पीएम श्री विद्यालय बनें गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के आदर्श केंद्र : वी श्रीनिवास
मुख्य सचिव. वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधानों के साथ राज्य स्तरीय वेबिनार-2 का आयोजन हुआ...
वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल, वलसाड ने 107 साल की विरासत के साथ शिक्षा में रचा नया मुकाम
वलसाड का वेस्टर्न रेलवे सेकेंडरी स्कूल 107 साल की विरासत के साथ आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 100% बोर्ड परिणाम, तकनीकी सुविधाओं और नए उच्च माध्यमिक भवन से विद्यालय का विस्तार जारी है।
लखनऊ में आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ को पत्र भेजकर समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन के महामंत्री उमेश कुमार पांडे ने कहा कि कई महीनों से शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर समस्या बनी हुई है। परियोजना कार्यालय से मानदेय मिलने के बाद भी समय पर शिक्षामित्रों के खातों में राशि नहीं पहुंचती। संगठन ने मांग की कि परियोजना कार्यालय से मानदेय प्राप्त होने के 3 से 5 दिन के भीतर शिक्षामित्रों के खातों में भुगतान किया जाए। संगठन के अनुसार, जिले में हर महीने 2 से 5 शिक्षामित्रों का मानदेय जिले से लगने के कारण छूट जाता है। इसकी जांच कर समस्या का निस्तारण कराने की मांग की गई। पत्र में एफएलएन प्रशिक्षण-2025 की राशि का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण की राशि नहीं मिली है। पूरे वर्ष संगठन की ओर से कार्यालय को इसकी जानकारी दी जाती रही है। शेष भुगतान की मांग संगठन ने शेष राशि का भुगतान कराने की मांग की। संगठन ने अधिकारियों से सभी समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान कराने की अपील की। इससे शिक्षामित्र मानसिक रूप से स्वतंत्र होकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
भारत में स्नातकों की बेरोजगारी: शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई
भारत में हर साल लाखों युवा स्नातक होते हैं, लेकिन उनमें से केवल 8.25 प्रतिशत ही अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी प्राप्त कर पाते हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई, पाठ्यक्रमों की असंगति, और व्यावहारिक कौशल की कमी जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं का झुकाव बढ़ रहा है। शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है ताकि छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
बिहार सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बावजूद 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है। इन छात्रों की मांग है कि TRE-4 में एक परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग हटाई जाए। आज भी छात्रों की ओर से आंदोलन की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम से की। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की है। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री से इस मामले में बातचीत करेंगे। राज्यपाल ने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आंदोलनकारी छात्रों की मांग पर कहा कि कुछ लोग तो परीक्षा ही नहीं होने की समर्थन में हैं। वह जितने मांग कर रहे हैं, सभी को पूरा करना संभव नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग ने मिलकर यह नियम बनाया है। उन्होंने कहा, 'हमें अच्छे प्रतिभा वाले शिक्षक चाहिए। यह निर्णय शिक्षा विभाग का नहीं है। हमारा काम वैकेंसी जारी करना था, वह हमने कर दिया। अगर दो परीक्षा है तो उसका कई छात्र स्वागत भी कर रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सरकार कोई भी बदलाव TRE-5 से करे छात्र PT और Mains परीक्षा नहीं देना चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे। इसके अलावा TRE-4 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करे। इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इसमें TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें की गई हैं। स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखे पत्र में कहा है- TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी काफी हताश, परेशान और निराश हैं। हमारी मांगें पूरी की जाएं। सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप के साथ सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर ही रह रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि जैसे ही हम लोगों ने प्रदर्शन की शुरुआत की तो TRE 4 का विज्ञापन निकल गया। इस विज्ञापन को लेकर मैं जेल भी गया, मेरे साथ वहां मारपीट की गई। लेकिन दो परीक्षा की बात कही गई है। जबकि TRE 1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। छात्रों का कहना है जो भी एक्सपेरिमेंट करना है वो TRE-5 से कीजिए। PT और MAINS के नाम पर इसको 4 साल लटका दिया जायेगा। TRE-5 में जो भी बदलाव करना है, इसका नोटिस अभी जारी करिए, ताकि अभ्यर्थी उस तरह से उसकी तैयारी करें। BSSC की ओर से एग्जाम का डेट जल्द जारी होना चाहिए। BSSC को लेकर छात्रों की मांग यूनियन ने BSSC से संविदा वेटेज हटाने और परीक्षा तारीख घोषित करने, LET और BET कराने, AEDO परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग की है। साथ ही BPSC सिविल सेवा में हिंदी भाषियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई है। रौशन आनंद सर ने छात्रों को दिया समर्थन छात्र आंदोलन को लेकर शिक्षक रौशन आनंद सर ने अपने छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र नेता आपसी मतभेद खत्म कर एक मंच पर आएं, तभी आंदोलन प्रभावी होगा। अपने क्लास के दौरान रौशन आनंद सर ने कहा, ‘छात्रों को पूरा दिन आंदोलन में रहने की जरूरत नहीं है। अगर हर दिन सिर्फ दो-चार घंटे भी आंदोलन स्थल पर जाकर अपनी भागीदारी निभाएंगे तो इससे छात्रों की मांगों को मजबूती मिलेगी।’ छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा, सभी एकजुट हों- रौशन आनंद उन्होंने कहा, ‘छात्र आंदोलन कई गुटों में बंटा है। एक तरफ छात्र नेता दिलीप कुमार हैं तो दूसरी तरफ छात्र नेता सौरभ कुमार और अमन जैसे लोग हैं। सभी एकजुट होंगे, तभी बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकजुट होंगे।’ रौशन आनंद सर ने कहा, ‘पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र मानसिक दबाव में हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है।' छात्रों की मांगो को लेकर पप्पू यादव राज्यपाल से मिले छात्रों की मांग को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से लोक भवन में मुलाकात की। उनके साथ कुछ अभ्यर्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग का समर्थन किया। TRE-4 से PT-MAINS हटाने की मांग छात्रों की सबसे बड़ी मांग TRE-4 में सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए। छात्रों का कहना है कि TRE-4 पहले ही काफी देर से हो रही है, ऐसे में इसमें PT और MAINS जैसी दो स्टेप पर परीक्षा कराना करना उचित नहीं होगा। सरकार कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्र नेताओं का आरोप है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर PT और MAINS की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन इससे पहले भी PT, MAINS और इंटरव्यू वाली परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 66वीं, 67वीं और 70वीं में भी पेपर लीक हुआ' आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि BPSC की 66वीं, 67वीं और 70वीं जैसी परीक्षाओं में PT और Mains की व्यवस्था होने के बावजूद पेपर लीक के मामले सामने आए। ऐसे में सिर्फ परीक्षा के चरण बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा होनी चाहिए और नए प्रयोग TRE-5 से किए जाएं। 32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती TRE-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ----------------------- ये भी पढ़ें बिहार में छात्र आंदोलन-17 दिन से अनशन, 10KG वजन घटा:प्रोफेसर कुमुद बोले- सरकार तानाशाह, कुछ नहीं सुनती; जानिए प्रदर्शनकारियों की मांगें ‘मैं रहूं या न रहूं बिहार की शिक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए, उच्च शिक्षा रहनी चाहिए। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रोफेसर्स की लड़ाई है। 17 दिनों से बिना अन्न ग्रहण किए आमरण अनशन पर बैठे हैं। वजन करीब 10 किलो कम हो गया है। BP भी लो है और डॉक्टरों ने बिगड़ती हालत को देखते हुए कहा है कि कभी भी अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है। सरकार तानाशाही की तरफ बढ़ रही है। 17 दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन उनकी तरफ से कोई सुध नहीं ली गई।’ पूरी खबर पढ़ें
बड़ी खबर: रीवैल्यूएशन मामले में SC पहुंचे CBSE के 1.68 लाख छात्र
CBSE बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन और पोर्टल की समयसीमा को लेकर उठे विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. लगभग 1.68 लाख छात्रों की शिकायतों और तकनीकी गड़बड़ियों के बीच अदालत ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद मंगलवार को इस पर फैसला आ सकता है.
