पटना में बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दबिश दी है। आय से 90 प्रतिशत ज्यादा 3.43 करोड़ प्रॉपर्टी बनाने के मामले में EOU ने उनके पटना और बेगूसराय स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की है। EOU की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह 8: 30 खाजपुरा के आकाशवाणी रोड स्थित चंद्रतारा भवन पहुंची और छानबीन में जुट गई है। उनके ऑफिस के साथ-साथ बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी रेड है। सूत्रों के मुताबिक डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह घर पर ही मौजूद हैं, पूरे हाउस को सर्च किया जा रहा है। बेसमेंट और पार्किंग में भी आर्थिक अपराध की टीम सर्च कर रही है। रेड से जुड़ी तस्वीरें… आय से 3.43 करोड़ अधिक संपत्ति का मामला जांच के दौरान EOU को अजय कुमार सिंह के खिलाफ कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसके आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 19/26, दिनांक 19 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी EOU के मुताबिक, फिलहाल तीनों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज, संपत्ति से संबंधित कागजात या अन्य सामान बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
कोयलानगरी बिश्रामपुर का नाम गौरवान्वित: 2016 बैच की आइएएस अफसर जयश्री जैन बनीं सक्ती जिले की नई कलेक्टर; शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर रहेगा मुख्य जोर
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू होने के बाद 11 साल में एक बार भी समीक्षा नहीं हुई।नियम के अनुसार हर दो साल में समीक्षा होनी थी, लेकिन विभाग ने इसे नहीं किया, जबकि सरकारी स्कूलों में नामांकन में लगातार बदलाव हुआ।विभाग में कुल 4 लाख 13 हजार 951 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 2 लाख 92 हजार 558 कार्यरत और 1 लाख 21 हजार 640 पद रिक्त हैं।शिक्षा जगत में रिक्त पदों को नहीं भरने और नामांकन के अनुसार स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं होने को सरकारी स्कूलों में नामांकन घटने के कारणों में माना जा रहा है। 2015 के बाद एक बार भी नहीं हुई समीक्षा माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था। इसके तहत हर दो साल में स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा किए जाने का नियम तय किया गया था। इसके बावजूद 2015 में लागू होने के बाद माध्यमिक शिक्षा में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई। माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में पिछले कुछ सालों में करीब 25 लाख विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि हुई। इस दौरान विभाग ने नामांकन बढ़ने को उपलब्धि के तौर पर बताया, लेकिन अब वर्तमान शिक्षण सत्र में करीब 15 लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम होने की बात सामने आ रही है। नामांकन में कमी के लिए जिम्मेदार कारणों में रिक्त पदों का नहीं भरा जाना भी माना जा रहा है। शिक्षा जगत में चर्चा है कि यदि रिक्त पद नहीं भरे गए और स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं हुई तो टोंक समेत प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में आने वाले वर्षों में नामांकन और कम हो सकता है। बिगड़ रहा छात्र-शिक्षक अनुपात जिन स्कूलों में नामांकन बढ़ने के हिसाब से शिक्षकों की जरूरत है, वहां शिक्षकों का अभाव है। वहीं जिन स्कूलों में नामांकन घटा है, वहां शिक्षक अधिशेष हो रहे हैं। अब हालात यह हैं कि जिन स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है, वहां से विद्यार्थी स्कूल छोड़कर जा रहे हैं। इसके कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में लगभग 15 लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम हो गया है। रिक्त पदों का ग्राफ भी बढ़ा सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। इसका एक कारण क्रमोन्नत विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पदों का सृजन नहीं होना है। इसके अलावा दो साल से विभाग में विभिन्न संवर्गों में विभागीय पदोन्नतियां भी नहीं हो पाई हैं। सीधी भर्ती भी बहुत कम पदों पर आयोजित हो रही है। राज्य में 2013 के बाद क्रमोन्नत किसी भी विद्यालय में अनिवार्य विषयों हिन्दी और अंग्रेजी के व्याख्याता पद स्वीकृत नहीं हैं। 17 हजार विद्यालयों में से केवल 4 हजार विद्यालयों में ही अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद स्वीकृत हैं। राज्य के 13 हजार 759 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य भाषा विषयों के व्याख्याताओं के पद स्वीकृत नहीं हैं। इन सभी विद्यालयों में केवल वैकल्पिक विषयों के प्रति विद्यालय 3-3 व्याख्याता पद ही स्वीकृत हैं। साल 2021-22 का समय कोविड काल का रहा। प्रारंभिक शिक्षा में तीन बार हो चुकी समीक्षा माध्यमिक शिक्षा की तरह प्रारंभिक शिक्षा में भी स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था। प्रारंभिक शिक्षा में 2015 से स्टाफिंग पैटर्न लागू होने के बाद 3 बार समीक्षा की जा चुकी है। इसके विपरीत माध्यमिक शिक्षा में 11 साल में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई है। 4.13 लाख पद स्वीकृत, 1.21 लाख रिक्त वर्तमान में शिक्षा विभाग में कुल 4 लाख 13 हजार 951 पद स्वीकृत हैं। इनमें 2 लाख 92 हजार 558 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 21 हजार 640 पद रिक्त चल रहे हैं। अनिवार्य विषयों हिन्दी-अंग्रेजी के पद स्वीकृत करने की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा में 2015 को लागू किए गए स्टाफिंग पैटर्न की 11 साल बीत जाने के बाद एक बार भी समीक्षा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इसके कारण 2015 के बाद विद्यालयों के नामांकन में बदलाव हुआ है, लेकिन नए पदों का सृजन नहीं किया गया है। मोहर सिंह सलावद ने बताया कि 2013 के बाद क्रमोन्नत विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिन्दी और अंग्रेजी के व्याख्याता पदों की स्वीकृति आज तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नए सिरे से नामांकन के अनुसार पदों का निर्धारण किया जाना चाहिए और सभी उच्च माध्यमिक स्कूलों में अनिवार्य विषयों के पद स्वीकृत किए जाने चाहिए।
सरकारी स्कूलों की हालत पर सियासी घमासान, वीडियो में जाने आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को दी चुनौती
Congress ने मुख्यमंत्रियों से मांगी शिक्षा सुधार रिपोर्ट, 1 महीने का समय दिया
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रदेशों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर रिपोर्ट तैयार कर एक महीने के भीतर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपें। पार्टी ने यह ऐलान भी किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देशभर के करीब 800 शहरों में आयोजित किया जाएगा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इनमें से कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम पहले ही कोटा, देहरादून और प्रयागराज में आयोजित किया जा चुका है तथा आगामी शनिवार को पुणे में इसका आयोजन होगा। पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के शीर्ष नेता शामिल हुए। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), वी. डी. सतीशन (केरल), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश) और डी. के. शिवकुमार (कर्नाटक) भी बैठक में मौजूद थे। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चारों मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे एक महीने के भीतर अपने-अपने राज्यों की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों पर रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपेंगे। सूत्रों ने बताया कि गांधी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और अपने-अपने राज्यों की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से शिक्षा विशेषज्ञों और सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार करें। इससे पहले अपने उद्घाटन संबोधन में खरगे ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर छात्रों का भविष्य ‘‘तबाह’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस युवाओं के लिए एक व्यापक ‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप’ तैयार करे। बैठक में पारित प्रस्ताव में कार्य समिति ने युवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। पार्टी ने आरोप लगाया कि युवा पीढ़ी को मोदी सरकार से हर मोर्चे पर निराशा और विश्वासघात का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘पिछले एक दशक में पेपर लीक महामारी का रूप ले चुका है और 2014 से अब तक पेपर लीक के कम से कम 152 मामले सामने आए हैं।’’इसमें कहा गया कि हाल में नीट परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित किए जाने के कारण कम से कम 26 छात्रों ने आत्महत्या की, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसी तरह के कारणों से 90 से अधिक छात्रों ने अपनी जान गंवाई है। कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि बेरोजगारी का सबसे अधिक खामियाजा युवा भुगत रहे हैं और 12 साल बीत जाने तथा अवसरों में कमी आने के साथ उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उसने कहा कि शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी ‘‘सरकार की व्यवस्था संबंधी विफलता के संकट’’ में बदल गई है। प्रस्ताव में कहा गया कि स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं में बेरोजगारी दर औपचारिक शिक्षा नहीं लेने वालों की तुलना में भी अधिक है। कार्य समिति ने छात्र आंदोलनों के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा ‘‘मनमाने और क्रूर दमन’’ की कड़ी निंदा की। इसमें युवतियों और बच्चों पर हमले, बिजली के झटके देने वाली लाठियों, आंसू गैस, पैलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल तथा असहमति की आवाजों पर ‘‘खुली सेंसरशिप’’ का आरोप लगाया गया। प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का संसद का सामना करने और इन गंभीर विफलताओं पर जवाब देने से इनकार भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में न केवल उनकी कायरता को दर्शाता है, बल्कि देश के भविष्य के प्रति उनकी पूर्ण उदासीनता और उपेक्षा को भी दिखाता है।’’कांग्रेस कार्य समिति ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देश के युवाओं की आवाज और उनकी चिंताओं को सक्रिय रूप से उठाने के लिए राहुल गांधी की सराहना की। पार्टी ने दावा किया कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कार्य समिति ने कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति संवेदनशील और न्यायपूर्ण रवैया अपनाने का आग्रह भी किया। उसने कहा कि गांधी लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण, केंद्रीकरण और आरएसएस-भाजपा की ‘‘रूढ़ीवादी बेड़ियों’’ के बंधक के रूप में नहीं रखा जा सकता। कांग्रेस कार्य समिति ने यह भी कहा कि छात्र संगठनों और एकजुट विपक्ष के संसद के भीतर और बाहर लगातार दबाव के कारण शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिक्षा, परीक्षा और युवाओं के भविष्य का सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भरोसा दिया है, ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है’।
