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राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:जयस्तंभ चौराहे पर जमकर नारेबाजी;कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार रात बुरहानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। शहर कांग्रेस के नेतृत्व में जयस्तंभ चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जयस्तंभ चौराहे पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई गई। NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और छात्र दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। 'सड़क से संसद तक छात्रों के साथ कांग्रेस' कांग्रेस मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के समर्थन में सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी और लाठीचार्ज जैसे दमनात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में पूर्व विधायक हमीद काजी, अमर यादव, वाजिद इकबाल, इंद्रसेन देशमुख, फहीम हाशमी, हामिद डायमंड, उजैफा मुलायमवाला, हाफिज मंसूरी, आसिफ खान, जावेद खान, आरिफ खान, अब्दुल्ला अंसारी, देवेश्वर ठाकुर, सौरभ कुरैशी, सरिता भगत, डॉ. इमरान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 8:43 am

राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:सागर में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला फूंका, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार रात सागर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता तीनबत्ती तिराहे स्थित पार्टी कार्यालय पर जुटे। यहां से रैली निकालकर कोतवाली थाना स्थित सीएसपी कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नगर पुलिस अधीक्षक को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का पुतला भी फूंका गया। शिक्षा मंत्री को हटाने और राष्ट्रपति शासन की मांग जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पीएमओ के बाहर नीट पेपर लीक, भ्रष्टाचार और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में धरना दे रहे थे। आरोप है कि उन्हें गिरफ्तार कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक गंभीर मामला है और देशभर में बेरोजगारी को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने और केंद्र सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी, मुकुल पुरोहित, पूर्व विधायक सुनील जैन, बब्बू यादव, सिंटू कटारे, पुरुषोत्तम मुन्ना चौबे, आशीष ज्योतिषी, दीनदयाल तिवारी, राहुल चौबे, रमाकांत यादव, हीरालाल चौधरी, जितेंद्र रोहण, शरद पुरोहित, पप्पू गुप्ता, लीलाधर सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 8:11 am

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं राहुल गांधी

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उनका उद्देश्य छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं था। बल्कि उनका मकसद राजनीतिक सुर्खियों के ...

वेब दुनिया 22 Jul 2026 8:07 am

सलूंबर कांग्रेस का दिल्ली लाठीचार्ज पर प्रदर्शन:जंतर-मंतर की घटना को बताया लोकतंत्र पर हमला, शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग के विरोध में सलूंबर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार देर शाम प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया। युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस मुद्दे पर चुप्पी का विरोध किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने जोर दिया कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से करना चाहिए, न कि लाठी और आंसू गैस के प्रयोग से। ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जगदीश भंडारी, डीसीसी संगठन महासचिव गणेश एन. मेहता, डीसीसी कोषाध्यक्ष प्रद्युम्न कोडिया, महासचिव अब्दुल रऊफ खान, सचिव नारायण भोई, लसाड़िया ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष माज़िद बेग मिर्ज़ा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह बस्सी, खेल प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद, नगर निकाय अध्यक्ष महिपाल जैन, पूर्व नगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश कोऑर्डिनेटर मोहम्मद समीर, एडवोकेट दिनेश जैन, गजेंद्र मेहता, रोहित भट्ट, निखिल जैन, पार्षद कन्हैयालाल मीणा, मुकेश चौबीसा, तुषार पारडिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 7:35 am

पेट्रोलियम विभाग ने ​उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा:पचपदरा का पेट्रोल व डीजल बेचने को 47 यूनिवर्सिटी-कॉलेजों की भूमि पर पंप खुलेंगे

पचपदरा रिफाइनरी के निकलने वाले पेट्रोल और डीजल बेचने के लिए प्रदेश सरकार ने राजस्थान में सरकारी जमीनों पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 47 यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की जमीनें अधिग्रहीत की जाएंगी। इसके लिए जमीनें भी चिह्नित कर ली गई हैं। जमीनों ​के लिए पेट्रोलियम विभाग ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। दूसरी ओर, सरकार के इस फैसले से शिक्षण संस्थानों में खलबली मची हुई है। फिलहाल यह तय नहीं है कि जमीन बेची जाएगी या फिर किराए पर ली जाएगी। इसके लिए पहले रेवेन्यू और यूडीएच से रिकॉर्ड लेने के बाद पॉलिसी बनेगी। इसके अलावा अन्य विभागों से भी जमीन लेने का प्रस्ताव है। राजस्थान यूनिवर्सिटी की 3 जगह लेंगे जमीन, 1 जेएलएन पर आदेश के अनुसार जयपुर में पेट्रोल पंप के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी की 3 जगह जमीन ली जाएगी। जेएलएन मार्ग, तलवंडी, शांति पथ और महात्मा गांधी रोड के पास पंप खोले जाएंगे, यानी कैंपस के तीनों तरफ। जानकारी के अनुसार एचपीसीएल के अधिकारियों ने आरयू में पंप खोले जाने को लेकर जमीन का परीक्षण भी कर लिया है। जबकि खास बात यह है कि अभी तक जेएलएन मार्ग पर कहीं भी पेट्रोल पंप नहीं है। प्रदेश के इन यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में जमीन चिन्हित अजमेर में एमडीएस विवि., गवर्नमेंट कॉलेज और टीटी कॉलेज। अलवर में गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर, आरआर कॉलेज, जीडी गवर्नमेंट कॉलेज। जोधपुर में एमबीएम यूनि., जेएनवीयू, गवर्नमेंट कॉलेज चौपासनी, कुड़ी भगतासनी। कोटा में वीएमओयू, आरटीयू, कोटा यूनिवर्सिटी, कॉमर्स कॉलेज। नागौर में मिर्धा कॉलेज समेत अन्य को आदेश दिए गए हैं। 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल और पेट्रोल बेचा जाएगा एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लि. (HRRL) पचपदरा, जिला बालोतरा में स्थापित 9 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी परियोजना है, जो राज्य सरकार एवं एचपीसीएल का संयुक्त उद्यम है। प्रतिवर्ष 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल और 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल की बिक्री के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 5:30 am

HRMS अपडेट के बिना नहीं होगी प्रिंसिपल तबादला प्रक्रिया:हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग का कॉलेजों को निर्देश, 30 जुलाई तक रिकॉर्ड सत्यापित करवाएं

हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल कैडर की ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी कर्मचारियों के HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) डेटा और संबंधित दस्तावेजों को अपडेट व सत्यापित करने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक उच्च शिक्षा (DGHE) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO), सरकारी कॉलेजों, पुस्तकालयों और एनसीसी इकाइयों के प्राचार्यों, डीडीओ और चेकर को 30 जुलाई 2026 तक यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के तहत प्रस्तावित ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव से पहले कर्मचारियों का रिकॉर्ड पूरी तरह सही, अद्यतन और सत्यापित होना जरूरी है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरी की जा सके। गलत अपडेट पर चेकर होंगे जिम्मेदार विभाग ने आदेश में कहा है कि HRMS में स्वीकृत प्रत्येक संशोधन की जिम्मेदारी संबंधित चेकर की होगी। यदि बिना उचित सत्यापन के गलत, फर्जी या नियमों के विपरीत कोई अपडेट किया जाता है तो संबंधित चेकर के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 30 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि HRMS अपडेट, रिकॉर्ड सुधार और आपत्तियों के निपटारे का पूरा कार्य 30 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। विभाग ने इसे अत्यंत जरूरी (टॉप प्रायोरिटी) कार्य घोषित किया है, ताकि ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव निर्धारित समय पर शुरू की जा सके।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 5:00 am

अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध:संभल में सपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

संभल में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन रात 9 बजे से 10:15 बजे तक चला। चंदौसी के थाना बहजोई कस्बा क्षेत्र स्थित इस्लामनगर चौराहे पर यह प्रदर्शन हुआ। सपा के जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार और गुन्नौर विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए संभल पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार ने बताया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में छात्र-नौजवानों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी हिरासत में लिया गया। स्थिति बिगड़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। महासचिव ने कहा कि अखिलेश यादव छात्रों और युवाओं के दुख-दर्द को समझते हैं और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान छात्रों के लिए कई योजनाएं चलाई थीं। प्रदर्शनकारियों ने 20 से अधिक बार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, उनकी मांग पूरी नहीं हुई और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए तथा लाठीचार्ज किया गया। महासचिव ने यह भी कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आईं, जिसे संविधान के लिए शर्मनाक बताया गया। उन्होंने दोहराया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष उमेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव, जिलाध्यक्ष छात्र सभा सुरेंद्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधानसभा सुनील यादव, उमर सभासद जीशान, सभासद शेर मोहम्मद, सचिन यादव, पप्पू शर्मा, अशोक गुप्ता, लव यादव, चेतन गुप्ता, मुनेश यादव, अरविंद यादव, मुर्शिद खान, सद्दाम कुरेशी, हनी बाबा, शरद यादव, बिजेंद्र यादव, वीर सिंह यादव, रविंद्र यादव, शोभित कुमार, मनीष यादव, ललितेश यादव, लव यादव, पुष्पेंद्र यादव, राघव शर्मा, ललितेश यादव, उमेश दिवाकर, डॉ हंसराज सिंह, धर्मेंद्र दिवाकर, सर्वेश दिवाकर, रामबाबू दिवाकर, रामवीर यादव, भारत सिंह यादव, महेश यादव, जसवीर प्रधान आदि मौजूद रहें।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 11:39 pm

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मैहर कांग्रेस का प्रदर्शन:अमरपाटन में मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम मैहर जिले के अमरपाटन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अमरपाटन में सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर फूंकी और नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। तानाशाही का आरोप और गिरफ्तारी की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा स्थल पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 11:00 pm

बलिया में डीएम कार्यालय पर सपा का धरना:अखिलेश यादव की रिहाई की मांग, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी उठाई मांग

बलिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और कार्यकर्ता मंगलवार रात जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गये। सपा नेता व कार्यकर्ता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रिहाई की मांग कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रात करीब 9:25 बजे धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव को रिहा करो और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। सपा जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने बताया कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर लाठीचार्ज किया गया। देखें, 3 तस्वीरें… उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए संसद से प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी रास्ते में रोककर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यादव ने इसे लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने वालों पर अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। विधायक संग्राम सिंह यादव ने अखिलेश यादव सहित गिरफ्तार सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। यादव ने कहा कि जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान डीएम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर डटे रहे। सपा सुप्रीमों की रिहाई की खबर मिलने तथा लखनऊ सपा कार्यालय से इसकी पुष्टि के बाद सपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जेल का फाटक टूट गया, हमारा नेता छूट गया के नारे के साथ रात 10.20 बजे धरना समाप्त किया।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 10:55 pm

कानपुर में सपाइयों ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका:अखिलेश को हिरासत में लिए जाने पर भड़के, पत्नी सहित विधायक धरने पर बैठे

कानपुर में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का भी विरोध जताया बर्रा के सचान चौराहे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग की। रात करीब 8:30 बजे बर्रा के सचान चौराहे पर सपा नेता बंटी यादव और अर्पित यादव के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध जताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक दिया। इसी तरह नवीन मार्केट स्थित मेट्रो स्टेशन के पास जिलाध्यक्ष फजल महमूद के नेतृत्व में भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तत्काल रिहा करने की मांग उठाई। साथ ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा की। वहीं, कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हसन रूमी मंगलवार रात करीब 9 बजे बाकरगंज चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए और अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में नारेबाजी की। धरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सड़क से भीड़ हटाने का प्रयास किया, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। इसी दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को अपनी जीप में बैठाकर मौके से रवाना कर दिया। घटना के दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को जीप से ही ले जाकर जाजमऊ स्थित उनके आवास पर छोड़ दिया। कानपुर कचहरी गेट पर समजावादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई रात 10 बजे धरने पर बैठ गए। उनके साथ उनकी पत्नी पूर्व मेयर प्रत्याशी वंदना बाजपेई भी धरने में बैठ गईं। अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। इस दौरान कचहरी गेट पर सैंकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मौके पर पुलिस भी सूचना के बाद पहुंच गई।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 10:46 pm

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर शाजापुर में कांग्रेस का प्रदर्शन:बस स्टैंड के पास सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

शाजापुर में मंगलवार शाम जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बस स्टैंड स्थित पार्टी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। रात 8:30 बजे से 10 बजे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। ट्रैफिक प्वाइंट पर बैठकर जताया विरोध प्रदर्शनकारी बस स्टैंड से निकलकर शहरी हाईवे स्थित ट्रैफिक प्वाइंट पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और चक्काजाम करने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दंडवत होकर आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज न करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल रहा तैनात विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन समाप्त किया। उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश्वर सिंह प्रताप ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी। देखें तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 10:36 pm

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर बालाघाट में प्रदर्शन:शिक्षामंत्री और पीएम मोदी का इस्तीफा मांगा; हनुमान चौक पर फूंका टायर

दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बालाघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम करीब 8:30 बजे जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य हनुमान चौक पर टायर जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट मामले को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। देश में 'तख्तापलट' जैसे हालात का आरोप श्याम पंजवानी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। उन्होंने देश के वर्तमान हालातों की तुलना पड़ोसी देशों में हुए तख्तापलट से करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 10:27 pm

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर टीकमगढ़ में प्रदर्शन:कांग्रेसियों ने गांधी चौराहे पर दिया धरना; केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नीट पेपर लीक मामले में सरकार पर हमला कांग्रेस नगर अध्यक्ष गौरव शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष अनीस अहमद ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग जिला महासचिव संजय नायक ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के बल पर जनता और विपक्ष का आंदोलन कुचलने का प्रयास कर रही है। नारेबाजी में शामिल रहे कई दिग्गज धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पार्थ सिंह, भगतराम यादव, राजीव जैन और सुनील भाईजी सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 10:20 pm

राजेश अग्रवाल बोले- कोई बच्चा शिक्षा से न रहे वंचित:जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत, शिक्षकों का भी हुआ सम्मान

सरगुजा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन पर्यटन-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री और अन्य अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही समाज में कौशल, आत्मविश्वास और समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि शासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी विद्यार्थी ड्रॉपआउट न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा आज के समय में सफलता का मूल मंत्र है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का विशेष महत्व राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा जैसे जनजातीय बहुल जिले में शिक्षा का महत्व और भी अधिक है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूल में नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे। उन्होंने सभी से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की। अतिथियों ने बच्चों को दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि शासन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। भारत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की अपील की। शिक्षकों की कमी दूर करने अतिथि व्याख्याताओं की होगी नियुक्ति कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले के भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों की स्वीकृति दी गई है। बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और पीवीटीजी समुदाय के बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है। कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। छात्राओं को साइकिल, बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। वहीं साइकिल वितरण योजना के तहत 21 पात्र छात्राओं को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित 3 शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों का भी शॉल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संयुक्त संचालक (शिक्षा) संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, डीएमसी सर्वजीत पाठक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:45 pm