jaipur, 21 अगस्त . Rajasthan के jaipur में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के स्कूलों का दौरा करने का विरोध किया गया. बगरू इलाके में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में सीजेपी के कार्यकर्ता जैसे ही पहुंचे गांव के लोगों ने कार्यकर्ताओं का विरोध किया और भगा दिया. आरोप है इस दौरान ग्रामीणों ने ... Read more
PC: jagran महिला एवं बाल विकास विभाग ने झांसी, उत्तर प्रदेश में 223 आंगनवाड़ी वर्कर पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। जो महिलाएं झांसी में आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर काम करने में दिलचस्पी रखती हैं, वे 7 सितंबर, 2026 तक ऑफिशियल वेबसाइट upanganwadibharti.in के ज़रिए ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा कर सकती हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लें। कौन अप्लाई कर सकता है? जो महिला उम्मीदवार तय योग्यता शर्तों को पूरा करती हैं, वे आंगनवाड़ी वर्कर पदों के लिए अप्लाई कर सकती हैं। मुख्य योग्यता शर्तें हैं: आवेदकों के पास क्लास 12 या पद के लिए मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। कम से कम उम्र 18 साल है, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 35 साल है। उम्मीदवारों की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। आवेदक जिस पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उस वार्ड या ग्राम सभा के स्थायी निवासी होने चाहिए। सिलेक्शन क्लास 12 में मिले मार्क्स के हिसाब से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा। घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें आंगनवाड़ी वर्कर पोस्ट के लिए एप्लीकेशन सिर्फ़ ऑनलाइन मोड से ही लिए जाएँगे। कैंडिडेट इन स्टेप्स को फ़ॉलो करके घर बैठे रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: ऑफिशियल वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएँ। होमपेज पर, आंगनवाड़ी वर्कर (AWW) सेक्शन ढूँढें और चुनें। आंगनवाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। सभी ज़रूरी पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी डिटेल्स ध्यान से डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की हुई कॉपी बताए गए फ़ॉर्मेट में अपलोड करें। एप्लीकेशन फ़ॉर्म सबमिट करने से पहले उसे अच्छी तरह से देख लें। फ़ॉर्म सक्सेसफुली सबमिट करने के बाद, आगे के लिए एप्लीकेशन की एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। कैंडिडेट यह पक्का कर लें कि एप्लीकेशन फ़ॉर्म में दी गई सभी जानकारी सही है और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स सही तरीके से अपलोड किए गए हैं। यह भी सलाह दी जाती है कि आखिरी तारीख तक इंतज़ार करने के बजाय, 7 सितंबर, 2026 से पहले एप्लीकेशन पूरी कर लें।
job news 2026: राजस्थान में निकली इस भर्ती के लिए आवेदन करने के बचे हैं 4 दिन
इंटरनेट डेस्क। नौकरी की तलाश हैं और वो भी राजस्थान में तो राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओर से जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, कॉमर्शियल असिस्टेंट के रिक्त पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आप भी इस जॉब के लिए आवेदन कर सकते है। कुल 2005 रिक्त पदों की इस भर्ती के लिए तय तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पदों के नाम- जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, कॉमर्शियल असिस्टेंट पदों की संख्या- 2005 आयु सीमा- आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें आवेदन करने की आखिरी तारीख- 25 अगस्त 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट energy.rajasthan.gov.in देख सकते है। pc- hr.economictimes
NTPC recruitment 2026: 135 डिप्टी मैनेजर पदों पर आवेदन का सुनहरा मौका, 26 अगस्त तक करें अप्लाई
PC: UxDT नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन ने 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 26 अगस्त है। भर्ती का विज्ञापन एडवरटाइजमेंट नंबर 10/26 के तहत दिया गया है, इच्छुक और योग्य उम्मीदवार डेडलाइन खत्म होने से पहले पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। भर्ती को इलेक्ट्रिकल में 40 पोस्ट, मैकेनिकल में 55 पोस्ट, और C&I में 40 पोस्ट में बांटा गया है, यानी कुल 135 डिप्टी मैनेजर पोस्ट। ज़रूरी तारीखें: ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12 अगस्त ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 26 अगस्त रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट और इंटरव्यू की तारीखें: अभी बताई नहीं गई हैं। वैकेंसी : कुल: 135 पोस्ट इलेक्ट्रिकल: 40 मैकेनिकल: 55 C&I: 40 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (मैकेनिकल): 55 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल/प्रोडक्शन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल का अनुभव। डिप्टी मैनेजर (C&I): 40 पोस्ट कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स/कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन/इंस्ट्रूमेंटेशन में 60 परसेंट मार्क्स के साथ B.E./B.Tech डिग्री होनी चाहिए। क्वालिफिकेशन के बाद एग्जीक्यूटिव एक्सपीरियंस (ट्रेनिंग पीरियड सहित): कोल, गैस, लिग्नाइट जैसे पावर सेक्टर में 10 साल। एज लिमिट में छूट: SC/ST/OBC-NCL/PwBD: 40 साल क्वालिफिकेशन: पासिंग मार्क्स एक्सपीरियंस: 2 साल की छूट। पे स्केल: इलेक्ट्रिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने मैकेनिकल: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने C&I: Rs 70,000 – Rs 2,00,000 हर महीने एप्लीकेशन फीस: जनरल/EWS/OBC: Rs. 500 (नॉन-रिफंडेबल) SC/ST/PwBD/एक्स-सर्विसमैन/महिला: कोई फीस नहीं मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन सिलेक्शन प्रोसेस: एप्लीकेशन शॉर्टलिस्टिंग/स्क्रीनिंग (क्वालिफिकेशन, मार्क्स का परसेंटेज, क्वालिफिकेशन के बाद कितने साल का एक्सपीरियंस, वगैरह के आधार पर) रिटर्न/कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट पर्सनल इंटरव्यू या ऊपर दिए गए ऑप्शन का कॉम्बिनेशन अप्लाई कैसे करें: careers.ntpc.co.in पर लॉग ऑन करें, या www.ntpc.co.in पर करियर सेक्शन पर जाएं। एक वैलिड, एक्टिव ईमेल ID से रजिस्टर करें (NTPC कैंडिडेट्स को भेजे गए बाउंस हुए ईमेल के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा)। जिस डिसिप्लिन के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उसके लिए सही पर्सनल, एजुकेशनल और एक्सपीरियंस डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें। ऊपर दिए गए डॉक्यूमेंट्स रिक्वायर्ड सेक्शन में लिस्टेड सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू होने वाली एप्लीकेशन फीस (सिर्फ़ जनरल/EWS/OBC कैंडिडेट्स के लिए) SBI पे-इन-स्लिप प्रोसेस से ऑफलाइन, या नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पे करें। ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद, सिस्टम से मिली एप्लीकेशन स्लिप डाउनलोड करें, जिस पर एक यूनिक एप्लीकेशन नंबर हो, और भविष्य के लिए एक कॉपी अपने पास रख लें। कोई भी डॉक्यूमेंट पोस्ट से भेजने की ज़रूरत नहीं है।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों के लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में प्रवेश करने की घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने दो घंटे पेन डाउन रखा। इस दौरान शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों ने काम नहीं किया। दो घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। इधर, राज्य शिक्षा केंद्र में भी कर्मचारियों ने आयुक्त के कक्ष में प्रवेश की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। चयनित शिक्षक नीलम पार्क में जुटे हैं और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। चैंबर में घुसकर की थी नारेबाजी आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह के कार्यालय में गुरुवार शाम प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद नियुक्ति से वंचित उम्मीदवारों के एक समूह ने जबरन घुसकर नारेबाजी की थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सबको आयुक्त के कक्ष से बाहर निकाला था। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने इस घटना का विरोध करते हुए आज से आंदोलन और पेन डाउन करने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर संविदा कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इनके द्वारा आयुक्त के कक्ष में घुसने की कोशिश की निंदा करते हुए कार्यवाही की मांग की गई। मोर्चा के अध्यक्ष रमेश राठौर और अन्य कर्मचारियों ने इस तरह की घटनाओं की स्थिति में सरकारी कामकाज पर असर पड़ने की बात कही। राठौर ने कहा कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी आज प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे हैं। अहिंसात्मक तरीके से लोग अपनी बात रख सकते हैं लेकिन इसके लिए हिंसा का रास्ता अपनाना कतई उचित नहीं है। अल्पवेतन भोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले ने भी इसके विरोध में साथी कर्मचारियों को लेकर प्रदर्शन किया है। आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय के कर्मचारी नेता मुकेश शर्मा ने बताया कि चूंकि कल घटना के बाद प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों ने आयुक्त से माफी मांग ली थी। इसलिए आज दो घंटे तक पेन डाउन रखने के बाद सभी काम पर लौट आए हैं ताकि शासकीय काम काज प्रभावित न होने पाए। नीलम पार्क में प्रदर्शन जारी दूसरी ओर शिक्षक चयन परीक्षा में वर्ग 2 और वर्ग तीन के पदों में वृद्धि को लेकर नीलम पार्क में प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां आंदोलनरत चयनित शिक्षकों द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग से पदों में वृद्धि कर नौकरी देने की मांग की जा रही है। इनका कहना है कि लाखों पद रिक्त हैं लेकिन विभाग पद वृद्धि न करके चयन परीक्षा में पास होने के बाद भी नियुक्ति नहीं दे रहा है। यह खबर भी पढ़ें… पोस्टिंग नहीं मिलने पर कमिश्नर के दफ्तर में घुसे प्रदर्शनकारी:भोपाल में चयनित शिक्षकों को पुलिस ने खदेड़ा प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में D.El.Ed की डिग्री के कारण नियुक्ति से वंचित चयनित शिक्षक गुरुवार शाम लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में घुस गए। करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय की पहली मंजिल पर पहुंचे और आयुक्त के कक्ष में घुस गए। पढ़ें पूरी खबर…
आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी-LKG प्रवेश बंद होने से फूटा पालकों का गुस्सा: पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय संग कलेक्टोरेट पहुंचे मजदूर, पूछा- 'क्या गरीबों के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा का हक नहीं?'
शिक्षा मंत्री को बस 2 दिन का टाइम, कॉकरोचों ने दे दी वॉर्निंग, नए प्रोटेस्ट का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के ग्रामीण इलाके में मौजूद एक स्कूल का दौरा किया था, जहां उनपर हमला हो गया। सीजेपी के आरोप हैं कि गांव में लंबे समय से एक स्कूल तबेले में चल रहा था। CJP ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
MRPL Vacancy 2026: एमआरपीएल ने गेट 2026 के जरिए असिस्टेंट इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और केमिकल डिसिप्लिन के उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
'आपने शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया?'
