शिक्षक भर्ती नोटिफिकेशन TRE 4 को लेकर लगातार हो रहे प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी बैठक बुलाई है। सीएम सम्राट चौधरी आज शिक्षा विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ शाम 5 बजे बड़ी बैठक करेंगे। बैठक में शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन पर प्रमुख तौर पर चर्चा होगी। शिक्षक बहाली को लेकर इस बैठक में चर्चा होगी और नोटिफिकेशन को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के साथ-साथ शिक्षा विभाग के सभी बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी मौजूद होंगे। इस दौरान शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी।
शिक्षा महंगी कर रही सरकार, एससी-एसटी छात्र परेशान, फीस वृद्धि वापस ले : ठाकुर
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 10वीं-12वीं की परीक्षा फीस और 22 अन्य मदों में दोगुनी बढ़ोतरी कर सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। नियमित परीक्षा शुल्क 460 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए, नामांकन शुल्क 80 से 200 रुपए और अतिरिक्त विषय शुल्क 110 से 250 रुपए कर दिया गया है। इस शिक्षा विरोधी फैसले को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। राज्य में पहले से शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, किताबों की देरी और स्कूल बंद होने जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
उच्च शिक्षा की स्थिति खराब, समय पर परीक्षा और रिजल्ट दे विश्वविद्यालय
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में अब सिर्फ बैठक और चर्चाओं का दौर नहीं चलेगा। परिणाम दिखना चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा में कम सकल नामांकन अनुपात (जीईआर), बढ़ते ड्रॉपआउट, समय पर परीक्षा व रिजल्ट जारी न होने और छात्रों के पलायन पर भी चिंता जताई। वे गुरुवार को दो दिवसीय कुलपति कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। रिसर्च, स्किल और स्टार्टअप पर फोकस करने की सलाह राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा, रिसर्च, नवाचार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और इंडस्ट्री लिंक से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को दिशा देने के लिए झारखंड राज्य विवि अधिनियम-2026 लागू किया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कुलपतियों और अधिकारियों को इस अधिनियम का अध्ययन करने की सलाह दी।
स्टेट यूनिवर्सिटीज... टेक्नोलॉजी आधारित और एकरूपता के ढांचे से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था
रांची झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है। राजधानी के एक होटल में गुरुवार से शुरू हुई दो दिवसीय वीसी कॉन्फ्रेंस में सरकार ने विश्वविद्यालयों के सामने नया यूनिवर्सिटी मॉडल रखा। इसमें झारखंड विवि अधिनियम-2026, क्लस्टर सिस्टम, केंद्रीकृत ऑनलाइन एडमिशन, डिजिटल मॉनिटरिंग, विवि सेवा आयोग और शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को केंद्र में रखा गया। कांफ्रेंस में साफ संकेत दिया गया कि सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित और एकरूपता के ढांचे में बदलना चाहती है। हालांकि क्लस्टर सिस्टम को लेकर उठ रहे विरोध और सवालों के बीच सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट में बदलाव की बात भी सामने आई। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने किया। अवर सचिव नीति मदन कुलकर्णी, विभागीय प्रधान सचिव राहुल पुरवार, आरयू वीसी प्रो. सरोज शर्मा, डीएसपीएमयू वीसी प्रो. राजीव मनोहर समेत अन्य विवि के वीसी, डीएसडब्ल्यू, रजिस्ट्रार, प्राचार्य और अधिकारी शामिल हुए। क्लस्टर सिस्टम को लेकर भी मंथन कॉन्फ्रेंस में क्लस्टर सिस्टम सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा। कई कुलपतियों और शिक्षाविदों ने इसके व्यावहारिक पक्ष, कॉलेजों की स्वतंत्रता और विषयों के पुनर्गठन को लेकर सवाल उठाए। इसके बावजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार ने क्लस्टर मॉडल को बेहतर बताया। विश्वविद्यालयों से मिले सुझावों के आधार मुख्य विषय के अलावा छात्रों की संख्या वाले विषय को भी शामिल किया जाएगा। सम्मेलन में यह भी बताया गया कि एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह चांसलर पोर्टल से संचालित की जाएगी। इसके लिए विषयवार मैपिंग, सीट निर्धारण और कॉलेजों की क्षमता का डिजिटल इंटीग्रेशन किया जाएगा। इससे एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। भविष्य में परीक्षा, रिजल्ट और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी इसी डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग की संरचना को लेकर भी कई सवाल उठे। प्रतिभागियों ने पूछा कि आयोग में शिक्षकों की भागीदारी सीमित रखी गई है। वहीं रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को ज्यादा महत्व दिया गया है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि कई राष्ट्रीय चयन संस्थानों में इसी तरह की संरचना होती है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि आयोग में शिक्षकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस दौरान यह भी बताया गया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
देवघर जिले के सारवां प्रखंड स्थित आदर्श प्लस टू विद्यालय का गाना चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कक्षा में कुछ छात्र हंसी-मजाक करते नजर आ रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय स्मार्ट क्लास में कई छात्र मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावक और स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि स्कूल परिसर में ऐसी सामग्री कैसे चलाई गई और उस वक्त कोई शिक्षक या जिम्मेदार कर्मचारी वहां क्यों नहीं था। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली है और इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, जहां अनुशासन और मर्यादा सर्वोपरि है। विनोद कुमार ने कहा कि यदि जांच में किसी शिक्षक, कर्मी या छात्र की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति कर दी गई है। प्रो.अनुपमा कौशिक शर्मा को तीन साल के लिए विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को संस्थान के इतिहास में बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि वह एमएमएमयूटी की पहली महिला कुलपति होंगी। प्रो. जेपी सैनी के बाद मिली जिम्मेदारी इससे पहले विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर प्रो.जेपी सैनी कार्यरत थे। उनका कार्यकाल 16 जनवरी को समाप्त हो गया था। इसके बाद उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया। साथ ही उन्हें एमएमएमयूटी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। अब प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा को विश्वविद्यालय का पांचवां कुलपति नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपना पदभार ग्रहण कर सकती हैं। पहली बार किसी महिला के हाथ में होगी कमान प्रो. शर्मा की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय से लेकर विश्वविद्यालय बनने तक अब तक किसी महिला को संस्थान की कमान नहीं मिली थी। यही नहीं, प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में भी महिला कुलपति या निदेशक के उदाहरण बेहद कम रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी से की उच्च शिक्षा प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने अपनी उच्च शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने वर्ष 1993 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीई, 1995 में एमई, 1999 में एमबीए फाइनेंस और 2005 में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने सांख्यिकी में पीजी डिप्लोमा और फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा भी किया है। 31 वर्षों का शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव प्रो. शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में पंजाब यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में लेक्चरर के रूप में की थी। वर्ष 2008 में वह एसोसिएट प्रोफेसर बनीं और 2011 में प्रोफेसर के पद पर पहुंचीं। उन्होंने विश्वविद्यालय में कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। इनमें टेक्विप समन्वयक, पुरातन छात्र संबंध की अधिष्ठाता और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। शिक्षण, शोध और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में उन्हें 31 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने करीब 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा 10 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले प्रो. शर्मा को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें एशियन पॉलिमर एसोसिएशन का यंग रिसर्चर अवार्ड, एआईसीटीई का करियर अवार्ड फॉर यंग टीचर्स और इंडो-स्विस बाईलैटरल रिसर्च इनिशिएटिव फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी की एमबीए और सांख्यिकी डिप्लोमा परीक्षा की गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं। प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा को शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत से जुड़े लोग उनकी नियुक्ति को एमएमएमयूटी के लिए नई दिशा देने वाला कदम मान रहे हैं।
गया जिले के टिकारी और कोंच प्रखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एक नई पहल की गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. अभय रमन के नेतृत्व में, इन स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संगीत और कला की भी शिक्षा दी जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनकी कलात्मक प्रतिभा को निखारना है। डॉ. अभय रमन स्वयं लगातार विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर रहे हैं। इस अभियान के तहत मकपा उच्च विद्यालय टिकारी, महिला उच्च विद्यालय कोंच, गांधी उच्च विद्यालय कोंच और राज इंटर विद्यालय टिकारी जैसे कई विद्यालयों में विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पारंपरिक पढ़ाई से बच्चों के ऊबने की समस्या को देखते हुए, डॉ. रमन ने शिक्षा के साथ संगीत और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को जोड़ने पर जोर दिया है। स्कूलों में बच्चों को बेहतर पठन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ संगीत के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ भी सिखाए जा रहे हैं। इस रचनात्मक तरीके से बच्चे न केवल खुशी-खुशी स्कूल आ रहे हैं, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। खेल-खेल में सीखने की यह प्रक्रिया बच्चों को अधिक प्रेरित कर रही है और उनकी उपस्थिति में भी वृद्धि हुई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के इस प्रयास की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का कहना है कि इस पहल से विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक भी संतुष्ट हैं कि उनके बच्चों को अब किताबों के ज्ञान के साथ-साथ संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी अनुभव मिल रहा है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
मोहन सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर अब शिक्षकों के वेतन से पैसा काटकर उनके लिए कल्याण योजनाएं चलाएंगे। इसको लेकर लोक शिक्षण आयुक्त ने 15 शिक्षक संगठनों को पत्र लिखकर 26 मई को उन्हें बैठक के लिए बुलाया है और उनसे शिक्षकों के वेतन से राशि कटौती कराने का फैसला कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस पत्र का विरोध भी हो रहा है कि सरकार शिक्षकों के वेतन से कटौती करके किस तरह का कल्याण करना चाह रही है। शिक्षकों के हित में फैसला लेना तो सरकार की जिम्मेदारी है। लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान ने राज्य कार्यकारिणी समिति की 19 नवम्बर को हुई बैठक में निर्णय लिया था कि शिक्षकों के कल्याण के चलाई जाने वाली योजनाओं के संचालन के लिए शिक्षकों से हर साल अंशदान के रूप में वेतन से कटौती की जाएगा। इस फैसले पर सुझाव और सहमति लेने के लिए 26 मई को लोक शिक्षण आयुक्त के सभागार में संगठनों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता अपर परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा एवं पदेन अपर संचालक लोक शिक्षण द्वारा की जाएगी। कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि शिक्षकों के कल्याण के लिए सरकार को फैसला करना है तो कटोत्रा किस बात का होगा? पहले ही शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और अतिथि शिक्षक के नाम पर कभी नौकरी पर रखा जा रहा है तो कभी नौकरी से निकाला जा रहा है। न पेंशन मिल रही है और न ही स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। अब इस तरह के कटोत्रा के जरिये सरकार वेतन से राशि काटने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री 28 मई को करेंगे कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 28 मई को प्रमुख कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले हैं। मध्यप्रदेश कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है और कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के लिए कहा है।
पालक महासंघ ने होम स्कूलिंग नीति की मांग की:शिक्षा को व्यापार नहीं, सेवा बनाने पर जोर दिया
बुरहानपुर में पालक महासंघ जिला इकाई ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार को सौंपा। महासंघ ने देश में होम स्कूलिंग और वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था के लिए एक स्पष्ट राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली महंगी, अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और व्यावसायिक होती जा रही है। महासंघ ने चिंता व्यक्त की कि निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों द्वारा ली जा रही बढ़ती फीस, अनिवार्य सामग्री की बिक्री और भारी वार्षिक शुल्क के कारण सामान्य व मध्यम वर्गीय परिवारों पर गंभीर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, भ्रामक विज्ञापनों से अभिभावकों में भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली बच्चों को ज्ञान और व्यक्तित्व विकास के बजाय केवल अंक और रैंक की दौड़ तक सीमित कर रही है। कोचिंग संस्थानों का विशाल व्यावसायिक जाल विद्यार्थियों और अभिभावकों पर मानसिक तथा आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। लाखों रुपए की फीस लेकर चयनित परिणामों का प्रचार किया जाता है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो जाती है। रचनात्मक वातावरण की जरूरतपालक महासंघ का मानना है कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जो बच्चों की व्यक्तिगत क्षमता, रुचि और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे। होम स्कूलिंग और वैकल्पिक शिक्षा मॉडल विद्यार्थियों को शांत, सुरक्षित और रचनात्मक वातावरण में सीखने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। इससे न केवल बच्चों को बेहतर व्यक्तिगत शिक्षा मिलेगी, बल्कि हजारों योग्य शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और स्वतंत्र ट्यूटरों को सम्मानजनक रोजगार और उचित मानदेय भी प्राप्त हो सकेगा। साथ ही, स्थानीय शिक्षण केंद्रों और कौशल आधारित प्रशिक्षण के नए अवसर भी विकसित होंगे। राष्ट्रीय नीति बनाने की मांगमहासंघ ने अपनी मांगों में होम स्कूलिंग और वैकल्पिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने, ओपन शिक्षा प्रणालियों को सरल व सुलभ बनाने, निजी विद्यालयों की अत्यधिक फीस और अनिवार्य सामग्री बिक्री पर नियंत्रण लगाने की बात कही। उन्होंने कोचिंग संस्थानों के भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त कानून बनाने और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य व कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र शिक्षकों और होम ट्यूटरों के लिए पंजीकरण व सहयोग व्यवस्था स्थापित करने तथा डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म व सामुदायिक शिक्षण केंद्रों को सरकारी सहयोग प्रदान करने की भी मांग की गई। महासंघ ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। इस अवसर पर अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, सरिता भगत, मंसूर सेवक, अता उल्लाह खान, शोभालाल शर्मा, डॉक्टर युसूफ खान, मोहन दलाल, रियाज उल हक अंसारी, नंदकिशोर वाणे, विनय पुनिवाला, राजिक हुसैन और राजेश भगत सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के औपचारिक निरीक्षण के लिए गठित कमेटी संबंधी आदेशों को वापस ले लिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में 21 अप्रैल, 2026 के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी गई है। दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग ने अप्रैल में एक कमेटी गठित की थी, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता का निरीक्षण करना था। इस कमेटी में शिक्षा मंत्री के पीएस करण सिंह, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (HSHEC) के सदस्य डॉ. सतरूप ढांडा और शिक्षा मंत्री के पीए प्रदीप जागलान को शामिल किया गया था। कमेटी में शामिल शिक्षा मंत्री के पीए प्रदीप जागलान की योग्यता को लेकर विभाग के प्रोफेसर सोशल मीडिया पर मुखर हो रहे थे। उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री के PA प्रदीप जागलान के पास कौनसी टेक्निकल दक्षता है, जिसके आधार पर उसके कमेटी में लिया गया है। जबकि विभाग से किसी भी सीनियर अधिकारी को कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। विरोध बढ़ता देख विभाग की ओर से फैसला बदला गया है। ये था कमेटी का काम कमेटी हरियाणा के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेजों में औपचारिक निरीक्षण करने वाली थी। आदेश में कहा गया था कि निरीक्षण के जरिए संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। अब उच्च शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी कर पूर्व में जारी कमेटी गठन संबंधी आदेश को वापस ले लिया है। विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के रजिस्ट्रार व प्राचार्यों को इसकी जानकारी देते हुए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।
