यूजीसी और एआईसीटीई के संग उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र की प्राथमिकताओं को व नई रणनीति को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आगे की प्राथमिकताएं तय करने पर चर्चा की गई।
‘शिक्षा का उद्देश्य विवेक पैदा करना’
पाञ्चजन्य के मंच पर आने को आप किस तरह देखते हैं? आपकी विचारधारा और पाञ्चजन्य की विचारधारा में कितना साम्य है? अटल बिहारी वाजपेयी जी की दो बातें मुझे बहुत महत्वपूर्ण लगती हैं। वे कहते थे कि राजनीति में शब्द हथियार का काम करते हैं और सरकारें आती-जाती रहेंगी, देश रहना चाहिए। हर वह व्यक्ति […]
अमेरिका में AI की वजह से नहीं जाएगी शिक्षकों की नौकरी: शिक्षा मंत्री बोलीं- मशीन नहीं ले सकता इंसान की जगह- Teachers will not lost job due to AI Linda McMahon US Secretary Education says machines cannot replace humans
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक होगी।
सरकारी स्कूल में आपत्तिजनक आचरण से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की है। विभाग ने किशनगंज क्षेत्र में स्थित स्कूल के दो कार्मिकों को हटाकर डीईओ कार्यालय में अटैच किया है। मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
स्कूल में अमर्यादित आचरण का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
भास्कर न्यूज| बारां किशनगंज क्षेत्र के एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल समय के दौरान परिसर में अमर्यादित आचरण का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विद्यालय की व्याख्याता और प्रयोगशाला सहायक को विद्यालय से हटाकर मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बारां कर दिया गया है। वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने दोनों कार्मिकों को विद्यालय से हटाने के आदेश जारी किए। विभाग की ओर से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी गई है। डीईओ ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच सीबीईओ अंता द्वारा की जा रही है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक कार्मिक का मुख्यालय डीईओ माध्यमिक कार्यालय बारां एवं दूसरे का डीईओ प्रारंभिक कार्यालय बारां में किया गया है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षाउनके सपनों को पंख देना हमारी प्राथमिकता: साय
श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
विक्की पशुपालन बोर्ड और अरविंदर बने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सदस्य
भास्कर न्यूज | अमृतसर आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब में विभिन्न सरकारी बोर्डों, कॉरपोरेशन और संस्थाओं में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, डायरेक्टर और सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में जिले से एक डायरेक्टर और 7 सदस्यों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन नियुक्तियों के तहत गौरव अग्रवाल को डायरेक्टर इंफोटेक, हरिंदर सिंह को पुड्डा पंजाब का सदस्य, एडवोकेट रमन कुमार को एडीए का सदस्य, अरविंदर सिंह भट्टी को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का सदस्य, विश्व सहजपाल को लेबर बोर्ड का सदस्य, विक्की दत्ता को पशुपालन बोर्ड का सदस्य, सुनील कुमार को पंजाब प्रोहिबिशन एंड एम्प्लॉयमेंट रिहैबिलिटेशन विभाग का सदस्य और गुरप्रीत सिंह चाहत को तीर्थ यात्रा समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाएंगे।
Una News: शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूलों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
टीम ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
Kushinagar News: नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएं शिक्षा
रामकोला बीआरसी सभागार में सोमवार को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण में सोमवार को शिक्षकों को कई जानकारी दी गई।
Ambala News: अंबाला से... शौचालय में गंदगी देख शिक्षामंत्री अधिकारियों से बोले- आपको बदबू नहीं आ रही
शिक्षामंत्री अधिकारियों से बोले- आपको बदबू नहीं आ रही
Mahendragarh-Narnaul News: अंतर-विषयक शिक्षा से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने दिल्ली में 22 अगस्त तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सीआरई कार्यशाला आयोजित की। डब्ल्यूएनएस-2026 के तहत आयोजित कार्यशाला का विषय चिकित्सा देखभाल में मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण रहा।
सूडान: 2 लाख बच्चों की शिक्षा के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की पहल
संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शिक्षा कोषने सोमवार को सूडान में युद्ध से प्रभावित2लाख बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए2.2 करोड़ डॉलर की नई पहलकी घोषणा की. देश में जारी गृहयुद्ध के कारण लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित है और बड़ी संख्या में बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.
सरकारी शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्री और आयुक्त के आश्वासन
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असम में उच्च शिक्षा के लिए अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 24 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Monday को कहा कि उनकी Government यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक तंगी किसी भी युवा को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोके. उन्होंने राज्य की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं छात्रों ... Read more
मदरसा गरीबों का शेल्टर होम नहीं, शिक्षा की पवित्र जगह है : आलोक कुमार
New Delhi, 24 अगस्त . यूपी के 558 अनुदानित मदरसों में गड़बड़ियों की जांच के आदेश पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने योगी Government का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मदरसा गरीब बच्चों का शेल्टर होम नहीं, बल्कि पढ़ाई की पवित्र जगह है, इसलिए वहां सुविधाएं और साफ-सफाई होनी चाहिए और जो ... Read more
शिक्षा विभाग ने TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार करने के लिए BPSC को पत्र भेजा है, जिसमें बाल मनोविज्ञान और बिहार से संबंधित प्रश्नों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग है।
देश में 10 लाख टीचर्स के पद खाली, शिक्षा मंत्रियों को जवाब देना होगा; क्या बोले आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ने कहा कि 25 जुलाई को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में एक समझौते पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में उसको लागू नहीं किया गया। इससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
रक्षा बंधन पर झारखंड के स्कूलों में रहेगा अवकाश, शिक्षा विभाग ने बदला पहले का फैसला
Raksha Bandhan School Holiday:झारखंड में रक्षा बंधन के दिन अब स्कूलों में अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नाराजगी के बाद पूर्व में रद की गई छुट्टी को बहाल कर दिया है।
बारां के किशनगंज स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में अशोभनीय हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। स्कूल की व्याख्याता सिमरन कालरा और प्रयोगशाला सहायक अक्षत वैष्णव को तत्काल प्रभाव से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बारां में मुख्यालय किया गया है। यह कार्रवाई स्कूल समय के दौरान परिसर में अशोभनीय हरकतों से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। वीडियो सामने आने पर मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों कार्मिकों को स्कूल से हटाने के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने इस प्रकरण में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच सीबीईओ अंता के स्तर से कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे विभागीय जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई तय होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों कार्मिकों को डीईओ कार्यालय में मुख्यालय किया गया है। प्रारंभिक जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य ध्यान वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने पर है।
सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को सीजेपी का खुला पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर पूछे छह सवाल
New Delhi, 24 अगस्त . Governmentी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को खुला पत्र लिखा. उन्होंने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजा है. उन्होंने कहा कि देश को यह जानने की जरूरत है कि Governmentी स्कूलों ... Read more
नेक्स्ट जेन भारत 2026: स्वच्छ वायु के लिए उद्योग, शिक्षा और युवा एक मंच पर, सामूहिक प्रयास पर जोर
नेक्स्ट जेन भारत 2026 सम्मेलन में ऊर्जा, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं और युवाओं ने स्वच्छ वायु के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। यह सम्मेलन विकसित भारत के लिए सामूहिक कार्रवाई और वायु गुणवत्ता के महत्व को रेखांकित करता है, जो स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल
Deepak letter to the Education Ministers: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने देश और राज्यों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा है।
शिक्षिका ने प्रिंसिपल को शिक्षा विभाग का फर्जी आदेश दिखा कराया ट्रांसफर, पोल खुली तो हुआ एक्शन
एक महिला टीचर ने प्रिंसिपल को पेपर दिखाकर ट्रांसफर ले लिया लेकिन जब जांच हुई तो वह आदेश फर्जी पाया गया.
झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र स्थित ग्राम सेमला में धाकड़ युवा संघ सुनेल क्षेत्र 80 गांव का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ धाकड़ महासभा के पदाधिकारियों ने गणेश वंदना और भगवान धरणीधर की पूजा-अर्चना के साथ किया। समारोह में धाकड़ समाज 80 गांव की महासभा, छात्रावास समिति, श्री धरणीधर मंदिर निर्माण समिति, कर्मचारी संघ और युवा फ्रेंड्स क्लब सहित कई समाजबंधुओं एवं युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान समाज के विकास, युवाओं को शिक्षा एवं संस्कारों से जोड़ने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई। सामूहिक विवाह सम्मेलन का आय-व्यय पेशसमारोह में 49वें सामूहिक विवाह सम्मेलन के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। आयोजक कमेटी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं श्री धरणीधर मंदिर निर्माण की बकाया राशि, छात्रावास निर्माण समिति की सदस्यता शुल्क, भवन निर्माण की गतिविधियों और आगामी खेलकूद प्रतियोगिता को लेकर भी चर्चा हुई। जन्मोत्सव की तैयारियों पर मंथनआगामी 2 सितंबर को भगवान श्री धरणीधर के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा-संस्कारों के जरिए युवा पीढ़ी का भविष्य संवारने पर जोर दिया। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया। महिला इकाई के गठन की आवश्यकतामहिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए कृष्णा मंडलोई ने समाज में महिला इकाई के गठन की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और समाज को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद नागर एवं भेरूलाल नागर मिश्रौली ने किया। इस दौरान श्री धाकड़ महासभा अध्यक्ष बिरधीलाल नागर, धरणीधर मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष भूपेंद्रसिंह मंडलोई, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामप्रसाद कम्पाउंडर, युवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल चौधरी, फ्रेंड्स क्लब अध्यक्ष बलवंत धाकड़, छात्रावास निर्माण समिति उपाध्यक्ष संतोष नागर, भगवान जन्मोत्सव अध्यक्ष प्रकाशचंद नागर सहित पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारी, युवा साथी और समाजबंधु मौजूद रहे।
करनाल के नीलोखेड़ी क्षेत्र में सोमवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रायपुर रोडान गांव के राजकीय प्राइमरी और राजकीय हाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखी। मंत्री ने स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सरपंचों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। हर कक्षा में पहुंचे मंत्री, बच्चों से सीधे पूछे सवालनिरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने संबंधित गांवों के पंचों और सरपंचों को मौके पर बुलाया। उन्होंने स्थानीय स्तर की समस्याओं पर उनके साथ बातचीत की और कहा कि जिन समस्याओं का समाधान पंचायत या सरपंच स्तर पर हो सकता है, उन्हें स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तुरंत दूर कराया जाए। इसके बाद मंत्री स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ बैठक करने के अलावा प्रत्येक कक्षा में पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, किताबों की उपलब्धता और स्कूल में आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने बच्चों से सीधे संवाद कर यह समझने का प्रयास किया कि स्कूलों में उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है और पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही। शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द हल कराने का आश्वासन भी दिया गया। पहले चरण में 1500 स्कूलों का होगा कायाकल्पशिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों को मॉडल शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1500 राजकीय स्कूलों को चिन्हित किया गया है।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाएं और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद प्रदेश के अन्य सभी सरकारी स्कूलों का भी चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प और नवीनीकरण किया जाएगा। उद्देश्य सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सफाई और व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहींमंत्री महिपाल ढांडा ने विभागीय अधिकारियों को सरकारी शिक्षण संस्थानों के संचालन में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने अध्यापकों और प्राचार्यों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएं। स्कूलों में साफ-सफाई को लेकर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वच्छ और बेहतर वातावरण जरूरी है। इसलिए स्कूल परिसरों की सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित स्तर पर जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। लगातार स्कूल-कॉलेजों के दौरे से बढ़ी जवाबदेहीशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के 3 राजकीय कॉलेजों और 5 राजकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। उनके लगातार जमीनी दौरों का उद्देश्य सरकारी शिक्षण संस्थानों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर समझना और कमियों को दूर कराना है।इन निरीक्षणों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ने की बात कही जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों और आम लोगों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। रायपुर रोडान के स्कूलों के निरीक्षण के दौरान भी मंत्री ने मौके पर समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को उनके समाधान के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा एक्शन मोड में, 3 स्कूलों का औचक निरीक्षण कर दिए निर्देश
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और राजकीय स्कूलों में जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण...