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर जोर दिया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं ज्ञान सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और 'द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया' ने एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी मुंबई में आयोजित 10वें वार्षिक 'आईसी3 कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो' के मंच पर संपन्न हुई। इस अकादमिक समझौते के तहत दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर संयुक्त शोध परियोजनाओं, शिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करेंगे। साथ ही, दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नियमित आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे अकादमिक संसाधनों के साझा उपयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बौद्धिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई में हुआ मुंबई में आयोजित समारोह में नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर सत्यनारायण शास्त्री एवं डॉ. मुनीर मैगरी उपस्थित रहे। वहीं द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रोफेसर अमित चक्रमा और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेड कमिश्नर (इंडिया-गल्फ) डॉ. इयान मार्टिनस सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। छात्रों के लिए अवसर साझेदारी पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक फलक का निरंतर विस्तार कर रहा है। नालंदा के पुनरुत्थान में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका आरंभ से ही महत्वपूर्ण रही है, ऐसे में यह करार दोनों देशों के ज्ञान संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह सहयोग UWA की आधुनिक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नालंदा की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को एक साथ लाते हुए शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर नए द्वार खोलेगा।
MP TET 2026 Registration: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 12 अक्तूबर से आयोजित की जाएगी।
शिक्षकों के कल्याण के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 3.75 करोड़ रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्कूलों में झंडियां बेची जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बजट एकत्र करने के लिए प्रत्येक जिले को टारगेट दिया है। इस बजट के लिए स्कूलों में शिक्षक दिवस पर झंडियां भिजवाई जाएगी। करीब 3 लाख शिक्षकों से 3 करोड़ रुपए और दानदाताओं को 15 लाख झंडियां बेचकर 75 लाख रुपए एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर शिक्षक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस तरह से एकत्र किए जा रहे बजट का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। राज्य सरकार शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद पुष्करणा ने कहा है कि राज्य सरकार को शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करना चाहिए। इस तरह से एकत्र बजट की जिम्मेदारी भी इस बोर्ड को दी जाए। यह है प्रतिष्ठान का कार्य; शिक्षक के निधन पर 20 हजार रुपए सहायता दी जाती है। शिक्षकों के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए 15000 रुपए सहायता दी जाती है। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भारत भ्रमण की सुविधा है। इसलिए उठ रहे हैं सवाल ये है टारगेट विद्यार्थियों के लिए झंडी लेना अनिवार्य नहीं है। दानदाताओं को भी झंडियां दी जा सकती है। इसके हिसाब के बारे में तो उच्चाधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। -अशोक कुमार पारीक, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर पर्दा डालने के लिए पहले शिक्षा विभाग ने बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियो लेने पर रोक लगाई, फिर आदेश पर शिक्षामंत्री ने कहा- मीडिया के प्रवेश पर कोई रोक नहीं। इसी का रियलिटी चेक गुरुवार को भास्कर टीम ने जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में सरकारी स्कूलों में पहुंचकर किया। रिपोर्टर्स को भी प्रवेश नहीं दिया गया। फोटो लेने की वजह लिखित में देने को कहा गया। राजकीय सी.से. स्कूल बजाज नगर जयपुर रिपोर्टर प्रिंसिपल आशा शर्मा से मिला और फोटो लेने का आग्रह किया। प्रिंसिपल ने बाहर एंट्री करके आने को कहा। गेट के पास रजिस्टर में एंट्री के बाद केवल बाहर फोटो लेने की इजाजत दी। पोद्दार सी.से. स्कूल गांधीनगर जयपुर स्कूल के बाहर रजिस्टर नहीं था। प्रिंसिपल लक्ष्मीनारायण झा से कक्षा कक्षों की फोटो लेने का आग्रह किया। प्रिंसिपल ने पहले कारण पूछा और मना कर दिया। पोद्दार मूक बधिर स्कूल, जयपुर स्कूल के दरवाजे पर फोटोग्राफी प्रतिबंध का नोटिस चस्पा है।। लिखा है- बिना अनुमति ऐसा करने पर पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। राजकीय उमावि चांदपोल चौखा जोधपुर रिपोर्टर से प्रिंसिपल नीतू भाटी ने कहा- स्कूल में आदेश के अनुसार फोटो पर प्रतिबंध है। लिखित में दीजिए, फिर अनुमति देने पर विचार करेंगे। राबाउमावि सरदारपुरा जोधपुरस्कूल में फोटो करने से मना कर दिया। प्रिंसिपल डॉक्टर संगीता अरोड़ा ने कहा- मीडिया कवरेज का लिखित में कारण बताओ। यह निर्णय स्कूली बालक बालिकाओं के हित में लिया गया है। राजकीय उमावि नाथूसर गेट बीकानेरस्कूल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कोई रोक-टोक नहीं। विजिटर रजिस्टर भी नहीं। रिपोर्टर ने प्रिंसिपल-शिक्षकों से बात की। फोटो लिए। राजकीय उमावि मुक्ता प्रसाद नगर बीकानेर स्कूल में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों से स्कूल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली, फिर फोटोज भी लिए। विजिटर रजिस्टर नहीं था। महात्मा गांधी स्कूल मुक्ता प्रसाद नगर बीकानेरयहां कक्षा-कक्षों की कमी। बरामदे और टीनशेड के नीचे क्लास चल रही थीं। एक भवन में 3 स्कूलों के विद्यार्थी हैं। हमने फोटो खींचे तो संस्था प्रधान ने इस आपत्ति जताई। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल फतेह टीबा जयपुर फोटो जर्नलिस्ट को किसी ने रोका नहीं, ना कहीं विजिटर रजिस्टर था। स्कूल में करीब 10 मिनट रहने के बाद फोटोग्राफर लौट आया। राबाउमावि श्याम सदन सरदारपुरा जोधपुरस्कूल पहुंचने पर कार्यवाहक प्रिंसिपल ओमप्रकाश विश्नोई ने साफ कह दिया कि बिना परमिशन किसी भी तरह की फोटोग्राफी ओर कवरेज पर बैन है। भले ही आप मीडिया से हो। 3 दिन पहले बोले थे शिक्षामंत्री- स्कूलों में प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं शिक्षा विभाग ने 3 दिन पहले स्कूलों की सुरक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों की निजता का हवाला देकर आदेश जारी किए- कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं करेगा। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों या खेल मैदानों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक रहेगी। कोई इसका उल्लंघन करेगा तो संस्था प्रधान पॉक्सो जैसी धाराओं में केस दर्ज करा सकते हैं। इस पर विवाद हुआ तो शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा था- स्कूल में बच्चों की सुरक्षा हमारा जिम्मा है। अभिभावकों से कुछ छुपा हुआ नहीं। कोई भी कभी भी बिना अनुमति स्कूल में घुस जाए, ऐसा नहीं होगा। सरकार ने स्कूलों में फोटो व वीडियो रिकार्डिंग पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। ऐसा जरूरी होने पर संस्था प्रधान की अनुमति लेना जरूरी होगा।
TISS में बनेगा स्कूल ऑफ एनालिटिक्स: रतन टाटा के नाम पर रखने की तैयारी; क्या बदलेंगे तकनीकी शिक्षा के मायने?
कुंभ राशिवालों को परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का दिन है, आपका सम्मान बढ़ेगा, परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, धन कमाने के नए रास्ते तलाशने का समय है.
गुरु रविदास ने समाज को शिक्षित, स्वावलंबी और नशा मुक्त होने की दी शिक्षा : मेघवाल
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Kanpur News: कठिन है शिक्षा की डगर, चलना जरा संभलकर
जनपद के शिक्षा के मंदिरों की स्थिति बेहद दयनीय है। कहीं स्कूल गेट के बगल में मवेशी बंधे हैं तो कहीं बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता मौत का रास्ता बना हुआ है।
Bhadohi News: बच्चों से डीएम ने किया संवाद, शिक्षा की गुणवत्ता जानी
DM interacted with children and assessed the quality of education
Bareilly News: छात्रा से दस हजार रिश्वत लेते माध्यमिक शिक्षा परिषद का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार
छात्रा से दस हजार रिश्वत लेते माध्यमिक शिक्षा परिषद का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार
Hamirpur (Himachal) News: आर्थिक संकट के अंधेरे में शिक्षकों ने जलाई शिक्षा की ज्योति
In the darkness of economic crisis, teachers lit the light of education.
वंदे मातरम विवाद पर बोले पप्पू यादव- शिक्षा के असली मुद्दों से भटका रहे
Patna, 20 अगस्त . वंदे मातरम विवाद को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आजादी में जिनकी कोई भूमिका नहीं थी, वो अब वंदे मातरम पर सवाल उठा रहे हैं. पप्पू यादव ने इसे ‘नफरत और बांटने वाली राजनीति’ बताते हुए कहा ... Read more
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर राज्य सरकार पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे से इस्तीफा देने की मांग की है.