हरदा में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका:कांग्रेस ने राहुल गांधी रिहाई, शिक्षा मंत्री इस्तीफा और पेपर लीक जांच की मांग उठाई

हरदा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार देर शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर के छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। मोहन साई ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार ने आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। पेपर लीक से युवाओं के सपने टूट रहे: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं और उनके परिवार कोचिंग के लिए भारी खर्च उठाते हैं। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहुल गांधी की रिहाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:38 pm

राहुल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का धरना:राजगढ़ जिपं अध्यक्ष बोले- छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता चंदर सिंह सौंधिया मंगलवार रात कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी की रिहाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। धरने पर बैठे चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अन्याय हुआ और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उनका आरोप था कि कुछ छात्रों के हाथ-पैर टूटे, जबकि कई के सिर में चोट लगी। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। राहुल छात्रों की आवाज उठा रहे थे: सौंधिया सौंधिया ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध करती है। उन्होंने राहुल गांधी को तत्काल रिहा करने, छात्रों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। मंगलवार देर रात तक कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और राहुल गांधी रिहा नहीं होते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:36 pm

पोस्टर, तख्तियां और नारे, शिक्षा बचाने चौराहे पर उतरे छात्र:दतिया में 'सेव एजुकेशन सिस्टम' अभियान के समर्थन में युवाओं का प्रदर्शन

दतिया के बम-बम महादेव चौराहे पर मंगलवार शाम छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान चौराहे पर राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन में शामिल छात्र 'We Stand With Sonam Sir', 'Save Democracy' और 'Please Support Save Education System' लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले संदेश भी लिखे थे, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:16 pm

हरियाणा बोर्ड 10वीं के सर्टिफिकेट वितरण की तारीख घोषित:23 जुलाई से शुरू होगा वितरण, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर मिलेंगे

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) मार्च-2026 में आयोजित 10वीं कक्षा के परीक्षा के प्रमाण-पत्र, माइग्रेशन और कंपार्टमेंट कार्ड 23 और 24 जुलाई, 2026 को वितरित करेगा। ये दस्तावेज प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों पर उपलब्ध होंगे। बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ और सचिव मुनीश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय, गुरुकुल और विद्यापीठों के मुखिया अपने परीक्षार्थियों के प्रमाण-पत्र 23 जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक और 24 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। जिला भिवानी के प्रमाण-पत्र बोर्ड मुख्यालय के कमरा नंबर 44 में वितरित किए जाएंगे। अध्यापक या प्राध्यापक को भेजकर भी ले सकेंगे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यालय मुखिया स्वयं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में असमर्थ हैं, तो वे अपने विद्यालय के किसी भी अध्यापक या प्राध्यापक को इस कार्य के लिए अधिकृत कर सकते हैं। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के प्रमाण-पत्र पंजीकृत डाक के माध्यम से उनके पते पर भेजे जाएंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारण से विद्यालय निर्धारित तिथियों पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो वे बाद में बोर्ड मुख्यालय से इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:04 pm

नीट पेपर-लीक के विरोध में उदयपुर में युवाओं का प्रदर्शन:केंद्रीय शिक्षामंत्री का मांगा इस्तीफा; पुलिस रही तैनात

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरोध में उदयपुर में युवाओं ने प्रदर्शन किया। युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने मंगलवार को टाउनहॉल परिसर के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हाथों में तख्तियां लेकर लगाए नारे कार्यक्रम के तहत शाम करीब 4 बजे से नगर निगम के उद्यान स्थित टाउनहॉल परिसर में युवा जुटने लगे। इसके बाद प्रदर्शन शुरू हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सभी ने सोनम वांगचुक के पक्ष में भी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा- देशभर के लाखों विद्यार्थी कड़ी मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं जैसी घटनाएं उनके भविष्य और सपनों पर गहरा असर डालती हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाल के पेपर लीक मामलों और उनसे जुड़े तनाव के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास कमजोर कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 9:02 pm

जांजगीर-चांपा में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन:जंतर-मंतर घटना के विरोध में शिक्षा मंत्री और PM का पुतला फूंका; नारेबाजी भी की

जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में मंगलवार को यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो अनुचित है। इस प्रदर्शन में शामिल विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर के युवाओं में इस घटना को लेकर आक्रोश है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पंकज शुक्ला ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:57 pm

महेंद्रगढ़ यूनिवर्सिटी के कुलपति का कार्यकाल बढ़ा:प्रो. टंकेश्वर कुमार एक साल तक बने रहेंगे पद पर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दिया विस्तार

केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि भारत की राष्ट्रपति एवं विश्वविद्यालय की विजिटर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह स्वीकृति प्रदान की है। प्रो. टंकेश्वर कुमार का कार्यकाल 28 जुलाई, 2026 से एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है अथवा नए कुलपति की नियुक्ति या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, को लेकर शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 20 जुलाई, 2026 को आदेश जारी किया गया है। उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई दिशा प्रदान की प्रो. टंकेश्वर कुमार के नेतृत्व में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, अधोसंरचना विकास, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संस्कृति के विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित करते हुए टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में पहली बार 1001-1200 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त किया तथा हरियाणा के विश्वविद्यालयों में अग्रणी स्थान हासिल किया। इसी प्रकार, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भी विश्वविद्यालय ने पहली बार प्रवेश करते हुए 1001-1100 रैंक बैंड में स्थान बनाया। प्रो. टेंकेश्वर ने जताया केंद्र सरकार का आभार शोध गुणवत्ता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 'सिटेशन्स प्रति पेपर' श्रेणी में देश के अग्रणी संस्थानों में स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, टाइम्स हायर एजुकेशन इंटरडिसिप्लिनरी साइंस रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय 301-350 रैंक बैंड में शामिल हुआ तथा आईआईआरएफ रैंकिंग में भी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कार्यकाल विस्तार के लिए भारत की राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्ट शिक्षण, उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा तथा समाजोपयोगी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:45 pm

कांग्रेस ने पीएम मोदी का पुतला जलाया:नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा, युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध

डूंगरपुर में कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए और नीट पेपर लीक और दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज की घटना के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक गणेश घोगरा ने इस अवसर पर कहा कि लाखों छात्रों ने डॉक्टर बनने के लिए दिन-रात मेहनत की, कोचिंग पर लाखों रुपए खर्च किए और उनके माता-पिता ने गहने व जमीनें तक गिरवी रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। घोगरा ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहे युवाओं और छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल भी छात्रों के समर्थन में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:29 pm

दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में शिवपुरी में सांकेतिक प्रदर्शन:पेपर लीक, लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

शिवपुरी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार शाम बड़ी संख्या में छात्र शहर के माधव चौक पर एकत्र हुए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि दिल्ली में अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। छात्रों ने जानकारी दी कि उन्हें शिवपुरी में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते उन्होंने निर्णय लिया है कि जब तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा, तब तक वे प्रतिदिन शाम को माधव चौक पर कुछ घंटों के लिए शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। छात्रों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके प्रदर्शन से आम जनता और यातायात को कोई परेशानी नहीं होगी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। युवाओं ने तख्तियां लेकर नारे लगाए और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:03 pm

लाठीचार्ज पर घिरी सरकार, संसद से PM आवास तक प्रदर्शन:शिक्षामंत्री के इस्तीफे पर अड़े राहुल, पुलिस उन्हें उठाकर ले गई

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। नीट में गड़बड़ी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के कड़े रुख के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार टाली गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए 'वेल' में पहुंच गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा न थमने पर कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद भी गतिरोध जारी रहने पर सदन को पहले 2 बजे और फिर बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबा रही है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को 'सड़क से संसद तक' उठाता रहेगा। राज्यसभा में भी यही स्थिति देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाठीचार्ज का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे और फिर 2 बजे तक टालनी पड़ी। दोपहर बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी स्थिति नहीं बदली। खड़गे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे ही उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई पर बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया। संसद स्थगित होने के बाद विरोध की आंच बाहर तक पहुंची। विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रधानमंत्री आवास के नजदीक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करिए…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:48 pm

भिवानी में कांग्रेस नेता ने साधा सरकार पर निशाना:दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा, करण सिंह गोठड़ा बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

विद्यार्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कांग्रेस पार्टी ने कड़ी निंदा की है। भिवानी में कांग्रेस के ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष करण सिंह गोठड़ा ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। गोठड़ा ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख रहे युवाओं और छात्राओं की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। तानाशाही रवैया अपना रही सरकार : गोठड़ा उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यदि छात्र अपनी शिक्षा, रोजगार और अन्य अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी समस्याओं का समाधान करे, न कि उन पर बल प्रयोग करे। करण सिंह गोठड़ा ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कांग्रेस नेता ने सरकार से पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों पर हुई इस कार्रवाई ने प्रदेशभर के युवाओं और अभिभावकों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। गोठड़ा ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई और दमनकारी रवैया जारी रहा, तो कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:13 pm

भीम आर्मी का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:अमरपाटन में कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस; बोले- बाबा साहब की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण हो

मैहर जिले के अमरपाटन में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में यह प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने रामनगर रोड से सतना चौराहा तक जुलूस निकाला और अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से उच्च न्यायालय के नाम ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और व्यापम की जांच की मांग प्रदर्शनकारियों ने देश में भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधलियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापमं और शिक्षक भर्ती जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। सौंदर्यीकरण न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन संगठन ने अमरपाटन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा परिसर के लंबे समय से लंबित सौंदर्यीकरण की मांग भी दोहराई। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 अगस्त से बाबा साहब की प्रतिमा स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौजूद रहा।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:12 pm

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सरगुजा कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम का पुतला फूंका, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लेने पर जताया विरोध

नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूरे छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया गया। सरगुजा में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से कलेक्टोरेट चौक तक बारिश के बीच रैली निकाली। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 'पेपर लीक पर सरकार असंवेदनशील' जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में नीट समेत 152 परीक्षाओं के पेपर लीक होने का दावा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और युवाओं में भारी नाराजगी है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए था। जिला कांग्रेस के महामंत्री, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रभारी आलोक सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर जा रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में शफी अहमद, राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा, इंदरजीत सिंह धंजल, संजीव मंदिलवार, मैदान जायसवाल, असफाक अली, संजय सिंह, जीवन यादव, आलोक सिंह, अमित कुमार सिंह, शुभम जायसवाल, प्रतिपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:08 pm

पीएम-शिक्षा मंत्री पर पोस्ट की तो माफी मंगवाई, VIDEO:कहा- भारत छोड़ दो, हमारे जैसे कार्यकर्ता आए तो पेंट गीली हो जाएगी; 2 पर FIR

मंदसौर में आदिवासी युवक ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर पोस्ट की तो कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की। जातिसूचक अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। माफी मांगने पर ही उसे छोड़ा गया। मामला मंदसौर जिले में सोमवार का है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया। इसमें कुछ युवक पीड़ित से हाथ जोड़कर माफी मंगवाते नजर आ रहे हैं। एक युवक कह रहा है कि जो लोग पोस्ट कर रहे हैं, यशस्वी प्रधानमंत्री के बारे में कुछ कहते हुए…अगर शर्म आ रही हो न तो आप भारत छोड़ सकते हो। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। यह तुम्हारी गलतफहमी है कि तुम्हारे पास कोई आएगा नहीं। हमारे जैसे कार्यकर्ता अगर पहुंच गए न तो पेंट गीली हो जाएगी। ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के साथ नारायणगढ़ थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ही प्रदर्शन खत्म किया गया। 5-6 लोग घर पहुंचे, बदसलूकी की पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से संबंधित पोस्ट की थी। इसमें लिखा था, “शर्म आती है मुझे ऐसे व्यक्ति को अपना प्रधानमंत्री कहते हुए, जिसको एक महान साइंटिस्ट के जीवन और करोड़ों बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपने अनपढ़ मंत्री की कुर्सी प्यारी है।” युवक ने कहा कि इस पोस्ट से नाराज होकर कन्हैयालाल धनगर सोमवार रात करीब 11 बजे 5-6 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी लोगों ने उसके साथ बदसलूकी की। जान से मारने की धमकी देते हुए भविष्य में ऐसी पोस्ट न करने की चेतावनी दी। पुलिस बोली- आरोपियों को जल्द पकड़ेंगे नारायणगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने कहा- शिकायत मिलने पर कन्हैयालाल धनगर और गोविंद पंवार के खिलाफ FIR की है। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों के बजरंग दल कार्यकर्ता होने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। ये खबर भी पढ़ें… किन्नरों ने युवक को पीटा, नग्नकर गलियों में घुमाया, VIDEO खरगोन में किन्नर का वेश धारण कर लोगों से पैसे मांगने वाले युवक की किन्नरों के समूह ने पिटाई की। उसके कपड़े फाड़ दिए, बाल पकड़कर जमीन पर पटका, सड़क पर घसीटा और नग्नकर गलियों में घुमाया। युवक हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन पिटाई नहीं रुकी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 6:12 pm

कासगंज में अधिवक्ताओं ने दिल्ली पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया:जंतर-मंतर पर छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

कासगंज में मंगलवार को जनपद न्यायालय कासगंज में अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट, चेयरमैन जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई की निंदा की। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने 20 जुलाई को हुए इस कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सत्येन्द्र पाल सिंह बैस ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई को अनुचित बताया और कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और आमजन की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि देश के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस दौरान राकेश मिश्रा, प्रमोद सक्सेना, कमल कुमार सिंह यादव, फिरोज खान, मुकीम, जितिन मौर्य, अब्दुल मावूद, अश्वनी कुमार, चंद्रशेखर यादव, हेमंत भारद्वाज, सत्यम शर्मा, अंजुम राहत, आशीष चौहान, मोहम्मद खालिद, शादाब, नेम सिंह, दिनेश वर्मा, संजय कुमार, मनीष और मोहित बघेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 5:41 pm

आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल

लखनऊ, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक ...