नई शिक्षा नीति पर डीएवी पॉलिटेक्निक में विशेष सत्र
दंतेवाड़ा | एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष सत्र हुआ। मॉडल कॉलेज जावंगा के विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला और सुरेश कुमार यादव ने विद्यार्थियों, शिक्षकों को नीति की प्रमुख बातें बताईं। सत्र में बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास, छात्र-केंद्रित शिक्षण, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, शोध, नवाचार पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने रटंत पढ़ाई छोड़कर प्रायोगिक, कौशल आधारित अध्ययन अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम, करियर से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने जवाब दिए। विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला ने एनईपी-2020 की मूल अवधारणाएं बताईं। उन्होंने कहा, नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को व्यावहारिक, कौशल आधारित बनाना है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, कौशल विकसित करने पर ध्यान दें। सुरेश कुमार यादव ने मल्टीपल एंट्री, एग्जिट व्यवस्था समझाई। उन्होंने बताया, नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रुचि, परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा की दिशा तय करने का अवसर देती है।
एआई, जलवायु परिवर्तन जैसे नए मुद्दों पर शिक्षाविदों ने रखे विचार
महासमुंद| छुरा स्थित आईएसबीएम विश्वविद्यालय में भारत की विदेश नीति पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। आयोजन बदलती वैश्विक व्यवस्था के संदर्भ में हुआ। फोकस नई चुनौतियों पर रहा। आयोजन विश्वविद्यालय के कला व मानविकी विभाग ने किया। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स का संयुक्त सहयोग रहा। मुख्य विषय बदलते वैश्विक दौर में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की नई सोच रहा। देशभर के शिक्षाविद शामिल हुए। कुलपति आनंद महलवार ने कहा, मजबूत पड़ोसी संबंध भारत को जिम्मेदार वैश्विक शक्ति बनाएंगे। इससे प्रभावशाली भूमिका को आधार मिलेगा। आईसीडब्ल्यूए की प्रतिनिधि अन्वेषा घोष ने कहा, कूटनीति की दिशा बदलनी होगी। सुरक्षा से सहयोग की ओर बढ़ना होगा। सहयोग से साझा विकास की ओर जाना होगा। कुलसचिव बी.पी. भोल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख किया। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा का संदर्भ दिया। पड़ोसी प्रथम नीति को क्षेत्रीय विकास के लिए अहम बताया। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी रणनीति बताया। सम्मेलन पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहा। तकनीकी सत्रों में अमन झा ने विदेश नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका रखी।
शिक्षा रैंकिंग में ब्लॉकवार सुधार करें, मिड-डे मील में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच हो : कलेक्टर
भास्कर संवाददाता | चूरू कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने बुधवार को डीओआईटी वीसी सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक ली। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारियों को जिले के शैक्षणिक स्तर के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और शिक्षा विभाग की रैंकिंग पैरामीटर्स पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने सभी सीबीईओ को निर्देशित किया कि वे ब्लॉक स्तर पर स्कूलवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें। जिन स्कूलों में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं, वहां कारणों का विश्लेषण कर तुरंत सुधार करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सीखने का स्तर ही शिक्षा व्यवस्था का मुख्य आधार है। सीबीईओ और संस्थाप्रधान आपस में समन्वय बनाकर विद्यार्थियों के मानसिक व बौद्धिक स्तर में सुधार लाएं। इसके लिए नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों से पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों का अनिवार्य रूप से स्कूलों में दाखिला कराया जाए। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नामांकन सुनिश्चित करने, मिड-डे मील में भोजन की गुणवत्ता और स्टॉक मेंटेनेंस की नियमित जांच करने के भी निर्देश दिए। सीडीईओ संतोष महर्षि ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान डीईओ माध्यमिक सज्जन सैनी, डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, साक्षरता अधिकारी राजेंद्र गहलोत, एडीपीसी सरिता आत्रेय आदि मौजूद रहे। चूरू | कलेक्टर अभिषेक सुराणा की अध्यक्षता में बुधवार को एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति तथा एनकोर्ड की बैठक हुई। बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विभागवार समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सड़क हादसों को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं एनकोर्ड की बैठक में जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर सुराणा व एसपी निश्चय प्रसाद एम ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। बैठक में पीडब्ल्यूडी एसई भीमसेन स्वामी, डीटीओ नरेश कुमार बसवाल, सानिवि एक्सईएन ऋतिक सांखला, आरएसआरडीसी एईएन शंकर आदि उपस्थित थे।
Prayagraj News: तकनीकी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
तकनीकी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
Kanpur News: जूडो में बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के खिलाड़ियों का दबदबा
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में बुधवार को 70वीं जनपदीय विद्यालयीय जूडो प्रतियोगिता हुई। इसमें 11 टीमों ने हिस्सा लिया। मेजबान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के खिलाड़ियों ने सर्वाधिक जीत दर्जकर दबदबा कायम रखा।
Pithoragarh News: उच्च शिक्षा पूरी करने गए डॉक्टर बिगाड़ रहे जिले के स्वास्थ्य का गणित
उच्च शिक्षा पूरी करने गए डॉक्टरबिगाड़रहे जिले के स्वास्थ्य का गणित
Mandi News: राजकीय बाल पाठशाला में फिर प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी
सदी पुराने राजकीय बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर में फिर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई होगी।
Bilaspur News: एमडीएम वर्करों ने मानदेय न मिलने पर शिक्षा निदेशक को भेजा ज्ञापन
मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू ने मिड-डे मील वर्करों के तीन माह से लंबित मानदेय को तत्काल जारी करने की मांग की है।
आजम खान पर ED की छापेमारी को लेकर भड़के अखिलेश, बोले- शिक्षक, शिक्षा और शिक्षार्थी विरोधी है भाजपा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा को शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी विरोधी बताया और ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
सीकर में महिला छात्र नेता सखी ने कहा- स्टूडेंट्स यूनिटी पूरे देश की सरकार को झुकाने का काम करेगी। एकजुटता से पहले किसानों पर थोपे काले कानून वापस हुए और अब केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। कोई भी लड़ाई एक साथ लड़कर ही जीती जाती है। बरसों पहले हुए आजादी के आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन और हाल ही हुए छात्र आंदोलन में संगठन से ही जीत दर्ज हुई। सीकर में बुधवार को जिला कार्यालय के सामने जश्न-ए-इंकलाब कार्यक्रम में महिला छात्र नेता सखी ने यह कहा। महिला छात्र नेता सखी ने कहा- आंदोलन शुरू करना ही सब कुछ नहीं होता, आंदोलन शुरू करने के बाद वहां डटे रहना ही जीत है। दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन ने धीरे-धीरे गति पकड़ी और पूरे देश में फैल गया। 40 दिनों तक लगातार संख्या बढ़ती रही और आखिरकार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह स्टूडेंट्स की यूनिटी और लगातार आंदोलन करने का ही परिणाम था। पेपर लीक के खिलाफ हुए स्टूडेंट्स आंदोलन की जीत के उपलक्ष्य में हुए सांस्कृतिक और संवाद कार्यक्रम में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट से फेमस हुईं छात्र नेत्री सखी और शरण्या बतौर मुख्य वक्ता पहुंचीं। कार्यक्रम में सीकर गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, आर्ट्स कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज और गर्ल्स कॉलेज की स्टूडेंट्स ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अध्यक्षता SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने की। संचालन जिला सचिव राकेश मुवाल और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप नेहरा ने किया। विशेष आमंत्रित वक्ता शरण्या ने कहा कि स्टूडेंट आंदोलन दिल्ली से पूरे देश में फैला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जरूरत थी लेकिन इससे अभी भी शिक्षा प्रणाली में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी वापसी और NTA जब तक भंग नहीं होगा तब तक शिक्षा में सुधार नहीं हो सकता। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की हर परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं। स्टूडेंट्स का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक सरकारी स्कूलों का बंद होना नहीं रुकता और सबके लिए शिक्षा सस्ती नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स आंदोलन की झलक दिखाई दी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष राजू बिजारणियां, सचिव अभिषेक महला, सुमेर बुडानिया, कमल बींजसी, गोपाल बागड़ी, प्रकाश सैन सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और SFI कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय स्तर की चुनौतियों को समझने तथा उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा ‘बातचीत’ कार्यक्रम की पहल...
