Kaushambi News: बीएसए ने 11 शिक्षामित्रों की सेवाएं की समाप्त
BSA terminated the services of 11 Shikshamitras.
स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
दत्तात्रेय होसबाले ने मुंबई में 'विकसित भारत हेतु शिक्षा' संगोष्ठी में कहा कि शिक्षा ज्ञान, कौशल और चरित्र का समन्वय है। उन्होंने संस्कारित, चरित्रवान नागरिकों के निर्माण पर जोर देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से लागू हो रही है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों के लाखों शिक्षकों व कर्मचारियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जिससे उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार मिलेगा।
प्रयागराज में 8 अगस्त को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
नीट और सीबीएसई घटनाक्रम को लेकर फिर देशभर कि राजनीति गर्म होने वाली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
शारीरिक शिक्षा अध्यापक : 2000 पदों के लिए आवेदन आज से
जालंधर | पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कैडर में शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) के 2000 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। भर्ती के इच्छुक उम्मीदवार पहली से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल 2000 पदों में से 650 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें जनरल वर्ग के 780, अनुसूचित जाति के 200, अनुसूचित जाति के 200, पिछड़ा वर्ग के 200 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 200 पद शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व सैनिक, खेल कोटा, दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के लिए भी पद आरक्षित किए गए हैं।
तकनीक, शिक्षा और नवाचार से बेरोजगारी का समाधान : कुलपति
Solving Unemployment through Technology, Education, and Innovation: Vice-Chancellor
Mohali News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सरकार से मांगे 450 करोड़ रुपये
Punjab School Education Board seeks 450 crore from the government
Palwal News: शिक्षा की डगर मुश्किल, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 4,684 पद खाली
4,684 teacher posts vacant in government schools.
Raebareli News: शिक्षा की डोर से बेटियों के सपनों के मिलेगी उड़ान
शिक्षा की डोर से बेटियों के सपनों के मिलेगी उड़ान
शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर संगठन लगातार संघर्ष करेगा : दलाल
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला कमेटी की ओर से अक्षर भवन स्थित जिला कार्यालय में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवाचार जरूरी : मुन्नी देवी
जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी ने राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बेलरखा का औचक निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों और विद्यार्थियों के
Jaunpur News: शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र सुरक्षा पर जोर उत्कृष्ट नामांकन वाले तीन विद्यालय सम्मानित
Three schools with outstanding enrollment honored for their emphasis on quality education and student safety.
Farrukhabad News: शिक्षा मित्र ने शिक्षक की पत्नी से ठगे 1.10 लाख
कायमगंज। जमीन पर कब्जा दिलाने का झांसा देकर एक शिक्षा मित्र ने शिक्षक की पत्नी से 1.10 लाख रुपये ठग लिए। शिक्षक ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रियंका गांधी के प्रो. कामाकोटी को 'गोमूत्र विशेषज्ञ' कहने पर बवाल, भाजपा और शिक्षाविदों ने जताया कड़ा विरोध
'पंजाब में पेपर लीक नहीं...', शिक्षा मंत्री बोले- हाईटेक गैजेट से हुई नकल
पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक के आरोपों को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खारिज किया है. उन्होंने बताया कि यह मामला पेपर लीक का नहीं बल्कि हाईटेक उपकरणों के जरिए नकल का है.
प्रियंका गांधी के 'गोमूत्र विशेषज्ञ' बयान पर शिक्षाविद नाराज, बोले-संसद में ऐसी भाषा से वैज्ञानिकों का होता है अपमान
बिहार में 1.6 लाख शिक्षक 'सरप्लस', अब हर 5 साल में होगा ट्रांसफर; शिक्षा मंत्री ने दिया अपडेट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बिहार में 1.6 लाख से अधिक शिक्षक हैं, जिन्हें कमी वाले जिलों में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि स्थानांतरण ऐच्छिक होगा और हर पांच साल पर शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था और बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पंजाब सरकार की शिक्षा नीतियों, लगातार विवादों में घिर रही भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ अमृतसर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्र कार्यकर्ताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका और उनसे तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। फार्मेसी पेपर लीक ने खोली सरकारी दावों की पोल प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एबीवीपी के छात्र नेता सौरव राय और जय कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में सामने आए फार्मेसी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने राज्य की संपूर्ण शिक्षा और भर्ती प्रणाली की साख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का युवा सालों-साल दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरियों की तैयारी करता है, लेकिन परीक्षा वाले दिन पेपर लीक हो जाता है या फिर भर्ती प्रक्रिया अदालत और प्रशासनिक देरी के फेर में अटक जाती है। 'मानसिक तनाव में युवा, विदेश पलायन को मजबूर' छात्र नेताओं ने पंजाब सरकार की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि: बार-बार भर्तियों के लटकने और व्यवस्था की नाकामी से हजारों होनहार युवा भारी मानसिक तनाव झेल रहे हैं। सरकारी तंत्र से भरोसा उठने के कारण पंजाब की युवा प्रतिभाएं अपने ही राज्य में रोजगार न पाकर मजबूरन विदेश (ब्राउन ड्रेन) पलायन कर रही हैं। यदि केंद्र या अन्य राज्यों में ऐसे गंभीर मामलों पर मंत्रियों की जवाबदेही तय हो सकती है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस अपनी जिम्मेदारी से मुंह क्यों मोड़ रहे हैं? मांगें न मानीं तो उग्र होगा आंदोलन एबीवीपी नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सरकार पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पंजाब के हर योग्य और प्रतिभावान छात्र को उसकी योग्यता के आधार पर रोजगार मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार ने पारदर्शी नीतियां लागू नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे पंजाब स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने जालंधर और चंडीगढ़ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर बिना सरकारी अनुमति विदेश यात्रा करने, फर्जी ट्रैवल बिल क्लेम करने और अवैध माइनिंग के गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही फरीदकोट फार्मेसी