वेब दुनिया 21 Jul 2026 4:58 pm

प्रधानमंत्री के आवास के बाहर पहली बार धरने पर बैठे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने पैदल मार्च कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

देशबन्धु 21 Jul 2026 4:00 pm

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लगेंगे पंख! मात्र 1 महीने में होगी शिक्षकों की बंपर बहाली और 6 महीने में स्कूलों को मिलेगी जमीन

बिहार के शिक्षा विभाग और युवाओं के लिए राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बहुत ही ऐतिहासिक और क्रांतिकारी घोषणा की है, जिसने पूरे प्रदेश में नई उम्मीद जगा दी है। राज्य में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है। सम्राट चौधरी ने एक बड़े आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया है कि आने वाले महज 1 महीने के भीतर राज्य में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही अगले 6 महीनों के भीतर उन सभी स्कूलों को अपनी खुद की जमीन उपलब्ध कराई जाएगी जो अब तक भूमिहीन हैं या बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के इस महत्वाकांक्षी और दूरगामी ऐलान के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।युवाओं के लिए सुनहरा मौका: सिर्फ एक महीने में पूरी होगी शिक्षक बहालीबिहार के बेरोजगार और बीएड-टेट पास कर चुके लाखों युवाओं के लिए यह खबर किसी बड़े तोहفه से कम नहीं है। लंबे समय से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करते हुए मात्र एक महीने के भीतर शिक्षकों की अंतिम बहाली प्रक्रिया संपन्न कर दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस तेज गति से होने वाली भर्ती प्रक्रिया से शिक्षा विभाग को एक नया बल मिलेगा और हजारों योग्य युवाओं को समय पर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा।शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार: 6 महीने में भूमिहीन स्कूलों को मिलेगी जमीनशिक्षकों की नियुक्ति के अलावा राज्य के स्कूलों की दशा सुधारने के लिए सरकार ने एक और कड़ा और बड़ा फैसला लिया है। कई ऐसे राजकीय और प्राथमिक विद्यालय हैं जिनके पास खेल का मैदान या पर्याप्त भवन निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं है, जिससे छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अगले 6 महीनों के भीतर सूबे के सभी भूमिहीन स्कूलों को चिन्हित करके उन्हें विधिवत जमीन आवंटित कर दी जाएगी। जमीन मिलने के बाद इन स्कूलों में आधुनिक क्लासरूम, प्रयोगशालाएं और खेलकूद के मैदान जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।बिहार में शिक्षा क्रांति और विकास की रफ्तार को मिलेगी नई गतिबिहार सरकार के इन ताबड़तोड़ फैसलों से यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में राज्य का शिक्षा महकमा एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। शिक्षकों की त्वरित बहाली और स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास न केवल ग्रामीण और शहरी इलाकों के शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाएगा, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी एक सुरक्षित और मजबूत नींव प्रदान करेगा। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस बड़े ऐलान की जमकर सराहना हो रही है, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन तय समय सीमा के भीतर इन घोषणाओं को कितनी तेजी से धरातल पर उतारता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:08 pm

खनवा फ्रॉड है, इसे बिहार में घुसने न दें!': पूर्व मंत्री नीरज बबलू के 'शिक्षा जिहाद' वाले बयान से मचा सियासी भूचाल

बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और तीखे तेवरों के चलते सुर्खियों में रहने वाले राजनेता एक बार फिर एक नए और बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार सिंह उर्फ नीरज बबलू ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर ऐसा आक्रामक बयान दिया है, जिसने पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों और शैक्षणिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर 'खनवा' नामक एक शख्स या प्लेटफॉर्म को बड़ा फ्रॉड करार देते हुए उसे बिहार की धरती पर न घुसने देने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले को 'शिक्षा जिहाद' जैसे संवेदनशील शब्दों से जोड़ते हुए युवा छात्र-छात्राओं को इसके खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की सख्त चेतावनी दी है। पूर्व मंत्री के इस सनसनीखेज बयान और इसके पीछे की पूरी सच्चाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।क्या है पूरा मामला और क्यों भड़के पूर्व मंत्री नीरज बबलूबिहार में शैक्षणिक माहौल, कोचिंग संस्थानों और डिजिटल एजुकेशन के नाम पर युवाओं को अपने जाल में फंसाने वाले कई मामलों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक मंच के दौरान आरोप लगाया कि किस तरह कुछ लोग या बाहरी तत्व शिक्षा के पवित्र मंदिर को अपनी साजिशों का अड्डा बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'खनवा' जैसी चीजें पूरी तरह से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का प्रतीक हैं, जिनका मकसद मासूम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना और उन्हें गलत दिशा में धकेलना है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक में इस पर पक्ष और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।'शिक्षा जिहाद' के गंभीर आरोप से गरमाई बिहार की सियासतनीरज बबलू द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को 'शिक्षा जिहाद' नाम दिए जाने के बाद से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। उनका तर्क है कि संगठित तरीके से शिक्षा के क्षेत्र में कुछ खास एजेंडों के तहत घुसपैठ की जा रही है, जो राज्य के युवाओं के भविष्य और सामाजिक सौहार्द के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। राजनेताओं और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आगामी दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने वाला है। एक तरफ जहां उनके समर्थक इस चेतावनी को छात्रों के हित में उठाया गया कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे समाज में ध्रुवीकरण फैलाने का एक राजनीतिक हथकंडा करार दे रहे हैं।छात्रों और युवाओं के लिए क्या है बड़ी सीख और चेतावनीइस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और उच्च शिक्षा ले रहे छात्र कैसे इन तथाकथित फ्रॉड और जालसाजों से अपना बचाव करें। शिक्षाविदों का भी मानना है कि छात्रों को किसी भी अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कोचिंग या संस्था से जुड़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता की पूरी जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए ताकि उनके कीमती समय और पैसे की बर्बादी न हो। पूर्व मंत्री की इस चेतावनी ने भले ही राजनीतिक रंग ले लिया हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शिक्षा के बाजार में फल-फूल रहे फर्जीवाड़े पर लगाम कसना कितना जरूरी हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 3:05 pm

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: CJP के 'चलो संसद' मार्च को मिला बॉलीवुड का साथ, सड़क से सोशल मीडिया तक उठी आवाज

राजधानी दिल्ली में NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़ा रूप ले चुका है। छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 'चलो संसद' मार्च निकाल रहे हैं। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस घटना के बाद, सिनेमा जगत की कई बड़ी हस्तियां छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं। आंदोलन को समर्थन देने वाले कलाकार नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा, कई और जाने-माने कलाकारों ने इस युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन का समर्थन किया है: • दिलजीत दोसांझ • भूमि पेडनेकर • हुमा कुरैशी • रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख • स्वरा भास्कर और कुणाल कामरा • सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, सुतापा सिकदर और नंदिता दास • सोनू सूद, वीर दास, सोहा अली खान और दीया मिर्जा कलाकारों ने क्या कहा और सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया? प्रकाश राज और शबाना आजमी: प्रकाश राज और शबाना आजमी ने सीधे जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का हौसला बढ़ाया। प्रकाश राज ने एक गाड़ी के ऊपर खड़े होकर छात्रों को संबोधित किया और संविधान की प्रति लहराते हुए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, देश का युवा बस पूछ रहा है (#JustAsking)। वहीं, शबाना आजमी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से युवा लड़कियों और बच्चों पर लाठीचार्ज होते देखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों के साथ संवाद क्यों नहीं कर रही है। दिलजीत दोसांझ: मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, आज जो हुआ वह बहुत गलत था। छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगें सुनने का आग्रह करते हुए कहा, जनता की आवाज भगवान की आवाज है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि उन्हें पहले ही कई बार 'एंटी-नेशनल' (देशद्रोही) कहा जा चुका है। भूमि पेडनेकर: इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत पोस्ट में भूमि ने स्पष्ट किया कि हिंसा कोई समाधान नहीं है। उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा में असमानता और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और हमारा ध्यान छात्रों के भविष्य पर होना चाहिए। हुमा कुरैशी: हुमा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इस तरह का क्रूर बल प्रयोग देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि हर नागरिक को सम्मान के साथ सुने जाने का अधिकार है। रितेश और जेनेलिया देशमुख: इस अभिनेता जोड़े ने एक्स पर एक संयुक्त बयान में लिखा, हम देश के युवाओं के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उनकी आवाज जोर से, स्पष्ट और बिना किसी डर के सुनी जानी चाहिए। वे हमारे लोकतंत्र की धड़कन हैं। सुतापा सिकदर (पटकथा लेखिका): उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा कि प्रदर्शन कर रहे ये बच्चे किसी अमीर या प्रभावशाली मंत्री के बच्चे नहीं हैं। ये वे बच्चे हैं जो मात्र 20 रुपये जेब में लेकर न्याय की उम्मीद में बसों और ट्रेनों का इंतजार कर संघर्ष कर रहे हैं। कलाकार क्यों दे रहे हैं समर्थन? इन सितारों का मानना है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। उनका मुख्य आक्रोश इस बात पर है कि अपने हकों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। कलाकारों का तर्क है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति और संवाद का स्थान होना चाहिए, न कि लाठीचार्ज का।

वेब दुनिया 21 Jul 2026 3:03 pm

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में फूटा गुस्सा:हिसार में जनसंगठनों और वकीलों जोरदार प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना की गूंज अब हरियाणा के हिसार में भी सुनाई देने लगी है। घटना के विरोध में विभिन्न जन संगठनों ने मंगलवार को हिसार के लघु सचिवालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, हिसार बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने भी अपना कामकाज ठप रखकर अदालत परिसर में धरना दिया और केंद्र सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लघु सचिवालय में जुटे प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर सोनम वांगचुक के साथ न्याय करो, पेपर लीक बंद करो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लिखे हुए थे। हिसार बार एसोसिएशन का धरना शुक्रवार तक जारी रहेगा। जानिए प्रदर्शन के दौरान किसने क्या कहा… बार प्रधान बोले- युवाओं के साथ हैं वकील : हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सिंह बाजिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य छात्र-छात्राएं बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन उन्हें वहां से जबरन हटा दिया गया। अपने सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे युवाओं पर आंसू गैस के गोले दागना और बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करना लोकतंत्र में पूरी तरह निंदनीय है। किसान नेता बोले- सरकार आवाज दबा रही : वहीं, किसान सभा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह लाडवा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती और पेपर लीक पर स्थायी रोक की मांग करना कोई अपराध नहीं है। सरकार लाठी और बल प्रयोग के दम पर युवाओं की आवाज दबाना चाहती है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्ष मंत्री का मांगा इस्तीफा : प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने छात्रों की जायज मांगों पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दिया, तो इस आंदोलन को पूरे देश में और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कल लाठीचार्ज हुआ हुआ था दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और विभिन्न छात्र संगठनों का अनिश्चितकालीन अनशन चल रहा था। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश और स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए वांगचुक को जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके विरोध में सोमवार को छात्रों और कार्यकर्ताओं ने संसद चलो मार्च निकालने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी हिंसक कार्रवाई के विरोध में देशभर में गुस्सा भड़क उठा है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 1:25 pm

देवरिया में DM ने कस्तूरबा विद्यालय का किया औचक निरीक्षण:छात्राओं से पाठ पढ़वाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता

देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार सुबह भटनी विकासखंड के रुपई स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पठन-पाठन व्यवस्था, छात्राओं की उपस्थिति, उपस्थिति पंजिका, अभिलेखीय व्यवस्थाओं और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं की डिजिटल उपस्थिति की समीक्षा की और कहा कि किसी भी छात्रा का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कक्षा छह और कक्षा आठ की छात्राओं से संवाद किया, उनसे पाठ्यपुस्तक पढ़वाई और विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने विद्यालय के रसोईघर, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की वार्डन ने भवन में सीलन और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय विद्यालय के लगभग सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 12:57 pm

जौनपुर में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार

जौनपुर। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे सोनम वांगचुक की मांगों को भी सरकार से शीघ्र स्वीकार करने की अपील की। बार सभागार में हुई आवश्यक बैठक प्रदर्शन से पहले मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष घनश्याम सिंह एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री मनोज कुमार मिश्र एडवोकेट ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। कलेक्ट्रेट परिसर में किया चक्रमण बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का चक्रमण कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा और पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। पूरे दिन न्यायिक कार्य से रहे विरत प्रदर्शन के चलते अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार सभी अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। उनका कहना था कि जब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह के लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 12:36 pm

शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर डटे अतिथि शिक्षक:दुर्ग में दिनभर प्रदर्शन, रात सड़क पर गुजारी; संविलियन और समान वेतन की मांग

छत्तीसगढ़ के 1 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दुर्ग में हिंदी भवन के सामने पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे शिक्षक सोमवार को संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान वेतन और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव करने पहुंचे। बारिश के बीच रैली निकाली, शाम को फ्लैशलाइट जलाकर विरोध जताया और देर रात शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर सड़क पर ही रात बिताई। शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 11 साल से दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी केवल मानदेय के भरोसे काम कर रहे हैं। पहले देखें तस्वीरें… ‘20 हजार में घर चलाना मुश्किल’ राज्य अतिथि शिक्षक संघ के हड़ताल प्रमुख और मुख्य संरक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव ने कहा कि उन्हें हर महीने सिर्फ 20 हजार रुपए मानदेय मिलता है। इसी राशि में किराया, बिजली-पानी, आने-जाने का खर्च और परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि माता-पिता की मदद करने के बजाय खुद उन्हें घर से पैसे मांगकर लौटना पड़ता है। अगर परिवार में कोई बीमार पड़ जाए तो आर्थिक संकट और बढ़ जाता है। धर्मेंद्र दास ने कहा कि हम आदिवासी क्षेत्र के शिक्षक हैं। हमने नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा का प्रसार कर नक्सलवाद को खत्म करने में भूमिका निभाई है। लोगों को बंदूक की जगह कलम पकड़ना सिखाया है। पिछले 11 सालों से हमारा शोषण हो रहा है। संविलियन या समायोजन पर ठोस फैसले की मांग धर्मेंद्र दास वैष्णव ने बताया कि उनकी पोस्टिंग कोंडागांव जिले के केशकाल ब्लॉक के एक नक्सल प्रभावित गांव के स्कूल में है। वहां उन्होंने पिछले 11 साल से पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी सड़क तक नहीं थी, वहां शिक्षक बच्चों को पढ़ाकर उन्हें इंजीनियर, वकील और दूसरे पेशों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कोई फैसला नहीं ले रही है। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि संविलियन या समायोजन पर ठोस फैसला चाहिए। हम बच्चों का भविष्य बना रहे है, लेकिन हमारा कौन बनाएगा। आत्मानंद और विवेकानंद स्कूलों का दिया उदाहरण प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि पिछली सरकार ने आत्मानंद स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को बेहतर वेतन और अन्य सुविधाएं दी थीं। उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार विवेकानंद स्कूलों में भी इसी तरह की व्यवस्था कर रही है, लेकिन सालों से काम कर रहे विद्यामितान शिक्षकों के लिए अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया। शिक्षकों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा चाहते हैं। पहले भी खून से लिखा था पत्र बता दें कि इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग भी की थी। उनका कहना था कि अगर सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकती तो उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी नहीं मिल रहा है। अब आंदोलन के 20 दिन पूरे होने के बाद शिक्षकों ने सीधे शिक्षा मंत्री के निवास तक पहुंचकर अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है। इधर, दुर्ग पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विद्यामितान के मामले में जो भी सही होगा वो निर्णय लिया जाएगा। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र: भिलाई में इच्छामृत्यु मांगी, रोते हुए बोले- संविलियन नहीं तो मौत ही सही छत्तीसगढ़ के भिलाई में राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं। आंदोलन के नौवें दिन हुई कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई घोषणा नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी और बढ़ गई। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 6:39 am

