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सीएम बेगूसराय से करेंगे 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन:शिक्षा विभाग का अल्टीमेटम, आज ही पूरी करें सभी तैयारियां; स्टूडेंट्स के लिए हाईटेक व्यवस्था

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा का चेहरा पूरी तरह बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 19 जुलाई को राज्य भर में नवनिर्मित 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का एक साथ भव्य उद्घाटन करेंगे। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेगूसराय जिले से होगा। जहां से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ऑनलाइन(वर्चुअल मोड) माध्यम से इन सभी हाई-टेक स्कूलों का लोकार्पण करेंगे। उद्घाटन के तुरंत बाद ही इन स्कूलों में नियमित रूप से पठन-पाठन और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएगी। 9वीं से 12वीं के छात्रों को सीधा फायदा शिक्षा विभाग के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य 9वीं से 12वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समग्र शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन आदर्श विद्यालयों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सके। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की ओर से राज्य के सभी DM को निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए। डीएम को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा कोई काम लंबित नहीं रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 18 जुलाई की शाम तक सभी 551 विद्यालयों में आधारभूत संरचनात्मक और प्रशासनिक तैयारियां 100 प्रतिशत पूरी हो जानी चाहिए। अधिकारियों को आगाह किया गया है कि वे खुद जमीन पर उतरकर इसकी व्यवस्था देखें। जिससे 19 जुलाई को शैक्षणिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन में कोई बाधा न आए। इन 9 प्रमुख बिंदुओं पर नजर रखेंगे DM स्कूल का मुख्य भवन, पूरा परिसर और सभी कक्षाएं पूरी तरह तैयार हो। शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय, स्वच्छता और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था। कार्यालय की व्यवस्था, छात्रों के लिए बेंच-डेस्क और कक्षा संचालन के लिए आवश्यक सभी शिक्षण सामग्री। स्कूलों में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और अन्य जरूरी आईटी सुविधाओं की उपलब्धता हो। पूरे परिसर की सघन साफ-सफाई की व्यवस्था रहे। सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन (Fire Safety) उपकरण और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं रहे। सीएम के कार्यक्रम को लाइव देखने के लिए स्कूलों में बड़ी स्क्रीन और ऑडियो-विजुअल का प्रबंध। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति। लोकार्पण होते ही तत्काल कक्षाओं का संचालन करना है। समारोह को जन-उत्सव बनाने की तैयारी सरकार ने इस लोकार्पण कार्यक्रम को सिर्फ प्रशासनिक आयोजन न मानकर इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य आम जनमानस में उच्च माध्यमिक शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण का निर्माण करना है। संबंधित सांसद, विधायक, विधान पार्षद एक-एक आदर्श विद्यालय में उपस्थित होकर ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:24 pm

यूपीपीएससी ने जारी किया प्राविधिक शिक्षा प्रवक्ता भर्ती का परिणाम:26 पदों के लिए 67 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए सफल घोषित

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में विभिन्न विषयों के व्याख्याता पदों पर भर्ती का परिणाम शुक्रवार शाम को जारी कर दिया है। कुल 26 रिक्त पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 228 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है। इस भर्ती का विज्ञापन आयोग द्वारा 15 सितंबर 2021 को जारी किया गया था। इसमें व्याख्याता टेक्सटाइल केमिस्ट्री के तीन पद, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के छह पद, पेंट टेक्नोलॉजी के 11 पद और लेदर टेक्नोलॉजी के छह पद सहित कुल 26 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 26 नवंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम अब घोषित किए गए हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि 228 अभ्यर्थियों में से 67 को 26 पदों के सापेक्ष साक्षात्कार के लिए योग्य पाया गया है। साक्षात्कार कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:17 pm

डीडवाना-कुचामन में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ:प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार

डीडवाना-कुचामन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ, डीडवाना-कुचामन राजस्थान का 41वां जिला बन गया है, जहां प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) और प्री-प्राइमरी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में जिला उपनिदेशक गौरव चौधरी, जिले के सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मिशन बुनियाद के उद्देश्यों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के विभिन्न घटकों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी सेक्टरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मॉड्यूल और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। रॉकेट लर्निंग की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक धीरज जांगिड़, कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय शर्मा, हनुमानगढ़ जिला समन्वयक मीनाक्षी स्वामी और नागौर जिला समन्वयक आशीष सिन्हा ने कार्यक्रम के संचालन और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग का यह संयुक्त प्रयास जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:08 pm

दूधेश्वर वेद विद्यालय का रजत जयंती समारोह:25 सालों की यात्रा का सफर दिखाया; वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर परिसर में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल मुख्य अतिथि और भाजपा राजस्थान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने गुरुकुल शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बताया। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज ने की। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। विद्यालय के 25 सालों की यात्रा दिखाईकार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन, मंगलाचरण, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दूधेश्वर वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक परंपरा और भारतीय संस्कृति पर आधारित स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। एक चलचित्र के माध्यम से स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की 25 वर्षों की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। समारोह में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की रजत जयंती स्मारिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। स्मारिका में संस्थान की गौरवपूर्ण यात्रा, वैदिक शिक्षा के विविध आयाम, संतों के प्रेरक संदेश, छात्रों की उपलब्धियां और संस्थान के विकास का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा, वैदिक ज्ञान एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था में निहित है। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही श्रेष्ठ नागरिक, सुदृढ़ समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान छात्रों को वेद, शास्त्र एवं संस्कृत के अध्ययन के साथ धर्म, अनुशासन, चरित्र, सेवा, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति के संस्कार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अपने तप, त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत पुरुषार्थ से वैदिक शिक्षा के संरक्षण का जो महायज्ञ प्रारम्भ किया, वो आज विशाल स्वरूप प्राप्त कर चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी देश-विदेश में भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे गुरुकुल भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि वैदिक शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में विद्यार्थियों का शैक्षिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास किया जा रहा है। यहाँ प्राप्त ज्ञान और संस्कार विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे तपस्वी, दूरदर्शी एवं राष्ट्रचिंतक संतों के मार्गदर्शन से सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने वैदिक अध्ययन, संस्कृत संवर्धन, गुरुकुल परंपरा एवं भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण में अनुकरणीय स्थान स्थापित किया है। यह संस्थान आने वाले समय में भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक विस्तार का सशक्त माध्यम बनेगा। समारोह में आचार्य महामंडलेश्वर श्री विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज, महामंडलेश्वर चेतना माता, महामण्डलेश्वर स्वामी विद्याचैतन्य महाराज (अंतर्राष्ट्रीय सनातन धर्म संस्थान, नैमिषारण्य), महामंडलेश्वर श्रद्धा माता, जूना अखाड़ा के सचिव एवं दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय के संस्थापक महंत मुकेशानन्द गिरि महाराज तथा प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक गुरु पवन सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा, शिक्षाविद राम अवतार जिंदल एवं समाजसेवी नवरत्न सोनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए संतों एवं वक्ताओं ने कहा- परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, धर्म, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभावना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान, अनुशासन, आचरण एवं संस्कारों के माध्यम से भारतीय गुरुकुल परंपरा की श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। इस अवसर पर धर्म, शिक्षा, साहित्य, मीडिया एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया। इनमें श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपड़ा, श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी, मंदिर के सोशल मीडिया संयोजक सांवलाराम सुथार, अमित प्रकाश, मीडिया प्रभारी बी.के. शर्मा, अधिवक्ता हर्ष पाण्डेय, लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार तथा प्रख्यात कवि राज कौशिक शामिल रहे। समापन अवसर पर परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज ने देशभर से पधारे संत-महात्माओं, अतिथियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, सहयोगियों, आचार्यगण, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। रजत जयंती समारोह का समापन वैदिक मंगलकामनाओं, संतों के आशीर्वचनों तथा भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा एवं राष्ट्र की उन्नति के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 12:49 pm

बांग्लादेशी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?

भारत में नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच पड़ोसी बांग्लादेश में भी नाराज छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:37 am

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, कानून व्यवस्था को बताया विफल

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को टोंक विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में पायलट ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तबादला नीति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। कहा कि बिल्कुल, मुझे लगता है कि प्रतिशोध की भावना से तबादले किए जाते हैं। एक विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। यह बहुत गलत है। कोई नीति, कानून, मापदंड होने चाहिए। किस प्रकार आप ट्रांसफर कर रहे हैं। लेकिन राजनीतिक हित साधने के लिए कर्मचारियों का ट्रांसफर करें। प्रतिशोध की भावना, दुश्मनी की भावना से ट्रांसफर करते हैं। जनता बहुत दिनों तक बर्दाश्त नहीं करती। सरकार सबकी होती है। चुनाव के बाद जिम्मेदारियां होती हैं कि सरकार सबको साथ रखे। कर्मचारियों के साथ इस प्रकार दुश्मनी निकालना बहुत दुखदायी है। पहले ऐसा नहीं होता था। सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। यह बड़े दुख की बात है। पायलट ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। राज्य सरकार इन तीनों मोर्चों पर पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बड़े-बड़े आयोजनों और प्रचार में व्यस्त है। सचिन पायलट का सोहेला मोड़ पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सऊद सईदी सहित कई पदाधिकारियों ने स्वागत किया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई : पायलट ने सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पिछले 19-20 दिनों से सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। वह देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि सरकार को उनकी मांग को गंभीरता से लेना चाहिए। जिस मुद्दे को लेकर वह अनशन कर रहे हैं, उस मुद्दे के साथ-साथ पूरी शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की जरूरत है। पेपर लीक हुए। घोटाले हुए। चोरियां पकड़ी गईं। इन सबके विरोध में हमारी पूरी पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में मुहिम छेड़ी है। कुछ दिन पहले कोटा में इस अभियान को शुरू किया था। उसी को लेकर राहुल गांधी उत्तराखंड के देहरादून गए हैं। लाखों-करोड़ों छात्र अपने आप को बड़ा वंचित महसूस करते हैं, जब व्यवस्था में विश्वास खत्म होता है। कोई जवाबदेही किसी की नहीं है। मुझे लगता है कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नौजवान पीढ़ी को भविष्य में आगे ले जाने के लिए यह जरूरी है। इसमें केंद्र सरकार को बिल्कुल भी चिंता नहीं है। न परवाह है। एथेनॉल नीति पर भी उठाए सवाल : एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि पर्याप्त तकनीकी तैयारी के बिना नीति लागू कर दी गई। वाहन कंपनियों को भी विश्वास में नहीं लिया गया। इससे लोगों के वाहनों के इंजन खराब होने और माइलेज कम होने की शिकायतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी मानसून सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, एथेनॉल नीति और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। पीपलू । पायलट का स्वागत करते कार्यकर्ता।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा मंत्री के महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर विवाद:कांग्रेस ने कहा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालिया; दिलावर बोले- फोन में विभागीय आदेश देखा

जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से एक स्कूल के निरीक्षण के दौरान महिला शिक्षक का मोबाइल देखने पर सियासी विवाद हो गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री पर महिला शिक्षक के मोबाइल देखने को निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सवाल उठाए हैं। उधर, कांग्रेस की आपत्ति पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए दावा किया कि महिला शिक्षक मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को मोबाइल चेक करना बताना विपक्ष का दिवालियापन है। बता दें कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जयपुर की तीन स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जेदिया कॉलोनी राज भवन में एक महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर यह विवाद हुआ। शिक्षा मंत्री अपनी नाकामियों की फाइल चैक करें कांग्रेस ने दिलावर पर सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। इसका एक और रूप देखिए। आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चैक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है। कांग्रेस ने आगे लिखा- शिक्षा मंत्री को शिक्षकों के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चैक करनी चाहिए। असली सच्चाई वहीं मिलेगी। दिलावर बोले- मोबाइल में विभागीय आदेश देख रहा था मदन दिलावर ने एक्स पर कांग्रेस को जवाब देते हुए पलटवार किया। दिलावर ने कांग्रेस के एक्स हैंडल पर जवाब में लिखा- शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को विपक्ष ने मोबाइल चेक करना बता दिया। यह विपक्ष की राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण है। सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते। महिला शिक्षक ने मोबाइल में विभागीय आदेश दिखाए थे दिलावर ने लिखा- विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों, एप और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी क्रम में शिक्षिका ने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे शिक्षिका का मोबाइल चेक करना बताकर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है। यह किसी भी प्रकार से निजी मोबाइल की जांच, निजता में हस्तक्षेप या सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं था। शिक्षा में सकारात्मक बदलाव विपक्ष को हजम नहीं हो रहा दिलावर ने लिखा- राजस्थान आज शिक्षा क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है। झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:28 pm

शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल संघ के पदाधिकारियों ने ली शपथ:विकास और कर्मचारी हितों पर दिया जोर

शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को प्रयागराज स्थित निदेशालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, फाफामऊ के विधायक गुरु प्रसाद मौर्य और फूलपुर के विधायक दीपक पटेल ने संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हित में कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह की अध्यक्षता निवर्तमान अध्यक्ष घनश्याम यादव ने की। शपथ ग्रहण के बाद आशुतोष शुक्ल ने अध्यक्ष और सुधीर सिंह यादव ने महामंत्री का पदभार संभाला। उपाध्यक्ष पद पर ध्रुपराज सिंह, दीपक कुमार श्रीवास्तव, अजीत कुमार सिंह (उच्च शिक्षा) और गुलशन सिंह (शिविर कार्यालय) ने शपथ ली। संयुक्त मंत्री पद पर सुल्तान सिंह, नरेन्द्र कुमार सिंह, सम्पूर्णानन्द त्रिपाठी और आशीष कुमार (उच्च शिक्षा) ने शपथ ग्रहण किया। कोषाध्यक्ष पद पर मो. शमसुद्दीन ने शपथ ली, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मंजीत कुशवाहा, दीपक कुमार, ऐश्वर्या गुप्ता, पल्लवी शर्मा, मनीष देव यादव, अजय कुमार सिंह, बसन्त सिंह, अवधेश कुमार त्रिपाठी और शिशिर श्रीवास्तव ने शपथ ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मनोज कुमार द्विवेदी और अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सीएल चौरसिया भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के भविष्य और कर्मचारियों की मांगों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारी संघ और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय ही शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करेगा। यह नई कार्यकारिणी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई है। संघ के चुनाव 3 जून को प्रयागराज और 4 जून को लखनऊ में मतदान के साथ संपन्न हुए थे। 5 जून को मतगणना के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी दीपक जायसवाल ने परिणामों की विधिवत घोषणा की थी। शुक्रवार के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही, इस नवनिर्वाचित टीम का विधिवत कार्यकाल प्रारंभ हो गया है, जिससे निदेशालय के कर्मचारियों में अपनी समस्याओं के समाधान के प्रति नई उम्मीदें जगी हैं।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:15 pm

केंद्रीय मंत्री से मिला शिक्षा संघ का प्रतिनिधि मंडल:टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग, सांसदों के घरों का घेराव करने की दी चेतावनी

समस्तीपुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा(टीईटी) से पूर्व बहाल शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर से मिला। इसके लिए सांसद को सवाल उठाने की मांग की। मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा। संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार राय एवं प्रधान सचिव अनिल कुमार ने कहा कि नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 एवं संशोधित अधिनियम,2017 की नियमावली में संशोधन कर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा)की अनिवार्यता को लागू किया गया है। संघ की ओर से राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को ज्ञापन सौंपा गया है। संघ ने माननीय मंत्री से मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को संसद में उठाकर केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का आग्रह किया है। संघ के अध्यक्ष एवं प्रधान सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के कारण शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009(संशोधित 2017) में संशोधन किए जाने से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक शिक्षिकाओं पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू होने की स्थिति बन गई है। संघ का कहना है कि यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय है जिनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकारी नियमों, विज्ञापनों और निर्धारित शर्तों के आधार पर हुई थी। अनेक शिक्षक तीन दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं और अब उन पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्याय के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत है। ऐसे शिक्षकों ने सालों तक विद्यालयों में अपनी सेवा दी है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने मंत्री से मांग की है कि संसद में इस विषय को प्रमुखता से उठाकर केन्द्र सरकार से आर टी ई नियमावली में आवश्यक संशोधन कराने और साल 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त अथवा शिथिलता प्रदान करने की दिशा में पहल की जाय। दिल्ली में सांसदों के घरों का होगा घेराव संघ के सचिव ने कहा कि अभी ज्ञापन सौंपा गया है कि सरकार इस नियम को बनाए इसके लिए दिल्ली में सभी संसदों के घरों पर घेरा डालो डेरा डालो कार्यकर्म की जल्द शुरूआत की जाएगी। सरकार को हम मजबूर करेंगे कि इसको लेकर सांसद नियम बनाया जाय। जरूर हुई जंतरमंतर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें पूरे देश के नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 के तहत बहाल शिक्षक शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 8:56 pm

सलूबंर में 'हरियालो राजस्थान अभियान' की समीक्षा:लक्ष्य के हिसाब से पौधारोपण करने के लिए कहा, शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

