डिजिटल समाचार स्रोत

...

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आजाद समाज का प्रदर्शन:बुलंदशहर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च

बुलंदशहर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बुलंदशहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मलका पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर विरोध जताया। पूरे मार्च के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय है। उनका आरोप था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग किया गया। उन्होंने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लगातार विवादों और हालिया घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। भारी पुलिस बल रहा तैनात कलेक्ट्रेट घेराव के आह्वान और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मलका पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से केंद्र सरकार को अवगत कराने की अपील की।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 1:37 pm

बेतिया में NEET पेपर लीक पर चले ईट-पत्थर:सड़कों पर सेंट्रल गवर्नमेंट और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी

बेतिया में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शनिवार को विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शहर में मार्च निकाला। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने की आवाज उठाई। प्रदर्शन की शुरुआत एमजेके कॉलेज परिसर से हुई। छात्र हाथों में बैनर, तख्तियां और पोस्टर लेकर समाहरणालय गेट तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने नीट पेपर लीक के विरोध में नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मार्च का नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने किया। छात्रों ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। आइसा के प्रदर्शन के बाद महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय (एमजेके कॉलेज) के छात्र-छात्राओं ने भी अलग से मार्च निकाला। निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पूरे शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए है। छात्रों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने, पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 1:22 pm

नीट धांधली: कटनी में छात्रों का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लाठीचार्ज की जांच की मांग

नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का असंतोष अब कटनी तक पहुंच गया है। शनिवार को जिले के फॉरेस्टर ग्राउंड में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक कथित घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। छात्रों ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने छात्रों की पिटाई करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने छतरपुर में 'चिता आंदोलन' को पुलिस बल द्वारा कुचले जाने की निंदा की। छात्रों ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के लिए लड़ रहे आदिवासियों के आंदोलन का दमन निंदनीय है और उन्हें तत्काल न्याय मिलना चाहिए। फॉरेस्टर ग्राउंड में एकत्र होने के बाद सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं सुभाष चौक होते हुए मशीन चौक तक एक विशाल मार्च निकालेंगे। मशीन चौक पहुंचकर छात्र एक शोक सभा का आयोजन करेंगे। इस दौरान नीट परीक्षा लीक होने के बाद निराशा और तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। छात्रों के इस प्रदर्शन और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फॉरेस्टर ग्राउंड सहित मार्च के निर्धारित मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 1:11 pm

मुजफ्फरपुर में आइसा-RYA का प्रदर्शन:पेपर लीक के मुद्दे पर सड़क पर उतरे छात्र संगठन, आक्रोश मार्च निकाला; शिक्षा मंत्री 'इस्तीफा दो' के लगाए नारे

मुजफ्फरपुर में पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। बिहार बंद के दौरान आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ‘इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए सड़कों पर घूमते देखे गए। शहर के प्रमुख बाजार, दुकानें, निजी स्कूल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। बंद समर्थकों ने ग्रामीण और हाईवे संपर्क मार्गों को भी प्रभावित करने का प्रयास किया। मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर कुढ़नी थाना क्षेत्र के पास कुछ युवकों ने सड़क अवरुद्ध करने का प्रयास किया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की विशेष टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात तुरंत सुचारु कर दिया गया। जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है। शहर के प्रमुख चौराहों और ग्रामीण इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की गश्ती गाड़ियां विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निगरानी कर रही हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित कराना प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे जिले में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 1:10 pm

बालाघाट स्टेडियम बैडमिंटन हॉल में फैला कचरा:खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी; शिक्षा विभाग पर सफाई नहीं कराने का आरोप

बालाघाट के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बैडमिंटन हॉल में शनिवार को खिलाड़ियों को गंदगी का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों ने शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी पर प्रतियोगिता के बाद हॉल की सफाई नहीं कराने का आरोप लगाया और इसकी शिकायत मीडिया से की। हॉल में फैला मिला कचरा बैडमिंटन कोर्ट के आसपास और मंच पर पानी की बोतलें, खाद्य सामग्री और अन्य कचरा बिखरा हुआ था। खिलाड़ियों ने इसका वीडियो बनाकर मीडिया को दिया। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा है। खेल विभाग ने शिक्षा विभाग पर डाली जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी राहुल बरेसा ने बताया कि शुक्रवार को शिक्षा विभाग की बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए हॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया था। उनके अनुसार, हॉल सौंपते समय पूरी तरह साफ था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के बाद सफाई की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि सफाई नहीं होती है, तो निजी सफाईकर्मी बुलाकर हॉल साफ कराया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी दीपक गिरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:50 pm

नीट समेत भर्ती–परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं में आक्रोश:मायावती बोलीं सरकार और विपक्ष दोनों शिक्षा सुधार के मुद्दे को छोड़ सिर्फ सियासत कर रहे

देश में नीट-यूजी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपरलीक को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन पर बसपा प्रमुख मायावती ने पक्ष–विपक्ष दोनों को आड़े हाथों लिया। मायावती ने कहा कि शिक्षा सुधार के मुद्दे को छोड़कर दोनों पक्ष सिर्फ सियासत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की नाराजगी और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय व्यवस्था सुधार पर ध्यान देना चाहिए। मायावती ने कहा कि नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित पेपरलीक के बाद देशभर में छात्रों में भारी असंतोष है। कई परीक्षार्थियों के मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का शांतिपूर्ण धरना लोगों की सहानुभूति हासिल कर रहा है। राजनीतिक दलों में एक–दूसरे से आगे निकलने की होड़ मायावती ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। अब इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक राजनीतिक दलों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी है। इसका असर कई राज्यों में भी दिखाई दे रहा है, जहां प्रदर्शन और विरोध के कारण तनाव का माहौल बन रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे हालात में संयम और सतर्कता बनाए रखें। छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज से हालात बिगड़े बसपा प्रमुख ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। इससे युवाओं में असंतोष बढ़ा है और सरकार के प्रति सवाल भी खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन को संवाद के जरिए हल किया जाना चाहिए। संसद की कार्रवाई भी हंगामे की भेंट चढ़ रही मायावती ने संसद के मानसून सत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इससे जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और सरकार की जवाबदेही भी प्रभावित हो रही है। पेपरलीक भविष्य में न हो, इसकी व्यवस्था करनी चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल पेपरलीक होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कर रही है, लेकिन असली जरूरत ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है जिससे भविष्य में पेपरलीक जैसी घटनाएं ही न हों। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को दूर किए बिना केवल बाद की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। मायावती की कार्यकर्ताओं से अपइल वे उग्र ना हों मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे मौजूदा राजनीतिक माहौल में उग्र या निराश होने के बजाय सामाजिक न्याय, शिक्षा और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहें। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:31 pm

सहारनपुर में पेपर लीक को लेकर भीम आर्मी का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, कलेक्ट्रेट कूच की चेतावनी; भारी पुलिस बल तैनात

सहारनपुर में पेपर लीक के विरोध में शनिवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रामलीला मैदान पर ही ज्ञापन देने को कहा। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। उधर, संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत कई पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। वहीं, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रामलीला मैदान और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। 'पेपर लीक से युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद' प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राष्ट्रपति के नाम तैयार ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। साथ ही बल प्रयोग के आदेश देने वाले अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने, पिछले सात वर्षों में हुए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग भी शामिल की गई। कई पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट करने का आरोप भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही संगठन के कई नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत कई पदाधिकारियों को सुबह से ही हाउस अरेस्ट रखा गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। हालांकि प्रशासन की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:27 pm

सहरसा में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रोटेस्ट:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, बिहार बंद का दिखा असर

सहरसा में शनिवार को नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का मिलाजुला असर दिखा। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-युवा सड़कों पर उतरे और जिला परिषद प्रांगण से समाहरणालय तक विरोध मार्च निकाला। यह विरोध मार्च जिला परिषद प्रांगण से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में - छात्र छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने बल प्रयोग को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षाओं के आयोजन और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी दोहराई। छात्र नेता कुंदन यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सहरसा रेलवे स्टेशन पर भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवान मुस्तैद रहे। सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि पूरे प्रदर्शन के दौरान विधि-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था सुचारु रही और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित कर उनकी मांगों को शांतिपूर्वक सुना गया।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:16 pm

भारत बंद का किशनगंज में दिखा सीमित असर:बहादुरगंज में प्रोटेस्ट जारी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

काकरोच जनता पार्टी द्वारा बुलाए गए भारत बंद का किशनगंज जिले में सीमित असर देखने को मिला। शनिवार को अधिकांश बाजार खुले रहे, हालांकि बहादुरगंज और किशनगंज शहर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए है। गौरतलब हो कि किशनगंज शहर के डे मार्केट, पश्चिम पाली, गांधी चौक, सुभाषपल्ली, रूईधासा, कैल्टेक्स चौक और उत्तर पाली सहित विभिन्न इलाकों में सुबह से ही दुकानें खुली पाई गईं। जिले के सभी प्रखंडों - बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, पोठिया, कोचाधामन, दिघलबैंक और ठाकुरगंज में भी बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। दुकानें खुली रहीं और खरीदारी जारी जिले के सबसे बड़े थोक बाजार बिशनपुर में भी दुकानें खुली रहीं और खरीदारी जारी रही। इधर बहादुरगंज नगर पंचायत के कॉलेज चौक पर सैकड़ों युवाओं, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई वही किशनगंज शहर के टाउन हॉल में भी शाम 4 बजे धरना प्रदर्शन रखा गया है। जिला प्रशासन ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने शुक्रवार रात को बहादुरगंज थाने में बैठक कर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए थे। धरना स्थलों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है और सभी प्रकार के गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:06 pm

चंडीगढ़ में ओवरलोड स्कूल बस, दरवाजा खुला:कंडक्टर नहीं था; मानवाधिकार आयोग ने नोटिस थमाया; शिक्षा विभाग-ट्रैफिक पुलिस से रिपोर्ट मांगी

चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही सामने आने के बाद पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। आयोग ने सड़क पर क्षमता से अधिक बच्चों को ले जा रही स्कूल बस, खुले दरवाजे और बिना कंडक्टर के बस संचालन को गंभीर माना। इससे मामले में चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दोनों विभागों को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। आयोग रिकॉर्ड के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग के सदस्य और पद्मश्री सम्मानित जितेंद्र सिंह शंटी नया गांव पुलिस थाने के निरीक्षण के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर चल रही एक स्कूल बस पर पड़ी, जिसका नंबर सीएच-01-टीए-5163 था। बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। ड्राइवर तेज रफ्तार से बस चला रहा था। वह सड़क पर बस को जिगजैग तरीके से चला रहा था, जिससे अन्य वाहन चालकों के साथ-साथ बस में बैठे बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोग के सदस्य ने तुरंत बस रुकवाई और ड्राइवर से पूछताछ की। जानिए स्कूल बस में क्या-क्या नियम टूटे: - मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को इसके अलावा आयोग ने अपने आदेश की एक प्रति चंडीगढ़ परिवहन सचिव को भी सूचना के लिए भेजी है, ताकि स्कूल बसों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सके और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। इससे पहले संबंधित विभागों को अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश जारी करेगा।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 10:22 am

सरकार से तीसरे दौर की वार्ता से पहले सीजेपी का अल्टीमेटम, कहा- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फैसला नहीं हुआ तो करेंगे बड़ा ऐलान

सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत से पहले संगठन ने केंद्र को चेतावनी दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, मुआवजे और दर्ज मामलों की वापसी को लेकर CJP अपने रुख पर कायम है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 9:41 am

नीट पेपर लीक के लिए कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च:मृत छात्रों को दी श्रद्धांजलि, शिक्षा मंत्री और पीएम के इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को शाहपुर नगर में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। यह कैंडल मार्च जय स्तंभ चौराहा से शुरू होकर महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा तक निकाला गया। मार्च में शामिल सभी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र महाजन ने इस अवसर पर कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार सख्त रवैया नहीं अपना रही है। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस हमेशा छात्र-छात्राओं के साथ खड़ी है और इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलवंत सिंह पाटील ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में विफल रही है। पाटील ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का इस्तीफा, और छात्रों के लिए निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 8:22 am

