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RSS शिक्षा प्रकोष्ठ Vidya Bharati पश्चिम बंगाल के सभी 345 प्रखंडों में खोलेगी स्कूल

कोलकाता, चार सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिक्षा प्रकोष्ठ विद्या भारती पश्चिम बंगाल में अपने स्कूल नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। संगठन की योजना अगले कुछ वर्षों में राज्य के सभी 345 प्रखंडों में अपने स्कूल खोलने की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विद्या भारती के स्कूलों के विस्तार की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल में राज्य में कम से कम 1,000 विद्या भारती संस्थान स्थापित करने का आह्वान किया था। इससे बंगाल में संगठन के शैक्षणिक नेटवर्क का विस्तार हो सकता है। विद्या भारती के संयुक्त संगठन सचिव पार्थ घोष के अनुसार, वर्तमान में संगठन राज्य के 150 प्रखंडों में 313 स्कूल संचालित कर रहा है। घोष ने पीटीआई-से कहा, ‘‘हमारी योजना अगले कुछ वर्षों में 150 प्रखंडों से विस्तार करते हुए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक स्कूल स्थापित करने की है।’’विद्या भारती के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन की अगले एक साल में 50 और प्रखंडों में पहुंच बनाने की योजना है। विद्या भारती के अधिकारी चिरंजीत महतो ने कहा, ‘‘हम पिछले कुछ वर्षों से विस्तार की दिशा में काम कर रहे हैं। अगले एक साल में राज्य के 50 और प्रखंडों में विस्तार करने की हमारी योजना है।’’यह विस्तार ऐसे राजनीतिक समय में हो रहा है, जब राज्य में नव निर्वाचित भाजपा सरकार शिक्षा प्रशासन में बदलाव और शिक्षा में भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर अधिक बल देने की बात कर रही है। विद्या भारती इस विस्तार को वर्ष 2027 से पहले एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। वर्ष 2027 में संगठन अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के 75 वर्ष पूरे करेगा। महतो ने कहा, ‘‘वर्ष 2027 में विद्या भारती स्कूलों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए हमें उम्मीद है कि तब तक हम काफी विस्तार कर चुके होंगे।’’विद्या भारती के स्कूल आमतौर पर संबंधित राज्य बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम का पालन करते हैं। साथ ही इनमें संगठन की ओर से भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना पर विशेष जोर दिया जाता है।

प्रभासाक्षी 5 Sep 2026 7:17 am

अटल आवासीय विद्यालय योजना, जहां मजदूरों के बच्चों को मिलती है मुफ्त शिक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त आवासीय शिक्षा की अहम पहल है. इसके तहत बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई के साथ हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म, किताबें और खेल-कूद जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.

आज तक 5 Sep 2026 7:07 am

45 साल पहले जला शिक्षा का दीया, आज 470 बच्चों के भविष्य की रोशनी बना कुमड़ावाद हाईस्कूल

दुष्यंत कुमार | दुमका दुमका मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दक्षिण मयूराक्षी नदी किनारे बसे कुमड़ावाद गांव में 45 साल पहले जलाई गई शिक्षा की एक छोटी लौ आज सैकड़ों बच्चों का भविष्य रोशन कर रही है। 1981 में जब इलाके में उच्च शिक्षा की सुविधा बेहद सीमित थी, तब ग्रामीणों ने बच्चों के लिए गांव में ही हाईस्कूल खोलने का फैसला किया। आज उच्च विद्यालय, कुमडावाद में करीब 470 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और 2026 की मैट्रिक परीक्षा में परिणाम 98 प्रतिशत रहा। मयूराक्षी जलाशय परियोजना के कारण विस्थापन झेल चुके इस इलाके में स्कूल की स्थापना ग्रामीणों की सामूहिक पहल की कहानी है। संस्थापक शिक्षक प्रदीप कुमार दत्ता बताते हैं कि उस समय दुमका मुख्यालय के अलावा करीब 20 किलोमीटर के दायरे में कोई हाईस्कूल नहीं था, जिससे आठवीं-नौवीं के बाद ज्यादातर गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई रुक जाती थी। शिक्षक प्रदीप कुमार दत्ता 1981 से स्कूल से जुड़े हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लंबे समय तक बिना नियमित वेतन के भी उन्होंने पढ़ाना जारी रखा। उनका कहना है, मैंने शिक्षा सेवा को ही अपना सर्वोत्तम धर्म माना है। दो कमरों से शुरुआत, ग्रामीणों ने खुद खड़ा किया भवन 1981 में बिहार सरकार से अनुमति की प्रक्रिया शुरू हुई और स्थानीय सहयोग से स्कूल का संचालन आरंभ हुआ। शुरुआत में अपना भवन नहीं था, तो ग्रामीणों ने श्रमदान और चंदे से दो कमरों का भवन तैयार किया। बाद में गांव के स्वर्गीय गंगाधर महतो ने विद्यालय के लिए जमीन दान की, जिस पर आगे चलकर तीन कमरों का पक्का भवन बना। ग्रामीणों ने प्रबंध समिति बनाकर वर्षों स्कूल की जरूरतों में सहयोग किया। अब प्लस 2 बनाने की जरूरत बढ़ती छात्र संख्या और बेहतर परिणाम के बीच विद्यालय को प्लस 2 स्तर तक अपग्रेड करने की उम्मीद है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सरकार और प्रशासन का सहयोग, समय पर अनुदान भुगतान और जरूरी सुविधाएं मिलें तो यह स्कूल आसपास के दर्जनों गांवों के लिए इंटरमीडिएट शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है। 1981 में दो कमरों से शुरू यह स्कूल आज 470 बच्चों तक पहुंच चुका है, और इसकी रोशनी इंजीनियरिंग, वायुसेना व एसएसबी तक फैल चुकी है।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने दी रिपोर्ट:एसटीए ड्राफ्ट तैयार; विवि एंट्रेंस और पीटीईटी जैसी परीक्षा कराएगी एजेंसी

एनटीए की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (एसटीए) बनाने का ड्राफ्ट तैयार है। उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने एनटीए के दौरे और संबंधित विभागों से सुझाव पर ड्राफ्ट तैयार किया है। यह एजेंसी विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस, पीटीईटी, प्री डीएलएड जैसे एंट्रेंस एग्जाम कराएगी। एसटीए की ओर से सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) आधारित एग्जाम्स कराए जाएंगे, जिनके लिए जिला मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। ये परीक्षाएं कराएगा एसटीए : राजस्थान में हर साल 18 लाख छात्र यूनिवर्सिटीज से लेकर विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। ड्राफ्ट के अनुसार विश्वविद्यालयों के यूजी-पीजी के एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट), रीट, जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (एग्रीकल्चर), फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), पीटीईटी, प्री पीएचडी एग्जाम (अगर लागू हो) के अलावा टेक्निकल और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के एंट्रेंस एग्जाम कराए जाएंगे। एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन व्यवस्था के अध्ययन के लिए टीम ने एनटीए का दौरा किया है। एसटीए के लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है।--डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग भास्कर एक्सपर्ट - पेपर लीक पर अंकुश लगेगा पीटीईटी, डीएलडी जैसी परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी कराती है। एक एजेंसी एंट्रेंस एग्जाम कराएगी तो पेपर लीक पर अंकुश लगेगा। समय पर परीक्षाएं होंगी और परिणाम जल्दी आएंगे।-प्रो. कैलाश सोढ़ानी, पूर्व वीसी वीएमओयू

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:30 am

पेड़-पौधों में कला, खेल में गणित और बॉटनिकल–गार्डन में साइंस:आज सम्मानित होंगे यूपी की शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले 84 गुरु