सलूंबर जिले में 'हरियालो राजस्थान अभियान' के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में इसकी अध्यक्षता की। अधिकारी और कर्मचारी हुए शामिल इस बैठक में जिले के सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में अभियान की प्रगति, विभागवार पौधारोपण लक्ष्य, जियो-टैगिंग की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। पौधारोपण को लेकर दिए निर्देश डॉ. सापेला ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि उन्हें आवंटित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पौधारोपण कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण और नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान की पारदर्शी निगरानी और वास्तविक प्रगति का आकलन हो सके। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों और संबंधित विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। डॉ. सापेला ने जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करते हुए अभियान को जिले में प्रभावी बनाएं। शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी बैठक में शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर डॉ. सापेला ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करें। सभी सीबीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में पौधारोपण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए कहा गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी विभागों को आगामी पांच दिनों के भीतर पौधारोपण और जियो-टैगिंग की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया। यह रिपोर्ट अभियान की प्रभावी समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने में सहायक होगी। बैठक में 'हरियालो राजस्थान अभियान' को जनआंदोलन का रूप देने, पौधों के संरक्षण, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 8:16 pm

शेखावाटी यूनिवर्सिटी में कल आएंगे राज्यपाल- विधानसभा स्पीकर:18 जुलाई को शेखावाटी ज्ञान सभा, शिक्षा-संस्कार और विकसित भारत पर 3 सत्रों में होगा मंथन

सीकर जिले के कटराथल में स्थित शेखावाटी यूनिवर्सिटी में 18 जुलाई को आयोजित होने वाली शेखावाटी ज्ञान सभा में राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और विकसित भारत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 3 अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। ज्ञान सभा का उद्देश्य शिक्षा जगत, युवाओं और समाज के बीच राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान करना और भारतीय मूल्यों पर आधारित विकास की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाना है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शेखावाटी ज्ञान सभा आयोजित होगी। शेखावाटी ज्ञान सभा की अध्यक्षता करेंगे राज्यपाल यूनिवर्सिटी के VC डॉ. अनिल कुमार राय ने बताया कि 18 जुलाई को सुबह 10 बजे होने वाले उद्घाटन समारोह होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े करेंगे और मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी होंगे। सभा में होंगे कुल तीन सत्र, मुख्य वक्ता होंगे RSS के बाबूलाल VC प्रोफेसर अनिल राय ने बताया कि सभा में कुल 3 सत्र होंगे। मुख्य वक्ता RSS के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल होंगे। पहले सत्र में शेखावाटी की शिक्षा-संस्कृति का पुनरूत्थान, दूसरे सत्र में व्यापार में शेखावाटी का योगदान और आज के युवाओं की सहभागिता और तीसरे सत्र में शिक्षा के क्षेत्र में उभरता शेखावाटी: शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर मंथन होगा। सभी सत्र में भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राय मौजूद रहेंगे। शेखावाटी ज्ञान सभा को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. राजीव सक्सेना, संरक्षक दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, प्रांत सहसंयोजक धर्मवीर फौजदार व मनमोहन सिंह, नितिन कासलीवाल, ईश्वर सृष्टि, कमलेश पारीक और JNVU जोधपुर के पूर्व VC डॉ. लोकेश सिंह शेखावत संबोधित करेंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:53 pm

शिक्षक तबादलों के विरोध में निकली आक्रोश रैली:शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, 25 अगस्त को निदेशालय घेराव की चेतावनी

चूरू में राजस्थान शिक्षक संघ के बैनर तले शुक्रवार को शिक्षकों ने तबादलों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने संयुक्त निदेशक कार्यालय के सामने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी शिक्षक शहर के इंद्रमणि पार्क में एकत्रित हुए। वहां से उन्होंने संयुक्त निदेशक कार्यालय तक एक आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कार्यालय के मुख्य द्वार पर नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई है। उनका कहना था कि बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को भी दूर-दराज के क्षेत्रों में भेज दिया गया है, जिससे प्रदेश भर के स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगे हैं और उन्होंने आज तक शिक्षक संगठनों से कोई बातचीत नहीं की है। कई स्कूल अब केवल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। शिक्षकों ने मांग की है कि सभी विवादास्पद तबादला आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए। इसके साथ ही, सभी संवर्गों के लिए एक स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने और पिछले 8 वर्षों से लंबित तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले तुरंत करने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आगामी 25 अगस्त को बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:50 pm

पर्यटन-शिक्षा सहित व्यापार का हब बनेगा नालंदा:सरकार ने जारी किया मास्टर प्लान-2045, 200 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल बनेंगे

भगवान बुद्ध की तपोस्थली, भगवान महावीर की निर्वाण स्थली और विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार की धरती अब एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश करने को तैयार है। बिहार सरकार ने अगले बीस वर्षों के भीतर इस संपूर्ण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन, शिक्षा और ज्ञान केंद्र बनाने के लिए 'राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045' का विस्तृत मसौदा तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत नालंदा कलेक्ट्रेट स्थित हरदेव भवन सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने की। इस बैठक में जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नीति-निर्माताओं ने मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया, ताकि विकास की राह में आने वाली चुनौतियों का समय रहते समाधान निकाला जा सके। सुनियोजित विकास का रोडमैप इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता इसका विकेंद्रीकृत विकास मॉडल है, जिसके तहत पांच अलग-अलग नगरों को उनकी विशिष्टता के आधार पर विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार, राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और संस्थागत हब के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म के मुख्य केंद्र के रूप में संवारा जाएगा। सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार और थोक वाणिज्यिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, पावापुरी को शिक्षा और उच्च स्तरीय सेवाओं का हब बनाया जाएगा और गिरियक को इको-टूरिज्म के आकर्षण केंद्र के रूप में पहचान दी जाएगी। इस योजना में न केवल ये शहर, बल्कि इनके आसपास के सौ से अधिक गांवों को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरे क्षेत्र का समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतें आने वाले दो दशकों में आबादी के दोगुने होने के अनुमान को देखते हुए, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत खाका खींचा गया है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों को 45 मीटर तक चौड़ा करने के साथ ही राजगीर, सिलाव और नालंदा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। यातायात के दबाव को कम करने के लिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बाईपास के पास एक नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और सिलाव में ट्रांसपोर्ट नगर के साथ ट्रक टर्मिनल का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही, राजगीर और पावापुरी जैसे प्रमुख स्थलों पर मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-बस सेवा, गोल्फ कार्ट और डिजिटल गाइड सिस्टम जैसे नवाचारों को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर आर्थिक प्रगति के लिए इस मास्टर प्लान में पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। घोसरावां और सैदी जैसे क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और कोल्ड चेन हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 500 और 200 बेड वाले कई अत्याधुनिक अस्पतालों व ट्रॉमा सेंटरों के निर्माण का प्रस्ताव है। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अनुसंधान और नवाचार संस्थानों की स्थापना पर ध्यान दिया गया है, ताकि नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सके। पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों का संतुलन विकास की इस दौड़ में प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार ने विकास का आधार माना है। कुल भूमि का लगभग 46.7 प्रतिशत हिस्सा कृषि उपयोग के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है, ताकि अनियंत्रित शहरीकरण से खेती की जमीन को बचाया जा सके। आहर-पईन प्रणाली के पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के जरिए क्षेत्र को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी इस योजना में दिखाई गई है। राजगीर वन क्षेत्र और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण कार्यों को कड़े पर्यावरणीय नियमों के दायरे में रखा जाएगा। जनभागीदारी से तैयार होगा अंतिम खाका बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने स्पष्ट किया कि फंडिंग इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए अंतिम मसौदे को व्यावहारिक बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने मसौदे में हवाई अड्डे के प्रावधान पर जोर दिया, जबकि स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों की समस्याओं और पहाड़ों से पानी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित न करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव रखे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभी एक प्रारूप है और अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे, ताकि एक सर्वमान्य और प्रभावी मास्टर प्लान लागू किया जा सके। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:00 pm

स्कूल शिक्षा परिवार ने नई कार्यकारिणी का गठन किया:अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष चुना; संगठन को सशक्त बनाने का लक्ष्य

सांभर लेक में स्कूल शिक्षा परिवार की बैठक हुई। इस बैठक में संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से सूरजभान डोड़वाड़िया को स्कूल शिक्षा परिवार, सांभर का अध्यक्ष चुना गया। वहीं आशीष खारड़िया को महासचिव और अरुण व्यास को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश कचावटिया ने की। इस दौरान संगठन के पुनर्गठन, निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा के क्षेत्र में आपसी समन्वय बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने संगठन की एकता बनाए रखने, शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और निजी स्कूलों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन के संविधान, नियमों एवं सर्वसम्मत निर्णयों का पूर्ण पालन करने और सभी सदस्य संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन से जुड़े सभी सदस्य उसके नियमों और निर्णयों का पालन करेंगे। यदि कोई सदस्य संगठन के निर्णयों के विपरीत कार्य करता है, तो उसे संगठन के संरक्षण और सहयोग का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस प्रस्ताव पर उपस्थित सभी सदस्यों ने सहमति जताई। बैठक में क्षेत्र के अनेक निजी स्कूलों के संचालकों एवं सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, निजी विद्यालयों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर प्रयास करने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि नवगठित कार्यकारिणी के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा परिवार, सांभर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, निजी स्कूलों के हितों की प्रभावी पैरवी तथा सदस्य संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:17 pm

'पूर्णिया लाइव क्लासेस' बिहार में लागू करने का निर्देश:CM और शिक्षा मंत्री ने कार्यप्रणाली देखी, जिले में हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

शिक्षा के क्षेत्र में पूर्णिया जिले का नवाचार अब पूरे बिहार के लिए एक मॉडल बनने जा रहा है। 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' की सफलता को देखते हुए, इसे अब पूरे राज्य में 'बिहार लाइव क्लासेस' के रूप में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ‎सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश ‎तिवारी ने गुरुवार को पूर्णिया लाइव ‎क्लासेस का डेमो देखा। इससे प्रभावित‎ होकर मुख्यमंत्री ने इसे 15 अगस्त तक‎ सम्पूर्ण बिहार के सभी स्कूलों में लागू‎ करने का निर्देश दिया है।‎ पहले चरण में पूर्णिया स्थित ‎अत्याधुनिक हब स्टूडियो से लाइव‎ कक्षाओं का प्रसारण पटना जिले के 150 ‎सरकारी विद्यालयों में किया गया। आने‎ वाले समय में इसे राज्य के सभी जिलों‎के सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने की‎ योजना है। इसका उद्देश्य सरकारी‎विद्यालयों के विद्यार्थियों को विषय‎ विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से‎ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।‎ हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि वर्तमान में पूर्णिया के 265 विद्यालय इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षा 9, 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ आईआईटी (IIT) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। इस पहल का परिणाम वर्ष 2024 की परीक्षाओं में साफ दिखा है। पूर्णिया के छात्रों ने न केवल बोर्ड और इंटर की परीक्षाओं में बिहार टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया, बल्कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। जिला स्कूल परिसर में नए पुस्तकालय का निर्माण लाइव क्लासेस के निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने जिला स्कूल परिसर में निर्माणाधीन पुस्तकालय के कार्यों का जायजा लिया। काम की गति और गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए । पुस्तकालय का उद्घाटन आगामी 25 जुलाई 2026 को किया जाएगा । पुस्तकालय में छात्रों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:41 am

शुभारंभ:खानपुर में ‘शिक्षा सेतु’ निशुल्क कोचिंग शुरू

सामाजिक संस्था मातृ शक्ति की ओर से संचालित ‘शिक्षा सेतु’ निशुल्क कोचिंग का शुभारंभ गुरुवार शाम गोवर्धननाथ मंदिर हॉल में हुआ। मुख्य अतिथि एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा देने की पहल सराहनीय है। प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही गई। विशिष्ट अतिथि शकुंतला उपाध्याय ने संस्था के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कोचिंग के संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया। गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य ट्रस्टी हेमा गोयल ने कहा कि यह पहल जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मविश्वास देगी। संस्था के अनुसार कोचिंग शुक्रवार से नियमित रूप से चलेगी। अभी तक करीब 36 विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है। छह शिक्षित महिलाएं निशुल्क अध्यापन करेंगी। कार्यक्रम में विद्यार्थी, अभिभावक और नगर के नागरिक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:45 am

उच्च शिक्षा विभाग:यूजी-पीजी में प्रवेश 31 जुलाई तक ले सकेंगे

हरदा | उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए द्वितीय चरण की कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में 31 जुलाई तक प्रवेश ले सकेंगे। वहीं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित अन्य सभी नियम, शर्तें और दिशा-निर्देश पूर्ववत लागू रहेंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:30 am

पोस्टिंग के लिए नहीं काटने पड़ेंगे नेताओं के चक्कर:शिक्षा विभाग में 19395 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को मिलेगी मनचाही पोस्टिंग

शिक्षा विभाग में 19395 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मनचाहे स्थान पर पोस्टिंग मिलेगी। उन्हें पोस्टिंग के लिए नेताओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग की ओर से काउंसलिंग के जरिए इनको पोस्टिंग मिलेगी। काउंसलिंग के दौरान वे इच्छित स्कूल का चयन कर सकेंगे। विभाग उन्हें उसी स्कूल में पोस्टिंग देगा। अन्य विभागों में काउंसलिंग का सिस्टम नहीं है। इसलिए वहां मनचाही पोस्टिंग के लिए चयनितों को नेताओं के चक्कर काटने पड़ेंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती से विभाग को 19395 चयनित आवंटित हुए हैं। इनमें से 16411 नॉन टीएसपी के है और 2984 टीएसपी के हैं। काउंसलिंग से पहले विभाग इनको मेरिट के आधार पर जिला आवंटन करेगा। जिला आवंटन के लिए चयनितों से जिले का विकल्प मांगा गया है। चयनित अभ्यर्थी 17 से 21 जुलाई तक अॉनलाइन जिले का विकल्प भर सकेंगे। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला आवंटन के लिए शाला दर्पण पोर्टल के जरिए अॉनलाइन विकल्प भरा जा सकता है। अभ्यर्थी प्राथमिकता के आधार पर जिले का चयन कर सकेंगे। अगर कोई चयनित जिले का विकल्प नहीं भरता है तो विभाग उसको जिला आवंटन के लिए स्वतंत्र रहेगा। जिला विकल्प भरते समय चयनित के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। अगर ओटीपी नहीं जाता है तो अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को एक प्रार्थना पत्र व स्वहस्ताक्षरित आधार कार्ड का छाया प्रति विभाग की ओर से जारी की गई मेलआईडी पर भिजवानी पड़ेगी। विकल्प भरने की अंतिम तिथि के दो दिन के भीतर चयनितों को जिला आवंटन कर दिया जाएगा। आवंटित जिले में काउंसलिंग के जरिए पोस्टिंग दी जाएगी। निदेशक सीताराम जाट के अनुसार विभाग सभी जिलों में 31 जुलाई तक नियुक्ति आदेश जारी कर देगा। यह है टाइम फ्रेम यह होती है काउंसलिंग प्रक्रिया काउंसलिंग की प्रक्रिया में चयनितों को स्कूलों के खाली पद बताए जाते हैं। उन्हीं से पूछा जाता है कि इनमें से वे कहां पोस्टिंग चाहते हैं। वे जिस स्कूल का चयन करते हैं। उसी में उसको पोस्टिंग दी जाती है। काउंसलिंग में जितने चयनितों को पोस्टिंग दी जाएगी। उससे अधिक स्कूलों के खाली पद दर्शाए जाते हैं। मेरिट के आधार पर चयनितों को स्कूल चयन के लिए बुुलाया जाता है। सबसे पहले विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांगों को वरियता दी जाती है। फिर महिला अभ्यर्थी और अंत में पुरुष अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर बुलाया जाता है। इस व्यवस्था में चयनित खुद मेरिट के आधार पर स्कूल का चयन करते हैं। उन्हें किसी की सिफारिश कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:30 am

धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे कथित […] The post धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:04 pm

कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं से मजदूरी का आरोप:सिरसा शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, टीचर का दावा-रंगोली के लिए कराई सफाई

सिरसा जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं से मजदूरी कराने का आरोप लगा है। विद्यालय परिसर में छात्राओं से काम करवाते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। वीडियो में रात करीब 9 बजे छात्राओं को विद्यालय परिसर में काम करते हुए दिखाया गया है। इस घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्राओं का समय उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए होना चाहिए, न कि उनसे किसी प्रकार का श्रम कराया जाए। शिक्षिका बोलीं- रंगोली बनाने के लिए कराई सफाई विद्यालय की शिक्षिका अमनदीप ने आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि गांव की गोशाला में राम कथा कार्यक्रम चल रहा था। जिसके तहत प्रभात फेरी से पहले पूरे गांव में रंगोली सजाई जाती है। शिक्षिका के अनुसार, एक गोभक्त के अनुरोध पर हॉस्टल वार्डन रात करीब 9:30 बजे कुछ छात्राओं के साथ विद्यालय के मुख्य गेट पर थोड़ी घास साफ करवाकर रंगोली बनाने लगी थीं। 'घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे' अमनदीप ने आगे बताया कि इसी दौरान गांव के लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी वायरल वीडियो से ही मिली। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारी बोले- प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण मांगा खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र जाखड़ ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने विद्यालय के प्रिंसिपल से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। जाखड़ ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 10:01 pm

कटिहार में किशोर शिक्षा-स्वास्थ्य पर 1 दिवसीय प्रशिक्षण:130 शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित, समग्र विकास पर जोर