गांधी सर्किल पर धरना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर सोमवार को गिरधारी सिंह बापना के नेतृत्व में शिक्षा सुधार व परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए शांतिपूर्ण धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक व अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संजय बापना व कुसुम लता जैन ने परीक्षा प्रणाली में तकनीकी व प्रशासनिक सुधार की मांग की। प्रदर्शन दिल्ली में सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में हुआ।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 5:30 am

विधानसभा सत्र:तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल ने विधायक प्रताप ग्रेवाल के लिखित सवाल के जवाब में बताया

मप्र में छह महीने में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट 70 प्रतिशत बेरोजगार बढ़ गए। दिसंबर 2025 में प्रदेश में उच्च शिक्षित यानी ग्रेजुएट 6,17, 231 थी, जबकि जून 2026 में यह संख्या बढ़कर 7,29,708 यानी यह संख्या 1 लाख 12 हजार बढ़ गई। वहीं, दिसंबर 2025 में 12 वीं पास बेरोजगारों की संख्या 12 लाख 95 हजार थी जो जून 2026 में घटकर 6 लाख 72 हजार रह गई, यानी 6 लाख 22 हजार 12 वीं पास बेरोजगार कम हो गए। यह जानकारी सोमवार को विधानसभा में तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है। उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 को प्रदेश रोजगार पोर्टल पर 17,71,132 युवा रोजगार की प्रतीक्षा में पंजीकृत हैं। टेटवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2025 दिसंबर तक बेरोजगारों में 50 प्रतिशत 12 वीं पास थे जून 2026 तक इनकी संख्या घटकर 30 प्रतिशत रह गई और उच्च शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 70 प्रतिशत हो गई। इधर, इस दरम्यान ही महाविद्यालयों में छात्रों के प्रवेश कम होते जा रहे हैं। पढ़े लिखे शिक्षितों की बेरोजगारी की वजह उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में पिछले 6 महीनों में 8.25 लाख बेरोजगार कम हुए हैं। दिसंबर 2025 में प्रदेश में 25 लाख 95 हजार बेरोजगार थे। प्रदेश में बेरोजगारों की छह महीने में संख्या कम होने पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश में रीवा, सागर, जबलपुर, सतना और छिंदवाड़ा सबसे ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार हैं। रीवा सबसे टॉप पर है, जबकि पांढुर्णा में सबसे कम पंजीकृत बेरोजगार हैं। ​मंत्रियों के जिले भी पिछड़े सबसे ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार वाले जिलों में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का रीवा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और राकेश सिंह का सागर भी शामिल है। टेटवाल के जिले राजगढ़ में भी 50 हजार से ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार हैं। 31 दिसंबर 2025 तक ओबीसी वर्ग के 10 लाख से ज्यादा, सामान्य वर्ग के 6.51 लाख, एससी के 4.70 लाख और एसटी के 4.18 लाख युवा पोर्टल पर पंजीकृत थे। सारंग बोले- मप्र में सूखे की बात झूठ, अल्पवर्षा की स्थिति, नेता प्रतिपक्ष ने कहा- साथ चलो, हकीकत पता चल जाएगी सदन में नियम 139 के तहत मप्र में किसानों को मिलने वाली खाद, बीज समेत दूसरी समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस ने कहा कि पूरे प्रदेश में हालात खराब हैं। जवाब में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कहीं कोई कमी नहीं है। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में सूखे की स्थिति बनाकर क्या पैनिक बनने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश में केवल अल्प वर्षा की स्थिति है, न कि सूखे की। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 16% कम बारिश हुई है, हालांकि अभी सूखे जैसी स्थिति नहीं बनी है और सरकार लगातार निगरानी कर रही है। इसके बाद सारंग ने खाद और बीज को लेकर भी विपक्ष को झूठा बताया और कहा कि प्रदेश में अभी 27.10 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। कंषाना ने तो यहां तक कह दिया कि सामने बैठे मित्रों के लोग लाइनों में घुसकर पत्थरबाजी करते थे। अब नहीं कर पा र​हे हैं तो परेशान हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि क्यों न प्रदेश के प्रत्येक जिले में दोनों पार्टियों के नेता भ्रमण कर लें। मुखौटों में पहुंचे कांग्रेसी विधायक, बोले- वादे याद दिलाने आए हैं... विधानसभा सत्र की शुरुआत सोमवार को कांग्रेस के आक्रामक प्रदर्शन के साथ हुई। कांग्रेस विधायक गांधी प्रतिमा के सामने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के मुखौटे पहनकर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के साथ सिर्फ फाइल-फाइल खेल रही है, जबकि उन्हें समय पर खाद और बीज तक नहीं मिल रहे।हम सरकार को उसके वादे याद दिलाने आए हैं। प्रदर्शन में शामिल विधायकों ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, किसान आत्महत्या को मजबूर हैं और शराब व भू-माफिया हावी हैं। इसी दौरान जौरा विधायक पंकज उपाध्याय कैलारस शक्कर कारखाने से जुड़े सवाल को लगातार तीन बार खारिज किए जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने भाजपा नेता सूबेदार सिंह सिकरवार पर दलालों के जरिए शक्कर कारखाने की जमीन पर प्लॉटिंग कराने का आरोप भी लगाया।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 5:30 am

गयाजी में निकाला अर्थी जुलूस:पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग, ‌विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा बचाओ आंदोलन के समर्थन में सोमवार को गयाजी में प्रदर्शन हुआ। मगध विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने आक्रोश जताया। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली गई। इसके बाद अर्थी का दाह संस्कार कर उनके इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन में कौटिल्य छात्रावास, कर्पूरी ठाकुर छात्रावास समेत विश्वविद्यालय के कई विभागों और छात्रावासों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनिवर्सिटी परिसर पेपर लीक बंद करो, शिक्षा बचाओ-देश बचाओ और छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारों से गूंजता रहा। 'मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ रहा' इंकलाबी छात्र संगठन के संयोजक दीपक कुमार दांगी ने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। युवाओं को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में विफल रही है। यदि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन और तेज होगा। 'करोड़ों युवाओं के भविष्य की लड़ाई' कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई तो देशभर के विश्वविद्यालयों में चरणबद्ध आंदोलन, घेराव और लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन के संरक्षक कमलेश यादव ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद भी पेपर लीक और भ्रष्ट व्यवस्था की वजह से अपने सपनों से दूर हो रहे हैं। सरकार ने समय रहते शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो छात्र आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी एनएसयूआई मगध विश्वविद्यालय अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। जब तक पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू नहीं होगी और छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। प्रदर्शन के दौरान गोपेश कुमार ने प्रतीकात्मक रूप से अर्थी को मुखाग्नि दी। मौके पर प्रिंस कुमार, आलोक कुमार, चंदन, मानस, विक्रम, राजेश, सुजीत, अविनाश समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।प्रदर्शन के अंत में छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक पर स्थायी रोक, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 9:45 pm

शिक्षा विभाग के कर्मी के घर में चोरी:बेटी की शादी के लिए रखे जेवर चोर ले गए, ड्यूटी से पीड़िता आई तो बिखरे मिले सामान

नालंदा में एक घर में चोरी हुई है। घर के सभी लोग काम पर निकले हुए थे। इसी दौरान चोर घर में घुसे थे, आसपास के लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी। ​पीड़िता सुषमा कुमारी चौधरी, जो शिक्षा विभाग नवादा में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वह रोज की तरह सुबह 9 बजे अपनी ड्यूटी पर नवादा गई थीं। जब वह दोपहर तीन बजे वापस लौटीं, तो उन्होंने बाहर से मुख्य दरवाजे को खुला हुआ पाया। दरवाजा खुला देख वह दौड़कर अंदर गईं। घर के अंदर रखे सभी गोदरेज और बक्से खुले हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था। अगले साल बेटी की शादी होने वाली थी, उसके लिए जेवर जुटाए थे, जिसे चोर ले गए। घटना लहेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बैंक कॉलोनी मोहल्ले की है। 15 लाख के जेवरात ले गए चोर ​पीड़िता के अनुसार, चोरों ने घर से करीब 15 लाख रुपए मूल्य के आभूषण और दो लाख रुपए नगद पर हाथ साफ कर दिया है। आसपास के लोगों को इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। पीड़िता ने बताया कि बगल में कोचिंग चलने और आसपास के लोगों की आवाजाही के बावजूद चोरों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। ​घटना की सूचना मिलते ही लहेरी थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम को बुलाया गया। पुलिस अज्ञात बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है और लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 9:35 pm

नवादा में छात्रों का शिक्षा नीति पर प्रदर्शन:केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नवादा में सोमवार को छात्र-युवाओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन प्रजातंत्र चौक से शुरू हुआ। छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शहर की विभिन्न सड़कों और प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन छात्रों में सरकार की नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं जिनसे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में विफल रही है, जिसका सीधा असर देश के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के हितों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की अपील की। आक्रोश मार्च के दौरान शहर में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 9:20 pm

शिक्षा मंत्री बोले- राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ हैं शोधार्थी:वाराणसी में योगेंद्र उपाध्याय ने डॉ. संपूर्णानंद शोध छात्रावास का किया लोकार्पण

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. संपूर्णानंद शोध छात्रावास के जीर्णोद्धार के बाद लोकार्पण किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने फीता काटकर छात्रावास का लोकार्पण किया और भवन की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों, अध्ययन कक्ष, मेस, सुरक्षा व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. संपूर्णानंद जी शिक्षा और प्रशासन दोनों के आदर्श थे। उनके नाम पर बने इस छात्रावास से काशी की विद्वत परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी। कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि शोधार्थी राष्ट्र-निर्माण के आधार स्तंभ हैं। यहां रहकर वे न केवल शोध करें, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प में अपना योगदान भी दें। इससे पहले काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय एवं मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य गृहपति ने बताया कि डॉ. संपूर्णानंद शोध छात्रावास में कुल 50 कक्ष हैं, जिसमें शोधार्थियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रभारी अभियंत्रण विभाग प्रो. राकेश तिवारी, सम्पत्ति अधिकारी डॉ. एस.एन. सिंह आदि उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 8:41 pm

सोनम वंगचुक के समर्थन में एक दिवसीय अनशन:धमतरी में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के व्यापारीकरण पर रोक की मांग

छत्तीसगढ़ के धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। अनशन स्थल पर एक दिवसीय अनशन- सोनम वांगचुक के समर्थन में का बैनर लगाया गया था। इस दौरान शहर के कई लोग भी समर्थन देने पहुंचे। मितेश जैन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय का व्यापारीकरण बंद होना चाहिए। पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने बच्चों की आत्महत्या और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें बिना परेशानी परीक्षा देने का मौका मिले। मितेश जैन ने उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के विरोध के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मामलों पर शासन और प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रपति से शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के व्यापारीकरण को रोकने की अपील की। सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन मितेश जैन ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से देश और युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने वांगचुक को महान वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् बताते हुए कहा कि वे शिक्षा में सुधार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी उनकी मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। रौनक अग्रवाल बोले- पर्यावरण और शिक्षा दोनों खतरे में गांधी मैदान पहुंचे रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शिक्षा का निजीकरण और व्यवसायीकरण बढ़ रहा है, जिसके विरोध में यह अनशन किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा में भी परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं। पेपर लीक और सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठाया रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2021 से अब तक करीब 80 पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में 90 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर मितेश जैन अनशन पर बैठे हैं और वे उनका समर्थन करने पहुंचे हैं। सरकार हर आवाज को गंभीरता से सुने रौनक अग्रवाल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है। सरकार को एक व्यक्ति की आवाज हो या एक करोड़ लोगों की, सभी की बात समान रूप से सुननी और उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि तभी सकारात्मक बदलाव संभव होगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 8:37 pm

रायपुर में दूसरे दिन भी NEET पेपर लीक पर प्रदर्शन:NSUI के कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे; सख्त कानून और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

राजधानी रायपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान NSUI के 5 कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।हंगर स्ट्राइक करने वालों में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने नहीं जा सके। इसलिए रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक और शिक्षा सुधार की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग धरने में शामिल छात्रों और युवाओं ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। कई युवाओं को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग धरने में शामिल युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। पहले दिन 500 से ज्यादा लोग हुए थे शामिल रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुटे थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा। NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 8:33 pm

पेपर लीक के विरोध में करनाल में सीटू का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई, बोले-छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करें

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने सोमवार को करनाल में प्रदर्शन कर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीटू के जिला सचिव जगपाल राणा ने बताया कि संगठन की अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक 17 से 19 जुलाई तक रांची में आयोजित की गई थी। जिसमें देश की शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पूरी तरह विफल रही है और इसमें संरचनात्मक भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) सहित विभिन्न परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदों को तोड़ दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कारण शिक्षा का व्यवसायीकरण और केंद्रीकरण बढ़ने की बात भी कही गई। सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रस्ताव सीटू की कार्यसमिति ने जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक द्वारा जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के प्रति एकजुटता जताई है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग भी उठाई। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की गई कि देश की शिक्षा प्रणाली के वैज्ञानिक, धर्मनिरपेक्ष और संघीय स्वरूप की रक्षा के लिए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए, ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 6:43 pm

बक्सर में छात्र संगठनों का आक्रोश मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, NTA भंग करने की मांग, पेपर लीक पर सरकार को घेरा, जंतर-मंतर आंदोलन का समर्थन