शिक्षक दिवस पर आज प्रदेश के 84 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनकी नवाचारी कार्यशैली और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूपी के 3 शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' प्रदान करेंगी। वहीं, गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 81 शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से नवाजेंगे। सम्मान पाने वाले इन शिक्षकों में कोई प्रकृति को ब्लैकबोर्ड बनाकर कला सिखाता है, कोई गणित के मुश्किल सूत्रों को खेल में बदल देता है, तो कोई 63 साल की उम्र में YouTube और बॉटनिकल गार्डन से साइंस को आसान बना रहा है। यह उन गुरुओं के सम्मान का दिन है जिन्होंने शिक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने का आनंद बनाया। पुरस्कार में किसे क्या मिलेगा अब पढ़िए राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाले तीनों शिक्षकों की खूबी– कौशांबी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा खेल के जरिए पढ़ाती हैं कौशांबी के कम्पोजिट विद्यालय रसूलाबाद कोइलहा में कार्यरत शालिनी कुशवाहा को आज राष्ट्रपति के हाथों 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026' मिलेगा। 18 अप्रैल 2018 से स्कूल में तैनात शालिनी वर्तमान में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अंग्रेजी से एमए करने वाली शालिनी की कक्षा का नियम अलग है। वह कठिन पाठ्यक्रम या गणित के सवालों को कभी 'मुश्किल' नहीं कहतीं, बल्कि आओ, आज नया खेल खेलते हैं कहकर पढ़ाना शुरू करती हैं। भाषा, गणित और FLN (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) पर केंद्रित उनके इस तरीके ने लगभग 333 बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाया है। शालिनी की मां भी शिक्षिका थीं, उन्हीं की प्रेरणा से वो टीचर बनीं। स्कूल के 6 घंटों के अलावा वह रोज घर पर 2 घंटे नई टीचिंग ट्रिक्स तैयार करती हैं। उनका मानना है कि बच्चे उपदेश से नहीं, उदाहरण से सीखते हैं। कहती हैं कि–बच्चों में जैसा बीज बोएंगे, वैसा ही पौधा तैयार होगा। शिक्षक का काम पढ़ाई का डर नहीं, सीखने का आनंद देना है। बलिया के डॉ. इफ्तेखार की अनोखी क्लास: पेड़-पौधों को बनाया ब्लैकबोर्ड बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां भी आज राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक–2026 सम्मान ग्रहण करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रदेश भर से चुने गए 12 शिक्षकों का साक्षात्कार हुआ था, जिनमें से केवल तीन का चयन किया गया। इसके बाद कठिन राष्ट्रीय स्तर के इंटरव्यू प्रक्रिया को पार करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। डॉ. खां के पढ़ाने का तरीका अनूठा है। वह बच्चों को केवल किताबों या कॉपियों तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति से जोड़कर पढ़ाते हैं। विद्यालय परिसर के पेड़-पौधों और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को ही वह शिक्षा का माध्यम बनाते हैं। उनकी कार्यशैली 'लर्निंग बाय डूइंग' पर आधारित है। वे पहले किसी भी गतिविधि को खुद करके दिखाते हैं, फिर बच्चों से करवाते हैं। उनकी इस मेहनत का नतीजा है कि उनके कई पढ़ाए छात्र आज IIT, NIT, BHU, जामिया और DU जैसे देश के शीर्ष संस्थानों में पहुंचे हैं और प्रोफेसर व डिजाइनर जैसे पदों पर सफल हैं। पुराने छात्र जब स्कूल आकर नए बच्चों से अनुभव साझा करते हैं, तो इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है। शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी को स्कूल तक सीमित न रखते हुए डॉ. खां पिछले 26 वर्षों से हर रविवार अपने आवास पर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सफलता ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। बॉटनिकल गार्डन और PPT से विज्ञान की पढ़ाई बनाई आसान गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 63 वर्षीय विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को भी आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित होंगी। वर्ष 1987 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली और करीब 26 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी डॉ. रेनू त्रिपाठी ने 2006 में इस कॉलेज में कार्यभार संभाला था। उन्होंने विज्ञान जैसे कठिन विषय को सरल व प्रयोगात्मक बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड, PPT, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल और स्कूल के बॉटनिकल गार्डन का इस्तेमाल किया। पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ खुद को तकनीक से जोड़ते हुए वह इस उम्र में भी YouTube, ऑनलाइन प्रेजेंटेशन और डिजिटल माध्यमों से छात्राओं को पढ़ा रही हैं। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान विषय पर 12 किताबें लिखी हैं और कई रिसर्च पेपर भी तैयार किए हैं। जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने जा रहीं डॉ. रेनू त्रिपाठी शिक्षा को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा मानती हैं और रिटायरमेंट के बाद भी गरीब व जरूरतमंद बच्चों को मुफ़्त पढ़ाने का संकल्प रखती हैं। गोरखपुर में 81 शिक्षकों सीएम योगी करेंगे सम्मानित शिक्षक दिवस पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इनमें से 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार और 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनितों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इसमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार पाने वाले 5 शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए इन शिक्षकों का चयन

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 5:00 am

हिमाचल: शिक्षा के सितारों को सलाम, 32 शिक्षकों को आज मिलेगा पुरस्कार, जानें इनकी उपलब्धियां

पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई शिक्षक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं।

अमर उजाला 5 Sep 2026 5:00 am

Panipat News: शिक्षा के साथ समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण की सीख

शिक्षा के साथ समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण की सीख

अमर उजाला 5 Sep 2026 2:21 am

Gorakhpur News: नगर निकायों से शिक्षा-स्वास्थ्य खर्च का मांगा ब्योरा

Details of education and health expenditure sought from urban local bodies.

अमर उजाला 5 Sep 2026 2:17 am

Kanpur News: कल 21 केंद्रों पर होगी प्रावधिक शिक्षा सेवा परीक्षा

कल 21 केंद्रों पर होगी प्रावधिक शिक्षा सेवा परीक्षा

अमर उजाला 5 Sep 2026 1:58 am

Mainpuri News: शिक्षा मित्रों को विशेष टेट परीक्षा में शामिल करने की मांग

शिक्षा मित्रों को विशेष टेट परीक्षा में शामिल करने की मांग

अमर उजाला 5 Sep 2026 1:44 am

Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा से साहित्य तक हिंदी के संवर्धन में जुटे डॉ. पंकज गौड़

शिक्षा से साहित्य तक हिंदी के संवर्धन में जुटे डॉ. पंकज गौड़

अमर उजाला 5 Sep 2026 1:44 am

एम्स-मंगलगिरि में प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट सहित कई पदों पर आवेदन जारी, 22 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छा मौका है। एम्स-मंगलगिरि ने प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट सहित अन्य कई पदों...

खास खबर 4 Sep 2026 9:58 pm

पटवारी ने पूछा-2,426 स्कूल क्यों बंद हुए?:स्कूल शिक्षा मंत्री बोले-छात्र नहीं थे, इसलिए शालाएं अस्थायी रूप से बंद कीं; बच्चे मिलेंगे तो दोबारा शुरू करेंगे

मध्यप्रदेश में 2426 स्कूल कम होने के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह आमने-सामने हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर पूछा है कि जब सरकार शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने का दावा कर रही है तो प्रदेश में इतने स्कूल कम कैसे हो गए? पटवारी ने स्कूलों के बंद होने और विलय का जिला-वार हिसाब मांगते हुए बच्चों के स्कूल से दूर होने का सवाल उठाया है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर में कहा कि सरकार ने बच्चों वाले एक भी स्कूल को बंद नहीं किया है। जिन शालाओं में छात्र नहीं थे या बहुत कम थे, उन्हें अस्थायी रूप से बंद कर पास के स्कूल में बच्चों को शिफ्ट किया गया है। बच्चे मिलेंगे तो स्कूल फिर शुरू कर दिए जाएंगे। पटवारी ने पूछा- 2426 स्कूल कम होने का पूरा हिसाब दें पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश में 2426 स्कूल कम होने का जिला-वार, विकासखंड-वार और स्कूल-वार विवरण क्या है?। इनमें कितने स्कूल बंद हुए, कितने दूसरे स्कूलों में मर्ज किए गए और कितने स्कूल किस प्रशासनिक आदेश के तहत समाप्त किए गए, सरकार इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन स्कूलों का विलय किया गया, वहां पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को अब नए स्कूल तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में कितनी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पटवारी का कहना है कि स्कूलों के विलय का सबसे ज्यादा असर गरीब, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के बच्चों पर पड़ता है। मंत्री बोले- बच्चों वाले एक भी स्कूल को बंद नहीं किया स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पटवारी के सवालों के जवाब में कहा कि अखबारों में केवल इतना छपता है कि 2600 स्कूल बंद हो गए, जबकि पूरी स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी के साथ कह सकती है कि मध्यप्रदेश में एक भी ऐसा स्कूल नहीं है, जहां बच्चे हों और सरकार ने उसे बंद किया हो। मंत्री के अनुसार, जिन स्कूलों में बच्चे नहीं थे, उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया गया है। जहां बच्चों की संख्या कम थी, वहां उन्हें पास के स्कूल में शिफ्ट किया गया। उन्होंने कहा कि अगर बाद में बच्चे मिलते हैं तो उन स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाएगा। मंत्री ने निजी स्कूलों के बंद होने का भी दिया हवाला राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूलों की संख्या में कमी के आंकड़े को केवल सरकारी स्कूलों के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक करीब 1000 निजी संस्थाएं भी बंद हुई हैं। गांवों में कई बार शिक्षित बेरोजगार लोग निजी स्कूल शुरू कर लेते हैं। दो-तीन साल स्कूल चलाने के बाद जब उन्हें लगता है कि स्कूल नहीं चल रहा है तो वे उसे बंद कर देते हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे निजी स्कूलों के बंद होने की संख्या भी करीब 1000 के आसपास है। इसलिए 2600 स्कूल बंद होने की बात को सीधे सरकारी स्कूल बंद करने से जोड़ना सही नहीं है। पटवारी ने पूछा- स्कूल बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी? पटवारी ने सरकार से यह भी पूछा है कि यदि स्कूलों में बच्चों की संख्या कम थी तो स्कूल बंद या मर्ज करने से पहले बच्चों के लिए परिवहन, साइकिल, बस या सुरक्षित आवागमन की क्या व्यवस्था की गई। उन्होंने सरकार से यह जानकारी भी मांगी है कि कितने बच्चों को नया स्कूल घर से अधिक दूरी पर मिला और कितने बच्चों ने दूरी बढ़ने के कारण पढ़ाई छोड़ दी। पटवारी ने सवाल उठाया कि सरकार की जिम्मेदारी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की है या स्कूल को बच्चों के पास रखने की। उन्होंने अगले तीन वर्षों में ऐसे किसी सरकारी स्कूल को बंद या मर्ज नहीं करने की गारंटी भी मांगी है, जिसके कारण बच्चों को पहले से अधिक दूरी तय करनी पड़े। नामांकन घटने के दावे पर भी मंत्री का पलटवार पटवारी ने अपने पत्र में नामांकन और ड्रॉपआउट को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि स्कूल से बाहर बच्चों, ड्रॉपआउट बच्चों, दूसरे स्कूल में स्थानांतरित बच्चों और UDISE+ में दर्ज नहीं हो पाए बच्चों की वास्तविक संख्या कितनी है। मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल नामांकन कम नहीं हुआ है, बल्कि पिछले साल के मुकाबले दर्ज संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उन राज्यों में है जहां बच्चों का नामांकन पहले से बेहतर हुआ है और प्राथमिक स्तर पर भी नामांकन बढ़ा है। ड्रॉपआउट पर सरकार का दावा- दो साल से जीरो लेवल ड्रॉपआउट को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकारी और कुछ एजेंसियों के आंकड़े UDISE पर आधारित हैं। उनका दावा है कि मध्यप्रदेश पिछले दो साल से ड्रॉपआउट के मामले में जीरो लेवल पर खड़ा है। पहले ड्रॉपआउट बड़े प्रतिशत में होता था, लेकिन सरकार उसे शून्य दर पर लेकर आई है। वहीं पटवारी ने अपने पत्र में UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कक्षा 9-10 में 13 प्रतिशत ड्रॉपआउट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि हर 100 बच्चों में 13 बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं और कक्षा 8 से 9 तथा कक्षा 10 से 11 के बीच कितने बच्चे शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो जाते हैं। ड्रॉपआउट पर भी सरकार-कांग्रेस के दावे अलग पटवारी ने अपने पत्र में यूडाइस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कक्षा 9-10 में 13 प्रतिशत ड्रॉपआउट का मुद्दा उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में माध्यमिक स्तर पर लड़कों का ड्रॉपआउट 14.7 प्रतिशत और लड़कियों का 11.3 प्रतिशत रहा। पटवारी ने सरकार से पूछा है कि हर 100 बच्चों में 13 बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं और कक्षा 8 से 9 तथा कक्षा 10 से 11 के बीच कितने बच्चे शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो रहे हैं। वहीं मंत्री का दावा है कि मध्यप्रदेश पिछले दो साल से ड्रॉपआउट को जीरो लेवल पर लेकर आया है। उनका कहना है कि प्राथमिक स्तर पर नामांकन बढ़ा है और प्रदेश में बच्चों की दर्ज संख्या पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक हुई है। 15.25 लाख से 11.12 लाख तक ‘ड्रॉपबॉक्स’ में बच्चे सामने आए आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल प्रदेश के स्कूलों से 15.25 लाख बच्चे ‘ड्रॉपबॉक्स’ में थे। इस साल भी 11.12 लाख बच्चे ड्रॉपबॉक्स में दर्ज हैं। ड्रॉपबॉक्स में ऐसे बच्चे शामिल हैं जो पिछले स्कूल से निकल चुके हैं, लेकिन नए स्कूल में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। इन बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाना चुनौती है। नामांकन के आंकड़ों में 17 लाख का अंतर सरकारी आंकड़ों में नामांकन को लेकर भी अंतर सामने आया है। सत्र 2025-26 में राज्य के शिक्षा पोर्टल पर नामांकित छात्रों की संख्या करीब 1.35 करोड़ बताई गई, जबकि यूडाइस में यह संख्या 1.52 करोड़ दर्ज है। दोनों आंकड़ों में करीब 17 लाख का अंतर है। अधिकारियों की ओर से इसका कारण बताया गया है कि यूडाइस में प्री-प्राइमरी का डेटा भी शामिल होता है। कांग्रेस इसी अंतर को लेकर सरकार से वास्तविक नामांकन संख्या स्पष्ट करने की मांग कर रही है। पहली से 12वीं तक सिर्फ 37.3% बच्चे पहुंच रहे यूडाइस के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पहली से 12वीं तक बच्चों की रिटेंशन रेट 37.3 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 51.9 प्रतिशत बताया गया है। इसका मतलब यह है कि प्राथमिक स्तर पर स्कूल में आने वाले बड़ी संख्या में बच्चे 12वीं तक पहुंचने से पहले शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो जाते हैं। कांग्रेस का सवाल है कि सरकार इस अंतर को कम करने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 8:31 pm

