें ‘धर्मरक्षक’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उनका सेवा कार्य इस विचार पर आधारित है कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अवसर देना, संकट में परिवारों का साथ देना और बेजुबान जीवों की देखभाल करना समाज के प्रति जिम्मेदारी है। शनिवार को बच्चों के साथ संवाद और शिक्षण सामग्री वितरण इसी सेवा भावना का हिस्सा रहा।
जिला स्तरीय बालिका शैक्षिक मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर वल्लभनगर ब्लॉक की छात्राओं और शिक्षिका ईश्वरी रेगर को सम्मानित किया गया।
शिक्षक नेता डॉ. हरि प्रकाश यादव के पिता का निधन:शिक्षा जगत में शोक की लहर, कुछ समय से बीमार थे
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. हरि प्रकाश यादव के पिता रामपाल यादव का लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार थे। परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे सुल्तानपुर जिले के लंभुआ स्थित धोपाप घाट पर हुआ। उनके चार पुत्र ओम प्रकाश यादव, डॉ. हरि प्रकाश यादव, राम प्रकाश यादव और जय प्रकाश यादव हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में शोक छा गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के जिलाध्यक्ष देवराज सिंह की अध्यक्षता में शोक सभा हुई। कई वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों, बोर्ड सचिवों और गणमान्य लोगों ने रामपाल यादव के निधन पर शोक जताया। इनमें बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी, यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह और एडी माध्यमिक कामताराम पाल प्रमुख हैं।
खुशखबरी : एमईसीएल ने एग्जीक्यूटिव ट्रेनी पदों के लिए फिर बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 23 अक्टूबर तक मौका
देश की किसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।
देवघर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दूसरा दीक्षांत समारोह शनिवार को हुआ। इसमें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस मौके पर चिकित्सा और नर्सिंग के पास हुए छात्रों को डिग्रियां दी गईं। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले देश में सिर्फ दिल्ली में एक एम्स था, अब 12 संस्थान हैं। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब 846 हो गए हैं। एमबीबीएस की सीटें 51 हजार से बढ़कर 1.79 लाख हो गईं। पोस्ट ग्रेजुएट सीटें भी 31 हजार से बढ़कर 86 हजार से ज्यादा हो गईं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों तक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विकसित भारत के लिए जरूरी है। उन्होंने एम्स देवघर की तारीफ करते हुए कहा कि यह संस्थान लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है।
फ्रांस और बेल्जियम में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फ्रांस और बेल्जियम में स्कूलों की बदहाली और फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों के सड़क पर उतरने से सरकारी नीतियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर बयान, NEP पर दी सलाह
केंद्रीय मंत्री ने पुरानी सरकारों की राजनीति पर सवाल उठाए और अभिभावकों से बच्चों पर करियर न थोपने की अपील की।
job news 2026: जूनियर एग्जीक्यूटिव के 150 पदों पर निकली हैं भर्ती, पास हैं आवेदन की लास्ट डेट
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंजीनियरिंग कर चुके युवाओं के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में नौकरी का मौका निकला है। जूनियर एग्जीक्यूटिव के 150 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते है। पदों के नाम- जूनियर एग्जीक्यूटिव कुल पद- 150 योग्यता- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट- 17 अक्टूबर 2026 आयु सीमा - इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की अधिकतम आयु 17 अक्टूबर 2026 को 28 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए सैलेरी- 1.20 लाख रुपये तक ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट HAL देख सकते हैं pc- news18
दिल्ली के जंतर-मंतर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सरकार सख्त है। करीब 38 हजार जवानों को तैनात किया गया है, जिसमें BSF जवान भी शामिल हैं। वहीं कल बिहार से दिल्ली जाने वाले 4 ट्रेनें रद्द रहीं, सरकार के इंतजामों पर बिहार में सियासत गरमाई हुई है। सख्त पहरे पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा, 'पता नहीं तिलचट्टे हमारे देश के किस बच्चे को हथियार बना लें, इसीलिए सरकार हमारी अलर्ट मोड में है।' सरकार में शामिल लोजपा(आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘कितनी ट्रेन कोई रोक लेगा। कितनी कनेक्टिविटी कोई रोक लेगा। ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता। ये दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता रखते हैं।’ इधर, सोशल मीडिया पर मुखर रहने वाली रोहिणी आचार्य ने लिखा- ‘सच का सामना करने से डरती-घबराती तानाशाह मोदी सरकार।’ वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया, ‘सर्वप्रथम लोकतंत्र की जननी बिहार से इन्होंने SIR की शुरुआत कर लोकतंत्र को खत्म करने का षड्यंत्र रचा।’ जानिए प्रोटेस्ट पर कैसे सियासत हो रही और किसने क्या-कहा… CJP प्रोटेस्ट को हल्के में ले रहे बिहार BJP के नेताबीजेपी के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा, 'हम लोगों ने बिहार में भी देखा था कि किस तरह से आगजनी की घटना हुई थी। सरकार तो हमेशा व्यवस्था करती ही है और अगर आप सरकार को चुनौती दें, विधि व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करें तो सरकार का दायित्व तो बनता है कि सरकार उसकी व्यवस्था कायम करे, मुझे लगता है कि ये कोई अलग चीज नहीं है।' कुछ लोग नेता बनना चाहते है- रामकृपाल यादवमंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'कुछ लोग नेता बनना चाहते हैं और देश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न करना चाहते हैं। काननू व्यवस्था को खराब करना चाहते हैं। कुछ ऐसे लोग हैं, कुछ पार्टियों के एजेंट लोग हैं। पार्टी सामने नहीं आएगी, अराजकता फैलाने के लिए पर्दे में रहकर ऐसे लोगों को तरजीह दे रही है, फंडिंग भी कर रही होगी।' वहीं, जदयू नेता श्याम रजक ने सीजेपी के प्रदर्शन से कांग्रेस की दूरी पर कहा कि कोई पार्टी अपना क्या निर्णय लेती है, ये उसका आंतरिक मामला है। एक संगठन आंदोलन की घोषणा करता है तो यह जरूरी नहीं कि दूसरे संगठन साथ सम्मिलित होने का काम करेंगे। अब जानिए विपक्ष कैसे हमलावर है…रोहिणी बोलीं- अब लोकतंत्र में 'वोट चोरों' की धांधली नहीं, 'जनता की मर्जी' चलेगी लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य इन दिनों पटना में हैं। दिल्ली प्रदर्शन को लेकर वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। बीते 6 घंटे में बैक-टू-बैक 5 पोस्ट शेयर किए हैं। जिसमें उन्होंने मोदी सरकार को तानाशाह, डरपोक, चुनाव आयोग को मोदी सरकार और बीजेपी की उंगलियों पर नाचने वाली कठपुतली बताया है। ‘डराओ मत, धमकाओ मत, अब देश जाग चुका है, तानाशाही के ख़िलाफ़ देश का युवा अब सडकों पर आ चुका है।’, ‘सच बोलने वाली आवाज़ को जब-जब तुम दबाओगे, देश के हर कोने में तुम कई ध्रुव राठी और सौरभ पाओगे।’ तेजस्वी का दावा-10 हज़ार की आड़ में इन डकैतों ने बिहार चुनाव लूटा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 28 अगस्त 2025 को दिए अपने एक बयान की क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि बिहार में 10 हजार की आड़ में बिहार चुनाव लूटा गया है। तेजस्वी ने लिखा- 'बिहार चुनाव से पहले ही कहते आए है कि मोदी-शाह चुनाव आयोग की मदद से बेईमानी से चुनाव जीतने की साजिश कर रहे है। सर्वप्रथम लोकतंत्र की जननी बिहार से इन्होंने SIR की शुरुआत कर लोकतंत्र को खत्म करने का षड्यंत्र रचा।' युवाओं को ‘मक्खी’,‘कॉकरोच’ कहना लोकतंत्र का अपमान : मुकेश सहनी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने देश के युवाओं और युवतियों को लेकर की जा रही कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को ‘मक्खी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों से संबोधित करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि आज जब देश का युवा रोजगार, शिक्षा, अवसर, अधिकार और संविधान से जुड़े सवाल पूछता है तो उसके सवालों का जवाब देने के बजाय उसे अपमानित करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। युवाओं को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यही युवा देश की ताकत हैं और आने वाले भारत का निर्माण करने वाले हैं। अब जानिए दिल्ली में सरकार की तैयारी दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट पेलेस इलाकों में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिसमें BSF जवान भी शामिल हैं। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें आज कैंसिल रहेंगी। 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं जबकि 10 डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, इंडिया गेट के आसपास 4km के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से आज रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 600 समर्थकों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा है। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की जैसे हालात दिखे। इन्हें रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी हैं।
नाबार्ड में विभिन्न पदों पर रजिस्ट्रेशन आज से शुरू
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की ओर से एनालिस्ट, नेटवर्क सिक्योरिटी एनालिस्ट, लीड ऑडिटर सहित कई पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
भारत में शिक्षा में लिंग समानता पर यूनेस्को की रिपोर्ट
यूनेस्को की हालिया रिपोर्ट में भारत में शिक्षा में लिंग समानता की स्थिति पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। शहरी क्षेत्रों में स्थिति बेहतर है, लेकिन ग्रामीण भारत में केवल 59 लड़कियां 100 लड़कों के मुकाबले उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी कर रही हैं। रिपोर्ट में प्रारंभिक शिक्षा में कमी और कर्नाटक के छात्रवृत्ति मॉडल की प्रशंसा की गई है। जानें और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
तरनतारन के लोहका गांव में आम आदमी पार्टी (AAP) के 61 परिवारों ने कांग्रेस जॉइन कर ली है। शुक्रवार को एक छोटे कार्यक्रम में इन परिवारों ने AAP छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। बलजीत सिंह गोरा, दिलबाग सिंह और गुरवरियाम सिंह गोरा की प्रेरणा से ये परिवार कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस नेता हरमिंदर सिंह गिल ने उनका स्वागत किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, उनके पिछले कार्यों और लोगों से संपर्क के कारण क्षेत्र में पार्टी से जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य सुविधाएं और अमन-शांति सुनिश्चित की जाएगीगिल ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर प्रदेश में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अमन-शांति सुनिश्चित की जाएगी। गिल ने पार्टी में शामिल हुए परिवारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। गिल पट्टी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायकइस मौके पर मंगत सिंह, हरभजन सिंह, लखविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह समेत कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे। हरमिंदर सिंह गिल पट्टी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं। उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में हार मिली थी।
सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट में भर्ती का मौका है। संस्थान ने प्लेसेंटा हेल्थ परियोजना के तहत रिसर्च नर्स, तकनीशियन और फील्ड वर्कर के कुल 33 पदों पर भर्ती निकाली है।
RRB NTPC Graduate Level Recruitment 2026: रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए भर्ती का अवसर है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी स्नातक स्तर के 3,548 पदों पर आवेदन शुरू कर दिए हैं।