भिवानी में नीट 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर NSUI ने चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के मेन गेट पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यान ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई इस भारी धांधली ने देश के 22 लाख से अधिक ईमानदार और मेहनती छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, जो छात्र वर्षों तक दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, उनके सपनों को कुछ हजार रुपए के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरेआम बेच दिया गया। यह देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा कलंक है। बच्चे अव्यवस्था के कारण मानसिक तनाव में मंजीत लांग्यान ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक यह साबित करते हैं कि केंद्र सरकार और एनटीए परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने में पूरी तरह विफल हो चुकी हैं। आज गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे इस अव्यवस्था के कारण भारी मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था की इस नाकामी के चलते कई छात्र आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जिसकी सीधी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की लापरवाही पर आती है। बोले- परीक्षा टालना ही हल नहीं है NSUI नेताओं ने साफ किया कि इस संकट का हल केवल परीक्षा को टालना या रद्द करना नहीं है। जब तक पेपर लीक माफिया, शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों और उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने वाले रसूखदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। तब तक देश के छात्रों को वास्तविक न्याय नहीं मिल सकेगा। उन्होंने संकल्प दोहराया कि देशभर के विद्यार्थियों की आवाज बनकर इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से लड़ेगी। मांग नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से छात्र संगठन ने सरकार के सामने मांग रखी कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की साख पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसलिए इसे तुरंत भंग किया जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें। पेपर लीक के इस पूरे नेटवर्क की जांच सर्वोच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में कराई जाए। इस खेल में शामिल सभी दोषियों, कोचिंग माफियाओं और उन्हें शह देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, मानसिक प्रताडऩा और वित्तीय नुकसान झेल रहे पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा घर योजना’ शुरू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसी सत्र से योजना को लागू करने की तैयारी करेगा। यह फैसला मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक में लिया गया। कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वालों को मिलेगा लाभ अधिकारियों ने बैठक में बताया कि योजना का लाभ उन किशोर-किशोरियों और युवक-युवतियों को मिलेगा, जिन्होंने कक्षा 8 या उससे आगे की पढ़ाई के दौरान अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ दी थी। योजना के जरिए ऐसे विद्यार्थियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। ड्रॉपआउट दर कम करने पर रहेगा फोकस सरकार का उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों की संख्या कम करना है। योजना लागू होने से शिक्षा से दूर हुए विद्यार्थियों को दोबारा पढ़ाई का अवसर मिलेगा। पाठ्यक्रम में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाठ्यक्रम से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने विभागीय घोषणाओं का जल्द पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा। वहीं, स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलों में आंशिक रूप से जर्जर स्कूलों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की 14 योजनाओं को जारी रखने की सहमति दी। अधिकारियों को इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
चंदर मोहन 12वीं बार आर्य शिक्षा मंडल के अध्यक्ष बने
भास्कर न्यूज | जालंधर वरिष्ठ पत्रकार चंदर मोहन को फिर से 3 साल के लिए आर्य शिक्षा मंडल का अध्यक्ष चुना गया है। केएमवी में हुई वार्षिक बैठक में उन्हें लगातार 12वीं बार यह जिम्मेदारी दी गई। यह बैठक केएमवी की 140वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई। चंदर मोहन पिछले 32 वर्षों से आर्य शिक्षा मंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। वे खास तौर पर महिला शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 1994 में पहली बार अध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में केएमवी ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें हेरिटेज स्टेटस, स्वायत्त दर्जा और कई राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग व पुरस्कार शामिल हैं। बैठक में केएमवी की निदेशिका प्रो. (डॉ.) अतिमा शर्मा द्विवेदी, आलोक सोंधी, डॉ. सुषमा चावला, डॉ. सुषमा चोपड़ा, सुरेश सेठ, ध्रुव मित्तल, नीरजा मोहन, अनुराधा सोंधी, प्रो. (डॉ.) अतिमा शर्मा द्विवेदी, डॉ. प्रदीप भंडारी, डॉ. एसपी गुप्ता, डॉ. एसके शर्मा, संजय सभरवाल, भावना सभरवाल, शालिनी गुप्ता,हरीश गुप्ता, ज्योति सग्गी, रचना मोंगा, कविता भारद्वाज और वंदना शर्मा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि उनके पिता वरिंदर जो महिला शिक्षा के प्रबल समर्थक थे, ने आर्य शिक्षा मंडल के अध्यक्ष के रूप में महिलाओं के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रामेश्वर सिंह बलिया में भीमपुरा कस्बे के रामकरण इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। नियुक्ति 1 जुलाई, 2005 को हुई थी। हैरत की बात ये है कि रामेश्वर कस्बे के कंपोजिट स्कूल में 23 अगस्त, 2015 से शिक्षामित्र के रूप में भी तैनात हैं। दोनों पदों का वेतन और मानदेय ले रहे हैं। इसी तरह उनका सगा भतीजा शिवमंगल सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। साथ ही कस्बे के एक सरकारी स्कूल में शिक्षामित्र भी है। शिवमंगल की पत्नी विभा सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। बलिया में इसी तरह से 179 फर्जी नियुक्तियां करके 45 करोड़ रुपए के वेतन-एरियर्स का भुगतान कर दिया गया। आजमगढ़, जौनपुर, मऊ और आगरा में भी 194 फर्जी चपरासी, बाबू और टीचर, फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करके सरकारी खजाना लूट रहे हैं। शिक्षा निदेशक की रोक के बावजूद करोड़ों रुपए का वेतन भुगतान हो रहा है। पढ़िए, शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति और वेतन भुगतान घोटाले का पार्ट- 1 सगे चाचा से ज्यादा भतीजे की उम्र भीमपुरा में चपरासी का वेतन और शिक्षामित्र का मानदेय उठा रहे शिवमंगल सिंह और उनके सगे चाचा रामेश्वर सिंह की डीटेल मानव संपदा पोर्टल पर मौजूद है। पता चलता है कि रामेश्वर ‘एक्स सर्विसमैन’ कोटे से शिक्षामित्र बने हैं। मतलब वे फौज में भी नौकरी भी कर चुके हैं। FIR कराने वाले DIOS ही तोड़ रहे नियम कहानी साल- 2018 से शुरू होती है। बलिया में 2018 से 2022 के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) रहे रमेश सिंह ने माध्यमिक विद्यालयों और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में चपरासी, बाबू, टीचर के 179 पदों पर नियुक्तियां कीं। इनमें कई रसूखदारों के बेटे और रिश्तेदार शामिल थे। गैर अनुदानित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों को संलग्नक दिखाकर सहायक शिक्षकों भी भर्ती कर दी। फिर ट्रेजरी से वेतन भी जारी करा दिया। 5 जुलाई, 2024 को देवेंद्र कुमार गुप्ता DIOS बने, तो उन्होंने जुलाई में ही इन 179 फर्जी नियुक्ति पाए लोगों का वेतन रोक दिया। साथ ही, 9 सितंबर को चिट्ठी लिखकर इसकी सूचना उस वक्त के अपर मुख्य सचिव (ACS) को दी। उन्होंने लिखा था- रमेश सिंह ने चपरासियों की भर्ती के संबंध में लागू आउटसोर्सिंग नियम के बावजूद बैकडेट दिखाकर स्थायी नियुक्ति की है। देवेंद्र गुप्ता ने 179 फर्जी नियुक्ति से जुड़ी फाइल गायब कराने के मामले में फरवरी, 2025 में बलिया कोतवाली में FIR दर्ज करा दी। इसमें पूर्व DIOS रमेश सिंह, उनके सहायक संजय कुमार कुंवर, सीनियर असिस्टेंट अजय सिंह, उर्दू अनुवादक मुहम्मद मैनुद्दीन और हेड क्लर्क शिवानंद तिवारी को आरोपी बनाया गया। इसके बाद सभी 179 लोग वेतन रोके जाने के मामले में कोर्ट में चले गए। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी, 2026 को मामले की जांच और भुगतान करने का आदेश दे दिया। इसकी आड़ लेकर मौजूदा DIOS देवेंद्र कुमार गुप्ता ने मार्च, 2026 तक सभी 179 लोगों का वेतन और एरियर्स मद में 45 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। हाईकोर्ट ने समिति बनाकर जांच कराने का आदेश दिया इस मामले से जुड़ी 27 याचिकाएं हाईकोर्ट में पहुंचीं। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी, 2026 को 179 फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए समिति बनाने का भी आदेश दे दिया। कहा था- नियुक्ति पर विवाद है और वेतन सरकारी ट्रेजरी से जा रहा है। ऐसे में यह अहम हो जाता है कि समिति बनाकर जांच कराई जाए। आदेश में यह भी कहा गया था कि जो भी वेतन जारी किया जा रहा, उसकी भी जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर भुगतान की वसूली होगी। समिति में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, वित्त नियंत्रक और बलिया, आगरा, आजमगढ़ और मऊ के जिला विद्यालय निरीक्षकों को शामिल करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि समिति सभी प्रबंध समिति और इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को नोटिस देकर नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज मांगेगी। इसके लिए 3 सप्ताह का समय दिया गया था। कॉलेजों को नोटिस मिलने के 2 सप्ताह के अंदर दस्तावेज सौंपने थे। दस्तावेजों की जांच में जरूरत पड़ने पर CBCID के इंस्पेक्टर जनरल (IG) की मदद लेने का भी आदेश था। समिति को दस्तावेज मिलने के 4 सप्ताह बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करनी थी। इसके आधार पर शिक्षा निदेशालय को फैसला करना था कि 179 कर्मचारियों की नियुक्ति वैध है या अवैध? हाईकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 4 फरवरी, 2026 को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। 5 फरवरी को बलिया DIOS देवेंद्र गुप्ता से 179 नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज और उनकी रिपोर्ट मांगी थी। जो बलिया DIOS की ओर से आज तक नहीं भेजी गई है। इसके चलते जांच पूरी नहीं हो सकी है। 2025 में बनी SIT की जांच का भी अता-पता नहीं इससे पहले 20 जनवरी, 2025 को विशेष सचिव योगेश कुमार ने बलिया, आगरा, आजमगढ़ और जौनपुर के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT बनाई थी। इसमें स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा और CBCID के IG एम राजेश कुमार शामिल थे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) को निर्देश दिए गए थे कि वे फर्जी नियुक्ति वाले सभी लोगों के दस्तावेज SIT को उपलब्ध कराएं। बलिया के शिक्षा माफिया ने इस SIT की जांच रुकवाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट दाखिल कर दी। तब विशेष सचिव योगेश कुमार ने कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा था कि SIT जांच पूरी करने के बहुत करीब है। इस पर कोर्ट ने SIT जांच जारी रखने और बलिया समेत चारों जिलों की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि, इसके बाद एक साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी SIT की जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। ACS ने भुगतान पर रोक लगाई, DIOS ने जारी कर दिए ₹45 करोड़ तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने 13 फरवरी, 2026 को बलिया में फर्जी नियुक्त 179 कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद DIOS देवेंद्र गुप्ता ने मार्च में सभी 179 कर्मचारियों के वेतन के तौर पर 45 करोड़ रुपए जारी कर दिए। जवाब में कहा कि हाईकोर्ट की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के आधार पर वेतन का भुगतान किया गया। जबकि अवमानना याचिका में कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराना चाहिए था, जो नहीं कराया गया। डीएम की अनुशंसा के बावजूद बलिया में तैनात हैं देवेंद्र बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने DIOS देवेंद्र गुप्ता की तरफ से वेतन भुगतान आदि को लेकर शासन को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने 31 मई को देवेंद्र गुप्ता के रिटायरमेंट को देखते हुए उन्हें निदेशालय से अटैच करने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद देवेंद्र बलिया में ही जमे हैं। आरोप है कि रिटायरमेंट से पहले वे 25% कमीशन लेकर 179 कर्मियों का एरियर भुगतान कर रहे हैं। इसके कई ऑडियो भी वायरल हैं। मामले में महाराजगंज जिले के फरेंदा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने 6 अप्रैल, 2026 को सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। 179 पदों पर रसूखदारों के करीबियों को भी बांटी नौकरी भुगतान घोटाला पार्ट-2 में कल पढ़िए- बलिया DIOS के नाम पर वसूली का खेल चला। एरियर भुगतान के एवज में 25% कमीशन वसूला जा रहा था। बलिया DIOS जांच कमेटी की बैठक में दलालों को लेकर निदेशालय पहुंच गए थे। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 20 हजार शिक्षक-अनुदेशकों की भर्ती होगी- योगी का ऐलान, लखनऊ में CM ने 24 हजार अनुदेशकों को बढ़ी सैलरी का चेक दिया सीएम योगी ने रविवार को लोकभवन में 24 हजार 717 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का चेक दिया। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से उनका मानदेय 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार किया है। कार्यक्रम में सीएम योगी ने शहरी स्कूलों में 20 हजार नए शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती का ऐलान किया। कहा, 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती के लिए डिमांड की जा चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
सन वॉच से स्मार्ट शिक्षा तक:130 साल की विरासत संजोए पीजी कॉलेज कैंट
भास्कर न्यूज | अम्बाला राजकीय पीजी कॉलेज कैंट इतिहास, परंपरा और आधुनिक शिक्षा का अद्भुत संगम है। एक ओर 1893 का शिलापट्ट इस संस्थान की 130 वर्ष से अधिक पुरानी विरासत की कहानी सुनाता है। दूसरी ओर दशकों पुरानी सन वॉच आज भी सूर्य की किरणों से समय बताकर विद्यार्थियों को विज्ञान और इतिहास से जोड़ती है। यही वह परिसर है, जहां कभी इंडो मोहम्मडन स्कूल संचालित होता था। आज यह हरियाणा के 25 उत्कृष्ट (एक्सीलेंस) कॉलेजों में शामिल होकर नई पहचान बना चुका है। इसमें अम्बाला की स्पेलिंग ‘A’ की जगह ‘U’ से शुरू होती है। कॉलेज को मॉडल संस्कृति कॉलेज का दर्जा भी प्राप्त है। इसके तहत शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर कई प्रकार की स्वायत्तता मिली है। वर्ष 1997 में तत्कालीन हरियाणा सरकार के प्रयासों से इसे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में स्थापित किया गया। इससे पहले यहां कैंटोनमेंट स्कूल चलता था। कॉलेज के प्रथम प्राचार्य एमसी महेश्वरी थे। उन्होंने इस संस्थान की शैक्षणिक नींव को मजबूत किया। आज यह कॉलेज शहर का एकमात्र सहशिक्षा (को-एड) सरकारी कॉलेज है। यहां 12 स्नातक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कुल 1,380 सीटें निर्धारित हैं। कम फीस, अनुभवी प्राध्यापक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण हर वर्ष प्रवेश के दौरान यहां विद्यार्थियों की कतारें लगती हैं। खास बात यह है कि कॉलेज में लगभग 60 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं। यह बेटियों की उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास और जागरूकता का प्रमाण है। शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ कॉलेज सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 48वें जोनल यूथ फेस्टिवल 2025 में विद्यार्थियों ने 16 स्थान हासिल कर फाइन आर्ट्स और साहित्यिक प्रतियोगिताओं की ओवरऑल ट्रॉफी जीती। राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद एवं कविता प्रतियोगिताओं में रनिंग ट्रॉफी हासिल कर छात्रों ने कॉलेज का नाम देशभर में रोशन किया। हरियाणवी समूह नृत्य, रंगोली, पेंटिंग, संस्कृत भाषण और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ^ राजकीय पीजी कॉलेज शहर का एकमात्र सहशिक्षा सरकारी कॉलेज होने के कारण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहां पारंपरिक विषयों के साथ-साथ बीबीए, बीसीए और मास कम्यूनिकेशन जैसे आधुनिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान शिक्षा और संस्कार की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार कर रहा है। - प्रो. देशराज बाजवा, प्राचार्य, राजकीय कॉलेज, कैंट।
एकेडमिक इंग्लिश स्कूल राजनगर के सलाहकार और शिक्षाविद् सदानंद मिश्रा का हुआ निधन
राजनगर| राजनगर एकेडमिक इंग्लिश हाई स्कूल के सलाहकार व शिक्षाविद् सदानंद मिश्रा का निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे 79 वर्ष के थे। वे मूलतः बिहार के मुंगेर जिले के निवासी थे। इलाज के दौरान टीएमएच में उन्होंने अंतिम सांसे ली। उनके पोते व एकेडमिक इंग्लिश हाई स्कूल के प्राचार्य अभिषेक मिश्रा ने बताया कि सदानंद मिश्रा का पार्थिव शरीर मुंगेर जिले के उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके दादाजी सदानंद मिश्रा जुलाई 1967 से नवंबर 1995 तक एस एस हाई स्कूल राजनगर में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद दिसंबर 1995 से जून 2006 तक गालूडीह हाई स्कूल में कार्यरत रहे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने शिक्षा से नाता नहीं तोड़ा। अगस्त 2006 से अब तक वे एकेडमिक इंग्लिश हाई स्कूल राजनगर में सलाहकार (एडवाइजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका जन्म 30 जून 1946 को हुआ था। उनके निधन पर राजनगर में शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।
शिक्षा के मंदिर में बच्चों से मजदूरी कराना शर्मनाक
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बुधवार को बोकारो विकास फोरम के बैनर तले जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) जगन्नाथ लोहरा का पुतला दहन किया गया। आरोप लगाया कि चास स्थित प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में बच्चों से पढ़ाई के बजाय मजदूरी और सफाई का काम कराया जा रहा है, जो न केवल शिक्षा व्यवस्था पर कलंक है बल्कि बच्चों के अधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उनसे कचरा उठवाना और मजदूरी करवाना बेहद दुखद और शर्मनाक है।
छात्रों को उच्च शिक्षा और करियर विकल्पों के बारे में दी जानकारी
भास्कर न्यूज | लुधियाना दृष्टि डॉ. आरसी जैन इनोवेटिव पब्लिक स्कूल ने स्टूडेंट्स के लिए करियर मार्गदर्शन और उच्च शिक्षा संबंधी जानकारी के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया। एडुप्लैनेट के प्रख्यात करियर सलाहकार गौरव चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य कक्षा 11 वीं और 12 वीं के छात्रों को विश्वविद्यालय जीवन में उनकी आगामी शिक्षा के लिए एक रणनीतिक रोडमैप प्रदान करना था। उन्होंने प्रवेश प्रक्रियाओं को समझने, उभरते हुए उच्च-विकास वाले करियर पथों की पहचान करने और अकादमिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस संवादात्मक सत्र का एक प्रमुख आकर्षण भारत में भौतिक परिसर स्थापित कर रहे अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति पर गहन चर्चा थी। इस खंड ने छात्रों और शिक्षकों को देश छोड़े बिना वैश्विक स्तर की शिक्षा और दोहरी डिग्री कार्यक्रमों तक पहुंचने के तरीके की स्पष्ट समझ प्रदान की। प्रधानाचार्य डॉ. मनीषा गंगवार ने कहा कक्षा 12 के बाद हमारे छात्र जो विकल्प चुनते हैं, वे आने वाले वर्षों के लिए उनके पेशेवर पथ को आकार देते हैं। प्रस्तुति का समापन एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।
