कोटपूतली स्थित श्रीमती पाना देवी मोरीजवाला राजकीय कन्या कॉलेज में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) पर कार्यशाला आयोजित की गई। कॉलेज प्राचार्य प्रो. आर. पी. गुर्जर के निर्देशन में हुई कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के साथ शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी देना था। कार्यशाला प्रभारी डॉ. जगराम गुर्जर ने छात्राओं को NEP-2020 के प्रमुख आयामों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन, नवाचार, कौशल और आत्मनिर्भरता विकसित करने पर जोर देती है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न डिजिटल मंचों और शैक्षिक पोर्टल से जुड़कर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को अंगदान की शपथ दिलाई कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय अंगदान दिवस भी मनाया गया। छात्राओं को अंगदान के महत्व और मानव जीवन में इसके योगदान के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अंगदान की शपथ दिलाई गई और समाज में अंगदान को लेकर सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प कराया गया। छात्रवृत्ति योजनाओं की दी जानकारी डॉ. कमलेश यादव और डॉ. महेंद्र कुमार सिंधु ने छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के बारे में जानकारी दी। कंप्यूटर और कौशल विकास पाठ्यक्रम बताए समापन अवसर पर एलीट फाउंडेशन के श्री भीम सिंह सैनी ने छात्राओं को कंप्यूटर एवं कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी दक्षता हासिल करने से छात्राओं को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, कौशल, छात्रवृत्ति और सामाजिक दायित्वों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
बिहार के लाखों बीएड और डीएलएड पास युवाओं के लिए शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया (Teacher Recruitment Examination) को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE 4 का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। शिक्षा मंत्री ने एक आधिकारिक घोषणा करते हुए यह साफ कर दिया है कि चौथे चरण की इस बड़ी शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी होने से पहले माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी (STET) का परिणाम घोषित किया जाएगा। सरकार के इस बड़े फैसले का मतलब यह है कि जो अभ्यर्थी एसटीईटी परीक्षा में सफल होंगे, केवल वही TRE 4 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माने जाएंगे। इस घोषणा के बाद से राज्य के लाखों प्रतियोगियों की धड़कनें तेज हो गई हैं और वे अपनी तैयारियों में पूरी शिद्दत से जुट गए हैं। आइए जानते हैं शिक्षा विभाग के इस नए फैसले और पूरी चयन प्रक्रिया का पूरा गणित।क्या है TRE 4 और क्यों हो रहा है इसका बेसब्री से इंतजार?बिहार में पिछले कुछ वर्षों से चल रहे बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती अभियानों (BPSC Teacher Exam) के तहत पहले, दूसरे और तीसरे चरण की परीक्षाएं सफलताaपूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं, जिसके जरिए लाखों युवाओं को सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का अवसर मिला है। अब निगाहें पूरी तरह से चौथे चरण यानी TRE 4 पर टिकी हुई हैं। राज्य के सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े हजारों पदों को भरने के लिए इस नई भर्ती का ऐलान काफी पहले किया जा चुका था। लेकिन एसटीईटी (STET) और अन्य शैक्षणिक योग्यताओं के पेंच के कारण परीक्षा के नोटिफिकेशन में लगातार देरी हो रही थी। लाखों युवा अभ्यर्थी जो अपनी डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे लगातार सरकार से यह मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द TRE 4 का विज्ञापन जारी किया जाए ताकि उन्हें भी शिक्षक बनने का मौका मिल सके।शिक्षा मंत्री का स्पष्ट निर्देश: पहले क्लियर होगा STET रिजल्टछात्रों के इन सवालों और असमंजस पर विराम लगाते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह ऐलान किया है कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य छात्र का नुकसान न हो। नियम के मुताबिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए पात्रता साबित करने हेतु STET पास होना अनिवार्य होता है। यही वजह है कि सरकार ने यह तय किया है कि TRE 4 की आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से ठीक पहले लंबित या हाल ही में संपन्न हुए एसटीईटी का रिजल्ट जारी किया जाएगा। जब परिणाम घोषित हो जाएंगे और नए सफल अभ्यर्थियों की सूची तैयार हो जाएगी, उसके बाद ही चौथे चरण की मुख्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा सीधा असरशिक्षा विभाग के इस रणनीतिक फैसले से राज्य के उन तमाम बीएड और स्नातकोत्तर पास युवाओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो एसटीईटी की परीक्षा में शामिल हुए थे और अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। यदि सरकार बिना एसटीईटी रिजल्ट के TRE 4 निकाल देती, तो ये नए छात्र परीक्षा से बाहर हो जाते और उन्हें अगले चरण का लंबा इंतजार करना पड़ता। अब रिजल्ट पहले आने से प्रतिस्पर्धा का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा तथा अधिक से अधिक योग्य युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। हालांकि, इसके साथ ही परीक्षा में कंपटीशन का स्तर भी काफी ऊंचा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।कब तक आ सकता है नोटिफिकेशन और क्या है आगे की प्रक्रिया?शिक्षा मंत्री के इस ताजा ऐलान के बाद अब पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) बहुत जल्द एसटीईटी के परिणामों की घोषणा कर देगी। परिणामों के प्रकाशन के तुरंत बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) या संबंधित चयन बोर्ड द्वारा TRE 4 का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार सीटों का आरक्षण और आवेदन करने की महत्वपूर्ण तिथियां साझा की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यर्थियों को अब बिना एक भी पल गंवाए अपनी किताबों से नाता जोड़ लेना चाहिए क्योंकि एक बार रिजल्ट आते ही आवेदन और परीक्षा के बीच का समय बहुत कम मिलने वाला है।
Mandi: लडभड़ोल महाविद्यालय में अखिल भारतीय शिक्षा समागम, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
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शाजापुर जिले में ई-अटेंडेंस दर्ज करने में देरी या उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 643 सरकारी शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तलब किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने 12 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। 549 शिक्षकों ने देरी से दर्ज की उपस्थिति जारी आदेश के अनुसार, जिले में 549 शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने सुबह 10:30 बजे के बाद ‘हमारे शिक्षक ऐप’ पर ई-अटेंडेंस दर्ज की। वहीं, 94 शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की। सभी संबंधित शिक्षकों को जिला शिक्षा कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को जिला कार्यालय पहुंचने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग विकासखंडों से आने वाले शिक्षकों के लिए कार्यालय पहुंचने का समय भी निर्धारित किया गया है। वास्तविक कारण की जानकारी लेगा विभाग जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने बताया कि विद्यालयों का निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक है। पिछले कुछ दिनों से कुछ शिक्षकों द्वारा निर्धारित समय के बाद ई-अटेंडेंस दर्ज करने की जानकारी सामने आ रही थी। इसी के चलते संबंधित शिक्षकों को कार्यालय बुलाकर उपस्थिति में देरी या उपस्थिति दर्ज नहीं करने का कारण पूछा जा रहा है। अधिकारी के अनुसार, यदि किसी शिक्षक की वास्तविक समस्या सामने आती है तो उसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी। वहीं, ई-अटेंडेंस पोर्टल पर कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे मामलों की जानकारी एईओ के माध्यम से वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि पोर्टल से संबंधित नाम हटाए जा सकें। एक साथ 643 शिक्षकों को पूछताछ के लिए बुलाया जिला मुख्यालय में 643 शिक्षकों को बुलाए जाने से संबंधित स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
उत्तराखंड के राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए एंटी-ड्रग शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
सैन्य बहुल प्रदेश उत्तराखंड में बेटियों की सेना में भागीदारी बढ़ाने के लिए बालिका सैनिक स्कूल खोलने का प्रस्ताव था।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के एलटी शिक्षकों के लिए टीईटी-2 अनिवार्य कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक यह योग्यता हासिल करनी होगी, जबकि राजकीय शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है।
माध्यमिक सहायक आचार्य के लिए अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने में अभी देरी होगी। नियुक्ति पत्र देने की योजना फिलहाल टल गई है। राज्य के विभिन्न प्लस-टू स्कूलों में नियुक्ति के लिए 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा की गई है। इनमें 218 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने बीएड, एमए या अन्य संबंधित शैक्षणिक डिग्रियां देश या राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से हासिल की हैं। निजी यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के बाद शिक्षा विभाग ने इनके प्रमाण पत्रों की जांच का फैसला लिया है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को हर प्रमाण पत्र की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इंटरनल जांच कराई थी। इसी स्क्रूटनी के दौरान यह बात सामने आई कि माध्यमिक सहायक आचार्य की अनुशंसा सूची में भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। शिक्षा सचिव ने कहा कि जरूरत पड़ी तो फ्रेश काउंसलिंग भी कराई जा सकती है। नियुक्ति पत्र कब दिया जाएगा, इसके लिए कोई योजना नहीं बनी है। नियुक्ति पत्र मिलने में देरी...शिकायत के बाद जांच, कुछ प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले राज्य में करीब 1373 माध्यमिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से की है। इन अभ्यर्थियों को लेकर शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पास पहले शिकायतें पहुंची थीं। शिकायतों के आधार पर हुई इंटरनल जांच में कुछ शिकायतों की पुष्टि हुई। मिली जानकारी के अनुसार, साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और एआई एंड कोडिंग जैसे विषयों में सफल कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने नियुक्ति पत्र वितरण की योजना फिलहाल रोक दी है। परीक्षा-दस्तावेज सत्यापन के बाद बनी थी अनुशंसा सूची माध्यमिक सहायक आचार्य की नियुक्ति राज्य के प्लस-टू उच्च विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विभिन्न विषयों के लिए की जा रही है। जेएसएससी की लिखित परीक्षा, निर्धारित शैक्षणिक अर्हता और दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम अनुशंसा सूची तैयार की गई थी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और झारखंड सरकार के नियुक्ति नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र हैं। अब अनुशंसा के बाद शिक्षा विभाग यह जांच करेगा कि निजी विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिग्रियां संबंधित संस्थानों की यूजीसी और एनसीटीई की मान्यता के अनुरूप हैं या नहीं।