बक्सर जिले के डुमरांव में सोमवार को भाकपा माले, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने 'आक्रोश दिवस' मनाया। यह प्रदर्शन पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर किया गया। कार्यकर्ताओं ने नगर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। जुलूस का नेतृत्व कामरेड अजीत कुमार सिंह, नवीन कुमार, धर्मेंद्र सिंह यादव, बाबूलाल राम और प्रभात ने किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करो, नई शिक्षा नीति 2020 वापस लो तथा पेपर लीक की जवाबदेही तय करो जैसे नारे लगाए। यह जुलूस नगर पालिका परिसर के सामने एक सभा में परिवर्तित हो गया। जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दियासभा की अध्यक्षता और संचालन भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य तथा बक्सर जिला सचिव नवीन कुमार ने किया। इस दौरान आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह, राज्य कमेटी सदस्य धर्मेंद्र यादव, सर्वेश पांडेय और सीपीआई नेता एवं जिला परिषद सदस्य केदार यादव ने सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। सरकार द्वारा वार्ता करने की भी मांग उठाई गईसभा में वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर रोक और अपनी अन्य मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही, पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से सरकार द्वारा वार्ता करने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की। कार्यक्रम में आइसा जिला सचिव अखिलेश ठाकुर, लक्ष्मण भारती, बाबूलाल राम, प्रभात, रिंकू कुरैशी, पीयूष यादव, मुखिया कृष्णा राम, देवेंद्र कुशवाहा, बंटी पटेल, मनोज राम, अखलाक, अरविंद यादव, शैलेन्द्र पासवान, नासिर हसन, ऊषा देवी, पूजा कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 6:21 pm

पलवल सभा में केंद्र पर बरसे किसान नेता:किसान-मजदूर संगठनों ने छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

पलवल में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में अनशन कर रहे वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल भेजे जाने और छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। इस घटना के विरोध में पलवल की जाट धर्मशाला में एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें केंद्र सरकार के रवैये को तानाशाही बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की, जबकि मंच संचालन रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरिचंद वर्मा ने किया। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता रूप राम तेवतिया और सीटू की जिला प्रधान रामरति चौहान ने कहा कि जंतर-मंतर पर 20 जून से छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने पुलिस द्वारा वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने को अलोकतांत्रिक बताया। 'छात्रों की जायज मांगों को हल करने से बच रही सरकार' वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के बजाय दमन का सहारा लेकर छात्रों की जायज मांगों को हल करने से बच रही है। किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और धर्म चन्द ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं कराने में बार-बार विफल रही है। 'चुप्पी साधे हुए हैं प्रधानमंत्री' उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के कारण लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी निराशा और आक्रोश है। परीक्षाओं में धांधली के कारण कई छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए हैं। 'छात्र आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा' सभा में मौजूद वक्ताओं ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इसके साथ ही किसान नेताओं ने एलान किया कि आगामी 22 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित जनविरोधी व्यापार समझौते के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:50 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में छत्तीसगढ़ के किसान:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा आवेदन

दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में छत्तीसगढ़ के किसान भी सड़कों पर उतर आए। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में किसानों ने मानव श्रृंखला बनाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि सोनम वांगचुक विद्यार्थियों के हित, पर्यावरण संरक्षण और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भारतीय किसान यूनियन ने केंद्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। संगठन ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक, नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं। पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा उठाया ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने कहा कि विकास के नाम पर जल, जंगल और जमीन का लगातार दोहन किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और स्थानीय समुदायों का विस्थापन हो रहा है। संगठन ने मांग की कि जिन परियोजनाओं का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है, उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए। लोकतांत्रिक आंदोलनों के सम्मान की अपील भारतीय किसान यूनियन ने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक आंदोलनों का सम्मान करने, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों, किसानों और आम जनता की आवाज को गंभीरता से सुनने की अपील की। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, गरियाबंद जिलाध्यक्ष मदनलाल साहू, महासमुंद जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:39 pm

सोनभद्र में AAP, भीम आर्मी और छात्र संगठनों का प्रदर्शन:केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, सोनम वांगचुक मुद्दे पर सौंपा ज्ञापन

सोनभद्र में आम आदमी पार्टी (AAP), भीम आर्मी, वामदलों और विभिन्न छात्र-युवा संगठनों ने सोमवार को स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक बंद करो, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर विरोध जताया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली पर उनका विश्वास कमजोर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाना चाहिए। सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने सोनम वांगचुक के समुचित उपचार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा उनकी सोच को महत्व दिए जाने की मांग की। कुछ वक्ताओं ने उन्हें शिक्षा मंत्री बनाए जाने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:36 pm

सपा युवा संगठनों का शिक्षा व्यवस्था पर प्रदर्शन:देवरिया कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

देवरिया में समाजवादी पार्टी के युवा संगठनों ने सोमवार को शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन दोपहर एक बजे शुरू हुआ। समाजवादी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। यह कार्यक्रम दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित 'संसद मार्च' के समर्थन में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक की घटनाओं का भी विरोध किया। सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार रोजगार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार समस्याएं आ रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस कार्यक्रम में हृदय नारायण जायसवाल, रामप्रकाश चौधरी, हरिओम लाला, शिवानंद, संजीव, गिरीश जायसवाल, सुनैना कुशवाहा, लारेब रहमान, अंकुल, रामविश्वास, धर्मेंद्र, विजय यादव, सत्यपाल, अंकित श्रीवास्तव, हरिकेवल, विराट, दुर्गेश, अजय, विकास, धीरज, अवनीश गोलू, बलवंत, आलोक प्रजापति, अजीत सिंटू, मनोज और सुहैल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:16 pm

जमुई में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA भंग करने की मांग, NEP-2020 का विरोध, पेपर लीक पर सरकार को घेरा

जमुई में सोमवार को भाकपा माले, छात्र संगठन आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता नौजवान सभा के जिला संयोजक राहुल यादव ने की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र-युवाओं के हितों की रक्षा की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। करोड़ों छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआभाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण करोड़ों छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने बताया कि पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से आंदोलन और भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। सिंह ने दिल्ली पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर बल प्रयोग को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। व्याप्त भ्रष्टाचार ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया उन्होंने कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। बाबू साहब सिंह ने नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। सभा को बासुदेव राय और जयराम तुरी ने भी संबोधित किया, जिन्होंने केंद्र सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। इस कार्यक्रम में मोहम्मद हैदर, किरण गुप्ता, ब्रह्मदेव ठाकुर, दामोदर पासवान, संगीत कुमारी, सविता देवी, अनिता देवी सहित बड़ी संख्या में भाकपा माले, आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:06 pm

NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:रायबरेली में पीएम और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था की कथित बदहाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार शाम को चार बजे शहीद चौक पर हुए इस प्रदर्शन में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन सोमवार शाम 4:00 बजे डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित शहीद चौक पर आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस कमेटी के सदस्य वीरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। वीरेंद्र यादव ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार आई है, कोई भी परीक्षा पेपर लीक होने से अछूता नहीं रहा है। यादव ने सरकार को शिक्षा, युवा, छात्र, महिला, किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सभी कदम आम जनता के हितों के खिलाफ होते हैं और यह केवल कुछ पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। यादव ने कहा कि राज्य में लाखों की संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं, जबकि कोई नया विश्वविद्यालय नहीं खोला जा रहा है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 5:04 pm

सुल्तानपुर में पुलिस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला छीना:NEET-UG धांधली पर यूथ ब्रिगेड का प्रदर्शन, छात्रों की आवाज दबाने का आरोप

सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी की मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष शाहज़ाद अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रतीकात्मक पुतला लेकर डीएम कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने रास्ते में ही पुतला अपने कब्जे में ले लिया। मौके पर सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, नगर कोतवाल सुरेश नारायण मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में किया गया। कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष शाहज़ाद अहमद ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी नेताओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं और छात्रों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सपा सांसद डिंपल यादव को सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। शाहज़ाद अहमद ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो देशभर के युवा बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। सपा अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव अशोक सिंह बिसेन ने भी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिया गया, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:57 pm

छात्रों और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी हो रही-भाकपा:केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की

पश्चिम चंपारण के बेतिया में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए इमली चौक पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया। भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट का सामना कर रही है और छात्रों तथा युवाओं की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। नेताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उनका आरोप था कि असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है तथा लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। छात्र,किसान, मजदूर के अधिकारों की रक्षा को संघर्ष वक्ताओं ने बताया कि छात्र, युवा, किसान, मजदूर और आम नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय विरोध को दबाने में लगी है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और सरकार को संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष और तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देशभर में चल रहा छात्र-युवा आंदोलन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का भी आंदोलन है। पार्टी ने छात्र-युवा आंदोलनों के साथ मजबूती से खड़े रहने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:48 pm

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर युवाओं का प्रदर्शन:छतरपुर में कलेक्ट्रेट तक मार्च; 'अंधा कानून' पोस्टर लेकर छात्रों के मुद्दे उठाए

छतरपुर में सोमवार को CJP के समर्थन में युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छत्रसाल चौक से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिनमें 'अंधा कानून' लिखे पोस्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से गंभीरता से कदम उठाने की मांग की। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की भी मांग की। छत्रसाल चौक से शुरू होकर प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पूरे रास्ते सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर युवाओं ने धरना दिया और अपनी मांगों को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होगा, उनका विरोध जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखी गई ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ और कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही। प्रदर्शन के बाद सभी युवा शांतिपूर्वक वहां से चले गए। देखिए प्रदर्शन की तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:35 pm

पेपर लीक को लेकर भाकपा-माले ने निकाला प्रतिरोध मार्च:केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग, शहर की सड़कों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। जिसमें समर्थन में बेगूसराय में भाकपा-माले और छात्र संगठन आइसा और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता ने शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। भाकपा-माले के जिला सचिव उमेश कुमार के नेतृत्व में शहर के हॉस्पिटल गोलंबर से प्रतिरोध मार्च निकला। जो शहर के मोहनपुर, काशीपुर, स्टेडियम मार्केट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। जहां लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने कहा कि पूरे भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं , जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। पूरे प्रकरण के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री दोषी हैं लंबे समय से लोग इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। जंतर मंतर पर लंबे समय से इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। आंदोलनकारियों को कुचलना का काम किया जा रहा है। माले के जिला सचिव उमेश कुमार ने कहा कि अगर सरकार जल्द केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं लिया तो आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा । समस्तीपुर समेत पूरे देश में आंदोलन आज संसद मार्च को देखते हुए पूरे भारत में भाकपा-माले और आइसा के कार्यकर्ता प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया है। यह प्रतिरोध मार्च समस्तीपुर समेत पूरे देश में आज निकाला जा रहा है उन्होंने आम लोगों से भी आह्वान किया है कि केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने में सहयोग करें। इस मौके पर माले के वरीय नेता महावीर पोद्दार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के नेता सूरज कुमार दास, छात्र संगठन के नेता रौशन यादव समेत बड़ी संख्या में वाम दल समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:21 pm

अररिया में छात्र और युवा भूख हड़ताल पर बैठे:बोले-शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, पेपर लीक का विरोध; सोनम वांगचुक को समर्थन

अररिया में छात्रों और युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। यह आंदोलन पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। युवा संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता हुए शामिल आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। इस भूख हड़ताल में यूथ यूनियन अररिया, बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन सहित कई छात्र एवं युवा संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देशभर में शिक्षा, युवाओं के अधिकार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाना आवश्यक है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हाल की प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन की अनदेखी और शिक्षा मंत्रालय की निष्क्रियता के कारण युवाओं में गहरा असंतोष है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। शाम 6 बजे निकाला जाएगा कैंडल मार्च छात्रों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दिनभर धरना स्थल पर भूख हड़ताल जारी रही। आंदोलन के अगले चरण में शाम 4 बजे विरोध-प्रदर्शन और शाम 6 बजे कैंडल मार्च आयोजित किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:07 pm

शिक्षा-स्वास्थ्य, यातायात के लिए आमरण अनशन:कहा- अधिकारी सिर्फ निरीक्षण कर चले जाते, मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा

दरभंगा में सोमवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) की केवटी इकाई के बैनर तले अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू हो गया है। सात सूत्री मांगों को लेकर रैयाम चौक पर अनशन चल रहा है। आंदोलन का शुभारंभ एमएसयू के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार झा ने अनशनकारियों को माला पहनाकर किया। प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि केवटी क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए है। वर्षों से केवटी की जनता अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग कर रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई। चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा। आमरण अनशन पर अमित मिश्रा, ब्रजेश कुमार, शशि झा, आदर्श कुमार और जाहिद खान बैठे हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए तिथि घोषित करने की मांग अनशनकारी अमित मिश्रा ने कहा कि रैयाम चीनी मिल के नाम पर वर्षों से जनता को केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय-समय पर निरीक्षण कर चले जाते हैं, लेकिन मिल चालू करने की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की जाती। सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि किस तारीख और किस महीने से रैयाम चीनी मिल का संचालन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि रैयाम जैसे बड़े बाजार में आज तक सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। केवटी प्रखंड में सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं होने से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। डिग्री कॉलेज के लिए भूमि चिह्नित करने की मांगइधर, एमएसयू के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार झा ने बिहार सरकार से केवटी में सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना करने और अंचलाधिकारी (सीओ) को इसके लिए उपयुक्त सरकारी भूमि चिह्नित करने का निर्देश देने की मांग की है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय स्वागतयोग्य है, लेकिन इतनी बड़ी आबादी वाले केवटी प्रखंड को इस योजना से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार कॉलेज नहीं होने के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को दरभंगा सहित अन्य शहरों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 4:06 pm

जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन में हनुमानगढ़ से राष्ट्रपति को ज्ञापन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे लोकतांत्रिक प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को हनुमानगढ़ में माकपा और अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की मांग की गई। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, फिर सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंपने से पहले माकपा और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में संविधान प्रदत्त अधिकारों—अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संगठन बनाने के अधिकार—की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, जनता की आवाज का सम्मान करने और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने पर बल दिया गया। 'लोकतंत्र में असहमति का सम्मान जरूरी' प्रतिनिधिमंडल में शामिल माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह ज्ञापन में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि इन सभी मांगों को भारत सरकार तक शीघ्र पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभावनाओं और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान होना चाहिए तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 3:37 pm

फलोदी में सोनम वामचुंग के समर्थन में धरना:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