राजस्थान में लंबे समय से स्थायी आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के 473 परिवारों को अब अपना पक्का घर मिल गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 13 अगस्त को लाभार्थी परिवारों को आवास आवंटन सौंपे। स्थायी पता नहीं होने से इन परिवारों को सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में परेशानी होती थी। आवास मिलने के बाद अब इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। घर से शिक्षा तक, घुमंतू परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल राजस्थान सरकार की यह आवासीय पहल उन परिवारों के लिए अहम मानी जा रही है, जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर रहे हैं। स्थायी घर मिलने से उन्हें न केवल सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि स्थायी पते से दस्तावेज, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। न्यूयॉर्क स्थित राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के अध्यक्ष और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन के एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर लंबे समय से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं के योगदान को भी रेखांकित किया। दुर्गादास जी के प्रयासों की सराहना प्रेम भंडारी ने घुमंतू जाति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय प्रमुख दुर्गादास के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार दुर्गादास जी एक दशक से ज्यादा समय से घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों में उनकी लंबे समय से चली आ रही जमीनी सेवा को महत्वपूर्ण बताया गया है। ब्रिटिश दौर के कलंक का असर आज भी घुमंतू और विमुक्त समुदायों का इतिहास सामाजिक भेदभाव से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश शासन के दौरान एक कानून के तहत इन्हें ऐतिहासिक रूप से ‘अपराधी जनजातियों’ की श्रेणी में रखा गया था। यह कानून 1952 में निरस्त कर दिया गया, लेकिन इससे जुड़ा सामाजिक कलंक और आर्थिक पिछड़ापन लंबे समय तक बना रहा। आज भी कई परिवारों के पास स्थायी घर, औपचारिक दस्तावेज और सरकारी योजनाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं है। ऐसे में आवास उपलब्ध कराना इनके पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले भी हुए रोजगार और जागरूकता से जुड़े प्रयास इन समुदायों के लिए पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में सामाजिक और कल्याणकारी स्तर पर कई गतिविधियां हुई हैं। जनवरी 2025 में जयसिंहपुरा खोर की चेतना बस्ती में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना था। इसके बाद 29 नवंबर 2025 को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सैकड़ों परिवारों को आजीविका से जुड़े साधन वितरित किए। आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम को प्रेम भंडारी ने RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन की ओर से व्यक्तिगत रूप से प्रायोजित किया था। RANA के सचिव रवि जारगढ़ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। स्वच्छता के बाद अब बच्चों की शिक्षा पर फोकस इन संगठनों की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता प्रोत्साहन अभियान को भी समर्थन दिया गया। आयोजकों का कहना है कि इससे बस्तियों में स्वच्छता की स्थिति सुधारने में मदद मिली। अब प्रेम भंडारी का फोकस इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर है। उन्होंने कहा कि वह इन समुदायों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और सिविल सेवक बनते देखना चाहते हैं। RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन योग्य और जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उनकी शिक्षा का खर्च उठाने की योजना पर काम करेंगे। सरकार की योजना के खर्च का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं यह पहल सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय की भागीदारी का उदाहरण भी है। हालांकि, राजस्थान सरकार ने अभी तक 473 फ्लैटों की योजना की कुल लागत और लाभार्थियों के चयन के विस्तृत मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में योजना के आर्थिक पक्ष और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आगरा मुख्य विकास अधिकारी ने गुरुवार को नगरीय क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क में शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं अफसर ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे-मील की गुणवत्ता, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। सीडीओ ने सबसे पहले मंडी सईद खां स्थित कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी का निरीक्षण किया। यहां कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है और इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां भी संचालित है। निरीक्षण के समय कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी में पंजीकृत 128 छात्रों में से 108 और प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां में 63 में से 56 छात्र उपस्थित मिले। इसी विद्यालय परिसर में कंपोजिट विद्यालय वजीरपुरा और प्राथमिक विद्यालय कन्या वजीरपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सभी छात्र यूनिफार्म में मिले। छात्रों को दिए जा रहे मिड-डे-मील की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। छात्रों ने भी उन्हें दिए जा रहे भोजन को अच्छा बताया। सभी छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है, जिसकी पुष्टि छात्रों ने बातचीत के दौरान की। स्कूल में पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगा मिला और सभी छात्र इसी से पानी पीते मिले। इसके बाद सीडीओ ने कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस विद्यालय परिसर में प्राथमिक विद्यालय पुनियापाड़ा और प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। सीडीओ ने यहां पढ़ रहे छात्रों से बातचीत कर उनके पढ़ाई के स्तर की जांच की, जो संतोषजनक पाया गया। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए।
बिहार EOU ने शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में पटना और बेगूसराय के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी में लाखों रुपये नकद, करीब 51 लाख रुपये के आभूषण, बैंक खातों, बीमा, म्यूचुअल फंड, फ्लैट और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले।
EIL भर्ती अलर्ट: एसोसिएट मॉडेलर पोस्ट पर नियुक्ति के लिए तुरंत करें आवेदन, जल्द बंद होगी आवेदन विंडो
दरअसल, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड ने कैडमैटिक में विशेषज्ञता रखने वाले प्रशिक्षित मॉडलर्स से निश्चित अवधि के आधार पर कुल 22 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
नयागांव उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल खराड़ीवाड़ा में गुरुवार को राहत और प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भामाशाहों के सहयोग से कक्षा 1 से 5वीं तक के 110 जरूरतमंद छात्रों को निःशुल्क स्कूल जूते वितरित किए गए। साथ ही, स्कूल में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लैपटॉप देने की भी घोषणा की गई। संस्थाप्रधान अशोक कुमार नायक ने बताया कि खराड़ीवाड़ा पहाड़ा निवासी भामाशाह शैलेष खराड़ी के सौजन्य से इन छोटे बच्चों को जूते उपलब्ध कराए गए हैं। शैलेष खराड़ी ने शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य में भी सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में रमेश कुमार, वजिया बंजारा और महेश गरासिया ने संयुक्त रूप से स्कूल को लैपटॉप देने की घोषणा की। भामाशाहों ने कहा कि तकनीक के माध्यम से बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल युग के लिए तैयार हो सकें। मौजूद भामाशाह राकेश रावल ने भी आगामी दिनों में कक्षा 6 से 8वीं तक के 100 छात्रों को जूते प्रदान करने की घोषणा की। संस्थाप्रधान अशोक कुमार नायक ने सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधर सकती है और ऐसे प्रयासों से गरीब व जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलता है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होती है।
हरियाणा के भिवानी जिले के सरकारी स्कूल के एक वीडियो ने बच्चों को परोसे जाने वाले मिड डे मील की हैरान करने वाली तस्वीर पेश की है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सांगवान गांव के प्राइमरी स्कूल की वीडियो जारी की। जिसमें राशन में कीड़े-सुरसरी चलते दिख रहे हैं। कमरों की दीवारों में बड़ी दरारें हैं और टॉयलेट बेहद खराब हालात में दिख रहे हैं। टीम के सदस्य लोकेश ने बताया कि हरियाणा के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत स्कूलों में जाकर स्थिति देखी जा रही है। 18 अगस्त को इस प्राइमरी स्कूल में पहुंचे थे। दूसरी तरफ, डिस्ट्रिक्ट एलिमेंटरी एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) विनय कुमार जिंदल ने वीडियो पर सफाई दी। बोले-ये जो खराब राशन था, ये खाने के लिए नहीं था, बल्कि अलग निकाल रखा था। सबसे पहले जानिए…वीडियो में क्या दिख रहा सीजेपी की टीम ने इस तरह दिखाया स्कूल का हाल… स्कूल में 40 बच्चों पर 3 टीचर, 2 SIR में लगे बता दें कि गांव सांगवान के प्राइमरी स्कूल में 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनको पढ़ाने के लिए स्कूल में 3 टीचर्स हैं। जिनमें से 2 की एसआईआर में ड्यूटी लगी है। ऐसे में 1 टीचर के जिम्मे ही स्कूल की सारी जिम्मेदारी आई हुई है। इस पर गांव सांगवान के सरपंच विद्या देवी के प्रतिनिधि बलजीत ने बताया कि स्कूल के राशन में कीड़े मिलने की सूचना नहीं है। हालांकि स्कूल को अच्छे से चलाने के लिए प्रयास किए जाते हैं। डीईईओ बोले-खराब राशन क्यों डिस्पोज नहीं किया जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) विनय कुमार जिंदल ने बताया कि वीडियो उनके सामने आई थी। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच की। जिसके बाद पता चला कि यह अनाज व राशन अलग से रखा हुआ था, बच्चों के खाने के लिए नहीं था। जिसे डिस्पोज करना था, लेकिन उसे डिस्पोज नहीं किया। इस मामले की जांच की जा रही है। स्कूल में 3 में से 2 टीचर्स की एसआईआर में ड्यूटी कैसे लगी, इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा चरित्र, संस्कृति और आत्मा को आकार देती है : रहमतुन्निसा ए.
