असम उच्च शिक्षा परिषद संस्थानों को देगा नई मजबूती, राज्य के छात्रों को भी मिलेगी बेहतर शिक्षा
गुवाहाटी, 14 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया. उनके मुताबिक, हम राज्य में शिक्षा प्रणाली को प्रस्तावित ‘असम उच्च शिक्षा परिषद’ के तहत संगठित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम रहे हैं. सीएम सरमा ने कहा कि परिषद उच्च शिक्षा प्रणाली ... Read more
जनगणना 2027 में क्या-क्या पूछा जाएगा? नाम, उम्र, धर्म, जाति, शिक्षा, नौकरी से लेकर बैंक खाते तक पूछे जाएंगे 40 सवाल, देखे लिस्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में डीईओ-बीईओ बनाने को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप कर दिया है। जस्टिस बीडी गुरु ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कहा है कि केवल सीनियरिटी के आधार पर कोई भी अधिकारी उच्च पद पर दावा नहीं कर सकता। जूनियर को प्रभारी डीईओ और बीईओ बनाना शासन का प्रशासनिक फैसला है, जिस पर हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं नहीं करेगा। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने गरियाबंद में जूनियर को प्रभारी डीईओ नियुक्त करने के खिलाफ याचिका को खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा- वरिष्ठ को ही प्रभार देने कोई नियम नहीं जस्टिस गुरु ने कहा है कि केवल सीनियारिटी के आधार पर कोई भी अधिकारी उच्च पद के प्रभार पर दावा नहीं कर सकता। वर्तमान प्रभार देना एक अस्थायी व्यवस्था है। जब तक कोई नियम या कानून यह अनिवार्य न करे कि वरिष्ठ अधिकारी को ही प्रभार दिया जाएगा, तब तक केवल सीनियारिटी के बल पर किसी पद का प्रभार हासिल करने का कोई कानूनी या लागू कराने योग्य अधिकार नहीं बनता। बिलासपुर सहित कई जिलों में डीईओ नियुक्ति का रास्ता साफ हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिलासपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीईओ और बीईओ की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि बिलासपुर में जूनियर को प्रभारी डीईओ नियुक्त करने के खिलाफ याचिका लगी है। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान जस्टिस गुरु ने शासन के नियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके चलते यहां डीईओ नियुक्ति का मामला अधर में है। उनका महत्वपूर्ण फैसला आदेश के बाद अब बिलासपुर सहित अन्य जिलों में जूनियर को प्रभार देने का रास्ता खुल गया है। जूनियर को डीईओ बनाने के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने की खारिजदरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 जून 2026 को एक आदेश जारी कर प्राचार्य राजेश चंद्राकर को गरियाबंद का प्रभारी डीईओ नियुक्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक में पदस्थ बीईओ किशुन लाल मातवाले ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। बताया कि वे वर्ष 1995 से शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे हैं और राजेश चंद्रकर से काफी वरिष्ठ हैं। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा नियम 2026 के तहत वे डीईओ पद की पात्रता रखते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया कि शासन ने वरिष्ठता को नजरअंदाज कर कनिष्ठ अधिकारी को प्रभार सौंप दिया, जो कि सरकार के निर्देशों के खिलाफ है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी अधिकारी को उच्च पद का प्रभार देने से पूर्व उसकी कार्यशैली और उपयुक्तता का आकलन करते समय सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस तरह के तथ्यों पर विचार करना पूरी तरह जायज है। कोर्ट ने कहा कि प्रभार सौंपने के लिए वरिष्ठता के अलावा प्रशासनिक आवश्यकता, अनुभव और अधिकारी की समग्र उपयुक्तता देखना जरूरी है। नियम उल्लंघन या दुर्भावना साबित न होने पर हाईकोर्ट प्रशासनिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
गलत आदेश पारित करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक को हाईकोर्ट की फटकार, निदेशक माध्यमिक शिक्षा को तलब किया
हर घर तिरंगा अभियान: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भुवनेश्वर में अपने आवास पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज
हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिला के कनीना स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से निलंबित प्राचार्य नरेश कुमार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने दोबारा कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा उनके निलंबन आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद की गई है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल को जारी पत्र में बताया गया है कि प्राचार्य नरेश कुमार को 19 जुलाई 2026 को निलंबित किया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूपी (CWP) नंबर 23505/2026, नरेश कुमार बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य शीर्षक से याचिका दायर की। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान हुए थे निलंबित प्राचार्य नरेश कुमार को सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान उनके स्कूली बच्चों द्वारा स्कूल के बाहर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने तथा सीजेपी प्रोटेस्ट का समर्थन करने पर निलंबित किया गया था। यह प्रोटेस्ट बच्चों ने स्कूल के बाहर जाकर किया था। इस पर प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया था। जिसके खिलाफ जिला भर के शिक्षा अधिकारियों ने निलंबिन वापस लेने के लिए डीसी को ज्ञापन भी दिया था। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल देव सिंह की उपस्थिति दर्ज करने के बाद जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और अगली सुनवाई 10 फरवरी 2027 निर्धारित की है। साथ ही अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए 19 जुलाई 2026 के निलंबन आदेश पर रोक (स्टे) बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं पदभार करेंगे ग्रहण हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल को निर्देश दिए हैं कि प्राचार्य नरेश कुमार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी में पुनः कार्यभार ग्रहण कराया जाए तथा इसकी सूचना निदेशालय को भेजी जाए। शिक्षा निदेशालय का यह आदेश 13 अगस्त 2026 को पंचकूला से जारी किया गया है।
गलत आदेश पारित कर रहे जिला विद्यालय निरीक्षक:हाईकोर्ट ने कहा- निदेशक माध्यमिक शिक्षा हाजिर हों
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्य पद के वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा बार-बार गलत आदेश पारित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने इसे गंभीर और अवमाननापूर्ण करार दिया। क्या है मामला जानिये याची स्मित तिवारी के अधिवक्ता ने बताया कि पहले अदालत ने वीरेश चंद्र मिश्रा प्रकरण में तय कानून के आधार पर डीआईओएस को याची को प्रधानाचार्य पद का बकाया व वर्तमान वेतन तीन माह में देने का आदेश दिया था। लेकिन डीआईओएस-2, कानपुर नगर ने सिंगल जज के उस पुराने फैसले के आधार पर आदेश पारित कर दिया, जिसे स्पेशल अपील में पहले ही संशोधित किया जा चुका था। निदेशक व्यक्तिगत रूप पेश हों अदालत ने कहा कि उसके सामने ऐसे कई मिलते-जुलते मामले आ रहे हैं जहां विभिन्न डीआईओएस निर्देशों के बावजूद गलत आदेश जारी कर रहे हैं। इससे पहले प्रमोद कुमार व अन्य मामले में भी अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को हलफनामा दाखिल करने को कहा था, और सुनील कुमार मिश्रा मामले में भी इस मुद्दे पर संज्ञान लिया गया था। अदालत ने निर्देश दिया है कि निदेशक, शिक्षा (माध्यमिक) अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करें कि अधिकारी अदालत के आदेशों और वीरेश चंद्र मिश्रा प्रकरण में तय कानूनी स्थिति की खुलेआम अवहेलना क्यों कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे होगी।
पाली के बांगड़ कॉलेज में अब स्टूडेंट जर्मन भाषा सीख सकेंगे। कॉलेज में गुरुवार से जर्मन भाषा की कक्षाओं की शुरुआत की गई। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विदेशी भाषा सीखने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ रोजगार और कॅरियर के नए अवसर मिलेंगे। जर्मनी में पढ़ाई और रोजगार के अवसर मिलेंगे कॉलेज प्राचार्य डॉ. विनीता कोका ने बताया कि वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी उपयोगी साबित हो रहा है। जर्मन भाषा सीखने से स्टूडेंट को जर्मनी सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा, रोजगार और कॅरियर के नए अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी। भाषा के साथ जर्मनी की संस्कृति भी सीखेंगे कॉलेज के फॉरेन लैंग्वेज संयोजक सहायक आचार्य गोमाराम ने बताया कि स्टूडेंट में जर्मन भाषा सीखने को लेकर खासा उत्साह है। कक्षाओं में भाषा सिखाने के साथ विद्यार्थियों को जर्मनी की संस्कृति, संवाद कौशल और व्यावहारिक भाषा से भी परिचित कराया जाएगा। नई भाषा से नई सोच और अवसरों से जुड़ेंगे प्राचार्य डॉ. विनीता कोका ने स्टूडेंट को इस पहल का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नई भाषा सीखना केवल नए शब्द सीखना नहीं है, बल्कि नई संस्कृति, नई सोच और नए अवसरों की दुनिया से जुड़ना भी है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की पहल कॉलेज प्रशासन के अनुसार जर्मन भाषा की कक्षाओं की शुरुआत स्टूडेंट को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे शिक्षा को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, मुख्य सचिव ने रोडमैप तैयार करने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के बीच के अंतर को कम करने, इंटर्नशिप व रोजगार मेलों को बढ़ावा देने और 5-6 तकनीकी शिक्षा हब विकसित करने पर जोर दिया।
RRB JE Recruitment 2026 का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने जूनियर इंजीनियर, डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट और केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट के 4098 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
5वीं से उच्च शिक्षा तक की भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के पंजीयन जारी
सवाईमाधोपुर| अखिल विश्व गायत्री परिवार की भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए पंजीयन जारी है। जिला संयोजक राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में भारतीय संस्कृति, देशभक्ति, मानवीय मूल्यों, संस्कारों की जागृति लाना है। युवाओं को व्यसन मुक्त, पर्यावरण प्रेमी, जिम्मेदार नागरिक और छात्रों में विनम्रता, सदाचार, संयम, बड़ों के प्रति आदर का भाव जगाना है। परीक्षा कक्षा 5 से लेकर उच्च शिक्षा तक आयोजित होगी। परीक्षा से पहले गायत्री परिवार परीक्षार्थियों को तय पाठ्यक्रम देगा। पढ़ने के लिए पुस्तकें भी दी जा रही हैं। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता स्कूलों में जाकर संपर्क कर रहे हैं। छात्रों को परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ब्लॉक, जिला, प्रान्तीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है। परीक्षा के आयोजन में सकारात्मक सहयोग के निर्देश दिए हैं। छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने मदरसों का रिकॉर्ड किया तलब, 30 सितंबर तक लेनी होगी मान्यता
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने मदरसों से 30 सितंबर तक मान्यता लेने को कहा है, जिसके बाद अवैध मदरसों पर कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक शिक्षा के लिए नए नियम भी प्रभावी हो गए हैं।
मानदेय भुगतान को लेकर मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ ने सौंपा ज्ञापन
किशनगंज| स्वच्छ परियोजना के तहत जिले भर में चल रहे मां बाड़ी और डे-केयर केंद्रों के शिक्षा सहयोगियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र दीवान के नेतृत्व में गुरुवार को शिक्षा सहयोगी जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर बालमुकुंद असावा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के दौरान राजेंद्र दीवान ने कहा कि पिछले 2 माह से रुका मानदेय एक साथ दिलाया जाए। स्वच्छ परियोजना कार्यालय में रिक्त परियोजना अधिकारी पद पर अधिकारी की नियुक्ति की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो 17 अगस्त से जिले के मां बाड़ी और डे-केयर केंद्र बंद कर कलमबंद हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में हरिओम, कालूराम, रामप्रसाद, शिवप्रसाद, राधेश्याम, सोनू, संजय, धनराज, गुरदीप, सेवाराम, रामलाल, सुनील, हरिमोहन आदि शामिल रहे।
Lucknow News: पुनर्वास विवि के छह विद्यार्थियों का डीएसएसएसबी से शिक्षा सेवा में चयन
पुनर्वास विवि के छह विद्यार्थियों का डीएसएसएसबी से शिक्षा सेवा में चयन
Kanpur News: नगर निगम विद्यालयों की बालिकाओं को मिलेगी एआई आधारित शिक्षा
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने गुरुवार को फिक्की फ्लो के पदाधिकारियों के साथ दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
Mahoba News: शिक्षा के 10 मानकों का अध्यापक करेंगे पालन
महोबा। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के 10 नए मानक तय किए हैं।
Children will not carry school bags on Saturdays; learning will take place through activity-based education.