पंजाब में बढ़ रही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा की मांग टोफेल आईबीटी कर रहा नेटवर्क का विस्तार
अमृतसर| पंजाब के छात्रों में विदेश जाकर पढ़ाई करने की बढ़ती रुचि को देखते हुए ईटीएस इंडिया ने राज्य में टोफेल आईबीटी टेस्ट और तैयारी संसाधनों तक पहुंच को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत अमृतसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर काउंसलर्स, शिक्षकों और स्टडी अब्रॉड सलाहकारों के साथ चर्चा सत्र आयोजित किए गए। ईटीएस इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर करण ललित ने बताया कि पंजाब के छात्रों में यूके, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में पढ़ाई को लेकर काफी रुझान है। पोस्ट-स्टडी वर्क और बेहतर करियर अवसरों के कारण छात्र वैश्विक शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य उन्हें सही और भरोसेमंद मार्गदर्शन देना है। इक्सोरा अकादमी के एमडी सुमित शर्मा और सोफिया कंसल्टेंट्स के सीईओ गुरजीत अहलूवालिया ने कहा कि छात्र अब रोजगार के अवसरों और यूनिवर्सिटी की आवश्यकताओं को लेकर अधिक जागरूक हैं। ऐसे में बेहतर टेस्टिंग नेटवर्क और सटीक जानकारी छात्रों को सही निर्णय लेने में मदद करेगी।
खेल शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा: प्रिं. मधु
अमृतसर | गोयनका स्पोर्ट्स अकादमी में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया गया। अकादमी के संचालन के साथ विद्यार्थियों को पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलने की बात कही गई। अकादमी से जुड़े विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया है और अपनी प्रतिभा के माध्यम से विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी अनुभवी कोच आदित्य भंडारी के पास है। विद्यालय के चेयरमैन महाबीर और प्रिंसिपल मधु गांधी ने कहा कि खेल शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शेखपुरा में बुधवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में शिक्षा विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ई-शिक्षा कोष ऐप पर शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, नए आई.सी.टी. लैब के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी बल दिया गया। उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई, निर्बाध बिजली और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें अविलंब उपलब्ध कराने पर भी जोर शैक्षणिक और छात्र कल्याण योजनाओं के तहत त्रि-मासिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का लाभ छात्रों को समय पर दिलाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें अविलंब उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी असैनिक निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। 'पीएम पोषण' (मिड-डे मील) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, 'प्रोजेक्ट स्वाभिमान' और मॉडल स्कूलों के निर्माण कार्य को गति देने पर भी बल दिया गया। बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए सामाजिक संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न ईंट-भट्टों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए हर हाल में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और उसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. तनवीर आलम, डीपीओ रवि शास्त्री सहित जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कनीय अभियंता और शिक्षा विभाग के अन्य मुख्य कर्मी व पदाधिकारी उपस्थित थे।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर आज फिर पटना में कैंडिडेट्स ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को घसीटते हुए हिरासत में लिया। वहीं राजधानी में पहले पति ने पत्नी, बच्चों के साथ-साथ सास, ससुर को आग लगा दी। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 10 खबरें… 01- TRE-4 की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने घसीटा BPSC TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर आज फिर पटना में कैंडिडेट्स ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को घसीटते हुए हिरासत में लिया। अभ्यर्थी जंजीर पहनकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। रिंकल यादव पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे। पूरी खबर पढ़ें 02- PM पर राजद का तंज, कहा- जनता त्रस्त, मोदी जी विदेश यात्रा में मस्त नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर तीखा पलटवार किया है। शिक्षा मंत्री द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ाने की बात कहे जाने के बाद तेजस्वी यादव ने नाराजगी जाहिर करते हुए बीजेपी और एनडीए नेताओं पर निशाना साधा। साथ ही राजद के पोस्टर में पीएम मोदी के विदेश दौरे को लेकर तंज कसते हुए लिखा गया है, ‘देश की जनता त्रस्त, मोदी जी विदेश यात्रा में मस्त।' पूरी खबर पढ़ें 03- प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, मुंह-सिर में लगी बुलेट मुजफ्फरपुर में बुधवार को अपराधियों ने प्रॉपर्टी डीलर अंकित कुमार की हत्या कर दी। बाइक सवार दो बदमाशों ने चलती बाइक से अंकित को 5 गोलियां मारीं। गोली लगते ही वो नीचे गिर पड़े। हत्या की ये वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई है। अंकित के सिर में 1, 2 मुंह में और सीने में 2 गोली लगी है। पूरी खबर पढ़ें 04- पहले पति ने पत्नी-बच्चे और सास-ससुर को जिंदा जलाया पटना में बुधवार को पति ने पत्नी, बच्चे, वाइफ के साथ-साथ सास, ससुर को आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, महिला का पहला पति और आरोपी कन्हाई कुमार अपने साथ पेट्रोल लेकर आया था। घर में घुसते ही उसने सभी के ऊपर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। इस हमले में पुरुषोत्तम अग्रवाल (ससुर), नीलम देवी (सास), मुन्नी देवी (पत्नी) और एक बच्चा गंभीर रूप से झुलसा है। पूरी खबर पढ़ें 05- दवा कारोबारियों की हड़ताल, मरीज होते रहे परेशान ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और केंद्र सरकार की नई दवा नीति के विरोध में आज देशभर में दवा कारोबारियों की हड़ताल है। इस दौरान बिहार सहित पूरे देश में थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी। राज्य में 40 हजार से ज्यादा दुकानें हड़ताल में शामिल हो रही हैं। पटना के IGIMS के बाहर दवा दुकानें बंद हैं। इससे मरीजों के अटेंडेंट परेशान हैं। पूरी खबर पढ़ें 06- मिड-डे-मिल खाने से 36 से ज्यादा बच्चे बीमार नालंदा में बुधवार को मिड-डे-मिल का खाना खाकर 36 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। खाना खाने के थोड़ी ही देर बाद सभी को उल्टी, दस्त और चक्कर आने लगे। कई तो बेहोश होने लगे। तुरंत बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगरनौसा में भर्ती कराया गया। जहां इलाज जारी है। कुछ बच्चों की स्थिति गंभीर है, उन्हें चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया है। पूरी खबर पढ़ें 07- पुलिस मुठभेड़, एक अपराधी को पैर में लगी गोली समस्तीपुर में देर रात पुलिस और अपराघी के बीच मुठभेड़ हुई है। एनकाउंटर में बदमाश प्रिंस कुमार पुलिस की गोली से घायल हो गया है। प्रिंस को पैर में गोली लगी है। इलाज के लिए उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक प्रिंस पर कई लूट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें 08-14 से 24 जून तक होगी सिपाही भर्ती परीक्षा, डेट जारी बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) यानी CSBC ने तीन अलग-अलग सिपाही भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन परीक्षाओं का आयोजन 14 जून 2026 से 24 जून 2026 तक किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें 09- दर्जनों गाड़ियों के साथ पहुंचे मंत्री दिलीप जायसवाल देश में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से सादगी अपनाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल का मुजफ्फरपुर दौरा और उनके साथ चल रहा लंबा वीआईपी काफिला चर्चा का विषय बन गया है। पूरी खबर पढ़ें 10- बिहार के 5 जिलों में कल हीट वेव का रेट अलर्ट बिहार के 5 जिले भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में हीट वेव को लेकर रेट अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के बाकी के 28 जिलों में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
सरवनखेड़ा में बाल संरक्षण, 'बेटी बचाओ' पर बैठक:बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों पर हुई चर्चा
कानपुर देहात के विकासखण्ड सरवनखेड़ा में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत एक बैठक आयोजित की गई। 20 मई 2026 को हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी विमल सचान ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों, बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना था। प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी विमल सचान ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से समाज में लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करने और बालिकाओं को शिक्षा व सुरक्षा प्रदान करने की अपील की। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हर्ष मोहन सचान ने पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 के प्रावधानों और कन्या भ्रूण जांच पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई के बारे में बताया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने किशोर न्याय अधिनियम-2015 और नियमावली-2016 के तहत बालकों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डाला। सामाजिक कार्यकर्ता दीपिका सिंह सेंगर ने पॉक्सो एक्ट-2012, बाल विवाह के दुष्परिणामों और थानों में संचालित महिला हेल्पडेस्क की भूमिका पर जानकारी दी। जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर चर्चा की। उन्होंने गुड टच-बैड टच, बालिकाओं की सुरक्षा और विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सहायता के बारे में बताया। इस दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 181, 1090, 112, 1098 और 1076 के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। बैठक के समापन पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई गई। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए पम्पलेट और स्टीकर भी वितरित किए गए।
पटना में आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के छात्र विंग SSAI की ओर से NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान पुतला दहन किया गया। राजद कार्यालय से पैदल मार्च कर इनकम टैक्स गोलंबर पर पुतला दहन करना था। हालांकि प्रशासन की ओर से परमिशन नहीं दी गई। इसके बाद राजद कार्यालय के बाहर ही छात्र संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। देखें प्रदर्शन की तस्वीरें… छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप राजद छात्र विंग का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक बंद करो, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “नीट परीक्षा में पारदर्शिता लागू करो” जैसे नारे लगाए। इस प्रतिरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और राजद कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। संगठन ने छात्रों से आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज उठाने की अपील की है।
हरियाणा में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के बीच आज (बुधवार को) एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस मीटिंग में राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) की तारीखों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, मीटिंग का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के बीच स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CM को सौंपी विभाग ने रिपोर्ट शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री को मौसम की स्थिति, स्कूलों के संचालन और संभावित छुट्टियों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में समय परिवर्तन, छुट्टियों की अग्रिम घोषणा और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। समर वेकेशन जल्दी घोषित होने की संभावना सामान्य तौर पर हरियाणा में स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां जून के पहले सप्ताह से शुरू होती हैं, लेकिन इस बार तापमान में असामान्य वृद्धि के कारण सरकार छुट्टियां पहले घोषित कर सकती है। संभावना है कि सरकारी और निजी स्कूलों के लिए एक समान आदेश जारी किया जाए। ईंधन बचत से जुड़े फैसले भी संभव बैठक में केवल छुट्टियों पर ही नहीं, बल्कि ऊर्जा और ईंधन बचत से जुड़े उपायों पर भी चर्चा होगी। यदि स्कूलों को समय से पहले बंद किया जाता है तो स्कूल बसों, परिवहन और बिजली की खपत में कमी आएगी। सरकार इसे प्रशासनिक दक्षता और संसाधनों के बेहतर उपयोग से भी जोड़कर देख रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की रहेगी मौजूदगी बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मौसम विभाग से प्राप्त इनपुट और जिला स्तर की रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुति देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय लेंगे।राज्यभर के लाखों विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक इस बैठक के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि छुट्टियों की घोषणा होती है तो इसका लाभ लगभग सभी सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा। जल्द जारी हो सकता है आधिकारिक आदेश बैठक के बाद शिक्षा विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है। आदेश जारी होते ही स्कूलों को निर्देश भेज दिए जाएंगे और नई समय-सारिणी या छुट्टियों की तिथियां लागू हो जाएंगी। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई है, जिससे छात्रों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में NSUI ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के छह ब्लॉकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके गए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन भखारा, कुरूद, नगरी, बेलर, कुकरेल और मगरलोड सहितजिले के अलग-अलग ब्लॉकों में किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था, परीक्षा प्रणाली की विफलता और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे कथित खिलवाड़ को लेकर नारे लगाए। NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं की वर्षों की मेहनत और अभिभावकों के सपने कथित भ्रष्ट तंत्र के कारण बर्बाद हो रहे हैं। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दतिया जिले के इंदरगढ़ में मंगलवार रात युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट यूजी पेपर लीक मामले के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस हॉस्पिटल चौराहे से शुरू होकर सेवढ़ा रोड तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष शिवाजी गुर्जर और ब्लॉक उपाध्यक्ष अल्ताफ खान ने किया। बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में मशाल लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांगइस मौके पर युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह ‘रामू’ गुर्जर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।
बिहार की सियासत में शिक्षा को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर तीखा पलटवार किया है। शिक्षा मंत्री द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ाने की बात कहे जाने के बाद तेजस्वी यादव ने नाराजगी जाहिर करते हुए बीजेपी और एनडीए नेताओं पर निशाना साधा। पहले अपने नेताओं को सरकारी स्कूल में पढ़ाइए- तेजस्वी तेजस्वी यादव ने कहा कि, 'सरकारी स्कूलों से पढ़कर ही कई लोग IAS और IPS बने हैं। तेजस्वी ने कहा कि, आज IAS और IPS की संख्या घट गई है, जिस तादात में लोग पहले जाते थे। सरकारी स्कूलों का मजाक उड़ाना गलत है।’ तेजस्वी यादव ने कहा कि, 'लालू-राबड़ी सरकार के समय शिक्षा मंत्री के परिवार का भी कोई न कोई सदस्य सरकारी स्कूल में जरूर पढ़ा होगा। क्या बोले थे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी? पिछले दिनों शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्होंने “एजिटेशन” शब्द कहा था, लेकिन तेजस्वी उसे “एजुकेशन” समझ बैठे। मिथिलेश तिवारी ने कहा, “मैं शिक्षा मंत्री हूं, इसलिए तेजस्वी यादव की मैट्रिक तक की पढ़ाई सुनिश्चित कराना भी मेरी जिम्मेदारी है।' राजद के पोस्टर में पीएम मोदी पर तंज इधर, राष्ट्रीय जनता दल ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पोस्टर में पीएम मोदी के विदेश दौरे को लेकर तंज कसते हुए लिखा, ‘देश की जनता त्रस्त, मोदी जी विदेश यात्रा में मस्त।' पेट्रोल-डीजल की कीमत, सोना और विदेश यात्राओं के खर्च को लेकर भी राजद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही बीजेपी-जेडीयू पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
15 दिन का विकास वर्ग 400 शिक्षार्थी आएंगे
बाड़मेर | पंद्रह दिवसीय शालेय विद्यार्थियों का कार्यकर्ता विकास वर्ग 21 मई से 5 जून तक आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय लंगेरा में होगा। जोधपुर प्रांत से सूचीबद्ध, चयनित 400 से ज्यादा शिक्षार्थी भाग लेंगे। भीषण गर्मी में अनुशासित, कठोर दिनचर्या का पालन होगा। 100 से अधिक शिक्षक शारीरिक, बौद्धिक प्रशिक्षण देंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाड़मेर विभाग के विभाग संघचालक मनोहरलाल ने बताया कि प्रशिक्षण में दंड, नियुद्ध, यष्टि, पदविन्यास, समता, खेल, आचार पद्धति, गीत, प्रार्थना का अभ्यास होगा। अनेक महापुरुषों के जीवन से जुड़ी घटनाओं की जानकारी दी।
राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग प्रारंभ
जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर प्रांत की ओर से 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग का शुभारंभ 17 मई को शंकरलाल धानुका केशव विद्यापीठ, जामडोली में भारत माता पूजन के साथ हुआ। 1 जून तक चलने वाले इस आवासीय वर्ग में जयपुर प्रांत के 7 विभागों से कुल 92 शिक्षार्थी एवं प्रबंधिकाएं, शिक्षिकाएं एवं अधिकारी सहित […] The post राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग प्रारंभ appeared first on Sabguru News .