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। आज जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘स्कूल ऑफ़ लाइफ़’ विषय पर ऑरा ई-मैगज़ीन की ओर से एक शैक्षिक सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया। इस सेमिनार में इस बात पर चर्चा की गई कि शिक्षा किस तरह […]
असिस्टेंट प्रोफेसर के इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार जेकेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर हंगामा; वीडियो में जाने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अजमेर जिले के केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के सावर उपखंड में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के नशे में पहुंचने का मामला सामने आया है। मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत के उंदरी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के कार्यवाहक प्रिंसिपल भीमाराम शराब के नशे में स्कूल पहुंचे। हालत इतनी खराब थी कि वे स्कूल के खेल मैदान में घास पर ही सो गए। घटना का वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें स्कूल से हटाकर दूसरी जगह पदस्थापित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक के नशे में स्कूल पहुंचने की जानकारी मिलने पर विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शिक्षक को मैदान से उठाकर पानी से चेहरा और सिर धोया गया, लेकिन काफी देर तक उन्हें होश नहीं आया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सावर के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी। 27 साल से इसी स्कूल में थे, 6 महीने पहले मिला था प्रमोशन एडिशनल प्रिंसिपल भीमाराम पिछले करीब 27 साल से इसी विद्यालय में कार्यरत थे। करीब 6 महीने पहले उनका प्रमोशन हुआ था और उन्हें एडिशनल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी दी गई थी। वे स्कूल में बच्चों को मैथ्स और साइंस पढ़ाते थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक के इस तरह नशे में स्कूल आने से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल का माहौल प्रभावित हुआ। विभाग ने स्कूल से हटाकर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर लगाया मामला सामने आने के बाद गुरुवार को अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने शिक्षक को उंदरी स्थित स्कूल से हटाकर मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नई जिम्मेदारी दी है। साथ ही मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भी दी गई है। अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने बताया कि शिक्षक के नशे की हालत में स्कूल आने की शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए मीणों का नयागांव और पारा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भेजा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की मांग- विभाग करे सख्त कार्रवाई ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में शिक्षक का नशे की हालत में पहुंचना बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई और विद्यालय की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है। (इनपुट-मान सिंह मिना, घटियाली)
शिक्षा विभाग के फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी प्रतिबंध के विरोध में पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
टोंक में शिक्षा विभाग के विद्यालयों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध के विरोध में आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपकर आदेश निरस्त करने की मांग की।
भुवनेश्वर: स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी के अवसर पर वर्षभर चलने वाले समारोहों का शुभारंभ 21 अगस्त 2026 को तालचेर के गुरुजंगा में होगा। जन्म शताब्दी समारोह नवंबर 2027 तक जारी रहेंगे। इस दौरान ओडिशा के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, ओडिशा में करीब 25,000 […]
कांग्रेस की बैठक में पेपर लीक, शिक्षा और परिसीमन के मुद्दों पर हुई चर्चा
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस की ऑफ-ब्रीफिंग में Thursday को कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कांग्रेस संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में पेपर लीक से लेकर परिसीमन तक कई मुद्दे उठे. जयराम रमेश ने कहा कि पेपर लीक को लेकर राज्यों के अलग-अलग कानून हैं और केंद्र का अलग कानून ... Read more
साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग निदेशक ने किया राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण
साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग के निदेशक महेन्द्र कुमार खींची ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग से संबंधित...
झारखंड के मासिक जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा में पूर्वी सिंहभूम 76.38% अंकों के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा, जबकि लोहरदगा और कोडरमा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
कैमूर जिले में सरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' शुरू किया गया है। प्रशासन ने इसके सुचारु संचालन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। छात्रों की सहायता के लिए 'मे आई हेल्प यू' डेस्क पर कंप्यूटर ऑपरेटर और कार्यालय कर्मियों की तैनाती की जाएगी। रचनात्मक विचार साझा कर सकेंगे स्टूडेंट इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य सरकारी डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल संस्थान (जीएनएम/एएनएम), पॉलिटेक्निक, आईटीआई, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सिमुलतला और सरकारी छात्रावासों के विद्यार्थियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। पोर्टल को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: 'सुझाव' और 'शिकायतें'। 'सुझाव' श्रेणी के तहत, छात्र शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने रचनात्मक विचार साझा कर सकेंगे। इन सुझावों को अंतिम निर्णय के लिए राज्य स्तरीय समिति के समक्ष भेजा जाएगा। 'शिकायतें' श्रेणी में, छात्र शिक्षा और संस्थान से जुड़ी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। समस्याओं की नियमित समीक्षा की जाएगी इनमें शिक्षकों की अनुपस्थिति, समय पर परीक्षा न होना या छात्रावास की कमियां शामिल हैं। विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत मामले भी दर्ज करा सकेंगे। आगामी 25 तारीख (माह के चौथे मंगलवार) से इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों की समस्याओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल छात्रों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुंचाने में मदद करेगी।
सुजीत की नर्सिंग शिक्षा को मिला सहारा:RBK ने 50 हजार का चेक और 3100 रुपए की मदद की
चौमूं में राज ब्रह्मा कार्मिक समूह समिति (RBK) ने नया बास शाहपुरा निवासी सुजीत शर्मा की नर्सिंग शिक्षा के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी है। सुजीत का राजकीय नर्सिंग कॉलेज, अजमेर में सत्र 2026 के लिए प्रवेश हुआ है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कॉलेज फीस जमा करना बड़ी चुनौती बन गई थी। परिवार की स्थिति सामने आई तो RBK ने की पहल अत्यंत निर्धन परिवार से आने वाले सुजीत की फीस जमा करने में परेशानी की जानकारी मिलने पर राजब्रह्म कार्मिक समूह (RBK) समिति से जुड़े सदस्यों ने उसकी मदद के लिए पहल की। के.आर. मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अमर शर्मा, सामोद सीएचसी के सर्जन डॉ. प्रदीप बारी, आयुर्वेद वरिष्ठ चिकित्सक सांवरमल शर्मा और नर्सिंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने सुजीत की आर्थिक स्थिति को देखते हुए RBK एडमिन पैनल से फीस सहायता की अनुशंसा की। जांच के बाद 50 हजार रुपए का चेक पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद समिति ने सुजीत की कॉलेज फीस के लिए 50 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। इससे फीस जमा करने की चिंता दूर हुई और उसकी नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने का रास्ता साफ हुआ। डॉ. अमर शर्मा ने भी किया व्यक्तिगत सहयोग समिति की सहायता के अतिरिक्त डॉ. अमर शर्मा ने व्यक्तिगत सहयोग के तौर पर 3,100 रुपए नकद सुजीत की माताजी को सौंपे। आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के लिए काम कर रही RBK RBK एडमिन पैनल के कवि पंडित पंकज ने बताया कि राजब्रह्म कार्मिक समूह समिति राजस्थानभर में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सरोकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाती है। कार्यक्रम में नर्सिंग ऑफिसर मनीष शर्मा, परमेश्वर शर्मा, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, राजेश बारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अभिजीत दीपके ने अब इस शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा, बोले- इसके लिए वोट देते हैं क्या?
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कॉजपा संयोजक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग की। बोले- मंत्रियों के कुत्तों को भी बच्चों से बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
जल्दी करें, ग्रेजुएट युवाओं के पास आईबीपीएस क्लर्क बनने का अंतिम मौका, 11403 पदों पर होनी है भर्ती
आवेदन करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट 5 सितंबर 2026 तक लिया जा सकेगा। इस भर्ती में शामिल होने के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। साथ ही पदानुसार उम्मीदवारों के पास अन्य निर्धारित पात्रताएं भी होनी चाहिए जिसकी जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दर्ज है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण: लायंस क्लब ने स्कूल में लगाए 150 पौधे, LED TV भी भेंट
भीलवाड़ा के Government Primary School, Takhat Pura में लायंस क्लब भीलवाड़ा प्रताप ने 150 पौधे लगाए और LED TV भेंट किया। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पौधों की नियमित देखभाल को लेकर क्लब ने सेवा गतिविधि आयोजित की।
ये सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं : टीकाराम जूली
jaipur, 20 अगस्त . Rajasthan में विपक्ष के नेता टीकाराम जुली ने कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर Thursday को राज्य Government के उस आदेश के खिलाफ विधानसभा तक विरोध मार्च निकाल लिया, जिसमें उन्होंने मीडिया पर शिक्षा विभाग की कवरेज करने पर रोक लगा दी. भजनलाल Government के आदेश के खिलाफ अब राज्य में मीडिया ... Read more