जिला कलेक्ट्रेट के पास अंडरब्रिज के नीचे सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता भैराराम मकवाना ने सोमवार को वरिष्ठ वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में उपवास और धरना शुरू किया। धरने में उनके समर्थकों के साथ-साथ सोनम वांगचुक के समर्थन में आए कई लोगों ने भी भाग लिया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कई मांगें उठाईं धरने के दौरान एडवोकेट भैराराम मकवाना ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने और युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गई। राजनीतिक षड्यंत्र रोकने की मांग ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ किसी भी प्रकार के कथित राजनीतिक षड्यंत्र को रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता शीशपाल विश्नोई, विजय नोखड़ा, याकुब खान, राहुल चौधरी, प्रकाश सैन, मोहनराम, गोपाल गोगलू, नटवर लाल पंवार, शांति मेघवाल, गोपाल शेखासर और प्रेमाराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा गया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 3:36 pm

जैसलमेर में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:पैदल मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को जैसलमेर की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। हनुमान चौराहा स्थित गांधी दर्शन के सामने बड़ी संख्या में छात्र और आम जनता इकट्ठा हुए। सभी लोगों ने वांगचुक की मांगों को जायज बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में चल रही गड़बड़ियों को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी जलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर के जरिए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सर्व समाज व स्टूडेंट ने किया प्रदर्शन इस प्रदर्शन में युवाओं और समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गांधी दर्शन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च जिला कलेक्ट्रेट दफ्तर पर जाकर खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोनम वांगचुक जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, वे पूरे देश के लिए बेहद जरूरी हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सोनम वांगचुक का किया समर्थन यह पूरा आंदोलन बेहद शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर रहे युवाओं और नागरिकों ने अपनी सहमति जताने के लिए ज्ञापन पर अपने हस्ताक्षर भी किए। प्रदर्शन में शामिल एक आंदोलनकारी हाकमदान ने कहा कि लद्दाख के पर्यावरण और देश के संवैधानिक अधिकारों को बचाने की यह लड़ाई अब सिर्फ लद्दाख तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की जनता सोनम वांगचुक के साथ खड़ी है। जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, देश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह आवाज उठती रहेगी।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 3:29 pm

बीकानेर में 300 प्राइवेट स्कूल बंद, शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन:बोले-हर महीने निरीक्षण बंद हो; पुलिस ने रोकने के लिए गेट पर लगाया ताला

प्राइवेट स्कूलों में हर महीने निरीक्षण के शिक्षा विभाग के आदेश के विरोध में सोमवार को बीकानेर के करीब 300 निजी स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने कलेक्ट्रेट से शिक्षा निदेशालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में अतिरिक्त निदेशक शैलेंद्र देवड़ा के साथ वार्ता हुई, जिसमें एक-एक बिन्दू पर चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के चलते शिक्षा निदेशालय का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया, जिससे अपने काम से पहुंचे अभ्यर्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट से निकाला पैदल मार्च हर महीने प्राइवेट स्कूलों के निरीक्षण के आदेश के विरोध में सोमवार सुबह करीब 11 बजे दो हजार से अधिक स्कूल संचालक, शिक्षक और स्टाफ कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। यहां से सभी रैली के रूप में शिक्षा निदेशालय पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर धरना देकर सरकार के आदेशों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बीच निदेशालय का गेट बंद, कई लोग नहीं जा सके अंदर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर थाना पुलिस ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया। इसके बाद निजी सुरक्षा गार्डों ने किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इससे अपने काम से पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा एक अभ्यर्थी हाईकोर्ट का आदेश लेकर निदेशालय पहुंचा था, लेकिन उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलने की शिकायत लेकर आई एक महिला अभ्यर्थी भी मुख्य द्वार बंद होने के कारण अधिकारियों से नहीं मिल सकी। आदेश वापस नहीं हुआ तो प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान प्राइवेट स्कूल संगठन सेवा के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने कहा - यदि हर महीने स्कूलों के निरीक्षण का आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि संगठन की मांगों में निरीक्षण का आदेश वापस लेना, आरटीई की बकाया राशि का भुगतान, बिना फीस ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने का आदेश रद्द करना, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का भुगतान करना तथा कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण या पाबंदी लगाना शामिल है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 2:22 pm

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए नारेबाजी:मैहर में छात्र बोले- 'इस्तीफा तो तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा'

मैहर जिले के अमरपाटन में सोमवार को छात्र-छात्राओं और युवाओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। दो घंटे तक चला प्रदर्शन रामनगर रोड चौराहे स्थित संदीपनी विद्यालय के सामने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने इस्तीफा तो तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा सहित अन्य नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन करीब दो घंटे तक चले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद छात्रों ने तहसीलदार आर.डी. साकेत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया गया। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम की निगरानी की।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:43 pm

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पुलिस ने हिरासत में लिया

राजधानी में सोमवार को शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के विरोध में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन उस समय तेज हो गया, जब छात्र परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक मार्च निकालने के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में रोक दिया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। इस दौरान परिवर्तन चौक और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हजरतगंज कूच से पहले ही पुलिस ने रोका मार्च प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में परिवर्तन चौक पर एकत्र हुए थे। यहां से हजरतगंज तक मार्च निकालने की घोषणा की गई थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने नहीं दिया। छात्रों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बसों में बैठाकर इको गार्डन भेजे गए छात्र हिरासत में लिए गए छात्रों को पुलिस ने बसों में बैठाकर इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे। राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि देश में लगातार पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सरकार से जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई। छात्रों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर नई पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग। नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग। पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग। सभी छात्रों के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग। सरकार पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा से जुड़े बुनियादी सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:42 pm

लखनऊ में AISA का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा:परिवर्तन चौक से जिला कार्यालय तक विरोध; पेपर लीक के खिलाफ उठाई आवाज

लखनऊ में सोमवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन ने परिवर्तन चौक से जिला कार्यालय तक मार्च निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग उठाई। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। दिल्ली आंदोलन के समर्थन में होगा प्रदर्शन AISA ने बताया कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर यह मार्च निकाला जा रहा है। इसके अलावा पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने और जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई का भी विरोध किया गया। 23 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के तीन कार्यकर्ताओं ने 23 दिनों से जारी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को समाप्त कर दी। विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से आंदोलन को संसद और जन अभियान के माध्यम से आगे बढ़ाने का आग्रह किया। विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद अमरा राम, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, शिक्षाविद् अतुल सूद तथा अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आजमी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। योगेंद्र यादव ने कहा कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत है, जबकि मनोज झा ने छात्रों के आंदोलन को सरकार की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। मौके से भास्कर रिपोर्टर विकास श्रीवास्तव ने अपडेट दिया

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:35 pm

सोनभद्र के बल्लही टोला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव:ग्रामीण पेयजल, बिजली और शिक्षा से वंचित; जिलाधिकारी से शिकायत

सोनभद्र के गुरमा स्थित ग्राम पंचायत मारकुंडी के टोला बल्लही के ग्रामीण आज भी पेयजल, विद्युत और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार की 'हर घर जल' योजना का लाभ उनके टोले को नहीं मिला है। उनके अनुसार, न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही नल कनेक्शन दिए गए। कार्यदायी संस्था और ठेकेदार से कई बार संपर्क करने पर आश्वासन मिला, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बिना कार्य पूरा किए ही योजना पूर्ण होने की रिपोर्ट ब्लॉक कार्यालय को भेज दी गई है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि टोला बल्लही एक पठारी क्षेत्र में स्थित है, जहां अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। 'सौभाग्य योजना' के तहत बिजली के खंभे लगाए जाने थे, लेकिन यह कार्य भी अधूरा रह गया। बिजली के अभाव में ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है। टोला बल्लही में कोई प्राथमिक विद्यालय नहीं है। छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे टोलों में स्थित विद्यालयों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बच्चों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि टोला बल्लही में 'हर घर जल' योजना का लाभ, विद्युतीकरण और एक प्राथमिक विद्यालय की स्थापना शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के निवासियों और बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:25 pm

आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एमजी रोड पर पैदल मार्च:DM ऑफिस का किया घेराव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आगरा शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सुभाष पार्क से पैदल मार्च निकालकर एमजी रोड पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने गेट बंद कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जनता दरबार है, किसी के घर का दरवाजा नहीं है जिसे बंद कर दिया जाए। करीब आधे घंटे की नोकझोंक के बाद कुछ प्रतिनिधियों को डीएम मनीष बंसल से मिलने की अनुमति दी गई। डीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौट गए। आगरा शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित सिंह ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। इससे लाखों छात्र और अभिभावक परेशान हैं। कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली, कई परिवारों के खेत तक बिक गए और लोग ब्याज पर कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अमित सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है, इसलिए देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे एक शिक्षक और साइंटिस्ट के साथ पुलिस ने बदतमीजी की और उन्हें गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया जा रहा है। अमित सिंह ने कहा कि अब हर जगह जनता में सरकार के खिलाफ गुस्सा है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:16 pm

किशनगंज में CJP कार्यकर्ताओं का प्रोटेस्ट:टाउन हॉल के पास जुटे 500 से अधिक समर्थक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

किशनगंज शहर के टाउन हॉल के पास रविवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा जमावड़ा हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुआ। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 500 से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। सुबह से ही लोगों का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था और दिन बढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई। कार्यक्रम स्थल टाउन हॉल के आसपास पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, जो पार्टी के पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग मौजूद थे। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए… विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भाग लिया। शहर के कई चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंच से अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन का समर्थन किया। वक्ताओं ने जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न वर्गों के एक मंच पर आने को सकारात्मक बताया। मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना - आयोजक आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को सरकार के सामने उठाना था। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी आम जनता के बढ़ते समर्थन को दर्शाती है। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन के विस्तार और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस तैनात कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:16 pm

नागौर में NEET-विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:बोले- राष्ट्रीय भाषा, शिक्षा सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाओ

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सोमवार को नागौर जिले के युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय भाषा के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग की गई। कलेक्टर को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अपील की। यह ज्ञापन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सौंपा गया। NEET परीक्षा को लेकर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया कि देश में लगातार NEET परीक्षा को लेकर सामने आ रही कथित गड़बड़ियों और विवादों से लाखों स्टूडेंट्स और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। प्रतिनिधियों ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। राष्ट्रीय भाषा और शिक्षा सुधार की मांग ज्ञापन में राष्ट्रीय भाषा को उचित सम्मान देने, शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और स्टूडेंट्स को समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही शिक्षा नीति में जरूरी सुधार करने की भी बात कही गई। युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग प्रतिनिधियों ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री तक मांग पहुंचाने की अपील ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी सभी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि स्टूडेंट्स, युवाओं और अभिभावकों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:12 pm

बड़वानी में नीट पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्टर को ज्ञापन देने गेट पर बैठे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बड़वानी जिला मुख्यालय पर सोमवार दोपहर नीट परीक्षा में कथित विसंगतियों और पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। कलेक्टर से ज्ञापन नहीं लेने पर छात्र कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठ गए। 3 तस्वीरें देखिए कलेक्टर से मिलने की मांग पर धरना प्रदर्शनकारी छात्र ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। नायब तहसीलदार सोनू गोयल ज्ञापन लेने बाहर आईं, लेकिन छात्रों ने कलेक्टर से ही ज्ञापन लेने की मांग की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो के नारे लगाए। करीब आधे घंटे बाद छात्रों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंप दिया। एनएसयूआई ने उठाए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल एनएसयूआई जिला अध्यक्ष बादल गिरासे ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में कथित पेपर लीक और परिणामों में विसंगतियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने की मांग की। छात्रा राधा सूर्यवंशी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग छात्र योगेश ने कहा कि यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर है। ज्ञापन में छात्रों ने भविष्य की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहेगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:10 pm

चंडीगढ़ के पूर्व मेयर के पिता का निधन:प्रिंसिपल पद से रिटायर्ड थे, अंतिम संस्कार आज; शिक्षा- समाज सेवा को समर्पित रहा जीवन

चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के पिता शांति नाथ सूद का रविवार देर रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और उनका पीजीआई में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और परिचितों ने गहरा दुख जताया। शांति नाथ सूद शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कई वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। वह अनुशासनप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होंगे परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार को सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में दोपहर 3 बजे किया जाएगा। अंतिम यात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होंगे। प्रशासन के अधिकारी भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। संभावना जताई जा रही है कि चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। शांति नाथ सूद के निधन पर भाजपा नेताओं और सामाजिक संगठनों ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि शांति नाथ सूद ने शिक्षा और समाज की सेवा में लंबा समय दिया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 12:18 pm

भिवानी में NEET पेपर लीक के विरोध में उपवास:सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र; बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

भिवानी में सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और उपवास रखा। उन्होंने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चले रहे धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाने का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन कर रहे ओमप्रकाश कामरेड, सीटू के जिला सचिव अनिल कुमार, किसान सभा की तहसील प्रधान संतोष देशवाल, सीटू के उप प्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर छात्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका समर्थन करते हुए वैज्ञानिक व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और जो बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, उस पर भी रोक लगाया जाए। आधे से ज्यादा पेपर रद्द किए उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में आधे से ज्यादा एग्जाम लीक होने व अन्य कारणों से रद्द करने पड़े हैं। जो छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ है। वहीं भविष्य भी अंधकार में आ गया है। सरकार को मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और आगे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कभी भी पेपर लीक ना हो। नीट पेपर लीक होने के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की है। वहीं पेपरों की तैयारी में युवाओं के लाखों रुपए व समय खर्च होता है। इसके बाद भी पेपर लीक हो जाते हैं और सरकार उन पेपर को रद्द करके छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करती है। लोकतंत्र का किया जा रहा हनन उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद कूच करने जा रहे लोगों को भी रोका जा रहा है। जो लोकतंत्र में गलत है अर्थात लोकतंत्र का हनन किया जा रहा है। लोकतंत्र में सभी का हक प्रदर्शन करने का होता है, लेकिन यह सरकार अघोषित आपातकाल लगाकर लोगों को प्रदर्शन करने से भी रोक रही है। अगर समय रहते केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो पीएम को इसका जवाब देना हो।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 12:09 pm

पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा पर सरकार सख्त कदम उठाए:मायावती बोलीं ज्वलंत मुद्दों को टकराव से नहीं सूझबूझ से टालें