उदयपुर में प्रत्याशियों की शिक्षा का रोचक मुकाबला:चुनावी मैदान में PhD से साक्षर तक उम्मीदवार, जानें किस पार्टी में कितने पढ़े-लिखे चेहरे

उदयपुर में नगर निगम चुनाव का मुकाबला अब केवल विकास और वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'डिग्रियों' तक भी है। एक तरफ जहां कुछ प्रत्याशियों के नाम के आगे 'डॉक्टर' की उपाधि और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हैं, तो दूसरी तरफ ऐसे चेहरे भी हैं जो केवल 'साक्षर' हैं या महज 5वीं-7वीं कक्षा तक ही पढ़े हैं। कांग्रेस के पास जहां सबसे ज्यादा पीएचडीधारी 3 उम्मीदवार हैं, वहीं सबसे ज्यादा 10 साक्षर और कम पढ़े-लिखे उम्मीदवार भी उसी पार्टी में हैं। उधर, भाजपा का चुनावी प्रोफाइल अधिक 'बैलेंस्ड' और 'मिडिल-हाई' एजुकेशन है, जहां पोस्ट ग्रेजुएट्स की संख्या ज्यादा है और 'साक्षर' श्रेणी के उम्मीदवार कांग्रेस से आधे से भी कम हैं। हालांकि, सबसे कम शिक्षित (5वीं पास) प्रत्याशी भाजपा का है। इस बार दोनों पार्टियों ने अच्छी संख्या में उच्च शिक्षित युवाओं और दिग्गजों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के पास 3 और भाजपा के पास 2 पीएचडी धारी कांग्रेस के पास 3 पीएचडी धार उम्मीदवार है, जिनमें डॉ. पूनम राठौड़ (कांग्रेस, वार्ड 17), डॉ. नेहा कुमावत (कांग्रेस, वार्ड 25) और डॉ. हितांशी शर्मा (कांग्रेस, वार्ड 73) से हैं। जबकि भाजपा में पंकज बोरणा (वार्ड 74) और कविता जोशी (वार्ड 76) पार्टी के सबसे उच्च शिक्षित उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पीएचडी की है। प्रोफेशनल डिग्री पर कांग्रेस और भाजपा में टक्कर वर्तमान दौर में प्रोफेशनल डिग्री (LLB, MBA, CA, B.Tech) वाले उम्मीदवारों की मांग काफी बढ़ चुकी है। इस बार कुल 30 प्रोफेशनल डिग्री धारी उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही 15-15 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। कांग्रेस (15): इस सूची में वकीलों (LLB) की खासी भरमार है, जो वार्ड 2, 3, 14, 27, 39, 46, 55, 64 और 66 से मैदान में हैं। इसके अलावा वार्ड 19 से राघव चपलोत और वार्ड 54 से अमित श्रीवास्तव B.Tech हैं, जबकि वार्ड 22 से हिदायतुल्ला के पास बीएससी नर्सिंग की डिग्री है। भाजपा (15): भाजपा ने वार्ड 1, 39, 71, 73, 75 और 80 में एलएलबी धारकों को उतारा है। इसके साथ ही पार्टी के पास सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के रूप में वार्ड 35 से सुनील कंठालिया और वार्ड 44 से आशीष कोठारी शामिल हैं। वहीं वार्ड 27, 30 और 33 के उम्मीदवार एमबीए (MBA) डिग्री धारी हैं। पोस्ट ग्रेजुएट (PG): कुल 23 प्रत्याशी पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जिनमें भाजपा के 13 (MA, M.Com, M.Sc) और कांग्रेस के 10 उम्मीदवार शामिल हैं। ग्रेजुएट: कुल 29 ग्रेजुएट उम्मीदवारों में 16 कांग्रेस के और 13 भाजपा के प्रत्याशी हैं। कम शिक्षा वाले प्रत्याशी: भाजपा में 'पांचवीं पास' तो कांग्रेस में 'साक्षरों' की फौज राजनीति में केवल बड़ी डिग्रियां ही नहीं, बल्कि जमीनी अनुभव भी अहमियत रखता है। यही कारण है कि पार्टियों ने कम पढ़े-लिखे और साक्षर लोगों को भी मौका दिया है। 12वीं से कम शिक्षा: 10वीं, 8वीं और उससे कम पढ़े-लिखे उम्मीदवारों में कांग्रेस के 27 और भाजपा के 20 प्रत्याशी हैं। आठवीं और पांचवीं पास: भाजपा के 7 उम्मीदवार केवल आठवीं पास हैं। खास बात यह है कि सबसे कम पढ़े-लिखे प्रत्याशी भाजपा के दुर्गालाल (वार्ड 77) हैं जो सिर्फ 5वीं पास हैं, जबकि कांग्रेस की तरफ से मीठालाल (वार्ड 74) और भूराशंकर (वार्ड 77) 7वीं तक शिक्षित हैं। साक्षर उम्मीदवार: कई प्रत्याशियों ने अपनी शिक्षा में किसी कक्षा का उल्लेख न कर खुद को केवल 'साक्षर' बताया है। इनकी संख्या कांग्रेस में अधिक है, जहां कुल 15 साक्षर प्रत्याशियों में से 10 कांग्रेस और 4 भाजपा के हैं।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 7:28 pm

2 साल में घूस लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं MP की 18 महिला अफसर: राजस्व, शिक्षा और पुलिस विभाग शामिल, देखें पूरी लिस्ट

मई 2024 से जुलाई 2026 के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रिश्वतखोरी के मामलों में 18 महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 7:20 pm

पानीपत में शिक्षा मंत्री ने किया विकास कार्यों का शिलान्यास:चौपाल, स्कूल और अस्पताल का निर्माण होगा, 1.83 करोड़ रुपए आएगी लागत