समस्तीपुर में छात्र संगठनों का प्रदर्शन:पेपर लीक के मुद्दे पर आइसा ने आगजनी कर जताया विरोध, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और लाठीचार्ज के खिलाफ आज बिहार बंद बुलाया है। बंद का असर समस्तीपुर में सुबह से ही दिख रहा है। छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। साथ ही कई जगहों पर सड़क जाम किया। आइसा कार्यकर्ता सुबह जिला सचिव सुनील कुमार के नेतृत्व में शहर के हॉस्पिटल गोलंबर के पास पहुंचे। बीच सड़क पर आगजनी कर समस्तीपुर-पटना मार्ग को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र तिरंगा और संविधान का प्रतीक लेकर पहुंचे थे। शहर में सुरक्षा कड़ी छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए जिले में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल की तैनाती की गई है। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। एसपी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों से पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। 'सरकार ध्यान नहीं दे रही' आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार ने बताया कि देश में पेपर लीक, विद्यालय में शिक्षा की बदहाल स्थिति समेत विभिन्न मांगों को लेकर लगातार छात्र आंदोलन कर रहैं। दिल्ली में आंदोलन किया जा रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। पटना में आइसा और माले के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। जिसके खिलाफ आज बिहार बंद का आह्वान किया गया है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 7:51 am

शिक्षा नहीं पूछती जन्मस्थान, सिर्फ मेहनत और सपनों की उड़ान देखती है : राष्ट्रपति मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानिया की बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने के बाद कहा कि शिक्षा उनके जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे बड़ी ताकत रही है

देशबन्धु 25 Jul 2026 7:20 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:पेपर लीक- NTA के 47 अफसर बर्खास्त; राहुल बोले- शिक्षा मंत्री क्रिमिनल; यूपी की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट- शवों के सिर-पैर उड़े

नमस्कार, पेपर लीक मामलों के लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाला। राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को क्रिमिनल कहा। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा को लेकर दावा है कि उन्होंने केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच डील कराई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी का आंध्र प्रदेश दौरा, भोगापुरम एयरपोर्ट का उद्‌घाटन करेंगे। 2. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी से जुड़े पहले वोटर लिस्ट मामले की सुनवाई। कल की बड़ी खबरें... 1. पेपर लीक मामला- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त, कानूनी कार्रवाई भी होगी; एक दिन पहले दो सेक्रेटरी हटाए गए थे NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया। इनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जाएगा। यह कदम NTA में बड़े पैमाने पर हो रहे बदलाव के तहत उठाया गया। एजेंसी में सुधार के लिए और भी एक्शन लिए जाएंगे। 23 जुलाई को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला गया था आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव, वैकेंसी जारी की CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बातचीत हुई। CJP प्रवक्ता आशुतोष ने दैनिक भास्कर से कहा- हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। सरकार ने मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर सहमति जताई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि दो घंटे की बातचीत में CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव रखे हैं। हमनें ने इस पर विचार करने के लिए कल तक का समय मांगा है। पूरी खबर पढ़ें... 2. राहुल बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें; पैलेट गन से घायल छात्र के घाव भी दिखाए राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा, वे अपराधी हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं। राहुल नफजगढ़ के साहिल लोचाब (19) को मीडिया सामने लाए, जिसे 20 जुलाई को पुलिस की पैलेट गन से गंभीर घाव हुए हैं। साहिल के घाव दिखाते हुए राहुल ने कहा- यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था। साहिल की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना AIIMS दिल्ली में साहिल का इलाज हुआ। उसकी दाहिनी आंख में चोट है। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया है कि आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पूरी खबर पढ़ें... 3. दिल्ली पुलिस बोली- जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में 2500 क्रिमिनल शामिल; सोशल मीडिया, CCTV फुटेज से जांच में पहचान दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस ने 2500 लोगों की लिस्ट तैयार की है, जिसकी पहचान वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, CCTV फुटेज की फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) जांच से की गई है। ज्यादातर लोग वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली और बाकी अन्य जगहों के हैं। 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें... 4. सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 2 की मौत-2 लापता, 100 मीटर दूर गिरे हाथ-पैर और सिर सहारनपुर में शुक्रवार शाम पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि, 2 लापता हैं। ये सभी मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रहने वाले थे। फैक्ट्री में 5 साल से सुतली बम बनाए जा रहे हैं। जिस समय विस्फोट हुआ, 23 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें 19 सुरक्षित हैं। शवों के चीथड़े उड़ गए: धमाका इतना तेज था कि शवों के चीथड़े उड़ गए। एक की बॉडी फैक्ट्री के अंदर मलबे में दबी मिली। जबकि दूसरे युवक की लाश फैक्ट्री से करीब 100 मीटर दूर खेत किनारे मिली। शव क्षत-विक्षत था। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। हाथ, दोनों पैर, अंतड़ियां, लोथड़े जगह-जगह बिखरे मिले। पूरी खबर पढ़ें… 5. हिमाचल में चलती कार पर चट्टानें गिरीं, 13 की मौत, गुजरात में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट किया हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई। गुजरात में बाढ़, हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया: गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं। नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. दावा- वांगचुक की भूख हड़ताल तुड़वाने में कांग्रेस सांसद का रोल, प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल तुड़वाने में कांग्रेस सांसद का रोल सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सरकार और वांगचुक के बीच के गतिरोध को खत्म किया। करीब 3 दिन तक बैक चैनल बातचीत चली। कई स्तरों पर कोशिशें की गई। इसके बाद सहमति बनाने में कामयाबी मिली। कांग्रेस सांसद ने वांगचुक के लिए पैरवी की थी: तन्खा पहले भी वांगचुक के NSA मामले में सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से पैरवी कर चुके हैं। दोनों के बीच अच्छे रिश्ते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि बातचीत में लद्दाख के कुछ नेताओं ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: CJP बोली- प्रधान के इस्तीफे पर सरकार कल जवाब देगी: इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं; प्रदर्शनकारियों के केस वापस लेने पर सहमति (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: पेपरलीक संशोधन बिल पर मंत्री वैष्णव ने जवाब नहीं दिया: मीडिया के सवाल पर बोले- नेक्स्ट; PM मोदी ने कल कहा था- सख्त कानून लाएंगे (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट बोला-एयरफोर्स की तैनाती स्थायी हल नहीं:NEET के लिए अब पक्की प्रक्रिया बनाएं; सरकार के हर कदम की निगरानी करेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया: कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: बिहार छात्रों का मार्च, राजस्थान में वकील धरने पर: यूपी-हरियाणा में जुलूस निकाले, NEET पेपर लीक मामले में देशभर में विरोध प्रदर्शन (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेपाल में प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी (पूरी खबर पढ़ें) 7. पंजाब: झगड़ा देखने घर से बाहर निकले युवक की हत्या: VIDEO में गंडासा-डंडे लहराते दिखे बदमाश, मां बोली- जगह-जगह फायरिंग करते गए (पूरी खबर पढ़ें) 8. एंटरटेंमेंट: दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा: पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा (पूरी खबर पढ़ें) 9. एंटरटेमेंट: भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा: फोटो के लिए कुत्ते को बेरहमी से घसीटा गया, एक्ट्रेस बोलीं- ये बेवकूफ आदमी है कौन, वाहियात (पूरी खबर पढ़ें) 10. नेशनल: अब सोशल-मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे कोर्ट की कार्यवाही:सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- न्यायालय 24x7 एंटरटेनमेंट चैनल नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: रवनीत बिट्‌टू का मोदी कैबिनेट से इस्तीफा:राष्ट्रपति ने मंजूर किया; BJP ने राज्यसभा टिकट नहीं दी थी, पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... टाइट पैंट पहनने पर गवर्नर का इस्तीफा तुर्किये में अरदाहान प्रांत के गवर्नर मेहमत फातिह चिचेकली ने साइकिलिंग इवेंट के दौरान टाइट कपड़े पहने। मामला इतना बढ़ा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: अचानक बैकफुट पर क्यों दिखने लगी सरकारः 24 घंटे में 5 बड़े फैसले; क्या धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा 2. ग्राउंड रिपोर्ट: जंतर-मंतर पर कौन भेज रहा खाना, दवाएं और सैनिटरी पैड्स: यूपी, उत्तराखंड, केरल से भेजा ऑर्डर, दिनभर डिलीवरी देने वालों की लगी लाइन 3. ग्राउंड रिपोर्ट: पैलेट्स से जख्मी इरशाद से बोले नड्डा-प्रदर्शन में क्यों गए: जवान ने बंदूक तानी, लोग कहते रहे हम आतंकवादी नहीं हैं, फिर फायर 4. भास्कर इंटरव्यू: स्पेशल कमिश्नर बोले-सभी पुलिसकर्मियों को नेम-प्लेट लगाने के निर्देश:जिन्होंने भी महिलाओं को मारा, अभद्रता की, उन पर कार्रवाई होगी 5. भास्कर एक्सप्लेनर: पेपर लीक के 45 मामले, सजा सिर्फ 2 में: यूपी के 2 आरोपी MLA बीजेपी के साथ गठबंधन में; क्या फास्ट-ट्रैक कोर्ट से सॉल्यूशन होगा 6. ऐ जिंदगी: शादी के दिन आंतें फटीं, 5 महीने खुला रहा पेट: सूप पिया तो छाती से बह निकला, हनीमून पर भी नहीं जा पाया 7. बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा: नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में 8. जौहर यूनिवर्सिटी टूटने से भाजपा को क्या मिलेगा: 38 इमारतें अवैध तो सपा विरोध क्यों कर रही, क्या पूरी यूनिवर्सिटी गिरा दी जाएगी 9. पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ीं: 979 करोड़ के घोटाले में ACB के पास सबूत; सरकार से केस की परमिशन मांगी 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: राममंदिर ट्रस्ट महासचिव के लिए संघ-VHP एकराय नहीं: संघ को कृष्ण मोहन, VHP को बजरंग बागड़ा पसंद 11. जरूरत की खबर: बारिश में फट रही एड़ियां: नमी, पानी, गंदगी है कारण, जानें कैसे रखें सुरक्षित, मानसून फुट केयर रूटीन के 8 स्टेप्स 12. मेंटल हेल्थ: हमेशा लगता है, कुछ बुरा होगा:फोन न उठे तो लगता है एक्सीडेंट हो गया, क्या ये एंग्जाइटी डिसऑर्डर है, कैसे पहचानूं? करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि के नौकरीपेशा लोगों को यात्रा का मौका मिल सकता है। वृश्चिक राशि के लोगों को बड़ा बिजनेस ऑर्डर मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 5:37 am

पेपर लीक विरोध में तीसरे दिन भी धरना जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भास्कर संवाददाता | बड़वानी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं, नीट-यूजी सहित अन्य परीक्षाओं में कथित पेपर लीक व अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र-युवा पूरे दिन धरना स्थल पर डटे रहे। प्लास्टिक की अस्थायी शेड और तख्त की व्यवस्था कर प्रदर्शन जारी रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि शिक्षा देश के भविष्य का आधार है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने में विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता और लाठीचार्ज का विरोध करते हुए पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज बुलंद की। धरना स्थल पर भारतीय संविधान की प्रति और महापुरुषों के चित्र रखकर लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। तीसरे दिन शुक्रवार को धरने में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कुसुम कापड़िया, पूर्व नपाध्यक्ष लक्ष्मण चौहान, अंकित यादव, एडवोकेट चेतन जैन, सीमा वास्कले, संदीप सोलंकी, बादल गिरासे, दिलीप मंडलोई, मुकेश मौर्य, प्रीत जमरे, सूरज अलावे सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 5:30 am

भोपाल में भी प्रदर्शन का जंतर-मंतर...:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, आज शाम 4 बजे से फिर प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज शुक्रवार को भोपाल में भी सुनाई दी। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर छात्र-छात्राओं के एक समूह ने देर रात तक धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत एनएसयूआई ने अरेरा कॉलोनी में तिरंगा यात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराया। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना दे रहे छात्रों ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी राजनीतिक संगठन के बैनर तले नहीं, बल्कि छात्रों की पहल पर हो रहा है। प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से छात्र शामिल हुए। उन्होंने नीट पेपर लीक, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा घोटाले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की। छात्र अपने हाथों में “हमारी आवाज, हमारा अधिकार, हमारा भविष्य” और “छात्र न्याय सत्याग्रह” जैसे पोस्टर लिए हुए थे। कई पोस्टर जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की तर्ज पर तैयार किए गए थे, जिनमें शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई गई। प्रदर्शन शनिवार शाम 4 बजे से फिर जारी रखने की घोषणा की गई। छात्रों के समर्थन में रंगकर्मी भी मैदान में... दिल्ली मे चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भोपाल के रंगकर्मी भी मैदान में उतरेंगे। रंगकर्मी असीम दुबे ने बताया कि शहर के रंगकर्मियों की एक बैठक शनिवार 25 जुलाई को शाम 4 बजे गांधी भवन में रखी गई है। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। पेपर लीक के विरोध में गांधी प्रतिमा तक यात्रा...एनएसयूआई ने अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट से 11 नंबर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा तक तिरंगा यात्रा निकाली और पेपर लीक के विरोध में नारे लगाए। यात्रा में दिल्ली विवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला और आशुतोष चौकसे शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 5:30 am

Student Protest Update: छात्रों के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी, पूछा- 'शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार इतनी बेताब क्यों?'

