'शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया क्योंकि...', धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई, लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. वहीं ओडिशा में प्रधान ने नवीन पटनायक पर युवाओं को अपने खिलाफ प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप लगाया.
Mandi News: नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दी जानकारी
सुंदरनगर के एमएलएसएम महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हुआ
उच्च शिक्षा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की शक्ति में बदलने का माध्यम : प्रो. मुनेश
उरई। डीवी कॉलेज में शनिवार को शिक्षक शिक्षा विभाग व आईक्यूएसी की ओर से समकालीन सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में उच्च शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया।
Gurugram News: शिक्षा विभाग के नियमों की अवहेलना कर शनिवार को खुले रहे कई निजी स्कूल
Several private schools remained open on Saturday, flouting Education Department rules.
Sant Kabir Nagar News: नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के कौशल और व्यक्तित्व विकास पर भी देती है बल
The New Education Policy also emphasizes the development of students' skills and personalities.
Protests: 'मैं किसान का बेटा, वापस आऊंगा', इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार; Gen Z को लेकर क्या बोले?--Dharmendra Pradhan Says He Resigned After Attempts to Mislead Gen Z During NEET Protests
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में क्या है मदरसों की शिक्षा का भविष्य?
यूपी कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य मदरसा बोर्ड अब कामिल और फाजिल जैसी उच्च शिक्षा की डिग्रियां नहीं देंगे. सरकार ने ये फैसला क्यों लिया और इस फैसले के बाद यूपी में क्या होगा मदरसा शिक्षा का भविष्य
सावरकर क्विज विवाद : सामान्य शिक्षा मंत्री ने जांच और सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
तिरुवनंतपुरम, 8 अगस्त . केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि वे कासरगोड के कुंबला और मंजेश्वर उप-जिलों के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर आयोजित ‘फ्रीडम क्विज’ से जुड़े विवाद की विस्तृत जांच करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. यह विवाद तब ... Read more
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के बाहर यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की लाइव स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रयागराज से छात्रों को संबोधित किया, जिसका सीधा प्रसारण पटियाला के छात्रों और युवाओं को दिखाया गया। उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इनमें पेपर लीक, युवाओं का भविष्य, रोजगार के अवसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में डेटा सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस की महासचिव हरनीत कौर बराड़, यूथ कांग्रेस पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गगनदीप सिंह जलालपुर और जिला यूथ कांग्रेस प्रधान अर्शदीप सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे। नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश में चल रहे मौजूदा मुद्दों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की एक पहल बताया। नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए यूथ कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से पेपर लीक के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा घंटों मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत व्यर्थ हो जाती है। नेताओं ने जानकारी दी कि पेपर लीक के विरोध में दिल्ली और चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती में शिक्षक के पदों की संख्या बढ़ने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने बिहार के सभी जिलों में खाली पड़े टीचर के पदों की जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि जिलों से रिक्तियां मिलने पर इन्हें टीआरई 4 में जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन का इंतजार और बढ़ सकता है।
अरावली पर्वतमाला से जुड़े पर्यावरणीय, पारिस्थितिक और खनन संबंधी विषयों के परीक्षण के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की उच्च स्तरीय समिति की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। पहले बैठक 10 अगस्त को दोपहर 3 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह सुबह 10 बजे जिला परिषद सभागार में होगी। बैठक में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, खनिज पट्टाधारकों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित सभी संबंधित हितधारकों को सुझाव और अभिमत रखने का अवसर मिलेगा। समिति इन सुझावों और व्यावहारिक अनुभवों का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाओं में शामिल करने पर विचार करेगी। उदयपुर खनन अभियंता आरिफ अंसारी ने बताया कि समिति अरावली से जुड़े पर्यावरणीय, पारिस्थितिक और खनन संबंधी विषयों का व्यापक परीक्षण कर आवश्यक अनुशंसाएं तैयार कर रही है। इसी क्रम में उदयपुर में सार्वजनिक परामर्श आयोजित किया जा रहा है। उदयपुर को मिले 8 नए पटवारी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की पटवारी प्रतियोगी परीक्षा-2025 में अंतिम रूप से चयनित 8 अभ्यर्थियों को उदयपुर जिले में पटवारी पद पर नियुक्ति दी गई है। जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को दो वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु के रूप में अस्थायी नियुक्ति दी गई है। नवनियुक्त पटवारियों को सोमवार 10 अगस्त से जिला कलेक्टर कार्यालय के भू-अभिलेख अनुभाग में कार्यभार ग्रहण करना होगा। इनमें गैर अनुसूचित क्षेत्र यानी नॉन-टीएसपी के 3 और अनुसूचित क्षेत्र यानी टीएसपी के 5 अभ्यर्थी शामिल हैं। नॉन-टीएसपी क्षेत्र में बिशन लाल परसोया, यशपाल गुर्जर और पीयूष गोचर का चयन हुआ है। वहीं टीएसपी क्षेत्र में भावेश कुमार, जितेन्द्र मीणा, ध्रुव रावल, शोभा लाल भट्ट और रितिक राज सिंह चुंडावत को नियुक्ति मिली है। मेवाड़-वागड़ की बेटियों के लिए शिक्षा की पहल विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र में डॉ. दिव्यानी कटारा के नेतृत्व में सामाजिक पहल आयोजित की गई। इस दौरान वागड़, मेवाड़ और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों से आई बालिकाओं को स्टेशनरी किट वितरित की गई। पहल का उद्देश्य आदिवासी समाज की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना रहा। सामाजिक सरोकार और जनजागरूकता की पहल के रूप में आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं से संवाद कर उन्हें नियमित अध्ययन, उच्च शिक्षा और अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. दिव्यानी कटारा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस अस्मिता, पहचान, संस्कृति और हक-अधिकारों को सम्मान के साथ याद करने का दिन है। आदिवासी समाज की हर बेटी के शिक्षित होने से समाज की ताकत बढ़ेगी। शिक्षा बेटियों को अपने अधिकार समझने, आत्मनिर्भर बनने और समाज का नेतृत्व करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि वागड़ और मेवाड़ की बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है। नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मावली (उदयपुर) में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6 में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। विद्यालय के प्राचार्य घनश्याम मीना ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय की वेबसाइट पर जाकर नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए आवेदन में संशोधन की सुविधा 11 और 12 अगस्त को उपलब्ध रहेगी। इस दौरान अभ्यर्थी लिंग, श्रेणी, क्षेत्र, दिव्यांगता और परीक्षा के माध्यम सहित अन्य संबंधित विवरणों में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।
बिहार के 4 डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद, उच्च शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन
उच्च शिक्षा विभाग ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद कर दी है, जिससे उनकी मान्यता समाप्त हो गई है।
केरलम स्कूल क्विज में सावरकर प्रश्न पर बवाल, राज्य के शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
केरल के एक स्कूल में वीडी सावरकर से जुड़े एक प्रश्न पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्हें अंग्रेजों द्वारा सबसे कठोर सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में दर्शाया गया।
सुकमा जिले के कोर्रा स्थित आरएमएस 100 सीटर बालक आश्रम-छात्रावास में बच्चों से धान की रोपाई कराने और खाने-नाश्ते में कटौती करने के आरोप लगे हैं। आश्रम में रहने वाले छात्रों ने जांच टीम के सामने अधीक्षक पर निजी काम कराने और विरोध करने पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। अब प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है। छात्रों का कहना है कि उन्हें आश्रम में पढ़ाई के लिए रखा गया है, लेकिन कई बार पढ़ाई के समय उन्हें खेतों में धान की रोपाई करने के लिए भेज दिया जाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे अधीक्षक के निजी काम कराए जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। खाने-नाश्ते को लेकर भी शिकायत छात्रों ने भोजन व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की है। उनका कहना है कि उन्हें सुबह करीब 9 बजे और शाम 7 बजे ही खाना दिया जाता है। वहीं, तय मेन्यू के मुताबिक शाम करीब 4 बजे मिलने वाला नाश्ता भी नियमित रूप से नहीं दिया जाता। छात्रों ने खाने की मात्रा कम करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि कई बार उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता। जांच के लिए पहुंची अधिकारियों की टीम शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की टीम आश्रम पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। छात्रों ने टीम के सामने खेत में काम कराने, भोजन-नाश्ते की व्यवस्था और अधीक्षक के व्यवहार को लेकर अपनी बात रखी। अधिकारियों ने छात्रों के बयान दर्ज किए और मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
बिहार:बसंतपुर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत
8 शनिवार, अगस्त: सीवान के बसंतपुर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजे और फूलों की माला से अभिनंदन किया। भाजपा कार्यालय में समारोह भी हुआ।
छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लंबे समय से चल रहे ट्रांसफर के इंतजार को लेकर शिक्षा विभाग ने आखिरकार आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने करीब 700 शिक्षकों का ट्रांसफर किया है। वहीं अलग-अलग कारणों से करीब 400 शिक्षकों के नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए। अब विभाग अगले चरण में ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम शुरू करने की तैयारी पर भी मंथन कर रहा है। दरअसल, ट्रांसफर के लिए विभाग ने पहले करीब 1,600 शिक्षकों की लिस्ट तैयार की थी। इसके बाद इस लिस्ट की समीक्षा की गई और संख्या कम करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के बाद करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित लिस्ट तैयार हुई। अंतिम जांच में भी तय नियमों के मुताबिक नहीं पाए गए करीब 400 नाम हटा दिए गए। इसके बाद बची लिस्ट में शामिल करीब 700 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। इन शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर की प्रक्रिया में स्कूलों की पढ़ाई और बच्चों के हित को प्राथमिकता दी। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पहले ही कम है, वहां से शिक्षक हटाने से बचा गया है। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों, सिंगल टीचर वाले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों और ऐसे शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया। जिनके जाने से स्कूल शिक्षक विहीन हो सकता था। इसके अलावा अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में ट्रांसफर के मामलों और ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों को भी अंतिम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। विभाग का कहना है कि किसी शिक्षक के ट्रांसफर से स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। आवेदन और सिफारिश के आधार पर बनी थी लिस्ट जानकारी के मुताबिक, ट्रांसफर के लिए शिक्षकों से मिले आवेदनों और अलग-अलग स्तर से आई सिफारिशों के आधार पर नामों की लिस्ट तैयार की गई थी। इसके बाद विभाग ने हर केस की जांच की। शुरुआती लिस्ट से लेकर अंतिम लिस्ट तक कई स्तर पर जांच हुई। इसी दौरान करीब 400 नाम हटा दिए गए। अब अंतिम लिस्ट में शामिल शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हो गया है। ट्रांसफर हुए शिक्षकों को अब नए स्कूल में ज्वाइन करना होगा। अगली बार ऑनलाइन ट्रांसफर का सिस्टम बनाने की तैयारी मौजूदा ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग अब आगे की व्यवस्था को ऑनलाइन करने पर भी विचार कर रहा है। विभाग में शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने का सिस्टम शुरू करने को लेकर चर्चा चल रही है। अगर यह सिस्टम लागू होता है तो शिक्षक एक तय पोर्टल पर जाकर खुद ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। इससे ट्रांसफर की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने और आवेदन का समय पर निराकरण करने में मदद मिल सकती है। विभाग दूसरे राज्यों में चल रहे ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम का भी अध्ययन कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच के बाद सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। फिलहाल करीब 700 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी हो चुके हैं। अब इन शिक्षकों की नजर नए पदस्थापना वाले स्कूलों पर है।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमताओं के समुचित उपयोग और उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) एवं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के युवा अधिकारी इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद कर उन्हें प्रेरित करेंगे और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का पंचकूला गवर्नमेंट कॉलेज में औचक निरीक्षण
हरियाणा केशिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-1 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया
धार में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक रैली और आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस आयोजन कमेटी, धार ने शनिवार को उदय रंजन क्लब मैदान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। समिति ने बताया कि रैली में जिलेभर से आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाया जाएगा। आदिवासी समाज के महेश चौहान ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना है। इसका लक्ष्य विश्व आदिवासी दिवस के महत्व, आदिवासी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के युवा और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति तथा संवैधानिक अधिकारों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। रैली के बाद होने वाली आमसभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जंगल-जमीन, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून और संवैधानिक अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आमसभा के उपरांत आदिवासी समाज अपनी प्रमुख मांगों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की जाएगी। आयोजन समिति ने समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सभी नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। समिति ने इस दौरान शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया है। समिति के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज की संस्कृति, पहचान, अधिकारों और नई पीढ़ी को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला काउंसिल और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर सोनभद्र में एक जोरदार पैदल मार्च निकाला। यह मार्च आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की विभिन्न जनहित समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुर्क तिराहा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। जिला सचिव आरके शर्मा ने बताया कि खनिज और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध सोनभद्र देश को ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, जिले के आदिवासी, किसान, मजदूर और आम नागरिक आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना और बभनी में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खोलने की मांग शामिल थी। संगठन ने उत्तर प्रदेश में पेसा कानून का कड़ाई से पालन कराने, जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों एवं परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा वनाधिकार कानून के दावों के निस्तारण तक पात्र लोगों को बेदखल नहीं करने की मांग भी की। आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भाकपा ने मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, खनन में प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिक्त पद भरने और बभनी-म्योरपुर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में स्थानीय युवाओं, प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों को उद्योगों में रोजगार में प्राथमिकता, प्रतिदिन 20 घंटे बिजली आपूर्ति, जर्जर विद्युत तार-पोल और ट्रांसफार्मर बदलने तथा 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल थी। संगठन ने सीएसआर और डीएमएफ निधि का पारदर्शी तरीके से स्थानीय विकास में इस्तेमाल करने और 'हर घर नल जल' योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग भी की। ज्ञापन में कोल, मुसहर, धांगर, धरकार और बियार समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पर्याप्त राशन एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। भाकपा ने मुख्यमंत्री से 19 सूत्रीय मांगों पर आश्वासन के बजाय धरातल पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर ABVP मुखर, उच्च शिक्षा की समस्याओं पर सौंपा ज्ञापन
बड़ीसादड़ी में ABVP ने छात्रसंघ चुनाव बहाली और उच्च शिक्षा की समस्याओं को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विभाग ने गहन जांच-पड़ताल और विभागीय समीक्षा के बाद लगभग 700 शिक्षकों की नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं।
झालावाड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रसंघ चुनावों की बहाली सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पीजी कॉलेज झालावाड़ के बाहर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करना, विश्वविद्यालयों में समयबद्ध अकादमिक कैलेंडर लागू करना, रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करना, सरकारी कॉलेजों में नियमित प्रिंसिपलों की नियुक्ति तथा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित करना शामिल था। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और नेतृत्व विकसित करने का अवसर देते हैं। लंबे समय से चुनाव न होने के कारण छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। परिषद ने सरकार से छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र घोषणा करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद, कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम एक ज्ञापन पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल आर.के. मीना को सौंपा। इस दौरान जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से छात्र हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हित से जुड़ी इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषद ने दोहराया कि वह छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी।
मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में 27वें से पहले स्थान पर पहुंच गया है, केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने मोहाली में 800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और बताया कि अब तक 69,094 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पंचकूला के गवर्नमेंट कॉलेज का दौरा किया, जहां उन्होंने 'नो एंट्री विदाउट परमिशन' नोटिस पर आपत्ति जताई और उसे हटाने को कहा। मंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर बातचीत की।
SBI Clerk Recruitment 2026: क्लर्क के 1538 पदों पर रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, चेक कर लें डिटेल्स
