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दौसा पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर, जर्जर-भवन गिराने के निर्देश:भंडाना और पालावास स्कूल का निरीक्षण, ACS बोले- बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:35 pm

शिक्षा निदेशालय के आदेश का विरोध, सौंपा ज्ञापन:निजी स्कूल संचालक बोले- इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा, भय का बनेगा वातावरण

जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल ऐप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले बुधवार शाम को निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में इकट्ठे हुए और आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी वि‌द्यालयों का निरीक्षण,अवलोकन एवं विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस एवं प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग ‌द्वारा सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदण्डों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण एवं जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे वि‌द्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी वि‌द्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी वि‌द्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:21 pm

बक्सर में 4 नए डिग्री कॉलेज शुरू:डीएम बोलीं- ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी

बक्सर में बुधवार, 15 जुलाई को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दिन रहा। चक्की, चौगाई, केसठ और ब्रह्मपुर प्रखंडों में चार नए डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन कॉलेजों से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य स्तर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के कुल 211 नए डिग्री कॉलेजों में एक साथ शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में बक्सर जिले के इन चारों नए महाविद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू हुई। जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह केसठ प्रखंड की रघुनाथपुर पंचायत स्थित केएचके प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी साहिला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि इन नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत से जिले में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को होने वाले लाभ पर जोर दिया। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी भी बढ़ेगी। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये चारों नए डिग्री महाविद्यालय भविष्य में बक्सर जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव और विशेष कार्य पदाधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। जिले के चारों प्रखंडों में भी स्थानीय स्तर पर उत्साह के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:35 pm

निजी स्कूलों की होने वाली जांच रोकने की मांग:शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:22 pm

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों में नए महाविद्यालय खुले:आज से पढ़ाई शुरू, उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा, छात्रों को दूर नहीं जाना होगा

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विथान और विद्यापतिनगर में बुधवार को नए महाविद्यालयों का विधिवत शुभारंभ हो गया। बिहार सरकार की पहल पर स्थापित इन महाविद्यालयों में आज से नियमित पठन-पाठन भी प्रारंभ हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को अब अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन नवस्थापित महाविद्यालयों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर भी उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए। पांचों महाविद्यालयों में भी समारोहपूर्वक कार्यक्रम हुए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल विद्यापतिनगर स्थित नवस्थापित महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और उसके बाद फीता काटकर महाविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर महाविद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को भी अब कम खर्च में अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा, छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और जिले का शैक्षणिक वातावरण और अधिक मजबूत होगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी नए महाविद्यालयों के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन प्रखंडों में महाविद्यालय की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने से अब युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 7:35 pm

पूर्णिया में वित्तरहित शिक्षा नीति का विरोध:कांग्रेस सेवादल के बैनर तले सड़कों पर उतरे टीचर, बारिश में निकाला पैदल मार्च

पूर्णिया में वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म करने और वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतनमान व अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एक विशाल राज्यव्यापी महाआंदोलन का आयोजन किया गया। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सीमांचल क्षेत्र के हजारों शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और शिक्षा प्रेमियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी भारी बारिश के बीच भी डटे रहे। वे भीगते हुए प्रशासन के सामने पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सदर एसडीएम दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी सालों पुरानी पीड़ा और मांगों को साझा किया। उनकी मुख्य मांगें वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और शिक्षकों को नियमित वेतनमान सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करना है। सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा उठाया वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त कर शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाने की मांग की गई है । साथ ही शिक्षकों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा सेवा सुरक्षा, पेंशन और भविष्य निधि का लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की मांग भी इनके मांग पत्र में शामिल है । शिक्षकों के साथ अब और अन्याय नहीं : डॉ. संजय यादवकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि, वर्षों से उच्च शिक्षा की रीढ़ रहे इन शिक्षकों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांगें पूर्णतः न्यायसंगत हैं। हम सरकार को यह याद दिलाने आए हैं कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन शिक्षकों के त्याग पर टिकी है, जिन्हें आज तक उनका हक नहीं मिला।वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह लड़ाई केवल शिक्षकों के वेतन की नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा और लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को बचाने की है।लगातार हो रही भारी बारिश भी शिक्षकों के संकल्प को नहीं डिगा सकी। भारी बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी। धरना-प्रदर्शन के बाद, हजारों की संख्या में शिक्षक और कांग्रेस कार्यकर्ता जोश के साथ पैदल मार्च करते हुए पूर्णिया सदर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 6:39 pm

शेखपुरा में 4 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ:मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और अधिकारी रहे मौजूद;कहा-'मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा'

शेखपुरा जिले में छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बुधवार को चार प्रखंडों में राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का समारोहपूर्वक शिलान्यास और शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार के इस कदम से स्थानीय युवाओं को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्य कार्यक्रम शेखोंपुरसराय प्रखंड की बेलाव पंचायत में आयोजित किया गया। यहां बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने राजकीय डिग्री महाविद्यालय का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने और इसे हर घर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री चौधरी ने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय में पठन-पाठन का कार्य यथाशीघ्र शुरू करा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय बच्चों का भविष्य संवरेगा। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने मंत्री को अंगवस्त्र और 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के प्रतीक चिन्ह के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए महाविद्यालय परिसर में एक पौधा भी लगाया। बेलाव के साथ-साथ जिले के तीन अन्य प्रखंडों में भी इन उच्च शिक्षा केंद्रों की आधारशिला रखी गई। घाटकुसुभा प्रखंड स्थित बाऊघाट में विधान पार्षद ललन महतो और एसडीओ प्रियंका कुमारी की मौजूदगी में महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ। वहीं, अरियरी प्रखंड की ससवहना पंचायत में शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सोनी और डीडीसी राकेश कुमार ने राजकीय डिग्री महाविद्यालय का शिलान्यास किया। चेवाड़ा में एडीएम लखींद्र पासवान और डीटीओ बेबी कुमार की उपस्थिति में नगर पंचायत के चेयरमैन लट्टू यादव ने इसका शुभारंभ किया। जिले के विभिन्न चार प्रखंडों में आयोजित इन शुभारंभ समारोहों में कई प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 4:53 pm

खगड़िया के मानसी, बेलदौर और चौथम में डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, छात्रों को मिलेगी उच्च शिक्षा की सुविधा

खगड़िया जिले के मानसी, बेलदौर और चौथम प्रखंडों को मंगलवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधा मिली। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से तीनों नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया। इससे अब हजारों छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। मानसी प्रखंड के घरारी स्थित नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन समारोह में खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मानसी में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया था, जिसे विधानसभा में लगातार उठाने और सरकार से आग्रह के बाद पूरा किया जा सका है। विधायक मंडल ने जोर दिया कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए खगड़िया या अन्य शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। बबलू मंडल ने अपनी प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करने की बात कही। कार्यक्रम के बाद विधायक ने मानसी में महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी विक्रम विरकर, उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, प्रखंड एवं अंचल प्रशासन के अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भगत, जदयू प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजनीति प्रसाद, भाजपा नेता जितेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में बेलदौर और चौथम प्रखंडों में भी राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ। बेलदौर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक पन्नालाल सिंह पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने इन कॉलेजों को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू होने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में खगड़िया को नई पहचान मिलेगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 4:04 pm

पूर्वी चंपारण को मिले 15 नए डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया उद्घाटन, उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने आज बिहार में 211 डिग्री कॉलेजों का एक साथ उद्घाटन किया। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले के 15 प्रखंडों में भी डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ है। इससे जिले में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। पूर्वी चंपारण में तुरकौलिया प्रखंड के जयसिंहपुर में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक कृष्णनंदन पासवान तथा जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सामूहिक उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कॉलेजों का सामूहिक उद्घाटन किया, जबकि स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। वक्ताओं ने इसे ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा कि 15 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा-DM जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन कॉलेजों से स्थानीय युवाओं को अच्छी शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल पूर्वी चंपारण और पूरे बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:58 pm

शिक्षा संबलन योजना: निजी स्कूलों ने जांच का विरोध किया:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आदेश वापसी, RTE भुगतान की मांग

हनुमानगढ़ में शिक्षा संबलन योजना के तहत निजी स्कूलों की प्रस्तावित विशेष जांच के विरोध में बुधवार को जिले के अधिकांश निजी स्कूल बंद रहे। एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विशेष जांच के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए इसे स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बताया, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई। विशेष जांच पर जताई आपत्ति एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 3 जुलाई 2026 को राजएप के माध्यम से निजी शिक्षण संस्थानों की विशेष जांच के निर्देश जारी किए थे। संगठन का कहना है कि निजी स्कूल पहले से ही विभिन्न विभागीय नियमों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में बार-बार निरीक्षण और अतिरिक्त जांच से शिक्षण कार्य की बजाय समय कागजी औपचारिकताओं में अधिक खर्च होगा। आरटीई सत्यापन का दिया हवाला पदाधिकारियों ने कहा कि आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों का प्रतिवर्ष भौतिक सत्यापन पहले से किया जाता है। ऐसे में अलग से विशेष जांच की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को अनावश्यक प्रशासनिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। प्री-प्राइमरी भुगतान का मुद्दा भी उठाया एसोसिएशन ने ज्ञापन में आरटीई के अंतर्गत संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार इन कक्षाओं का भुगतान नियमित रूप से जारी रखा जाए, ताकि निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव न बढ़े और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलती रहें। सरकार से पुनर्विचार की मांग संगठन ने राज्य सरकार से शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच संबंधी आदेश पर पुनर्विचार कर उसे तत्काल वापस लेने का आग्रह किया। पदाधिकारियों ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए सरकार को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूलों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। ये रहे मौजूद इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल जूनेजा, जिला अध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा, जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक, अशोक सुथार, संगठन मंत्री राजेश मिढ्ढा सहित जिले की विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:46 pm

नालंदा में उच्च शिक्षा के नए अध्याय का शुभारंभ:आज से 9 राजकीय डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई; शिक्षकों की कमी बनी चुनौती

नालंदा के छात्रों के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में नवनिर्मित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आज से विधिवत शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ हो गया है। भागलपुर से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन कॉलेजों का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर जिले के सभी नौ डिग्री कॉलेजों में उद्घाटन समारोह का लाइव प्रसारण किया गया, जिससे ग्रामीण अंचल के छात्र भी इस महत्वपूर्ण क्षण के साक्षी बनें। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का सपना साकार लंबे समय से इन नौ प्रखंडों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय बिहारशरीफ या अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे। अब इन प्रखंडों—रहूई, नूरसराय, नगरनौसा, बिंद, कतरीसराय, थरथरी, करायपरसुराय, परवलपुर और सरमेरा—में राजकीय डिग्री कॉलेजों के खुलने से हजारों छात्रों को अपने घर के नजदीक ही स्नातक स्तर की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। पहले चरण में इन कॉलेजों में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना नामांकन भी करा लिया है, जो स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों के उत्साह को दर्शाता है। कॉलेजों में पढ़ाई को सुचारू बनाने के लिए बेंच-डेस्क और जरूरी फर्नीचर की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। मात्र तीन स्टाफ के भरोसे शुरू हुई व्यवस्था हालांकि, इन कॉलेजों की शुरुआत एक बड़े प्रशासनिक संकट के साथ हुई है। फिलहाल हर कॉलेज को चलाने के लिए मात्र एक हेड मास्टर, एक शिक्षक और एक क्लर्क की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह स्थिति तब है जब इन कॉलेजों में छह विषयों की पढ़ाई होनी है। इतने सीमित स्टाफ के साथ सभी विषयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं संचालित करना शिक्षा विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो रही है। जानिए कहां कौन प्रतिनिधि रहे मौजूद… नूरसराय और थरथरी डिग्री कॉलेज में सांसद कौशलेंद्र कुमार,नगरनौसा कॉलेज में विधायक हरिनारायण सिंह, रहुई कॉलेज में डॉक्टर सुनील कुमार और कतरीसराय, बिंद और सरमेरा राजकीय डिग्री कॉलेज में विधायक डॉक्टर जितेंद्र कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। नगरनौसा डिग्री कॉलेज में विधायक हरिनारायण रहे मौजूद राजकीय डिग्री महाविद्यालय नगरनौसा जो शुरू से हैं काफी विवादों में रहा आज उसका भी लोदीपुर में शुभारंभ हो गया। इस मौके पर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मनोज कुमार, हरनौत विधायक हरिनारायण सिंह, राजकीय डिग्री महाविद्यालय के प्रचार्य डॉक्टर संजय कुमार समेत कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक गण मौजूद रहे। हरनौत विधायक हरि नारायण सिंह ने बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज के उद्घाटन को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल अस्थाई व्यवस्था के तहत कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिन्हें भविष्य में भूमि उपलब्ध होने पर स्थायी भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षकों की कमी पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया तय कर ली है, और अगस्त महीने तक सभी नए कॉलेजों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:21 pm

राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेजों का वर्चुअल शुभारंभ:जहानाबाद में को भी मिला एक नया विश्वविद्यालय, स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का होगी उपलब्धता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्यों का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह कदम बिहार सरकार की उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है। इसी कड़ी में जहानाबाद जिले में भी एक नए डिग्री कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया गया। जहानाबाद में आयोजित उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, खान एवं भूतत्व तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार (चंद्रवंशी) उपस्थित रहे। इनके साथ जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव और जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। अतिथियों ने फीता काटकर महाविद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। उपस्थित मंत्रियों ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। नए डिग्री कॉलेजों के खुलने से अब आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, साथ ही अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। मंत्रियों ने जानकारी दी कि फिलहाल इस महाविद्यालय में छह विषयों में पठन-पाठन शुरू किया जा रहा है। आने वाले समय में नए विषयों को भी जोड़ा जाएगा और आवश्यकतानुसार शिक्षकों की बहाली की जाएगी। बिहार सरकार इस पहल को उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रही है। जहानाबाद में नए महाविद्यालय के शुरू होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, जो विकसित बिहार के निर्माण में सहायक होगा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:14 pm

एमपी के 1895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं:CAG रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, सरकार-शिक्षा विभाग को नोटिस