Fatehpur News: किताबी ज्ञान संग व्यावहारिक कौशल सीखकर कमाई करेंगे आईटीआई प्रशिक्षार्थी
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षार्थियों को कौशल के साथ आय का अवसर उपलब्ध कराने के लिए अर्न व्हाइल यू लर्न इनिशिएटिव शुरू किया जा रहा है।
मेरे लिए शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है। जरूरी यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद हमारा बच्चा एम्प्लॉयबल हो और उसके पास ऐसी स्किल हो, जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। खासतौर पर हेल्थकेयर के क्षेत्र में स्किल और एकेडमिक्स हमेशा साथ चलते हैं। अब दूसरे क्षेत्रों में भी स्किल इंटीग्रेशन पर उतना ही ध्यान देना जरूरी है। ये कहना है मानसरोवर यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर गौरव तिवारी का। उन्होंने कहा कि, इसी सोच के साथ हम स्किल सेंटर और फ्यूचर स्किल सेंटर के माध्यम से एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं। एआई को मैं इंसानी बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं, बल्कि उसका विस्तार मानता हूं। एक शिक्षक को एआई रिप्लेस नहीं कर सकता, क्योंकि शिक्षा सिर्फ किताब पढ़ाने का काम नहीं है। इसमें व्यवहार, भावनाएं और ह्यूमन टच भी शामिल हैं। हां, एआई हमारी क्षमता और स्किल को जरूर मजबूत कर सकता है। मेरा मानना है कि आज के युवाओं को किसी एक ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय यह समझना चाहिए कि वे कौन-सी समस्या हल कर रहे हैं। अगर आपका आइडिया किसी की समस्या को आसान करता है, तो सफलता की संभावना वहीं से बनती है। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज अनुशासन है। मेरे जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि मेरे पिता ने मुझ पर जो भरोसा किया और जो विरासत मुझे सौंपी, मैं उसे सही तरीके से आगे बढ़ा सकूं।
प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर निशाना साधा, बांकीपुर में शिक्षा और रोजगार की घोषणा की
प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर निशाना साधा, बांकीपुर में शिक्षा और रोजगार की घोषणा की
योगी सरकार बेटियों की शिक्षा में बाधा न आए, इसके लिए स्कूलों में सुरक्षित और संवेदनशील माहौल बना रही है। मासिक धर्म स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए, प्रदेश के 75 जिलों में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं ताकि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षक भर्ती (TRE-4) विज्ञापन में देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में महाआंदोलन और आमरण अनशन की घोषणा की है।
मावली में प्रेरणा नौसलिया ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का पदभार संभाला। अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ ने स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।
दरभंगा में बिना रेगुलेशन वाले पीएचडी धारक ही बना रहे उच्च शिक्षा के नियम, यूजीसी पर गंभीर सवाल
आरटीआई से खुलासा हुआ है कि यूजीसी के जिन सदस्यों ने पीएचडी की मान्यता पर फैसले लिए, उन्होंने स्वयं बिना केंद्रीय रेगुलेशन के पीएचडी की थी। शिक्षाविदों ने पार्ट-टाइम और फुल-टाइम पीएचडी को समान मानने पर आपत्ति जताई है।
कनेरा में महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 481 लाख रुपए स्वीकृत, शिक्षा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात
कनेरा में नवीन राजकीय महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 481 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी।
जनगणना कार्यक्रम में बेहतरीन काम करने वाले 76 शिक्षकों ने वेतनवृद्धि का फायदा उठा लिया। इस कारण फिलहाल इसे निरस्त किया गया।
पटना में TRE-4, लाइब्रेरियन, AEDO, BSSC, BPSC और बिहार पुलिस भर्ती समेत विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की महाबैठक गुरुवार को कृष्णा घाट पर हुई। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक में भर्ती प्रक्रिया और लंबित विज्ञापनों को लेकर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक खत्म होने के बाद छात्रों ने 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया। वहां पर 5 दिनों के अंदर मांग पूरी नहीं हुई तो शिक्षा मंत्री के आवास और विधानसभा का घेराव होगा। TRE-4 के विज्ञापन को लेकर छात्रों में नाराजगी छात्रों की प्रमुख मांगों में TRE-4 का विज्ञापन जारी करना शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों को नई भर्ती का इंतजार है। TRE-4 के विज्ञापन में हो रही देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है। छात्रों ने जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग बैठक में छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। छात्रों का कहना है कि शिक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है। 18 अगस्त से आमरण अनशन का ऐलान बैठक के बाद छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, 18 अगस्त से पटना में छात्र आमरण अनशन पर बैठेंगे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में TRE-4 के अलावा लाइब्रेरियन, AEDO, BSSC, BPSC, दारोगा, सिपाही और सिविल कोर्ट चपरासी भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के शामिल होने की बात कही गई है। दिल्ली और झारखंड के बाद पटना में प्रदर्शन की तैयारी छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, छात्रों ने सरकार से मांगों पर जल्द पहल करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 18 अगस्त से प्रस्तावित आमरण अनशन को बड़े आंदोलन में बदला जाएगा।
झांसी में प्रदेश सरकार की कैबिनेट के उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर योगेंद्र उपाध्याय ने जंतर मंतर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को जायज ठहराया है। बोले, पैलेट गन क्यों दी गई है?। जब प्रदर्शन में देशद्रोही शामिल हो गए थे, जिन्होंने भारत को गाली दी, महापुरुषों को गाली दी, भारत के भगवानों को गाली दी। हमारे प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित शब्द इस्तेमाल किए ऐसे में क्या करना चाहिए था। बोले हिंसा के खिलाफ हर कदम को मैं जायज मानता हूं। पहले 2 तस्वीर देखिए… उच्च शिक्षा मंत्री झांसी की बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में आयोजित 31वें दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। यहां कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं है। वहीं, दिल्ली के जंतर मंतर और उसके बाद झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि पेपर लीक नहीं होने चाहिए। बोले उत्तर प्रदेश में पहले पेपर लीक की पूरी श्रृंखला चलती थी, उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। अब जब से योगी जी सत्ता में आए हैं पेपर लीक होना न के बराबर हो गया है। इसके अलावा लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कानून बनाया है वह इतना कड़ा और अच्छा है कि पेपर लीक करने वालों के होश ठिकाने रहेंगे। जब उनसे दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान चली पैलेट गन के आरोपों और आरटीआई में इसकी पुष्टि को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि आप बताएं पैलेट गन क्यों दी गई है ? बोले अगर कोई हिंसा करेगा, राष्ट्रद्रोही शामिल हो गए थे उस आंदोलन में। कहा छात्र आंदोलन था, जंतर मंतर पर उन्होंने अनुशासित ढंग से अपनी मांग को रखा। लेकिन जब उसमें आवश्यक लोग शामिल हो गए, जो भारतीय संस्कृति को गरिया रहे थे, भारतीय महापुरुषों को गाली दे रहे थे, भारत के भगवानों को गाली दे रहे थे और प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे थे, तब क्या करना चाहिए था।जब उनसे पूछा गया कि वह पैलेट गन के इस्तेमाल को जायज मानते हैं तो बोले, मैं हर चीज को जायज मानता हूं, कोई अगर हिंसा करेगा तो हर चीज जायज है।
जन्मदिन पर पौधरोपण और विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित, शिक्षा-पर्यावरण का दिया संदेश
जैसलमेर की कबीर बस्ती स्थित एम. के. जी. मेमोरियल स्कूल में संस्था प्रधान मनोहर लाल राठौड़ ने जन्मदिन पर पौधरोपण किया और विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित कर शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बिहार में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) का रिजल्ट जारी होने के बाद ही बीपीएससी टीआरई 4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन होगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि टीआरई 4 के लिए एसटीईटी में बैठने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
जोशी ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसदीय संस्थाओं के प्रति लगातार उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मॉनसून सत्र में व्यवधान उस व्यक्ति के अहंकार को दर्शाता है, जो संसद में सार्थक बहस से बार-बार बचता है और विदेश की धरती पर राजनीतिक बयान देना पसंद करता है।
इंडियन ओवरसीज बैंक में लोकल बैंक ऑफिसर पदों पर आवेदन शुरू
जो भी अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट www.iob.in या डायरेक्ट पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। अन्य किसी भी प्रकार से फॉर्म स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
जहानाबाद में गुरुवार को एक बैठक की गई जिसमें आगामी 29 अगस्त को गया में होने वाले छात्र युवा संसद सम्मेलन की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा के निजीकरण और बढ़ती फीस के खिलाफ आवाज उठाई गई, साथ ही छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। शहर के एक निजी हॉल में आयोजित इस बैठक का नेतृत्व इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के जिला संयोजक डॉ. धनंजय कुमार और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के संयोजक नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। वक्ताओं ने शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। बैठक में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव, परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और लगातार बढ़ रही फीस पर नियंत्रण की मांग की गई। छात्र नेताओं ने जोर दिया कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की अनदेखी और उनके शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने छात्रों के अधिकार, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छात्र-युवा आंदोलन को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान, सभी छात्रों और युवाओं से 29 अगस्त को गया में आयोजित होने वाले छात्र युवा संसद सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई, ताकि जहानाबाद से भी बड़ी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर, उत्तराखंड में 5-6 स्थानों पर बनेंगे तकनीकी शिक्षा हब
