AISA President Neha Bora ने कहा, समाज के विकास के लिए शिक्षा तक सबकी पहुंच जरूरी
(फोटो के साथ)मुंबई, 25 अगस्त ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को कहा कि समाज और देशों की प्रगति में शिक्षा एक महत्वपूर्ण कारक है और आबादी के एक बड़े हिस्से को शिक्षा व्यवस्था से बाहर रखना उन्हें पिछड़ेपन की ओर धकेलने के समान है। नेटवर्क ऑफ वुमेन इन मीडिया, इंडिया (एनडब्ल्यूएमआई) की ओर से मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में बोरा ने कहा कि मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, साक्षरता, खुशहाली और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे मानकों पर समाजों और देशों की तुलना करने वाले कई अध्ययनों में शिक्षा को प्रगति को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण साझा कारक पाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एक साझा कारक शिक्षा है। अगर आप असमानताओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और समाज के एक बड़े हिस्से को शिक्षा से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आप पीछे ही बने रहें।’’बोरा ने दावा किया कि वामपंथी दलों को छोड़कर अन्य राजनीतिक दल शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देते। बोरा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जुलाई में दिल्ली में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ 23 दिन की भूख हड़ताल की थी। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पीएचडी कर रहीं बोरा ने कहा कि देश के पिछड़ने पर सवाल उठाने के साथ-साथ समाज के एक बड़े हिस्से को शिक्षा तक पहुंच से वंचित करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया जाना चाहिए। आइसा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध छात्र संगठन है। झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा ले चुकीं बोरा ने कहा कि असमानताओं को कम करने और व्यापक सामाजिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा तक समावेशी पहुंच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लोगों के कल्याण के लिए है और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बोरा ने कहा, ‘‘सपना एक ऐसे देश का निर्माण करना था जो समानता पर आधारित हो। लोकतंत्र मूल रूप से समानता के बारे में है। हमें उन पूर्वजों का सम्मान करना चाहिए जिन्होंने इस आदर्श के लिए संघर्ष किया और उनकी दृष्टि को आगे बढ़ाना चाहिए। समानता एक खूबसूरत चीज है और यह न्यायपूर्ण समाज की नींव है।’’आइसा अध्यक्ष ने कहा कि आज दिखाई देने वाली समस्याएं वर्षों से पैदा हो रही हैं और शिक्षा का स्थान धीरे-धीरे निजीकरण लेता गया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक समाधानों पर आधारित व्यापक बदलाव की जरूरत पर बल दिया। इस कार्यक्रम में मॉडल रिया अहीर ने भी अपने विचार रखे। रिया पिछले महीने छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस की एक वैन के सामने खड़े होने के बाद देशभर में चर्चा में आई थीं। अहीर ने कहा कि राजनीति हमेशा से उनके जीवन का हिस्सा रही है और वह सामाजिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखती रही हैं। अहीर ने कहा, ‘‘हमारे माता-पिता हमारी आलोचना इसलिए करते हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि हम बेहतर करें। वे हमारी आलोचना इसलिए करते हैं क्योंकि वे हमसे प्यार करते हैं। इसी तरह सरकार पर सवाल उठाने और उसकी आलोचना करने का यह मतलब नहीं है कि हम अपने देश से प्यार नहीं करते। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है और देश के भविष्य को लेकर हमारी चिंता से पैदा होता है।’’बोरा और अहीर दोनों ने कहा कि उनके परिवारों की सेना से जुड़ी पृष्ठभूमि ने उन्हें सामुदायिक जीवन के महत्व को समझना सिखाया है। कश्मीर में ‘‘आजादी’’ के नारों के समर्थन से जुड़े सवाल पर बोरा ने कहा, ‘‘मैं कश्मीरियों की आकांक्षाओं का समर्थन करती हूं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कहती है कि उसके शासन में कश्मीरी खुश हैं।’’ आइसा अध्यक्ष ने युवाओं की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सराहना की।
कृषि विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सहायक कृषि अभियंता एवं कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि रसायन) पदों के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच...
अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए राहें अब कठिन होती जा रही हैं। कड़े आव्रजन नियमों और वीजा नीतियों के चलते शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। 'कॉमन ऐप' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 1,100 से अधिक अमेरिकी संस्थानों के इस मंच पर अंतरराष्ट्रीय आवेदनकर्ताओं की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारत वर्तमान में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन अब अमेरिका की बदलती नीतियों के कारण छात्रों का रुझान अन्य देशों की ओर बढ़ रहा है।'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम की समाप्ति और भारी फीस का दबावइस गिरावट के पीछे अमेरिकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम मुख्य वजह माने जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने पारंपरिक 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत अब छात्रों के वहां रहने की अवधि को अधिकतम चार साल तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के अवसरों से जुड़े 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम का लाभ उठाने वाले विदेशी छात्रों पर एक लाख डॉलर तक का भारी शुल्क लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ फॉरेन स्टूडेंट एडवाइजर्स' और शोध फर्म 'जेबी इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, इन अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्र पंजीकरण में लाखों की कमी आने की आशंका है।अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी उठाना पड़ रहा है बड़ा आर्थिक नुकसानभारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के इस तरह मोहभंग होने का असर केवल विद्यार्थियों के करियर पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगभग 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया था, जो आने वाले समय में घटकर 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा नीतियां और अनुपालन नियम ऐसे ही सख्त बने रहे, तो अमेरिका वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी साख खो सकता है, क्योंकि अब भारतीय छात्र ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय देशों के विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर चंदेरी में सामने आए एक मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शाजापुर जिला मुख्यालय पर मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में 'जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति' (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी प्रोजेक्ट्स को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। जल और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान सांसद सोलंकी ने जल निगम के अधिकारियों से लखुंदर और चीलर डेम योजना के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के जरिए जिले के अधिक से अधिक गांवों को जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा 'जल जीवन मिशन' के तहत खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन समय पर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग को निर्देशित किया। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की समीक्षा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूलों और छात्रावासों में स्वच्छता, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को चिन्हित कर स्थानांतरित करने को कहा गया। वहीं कृषि विभाग को ग्राम चौपाल लगाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती और मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश मिले। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद बैठक में सांसद निधि, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना और पीडब्ल्यूडी के कार्यों का भी लेखा-जोखा लिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, विधायक अरुण भीमावद, कलेक्टर ऋजु बाफना और एसपी प्रियंका शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
दौसा में राज्यपाल की बैठक, टीबी उपचार से नशामुक्ति और शिक्षा पर सख्त निर्देश
दौसा में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने टीबी उपचार, नशे पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि तेजस्वी यादव पहले किसी स्कूल में एडिमशन लेकर दसवीं पास कर लें उसके बाद परीक्षा पर अपना सुझाव पेश करें।
राजगीर (नालंदा), 25 अगस्त . परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने Tuesday को बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया. नालंदा-राजगीर क्षेत्र के अध्ययन दौरे के क्रम में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का वैदिक मंत्रोच्चार के ... Read more
प्रदेश के दुर्ग और खैरागढ़ जिलों में शिक्षा व्यवस्था की लाचारी के खिलाफ विद्यार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुर्ग जिले के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। वहीं खैरागढ़ में बीएससी के परिणाम में देरी और विसंगतियों को लेकर कॉलेज के छात्र सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल
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झारखंड में 22 शिक्षा अधिकारियों को मिली प्रोन्नति, तीन प्रशासनिक अधिकारियों की सेवा संपुष्ट
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 22 शिक्षा सेवा पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी है, जिससे उनका वेतनमान लेवल-9 से बढ़कर लेवल-11 हो गया है। इसके अतिरिक्त, कार्मिक विभाग ने तीन प्रशासनिक अधिकारियों ज्योति वंदना कुजूर, अरुण कुमार मुंडा और विनय कुमार की सेवा संपुष्ट की है।