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इंदौर निवासी सौरभ त्रिपाठी ने 2025 की कैग (CAG) रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है, जिससे लाखों बच्चों का शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता सौरभ त्रिपाठी ने याचिका में कहा कि प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रही है। वर्ष 2025 की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट होने के बावजूद हजारों स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। इससे बच्चों के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को भेजा नोटिस मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने की। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सरकार से शिक्षक नियुक्ति, बजट के उपयोग और कैग रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत जवाब मांगा गया है। परीक्षा परिणामों पर भी पड़ा असर याचिका में कहा गया है कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का असर छात्रों के परीक्षा परिणामों पर भी साफ दिखाई देता है। सत्र 2018-19 में हाईस्कूल का पास प्रतिशत 67.74% था, जो 2021-22 में घटकर 38.53% रह गया। अब सरकार को देना होगा जवाब प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि शिक्षक नियुक्तियों, बजट खर्च और सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 12:14 pm

गयाजी के 7 प्रखंडों में आज डिग्री कॉलेज का उद्घाटन:छात्र-छात्राओं को घर के पास मिलेगी शिक्षा, समारोह में मंत्री-विधायक होंगे शामिल

बिहार के 211 प्रखंडों में आज से डिग्री कॉलेज की शुरुआत होगी। गयाजी के 7 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू होने वाली है। उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मंत्रियों से लेकर स्थानीय विधायक और शिक्षाविद् शामिल होंगे। ग्रामीण छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पहले डिग्री की पढ़ाई के लिए बेटियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे कई बार उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी। अब उनके घर के पास ही कॉलेज खुल जाने से उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो जाएगा। मुख्य अतिथियों के अलावा, सभी संबंधित डिग्री कॉलेजों के उद्घाटन समारोहों में जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष और सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। कहां-कहां होना है डिग्री कॉलेज का उद्घाटन ​मोहड़ा प्रखंड में उच्च विद्यालय सेवतर मोहड़ा डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस समारोह में बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।​ कोच प्रखंड में गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय कोच डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जाएगी। उद्घाटन समारोह में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार होंगे। नीमचक बथानी प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मई डिग्री कॉलेज का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर अतरी क्षेत्र के विधायक रोमित कुमार उपस्थित रहेंगे।​ मोहनपुर प्रखंड में प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी शिरकत करेंगी।​ बांके बाजार प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सैफगंज डिग्री कॉलेज में उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। कार्यक्रम में इमामगंज की विधायक दीपा मांझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।​डुमरिया प्रखंड में मध्य विद्यालय शिवनगर डुमरिया डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होना है। इस समारोह में भी इमामगंज की विधायक दीपा मांझी उपस्थित रहेंगी। ​अतरी प्रखंड में श्री जगदीश चंद्र उच्च विद्यालय टेटूआ डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस मौके पर मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर छात्रों का हौसला बढ़ाएंगे। ​

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:15 am

गुरुगोष्ठी में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर िदया जोर

​भरनो|कन्या मध्य विद्यालय के सभागार में प्रखंड स्तरीय शिक्षकों की गुरुगोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) घनश्याम चौबे ने की, जिसमें प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने अनिवार्य रूप से भाग लिया। ​गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना था। बीईईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालयों से संबंधित आवश्यक प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराएं। बैठक के दौरान छात्र-केंद्रित योजनाओं पर विशेष चर्चा की गई, जिनमें बच्चों के आधार सीडिंग, बैंक खाता विवरण को कक्षावार अपडेट करना और चाइल्ड प्रोफाइल 2026-27 का कार्य शामिल है। ​इसके अतिरिक्त, यू-डाइस प्लस एंट्री, पुस्तक वितरण, इभीभी पर डेटा एंट्री, एमडीएम (मध्याह्न भोजन) का सुचारू संचालन और अपार आईडी निर्माण को लेकर गंभीरता बरतने का निर्देश दिया गया। पीटीएम लिंक एंट्री, एसआईआर रिपोर्ट, शिक्षकों और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति (अटेंडेंस), तथा आईसीटी लैब व स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई।बीईईओ ने सभी शिक्षकों को विद्यालय प्रबंधन में सुधार और सरकारी योजनाओं का लाभ हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:30 am

कॉलेज केवल उच्च शिक्षा या डिग्री के लिए नहीं, व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला : प्रो. डागा

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक कॉमर्स कॉलेज में चल रहे स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन नए विद्यार्थियों को कॅरिअर, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुलपति प्रो. कैलाश डागा ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कॉलेज सिर्फ उच्च शिक्षा या डिग्री हासिल करने की जगह नहीं है, बल्कि यह छात्र के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रयोगशाला है। विद्यार्थियों को हमेशा अच्छी संगति, अनुशासन और मजबूत नैतिक संस्कारों को चुनना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन का समापन लक्ष्य में पहुंचे पथिक, बिना पथ में विश्राम कैसा की प्रेरक पंक्तियों से किया। मुख्य अतिथि प्रो. जी.एन. पुरोहित ने विद्यार्थियों को भविष्य के कॉमर्स सेक्टर का लीडर बनने की सीख दी और उन्हें स्टार्टअप व उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) अपनाने के लिए प्रेरित किया। डीन प्रो. शूरवीर एस. भानावत ने कॉलेज लाइफ को कॅरिअर का स्वर्णिम अवसर बताते हुए सभी गतिविधियों में सक्रिय रहने का आह्वान किया। एसोसिएट डीन डॉ. शिल्पा वर्डिया ने नियमित उपस्थिति और समय के सदुपयोग को सफलता की कुंजी बताया। उद्घाटन सत्र का आभार डॉ. देवेंद्र श्रीमाली ने जताया, जबकि मंच संचालन डॉ. गरिमा कोठारी व डॉ. प्रियंका जैन ने किया। सफलता के 3डी, अनुशासन के 7 पिलर्स और सीखे 6 लाइफ हैक्स इंडक्शन प्रोग्राम के तकनीकी सत्रों में नए छात्रों को प्रैक्टिकल और मॉडर्न अप्रोच के साथ भविष्य की राह दिखाई गई। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशा शर्मा ने विद्यार्थियों को सफलता के 3डी (डिटरमिनेशन, डेडिकेशन और डिसिप्लिन) का महत्व समझाया, साथ ही अनुशासित जीवन के 7 पिलर्स की जानकारी दी। वहीं, डॉ. सचिन गुप्ता ने रोचक और इंटरेक्टिव सेशन में 6 लाइफ हैक्स के जरिए प्रभावी ढंग से सीखने और आगे बढ़ने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए। छात्रों को कॉलेज के अन्य आयामों से जोड़ते हुए डॉ. देवेन्द्र श्रीमाली ने शैक्षणिक अवसरों, डॉ. रेखा बैरवा ने लाइब्रेरी सुविधाओं और सब लेफ्टिनेंट डॉ. विनोद कुमार मीना ने कॉमर्स में क्रिएटिविटी व एनसीसी कैडेट्स की उपलब्धियों को सामने रखा। डॉ. पुष्पराज मीना व डॉ. रेनु शर्मा ने सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में एनएसएस की भूमिका से अवगत कराया। एमएलएसयू विज्ञान महाविद्यालय : बीएससी प्रथम सेमेस्टर के लिए एकदिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विज्ञान महाविद्यालय में बीएससी प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-2027) के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 16 जुलाई को एकदिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम जीव विज्ञान और गणित समूह के विद्यार्थियों के लिए दो अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। अधिष्ठाता मनोज कुमार जैन के अनुसार इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय व महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक वातावरण और सह-शैक्षणिक अवसरों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित पाठ्यक्रम, विषय चयन, परीक्षा योजना, क्रेडिट अर्जन और मूल्यांकन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ प्राध्यापक अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र विकास में विज्ञान के योगदान पर मार्गदर्शन देंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी - इंदर सिंह परमार:500 से अधिक विद्यार्थियों का सम्मान, विशेषज्ञों से मिला करियर मार्गदर्शन

कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित दैनिक भास्कर प्रतिभा सम्मान-2026 समारोह में मंगलवार को 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान हुआ। समारोह में सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। मुख्य अतिथि उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के मंत्री इंदर सिंह परमार रहे। इस अवसर पर आरएनटीयू की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, सेज ग्रुप की एमडी आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल, ओरिएंटल ग्रुप की प्रबंध निदेशक सोनिया ठकराल, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर इंजी. कोपल सलूजा तथा विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन आदित्य नारोलिया उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि सही दिशा और आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण भी है। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। छात्रों को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियां निभाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। भारत में शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी समान बल दिया जाता है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। स्टूडेंट्स ने जीते इनामआयोजन विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन का प्रभावी मंच भी बना। विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और विभिन्न करियर विकल्पों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें खुलकर सवाल पूछने का अवसर मिला। कार्यक्रम में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आकर्षक पुरस्कार जीते। आरएनटीयू प्रेजेंटिंग पार्टनरसमारोह का प्रेजेंटिंग पार्टनर रबींद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी (आरएनटीयू) रहा, जबकि सेज यूनिवर्सिटी (इंदौर-भोपाल) को-प्रेजेंटिंग पार्टनर रही। ओरिएंटल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पावर्ड बाय पार्टनर तथा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी को-स्पॉन्सर रही। एसआरके एजुकेशन, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स पार्टिसिपेटिंग इंस्टीट्यूशन्स के रूप में शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:30 am

नालंदा खुला विश्वविद्यालय में आज आएंगे राज्यपाल:लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन करेंगे 2 आधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन, शिक्षा का डिजिटलीकरण होगा

नालंदा खुला विश्वविद्यालय के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (से.नि.) का आगमन प्रस्तावित है। अपने इस दौरे के दौरान राज्यपाल विश्वविद्यालय में नवनिर्मित दो अत्याधुनिक स्टूडियोज का विधिवत उद्घाटन करेंगे। शिक्षा के डिजिटलीकरण को मिलेगी नई उड़ान विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल की ओर से जिन दो स्टूडियो का लोकार्पण किया जाना है, उनमें पहला 'ऑनलाइन क्लास स्टूडियो' और दूसरा 'मास कम्युनिकेशन स्टूडियो' है। इन स्टूडियोज का निर्माण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और डिजिटल माध्यम से छात्रों तक शिक्षा की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्टूडियो 'ऑनलाइन क्लास स्टूडियो' के माध्यम से अब दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राएं भी घर बैठे सीधे कक्षाओं से जुड़ सकेंगे, जिससे ओपन और डिस्टेंस लर्निंग व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। वहीं, 'मास कम्युनिकेशन स्टूडियो' पत्रकारिता और जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यहां छात्र अत्याधुनिक उपकरणों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए जरूरी कौशल सीखने में मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय में उत्साह का माहौल महामहिम के आगमन और स्टूडियोज के लोकार्पण को लेकर नालंदा खुला विश्वविद्यालय में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन सुविधाओं के शुरू होने से न केवल पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा, बल्कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय एक कदम और आगे बढ़ेगा। उद्घाटन समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शैक्षणिक जगत में भी काफी उत्साह है, क्योंकि इन स्टूडियो के लोकार्पण से बिहार में ओपेन लर्निंग के आधुनिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:00 am

CSJMU में युवाओं को मिली सफलता की सीख:कुलपति ने वेदांत शिक्षा पर दिया जोर, स्वामी प्रबुद्धानंद बोले- प्रसन्नता का मंत्र है '3S'

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सीनेट हॉल में मंगलवार को आधुनिक युग में युवा शक्ति सफलता एवं प्रसन्नता का मार्ग विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। गीता शोधपीठ, दीनदयाल शोध केंद्र, स्कूल ऑफ लैंग्वेजस और स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। जिसमें चिन्मय मिशन के स्वामी प्रबुद्धानंद ने विद्यार्थियों को सफलता, सकारात्मक सोच और भारतीय जीवन मूल्यों का संदेश दिया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने स्वामी प्रबुद्धानंद का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और वेदांत की शिक्षाएं आज के युवाओं के लिए होनी चाहिए। कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विद्यार्थियों के लिए वेदांत की क्लास शुरू किए जाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी युवाओं के विकास के लिए जरूरी है। जीवन में सफलता के लिए '3S फॉर्मूला' बताया स्वामी प्रबुद्धानंद ने युवाओं को जीवन में सफलता के लिए '3S फॉर्मूला' बताया। उन्होंने कहा कि हर युवा को गति, कौशल और रणनीति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गति का मतलब केवल तेजी से आगे बढ़ना नहीं, बल्कि माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों के आशीर्वाद के साथ सही दिशा में आगे बढ़ना है। उनका आशीर्वाद ऐसी अदृश्य शक्ति है, जो जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में मदद करता है। युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने पर दिया जोर उन्होंने कहा कि युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनना चाहिए। स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवनशैली को सफलता की ओर ले जाती है। रणनीति को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि अच्छा आचरण, सकारात्मक व्यवहार और सही निर्णय लेने की क्षमता ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाती है। कार्यक्रम में गीता शोधपीठ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, प्रो. डी.सी. श्रीवास्तव, डॉ. अमित कुमार और डॉ. उमेश पालीवाल ने स्वामी प्रबुद्धानंद का सम्मान किया। स्वागत भाषण डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनोज अवस्थी ने किया।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 8:12 pm

वारिसलीगंज में शिक्षा संवाद आयोजित:छात्रों ने पेपर लीक, व्यवस्था पर उठाई आवाज

नवादा जिले के वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में 'शक्ति अभियान' के तहत 'शिक्षा संवाद' का आयोजन किया गया। यह संवाद शिक्षा में बढ़ती धांधली, पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रित था। रेणु कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाओं तथा बेहतर शैक्षणिक अवसरों की मांग की। इंडियन यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और शक्ति अभियान बिहार की स्टेट लीड रीचा सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। रीचा सिंह ने जोर दिया कि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और धांधली से मुक्त कर प्रत्येक छात्र-छात्रा को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर झा ने कहा कि यह शिक्षा के न्याय की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'डबल इंजन' की सरकार ने बिहार सहित देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। श्री झा ने छात्र शक्ति को निखारने के लिए सुलभ शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली और पद्धति की आवश्यकता पर बल दिया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्र-छात्राओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में इंटक जिला अध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष गोपाल कुमार, सत्येंद्र प्रसाद कुशवाहा और वारिसलीगंज प्रखंड अध्यक्ष पंकज कुमार ने युवाओं से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर अपनी आवाज उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 7:21 pm