कटिहार के जिला अस्पताल स्थित सभागार में गुरुवार को किशोर शिक्षा एवं किशोर स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस सरकार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण का आयोजन डीपीएम-डीएपीसीयू, कटिहार के सहयोग से किया गया था। YRGCARE/बीएससी पटना के टेक्निकल एक्सपर्ट अजय कुमार बरनवाल ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम में दो बैचों में कुल 130 शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक बैच में 65 प्रतिभागी शामिल थे। प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किशोरों के समग्र विकास के लिए सही मार्गदर्शन, सकारात्मक संवाद और वैज्ञानिक एवं आयु-उपयुक्त जानकारी अत्यंत आवश्यक है। अजय कुमार बरनवाल ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालयों में शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि किशोरों के विश्वासपात्र मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि शिक्षक किशोर स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे, तो वे विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला स्वास्थ्य समिति ने जानकारी दी कि किशोरों को विद्यालय स्तर पर ही सही जानकारी और सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी आयोजित किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 9:18 pm

मदन राठौड़ बोले- डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं:जब खुद शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे; हमारे यहां ऐसा नहीं है

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा - गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं। मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 9:17 pm

योगी सरकार की OBC छात्रावास योजना बनी वरदान, 102 हॉस्टल से हजारों पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिल रहा शिक्षा का सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:30 pm

वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग:कांग्रेस सेवा दल ने किया प्रदर्शन, राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने गुरुवार को कटिहार समाहरणालय के सामने वित्त रहित शिक्षा नीति के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वित्त रहित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग उठाई गई। कार्यक्रम का संचालन जुनैद खान ने किया। शिक्षकों के हितों की रक्षा की उठाई मांग धरने को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठन डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी वर्षों से आर्थिक उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, संस्थानों का समायोजन करने तथा शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं और शिक्षकों की रही मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष पुतुल सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रो. विनोद यादव, अफरोज खान, संजय कुमार, सुतापा भदुरी, लक्ष्मी कुमारी, अहमद राजा खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और समर्थक शामिल हुए। राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन तथा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की गई।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 7:40 pm

अंबिकापुर में थाने के सामने चैन स्नैचिंग,LIVE VIDEO:बाइक सवारों ने शिक्षा विभाग की सहायक संचालक को बनाया निशाना;3 तोला सोने की चैन लेकर भागे

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक पूनम तिवारी चैन स्नैचिंग का शिकार हो गईं। थाने के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके गले से करीब 3 तोला वजनी सोने की चैन झपट ली और फरार हो गए। चैन की कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें बदमाश वारदात को अंजाम देकर भागते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि सहायक संचालक पूनम तिवारी लंच के बाद घर से दफ्तर जा रही थीं, तभी वे चैन स्नैचिंग का शिकार हो गईं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। स्कूटी खड़ी करते ही बदमाशों ने झपटी चैन जानकारी के अनुसार, पूनम तिवारी गुरुवार दोपहर में लंच के लिए घर गई थीं। दोपहर करीब 2:45 से 3 बजे के बीच वे स्कूटी से वापस जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं। स्कूटी खड़ी करने के बाद जैसे ही वे पैदल कार्यालय की ओर बढ़ीं, तभी बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। बदमाशों ने बाइक की रफ्तार धीमी की और उनके गले से सोने की चैन झपटकर फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि पूनम तिवारी कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही दोनों आरोपी गुरुनानक चौक की ओर भाग निकले। थाने के सामने वारदात घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोतवाली थाना और सीएसपी कार्यालय के सामने स्थित है। ऐसे में थाने के सामने दिनदहाड़े हुई चैन स्नैचिंग की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। CCTV खंगाल रही पुलिस पुलिस ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में हेलमेट पहने बाइक सवार बदमाश चैन छीनकर फरार होते नजर आए। साइबर सेल की मदद से शहर के अन्य कैमरों की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर संदिग्ध नकाबपोश युवकों की तस्वीरें मिली हैं। पुलिस उनकी पहचान कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। कीमत करीब 4 लाख पूनम तिवारी के पति और शिक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने सोने की चैन का बिल पुलिस को सौंप दिया है और मामले की शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। उनके अनुसार, चैन करीब 3 तोले की थी, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 4 लाख रुपए है। पुलिस बोली- आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। …………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गोलबाजार में मासूम के गले से चेन चोरी... VIDEO: मां की गोद में थी बच्ची, CCTV में कैद हुई संदिग्ध महिला; तलाश में जुटी पुलिस राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल गोलबाजार में चेन स्नेचिंग की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। खरीदारी करने पहुंची एक महिला पत्रकार की मासूम बेटी के गले से एक अज्ञात महिला ने सोने की चेन चोरी कर ली। पूरी वारदात बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 7:11 pm

डिंडौरी कॉलेज में आत्मनिर्भर भारत पर संगोष्ठी:अतिरिक्त संचालक बोले- रोजगार देने वाले बनें युवा; नई शिक्षा नीति को बताया मजबूत नींव

डिंडौरी के चंद्र विजय कॉलेज में भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर 'आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को कौशल विकास और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अतिरिक्त संचालक बोले- रोजगार देने वाले बनें युवा मुख्य अतिथि और जबलपुर संभाग के उच्च शिक्षा अतिरिक्त संचालक डॉ. अल्केश चतुर्वेदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश के युवा नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बनेंगे। उन्होंने छात्रों से स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने की अपील की। नई शिक्षा नीति है मजबूत नींव मुख्य वक्ता डॉ. नीलेश पाण्डेय ने नई शिक्षा नीति को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति युवाओं को कौशल और उद्यमिता से जोड़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आग्रह किया। स्वावलंबी युवा तैयार करना लक्ष्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.एस. उददे ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो स्वावलंबी हों और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 6:54 pm

डोटासरा बोले-शिक्षा मंत्री के करीबी तबादलों में पैसा वसूल रहे:वसुंधरा दुखी आत्मा उन्होंने सही बातें कहीं, बेनीवाल समर्थकों पर मुकदमे करने का तरीका गलत

राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के करीबी तबादलों के नाम पर पैसे की वसूली कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जो बातें कही हैं, वे सही हैं। डोटासरा ने बेनीवाल समर्थकों पर मुकदमे दर्ज करने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया और सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। डोटासरा जयपुर में कांग्रेस ओबीसी विभाग के सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- तबादलों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शिक्षा ​विभाग का हाल सबसे खराब है, शिक्षा मंत्री के नजदीकी लोग तबादलों में जमकर वसूली में लगे हैं। शिक्षक तबादलों में जमकर पैसा लिया गया है। सरकार में हिम्मत है तो शिक्षा मंत्री के पीए, पीएसओ के नजदीक रहने वालों के फोन टैप करवाकर देख लीजिए पता लग जाएगा। डोटासरा ने कहा- शिक्षा मंत्री के दलाल बने हुए हैं, वे ट्रांसफर में लूट रहे हैं। स्कूल बर्बाद हो रही हैं। तबादला उद्योग में आरएसएस तांडव नृत्य कर रहा है। पैसे ले लेकर भ्रष्टाचार चल रहा है इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। समसा में इंटरव्यू की पोस्टों में पैसा लेकर पोस्टिंग दी जा रही है। मंत्री के इर्द गिर्द के लोग खुलेआम पैसे ले रहे हैं। भ्रष्टाचार का खुला नाच हो रहा है,कोई सुनने पूछने वाला नहीं है। बीजेपी के विधायक तक रो रहे हैं। वसुंधरा राजे दुखी आत्मा, उन्होंने ने कल अच्छी बातें कहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के राजनीति से सामाकि रिश्तों को अलग रखने के बयान पर डोटासरा ने कहा- वसुंधराजी दुखी आत्मा हैं, दुखी आत्मा से जो निकलता है, वो सच निकलता है। कल उन्होंने राजेंद्र राठौड़ और सीएम की तरफ देखा, उनकी क्या बात चुभ गई? उनके खिलाफ कौन षडयत्र कर रहा है, लेकिन वसुंधरा राजे ने कल जो कहा वे अच्छी बाते हैं। हमें राजनीति में इतना भी वैर भाव नहीं रखना चाहिए कि हम आंख भी नहीं मिला सकें। मेरे परिवार और रिश्तेदार कर्मचारियों का बांसवाड़ा-बाड़मेर किया ट्रांसफर डोटासरा ने कहा- पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा ने भी कल सही कहा कि पहले विरोध में बोलकर भी साथ बैठकर चाय पीते थे, लेकिन आजकल तो एक्सीडेंट करवा दें। आजकल तो मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ बोल दिया तो मेरे सभी पहचान वालों और रिश्तेदारों तक सबके ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तबादलों से मैं झुकने वाला नहीं हूं। 2028 में इनका नाम लेने वाला बच जाए तो मुझे बता देना। बेनीवाल के लोगों के खिलाफ रंजिश निकालने दर्ज किए जा रहे मुकदमे डोटासरा ने कहा- विपक्ष की आवाज को आप दबाना चाहते हैं। विपक्ष के लोगों को परेशान करो,उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दो, बताइए यह कौनसा तरीका है? आज हनुमान बेनीवाल और उनके लोगों पर कितने मुकदमे दर्ज करवा दिए? बेनीवाल मेरे लिए अच्छा बोले ना बोले कोई फर्क नहीं पड़ता। बेनीवाल ने दो साल पहले भी कहीं आंदोलन किया तो दो साल बाद भी आज उनके खिलाफ और उनके लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। अगर बेनीवान का नाम लिखा हुआ गाड़ी पर मिल गया तो उनको भी अंदर डाल दो, यह कौन सी राजनीति है ? इनको पता है कि कांग्रेस पार्टी बदले की राजनीति नहीं करती इसका ये नाजायज फायदा उठाते हैं।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 4:51 pm

सड़क बंद होने से शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित:लखीसराय में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, वैकल्पिक मार्ग की मांग

लखीसराय जिले के बरियारपुर से घोंघी-कोडाशी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बंद होने से क्षेत्र के कई गांवों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कजरा सोलर पावर प्लांट के निर्माण कार्य के दौरान यह मार्ग बंद किया गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और प्रशासन से सड़क को तत्काल चालू करने या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की। 2 दिन पहले डीएम को लिखित आवेदन दिया ग्रामीणों को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के क्षेत्र में आने की सूचना मिली, वे बंद सड़क पर एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले भी जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बंद होने से घोंघी-कोडाशी सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित हो गया है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है। सड़क बंद होने स्कूली बच्चों को दिक्कत ग्रामीण धेना सोरेन ने बताया कि यह मार्ग गांव तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता था। सड़क बंद होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है, जिससे आपात स्थिति में गंभीर परेशानी उत्पन्न होने की आशंका है। सोरेन ने यह भी कहा कि स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि विद्यालय तक पहुंचना कठिन हो गया है। स्थानीय महिला मतिया देवी ने बताया कि बरियारपुर स्थित विद्यालय जाने का यही मुख्य मार्ग था, और इसके बंद होने से छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। दैनिक आवागमन में लोगों को परेशानी मतिया देवी ने बताया कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी सेविका संजू कुमारी ने जानकारी दी कि सड़क बाधित होने के कारण सोमवार से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित है, जिससे बच्चों का पोषण और प्रारंभिक शिक्षा संबंधी गतिविधियां रुक गई हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि विकास परियोजनाओं के साथ आम लोगों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क चालू नहीं की गई या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 4:26 pm

भिवानी में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:NEET पेपर लीक पर भड़की CPIM; शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

भिवानी में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी ने प्रदर्शन करके राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सभी चौधरी सुरेंद्र सिंह पार्क में एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि देश में नीट यूजी के पेपर व अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक मामले गंभीर हैं। परीक्षाओं को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाने में विफल रही है। देश के नीट यूजी 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी बुरी तरह से प्रभावित हुए, उनमें अनेकों छात्र आत्महत्या के शिकार हो गए। 19 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर अनशन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान अपना दायित्व पूरा करने में विफल हुए हैं। फिर भी सरकार उनको पद से हटा नहीं रही। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को उनके पद से तुरन्त हटाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने, पेपर लीक पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने व दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने, भविष्य में निष्पक्ष पारदर्शी परीक्षा करवाने की व्यवस्था करने की मांग को लेकर प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक व पर्यावरण विद सोनम वांगचुक पिछले 19 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर प्रांगण में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका अभी तक 8.5 किलो वजन घट गया है तथा उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है। सोनम वांगचुक का जीवन बचाने की अपील भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले में केन्द्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की, कि मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए तथा सामाजिक गांधीवादी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगें मानी जाएं तथा उनका बहुमूल्य जीवन बचाया जाए। ये मांगे देश के तमाम छात्रो, नौजवानों व बहुमत जनता की हैं। हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप इसमें आवश्यक कार्रवाई करेगी।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 12:00 pm

पंजाब CM मान बोले-उनकी सियासत पंजाब की तरक्की के लिए:मुकेरियां रैली में कहा- शिक्षा, स्वास्थ्य व मुफ़्त बिजली में स्टेट बन रहा नंबर-1

पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर के मुकेरियां में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सीएम मान ने साफ शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता का सुख भोगना नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के जीवन में खुशहाली लाना है। जनता के भारी जनसमर्थन के बीच उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्र में किए गए हर वादे को ज़मीनी स्तर पर सच कर दिखाया है। विरोधी दलों पर बोला तीखा हमला मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए। उन्होंने विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह और उनके पिछले शासनकाल पर सवाल खड़े किए: कांग्रेस की अंतर्कलह पर तंज: कांग्रेस केवल सत्ता की मलाई चाटने के लिए लड़ रही है। इनके नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं क्योंकि हर किसी को सिर्फ सीएम की कुर्सी चाहिए। राहुल गांधी जिस बस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, उसमें सवार नेता आपस में ही लड़कर ज़ख्मी हो जाएंगे। सीएम मान ने यह भी दावा किया कि कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है। अकालियों को घेरा: अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के समझदार लोगों ने अकालियों को राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, माफियाओं और गैंगस्टरों को पनाह दी और युवाओं को नशे के दलदल में धकेला। उन्होंने संकल्प दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के ज़िम्मेदार लोगों को कभी माफ नहीं किया जाएगा और वे सलाखों के पीछे जाएंगे। नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला: शिक्षा में पंजाब देश में अव्वल मुख्यमंत्री ने शिक्षा को गरीबी और सामाजिक समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान बताते हुए कहा कि - नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह पिछले चार वर्षों में शिक्षकों के आधुनिक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए हमारे काम का नतीजा है। 'आप' सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं सीएम भगवंत मान ने मंच से अपनी सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को जनता के सामने रखा: 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' पर बड़ा अपडेट महिलाओं के सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि… जो महिलाएं जुलाई महीने में किसी कारणवश पंजीकरण (Registration) नहीं करा सकीं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगस्त में उन्हें तीन महीने की राशि एक साथ दी जाएगी। जब तक हमारी सरकार है, यह योजना कभी बंद नहीं होगी। 'एक्स' (Twitter) पर साझा किया जनता के प्रति आभार जनसभा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल, महिलाओं को वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं अब पंजाब की वास्तविकता बन चुके हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।”

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 11:19 am

शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर शिक्षकों ने जताया आक्रोश, 17 को संभाग मुख्यालय पर रैली निकालेंगे

राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर आक्रोश जताया तथा कलेक्ट्रेट के आगे प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन दिया। इससे पहले जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़ की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार की मनमानी, प्रतिशोधात्मक व अमानवीय स्थानांतरण नीति की आलोचना करते हुए सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास बताया। प्रांतीय महामंत्री विजय पोटलिया ने कहा कि सरकार ने तबादलों के नाम पर पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। ऐसी नीतियां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करती हैं। प्रांतीय उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वा ने कहा कि सीकर के लक्ष्मणगढ़ की घटना सरकार की नीतियों पर करारा तमाचा है। जिस शिक्षक ने एक साधारण स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया, नामांकन को 75 से बढ़ाकर 250 तक पहुंचाया, उसका स्थानान्तरण किए जाने से ग्रामीण व छात्राएं सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर है। प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण ने कहा कि सरकार ने स्थानांतरण को प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रताड़ना का माध्यम बना दिया है। उन्होंने बताया कि अब 17 जुलाई को संभाग मुख्यालय चूरू में इंद्रमणि पार्क से संयुक्त निदेशक कार्यालय तक रैली निकालकर शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया जाएगा। जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि सरकार यदि समय रहते नहीं चेती, तो इसका खामियाजा लाखों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। इस दौरान प्रांतीय संगठन मंत्री रतनसिंह पूनिया, प्रांतीय समिति सदस्य गौरीशंकर सिहाग, रणवीर सारण, लिखमाराम नायक, निहाल सिंह स्वामी, महेंद्र पूनिया, चौथमल चीनिया व गुरुदेव गोदारा आदि ने भी विचार व्यक्त किए तथा अन्यायपूर्ण आदेश वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। जिला सभाध्यक्ष हवासिंह, संघर्ष समिति संयोजक यूनुस अली ने 17 जुलाई को अधिकाधिक संख्या में संभाग मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला कार्यकारिणी सदस्य अमरचंद सांडेला, राजेंद्र धेतरवाल, सरदारशहर ब्लॉक अध्यक्ष माया चौधरी, मंत्री गजानंद मेघवाल, तारानगर अध्यक्ष बनवारी फगेडिया, मंत्री इंद्राज स्वामी, राजगढ़ अध्यक्ष संजय खीचड़, चूरू अध्यक्ष अनिल लांबा, मंत्री खादिम अली, रतनगढ़ मंत्री मुरलीधर अजमेरिया, संघर्ष समिति संयोजक बजरंग बिस्सू, उपाध्यक्ष राकेश खीचड़, सुजानगढ़ मंत्री शिवपाल थालोड़, सुधींद्र जोशी, वरिष्ठ शिक्षक नेता ओमप्रकाश पूनिया, ओमप्रकाश मुहाल, गोपीचंद खीचड़ आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 5:30 am