गुमला में डीएमएफटी मद से विकास कार्यों को गति, स्वास्थ्य, शिक्षा व कौशल विकास पर जोर
जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में उपायुक्त महतो की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य एजेंडा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से जिले में संचालित होने वाली विभिन्न विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यों की समीक्षा करना तथा उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें पुलिस अधीक्षक, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला योजना पदाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल रहे। चर्चा के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित जनहितकारी योजनाओं पर विस्तार से मंथन किया गया।बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक नई एम्बुलेंस की व्यवस्था करने और एनेस्थीसिया चिकित्सक के लिए अतिरिक्त मानदेय स्वीकृत करने पर विचार किया गया, ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
कन्या राशिवालों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, पैसे उधार ना दें, जानें दैनिक राशिफल
Virgo Daily Horoscope, 13 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, किसी को पैसा उधार ना दें, किसी बात को लेकर उलझन रहेगी, उन्नति के रास्ते में बाधाएं आएंगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
Roorkee News: शिक्षा के साथ अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
सनातन धर्म प्रकाश चंद कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत, मार्गदर्शन और महाविद्यालयी जीवन से परिचय कराने के मकसद से तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का बुधवार को शुभारंभ हुआ।
Kushinagar News: विद्यालय में बेटियों को स्वावलंबन की शिक्षा
Teaching self-reliance to daughters in school
जोधपुर में चौपासनी शिक्षण संस्थाओं के संचालन को लेकर कुछ समय से दो पक्ष आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। चौपासनी शिक्षा समिति ने बुधवार को कार्यालय में संस्थाओं की प्रोग्रेस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने स्कूल के बाहर मीडिया से बात कर अपना पक्ष रखा। चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने संस्थाओं के विकास और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया- चौपासनी शिक्षण संस्थान परिसर के डवलपमेंट के लिए 20 करोड़ की राशि के विकास कार्य हुए या चल रहे हैं। इन्होंने बताया- चौपासनी महाविद्यालय का नया भवन 6 करोड़ रुपए में हेरिटेज लुक के साथ बनकर तैयार हुआ है और उस भवन का उद्घाटन हो चुका है। साथ ही नए और बड़े क्लासरूम ब्लॉक महाराजा उम्मेद प्री-प्राइमरी स्कूल का नवीनीकरण कार्य, चौपासनी उच्च माध्यमिक विद्यालय का मरम्मत कार्य, छात्रावास अपग्रेड, स्मार्ट क्लासरूम फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंम्प्यूटर लैब, 120 किलोवाट सोलर पैनल इंस्टालेशन, परिसर में प्रवेश रास्ते में नई सीसी रोड और संस्थान की सुरक्षा की दृष्टि से वाऊंड्रीवाल के कार्य शामिल हैं। सम्पति की देख-रेख सम्पति का अधिकार चौपासनी शिक्षा समिति का जसोल ने बताया- चौपासनी शिक्षा समिति के संविधान के अनुसार चौपासनी परिसर स्थित सभी सम्पति की देख-रेख सम्पति का अधिकार समिति का है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पत्र 18 अक्टूबर 2003 को चौपासनी स्कूल भवन चौपासनी शिक्षा समिति को सुपुर्द किया गया। खसरा नंबर 63 की भूमि जो चौपासनी स्कूल के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में थी। इसके कारण सैनिक स्कूल और चौपासनी महाविद्यालय की मान्यता के लिए व्यवधान आ रहा था। सामान्य प्रशासन राजस्थान सरकार के आदेश के अनुसार चौपासनी स्कूल के नाम दर्ज इस भूमि को चौपासनी शिक्षा समिति के नाम से राजस्व रिकॉर्ड जमाबंदी में सुधार करने के लिए यह कार्रवाई की गई। समिति के आवेदन पर राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी में 17 मार्च को चौपासनी शिक्षा समिति के नाम खतौनी की गई। उन्होंने कहा- जमीन शिक्षा समिति की है और उसी के पास रहेगी। मेड़तिया बोले-ट्रस्ट के तहत नहीं जाने दी जाएगी स्कूल वहीं, दूसरी तरफ मारवाड़ राजपूत संस्थान बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शंभूसिंह मेड़तिया ने कहा- जमीन बदलकर चौपासनी संस्थान के नाम कर दी गई और अब यह संस्थान ट्रस्ट के अंडर में जा रहा है। यह जमीन पहले विश्वयुद्ध से पहले हुए युद्ध में शामिल हुए सैनिकों की दी गई राशि से यह स्कूल बना है। संघर्ष समिति इसको ट्रस्ट के अंडर नहीं जाने देगी। ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर प्रभाव जमाने की कोशिश की जा रही है। इससे जनरल काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों का महत्व कम हो जाएगा। यह राजपूत समाज की लड़ाई है। हमने जमीन के रिकॉर्ड में सुधार करवाकर इसे स्कूल के नाम कराया है। चौपासनी स्कूल का 112 वर्ष का इतिहास चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष जसोल ने बताया- चौपासनी स्कूल की स्थापना 112 वर्ष पूर्व 1914 में पूर्व महाराजा सर प्रताप ने की। शिक्षा क्षेत्र में सर प्रताप के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस विद्यालय में ग्रामीण और साधारण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी कम विद्यालय शुल्क में शिक्षा प्राप्त करते हैं। इस विद्यालय में 365 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और 148 छात्रावास में रहते हैं। चौपासनी शिक्षा कोष के लिए 5 करोड़ का राशि का लक्ष्य उन्होंने बताया- चौपासनी शिक्षा समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर छात्रवृति के लिए चौपासनी शिक्षा कोष की स्थापना की है। इस कोष के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 23 दानदाताओं द्वारा अब तक 19 लाख से अधिक की राशि का सहयोग प्राप्त किया जा चुका है। इस कोष के लिए अच्छा रेस्पांस मिल रहा है। चौपासनी शिक्षा समिति के अधीनस्थ संचालित सभी शिक्षण संस्थाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वहीं महाराजा हनवंत सैनिक स्कूल निजी मोड (पीपीपी मोड) पर संचालित देश के 30 सैनिक स्कूलों में से ऑल इंडिया सैनिक स्कूल रैंकिंग में पिछले वर्ष दूसरे तथा इस वर्ष प्रथम स्थान पर रहा है। इस अवसर पर ब्रिगेडियर शक्ति सिंह, चौपासनी शिक्षा समिति के सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह झालामंड, कोषाध्यक्ष दलपत सिंह खींची, धनंतय सिंह, मोती सिंह राठौड़, महेश करण सिंह राठौड़ पाल, जितेन्द्र सिंह चाडी, कर्नल शंभू सिंह देवड़ा, विशन सिंह भाटी, आनंद सिंह जोधा और राजेंद्र सिंह लीलियां मौजूद थे।
बिहार कैबिनेट के 10 प्रस्तावों पर मुहर, युवाओं, रोजगार, शिक्षा और सौर ऊर्जा को लेकर बड़े फैसले
Patna, 12 अगस्त . बिहार में Chief Minister की अध्यक्षता में Wednesday को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने, उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने, सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने, Governmentी विभागों में पद सृजित करने के साथ-साथ ... Read more
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं की भूमिका और भविष्य को लेकर दूरदर्शन के विशेष कार्यक्रम ‘बिहार विहान’ में चर्चा हुई। कार्यक्रम में युवा शिक्षक, युवा विकास और हिन्दी संप्रेषण विशेषज्ञ शिवेन्द्र कुमार मालवीय ने युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। दूरदर्शन केंद्र पटना की ओर से कार्यक्रम का प्रसारण बुधवार सुबह 8 बजे किया गया। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषिका ऋचा कुमारी ने किया। इसमें शिवेन्द्र कुमार मालवीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।मालवीय ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं। वे वर्तमान की भी सबसे बड़ी ताकत हैं। देश की दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका अहम है। इसलिए युवाओं को शिक्षा के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। हिन्दी भाषा के महत्व पर विचार रखेउन्होंने युवा सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। जी-20 के आधिकारिक सहभागी समूह Y20 में युवाओं की भूमिका पर भी उन्होंने चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच और उनकी भागीदारी देश के विकास की रफ्तार को बदल सकती है। कार्यक्रम में हिन्दी भाषा के महत्व पर भी उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं है। यह लोगों को जोड़ने वाली भाषा भी है। युवाओं को अपनी भाषा पर गर्व करते हुए आधुनिक ज्ञान और तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहिए। 'विकसित भारत का सपना युवाओं के बिना पूरा नहीं हो सकता' मालवीय ने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नई सोच और सामाजिक सरोकार जरूरी है। कार्यक्रम से जुड़े दर्शकों और श्रोताओं ने भी उनके विचारों की सराहना की। शिक्षा, युवा विकास और हिन्दी के क्षेत्र में उनके अनुभव को लोगों ने प्रेरणादायी बताया।अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर ‘बिहार विहान’ का यह विशेष कार्यक्रम युवाओं के लिए संदेश देने वाला रहा। खासकर नेतृत्व और जिम्मेदारी को लेकर मालवीय की बातों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी।
