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NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 8:15 pm

शारीरिक शिक्षक संघ ने शिक्षा अधिकारियों का किया स्वागत:कहा- अधिकारी शिक्षकों से समन्वय कर शिक्षा की गुणवत्ता में लाएंगे सुधार

धौलपुर में राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को नवनियुक्त शिक्षा अधिकारियों के लिए स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों और शारीरिक शिक्षकों ने नवपदस्थापित अधिकारियों का माल्यार्पण कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (ACBEO-1) राम प्रसाद राघव, ACBEO-2 दिलीप सिंह चाहर, आरपी रामबरन शाक्य और आरपी विवेक शुक्ला का स्वागत किया गया। संघ पदाधिकारियों ने उन्हें पुष्प और मालाएं भेंट कर उनके सफल कार्यकाल की कामना की। राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रामनिवास मीणा ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवपदस्थापित अधिकारी शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएंगे। कार्यक्रम में उमादत्त शर्मा, संरक्षक अशोक मीणा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष कैलाश चाहर, सचिव विक्रम सिंह, कोषाध्यक्ष हनुमान प्रसाद, उपाध्यक्ष पवन मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह सहित बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:39 pm

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:हरदोई में जिलाध्यक्ष बोले- पेपर लीक के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

हरदोई में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने पेपर लीक के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। मोर्चा ने इसे देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताया है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी समेत पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की। यह ज्ञापन शुक्रवार की दोपहर 1:30 बजे दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र विशेष जांच समिति से कराने और दोषियों की संपत्तियां जब्त करने की भी मांग की गई है। मोर्चा ने पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। जिलाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी, मातुल्य शुक्ला, प्रखर मिश्रा, अभिलाषा दीक्षित, शशी, दिव्या दीक्षित, छवि बाजपेई, अवनी तिवारी, अंकित तिवारी, दिशांत अवस्थी, शिवकांत मिश्रा, उत्तम गुप्ता, शैलेन्द्र द्विवेदी, आदर्श द्विवेदी, अमन शुक्ला, आकाश अवस्थी, नमन अवस्थी, राम जी शुक्ला, अशोक कुमार अग्निहोत्री और अभिषेक रावत सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:36 pm

बलिया में पुलिस ने छात्रों से शिक्षामंत्री का पुतला छीना:नोकझोंक के बाद सड़क पर धरने पर बैठे, बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें

बलिया में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे छात्रनेता हार्दिक पाण्डेय के नेतृत्व में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। छात्रों ने टीडी कॉलेज चौराहे पर शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसे लेकर छात्रों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। पुतला छीने जाने से नाराज छात्र सड़क पर बैठ गए और सड़क जाम करने का प्रयास किया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली प्रवीण सिंह ने छात्रों को समझा-बुझाकर सड़क जाम करने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि वे छात्रों के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बर पिटाई और लाठीचार्ज को अस्वीकार्य बताया। छात्रों ने प्रधानमंत्री के वीडियो संबोधन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जिक्र न होने पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों को 'देशद्रोही' साबित करने में लगी है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:17 pm

'मोदी सरकार के कार्यकाल में 90 परीक्षाओं के पेपर लिक':औरंगाबाद में पूर्व विधायक बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे, भाजपा में नैतिकता ही नहीं बची

औरंगाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक सह जिलाध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने केंद्र सरकार और भाजपा को लेकर बयान दिया है।अंबा में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल से अधिक समय तक देश और जनता के हित में काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार कांग्रेस के खिलाफ लोगों को गुमराह करने में लगी है। मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान 90 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लिक हुए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं है। नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। इनकी नींद तब खुली, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर सोनम वांगचूक 24 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे। मामला जब बिगड़ गया, युवाओं में रोष दिखने लगा, इसके बाद इनका बयान आना शुरु हुआ। नैतिकता तो बची ही नहीं है इनमें। देश में अराजकता का माहौल है और विभिन्न मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है, लेकिन जनता सरकार की मंशा को समझ चुकी है। लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का शक्ति मिला है। जब राहुल गांधी ने अपनी शक्ति का प्रयोग कर विरोध शुरु किया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों से स्पष्ट है कि लोग सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हैं और कांग्रेस जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। कांग्रेस ने हमेशा जनता के हित में किया काम कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आजादी से लेकर आज तक आम जनता के हितों के लिए संघर्ष करती आई है। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार कांग्रेस के प्रति विद्वेष की भावना रखते हुए पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र और नौजवान अनशन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज कर रही है। शर्मा ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और भाजपा को इसका राजनीतिक जवाब अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं, छात्रों और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। सम्मान समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय शुक्रवार को औरंगाबाद जिले के अंबा में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा एवं नव नियुक्त कुटुंबा प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दोनों नेताओं का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने की, जबकि संचालन एससी-एसटी जिलाध्यक्ष अजय राम ने किया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कांग्रेस के कई पुराने और चर्चित नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:08 pm

उमरिया में पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:स्टेशन चौराहे पर नारेबाजी के बाद एसडीएम को दिया ज्ञापन; शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

उमरिया जिला मुख्यालय स्थित स्टेशन चौराहा पर शुक्रवार को कांग्रेस ने नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले भर से जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद एसडीएम अंबिकेश सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग उठाई कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल ने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:03 pm

जोधपुर में बैरिकेड्स पर चढ़े युवा कांग्रेस कार्यकर्ता:पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग

दिल्ली से जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए और बाहर बैठकर करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और मुख्य गेट पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने जब उन्हें बैरिकेड्स से नीचे धकेला, तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि, बाद में समझाइश के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुखराज, ग्रामीण अध्यक्ष मनीष बिश्नोई, छात्र नेता एमएल चौधरी सहित यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:42 pm

बेतिया में NEET पेपर लीक में AISF-AIYF का प्रोटेस्ट:प्रदर्शनकारी बोले-केंद्रीय शिक्षा इस्तीफा दें, दोषियों पर कार्रवाई हो

बेतिया में गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा। प्रतिरोध मार्च शहीद पार्क से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला पदाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं से छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करने और गिरफ्तारियों को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ के लगे नारे मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ, पेपर लीक बंद करो, छात्रों पर दमन बंद करो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई हो AISF और AIYF ने अपनी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके अतिरिक्त, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों की वापसी, गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई तथा छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की भी मांग की गई। उन्होंने देशभर में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं सभा को संबोधित करते हुए संगठन के नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और राज्यव्यापी जनआंदोलन चलाया जाएगा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:41 pm

चुरहट में कांग्रेस का पैदल मार्च, एसडीएम को ज्ञापन दिया:राहुल गांधी की गिरफ्तारी, छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध; शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

सीधी जिले के चुरहट में शुक्रवार दोपहर यूथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। राहुल गांधी की गिरफ्तारी, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में यह पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम आनंद पांडे को ज्ञापन सौंपा। बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय तक निकाला पैदल मार्च ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह पैदल मार्च बस स्टैंड से शुरू होकर मुख्य बाजार और थाना रोड होते हुए एसडीएम कार्यालय परिसर पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर लोकतंत्र की रक्षा और युवाओं के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्ष और छात्रों की जायज मांगों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। एसडीएम आनंद पांडे ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:33 pm

राहुल ने घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए:पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ; बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें

राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’ उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, 'मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।' 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल इनमें से एक है। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:31 pm

पलवल में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन:दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध, बोले- केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पलवल जिले में भी धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली के आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में शहर के देवीलाल पार्क में शुक्रवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष गौतम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज नहीं सुन रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि देश का युवा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, समय पर भर्ती और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही, दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अन्य मांगों को भी तुरंत मानने की अपील की। इस दौरान भीम आर्मी के जिला प्रभारी नेमचंद, जिला कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक और जिला सचिव खेमचंद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:31 pm

नीट पेपर लीक पर बैतूल में छात्रों का प्रदर्शन:अंबेडकर चौक पर धरना, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

बैतूल में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। शहर के अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में संविधान की प्रतियां और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर थे, जिन पर 'इंडिया यूथ फ्रंट' का नाम भी अंकित था। छात्रों ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन में शामिल छात्रा पूर्णिमा वाघमारे ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित होनी चाहिए, ताकि मेहनती छात्रों को न्याय मिल सके। वाघमारे ने पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह बंद करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कीछात्रों ने 'नीट पेपर लीक कोई गलती नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों के साथ अपराध है' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। इसी बीच, शहर के ऑडिटोरियम परिसर में भी छात्र क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अंबेडकर चौक के पास नेहरू पार्क में सामाजिक संगठनों और जयस युवा प्रकोष्ठ ने भी धरना शुरू कर दिया है। विभिन्न संगठनों के इस आंदोलन से यह स्पष्ट है कि नीट पेपर लीक का मुद्दा अब बैतूल में भी जनआंदोलन का रूप ले रहा है, और छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:22 pm

पेपर लीक मुद्दे पर जयस का चार घंटे प्रदर्शन:आदिवासी छात्रों पर लाठीचार्ज का खरगोन में विरोध, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

खरगोन में जय आदिवासी संगठन (जयस) ने दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर आदिवासी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का कड़ा विरोध किया। संगठन ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। यह धरना प्रदर्शन जिलाध्यक्ष सचिन सिसोदिया के नेतृत्व में बिस्टान नाका पर शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे से लगभग चार घंटे तक चला। इस दौरान जयस के छात्र नेताओं ने लाठीचार्ज के विरोध में जमकर नारेबाजी की। समाजसेवी डॉ. गोविंद मुजाल्दा ने इस अवसर पर कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में छात्र सहित हर वर्ग परेशान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। धरना सभा को जयस और अन्य आदिवासी प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। इसके बाद आदिवासी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ छात्रों के भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने का आग्रह किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में सुभाष पटेल और राजेंद्र सिंह पंवार सहित बड़ी संख्या में छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:14 pm

नेता प्रतिपक्ष बोले-नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें शिक्षामंत्री:ये राहुल गांधी ही नहीं सबकी मांग है; करनाल में उनके सहपाठी के निधन पर पहुंचे थे

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को दोपहर बाद करनाल के नमस्ते चौक पर पहुंचे। यहां उन्होंने सैनिक स्कूल में उनके सहपाठी रहे इकबाल सिंह के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई। हुड्डा ने कहा कि इकबाल सिंह बहुत अच्छे इंसान थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका काफी इलाज भी हुआ, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि वे परिवार के दुख में शामिल होने और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए करनाल आए हैं। शिक्षा संशोधन बिल पर सरकार को घेरा मीडिया से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कैबिनेट द्वारा शिक्षा संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि यह केवल राहुल गांधी की मांग ही नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों और प्रदेश के लोगों की भी यही मांग रही है। सीजेपी और केंद्रीय मंत्री नड्डा की बैठक पर बोले उनसे जब पूछा गया कि आज दोपहर को सीजेपी और सरकार के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में सीजेपी की दो मांगों पर सहमति बन गई है। जबकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बनी, जिसके चलते सरकार ने उनसे कल तक का समय मांगा है। इस पर जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि जंतर मंत्र पर बैठे सभी छात्रों की भी यही मांग है। इसलिए शिक्षा मंत्री को किसी के कहने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वयं नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:10 pm