दौसा पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर, जर्जर-भवन गिराने के निर्देश:भंडाना और पालावास स्कूल का निरीक्षण, ACS बोले- बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:35 pm

शिक्षा निदेशालय के आदेश का विरोध, सौंपा ज्ञापन:निजी स्कूल संचालक बोले- इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा, भय का बनेगा वातावरण

जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल ऐप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले बुधवार शाम को निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में इकट्ठे हुए और आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी वि‌द्यालयों का निरीक्षण,अवलोकन एवं विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस एवं प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग ‌द्वारा सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदण्डों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण एवं जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे वि‌द्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी वि‌द्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी वि‌द्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:21 pm

बक्सर में 4 नए डिग्री कॉलेज शुरू:डीएम बोलीं- ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी

बक्सर में बुधवार, 15 जुलाई को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दिन रहा। चक्की, चौगाई, केसठ और ब्रह्मपुर प्रखंडों में चार नए डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन कॉलेजों से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य स्तर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के कुल 211 नए डिग्री कॉलेजों में एक साथ शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में बक्सर जिले के इन चारों नए महाविद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू हुई। जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह केसठ प्रखंड की रघुनाथपुर पंचायत स्थित केएचके प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी साहिला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि इन नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत से जिले में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को होने वाले लाभ पर जोर दिया। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी भी बढ़ेगी। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये चारों नए डिग्री महाविद्यालय भविष्य में बक्सर जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव और विशेष कार्य पदाधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। जिले के चारों प्रखंडों में भी स्थानीय स्तर पर उत्साह के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:35 pm

निजी स्कूलों की होने वाली जांच रोकने की मांग:शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:22 pm

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों में नए महाविद्यालय खुले:आज से पढ़ाई शुरू, उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा, छात्रों को दूर नहीं जाना होगा

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विथान और विद्यापतिनगर में बुधवार को नए महाविद्यालयों का विधिवत शुभारंभ हो गया। बिहार सरकार की पहल पर स्थापित इन महाविद्यालयों में आज से नियमित पठन-पाठन भी प्रारंभ हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को अब अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन नवस्थापित महाविद्यालयों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर भी उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए। पांचों महाविद्यालयों में भी समारोहपूर्वक कार्यक्रम हुए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल विद्यापतिनगर स्थित नवस्थापित महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और उसके बाद फीता काटकर महाविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर महाविद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को भी अब कम खर्च में अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा, छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और जिले का शैक्षणिक वातावरण और अधिक मजबूत होगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी नए महाविद्यालयों के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन प्रखंडों में महाविद्यालय की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने से अब युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 7:35 pm

पूर्णिया में वित्तरहित शिक्षा नीति का विरोध:कांग्रेस सेवादल के बैनर तले सड़कों पर उतरे टीचर, बारिश में निकाला पैदल मार्च

पूर्णिया में वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म करने और वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतनमान व अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एक विशाल राज्यव्यापी महाआंदोलन का आयोजन किया गया। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सीमांचल क्षेत्र के हजारों शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और शिक्षा प्रेमियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी भारी बारिश के बीच भी डटे रहे। वे भीगते हुए प्रशासन के सामने पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सदर एसडीएम दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी सालों पुरानी पीड़ा और मांगों को साझा किया। उनकी मुख्य मांगें वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और शिक्षकों को नियमित वेतनमान सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करना है। सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा उठाया वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त कर शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाने की मांग की गई है । साथ ही शिक्षकों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा सेवा सुरक्षा, पेंशन और भविष्य निधि का लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की मांग भी इनके मांग पत्र में शामिल है । शिक्षकों के साथ अब और अन्याय नहीं : डॉ. संजय यादवकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि, वर्षों से उच्च शिक्षा की रीढ़ रहे इन शिक्षकों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांगें पूर्णतः न्यायसंगत हैं। हम सरकार को यह याद दिलाने आए हैं कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन शिक्षकों के त्याग पर टिकी है, जिन्हें आज तक उनका हक नहीं मिला।वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह लड़ाई केवल शिक्षकों के वेतन की नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा और लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को बचाने की है।लगातार हो रही भारी बारिश भी शिक्षकों के संकल्प को नहीं डिगा सकी। भारी बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी। धरना-प्रदर्शन के बाद, हजारों की संख्या में शिक्षक और कांग्रेस कार्यकर्ता जोश के साथ पैदल मार्च करते हुए पूर्णिया सदर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 6:39 pm

संभल में राज्यकर विभाग के नए कार्यालय का भूमि पूजन:16 बीघा भूमि में ₹13.70 करोड़ से बनेगा, शिक्षामंत्री गुलाब देवी पहुंची

संभल में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय एवं आवासीय परिसर का मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी मुख्य अतिथि रहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जनपद की तहसील संभल के गांव किसौली में एक हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि पर बनने वाले इस कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण पर 13.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी, मुरादाबाद को पहली किस्त के रूप में 3.45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर लल्लन प्रसाद यादव ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री गुलाब देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष और मेंथा उद्योगपति फूल प्रकाश ने शिलान्यास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह, जिला कोषाध्यक्ष अंकित जैन, मंडल अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कार्यालय निर्माण के लिए भूमि की पैमाइश कराई थी। ग्राम समाज से भूमि हस्तांतरित होने के बाद कार्यालय और आवासीय भवन का नक्शा तैयार किया गया। वर्तमान में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय संभल और चंदौसी से संचालित हो रहे हैं। संभल कार्यालय किराए के भवन में संचालित है। नया परिसर बनने के बाद चंदौसी कार्यालय को यहां स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि संभल कार्यालय यथावत रहेगा। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि यह जिला स्तरीय राज्य कर कार्यालय जनपद के केंद्र बिंदु पर बन रहा है, जिससे सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह परिसर विभागीय कार्यों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:29 pm

खगड़िया के मानसी, बेलदौर और चौथम में डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, छात्रों को मिलेगी उच्च शिक्षा की सुविधा

खगड़िया जिले के मानसी, बेलदौर और चौथम प्रखंडों को मंगलवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधा मिली। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से तीनों नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया। इससे अब हजारों छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। मानसी प्रखंड के घरारी स्थित नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन समारोह में खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मानसी में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया था, जिसे विधानसभा में लगातार उठाने और सरकार से आग्रह के बाद पूरा किया जा सका है। विधायक मंडल ने जोर दिया कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए खगड़िया या अन्य शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। बबलू मंडल ने अपनी प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करने की बात कही। कार्यक्रम के बाद विधायक ने मानसी में महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी विक्रम विरकर, उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, प्रखंड एवं अंचल प्रशासन के अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भगत, जदयू प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजनीति प्रसाद, भाजपा नेता जितेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में बेलदौर और चौथम प्रखंडों में भी राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ। बेलदौर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक पन्नालाल सिंह पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने इन कॉलेजों को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू होने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में खगड़िया को नई पहचान मिलेगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 4:04 pm

पूर्वी चंपारण को मिले 15 नए डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया उद्घाटन, उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने आज बिहार में 211 डिग्री कॉलेजों का एक साथ उद्घाटन किया। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले के 15 प्रखंडों में भी डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ है। इससे जिले में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। पूर्वी चंपारण में तुरकौलिया प्रखंड के जयसिंहपुर में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक कृष्णनंदन पासवान तथा जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सामूहिक उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कॉलेजों का सामूहिक उद्घाटन किया, जबकि स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। वक्ताओं ने इसे ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा कि 15 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा-DM जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन कॉलेजों से स्थानीय युवाओं को अच्छी शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल पूर्वी चंपारण और पूरे बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:58 pm

शिक्षा संबलन योजना: निजी स्कूलों ने जांच का विरोध किया:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आदेश वापसी, RTE भुगतान की मांग

हनुमानगढ़ में शिक्षा संबलन योजना के तहत निजी स्कूलों की प्रस्तावित विशेष जांच के विरोध में बुधवार को जिले के अधिकांश निजी स्कूल बंद रहे। एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विशेष जांच के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए इसे स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बताया, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई। विशेष जांच पर जताई आपत्ति एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 3 जुलाई 2026 को राजएप के माध्यम से निजी शिक्षण संस्थानों की विशेष जांच के निर्देश जारी किए थे। संगठन का कहना है कि निजी स्कूल पहले से ही विभिन्न विभागीय नियमों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में बार-बार निरीक्षण और अतिरिक्त जांच से शिक्षण कार्य की बजाय समय कागजी औपचारिकताओं में अधिक खर्च होगा। आरटीई सत्यापन का दिया हवाला पदाधिकारियों ने कहा कि आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों का प्रतिवर्ष भौतिक सत्यापन पहले से किया जाता है। ऐसे में अलग से विशेष जांच की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को अनावश्यक प्रशासनिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। प्री-प्राइमरी भुगतान का मुद्दा भी उठाया एसोसिएशन ने ज्ञापन में आरटीई के अंतर्गत संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार इन कक्षाओं का भुगतान नियमित रूप से जारी रखा जाए, ताकि निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव न बढ़े और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलती रहें। सरकार से पुनर्विचार की मांग संगठन ने राज्य सरकार से शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच संबंधी आदेश पर पुनर्विचार कर उसे तत्काल वापस लेने का आग्रह किया। पदाधिकारियों ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए सरकार को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूलों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। ये रहे मौजूद इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल जूनेजा, जिला अध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा, जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक, अशोक सुथार, संगठन मंत्री राजेश मिढ्ढा सहित जिले की विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:46 pm

नालंदा में उच्च शिक्षा के नए अध्याय का शुभारंभ:आज से 9 राजकीय डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई; शिक्षकों की कमी बनी चुनौती

नालंदा के छात्रों के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में नवनिर्मित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आज से विधिवत शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ हो गया है। भागलपुर से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन कॉलेजों का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर जिले के सभी नौ डिग्री कॉलेजों में उद्घाटन समारोह का लाइव प्रसारण किया गया, जिससे ग्रामीण अंचल के छात्र भी इस महत्वपूर्ण क्षण के साक्षी बनें। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का सपना साकार लंबे समय से इन नौ प्रखंडों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय बिहारशरीफ या अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे। अब इन प्रखंडों—रहूई, नूरसराय, नगरनौसा, बिंद, कतरीसराय, थरथरी, करायपरसुराय, परवलपुर और सरमेरा—में राजकीय डिग्री कॉलेजों के खुलने से हजारों छात्रों को अपने घर के नजदीक ही स्नातक स्तर की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। पहले चरण में इन कॉलेजों में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना नामांकन भी करा लिया है, जो स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों के उत्साह को दर्शाता है। कॉलेजों में पढ़ाई को सुचारू बनाने के लिए बेंच-डेस्क और जरूरी फर्नीचर की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। मात्र तीन स्टाफ के भरोसे शुरू हुई व्यवस्था हालांकि, इन कॉलेजों की शुरुआत एक बड़े प्रशासनिक संकट के साथ हुई है। फिलहाल हर कॉलेज को चलाने के लिए मात्र एक हेड मास्टर, एक शिक्षक और एक क्लर्क की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह स्थिति तब है जब इन कॉलेजों में छह विषयों की पढ़ाई होनी है। इतने सीमित स्टाफ के साथ सभी विषयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं संचालित करना शिक्षा विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो रही है। जानिए कहां कौन प्रतिनिधि रहे मौजूद… नूरसराय और थरथरी डिग्री कॉलेज में सांसद कौशलेंद्र कुमार,नगरनौसा कॉलेज में विधायक हरिनारायण सिंह, रहुई कॉलेज में डॉक्टर सुनील कुमार और कतरीसराय, बिंद और सरमेरा राजकीय डिग्री कॉलेज में विधायक डॉक्टर जितेंद्र कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। नगरनौसा डिग्री कॉलेज में विधायक हरिनारायण रहे मौजूद राजकीय डिग्री महाविद्यालय नगरनौसा जो शुरू से हैं काफी विवादों में रहा आज उसका भी लोदीपुर में शुभारंभ हो गया। इस मौके पर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मनोज कुमार, हरनौत विधायक हरिनारायण सिंह, राजकीय डिग्री महाविद्यालय के प्रचार्य डॉक्टर संजय कुमार समेत कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक गण मौजूद रहे। हरनौत विधायक हरि नारायण सिंह ने बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज के उद्घाटन को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल अस्थाई व्यवस्था के तहत कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिन्हें भविष्य में भूमि उपलब्ध होने पर स्थायी भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षकों की कमी पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया तय कर ली है, और अगस्त महीने तक सभी नए कॉलेजों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:21 pm

राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेजों का वर्चुअल शुभारंभ:जहानाबाद में को भी मिला एक नया विश्वविद्यालय, स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का होगी उपलब्धता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्यों का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह कदम बिहार सरकार की उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है। इसी कड़ी में जहानाबाद जिले में भी एक नए डिग्री कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया गया। जहानाबाद में आयोजित उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, खान एवं भूतत्व तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार (चंद्रवंशी) उपस्थित रहे। इनके साथ जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव और जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। अतिथियों ने फीता काटकर महाविद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। उपस्थित मंत्रियों ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। नए डिग्री कॉलेजों के खुलने से अब आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, साथ ही अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। मंत्रियों ने जानकारी दी कि फिलहाल इस महाविद्यालय में छह विषयों में पठन-पाठन शुरू किया जा रहा है। आने वाले समय में नए विषयों को भी जोड़ा जाएगा और आवश्यकतानुसार शिक्षकों की बहाली की जाएगी। बिहार सरकार इस पहल को उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रही है। जहानाबाद में नए महाविद्यालय के शुरू होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, जो विकसित बिहार के निर्माण में सहायक होगा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:14 pm

एमपी के 1895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं:CAG रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, सरकार-शिक्षा विभाग को नोटिस

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इंदौर निवासी सौरभ त्रिपाठी ने 2025 की कैग (CAG) रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है, जिससे लाखों बच्चों का शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता सौरभ त्रिपाठी ने याचिका में कहा कि प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रही है। वर्ष 2025 की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट होने के बावजूद हजारों स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। इससे बच्चों के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को भेजा नोटिस मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने की। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सरकार से शिक्षक नियुक्ति, बजट के उपयोग और कैग रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत जवाब मांगा गया है। परीक्षा परिणामों पर भी पड़ा असर याचिका में कहा गया है कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का असर छात्रों के परीक्षा परिणामों पर भी साफ दिखाई देता है। सत्र 2018-19 में हाईस्कूल का पास प्रतिशत 67.74% था, जो 2021-22 में घटकर 38.53% रह गया। अब सरकार को देना होगा जवाब प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि शिक्षक नियुक्तियों, बजट खर्च और सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 12:14 pm

गयाजी के 7 प्रखंडों में आज डिग्री कॉलेज का उद्घाटन:छात्र-छात्राओं को घर के पास मिलेगी शिक्षा, समारोह में मंत्री-विधायक होंगे शामिल

बिहार के 211 प्रखंडों में आज से डिग्री कॉलेज की शुरुआत होगी। गयाजी के 7 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू होने वाली है। उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मंत्रियों से लेकर स्थानीय विधायक और शिक्षाविद् शामिल होंगे। ग्रामीण छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पहले डिग्री की पढ़ाई के लिए बेटियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे कई बार उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी। अब उनके घर के पास ही कॉलेज खुल जाने से उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो जाएगा। मुख्य अतिथियों के अलावा, सभी संबंधित डिग्री कॉलेजों के उद्घाटन समारोहों में जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष और सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। कहां-कहां होना है डिग्री कॉलेज का उद्घाटन ​मोहड़ा प्रखंड में उच्च विद्यालय सेवतर मोहड़ा डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस समारोह में बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।​ कोच प्रखंड में गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय कोच डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जाएगी। उद्घाटन समारोह में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार होंगे। नीमचक बथानी प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मई डिग्री कॉलेज का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर अतरी क्षेत्र के विधायक रोमित कुमार उपस्थित रहेंगे।​ मोहनपुर प्रखंड में प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी शिरकत करेंगी।​ बांके बाजार प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सैफगंज डिग्री कॉलेज में उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। कार्यक्रम में इमामगंज की विधायक दीपा मांझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।​डुमरिया प्रखंड में मध्य विद्यालय शिवनगर डुमरिया डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होना है। इस समारोह में भी इमामगंज की विधायक दीपा मांझी उपस्थित रहेंगी। ​अतरी प्रखंड में श्री जगदीश चंद्र उच्च विद्यालय टेटूआ डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस मौके पर मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर छात्रों का हौसला बढ़ाएंगे। ​

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:15 am

BSA ने सात खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले:भदोही में शिक्षा विभाग ने जारी की ट्रांसफर लिस्ट

भदोही में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने मंगलवार देर शाम जिले के सात खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। शिक्षा में सुधार और शैक्षिक कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यह स्थानांतरण सूची रात 8:15 बजे जारी की गई। बीएसए ने सभी स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने और अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। जारी सूची के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को जनपद मुख्यालय से नगर क्षेत्र भदोही भेजा गया है। यशवंत सिंह को सुरियावां से भदोही, रमाकांत सिंह को औराई से ज्ञानपुर मुख्यालय, और सुमन केसरवानी को जनपद भदोही से अभोली में तैनात किया गया है। इसी क्रम में, वेद प्रकाश यादव को अभोली से औराई, मनोज कुमार सिंह को ज्ञानपुर से डीघ, और चंद्रशेखर आजाद को भदोही से सुरियावां में स्थानांतरित किया गया है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:36 am