प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 के विरोध में औरंगाबाद के रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उच्च शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताया। शिक्षकों ने कहा कि राज्य सरकार मौजूदा बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर नया उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 लाने की तैयारी कर रही है। आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इससे विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक-प्रशासनिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए सरकार को विश्वविद्यालयों को अधिक स्वतंत्र और संसाधनयुक्त बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उनकी स्वायत्तता कम करने की कोशिश करनी चाहिए। शिक्षक-कर्मचारियों के हितों की रक्षा की मांग प्रदर्शन में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक केवल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का विषय नहीं है, बल्कि इससे शिक्षक-कर्मचारियों के हित भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह के बदलाव से पहले संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अकादमिक निर्णय लेने में पर्याप्त स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था विश्वविद्यालयों के अधिकारों और स्वायत्तता को सीमित कर सकती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों-शिक्षकेतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और विश्वविद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए। वेतन-पेंशन और एरियर भुगतान में देरी पर भी जताया आक्रोश प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन-एरियर भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। शिक्षकों ने कहा कि महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति और बिहार सरकार के अपेक्षित सहयोग के बावजूद राज्य सरकार समय पर वेतन, पेंशन और एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार विलंब होने से शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई उत्पन्न होती है। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार सिंह, सचिव डॉ. अभिषेक कुमार सिंह और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनुज कुमार और सचिव मो. जावेद ने किया।
भारत सरकार के मिशन स्पंदन के तहत ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा चलाए जा रहे 10 करोड़ नशा-मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र टोंक द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं छात्रावासों में नशा-मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाकर नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, संस्कारयुक्त एवं सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने बुधवार को जयपुर में पीरामल फाउंडेशन ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल, सीईओ आदित्य नटराज, मोतीलाल ओसवाल
CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणाम घोषित, छात्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें मार्कशीट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 12वीं के लिए आयोजित सप्लीमेंट्री या कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हुए जो छात्र परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सीबीएसई ने बुधवार को कक्षा 12वीं के सप्लीमेंट्री परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को मिलेगा समावेशी शिक्षा का प्रशिक्षण
हर बच्चे की सीखने की अपनी गति और जरूरत होती है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समय पर पहचान, शुरुआती सहयोग और अनुकूल शैक्षिक वातावरण उनकी आगे की शिक्षा को मजबूत आधार दे सकता है। इसी उद्देश्य से यूपी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को समावेशी शिक्षा की शुरुआती कड़ी के रूप में और मजबूत कर रही है। प्रदेश के 75 जिलों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्त्रियों के साथ प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दौसा। जिले में बुधवार को दौसा धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के साथ शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले। विश्व हिंदू परिषद की बैठक में दुर्गा वाहिनी की नई जिम्मेदारी तय की गई, वहीं जिले के शिक्षा विभाग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले हुए हैं। इसके अलावा भारत विकास परिषद द्वारा विद्यालयों में संस्कारपरक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
भिवानी जिले के लोहारू में हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार को एक रैली का आयोजन किया गया। रैली को लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल ने पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रभा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, अध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर और देशभक्ति के नारे लगाते हुए आमजन को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश दिया। यह रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर लोहारू के मुख्य बाजार और विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अवसर पर एसडीएम मनोज दलाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और तिरंगे के प्रति सम्मान बढ़ाना है। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों पर तिरंगा फहराकर अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। विद्यार्थियों से तिरंगे का सम्मान करने का आह्वान खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रभा ने भी विद्यार्थियों को अभियान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। प्रभा ने विद्यार्थियों से तिरंगे का सदैव सम्मान करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने का आग्रह किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा गया। बाजार में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भी रैली का स्वागत किया और देशभक्ति के नारों के साथ विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। इस जागरूकता रैली के माध्यम से लोहारू शहरवासियों को स्वतंत्रता दिवस पर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया गया।
करनाल में घरौंडा के एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने गगसीना गांव के चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड एर्ली एंग्लिश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण कर शिक्षा और स्कूल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। करीब दो-तीन घंटे चले निरीक्षण में उन्होंने शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, प्रार्थना सभा, पीटी, कक्षाओं, साफ-सफाई, मिड्डे मिल, साईंस रूम और पुस्तकालय की जांच की। इस दौरान सभी शिक्षक उपस्थित मिले। एसडीएम ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके सपनों और करियर को जाना और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कक्षाओं में पहुंचकर परखे बच्चों के ज्ञान एसडीएम ने सबसे पहले शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया, सभी टीचर मौजूद मिले। इसके बाद उन्होंने लड़कों के स्कूल में प्रार्थना सभा और पीटी देखी। वहां की व्यवस्थाएं देखने के बाद वे छात्राओं के स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने कमरों, बरामदों, साफ-सफाई और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देखी तथा टीचरों की हाजिरी भी जांची। छात्राओं को दिया- मेरे सपनों का भारत टॉपिक इसके बाद एसडीएम कक्षाओं में पहुंचे। उस समय बच्चे हिंदी विषय पढ़ रहे थे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनके करियर को लेकर सवाल किए। साथ ही ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चार लाइनें लिखने को कहा। छात्राओं की कॉपियां चेक करने के बाद उन्होंने इसी विषय पर उन्हें बोलने के लिए कहा। कई छात्राओं ने तुरंत जवाब दिए, जबकि कुछ छात्राएं विषय को पूरी तरह समझाकर नहीं बता पाईं। इसके बाद एसडीएम अन्य कक्षाओं में भी गए और अलग-अलग विषयों से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों से पूछा- क्या बनना है, मोटिवेट किया लड़कों के स्कूल में एसडीएम ने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनके पसंदीदा विषय, हॉबी, पसंदीदा खेल और जीवन के लक्ष्य के बारे में पूछा। विद्यार्थियों ने कोई आईएएस अधिकारी, कोई खिलाड़ी, कोई पुलिसकर्मी, कोई सैनिक, कोई डॉक्टर और कोई शिक्षक बनकर समाजसेवा करने की इच्छा जताई। एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि बच्चों के सपने बड़े हैं और टीचर भी उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मानसिक नुकसान के बारे में भी समझाया। दूध पीकर जांची गुणवत्ता, बच्चों से भी लिया फीडबैक एसडीएम ने लड़कों के स्कूल की मिड्डे मिल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उस समय विद्यार्थियों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा था। दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए एसडीएम ने खुद दूध पीकर देखा। उन्होंने बच्चों से भी पूछा कि दूध कैसा है और पीने में अच्छा लग रहा है या नहीं। बच्चों ने बताया कि दूध अच्छा है और स्वाद भी ठीक है। उन्होंने विज्ञान कक्ष और पुस्तकालय का निरीक्षण करने के साथ स्कूल भवन के पीछे खाली पड़ी जमीन को भी देखा। एसडीएम ने कहा कि इस जगह पर बाग या बागवानी से जुड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। इससे खाली जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्कूल के लिए आय का साधन भी तैयार हो सकता है। अगले सत्र से शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई स्कूल के शिक्षकों ने एसडीएम को बताया कि गगसीना का यह सरकारी स्कूल अब चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड एर्ली एंग्लिश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बन चुका है। अगले सत्र से पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू होगी। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलने की उम्मीद है। एसडीएम साहब ने किया दो-तीन घंटे निरीक्षण विद्यालय के प्राचार्य दलबीर सिंह ने बताया कि एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने करीब दो-तीन घंटे स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल सुविधाओं, व्यवस्थाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहा है। स्कूल का परीक्षा परिणाम लगातार शत-प्रतिशत रहता है और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।दलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय बनने के बाद स्कूल में करीब एक करोड़ रुपए के विकास कार्य होने हैं। इन कार्यों से स्कूल की सूरत और व्यवस्था में और सुधार होगा। उन्होंने अभिभावकों से सरकारी स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने की अपील की। खाली जमीन से मिल सकती है अतिरिक्त आय निरीक्षण के बाद एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि लड़कों और लड़कियों के दोनों स्कूल एक साथ हैं और बुनियादी ढांचे के हिसाब से काफी अच्छे हैं। सभी अध्यापक उपस्थित मिले और पढ़ाई भी व्यवस्थित तरीके से कराई जा रही है। उन्होंने अध्यापकों को भी प्रेरित किया कि जहां सुधार की जरूरत हो, वहां पहल की जाए। बच्चों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा उन्होंने कहा कि स्कूल के पीछे खाली जमीन को बागवानी या बाग के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्कूल की आय भी बढ़ सकती है। मध्याह्न भोजन की व्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम ने कहा कि पहले की तुलना में व्यवस्था बेहतर है और स्टाफ ने भी भोजन सामग्री की गुणवत्ता पर संतोष जताया है। बच्चों को प्रोटीनयुक्त दूध दिया जा रहा है। बीएलओ की ली मीटिंगएसडीएम ने बताया कि स्कूल में ही बीएलओ की मीटिंग ली गई है। उनको एसआईआर का कार्य जल्दी करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही बीएलओ के सामने जो भी समस्याएं आ रही है उनके भी समाधान के प्रयास किए गए है। एसआईआर में बीएलओ कार्य कर रहे है और लोग भी इसमें अपना सहयोग करें।