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर अभिजीत दीपके का सवाल, शिक्षा मंत्रियों से चिट्ठी लिखकर मांगी 6 जानकारियां; जानें क्या पूछा
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले ने महाराष्ट्र में सरकारी स्कूलों के बंद होने और शिक्षा बजट में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कुंभ मेले के खर्च का छोटा हिस्सा शिक्षा को देने की बात कही।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभाल अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) दीपक बाबूलाल करवा ने संभाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर उन्नत करने, बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने व आत्मविश्वास से ओत-प्रोत करने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। दीपक बाबूलाल करवा ने बोर्ड मुख्यालय पर सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के पश्चात् अपनी प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षाओं की गुणवत्ता व विश्वसनीयता में अभिवृद्धि के लिए बहुत सराहनीय प्रयास किए गए हैं, इन प्रयासों को जारी रखा जाएगा। कार्यालय में बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगेउन्होंने कहा कि बोर्ड अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके सक्रिय सहयोग व भागीदारी के साथ बोर्ड कार्यालय में और बेहतर कार्य परिवेश तैयार करेंगे। जिससे बोर्ड की कार्यप्रणाली में तीव्रता आए व बोर्ड अधिकाधिक छात्र हितैषी बने। उन्होंने कहा कि वे पहले बोर्ड की कार्य प्रणाली को समझेंगे तथा उसके बाद अपना बेस्ट देते हुए सभी स्कीमों को बेहतरी से लागू करने का प्रयास करेंगे। 2020 बैच के आईएएस अधिकारीदीपक बाबूलाल करवा का जन्म 21 मई 1992 को हुआ था। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के अधिकारी हैं और हरियाणा कैडर में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी भिवानी व चरखी-दादरी में कार्यरत हैं। दीपक बाबूलाल करवा के सचिव पद पर कार्यभार ग्रहण के समय बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने उनका अभिनन्दन किया।
चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान का संकल्प, लालचंद लोहारवाड़िया ने पेश की मिसाल
कोटा में हाड़ौती बैरवा समाज उत्थान समिति के वरिष्ठ संरक्षक लालचंद लोहारवाड़िया ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया। परिवार ने भी निर्णय का समर्थन किया, जिसे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण योगदान माना गया।
कॉकरोच सरकारी स्कूलों की बदहाली पर बरसे, सभी शिक्षा मंत्रियों से पत्र लिख कर पूछे 6 सवाल
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि हमारे बच्चों को जानवरों से भी बदतर स्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर पदों पर आवेदन शुरू, ग्रेजुएट युवा भर्ती के लिए कर सकते हैं अप्लाई
इस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का किसी भी स्ट्रीम से स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 साल से ज्यादा न हो। आरक्षित वर्ग जैसे एससी/ एसटी/ ओबीसी/ पीडब्ल्यूबीडी वर्ग को ऊपरी उम्र में छूट प्रदान की गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को फिर से कहा कि राज्य भर के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए, उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उपलब्ध रहेगी। यह बात बिहार सरकार द्वारा उन खबरों को गलत बताए जाने के बाद कही गई है जिनमें दावा किया गया था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: Singheshwar Temple Stampede | सावन के अंतिम सोमवार पर मधेपुरा के सिंगेश्वर मंदिर में मची भगदड़! बैरिकेड टूटने से आधा दर्जन लोग घायल एक X पोस्ट में, मुख्यमंत्री चौधरी ने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध है और यह सुविधा पहले की तरह ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में कभी भी वित्तीय संसाधनों को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का दायरा और बढ़ा दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के मुताबिक, अब बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ज़रिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले, 4 लाख रुपये तक की पूरी राशि सिर्फ़ बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए ही दी जाती थी। इसे भी पढ़ें: Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों के साथ जोड़ने का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के ज़रिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे। इस तरह, अब छात्रों के पास पहले की तुलना में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के ज़्यादा विकल्प मौजूद हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नवादा के बैडमिंटन खिलाड़ी राज आर्यन सम्मानित, शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने दिया मोमेंटो
24 अगस्त, सोमवार: नवादा के राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी और बिहार विजेता राज आर्यन को शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया। राज आर्यन ने शानदार प्रदर्शन से नवादा और बिहार का नाम रोशन किया है।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) आज, 24 अगस्त, 2026 को लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक खत्म कर देगा। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर HRDD/RECT/02/2026-27 के तहत जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-I (JMGS-I) कैडर में लगभग 250 लोकल बैंक ऑफिसर पोस्ट पर भर्ती के लिए चलाया जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 8 अगस्त, 2026 से खुला था और आज 24 अगस्त को खत्म होगा। अगर आप इंटरेस्टेड हैं और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं तो जल्दी करें और आज ही ऑफिशियल IOB वेबसाइट के जरिए अप्लाई करें। IOB LBO वैकेंसी 250 वैकेंसी तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में उपलब्ध हैं। संबंधित राज्य के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को तय लोकल भाषा की जरूरत को पूरा करना होगा। तमिलनाडु -100 वैकेंसी कर्नाटक – 50 वैकेंसी महाराष्ट्र – 50 वैकेंसी गुजरात – 50 वैकेंसी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट डिग्री या सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। उम्र सीमा 1 अगस्त, 2026 को 20 से 30 साल के बीच तय की गई है। सरकारी नियमों के अनुसार एलिजिबल रिज़र्व्ड-कैटेगरी के कैंडिडेट को उम्र में छूट मिलेगी। टाइम और कैलेंडर एप्लीकेशन फीस जनरल, OBC और EWS कैटेगरी के कैंडिडेट को Rs 850 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं, SC, ST और PwBD कैंडिडेट को Rs 175 इंटीमेशन चार्ज के तौर पर देने होंगे। पेमेंट ऑनलाइन तरीकों से किया जा सकता है। पे स्केल चुने गए लोकल बैंक ऑफिसर को JMGS-I स्केल में रखा जाएगा। तय इंक्रीमेंट और स्केल स्ट्रक्चर के हिसाब से पे स्केल 48,480 रुपये से 85,920 रुपये है। इस पोस्ट पर अपॉइंट हुए कैंडिडेट्स को 2 लाख रुपये का फाइनेंशियल सर्विस इंडेम्निटी बॉन्ड भी भरना होगा और कम से कम तीन साल तक बैंक में सर्विस करनी होगी। IOB LBO सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में एक ऑनलाइन एग्जाम, जहाँ लागू हो वहाँ लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट, पर्सनल इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन शामिल हैं। जिन कैंडिडेट्स की क्लास 10 या क्लास 12 की मार्कशीट ज़रूरी लोकल लैंग्वेज की पढ़ाई कन्फर्म करती है, उन्हें लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट नहीं देना होगा। ऑनलाइन एग्जाम में रीजनिंग और कंप्यूटर एप्टीट्यूड, जनरल, इकोनॉमी और बैंकिंग अवेयरनेस, डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन, और इंग्लिश लैंग्वेज शामिल हैं। IOB LBO रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल IOB वेबसाइट पर जाकर करियर सेक्शन खोलना चाहिए। उन्हें लोकल बैंक ऑफिसर्स 2026-27 के लिए रिक्रूटमेंट लिंक चुनना चाहिए, रजिस्ट्रेशन पूरा करना चाहिए और ज़रूरी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरनी चाहिए। एप्लीकेंट्स को अपनी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा। लागू फीस ऑनलाइन पे करने के बाद, कैंडिडेट्स को फॉर्म जमा करना चाहिए और फाइनल एप्लीकेशन और पेमेंट रसीद की एक कॉपी रखनी चाहिए। IOB लोकल बैंक ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने की आखिरी तारीख 24 अगस्त, 2026 है।