कॉलेज केवल उच्च शिक्षा या डिग्री के लिए नहीं, व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला : प्रो. डागा

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक कॉमर्स कॉलेज में चल रहे स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन नए विद्यार्थियों को कॅरिअर, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुलपति प्रो. कैलाश डागा ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कॉलेज सिर्फ उच्च शिक्षा या डिग्री हासिल करने की जगह नहीं है, बल्कि यह छात्र के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रयोगशाला है। विद्यार्थियों को हमेशा अच्छी संगति, अनुशासन और मजबूत नैतिक संस्कारों को चुनना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन का समापन लक्ष्य में पहुंचे पथिक, बिना पथ में विश्राम कैसा की प्रेरक पंक्तियों से किया। मुख्य अतिथि प्रो. जी.एन. पुरोहित ने विद्यार्थियों को भविष्य के कॉमर्स सेक्टर का लीडर बनने की सीख दी और उन्हें स्टार्टअप व उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) अपनाने के लिए प्रेरित किया। डीन प्रो. शूरवीर एस. भानावत ने कॉलेज लाइफ को कॅरिअर का स्वर्णिम अवसर बताते हुए सभी गतिविधियों में सक्रिय रहने का आह्वान किया। एसोसिएट डीन डॉ. शिल्पा वर्डिया ने नियमित उपस्थिति और समय के सदुपयोग को सफलता की कुंजी बताया। उद्घाटन सत्र का आभार डॉ. देवेंद्र श्रीमाली ने जताया, जबकि मंच संचालन डॉ. गरिमा कोठारी व डॉ. प्रियंका जैन ने किया। सफलता के 3डी, अनुशासन के 7 पिलर्स और सीखे 6 लाइफ हैक्स इंडक्शन प्रोग्राम के तकनीकी सत्रों में नए छात्रों को प्रैक्टिकल और मॉडर्न अप्रोच के साथ भविष्य की राह दिखाई गई। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशा शर्मा ने विद्यार्थियों को सफलता के 3डी (डिटरमिनेशन, डेडिकेशन और डिसिप्लिन) का महत्व समझाया, साथ ही अनुशासित जीवन के 7 पिलर्स की जानकारी दी। वहीं, डॉ. सचिन गुप्ता ने रोचक और इंटरेक्टिव सेशन में 6 लाइफ हैक्स के जरिए प्रभावी ढंग से सीखने और आगे बढ़ने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए। छात्रों को कॉलेज के अन्य आयामों से जोड़ते हुए डॉ. देवेन्द्र श्रीमाली ने शैक्षणिक अवसरों, डॉ. रेखा बैरवा ने लाइब्रेरी सुविधाओं और सब लेफ्टिनेंट डॉ. विनोद कुमार मीना ने कॉमर्स में क्रिएटिविटी व एनसीसी कैडेट्स की उपलब्धियों को सामने रखा। डॉ. पुष्पराज मीना व डॉ. रेनु शर्मा ने सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में एनएसएस की भूमिका से अवगत कराया। एमएलएसयू विज्ञान महाविद्यालय : बीएससी प्रथम सेमेस्टर के लिए एकदिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विज्ञान महाविद्यालय में बीएससी प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-2027) के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 16 जुलाई को एकदिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम जीव विज्ञान और गणित समूह के विद्यार्थियों के लिए दो अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। अधिष्ठाता मनोज कुमार जैन के अनुसार इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय व महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक वातावरण और सह-शैक्षणिक अवसरों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित पाठ्यक्रम, विषय चयन, परीक्षा योजना, क्रेडिट अर्जन और मूल्यांकन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ प्राध्यापक अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र विकास में विज्ञान के योगदान पर मार्गदर्शन देंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी - इंदर सिंह परमार:500 से अधिक विद्यार्थियों का सम्मान, विशेषज्ञों से मिला करियर मार्गदर्शन

कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित दैनिक भास्कर प्रतिभा सम्मान-2026 समारोह में मंगलवार को 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान हुआ। समारोह में सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। मुख्य अतिथि उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के मंत्री इंदर सिंह परमार रहे। इस अवसर पर आरएनटीयू की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, सेज ग्रुप की एमडी आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल, ओरिएंटल ग्रुप की प्रबंध निदेशक सोनिया ठकराल, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर इंजी. कोपल सलूजा तथा विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन आदित्य नारोलिया उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि सही दिशा और आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण भी है। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। छात्रों को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियां निभाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। भारत में शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी समान बल दिया जाता है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। स्टूडेंट्स ने जीते इनामआयोजन विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन का प्रभावी मंच भी बना। विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और विभिन्न करियर विकल्पों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें खुलकर सवाल पूछने का अवसर मिला। कार्यक्रम में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आकर्षक पुरस्कार जीते। आरएनटीयू प्रेजेंटिंग पार्टनरसमारोह का प्रेजेंटिंग पार्टनर रबींद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी (आरएनटीयू) रहा, जबकि सेज यूनिवर्सिटी (इंदौर-भोपाल) को-प्रेजेंटिंग पार्टनर रही। ओरिएंटल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पावर्ड बाय पार्टनर तथा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी को-स्पॉन्सर रही। एसआरके एजुकेशन, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स पार्टिसिपेटिंग इंस्टीट्यूशन्स के रूप में शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:30 am

नालंदा खुला विश्वविद्यालय में आज आएंगे राज्यपाल:लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन करेंगे 2 आधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन, शिक्षा का डिजिटलीकरण होगा

नालंदा खुला विश्वविद्यालय के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (से.नि.) का आगमन प्रस्तावित है। अपने इस दौरे के दौरान राज्यपाल विश्वविद्यालय में नवनिर्मित दो अत्याधुनिक स्टूडियोज का विधिवत उद्घाटन करेंगे। शिक्षा के डिजिटलीकरण को मिलेगी नई उड़ान विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल की ओर से जिन दो स्टूडियो का लोकार्पण किया जाना है, उनमें पहला 'ऑनलाइन क्लास स्टूडियो' और दूसरा 'मास कम्युनिकेशन स्टूडियो' है। इन स्टूडियोज का निर्माण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और डिजिटल माध्यम से छात्रों तक शिक्षा की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्टूडियो 'ऑनलाइन क्लास स्टूडियो' के माध्यम से अब दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राएं भी घर बैठे सीधे कक्षाओं से जुड़ सकेंगे, जिससे ओपन और डिस्टेंस लर्निंग व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। वहीं, 'मास कम्युनिकेशन स्टूडियो' पत्रकारिता और जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यहां छात्र अत्याधुनिक उपकरणों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए जरूरी कौशल सीखने में मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय में उत्साह का माहौल महामहिम के आगमन और स्टूडियोज के लोकार्पण को लेकर नालंदा खुला विश्वविद्यालय में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन सुविधाओं के शुरू होने से न केवल पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा, बल्कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय एक कदम और आगे बढ़ेगा। उद्घाटन समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शैक्षणिक जगत में भी काफी उत्साह है, क्योंकि इन स्टूडियो के लोकार्पण से बिहार में ओपेन लर्निंग के आधुनिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:00 am

CSJMU में युवाओं को मिली सफलता की सीख:कुलपति ने वेदांत शिक्षा पर दिया जोर, स्वामी प्रबुद्धानंद बोले- प्रसन्नता का मंत्र है '3S'

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सीनेट हॉल में मंगलवार को आधुनिक युग में युवा शक्ति सफलता एवं प्रसन्नता का मार्ग विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। गीता शोधपीठ, दीनदयाल शोध केंद्र, स्कूल ऑफ लैंग्वेजस और स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। जिसमें चिन्मय मिशन के स्वामी प्रबुद्धानंद ने विद्यार्थियों को सफलता, सकारात्मक सोच और भारतीय जीवन मूल्यों का संदेश दिया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने स्वामी प्रबुद्धानंद का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और वेदांत की शिक्षाएं आज के युवाओं के लिए होनी चाहिए। कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विद्यार्थियों के लिए वेदांत की क्लास शुरू किए जाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी युवाओं के विकास के लिए जरूरी है। जीवन में सफलता के लिए '3S फॉर्मूला' बताया स्वामी प्रबुद्धानंद ने युवाओं को जीवन में सफलता के लिए '3S फॉर्मूला' बताया। उन्होंने कहा कि हर युवा को गति, कौशल और रणनीति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गति का मतलब केवल तेजी से आगे बढ़ना नहीं, बल्कि माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों के आशीर्वाद के साथ सही दिशा में आगे बढ़ना है। उनका आशीर्वाद ऐसी अदृश्य शक्ति है, जो जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में मदद करता है। युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने पर दिया जोर उन्होंने कहा कि युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनना चाहिए। स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवनशैली को सफलता की ओर ले जाती है। रणनीति को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि अच्छा आचरण, सकारात्मक व्यवहार और सही निर्णय लेने की क्षमता ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाती है। कार्यक्रम में गीता शोधपीठ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, प्रो. डी.सी. श्रीवास्तव, डॉ. अमित कुमार और डॉ. उमेश पालीवाल ने स्वामी प्रबुद्धानंद का सम्मान किया। स्वागत भाषण डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनोज अवस्थी ने किया।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 8:12 pm

वारिसलीगंज में शिक्षा संवाद आयोजित:छात्रों ने पेपर लीक, व्यवस्था पर उठाई आवाज

नवादा जिले के वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में 'शक्ति अभियान' के तहत 'शिक्षा संवाद' का आयोजन किया गया। यह संवाद शिक्षा में बढ़ती धांधली, पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रित था। रेणु कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाओं तथा बेहतर शैक्षणिक अवसरों की मांग की। इंडियन यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और शक्ति अभियान बिहार की स्टेट लीड रीचा सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। रीचा सिंह ने जोर दिया कि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और धांधली से मुक्त कर प्रत्येक छात्र-छात्रा को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर झा ने कहा कि यह शिक्षा के न्याय की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'डबल इंजन' की सरकार ने बिहार सहित देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। श्री झा ने छात्र शक्ति को निखारने के लिए सुलभ शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली और पद्धति की आवश्यकता पर बल दिया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्र-छात्राओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में इंटक जिला अध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष गोपाल कुमार, सत्येंद्र प्रसाद कुशवाहा और वारिसलीगंज प्रखंड अध्यक्ष पंकज कुमार ने युवाओं से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर अपनी आवाज उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 7:21 pm

गुमला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में एसीबी की रेड:प्रधान लिपिक और सेवानिवृत्त शिक्षक 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, रांची लाया गया

गुमला जिला के लोहरदगा रोड स्थित समाहरणालय में संचालित जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार शाम करीब 4 बजे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी टीम ने कार्यालय को सील कर दिया और किसी को भी अंदर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम ने शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधान लिपिक रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक वत्स रविकांत को हिरासत में लिया। उन्हें 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी टीम दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रांची ले गई है। जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षकों के एरियर की राशि जारी करने के एवज में मोटी रकम की मांग की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर एसीबी ने यह कार्रवाई की। रांची से आई एसीबी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने बताया कि रिश्वत के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी रांची स्थित एसीबी कार्यालय से जारी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:26 pm

अतिथि-व्याख्याताओं के लिए हरियाणा में सेवा-सुरक्षा:छत्तीसगढ़ में इनमें से कुछ नहीं, नाराज शिक्षकों ने घेरा उच्च शिक्षा मंत्री का बंगला

छत्तीसगढ़ के अतिथि व्याख्याताओं ने मंगलवार को अपनी 10 मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के बंगले पर पहुंचे। व्याख्याताओं का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर से 250 से 300 अतिथि व्याख्याता मौजूद रहे। व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने एकमुश्त 57,700 रुपए मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा, 12 महीने का कार्यकाल, 13 वार्षिक सीएल, सम्मानजनक पदनाम और नीति-2024 में संशोधन समेत अपनी मांगें रखीं। लेकिन इन मांगों पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद व्याख्याता मंत्री बंगले के बाहर भी नारेबाजी करने लगे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन से नाराज मंत्री मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही बोलन से विधानसभा की ओर निकल गए। व्याख्याताओं का आरोप प्रतिनिधि मंडल का आरोप है कि मंत्री 2,000 रुपए प्रतिदिन मानदेय के प्रस्ताव पर ही कायम रहे। एकमुश्त मासिक मानदेय की मांग पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। व्याख्याताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पूरी बात सुने बिना मंत्री वहां से चले गए। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। अतिथि शिक्षकों की 10 मांगों को जानिए 1. सेवा सुरक्षा हरियाणा की तरह 3 साल सेवा पूरी करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाए। 2. एकमुश्त मासिक वेतन और PF कालखंड के हिसाब से भुगतान खत्म कर हर महीने 57,700 रुपए तय मानदेय दिया जाए। साथ ही PF और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ भी मिले। 3. छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता नई भर्ती में राज्य के मूल निवासियों को पहले अवसर मिले। समान अंक की शर्त हटाकर केवल राज्य के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग। 4. मेरिट सूची अलग बने नई भर्ती में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की मेरिट सूची अलग बनाई जाए और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले मौका मिले। 5. विस्थापन में भी स्थानीय को प्राथमिकता यदि किसी अतिथि व्याख्याता का विस्थापन होता है तो नई मेरिट में भी छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले अवसर दिया जाए। 6. सवैतनिक अवकाश संविदा कर्मचारियों की तरह हर सत्र में आकस्मिक (CL) और अन्य सवैतनिक छुट्टियों की सुविधा मिले। 7. एक समान सेवा अवधि सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति और सेवा समाप्ति का एक जैसा कैलेंडर हो। सेवा अवधि 1 जुलाई से 31 मई तक तय की जाए। 8. 25% आरक्षण सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी और ग्रंथपाल की भर्ती में अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं के लिए 25% क्षैतिज आरक्षण दिया जाए। 9. PSC भर्ती में आयु सीमा में छूट सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि व्याख्याताओं को उनके अध्यापन अनुभव के आधार पर अधिकतम 10 साल तक आयु सीमा में छूट मिले। 10. ऑनलाइन पोर्टल और एक जैसा प्रारूप भर्ती, चॉइस फिलिंग और रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए। साथ ही सभी कॉलेजों में जॉइनिंग लेटर और अनुभव प्रमाण पत्र का एक समान प्रारूप लागू किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर नियम बनाने की मांग हरियाणा सरकार ने हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एंड गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 लागू किया है। इसके प्रमुख प्रावधान हैं:1. 5 साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र गेस्ट/एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सेवानिवृत्ति (58 वर्ष) तक सेवा सुरक्षा। 2. यदि किसी 240 दिन काम किया है, तो उसे पूरे वर्ष की सेवा माना जाएगा। 3. पात्र गेस्ट लेक्चरर्स को ₹57,700 प्रतिमाह समेकित (Consolidated) मानदेय देने का प्रावधान। बाद के संशोधन प्रस्ताव में DA के अनुसार बढ़ोतरी और वार्षिक इंक्रीमेंट का भी प्रावधान जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ में भी अतिथि व्याख्याता इसी तरह से नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने 13 CL मांग पूरी की प्रदेश में व्याख्याताओं की प्रमुख मांगों में से 13 CL की मांग है। व्याख्याताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। वहां मोहन यादव की सरकार ने अतिथि शिक्षकों की व्याख्याताओं को देखते हुए इन मांगों को पूरा किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और स्थानांतरण सुविधा अपने यहां के अतिथि व्याख्याताओं को दी है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। आंदोलन जारी रहेगा व्याख्याताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनका दावा है कि यह संघर्ष उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की सेवा शर्तों और मांगों को लेकर है। उनका कहना है कि मांगों पर निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:15 pm

अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए बांटी किताबें:नैतिक शिक्षा का महत्व बताया, मोबाइल पर ज्यादा निर्भरता को लेकर जताई चिंता

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार और राज्य सरकार के तत्वावधान में आयोजित होने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए गायत्री शक्ति पीठ ओसियां ने स्थानीय विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण किया। यह वितरण अभियान विद्यालयों से संपर्क स्थापित कर किया गया। टीचर और छात्रों को नैतिक शिक्षा का महत्व बताया इस अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य मनमोहन पुरोहित ने उपस्थित अध्यापकों और छात्रों को नैतिक शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्रथम और देव संस्कृति है, जो 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित है। मोबाइल पर ज्यादा निर्भरता पर जताई चिंता पुरोहित ने आधुनिक युग में युवा वर्ग के सोशल मीडिया और मोबाइल पर अत्यधिक निर्भरता पर चिंता व्यक्त की, जिससे उनमें सामान्य ज्ञान की कमी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि समय बदल रहा है और पूर्वजों की पुरानी संस्कृति धीरे-धीरे वापस आ रही है। स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन के लिए अपनी संस्कृति को अपनाना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लेने की अपील इस दौरान परीक्षा संयोजक मोतीलाल सोनी ने सभी छात्रों से गायत्री परिवार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लेने का आग्रह किया। गायत्री परिवार के सांगीदान पालीवाल ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा लिखित 'नव युग का संविधान' भी वितरित किया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में विद्यालय के राधेश्याम मेघवाल, गिरीराज पुरोहित, विकास वैष्णव, सत्यनारायण पालीवाल, बंशीलाल जयपाल, अशोक बिश्नोई, मीना जोशी सहित समस्त अध्यापक और छात्र उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:43 pm