पेपर लीक मामले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की और पंजाब में लगातार हो रहे पेपर लीक व पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर सरकार को घेरा। खैहरा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) का हवाला देते हुए खुलासा किया कि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जनवरी 2024 में बिना केंद्र, विदेश मंत्रालय या गृह मंत्रालय की अनुमति के चुपचाप कनाडा का दौरा किया था। वापसी के बाद उन्होंने 4.48 लाख रुपये का रिइम् क्लेम किया, जिसमें से 3 लाख रुपये पास भी हो गए। आरोप है कि जब मंत्री विदेश में थे, तब भी उनकी आधिकारिक सरकारी गाड़ियां पंजाब में चलती दिखाई गई और भारी-भरकम दूरी के बिल क्लेम किए गए। आप नेता कर रहे वसूली माइनिंग के मुद्दे पर बोलते हुए खैहरा ने आरोप लगाया कि आनंदपुर साहिब से लेकर पठानकोट तक आप नेताओं द्वारा क्रशर मालिकों से हर महीने 15 से 20 लाख रुपए की वसूली की जा रही है। इसके अलावा, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट के फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए खैहरा ने दावा किया कि ये पेपर 3 से 13 लाख रुपये तक में बेचे गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में NEET पेपर लीक पर हंगामा करने वाले अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पंजाब में अपनी नाकामी छिपा रहे हैं। खैहरा ने पंजाब को पुलिस स्टेट बताते हुए पटियाला में अप्रेंटिस यूनियन, सफाई कर्मचारियों और नरेगा मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों की आवाज को बुलडोजर और पुलिसिया दमन से दबाया जा रहा है। आप सरकार बेअदबी कानून से मुकर गई: खैहरा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का जिक्र करते हुए खैहरा ने कहा कि आप विधायकों ने बेअदबी कानून में संशोधन का वादा किया था, जिससे सरकार मुकर गई है। आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक इसके खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करेंगे। खैहरा ने चेताया कि 2027 के चुनावों में जनता इन सभी घोटालों का हिसाब लेगी और नई सरकार आने पर इनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर देशभर के शिक्षाविदों का विरोध, कहा-वैज्ञानिकों का सम्मान जरूरी
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर देशभर के शिक्षाविदों का विरोध, कहा-वैज्ञानिकों का सम्मान जरूरी
एआई आधारित शिक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा बोर्ड ने किया जागरूक
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड मोहाली द्वारा बोर्ड के ऑडिटोरियम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर उच्च स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रबंधक और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए। रासा पंजाब (रिकॉग्नाइज्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन, पंजाब) की टीम ने भी भागीदारी कर शिक्षा में एआई की नई तकनीकों और उपयोगिता पर जानकारी ली। सेमिनार में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होगी। उन्होंने एआई आधारित लर्निंग टूल, स्मार्ट कक्षा, डिजिटल मूल्यांकन, व्यक्तिगत सीखने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, छात्रों की प्रगति के विश्लेषण और शिक्षकों के दैनिक कार्यों को सुचारू बनाने में एआई की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य शिक्षकों का स्थान लेना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना है। रासा पंजाब की ओर से अध्यक्ष जगतपाल महाजन, महासचिव सुजीत शर्मा (बबलू), सीनियर वाइस चेयरमैन सुखविंदर सिंह भल्ला, चीफ एडवाइजर जगजीत सिंह, एडिशनल जनरल सेक्रेटरी हर्षदीप सिंह रंधावा, एडवाइजर कुलबीर सिंह मान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्रालय मौलाना आजाद से प्रहलाद जोशी तक!
केंद्र सरकार में नए शिक्षा मंत्री बने प्रहलाद जोशी को काम संभाले अभी चार दिन भी नहीं बीते कि उन पर विवाद खड़े हो गए हैं।
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बढ़ते मामलों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आवास के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और मंत्री के आवास के मुख्य द्वार तक पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उग्र हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा 'सूबी' ने शिक्षा मंत्री के फ्लेक्स बोर्ड पर कीचड़ फेंककर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा सूबी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकाल (2022 से 2026) के दौरान पंजाब में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे राज्य के लाखों योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के पुराने दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी पहले दावा करते थे कि राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यूथ कांग्रेस ने श्री आनंदपुर साहिब के तहसीलदार के माध्यम से एक मांग-पत्र सौंपकर शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि मंत्री ने नैतिक आधार पर पद नहीं छोड़ा, तो इस आंदोलन को पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। बरनाला में सफाई सेवकों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं ने बरनाला में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे सफाई सेवकों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में निंदा की। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मेहनतकश और अनुसूचित जाति (SC) समाज से आने वाले सफाई सेवकों पर इस तरह का अत्याचार बिल्कुल असहनीय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से काम पर वापस लिया जाए।
डिंपल यादव का सरकार पर हमला, बोलीं- छात्रों की आवाज दबाई गई, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय हो
डिंपल यादव ने लोकसभा में कहा कि सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से गैरकानूनी तरीके से हटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए घेरा और उसके बाद उनके खिलाफ बल प्रयोग किया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए के सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस ने निकाली विजय रैली