'छात्र-युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे'-CPI:छात्र संगठनों का NEET पेपर लीक पर 'प्रतिवाद मार्च', शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

शनिवार को प्रस्तावित बिहार बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) एवं आरवाईए (RYA) के संयुक्त तत्वावधान में शहर में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रतिवाद मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव जयशंकर पंडित ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई (माले) नेता विकास कुमार यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन छात्र-युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ रही अनियमितताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आम लोगों, छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से शनिवार को आहूत बिहार बंद में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल छात्रों का नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। कार्यक्रम में नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:01 pm

भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम!' राजस्थान में शिक्षा सचिव के तबादले पर CJP का तीखा हमला

राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और गरमागरम खबर सामने आ रही है। राज्य में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के सचिव के हालिया तबादले को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस ट्रांसफर को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। हनुमान बेनीवाल ने इस प्रशासनिक फेरबदल को सीधा 'भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम' करार देते हुए तीखा तंज कसा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि अधिकारियों की ऐसी कार्यप्रणाली के खिलाफ आम जनता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।शिक्षा विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर क्यों भड़के हनुमान बेनीवाल?पूरा मामला राजस्थान के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। जब सरकार ने शिक्षा सचिव स्तर के एक प्रमुख अधिकारी का तबादला किया, तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। सीजेपी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से इस तबादले पर कड़ा ऐतराज जताया। उनका आरोप है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल उठे थे, तो उसे सजा मिलने के बजाय मनचाही जगह पर पोस्टिंग देना या सुरक्षित करना सीधे तौर पर सिस्टम की कमियों को उजागर करता है। बेनीवाल का यह बयान अब राज्य की सियासत में एक नया भूचाल ला चुका है, जिस पर विपक्षी दल और सरकार समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।'भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा कड़ा संघर्ष', आरएलपी सुप्रीमों का ऐलानहनुमान बेनीवाल ने अपने तीखे तेवरों में साफ कर दिया है कि राजस्थान की जनता और खासकर बेरोजगार युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में यदि भ्रष्टाचार या मनमानी को बढ़ावा दिया जाएगा, तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी प्रशासन देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। बेनीवाल ने ऐलान किया है कि वे इस पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेंगे।राजस्थान की सियासत में गर्माया मुद्दा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक टकरावइस तीखे राजनीतिक हमले के बाद से राजस्थान की राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। एक तरफ जहाँ आरएलपी और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर उठ रहे इन सवालों ने सत्ता पक्ष की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर जनसभाओं तक एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, जिससे यह साफ है कि राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फेरबदल का यह चैप्टर अभी लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 3:58 pm

हनुमानगढ़ में एसएफआई ने राष्ट्रपति को भेजे पोस्टकार्ड:पेपर लीक पर सख्त कानून, नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग

हनुमानगढ़ में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की तहसील कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत संगठन ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर प्रभावी रोक लगाने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के निजीकरण और नई शिक्षा नीति लागू होने से विद्यार्थियों की समस्याएं बढ़ी हैं। जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज की निंदा कीशर्मा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि पुलिस कार्रवाई में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। छात्रों की आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष मोहित इंशा ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मेहनती अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है। एसएफआई नेताओं ने कहा कि पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से छात्रों की आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करेगा। अभियान के दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष मोहित इंशा, दिव्या, सपना, अमनवीर कौर, रमणदीप कौर, ध्रुव कुमार, मनीष कुमार, विजय सहित बड़ी संख्या में एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:51 pm

मोगा में गुरु रविदास जी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित:गांव-गांव पहुंची जीवन की कहानी, शिक्षाओं से कराया परिचित; आपसी भाईचारे का संदेश दिया

पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लोहारा और जनेर गांव में विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। गुरु रविदास जी के जीवन की कहानी गांव-गांव पहुंची। मोगा के डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गुरु साहिब के पवित्र जीवन, मानवतावादी दर्शन और शिक्षाओं का संदेश घर-घर पहुंचाना है। इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को अपनी महान आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना भी है। 30 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित लोहारा और जनेर गांव में एक विशेष वैन पर लगी आधुनिक विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लगभग 30 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। यह फिल्म गुरु रविदास महाराज जी के जीवन, सामाजिक समानता के दर्शन और लोक-कल्याण की भावना पर आधारित थी। जीवन और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराया जा रहा उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की। शो देखने के बाद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम बताया। उनका कहना था कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को गुरु साहिब के जीवन और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराया जा रहा है। आपसी भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी ग्रामीणों ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने दया, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी है। उन्होंने लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलते हुए लोक-कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर गांवों के पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक हस्तियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:47 pm

फरीदाबाद में NEET पेपर लीक पर इनेलो का प्रदर्शन:राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई इस दौरान इनेलो के जिला अध्यक्ष रूपचंद लंबा, महिला विंग की जिला अध्यक्ष जगजीत कौर पन्नू, पवन जाखड़, बॉबी डागर, जिला युवा प्रधान सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवाओं के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। छात्रों पर लाठीचार्ज पूरी तरह गलत इनेलो नेताओं ने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि इस मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जो पूरी तरह गलत और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। बल का प्रयोग कर रही सरकार नेताओं ने आरोप लगाया कि युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाब और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। जब तक न्याय नहीं, तब तक प्रदर्शन रहेगा जारी इनेलो नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया जाता और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी प्रदेशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन के बाद सभी नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:32 pm

मधुबनी में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन:छात्र संघर्ष समिति ने परीक्षा पारदर्शिता की मांग की, हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैयार

मधुबनी में छात्र संघर्ष समिति ने शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन आर.के. कॉलेज परिसर से आर.के. कॉलेज मुख्य द्वार तक पैदल मार्च के रूप में हुआ, जिसका नेतृत्व समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने किया। मार्च के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। बाद में आर.के. कॉलेज के मुख्य द्वार पर शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज परिसर और मुख्य द्वार के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय इस अवसर पर छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत और विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं। संतोष यादव ने यह भी बताया कि दिल्ली और पटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन आंदोलनों के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्हीं मांगों के समर्थन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:26 pm

मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में सस्ती होगी मेडिकल शिक्षा

डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में एक-तिहाई की कमी होने के आसार ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 3:00 pm

बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा:प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता पर 'थैंक्यू बक्सर पुलिस' के पोस्टर लहराए

बक्सर में शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में था। छात्रों ने शहर के अंबेडकर चौक पर एकत्र होकर विरोध जताया और हाथों में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो तथा थैंक्यू बक्सर पुलिस लिखे पोस्टर लहराए। प्रदर्शनकारी छात्र वंदे मातरम, धर्मेंद्र प्रधान हाय-हाय और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार से जवाब मांगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। समाहरणालय मार्ग तक पुलिस बल तैनात छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। अंबेडकर चौक से लेकर समाहरणालय मार्ग तक भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए। अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और यातायात प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बक्सर पुलिस की भूमिका की सराहना की और थैंक्यू बक्सर पुलिस लिखे पोस्टर भी लहराए। छात्रों ने बताया कि पुलिस ने संयमित व्यवहार किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। मांगों को सरकार तक पहुंचाना उद्देश्य इस प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। छात्रों ने दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। फिलहाल, अंबेडकर चौक और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी था और छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए थे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 2:06 pm

लखीमपुर खीरी में नीट पेपर लीक पर छात्रों का विरोध:SDM को गुलाब दिया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, धरने पर बैठे

लखीमपुर खीरी में शुक्रवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के छात्र सड़कों पर उतर आए। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत अनोखे ढंग से की। उन्होंने एसडीएम तनवीर अहमद को गुलाब का फूल भेंट कर अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। इसके बाद छात्र हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में इकट्‌ठे हुए और नीट-यूजी पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित धांधली ने लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका यह भी कहना था कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली में लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है, जिससे युवाओं में आक्रोश बढ़ा है। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद छात्र जुलूस की शक्ल में शहर के विलोबी मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन और धरने को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तथा विलोबी मैदान के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल पूरे समय मौके पर मौजूद रहा और यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:05 pm

मेरठ में सपा छात्र सभा का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री की अर्थी निकाली, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी छात्र सभा ने शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर कमिश्नरी के चारों ओर चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की और छीनाझपटी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 2 तस्वीरें देखिए… छात्र सभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार संवाद के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इसमें उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस प्रदर्शन में छात्र नेता प्रदीप कसाना सहित दर्जनों छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 12:56 pm

छात्र आंदोलन को बॉलीवुड का बढ़ता समर्थन: कमल हासन, नवाजुद्दीन, शाहिद, करीना, वरुण, इमरान और पीयूष मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

अभिनेत्री करीना कपूर खान ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर चुप थीं, लेकिन अब अपनी बात रखना जरूरी समझती हैं। उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठा रहे युवाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

देशबन्धु 24 Jul 2026 9:30 am

छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मशाल जुलूस:मनेंद्रगढ़ में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में निकले जुलूस में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस दीनदयाल चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कार्रवाई की मांग हाथों में मशाल लेकर निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' भगत सिंह चौक पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ कथित मारपीट उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कांग्रेस नेताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। नेताओं ने छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:05 am

छात्र आंदोलन पर खेल जगत की एकजुट आवाज: सचिन, युवराज, शुभमन, धवन, कैफ, इरफान और अभिनव बिंद्रा ने शिक्षा सुधार पर दिया जोर

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने एक्स पोस्ट में युवाओं की निराशा को स्वाभाविक बताते हुए समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि वे प्रोफेसर थे और हमेशा सिखाते थे कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता।

देशबन्धु 24 Jul 2026 9:00 am

लखनऊ टुडे, 24 जुलाई- आपके काम की खबर:पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर AISA का प्रदर्शन; अविमुक्तेश्वरानंद का 'गो गर्जना' कार्यक्रम

नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 24 जुलाई, दिन शुक्रवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:42 am

फरीदाबाद में मंत्री कृष्णपाल का कांग्रेस पर हमला:बोले-छात्रों को गुमराह कर रहा विपक्ष, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना राजनीतिक जिद

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के धरने को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर समस्या का समाधान निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरीके से प्रधानमंत्री आवास पर धरना दिया गया वह पूरी तरीके से लोकतंत्र के खिलाफ है और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना है। पीएम का आवास सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। कांग्रेस पूरी तरह से बौखला चुकी है और इनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। जनता ने इनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब से किसी भी तरीके से सत्ता पाना चाहते है। देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी का रवैया पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन विपक्ष लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। जबकि केंद्र सरकार समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे रही है। विपक्ष ने छात्रों को भ्रमित किया जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि विपक्ष ने छात्रों को भ्रमित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भिजवाया। साथ ही, सरकार ने समय रहते नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा देने वाले अधिकांश छात्र अब विभिन्न संस्थानों में प्रवेश ले चुके हैं। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा राजनीतिक जिद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक जिद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी के तहत जो भी आवश्यक कदम उठाए, वे सभी उठाए गए। उनका आरोप था कि पूरा विपक्ष भोले-भाले छात्रों को आगे कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगा हुआ है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:09 am

केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का भी तबादला

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों में बड़ा फेरबदल किया है। नीट पेपर लीक मामले पर चल रहे विवाद और प्रदर्शन के बीच उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का भी तबादला कर दिया गया है

देशबन्धु 24 Jul 2026 5:50 am

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सौंपा गया ज्ञापन

कोंडागांव| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की गई। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री के नाम एक प्रस्तावित इस्तीफे का प्रारूप भी संलग्न किया गया। सीपीआई ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और उनके समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का प्रयोग किया। कई छात्र घायल हुए। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। पार्टी ने मामले में कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान का कांग्रेस ने पुतला जलाया, इस्तीफे की भी मांग

भास्कर न्यूज | कसडोल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल के तत्वावधान में गुरुवार को गायत्री चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। देश की शिक्षा व्यवस्था में धांधली का आरोप लगाया। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का विरोध किया। केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ियां हो रही हैं। पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। धांधली के कारण लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदारी लेने में विफल रहे। सुधार करने में भी विफल रहे। नेताओं ने उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” के नारे लगाए। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष दयाराम वर्मा, योगेश बंजारे, डॉ. विशाल खुसरो, गायत्री कैवर्तय, नीलू, चंदन साहू, लक्ष्मी साहू, गोविंद मिश्रा, पंकज जयसवाल, जागेश्वर वर्मा, द्वारका निर्मलकर, प्रकाश छतरी, खिलावन डहरिया, मुरारी धीवर, रुद्र शंकर, नरेंद्र छत्रीय, लक्ष्मी शंकर जायसवाल, चंद्र प्रकाश साहू, जीतू धीवर, साहिल यादव, कमल पटेल, गोल्डी साहू, सूर्य यादव, नागेश श्रीवास, गणेश दास पेखन, ध्रुव, लीला धीवर, पूरी राम कोसले, अशोक पटेल, हिंगेश्वर प्रसाद सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

नीट का पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई पीएम, शिक्षा व गृह मंत्री से मांगा इस्तीफा

भास्कर न्यूज | सुहेला नीट पेपर लीक और दिल्ली पुलिस द्वारा निहत्थे छात्रों पर की गई बर्बरता पूर्ण कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को सुहेला ब्लॉक कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए तानाशाही नहीं चलेगी, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे नारे लगाए गए। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक जनक राम वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार दमनकारी नीति अपना रही है जिनके तानाशाही रवैया के कारण नीट पेपर लीक से देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है वहीं, अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री तीनों इस्तीफा दें। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बसंत आडिल ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है, परंतु हठधर्मी केंद्र सरकार न केवल जिम्मेदारी से बच रही है अपितु दोषियों को बचा रही है। ब्लॉक के अध्यक्ष भानु प्रताप वर्मा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो कांग्रेस आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक करेगी। इस दौरान जिला प्रवक्ता अयाज अहमद फारुकी, वरिष्ठ कांग्रेसी सुरेंद्र सिंह ठाकुर, पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष भुनेश्वर वर्मा, लखन वर्मा, संतोष चंद्राकर, नंदू यदू, प्रशांत जांगड़े, गजेंद्र वर्मा, पिकेश जायसवाल आदि लोगों ने संबोधित किया। छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लें उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं एवं पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं प्रदर्शन कारियों पर दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं। कार्यक्रम का संचालन जिला पुरोहित का डॉ. फारूकी ने तथा आभार प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप वर्मा ने किया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

नीट पेपर लीक: कांग्रेस ने की शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

भास्कर न्यूज | भाटापारा प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक मामले में धरना-प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं, निर्दोष छात्रों और युवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में यह धरना हुआ। कांग्रेसजनों ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाए। राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरना को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने कहा, यह देश के इतिहास का काला दिन है। केंद्र की दमनकारी सरकार ने संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने देश के 23 लाख युवाओं के साथ धोखा किया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य गीत:शिक्षा निदेशालय का आदेश ; सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा में होगा सामूहिक गायन

हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में हरियाणा राज्य-गीत के नियमित गायन को लेकर आदेश जारी किए हैं। 22 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक सरकारी स्कूल में सप्ताह में एक दिन प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के बाद हरियाणा राज्य-गीत का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू कर विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कराई जाएं। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, गौरव और राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालय स्तर पर राज्य-गीत के नियमित गायन से विद्यार्थियों में प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और पहचान के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही उनमें राज्य के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। यह आदेश सहायक निदेशक (शैक्षिक शाखा), विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।पानीपत के बालकिशन ने लिखा राज्य गीतइस गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। डॉ. श्याम शर्मा गायक, पारस चोपड़ा कम्पोजर और रोहतक की मालविका पंडित ने डायरेक्ट किया है। खास बात यह है कि गीत के लिए प्रदेश सरकार से किसी भी कलाकार ने कोई फीस नहीं ली।राज्य गीत को चयन कमेटी ने 12 बैठकों के बाद फाइनल किया है। 15 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा राज्य गीत चयन के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। 19 दिसंबर 2023 को सदन में राज्य गीत के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई और इसके चयन को लेकर 5 विधायकों की समिति का गठन किया गया था। कमेटी के 5 सदस्यों ने गीत किया फाइनल राज्य गीत फाइनल करने के लिए हरियाणा विधानसभा की तरफ से कमेटी बनाई गई थी। जिसमें रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा, झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी के पास 204 गीत पहुंचे थे। इनमें से कमेटी ने 3 गीत सिलेक्ट किए। आखिरी मंथन के बाद 'जय जय जय हरियाणा' गीत को फाइनल किया गया। गीत में हरियाणा के रहन-सहन और भाईचारे काे बताया 3 मिनट के गीत में हरियाणा को वेदों की पावन धरती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया और महाभारत का इतिहास रचा गया। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा की विशेषता बताते हुए गीत में शिवालिक पर्वत श्रृंखला, अरावली पर्वत और यमुना नदी का जिक्र किया गया है। साथ ही प्राचीन सरस्वती नदी के महत्व को भी दर्शाया गया है। हरियाणवी जीवनशैली की सादगी को दूध-दही के खानपान के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। गीत में राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को बताया गया है। यहां होली, दिवाली, ईद और गुरुपर्व जैसे सभी धर्मों के त्योहार मिलजुल कर मनाए जाते हैं। राज्य की प्रगति को शिक्षा और व्यापार के विकास से जोड़ा गया है। सांग और रागनी जैसी लोक कलाओं का भी उल्लेख है। हरियाणा के राष्ट्रीय योगदान को भी गीत में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राज्य के किसानों द्वारा सोने जैसी फसलें उगाने, खिलाड़ियों द्वारा देश के लिए मेडल जीतने और सैनिकों द्वारा सीमाओं की रक्षा करने का गौरवपूर्ण जिक्र किया गया है। गीत के समापन में बताया गया है कि कैसे छोटा होने के बावजूद हरियाणा देश की विशेष शान है, जहां 'अतिथि देवो भव' की परंपरा आज भी है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:00 am

सपा-कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर वार्ता'

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अनुराग भदौरिया और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने नीट पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए

देशबन्धु 24 Jul 2026 12:52 am

दतिया में छात्रों का पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन:पीतांबरा चौराहे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी; शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार देर शाम दतिया के पीतांबरा चौराहे पर छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा और विभिन्न तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि, बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने ‘सेव एजुकेशन सिस्टम’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’, ‘वी स्टैंड विद सोनम सर’ और ‘सेव डेमोक्रेसी’ लिखी तख्तियां भी प्रदर्शित कीं। इस दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा चौराहा गूंज उठा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने चौराहे पर यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:40 pm

मुरैना में छात्रों का प्रदर्शन:दिल्ली में लाठीचार्ज के विरोध, रैली निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार शाम मुरैना में भी छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। शाम करीब 5:30 बजे छात्रों ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।इस रैली की विधिवत कोई परमिशन नहीं ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने मांग रखी कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी छात्रों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। रैली के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:40 pm

मोतिहारी में NEET पेपर लीक के विरोध में कैंडल मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों ने लगाए नारे, प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली और पटना में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब मोतिहारी में भी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार शाम विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले शहर में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह कैंडल मार्च शहर के बलुआ चौक से शुरू होकर कचहरी चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्र शांतिपूर्ण ढंग से हाथों में कैंडल लिए आगे बढ़ते रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि जब सभी मंत्रालय प्रधानमंत्री खुद संचालित कर रहे हैं, तो शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगीछात्रों ने यह भी कहा कि एक ओर जहां नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने को भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। इस शांतिपूर्ण कैंडल मार्च को लेकर प्रशासन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने छात्रों के संयमित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के छात्रों ने कानून को अपने हाथ में नहीं लिया, जो उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और मोतिहारी के छात्रों ने इसका एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:17 pm

शिक्षामंत्री के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं-छात्रों का प्रदर्शन:बेतिया में सरकार के खिलाफ नारेबाजी, पुलिस बल तैनात

बेतिया में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाएं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और हाल के घटनाक्रमों ने छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मामलों की जांच हो,दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठाती रही है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने, छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न,आंदोलन की तैयारी प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:03 pm

निपुण कार्यशाला में बच्चों को निपुण बनाने का लिया संकल्प:डीएम बोले- हर स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें

मेरठ में बेसिक शिक्षा विभाग ने गुरुवार को गढ़ रोड स्थित होटल हार्मनी इन में शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत एक दिवसीय 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन किया। इसमें मेरठ और बागपत के एसआरजी, एआरपी, डाइट मेंटर और खंड शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करना, प्राथमिक स्तर पर बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करना और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुख बनाना रहा। कार्यशाला में राज्य परियोजना से आए अंकित कुमार, शुभम और फैजान ने प्रतिभागियों को नवीन शिक्षण विधियों, दक्षता आधारित अधिगम, सतत मूल्यांकन, कक्षा-कक्ष में नवाचार, NBMC पोर्टल के प्रभावी उपयोग और निपुण लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही शिक्षकों को बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यवहारिक तरीकों से भी अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निपुण भारत मिशन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया। CDO नूपुर गोयल ने एआरपी से संवाद करते हुए कहा कि विद्यालयों में केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को सार्थक फीडबैक देना भी जरूरी है, ताकि शिक्षण व्यवस्था में निरंतर सुधार हो सके। बागपत की बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी ने कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी को जमीनी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया। वहीं मेरठ की बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने एसआरजी, एआरपी, डाइट मेंटर और खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों का लगातार मार्गदर्शन करने और प्रत्येक छात्र को निपुण बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को 'निपुण प्रदेश' बनाने की शपथ भी दिलाई। कार्यशाला के दौरान समूह चर्चा, अनुभव साझा करने और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने निपुण भारत मिशन को जनपद के प्रत्येक विद्यालय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन हर बच्चा निपुण–हमारा संकल्प के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:57 pm

पटियाला में नीट पेपर लीक पर में छात्रों का प्रदर्शन:जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के समर्थन मे कैंडल मार्च निकाला, शिक्षा मंत्री से मांगा ​इस्तीफा

NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे विद्यार्थियों के समर्थन में पटियाला के विभिन्‍न प्रमुख कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने लामबंद होकर शांतिपूर्ण 'कैंडल मार्च' निकाला। यह विशाल प्रदर्शन महिंद्रा कॉलेज के पास स्थित ग्राउंड में आयोजित किया गया। इस कैंडल मार्च में शहर के नामी शिक्षण संस्थानों—सरकारी महिंद्रा कॉलेज, बिक्रम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, खालसा कॉलेज, मुल्तानी मल मोदी कॉलेज और पंजाबी यूनिवर्सिटी—के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां और विरोध दर्ज कराती तख्तियां लेकर छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन में शामिल छात्रों का गुस्सा केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के प्रति साफ दिखाई दिया। छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य और वर्षों की कड़ी मेहनत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। छात्रों ने सरकार से सवाल किया कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और सरकार ठोस व गंभीर कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आह्वान किया। फव्वारा चौक पर जारी रहेगा आंदोलन विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन को पूरे देश से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। पटियाला के छात्र भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन शहर के प्रमुख स्थानों—विशेषकर फव्वारा चौक—पर आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:39 pm

अमृतसर में कांग्रेस ने फूंका PM मोदी का पुतला:नीट पेपर लीक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, छात्रों के संग निकाला मार्च

NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी आक्रोश के बीच अमृतसर में कांग्रेस ने छात्रों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सौरव मिट्ठू मदान के नेतृत्व में कंपनी बाग से एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. राज कुमार, पूर्व विधायक सुनील दत्ती, पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा और पार्षद राजकंवल प्रीतपाल सिंह लक्की समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग और परीक्षा प्रणाली पर सवाल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया है और पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। ‘12-12 घंटे पढ़ने वाले छात्रों के साथ धोखा’ वार्ड नंबर-9 की पार्षद डॉ. शोभित कौर ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों का पक्ष रखते हुए कहा कि युवा दिन-रात 12-12 घंटे मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की खबरों से उनका दिल टूट जाता है और मनोबल पूरी तरह गिर जाता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी छात्र के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उन पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा (कंपनसेट) देना चाहिए जिन्होंने इस अव्यवस्था और तनाव के कारण अपनों को खोया है। मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए, तो कांग्रेस छात्रों के साथ मिलकर इस आंदोलन को पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश में और अधिक तीव्र करेगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:21 pm

साजा में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन:केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, PM, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, राष्ट्रपति के नाम 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार (23 जुलाई ) को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साजा ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में ब्लॉक स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ईश्वर वर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है। उन्होंने नई दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसदों और छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। छात्रों और किसानों के मुद्दे उठाए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने खरीफ सीजन में यूरिया की कमी, अघोषित बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। रैली निकालकर किया पुतला दहन धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस भवन से रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराना बाजार चौक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में चर्चा, दोषियों पर कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने तथा अघोषित बिजली कटौती रोकने और बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत देने की मांग की गई। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो जनहित के मुद्दों पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:57 pm

27 जुलाई तक स्कूल नहीं लौटे तो जाएगी नौकरी:हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं खत्म करेगा शिक्षा विभाग, डीईओ को निर्देश जारी

छत्तीसगढ़ में हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी करते हुए कहा कि, 27 जुलाई 2026 तक यदि हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षक वापस काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीईओ को दिए गए ये निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में सभी जिला शिक्षा अधिकारी शाला प्रबंधन समितियों के माध्यम से हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक कार्य पर लौटने का नोटिस दें। यदि कोई अतिथि शिक्षक तय समय सीमा तक स्कूल नहीं लौटता है, तो विभागीय निर्देशों के खंड 7.3 के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करने को कहा गया है। 23 दिन से जारी है आंदोलन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दुर्ग में विद्यामितान (अतिथि शिक्षक) पिछले 23 दिनों से हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। आंदोलन में सैकड़ों अतिथि शिक्षक शामिल हैं। ये हैं प्रमुख मांगें अतिथि शिक्षक लंबे समय से 'समान काम, समान वेतन', सेवा सुरक्षा, संविलियन और मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे पिछले 11-12 वर्षों से, नक्सल प्रभावित इलाकों समेत प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी दर्जा नहीं मिला है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला करीब 20 हजार रुपए का मानदेय परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:50 pm

बेगूसराय में शिक्षक-कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध:उच्च शिक्षा विधेयक पर जताई नाराजगी, कहा- किसी भी फैसले से पहले विमर्श जरूरी

बेगूसराय में गुरुवार को स्व. विश्वनाथ सिंह शर्मा महाविद्यालय (को-ऑपरेटिव कॉलेज) के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध किया। प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और अतिथि शिक्षक जुटे। इन्होंने फैसला लिया है कि विरोध तब तक करने का निर्णय लिया जब तक सरकार इसके प्रारूप को वापस नहीं ले लेती है। प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर महासचिव डॉ. नीलेश कुमार के नेतृत्व में आक्रोश जताया गया। सुझाव के बाद ही किसी विधेयक को लाना चाहिए कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता, पारदर्शिता-लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ होना चाहिए। शिक्षकों, कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए किसी विधेयक को लाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान संघ के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातें रखी और कहा कि उच्च शिक्षा के हितों की रक्षा के लिए शिक्षक समुदाय सदैव प्रतिबद्ध है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षकों की भावनाओं और सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेगी। मौके पर डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमित गुंजन एवं डॉ. महालक्ष्मी सहित अन्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:39 pm

दिल्ली के जंतर-मंतर की गूंज भिंड तक पहुंची:भीम आर्मी ने शुरू किया धरना, पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज अब भिंड तक पहुंच गई है। गुरुवार शाम भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित अवंतीबाई प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर अब देश के विभिन्न हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भिंड में भी आंदोलन की शुरुआत की गई है। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया चंबल संभाग अध्यक्ष देशराज धरिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को पारदर्शी जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी देशराज धरिया ने कहा कि यह आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा और उसी के अनुसार आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:30 pm

धार में भीम आर्मी का नीट मुद्दे पर अनिश्चितकालीन धरना:बारिश में भी डटे कार्यकर्ता, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को धार शहर में भी भीम आर्मी ने आंदोलन शुरू कर दिया है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आशीष चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता त्रिमूर्ति चौराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आशीष चौहान ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले को संभालने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसलिए, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद से इस्तीफा देना चाहिए। लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की भी मांगचौहान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक त्रिमूर्ति चौराहे पर यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि धरना शुरू होने के बाद से अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि उनसे चर्चा के लिए नहीं पहुंचा है। बारिश के बीच जारी इस धरने ने राहगीरों का भी ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए लगातार नारेबाजी करते रहे और सरकार से छात्रों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराते रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:08 pm

जहानाबाद में डीएम आवास पर पत्थरबाजी:रेल रोकने का प्रयास, समाहरणालय-बाजारों को घेरा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जहानाबाद में गुरुवार को विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्रों ने पेपर लीक की घटनाओं और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में गहरी निराशा है। छात्रों ने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें… नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा की मांगछात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। यह प्रदर्शन स्टेशन क्षेत्र से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ और कारगिल चौक तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपना आक्रोश व्यक्त किया। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे लगे बैरिकेड्स भी उखाड़ दिए गए, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज करेंगेमौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:43 pm

नूंह में मिड-डे मील में अनियमितता पर शिक्षा विभाग सख्त:गेस्ट टीचर को नोटिस; 15 दिनों में देना होगा जवाब, सेवा समाप्ति की चेतावनी

नूंह जिले के मांडीखेड़ा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील योजना के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर हरियाणा शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने विद्यालय में कार्यरत ड्राइंग गेस्ट टीचर इरशाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसमें संतोषजनक उत्तर न मिलने पर हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट, 2019 के तहत सेवा से हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह मामला 28 दिसंबर 2025 को डीसी कार्यालय में मिड-डे मील योजना से संबंधित शिकायत मिलने के बाद सामने आया। इसके उपरांत, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) नूंह द्वारा गठित जांच समिति ने 31 दिसंबर 2025 और 9 फरवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में योजना के संचालन में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। जांच में कई खामियां मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिड-डे मील की राशि विद्यालय के अधिकृत खाते के बजाय प्राचार्य के व्यक्तिगत बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। इसके अतिरिक्त, कैश बुक और बैंक पासबुक के रिकॉर्ड में अंतर, दैनिक उपस्थिति रजिस्टर और मिड-डे मील रजिस्टर में छात्रों की संख्या में भिन्नता, नियमित टीजीटी होने के बावजूद योजना का प्रभार गेस्ट टीचर को सौंपना, उपस्थिति रजिस्टर में ओवरराइटिंग और मूवमेंट रजिस्टर का नियमों के अनुरूप संधारण न होना जैसी गंभीर खामियां भी पाई गईं। 15 दिनों में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा शिक्षा निदेशालय पंचकूला द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया गेस्ट टीचर इरशाद इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार प्रतीत होते हैं। इसलिए, उनसे 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं मिला या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति तक का फैसला लिया जा सकता है। इस पूरे प्रकरण ने मांडीखेड़ा स्कूल में मिड-डे मील योजना की कार्यप्रणाली और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:31 pm

समावेशी शिक्षा पर दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न:एनईपी-2020 पर हुई गहन चर्चा, सीआरसी और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पटना में हुआ आयोजन

पटना में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन गुरुवार को संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और समावेशी शिक्षा पर गहन चर्चा की गई। यह आयोजन राष्ट्रीय पुनर्वास परिसर के मानकों पर आधारित था। कार्यक्रम का संचालन विकासात्मक चिकित्सा के डॉ. कुमार भारत भूषण ने किया। राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान एवीएन के निदेशक डॉ. ललित नारायण और सीआरसी पटना के प्रभारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार के मार्गदर्शन में तथा कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में यह सम्मेलन संपन्न हुआ। कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और सामाजिक समावेश जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सीआरसी पटना के शैक्षणिक प्रभारी डॉ. विद्या भूषण ने भारत सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने एडीआईपी योजना, दिव्यांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, यूडीआईडी कार्ड और राष्ट्रीय न्यास द्वारा प्रदत्त निरामया स्वास्थ्य बीमा के लाभ तथा आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। समावेशी शिक्षा के संदर्भ में कक्षा प्रबंधन की चुनौतियों और उनके समाधान पर डॉ. अमित कुमार ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन का मुख्य केंद्र समावेशी शिक्षा रहा। नालंदा खुला विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की सहायक प्राध्यापक डॉ. पल्लवी ने कहा कि समावेशी शिक्षा को सफल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि समाज के हर वर्ग को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को स्वीकार करना चाहिए और उन्हें अन्य बच्चों के समान सम्मान देना चाहिए। इसके लिए विद्यालयों में विशेष शिक्षा के प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है। नालंदा खुला विश्वविद्यालय के आईटी कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरनाथ पांडे ने बताया कि सहायक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। सीआरसी-पटना की आईएसएल (भारतीय सांकेतिक भाषा) विशेषज्ञ सुश्री मोनिका सिंह ने कहा कि सांकेतिक भाषा से विशेष बच्चों को सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलेगा। उन्होंने बताया कि एनईपी-2020 ने पहली बार आईएसएल को पाठ्यक्रम में शामिल करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सुश्री सिंह ने शिक्षकों और अभिभावकों से आईएसएल सीखने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल हाथों की हरकत नहीं, बल्कि एक पूर्ण भाषा है। कार्यक्रम के समापन पर कई शैक्षणिक शब्दों का आईएसएल में लाइव प्रदर्शन भी किया गया।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:30 pm