शिक्षा से स्वास्थ्य तक... देश के सामने कितनी चुनौतियां? रिपोर्ट में बड़ा दावा
भारत में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी है।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने बुधवार को होली क्रॉस कन्वेंट स्कूल के छात्रों से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। सिंहदेव ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा का अपनी मांगों के लिए सड़क पर आना चिंता की बात है। सरकार को उनकी समस्याओं के लिए उनसे सार्थक संवाद कर उनकी मांगों को पूर्ण करना चाहिए। सिंहदेव ने देश और समाज के प्रति जेन-जी और जेन-अल्फा के विचारों को जानने और उनके विचार और मांगों के प्रतिनिधित्व के लिए होली क्रॉस कान्वेंट स्कूल पहुंचकर छात्रों से बातचीत की। पूर्व डिप्टी सीएम की पहल पर सरगुजा NSUI ने छात्रों से संवाद की एक नई श्रृंखला शुरू की है। छात्रों ने पूछे कई मुद्दों को लेकर सवाल स्कूल के सभाकक्ष में हुए इस संवाद में छात्र-छात्राओं ने कई मुद्दों पर सवाल पूछे। छात्रों ने जेन-जी के जंतर-मंतर आंदोलन, छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं की कमी, अंबिकापुर की सड़कों और सरकारी अस्पतालों से जुड़े सवाल भी पूछे। छात्रों ने सिंहदेव से उनकी निजी पसंद के बारे में भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि वे किस तरह की किताबें पढ़ते हैं और ऑस्ट्रेलिया में स्काईडाइविंग का अनुभव कैसा रहा। किताबों के बारे में सिंहदेव ने बताया कि उन्हें हल्की-फुल्की दार्शनिक सोच वाली किताबें पढ़ना पसंद है। वे स्वामी विवेकानंद से जुड़ी किताबों का भी गहराई से अध्ययन करते हैं। सिंहदेव ने कहा कि राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण उन्हें लोगों से लगातार मिलना और बातचीत करनी पड़ती है। इसलिए पढ़ने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि आजकल नई जानकारी हासिल करने के लिए वे यू-ट्यूब का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अच्छी शिक्षा का ध्येय अच्छा नागरिक बनना सिंहदेव ने कहा कि अच्छी शिक्षा का उद्देश्य मात्र नौकरी हासिल करना ही नहीं है, साथ ही भविष्य के एक अच्छे नागरिक बनने का होता है। सिंहदेव ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा से सरकार को संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का हल करना चाहिए। कार्यकम में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल, सतीश बारी, अंकित जायसवाल, ऋषिकेश सहित होली क्रास कान्वेंट स्कूल के छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को तकनीक से सशक्त बनाने के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्रों हेतु शैक्षिक वीडियो निर्माण की कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य शिक्षकों की विशेषज्ञता को डिजिटल टूल्स से जोड़कर कठिन विषयों को सरल और मनोरंजक बनाना है।
दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा को बेहतर बनाने के लिए डीएसएस कैडर के 111 अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। सर्विस विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत ग्रेड-1 के इन अधिकारियों को विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व समेत महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रेड-1 के अधिकारी लंबे समय से करियर में ठहराव की समस्या का सामना कर रहे थे। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ है। इसके तहत उप निदेशक, उप सचिव और उप चिकित्सा अधीक्षक समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा लाभशिक्षा विभाग में कई अधिकारियों को उप निदेशक (डीएसएस) बनाया गया है। इससे स्कूली शिक्षा व्यवस्था के संचालन में मदद मिलेगी। लोकनायक, जीबी पंत, जीटीबी, बाबा साहेब अंबेडकर और संजय गांधी मेमोरियल अस्पतालों में उप चिकित्सा अधीक्षक तथा स्वास्थ्य निदेशालय में उप निदेशक के पदों पर भी तैनाती की गई है। राजस्व और कर विभाग में भी नियुक्तियां राजस्व विभाग के विभिन्न उप-मंडलों में एसडीएम और व्यापार एवं कर विभाग में सहायक आयुक्त के पदों पर अधिकारियों को तैनाती दी गई है। उपराज्यपाल सचिवालय, कानून एवं न्याय विभाग और सतर्कता निदेशालय में भी पदोन्नत अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वर्षों से चली आ रही रुकावट दूरमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योग्य और अनुभवी अधिकारियों को उचित अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह फैसला डीएएसएस कैडर में वर्षों से चली आ रही पदोन्नति की रुकावट दूर करने के साथ कर्मचारियों की सेवा भावना को प्रोत्साहित करेगा। सरकार का दावा है कि इससे नागरिक सेवाएं अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी होंगी।
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने बुधवार को मोतिहारी में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने यह घोषणा सीएमजे स्कूल में छात्रों और शिक्षकों से संवाद के दौरान की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर चर्चा हुई। मनोज कुमार भारती ने शिक्षा को समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों को बदलते समय के अनुरूप नई शिक्षा प्रणाली की जानकारी होना जरूरी है। जन सुराज ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखता है, जो रोजगारपरक होने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी सहायक हो। विधान परिषद चुनाव को लेकर रणनीति स्पष्ट पत्रकारों से बातचीत में मनोज कुमार भारती ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी अपने उम्मीदवारों को मजबूती से चुनाव मैदान में उतारेगी और बेहतर प्रदर्शन करेगी। सभी वर्गों को साथ लेने का दावा राजनीतिक मुद्दों पर भारती ने कहा कि जन सुराज में शामिल होने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर बेहतर राजनीति का विकल्प प्रस्तुत कर रही है और संगठन का लगातार विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की बात आरजेडी नेता तेजस्वी यादव द्वारा सिवान में एके-47 फायरिंग मामले को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार का विरोध करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगी। कार्यक्रम में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में सीएमजे के निदेशक ज्योति झा, प्रबंध निदेशक आर.के. झा सहित कई शिक्षक, छात्र और जन सुराज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं की भागीदारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने पूर्व शिक्षा मंत्री बीसी नागेश को श्रद्धांजलि दी
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने Wednesday को पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीसी नागेश के निधन पर शोक व्यक्त किया. Chief Minister डीके शिवकुमार, उपChief Minister जी. परमेश्वर और भाजपा नेताओं ने पूर्व मंत्री के साथ अपने लंबे जुड़ाव और दोस्ती को याद किया और उनके योगदान की ... Read more
विकसित राजस्थान@2047’ के विजन के अनुरूप प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा से रोजगार तक की राह को सशक्त बनाने के लिए यूनिसेफ (यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। पर्यटन, उच्च शिक्षा, गृह और नवकरणीय ऊर्जा विभागों में नई जिम्मेदारियां मिली हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी का किया स्वागत, जर्जर कक्षा कक्षों में विद्यार्थियों को नहीं बैठाने के निर्देश
बड़ीसादड़ी में शिक्षक संघ सियाराम ने जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम गौड़ और संस्थापन अधिकारी मुकेश कुमार कोठारी का स्वागत किया। गौड़ ने जर्जर कक्षा कक्षों में बच्चों को नहीं बैठाने सहित कई निर्देश दिए।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की पहल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा
New Delhi, 19 अगस्त . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Wednesday को उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की. यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई. बैठक में देशभर के विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत ... Read more
मध्यप्रदेश प्रशासनिक: 4 IAS अधिकारियों के तबादले, गृह और उच्च शिक्षा विभाग में नई नियुक्तियां
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अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में बुधवार को शिक्षा संकुल में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात prahladjoshi,educationminister,freeonlinecoachingशिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। श्री जोशी ने इस बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर […]
खेरवाड़ा के भाणदा विद्यालय में पूर्व छात्रों की घोषणा के अनुसार 25 हजार रुपये का कंप्यूटर सेट स्थापित किया गया, जिससे छात्राओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का एक्शन मोड, सोनीपत के स्कूल का किया औचक निरीक्षण
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और धरातलीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं...