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक हालात को लेकर सदन से लेकर सड़कों तक हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि इसे सूझबूझ से टाला जा सकता है। पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाओं से युवाओं में आक्रोश बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि मेडिकल (NEET) जैसी अखिल भारतीय परीक्षाओं से लेकर विभिन्न राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक के कारण युवा व बेरोजगार गंभीर तनाव में हैं। लगातार रद्द होती परीक्षाओं से परेशान युवा अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। यह सीधे तौर पर जनहित से जुड़ा अति-संवेदनशील मामला है। सरकार को स्थिति पर काबू पाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे। उच्च पदों पर बैठे अफसरों की तय हो जवाबदेही मायावती ने कहा कि देश की नींव युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में जाने से बचाने के लिए केवल छोटी मछलियों पर नहीं, बल्कि परीक्षा कराने वाली संस्थाओं के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए। गड़बड़ी में शामिल बड़े अफसरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। महंगाई के दौर में भी पेट काटकर पढ़ा रहे मां-बाप बसपा प्रमुख ने कहा कि यूपी, राजस्थान और दिल्ली समेत देशभर में अच्छे सरकारी स्कूलों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव के चलते प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों का जाल तेजी से फैला है। जबरदस्त महंगाई के बावजूद आम परिवार पेट काटकर अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। युवा आउटसोर्सिंग की शोषणकारी नौकरियों के बजाय सम्मानजनक और स्थायी रोजगार पाना चाहते हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कोचिंग सेंटरों पर निगरानी जरूरी मायावती ने कहा कि सरकारें कोचिंग संस्थानों पर कड़ी और पारदर्शी निगरानी रखें। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। केवल जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों से काम नहीं चलेगा; जब तक शिक्षा पर सही बजट और गुणवत्तापूर्ण दृष्टिकोण नहीं होगा, तब तक देश का भविष्य संवरना मुश्किल है। अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलकर ही निकल सकता है हल यूपी और पूरे देश का विकास संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच के अनुरूप 'शिक्षित, सुरक्षित और कल्याणकारी भारत' के आधार पर होना चाहिए। सरकारों को इन बुनियादी मुद्दों पर समय रहते ध्यान देना होगा। सरकार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं व संगठनों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर सही समाधान निकालना चाहिए। तभी जनता और युवा पीढ़ी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 11:47 am

कंबोडिया में नालंदा यूनिवर्सिटी एलुमनी मीट का हुआ आयोजन:कार्यक्रम में भारत के राजदूत हुए शामिल, शिक्षा और संवाद को साझा प्रगति का आधार बताया

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में एक विशेष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 'ग्लोबल फैमिली' को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। जिसमें संस्थान के पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। भारतीय राजदूत की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन की शोभा कंबोडिया में भारत के राजदूत महामहिम वनलालववना बविटलुंग ने बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और कंबोडिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करते हुए शिक्षा और संवाद को साझा प्रगति का आधार बताया। भारतीय दूतावास द्वारा इस कार्यक्रम को दिए गए सहयोग की विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष सराहना की। वैश्विक क्षितिज पर नालंदा की नई पहचान समारोह के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में हासिल की गई उपलब्धियों, नई शैक्षणिक पहलों और उभरते शोध अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे नालंदा अपनी गौरवशाली विरासत को आधुनिक युग के अनुरूप ढालकर वैश्विक पटल पर एक ज्ञान केंद्र के रूप में फिर से स्थापित हो रहा है। इस दौरान उपस्थित छात्रों और पूर्व विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया और पुरानी यादों को ताजा किया। भारत-कंबोडिया के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक मजबूती विद्यार्थियों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी ने इस मिलन समारोह को अत्यंत यादगार बना दिया। इस आयोजन ने न केवल भारत-कंबोडिया के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया है, बल्कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क को भी नई गति प्रदान की है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 10:16 am

सलूम्बर में श्री कल्लाजी विकास संस्था का प्रतिभावान सम्मान समारोह:321 विद्यार्थी सम्मानित, जयसमंद में शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति का दिया संदेश

सलूम्बर जिले के जयसमंद स्थित श्री कल्लाजी विकास संस्था ने रविवार को प्रतिभावान सम्मान समारोह आयोजित किया। समारोह में मेवल-छप्पन क्षेत्र सहित उदयपुर, अहमदाबाद और विभिन्न उपशाखाओं से हजारों समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांत धर्म जागरण संयोजक महिपाल सिंह राठौड़ रहे। विशिष्ट अतिथियों में लाल सिंह जावद, सभा अध्यक्ष भैरूसिंह राठौड़ (गुड़), संस्था अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ (पानी कोटड़ा) और युवा अध्यक्ष कूर सिंह बस्सी शामिल रहे। 321 विद्यार्थी हुए सम्मानित समारोह में शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाली 176 बालिकाओं और 145 बालकों सहित कुल 321 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 22 राजकीय सेवा में चयनित युवाओं, 12 बीएसटीसी उत्तीर्ण विद्यार्थियों और राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में चयनित 7 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। समाजसेवा के लिए भामाशाह तख्त सिंह, उदय सिंह, विजय सिंह सारण जावद और डूले सिंह गुड़ को भी सम्मानित किया गया। दसवीं कक्षा की 57 बालिकाओं और 45 बालकों तथा बारहवीं की 76 बालिकाओं और 54 बालकों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और उपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बारहवीं बोर्ड में 92.20 प्रतिशत अंक लाकर मेवल-छप्पन दोनों मंडलों में पहला स्थान पाने वाली मीनाक्षी सिसोदिया (सल्लाड़ा), दसवीं में 84.60 प्रतिशत अंक लाने वाली यशवंत कुंवर (बस्सी), बारहवीं में 89.41 प्रतिशत अंक लाने वाले कुलदीप सिंह (गुड़ेल) और दसवीं में 90.83 प्रतिशत अंक लाने वाले देवेंद्र सिंह (बामणिया) को विशेष सम्मान दिया गया। इंद्र हवन के साथ हुई शुरुआत समारोह की शुरुआत पंडित जयंतीलाल शर्मा के सानिध्य में इंद्र हवन के साथ हुई। विभिन्न यजमानों ने आहुतियां दीं। मुख्य अतिथि महिपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि शिक्षा और संस्कार व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हैं और समाज व राष्ट्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। संस्था अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ ने युवाओं और विद्यार्थियों से रोजाना हनुमान चालीसा और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने का संकल्प दिलाया। साथ ही उन्होंने माता-पिता की सहमति के बिना विवाह या रिश्ते तय न करने और नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील की। युवा अध्यक्ष कूर सिंह बस्सी ने युवाओं से समाज, संगठन और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। समारोह में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, मोबाइल फोन के सही इस्तेमाल, बच्चों को मोबाइल से दूर रखने, पौधरोपण, नशामुक्ति अभियान और वीरों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी तक पहुंचाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। संस्था सचिव लक्ष्मण सिंह जावद ने बताया कि कार्यक्रम में मेवल-छप्पन क्षेत्र की सभी उपशाखाओं सहित उदयपुर, अहमदाबाद और अन्य जगहों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन हड़मत सिंह भाणपुर ने किया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 9:22 am

JJP युवा प्रदेशाध्यक्ष का दावा-शिक्षा का भगवाकरण कर रही सरकार:दिग्विजय बोले- इसलिए तो कांग्रेस से पीछा छुड़वाया, इसके खिलाफ हम लड़ेंगे जरूर

जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने प्रदर्शन को लेकर कहा कि सरकार घबराई हुई है। सरकार डरी हुई है, इस पूरे मामले से। इसलिए पुलिस को भेजकर सोनम वांगचुक को उठाया गया। अब और संगठित होने की आवश्यकता है। अगर देश के अंदर शिक्षा व्यवस्था का भगवाकरण होने से रोकना है, जो 21 बच्चों ने आत्महत्या करके जान दी, कल यह आंच आपके घरों तक ना आए, इसलिए समय निकालकर वहां पहुंचे। देश की सरकार में बैठे लोगों को महसूस होना चाहिए कि जनता जागी हुई सोई हुई नहीं है। सोनम वांगचुक को वहां से उठाना गलत है। मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। जबरन ले जाया गया और परिवार को मिलने नहीं दिया जा रहा तथा फोन पर बात नहीं करने दी जा रही। इन्हीं हरकतों के कारण कांग्रेस से पीछा छुड़ावाया, वही सरकार कर रहीदिग्विजय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह हमारा कैसा देश हो गया। इसी से तो हमने कांग्रेस पीछा छुड़वाया था। इन्हीं व्यवस्थाओं से तो हम कांग्रेस से तंग थे, आपमें और कांग्रेस में क्या फर्क रह गया। यह सवाल है सरकार से। आज जो सोमन वांगचुक के साथ वह बहुत गलत है। इसलिए जेजेपी पार्टी के नेता खुद जंतर मंतर पर जाकर आए थे। सरकार शिक्षा व्यवस्था अपने हिसाब से बदलना चाहती है- दिग्विजयदिग्विजय चौटाला ने पेपर लीक को लेकर कहा कि एजुकेशन व्यवस्था को ये अपने हिसाब से बदलना चाहते हैं। ये चाहते हैं कि इनकी भगवाकरण की जो नीति है उसके तहत पूरी व्यवस्था को अपने हिसाब से करें। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम उसके लिए कम से कम लड़ेंगे तो जरूर। जेजेपी नीट परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में है। आगे का फैसला तो आंदोलन को लीड करने वाले लोगों को लेना है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 7:21 am

पूर्णिया में कांग्रेस का मशाल जुलूस:NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (नीट) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर पूर्णिया में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने संयुक्त रूप से एक मशाल जुलूस निकाला। जुलूस तीनों संगठनों की देखरेख में निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। मशाल जुलूस छात्रों की गूंज अभियान के तहत गिरजा चौक से शुरू होकर आरएन साह चौक तक निकाला गया। युवा कांग्रेस के पूर्णिया जिला अध्यक्ष शेख सद्दाम ने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे भारत के 28 चुनिंदा जिलों में छात्रों की गूंज अभियान चलाया जा रहा है। बिहार से इस अभियान के लिए केवल दो जिलों का चयन हुआ है, जिसमें पूर्णिया और पटना शामिल है। 10,000 से अधिक छात्र इस अभियान से जुड़े युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शेख सद्दाम ने कहा कि पिछले 10 दिनों से हम पूर्णिया में छात्रों का लगातार रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं और अब तक 10,000 से अधिक छात्र इस अभियान से जुड़ चुके हैं। यह मशाल जुलूस पूरी तरह से गैर-राजनीतिक था, जिसमें किसी बड़े नेता या पार्टी के बजाय सिर्फ और सिर्फ आम छात्रों और पीड़ित युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की। पेपर लीक पर पूर्ण रोक की मांगमशाल जुलूस के माध्यम से प्रदर्शकारियों ने मांग रखते हुए कहा कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर तुरंत कड़ा नियंत्रण लगाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। इसके अलावा बार-बार हो रही गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखते हुए कहा कि सभी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक पारदर्शी वार्षिक कैलेंडर (Annual Examination Calendar) जारी किया जाए, ताकि छात्रों को समय पर परीक्षा और परिणाम की सही जानकारी मिल सके। पैसा ऐंठने का जरिया बनी व्यवस्था, छात्र कर रहे आत्महत्याप्रदर्शन में शामिल कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष (ग्रामीण) अफरोज आलम ने कहा कि सरकार बार-बार फॉर्म भरवाकर छात्रों से मोटी रकम वसूलती है, लेकिन बाद में पेपर लीक हो जाता है। NEET परीक्षा के विवादित नतीजों के बाद से देश भर में कई मासूम छात्रों ने मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली है। एक बार फॉर्म भरने की व्यवस्था हो और उसी के तहत बिना किसी धांधली के निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं आयोजित की जाएं। धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन यहीं थमने वाला नहीं है। पूर्णिया और देश के अन्य हिस्सों में इस अभियान को 9 अगस्त तक पूरी ताकत के साथ चलाया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त को देश भर से छात्र और युवा दिल्ली कूच करेंगे, जहाँ एक बड़े विरोध प्रदर्शन के साथ इस देशव्यापी आंदोलन का समापन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 10:16 pm

Jauhar University Row: 'शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाना बंद करे BJP', अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए लिखा भावुक पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी (सपा) और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। इस बार टकराव का मुख्य केंद्र रामपुर की बहुचर्चित जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) बनी है। सपा प्रमुख और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूनिवर्सिटी के वर्तमान हालातों, प्रशासनिक कार्रवाइयों और छात्रों के अधर में लटके भविष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के हजारों विद्यार्थियों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से आक्रामक 'खुला पत्र' (Open Letter) लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि सपा हर स्तर पर इस उच्च शिक्षण संस्थान को बचाने की लड़ाई में छात्रों के साथ खड़ी है।'एक्स' (X) पर फूटा गुस्सा: सपनों पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिशअखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पत्र को साझा करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा, इस दुर्भावनापूर्ण और पक्षपाती फैसले के खिलाफ हमारे साथ हमारा छोटे से छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े से बड़ा नेता और वे सब हजारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं, जिनके सपनों पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।सपा प्रमुख ने देश भर के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षाविदों से अपील की है कि वे शिक्षा के इस मंदिर को राजनीतिक प्रतिशोध से बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस विश्वविद्यालय में हर वर्ग और समाज के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, तो क्या भाजपा अब पूरे समाज के युवाओं के भविष्य के विरुद्ध खड़ी हो गई है?कागजी कमी है तो उसे पूरा करें, यूनिवर्सिटी बंद करना समाधान नहींअपने खुले पत्र में अखिलेश यादव ने सरकार के रवैये को अहंकारी बताते हुए एक व्यावहारिक विकल्प भी सुझाया। उन्होंने कहा:कागजी कार्रवाई पूरी हो: यदि तकनीकी या कानूनी तौर पर यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों में कोई कमी (Paperwork Deficiencies) है भी, तो सरकार को उसे पूरा कराने का समय देना चाहिए, न कि सीधे संस्थान को बंद करने या ढहाने की कार्रवाई करनी चाहिए।गरीबों के बच्चों का हवाला: अखिलेश ने भावुक रुख अपनाते हुए कहा कि इस यूनिवर्सिटी में मध्यमवर्ग और बेहद गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उनके माता-पिता के पास इतना पैसा नहीं होता कि वे अपने बच्चों को भाजपा नेताओं की तरह महंगे प्राइवेट विश्वविद्यालयों या विदेशों में पढ़ा सकें।बिना परिवार वाले क्या जानें दर्द: उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधा तंज कसते हुए कहा कि जिनके न परिवार हैं और न बच्चे, वे भला एक आम परिवार के बच्चों के भविष्य के उजड़ने का दर्द और माता-पिता की तड़प क्या समझेंगे।भाजपा की 'भूमिगत योजना' पर अखिलेश का बड़ा दावा: शिक्षा के ही खिलाफ है सत्तासपा प्रमुख ने अपने पत्र में भाजपा और उसके वैचारिक संगठनों पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मूल रूप से शिक्षा और जागरूकता के ही खिलाफ है। अखिलेश यादव के मुताबिक, शिक्षित युवा जागरूक और प्रगतिशील होते हैं, जो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और रोजगार पर सवाल पूछते हैं, जो दमनकारी सोच वाली सत्ता को रास नहीं आता।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई अंदरूनी तौर पर गांवों के प्राथमिक विद्यालयों (Primary Schools) से लेकर बड़े विश्वविद्यालयों को बंद करवाने की एक 'भूमिगत योजना' पर काम कर रहे हैं, ताकि युवाओं को नौकरी-रोजगार न देना पड़े, क्योंकि भर्ती करना भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।'PDA पाठशाला' की तर्ज पर लड़ेंगे जौहर यूनिवर्सिटी की लड़ाईअखिलेश यादव ने अपने शुभचिंतकों को याद दिलाते हुए कहा कि जब इससे पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की साजिश रची गई थी, तब समाज के जागरूक लोगों ने 'पीडीए (PDA) पाठशाला' खोलकर सरकार के मंसूबों को नाकाम कर दिया था। अब वही साजिश यूनिवर्सिटी स्तर पर दोहराई जा रही है। उन्होंने अखाड़े के दूसरे पक्षों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ अपंजीकृत लोगों के अपने स्कूल-संस्थान धड़ल्ले से चल रहे हैं, लेकिन विपक्ष से जुड़े संस्थानों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफा षड्यंत्र रचा जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है। सपा प्रमुख के इस पत्र के बाद रामपुर से लेकर लखनऊ तक की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:00 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का मशाल जुलूस:पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों में आक्रोश