job news 2026: सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली हैं वैकेंसी, 16 अगस्त हैं आवेदन की लास्ट डेट
इंटरनेट डेस्क। मेडिकल सेक्टर में जाकर नौकरी करना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट (गैर-शैक्षणिक) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि के लिए की जाएंगी। आवेदन की लास्ट डेट- 16 अगस्त 2026 आवेदन- ऑनलाइन पदों का नाम-सीनियर रेजिडेंट (ग्रुप-ए) कुल पद- 121 आयु सीमा- भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है वेतन- चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तहत पे मैट्रिक्स लेवल-11 में वेतन दिया जाएगा ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते है pc-shine.com
अम्बेडकरनगर में बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई:बेसिक शिक्षा विभाग 1 लाख तक का जुर्माना लगाएगा
अम्बेडकरनगर में बिना मान्यता संचालित हो रहे विद्यालयों और मान्यता से अधिक कक्षाएं चलाने वाले स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गैर सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की मान्यता, संचालित कक्षाओं और विभागीय मानकों की जांच करना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित न हो। साथ ही, मान्यता प्राप्त स्तर से अधिक कक्षाएं न चलाई जाएं। यह जांच शिक्षा की गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जांच के दौरान यदि कोई विद्यालय बिना मान्यता के संचालित होता पाया जाता है या स्वीकृत कक्षाओं से अधिक स्तर की पढ़ाई कराता है, तो उसे तत्काल नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, अवैध कक्षाओं का संचालन तुरंत बंद कराया जाएगा। यदि नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित विद्यालय पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव बीएसए कार्यालय को भेजा जाएगा। बीएसए ने यह भी स्पष्ट किया है कि निरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
pc: jagran भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कई नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए एप्लीकेशन की डेडलाइन बढ़ा दी है। जो कैंडिडेट इन पोस्ट में इंटरेस्टेड थे, लेकिन पहले अपनी एप्लीकेशन पूरी नहीं कर पाए थे, उनके पास अब अप्लाई करने का एक और मौका है। एलिजिबल कैंडिडेट BPCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 19 अगस्त, 2026 तक अपना एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। एप्लिकेंट को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय तक इंतजार न करें और डेडलाइन से काफी पहले रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर लें। सैलरी डिटेल्स नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए चुने गए कैंडिडेट को पोस्ट और लागू पे स्केल के आधार पर ₹26,500 से ₹34,000 तक महीने की सैलरी मिलेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन नॉन-मैनेजमेंट पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट के पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से संबंधित डिप्लोमा होना चाहिए। जरूरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा, एप्लिकेंट के पास संबंधित फील्ड में संबंधित काम का अनुभव भी होना चाहिए। कैंडिडेट जिस खास पोस्ट के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसके लिए क्वालिफिकेशन और अनुभव की जरूरतों को कन्फर्म करने के लिए डिटेल्ड रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें। उम्र सीमा और छूट आवेदकों की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से गिनी जाएगी। आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी उम्र सीमा में छूट मिलेगी। OBC उम्मीदवारों को उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी, जबकि SC और ST उम्मीदवारों को 5 साल की छूट मिलेगी। उम्मीदवारों का सिलेक्शन कैसे होगा? इन पदों के लिए सिलेक्शन प्रोसेस में तीन स्टेज होंगे: लिखित परीक्षा स्किल/प्रोफिशिएंसी टेस्ट मेडिकल परीक्षा लिखित परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 सवाल होंगे। सवालों में इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीजनिंग, जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा पूरी करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा। जो लोग लिखित परीक्षा में पास होंगे, उन्हें स्किल/प्रोफिशिएंसी टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। जो उम्मीदवार ज़रूरी स्टेज सफलतापूर्वक पास कर लेंगे, उन्हें फाइनल सिलेक्शन प्रोसेस के हिस्से के तौर पर मेडिकल जांच से गुज़रना होगा। एप्लिकेंट्स के लिए ज़रूरी रिमाइंडर जो कैंडिडेट्स एलिजिबिलिटी की शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें 19 अगस्त, 2026 की बढ़ी हुई डेडलाइन से पहले अपनी एप्लीकेशन पूरी कर लेनी चाहिए। फॉर्म जमा करने से पहले, एप्लिकेंट्स को ऑफिशियल BPCL रिक्रूटमेंट नोटिफ़िकेशन में दी गई अपनी एजुकेशनल क्वालिफ़िकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, उम्र और दूसरी एलिजिबिलिटी की शर्तों को ध्यान से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।
SBI Clerk Recruitment 2026: 9766 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, चेक करें डिटेल्स
pc: kalinga tv स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने क्लेरिकल कैडर में जूनियर एसोसिएट्स (कस्टमर सपोर्ट और सेल्स) की भर्ती के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, बताई गई पोस्ट के लिए कुल 9766 वैकेंसी उपलब्ध हैं। योग्य उम्मीदवार SBI क्लर्क परीक्षा 2026 के लिए 31 अगस्त तक ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन अथॉरिटी ने 11 अगस्त को अपने ऑनलाइन पोर्टल पर जारी किया है। ज़रूरी तारीखें एप्लीकेशन शुरू: 11 अगस्त, 2026 रजिस्टर करने की आखिरी तारीख: 31 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन डिटेल्स एडिट करने की आखिरी तारीख: 31 अगस्त, 2026 एप्लीकेशन फीस: 11 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 जैसा कि डिटेल्ड नोटिफिकेशन में बताया गया है, प्रीलिमिनरी परीक्षा सितंबर 2026 में होने की उम्मीद है, जबकि मेन SBI क्लर्क परीक्षा नवंबर 2026 में होने की उम्मीद है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट ऑफिशियल नोटिफिकेशन के ज़रिए SBI क्लर्क भर्ती 2026 के बारे में पूरी जानकारी देख सकते हैं। रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट sbi.gov.in पर जाकर और एप्लीकेशन फॉर्म जमा करके शुरुआती SBI क्लर्क परीक्षा के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। एप्लिकेंट को अपनी पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स डालनी होंगी और बताए गए फॉर्मेट में सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। वैकेंसी डिटेल्स SBI क्लर्क नोटिफिकेशन 2026 के अनुसार, मौजूदा रिक्रूटमेंट ड्राइव के तहत कुल 7680 रेगुलर वैकेंसी की घोषणा की गई है। SC कैटेगरी के कैंडिडेट: 1114 वैकेंसी ST कैंडिडेट: 837 वैकेंसी OBC कैंडिडेट: 1716 वैकेंसी EWS कैंडिडेट: 760 वैकेंसी जनरल कैंडिडेट: 3253 वैकेंसी SBI क्लर्क रिक्रूटमेंट 2026 के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, कैंडिडेट SBI के ऊपर बताए गए पोर्टल पर मौजूद डिटेल्ड नोटिफिकेशन देख सकते हैं।
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मोहाली में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर शिक्षा बोर्ड कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन किया।
मोहाली में शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
मोहाली में शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
1993 बैच की मप्र संवर्ग की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को विनीत जोशी के स्थान पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई।
ISRO Recruitment 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, अपर डिवीजन क्लर्क और स्टेनोग्राफर समेत कुल 267 पदों पर भर्ती निकाली है। पात्र उम्मीदवार 16 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए JD, DD, CDEO और DEO स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए। अनुसूया को चूरू, संगीता मानवी को भरतपुर और अरुण कुमार को बीकानेर भेजा गया।
Haryana: करनाल में एक दिन में 5 एज वेरिफिकेशन की क्षमता, शिक्षा विभाग ने भेज दिए 500 केस
राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एज वेरिफिकेशन जरूरी है।
स्कूल शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन, राज्य सरकार की शैक्षणिक योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन, विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग तथा शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामलों के त्वरित निस्तारण में इन अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
धौलपुर में माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार संघ की जिला इकाई का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ट सम्मान समारोह वृंदावन वाटिका में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मोहन वर्मा को संघ का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्मा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। मनियां अध्यक्ष गोपाल सोनी, बाड़ी अध्यक्ष मोतीलाल सोनी, राजाखेड़ा अध्यक्ष अशोक वर्मा, सरमथुरा अध्यक्ष विजय कुमार और बसेड़ी अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने मंच पर मोहन वर्मा को साफा पहनाकर जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा। राष्ट्रहित में काम करने का आह्वानसमारोह को संबोधित करते हुए सीओ कृष्णराज जांगिड़ ने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का सम्मान करना एक सराहनीय पहल है और उन्हें इसी ऊर्जा के साथ समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। निहालगंज थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने कहा कि युवा देश की दशा और दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसी भी समाज के उत्थान के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया और स्वर्णकार समाज द्वारा युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने की सराहना की। नई कार्यकारिणी की घोषणाजिलाध्यक्ष मोहन वर्मा ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की। नई कार्यकारिणी में संजय सोनी को मुख्य सलाहकार, मोहन वर्मा को अध्यक्ष, रवि सोनी को सचिव तथा अजय सोनी कोषाध्यक्ष बनाए गए। उपाध्यक्ष पद पर ज्ञानेश वर्मा, ललित सोनी, सुभाष सोनी, पवन सोनी एवं विक्रम सोनी को जिम्मेदारी दी गई। मंत्री पद पर नरेश सोनी, विजय सोनी (पिल्लू), नीरज सोनी, मुरारी सोनी, सोहन सोनी (सोनू) एवं मनोज सोनी (रूपवास वाले) को मनोनीत किया गया। संगठन मंत्री का दायित्व दीपक सोनी को सौंपा गया। संरक्षक मंडल में राधेश्याम सोनी, कैलाश सोनी, राजकुमार सोनी एवं कृष्ण कांत सोनी को शामिल किया गया। मनोज वर्मा को कानूनी सलाहकार बनाया गया। सहयोगकर्ता के रूप में रवि सोनी, जुगल सोनी, राजकुमार सोनी (भौंटे भाई) एवं जगदीश वर्मा को जिम्मेदारी दी गई।सदस्य के रूप में पवन सोनी, कमल किशोर, आकाश सोनी, रवि सोनी (चिंटू), सचिन सोनी, गौरव सोनी एवं मुनेंद्र सोनी (मोनू) को शामिल किया गया। सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।