सोनीपत। हरियाणा में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा इन दिनों लगातार ग्राउंड पर उतरकर व्यवस्थाओं की हकीकत जांच रहे हैं। कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट लेने के बजाय मंत्री स्वयं स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक स्कूल पहुंचे मंत्री ने परिसर में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पढ़ाई के माहौल का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और स्कूल में पढ़ाई तथा उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सीधे फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी पढ़ाई की स्थिति शिक्षा मंत्री ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याएं और जरूरतें मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। स्कूल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी जांचा। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखा जाए। विद्यार्थियों को किसी भी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। कार्यालय में बैठने के बजाय ग्राउंड पर पहुंच रहे मंत्री शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा लगातार शिक्षण संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी स्तर की स्थिति को खुद समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे स्कूलों और कॉलेजों में जाकर व्यवस्थाओं की सीधे निगरानी कर रहे हैं और कमियों को मौके पर ही दूर करने के निर्देश दे रहे हैं। 11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके निरीक्षण पिछले 11 दिनों में शिक्षा मंत्री कई शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। इन दौरों के दौरान भी उन्होंने शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षकों को दिए निर्देशनिरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जहां गरीब से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में एक रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मेले में क्षेत्र के 2240 युवाओं ने रोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 35 निजी कंपनियों ने युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए भाग लिया। कैप्टन योगेश बैरागी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता और हुनर के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि राज्य का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और अपने पैरों पर खड़ा हो सके। एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल रहे : बैरागी उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी योग्यता के अनुसार उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और अपने कौशल को लगातार बढ़ाने का आह्वान किया। कैप्टन बैरागी ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को आज के समय में युवाओं के लिए बेहद जरूरी बताया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो रही है। मेले में पहुंची निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और अनुभव के आधार पर चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। रोजगार मेले में दिनभर रही युवाओं की चहल-पहल बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने से आईटीआई परिसर में दिनभर चहल-पहल रही। युवाओं ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से नौकरी से संबंधित विस्तृत जानकारी भी हासिल की। इसी मौके पर आईटीआई में एक पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम होशियार सिंह, आईटीआई के प्राचार्य राजेश कुंडू, जिला रोजगार अधिकारी अंजू नरवाल, रामफल शर्मा और यशवंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा- मैं बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद जयपुर लौट रहा हूं। अब अगले कुछ दिनों तक अपनी पूरी टीम के साथ राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करूंगा। आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया X पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को संबोधित करते हुए लिखा- मदन दिलावर जी आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं अपनी टीम के साथ वहां का भी दौरा करूंगा। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही। रांका के इस बयान के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस फिर शुरू हो गई है। खास बात यह है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकारी स्कूलों के निरीक्षण और बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर शिक्षा विभाग पहले ही सख्ती के कदम उठा चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी के सक्रिय होने के बाद शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के सरकारी स्कूलों में पहुंचने और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मीडिया और आमजन की एंट्री पर बैन लगा दिया है। विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश और गतिविधियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। सरकार की ओर से स्कूलों की व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न होने का तर्क दिया गया था। वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की आलोचना से बचने और सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकने की कोशिश बताया। इसी विवाद के बीच आशुतोष रांका ने राजस्थान लौटते ही सरकारी स्कूलों के दौरे का ऐलान किया है। बता दें कि राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति लंबे समय से राजनीतिक बहस का मुद्दा रही है। सरकार की ओर से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, भवन निर्माण, डिजिटल संसाधन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे किए जाते रहे हैं। वहीं विपक्ष और विभिन्न संगठन कई स्कूलों में सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब आशुतोष रांका की ओर से 10 बेहतर स्कूल बताने की चुनौती के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा विभाग के सामने राजनीतिक रूप से भी जवाब देने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में सरकार इन स्कूलों की जानकारी देती है तो रांका और उनकी टीम के संभावित दौरे पर भी नजर रहेगी। वहीं अगर स्कूलों के निरीक्षण को लेकर फिर रोक-टोक होती है, तो यह मुद्दा राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है। --- ये खबर भी पढ़िए- दिलावर बोले-स्कूलों में मीडिया एंट्री पर पाबंदी नहीं:CJP की चेतावनी-सरकार एडवांस में FIR दर्ज करवा दे, गहलोत ने कहा-सरकार फैसला वापस ले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन लगाने के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। (पढ़िए पूरी खबर)
एनएचआरसी भर्ती अलर्ट: रिसर्च ऑफिसर सहित 33 पदों पर आवेदन जारी, जानें डिटेल्स
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक खास मौका सामने आया है। दरअसल, एनएचआरसी ने डेपुटेशन के आधार पर अनुसंधान अधिकारी (रिसर्च ऑफिसर) सहित विभिन्न 33 रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आमंत्रित किए हैं।
सीएसआईआर टेक्नीशियन पदों पर आवेदन शुरू, 10वीं और आईटीआई पास कर सकते हैं अप्लाई
जो भी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं वे इसमें शामिल होने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 17 सितंबर 2026 सायं 5 बजे तक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म फॉर्म भर सकते हैं।
NHAI भर्ती 2026: जनरल मैनेजर समेत 12 पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता और सैलरी
नौकरी के बेहतर अवसरों की तलाश में जुटे लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है।
फतेहगढ़ साहिब के सरकारी हाई स्कूल जल्ला में बाथरूमों की खराब हालत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायरल होने के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल का औचक दौरा किया। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर वायरल वीडियो में दिखाए गए स्थान का निरीक्षण किया और स्कूल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पुराना है और स्कूल की वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शाता। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे बाथरूम करीब पांच साल से बंद हैं। स्कूल में अब नए और आधुनिक बाथरूम बनाए जा चुके हैं। मंत्री बोले- स्कूल के मौजूदा बाथरूम साफ-सुथरे हैं मंत्री ने बताया कि स्कूल के मौजूदा बाथरूम साफ-सुथरे हैं और वहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। लड़कियों के बाथरूम में सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन भी चालू हालत में मिली। स्कूल में करीब 100 विद्यार्थी और 9 शिक्षक हैं। चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में स्कूल की मरम्मत पर करीब 15 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा स्कूल में दो स्मार्ट पैनल, तीन प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और साइंस लैब, वाई-फाई तथा पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। स्कूल भवन की मरम्मत और अन्य विकास कार्य अभी जारी हैं। व्हाइटवॉश के लिए अनुदान मंजूर हो चुका है और मानसून के बाद काम शुरू किया जाएगा। मंत्री ने स्कूल के पीछे पंचायत के मैदान के रखरखाव का मुद्दा भी पंचायत के समक्ष उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पुराने वीडियो के आधार पर राय बनाने के बजाय मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति की जांच करना जरूरी है।