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस के मार्च के बाद, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा की गई एक विस्तृत पोस्ट में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की मंशा और पुलिस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगाने वाले मामले में शिक्षा मंत्री का बचाव करने के लिए इतनी उतावली क्यों दिख रही है।छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई बर्बरममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की सख्त निंदा की। उन्होंने लिखा:अस्वीकार्य कार्रवाई: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ना और पैलेट गन का इस्तेमाल बेहद परेशान करने वाला और पूरी तरह से अमानवीय है।भविष्य की लड़ाई: यह लड़ाई केवल एक परीक्षा घोटाला (NEET Scam) में न्याय पाने की नहीं है, बल्कि देश के हर युवा के भविष्य को सुरक्षित करने का आंदोलन है।लोकतांत्रिक आंदोलन से क्यों डरी हुई है सरकार?केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करना तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कड़े कानून लगाना यह दर्शाता है कि सरकार इस लोकतांत्रिक आंदोलन से घबराई हुई है।उन्होंने पूछा कि अगर लाखों अभ्यर्थियों का जीवन और करियर प्रभावित करने वाले आरोपी खुले घूम रहे हैं और जवाबदेही से बच रहे हैं, तो सरकार आखिर किस-किस को बचाने का प्रयास कर रही है।छात्रों के साथ खड़ा है पूरा विपक्षपूर्व सीएम ने देश के युवाओं के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस कठिन परिस्थिति में छात्रों और अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने लाठियों, पुलिस कार्रवाई और सरकारी दबाव के आगे न झुकने के लिए युवाओं के अटूट साहस को सलाम किया।आपको बता दें कि इससे पहले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन पर थे, जिन्होंने हाल ही में सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपनी 26 दिन पुरानी भूख हड़ताल खत्म की है। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा सुधारों को लेकर विभिन्न संगठनों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 10:36 pm

5 हजार अतिथि शिक्षकों के हित में फैसला:90% ई-अटेंडेंस नहीं तो भी कर सकेंगे री-जॉइनिंग, स्कूल शिक्षा विभाग ने दी राहत

स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रदेश के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों के हित में लोक शिक्षण आयुक्त ने बड़ा फैसला लिया है। ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण जो शिक्षक इस शिक्षा सत्र में विद्यालयों में री-जॉइन नहीं कर पा रहे थे, उन्हें राहत दी गई है। अब ऐसे शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। इसके बाद वे विद्यालयों में री-जॉइन कर सकेंगे, लेकिन आगे उन्हें नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों (हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल) को जारी निर्देश में कहा है कि 30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद अतिथि शिक्षक संगठन ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और राहत देने का आवेदन सौंपा। इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि चालू शिक्षा सत्र के लिए री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता दी जाती है। हालांकि, री-जॉइनिंग के बाद अतिथि शिक्षकों को लिखित वचन-पत्र देना होगा कि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार की राहत नहीं मांगी जाएगी और वे नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षा सत्रों में री-जॉइनिंग की प्रक्रिया ई-अटेंडेंस के आधार पर ही होगी और किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जाएगी। एक लाख 10 हजार अतिथि शिक्षक, पांच हजार को राहत अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अधीन कार्यरत अतिथि शिक्षकों की कुल संख्या करीब एक लाख 10 हजार है। उन्होंने बताया कि इनमें से करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता अचानक लागू होने के कारण री-जॉइनिंग से वंचित हो रहे थे। उनकी वास्तविक समस्याओं से 14 जुलाई को हुई बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त अभिषेक सिंह को अवगत कराया गया था। संगठन ने बताया था कि गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, परिवार में आकस्मिक मृत्यु, नेटवर्क की अनुपलब्धता, तकनीकी कारण, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने या स्वयं के विवाह जैसे कारणों से कई शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम रही। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की गई थी। इसके बाद आयुक्त ने इन मामलों में राहत प्रदान की है। संगठन के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता और उमाशंकर बैस ने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पद स्थायित्व और अवकाश की पात्रता सहित अन्य मांगों पर मंथन कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 10:28 pm

भोपाल, इंदौर समेत 4 शहरों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट:PM की घोषणा के बाद CM का ऐलान; शिक्षा-रोजगार से जुड़े मामलों का होगा निपटारा

मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पन्ना में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के हित में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। इसी तर्ज पर प्रदेश के चारों महानगरों में भी ऐसी अदालतें स्थापित की जाएंगी। पेपर लीक केस के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी, ताकि फैसला तेजी से हो सके। भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी। मेडिकल सीटें 5500 से बढ़कर 10 हजार होंगी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज और 500 सीटें थीं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जबकि सीटें करीब 5500 तक पहुंच चुकी हैं। अगले दो वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 52 और सीटें 10 हजार तक हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि पन्ना मेडिकल कॉलेज का अगले वर्ष लोकार्पण किया जाएगा। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले कॉलेज का निर्माण तेजी से चल रहा है। पन्ना क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ाएगा नया अनोखा ग्लास फ्लोर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पन्ना के बृहस्पति कुंड पर 8 करोड़ लागत से निर्मित ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। पन्ना में निर्मित यह कांच के फ्लोर वाला व्यू प्वाइंट यहां के पर्यटन को बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुल 184.83 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में गुन्नौर और पवई के 74 करोड़ रुपए लागत के 2 सांदीपनि विद्यालय शामिल हैं। 35 लाख हितग्राहियों के खाते में पैसे ट्रांसफर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से करीब 210 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को जमीन बेचने की जरूरत नहीं मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब एक लाख करोड़ रुपए की इस परियोजना में केंद्र सरकार ने 90 प्रतिशत राशि देने की मंजूरी दी है। इससे बुंदेलखंड के किसानों को सिंचाई का बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों की जमीन, मकान या दुकान परियोजना में आएगी, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को अपनी जमीन बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। --------------------यह खबर भी पढ़ें पेपर लीक पर मोदी बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे:युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:55 pm

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:यूथ कांग्रेस-एनएसयूआई ने निकाला मशाल जुलूस, प्रदर्शन किया

नीट पेपर लीक मामले के विरोध में जिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत किया गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचा। अंबेडकर सर्कल पर एक सभा आयोजित की गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रामलाल बिश्नोई, इलमदीन मेहर, प्रधान हाजी उमरदीन, शीशपाल बिश्नोई, नवल किशोर जोशी, भेराराम मकवाना और विजय नोखड़ा सहित कांग्रेस, यूथ कांग्रेस तथा एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:52 pm

NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रोटेस्ट:बांका में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

बांका शहर में शुक्रवार की संध्या 6 बजे NEET पेपर लीक मामले के विरोध में सैकड़ों छात्रों और युवाओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर विरोध मार्च निकाला। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु रावत एवं ऋषभ मिश्रा के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च शांतिपूर्ण वातावरण में आरएमके हाई स्कूल मैदान से शुरू होकर गांधी चौक तक पहुंचा। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल प्रदर्शनकारियों के साथ चल रहा था। दिल्ली के जंतर मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब बांका शहर तक पहुंच चुका है। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी मौके पर एसडीएम राजकुमार,एसडीपीओ अमर विश्वास एवं टाउन थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार सहित पुलिस प्रशासन मौजूद रहे। विरोध मार्च में शामिल छात्र और युवा पैदल चलते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। इससे शहर का माहौल कुछ देर के लिए नारों से गूंज उठा। मार्च में शामिल युवाओं के हाथों में तिरंगा झंडे के साथ विभिन्न प्रकार की तख्तियां और बैनर भी थे। छात्रों के भविष्य की सुरक्षा से संबंधित संदेश इन पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई करने तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा से संबंधित संदेश लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि NEET जैसी प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटना सामने आने से देशभर के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के बीच अविश्वास और निराशा का माहौल बना है। छात्रों का कहना था कि वे दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, ऐसे में परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की गई। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। शुक्रवार संध्या तक सैकड़ो की संख्या में भीड़ लगी रही। एसडीएम राजकुमार ने बताया कि बांका शहर में भी नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर शांतिपूर्ण वातावरण में जुलूस निकाला गया। इस दौरान प्रशासन मुस्तैद रहा जगह-जगह पुलिस बल की तनाती की गई थी। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:11 pm

हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे युवा:बोले- फ्यूचर ऑफ इंडिया नॉट फॉर सेल; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नीट परीक्षा पेपर लीक मामले शुक्रवार को कोटा में कोचिंग छात्रों और युवा नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगा, शहीद भगत सिंह की तस्वीरें और अपनी मांगों के बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे छात्रों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता पवन मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना और उसके बाद भी धांधली की शिकायतें आना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। पवन मीणा ने कहा- जब छात्र जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, तो उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। आने वाले समय में यही छात्र देश के डॉक्टर, वकील, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे। अपनी न्यायसंगत मांगों के लिए आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा इस तरह बेरहमी से लाठियां भांजना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS…. हाथ से लिखे अनोखे नारे, पोस्टरों के जरिए जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स अपने हाथों में अलग-अलग स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे। इनमें छात्राओं के हाथों में 'फ्यूचर ऑफ इंडिया नॉट फॉर सेल' (Future of India Not For Sale) और 'अच्छा हुआ मैं पढ़ाई में ठीक नहीं हूं, बड़ी होकर शिक्षा मंत्री बन जाऊंगी' जैसे तीखे कटाक्ष करते स्लोगन लिखे हुए थे। वहीं, प्रदर्शन में शामिल अन्य युवा भी व्यवस्था पर तंज कसते पोस्टर लेकर आए थे। एक पोस्टर पर लिखा था- 'जहां जज ही कसाई हो, वहां बकरी मुकदमा नहीं जीत सकती', तो वहीं एक अन्य पोस्टर पर लिखा था- 'अगला प्रधानमंत्री शादीशुदा होना चाहिए, ताकि वो मन की बात पत्नी से और काम की बात जनता से करे। इन अनोखे और व्यंग्यात्मक स्लोगन्स के जरिए युवाओं ने सरकार और पूरी व्यवस्था पर तीखा निशाना साधा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्रप्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और पूरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक मंत्री को बचाने में जुटी हुई है, जबकि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:56 pm

पठानकोट में NEET-पेपर लीक पर सड़क पर उतरी यूथ कांग्रेस:दिल्ली में छात्रों पर लाठी चार्ज का जताया विरोध,शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रहे कथित पेपर लीक और नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर शुक्रवार, 24 जुलाई को पठानकोट में जिला यूथ कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। लगातार हो रही धांधलियों से रात-दिन मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का परीक्षाओं और व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की अपनी मांग को दोहराया। पेपर रद्द होने या विवाद में फंसने के कारण लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके समय, मेहनत और आर्थिक संसाधनों का भारी नुकसान होता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस पूरे मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक पीड़ित छात्रों को सच्चा न्याय मिलना असंभव है। दिल्ली में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की निंदा इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई (लाठीचार्ज) की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की आवाज उठाने वाले शांतिपूर्ण छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से तानाशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से लड़ती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:29 pm

रतलाम में सड़क पर धरने पर बैठे NSUI कार्यकर्ता:संविधान की किताब लेकर प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नीट पेपर समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और दिल्ली में स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज के विरोध में रतलाम में राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ व एनएसयूआई पदाधिकारी धरने पर बैठ गए हैं। शुक्रवार दोपहर एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता छत्री पुल स्थित आंबेडकर सर्कल के नीचे डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर को लेकर बैठे। जमकर नारेबाजी कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। एनएसयूआई द्वारा दो दिन आमरन अनशन व धरने की अनुमित प्रशासन द्वारा मांगी जा रही है। लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। गुरुवार रात को भी पदाधिकारी दो बत्ती चौपाटी क्षेत्र में मंच बनाकर बैठ गए थे, जिन्हें पुलिस ने हटा दिया था। इसके बाद शुक्रवार दोपहर कार्यकर्ता एकत्र होकर अंबेडकर सर्कल पहुंचे। वहां सड़क पर दरी बिछा कर बैठ गए। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो लिखा बैनर लगाया। हाथों में संविधान की किताब को भी रखा। जिलाध्यक्ष बोले- दो दिन से अनुमति मांग रहेNSUI जिलाध्यक्ष नीलेश शर्मा ने कहा कि हम दो दिन धरने की अनुमति मांग प्रशासन से मांग रहे हैं। गुरुवार रात को भी धरने पर बैठे थे, पुलिस ने हमें हटा दिया। फिर से हम धरने पर बैठ देश के युवाओं के साथ हैं। जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा तब तक हम धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ जिला अध्यक्ष महेश मालवीय, विशाल कंडारे, गौरव, विक्की, उमेश आदि उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:19 pm

NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 8:15 pm

'नेताओं के बच्चे पढ़ें इंटरनेशनल, हमारे बच्चे एंटी-नेशनल':पोस्टरों के जरिए फूटा छात्रों का गुस्सा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को अजमेर के बजरंगगढ़ चौराहे पर सीजेपी (CJP) समर्थक छात्रों और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में मौजूद पोस्टरों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक पोस्टर पर लिखा था- नेताओं के बच्चे पढ़ें इंटरनेशनल, हमारे बच्चे एंटी-नेशनल, वहीं दूसरे पोस्टर पर शिक्षा व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए लिखा गया-एक दिन एजुकेशन रिजाइन कर देगा, मिनिस्टर रह जाएगा। इन अनोखे नारों के जरिए छात्रों ने लगातार हो रहे पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। बच्चे मेहनत करें और पेपर लीक हो जाए, आखिर कब तक?प्रदर्शन में शामिल छात्रा एंजेल ने कहा कि उनकी मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि अब लगभग हर बड़ी परीक्षा में पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। छात्र महीनों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। आक्रोश व्यक्त करते हुए एंजेल ने कहा- पेपर लीक के कारण अब तक कितने ही छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उनके माता-पिता पर क्या बीतती होगी, क्या कोई यह सोचता भी है? सरकार सिर्फ बातें करती है, लेकिन पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जाते? जब व्यवस्था संभल नहीं रही, तो जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दे दिया जाता? नेताओं के बच्चे विदेश पढ़ते हैं, आम युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो प्रदर्शन में शामिल छात्रा अनुष्का भटनागर ने कहा- वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं हैं, बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज उठा रही हैं जिनका भविष्य पेपर लीक से प्रभावित हुआ है। नेताओं के बच्चे विदेशों और बड़े संस्थानों में पढ़ाई करते हैं, जबकि आम परिवारों के बच्चों को बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का नुकसान झेलना पड़ता है। अनुष्का ने कहा- बच्चे रोए हैं, उनकी जिंदगी बर्बाद हुई है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। जनता से भारी टैक्स लिया जाता है, लेकिन युवाओं को पारदर्शी परीक्षाएं और रोजगार तक नहीं मिल पा रहा है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:13 pm

'तानाशाही नहीं चलेगी,पीएम मोदी इस्तीफा दें' के लगे नारे:मधेपुरा में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में NSUI का मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को NSUI मधेपुरा इकाई ने प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में मार्च यूनिवर्सिटी चौक से शुरू होकर भूपेंद्र चौक तक गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। आंदोलन को दबाने को आंसू गैस के गोले दागे मार्च को संबोधित करते हुए NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि सरकार के दमन से छात्र-युवा अब डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और गिरफ्तारियों का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि छात्र अब पेपर लीक पर सख्त कानून बनने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लाठी, गोली, जेल और मुकदमे हमारे कदमों को नहीं रोक सकते। प्रतिरोध मार्च में NSUI के जिला महासचिव सोनू कुमार, प्रखंड संयोजक रणधीर कुमार, आशीष कुमार, अनिल कुमार, ब्रजेश कुमार, मिथलेश कुमार, राजेश कुमार, विभाष कुमार विमल, सत्यम कुमार, अभिजीत कुमार, ओम कुमार, अमन कुमार, नीतिकांत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:57 pm

नरसिंहपुर में सहकारी बैंक-शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा:कलेक्टर ने 3 शाखाओं में कम वसूली पर जताई नाराजगी; नोटिस दिए

नरसिंहपुर कलेक्टर एवं जिला सहकारी बैंक प्रशासक रजनी सिंह ने शुक्रवार को सहकारी बैंक और स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में ऋण वसूली और शिक्षा संबंधी तय लक्ष्यों में पिछड़ने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों और शाखा प्रबंधकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 3 शाखाओं में कम वसूली पर जताई नाराजगी सहकारी बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक में ऋण वितरण, अमानत संग्रहण और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा हुई। लक्ष्य से कम वसूली करने वाली कौड़िया, बरमान और करकबेल शाखाओं के प्रबंधकों को नोटिस जारी करने को कहा गया। कलेक्टर ने 31 जुलाई तक जारी सदस्यता अभियान को गति देने और कालातीत ऋणियों से डोर-टू-डोर संपर्क कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। सर्रा में अपार ID निर्माण की धीमी रफ्तार पर कार्रवाई गोटेगांव में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदनखेड़ा का परीक्षा परिणाम खराब पाया गया। इसके अलावा जनशिक्षा केंद्र सूरवारी में कम नामांकन और सर्रा में अपार आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर संबंधित प्राचार्यों और अधिकारियों को कारण बताओ पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:55 pm

दिल्ली छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रोष मार्च:जलालाबाद में मिनी जंतर मंतर बनाकर किया प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और आम लोगों पर बीती 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज जलालाबाद में व्यापक रोष प्रदर्शन देखने को मिला। 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' (AISF) और 'ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन' (AIYF) के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं ने स्थानीय गर्ल्स कॉलेज में एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया और पूरे शहर में एक विशाल रोष मार्च निकाला। यह प्रदर्शन देशव्यापी आह्वान के तहत जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मिनी जंतर-मंतर बनाकर आयोजित किया गया था। इस रोष मार्च और प्रदर्शन का नेतृत्व AISF के प्रदेश अध्यक्ष रमन धर्मूवाला, जिला सचिव स्टालिन लामोचड़, जिला परिषद सदस्य मनजिंदर कौर बग्गे के, सर्व भारतीय नौजवान सभा के नेता सोना धुन्नकियां तथा धर्मेंद्र मुरकवाला ने संयुक्त रूप से किया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। गर्ल्स कॉलेज से एसडीएम कार्यालय तक गूंजे नारे स्थानीय गर्ल्स कॉलेज में एकत्रित हुई छात्राओं और युवाओं ने दिल्ली पुलिस व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कॉलेज परिसर से लेकर एसडीएम (SDM) कार्यालय जलालाबाद तक एक विशाल रोष मार्च निकाला गया, जिसमें युवाओं का आक्रोश साफ देखने को मिला। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। शिक्षा के लगातार हो रहे व्यवसायीकरण और निजीकरण को तुरंत रोका जाए। संसद में एक विशेष कानून पारित कर देश के सभी युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार की कानूनी गारंटी तय की जाए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:32 pm

नए मुख्य सचिव बर्णवाल के कार्यकाल में पहला तबादला आदेश:सुखवीर सिंह को लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा और खाद्य सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के चार्ज संभालने के बाद पहला तबादला आदेश सुखवीर सिंह प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग का हुआ है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में सुखवीर सिंह को अब लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा तथा भोपाल गैस त्रासदी और पुनर्वास विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही वे खाद्य सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इन विभागों की जिम्मेदारी सुखवीर अतिरिक्त प्रभार के रूप में संभालेंगे। उनके पास लोक निर्माण विभाग भी बना रहेगा। जल्द होंगे कई और तबादले 23 जुलाई को मुख्य सचिव अनुराग जैन से सीएस पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अशोक बर्णवाल ने अपने पास मौजूद विभागों को सुखवीर सिंह को सौंपने का आदेश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सहमति के बाद लिया है। मुख्य सचिव बनने के पहले बर्णवाल के पास लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा और गैस त्रासदी व पुनर्वास के अपर मुख्य सचिव व खाद्य सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी थी। अभी इसके अलावा कुछ और अफसरों के भी तबादले विभाग बदलाव के तौर पर जल्दी ही होने वाले हैं। इसके पहले राज्य शासन ने 9 जुलाई को जारी आदेश में अपर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं मनोज सरियाम को उप सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए थे। तीन जुलाई को जारी आदेश में आयुक्त हस्तशिल्प और हाथकरघा को प्रबंध संचालक खादी और ग्रामोद्योग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। राजेश राजौरा के काम में भी होगा बदलाव डॉ राजेश राजौरा इस समय प्रदेश के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी हैं और उनसे जूनियर अफसर अशोक बर्णवाल मुख्य सचिव बन गए हैं। इसलिए अब राजौरा को मंत्रालय से बाहर पदस्थ किया जाएगा। राजौरा को कर्मचारी चयन मंडल, माध्यमिक शिक्षा मंडल अध्यक्ष या प्रशासन अकादमी डीजी या किसी अन्य सीनियर पद पर पदस्थ किया जा सकता है। इसके आदेश भी आज कल में जारी हो सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:10 pm

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, NSUI ने फूंका पुतला:छतरपुर में रैली निकालकर विरोध, मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

छतरपुर में शुक्रवार को राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से छत्रसाल चौक तक रैली निकाली और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र-युवा वर्ग की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए। NSUI पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन छात्रों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के लिए संघर्षरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में एक बड़ा छात्र आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से छात्र और युवा शामिल होंगे। छतरपुर से भी बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता दिल्ली जाकर इसमें भाग लेंगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस व्यवस्था भी मुस्तैद रही। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन समाप्त किया। NSUI ने दोहराया कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:04 pm

नीट पेपर लीक के विरोध में जालंधर में प्रदर्शन:जंतर मंतर में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर रोष; केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में जारी छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में जालंधर में भी विभिन्न संगठनों और कॉलेज विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट नईम खान ने बताया कि यह विरोध दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था। पेपर लीक मामले को लेकर विद्यार्थियों में भारी रोष खान ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में विवादों के बाद मंत्रियों ने इस्तीफे दिए हैं, लेकिन मौजूदा सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के विद्यार्थियों में भारी रोष है और सरकार को इस संबंध में सख्त नीति बनानी चाहिए। पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच मांगी एडवोकेट नईम खान ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई करना अनुचित है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:01 pm

बुरहानपुर कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:राहुल गांधी की गिरफ्तारी और लाठीचार्ज का विरोध जताया

बुरहानपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। शुक्रवार शाम गांधी चौक पर एकत्रित हुए युवाओं और कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और मृत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार शाम को गांधी चौक पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में युवा और कांग्रेस नेता जमा हुए। उन्होंने दिल्ली की घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए काफी देर तक नारेबाजी की। अल्पसंख्यक नेता फरीद काजी ने बताया कि इस दौरान उन छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा 20 जुलाई को की गई 'बर्बरता' की निंदा करते हुए कहा कि यह एक शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक विरोध प्रदर्शन था। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की निंदा कीग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र महाजन ने दिल्ली की घटना को 'गलत' बताया और राहुल गांधी की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने राष्ट्रपति से ऐसी सरकार को बर्खास्त करने का आग्रह किया और कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले में स्वयं इस्तीफा देना चाहिए। एनएसयूआई कार्यकर्ता फरदीन खान ने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में था, जहां छात्रों और महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया। उन्होंने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। खान ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:53 pm

नीट धांधली की निष्पक्ष जांच हो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें:शिवपुरी में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने PM को सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने शुक्रवार को शिवपुरी जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें संगठन ने नीट परीक्षा में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की। संगठन के मुख्य जिला संयोजक शत्रुघ्न सिंह तोमर ने बताया कि नीट परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं से लाखों मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन छात्रों के हितों की आवाज उठाता रहा है और प्रभावित विद्यार्थियों के साथ खड़ा है। तोमर ने परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने में हुई कथित विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठायाशत्रुघ्न सिंह तोमर ने पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में पत्रकारों के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ी हैं, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। तोमर ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन छात्रों और आम जनता के अधिकारों की हर लोकतांत्रिक लड़ाई का समर्थन करता है। हालांकि, किसी भी आंदोलन की आड़ में जातिवादी टिप्पणी, सामाजिक वैमनस्य या नफरत फैलाने वाली बयानबाजी का वह विरोध करता है। संगठन ने समाज में भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए इसे सभी की जिम्मेदारी बताया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि नीट परीक्षा मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और देश के विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:33 pm

शाजापुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:'युवा बचाओ मंच' ने नीट पेपर लीक पर कहा- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड से जांच कराई जाए

