बक्सर यौन शोषण मामले पर शिक्षा मंत्री सख्त, बोले- सभी स्कूलों के लिए बनेगी एसओपी
Patna, 4 सितंबर . बिहार के बक्सर में सामने आए छात्राओं के कथित यौन शोषण के मामले को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है. उन्होंने कहा कि घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है. विभाग ने आरोपी शिक्षकों को निलंबित करने के साथ उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव मांगा है. इस ... Read more
हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में यह कार्यक्रम 75 सरकारी विद्यालयों में संचालित हो रहा है, जहां 60 से अधिक फेलो और फील्ड पर्सनल्स शिक्षक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सेवाएं दे रहे हैं।
गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को राष्ट्रीय अवार्ड, शिक्षा नवाचार में मिला सम्मान
गंगापुर सिटी के चंद्रकेश सिंघल को NIEPA और शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय अवार्ड मिला। शैक्षिक प्रशासन, नेतृत्व और शिक्षा नवाचार में उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के ससबहना में शुक्रवार को आइसा और आरवाईए की ओर से छात्र-युवा संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-युवा शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… छात्र आंदोलन को बताया बड़ी जीत आइसा के जिला सचिव मो. रिक्की खान और आरवाईए के जिला सचिव प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि छात्र-नौजवानों के संघर्ष के दबाव में केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन और जंतर-मंतर पर कार्रवाई के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से हटने को वे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत मानते हैं। वक्ताओं ने कहा कि एकजुट छात्र-युवा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने अपनी मांगें रख सकते हैं। पटना आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का किया जिक्र वक्ताओं ने कहा कि 22 जुलाई को आइसा-आरवाईए के आह्वान पर पटना में राजभवन मार्च निकाला गया था। शिक्षा और भविष्य के सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों का भी उन्होंने जिक्र किया। नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में छात्रों की रिहाई हुई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने पड़े। पेपर लीक और बेरोजगारी पर चिंता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे छात्र-युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने BPSC, BSSC और BPSSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नियमितता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की मांग वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और कमजोर शैक्षणिक व्यवस्था का सबसे अधिक असर गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की महंगी शिक्षा वहन नहीं कर पाने वाले परिवारों के लिए सरकारी स्कूल सबसे बड़ा सहारा हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों को मजबूत करना जरूरी है। 6 सितंबर को पटना पहुंचने की अपील आइसा-आरवाईए नेताओं ने कहा कि शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्कूल-कॉलेजों में सुधार के सवाल को लेकर राज्यभर में छात्र-युवा संवाद किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से 6 सितंबर को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचकर इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। कार्यक्रम में भाकपा माले अरियरी प्रखंड सचिव सह किसान नेता कमलेश कुमार मानव, विशेश्वर महतो, राहुल कुमार, अंकित कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान मौजूद रहे।
गणित पढ़ना चाहते थे एस राधाकृष्णन, उनकी अध्यक्षता में बना था स्वतंत्र भारत का पहला शिक्षा आयोग
New Delhi, 4 सितंबर . 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव तिरुत्तनी में जन्मे सर्वपल्ली राधाकृष्णन का बचपन आर्थिक तंगी और गरीबी में बीता. एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने के बजाय मंदिर का पुजारी बन जाए. लेकिन, ... Read more
भिंड समाचार: परिजनों का कहना था कि सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं होता और नौकरी छोड़कर अनिश्चित रास्ते पर जाना उचित नहीं है। इसके बावजूद शिवम अपने फैसले पर कायम रहे।
शहडोल जिले के गोरतरा ग्राम पंचायत के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम नहीं थे। स्कूली बच्चों से फिसलन भरी छत साफ कराई गई वीडियो में बच्चे स्कूल भवन के छज्जे और छत पर सफाई करते दिख रहे हैं। बारिश के कारण भवन की सतह पर काई जमने के कारण काफी फिसलन हो गई थी। इसके बावजूद बच्चों को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। पढ़ाई की उम्र में बच्चों से ऐसा काम करवाने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। गंभीर बात यह है कि छत पर जाने के लिए बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई उचित सीढ़ी या अन्य सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी। वीडियो में बच्चें पाइप के सहारे नीचे उतरते दिखाई दे रहें हैं। इससे हादसे की आशंका और बढ़ गई। असिस्टेंट कमिश्नर बोले- जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय सिन्हा ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
हाई कोर्ट ने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने बने फ्लाईओवर के रखरखाव को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
बीजापुर। पोटाकेबिन पुसनार (भैरमगढ़) में अधीक्षकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर बच्चों की शिक्षा, दैनिक दिनचर्या और स्कूल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बच्चों की पढ़ाई के साथ योग, प्राणायाम, प्रार्थना और खेलकूद को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए। बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्कूल में अनुशासन, स्वच्छता और सकारात्मक माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। प्रार्थना के लिए लगेंगे लाउडस्पीकर बैठक में बच्चों की सामूहिक प्रार्थना को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पोटाकेबिन में लाउडस्पीकर लगाने के निर्देश दिए गए। स्कूल परिसर को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया। कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनी गईं बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सामने आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और बच्चों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने कहा कि पोटाकेबिन में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छा शैक्षणिक माहौल, अनुशासन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए स्कूल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और जरूरी सुधार किए जाएंगे।
दिल्ली पुलिस भर्ती-2025 के तहत कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल समेत चार पदों के लिए फिजिकल टेस्ट की नई तारीखों की घोषणा कर दी गई है। अब परीक्षा सितंबर और अक्तूबर 2026 में निर्धारित नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी।
दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं
रेलवे में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एनटीपीसी के तहत कुल 5165 पदों पर भर्ती करने जा रहा है। इस भर्ती में 12वीं पास और स्नातक उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा।
बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बातउन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।टीएमसी पर लगाए ये आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।सीएम ने क्या कहासीएम ने कहा कि, हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा। आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा, मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल
Aligarh Ground Report: उत्तर प्रदेश के जिलों में ‘यूपी सक्षम’ अभियान के तहत अमर उजाला की टीम लगातार जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही है। लोगों के जीवन में आए बदलाव और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए टीम अलीगढ़ पहुंची।
मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव: राजीव गांधी विश्वविद्यालय का पुनर्गठन
मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है, जिसमें राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जा रहा है। इस निर्णय के साथ ही विश्वविद्यालय के नाम से राजीव गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। नए विश्वविद्यालयों का नामकरण और प्रशासनिक प्रणाली में बदलाव से लाखों छात्रों और सैकड़ों कॉलेजों पर प्रभाव पड़ेगा। सरकार का यह कदम तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उद्देश्य से है।
जन सुराज पार्टी के मुखिया Prashant Kishor ने गया में शिक्षकों से संवाद कर बिहार को ज्ञान की भूमि बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक भी चुनाव में जाति-धर्म के आधार पर बंट जाते हैं, जबकि शिक्षा ही राज्य का भविष्य है।
सीतापुर में महमूदाबाद के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं शैक्षिक नवाचार के लिए महमूदाबाद ब्लॉक के दो शिक्षकों अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत को इस वर्ष जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षकों के चयन की खबर से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्राथमिक विद्यालय भूसना के शिक्षक अरुण कुमार तथा कंपोजिट विद्यालय देवसराय के शिक्षक कुलदीप राजपूत ने विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की शिक्षा, सहभागिता और उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार विभिन्न प्रयास किए हैं। उनके शैक्षिक नवाचारों और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस वर्ष दोनों शिक्षकों ने शिक्षक इस्लाम सर के साथ मिलकर बेसिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो’ गीत भी तैयार किया। यह गीत प्रदेश स्तर पर काफी पसंद किया गया और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के अभियान में उपयोगी पहल के रूप में सामने आया। शिक्षक अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षण और उनकी प्रतिभा को निखारना उनकी प्राथमिकता है। दोनों शिक्षक विद्यालय स्तर पर लगातार नए प्रयोग करते हुए बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करते हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलने वाला यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षकों के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद पर अब आईएएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ चिकित्सक प्रधानाचार्य की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बिहार: शिक्षा का मंदिर हुआ शर्मसार, दो शिक्षक निलंबित; छात्राओं को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप
बक्सर के डुमरांव प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, नथुनी अहिर के डेरा में तैनात दो सरकारी शिक्षकों विरेन्द्र प्रसाद और अरविन्द कुमार पर छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रशांत किशोर का शिक्षकों पर बड़ा हमला, बोले- ‘गुरुजी से मस्टरवा बन गए’, जाति के नाम पर वोट देने से बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था
Postal GDS 2026: डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। फॉर्म भरने से पहले उम्मीदवारों को पंजीकरण और आवेदन पत्र में दर्ज की जाने वाली जानकारी को लेकर खास सावधानी बरतनी होगी।
बंगाल में शिक्षा का नया मॉडल? RSS के 1000 स्कूल खुलेंगे, मदरसों पर भी CM शुभेंदु का बड़ा ऐलान
बंगाल में एक साल में RSS की शिक्षा शाखा विद्या भारती से जुड़े 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है। CM ने राज्य के चार शिक्षा विभागों को एक करने और मदरसा शिक्षा के लिए अलग प्रशासन न रखने का प्रस्ताव दिया।
Budaun News: रिसौली के फर्जी स्कूल की जांच करेगी दो खंड शिक्षाधिकारियों की टीम
बदायूं। रिसौली के मोहल्ला भरा पट्टी में सीबीएसई पैटर्न का फर्जी स्कूल संचालित होने की सूचना पर विभाग की ओर टीम गठित की गई है, जो इस मामले की जांच करेगी।
शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जरूरी : प्रो. नंदिता
Integration of Indian knowledge tradition into education is essential: Prof. Nandita
शिक्षा कोरी नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति का माध्यम बने
शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026 शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा-दृष्टि, शिक्षक की भूमिका और भावी पीढ़ी के निर्माण पर गंभीर आत्ममंथन का दिन है। किसी राष्ट्र का भविष्य केवल उसके विद्यालयों की संख्या, भवनों की भव्यता, पुस्तकों की उपलब्धता या परीक्षाओं के परिणामों से निर्धारित नहीं होता, ... Read more
Pilibhit News: कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा
स्कूल समय के बाद भी ई-विद्या के निशुल्क चैनलों से पढ़ सकेंगी छात्राएं
लखनऊ के गोमतीनगर में मर्सिडीज-बेंज और एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से मर्सिडीज-बेंज एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों, अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं और करियर गाइडेंस विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक समारोह सराहनीय हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय परिवेश, सभ्यता और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा के मूल तत्वों को समझना जरूरी है। भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ नैतिकता और गुरु-शिष्य परंपरा को भी महत्व दिया गया है। इसमें मानव कल्याण की भावना समाहित है। समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है कार्यक्रम की शुरुआत पिहू द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुई। एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है। भावी पीढ़ी तैयार करने में उनके योगदान का सम्मान किया जाना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि शसौमित्र गौर ने कहा कि अगली पीढ़ी के मजबूत भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल और मूल्यों का संतुलन होना चाहिए। डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप विकसित करना होगा हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की कार्यकारी निदेशक समिता सिंह बफीला ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्थानों को AI और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा। हालांकि शिक्षा के केंद्र में विद्यार्थी और मानवीय मूल्य हमेशा बने रहने चाहिए। समारोह में गैरी डोमिनिक एवरेट, सोमा चंद्रा, डॉ. मंजुला गोस्वामी, गुंजन साहनी, दिव्या सिंह, गुंजन दनानी, मधुलिका अग्रवाल, डॉ. मांडवी त्रिपाठी, पूजा सिंह, डॉ. प्रेरणा मित्रा, डॉ. धीरज मेहरोत्रा, रचना मिश्रा, डॉ. विभा आहूजा, रुद्रेन्द्र बसाक, अंजना स्वामी, पूनम अरोड़ा, प्रेरणा त्रिपाठी, सिंधु तिवारी, मितुशी नेगी और आशा यादव समेत अन्य लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश की शिक्षिका पूजा सिंह को अररिया के प्राथमिक विद्यालय झौवा बटुरबाड़ी से निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी दर्ज की, लेकिन छुट्टी ले ली। साथ ही, संबंधित अधिकारी की मंजूरी के बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का भी इस्तेमाल किया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अररिया ने 29 अगस्त 2026 को स्कूल का अचानक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ई-शिक्षाकोष में पाया गया कि शिक्षिका पूजा सिंह ने 29 अगस्त को अपनी हाजिरी लगाई थी। वहीं, स्कूल के दफ्तर में इसी तारीख का आकस्मिक छुट्टी का आवेदन भी मिला। 31 अगस्त को मांगी गई थी सफाई हाजिरी रजिस्टर की जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने संबंधित अधिकारी से मंजूरी लिए बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का इस्तेमाल किया था। विभाग के आदेश में आरोप लगाया गया है कि यह काम प्रधान शिक्षक से मिलीभगत करके किया गया। यह मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 31 अगस्त को शिक्षिका से सफाई मांगी थी। विभागीय कार्रवाई शुरू की गई विभाग के मुताबिक, पूजा सिंह ने तय समय तक अपना जवाब दफ्तर में जमा नहीं किया। इसे उच्च अधिकारी के आदेश की बात न मानना माना गया। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), अररिया ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत पूजा सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, फारबिसगंज तय किया गया है। उन्हें नियमों के हिसाब से जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। विभाग की ओर से आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ अलग से दिया जाएगा।
कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए अब जिले के 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी नामित अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपने-अपने मॉडल स्कूल में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इस दौरान वे बच्चों को विषय आधारित शिक्षा देंगे। साथ ही उनके प्रदर्शन का अध्ययन कर उन्हें बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया इसी क्रम में गुरुवार को सरस्वती विद्या निकेतन माहेश्वरी एकेडमी मॉडल स्कूल में कटिहार के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार सिंह ने पढ़ाने की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों के बीच क्लास लेकर पढ़ाया और उनकी रुचि तथा प्रतिभा को समझने की कोशिश की। साथ ही बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राहुल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की भूमिका निभाकर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उन्हें उसी दिशा में बेहतर करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। बच्चों को बेहतर बनाना ही इस पहल का मुख्य मकसद है। वहीं, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले के सभी 20 मॉडल स्कूलों में शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और इस पहल की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कटिहार में शुरू की गई इस पहल की पूरे बिहार में तारीफ हो रही है। राज्य सरकार भी इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों के स्कूलों में नियमित रूप से पहुंचने से बच्चों को न केवल पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव और प्रेरणा से अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करने में भी मदद मिलेगी।
गया में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर जन सुराज की ओर से शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम गया शहर के ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी विद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या स्कूली शिक्षा का लगातार कमजोर होना है। यदि शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा। ‘शिक्षा की बदौलत परिवार में बने आईएएस-आईपीएस’ प्रशांत किशोर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा मजदूरी और बैलगाड़ी चलाने का काम करते थे। परिवार ने मिलकर उनके पिता को पढ़ाया। शिक्षा की बदौलत आज उनके परिवार में बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा की ताकत है और बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता भी शिक्षा ही है। नीतीश कुमार के शासनकाल पर उठाए सवाल नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका सबसे बड़ा अध्याय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया। ‘आपको सबने ठगा, मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए’ शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा- अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं। इसके बावजूद सरकारें उनकी बात क्यों नहीं मानतीं, यह बड़ा सवाल है। प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। प्रशांत किशोर ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा करना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के सुझाव जानना था। शिक्षक समाज की भूमिका सबसे अहम : रवि रंजन दांगी कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के नेता और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य रवि रंजन दांगी ने की। वे गया जिला अध्यक्ष भी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षक समाज की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। दांगी ने कहा कि किसी भी समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को सम्मान के साथ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। साथ ही, उन्हें बेहतर कार्य माहौल भी मिलना चाहिए। शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने रखे सुझाव कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान शिक्षक सम्मान और स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर माहौल जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में अहम पहल शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को जन सुराज की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रबुद्धजनों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। हरिदास सेमिनरी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक समाज के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक संवाद के इस मंच से शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल और आए सुझाव आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकते हैं। गया में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम जन सुराज के शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
'जो लोग क्रांतिकारी...', CM योगी ने सुनाया सपा सरकार के शिक्षामंत्री का वो किस्सा
'पंचायत आजतक' मथुरा के विशेष सत्र 'योगी की चुनावी लीला' में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला. साथ ही CM योगी ने सपा सरकार के शिक्षामंत्री का एक किस्सा भी सुनाया. देखें Video.