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत ग्रामीण हलके के गांव बुडशाम में 1 करोड़ 83 लाख रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ग्रामीणों ने इस मौके पर शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। इनमें 12 विकास कार्य शामिल हैं, जिनमें गलियों और खेतों के रास्तों का निर्माण, महिला चौपाल का निर्माण, धानक चौपाल का सौंदर्यीकरण, स्कूल में निर्माण कार्य, एससी चौपाल का नवीनीकरण, पशु अस्पताल में हॉल का निर्माण, भीमराव अंबेडकर भवन का निर्माण और तालाब पर आरसीसी दीवार का निर्माण शामिल है। अंबेडकर भवन में हुए कार्यक्रम में सरपंच अन्नु और सरपंच प्रतिनिधि राहुल ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर मंत्री महिपाल ढांडा का सम्मान किया। मंत्री ने कहा कि बुडशाम में विकास कार्यों को गति देना और गांव वालों को बेहतर सुविधा देना उनकी प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ क्षेत्र के हर गांव में विकास की रफ्तार लगातार बढ़ाई जा रही है। सरपंच ने शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी मांगें सरपंच अन्नु और राहुल ने मंत्री महिपाल ढांडा के सामने गांव की कुछ मांगें रखीं। इनमें नहर में पशुओं के लिए घाट बनवाना, गांव के स्टेडियम का सौंदर्यीकरण, बीपीएल परिवारों को प्लॉट देना और कुछ खेतों के रास्ते पक्के करवाना शामिल था। मंत्री महिपाल ढांडा ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा और बुडशाम में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस मौके पर जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा, जिला पार्षद रेखा, पार्षद संजीव दहिया, पूर्व सरपंच डिडवाड़ी जोगिंदर पूनिया, डीपीओ राजेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रदीप, पूर्व सरपंच रामरतन महाराणा और देवेंद्र संधू भी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 7:05 pm

बक्सर यौन शोषण मामले पर शिक्षा मंत्री सख्त, बोले- सभी स्कूलों के लिए बनेगी एसओपी

Patna, 4 सितंबर . बिहार के बक्सर में सामने आए छात्राओं के कथित यौन शोषण के मामले को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है. उन्होंने कहा कि घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है. विभाग ने आरोपी शिक्षकों को निलंबित करने के साथ उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव मांगा है. इस ... Read more

डेली किरण 4 Sep 2026 6:53 pm

हिंदुस्तान जिंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम से 75 सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को मिली नई दिशा

हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में यह कार्यक्रम 75 सरकारी विद्यालयों में संचालित हो रहा है, जहां 60 से अधिक फेलो और फील्ड पर्सनल्स शिक्षक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सेवाएं दे रहे हैं।

खास खबर 4 Sep 2026 5:58 pm

गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को राष्ट्रीय अवार्ड, शिक्षा नवाचार में मिला सम्मान

गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को NIEPA और शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय अवार्ड मिला। शैक्षिक प्रशासन, नेतृत्व और शिक्षा नवाचार में उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

प्रातःकाल 4 Sep 2026 5:24 pm

गणित पढ़ना चाहते थे एस राधाकृष्णन, उनकी अध्यक्षता में बना था स्वतंत्र भारत का पहला शिक्षा आयोग

New Delhi, 4 सितंबर . 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव तिरुत्तनी में जन्मे सर्वपल्ली राधाकृष्णन का बचपन आर्थिक तंगी और गरीबी में बीता. एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने के बजाय मंदिर का पुजारी बन जाए. लेकिन, ... Read more

डेली किरण 4 Sep 2026 4:58 pm

देश सेवा के बाद समाज सेवा: 3 साल BSF में सेवा देने वाले भिंड के शिवम अब जरूरतमंद बच्चों को दे रहे नि:शुल्क शिक्षा

भिंड समाचार: परिजनों का कहना था कि सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं होता और नौकरी छोड़कर अनिश्चित रास्ते पर जाना उचित नहीं है। इसके बावजूद शिवम अपने फैसले पर कायम रहे।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 4:56 pm

सवाई माधोपुर के शिक्षा नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान, एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता सम्मानित

सवाई माधोपुर शिक्षा नवाचार एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता सम्मान, NIEPA National Conference 2026 Dinesh Kumar Gupta, भविष्य की उड़ान सवाई माधोपुर 41 करोड़ रुपये, राजस्थान शिक्षा अधिकारी राष्ट्रीय सम्मान, Sawai Madhopur education innovation

प्रातःकाल 4 Sep 2026 4:53 pm

शहडोल के सरकारी स्कूल में बच्चों से छत साफ करवाई:पाइप के सहारे नीचे उतरे बच्चे; शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल

शहडोल जिले के गोरतरा ग्राम पंचायत के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम नहीं थे। स्कूली बच्चों से फिसलन भरी छत साफ कराई गई वीडियो में बच्चे स्कूल भवन के छज्जे और छत पर सफाई करते दिख रहे हैं। बारिश के कारण भवन की सतह पर काई जमने के कारण काफी फिसलन हो गई थी। इसके बावजूद बच्चों को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। पढ़ाई की उम्र में बच्चों से ऐसा काम करवाने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। गंभीर बात यह है कि छत पर जाने के लिए बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई उचित सीढ़ी या अन्य सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी। वीडियो में बच्चें पाइप के सहारे नीचे उतरते दिखाई दे रहें हैं। इससे हादसे की आशंका और बढ़ गई। असिस्टेंट कमिश्नर बोले- जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय सिन्हा ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 4:22 pm

'शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए पैसा नहीं, मुफ्त में होने वाले काम पर 4.69 करोड़ क्यों...', हबीबगंज फ्लाईओवर विवाद में सरकार को कोर्ट की फटकार

हाई कोर्ट ने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने बने फ्लाईओवर के रखरखाव को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 3:02 pm

शिक्षामंत्री के निर्देश पर पोटाकेबिन पुसनार में बदलाव:बीजापुर में अधीक्षकों-शिक्षकों की बैठक,बच्चों की पढ़ाई के साथ अब योग,प्राणायाम और खेलकूद पर भी जोर

बीजापुर। पोटाकेबिन पुसनार (भैरमगढ़) में अधीक्षकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर बच्चों की शिक्षा, दैनिक दिनचर्या और स्कूल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बच्चों की पढ़ाई के साथ योग, प्राणायाम, प्रार्थना और खेलकूद को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए। बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्कूल में अनुशासन, स्वच्छता और सकारात्मक माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। प्रार्थना के लिए लगेंगे लाउडस्पीकर बैठक में बच्चों की सामूहिक प्रार्थना को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पोटाकेबिन में लाउडस्पीकर लगाने के निर्देश दिए गए। स्कूल परिसर को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया। कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनी गईं बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सामने आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और बच्चों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने कहा कि पोटाकेबिन में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छा शैक्षणिक माहौल, अनुशासन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए स्कूल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और जरूरी सुधार किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 2:36 pm

दिल्ली पुलिस कांस्टेबल: आ गई फिजिकल टेस्ट की नई तारीखें, सितंबर में इस दिन से हो रहा शुरू; देखें शेड्यूल

दिल्ली पुलिस भर्ती-2025 के तहत कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल समेत चार पदों के लिए फिजिकल टेस्ट की नई तारीखों की घोषणा कर दी गई है। अब परीक्षा सितंबर और अक्तूबर 2026 में निर्धारित नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 12:39 pm

दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं

दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं

अमर उजाला 4 Sep 2026 12:01 pm

बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बातउन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।टीएमसी पर लगाए ये आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।सीएम ने क्या कहासीएम ने कहा कि, हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा। आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा, मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

ज़ी न्यूज़ 4 Sep 2026 10:44 am

Aligarh Ground Report: विश्वविद्यालय से बढ़े शिक्षा के अवसर, चिकोरी ने विदेशों में बनाई पहचान; जमीनी हकीकत

Aligarh Ground Report: उत्तर प्रदेश के जिलों में ‘यूपी सक्षम’ अभियान के तहत अमर उजाला की टीम लगातार जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही है। लोगों के जीवन में आए बदलाव और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए टीम अलीगढ़ पहुंची।

अमर उजाला 4 Sep 2026 10:25 am

MP में स्कूली शिक्षा का संकट, 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते 63% बच्चे पढ़ाई से दूर, इंदौर का सबसे बुरा हाल

मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते सत्र में राज्य के स्कूलों से 15.25 लाख बच्चे गायब रहे, वहीं इस साल 11.12 लाख बच्चों को 'ड्रॉपबॉक्स' में डाल दिया गया है।

दैनिक जागरण 4 Sep 2026 10:15 am

मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: राजीव गांधी विश्वविद्यालय का पुनर्गठन

मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है, जिसमें राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जा रहा है। इस निर्णय के साथ ही विश्वविद्यालय के नाम से राजीव गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। नए विश्वविद्यालयों का नामकरण और प्रशासनिक प्रणाली में बदलाव से लाखों छात्रों और सैकड़ों कॉलेजों पर प्रभाव पड़ेगा। सरकार का यह कदम तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उद्देश्य से है।

नौकरी नामा 4 Sep 2026 9:28 am

'हमारे फैन भी जाति-धर्म में बंट जाते हैं, शिक्षा से सुधरेगा बिहार', शिक्षक सम्मेलन में बोले प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के मुखिया Prashant Kishor ने गया में शिक्षकों से संवाद कर बिहार को ज्ञान की भूमि बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक भी चुनाव में जाति-धर्म के आधार पर बंट जाते हैं, जबकि शिक्षा ही राज्य का भविष्य है।

जागरण 4 Sep 2026 9:27 am

शिक्षा में नवाचार का सम्मान:महमूदाबाद के दो शिक्षकों का जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान के लिए चयन

