यूपी बेसिक शिक्षा विभाग अब अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों को इंटरनेट मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाएगा। विभाग नकारात्मक और भ्रामक खबरों का तथ्यों के आधार पर तत्काल जवाब देगा।
एमबी में नशा मुक्ति की शपथ, अधीक्षक बोले- नशे नहीं, शिक्षा पर खर्च करें आय
एमबी अस्पताल में अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन के सान्निध्य में नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के तहत राष्ट्रीय शपथ कार्यक्रम हुआ। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं प्रशासनिक अमले ने नशे से दूर रहने और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। डॉ. सुमन ने कहा कि नशा स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। यदि वह पैसा शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च हो तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवर सकता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए स्वस्थ युवा शक्ति आवश्यक है। विकसित युवा, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना सबकी जिम्मेदारी है। बता दें, एमबी के ओपीडी परिसर स्थित कमरा नंबर 134 में तंबाकू मुक्ति केंद्र पर परामर्श व मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे अब तक 6,992 मरीज सेवाएं ले चुके हैं और लगभग 500 मरीजों को तंबाकू छोड़ने में सफलता मिली है।
Panipat News: शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
Bareilly News: अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
मेष राशिवालों को मन शांत रखना होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 19 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: मन को शांत रखना होगा, सेहत के मामले में लापरवाही ना करें, हर किसी से मन की बात शेयर करने से बचें, आज धन निवेश में जल्दबाजी ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Pilibhit News: निरीक्षण में दो शिक्षिकाएं और शिक्षामित्र मिलीं गैरहाजिर, एक दिन का वेतन रुका
रिषदीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने के दावों की बीएसए के निरीक्षण में पोल खुल गई।
Bahraich News: जिले के 34 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
जिले के 34 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए के कामकाज की समीक्षा की, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे ठीक करने का निर्देश
कृषि विभाग में 460 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिली नियुक्ति
राजस्थान सरकार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कृषि विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 के तहत 460 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का...
मध्य प्रदेश ने सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कूल के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की उपस्थिति, आव
कटिहार में यूथ की बात कार्यक्रम:टाउन हॉल में युवाओं ने जवाबदेही, शिक्षा सुधार की उठाई आवाज
कटिहार के टाउन हॉल में मंगलवार को 'यूथ की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य देशभर में चल रहे युवा आंदोलन के बीच युवाओं से संवाद स्थापित करना था। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दर्जनों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, लोकतंत्र और सरकार की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। ''जवाबदेही के लिए आवश्यक था शिक्षा मंत्री का इस्तीफा'' कार्यक्रम में चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन, पटना विश्वविद्यालय की छात्र नेत्री सबा आफरीन और सामाजिक कार्यकर्ता कामायनी स्वामी ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार से जवाबदेही तय करने की प्रमुख मांगें उठाईं। मोहनपुर, मनसाही से आए छात्र सचिन ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही के लिए आवश्यक था। हालांकि, उनके स्थान पर सक्षम नेतृत्व न आने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। छात्रा प्रियंका ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों का सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है। ''आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया'' उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को डराया नहीं जा सकता और वे सरकार से सवाल पूछते रहेंगे। कन्नन गोपीनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों और सरकार के बीच भरोसे का एक सामाजिक अनुबंध होता है। युवा कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास करने की उम्मीद करते हैं, लेकिन परीक्षा में अनियमितताओं से यह भरोसा टूट जाता है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया है। इस ऊर्जा का उपयोग देश की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए। विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर फोकस सबा आफरीन ने शिक्षा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और कहा कि बिहार इस क्षेत्र में पिछड़ रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान राजू रंजन ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। प्रियंका, गोविंद और दीपक ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र पासवान, पवन कुमार, दीपनारायण पासवान, आरती कुमारी, पूजा कुमारी, गौतम, सुहानी और लक्ष्मीकांत प्रसाद सहित कई अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 4.5 साल में 2300 करोड़ का निवेश; केरल से भी आगे निकला
पंजाब सरकार ने दावा किया है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं. नए क्लासरूम, आधुनिक लैब और बेहतर नतीजों के दम पर पंजाब अब स्कूली शिक्षा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.
आप सरकार की पंजाब शिक्षा सुधार योजना सरकारी स्कूलों को 2300 करोड़ रुपये के निवेश, नई कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, वाई-फाई और
भभुआ में युवा खरवार महासभा का विश्व आदिवासी दिवस समारोह, शिक्षा-रोजगार व सरकारी योजनाओं पर विशेष जोर
18 अगस्त, मंगलवार: भभुआ शहर में युवा खरवार महासभा की जिला इकाई ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह आयोजित किया। पूर्व विधायक अशोक सिंह व विधायक भरत बिंद सहित कई अतिथि शामिल हुए। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और संगठन को गांव-पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।
एटा में मनु हितैषी की पहल से पिताविहीन दो बच्चों को मिला शिक्षा का अधिकार
एटा के मारहरा में मनु हितैषी के प्रयास से पिताविहीन दो बच्चों का सनशाइन स्कूल में दाखिला हुआ, आर्थिक संकट के बीच मिली शिक्षा की नई राह।
स्टडी लोन में मोरेटोरियम और EMI की गणना को कैसे समझें
उच्च शिक्षा की फीस, हॉस्टल, किताबों, यात्रा और अन्य खर्चों को पूरा करना कई परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का सपना होगा आसान, छात्राओं को हर साल मिलेंगे 30 हजार रुपये
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की उपस्थिति में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए।
प्रदेशभर के 1 लाख से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का संचालन देखने वाले प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक का पद खाली रह गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद तो 14 महीनों से रिक्त है। पहले सीताराम जाट को कार्यवाहक लगाया गया था अब उनके रिटायर होने पर ललित कुमार को कार्यवाहक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। राज्य के करीब 25 लाख स्टूडेंट्स की शिक्षा व्यवस्था कार्यवाहक स्थिति में एक सेशन निकाल चुकी है। समझिए किसके पास था कौनसा पद जयपुर से संचालित कर रहे जून 25 तक प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में 2 अलग-अलग आईएएस बैठते थे। इसके बाद जून 25 में दोनों के बीच एक आईएएस कर दिया गया। अब हालात ये हैं कि दोनों के लिए कोई आईएएस नहीं है, बल्कि जयपुर के अधिकारी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस ललित कुमार भी जयपुर से ही दोनों निदेशालयों को संचालित कर रहे हैं।
BPSC भर्ती 2026 : स्कूल टीचर के 32,388 पदों पर बंपर वैकेंसी, 1 सितंबर से करें आवेदन
ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 तथा ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
बरांडा फला के 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए दान की भूमि, शिक्षा के विकास की पहल
खेरवाड़ा के बरांडा फला में 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए स्वेच्छा से भूमि दान की। तहसीलदार के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए।
job news 2026: असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के पदों पर निकली इस वैकेंसी के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आप भी अ्रगर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के बंपर पदों पर निकली भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 15 सितंबर 2026 तक आवदेन किया जा सकता है। ग्रेजुएशन उत्तीर्ण इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। पदों के नाम- असिस्टेंट ग्रेड थर्ड पदों की संख्या- 1174 पद आयु सीमा- अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 साल से कम न हो। अधिकतम आयु पुरुष उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 45 वर्ष निर्धारित है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 15 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन - ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट mphc.gov.in देख सकते हैं pc-