गुमला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में एसीबी की रेड:प्रधान लिपिक और सेवानिवृत्त शिक्षक 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, रांची लाया गया

गुमला जिला के लोहरदगा रोड स्थित समाहरणालय में संचालित जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार शाम करीब 4 बजे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी टीम ने कार्यालय को सील कर दिया और किसी को भी अंदर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम ने शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधान लिपिक रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक वत्स रविकांत को हिरासत में लिया। उन्हें 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी टीम दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रांची ले गई है। जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षकों के एरियर की राशि जारी करने के एवज में मोटी रकम की मांग की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर एसीबी ने यह कार्रवाई की। रांची से आई एसीबी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने बताया कि रिश्वत के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी रांची स्थित एसीबी कार्यालय से जारी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:26 pm

अतिथि-व्याख्याताओं के लिए हरियाणा में सेवा-सुरक्षा:छत्तीसगढ़ में इनमें से कुछ नहीं, नाराज शिक्षकों ने घेरा उच्च शिक्षा मंत्री का बंगला

छत्तीसगढ़ के अतिथि व्याख्याताओं ने मंगलवार को अपनी 10 मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के बंगले पर पहुंचे। व्याख्याताओं का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर से 250 से 300 अतिथि व्याख्याता मौजूद रहे। व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने एकमुश्त 57,700 रुपए मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा, 12 महीने का कार्यकाल, 13 वार्षिक सीएल, सम्मानजनक पदनाम और नीति-2024 में संशोधन समेत अपनी मांगें रखीं। लेकिन इन मांगों पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद व्याख्याता मंत्री बंगले के बाहर भी नारेबाजी करने लगे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन से नाराज मंत्री मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही बोलन से विधानसभा की ओर निकल गए। व्याख्याताओं का आरोप प्रतिनिधि मंडल का आरोप है कि मंत्री 2,000 रुपए प्रतिदिन मानदेय के प्रस्ताव पर ही कायम रहे। एकमुश्त मासिक मानदेय की मांग पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। व्याख्याताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पूरी बात सुने बिना मंत्री वहां से चले गए। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। अतिथि शिक्षकों की 10 मांगों को जानिए 1. सेवा सुरक्षा हरियाणा की तरह 3 साल सेवा पूरी करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाए। 2. एकमुश्त मासिक वेतन और PF कालखंड के हिसाब से भुगतान खत्म कर हर महीने 57,700 रुपए तय मानदेय दिया जाए। साथ ही PF और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ भी मिले। 3. छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता नई भर्ती में राज्य के मूल निवासियों को पहले अवसर मिले। समान अंक की शर्त हटाकर केवल राज्य के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग। 4. मेरिट सूची अलग बने नई भर्ती में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की मेरिट सूची अलग बनाई जाए और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले मौका मिले। 5. विस्थापन में भी स्थानीय को प्राथमिकता यदि किसी अतिथि व्याख्याता का विस्थापन होता है तो नई मेरिट में भी छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले अवसर दिया जाए। 6. सवैतनिक अवकाश संविदा कर्मचारियों की तरह हर सत्र में आकस्मिक (CL) और अन्य सवैतनिक छुट्टियों की सुविधा मिले। 7. एक समान सेवा अवधि सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति और सेवा समाप्ति का एक जैसा कैलेंडर हो। सेवा अवधि 1 जुलाई से 31 मई तक तय की जाए। 8. 25% आरक्षण सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी और ग्रंथपाल की भर्ती में अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं के लिए 25% क्षैतिज आरक्षण दिया जाए। 9. PSC भर्ती में आयु सीमा में छूट सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि व्याख्याताओं को उनके अध्यापन अनुभव के आधार पर अधिकतम 10 साल तक आयु सीमा में छूट मिले। 10. ऑनलाइन पोर्टल और एक जैसा प्रारूप भर्ती, चॉइस फिलिंग और रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए। साथ ही सभी कॉलेजों में जॉइनिंग लेटर और अनुभव प्रमाण पत्र का एक समान प्रारूप लागू किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर नियम बनाने की मांग हरियाणा सरकार ने हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एंड गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 लागू किया है। इसके प्रमुख प्रावधान हैं:1. 5 साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र गेस्ट/एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सेवानिवृत्ति (58 वर्ष) तक सेवा सुरक्षा। 2. यदि किसी 240 दिन काम किया है, तो उसे पूरे वर्ष की सेवा माना जाएगा। 3. पात्र गेस्ट लेक्चरर्स को ₹57,700 प्रतिमाह समेकित (Consolidated) मानदेय देने का प्रावधान। बाद के संशोधन प्रस्ताव में DA के अनुसार बढ़ोतरी और वार्षिक इंक्रीमेंट का भी प्रावधान जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ में भी अतिथि व्याख्याता इसी तरह से नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने 13 CL मांग पूरी की प्रदेश में व्याख्याताओं की प्रमुख मांगों में से 13 CL की मांग है। व्याख्याताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। वहां मोहन यादव की सरकार ने अतिथि शिक्षकों की व्याख्याताओं को देखते हुए इन मांगों को पूरा किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और स्थानांतरण सुविधा अपने यहां के अतिथि व्याख्याताओं को दी है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। आंदोलन जारी रहेगा व्याख्याताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनका दावा है कि यह संघर्ष उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की सेवा शर्तों और मांगों को लेकर है। उनका कहना है कि मांगों पर निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:15 pm

देवास पहुंचे जीतू पटवारी, मुफ्त शिक्षा पर भाजपा को घेरा:साइक्लोथॉन यात्रा में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस द्वारा इंदौर से शुरू की गई साइक्लोथॉन यात्रा मंगलवार को देवास पहुंची। यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी शामिल रहे। देवास पहुंचने पर रसलपुर से भोपाल चौराहे तक 50 से अधिक मंचों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। देवास में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने देश में शिक्षा को लेकर जन-जागरूकता का अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि प्रदेश और देश में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा लागू की जाए, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में बार-बार भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। उनके अनुसार, पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले 25 वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन आज भी गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को सरल और मुफ्त शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में करीब 50 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चुनौती बना हुआ है। पटवारी ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, लेकिन जवाब नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा बन चुका है और जनता के सामने इसकी सच्चाई उजागर होना चाहिए। पटवारी ने कहा कि साइक्लोथॉन यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जनता तक यह संदेश पहुंचाना है कि हर परिवार के बच्चों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी की।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 3:38 pm

शिक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव! CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, 15 दिनों में फिर सक्रिय होगा 'विश्वविद्यालय सेवा आयोग

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े 'विश्वविद्यालय सेवा आयोग' (University Service Commission) को पुनर्जीवित करने का आदेश देते हुए सीएम ने साफ कर दिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर आयोग पूरी तरह से कार्यशील हो जाएगा। सरकार के इस फैसले को राज्य के शैक्षणिक जगत में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। आयोग के सक्रिय होने से न केवल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रिक्त पड़े प्राध्यापकों के हजारों पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होगा, बल्कि राज्य की गिरती शैक्षणिक गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार की उम्मीद जगी है।खाली पदों पर नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ, युवाओं में खुशीपिछले कई वर्षों से राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई थी, जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। विश्वविद्यालय सेवा आयोग के बंद रहने के कारण नियुक्तियां रुकी हुई थीं, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी रोजगार की बाट जोह रहे थे। सीएम हेमंत सोरेन द्वारा दिए गए 15 दिनों के अल्टीमेटम के बाद अब शैक्षणिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आयोग के सक्रिय होते ही सबसे पहले उन रिक्त पदों की सूची तैयार की जाएगी जो सालों से खाली पड़े हैं। इसके बाद पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे राज्य के कॉलेजों में पठन-पाठन की व्यवस्था फिर से पटरी पर आ सकेगी।शिक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव, गुणवत्ता पर रहेगा जोरइस फैसले का मुख्य उद्देश्य केवल नियुक्तियां करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है। सीएम हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि आयोग न केवल नियुक्तियों का कार्य करेगा, बल्कि विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और शोध (Research) कार्यों को बढ़ावा देने के लिए भी नई नियमावली तैयार करेगा। विश्वविद्यालय सेवा आयोग का पुनर्गठन होने से अब अकादमिक कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप कम होगा और योग्य शिक्षकों को तरजीह मिलेगी। शिक्षाविदों का मानना है कि यदि आयोग अपने तय समय सीमा में कार्य शुरू कर देता है, तो झारखंड के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में सुधार होना निश्चित है।स्थानीय स्तर पर प्रभाव और प्रशासनिक हलचलजियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर बात करें तो रांची से लेकर दुमका, हजारीबाग और जमशेदपुर तक के सरकारी कॉलेजों के छात्र लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे। स्थानीय स्तर पर छात्र संगठनों ने सीएम के इस निर्णय का स्वागत किया है। प्रशासनिक स्तर पर, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने आयोग को सक्रिय करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आयोग के कार्यालय से लेकर स्टाफ की नियुक्ति तक की प्रक्रिया को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए एक डेडिकेटेड टीम गठित कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन इसे एक बड़े 'रिफॉर्म' के रूप में देख रहा है जो आने वाले समय में राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने में बड़ी भूमिका निभाएगा।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर क्यों ट्रेंड कर रहा है ये फैसला?आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल डेटा के अनुसार, 'Jharkhand Education Reform News' इस समय गूगल और बिंग जैसे एआई सर्च इंजनों पर शिक्षा जगत से जुड़ी सबसे बड़ी सुर्खियों में है। एआई सर्च इंजन इस निर्णय को 'सुशासन की दिशा में एक कड़ा कदम' बता रहे हैं। छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा लगातार 'विश्वविद्यालय सेवा आयोग भर्ती 2026' और 'झारखंड प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। एआई मॉडल्स के अनुसार, सीएम का यह 15 दिन का लक्ष्य प्रशासन की कार्यक्षमता की परीक्षा भी है। जैसे ही यह आयोग धरातल पर उतरेगा, शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड के लिए एक नया युग शुरू हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Jul 2026 2:30 pm

भारत-न्यूजीलैंड FTA से व्यापार, नौकरी और निवेश को मिलेगा बढ़ावा:कृषि, शिक्षा और IT सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे और भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वहीं न्यूजीलैंड कृषि, डेयरी, शिक्षा, तकनीक और सुशासन के लिए जाना जाता है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। ऐसे में FTA दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भारतीय कंपनियों को मिलेगा नया बाजार ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड केसंस्थापक एवं निदेशक अजय कुमार के मुताबिक, FTA लागू होने पर भारतीय IT, फार्मा, इंजीनियरिंग, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और स्टार्टअप सेक्टर को न्यूजीलैंड के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के जरिए ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों में भी कारोबार बढ़ा सकेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, पर्यटन और हाई-टेक कंपनियों को भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंच मिलेगी। भारतीय युवाओं के लिए बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर अजय कुमार कहते हैं- न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की कमी है। अगर FTA के तहत पेशेवर योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता मिलती है और वर्क परमिट की प्रक्रिया आसान होती है, तो भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक और IT प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। कृषि और डेयरी में मिलेगा तकनीकी सहयोग न्यूजीलैंड आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और टिकाऊ कृषि तकनीक के लिए दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों का उपयोग भारत में होने से किसानों की उत्पादकता बढ़ सकती है, डेयरी सेक्टर मजबूत होगा और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को भी गति मिलेगी। तकनीक और स्टार्टअप सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा। निवेश बढ़ने की भी उम्मीद न्यूजीलैंड राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों के अनुकूल नीतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए वहां कारोबार बढ़ाने और वैश्विक विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं। छोटे उद्योगों और किसानों के हितों का भी रखना होगा ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि FTA का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सरकार घरेलू उद्योगों, MSME, किसानों और सेवा क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही गुणवत्ता मानकों, सीमा शुल्क प्रक्रिया और नियमों को भी सरल बनाना होगा। प्रवासी भारतीय निभा सकते हैं अहम भूमिका न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्या है FTA? मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) दो देशों के बीच ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसमें आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) और अन्य व्यापारिक बाधाओं को कम या खत्म किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना होता है। (लेखक अजय कुमार, ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड, ऑकलैंड (न्यूज़ीलैंड) के संस्थापक एवं निदेशक हैं। आर्टिकल में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 1:11 pm

PGI-D रिपोर्ट:रायगढ़ बेस्ट जिला, डिजिटल शिक्षा में रायपुर अव्वल; सीखने की गुणवत्ता बढ़ाना चुनौती