pc: india tv राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए एक बड़ी भर्ती का मौका अनाउंस किया गया है। लोकल सेल्फ गवर्नमेंट डिपार्टमेंट, राजस्थान ने सफाई कर्मचारी रिक्रूटमेंट 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए कुल 24,752 वैकेंसी भरी जाएंगी। यह भर्ती एडवर्टाइजमेंट नंबर 01/2026 के तहत अनाउंस की गई है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 15 अगस्त, 2026 को शुरू हुआ था और एलिजिबल कैंडिडेट्स 28 सितंबर, 2026 तक अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। अप्लाई करने से पहले, कैंडिडेट्स तय उम्र सीमा, डोमिसाइल की ज़रूरतें और वर्क एक्सपीरियंस क्राइटेरिया को ध्यान से देख लें। 24,752 सफाई कर्मचारी वैकेंसी राजस्थान सफाई कर्मचारी रिक्रूटमेंट 2026 के तहत कुल 24,752 पोस्ट अनाउंस की गई हैं। इनमें से 24,277 वैकेंसी नॉन-TSP एरिया के लिए रिज़र्व हैं, जबकि 475 पोस्ट TSP एरिया में भरी जाएंगी। इसलिए ज़्यादातर वैकेंसी नॉन-TSP कैटेगरी में उपलब्ध हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट राजस्थान के रहने वाले होने चाहिए। इसके अलावा, एप्लिकेंट के पास सफाई कर्मचारी के तौर पर कम से कम एक साल का काम का एक्सपीरियंस होना चाहिए। एप्लिकेंट के लिए कम से कम उम्र 21 साल है, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 40 साल है। उम्र 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। लागू कैटेगरी के एलिजिबल कैंडिडेट को रिक्रूटमेंट नियमों के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे अपनी एप्लीकेशन जमा करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ लें ताकि यह पक्का हो सके कि वे सभी एलिजिबिलिटी शर्तों को पूरा करते हैं। एप्लीकेशन फीस जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट और दूसरे राज्यों के एप्लिकेंट को ₹600 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। OBC, BC, SC और ST कैंडिडेट के लिए एप्लीकेशन फीस ₹400 है। अगर किसी कैंडिडेट को जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन करने की ज़रूरत है, तो ₹100 की करेक्शन फीस लगेगी। एप्लीकेशन फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड और मोबाइल वॉलेट जैसे कई ऑनलाइन पेमेंट तरीकों से दी जा सकती है। राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू करें। एप्लीकेशन फॉर्म में डोमिसाइल और वर्क एक्सपीरियंस डिटेल्स के साथ ज़रूरी पर्सनल जानकारी डालें। तय एप्लीकेशन फीस भरें और पूरा फॉर्म जमा करें। फाइनल सबमिशन से पहले, एप्लीकेशन में दी गई सभी जानकारी को ध्यान से देख लें। राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026: आखिरी तारीख ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करने और ज़रूरी फीस भरने की आखिरी तारीख 28 सितंबर, 2026 है। परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। कैंडिडेट को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड के बारे में बताया जाएगा, जबकि रिजल्ट की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। एप्लिकेंट्स को एग्जाम, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और रिक्रूटमेंट प्रोसेस के दूसरे स्टेज से जुड़े अपडेट्स के लिए रेगुलर ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए।
BPSC टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन 4 का नोटिफिकेशन जारी, 32,388 पोस्ट के लिए करें आवेदन
pc: kalingatv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने मंगलवार यानी 18 अगस्त को स्कूल टीचरों की कुल 32,388 पोस्ट पर भर्ती के लिए टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE) 4 का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, कमीशन 1 सितंबर, 2026 को TRE 4 एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू करेगा। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि ऑफिशियल शेड्यूल के मुताबिक एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2026 है। कमीशन ने बताया कि फीस पेमेंट लिंक भी 1 सितंबर को एक्टिवेट हो जाएगा। इसमें आगे कहा गया है कि फीस पेमेंट की आखिरी तारीख 29 सितंबर, 2026 है। ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, एप्लीकेशन से जुड़ी गाइडलाइंस कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर मौजूद हैं। X पर ऑफिशियल सर्कुलर शेयर करते हुए, कमीशन ने कहा: “एडवरटाइज़मेंट नंबर 14/2026 के तहत, एजुकेशन डिपार्टमेंट, बिहार के तहत स्कूल टीचर्स के कुल 32,388 खाली पदों पर अपॉइंटमेंट के लिए योग्य भारतीय कैंडिडेट्स से ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाए गए हैं।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 जुलाई को घोषणा की थी कि एजुकेशन डिपार्टमेंट ने टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE) 4 के तहत 32,388 टीचर्स की भर्ती के लिए बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) को एक रिक्विजिशन भेजा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, खाली पद अलग-अलग स्कूल लेवल पर इस तरह बांटे गए हैं: क्लास 1 से 5: 3,847 पद क्लास 6 से 8: 8,563 पद क्लास 9 से 10: 3,877 पद क्लास 11 से 12: 16,101 पद
बहादुरगढ़ में हरियाणा सरकार की स्वामित्व योजना के तहत पात्र होने के बावजूद नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 किराएदार दुकानदारों को अब तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से नगर परिषद को नियमित रूप से दुकानों का किराया देते आ रहे हैं, लेकिन जब मालिकाना हक देने की बात आती है तो नगर परिषद जमीन की मलकियत शिक्षा विभाग की बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक फरियाद लगाई। सीएम विंडो पर भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग पर डाल दी गई। इससे दुकानदारों में रोष है। योजना के तहत मिलना था मालिकाना हक दुकानदारों के मुताबिक वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य 20 वर्ष या उससे अधिक समय से सरकारी जमीन पर किराएदार के रूप में दुकान चला रहे पात्र दुकानदारों को निर्धारित कलेक्टर रेट के आधार पर मालिकाना हक देना था। बहादुरगढ़ में रेलवे रोड सहित शहर के कई हिस्सों में नगर परिषद के किराएदार दुकानदारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। लेकिन नाहरा-नाहरी रोड के करीब 90 दुकानदार अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब वे योजना के तहत अपनी पात्रता के आधार पर मालिकाना हक मांगते हैं तो नगर परिषद की ओर से कहा जाता है कि दुकानों की जमीन परिषद की नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की है। 25-30 साल किराया लिया, अब मलकियत पर सवाल दुकानदारों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की थी तो इतने वर्षों तक नगर परिषद ने दुकानदारों से किराया किस आधार पर वसूला? दुकानदारों के अनुसार वर्षों से किराया लेने वाली नगर परिषद अब मलकियत का सवाल उठाकर उन्हें योजना का लाभ देने से पीछे हट रही है। दुकानदारों का कहना है कि यदि जमीन शिक्षा विभाग की है तो नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी, ताकि पात्र दुकानदारों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके। उनका आरोप है कि न तो शिक्षा विभाग की ओर से एनओसी दी गई और न ही नगर परिषद ने इसे हासिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए। सीएम विंडो पर भी नहीं निकला समाधान दुकानदारों ने अधिकारियों से निराश होकर सीएम विंडो पर शिकायतें दर्ज कराईं। उनका कहना है कि शिकायतों पर भी उन्हें समाधान देने के बजाय अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी बताई जाती रही। दुकानदारों के अनुसार पूरा मामला ऐसा हो गया है जैसे समस्या की गेंद एक विभाग से दूसरे विभाग के पाले में डाल दी गई हो, जबकि वे वर्षों से अपनी दुकान पर कारोबार करते हुए किराया भी जमा कराते रहे हैं। दुकानदारों की मांग- एनओसी लेकर जल्द मिले मालिकाना हक दुकानदारों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद को शिक्षा विभाग से एनओसी दिलवाई जाए और स्वामित्व योजना के तहत पात्र सभी दुकानदारों को मालिकाना हक दिया जाए। दुकानदारों का कहना है कि वे योजना की पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं। ऐसे में केवल विभागीय पेच के कारण उन्हें उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मामले में जल्द निर्णय लेकर वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
दिल्ली कक्षा 9 के लिए नए नियम 2026: शिक्षा में बदलाव
दिल्ली के स्कूलों में कक्षा 9 के लिए नए नियम 2026 लागू होने जा रहे हैं, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा और तीसरी भाषा अनिवार्य होगी। छात्रों को गणित और विज्ञान में 'उन्नत स्तर' चुनने का विकल्प भी मिलेगा। जानें इन बदलावों का क्या प्रभाव पड़ेगा और कैसे छात्रों की शिक्षा में सुधार होगा।
CSL Recruitment 2026: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने दो विभागों में शिप ड्राफ्ट्समैन ट्रेनी के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Bihar News: सोशल मीडिया पोस्ट बनी मुसीबत! शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी करने वाला शिक्षक निलंबित
मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और राजनीतिक टिप्पणी करना विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को भारी पड़ गया।