उदयपुर के शिक्षाविद् व उद्योगपति ने बड़ीसादड़ी विवेकानंद मॉडल स्कूल का किया निरीक्षण
उदयपुर के शिक्षाविद् डॉ. एच. एस. कंठालिया और उद्योगपति पुष्पेंद्र परमार ने बड़ीसादड़ी मॉडल स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
नालंदा पहुंची 19 सांसदों की टीम, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने पर हुआ मंथन
25 अगस्त, मंगलवार: नालंदा में 19 सांसदों वाली संयुक्त संसदीय स्थायी समिति की टीम ने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। समिति ने शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण और भविष्य की योजनाओं पर जानकारी ली। गया, राजगीर और नालंदा को जोड़कर पर्यटन गलियारा विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
फतेहाबाद जिले के गांव बोड़ा के सरकारी मिडल स्कूल में टीचरों की कमी का मामला सामने आया है। इंकलाबी नौजवान सभा हरियाणा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पर्याप्त टीचरों की नियुक्ति नहीं की गई, तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। मंगलवार को संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने खंड शिक्षा अधिकारी, रतिया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में टीचरों की कमी के कारण विद्यार्थियों को हो रही पढ़ाई संबंधी परेशानियों से अवगत कराया। संगठन के सदस्यों ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। टीचरों की कमी से उनकी पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की, कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार जल्द से जल्द पर्याप्त अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। इंकलाबी नौजवान सभा हरियाणा के सदस्यों ने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि टीचरों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है, इसलिए इस समस्या का तत्काल समाधान आवश्यक है। संगठन और ग्रामीणों ने दी चेतावनी संगठन ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्कूल में टीचरों की कमी को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो संगठन और गांववासियों द्वारा सरकारी मिडल स्कूल बोड़ा के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक पर्याप्त अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो जाती। इस अवसर पर इंकलाबी नौजवान सभा हरियाणा के राज्य अध्यक्ष गुरप्रीत गोपी, बब्बू रतिया, दीपू बोड़ा, छिन्दा रतिया, दीप सिंह, मलकीत सिंह बोड़ा और मलकीत रतिया सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
VIDEO: पटना छात्र आंदोलन में पहुंचा 6 साल का आदित्य, सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री से की बड़ी मांग
पटना छात्र आंदोलन में पहली क्लास में पढ़ने वाला एक छह साल का बच्चा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़क पर दिखा। बच्चे ने सीएम सम्राट चौधरी से छात्रों के लिए नौकरी तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस्तीफे की मांग कर दी।
राज्यपाल ने ली अधिकारियों की बैठक, टीबी, नशा मुक्ति और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
सवाई माधोपुर में शिक्षक समस्याओं पर मंथन, जिला शिक्षा अधिकारी से मिला शिक्षक संघ का शिष्टमंडल
सवाई माधोपुर में राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर वार्ता की। एसीपी प्रकरणों के समाधान के आग्रह पर अधिकारी ने समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया।
सासाराम में शिक्षाविद डॉ. एसपी वर्मा बोले: बच्चों में प्रतिस्पर्धा के लिए ओलंपियाड जरूरी
25 अगस्त, मंगलवार: सासाराम में शिक्षाविद् डॉ. एसपी वर्मा ने कहा कि ओलंपियाड बच्चों की प्रतिभा निखारने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने नियमित आयोजन और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को जोड़ने पर जोर दिया।
प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से अध्यापन कार्य करा रहे 3.28 लाख शिक्षकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण न होने के कारण सेवा निरंतरता और पद पर मंडरा रहे खतरे के बीच शिक्षा विभाग ने निर्णायक पहल की है। शिक्षा मंत्री ने इस व्यापक वर्ग को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों में स्थायी छूट (Permanent Exemption) प्रदान करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर प्रस्तुत कर दिया है। इस कदम से लंबे समय से मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों में एक नई उम्मीद जगी है।टीईटी अनिवार्यता की पृष्ठभूमि और कानूनी जटिलताएंनिशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के तहत विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य योग्यता घोषित किया गया था। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद उन शिक्षकों के सामने विधिक संकट खड़ा हो गया जिनकी नियुक्तियां पूर्व के नियमों, विशेष प्रावधानों या नियोजन प्रक्रियाओं के तहत बिना टीईटी के हुई थीं।समय-समय पर विभिन्न न्यायालयों में यह मामला पहुंचा, जहां कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम शैक्षणिक और व्यावसायिक अर्हता पूरी करना अनिवार्य है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में ऐसे शिक्षकों को टीईटी पास करने के लिए अतिरिक्त अवसर दिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक आयु सीमा, सेवाकाल की अवधि या अन्य व्यावहारिक कारणों से इस परीक्षा को उत्तीर्ण नहीं कर सके। नतीजतन, विभागीय स्तर पर उनकी सेवा समाप्ति या वेतन वृद्धि रोकने जैसे प्रशासनिक कदमों की तलवार लटकने लगी थी।3.28 लाख परिवारों की आजीविका और जमीनी हकीकतबिना टीईटी वाले इन 3.28 लाख शिक्षकों में से अधिकांश वे हैं जो पिछले 10 से 20 वर्षों से दूरदराज के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई शिक्षकों का सेवाकाल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। शिक्षक संघों का तर्क रहा है कि जब इन शिक्षकों की भर्ती हुई थी, तब संबंधित सेवा नियमावली में टीईटी की अनिवार्यता शामिल नहीं थी। बाद में बनाए गए नियमों को पूर्वव्यापी प्रभाव (Retrospective Effect) से लागू कर शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है।शिक्षकों के कार्य अनुभव, वरिष्ठता और विद्यालयों के संचालन में उनके योगदान को देखते हुए यदि इन्हें सेवा से बाहर किया जाता है, तो इससे न केवल लाखों परिवार प्रभावित होंगे, बल्कि प्राथमिक शिक्षा का बुनियादी ढांचा भी चरमरा जाएगा। कई ग्रामीण विद्यालय ऐसे हैं जो पूरी तरह इन्हीं अनुभवी शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।शिक्षा मंत्री का प्रस्ताव: स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदमगंभीर होते जमीनी हालात और शिक्षक संगठनों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। इसके बाद एक संतुलित प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:सेवा अनुभव को मान्यता: वर्षों से नियमित अध्यापन करा रहे शिक्षकों के व्यावहारिक शिक्षण अनुभव को टीईटी के समकक्ष महत्व देने का सुझाव दिया गया है।विभागीय आंतरिक मूल्यांकन: पारंपरिक टीईटी परीक्षा के स्थान पर शिक्षकों के लिए इन-सर्विस ट्रेनिंग या विभागीय दक्षता प्रमाणीकरण की व्यवस्था बनाई जाए।वेतन और पदोन्नति सुरक्षा: स्थायी छूट मिलने पर शिक्षकों के नियमित वेतनमान, ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।विशेष श्रेणी का दर्जा: पूर्व नियमावली के तहत नियुक्त शिक्षकों को एक मुश्त विशेष छूट श्रेणी (One-Time Exemption Category) में रखकर सेवा सुरक्षित की जाएगी।शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य गुणवत्ता से समझौता किए बिना उन शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, जिन्होंने दशकों तक व्यवस्था को संभाला है। इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में अंतिम अनुमोदन के लिए रखा जा रहा है।शिक्षक संगठनों का रुख और प्रशासनिक चुनौतियांशिक्षा विभाग की इस पहल का प्राथमिक शिक्षक संघ और संयुक्त शिक्षक मंच ने स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग दोहराई है। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार आश्वासनों के बावजूद विधिक अड़चनों के कारण अधिसूचनाएं अटक जाती रही हैं। इसलिए सरकार को इस प्रस्ताव को मजबूत कानूनी आधार देना होगा ताकि न्यायालय में किसी भी संभावित चुनौती के समय यह टिक सके।प्रशासनिक स्तर पर मुख्य चुनौती एनसीटीई के राष्ट्रीय मानकों और राज्य के विशेष अधिकारों के बीच सामंजस्य बिठाने की है। संविधान के तहत शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, जिससे राज्यों को अपने स्थानीय संदर्भों में नियम बनाने की शक्तियां प्राप्त हैं। इसी संवैधानिक प्रावधान का उपयोग करते हुए राज्य सरकार यह छूट देने की योजना बना रही है।शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर संभावित प्रभावयदि 3.28 लाख शिक्षकों को स्थायी छूट देकर उनकी सेवाएं नियमित रखी जाती हैं, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों की दैनिक कार्यप्रणाली पर पड़ेगा। वर्तमान में शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन बिना किसी व्यवधान के जारी रह सकेगा। इसके साथ ही, लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक असमंजस की स्थिति समाप्त होने से शिक्षक पूर्ण मनोयोग से अध्यापन कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन शिक्षकों को सेवा से हटाने के बजाय उनके लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल शिक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे कक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सके।आगे की राह और आगामी प्रक्रियाकैबिनेट से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद विधि विभाग के परामर्श से संबंधित शिक्षक सेवा नियमावली में औपचारिक संशोधन किया जाएगा। इसके उपरांत राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) में इसकी अधिसूचना जारी होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को भी राज्य की विशेष परिस्थितियों से अवगत कराते हुए औपचारिक पत्र प्रेषित करेगा।प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नजरें अब आगामी कैबिनेट बैठक और सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो उनके सुरक्षित भविष्य और आजीविका की दिशा तय करेगी।
अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सितंबर चुनाव से पहले त्रिभुवन काबरा और राजकुमार काल्या के पैनल ने भीलवाड़ा में विजन रखा। रोजगार, घर, तीसरी संतान की शिक्षा, यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल और एनबीएफसी की योजनाएं सामने आईं।
job news 2026: इस जॉब के लिए करना हैं अप्लाई तो लास्ट डेट में बचे हैं 4 दिन, करें आज ही आवेदन
इंटरनेट डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में जाकर नौकरी करने की सोच रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन की ओर से क्लर्क के 11403 पदों पर निकली गई भर्ती के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट को बढ़ा दिया गया है। इस भर्ती के लिए अब 28 अगस्त तक अभ्यर्थी अप्लाई कर सकते हैं। पदों के नाम- क्लर्क पदों की संख्या- 11403 आयु सीमा- उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 28 अगस्त , 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन - ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटwww.ibps.in देख सकते हैं pc- natellaisazada.com
पर्यावरण विभाग में इंजीनियर्स की निकली भर्ती, सैलरी 12 लाख तक
खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर रजिस्टर्ड पोस्ट, स्पीड पोस्ट या स्वयं जाकर आवेदन जमा करना होगा। वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर के चार पदों में यूआर के 3 और दिल्ली के ओबीसी (एनसीएल) का 1 पद है। पर्यावरण इंजीनियर के दो पदों में यूआर का 1 और दिल्ली के ओबीसी (एनसीएल) का 1 पद है।
IOCL Apprentice Recruitment 2026: 433 पदों के लिए करें अप्लाई, देखें डिटेल्स
pc: kalingatv इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) अप्रेंटिस पोस्ट भरने के लिए योग्य कैंडिडेट्स से एप्लीकेशन ले रहा है। एप्लिकेंट IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट iocl.com के ज़रिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से कुल 433 पोस्ट भरी जाएंगी। साउथ एशियन्स एंड डायस्पोरा एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 6 सितंबर, 2026 है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया कैंडिडेट्स ने NCVT/SCVT से मान्यता प्राप्त रेगुलर फुल-टाइम 2 (दो) साल का ITI कोर्स किया हो और मैट्रिक एग्जाम पास किया हो। संबंधित ट्रेड में ITI क्वालिफिकेशन के लिए, एलिजिबिलिटी पास मार्क होगी। 31 अगस्त, 2026 तक उम्र 18 साल से 24 साल के बीच होनी चाहिए। (SC/ST के लिए 5 साल की छूट, यानी ज़्यादा से ज़्यादा 29 साल तक, OBC-NCL के लिए 3 साल की छूट, यानी उनके लिए रिज़र्व पोस्ट के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 27 साल तक)। PwBD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र में 10 साल तक की छूट दी जाएगी (SC/ST के लिए 15 साल तक और OBC-NCL कैंडिडेट्स के लिए 13 साल तक)। सिलेक्शन प्रोसेस NAPS/NATS पोर्टल पर रजिस्टर्ड और नोटिफिकेशन के हिसाब से अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को सिलेक्शन के लिए माना जाएगा। कोई रिटन टेस्ट/इंटरव्यू नहीं होगा। पोर्टल पर संबंधित पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने वाले सभी कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट पोस्ट के लिए तय क्वालिफिकेशन में मिले मार्क्स के परसेंटेज के आधार पर तैयार की जाएगी। अगर दो कैंडिडेट के मार्क्स एक जैसे हों, तो पहले जन्म की तारीख वाले कैंडिडेट (उम्र में ज़्यादा) को चुना जाएगा। अगर जन्म की तारीख एक जैसी हो, तो मैट्रिक में ज़्यादा परसेंटेज मार्क्स वाले कैंडिडेट को चुना जाएगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूलों में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सरकारी स्तर पर विशेष आयोजन की तैयारी ने सियासी बहस छेड़ दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के जन्माष्टमी को लेकर जारी दिशा निर्देश के मुताबिक प्रदेश के स्कूलों में 1 से 3 सितंबर 2026 तक कृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृष्ण लीला का मंचन, गीता के संदेश पर नाटक-नृत्य और श्रीकृष्ण से जुड़े मिथकों की व्याख्या जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। स्कूलों से आयोजन की फोटो और रिपोर्ट भी मांगी गई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी प्रदेश के स्कूलों में जन्माष्टमी पर कार्यक्रम किए गए थे। इस वर्ष भी जन्माष्टमी से पहले लोक शिक्षण आयुक्त की ओर से जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक से तीन सितम्बर तक जन्माष्टमी मनाने के निर्देश दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर 1 से 3 सितंबर तक स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रम कराने को कहा गया है। स्कूलों में जन्माष्टमी मानने का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे की समझ विकसित करना हैष स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों से आयोजनों की जानकारी विभागीय ई-मेल पर भेजने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार के इस फैसले को भाजपा ने भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराने की पहल बताया है। भाजपा का कहना है कि श्रीकृष्ण की जीवन गाथा केवल धार्मिक संदर्भ तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें कर्तव्य, नेतृत्व, मित्रता और प्रबंधन जैसे विषय भी शामिल हैं। पार्टी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया है। वहीं कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक एजेंडे से जोड़ दिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की है। कांग्रेस का सवाल है कि सरकारी स्कूलों में किसी एक धार्मिक पर्व को लेकर इस तरह के निर्देश जारी करना क्या उचित है। विवाद केवल भाजपा और कांग्रेस तक सीमित नहीं है। मुस्लिम समाज से जुड़े कुछ लोगों ने भी आपत्ति जताई है। मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने कहा कि स्कूलों को किसी धर्म विशेष का आयोजन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए और यदि धार्मिक पर्वों के आयोजन की बात है तो सभी धर्मों के त्योहारों के प्रति समान दृष्टिकोण होना चाहिए। दूसरी ओर हिंदू धर्मगुरुओं ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी देना गलत नहीं है। सरकार समर्थक पक्ष इसे धार्मिक आयोजन के बजाय सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा से जोड़कर देख रहा है। जन्माष्टमी को लेकर शुरू हुई यह बहस दरअसल इस बड़े सवाल में बदल गई है कि सरकारी स्कूलों में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की सीमा क्या होनी चाहिए? सरकार इसे संस्कृति और मूल्य-शिक्षा का हिस्सा बता रही है, जबकि विरोध करने वाले इसे धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में देख रहे हैं।
जवास में ईद मिलादुन्नबी पर धार्मिक शिक्षा कार्यक्रम, प्रतिभावान बच्चों को मिले पुरस्कार
जवास में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर धार्मिक शिक्षा कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। मदरसा ए गुलशन-ए-रफाकत में बच्चों ने नात, भाषण और धार्मिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं उत्कृष्ट विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी शिक्षकों को अपनी नौकरी पर बने रहने के लिए अनिवार्य टीईटी पास करने की शर्त से पूरी तरह और स्थायी रूप से छूट देने की मांग की गई है।
यूजीसी और एआईसीटीई के संग उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र की प्राथमिकताओं को व नई रणनीति को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आगे की प्राथमिकताएं तय करने पर चर्चा की गई।
Abhijeet Dipke स्कूलों की बदलहाली पर भड़के, सभी शिक्षा मंत्रियों को लिखी चिट्ठी|CJP School Thik Karo
सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। दीपके ने स्कूलों में बेंच, साफ पानी, शौचालय, शिक्षक और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
UPSSSC ANM Result: यूपीएसएसएससी ने एएनएम मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 10,272 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब अभ्यर्थी श्रेणीवार कटऑफ और आगे की प्रक्रिया की जानकारी यहां देख सकते हैं।
‘शिक्षा का उद्देश्य विवेक पैदा करना’
पाञ्चजन्य के मंच पर आने को आप किस तरह देखते हैं? आपकी विचारधारा और पाञ्चजन्य की विचारधारा में कितना साम्य है? अटल बिहारी वाजपेयी जी की दो बातें मुझे बहुत महत्वपूर्ण लगती हैं। वे कहते थे कि राजनीति में शब्द हथियार का काम करते हैं और सरकारें आती-जाती रहेंगी, देश रहना चाहिए। हर वह व्यक्ति […]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक होगी।
सरकारी स्कूल में आपत्तिजनक आचरण से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की है। विभाग ने किशनगंज क्षेत्र में स्थित स्कूल के दो कार्मिकों को हटाकर डीईओ कार्यालय में अटैच किया है। मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
स्कूल में अमर्यादित आचरण का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
भास्कर न्यूज| बारां किशनगंज क्षेत्र के एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल समय के दौरान परिसर में अमर्यादित आचरण का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विद्यालय की व्याख्याता और प्रयोगशाला सहायक को विद्यालय से हटाकर मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बारां कर दिया गया है। वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने दोनों कार्मिकों को विद्यालय से हटाने के आदेश जारी किए। विभाग की ओर से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी गई है। डीईओ ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच सीबीईओ अंता द्वारा की जा रही है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक कार्मिक का मुख्यालय डीईओ माध्यमिक कार्यालय बारां एवं दूसरे का डीईओ प्रारंभिक कार्यालय बारां में किया गया है।