अररिया में कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में गायन, वादन और नृत्य का निःशुल्क प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस केंद्र का उद्देश्य जिले के बच्चों और युवाओं को कला के क्षेत्र में अवसर प्रदान करना तथा उनकी प्रतिभा को निखारना है। पहले आओ, पहले पाओ प्रशिक्षण शुरू होने के साथ ही बच्चों और अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 20 बच्चों ने केंद्र में नामांकन करा लिया है। नामांकन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है, जिसके लिए न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण मंगलवार से रविवार तक दोपहर 12 बजे से संध्या 6 बजे तक चलेगा। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए सीधे केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं। आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र द्वितीय तल, विजय एंड संस मार्केट, रानीगंज रोड, अररिया में स्थित है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि यह केंद्र बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभाग का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना है, ताकि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। पदाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराकर उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ें। यह पहल जिले में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे केंद्र बच्चों को व्यसनों से दूर रखने में भी सहायक होंगे।
हनुमानगढ़ में मंगलवार को श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा गुरु-शिष्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संगरिया की पंचायती धर्मशाला में हुए इस कार्यक्रम में 12वीं कक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 2000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। यह समारोह विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण क्लब 'स्पंदन' के अंतर्गत संचालित 'सद्भाव क्लब' के संयोजन में आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। समारोह को संबोधित करते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि सफलता केवल अच्छे अंकों से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच, संस्कार और निरंतर मेहनत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को देश की अमूल्य संपत्ति बताते हुए कहा कि मजबूत संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला ने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के दौर में स्वयं को लगातार अपडेट रखने की सलाह दी। उन्होंने छात्रों से अपने माता-पिता के संघर्ष और त्याग का सम्मान करने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा ने बताया कि वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं, जिनमें विदेशी छात्र भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्वविद्यालय ने योग के क्षेत्र में एक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस अवसर पर राजेश गोदारा, नीलम सोनी, राधेश्याम कोटी, देवेंद्र कौर, रजिस्ट्रार मयंक माथुर, पुरुषोत्तम मिड्ढा, पवन मिड्ढा, सीमा भल्ला, कमलेश गोदारा, सतीश गर्ग, संजय जिंदल, सुनील बिरट, डॉ. विक्रम औलख, सुरेंद्र अरोड़ा, डॉ. बाबूलाल पारीक, योगेंद्र स्वामी और मनीष भोबिया सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंच संचालन अनिल जिज्ञासु एवं मदनलाल शर्मा ने किया।
आबूरोड में कांग्रेस ने जताया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का विरोध, इस्तीफे की मांग
सबगुरु न्यूज- आबूरोड। नीट पेपर लीक के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर प्रदर्शन कर इस्तीफे की मांग की। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार NEET-2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक एवं परीक्षा निरस्त होने के विरोध में जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया […] The post आबूरोड में कांग्रेस ने जताया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का विरोध, इस्तीफे की मांग appeared first on Sabguru News .
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के ट्रेनिग सेशन से गायब रहने वाले एफिलिएटेड स्कूल्स के प्रिंसिपल पर चेयरमैन डॉ अमरपाल ने 1100-1100 रुपए जुर्माना लगा दिया। बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपल्स के लिए आज फिर से ट्रेनिंग सेशन रखा है। पीएसईबी ने प्रिंसिपल्स को चेतावनी दी है कि अगर आज भी गायब रहे तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बोर्ड ने साफ किया है कि एफिलिएशन नियमों के तहत कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) की 50 घंटे की ट्रेनिंग बेहद जरूरी है। पिछले सत्रों में प्रिंसिपलों का शामिल न होना बोर्ड अथॉरिटी ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस विशेष ट्रेनिंग और वर्कशॉप में अमृतसर, बठिंडा और बरनाला जिलों को छोड़कर, पंजाब के बाकी सभी जिलों के वे प्रिंसिपल शामिल होंगे जो पिछली बार गैर-हाजिर रहे थे। अनुपस्थित रहे प्रिंसिपलों को अब 1100 रुपए जुर्माना जम करवाने के बाद वर्कशॉप में शामिल हो सकेंगे। बोर्ड ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि आज की ट्रेनिंग में भी कोई प्रिंसिपल नहीं पहुंचता है, तो उसका केस एफिलिएशन नियमों के तहत उचित दंडात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। प्रिंसिपल नोट कर लें वर्कशॉप का पूरा शेड्यूल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा तय किए गए नए शेड्यूल के मुताबिक, अनुपस्थित रहे प्रिंसिपलों की आज सुबह 10 बजे से तीन बजे तक ट्रेनिंग चलेगी। प्रिंसिपी सुबह 9:30 बजे रजिस्ट्रेशन करवाएंगे ताकि समय पर ट्रेनिंग शुरू हो सके। ट्रेनिंग पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के ओडिटोरियम, मोहाली में होगी। प्रिंसिपल्स को वर्कशॉप में दी जा रही है ये जानकारियां…
संभाग स्तरीय शारीरिक शिक्षा शिक्षक स्नेह मिलन सम्मेलन
उदयपुर| राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ, चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में उदयपुर संभाग स्तरीय शारीरिक शिक्षा शिक्षक स्नेह मिलन सम्मेलन सांवलियाजी में संपन्न हुआ। इसमें संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक जुटे। मुख्य अतिथि संघ के प्रदेशाध्यक्ष हापु राम चौधरी रहे। सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं, संगठन को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में खेल गतिविधियों के विस्तार और खेल संस्कृति बढ़ाने पर चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्री ने गो विज्ञान परीक्षा का परिणाम घोषित किया
जयपुर| जयपुर प्रान्त की तरफ से हुई गो विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा 2025 का प्रांत स्तरीय परीक्षा परिणाम सोमवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषित किया। प्रांत के परीक्षा प्रभारी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में जयपुर प्रांत से 86 हजार 346 परीक्षार्थियों ने बाल वर्ग, किशोर वर्ग और तरुण वर्ग में हिस्सा लिया। जिला स्तरीय वरीयता प्राप्त 225 परीक्षार्थियों की पुनः परीक्षा 5 मई को स्वास्तिक भवन अंबाबाड़ी में हुई। इसमें तीनों वर्गों के 9 परीक्षार्थियों ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। बाल वर्ग में शगुन मीणा अलवर ने प्रथम, आयुष मिश्रा सीकर ने द्वितीय तथा अभिनव शर्मा डीग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। किशोर वर्ग में काजल कंवर चूरू ने प्रथम, रेखा चौधरी अलवर ने द्वितीय तथा यास्मीन सीकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी तरह तरुण वर्ग में रुचिका सेवदा श्रीमाधोपुर ने प्रथम, गुंजन यादव खैरथल तिजारा ने द्वितीय तथा किरण प्रजापत दौसा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त परीक्षार्थियों को क्रमश: 15000, 11000 एवं 8000 रुपए नकद तथा प्रशस्ति पत्र, तीनों वर्गों में एक-एक सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। इस अवसर पर परीक्षा संचालन समिति के सह प्रभारी महेंद्र कुमार शर्मा, बाबूलाल वर्मा, प्रेरणा मलिक व परीक्षा से जुड़े लोग मौजूद रहे।
शिक्षा भी हुई महंगी:आरयू ने यूजी-पीजी व पीएचडी की फीस 10 फीसदी बढ़ाई, 10 साल में डबल हुई
राजधानी के लोगों को पेट्रोल-डीजल, गैस के बाद अब पढ़ाई की महंगाई भी झेलनी पड़ेगी। राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) ने नए सत्र से 10% फीस बढ़ाने का फैसला लिया है। इसमें यूजी-पीजी कोर्स से लेकर पीएचडी तक शामिल है। पिछले 10 साल की बात करें तो फीस डबल हो गई है। 2016-17 में आरयू में पीएचडी की फीस 29 हजार थी, अब 54,860 लगेंगे। यूजी-पीजी, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स से लेकर परीक्षा फीस, डुप्लीकेट डिग्री, माइग्रेशन, मार्कशीट तक की फीस बढ़ी है। निजी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भी कोर्स महंगे हुए हैं। आरयू के इस निर्णय का असर संघटक कॉलेजों व विभागों में पढ़ रहे करीब 30 हजार रेगुलर छात्रों पर सीधा पड़ेगा। करीब 3 लाख से अधिक स्वयंपाठी विद्यार्थी भी प्रभावित होंगे। 58 करोड़ रुपए घाटे का अनुमान यूनिवर्सिटी ने अगले सत्र में 58 करोड़ के घाटे का आकलन किया है। छात्राओं की ट्यूशन फीस हर साल करीब 3.50 करोड़ रुपए होती है। सीनेट में छात्राओं की ट्यूशन फीस राज्य सरकार से देने की मांग की गई थी।
क्लस्टर सिस्टम पर शिक्षा मंत्री ने पुनर्विचार का दिया आश्वासन
रांची|झारखंड के विश्वविद्यालयों में क्लस्टरिंग सिस्टम को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने पुनर्विचार के संकेत दिए हैं। रविवार को एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मिलकर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया। डॉ कुमार राजा, विनय उरांव, पवन नाग, कैफ अली, सतीश केसरी ने कहा, क्लस्टरिंग व्यवस्था से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सामने आवागमन, कॉलेज चयन और शैक्षणिक समन्वय की समस्या समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। छात्र प्रतिनिधियों की बात सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि छात्रों को होने वाली परेशानियों और नीति की जटिलताओं को देखते हुए इस व्यवस्था पर दोबारा विचार किया जाएगा और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक परीक्षा स्थगित
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड इंटरमीडिएट प्रशिक्षित एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले स्थगित कर दिया है। आयोग ने सोमवार को परीक्षा स्थगित करने से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया। यह परीक्षा 20 से 23 मई तक आयोजित होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों की वजह से फिलहाल इसे टाल दिया गया है। जेएसएससी ने कहा है कि परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक के 3451 पदों पर नियुक्ति होनी है।
बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित पीएम श्री आत्मानंद विद्यालय में ओपन बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक छात्रा परीक्षा कक्ष में नकल करते दिख रही है। वहीं कुछ लोगों द्वारा स्कूल में छात्रों को गाइड उपलब्ध कराने और परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। अभिभावकों ने जताई नाराजगी इस मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी जताई है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और परीक्षा केंद्रों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि परीक्षा केंद्रों में इस तरह नकल होती रही, तो मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय होगा। वायरल वीडियो में दिख रही छात्रा वाला फुटेज 30 मार्च 2026 का बताया जा रहा है। इस संबंध में, बलौदाबाजार जिला शिक्षा कार्यालय के सहायक संचालक केएस मरावी ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और वे इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले 'आंदोलन' (agitation) और 'शिक्षा' (education) का अंतर समझना चाहिए। मंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि तेजस्वी यादव को आज तक इन दोनों शब्दों का मतलब नहीं पता है, तो वे सरकारी स्कूल में आ जाएं। उन्हें एक साल में इतना प्रशिक्षित कर दिया जाएगा कि फिर कभी गलती नहीं होगी। मंत्री ने एक्स पर लिखा ‘बबुआ’ शिक्षा मंत्री सोमवार को शिवहर पहुंचे थे, जहां उन्हें भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होना था। इसी दौरान दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला करते हुए उन्हें 'एक्स पर बबुआ' बताया और कहा कि वे इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। परीक्षार्थियों को आंदोलन की आवश्यकता नहीं बीएसएससी सीजीएल-4 की तैयारी को लेकर चल रहे विरोध और प्रदर्शन पर मंत्री ने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार के आंदोलन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार मंत्रालय स्तर पर लगातार बातचीत कर रही है और जल्द से जल्द शेड्यूल जारी करने की कोशिश की जा रही है। मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी दल छात्रों को भड़काने का काम कर रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे केवल अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान दें, क्योंकि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
नीट यूजी-2026 पेपर लीक के विरोध में सोमवार को श्रीगंगानगर में एनएसयूआई ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर रोष व्यक्त किया और नारेबाजी की। एनएसयूआई कार्यकर्ता शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह चौक स्थित सांसद आवास पर इकट्ठा हुए और पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। 'केंद्र सरकार की प्रशासनिक विफलता' एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान ने कहा- 3 मई 2026 को हुई नीट परीक्षा में देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। वर्षों की मेहनत के बाद तीसरी बार पेपर लीक होना केंद्र सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत है। लाखों परिवारों ने कर्ज लेकर, संपत्ति और गहने बेचकर अपने बच्चों को कोचिंग दिलाई थी, लेकिन उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। चार छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और लाखों विद्यार्थी डिप्रेशन की चपेट में हैं। NTA की कार्यप्रणाली संदिग्ध मान ने कहा- NTA की कार्यप्रणाली शुरू से ही संदिग्ध रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे सुधारने की बजाय कमियों को संरक्षण दिया। मान ने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। NSUI पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता और पेपर लीक की घटनाओं पर पूर्ण विराम नहीं लगता, तब तक उनका गांधीवादी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर अक्षय चलाना, वरजिन्द्र सिंह, दीपांशु वर्मा, भूपेश नाथ, संजीव ढुंढाड़ा, संजय गिरी, विक्की कलिया, राहुल मोयल, अशोक रोझ, कमलप्रीत सिंह, महेन्द्र गोदारा, भरत शेखावाटी, यश गोयल, राजन ढुंढाड़ा, हर्ष नाथ सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा जिले के केराझरिया गांव में देशहा यादव समाज की ओर से राधा-कृष्ण मंदिर का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शामिल हुए। सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक व्यास कश्यप और विधायक राम कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग भी उपस्थित रहे। यादव समाज की मांग पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण के लिए कुल 22 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसमें राज्य सरकार से 20 लाख रुपये और उनकी निजी निधि से 2 लाख रुपए शामिल हैं। इसके अलावा विधायक व्यास कश्यप ने 11 लाख रुपए और सांसद कमलेश जांगड़े ने 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। शिक्षा पर ध्यान देने की अपील शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने यादव समाज के लोगों से शासन की अलग-अलग योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकार की ओर से प्रदान की जा रही सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। नए सत्र से मंत्रोच्चार के साथ होगी पढ़ाई उन्होंने जांजगीर-चांपा जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों पर चिंता व्यक्त की। मंत्री ने घोषणा की कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही नए शिक्षा सत्र से स्कूलों में मंत्रोच्चार के साथ पढ़ाई शुरू कराई जाएगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों का मानसिक और बौद्धिक विकास करना है। शिक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता विधायक राम कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में यादव समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समाज को शासन-प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही। वहीं, विधायक व्यास कश्यप ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई, कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम में जिला अंतिम पायदान पर रहा है, इसलिए बेहतर अधिकारियों और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है।
तमिलनाडु में स्कूल शिक्षा टॉप एजेंडा, सीएम विजय ने मंत्रियों के साथ की पहली समीक्षा बैठक
गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारियां तमिलनाडु सरकार की प्राथमिकताओं में से एक बनकर उभरी हैं। मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई स्थित सचिवालय में शिक्षा मंत्री राजमोहन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण परामर्श किया।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर राहुल गांधी की पीएम से मांग को लेकर है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। दूसरी खबर यूएई के न्यूक्लियर प्लांट में ड्रोन अटैक की है। हम आपको यह भी बताएंगे कि यूपी में कैबिनेट विस्तार के 7वें दिन 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों क्या-क्या विभाग मिले। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन अटैक: ईरान पर हमले का शक UAE के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमला हुआ। एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा और रेडिएशन स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा। किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, ईरान पर शक: न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की सभी जरूरी मशीनें और सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। जंग के दौरान पहली बार हमला: बराकाह परमाणु संयंत्र UAE और पूरे अरब रीजन का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर प्लांट है। इसे दक्षिण कोरिया की मदद से करीब 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था और यह साल 2020 में शुरू हुआ था। यह प्लांट UAE की लगभग एक चौथाई बिजली जरूरत पूरी करता है। यह पहली बार है जब ईरान युद्ध के दौरान बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 2. राहुल बोले-PM ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया: बार-बार NEET पेपर कराने में फेल राहुल गांधी ने रविवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई, CBI ने जांच बिठाई। बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को पीएम मोदी बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।’ राहुल ने NEET के साथ CBSE का भी मुद्दा उठाया: राहुल गांधी ने एक्स में लिखा कि CBSE ने अब 9वीं क्लास के लाखों छात्रों को 1 जुलाई से नई भाषा सीखने का कहा है। न कोई शिक्षक है, न कोई बुक और 14 साल के बच्चों को काम चलाऊ उपाय के तौर पर 6वीं कक्षा की किताबें थमा दी गई हैं। पेपर लीक में 9वीं आरोपी कोर्ट में पेश: इधर, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 9वीं आरोपी को CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा को दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी में भूपेंद्र चौधरी को MSME मंत्रालय मिला, शपथ के 7वें दिन 8 नए मंत्रियों को विभाग बांटे गए यूपी में रविवार रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों को विभाग सौंप दिए हैं। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग यानी MSME मंत्रालय दिया गया है। दूसरे कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। जानिए किस मंत्री से कौन सा विभाग छिना? 10 मई को योगी कैबिनेट का विस्तार हुआ था: यूपी में विभागों के आवंटन में पूरे 8 दिनों का वक्त लगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीते शुक्रवार को X पोस्ट कर तंज कसा। कहा था- मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ यह है कि ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे को लेकर डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 4. केरलम में CM समेत 21 मंत्री बनेंगे, सभी नाम फाइनल: आज सतीशन सरकार की शपथ केरलम में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले रविवार को 20 मंत्रियों की पूरी कैबिनेट फाइनल हुई। CM के अलावा 11 और मंत्री कांग्रेस से हैं। बाकी सहयोगी दलों से हैं। सीएम और मंत्री आज शपथ लेंगे: कांग्रेस ने केरलम के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद 14 मई को ऐलान किया था कि 61 साल के वीडी सतीशन राज्य के नए सीएम होंगे। वह पारावूर सीट से विधायक हैं। आज तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होगा। केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं: केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था। लेकिन सीएम पर मुहर सतीशन के नाम पर लगी। पूरी खबर पढ़ें... 5. अरशद मदनी बोले- मुसलमान न झुका है और न झुकेगा, इस्लाम को मिटाने वाले खुद मिट गए जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को कहा- देश में मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है। इस्लाम को निशाना बनाया जा रहा है। डराया-धमकाया जा रहा है। लेकिन, मुसलमान न कभी झुका है और न कभी झुकेगा। इस्लाम को मिटाने वाले खुद मिट गए। संगठन ने घोषणा पत्र जारी किया: अधिवेशन में देश के मौजूदा हालात, सांप्रदायिकता और मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को लेकर घोषणापत्र जारी किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति अब धमकी की राजनीति में बदल चुकी है और मुसलमानों को डराकर अपनी शर्तों पर जीने के लिए मजबूर करने की कोशिश हो रही है। पूरी खबर पढ़ें… 6. IPL-2026: बेंगलुरु प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम: पंजाब लगातार छठा मैच हारी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रविवार को पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ बेंगलुरु के 18 पॉइंट्स हो गए और टीम इस सीजन में प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। वहीं, पंजाब की यह लगातार छठी हार रही। मैच के हाइलाइट्स: धर्मशाला में बेंगलुरु ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 222 रन बनाए। जवाब में पंजाब 8 विकेट खोकर 199 रन ही बना सकी। शशांक ने 27 गेंदों पर 56 रन की पारी खेली। इससे पहले, बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने 37 गेंदों में 58 रन की पारी खेली। पंजाब के लिए हरप्रीत बरार ने 4 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट लिए। पूरी खबर पढ़ें... 7. PM मोदी 8 साल बाद स्वीडन दौरे पर: फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 साल बाद स्वीडन पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में स्वीडन का दौरा किया था। PM मोदी का विमान जैसे ही स्वीडन की सीमा में पहुंचा, स्वीडिश फाइटर जेट्स ने उसे सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया। मोदी 9 साल बाद नीदरलैंड भी गए थे: पीएम मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहे। वे 9 साल बाद नीदरलैंड दौरे पर आए। यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से काफी अहम रहा। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वाटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। पूरी खबर पढ़ें… 8. CBSE ने 12वीं की रीवैल्यूएशन फीस ₹700 से ₹100 की, छात्रों के OSM विरोध के बाद फैसला शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं के छात्रों के विरोध के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। प्रति सवाल दोबारा जंचवाने के लिए अब 100 की जगह 25 रुपए ही लगेंगे। 26-29 मई के बीच रीवैल्यूएशन: 19 मई से 22 मई के बीच छात्र अपनी स्कैन आंशर शीट हासिल कर सकते हैं। यदि वे अपनी कॉपी को वेरिफाई या री-इवैल्युएट कराना चाहें तो अगले एक हफ्ते में 26-29 मई के बीच ऐसा कर सकेंगे। स्टूडेंट्स की शिकायत- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’: CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: महाराष्ट्र का अमरावती-वर्धा देश में सबसे गर्म, तापमान 46C: 8 राज्यों में पारा 40 पार; गुजरात की जंगल सफारी में जानवरों के लिए AC-स्प्रिंकलर लगाए (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: तमिलनाडु CM विजय से मिले कमल हासन, 6 मांगें रखीं: कहा- सरकारी OTT प्लेटफॉर्म लॉन्च करें, पायरेसी रोकने वाला स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनाएं (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के 2 कोच में आग लगी: गार्ड ने लोको पायलट को सूचना दी, 15 मिनट में 68 यात्री बाहर निकाले; सभी सुरक्षित (पढ़ें पूरी खबर) 4. नेशनल: किराएदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया: छह महीने से बेरोजगार, ₹2000 किराया नहीं दे पा रहा था; 2 आरोपी गिरफ्तार (पढ़ें पूरी खबर) 5. इंटरनेशनल: यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला: सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत (पढ़ें पूरी खबर) 6. इंटरनेशनल: ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा: सरकार ने जंग के लिए तैयार रहने को कहा, लोगों को गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे (पढ़ें पूरी खबर) 7. क्रिकेट: IPL- राजस्थान की लगातार तीसरी हार: दिल्ली 5 विकेट से जीती, केएल राहुल-अभिषेक के अर्धशतक, स्टार्क को 4 विकेट (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... बिहार में बच्चों का गुल्लक बैंक, एक रुपए से खाता खुलता बिहार की राजधानी पटना में बच्चों का अनोखा बैंक चल रहा है। यहां मैनेजर से लेकर ग्राहक तक सभी बच्चे हैं। ‘गुल्लक बच्चा बैंक’ में 1 रुपये से खाता खुलता है। इसका मकसद बच्चों को छोटी उम्र से पैसे बचाना सिखाना है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर 2. संडे जज्बात- सगे भाई को काटकर नहर में फेंका: मैंने नारियल समझकर पानी से निकाला, पॉलिथीन खोली तो सड़े हुए दो हाथ मिले 3. डेथ एनिवर्सरी, प्रकाश मेहरा ने गहने गिरवी रखकर जंजीर बनाई: अमिताभ को लिया तो डिस्ट्रीब्यूटर बोले- ये लंबा-बेवकूफ कौन, नशे में कहा- मैंने तुम्हें स्टार बनाया 4. जरूरत की खबर- गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बढ़ता मसल्स पेन: इन 10 संकेतों को इग्नोर न करें, लाइफस्टाइल में करें ये 9 जरूरी बदलाव 5. साइबर लिटरेसी- आपकी आइडेंटिटी चुरा रहे स्कैमर्स: आपके नाम से फर्जी सिमकार्ड तो नहीं, जानें कैसे पता लगाएं, कैसे करें डिएक्टिवेट करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने ज्ञान पथ और सरस्वती मुक्ताकाश मंच सौंपा गया
भास्कर न्यूज | कुकदूर बैगा जनजाति बाहुल्य वनवासी क्षेत्र में स्थित शासकीय नवीन कॉलेज ग्राम कुई-कुकदूर ने शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। कॉलेज में शनिवार को ज्ञान-पथ व सरस्वती मुक्ताकाश मंच का उद्घाटन हुआ,जहां भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को व्यवहारिक रूप में उतारने का अनूठा प्रयास देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विवि दुर्ग के कुलपति प्रो. संजय तिवारी व विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा शामिल हुए। कॉलेज परिसर में निर्मित ज्ञान-पथ इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यहां नालंदा, तक्षशिला व विक्रमशिला जैसे प्राचीन भारतीय विवि की जानकारी, भारतीय ज्ञानार्थियों के विचार, पंचकोश की अवधारणा, प्राचीन और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समन्वय तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मूल सिद्धांतों को दीवारों पर प्रदर्शित किया गया है। अतिथियों ने इसे भारतीय शिक्षा दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।कॉलेज परिसर में वृक्षों की छांव के नीचे सरस्वती मुक्ताकाश मंच का उद्घाटन भी किया गया। यह मंच गुरुकुल परंपरा की तर्ज पर तैयार किया गया है, जहां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, मूल्यपरक शिक्षा, कौशल विकास और समस्याओं के समाधान पर खुली चर्चा होगी। बताया गया कि छत्तीसगढ़ के 650 से अधिक कॉलेजों और 25 विवि में यह अपनी तरह की पहली पहल है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारा गया है। औषधीय पौधों पर पुस्तक का विमोचन भी किया गया कार्यक्रम के दौरान कुई-कुकदूर क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय पौधों, उनके गुणों और उपयोग पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। इसमें कॉलेज के स्टाफ व विद्यार्थियों के लेख भी शामिल हैं। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्रशेखर राजपूत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित पुस्तक का भी लोकार्पण हुआ। अतिथियों ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। खास बात यह रही कि पौधों पर अतिथियों के नाम के साथ क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर संबंधित पौधों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अतिथियों ने इसे राष्ट्र निर्माण का आधार बताया मुख्य अतिथि प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और नवाचार से जीवन को समृद्ध करने का अवसर है। टोपलाल वर्मा ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को संस्कृति, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए इस पहल को अनुकरणीय बताया। प्राचार्य जीए घनश्याम ने कहा कि नवाचार की बयार केवल कॉलेज का कर्मवाक्य नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारने की सतत प्रक्रिया है। कार्यक्रम में प्राध्यापकों, कर्मचारियों व बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।
शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का संभाग स्तरीय सम्मेलन आज
उदयपुर | राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के तत्वावधान में उदयपुर संभाग स्तरीय स्नेह मिलन सम्मेलन सोमवार को मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ धाम में होगा। सम्मेलन का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे होगा। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष हापुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री डॉ. भेरू सिंह राठौड़ सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, विभिन्न जिलों के उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) और संगठन पदाधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, संगठनात्मक मजबूती और शिक्षकों के आपसी समन्वय पर मंथन होगा।
लखीमपुर में रविवार को अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 826 अनुदेशकों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय अंतरित किया गया। कार्यक्रम में कारागार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शहर के रॉयल पैराडाइज में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय संबोधन की लाइव स्ट्रीमिंग भी दिखाई गई, जिसका उपस्थित अनुदेशकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण तिवारी ने किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में रुचि वर्मा, शैलप्रिया, मंजू मिश्रा, कामता प्रसाद, परमजीत सिंह, रविंद्र सिंह राना, कन्हैयालाल राजवंशी, करन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह और नीरज कुमार शामिल थे। शिक्षामित्रों को भी बढ़े हुए 17 हजार रुपये मानदेय के चेक वितरित किए गए। राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के सम्मान को नई पहचान दी है। उन्होंने अनुदेशकों को शिक्षा व्यवस्था का प्रहरी बताया और कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बेसिक शिक्षा को मजबूत कर रहे हैं। मंत्री ने अनुदेशकों से बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास करने का भी आग्रह किया। राठौर ने कहा कि बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों के परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अनुदेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर रविवार शाम दतिया में कांग्रेस ने मशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में निकली रैली दारूगर पुलिया से शुरू होकर तिगलिया, टाउनहॉल, पटवा तिराहा होते हुए किला चौक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर जमकर नारेबाजी की। “पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूट रहा” प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक को छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की रैली के दौरान नेताओं ने नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई। किला चौक पर सभा में दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी किला चौक पर हुई सभा में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हरदोई में रविवार शाम रसखान प्रेक्षागृह में अनुदेशक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह समारोह अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। जनपद में कार्यरत कुल 942 अनुदेशकों में से 20 को मंच पर प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया। समारोह में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और नगर पालिका परिषद हरदोई के अध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर भी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संस्कृति त्रिवेदी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और पौधे भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत, मुख्य अतिथि रजनी तिवारी और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने चयनित अनुदेशकों को बढ़ी हुई मानदेय राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। अपने संबोधन में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने जनपद के शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के संचालन में अनुदेशकों के प्रयासों और उनके संघर्षों की प्रशंसा की। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने शिक्षकों से जनसामान्य और अभिभावकों का सहयोग लेकर शैक्षिक अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा के लिए अनुदेशकों के प्रयासों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अनुदेशकों को मानदेय वृद्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रभास कुंवर श्रीवास्तव, अनिल कुमार झा, राम कुमार द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार सिंह, राजेश कुमार, डी.एल. राणा, राजेश राम, संतोष कुमार सिंह और जिला समन्वयक ब्रज भूषण मिश्र सहित विभिन्न विकास खंडों के अनुदेशक और कार्यालय स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
शाजापुर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के विरोध में रविवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद चौक पर प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम अपने तय समय से करीब एक घंटा देरी से शुरू हुआ और कार्यकर्ताओं की संख्या भी कम ही नजर आई। शाम साढ़े सात बजे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बैनर जलाकर अपना विरोध जताया, हालांकि बैनर जलाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। शहर के कई कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गैर-मौजूदगी के चलते यह विरोध प्रदर्शन छोटे स्तर पर ही सिमटा रहा। पटाखा फैक्ट्री हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि विरोध प्रदर्शन के साथ ही कार्यकर्ताओं ने देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कार्यकर्ता ओम शांति बोलकर मौन समाप्त कर आगे बढ़ गए। नेताओं ने सरकार को घेरा जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप ने कहा कि पिछले 9 सालों में यह चौथी बार है जब पेपर लीक हुआ है। इससे 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रही है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि पेपर लीक होना युवाओं की मेहनत और उनके सपनों पर बड़ा प्रहार है। छात्र सालों तक तैयारी करते हैं और ऐसी घटनाएं उन्हें तोड़ देती हैं। सीताराम पवैया ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस देश के प्रधानमंत्री की डिग्री पर ही सवाल हों, वहां शिक्षा व्यवस्था से क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल नीट के पेपर बाजार में लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों को नुकसान हो रहा है।
किशनगंज में डीपीएस किशनगंज के निदेशक आसिफ इकबाल को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान पटना में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) के 15वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस समारोह में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद और PSACWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। विभिन्न जिलों से आए शिक्षाविदों, विद्यालय संचालकों और प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। समाज में शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुईकार्यक्रम के दौरान निजी विद्यालयों की बदलती भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज में शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। आसिफ इकबाल को उनके विशिष्ट योगदान के लिए इसी अवसर पर सम्मानित किया गया। डीपीएस किशनगंज विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह सम्मान केवल निदेशक का नहीं, बल्कि विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सभी सहयोगियों की कड़ी मेहनत और विश्वास का प्रतीक है। प्रबंधन ने यह भी दोहराया कि डीपीएस किशनगंज भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। समारोह के अंत में, विद्यालय परिवार ने आयोजकों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प भी दोहराया। यह सम्मान क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई दिशा देने वाले प्रयासों को रेखांकित करता है।