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने तकनीकी शिक्षा की समीक्षा कर 5-6 तकनीकी शिक्षा हब विकसित करने और इंडस्ट्री गैप कम करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के मौके ढूंढ रही महिलाओं के पास एक और ऑप्शन है। राज्य के अलग-अलग ज़िलों में आंगनवाड़ी वर्कर और आंगनवाड़ी हेल्पर के पदों के लिए भर्ती चल रही है। कुछ ज़िलों में एप्लीकेशन पहले से ही चल रहे हैं, जबकि कई दूसरे ज़िलों में रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है। जिन योग्य महिलाओं ने Class 12 पास कर ली है, वे अपने ज़िले के लिए बताए गए शेड्यूल के हिसाब से ऑनलाइन अप्लाई कर सकती हैं। क्योंकि भर्ती ज़िले के हिसाब से हो रही है, इसलिए एप्लिकेंट को अपना फॉर्म जमा करने से पहले संबंधित नोटिफिकेशन को ध्यान से देख लेना चाहिए। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया यह भर्ती सिर्फ़ महिला कैंडिडेट के लिए है। एप्लिकेंट को उस ज़िले का परमानेंट निवासी होना चाहिए जहाँ से वे अप्लाई कर रहे हैं। कैंडिडेट को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से Class 12 पास होना चाहिए। भर्ती नियमों के तहत पोस्टग्रेजुएट क्वालिफिकेशन को ज़्यादा से ज़्यादा एजुकेशनल क्वालिफिकेशन माना जा सकता है। कम से कम उम्र 18 साल है, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 35 साल है। रिज़र्व कैटेगरी की महिलाओं को लागू सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिल सकती है। जिले के अनुसार आवेदन की लास्ट डेट एवं पदों की संख्या घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करें योग्य कैंडिडेट मोबाइल फ़ोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। अप्लाई करने के लिए, ऑफिशियल रिक्रूटमेंट वेबसाइट पर जाएं और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को फॉलो करें। सबसे पहले, upanganwadibharti.in खोलें और नया आंगनवाड़ी रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रेशन ऑप्शन चुनें। रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए ज़रूरी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स डालें। रजिस्ट्रेशन के बाद, लॉग इन करें और बाकी जानकारी ध्यान से भरें। पूरा किया हुआ एप्लीकेशन सबमिट करें और भविष्य के लिए एक प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी अपने पास रखें। कोई एप्लीकेशन फीस नहीं इस रिक्रूटमेंट का एक बड़ा फायदा यह है कि महिला कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फीस नहीं देनी होगी। सभी कैटेगरी के एप्लीकेंट अपने फॉर्म फ्री में जमा कर सकते हैं। बिना रिटर्न एग्जाम के सिलेक्शन आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को रिटन एग्जाम या इंटरव्यू नहीं देना होगा। सिलेक्शन मुख्य रूप से रिक्रूटमेंट प्रोसेस में तय एलिजिबिलिटी और मेरिट क्राइटेरिया के आधार पर होगा। मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को बाद में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन और सभी लागू शर्तों को पूरा करने के बाद फाइनल सिलेक्शन किया जाएगा।
GPSTR Recruitment 2026: 15000 स्कूल टीचर पदों पर निकली भर्ती, जानें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: Safety Course at NISHE कर्नाटक स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट ने 12 अगस्त को ग्रेजुएट प्राइमरी स्कूल टीचर जॉब्स के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 18 अगस्त से शुरू होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (GPT), असिस्टेंट मास्टर (AM), प्राइमरी स्कूल टीचर (PST), फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET), कंप्यूटर साइंस टीचर (CST) पोस्ट के साथ 15,000 वैकेंसी शामिल हैं। इससे 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों के लिए टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं कि वे एलिजिबल हैं या नहीं और schooleducation.karnataka.gov.in पर 7 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 12 अगस्त एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 18 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 7 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 10 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है लिखित परीक्षा की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है वैकेंसी: कुल: 15,000 GPSTR: 8,500 असिस्टेंट मास्टर (AM): 4,500 प्राइमरी स्कूल टीचर (PST): 900 फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 600 कंप्यूटर साइंस टीचर (CST): 500 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इंस्टीट्यूशन से 12वीं, डिप्लोमा, डिग्री, ग्रेजुएशन होना चाहिए। पोस्ट के हिसाब से सब्जेक्ट की क्वालिफिकेशन की ज़रूरत जानने के लिए schooleducation.karnataka.gov.in वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें। कैंडिडेट भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा: जनरल: 21-40 साल 2A, 2B, 3A, 3B: 3 साल की छूट (43 साल तक) SC/ST: 5 साल की छूट (45 साल तक) एप्लीकेशन फीस: जनरल और पिछड़ा वर्ग: Rs 750 SC, ST और PwD: Rs 500 सिलेक्शन प्रोसेस: कॉम्पिटिटिव रिटन एग्जाम (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट / फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और मार्कशीट TET सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) आधार कार्ड या कोई दूसरा वैलिड पहचान का सबूत तालुक/जिले का डोमिसाइल/रेजिडेंस सर्टिफिकेट जाति सर्टिफिकेट (अगर रिजर्व्ड कैटेगरी में अप्लाई कर रहे हैं) पासपोर्ट-साइज़ फोटो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताया गया कोई दूसरा डॉक्यूमेंट अप्लाई कैसे करें: कर्नाटक स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं schooleducation.karnataka.gov.in. कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट 2026 एप्लीकेशन लिंक ढूंढें। वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और सभी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से एप्लीकेशन फीस भरें। फाइनल सबमिशन से पहले सभी भरी हुई डिटेल्स को ध्यान से देखें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या सॉफ्ट कॉपी रखें।
कोटपूतली स्थित श्रीमती पाना देवी मोरीजवाला राजकीय कन्या कॉलेज में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) पर कार्यशाला आयोजित की गई। कॉलेज प्राचार्य प्रो. आर. पी. गुर्जर के निर्देशन में हुई कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के साथ शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी देना था। कार्यशाला प्रभारी डॉ. जगराम गुर्जर ने छात्राओं को NEP-2020 के प्रमुख आयामों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन, नवाचार, कौशल और आत्मनिर्भरता विकसित करने पर जोर देती है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न डिजिटल मंचों और शैक्षिक पोर्टल से जुड़कर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को अंगदान की शपथ दिलाई कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय अंगदान दिवस भी मनाया गया। छात्राओं को अंगदान के महत्व और मानव जीवन में इसके योगदान के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अंगदान की शपथ दिलाई गई और समाज में अंगदान को लेकर सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प कराया गया। छात्रवृत्ति योजनाओं की दी जानकारी डॉ. कमलेश यादव और डॉ. महेंद्र कुमार सिंधु ने छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के बारे में जानकारी दी। कंप्यूटर और कौशल विकास पाठ्यक्रम बताए समापन अवसर पर एलीट फाउंडेशन के श्री भीम सिंह सैनी ने छात्राओं को कंप्यूटर एवं कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी दक्षता हासिल करने से छात्राओं को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, कौशल, छात्रवृत्ति और सामाजिक दायित्वों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
बिहार के लाखों बीएड और डीएलएड पास युवाओं के लिए शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया (Teacher Recruitment Examination) को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE 4 का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। शिक्षा मंत्री ने एक आधिकारिक घोषणा करते हुए यह साफ कर दिया है कि चौथे चरण की इस बड़ी शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी होने से पहले माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी (STET) का परिणाम घोषित किया जाएगा। सरकार के इस बड़े फैसले का मतलब यह है कि जो अभ्यर्थी एसटीईटी परीक्षा में सफल होंगे, केवल वही TRE 4 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माने जाएंगे। इस घोषणा के बाद से राज्य के लाखों प्रतियोगियों की धड़कनें तेज हो गई हैं और वे अपनी तैयारियों में पूरी शिद्दत से जुट गए हैं। आइए जानते हैं शिक्षा विभाग के इस नए फैसले और पूरी चयन प्रक्रिया का पूरा गणित।क्या है TRE 4 और क्यों हो रहा है इसका बेसब्री से इंतजार?बिहार में पिछले कुछ वर्षों से चल रहे बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती अभियानों (BPSC Teacher Exam) के तहत पहले, दूसरे और तीसरे चरण की परीक्षाएं सफलताaपूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं, जिसके जरिए लाखों युवाओं को सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का अवसर मिला है। अब निगाहें पूरी तरह से चौथे चरण यानी TRE 4 पर टिकी हुई हैं। राज्य के सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े हजारों पदों को भरने के लिए इस नई भर्ती का ऐलान काफी पहले किया जा चुका था। लेकिन एसटीईटी (STET) और अन्य शैक्षणिक योग्यताओं के पेंच के कारण परीक्षा के नोटिफिकेशन में लगातार देरी हो रही थी। लाखों युवा अभ्यर्थी जो अपनी डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे लगातार सरकार से यह मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द TRE 4 का विज्ञापन जारी किया जाए ताकि उन्हें भी शिक्षक बनने का मौका मिल सके।