शिक्षा का महत्व समझे बिना समाज का विकास संभव नहीं होता : काला
भास्कर न्यूज| बारां मेहर समाज व विकास समिति की वार्षिक बैठक और सम्मान समारोह शहर के राजपुरा वार्ड स्थित चतुर्भुजनाथ महाराज मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। समिति सचिव सत्यनारायण सिंधिया ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि धर्मराज भरकुंडिया थे। अध्यक्षता रविकांत भरकुंडिया ने की। विशिष्ट अतिथि लटूरलाल जारोला, हेमराज नाग्या, त्रिलोकचंद मिणिया, सीताराम नगरिया थे। महासचिव ओम जलवाणिया ने बताया कि समारोह के दौरान समाज की करीब 42 प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें नवनियुक्त कर्मचारी, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी शामिल थे। कोषाध्यक्ष बाबूलाल टांकला ने बताया कि गिरिराज प्रसाद को सरकारी सेवा में पदोन्नति मिलने पर सम्मानित किया गया। शारीरिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण मेहरा को संभागीय सचिव नियुक्त किए जाने पर समाज बंधुओं ने माला पहनाकर सम्मानित किया। धर्मराज भरकुंडिया ने कहा कि समाज को संगठित रहकर अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि संख्या कम नहीं है। संगठन की कमी है। सामाजिक कार्यक्रमों के साथ राजनीतिक कामों में भी हिस्सेदारी जरूरी है। रविकांत भरकुंडिया ने कहा कि समाज को शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ना चाहिए। इससे अच्छे-बुरे की समझ बनेगी। परिवार को सही दिशा मिलेगी। अखिल भारतीय मेहर समाज के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार काला ने कहा कि शिक्षा का महत्व समझे बिना समाज विकास नहीं कर सकता। समिति के मुख्य संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण मोगदया ने कहा कि बालक-बालिकाओं में भेद नहीं होना चाहिए। दोनों को समान शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर काम ईमानदारी और मेहनत से करें। ईमानदारी कभी नहीं छोड़नी चाहिए। समिति सदस्य ब्रह्मानंद हासड़ा और मुकेश दोराया ने अल्पाहार कराया। समारोह में चंद्रकांता मेहर, संतोष बाई मेहर, सरोज मेहर, प्रियांशी, गरिमा, चंचल, शीतल, धनराज चौहान, संजय, हेमंत, अक्षय, महेंद्र कुमार, हेमराज मेहर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे। संचालन भंवरलाल मेहर ने किया।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षाउनके सपनों को पंख देना हमारी प्राथमिकता: साय
श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
विक्की पशुपालन बोर्ड और अरविंदर बने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सदस्य
भास्कर न्यूज | अमृतसर आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब में विभिन्न सरकारी बोर्डों, कॉरपोरेशन और संस्थाओं में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, डायरेक्टर और सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में जिले से एक डायरेक्टर और 7 सदस्यों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन नियुक्तियों के तहत गौरव अग्रवाल को डायरेक्टर इंफोटेक, हरिंदर सिंह को पुड्डा पंजाब का सदस्य, एडवोकेट रमन कुमार को एडीए का सदस्य, अरविंदर सिंह भट्टी को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का सदस्य, विश्व सहजपाल को लेबर बोर्ड का सदस्य, विक्की दत्ता को पशुपालन बोर्ड का सदस्य, सुनील कुमार को पंजाब प्रोहिबिशन एंड एम्प्लॉयमेंट रिहैबिलिटेशन विभाग का सदस्य और गुरप्रीत सिंह चाहत को तीर्थ यात्रा समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाएंगे।
Una News: शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूलों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
टीम ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
Kushinagar News: नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएं शिक्षा
रामकोला बीआरसी सभागार में सोमवार को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण में सोमवार को शिक्षकों को कई जानकारी दी गई।
Mahendragarh-Narnaul News: अंतर-विषयक शिक्षा से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने दिल्ली में 22 अगस्त तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सीआरई कार्यशाला आयोजित की। डब्ल्यूएनएस-2026 के तहत आयोजित कार्यशाला का विषय चिकित्सा देखभाल में मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण रहा।
सूडान: 2 लाख बच्चों की शिक्षा के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की पहल
संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शिक्षा कोषने सोमवार को सूडान में युद्ध से प्रभावित2लाख बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए2.2 करोड़ डॉलर की नई पहलकी घोषणा की. देश में जारी गृहयुद्ध के कारण लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित है और बड़ी संख्या में बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.
सरकारी शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्री और आयुक्त के आश्वासन
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भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी स्थित पमोही गांव में एक ऐसा अनोखा स्कूल चल रहा है, जिसने देश भर में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण की परिभाषा ही बदल कर रख दी है। जहां प्राइवेट स्कूलों में महंगी फीस, डोनेशन और किताबों का भारी खर्च गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से दूर कर देता है, वहीं 'अक्षर स्कूल' (Akshar School) ने एक क्रांतिकारी नियम बनाया है—यदि आपके पास फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो कोई बात नहीं; बस घर और आस-पास से प्लास्टिक का सूखा कचरा लेकर आएं और मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाएं। इस अनूठी पहल ने न केवल सैकड़ों गरीब बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल से निकालकर स्कूल की चौखट तक पहुंचाया है, बल्कि इलाके को जहरीले प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाई है।माजिन मुख्तार और परमिता शर्मा की दूरदर्शी सोच से हुई शुरुआतइस प्रेरणादायक स्कूल की नींव साल 2016 में माजिन मुख्तार (Mazin Mukhtar) और उनकी पत्नी परमिता शर्मा (Parmita Sarma) ने 'अक्षर फाउंडेशन' के तहत रखी थी। जब वे दोनों पमोही गांव पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां के ज्यादातर बच्चे पास की पत्थर खदानों (Stone Quarries) में दिन भर मजदूरी करते थे ताकि परिवार के लिए ₹150-₹200 कमा सकें।इसके साथ ही गांव में प्लास्टिक कचरा जलाने की बेहद खतरनाक प्रथा थी। लोग सर्दियों में ठंड से बचने या कचरा ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों को जलाते थे, जिससे उठने वाले जहरीले धुएं से बच्चे और बुजुर्ग फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इस दोहरी समस्या—बाल मजदूरी और प्लास्टिक प्रदूषण—को एक साथ खत्म करने के लिए उन्होंने 'प्लास्टिक फीस' का विचार विकसित किया।हर हफ्ते 20 से 25 पीस प्लास्टिक कचरा है स्कूल की 'ट्यूशन फीस'अक्षर स्कूल में दाखिला लेने वाले हर छात्र के लिए एक ही अनिवार्य नियम है कि उसे हर सप्ताह अपने घर, पड़ोस या रास्तों से कम से कम 20 से 25 सूखे प्लास्टिक के रैपर, पैकेट या बोतलें जमा करके स्कूल लानी होती हैं।माता-पिता का संकल्प: दाखिले के समय माता-पिता से यह लिखित वादा लिया जाता है कि वे घर का प्लास्टिक कचरा कभी नहीं जलाएंगे और उसे अपने बच्चों के जरिए स्कूल भेजेंगे।प्रदूषण पर रोक: इस नियम के चलते गांव के सैकड़ों परिवारों ने प्लास्टिक कचरा जलाना पूरी तरह बंद कर दिया और पूरा इलाका साफ-सुथरा व हरा-भरा नजर आने लगा।प्लास्टिक कचरे से बनती हैं 'इको-ब्रिक्स' और निर्माण सामग्रीस्कूल में इकट्ठा होने वाले प्लास्टिक के कचरे को यूं ही फेंका नहीं जाता, बल्कि बच्चे और शिक्षक मिलकर इसका वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग करते हैं:इको-ब्रिक्स (Eco-Bricks): छात्र खाली प्लास्टिक की बोतलों में पॉलीथिन और सिंगल-यूज प्लास्टिक रैपर्स को कसकर ठूंसते हैं, जिससे मजबूत और ठोस 'इको-ब्रिक' तैयार होती है।स्कूल में निर्माण कार्य: इन इको-ब्रिक्स और सीमेंट के मिश्रण से स्कूल परिसर में बैठने के चबूतरे, बाउंड्री वॉल, पौधों के गमले और पक्के रास्ते बनाए गए हैं।रीसाइक्लिंग यूनिट: बचे हुए प्लास्टिक को आगे रीसाइक्लिंग प्लांट में भेजा जाता है, जिससे खिलौने और उपयोगी वस्तुएं बनती हैं।'पीयर-टू-पीयर' लर्निंग और वोकेशनल कमाई का मॉडलअक्षर स्कूल का पाठ्यक्रम केवल पारंपरिक किताबों (गणित, विज्ञान, अंग्रेजी) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है:सीखो और कमाओ (Learn and Earn): स्कूल में बड़े और वरिष्ठ छात्र छोटे बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके बदले में बड़े छात्रों को टॉय-करेंसी (Toy Currency) या मानदेय मिलता है, जिसे वे स्टेशनरी, कपड़े, जूते या खाने के सामान में बदल सकते हैं। इससे उन्हें पत्थर खदानों में मजदूरी करने की जरूरत नहीं पड़ती।व्यावहारिक कौशल (Skill Training): स्कूल में छात्रों को सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, कारपेंट्री, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पशु देखभाल, कोडिंग और सिलाई-कढ़ाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि 16-17 साल की उम्र तक पहुंचते ही वे एक आत्मनिर्भर करियर चुन सकें।असम के पमोही गांव से शुरू हुआ यह मॉडल आज संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा जा रहा है। अक्षर स्कूल ने साबित कर दिखाया है कि अगर सोच में नवाचार और समाज के प्रति सच्ची निष्ठा हो, तो कचरे को भी शिक्षा की ताकत में बदलकर एक नई पीढ़ी का भविष्य संवारा जा सकता है।