शाजापुर में 'युवा बचाओ-देश बचाओ मंच' ने NEET-2026 परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के विरोध में महुपुरा चौराहा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से बस स्टैंड तक रैली निकाली। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम नायब तहसीलदार राकेश चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है। मंच का आरोप है कि इस राष्ट्रीय परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक की खबरों से देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय को परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने में विफल बताते हुए नैतिक जिम्मेदारी तय करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग 'युवा बचाओ-देश बचाओ मंच' ने NEET-2026 मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। साथ ही परीक्षा माफिया, दलालों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। छात्रों के लिए न्याय और सख्त व्यवस्था की अपील प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय और उचित मुआवजा देने का आग्रह किया। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता बनाया जाए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:16 pm

गयाजी में कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, कहा- 25 जुलाई को 24 प्रखंडों में पुतला जलाएंगे

गयाजी में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति से धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितताओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए घोटालों की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री की है। इस सत्याग्रह कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना ने की। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांगों और नारों वाले पोस्टर लेकर घंटों धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र और युवा लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। करोड़ों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की कई घटनाओं ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इन लगातार सामने आ रही घटनाओं से छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा व्यवस्था पर से भरोसा कमजोर हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर होती, तो अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा चुकी होती। वक्ताओं ने घोषणा की कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस कड़ी में 25 जुलाई को राज्य के सभी 24 प्रखंडों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:15 pm

महेंद्रगढ़ में SDM का सरकारी स्कूल पर औचक निरीक्षण:शिक्षा व्यवस्था परखी, कहा- बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एसडीएम योगेश सैनी ने शुक्रवार को बलायचा गांव स्थित राजकीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम विभिन्न कक्षाओं में गए और विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने एसडीएम सैनी से उत्साहपूर्वक बात की। उन्होंने बताया कि वे आगामी परीक्षाओं की तैयारी लगन से कर रहे हैं और अच्छी शिक्षा प्राप्त कर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि विद्यालय के सभी शिक्षक उन्हें पूरी मेहनत और संवेदनशीलता से पढ़ाते हैं। शिक्षा में लापरवाही स्वीकार नहीं एसडीएम ने प्रधानाचार्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके लिए स्वच्छ, सुरक्षित व सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, बरसात में जलभराव न होने देने और कक्षाओं के आसपास मच्छरों की रोकथाम के लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव करवाने के भी निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:12 pm

शारीरिक शिक्षक संघ ने शिक्षा अधिकारियों का किया स्वागत:कहा- अधिकारी शिक्षकों से समन्वय कर शिक्षा की गुणवत्ता में लाएंगे सुधार

धौलपुर में राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को नवनियुक्त शिक्षा अधिकारियों के लिए स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों और शारीरिक शिक्षकों ने नवपदस्थापित अधिकारियों का माल्यार्पण कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (ACBEO-1) राम प्रसाद राघव, ACBEO-2 दिलीप सिंह चाहर, आरपी रामबरन शाक्य और आरपी विवेक शुक्ला का स्वागत किया गया। संघ पदाधिकारियों ने उन्हें पुष्प और मालाएं भेंट कर उनके सफल कार्यकाल की कामना की। राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रामनिवास मीणा ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवपदस्थापित अधिकारी शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएंगे। कार्यक्रम में उमादत्त शर्मा, संरक्षक अशोक मीणा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष कैलाश चाहर, सचिव विक्रम सिंह, कोषाध्यक्ष हनुमान प्रसाद, उपाध्यक्ष पवन मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह सहित बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:39 pm

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:हरदोई में जिलाध्यक्ष बोले- पेपर लीक के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

हरदोई में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने पेपर लीक के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। मोर्चा ने इसे देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताया है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी समेत पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की। यह ज्ञापन शुक्रवार की दोपहर 1:30 बजे दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र विशेष जांच समिति से कराने और दोषियों की संपत्तियां जब्त करने की भी मांग की गई है। मोर्चा ने पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। जिलाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी, मातुल्य शुक्ला, प्रखर मिश्रा, अभिलाषा दीक्षित, शशी, दिव्या दीक्षित, छवि बाजपेई, अवनी तिवारी, अंकित तिवारी, दिशांत अवस्थी, शिवकांत मिश्रा, उत्तम गुप्ता, शैलेन्द्र द्विवेदी, आदर्श द्विवेदी, अमन शुक्ला, आकाश अवस्थी, नमन अवस्थी, राम जी शुक्ला, अशोक कुमार अग्निहोत्री और अभिषेक रावत सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:36 pm

बलिया में पुलिस ने छात्रों से शिक्षामंत्री का पुतला छीना:नोकझोंक के बाद सड़क पर धरने पर बैठे, बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें

बलिया में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे छात्रनेता हार्दिक पाण्डेय के नेतृत्व में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। छात्रों ने टीडी कॉलेज चौराहे पर शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसे लेकर छात्रों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। पुतला छीने जाने से नाराज छात्र सड़क पर बैठ गए और सड़क जाम करने का प्रयास किया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली प्रवीण सिंह ने छात्रों को समझा-बुझाकर सड़क जाम करने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि वे छात्रों के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बर पिटाई और लाठीचार्ज को अस्वीकार्य बताया। छात्रों ने प्रधानमंत्री के वीडियो संबोधन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जिक्र न होने पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों को 'देशद्रोही' साबित करने में लगी है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:17 pm

'मोदी सरकार के कार्यकाल में 90 परीक्षाओं के पेपर लिक':औरंगाबाद में पूर्व विधायक बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे, भाजपा में नैतिकता ही नहीं बची

औरंगाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक सह जिलाध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने केंद्र सरकार और भाजपा को लेकर बयान दिया है।अंबा में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल से अधिक समय तक देश और जनता के हित में काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार कांग्रेस के खिलाफ लोगों को गुमराह करने में लगी है। मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान 90 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लिक हुए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं है। नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। इनकी नींद तब खुली, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर सोनम वांगचूक 24 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे। मामला जब बिगड़ गया, युवाओं में रोष दिखने लगा, इसके बाद इनका बयान आना शुरु हुआ। नैतिकता तो बची ही नहीं है इनमें। देश में अराजकता का माहौल है और विभिन्न मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है, लेकिन जनता सरकार की मंशा को समझ चुकी है। लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का शक्ति मिला है। जब राहुल गांधी ने अपनी शक्ति का प्रयोग कर विरोध शुरु किया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों से स्पष्ट है कि लोग सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हैं और कांग्रेस जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। कांग्रेस ने हमेशा जनता के हित में किया काम कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आजादी से लेकर आज तक आम जनता के हितों के लिए संघर्ष करती आई है। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार कांग्रेस के प्रति विद्वेष की भावना रखते हुए पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र और नौजवान अनशन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज कर रही है। शर्मा ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और भाजपा को इसका राजनीतिक जवाब अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं, छात्रों और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। सम्मान समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय शुक्रवार को औरंगाबाद जिले के अंबा में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा एवं नव नियुक्त कुटुंबा प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दोनों नेताओं का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने की, जबकि संचालन एससी-एसटी जिलाध्यक्ष अजय राम ने किया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कांग्रेस के कई पुराने और चर्चित नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:08 pm

उमरिया में पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:स्टेशन चौराहे पर नारेबाजी के बाद एसडीएम को दिया ज्ञापन; शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

उमरिया जिला मुख्यालय स्थित स्टेशन चौराहा पर शुक्रवार को कांग्रेस ने नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले भर से जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद एसडीएम अंबिकेश सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग उठाई कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल ने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:03 pm

दरभंगा में प्रधानमंत्री का फूंका पुतला:नीट पेपर लीक-छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध, कहा- इस्तीफा दे शिक्षा मंत्री

दरभंगा में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं,नेताओं और युवाओं ने विशाल विरोध मार्च निकाला। एमआरएसएम कॉलेज से आनंदपुर चौक तक निकाले गए इस मार्च का नेतृत्व श्याम भारती और मों चांद ने किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान महागठबंधन प्रत्याशी श्याम भारती, कांग्रेस नेता और हायाघाट पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मो चांद, मुखिया फेकन पासवान, वीरेंद्र पासवान, अशोक पासवान, सनी पासवान, संजय साहनी, मो अयान, नजरे आलम, राधे पासवान, अयान अंसारी, ईदुल अंसारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। छात्रों के साथ अन्याय का आरोप प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता मोहम्मद चांद ने कहा कि देश के छात्र ही भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक और देश के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा पेपर लीक जैसी गंभीर घटना से पूरे देश के छात्र आक्रोशित हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा, तो कांग्रेस और महागठबंधन के कार्यकर्ता युवाओं के साथ सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नीट परीक्षा विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:45 pm

जोधपुर में बैरिकेड्स पर चढ़े युवा कांग्रेस कार्यकर्ता:पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग

दिल्ली से जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए और बाहर बैठकर करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और मुख्य गेट पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने जब उन्हें बैरिकेड्स से नीचे धकेला, तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि, बाद में समझाइश के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुखराज, ग्रामीण अध्यक्ष मनीष बिश्नोई, छात्र नेता एमएल चौधरी सहित यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:42 pm

बेतिया में NEET पेपर लीक में AISF-AIYF का प्रोटेस्ट:प्रदर्शनकारी बोले-केंद्रीय शिक्षा इस्तीफा दें, दोषियों पर कार्रवाई हो

बेतिया में गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा। प्रतिरोध मार्च शहीद पार्क से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला पदाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं से छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करने और गिरफ्तारियों को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ के लगे नारे मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ, पेपर लीक बंद करो, छात्रों पर दमन बंद करो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई हो AISF और AIYF ने अपनी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके अतिरिक्त, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों की वापसी, गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई तथा छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की भी मांग की गई। उन्होंने देशभर में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं सभा को संबोधित करते हुए संगठन के नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और राज्यव्यापी जनआंदोलन चलाया जाएगा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:41 pm

राहुल ने घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए:पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ; बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें

राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’ उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, 'मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।' 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल इनमें से एक है। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:31 pm

पलवल में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन:दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध, बोले- केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पलवल जिले में भी धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली के आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में शहर के देवीलाल पार्क में शुक्रवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष गौतम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज नहीं सुन रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि देश का युवा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, समय पर भर्ती और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही, दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अन्य मांगों को भी तुरंत मानने की अपील की। इस दौरान भीम आर्मी के जिला प्रभारी नेमचंद, जिला कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक और जिला सचिव खेमचंद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:31 pm

नीट पेपर लीक पर बैतूल में छात्रों का प्रदर्शन:अंबेडकर चौक पर धरना, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

बैतूल में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। शहर के अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में संविधान की प्रतियां और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर थे, जिन पर 'इंडिया यूथ फ्रंट' का नाम भी अंकित था। छात्रों ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन में शामिल छात्रा पूर्णिमा वाघमारे ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित होनी चाहिए, ताकि मेहनती छात्रों को न्याय मिल सके। वाघमारे ने पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह बंद करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कीछात्रों ने 'नीट पेपर लीक कोई गलती नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों के साथ अपराध है' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। इसी बीच, शहर के ऑडिटोरियम परिसर में भी छात्र क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अंबेडकर चौक के पास नेहरू पार्क में सामाजिक संगठनों और जयस युवा प्रकोष्ठ ने भी धरना शुरू कर दिया है। विभिन्न संगठनों के इस आंदोलन से यह स्पष्ट है कि नीट पेपर लीक का मुद्दा अब बैतूल में भी जनआंदोलन का रूप ले रहा है, और छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:22 pm

पेपर लीक मुद्दे पर जयस का चार घंटे प्रदर्शन:आदिवासी छात्रों पर लाठीचार्ज का खरगोन में विरोध, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

खरगोन में जय आदिवासी संगठन (जयस) ने दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर आदिवासी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का कड़ा विरोध किया। संगठन ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। यह धरना प्रदर्शन जिलाध्यक्ष सचिन सिसोदिया के नेतृत्व में बिस्टान नाका पर शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे से लगभग चार घंटे तक चला। इस दौरान जयस के छात्र नेताओं ने लाठीचार्ज के विरोध में जमकर नारेबाजी की। समाजसेवी डॉ. गोविंद मुजाल्दा ने इस अवसर पर कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में छात्र सहित हर वर्ग परेशान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। धरना सभा को जयस और अन्य आदिवासी प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। इसके बाद आदिवासी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ छात्रों के भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने का आग्रह किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में सुभाष पटेल और राजेंद्र सिंह पंवार सहित बड़ी संख्या में छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:14 pm