सतना में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में रविवार देर शाम युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली में वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया था। युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित नीट परीक्षा लीक और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग की। जुलूस के दौरान छात्र-छात्राओं ने सरकार से छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की, आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। शाम करीब 6:30 बजे सिविल लाइन चौपाटी से शुरू हुआ यह मशाल जुलूस सर्किट हाउस, मुख्य बाजार और सिटी कोतवाली रोड होते हुए संपन्न हुआ। रैली में शामिल युवाओं के हाथों में सोनम वांगचुक के पोस्टर और मशालें थीं। पूरे मार्ग में इंकलाब जिंदाबाद, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे गूंजते रहे। युवाओं ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक रोकने और छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:45 pm

बांका के 11 प्रखंडों में खुले आदर्श विद्यालय:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, स्मार्ट क्लास-आधुनिक लैब की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया।इसी क्रम में बांका जिले के सभी 11 प्रखंडों में एक-एक आदर्श विद्यालय का उद्घाटन किया गया। जिले के चयनित विद्यालयों में एमडीएन उच्च विद्यालय डुमरामा (अमरपुर),आरएमके उच्च विद्यालय बांका,एसएनएस उच्च विद्यालय मोहनपुर (बाराहाट),उच्च माध्यमिक विद्यालय टेंगरा (बेलहर), श्री दुर्गा उच्च विद्यालय शक्तिनगर (बौंसी),प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय भैरोगंज(चान्दन), एसएलजीपीए उच्च विद्यालय पटवा श्रीपाथर (धोरैया),राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी(रजौन),उच्च विद्यालय कटोरिया और उच्च विद्यालय कुर्माडीह (शंभुगंज)शामिल हैं।इन सभी विद्यालयों में राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया,जिसमें जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लियाआरएमके उच्च विद्यालय,बांका में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल,उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। आदर्श विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।विज्ञान,गणित और कंप्यूटर सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ किया गया है।विद्यालय भवनों का रंग-रोगन कर उन्हें आकर्षक स्वरूप दिया गया है,तथा प्रत्येक विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल कक्षा विकसित की गई है। इन मॉडल कक्षाओं में राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) के तहत और पोषक क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों का मेरिट के आधार पर चयन किया गया है।प्रत्येक विद्यालय में 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है। विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी सरस्वती विद्या निकेतन राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी (मॉडल स्कूल)का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर बीडीओ अंतिमा कुमारी,बीईओ स्वयं चक्रपाणि कनिष्क,प्रधानाध्यापक राकेश रंजन, मुखिया प्रतिनिधि टिंकू सिंह सहित शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग के अनुसार आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा तथा जिले के अन्य विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:07 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का प्रदर्शन:मैहर में पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम मैहर के घंटाघर चौराहे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के मामलों को लेकर उठाई गई। इस प्रदर्शन की अगुवाई प्रदेश सह-सचिव उमेश चौधरी ने की। इसमें महेंद्र सनाढ्य, राजेश शुक्ला, एडवोकेट आनंद श्रीवास्तव समेत पार्टी के दूसरे पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता (साफ-सुथरे तरीके) के लिए लंबे समय से शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने हाल ही में वांगचुक को आंदोलन वाली जगह से अस्पताल ले जाने की घटना पर चिंता जताई, जिससे देश भर के छात्रों और युवाओं के बीच फिक्र का माहौल है। 'पेपर लीक बंद करो' के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे लगाए। उन्होंने परीक्षा के पूरे सिस्टम को साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाने की मांग की। यह प्रदर्शन शांति से खत्म हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की कि वे छात्रों के भले के लिए ठोस कदम उठाएं।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:51 pm

खगड़िया में AISF का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, पेपर लीक पर सरकार को घेरा, पारदर्शी परीक्षा की मांग

खगड़िया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की परबत्ता अंचल इकाई ने रविवार को शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। यह मार्च तोरण द्वार गेट से शुरू होकर बाजार और थाना चौक होते हुए प्रखंड कार्यालय के सामने तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान AISF नेताओं ने शिक्षा के निजीकरण, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए संगठन ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। अंचल सह सचिव नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वालों के साथ दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। अंचल सचिव ऋषि कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगीअंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और वैज्ञानिकों के धरने को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन AISF का आंदोलन जारी रहेगा। अंचल उपाध्यक्ष रितेश शर्मा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा। इस कार्यक्रम में संजय कुमार, अमृत कुमार, प्रकाश कुमार, राहुल कुमार, कृष्णा, अंकित, मोहित, प्रिंस, संदीप, सुंदर शर्मा सहित बड़ी संख्या में AISF कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:47 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में 'आप' ने काली पट्टी बांधी:मंदसौर में प्रदर्शन, जंतर-मंतर कार्रवाई पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

मंदसौर में आम आदमी पार्टी (आप) की जिला इकाई ने रविवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। विरोध मार्च गांधी चौराहे से शुरू होकर बस स्टैंड और घंटाघर होते हुए वापस गांधी चौराहे पर समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। आप पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को बलपूर्वक हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई का विरोध करती रहेगी। इस प्रदर्शन में प्रदेश संगठन मंत्री यशवंत धाकड़, जिला अध्यक्ष गंगाराम पाटीदार, मीडिया प्रभारी प्रकाश दोसावत, संगठन सचिव जितेंद्र कारपेंटर, मजदूर यूनियन अध्यक्ष असलम शेख, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनगरा, अल्पसंख्यक मोर्चा शहर अध्यक्ष कमरुद्दीन नियारगर और मयंक परमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:29 pm

शेखपुरा के 6 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल शुभारंभ, स्मार्ट क्लास-आधुनिक लैब की सुविधा, शिक्षा पलायन रोकने पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के मॉडल विद्यालयों का उद्घाटन किया। इसी क्रम में शेखपुरा जिले के छह मॉडल विद्यालयों का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। शेखपुरा जिले में जिन विद्यालयों का उद्घाटन हुआ, उनमें उच्च माध्यमिक विद्यालय ऐझी मुरारपुर, श्री जगदम्बा +2 उच्च विद्यालय बरबीघा, नव उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय करकी (अरियरी), राजकीय एम०एम० उच्च माध्यमिक विद्यालय एकाढ़ा (चेवाड़ा), उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय गगौर (घाटकुसुम्भा) और उच्च माध्यमिक विद्यालय निमी (शेखोपुरसराय) शामिल हैं। इन मॉडल विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें आईसीटी लैब, आईएसएम लैब, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर और स्मार्ट कक्षाएँ शामिल हैं। अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गयाउच्च माध्यमिक विद्यालय ऐझी मुरारपुर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, बरबीघा विधायक कुमार पुष्पंजय, एडीएम लखींद्र पासवान, कटारी पंचायत की मुखिया रिंकी कुमारी, डीईओ तनवीर आलम, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएँ और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले के छह प्रखंडों के विभिन्न विद्यालयों में एक साथ उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय खोले जा रहे वहीं, बरबीघा विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय खोले जा रहे हैं। कटारी पंचायत की मुखिया रिंकी कुमारी ने इस उद्घाटन को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐझी मुरारपुर में इस प्रकार के आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन हुआ है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपने बच्चों को शिक्षित करने की अपील की। जिले के सभी चयनित मॉडल विद्यालयों में वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिनकी उपस्थिति में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:25 pm

सीवान के सभी 19 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन शुरू:आधुनिक सुविधाओं से मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,'उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य'

बिहार सरकार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य अभियान के अंतर्गत रविवार को सीवान जिले के सभी 19 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। कार्यक्रम के दौरान बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण सभी प्रखंडों के सरस्वती विद्या निकेतन में दिखाया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने देखा। राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ लोकार्पण किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। सीवान जिले का मुख्य कार्यक्रम सरस्वती विद्या निकेतन, सीवान सदर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, नगर परिषद की उपसभापति किरण गुप्ता, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है, ताकि विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से पढ़ाई को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें। इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई गई। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने विश्वास जताया कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) सीवान जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित करेंगे और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:17 pm

अररिया के 9 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन:मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शुभारंभ किया, आधुनिक शिक्षा की शुरुआत, 3 स्कूल जल्द होंगे शुरू

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना के तहत रविवार का दिन अररिया जिले के लिए महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से जिले के नौ प्रखंडों में विकसित किए गए मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इस पहल को जिले में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद जिले के विभिन्न मॉडल स्कूलों में समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने मॉडल स्कूलों की शुरुआत को क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील कीग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। समारोह में वक्ताओं ने शिक्षकों से निष्ठा और समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील की। विद्यार्थियों को भी मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और शिक्षा के माध्यम से क्षेत्र व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) एसएसए प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि अररिया जिले में कुल 12 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। इनमें से नौ मॉडल स्कूलों का उद्घाटन रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सकाडीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि शेष तीन मॉडल स्कूलों का चयन हाल ही में हुआ है। इन विद्यालयों में अभी कुछ आवश्यक कार्य और संसाधनों की पूर्ति की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण उनका औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाकी तीनों मॉडल स्कूलों में भी जल्द सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी और उन्हें नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। वर्तमान में उद्घाटन किए गए नौ मॉडल स्कूल जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में शुरू हो चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार की इस पहल से जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:17 pm

जंतर-मंतर पर गरजे AAP नेता मनीष सिसोदिया:बोले-प्रधानमंत्री जी, ‘सफेद चादर’ वाले सिपाही जंतर-मंतर तो भेज दिए, शिक्षा मंत्रालय में उन्हें कब भेजेंगे

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 20 दिनों तक सोनम वांगचुक के आंदोलन को नजरअंदाज करने के बाद, जब सरकार ने देखा कि आंदोलन में युवाओं और लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, तो प्रधानमंत्री ने कल एक 'जादूगर' की तरह खेल दिखाया। “सफेद चादर वाले गुंडे भेजकर किया गायब” मनीष सिसोदिया ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा- कल प्रधानमंत्री जी ने उसी स्टेट (धरना स्थल) पर अपने गुंडे भेजकर सफेद चादर वाला जादू दिखाया। जैसे हम बचपन में जादूगर का खेल देखते थे ना... कि जादूगर आता था, चादर दिखाता था और उसके पीछे से बंदा गायब हो जाता था! कल प्रधानमंत्री जी ने वही किया। सफेद चादर वाले गुंडे भेजे और जादू दिखाकर सोनम वांगचुक जी को वहां से गायब कर दिया, उन्हें छूमंतर करके अस्पताल भेज दिया। शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर भी तंज मनीष सिसोदिया ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और हालिया विवादों को लेकर भी प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह वीडियो देखते हुए बस यही सोच रहे थे कि, नरेंद्र मोदी जी, काश यह सफेद चादर वाला जादू आप देश के शिक्षा मंत्री की कुर्सी के सामने दिखा देते! ताकि उस कुर्सी से भी वो बंदा (शिक्षा मंत्री) गायब हो जाता। मनीष सिसोदिया के इस बयान के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ ने जोरदार नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि सरकार लद्दाख की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:28 pm

शिक्षा विभाग आदेश के खिलाफ प्राइवेट स्कूल बंद:हर महीने जांच के खिलाफ एक संगठन ने किया बंद का समर्थन तो दूसरे संघ ने किया किनारा

बीकानेर में शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की हर महीने अनिवार्य जांच के आदेश के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। वहीं सोमवार को निजी स्कूल बंद रखने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल, एक निजी स्कूल संगठन ने बंद का आह्वान किया है, जबकि दूसरे प्रमुख संगठन ने इससे दूरी बना ली है। ऐसे में शहर के स्कूल संचालक देर शाम तक स्कूल खोलने या बंद रखने को लेकर मंथन लगातार जारी है। हालांकि कुछ स्कूलों ने शाम होते-होते छुट्‌टी की घोषणा कर दी है। हर महीने निजी स्कूलों की जांच होगी माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने शिक्षा संबल योजना के तहत आदेश जारी कर शिक्षा अधिकारियों को हर महीने अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जांच में स्कूल की मान्यता सहित विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल होगी। इसके लिए विभाग ने एक ऐप भी तैयार किया है, जिसमें निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन निजी स्कूल संगठन पैपा ने बताया- इस मुद्दे पर उनकी निदेशक और अतिरिक्त शिक्षा सचिव से वार्ता हो चुकी है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारी गिरिराज खैरीवाल ने कहा कि सरकार ने 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है, इसलिए तब तक इंतजार किया जाना चाहिए। इसी कारण पैपा ने 20 जुलाई के बंद का समर्थन नहीं किया है। सेवा संगठन ने बंद का आह्वान किया वहीं सेवा संगठन ने 20 जुलाई को स्कूल बंद रखने और शिक्षा निदेशालय पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के कोडाराम भादू ने कहा कि निजी स्कूल संचालक सरकार के इस आदेश का विरोध करेंगे और आंदोलन के लिए तैयार हैं। कुछ स्कूलों ने की छुट्टी घोषित दोनों संगठनों के अलग-अलग रुख के चलते बीकानेर में निजी स्कूल संचालक असमंजस में रहे। हालांकि देर शाम कुछ स्कूलों ने सोमवार की छुट्टी घोषित करते हुए अभिभावकों को इसकी सूचना भेज दी, जबकि कई स्कूल अंतिम समय तक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करते रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:24 pm