डिजिटल समाचार स्रोत

...

चंपारन सत्याग्रह महोत्सव का आयोजन:स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शिक्षा पर विशेष ध्यान

मोतिहारी के कोटवा प्रखंड स्थित पट्टी जसौली गांव में चंपारण सत्याग्रह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह की ऐतिहासिक स्मृतियों को ताजा करना और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ना था। लोकनृत्य और देशभक्ति नाटकों की प्रस्तुतियां हुईं महोत्सव के दौरान विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने पारंपरिक गीत-संगीत, लोकनृत्य और देशभक्ति नाटकों की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और स्वतंत्रता आंदोलन की यादें ताजा कीं। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटकों में चंपारण सत्याग्रह के संघर्ष और महात्मा गांधी के नेतृत्व को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। छात्राओं ने लगाई पेंटिंग प्रदर्शनी मध्य विद्यालय सुंदरापुर की छात्राओं ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक पेंटिंग प्रदर्शनी भी लगाई। इन पेंटिंग्स के जरिए चंपारण सत्याग्रह के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया। छात्राओं ने गांधी जी की चंपारण यात्रा, पट्टी जसौली गांव में उनके भ्रमण और प्रवास के दौरान उनके साथियों के चित्रों को चित्रित किया। इन चित्रों ने दर्शकों का ध्यान खींचा और ऐतिहासिक पलों को प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने स्टॉलों से जानकारी प्राप्त की इस महोत्सव में शिक्षा और संस्कृति के साथ-साथ जन जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि, बाल विकास, बिजली, सौर ऊर्जा और स्वास्थ्य सहित लगभग 20 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों ने इन स्टॉलों में सक्रिय रूप से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता लाने और युवाओं को देश के इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महोत्सव ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ विकास और जागरूकता का संदेश भी दिया।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 8:59 pm

UP STF की आजमगढ़ में छापेमारी:217 फर्जी शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट और सर्टिफिकेट के साथ दो अरेस्ट, 42 फर्जी मोहर मिली

यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र में छापेमारी की है। यहां शिक्षा बोर्ड और यूनिवर्सिटी की मार्कशीट सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर सर्टिफिकेट के साथ दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 217 विभिन्न फर्जी शिक्षा बोर्ड यूनिवर्सिटी की मार्कशीट सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद किया गया है। उनके पास से 42 फर्जी मोहर और 10 मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है उनकी पहचान आजमगढ़ के बरहद थाना के शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा उर्फ शनि पुत्र हरिशंकर राय और ठेकमा गांव के मनीष कुमार राय पुत्र महेन्द्र राय के रूप में हुई है। फर्जी वेबसाइट बनाकर किया रिजल्ट अपलोड किया जाता था यूपी एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया की माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट www.upmsp.edu.in है। जबकि कतिपय अवांछित तत्वों / व्यक्तियों की ओर से फर्जी वेबसाइट www.upmsp-edu.in एवं www.upms ponline.in चलाई जा रही थी। इस बेवसाइट को अधिकारिक बेवसाइट से मिलता-जुलता बनाया गया था। इससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती थी। इस सम्बन्ध में सचिव, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रयागराज के साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी कड़ी में एसटीएफ के डीएसपी शुधान्शु शेखर की निगरानी में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन किया जा रहा था। इसी कड़ी में STF की टीम आजमगढ़ पहुंची। यहां विश्वनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि विभिन्न प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का सरगना शशि प्रकाश राय है, जो अपने घर पर मौजूद है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से बीएससी पास, उसके बाद बनाया कॉल सेंटर गिरफ्तार अभियुक्त शशि प्रकाश राय ने पूछताछ पर बताया कि उसने दिल्ली से B.Sc किया है। इसका एक गिरोह है। जो विभिन्न प्रकार के फर्जी / कूटरचित दस्तावेज तैयार करता है। इसके पहले यह आगरा में भी काम कर चुका है। वर्ष 2022 में जनपद जौनपुर में एक काॅल सेंटर खोला, जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम इस तरह के दस्तावेज बनाने आदि का पोस्ट डाला जाता था। लोग सम्पर्क करते थे, जिसके बाद शशि प्रकाश अपने ममेरे भाई मनीष राय को आवश्यकता अनुसार डिटेल बताता था। इसके बता डिटेल के अनुसार मनीष राय फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। फर्जी बेवसाइट पर कूटरचित मार्कशीट का रिजल्ट भी अपलोड कर दिया जाता था। जिससे लोग वेबसाइट पर रोल नंबर डालकर रिजल्ट ऑनलाइन चेक करते थे, जो वह दस्तावेज (शिक्षा बोर्ड / यूनिर्वसिटी) असली प्रतीत होता था। फर्जी मार्कशीट के आधार पर लोग विभिन्न संस्थानों में नौकरी पा जाते है तो उनका ऑनलाइन / ऑफलाइन वेरीफिकेशन भी कर देता था। फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने के लिए नाम पर होती थी 15 से 20 हजार की वसूलीफर्जी मार्कशीट व अन्य प्रपत्र आदि बनवाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये लेता था। जिसे सभी लोग आपस में बांट लेते थे। लोगों को फर्जी दस्तावेज कोरियर के माध्यम से भेजते थे। अब तक लगभग 6-7 हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार किया जा चुका है। यूपी एसटीएफ आरोपियों के लिंकेज की भी तलाश कर रही है।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 8:37 pm

देश विरोधी शिक्षा देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी: दिलावर:मंत्री ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्श अपनाने को कहा

बूंदी में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री ने डाइट परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश विरोधी शिक्षा देने वाली शिक्षण संस्थाओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बूंदी के शिक्षकों व शिक्षाविदों द्वारा रचित पुस्तक 'हाड़ी रानी गमक' का विमोचन भी किया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में मंत्री ने छुआछूत और जातिवादी मानसिकता को पूरी तरह खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में सभी वर्गों का समान अधिकार है और यहां कोई ऊंचा या नीचा नहीं होता। उन्होंने समाज के पिछड़े और दलित वर्गों को मुख्यधारा में साथ लेकर चलने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी उत्पाद खरीदने पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 8:12 pm

स्कूल शिक्षा के बाद अब ट्राइबल के शिक्षकों को खतरा:जनजातीय कार्य विभाग का आदेश; ट्राइबल के 65 हजार शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा

स्कूल शिक्षा विभाग के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के बाद अब ट्राइबल के 65 हजार शिक्षकों की नौकरी भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण खतरे में आ गई है। जनजातीय कार्य विभाग के कमिश्नर ने स्कूल शिक्षा विभाग की तर्ज पर ट्राइबल में पदस्थ शिक्षकों की परीक्षा के निर्देश जारी कर दिए हैं। जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी द्वारा आज जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग व अनुसूचित जाति विभाग इस परीक्षा की जानकारी ट्राइबल के शिक्षकों को देंगे। निर्देशों में कहा गया है कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य है और इसे दो वर्षों में पास करना होगा। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश (सिविल अपील क्रमांक 1385/2025, 1386/2025 व अन्य याचिकाएं) के पालन में लिया गया है। साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू की जा रही है। निर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर जोर जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त ने कहा है कि आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा 2 मार्च को जारी निर्देश में जुलाई-अगस्त 2026 में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की योजना बनाई गई है। इसलिए विभाग के सभी संभागीय उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों एवं जिला संयोजकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों की परीक्षा में भागीदारी तय कराएंं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि पात्रता परीक्षा में सभी अपात्र शिक्षक शामिल होकर नियमानुसार योग्यता प्राप्त कर सकें। सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन की तैयारी दूसरी ओर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगोर ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर रिव्यू पिटीशन दायर की जा रही है। इसके लिए आरएस झा रिटायर्ड हाईकोर्ट जस्टिस पंजाब और हरियाणा को संगठन की ओर से दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं। सिंगोर ने कहा कि ट्राइबल में 95 हजार शिक्षक हैं, जिसमें से 65 हजार शिक्षकों को परीक्षा देना होगी। सिंगोर ने कहा कि चूंकि हमारा एसोसिएशन वेलफेयर के रूप में काम करता है और आदिवासी बच्चों के हितों के लिए एक्टिव है। इसलिए कोर्ट में यह भी दलील दी जा रही है कि सरकार के निर्णय से ट्राइबल के स्कूल खाली हो जाएंगे। अनुभवी शिक्षक बाहर हो जाएंगे और अतिथि शिक्षकों के चलते शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी। सिंगोर ने कहा कि अगले तीन दिन के अवकाश खत्म होते ही पिटीशन दायर हो जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 6:34 pm

महासमुंद में पंचायतों ने शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार का खाका बनाया:सरपंचों को गांव का अभिभावक कहा, शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता

महासमुंद जिले के बागबाहरा जनपद पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम पंचायत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में जनपद अध्यक्ष ने सरपंचों को गांव का अभिभावक बताते हुए शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब रटने की परंपरा छोड़कर बच्चों में आत्मविश्वास और कौशल विकास पर जोर दिया जाना चाहिए। 'थिंक टैंक' बनाया जाएजनपद पंचायत उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार और सभापति मधुलिका चंद्राकर ने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर शिक्षित युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी से एक सशक्त 'थिंक टैंक' बनाया जाए। यह थिंक टैंक शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करेगा। गांव के विकास की नींव नशा मुक्ति पर टिकी मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.एस. मरावी ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए विकास कार्यों के लिए धन की कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जल्द ही राशि पंचायतों को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा भी गांव के वास्तविक विकास की नींव नशा मुक्ति पर टिकी होती है और इसके बिना प्रगति संभव नहीं है। जर्जर भवन हटाने और पेयजल व्यवस्था के निर्देश बैठक में जमीनी मुद्दों पर भी गंभीरता से निर्णय लिए गए। सरपंचों को निर्देश दिया गया कि जर्जर और खतरनाक स्कूल भवनों को तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 6:14 pm

'बीकापुर में 100 से ज्यादा सड़कें बनवाई':विधायक अमित सिंह चौहान बोले– पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े काम किए, कई नई योजनाएं प्रस्तावित

अयोध्या की बीकापुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए डॉ. अमित कुमार सिंह चौहान ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल को विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक काम हुए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिला है। बीकापुर, मसौधा, सोहावल और हैरिंग्टनगंज के गांवों को जोड़ने के लिए 100 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई गई। उन्होंने कहा कि हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज का निर्माण, बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस की स्थापना और एक मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। विधायक का दावा है कि उनके कार्यकाल में बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में जितना विकास काम हुआ है, उतना पिछले कई वर्षों में कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जनता ने उनके कामकाज पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐतिहासिक काम पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ योजनाओं के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। पढ़िए सवाल-जवाब में डॉ. अमित सिंह चौहान का इंटरव्यू… सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने अंक देंगे?जवाब: 2017 से पहले और उसके बाद के समय में बड़ा अंतर आया है। पहले जनप्रतिनिधि और जनता के बीच दूरी रहती थी, जिसे हमने खत्म करने का काम किया। पिछले नौ वर्षों (माता शोभा सिंह चौहान के कार्यकाल सहित) में हमने लगातार जनता के बीच रहकर काम किया है। हम खुद को अंक नहीं दे सकते, यह जनता तय करेगी। हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज बनकर तैयार है। बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस बन गया है, जहां पूरे जिले की दवाएं स्टोर हो रही हैं। इसके अलावा मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां दिव्यांग बच्चों के रहने की सुविधा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने महत्वपूर्ण कार्य किया है। मेरी कोशिश रही कि कोई भी गरीब परिवार इलाज से वंचित न रहे। जिनके पास आर्थिक संसाधन नहीं थे, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई गई। चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की मदद जरूरतमंदों को दिलाई गई। सवाल: आपके क्षेत्र में सबसे बड़ा काम कौन सा रहा?जवाब: पहले क्षेत्र में अधिकांश सड़कें कच्ची थीं और गांवों के बीच संपर्क का अभाव था। हमारी प्राथमिकता कनेक्टिविटी बढ़ाना थी। ढेमवा पुल से सोहावल तक सड़क निर्माण कराया गया। सुचित्तागंज बाजार की सड़क का चौड़ीकरण किया गया। बड़ा गांव-ढेवड़ी होते हुए मिल्कीपुर मार्ग का विस्तार हुआ। सोहावल-ढेवड़ी-रौनाही मार्ग का निर्माण हुआ। इसके अलावा सुचित्तागंज से मसौधा चीनी मिल तक सड़क का चौड़ीकरण और उच्चीकरण किया गया। बीकापुर में जलालपुर-चनहा और जलालपुर-शाहगंज मार्ग का निर्माण कराया गया।कुल मिलाकर 100 से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ, जिससे आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी पूरा नहीं हो सका?जवाब: विकास कार्यों की कोई सीमा नहीं होती। पिलखांवा से ढेवड़ी जाने वाले मार्ग और भरतकुंड से जुड़ने वाली सड़क का निर्माण अभी बाकी है। रूसिया माफी पुल भी एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे मसौधा से भदरसा होते हुए बीकापुर की दूरी 10 से 14 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा लखनऊ-अयोध्या रोड से देवराकोट, सारंगापुर, रामकोट ग्रंट, सीबार से हनुमान मंदिर तक और बड़ा गांव बाजार की सड़क पर जल्द काम शुरू होगा। इसके अलावा कुछ और कार्य शासन को भेजे गए है। सवाल: क्या 2027 में पार्टी आपको फिर से उम्मीदवार बनाएगी?जवाब: मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं। 2022 में पार्टी ने मुझे मौका दिया और जनता ने आशीर्वाद दिया। 2027 में पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी पिष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा। सवाल: क्षेत्र के पौराणिक और आध्यात्मिक स्थलों का कितना विकास हुआ?जवाब: हमारी विधानसभा में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। भरतकुंड के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। सीता कुंड का विकास कार्य जारी है। मां ज्वाला देवी मंदिर और महादेवपुर मंदिर का भी विकास कराया गया है। महादेवपुर में गेस्ट हाउस की सुविधा भी विकसित की गई है। इसके अलावा कई अन्य मंदिरों और पौराणिक स्थलों का भी विकास हुआ है। सवाल: रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोग परेशान हैं?जवाब: इस समस्या को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। सवाल: UGC को लेकर सामान्य वर्ग में विरोध की स्थिति दिख रही है?जवाब: भाजपा सरकार सर्व समाज के हित में काम करती है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है और सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। डॉ. अमित सिंह चौहान का दावा है कि बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। वहीं, अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने का भरोसा भी उन्होंने जताया है।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 1:24 pm

शिक्षा-स्वास्थ्य संस्थानों को LPG वितरण में पहली प्राथमिकता:गैस कालाबाजारी पर सख्ती; कलेक्टर ने निगरानी के दिए निर्देश

सिंगरौली जिले में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के लिए प्रशासन ने एक नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू की है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कमर्शियल गैस वितरण को चार श्रेणियों में बांटा गया है। पहली प्राथमिकता में 30 प्रतिशत आवंटन शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को दिया जाएगा। इन संस्थानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस, जेल और जरूरी सेवाओं को 35% गैस आवंटन दूसरी प्राथमिकता में 35 प्रतिशत गैस पुलिस, जेल, सुरक्षा बल, महिला एवं बाल विकास और सामाजिक न्याय विभाग के आवासीय संस्थानों, एयरपोर्ट, रेलवे सेवाओं और दीनदयाल रसोई योजना को उपलब्ध कराई जाएगी। तीसरी प्राथमिकता के तहत 25 प्रतिशत गैस होटल, रेस्टोरेंट, केटरिंग सेवाओं, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए निर्धारित की गई है। वहीं, चौथी प्राथमिकता में 5 प्रतिशत गैस फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फीड और बीज प्रसंस्करण उद्योगों को दी जाएगी। अन्य संस्थानों और उद्योगों के लिए आवश्यकतानुसार अलग से निर्णय लिया जाएगा। गैस कालाबाजारी पर सख्ती, नियमित जांच के निर्देश कलेक्टर गौरव बैनल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण, कम वजन, कालाबाजारी और घरेलू उपयोग में अवैध डायवर्जन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को कोई परेशानी न हो और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 11:23 am

अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में शिक्षा रत्न सम्मान समारोह

अमृतसर| अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस और सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के सहयोग से श्री गुरु रामदास ऑडिटोरियम में ‘शिक्षा रत्न सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंजाब विधानसभा के स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवां और सीबीएसई लुधियाना के क्षेत्रीय अधिकारी संजय कुमार बिष्ट विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए एमवीएन स्कूल की प्रिंसिपल रीना ठाकुर को ‘शिक्षा रत्न सम्मान' से नवाजा गया। समारोह में शिक्षा जगत की कई नामी हस्तियों ने भाग लिया और शिक्षकों के समर्पण की सराहना की।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 5:39 am

शाजापुर में 16 मई से 1 जून तक संघ शिक्षा वर्ग

शाजापुर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग 16 मई से 1 जून तक होगा। वर्ग स्थल सरस्वती विद्या मंदिर, दुपाड़ा रोड रहेगा। मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने शिक्षा वर्ग की तैयारियों की शुरुआत कर भूमिपूजन किया। संघ शिक्षा वर्ग देशभर में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए लगाए जाते हैं। इन वर्गों में संघ की कार्य पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाता है। शारीरिक प्रशिक्षण होता है।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 5:25 am

शिक्षा समिति की बैठक में सीसीटीवी की मांग

भास्कर न्यूज | समस्तीपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला पंचरुखी में विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक अध्यक्ष अनीता देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय की सुरक्षा, पोषण वाटिका निर्माण और मध्याह्न भोजन व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।इस दौरान समिति की सचिव कंचन देवी ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। सदस्यों ने प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार से विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बैठक में शिक्षिका खुशबू राय द्वारा पोषण वाटिका के नवनिर्माण में सहयोग का आग्रह किया गया, जिसे सभी सदस्यों ने सहमति दी। साथ ही सहजन के पौधे विद्यालय परिसर के बाहर भी लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिक हरियाली और पोषण का लाभ मिल सके। गैस की समस्या के बावजूद मध्याह्न भोजन योजना को बाधित नहीं होने दें।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 4:49 am

किताबों से आगे बढ़ी शिक्षा...अब स्किल, रिसर्च व वैल्यू पर फोकस

गैप को भर पाना आसान नहीं हमारे पास अभी जो एजुकेशन पॉलिसी है, आने वाले समय में वह एजुकेशन पॉलिसी बदल जाएगी। साल 2047 तक जब हम एनईपी 2020 को अचीव कर लेंगे, तब विश्व कोई दूसरा एजुकेशन पॉलिसी में आगे बढ़ चुका होगा। इस गैप को भर पाना आसान नहीं है। -एसके सिन्हा, डिप्टी डायरेक्टर, चिरंजीवी कंसेप्ट स्कूल बच्चों-पेरेंट्स की काउंसलिंग बच्चों में मेंटल हेल्थ की समस्या का सबसे बड़ा कारण स्क्रीन टाइम है। बच्चें आज रील्स देखते हैं जिससे उनकी मेमोरी शॉर्ट हो गई है और वे अकेला महसूस करते है। बच्चे फोन का इस्तेमाल सिर्फ एक घंटे करें व पेरेंट्स की निगरानी में करें। स्कूलों में भी बच्चों और पेरेंट्स की काउंसलिंग होती है। -रंजना स्वरूप, डायरेक्टर एकेडमिक्स, शारदा ग्लोबल स्कूल फीमेल रोल मॉडल की कमी नहीं हमारे समाज में फीमेल रोल मॉडल की कोई कमी नहीं है, हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि उनकी शिक्षा को और मजबूत किया जाए, ताकि वे आगे बढ़कर समाज को नई दिशा दे सकें। -किरण यादव, प्रिंसिपल, नीरजा सहाय डीएवी स्कूल पेरेंट्स पढ़ाई में भागीदार हों एनईपी के तहत स्कूल बाल-वाटिका के माध्यम से बच्चों को जादुई-पिटारा की तरह पढ़ा रहे है। बच्चों पर पढ़ाई का दबाव नहीं है। पैरेंट्स भी बच्चो की पढ़ाई में भागीदारी निभा रहे है। आज सीनियर क्लास के ज्यादातर बच्चे एआई, यूट्यूब से चीजें देख रहे हैं। बाल वाटिका से पेरेंट्स की भागीदारी हो। -शालिनी विजय, प्रिंसिपल, गुरुगोविंद सिंह स्कूल मानसिक स्वास्थ्य जरूरी बच्चों की शिक्षा में स्कूल के साथ-साथ पैरेंट्स का भी योगदान होता है। पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ समय बिताएं। उनके साथ रात का खाना खाएं और पूरे दिन क्या-क्या हुआ उसपर बात करें। इससे मानसिक स्वास्थ्य की समस्या को कम किया जा सकता है। -सूरज लाल, वाइस प्रिंसिपल, सलूजा गोल्ड स्कूल वैल्यू आधारित एजुकेशन नई शिक्षा नीति वैल्यू आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है। इसमें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है। नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार, विश्वविद्यालय, शिक्षक और छात्रों के बीच बेहतर समन्वय के साथ-साथ पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा। -कुमार अभिषेक, अरका जैन यूनिवर्सिटी स्कूलों में बुनियादी सुविधा हो झारखंड के अनेक ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पर्याप्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। -डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, प्रिंसिपल, डीएवी नंदराज अपनी मातृभाषा जानना जरूरी एनईपी में मातृभाषा में शिक्षा देने की बात कही गई है लेकिन एक क्लास में इतने सारे बच्चे होते हैं, सबकी मातृभाषा समान नहीं होती है। ऐसे में मातृभाषा में पढ़ा पाना टीचर और स्कूल दोनों के लिए संभव नहीं है। सभी को अपनी मातृभाषा जानना जरूरी है लेकिन आज के दौर में अंग्रेजी जानना सबसे ज्यादा जरूरी है। -अभिषेक हरित, लेडी केसी रॉय मेमोरियल स्कूल बच्चे बगैर डरे अपनी बात रखें स्कूलों में बच्चों को लाइफ स्किल व इमोशनल एजुकेशन देने की बहुत ज्यादा जरूरत है। वर्तमान समय में बच्चे जिस तरह से सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं, बहुत कुछ सीख रहे हैं अच्छा-बुरा। हमें बच्चों को अच्छा माहौल देने की जरूरत है, ताकि बच्चे अपनी समस्या बता सकें। -मोनिका श्रीवास्तव, सच्चिदानंद मॉडल पब्लिक स्कूल शिक्षक शोध पर ध्यान दें नई नीति में शोध को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संस्थानों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों से मुक्त कर उन्हें शिक्षण और शोध पर अधिक ध्यान देने का अवसर देना चाहिए। टीचिंग क्षमता बढ़ाने कार्यक्रमों में शामिल करना चाहिए। -शारदा सिन्हा, एचआर विशेषज्ञ, एक्सएलआरआई सॉफ्ट स्किल पर ध्यान दें नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में समन्वय की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने सॉफ्ट स्किल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों के समग्र विकास के लिए इसे पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। वर्तमान में हार्ड स्किल पर अधिक फोकस दिया जाता है। -डॉ अभिषेक त्रिपाठी, एमिटी यूनिवर्सिटी मल्टीपल एंट्री व एक्जिट सिस्टम नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षा व्यवस्था की पुरानी कमियों-खामियों को दूर करने का प्रयास है। सिर्फ सख्ती के साथ कार्यान्वित करने की जरूरत है। इसमें सिलेबस को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। -प्रो. गोपाल पाठक, डायरेक्टर जनरल, सरला बिरला यूनिवर्सिटी पढ़ाई से संबंधित कई योजनाएं हैं एजुकेशन कॉन्क्लेव-2026 में चर्चा करते विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल-डायरेक्टर। शहरी व ग्रामीण स्कूल में काफी फर्क है एआई का कब और कितना इस्तेमाल करें सुविधा के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। पढ़ाई से संबंधित सरकार की बहुत सारी योजनाएं है उन योजनाओं के बारे में उन्हें जागरूक रहने की जरूरत है, ताकी भविष्य में उन्हें परेशानी ना हो और वे हर क्षेत्र का नेतृत्व करें। -नेहा दास, एकेडमिक हेड, ओडीएम सफायर ग्लोबल स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्कूल और शहरी क्षेत्रों में मौजूद स्कूल की शिक्षण प्रणाली में फर्क देखने को मिलता है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पैरेंट्स भी ज्यादा जागरूक नहीं होते है ऐसे में बच्चों के साथ-साथ पैरेंट्स को भी समझाने में ज्यादा समय लगता है। -सीमा चितलांगिया, प्रिंसिपल, सृजन वैली स्कूल आज स्कूलों में लोवर क्लास से ही एआई का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन ऐसे में स्कूलों की जिम्मेदारी बनती है कि एआई के इस्तेमाल पर सीमाएं भी हों। यह टीचर के साथ पेरेंट्स को बताना होगा कि एआई का कब और कितना इस्तेमाल करें। -संतोष कुमार, संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा मल्टीपल एंट्री और एक्जिट सिस्टम शिक्षा को अधिक लचीला बनाएगा। इससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे। एजुकेशन के लेकर बच्चे या शिक्षक ही नहीं पेरेंट्स को भी कॉन्शस होना होगा। मदद करनी होगी। -प्रो. एसपी अग्रवाल, कुलपति, साईंनाथ यूनिवर्सिटी झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि इंसान को बेहतर इंसान बनाना है। सच्ची शिक्षा वह है, जो भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और संवेदनशीलता की सीख दे।बालिका शिक्षा में आए बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि साइकिल से स्कूल जाती बच्चियां नए भारत की तस्वीर पेश करती हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए कहा कि त्वरित लाभ की मानसिकता से विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिसका असर आम लोगों को भुगतना पड़ता है। स्कूल जाती बच्चियां नए भारत की तस्वीर सिटी रिपोर्टर} भारतीय शिक्षा व्यवस्था एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। अब किताबों तक सीमित ज्ञान के बजाय स्टूडेंट्स को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। बदलते समय में यह साफ हो गया है कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार, रिसर्च और मानवीय मूल्यों से लैस शिक्षा ही भविष्य की जरूरत है। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ इसी सोच को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जो शिक्षा को न केवल लचीला और समावेशी बनाती है, बल्कि इसे रोजगार और समाज से भी सीधे जोड़ती है। बुधवार को रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में दैनिक भास्कर रांची ने ‘एजुकेशन कॉन्क्लेव-2026’ के तहत नई शिक्षा नीति 2020 या ‘एनईपी-2020’ विषयक कार्यक्रम में वित्त मंत्री, कुलपतियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने इस नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। दैनिक भास्कर एजुकेशन कॉन्क्लेव-2026

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 4:00 am

गीता की शिक्षाओं से जीवन में संतुलन का संदेश दिया

भास्कर न्यूज | लुधियाना बीसीएम आर्य स्कूल, ललतों में भगवद गीता फॉर यूथ पुस्तक का भव्य विमोचन किया गया। इस पुस्तक की लेखिका शिक्षाविद कृतिका सेठ हैं, जो बीसीएम आर्य स्कूल, ललतों की प्रिंसिपल हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सीबीएसई लुधियाना के क्षेत्रीय अधिकारी संजय कुमार बिष्ट उपस्थित रहे। इसके अलावा राकेश जैन स्कूल अध्यक्ष, हरमीत वरियाच सिटी कोऑर्डिनेटर, संजय खोसला स्कूल मैनेजर, विनोद सहगल उपाध्यक्ष, डॉ. परमजीत कौर निदेशक साथ ही प्रबंधन समिति के मौजूद रहे। मुख्य अतिथि संजय कुमार बिष्ट ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना की और युवाओं के निर्माण में मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व पर बल दिया। लेखिका कृतिका सेठ ने पुस्तक के पीछे अपनी सोच साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से मजबूत और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाना है। उन्होंने बताया कि गीता की शिक्षाएं युवाओं को एक सार्थक और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने दैनिक जीवन में भगवद गीता की शिक्षाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 4:00 am

मेगा पीटीएम से शुरू हुआ प्रवेशोत्सव, पहले दिन अभिभावकों को शिक्षा के महत्व समझाए

प्रदेशभर में शैक्षिक सत्र 2026–27 के प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत बुधवार से हो गई। पहले दिन सभी सरकारी स्कूलों में मेगा पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों को विद्यालयों में आमंत्रित कर प्रवेश प्रक्रिया, विभिन्न योजनाओं और बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा से जोड़े रखने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों का नामांकन किस प्रकार किया जाएगा, उन्हें किन-किन सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में परिवार की क्या भूमिका रहेगी। अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें 3 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। 26 मार्च, गुरुवार को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें प्रवेशोत्सव की तैयारियों, पाठ्यपुस्तकों के वितरण, नामांकन बढ़ाने के प्रयासों और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 27 मार्च को मैदानी निरीक्षण होगा। अधिकारी स्कूलों का दौरा कर सुनिश्चित करेंगे कि सभी गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं। 28 से 31 मार्च तक घर-घर सर्वे किया जाएगा, जिसमें 3 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों की पहचान कर उनका डेटा एकत्र किया जाएगा। ड्रॉपआउट और कभी स्कूल न गए बच्चों को चिन्हित कर नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों द्वारा बच्चों की जानकारी डिजिटल ऐप में दर्ज की जाएगी। पंचायत स्तर तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 4:00 am

मंदसौर डाइट में 1.86 करोड़ का ऑडिटोरियम:उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किया भूमिपूजन, शिक्षा को मिलेगा नया मंच

मंदसौर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) परिसर में बुधवार को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के तहत उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार देर शाम 1 करोड़ 86 लाख 27 हजार रुपये की लागत से बनने वाले सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियो की उपस्थिति रही। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि डाइट संस्थान में ऑडिटोरियम की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके निर्माण से न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी एक नया मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि मंदसौर का डाइट पहले से ही प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इस नई सुविधा से इसकी प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी। विद्यार्थियों को दिया प्रेरणादायक संदेश उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रदेश की पहचान बनें और अपने कार्यों से जिला, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया। गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश निर्माण कार्य को लेकर जगदीश देवड़ा ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऑडिटोरियम निर्माण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। यदि आवश्यकता हो तो संशोधित प्राक्कलन (रिवाइज एस्टीमेट) प्रस्तुत किया जाए, ताकि कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जा सके। इस दौरान राज्य स्तरीय ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर अदिति गर्ग, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, विधायक विपिन जैन, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनु प्रिया विनीत यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डाइट में बनने वाला यह आधुनिक ऑडिटोरियम न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 11:02 pm

‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम में 65 शिक्षक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मानित:ऊर्जा मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने किया शुभारंभ, शिक्षा विभाग की उपलब्धियां वीडियो के जरिए दिखाई

उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अटल सभागार में जनपद स्तरीय ‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा) डॉ. सोमेंद्र तोमर ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभाग की 9 वर्षों की उपलब्धियों को वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि डॉ. सोमेंद्र तोमर को बुके, पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया, जबकि जिला परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के तहत जनपद के विभिन्न विकास क्षेत्रों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक नोडल शिक्षक, शिक्षक संकुल, आंगनबाड़ी, सुपरवाइजर एवं शिक्षामित्र सहित कुल 65 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रत्येक विकास क्षेत्र से एक-एक बीआरपी (कुल 13) को मीना मंच गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सम्मान मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आगे बढ़ते हुए प्रत्येक विकास क्षेत्र से तीन-तीन उत्कृष्ट शिक्षकों (कुल 39) को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को भी जनपद एवं विकास क्षेत्र स्तर पर सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसआरजी नीलम पंकज, विनीत गोयल और मनोज वशिष्ठ को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी तथा भविष्य में इसी प्रकार निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 9:16 pm

शिक्षा विभाग ने 'हमारा आंगन-हमारे बच्चे' कार्यक्रम का आयोजन किया:सरकार के नव वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम, राज्य मंत्री ने बांटे नियुक्ति पत्र

बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकार के नवनिर्माण के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में जनपद स्तरीय 'हमारा आंगन-हमारे बच्चे' कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष की उपलब्धियों को एक वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डॉ. सोमेंद्र तोमर को बुके, पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में, जिला परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने भी मंत्री का अभिनंदन प्रतीक चिन्ह देकर किया। कार्यक्रम में कुल 65 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रत्येक विकास क्षेत्र से एक नोडल शिक्षक संकुल, एक उत्कृष्ट शिक्षक संकुल, एक उत्कृष्ट आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एक उत्कृष्ट सुपरवाइजर और एक उत्कृष्ट शिक्षामित्र शामिल थे। इसके अतिरिक्त, मीना मंच संबंधी गतिविधियों के उत्कृष्ट संचालन के लिए प्रत्येक विकास क्षेत्र से एक बीआरपी सहित कुल 13 लोगों को सम्मानित किया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के उत्कृष्ट शिक्षकों को भी इस कड़ी में सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने प्रत्येक विकास क्षेत्र से तीन उत्कृष्ट शिक्षकों सहित कुल 39 शिक्षकों को भी सम्मानित किया। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश शासन के श्रम एवं सेवायोजन विभाग की दिशा-दृष्टि के अनुसार क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, मेरठ द्वारा एक दिवसीय रोजगार मेले का भी आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में तकनीकी क्षेत्र की 9 प्रतिष्ठित कंपनियों, जिनमें श्रीराम पिस्टन एंड रिंग्स, सारू कॉपर, हाईबोन एलिवेटर्स प्रा. लि. और जैन क्लीनटेक प्रमुख थीं, ने भाग लिया। इन कंपनियों ने 84 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार संपन्न किए और चयन के प्रथम स्तर पर 49 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया। रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित 12 चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि शुरूआत जरूरी है, छोटी हो या बड़ी, क्योंकि तभी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 8:23 pm

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान: मावली के छात्र-छात्राओं ने 90% से अधिक अंक पाकर रचा इतिहास

सत्र 2026 की बोर्ड परीक्षा में मावली ब्लॉक की छात्राओं ने मारी बाजी, राजकीय और निजी स्कूलों के कई विद्यार्थियों ने 90 फीसदी से ज्यादा अंक लाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

प्रातःकाल 25 Mar 2026 6:32 pm

पीटीएम में कम अभिभावक पहुंचने पर शिक्षा मंत्री नाराज:शिक्षकों की गैर मौजूदगी पर जताई नाराजगी, बोले- लापरवाही पर होगा एक्शन

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बुधवार को मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच खुला संवाद हुआ, जिसमें बच्चों की पढ़ाई, उनकी कमजोरियों और सुधार के उपायों पर चर्चा की गई। कई स्कूलों में बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंचे और अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। हालांकि कुछ स्कूलों में अभिभावकों की उपस्थिति कम रहने पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी भी जताई। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जयपुर के कुछ सरकारी स्कूलों में आयोजित पीटीएम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गणगौरी बाजार और ब्रह्मपुरी स्थित सरकारी स्कूलों का दौरा किया और वहां अभिभावकों तथा छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिक्षा मंत्री ने गणगौरी बाजार स्थित पीएम श्री स्कूल और ब्रह्मपुरी के राजकीय विद्यालय में शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सुझाव भी दिए। उन्होंने स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को भी नजदीक से देखा। सरकारी स्कूलों की स्थिति में हो रहा सुधार इस दौरान दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित की गई पेरेंट-टीचर मीटिंग फिलहाल अव्यवस्थित नजर आई है। इसे और बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। दिलावर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर स्टाफ तक सभी की कार्यप्रणाली को समझा है। जो कर्मचारी अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों में सुधार हो रहा है और कई स्कूलों में बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हालांकि कुछ जगहों पर लापरवाही भी देखने को मिली है, जिसे जल्द ठीक किया जाएगा। कई स्कूलों में नहीं मिले टीचर निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में कुछ शिक्षक अनुपस्थित भी पाए गए, जिस पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक अन्य सरकारी ड्यूटी का हवाला देकर स्कूल में मौजूद नहीं रहते, जबकि उन्हें अपनी जिम्मेदारी के अनुसार स्कूल में समय देना चाहिए। दिलावर ने बताया कि कई शिक्षकों की चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारी के तहत बीएलओ की ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन यह आधे दिन की ड्यूटी होती है। ऐसे में शिक्षकों को आधे दिन स्कूल में उपस्थित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिक्षा विभाग ने चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा है कि शिक्षकों से पहले स्कूल में पूरा दिन काम लिया जाए, उसके बाद ही उन्हें अन्य जिम्मेदारियां दी जाएं। निरीक्षण के दौरान ब्रह्मपुरी स्थित एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के साथ उनकी बहस भी हो गई। हालांकि इस मामले में उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल ने अपनी बात उन्हें बता दी है और पूरे मामले को समझ लिया गया है।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 5:59 pm

मध्यप्रदेश में 5वीं बोर्ड का रिजल्ट 95% और 8वीं का 93.83% रहा, स्कूल शिक्षा मंत्री का गृह जिला नरसिंहपुर टॉप पर

मध्यप्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षा 5वीं और 8वीं बोर्ड का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया। इस वर्ष कक्षा 5वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.14 रहा, जबकि 8वीं कक्षा ...

वेब दुनिया 25 Mar 2026 5:25 pm

शिक्षा मंत्री ने जारी किया 5वीं-8वीं का रिजल्ट:शिवपुरी 5वीं में 16वें, 8वीं में 32वें स्थान पर; टॉप-10 से बाहर

मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने वल्लभ भवन में एक कार्यक्रम में बटन दबाकर परिणाम जारी किए। इस बार प्रदेश में 5वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.14% और 8वीं का 93.83% रहा। हालांकि, शिवपुरी जिला दोनों कक्षाओं में प्रदेश के टॉप-10 जिलों से बाहर रहा। प्रदेश स्तर पर जारी इन परिणामों में छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। कक्षा 8वीं के परिणाम में शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का गृह जिला नरसिंहपुर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। शिवपुरी जिले के प्रदर्शन की बात करें तो कक्षा 5वीं में जिले का प्रदर्शन औसत से बेहतर रहा। यहां कुल 37,755 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 36,614 छात्र उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार जिले का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.98% दर्ज किया गया और इसे प्रदेश में 16वां स्थान मिला। वहीं, कक्षा 8वीं में जिले का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस कक्षा में कुल 30,287 छात्र परीक्षा में बैठे, जिनमें से 28,411 छात्र सफल हुए। जिले का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.81% रहा और इसे प्रदेश में 32वां स्थान प्राप्त हुआ, जिसके कारण शिवपुरी टॉप-10 जिलों की सूची से बाहर रहा। प्रदेश स्तर पर जहां 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% छात्र पास हुए हैं, वहीं शिवपुरी का 5वीं में प्रदर्शन राज्य औसत से बेहतर रहा। हालांकि, 8वीं कक्षा के परिणामों में जिले को सुधार की आवश्यकता दिखाई दे रही है। जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि 5वीं में पोहरी विकासखंड और 8वीं में शिवपुरी विकासखंड ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सिकरवार ने इन परिणामों को शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का फल बताया और आगामी सत्र में और बेहतर परिणाम लाने के लिए शिक्षकों से अधिक मेहनत तथा गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 5:06 pm

हिंडौन सिटी: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं रिजल्ट में AMPS की खुशबू शर्मा ने किया टॉप

आशीष मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 18 विद्यार्थियों ने 95% से अधिक अंक प्राप्त किए, विद्यालय प्रशासन ने मेधावियों को तिलक लगाकर सम्मानित किया।

प्रातःकाल 25 Mar 2026 4:24 pm

भिलाई निगम का बजट सत्र:बीजेपी पार्षद ने शिक्षा उपकर की राशि का मुद्दा उठाया, कांग्रेस बोली- सरकार आपकी, भ्रष्टाचार हुआ है, तो कार्रवाई करें

भिलाई नगर निगम का आज विशेष बजट सत्र चल रहा है। जिसमें महापौर नीरज पाल वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करेंगे। बीजेपी पार्षद पीयूष मिश्रा ने शिक्षा उपकर की राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, नियम विरुद्ध काम हुआ। आर्थिक अपराध की श्रेणी में पूरा मामला आएगा। जिस पर महापौर नीरज पाल ने जवाब दिया। वहीं, कांग्रेस पार्षद के. जगदीश ने कहा कि, अगर भ्रष्टाचार हुआ है, तो कार्रवाई करें। बीजेपी की सरकार है। सिर्फ बोलने से नहीं होता कि भ्रष्टाचार हुआ है। आयुक्त राजीव पांडेय ने कहा कि, आगे से शिक्षा उपकर की राशि का शिक्षा के लिए ही खर्च करेंगे। 4 करोड़ के आस पास राशि मिली है। बीएसपी से इस बार 3 करोड़ रुपए भवन अनुज्ञा की राशि मिली है। बीजेपी पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि, बजट की जानकारी सभा में नहीं रखी गई। सभी जानकारी के साथ दोबारा सभा शुरू करने की मांग की थी। जिससे सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया। कई पार्षदों ने सभा स्थगित करने की मांग की। वहीं, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा 4 साल के भ्रष्टाचार का हिसाब लेकर पहुंचे। उन्होंने मीना बाजार मैदान बेचने समेत कई मुद्दे उठाए। कांग्रेस पार्षद राजेश ने विधायक प्रतिनिधि से कहा कि, इस सदन का कोई नियम है या नहीं। सदन का मान सम्मान है या नहीं। मिनट-टू-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 11:41 am

गांव की छात्राएं 8वीं के बाद छोड़ रहीं पढ़ाई:बुरहानपुर के बाकड़ी गांव में हाईस्कूल नहीं; 200 से अधिक बालिकाएं शिक्षा से वंचित

बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र स्थित 10 हजार की आबादी वाले वन ग्राम बाकड़ी में हाईस्कूल न होने के कारण पिछले 8 सालों में 200 से अधिक बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह गई हैं। जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाकों से सटे इस गांव में केवल पहली से आठवीं तक का ही सरकारी स्कूल है, जिससे आगे की पढ़ाई के लिए 5 से 12 किलोमीटर दूर जाने में असमर्थ छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं और कई बालिकाओं का विवाह भी हो गया है। वर्तमान में इस समस्या को लेकर नेपानगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष मधु चौहान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हाईस्कूल खोलने की मांग की है, वहीं जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त ने विचार कर शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही है। 5 से 12 किमी दूर हैं स्कूल, सुरक्षा और आर्थिक स्थिति के कारण छूट रही पढ़ाई गांव में केवल पहली से आठवीं कक्षा तक का स्कूल संचालित है। नौवीं कक्षा की पढ़ाई के लिए छात्राओं को करीब 5 किमी दूर सीवल या लगभग 12 किमी दूर नावरा जाना पड़ता है। इतनी अधिक दूरी होने के कारण अभिभावक अपनी बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर भेजने से कतराते हैं। बालक तो दूर के स्कूलों में चले जाते हैं, लेकिन बालिकाओं के लिए यह संभव नहीं हो पाता। केवल वही छात्राएं आगे पढ़ पाती हैं जिनका चयन उत्कृष्ट या एकलव्य विद्यालयों में होता है, जिनकी संख्या बहुत सीमित होती है। अधिकांश बच्चे आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण भी आठवीं के बाद अपनी पढ़ाई वहीं छोड़ देते हैं। 12 किमी के दायरे में 2 हायर सेकंडरी और 1 हाईस्कूल क्षेत्र में महज 12 किमी की दूरी पर 2 हायर सेकंडरी और एक हाईस्कूल है, लेकिन जहां आदिवासी बच्चों को हाईस्कूल की आवश्यकता सबसे अधिक है वहां स्कूल नहीं खोला जा रहा है। भातखेड़ा में हायर सेकंडरी और पलासुर में हाईस्कूल है, जिनकी दूरी बाकड़ी से महज 5 किमी है। वहीं, 10 किमी दूर नावरा में हायर सेकंडरी और हाईस्कूल दोनों संचालित हैं। इसी तरह डाभियाखेड़ा में भी हाईस्कूल है, लेकिन बाकड़ी में हाईस्कूल नहीं है। 2018 में हुआ था सर्वे, पौने दो एकड़ जमीन भी मिली थी बाकड़ी में हाईस्कूल खोलने के लिए वर्ष 2018 में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के माध्यम से एक सर्वेक्षण किया गया था। यह सर्वे जन शिक्षक राजेश कापड़े ने नावरा स्कूल के प्राचार्य के साथ मिलकर किया था। उस समय एक व्यक्ति ने स्कूल निर्माण के लिए पौने दो एकड़ जमीन देने की सहमति भी दी थी, लेकिन यह प्रस्ताव बाद में ठंडे बस्ते में चला गया। शिक्षा विशेषज्ञों का सुझाव- 8वीं के बाद 9वीं की पात्रता दें शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त चाहें तो कक्षा आठवीं के बाद उसी स्कूल में कक्षा नौवीं शुरू करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ डाइस कोड को लेकर प्रक्रिया करनी होगी। इसके बाद हाईस्कूल खोला जाना खुद ही जरूरी हो जाएगा और क्षेत्र की बालिकाएं हर साल शिक्षा से वंचित होने से बच जाएंगी। जयस ने उठाए सवाल, पूर्व नपा अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र जयस कार्यकर्ता सुरेश जमरा ने बताया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे होते हैं, लेकिन बाद में उन पर अमल नहीं होता है। वे लंबे समय से हाईस्कूल की मांग कर रहे हैं, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। वहीं, नेपानगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष मधु चौहान ने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि बाकड़ी में हाईस्कूल खोला जाना चाहिए। सहायक आयुक्त बोले- विभाग को भेजेंगे प्रस्ताव इस पूरे मामले पर जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने कहा, बाकड़ी में हाईस्कूल के लिए प्रयास करेंगे। वैसे भातखेड़ा, नावरा, डाभियाखेड़ा में हाईस्कूल है, लेकिन फिर भी अगर विद्यार्थियों को समस्या आती है तो इस पर विचार कर विभाग को अगवत कराया जाएगा और प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 8:09 am

यूपी में 25 मार्च को ‘नवारंभ उत्सव’: बालवाटिका से बच्चों की शिक्षा की होगी रोचक शुरुआत

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 25 मार्च को प्रदेश के समस्त बालवाटिका (को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र) युक्त विद्यालयों में नवारंभ उत्सव का आयोजन किया जा रहा है

देशबन्धु 25 Mar 2026 7:10 am

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद:वित्तीय वर्ष समाप्ति से 7 दिन पहले 1119 स्कूलों को मिले ‌3.10 करोड रुपए; 31 मार्च तक करना होगा खर्च