गरियाबंद| केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को विजय रैली निकाली। रैली जिला कांग्रेस भवन से शुरू हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तिरंगा चौक पहुंची। वहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठी। सुधार की मांग उठी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह छात्रों और अभिभावकों की जीत है। शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ लगातार उठी आवाज का नतीजा है। सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर छात्र हितों के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन बताया। रैली में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। रैली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर हुई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के मार्गदर्शन में आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी पहुंचे। महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। छात्र भी शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लाखों छात्र-छात्राओं के संघर्ष की जीत है। विपक्ष के लगातार सवालों की जीत है। नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और शिक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं पर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही। दबाव में सरकार को निर्णय लेना पड़ा। अनुसूचित जनजाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेश बघेल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं। न्याय मांग रहे छात्रों की जीत है। उनके अभिभावकों की जीत है। कमलेश यदु ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफल रही। छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में समय पर कदम नहीं उठाए।
योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, शिक्षक भर्ती, कौशल विकास और छात्र कल्याण योजनाओं को समझने के लिए हरियाणा विधानसभा की 30 सदस्यीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची। समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 11 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक लागू सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी ली। समिति ने उत्तर प्रदेश की कई पहलों को अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय बताया। विधानसभा सभागार में समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव की मौजूदगी में ये बैठक हुई। इसमें यूपी सरकार की ओर से विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी दी। 11 बिंदुओं पर अध्ययन करने पहुंची है समिति प्रदेश में 81 विवि हैं संचालित अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 24 राज्य, 56 निजी, एक डीम्ड और एक मुक्त विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा 216 राजकीय, 330 सहायता प्राप्त और 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं। सरकार ने 71 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए हैं। इसमें 1,349 पद सृजित किए गए हैं। इनमें से 46 कॉलेजों में 2025-26 सत्र से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। डिजिटल व्यवस्था ने खींचा ध्यान समिति को बताया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय में पूरा काम ई-ऑफिस के माध्यम से हो रहा है। सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में 'समर्थ' पोर्टल लागू हो चुका है। इसी के जरिए अब प्रवेश प्रक्रिया भी संचालित हो रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध है। रोजगार और शोध पर फोकस राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विश्वविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और रोजगारपरक पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं। शोध को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 में 5 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। शिक्षकों और छात्रों के लिए कई योजनाएं समिति को बताया गया कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 1.28 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों समेत करीब 7.5 लाख लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन और टैबलेट दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में पात्र छात्रों को हर माह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष की भी जानकारी दी गई। भर्ती प्रक्रिया में तेजी राजकीय महाविद्यालयों में 840 प्रवक्ताओं की ऑनलाइन तैनाती हो चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्या समीक्षा केंद्र तक की सराहना बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताए गए ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, शिक्षक प्रशिक्षण, डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विद्या समीक्षा केंद्र, मानव संपदा पोर्टल और निपुण भारत मिशन की जानकारी दी गई। हरियाणा समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, पारदर्शी निगरानी और छात्र-केंद्रित शिक्षा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
पश्चिम चम्पारण के नरकटियागंज अनुमंडल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। यह हंगामा एक शिक्षक और शिक्षिका पर आपत्तिजनक व्यवहार के आरोपों को लेकर हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि विद्यालय के कुछ छात्रों ने शिक्षक और शिक्षिका को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। बीईओ ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. संजय कुमार सिंह और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत किया और मामले की जांच शुरू की। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक तौर पर दोनों शिक्षकों को विद्यालय से हटाने की बात कही गई है। बीईओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश वहीं, आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अभिभावकों, ग्रामीणों और शिक्षा विभाग की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जयपुर में कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- अपनी बात कहने का हर किसी को अधिकार है, लेकिन शब्दों का चयन संस्कारों के अनुरूप होना चाहिए। GenZ का अपना एक अलग तरीका है, उसके लिए तो मैं कुछ नहीं कह सकता। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान युवाओं की ओर से अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने जयपुर में सोमवार को यह कहा। उन्होंने कहा- डिजीटल का यूज सही तरीके से किया जाए। उसका मिस यूज नहीं किया जाए। कम्प्यूटर और मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों का शारीरिक और मेंटली विकास नहीं हो रहा। बच्चों की आंखें खराब हो रही हैं। वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- शिक्षा और चिकित्सा ऐसी सुविधाएं हैं, जो हर नागरिक को बिना भेदभाव के मिलनी चाहिए, जबकि बाकी मुफ्त योजनाओं की जरूरत नहीं है। SPL भारत कप सीजन-2 की घोषणा के लिए जयपुर आए पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस मौके पर जंतर-मंतर में प्रदर्शन, आरक्षण, NEET, मुफ्त योजनाओं और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर देवकीनंदन ठाकुर ने राय रखी। सवाल: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कई अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पर क्या कहना चाहेंगे? देवकीनंदन ठाकुर- इस विषय पर मैं तो क्या ही कहूं? इस पर मुझे कबीर की एक वाणी याद आती है- 'ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।' शायद इसी को संस्कार कहते हैं। आप कुछ भी कह सकते हो, लेकिन शब्द अलग-अलग ढूंढ सकते हो। शब्दों को ढूंढना चाहिए। सवाल: क्या NEET का एग्जाम रिजर्वेशन बेस्ड होना चाहिए? देवकीनंदन ठाकुर: आप विदेश की नकल कर रहे हो और विदेश की पूरी तरीके से नकल नहीं कर पा रहे हो। विदेश में आरक्षण कहां है। 