शिक्षा विभाग में क्या तमाशा चल रहा है
केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मामले में पिछले कई महीने से घिरी है।
सावन के पवित्र महीने में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए सौ-दो सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि मांगता है तो कोई अच्छी नौकरी, लेकिन उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक ऐसा अनूठा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। मथुरा के एक छोटे से गांव के चार मासूम बच्चों ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाई, पैरों में छाले पड़ने के बावजूद सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी की, लेकिन भगवान शिव और सरकार से उनकी मांग न तो धन-दौलत थी और न ही कोई सांसारिक सुख—वे केवल अपने गांव में 'अच्छी शिक्षा और बेहतर स्कूल' की गुहार लगा रहे थे।नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर का सफर: सिर्फ एक ही जिद, 'हमे पढ़ना है'मथुरा जिले के रहने वाले इन चारों मासूम बच्चों की उम्र महज 10 से 14 वर्ष के बीच है। गांव के जर्जर हो चुके प्राइमरी स्कूल, अध्यापकों की कमी और पढ़ाई की लचर व्यवस्था से परेशान होकर इन बच्चों ने यह अनोखा रास्ता चुना। बच्चों का कहना था कि जब बड़े लोग अपनी मन्नतें पूरी कराने के लिए कांवड़ उठाते हैं, तो उन्होंने भी तय किया कि वे भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए हरिद्वार से जल लाएंगे ताकि भगवान और प्रदेश सरकार उनके गांव के स्कूल की सुध ले सके।कड़ी धूप, उबड़-खाबड़ रास्तों और भारी बारिश के बीच नंगे पांव चलते-चलते बच्चों के पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनके हौसले नहीं डिगे। रास्ते में जिसने भी इन नन्हे कांवड़ियों के कंधों पर कांवड़ और उस पर टंगे हमे अच्छी शिक्षा दो, हमारे गांव का स्कूल सुधारो लिखे संदेश वाले पोस्टरों को देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।रास्ते में लोगों ने बढ़ाया हौसला, अधिकारियों तक पहुंची बातहरिद्वार से मथुरा की इस पैदल यात्रा के दौरान जगह-जगह लगे कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने इन बच्चों के इस अनोखे संकल्प को नमन किया। शिविर संचालकों ने बच्चों के पैरों की मरहम-पट्टी की और उनके भोजन-पानी का विशेष ध्यान रखा। बच्चों के इस अनोखे आंदोलन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव का प्राथमिक विद्यालय वर्षों से जर्जर हालत में है, जहां न तो पीने का साफ पानी है और न ही बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच। बार-बार शिकायतों के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया, तो मासूम बच्चों ने अपनी बात पहुंचाने के लिए यह आध्यात्मिक और अहिंसक रास्ता चुना।भोलेनाथ के दरबार में टेका माथा, प्रशासन ने दिया आश्वासनमथुरा पहुंचकर शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद बच्चों ने अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। बच्चों के इस अटूट संकल्प को देखते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और प्रशासनिक टीम ने बच्चों के गांव के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने और वहां आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर व अध्यापकों की तैनाती का आश्वासन दिया है।अपनी पढ़ाई का हक मांगने के लिए इन मासूमों द्वारा उठाई गई यह अनोखी कांवड़ यात्रा आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह संदेश देती है कि भारत का हर बच्चा अच्छी शिक्षा पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
RRC Central Railway Recruitment 2026: रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, सेंट्रल रेलवे की स्काउट्स एंड गाइड्स कोटा भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है।
नई नीति का लक्ष्य शिक्षा को समावेशी बनाना
नई नीति का लक्ष्य शिक्षा को समावेशी, बहुविषयक कौशल आधारित रोजगारोन्मुख बनाना है। ये बातें पूर्णिया कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की छठी वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. मनीष कुमार ने कही। कार्यक्रम में नीति के उद्देश्य, उपलब्धियां, बिहार में प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. साजिदा अंजुम ने बिहार की परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।संगोष्ठी में बिहार में एनईपी के सामने चुनौतियां गिनाई गईं। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल ढांचे की कमी रही। इंटरनेट की पहुंच असमान रही। शिक्षक प्रशिक्षण की जरूरत रही। ड्रॉपआउट रोकने की चुनौती रही। वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने पर भी बात हुई। वक्ताओं ने डिजिटल कनेक्टिविटी बेहतर करने का सुझाव दिया। शोध नवाचार बढ़ाने की बात कही। कौशल विकास में सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षक, विद्यार्थी सक्रिय रहे।
जीवन में गुरु का सम्मान-ईमानदारी से कर्तव्य पालन ही सच्ची शिक्षा : शर्मा
बूंदी| भारतीय शिक्षण मंडल चित्तौड़ प्रांत की जिला इकाई की ओर से व्यास पूर्णिमा और गुरु सम्मान समारोह मनाया गया। अतिथियों की ओर से सरस्वती और भारत माता पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सह-संयोजक नवनीत जैन ने उत्सव की प्रस्तावना रखी। इंदिरा शर्मा ने ध्येय श्लोक का वाचन किया। मुख्य अतिथि डॉ. एनके जैतवाल ने संगठन गीत प्रस्तुत कर गतिविधियों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता समग्र शिक्षा अभियान के सहायक निदेशक यशवंतकुमार शर्मा ने गुरु की महिमा और महर्षि वेदव्यास के योगदान को बताया। अध्यक्षता कर रहीं प्रांत महिला गतिविधि प्रमुख इंदिरा शर्मा ने गुरु का सम्मान करते हुए ईमानदारी से कर्तव्य पालन का आह्वान किया। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य योगेश कुमार शर्मा, उषा शर्मा और अशोक कुमार उपाध्याय का सम्मान किया गया। शिक्षण मंडल 30 साल से श्रेष्ठ गुरुओं का सम्मान कर रहा है। संचालन नवनीत जैन ने किया।
शिक्षा के साथ उच्च संस्कारों का होना परम आवश्यक: सुधीर मुनि महाराज
लुधियाना| किचलू नगर स्थित जैन स्थानक में पावन चातुर्मास के अवसर पर धर्मसभा का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। इस दौरान किचलू नगर जैन सभा के पदाधिकारियों, सदस्यों और भारी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पंजाब वल्लभ सुधीर मुनि महाराज ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने आचार को जीवन की वास्तविक निधि माना है। भौतिक साधनों के बिना जीवन व्यतीत हो सकता है परंतु आचार हीनता पतन की ओर ले जाती है। श्रेष्ठ आचरण से विमुख व्यक्ति को आगम, वेद व शास्त्र भी पवित्र नहीं कर सकते। उत्तम आचार और व्यवहार ही मनुष्य के व्यक्तित्व का सच्चा परिचय प्रस्तुत करते हैं। मुनि महाराज ने कहा कि शिक्षा के साथ उच्च संस्कारों का होना परम आवश्यक है। संस्कार निष्ठ व्यक्ति सदैव धर्म और नैतिकता के मार्ग पर अग्रसर रहता है। जब नागरिक श्रेष्ठ संस्कारों को आत्मसात कर प्रबुद्ध बनेंगे, तभी कुल, समाज और राष्ट्र का मस्तक ऊंचा होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, संत और शासक ये चारों वर्ग समाज के मुख्य स्तंभ हैं। आयोजन में साध्वी माधवी महाराज ने भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी। उपप्रवर्तक सुभाष मुनि महाराज ने पावन मंगलपाठ सुनाकर उपस्थित संगत को निहाल किया। इस अवसर पर जाप साधना का सौभाग्य गौतम जैन और गौरव जैन ने प्राप्त किया।
Rohtak News: शिक्षा, खेल, उद्यमिता में युवा लिख रहे सफलता की इबारत
शिक्षा, खेल, उद्यमिता में युवा लिख रहे सफलता की इबारत
Agra News: पढ़ाई छोड़ने में लड़के आगे, 5,410 ने बीच में छोड़ी शिक्षा
agra news dropout school
Varanasi News: शिक्षा, शोध, सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें युवा-कुलपति
Youth should contribute to nation-building through education, research, and positive thinking: Vice-Chancellor
Sultanpur News: तिरंगा यात्रा की धूम, भाजपा व शिक्षा विभाग ने निकाली यात्रा
तिरंगा यात्रा की धूम, भाजपा व शिक्षा विभाग ने निकाली यात्रा
जंतर-मंतर पर ‘शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो’ के नारे के साथ समाजवादियों का प्रदर्शन। युवा सोशलिस्ट पहल ने शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और सांप्रदायीकरण के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया।
हरियाणा सरकार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है।
संतान और शिक्षा के लिए अभिशाप! जानें कितना खतरनाक 5वें भाव का ग्रहण
पंचम भाव में सूर्य-राहु का ग्रहण योग बनने पर व्यक्ति का सोचने का तरीका पारंपरिक नहीं रहता है. वह सामान्य तरीके से अलग हटकर सोचता है और समस्याओं का समाधान जुगाड़ या वैकल्पिक तरीकों से निकालने की कोशिश करता है.
12 अगस्त को तेज बारिश के चलते बंद रहेंगे भोपाल के स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी ने की घोषणा
भोपाल में 12 अगस्त को नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। तेज बारिश की वजह से ये फैसला लिया गया है। हालांकि स्कूलों को छूट है कि वे ऑनलाइन-वर्चुअल क्लासों का आयोजन कर सकते हैं।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि टीचर ट्रांसफर में यूपी के शिक्षकों से भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों के तबादलों में किसी तरह की पैरवी या सिफारिश नहीं चलेगी।
चार्ज लेने से पहले ही उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाए गए नरेश पाल गंगवार, 20 दिन पहले दी थी तैनाती
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव पद से कार्यभार संभालने से पहले ही हटा दिया है।
निंबाहेड़ा में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग, NSUI ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
निंबाहेड़ा में NSUI ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा, 2023-24 से चुनाव नहीं होने पर विद्यार्थियों ने उठाई आवाज।
सतना के रामपुर बघेलान ब्लॉक स्थित शासकीय विद्यालय त्योंधरा क्रमांक-1 में छात्रों से गिट्टी ढुलवाने का मामला सामने आया है।
शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार... देश की मौजूदा सियासत पर क्या है Gen-Z की राय
सी-वोटर के सर्वे में 18 से 35 वर्ष के युवाओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का विश्लेषण किया गया है. सर्वे में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया, जबकि महंगाई को भी कई युवाओं ने प्राथमिकता दी.