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) 2025-26 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा की मिश्रित तस्वीर सामने आई है। रायगढ़ 329 अंकों के साथ प्रदेश में पहले, सरगुजा (324) दूसरे और बीजापुर (323) तीसरे स्थान पर रहे। राजधानी रायपुर डिजिटल लर्निंग श्रेणी में प्रदेश में अव्वल रहा। हालांकि प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला भी 600 में केवल 329 अंक ही हासिल कर सका, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बड़ी गुंजाइश स्पष्ट होती है। देशभर के 784 जिलों में से 473 के स्कोर में सुधार हुआ और 89 जिलों ने ग्रेड में प्रगति की। इसके बावजूद लगातार दूसरे वर्ष भी कोई जिला समग्र प्रदर्शन में ‘उत्कर्ष’ या ‘उत्तम-1’ ग्रेड तक नहीं पहुंच सका, जबकि 19 जिले ‘उत्तम-2’ ग्रेड में पहुंचे। रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश: बच्चों का सीखना ही असली पैमाना PGI-D में कुल 600 अंकों में से 290 अंक केवल आउटकम्स के लिए निर्धारित हैं। यानी कुल मूल्यांकन का लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे कितना सीख रहे हैं, उनकी शैक्षणिक उपलब्धि कैसी है और शिक्षा तक उनकी पहुंच कितनी प्रभावी है। इसके बाद प्रभावी कक्षा संचालन, शिक्षक उपलब्धता, बुनियादी ढांचा, डिजिटल लर्निंग, स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है। इससे स्पष्ट है कि रिपोर्ट का सबसे बड़ा फोकस भवन या संसाधनों से अधिक शिक्षा की गुणवत्ता पर है। रायपुर समग्र प्रदर्शन में शीर्ष तीन जिलों में नहींरायगढ़ ने समग्र प्रदर्शन में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि सरगुजा और बीजापुर भी 320 से अधिक अंक लेकर शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं रायपुर ने डिजिटल लर्निंग श्रेणी में 50 में से 24 अंक हासिल कर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसके बावजूद राजधानी समग्र प्रदर्शन में शीर्ष तीन जिलों में जगह नहीं बना सकी। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ सीखने के परिणाम, कक्षा शिक्षण और अन्य मानकों में भी समान सुधार आवश्यक है। 70 संकेतकों पर हुई जिलों की परखPGI-D में जिलों का मूल्यांकन 70 संकेतकों और छह प्रमुख श्रेणियों के आधार पर किया गया। इनमें परिणाम (290 अंक), प्रभावी कक्षा संचालन (90), बुनियादी ढांचा एवं छात्र सुविधाएं (51), स्कूल सुरक्षा (35), डिजिटल लर्निंग (50) तथा शासन प्रक्रिया (84) शामिल हैं। रिपोर्ट का उद्देश्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि यह बताना है कि किस जिले को किस क्षेत्र में सुधार की सबसे अधिक आवश्यकता है। बुनियादी ढांचा बेहतर, डिजिटल लर्निंग कमजोरबस्तर संभाग के जिलों में दंतेवाड़ा ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। उसे कुल 292 अंक मिले तथा बुनियादी ढांचा एवं छात्र सुविधाओं की श्रेणी में 51 में से 43 अंक हासिल हुए। दूसरी ओर सुकमा को कुल 255 अंक मिले। डिजिटल लर्निंग में सुकमा को 50 में से केवल 6 अंक और नारायणपुर को 7 अंक मिले। इससे स्पष्ट है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

शिक्षकों के तबादलों से विद्यालयों में पढ़ाई न हो प्रभावित: शिक्षा निदेशक

प्रदेश में हाल ही में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले हुए हैं। इसके बाद स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रखने के लिए सरकार अलर्ट हो गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि तबादलों के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के निदेशक और समसा के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीताराम जाट ने इसे लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को प्राथमिकता से काम करने को कहा है। . तुरंत एक्शन: शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित होने पर शिक्षा अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेना होगा। .नियमित मॉनिटरिंग: संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी स्कूलों की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा पर दिखाने लगा असर:गिग इकोनॉमी के फेर में खाली हो रहे क्लासरूम, प्रदेश के कॉलेजों में नामांकन 4.23 प्रतिशत तक गिरा

राजस्थान में गिग इकोनॉमी और त्वरित कमाई का बढ़ता आकर्षण अब उच्च शिक्षा पर असर दिखाने लगा है। उच्च शिक्षा विभाग के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन (2025-26) के विश्लेषण में सामने आया है कि यूजी-पीजी में नामांकन इस सत्र में 4.23% घटकर 12.55 लाख रह गया। यह लगातार दूसरा साल है, जब उच्च शिक्षा में निगेटिव ग्रोथ दर्ज हुई है। महामारी के दौरान बढ़ा नामांकन भी अब सिकुड़ चुका है। सबसे ज्यादा असर लड़कों पर दिखा है, जिनके नामांकन में 5.60% की गिरावट आई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि गिग सेक्टर में तेजी से बढ़ते अवसर युवाओं को सीधे वर्कफोर्स की ओर खींच रहे हैं। इस गिरावट के बीच उदयपुर संभाग मजबूत अपवाद बनकर उभरा है। प्रदेश में प्रति कॉलेज औसतन 513 विद्यार्थी हैं, जबकि उदयपुर के सुविवि से संबद्ध कॉलेजों में यह आंकड़ा लगभग दोगुना 1,030 विद्यार्थी प्रति कॉलेज है। डिग्री का दबदबा, 71% विद्यार्थी सिर्फ आर्ट्स में प्रदेश के 71.10% विद्यार्थी अकेले कला संकाय में नामांकित हैं। भीड़ की प्रमुख वजह कम फीस और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पात्रता है। रोजगार की गारंटी नहीं होने के बावजूद यह संकाय सबसे अधिक विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहा है। लड़कों के नामांकन में 5.60 प्रतिशत की बड़ी गिरावट : विभागाध्यक्ष सुविवि के लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष डॉ. गिरिराज सिंह चौहान के अनुसार उच्च शिक्षा में सबसे चिंताजनक संकेत लड़कों के नामांकन में 5.60% और लड़कियों में 3.12% की गिरावट है। वर्तमान में कुल नामांकन में 55.91% हिस्सेदारी छात्राओं की है। डॉ. चौहान के अनुसार आर्थिक दबाव और त्वरित कमाई की चाहत के चलते बड़ी संख्या में युवा लॉजिस्टिक्स, रिटेल, सिक्योरिटी सर्विसेज, डिलीवरी और राइड-शेयरिंग जैसे गिग सेक्टर में जा रहे हैं। संविदा व अस्थायी नौकरियों के बढ़ते अवसरों से वे बीए-बीकॉम जैसी तीन वर्षीय डिग्री के बजाय सीधे रोजगार चुन रहे हैं। उम्मीद बाकी...उदयपुर संभाग बना हाई इनरोलमेंट मॉडल उच्च शिक्षा में उदयपुर संभाग हाई इनरोलमेंट-लो इंस्टीट्यूशनल शेयर मॉडल का उदाहरण बनकर उभरा है। राज्य के कुल महाविद्यालयों में इसकी हिस्सेदारी महज 5.3% (207 कॉलेज) है, लेकिन कुल छात्र नामांकन में संभाग अकेले करीब 8% (2.25 लाख) का भार संभाल रहा है। आदिवासी बहुल यह क्षेत्र अपने जिलों के साथ-साथ सिरोही तथा गुजरात और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आकर्षित कर रहा है। कम कॉलेजों में अधिक छात्र होने से यहां संसाधनों का उपयोग राज्य में सबसे अधिक है। प्रदेश में हर 100 लड़कों पर 129 लड़कियां उच्च शिक्षा में...आंकड़ों का दूसरा बड़ा संकेत जेंडर गैप का उलटना है। अब राज्य में हर 100 लड़कों पर 129 लड़कियां उच्च शिक्षा में नामांकित हैं।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा-समाजसेवा की विरासत छोड़ गए आसपुरा, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा सैलाब

श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक तथा महाराव शेखा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष ठाकुर जालिम सिंह आसपुरा के निधन पर रविवार को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र से हजारों लोग पहुंचे और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। 96 वर्षीय ठाकुर जालिम सिंह आसपुरा का 11 जुलाई को निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, समाज सेवा और संगठन निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने जीवनकाल में शैक्षणिक संस्थाओं के विकास और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियां भी उठाती रहेंगी। सभा में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, राजपालसिंह शेखावत, आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह राठौड़, पूर्व सांसद गोपालसिंह शेखावत, राजपूत सभा के अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई, सभा के महामंत्री धीर सिंह शेखावत, डॉ. नरपतसिंह शेखावत, श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अध्यक्ष नगेन्द्रसिंह बगड़, सचिव सुदर्शनसिंह सुरपुरा, श्यामसिंह मंढ़ा, जालिमसिंह हुड़ील, सम्पतसिंह धमोरा, गुलाबसिंह मेड़तिया, दिलीपसिंह छापोली, महेन्द्रसिंह जैसलाण, प्रो. भवानीसिंह व शिवपाल सिंह नांगल सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

SIR ड्यूटी से शिक्षा बेहाल:स्कूल में बच्चे शिक्षक खोज रहे, शिक्षक वोटर खोज रहे हैं

रांची के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं, कहीं बच्चे सोते मिले, कहीं मिड-डे मील के बाद छुट्टी, स्कूल आनेवाले बच्चों की संख्या भी घटी निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि एसआईआर में किसी भी शिक्षक को नही लगाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र तक लिख चुके हैं। पर सच्चाई इसके विपरीत है। रांची समेत राज्य के राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर शिक्षक बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। नतीजा स्कूल खाली हैं। बच्चे सुबह इस आस में स्कूल पहुंच रहे हैं कि आज पढ़ाई होगी, पर टीचर नहीं होने के कारण वे निराश घर लौट रहे हैं। सोमवार को दैनिक भास्कर रांची के ऐसे ही स्कूलों तक पहुंचा, जहां बच्चे शिक्षकों की राह तकते दिखे। वहीं शिक्षक किसी अन्य स्कूल में बने बूथ पर वोटरों को ढूंढते दिखे। कोई शिक्षक नहीं, बच्चे बेंच पर सोते मिलेरांची के आनंद नगर स्थित नव प्राथमिक विद्यालय में सोमवार की दोपहर कक्षा केजी से दूसरी तक के बच्चे बेंच पर सोते मिले। कारण पूछा तो पता चला कि पढ़ाने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। विद्यालय में केजी से पांचवीं तक के लिए केवल दो शिक्षक हैं और दोनों एसआईआर के काम में लगे हैं। प्रभारी प्राचार्या संगीता सोनी स्कूल परिसर में ही मतदाता सूची से संबंधित काम कर रही थीं। कभी-कभी पढ़ाने के लिए दीदी आ रहीं... सोमवार को दैनिक भास्कर जब निवारणपुर स्थित बीएसवी मध्य एवं उच्च विद्यालय पहुंचा तो किसी भी क्लास में टीचर नहीं थे। पूछने पर पता चला कि प्राचार्य अनंत प्रसाद ओल्ड एचबी रोड स्थित डाकघर में बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। बच्चों ने बताया कि टीचर के नहीं रहने से पढ़ाई नहीं हो रही है। कभी-कभी पढ़ाने के लिए बाहर से दीदी (बीएड स्टूडेंट) आ रही हैं। मिड-डे-मील खिलाकर बच्चों की छुट्टी नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, करकट्टा, कांके के प्रभारी प्राचार्य अमोल टोप्पो सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के शिक्षक बीएलओ के रुप में कार्यरत गोविंद बिहारी के सहायक के रुप में काम कर रहे है। सोमवार को स्कूल में शिक्षक नहीं होने से बच्चे मिड-डे मील खाकर घर चले गए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कडरू में भी बच्चों को मिड-डे-मील खिलाकर छुट्टी दे दी गई। टर्मिनल परीक्षा होने वाली है, रिजल्ट खराब होने पर शोकॉजउत्क्रमित हाई स्कूल पाली, रातू की शिक्षिका कुमारी अर्चना झा कक्षा 9वीं-10वीं को हिंदी पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से वॉलेंटियर के रुप में काम कर रहे हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं है, बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है। हर महीने रेल परीक्षा होती है, टर्मिनल परीक्षा भी जल्द होने वाली है। साइंस, इंग्लिश और मैथ तक के टीचर बीएलओ का काम कर रहे हैं। 70% तक सिलेबस अभी बाकी है। रिजल्ट खराब होने पर शोकॉज किया जाता है।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:30 am

मंत्रीजी की माला में घुस गया हिस्ट्रीशीटर:खूब दहाड़े खतरों के खिलाड़ी बृजभूषण, शिक्षा विभाग में तबादलों पर ठना-ठनी

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दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 5:19 am

एनएसयूआई ने सीट वृद्धि के लिए किया प्रदर्शन:बालाघाट कॉलेज में प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, बोले- छात्र उच्च शिक्षा से वंचित

बालाघाट। जिले के शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर एनएसयूआई ने दोपहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा और सीट वृद्धि के समर्थन में नारेबाजी भी की। एनएसयूआई के अनुसार, बालाघाट एक पिछड़ा जिला है जहां अधिकांश युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। हालांकि, महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में सीटों की कमी के कारण कई छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है। इससे उन्हें महंगी शिक्षा के लिए निजी विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रबंधन से विभिन्न संकायों में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि प्रवेश से वंचित हो रहे विद्यार्थियों को अवसर मिल सके। एनएसयूआई प्रतिनिधि ऋषभ सहारे ने बताया कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के छात्र पहले बड़े कॉलेजों में प्रवेश का इंतजार करते हैं। वहां प्रवेश न मिलने पर वे प्रतिशत के आधार पर बालाघाट के महाविद्यालय में प्रवेश ले लेते हैं। इससे उन स्थानीय छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है जिनके लिए आर्थिक समस्याओं या कम अंकों के कारण बाहर जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं होता है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 8:40 pm

मुख्यमंत्री ने की उच्च-तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा:15 दिनों में झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों औी घोषणाओं की कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) स्कीम के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अब तक 2888 पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है, जिसमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपए राशि का ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत अधिक से अधिक पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा द्वारा संचालित विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना', मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना सहित स्कॉलरशिप स्कीम से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं तक तेजी से पहुंचाने पर जोर दिया। शीघ्र झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस संबंध में विभाग द्वारा तैयारी की गई है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एवं बीबीएमके धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है, इसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है। कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को सक्रिय करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने हायर एजुकेशन एवं रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिन के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बीआईटी सिंदरी बनेगी नई Unitary University मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के उपरांत बी.आई.टी. सिंदरी को Unitary University के रूप में अपग्रेड के लिए सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बी.आई.टी. सिंदरी की संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। तकनीकी शिक्षा क्लस्टर होगी तैयार बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं, विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की राज्य के 9 जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा एवं साहिबगंज में तकनीकी कलेक्टर बनाए जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जल्द इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स का संचालन करना आवश्यक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित कर वहां एनआईआईटी एवं आईआईटी के तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करें ताकि आने वाले समय में इन कोर्स माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। बीआईटी एवं जेआईटी को चलाने के किए बनेगी नई सरकारी सोसाइटी मुख्यमंत्री ने राज्य में काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करते हुए आईआईटी के तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल, रीजनल कलेक्टर एवं इंडस्ट्रियल गवर्निंग बॉडी गठित किए जाने का निर्देश दिया। राज्य में रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। इसका उद्देश्य युवाओं को एआई और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस तरह स्कीमों के सभी पहलुओं पर गंभीरता से अध्यन कर योजनाओं का मूल्यांकन करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 8:30 pm