शिक्षा मंत्री का स्पष्ट निर्देश: पहले क्लियर होगा STET रिजल्टछात्रों के इन सवालों और असमंजस पर विराम लगाते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह ऐलान किया है कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य छात्र का नुकसान न हो। नियम के मुताबिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए पात्रता साबित करने हेतु STET पास होना अनिवार्य होता है। यही वजह है कि सरकार ने यह तय किया है कि TRE 4 की आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से ठीक पहले लंबित या हाल ही में संपन्न हुए एसटीईटी का रिजल्ट जारी किया जाएगा। जब परिणाम घोषित हो जाएंगे और नए सफल अभ्यर्थियों की सूची तैयार हो जाएगी, उसके बाद ही चौथे चरण की मुख्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा सीधा असरशिक्षा विभाग के इस रणनीतिक फैसले से राज्य के उन तमाम बीएड और स्नातकोत्तर पास युवाओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो एसटीईटी की परीक्षा में शामिल हुए थे और अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। यदि सरकार बिना एसटीईटी रिजल्ट के TRE 4 निकाल देती, तो ये नए छात्र परीक्षा से बाहर हो जाते और उन्हें अगले चरण का लंबा इंतजार करना पड़ता। अब रिजल्ट पहले आने से प्रतिस्पर्धा का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा तथा अधिक से अधिक योग्य युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। हालांकि, इसके साथ ही परीक्षा में कंपटीशन का स्तर भी काफी ऊंचा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।कब तक आ सकता है नोटिफिकेशन और क्या है आगे की प्रक्रिया?शिक्षा मंत्री के इस ताजा ऐलान के बाद अब पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) बहुत जल्द एसटीईटी के परिणामों की घोषणा कर देगी। परिणामों के प्रकाशन के तुरंत बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) या संबंधित चयन बोर्ड द्वारा TRE 4 का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार सीटों का आरक्षण और आवेदन करने की महत्वपूर्ण तिथियां साझा की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यर्थियों को अब बिना एक भी पल गंवाए अपनी किताबों से नाता जोड़ लेना चाहिए क्योंकि एक बार रिजल्ट आते ही आवेदन और परीक्षा के बीच का समय बहुत कम मिलने वाला है।
Education Boards: देशभर के विभिन्न शिक्षा बोर्डों में एकरूपता लाने को लेकर संसदीय समिति ने महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। समिति ने नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए कहा है
शाजापुर जिले में ई-अटेंडेंस दर्ज करने में देरी या उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 643 सरकारी शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तलब किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने 12 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। 549 शिक्षकों ने देरी से दर्ज की उपस्थिति जारी आदेश के अनुसार, जिले में 549 शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने सुबह 10:30 बजे के बाद ‘हमारे शिक्षक ऐप’ पर ई-अटेंडेंस दर्ज की। वहीं, 94 शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की। सभी संबंधित शिक्षकों को जिला शिक्षा कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को जिला कार्यालय पहुंचने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग विकासखंडों से आने वाले शिक्षकों के लिए कार्यालय पहुंचने का समय भी निर्धारित किया गया है। वास्तविक कारण की जानकारी लेगा विभाग जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने बताया कि विद्यालयों का निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक है। पिछले कुछ दिनों से कुछ शिक्षकों द्वारा निर्धारित समय के बाद ई-अटेंडेंस दर्ज करने की जानकारी सामने आ रही थी। इसी के चलते संबंधित शिक्षकों को कार्यालय बुलाकर उपस्थिति में देरी या उपस्थिति दर्ज नहीं करने का कारण पूछा जा रहा है। अधिकारी के अनुसार, यदि किसी शिक्षक की वास्तविक समस्या सामने आती है तो उसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी। वहीं, ई-अटेंडेंस पोर्टल पर कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे मामलों की जानकारी एईओ के माध्यम से वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि पोर्टल से संबंधित नाम हटाए जा सकें। एक साथ 643 शिक्षकों को पूछताछ के लिए बुलाया जिला मुख्यालय में 643 शिक्षकों को बुलाए जाने से संबंधित स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
उत्तराखंड के राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए एंटी-ड्रग शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
Bihar Rojgar Mela: बिहार में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पटना में आयोजित होने वाले मेगा रोजगार मेले के जरिए करीब 20 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी।
सैन्य बहुल प्रदेश उत्तराखंड में बेटियों की सेना में भागीदारी बढ़ाने के लिए बालिका सैनिक स्कूल खोलने का प्रस्ताव था।
युवा नशे से रहें दूर, शिक्षा और खेल में लगाएं ऊर्जा : पठानिया
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया है।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के एलटी शिक्षकों के लिए टीईटी-2 अनिवार्य कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक यह योग्यता हासिल करनी होगी, जबकि राजकीय शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है।
माध्यमिक सहायक आचार्य के लिए अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने में अभी देरी होगी। नियुक्ति पत्र देने की योजना फिलहाल टल गई है। राज्य के विभिन्न प्लस-टू स्कूलों में नियुक्ति के लिए 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा की गई है। इनमें 218 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने बीएड, एमए या अन्य संबंधित शैक्षणिक डिग्रियां देश या राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से हासिल की हैं। निजी यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के बाद शिक्षा विभाग ने इनके प्रमाण पत्रों की जांच का फैसला लिया है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को हर प्रमाण पत्र की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इंटरनल जांच कराई थी। इसी स्क्रूटनी के दौरान यह बात सामने आई कि माध्यमिक सहायक आचार्य की अनुशंसा सूची में भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। शिक्षा सचिव ने कहा कि जरूरत पड़ी तो फ्रेश काउंसलिंग भी कराई जा सकती है। नियुक्ति पत्र कब दिया जाएगा, इसके लिए कोई योजना नहीं बनी है। नियुक्ति पत्र मिलने में देरी...शिकायत के बाद जांच, कुछ प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले राज्य में करीब 1373 माध्यमिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से की है। इन अभ्यर्थियों को लेकर शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पास पहले शिकायतें पहुंची थीं। शिकायतों के आधार पर हुई इंटरनल जांच में कुछ शिकायतों की पुष्टि हुई। मिली जानकारी के अनुसार, साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और एआई एंड कोडिंग जैसे विषयों में सफल कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने नियुक्ति पत्र वितरण की योजना फिलहाल रोक दी है। परीक्षा-दस्तावेज सत्यापन के बाद बनी थी अनुशंसा सूची माध्यमिक सहायक आचार्य की नियुक्ति राज्य के प्लस-टू उच्च विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विभिन्न विषयों के लिए की जा रही है। जेएसएससी की लिखित परीक्षा, निर्धारित शैक्षणिक अर्हता और दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम अनुशंसा सूची तैयार की गई थी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और झारखंड सरकार के नियुक्ति नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र हैं। अब अनुशंसा के बाद शिक्षा विभाग यह जांच करेगा कि निजी विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिग्रियां संबंधित संस्थानों की यूजीसी और एनसीटीई की मान्यता के अनुरूप हैं या नहीं।
कन्या राशिवालों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, पैसे उधार ना दें, जानें दैनिक राशिफल
Virgo Daily Horoscope, 13 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, किसी को पैसा उधार ना दें, किसी बात को लेकर उलझन रहेगी, उन्नति के रास्ते में बाधाएं आएंगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Roorkee News: शिक्षा के साथ अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
सनातन धर्म प्रकाश चंद कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत, मार्गदर्शन और महाविद्यालयी जीवन से परिचय कराने के मकसद से तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का बुधवार को शुभारंभ हुआ।
Kushinagar News: विद्यालय में बेटियों को स्वावलंबन की शिक्षा
Teaching self-reliance to daughters in school