pc: kalingatv मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (MPHC) ने 14 अगस्त को असिस्टेंट ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। नौकरी के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस कल, 17 अगस्त से शुरू हो गया है। यह भर्ती एडवर्टाइजमेंट नंबर 614/परीक्षा/2026 के तहत है। जो कैंडिडेट इस नौकरी के लिए इंटरेस्टेड हैं, उन्हें नोटिस ध्यान से पढ़ना चाहिए और पता करना चाहिए कि वे एलिजिबल हैं या नहीं। भर्ती एडवर्टाइजमेंट के अनुसार, इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट 15 सितंबर तक नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 14 अगस्त एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू होने की तारीख: 17 अगस्त एप्लीकेशन प्रोसेस खत्म होने की तारीख: 15 सितंबर एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 19 सितंबर प्रीलिमिनरी एग्जाम की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन डिग्री, एक वैलिड CPCT स्कोरकार्ड और कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक साल का डिप्लोमा होना चाहिए। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी, 2026 को 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। ज़्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखें और रिक्रूटमेंट एडवरटाइज़मेंट नंबर 614/परीक्षा/2026 पढ़ें। एप्लीकेशन फीस: जनरल और दूसरे राज्य के कैंडिडेट: Rs 943.40 SC, ST, OBC, EWS, PWD: Rs 743.40 पेमेंट मोड: ऑनलाइन ज़रूरी सर्विस बॉन्ड: जिस कैंडिडेट को इस पोस्ट के लिए अपॉइंट किया जाएगा, उसके पास Rs 2 लाख का सर्विस बॉन्ड होना चाहिए और उसने कम से कम तीन साल कोर्ट में काम किया हो। एप्लीकेशन प्रोसेस: कैंडिडेट को MPHC की ऑफिशियल वेबसाइट mphc.gov.in पर जाना होगा। रिक्रूटमेंट सेक्शन पर क्लिक करें और एप्लीकेशन चुनें, उसे ठीक से पढ़ें। एप्लीकेशन लिंक चुनें और सही डिटेल्स डालकर खुद को रजिस्टर करवाएं। लॉग इन करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म को डिटेल्स में भरें। एप्लीकेशन में मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें। सबमिट बटन पर क्लिक करने से पहले आपने जो डिटेल्स भरी हैं, उन्हें चेक कर लें। आगे के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का स्क्रीनशॉट ले लें।
TRE-4 Recruitment: बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती, आज जारी हो सकता है विज्ञापन; जानें शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
सलूंबर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय समारोह धूमधाम से हुआ। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने ध्वजारोहण किया और 44 प्रतिभाओं का सम्मान हुआ। समारोह में शिक्षा-स्वास्थ्य को विकसित सलूंबर की आधारशिला बताया।
Bank of Baroda LBO Recruitment 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर के 2,482 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन 18 अगस्त से शुरू होंगे और 7 सितंबर तक चलेंगे।
यूपी में विभिन्न जिलों में निकली भर्ती, मल्टी टास्किंग स्टाफ के लिए आठवीं पास कर सकते हैं अप्लाई
योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी इस वैकेंसी में शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से सेवायोजन पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। आवेदन करने की लास्ट डेट 22 अगस्त 2026 निर्धारित है।
पटना के गर्दनीबाग में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और रघुपति राघव राजा राम के साथ छात्र न्याय सत्याग्रह की शुरुआत हुई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। स्टूडेंट्स बैनर पोस्टर लेकर बैठे हैं। छात्रों ने कहा कि हमें 2 से 4 दिन के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन चाहिए। हम लोग लॉलीपॉप नहीं लेंगे। छात्रों ने शिक्षा मंत्री को मिस्टेक तिवारी बताया। कहा कि उन्होंने इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर इस्तीफा देने की बात की थी। वो नोटिफिकेशन जारी नहीं कर पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। इसके पहले वाले शिक्षा मंत्री भी TRE-4 के नोटिफिकेशन की बात करते रहे, लेकिन नोटिफिकेशन नहीं आया। शिक्षा मंत्री नोटिफिकेशन जारी करें या इस्तीफा दें। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन छात्र न्याय सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हैं। छात्र नेता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करो नहीं तो शिक्षा मंत्री का आवास घेरेंगे। छात्र न्याय सत्याग्रह की 3 तस्वीरें देखिए… छात्र नेता बोले- 24 घंटे में नोटिफिकेशन जारी करो छात्र नेता दिलीप ने कहा कि बिहार के करोड़ों छात्रों को हितों को देखते हुए हम आज से धरने पर बैठ रहे हैं। 24 घंटे के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। हम चाहते हैं कि ये परीक्षा एक बार में ली जाए। शिक्षा मंत्री ने कहते थे 25 जुलाई तक नोटिफिकेशन आ जाएगा। 24 घंटे में संशोधन कर देंगे। उनकी सब बातें झूठी हैं। ये शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग भी ठीक से नहीं कर पाए हैं। हम उन्हें 24 घंटे का वक्त दे रहे हैं इसके बाद उनके आवास का घेराव करेंगे। BPSC के विद्वान अधिकारी बोल रहे हैं कि TRE-4 में PT, MAINS होगा। कहा जा रहा पेपर लीक से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अरे BPSC के बेशर्मो...शर्म नहीं आती है। 66वीं, 67 वीं, 70 वीं का पेपर लीक हुआ। उसमें PT, MAINS इंटरव्यू होता था। हमें TRE-4 में PT, MAINS नहीं चाहिए। TRE-5 से इसे लागू करिए। क्यों कि TRE-4 में पहले ही बहुत देर हो चुकी है। लालू बोले- सरकार AK-47 से गोली चलवाती है तेजस्वी यादव कल यानी बुधवार को तेजस्वी यादव छात्रों की मांग को लेकर राजभवन मार्च निकालने वाले हैं। वहीं, दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया 'X' पर लिखा है कि समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त हैं। लूट तंत्र से बनी सरकार मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है। तानाशाही के खिलाफ सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो। JDU बोली- बिहारी में जितनी बहाली हुई, उतनी किसी राज्य में नहीं जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि आंदोलन करना छात्रों का अधिकार है। अगर छात्रों की कोई समस्या है तो वे आंदोलन करें। सरकार उनकी समस्या का समाधान करेगी। बिहार में जितनी बहाली हुई है, उतनी किसी दूसरे राज्य में नहीं हुई है। सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं पर जरूर ध्यान देगी। पटना में छात्र न्याय सत्याग्रह से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
SSC CHSL 2025: एसएससी सीएचएसएल का FRTA रिजल्ट जारी, 3515 उम्मीदवार DV के लिए चयनित
SSC CHSL FRTA Result 2026: एसएससी ने सीएचएसएल 2025 के फर्स्ट राउंड टेंटेटिव अलोकेशन का रिजल्ट जारी कर दिया है। टियर-2 प्रदर्शन के आधार पर 3,515 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए प्रोविजनली रिकमेंड किया गया है।
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों को लेकर जो आदेश जारी किया गया है। उस पर अब सियासी घमासान मच गया है। इस पर अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान भी सामने आया है।
अब यूपी में समय पर होंगी सरकारी भर्तियां!
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिएमुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिए हैं. इसके लिए अब परीक्षाओं से लेकर नियुक्ति तक पूरा प्रोसेस अब वार्षिक कैलेंडर के तहत समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी जिससे परिणामों के लिए युवाओं को ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा और रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे.
सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के टीईटी न होने से उनकी पदोन्नति नहीं हो पा रही है, लेकिन जिन शिक्षकों ने टीईटी किया है विभाग में उनकी भी पदोन्नति लटक गई है।
‘दिमाग़ी नक्सल’ के शोर में असली सवाल गुम क्यों? शिक्षा सुधार की जगह बदनामी की राजनीति क्यों
Dimaagi Naxal PM Modi:‘दिमाग़ी नक्सल’ के नए राजनीतिक शब्द के बीच असली सवाल शिक्षा और युवाओं के भविष्य का है। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का सवाल है कि क्या बदनामी की राजनीति से छात्र आंदोलन का जवाब दिया जा सकता है?
शिक्षा विभाग का आदेश:स्कूलों में फोटो या वीडियो बनाने और स्ट्रीमिंग पर रोक
नाबालिग बालिकाओं के फोटो लेने पर पॉक्सो में केस दर्ज हो सकता है शिक्षा विभाग के एक आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा निदेशालय के आदेश में सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को लेकर जो पाबंदियां लगाई गई हैं, उन्हें लेकर शिक्षा मंत्री ने सफाई तक दी है। आदेश में है कि संस्था प्रधान स्थानीय पुलिस की सहायता से मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के अनुसार POCSO, किशोर न्याय अधिनियम, 2015, आईटी अधिनियम में केस दो सकता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है गलत प्रचारित किया जा रहा है कि स्कूलों में आने-जाने व वीडियो रिकार्डिंग पर प्रतिबंध है। नाबालिग की फोटो लेने से पहले अभिभावक की परमिशन जरूरी है। बिना पूर्व अनुमति के स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा बिना पूर्व अनुमति बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश नहीं होगी।आगंतुक को विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी देनी होगी।बाहरी व्यक्ति कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, विद्यार्थियों की किसी भी गतिविधि वाले क्षेत्र में बिना किसी स्टाफ के साथ के प्रवेश नहीं कर सकेगा।प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों अथवा विद्यालय गतिविधियों का फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग अथवा लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी।विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का प्रसारण, प्रकाशन अथवा प्रसार नहीं होगा।यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी का प्रयास करता है अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न करता है तो प्रधानाचार्य पुलिस तथा डीईओ को सूचित करेंगे।ऐसे व्यक्ति, जिसके स्कूल में आने से सुरक्षा, निजता, अनुशासन अथवा शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता हो, प्रधानाचार्य उसे प्रवेश की अनुमति अस्वीकार कर सकता है। अनुमति के बिना बालक-बालिका की पहचान उजागर नहीं करेगा। आदेश पर सवाल भी सरकारी स्कूलों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पदों से बनी स्थिति को मीडिया की ओर से दिखाया जाना या प्रकाशित आखिरकार कैसे गलत हो सकता है। संस्था प्रधान किसी से बदले की भावना से भी मुकदमा दर्ज कर सकते हैं। स्कूलों की खामियों को दिखाना गलत है तो फिर ऐसे आदेश अन्य सरकारी संस्थाओं के लिए भी निकाले जा सकते हैं?