पंजाब सरकार की ओर से करवाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा और धार्मिक समागमों पर कांग्रेस के पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों और यात्राओं पर सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी खर्च पर सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से डॉ. गांधी के बयान पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा है। धार्मिक यात्राओं पर नहीं खर्च होने चाहिए पैसे डॉ. धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उनका परिवार दिन-रात मेहनत करके इसलिए टैक्स भरता है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा मुहैया कराया जा सके। उनके टैक्स के पैसे को ‘एक शाम शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिर बनाने, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान और आडंबर पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। डॉ. गांधी ने कहा कि धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। राज्य की ओर से किसी एक या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसला-अफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। साथ ही इससे समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा होकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिल सकता है। आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह किसी एक परिवार का पैसा नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का टैक्स है। लोगों का पैसा लोगों पर ही खर्च हो रहा है। श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु रविदास जी के समागमों से लेकर श्री दरबार साहिब, श्री हजूर साहिब, वृंदावन, मथुरा, खाटू श्याम, ‘एक शाम शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ तक हर आस्था का सम्मान करना पंजाब की साझा परंपरा है। नील गर्ग ने कहा कि ‘हमारे राम’ में लोग जिस श्रद्धा से पहुंचते हैं, वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को श्री राम के आदर्शों, संस्कारों और अपनी विरासत से जोड़ने का अवसर है। सरकारी खर्च पर सवाल जरूर पूछे जाने चाहिए, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा उन्होंने कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा। नील गर्ग ने कहा कि अगर कांग्रेस डॉ. गांधी के बयान से सहमत है तो पंजाब के लोगों से आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे। अगर कांग्रेस उनके बयान से सहमत नहीं है तो बताए कि डॉ. गांधी के बयान पर क्या कार्रवाई करने जा रही है।
कौशलपूर्ण शिक्षा से औषधनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसर : राकेश पाटील
कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में औषधनिर्माण उद्योग में करियर अवसरों पर मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ। राकेश पाटील ने Quality Control, Quality Assurance, उत्पादन और शोध सहित रोजगार की संभावनाएं बताईं।
Kullu News: शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा की चिंता
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुंगश का 51 साल पुराना भवन बदहाल हो चुका है।
टोहाना: 134-ए के तहत 2 करोड़ बकाया, प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक संकट, जल्द मिलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी से
Delhi Police Constable Physical: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) भर्ती परीक्षा 2025 के तहत 24 और 25 अगस्त को होने वाला शारीरिक दक्षता एवं माप परीक्षण (PE&MT) स्थगित कर दिया गया है।
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने उच्च शिक्षा सुधारों का समर्थन करने के लिए सीएम विजय का जताया आभार
IOB LBO Recruitment 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक की लोकल बैंक ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए आवेदन का आज, 24 अगस्त को आखिरी मौका है। इस भर्ती में 250 पद हैं। चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग आवेदन वाले राज्य में ही होगी।
छत्तीसगढ़ के 35 विश्वविद्यालयों और करीब 600 कॉलेजों में 10,000 से अधिक शैक्षणिक पद रिक्त हैं।
पूर्वी प्रजापति समाज ने प्रतिभाओं का सम्मान कर शिक्षा की अलख जगाने का दिया संदेश
शहर के आंबेडकर सर्किल के पास स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में रविवार को हाड़ौती पूर्वी प्रजापति युवा एकता एवं विकास मंडल ने प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षा, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं को भी सम्मान मिला। सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, समाजसेवियों और सामाजिक गतिविधियों में सहयोग करने वाले भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता नारायण प्रजापति ने समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज अलग-अलग स्तरों पर बिखरा हुआ है। संगठन मजबूत करने के लिए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही। नारायण प्रजापति ने कहा कि समाज के अधिकारों और न्याय के लिए संगठित होकर प्रयास करना होगा और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा रहना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता छीतरलाल ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संगठन दोनों का मजबूत होना जरूरी है। प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और संगठन की भावना से जोड़ने पर जोर दिया। युवा एकता मंच के अध्यक्ष हेमराज पोटर ने बताया कि मंच आगे भी ऐसे आयोजन करेगा ताकि समाज की प्रतिभाओं को मंच और प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में समाज के विकास और विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने वालों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्वी प्रजापति समाज जिलाध्यक्ष सूरजमल प्रजापति, कोटा जिलाध्यक्ष बृजराज, इंद्रपाल, मोतीलाल, हरज्ञान, डॉ. कबूलचंद, छीतरलाल, दुर्गाप्रसाद, सुभाष चक्रधारी, सहित समाज के कई पदाधिकारी, बड़ी संख्या में समाजबंधु, युवा, विद्यार्थी और अभिभावक आदि मौजूद थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देश के सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। CJP के सदस्य हरियाणा के 15 स्कूलों का दौरा भी कर चुके हैं। इस बीच हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का इस अभियान को लेकर बयान सामने आया है। हांसी में उन्होंने कहा कि स्कूलों में किसी को भी बिना अनुमति के प्रवेश नहीं दिया जा सकता। स्कूल देश की धरोहर हैं। अगर यहां कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने कहा कि सरपंच और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की मंजूरी के बिना कोई भी व्यक्ति स्कूल में नहीं जा सकता। वहीं CJP की कौर कमेटी के मेंबर सुधीर सांगवान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हम नहीं रुकेंगे। पहले जानिए, शिक्षा मंत्री ने क्या कहा… CJP बोली- हम संविधान के दायरे में, रुकेंगे नहीं CJP शिक्षा मंत्री के बयान पर CJP के प्रदेश प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका अभियान रुकने वाला नहीं है। CJP झज्जर के 4-5, भिवानी के 3, चरखी दादरी के 2, गुरुग्राम और हिसार के 1-1 स्कूल समेत तोशाम के सांगवान गांव के एक स्कूल का दौरा कर चुकी है। कुल 15 स्कूलों का दौरा किया गया है। सांगवान का दावा है कि वे स्थानीय सरपंचों और पूर्व सरपंचों के निमंत्रण पर ही गांवों में जाते हैं। SMC सदस्यों के बच्चे भी उन्हीं स्कूलों में पढ़ते हैं, इसलिए वे दबाव में रहते हैं और स्कूल की कमियों को खुलकर सामने नहीं रख पाते। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन से जुड़ी बड़ी कमियां हैं। स्कूलों में 2,800 कामों के लिए 130 करोड़ जारी वहीं, CJP की मुहिम के बीच सरकार ने सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों से लेकर कमरों, चारदीवारी और शौचालयों की कमी दूर करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के स्कूलों में चिन्हित करीब 2,800 विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इन कार्यों को जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। विभाग की ओर से प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कराया गया था। इस दौरान स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और भवनों की स्थिति का मौके पर आकलन किया गया। निरीक्षण में पुराने और जर्जर भवनों को हटाने, नए कमरे बनाने, चारदीवारी और नए शौचालय बनाने के साथ विभिन्न छोटे-बड़े मरम्मत कार्यों की जरूरत सामने आई। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- CJP ने स्कूल की पोल खोली, इकलौती टीचर सस्पेंड:2 की SIR में ड्यूटी; भिवानी में राशन में कीड़े चलने का VIDEO आया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भिवानी के जिस सरकारी स्कूल का वीडियो जारी किया था, वहां की इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कूल में मिड डे मील बनाने वाली 2 कुक को भी हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
Varanasi News: बीएचयू के शिक्षा संकाय में डिजिटल लर्निंग पर राउंड टेबल संवाद
Round-table discussion on digital learning at the Faculty of Education, BHU
Sultanpur News: कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
कम वोल्टेज से डिजिटल शिक्षा प्रभावित
Shamli News: एक-एक शिक्षामित्र के भरोसे चले रहे नगर के परिषदीय स्कूल
नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
Bilaspur News: कॉलेज बंद, उच्च शिक्षा से दूर हो रहे स्वारघाट के युवा
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर बसे स्वारघाट क्षेत्र में कॉलेज बंद होने से आसपास की पंचायतों के युवा उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
Kushinagar News: शिक्षा से बदलेगी मुसहर समाज की तकदीर, स्कूल भेजने का आह्वान
रायपुर मुसहरटोली में शनिवार को ‘हम पढ़ेंगे तभी बढ़ेंगे’ कार्यक्रम के तहत जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा रविवार देर शाम को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में अपने किसी निजी काम के लिए पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कांग्रेस पर जमकर बरसे। सबसे ज्यादा चर्चा रोहतक सांसद भूपेंद्र हुड्डा की उस पोस्ट पर हुई, जिसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन सिंह को अपना आइडियल बताया था। इस पर ढांडा ने सीधे हुड्डा पर हमला करने के बजाय सवाल को उन्हीं पर छोड़ते हुए कहा दोषी करार दिए गए व्यक्ति किसी के आदर्श हो सकते हैं तो इसका जवाब वही लोग दें, जो उन्हें अपना आइडियल मानते हैं। ढांडा ने कहा कि किसी को अपना आदर्श मानना व्यक्तिगत धारणा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सज्जन सिंह को उच्च न्यायालय दोषी करार दे चुका था। उन्होंने कहा कि उनके लिए आदर्श वह व्यक्ति है, जो समाज में सकारात्मक योगदान दे और लोगों के लिए अच्छा काम करे। गेस्ट टीचरों पर सरकार का मंथन जल्द आ सकता है फैसलाकरनाल में शिक्षा मंत्री से जब गेस्ट टीचरों की मांगों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। ढांडा ने संकेत दिया कि इस मामले में जल्द ही परिणाम सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान से गेस्ट टीचरों की मांगों पर सरकार की ओर से जल्द कोई निर्णय लिए जाने की उम्मीद बढ़ी है। चीनी महंगी होने पर कांग्रेस के सवालों का जवाबचीनी के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस के हमले पर भी ढांडा ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि उनके शासनकाल में जनता को कौन सी ऐसी सुविधाएं और राहत मिली थीं, जिन्हें वे आज सरकार को गिना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चीनी के दाम बढ़े हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार कीमतों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कालाबाजारी के आरोप पर बोले- ऐसा नहीं हुआचीनी के दाम बढ़ने के पीछे कालाबाजारी के सवाल पर ढांडा ने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में ऐसे मामलों में कालाबाजारी के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेता सरकार पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष कर रहे हैं, जबकि उनके शासनकाल में जनता की जेब काटने वालों को संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं।
निजी नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े के बाद अब सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की हालत भी सामने आ गई है। प्रदेश के कई शासकीय कॉलेज बिना प्राचार्य, बिना उप प्राचार्य और बिना पूरी फैकल्टी के ही चल रहे हैं।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी: बाबा रामदेव
हरिद्वार, 23 अगस्त . योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव होने से शिक्षकों का समय बचेगा और वे पूरी तरह छात्रों ... Read more
बाबा रामदेव ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का किया समर्थन, बोले- शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार
बाबा रामदेव ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का किया समर्थन, बोले- शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) का संगठन विस्तार और सम्मेलन अभियान जिले में तेजी से जारी है। इसी कड़ी में बरौनी अंचल के मैदा में AISF की शाखा का गठन किया गया। इस दौरान छात्र-युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। मौके पर छात्र-युवाओं को संबोधित करते हुए AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में आए आंकड़ों के अनुसार देश के करीब 19 करोड़ छात्र और युवा शिक्षा-रोजगार से पूरी तरह दूर हैं। सरकार ने सत्ता के लिए नौजवानों से झूठे वादे किए थे अमीन हमजा ने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल सत्ता हासिल करने के लिए देश के नौजवानों से झूठे वादे किए थे। अब सत्ता में आने के बाद युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की कोई सकारात्मक मंशा नजर नहीं आ रही है। AISF के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्र-नौजवान लगातार अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध लेने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है। सरकार की इस छात्र-विरोधी नीति से बिहार के युवाओं में आक्रोश है और वे जल्द ही एक बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन बरौनी अंचल अध्यक्ष आजाद खान और शाहरुख इकबाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी कमेटी का गठन किया गया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाते हुए हक-अधिकार की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।