शिवहर के पूरनहिया प्रखंड स्थित श्री राम जानकी बड़ी मठ को उत्तर बिहार में श्रीराम कथा एवं संस्कार शिक्षा का मुख्य प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और एकल अभियान के संस्थापक श्याम जी गुप्त ने रविवार को मठ में पूजा-अर्चना के बाद इसकी घोषणा की। श्याम जी गुप्त ने बताया कि पूरनहिया बाजार स्थित इस मठ में प्रतिवर्ष लगभग 6 हजार स्वयंसेवकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को बाद में गांवों में स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र उत्तर बिहार में संस्कार, नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक प्रमुख माध्यम बनेगा। 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित मठ के महंत प्रभु शरण दास और एकल अभियान बिहार प्रभारी तथा विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक राकेश तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, अयोध्या और वृंदावन सहित देशभर में 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित हैं। अब जून माह से शिवहर के पूरनहिया में भी स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। इस संस्कार साधक प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, ध्यान और जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण देना है। यहां 25 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं को सत्यनिष्ठा, सेवा भाव, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और भारतीय परंपराओं की शिक्षा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, योगासन और प्राणायाम के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 'हनुमान परिवार' बनाने का चलेगा अभियान एकल अभियान के मीडिया प्रभारी अगिनेत्र कुमार ने इस पहल को शिवहर जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत गांव-गांव में 'हनुमान परिवार' बनाने का अभियान भी चलाया जाएगा। अगिनेत्र कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख एकल विद्यालय संचालित हैं, जिनका लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर विनोद कुमार शर्मा, राधेश्याम शर्मा, अशोक उपाध्याय, संजय सिंह, कमलाकांत झा, राकेश सिंह और सुरेश प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भील समाज के 27 गांवों की बैठक:समाज सुधार और शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा
क्षेत्र में रविवार को भील समाज के 27 गांवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लगभग छह माह पूर्व आयोजित गवरी कार्यक्रम के समापन समारोह के उपलक्ष्य में बुलाई गई थी। इसमें आसपास के 27 गांवों से भील समाज के पंच, पटेल और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। बैठक में समाज सुधार और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समाज के पंचों ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने पर विशेष जोर दिया। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पुष्कर लाल डांगी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता पैमा राम भील ने की। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। ग्रामीण हिरालाल ने बताया कि इस तरह की बैठकों से समाज में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे अभी तक स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा, जिससे भविष्य में समाज में जागरूकता और विकास बढ़ेगा। बैठक के अंत में समाज की एकता बनाए रखने और नई पीढ़ी को शिक्षा एवं अच्छे संस्कार देने का संदेश दिया गया।
मथुरा में धनगर समाज के मेधावियों का सम्मान:'शिक्षा है अनमोल रतन' अभियान को बढ़ावा देने का उद्देश्य
मथुरा में मिशन परिवर्तन धनगर समाज के तत्वावधान में एक जिला स्तरीय मेधावी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का सब करो जतन अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक स्थानीय होटल में हुआ। इसमें समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शिक्षा, संस्कार और समाजहित में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उत्तराखंड के रुद्रपुर से आए उद्योगपति तेजू बघेल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और मातेश्वरी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश चन्द धनगर ने अपने संबोधन में कहा कि मेधावियों का सम्मान समाज को नई दिशा देता है और युवाओं में आगे बढ़ने का उत्साह भरता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाकर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। डॉ. धनगर ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी भगवान सिंह धनगर ने की, जबकि संचालन डॉ. रमेश चन्द धनगर ने किया। अन्य वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शिक्षित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। समारोह के अंत में, समाज के सदस्यों ने शिक्षा जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मांग पत्र भेजा है। यह मांग पत्र उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री को संबोधित किया गया है। संघ ने मांग की है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में लिपिक पदों का सृजन किया जाए। इसके साथ ही, मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति देकर इन लिपिक पदों पर समायोजित किया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त अधिकांश कर्मचारियों के पास लिपिकीय योग्यता होती है। हालांकि, परिषद में लिपिक पद रिक्त न होने के कारण उन्हें मजबूरीवश चतुर्थ श्रेणी पद स्वीकार करना पड़ता है। संघ ने अपने मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पांच वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद लिपिक पद पर पदोन्नति का प्रावधान है, जबकि बेसिक शिक्षा परिषद में ऐसी कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है। पदाधिकारियों का तर्क है कि विद्यालयों में लिपिक पद सृजित होने से शिक्षकों को कार्यालयी कार्यों से मुक्ति मिलेगी। इससे वे छात्रों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जिससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्र संख्या में भी वृद्धि होगी। इस मांग पत्र पर जिला मीडिया प्रभारी अजय कुमार, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रानी सिंह, जिला उपाध्यक्ष विशाल मिश्रा और आलोक नारायण मिश्रा के हस्ताक्षर हैं।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पर जनता का अपमान करने का आरोप लगाया है। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने हाल में ही हुए निकाय चुनाव में भाजपा पर भरोसा जताया, लेकिन कांग्रेस हार स्वीकार करने की बजाय जनता को ही गलत ठहराने की कोशिश कर रही है। शिक्षा मंत्री रविवार दोपहर को शाहाबाद रेस्ट हाउस पहुंचे थे। यहां उन्होंने चुनावी नतीजों से लेकर कॉलोनियों, विकास कार्यों और हरियाणा बोर्ड के रिजल्ट तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उन समस्याओं को हल किया, जिन्हें पिछली सरकारों ने सालों तक नजरअंदाज किया। बुलडोजर भेजते थे कांग्रेस के लोग- ढांडा ढांडा ने कहा कि शहरों में बनी ज्यादातर कॉलोनियां पहले अवैध घोषित कर दी गई थीं। वहां न सड़कें थीं, न पानी, न बिजली और न ही सीवर की व्यवस्था। जब कोई कांग्रेस की सरकार में इसकी बात करता था, तो उनको सिर्फ नोटिस और बुलडोजर भेजने का डर दिखाया जाता था। भाजपा सरकार ने इन कॉलोनियों को वैध करने का काम किया और वहां मूलभूत सुविधाएं पहुंचाईं। कांग्रेस को कौन देगा आशीर्वाद उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिलता था। जब लोग मांग लेकर जाते थे तो उन्हें सुविधाएं देने की बजाय कॉलोनी तोड़ने की धमकी दी जाती थी। ऐसी सोच रखने वाले लोग जनता का आशीर्वाद कैसे उम्मीद कर सकते हैं। जनता ने प्रधानमंत्री के विकास मॉडल और हरियाणा सरकार के कामों पर भरोसा जताया है। हम भी चुनाव हार चुके उन्होंने कहा कि हमने भी कई चुनाव हार चुके हैं, लेकिन हमने कभी हार के बाद जनता या ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए। जनता का फैसला सर्वोपरि है। अगर जनता हमें सत्ता से बाहर करती है तो हम उसका सम्मान करते हैं। कांग्रेस को भी जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। हमारा रिजल्ट CBSE के बराबर शिक्षा मंत्री ने हरियाणा बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले प्रदेश का रिजल्ट करीब 53 प्रतिशत के आसपास रहता था, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार सुधार हुआ है। इसका श्रेय शिक्षकों और छात्रों की मेहनत को जाता है। आज हमारा रिजल्ट CBSE के बराबर पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर व्यवस्था नहीं बनती ढांडा ने कहा कि टीचर और बच्चों की मेहनत का नतीजा है कि हर साल रिजल्ट बेहतर हो रहा है। सिर्फ सोशल मीडिया पर बैठकर स्कूलों और शिक्षकों को कोसने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती। जो लोग आज शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने समय की स्थिति भी याद करनी चाहिए।
ग्वालियर में रविवार को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा में लगातार हो रही धांधलियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है, साथ ही सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। NEET परीक्षा अब व्यापार बन चुकी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नीट परीक्षा में हो रहे घोटालों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में लगातार चौथी-पांचवीं बार नीट का पेपर लीक हुआ है, जिसके कारण लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है और उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। भाजपा शासित राज्यों से इसकी लगातार शिकायतें आ रही हैं और यह छात्रों के भविष्य के साथ खुलेआम व्यापार हो रहा है। साजिश का पर्दाफाश उन्होंने दावा किया कि साल 2017, 2021, 2024, 2025 और अब 2026 में भी पेपर लीक हुआ। इस बार जो आरोपी पकड़ा गया है, पिछले साल उसी के परिवार के पांच लोग मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पा चुके हैं। पेपर लीक के जरिए करोड़ों रुपये कमाए जा रहे हैं। संसद की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने बताया कि उनकी समिति ने नीट परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए दो विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) और सुझाव सौंपे थे, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उन्हें स्वीकार तक नहीं किया। सुझाव नहीं मानना संसदीय समिति का अपमान दिग्विजय सिंह ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी के सुझावों को नहीं मानने पर जब पत्रकारों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पर सवाल किया, तो उन्होंने यह कहकर समिति के सुझावों को खारिज कर दिया कि इसमें विपक्ष के लोग भी हैं। यह लोकतंत्र की बुनियाद और संसद का अपमान है। मेरी अध्यक्षता में समिति ने जितनी भी रिपोर्ट दी हैं, वे भाजपा और विपक्ष के सांसदों की सर्वसम्मति से आई हैं, किसी में कोई 'डिसेंटिंग नोट' (विरोध) नहीं था। धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, नहीं तो प्रधानमंत्री उन्हें तत्काल बर्खास्त करें। जनता को सोना खरीदने से रोका, खुद सरकार खरीद रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषणों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में गरीबों से लेकर अमीरों तक, शादियों और आयोजनों में सोना खरीदने की एक अटूट परंपरा है। एक तरफ प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है और खुद सरकार बड़ी मात्रा में सोना खरीद रही है। इस नीति के कारण देश के सुनार और उनके अंतर्गत काम करने वाले गरीब कारीगर भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। राजेन्द्र भारती केस पर भी यह बोले दिग्विजय पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राजेंद्र भारती प्रकरण पर कहा कि राजेंद्र भारती की मां एक एनजीओ चलाती थीं, जिसकी एफडी (FD) को रिन्यू कराने के मामले को लेकर लोन का मुद्दा बनाया गया। इसमें बैंक को कोई नुकसान नहीं हुआ, फिर भी रात के वक्त आनंद-फानन में आदेश जारी किए गए, जो दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीना (सागर) की कांग्रेस विधायक (निर्मला सप्रे) खुलेआम भाजपा के साथ मंच साझा कर रही हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई दलीय कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने उच्च न्यायालय के एक फैसले पर भी अचरज जताया, जिसमें आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा को प्रताड़ित कर हारे हुए प्रत्याशी को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ एक राजनैतिक प्रतीक विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव लाना महज एक राजनैतिक प्रतीक है, क्योंकि संख्या बल के हिसाब से इसे पास कराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, हम अविश्वास प्रस्ताव लाकर समय खराब करने के बजाय माननीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के विवेक पर छोड़ते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे अपने अधिकारों का शत-प्रतिशत उपयोग कर पूरी निष्पक्षता से काम करेंगे। धर्म के नाम पर नफरत का बाजार स्वीकार नहीं ग्वालियर में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह रविवार को रामाजी का पुरा स्थित हस्सू-हद्दू खां सभागार में आयोजित 'अल्पसंख्यक-अनुसूचित जाति सम्मेलन' में शामिल हुए हैं। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि देश में धर्म के नाम पर फैलाई जा रही नफरत को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश की साझा संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि हमारा एकमात्र संदेश इंसानियत का है, जो भारत की मूल संस्कृति रही है। सनातन धर्म हजारों वर्ष पुराना है और उसके बाद जितने भी धर्म आए, सभी ने भारत की इस पावन संस्कृति को सहर्ष अपनाया। आज देश में नफरत का बाजार चलाया जा रहा है, जहां भाई को भाई से लड़ाने की कोशिशें हो रही हैं। हम धर्म के नाम पर इस बाजार को चलने नहीं देंगे और राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' को निरंतर आगे बढ़ाएंगे।
मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के नॉर्थ कैंपस में रविवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा ने पुष्पगुच्छ, मोमेंटो और प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति हो या जीवन का कोई अन्य क्षेत्र, आगे बढ़ने के लिए शिक्षा के साथ संस्कार और भाषा का ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र बाबू के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है और यह पूरे कोसी क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। नई पीढ़ी को सीखने की जरूरतउन्होंने कहा कि भूपेंद्र बाबू सच्चे समाजवादी नेता थे और उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। बड़े लोगों से अच्छी बातें सीखकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने नेताओं के अनुभव और आचरण से नई पीढ़ी को सीखने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता का कारण उनका काम है। उन्होंने कहा कि वह हर घर जाकर वोट नहीं मांगते, बल्कि 4-6 पंचायत मिलाकर एक बैठक कर लोगों के बीच 5 मिनट अपनी बात रखते हैं और कहते हैं कि यदि काम किया है तो वोट दीजिए, नहीं किया है तो मत दीजिए। उन्होंने कहा कि कर्म ही पूजा है और जिस दायित्व का निर्वहन मिले, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए। बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआकुलपति प्रो. बीएस झा ने कहा कि बिजेंद्र यादव ने समाजवाद को व्यवहार में उतारा है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और आज गांव-गांव तक बिजली पहुंची है। पहले कई-कई दिनों तक बिजली नहीं रहती थी, जबकि आज बिहार में बिजली व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। उन्होंने 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को साहसिक कदम बताया और कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उपमुख्यमंत्री का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीएनएमयू पर उनका विशेष सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। इलाके में विकास की नई धारा बहने लगीटीपी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. कैलाश प्रसाद ने कहा कि बिजेंद्र प्रसाद यादव कोसी क्षेत्र के विश्वकर्मा हैं। उनके प्रयासों से पिछड़े इलाके में विकास की नई धारा बहने लगी है। विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय को भी काफी लाभ मिला है। उन्होंने बिजेंद्र यादव को विकास, सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया। एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाईमधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने अपने संबोधन में मधेपुरा में एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हवाई सेवा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। समारोह में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, सिंहेश्वर विधायक रमेश ऋषिदेव, कुलसचिव डॉ. अशोक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने किया।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने एनईईटी परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक और अव्यवस्थाओं को देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार ने मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को तोड़ दिया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने कठिन मेहनत के साथ परीक्षा दी, लेकिन लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और गड़बड़ियों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास का प्रश्न है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय की जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित छात्रों को उचित न्याय और मुआवजा दिया जाए। प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर देश के युवाओं के सामने स्पष्ट जवाब रखें। पहले भी विवादों में रही है नीट परीक्षा सांसद सैलजा ने कहा कि नीट यूजी 2024 भी देशभर में भारी विवादों में रहा। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने जांच के दौरान जली हुई कॉपियों से 68 सवाल रिकवर किए थे, जो असली प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए थे। सवालों के क्रमांक तक एक जैसे थे। जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित स्कूल का नाम सामने आया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रश्न पत्र वाले एक पैकेट को निर्धारित जगह से अलग तरीके से खोला गया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं दाखिल हुई थी। कुछ छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी तो कुछ ने दोबारा परीक्षा करवाने का विरोध किया था। 2021 में सॉल्वर गैंग का हुआ था खुलासा सांसद ने कहा कि वर्ष 2021 में नीट यूजी परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था। सीबीआई ने नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि कुछ छात्रों के परिवारों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया। जांच में दिल्ली और रांची के परीक्षा केंद्रों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। सीबीआई ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। 17 जुलाई 2022 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के बाद सीबीआई ने एक सॉल्वर गैंग के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज के जरिए असली छात्रों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाई गई। दिल्ली और हरियाणा के परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की गतिविधियों का खुलासा हुआ था। बाद में सीबीआई ने कई शहरों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की। साल 2018 में दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर स्थित एजुकेशन सेंटर पर नीट परीक्षा में धांधली करने के आरोप लगे थे। आरोप था कि संस्थान छात्रों को परीक्षा पास करने का झांसा देता था और इसके बदले बड़ी रकम वसूलता था। मामले की शिकायत के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की थी।