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया जाता है। लेकिन इस बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 7 दिन पहले बजट जारी हुआ जिसको 31 मार्च तक खर्च करना होगा नहीं तो लैप्स हो जाएगा। परिषद की ओर से सत्र 2025-26 के लिए जारी इस कंपोजिट स्कूल ग्रांट में राज्य भर के 50 हजार 318 स्कूलों के लिए नामांकन अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए जारी की गई है। जिसमें भरतपुर और डीग जिले के 1119 स्कूलों के लिए 3.10 करोड़ रुपए जारी किए गए है। जिसमें भरतपुर के 598 स्कूलों के 1.55 करोड़ और डीग के 521 स्कूलों लिए भी 1.55 करोड़ रुपए जारी किए गए है। इस बजट का सही उपयोग के लिए राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल ने गाइडलाइन जारी की है। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च करना अनिवार्य शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिसपेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। इस राशि से स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान से वसूली की जाएगी। नामांकन के अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या शिक्षा सत्र के शुरुआत में ही जारी हो राशि: मोहर सिंह शिक्षा परिषद द्वारा सरकारी स्कूलों को जारी की जाने वाली ग्रांट की राशि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सात दिन शेष जब जारी हुई है। जिसके कारण सभी स्कूल संस्था प्रधानों द्वारा भुगतान किया जाएगा। राशि पूरी खर्च नहीं हो पाएगी शिक्षा सत्र की शुरुआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए जिससे स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 5:35 am

रायन स्कूल की प्रिं. कंचन मल्होत्रा ‘शिक्षा रत्न' से सम्मानित

अमृतसर| रायन इंटरनेशनल स्कूल, अमृतसर की प्रिंसिपल कंचन मल्होत्रा को ‘शिक्षा रत्न सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया है। अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा। इस अवसर पर सीबीएसई लुधियाना के अवर सचिव महेश कुमार सतीजा, अमृतसर के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदर्श पाल विज सहित कई दिग्गज शिक्षाविद मौजूद रहे। प्रधानाचार्या कंचन मल्होत्रा ने रायन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. एएफ पिंटो और प्रबंध निदेशक डॉ. ग्रेस पिंटो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कूल भविष्य के लिए तैयार शिक्षार्थियों के पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 4:37 am

पेसिफिक यूनिवर्सिटी : सुवर्णा पुरोहित को पीएचडी, जनजातीय शिक्षा पर किया शोध

उदयपुर | शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सुवर्णा पुरोहित ने पेसिफिक यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनका शोध विषय ‘जनजाति क्षेत्र के विद्यार्थियों की अध्ययन आदतों, शैक्षिक समायोजन एवं शैक्षिक उपलब्धि के मध्य संबंध’ रहा, जिसे शिक्षा क्षेत्र में समसामयिक और उपयोगी माना जा रहा है। शोध कार्य डॉ. सुयश चतुर्वेदी और डॉ. प्रहलाद सोनी के मार्गदर्शन में पूरा हुआ।

दैनिक भास्कर 25 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय से जारी किए परीक्षा परिणाम

माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ अन्य परीक्षाओं के परिणाम घोषित अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 की माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ अन्य परीक्षाओं के परिणाम मंगलवार को जारी कर दिए। राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी करते हुए बताया कि माध्यमिक एवं माध्यमिक […] The post शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय से जारी किए परीक्षा परिणाम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Mar 2026 9:26 pm

यूपी के 1.86–लाख शिक्षक अब UPTET-2026 परीक्षा दे सकेंगे:शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन बड़े संशोधन कर दी बड़ी राहत

यूपी के 1.86 लाख शिक्षक अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) दे सकेंगे। मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटेट के विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका में तीन बड़े संशोधन किए हैं। इन संशोधनों के बाद बीएड पास अभ्यर्थी सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा ही दे सकेंगे। वे प्राथमिक (1 से 5) के लिए अब पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा बीएड/बीटीसी में अध्ययनरत छात्र भी अब इस परीक्षा में बैठ सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 20 मार्च को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया था। यूपी में ये परीक्षा चार साल बाद होने जा रही है। इस बार की परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें प्रदेश के 1.86 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के टीचर भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। हालांकि इन टीचरों में 50 हजार ऐसे शिक्षक भी थे, जो टीईटी की परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते हैं। इन शिक्षकों के सामने संकट ये है कि सितंबर 2027 से पहले उन्होंने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी छिन जाएगी। दैनिक भास्कर ने 23 मार्च को यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट': शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें टीईटी परीक्षा के लिए अपात्र 50 हजार शिक्षकों के दर्द को प्रमुखता से उठाया था। अब मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन संशोधनों के माध्यम से इन 50 हजार शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। आयोग ने ये तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए तीन से चार लाख आवेदकों को बड़ी राहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया कि आयोग के तीन बड़े संशोधनों से टीईटी के लिए अपात्र 50 हजार सहायक अध्यापकों के साथ ही तीन से चार लाख उन अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, जो अभी बीएड या बीटीसी में प्रवेश लिए होंगे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट':TET परीक्षा दें या फिर SIR और जनगणना के टारगेट पूरे करें यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 9:23 pm

गाजियाबाद में हेरिटेज रन 2026 की तैयारी शुरू:11 अप्रैल को नाइट रन, श्रमिकों की शिक्षा-सुरक्षा पर भी जोर

गाजियाबाद में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य शहर के विकास, फिटनेस और श्रमिकों के हितों को बढ़ावा देना रहा। इन कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण शामिल हुए। उन्होंने दोनों कार्यक्रमों में भाग लेकर लोगों को फिटनेस, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। विकास भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन ऑयल गाजियाबाद हेरिटेज रन 2026 की आधिकारिक टी-शर्ट लॉन्च की गई। इस दौरान राज्यमंत्री असीम अरुण भी मौजूद रहे।जानकारी दी गई कि यह रन 11 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा। इसे उत्तर प्रदेश का पहला नाइट हेरिटेज रन बताया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागी रात के समय दौड़ का अनुभव ले सकेंगे। यह दौड़ गाजियाबाद के एलिवेटेड रोड और ग्रीन सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र में आयोजित होगी। इस बड़े आयोजन में 21.1 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी, 5 किमी, 3 किमी वॉक और 2 किमी व्हीलचेयर रेस जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं। अनुमान है कि इसमें 10 हजार से ज्यादा लोग भाग लेंगे। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगभग 28.91 लाख रुपये के नगद इनाम भी रखे गए हैं। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को फिट रहने के लिए प्रेरित करना और गाजियाबाद को खेल और फिटनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा दुर्गावती सभागार में राज्यमंत्री असीम अरुण की मौजूदगी में श्रमिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। राज्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक सबसे पहले अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें और काम करते समय हेलमेट, बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों को समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके |श्रमिकों से अपील की गई कि वे खुद भी जागरूक बनें और अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। साथ ही कंपनियों और फैक्ट्रियों से कहा गया कि वे श्रमिकों को समय पर वेतन और जरूरी सुविधाएं दें। इन दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य गाजियाबाद में फिटनेस, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर जीवन को बढ़ावा देना है।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 9:11 pm

एक अप्रैल से सचिन सिन्हा बनेंगे अपर मुख्य सचिव:माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष स्मिता भारद्वाज के रिटायर होने से रिक्त होगा ACS का पद

माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष और प्रमुख सचिव स्मिता भारद्वाज 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगी। उनके रिटायरमेंट के बाद प्रशासन अकादमी में पदस्थ प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा नए अपर मुख्य सचिव बनेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार को माध्यमिक शिक्षा मंडल में नए अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। यह जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव स्तर के ही किसी अफसर को सौंपी जाएगी। अपर मुख्य सचिव स्मिता भारद्वाज 31 मार्च को रिटायर होंगी। उसके बाद अपर मुख्य सचिव स्तर का एक पद रिक्त हो जाएगा और 1 अप्रैल से इस पद पर नई अफसर की पदस्थापना होगी। सीनियारिटी के हिसाब से सचिन सिन्हा अपर मुख्य सचिव पद के दावेदार हैं, इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग 31 मार्च या 1 अप्रैल को उनके पदोन्नति करने का आदेश जारी करेगा। सिन्हा से पहले शिवशेखर शुक्ला अपर मुख्य सचिव बनाए गए थे। इस साल रिटायर होंगे ये अफसर साल 2026 में जिन अन्य आईएएस अफसरों का रिटायरमेंट होना है, उसमें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय का नाम शामिल है, जो मई में रिटायर होंगी। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी आशीष श्रीवास्तव अक्टूबर में रिटायर होंगे। वे वर्तमान में गृह मंत्रालय में पदस्थ हैं। एमपी कैडर के प्रमुख सचिव स्तर के एक अन्य अधिकारी उमाकांत उमराव 1 अगस्त को रिटायर होंगे। वहीं लोकायुक्त संगठन में सचिव अरुणा गुप्ता अक्टूबर और खादी ग्रामोद्योग के महाप्रबंधक पद पर पदस्थ माल सिंह भयडिया जून में सेवानिवृत्त होंगे।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 6:02 pm

वीएमओयू कोटा और हार्टफुलनेस ट्रस्ट के बीच एमओयू, दूरस्थ शिक्षा में बढ़ेगी गुणवत्ता

कुलगुरु प्रो बीएल वर्मा की मौजूदगी में हुआ समझौता; विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए योग, ध्यान और तनाव प्रबंधन के संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेगा विश्वविद्यालय।

प्रातःकाल 24 Mar 2026 5:46 pm

डीएम ने आधार अनुश्रवण समिति की बैठक में दिए निर्देश:बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग समन्वय से करें कार्य, सूचना बोर्ड लगाएं

कानपुर देहात, 24 मार्च 2026 को जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जनपद स्तरीय आधार अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें आधार नामांकन, अपडेट, प्रमाणीकरण और डीबीटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ आधार से जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का आधार अपडेट और सक्रिय होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में आधार नामांकन और अद्यतन (अपडेट) की गति बढ़ाई जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार नामांकन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा, बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि सभी बच्चों का नामांकन समय पर पूरा हो सके। डीएम ने सभी आधार सेवा केंद्रों पर सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। इन बोर्डों पर सेवाओं, प्रक्रिया और शिकायत निवारण की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। डीबीटी योजनाओं में आधार प्रमाणीकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए वंचित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र लाभ से जोड़ने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने आधार को समय-समय पर अपडेट कराते रहें, क्योंकि निर्धारित अवधि के बाद इसे अपडेट कराना आवश्यक होता है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को गुणवत्तापूर्ण और सरल सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, 100 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के आधार सत्यापन और प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के आधार नामांकन को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एक नए मोबाइल ऐप की जानकारी भी दी गई, जिससे नागरिक वर्चुअल आईडी बना सकते हैं और अपने विवरणों में संशोधन कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक नजदीकी आधार केंद्र की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए UIDAI पोर्टल तथा हेल्पलाइन नंबर 1947 का उपयोग कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 5:26 pm

सांसद ने सदन में ओसीएफ-इंटर-कॉलेज शुरू करने की मांग की:बोले- शाहजहांपुर में रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालन से मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज बंद होने से छात्र-छात्राओं को हो रही कठिनाइयों के बीच सांसद अरुण सागर ने इस मुद्दे को संसद में उठाया है। उन्होंने नियम 377 के तहत पत्र देकर ओसीएफ इंटर कॉलेज को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ करने की मांग की है, ताकि उनके संसदीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। सांसद अरुण सागर ने सदन में कहा कि यह मुद्दा उनके संसदीय क्षेत्र के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा है। शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज, जो पहले ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री के अधीन एक प्रतिष्ठित संस्थान था, उसके बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सत्र 2025-26 में छात्रों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया, जिससे उनकी शिक्षा की निरंतरता प्रभावित हुई। सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में शाहजहांपुर राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। जहाँ भारत की साक्षरता दर लगभग 77 प्रतिशत है, वहीं शाहजहांपुर जनपद में यह लगभग 65 प्रतिशत के आसपास है। उच्च माध्यमिक स्तर पर नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता भी सीमित है। सांसद ने रक्षा मंत्रालय द्वारा इस विद्यालय को पुनः प्रारंभ कर सीबीएसई से संचालित करने और इसे केंद्रीय विद्यालय प्रणाली में शामिल करने के प्रस्ताव को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में केवल दो केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें सीटें बहुत सीमित हैं। उन्होंने सदन से निवेदन किया कि इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए और ओसीएफ इंटर कॉलेज शाहजहांपुर को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य कर रही है और उनकी इस मांग को जल्द पूरा किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 5:23 pm

बैतूल में 23 हजार बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र:2348 आंगनवाड़ी केंद्रों पर एकसाथ कार्यक्रम, स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल

बैतूल में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को बाल मंदिर सभाकक्ष में विद्यारंभ प्रमाण पत्र एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी में शाला पूर्व शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में यह पहल पहली बार की जा रही है। इसके तहत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ देकर उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता दी जा रही है। 23 हजार 245 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्रबैतूल जिले में यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित हुआ, जहां जिले की 12 परियोजनाओं के 90 सेक्टर और 2348 आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ समारोह आयोजित किए गए। जिले में कुल 23 हजार 245 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में बाल चौपाल का आयोजन भी किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता रही। बच्चों को प्रमाण पत्र मिलते देख अभिभावकों और बच्चों में उत्साह देखा गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दींबाल मंदिर सभाकक्ष में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। लाडली बिटिया ज्ञानवी गुरबाने ने देशभक्ति कविता “सरफरोशी की तमन्ना” और “इंकलाब जिंदाबाद” की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सहायक संचालक विवेक ऊईके और सीडीपीओ निरंजन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी में मिलने वाली प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना, बच्चों को सहज रूप से स्कूल में प्रवेश दिलाना और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह आयोजन प्रदेशभर में एक साथ आयोजित किया गया, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के मजबूत आधार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 5:16 pm

RBSE 10वीं का रिजल्ट जारी, 94.23% छात्र पास:शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, पिछले साल से बेहतर रहा परिणाम

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस वर्ष 94.23 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले साल के 93.06 प्रतिशत से 1.17 प्रतिशत अधिक है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अजमेर स्थित कार्यालय से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम की घोषणा की। इस बार लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.63 रहा, जबकि लड़कियों ने 94.20 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। यह पहली बार है जब 10वीं का परिणाम 12वीं के परिणाम से पहले घोषित किया गया है। बोर्ड के इतिहास में भी यह पहला अवसर है जब मार्च माह में परिणाम जारी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के मद्देनजर परिणामों से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा किया गया ताकि नए सत्र की तैयारियां सुचारु रूप से चल सकें। इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू हुई थीं। 10वीं की परीक्षा में कुल 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:27 pm

राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम घोषित:शिक्षा मंत्री दिलावर ने जारी किया, जिले में 24 हजार से अधिक छात्रों को इंतजार खत्म

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी किया। इसके साथ ही जिले में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बोर्ड के अजमेर ऑफिस से परिणा जारी किया। इस वर्ष जिले में माध्यमिक (10वीं) परीक्षा के लिए कुल 24,674 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इन छात्रों के लिए 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) इन्द्रेश तिवाड़ी ने बताया कि परीक्षा के सफल आयोजन के बाद अब परिणाम घोषित किया जा रहा है। विद्यार्थी परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:23 pm

राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम घोषित:शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर से किया जारी, 10 लाख छात्रों को इंतजार खत्म

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने दसवीं क्लास का परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किया गया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर दोपहर 1 बजे अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से परिणाम जारी किया। इसके साथ ही मंत्री पांचवीं और आठवीं बोर्ड के परिणाम भी जारी किए। इस वर्ष राजस्थान बोर्ड सीबीएसई बोर्ड से पहले मार्च माह में ही नतीजे घोषित कर एक रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। यह पहली बार होगा, जब राजस्थान बोर्ड का सेकेंडरी परीक्षा परिणाम मार्च माह में जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा-2026 में लगभग 10 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुए थे। परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध होगा।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 1:04 pm