12वीं तक के बच्चे सब बराबर पढ़ते हैं। हर एक आदमी का बच्चा 12वीं तक एक ही तरह की पढ़ाई करता है, एक ही स्कूल में पढ़ेगा। आप बच्चों को पढ़ाओ ना, उनकी नकल करना शुरू तो करो। शिक्षा और चिकित्सा में कोई भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह मेरा खुद का ओपिनियन है। सवाल: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने रोज लाखों रुपए का फूड बांटा। इस पर क्या कहना चाहेंगे? देवकीनंदन ठाकुर: उस पर कानूनी कार्रवाई होगी, उसका सामना वह करेगा। ना तो वह आपके पास आ रहा है, ना किसी और के पास। उसे किसने फंडिंग की, मुझे नहीं पता है। थोड़ी जांच पहले कमेटी कर ले, उसके बाद में हम और आप बात करेंगे। क्रिकेट नहीं, संस्कार और सेवा का माध्यम है SPL देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- क्रिकेट मेरा बचपन से पसंदीदा खेल रहा है। क्रिकेट बहुत जगह हो रहा है, लेकिन क्रिकेट को दायित्व, सेवा और संस्कारों से जोड़ना SPL का विशेष गुण है। हमारे बच्चों को यह सीख मिले कि जब उन्हें मुफ्त में मंच मिला है और वे आगे बढ़ेंगे तो समाज के लिए भी काम करें। यही संस्कार है। उन्होंने बताया- SPL भारत कप का दूसरा सीजन फरवरी-मार्च 2027 में राजस्थान में होगा। इस बार T10 की जगह टूर्नामेंट T12 फॉर्मेट में होगा। इसका उद्देश्य युवाओं को सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है। हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा में लगाए जाएंगे देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- मैंने आयोजकों से कह दिया है कि किसी खिलाड़ी से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। सभी खिलाड़ियों को निशुल्क मंच मिलेगा। जिन बच्चों के पास रुपए नहीं हैं, उन्हें भी मौका मिलेगा। पिछले सीजन में हमने हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा के लिए दिए थे। यह राशि जरूरतमंद माताओं-बहनों की सहायता और अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों में लगाई गई। यह परंपरा जारी रहेगी। ठाकुर ने कहा- राजस्थान साधारण भूमि नहीं है। यहां गोविंददेवजी साक्षात विराजते हैं। यह भक्ति और शक्ति की भूमि है। जब तक बच्चों को संस्कारों और परोपकार से नहीं जोड़ेंगे, तब तक भारत का भविष्य मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं कहता हूं कि यह केवल खेल नहीं, साधना है। फरवरी-मार्च में होगा दूसरा सीजन SPL भारत कप 2027 में पहली बार ऑक्शन सिस्टम लागू होगा। 250 खिलाड़ियों में से 128 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। टूर्नामेंट में 31 लाख रुपए की प्राइज मनी, कार, बाइक, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द टूर्नामेंट सहित कई पुरस्कार दिए जाएंगे। खिलाड़ियों से किसी तरह की एंट्री फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही सभी मुकाबले इस बार टेनिस बॉल की जगह सिंथेटिक लेदर बॉल से खेले जाएंगे। इसमें 14 से 35 साल तक के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। देश के 8 राज्यों की टीमें इसमें हिस्सा लेंगी।
रायसेन जिले के सांची और गैरतगंज में सोमवार को 40 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित शासकीय सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय भवनों का लोकार्पण किया गया। यह लोकार्पण प्रदेश के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार की उपस्थिति में हुआ। प्रभारी मंत्री पंवार ने इस अवसर पर कहा कि सांदीपनि विद्यालय केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने वाले शिक्षा के मंदिर हैं। बोले- निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगीमंत्री ने बताया कि इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लगन से पढ़ाई कर सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का आह्वान किया। इन लोकार्पण कार्यक्रमों में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, एसपी आशुतोष गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सांची में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रभारी मंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण कर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला द्वारा बार-बार बीजेपी नेताओं को कुर्सी से घसीटकर सत्ता से बाहर फेंक देने के विवादित बयान पर जजपा के यूथ प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने आज मीडिया को दिए बयान में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, संसद जो है, वो जनता की आवाज सुनने से मना कर दे तो फिर अराजकता फैलेगी। अराजकता जब देश में फैलेगी और लोग दिशाहीन हो जाएंगे। इस पर बार-बार बच्चे बात कर रहे थे कि हम अगला कदम क्या लें। मैंने उनको बार-बार ये कहा कि ये (बीजेपी) सिरों की गिनती से डरे हैं। इनकी गिनती इतनी ज्यादा थी कि इनको आना पड़ा। महल छोड़कर सड़कों पर आकर बात करनी पड़ी। डॉ. साहब (अजय सिंह चौटाला) का यहीं कहना है कि बात करे, संवाद रखे तो ठीक है। अगर अहंकार रखेंगे तो सड़कों से लोग आपको महलों से घसीट ले आएंगे। ऐसी नौबत लाने की आप कोशिश करेंगे तो फिर वो दिन भी दूर नहीं। मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत हूं, क्योंकि कल्पना कर रहे हैं, जिसमें शासक शहशाह हो गया। उसने ये सोच लिया कि जो मैं कर रहा हूं, वो सब ठीक है। जो बाकी सब लोग कर रहे हैं, वो गलत है। ऐसे में उनका (अजय सिंह चौटाला) वो बयान भविष्य का बयान कह रहा हूं। यह जानकारी सोमवार शाम करीब पांच बजे सिरसा में चौटाला हाउस में दी। बीजेपी अहंकारजनक पार्टी, हम प्रवृत्ति के नहीं : दिग्विजय दिग्विजय चौटाला बोले, सुप्रीम कोर्ट का छात्र हित में जो बयान कहा है वो संतोषजनक है। देश में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। पुलिस की प्रताड़ना पर सवाल खड़े किए। बीजेपी एक बड़ी गलतफहमी का शिकार थी। जब ये देश के चारों स्तंभ पर कंट्रोल करके राज करेगी तो चुनाव का अर्थ ही क्या रह जाएगा। 2029 में चुनाव क्यों होना चाहिए। फिर तो हम गुलाम प्रवृत्ति के हैं। चुनाव इसलिए होता है कि पिछले पांच साल का लेखा-जोखा लाया जाए। ये अहंकारजनक पार्टी है। इस छात्र आंदोलन में एके47 से गोलियां चली। बीजेपी अपनी आदतें सुधार ले, वरना जनता जल्द इनको सुधार देगी। जो कहते थे इस्तीफे नहीं होंगे, उनको घुटनों के बल इस्तीफे देने पड़े। बीजेपी के इंटेलिजेंस की रिपोर्ट थी और उनको पता चल गया कि जो उनका पक्का वोटर था, उनकी जड़ें हिल गई। शहर में बीजेपी का पक्का वोटर था, वो इस आंदोलन में शामिल था। कहीं ये वोटर हाथ से न चला जाए। इस डर के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। यहां तक कि मंत्रियों के बच्चों ने भी विरोध कर दिया। इनसो के स्थापना दिवस पर दिल्ली के संघर्ष के लोगों को निमंत्रण देंगे दिग्विजय बोले, हरियाणा पेपर लीक में अव्वल है। मैं स्वयं कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों से आह्वान करके आया हूं कि जब भी कोई आंदोलन करे तो हरियाणा को जोड़े। एचपीएससी में ज्यादा बाहर के लोग भर्ती हुए हैं। इनसो के 24वें स्थापना दिवस पर छात्र विजय दिवस के तौर पर मनाएंगे। इसका फैसला कल हिसार मीटिंग में लेंगे। इसके लिए हम दिल्ली के उस संघर्ष में जुड़े हुए लोगों को निमंत्रण देंगे। इसी के साथ छात्र संघ चुनाव बहाली का मुद्दा बनाएंगे। जब कॉलेज व यूनिवर्सिटी सूचारू हो जाएंगे तो संस्थानों में दौरा करेंगे और छात्रों को जागरूक करेंगे। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के समय में जो समझौता हुआ था, उस लेटर को मुद्दा बनाकर लड़ाई लड़ेंगे। आरोप शिक्षा बोर्ड में एचटेट की सीसीटीवी फुटेज डिलीट की दिग्विजय बोले, एचटेट में शिक्षा बोर्ड के अधिकारी मिल-जुलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इस पर तथ्यों के साथ चंडीगढ़ में पीसी करेंगे। शिक्षा बोर्ड में सीसीटीवी फुटेज गायब की गई है, जिसमें एक मैनेजर रैंक के अधिकारी की बोर्ड में ट्रांसफर कर दी गई। हाई कोर्ट का आदेश है कि जहां पेपर होते हैं, वहां की तीन माह की सीसीटीवी फुटेज रिकॉर्ड में रखनी जरूरी है। मगर शिक्षा बोर्ड के पास दो दिन की फुटेज है। शिक्षा मंत्री को जवाब देना चाहिए। शक है कि डीवीआर को भी रि-स्टोर कर दिया। एचटेट की सीसीटीवी फुटेज डिलिट खो जाने पर इंटरनल अफसरों में एक चिट्ठी भी शेयर हुई है। इस पर सीएम, मंत्री व बोर्ड के लोग स्पष्ट करे तो मैं माफी मांग लूंगा। एचटेट में टीचर ही पैसे देकर लगे होंगे तो फिर बच्चों को क्या पढाएंगे। आरोप-संस्थानों में संघ की क्लास लगा रहे सीईटी का मामला भी गंभीर है। गेस्ट टीचर को पक्का करने के बावजूद पूरा नहीं किया वादा, यूनिवर्सिटी का भगवाकरण हो रहा है, वो सहन नहीं होगा। आरोप लगाया कि सिरसा की यूनिवर्सिटी में ज्यादातर बड़े पदों पर आरएसएस के लोग बैठे हैं और संघ की क्लासें लगा रहे हैं। इसके लिए भी लड़ाई लड़ेंगे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सोमवार को अररिया में शिक्षा के निजीकरण और अन्य जनसरोकार से जुड़ी मांगों को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शहर के बस स्टैंड से शुरू होकर चांदनी चौक होते हुए समाहरणालय परिसर तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। समाहरणालय पहुंचने पर, CPI के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 15 सूत्री मांगपत्र जिला पदाधिकारी को सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि देश में शिक्षा का बढ़ता निजीकरण गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण से मुक्त कर सभी के लिए समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मांगपत्र में नई शिक्षा नीति की समीक्षा, सभी वर्गों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के बच्चों, दलित, आदिवासी तथा अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांगें प्रमुख थीं। आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पत्र में पार्टी ने मांगपत्र में आम जनता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी शामिल किया। नेताओं ने जोर दिया कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता बैनर और तख्तियां लेकर शामिल हुए। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आवश्यक इंतजाम किए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और जिला प्रशासन को मांगपत्र सौंपने के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।
रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने उत्तर- प्रदेश विधानसभा का दौरा किया। दोनों राज्यों ने अपने-अपने प्रदेश की शिक्षा और मेडिकल एजुकेशन को लेकर विचारों का आदान- प्रदान किया। जिसमें शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अच्छे मॉडल और अनुभवों का एक दूसरे के साथ आदान- प्रदान करने पर जोर दिया। कमेटी के चेयरमैन लक्ष्मण सिंह ने यह जानकारी दी। एक-दूसरे के बेहतर मॉडल अपनाने का आह्वान विधायक ने बताया कि बैठक में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी शिक्षा नीतियों, योजनाओं और नवाचारों को साझा। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या, विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों, शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षण प्रणाली तथा शिक्षा सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसका उद्देश्य दोनों राज्यों की शिक्षा प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन करना, एक-दूसरे के श्रेष्ठ अनुभवों से सीखना तथा विद्यार्थियों के हित में बेहतर नीतियों को बढ़ावा देना रहा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवाद से दोनों राज्यों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी। दोनों राज्यों की तरफ से दिया गया प्रस्तुतीकरण उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था के अध्ययन एवं अनुभव साझा करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में विधायक बलराम दांगी, विधायक शीशपाल सिंह, बिजेंद्र डहीना तथा विधानसभा के अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश सरकार एवं विधानसभा की ओर से मोहम्मद मसूद (एडवाइजर), पार्थ सारथी सेन (अपर मुख्य सचिव, शिक्षा), मोनिका रानी (निदेशक, स्कूल शिक्षा), कैप्टन मनीष रॉय, निधि श्रीवास्तव (स्पेशल सेक्रेटरी, शिक्षा) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एक साल के भीतर दो बार शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लिए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया था। इसके बाद से अब तक शिक्षा विभाग 31 दिसंबर के पहले होने वाली दो परीक्षाओं में से एक का भी शेड्यूल जारी नहीं कर सका है। उधर, जिस आरटीई में तय बिंदुओं के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 2028 तक हर साल दो-दो बार परीक्षा कराने का आदेश दिया है, आरटीई के उसी बिन्दु को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। यह चुनौती याचिका ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश (TWTA) द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 की धारा 23(2) के प्रथम एवं द्वितीय परंतुक (First Proviso एवं Second Proviso) को चुनौती देते हुए दायर की गई है। याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की डबल बेंच ने नोटिस जारी किया है। 29 मई 2026 को आया था आदेशएसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने बताया कि 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से पूर्व प्रदेश के सेवारत शिक्षक NCTE की वर्ष 2010 की अधिसूचना के अनुसार TET की अनिवार्यता से छूट प्राप्त होने का लाभ लेते रहे। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कहा कि NCTE की अधिसूचना RTE Act के वैधानिक प्रावधानों से ऊपर नहीं हो सकती। सिंगौर ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि अब तक किसी भी पक्ष द्वारा RTE Act की धारा 23(2) के दोनों परंतुकों को चुनौती नहीं दी गई थी। इसी पृष्ठभूमि में एसोसिएशन ने इन प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसी आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने 2028 तक हर साल दो बार परीक्षा कराने और इस अवधि में परीक्षा पास होने तक शिक्षकों को बार बार परीक्षा देने की छूट दी है। आरटीई के इन परंतुकों को दी गई चुनौतीयाचिका में कहा है कि जब तक NCTE की अधिसूचना प्रभावी थी, तब तक सेवारत शिक्षकों को TET से विधिसम्मत छूट प्राप्त थी। इसलिए उस अवधि में संबंधित वैधानिक प्रावधानों को चुनौती देने का कोई कारण उत्पन्न नहीं हुआ। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न नई कानूनी परिस्थिति में धारा 23(2) के दोनों परंतुकों को चुनौती देना आवश्यक हो गया है। सिंगौर ने बताया कि पहले परंतुक का मतलब है कि एनसीटीई ने जो योग्यता तय की है उसे शिक्षक को 5 साल में अर्जित करना होगा। वहीं दूसरे परंतुक का आशय यह है कि पूर्व से कार्यरत शिक्षक जो एनसीटीई की योग्यता अर्जित नहीं कर पाए हैं, उसके लिए चार साल का समय तय किया जाता है। सिंगौर के अनुसार याचिका में अंतरिम राहत की भी मांग की गई है। एसोसिएशन ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि अंतिम निर्णय होने तक ऐसे किसी भी सेवारत शिक्षक की सेवा समाप्त न की जाए, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है, ताकि उन्हें अपूरणीय क्षति से बचाया जा सके। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगीडीके सिंगौर ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की पीठ के समक्ष 14 जुलाई को सुनवाई हुई थी। एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल ने पक्ष प्रस्तुत किया जबकि केंद्र सरकार की ओर से ऑनलाइन माध्यम से सहायक सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन उपस्थित हुए। प्रकरण की अगली सुनवाई 31 अगस्त तय की गई है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश के सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सभी वैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रयास निरंतर जारी रखेगा।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने रविवार को पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष जताया, लेकिन सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को हर दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षकों से कहा- नए तरीकों से पढ़ाएं, बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाएं निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक, प्रभावी और रोचक शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाया जाए, ताकि उनमें सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित हो और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। खेलों में भागीदारी भी जरूरी, यहीं से निकलेंगे भविष्य के ओलंपियन महीपाल ढांडा ने कहा कि केवल किताबी शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को खेल गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल प्रतिभाओं की भूमि है और प्रदेश के स्कूलों से ही भविष्य के ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को 83 स्वर्ण पदक और 339 उपाधियां प्रदान की। समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम, कुलपति व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना होना चाहिए। डिग्री तभी सार्थक होगी, जब उससे अर्जित ज्ञान का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका और शोध सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि युवा ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेंगे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बेटियों का गोल्ड मेडल हासिल करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं, विशेष रूप से बेटियों की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास के लिए करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। 'ईमानदारी और अनुशासन सफलता की कुंजी' एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई शुरुआत है। अब छात्र-छात्राएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, ईमानदारी, सदाचार और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की अपील की। 'नशे की आदत विकसित भारत के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा' राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में जाने के दौरान उन्होंने कई छात्रावासों के पीछे शराब की बोतलों के ढेर देखे हैं और कई जगह छात्रों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती नजर आई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे की लत नहीं छोड़ेंगे तो स्वस्थ और विकसित समाज का निर्माण संभव नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे परिवार में पिछले चार दशक से चाय नहीं बनती। हमारे यहां कोई भी मेहमान आता है तो उसे नींबू पानी पिलाया जाता है।” मेस के भोजन की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की मेस व्यवस्था पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और कई बार एक्सपायरी सामग्री तक इस्तेमाल होने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कुलपति को निर्देश देते हुए कहा कि छात्रावास की मेस में बनने वाले भोजन की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए तथा विश्वसनीय विक्रेताओं से ही सामग्री खरीदी जाए। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर की कई कमियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में वॉशिंग मशीनों की संख्या पर्याप्त नहीं है, कपड़े सुखाने की उचित व्यवस्था नहीं है और सीवी रमन छात्रावास में पर्याप्त रोशनी का अभाव है। उन्होंने छात्रावासों की साफ-सफाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिसर में कई विकास कार्य बजट के अभाव में रुके हुए हैं। कारगिल विजय दिवस पर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कुलपति से इसका कारण पूछा। 'डिजिलॉकर से भ्रष्टाचार पर लगी रोक' राज्यपाल ने कहा कि पहले मार्कशीट या प्रमाणपत्रों में त्रुटियां ठीक कराने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और कई जगह भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि डिजिलॉकर व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या पर काफी हद तक रोक लगी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह गुजरात में शिक्षा मंत्री थीं, तब करीब 25 हजार फर्जी डिग्रियां निरस्त कराई गई थीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से फर्जी डिग्रियों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नोएडा में बच्चे की गड्ढे में डूबकर मौत, पिता वाइस-प्रिंसिपल ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे आव्यान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम वह घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। पढ़िए पूरी खबर…
पीएम मोदी को चेतावनी देते पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह वीडियो डीपफेक है
बूम ने पाया कि धर्मेंद्र प्रधान ने मूल वीडियो 18 जून को शेयर किया था, जिसमें वह ओड़िया में शीतल षष्ठी के त्यौहार पर बोल रहे हैं. कई AI डिटेक्शन टूल्स ने भी वायरल वीडियो के ऑडियो को एआई जनरेटेड बताया है.