सीतामढ़ी में कांग्रेस का आक्रोश मार्च:पेपर लीक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, तीन नेताओं के पुतले फूंके, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

सीतामढ़ी में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली सहित देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। जिलाध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से वीर कुंवर सिंह चौक तक मार्च किया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। 'पेपर लीक बंद करो' और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’कार्यकर्ताओं ने 'भाजपा सरकार मुर्दाबाद', 'छात्रों पर जुल्म बंद करो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शम्स शाहनवाज ने केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री और सरकार केवल सोशल मीडिया तक सीमित हैं। शाहनवाज ने मांग की कि सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगीउन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे युवाओं का भरोसा बहाल हो सके। शाहनवाज ने सरकार से जवाब मांगा कि अब तक कितने बड़े आरोपियों पर कार्रवाई हुई है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। शाहनवाज ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि सरकार को छात्रों की चिंता है, तो प्रधानमंत्री मोदी को जंतर-मंतर जाकर छात्रों का मुंह मीठा कराने के लिए मेलोडी चॉकलेट बांटनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस छात्रों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:12 pm

NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:धमतरी में PM, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

धमतरी में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को धमतरी जिले के सभी ब्लॉकों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव एवं सह-प्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार शामिल हुए। प्रदर्शन से पहले डॉ. एस.ए. संपत कुमार ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। राहुल गांधी के समर्थन में उठाई आवाज डॉ. संपत कुमार ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करते हुए संबंधित मंत्रियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य का उठाया मुद्दा कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले एक महीने से छात्र और युवा अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार जवाब देने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग कर रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग डॉ. संपत कुमार ने कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:33 pm

अशोकनगर में तीन कांग्रेसियों का 24 घंटे अनशन:हाथों में हथकड़ी, गले में फंदा बांधकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

अशोकनगर में तीन कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में 24 घंटे का अनशन किया। यह अनशन शहर के गांधी पार्क में बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर तक चला। कांग्रेस पार्षद रीतेश जैन आजाद, सुधीर चौधरी और शिवा सरवैया अनशन पर बैठे थे। रीतेश जैन ने इस दौरान पानी भी नहीं पिया। कांग्रेस नेता रीतेश जैन ने बताया कि उनका अनशन पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में था। इस दौरान जिला सचिव राणाजी रातीखेड़ा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया गया। छात्रों से मारपीट करने वालों को गुंडा कहाकांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ मारपीट की गई और उनकी नाक से खून निकला। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह ने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि आरएसएस के गुंडे थे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान, सभी कार्यकर्ता हाथों में काली पट्टी बांधे हुए थे। एक-एक कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से हाथों में हथकड़ी, गले में रस्सी का फंदा और खून से रंगी पट्टियां बांधकर आए थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी, जो गले में फंदा बांधकर आए थे, उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण 21 परीक्षार्थियों की मृत्यु हुई है, जो एक तरह से उनके गले में फंदा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बार पेपर लीक हुए हैं। रघुवंशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ पेपर लीक में शामिल कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी थी और गेट बंद कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:30 pm

समाजवादी छात्र सभा का हस्ताक्षर अभियान:जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में सिग्नेचर, बोले- शिक्षा संस्थानों को न बनाएं विवाद का विषय

देवरिया में समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान बीआरडीपीजी कॉलेज परिसर में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के निर्देशन में हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विश्वविद्यालय के संरक्षण तथा शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा संस्थानों को विवाद का विषय बनाने के बजाय उनके संरक्षण और विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यादव ने विश्वविद्यालय पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे शिक्षा के हितों के विरुद्ध बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शिक्षा संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अभियान के दौरान समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव, यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम अंसारी, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव, हरिओम लाला, बलवंत, धीरज कुमार, विकास यादव, अंकुल, अभिषेक, रवि यादव, बिट्टू, दिलीप, प्रेम और दुर्गेश कुमार सहित कई छात्र और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:23 pm

मऊ में अधिवक्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका:जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और पेपर लीक पर इस्तीफे की मांग

मऊ में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए पेपर लीक मामले में मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर किया गया कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। अधिवक्ताओं ने जोर दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है और छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार का मौजूदा रवैया युवाओं में असंतोष और आक्रोश बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र-युवाओं के आंदोलन को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने सरकार से उनकी बात सुनकर उचित निर्णय लेने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:18 pm

पूर्णिया में पेपर लीक को लेकर छात्रों ने किया प्रदर्शन:कहा- जिन स्टूडेंट को पढ़ाई करनी चाहिए वे प्रोटेस्ट कर रहे, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

नीट पेपर लीक, दिल्ली-पटना में लाठीचार्ज के विरोध में पर्णिया के बायसी में भी छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। बायसी स्थित हाईस्कूल प्रांगण में छात्र और स्थानीय युवाओं का एक विशाल जुटान हुआ। आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही परीक्षा प्रणाली और इसमें हुई अनियमितताओं की जांच कराई जाने की मांग भी की। आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी पूरा समर्थन मिला। उन्होंने ने कहा कि - आज यह बेहद अफसोस की बात है कि जिन छात्रों को अपनी किताबों के सामने बैठकर परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए थी, उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रही है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘Fight Today for a Better Tomorrow’ जैसे नारों वाली तख्तियां और पोस्टर लहरा रहे थे। युवा आंदोलनकारी ने कहा कि देश का युवा आज 1977 और 1975 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलनों की तर्ज पर जाग चुका है। छात्रों ने सबसे पहले सड़कों पर मार्च निकाला, जिसके बाद प्रतीकात्मक रूप से चक्का जाम किया गया और अंत में वे हाईस्कूल के मैदान में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को प्रखंड स्तर से निकालकर जिला मुख्यालय पूर्णिया, राज्य की राजधानी पटना और देश की राजधानी दिल्ली तक ले जाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:53 pm

डीवाईएफआई-एसएफआई ने किया विरोध प्रदर्शन:पीएम मोदी का पुतला फूंका, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

हनुमानगढ़ में गुरुवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जंक्शन स्थित लाल चौक के पास हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। डीवाईएफआई के जिला महासचिव वेद मक्कासर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए दिल्ली की घटना की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। मक्कासर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं और विद्यार्थियों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है और ऐसे आंदोलनों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। वेद मक्कासर ने आगे कहा कि युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीवाईएफआई जिला कमेटी के कार्यकर्ता जल्द ही दिल्ली कूच करेंगे। वहां वे केंद्र सरकार से रोजगार, युवाओं से किए गए वादों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष मोहित कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े हुए हैं। कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण था, फिर भी उन पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने दोहराया कि युवा अपने मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने और त्वरित कार्रवाई की मांग की। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में छात्र आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा लेने की मांग भी शामिल थी। इस विरोध प्रदर्शन में देवीलाल, सहदेव गोस्वामी, सुरेंद्र दहिया, बलकरण सिंह, सुनील कुमार सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:49 pm

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का समस्तीपुर में विरोध:छात्र संगठन SFI, DYFI ने डीआरएम ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन; पीएम, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

दिल्ली में मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को समस्तीपुर में छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एसएफआई, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, किसान मोर्चा के संयुक्त बैनर तले लोगों ने शहर में जुलूस निकाला और डीआरएम कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर के लिए छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय गेट के सामने बैठकर धरना भी दिया। छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। पुलिस के साथ सादे वर्दी में आए गुंडों ने छात्रों के साथ मारपीट की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा के सीनियर नेता मनोज गुप्ता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस आंदोलन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ ही सादे कपड़ों में आए गुंडों ने आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की। वहां मौजूद छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मनोज गुप्ता ने कहा कि लाठीचार्ज में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई हो। आज पूरे देश में लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार के मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नहीं तो आंदोलन और तेज करेंगे’ अखिल भारतीय महिला जनवादी समिति की राज्य सचिव नीलम देवी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया है, उनसे अभद्र व्यवहार किया गया है। छात्राओं के साथ मारपीट और उनसे अभद्रता भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है, सरकार तत्काल दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। नीलम देवी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपना इस्तीफा दें, नहीं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में जुलूस निकाला गया, जो अलग-अलग रास्तों से गुजरकर डीआरएम कार्यालय तक पहुंचा। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:46 pm

छात्रों ने निकाली रैली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:नीट पेपर लीक मामले पर दिल्ली प्रदर्शन का समर्थन किया

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में भी छात्रों और समाजसेवियों ने विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और अपनी मांगें रखीं। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन की गूंज के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी आवाज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। पृथ्वीपुर में छात्रों और समाजसेवियों ने दिल्ली के छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए रैली निकाली। रैली में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और न्याय के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की कथित गिरफ्तारी का भी विरोध जताया। दिल्ली की घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पृथ्वीपुर की यह रैली भी शामिल है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:43 pm

एनएसयूआई ने डीडवाना में किया प्रदर्शन:केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, पीएम मोदी और धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन

नई दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में एनएसयूआई ने गुरुवार को डीडवाना में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शहर में एक रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल और नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बांगड़ कॉलेज से रैली शुरू की। यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर आवास पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्य द्वार से अंदर जाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें फिर रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उनका कहना था कि नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका मानना था कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि NSUI छात्रों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:29 pm

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 4:27 pm

भागलपुर में बारिश के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन:केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भागलपुर में नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच समाहरणालय के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग हो रही है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भागलपुर के सदर अनुमंडल पदाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग की गई। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… छात्रों पर कार्रवाई, लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है कांग्रेस नेता बिपिन बिहारी ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। ये लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए। उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की जांच कराने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। इस मौके पर कांग्रेस नेता विपिन बिहारी, मुजफ्फर अहमद सहित जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:07 pm

मुंगेर में हजारों छात्रों का NEET पेपर लीक पर मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, एसपी पर फेंकी गई पानी की बोतल, पुलिस रही तैनात