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
Yamuna Nagar News: गुरु रविदास की शिक्षाओं का किया गुणगान
गांव चाहड़ो आहलूवाला स्थित श्री गुरु रविदास ज्ञान प्रकाश आनंद आश्रम में मासिक सत्संग हुआ। महंत अशोकानंद ने गुरु महाराज की शिक्षाओं व आदर्शों से सत्संग को निहाल किया।
Basti News: महिलाओं के उत्थान व बेटियों के शिक्षा पर महिला संगठनों का जोर
Women's organizations emphasize on the upliftment of women and education of daughters
परीक्षा में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई लताड़, मांगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यूजीसी नेट परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मिली गड़बड़ियों को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में सामने आई विसंगतियों, पेपर लीक के दावों और तकनीकी गड़बड़ियों को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और कार्यप्रणाली पर उठे चौतरफा सवालों के बीच सरकार ने एजेंसी के आंतरिक ढांचे में बड़ा प्रशासनिक ऑपरेशन शुरू कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट के कड़े निर्देशों और उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद एनटीए के परीक्षा संचालन, आईटी और गोपनीय शाखा से जुड़े 50 से अधिक अधिकारियों व अनुबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।गोपनीयता और परीक्षा संचालन में लापरवाही पर गिरी गाजहाल के महीनों में यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर गृह मंत्रालय के 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) से मिले इनपुट्स के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्रों के निर्माण, मॉडरेशन, डेटा हैंडलिंग और आउटसोर्सिंग वेंडर्स की निगरानी में गंभीर प्रशासनिक शिथिलता बरती गई थी। इसी जवाबदेही को तय करते हुए विभिन्न स्तरों पर तैनात लगभग 50 अधिकारियों, सलाहकारों और समन्वयकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं तथा कुछ को उनके मूल विभागों में वापस भेज दिया गया है।राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर अमल शुरूपरीक्षाओं को फुलप्रूफ और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को लागू करना शुरू कर दिया गया है। समिति ने एनटीए में बड़े पैमाने पर स्थायी और विषय-विशेषज्ञों की भर्ती, आउटसोर्सिंग स्टाफ पर अत्यधिक निर्भरता घटाने तथा डेटा सुरक्षा के कड़े ऑडिट की वकालत की थी। मौजूदा प्रशासनिक फेरबदल इसी रिफॉर्म का हिस्सा है, जिसके तहत परीक्षा नियंत्रण से जुड़े संवेदनशील पदों पर प्रतिनियुक्ति के बजाय उच्च मानकों वाले स्थायी अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।सीबीआई जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेजयूजीसी नेट मामले में दर्ज आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां केवल बाहरी साल्वर गैंग्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एनटीए के आंतरिक तंत्र और प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की हर कड़ी की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। हटाए गए कर्मियों और संबंधित नोडल अधिकारियों के रिकॉर्ड्स, डिजिटल लॉग्स और संचार विवरणों का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यदि किसी भी स्तर पर मिलीभगत सिद्ध होती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सके।भविष्य की परीक्षाओं के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टमप्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए एनटीए की आगामी सभी परीक्षाओं के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, रियल-टाइम एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, जैमर्स का अनिवार्य उपयोग और डिजिटल क्वेश्चन पेपर ट्रांसफर के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन शामिल है। इसके अलावा, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों के चयन और भौतिक सत्यापन के नियमों को अत्यंत सख्त कर दिया गया है।लाखों अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताशिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि देश के करोड़ों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में लागू हुए 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट' के कड़े प्रावधानों के तहत परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और गैर-जमानती जेल की सजा का रास्ता साफ हो चुका है। एनटीए में यह बड़ा प्रशासनिक शुद्धिकरण इस बात का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से दुनिया भर में शिक्षा पर संकट, लाखों बच्चों के स्कूल छूटने का खतरा
ईरान युद्ध की मार अब दुनिया के उन बच्चों तक भी पहुंच रही है, जो युद्ध से हजारों किलोमीटर दूर हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। कई परिवारों के लिए भोजन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।
लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाने में शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका: ज्ञानेश कुमार
Patna, 17 अगस्त . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने Monday को Patna के ज्ञान भवन में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स और ‘ईसीआईनेट’ सम्मेलन के दौरान यह बात कही. इस अवसर पर ... Read more
शिक्षा मंत्री ने एनटीए की समीक्षा बैठक की, परीक्षा प्रणाली के व्यापक ऑडिट का दिया आदेश
New Delhi, 17 अगस्त . राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित कुछ परीक्षाओं को लेकर नए सिरे से मुद्दे उठने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Monday को इसके कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की और इसे सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट करने का निर्देश दिया. ... Read more
चुनाव में AAP विधायक ने दिया शिक्षा का गलत ब्योरा? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने यह भी माना था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण का आरोप तभी बनता है जब किसी दूसरे उम्मीदवार के बारे में चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से गलत बयान दिया गया हो.
जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में नवप्रवेशित बीएससी और एमएससी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ, अधिष्ठापन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान-विस्तार और शोध के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने छात्रों से संस्थान की शैक्षणिक और शोध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर प्रमोद यादव ने विश्वविद्यालय की छात्र कल्याणकारी गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, रचनात्मक गतिविधियों और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और ई-संसाधनों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पाठ्यपुस्तकों के अलावा उच्च स्तरीय संदर्भ सामग्री पढ़ने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रोफेसर प्रमोद कुमार, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. सुजीत चौरसिया और डॉ. संदीप वर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समय प्रबंधन, प्रयोगात्मक शिक्षा और शोध के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनके सफल शैक्षणिक जीवन की आधारशिला तैयार करना था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ली एनटीए की समीक्षा बैठक, परीक्षा व्यवस्था के संपूर्ण ऑडिट के निर्देश
New Delhi, 17 अगस्त . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने Monday को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज और हाल में सामने आई परीक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. शिक्षा मंत्री ने एनटीए को परीक्षा की सभी प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. एजेंसी को परीक्षा व्यवस्था ... Read more
शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा
शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरा, छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के एक सरपंच ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर प्रशासन की ओर से दिए जाने वाले सम्मान को लेने से इनकार कर दिया। यह प्रोग्राम डबवाली के श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल परिसर में उपमंडल स्तर पर हुआ था। सरपंच या उनकी तरफ से कोई प्रतिनिधि यह सम्मान लेने नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मट्टदादू के सरपंच गगन रणदीप सिंह मट्टदादू ने प्रशासन द्वारा दिया जाने वाला सम्मान ग्रहण नहीं किया। उन्होंने पंजोखरा साहिब में हुई घटना के विरोध में यह कदम उठाया और स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूरी बनाए रखी। दरअसल, सरपंच गगन रणदीप सिंह मट्टदादू का चयन शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए किया गया था। उन्होंने गांव में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूटी भेंट योजना शुरू की थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक सुरक्षित परिवहन सुविधा भी उपलब्ध करवाई थी। मंच से सरपंच के नाम की घोषणा की थी डबवाली में आयोजित इस समारोह के दौरान प्रोटोकॉल के तहत मंच से उनके नाम की घोषणा भी की गई। हालांकि, सरपंच की ओर से सम्मान ग्रहण करने के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने पंजोखरा साहिब घटना के विरोध में सम्मान लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, रणदीप सिंह मट्टदादू ने सराहनीय कार्यों के लिए चयन किए जाने पर स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद भी किया। सरपंज बोले- लाठीचार्ज से सिख संगत में असंतोष इसी मामले में पत्रकारों से बातचीत में सरपंच प्रतिनिधि रणदीप सिंह मट्टदादू ने बताया कि अंबाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में हुई घटना से सिख संगत में नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। सिख संगत पर लाठीचार्ज किया गया और प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर भी सिख संगत में असंतोष है। मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग रणदीप सिंह मट्टदादू ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजोखरा साहिब मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए निर्दोष सिख नौजवानों को तुरंत रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने धार्मिक माहौल बिगाड़ने और सामाजिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
61 लीटर की कांवड़ लेकर चली इस अभ्यर्थी की कहानी जानिए
यूपी पुलिस समेत कई सरकारी नौकरियों की परीक्षा देने के बावजूद सफलता न मिली. शिव भक्त और उत्तर प्रदेश की बेटी मानसी राजपूत की मेहनत के साथ-साथ उनकी कांवड़ भी हर साल कठिन कांवड़ बनती जा रही है. इस बार 61 लीटर गंगाजल उठाकर कांवड़ यात्रा पर निकली मानसी की खूब चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं इस अभ्यर्थी की कहानी...
स्कूल में मलाला यूसुफजई की किताब को लेकर बवाल, शिक्षा विभाग ने क्यों ठोका जुर्माना
अहमदाबाद के आनंद निकेतन स्कूल पर मलाला की किताब विवाद को लेकर शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद जुर्माना लगाया गया है।