नवादा शहर के भोजपुरी पैलेस में रविवार को अखिल भारतीय पासी समाज, नवादा जिला इकाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और समाज के अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन परमेश्वर चौधरी ने किया। बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी और वरिष्ठ नेता हीरालाल चौधरी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। गांव-गांव जाकर समाज को जोड़ने पर जोर वक्ताओं ने समाज को जातिगत बिखराव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठन से जोड़ने और समाज के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में गरीब और मेधावी विद्यार्थियों की मदद के लिए जिला स्तर पर शिक्षा प्रकोष्ठ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। चुनाव में आबादी के अनुसार हिस्सेदारी की मांग बैठक में राजनीतिक भागीदारी पर भी चर्चा हुई। आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व और उचित राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को मजबूती से रखने पर सहमति बनी। इसके अलावा ताड़ी व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं, जाति प्रमाण पत्र, आवास योजना और अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण से जुड़े लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। एक महीने में 14 प्रखंडों में बनेगी इकाई प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने अगले एक माह के भीतर जिले के सभी 14 प्रखंडों में संगठन की इकाई गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर संगठित होना चाहिए। जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने बैठक को समाज में नई चेतना की शुरुआत बताया और जल्द जिला सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेता रहे मौजूद इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पिंकी भारती, जिला परिषद सदस्य बसंती देवी, हिसुआ नगर परिषद अध्यक्ष पूजा कुमारी, उपाध्यक्ष टिंकू चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, कृष्णा चौधरी उर्फ पड़कन चौधरी, चंदन चौधरी, निशांत चौधरी सहित जिलेभर से आए सामाजिक कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। बैठक के अंत में नुनु चौधरी, सरोज चौधरी, अवधेश चौधरी, बाबुचंद चौधरी, मधुसूदन चौधरी, सतेंद्र चौधरी, हीरा चौधरी, विनोद चौधरी, रवि चौधरी, जितेंद्र चौधरी और केके चौधरी सहित अन्य लोगों ने समाज की एकता और उत्थान का संकल्प लिया।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15-29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, जो न तो पढ़ रहे हैं, न ही कार्यरत हैं और न ही कोई प्रशिक्षण ले रहे हैं।
झारखंड में रक्षाबंधन पर खुला रहेगा स्कूल, खेल दिवस अभियान के लिए शिक्षा विभाग से शेड्यूल जारी
शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'खेलेगा भारत-जीतेगा भारत' अभियान के तहत रक्षाबंधन पर भी स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे सामाजिक परंपराओं की अनदेखी बताया और आदेश वापस लेने की मांग की है।
अमरोहा में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को सरकार ने दोहरी सौगात दी है। उनका मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। रविवार को माध्यमिक शिक्षा मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। जिले के 2,680 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के कार्ड भी वितरित किए गए। एक दिन में शिक्षा और विकास से जुड़े 3 कार्यक्रम रविवार को अमरोहा में शिक्षा और विकास से जुड़े तीन प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों का सम्मान समारोह, विकास कार्यों की समीक्षा बैठक और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण शामिल रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान लखनऊ के जुपिटर सभागार से मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और रसोइयों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। बोलीं गुलाब देवी- रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि रसोइयां मातृत्व भाव से बच्चों की सेवा करती हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से वे स्वस्थ रहेंगे और आगे चलकर देश की सेवा करेंगे। उन्होंने रसोइयों के कार्य की सराहना करते हुए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। विकास कार्यों की समीक्षा, योजनाओं की प्रगति जानी रसोइया सम्मान समारोह के बाद प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र ने सोलर स्ट्रीट लाइट, बीकेएस ग्राम उन्नति, पीएम फसल बीमा, ऑपरेशन कायाकल्प, पेंशन योजनाओं और पीएम मत्स्य संपदा समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं से बोलीं- लक्ष्य तय कर मेहनत करो भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बुढ़नपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अभी से अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक, जो भी बनना चाहें, उसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। मेधावी छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री दी मंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्राओं को शिक्षा, भोजन, आवास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और शिक्षण सामग्री देकर सम्मानित किया गया।
गुर्जर समाज ने मेधावी बच्चों को सम्मानित किया:वार्षिकोत्सव में शिक्षा और नशामुक्ति का संदेश दिया गया
बागपत में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा देवनारायण गुट ने रविवार को वार्षिक उत्सव एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। चमरावल रोड स्थित गुर्जर भवन में हुए इस कार्यक्रम में समाज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया और शिक्षा व नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। यह समारोह जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने गुर्जर समाज के उत्थान, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिक्षा, खेल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन करने वाले मेधावी बच्चों को पटका पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है। वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और युवा पीढ़ी को इस बुराई के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। दहेज प्रथा को समाज के लिए एक अभिशाप बताते हुए, वक्ताओं ने दहेज लेने और देने, दोनों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। युवाओं को शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, अवनीश, एडवोकेट परविंदर सिंह, श्यामवीर, अंतराम तंवर, प्रताप गुर्जर, मनुपाल बंसल, नरेंद्र, शेर सिंह, बिल्लू प्रधान, रवि बैसला और कर्मवीर गुर्जर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
IBPS Clerk Recruitment 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 28 अगस्त तक कर सकेंगे अप्लाई
बैंक में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्नातक युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आईबीपीएस क्लर्क (कस्टमर सर्विस एसोसिएट/ XVI) भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त...
यू डाइस प्लस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के करीब 25 सरकारी स्कूलों का संचालन सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे हो रहा है। इन विद्यालयों में हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। युक्तियुक्तकरण नीति लागू होने के बाद भी धरातल पर शिक्षकों की तैनाती में भारी असंतुलन बना हुआ है जिससे बच्चों की बुनियादी शिक्षा खतरे में पड़ गई है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर थी, विकास के काम ठप थे और […] The post योगी का सपा पर तीखा हमला, रसोइयों के लिए बड़े ऐलान के साथ कानून-व्यवस्था और शिक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां appeared first on https://rajsattaexpress.com .