जोधपुर में चौपासनी शिक्षण संस्थाओं के संचालन को लेकर कुछ समय से दो पक्ष आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। चौपासनी शिक्षा समिति ने बुधवार को कार्यालय में संस्थाओं की प्रोग्रेस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने स्कूल के बाहर मीडिया से बात कर अपना पक्ष रखा। चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने संस्थाओं के विकास और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया- चौपासनी शिक्षण संस्थान परिसर के डवलपमेंट के लिए 20 करोड़ की राशि के विकास कार्य हुए या चल रहे हैं। इन्होंने बताया- चौपासनी महाविद्यालय का नया भवन 6 करोड़ रुपए में हेरिटेज लुक के साथ बनकर तैयार हुआ है और उस भवन का उद्घाटन हो चुका है। साथ ही नए और बड़े क्लासरूम ब्लॉक महाराजा उम्मेद प्री-प्राइमरी स्कूल का नवीनीकरण कार्य, चौपासनी उच्च माध्यमिक विद्यालय का मरम्मत कार्य, छात्रावास अपग्रेड, स्मार्ट क्लासरूम फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंम्प्यूटर लैब, 120 किलोवाट सोलर पैनल इंस्टालेशन, परिसर में प्रवेश रास्ते में नई सीसी रोड और संस्थान की सुरक्षा की दृष्टि से वाऊंड्रीवाल के कार्य शामिल हैं। सम्पति की देख-रेख सम्पति का अधिकार चौपासनी शिक्षा समिति का जसोल ने बताया- चौपासनी शिक्षा समिति के संविधान के अनुसार चौपासनी परिसर स्थित सभी सम्पति की देख-रेख सम्पति का अधिकार समिति का है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पत्र 18 अक्टूबर 2003 को चौपासनी स्कूल भवन चौपासनी शिक्षा समिति को सुपुर्द किया गया। खसरा नंबर 63 की भूमि जो चौपासनी स्कूल के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में थी। इसके कारण सैनिक स्कूल और चौपासनी महाविद्यालय की मान्यता के लिए व्यवधान आ रहा था। सामान्य प्रशासन राजस्थान सरकार के आदेश के अनुसार चौपासनी स्कूल के नाम दर्ज इस भूमि को चौपासनी शिक्षा समिति के नाम से राजस्व रिकॉर्ड जमाबंदी में सुधार करने के लिए यह कार्रवाई की गई। समिति के आवेदन पर राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी में 17 मार्च को चौपासनी शिक्षा समिति के नाम खतौनी की गई। उन्होंने कहा- जमीन शिक्षा समिति की है और उसी के पास रहेगी। मेड़तिया बोले-ट्रस्ट के तहत नहीं जाने दी जाएगी स्कूल वहीं, दूसरी तरफ मारवाड़ राजपूत संस्थान बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शंभूसिंह मेड़तिया ने कहा- जमीन बदलकर चौपासनी संस्थान के नाम कर दी गई और अब यह संस्थान ट्रस्ट के अंडर में जा रहा है। यह जमीन पहले विश्वयुद्ध से पहले हुए युद्ध में शामिल हुए सैनिकों की दी गई राशि से यह स्कूल बना है। संघर्ष समिति इसको ट्रस्ट के अंडर नहीं जाने देगी। ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर प्रभाव जमाने की कोशिश की जा रही है। इससे जनरल काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों का महत्व कम हो जाएगा। यह राजपूत समाज की लड़ाई है। हमने जमीन के रिकॉर्ड में सुधार करवाकर इसे स्कूल के नाम कराया है। चौपासनी स्कूल का 112 वर्ष का इतिहास चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष जसोल ने बताया- चौपासनी स्कूल की स्थापना 112 वर्ष पूर्व 1914 में पूर्व महाराजा सर प्रताप ने की। शिक्षा क्षेत्र में सर प्रताप के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस विद्यालय में ग्रामीण और साधारण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी कम विद्यालय शुल्क में शिक्षा प्राप्त करते हैं। इस विद्यालय में 365 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और 148 छात्रावास में रहते हैं। चौपासनी शिक्षा कोष के लिए 5 करोड़ का राशि का लक्ष्य उन्होंने बताया- चौपासनी शिक्षा समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर छात्रवृति के लिए चौपासनी शिक्षा कोष की स्थापना की है। इस कोष के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 23 दानदाताओं द्वारा अब तक 19 लाख से अधिक की राशि का सहयोग प्राप्त किया जा चुका है। इस कोष के लिए अच्छा रेस्पांस मिल रहा है। चौपासनी शिक्षा समिति के अधीनस्थ संचालित सभी शिक्षण संस्थाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वहीं महाराजा हनवंत सैनिक स्कूल निजी मोड (पीपीपी मोड) पर संचालित देश के 30 सैनिक स्कूलों में से ऑल इंडिया सैनिक स्कूल रैंकिंग में पिछले वर्ष दूसरे तथा इस वर्ष प्रथम स्थान पर रहा है। इस अवसर पर ब्रिगेडियर शक्ति सिंह, चौपासनी शिक्षा समिति के सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह झालामंड, कोषाध्यक्ष दलपत सिंह खींची, धनंतय सिंह, मोती सिंह राठौड़, महेश करण सिंह राठौड़ पाल, जितेन्द्र सिंह चाडी, कर्नल शंभू सिंह देवड़ा, विशन सिंह भाटी, आनंद सिंह जोधा और राजेंद्र सिंह लीलियां मौजूद थे।
बिहार कैबिनेट के 10 प्रस्तावों पर मुहर, युवाओं, रोजगार, शिक्षा और सौर ऊर्जा को लेकर बड़े फैसले
Patna, 12 अगस्त . बिहार में Chief Minister की अध्यक्षता में Wednesday को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने, उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने, सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने, Governmentी विभागों में पद सृजित करने के साथ-साथ ... Read more
भुसावर के घाटरी स्थित शहीद विक्रम सिंह विद्यालय में जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता फाउंडेशन ने पाठ्य सामग्री और बैग वितरित किए।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं की भूमिका और भविष्य को लेकर दूरदर्शन के विशेष कार्यक्रम ‘बिहार विहान’ में चर्चा हुई। कार्यक्रम में युवा शिक्षक, युवा विकास और हिन्दी संप्रेषण विशेषज्ञ शिवेन्द्र कुमार मालवीय ने युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। दूरदर्शन केंद्र पटना की ओर से कार्यक्रम का प्रसारण बुधवार सुबह 8 बजे किया गया। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषिका ऋचा कुमारी ने किया। इसमें शिवेन्द्र कुमार मालवीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।मालवीय ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं। वे वर्तमान की भी सबसे बड़ी ताकत हैं। देश की दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका अहम है। इसलिए युवाओं को शिक्षा के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। हिन्दी भाषा के महत्व पर विचार रखेउन्होंने युवा सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। जी-20 के आधिकारिक सहभागी समूह Y20 में युवाओं की भूमिका पर भी उन्होंने चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच और उनकी भागीदारी देश के विकास की रफ्तार को बदल सकती है। कार्यक्रम में हिन्दी भाषा के महत्व पर भी उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं है। यह लोगों को जोड़ने वाली भाषा भी है। युवाओं को अपनी भाषा पर गर्व करते हुए आधुनिक ज्ञान और तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहिए। 'विकसित भारत का सपना युवाओं के बिना पूरा नहीं हो सकता' मालवीय ने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नई सोच और सामाजिक सरोकार जरूरी है। कार्यक्रम से जुड़े दर्शकों और श्रोताओं ने भी उनके विचारों की सराहना की। शिक्षा, युवा विकास और हिन्दी के क्षेत्र में उनके अनुभव को लोगों ने प्रेरणादायी बताया।अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर ‘बिहार विहान’ का यह विशेष कार्यक्रम युवाओं के लिए संदेश देने वाला रहा। खासकर नेतृत्व और जिम्मेदारी को लेकर मालवीय की बातों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी।
प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 के विरोध में औरंगाबाद के रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उच्च शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताया। शिक्षकों ने कहा कि राज्य सरकार मौजूदा बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर नया उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 लाने की तैयारी कर रही है। आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इससे विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक-प्रशासनिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए सरकार को विश्वविद्यालयों को अधिक स्वतंत्र और संसाधनयुक्त बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उनकी स्वायत्तता कम करने की कोशिश करनी चाहिए। शिक्षक-कर्मचारियों के हितों की रक्षा की मांग प्रदर्शन में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक केवल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का विषय नहीं है, बल्कि इससे शिक्षक-कर्मचारियों के हित भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह के बदलाव से पहले संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अकादमिक निर्णय लेने में पर्याप्त स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था विश्वविद्यालयों के अधिकारों और स्वायत्तता को सीमित कर सकती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों-शिक्षकेतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और विश्वविद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए। वेतन-पेंशन और एरियर भुगतान में देरी पर भी जताया आक्रोश प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन-एरियर भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। शिक्षकों ने कहा कि महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति और बिहार सरकार के अपेक्षित सहयोग के बावजूद राज्य सरकार समय पर वेतन, पेंशन और एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार विलंब होने से शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई उत्पन्न होती है। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार सिंह, सचिव डॉ. अभिषेक कुमार सिंह और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनुज कुमार और सचिव मो. जावेद ने किया।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने बुधवार को जयपुर में पीरामल फाउंडेशन ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल, सीईओ आदित्य नटराज, मोतीलाल ओसवाल
CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणाम घोषित, छात्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें मार्कशीट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 12वीं के लिए आयोजित सप्लीमेंट्री या कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हुए जो छात्र परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सीबीएसई ने बुधवार को कक्षा 12वीं के सप्लीमेंट्री परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को मिलेगा समावेशी शिक्षा का प्रशिक्षण
हर बच्चे की सीखने की अपनी गति और जरूरत होती है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समय पर पहचान, शुरुआती सहयोग और अनुकूल शैक्षिक वातावरण उनकी आगे की शिक्षा को मजबूत आधार दे सकता है। इसी उद्देश्य से यूपी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को समावेशी शिक्षा की शुरुआती कड़ी के रूप में और मजबूत कर रही है। प्रदेश के 75 जिलों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्त्रियों के साथ प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दौसा। जिले में बुधवार को दौसा धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के साथ शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले। विश्व हिंदू परिषद की बैठक में दुर्गा वाहिनी की नई जिम्मेदारी तय की गई, वहीं जिले के शिक्षा विभाग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले हुए हैं। इसके अलावा भारत विकास परिषद द्वारा विद्यालयों में संस्कारपरक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