RSSB recruitment 2026: 874 जूनियर इंजीनियर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 874 जूनियर इंजीनियर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है; कैंडिडेट 14 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें आगे बढ़ने से पहले रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, वैकेंसी डिटेल्स और एप्लीकेशन रिक्वायरमेंट्स को ठीक से पढ़ना भी पक्का कर लेना चाहिए। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे सब्जेक्ट्स की वैकेंसी भरी जाएंगी, इसलिए जॉब के लिए अप्लाई करने वाले लोगों के पास इन कोर्सेज से रिलेटेड डिग्री होनी चाहिए। ज़रूरी डेट्स: एप्लीकेशन शुरू होने की डेट: 16 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन खत्म होने की डेट: 14 सितंबर, 2026 एग्जाम की डेट: फरवरी 2027 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, या एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग जैसी रिलेवेंट इंजीनियरिंग ब्रांच में डिप्लोमा या BE/BTech डिग्री होनी चाहिए। वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए ज़रूरी उम्र 18 से 40 साल के बीच है। सिलेक्शन प्रोसेस: लिखा हुआ एग्जाम डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एप्लीकेशन फीस: UR/Gen/OBC: Rs 600 OBC (NCL)/EWS/SC/ST/PWD: Rs. 400 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर जाएं। राजस्थान SSO ID और पासवर्ड से लॉग इन करें। संबंधित जूनियर इंजीनियर रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन चुनें। ज़रूरी डिटेल्स डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी अपने पास रखें।
बिहार शिक्षा विभाग के क्लर्क ट्रांसफर पर फिलहाल 'ब्रेक', कैडर तय होने के बाद ही मिलेगी हरी झंडी
शिक्षा विभाग में लिपिकों का स्थानांतरण राज्य स्तरीय कैडर निर्धारण होने तक रुका रहेगा। पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यह स्पष्टीकरण दिया है, जिससे पंकज कुमार समेत छह कर्मचारियों को इंतजार करना होगा।
PNB recruitment 2026: 545 LBO पदों पर आवेदन की आज है लास्ट डेट, इस तरह करें आवेदन
PC: kalingatv पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 545 लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 2026-27 रिक्रूटमेंट ड्राइव के रिक्रूटमेंट प्रोसेस के लिए एडवर्टाइजमेंट नोटिफाई किया है। एप्लीकेशन का तरीका ऑनलाइन है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) रजिस्ट्रेशन पोर्टल के ज़रिए चलाया जा रहा है। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट आज तक जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं और ध्यान दें कि वे सिर्फ़ एक स्टेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उन्हें उस चुने हुए स्टेट की भाषा आनी ज़रूरी है। जो कैंडिडेट पहले से रिक्रूटमेंट के बारे में जानते हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक फ़ॉर्म पूरा नहीं किया है या जमा नहीं किया है, उन्हें डेडलाइन से पहले इसे पूरा करके जमा कर देना चाहिए, अगर वे यह मौका नहीं चूकना चाहते हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए। जिन कैंडिडेट की उम्र 1 जुलाई तक 20 से 30 साल है, वे इस पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस रिक्रूटमेंट में रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए उम्र में छूट भी है। कैंडिडेट के पास चुने हुए शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक या रीजनल रूरल बैंक के क्लर्क या ऑफिसर कैडर में क्वालिफिकेशन के बाद कम से कम एक साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए। उन्हें वह राज्य चुनना होगा जिसकी भाषा वे जानते हैं। राज्य के हिसाब से वैकेंसी का बंटवारा: असम: 85 पश्चिम बंगाल: 80 कर्नाटक: 78 गुजरात: 77 महाराष्ट्र: 67 तमिलनाडु: 51 तेलंगाना: 41 दूसरी वैकेंसी केंद्र शासित प्रदेशों और दूसरे राज्यों जैसे नॉर्थ-ईस्टर्न रीजन, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लिए हैं। सिलेक्शन प्रोसेस: ऑनलाइन रिटन एग्जाम एप्लीकेशन स्क्रीनिंग लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LPT) पर्सनल इंटरव्यू एप्लीकेशन फीस: SC, ST और PwBD: Rs 59 जनरल, OBC और EWS: Rs 1,180 रिटन एग्जाम: एग्जाम में 150 सवाल होंगे जो 150 मार्क्स के होंगे। एग्जाम में रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन और जनरल, बैंकिंग और इकोनॉमी अवेयरनेस होंगे। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि इस एग्जाम में गलत जवाबों के लिए नेगेटिव मार्किंग भी होगी। जो कैंडिडेट्स एग्जाम और लैंग्वेज असेसमेंट पास करेंगे और शॉर्टलिस्टेड लिस्ट में अपना नाम पाएंगे, उन्हें तय शर्तों के तहत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। फॉर्म सबमिट करने से पहले पक्का कर लें: आपने जो डिटेल्स भरी हैं, जैसे पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, चुना हुआ राज्य और लोकल भाषा, वे सही हैं।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) के आह्वान पर सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रांगण में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता बीईओ कार्यालय की असिस्टेंट कुसुम चौहान ने की। कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं का समाधान न होने पर विभाग के प्रति असंतोष व्यक्त किया। हेमसा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, संगठन ने फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारियों की मांगों को लेकर 11 फरवरी 2026 को शिक्षा सदन, पंचकूला में प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद द्विपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें कुछ मांगों और समस्याओं का दो माह में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। जायज मांगों का शीघ्र समाधान कराने की मांग संगठन का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद इन मांगों का समाधान नहीं हुआ है और वार्ता के मिनट्स ऑफ मीटिंग भी जारी नहीं किए गए हैं। हेमसा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अरविंद चौहान ने बताया कि 11 अगस्त को विभाग के साथ दोबारा वार्ता बैठक हुई थी, लेकिन कर्मचारियों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। लंबे समय से मांगों का समाधान न होने के कारण फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ में नाराजगी है। चौहान ने कहा कि विभाग को कर्मचारियों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार आंदोलन के लिए मजबूर न होना पड़े। 25 को पंचकूला पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल उन्होंने जानकारी दी कि 12 अगस्त को हेमसा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विभाग द्वारा आश्वासनों का पालन न करने के विरोध में निर्णय लिया गया। इसके तहत, 25 अगस्त को राज्य कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सदन, पंचकूला पहुंचेगा। इस दौरान अधिकारी से मुलाकात कर मांगों और समस्याओं के शीघ्र निपटारे की मांग की जाएगी। यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ, तो संगठनात्मक स्तर पर आगामी आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह चौहान, लिपिक भंवरकौर, लिपिक चेतन, लिपिक अजय कुमार, जगदीश सहित अन्य महिला कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'जिला विद्या समीक्षा केंद्र' का उद्घाटन किया गया है।
राजस्थान जूनियर इंजीनियर भर्ती के लिए आवेदन स्टार्ट, जल्द करें अप्लाई
इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू कर दी गई है। ऐसे में जो भी युवा सरकारी इंजीनियर बनना चाहते हैं वे इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म भरने एवं फीस जमा करने की लास्ट डेट 14 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
Haryana High Court Clerk Admit Card 2026: हरियाणा हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड 17 अगस्त को जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार sssc.gov.in से रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि के जरिए हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार के विद्यार्थियों की शैक्षणिक और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया। CM सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन जेडी वूमेंस कॉलेज में किया गया। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से छात्र अपनी शैक्षणिक और छात्रावास संबंधी समस्याओं एवं सुझावों को सरकार तक पहुंचा सकेंगे। पोर्टल का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को एक जगह दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। सरकार की ओर से इसे विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनाने की तैयारी है। शिक्षा और छात्रावास से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर के मुताबिक, राज्य के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। 1100 पर संपर्क की भी सुविधा पोर्टल से संबंधित जानकारी के लिए विद्यार्थियों को 1100 नंबर पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। विद्यार्थी सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी के लिए इस नंबर का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पोर्टल के इस्तेमाल और शिकायत दर्ज करने को लेकर विद्यार्थियों की परेशानी कम होगी। शिकायतों के समाधान की समयसीमा तय सरकार की ओर से शिकायत दर्ज होने के बाद उसके समाधान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। कार्यक्रम के अनुसार, परिवार दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर उसका निपटारा कर आवेदक को इसकी सूचना देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी शिकायत की स्थिति और उसके समाधान की जानकारी समय पर मिल सकेगी। कई मंत्री रहेंगे मौजूद विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम में शिक्षा और सरकार से जुड़े कई मंत्री मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, बिजेंद् प्रसाद यादव, उच्य शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के शामिल होंगे। पोर्टल के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों की समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके समाधान की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार होने की उम्मीद है।
Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षा को सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक सीमित रखने के बजाय बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और नए बिजनेस तक जोड़ने की योजना है।नए प्लान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अधिक निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है।मास्टर प्लान के अनुसार, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए शिक्षा समेत दूसरी जरूरी सामाजिक सुविधाओं के लिए अभी से जमीन और बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।इसी दिशा में नरेला में करीब 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और नए कारोबार से जुड़े संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आने वाले समय में दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।शिक्षा के हर स्तर को एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारीमास्टर प्लान में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर कॉलेज, उच्च शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार तक का रास्ता आसान हो सके। इसके लिए शुरुआती शिक्षा केंद्रों और स्कूलों से लेकर आवासीय व विशेष स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक की सुविधाओं को एक व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।इसके अलावा रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर, ITI, पॉलीटेक्निक, स्किल ट्रेनिंग सेंटर, मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग संस्थान, होटल मैनेजमेंट संस्थान और कोचिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ जरूरी कौशल देने और आगे बेहतर रोजगार व करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।पढ़ाई के साथ-साथ खेल और दूसरी गतिविधियों पर जोरइस प्लान के तहत स्कूलों में अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल, कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। इसी वजह से स्कूलों में पर्याप्त स्थान की व्यवस्था के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, स्कूल के कुल अनुमत निर्माण क्षेत्र का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा खेल और अन्य गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्विमिंग पूल, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी छूट दी जाएगी। इन सुविधाओं के लिए अधिकतम 150 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र तय निर्माण सीमा से अलग रखा जा सकेगा।