उत्तराखंड के सरकारी छात्रों को उच्च शिक्षा की सौगात, प्लाक्षा और नवगुरुकुल से मिली स्कॉलरशिप
उत्तराखंड के तीन सरकारी स्कूल के छात्रों रोनिक बिस्वास, मानव दास और कशिश चौहान को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप मिली है।
इनेलो के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निधन से राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। मंगलवार दोपहर इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निवास पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इनेलो परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी ने देश की सेवा के साथ-साथ हरियाणा की शिक्षा, खेल और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका अनुशासन, स्पष्ट सोच, सरल स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पण लंबे समय तक कार्यकर्ताओं और समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा। चौधरी ओपी चौटाला से रहा गहरा संबंध अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी और स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बीच बेहद गहरा और आत्मीय संबंध रहा। दोनों ने लंबे समय तक हरियाणा की शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और राजनीति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर साहब ने अपने अनुभव और कुशल नेतृत्व से जिस भी जिम्मेदारी को संभाला, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। शिक्षा-खेल व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान चौटाला ने कहा कि ब्रिगेडियर ओपी चौधरी महान शिक्षाविद होने के साथ-साथ कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने हरियाणा की शिक्षा और खेल व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। राई स्पोर्ट्स स्कूल, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। उनके प्रशासनिक अनुभव और अनुशासनप्रिय कार्यशैली ने संस्थानों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनेलो की जिम्मेदारियों को निष्ठा से निभाया इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने जब भी ब्रिगेडियर ओपी चौधरी को संगठन की कोई जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे पूरी लगन और निष्ठा के साथ निभाया। वह आखिरी सांस तक इनेलो परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। उनका पार्टी के प्रति समर्पण कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। परिवार के साथ बिताया समय, हुए भावुक ब्रिगेडियर ओपी चौधरी के निधन पर शोक जताते हुए अभय चौटाला काफी भावुक नजर आए। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ काफी समय बिताया और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व का हमारे बीच से चले जाना कभी पूरी न होने वाली क्षति है। उनकी विचारधारा, सेवाभाव और समाज के प्रति किए गए कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा। इनेलो पदाधिकारियों ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि इस दौरान इनेलो सोनीपत के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत, प्रदेश सचिव कृष्ण मलिक, प्रदेश सचिव सुरेश त्यागी, पूर्व मेयर प्रत्याशी आनंद खत्री, इनेलो नेता अजित आंतिल, युवा जिला अध्यक्ष विकास मलिक, महिला जिला अध्यक्ष मनजीत फोगाट, अमन आहुलाना, पंडित राजेंद्र गौड़, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजबीर जोगी, विश्व ब्राह्मण फाउंडेशन के उपाध्यक्ष महाबीर शर्मा, जोगेंद्र प्रजापति, पूनम रोहिल्ला सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना इनेलो परिवार की ओर से सामूहिक रूप से ब्रिगेडियर ओपी चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राजस्थान पुलिस में यंग प्रोफेशनल्स भर्ती : आवेदन की अंतिम तिथि 12 अगस्त
राजस्थान पुलिस में विशेषज्ञ युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर डेटा आधारित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक पुलिसिंग को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की पहल के तहत 'यंग प्रोफेशनल्स भर्ती' के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बुधवार, 12 अगस्त, 2026 है।
अररिया कॉलेज में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत “इंप्लीमेंटेशन ऑफ नेशनल एजुकेशन पॉलिसी इन हायर एजुकेशन” विषय पर डिबेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा में नई शिक्षा नीति के प्रभाव, संभावनाओं और चुनौतियों पर पक्ष-विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के NEP नोडल पदाधिकारी डॉ. फैयाज आलम ने की, जिन्होंने प्रतियोगिता की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। महाविद्यालय के वरीय प्रोफेसर डॉ. अब्दुस सलाम ने अपने संबोधन में NEP 2020 के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप उपयोगी बताया। डिबेट के दौरान, विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा और विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास जैसे विषयों पर सकारात्मक विचार रखे। 15 अगस्त के अवसर पर किया जाएगा पुरस्कृत वहीं, प्रतिभागियों ने नीति के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया, जिससे नीति के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. अमरीश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. बृजकिशोर राम, डॉ. तंजील अतहर, डॉ. राजेश मोहन, डॉ. सुलोचना कुमारी, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. संदेश यादव एवं डॉ. हामिद अंसारी शामिल थे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले सफल प्रतिभागियों को 15 अगस्त के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. भीष्म कुमार सिंह, डॉ. अलका कुमारी, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. हेना नकवी, डॉ. आशा कुमारी, डॉ. शम्स परवेज, डॉ. प्रभात कुमार सिंह, डॉ. आशीष झा, डॉ. लालकृष्ण, डॉ. राहुल आनंद, डॉ. विभा त्रिवेदी, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. अंजली कुमारी, डॉ. किम्मी कुमारी सहित कई शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने जोर दिया कि NEP 2020 में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके बहुआयामी व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है।
बिहार में जेईई-नीट कोचिंग के लिए गणित और केमिस्ट्री के शिक्षकों की भर्ती, दो लाख तक मानदेय
यह भर्ती राज्य में संचालित कोचिंग कार्यक्रम के लिए की जा रही है। योग्य और अनुभवी उम्मीदवार 16 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
job news 2026: डिप्टी मैनेजर सहित कई पदों के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सरकारी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने भर्ती का मौका दिया है। कंपनी ने डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। पदों का नाम- इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन कुल पद- 135 आवेदन- 12 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन की लास्ट डेट- उम्मीदवार 26 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे सैलेरी- पदों के अननुसार आवेदन-ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट ntpc.co.in/hi देख सकते है। pc- didlake.org
कौन हैं तेज-तर्रार आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी, जिन्हें सौंपी गई उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपनी बेदाग कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और उत्कृष्ट निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को एक बार फिर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की कमान सौंपी है। प्रशासनिक गलियारों में उनके इस नए और महत्वपूर्ण पदभार संभालने की चर्चा जोरों पर है। अपनी शानदार सर्विस प्रोफाइल और विभिन्न विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अपनी एक खास पहचान बनाने वाली आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी का यह सफर आज के युवा सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बना हुआ है।प्रशासनिक सफर और शानदार कार्यकुंभ का अनुभवदीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने लंबे और सफल प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। उनकी गिनती देश के उन चुनिंदा और अनुभवी आईएएस अधिकारियों में होती है जो जटिल से जटिल नीतियों को धरातल पर उतारने में महारत रखते हैं। उच्च शिक्षा विभाग जैसे अहम मोर्चे पर उनकी नियुक्ति को सरकार का एक बेहद रणनीतिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, क्योंकि देश की नई शिक्षा नीति (NEP) और उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण के दौर में ऐसे कुशल नेतृत्व की खासी जरूरत है।युवाओं और महिला अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोतएक महिला प्रशासनिक अधिकारी के रूप में दीप्ति गौर मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है कि लगन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया जाए तो हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सिविल सेवा की तैयारी करने वाले हजारों छात्र-छात्राएं उनके कामकाज के तरीके और प्रशासनिक अनुशासन का अनुसरण करते हैं। उच्च शिक्षा विभाग में उनके आने से अकादमिक सुधारों, शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में नए मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
IAS Deepti Mukharjee: JNU से मास्टर डिग्री, फिर बनी IAS, अब मिली उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी प्रशासनिक अधिकारियों में बड़ा नाम है। वो सीनियर आईएस अधिकारी हैं। इससे पहले उन्होंने कई बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। चलिए जानते हैं कि कौन है दीप्ति मुखर्जी।
टीचरों को आवेदन के 48 घंटे के अंदर छुट्टी नहीं दी तो अफसर नपेंगे, बोले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
बिहार के सरकारी स्कूलों में टीचरों के छुट्टी के आवेदन को लेकर शिक्षा मंत्री ने अहम बातें कही हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि इन आवेदनों पर 48 घंटे के अंदर संज्ञान लेना होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा में नई भर्ती शुरू, चेक करें डिटेल्स और तुरंत करें आवेदन