असम में उच्च शिक्षा के लिए अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 24 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Monday को कहा कि उनकी Government यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक तंगी किसी भी युवा को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोके. उन्होंने राज्य की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं छात्रों ... Read more
मदरसा गरीबों का शेल्टर होम नहीं, शिक्षा की पवित्र जगह है : आलोक कुमार
New Delhi, 24 अगस्त . यूपी के 558 अनुदानित मदरसों में गड़बड़ियों की जांच के आदेश पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने योगी Government का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मदरसा गरीब बच्चों का शेल्टर होम नहीं, बल्कि पढ़ाई की पवित्र जगह है, इसलिए वहां सुविधाएं और साफ-सफाई होनी चाहिए और जो ... Read more
शिक्षा विभाग ने TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार करने के लिए BPSC को पत्र भेजा है, जिसमें बाल मनोविज्ञान और बिहार से संबंधित प्रश्नों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग है।
देश में 10 लाख टीचर्स के पद खाली, शिक्षा मंत्रियों को जवाब देना होगा; क्या बोले आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ने कहा कि 25 जुलाई को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में एक समझौते पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में उसको लागू नहीं किया गया। इससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
बारां के किशनगंज स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में अशोभनीय हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। स्कूल की व्याख्याता सिमरन कालरा और प्रयोगशाला सहायक अक्षत वैष्णव को तत्काल प्रभाव से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बारां में मुख्यालय किया गया है। यह कार्रवाई स्कूल समय के दौरान परिसर में अशोभनीय हरकतों से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। वीडियो सामने आने पर मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों कार्मिकों को स्कूल से हटाने के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने इस प्रकरण में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच सीबीईओ अंता के स्तर से कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे विभागीय जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई तय होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों कार्मिकों को डीईओ कार्यालय में मुख्यालय किया गया है। प्रारंभिक जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य ध्यान वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने पर है।
सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को सीजेपी का खुला पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर पूछे छह सवाल
New Delhi, 24 अगस्त . Governmentी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को खुला पत्र लिखा. उन्होंने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजा है. उन्होंने कहा कि देश को यह जानने की जरूरत है कि Governmentी स्कूलों ... Read more
नेक्स्ट जेन भारत 2026: स्वच्छ वायु के लिए उद्योग, शिक्षा और युवा एक मंच पर, सामूहिक प्रयास पर जोर
नेक्स्ट जेन भारत 2026 सम्मेलन में ऊर्जा, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं और युवाओं ने स्वच्छ वायु के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। यह सम्मेलन विकसित भारत के लिए सामूहिक कार्रवाई और वायु गुणवत्ता के महत्व को रेखांकित करता है, जो स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
CBSE से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सीबीएसई समेत स्कूल शिक्षा से जुड़े प्रमुख संस्थानों और कार्यक्रमों की देखरेख करता है।
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल
Deepak letter to the Education Ministers: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने देश और राज्यों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा है।
शिक्षिका ने प्रिंसिपल को शिक्षा विभाग का फर्जी आदेश दिखा कराया ट्रांसफर, पोल खुली तो हुआ एक्शन
एक महिला टीचर ने प्रिंसिपल को पेपर दिखाकर ट्रांसफर ले लिया लेकिन जब जांच हुई तो वह आदेश फर्जी पाया गया.
झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र स्थित ग्राम सेमला में धाकड़ युवा संघ सुनेल क्षेत्र 80 गांव का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ धाकड़ महासभा के पदाधिकारियों ने गणेश वंदना और भगवान धरणीधर की पूजा-अर्चना के साथ किया। समारोह में धाकड़ समाज 80 गांव की महासभा, छात्रावास समिति, श्री धरणीधर मंदिर निर्माण समिति, कर्मचारी संघ और युवा फ्रेंड्स क्लब सहित कई समाजबंधुओं एवं युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान समाज के विकास, युवाओं को शिक्षा एवं संस्कारों से जोड़ने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई। सामूहिक विवाह सम्मेलन का आय-व्यय पेशसमारोह में 49वें सामूहिक विवाह सम्मेलन के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। आयोजक कमेटी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं श्री धरणीधर मंदिर निर्माण की बकाया राशि, छात्रावास निर्माण समिति की सदस्यता शुल्क, भवन निर्माण की गतिविधियों और आगामी खेलकूद प्रतियोगिता को लेकर भी चर्चा हुई। जन्मोत्सव की तैयारियों पर मंथनआगामी 2 सितंबर को भगवान श्री धरणीधर के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा-संस्कारों के जरिए युवा पीढ़ी का भविष्य संवारने पर जोर दिया। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया। महिला इकाई के गठन की आवश्यकतामहिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए कृष्णा मंडलोई ने समाज में महिला इकाई के गठन की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और समाज को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद नागर एवं भेरूलाल नागर मिश्रौली ने किया। इस दौरान श्री धाकड़ महासभा अध्यक्ष बिरधीलाल नागर, धरणीधर मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष भूपेंद्रसिंह मंडलोई, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामप्रसाद कम्पाउंडर, युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी, फ्रेंड्स क्लब अध्यक्ष बलवंत धाकड़, छात्रावास निर्माण समिति उपाध्यक्ष संतोष नागर, भगवान जन्मोत्सव अध्यक्ष प्रकाशचंद नागर सहित पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारी, युवा साथी और समाजबंधु मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा एक्शन मोड में, 3 स्कूलों का औचक निरीक्षण कर दिए निर्देश
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और राजकीय स्कूलों में जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण...
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर अभिजीत दीपके का सवाल, शिक्षा मंत्रियों से चिट्ठी लिखकर मांगी 6 जानकारियां; जानें क्या पूछा
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले ने महाराष्ट्र में सरकारी स्कूलों के बंद होने और शिक्षा बजट में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कुंभ मेले के खर्च का छोटा हिस्सा शिक्षा को देने की बात कही।
झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में उपाध्यक्ष और 13 सदस्यों के पद 18 माह से रिक्त हैं, जिससे परिषद के कामकाज पर गंभीर असर पड़ रहा है। इन रिक्तियों के कारण महत्वपूर्ण निर्णयों पर सवाल उठ रहे हैं और वित्त रहित शिक्षा संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभाल अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) दीपक बाबूलाल करवा ने संभाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर उन्नत करने, बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने व आत्मविश्वास से ओत-प्रोत करने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। दीपक बाबूलाल करवा ने बोर्ड मुख्यालय पर सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के पश्चात् अपनी प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षाओं की गुणवत्ता व विश्वसनीयता में अभिवृद्धि के लिए बहुत सराहनीय प्रयास किए गए हैं, इन प्रयासों को जारी रखा जाएगा। कार्यालय में बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगेउन्होंने कहा कि बोर्ड अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके सक्रिय सहयोग व भागीदारी के साथ बोर्ड कार्यालय में और बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगे। जिससे बोर्ड की कार्यप्रणाली में तीव्रता आए व बोर्ड अधिकाधिक छात्र हितैषी बने। उन्होंने कहा कि वे पहले बोर्ड की कार्य प्रणाली को समझेंगे तथा उसके बाद अपना बेस्ट देते हुए सभी स्कीमों को बेहतरी से लागू करने का प्रयास करेंगे। 2020 बैच के आईएएस अधिकारीदीपक बाबूलाल करवा का जन्म 21 मई 1992 को हुआ था। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के अधिकारी हैं और हरियाणा कैडर में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी भिवानी व चरखी-दादरी में कार्यरत हैं। दीपक बाबूलाल करवा के सचिव पद पर कार्यभार ग्रहण के समय बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने उनका अभिनन्दन किया।
चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान का संकल्प, लालचंद लोहारवाड़िया ने पेश की मिसाल
कोटा में हाड़ौती बैरवा समाज उत्थान समिति के वरिष्ठ संरक्षक लालचंद लोहारवाड़िया ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया। परिवार ने भी निर्णय का समर्थन किया, जिसे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण योगदान माना गया।
कॉकरोच सरकारी स्कूलों की बदहाली पर बरसे, सभी शिक्षा मंत्रियों से पत्र लिख कर पूछे 6 सवाल
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि हमारे बच्चों को जानवरों से भी बदतर स्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर पदों पर आवेदन शुरू, ग्रेजुएट युवा भर्ती के लिए कर सकते हैं अप्लाई