स्कूलों के लिए जमीन और FAR के नए मानकमास्टर प्लान में स्कूलों के स्तर के अनुसार जमीन, निर्माण और सड़क की चौड़ाई के मानक तय किए गए हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्र के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर जमीन, अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर रखी गई है। कक्षा छह तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क कम से कम 18 मीटर चौड़ी होनी चाहिए और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर होगी। कक्षा 12 तक के स्कूल के लिए न्यूनतम 4,000 वर्गमीटर जमीन, 40% तक निर्माण और 180 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। इस श्रेणी के भवनों के लिए अधिकतम ऊंचाई की अलग सीमा तय नहीं की गई है। दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्रजो स्पेशल चाइल्ड बच्चे हैं (दिव्यांग) उनके लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे विशेष स्कूलों के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन की जरूरत होगी, जबकि अधिकतम 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण की अनुमति होगी। यहां 120 FAR रखा गया है। इन स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तय की गई है।इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल की सुविधाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, नई हो या पहले से बनी स्कूल की इमारत, सभी में दिव्यांगजन अधिकार कानून के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए आवासीय स्कूल शुरू करने का विकल्प भी मास्टर प्लान में रखा गया है।कॉलेज और शोध संस्थानों को ज्यादा निर्माण क्षमतामास्टर प्लान में कॉलेजों, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ज्यादा निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कम से कम 1,000 वर्गमीटर जमीन या संबंधित मान्यता देने वाली संस्था के तय मानकों में से जो भी ज्यादा होगा, उसे आधार माना जाएगा।इन परिसरों में अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी और 225 FAR तय किया गया है। संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर रखी गई है।वहीं, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कैंपस में लाइब्रेरी, लैब, वर्कशॉप, खेल मैदान, इंडोर गेम्स की सुविधा, ऑडिटोरियम और हॉस्टल बनाए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर छात्रों और जरूरी स्टाफ के लिए कैंपस के अंदर ही रहने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल और हरियाली पर भी जोरविश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्रों के लिए अधिकतम 225 FAR का प्रावधान है। इनके लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 24 मीटर होगी और जमीन का आकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार तय किया जाएगा।छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर माहौल और दूसरी गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर की कुल जमीन का 15 फीसदी हिस्सा खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रखना होगा। इसके अलावा, 15 फीसदी जमीन पर पार्क और हरियाली विकसित करना जरूरी होगा। यानी बड़े शैक्षणिक परिसरों में पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और खुले वातावरण के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी।नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हबनरेला में करीब 138 हेक्टेयर जमीन पर एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद शिक्षा को रिसर्च, कौशल विकास, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ना है। इस केंद्र में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों को भी स्थापित होने की जगह मिल सकेगी।यह भी पढ़ें:West Bengal Hotel Fire: बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 की मौत, कई घायल
शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण, शिक्षा ऋण लेना छात्रों के लिए एक सामान्य विकल्प बन गया है। इस लेख में, हम शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। जानें कि आपको क्या दस्तावेज चाहिए और कैसे आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
सोनीपत स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत जिले के कई निजी स्कूल खुले नजर आए। सुबह के समय सड़कों पर स्कूली बच्चों की आवाजाही दिखाई दी। शहर के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में तो छोटे-छोटे बच्चे पीठ पर भारी-भरकम बैग लादकर स्कूल में प्रवेश करते हुए नजर आए। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से जारी अवकाश के आदेशों की पालना को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि जिला उपायुक्त नेहा सिंह की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलों में आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आदेश के बावजूद खुले निजी स्कूल स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा विभाग को आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत शहर में कई निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाया। इससे साफ है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कुछ स्कूल संचालक अपने स्तर पर स्कूल संचालित कर रहे हैं। शिवा शिक्षा सदन में बैग लेकर पहुंचे बच्चे सोनीपत के शिवा शिक्षा सदन स्कूल में सोमवार सुबह छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुंचते दिखाई दिए। बच्चों की पीठ पर भारी-भरकम स्कूल बैग थे और वे स्कूल परिसर में प्रवेश कर रहे थे। छुट्टी के सरकारी आदेश के बावजूद स्कूल में बच्चों को बुलाए जाने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल बंद रखने से जुड़े सरकारी या प्रशासनिक आदेशों की पालना को लेकर सवाल उठे हों। इसके बावजूद स्कूल खुले रहने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आदेशों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। प्रशासन के आदेशों की पालना पर सवाल जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में अवकाश के आदेशों की पालना करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्कूल खुले मिलना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती है। यदि आदेश जारी होने के बाद भी निजी स्कूलों में कक्षाएं लगती हैं तो संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और कार्रवाई की व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश समाजसेवी एवं एडवोकेट देवेंद्र गौतम ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन की ओर से 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश की जानकारी देखी थी। उनके अनुसार 15 अगस्त की छुट्टी के एवज में 17 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया था। छुट्टी को लेकर भी उठाए सवाल देवेंद्र गौतम ने कहा कि 16 अगस्त को रविवार था और ऐसे में 17 अगस्त को अलग से छुट्टी करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का स्तर लगातार गिर रहा है और बार-बार इस प्रकार की छुट्टियां करने से पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और पढ़ाई के दिनों को लेकर गंभीरता से विचार करने की बात कही। आदेशों की पालना जरूरी सरकारी आदेशों के बावजूद निजी स्कूलों के खुले रहने का मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है या नहीं और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
CERT-In Scientist B Recruitment 2026: सीईआरटी-आईएन में वैज्ञानिक-बी के 133 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन का आज 17 अगस्त 2026 को आखिरी मौका है। भर्ती में कार्य अनुभव अनिवार्य नहीं है।
Kangra News: 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने पर भड़का शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ
स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश सरकार द्वारा 100 और सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा का हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है।
MP High Court Assistant Grade-3 Recruitment 2026: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी पाने का यह अच्छा मौका है।
Gorakhpur News: गोरखपुर मंडल के 75 उत्कृष्ट शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक होंगे सम्मानित
75 outstanding teachers, Shiksha Mitras, and instructors from the Gorakhpur division will be felicitated.
Dehradun News: भर्ती के लिए प्रशिक्षित बेरोजगारों ने किया शिक्षा मंत्री आवास कूच
Trained unemployed individuals marched to the Education
Moradabad News: शिक्षा व स्वास्थ्य की अलख जगा रहीं शहर की महिलाएं
शिक्षा व स्वास्थ्य की अलख जगा रहीं शहर की महिलाएं
Kanpur News: आउटसोर्सिंग कर्मियों को उच्च शिक्षा में मिलेगी 50 फीसदी छूट
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने अपने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग आसान बनाते हुए बड़ी घोषणा की है।
दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का व्यापक खाका तैयार किया गया है।
शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी : सुरेंद्र सिंह
Promoting innovation in education is essential: Surendra Singh
Kurukshetra News: अतिथि अध्यापक 23 को करेंगे शिक्षामंत्री कार्यालय का घेराव
अतिथि अध्यापक 23 को करेंगे शिक्षामंत्री कार्यालय का घेराव
Udham Singh Nagar News: बुद्ध की शिक्षा को जीवन में आत्मसात करने पर दिया बल
बुद्ध की शिक्षा को जीवन में आत्मसात करने पर दिया बल
Auraiya News: ध्वजारोहण के नियमों पर बीईओ और शिक्षामित्र में झड़प, वीडियो वायरल
ध्वजारोहण के नियमों पर बीईओ और शिक्षामित्र में झड़प, वीडियो वायरल
राजस्थान के सरकारी स्कूल में बिना इजाजत एंट्री बैन, CJP कैंपेन के बीच शिक्षा विभाग का फैसला
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति के बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश करना भारी पड़ेगा. इसको लेकर सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं.
दरभंगा में भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक रविवार को लहेरियासराय स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में हुई। 20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली छात्र-युवा संसद की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पार्टी नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनसरोकारों के मुद्दों को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाने और छात्र-युवा संसद को बड़ी भागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। इसके बाद दिवंगत साथियों की स्मृति में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में खेग्रामस एवं किसान महासभा के सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने, कमेटियों और शाखाओं के विस्तार, पार्टी पत्रिका ‘लोकयुद्ध’ की वार्षिक सदस्यता बढ़ाने और फंड संग्रह अभियान को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, मधुबनी जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण एवं समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने पर्यवेक्षण किया। 'सरकार का रवैया गरीब विरोधी है' मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि छात्र-युवाओं के आंदोलन के बाद दलित-गरीबों का राज्यव्यापी अनशन-सत्याग्रह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर राज के खिलाफ पीपी एक्ट 1947 के तहत गरीबों के वास-आवास का सवाल महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। आंदोलन के दबाव में सरकार ने बासगीत पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन सरकार का रवैया गरीब विरोधी है। डेढ़ डिसमिल जमीन में गरीब परिवार अपना घर बनाने के साथ मवेशियों को कहां रखेंगे। सरकार 5 डिसमिल जमीन देने के वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि हर भूमिहीन परिवार को जमीन और पहले से सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने मिथिला में सूखे की स्थिति और पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की। 'दलित-वंचित समुदायों पर बढ़ते हमलों की भी निंदा की' बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के सवाल पर चल रहे आंदोलनों के प्रति एकजुटता जताई गई। संगठन ने सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था बेहतर बनाने को भी प्रमुख मुद्दा बनाने का निर्णय लिया। साथ ही 20 अगस्त को मिथिला विश्वविद्यालय में होने वाली छात्र-युवा संसद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में दलित-वंचित समुदायों पर बढ़ते हमलों की भी निंदा की गई। बैठक में बंदना सिंह, गंगा मंडल, सत्यनारायण पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, श्याम पंडित, विशंभर कामत, ललन कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत राम, ललन पासवान, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, शनिश्चरी देवी, लोकेश राज सहित दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिले के कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षा के लिए केंद्र सरकार का बड़ा संबल: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर खुला आवेदनों का द्वार