PC: jagran स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने क्लर्क के 1,538 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार SBI की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन विंडो 7 अगस्त, 2026 को खुली थी और उम्मीदवार 27 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। SBI क्लर्क भर्ती 2026: उम्र सीमा क्लर्क पदों के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र सीमा 1 अप्रैल, 2026 के आधार पर कैलकुलेट की जाएगी। आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को लागू नियमों के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी: OBC उम्मीदवार: 3 साल SC/ST उम्मीदवार: 5 साल विकलांग व्यक्ति: 10 साल आवेदकों के पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री भी होनी चाहिए, साथ ही भर्ती नोटिफिकेशन में बताई गई दूसरी योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा। SBI क्लर्क सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट्स का सिलेक्शन एक प्रीलिमिनरी एग्जाम और उसके बाद मेन एग्जाम से होगा। प्रिलिमिनरी एग्जाम में 100 सवाल होंगे और कुल 100 मार्क्स होंगे। इंग्लिश लैंग्वेज, न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीज़निंग एबिलिटी जैसे सब्जेक्ट्स से सवाल पूछे जाएंगे। कैंडिडेट्स को एग्जाम पूरा करने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा। एग्जाम में हर गलत जवाब के लिए एक-चौथाई मार्क्स की नेगेटिव मार्किंग भी होगी। जो कैंडिडेट्स प्रीलिमिनरी स्टेज में क्वालिफाई करेंगे, उन्हें मेन एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। मेन एग्जाम 200 मार्क्स का होगा और इसमें 190 सवाल होंगे। पेपर में जनरल और फाइनेंशियल अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड कवर होंगे। SBI क्लर्क एप्लीकेशन फीस कैंडिडेट्स को अपना फॉर्म जमा करते समय तय एप्लीकेशन फीस देनी होगी। OBC कैंडिडेट्स के लिए, एप्लीकेशन फीस ₹750 है। SC, ST और PwBD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फीस देने से छूट दी गई है। योग्य उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लें और सभी योग्यता की ज़रूरतों और निर्देशों के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें।
PC: kalingatv बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कई डिपार्टमेंट में स्पेशलिस्ट ऑफिसर पोस्ट के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाए हैं। ऑफिशियल रिक्रूटमेंट के मुताबिक, ऑर्गनाइज़ेशन का मकसद इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए रेगुलर बेसिस पर कुल 206 स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती करना है। इन पोस्ट में मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर, टेक्निकल मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजर, डेटा साइंटिस्ट, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर, सिक्योरिटी मैनेजर, टैक्सेशन मैनेजर और कई दूसरे स्पेशलिस्ट पोस्ट शामिल हैं। सभी इंटरेस्टेड एप्लीकेंट अगर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं तो ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए 26 अगस्त, 2026 तक रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रोसेस 6 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। चुने गए कैंडिडेट्स को बैंक की ऑपरेशनल ज़रूरतों के आधार पर भारत में कहीं भी पोस्ट किया जा सकता है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: वैकेंसी डिटेल्स डिजिटल बैंकिंग, फैसिलिटी मैनेजमेंट, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, सिक्योरिटी, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस और कॉर्पोरेट अकाउंट्स एंड टैक्सेशन प्लानिंग डिपार्टमेंट में वैकेंसी खुली हैं। टोटल : 206 डिजिटल बैंकिंग: 19 फैसिलिटी मैनेजमेंट: 88 इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी: 16 सिक्योरिटी: 54 एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस: 14 कॉर्पोरेट अकाउंट्स और टैक्सेशन प्लानिंग: 15 बैंक ऑफ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: एप्लीकेशन फीस कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म जमा करते समय एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन देनी होगी। जनरल, OBC और EWS: Rs. 850 (GST सहित) प्लस पेमेंट गेटवे चार्ज SC, ST, बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले लोग, एक्स-सर्विसमैन और महिलाएं: Rs. 175 (GST सहित) प्लस पेमेंट गेटवे चार्ज एप्लीकेशन फीस नॉन-रिफंडेबल है, चाहे सिलेक्शन स्टेज कोई भी हो। बैंक ऑफ़ बड़ौदा रिक्रूटमेंट 2026: सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन प्रोसेस में मिले एप्लीकेशन की संख्या के आधार पर नीचे दिए गए एक या ज़्यादा स्टेज शामिल हो सकते हैं: एप्लीकेशन स्क्रीनिंग ऑनलाइन एग्जाम साइकोमेट्रिक टेस्ट ग्रुप डिस्कशन (अगर लागू हो) पर्सनल इंटरव्यू अगर ऑनलाइन एग्जाम होता है, तो उसमें रीजनिंग, इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और प्रोफेशनल नॉलेज के सेक्शन शामिल होंगे। बैंक तय सिलेक्शन स्टेज में परफॉर्मेंस के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार करेगा।
भारत में कक्षा 1 से 12 तक शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों की संख्या में कमी
भारत में शिक्षा के हालात पर एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश में केवल 5.67 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं जो कक्षा 1 से कक्षा 12 तक शिक्षा प्रदान करते हैं। इस आंकड़े के अनुसार, अधिकांश छात्रों को अपनी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर स्कूल बदलने की आवश्यकता होती है। हालांकि, सरकार ने संक्रमण दर में सुधार और ड्रॉपआउट दर में कमी की भी जानकारी दी है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
job news 2026: आईबीपीएस क्लर्क के लिए कर सकते हैं आप भी आवेदन, लास्ट डेट आ रही हैं पास
इंटरनेट डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में नौकरी चाहने वालों के लिए बेहतरीन अवसर है। आप भी अगर इस सेक्टर में जाना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन आईबीपीएस ने क्लर्क भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त को शुरू कर दी है। आवेदन की लास्ट डेट-21 अगस्त 2026 कुल पद- 11,403 पदों के नाम- क्लर्क कौन कर सता है आवेदन- उम्मीदवारों के पास किसी भी डिसिप्लिन में बैचलर डिग्री होनी चाहिए सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट ibps.in देख सकते हैं pc- HR news
AIIMS Raipur Recruitment 2026: एम्स रायपुर में सीनियर रेजिडेंट के 121 पदों पर भर्ती निकली है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह एक अच्छा मौका है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल शिक्षा में बड़ा बदलाव: 11 नए कोर्स किए लॉन्च, अस्पतालों के लिए मान्यता नियम सख्त
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के लिए मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। साथ ही अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी में 11 नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इसके लिए एनबीईएमएस ने नोटिफिकेशन जारी किया है।
स्कूल ड्रेस में खेत में धान रोपते बच्चों का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश
स्कूल ड्रेस में खेत में धान रोपते बच्चों का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश
उमरिया जिले के करकेली विकासखंड के देवरी मजरा गांव में स्कूल गणवेश पहने बच्चों द्वारा खेत में धान की रोपाई करते हुए एक वीडियो सामने आया है। शुक्रवार को यह वीडियो सामने आया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो में कई बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में धान के पौधे लगाते हुए स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये बच्चे देवरी मजरा गांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र हैं, जहां माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदान की जाती है। प्राचार्य ने कहा, रोपण विषय का प्रैक्टिकल इस मामले पर स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को धान की रोपाई के उद्देश्य से खेत में नहीं ले जाया गया था। उनके मुताबिक, नए पाठ्यक्रम में रोपण से संबंधित विषय शामिल है, जिसके तहत बच्चों को खेत में ले जाकर रोपण की प्रक्रिया और उससे जुड़ी जानकारी दी जा रही थी। प्राचार्य ने बच्चों से जबरन रोपाई कराने के आरोप को गलत बताया। डीईओ बोले- मामले की जांच कराई जाएगी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बीएस बरकड़े ने बताया कि विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुष्टि की कि उन्हें वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घायल जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिव शक्ति कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक टीचर को नामजद करते हुए छह अज्ञात नकाबपोश हमलावरों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने नामजद आरोपी शिक्षक राजगीर शर्मा को गिरफ्तार कर कर लिया है। अजीमाबाद थाना क्षेत्र के ताराचक गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में सहार प्रखंड के खैरा कन्या मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार घटना के पीछे एक प्रमाण पत्र की जांच और पदस्थापना को लेकर चल रहे विवाद की बात सामने आ रही है। हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता की छह धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गाड़ी रोककर किया हमला प्राथमिकी के अनुसार, गुरुवार की देर शाम डीपीएम (एमडीएम) शिव शक्ति कुमार, डीपीओ राहुल रंजन और क्लर्क वेंकटेश कुमार कार से लौट रहे थे। रतनपुर-सनदिया पुल के पास आरा-पटना हाईवे पर बाइक और कार से पहुंचे पांच-छह हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडे और बैट से कार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कार के शीशे तोड़ दिए और अधिकारियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। करीब दस मिनट तक चली मारपीट में डीपीओ, डीपीएम और क्लर्क घायल हो गए। हमले में वेंकटेश कुमार का एक दांत भी टूट गया। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हस्तक्षेप कर तीनों अधिकारियों को हमलावरों के चंगुल से बचाया। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। अफरा-तफरी के बीच ग्रामीणों ने एक हमलावर राजगीर शर्मा को मोबाइल सहित पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मोबाइल, अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