सीतापुर में महमूदाबाद के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं शैक्षिक नवाचार के लिए महमूदाबाद ब्लॉक के दो शिक्षकों अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत को इस वर्ष जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षकों के चयन की खबर से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्राथमिक विद्यालय भूसना के शिक्षक अरुण कुमार तथा कंपोजिट विद्यालय देवसराय के शिक्षक कुलदीप राजपूत ने विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की शिक्षा, सहभागिता और उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार विभिन्न प्रयास किए हैं। उनके शैक्षिक नवाचारों और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस वर्ष दोनों शिक्षकों ने शिक्षक इस्लाम सर के साथ मिलकर बेसिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो’ गीत भी तैयार किया। यह गीत प्रदेश स्तर पर काफी पसंद किया गया और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के अभियान में उपयोगी पहल के रूप में सामने आया। शिक्षक अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षण और उनकी प्रतिभा को निखारना उनकी प्राथमिकता है। दोनों शिक्षक विद्यालय स्तर पर लगातार नए प्रयोग करते हुए बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करते हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलने वाला यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षकों के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 9:26 am

यूपी: डीजीएमई की कुर्सी पर आईएएस नहीं डॉक्टर होंगे तैनात, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद पर अब आईएएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ चिकित्सक प्रधानाचार्य की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

अमर उजाला 4 Sep 2026 9:14 am

बिहार: शिक्षा का मंदिर हुआ शर्मसार, दो शिक्षक निलंबित; छात्राओं को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप

बक्सर के डुमरांव प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, नथुनी अहिर के डेरा में तैनात दो सरकारी शिक्षकों विरेन्द्र प्रसाद और अरविन्द कुमार पर छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

अमर उजाला 4 Sep 2026 8:53 am

जीडीएस भर्ती 2026: आवेदन करते समय कौन सी सावधानियां रखें? ये दो चीजें संभलकर भरें, गलती हुई तो पछताना पड़ेगा

Postal GDS 2026: डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। फॉर्म भरने से पहले उम्मीदवारों को पंजीकरण और आवेदन पत्र में दर्ज की जाने वाली जानकारी को लेकर खास सावधानी बरतनी होगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 7:01 am

बंगाल में शिक्षा का नया मॉडल? RSS के 1000 स्कूल खुलेंगे, मदरसों पर भी CM शुभेंदु का बड़ा ऐलान

बंगाल में एक साल में RSS की शिक्षा शाखा विद्या भारती से जुड़े 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है। CM ने राज्य के चार शिक्षा विभागों को एक करने और मदरसा शिक्षा के लिए अलग प्रशासन न रखने का प्रस्ताव दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 6:34 am

माध्यमिक ​सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा पर फैसला:5 निजी विवि के 218 अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट जांचेगा शिक्षा विभाग

माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की फिर से जांच होगी। यह जांच उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग करेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए पत्र भेजा है। माध्यमिक सहायक आचार्य के लिए अनुशंसित 877 अभ्यर्थियों में से 218 निजी यूनिवर्सिटी से पास हुए हैं। इन्होंने अपनी शैक्षणिक डिग्रियां (जैसे बीएड, एमए या अन्य संबंधित योग्यताएं) देश या राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से ली हैं। इतनी बड़ी संख्या में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के चयन होने से उनकी योग्यता और डिग्री की वैधता को लेकर शिक्षा विभाग ने सम्यक जांच का निर्णय लिया है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की सूक्ष्मता से जांच करने पर जोर दिया है। ऐसे में यह स्पष्ट हो चुका है कि नियुक्ति पत्र वितरण में अभी समय लगेगा। फिर से फ्रेश काउंसलिंग भी हो सकता है। निजी विश्वविद्यालयों से पास हुए अभ्यर्थियों में झारखंड के राधागोविंद विश्वविद्यालय, वाईबीएन विश्वविद्यालय, सिक्किम के अल्पाइन विश्वविद्यालय समेत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के तीन प्राइवेट यूनिवर्सिटी के हैं। हाल ही में हुई महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में भी झारखंड के इन दो निजी विश्वविद्यालयों से पास हुई अभ्यर्थियों पर सवाल खड़े हुए थे। शिक्षा विभाग इस संदर्भ में सर्तकता से आगे बढ़ रहा है। 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा, इनमें 218 निजी विवि से पास महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति में गड़बड़ी मिलने पर हुई जांच 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने आंतरिक जांच कराई। स्क्रूटनी में पता चला कि यहां भी निजी यूनिवर्सिटी से पास आउट अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है। ऐसे में इन अभ्यर्थियों के एक-एक प्रमाण पत्रों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। राज्य में लगभग 1373 माध्यमिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से की है। इन अभ्यर्थियों के बारे में शिक्षा सचिव व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को शिकायत मिली। जब जांच हुई, तो इसकी पुष्टि हुई। आशंका है कि साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और एआई के कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र गलत हो सकते हैं। +2 उच्च विद्यालयों में नियुक्ति के लिए अनुशंसित हुआ नाम यह नियुक्ति परीक्षा राज्य के प्लस-टू उच्च विद्यालयों में विभिन्न विषयों के प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्यों (कक्षा 9 से 12) के लिए आयोजित की गई थी। जेएसएससी द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा, निर्धारित अर्हता तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम अनुशंसा सूची तैयार की गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और झारखंड सरकार के नियुक्ति नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री प्राप्त करने वाले योग्य और पात्र अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र माने गए हैं। पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और मानकों के तहत संपन्न हुई है। निजी यूनिवर्सिटी की डिग्री की होगी जांच : निदेशकमाध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने कहा कि माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति की अनुशंसा में शामिल कई अभ्यर्थियों ने निजी यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। उनके प्रमाण पत्रों की जांच उच्च शिक्षा विभाग करेगा। जांच के बाद ही इनकी वैधता और मान्यता को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 5:30 am

Budaun News: रिसौली के फर्जी स्कूल की जांच करेगी दो खंड शिक्षाधिकारियों की टीम

बदायूं। रिसौली के मोहल्ला भरा पट्टी में सीबीएसई पैटर्न का फर्जी स्कूल संचालित होने की सूचना पर विभाग की ओर टीम गठित की गई है, जो इस मामले की जांच करेगी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 2:02 am

शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जरूरी : प्रो. नंदिता

Integration of Indian knowledge tradition into education is essential: Prof. Nandita

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:44 am

शिक्षा कोरी नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति का माध्यम बने

शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026 शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा-दृष्टि, शिक्षक की भूमिका और भावी पीढ़ी के निर्माण पर गंभीर आत्ममंथन का दिन है। किसी राष्ट्र का भविष्य केवल उसके विद्यालयों की संख्या, भवनों की भव्यता, पुस्तकों की उपलब्धता या परीक्षाओं के परिणामों से निर्धारित नहीं होता, ... Read more

अजमेरनामा 4 Sep 2026 1:16 am

Pilibhit News: कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा

स्कूल समय के बाद भी ई-विद्या के निशुल्क चैनलों से पढ़ सकेंगी छात्राएं

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:06 am

लखनऊ में मर्सिडीज-बेंज ने एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स दिए:एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ मिलकर शिक्षाविदों को किया सम्मानित

लखनऊ के गोमतीनगर में मर्सिडीज-बेंज और एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से मर्सिडीज-बेंज एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों, अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं और करियर गाइडेंस विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक समारोह सराहनीय हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय परिवेश, सभ्यता और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा के मूल तत्वों को समझना जरूरी है। भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ नैतिकता और गुरु-शिष्य परंपरा को भी महत्व दिया गया है। इसमें मानव कल्याण की भावना समाहित है। समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है कार्यक्रम की शुरुआत पिहू द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुई। एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है। भावी पीढ़ी तैयार करने में उनके योगदान का सम्मान किया जाना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि शसौमित्र गौर ने कहा कि अगली पीढ़ी के मजबूत भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल और मूल्यों का संतुलन होना चाहिए। डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप विकसित करना होगा हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की कार्यकारी निदेशक समिता सिंह बफीला ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्थानों को AI और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा। हालांकि शिक्षा के केंद्र में विद्यार्थी और मानवीय मूल्य हमेशा बने रहने चाहिए। समारोह में गैरी डोमिनिक एवरेट, सोमा चंद्रा, डॉ. मंजुला गोस्वामी, गुंजन साहनी, दिव्या सिंह, गुंजन दनानी, मधुलिका अग्रवाल, डॉ. मांडवी त्रिपाठी, पूजा सिंह, डॉ. प्रेरणा मित्रा, डॉ. धीरज मेहरोत्रा, रचना मिश्रा, डॉ. विभा आहूजा, रुद्रेन्द्र बसाक, अंजना स्वामी, पूनम अरोड़ा, प्रेरणा त्रिपाठी, सिंधु तिवारी, मितुशी नेगी और आशा यादव समेत अन्य लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 11:25 pm

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में अधिकारी लेंगे क्लास:सप्ताह में एक दिन बच्चों को पढ़ाएंगे, बेहतर शिक्षा और गाइडेंस मिलेगा

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए अब जिले के 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी नामित अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपने-अपने मॉडल स्कूल में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इस दौरान वे बच्चों को विषय आधारित शिक्षा देंगे। साथ ही उनके प्रदर्शन का अध्ययन कर उन्हें बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया इसी क्रम में गुरुवार को सरस्वती विद्या निकेतन माहेश्वरी एकेडमी मॉडल स्कूल में कटिहार के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार सिंह ने पढ़ाने की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों के बीच क्लास लेकर पढ़ाया और उनकी रुचि तथा प्रतिभा को समझने की कोशिश की। साथ ही बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राहुल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की भूमिका निभाकर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उन्हें उसी दिशा में बेहतर करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। बच्चों को बेहतर बनाना ही इस पहल का मुख्य मकसद है। वहीं, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले के सभी 20 मॉडल स्कूलों में शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और इस पहल की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कटिहार में शुरू की गई इस पहल की पूरे बिहार में तारीफ हो रही है। राज्य सरकार भी इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों के स्कूलों में नियमित रूप से पहुंचने से बच्चों को न केवल पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव और प्रेरणा से अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करने में भी मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:51 pm