भारत-न्यूजीलैंड FTA से व्यापार, नौकरी और निवेश को मिलेगा बढ़ावा:कृषि, शिक्षा और IT सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे और भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वहीं न्यूजीलैंड कृषि, डेयरी, शिक्षा, तकनीक और सुशासन के लिए जाना जाता है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। ऐसे में FTA दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भारतीय कंपनियों को मिलेगा नया बाजार ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड केसंस्थापक एवं निदेशक अजय कुमार के मुताबिक, FTA लागू होने पर भारतीय IT, फार्मा, इंजीनियरिंग, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और स्टार्टअप सेक्टर को न्यूजीलैंड के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के जरिए ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों में भी कारोबार बढ़ा सकेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, पर्यटन और हाई-टेक कंपनियों को भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंच मिलेगी। भारतीय युवाओं के लिए बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर अजय कुमार कहते हैं- न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की कमी है। अगर FTA के तहत पेशेवर योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता मिलती है और वर्क परमिट की प्रक्रिया आसान होती है, तो भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक और IT प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। कृषि और डेयरी में मिलेगा तकनीकी सहयोग न्यूजीलैंड आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और टिकाऊ कृषि तकनीक के लिए दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों का उपयोग भारत में होने से किसानों की उत्पादकता बढ़ सकती है, डेयरी सेक्टर मजबूत होगा और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को भी गति मिलेगी। तकनीक और स्टार्टअप सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा। निवेश बढ़ने की भी उम्मीद न्यूजीलैंड राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों के अनुकूल नीतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए वहां कारोबार बढ़ाने और वैश्विक विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं। छोटे उद्योगों और किसानों के हितों का भी रखना होगा ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि FTA का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सरकार घरेलू उद्योगों, MSME, किसानों और सेवा क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही गुणवत्ता मानकों, सीमा शुल्क प्रक्रिया और नियमों को भी सरल बनाना होगा। प्रवासी भारतीय निभा सकते हैं अहम भूमिका न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्या है FTA? मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) दो देशों के बीच ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसमें आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) और अन्य व्यापारिक बाधाओं को कम या खत्म किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना होता है। (लेखक अजय कुमार, ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड, ऑकलैंड (न्यूज़ीलैंड) के संस्थापक एवं निदेशक हैं। आर्टिकल में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 1:11 pm

PGI-D रिपोर्ट:रायगढ़ बेस्ट जिला, डिजिटल शिक्षा में रायपुर अव्वल; सीखने की गुणवत्ता बढ़ाना चुनौती

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) 2025-26 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा की मिश्रित तस्वीर सामने आई है। रायगढ़ 329 अंकों के साथ प्रदेश में पहले, सरगुजा (324) दूसरे और बीजापुर (323) तीसरे स्थान पर रहे। राजधानी रायपुर डिजिटल लर्निंग श्रेणी में प्रदेश में अव्वल रहा। हालांकि प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला भी 600 में केवल 329 अंक ही हासिल कर सका, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बड़ी गुंजाइश स्पष्ट होती है। देशभर के 784 जिलों में से 473 के स्कोर में सुधार हुआ और 89 जिलों ने ग्रेड में प्रगति की। इसके बावजूद लगातार दूसरे वर्ष भी कोई जिला समग्र प्रदर्शन में ‘उत्कर्ष’ या ‘उत्तम-1’ ग्रेड तक नहीं पहुंच सका, जबकि 19 जिले ‘उत्तम-2’ ग्रेड में पहुंचे। रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश: बच्चों का सीखना ही असली पैमाना PGI-D में कुल 600 अंकों में से 290 अंक केवल आउटकम्स के लिए निर्धारित हैं। यानी कुल मूल्यांकन का लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे कितना सीख रहे हैं, उनकी शैक्षणिक उपलब्धि कैसी है और शिक्षा तक उनकी पहुंच कितनी प्रभावी है। इसके बाद प्रभावी कक्षा संचालन, शिक्षक उपलब्धता, बुनियादी ढांचा, डिजिटल लर्निंग, स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है। इससे स्पष्ट है कि रिपोर्ट का सबसे बड़ा फोकस भवन या संसाधनों से अधिक शिक्षा की गुणवत्ता पर है। रायपुर समग्र प्रदर्शन में शीर्ष तीन जिलों में नहींरायगढ़ ने समग्र प्रदर्शन में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि सरगुजा और बीजापुर भी 320 से अधिक अंक लेकर शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं रायपुर ने डिजिटल लर्निंग श्रेणी में 50 में से 24 अंक हासिल कर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसके बावजूद राजधानी समग्र प्रदर्शन में शीर्ष तीन जिलों में जगह नहीं बना सकी। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ सीखने के परिणाम, कक्षा शिक्षण और अन्य मानकों में भी समान सुधार आवश्यक है। 70 संकेतकों पर हुई जिलों की परखPGI-D में जिलों का मूल्यांकन 70 संकेतकों और छह प्रमुख श्रेणियों के आधार पर किया गया। इनमें परिणाम (290 अंक), प्रभावी कक्षा संचालन (90), बुनियादी ढांचा एवं छात्र सुविधाएं (51), स्कूल सुरक्षा (35), डिजिटल लर्निंग (50) तथा शासन प्रक्रिया (84) शामिल हैं। रिपोर्ट का उद्देश्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि यह बताना है कि किस जिले को किस क्षेत्र में सुधार की सबसे अधिक आवश्यकता है। बुनियादी ढांचा बेहतर, डिजिटल लर्निंग कमजोरबस्तर संभाग के जिलों में दंतेवाड़ा ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। उसे कुल 292 अंक मिले तथा बुनियादी ढांचा एवं छात्र सुविधाओं की श्रेणी में 51 में से 43 अंक हासिल हुए। दूसरी ओर सुकमा को कुल 255 अंक मिले। डिजिटल लर्निंग में सुकमा को 50 में से केवल 6 अंक और नारायणपुर को 7 अंक मिले। इससे स्पष्ट है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

शिक्षकों के तबादलों से विद्यालयों में पढ़ाई न हो प्रभावित: शिक्षा निदेशक

प्रदेश में हाल ही में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले हुए हैं। इसके बाद स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रखने के लिए सरकार अलर्ट हो गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि तबादलों के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के निदेशक और समसा के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीताराम जाट ने इसे लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को प्राथमिकता से काम करने को कहा है। . तुरंत एक्शन: शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित होने पर शिक्षा अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेना होगा। .नियमित मॉनिटरिंग: संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी स्कूलों की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा पर दिखाने लगा असर:गिग इकोनॉमी के फेर में खाली हो रहे क्लासरूम, प्रदेश के कॉलेजों में नामांकन 4.23 प्रतिशत तक गिरा

राजस्थान में गिग इकोनॉमी और त्वरित कमाई का बढ़ता आकर्षण अब उच्च शिक्षा पर असर दिखाने लगा है। उच्च शिक्षा विभाग के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन (2025-26) के विश्लेषण में सामने आया है कि यूजी-पीजी में नामांकन इस सत्र में 4.23% घटकर 12.55 लाख रह गया। यह लगातार दूसरा साल है, जब उच्च शिक्षा में निगेटिव ग्रोथ दर्ज हुई है। महामारी के दौरान बढ़ा नामांकन भी अब सिकुड़ चुका है। सबसे ज्यादा असर लड़कों पर दिखा है, जिनके नामांकन में 5.60% की गिरावट आई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि गिग सेक्टर में तेजी से बढ़ते अवसर युवाओं को सीधे वर्कफोर्स की ओर खींच रहे हैं। इस गिरावट के बीच उदयपुर संभाग मजबूत अपवाद बनकर उभरा है। प्रदेश में प्रति कॉलेज औसतन 513 विद्यार्थी हैं, जबकि उदयपुर के सुविवि से संबद्ध कॉलेजों में यह आंकड़ा लगभग दोगुना 1,030 विद्यार्थी प्रति कॉलेज है। डिग्री का दबदबा, 71% विद्यार्थी सिर्फ आर्ट्स में प्रदेश के 71.10% विद्यार्थी अकेले कला संकाय में नामांकित हैं। भीड़ की प्रमुख वजह कम फीस और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पात्रता है। रोजगार की गारंटी नहीं होने के बावजूद यह संकाय सबसे अधिक विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहा है। लड़कों के नामांकन में 5.60 प्रतिशत की बड़ी गिरावट : विभागाध्यक्ष सुविवि के लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष डॉ. गिरिराज सिंह चौहान के अनुसार उच्च शिक्षा में सबसे चिंताजनक संकेत लड़कों के नामांकन में 5.60% और लड़कियों में 3.12% की गिरावट है। वर्तमान में कुल नामांकन में 55.91% हिस्सेदारी छात्राओं की है। डॉ. चौहान के अनुसार आर्थिक दबाव और त्वरित कमाई की चाहत के चलते बड़ी संख्या में युवा लॉजिस्टिक्स, रिटेल, सिक्योरिटी सर्विसेज, डिलीवरी और राइड-शेयरिंग जैसे गिग सेक्टर में जा रहे हैं। संविदा व अस्थायी नौकरियों के बढ़ते अवसरों से वे बीए-बीकॉम जैसी तीन वर्षीय डिग्री के बजाय सीधे रोजगार चुन रहे हैं। उम्मीद बाकी...उदयपुर संभाग बना हाई इनरोलमेंट मॉडल उच्च शिक्षा में उदयपुर संभाग हाई इनरोलमेंट-लो इंस्टीट्यूशनल शेयर मॉडल का उदाहरण बनकर उभरा है। राज्य के कुल महाविद्यालयों में इसकी हिस्सेदारी महज 5.3% (207 कॉलेज) है, लेकिन कुल छात्र नामांकन में संभाग अकेले करीब 8% (2.25 लाख) का भार संभाल रहा है। आदिवासी बहुल यह क्षेत्र अपने जिलों के साथ-साथ सिरोही तथा गुजरात और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आकर्षित कर रहा है। कम कॉलेजों में अधिक छात्र होने से यहां संसाधनों का उपयोग राज्य में सबसे अधिक है। प्रदेश में हर 100 लड़कों पर 129 लड़कियां उच्च शिक्षा में...आंकड़ों का दूसरा बड़ा संकेत जेंडर गैप का उलटना है। अब राज्य में हर 100 लड़कों पर 129 लड़कियां उच्च शिक्षा में नामांकित हैं।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा-समाजसेवा की विरासत छोड़ गए आसपुरा, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा सैलाब

श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक तथा महाराव शेखा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष ठाकुर जालिम सिंह आसपुरा के निधन पर रविवार को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र से हजारों लोग पहुंचे और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। 96 वर्षीय ठाकुर जालिम सिंह आसपुरा का 11 जुलाई को निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, समाज सेवा और संगठन निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने जीवनकाल में शैक्षणिक संस्थाओं के विकास और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियां भी उठाती रहेंगी। सभा में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, राजपालसिंह शेखावत, आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह राठौड़, पूर्व सांसद गोपालसिंह शेखावत, राजपूत सभा के अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई, सभा के महामंत्री धीर सिंह शेखावत, डॉ. नरपतसिंह शेखावत, श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अध्यक्ष नगेन्द्रसिंह बगड़, सचिव सुदर्शनसिंह सुरपुरा, श्यामसिंह मंढ़ा, जालिमसिंह हुड़ील, सम्पतसिंह धमोरा, गुलाबसिंह मेड़तिया, दिलीपसिंह छापोली, महेन्द्रसिंह जैसलाण, प्रो. भवानीसिंह व शिवपाल सिंह नांगल सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

SIR ड्यूटी से शिक्षा बेहाल:स्कूल में बच्चे शिक्षक खोज रहे, शिक्षक वोटर खोज रहे हैं

रांची के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं, कहीं बच्चे सोते मिले, कहीं मिड-डे मील के बाद छुट्टी, स्कूल आनेवाले बच्चों की संख्या भी घटी निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि एसआईआर में किसी भी शिक्षक को नही लगाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र तक लिख चुके हैं। पर सच्चाई इसके विपरीत है। रांची समेत राज्य के राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर शिक्षक बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। नतीजा स्कूल खाली हैं। बच्चे सुबह इस आस में स्कूल पहुंच रहे हैं कि आज पढ़ाई होगी, पर टीचर नहीं होने के कारण वे निराश घर लौट रहे हैं। सोमवार को दैनिक भास्कर रांची के ऐसे ही स्कूलों तक पहुंचा, जहां बच्चे शिक्षकों की राह तकते दिखे। वहीं शिक्षक किसी अन्य स्कूल में बने बूथ पर वोटरों को ढूंढते दिखे। कोई शिक्षक नहीं, बच्चे बेंच पर सोते मिलेरांची के आनंद नगर स्थित नव प्राथमिक विद्यालय में सोमवार की दोपहर कक्षा केजी से दूसरी तक के बच्चे बेंच पर सोते मिले। कारण पूछा तो पता चला कि पढ़ाने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। विद्यालय में केजी से पांचवीं तक के लिए केवल दो शिक्षक हैं और दोनों एसआईआर के काम में लगे हैं। प्रभारी प्राचार्या संगीता सोनी स्कूल परिसर में ही मतदाता सूची से संबंधित काम कर रही थीं। कभी-कभी पढ़ाने के लिए दीदी आ रहीं... सोमवार को दैनिक भास्कर जब निवारणपुर स्थित बीएसवी मध्य एवं उच्च विद्यालय पहुंचा तो किसी भी क्लास में टीचर नहीं थे। पूछने पर पता चला कि प्राचार्य अनंत प्रसाद ओल्ड एचबी रोड स्थित डाकघर में बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। बच्चों ने बताया कि टीचर के नहीं रहने से पढ़ाई नहीं हो रही है। कभी-कभी पढ़ाने के लिए बाहर से दीदी (बीएड स्टूडेंट) आ रही हैं। मिड-डे-मील खिलाकर बच्चों की छुट्टी नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, करकट्टा, कांके के प्रभारी प्राचार्य अमोल टोप्पो सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के शिक्षक बीएलओ के रुप में कार्यरत गोविंद बिहारी के सहायक के रुप में काम कर रहे है। सोमवार को स्कूल में शिक्षक नहीं होने से बच्चे मिड-डे मील खाकर घर चले गए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कडरू में भी बच्चों को मिड-डे-मील खिलाकर छुट्टी दे दी गई। टर्मिनल परीक्षा होने वाली है, रिजल्ट खराब होने पर शोकॉजउत्क्रमित हाई स्कूल पाली, रातू की शिक्षिका कुमारी अर्चना झा कक्षा 9वीं-10वीं को हिंदी पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से वॉलेंटियर के रुप में काम कर रहे हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं है, बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है। हर महीने रेल परीक्षा होती है, टर्मिनल परीक्षा भी जल्द होने वाली है। साइंस, इंग्लिश और मैथ तक के टीचर बीएलओ का काम कर रहे हैं। 70% तक सिलेबस अभी बाकी है। रिजल्ट खराब होने पर शोकॉज किया जाता है।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा की:बीआईटी सिंदरी बनेगी यूनिटरी यूनिवर्सिटी, 15 दिन में यूनिवर्सिटी सेवा आयोग सक्रिय होगा

झारखंड सरकार ने राज्य की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में व्यापक बदलाव की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी। इसके लिए आवश्यक विधेयक तैयार करने और संस्थान की डिजिटल प्रेजेंटेशन बनाने का निर्देश दिया। साथ ही अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह कार्यरत करने और रोजगारपरक कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को ‘माइनिंग से माइंड’ की ओर ले जाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने तथा रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष फोकस रखने को कहा। गुरुजी क्रेडिट कार्ड का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2888 पात्र विद्यार्थियों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 243 छात्र-छात्राओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से करीब 64 करोड़ रुपए का शिक्षा ऋण मिला है। मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना पहुंचाने और दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ देने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

मंत्रीजी की माला में घुस गया हिस्ट्रीशीटर:खूब दहाड़े खतरों के खिलाड़ी बृजभूषण, शिक्षा विभाग में तबादलों पर ठना-ठनी

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दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:19 am

मुख्यमंत्री ने की उच्च-तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा:15 दिनों में झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों औी घोषणाओं की कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) स्कीम के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अब तक 2888 पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है, जिसमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपए राशि का ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत अधिक से अधिक पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा द्वारा संचालित विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना', मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना सहित स्कॉलरशिप स्कीम से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं तक तेजी से पहुंचाने पर जोर दिया। शीघ्र झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस संबंध में विभाग द्वारा तैयारी की गई है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एवं बीबीएमके धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है, इसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है। कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को सक्रिय करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने हायर एजुकेशन एवं रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिन के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बीआईटी सिंदरी बनेगी नई Unitary University मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के उपरांत बी.आई.टी. सिंदरी को Unitary University के रूप में अपग्रेड के लिए सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बी.आई.टी. सिंदरी की संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। तकनीकी शिक्षा क्लस्टर होगी तैयार बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं, विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की राज्य के 9 जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा एवं साहिबगंज में तकनीकी कलेक्टर बनाए जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जल्द इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स का संचालन करना आवश्यक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित कर वहां एनआईआईटी एवं आईआईटी के तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करें ताकि आने वाले समय में इन कोर्स माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। बीआईटी एवं जेआईटी को चलाने के किए बनेगी नई सरकारी सोसाइटी मुख्यमंत्री ने राज्य में काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करते हुए आईआईटी के तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल, रीजनल कलेक्टर एवं इंडस्ट्रियल गवर्निंग बॉडी गठित किए जाने का निर्देश दिया। राज्य में रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। इसका उद्देश्य युवाओं को एआई और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस तरह स्कीमों के सभी पहलुओं पर गंभीरता से अध्यन कर योजनाओं का मूल्यांकन करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 8:30 pm