गृह मंत्रालय की श्रीलंकाई शरणार्थी राहत और पुनर्वास योजना के तहत शिविरों में रह रहे शरणार्थियों को मुफ्त राशन, इलाज और नकद सहायता दी जाती है। बच्चों को 12वीं तक मुफ्त शिक्षा तथा गर्भवती महिलाओं को ₹6,000 की मदद मिलती है
गंगापुर सिटी में स्कूल शिक्षा परिवार की बैठक, 21 अगस्त के विधानसभा घेराव की बनी रणनीति
गंगापुर सिटी में स्कूल शिक्षा परिवार की महत्वपूर्ण बैठक में 21 अगस्त 2026 के जयपुर विधानसभा घेराव को लेकर रणनीति बनी। वाहनों, अनुशासन और अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी के ठिकानों पर EOU का छापा, आय से 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है।
SBC Group C Recruitment 2026: रक्षा मंत्रालय के शिप बिल्डिंग सेंटर में ग्रुप-सी के 10 पदों पर भर्ती निकली है। इच्छुक उम्मीदवार 22 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कोयलानगरी बिश्रामपुर का नाम गौरवान्वित: 2016 बैच की आइएएस अफसर जयश्री जैन बनीं सक्ती जिले की नई कलेक्टर; शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर रहेगा मुख्य जोर
शिक्षकों का लंबित मेहनताना तुरंत जारी करे स्कूल शिक्षा बोर्ड : संघ
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला कांगड़ा ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों का जल्द निपटारा करने की मांग उठाई है।
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू होने के बाद 11 साल में एक बार भी समीक्षा नहीं हुई।नियम के अनुसार हर दो साल में समीक्षा होनी थी, लेकिन विभाग ने इसे नहीं किया, जबकि सरकारी स्कूलों में नामांकन में लगातार बदलाव हुआ।विभाग में कुल 4 लाख 13 हजार 951 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 2 लाख 92 हजार 558 कार्यरत और 1 लाख 21 हजार 640 पद रिक्त हैं।शिक्षा जगत में रिक्त पदों को नहीं भरने और नामांकन के अनुसार स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं होने को सरकारी स्कूलों में नामांकन घटने के कारणों में माना जा रहा है। 2015 के बाद एक बार भी नहीं हुई समीक्षा माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था। इसके तहत हर दो साल में स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा किए जाने का नियम तय किया गया था। इसके बावजूद 2015 में लागू होने के बाद माध्यमिक शिक्षा में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई। माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में पिछले कुछ सालों में करीब 25 लाख विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि हुई। इस दौरान विभाग ने नामांकन बढ़ने को उपलब्धि के तौर पर बताया, लेकिन अब वर्तमान शिक्षण सत्र में करीब 15 लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम होने की बात सामने आ रही है। नामांकन में कमी के लिए जिम्मेदार कारणों में रिक्त पदों का नहीं भरा जाना भी माना जा रहा है। शिक्षा जगत में चर्चा है कि यदि रिक्त पद नहीं भरे गए और स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं हुई तो टोंक समेत प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में आने वाले वर्षों में नामांकन और कम हो सकता है। बिगड़ रहा छात्र-शिक्षक अनुपात जिन स्कूलों में नामांकन बढ़ने के हिसाब से शिक्षकों की जरूरत है, वहां शिक्षकों का अभाव है। वहीं जिन स्कूलों में नामांकन घटा है, वहां शिक्षक अधिशेष हो रहे हैं। अब हालात यह हैं कि जिन स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है, वहां से विद्यार्थी स्कूल छोड़कर जा रहे हैं। इसके कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में लगभग 15 लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम हो गया है। रिक्त पदों का ग्राफ भी बढ़ा सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। इसका एक कारण क्रमोन्नत विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पदों का सृजन नहीं होना है। इसके अलावा दो साल से विभाग में विभिन्न संवर्गों में विभागीय पदोन्नतियां भी नहीं हो पाई हैं। सीधी भर्ती भी बहुत कम पदों पर आयोजित हो रही है। राज्य में 2013 के बाद क्रमोन्नत किसी भी विद्यालय में अनिवार्य विषयों हिन्दी और अंग्रेजी के व्याख्याता पद स्वीकृत नहीं हैं। 17 हजार विद्यालयों में से केवल 4 हजार विद्यालयों में ही अनिवार्य विषयों के व्याख्याता पद स्वीकृत हैं। राज्य के 13 हजार 759 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य भाषा विषयों के व्याख्याताओं के पद स्वीकृत नहीं हैं। इन सभी विद्यालयों में केवल वैकल्पिक विषयों के प्रति विद्यालय 3-3 व्याख्याता पद ही स्वीकृत हैं। साल 2021-22 का समय कोविड काल का रहा। प्रारंभिक शिक्षा में तीन बार हो चुकी समीक्षा माध्यमिक शिक्षा की तरह प्रारंभिक शिक्षा में भी स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था। प्रारंभिक शिक्षा में 2015 से स्टाफिंग पैटर्न लागू होने के बाद 3 बार समीक्षा की जा चुकी है। इसके विपरीत माध्यमिक शिक्षा में 11 साल में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई है। 4.13 लाख पद स्वीकृत, 1.21 लाख रिक्त वर्तमान में शिक्षा विभाग में कुल 4 लाख 13 हजार 951 पद स्वीकृत हैं। इनमें 2 लाख 92 हजार 558 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 21 हजार 640 पद रिक्त चल रहे हैं। अनिवार्य विषयों हिन्दी-अंग्रेजी के पद स्वीकृत करने की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा में 2015 को लागू किए गए स्टाफिंग पैटर्न की 11 साल बीत जाने के बाद एक बार भी समीक्षा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इसके कारण 2015 के बाद विद्यालयों के नामांकन में बदलाव हुआ है, लेकिन नए पदों का सृजन नहीं किया गया है। मोहर सिंह सलावद ने बताया कि 2013 के बाद क्रमोन्नत विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिन्दी और अंग्रेजी के व्याख्याता पदों की स्वीकृति आज तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नए सिरे से नामांकन के अनुसार पदों का निर्धारण किया जाना चाहिए और सभी उच्च माध्यमिक स्कूलों में अनिवार्य विषयों के पद स्वीकृत किए जाने चाहिए।
सरकारी स्कूलों की हालत पर सियासी घमासान, वीडियो में जाने आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को दी चुनौती
Congress ने मुख्यमंत्रियों से मांगी शिक्षा सुधार रिपोर्ट, 1 महीने का समय दिया
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रदेशों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर रिपोर्ट तैयार कर एक महीने के भीतर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपें। पार्टी ने यह ऐलान भी किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देशभर के करीब 800 शहरों में आयोजित किया जाएगा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इनमें से कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम पहले ही कोटा, देहरादून और प्रयागराज में आयोजित किया जा चुका है तथा आगामी शनिवार को पुणे में इसका आयोजन होगा। पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के शीर्ष नेता शामिल हुए। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), वी. डी. सतीशन (केरल), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश) और डी. के. शिवकुमार (कर्नाटक) भी बैठक में मौजूद थे। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चारों मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे एक महीने के भीतर अपने-अपने राज्यों की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों पर रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपेंगे। सूत्रों ने बताया कि गांधी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और अपने-अपने राज्यों की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से शिक्षा विशेषज्ञों और सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार करें। इससे पहले अपने उद्घाटन संबोधन में खरगे ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर छात्रों का भविष्य ‘‘तबाह’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस युवाओं के लिए एक व्यापक ‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप’ तैयार करे। बैठक में पारित प्रस्ताव में कार्य समिति ने युवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। पार्टी ने आरोप लगाया कि युवा पीढ़ी को मोदी सरकार से हर मोर्चे पर निराशा और विश्वासघात का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘पिछले एक दशक में पेपर लीक महामारी का रूप ले चुका है और 2014 से अब तक पेपर लीक के कम से कम 152 मामले सामने आए हैं।’’इसमें कहा गया कि हाल में नीट परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित किए जाने के कारण कम से कम 26 छात्रों ने आत्महत्या की, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसी तरह के कारणों से 90 से अधिक छात्रों ने अपनी जान गंवाई है। कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि बेरोजगारी का सबसे अधिक खामियाजा युवा भुगत रहे हैं और 12 साल बीत जाने तथा अवसरों में कमी आने के साथ उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उसने कहा कि शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी ‘‘सरकार की व्यवस्था संबंधी विफलता के संकट’’ में बदल गई है। प्रस्ताव में कहा गया कि स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं में बेरोजगारी दर औपचारिक शिक्षा नहीं लेने वालों की तुलना में भी अधिक है। कार्य समिति ने छात्र आंदोलनों के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा ‘‘मनमाने और क्रूर दमन’’ की कड़ी निंदा की। इसमें युवतियों और बच्चों पर हमले, बिजली के झटके देने वाली लाठियों, आंसू गैस, पैलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल तथा असहमति की आवाजों पर ‘‘खुली सेंसरशिप’’ का आरोप लगाया गया। प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का संसद का सामना करने और इन गंभीर विफलताओं पर जवाब देने से इनकार भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में न केवल उनकी कायरता को दर्शाता है, बल्कि देश के भविष्य के प्रति उनकी पूर्ण उदासीनता और उपेक्षा को भी दिखाता है।’’कांग्रेस कार्य समिति ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देश के युवाओं की आवाज और उनकी चिंताओं को सक्रिय रूप से उठाने के लिए राहुल गांधी की सराहना की। पार्टी ने दावा किया कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कार्य समिति ने कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति संवेदनशील और न्यायपूर्ण रवैया अपनाने का आग्रह भी किया। उसने कहा कि गांधी लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण, केंद्रीकरण और आरएसएस-भाजपा की ‘‘रूढ़ीवादी बेड़ियों’’ के बंधक के रूप में नहीं रखा जा सकता। कांग्रेस कार्य समिति ने यह भी कहा कि छात्र संगठनों और एकजुट विपक्ष के संसद के भीतर और बाहर लगातार दबाव के कारण शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिक्षा, परीक्षा और युवाओं के भविष्य का सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भरोसा दिया है, ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है’।
शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों के प्रोफाइल में त्रुटि सुधार और अपडेट के लिए 28 अगस्त तक अंतिम अवसर दिया है। साथ ही, 9वीं-10वीं के SC/ST/BC/EBC छात्रों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य किया गया है ताकि उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर भागलपुर और बांका जिलों में कुल 20,709 शिक्षकों के अवकाश आवेदन लंबित हैं। शिक्षा विभाग ने सभी लंबित आवेदनों को 20 अगस्त तक नियमानुसार निष्पादित करने का निर्देश दिया है।
नई शिक्षा नीति पर डीएवी पॉलिटेक्निक में विशेष सत्र
दंतेवाड़ा | एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष सत्र हुआ। मॉडल कॉलेज जावंगा के विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला और सुरेश कुमार यादव ने विद्यार्थियों, शिक्षकों को नीति की प्रमुख बातें बताईं। सत्र में बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास, छात्र-केंद्रित शिक्षण, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, शोध, नवाचार पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने रटंत पढ़ाई छोड़कर प्रायोगिक, कौशल आधारित अध्ययन अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम, करियर से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने जवाब दिए। विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला ने एनईपी-2020 की मूल अवधारणाएं बताईं। उन्होंने कहा, नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को व्यावहारिक, कौशल आधारित बनाना है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, कौशल विकसित करने पर ध्यान दें। सुरेश कुमार यादव ने मल्टीपल एंट्री, एग्जिट व्यवस्था समझाई। उन्होंने बताया, नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रुचि, परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा की दिशा तय करने का अवसर देती है।
एआई, जलवायु परिवर्तन जैसे नए मुद्दों पर शिक्षाविदों ने रखे विचार
महासमुंद| छुरा स्थित आईएसबीएम विश्वविद्यालय में भारत की विदेश नीति पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। आयोजन बदलती वैश्विक व्यवस्था के संदर्भ में हुआ। फोकस नई चुनौतियों पर रहा। आयोजन विश्वविद्यालय के कला व मानविकी विभाग ने किया। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स का संयुक्त सहयोग रहा। मुख्य विषय बदलते वैश्विक दौर में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की नई सोच रहा। देशभर के शिक्षाविद शामिल हुए। कुलपति आनंद महलवार ने कहा, मजबूत पड़ोसी संबंध भारत को जिम्मेदार वैश्विक शक्ति बनाएंगे। इससे प्रभावशाली भूमिका को आधार मिलेगा। आईसीडब्ल्यूए की प्रतिनिधि अन्वेषा घोष ने कहा, कूटनीति की दिशा बदलनी होगी। सुरक्षा से सहयोग की ओर बढ़ना होगा। सहयोग से साझा विकास की ओर जाना होगा। कुलसचिव बी.पी. भोल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख किया। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा का संदर्भ दिया। पड़ोसी प्रथम नीति को क्षेत्रीय विकास के लिए अहम बताया। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी रणनीति बताया। सम्मेलन पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहा। तकनीकी सत्रों में अमन झा ने विदेश नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका रखी।
शिक्षा रैंकिंग में ब्लॉकवार सुधार करें, मिड-डे मील में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच हो : कलेक्टर
भास्कर संवाददाता | चूरू कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने बुधवार को डीओआईटी वीसी सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक ली। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारियों को जिले के शैक्षणिक स्तर के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और शिक्षा विभाग की रैंकिंग पैरामीटर्स पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने सभी सीबीईओ को निर्देशित किया कि वे ब्लॉक स्तर पर स्कूलवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें। जिन स्कूलों में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं, वहां कारणों का विश्लेषण कर तुरंत सुधार करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सीखने का स्तर ही शिक्षा व्यवस्था का मुख्य आधार है। सीबीईओ और संस्थाप्रधान आपस में समन्वय बनाकर विद्यार्थियों के मानसिक व बौद्धिक स्तर में सुधार लाएं। इसके लिए नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों से पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों का अनिवार्य रूप से स्कूलों में दाखिला कराया जाए। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नामांकन सुनिश्चित करने, मिड-डे मील में भोजन की गुणवत्ता और स्टॉक मेंटेनेंस की नियमित जांच करने के भी निर्देश दिए। सीडीईओ संतोष महर्षि ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान डीईओ माध्यमिक सज्जन सैनी, डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, साक्षरता अधिकारी राजेंद्र गहलोत, एडीपीसी सरिता आत्रेय आदि मौजूद रहे। चूरू | कलेक्टर अभिषेक सुराणा की अध्यक्षता में बुधवार को एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति तथा एनकोर्ड की बैठक हुई। बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विभागवार समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सड़क हादसों को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं एनकोर्ड की बैठक में जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर सुराणा व एसपी निश्चय प्रसाद एम ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। बैठक में पीडब्ल्यूडी एसई भीमसेन स्वामी, डीटीओ नरेश कुमार बसवाल, सानिवि एक्सईएन ऋतिक सांखला, आरएसआरडीसी एईएन शंकर आदि उपस्थित थे।
Prayagraj News: तकनीकी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
तकनीकी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
Kanpur News: जूडो में बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के खिलाड़ियों का दबदबा
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में बुधवार को 70वीं जनपदीय विद्यालयीय जूडो प्रतियोगिता हुई। इसमें 11 टीमों ने हिस्सा लिया। मेजबान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के खिलाड़ियों ने सर्वाधिक जीत दर्जकर दबदबा कायम रखा।
Pithoragarh News: उच्च शिक्षा पूरी करने गए डॉक्टर बिगाड़ रहे जिले के स्वास्थ्य का गणित
उच्च शिक्षा पूरी करने गए डॉक्टरबिगाड़रहे जिले के स्वास्थ्य का गणित
Mandi News: राजकीय बाल पाठशाला में फिर प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी
सदी पुराने राजकीय बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर में फिर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई होगी।
Bilaspur News: एमडीएम वर्करों ने मानदेय न मिलने पर शिक्षा निदेशक को भेजा ज्ञापन
मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू ने मिड-डे मील वर्करों के तीन माह से लंबित मानदेय को तत्काल जारी करने की मांग की है।
आजम खान पर ED की छापेमारी को लेकर भड़के अखिलेश, बोले- शिक्षक, शिक्षा और शिक्षार्थी विरोधी है भाजपा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा को शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी विरोधी बताया और ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
सीकर में महिला छात्र नेता सखी ने कहा- स्टूडेंट्स यूनिटी पूरे देश की सरकार को झुकाने का काम करेगी। एकजुटता से पहले किसानों पर थोपे काले कानून वापस हुए और अब केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। कोई भी लड़ाई एक साथ लड़कर ही जीती जाती है। बरसों पहले हुए आजादी के आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन और हाल ही हुए छात्र आंदोलन में संगठन से ही जीत दर्ज हुई। सीकर में बुधवार को जिला कार्यालय के सामने जश्न-ए-इंकलाब कार्यक्रम में महिला छात्र नेता सखी ने यह कहा। महिला छात्र नेता सखी ने कहा- आंदोलन शुरू करना ही सब कुछ नहीं होता, आंदोलन शुरू करने के बाद वहां डटे रहना ही जीत है। दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन ने धीरे-धीरे गति पकड़ी और पूरे देश में फैल गया। 40 दिनों तक लगातार संख्या बढ़ती रही और आखिरकार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह स्टूडेंट्स की यूनिटी और लगातार आंदोलन करने का ही परिणाम था। पेपर लीक के खिलाफ हुए स्टूडेंट्स आंदोलन की जीत के उपलक्ष्य में हुए सांस्कृतिक और संवाद कार्यक्रम में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट से फेमस हुईं छात्र नेत्री सखी और शरण्या बतौर मुख्य वक्ता पहुंचीं। कार्यक्रम में सीकर गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, आर्ट्स कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज और गर्ल्स कॉलेज की स्टूडेंट्स ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अध्यक्षता SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने की। संचालन जिला सचिव राकेश मुवाल और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप नेहरा ने किया। विशेष आमंत्रित वक्ता शरण्या ने कहा कि स्टूडेंट आंदोलन दिल्ली से पूरे देश में फैला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जरूरत थी लेकिन इससे अभी भी शिक्षा प्रणाली में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी वापसी और NTA जब तक भंग नहीं होगा तब तक शिक्षा में सुधार नहीं हो सकता। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की हर परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं। स्टूडेंट्स का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक सरकारी स्कूलों का बंद होना नहीं रुकता और सबके लिए शिक्षा सस्ती नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स आंदोलन की झलक दिखाई दी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष राजू बिजारणियां, सचिव अभिषेक महला, सुमेर बुडानिया, कमल बींजसी, गोपाल बागड़ी, प्रकाश सैन सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और SFI कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय स्तर की चुनौतियों को समझने तथा उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा ‘बातचीत’ कार्यक्रम की पहल...