सरकारी पैसे से काटी कॉलोनी,ED ने 56 प्लॉट कुर्क किए:आलीराजपुर शिक्षा विभाग से पैसे कमाकर आरोपी ने धार में बनाई कॉलोनी, चार्जशीट पेश हुई

आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय (बीईओ) में हुए 20.47 करोड़ रुपए के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने घोटाले की रकम से धार जिले में अवैध कॉलोनी विकसित की थी। ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय प्लॉट कुर्क कर लिए हैं, जिनकी बाजार कीमत 6 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ईडी के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने मामले में कमल राठौर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल की है। अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। फर्जी बिलों से निकाले गए थे 20.47 करोड़ रुपए ईडी के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के बीच कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय और आलीराजपुर कोषागार में मिलीभगत कर फर्जी बिलों के जरिए 20.47 करोड़ रुपए के सरकारी धन का गबन किया गया था। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने इस रकम को छिपाने के लिए अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। बाद में खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकालकर धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदी गई। 'श्री बालाजी धाम' नाम से बसाई कॉलोनी ईडी के मुताबिक अवैध रूप से अर्जित धन को वैध दिखाने के उद्देश्य से खरीदी गई कृषि भूमि पर 'श्री बालाजी धाम' नाम से आवासीय प्लॉटिंग परियोजना विकसित की गई। अब ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय भूखंडों को कुर्क कर लिया है। कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल ईडी ने 9 जुलाई 2026 को विशेष पीएमएलए न्यायालय इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की। कोर्ट ने शिकायत स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिए हैं। पहले भी 4.43 करोड़ रुपए की संपत्ति हो चुकी है कुर्क यह मामला कट्ठीवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी की जांच में सामने आया था। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए और बैंक खाते फ्रीज किए थे। इससे पहले भी ईडी आरोपियों की 4.43 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है, जिसकी पुष्टि 10 मार्च 2026 को पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण ने कर दी थी। ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए… BEO ऑफिस से 20 करोड़ गबन मामले में आरोपी गिरफ्तार करीब 11 महीने पहले अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को 20.47 करोड़ रुपए के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। इंदौर ED के सब जोनल ऑफिस ने मुख्य आरोपी कमल राठौर को इंदौर से गिरफ्तार किया था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:58 pm

भिलाई के सेजेस खम्हरिया में रहस्यमयी घटनाओं से मचा हड़कंप:छात्राएं चीखीं, बेहोश हुईं, हाथ-पैर अकड़े; जांच में नहीं मिली शारीरिक बीमारी, 3 दिन में 8 केस, शिक्षा विभाग ने बनाई जांच टीम

भिलाई के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) में छात्राओं द्वारा अजीब हरकत करने, चीखने-चिल्लाने के साथ ही तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पिछले तीन दिनों में 9वीं-ए की 8 छात्राएं अचानक असामान्य व्यवहार करने लगीं। कुछ छात्राएं चीखने-चिल्लाने लगीं, कुछ बेहोश हो गईं, जबकि कुछ के हाथ-पैर अकड़ गए और आंखों से लगातार पानी निकलने लगा। घटना के बाद छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच में किसी तरह की शारीरिक बीमारी सामने नहीं आई। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही छात्राओं की काउंसलिंग कराने के लिए साइकोलॉजिकल टीम भी बुलाई गई है। 9 जुलाई से चल रहा पूरा मामलास्कूल की प्रिंसिपल सुनीता दीवान ने बताया कि पहली घटना 9 जुलाई को शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। एक छात्रा को अचानक चक्कर आया, जिसके बाद उसे स्टाफ रूम ले जाया गया। कुछ ही देर बाद दूसरी छात्रा जोर-जोर से चीखने लगी। दोनों के परिजनों को बुलाकर उन्हें घर भेज दिया गया। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि किसी भी छात्रा को पेट या दूसरी शारीरिक शिकायत नहीं हुई। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच और विशेषज्ञों की काउंसलिंग के बाद ही पूरे मामले की असली वजह सामने आ सकेगी। हाथ पैर अकड़ गया, ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी छात्राएंउन्होंने बताया कि इसके बाद उसी दिन तीन और छात्राएं क्लास में बेहोश हो गईं। उनके हाथ-पैर अकड़ गए, आंखों से पानी निकलने लगा और वे ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पहले 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन समय लगने की बात कहने पर छात्राओं को ऑटो से शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां करीब डेढ़ घंटे बाद सभी छात्राएं सामान्य हो गईं। डॉक्टरों की जांच में कोई गंभीर शारीरिक समस्या नहीं मिली। पहले दिन सबसे ज्यादा पांच छात्राएं हुई प्रभावित प्रिंसिपल के मुताबिक 9 जुलाई को पांच छात्राएं प्रभावित हुई थीं। इसके बाद 11 जुलाई को दो और छात्राओं की तबीयत इसी तरह बिगड़ी। इनमें से एक को अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरी कुछ देर बाद स्कूल में ही सामान्य हो गई। इसके बाद फिर एक और छात्रा के साथ ऐसी ही घटना हुई, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां भी वह थोड़ी देर में सामान्य हो गई। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अब तक यह स्थिति सिर्फ डे-शिफ्ट में पढ़ने वाली 9वीं-ए की छात्राओं के साथ ही सामने आई है। सुबह की शिफ्ट में पढ़ने वाले बच्चों या स्कूल के किसी शिक्षक को ऐसी कोई परेशानी नहीं हुई है। सभी की मेडिकल रिपोर्ट सामान्यप्रिंसिपल ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आने के बाद शुरुआती तौर पर मामला मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा लग रहा है। हालांकि अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। जिला शिक्षा अधिकारी को पूरी जानकारी दे दी गई है और उनकी ओर से छात्राओं की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर स्कूल ने 9वीं-ए का क्लासरूम भी बदल दिया है। शनिवार को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक में छात्राओं के अभिभावकों से भी चर्चा की गई। परिजनों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:26 pm

एमडीयू शिक्षा विभाग के HOD ऑफिस से 36830 रुपए बरामद:रोहतक में यूनिवर्सिटी ने बनाई कमेटी, छात्रों से अवैध वसूली करने के लगे थे आरोप

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD भगत सिंह राठी के ऑफिस में नए HOD डॉ. जितेंद्र ने चार्ज संभालते ही कार्रवाई कर दी। यूनिवर्सिटी की तरफ से बनाई जांच कमेटी ने ऑफिस का ताला खोलकर अंदर से 36830 रुपए बरामद किए, जिन्हें यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD डॉ. भगत सिंह राठी पर छात्रों से फेयरवेल पार्टी के नाम से अवैध वसूली की गई थी, जिसकी शिकायत विभाग के ही प्रोफेसरों ने वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया से की। वीसी ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्यकारी परिषद की मीटिंग में भगत सिंह राठी को सस्पेंड करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह को नया HOD बनाया था। चार्ज संभालते ही HOD ने की कार्रवाई शारीरिक शिक्षा विभाग के HOD डॉ. जितेंद्र सिंह ने कमेटी के साथ मिलकर पहले दिन ही कार्रवाई कर दी। डॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने ऑफिस का दरवाजा खोला और अंदर अलमारी से पैसों का एक पैकेट बरामद किया, जिसमें 36830 रुपए मिले। इस पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाई राशिडॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने पैसों की गिनती करवाई और रिपोर्ट तैयार करके कमेटी के साइन करवाए। साथ ही बरामद की गई राशि को यूनिवर्सिटी के अकाउंट में जमा करवा दिया। रुपयों के बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन ही कोई फैसला लेगा। ऑफिस से फाइल लेकर गया भगत सिंह राठी एमडीयू के शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने HOD रहे भगत सिंह राठी की एक वीडियो बनाई, जिसमें भगत सिंह राठी शनिवार को अपने साथ ऑफिस से फाइल लेकर गाड़ी में रख रहे है। भगत सिंह राठी दोबारा वापस आते, उससे पहले ही अन्य प्रोफेसर एकत्रित हो गए, जिसके बाद ऑफिस पर नए HOD ने अपना ताला लगा दिया था। वीसी ने संज्ञान लेते हुए की कार्रवाई छात्र नेता प्रदीप मोटा ने बताया कि छात्रों ने डॉ. भगत सिंह राठी के खिलाफ कई बार शिकायत दी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और भगत सिंह राठी को सस्पेंड करके एक जांच कमेटी बनाई, जिसने आज ऑफिस खोलकर रुपए बरामद किए है। कमेटी ने ऑफिस से बरामद की राशिकमेटी के सदस्य कुलताज ने बताया कि पूर्व एचओडी भगत सिंह राठी पर छात्रों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे है, जिस मामले में कमेटी ने ऑफिस का दरवाजा खोलकर 36830 रुपए बरामद कर लिए है। इसकी रिपोर्ट वीसी को भेज दी है। साथ ही बरामद रुपयों को यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:52 pm

राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे सुधारने की जरूरत बताई। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों पर बढ़ते दबाव और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।

देशबन्धु 13 Jul 2026 4:38 pm

कांग्रेस सेवा दल का वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ:किशनगंज में शिक्षकों के समायोजन और नियमित वेतनमान की मांग उठाई

किशनगंज में बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग को लेकर शुक्रवार को टाउन हॉल के समीप एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया। नियमित वेतनमान- सेवा सुरक्षा से वंचित वक्ताओं ने बताया कि बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था चार दशक से अधिक पुरानी है। इस दौरान हजारों शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, उन्हें अब तक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक डॉ. संजय यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ राज्यव्यापी महाआंदोलन 30 जून 2026 को अरवल से शुरू हुआ है। यह आंदोलन 24 अगस्त 2026 को पटना के सात मूर्ति (शहीद स्थल) पर समाप्त होगा। उन्होंने इसे हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बताया। सम्मानजनक नियमित वेतनमान मिले धरनार्थियों ने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त करने, वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने की मांग की। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा प्रदान करने की भी अपील की। अन्य मांगों में सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देना शामिल है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:36 pm

आचार्यश्री बोले- सिर्फ पढ़ा-लिखा बनाना शिक्षा का उद्देश्य नहीं:बच्चों में नैतिकता-संस्कार जगाएं शिक्षक; टीचर्स ने आचार्यश्री महाश्रमण से की मुलाकात

लाडनूं में शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल (लाडनूं) और महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल (जयपुर) के शिक्षक और स्टाफ ने जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने आचार्यश्री और अन्य संतों से मिलकर उनका मंगल आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य से दोनों स्कूलों के स्टाफ में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। शिक्षक ही समाज को सही दिशा देता है: आचार्यश्री शिक्षकों को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा- शिक्षा का असली मकसद सिर्फ बच्चों को साक्षर (पढ़ा-लिखा) बनाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिकता, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं जगाना है। शिक्षक उस मूर्तिकार की तरह है जो विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण कर पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देता है। इस दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी, मुनिश्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी और मुनिश्री कीर्ति कुमार जी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। संतों ने कहा- स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला हैं, जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रेम और आत्मीयता के माहौल में होना चाहिए। प्रिंसिपल्स ने लिया बच्चों में संस्कार डालने का संकल्प दोनों स्कूलों की प्राचार्याओं (प्रिंसिपल्स) ने भी संतों के सामने अपने विचार रखे। लाडनूं स्कूल की प्रिंसिपल नीलिमा सिंह ने कहा- गुरुदेव से मिली यह आध्यात्मिक ऊर्जा बच्चों को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, जयपुर स्कूल की प्रिंसिपल मधु शेखावत ने कहा- जयपुर से लाडनूं तक की यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। वे अब स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों को भी जोड़ेंगी। प्रबंधन ने जताया आभारकार्यक्रम में मौजूद एजुकेशनल कन्वीनर गौरव जैन मांडोत, प्रवीण बराड़िया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ और सचिव सलिल लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से शिक्षकों में सकारात्मकता आई है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आएगी। अंत में सभी शिक्षकों ने संतों के आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक अच्छे समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 1:41 pm

आचार्यश्री बोले- सिर्फ पढ़ा-लिखा बनाना शिक्षा का उद्देश्य नहीं:बच्चों में नैतिकता और अच्छे संस्कार जगाएं शिक्षक; शिक्षकों ने आचार्यश्री महाश्रमण से की मुलाकात

लाडनूं में शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल (लाडनूं) और महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल (जयपुर) के शिक्षक और स्टाफ ने जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने आचार्यश्री और अन्य संतों से मिलकर उनका मंगल आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य से दोनों स्कूलों के स्टाफ में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। शिक्षक ही समाज को सही दिशा देता है: आचार्यश्री शिक्षकों को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा- शिक्षा का असली मकसद सिर्फ बच्चों को साक्षर (पढ़ा-लिखा) बनाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिकता, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं जगाना है। शिक्षक उस मूर्तिकार की तरह है जो विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण कर पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देता है। इस दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी, मुनिश्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी और मुनिश्री कीर्ति कुमार जी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। संतों ने कहा- स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला हैं, जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रेम और आत्मीयता के माहौल में होना चाहिए। प्रिंसिपल्स ने लिया बच्चों में संस्कार डालने का संकल्प दोनों स्कूलों की प्राचार्याओं (प्रिंसिपल्स) ने भी संतों के सामने अपने विचार रखे। लाडनूं स्कूल की प्रिंसिपल नीलिमा सिंह ने कहा- गुरुदेव से मिली यह आध्यात्मिक ऊर्जा बच्चों को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, जयपुर स्कूल की प्रिंसिपल मधु शेखावत ने कहा- जयपुर से लाडनूं तक की यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। वे अब स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों को भी जोड़ेंगी। प्रबंधन ने जताया आभारकार्यक्रम में मौजूद एजुकेशनल कन्वीनर गौरव जैन मांडोत, प्रवीण बराड़िया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ और सचिव सलिल लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से शिक्षकों में सकारात्मकता आई है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आएगी। अंत में सभी शिक्षकों ने संतों के आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक अच्छे समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 1:41 pm

जबलपुर में क्षमता से अधिक छात्रों से भरी स्कूल बस:वीडियो हुआ वायरल; जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

जबलपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत में बताया कि यह वीडियो सुंदरपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल की बस (क्रमांक एमपी-20 डीए-1365) का है। आरोप है कि बस चालक राजेश ठाकुर प्रतिदिन क्षमता से अधिक बच्चों को बस में ठूंस-ठूंसकर स्कूल लाता और छोड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस बस में 20 से 25 बच्चों के बैठने की क्षमता है, उसमें उससे कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यदि ऐसी लापरवाही के दौरान कोई हादसा होता है, तो बड़ी जनहानि हो सकती है। वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखने की बात कही है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 12:51 pm

वल्लभनगर के 14 सरकारी स्कूलों में कम नामांकन:25 से भी कम स्टूडेंट्स; शिक्षा विभाग कर सकता है समायोजन

वल्लभनगर ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन निर्धारित सीमा से काफी कम पाया गया है। शिक्षा विभाग की साल 2026 की नामांकन रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इन स्कूलों में अधिकतर सरकारी प्राथमिक स्कूल शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा विभाग ने यह सूची उन स्कूलों की पहचान के लिए तैयार की है जहां छात्र संख्या बहुत कम है। भविष्य में इन स्कूलों के संबंध में विभाग स्तर पर समायोजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। कम नामांकन वाले स्कूलों की सूची सामने आने के बाद क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:56 am

राजस्थान में शिक्षा विभाग के 1.20 लाख पद खाली:टोंक में 3588 मंजूर पदों में से 1041 पद रिक्त, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

सरकार शिक्षा में सुधार, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के दावे कर रही है, लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। शाला दर्पण पोर्टल के 1 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में शिक्षा विभाग के मंजूर 4 लाख 13 हजार 910 पदों में से 2 लाख 93 हजार 760 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 20 हजार 150 पद खाली पड़े हैं। टोंक जिले में भी 3588 मंजूर पदों में से 2547 पद भरे हुए हैं, जबकि 1041 पद खाली हैं। स्कूलों में शिक्षक, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता, नामांकन और बच्चों के स्कूल में बने रहने पर असर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। एक शिक्षक को पढ़ानी पड़ रही कई कक्षाएं राज्य के सरकारी स्कूलों में मानव संसाधनों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में शिक्षक कम होने के कारण एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं कई जगहों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर है। कई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाएंगी। भर्ती के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुश्किल शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही बकाया वरिष्ठ अध्यापक और लेक्चरर पदोन्नति, स्टाफिंग पैटर्न, पदोन्नत प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर खाली पद भरने चाहिए। नामांकन और ठहराव पर भी पड़ रहा असर सरकार की ओर से नामांकन बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और गतिविधियां नहीं होने के कारण बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है। जहां शिक्षक कम होते हैं वहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती। गतिविधियां सीमित रह जाती हैं और बच्चों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। राजस्थान में शिक्षा विभाग में पदों की स्थिति टोंक जिले में पदों की स्थिति सहायक कर्मचारियों की कमी भी बनी परेशानी स्कूलों में केवल शिक्षकों की ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की कमी भी कामकाज को प्रभावित कर रही है। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला परिचारक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। इसके कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को ही कार्यालय और प्रबंधन से जुड़े काम भी संभालने पड़ते हैं। इससे पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:38 am

शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास:कटनीकोल में 14.99 लाख से बनेगा, विधायक-पार्षद भी रहे मौजूद; सांसद बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ेगा क्षेत्र का भविष्य

शेखपुरा के नगर परिषद क्षेत्र के कटनीकोल (वार्ड संख्या-15) में रविवार को केंद्रीय विद्यालय निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई। जमुई लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण भारती ने दीप प्रज्वलित कर और शिलापट्ट का अनावरण करते हुए परियोजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। यह निर्माण कार्य सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कराया जा रहा है। पहले चरण में विद्यालय परिसर तक पक्के पहुंच पथ का निर्माण, परिसर का सौंदर्यीकरण, बाउंड्री वॉल और बुनियादी सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा। इस चरण के लिए करीब 14.99 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। आधुनिक सुविधाओं से विकसित होगा परिसर परियोजना के तहत केंद्रीय विद्यालय के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाई जाएगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को आने-जाने में सुविधा होगी। इसके साथ ही परिसर का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 'बच्चों के भविष्य के लिए मील का पत्थर' शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अरुण भारती ने कहा कि शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। कटनीकोल में बनने वाला यह विद्यालय केवल शेखपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में स्वीकृत 14.99 लाख रुपये से पहुंच पथ और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, ताकि विद्यालय शुरू होने से पहले छात्रों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों ने सराहा प्रयास कार्यक्रम में विधायक रणधीर कुमार सोनी, विधान पार्षद ललन महतो, एडीएम (विभागीय जांच), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, एसडीओ प्रियंका कुमारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक भी समारोह में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी। उनका कहना था कि बेहतर शैक्षणिक संस्थान बनने से रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से सांसद अरुण भारती सहित अन्य अतिथियों का बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। समारोह के दौरान लोगों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से शेखपुरा के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 6:18 am

उरांव समाज के लोगों के बीच शिक्षा और नशामुक्ति का दिया संदेश

भास्कर न्यूज | सतबरवा नारायण सेवा समिति ट्रस्ट, सतबरवा की ओर से रविवार को हरातू पंचायत के रमनदाग गांव में सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उरांव समाज के सैकड़ों जरूरतमंद लोगों के बीच साड़ी, धोती और अन्य वस्त्रों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष निर्दोष कुमार उर्फ अकलू बाबा ने लोगों को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। साथ ही उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है। उन्होंने सभी से स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की। भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के पैक्सों के माध्यम से किसानों के लिए धान, अरहर, तिल, मक्का, उड़द एवं मूंगफली (बदाम) के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि इन फसलों की बुआई के लिए आवश्यक डीएपी खाद समय पर उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कृषि विभाग की ओर से पैक्सों में डीएपी के बजाय यूरिया और नैनो यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इस समय किसानों को सबसे अधिक जरूरत डीएपी खाद की है। पैक्स की इस व्यवस्था पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसानों का आरोप है कि डीएपी खाद की आपूर्ति में अनियमितता बरती जा रही है। इससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में पाटन पैक्स अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में धान समेत अधिकांश खरीफ फसलों की बुआई चल रही है। इसमें डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। लेकिन विभाग ने पैक्सों में डीएपी की जगह यूरिया उपलब्ध कराया है। किसान इस समय इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

सादुलपुर; शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालेंगे

सादुलपुर | राजस्थान शिक्षक संघ एसटीएफआई उपशाखा राजगढ़ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष संजय खीचड़ ने बताया कि मंगलवार दोपहर दो बजे शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली जाएगी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री की तानाशाही के खिलाफ और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याताओं सहित तमाम शिक्षा कर्मियों का ट्रांसफर स्थाई और पारदर्शी नीति के तहत करने, दुर्भावना पूर्ण तरीके से किए गए ट्रांसफर ऑर्डर तुरंत प्रभाव से वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा। ब्लॉक मंत्री सतीश जांगिड़ ने बताया कि शिक्षा मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाल कर पुतला जलाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

लखनऊ में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती सुधार की मांग की:इको गार्डन में इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0 का समापन, छात्रों ने उठाई आवाज

लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को शिक्षा सुधार, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर 'इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0' के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह पदयात्रा लखनऊ में समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र,युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सत्याग्रही मनीष मौर्या और लकी मौर्या ने लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें उन्होंने पांच जिलों की सीमाएं पार कीं।इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर छात्रों,युवाओं और आम लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।आंदोलनकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। शिक्षा व्यवस्था को छात्र हितैषी बनाया जाए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से परीक्षा,परिणाम और भर्तियों में देरी के साथ-साथ पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाए।यूथ इंकलाब टीम उत्तर प्रदेश ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। टीम के प्रमुख श्रेयांश यशस्वी ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि युवाओं के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एक जनआंदोलन है,जिसे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारीयों ने प्रमुख मांगे रखी आंदोलन के दौरान कई विशिष्ट मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षा पर कुल बजट का 10 प्रतिशत खर्च करना, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक स्वतंत्र संवैधानिक परीक्षा आयोग का गठन, अनुभवी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति,टीजीटी-पीजीटी सहित शिक्षक भर्तियों को प्रतिवर्ष आयोजित करना,कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना और पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह शाक्य और उनकी टीम ने आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान की,जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (एआईएसए) ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने शिक्षा सुधार और निष्पक्ष भर्ती के मुद्दे को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 10:26 pm

'छात्रों की गूंज' में शिक्षा व्यवस्था पर गरजे कवि:पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल, कविताओं के जरिए बुलंद हुई आवाज

ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी अभियान छात्रों की गूंज के तहत रविवार शाम ग्वालियर के 15 विधानसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, व्यंग्यात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देशभर में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों का विश्वास तोड़ा है। वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले छात्र जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगते हैं तो उनके भविष्य और मनोबल दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के एटा से आईं कवयित्री योगिता चौहान ने अपनी कविता के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा— देश में ये कैसा मातम छा रहा है। किस दिशा से ये अंधेरा आ रहा है। क्यों घिनौने खेल सत्ता खेलती है। साजिशें तो सिर्फ जनता झेलती है। कितने छात्रों का जनाजा जा रहा है। किस दिशा में देश जा रहा है। वहीं रीवा के कवि अमित शुक्ला ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को अपनी कविता में प्रमुखता से उठाते हुए कहा— नीट परीक्षा लीक होने से जो बच्चे फांसी पर झूल गए,तुम ही बताओ उन बच्चों का हत्यारा कौन है? कार्यक्रम में कवि अजय अंजाम (औरैया), अर्जुन अल्लड़ (कोटा, राजस्थान), अरविंद पोटा (मुरैना) और हेमंत शर्मा ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कई कविताओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई। अभियान का उद्देश्य छात्रों तक आवाज पहुंचना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्रों की गूंज अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को समाज और सरकार तक पहुंचाना तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक व्यापक जनजागरण अभियान है। भारतीय युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने छात्रों और युवाओं से इस अभियान से जुड़ने तथा अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्रों और युवाओं ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कविता के माध्यम से अपनी बात रखने वाले कवियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 9:11 pm

वाराणसी में जूना अखाड़े की बैठक:शिक्षा-कुंभ की तैयारियों पर मंथन, 5 साल बाद विद्यालय प्रबंधन का चुनाव होगा

वाराणसी के कमच्छा स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के परिसर में रविवार शाम 7:30 बजे आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में देशभर से आए नागा साधु, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और अखाड़े के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आगामी अर्धकुंभ, सिंहस्थ कुंभ, आषाढ़ शिवरात्रि, गुप्त नवरात्र और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अखाड़े द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के विकास, विद्यालय प्रबंधन समिति के चुनाव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। संतों ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और समाज सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पहले बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के किए दर्शन बैठक में शामिल होने से पहले आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बाबा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक किया। दर्शन के बाद वे कमच्छा स्थित सभा स्थल पहुंचे, जहां संत-महात्माओं ने उनका स्वागत किया। शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर बैठक में जूना अखाड़े द्वारा संचालित भारती कॉलेज और भारतीय विद्यालय की शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। संतों ने ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की। शिक्षा के विस्तार को अखाड़े की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया। हरि गिरि महाराज ने बताया बैठक का उद्देश्य जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने कहा कि आषाढ़ मास की शिवरात्रि और गुप्त नवरात्र साधु-संतों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन भी है। उन्होंने कहा कि संत समाज बाबा विश्वनाथ और बाबा काल भैरव से समाज में न्याय, निर्भयता और सद्बुद्धि की कामना करता है। धर्म और सत्य की स्थापना के लिए सभी संत मिलकर कार्य कर रहे हैं। पांच साल बाद होगा विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव बैठक में भारतीय विद्यालय की प्रबंधन समिति के चुनाव पर भी चर्चा हुई। हरि गिरि महाराज ने बताया कि पांच साल बाद यह चुनाव कराया जा रहा है। चुनाव शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा। सोमवार सुबह 11 बजे तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्त चुनाव प्रभारी की निगरानी में कराया जाएगा। अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां शुरू बैठक में मोहन भारती ने आगामी अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर तक टेंट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में अर्धकुंभ और नासिक में सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देशभर से पहुंचे संत-महात्मा बैठक में अखाड़ा परिषद के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज, प्रेम गिरि महाराज, उमाशंकर भारती सहित कई महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, नागा साधु और अखाड़े के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार और कुंभ की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए। जूना अखाड़े का ऐतिहासिक महत्व श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा देश के सबसे बड़े और प्राचीन अखाड़ों में से एक माना जाता है। इसका मुख्य मठ वाराणसी के हनुमान घाट पर स्थित है। परंपरा के अनुसार इसकी स्थापना 13वीं शताब्दी के आसपास मानी जाती है, जबकि सरकारी अभिलेखों में इसका पंजीकरण वर्ष 1860 में दर्ज है। वर्ष 1954 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का गठन किया गया था, जिसके बाद विभिन्न अखाड़ों के बीच समन्वय की व्यवस्था बनाई गई।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:57 pm

सेवा भारती समिति ने दो बाल संस्कार केंद्र शुरू किए:बोले- शिक्षा और संस्कार पर दिया जाए जोर

सेवा भारती समिति जालोर द्वारा रविवार को शहर की विभिन्न बस्तियों में दो नए बाल संस्कार केंद्रों का शुभारंभ किया गया। शांति नगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख नटवरराज नागौर ने दीप प्रज्वलित कर केंद्रों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेवा भारती देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में शिक्षा केंद्र, छात्रावास, एम्बुलेंस, चल चिकित्सा केंद्र तथा सिलाई केंद्र जैसे अनेक सेवा प्रकल्प संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षित, स्वावलंबी, स्वाभिमानी और स्वस्थ बनाना ही सेवा भारती का उद्देश्य है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि नव प्रारंभ हुए बाल संस्कार केंद्र बस्ती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में विभाग सेवा प्रमुख भूपेंद्र, जिला सेवा प्रमुख मीठालाल, नगर सेवा प्रमुख जितेश, सेवा भारती जालोर के कोषाध्यक्ष जीतू भाई सोनी, केंद्र संचालिका रिंकू और बस्ती के अनेक लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:05 pm