राजस्थान बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी:शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी किया, भास्कर एप पर होगी टॉपर्स की फोटो पब्लिश

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से बोर्ड कार्यालय से यह रिजल्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 10 लाख 68 हजार 109 स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हो गया है। बोर्ड इतिहास में यह पहला मौका है, जब मार्च में रिजल्ट घोषित किया जा रहा है, दसवीं का रिजल्ट 12वीं से पहले जारी किया गया है। इस साल बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की गई थी। पिछले साल अजमेर जिले का रिजल्ट 94.45% रहा था। भास्कर एप पर फोटो होगी पब्लिश अजमेर जिले के 95% या उससे ज्यादा नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स की फोटो भास्कर एप पर पब्लिश होगी। ऐसे स्टूडेंट्स को अपना नाम, फोटो, मार्कशीट की कॉपी, माता-पिता और स्कूल का नाम इस मोबाइल नंबर 9166112143 पर इस फॉर्मेट में वॉट्सऐप करें। इस फॉर्मेट में भेजें जानकारी… नाम : स्कूल का नाम और शहर/एरिया : कितने प्रतिशत : मार्कशीट की फोटो फोटो/वीडियो : बच्चे की परिवार के साथ, जश्न मनाते हुए एक्शन फोटो या वीडियो।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 12:57 pm

बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों का चयन करते हैं अभिभावक : पाठक

गढ़वा | प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एस.एन. पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के विकास पर व्यापक खर्च किया गया है। मॉडल विद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया गया है। वहीं बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। इसके बावजूद यदि अभिभावक इन विद्यालयों को छोड़कर निजी विद्यालयों की ओर रुख कर रहे हैं, तो इसे केवल व्यवस्था की विफलता के रूप में देखना उचित नहीं होगा। बल्कि अभिभावकों की अपनी प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग भी सक्रिय हैं। जिनका निजी विद्यालयों से प्रत्यक्ष रूप से कोई सरोकार नहीं है और न ही वे इनके उपभोक्ता हैं। फिर भी वे निजी विद्यालयों के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग निजी शिक्षा व्यवस्था को खलनायक के रूप में प्रस्तुत कर समाज में भ्रम और द्रोह फैलाना चाहते हैं, जो उचित नहीं है। पाठक ने कहा कि बड़ी संख्या में अभिभावक ऐसे हैं, जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से विद्यालयों का चयन करते हैं। ये अभिभावक वास्तविक उपभोक्ता हैं और अपने अनुभव के आधार पर निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभिभावक निष्पक्ष हैं और निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली तथा शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए उनका समर्थन कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उद्देश्य : महासचिव पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और सरकारी प्रयासों के समानांतर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। निजी और सरकारी विद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। जिससे अंततः छात्रों को ही लाभ मिलेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे शिक्षा के मुद्दे को राजनीति या व्यक्तिगत विचारधाराओं से ऊपर उठकर देखें और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक सोच के साथ निर्णय लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की तुलना करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा विभाग में भत्ता घोटाले का आरोप, युवा कांग्रेस ने प्रमुख सचिव से की शिकायत

बिलासपुर के जिला शिक्षा कार्यालय में विभाग में वित्तीय गड़बड़ी, अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़ा और 200 मामलों में संशोधन के आरोप लगे हैं। युवा कांग्रेस ने प्रभारी डीईओ और जूनियर ऑडिटर के खिलाफ शिकायत की है। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अंकित गौरहा ने प्रमुख सचिव को शिकायत सौंपकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी और जूनियर ऑडिटर पर वित्तीय गबन, अनियमित नियुक्ति और नियमों को दरकिनार करने के आरोप लगाए हैं। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव गौरहा ने कहा कि कोटा में पदस्थ रहते हुए टांडे ने एक कर्मचारी को अन्य भत्ता और वर्दी धुलाई के नाम पर सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच करीब 30 लाख रुपए दिलवाए। हर महीने 4-4.5 लाख भुगतान पर मिलीभगत के आरोप लगे हैं। अनुकंपा नियुक्तियों में अपात्रों को लाभ देने और युक्तियुक्तकरण में करीब 200 मामलों में बिना समिति अनुमति संशोधन का भी आरोप है।

दैनिक भास्कर 24 Mar 2026 4:00 am

आगरा में सेंट पैट्रिक्स स्कूल पर 5 लाख का जुर्माना:DM के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई, यूनिफार्म और बुक्स की मनमानी बिक्री का मामला

आगरा के सेंट पैट्रिक्स जूनियर कॉलेज पर स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म बेचने और विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने पर ₹5 लाख का जुर्माना लगा है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शिकायतों और छापेमारी के बाद नाराजगी व्यक्त की। क्या था मामलागुरुवार को शिकायत पर जीआइसी प्रधानाचार्य डा. मानवेंद्र सिंह और खंड शिक्षाधिकारी बाह अमरनाथ ने सेंट पैट्रिक्स जूनियर कालेज में छापा मारा था। इस दौरान उन्हें स्कूल के अंदर काउंटर लगाकर यूनिफार्म बेची जाती हुई मिली थी। साथ ही स्कूल परिसर में मिले अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो से ही पुस्तकें खरीदने के निर्देश दिए हैं। डीएम की कार्रवाईसोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों के साथ बैठक की। इसमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सभी पक्षों को सुनने और छापा मारने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट को देख डीएम बेहद नाराज दिखे। उन्होंने शासनादेशों का उल्लंघन कर स्कूल परिसर से यूनिफार्म बेचने और चिह्नित दुकानदारों से पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों को निर्देशित करने के आरोपों का दोषी मानते हुए दो लाख का जुर्माना वसूलने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाईवहीं मामले में बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने भी स्कूल पर सख्त कार्रवाई की है। इसके अंतर्गत उन्होंने स्कूल पर कुल पांच लाख का जुर्माना वसूलने के लिए नोटिस भेजने की बात कही है। साथ ही मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा है। अन्य स्कूलों पर भी होगी कार्रवाईनया सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही स्कूलों ने प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं से सांठगांठ कर महंगी पुस्तकों और यूनिफार्म के नाम पर अभिभावकों को ठगना आरंभ कर दिया है। इसकी शिकायत अधिकारियों तक भी पुहंचीं है। मामले में आठ स्कूलों की जांच के निर्देश डीएम ने शिक्षाधिकारियों को दिए हैं। अब रोजाना स्कूलों के विरुद्ध मिल रही शिकायतों पर छापामार कार्रवाई होगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषी स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 11:28 pm

शहीद दिवस पर भोपाल में कैंडल मार्च:अमर क्रांतिकारियों को अर्पित की श्रद्धांजलि, शिक्षा और ड्रग माफिया के खिलाफ लगाए नारे

भोपाल में शहीद दिवस पर एनएसयूआई ने साढ़े 10 नंबर चौराहे से हबीबगंज अंडर ब्रिज स्थित शहीदों की प्रतिमा स्थल तक कैंडल मार्च निकाला। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए शिक्षा माफियाओं के खिलाफ, फर्जी निजी विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के निजीकरण एवं व्यवसायीकरण के विरोध में, छात्र संघ चुनाव शीघ्र करवाने की मांग को लेकर, निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया। अध्यक्ष बोले- प्रदेश में शिक्षा माफिया हावीएनएसयूआई भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शहीदों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसमें शिक्षा सबके लिए सुलभ और समान अवसर वाली होनी चाहिए। आज प्रदेश में शिक्षा माफिया हावी हैं और फर्जी संसाधनों के आधार पर निजी विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे संस्थानों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा निजी स्कूलों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए। छात्र संघ चुनाव न होने से युवाओं की आवाज दब रही प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि छात्र संघ चुनाव न करवाकर युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है। यदि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखती है तो तत्काल छात्र संघ चुनाव की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण शहीदों के सपनों के भारत के खिलाफ है और एनएसयूआई इस अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करती रहेगी। मांग- नशे के कारोबार पर हो सख्त कार्रवाईप्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा देने के बजाय नशे का जाल फैलाया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। सरकार को चाहिए कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करे और सकारात्मक नीतियां लागू करे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और शहीदों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, आर्यन मंडलोई, धीरज वर्मा, योगेश सोनी समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 9:10 pm

अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग पर मिला आश्वासन:भाजपा नेता विवेक मौर्य और प्रभारी ईओ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात की थी

अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता विवेक मौर्य और अकबरपुर के ईओ विशाल सारस्वत ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। मंत्री ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को अकबरपुर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण संबंधी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मुलाकात के दौरान भाजपा नेता विवेक मौर्य ने जिले में उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के हित में केंद्रीय विद्यालय के शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि अंबेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग वर्षों से लंबित और बहुप्रतीक्षित है और विद्यार्थियों के लिए इसका शीघ्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। विवेक मौर्य और ईओ विशाल सारस्वत ने शिक्षा मंत्री को बताया कि स्थानीय प्रशासन ने जिले में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से संबंधित सभी पिछली बाधाओं को दूर कर लिया है। इसके लिए सिझौली में 5 एकड़ भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। उन्होंने जानकारी दी कि जब तक निर्माण प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक जीजीआईसी के नवीन परिसर में केंद्रीय विद्यालय के परिसर निर्माण तक अस्थायी कक्षाएं चलाने के लिए आवश्यक कमरों की संख्या भी चिह्नित कर ली गई है। विवेक मौर्य और ईओ सारस्वत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला का पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज सौंपते हुए शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत अधिकारियों को अकबरपुर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया। विद्यालय संगठन संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों के विवरण सहित उपलब्ध कराने का पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके क्रम में कार्यालय नगर पालिका परिषद् अकबरपुर अंबेडकरनगर के पत्र संख्या- द्वारा जिला अम्बेडकरनगर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए नगर पालिका परिषद् अकबरपुर के वार्ड सिझौली में कुल पांच एकड़ भूमि का चयन करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ को जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकरनगर के माध्यम से पत्र धर्मेन्द्र प्रधान जी को भाजपा नेता श्री विवेक मौर्य के सहयोग से जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकरनगर का पत्र दिया गया।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 8:57 pm

जमुई स्टेडियम में 300 बालिकाएं सम्मानित:पढ़ाई छोड़ने वाली फिर शिक्षा से जुड़ीं, DM ने किया सम्मान, ‘बाल साथी फेलोशिप’ की शुरुआत

जमुई स्टेडियम में “बालिका शिक्षा संकल्प सह सम्मान” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां समग्र सेवा संस्था के प्रयासों से पढ़ाई में लौटीं 300 बालिकाओं और महिलाओं को सावित्रीबाई फुले शिक्षा सम्मान से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने इस पहल को सशक्त समाज की नींव बताया। बालिका एवं महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नवीन कुमार, दयाशंकर प्रसाद, नितिन कुमार, संस्था के सचिव मकेश्वर और बालिकाओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मानित की गईं ये 300 बालिकाएं और महिलाएं वे थीं जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, लेकिन संस्था के प्रयासों से वे शिक्षा की मुख्यधारा से फिर से जुड़ पाईं। शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यमकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने यह भी कहा कि यह सम्मान अंत नहीं, बल्कि शिक्षा की पहली सीढ़ी है और प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था के सचिव मकेश्वर ने बताया कि इन बालिकाओं को बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के माध्यम से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कराई गई। मुंगेर में आयोजित परीक्षा में कुल 900 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 292 बालिकाएं सफल रहीं। इस अवसर पर 70 “प्रेरक दीदी” को भी अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। किताबें आसानी से उपलब्ध कराने की मांगें शामिलकार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें बोस परीक्षा केंद्र को जिला स्तर पर स्थापित करने, परीक्षा शुल्क माफ करने और किताबें आसानी से उपलब्ध कराने की मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, चिमनी भट्टा पर काम करने वाले परिवारों की बेटियों को भी शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। “बाल साथी शिक्षा फेलोशिप” की शुरुआतइस दौरान पटना से गुंजन कुमारी और प्रकाश कुमार ने भी अपने विचार रखे। जिले के विभिन्न प्रखंडों से करीब 500 लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में “बाल साथी शिक्षा फेलोशिप” की शुरुआत भी की गई, जिसका उद्देश्य ‘खुद पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे’ के संकल्प के साथ बालिका शिक्षा को और मजबूत बनाना है। यह आयोजन शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 8:40 pm

बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट आज 1:30 बजे जारी:शिक्षा मंत्री ने किया अनाउंसमेंट घोषणा, टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत भी जारी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट आज, 23 मार्च को दोपहर 1:30 बजे जारी किया गया। इसकी आधिकारिक जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने दी है। रिजल्ट की घोषणा शिक्षा विभाग, बिहार के मंत्री सुनील कुमार द्वारा पटना में जारी किया गया है। इस मौके पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर भी मौजूद रहे। रिजल्ट जारी होते ही लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया, जो पिछले कई दिनों से अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 2 से 13 फरवरी तक हुई थी परीक्षा बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक राज्यभर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के लाखों परीक्षार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य तेजी से पूरा किया गया, ताकि समय पर रिजल्ट जारी किया जा सके। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड ने समयबद्ध तरीके से परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया है। इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करना होगा। मुख्य वेबसाइट्स: results.biharboardonline.com biharboardonline.bihar.gov.in interbiharboard.com seniorsecondary.biharboardonline.com रिजल्ट लिंक जारी होने के तुरंत बाद एक्टिव कर दिया जाएगा, जिससे छात्र बिना देरी के अपना स्कोर चेक कर सकें। डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा छात्र रिजल्ट जारी होने के बाद अपनी डिजिटल मार्कशीट भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। यह मार्कशीट प्रारंभिक उपयोग के लिए मान्य होगी। बाद में स्कूलों के माध्यम से ओरिजिनल मार्कशीट वितरित की जाएगी। बोर्ड की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वेबसाइट्स पर अधिक ट्रैफिक के बावजूद छात्र आसानी से अपना परिणाम देख सकें। टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत भी होगा जारी रिजल्ट के साथ ही बोर्ड द्वारा टॉपर्स की सूची, स्ट्रीम-वाइज पास प्रतिशत और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इससे यह साफ हो सकेगा कि इस वर्ष किस संकाय में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। टॉपर्स के इंटरव्यू और उनकी सफलता की कहानी भी बाद में सामने आएगी, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। फर्जी लिंक से सावधान रहने की अपील बोर्ड और शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही रिजल्ट चेक करें। कई बार फर्जी वेबसाइट्स और लिंक के जरिए साइबर ठगी की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 1:27 pm

सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था संकट के भंवर में फंसी हुई है