शिक्षा से स्वास्थ्य तक... देश के सामने कितनी चुनौतियां? रिपोर्ट में बड़ा दावा
भारत में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी है।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने बुधवार को होली क्रॉस कन्वेंट स्कूल के छात्रों से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। सिंहदेव ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा का अपनी मांगों के लिए सड़क पर आना चिंता की बात है। सरकार को उनकी समस्याओं के लिए उनसे सार्थक संवाद कर उनकी मांगों को पूर्ण करना चाहिए। सिंहदेव ने देश और समाज के प्रति जेन-जी और जेन-अल्फा के विचारों को जानने और उनके विचार और मांगों के प्रतिनिधित्व के लिए होली क्रॉस कान्वेंट स्कूल पहुंचकर छात्रों से बातचीत की। पूर्व डिप्टी सीएम की पहल पर सरगुजा NSUI ने छात्रों से संवाद की एक नई श्रृंखला शुरू की है। छात्रों ने पूछे कई मुद्दों को लेकर सवाल स्कूल के सभाकक्ष में हुए इस संवाद में छात्र-छात्राओं ने कई मुद्दों पर सवाल पूछे। छात्रों ने जेन-जी के जंतर-मंतर आंदोलन, छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं की कमी, अंबिकापुर की सड़कों और सरकारी अस्पतालों से जुड़े सवाल भी पूछे। छात्रों ने सिंहदेव से उनकी निजी पसंद के बारे में भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि वे किस तरह की किताबें पढ़ते हैं और ऑस्ट्रेलिया में स्काईडाइविंग का अनुभव कैसा रहा। किताबों के बारे में सिंहदेव ने बताया कि उन्हें हल्की-फुल्की दार्शनिक सोच वाली किताबें पढ़ना पसंद है। वे स्वामी विवेकानंद से जुड़ी किताबों का भी गहराई से अध्ययन करते हैं। सिंहदेव ने कहा कि राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण उन्हें लोगों से लगातार मिलना और बातचीत करनी पड़ती है। इसलिए पढ़ने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि आजकल नई जानकारी हासिल करने के लिए वे यू-ट्यूब का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अच्छी शिक्षा का ध्येय अच्छा नागरिक बनना सिंहदेव ने कहा कि अच्छी शिक्षा का उद्देश्य मात्र नौकरी हासिल करना ही नहीं है, साथ ही भविष्य के एक अच्छे नागरिक बनने का होता है। सिंहदेव ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा से सरकार को संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का हल करना चाहिए। कार्यकम में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल, सतीश बारी, अंकित जायसवाल, ऋषिकेश सहित होली क्रास कान्वेंट स्कूल के छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को तकनीक से सशक्त बनाने के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्रों हेतु शैक्षिक वीडियो निर्माण की कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य शिक्षकों की विशेषज्ञता को डिजिटल टूल्स से जोड़कर कठिन विषयों को सरल और मनोरंजक बनाना है।
दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा को बेहतर बनाने के लिए डीएसएस कैडर के 111 अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। सर्विस विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत ग्रेड-1 के इन अधिकारियों को विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व समेत महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रेड-1 के अधिकारी लंबे समय से करियर में ठहराव की समस्या का सामना कर रहे थे। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ है। इसके तहत उप निदेशक, उप सचिव और उप चिकित्सा अधीक्षक समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा लाभशिक्षा विभाग में कई अधिकारियों को उप निदेशक (डीएसएस) बनाया गया है। इससे स्कूली शिक्षा व्यवस्था के संचालन में मदद मिलेगी। लोकनायक, जीबी पंत, जीटीबी, बाबा साहेब अंबेडकर और संजय गांधी मेमोरियल अस्पतालों में उप चिकित्सा अधीक्षक तथा स्वास्थ्य निदेशालय में उप निदेशक के पदों पर भी तैनाती की गई है। राजस्व और कर विभाग में भी नियुक्तियां राजस्व विभाग के विभिन्न उप-मंडलों में एसडीएम और व्यापार एवं कर विभाग में सहायक आयुक्त के पदों पर अधिकारियों को तैनाती दी गई है। उपराज्यपाल सचिवालय, कानून एवं न्याय विभाग और सतर्कता निदेशालय में भी पदोन्नत अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वर्षों से चली आ रही रुकावट दूरमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योग्य और अनुभवी अधिकारियों को उचित अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह फैसला डीएएसएस कैडर में वर्षों से चली आ रही पदोन्नति की रुकावट दूर करने के साथ कर्मचारियों की सेवा भावना को प्रोत्साहित करेगा। सरकार का दावा है कि इससे नागरिक सेवाएं अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी होंगी।
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने बुधवार को मोतिहारी में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने यह घोषणा सीएमजे स्कूल में छात्रों और शिक्षकों से संवाद के दौरान की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर चर्चा हुई। मनोज कुमार भारती ने शिक्षा को समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों को बदलते समय के अनुरूप नई शिक्षा प्रणाली की जानकारी होना जरूरी है। जन सुराज ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखता है, जो रोजगारपरक होने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी सहायक हो। विधान परिषद चुनाव को लेकर रणनीति स्पष्ट पत्रकारों से बातचीत में मनोज कुमार भारती ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी अपने उम्मीदवारों को मजबूती से चुनाव मैदान में उतारेगी और बेहतर प्रदर्शन करेगी। सभी वर्गों को साथ लेने का दावा राजनीतिक मुद्दों पर भारती ने कहा कि जन सुराज में शामिल होने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर बेहतर राजनीति का विकल्प प्रस्तुत कर रही है और संगठन का लगातार विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की बात आरजेडी नेता तेजस्वी यादव द्वारा सिवान में एके-47 फायरिंग मामले को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार का विरोध करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगी। कार्यक्रम में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में सीएमजे के निदेशक ज्योति झा, प्रबंध निदेशक आर.के. झा सहित कई शिक्षक, छात्र और जन सुराज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं की भागीदारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने पूर्व शिक्षा मंत्री बीसी नागेश को श्रद्धांजलि दी
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने Wednesday को पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीसी नागेश के निधन पर शोक व्यक्त किया. Chief Minister डीके शिवकुमार, उपChief Minister जी. परमेश्वर और भाजपा नेताओं ने पूर्व मंत्री के साथ अपने लंबे जुड़ाव और दोस्ती को याद किया और उनके योगदान की ... Read more
विकसित राजस्थान@2047’ के विजन के अनुरूप प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा से रोजगार तक की राह को सशक्त बनाने के लिए यूनिसेफ (यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। पर्यटन, उच्च शिक्षा, गृह और नवकरणीय ऊर्जा विभागों में नई जिम्मेदारियां मिली हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी का किया स्वागत, जर्जर कक्षा कक्षों में विद्यार्थियों को नहीं बैठाने के निर्देश
बड़ीसादड़ी में शिक्षक संघ सियाराम ने जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम गौड़ और संस्थापन अधिकारी मुकेश कुमार कोठारी का स्वागत किया। गौड़ ने जर्जर कक्षा कक्षों में बच्चों को नहीं बैठाने सहित कई निर्देश दिए।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की पहल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा
New Delhi, 19 अगस्त . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Wednesday को उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की. यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई. बैठक में देशभर के विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत ... Read more
मध्यप्रदेश प्रशासनिक: 4 IAS अधिकारियों के तबादले, गृह और उच्च शिक्षा विभाग में नई नियुक्तियां
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अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में बुधवार को शिक्षा संकुल में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात prahladjoshi,educationminister,freeonlinecoachingशिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। श्री जोशी ने इस बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर […]
राज्य सरकार ने बुधवार को चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। इसमें भारती जाटव ओगरे को स्कूल शिक्षा विभाग से उच्च शिक्षा विभाग में अपर सचिव पदस्थ किया गया है। भारती ने जून में तबादला होने के बाद से अब तक खनिज साधन विभाग में ही काम संभाल रखा है। बुधवार को जारी आदेश में वर्ष 2012 बैच की आईएएस अधिकारी भारती जाटव ओगरे अभी खनिज साधन विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें 17 जून को जारी आदेश में अपर सचिव खनिज साधन विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में अपर सचिव पद पर पदस्थ किया गया था लेकिन भारती ने अब तक जॉइन नहीं किया था। अब जीएडी ने भारती ओगरे को अपर सचिव, उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी मनीषा सेंतिया वर्तमान में अपर सचिव गृह विभाग के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अपर सचिव पर्यटन विभाग पदस्थ किया गया है। इसी तरह वर्ष 2016 बैच की अधिकारी शुचिस्मिता सक्सेना उप सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को उप सचिव, गृह विभाग की नई जिम्मेदारी दी गई है। इनके अलावा वर्ष 2017 बैच के अधिकारी विवेक कुमार जो वर्तमान में पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत थे, उन्हें उप सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में पदस्थ किया गया है। इनको मिला है एडिशनल चार्ज इसके पहले राज्य शासन ने 11 अगस्त को जारी आदेश में अंशुमान राज प्रबंध संचालक स्वान को अपर प्रबंध संचालक राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम के पद पर पदस्थ किया है। एक अन्य आदेश में वीएस चौधरी कोलसानी प्रबंध संचालक जल निगम तथा अपर सचिव पीएचई विभाग को अपर सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
खेरवाड़ा के भाणदा विद्यालय में पूर्व छात्रों की घोषणा के अनुसार 25 हजार रुपये का कंप्यूटर सेट स्थापित किया गया, जिससे छात्राओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का एक्शन मोड, सोनीपत के स्कूल का किया औचक निरीक्षण
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और धरातलीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं...
सोनीपत। हरियाणा में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा इन दिनों लगातार ग्राउंड पर उतरकर व्यवस्थाओं की हकीकत जांच रहे हैं। कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट लेने के बजाय मंत्री स्वयं स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक स्कूल पहुंचे मंत्री ने परिसर में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पढ़ाई के माहौल का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और स्कूल में पढ़ाई तथा उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सीधे फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी पढ़ाई की स्थिति शिक्षा मंत्री ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याएं और जरूरतें मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। स्कूल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी जांचा। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखा जाए। विद्यार्थियों को किसी भी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। कार्यालय में बैठने के बजाय ग्राउंड पर पहुंच रहे मंत्री शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा लगातार शिक्षण संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी स्तर की स्थिति को खुद समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे स्कूलों और कॉलेजों में जाकर व्यवस्थाओं की सीधे निगरानी कर रहे हैं और कमियों को मौके पर ही दूर करने के निर्देश दे रहे हैं। 11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके निरीक्षण पिछले 11 दिनों में शिक्षा मंत्री कई शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। इन दौरों के दौरान भी उन्होंने शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षकों को दिए निर्देशनिरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जहां गरीब से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।