जगन मोहन रेड्डी का सीएम नायडू पर निशाना, बोले- सरकारी स्कूलों में शिक्षा को कमजोर कर रही है सरकार
अमरावती, 23 अगस्त . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने Sunday को राज्य Government पर Governmentी स्कूलों की शिक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government Governmentी स्कूलों में दाखिले बढ़ने का दावा कर रही है, लेकिन असल में Governmentी शिक्षा ... Read more
महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए मिशन मोड में काम करें, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए निर्देश
भूमि पेडनेकर : एजुकेशन सिस्टम अच्छा हो तो शिक्षा भी अच्छी होती है
गोवा, डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने शिरकत की। समारोह के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि कोई देश तभी खुशहाल हो सकता है, जब यहां की एजुकेशन अच्छी हो।
National Teachers Award: गणित को आसान बनाने से लेकर डिजिटल शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण तक, देश के शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए हैं। उनके नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण को अब राष्ट्रीय पहचान मिली है।
Computer Science: उच्च शिक्षा में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर छात्रों की पसंद में क्षेत्रीय अंतर देखने को मिला है। जहां यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के छात्र सॉफ्ट स्किल कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं
पंजाब के सरकारी स्कूलों के टॉयलेट को लेकर पिछले दिनों हुई सियासी कंट्रोवर्सी के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज एक सरकारी स्कूल के वॉशरूम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। 26 सेकेंड के इस वीडियो में पटियाला के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, भादसों के लड़कों का वॉशरूम दिखाया गया है। वीडियो में वॉशरूम बेहद साफ-सुथरा और आधुनिक नजर आ रहा है। यहां पौधों के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी दिखाई गई हैं। वीडियो शेयर करते हुए बैंस ने लिखा कि, “ मुझे पता है कि आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन हां, यह हमारे गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस, भादसों, पटियाला का लड़कों का वॉशरूम है। जब विजन, पैशन, कड़ी मेहनत और कमिटमेंट एक साथ आते हैं, तो एक मास्टरपीस की उम्मीद करें। यह भगवंत मान सरकार का पंजाब एजुकेशन मॉडल है।” ऐसे शुरू हुआ था विवाद कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और राज्यसभा सांसद व पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर पंजाब के एक सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया था। इसमें स्कूल की खराब हालत दिखाई गई थी। खास तौर पर लड़कियों के टॉयलेट की छत गायब होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद विपक्ष ने पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाए थे। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस खुद फतेहगढ़ साहिब के जल्लाह स्थित सरकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो करीब 7-8 साल पुराना और 2018 का है, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। बैंस ने स्कूल की मौजूदा तस्वीर दिखाई बैंस ने स्कूल की मौजूदा स्थिति दिखाते हुए कहा था कि अब वहां स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, चालू लड़कियों के टॉयलेट, साफ पेयजल, वाई-फाई और सैनिटरी पैड इंसीनरेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बीजेपी पर पुराने वीडियो को मौजूदा स्थिति बताकर पंजाब के सरकारी स्कूलों को बदनाम करने का आरोप लगाया था। अब नए वीडियो के जरिए बैंस ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं को सामने रखने की कोशिश की है। भादसों के स्कूल का यह वीडियो उसी सियासी विवाद के बीच सरकार के “पंजाब एजुकेशन मॉडल” को दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल शिक्षा को बनाएं प्रभावी : एसडीएम
उपमंडलीय अधिकारी (नागरिक) पालमपुर डॉ. ओपी यादव ने कहा कि प्री स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रभावी प्रयास करें।
Rajasthan News: बगरू स्कूल विवाद पर शिक्षा महासंघ सख्त, कहा- स्कूल राजनीति का अखाड़ा नहीं
बगरू के सरकारी स्कूल में निरीक्षण के प्रयास के दौरान हुए विवाद को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकारी विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने की मांग की है।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक माहौल को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यालयों को 'राजनीति का अखाड़ा न बनाने' की अपील किए जाने के बाद सोशल मीडिया और विपक्षी खेमों से बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए तीखा पलटवार किया गया है।
गणित को आसान बनाने से लेकर पहाड़ी इलाकों में डिजिटल शिक्षा और स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तक, शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए।
Rahul Gandhi से Pune में छात्राओं ने की बात, महिला सुरक्षा और शिक्षा की बाधाएं उठाईं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ शनिवार को संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि यौन उत्पीड़न, व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक परेशानियां अब भी महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बाधा बनी हुई हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पालघर के वसई की अर्थशास्त्र की छात्रा सुचित्रा पागी ने 13 साल की उम्र में स्कूल से घर लौटते समय और बाद में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान छेड़खानी की घटनाओं को याद किया। पागी ने कहा कि इन अनुभवों से उनके मन में पुरुषों को लेकर डर पैदा हो गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे किसी महिला को परेशान होते देखें तो उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे में मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहीं मैत्री ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं शिक्षा में बाधा बन सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए। उन्होंने कहा कि गांवों में माता-पिता अक्सर सुरक्षा कारणों से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकिचाते हैं और इसके बजाय बेटों को पढ़ाना पसंद कर सकते हैं। साइबर और डिजिटल साइंस की बीएससी की दूसरे वर्ष की छात्रा प्रज्ञा गावंडे ने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को रेखांकित किया।
ई-अटेंडेंस विवाद:स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों में ई-अटेंडेंस से बच रहे कर्मचारी