थाली बजाकर सपा महिला सभा का प्रदर्शन:शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा

बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) महिला सभा ने रविवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष स्मिता यादव के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय से अयूब खां चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा गया। प्रदर्शन से पहले, सपा कार्यालय में एक मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार पर चर्चा हुई। कई महिलाओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और उन्हें संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके बाद, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़क पर उतरीं और नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष स्मिता यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने थाली बजाओ, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार लाओ के नारे के माध्यम से जनसमस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। स्मिता यादव ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। सरकार पर निशाना साधा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्मिता यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अपराध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्मिता यादव ने महंगाई, राशन वितरण और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का फैसला करेगी और समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा। इस कार्यक्रम में जिला महासचिव मिथलेश कुमारी, जिला उपाध्यक्ष हूरिया रहमान, शशि चंद्रा, ममता सागर, ऊषा यादव, नीलम वर्मा, आसमां पाशा, सीमा यादव, निष्ठा पटेल, शबाना, रेशमा, सीमा परवीन, कविता, दुर्गा, पूनम, समर खान, रुबीना खान, शबीना खान, आलिया, अर्शमान, आइज़ा, रेखा, शिफा और रीना सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:03 pm

आयरन लेडी फाउंडेशन ने संभाली स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी:उदयपुर के रामपुरिया गांव में शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उदयपुर के पलाना खुर्द स्थित रामपुरिया गाँव में बुनियादी शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता ने गाँव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नए स्कूल भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, फाउंडेशन द्वारा स्कूल परिसर में एक आधुनिक पानी की टंकी और शौचालय का निर्माण भी करवाया गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम का सफल संचालन स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह ने किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना को साकार करने में 'मंत्रा फॉर चेंज फाउंडेशन' की संतोष जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर गाँव की जागरूक शिक्षिका आरती बेनीवाल और मधु लता शर्मा भी उपस्थित रहीं। रामपुरिया गाँव में इस नई शुरुआत को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ-साथ मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से इन्द्रा भील, प्रभु लाल खटीक, कनक खटीक और सविना बाई मौजूद रहे। समारोह में उपस्थित अतिथियों और फाउंडेशन की प्रमुख राशी मेहता ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए एक विशेष अपील की। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान देने का आग्रह किया। मेहता ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजकर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं, ताकि वे अपने गाँव और समाज का नाम रोशन कर सकें।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 4:16 pm

बिजनौर के नहटौर विधायक और शिक्षा विभाग ने किया पौधरोपण:विधायक बोले-पौधे आने वाली पीढ़ियों को जीवन देते हैं

बिजनौर में सरकार के एक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत समग्र विद्यालय गड़ाना में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रमेन्द्र रायसान ने किया। कार्यक्रम में नहटौर के विधायक ओम कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी देवमल प्रभात कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायक ओम कुमार ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित जीवन प्रदान करने का आधार भी हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार ने कहा कि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आज लगाए गए प्रत्येक पौधे को भविष्य की अमूल्य धरोहर बताया। प्रमेन्द्र रायसान ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने जोर दिया कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक व्यक्ति लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प ले। कार्यक्रम में एआरपी हल्दौर नितिन बालियान, नरेश कुमार, अरुण कुमार, कनिका गुप्ता सहित शिक्षक हरगोविन्द, अनुराग विशनोई, मो इरफान, रंजीत सिंह, सचिन राजपूत, मुहम्मद जावेद, तरुण गुप्ता, कंचन कुमार, संजीव कुमार, सुहेल अख्तर बेग, सुधीर शर्मा, भूपेंद्र सिंह, अमर सिंह, विष्णु कुमार, अल्फिया अफजाल, मोनिका अग्रवाल, असमा बेबी, दीशु और विकास खंड हल्दौर के अनेक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया। सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 12:53 pm

ट्रांसफर बेन के बाद शिक्षा विभाग में 2 हजार तबादले:10 जुलाई तक ई-हस्ताक्षर से जारी हुई लिस्ट, अब डायरेक्टर ने हाथ से किए हस्ताक्षर

राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई से तबादलों पर रोक लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग में इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर जारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 1 हजार 987 प्रिंसिपल, लेक्चरर, ग्रेड सेकंड टीचर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के तबादलों की नई सूची जारी की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई तक जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-हस्ताक्षर थे, जबकि रविवार को सामने आई सूची में उनके हाथ से किए गए हस्ताक्षर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी शिक्षा विभाग में तबादले जारी रह सकते हैं। 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के हुए ट्रांसफर शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई ट्रांसफर सूची में 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब डेढ़ हजार ट्रांसफर भी किए गए हैं। बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी हुए तबादले नई सूची में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। एक ही सूची में लाइब्रेरियन और बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के 278 ट्रांसफर शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों की अलग-अलग सूचियों में 408 और 237 ट्रांसफर किए गए हैं। पहले जारी तबादलों में भी किया बदलाव शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई से पहले जिन प्रिंसिपल और लेक्चरर के ट्रांसफर किए थे, उनमें भी बदलाव किया है। सात प्रिंसिपल से जुड़ी नई सूची जारी की गई है। इसमें छह प्रिंसिपल का तबादला किया गया है, जबकि एक प्रिंसिपल के मामले में केवल स्कूल बदला गया है। आने वाले दिनों में और सूची आने की संभावना माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेश भी हाथ से हस्ताक्षर करके जारी किए जाने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इन सूचियों के जारी होने की चर्चा भी चल रही है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 9:24 am

शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अफसरों की विदाई, सम्मानित भी किया गया

भास्कर न्यूज | जांजगीर केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में बलौदा विकासखंड के शिक्षा विभाग द्वारा विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा संभाग बिलासपुर के सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक आरपी आदित्य और राजीव गांधी शिक्षा मिशन जांजगीर के पूर्व जिला परियोजना समन्वयक हरिराम जायसवाल के सम्मान में रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वर्तमान संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित थे। अपने प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए आर. पी. आदित्य ने कहा कि यदि आप अनुशासन का पालन करते हैं और दैनिक कार्यों की योजना बनाकर चलते हैं, तो कोई भी काम समय पर पूरा करना कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे सेवाकाल में विभिन्न उच्च पदों पर रहने के बावजूद उन्हें कभी किसी बड़ी समस्या या शिकायत का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, हरिराम जायसवाल ने अपने 43 वर्षों के दीर्घकालिक और बेदाग शिक्षक जीवन के अनुभव साझा करते हुए सेवामुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। वर्तमान संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज ने जांजगीर को अपना प्रिय जिला बताते हुए यहां के अधिकारियों और शिक्षकों के आपसी तालमेल की प्रशंसा की। बलौदा बीईओ रवि गौतम ने स्वागत भाषण में कहा कि विभागीय दायित्वों से मुक्त होते समय शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना ही दोनों अधिकारियों के समर्पण को दर्शाता है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

कौशल शिक्षा और बालिका शिक्षा पर सबसे ज्यादा निवेश:एनईपी - 1404 करोड़ खर्च, टीचर ट्रेनिंग, बच्चों की शिक्षा कमजोर

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) लागू होने के छह वर्ष बाद छत्तीसगढ़ में इसके क्रियान्वयन की तस्वीर सामने आई है। इस अवधि में राज्य में करीब 1404 करोड़ रुपए खर्च किए गए। सबसे अधिक निवेश कौशल आधारित शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और बालिका शिक्षा पर हुआ, लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के विस्तार जैसे अहम क्षेत्रों में खर्च अपेक्षाकृत कम रहा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि हजारों बच्चे अब भी स्कूल से बाहर हैं और सीखने के स्तर में आई गिरावट दूर करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब निवेश का फोकस शिक्षक प्रशिक्षण और शुरुआती कक्षाओं पर बढ़ाना होगा। एनईपी के तहत कुल 32,767.34 लाख रुपए के बजट में केंद्र सरकार ने 19,660.43 लाख रुपए (करीब 60%) और राज्य सरकार ने 13,106.92 लाख रुपए (करीब 40%) का योगदान दिया। प्रदेश में ये बदलाव हुए शिक्षाविद की राय: एनईपी पर कई पुस्तकें लिख चुके दानीराम वर्मा के मुताबिक केवल पुरानी व्यवस्था में नए प्रावधान जोड़ने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। शिक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं। छत्तीसगढ़ की शुरुआती उपलब्धियां उत्साहजनक हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता और शिक्षक क्षमता निर्माण पर लंबा काम बाकी है। जहां सबसे ज्यादा निवेश हुआ जहां सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा का संकट:रोजगार की गारंटी वाले 32 कोर्स तीसरे साल फ्लॉप, दो कॉलेज बंद होने जा रहे

पहले विश्वविद्यालय छात्रों की मांग देखकर नए कोर्स शुरू करते थे, लेकिन अब कोर्स शुरू कर छात्रों का इंतजार कर रहे हैं। बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (एयू) की मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया ने उच्च शिक्षा की इस बड़ी विडंबना को उजागर कर दिया है। उद्योग और बाजार की जरूरतों का हवाला देकर तीन साल पहले शुरू किए गए विश्वविद्यालय के 32 डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स छात्रों को आकर्षित करने में नाकाम रहे हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों में महज दो से सात आवेदन ही आए हैं, जबकि कुछ में तो खाता तक नहीं खुला है। यह केवल एक विश्वविद्यालय का संकट नहीं है, बल्कि बदलती छात्र-मानसिकता और उच्च शिक्षा की योजनाओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत है। सरकार जहां एक ओर रोजगार आधारित शिक्षा पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र उन्हीं पाठ्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं जिन्हें ‘रोजगारपरक’ बताकर प्रचारित किया गया था। आधी सीटें भी नहीं भर सकीं, संस्थानों के अस्तित्व पर संकट एयू से संबद्ध 110 कॉलेजों में इस वर्ष कुल 35,255 सीटें उपलब्ध हैं। अब तक 16 हजार के आसपास ही आवेदन ही मिले हैं। यानी आधी सीटों के लिए भी छात्र नहीं जुट पाए हैं। इसके अलावा, यूजी और पीजी की कुल 55,180 सीटों पर पहली मेरिट सूची जारी होने के बाद अब तक सिर्फ 364 छात्रों (कुल सीटों का लगभग 1%) ने ही प्रवेश लिया है। छात्रों की इस घटती संख्या का सीधा असर अब शिक्षण संस्थानों के वजूद पर दिखने लगा है। ओरिएंटल कॉलेज और कोरबा कंप्यूटर कॉलेज ने विश्वविद्यालय से अपनी संबद्धता समाप्त करने (बंद होने) का आवेदन दे दिया है। सरकारी कॉलेजों और सीयू का भी यही हाल रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों के प्रति यह उदासीनता केवल एयू तक सीमित नहीं है। पिछले सत्र में बिलासा गर्ल्स कॉलेज में बीएससी क्लीनिकल न्यूट्रीशन की 140 सीटें, बीएससी फूड साइंस की 135 सीटें और फैशन डिजाइनिंग की 25 सीटें खाली रह गईं। बेसिक एंड एडवांस स्पोर्ट्स फिटनेस की 40 सीटों के लिए केवल 17 आवेदन आए। इसी तरह, केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) में भी एमएससी रूरल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, बीलिब, बीपीएड, एमसीए और फॉरेंसिक साइंस जैसे कोर्स अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर सके। इन प्रमुख कोर्सों से छात्रों ने बनाई दूरी विश्वविद्यालय ने तीन साल पहले साइबर सिक्योरिटी, होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, जीएसटी, ई-कॉमर्स, रिटेल मैनेजमेंट, टूरिज्म, बायोफ्यूल, फूड सेफ्टी और इंग्लिश कम्युनिकेशन जैसे 32 नए कोर्स इस उम्मीद के साथ शुरू किए थे कि हर साल प्रवेश बढ़ेंगे। लेकिन स्थिति साल-दर-साल खराब होती गई। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. सुधीर शर्मा, पूर्व कुलसचिव, एयू छात्रों ने विश्वविद्यालय से ज्यादा बाजार को पढ़ लिया छात्रों ने विश्वविद्यालय से ज्यादा बाजार को पढ़ लिया है। इस बार का सबसे बड़ा संदेश यह है कि छात्र विश्वविद्यालयों की योजना से नहीं, नौकरी के बाजार से अपना भविष्य तय कर रहे हैं। बीए में इसलिए भीड़ है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी है। लॉ इसलिए पसंद है, क्योंकि करियर स्पष्ट दिखता है। कंप्यूटर साइंस और बीसीए इसलिए क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर अभी भी अवसर दे रहा है। लेकिन जिन कोर्सों में नौकरी का रास्ता साफ नहीं है। उस दिशा में छात्र जाना ही नहीं चाहते।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

चावल और हल्दी से लिखा पहला अक्षर, रॉकवुड्स में नन्हों ने शिक्षा जगत में रखा कदम

उदयपुर | रॉकवुड्स हाई स्कूल में नर्सरी के विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक अध्याक्षरम् 2026-27 समारोह का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने भारतीय परंपरा के अनुसार पहले चावल पर और फिर हल्दी से कागज पर अपना पहला अक्षर लिखकर शिक्षा के क्षेत्र में शुभारंभ किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात ऑन्कोलोजिस्ट डॉ. मनोज महाजन रहे, जबकि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अंबिका सोलंकी और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राहुल चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

शिक्षकों को 5 साल से नहीं मिला प्रोन्नत वेतनमान:विधान परिषद की आश्वासन समिति सख्त; बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमोशन और प्रोन्नत वेतनमान (प्रमोटेड पे-स्केल) को लेकर विधान परिषद सचिवालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब–तलब किया है। प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों में पिछले 5 सालों से एक भी शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिला है। ये मामला विधान परिषद की आश्वासन समिति में उठाया गया था। विधान परिषद के संयुक्त सचिव मुनेश कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर इस मामले में एक महीने के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। क्या है पूरा मामला? विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा (वाराणसी खंड स्नातक) ने 13 फरवरी 2026 को सदन में तारांकित प्रश्न संख्या-12 के जरिए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से पूछा था कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान दिया जा रहा है या नहीं? उन्होंने पिछले 5 वर्षों में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर में लाभ पाने वाले और लंबित पड़े मामलों का पूरा विवरण मांगा था। सरकार ने कहा था, 5 साल में नहीं दिया प्रोन्नत वेतनमान बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सदन में जो लिखित उत्तर दिया, वह चौंकाने वाला था। उन्होंने जवाब में कहा था कि वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर जिलों में भी पिछले 5 वर्ष में किसी शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया। सरकार ने सदन को आश्वासन दिया था कि इन चारों जनपदों के लंबित मामलों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियम क्या कहता है?