इस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी भी स्ट्रीम से स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 साल से ज्यादा न हो। आरक्षित वर्ग जैसे एससी/ एसटी/ ओबीसी/ पीडब्ल्यूबीडी वर्ग को ऊपरी उम्र में छूट प्रदान की गई है।
नवादा के बैडमिंटन खिलाड़ी राज आर्यन सम्मानित, शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने दिया मोमेंटो
24 अगस्त, सोमवार: नवादा के राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी और बिहार विजेता राज आर्यन को शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया। राज आर्यन ने शानदार प्रदर्शन से नवादा और बिहार का नाम रोशन किया है।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) आज, 24 अगस्त, 2026 को लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक खत्म कर देगा। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर HRDD/RECT/02/2026-27 के तहत जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-I (JMGS-I) कैडर में लगभग 250 लोकल बैंक ऑफिसर पोस्ट पर भर्ती के लिए चलाया जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 8 अगस्त, 2026 से खुला था और आज 24 अगस्त को खत्म होगा। अगर आप इंटरेस्टेड हैं और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं तो जल्दी करें और आज ही ऑफिशियल IOB वेबसाइट के जरिए अप्लाई करें। IOB LBO वैकेंसी 250 वैकेंसी तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में उपलब्ध हैं। संबंधित राज्य के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को तय लोकल भाषा की जरूरत को पूरा करना होगा। तमिलनाडु -100 वैकेंसी कर्नाटक – 50 वैकेंसी महाराष्ट्र – 50 वैकेंसी गुजरात – 50 वैकेंसी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट डिग्री या सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। उम्र सीमा 1 अगस्त, 2026 को 20 से 30 साल के बीच तय की गई है। सरकारी नियमों के अनुसार एलिजिबल रिज़र्व्ड-कैटेगरी के कैंडिडेट को उम्र में छूट मिलेगी। टाइम और कैलेंडर एप्लीकेशन फीस जनरल, OBC और EWS कैटेगरी के कैंडिडेट को Rs 850 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं, SC, ST और PwBD कैंडिडेट को Rs 175 इंटीमेशन चार्ज के तौर पर देने होंगे। पेमेंट ऑनलाइन तरीकों से किया जा सकता है। पे स्केल चुने गए लोकल बैंक ऑफिसर को JMGS-I स्केल में रखा जाएगा। तय इंक्रीमेंट और स्केल स्ट्रक्चर के हिसाब से पे स्केल 48,480 रुपये से 85,920 रुपये है। इस पोस्ट पर अपॉइंट हुए कैंडिडेट्स को 2 लाख रुपये का फाइनेंशियल सर्विस इंडेम्निटी बॉन्ड भी भरना होगा और कम से कम तीन साल तक बैंक में सर्विस करनी होगी। IOB LBO सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में एक ऑनलाइन एग्जाम, जहाँ लागू हो वहाँ लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट, पर्सनल इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन शामिल हैं। जिन कैंडिडेट्स की क्लास 10 या क्लास 12 की मार्कशीट ज़रूरी लोकल लैंग्वेज की पढ़ाई कन्फर्म करती है, उन्हें लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट नहीं देना होगा। ऑनलाइन एग्जाम में रीजनिंग और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, जनरल, इकोनॉमी और बैंकिंग अवेयरनेस, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन, और इंग्लिश लैंग्वेज शामिल हैं। IOB LBO रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल IOB वेबसाइट पर जाकर करियर सेक्शन खोलना चाहिए। उन्हें लोकल बैंक ऑफिसर्स 2026-27 के लिए रिक्रूटमेंट लिंक चुनना चाहिए, रजिस्ट्रेशन पूरा करना चाहिए और ज़रूरी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरनी चाहिए। एप्लीकेंट्स को अपनी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा। लागू फीस ऑनलाइन पे करने के बाद, कैंडिडेट्स को फॉर्म जमा करना चाहिए और फाइनल एप्लीकेशन और पेमेंट रसीद की एक कॉपी रखनी चाहिए। IOB लोकल बैंक ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने की आखिरी तारीख 24 अगस्त, 2026 है।
job news 2026: आईओसीएल में निकली हैं 433 पदों की वैकेंसी, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। नौकरी का सपना देख रहे हैं और वो भी एक अच्छी वाली तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने अपने मार्केटिंग डिवीजन, नॉर्दन रीजन के तहत अप्रेंटिसशिप के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें ट्रेड अप्रेंटिस, टेक्नीशियन अप्रेंटिस, ग्रेजुएट अप्रेंटिस और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों के लिए कुल 433 वैकेंसी हैं। आप आवेदन कर सकते है। पदों का नाम- अप्रेंटिसशिप कुल पद- 433 आवेदन की लास्ट डेट- 6 सितंबर 2026 शैक्षणिक योग्यता- पदों के अनुसार सैलेरी- पदों के अनुसार उम्र सीमा- कम से कम उम्र 18 साल, अधिकतम उम्र 24 साल है आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट IOCL देख सकते हैं PC- searchenginejournal.com
पंजाब सरकार की ओर से करवाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा और धार्मिक समागमों पर कांग्रेस के पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों और यात्राओं पर सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी खर्च पर सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से डॉ. गांधी के बयान पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा है। धार्मिक यात्राओं पर नहीं खर्च होने चाहिए पैसे डॉ. धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उनका परिवार दिन-रात मेहनत करके इसलिए टैक्स भरता है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा मुहैया कराया जा सके। उनके टैक्स के पैसे को ‘एक शाम शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिर बनाने, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान और आडंबर पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। डॉ. गांधी ने कहा कि धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। राज्य की ओर से किसी एक या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसला-अफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। साथ ही इससे समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा होकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिल सकता है। आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह किसी एक परिवार का पैसा नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का टैक्स है। लोगों का पैसा लोगों पर ही खर्च हो रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु रविदास जी के समागमों से लेकर श्री दरबार साहिब, श्री हजूर साहिब, वृंदावन, मथुरा, खाटू श्याम, ‘एक शाम शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ तक हर आस्था का सम्मान करना पंजाब की साझा परंपरा है। नील गर्ग ने कहा कि ‘हमारे राम’ में लोग जिस श्रद्धा से पहुंचते हैं, वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को श्री राम के आदर्शों, संस्कारों और अपनी विरासत से जोड़ने का अवसर है। सरकारी खर्च पर सवाल जरूर पूछे जाने चाहिए, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा उन्होंने कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा। नील गर्ग ने कहा कि अगर कांग्रेस डॉ. गांधी के बयान से सहमत है तो पंजाब के लोगों से आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे। अगर कांग्रेस उनके बयान से सहमत नहीं है तो बताए कि डॉ. गांधी के बयान पर क्या कार्रवाई करने जा रही है।
कौशलपूर्ण शिक्षा से औषधनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसर : राकेश पाटील
कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में औषधनिर्माण उद्योग में करियर अवसरों पर मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ। राकेश पाटील ने Quality Control, Quality Assurance, उत्पादन और शोध सहित रोजगार की संभावनाएं बताईं।
Kullu News: शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा की चिंता
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुंगश का 51 साल पुराना भवन बदहाल हो चुका है।
टोहाना: 134-ए के तहत 2 करोड़ बकाया, प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक संकट, जल्द मिलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी से
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
IOB LBO Recruitment 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक की लोकल बैंक ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए आवेदन का आज, 24 अगस्त को आखिरी मौका है। इस भर्ती में 250 पद हैं। चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग आवेदन वाले राज्य में ही होगी।
छत्तीसगढ़ के 35 विश्वविद्यालयों और करीब 600 कॉलेजों में 10,000 से अधिक शैक्षणिक पद रिक्त हैं।