सरकारी पैसे से काटी कॉलोनी,ED ने 56 प्लॉट कुर्क किए:आलीराजपुर शिक्षा विभाग से पैसे कमाकर आरोपी ने धार में बनाई कॉलोनी, चार्जशीट पेश हुई

आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय (बीईओ) में हुए 20.47 करोड़ रुपए के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने घोटाले की रकम से धार जिले में अवैध कॉलोनी विकसित की थी। ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय प्लॉट कुर्क कर लिए हैं, जिनकी बाजार कीमत 6 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ईडी के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने मामले में कमल राठौर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल की है। अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। फर्जी बिलों से निकाले गए थे 20.47 करोड़ रुपए ईडी के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के बीच कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय और आलीराजपुर कोषागार में मिलीभगत कर फर्जी बिलों के जरिए 20.47 करोड़ रुपए के सरकारी धन का गबन किया गया था। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने इस रकम को छिपाने के लिए अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। बाद में खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकालकर धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदी गई। 'श्री बालाजी धाम' नाम से बसाई कॉलोनी ईडी के मुताबिक अवैध रूप से अर्जित धन को वैध दिखाने के उद्देश्य से खरीदी गई कृषि भूमि पर 'श्री बालाजी धाम' नाम से आवासीय प्लॉटिंग परियोजना विकसित की गई। अब ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय भूखंडों को कुर्क कर लिया है। कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल ईडी ने 9 जुलाई 2026 को विशेष पीएमएलए न्यायालय इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की। कोर्ट ने शिकायत स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिए हैं। पहले भी 4.43 करोड़ रुपए की संपत्ति हो चुकी है कुर्क यह मामला कट्ठीवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी की जांच में सामने आया था। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए और बैंक खाते फ्रीज किए थे। इससे पहले भी ईडी आरोपियों की 4.43 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है, जिसकी पुष्टि 10 मार्च 2026 को पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण ने कर दी थी। ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए… BEO ऑफिस से 20 करोड़ गबन मामले में आरोपी गिरफ्तार करीब 11 महीने पहले अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को 20.47 करोड़ रुपए के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। इंदौर ED के सब जोनल ऑफिस ने मुख्य आरोपी कमल राठौर को इंदौर से गिरफ्तार किया था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:58 pm

भिलाई के सेजेस खम्हरिया में रहस्यमयी घटनाओं से मचा हड़कंप:छात्राएं चीखीं, बेहोश हुईं, हाथ-पैर अकड़े; जांच में नहीं मिली शारीरिक बीमारी, 3 दिन में 8 केस, शिक्षा विभाग ने बनाई जांच टीम

भिलाई के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) में छात्राओं द्वारा अजीब हरकत करने, चीखने-चिल्लाने के साथ ही तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पिछले तीन दिनों में 9वीं-ए की 8 छात्राएं अचानक असामान्य व्यवहार करने लगीं। कुछ छात्राएं चीखने-चिल्लाने लगीं, कुछ बेहोश हो गईं, जबकि कुछ के हाथ-पैर अकड़ गए और आंखों से लगातार पानी निकलने लगा। घटना के बाद छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच में किसी तरह की शारीरिक बीमारी सामने नहीं आई। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही छात्राओं की काउंसलिंग कराने के लिए साइकोलॉजिकल टीम भी बुलाई गई है। 9 जुलाई से चल रहा पूरा मामलास्कूल की प्रिंसिपल सुनीता दीवान ने बताया कि पहली घटना 9 जुलाई को शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। एक छात्रा को अचानक चक्कर आया, जिसके बाद उसे स्टाफ रूम ले जाया गया। कुछ ही देर बाद दूसरी छात्रा जोर-जोर से चीखने लगी। दोनों के परिजनों को बुलाकर उन्हें घर भेज दिया गया। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि किसी भी छात्रा को पेट या दूसरी शारीरिक शिकायत नहीं हुई। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच और विशेषज्ञों की काउंसलिंग के बाद ही पूरे मामले की असली वजह सामने आ सकेगी। हाथ पैर अकड़ गया, ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी छात्राएंउन्होंने बताया कि इसके बाद उसी दिन तीन और छात्राएं क्लास में बेहोश हो गईं। उनके हाथ-पैर अकड़ गए, आंखों से पानी निकलने लगा और वे ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पहले 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन समय लगने की बात कहने पर छात्राओं को ऑटो से शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां करीब डेढ़ घंटे बाद सभी छात्राएं सामान्य हो गईं। डॉक्टरों की जांच में कोई गंभीर शारीरिक समस्या नहीं मिली। पहले दिन सबसे ज्यादा पांच छात्राएं हुई प्रभावित प्रिंसिपल के मुताबिक 9 जुलाई को पांच छात्राएं प्रभावित हुई थीं। इसके बाद 11 जुलाई को दो और छात्राओं की तबीयत इसी तरह बिगड़ी। इनमें से एक को अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरी कुछ देर बाद स्कूल में ही सामान्य हो गई। इसके बाद फिर एक और छात्रा के साथ ऐसी ही घटना हुई, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां भी वह थोड़ी देर में सामान्य हो गई। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अब तक यह स्थिति सिर्फ डे-शिफ्ट में पढ़ने वाली 9वीं-ए की छात्राओं के साथ ही सामने आई है। सुबह की शिफ्ट में पढ़ने वाले बच्चों या स्कूल के किसी शिक्षक को ऐसी कोई परेशानी नहीं हुई है। सभी की मेडिकल रिपोर्ट सामान्यप्रिंसिपल ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आने के बाद शुरुआती तौर पर मामला मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा लग रहा है। हालांकि अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। जिला शिक्षा अधिकारी को पूरी जानकारी दे दी गई है और उनकी ओर से छात्राओं की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर स्कूल ने 9वीं-ए का क्लासरूम भी बदल दिया है। शनिवार को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक में छात्राओं के अभिभावकों से भी चर्चा की गई। परिजनों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:26 pm

एमडीयू शिक्षा विभाग के HOD ऑफिस से 36830 रुपए बरामद:रोहतक में यूनिवर्सिटी ने बनाई कमेटी, छात्रों से अवैध वसूली करने के लगे थे आरोप

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD भगत सिंह राठी के ऑफिस में नए HOD डॉ. जितेंद्र ने चार्ज संभालते ही कार्रवाई कर दी। यूनिवर्सिटी की तरफ से बनाई जांच कमेटी ने ऑफिस का ताला खोलकर अंदर से 36830 रुपए बरामद किए, जिन्हें यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD डॉ. भगत सिंह राठी पर छात्रों से फेयरवेल पार्टी के नाम से अवैध वसूली की गई थी, जिसकी शिकायत विभाग के ही प्रोफेसरों ने वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया से की। वीसी ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्यकारी परिषद की मीटिंग में भगत सिंह राठी को सस्पेंड करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह को नया HOD बनाया था। चार्ज संभालते ही HOD ने की कार्रवाई शारीरिक शिक्षा विभाग के HOD डॉ. जितेंद्र सिंह ने कमेटी के साथ मिलकर पहले दिन ही कार्रवाई कर दी। डॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने ऑफिस का दरवाजा खोला और अंदर अलमारी से पैसों का एक पैकेट बरामद किया, जिसमें 36830 रुपए मिले। इस पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाई राशिडॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने पैसों की गिनती करवाई और रिपोर्ट तैयार करके कमेटी के साइन करवाए। साथ ही बरामद की गई राशि को यूनिवर्सिटी के अकाउंट में जमा करवा दिया। रुपयों के बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन ही कोई फैसला लेगा। ऑफिस से फाइल लेकर गया भगत सिंह राठी एमडीयू के शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने HOD रहे भगत सिंह राठी की एक वीडियो बनाई, जिसमें भगत सिंह राठी शनिवार को अपने साथ ऑफिस से फाइल लेकर गाड़ी में रख रहे है। भगत सिंह राठी दोबारा वापस आते, उससे पहले ही अन्य प्रोफेसर एकत्रित हो गए, जिसके बाद ऑफिस पर नए HOD ने अपना ताला लगा दिया था। वीसी ने संज्ञान लेते हुए की कार्रवाई छात्र नेता प्रदीप मोटा ने बताया कि छात्रों ने डॉ. भगत सिंह राठी के खिलाफ कई बार शिकायत दी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और भगत सिंह राठी को सस्पेंड करके एक जांच कमेटी बनाई, जिसने आज ऑफिस खोलकर रुपए बरामद किए है। कमेटी ने ऑफिस से बरामद की राशिकमेटी के सदस्य कुलताज ने बताया कि पूर्व एचओडी भगत सिंह राठी पर छात्रों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे है, जिस मामले में कमेटी ने ऑफिस का दरवाजा खोलकर 36830 रुपए बरामद कर लिए है। इसकी रिपोर्ट वीसी को भेज दी है। साथ ही बरामद रुपयों को यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:52 pm

राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे सुधारने की जरूरत बताई। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों पर बढ़ते दबाव और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।

देशबन्धु 13 Jul 2026 4:38 pm

कांग्रेस सेवा दल का वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ:किशनगंज में शिक्षकों के समायोजन और नियमित वेतनमान की मांग उठाई

किशनगंज में बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग को लेकर शुक्रवार को टाउन हॉल के समीप एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया। नियमित वेतनमान- सेवा सुरक्षा से वंचित वक्ताओं ने बताया कि बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था चार दशक से अधिक पुरानी है। इस दौरान हजारों शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, उन्हें अब तक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक डॉ. संजय यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ राज्यव्यापी महाआंदोलन 30 जून 2026 को अरवल से शुरू हुआ है। यह आंदोलन 24 अगस्त 2026 को पटना के सात मूर्ति (शहीद स्थल) पर समाप्त होगा। उन्होंने इसे हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बताया। सम्मानजनक नियमित वेतनमान मिले धरनार्थियों ने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त करने, वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने की मांग की। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा प्रदान करने की भी अपील की। अन्य मांगों में सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देना शामिल है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:36 pm

बलवीर सिंह सिसोदिया ने समग्र शिक्षा सिरोही में पदभार संभाला:रिक्त पदों से मजबूत होगी निरीक्षण व्यवस्था, सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता

समग्र शिक्षा कार्यालय, सीडीईओ कार्यालय सिरोही में बलवीर सिंह सिसोदिया ने सहायक निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने बताया कि सिरोही शिक्षा विभाग में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण पद रिक्त थे, जिससे प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। राज्य सरकार द्वारा इन रिक्त पदों पर नियुक्तियां किए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी। इससे स्कूलों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं शैक्षिक गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिलेगा, जिससे जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। बलवीर सिंह सिसोदिया के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) ईश्वर लाल पुरोहित, भंवर लाल पुरोहित, प्रिंसिपल नरेश परमार, तरुण बैरवा, रूपाराम चौहान, दुर्गेश गर्ग, त्रिभुवन सिंह देवड़ा, भंवर सिंह राव, सुरेन्द्र सिंह, ईश्वर सिंह और महेंद्र सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उपस्थित अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि बलवीर सिंह सिसोदिया के अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता से समग्र शिक्षा की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा। इससे स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग और जिले के शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:23 pm

आचार्यश्री बोले- सिर्फ पढ़ा-लिखा बनाना शिक्षा का उद्देश्य नहीं:बच्चों में नैतिकता-संस्कार जगाएं शिक्षक; टीचर्स ने आचार्यश्री महाश्रमण से की मुलाकात

लाडनूं में शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल (लाडनूं) और महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल (जयपुर) के शिक्षक और स्टाफ ने जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने आचार्यश्री और अन्य संतों से मिलकर उनका मंगल आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य से दोनों स्कूलों के स्टाफ में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। शिक्षक ही समाज को सही दिशा देता है: आचार्यश्री शिक्षकों को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा- शिक्षा का असली मकसद सिर्फ बच्चों को साक्षर (पढ़ा-लिखा) बनाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिकता, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं जगाना है। शिक्षक उस मूर्तिकार की तरह है जो विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण कर पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देता है। इस दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी, मुनिश्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी और मुनिश्री कीर्ति कुमार जी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। संतों ने कहा- स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला हैं, जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रेम और आत्मीयता के माहौल में होना चाहिए। प्रिंसिपल्स ने लिया बच्चों में संस्कार डालने का संकल्प दोनों स्कूलों की प्राचार्याओं (प्रिंसिपल्स) ने भी संतों के सामने अपने विचार रखे। लाडनूं स्कूल की प्रिंसिपल नीलिमा सिंह ने कहा- गुरुदेव से मिली यह आध्यात्मिक ऊर्जा बच्चों को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, जयपुर स्कूल की प्रिंसिपल मधु शेखावत ने कहा- जयपुर से लाडनूं तक की यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। वे अब स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों को भी जोड़ेंगी। प्रबंधन ने जताया आभारकार्यक्रम में मौजूद एजुकेशनल कन्वीनर गौरव जैन मांडोत, प्रवीण बराड़िया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ और सचिव सलिल लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से शिक्षकों में सकारात्मकता आई है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आएगी। अंत में सभी शिक्षकों ने संतों के आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक अच्छे समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 1:41 pm

जबलपुर में क्षमता से अधिक छात्रों से भरी स्कूल बस:वीडियो हुआ वायरल; जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

जबलपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत में बताया कि यह वीडियो सुंदरपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल की बस (क्रमांक एमपी-20 डीए-1365) का है। आरोप है कि बस चालक राजेश ठाकुर प्रतिदिन क्षमता से अधिक बच्चों को बस में ठूंस-ठूंसकर स्कूल लाता और छोड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस बस में 20 से 25 बच्चों के बैठने की क्षमता है, उसमें उससे कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यदि ऐसी लापरवाही के दौरान कोई हादसा होता है, तो बड़ी जनहानि हो सकती है। वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखने की बात कही है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 12:51 pm

वल्लभनगर के 14 सरकारी स्कूलों में कम नामांकन:25 से भी कम स्टूडेंट्स; शिक्षा विभाग कर सकता है समायोजन

वल्लभनगर ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन निर्धारित सीमा से काफी कम पाया गया है। शिक्षा विभाग की साल 2026 की नामांकन रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इन स्कूलों में अधिकतर सरकारी प्राथमिक स्कूल शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा विभाग ने यह सूची उन स्कूलों की पहचान के लिए तैयार की है जहां छात्र संख्या बहुत कम है। भविष्य में इन स्कूलों के संबंध में विभाग स्तर पर समायोजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। कम नामांकन वाले स्कूलों की सूची सामने आने के बाद क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:56 am

राजस्थान में शिक्षा विभाग के 1.20 लाख पद खाली:टोंक में 3588 मंजूर पदों में से 1041 पद रिक्त, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

सरकार शिक्षा में सुधार, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के दावे कर रही है, लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। शाला दर्पण पोर्टल के 1 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में शिक्षा विभाग के मंजूर 4 लाख 13 हजार 910 पदों में से 2 लाख 93 हजार 760 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 20 हजार 150 पद खाली पड़े हैं। टोंक जिले में भी 3588 मंजूर पदों में से 2547 पद भरे हुए हैं, जबकि 1041 पद खाली हैं। स्कूलों में शिक्षक, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता, नामांकन और बच्चों के स्कूल में बने रहने पर असर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। एक शिक्षक को पढ़ानी पड़ रही कई कक्षाएं राज्य के सरकारी स्कूलों में मानव संसाधनों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में शिक्षक कम होने के कारण एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं कई जगहों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर है। कई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाएंगी। भर्ती के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुश्किल शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही बकाया वरिष्ठ अध्यापक और लेक्चरर पदोन्नति, स्टाफिंग पैटर्न, पदोन्नत प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर खाली पद भरने चाहिए। नामांकन और ठहराव पर भी पड़ रहा असर सरकार की ओर से नामांकन बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और गतिविधियां नहीं होने के कारण बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है। जहां शिक्षक कम होते हैं वहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती। गतिविधियां सीमित रह जाती हैं और बच्चों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। राजस्थान में शिक्षा विभाग में पदों की स्थिति टोंक जिले में पदों की स्थिति सहायक कर्मचारियों की कमी भी बनी परेशानी स्कूलों में केवल शिक्षकों की ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की कमी भी कामकाज को प्रभावित कर रही है। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला परिचारक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। इसके कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को ही कार्यालय और प्रबंधन से जुड़े काम भी संभालने पड़ते हैं। इससे पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:38 am

शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास:कटनीकोल में 14.99 लाख से बनेगा, विधायक-पार्षद भी रहे मौजूद; सांसद बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ेगा क्षेत्र का भविष्य