नेता प्रतिपक्ष बोले-नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें शिक्षामंत्री:ये राहुल गांधी ही नहीं सबकी मांग है; करनाल में उनके सहपाठी के निधन पर पहुंचे थे

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को दोपहर बाद करनाल के नमस्ते चौक पर पहुंचे। यहां उन्होंने सैनिक स्कूल में उनके सहपाठी रहे इकबाल सिंह के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई। हुड्डा ने कहा कि इकबाल सिंह बहुत अच्छे इंसान थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका काफी इलाज भी हुआ, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि वे परिवार के दुख में शामिल होने और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए करनाल आए हैं। शिक्षा संशोधन बिल पर सरकार को घेरा मीडिया से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कैबिनेट द्वारा शिक्षा संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि यह केवल राहुल गांधी की मांग ही नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों और प्रदेश के लोगों की भी यही मांग रही है। सीजेपी और केंद्रीय मंत्री नड्डा की बैठक पर बोले उनसे जब पूछा गया कि आज दोपहर को सीजेपी और सरकार के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में सीजेपी की दो मांगों पर सहमति बन गई है। जबकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बनी, जिसके चलते सरकार ने उनसे कल तक का समय मांगा है। इस पर जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि जंतर मंत्र पर बैठे सभी छात्रों की भी यही मांग है। इसलिए शिक्षा मंत्री को किसी के कहने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वयं नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:10 pm

NEET पेपर लीक: छात्रों ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:श्योपुर में कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

श्योपुर में शुक्रवार को नीट परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। दोपहर करीब 12 बजे पीजी कॉलेज से शुरू हुई यह रैली जयस्तंभ चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक लगभग चार किलोमीटर पैदल मार्च के रूप में पहुंची। छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा में पारदर्शिता तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि कलेक्ट्रेट परिसर में छात्रों ने करीब दो घंटे तक धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम गगन मीणा मौके पर पहुंचे, लेकिन छात्रों ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से इनकार कर दिया। छात्रों का कहना था कि वे अपना ज्ञापन केवल जिला कलेक्टर को ही देंगे। इसके बाद जिला कलेक्टर स्वयं वहां पहुंचीं और छात्रों से ज्ञापन स्वीकार किया। राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने नीट परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की भी अपील की। नैतिक जिम्मेदारी तय हो छात्रों ने 20 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच, घायल छात्रों को न्याय व उपचार, प्रभावित परिवारों को सहायता और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुधार लागू करने की मांग की। नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान 'छात्र एकता जिंदाबाद' और 'शिक्षा व्यवस्था में सुधार' जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:07 pm

'छात्र-युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे'-CPI:छात्र संगठनों का NEET पेपर लीक पर 'प्रतिवाद मार्च', शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

शनिवार को प्रस्तावित बिहार बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) एवं आरवाईए (RYA) के संयुक्त तत्वावधान में शहर में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रतिवाद मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव जयशंकर पंडित ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई (माले) नेता विकास कुमार यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन छात्र-युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ रही अनियमितताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आम लोगों, छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से शनिवार को आहूत बिहार बंद में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल छात्रों का नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। कार्यक्रम में नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:01 pm

भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम!' राजस्थान में शिक्षा सचिव के तबादले पर CJP का तीखा हमला

राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और गरमागरम खबर सामने आ रही है। राज्य में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के सचिव के हालिया तबादले को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस ट्रांसफर को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। हनुमान बेनीवाल ने इस प्रशासनिक फेरबदल को सीधा 'भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम' करार देते हुए तीखा तंज कसा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि अधिकारियों की ऐसी कार्यप्रणाली के खिलाफ आम जनता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।शिक्षा विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर क्यों भड़के हनुमान बेनीवाल?पूरा मामला राजस्थान के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। जब सरकार ने शिक्षा सचिव स्तर के एक प्रमुख अधिकारी का तबादला किया, तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। सीजेपी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से इस तबादले पर कड़ा ऐतराज जताया। उनका आरोप है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल उठे थे, तो उसे सजा मिलने के बजाय मनचाही जगह पर पोस्टिंग देना या सुरक्षित करना सीधे तौर पर सिस्टम की कमियों को उजागर करता है। बेनीवाल का यह बयान अब राज्य की सियासत में एक नया भूचाल ला चुका है, जिस पर विपक्षी दल और सरकार समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।'भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा कड़ा संघर्ष', आरएलपी सुप्रीमों का ऐलानहनुमान बेनीवाल ने अपने तीखे तेवरों में साफ कर दिया है कि राजस्थान की जनता और खासकर बेरोजगार युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में यदि भ्रष्टाचार या मनमानी को बढ़ावा दिया जाएगा, तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी प्रशासन देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। बेनीवाल ने ऐलान किया है कि वे इस पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेंगे।राजस्थान की सियासत में गर्माया मुद्दा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक टकरावइस तीखे राजनीतिक हमले के बाद से राजस्थान की राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। एक तरफ जहाँ आरएलपी और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर उठ रहे इन सवालों ने सत्ता पक्ष की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर जनसभाओं तक एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, जिससे यह साफ है कि राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फेरबदल का यह चैप्टर अभी लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 3:58 pm

मोगा में गुरु रविदास जी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित:गांव-गांव पहुंची जीवन की कहानी, शिक्षाओं से कराया परिचित; आपसी भाईचारे का संदेश दिया

पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लोहारा और जनेर गांव में विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। गुरु रविदास जी के जीवन की कहानी गांव-गांव पहुंची। मोगा के डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गुरु साहिब के पवित्र जीवन, मानवतावादी दर्शन और शिक्षाओं का संदेश घर-घर पहुंचाना है। इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को अपनी महान आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना भी है। 30 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित लोहारा और जनेर गांव में एक विशेष वैन पर लगी आधुनिक विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लगभग 30 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। यह फिल्म गुरु रविदास महाराज जी के जीवन, सामाजिक समानता के दर्शन और लोक-कल्याण की भावना पर आधारित थी। जीवन और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराया जा रहा उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की। शो देखने के बाद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम बताया। उनका कहना था कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को गुरु साहिब के जीवन और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराया जा रहा है। आपसी भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी ग्रामीणों ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने दया, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी है। उन्होंने लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलते हुए लोक-कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर गांवों के पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक हस्तियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:47 pm

फरीदाबाद में NEET पेपर लीक पर इनेलो का प्रदर्शन:राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई इस दौरान इनेलो के जिला अध्यक्ष रूपचंद लंबा, महिला विंग की जिला अध्यक्ष जगजीत कौर पन्नू, पवन जाखड़, बॉबी डागर, जिला युवा प्रधान सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवाओं के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। छात्रों पर लाठीचार्ज पूरी तरह गलत इनेलो नेताओं ने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि इस मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जो पूरी तरह गलत और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। बल का प्रयोग कर रही सरकार नेताओं ने आरोप लगाया कि युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाब और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। जब तक न्याय नहीं, तब तक प्रदर्शन रहेगा जारी इनेलो नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया जाता और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी प्रदेशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन के बाद सभी नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:32 pm

मधुबनी में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन:छात्र संघर्ष समिति ने परीक्षा पारदर्शिता की मांग की, हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैयार

मधुबनी में छात्र संघर्ष समिति ने शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन आर.के. कॉलेज परिसर से आर.के. कॉलेज मुख्य द्वार तक पैदल मार्च के रूप में हुआ, जिसका नेतृत्व समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने किया। मार्च के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। बाद में आर.के. कॉलेज के मुख्य द्वार पर शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज परिसर और मुख्य द्वार के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय इस अवसर पर छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत और विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं। संतोष यादव ने यह भी बताया कि दिल्ली और पटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन आंदोलनों के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्हीं मांगों के समर्थन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:26 pm

मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में सस्ती होगी मेडिकल शिक्षा

डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में एक-तिहाई की कमी होने के आसार ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 3:00 pm

बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा:प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता पर 'थैंक्यू बक्सर पुलिस' के पोस्टर लहराए

बक्सर में शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में था। छात्रों ने शहर के अंबेडकर चौक पर एकत्र होकर विरोध जताया और हाथों में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो तथा थैंक्यू बक्सर पुलिस लिखे पोस्टर लहराए। प्रदर्शनकारी छात्र वंदे मातरम, धर्मेंद्र प्रधान हाय-हाय और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार से जवाब मांगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। समाहरणालय मार्ग तक पुलिस बल तैनात छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। अंबेडकर चौक से लेकर समाहरणालय मार्ग तक भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए। अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और यातायात प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बक्सर पुलिस की भूमिका की सराहना की और थैंक्यू बक्सर पुलिस लिखे पोस्टर भी लहराए। छात्रों ने बताया कि पुलिस ने संयमित व्यवहार किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। मांगों को सरकार तक पहुंचाना उद्देश्य इस प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। छात्रों ने दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। फिलहाल, अंबेडकर चौक और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी था और छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए थे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 2:06 pm

सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगी NEET-JEE की निःशुल्क कोचिंग:मैहर में शिक्षा के क्षेत्र में कलेक्टर का नवाचार; कोचिंग संस्था एलेन का सहयोग लिया जाएगा

मैहर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अब डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना साकार करना आसान होगा। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने एक अभिनव पहल करते हुए जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए नीट (NEET) और जेईई (JEE) की निःशुल्क कोचिंग शुरू करने की घोषणा की है। कलेक्टर ने बताया कि इस पहल के तहत हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के विज्ञान संकाय (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स) के मेधावी छात्रों को कक्षा 11वीं से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का एक विशेष समूह तैयार किया जाएगा। कोचिंग संस्था एलेन का सहयोग लिया जाएगा इस कार्यक्रम में देश की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था एलेन (ALLEN) का सहयोग लिया जाएगा। एलेन ने चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी अध्ययन सामग्री और टेक्स्ट बुक्स भी जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री मिल सके। कलेक्टर ने बताया कि आमतौर पर छात्र 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करते हैं। हालांकि, यदि उन्हें 11वीं कक्षा से ही सही मार्गदर्शन और नियमित कोचिंग मिले, तो उनके सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से जिले में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जहां प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों को नीट और जेईई की तैयारी करवाएंगे। छात्रों को नीट और जेईई की तैयारी करवांगे कलेक्टर ने विश्वास जताया कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में सामने आएंगे। उनका लक्ष्य है कि भविष्य में मैहर जिले के 20 से 30 प्रतिशत प्रतिभाशाली विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर की इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करें।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:19 pm

लखीमपुर खीरी में नीट पेपर लीक पर छात्रों का विरोध:SDM को गुलाब दिया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, धरने पर बैठे

लखीमपुर खीरी में शुक्रवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के छात्र सड़कों पर उतर आए। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत अनोखे ढंग से की। उन्होंने एसडीएम तनवीर अहमद को गुलाब का फूल भेंट कर अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। इसके बाद छात्र हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में इकट्‌ठे हुए और नीट-यूजी पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित धांधली ने लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका यह भी कहना था कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली में लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है, जिससे युवाओं में आक्रोश बढ़ा है। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद छात्र जुलूस की शक्ल में शहर के विलोबी मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन और धरने को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तथा विलोबी मैदान के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल पूरे समय मौके पर मौजूद रहा और यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:05 pm

मेरठ में सपा छात्र सभा का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री की अर्थी निकाली, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी छात्र सभा ने शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर कमिश्नरी के चारों ओर चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की और छीनाझपटी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 2 तस्वीरें देखिए… छात्र सभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार संवाद के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इसमें उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस प्रदर्शन में छात्र नेता प्रदीप कसाना सहित दर्जनों छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 12:56 pm

छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मशाल जुलूस:मनेंद्रगढ़ में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में निकले जुलूस में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस दीनदयाल चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कार्रवाई की मांग हाथों में मशाल लेकर निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' भगत सिंह चौक पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ कथित मारपीट उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कांग्रेस नेताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। नेताओं ने छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:05 am

छात्र आंदोलन पर खेल जगत की एकजुट आवाज: सचिन, युवराज, शुभमन, धवन, कैफ, इरफान और अभिनव बिंद्रा ने शिक्षा सुधार पर दिया जोर

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने एक्स पोस्ट में युवाओं की निराशा को स्वाभाविक बताते हुए समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि वे प्रोफेसर थे और हमेशा सिखाते थे कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता।

देशबन्धु 24 Jul 2026 9:00 am

लखनऊ टुडे, 24 जुलाई- आपके काम की खबर:पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर AISA का प्रदर्शन; अविमुक्तेश्वरानंद का 'गो गर्जना' कार्यक्रम

नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 24 जुलाई, दिन शुक्रवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:42 am

फरीदाबाद में मंत्री कृष्णपाल का कांग्रेस पर हमला:बोले-छात्रों को गुमराह कर रहा विपक्ष, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना राजनीतिक जिद

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के धरने को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर समस्या का समाधान निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरीके से प्रधानमंत्री आवास पर धरना दिया गया वह पूरी तरीके से लोकतंत्र के खिलाफ है और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना है। पीएम का आवास सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। कांग्रेस पूरी तरह से बौखला चुकी है और इनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। जनता ने इनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब से किसी भी तरीके से सत्ता पाना चाहते है। देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी का रवैया पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन विपक्ष लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। जबकि केंद्र सरकार समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे रही है। विपक्ष ने छात्रों को भ्रमित किया जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि विपक्ष ने छात्रों को भ्रमित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भिजवाया। साथ ही, सरकार ने समय रहते नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा देने वाले अधिकांश छात्र अब विभिन्न संस्थानों में प्रवेश ले चुके हैं। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा राजनीतिक जिद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक जिद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी के तहत जो भी आवश्यक कदम उठाए, वे सभी उठाए गए। उनका आरोप था कि पूरा विपक्ष भोले-भाले छात्रों को आगे कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगा हुआ है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 7:09 am

केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का भी तबादला

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों में बड़ा फेरबदल किया है। नीट पेपर लीक मामले पर चल रहे विवाद और प्रदर्शन के बीच उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का भी तबादला कर दिया गया है

देशबन्धु 24 Jul 2026 5:50 am

जंतर-मंतर में लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का धरना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

सिटी रिपोर्टर | बोकारो जंतर-मंतर पर छात्रों एवं विपक्षी नेताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बोकारो जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से समाहरणालय के समक्ष धरना दियागया। इसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष जवाहर लाल माहथा किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। जिला अध्यक्ष माहथा ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के सवालों से घबरा गई है, जिसका परिणाम जंतर-मंतर में छात्रों पर कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के रूप में सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष देवाशीष मंडल ने व धन्यवाद ज्ञापन युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष नितेश भारद्वाज ने किया। धरना में प्रदेश नेता मो. जमील अख्तर, मृत्युंजय शर्मा, ऊषा सिंह, कैसफ राजा, जितेंद्र यादव, अशोक मिश्रा, प्रेम राय, दिगंबर महतो, मो. अली अंसारी, मनोज राय, असीम शर्मा आदि मौजूद थे। बोकारो | दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को लॉयल इंसान फाउंडेशन के तत्वावधान में बोकारो में विरोध रैली निकाली गई। रैली महात्मा गांधी चौक (सेक्टर-4) से शुरू होकर भगवान बिरसा मुंडा चौक (नया मोड़) तक शांतिपूर्ण ढंग से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और शांतिपूर्ण विरोध के समर्थन में अपनी एकजुटता जताई। फाउंडेशन के अध्यक्ष जहांगीर आलम ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। रैली को सफल बनाने में पिंकी कुमारी, सलोनी, पुष्पा, मोहम्मद अर्शालन, जैन सिंह, अवनीश यादव, महावीर मंडल, राजू दुबे की सक्रिय भूमिका रही।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सौंपा गया ज्ञापन

कोंडागांव| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की गई। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री के नाम एक प्रस्तावित इस्तीफे का प्रारूप भी संलग्न किया गया। सीपीआई ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और उनके समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का प्रयोग किया। कई छात्र घायल हुए। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। पार्टी ने मामले में कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान का कांग्रेस ने पुतला जलाया, इस्तीफे की भी मांग

भास्कर न्यूज | कसडोल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल के तत्वावधान में गुरुवार को गायत्री चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। देश की शिक्षा व्यवस्था में धांधली का आरोप लगाया। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का विरोध किया। केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ियां हो रही हैं। पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। धांधली के कारण लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदारी लेने में विफल रहे। सुधार करने में भी विफल रहे। नेताओं ने उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” के नारे लगाए। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष दयाराम वर्मा, योगेश बंजारे, डॉ. विशाल खुसरो, गायत्री कैवर्तय, नीलू, चंदन साहू, लक्ष्मी साहू, गोविंद मिश्रा, पंकज जयसवाल, जागेश्वर वर्मा, द्वारका निर्मलकर, प्रकाश छतरी, खिलावन डहरिया, मुरारी धीवर, रुद्र शंकर, नरेंद्र छत्रीय, लक्ष्मी शंकर जायसवाल, चंद्र प्रकाश साहू, जीतू धीवर, साहिल यादव, कमल पटेल, गोल्डी साहू, सूर्य यादव, नागेश श्रीवास, गणेश दास पेखन, ध्रुव, लीला धीवर, पूरी राम कोसले, अशोक पटेल, हिंगेश्वर प्रसाद सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

नीट पेपर लीक: कांग्रेस ने की शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

भास्कर न्यूज | भाटापारा प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक मामले में धरना-प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं, निर्दोष छात्रों और युवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में यह धरना हुआ। कांग्रेसजनों ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाए। राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरना को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने कहा, यह देश के इतिहास का काला दिन है। केंद्र की दमनकारी सरकार ने संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने देश के 23 लाख युवाओं के साथ धोखा किया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य गीत:शिक्षा निदेशालय का आदेश ; सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा में होगा सामूहिक गायन

हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में हरियाणा राज्य-गीत के नियमित गायन को लेकर आदेश जारी किए हैं। 22 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक सरकारी स्कूल में सप्ताह में एक दिन प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के बाद हरियाणा राज्य-गीत का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू कर विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कराई जाएं। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, गौरव और राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालय स्तर पर राज्य-गीत के नियमित गायन से विद्यार्थियों में प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और पहचान के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही उनमें राज्य के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। यह आदेश सहायक निदेशक (शैक्षिक शाखा), विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।पानीपत के बालकिशन ने लिखा राज्य गीतइस गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। डॉ. श्याम शर्मा गायक, पारस चोपड़ा कम्पोजर और रोहतक की मालविका पंडित ने डायरेक्ट किया है। खास बात यह है कि गीत के लिए प्रदेश सरकार से किसी भी कलाकार ने कोई फीस नहीं ली।राज्य गीत को चयन कमेटी ने 12 बैठकों के बाद फाइनल किया है। 15 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा राज्य गीत चयन के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। 19 दिसंबर 2023 को सदन में राज्य गीत के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई और इसके चयन को लेकर 5 विधायकों की समिति का गठन किया गया था। कमेटी के 5 सदस्यों ने गीत किया फाइनल राज्य गीत फाइनल करने के लिए हरियाणा विधानसभा की तरफ से कमेटी बनाई गई थी। जिसमें रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा, झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी के पास 204 गीत पहुंचे थे। इनमें से कमेटी ने 3 गीत सिलेक्ट किए। आखिरी मंथन के बाद 'जय जय जय हरियाणा' गीत को फाइनल किया गया। गीत में हरियाणा के रहन-सहन और भाईचारे काे बताया 3 मिनट के गीत में हरियाणा को वेदों की पावन धरती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया और महाभारत का इतिहास रचा गया। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा की विशेषता बताते हुए गीत में शिवालिक पर्वत श्रृंखला, अरावली पर्वत और यमुना नदी का जिक्र किया गया है। साथ ही प्राचीन सरस्वती नदी के महत्व को भी दर्शाया गया है। हरियाणवी जीवनशैली की सादगी को दूध-दही के खानपान के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। गीत में राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को बताया गया है। यहां होली, दिवाली, ईद और गुरुपर्व जैसे सभी धर्मों के त्योहार मिलजुल कर मनाए जाते हैं। राज्य की प्रगति को शिक्षा और व्यापार के विकास से जोड़ा गया है। सांग और रागनी जैसी लोक कलाओं का भी उल्लेख है। हरियाणा के राष्ट्रीय योगदान को भी गीत में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राज्य के किसानों द्वारा सोने जैसी फसलें उगाने, खिलाड़ियों द्वारा देश के लिए मेडल जीतने और सैनिकों द्वारा सीमाओं की रक्षा करने का गौरवपूर्ण जिक्र किया गया है। गीत के समापन में बताया गया है कि कैसे छोटा होने के बावजूद हरियाणा देश की विशेष शान है, जहां 'अतिथि देवो भव' की परंपरा आज भी है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:00 am

सपा-कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर वार्ता'

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अनुराग भदौरिया और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने नीट पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए

देशबन्धु 24 Jul 2026 12:52 am

दतिया में छात्रों का पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन:पीतांबरा चौराहे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी; शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार देर शाम दतिया के पीतांबरा चौराहे पर छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा और विभिन्न तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि, बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने ‘सेव एजुकेशन सिस्टम’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’, ‘वी स्टैंड विद सोनम सर’ और ‘सेव डेमोक्रेसी’ लिखी तख्तियां भी प्रदर्शित कीं। इस दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा चौराहा गूंज उठा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने चौराहे पर यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:40 pm

मुरैना में छात्रों का प्रदर्शन:दिल्ली में लाठीचार्ज के विरोध, रैली निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार शाम मुरैना में भी छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। शाम करीब 5:30 बजे छात्रों ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।इस रैली की विधिवत कोई परमिशन नहीं ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने मांग रखी कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी छात्रों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। रैली के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:40 pm

सतना में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:युवाओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, रैली निकाली

सतना में गुरुवार शाम विभिन्न छात्र और युवा संगठनों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन की गूंज के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी सिविल लाइन चौराहे पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने बैनर और पोस्टर लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसके बाद, उन्होंने सिविल लाइन से सर्किट हाउस चौक होते हुए सेमरिया चौक तक एक रैली निकाली। इस रैली में छात्र-छात्राओं के साथ युवा, अधिवक्ता, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिससे छात्रों में रोष है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने को अनुचित बताया और कहा कि वे छात्रों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल कुमार संत और आर्यन तिवारी ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और युवाओं की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने व्यवस्था में जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी मांग को दोहराया।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:31 pm

मोतिहारी में NEET पेपर लीक के विरोध में कैंडल मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों ने लगाए नारे, प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली और पटना में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब मोतिहारी में भी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार शाम विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले शहर में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह कैंडल मार्च शहर के बलुआ चौक से शुरू होकर कचहरी चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्र शांतिपूर्ण ढंग से हाथों में कैंडल लिए आगे बढ़ते रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि जब सभी मंत्रालय प्रधानमंत्री खुद संचालित कर रहे हैं, तो शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगीछात्रों ने यह भी कहा कि एक ओर जहां नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने को भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। इस शांतिपूर्ण कैंडल मार्च को लेकर प्रशासन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने छात्रों के संयमित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के छात्रों ने कानून को अपने हाथ में नहीं लिया, जो उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और मोतिहारी के छात्रों ने इसका एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:17 pm

शिक्षामंत्री के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं-छात्रों का प्रदर्शन:बेतिया में सरकार के खिलाफ नारेबाजी, पुलिस बल तैनात

बेतिया में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाएं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और हाल के घटनाक्रमों ने छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मामलों की जांच हो,दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठाती रही है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने, छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न,आंदोलन की तैयारी प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:03 pm

पटियाला में नीट पेपर लीक पर में छात्रों का प्रदर्शन:जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के समर्थन मे कैंडल मार्च निकाला, शिक्षा मंत्री से मांगा ​इस्तीफा

NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे विद्यार्थियों के समर्थन में पटियाला के विभिन्‍न प्रमुख कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने लामबंद होकर शांतिपूर्ण 'कैंडल मार्च' निकाला। यह विशाल प्रदर्शन महिंद्रा कॉलेज के पास स्थित ग्राउंड में आयोजित किया गया। इस कैंडल मार्च में शहर के नामी शिक्षण संस्थानों—सरकारी महिंद्रा कॉलेज, बिक्रम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, खालसा कॉलेज, मुल्तानी मल मोदी कॉलेज और पंजाबी यूनिवर्सिटी—के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां और विरोध दर्ज कराती तख्तियां लेकर छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन में शामिल छात्रों का गुस्सा केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के प्रति साफ दिखाई दिया। छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य और वर्षों की कड़ी मेहनत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। छात्रों ने सरकार से सवाल किया कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और सरकार ठोस व गंभीर कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आह्वान किया। फव्वारा चौक पर जारी रहेगा आंदोलन विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन को पूरे देश से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। पटियाला के छात्र भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन शहर के प्रमुख स्थानों—विशेषकर फव्वारा चौक—पर आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:39 pm