JTET: 9 साल से नहीं हुई झारखंड TET परीक्षा, हाईकोर्ट सख्त; शिक्षा सचिव को शोकॉज नोटिस
राज्य में करीब नौ साल से जेटेट का आयोजन नहीं हुआ है। इसपर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 मार्च 2026 तक जेटेट आयोजित करने का निर्देश दिया था।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और राई स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व प्राचार्य ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने 95 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली । गांव ठरु उलदेपुर के मूल निवासी एवं वर्तमान में सेक्टर-14 निवासी ब्रिगेडियर चौधरी के निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन, महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के वाइस चांसलर और राई स्पोर्ट्स स्कूल के प्राचार्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनका अंतिम संस्कार आज शनिवार दोपहर बाद 3 बजे सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा। शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा जीवन ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के उत्थान, अनुशासन व युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया। शिक्षा के क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव और दूरदर्शी सोच के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना से भी जोड़ने का प्रयास किया। हजारों विद्यार्थियों को दिखाई सफलता की राह शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए ब्रिगेडियर चौधरी ने हजारों विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित किया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका मार्गदर्शक भाव उन्हें शिक्षा जगत में अलग पहचान दिलाता रहा। कई महत्वपूर्ण पदों पर दी सेवाएं ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रहे। इसके अलावा उन्होंने महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के पूर्व वाइस चांसलर और राई स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व प्राचार्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। वे सोनीपत के ब्राइट स्कॉलर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संरक्षक भी रहे। इन संस्थानों में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी।सादगी और अनुशासन के लिए रहे यादगार ब्रिगेडियर चौधरी के व्यक्तित्व में सादगी, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का अद्भुत समन्वय रहा। उनके परिचितों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के अनुसार वे विद्यार्थियों और युवाओं को हमेशा मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने जताया शोक सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर चौधरी का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी अपने पीछे पत्नी, बेटा, बेटी, पौते और नाती समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी गहरा शोक है। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के लिए किए गए योगदान को लंबे समय तक सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। आज सेक्टर-15 शिव मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद 3 बजे सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में शिक्षा, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के पहुंचने की संभावना है।
साइकिल योजना बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है: नितेश
भास्कर न्यूज | कवर्धा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजानवागांव में सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की 77 छात्राओं को निशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल मिलने से छात्राओं में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री निेतेश अग्रवाल रहे। उन्होंने कहा कि यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्य अतिथि निेतेश ने घोषणा की कि विद्यालय की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 5,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। ग्राम सरपंच महेंद्र कुमार राय ने 5,001रुपए व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लोकचंद साहू ने 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। वहीं जनपद उपाध्यक्ष नन्द श्रीवास ने विद्यालय में लगभग 3.50 लाख रुपए की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की। कार्यक्रम में विद्यार्थी सहित ग्राम सरपंच महेंद्र कुमार राय, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ज्ञानी पटेल सहित समिति के सदस्य एवं ग्रामीण मौजूद रहे। बालिका शिक्षा के लिए इसे प्रभावी पहल बताया: प्राचार्य सुधीर गुप्ता ने स्वागत भाषण में कहा कि सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं की विद्यालय में नियमित उपस्थिति बढ़ी है और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी मजबूत हुई है। उन्होंने योजना को बालिका शिक्षा के लिए प्रभावी पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। संचालन व्याख्याता शिवेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने किया तथा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कौशल शिक्षा को मजबूत करने पर दिया जोर
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना लुधियाना के शास्त्री नगर स्थित बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एलएसएससी के तत्वावधान में सीबीएसई प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (पीआरपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम ''कौशल विकास'' पर आयोजित हुआ। कक्षा 9 और 10 में कौशल विकास के अनिवार्य कार्यान्वयन पर केंद्रित इस कार्यक्रम में लुधियाना के विभिन्न स्कूलों से 66 प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, इसके बाद प्रधानाचार्य डॉ. अनुजा कौशल ने संबोधन में कौशल-आधारित शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्कूल के स्किल विभाग द्वारा 23 कौशल विषयों के माध्यम से ''कौशल बोध'' और ''कौशल विकास'' पर निरंतर फोकस का उल्लेख किया। कार्यक्रम में सीबीएसई के कौशल शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर व अतिरिक्त निदेशक आर. पी. सिंह उपस्थित रहे। शैक्षणिक सत्रों का संचालन डॉ. शायदा राणा और डॉ. सोनिया मागो ने किया। प्रमुख आकर्षण सीबीएसई के प्रशिक्षण व कौशल शिक्षा निदेशक डॉ. बिस्वजीत सहा के साथ वर्चुअल संवाद रहा, जिसमें उन्होंने नीति से अभ्यास तक कौशल विकास को लागू करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में एनईपी 2020 व एनसीएफ-एसई 2023, पाठ्यक्रम समझ, गतिविधि योजना, आकलन, ''बैगलेस डेज'' और ''माय करियर एडवाइजर'' सहित सत्र आयोजित हुए।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कौशल आधारित शिक्षा को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यावहारिक तरीके और गतिविधियां भी समझाई गईं।
Kurukshetra News: अतिथि अध्यापक आज फूंकेंगे शिक्षा मंत्री का पुतला
अतिथि अध्यापक आज फूंकेंगे शिक्षा मंत्री का पुतला
Kanpur News: नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय मंथन, देशभर से जुटे 108 शिक्षा विशेषज्ञ
जयनारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज विकासनगर में शुक्रवार से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से प्राथमिक एवं मिडिल स्तर की शैक्षिक परिषद की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
Gorakhpur News: शिक्षा के साथ शिक्षण में भी बेटियों की धमक, संवार रहीं कल की तस्वीर
15 हजार से अधिक महिला शिक्षक दे रहीं भविष्य को आकार। प्राथमिक से कंपोजिट विद्यालयों तक निभा रहीं अहम भूमिका।
Mohali News: मोहाली में एनएसक्यूएफ शिक्षकों का प्रदर्शन, शिक्षा विभाग में विलय की मांग
NSQF teachers protest in Mohali, demand merger with the Education Department
Chandauli News: 62 वर्ष की जाए शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की उम्र
Retirement age of Shiksha Mitras should be set at 62 years.
ईरान के मंत्री की प्रह्लाद जोशी से मुलाकात, दोनों देशों के बीच शिक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति
भुवनेश्वर, 7 अगस्त . Odisha की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान Friday को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से ईरान के कार्यवाहक विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मसूद शम्स-बख्श ने मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. India में ईरानी दूतावास ... Read more
ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों ने बैठक में सर्वसम्मति से अपनाया घोषणापत्र, पांच मुख्य प्राथमिकताएं तय
मीडिया से बात करते हुए जोशी ने बताया कि बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इथियोपिया के शिक्षा मंत्री, प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत पांच अगस्त को भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ हुई थी।
बेरोजगारी-शिक्षा पर सरकार क्या कर रही, पीएम मोदी 15 अगस्त पर बताएं: अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री भारत के युवाओं को संबोधित करें। हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वे बताएं कि सरकार शिक्षा, बेरोजगारी और जीवन यापन के खर्च के संबंध में युवाओं के लिए क्या कर रही है।
शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक! परिसर में ही पीने का आरोप, सीधी में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक! परिसर में ही पीने का आरोप, सीधी में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यूपी में क्या है मदरसों की शिक्षा का भविष्य
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने उच्च शिक्षा की डिग्रियां कामिल और फाजिल बंद करने का फैसला लिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर लिया गया है, जिसने मदरसा शिक्षा बोर्ड को विश्वविद्यालय स्तर की...