गुरुवार को मुंगेर में हजारों छात्रों ने नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विशाल मार्च निकाला। छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ था। यह मार्च आरडी एंड डीजे कॉलेज से शुरू हुआ और अंबे चौक, गोला रोड, कस्तूरबा वाटर वर्क्स चौक, भगत सिंह चौक, एक नंबर ट्रैफिक होते हुए किला के मुख्य द्वार से शहीद स्मारक के बाद समाहरणालय पहुंचा। कार्यक्रम का समापन समाहरणालय पर एक सभा के साथ हुआ। मार्च के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा को लेकर लगातार नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने हाथों में तिरंगा के साथ महापुरुषों की तस्वीरें लिए हुए थे। परीक्षा पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिएछात्रों ने कहा कि देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए, ताकि योग्य छात्रों के साथ न्याय हो सके। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गईइसके साथ ही छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान एक छात्रा ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के कार्यकाल में हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ही सरकारों में ऐसी घटनाएं हुई हैं। छात्रों के विरोध मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर थी। डीजे कॉलेज से लेकर पूरे जुलूस मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस पदाधिकारी और जवान पूरे समय मार्च के साथ मौजूद रहे, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो. प्रमुख चौक-चौराहों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गेट पर आंदोलन कर रहे छात्र बैठ कर नारे लगाएहालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा वंही किला पहुंचते ही कई आंदोलनकारी छात्र उग्र हो गए सड़को किनारे लगी सरकारी होडिंग के पोस्टर को एक -एक फाड़ना शुरू कर दिया। वही छात्रों के उत्पात को देख प्रसाशन चुप -चाप देखती रही है। जिसके बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन समाहरणलाय पंहुचा जंहा मुख्य गेट पर आंदोलन कर रहे छात्र बैठ कर नारे लगाए। वही छात्रों की भीड़ को देखते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद पहुंचे जंहा आंदोलन कर रहे छात्रों को समझाने की कोशिश की जिसके बाद कई छात्र एसपी की बात को मानकर लौट रहे तभी किसी ने एसपी के ऊपर पानी का बोतल फेंका लेकिन एसपी को नहीं लगी। छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालाएसपी ने कहा की छात्रों ने आज विरोध मार्च निकाला है जंहा छात्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। एसपी ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला था इस विरोध मार्च हजार की संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा विरोध मार्च को लेकर काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की ,एसपी ने आंदोलन कर रहे छात्र -छात्राओं ने अपील की वही अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात को रखे और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:01 pm

NEET पेपर लीक: इंदौर में डटे 5 हजार छात्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मिला LGBT और आम जनता का साथ

इंदौर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर का भंवरकुआं चौराहा बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। फ्लाई-ओवर के नीचे दिन-रात डटे 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, परिजनों, वकीलों, कुछ संगठनों और आम नागरिकों का यह प्रदर्शन ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 3:51 pm

इब्राहिम अली खान भी उतरे छात्रों के समर्थन में, बोले- शिक्षा के लिए डर का माहौल सही नहीं

देशभर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन को जहां एक तरफ आम जनता और कई ...

वेब दुनिया 23 Jul 2026 3:36 pm

नरवाना में छात्रों ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला:जंतर मंतर के आंदोलन को दिया समर्थन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

जींद जिले के नरवाना में नीट पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में विश्वकर्मा चौक पर एकत्र हुए छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और बाद में सरकार का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र नेता अभिषेक कान्हा खेड़ा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में विफल रही है। कान्हा खेड़ा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। पारदर्शी परीक्षा कराना सरकार की जिम्मेदारी : शीतल छात्रा योगिता ने युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। वहीं, शीतल ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पायल ने कहा कि छात्र केवल न्याय और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आंदोलन की आवाज सुनने और युवाओं के हित में तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया। गुरुदेव ने बताया कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:11 pm

NEET मुद्दे पर कुरुक्षेत्र में सड़कों पर उतरे KU स्टूडेंट्स:NTA को बताया नेशनल टॉर्चर एजेंसी; शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) के स्टूडेंट्स ने NEET पेपर लीक मामले में जोरदार विरोध दर्ज किया। यहां स्टूडेंट्स ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन और उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रोष मार्च निकाला। वे केयू की नेहरू लाइब्रेरी से करीब आधा किलोमीटर दूर थर्ड गेट तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। इस दौरान स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और करीब आधे घंटे तक थर्ड गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। किसी भी हालात से निपटने के लिए केयू की सिक्योरिटी टीम एक्टिव रही। सिक्योरिटी गार्ड रोष मार्च निकाल रहे स्टूडेंट्स के साथ-साथ चल रहे थे। स्टूडेंट्स बोले- NTA नेशनल टॉर्चर एजेंसी प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स ने जब-जब स्टूडेंट बोला है, राजसिंहासन डोला है और NTA नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, नेशनल टॉर्चर एजेंसी है जैसे नारे लगाए। स्टूडेंट्स के हाथ में प्रधानमंत्री मौन व्रत तोड़ो, मोदी जी आप जियान हो, डिस्ट्रॉय ऑफ एजुकेशन और बेहतर शिक्षा ही भविष्य की नींव है के बैनर स्टूडेंट्स के हाथ में थे। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए- मधु प्रदर्शन में शामिल छात्रा मधु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। NEET समेत कई परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की है, लेकिन लगातार पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री ट्वीट नहीं, छात्रों से बातचीत करें मधु ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से केवल सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देना पर्याप्त नहीं है। हम प्रधानमंत्री से चाहते हैं कि वह सामने आकर छात्रों से बात करें। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकाला गया तो 20 जुलाई के प्रदर्शन से भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हम किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं आए प्रदर्शन में शामिल छात्रा आरजू शर्मा ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं, बल्कि उन छात्रों के साथ खड़े होने के लिए एकत्र हुए हैं जिनकी मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुई है। पूरे देश के छात्र इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। सरकार को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। सुरक्षा बढ़ी, सेकेंड गेट बंद छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। केयू का सेकेंड गेट बंद कर दिया गया था, जबकि थर्ड गेट से ही छात्रों और अन्य लोगों को जांच के बाद प्रवेश दिया गया। परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची, हालांकि किसी पुलिसकर्मी के हाथ में डंडा या लाठी नहीं थी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 2:28 pm

करनाल में बादली विधायक का सरकार पर निशाना:कुलदीप वत्स बोले-शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांगना अपराध नहीं; आंदोलन का समर्थन किया

करनाल में शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने केंद्र और हरियाणा की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार की निंदा की। वत्स ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को दबाना गलत है और सरकार को युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। कुलदीप वत्स ने कार्यक्रम में शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश आज जिन शहीदों के बलिदान की बदौलत आजाद है, उन्हीं के कारण हर नागरिक खुली हवा में सांस ले रहा है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान भी किया। भरत तिवारी मामले में पुलिस पर सवाल विधायक कुलदीप वत्स ने भरत तिवारी मामले को उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर कर हत्या की गई। वत्स ने कहा कि भरत तिवारी गरीबों, दलितों, किसानों और मजदूरों की आवाज थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने न्याय की लौ नाम से एक संकल्प लिया है, जिसके तहत इस मामले में न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने इसे सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा बताया। जंतर-मंतर आंदोलन और शिक्षामंत्री पर सवाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवा आंदोलन को लेकर कुलदीप वत्स ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वही आंदोलन कर रही बहनों और बेटियों पर लाठियां चलवा रही है। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा मांगना अपराध नहीं वत्स ने कहा कि यदि युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो इसमें कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आंदोलन कर रहे युवाओं के जज्बे की तुलना भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद से करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पेपर लीक पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन पेपर लीक के मुद्दे पर कुलदीप वत्स ने धार्मिक वक्ता धीरेंद्र शास्त्री के बयान से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनके सपने टूट जाते हैं। वत्स ने कहा कि इस समस्या को गंभीरता से लेकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संसद गतिरोध और बीजेपी नेताओं की भाषा पर निशाना संसद में जारी गतिरोध को लेकर विधायक ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है और सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बचाने में लगी हुई है। वहीं, पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वत्स ने कहा कि सत्ता के अहंकार में बीजेपी नेताओं की भाषा मर्यादा की सीमाएं पार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र की जगह लठतंत्र चल रहा है और सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 2:18 pm

उन्नाव में छात्रों का प्रदर्शन:केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, तख्तियां लेकर इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए

उन्नाव में गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शहर के जीईसी ग्राउंड में इकट्‌ठे हुए छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और इंकलाब जिंदाबाद, भारत माता की जय, तथा शिक्षा बचाओ जैसे नारे लगाए। उनका आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर छात्रों की आवाज को लगातार अनसुना किया जा रहा है और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शन में शामिल छात्र राजन ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एक अन्य छात्र कुश सिंह ने बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर में छात्र अपनी आवाज उठा रहे हैं और उन्नाव के छात्र भी इसी कड़ी में शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने सरकार से शिक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा बना रहे। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:43 pm

बीएचयू में तीसरे दिन भी हाई अलर्ट,ड्रोन से निगरानी:छात्रों ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में लगातार तीसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विश्वविद्यालय के सिंहद्वार समेत पूरे कैंपस में पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीमें पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि पूरे विश्वविद्यालय परिसर की ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर अथवा आसपास किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई संगठन या व्यक्ति बिना अनुमति के प्रदर्शन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना है। विश्वविद्यालय कैंपस में LIU की टीम अलर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्राक्टोरियल बोर्ड की टीमें परिसर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं। पुलिस बल के साथ-साथ स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की टीमें भी कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर, मधुबन पार्क और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर निगरानी बनाए हुए हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश करने वाले लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, बीएचयू के छात्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उनका आरोप है कि प्रत्येक मामले में जांच और कार्रवाई की घोषणा तो होती है, लेकिन दोषियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जताई नाराजगी छात्रों ने मांग की कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की। हालांकि पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते बीएचयू परिसर में किसी भी छात्र संगठन ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं किया। छात्रों ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यक्त की और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ABVP ने भी जारी किया पत्र इस बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। परिषद ने जारी बयान में कहा कि विद्यार्थी होने का दावा करने वाले कुछ अराजक तत्वों और सुरक्षाबलों के बीच हुए टकराव तथा सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अभाविप ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के न्यायोचित आंदोलन की आड़ में कुछ राजनीतिक स्वार्थों से प्रेरित एवं समाजविरोधी तत्वों ने हिंसा और अराजकता फैलाने का प्रयास किया, जिसकी परिषद कड़े शब्दों में निंदा करती है। संगठन ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए विद्यार्थियों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे टकरावों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। परिषद ने अपने बयान में यह भी कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान केवल संवाद, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही संभव है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास शिक्षा प्रणाली में बना रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:36 pm

प्रयागराज में छात्रों ने जुलूस निकाला:बोले- शिक्षामंत्री ने 24 जुलाई तक इस्तीफा नहीं दिया तो 25 से धरने पर बैठेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की आंच प्रयागराज तक पहुंच गई है। बुधवार देर रात यहां प्रतियोगी छात्रों के एक गुट ने कर्नलगंज में प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगर 24 जुलाई तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो 25 से वह अनिश्चतकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के सामने अपनी मांग रखी और इसका वीडियो CJP ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी किया है। पुलिस कमिश्नर की आवास की ओर जाना चाहते थे बुधवार रात छात्रों का एक समूह ट्रैफिक चौराहे से नारेबाजी करते हुए पुलिस कमिश्रर आवास की ओर जाने लगा। जानकारी पर कर्नलगंज थाने की फोर्स के साथ डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य और एसीपी कर्नलगंज विवेक कुमार यादव पहुंचे और उनसे बातचीत शुरू की। कहा, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे छात्रों ने कहा कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन से उनकी कोई नाराजगी नहीं है और वह सिर्फ छात्र हित में अपनी बात रखने के लिए आए हैं। कहा कि 24 जुलाई तक अगर शिक्षा मंत्री धर्मेेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है तो वह 25 जुलाई से धरना प्रदर्शन करेंगे। बाधा न उत्पन्न करे पुलिस-प्रशासन यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट से शुरू होकर पूरे प्रयागराज को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन में किसी तरह की बाधा न उत्पन्न करे। इस पर अफसरों ने उनसे कहा कि वह अनुमति के लिए अप्लाई करें। छात्रों ने बताया कि उन्होंने कर्नलगंज थाना प्रभारी और एसीपी कर्नलगंज को अपना मेमोरेंडम सौंप दिया है। छात्रों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसे बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के करीब CJP ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया। इसमें लिखा कि इलाहाबाद के छात्रों का आग्रह, अगर 24 तारीख तक धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो फिर 25 तारीख से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू होगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:30 pm