रीवा में NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 19 मई को डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI के रीवा जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के विरोध में कार्यकर्ता घंटी और शंख बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। NSUI की प्रमुख मांगेंसंगठन ने “NEET 2026 न्याय अभियान” के तहत निम्नलिखित मांगें रखी हैं… परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठाए सवालप्रेस वार्ता में NSUI नेताओं ने कहा कि 2015 के AIPMT, 2024 और अब 2026 के NEET पेपर लीक मामलों ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने कोटा, सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब की भूमिका की जांच और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल दोबारा परीक्षा कराना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूसNSUI के ऐलान से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रीवा में NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। शहर में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए।
पंजाब के 72 शिक्षक फिनलैंड रवाना, सीएम मान बोले- शिक्षा में नई क्रांति लाएंगे
पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के 72 सरकारी स्कूल शिक्षकों का चौथा प्रतिनिधिमंडल फिनलैंड के लिए रवाना हो गया। ये शिक्षक वहां आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नए शैक्षिक उपकरणों और बेहतर शिक्षा पर प्रशिक्षण लेंगे।
भोपाल में NEET पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम प्रदेश कांग्रेस ने टीन शेड से रोशनपुरा चौराहे तक मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस के दौरान “मोदी सरकार मुर्दाबाद”, “बच्चों के भविष्य के साथ खेलना बंद करो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में पेपर लीक हो रहा है। उसके पीछे मोदी सरकार जिम्मेदार है। मशाल जूलूस की 3 तस्वीरें… पटवारी बोले- पेपर लीक, मोदी वीक पटवारी ने कहा कि महंगाई बढ़ी, रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था कमजोर हुई, बेरोजगारी बढ़ी और किसान कर्ज में डूबे तो इसकी जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है। मैं फिर कहता हूं- पेपर लीक, मोदी वीक। कांग्रेस नेता बोलीं- आत्महत्या नहीं, बच्चों की हत्या हुई कांग्रेस नेता दीप्ति सिंह ने कहा कि अगर देश का मुखिया पढ़ा-लिखा होता, तो उसे यह अहसास होता कि जिन बच्चों ने दो-दो साल मेहनत कर तैयारी की, उनका पेपर रद्द होने का क्या असर पड़ता है उन्होंने कहा कि कई राज्यों में छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। मैं इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या मानती हूं। यह शर्म की बात है कि न तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जा रहा है और न ही NTA पर कोई कार्रवाई हो रही है। 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा, 12 मई को हुई रद्द NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया। -------------
देवास में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने शनिवार रात मशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशाल लेकर नारेबाजी की और कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनती छात्रों के सपने टूट रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। इस मौके पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नीमच में नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन की शुरुआत में सभी कार्यकर्ता भारत माता चौराहा पर इकट्ठा हुए, जहां से मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से होता हुआ शहर के मुख्य रास्तों और विजय टॉकीज चौराहा से गुजरा और वापस भारत माता चौराहा पर आकर खत्म हुआ। जुलूस के दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका मशाल जुलूस के आखिर में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में नीट जैसी बड़ी और प्रतिष्ठित परीक्षा में भारी घोटाला हुआ है, जिससे देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल हुए कई नेता और कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई बड़े चेहरे नजर आए। इनमें जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती, ब्लॉक अध्यक्ष ओम दीवान, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मनमोहन सिंह, मोनू लोकस, अनिल चौरसिया, गजेंद्र यादव, योगेश प्रजापति और पृथ्वीसिंह वर्मा शामिल थे। साथ ही महिला मोर्चा की तरफ से आशा सांभर, बेबी मेहरा, मधु बंसल सहित मनीष पोरवाल और विमल शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और छात्रों के हक में आवाज उठाई।
श्योपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम नीट पेपर लीक मामले के विरोध में शहर में मशाल जुलूस निकाला। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंबेडकर पार्क से प्रमुख मार्गों तक निकाला जुलूस कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मशाल जुलूस अंबेडकर पार्क से प्रारंभ होकर पटेल चौक, जय स्तंभ और गोलंबर होते हुए वापस जय स्तंभ पर खत्म हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें लेकर केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणाली और अनियमितताओं पर आक्रोश व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफा और रासुका की मांग जिलाध्यक्ष मांगीलाल फौजी ने कहा कि व्यापमं के बाद अब नीट पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक के दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परीक्षा प्रणाली और भेदभाव पर उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर साधारण छात्रों की सघन तलाशी ली जाती है, जबकि प्रभावशालियों तक पेपर पहले ही पहुंच जाते हैं। उन्होंने इसे भाजपा सरकार का डबल खेल बताते हुए युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक बाबू जंडेल समेत कई पदाधिकारी रहे शामिल प्रदर्शन के दौरान श्योपुर विधायक बाबू जंडेल, पूर्व नपाध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, संगठन महासचिव संजीव कुशवाह और युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभरत मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उज्जैन में नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में टावर चौक से मशाल रैली निकाली गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह मशाल रैली टावर चौक से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं, पुरुष और नीट परीक्षा दे चुकी छात्राएं व उनके परिजन शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है जैसे नारे लिखे थे। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। रैली देर शाम टावर चौक से शुरू होकर इंदिरा गांधी चौक होते हुए शहीद पार्क पहुंची और फिर वापस टावर चौक लौटी। इस दौरान सभी ने बारी-बारी से मशाल थामी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे प्रमुख थे। टावर चौक पर रैली के समापन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, और इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
हरदा में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में दोनों संगठनों ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर घंटाघर चौक पर पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। ‘मुन्नाभाई जैसे डॉक्टर तैयार कर रही सरकार’ एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ विश्नोई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली डॉक्टर नहीं, बल्कि ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसे डॉक्टर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई में लगाते हैं और छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन मेडिकल सीटें लाखों रुपये लेकर बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सालभर तैयारी करने वाले छात्र मानसिक तनाव में हैं और कई छात्र आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं। ‘व्यापम से लेकर NEET तक भरोसा टूटा’ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि पहले व्यापम और अब नीट पेपर लीक ने परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जागने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो देश की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। व्यास ने सरकार को छात्र और किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हित में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA भंग करने की मांग पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने कहा कि व्यापम और नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता खत्म कर दी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दोषियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की भी मांग उठाई। टाले ने आरोप लगाया कि परीक्षा के समय छात्रों की कड़ी तलाशी ली जाती है, लेकिन पेपर बड़े लोगों तक पहले ही पहुंच जाता है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
सुपौल जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों पर कार्रवाई की है। विभागीय जांच में बिहार से बाहर रहकर पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का मामला सामने आने के बाद दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक नियोजित शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत वारंटपुर विद्यालय की शिक्षिका मोनिका मिश्रा ने 5 और 6 मई 2026 को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर “मार्क ऑन ड्यूटी” दर्ज किया था। विभागीय समीक्षा में उनकी भौगोलिक लोकेशन उत्तर प्रदेश के मझवारा क्षेत्र में पाई गई, जो संबंधित प्रखंड मुख्यालय से करीब 490 किलोमीटर दूर है। जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने सक्षम पदाधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराए बिना ही दूरस्थ स्थान से उपस्थिति दर्ज की। बिहार से बाहर रहते हुए पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का आरोप मामले में विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार और नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों पर बिहार से बाहर रहते हुए पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का आरोप है। डीपीओ स्थापना आलोक शेखर ने बताया कि नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार के निलंबन के लिए संबंधित प्रखंड नियोजन इकाई को अनुशंसा भेजी गई है, जबकि अन्य दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने बताया कि कार्रवाई से पूर्व संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने इसे सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। मामले के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
NEET-UG की परीक्षा लीक होने के बाद रद्द होने से पूरे देश में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। MHRD डिपार्टमेंट ने भी इसे फेलियोर बताया है और जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद CBI जांच कर रही है। NTA का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने NTA का पुतला फूंका और जमकर विरोध किया। इस दौरान उन्होंने NTA को शिक्षा का राक्षस बताया। इस दौरान MHRD मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। देखिये तस्वीरें… मुख्य द्वार पर फूंका पुतला हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने तय कार्यक्रम के अनुसार NTA का विरोध किया। NTA का पुतला बनाकर पहले कैंपस में लेकर घूमे और उसे गेट से बाहर ले जाने की कोशिश की पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें गेट के अंदर ही रोक लिया। जहां छात्रों और पुलिसकर्मियों में नोकझोक भी हुई। इसके बाद गेट के अंदर ही छात्रों ने पुतले को आग लगाईं और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बनता जा रहा है। शिक्षा का राक्षस है NTA छात्र नेता अभय यादव ने कहा - NTA के द्वारा कराए जा रहे एग्जाम लगातार लीक हो रहे हैं। छात्रों का इससे भविष्य खराब हो रहा है। एक ही परीक्षा उन्हें दो दो बार देनी पड़ रही है। जिससे उनका कंसन्ट्रेशन खराब हो रहा है। और पास होने वाले छात्र भी फेल हो जा रहे हैं। हाल ही में हुई NEET की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और उसे रद्द करना पड़ा। ऐसे में यह प्रतीत होता है की NTA शिक्षा का राक्षस है और यह शिक्षा को धीरे-धीरे ख़त्म कर रहा है क्योंकि परीक्षाएं लीक होंगीं तो अभ्यर्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। नॉन ट्रस्ट एजेंसी बन गयी है NTA, सरकार खत्म करे छात्र नेता अभिषेक यादव ने कहा - NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बन गयी है। इसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार को चाहिए की इसे खत्म कर दे। छात्र लाखों रुपए लगाकर तैयारी करते हैं। फिर परेशान होकर अपने घरों से कई 100 किलोमीटर दू धक्के खाकर परीक्षाएं देने जाते हैं और परीक्षा के 10 दिन बाद कहा जाता है कि परीक्षा रद्द कर दी जा रही क्योंकि पेपर लिक हो गया। ऐसे में NTA की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
सुपौल सदर प्रखंड अंतर्गत बकौर पंचायत के हरिजन उच्च माध्यमिक विद्यालय सिहे परिसर में शनिवार को स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव ने फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया और स्व. मंडल के समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सिहे पहुंचे श्री यादव का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्व. लड्डूलाल मंडल के पुत्र एवं स्थानीय जिला परिषद सदस्य महेश्वरी प्रसाद यादव तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने उन्हें पाग, चादर और बुके भेंट कर सम्मानित किया। युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने की अपील की अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल ने समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और ऐसे व्यक्तित्वों की स्मृति को संरक्षित करना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और समाजहित में कार्य करने की अपील की। समारोह में सांसद दिलेश्वर कामैत, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, जदयू जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया। समारोह में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि स्व. लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, समाज सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी। समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में UMIS को लेकर चल रहा विवाद अब मधेपुरा से पटना तक पहुंच गया है। कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद एवं बीएनएमयू सिंडिकेट सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले में संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। एजेंसी के गठजोड़ से करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता डॉ. संजीव कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कुलाधिपति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य सरकार और बिहार के विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया था कि नामांकन, पंजीयन, परीक्षा, वेतन और पेंशन समेत सभी कार्य भारत सरकार के निशुल्क ऑनलाइन समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित किए जाएं। इसके बावजूद बीएनएमयू में इन निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और यूएमआईएस एजेंसी के गठजोड़ से करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता हो रही है। उनके अनुसार, समर्थ पोर्टल को प्रभावी तरीके से लागू नहीं होने देने के लिए जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। तत्कालीन नोडल पदाधिकारी को कथित रूप से धमकी दी गई थी डॉ. सिंह ने कहा कि यूएमआईएस इंचार्ज द्वारा समर्थ पोर्टल के तत्कालीन नोडल पदाधिकारी शशिकांत कुमार को कथित रूप से धमकी दी गई थी। इसके बावजूद कार्रवाई करने के बजाय कुलसचिव ने शशिकांत कुमार का दंडात्मक तबादला कर दिया। वहीं, पीड़ित शिक्षक के समर्थन में आवेदन देने पर सीनेट सदस्य डॉ. सुधांशु शेखर को भी प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि यूएमआईएस कंपनी विश्वविद्यालय के साथ हुए एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है। एजेंसी को 17 मॉड्यूल्स पर काम करना था एग्रीमेंट के अनुसार एजेंसी को 17 मॉड्यूल्स पर काम करना था, लेकिन फिलहाल केवल तीन मॉड्यूल्स पर ही कार्य हो रहा है, वह भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी विश्वविद्यालय से लाखों रुपये के उपकरण और अन्य मदों में राशि ले रही है, जबकि छात्र-छात्राओं का डाटा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि सिंडिकेट के निर्णय के अनुसार यूएमआईएस एजेंसी के साथ एक वर्ष का करार किया गया था, जिसकी अवधि 19 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद एजेंसी से कार्य लिया जा रहा है। डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि यूएमआईएस के समानांतर सीएमआईएस के माध्यम से भी छात्रों से अवैध वसूली की जा रही है। उनके अनुसार यूएमआईएस के नाम पर प्रति छात्र 248 रुपये तथा सीएमआईएस के नाम पर कॉलेज स्तर पर प्रति छात्र 100 रुपये की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