भिवानी जिले के लोहारू में हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार को एक रैली का आयोजन किया गया। रैली को लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल ने पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रभा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, अध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर और देशभक्ति के नारे लगाते हुए आमजन को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश दिया। यह रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर लोहारू के मुख्य बाजार और विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अवसर पर एसडीएम मनोज दलाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और तिरंगे के प्रति सम्मान बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों पर तिरंगा फहराकर अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। विद्यार्थियों से तिरंगे का सम्मान करने का आह्वान खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रभा ने भी विद्यार्थियों को अभियान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। प्रभा ने विद्यार्थियों से तिरंगे का सदैव सम्मान करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने का आग्रह किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा गया। बाजार में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भी रैली का स्वागत किया और देशभक्ति के नारों के साथ विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। इस जागरूकता रैली के माध्यम से लोहारू शहरवासियों को स्वतंत्रता दिवस पर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया गया।
एसबीआई में जूनियर एसोसिएट के 9124 पदों पर आवेदन शुरू
एसबीआई क्लर्क पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी को लोकल भाषा का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 28 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
करनाल में घरौंडा के एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने गगसीना गांव के चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड एर्ली एंग्लिश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण कर शिक्षा और स्कूल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। करीब दो-तीन घंटे चले निरीक्षण में उन्होंने शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, प्रार्थना सभा, पीटी, कक्षाओं, साफ-सफाई, मिड्डे मिल, साईंस रूम और पुस्तकालय की जांच की। इस दौरान सभी शिक्षक उपस्थित मिले। एसडीएम ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके सपनों और करियर को जाना और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कक्षाओं में पहुंचकर परखे बच्चों के ज्ञान एसडीएम ने सबसे पहले शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया, सभी टीचर मौजूद मिले। इसके बाद उन्होंने लड़कों के स्कूल में प्रार्थना सभा और पीटी देखी। वहां की व्यवस्थाएं देखने के बाद वे छात्राओं के स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने कमरों, बरामदों, साफ-सफाई और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देखी तथा टीचरों की हाजिरी भी जांची। छात्राओं को दिया- मेरे सपनों का भारत टॉपिक इसके बाद एसडीएम कक्षाओं में पहुंचे। उस समय बच्चे हिंदी विषय पढ़ रहे थे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनके करियर को लेकर सवाल किए। साथ ही ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चार लाइनें लिखने को कहा। छात्राओं की कॉपियां चेक करने के बाद उन्होंने इसी विषय पर उन्हें बोलने के लिए कहा। कई छात्राओं ने तुरंत जवाब दिए, जबकि कुछ छात्राएं विषय को पूरी तरह समझाकर नहीं बता पाईं। इसके बाद एसडीएम अन्य कक्षाओं में भी गए और अलग-अलग विषयों से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों से पूछा- क्या बनना है, मोटिवेट किया लड़कों के स्कूल में एसडीएम ने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनके पसंदीदा विषय, हॉबी, पसंदीदा खेल और जीवन के लक्ष्य के बारे में पूछा। विद्यार्थियों ने कोई आईएएस अधिकारी, कोई खिलाड़ी, कोई पुलिसकर्मी, कोई सैनिक, कोई डॉक्टर और कोई शिक्षक बनकर समाजसेवा करने की इच्छा जताई। एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि बच्चों के सपने बड़े हैं और टीचर भी उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मानसिक नुकसान के बारे में भी समझाया। दूध पीकर जांची गुणवत्ता, बच्चों से भी लिया फीडबैक एसडीएम ने लड़कों के स्कूल की मिड्डे मिल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उस समय विद्यार्थियों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा था। दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए एसडीएम ने खुद दूध पीकर देखा। उन्होंने बच्चों से भी पूछा कि दूध कैसा है और पीने में अच्छा लग रहा है या नहीं। बच्चों ने बताया कि दूध अच्छा है और स्वाद भी ठीक है। उन्होंने विज्ञान कक्ष और पुस्तकालय का निरीक्षण करने के साथ स्कूल भवन के पीछे खाली पड़ी जमीन को भी देखा। एसडीएम ने कहा कि इस जगह पर बाग या बागवानी से जुड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। इससे खाली जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्कूल के लिए आय का साधन भी तैयार हो सकता है। अगले सत्र से शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई स्कूल के शिक्षकों ने एसडीएम को बताया कि गगसीना का यह सरकारी स्कूल अब चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड एर्ली एंग्लिश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बन चुका है। अगले सत्र से पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू होगी। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलने की उम्मीद है। एसडीएम साहब ने किया दो-तीन घंटे निरीक्षण विद्यालय के प्राचार्य दलबीर सिंह ने बताया कि एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने करीब दो-तीन घंटे स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल सुविधाओं, व्यवस्थाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहा है। स्कूल का परीक्षा परिणाम लगातार शत-प्रतिशत रहता है और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।दलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय बनने के बाद स्कूल में करीब एक करोड़ रुपए के विकास कार्य होने हैं। इन कार्यों से स्कूल की सूरत और व्यवस्था में और सुधार होगा। उन्होंने अभिभावकों से सरकारी स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने की अपील की। खाली जमीन से मिल सकती है अतिरिक्त आय निरीक्षण के बाद एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि लड़कों और लड़कियों के दोनों स्कूल एक साथ हैं और बुनियादी ढांचे के हिसाब से काफी अच्छे हैं। सभी अध्यापक उपस्थित मिले और पढ़ाई भी व्यवस्थित तरीके से कराई जा रही है। उन्होंने अध्यापकों को भी प्रेरित किया कि जहां सुधार की जरूरत हो, वहां पहल की जाए। बच्चों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा उन्होंने कहा कि स्कूल के पीछे खाली जमीन को बागवानी या बाग के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्कूल की आय भी बढ़ सकती है। मध्याह्न भोजन की व्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम ने कहा कि पहले की तुलना में व्यवस्था बेहतर है और स्टाफ ने भी भोजन सामग्री की गुणवत्ता पर संतोष जताया है। बच्चों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा है। बीएलओ की ली मीटिंगएसडीएम ने बताया कि स्कूल में ही बीएलओ की मीटिंग ली गई है। उनको एसआईआर का कार्य जल्दी करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही बीएलओ के सामने जो भी समस्याएं आ रही है उनके भी समाधान के प्रयास किए गए है। एसआईआर में बीएलओ कार्य कर रहे है और लोग भी इसमें अपना सहयोग करें।
job news 2026: सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली हैं वैकेंसी, 16 अगस्त हैं आवेदन की लास्ट डेट
इंटरनेट डेस्क। मेडिकल सेक्टर में जाकर नौकरी करना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट (गैर-शैक्षणिक) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि के लिए की जाएंगी। आवेदन की लास्ट डेट- 16 अगस्त 2026 आवेदन- ऑनलाइन पदों का नाम-सीनियर रेजिडेंट (ग्रुप-ए) कुल पद- 121 आयु सीमा- भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है वेतन- चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तहत पे मैट्रिक्स लेवल-11 में वेतन दिया जाएगा ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते है pc-shine.com