भास्कर न्यूज|गुमला जिले की स्कूली शिक्षा व्यवस्था इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है। अधिकारियों की भारी कमी ने जिले के शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को चरमरा दिया है। स्थिति यह है कि जिले के 12 प्रखंडों में शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए स्वीकृत 13 प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों के पदों में मात्र एक ही बीईईओ कार्यरत हैं। रायडीह प्रखंड में पदस्थापित बीईईओ घनश्याम चौबे वर्तमान में पूरे जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। जिले में एईओ के चार पद स्वीकृत हैं। लेकिन केवल प्रियांशी भगत ही कार्यरत हैं। उन्हें भी कई अतिरिक्त प्रखंडों का प्रभार दिया गया है। जिससे उन पर कार्य का अत्यधिक दबाव है। इन दो अधिकारियों के भरोसे ही पूरे जिले के छात्रों व शिक्षकों का भविष्य टिका हुआ है। अधिकारियों के अभाव में प्रखंडों का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य लगभग ठप है। पूरी व्यवस्था वर्तमान में बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी और आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे चल रही है। हालांकि ये कर्मी अपने स्तर पर व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इनके पास न तो कोई प्रशासनिक अधिकार हैं और न ही निर्णय लेने की शक्ति। विडंबना यह है कि कई जगहों पर इन कर्मियों को वे कार्य भी करने पड़ रहे हैं, जो संवैधानिक रूप से केवल एक राजपत्रित अधिकारी ही कर सकता है। एक बीईईओ के जिम्मे विद्यालय मानदेय का भुगतान, पुस्तक व पोशाक वितरण, नामांकन अभियान, मध्याह्न भोजन योजना, छात्रवृत्ति और साक्षरता कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण इन योजनाओं का कार्यन्वयन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों को अपने वेतन, सेवा पुस्तिका के संधारण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने के िलए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मुख्य काम स्कूलों का नियमित निरीक्षण करना है। ​प्रभावी निरीक्षण न होने पर स्कूलों में शिक्षकों की समयबद्धता और उपस्थिति कम होने लगती है।अधिकारियों की कमी के कारण स्कूलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच नहीं हो पाती। ​एक अधिकारी पर जब कई ब्लॉकों या क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार होता है, तो कागजी कार्रवाई धीमी हो जाती है। ​शिक्षकों के वेतन, एरियर और सेवानिवृत्त लाभों के निपटान में महीनों की देरी होती है, जिससे शिक्षकों का मनोबल गिरता है। ​सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति, पोशाक वितरण और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं का लाभ छात्रों तक समय पर नहीं पहुंच पाता। निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जमीनी स्तर पर स्कूलों में पढ़ाई की क्या गुणवत्ता है। इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड कार्यालयों तक शिक्षा व्यवस्था केवल ऑनलाइन रिपोर्टिंग तक सिमट कर रह गई है। कागजों पर सब कुछ दुरुस्त दिखाया जा रहा है लेकिन वास्तविकता यह है कि बिना प्रशासनिक नेतृत्व के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था संकट के भंवर में फंसी है। जिला स्तर पर डीइओ कविता खलखो और डीएसई नूर आलम खां पदस्थापित हैं। लेकिन प्रखंड स्तर पर अधिकारियों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे है। डीएसई नूर आलम खां ने स्वयं इसपर चिंता जताई है। कहा है कि कई बार रिव्यू मीटिंग में जिला स्तर पर कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर स्पष्ट किया गया है कि बीईईओ व एईओ की कमी है। किंतु अब तक विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। यदि स्वीकृत बल के विरूद्ध मैन पावर उपलब्ध हो, तो निश्चित कार्य प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 4:53 am

लापरवाही: मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंचे 2430 परीक्षक:वाराणसी में भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में नहीं जांची गई एक भी कापियां

यूपी बोर्ड के कापियों के मूल्यांकन कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। वाराणसी में संडे को चारों मूल्यांकन केंद्रों पर महज 444 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य के लिए पहुंचे थे, जबकि 2430 परीक्षक केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं थे। संडे को ही सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था जिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षा केंद्र बने हैं वहां दोपहर परीक्षा खत्म होने पर यानी एक बजे के बाद से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। शहर के भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में तो स्थिति यह रही है कि यहां एक भी परीक्षक कापियां जांचने के लिए नहीं पहुंचे थे। यहां पर हाईस्कूल विषय की कापियां जांची जा रही है लेकिन संडे को यहां कोई पहुंचा नहीं है। 24118 कापियाें का हो सका मूल्यांकन कार्य संडे को कुल 24118 कापियों का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की 3216 कापियां और इंटरमीडिएट की 20902 कापियां थी। पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में 5727 कापियां, पीएम श्री प्रभु नारायण इंटर कालेज 15175 कापियां व जेपी मेहता नगर निगम इंटर कॉलेज में 3216 कापियों का मूल्यांकन हुआ। भारतीय शिक्षा मंदिर कोई भी परीक्षक कापियाें के मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंचा है। संडे तक हाईस्कूल की 18.59% और इंटरमीडिएट में 29.31% उत्तरपुस्तिकाएं जांची गई हैं। अभी हाईस्कूल की 290524 और इंटरमीडिएट की 172007 कापियों का मूल्यांकन कार्य होना है।

दैनिक भास्कर 23 Mar 2026 12:06 am

रामपुर में सम्राट अशोक जयंती और होली मिलन समारोह:समाज सुधार और शिक्षा पर जोर दिया, कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं

रामपुर में सैनी, मौर्य, शाक्य और कुशवाहा सभा ने होली मिलन एवं सम्राट अशोक जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्सव पैलेस, रामलीला ग्राउंड में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक लिमिटेड रामपुर के चेयरमैन मोहनलाल सैनी थे। उन्होंने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के व्यक्तित्व और उनके विशाल साम्राज्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। सैनी ने कहा कि अशोक विश्व के महानतम और शक्तिशाली सम्राटों में से एक थे। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। पूर्व समाज कल्याण अधिकारी वीके सैनी ने कलिंग युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस युद्ध की भयावहता के बाद सम्राट अशोक ने हिंसा त्याग दी और धम्म विजय का मार्ग अपनाया। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह सैनी ने समाज के गौरवशाली इतिहास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस समाज का इतिहास मजबूत होता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने युवाओं से अपने पूर्वजों के संघर्षों को जानने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील की। पूर्व भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी सैनी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला ही परिवार और समाज को सशक्त बना सकती है। सभा अध्यक्ष पन्नालाल सैनी ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समारोह में कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 11:11 pm

​बाबा रामदेव का वाराणसी में स्वागत:मऊ में योग और शिक्षा संवाद के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली लौटे योग गुरु

पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव रविवार को अल्प प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके प्रशंसकों और समर्थकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे से वे सीधे सड़क मार्ग द्वारा मऊ जनपद के लिए रवाना हुए। मऊ स्थित लिटिल फ्लावर चिल्ड्रन स्कूल में आयोजित 'योग व शिक्षा संवाद' कार्यक्रम में बाबा रामदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मऊ से वाराणसी वापसी के दौरान चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी टोल प्लाजा पर भी समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मार्कंडेय महादेव के पुजारी मुन्ना गिरी, रिंकू गिरी और गौरव गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। डॉ. विजय यादव के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और छात्र भी स्वागत के लिए उपस्थित रहे। बाबा रामदेव ने लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। शाम करीब 4 बजे बाबा रामदेव वापस वाराणसी हवाई अड्डे पहुंचे। उनके साथ संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा भी मौजूद रहे। हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज में कुछ देर रुककर उन्होंने लोगों से भेंट की और फिर इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 8:56 pm

पीथमपुर में महाराष्ट्र समाज ने मनाया गुड़ी पड़वा:हिंदू नव वर्ष पर स्नेह मिलन समारोह, शिक्षा-स्वरोजगार पर जोर

पीथमपुर में महाराष्ट्र समाज ने हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर एक भव्य स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में धार के पूर्व विधायक श्रीमंत करण सिंह पवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में करियर मार्गदर्शक और इंदौर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संजीव गवते ने युवक-युवतियों को भविष्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने उच्च शिक्षा के साथ-साथ युवाओं में स्वरोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए 'मालिक बनने की चाह' पर जोर दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण मुंबई से आए प्रसिद्ध हास्य कलाकार सुबोध चितले रहे। मराठी सीरियल्स और 'आर्टिस्ट ऑफ द ईयर' से सम्मानित चितले ने अपने चुटकुलों और हास्य नाटकों के अनुभवों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिससे पूरा माहौल खुशनुमा हो गया। इंदौर मराठी समाज के उपाध्यक्ष चंद्रकांत पराड़कर ने समाज को संगठित करने की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं, महाराष्ट्र समाज पीथमपुर के अध्यक्ष यशवंत पैठणकर ने संस्था का परिचय देते हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नितिन पाटिल, सुजय घोरपड़े, सुनील ठोसरे सहित समाज के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 8:10 pm

हम अपने राज्य के 'ब्रांड एंबेसडर'-DM:नवादा में बिहार दिवस पर DIET सभागार में कार्यक्रम, बोले- शिक्षा-खेल में करें उत्कृष्ट प्रदर्शन

नवादा में बिहार दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे न केवल अपने परिवार या विद्यालय का, बल्कि पूरे बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि हम जहाँ भी रहते हैं चाहे बिहार में हों, देश के अन्य भागों में या विदेश में हम अपने राज्य के 'ब्रांड एंबेसडर' होते हैं। हमारा आचरण, हमारे कार्य और हमारी उपलब्धियाँ बिहार की छवि को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके प्रत्येक प्रयास में बिहार का उज्ज्वल भविष्य निहित है और वे अपने भविष्य का निर्माण करते हुए राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित शिक्षकों को जिला पदाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्थापना प्रभारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रभारी सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 7:52 pm

भारत भौतिक नहीं, संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा ‘विश्व गुरु’:जयपुर में ‘ज्ञानसभा’ का आगाज़, शिक्षा में भारतीयता और चरित्र निर्माण पर मंथन

राजस्थान के शैक्षणिक भविष्य को एक नई परिभाषा देने और राज्य की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में दो दिवसीय 'राजस्थान ज्ञान सभा का आगाज हुआ। यह विशेष समागम राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय,शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और जेईसीआरसी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विख्यात शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि शिक्षा न केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम है, बल्कि संस्कार, चरित्र और समाज निर्माण की आधारशिला है। जब तक भौतिक विकास के साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश नहीं होगा, तब तक भारत ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता। कोठारी ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और जीवन मूल्यों पर आधारित रही है। ‘ज्ञानसभा’ उसी परंपरा को वर्तमान संदर्भ में पुनर्जीवित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज के दुखी, पीड़ित और वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील हों। यही सच्चे अर्थों में ‘विश्व गुरु’ बनने की कसौटी है, न कि केवल आर्थिक या सामरिक शक्ति। संस्कार आधारित शिक्षा पर सरकार का भी जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें संस्कार एवं नैतिकता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ‘ज्ञानसभा’ जैसे आयोजनों को शिक्षा जगत के लिए नई दिशा देने वाला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय बौद्धिक प्रमुख सुनील सुखदेव भाई मेहता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में जीवन मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, लेकिन आधुनिकता के प्रभाव में हम उनसे दूर होते गए हैं। उन्होंने औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर भारतीयता को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। जालोर के नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर सराहना कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेशचंद्र पोखरियाल ने जालोर के शिक्षाविद संदीप जोशी के नवाचारों-इतिहास संकलन, कन्या पूजन और मल्टीटैलेंट पोस्टर की सराहना की। उन्होंने इसे संस्कारयुक्त और प्रयोगधर्मी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। अपने संबोधन में संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख सुनील भाई मेहता ने भी जालोर के शिक्षक के नवाचारों का उल्लेख करते हुए सराहना की। देशभर से आए शिक्षाविदों ने भी इन प्रयासों को प्रेरणादायी माना। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का मार्गदर्शक बताते हुर रमेश पोखरियाल निशंक (पूर्व शिक्षा मंत्री, भारत सरकार) ने बताया की हमारा उद्देश्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना है जो वैक्षिक स्तर पर प्रति लेकिन जिसकी जड़े भारतीय मूल्यों और संस्कृति में गहरी जमी हों। उनके अनुसार, मातृभाषा शिक्षा और अनुसंधान पर जोर देना हमारे युवाओं के में सांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। ज्ञान का संगम बना आयोजन कार्यक्रम में जयपुर, बांसवाड़ा, सीकर, कोटा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्रीय संस्थाओं के निदेशक सहित प्रदेशभर से शिक्षाविद, कॉलेज शिक्षा सचिव ओ.पी. बैरवा और जेईसीआरसी के प्रेजिडेंट विक्टर गंभीर सहित सहित प्रदेशभर से शिक्षाविद् उपस्थित रहे। जिनमें जोधपुर प्रांत से संदीप जोशी, चंद्रशेखर कछवाहा,देवाराम गोदारा, दीपिका शर्मा, भारतीय भाषा अभियान के अश्विन राजपुरोहित, न्यास के शांतिलाल दवे, वचनाराम काबावत, विक्रमसिंह रावलोत, राणीदान सिंह, नटवर नांगल, विष्णु शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 7:49 pm

अंधविश्वास महिलाओं की प्रगति में बाधा:डॉ. दिनेश ने महिलाओं को जागरूक होने की सलाह दी, बोले- महिला जागृति के लिए शिक्षा जरूरी

जिला स्तरीय महिला जागृति शिविर में प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने महिलाओं को उनके अधिकारों, क्षमताओं और समाज में महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास महिलाओं की जागरूकता में बड़ी बाधा है। डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा, अंधविश्वास के कारण कई महिलाएं अपने अधिकार और क्षमताएं समझ नहीं पातीं, जिससे वे अपने भविष्य को संवारने में असमर्थ रहती हैं। कार्यक्रम धरसीवां विकासखंड, ग्राम गोढ़ी मोहदी के सरकारी स्कूल में आयोजित किया गया। डॉ. मिश्र ने कहा कि बालिका शिक्षा महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। एक शिक्षित बालिका न केवल खुद बल्कि अपने पूरे परिवार को शिक्षित करती है। महिलाओं के अधिकार और समाज का समर्थन जरूरी उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी के साथ परिवार और समाज का समर्थन भी जरूरी है। इससे महिलाएं अपने फैसले लेने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित और सक्षम बनती हैं। स्थानीय महिला समूह, संगठन और मीडिया महिलाओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा, समाज का समर्थन, संगठनों और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिलकर ही महिलाओं की स्थिति में सुधार ला सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। अंधविश्वास महिलाओं की जागरूकता में बाधा डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास और कुरीतियां जैसे जादू-टोना, टोनही, डायन कहने जैसी बातें महिलाओं के अधिकारों और जागरूकता में बाधा डालती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई महिला टोनही नहीं होती, बीमारियों का इलाज केवल सही जांच और चिकित्सा से हो सकता है, कथित तंत्र मंत्र या झाड़ फूंक से नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी कुछ समाजों में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता है, उन्हें पर्दे में रखा जाता है, बाल विवाह और दहेज जैसी प्रथाएं जारी हैं। यह सब बंद होना चाहिए और महिलाओं को उनके अधिकारों और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। कार्यक्रम में आयुक्त महादेव कावरे, पूर्व आईएएस इंदिरा मिश्र और महिला बाल विकास विभाग की ए. श्रीवास्तव उपस्थित थीं।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 6:58 pm

पानीपत में ग्रेजुएशन डे का आयोजन:शिक्षा को देश के विकास के लिए आवश्यक बताया, बच्चों को डिग्रियां देकर किया सम्मानित

पानीपत जिले में उपमंडल इसराना के गांव नौल्था स्थित लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में ग्रेजुएशन डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इसराना थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर महिपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गीता यूनिवर्सिटी के कुलपति एसपी बंसल विशिष्ट अतिथि रहे और उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर छोटे बच्चों के लिए 'कुला कुब्स क्लास' नामक एक नई पहल शुरू की गई। इसमें बच्चों को शुरुआती सात वर्षों में विभिन्न गतिविधियां और कार्यक्रम सिखाए जाएंगे। स्कूल ने भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग की भी जानकारी दी। शिक्षकों के मार्गदर्शन का पालन करने पर जोर मुख्य अतिथि सब इंस्पेक्टर महिपाल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआती सात वर्षों की शिक्षा बच्चे के भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने जोर दिया कि 12वीं के बाद कॉलेज में भी बच्चे अपने अभिभावकों और शिक्षकों के मार्गदर्शन का पालन करें। डिग्रियां प्रदान कर सम्मानित किया महिपाल ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के विकास और विभिन्न उद्योगों में भविष्य तलाशने का भी जरिया है। विशिष्ट अतिथि एसपी बंसल ने बच्चों के कार्यक्रम की सराहना की और उन्हें डिग्रियां प्रदान कर सम्मानित किया। दो तरह की किताबें उपलब्ध कराता है संस्थान उन्होंने बताया कि लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दो तरह की किताबें उपलब्ध कराता है: एक अभिभावकों के लिए और एक स्कूल के लिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावक और स्कूल मिलकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें, जिससे उन्हें ट्यूशन की आवश्यकता न पड़े।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 5:48 pm