शेखपुरा के नगर परिषद क्षेत्र के कटनीकोल (वार्ड संख्या-15) में रविवार को केंद्रीय विद्यालय निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई। जमुई लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण भारती ने दीप प्रज्वलित कर और शिलापट्ट का अनावरण करते हुए परियोजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। यह निर्माण कार्य सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कराया जा रहा है। पहले चरण में विद्यालय परिसर तक पक्के पहुंच पथ का निर्माण, परिसर का सौंदर्यीकरण, बाउंड्री वॉल और बुनियादी सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा। इस चरण के लिए करीब 14.99 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। आधुनिक सुविधाओं से विकसित होगा परिसर परियोजना के तहत केंद्रीय विद्यालय के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाई जाएगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को आने-जाने में सुविधा होगी। इसके साथ ही परिसर का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 'बच्चों के भविष्य के लिए मील का पत्थर' शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अरुण भारती ने कहा कि शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। कटनीकोल में बनने वाला यह विद्यालय केवल शेखपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में स्वीकृत 14.99 लाख रुपये से पहुंच पथ और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, ताकि विद्यालय शुरू होने से पहले छात्रों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों ने सराहा प्रयास कार्यक्रम में विधायक रणधीर कुमार सोनी, विधान पार्षद ललन महतो, एडीएम (विभागीय जांच), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, एसडीओ प्रियंका कुमारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक भी समारोह में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी। उनका कहना था कि बेहतर शैक्षणिक संस्थान बनने से रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से सांसद अरुण भारती सहित अन्य अतिथियों का बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। समारोह के दौरान लोगों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से शेखपुरा के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 6:18 am

उरांव समाज के लोगों के बीच शिक्षा और नशामुक्ति का दिया संदेश

भास्कर न्यूज | सतबरवा नारायण सेवा समिति ट्रस्ट, सतबरवा की ओर से रविवार को हरातू पंचायत के रमनदाग गांव में सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उरांव समाज के सैकड़ों जरूरतमंद लोगों के बीच साड़ी, धोती और अन्य वस्त्रों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष निर्दोष कुमार उर्फ अकलू बाबा ने लोगों को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। साथ ही उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है। उन्होंने सभी से स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की। भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के पैक्सों के माध्यम से किसानों के लिए धान, अरहर, तिल, मक्का, उड़द एवं मूंगफली (बदाम) के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि इन फसलों की बुआई के लिए आवश्यक डीएपी खाद समय पर उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कृषि विभाग की ओर से पैक्सों में डीएपी के बजाय यूरिया और नैनो यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इस समय किसानों को सबसे अधिक जरूरत डीएपी खाद की है। पैक्स की इस व्यवस्था पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसानों का आरोप है कि डीएपी खाद की आपूर्ति में अनियमितता बरती जा रही है। इससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में पाटन पैक्स अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में धान समेत अधिकांश खरीफ फसलों की बुआई चल रही है। इसमें डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। लेकिन विभाग ने पैक्सों में डीएपी की जगह यूरिया उपलब्ध कराया है। किसान इस समय इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

सादुलपुर; शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालेंगे

सादुलपुर | राजस्थान शिक्षक संघ एसटीएफआई उपशाखा राजगढ़ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष संजय खीचड़ ने बताया कि मंगलवार दोपहर दो बजे शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली जाएगी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री की तानाशाही के खिलाफ और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याताओं सहित तमाम शिक्षा कर्मियों का ट्रांसफर स्थाई और पारदर्शी नीति के तहत करने, दुर्भावना पूर्ण तरीके से किए गए ट्रांसफर ऑर्डर तुरंत प्रभाव से वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा। ब्लॉक मंत्री सतीश जांगिड़ ने बताया कि शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाल कर पुतला जलाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

परीक्षा आयोजित करेगा शिक्षा विभाग:आत्मानंद स्कूलों में शिक्षक भर्ती डीपीआई ने रद्द कर दी, रायपुर के 33 स्कूलों में 152 पद खाली

राजधानी के 33 आत्मानंद स्कूलों में संविदा के 152 पद अब भी खाली हैं। कुछ महीने पहले इन पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके लिए 26 मई को पात्र-अपात्र सूची भी जारी कर दी गई थी। अभ्यर्थी मेरिट सूची का इंतजार कर ही रहे थे कि 30 मई को डीपीआई ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी जिलों में आत्मानंद स्कूलों की चल रही संविदा भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी। पत्र में कहा गया कि अब भर्ती प्रक्रिया डीपीआई स्तर से कराई जाएगी। हालांकि भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी, जबकि 16 जून से प्रदेश के सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। स्कूल खुलने के लगभग एक माह होने वाला है, लेकिन डीपीआई की ओर से भर्ती को लेकर कोई नई जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में आत्मानंद स्कूलों का संचालन आधे-अधूरे स्टाफ के भरोसे हो रहा है। कई स्कूलों में आधे से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है और कुछ अभिभावक बच्चों का दूसरे स्कूलों में प्रवेश कराने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में भास्कर की पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए। इधर... भनपुरी और गुढ़ियारी स्कूल में 11-11 पद भी खालीशहर में 33 आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं। वर्ष 2023 से शशिबाला स्कूल गुढ़ियारी, सप्रे स्कूल बूढ़ापारा, काशीराम स्कूल भनपुरी, गवर्नमेंट स्कूल रायपुरा और गवर्नमेंट स्कूल त्रिमूर्ति नगर को आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के रूप में संचालित किया जा रहा है। इनमें भनपुरी और शशिबाला स्कूल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दोनों स्कूलों में 11-11 पद खाली हैं। इनमें हिंदी, संस्कृत, कॉमर्स, बायोलॉजी, आर्ट्स और फिजिक्स के व्याख्याता, हिंदी और अंग्रेजी शिक्षक, सहायक शिक्षक, लैब अटेंडेंट तथा पीटीआई के पद शामिल हैं। सप्रे स्कूल में हुआ था विवाद...छात्र-पैरेंट्स नाराजपिछले महीने बूढ़ापारा स्थित आत्मानंद (सप्रे) स्कूल में 12वीं कॉमर्स और आर्ट्स के छात्रों को शिक्षक नहीं होने के कारण दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दी गई थी। इससे छात्र और अभिभावक नाराज हो गए थे। पहले यहां डीएमएफ फंड से शिक्षकों की भर्ती की गई थी। कार्यकाल समाप्त होने पर वे चले गए। पद खाली होने के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दी थी। विरोध के बाद डीईओ ने फिर डीएमएफ फंड से शिक्षकों की नियुक्ति कराई। ऐसी तैयारी...अब तक मेरिट से भर्ती, आगे हो सकती है परीक्षाअब तक आत्मानंद स्कूलों में संविदा भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बिना होती थी। स्नातक और स्नातकोत्तर के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती थी। इसके बाद प्रत्येक पद के लिए 10-10 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाकर अंतिम सूची जारी की जाती थी। सूत्रों के अनुसार अब डीपीआई भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित कर सकता है। हालांकि इसे लेकर अभी तक किसी तरह के निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में डीपीआई रितुराज रघुवंशी से कई बार मोबाइल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उनकी तरफ से मैसेज का भी ​रिप्लाई नहीं किया गया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

लखनऊ में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती सुधार की मांग की:इको गार्डन में इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0 का समापन, छात्रों ने उठाई आवाज

लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को शिक्षा सुधार, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर 'इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0' के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह पदयात्रा लखनऊ में समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र,युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सत्याग्रही मनीष मौर्या और लकी मौर्या ने लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें उन्होंने पांच जिलों की सीमाएं पार कीं।इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर छात्रों,युवाओं और आम लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।आंदोलनकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। शिक्षा व्यवस्था को छात्र हितैषी बनाया जाए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से परीक्षा,परिणाम और भर्तियों में देरी के साथ-साथ पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाए।यूथ इंकलाब टीम उत्तर प्रदेश ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। टीम के प्रमुख श्रेयांश यशस्वी ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि युवाओं के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एक जनआंदोलन है,जिसे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारीयों ने प्रमुख मांगे रखी आंदोलन के दौरान कई विशिष्ट मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षा पर कुल बजट का 10 प्रतिशत खर्च करना, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक स्वतंत्र संवैधानिक परीक्षा आयोग का गठन, अनुभवी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति,टीजीटी-पीजीटी सहित शिक्षक भर्तियों को प्रतिवर्ष आयोजित करना,कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना और पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह शाक्य और उनकी टीम ने आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान की,जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (एआईएसए) ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने शिक्षा सुधार और निष्पक्ष भर्ती के मुद्दे को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 10:26 pm

वाराणसी में जूना अखाड़े की बैठक:शिक्षा-कुंभ की तैयारियों पर मंथन, 5 साल बाद विद्यालय प्रबंधन का चुनाव होगा

वाराणसी के कमच्छा स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के परिसर में रविवार शाम 7:30 बजे आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में देशभर से आए नागा साधु, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और अखाड़े के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आगामी अर्धकुंभ, सिंहस्थ कुंभ, आषाढ़ शिवरात्रि, गुप्त नवरात्र और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अखाड़े द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के विकास, विद्यालय प्रबंधन समिति के चुनाव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। संतों ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और समाज सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पहले बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के किए दर्शन बैठक में शामिल होने से पहले आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बाबा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक किया। दर्शन के बाद वे कमच्छा स्थित सभा स्थल पहुंचे, जहां संत-महात्माओं ने उनका स्वागत किया। शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर बैठक में जूना अखाड़े द्वारा संचालित भारती कॉलेज और भारतीय विद्यालय की शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। संतों ने ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की। शिक्षा के विस्तार को अखाड़े की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया। हरि गिरि महाराज ने बताया बैठक का उद्देश्य जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने कहा कि आषाढ़ मास की शिवरात्रि और गुप्त नवरात्र साधु-संतों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन भी है। उन्होंने कहा कि संत समाज बाबा विश्वनाथ और बाबा काल भैरव से समाज में न्याय, निर्भयता और सद्बुद्धि की कामना करता है। धर्म और सत्य की स्थापना के लिए सभी संत मिलकर कार्य कर रहे हैं। पांच साल बाद होगा विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव बैठक में भारतीय विद्यालय की प्रबंधन समिति के चुनाव पर भी चर्चा हुई। हरि गिरि महाराज ने बताया कि पांच साल बाद यह चुनाव कराया जा रहा है। चुनाव शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा। सोमवार सुबह 11 बजे तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्त चुनाव प्रभारी की निगरानी में कराया जाएगा। अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां शुरू बैठक में मोहन भारती ने आगामी अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर तक टेंट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में अर्धकुंभ और नासिक में सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देशभर से पहुंचे संत-महात्मा बैठक में अखाड़ा परिषद के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज, प्रेम गिरि महाराज, उमाशंकर भारती सहित कई महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, नागा साधु और अखाड़े के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार और कुंभ की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए। जूना अखाड़े का ऐतिहासिक महत्व श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा देश के सबसे बड़े और प्राचीन अखाड़ों में से एक माना जाता है। इसका मुख्य मठ वाराणसी के हनुमान घाट पर स्थित है। परंपरा के अनुसार इसकी स्थापना 13वीं शताब्दी के आसपास मानी जाती है, जबकि सरकारी अभिलेखों में इसका पंजीकरण वर्ष 1860 में दर्ज है। वर्ष 1954 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का गठन किया गया था, जिसके बाद विभिन्न अखाड़ों के बीच समन्वय की व्यवस्था बनाई गई।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:57 pm

सेवा भारती समिति ने दो बाल संस्कार केंद्र शुरू किए:बोले- शिक्षा और संस्कार पर दिया जाए जोर

सेवा भारती समिति जालोर द्वारा रविवार को शहर की विभिन्न बस्तियों में दो नए बाल संस्कार केंद्रों का शुभारंभ किया गया। शांति नगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख नटवरराज नागौर ने दीप प्रज्वलित कर केंद्रों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेवा भारती देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में शिक्षा केंद्र, छात्रावास, एम्बुलेंस, चल चिकित्सा केंद्र तथा सिलाई केंद्र जैसे अनेक सेवा प्रकल्प संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षित, स्वावलंबी, स्वाभिमानी और स्वस्थ बनाना ही सेवा भारती का उद्देश्य है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि नव प्रारंभ हुए बाल संस्कार केंद्र बस्ती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में विभाग सेवा प्रमुख भूपेंद्र, जिला सेवा प्रमुख मीठालाल, नगर सेवा प्रमुख जितेश, सेवा भारती जालोर के कोषाध्यक्ष जीतू भाई सोनी, केंद्र संचालिका रिंकू और बस्ती के अनेक लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:05 pm

थाली बजाकर सपा महिला सभा का प्रदर्शन:शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा

बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) महिला सभा ने रविवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष स्मिता यादव के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय से अयूब खां चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा गया। प्रदर्शन से पहले, सपा कार्यालय में एक मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार पर चर्चा हुई। कई महिलाओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और उन्हें संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके बाद, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़क पर उतरीं और नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष स्मिता यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने थाली बजाओ, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार लाओ के नारे के माध्यम से जनसमस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। स्मिता यादव ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। सरकार पर निशाना साधा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्मिता यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अपराध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्मिता यादव ने महंगाई, राशन वितरण और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का फैसला करेगी और समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा। इस कार्यक्रम में जिला महासचिव मिथलेश कुमारी, जिला उपाध्यक्ष हूरिया रहमान, शशि चंद्रा, ममता सागर, ऊषा यादव, नीलम वर्मा, आसमां पाशा, सीमा यादव, निष्ठा पटेल, शबाना, रेशमा, सीमा परवीन, कविता, दुर्गा, पूनम, समर खान, रुबीना खान, शबीना खान, आलिया, अर्शमान, आइज़ा, रेखा, शिफा और रीना सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:03 pm

आयरन लेडी फाउंडेशन ने संभाली स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी:उदयपुर के रामपुरिया गांव में शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उदयपुर के पलाना खुर्द स्थित रामपुरिया गाँव में बुनियादी शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता ने गाँव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नए स्कूल भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, फाउंडेशन द्वारा स्कूल परिसर में एक आधुनिक पानी की टंकी और शौचालय का निर्माण भी करवाया गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम का सफल संचालन स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह ने किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना को साकार करने में 'मंत्रा फॉर चेंज फाउंडेशन' की संतोष जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर गाँव की जागरूक शिक्षिका आरती बेनीवाल और मधु लता शर्मा भी उपस्थित रहीं। रामपुरिया गाँव में इस नई शुरुआत को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ-साथ मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से इन्द्रा भील, प्रभु लाल खटीक, कनक खटीक और सविना बाई मौजूद रहे। समारोह में उपस्थित अतिथियों और फाउंडेशन की प्रमुख राशी मेहता ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए एक विशेष अपील की। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान देने का आग्रह किया। मेहता ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजकर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं, ताकि वे अपने गाँव और समाज का नाम रोशन कर सकें।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 4:16 pm

बिजनौर के नहटौर विधायक और शिक्षा विभाग ने किया पौधरोपण:विधायक बोले-पौधे आने वाली पीढ़ियों को जीवन देते हैं

बिजनौर में सरकार के एक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत समग्र विद्यालय गड़ाना में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रमेन्द्र रायसान ने किया। कार्यक्रम में नहटौर के विधायक ओम कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी देवमल प्रभात कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायक ओम कुमार ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित जीवन प्रदान करने का आधार भी हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार ने कहा कि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आज लगाए गए प्रत्येक पौधे को भविष्य की अमूल्य धरोहर बताया। प्रमेन्द्र रायसान ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने जोर दिया कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक व्यक्ति लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प ले। कार्यक्रम में एआरपी हल्दौर नितिन बालियान, नरेश कुमार, अरुण कुमार, कनिका गुप्ता सहित शिक्षक हरगोविन्द, अनुराग विशनोई, मो इरफान, रंजीत सिंह, सचिन राजपूत, मुहम्मद जावेद, तरुण गुप्ता, कंचन कुमार, संजीव कुमार, सुहेल अख्तर बेग, सुधीर शर्मा, भूपेंद्र सिंह, अमर सिंह, विष्णु कुमार, अल्फिया अफजाल, मोनिका अग्रवाल, असमा बेबी, दीशु और विकास खंड हल्दौर के अनेक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया। सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 12:53 pm

ट्रांसफर बेन के बाद शिक्षा विभाग में 2 हजार तबादले:10 जुलाई तक ई-हस्ताक्षर से जारी हुई लिस्ट, अब डायरेक्टर ने हाथ से किए हस्ताक्षर

राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई से तबादलों पर रोक लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग में इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर जारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 1 हजार 987 प्रिंसिपल, लेक्चरर, ग्रेड सेकंड टीचर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के तबादलों की नई सूची जारी की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई तक जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-हस्ताक्षर थे, जबकि रविवार को सामने आई सूची में उनके हाथ से किए गए हस्ताक्षर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी शिक्षा विभाग में तबादले जारी रह सकते हैं। 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के हुए ट्रांसफर शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई ट्रांसफर सूची में 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब डेढ़ हजार ट्रांसफर भी किए गए हैं। बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी हुए तबादले नई सूची में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। एक ही सूची में लाइब्रेरियन और बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के 278 ट्रांसफर शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों की अलग-अलग सूचियों में 408 और 237 ट्रांसफर किए गए हैं। पहले जारी तबादलों में भी किया बदलाव शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई से पहले जिन प्रिंसिपल और लेक्चरर के ट्रांसफर किए थे, उनमें भी बदलाव किया है। सात प्रिंसिपल से जुड़ी नई सूची जारी की गई है। इसमें छह प्रिंसिपल का तबादला किया गया है, जबकि एक प्रिंसिपल के मामले में केवल स्कूल बदला गया है। आने वाले दिनों में और सूची आने की संभावना माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेश भी हाथ से हस्ताक्षर करके जारी किए जाने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इन सूचियों के जारी होने की चर्चा भी चल रही है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 9:24 am

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:12 pm

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am