देशभर के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और स्कूली पढ़ाई को बिना किसी वित्तीय रुकावट के जारी रखने का शानदार अवसर सामने आया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एकीकृत प्लेटफॉर्म 'नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल' (National Scholarship Portal - NSP) पर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, यूजीसी (UGC), एआईसीटीई (AICTE) और राज्य सरकारों की दर्जनों छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।कक्षा 9वीं और 10वीं के प्री-मैट्रिक विद्यार्थियों से लेकर 11वीं-12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), मेडिकल, इंजीनियरिंग और पीएचडी स्तर के शोधार्थियों तक के लिए स्कॉलरशिप के दरवाजे खुले हैं। पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि अधिकांश पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा योजनाओं के लिए 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सरल और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए बायोमेट्रिक व फेस-ऑथेंटिकेशन आधारित 'वन-टाइम रजिस्ट्रेशन' (OTR) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।31 अक्टूबर तक का समय: प्रमुख तिथियां और वेरिफिकेशन का टाइमलाइनछात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद पोर्टल स्वचालित रूप से बंद हो जाता है:छात्रों द्वारा ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026 (पोस्ट-मैट्रिक, कॉलेज/यूनिवर्सिटी और टॉप क्लास स्कीम्स के लिए)।दोषपूर्ण आवेदनों (Defective Applications) के सुधार की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026।शिक्षण संस्थान स्तर पर सत्यापन (Institute Verification): 15 नवंबर 2026 तक।जिला/राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी सत्यापन (DNO/SNO/L2 Verification): 30 नवंबर 2026 तक।OTR (One Time Registration) हुआ अनिवार्य: फेस-ऑथेंटिकेशन से बनेगी 14 अंकों की परमानेंट आईडीNSP पोर्टल पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने से पहले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना अनिवार्य है। यह एक 14-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर होता है, जो छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवनकाल (Academic Career) के लिए मान्य रहता है।ओटीआर रजिस्ट्रेशन की मुख्य प्रक्रिया:आधार/ईआईडी सत्यापन: विद्यार्थी अपने आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट आईडी (EID) के जरिए ओटीआर पोर्टल पर पंजीकरण शुरू करेंगे। यदि छात्र नाबालिग (Minor) है और उसके पास आधार नहीं है, तो अभिभावक के आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है।NSP OTR और Face RD ऐप: ओटीआर जनरेट करने के लिए छात्रों को गूगल प्ले स्टोर से 'NSP OTR App' और यूआईडीएआई का 'Aadhaar Face RD App' डाउनलोड करना होगा।लाइव फेस-ऑथेंटिकेशन: मोबाइल कैमरे के सामने लाइव फेस ऑथेंटिकेशन पूरा होते ही सिस्टम द्वारा एक परमानेंट OTR नंबर और पासवर्ड छात्र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है।सिंगल आईडी से सभी लाभ: एक बार ओटीआर बनने के बाद छात्र हर साल बिना बार-बार बेसिक डिटेल भरे उसी आईडी से सीधे छात्रवृत्ति के लिए अप्लाई या रिन्यू कर सकते हैं।मंत्रालयों और प्रमुख स्कॉलरशिप योजनाओं की लिस्ट: स्कूल से लेकर रिसर्च तक अवसरनेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर भारत सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्रालयों की सैकड़ों योजनाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं:उच्च शिक्षा विभाग (Ministry of Education):PM-USP (केंद्रीय क्षेत्र की छात्रवृत्ति योजना - CSSS): 12वीं कक्षा में संबंधित बोर्ड के टॉप 20th परसेंटाइल में आने वाले मेधावी कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए ₹12,000 से ₹20,000 सालाना की सहायता।पीएम-यूएसपी विशेष छात्रवृत्ति योजना (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छात्रों के लिए)।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice):पीएम यशस्वी (PM YASASVI) योजना: ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) श्रेणी के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप-क्लास स्कूल शिक्षा छात्रवृत्ति।अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम।जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs):एसटी (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और फेलोशिप (National Fellowship & Scholarship)।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD):40% या अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप।अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE):प्रगति स्कॉलरशिप (Pragati Scheme): तकनीकी डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं के लिए प्रति वर्ष ₹50,000 की वित्तीय सहायता।सक्षम एवं स्वनाथ स्कॉलरशिप (Saksham & Swanath): दिव्यांग छात्रों और अनाथ/शहीद परिवारों के बच्चों के लिए विशेष तकनीकी शिक्षा सहायता।गृह मंत्रालय व रेल मंत्रालय:सीएपीएफ (CAPF), असम राइफल्स, रेलवे और नक्सल/आतंकी हमलों में शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए 'प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम' (PMSS)।पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria): कौन-कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन?यद्यपि प्रत्येक योजना के विस्तृत पात्रता नियम अलग-अलग हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रीय योजनाओं के लिए बुनियादी शर्तें इस प्रकार हैं:नागरिकता व शैक्षणिक स्थिति: आवेदक भारत का मूल नागरिक होना चाहिए और यूजीसी/एआईसीटीई/सीबीएसई या राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में नियमित (Regular) रूप से नामांकित होना चाहिए।शैक्षणिक योग्यता: पिछली अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा (जैसे 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन) में न्यूनतम 50% से 60% अंक (योजना के अनुसार) होना आवश्यक है।पारिवारिक आय सीमा (Annual Income):अधिकांश पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स योजनाओं के लिए माता-पिता की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।पीएम-यूएसपी (CSSS) और टॉप क्लास कॉलेज योजनाओं के लिए पारिवारिक आय की ऊपरी सीमा ₹4.50 लाख से ₹8.00 लाख प्रति वर्ष तक हो सकती है।सिंगल मेरिट स्कीम नियम: नए नियमों (AY 2026-27) के तहत एक छात्र एक समय में केवल एक 'मेरिट-बेस्ड' स्कॉलरशिप और आवश्यकतानुसार एक या अधिक 'वेलफेयर-बेस्ड' इंसेंटिव का लाभ ले सकता है।आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग: बैंक खाते में सीधे DBT से आएगी छात्रवृत्तिस्कॉलरशिप का पैसा सुरक्षित और बिना किसी बिचौलिए के सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (APBS) का उपयोग किया जाता है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र का बैंक खाता केवल आधार कार्ड से लिंक (Link) होना ही काफी नहीं है, बल्कि वह भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के सर्वर पर 'एनपीसीआई आधार सीडेड' (NPCI Aadhaar Seeded / Mapped) होना अनिवार्य है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने छात्रों की सुविधा के लिए 'भारत आधार सीडिंग इनेबलर' (BASE) प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जिसके जरिए छात्र घर बैठे अपने बैंक खाते की सीडिंग स्थिति जांच सकते हैं या नजदीकी बैंक शाखा व कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर इसे एक्टिवेट करवा सकते हैं। खाता माइनर (संयुक्त) होने के बजाय छात्र के अपने नाम का सक्रिय (Active) एकल बचत खाता होना चाहिए।ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्टफॉर्म भरने से पहले विद्यार्थी निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रतियां (स्कैन कॉपी) तैयार रखें:छात्र का आधार कार्ड या आधार एनरोलमेंट स्लिप (EID)।आधार से लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए)।पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ।पिछली कक्षा की अंकतालिका (Marksheet)।सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/EBC - यदि लागू हो)।मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।वर्तमान कॉलेज/स्कूल की फीस रसीद और बोनाफाइड छात्र प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate)।दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate - यदि लागू हो)।बैंक पासबुक की प्रति (खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट दिखने चाहिए)।NSP Scholarship 2026 के लिए स्टेप-बाय-स्टेप कैसे करें आवेदन?छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन और निःशुल्क है:स्टेप 1 (पोर्टल पर जाएं): सबसे पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं।स्टेप 2 (OTR जनरेट करें): होमपेज पर 'Apply for One Time Registration (OTR)' पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर डालें, ओटीपी सत्यापित करें और आधार ई-केवाईसी व फेस आरडी ऐप से फेस-ऑथेंटिकेशन पूरा करके अपना 14 अंकों का OTR नंबर प्राप्त करें।स्टेप 3 (लॉगिन करें): OTR आईडी और पासवर्ड की मदद से स्टूडेंट डैशबोर्ड में लॉगिन करें।स्टेप 4 (योजना का चयन): अपनी शैक्षणिक योग्यता, वर्ग और आय के आधार पर पोर्टल पर प्रदर्शित 'Eligible Schemes' की सूची में से संबंधित स्कॉलरशिप स्कीम का चयन करें।स्टेप 5 (विवरण भरें व दस्तावेज अपलोड करें): शैक्षणिक रिकॉर्ड, कॉलेज रोल नंबर, फीस विवरण भरें और मांगे गए आवश्यक प्रमाण पत्रों को अपलोड करें।स्टेप 6 (फाइनल सबमिट व प्रिंट): भरे हुए फॉर्म को दोबारा जांचें और 'Final Submit' करें। आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी का प्रिंटआउट निकालकर अपने संस्थान (स्कूल/कॉलेज) के स्कॉलरशिप नोडल अधिकारी के पास सत्यापन के लिए तुरंत जमा करें।आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें: फॉर्म रिजेक्शन से बचने के टिप्सअक्सर छोटी-मोटी मानवीय भूलों के कारण छात्रों का स्कॉलरशिप फॉर्म रिजेक्ट या डिफेक्टिव हो जाता है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतें:डेटा मिसमैच से बचें: छात्र का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड में 100% एक समान (स्पेलिंग सहित) होना चाहिए।संस्थान सत्यापन सुनिश्चित करें: फॉर्म ऑनलाइन जमा करने के बाद अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि वे 15 नवंबर से पहले आपके आवेदन को पोर्टल पर 'Approved' मार्क कर दें।फर्जी बैंक विवरण न दें: बंद पड़े खाते या जनधन खाते की लिमिट के कारण कई बार राशि अटक जाती है। हमेशा एक्टिव सेविंग्स अकाउंट ही दर्ज करें।नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल केंद्र सरकार की एक अत्यंत कल्याणकारी पहल है जो प्रतिभा को धन के अभाव में दबने नहीं देती। इच्छुक और पात्र विद्यार्थी अंतिम दिनों की सर्वर व्यस्तता से बचने के लिए 31 अक्टूबर 2026 से काफी पहले अपना OTR और ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें। किसी भी सहायता या प्रश्न के लिए विद्यार्थी राष्ट्रीय हेल्पलाइन 0120-6619540 या आधिकारिक ईमेल helpdesk@nsp.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।