उकलाना कांग्रेस विधायक ने सरकार पर साधा निशाना:नरेश सेलवाल बोले- नीट अभ्यर्थियों को न्याय मिले, शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा

उकलाना के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। विधायक नरेश सेलवाल ने बयान जारी कर कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार : नरेश उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठाते रहे हैं। जब वे छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, तब उन्हें तथा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नरेश सेलवाल ने बताया कि 21 जुलाई को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा छात्रों के समर्थन में चंडीगढ़ स्थित लोक भवन का घेराव किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक नरेश सेलवाल सहित कई विधायकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सेक्टर-17 थाना में हिरासत में रखा गया, जहां से देर रात करीब एक बजे रिहा किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:01 pm

बड़वानी में NEET धांधली के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना:छात्र संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े

बड़वानी में NEET-UG सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में बड़वानी में बुधवार रात से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में भी आवाज उठाई। सांसद आवास से शुरू हुआ प्रदर्शन, कारंजा चौपाटी पर धरने में बदला आंदोलन की शुरुआत सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के आवास के बाहर प्रदर्शन से हुई। देर रात प्रदर्शनकारी कारंजा चौपाटी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। गुरुवार सुबह यहां टेंट लगाकर धरने को स्थायी रूप दिया गया। दूसरे दिन एनएसयूआई, जयस, कांग्रेस, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो जैसे नारे लगाए गए। संविधान की प्रति, बिरसा मुंडा और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र रखकर भी विरोध जताया गया। सांसद बोले- जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि यह आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। वहीं सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने प्रदर्शनकारियों से मोबाइल पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मामले की जांच करा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। प्रशासन ने धरना स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 12:43 pm

कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका:बुलंदशहर में दिल्ली में छात्रों के मुद्दों पर किया प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने दिल्ली में पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और छात्रों के मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, कांग्रेस जिला कार्यालय पर लाठी-डंडे लेकर कार्यकर्ता तैनात रहे, क्योंकि कार्यालय के घेराव की सूचना थी। कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों और अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए कथित बर्बर व्यवहार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले को जूतों से रौंदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने इस अवसर पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने तानाशाही की सभी हदें पार कर दी हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर मोदी सरकार और आरएसएस की चुप्पी को भी उजागर किया। जियाउर्रहमान ने भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों से गुलामी से बाहर निकलकर छात्रों के समर्थन में आने का आह्वान किया। जियाउर्रहमान ने दावा किया कि जनता ही सांसद और विधायक बनाती है, और 2027 तथा 2029 के चुनावों में भाजपा का सफाया तय है। उन्होंने यह भी कहा कि बुलंदशहर जिले के कांग्रेसी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के अलावा प्रशांत बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, साजिद गाजी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी, आशु कुरैशी, सुरेंद्र उपाध्याय, शुभम कौशिक और साहिल सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 12:34 pm

थलापति विजय की बड़ी मांग: क्या शिक्षा को राज्य सूची में लाने से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा यह बवाल

देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (नीट) के पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, दक्षिण भारतीय सिनेमा के मेगास्टार से राजनेता बने थलापति विजय ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक बेहद कड़ा और बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। विजय ने केंद्र सरकार के पाले से गेंद निकालते हुए शिक्षा को वापस 'राज्य सूची' (State List) में शामिल करने की जोरदार मांग की है। उनका तर्क है कि जब तक राज्यों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था तय करने का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह के पेपर लीक और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले घपले बंद नहीं हो सकते हैं। थलापति विजय के इस बयान के बाद दक्षिण भारत से लेकर राष्ट्रीय राजधानी तक सियासी गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई यह कदम देश की शिक्षा व्यवस्था की सभी समस्याओं का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद ने क्यों पकड़ी है तूल?पिछले कुछ समय से नीट परीक्षा की पारदर्शिता, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों मेधावी छात्रों और उनके अभिभावकों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। छात्रों का कहना है कि साल-दर-साल कड़ी मेहनत करने के बावजूद जब सिस्टम की कमियों के कारण पेपर लीक हो जाते हैं, तो उनका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसी जनआक्रोश और छात्रों के दर्द को समझते हुए राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय नेताओं ने अब खुलकर केंद्र सरकार की सेंट्रलाइज्ड परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।शिक्षा को राज्य सूची में लाने से क्या होगा बदलाव?भारतीय संविधान में शिक्षा मूल रूप से राज्य सूची का विषय हुआ करती थी, जिसे साल 1976 में 42वें संविधान संशोधन के जरिए 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) में डाल दिया गया था, जिसका मतलब है कि इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं। थलापति विजय और अन्य क्षेत्रीय दलों का मानना है कि शिक्षा को दोबारा पूरी तरह राज्य सूची में लाया जाना चाहिए। इसके पीछे मुख्य तर्क यह दिया जा रहा है कि:स्थानीय जरूरतें: हर राज्य की सामाजिक, आर्थिक और भाषाई स्थिति अलग होती है, इसलिए वहां की शिक्षा और प्रवेश परीक्षाएं स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर होनी चाहिए।पारदर्शिता और जवाबदेही: जब परीक्षा का नियंत्रण राज्य सरकारों के पास होगा, तो किसी भी गड़बड़ी या लीक की स्थिति में तुरंत और कड़े स्थानीय कदम उठाए जा सकेंगे।सेंट्रलाइज्ड सिस्टम का दबाव खत्म: दिल्ली से संचालित होने वाली केंद्रीकृत व्यवस्था के बोझ से छात्रों को मुक्ति मिलेगी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को न्याय मिल सकेगा।क्या वाकई खत्म हो जाएगा NEET और पेपर लीक का बवाल?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाना एक जटिल और दूरगामी प्रक्रिया है, जिस पर देश भर में आम सहमति बनना आसान नहीं है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार का यह तर्क रहता है कि एक देश, एक परीक्षा प्रणाली से पूरे देश के छात्रों को एक समान मंच मिलता है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय दल इसे राज्यों के अधिकारों में सीधा दखल मानते हैं। बहरहाल, थलापति विजय की इस मांग ने नीट विवाद को एक नया राजनीतिक और वैचारिक मोड़ दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर और अधिक घमासान देखने को मिल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:27 pm

जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के लिए कोर्ट तक जाएंगे:माता प्रसाद बोले- गरीबों की शिक्षा पर बुलडोजर चला रही सरकार, यह शिक्षा नहीं, राजनीति पर हमला है

उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि गरीब छात्रों की शिक्षा के उद्देश्य से बनाई गई यूनिवर्सिटी को भाजपा सरकार राजनीतिक विरोध के चलते निशाना बना रही है। यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी तो समाजवादी पार्टी राज्यपाल से मुलाकात करेगी और न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि जिस समय जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ था, उस समय वहां न जिला पंचायत थी और न ही नगर पंचायत। वर्ष 2024 में क्षेत्र का विस्तार कर गांवों को स्थानीय निकाय में शामिल किया गया। ऐसे में 48 बीघा जमीन पर यह कहते हुए कार्रवाई करना कि नक्शा पास नहीं कराया गया, पूरी तरह अनुचित है। जब संबंधित निकाय अस्तित्व में ही नहीं था, तब नक्शा पास कराने का प्रश्न ही नहीं उठता। माता प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि आजम खान को पहले राजनीतिक कारणों से मुकदमों में फंसाया गया और अब उनकी बनाई यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और गरीब छात्रों के लिए बने संस्थान को खत्म करने का प्रयास कर रही है। 'पेपर लीक से युवाओं का भविष्य दांव पर' नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। निष्पक्ष परीक्षा कराना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह इसमें पूरी तरह विफल रही। इसी कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर कार्रवाई पर भी उठाए सवाल उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने लौटकर बताया कि बाहरी लोगों ने उनके साथ मारपीट की। यदि लाखों छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। 'भाजपा सपा से डरती है' संविधान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के समय जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का सम्मान दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर मंच से समाजवादी पार्टी का नाम इसलिए लेती है क्योंकि वह उससे राजनीतिक रूप से डरती है और उसे बदनाम करने की कोशिश करती है। 'सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही' माता प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों और किसानों की बजाय बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जाते हैं, जबकि किसानों के छोटे-छोटे कर्ज तक माफ नहीं किए जाते। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के साथ अजय सागर, रामपुर के जिलाध्यक्ष नसीर अहमद खां, विधायक कमाल अख्तर, विधायक शाहिद मंजूर, विधायक एवं प्रदेश महासचिव अताउर्रहमान तथा नवाब जान शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 12:27 pm

पेपर लीक-लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों ने निकाल मार्च:शेखपुरा में प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

शेखपुरा में गुरुवार को पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह विरोध मार्च सुबह कोचिंग के लिए आए छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित किया गया था। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं तिरंगा झंडे और नारे लिखी तख्तियां लिए शहर के स्टेशन रोड से पटेल चौक तक जुलूस के रूप में पहुंचे। मानसिक तनाव का सामना कर रहे छात्र इस जुलूस में छात्र राजद नेता आलोक कुमार, निधिश कुमार गोलू और रिक्की खान सहित अन्य छात्र नेता भी शामिल थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार की कथित विफलता के कारण विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं, जिससे छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन की तस्वीरें… प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उनके अनुसार, इस लाठीचार्ज का विरोध करने पर दिल्ली और पटना में भी छात्रों की पिटाई की गई, जिसके कारण कई छात्र अस्पतालों में भर्ती हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। दंडाधिकारियों के नेतृत्व में सशस्त्र पुलिस बल जुलूस के साथ चल रहा था।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 11:09 am

दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में यमुनानगर में निकाला रोष मार्च:सड़कों पर लगा जाम; PM मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज वीरवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन, सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सुबह करीब साढे 10 बजे लोग कन्हैया साहिब चौक पर इकट्‌ठा हुए, जिसके बाद करीब 11 बजे लघु सचिवालय की तरफ बढ़ना शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे जाम की स्थिति पैदा हो गए। इस तरफ की सड़क को बंद करके वन-वे ट्रैफिक चलाया गया। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग किसान व अन्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने बताया कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग भाकियू टिकेत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी कीं, जिससे कई छात्र-युवा घायल हो गए। इस घटना से पूरे देश में युवाओं और किसानों में रोष है। सर्व समाज मोर्चा की राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:46 am

दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा में आज प्रदर्शन:विपक्षी दल व युवा संगठन सड़कों पर उतरेंगे, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग

हरियाणा में NEET पेपर लीक, दिल्ली में लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के समर्थन में आज भी कई जगह धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। धरनों पर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। रोजाना हरियाणा से सुबह की ट्रेनों और बसों में जंतर-मंतर पर लोग जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी विरोध -प्रदर्शनों को देखते हुए मैदान में आ गए हैं। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज गुरुग्राम में कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भी बाकि जिलों में विपक्षी दल प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। बता दें कि कल भी हरियाणा में बड़े स्तर पर युवाओं व विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया था। पंचकूला में कांग्रेस नेताओं व वर्करों ने भाजपा कार्यालय पंचकमल का घेराव किया था और यहां करीब आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया था। हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें:-

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:35 am

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- 'छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदारएक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं। राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें। रत्ना पाठत बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे'एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं? अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं। सीमा पाहवा ने कहा- 'चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स'एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए। सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती। राजकुमार राव की अपील- 'बातचीत से निकलेगा समाधान'एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है। उन्होंने आगे कहा, छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है। क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामलादेशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:28 am

टोंक के इंदिरा सर्कल पर पीएम का पुतला फूंक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में टोंक में कांग्रेस का विरोध लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। देहात व शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में इंदिरा सर्किल (छावनी) पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग व कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान उन्हें और अन्य सांसदों को हिरासत में लिया जाना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने अथवा उन्हें पद से हटाने की मांग की। इस दौरान शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद बेग, देहात ब्लॉक अध्यक्ष कैलाशी देवी मीणा, दिनेश चौरसिया, शब्बीर अहमद, देवकरण गुर्जर, धर्मेंद्र सालोदिया, अलका बेरवा, मनिंदर बेरवा, आकाश बेरवा, आबिद मेवाती, सुरेंद्र रेगर, राजेंद्र बोकण, मनीष मीणा, महेंद्र बेरवा, शंकर दादिया, सरपंच शहादत नकवी, शकील मियां, फिरोज नागौरी, अब्दुल हक पहलवान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:30 am

रोजगार शिक्षा देने वाले शिक्षकों के स्थायी रोजगार का ठिकाना नहीं

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगार का गुर सिखाने वाले करीब 5 हजार व्यावसायिक शिक्षकों के स्थायी रोजगार का कोई ठिकाना नहीं है। न तो उन्हें वेतन मिल रहा है और ना ही उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाया गया है। ऐसे में बेरोजगार हुए इन व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने बुधवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपने खून से सरकार को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने हरियाणा मॉडल पर राजस्थान में उनके रोजगार की स्थायी व्यवस्था करने और ठेका प्रथा बंद करने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ भी किया। शहीद स्मारक पर दिनभर दिए गए इस धरने में प्रदेशभर से आए व्यावसायिक शिक्षक मौजूद थे। वर्तमान में प्रदेश के 4 हजार स्कूलों में करीब 7 लाख विद्यार्थी व्यावसायिक शिक्षा में अध्ययनरत है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:30 am

हरियाणा के 4400 कंप्यूटर फैकल्टी-लैब अटेंडेंट को बड़ी राहत:कल तक जारी होगी 2 माह की रुकी सैलरी, शिक्षा निदेशालय का DDO पर सख्त रूख

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी और कंप्यूटर लैब अटेंडेंट के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अप्रैल और मई 2026 का लंबित मानदेय जारी करने को लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) और स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं डीडीओ (DDO) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय की ओर से 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि बजट उपलब्ध होने और पहले भी निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कई स्कूलों में अब तक अप्रैल और मई का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को 24 जुलाई 2026 तक हर हाल में वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन जारी होने के बाद कर्मचारियों का डेटा हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयी (Security of Service) Act, 2024 के तहत निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही OTP वेरिफिकेशन सहित सभी औपचारिकताएं 31 जुलाई 2026 तक पूरी करना अनिवार्य होगा। देरी हुई तो होगी कार्रवाई निदेशालय ने आदेश में चेतावनी दी है कि यदि वेतन जारी करने या अन्य औपचारिकताओं में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही हुई तो संबंधित प्रधानाचार्य और डीडीओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:00 am

'सवाल पूछना ही लोकतंत्र की ताकत':इंदौर में जीतू पटवारी का केंद्र और शिक्षा नीति पर हमला, पीएचडी पर बयान से भी बटोरी सुर्खियां

कांग्रेस के छात्रों की गूंज अभियान के तहत इंदौर के रविंद्र नाट्यगृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लोकतंत्र, छात्र राजनीति और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी मौजूद रहे। दो नों नेताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और युवाओं की नीति निर्माण में भागीदारी पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार चुनने के बाद नागरिकों का अधिकार है कि वे उसके फैसलों पर सवाल करें। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही है, जहां सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के लिए जवाबदेह हो। यदि सवालों का जवाब नहीं मिलता, तो असंतोष बढ़ता है और आंदोलन की स्थिति बनती है। इस दौरान पटवारी ने छात्र राजनीति और शोध उपाधियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत समझ के अनुसार कई नेता प्रभाव और दबदबे के बल पर नकल करके पीएचडी पूरी कर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीति से जुड़े लोगों में ऐसे मामलों का प्रतिशत काफी अधिक है। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। उच्च शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए पटवारी ने हाल ही में विश्वविद्यालय खोलने के नियमों में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि केवल दो कमरों में विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाली संस्था नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का केंद्र होना चाहिए। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब विपक्ष प्रभावी नहीं रहता, तब जनता सवाल पूछने के बजाय व्यक्तिपूजा की ओर बढ़ने लगती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है, क्योंकि जवाबदेही से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ एसोसिएशन और युवक कांग्रेस से जुड़ी शांभवी शुक्ला की ओर से किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी के संबोधन के वीडियो प्रदर्शन से हुई। संवाद के दौरान युवाओं की भागीदारी, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 11:00 pm

नीमच में BAP और जयस का अनिश्चितकालीन धरना:NEET धांधली और छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नीमच के मेसी शोरूम चौराहे स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन NEET परीक्षा में अनियमितताओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। 'सच्चाई की लड़ाई' का पोस्टर लगाकर दर्ज कराया विरोध धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा पोस्टर लगाया है, जिसमें दिल्ली में संसद घेराव और पुलिस कार्रवाई के दौरान घटी घटनाओं को दर्शाया गया है। प्रतिनिधियों का आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। BAP और जयस की 6 मुख्य मांगे: CBI जांच: NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच हो। दोषियों की गिरफ्तारी: पेपर लीक में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मुफ्त इलाज: लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों को उचित और नि:शुल्क इलाज दिया जाए। पुलिसकर्मियों पर FIR: छात्राओं के साथ अभद्रता करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज हो। अधिकारियों पर कार्रवाई: छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएं। छात्र अधिकारों की रक्षा: लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास बंद किया जाए। आम आदमी पार्टी समेत अन्य संगठनों का मिला समर्थन इस अनिश्चितकालीन धरने को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई अन्य सामाजिक व स्थानीय संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों के हक की इस लड़ाई में शामिल हो रहे हैं।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 9:56 pm

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की गूंज दुर्ग-भिलाई तक:दुर्ग कांग्रेस ने फूंका प्रधानमंत्री मोदी का पुतला, कैंडल मार्च निकाल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 9:37 pm

पेपर लीक ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया:कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, NTA भंग करने की उठाई मांग

संसद मार्च भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण था। देशभर से हजारों छात्र-युवा शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली पहुंचे थे ताकि सरकार उनकी समस्याओं पर संवाद करे, लेकिन उन्हें पुलिस बल का सामना करना पड़ा। आरोप लगाया गया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, महिला छात्राओं के साथ अभद्रता हुई, अनेक छात्र घायल हुए तथा शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। बुधवार को यह बात पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस प्रियव्रत सिंह ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने कहा देशभर में युवा मोदी सरकार की विफल शिक्षा नीति, लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती में देरी और बढ़ती बेरोजगारी से आक्रोशित है। वक्ताओं ने कहा छात्रों की गूंज अभियान करोड़ों छात्रों की आवाज है, जिसे कांग्रेस सड़क से संसद तक मजबूती से उठाएगी। प्रियव्रत सिंह ने कहा - लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, के.सी. वेणुगोपाल सहित इंडिया गठबंधन के सांसद प्रधानमंत्री से छात्रों की मांगों पर चर्चा करने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। 7.5 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए पूर्व उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश विधानसभा हिना कवारे ने कहा कि पिछले 12 सालों में देशभर में कम-से-कम 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। परीक्षाएं रद्द हुई, परिणामों में देरी हुई और भर्ती प्रक्रियाएं ठप पड़ गई। इससे पूरी एक पीढ़ी का भविष्य संकट में आ गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रही है। नेताओं ने कहा कि NEET-UG 2026 इस विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। 3 मई को हुई परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करनी पड़ी। री-नीट से पहले 21 अभ्यर्थियों की आत्महत्या की खबरों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर संवेदनहीन बनी रही कांग्रेस ने उठाई मांग

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 9:09 pm

मोतिहारी में NEET पेपर लीक पर कैंडल मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, सोनम वांग्चुक के आंदोलन को समर्थन, 5 सूत्री मांगपत्र जारी

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों का असर अब बिहार के मोतिहारी में भी देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षाविद् सोनम वांग्चुक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। कैंडल मार्च में शामिल छात्र नेता संतोष कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सत्याग्रहियों और सोनम वांग्चुक के आंदोलन के प्रति भी समर्थन जताया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया कैंडल मार्च छात्रों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्र और शिक्षाविद् विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी के समर्थन में मोतिहारी में कैंडल मार्च आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात था। मार्च के दौरान छात्रों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दो मिनट का मौन रखा और प्रभावित छात्रों के बेहतर भविष्य की कामना की। छात्रों ने साझा की अपनी पीड़ा प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि पूरे वर्ष की मेहनत के बाद पेपर लीक की खबर ने छात्रों के मनोबल को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि वे केवल निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्र ने यह भी कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का रास्ता चुना है। पांच सूत्री मांग पत्र किया जारी प्रदर्शनकारियों ने पांच सूत्री मांग पत्र जारी कर नीट परीक्षा की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। छात्रों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। संविधान के प्रति आस्था जताई कचहरी चौक पर मार्च के समापन के बाद छात्रों ने संविधान की प्रति के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने आम जनता, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 9:07 pm

फर्रुखाबाद में सपा ने निकाला कैंडल मार्च:छात्रों को दी श्रद्धांजलि, नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

फर्रुखाबाद में बुधवार शाम समाजवादी पार्टी (सपा) सैनिक प्रकोष्ठ ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से लोहिया मूर्ति तक आयोजित किया गया। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे आवास विकास स्थित पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव सर्वेश अंबेडकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने काली पट्टी बांधी और गले में तख्तियां डालकर हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। तख्तियों पर 'नीट पेपर लीक होने पर 20 से अधिक छात्रों को विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा था। लोहिया तिराहा स्थित लोहिया मूर्ति पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई धांधली और नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। यादव ने आगे कहा कि नीट पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। एडवोकेट पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि नीट परीक्षा के पेपर लीक में प्रभावित हुए छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए सैनिक प्रकोष्ठ के साथ समाजवादी पार्टी के अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा, हम उन छात्रों को नमन करते हैं जो नीट परीक्षा के दौरान 'शहीद' हो गए।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 9:02 pm