मुजफ्फरपुर जिले में सोशल मीडिया पर सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वाले एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविंद सिन्हा ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय साढ़ा कन्या, मोतीपुर के विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। इस संबंध में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया। जारी आधिकारिक पत्र (ज्ञापांक 1401) के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री के संबंध में राजनीतिक और अशोभनीय टिप्पणियां की थीं। विभाग ने 17 अगस्त 2026 को उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। निलंबन काल में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा जवाब और मामले की समीक्षा के बाद विभाग ने पाया कि शिक्षक का यह आचरण स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। राजेश कुमार का यह कृत्य 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976' और संशोधित 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 2026' का प्रथम दृष्टया सीधा उल्लंघन माना गया है। इन्हीं आरोपों को प्रमाणित मानते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है। निलंबन की अवधि के दौरान शिक्षक राजेश कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालय, मोतीपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, निलंबन काल में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') अलग से जारी किया जाएगा, जिसके बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय होगी। इस आदेश की प्रति संबंधित शिक्षक, प्रखंड शिक्षा अधिकारी और स्थापना शाखा को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस सड़क, शिक्षा, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरेगी। UCC बिल भी निकाय चुनावों के बाद संभावित सत्र तक टलता नजर आ रहा है।
यूपी बेसिक शिक्षा विभाग अब अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों को इंटरनेट मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाएगा। विभाग नकारात्मक और भ्रामक खबरों का तथ्यों के आधार पर तत्काल जवाब देगा।
एमबी में नशा मुक्ति की शपथ, अधीक्षक बोले- नशे नहीं, शिक्षा पर खर्च करें आय
एमबी अस्पताल में अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन के सान्निध्य में नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के तहत राष्ट्रीय शपथ कार्यक्रम हुआ। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं प्रशासनिक अमले ने नशे से दूर रहने और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। डॉ. सुमन ने कहा कि नशा स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। यदि वह पैसा शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च हो तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवर सकता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए स्वस्थ युवा शक्ति आवश्यक है। विकसित युवा, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना सबकी जिम्मेदारी है। बता दें, एमबी के ओपीडी परिसर स्थित कमरा नंबर 134 में तंबाकू मुक्ति केंद्र पर परामर्श व मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे अब तक 6,992 मरीज सेवाएं ले चुके हैं और लगभग 500 मरीजों को तंबाकू छोड़ने में सफलता मिली है।
Panipat News: शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
शेड के नीचे पढ़ते मिले बच्चे तो शिक्षा मंत्री ने दिए छह नए कमरों के निर्देश
Bareilly News: अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
अभ्युदय से शिक्षा पाकर बने बैंक अधिकारी और शिक्षक
मेष राशिवालों को मन शांत रखना होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 19 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: मन को शांत रखना होगा, सेहत के मामले में लापरवाही ना करें, हर किसी से मन की बात शेयर करने से बचें, आज धन निवेश में जल्दबाजी ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Pilibhit News: निरीक्षण में दो शिक्षिकाएं और शिक्षामित्र मिलीं गैरहाजिर, एक दिन का वेतन रुका
रिषदीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने के दावों की बीएसए के निरीक्षण में पोल खुल गई।
Mandi News: शिक्षा खंड चच्योट-2 की धंग्यारा में होगी खेलकूद प्रतियोगिता
स्कूलों में जल्द खेलों की रौनक लौटेगी। शिक्षा विभाग ने अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए के कामकाज की समीक्षा की, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे ठीक करने का निर्देश
कृषि विभाग में 460 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिली नियुक्ति
राजस्थान सरकार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कृषि विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 के तहत 460 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का...
मध्य प्रदेश ने सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कूल के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की उपस्थिति, आव
कटिहार में यूथ की बात कार्यक्रम:टाउन हॉल में युवाओं ने जवाबदेही, शिक्षा सुधार की उठाई आवाज
कटिहार के टाउन हॉल में मंगलवार को 'यूथ की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य देशभर में चल रहे युवा आंदोलन के बीच युवाओं से संवाद स्थापित करना था। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दर्जनों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, लोकतंत्र और सरकार की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। ''जवाबदेही के लिए आवश्यक था शिक्षा मंत्री का इस्तीफा'' कार्यक्रम में चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन, पटना विश्वविद्यालय की छात्र नेत्री सबा आफरीन और सामाजिक कार्यकर्ता कामायनी स्वामी ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार से जवाबदेही तय करने की प्रमुख मांगें उठाईं। मोहनपुर, मनसाही से आए छात्र सचिन ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही के लिए आवश्यक था। हालांकि, उनके स्थान पर सक्षम नेतृत्व न आने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। छात्रा प्रियंका ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों का सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है। ''आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया'' उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को डराया नहीं जा सकता और वे सरकार से सवाल पूछते रहेंगे। कन्नन गोपीनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों और सरकार के बीच भरोसे का एक सामाजिक अनुबंध होता है। युवा कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास करने की उम्मीद करते हैं, लेकिन परीक्षा में अनियमितताओं से यह भरोसा टूट जाता है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया है। इस ऊर्जा का उपयोग देश की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए। विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर फोकस सबा आफरीन ने शिक्षा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और कहा कि बिहार इस क्षेत्र में पिछड़ रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान राजू रंजन ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। प्रियंका, गोविंद और दीपक ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र पासवान, पवन कुमार, दीपनारायण पासवान, आरती कुमारी, पूजा कुमारी, गौतम, सुहानी और लक्ष्मीकांत प्रसाद सहित कई अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 4.5 साल में 2300 करोड़ का निवेश; केरल से भी आगे निकला
पंजाब सरकार ने दावा किया है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं. नए क्लासरूम, आधुनिक लैब और बेहतर नतीजों के दम पर पंजाब अब स्कूली शिक्षा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.
आप सरकार की पंजाब शिक्षा सुधार योजना सरकारी स्कूलों को 2300 करोड़ रुपये के निवेश, नई कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, वाई-फाई और
भभुआ में युवा खरवार महासभा का विश्व आदिवासी दिवस समारोह, शिक्षा-रोजगार व सरकारी योजनाओं पर विशेष जोर
18 अगस्त, मंगलवार: भभुआ शहर में युवा खरवार महासभा की जिला इकाई ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह आयोजित किया। पूर्व विधायक अशोक सिंह व विधायक भरत बिंद सहित कई अतिथि शामिल हुए। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और संगठन को गांव-पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।
BPSC TRE 4 में जुड़ेंगे 886 पद, कुल कितने शिक्षकों की होगी भर्ती; शिक्षा मंत्री ने कर दिया ऐलान
बीपीएससी टीआरई 4 शिक्षक भर्ती परीक्षा में मगही, मैथिली, प्राकृत समेत 8 भाषाओं और कृषि विषय के 886 अतिरिक्त पदों को जोड़ा जाएगा। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी जानकारी दी है। पदों की संख्या बढ़ने से अभ्यर्थियों को सरकारी टीचर बनने का ज्यादा मौका मिलेगा।
स्टडी लोन में मोरेटोरियम और EMI की गणना को कैसे समझें
उच्च शिक्षा की फीस, हॉस्टल, किताबों, यात्रा और अन्य खर्चों को पूरा करना कई परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का सपना होगा आसान, छात्राओं को हर साल मिलेंगे 30 हजार रुपये
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की उपस्थिति में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए।
प्रदेशभर के 1 लाख से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का संचालन देखने वाले प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक का पद खाली रह गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद तो 14 महीनों से रिक्त है। पहले सीताराम जाट को कार्यवाहक लगाया गया था अब उनके रिटायर होने पर ललित कुमार को कार्यवाहक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। राज्य के करीब 25 लाख स्टूडेंट्स की शिक्षा व्यवस्था कार्यवाहक स्थिति में एक सेशन निकाल चुकी है। समझिए किसके पास था कौनसा पद जयपुर से संचालित कर रहे जून 25 तक प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में 2 अलग-अलग आईएएस बैठते थे। इसके बाद जून 25 में दोनों के बीच एक आईएएस कर दिया गया। अब हालात ये हैं कि दोनों के लिए कोई आईएएस नहीं है, बल्कि जयपुर के अधिकारी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस ललित कुमार भी जयपुर से ही दोनों निदेशालयों को संचालित कर रहे हैं।
BPSC भर्ती 2026 : स्कूल टीचर के 32,388 पदों पर बंपर वैकेंसी, 1 सितंबर से करें आवेदन
ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 तथा ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
बरांडा फला के 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए दान की भूमि, शिक्षा के विकास की पहल