ब्यावर जिले में पिछले तीन सालों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को गति देने के साथ अब भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ब्यावर के विकास की नई रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिला प्रगति प्रदर्शनी के शुभारंभ के बाद कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और विधायक शंकर सिंह रावत ने जिले में हुए विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। वहीं, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने भविष्य में विकसित होने वाले मिनी सचिवालय की प्रस्तावित योजना और विकास रोडमैप की जानकारी दी। स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास को प्राथमिकता कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और विधायक शंकर सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ब्यावर जिले के विकास के प्रति गंभीर और संवेदनशील है। जिले की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों से जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में ब्यावर जिले के विकास को और गति मिलेगी तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आमजन मिलकर बढ़ाएंगे विकास जिले के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। सामूहिक प्रयासों से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही गई, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बनेगा मिनी सचिवालय जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने भविष्य में विकसित होने वाले मिनी सचिवालय की प्रस्तावित योजना और विकास रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने मिनी सचिवालय के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप किए जाने वाले निर्माण एवं विस्तार कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। जिला कलेक्टर ने बताया कि मिनी सचिवालय को आगामी वर्षों की प्रशासनिक और जनसंख्या संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की योजना है। इसमें विभिन्न विभागों के कार्यालयों के लिए पर्याप्त स्थान, आमजन के लिए सुगम आवागमन, पार्किंग और अन्य आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाएं शामिल होंगी। एक परिसर में मिलेंगी विभिन्न विभागीय सुविधाएं मिनी सचिवालय का विकास केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दीर्घकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसकी योजना तैयार की जा रही है। इससे जिला मुख्यालय पर विभिन्न विभागों की सेवाओं का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा। साथ ही आमजन को एक ही परिसर में विभिन्न विभागीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। संतुलित विकास पर रहेगा फोकस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ब्यावर के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। विकास कार्यों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
बेगूसराय के सर्वोदय नगर में शुक्रवार को विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की 85वीं पुण्यतिथि मनाई गई। यह कार्यक्रम शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति द्वारा आयोजित किया गया था। जेपी सेनानी और शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में अमरेंद्र कुमार सिंह ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर को भारतीय साहित्य का महान रचनाकार, शिक्षाविद् और मानवतावादी बताया। उन्होंने कहा कि ठाकुर ने शांति निकेतन की स्थापना की थी और वर्ष 1913 में 'गीतांजलि' के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर एशिया के पहले नोबेल विजेता साहित्यकार बने। सिंह ने जोर दिया कि ठाकुर का साहित्य आज भी समाज को मानवता, शिक्षा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। मौके पर महिला सेल की सचिव सुनीता देवी ने कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने साहित्य के माध्यम से नारी सम्मान, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को नई दिशा प्रदान की। कवयित्री पल्लवी राज ने उन्हें दूरदर्शी शिक्षाविद्, दार्शनिक और महान कवि बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर पवन शर्मा, रवि पोद्दार गांधी, सुशील राय, राजेंद्र महतो, अनाया सिंह और पल्लवी राज सहित कई गणमान्य लोगों ने विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पेपर लीक: राज ठाकरे ने सरकार की आलोचना की, शिक्षा प्रणाली और कोचिंग संस्कृति पर उठाए सवाल
नासिक, 7 अगस्त . नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर देशव्यापी आक्रोश और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 40 दिनों तक चले छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद Maharashtra नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने Friday को Maharashtra के नासिक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र Government, कोचिंग संस्थानों और शिक्षा प्रणाली ... Read more
पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को चंडीगढ़ सेक्टर-43 स्थित सामुदायिक केंद्र में संवादात्मक बैठक और खुली जनसुनवाई का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के सदस्य पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने की। बैठक का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनके सुझाव लेना और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में कदम उठाना था। बैठक में आयोग के कोर ग्रुप के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने मानवाधिकारों के साथ-साथ शहर की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, जनकल्याण योजनाओं और सरकारी सेवाओं से जुड़े कई मुद्दे आयोग के सामने रखे। नागरिकों ने प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए। जनता की शिकायतों के समाधान का भरोसा पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग के पास आने वाली हर वास्तविक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और उसका जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी होती है। नागरिक और सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे तो लोगों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। अधिकारियों ने विभागों से जुड़े सवालों के दिए जवाब बैठक में पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों के साथ-साथ चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़े मामलों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और कई सवालों के जवाब भी दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अन्य मामलों को संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। जागरूकता-जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर मानवाधिकार आयोग ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और प्रशासन व जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। आयोग ने कहा कि आगे भी इस तरह की खुली जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे आयोग के सामने रख सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
सिरोही में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने शिवगंज एवं सिरोही क्षेत्र के मतदान केंद्रों के निरीक्षण के दौरान राजकीय विद्यालय नारदरा एवं वाण का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का संदेश देते हुए छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दे दी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी दी है, जिससे राजधानी में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ के खुलने का रास्ता साफ़ हो गया है। उन्होंने कहा कि कई सालों से देखा जा रहा है कि दिल्ली के छात्र अच्छी हायर एजुकेशन के लिए देश के दूसरे हिस्सों या विदेश जाते हैं, जिसमें काफ़ी खर्च होता है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि अच्छी शिक्षा की यह ज़रूरत दिल्ली में ही पूरी हो और छात्रों को उनके अपने शहर में ही बेहतर मौके मिलें। इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC विवाद पर BJP सांसद Nishikant Dubey का अल्टीमेटम: युवाओं को न्याय नहीं मिला तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने आज इस बिल को मंज़ूरी दे दी है और इसे जल्द ही दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार जब विधानसभा में इस बिल पर चर्चा हो जाएगी और इसे पास कर दिया जाएगा, तो दिल्ली में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ खोलने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि NEP 2020 लागू होने के बाद, दिल्ली सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के मुताबिक़ आगे बढ़ रही है और दिल्ली में खुलने वाली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ भी NEP 2020 के नियमों का पालन करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारा पक्का इरादा है कि इन यूनिवर्सिटीज़ में दिल्ली के छात्रों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि राजधानी के छात्रों को अपने ही शहर में बेहतरीन क्वालिटी वाली हायर एजुकेशन के मौके मिल सकें। प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल की मुख्य बातें जानें - प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ज़मीन खुद खरीदनी होगी; सरकार ज़मीन नहीं देगी। - दिल्ली के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित होंगी। - सरकार फीस पर नज़र रखेगी और एक रेगुलेटरी कमेटी बनाएगी। - NEP के नियमों का पालन करना ज़रूरी होगा। दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ बिल की मुख्य बातें: - दिल्ली सरकार एक नोटिफिकेशन के ज़रिए प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ बनाने की मंज़ूरी दे सकेगी। - यूनिवर्सिटीज़ को UGC और दूसरे रेगुलेटरी निकायों (नियम बनाने वाली संस्थाओं) द्वारा तय किए गए स्टैंडर्ड्स का पालन करना होगा। - यूनिवर्सिटीज़ सिर्फ़ 'यूनिटरी मॉडल' पर काम करेंगी; यानी, वे दूसरे कॉलेजों को अपने साथ नहीं जोड़ (एफिलिएट नहीं कर) सकेंगी। - ज़रूरत के हिसाब से दिल्ली में अतिरिक्त कैंपस, रीजनल सेंटर और स्टडी सेंटर खोले जा सकेंगे। इसे भी पढ़ें: BJP को RSS Chief Mohan Bhagwat की सलाह माननी चाहिए, NEET पर बोले दीपके प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शर्तें - स्पॉन्सर करने वाली संस्था के पास ज़मीन होनी चाहिए या कम से कम 30 साल के लिए लीज़ (पट्टे) पर ज़मीन होनी चाहिए। - एकेडमिक बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी, डिजिटल रिसोर्स और स्टूडेंट्स के लिए सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। - फैकल्टी और दूसरे एकेडमिक स्टाफ़ की नियुक्ति UGC के स्टैंडर्ड्स के अनुसार करनी होगी। दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षण - हर कोर्स में दिल्ली के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान। - इन सीटों पर दाखिला GNCTD की मौजूदा आरक्षण नीति के तहत होगा। सरकार की मज़बूत निगरानी - उच्च शिक्षा मंत्री यूनिवर्सिटी के 'विज़िटर' होंगे। - विज़िटर के पास जानकारी मांगने, निरीक्षण का आदेश देने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में निर्देश जारी करने का अधिकार होगा। - ज़रूरत पड़ने पर प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय मामलों की जांच की जा सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बिहार में शिक्षकों के तबादले के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, 31 अक्टूबर तक सभी मांगों और शिकायतों के समाधान का दावा
शिवहर में शिक्षा विभाग के नए प्रशासनिक केंद्र 'शिक्षा भवन' को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने शुक्रवार को सख्त निर्देश दिए। नवाब उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित शिक्षा भवन के निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधूरे फिनिशिंग कार्य, गंदे फर्नीचर, अव्यवस्थित रिकॉर्ड, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी कमियों पर नाराजगी व्यक्त की। भवन का कार्य समय-सीमा में पूरा किया जाए डीएम ने शिक्षा भवन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मीटिंग हॉल, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के कक्षों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन का प्रत्येक कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान शौचालयों और बेसिन की अधूरी फिनिशिंग पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। कार्यालयों में धूल से ढके फर्नीचर पर भी डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। बिजली-ट्रांसफार्मर से जुड़े मामलों का समाधान करें प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सभी फाइलों और दस्तावेजों को रिकॉर्ड रूम में वैज्ञानिक तरीके से रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, भवन में बिजली और ट्रांसफार्मर से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। भवन और विद्यालय परिसर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने शेष बाउंड्री वॉल के निर्माण का प्रस्ताव अविलंब तैयार करने तथा मुख्य गेट लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अभियंता, सदर अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा भवन के किसी भी कार्य में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि यह भवन जल्द ही शिक्षा विभाग के संचालन का पूर्ण क्षमता वाला केंद्र बन सके।
भीलवाड़ा के बड़लेश्वर महादेव हॉल में आज विशाल चिकित्सा शिविर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे अवलोकन
भीलवाड़ा के आदर्श नगर स्थित बड़लेश्वर महादेव हॉल में 08 अगस्त 2026 को विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित होगा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर शिविर का अवलोकन करेंगे, जबकि विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक आमजन को निःशुल्क जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान करेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शुक्रवार को ब्रिक्स सहयोग के प्रति भारत की जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 70 हजार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सितंबर के अंत या अक्टूबर में आयोजित की जाएगी।
जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित और आधारभूत विकास को नई गति: धामी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को दी।
दिव्यांग छात्रों ने उठाई आवाज़, शिक्षा-सुविधाओं की मांग
देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) के छात्रों ने स्कॉलरशिप, ब्रेल सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाओं, मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर्स और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर अपनी समस्याएं सामने रखीं. संस्थान के प्रिंसिपल ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी नहीं की है. आजतक ने स्टूडेंट्स के आरोपों और मांगों पर संस्थान के प्रिंसिपल से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की.
केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सातवें वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के बाद अब बाल शिक्षा भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी में भी 25 प्रतिशत का इजाफा कर दिया गया है।
बेगूं के शहीद रूपाजी कृपाजी राजकीय महाविद्यालय में ABVP कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव बहाली सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग उठाई गई।
इंटरेनट डेस्क। जयपुर में थर्ड ग्रेड शिक्षकों का धरना प्रदर्शन आश्वासन के बाद गुरुवार को समाप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षकों को आश्वासन दिया है, जिसके बाद शिक्षकों ने धरना खत्म करने का ऐलान किया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा सचिव से मुलाकात करने के लिए शिक्षकों का एक डेलीगेशन पहुंचा था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राजस्थान में स्थानांतरण नीति का आश्वासन दिया है। कैबिनेट मंजूरी के लागू होगी नीति मीडिया रिपोटर्स की माने तो शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि शिक्षकों से बात हुई है। मुख्यमंत्री जी से बात करके इसका समाधान किया जाएगा, मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान सरकार ट्रांसफर नीति बना रही है, जल्द ही मुख्यमंत्री और कैबिनेट की मंजूरी के बाद उस नीति को लागू किया जाएगा। इससे पहले प्रशासन पर आरोप लगे थे कि शिक्षकों के धरने को जबरदस्ती खत्म करवाने की कोशिश की जा रही है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर बिजली बंद कर दी गई, साथ ही पानी की व्यवस्था रोक दी गई है और शौचालय भी बंद करवा दिए गए हैं। pc- ndtv raj
भोजपुर में सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ समेत 3 कर्मियों पर जानलेवा हमला, पुलिस जांच में जुटी
7 अगस्त, शुक्रवार: भोजपुर में सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ राहुल कुमार समेत शिक्षा विभाग के तीन कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में सभी घायल हो गए और उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। मुफस्सिल थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है।
बेगूसराय सदर। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की नीमा चांदपूरा इकाई ने सदर प्रखंड के अझौर गांव में जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, कलम और किताबें वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम का नेतृत्व एबीवीपी नीमा चांदपूरा इकाई के मंत्री शशि राज ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। राज ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल छात्र हितों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ समाज के हर वर्ग के बीच कार्य करता है। परिषद नियमित रूप से जरूरतमंदों की सहायता, शैक्षणिक जागरूकता और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करती है। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। स्थानीय लोगों ने एबीवीपी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया। इस अवसर पर एबीवीपी के कार्यकर्ता पिंटू कुमार, चीकू कुमार, सोनू कुमार, आदर्श कुमार, मोनू कुमार, रूपेश कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
इसरो में असिस्टेंट-स्टेनोग्राफर, क्लर्क समेत विभिन्न पदों पर हो रही भर्ती
जो भी उम्मीदवार इसरो में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं और इस भर्ती के लिए पात्रता रखते हैं वे निर्धारित अंतिम तिथि 16 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
गरीबी या मजबूरी: पन्ना के नौनिहालों के हाथ में कलम की जगह काल, कहां गुम हो गया शिक्षा का अधिकार
भूख और गरीबी की मजबूरी इंसान से क्या-क्या नहीं करवाती। इसकी एक तस्वीर पन्ना जिले पवई नगर मे शुक्रवार को दोपहर लगभग 11 बजे देखने को मिली, जहां परिवार वालों ने छोटे-छोटे नौनिहालों को स्कूल भेजने और हाथों में कलम और कॉपी की जगह सपेरों की टोकरी थमा दी गई है।
मां से ली आकृति कक्कड़ ने शास्त्रीय संगीत की शुरुआती शिक्षा
मुंबई, किसी फिल्म को हिट बनाने में गाने की भूमिका अहम होती है। ये दर्शकों को कहानी से जोड़ने के साथ उससे भावनात्मक जुड़ाव बनाने में मदद करते हैं।
CJP ने शुरू किया क्या बोलती पब्लिकअभियान, शिक्षा सुधार और बेरोजगारी पर रहेगा फोकस
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने देशव्यापी 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान का एजेंडा जारी करते हुए शिक्षा सुधार, बेरोज़गारी, संस्थागत जवाबदेही और नागरिक समाज के संगठनों के साथ सहयोग को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। पार्टी का यह जनसंपर्क अभियान सितंबर से शुरू होगा और इसका उद्देश्य देशभर के युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और सुझावों को समझना है। यह घोषणा छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद की गई। CJP के अनुसार, अभियान के दौरान जुटाए गए सुझावों के आधार पर एक 'यूथ रिफॉर्म चार्टर' तैयार किया जाएगा, जिसे नागरिकों की भागीदारी से विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि संगठन का उद्देश्य फिलहाल चुनावी वादे करना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और बेरोज़गारी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। इसके साथ ही संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी संगठन लगातार आवाज़ उठाएगा। दास के अनुसार, लोकतंत्र तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब संस्थाएं अपने कार्यों और निर्णयों के प्रति जवाबदेह हों। उन्होंने यह भी कहा कि देश में न्याय और सामाजिक बदलाव के लिए कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों, आंदोलनों और नागरिक समूहों के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है, क्योंकि किसी एक संगठन के लिए अकेले व्यापक परिवर्तन लाना संभव नहीं है। इसे भी पढ़ें: Saurabh Das ने आवास में यूट्यूबरों के घुसने का लगाया आरोप, Delhi Police से मांगी सुरक्षा अभियान के चार प्रमुख स्तंभ पार्टी द्वारा जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा— प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक व्यापक शिक्षा सुधार। शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय, जिसमें कौशल विकास और बाज़ार की मांग के अनुरूप रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मीडिया, निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका सहित विभिन्न संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे। छात्र संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं और युवा-केंद्रित सुधारों का समर्थन करने वाले अन्य समूहों के साथ सहयोग। पार्टी ने बताया कि उसका नेतृत्व 1 सितंबर से देशभर की यात्रा करेगा और विभिन्न राज्यों में लोगों से संवाद स्थापित करेगा। 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के साथ ही CJP ने देशव्यापी सदस्यता अभियान की भी घोषणा की है। पार्टी ने छात्रों, युवा पेशेवरों, श्रमिकों और अन्य नागरिकों से संगठन से जुड़ने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि नए सदस्य आगामी अभियानों और अगले छह महीनों में विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। इसे भी पढ़ें: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की विदेश में पढ़ाई के खर्च पर विवाद, पिता की आय की जांच के लिए RTI कार्यकर्ता ने खोला मोर्चा हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह किसी भी प्रकार का सार्वजनिक चंदा स्वीकार नहीं कर रही है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई उसके नाम पर धन की मांग करे तो सतर्क रहें। पार्टी ने कहा कि भविष्य में आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया खातों के माध्यम से वित्तीय योगदान संबंधी जानकारी साझा की जाएगी। चुनावी राजनीति की योजना नहीं सौरव दास ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि समर्थकों की मांग के बावजूद संगठन की तत्काल चुनावी राजनीति में उतरने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय संगठन का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर जनजागरण, लोकतांत्रिक सुधारों और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करने पर है। उनके अनुसार, CJP फिलहाल स्वयं को एक 'जन दबाव समूह' (People's Pressure Group) के रूप में ही आगे बढ़ाएगी। इसे भी पढ़ें: Delhi Police कॉजपा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं करेगी दंडात्मक कार्रवाई इस अभियान की घोषणा गुरुवार को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने की थी। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की फीस के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है, इसलिए शिक्षा सुधार संगठन की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगा। दिपके ने कहा कि विशेष रूप से स्नातक युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी भी संगठन के अभियान का प्रमुख मुद्दा होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि CJP हाल ही में कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और अन्य समूहों के साथ मिलकर काम करेगी। दिपके के अनुसार, संगठन अपनी वैचारिक प्रेरणा भारतीय संविधान के साथ-साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से लेगा। #Important : Here is our agenda. This September, the Cockroach Janta Party begins its ‘Kya Bolti Public’ listening tour. We are taking this movement to the grassroots to listen. We want to hear the aspirations, anxieties, and ideas of India’s young generation and the together… pic.twitter.com/hvPLsFx88r — Saurav Das (@SauravDassss) August 6, 2026
दो दिन तक चले धरने और सरकार से दो दौर की वार्ता के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। शिक्षा मंत्री ने ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने का आश्वासन दिया, हालांकि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि वादा पूरा नहीं होने पर दोबारा आंदोलन होगा।