अमृतसर में कांग्रेस ने फूंका PM मोदी का पुतला:नीट पेपर लीक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, छात्रों के संग निकाला मार्च

NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी आक्रोश के बीच अमृतसर में कांग्रेस ने छात्रों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सौरव मिट्ठू मदान के नेतृत्व में कंपनी बाग से एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. राज कुमार, पूर्व विधायक सुनील दत्ती, पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा और पार्षद राजकंवल प्रीतपाल सिंह लक्की समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग और परीक्षा प्रणाली पर सवाल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया है और पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। ‘12-12 घंटे पढ़ने वाले छात्रों के साथ धोखा’ वार्ड नंबर-9 की पार्षद डॉ. शोभित कौर ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों का पक्ष रखते हुए कहा कि युवा दिन-रात 12-12 घंटे मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की खबरों से उनका दिल टूट जाता है और मनोबल पूरी तरह गिर जाता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी छात्र के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उन पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा (कंपनसेट) देना चाहिए जिन्होंने इस अव्यवस्था और तनाव के कारण अपनों को खोया है। मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए, तो कांग्रेस छात्रों के साथ मिलकर इस आंदोलन को पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश में और अधिक तीव्र करेगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:21 pm

साजा में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन:केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, PM, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, राष्ट्रपति के नाम 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार (23 जुलाई ) को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साजा ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में ब्लॉक स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ईश्वर वर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है। उन्होंने नई दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसदों और छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। छात्रों और किसानों के मुद्दे उठाए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने खरीफ सीजन में यूरिया की कमी, अघोषित बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। रैली निकालकर किया पुतला दहन धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस भवन से रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराना बाजार चौक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में चर्चा, दोषियों पर कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने तथा अघोषित बिजली कटौती रोकने और बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत देने की मांग की गई। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो जनहित के मुद्दों पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:57 pm

27 जुलाई तक स्कूल नहीं लौटे तो जाएगी नौकरी:हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं खत्म करेगा शिक्षा विभाग, डीईओ को निर्देश जारी

छत्तीसगढ़ में हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी करते हुए कहा कि, 27 जुलाई 2026 तक यदि हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षक वापस काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीईओ को दिए गए ये निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में सभी जिला शिक्षा अधिकारी शाला प्रबंधन समितियों के माध्यम से हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक कार्य पर लौटने का नोटिस दें। यदि कोई अतिथि शिक्षक तय समय सीमा तक स्कूल नहीं लौटता है, तो विभागीय निर्देशों के खंड 7.3 के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करने को कहा गया है। 23 दिन से जारी है आंदोलन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दुर्ग में विद्यामितान (अतिथि शिक्षक) पिछले 23 दिनों से हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। आंदोलन में सैकड़ों अतिथि शिक्षक शामिल हैं। ये हैं प्रमुख मांगें अतिथि शिक्षक लंबे समय से 'समान काम, समान वेतन', सेवा सुरक्षा, संविलियन और मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे पिछले 11-12 वर्षों से, नक्सल प्रभावित इलाकों समेत प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी दर्जा नहीं मिला है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला करीब 20 हजार रुपए का मानदेय परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:50 pm

बेगूसराय में शिक्षक-कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध:उच्च शिक्षा विधेयक पर जताई नाराजगी, कहा- किसी भी फैसले से पहले विमर्श जरूरी

बेगूसराय में गुरुवार को स्व. विश्वनाथ सिंह शर्मा महाविद्यालय (को-ऑपरेटिव कॉलेज) के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध किया। प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और अतिथि शिक्षक जुटे। इन्होंने फैसला लिया है कि विरोध तब तक करने का निर्णय लिया जब तक सरकार इसके प्रारूप को वापस नहीं ले लेती है। प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर महासचिव डॉ. नीलेश कुमार के नेतृत्व में आक्रोश जताया गया। सुझाव के बाद ही किसी विधेयक को लाना चाहिए कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता, पारदर्शिता-लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ होना चाहिए। शिक्षकों, कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए किसी विधेयक को लाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान संघ के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातें रखी और कहा कि उच्च शिक्षा के हितों की रक्षा के लिए शिक्षक समुदाय सदैव प्रतिबद्ध है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षकों की भावनाओं और सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेगी। मौके पर डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमित गुंजन एवं डॉ. महालक्ष्मी सहित अन्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:39 pm

पानीपत में पुलिस ने चलया नशा मुक्ति अभियान:छात्रों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प; बोले- नशा नहीं, शिक्षा और खेल चुनें

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पानीपत जिले के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, नौल्था और गांव पलड़ी के सरकारी स्कूल में नशा मुक्ति अभियान चलाया। यह अभियान लोकमान्य तिलक और अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने का संकल्प दिलाने के लिए आयोजित किया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक संजय कुमार और पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में यह जागरूकता कैंप आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रिंसिपल राजेश कुमार नरवाल ने की। 'नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए' उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महान क्रांतिकारियों के आदर्शों पर चलकर नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र को भी कमजोर करता है। प्राचार्य राजेश कुमार नरवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं। घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया इसी क्रम में पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में गांव पलड़ी के सरकारी स्कूल और गांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। जिला नोडल अधिकारी डीएसपी प्रणय कुमार ने युवाओं से नशे की लत से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को संवारें और शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर भी ध्यान दें।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:36 pm

दिल्ली के जंतर-मंतर की गूंज भिंड तक पहुंची:भीम आर्मी ने शुरू किया धरना, पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज अब भिंड तक पहुंच गई है। गुरुवार शाम भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित अवंतीबाई प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर अब देश के विभिन्न हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भिंड में भी आंदोलन की शुरुआत की गई है। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया चंबल संभाग अध्यक्ष देशराज धरिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को पारदर्शी जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी देशराज धरिया ने कहा कि यह आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा और उसी के अनुसार आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:30 pm

धार में भीम आर्मी का नीट मुद्दे पर अनिश्चितकालीन धरना:बारिश में भी डटे कार्यकर्ता, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को धार शहर में भी भीम आर्मी ने आंदोलन शुरू कर दिया है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आशीष चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता त्रिमूर्ति चौराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आशीष चौहान ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले को संभालने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसलिए, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद से इस्तीफा देना चाहिए। लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की भी मांगचौहान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक त्रिमूर्ति चौराहे पर यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि धरना शुरू होने के बाद से अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि उनसे चर्चा के लिए नहीं पहुंचा है। बारिश के बीच जारी इस धरने ने राहगीरों का भी ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए लगातार नारेबाजी करते रहे और सरकार से छात्रों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराते रहे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 7:08 pm

जहानाबाद में डीएम आवास पर पत्थरबाजी:रेल रोकने का प्रयास, समाहरणालय-बाजारों को घेरा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जहानाबाद में गुरुवार को विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्रों ने पेपर लीक की घटनाओं और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में गहरी निराशा है। छात्रों ने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें… नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा की मांगछात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। यह प्रदर्शन स्टेशन क्षेत्र से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ और कारगिल चौक तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपना आक्रोश व्यक्त किया। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे लगे बैरिकेड्स भी उखाड़ दिए गए, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज करेंगेमौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:43 pm

नूंह में मिड-डे मील में अनियमितता पर शिक्षा विभाग सख्त:गेस्ट टीचर को नोटिस; 15 दिनों में देना होगा जवाब, सेवा समाप्ति की चेतावनी

नूंह जिले के मांडीखेड़ा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील योजना के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर हरियाणा शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने विद्यालय में कार्यरत ड्राइंग गेस्ट टीचर इरशाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसमें संतोषजनक उत्तर न मिलने पर हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट, 2019 के तहत सेवा से हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह मामला 28 दिसंबर 2025 को डीसी कार्यालय में मिड-डे मील योजना से संबंधित शिकायत मिलने के बाद सामने आया। इसके उपरांत, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) नूंह द्वारा गठित जांच समिति ने 31 दिसंबर 2025 और 9 फरवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में योजना के संचालन में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। जांच में कई खामियां मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिड-डे मील की राशि विद्यालय के अधिकृत खाते के बजाय प्राचार्य के व्यक्तिगत बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। इसके अतिरिक्त, कैश बुक और बैंक पासबुक के रिकॉर्ड में अंतर, दैनिक उपस्थिति रजिस्टर और मिड-डे मील रजिस्टर में छात्रों की संख्या में भिन्नता, नियमित टीजीटी होने के बावजूद योजना का प्रभार गेस्ट टीचर को सौंपना, उपस्थिति रजिस्टर में ओवरराइटिंग और मूवमेंट रजिस्टर का नियमों के अनुरूप संधारण न होना जैसी गंभीर खामियां भी पाई गईं। 15 दिनों में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा शिक्षा निदेशालय पंचकूला द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया गेस्ट टीचर इरशाद इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार प्रतीत होते हैं। इसलिए, उनसे 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं मिला या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति तक का फैसला लिया जा सकता है। इस पूरे प्रकरण ने मांडीखेड़ा स्कूल में मिड-डे मील योजना की कार्यप्रणाली और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:31 pm

समावेशी शिक्षा पर दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न:एनईपी-2020 पर हुई गहन चर्चा, सीआरसी और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पटना में हुआ आयोजन

पटना में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन गुरुवार को संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और समावेशी शिक्षा पर गहन चर्चा की गई। यह आयोजन राष्ट्रीय पुनर्वास परिसर के मानकों पर आधारित था। कार्यक्रम का संचालन विकासात्मक चिकित्सा के डॉ. कुमार भारत भूषण ने किया। राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान एवीएन के निदेशक डॉ. ललित नारायण और सीआरसी पटना के प्रभारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार के मार्गदर्शन में तथा कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में यह सम्मेलन संपन्न हुआ। कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और सामाजिक समावेश जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सीआरसी पटना के शैक्षणिक प्रभारी डॉ. विद्या भूषण ने भारत सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने एडीआईपी योजना, दिव्यांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, यूडीआईडी कार्ड और राष्ट्रीय न्यास द्वारा प्रदत्त निरामया स्वास्थ्य बीमा के लाभ तथा आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। समावेशी शिक्षा के संदर्भ में कक्षा प्रबंधन की चुनौतियों और उनके समाधान पर डॉ. अमित कुमार ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन का मुख्य केंद्र समावेशी शिक्षा रहा। नालंदा खुला विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की सहायक प्राध्यापक डॉ. पल्लवी ने कहा कि समावेशी शिक्षा को सफल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि समाज के हर वर्ग को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को स्वीकार करना चाहिए और उन्हें अन्य बच्चों के समान सम्मान देना चाहिए। इसके लिए विद्यालयों में विशेष शिक्षा के प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है। नालंदा खुला विश्वविद्यालय के आईटी कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरनाथ पांडे ने बताया कि सहायक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। सीआरसी-पटना की आईएसएल (भारतीय सांकेतिक भाषा) विशेषज्ञ सुश्री मोनिका सिंह ने कहा कि सांकेतिक भाषा से विशेष बच्चों को सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलेगा। उन्होंने बताया कि एनईपी-2020 ने पहली बार आईएसएल को पाठ्यक्रम में शामिल करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सुश्री सिंह ने शिक्षकों और अभिभावकों से आईएसएल सीखने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल हाथों की हरकत नहीं, बल्कि एक पूर्ण भाषा है। कार्यक्रम के समापन पर कई शैक्षणिक शब्दों का आईएसएल में लाइव प्रदर्शन भी किया गया।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:30 pm

सीतामढ़ी में कांग्रेस का आक्रोश मार्च:पेपर लीक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, तीन नेताओं के पुतले फूंके, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

सीतामढ़ी में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली सहित देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। जिलाध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से वीर कुंवर सिंह चौक तक मार्च किया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। 'पेपर लीक बंद करो' और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’कार्यकर्ताओं ने 'भाजपा सरकार मुर्दाबाद', 'छात्रों पर जुल्म बंद करो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शम्स शाहनवाज ने केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री और सरकार केवल सोशल मीडिया तक सीमित हैं। शाहनवाज ने मांग की कि सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगीउन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे युवाओं का भरोसा बहाल हो सके। शाहनवाज ने सरकार से जवाब मांगा कि अब तक कितने बड़े आरोपियों पर कार्रवाई हुई है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। शाहनवाज ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि सरकार को छात्रों की चिंता है, तो प्रधानमंत्री मोदी को जंतर-मंतर जाकर छात्रों का मुंह मीठा कराने के लिए मेलोडी चॉकलेट बांटनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस छात्रों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:12 pm