खेरवाड़ा के बरांडा फला में 22 खातेदारों ने स्कूल के लिए स्वेच्छा से भूमि दान की। तहसीलदार के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए।
job news 2026: असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के पदों पर निकली इस वैकेंसी के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आप भी अ्रगर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में असिस्टेंट ग्रेड थर्ड के बंपर पदों पर निकली भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 15 सितंबर 2026 तक आवदेन किया जा सकता है। ग्रेजुएशन उत्तीर्ण इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। पदों के नाम- असिस्टेंट ग्रेड थर्ड पदों की संख्या- 1174 पद आयु सीमा- अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 साल से कम न हो। अधिकतम आयु पुरुष उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 45 वर्ष निर्धारित है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 15 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन - ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट mphc.gov.in देख सकते हैं pc-
pc: kalingatv मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (MPHC) ने 14 अगस्त को असिस्टेंट ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। नौकरी के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस कल, 17 अगस्त से शुरू हो गया है। यह भर्ती एडवर्टाइजमेंट नंबर 614/परीक्षा/2026 के तहत है। जो कैंडिडेट इस नौकरी के लिए इंटरेस्टेड हैं, उन्हें नोटिस ध्यान से पढ़ना चाहिए और पता करना चाहिए कि वे एलिजिबल हैं या नहीं। भर्ती एडवर्टाइजमेंट के अनुसार, इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट 15 सितंबर तक नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 14 अगस्त एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू होने की तारीख: 17 अगस्त एप्लीकेशन प्रोसेस खत्म होने की तारीख: 15 सितंबर एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 19 सितंबर प्रीलिमिनरी एग्जाम की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन डिग्री, एक वैलिड CPCT स्कोरकार्ड और कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक साल का डिप्लोमा होना चाहिए। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी, 2026 को 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। ज़्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखें और रिक्रूटमेंट एडवरटाइज़मेंट नंबर 614/परीक्षा/2026 पढ़ें। एप्लीकेशन फीस: जनरल और दूसरे राज्य के कैंडिडेट: Rs 943.40 SC, ST, OBC, EWS, PWD: Rs 743.40 पेमेंट मोड: ऑनलाइन ज़रूरी सर्विस बॉन्ड: जिस कैंडिडेट को इस पोस्ट के लिए अपॉइंट किया जाएगा, उसके पास Rs 2 लाख का सर्विस बॉन्ड होना चाहिए और उसने कम से कम तीन साल कोर्ट में काम किया हो। एप्लीकेशन प्रोसेस: कैंडिडेट को MPHC की ऑफिशियल वेबसाइट mphc.gov.in पर जाना होगा। रिक्रूटमेंट सेक्शन पर क्लिक करें और एप्लीकेशन चुनें, उसे ठीक से पढ़ें। एप्लीकेशन लिंक चुनें और सही डिटेल्स डालकर खुद को रजिस्टर करवाएं। लॉग इन करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म को डिटेल्स में भरें। एप्लीकेशन में मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें। सबमिट बटन पर क्लिक करने से पहले आपने जो डिटेल्स भरी हैं, उन्हें चेक कर लें। आगे के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का स्क्रीनशॉट ले लें।
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने मंगलवार को मधुबनी समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। यह धरना वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने तथा वित्त रहित महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के समायोजन सहित विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। धरना दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति के कारण वर्षों से डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस नीति को तत्काल समाप्त करने और वित्त रहित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने की अपील की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन झा उर्फ रूपन झा और पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मिश्र ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान के साथ सेवा सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन तथा अन्य सेवा संबंधी लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग की। दिव्यांग शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग धरना के माध्यम से कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं। इनमें दिव्यांग शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय सहायता सुनिश्चित करना, वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना, तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देना शामिल था। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार को वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया।
सलूंबर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय समारोह धूमधाम से हुआ। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने ध्वजारोहण किया और 44 प्रतिभाओं का सम्मान हुआ। समारोह में शिक्षा-स्वास्थ्य को विकसित सलूंबर की आधारशिला बताया।
Bank of Baroda LBO Recruitment 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर के 2,482 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन 18 अगस्त से शुरू होंगे और 7 सितंबर तक चलेंगे।
यूपी में विभिन्न जिलों में निकली भर्ती, मल्टी टास्किंग स्टाफ के लिए आठवीं पास कर सकते हैं अप्लाई
योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी इस वैकेंसी में शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से सेवायोजन पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। आवेदन करने की लास्ट डेट 22 अगस्त 2026 निर्धारित है।
पटना के गर्दनीबाग में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और रघुपति राघव राजा राम के साथ छात्र न्याय सत्याग्रह की शुरुआत हुई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। स्टूडेंट्स बैनर पोस्टर लेकर बैठे हैं। छात्रों ने कहा कि हमें 2 से 4 दिन के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन चाहिए। हम लोग लॉलीपॉप नहीं लेंगे। छात्रों ने शिक्षा मंत्री को मिस्टेक तिवारी बताया। कहा कि उन्होंने इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर इस्तीफा देने की बात की थी। वो नोटिफिकेशन जारी नहीं कर पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। इसके पहले वाले शिक्षा मंत्री भी TRE-4 के नोटिफिकेशन की बात करते रहे, लेकिन नोटिफिकेशन नहीं आया। शिक्षा मंत्री नोटिफिकेशन जारी करें या इस्तीफा दें। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन छात्र न्याय सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हैं। छात्र नेता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करो नहीं तो शिक्षा मंत्री का आवास घेरेंगे। छात्र न्याय सत्याग्रह की 3 तस्वीरें देखिए… छात्र नेता बोले- 24 घंटे में नोटिफिकेशन जारी करो छात्र नेता दिलीप ने कहा कि बिहार के करोड़ों छात्रों को हितों को देखते हुए हम आज से धरने पर बैठ रहे हैं। 24 घंटे के अंदर TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। हम चाहते हैं कि ये परीक्षा एक बार में ली जाए। शिक्षा मंत्री ने कहते थे 25 जुलाई तक नोटिफिकेशन आ जाएगा। 24 घंटे में संशोधन कर देंगे। उनकी सब बातें झूठी हैं। ये शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग भी ठीक से नहीं कर पाए हैं। हम उन्हें 24 घंटे का वक्त दे रहे हैं इसके बाद उनके आवास का घेराव करेंगे। BPSC के विद्वान अधिकारी बोल रहे हैं कि TRE-4 में PT, MAINS होगा। कहा जा रहा पेपर लीक से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अरे BPSC के बेशर्मो...शर्म नहीं आती है। 66वीं, 67 वीं, 70 वीं का पेपर लीक हुआ। उसमें PT, MAINS इंटरव्यू होता था। हमें TRE-4 में PT, MAINS नहीं चाहिए। TRE-5 से इसे लागू करिए। क्यों कि TRE-4 में पहले ही बहुत देर हो चुकी है। लालू बोले- सरकार AK-47 से गोली चलवाती है तेजस्वी यादव कल यानी बुधवार को तेजस्वी यादव छात्रों की मांग को लेकर राजभवन मार्च निकालने वाले हैं। वहीं, दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया 'X' पर लिखा है कि समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त हैं। लूट तंत्र से बनी सरकार मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है। तानाशाही के खिलाफ सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो। JDU बोली- बिहारी में जितनी बहाली हुई, उतनी किसी राज्य में नहीं जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि आंदोलन करना छात्रों का अधिकार है। अगर छात्रों की कोई समस्या है तो वे आंदोलन करें। सरकार उनकी समस्या का समाधान करेगी। बिहार में जितनी बहाली हुई है, उतनी किसी दूसरे राज्य में नहीं हुई है। सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं पर जरूर ध्यान देगी। पटना में छात्र न्याय सत्याग्रह से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
SSC CHSL 2025: एसएससी सीएचएसएल का FRTA रिजल्ट जारी, 3515 उम्मीदवार DV के लिए चयनित
SSC CHSL FRTA Result 2026: एसएससी ने सीएचएसएल 2025 के फर्स्ट राउंड टेंटेटिव अलोकेशन का रिजल्ट जारी कर दिया है। टियर-2 प्रदर्शन के आधार पर 3,515 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए प्रोविजनली रिकमेंड किया गया है।
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों को लेकर जो आदेश जारी किया गया है। उस पर अब सियासी घमासान मच गया है। इस पर अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान भी सामने आया है।
अब यूपी में समय पर होंगी सरकारी भर्तियां!