SHS Bihar Specialist Doctor Recruitment 2026: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर है।
बिहार: आरा जिले में सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारी समेत तीन लोगों पर हमला, घायल
Patna, 7 अगस्त . बिहार के आरा जिले के मुफस्सिल Police थाना क्षेत्र के रतनपुर ओवरब्रिज के पास हुए हमले में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) से जुड़े तीन अधिकारी घायल हो गए. इनमें जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) भी शामिल हैं. Police के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अंतर्गत जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल कुमार ... Read more
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के सामने बेरोजगारी सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है और इसे राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार के अवसर लगातार सीमित हो रहे हैं, जबकि शिक्षा की लागत तेजी से बढ़ रही है।
किसी भी राष्ट्र की तरक्की और उसके भविष्य की दिशा इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान, कौशल और अनुसंधानों पर कितना निवेश करता है। आज के तकनीक-संचालित दौर में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत बुनियादी ढांचे और मानव पूंजी के निर्माण का सबसे सशक्त जरिया बन चुकी है। यही वजह है कि दुनिया के तमाम समृद्ध और विकसित देश अपनी अर्थव्यवस्था यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक बड़ा हिस्सा अपने एजुकेशन सिस्टम पर न्योछावर कर देते हैं।नॉर्डिक और विकसित देश: शिक्षा को मानते हैं सर्वांगीण विकास का मूलमंत्रजब वैश्विक स्तर पर शिक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च का विश्लेषण किया जाता है, तो उत्तरी यूरोप के नॉर्डिक देश हमेशा इस सूची में शीर्ष पायदान पर नजर आते हैं। स्वीडन, आइसलैंड, डेनमार्क और फिनलैंड जैसे देश अपनी जीडीपी का लगभग 6.4 प्रतिशत से लेकर 7.3 प्रतिशत तक का भारी-भरकम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करते हैं।इन देशों में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शोध तक की व्यवस्था न केवल पूरी तरह से विश्वस्तरीय है, बल्कि अधिकांश नागरिकों के लिए लगभग नि:शुल्क या बेहद रियायती दरों पर उपलब्ध है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन (UK) अपनी जीडीपी का लगभग 5.3 प्रतिशत, फ्रांस 5.2 प्रतिशत और अमेरिका लगभग 4.9 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा प्रणाली पर व्यतीत करता है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का मुख्य फोकस उच्च शिक्षा, अत्याधुनिक लैब्स, यूनिवर्सिटी रिसर्च और पेटेंट फाइलिंग पर होता है, जिससे वे दुनिया भर के मेधावी छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहते हैं।एशियाई महाद्वीप का गणित: चीन, जापान और अन्य पड़ोसियों का रुखएशियाई अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो यहां शिक्षा पर होने वाले खर्च का पैटर्न थोड़ा भिन्न और दिलचस्प नजर आता है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन अपनी जीडीपी का लगभग 3.6 से 4.0 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाता है। हालांकि, चीन की विशाल जीडीपी के कारण यह राशि मौद्रिक मूल्य में बहुत बड़ी होती है, जो मुख्य रूप से वोकेशनल ट्रेनिंग और सेमीकंडक्टर-टेक्नोलॉजी रिसर्च में जाती है।दूसरी ओर, अत्यधिक विकसित माना जाने वाला जापान अपनी जीडीपी का लगभग 3.3 प्रतिशत हिस्सा ही शिक्षा पर सरकारी तौर पर खर्च करता है। हालांकि जापान में निजी क्षेत्र और परिवारों का शिक्षा पर व्यक्तिगत योगदान काफी अधिक होता है। दक्षिण एशिया के अन्य पड़ोसी देशों में भूटान अपनी जीडीपी का 7.5 प्रतिशत और कजाकिस्तान लगभग 7.2 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करके आश्चर्यजनक रूप से काफी आगे बने हुए हैं।भारत की वास्तविक स्थिति: यूनेस्को रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय मानकयूनेस्को (UNESCO) की हालिया वैश्विक रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपनी जीडीपी का औसतन 4.1 प्रतिशत से लेकर 4.6 प्रतिशत तक हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में आवंटित किया है। यूनेस्को का 'एजुकेशन 2030 फ्रेमवर्क फॉर एक्शन' दुनिया के सभी देशों को अपनी जीडीपी का कम से कम 4 से 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने का सुझाव देता है। इस अंतरराष्ट्रीय मानक के पैमाने पर भारत अपनी स्थिति को सफलतापूर्वक संतुलित रखे हुए है।जीडीपी प्रतिशत के आधार पर देखा जाए तो भारत का यह आवंटन चीन और जापान जैसे बड़े एशियाई देशों के सरकारी जीडीपी खर्च के अनुपात से भी अधिक नजर आता है। भारत अपने कुल सरकारी खर्च का लगभग 13.5 प्रतिशत से 17.2 प्रतिशत तक हिस्सा शिक्षा सेवाओं, बुनियादी ढांचे, मध्याह्न भोजन योजना (PM POSHAN) और प्राथमिक साक्षरता अभियानों पर खर्च करता है, जो संयुक्त राष्ट्र के 15 से 20 प्रतिशत के अनुशंसित दायरे के काफी करीब है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 6% जीडीपी का महत्वाकांक्षी लक्ष्यभारत सरकार द्वारा घोषित 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' (NEP 2020) में यह स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से देश के शिक्षा बजट को बढ़ाकर जीडीपी के 6 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के साझा बजटीय योगदान से देश में डिजिटल कक्षाओं, पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों, नए आईआईटी (IITs), आईआईएम (IIMs) और मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाया जा रहा है।भारत में शिक्षा पर होने वाले कुल खर्च को दो स्तरों पर देखा जाता है—पहला केंद्र सरकार का बजट आवंटन और दूसरा राज्य सरकारों का योगदान। चूंकि शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, इसलिए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा का एक बड़ा आर्थिक बोझ राज्य सरकारों के कंधों पर होता है। दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्य शिक्षा पर अपने बजट का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं, जबकि अन्य राज्यों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता की लगातार आवश्यकता बनी हुई है।क्वालिटी वर्सेस क्वांटिटी: खर्च के साथ गुणवत्ता में सुधार की चुनौतीशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जीडीपी का प्रतिशत बढ़ा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खर्च की जाने वाली राशि का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में मुख्य चुनौती केवल स्कूलों और कॉलेजों का निर्माण करना नहीं, बल्कि शोध एवं नवाचार (R&D), शिक्षक प्रशिक्षण (Teacher Training) और कौशल विकास (Skill Development) में सुधार करना है।वर्तमान में भारत अपनी जीडीपी का एक सीमित हिस्सा ही शोध और विकास (Research & Development) पर खर्च करता है, जो अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे अग्रणी देशों की तुलना में कम है। यदि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के साथ-साथ 'ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था' (Knowledge Economy) के रूप में स्थापित होना है, तो उच्च शिक्षा में इनोवेशन, पेटेंट फाइलिंग और रिसर्च स्कॉलरशिप पर खर्च को तेजी से बढ़ाना होगा।भविष्य का रोडमैप: एआई और डिजिटल शिक्षा का नया दौरआने वाले वर्षों में वैश्विक शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक्स और डिजिटल साक्षरता अब प्राथमिक स्तर से ही पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में भारत को अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में डिजिटल असमानता (Digital Divide) को समाप्त करने पर केंद्रित करना होगा।भारत सरकार द्वारा 'समग्र शिक्षा अभियान' और 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन' (ANRF) जैसी पहलों के माध्यम से बजटीय आवंटन को परिणाम-उन्मुख बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यदि भारत NEP 2020 के तहत अपनी जीडीपी के 6 प्रतिशत खर्च के लक्ष्य को पूर्ण रूप से हासिल कर लेता है, तो यह न केवल देश की साक्षरता दर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की युवा मानव पूंजी को सबसे प्रतिस्पर्धी और कुशल ताकत के रूप में स्थापित करेगा।
भोजपुर जिले में गुरुवार की शाम शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रतनपुर ओवरब्रिज के समीप कार सवार आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) राहुल कुमार और उनके साथ मौजूद दो अन्य कर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने उनकी सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। देर शाम बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मुफस्सिल थाना पहुंचे। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लाठी-डंडे से किया हमला जानकारी के अनुसार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राहुल कुमार अपने दो सहयोगियों के साथ कार्यालय का काम समाप्त कर सरकारी वाहन से लौट रहे थे। शाम करीब छह बजे रतनपुर ओवरब्रिज के पास एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद कार से उतरे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने बिना किसी बातचीत के लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से तीनों अधिकारी संभल भी नहीं सके और गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने वाहन में भी तोड़फोड़ की। अधिकारियों के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी हमलावर फरार हो चुके थे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के एक कर्मी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। 'जान से मारने की नीयत से पहुंचे थे हमलावर' घायलों ने बताया कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था और हमलावर उन्हें जान से मारने की नीयत से आए थे। हालांकि स्थानीय लोगों के समय पर पहुंच जाने के कारण उनकी जान बच गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय भी मुफस्सिल थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीन लोग घायल हुए हैं। सभी का इलाज कराया जा रहा है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है तथा दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
भोजपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित रतनपुर ओवरब्रिज के पास शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। हमले में सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल रंजन समेत तीन लोग घायल हुए हैं।
सोीनपत जिले के लोगों की लंबित शिकायतों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए आज, 7 अगस्त (शुक्रवार) को सोनीपत के लघु सचिवालय में जिला ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा करेंगे। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। डीसी नेहा सिंह ने बताया कि 7 अगस्त को सुबह 11 बजे लघु सचिवालय के तीसरे तल स्थित सभागार में जिला ग्रीवेंस कमेटी की मासिक बैठक आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री एवं जिला ग्रीवेंस कमेटी के अध्यक्ष महिपाल ढांडा करेंगे। शिकायतों की होगी सुनवाई, मौके पर दिए जाएंगे निर्देश बैठक के दौरान आमजन अपनी समस्याएं और शिकायतें मंत्री के समक्ष रख सकेंगे। शिकायतों की सुनवाई के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। सभी विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद डीसी ने बताया कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। इससे विभागवार शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने और लोगों को राहत देने में आसानी होगी। लोगों को मिलेगा त्वरित समाधान का अवसर प्रशासन का कहना है कि ग्रीवेंस कमेटी का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान करना है। बैठक में प्राप्त शिकायतों पर मंत्री स्वयं समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार मौके पर ही निर्णय लेकर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति 2026 में चयनित उम्मीदवारों के लिए पारस्परिक (म्यूचुअल) जिला परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए शुरू की गई है, जिन्हें पारिवारिक, सामाजिक, चिकित्सीय अथवा अन्य कारणों से चयन के बाद आवंटित जिले एवं विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने या नियमित रूप से सेवाएं देने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि समान श्रेणी (Category) के दो चयनित अभ्यर्थी यदि आपसी सहमति से अपने आवंटित जिले (आवंटित विद्यालय सहित) का परिवर्तन करना चाहते हैं, तो वे 10 एवं 11 अगस्त 2026 को TRC पोर्टल पर पारस्परिक जिला परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अन्य उम्मीदवारों के अधिकारों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया से किसी अन्य अभ्यर्थी के चयन, मेरिट, आरक्षण व्यवस्था या अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। केवल आवेदन करने से जिला परिवर्तन का अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होगा। अंतिम निर्णय आयुक्त, लोक शिक्षण द्वारा लिया जाएगा। संचालनालय ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे इस सुविधा का उपयोग केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही करें तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करें।
फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए। सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है। सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है? जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए। मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे। युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें। सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे? जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए। सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची? जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे। सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा। सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है। मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
सृजन संवाद में पुलिस-शिक्षा विभाग ने छात्रों को कानून, साइबर सुरक्षा और कॅरियर का दिया पाठ
शासकीय सांदीपनि कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल बाजार में गुरुवार को शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सृजन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, डीएसपी दिनेश सिंह मर्सकोले, यातायात प्रभारी गजेंद्र केन, निरीक्षक कविता नागवंशी, उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। यातायात प्रभारी गजेंद्र केन ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। निरीक्षक कविता नागवंशी ने महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जेजे एक्ट, बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया। समझी पुलिस की कार्यप्रणाली कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को थाना बैतूल बाजार का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें पुलिस थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछे। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुरुषोत्तम देशमुख ने किया। इस अवसर पर शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य एल.एल. लिल्हौरे ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी बताया। प्रभारी प्राचार्य आर.के. मालवीय ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की सलाह दी। टीओटी-प्रशिक्षित शिक्षक रमेश कुमार पिंजारे और दशरथ गावंडे ने मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारी विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
Shahjahanpur News: प्राथमिक शिक्षा की नींव जर्जर...बच्चों के सिर से छिनी छत
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में प्राथमिक शिक्षा की हकीकत इससे अलग है।
Faridabad News: शिक्षा को रोचक बनाने के गुर सीखकर लौटे मास्टर ट्रेनर
Master trainers return after learning techniques to make education engaging.
Mumbai , 6 अगस्त . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने Thursday को Mumbai में आईआईएमयूएन यानी इंडिया इंटरनेशनल म्यून द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में जेन-जी’ और जेन-अल्फा से खुलकर बातचीत की. इस एक घंटे तक चले इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षा, राजनीति, लैंगिक समानता, एलजीबीटीक्यू अधिकार, देश की युवा भूमिका और ... Read more
देवरिया, 6 अगस्त . Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदली है. एक समय जहां Governmentी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं आज देवरिया के सहवा स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय राज्य के मॉडल स्कूलों में शुमार हो गया है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ ... Read more
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में दस्तावेज सत्यापन के समय स्कूल शिक्षा विभाग की एक हठधर्मिता पूरी चयन प्रक्रिया को फंसा सकती है।
यूपी में अब डिजिटल होगी परिषदीय शिक्षा, स्कूलों में चलेगी स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
अभिजीत दिपके ने लॉन्च किया 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान, कहा- शिक्षा कमाई का जरिया नहीं
Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को 'क्या बोलती पब्लिक' नाम से देशभर में एक जन-संपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद नागरिकों से सीधे जुड़ना और उनकी परेशानियों व मुद्दों को करीब से समझना है। इस दौरान दिपके ने स्कूल-कॉलेजों में बढ़ती फीस को लेकर भी चिंता जताई।अभियान की शुरुआत की घोषणा करते हुए दिपके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार इस अभियान की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस के कारण आम परिवारों के लिए अच्छी शिक्षा पाना मुश्किल होता जा रहा है।शिक्षा में सुधार पहला मुद्दा होगाउन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार हमारा पहला मुद्दा होगा जिस पर हम काम करेंगे। दिपके ने कहा, हमारा मानना है कि देश में शिक्षा महंगी हो गई है। पहली कक्षा के लिए सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपये के बीच है, और इसके अलावा डोनेशन भी देना पड़ता है।मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए इतनी महंगी शिक्षा का खर्च उठाना कितना मुश्किल है, इस पर सवाल उठाते हुए दिपके ने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा, “जिन परिवारों की आमदनी इतनी नहीं है, वे इतना पैसा कहां से लाएंगे?”माता-पिता कर्ज लेने को मजबूरदिपके ने यह भी दावा किया कि कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण कई माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं।उन्होंने कहा, “कॉलेज और कोचिंग की फीस भी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से कई परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। हम परिवारों को इस बोझ से मुक्त करना चाहते हैं। अगर माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो उन पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए।”दिपके ने अंबेडकर का किया जिक्रडॉ. बी.आर. अंबेडकर का जिक्र करते हुए, दिपके ने तर्क दिया कि शिक्षा को एक व्यावसायिक गतिविधि के बजाय एक मौलिक अधिकार बने रहना चाहिए।उन्होंने कहा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार यह एक मौलिक अधिकार है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह मुनाफा कमाने का एक व्यापार बन गया है।यह भी पढ़ें:गुरुग्राम में भारी बारिश का कहर! सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक ठप, प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की दी सलाह
जम्मू-कश्मीर में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) राष्ट्रीय औसत 30% से काफी पीछे, केवल 21.5% है। वहीं दिल्ली- हरियाणा आगे हैं।