प्रशांत किशोर बोले-नीतीश के शासन में शिक्षा व्यवस्था बदहाल रही:कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा; शिक्षकों से कहा- आपको सबने ठगा

गया में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर जन सुराज की ओर से शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम गया शहर के ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी विद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या स्कूली शिक्षा का लगातार कमजोर होना है। यदि शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा। ‘शिक्षा की बदौलत परिवार में बने आईएएस-आईपीएस’ प्रशांत किशोर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा मजदूरी और बैलगाड़ी चलाने का काम करते थे। परिवार ने मिलकर उनके पिता को पढ़ाया। शिक्षा की बदौलत आज उनके परिवार में बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा की ताकत है और बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता भी शिक्षा ही है। नीतीश कुमार के शासनकाल पर उठाए सवाल नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका सबसे बड़ा अध्याय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया। ‘आपको सबने ठगा, मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए’ शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा- अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं। इसके बावजूद सरकारें उनकी बात क्यों नहीं मानतीं, यह बड़ा सवाल है। प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। प्रशांत किशोर ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा करना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के सुझाव जानना था। शिक्षक समाज की भूमिका सबसे अहम : रवि रंजन दांगी कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के नेता और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य रवि रंजन दांगी ने की। वे गया जिला अध्यक्ष भी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षक समाज की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। दांगी ने कहा कि किसी भी समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को सम्मान के साथ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। साथ ही, उन्हें बेहतर कार्य माहौल भी मिलना चाहिए। शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने रखे सुझाव कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान शिक्षक सम्मान और स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर माहौल जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में अहम पहल शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को जन सुराज की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रबुद्धजनों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। हरिदास सेमिनरी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक समाज के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक संवाद के इस मंच से शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल और आए सुझाव आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकते हैं। गया में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम जन सुराज के शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:39 pm

बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए आरजीपीवी को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला : उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन विश्वविद्यालयों में बांटने और नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाएं हैं। वहीं, गुरुवार को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। इसे लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्थिति स्पष्ट की है।

दैनिक जागरण 3 Sep 2026 9:27 pm

'जो लोग क्रांतिकारी...', CM योगी ने सुनाया सपा सरकार के शिक्षामंत्री का वो किस्सा

'पंचायत आजतक' मथुरा के विशेष सत्र 'योगी की चुनावी लीला' में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला. साथ ही CM योगी ने सपा सरकार के शिक्षामंत्री का एक किस्सा भी सुनाया. देखें Video.

आज तक 3 Sep 2026 7:41 pm

'बिस्मिल और बिस्मिल्ला खान...', जब CM योगी ने सुनाया सपा कार्यकाल के शिक्षा मंत्री का किस्सा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार में शिक्षा से लेकर नौकरियों तक व्यवस्था बदहाल थी और नकल करना जन्मसिद्ध अधिकार जैसा माहौल बना दिया गया था. उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल को बिस्मिल्लाह खान बताए जाने का किस्सा सुनाते हुए सपा पर हमला बोला और कहा कि अब यूपी में नीतिगत फैसलों में कोई भेदभाव नहीं होता.

आज तक 3 Sep 2026 7:23 pm

माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व

सुप्रीम कोर्ट : राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री, फोटो-वीडियो और रिकॉर्डिंग पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका […] The post माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व्यवस्था के विरुद्ध है तो शिक्षा विभाग को सामूहिक अर्थ दंड भुगतना होगा first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .

नवसंचार समाचार 3 Sep 2026 6:56 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार: गीतांजलि आंग्मो (आईएएन

भुवनेश्वर, 3 सितंबर . जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने Thursday को कहा कि Government को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को सक्रिय रूप से लागू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को छोटा या अलग-थलग ... Read more

डेली किरण 3 Sep 2026 6:48 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार गीतांजलि आंग्मो

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा

खास खबर 3 Sep 2026 6:44 pm

RGPV की बदनामी हुई, इसलिए 3 हिस्सों में बांटा:शिक्षामंत्री बोले- यूनिवसिटी पर 585 कॉलेजों का दबाव था; छात्रसंघ चुनाव पर जल्द लेंगे फैसला

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन यूनिवर्सिटी में बांटने के फैसले पर कांग्रेस के सवालों का स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कॉलेजों का दबाव था। इस दबाव के कारण परीक्षा और नतीजे समय पर नहीं आ पाते थे। इससे पिछले दो सालों में यूनिवर्सिटी की बदनामी भी हुई। इसी को देखते हुए सरकार ने टेक्निकल एजुकेशन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश परमार ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा को बेहतर बनाने और स्टूडेंट्स को अच्छी सुविधा देने के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश की इलाके की बनावट के हिसाब से तीन यूनिवर्सिटी के नाम महाकौशल, मध्य भारत और मालवा रखे गए हैं। कांग्रेस ने इसे 'ओछी मानसिकता' बताया था। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है। उन्होंने फिर दोहराया कि आरजीपीवी इतना बड़ा हो गया था कि काम का दबाव बहुत बढ़ गया था। परीक्षा और नतीजों में देरी जैसी समस्याओं के कारण यूनिवर्सिटी की बदनामी हुई, इसलिए इसे तीन भागों में बांटना जरूरी था। नाम हटाना नाम का मुद्दा नहीं राजीव गांधी का नाम हटाने के सवाल पर परमार ने कहा कि यह किसी व्यक्ति के नाम का मुद्दा नहीं है। महाकौशल, मध्य भारत और मालवा मध्य प्रदेश की पुरानी क्षेत्रीय पहचान हैं। सरकार ने इसी बनावट को ध्यान में रखकर नाम तय किए हैं। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विभाग कोर्ट के आदेश की जांच कर रहा है। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। चुनाव सीधे होंगे या परोक्ष, इस पर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 6:01 pm

हरियालो राजस्थान अभियान के तहत भुसावर शिक्षा कार्यालय परिसर में लगाए 51 पेड़

हरियालो राजस्थान के विशेष अभियान के तहत भुसावर में गुरुवार को शिक्षा विभाग के कार्यालय परिसर में 51 पेड़ लगाए गए। सीबीईओ बृजेंद्र सिंह कोली के निर्देशन में सरकारी विद्यालयों में भी वृक्षारोपण किया गया।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 5:58 pm

समावेशी शिक्षा, विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए बनाया जाएगा रोडमैप

New Delhi, 3 सितंबर . बच्चों में सीखने की रफ्तार अलग हो सकती है. किसी को सहारे की जरूरत हो सकती है तो किसी को पढ़ाई के साथ उपचारात्मक मदद की आवश्यकता होती है. बावजूद इसके शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है. इसी सोच के साथ पश्चिम बंगाल में विशेष जरूरत वाले बच्चों की ... Read more

डेली किरण 3 Sep 2026 5:39 pm

खेरोदा के उदय शिक्षा मंदिर में हर्षोल्लास से मना कृष्ण जन्माष्टमी पर्व

स्कूली बच्चों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में दीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, मटकी व बांसुरी सज्जा प्रतियोगिता आयोजित।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 5:24 pm

बाढ़ से रास्ते बंद, शिक्षामित्र ने संभाली स्कूल की कमान:चांदपुर का प्राथमिक विद्यालय दो दिन से बंद, पढ़ाई हो रही प्रभावित

रामपुर जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद गांवों में जलभराव और खराब रास्तों की समस्या बनी हुई है। इसका असर अब स्कूलों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। पसियापुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक खराब रास्ते के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में गांव में मौजूद शिक्षामित्र गीता ने स्कूल की कमान संभाली और बच्चों को पढ़ाया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पसियापुर के शिक्षक खराब सड़क और आने-जाने की समस्या के चलते स्कूल नहीं पहुंच पाए थे। शिक्षामित्र गीता ने बुधवार और गुरुवार को स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाया। इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच गई, हालांकि स्कूल में उपस्थिति बहुत कम रही। वहीं, पसियापुर के पास स्थित चांदपुर गांव का प्राथमिक विद्यालय जलभराव के कारण गुरुवार को पूरे दिन बंद रहा। इससे पहले बुधवार को भी स्कूल नहीं खुल सका था। स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते पर पानी भरा होने से शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पाए। 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था गौरतलब है कि मंगलवार-बुधवार की रात रामनगर बैराज, बहराइच से करीब 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रामपुर की कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया और पसियापुर व चांदपुर समेत आसपास के गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। हालांकि अब नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन गांवों के संपर्क मार्गों पर अभी भी जगह-जगह पानी भरा है। खराब और पानी में डूबे रास्तों के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षकों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। शुक्रवार को छुट्टी होने के बाद शनिवार को विद्यालय खुलने हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि तब तक पानी कम हो जाएगा और स्कूल तक जाने वाला रास्ता भी ठीक हो सकेगा। फिलहाल पसियापुर में शिक्षामित्र के स्कूल संभालने से बच्चों की पढ़ाई जारी रही, जबकि चांदपुर में जलभराव के कारण दो दिन से विद्यालय बंद रहा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:08 pm

कोंडागांव के दो शिक्षकों को मिलेगा राज्य शिक्षक सम्मान:नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 5 सितंबर को रायपुर में होगा सम्मान