नूंह में शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग:BMS ने पदाधिकारी बोले- परीक्षा और इंटरव्यू के बाद चयन, आंदोंलन की चेतावनी

नूंह जिले में शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग जोर पकड़ रही है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने इन शिक्षा सहायकों को स्थायी करने की अपील की है, जो कई वर्षों से अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए शिक्षा सहायकों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, हर साल मार्च आते ही इनकी नौकरी पर संकट मंडराने लगता है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। शिक्षा सहायकों को नियमित करने की मांग भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इन शिक्षा सहायकों का चयन लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और प्रशिक्षण के बाद हुआ है। वे नियमित शिक्षकों की तरह ही अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक स्थायित्व नहीं मिला है। आंदोलन की चेतावनी संघ ने मांग की है कि शिक्षा सहायकों को पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत लाया जाए और फिर उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा दिया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस संबंध में जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग इस बीच, नूंह जिले में एक और समस्या सामने आई है। यहां कई चयनित स्थायी शिक्षक अपनी नियुक्ति के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं करते, जिससे स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली रह जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भर्ती अभियान चलाने और क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग भी उठ रही है।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 3:55 pm

शिक्षा मंत्री के निवास का अतिथि शिक्षकों ने किया घेराव:सरगुजा-कांकेर समेत कई जिलों से पहुंचे विद्यामितान; नियमितीकरण-समान वेतन और मानदेय की मांग

छत्तीसगढ़ में प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर रविवार को दुर्ग में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करते नजर आए। बड़ी संख्या में पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सरगुजा, कांकेर सहित कई जिलों से शिक्षक बड़ी संख्या में दुर्ग पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि वे कक्षा शिक्षण, आईसीटी प्रशिक्षण, निर्वाचन कार्य, एनएसएस, बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी और पेपर मूल्यांकन जैसे सभी कार्य नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायी दर्जा मिल रहा है और न ही समान वेतन। प्रदर्शनकारी बोले- 2015-16 से दे रहे सेवाएं प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने बताया कि वे सत्र 2015-16 से स्कूल शिक्षा विभाग में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे व्याख्याता के स्वीकृत पदों पर कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिला है।प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंत्री निवास के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तीन थाना प्रभारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। शिक्षकों ने अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया और जल्द समाधान की उम्मीद जताई। मंत्री ने सुनी समस्याएं शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद उनके बीच चिंता बढ़ गई। इस खबर से शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल बन गया। इसी मुद्दे को लेकर अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव किया। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेने और अपनी स्थिति साफ करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और उनकी बातों को समझने का प्रयास किया। हटाने का कोई फैसला नहीं मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को हटाने की बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। मंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से देख रही है और उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। केबिनेट में चर्चा के बाद फैसला शिक्षकों ने बताया कि मंत्री से चर्चा हुई है। शिक्षकों के अनुसार मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के मानदेय का निर्धारण उनकी पात्रता के अनुसार किया जाएगा और इस पूरे मामले पर कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट की बैठक के बाद अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। अपनी मुख्य मांगों को रखा मंत्री के सामने अतिथि शिक्षकों ने मंत्री के सामने अपनी मुख्य मांगें रखीं, जिनमें स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन, ग्रीष्मकालीन अवधी का मानदेय, समान कार्य के बदले समान वेतन और सरकारी कर्मचारियों की तरह अवकाश की सुविधा शामिल है। शिक्षकों ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने भी ग्रीष्मकालीन मानदेय और अवकाश देने के संबंध में निर्देश दिए हैं, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। मंत्री से चर्चा के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला होगा। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी स्थिति में काम कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 2:18 pm

राज्यपाल ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी ली

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से बिहार में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में चल रहीं योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षा विभाग से उच्च शिक्षा को अलग कर उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है। उन्होंने बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति, समर्थ पोर्टल, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय, उच्च शिक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया। सरकारी स्कूलों, शिक्षकों एवं नामांकित बच्चों की संख्या, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं अन्य डीबीटी योजनाओं, स्कूली शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल पहल, प्रधानमंत्री पोषण योजना आदि के बारे में राज्यपाल को अवगत कराया। मुख्य सचिव ने उन्हें बाल हृदय योजना, बाल श्रवण योजना, भव्या एप्लीकेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य स्वास्थ्य समिति, मेडिकल शिक्षा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आदि के विषय में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग में ‘दीदी की रसोई’ के क्रियान्वयन पर राज्यपाल ने खुशी जाहिर की।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:52 am

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर सेमिनार

अमृतसर | खालसा कॉलेज फॉर वूमेन में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : विस्तार और कौशल विकास के लिए एक रूपरेखा’ विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन खालसा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर और खालसा कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के मानद सचिव रजिंदर मोहन सिंह छीना ने किया। इस दौरान प्रो. डॉ. अनिल मोंगा, यूजीसी, नई दिल्ली से कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन के पूर्व निदेशक प्रो. जीडी शर्मा, प्रो. डॉ. अमनदीप वर्मा तथा खालसा यूनिवर्सिटी की अकादमिक डीन डॉ. सुरिंदर कौर उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मानद सचिव छीना ने फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पहल करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य स्नातकों के कौशल को बढ़ाना है, जिससे वे अधिक रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बन सकें।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:20 am

एजीसी और सहोदय स्कूल्स कॉम्प्लेक्स ने करवाया ‘शिक्षा रत्न सम्मान समारोह'

अमृतसर| अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (एजीसी) ने अमृतसर सहोदय स्कूल्स कॉम्प्लेक्स के सहयोग से शिक्षा रत्न सम्मान समारोह’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पंजाब विधानसभा के माननीय स्पीकर कुलतार सिंह संधवां उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका की सराहना की और आधुनिक शिक्षा पर बल दिया। समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 100 से अधिक स्कूल प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। एजीसी के चेयरमैन अमित शर्मा और एमडी डॉ. रजनीश अरोड़ा ने नवाचार व छात्र सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान सीबीएसई (लुधियाना) के अंडर सेक्रेटरी महेश कुमार सतीजा और मेयर जतिंदर सिंह मोटी भाटिया आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:18 am

बाल मैत्री: शिक्षा व संस्कारों का संदेश दिया

आंगनवाड़ी केन्द्र- 01 कुमदाबस्ती और प्राथमिक शाला कुमदाबस्ती में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रख बाल मैत्री कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों के बीच संवाद को मजबूत करना और शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ मित्रवत माहौल में बातचीत की, जिसमें उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, स्वच्छता और दैनिक गतिविधियों से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। बच्चों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बना। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनबसिया सिंह, ममता राजवाड़े और फुलेश्वरी राजवाड़े व प्राथमिक शाला कुमदाबस्ती की शिक्षिका ईरीना कुजूर, सुनीता यादव और शिक्षक पन्नेलाल उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षकों ने कहा कि नियमित रूप से विद्यालय आना, मन लगाकर पढ़ाई करना और अनुशासन का पालन करना सफलता की कुंजी है। इसके साथ ही बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और आपसी सहयोग की भावना विकसित करने भी प्रेरित किया। संवाद सत्र के दौरान कई बच्चों ने पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों, खेल सामग्री की कमी और अन्य जरूरतों को साझा किया। इस पर शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा, अच्छे व्यवहार और अनुशासन के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। प्रश्न-उत्तर सत्र में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के बाल मैत्री कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:00 am

17 हजार 338 शिक्षार्थी देंगे परीक्षा महापरीक्षा

भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में आज राष्ट्रव्यापी नवभारत साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा सुबह 10से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें जिले के 17,338 शिक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा 15 वर्ष से अधिक आयु के उन शिक्षार्थियों के लिए है, जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययन किया है। तीन घंटे की परीक्षा में पढ़ना, लिखना और गणित विषय शामिल होंगे, प्रत्येक विषय 50 अंकों का होगा। सफल अभ्यर्थियों को एनआईओएस और एनआईएलपी से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए केंद्राध्यक्ष और मूल्यांकनकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर द्वारा विकासखंडवार अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जागरूकता अभियान जारी है।

दैनिक भास्कर 22 Mar 2026 4:00 am

संत सीचेवाल ने उठाया निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा:संसद में शिक्षा के व्यवसायीकरण पर जताई चिंता, जयंत चौधरी बोले-राज्य सरकारों का विषय

कपूरथला जिले के रहने वाले और राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने राज्यसभा में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को स्कूल से ही किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह प्रथा आम परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है और शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा दे रही है। प्रश्न संख्या 2920 के माध्यम से संत सीचेवाल ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या उसे इस बात की जानकारी है कि निजी स्कूल अभिभावकों को महंगी किताबें और वर्दी स्कूल से ही खरीदने के लिए क्यों बाध्य करते हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में इस संबंध में प्राप्त शिकायतों की संख्या और शिक्षा में बढ़ते व्यावसायिक रुझान को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी। मंत्री ने दिया सांसद के प्रश्न का जवाब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि शिक्षा एक समवर्ती विषय है। इसलिए इस पर कार्रवाई करना राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने 'बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' की धारा 12(1)(सी) का उल्लेख किया। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के हो रहे प्रयास इसके तहत निजी स्कूलों में कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। सरकार ने यह भी बताया कि अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देश में सभी के लिए समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी दुकान से सामान खरीदने का नहीं बना सकते दबाव केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सीबीएसई ने वर्ष 2018 में एक परिपत्र जारी किया था, जिसमें निजी स्कूलों को किताबों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म की बिक्री को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूल अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने का दबाव नहीं बना सकते।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:15 pm

पोर्टा केबिन कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग:बस्तर सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर पोर्टा केबिन विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा उठाया। मुलाकात के दौरान सांसद कश्यप ने बस्तर के अत्यंत दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में संचालित पोर्टा केबिन विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों एवं भृत्यों के सुरक्षित पुनर्वास और स्थायी समायोजन के संबंध में एक पत्र सौंपा। सांसद ने मंत्री को बताया कि इन क्षेत्रों में कर्मचारी पिछले करीब 15 वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद, उनके भविष्य को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मानवीय आधार पर इन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। सांसद ने तर्क दिया कि इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:07 pm

बीजापुर में दो DEO की नियुक्ति पर विवाद:विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

बीजापुर जिले में एक ही कार्यालय में दो जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की पदस्थापना का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि जिले में एक ही समय पर दो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इसे 'अव्यवस्थित व्यवस्था' बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है, जो अब पटरी से उतरती दिख रही है। मंडावी ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र मंडावी ने इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि वर्तमान में बीजापुर में एन.एल. धनेलिया जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं, वहीं राजकुमार कठौते सहायक संचालक और प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। बताया गया है कि 10 जुलाई 2025 से दोनों अधिकारी एक ही कार्यालय से कार्य संचालन कर रहे हैं। इससे विभागीय कार्यों में टकराव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। विधायक ने मंत्री से मांग की है कि स्थिति स्पष्ट करते हुए एक ही अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। इस पूरे मामले ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 2:46 pm

बागपत में 9 बर्ष पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित:नुक्कड़ नाटक से स्वच्छता, शिक्षा और नशा मुक्ति का दिया गया संदेश

बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर नववर्ष के अवसर पर एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों, स्वच्छता, शिक्षा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता नुक्कड़ नाटक था, जिसमें कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों और समस्याओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए लोगों को स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। कलाकारों के संवाद और प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर किया, और दर्शकों ने नुक्कड़ नाटक को खूब सराहा। इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भी जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए सभी का सहयोग जरूरी है और लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। अंत में, आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 1:00 pm

केवी सुकमा में इए शिक्षा सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

सुकमा| केंद्रीय विद्यालय सुकमा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रभारी प्राचार्य दिनेश कुमार ने बताया कि कक्षा पहली में प्रवेश हेतु अभिभावक 20 मार्च से 2 अप्रैल तक केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुल 80 सीटों पर चयन लॉटरी के माध्यम से होगा और पहली सूची 9 अप्रैल को जारी की जाएगी। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च 2026 तक न्यूनतम 6 वर्ष होनी चाहिए। वहीं कक्षा 2 से 12वीं में रिक्त सीटों पर 2 से 8 अप्रैल तक ऑफलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:00 am

परांजपे सर की स्मृति में दो पुरस्कारों की घोषणा, शिक्षा की अलख जगाने वाले होंगे सम्मानित

श्री सत्यसाईं विद्या विहार में शिक्षक और संस्था के निदेशक स्व. माधव परांजपे की स्मृति में शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन व शिक्षाविद् शामिल हुए। संस्था चेयरमैन डॉ. रमेश बाहेती ने कहा कि परांजपे सर के जाने का हमें वियोग नहीं मानना चाहिए, क्योंकि उनकी जैसी विलक्षण प्रतिभाएं देवताओं की पंक्ति का हिस्सा बन जाती हैं। परांजपे सर देवताओं की पंक्ति में बैठकर वहां से हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। उनका आशीर्वाद हम पर बना हुआ है। ‘श्री माधव परांजपे स्वर्ण पदक’ मिलेगा श्रद्धांजलि सभा में डॉ. बाहेती ने स्व. माधव परांजपे की स्मृति में दो पुरस्कारों की घोषणा की। एक पुरस्कार एक लाख रुपए मूल्य का प्रदेश के उन शिक्षकों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने पिछड़े इलाकों में शिक्षा की अलख जगाई है। इसमें सत्य साईं विद्यालयों के शिक्षकों को छोड़कर अन्य शिक्षकों को चयनित किया जाएगा। वहीं सत्य साईं स्कूल के छात्रों के लिए उन्होंने ‘श्री माधव परांजपे स्वर्ण पदक’ की भी घोषणा की। इस पदक को प्राप्त करने वाले छात्रों के चयन की रूपरेखा स्कूल प्राचार्या अंजू चोपड़ा द्वारा तय की जाएगी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 4:00 am

अपने ही विभाग को खोखला कर रहा था एकाउंटेंट:शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला,सैलरी के नाम पर निकाल लिए 1 करोड़ 11 लाख;14 पर एफआईआर दर्ज