देवास में समाजवादी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जश्न मनाया। यह इस्तीफा नीट-यूजी परीक्षा 2024 में पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बाद हुआ। पार्टी नेताओं ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया और मिठाइयां बांटते हुए सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बी.एल. यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सयाजी द्वार पर एकत्र हुए। उन्होंने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और आंदोलनरत विद्यार्थियों के समर्थन में नारे लगाए। पार्टी के प्रदेश सचिव अनिल सिंह पवार ने इस अवसर पर कहा कि यह जीत किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों और युवाओं की है, जिन्होंने अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के लगातार दबाव और व्यापक जनसमर्थन के कारण ही सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। निष्पक्ष जांच की मांगपवार ने आगे कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वागत योग्य कदम है, लेकिन केवल इस्तीफा देने से शिक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रह सके। सपा नेताओं ने यह भी दोहराया कि पार्टी भविष्य में भी छात्रों, युवाओं, किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनहित के सवालों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर लीलाधर चौधरी, अजीज जागीरदार, इंद्रसेनराव निमोणकर, शिवनारायण यादव, सुनील शर्मा, सफीलउल्ला अंसारी, सपंतराम, सियाराम चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मानसा में भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों की जीत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विजय रैली निकाली। यह रैली मानसा के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर आयोजित की गई। संगठन ने पहले 27 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में दिल्ली जाने की घोषणा की थी। नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने दिल्ली में लंबा संघर्ष किया था। इस दौरान उन पर कथित तौर पर लाठीचार्ज और अत्याचार की खबरें भी सामने आई थीं। छात्रों के आंदोलन को तब बड़ी सफलता मिली, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यूनियन नेता बोले- संगठन ने पहले दिल्ली जाने की घोषणा की थी भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, जगसीर सिंह जवाहरके और इंद्रजीत सिंह ने विजय रैली के दौरान बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने पहले छात्रों के समर्थन में दिल्ली जाने की घोषणा की थी, लेकिन छात्रों की जीत और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उन्होंने मानसा के डीसी कार्यालय के बाहर ही विजय रैली आयोजित कर छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया। किसान नेताओं ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि भविष्य में ऐसी कोई भी पेपर लीक घटना दोबारा न हो। नेताओं ने जोर दिया कि कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा फल मिलना चाहिए।
समग्र शिक्षा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में साल 2014-15 से व्यावसायिक शिक्षा का संचालन हो रहा है। इसमें काम कर रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों का कहना है कि, नए सत्र में री-टेंडरिंग की प्रक्रिया के कारण उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। शिक्षकों ने बताया कि, अगर प्रशिक्षण प्रदाता (वीटीपी) बदलता है तो वर्षों से काम कर रहे प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इतना ही नहीं उनकी पिछले सत्र की दो महीने की सैलरी भी नहीं दी गई। गवर्नमेंट और अधिकारियों से फरियाद लगाने के बाद शिक्षकों ने PCC प्रेसिडेंट दीपक बैज से मुलाकात कर पूरे मामले पर आवाज उठाने की मांग रखे। शिक्षकों का आरोप: एक्सटेंशन देने की बात हुई थी, अब नौकरी से निकाला ये शिक्षक कई बार अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि, निजी कंपनी की ओर उन्हें दो महीने का वेतन भी अब तक नहीं मिला है। शिक्षकों का आरोप है कि पहले मौखिक रूप से बताया गया था कि उनकी नौकरी आगे बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें लगातार पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि, एजेंसी ने उन्हें कहा है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी अपनी इच्छा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं, कई बार समग्र शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। प्रशिक्षकों की प्रमुख समस्याएं प्रशिक्षकों की मांग दीपक बैज बोले- आवाज उठाएंगे व्यावसायिक प्रशिक्षकों की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज से ने कहा- सरकार रोजगार नहीं दे रही है। और जिनके पास नौकरी है, उन्हें नौकरी से निकालने का काम हो रहा है। पूरे मामले को लेकर वो शिक्षकों का पक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया NSUI ने पूरे मामले पर समग्र शिक्षा कार्यालय का घेराव किया। लेकिन मांग सुनी गई। हमारी टीम बातचीत करेगी, चीजें सुधरी नहीं तो शिक्षकों और छात्रों के हित में आंदोलन किया जाएगा। समग्र शिक्षा का जवाब- एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही की गई थी भर्ती इस पूरे मामले पर समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि ये शिक्षक सीधे तौर पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। जो केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही थी और यह बात पहले से स्पष्ट की गई। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी शिक्षक का वेतन रोका गया है, तो उसका समाधान किया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन को लेकर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।
फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ द्वारा एक सप्ताह पहले आयोजित फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए नकल मामले को लेकर सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) और यूथ अकाली दल ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे और पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन में यूथ अकाली दल के पंजाब प्रधान सरबजीत सिंह झिंझर, अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लगातार पेपर लीक और नकल के मामले सामने आने से युवाओं का सरकारी भर्तियों पर भरोसा टूट रहा है। एक सप्ताह पहले रविवार को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ द्वारा आयोजित फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के दौरान एक नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने 26 लोगों को अरेस्ट किया पुलिस ने इस मामले में करीब 26 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के साथ बाहर बैठकर नकल करवाने वाले लोग भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने पहले अकाली दल को यूनिवर्सिटी गेट के समक्ष धरना देने से रोकना चाहा लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध पर प्रशासन पीछे हट गया। इस मौके पर बातचीत करते हुए सरबजीत सिंह झिंझर और परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि इस गंभीर मामले में सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस जवाबदेही तय नहीं की गई है। साथ ही पेपर लीक के उक्त मामले में सिर्फ नकल का मामला बताकर गोरखधंधे से जुड़े बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो शिरोमणि अकाली दल राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेगा।