कोंडागांव जिले के दो शिक्षकों सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र को इस वर्ष राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए लगातार प्रयासों को देखते हुए उनका चयन किया गया है। 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर रायपुर के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उन्हें सम्मानित करेंगे। पारंपरिक शिक्षा,नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर शिक्षक सूरज नेताम विकासखंड कोंडागांव के जनपद प्राथमिक शाला बुनागांव में पदस्थ हैं। वहीं हीरालाल चुरेंद्र उच्च प्राथमिक शाला डोंगरीपारा, चिपावंड में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों शिक्षक लंबे समय से बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। दोनों ने बच्चों की रुचि और क्षमता को पहचानकर उन्हें रचनात्मक गतिविधियों, शैक्षणिक प्रयोगों और अलग-अलग सीखने के अवसरों से जोड़ा। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित हुई। किताबों से आगे ले गए पढ़ाई दोनों शिक्षकों ने पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाकर बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया। इसका असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी देखने को मिला। उनके प्रयासों से स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले में बढ़ोतरी हुई और परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूल में सकारात्मक माहौल बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने में दोनों शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों और समुदाय को स्कूल से जोड़ा सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र ने स्कूल और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी काम किया। उन्होंने अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें स्कूल की गतिविधियों से जोड़ा। इसके अलावा विभागीय कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करने के साथ वे शिक्षकों के नए शिक्षण समूह से जुड़े रहे और सामाजिक सेवा से संबंधित गतिविधियों में भी योगदान देते रहे। इन प्रयासों के लिए दोनों शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 4:48 pm

छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने की रुकावटें होंगी दूर, जानिए 700 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर क्या बोले उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के कामकाज पर असंतोष जताया। उन्होंने 15 सितंबर तक 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया की रुकावटें दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही महाविद्यालयों में कम प्रवेश संख्या, लंबित अदालती मामलों और बजट से जुड़ी अधूरी जानकारियों पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

दैनिक जागरण 3 Sep 2026 3:54 pm

UPSC भर्ती 2026: साइंटिस्ट सहित 122 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू, यहां जानें वैकेंसी से जुड़ी पूरी डिटेल

देश के लाखों युवा आज भी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं।

खास खबर 3 Sep 2026 3:47 pm

आउट‍िंग से पार्टीज तक... ऐसे कॉर्पोरेट जॉब छोड़ने का बनाया प्लान

रिया नाम की इस सोशल मीडिया यूजर (@riahassomethingtosay) ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना यह अनुभव शेयर किया, जि‍स पर काफी चर्चा हो रही है. इस यूजर ने बताया कि कैसे उसने अपनी कई आदतों पर ब्रेक लगाकर 40 हजार रुपये महीने जोड़े और 18 महीने बाद नौ से पांच वाली जॉब छोड़ दी.. जानें पूरी कहानी...

आज तक 3 Sep 2026 3:35 pm

सुकमा में 5 करोड़ से बनेंगे 3 नए पोटा केबिन:शिक्षा मंत्री बोले- स्कूलों में सुधार के साथ बेहतर माहौल देना सरकार की प्राथमिकता

प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव गुरुवार को सुकमा पहुंचे। उन्होंने केरलापाल में पंचायत कैफे का उद्घाटन किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के स्कूलों और आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल तैयार करने और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। बैठक में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से 3 नए पोटा केबिन बनाने की जानकारी भी दी गई। स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में मंत्री ने कहा कि पूरे बस्तर के विकास, खासकर स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार की गई है। भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में जरूरी सुधार किए जाएंगे। जिन जगहों पर स्कूलों की इमारतें मौजूद हैं, उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जहां स्कूल बंद होने की स्थिति बन रही थी, वहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। धीरे-धीरे खुल रहे स्कूल, बदल रहे हालात मंत्री ने कहा कि सुकमा में धीरे-धीरे स्कूल खुल रहे हैं। एक समय लोग सुकमा आने से डरते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और लोगों की आवाजाही भी बढ़ी है। सरकार शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के अटैचमेंट का दिया उदाहरण अटैचमेंट के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पहले कई जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपने मूल विभाग छोड़कर दूसरे विभागों में अटैच थे। अब बिना जरूरत के अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। जरूरत होने पर जिला प्रशासन और कलेक्टर के पत्र के आधार पर ही नियुक्ति की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सरकार सीधे ट्रांसफर भी करेगी। नए पोटा केबिन में करीब 5 करोड़ रुपए होंगे खर्च आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान नए पोटा केबिन बनाने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिले में 3 नए पोटा केबिन बनाए जाने की जानकारी दी। इनकी नई इमारतों के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालयों और स्कूलों की व्यवस्थाओं में चरणबद्ध तरीके से सुधार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सुकमा के स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल सके।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 3:34 pm

शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने OSD से पूछा- UPSC की तैयारी कैसे करते हैं? मिला ये जवाब

Education Minister UPSC Video: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी NCERT के 66वें स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने बताया कि जब भी वो किसी UPSC एस्पिरेंट से पूछते हैं कि इसकी तैयारी वो कैसे करते हैं तो सभी का एक ही जवाब होता है.

NDTV इंडिया 3 Sep 2026 3:22 pm

इंडियन ओवरसीज बैंक में 291 पदों पर भर्ती, 15 सितंबर तक करें आवेदन; 1 लाख से ज्यादा सैलरी

सरकारी बैंक में नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन ओवरसीज बैंक में जेनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया...

खास खबर 3 Sep 2026 3:21 pm

job news 2026: साइंटिफिक, टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन

इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी की तलाश हैं और आप एक अच्छी जॉब करना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की हैं, जी हां राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट के 376 पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस भर्ती के लिए 30 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। पदों के नाम- साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट पदों की संख्या- 376 आयु सीमा- उम्मीदवारों की अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc-cvireland.com

राजस्थान खबरे 3 Sep 2026 3:07 pm

UPSC की तैयारी कैसे करते हैं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के प्रश्न पर IAS अफसरों ने क्या दिया जवाब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जब मैं उत्सुकतावश अधिकारियों से और UPSC अभ्यर्थियों से पूछता हूं कि यूपीएससी की तैयारी कैसे करते हैं, तो ये लोग बोलते हैं कि एनसीईआरटी बुक से होती है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 3:05 pm

बेगूसराय: हरिपुर रुदौली मिडिल स्कूल में शिक्षा समिति की बैठक, बेहतर माहौल और सुरक्षा के लिए CCTV लगाने पर बनी सहमति

3 सितंबर, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में शिक्षा समिति की बैठक हुई। नए एचएम अरविंद चौधरी का स्वागत किया गया। स्कूल में बेहतर माहौल और सुरक्षा के लिए CCTV लगाने का निर्णय लिया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 2:09 pm

करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी, अब शिक्षा अधूरी रहने का जताया अफसोस

करीना कपूर ने खुलासा किया कि फिल्मों में आने के लिए उन्होंने कक्षा 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अभिनेत्री ने अधूरी शिक्षा का अफसोस जताते हुए अपने बेटों की पढ़ाई पूरी करने पर जोर देने की वजह भी बताई।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 2:02 pm

डीआरडीओ भर्ती 2026: 10वीं और आईटीआई पास युवाओं के लिए वैकेंसी, नहीं होगी लिखित परीक्षा; कैसे होगा चयन? जानें

डीआरडीओ ने आईटीआई पास युवाओं के लिए भर्ती का मौका दिया है। इस भर्ती के लिए 8 और 9 सितंबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख पर जरूरी दस्तावेजों के साथ इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 12:42 pm

कांगड़ा: लाहड़ गांव के सुभाष चंद को मिलेगा राज्य शिक्षक सम्मान, 20 साल की कंप्यूटर शिक्षा सेवा का मिला फल

कांगड़ा के लंबागांव खंड के लाहड़ गांव निवासी सुभाष चंद को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 मिलेगा। 20 साल की कंप्यूटर शिक्षा सेवा और युवाओं के प्रशिक्षण के लिए चयन।

अमर उजाला 3 Sep 2026 12:32 pm

किम जोंग-उन ने शिक्षा को बताया सरकारी जिम्मेदारी, शिक्षकों को बताया ‘देशभक्त’

सोल, 3 सितंबर . उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन Wednesday को शिक्षकों के सम्मेलन में शामिल हुए. शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी भूमिका अगली पीढ़ी के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने शिक्षकों को देश के भविष्य को तैयार करने की पहली पंक्ति में खड़े ‘देशभक्त’ बताया. योनहाप ने उत्तर कोरिया ... Read more

डेली किरण 3 Sep 2026 12:28 pm

गोपालगंज: शिक्षा विभाग के गेट पर फर्जी पुलिसकर्मी बन बदमाशों ने होटल मालिक से छीनी 5 लाख की सोने की चेन और अंगूठी

3 सितंबर, गुरुवार: गोपालगंज में खुद को पुलिसकर्मी बताकर ठेकेदार मनीष रंजन से करीब ₹5 लाख के सोने के गहने ठग लिए गए। नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 12:23 pm

JEE Advanced में 2 नहीं 3 मौके देने की मांग, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय को भेजी याचिका

JEE Advanced में 2 नहीं 3 मौके देने की मांग, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय को भेजी याचिका

समाचार नामा 3 Sep 2026 12:20 pm

शिक्षा मंत्री के करीबी BJP नेता ने इंजीनियर्स को पीटा:कैश छीना, ऑनलाइन भी ट्रांसफर कराए पैसे; आरोपी कोर्ट में पेश, 3 फरार

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी के दो इंजीनियरों से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और पैसे वसूलने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार किया है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। भाजपा नेता को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई मामले में दर्ज शिकायत और आरोपों के आधार पर हुई है। चार लोगों ने घेरकर की थी मारपीट पुलिस के मुताबिक, घटना 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। एनटीपीसी इंजीनियर रोहित गौतम और सैय्यद नूरुद्दीन को रेलवे स्टेशन स्थित साइकिल स्टैंड पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां चार लोगों ने दोनों इंजीनियरों के साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने इंजीनियरों से 4 से 5 हजार रुपए नकद भी छीन लिए। इसके बाद उनसे जबरन यूपीआई के जरिए से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। BNS की धाराओं में केस दर्ज इंजीनियरों की शिकायत पर गाडरवारा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 309(6), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीन आरोपियों की तलाश जारी गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि दोनों पीड़ित एनटीपीसी में इंजीनियर हैं। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने नकदी लेने के साथ ही पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 12:03 pm