भिंड में बारिश के बाद बेसली नदी का जलस्तर बढ़ने से नदरोली गांव का सड़क संपर्क कट गया है। शिक्षक और विद्यार्थी ट्यूब व मटकी के सहारे नदी पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। दैनिक भास्कर ने रविवार को इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात देखे। अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू किया गया है। नदी किनारे पहुंचे डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी रविवार शाम बेसली नदी के किनारे पहुंचे। उन्होंने नदी के तेज बहाव को देखा। पानी की स्थिति ऐसी थी कि वे भी ट्यूब के सहारे नदी पार कर नदरोली के स्कूल तक नहीं जा सके। उन्होंने मौके पर शिक्षकों को बुलाकर स्कूल की स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या और रोजाना होने वाली परेशानी की जानकारी ली। डीईओ ने निर्देश दिए कि नदी का बहाव तेज होने पर बच्चों को ट्यूब या मटकी के सहारे नदी पार नहीं कराया जाए। शिक्षकों को भी ऐसे जोखिम से बचने के लिए कहा गया है। खबर के बाद मौके पर पहुंचा शिक्षा विभाग दैनिक भास्कर की खबर में नदरोली की करीब एक हजार आबादी की समस्या और स्कूल जाने वाले बच्चों व शिक्षकों की परेशानी को सामने रखा गया था। बारिश में बेसली नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का सड़क संपर्क कट जाता है। इसके बाद बच्चों और शिक्षकों को नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और अब समाधान के विकल्पों पर विचार शुरू किया है। विद्यार्थियों के लिए 4 विकल्पों पर किया जा रहा है विचार पहला विकल्प: पराये के पुरा में पढ़ेंगे 20 विद्यार्थी नदरोली के करीब 20 विद्यार्थी बेसली नदी पार कर पराये के पुरा गांव से पढ़ने आते हैं। प्रस्ताव है कि कक्षा 6वीं से 8वीं तक के इन विद्यार्थियों को पराये के पुरा स्थित प्राथमिक स्कूल में पढ़ाया जाए। इसके लिए वहां शिक्षक की व्यवस्था की जा सकती है। इससे विद्यार्थियों को रोज नदी पार नहीं करनी पड़ेगी। दूसरा विकल्प: गांव में रहकर पढ़ाएंगे शिक्षक नदरोली में कक्षा 1 से 8वीं तक करीब 90 से 100 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल में पांच शिक्षक पदस्थ हैं। विभाग शिक्षकों को एक-एक सप्ताह के लिए गांव में ठहराने की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। वैकल्पिक रूप से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है, ताकि उन्हें रोज नदी पार न करनी पड़े और पढ़ाई जारी रहे। तीसरा विकल्प: रस्सी से बांधकर नाव चलाने की योजना गांव में आवागमन के लिए नाव चलाने का सुझाव भी सामने आया है। नाव के दोनों सिरों को रस्सी से बांधने की योजना है, ताकि तेज बहाव में नाव अपनी दिशा से न भटके। हालांकि, नदी के तेज बहाव को देखते हुए इस व्यवस्था की सुरक्षा पर भी विचार किया जाएगा। चौथा विकल्प: स्टीमर चलाने का प्रस्ताव ग्रामीणों और विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए स्टीमर चलाने का विकल्प भी सामने आया है। प्रस्ताव के अनुसार स्टीमर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध रखा जा सकता है। इसकी सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ के दो जवान तैनात किए जा सकते हैं। तेज बहाव में सुरक्षित आवागमन के लिहाज से इस विकल्प को फिलहाल सबसे मजबूत माना जा रहा है। डीईओ बोले- कलेक्टर के सामने रखेंगे पूरी स्थिति जिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान नदरोली में आवागमन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। इन सभी बिंदुओं को लेकर सोमवार को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात कर पूरी स्थिति बताई जाएगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई और ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुझाए गए विकल्प भी उनके सामने रखे जाएंगे, ताकि सुरक्षित समाधान निकाला जा सके। टयूब और मटके सहारे नदी पार कर रहे थे शिक्षक
पूर्वी प्रजापति समाज ने प्रतिभाओं का सम्मान कर शिक्षा की अलख जगाने का दिया संदेश
शहर के आंबेडकर सर्किल के पास स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में रविवार को हाड़ौती पूर्वी प्रजापति युवा एकता एवं विकास मंडल ने प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षा, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं को भी सम्मान मिला। सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, समाजसेवियों और सामाजिक गतिविधियों में सहयोग करने वाले भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता नारायण प्रजापति ने समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज अलग-अलग स्तरों पर बिखरा हुआ है। संगठन मजबूत करने के लिए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही। नारायण प्रजापति ने कहा कि समाज के अधिकारों और न्याय के लिए संगठित होकर प्रयास करना होगा और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा रहना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता छीतरलाल ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संगठन दोनों का मजबूत होना जरूरी है। प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और संगठन की भावना से जोड़ने पर जोर दिया। युवा एकता मंच के अध्यक्ष हेमराज पोटर ने बताया कि मंच आगे भी ऐसे आयोजन करेगा ताकि समाज की प्रतिभाओं को मंच और प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में समाज के विकास और विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने वालों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्वी प्रजापति समाज जिलाध्यक्ष सूरजमल प्रजापति, कोटा जिलाध्यक्ष बृजराज, इंद्रपाल, मोतीलाल, हरज्ञान, डॉ. कबूलचंद, छीतरलाल, दुर्गाप्रसाद, सुभाष चक्रधारी, सहित समाज के कई पदाधिकारी, बड़ी संख्या में समाजबंधु, युवा, विद्यार्थी और अभिभावक आदि मौजूद थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देश के सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। CJP के सदस्य हरियाणा के 15 स्कूलों का दौरा भी कर चुके हैं। इस बीच हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का इस अभियान को लेकर बयान सामने आया है। हांसी में उन्होंने कहा कि स्कूलों में किसी को भी बिना अनुमति के प्रवेश नहीं दिया जा सकता। स्कूल देश की धरोहर हैं। अगर यहां कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने कहा कि सरपंच और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की मंजूरी के बिना कोई भी व्यक्ति स्कूल में नहीं जा सकता। वहीं CJP की कौर कमेटी के मेंबर सुधीर सांगवान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हम नहीं रुकेंगे। पहले जानिए, शिक्षा मंत्री ने क्या कहा… CJP बोली- हम संविधान के दायरे में, रुकेंगे नहीं CJP शिक्षा मंत्री के बयान पर CJP के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका अभियान रुकने वाला नहीं है। CJP झज्जर के 4-5, भिवानी के 3, चरखी दादरी के 2, गुरुग्राम और हिसार के 1-1 स्कूल समेत तोशाम के सांगवान गांव के एक स्कूल का दौरा कर चुकी है। कुल 15 स्कूलों का दौरा किया गया है। सांगवान का दावा है कि वे स्थानीय सरपंचों और पूर्व सरपंचों के निमंत्रण पर ही गांवों में जाते हैं। SMC सदस्यों के बच्चे भी उन्हीं स्कूलों में पढ़ते हैं, इसलिए वे दबाव में रहते हैं और स्कूल की कमियों को खुलकर सामने नहीं रख पाते। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन से जुड़ी बड़ी कमियां हैं। स्कूलों में 2,800 कामों के लिए 130 करोड़ जारी वहीं, CJP की मुहिम के बीच सरकार ने सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों से लेकर कमरों, चारदीवारी और शौचालयों की कमी दूर करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के स्कूलों में चिन्हित करीब 2,800 विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इन कार्यों को जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। विभाग की ओर से प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कराया गया था। इस दौरान स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और भवनों की स्थिति का मौके पर आकलन किया गया। निरीक्षण में पुराने और जर्जर भवनों को हटाने, नए कमरे बनाने, चारदीवारी और नए शौचालय बनाने के साथ विभिन्न छोटे-बड़े मरम्मत कार्यों की जरूरत सामने आई। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- CJP ने स्कूल की पोल खोली, इकलौती टीचर सस्पेंड:2 की SIR में ड्यूटी; भिवानी में राशन में कीड़े चलने का VIDEO आया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भिवानी के जिस सरकारी स्कूल का वीडियो जारी किया था, वहां की इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कूल में मिड डे मील बनाने वाली 2 कुक को भी हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
Varanasi News: बीएचयू के शिक्षा संकाय में डिजिटल लर्निंग पर राउंड टेबल संवाद
Round-table discussion on digital learning at the Faculty of Education, BHU
Sultanpur News: कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
Bilaspur News: कॉलेज बंद, उच्च शिक्षा से दूर हो रहे स्वारघाट के युवा
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर बसे स्वारघाट क्षेत्र में कॉलेज बंद होने से आसपास की पंचायतों के युवा उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
Kushinagar News: शिक्षा से बदलेगी मुसहर समाज की तकदीर, स्कूल भेजने का आह्वान
रायपुर मुसहरटोली में शनिवार को ‘हम पढ़ेंगे तभी बढ़ेंगे’ कार्यक्रम के तहत जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा रविवार देर शाम को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में अपने किसी निजी काम के लिए पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कांग्रेस पर जमकर बरसे। सबसे ज्यादा चर्चा रोहतक सांसद भूपेंद्र हुड्डा की उस पोस्ट पर हुई, जिसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन सिंह को अपना आइडियल बताया था। इस पर ढांडा ने सीधे हुड्डा पर हमला करने के बजाय सवाल को उन्हीं पर छोड़ते हुए कहा दोषी करार दिए गए व्यक्ति किसी के आदर्श हो सकते हैं तो इसका जवाब वही लोग दें, जो उन्हें अपना आइडियल मानते हैं। ढांडा ने कहा कि किसी को अपना आदर्श मानना व्यक्तिगत धारणा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सज्जन सिंह को उच्च न्यायालय दोषी करार दे चुका था। उन्होंने कहा कि उनके लिए आदर्श वह व्यक्ति है, जो समाज में सकारात्मक योगदान दे और लोगों के लिए अच्छा काम करे। गेस्ट टीचरों पर सरकार का मंथन जल्द आ सकता है फैसलाकरनाल में शिक्षा मंत्री से जब गेस्ट टीचरों की मांगों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। ढांडा ने संकेत दिया कि इस मामले में जल्द ही परिणाम सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान से गेस्ट टीचरों की मांगों पर सरकार की ओर से जल्द कोई निर्णय लिए जाने की उम्मीद बढ़ी है। चीनी महंगी होने पर कांग्रेस के सवालों का जवाबचीनी के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस के हमले पर भी ढांडा ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि उनके शासनकाल में जनता को कौन सी ऐसी सुविधाएं और राहत मिली थीं, जिन्हें वे आज सरकार को गिना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चीनी के दाम बढ़े हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार कीमतों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कालाबाजारी के आरोप पर बोले- ऐसा नहीं हुआचीनी के दाम बढ़ने के पीछे कालाबाजारी के सवाल पर ढांडा ने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में ऐसे मामलों में कालाबाजारी के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेता सरकार पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष कर रहे हैं, जबकि उनके शासनकाल में जनता की जेब काटने वालों को संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं।