NEET-UG पेपर लीक होने के बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के सदस्यों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे NTA पर बैन लगाने की मांग कर रहे थे। हाथों में पोस्टर, बैनर और पार्टी के झंडे लिए IYC कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति सर्कल से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर विरोध मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। NSUI के कार्यकर्ता चेन-ताला लेकर पहुंचे थे। इन लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर भी हंगामा किया। जहां इन लोगों ने नकली नोट उड़ाए। पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को हिरासत में ले लिया है। इधर, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, एग्जाम कैंसिल होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल, 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा 21 जून को होगी। देखिए NTA के बाहर हंगामे की तस्वीरें… सुप्रीम कोर्ट से NTA की जगह नई संस्था बनाने की मांग एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितु रेनीवाल और एडवोकेट महेंद्र कुमावत ने याचिका दायर की है। इसमें एक रिट जारी करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA को भंग कर दे। उसकी जगह संसद द्वारा पारित कानून के माध्यम से नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए। यूथ कांग्रेस का आरोप- NDA सरकार में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार के शासन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 12 साल में 89 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और खुद NEET एग्जाम के पेपर भी चार बार लीक हो चुके थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। IYC के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि BJP ने एक ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था बना दी है कि अमीर परिवारों के बच्चों को ही सीटें और नौकरियां मिलेंगी, जबकि गरीब परिवारों के छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘रीएग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। छात्र रीएग्जाम में अपनी पसंद का सेंटर चुन पाएंगे।’ पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सीनियर सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी सह-उत्तर मध्यमा तथा सेकेंडरी/सेकेंडरी-सह-पूर्व मध्यमा वार्षिक परीक्षा-2026 का परीक्षा परिणाम 12 व 14 मई को घोषित किया जा चुका है। जो परीक्षार्थी सीनियर सेकेंडरी व सेकेंडरी की कंपार्टमेंट/EIOP (Eligible for Improvement for Performance) एवं अतिरिक्त श्रेणी की परीक्षा जुलाई-2026 में प्रविष्ठ होना चाहते हैं, ऐसे परीक्षार्थी 20 मई से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक) परीक्षा जुलाई-2026 के लिए परीक्षार्थी 1000 रुपए बिना विलंब शुल्क सहित 20 मई से 28 मई तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद परीक्षार्थी 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ 29 मई से 2 जून तथा 300 रुपए विलंब शुल्क सहित 3 जून से 7 जून एवं 1000 रुपए विलंब शुल्क सहित 8 से 11 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी उक्त परीक्षा के लिए समय रहते आवेदन करना सुनिश्चित करें। अंतिम तिथि उपरान्त किसी भी प्रकार के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड की वेबसाइट पर जारी हेल्पलाइन नंबर 01664-254300 एवं ई-मेल assec@bseh.org.in, assrs@bseh.org.in के माध्यम से संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को 72 शिक्षकों के बैच को शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ फिनलैंड में प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त प्रिंसिपल और शिक्षक शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाकर आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य में शिक्षा क्रांति के दूत के रूप में काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर शिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले उनसे बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संयुक्त प्रयासों के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य व बिजली के मुद्दे अन्य पार्टियों के राजनीतिक एजेंडों का केंद्र बन गए हैं। सीएम मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब ने अब तक 234 प्रिंसिपल, शिक्षा अधिकारियों को पांच दिनों के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए सिंगापुर भेजा है। इस बार 72 प्राथमिक स्तर के टीचरों को फिनलैंड के तुर्कू में भेजा है। पहले सिंगापुर भेजा गया था शिक्षकों का 7वां बैचइससे पहले 8 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 36 प्रिंसिपलों के 7वें बैच को सिंगापुर रवाना किया था। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि था कि यह दिन प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, क्योंकि यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद करेगी। बेहतर प्रशिक्षित स्टाफ ने सरकारी स्कूलों में दाखिले की दर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेश जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि प्रशिक्षित प्रिंसिपलों से विद्यार्थियों को नई शिक्षा तकनीकों का लाभ मिलेगा, जिससे वे कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों का भी मुकाबला कर सकेंगे। उन्होंने कहा था कि पंजाब देश में शिक्षा क्रांति का साक्षी बन रहा है, क्योंकि राज्य सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि इस बैच में विदेश जाने वाले प्रिंसिपलों में अधिकांश महिलाएं हैं। सैकड़ों शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षणपंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 300 से अधिक शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने वाला पहला राज्य बन चुका है। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से 306 प्रिंसिपलों और शिक्षकों को विदेश में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिलाकर नया मानक स्थापित किया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के वे स्टूडेंट जो अपने वार्षिक परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट हैं, अब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड ने इसके लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर विकल्प उपलब्ध कराया है। विद्यार्थी परिणाम घोषित होने के 60 दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा वर्तमान में हाल ही में घोषित हुए बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए उपलब्ध है। यदि उत्तर पुस्तिका में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो छात्र 15 दिनों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फॉर्म भरकर उसे ठीक करवा सकते हैं। आवेदन अंत्योदय सरल केंद्र के माध्यम से या सरल पोर्टल पर अपनी आईडी बनाकर घर बैठे भी किया जा सकता है। जमा करना होगा 500 रुपए का शुल्क उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए प्रति कॉपी 500 रुपए का शुल्क जमा करना होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी आरटीआई के माध्यम से नहीं ली जा सकती है। एक से अधिक विषयों के लिए भी एक ही फॉर्म भरकर शुल्क अदा किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पुनर्मूल्यांकन (री-एवैल्यूएशन) से अधिक सुविधाजनक मानी जा रही है। पुनर्मूल्यांकन में अक्सर विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होते हैं, जबकि फोटोकॉपी से छात्र स्वयं त्रुटियों की पहचान कर सकते हैं और उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ठीक करवा सकते हैं। ऐसे करे अप्लाई आंसर शीट की फोटोकॉपी निकलवाने के लिए विद्यार्थी सरल हरियाणा पोर्टल पर सामान्य जानकारी भरकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है। इसके अलावा विद्यार्थी को आधार कार्ड, फॅमिली आईडी, एप्लीकेशन फार्म सहित एक अन्य आईडी और देनी होगी। आधार के अलावा जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, रिहायसी प्रमाण पत्र या पैन कार्ड में से एक आईडी दी जा सकती है। ये छात्र ले पाएंगे लाभ दसवीं, बारहवीं कक्षा के नियमित छात्र, दसवीं बारहवीं कक्षा के हरियाणा ओपन के छात्र, अप्रैल चांस के विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका कॉपी निकला सकते है।
सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने शुक्रवार को जिले के अटल परिसर स्थित न्यू बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त भवन, खराब दुकानों और अव्यवस्थित व्यवस्था को देखकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओल्ड बस स्टैंड की चौपाटी का भी निरीक्षण किया। यहां नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। अग्रसेन चौक स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल और स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर में ओपीडी और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। आयुष वाटिका में गंदगी मिलने पर नगरपालिका सीएमओ को स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पताल भवन की मरम्मत के आदेश भी दिए गए। मीट मार्केट और सब्जी बाजार में गंदगी पर नाराजगी बड़कापारा स्थित मीट मार्केट और सब्जी बाजार में गंदगी देखकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण के साथ मीट मार्केट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की योजना पर चर्चा की। साथ ही गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अरुणोदय कोचिंग क्लास का निरीक्षण और छात्रों से संवाद कलेक्टर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित अरुणोदय कोचिंग क्लास का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और शिक्षकों को नियमित टेस्ट लेने के निर्देश दिए। छात्रों की मांग पर वाई-फाई और किताबें उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए। केतका रोड और नगर पालिका जिम में अव्यवस्था पर सख्ती केतका रोड स्थित राजस्व और पुलिस क्वार्टर्स के निरीक्षण में क्षतिग्रस्त भवनों को डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका जिम में अव्यवस्था पर सीएमओ को सुधार और बेहतर संचालन की योजना बनाने को कहा गया। निर्माणाधीन पॉलीटेक्निक भवन में देरी पर फटकार पर्री क्षेत्र में निर्माणाधीन पॉलीटेक्निक भवन के समय पर पूरा न होने पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल का निरीक्षण कलेक्टर ने जिला अस्पताल में हमर लैब, एनसीडी कियोस्क, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन और मातृत्व-शिशु अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। प्रसूति वार्ड में सिकल सेल पीड़ित गर्भवती महिला से मुलाकात कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पोषण, नवजात देखभाल और सिकल सेल पर जोर पोषण पुनर्वास केंद्र और एसएनसीयू में बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सिकल सेल रोग पर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। डॉक्टरों की उपस्थिति और रेडक्रॉस गतिविधियों पर सख्ती दौरे के अंत में कलेक्टर ने डॉक्टरों की उपस्थिति और रेडक्रॉस गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अस्पताल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित उपस्थिति अनिवार्य होगी। विद्यालय और बापू की कुटिया का निरीक्षण कलेक्टर ने शासकीय बालक प्राथमिक शाला सूरजपुर और बापू की कुटिया का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए।
रासा पंजाब का शिक्षा बोर्ड के खिलाफ मोर्चा: नीतियां न बदलीं तो होगा संघर्ष
भास्कर न्यूज | अमृतसर रासा पंजाब के सदस्यों की एक बैठक शुक्रवार को एक होटल में हुई। मीटिंग में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और राज्य सरकार की निजी स्कूलों के प्रति दमनकारी नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली गई। रासा पंजाब के अध्यक्ष जगतपाल महाजन और महासचिव सुजीत कुमार शर्मा की अगुवाई में सदस्यों ने दो-टूक कहा कि बोर्ड अपनी गैर-संवैधानिक नीतियों से प्राइवेट स्कूलों का गला घोंट रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड छात्रों और अभिभावकों से जन्म प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी मांग रहा है। शिक्षकों को 50 घंटे की ट्रेनिंग के लिए मोहाली बुलाया जा रहा है। स्कूलों का तर्क है कि यह ट्रेनिंग ऑनलाइन या जिला स्तर पर हो सकती है, तो शिक्षकों को इतनी दूर बुलाया जा रहा है। बोर्ड प्रिंसिपल्स से धारा 223, 318, 336, 339 और 340 के तहत घोषणा पत्र मांग रहा है। रासा सदस्यों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रिंसिपल शिक्षण संस्थान के मुखिया हैं, कोई अपराधी नहीं। रासा पंजाब ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन नीतियों में तुरंत सुधार नहीं किया तो पूरे पंजाब में राज्य स्तरीय संघर्ष शुरू होगा।
भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 ए हर बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है। लेकिन एक दिव्यांग नागरिक और अधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा अनुभव कहता है कि जब बात दिव्यांग विद्यार्थियों की आती है तो यह मौलिक अधिकार कई जगह केवल कागजों तक सिमट जाता है। स्कूलों में रैंप का अभाव, दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों की कमी, ब्रेल सामग्री की अनुपलब्धता और सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों का न होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अभी भी समावेशी नहीं हो पाई है। मैं स्वयं 50 प्रतिशत पोलियो जनित दिव्यांगता के साथ जीवन जीते हुए वर्षों से इस संघर्ष को महसूस कर रहा हूं। बचपन में जिन भौतिक और सामाजिक बाधाओं का सामना मैंने किया, वही मुझे दिव्यांग अधिकारों के संघर्ष की ओर ले गईं। मेरा मानना है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था द्वारा निर्मित बाधाओं का परिणाम है। इसी वास्तविकता को परखने के लिए मैंने 100 से अधिक आरटीआई आवेदन दायर किए। इनके जवाब चौंकाने वाले थे। प्रशासन ने स्वीकार किया कि बिना दिव्यांग अनुकूल पहुंच (एक्सेसिबिलिटी) मानकों के किसी भी निजी स्कूल को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आज भी अनगिनत स्कूल बिना रैंप, लिफ्ट या सुलभ शौचालयों के चल रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायपालिका दिखा चुकी मानवीय चेहरासुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समानता का अर्थ केवल एक समान नियम लागू करना नहीं, बल्कि उन बाधाओं को हटाना है जो किसी व्यक्ति को दौड़ में पीछे छोड़ देती हैं। डिसएबल्ड राइट्स ग्रुप केस में कोर्ट ने 5% आरक्षण के साथ-साथ भौतिक बुनियादी ढांचे को सुधारने पर जोर दिया। वहीं रवींद्र कुमार धारीवाल केस में कोर्ट ने माना कि यदि संस्थाएं पहुँच योग्य (एक्सिसिबल) हों तो दिव्यांगता की आधी बाधाएं अपने आप समाप्त हो सकती हैं। ये फैसले साबित करते हैं कि सुलभता ही वास्तविक लोकतंत्र की पहचान है। आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, बल्कि उसके कठोर क्रियान्वयन की है।
सरहद पर शिक्षा:12 कक्षाओं के लिए 1 शिक्षक भवन जर्जर, लू में छप्पर में बैठ पढ़ते हैं विद्यार्थी
बाड़मेर के सरहदी इलाकों में पानी की किल्लत के साथ यहां का शिक्षा तंत्र भी बीमार है। यह वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें गिन रहा है। आजादी के 79 साल बाद भी सरकारी स्कूलों के न भवन सुधरे हैं, न ही शिक्षा की गुणवत्ता। यही वजह है कि सरकारी शिक्षा की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। हाल यह है कि शिक्षकों की कमी की वजह से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। 12वीं तक के स्कूल में जहां 15 कमरों की जरूरत रहती है, वहां सिर्फ 6-7 कमरे हैं। बच्चों को इस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच 4-4 क्लासों को एक साथ छप्परों में बैठना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कहीं बिल्डिंग जर्जर है, तो कहीं शिक्षक ही नहीं हैं। 12 कक्षाएं एक, दो या तीन शिक्षकों के भरोसे हैं। ऐसे में पूरी सरकारी स्तर की स्कूलों की व्यवस्था बेपटरी ही बनी हुई है। इसको लेकर न तो कोई जिम्मेदार ध्यान दे रहे हैं और न ही कोई इस समस्या को लेकर आवाज उठाने के लिए आगे आ रहा है। बाड़मेर. सुवाड़ा स्थित स्कूल में भवन की कमी के चलते छप्पर में चल रही स्कूल। स्थिति: 1954 से अब तक केवल 8वीं तक स्कूल, 180 नामांकन भारत-पाक बॉर्डर का अकली अंतिम गांव है। यहां से महज 1 किमी. दूर बॉर्डर लाइन है। ग्रामीण सतराम का कहना है कि गांव में 200 से ज्यादा घरों की आबादी है, लेकिन स्कूल 8वीं तक ही है। ऐसे में 8वीं के बाद 12 किमी. तक कोई सीनियर सैकंडरी स्कूल नहीं है। बालिकाएं पढ़ाई छोड़ घर का चूल्हा-चौका ही करती हैं। अकली में 1954 में प्राइमरी स्कूल खुला था। इसके बाद 2005 में 8वीं तक क्रमोन्नत हुआ। नामांकन: 300 बालिकाएं स्टाफ: केवल 5 शिक्षक सियाणी में 300 से ज्यादा बालिकाएं पढ़ रही हैं। पास में कस्तुरबा गांधी आवासीय छात्रावास भी है। वहां से 9 से 12वीं तक की 100 बालिकाएं भी इसी स्कूल में पढ़ती हैं। हाल यह है कि 12वीं स्कूल में स्टाफ सिर्फ 5 का है। यह बालिका स्कूल है। महिला शिक्षक नहीं हैं। 2021 में क्रमोन्नत हुए स्कूल में 9 से 12वीं तक के पद भी सृजित नहीं हुए हैं। 7 कमरों में 12 कक्षाएं संचालित होती हैं। कई बरामदों में चलानी पड़ती हैं। नामांकन: 565 विद्यार्थी जरूरत: 15 कमरे हकीकत: सिर्फ 8 कमरे रामसर तहसील क्षेत्र की राउमावि. सुवाड़ा स्कूल में 565 बच्चे हैं। यह सरहदी इलाके का सर्वाधिक नामांकन वाला स्कूल है। आसपास के करीब 5 किमी. से ज्यादा दूरी के बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। 12वीं स्कूल में सिर्फ 8 कमरे हैं। ऐसे में 4 कक्षाओं के करीब 80 से ज्यादा बच्चों को घास-फूस के छप्पर में बिठाना पड़ रहा है। बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ 11 शिक्षक हैं। इनमें 3 शिक्षक डेपुटेशन पर हैं। सालों से भवन की मांग कर रहे हैं, लेकिन भवन नहीं मिल रहा है।
प्रो. राठौड़ बृज विवि के कुलगुरु बने, शहर के शिक्षाविदों ने व्यक्त की खुशी
उदयपुर | प्रो. मदन सिंह राठौड़ को महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का कुलगुरु मनोनीत किए जाने पर शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों ने खुशी जताई है। विभिन्न संगठनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए नियुक्ति का स्वागत किया। भाजपा उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान, राजस्थानी मोट्यार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिवदान सिंह जोलावास तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सचिव डॉ. बालूदान बारहठ ने कहा कि प्रो. राठौड़ का शैक्षिक और प्रशासनिक अनुभव विश्वविद्यालय को नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सुविवि और बृज विवि के बीच शैक्षिक संवाद, शोध सहयोग तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
नर्सिंग सेवा और शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. संदीप सम्मानित
उदयपुर | ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया राजस्थान शाखा के अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस-2026 कार्यक्रम में मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप गर्ग को सम्मानित किया गया। उन्हें नर्सिंग सेवा, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला। कार्यक्रम जयपुर के सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के आर.एल. स्वर्णकार ऑडिटोरियम में हुआ। सम्मान पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, जवाहर सिंह बेढ़म, डॉ. अरूण चतुर्वेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एनी कुमारी और राज्य अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा ने प्रदान किया।
संस्कृत शिक्षा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने का शक
जयपुर | राजस्थान लोक सेवा आयोग की वर्ष 2022 की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में नकल और डमी कैंडिडेट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा विभाग) भर्ती-2022 की परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है। इस भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया है। इससे पहले स्कूल व्याख्याता (इतिहास) भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में आयोग के यूडीसी मानसिंह मीणा को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ से पूछताछ चल रही है।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण?
Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
यूपी बोर्ड में फेल होकर भी पास हुए 2.51 लाख छात्र क्या है माध्यमिक शिक्षा परिषद का वो जादुई नियम?