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता व हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक एजेंसी की व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किया जाता, तब तक NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ लंबे समय से खाली पड़े विभागीय पदों को भरने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएंगे। झज्जर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गीता भुक्कल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस के संयुक्त संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री से अपील की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने और धरना देने के लिए मजबूर न होना पड़े। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देने की जरूरत पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने परिवार और देश से दूर होकर अवैध रास्तों से विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए देश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। भुक्कल ने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक माहौल मिलेगा तो वे नशे और अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां लागू करने की मांग की। रमेश जाखड़ बने कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष उधर, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष के रूप में रमेश जाखड़ को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस दौरान नवगठित जिला कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। विधायक गीता भुक्कल ने नई कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल पार्टी का सेवा संगठन है, जिसने हमेशा संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि झज्जर जिला कांग्रेस सेवा दल आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष रमेश जाखड़ ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन पर विश्वास जताकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, यह उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल सेवा भाव को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आमजन तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का काम करेगा। कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 4 राज्यों के शिक्षामंत्रियों का इस्तीफा मांगा जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि जहां भी गैर-एनडीए सरकारें हैं, उन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। वहां के शिक्षामंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्ष के नेता पंजाब, कर्नाटक, केरल और झारखंड में पेपर लीक पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। केरल में कांग्रेस की सरकार है, झारखंड में इंडी गठबंधन, पंजाब में AAP की सरकार है। इन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। इन नेताओं को अपनी पार्टी या गठबंधन के शिक्षामंत्रियों से इस्तीफा मांगना चाहिए। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र जुटे और पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे छात्रों कोगेट से बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रों ने गेट के पास ही बैठकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। 5 तस्वीरें देखिए- प्रदर्शन के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
भारत में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। सामाजिक विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (IASSI) की भूमिका विषय पर आधारित इस सम्मेलन की संयुक्त मेजबानी नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की ओर से की गई। नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों का जमावड़ा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ प्रोफेसरों, नीति निर्माताओं और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के दिग्गजों ने एक मंच पर आकर हिस्सा लिया। इस दौरान विदेश मंत्रालय भारत सरकार, और नालन्दा विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति सचिन चतुर्वेदी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। दिग्गजों ने देश में सामाजिक विज्ञान के वर्तमान स्वरूप और इसके भविष्य को लेकर गहन मंथन किया। रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई सम्मेलन में चर्चा के मुख्य बिंदु सामाजिक विज्ञान के समग्र विकास में शैक्षणिक और शोध संस्थानों की सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, थिंक-टैंक और शोध केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय व साझेदारी स्थापित करने के रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई। भारत में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान और शिक्षा के स्तर को उन्नत कर वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षाविदों का मानना है कि नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की यह संयुक्त पहल भारत में सामाजिक विज्ञान के परिदृश्य को आधुनिक बनाने और शोधकर्ताओं के लिए एक अधिक सहयोगी और मजबूत ढांचा तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
सोनम वांगचुक का अनशन और शिक्षा सुधार का एजेंडा
भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार पर निर्भर नहीं हो सकता; इसके लिए नवाचार, जवाबदेही और उद्यमशीलता को जोड़ना होगा।
*शिक्षा मंत्री का स्तीफा सरकार की हार या रणनीति*
दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के स्तीफे पर काकरोच पार्टी संस्थापक अभीजीत दीपके ने कहा कि *झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए*।यह बयान दीपके का घमंड ही लगता है। *शेर भी झुकता है।शेर के झुकने ... Read more
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन, प्रियंका चोपड़ा ने यूं जताई खुशी
देशभर में नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद अहम और ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर ...
नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ...
इब्राहिम अली खान भी उतरे छात्रों के समर्थन में, बोले- शिक्षा के लिए डर का माहौल सही नहीं
देशभर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन को जहां एक तरफ आम जनता और कई ...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सोच अच्छी, लेकिन जमीनी अमल अभी बहुत धीमा : सुकृति सूरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए दृष्टिबाधित छात्रा सुकृति सूरी ने कहा कि नीति की सोच और उद्देश्य सकारात्मक हैं, लेकिन इसका प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