pc: jagran भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कई नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए एप्लीकेशन की डेडलाइन बढ़ा दी है। जो कैंडिडेट इन पोस्ट में इंटरेस्टेड थे, लेकिन पहले अपनी एप्लीकेशन पूरी नहीं कर पाए थे, उनके पास अब अप्लाई करने का एक और मौका है। एलिजिबल कैंडिडेट BPCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 19 अगस्त, 2026 तक अपना एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। एप्लिकेंट को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय तक इंतजार न करें और डेडलाइन से काफी पहले रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर लें। सैलरी डिटेल्स नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए चुने गए कैंडिडेट को पोस्ट और लागू पे स्केल के आधार पर ₹26,500 से ₹34,000 तक महीने की सैलरी मिलेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट के पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से संबंधित डिप्लोमा होना चाहिए। जरूरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा, एप्लिकेंट के पास संबंधित फील्ड में संबंधित काम का अनुभव भी होना चाहिए। कैंडिडेट जिस खास पोस्ट के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसके लिए क्वालिफिकेशन और अनुभव की जरूरतों को कन्फर्म करने के लिए डिटेल्ड रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें। उम्र सीमा और छूट आवेदकों की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से गिनी जाएगी। आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी उम्र सीमा में छूट मिलेगी। OBC उम्मीदवारों को उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी, जबकि SC और ST उम्मीदवारों को 5 साल की छूट मिलेगी। उम्मीदवारों का सिलेक्शन कैसे होगा? इन पदों के लिए सिलेक्शन प्रोसेस में तीन स्टेज होंगे: लिखित परीक्षा स्किल/प्रोफिशिएंसी टेस्ट मेडिकल परीक्षा लिखित परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 सवाल होंगे। सवालों में इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीजनिंग, जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा पूरी करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। जो लोग लिखित परीक्षा में पास होंगे, उन्हें स्किल/प्रोफिशिएंसी टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। जो उम्मीदवार ज़रूरी स्टेज सफलतापूर्वक पास कर लेंगे, उन्हें फाइनल सिलेक्शन प्रोसेस के हिस्से के तौर पर मेडिकल जांच से गुज़रना होगा। एप्लिकेंट्स के लिए ज़रूरी रिमाइंडर जो कैंडिडेट्स एलिजिबिलिटी की शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें 19 अगस्त, 2026 की बढ़ी हुई डेडलाइन से पहले अपनी एप्लीकेशन पूरी कर लेनी चाहिए। फॉर्म जमा करने से पहले, एप्लिकेंट्स को ऑफिशियल BPCL रिक्रूटमेंट नोटिफ़िकेशन में दी गई अपनी एजुकेशनल क्वालिफ़िकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, उम्र और दूसरी एलिजिबिलिटी की शर्तों को ध्यान से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।
SBI Clerk Recruitment 2026: 9766 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, चेक करें डिटेल्स
pc: kalinga tv स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने क्लेरिकल कैडर में जूनियर एसोसिएट्स (कस्टमर सपोर्ट और सेल्स) की भर्ती के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, बताई गई पोस्ट के लिए कुल 9766 वैकेंसी उपलब्ध हैं। योग्य उम्मीदवार SBI क्लर्क परीक्षा 2026 के लिए 31 अगस्त तक ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन अथॉरिटी ने 11 अगस्त को अपने ऑनलाइन पोर्टल पर जारी किया है। ज़रूरी तारीखें एप्लीकेशन शुरू: 11 अगस्त, 2026 रजिस्टर करने की आखिरी तारीख: 31 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन डिटेल्स एडिट करने की आखिरी तारीख: 31 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन फीस: 11 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 जैसा कि डिटेल्ड नोटिफिकेशन में बताया गया है, प्रीलिमिनरी परीक्षा सितंबर 2026 में होने की उम्मीद है, जबकि मेन SBI क्लर्क परीक्षा नवंबर 2026 में होने की उम्मीद है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट ऑफिशियल नोटिफिकेशन के ज़रिए SBI क्लर्क भर्ती 2026 के बारे में पूरी जानकारी देख सकते हैं। रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट sbi.gov.in पर जाकर और एप्लीकेशन फॉर्म जमा करके शुरुआती SBI क्लर्क परीक्षा के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। एप्लिकेंट को अपनी पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स डालनी होंगी और बताए गए फॉर्मेट में सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। वैकेंसी डिटेल्स SBI क्लर्क नोटिफिकेशन 2026 के अनुसार, मौजूदा रिक्रूटमेंट ड्राइव के तहत कुल 7680 रेगुलर वैकेंसी की घोषणा की गई है। SC कैटेगरी के कैंडिडेट: 1114 वैकेंसी ST कैंडिडेट: 837 वैकेंसी OBC कैंडिडेट: 1716 वैकेंसी EWS कैंडिडेट: 760 वैकेंसी जनरल कैंडिडेट: 3253 वैकेंसी SBI क्लर्क रिक्रूटमेंट 2026 के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, कैंडिडेट SBI के ऊपर बताए गए पोर्टल पर मौजूद डिटेल्ड नोटिफिकेशन देख सकते हैं।
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मोहाली में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर शिक्षा बोर्ड कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन किया।
मोहाली में शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
मोहाली में शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
हरियाणा के करनाल जिले से प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी सुस्ती का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग (Education Department) की तरफ से अजीबोगरीब लापरवाही देखने को मिली है, जहां एक तरफ एक दिन में सिर्फ 5 मामलों की एज वेरिफिकेशन (Age Verification) करने की क्षमता है, वहीं दूसरी तरफ काम का भारी बोझ डालते हुए एक साथ सीधे 500 से ज्यादा केस जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इस कागजी प्रकिया के भारी असंतुलन के बाद से स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच सिरदर्दी बढ़ गई है, जिससे कामकाज पूरी तरह से पटरी से उतरता नजर आ रहा है।क्षमता से सौ गुना ज्यादा काम का बोझप्राप्त जानकारी के अनुसार, करनाल के संबंधित शिक्षा कार्यालय में संसाधनों और स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते वहां एक दिन में अधिकतम पांच आयु सत्यापन मामलों को ही तकनीकी और कानूनी रूप से जांचा जा सकता है। इसके बावजूद उच्च स्तर से एक झटके में 500 पेंडिंग और नए केसों की फाइलें थमा दी गईं। इस भारी-भरकम अंतर के कारण न केवल फाइलों का निपटारा महीनों पीछे चला गया है, बल्कि उन मामलों से जुड़े लोगों को भी अनावश्यक रूप से चक्कर काटने पड़ रहे हैं जिन्हें तुरंत दस्तावेजों के सत्यापन की सख्त जरूरत थी।प्रशासनिक सुस्ती और सिस्टम पर खड़े हुए सवालसरकारी विभागों में इस तरह की लचर कार्यशैली और प्लानिंग की कमी पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि जब जमीनी स्तर पर संसाधनों का आंकलन किए बिना इस तरह के मनमाने फरमान जारी किए जाते हैं, तो उसका खामियाजा आम जनता और जमीनी कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। करनाल के इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कागजी दस्तावेजों की ऑनलाइन और ऑफलाइन वेरिफिकेशन प्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की कितनी ज्यादा जरूरत है।
1993 बैच की मप्र संवर्ग की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को विनीत जोशी के स्थान पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई।
ISRO Recruitment 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, अपर डिवीजन क्लर्क और स्टेनोग्राफर समेत कुल 267 पदों पर भर्ती निकाली है। पात्र उम्मीदवार 16 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Haryana: करनाल में एक दिन में 5 एज वेरिफिकेशन की क्षमता, शिक्षा विभाग ने भेज दिए 500 केस
राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एज वेरिफिकेशन जरूरी है।
स्कूल शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन, राज्य सरकार की शैक्षणिक योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन, विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग तथा शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामलों के त्वरित निस्तारण में इन अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
धौलपुर में माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार संघ की जिला इकाई का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ट सम्मान समारोह वृंदावन वाटिका में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मोहन वर्मा को संघ का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्मा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। मनियां अध्यक्ष गोपाल सोनी, बाड़ी अध्यक्ष मोतीलाल सोनी, राजाखेड़ा अध्यक्ष अशोक वर्मा, सरमथुरा अध्यक्ष विजय कुमार और बसेड़ी अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने मंच पर मोहन वर्मा को साफा पहनाकर जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा। राष्ट्रहित में काम करने का आह्वानसमारोह को संबोधित करते हुए सीओ कृष्णराज जांगिड़ ने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का सम्मान करना एक सराहनीय पहल है और उन्हें इसी ऊर्जा के साथ समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। निहालगंज थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने कहा कि युवा देश की दशा और दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसी भी समाज के उत्थान के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया और स्वर्णकार समाज द्वारा युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने की सराहना की। नई कार्यकारिणी की घोषणाजिलाध्यक्ष मोहन वर्मा ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की। नई कार्यकारिणी में संजय सोनी को मुख्य सलाहकार, मोहन वर्मा को अध्यक्ष, रवि सोनी को सचिव तथा अजय सोनी कोषाध्यक्ष बनाए गए। उपाध्यक्ष पद पर ज्ञानेश वर्मा, ललित सोनी, सुभाष सोनी, पवन सोनी एवं विक्रम सोनी को जिम्मेदारी दी गई। मंत्री पद पर नरेश सोनी, विजय सोनी (पिल्लू), नीरज सोनी, मुरारी सोनी, सोहन सोनी (सोनू) एवं मनोज सोनी (रूपवास वाले) को मनोनीत किया गया। संगठन मंत्री का दायित्व दीपक सोनी को सौंपा गया। संरक्षक मंडल में राधेश्याम सोनी, कैलाश सोनी, राजकुमार सोनी एवं कृष्ण कांत सोनी को शामिल किया गया। मनोज वर्मा को कानूनी सलाहकार बनाया गया। सहयोगकर्ता के रूप में रवि सोनी, जुगल सोनी, राजकुमार सोनी (भौंटे भाई) एवं जगदीश वर्मा को जिम्मेदारी दी गई।सदस्य के रूप में पवन सोनी, कमल किशोर, आकाश सोनी, रवि सोनी (चिंटू), सचिन सोनी, गौरव सोनी एवं मुनेंद्र सोनी (मोनू) को शामिल किया गया। सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।
शिक्षा विभाग में क्या तमाशा चल रहा है
केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मामले में पिछले कई महीने से घिरी है।