PC: abplive बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda (BOB) ने Specialist Officer के 206 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए बैंक के अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों में Digital Banking, Information Security, Security, Enterprise Data Management, Corporate Accounts & Taxation Planning और Facility Management समेत कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 206 Specialist Officer पदों पर होगी नियुक्ति इस भर्ती अभियान के तहत कुल 206 पद भरे जाएंगे। पदों के अनुसार उम्मीदवारों की नियुक्ति Manager, Senior Manager, Chief Manager, Technical Officer, Product Manager, Data Scientist, Information Security Officer, Security Manager और Taxation से जुड़े विभिन्न पदों पर की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा से जुड़ी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें। आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 6 अगस्त 2026 आवेदन की अंतिम तारीख: 26 अगस्त 2026 उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है। पद के अनुसार अलग होगी योग्यता Specialist Officer के अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की शर्तें भी अलग निर्धारित की गई हैं। इसी तरह उम्मीदवारों की अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग हो सकती है। आयु की गणना 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इसलिए उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में अपने पद से जुड़ी सभी पात्रता शर्तों को जरूर जांच लें। कितनी देनी होगी आवेदन फीस? आवेदन शुल्क उम्मीदवार की कैटेगरी के आधार पर निर्धारित किया गया है। General, OBC और EWS: 850 रुपये + लागू पेमेंट गेटवे शुल्क SC, ST, PwBD, Ex-Servicemen और महिला उम्मीदवार: 175 रुपये + लागू पेमेंट गेटवे शुल्क आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकेगा। कैसे होगा Specialist Officer का चयन? Bank of Baroda के अनुसार, उम्मीदवारों के आवेदन की स्क्रीनिंग के बाद जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा सकती है। इसके बाद चयन प्रक्रिया में Psychometric Test, Group Discussion और Personal Interview जैसे चरण भी शामिल किए जा सकते हैं। अंतिम नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन और मेडिकल टेस्ट भी किया जाएगा। यदि ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होती है, तो इसमें कुल 150 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा कुल 225 अंकों की होगी और उम्मीदवारों को इसे पूरा करने के लिए 150 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा में Reasoning, English Language, Quantitative Aptitude और संबंधित पद से जुड़ा Professional Knowledge शामिल होगा। गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी की जाएगी। चयन के बाद देना होगा Service Bond नियमित पदों पर नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों के लिए बैंक की निर्धारित शर्तों के अनुसार Service Bond की व्यवस्था भी लागू होगी। Junior Management Grade Scale-I के अधिकारियों को निर्धारित अवधि तक बैंक में सेवा देनी होगी। तय अवधि पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ने की स्थिति में बैंक के नियमों के अनुसार राशि या अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं। इसी तरह Middle और Senior Management Grade के अधिकारियों के लिए भी पद के अनुसार Service Bond की शर्तें निर्धारित की गई हैं। Bank of Baroda Specialist Officer Recruitment के लिए ऐसे करें आवेदन आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले Bank of Baroda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद: वेबसाइट के Career सेक्शन में जाएं। Current Opportunities पर क्लिक करें। Specialist Officer Recruitment से संबंधित नोटिफिकेशन खोलें। अपनी पात्रता जांचने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें। मांगी गई शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की जानकारी दर्ज करें। आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र अपलोड करें। निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रख लें।
ITBP recruitment 2026: 282 मेडिकल ऑफिसर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: kalingatv इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस फोर्स (ITBP) ने 282 मेडिकल ऑफिसर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव शुरू की है, जो 10 अगस्त से 8 सितंबर तक चलेगी। इंटरेस्ट और एलिजिबल कैंडिडेट ITBP की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए मेडिकल ऑफिसर, स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर और सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर जैसी वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एलिजिबल कैंडिडेट एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले यह पक्का कर लें कि उन्होंने नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लिया है। यह रिक्रूटमेंट सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज मेडिकल ऑफिसर सिलेक्शन बोर्ड के तहत निकाली गई है। ज़रूरी जानकारी: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 10 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 8 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन कुल पोस्ट: 282 वेबसाइट: recruitment.itbpolice.nic.in वैकेंसी: कुल: 282 पोस्ट सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर: 5 पोस्ट स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर: 162 पोस्ट मेडिकल ऑफिसर: 115 पोस्ट पोस्ट ग्रुप A में आते हैं सिलेक्शन प्रोसेस: डॉक्यूमेंटेशन इंटरव्यू फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट मेडिकल एग्जामिनेशन टेस्ट एप्लीकेशन फीस: जनरल/OBC/EWS: Rs 400 ST/SC/EX-सर्विसमैन/फीमेल: कोई फीस नहीं फीस पेमेंट मोड: ऑनलाइन
BSEB Recruitment 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जेईई और नीट की कोचिंग के लिए गणित और केमिस्ट्री शिक्षकों की भर्ती निकाली है। योग्य और अनुभवी उम्मीदवार 16 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना में छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण की सुविधा
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत 860 शीर्ष संस्थानों में मेरिट से दाखिला लेने वाले छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण मिलता है। ₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी और ₹8 लाख तक की पारिवारिक आय पर 3% ब्याज छूट का लाभ मिलता है।
मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है।
अप्रैल 2021 से संचालित यह आवासीय विद्यालय आज देश के विभिन्न राज्यों से आए 170 विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और संस्कार का केंद्र बन चुका है। यहां 14 शिक्षक पढ़ाते हैं।
समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार को 10वीं प्रसार शिक्षा परिषद बैठक हुई है। इस दौरान 16 कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए कार्य योजना तैयार करने पर मंथन हुआ। मौके पर कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने प्रसार तंत्र के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की और वैज्ञानिकों से उत्पादन से आगे सोचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब वैज्ञानिकों को 'तीन एल', लैब से खेत और आजीविका(लैब टू लैंड एंड लाइवलीहुड) पर तुरंत काम करना होगा। अब सिर्फ उत्पादन सिखाना पर्याप्त नहीं है। किसानों को विपणन, निर्यात प्रोटोकॉल और गुणवत्ता मानकों का प्रशिक्षण देना होगा। उन्हें पड़ोसी देशों की मांग और आधुनिक पैकेजिंग की जानकारी भी देनी आवश्यक है, ताकि वे एक उद्यमी बन सकें। कुलपति ने आगे कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को कार्बन फार्मिंग के नए अवसरों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें। केवीके प्रशिक्षण की संख्या और किसानों के नंबर की रिपोर्ट देते हैं, पर अब वो ऐसी रिपोर्ट देखना चाहते हैं जो समाज में आए वास्तविक बदलाव को दर्शाए। न कि सिर्फ प्रशिक्षणों की संख्या को बताएं। देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में कृषि विज्ञान केंद्र विशेष अतिथि के रूप में डॉ. रणधीर सिंह, पूर्व एडीजी कृषि प्रसार, आईसीएआर ने विश्वविद्यालय के प्रसार नेटवर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरपीसीएयू के कृषि विज्ञान केंद्र देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में है। यह गर्व की बात है कि विश्वविद्यालय के सभी 16 केवीके ने लगातार तीन वर्षों तक भारत सरकार की रैंकिंग में शीर्ष स्थान बनाए रखा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त करने से कृषि परिदृश्य स्थायी रूप से बदलेगा। महिला किसान भी पुरूषों की तरह बन सकती है आत्मनिर्भर पद्मश्री राजकुमारी देवी 'किसान चाची' ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि में महिलाओं की भूमिका अपरिहार्य है। कृषि उद्यमिता, प्रसंस्करण और प्राकृतिक खेती को अपनाकर हमारी ग्रामीण महिलाएं और किसान पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज को समृद्धि की ओर ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा परिषद के सदस्य योगेन्द्र कुमार पाठक और राघव शरण प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए और खेती में मजदूर की कमी सहित अन्य स्थानीय किसानों की समस्याओं की चर्चा की।
NEET विवाद के बीच केंद्र का बड़ा फेरबदल, दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव
उच्च शिक्षा विभाग में पिछले कुछ समय में लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। पहले विनीत जोशी को उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
New Higher Education Secretary: केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने महज तीन हफ्ते पहले 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन विवादों के चलते उस फैसले को स्थगित कर दिया गया और अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति की गई है।क्यों बदला गया नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति का फैसला?राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार पहले पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव थे। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उन पर तीखे सवाल उठने लगे थे।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक योजना के तहत खीरे की व्यावसायिक खेती के लिए उनके परिवार (पत्नी, मां और बेटे) को ₹1 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिली थी। सब्सिडी की अंतिम किस्त तब जारी हुई जब वे पशुपालन विभाग में सचिव थे, जो उसी प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा है। पेपर लीक विवाद और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दों के बीच विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा था।हालांकि, गंगवार ने किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत उनके परिवार के सदस्यों ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।कौन हैं आईएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी?दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की मध्य प्रदेश (MP) कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उच्च शिक्षा सचिव बनने से पहले वे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यरत थीं।अब वे विनीत जोशी का स्थान लेंगी जो पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय में सचिव बनाए गए थे।दीप्ति गौड़ मुखर्जी ऐसे समय में उच्च शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रही हैं जब देश में नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के नीतिगत फैसलों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास बहाल करने की बड़ी चुनौती है।एक फैसले से 5 मंत्रालयों में बदला चेहराउच्च शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव की वजह से पांच अन्य विभागों में भी वरिष्ठ नौकरशाहों के फेरबदल की एक श्रृंखला शुरू हो गई:उच्च शिक्षा विभाग: दीप्ति गौड़ मुखर्जी (नवनिर्वाचित सचिव)।कॉर्पोरेट मामले: पल्लवी जैन गोविल (1994 बैच MP कैडर) को नया कॉर्पोरेट मामलों का सचिव बनाया गया है। वह इससे पहले युवा मामलों की सचिव थीं।युवा मामले एवं खेल: भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल अब नए युवा मामलों के सचिव होंगे।भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण: कैबिनेट सचिवालय में ओएसडी (OSD) सुशील कुमार लोहानी को IWAI का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।जल संसाधन और गंगा संरक्षण: असम-मेघालय कैडर की आईएएस अधिकारी अर्चना वर्मा को जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं। वह वर्तमान में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
शिक्षा में कामचलाऊ व्यवस्था ही चल रही है
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय पहले से ज्यादा सक्षमता के साथ काम कर रहा है?