एनसीएल इंटर्नशिप: फोरमैन, क्लर्क समेत 73 पदों पर मौका; कितना मिलेगा स्टाइपेंड? छह सितंबर से पहले करें आवेदन

एनसीएल ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तीसरे चरण के तहत 73 पदों पर इंटर्नशिप का मौका दिया है। इन पदों के लिए डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले 18 से 25 वर्ष के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 10:49 am

करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस

करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस

समाचार नामा 3 Sep 2026 10:40 am

फर्जीवाड़ा: गैरहाजिरी पर भी नहीं कटा वेतन, यूनिक आईडी में कर दिया खेल; शिक्षा विभाग ने किया गजब कारनामा

शिक्षा विभाग के बाबुओं की कारगुजारी, 20 कार्मिकों के कोड ही फर्जी दर्शाए

अमर उजाला 3 Sep 2026 9:41 am

सीजी: गोंडी में बच्चों से संवाद, डिजिटल शिक्षा पर जोर; शिक्षा मंत्री बोले- काउंसलिंग से मिलेगी भविष्य की दिशा

बीजापुर प्रवास के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पुसनार पोटा केबिन आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक, भोजन, स्वच्छता और बच्चों की सुविधाओं की जानकारी ली।

अमर उजाला 3 Sep 2026 8:32 am

एसएफआई का प्रथम सम्मेलन:छात्रों के अधिकारों, शिक्षा नीति और पेपर लीक पर हुई व्यापक चर्चा

कानपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) कानपुर का प्रथम जिला सम्मेलन जिला कार्यालय कॉमरेड राम आसरे भवन, कालपी रोड में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की बंदी, छात्रवृत्ति, पेपर लीक तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा की गई। संगठन को मजबूत बनाने, अधिक से अधिक छात्रों को संगठित करने तथा आगामी संघर्षों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता महबूब आलम ने की, संचालन जुनैद मंसूरी एवं वैष्णवी सक्सेना ने किया। ध्वजारोहण एवं शहीद वेदी पर पुष्पांजलि के बाद छात्र हितों को लेकर जोरदार नारेबाजी के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड आराध्य बाजपेई ने उद्घाटन भाषण में नई शिक्षा नीति, स्कूल बंदी, पेपर लीक तथा छात्रों पर पुलिस दमन जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की जीत बताया। जिला संयोजक महबूब आलम ने संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की और नई यूनिटों के गठन, नियमित अध्ययन एवं प्रशिक्षण पर जोर दिया। रिपोर्ट पर 20 छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी कार्यक्रमों पर सुझाव दिए। सम्मेलन की मुख्य अतिथि सीसामऊ विधायक नसीम इरफान सोलंकी ने छात्रों के संघर्षों को सदन में भी उठाने का आश्वासन दिया। मित्र संगठनों ने भी SFI कानपुर को पूर्ण समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया। सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से 9-सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया, जिसमें अध्यक्ष महबूब आलम, उपाध्यक्ष जुनैद मंसूरी एवं वैष्णवी सक्सेना, महामंत्री आराध्य बाजपेई सहित अन्य सदस्य चुने गए। नवनिर्वाचित कमेटी ने शिक्षा बचाने, छात्रवृत्ति दिलाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 8:26 am

बालोद की बदहाली: शिक्षा विभाग नींद में, ग्रामीणों ने बना ली स्कूल की छत

भास्कर न्यूज | बालोद डौंडी ब्लॉक के ग्राम कांडे में ग्रामीणों ने एकता की मिसाल पेश की है। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते जब शासकीय प्राथमिक शाला की बदहाल छत बच्चों के लिए खतरा बनने लगी और जिम्मेदारों से गुहार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने तय किया कि अब किसी हादसे का इंतजार नहीं करेंगे। गांव में बैठक हुई और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल की बदहाल छत बदलने का फैसला लिया। इसके बाद हर घर से 600 से 700 रुपए तक चंदा जुटाया गया। करीब 3 लाख रुपए एकत्र होने के बाद छत की ढलाई और भवन की मरम्मत कराई गई। शाला समिति अध्यक्ष सीता राम चुरेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक शाला का भवन बदहाल स्थिति में था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार छत का प्लास्टर भी गिर चुका था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को उसी भवन में बैठाकर पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद ग्रामीण स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का प्लान बनाया गया। मांग करने के बावजूद जब विभाग, प्रशासन, शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने हार मानने की बजाय बच्चों की समस्या दूर करने सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। गांव में बैठक आयोजित कर स्कूल की बदहाल छत को हटाने और नई छत बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। किसी ने 600 रुपए तो किसी ने 700 रुपए दिए। इस तरह ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से करीब 3 लाख रुपए जुटाए गए। इसी राशि से बदहाल छत को हटवाकर नई सीमेंट शीट की छत लगाई गई। साथ ही भवन की अन्य जरूरी मरम्मत भी कराई गई। उद्घाटन हुआ: नई छत बनने व मरम्मत काम पूरा होने के बाद मंगलवार को उद्घाटन किया गया। ग्रामीण रोमन साहू ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे गांव के ही हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की है। जब लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी ने मिलकर जिम्मेदारी उठाई। ग्रामीणों की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर देना था।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जताई नाराजगी:625 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की रफ्तार धीमी, घोषणा हुई पर विज्ञापन नहीं आया

प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 625 पदों पर भर्ती की घोषणा के करीब एक साल बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सितंबर शुरू होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती में आ रही रुकावटें तत्काल दूर करने और अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। राज्य शासन ने पिछले साल शासकीय कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इनमें 625 पद सहायक प्राध्यापक और 75 पद ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी के हैं। घोषणा के बाद 2025 में ही वैकेंसी आने की संभावना थी, लेकिन आरक्षण रोस्टर व अन्य कारणों से भर्ती अटक गई। इस साल उच्च शिक्षा विभाग ने सीजीपीएससी को प्रस्ताव भी भेजा, फिर भी अब तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ। मंत्री वर्मा ने बुधवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर भर्ती की स्थिति जानी। उन्होंने 1 जुलाई 2026 की पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी बिंदुवार समीक्षा की। समय-सीमा वाले कार्यों में देरी पर प्रशासनिक ढिलाई दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का औचक निरीक्षण होगा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। समीक्षा बैठक में शासकीय कॉलेजों में स्नातक प्राचार्यों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने यह प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों के मामलों की जांच और उन पर अब तक की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। भास्कर इनसाइट भर्ती प्रस्ताव में इन 9 बिंदुओं पर थी आपत्ति शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल अप्रैल में प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को भेजा था। आयोग ने 9 बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कर प्रस्ताव लौटा दिया। सबसे प्रमुख आपत्ति स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को लेकर थी। यह शर्त यूजीसी रेगुलेशन-2018 के अनुरूप नहीं थी। इसके कारण नेट, सेट और पीएचडी उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी पिछली भर्ती में आवेदन से वंचित रह गए थे। यूजीसी नियमों में संशोधन के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग के भर्ती नियम में यह शर्त बनी हुई थी, जिसे 11 साल पहले जोड़ा गया था। इसके अलावा आरक्षण रोस्टर, दिव्यांगता श्रेणी का विवरण, सह-विषयों की स्पष्टता और आयु सीमा में छूट सहित अन्य बिंदुओं पर भी आपत्तियां थीं। इनके निराकरण के लिए समिति गठित की गई थी। अब आपत्तियों का निराकरण कर संशोधित प्रस्ताव आयोग को भेजने की तैयारी है। इसके बाद भर्ती विज्ञापन जारी होने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एनडीए की नई टीम की आहट: मंत्रालय फेंटे जाएंगे, शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट; 70 पार वाले निशाने पर?

एनडीए की नई टीम की आहट: मंत्रालय फेंटे जाएंगे, शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट; 70 पार वाले निशाने पर?

अमर उजाला 3 Sep 2026 4:09 am

'शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं': जनजातीय छात्रों से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी; क्या हैं उनकी मांगें?

'शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं': जनजातीय छात्रों से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी; क्या हैं उनकी मांगें?

अमर उजाला 3 Sep 2026 3:16 am

Dehradun News: समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन

समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन

अमर उजाला 3 Sep 2026 2:22 am

Kanpur News: आईआईटी छात्रों को जापान में शिक्षा-शोध के अवसर बताए

आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट्स प्लेसमेंट ऑफिस (एसपीओ) में गुरुवार को ग्लोबल साउथ–जापान टेक टैलेंट इंटर्नशिप (जीएस-जेटीआई) कॅरिअर समिट 2026 के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया।

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:55 am

Lalitpur News: जंगल में बसे गांव में रहकर शिक्षा दे रहे शिक्षक

मड़ावरा। प्रदेश की सीमा पर वनांचल में स्थित ग्राम लखंजर और बारई के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद सफल संचालन कर रहे हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:44 am

Bhiwani News: नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा

नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:43 am

Bhiwani News: एचटेट की त्रुटियों को लेकर शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर एकजुट हुए अभ्यर्थी, सचिव ने तीन सप्ताह में समाधान का दिया भरोसा

एचटेट की त्रुटियों को लेकर शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर एकजुट हुए अभ्यर्थी, सचिव ने तीन सप्ताह में समाधान का दिया भरोसा

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:42 am