सावन के पवित्र महीने में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए सौ-दो सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि मांगता है तो कोई अच्छी नौकरी, लेकिन उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक ऐसा अनूठा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। मथुरा के एक छोटे से गांव के चार मासूम बच्चों ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाई, पैरों में छाले पड़ने के बावजूद सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी की, लेकिन भगवान शिव और सरकार से उनकी मांग न तो धन-दौलत थी और न ही कोई सांसारिक सुख—वे केवल अपने गांव में 'अच्छी शिक्षा और बेहतर स्कूल' की गुहार लगा रहे थे।नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर का सफर: सिर्फ एक ही जिद, 'हमे पढ़ना है'मथुरा जिले के रहने वाले इन चारों मासूम बच्चों की उम्र महज 10 से 14 वर्ष के बीच है। गांव के जर्जर हो चुके प्राइमरी स्कूल, अध्यापकों की कमी और पढ़ाई की लचर व्यवस्था से परेशान होकर इन बच्चों ने यह अनोखा रास्ता चुना। बच्चों का कहना था कि जब बड़े लोग अपनी मन्नतें पूरी कराने के लिए कांवड़ उठाते हैं, तो उन्होंने भी तय किया कि वे भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए हरिद्वार से जल लाएंगे ताकि भगवान और प्रदेश सरकार उनके गांव के स्कूल की सुध ले सके।कड़ी धूप, उबड़-खाबड़ रास्तों और भारी बारिश के बीच नंगे पांव चलते-चलते बच्चों के पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनके हौसले नहीं डिगे। रास्ते में जिसने भी इन नन्हे कांवड़ियों के कंधों पर कांवड़ और उस पर टंगे हमे अच्छी शिक्षा दो, हमारे गांव का स्कूल सुधारो लिखे संदेश वाले पोस्टरों को देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।रास्ते में लोगों ने बढ़ाया हौसला, अधिकारियों तक पहुंची बातहरिद्वार से मथुरा की इस पैदल यात्रा के दौरान जगह-जगह लगे कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने इन बच्चों के इस अनोखे संकल्प को नमन किया। शिविर संचालकों ने बच्चों के पैरों की मरहम-पट्टी की और उनके भोजन-पानी का विशेष ध्यान रखा। बच्चों के इस अनोखे आंदोलन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव का प्राथमिक विद्यालय वर्षों से जर्जर हालत में है, जहां न तो पीने का साफ पानी है और न ही बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच। बार-बार शिकायतों के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया, तो मासूम बच्चों ने अपनी बात पहुंचाने के लिए यह आध्यात्मिक और अहिंसक रास्ता चुना।भोलेनाथ के दरबार में टेका माथा, प्रशासन ने दिया आश्वासनमथुरा पहुंचकर शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद बच्चों ने अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। बच्चों के इस अटूट संकल्प को देखते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और प्रशासनिक टीम ने बच्चों के गांव के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने और वहां आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर व अध्यापकों की तैनाती का आश्वासन दिया है।अपनी पढ़ाई का हक मांगने के लिए इन मासूमों द्वारा उठाई गई यह अनोखी कांवड़ यात्रा आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह संदेश देती है कि भारत का हर बच्चा अच्छी शिक्षा पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
राजस्थान के शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें संयुक्त निदेशक (JD), उप निदेशक (DD) और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ट्रांसफर लिस्ट जारी होने के बाद शिक्षा विभाग में कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। विभाग की ओर से अधिकारियों को नए पदस्थापन स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुसूया को चूरू, संगीता मानवी को भरतपुर की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अनुसूया को संयुक्त निदेशक (JD) चूरू के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं संगीता मानवी को संयुक्त निदेशक भरतपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह अरुण कुमार को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) बीकानेर के पद पर लगाया गया है। वहीं प्रेमचंद अमेरा को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अजमेर के पद पर पदस्थापित किया गया है। जबकि महेंद्र कुमार शर्मा को निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर में पदस्थापित किया गया है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में DEO स्तर के कई अधिकारियों के भी पदस्थापन बदले गए हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग में JD, DD और DEO स्तर के अधिकारियों की भूमिका स्कूल शिक्षा से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण होती है। जिलों में शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन, स्कूलों की मॉनिटरिंग, शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामलों और विभागीय व्यवस्थाओं की निगरानी में इन अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में अधिकारियों के तबादले के बाद संबंधित जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग में लंबे समय बाद एक साथ कई स्तर के अधिकारियों के तबादले किए जाने से विभागीय कामकाज में भी बदलाव आएगा। अब नए पदस्थापित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा विभाग की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। यहां देखें पूरी लिस्ट
RRC Central Railway Recruitment 2026: रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, सेंट्रल रेलवे की स्काउट्स एंड गाइड्स कोटा भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है।
नई नीति का लक्ष्य शिक्षा को समावेशी बनाना
नई नीति का लक्ष्य शिक्षा को समावेशी, बहुविषयक कौशल आधारित रोजगारोन्मुख बनाना है। ये बातें पूर्णिया कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की छठी वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. मनीष कुमार ने कही। कार्यक्रम में नीति के उद्देश्य, उपलब्धियां, बिहार में प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. साजिदा अंजुम ने बिहार की परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।संगोष्ठी में बिहार में एनईपी के सामने चुनौतियां गिनाई गईं। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल ढांचे की कमी रही। इंटरनेट की पहुंच असमान रही। शिक्षक प्रशिक्षण की जरूरत रही। ड्रॉपआउट रोकने की चुनौती रही। वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने पर भी बात हुई। वक्ताओं ने डिजिटल कनेक्टिविटी बेहतर करने का सुझाव दिया। शोध नवाचार बढ़ाने की बात कही। कौशल विकास में सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षक, विद्यार्थी सक्रिय रहे।
शिक्षा के साथ उच्च संस्कारों का होना परम आवश्यक: सुधीर मुनि महाराज
लुधियाना| किचलू नगर स्थित जैन स्थानक में पावन चातुर्मास के अवसर पर धर्मसभा का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। इस दौरान किचलू नगर जैन सभा के पदाधिकारियों, सदस्यों और भारी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पंजाब वल्लभ सुधीर मुनि महाराज ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने आचार को जीवन की वास्तविक निधि माना है। भौतिक साधनों के बिना जीवन व्यतीत हो सकता है परंतु आचार हीनता पतन की ओर ले जाती है। श्रेष्ठ आचरण से विमुख व्यक्ति को आगम, वेद व शास्त्र भी पवित्र नहीं कर सकते। उत्तम आचार और व्यवहार ही मनुष्य के व्यक्तित्व का सच्चा परिचय प्रस्तुत करते हैं। मुनि महाराज ने कहा कि शिक्षा के साथ उच्च संस्कारों का होना परम आवश्यक है। संस्कार निष्ठ व्यक्ति सदैव धर्म और नैतिकता के मार्ग पर अग्रसर रहता है। जब नागरिक श्रेष्ठ संस्कारों को आत्मसात कर प्रबुद्ध बनेंगे, तभी कुल, समाज और राष्ट्र का मस्तक ऊंचा होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, संत और शासक ये चारों वर्ग समाज के मुख्य स्तंभ हैं। आयोजन में साध्वी माधवी महाराज ने भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी। उपप्रवर्तक सुभाष मुनि महाराज ने पावन मंगलपाठ सुनाकर उपस्थित संगत को निहाल किया। इस अवसर पर जाप साधना का सौभाग्य गौतम जैन और गौरव जैन ने प्राप्त किया।
Rohtak News: शिक्षा, खेल, उद्यमिता में युवा लिख रहे सफलता की इबारत
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Agra News: पढ़ाई छोड़ने में लड़के आगे, 5,410 ने बीच में छोड़ी शिक्षा
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Varanasi News: शिक्षा, शोध, सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें युवा-कुलपति
Youth should contribute to nation-building through education, research, and positive thinking: Vice-Chancellor
Sultanpur News: तिरंगा यात्रा की धूम, भाजपा व शिक्षा विभाग ने निकाली यात्रा
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Sant Kabir Nagar News: शिक्षा के 10 मानकों का शिक्षक करेंगे पालन
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी
जंतर-मंतर पर ‘शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो’ के नारे के साथ समाजवादियों का प्रदर्शन। युवा सोशलिस्ट पहल ने शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और सांप्रदायीकरण के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया।
हरियाणा सरकार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है।
संतान और शिक्षा के लिए अभिशाप! जानें कितना खतरनाक 5वें भाव का ग्रहण
पंचम भाव में सूर्य-राहु का ग्रहण योग बनने पर व्यक्ति का सोचने का तरीका पारंपरिक नहीं रहता है. वह सामान्य तरीके से अलग हटकर सोचता है और समस्याओं का समाधान जुगाड़ या वैकल्पिक तरीकों से निकालने की कोशिश करता है.
12 अगस्त को तेज बारिश के चलते बंद रहेंगे भोपाल के स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी ने की घोषणा
भोपाल में 12 अगस्त को नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। तेज बारिश की वजह से ये फैसला लिया गया है। हालांकि स्कूलों को छूट है कि वे ऑनलाइन-वर्चुअल क्लासों का आयोजन कर सकते हैं।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि टीचर ट्रांसफर में यूपी के शिक्षकों से भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों के तबादलों में किसी तरह की पैरवी या सिफारिश नहीं चलेगी।
चार्ज लेने से पहले ही उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाए गए नरेश पाल गंगवार, 20 दिन पहले दी थी तैनाती
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव पद से कार्यभार संभालने से पहले ही हटा दिया है।