'बिस्मिल और बिस्मिल्ला खान...', जब CM योगी ने सुनाया सपा कार्यकाल के शिक्षा मंत्री का किस्सा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार में शिक्षा से लेकर नौकरियों तक व्यवस्था बदहाल थी और नकल करना जन्मसिद्ध अधिकार जैसा माहौल बना दिया गया था. उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल को बिस्मिल्लाह खान बताए जाने का किस्सा सुनाते हुए सपा पर हमला बोला और कहा कि अब यूपी में नीतिगत फैसलों में कोई भेदभाव नहीं होता.
सुप्रीम कोर्ट : राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री, फोटो-वीडियो और रिकॉर्डिंग पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका […] The post माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व्यवस्था के विरुद्ध है तो शिक्षा विभाग को सामूहिक अर्थ दंड भुगतना होगा first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .
भुवनेश्वर, 3 सितंबर . जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने Thursday को कहा कि Government को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को सक्रिय रूप से लागू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को छोटा या अलग-थलग ... Read more
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा
अक्सर कहा जाता है कि सपने देखना तो आसान है, लेकिन उन्हें हकीकत में बदलना उतना ही मुश्किल
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन यूनिवर्सिटी में बांटने के फैसले पर कांग्रेस के सवालों का स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कॉलेजों का दबाव था। इस दबाव के कारण परीक्षा और नतीजे समय पर नहीं आ पाते थे। इससे पिछले दो सालों में यूनिवर्सिटी की बदनामी भी हुई। इसी को देखते हुए सरकार ने टेक्निकल एजुकेशन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश परमार ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा को बेहतर बनाने और स्टूडेंट्स को अच्छी सुविधा देने के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश की इलाके की बनावट के हिसाब से तीन यूनिवर्सिटी के नाम महाकौशल, मध्य भारत और मालवा रखे गए हैं। कांग्रेस ने इसे 'ओछी मानसिकता' बताया था। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है। उन्होंने फिर दोहराया कि आरजीपीवी इतना बड़ा हो गया था कि काम का दबाव बहुत बढ़ गया था। परीक्षा और नतीजों में देरी जैसी समस्याओं के कारण यूनिवर्सिटी की बदनामी हुई, इसलिए इसे तीन भागों में बांटना जरूरी था। नाम हटाना नाम का मुद्दा नहीं राजीव गांधी का नाम हटाने के सवाल पर परमार ने कहा कि यह किसी व्यक्ति के नाम का मुद्दा नहीं है। महाकौशल, मध्य भारत और मालवा मध्य प्रदेश की पुरानी क्षेत्रीय पहचान हैं। सरकार ने इसी बनावट को ध्यान में रखकर नाम तय किए हैं। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विभाग कोर्ट के आदेश की जांच कर रहा है। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। चुनाव सीधे होंगे या परोक्ष, इस पर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।
हरियालो राजस्थान अभियान के तहत भुसावर शिक्षा कार्यालय परिसर में लगाए 51 पेड़
हरियालो राजस्थान के विशेष अभियान के तहत भुसावर में गुरुवार को शिक्षा विभाग के कार्यालय परिसर में 51 पेड़ लगाए गए। सीबीईओ बृजेंद्र सिंह कोली के निर्देशन में सरकारी विद्यालयों में भी वृक्षारोपण किया गया।
खेरोदा के उदय शिक्षा मंदिर में हर्षोल्लास से मना कृष्ण जन्माष्टमी पर्व
स्कूली बच्चों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में दीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, मटकी व बांसुरी सज्जा प्रतियोगिता आयोजित।
रामपुर जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद गांवों में जलभराव और खराब रास्तों की समस्या बनी हुई है। इसका असर अब स्कूलों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। पसियापुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक खराब रास्ते के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में गांव में मौजूद शिक्षामित्र गीता ने स्कूल की कमान संभाली और बच्चों को पढ़ाया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पसियापुर के शिक्षक खराब सड़क और आने-जाने की समस्या के चलते स्कूल नहीं पहुंच पाए थे। शिक्षामित्र गीता ने बुधवार और गुरुवार को स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाया। इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच गई, हालांकि स्कूल में उपस्थिति बहुत कम रही। वहीं, पसियापुर के पास स्थित चांदपुर गांव का प्राथमिक विद्यालय जलभराव के कारण गुरुवार को पूरे दिन बंद रहा। इससे पहले बुधवार को भी स्कूल नहीं खुल सका था। स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते पर पानी भरा होने से शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पाए। 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था गौरतलब है कि मंगलवार-बुधवार की रात रामनगर बैराज, बहराइच से करीब 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रामपुर की कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया और पसियापुर व चांदपुर समेत आसपास के गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। हालांकि अब नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन गांवों के संपर्क मार्गों पर अभी भी जगह-जगह पानी भरा है। खराब और पानी में डूबे रास्तों के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षकों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। शुक्रवार को छुट्टी होने के बाद शनिवार को विद्यालय खुलने हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि तब तक पानी कम हो जाएगा और स्कूल तक जाने वाला रास्ता भी ठीक हो सकेगा। फिलहाल पसियापुर में शिक्षामित्र के स्कूल संभालने से बच्चों की पढ़ाई जारी रही, जबकि चांदपुर में जलभराव के कारण दो दिन से विद्यालय बंद रहा।
कोंडागांव जिले के दो शिक्षकों सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र को इस वर्ष राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए लगातार प्रयासों को देखते हुए उनका चयन किया गया है। 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर रायपुर के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उन्हें सम्मानित करेंगे। पारंपरिक शिक्षा,नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर शिक्षक सूरज नेताम विकासखंड कोंडागांव के जनपद प्राथमिक शाला बुनागांव में पदस्थ हैं। वहीं हीरालाल चुरेंद्र उच्च प्राथमिक शाला डोंगरीपारा, चिपावंड में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों शिक्षक लंबे समय से बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। दोनों ने बच्चों की रुचि और क्षमता को पहचानकर उन्हें रचनात्मक गतिविधियों, शैक्षणिक प्रयोगों और अलग-अलग सीखने के अवसरों से जोड़ा। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित हुई। किताबों से आगे ले गए पढ़ाई दोनों शिक्षकों ने पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाकर बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया। इसका असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी देखने को मिला। उनके प्रयासों से स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले में बढ़ोतरी हुई और परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूल में सकारात्मक माहौल बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने में दोनों शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों और समुदाय को स्कूल से जोड़ा सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र ने स्कूल और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी काम किया। उन्होंने अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें स्कूल की गतिविधियों से जोड़ा। इसके अलावा विभागीय कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करने के साथ वे शिक्षकों के नए शिक्षण समूह से जुड़े रहे और सामाजिक सेवा से संबंधित गतिविधियों में भी योगदान देते रहे। इन प्रयासों के लिए दोनों शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के कामकाज पर असंतोष जताया। उन्होंने 15 सितंबर तक 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया की रुकावटें दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही महाविद्यालयों में कम प्रवेश संख्या, लंबित अदालती मामलों और बजट से जुड़ी अधूरी जानकारियों पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
देश के लाखों युवा आज भी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं।
सवाई माधोपुर: जिला शिक्षा अधिकारी ने किया चौथ का बरवाड़ा के स्कूलों का निरीक्षण
डीईओ श्रीदेवी लाल मीणा ने राजकीय विद्यालयों की व्यवस्थाएं जांचीं, शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण और लाडो योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।
आउटिंग से पार्टीज तक... ऐसे कॉर्पोरेट जॉब छोड़ने का बनाया प्लान
रिया नाम की इस सोशल मीडिया यूजर (@riahassomethingtosay) ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना यह अनुभव शेयर किया, जिस पर काफी चर्चा हो रही है. इस यूजर ने बताया कि कैसे उसने अपनी कई आदतों पर ब्रेक लगाकर 40 हजार रुपये महीने जोड़े और 18 महीने बाद नौ से पांच वाली जॉब छोड़ दी.. जानें पूरी कहानी...