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य, टीजीटी और प्रवक्ता के कुल 4956 पद खाली हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा कर रही है।
करनाल में घरौंडा विधानसभा के गांव कालरम का राजकीय उच्च विद्यालय पिछले 3 साल से कमरों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा है। वर्ष 2023 में जनसंवाद कार्यक्रम में मुद्दा उठा और उसके बाद स्कूल ने प्रस्ताव भेजा, जिसके आधार पर करीब 3 करोड़ 8 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार हुआ। वर्ष 2024 में हेड ऑफिस ने लगभग 299 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। हालात यह हैं कि बच्चों को एक-एक कमरे में दो-दो कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कमरे कम, बच्चों पर बढ़ता दबावगांव के ग्रामीण तेजपाल, नकल सिंह, मनोज कुमार व अन्य ने बताया कि तीन साल पहले स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को तोड़ दिया गया था। उस समय कहा गया था कि यहां 10 नए कमरे, स्टेज और शौचालय जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी और करीब 10 महीने में निर्माण पूरा हो जाएगा। लेकिन आज तक न तो निर्माण शुरू हुआ और न ही बजट धरातल पर दिखाई दिया। वर्तमान में प्राइमरी और हाई स्कूल के बच्चों को एक ही भवन में समायोजित किया गया है, जहां एक कमरे में दो-दो कक्षाएं लगती हैं। कई कमरे स्टोर रूम जैसे नजर आते हैं, जिससे बच्चों को बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले कमरे थे, वहां अब केवल खाली जमीन और घास नजर आती है। बच्चों को मजबूरी में तंग जगहों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले ही कम लोग बच्चों को भेजते हैं, लेकिन जो भेजते हैं उनके बच्चों के लिए भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। पंचायत की मांग: हमें दी जाए अनुमतिगांव के सरपंच प्रतिनिधि दीपेंद्र राणा ने बताया कि स्कूल के निर्माण के लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से पत्र आया था, जिसमें 10 कमरे बनाने की बात कही गई थी। बजट भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विंग के पास अब एक भी अपना कमरा नहीं है, सभी पुराने कमरे तोड़ दिए गए थे। ऐसे में बच्चों को हाई स्कूल की बिल्डिंग में एडजस्ट करना पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री, विधायक और शिक्षा विभागदीपेंद्र राणा ने कहा कि पंचायत ने इस मामले को लेकर कई बार स्थानीय विधायक और शिक्षा मंत्री से मुलाकात की है। चार बार शिक्षा मंत्री से मिलने के अलावा दो बार शिक्षा निदेशालय भी गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि विभाग निर्माण नहीं करवा सकता, तो पंचायत को एनओसी दी जाए ताकि ग्रामीणों के सहयोग से कमरों का निर्माण कराया जा सके। अधिकारियों के दावे: प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर परएसएसए विंग के जूनियर इंजीनियर निशांत राणा ने बताया कि वर्ष 2023 में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्कूल का प्रस्ताव आया था। इसके आधार पर 3 करोड़ 8 लाख का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया और 2024 में करीब 299 लाख रुपये का बजट स्वीकृत भी हो गया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर पर होती है और बजट स्वीकृति का पत्र भी मिल चुका है। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय घरौंडा की ओर से दो बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। क्या कहती है खंड शिक्षा अधिकारी घरौंडा की खंड शिक्षा अधिकारी वीना देवी ने भी पुष्टि की कि स्कूल के लिए बजट स्वीकृत है और विभागीय स्तर पर सभी जरूरी दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि टेंडरिंग प्रक्रिया हेड ऑफिस स्तर पर लंबित है और हमारे द्वारा समय-समय पर रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। हाल ही में भी स्कूल से संबंधित पूरा पत्र तैयार कर भेजा गया है। सवालों के घेरे में सिस्टमतीन साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होना शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद अगर निर्माण नहीं होता, तो इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। अब गांव के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा माहौल मिल सके।
शिक्षा मंत्री से मिलीं छात्राएं, विधानसभा देख लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझा
उदयपुर| इंडिया इनफोलाइन फाउंडेशन के तत्वावधान में उदयपुर एवं सलूंबर जिले के स्कूलों की 30 छात्राओं को शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक भ्रमण के लिए जयपुर ले जाया गया। सोमवार को छात्राओं ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात कर संवाद किया और वर्तमान शैक्षिक नवाचारों की जानकारी ली। फाउंडेशन के साहिल हमीद ने बताया कि छात्राओं का दल शनिवार को उदयपुर से रवाना हुआ, जिसे ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। जयपुर पहुंचने के बाद छात्राओं ने राजस्थान विधानसभा का अवलोकन किया तथा विधानसभा की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली को करीब से समझा। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आई छात्राओं के लिए यह भ्रमण प्रेरणादायी अनुभव रहा। इससे उनके आत्मविश्वास और भविष्य की आकांक्षाओं को नई दिशा मिली। दल 12 अगस्त को उदयपुर लौटेगा।
Gorakhpur News: 20 राज्यों के 130 शिक्षकों ने सीखी उच्च शिक्षा की नई तकनीकें
130 teachers from 20 states learned new techniques for higher education.
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशभान राय : आजादी के आंदोलन से शिक्षा की अलख तक
केशभान राय ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में निभाई अहम भूमिका। विदेशी शासन को चुनौती देना और देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करना था उद्देश्य।
Rewari News: डॉ. राजेंद्र सिंह को दोबारा मिली उप जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी
Dr. Rajendra Singh reappointed as Deputy District Education Officer.
रागिनी नायक ने शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, संसद में गतिरोध पर केंद्र की आलोचना की
रागिनी नायक ने शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, संसद में गतिरोध पर केंद्र की आलोचना की
राजस्थान में कला शिक्षा की किताबें तक उपलब्ध नहीं, फिर कैसे लागू होगी NEP-2020: कुलदीप इंदौरा
सांसद इंदौरा ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है, लेकिन कला शिक्षा की पुस्तकों की उपलब्धता को लेकर राजस्थान में स्थिति स्पष्ट नहीं है। कक्षा 3 से 10 तक एनसीईआरटी की कला शिक्षा पुस्तकों तथा कक्षा 9 और 10 की ‘कला कुंज’ जैसी पुस्तकों के मुद्रण एवं वितरण को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेवाड़ी में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने सोमवार को लिसाना गांव में प्रस्तावित सरकारी कॉलेज भवन का शिलान्यास किया। नए भवन के निर्माण पर करीब 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा करीब 35 लाख रुपए की लागत से तैयार सड़क और 10 लाख रुपए की लागत से मंदिर-जोहड़ की चारदीवारी के कार्य का भी उद्घाटन किया गया। कॉलेज के लिए लिसाना गांव में 8 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से कॉलेज को लेकर घोषणा की गई थी। इसके बाद वर्ष 2016 से यहां कक्षाएं लगाई जा रही हैं। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं रेवाड़ी शहर स्थित बॉयज स्कूल के कमरों में संचालित हो रही हैं। नए भवन के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को कॉलेज परिसर में शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े तीन कार्य विधायक ने कहा कि लंबे समय से कॉलेज के नए भवन की मांग की जा रही थी। भवन निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही 35 लाख रुपए की लागत से बनी सड़क का उद्घाटन और 10 लाख रुपए की लागत से मंदिर-जोहड़ की चारदीवारी के कार्य का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। विधायक ने बताया कि कॉलेज भवन का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को नियमित परिसर में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।
कोलकाता, 10 अगस्त . पश्चिम बंगाल में महान समाज सुधारक और शिक्षाविद् ईश्वर चंद्र विद्यासागर के परिवार के एक सदस्य ने प्रदेश के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी है. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के परिवार के सदस्य अमिताव बनर्जी ने ‘जनता दरबार’ में पहुंचकर विद्यासागर की जयंती को ‘बांग्ला शिक्षा दिवस’ ... Read more
सीएम सुवेंदु से ईश्वर चंद्र विद्यासागर के रिश्तेदार की मांग, जयंती को 'बांग्ला शिक्षा दिवस' घोषित करें
पश्चिम बंगाल : जंगीपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग, सांसद खलीलुर रहमान ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
पंजाब विधानसभा ने फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला बिल-2026 पारित किया है, जिससे राज्य में एक नई सेल्फ-फाइनेंस्ड डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित होगी।
हरदोई के शाहाबाद नगर में 10 अगस्त सोमवार को 101 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार में उच्चशिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अम्बेडकर मैदान (बड़ी फील्ड) में इस ध्वजारोहण स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक विशाल तिरंगा मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन सहित कई पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे। लोकार्पण के बाद, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रजनी तिवारी ने कहा कि 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज शाहाबाद की पहचान को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने बताया कि यह स्थल युवाओं और नागरिकों में देश के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। मंत्री ने जोर दिया कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया उन्होंने आगे कहा कि इस तिरंगे के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों और राष्ट्रीय एकता का संदेश मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने इस अवसर पर कहा कि शाहाबाद में 101 फीट ऊंचे तिरंगे की स्थापना नगरवासियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्थल राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा। बब्बन ने लोगों से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान, NEET परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शाहाबाद के मेधावी छात्र स्वरित राठौर और सारांश राठौर (पुत्रगण कमल राठौर) को सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश की एकता-अखंडता का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री सत्येंद्र राजपूत, डॉ. मुरारी लाल गुप्ता, रामनाथ त्रिपाठी, गंगाराम राठौर, वेदराम राजपूत, गोपाल त्रिपाठी, त्रिपुरेश मिश्रा, श्यामबाबू त्रिवेदी, रंजीत कुमार सिंह, गोविंद पाठक, लालाराम राजपूत, अनिल पांडेय पिंटू, एसडीएम, अधिशासी अधिकारी, सभासदगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सूरवाल मॉडल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की ली जानकारी
सवाई माधोपुर के सूरवाल मॉडल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी हरकेश लाल मीणा ने औचक निरीक्षण किया। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, पोषाहार और स्टाफ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