मप्र में ई–अटेंडेंस के दायरे में केवल शिक्षक ही नहीं, कार्यालयीन कर्मचारियों को भी लाया गया है। लेकिन, हालिया रिपोर्ट में यह पता चला है कि कर्मचारी ई-अटेंडेंस को लेकर गंभीर ही नहीं है। मप्र में ई-अटेंडेंस को लेकर सबसे खराब स्थिति स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरों और संस्थानों की सामने आई है। विभागीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, लेकिन कार्यालयों और संस्थानों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति इससे काफी पीछे है। कई कार्यालयों में हर 6 में से एक कर्मचारी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के 561 कार्यालयों में कुल 5,214 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से 4,394 (84%) ने ई-अटेंडेंस दर्ज कराई, जबकि 820 कर्मचारी (16%) या तो पोर्टल पर प्रोफाइल नहीं बना सके या उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसी तरह विभाग के 61 डाइट, बीएसी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कुल 1,178 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 1,140 (97%) कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस दर्ज की, जबकि 38 कर्मचारी (3%) अब भी व्यवस्था से बाहर हैं। विभाग ने कार्यालयों और संस्थानों में लंबित प्रोफाइल तथा अनुपस्थित कर्मचारियों की स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष कर्मचारियों की प्रोफाइल तत्काल तैयार कर उन्हें ई-अटेंडेंस प्रणाली से जोड़ा जाए। आदिवासी व बड़े जिलों के दफ्तरों में सबसे ज्यादा लापरवाही कार्यालयीन और संस्थान स्तर पर ई-अटेंडेंस न लगाने के मामले में ज्यादातर आदिवासी जिलों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। इनमें धार जिले के कार्यालयों में पदस्थ 129 लोक सेवकों में से मात्र 56 ने उपस्थिति दर्ज कराई। यहां 73 कर्मचारी गैर-हाजिर मिले। झाबुआ में 61 में से 34 कर्मचारी, अनूपपुर जिले के दफ्तरों में पदस्थ 55 में से 25 कर्मचारियों ने हाजिरी नहीं लगाई। वहीं ग्वालियर के संभागीय मुख्यालय के कार्यालयों में 306 में से 116 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। मंडला के 154 कर्मचारियों में से 58 गैर-हाजिर मिले। बड़वानी जिले में 123 में से 46 कर्मचारी, सीहोर में के कार्यालयों में 176 में से 62 कर्मचारी गैर-हाजिर रहे। डिंडोरी के कार्यालयीन स्टाफ में 34 प्रतिशत यानी करीब 44 कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कराने से बचते दिखे। इसके अलावा भोपाल के दफ्तरों में 109 (15%), खरगोन में 71 (25%), मुरैना में 75 (27%), बैतूल में 46 (30%) और रतलाम में 44 (19%) कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं।
वेद प्रचार सप्ताह में छात्रों ने सीखी वैदिक शिक्षाएं
लुधियाना| डीएवी पब्लिक स्कूल, बीआरएस नगर में 18 से 22 अगस्त तक वेद प्रचार सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति और आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्म श्री आर्य रत्न डॉ. पूनम सूरी तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या जेके सिद्धू के मार्गदर्शन में हुआ। सप्ताह का उद्देश्य वेदों के शाश्वत ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सार्थक जीवन के लिए शिक्षाओं का प्रसार करना था। शुरुआत यजुर्वेद मंत्रोच्चार के साथ 21-कुंडीय यज्ञ से हुई। प्रतिदिन वैदिक हवन के साथ गतिविधियां आरंभ हुईं, जिससे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना।
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : शिक्षक महासंघ
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बगरू के सरकारी स्कूल में हुई घटना पर विरोध जताया है। प्रदेश संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में कहा कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, राजनीतिक संघर्ष के नहीं। किसी विद्यालय की व्यवस्था, सुविधाओं या शैक्षणिक स्थिति पर आपत्ति हो तो शिक्षा विभाग और प्रशासन के निर्धारित माध्यमों से शिकायत की जा सकती है। संभाग उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि स्कूलों में बाहरी व राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी हैं। महासंघ ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2026 की परीक्षाओं का परिणाम मार्च में ही घोषित हो गया था। परिणाम आए 5 महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन इस परीक्षा में राज्य और जिला स्तर पर टॉप रहने वाले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब तक टैबलेट का इंतजार हैं। इनके साथ ही 2025 के टॉपर्स को भी अभी तक टैबलेट नहीं मिले हैं। शिक्षा विभाग ने 2 मई 2025 को, 3 जून 2025 को और 25 नवंबर 2025 को टैबलेट के प्रस्ताव सरकार को भिजवाया था, लेकिन न तो प्रशासनिक स्वीकृति मिली और ना वित्तीय स्वीकृति। इसी कारण दो साल से योजना अटकी है। सरकार की ओर से बजट नहीं दिए जाने से 60,600 विद्यार्थियों को अब तक टैबलेट नहीं मिले हैं। अब प्रदेश में निकाय चुनाव की आचार संहिता लग गई है। इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। यह आचार संहिता 3 महीने रहेगी। तीन महीने बाद बजट मिल भी जाता है तो टेंडर प्रक्रिया में 3 से 4 महीने लग जाएंगे। ऐसे में इस सत्र में मार्च 2027 तक विद्यार्थियों को टैबलेट मिलना मुश्किल लग रहा है। पहले 27,900 मिलते थे, अब 30,300 टैबलेट प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ने के बाद अब तक एक बार फिर टैबलेट वितरण नहीं हुआ है। यहां जिलों की संख्या 8 बढ़ गई है। पहले 33 जिलों के आधार पर कुल 27,900 टैबलेट वितरण होते थे, लेकिन अब 41 जिलों के आधार पर एक सत्र में 30,300 टैबलेट वितरण होंगे। दो सत्रों के बकाया होने के कारण 60,600 टैबलेट वितरित होने हैं। ये है योजना सरकारी स्कूल के 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के राज्य स्तर पर टॉप रहने वाले प्रत्येक कक्षा के 6 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाता है। इसके अलावा जिला स्तर पर हर जिले के टॉप 100 विद्यार्थियों को टैबलेट दिया जाता है। राज्य स्तर पर कुल 18,000 और जिला स्तर पर कुल 12,300 टैबलेट दिए जाने हैं।
Jammu News: नवाचार व डिजिटल शिक्षा के लिए राजोरी के अयाज को सम्मानित करेंगी राष्ट्रपति
Jammu and kashmir
हांसी। जो काम छह महीने में नहीं हुआ अब वह तीन दिन में कैसे होगा। आपकी नीयत नहीं है काम करने की।
Mau News: शिक्षा और समाज में योगदान देने वाली विभूतियों का हुआ सम्मान
Eminent personalities who have contributed to education and society were honored.
हंसी (Haryana), 22 अगस्त . Haryana Government ने Governmentी स्कूलों में मीडिया की एंट्री को लेकर एक नया आदेश जारी किया. इसे लेकर विपक्ष कई सवाल खड़े कर रहा है. इसे लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल देश की धरोहर हैं, ऐसे में कोई भी ... Read more
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने 11 डिप्टी रजिस्ट्रारों को कुलसचिव पद पर पदोन्नत किया है। जल्द ही विश्वविद्यालयों में तबादले होंगे, जिससे कई कुलसचिव पदों पर बदलाव संभव है।
ब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया brics,bricsyouthministerब्रिक्स युवा मंत्रियों ने शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आज ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक […]
शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM
राजकीय विद्यालयों में बाहरी हस्तक्षेप और शिक्षकों के राजनीतिक इस्तेमाल का महासंघ ने किया विरोध जयपुर। राजकीय विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त रखने के मुद्दे पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने सख्त रुख अपनाया है। महासंघ ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिरों को किसी भी कीमत पर राजनीति […] The post शिक्षा के मंदिरों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे : ABRSM appeared first on Sabguru News .
स्कूल भैंसों का तबेला बन जाए तो ठीक? राजस्थान के शिक्षा मंत्री पर अभिजीत दीपके का पलटवार
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं। जानकारी में आया है कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग विद्यालयों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने पलटवार किया है।
जिला शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और मध्याह्न भोजन व सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) और पीएम श्री विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी विद्यालयों के नियमित और प्रभावी निरीक्षण का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा उनकी अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाने पर भी जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, मध्याह्न भोजन योजना के पारदर्शी संचालन, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और क्रियाशील शौचालयों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए भी कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने का आह्वान किया।