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिएमुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिए हैं. इसके लिए अब परीक्षाओं से लेकर नियुक्ति तक पूरा प्रोसेस अब वार्षिक कैलेंडर के तहत समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी जिससे परिणामों के लिए युवाओं को ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा और रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे.
सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं
सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं
‘दिमाग़ी नक्सल’ के शोर में असली सवाल गुम क्यों? शिक्षा सुधार की जगह बदनामी की राजनीति क्यों
Dimaagi Naxal PM Modi:‘दिमाग़ी नक्सल’ के नए राजनीतिक शब्द के बीच असली सवाल शिक्षा और युवाओं के भविष्य का है। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का सवाल है कि क्या बदनामी की राजनीति से छात्र आंदोलन का जवाब दिया जा सकता है?
शिक्षा विभाग का आदेश:स्कूलों में फोटो या वीडियो बनाने और स्ट्रीमिंग पर रोक
नाबालिग बालिकाओं के फोटो लेने पर पॉक्सो में केस दर्ज हो सकता है शिक्षा विभाग के एक आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा निदेशालय के आदेश में सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को लेकर जो पाबंदियां लगाई गई हैं, उन्हें लेकर शिक्षा मंत्री ने सफाई तक दी है। आदेश में है कि संस्था प्रधान स्थानीय पुलिस की सहायता से मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के अनुसार POCSO, किशोर न्याय अधिनियम, 2015, आईटी अधिनियम में केस दो सकता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है गलत प्रचारित किया जा रहा है कि स्कूलों में आने-जाने व वीडियो रिकार्डिंग पर प्रतिबंध है। नाबालिग की फोटो लेने से पहले अभिभावक की परमिशन जरूरी है। बिना पूर्व अनुमति के स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा बिना पूर्व अनुमति बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश नहीं होगी।आगंतुक को विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी देनी होगी।बाहरी व्यक्ति कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, विद्यार्थियों की किसी भी गतिविधि वाले क्षेत्र में बिना किसी स्टाफ के साथ के प्रवेश नहीं कर सकेगा।प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों अथवा विद्यालय गतिविधियों का फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग अथवा लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी।विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का प्रसारण, प्रकाशन अथवा प्रसार नहीं होगा।यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी का प्रयास करता है अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न करता है तो प्रधानाचार्य पुलिस तथा डीईओ को सूचित करेंगे।ऐसे व्यक्ति, जिसके स्कूल में आने से सुरक्षा, निजता, अनुशासन अथवा शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता हो, प्रधानाचार्य उसे प्रवेश की अनुमति अस्वीकार कर सकता है। अनुमति के बिना बालक-बालिका की पहचान उजागर नहीं करेगा। आदेश पर सवाल भी सरकारी स्कूलों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पदों से बनी स्थिति को मीडिया की ओर से दिखाया जाना या प्रकाशित आखिरकार कैसे गलत हो सकता है। संस्था प्रधान किसी से बदले की भावना से भी मुकदमा दर्ज कर सकते हैं। स्कूलों की खामियों को दिखाना गलत है तो फिर ऐसे आदेश अन्य सरकारी संस्थाओं के लिए भी निकाले जा सकते हैं?
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं वेदों की शिक्षाएं : आचार्य देवव्रत
Yamuna Nagar News: गुरु रविदास की शिक्षाओं का किया गुणगान
गांव चाहड़ो आहलूवाला स्थित श्री गुरु रविदास ज्ञान प्रकाश आनंद आश्रम में मासिक सत्संग हुआ। महंत अशोकानंद ने गुरु महाराज की शिक्षाओं व आदर्शों से सत्संग को निहाल किया।
Basti News: महिलाओं के उत्थान व बेटियों के शिक्षा पर महिला संगठनों का जोर
Women's organizations emphasize on the upliftment of women and education of daughters
परीक्षा में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई लताड़, मांगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यूजीसी नेट परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मिली गड़बड़ियों को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में सामने आई विसंगतियों, पेपर लीक के दावों और तकनीकी गड़बड़ियों को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और कार्यप्रणाली पर उठे चौतरफा सवालों के बीच सरकार ने एजेंसी के आंतरिक ढांचे में बड़ा प्रशासनिक ऑपरेशन शुरू कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट के कड़े निर्देशों और उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद एनटीए के परीक्षा संचालन, आईटी और गोपनीय शाखा से जुड़े 50 से अधिक अधिकारियों व अनुबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।गोपनीयता और परीक्षा संचालन में लापरवाही पर गिरी गाजहाल के महीनों में यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर गृह मंत्रालय के 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) से मिले इनपुट्स के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्रों के निर्माण, मॉडरेशन, डेटा हैंडलिंग और आउटसोर्सिंग वेंडर्स की निगरानी में गंभीर प्रशासनिक शिथिलता बरती गई थी। इसी जवाबदेही को तय करते हुए विभिन्न स्तरों पर तैनात लगभग 50 अधिकारियों, सलाहकारों और समन्वयकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं तथा कुछ को उनके मूल विभागों में वापस भेज दिया गया है।राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर अमल शुरूपरीक्षाओं को फुलप्रूफ और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को लागू करना शुरू कर दिया गया है। समिति ने एनटीए में बड़े पैमाने पर स्थायी और विषय-विशेषज्ञों की भर्ती, आउटसोर्सिंग स्टाफ पर अत्यधिक निर्भरता घटाने तथा डेटा सुरक्षा के कड़े ऑडिट की वकालत की थी। मौजूदा प्रशासनिक फेरबदल इसी रिफॉर्म का हिस्सा है, जिसके तहत परीक्षा नियंत्रण से जुड़े संवेदनशील पदों पर प्रतिनियुक्ति के बजाय उच्च मानकों वाले स्थायी अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।सीबीआई जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेजयूजीसी नेट मामले में दर्ज आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां केवल बाहरी साल्वर गैंग्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एनटीए के आंतरिक तंत्र और प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की हर कड़ी की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। हटाए गए कर्मियों और संबंधित नोडल अधिकारियों के रिकॉर्ड्स, डिजिटल लॉग्स और संचार विवरणों का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यदि किसी भी स्तर पर मिलीभगत सिद्ध होती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सके।भविष्य की परीक्षाओं के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टमप्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए एनटीए की आगामी सभी परीक्षाओं के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, रियल-टाइम एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, जैमर्स का अनिवार्य उपयोग और डिजिटल क्वेश्चन पेपर ट्रांसफर के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन शामिल है। इसके अलावा, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों के चयन और भौतिक सत्यापन के नियमों को अत्यंत सख्त कर दिया गया है।लाखों अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताशिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि देश के करोड़ों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में लागू हुए 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट' के कड़े प्रावधानों के तहत परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और गैर-जमानती जेल की सजा का रास्ता साफ हो चुका है। एनटीए में यह बड़ा प्रशासनिक शुद्धिकरण इस बात का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से वार्ता की। महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि वार्ता के दौरान शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर समानुपात में शिक्षकों की नियुक्ति करने, 33000 संविदा शिक्षको को प्रबोधकों […] The post अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की अतिरिक्त मुख्य सचिव से वार्ता सम्पन्न appeared first on Sabguru News .
ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से दुनिया भर में शिक्षा पर संकट, लाखों बच्चों के स्कूल छूटने का खतरा
ईरान युद्ध की मार अब दुनिया के उन बच्चों तक भी पहुंच रही है, जो युद्ध से हजारों किलोमीटर दूर हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। कई परिवारों के लिए भोजन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।
लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाने में शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका: ज्ञानेश कुमार
Patna, 17 अगस्त . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने Monday को Patna के ज्ञान भवन में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स और ‘ईसीआईनेट’ सम्मेलन के दौरान यह बात कही. इस अवसर पर ... Read more
शिक्षा मंत्री ने एनटीए की समीक्षा बैठक की, परीक्षा प्रणाली के व्यापक ऑडिट का दिया आदेश
New Delhi, 17 अगस्त . राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित कुछ परीक्षाओं को लेकर नए सिरे से मुद्दे उठने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Monday को इसके कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की और इसे सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट करने का निर्देश दिया. ... Read more
चुनाव में AAP विधायक ने दिया शिक्षा का गलत ब्योरा? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने यह भी माना था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण का आरोप तभी बनता है जब किसी दूसरे उम्मीदवार के बारे में चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से गलत बयान दिया गया हो.