जयपुर में एम. डी. चोपदार ने कहा- बड़े इरादों से ही बड़े संस्थान खड़े होते हैं। उन्होंने कहा- करीब दो साल पहले रखे गए विचार को रविवार को जयपुर में एक संस्थान के रूप में साकार किया गया है। HKZ IAS RAS Academy का रविवार को शुभारंभ संतों के सान्निध्य, शिक्षाविदों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों की मौजूदगी में हुआ। कार्यक्रम के साथ ही जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में पहल की शुरुआत हुई। वहीं वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में पीर सैय्यद गुलाम हुसैन जिलानी और कृष्ण दास महाराज, आमीन खान मौजूद रहे। 300 विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था एम. डी. चोपदार ने बताया- एकेडमी में 300 सीटों का प्लान तैयार किया गया है। इसमें 150 लड़कियों और 150 लड़कों के अलग-अलग बैच से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यार्थियों को देशभर के प्रसिद्ध शिक्षकों एवं प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की व्यवस्था की गई है। एकेडमी में इन-हाउस लाइब्रेरी की सुविधा के साथ शिक्षकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यक्रम में पूर्व आईएएस ललित मेहरा, पूर्व आईएएस जाकिर हुसैन, एडिशनल एसपी अमजद अली खान, पूर्व आरएएस फतेह मोहम्मद खान, पूर्व आरएएस मुकर्रम शाह, प्रोफेसर महमूद अली खान आदि लोग मौजूद रहे।
कोटपूतली में किसान केसरी' के नाम से विख्यात भूतपूर्व विधायक स्वर्गीय रामकरण सिंह कसाना की 99वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। यह आयोजन श्री देवनारायण गुर्जर समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में देवनारायण मंदिर, पुतली में हुआ। इस मौके पर सर्वसमाज के लोगों ने उनके सामाजिक योगदान, किसान हितों और राजनीतिक जागृति के प्रयासों को याद किया। किसानों के हित में किए उल्लेखनीय कार्य: रामस्वरूप कसाना पूर्व संसदीय सचिव एवं विधायक रामस्वरूप कसाना ने कहा कि रामकरण सिंह कसाना ने सामाजिक सुधार और किसानों के हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। विरोधियों को भी साथ लेकर चलते थे कसाना: रामचंद्र रावत पूर्व विधायक रामचंद्र रावत ने रामकरण सिंह कसाना के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए बताया कि वे चुनाव के बाद भी राजनीतिक विरोधियों को गले लगाकर सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनका व्यक्तित्व आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक था। बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत: मंजू रावत मंजू रावत ने महिला शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। संस्कृति और विरासत से जुड़ने का आह्वान जीकैप के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान के अध्यक्ष पी.डी. गुर्जर तथा वरिष्ठ आरएएस अधिकारी महाराम गुर्जर ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, विरासत और सामाजिक इतिहास से जुड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संस्थागत विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। ये रहे मौजूद इस जयंती समारोह में कैलाश दास, रामनिवास यादव, हंसराज कसाना, रोहिताश्व किसान नेता, दाताराम गिरदावर, रामावतार मेडिकल, रामावतार कसाना (प्रिंसिपल), मास्टर बाबूलाल कसाना, हंसराज रावत पनियाला, ओमप्रकाश जांगल, ख्यालीराम सरपंच, लालचंद कसाना डेलीगेट, जयराम कसाना पुतली, बरफा पुतली, गिरिराज मेडिकल, एडवोकेट रामसिंह, बाबूलाल कंपाउंडर, दारा पुतली, विनोद अवाना, एडवोकेट राधेश्याम, रणवीर रावत, नरेंद्र रावत, रामोतार खटाना, बुधराम कसाना, रामनिवास राहेड़ा, विजेंदर रावत, विक्रम घांघल, इंद्राज कसाना सुंदरपुरा, मंदिर प्रबंधन समिति अध्यक्ष पन्ना लाल कसाना, कमलेश छावड़ी, हर सहाय छावड़ी, राजीव कसाना, रोहिताश पंच, प्रकाश पंच, रोशन लाल कसाना, मुंशी कसाना, पायलट राजेश कसाना, जगमाल कसाना, पूरण कसाना, हवासिंह कसाना, प्रकाश कसाना, महावीर कसाना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सर्वसमाज के लोग उपस्थित रहे।
यमुनानगर में प्राइवेट स्कूलों पर बढ़ती फीस, किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने मॉडल टाउन स्थित नेहरू पार्क के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। “एक देश-एक किताब-एक समान फीस” अभियान के तहत किए गए प्रदर्शन में अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और किताबों समेत अन्य खर्चों के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग नहीं होनी चाहिएं। फीस और किताबों के खर्च पर उठाए सवाल अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूलों में फीस के अलावा किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य मदों में होने वाले खर्च से परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर शिक्षा सभी बच्चों का समान अधिकार है तो आर्थिक स्थिति के आधार पर उसकी पहुंच अलग-अलग क्यों हो रही है। संजीव नंदा, संजय राघव, जय राम सैनी, अंकुश बख्शी, नीरज कुमार, सुशील बत्रा ने निजी स्कूलों की फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबों के नाम पर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए और “एक देश-एक किताब-एक समान फीस” जैसी व्यवस्था पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। बोले- किसी संस्था के खिलाफ नहीं आंदोलन अभिभावकों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने “शिक्षा अधिकार है-व्यापार नहीं”, “एक देश-एक किताब”, “एक समान फीस-हर बच्चे का अधिकार” और “गरीब हो या अमीर-शिक्षा मिले सबको समान” जैसे नारे लगाए।
गोपालगंज में भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि मनाई गई। शहर के अरार मोड़ स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और सदर विधायक सुभाष सिंह सहित कई छोटे-बड़े भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया और उनके प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थेमाल्यार्पण के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे। उनकी भाषण शैली, दूरदर्शिता और विपक्ष का सम्मान करने की कला उन्हें अद्वितीय बनाती थी। उन्होंने देश में सुशासन की नींव रखी और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसलों से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उनके विचार आज भी प्रेरणास्रोतमिथिलेश तिवारी और सुभाष सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि अटल जी के आदर्श और उनके विचार आज भी हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। इस अवसर पर अरार मोड़ का पूरा परिसर 'अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल जी के पदचिन्हों पर चलने और उनके सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लिया।
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Nainital Bank SO Recruitment: नैनीताल बैंक में बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 37 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीकानेर के शिक्षा निदेशालय में करीब 1 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी मीटिंग हॉल 7 साल से अधूरा पड़ा है। भवन का स्ट्रक्चर करीब 4 साल पहले तैयार हो चुका, लेकिन फर्नीचर तक नहीं लगाया गया। इस्तेमाल शुरू होने से पहले ही दीमक ने स्टेयर, दीवारों और टॉयलेट को नुकसान पहुंचा दिया, जबकि खिड़कियों के कांच भी टूट चुके हैं। खास बात यह है कि यह भवन निदेशालय परिसर में अधिकारियों की सीट से महज 100 मीटर दूर है, फिर भी इसे पूरा कराने की सुध नहीं ली गई। तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी ने 20 लाख की मांग के बजाय 50 लाख रुपए विधायक कोटे से दिए थे। अब करीब एक करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भवन को उपयोग में लाने की जगह उसके खंडहर बनने का खतरा है। सात साल पहले शुरू हुआ काम, करीब एक करोड़ रुपए खर्चबीकानेर के शिक्षा निदेशालय परिसर में अधिकारियों की बैठकों के लिए मीटिंग हॉल बनाने का काम करीब सात साल पहले शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत तत्कालीन शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल के प्रयासों से हुई। उन्होंने तत्कालीन भाजपा विधायक गोपाल कृष्ण जोशी से विधायक कोटे से 10 से 20 लाख रुपए देने का आग्रह किया था। प्रोजेक्ट को बेहतर मानते हुए जोशी ने 20 लाख की जगह 50 लाख रुपए दिए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बजट देने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद डिडेल का ट्रांसफर हो गया और भवन निर्माण की जिम्मेदारी PWD को मिल गई। करीब चार साल पहले भवन का स्ट्रक्चर तैयार हो गया और अब तक करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया गया था हॉल हॉल का निर्माण आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया था। इसमें स्टेयर बनाई गई थी, ताकि पीछे बैठने वाले लोग भी मंच पर मौजूद व्यक्ति को आसानी से देख सकें। हर चेयर के आगे माइक लगाने की व्यवस्था की गई थी। टॉयलेट और अन्य कमरे भी बनाए गए हैं। तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी ने 50 लाख रुपए देने के साथ हर सीट पर माइक सिस्टम लगाने के लिए भी कहा था। यानी भवन को इस तरह तैयार किया गया था कि इसमें अधिकारियों की नियमित बैठकों के साथ बड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मंत्री या मुख्यमंत्री के कार्यक्रम भी हो सकें। चार साल से स्ट्रक्चर तैयार, फर्नीचर का इंतजारभवन का स्ट्रक्चर तैयार होने के करीब चार साल बाद भी इसमें फर्नीचर तक नहीं लगाया जा सका है। मुख्य रूप से अब फर्नीचर का काम बाकी है। फर्नीचर लगने के बाद हॉल का उपयोग शुरू किया जा सकता है। लेकिन जिस जगह टेबल-कुर्सियां लगनी थीं और अधिकारियों की बैठकें होनी थीं, वहां लंबे समय से काम बंद पड़ा है। इस दौरान खिड़कियों के कांच टूट चुके हैं। स्टेयर, दीवारों और टॉयलेट में दीमक लग चुकी है। यानी जिस हॉल को बैठकों के लिए तैयार किया गया था, वह उपयोग शुरू होने से पहले ही खराब होने लगा है। निदेशालय के अपने परिसर में बना भवन, फिर भी नहीं हुआ पूरायह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भवन शिक्षा निदेशालय के अपने परिसर में है। अधिकारियों की सीट से महज करीब 100 मीटर दूर होने के बावजूद सात साल में इसका काम पूरा नहीं हो पाया। हाल ही में रिटायर हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट करीब दो साल तक निदेशालय में रहे, लेकिन इस दौरान भी भवन को पूरा करवाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। सवाल है कि जब भवन का अधिकांश काम पूरा हो चुका था तो चार साल से फर्नीचर क्यों नहीं लगाया गया? निर्माण के दौरान और उसके बाद भवन की निगरानी किसकी जिम्मेदारी थी? लंबे समय तक बंद सरकारी भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी कौन लेगा? रिटायर संयुक्त निदेशक बोले- विभाग अब ध्यान नहीं दे रहारिटायर संयुक्त निदेशक रमेश हर्ष का कहना है कि यह भवन तत्कालीन निदेशक नथमल डिडेल और तत्कालीन विधायक गोपाल कृष्ण जोशी के प्रयासों से बना था। अब विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस हॉल का उपयोग DEO और DD स्तर के अधिकारियों की मीटिंग के लिए किया जा सकता है। मंत्री या मुख्यमंत्री के बीकानेर आने पर भी यह हॉल उपयोगी साबित हो सकता है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य से यह भवन बनाया गया था, उसका फायदा अब तक नहीं मिल पाया है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और विकास को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया को बढ़ावा मिला और ...