प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव गुरुवार को सुकमा पहुंचे। उन्होंने केरलापाल में पंचायत कैफे का उद्घाटन किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के स्कूलों और आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल तैयार करने और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। बैठक में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से 3 नए पोटा केबिन बनाने की जानकारी भी दी गई। स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में मंत्री ने कहा कि पूरे बस्तर के विकास, खासकर स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार की गई है। भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में जरूरी सुधार किए जाएंगे। जिन जगहों पर स्कूलों की इमारतें मौजूद हैं, उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जहां स्कूल बंद होने की स्थिति बन रही थी, वहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। धीरे-धीरे खुल रहे स्कूल, बदल रहे हालात मंत्री ने कहा कि सुकमा में धीरे-धीरे स्कूल खुल रहे हैं। एक समय लोग सुकमा आने से डरते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और लोगों की आवाजाही भी बढ़ी है। सरकार शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के अटैचमेंट का दिया उदाहरण अटैचमेंट के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पहले कई जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपने मूल विभाग छोड़कर दूसरे विभागों में अटैच थे। अब बिना जरूरत के अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। जरूरत होने पर जिला प्रशासन और कलेक्टर के पत्र के आधार पर ही नियुक्ति की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सरकार सीधे ट्रांसफर भी करेगी। नए पोटा केबिन में करीब 5 करोड़ रुपए होंगे खर्च आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान नए पोटा केबिन बनाने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिले में 3 नए पोटा केबिन बनाए जाने की जानकारी दी। इनकी नई इमारतों के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालयों और स्कूलों की व्यवस्थाओं में चरणबद्ध तरीके से सुधार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सुकमा के स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल सके।
इंडियन ओवरसीज बैंक में 291 पदों पर भर्ती, 15 सितंबर तक करें आवेदन; 1 लाख से ज्यादा सैलरी
सरकारी बैंक में नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन ओवरसीज बैंक में जेनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया...
job news 2026: साइंटिफिक, टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी की तलाश हैं और आप एक अच्छी जॉब करना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की हैं, जी हां राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट के 376 पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस भर्ती के लिए 30 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। पदों के नाम- साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट पदों की संख्या- 376 आयु सीमा- उम्मीदवारों की अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc-cvireland.com
UPSC की तैयारी कैसे करते हैं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के प्रश्न पर IAS अफसरों ने क्या दिया जवाब
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जब मैं उत्सुकतावश अधिकारियों से और UPSC अभ्यर्थियों से पूछता हूं कि यूपीएससी की तैयारी कैसे करते हैं, तो ये लोग बोलते हैं कि एनसीईआरटी बुक से होती है।
3 सितंबर, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में शिक्षा समिति की बैठक हुई। नए एचएम अरविंद चौधरी का स्वागत किया गया। स्कूल में बेहतर माहौल और सुरक्षा के लिए CCTV लगाने का निर्णय लिया गया।
करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी, अब शिक्षा अधूरी रहने का जताया अफसोस
करीना कपूर ने खुलासा किया कि फिल्मों में आने के लिए उन्होंने कक्षा 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अभिनेत्री ने अधूरी शिक्षा का अफसोस जताते हुए अपने बेटों की पढ़ाई पूरी करने पर जोर देने की वजह भी बताई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणा: गांवों में सड़क, रोजगार, शिक्षा और कृषि पर जोर
राजस्थान के गांवों में सड़क, रोजगार, शिक्षा और कृषि विकास को गति मिलेगी। अटल ज्ञान केन्द्रों, प्रगति पथ और सिंचाई कार्यों पर जोर रहेगा।
डीआरडीओ ने आईटीआई पास युवाओं के लिए भर्ती का मौका दिया है। इस भर्ती के लिए 8 और 9 सितंबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख पर जरूरी दस्तावेजों के साथ इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।
कांगड़ा के लंबागांव खंड के लाहड़ गांव निवासी सुभाष चंद को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 मिलेगा। 20 साल की कंप्यूटर शिक्षा सेवा और युवाओं के प्रशिक्षण के लिए चयन।
3 सितंबर, गुरुवार: गोपालगंज में खुद को पुलिसकर्मी बताकर ठेकेदार मनीष रंजन से करीब ₹5 लाख के सोने के गहने ठग लिए गए। नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
JEE Advanced में 2 नहीं 3 मौके देने की मांग, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय को भेजी याचिका
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी के दो इंजीनियरों से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और पैसे वसूलने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार किया है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। भाजपा नेता को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई मामले में दर्ज शिकायत और आरोपों के आधार पर हुई है। चार लोगों ने घेरकर की थी मारपीट पुलिस के मुताबिक, घटना 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। एनटीपीसी इंजीनियर रोहित गौतम और सैय्यद नूरुद्दीन को रेलवे स्टेशन स्थित साइकिल स्टैंड पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां चार लोगों ने दोनों इंजीनियरों के साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने इंजीनियरों से 4 से 5 हजार रुपए नकद भी छीन लिए। इसके बाद उनसे जबरन यूपीआई के जरिए से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। BNS की धाराओं में केस दर्ज इंजीनियरों की शिकायत पर गाडरवारा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 309(6), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीन आरोपियों की तलाश जारी गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि दोनों पीड़ित एनटीपीसी में इंजीनियर हैं। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने नकदी लेने के साथ ही पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
एनसीएल ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तीसरे चरण के तहत 73 पदों पर इंटर्नशिप का मौका दिया है। इन पदों के लिए डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले 18 से 25 वर्ष के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस
करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस
बक्सर में सरकारी स्कूल के 2 टीचर्स पर स्कूल की छात्राओं से छेड़खानी और रेप का आरोप है। इन पर छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने, उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने का भी आरोप है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। मामला डुमरांव के एक सरकारी स्कूल का है। DEO इंद्रजीत कुमार कर्ण ने बताया, विभाग ने शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल के माहौल को खराब करने के आरोपों को सही पाया, जिसके बाद सहायक शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और टीचर अरविंद कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी हो रही है। पुलिस आज इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करेगी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी… वीडियो सामने आने के बाद हंगामा DEO के लेटर की माने तो दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से लड़कियों ये शर्मनाक काम कर रहे थे। आरोपी शिक्षकों ने छात्राओं को हवस का शिकार बनाने के साथ ही उनका अश्लील वीडियो भी बना लिया था। जब ये अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तब घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को हुई। परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। स्कूल में पोस्टेड टीचर वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो से धमकी देने जैसे आरोप थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिकायत पर खुद संज्ञान लिया। जांच के बाद दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने नाबालिग से होटल में किया रेप आरोपों में ये भी है कि एक शिक्षक एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल के कमरे में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ गलत हरकत की। इसके बाद उसका वीडियो बनाया। उसने इस वीडियो सको वायरल भी कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस और विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में काफी आक्रोश है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अलग-अलग आदेश जारी कर किया गया निलंबित 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के BEO के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय से आदेश जारी किए गए। निलंबन के दौरान वrरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर और अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की किया गया है। विभागीय जांच में तय होगी आगे की कार्रवाई शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच कराने की तैयारी में है। जांच के लिए संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग-अलग की जाएगी। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इसमें आरोप साबित होने पर सेवा से बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी संभव है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अब पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पोल में हिस्सा लेकर खबर पर अपनी राय दीजिए… ग्रामीणों की ओर से दिया जाएगा आवेदन कृष्णाब्रह्म के थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से आवेदन तैयार किया जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। वीडियो, ऑडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आपत्तिजनक वीडियो किस तरह बनाया गया और सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा। वीडियो के आधार पर छात्रा की पहचान हुई है। परिजनों और छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के बाबुओं की कारगुजारी, 20 कार्मिकों के कोड ही फर्जी दर्शाए
बीजापुर प्रवास के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पुसनार पोटा केबिन आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक, भोजन, स्वच्छता और बच्चों की सुविधाओं की जानकारी ली।
बालोद की बदहाली: शिक्षा विभाग नींद में, ग्रामीणों ने बना ली स्कूल की छत
भास्कर न्यूज | बालोद डौंडी ब्लॉक के ग्राम कांडे में ग्रामीणों ने एकता की मिसाल पेश की है। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते जब शासकीय प्राथमिक शाला की बदहाल छत बच्चों के लिए खतरा बनने लगी और जिम्मेदारों से गुहार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने तय किया कि अब किसी हादसे का इंतजार नहीं करेंगे। गांव में बैठक हुई और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल की बदहाल छत बदलने का फैसला लिया। इसके बाद हर घर से 600 से 700 रुपए तक चंदा जुटाया गया। करीब 3 लाख रुपए एकत्र होने के बाद छत की ढलाई और भवन की मरम्मत कराई गई। शाला समिति अध्यक्ष सीता राम चुरेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक शाला का भवन बदहाल स्थिति में था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार छत का प्लास्टर भी गिर चुका था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को उसी भवन में बैठाकर पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद ग्रामीण स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का प्लान बनाया गया। मांग करने के बावजूद जब विभाग, प्रशासन, शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने हार मानने की बजाय बच्चों की समस्या दूर करने सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। गांव में बैठक आयोजित कर स्कूल की बदहाल छत को हटाने और नई छत बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। किसी ने 600 रुपए तो किसी ने 700 रुपए दिए। इस तरह ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से करीब 3 लाख रुपए जुटाए गए। इसी राशि से बदहाल छत को हटवाकर नई सीमेंट शीट की छत लगाई गई। साथ ही भवन की अन्य जरूरी मरम्मत भी कराई गई। उद्घाटन हुआ: नई छत बनने व मरम्मत काम पूरा होने के बाद मंगलवार को उद्घाटन किया गया। ग्रामीण रोमन साहू ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे गांव के ही हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की है। जब लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी ने मिलकर जिम्मेदारी उठाई। ग्रामीणों की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर देना था।
प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 625 पदों पर भर्ती की घोषणा के करीब एक साल बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सितंबर शुरू होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती में आ रही रुकावटें तत्काल दूर करने और अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। राज्य शासन ने पिछले साल शासकीय कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इनमें 625 पद सहायक प्राध्यापक और 75 पद ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी के हैं। घोषणा के बाद 2025 में ही वैकेंसी आने की संभावना थी, लेकिन आरक्षण रोस्टर व अन्य कारणों से भर्ती अटक गई। इस साल उच्च शिक्षा विभाग ने सीजीपीएससी को प्रस्ताव भी भेजा, फिर भी अब तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ। मंत्री वर्मा ने बुधवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर भर्ती की स्थिति जानी। उन्होंने 1 जुलाई 2026 की पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी बिंदुवार समीक्षा की। समय-सीमा वाले कार्यों में देरी पर प्रशासनिक ढिलाई दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का औचक निरीक्षण होगा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। समीक्षा बैठक में शासकीय कॉलेजों में स्नातक प्राचार्यों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने यह प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों के मामलों की जांच और उन पर अब तक की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। भास्कर इनसाइट भर्ती प्रस्ताव में इन 9 बिंदुओं पर थी आपत्ति शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल अप्रैल में प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को भेजा था। आयोग ने 9 बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कर प्रस्ताव लौटा दिया। सबसे प्रमुख आपत्ति स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को लेकर थी। यह शर्त यूजीसी रेगुलेशन-2018 के अनुरूप नहीं थी। इसके कारण नेट, सेट और पीएचडी उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी पिछली भर्ती में आवेदन से वंचित रह गए थे। यूजीसी नियमों में संशोधन के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग के भर्ती नियम में यह शर्त बनी हुई थी, जिसे 11 साल पहले जोड़ा गया था। इसके अलावा आरक्षण रोस्टर, दिव्यांगता श्रेणी का विवरण, सह-विषयों की स्पष्टता और आयु सीमा में छूट सहित अन्य बिंदुओं पर भी आपत्तियां थीं। इनके निराकरण के लिए समिति गठित की गई थी। अब आपत्तियों का निराकरण कर संशोधित प्रस्ताव आयोग को भेजने की तैयारी है। इसके बाद भर्ती विज्ञापन जारी होने की संभावना है।
एनडीए की नई टीम की आहट: मंत्रालय फेंटे जाएंगे, शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट; 70 पार वाले निशाने पर?
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'शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं': जनजातीय छात्रों से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी; क्या हैं उनकी मांगें?