जबलपुर में शिक्षा विभाग के पनागर विकासखंड में पदस्थ एकाउंटेंट ने शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर ना सिर्फ अपने और परिवार की जेब भरी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को कई सालों तक हर माह वेतन भी दिया। खुलासा होने के बाद पनागर थाने में तीन शिक्षा अधिकारियों सहित 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी। इधर फर्जीवाड़ा से घिरे लोगों को जैसे ही एफआईआर को पता चला, तो सभी अंडरग्राउंड हो गए हैं, जिनकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। ऐसे हुआ घोटाला उजागर दरअसल कोष लेखा विभाग भोपाल से जबलपुर कलेक्टर को इनपुट मिला कि स्कूल शिक्षा विभाग के पनागर ब्लाक में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, जिसमें कि अतिथि शिक्षकों के नाम पर 2018 से वेतन निकाला जा रहा है, जो कि उन लोगों को दिया जा रहा है, जो कि या तो रिटायर हो गए हैं, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की हो। यह राशि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने लागइन-पासवर्ड से निकाली और फिर अलग-अलग खातों में जमा करवाई। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा और लेखा विभाग की टीम गठित की और जब विजय कुमार सहित अन्य लोगों के बैंक खाते चेक किए, तो सभी के खातों में लाखों रुपए निकले। शिक्षा विभाग में पदस्थ विजय कुमार के साथ-साथ उनकी पत्नी दो बेटी के खातों में कई लाख रुपए मिले। तीन पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी शामिल के नाम भी इस घोटाले मे सामने आए हैं, इसके अलावा जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा एवं पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में राशि भेजी गई है, जो कि करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपए हैं। मास्टरमाइंड था एकाउंटेंटजांच के दौरान यह भी पता चला कि विजय कुमार भलावी 2016 से पनागर ब्लाक में पदस्थ था। तभी से उसने यह घोटाला हर माह करना शुरू कर दिया था। 2018 से 2026 के बीच तीन शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे, जिनकी लागइन-पासवर्ड से यह राशि निकाली गई और बाद में फिर अलग-अलग 16 खातों में ट्रांसफर की गई। बीईओ कार्यालय पनागर में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ब्लॉक के शिक्षकों की सूची में फर्जी तरीके से ऐसे नाम जोड़ देता था, जो कि कहीं शिक्षक हैं ही नहीं। इसके बाद उनके नाम की सैलरी जब आती थी, तो उसे निकालकर अपने और पत्नी, दो बेटियों सहित अन्य साथियों के खातों में डाल लेता था। यह पूरा कारनामा वह बेहद शातिर तरीके से किया गया था, जिसकी विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी को भनक ही नहीं लगी। हाल ही में जब कोषलेखा विभाग भोपाल में राशि का मिलान नहीं हुआ तब मामला सामने आया और शिकायत कलेक्टर तक पहुंची। बड़े अधिकारी भी शक के घेरे में शिक्षा विभाग से लेकर जिला कोषालय भी शक के दायरे में बताया जाता है कि इस मामले में जहां स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी शंका जाहिर की जा रही है, वहीं जिला कोषालय के अधिकारी और कर्मचारी भी निशाने पर हैं। इतना बड़ा मामला बिना सहभागिता के संभव नहीं है। शिक्षा विभाग के पास भी शिक्षकों की सूची होती है और उनमें नए नाम शामिल होने की जानकारी अधिकारियों को नहीं मिल पाई यह चौंकाने वाली बात है। वहीं जिला कोषालय ने भी बिना सत्यापन लगातार सैलरी निकाली, इस पर भी संदेह जताया जा रहा है। बैंक खातों पर रोक लगाई बताया जाता है कि घपले की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अभी तक के रिकॉर्ड भी बीईओ कार्यालय से मांगे गए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे ने पनागर थाने में प्रतिवेदन देते हुए बताया कि विकासखंड की पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे,नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक ग्रेड विजय कुमार भलावी, शिक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला,अनिल कुमार ने 2018 से 2025 के बीच कई फर्जी नाम जोड़े और बकायदा उनके खाते में वेतन का भुगतान भी किया गया। 16 खातों में रुपए हुए ट्रांसफर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी कई सालों से शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी कर रहा था। वह शिक्षकों की सूची में किसी का भी नाम जोड़कर उन्हें शिक्षक बना देता था, और फिर उसके नाम की सैलरी ना सिर्फ अपने खाते बल्कि पत्नी और बेटियों के नाम पर ट्रांसफर करता था। अभी तक 16 खातों की पहचान हो गई है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक शासकीय राशि भेजी गई है। विजय कुमार के 4, पत्नी और दो बेटियों के 1-1 खाते के अलावा रिटायर हो चुके शिक्षकों के खाते भी सामने आए हैं। इन पर हुई एफआईआर विकासखंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पनागर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय कुमार भलावी सहित शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे, नरेंद्र तिवारी,जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा, पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार का कहना है कि विजय कुमार ने बड़ी ही चालाकी से यह फर्जीवाड़ा किया है। विजय कुमार ने ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन निकाला था, जो कि या तो रिटायर हो चुके थे, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की थी।

दैनिक भास्कर 21 Mar 2026 12:20 am

शिक्षक पात्रता परीक्षा से नाराज शिक्षक विधायक से मिले:मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र; MLA बोले- यह शिक्षकों के अनुभव का अपमान

टीईटी अनिवार्य करने के सरकारी आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने शुक्रवार को वारासिवनी विधायक विवेक पटेल से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के नाम ज्ञापन देकर इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। विधायक पटेल ने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए शासन को पत्र लिखकर परीक्षा समाप्त करने का आग्रह किया है। 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर आदेश का विरोध ब्लॉक अध्यक्ष रोशनलाल नगपुरे ने बताया कि यह आदेश विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए चिंताजनक है जिनकी नियुक्ति वर्ष 2009 से पहले हुई थी। शिक्षकों का तर्क है कि वे तत्कालीन निर्धारित योग्यता और मापदंडों को पूरा करने के बाद ही शासकीय सेवा में आए थे। दशकों की सेवा के बाद पुनः पात्रता परीक्षा देना उनके अनुभव और वरिष्ठता का अपमान है। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मांग शिक्षक संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है और कानूनी राहत प्रदान नहीं करती है, तो उन्हें सामूहिक रूप से 'इच्छा मृत्यु' की अनुमति प्रदान की जाए। इस आदेश से हजारों शिक्षकों में नौकरी की असुरक्षा और मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। विधायक बोले- शिक्षकों को मिले पूरा सम्मान विधायक विवेक पटेल ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जो शिक्षक 20-25 वर्षों से अध्यापन कार्य करा रहे हैं, उनसे दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव का निरादर है। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना देने के बजाय उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। विधायक ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाएंगे।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 8:42 pm

सुपौल DM ने 42 शिकायतें सुनीं:शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर समाधान का निर्देश, अधिकारी बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे

समाहरणालय सुपौल में शुक्रवार को आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी सावन कुमार ने आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस जनता दरबार में कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। जल्दी समाधान का भरोसा दियासाथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। इस दौरान उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) विकास कुमार कर्ण, वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित कई अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। जनता दरबार में आए फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिससे उन्हें त्वरित समाधान की उम्मीद जगी। सीधा संवाद एक प्रभावी माध्यमप्रशासन की इस पहल को लोगों ने सराहा और इसे आम जनता के लिए राहतदायक कदम बताया। जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में भी मदद मिल रही है।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 3:36 pm

धमतरी के 80 छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन:शिक्षा विभाग ने जारी की सूची, नगरी से सबसे ज्यादा 27 छात्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से 80 स्टूडेंट्स का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन हुआ है। सत्र 2026-27 में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, चयनित स्टूडेंट्स में 55 शासकीय विद्यालयों से और 25 अशासकीय विद्यालयों से हैं। शासकीय स्कूलों से अधिक संख्या में छात्रों का चयन जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, नगरी विकासखंड से सर्वाधिक 27 स्टूडेंट्स चयनित हुए हैं। वहीं कुरूद विकासखंड से 22, मगरलोड से 20 और धमतरी विकासखंड से 11 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है। जिला शिक्षा विभाग ने चयनित विद्यार्थियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन को ग्रामीण और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 2:26 pm

गुजरात: भाजपा अध्यक्ष ने विकास, आदिवासी कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस को 'शून्य' बताया

गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने गुरुवार को दाहोद में बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया

देशबन्धु 20 Mar 2026 10:25 am

महेंद्रगढ़ कॉलेज में Msc कोर्स शुरू करने की मांग:विष्णु सेवा समिति ने सीएम-शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन; बोले- स्टूडेंट्स हो रहे परेशान

महेंद्रगढ़ में विष्णु सेवा समिति ने राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से महाविद्यालय में एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की है।श्री विष्णु सेवा समिति महेंद्रगढ़ के प्रधान मनोहर लाल झुकिया, कोषाध्यक्ष रामानंद शर्मा और अन्य प्रतिनिधियों ने राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्राचार्य प्रोफेसर विजय यादव को यह ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्चतर शिक्षा विभाग और महानिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग, पंचकूला के नाम भेजा गया है। सत्र 2026-27 से शुरू करने की रखी मांगसमिति ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ में सत्र 2026-27 से एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी जैसे महत्वपूर्ण स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। समिति ने बताया कि यह महाविद्यालय क्षेत्र का एक प्राचीन और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, जिसने अनेक विद्यार्थियों को उच्च पदों पर पहुंचाया है। पाठ्यक्रम न होने से विद्यार्थियों को हो रही परेशानीवर्तमान में इन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से छात्राओं को इससे कई व्यावहारिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई बार उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है। महाविद्यालय में उपलब्ध है आवश्यक संसाधनसमिति ने यह भी उल्लेख किया कि महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के लिए एक अलग भवन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार ने हाल ही में विज्ञान विषयों में नए प्राध्यापकों की नियुक्तियां भी की हैं। अतः आवश्यक आधारभूत संरचना और शैक्षणिक संसाधन पहले से ही उपलब्ध हैं, जिससे इन पाठ्यक्रमों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सकता है। सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने की अपीलसमिति के पदाधिकारियों ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और महेंद्रगढ़ जिले के समग्र शैक्षिक विकास को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ में एमएससी गणित और एमएससी भौतिकी पाठ्यक्रम शीघ्रता से प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की जाए। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विद्यार्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगी।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 10:10 am

12 की छात्रा बनी संयुक्त शिक्षा निदेशक:एक दिन का मिला प्रभार, बोली गर्ल्स स्कूलों में हो पुलिस सुरक्षा

आगरा में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक मेधावी छात्रा को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाया गया। इस दौरान छात्रा ने बालिका शिक्षा से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा और सुधार के सुझाव दिए। मिशन शक्ति अभियान के छठवें चरण में बृहस्पतिवार को श्री गोपीचंद शिवहरे बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा हर्षिता अवस्थी को एक दिन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। श्रमिक पिता की बेटी हर्षिता ने जिम्मेदारी संभालते ही राजकीय इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। हर्षिता ने खास तौर पर बालिका विद्यालयों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, निर्धन छात्राओं को आर्थिक सहायता देने, फीस कम करने और अनुशासन सख्त करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने ‘यश आई नो’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर मंडलीय वित्त एवं लेखाधिकारी राजेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी बंसल और आनंद वीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 5:40 am

दिव्यांग बच्चों के लिए हर प्रमंडल में खुलेगा सेंटर, इलाज-शिक्षा फ्री

झारखंड में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और मल्टीपल डिसेबिलिटी से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य के सभी प्रमंडलों में विशेष आवासीय सह डे-केयर पुनर्वास केंद्र खोलने की तैयारी है। इसे अप्रैल से शुरू करने की योजना है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इन केंद्रों का संचालन अनुभवी गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य में फिलहाल करीब 1.35 लाख बच्चे विकासात्मक दिव्यांगता से प्रभावित हैं। इनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम और बहु-दिव्यांगता के मामले अधिक हैं। नई व्यवस्था के तहत इन बच्चों को नि:शुल्क इलाज, प्रशिक्षण, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। हर प्रमंडल में एक केंद्र स्थापित होगा। इस पर सालाना करीब 4.5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अभी ऐसी समेकित सुविधाओं की कमी के कारण परिजनों को काफी परेशानी होती है, जिसे यह योजना दूर करेगी। भोजन और आवासीय सुविधा के साथ विशेषज्ञों की टीम भी रहेगीयहां भोजन के साथ 24 घंटे देखभाल की व्यवस्था होगी। टीम में प्रधानाचार्य, विशेष शिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, नर्स, आया और सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। 18 साल के बाद भी एडल्ट होम की सुविधाकेंद्रों में 18 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर चुके दिव्यांगों के लिए भी एडल्ट होम की व्यवस्था होगी। यहां उनके लिए अलग से विशेष चिकित्सीय देखभाल की जाएगी। माता-पिता को भी मिलेगा प्रशिक्षणविशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती वर्षों में दिव्यांगता की पहचान और हस्तक्षेप से इसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। इस योजना के तहत अर्ली इंटरवेंशन पर जोर दिया जाएगा, जिससे बच्चों को समय रहते उपचार मिल सके और वे समावेशी शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। माता-पिता को भी प्राथमिक देखभालकर्ता के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। वह सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है जानिए...किन्हें मिलेगा लाभ:इस योजना के तहत ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी से पीड़ित बच्चों और युवाओं को लाभ मिलेगा। ऐसे बच्चों को विशेष देखभाल, थेरेपी और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए ये केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 4:53 am

डीएवीवी नहीं करवाएगा पीजी एडमिशन की प्रवेश परीक्षा, उच्च शिक्षा विभाग ने विक्रम यूनिवर्सिटी को सौंपा जिम्मा

भास्कर संवाददाता| इंदौर कॉलेजों में पीजी में एडमिशन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में कॉमन व्यवस्था लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने अहम फैसला लेते हुए उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी यह परीक्षा नहीं लेगी। पहले डीएवीवी सहित हर यूनिवर्सिटी को अपने स्तर पर यह परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया था। अब इसमें बड़ा बदलाव कर दिया गया है। उज्जैन यूनिवर्सिटी जल्द इसके लिए प्रक्रिया शुरू करेगी। जिन छात्रों को संकाय बदलकर या मेजर-माइनर विषय बदलकर पीजी करना है, उन्हें यह परीक्षा देना होगी। जल्द ही आवेदन की तारीखें घोषित होंगी। परीक्षा अप्रैल में संभव है। दरअसल, (2026-27) से व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। पहली बार कॉलेजों में पात्रता परीक्षा के जरिये प्रवेश होंगे। ऐसे छात्र (थर्ड ईयर पासआउट) जो संकाय बदलकर किसी दूसरे संकाय में पीजी करना चाहते हैं, उन्हें यह यूनिवर्सिटी एलिजिबिलिटी टेस्ट देना होगा। जैसे बीकॉम व बीएससी के छात्र को किसी भी स्पेशलाइजेशन में एमए करना है तो उन्हें यह पात्रता परीक्षा देना होगी। बीए के भी उन छात्रों को पात्रता परीक्षा देना होगी, जो मेजर या माइनर सब्जेक्ट से हटकर किसी अन्य विषय में पीजी करना चाहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ जो छात्र संबंधित विषय में सीयूईटी पीजी में क्वालिफाई होंगे, उन्हें भी कॉलेजों में पीजी में प्रवेश मिल जाएगा। डीएवीवी से जुड़े कॉलेजों में एमए में 28 स्पेशलाइजेशन हैं। एमएससी में भी 22 हैं। अब छात्र इन्हें अपनी मर्जी से नहीं चुन सकेंगे। एमए में हिस्ट्री, हिंदी, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, सोशल साइंस, सोशियोलॉजी, जियोग्राफी सहित स्पेशलाइजेशन हैं। वहीं एमएससी के स्पेशलाइजेशन में माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस, बॉटनी, मैथ्स सहित अन्य स्पेशलाइजेशन हैं। प्रवेश परीक्षा में पास होने के बाद छात्र पात्र माने जाएंगे, लेकिन एडमिशन उन्हें अॉनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के तहत ही मिलेगा। यानी ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन व चॉइस फिलिंग व मेरिट के आधार पर कॉलेज अलॉट होगा। कॉलेजों में एडमिशन के लिए दस्तावेज सत्यापन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया वैसी ही रहेगी। प्रोफेसर डॉ. सरिता राणा कहती हैं, छात्रों को प्रवेश परीक्षा की तैयारी अभी से करना चाहिए। पूरे प्रदेश के लिए एक जैसी एग्जाम होने से छात्रों की चुनौती बढ़ गई है। ग्रेजुएशन का सिलेबस ही पूछा जाएगा तो आसानी रहेगी।

दैनिक भास्कर 20 Mar 2026 4:00 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am