Rajasthan Safai Karmchari Bharti: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। स्वायत्त शासन विभाग ने सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 के तहत 24,752 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
(गजाल हबीबयार, ओटावा विश्वविद्यालय) ओटावा, 15 अगस्त (द कन्वरसेशन) तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में वापस लौटने के कुछ ही हफ्तों के भीतर लड़कियों के कक्षा छह से आगे की पढ़ाई करने पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध अब तक नहीं हटाया गया है। अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है, जहां लड़कियों और महिलाओं को औपचारिक रूप से माध्यमिक और उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोका गया है। इसके बाद के वर्षों में, अफगानिस्तान की महिलाओं को उन ज्यादातर क्षेत्रों में काम करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया, जहां वे पहले कार्यरत थीं। लगभग 22 लाख किशोरियों को लगभग 1,800 दिनों से माध्यमिक विद्यालय जाने से रोका गया है। यूनिसेफ के 2026 के एक विश्लेषण के अनुसार, इन प्रतिबंधों के कारण 2030 तक अफगानिस्तान में 20,000 महिला शिक्षकों और 5,400 स्वास्थ्यकर्मियों की कमी हो सकती है। इन पाबंदियों की वजह से देश को पहले ही हर साल अनुमानित 8.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हो रहा है। सितंबर, 2025 से तालिबान बलों ने संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों समेत अफगान महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों में प्रवेश करने से भी रोक दिया है। जनवरी 2026 में महिला सरकारी कर्मचारियों को 2021 से घर पर रहने के लिए मिल रहा कम किया गया वेतन भी बंद कर दिया गया। मैंने ऐसा कुछ पहले भी एक बार होते हुए देखा था। तब मैं 1996 में छोटी लड़की थी, जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था। इस दूसरी पाबंदी (2021 से लगाई गई) के बारे में जो बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है, वह यह नहीं है कि ऐसा दोबारा हुआ। बल्कि यह है कि इस बार दुनिया की विफलता जागरूकता की कमी के कारण नहीं है। हर कोई जानता है कि अफगान लड़कियों के साथ क्या हो रहा है। विफलता यह है कि इस सच्चाई को जानने के बावजूद तालिबान को इसकी कोई वास्तविक कीमत नहीं चुकानी पड़ी है। तालिबान के सत्ता में आने के कुछ ही दिनों के भीतर, अफगान महिलाएं काबुल की सड़कों पर “रोटी, काम, आजादी” के नारे लगाते हुए उतर आई थीं। तब से वे जोखिम उठाते हुए लगातार यही मांग करती आ रही हैं। अफगान महिलाओं के समूहों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं और प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि इसके जवाब में उन्हें गिरफ्तारियों और यातनाओं का सामना करना पड़ा है। फरवरी 2026 में भी काबुल की लड़कियों ने सड़कों पर उतरकर शिक्षा के अधिकार की मांग की थी। लेकिन जहां विरोध प्रदर्शन करना बहुत खतरनाक हो गया है, वहां अफगान महिलाओं ने इसके बजाय एक शांत तरीका अपनाया है: उन्होंने घरों से संचालित भूमिगत स्कूलों का अनौपचारिक नेटवर्क बनाया है, जहां उन लड़कियों को पढ़ाया जाता है, जिनके पास अन्यथा कक्षा में पढ़ने का कोई अवसर नहीं होता। तालिबान के साथ अंतरराष्ट्रीय संपर्क का मुख्य माध्यम संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चल रही दोहा प्रक्रिया है। वर्ष 2023 से तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, जिनका उद्देश्य अंततः अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से शामिल करना है—जिसमें सामान्य राजनयिक संबंध, तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता और देश की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तथा व्यापार में सामान्य रूप से फिर से भागीदारी शामिल है। तालिबान के आग्रह पर महिलाओं और अफगान नागरिक समाज के समूहों को मुख्य वार्ताओं से बाहर रखा गया है। इसके बजाय, वे अलग से और मुख्य वार्ताओं से इतर मुलाकात करते हैं। वर्ष 1996 में मेरी उम्र कम थी और मेरी अंतिम परीक्षाएं होने में कुछ ही सप्ताह बाकी थे, तभी तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। उस रात बिजली नहीं थी, इसलिए हम रेडियो के आसपास इकट्ठा हुए और सुना कि हमें अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया है, लेकिन लड़कियों के लिए स्कूल अगली सूचना तक बंद किए जा रहे हैं। शुरुआत में, मैं समझ नहीं पाई कि इसका क्या मतलब था। एक छोटी छात्रा होने के नाते, अंतिम परीक्षाएं रद्द होने की खबर से मैं खुश थी, इसलिए मैं यह बात अपनी दादी को बताने के लिए दौड़ पड़ी। लेकिन अंधेरे गलियारे में कुछ दूर जाने के बाद मुझे असलियत समझ में आई: अगले साल स्कूल नहीं होगा। मैं वहीं बैठ गई और रोने लगी। मेरे माता-पिता मेरी बहन और मुझे पाकिस्तान ले गए ताकि हम अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। ऐसा फैसला कई अफगान परिवारों के लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं था। हमारे लिए भी यह आसान नहीं था। विदेश में रहने वाले हमारे रिश्तेदारों ने हमारी पढ़ाई का खर्च उठाकर हमारा समर्थन किया। मेरी कुछ सहेलियां स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं और, जहां तक मुझे पता है, इसके बजाय उनकी शादी कर दी गई। आगे चलकर मैं अफगान सरकार में खान एवं पेट्रोलियम मंत्रालय की निदेशक, फिर उपमंत्री और उसके बाद कार्यवाहक मंत्री के पद पर सेवा देने वाली पहली महिला बनी। मेरी पीढ़ी के लिए वे परिस्थितियां बदल गई थीं। लेकिन इस पीढ़ी के लिए भी वे बदलेंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है—सिर्फ जागरूकता से यह बदलाव नहीं आएगा। अफगान महिलाएं पिछले पांच साल से लगातार विरोध और संघर्ष करके यह दिखा रही हैं कि वे लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध को हमेशा के लिए स्वीकार नहीं करेंगी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि बाकी दुनिया ने तालिबान के इस प्रतिबंध के खिलाफ इतना कम प्रयास करके ही संतोष क्यों कर लिया है।
बरेली के छावनी क्षेत्र का आरएन टैगोर इंटर कॉलेज शिक्षा के नया आयाम गढ़ रहा है। यहां स्थापित ड्रोन और रोबोटिक्स लैब आकर्षण का केंद्र हैं।
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने से पीएम पोषण योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन में 20.1% की कमी आई है। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए 'अर्बन नक्सल' बयान से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों पर समाज को सकारात्मक और एकजुटता का संदेश देना चाहिए, न कि विवादित मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
पूर्व प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह की मौत:हॉर्ट अटैक से गई जान, 35 साल शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं
शामली के पूर्व प्रधानाचार्य और वरिष्ठ शिक्षाविद् कैप्टन लोकेंद्र कुमार की हॉर्ट अटैक से मौत हो गई। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत, पूर्व विद्यार्थियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को शिक्षा, एनसीसी और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया है। 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने करीब 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। उन्होंने 1 अगस्त 1990 से 6 नवंबर 2014 तक राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज में ड्राइंग प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके बाद 7 नवंबर 2014 से 31 मार्च 2025 तक प्रधानाचार्य के पद पर सेवाएं देते हुए सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वर्ष 1988 से 1990 तक उन्होंने दिल्ली जल निगम में भी सेवा की थी। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से एमए ड्राइंग एंड पेंटिंग और एमए भारतीय इतिहास की शिक्षा प्राप्त की थी। एनसीसी में कैप्टन के रूप में किया मार्गदर्शन लोकेंद्र कुमार वर्ष 1999 से 2023 तक लगातार एनसीसी अधिकारी रहे और कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कई सौ कैडेट्स को सेना, सुरक्षा बलों और पुलिस में भर्ती होने के लिए मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई कैडेट आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज की एनसीसी इकाई का प्रदर्शन भी लगातार उत्कृष्ट रहा। कई वर्षों तक कॉलेज के कैडेट गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होते रहे। कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सैन्य परंपरा से जुड़ा था परिवार कैप्टन लोकेंद्र कुमार का जन्म 10 जनवरी 1965 को मुजफ्फरनगर जिले के बरवाला गांव में महावीर सिंह और शांति देवी के परिवार में हुआ था। उनका परिवार सैन्य परंपरा से जुड़ा रहा। उनके पिता, चाचा, ताऊ और दादा सेना में रहे। परिवार के सदस्यों ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा 1999 के कारगिल युद्ध में भाग लिया था। उनके दादा और ताऊ स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। स्काउट एवं गाइड से भी जुड़े रहे लोकेंद्र कुमार भारत स्काउट एवं गाइड के आजीवन सदस्य रहे और वर्तमान में जिला उपायुक्त के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। ड्राइंग विषय में भी उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम लगातार बेहतर रहा। सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के थे धनी विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि लोकेंद्र कुमार सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनसे जुड़े लोगों के अनुसार, उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनके व्यवहार से प्रभावित होता था। वे मुलाकात के दौरान जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करते और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते थे। दो पुत्र और 96 वर्षीय पिता को छोड़ गए लोकेंद्र कुमार अपने पीछे दो पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके 96 वर्षीय पिता भी जीवित हैं। उनके निधन पर नीरज कुमार बेनीवाल, श्रवण तोमर, योगेंद्र सिंह, मलिक नवाब सिंह मलिक, सुधीर कुमार निर्वाल, पवित्र चौधरी समेत अनेक शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों और सामाजिक लोगों ने शोक व्यक्त किया। शिक्षा, एनसीसी, अनुशासन और युवाओं के मार्गदर्शन के क्षेत्र में कैप्टन लोकेंद्र कुमार के योगदान को विद्यार्थी, शिक्षक और क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के शिक्षा और विकास संबंधी सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने सपा सरकार पर नकल माफिया को बढ़ावा देने और शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाया।
कौन हैं IAS दीप्ति गौर मुखर्जी, उच्च शिक्षा सचिव के साथ मिला UGC चेयरमैन का जिम्मा
IAS ऑफिसर दीप्ति गौर मुखर्जी ने हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंटमेंट के बाद UGC चेयरमैन का एडिशनल चार्ज संभाला है। यह बदलाव नरेश पाल गंगवार के अपॉइंटमेंट के विवाद की वजह से रुकने के बाद हुआ है।