Dehradun News: समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन
समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन
Kanpur News: आईआईटी छात्रों को जापान में शिक्षा-शोध के अवसर बताए
आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट्स प्लेसमेंट ऑफिस (एसपीओ) में गुरुवार को ग्लोबल साउथ–जापान टेक टैलेंट इंटर्नशिप (जीएस-जेटीआई) कॅरिअर समिट 2026 के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया।
Lalitpur News: जंगल में बसे गांव में रहकर शिक्षा दे रहे शिक्षक
मड़ावरा। प्रदेश की सीमा पर वनांचल में स्थित ग्राम लखंजर और बारई के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद सफल संचालन कर रहे हैं।
Bhiwani News: नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा
नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा
Kanpur News: शिक्षक दिवस पर अध्यापकों के साथ सम्मानित होंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक
जनपद स्तर पर पांच सितंबर को आयोजित होने वाले शिक्षक सम्मान समारोह में इस बार अध्यापकों के साथ शिक्षण कार्य में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षामित्र व अनुदेशक भी सम्मानित किए जाएंगे।
नासिक में आदिवासी छात्रों से मिले राहुल गांधी, शिक्षा और छात्र कल्याण के मुद्दों पर सुनीं समस्याएं
राहुल गांधी नासिक में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में शामिल होने पहुंचे। इस प्रशिक्षण शिविर में महाराष्ट्र के 78 नव-नियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया गया।
देश के सरकारी विभागों में जब भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो जाती हैं, तो किस स्तर पर घपले-घोटाले और अवैध उगाही का खेल चलता है, इसका एक ताजा और सबसे डरावना उदाहरण हाल ही में सामने आया है। शिक्षा विभाग जैसे पवित्र क्षेत्र में बैठकर नौनिहालों के भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक जिला शिक्षा अधिकारी के काले कारनामों का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो और विजिलेंस विभाग की टीमों ने जब इस भ्रष्ट अधिकारी के ठिकानों पर एक साथ औचक छापेमारी की, तो वहां से जो नजारा देखने को मिला उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। सामान्य सी सैलरी पाने वाले इस अधिकारी के पास अकूत संपत्ति का ऐसा साम्राज्य खड़ा मिला, जिसकी कल्पना आम आदमी तो क्या, बड़े-बड़े उद्योगपति भी आसानी से नहीं कर सकते। कागजों पर साधारण जीवन जीने का दिखावा करने वाला यह बाबू और अधिकारी दरअसल पर्दे के पीछे से करोड़ों के साम्राज्य का मालिक बन बैठा था, जिसके कारनामों की गूंज अब पूरे प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही है।छापेमारी के दौरान खुला राज, घर से मिले 8 लाख नगद और आधा किलो सोनाविजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की टीमों द्वारा की गई इस लंबी और मैराथन छापेमारी के दौरान अधिकारी के आवास और ठिकानों से जो शुरुआती बरामदगी हुई, वह अपने आप में हैरान करने वाली थी। घर के कोने-कोने की तलाशी लेने पर अधिकारियों को बक्से और तिजोरियों से करीब आठ लाख रुपये की भारी-भरकम नगद राशि बरामद हुई। इसके साथ ही, जब लॉकरों और अलमारियों को खंगाला गया, तो वहां सोने के जेवरात और बिस्कुटों का ऐसा जखीरा मिला जिसका कुल वजन आधा किलो यानी पांच सौ ग्राम से भी अधिक आंका गया। इतनी बड़ी मात्रा में कैश और सोने की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि यह सब अवैध रूप से जमा की गई काली कमाई का हिस्सा है। अधिकारी और उनके परिजन इस अकूत संपत्ति के संबंध में कोई भी संतोषजनक दस्तावेज या आय का वैध स्रोत मौके पर पेश करने में पूरी तरह असमर्थ रहे, जिससे साफ हो गया कि यह सारा धन पूरी तरह से घूसखोरी और भ्रष्टाचार की काली कमाई से जुटाया गया है।40 से अधिक संपत्तियां और मकान, कागजों पर फैला रखा था बेनामी प्रॉपर्टी का जालनगद और सोने के अलावा जब जांच अधिकारियों ने इस भ्रष्ट अधिकारी के नाम दर्ज और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों की फाइलें खंगालनी शुरू कीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शुरुआती और दस्तावेजों की पड़ताल में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि इस जिला शिक्षा अधिकारी ने अकेले अपने और अपने परिवार के नाम पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कुल 40 से अधिक बेशकीमती संपत्तियां और मकान खरीद रखे हैं। कहीं बड़े-बड़े कमर्शियल प्लॉट हैं, तो कहीं आलीशान बहुमंजिला मकान और फ्लैट्स का एक पूरा जाल बिछा हुआ है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए जिन पैसों का इस्तेमाल किया गया था, वे सभी सरकारी नौकरी के वेतन से कोसों दूर थे। अधिकारी ने अपनी काले धन की कमाई को छिपाने के लिए अलग-अलग रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर फर्जी बेनामी संपत्तियां बना रखी थीं, ताकि किसी को कानोकान खबर न हो सके कि शिक्षा विभाग में बैठकर किस पैमाने पर सरकारी धन और घूस का खेल खेला जा रहा है।आय से 88 गुना अधिक संपत्ति का रिकॉर्ड तोड़ मामला, जानकर सन्न रह गए जांच अधिकारीमामले की गंभीरता को देखते हुए जब विजिलेंस विभाग ने इस अधिकारी की पूरी वैध आय और उसकी कुल संपत्ति का गणितीय आकलन (Asset vs Income Calculation) किया, तो जो आंकड़ा सामने आया उसने भ्रष्टाचार के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जांच में यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया कि इस जिला शिक्षा अधिकारी के पास उसकी ज्ञात और वैध आय से लगभग 88 गुना अधिक अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) मौजूद है। किसी भी सरकारी सेवक के लिए अपनी नौकरी के पूरे कार्यकाल में मिलने वाले कुल वेतन और भत्तों की तुलना में 88 गुना अधिक संपत्ति जमा कर लेना यह बताता है कि उसने अपनी कुर्सी का इस्तेमाल जनता के कल्याण और शिक्षा के विकास के लिए नहीं, बल्कि अपनी तिजोरी भरने के लिए पूरी बेशर्मी से किया है। इस खुलासे के बाद से विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है और यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने लंबे समय तक इस अधिकारी के काले कारनामों पर पर्दा कैसे पड़ा रहा और इसके संरक्षण में कौन-कौन लोग शामिल थे।कानूनी शिकंजा और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक मोर्चे पर उठ रहे सख्त कदमइस बड़े खुलासे के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अकूत संपत्ति के साम्राज्य में और कौन-कौन से रिश्तेदार, बिचौलिए या विभाग के अन्य भ्रष्ट कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी मदद से यह अवैध नेटवर्क चलाया जा रहा था। कोर्ट के आदेश पर तमाम संपत्तियों के कागजों को जब्त कर लिया गया है और बैंक खातों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया है कि कानून के हाथ भले ही लंबे हों, लेकिन भ्रष्टाचारियों के लिए अब बच निकलना नामुमकिन होता जा रहा है। आम जनता और ईमानदार नागरिकों का मानना है कि ऐसे दागी अधिकारियों को केवल निलंबित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी पूरी अवैध संपत्ति को जब्त कर उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी शिक्षा के मंदिर को इस तरह कलंकित करने की हिम्मत न जुटा सके।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने और क्लासरूम की तस्वीर बदलने के लिए राज्य सरकार लगातार नए और क्रांतिकारी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आगामी पांच सितंबर यानी शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और मील का पत्थर साबित होने वाला समझौता होने जा रहा है। तकनीक की दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग मिलकर एक ऐसी पहल की शुरुआत करने जा रहे हैं जो प्रदेश के लाखों शिक्षकों और विद्यार्थियों का भविष्य पूरी तरह से बदल कर रख देगी। इस विशेष अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में एक आधिकारिक एमओयू यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण पद्धतियों से लैस करना है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के बच्चे आधुनिक युग की शिक्षा प्रणाली का पूरा लाभ उठा सकें।डिजिटल साक्षरता और आधुनिक क्लासरूम की जरूरत को पूरा करेगा गूगल का यह विशेष अभियानआज का दौर पूरी तरह से डिजिटल और तकनीकी नवाचारों का दौर बन चुका है, जहां ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ-साथ स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल माध्यमों की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने यह महसूस किया कि जब तक राज्य का शिक्षक तकनीकी रूप से पूरी तरह मजबूत और सक्षम नहीं होगा, तब तक बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार सही मायने में नहीं पहुंच पाएगा। गूगल के साथ होने वाले इस एमओयू के जरिए शिक्षकों को गूगल के एडवांस एजुकेशनल टूल्स, जैसे कि गूगल क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग रिसोर्सेज और ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से शिक्षक न केवल अपनी पठन-पाठन की शैली को अधिक रोचक बना सकेंगे, बल्कि छात्रों की पंसद और उनकी सीखने की गति के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को भी कस्टमाइज करने में पूरी तरह माहिर हो जाएंगे। यह पहल डिजिटल डिवाइड को पाटने और सुदूर ग्रामीण अंचलों के बच्चों तक विश्वस्तरीय शिक्षण सामग्री पहुंचाने में एक बड़ा संबल बनेगी।शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम राज्य के शिक्षकों के लिए होगा वरदानबिहार के शिक्षा मंत्री लगातार इस बात पर जोर देते आए हैं कि राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए शिक्षकों का निरंतर कौशल विकास होना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए इस एमओयू को मूर्त रूप दिया गया है। पांच सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और शिक्षा जगत से जुड़े दिग्गज लोग भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। सरकार का यह प्रयास है कि शिक्षकों को पारंपरिक प्रशिक्षण के दायरे से बाहर निकालकर वैश्विक स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता से जोड़ा जाए। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत शिक्षकों को बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के डिजिटल टूल्स का उपयोग करने के गुर सिखाए जाएंगे, जिससे वे अपने रोजमर्रा के पाठों को विजुअल और इंटरैक्टिव बना सकें। इससे क्लासरूम में बच्चों की उपस्थिति और उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि में भारी इजाफा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।कैसे बदलेगी बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर और छात्रों को मिलेगा इसका क्या फायदाजब एक शिक्षक तकनीकी रूप से दक्ष हो जाता है, तो उसका सीधा असर उसके पढ़ाने के तरीके और छात्रों के सीखने के परिणामों पर दिखाई देता है। इस एमओयू के धरातल पर उतरने के बाद बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करोड़ों छात्र भी अप्रत्यक्ष रूप से सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। बच्चों को जटिल से जटिल विषयों को समझने के लिए एनिमेशन, डिजिटल ग्राफिक्स और इंटरैक्टिव वीडियो का सहारा मिलेगा, जिससे रटने की प्रवृत्ति कम होगी और कॉन्सेप्ट्स ज्यादा स्पष्ट होंगे। इसके साथ ही, शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी जहाँ उन्हें ऑनलाइन मूल्यांकन तकनीक और डेटा-ड्रिवन टीचिंग के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कदम न केवल शिक्षकों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार के स्कूली शिक्षा ढांचे की एक नई और आधुनिक छवि को भी स्थापित करेगा।उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम, शिक्षा दिवस पर राज्य को मिलने जा रहा है अनमोल उपहारशिक्षक दिवस के मौके पर होने जा रहा यह समझौता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है और वह अपने शिक्षकों तथा छात्रों को सर्वोत्तम संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस ऐतिहासिक पहल से यह साबित होता है कि सुदूर गांवों में पढ़ने वाला एक सामान्य छात्र भी अब दुनिया की आधुनिकतम तकनीकों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। एमओयू साइन होने के तुरंत बाद से ही इसके क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का विशाल अभियान चलाया जाएगा। बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से यह न केवल एक तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह एक नए और सशक्त युग का सूत्रपात है, जो आने वाले समय में राज्य के नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।
जबलपुर बनेगा तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र, छह विश्वविद्यालयों से जुड़ेगा चार संभागों का भविष्य
अब तकनीकी पढ़ाई के लिए महाकोशल-विध्य और बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को भोपाल के चक्कर नहीं काटने होंगे। प्रवेश, परीक्षा से लेकर शोध के सारे कार्य जबलपुर में भी होंगे। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और दूर-दूर से विद्यार्थी अध्ययन करने के लिए पहुंचेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ेंगा।
मोगा में युवाओं और कारीगरों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला रोजगार, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग ने हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, होशियारपुर के सहयोग से गांव घोलिया कलां में एक महीने की डिजाइन डेवलपमेंट वर्कशॉप शुरू की है। इसमें 30 महिला प्रशिक्षार्थियों को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए देश के 100 जिलों में ‘चौपाल प्रोग्राम’ चलाया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय कारीगरों की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। मोगा में भी कई गांवों में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर कारीगरों के आर्टिसन कार्ड बनाए गए हैं। DC बोलें- वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को हुनरमंद बनाना घोलिया कलां में शुरू हुई वर्कशॉप में महिलाओं को नए डिजाइन तैयार करने, उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाने, सोशल मीडिया मार्केटिंग तथा तैयार सामान को बाजार तक पहुंचाने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण मशहूर डिजाइनर आशीष श्रीवास्तव देंगे। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाना और उनके लिए स्वरोजगार व आय के नए अवसर पैदा करना है। इस मौके पर जिला रोजगार कार्यालय के करियर काउंसलर बलराज सिंह, हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर के केशव, सरपंच एकमप्रीत सिंह, सुकृति मलिक और राउंड ग्लास फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दरभंगा में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने वाले प्रशांत को मिलेगा राजकीय पुरस्कार
शिक्षक कुमार प्रशांत को बच्चों को प्रयोग और डिजिटल तकनीक से पढ़ाने के लिए राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 मिलेगा। उन्होंने दरभंगा में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा दिया, जिससे छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाई।
शिवपुरी जिले के नरवर ब्लॉक के टोरियाखुर्द गांव के सरकारी स्कूल की पुरानी किताबें कबाड़ में भेजे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने स्कूल के शिक्षक हरनाथ मौर्य को टैक्सी में किताबें भरकर ले जाते हुए रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 5 क्विंटल किताबें कबाड़ में बेचने के लिए ले जाई जा रही थीं। वहीं टीचर का कहना है कि किताबें विभाग की मंजूरी के बाद कबाड़ी को दी जा रही थीं। लोगों ने बताया कि स्कूल से करीब 5 क्विंटल पुरानी किताबें टैक्सी में भरकर ले जाई जा रही थीं। जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर टैक्सी रोक ली। ये सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाने वाली किताबें थीं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किताबों को हटाने और कबाड़ में देने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई थी या नहीं। शिक्षक बोले- जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा था प्रस्ताव शिक्षक हरनाथ मौर्य ने बताया कि पुरानी किताबों को हटाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव को प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव मंजूर होने के बाद ही कबाड़ी को बुलाकर पुरानी किताबें दी जा रही थीं। ग्रामीणों के विरोध के बाद किताबों को वापस स्कूल में रखवा दिया गया। DPC बोले- मंजूरी मिली होती तो जानकारी होती इस मामले में डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने कहा कि माध्यमिक विद्यालय की पुरानी किताबों को इस तरह हटाने या बेचने की कोई मंजूरी मिली होती तो उन्हें इसकी जानकारी होती। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। डीपीसी ने बताया कि गुरुवार को बीआरसी को विद्यालय भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी और जांच प्रतिवेदन तैयार कराया जाएगा। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार जिले में डिजिटल हाजिरी व्यवस्था में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच में 21 ऐसे शिक्षकों की पहचान हुई है, जिन्होंने अपने स्कूल में मौजूद नहीं रहने के बावजूद दूसरे जिले या दूसरे राज्य में रहते हुए डिजिटल तरीके से हाजिरी दर्ज की। मामले में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही है। बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ और डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शिक्षकों को स्कूल परिसर में मौजूद रहकर ही ई-शिक्षा कोश पोर्टल के माध्यम से अपनी डिजिटल हाजिरी दर्ज करनी होती है। पिछले महीने के आंकड़ों की जांच में सामने आई गड़बड़ी कटिहार में ई-शिक्षा कोश पोर्टल के पिछले महीने के आंकड़ों की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि कुछ शिक्षक अपने निर्धारित स्कूल में मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद उनकी डिजिटल हाजिरी दर्ज थी। जांच में ऐसे शिक्षक भी मिले, जो हाजिरी के समय दूसरे जिले और यहां तक कि दूसरे राज्य में मौजूद थे। 21 स्कूलों के 21 शिक्षक चिन्हित जांच के बाद जिले के करीब 21 स्कूलों के 21 शिक्षकों को चिन्हित किया गया है। विभाग की ओर से सभी संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- जवाब सही नहीं मिला तो होगी कार्रवाई जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि संबंधित शिक्षकों से मांगे गए जवाब की जांच की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल निगरानी के बावजूद फर्जी हाजिरी पर सवाल सरकार और शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए डिजिटल निगरानी समेत कई कदम उठा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल व्यवस्था का ही गलत इस्तेमाल कर हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला इन प्रयासों पर सवाल खड़े करता है। अब विभाग की जांच और संबंधित शिक्षकों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है।
एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने क्लास 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” करीना ने माना कि लोग उनके पढ़ाई छोड़ने के फैसले पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन वह एक्ट्रेस के तौर पर खुद को साबित करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वह अपने दिल की सुनकर आगे बढ़ना चाहती थीं। करीना ने साफ कहा कि शिक्षा पूरी न करना आज भी उनके लिए पछतावे की बात है। उन्होंने कहा, “एजुकेशन ऐसी चीज है, जिसे पूरा न करने का मुझे अफसोस है।” बच्चों को पहले पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी करीना ने बताया कि उनके अपने अनुभव का असर इस बात पर भी पड़ा है कि वह अपने बेटों की परवरिश किस तरह करती हैं। वह चाहती हैं कि तैमूर और जेह अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन उससे पहले अपनी शिक्षा पूरी करें। उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने अपने बेटों पर पहले अपनी शिक्षा पूरी करने और फिर अपने दिल की सुनने के लिए जोर दिया है।” बता दें कि करीना कपूर की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल और देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से हुई थी इसके बाद उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई की। हालांकि, उन्होंने कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं की। करीना ने हार्वर्ड समर स्कूल से माइक्रो कंप्यूटर का तीन महीने का कोर्स भी किया था। इसके बाद उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन एक्टिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। करीना शिक्षा के लिए काम करती हैं करीना ने बताया कि भारत में युवा लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए UNICEF से जुड़ने की एक वजह उनका अपना अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह अफसोस रहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की थी। करीना 2014 से UNICEF इंडिया से जुड़ी हुई हैं और लड़कियों की शिक्षा, जेंडर इक्वालिटी और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए काम कर रही हैं। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. करीना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:फूले पेट की तस्वीर शेयर की, पैपराजी से बोलीं- ‘तुम लोग पागल कर देते हो’ करीना कपूर खान ने हाल ह में अपनी प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था। करीना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मेकअप आर्टिस्ट मितेश राजानी की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो अपना फूला हुआ पेट दिखा रहे हैं। पोस्ट के बैकग्राउंड में फिल्म ‘हम आपके हैं कौन..!’ का गाना ‘चॉकलेट लाइम जूस’ चल रहा था और इसके साथ हंसने वाले और पिज्जा वाले इमोजी लगाए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Lucknow, 2 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश Government ने बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार देने की दिशा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को नई ताकत देने का बड़ा कदम उठाया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 101.49 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर इन ... Read more
कैंसर पीड़ित शिक्षकों को नहीं मिला तबादला, उत्तराखंड में शिक्षा विभाग पर सवाल
शिक्षा विभाग के पारदर्शिता के दावों के बावजूद, उत्तराखंड में कैंसर पीड़ित शिक्षकों और उनके परिजनों को तबादला नहीं मिल पा रहा है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ड्राइवर समेत 56 पदों पर भर्ती का अवसर, 18 सितंबर तक करें आवेदन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है।
कृत्रिम मेधा के युग में उच्च शिक्षा में समयानुकूल परिवर्तन की आवश्यकता
कृत्रिममेधाकेयुगमेंउच्चशिक्षामेंसमयानुकूलपरिवर्तन The post कृत्रिममेधाकेयुगमेंउच्चशिक्षामेंसमयानुकूलपरिवर्तनकीआवश्यकता appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
pc: jagran उत्तराखंड में सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए ज़रूरी खबर है। उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने ग्रुप C के अलग-अलग पोस्ट पर भर्ती के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, कुल 553 वैकेंसी के लिए एप्लीकेशन 8 सितंबर, 2026 से शुरू होंगे। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स 7 अक्टूबर, 2026 तक अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें एप्लीकेशन शुरू: 8 सितंबर, 2026 अप्लाई करने की आखिरी तारीख: 7 अक्टूबर, 2026 एप्लीकेशन करेक्शन विंडो: 2 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 उम्र सीमा कैंडिडेट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। एप्लीकेंट्स की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 42 साल है। रिज़र्व कैटेगरी के कैंडिडेट्स को लागू नियमों के मुताबिक ऊपरी उम्र सीमा में छूट मिलेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन ग्रुप C के अलग-अलग पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से क्लास 12 पास की हो। बेसिक एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा, एप्लिकेंट्स को संबंधित पोस्ट के लिए तय खास एलिजिबिलिटी की शर्तों को भी पूरा करना होगा। एग्जाम पैटर्न रिक्रूटमेंट प्रोसेस में एक रिटन एग्जाम होगा जिसमें संबंधित पोस्ट से जुड़े मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। एग्जाम कुल 100 मार्क्स का होगा और कैंडिडेट्स को इसे पूरा करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा। रिटन एग्जाम के लिए क्वालिफाई करने के लिए, अनरिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को कम से कम 45 परसेंट मार्क्स लाने होंगे, जबकि रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को कम से कम 35 परसेंट मार्क्स लाने होंगे।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद जगी है, जहां चयन परीक्षा-2025 के परिणाम के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों के पद पर 438 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई है।
इच्छुक उम्मीदवार अब 21 अक्टूबर तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक से भेजना होगा।
IAS की नौकरी छोड़ी, यूट्यूब से शुरूआत, अब बिक गई Unacademy
कभी यूट्यूब चैनल के जरिए पढ़ाने और सीखने का सफर शुरू करने वाली अनएकेडमी अब एक बड़ी डील का हिस्सा बन चुकी है. अपग्रेड ने Unacademy को करीब 200 मिलियन डॉलर में खरीद लिया है. दिलचस्प बात यह है कि जिस प्लेटफॉर्म ने एडटेक की दुनिया में अपनी पहचान बनाई, उसकी शुरुआत किसी बड़े ऑफिस या भारी निवेश से नहीं बल्कि एक यूट्यूब चैनल से हुई थी.
जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जेकेएसएसबी ने एमटीएस भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत कक्षा IV के 2,863 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
यूपीएससी सीडीएस-II परीक्षा में अब दो हफ्ते से भी कम समय बचा है। ऐसे में उम्मीदवारों को नया पढ़ने के बजाय अब तक पढ़े हुए टॉपिक्स का रिवीजन और मॉक टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए।