लखनऊ में ज्ञान प्रसार संस्थान का 23वां वार्षिक समारोह रविवार को विवेक खंड स्थित जीबी सिंह फाउंडेशन में आयोजित किया गया । कार्यक्रम में शिक्षा के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया गया। मुख्य अतिथि मृत्युंजय प्रसाद गुप्त, संपादक विश्व विधायक एवं संसद से सड़क तक, ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की। संस्थान की अध्यक्ष नीरजा द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2003 में 15-20 वंचित बच्चों से इसकी शुरुआत हुई थी। आज संस्थान रोजाना 100 से अधिक बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहा है। अब तक हजारों बच्चे इसका लाभ उठा चुके हैं। शिक्षा से आत्मनिर्भरता की राह संस्थान के सहयोग और मार्गदर्शन से कई विद्यार्थियों ने एलएलबी, एमकॉम, पॉलिटेक्निक, फिजियोथेरेपी, बीएड, बीए और बीकॉम जैसी उच्च शिक्षा हासिल की है। कई बच्चों ने रोजगार से जुड़े कौशल सीखकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। नीरजा द्विवेदी ने संस्थान की यात्रा में सुशीला शर्मा, प्रियम्बदा देवी मिश्रा, परिवार और शिक्षकों के योगदान को याद किया। समारोह में अक्षत मौर्य, नेहा, निशा, सबा और कहकशां की प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान खींचा। 50 बच्चों को मेडल और प्रमाण-पत्र जीबी सिंह फाउंडेशन ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रदीप सिंह ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और वरिष्ठ शिक्षकों को पौधे व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। वहीं 50 उत्कृष्ट बच्चों को प्रमाण-पत्र और मेडल दिए गए। समारोह के अंत में एमसी द्विवेदी, आईपीएस, डीजीपी सेवानिवृत्त ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने फाउंडेशन की अध्यक्ष मीना सिंह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से जीबी सिंह की प्रेरणा से फाउंडेशन शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक और सांस्कृतिक कल्याण के साथ राष्ट्रभावना, नैतिक मूल्यों और लोकसेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है।
निजी नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े के बाद अब सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की हालत भी सामने आ गई है। प्रदेश के कई शासकीय कॉलेज बिना प्राचार्य, बिना उप प्राचार्य और बिना पूरी फैकल्टी के ही चल रहे हैं।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी: बाबा रामदेव
हरिद्वार, 23 अगस्त . योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव होने से शिक्षकों का समय बचेगा और वे पूरी तरह छात्रों ... Read more
बाबा रामदेव ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का किया समर्थन, बोले- शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार
बाबा रामदेव ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का किया समर्थन, बोले- शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) का संगठन विस्तार और सम्मेलन अभियान जिले में तेजी से जारी है। इसी कड़ी में बरौनी अंचल के मैदा में AISF की शाखा का गठन किया गया। इस दौरान छात्र-युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। मौके पर छात्र-युवाओं को संबोधित करते हुए AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में आए आंकड़ों के अनुसार देश के करीब 19 करोड़ छात्र और युवा शिक्षा-रोजगार से पूरी तरह दूर हैं। सरकार ने सत्ता के लिए नौजवानों से झूठे वादे किए थे अमीन हमजा ने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल सत्ता हासिल करने के लिए देश के नौजवानों से झूठे वादे किए थे। अब सत्ता में आने के बाद युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की कोई सकारात्मक मंशा नजर नहीं आ रही है। AISF के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्र-नौजवान लगातार अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध लेने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है। सरकार की इस छात्र-विरोधी नीति से बिहार के युवाओं में आक्रोश है और वे जल्द ही एक बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन बरौनी अंचल अध्यक्ष आजाद खान और शाहरुख इकबाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन किया गया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाते हुए हक-अधिकार की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।
नवादा शहर के भोजपुरी पैलेस में रविवार को अखिल भारतीय पासी समाज, नवादा जिला इकाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और समाज के अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन परमेश्वर चौधरी ने किया। बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी और वरिष्ठ नेता हीरालाल चौधरी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। गांव-गांव जाकर समाज को जोड़ने पर जोर वक्ताओं ने समाज को जातिगत बिखराव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठन से जोड़ने और समाज के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में गरीब और मेधावी विद्यार्थियों की मदद के लिए जिला स्तर पर शिक्षा प्रकोष्ठ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। चुनाव में आबादी के अनुसार हिस्सेदारी की मांग बैठक में राजनीतिक भागीदारी पर भी चर्चा हुई। आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व और उचित राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को मजबूती से रखने पर सहमति बनी। इसके अलावा ताड़ी व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं, जाति प्रमाण पत्र, आवास योजना और अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण से जुड़े लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। एक महीने में 14 प्रखंडों में बनेगी इकाई प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने अगले एक माह के भीतर जिले के सभी 14 प्रखंडों में संगठन की इकाई गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर संगठित होना चाहिए। जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने बैठक को समाज में नई चेतना की शुरुआत बताया और जल्द जिला सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेता रहे मौजूद इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पिंकी भारती, जिला परिषद सदस्य बसंती देवी, हिसुआ नगर परिषद अध्यक्ष पूजा कुमारी, उपाध्यक्ष टिंकू चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, कृष्णा चौधरी उर्फ पड़कन चौधरी, चंदन चौधरी, निशांत चौधरी सहित जिलेभर से आए सामाजिक कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। बैठक के अंत में नुनु चौधरी, सरोज चौधरी, अवधेश चौधरी, बाबुचंद चौधरी, मधुसूदन चौधरी, सतेंद्र चौधरी, हीरा चौधरी, विनोद चौधरी, रवि चौधरी, जितेंद्र चौधरी और केके चौधरी सहित अन्य लोगों ने समाज की एकता और उत्थान का संकल्प लिया।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15-29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, जो न तो पढ़ रहे हैं, न ही कार्यरत हैं और न ही कोई प्रशिक्षण ले रहे हैं।
झारखंड में रक्षाबंधन पर खुला रहेगा स्कूल, खेल दिवस अभियान के लिए शिक्षा विभाग से शेड्यूल जारी
शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'खेलेगा भारत-जीतेगा भारत' अभियान के तहत रक्षाबंधन पर भी स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे सामाजिक परंपराओं की अनदेखी बताया और आदेश वापस लेने की मांग की है।
अमरोहा में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को सरकार ने दोहरी सौगात दी है। उनका मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। रविवार को माध्यमिक शिक्षा मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। जिले के 2,680 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के कार्ड भी वितरित किए गए। एक दिन में शिक्षा और विकास से जुड़े 3 कार्यक्रम रविवार को अमरोहा में शिक्षा और विकास से जुड़े तीन प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों का सम्मान समारोह, विकास कार्यों की समीक्षा बैठक और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण शामिल रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान लखनऊ के जुपिटर सभागार से मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और रसोइयों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। बोलीं गुलाब देवी- रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से वे स्वस्थ रहेंगे और आगे चलकर देश की सेवा करेंगे। उन्होंने रसोइयों के कार्य की सराहना करते हुए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। विकास कार्यों की समीक्षा, योजनाओं की प्रगति जानी रसोइया सम्मान समारोह के बाद प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र ने सोलर स्ट्रीट लाइट, बीकेएस ग्राम उन्नति, पीएम फसल बीमा, ऑपरेशन कायाकल्प, पेंशन योजनाओं और पीएम मत्स्य संपदा समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं से बोलीं- लक्ष्य तय कर मेहनत करो भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अभी से अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक, जो भी बनना चाहें, उसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। मेधावी छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री दी मंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्राओं को शिक्षा, भोजन, आवास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री देकर सम्मानित किया गया।