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 8:29 pm

अयोध्या के 690 स्कूलों में 10 से कम नामांकन:बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी दी, 3 दिन का समय

अयोध्या जिले के परिषदीय विद्यालयों में नए छात्रों के नामांकन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रेरणा पोर्टल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 690 परिषदीय विद्यालयों में नए नामांकन 10 से भी कम हैं। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी जारी की है। बीएसए लालचंद ने 11 जुलाई 2026, शनिवार को यह चेतावनी जारी की। प्रेरणा पोर्टल की समीक्षा में सामने आया है कि इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और स्टाफ ने नामांकन बढ़ाने के लिए न तो कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई और न ही सार्थक प्रयास किए। विभाग ने इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना और कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। बीएसए लालचंद ने बताया कि कम नामांकन वाले विद्यालयों को नोटिस जारी किया जाएगा और संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों को प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यालय प्रबंध समिति और मातृ समूह के साथ बैठक कर तत्काल नामांकन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घर-घर संपर्क अभियान चलाकर नए बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा है। बीएसए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर नामांकन में संतोषजनक वृद्धि नहीं होती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित विद्यालय प्रमुख की होगी।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:22 pm

पुरातन छात्र सम्मेलन में शामिल हुए कृपाशंकर सिंह:जौनपुर में साझा किए अनुभव, कहा- विद्यालय शिक्षा संग संस्कार का मंदिर

जौनपुर के तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज में शनिवार को एक पुरातन छात्र सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और व्यक्तित्व निर्माण का मंदिर होता है। यह सम्मेलन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शामिल हुए। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके बाद अतिथियों ने ठाकुर तिलकधारी सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा, लगभग साठ वर्षों बाद अपने उस विद्यालय की धरती पर आने का सौभाग्य मिला है, जहाँ से हमने शिक्षा ग्रहण कर जीवन की दिशा और संस्कार प्राप्त किए। इस विद्यालय से जुड़ी अनगिनत स्मृतियां आज भी मेरे हृदय में जीवित हैं। श्री सिंह ने विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस पुरातन छात्र सम्मेलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सभी के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं, जिससे पुराने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों एवं सहपाठियों से पुनः मिलने का अवसर मिलता है। साथ ही, वर्तमान छात्रों को अपने वरिष्ठों के अनुभवों से प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति की सफलता की पहली नींव उसके विद्यालय में ही रखी जाती है। श्री सिंह ने अपनी वर्तमान स्थिति का श्रेय तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज के शिक्षकों के मार्गदर्शन, अनुशासन और शिक्षा को दिया। अंत में, कृपाशंकर सिंह ने विद्यालय प्रबंधन समिति, प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम को पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, श्याम सिंह यादव, धनंजय सिंह, ज्ञानप्रकाश सिंह और सुरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:21 pm

दिल्ली के 75 सीएम-श्री स्कूलों में लगेगा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम:IGL, शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच समझौता, CSR पहल के तहत होगा काम

दिल्ली को पानी के संकट से उबारने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के 75 सीएम श्री (CM SHRI) स्कूलों में वर्षा जल संचयन बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच हुआ है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल के तहत इस पूरी परियोजना को सपोर्ट कर रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से चुनिंदा स्कूलों में छतों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली बनाई जाएगी। इससे न केवल बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकेगा, बल्कि भूजल स्तर को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों में बढ़ेगी जागरूकता इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। इसके तहत स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों के बीच पानी बचाने और उसके सही उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। एक हरित और जल-सुरक्षित दिल्ली की ओर कदम यह एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक परियोजना) है। इस पहल की सफलता के बाद आने वाले समय में दिल्ली के अन्य सभी सरकारी और नगर निगम (MCD) के स्कूलों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जो दिल्ली को अधिक हरित और जल-सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 4:34 pm

बिना NOC असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त:उच्च शिक्षा सचिव और पीएससी को जांच करने दिए निर्देश, कहा-120 दिन में जांच कर लें निर्णय

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में की गई गड़बड़ी पर सख्ती दिखाई है। राजनीति शास्त्र के उम्मीदवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा सचिव और पीएससी को जांच कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 120 दिन का समय दिया गया है। याचिका के अनुसार बिना एनओसी के राजनीति शास्त्र के एक असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति दे दी गई है। रायगढ़ जिले के अली हसन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2019 में सहायक प्राध्यापक (राजनीति शास्त्र) के 59 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। वर्ष 2021 में जारी अंतिम चयन परिणाम में रायगढ़ के अली हसन को अनारक्षित वर्ग की प्रतीक्षा सूची में पहला स्थान मिला। बगैर एनओसी हरियाणा के असिस्टेंट प्रोफेसर को दी नियुक्ति याचिकाकर्ता ने बताया कि, चयन सूची का बारीकी से अध्ययन करने पर हसन को पता चला कि मुख्य सूची में चयनित रंजन तिवारी पहले से ही हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा निदेशालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। जिस पर याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत हरियाणा सरकार से जानकारी मांगी। इसमें पता चला कि रंजन तिवारी 13 फरवरी 2020 से हरियाणा के महेंद्रगढ़ शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने सीजीपीएससी की परीक्षा में शामिल होने या कार्यभार ग्रहण करने के लिए अपने नियोक्ता से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया था। इसके बावजूद, 29 अप्रैल 2022 को रंजन तिवारी की नियुक्ति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा, जिला बलौदाबाजार में कर दी गई। नियमों की अनदेखी का आरोप जस्टिस राकेश मोहन पांडे की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट ने तर्क दिया कि सरकारी या अर्ध-सरकारी विभागों में कार्यरत अभ्यर्थियों के लिए कार्यभार ग्रहण करते समय नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। नियमों के तहत यदि किसी अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र या जानकारियां गलत पाई जाती हैं, तो उन्हें बिना पूर्व सूचना के सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है और आईपीसी के के तहत कार्रवाई हो सकती है। कॉलेज के प्राचार्य ने माना- एनओसी नहीं मिला अली हसन द्वारा 18 मई 2022 को भाटापारा कॉलेज में लगाई गई सूचना के अधिकार के जवाब में प्राचार्य ने स्वीकार किया था कि रंजन तिवारी ने 23 मई 2022 को कार्यभार तो ग्रहण कर लिया, लेकिन कार्यालय में कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:58 pm

ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षाकर्मी अभी नहीं होंगे रिलीव:31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक तबादला पाए कार्मिक भी रुकेंगे

टोंक समेत प्रदेशभर में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) के तहत चल रहे ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सर्वे में नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशक, सभी संभाग और सभी जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को वर्तमान में कार्यमुक्त नहीं किया जाए। नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगी है ड्यूटी राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) की ओर से करवाए जा रहे सर्वे में शिक्षा विभाग के कार्मिकों को नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगाया गया है। ऐसे में उनके कार्यमुक्त होने से सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। हाल ही में हुए हैं शिक्षा विभाग में तबादले ज्ञात रहे कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश के बाद शिक्षा विभाग को 3 जुलाई को स्थानान्तरण में शिथिलता दी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के सैकड़ों अधिकारियों और कार्मिकों के तबादला आदेश जारी किए गए। इनमें कई ऐसे कार्मिक भी शामिल हैं जिनकी ड्यूटी वर्तमान में ओबीसी सर्वे में लगी हुई है। 31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक नहीं होगी कार्यमुक्ति इसको लेकर निदेशक सीताराम जाट ने शुक्रवार शाम को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओबीसी सर्वे कार्य में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने तक या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाए और आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। शिक्षक संघ ने आदेश का किया स्वागत शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है और जो वर्तमान में ओबीसी सर्वे में नियुक्त हैं, उन्हें निदेशक के आदेशानुसार सर्वे कार्य पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जिससे सर्वे का काम तय समय में पूरा हो सके।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:00 pm

ई-शिक्षाकोष पर शिक्षक ने 1000km दूर से लगाई हाजिरी:किशनगंज में ठाकुरगंज के 5 टीचर और एक प्रधानाध्यापक निलंबित, सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला

बिहार सरकार की ई-शिक्षाकोष आधारित ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में गंभीर अनियमितता सामने आई है। शिक्षा विभाग ने ठाकुरगंज प्रखंड के पांच शिक्षकों और एक प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि वे अपने विद्यालयों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नासिर हुसैन के निर्देश पर की गई समीक्षा में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) द्वारा 14 मई 2026 को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के आंकड़ों की विस्तृत जांच की गई थी। इस जांच में कई शिक्षकों की लोकेशन और उपस्थिति संदिग्ध पाई गई। 1097 किलोमीटर दूर रहकर लगाया अटेंडेंस सबसे गंभीर मामला मध्य विद्यालय भोगडाबर के विशिष्ट शिक्षक मो. नाहिद रजा का सामने आया। विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने विद्यालय से लगभग 1097 किलोमीटर दूर रहते हुए भी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज की थी। विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया फर्जी उपस्थिति मानते हुए मो. नाहिद रजा को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डांगीबस्ती की शिक्षिका सोनम राय, नया प्राथमिक विद्यालय गिधिन गोला पासवान टोला के विशिष्ट शिक्षक प्रवीण कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुराघाटी के प्रधानाध्यापक महबूब आलम और उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचोंदी के विद्यालय अध्यापक लोकेश कुमार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला माना है। विभाग के आदेश में कहा गया है कि विद्यालय से अत्यधिक दूरी पर रहते हुए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना बिहार सेवा नियमों और विभागीय अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है। इससे न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। आरोपित शिक्षकों के खिलाफ आरोप-पत्र गठित विभाग ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2024 के तहत सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ आरोप-पत्र गठित कर नियमित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापक का मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ई-शिक्षाकोष प्रणाली में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या फर्जी उपस्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:00 pm

दिव्यांग बालिका दीपिका को ट्राईसाइकिल मिली:स्कूल जाने के लिए औरैया DM से लगाई थी गुहार, बोले- कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने एक दिव्यांग बालिका दीपिका को ट्राईसाइकिल प्रदान की। अजीतमल ब्लॉक के नबले का पुर्वा गांव निवासी जितेंद्र कुमार की पुत्री दीपिका ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी से सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। दीपिका एक दिव्यांग बालिका है, जिसका विद्यालय उसके घर से लगभग दो किलोमीटर दूर है। विद्यालय आने-जाने में उसे काफी कठिनाई होती थी, लेकिन वह नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त करना चाहती है। उसकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मामले का परीक्षण कराया। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अपने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में दीपिका को यह सहायक उपकरण उपलब्ध कराया। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद दीपिका और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। दीपिका के माता-पिता ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब उनकी बेटी को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे वह अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी बच्चा आर्थिक, सामाजिक या शारीरिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन और जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और सहायक उपकरणों का लाभ समय पर मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि पात्र दिव्यांगजन विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें। साथ ही, किसी भी समस्या के समाधान के लिए जनता दर्शन और जनसुनवाई व्यवस्था का उपयोग करें।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 9:03 am

सड़क पर क्लास लगाने वाले दो शिक्षकों को नोटिस:वीडियो के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कलेक्टर ने भी बुलाया

सीधी जिले के मझौली जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी में सड़क पर कक्षा संचालित करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों ने छात्रों को सड़क पर बैठाकर पढ़ाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वायरल वीडियो और समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने शुक्रवार देर रात दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र सीधी द्वारा प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेश कुमार द्विवेदी और माध्यमिक शिक्षक रामदत्त पनिका को जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि शिक्षकों ने विद्यालय पहुंच मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में विभागीय या प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व सूचना दिए बिना बरसात के मौसम में विद्यार्थियों को खुले और असुरक्षित स्थान पर बैठाकर कक्षाएं संचालित कीं। विभाग ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत गंभीर लापरवाही माना है। कलेक्टर ने भी बुलाया दोनों शिक्षकों को 13 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने वाले दोनों रास्ते भूमि स्वामियों द्वारा बंद कर दिए गए थे। उनका कहना था कि बरसात के दौरान हर वर्ष यही स्थिति बनती है और विद्यालय तक पहुंचने का कोई स्थायी मार्ग नहीं है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण मजबूरी में सड़क पर कक्षा लगाकर विरोध दर्ज कराया गया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 8:51 am

शिक्षा रथ ने बढ़ाया विद्यार्थियों का नामांकन

पानीपत | शहर की शिवनगर कॉलोनी में शिक्षा विभाग के शिक्षा रथ ने घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से संवाद किया। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बारे में नागरिकों को जागरूक करना रहा। राकेश बूरा ने कहा कि हरियाणा के सरकारी विद्यालय शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल कराने की अपील करते हुए नारा दिया, ‘दो रोटी कम खाओ, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। जिला कल्चरल कोऑर्डिनेटर संदीप रत्तेवाल ने सरकारी विद्यालयों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, वर्दी और छात्रवृत्ति सहित उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख किया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 6:01 am

डीईओ माध्यमिक सैनी ने संभाला पद, बोले- डिजिटल शिक्षा पर देंगे जोर

जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग में शुक्रवार को सुबह 10.15 बजे नए डीईओ ने कार्य संभाल लिया। साइंस के व्याख्याता रहे नए डीईओ सज्जन सिंह सैनी ने पद संभालते ही साफ कर दिया कि चूरू के सरकारी स्कूलों में अब पारंपरिक ढर्रे के बजाय डिजिटल लर्निंग और वैज्ञानिक नवाचारों पर फोकस रहेगा। खास बात ये है कि कलेक्टर द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे डिजिटल नवाचारों को आगे बढ़ाने में नए डीईओ का साइंस बैकग्राउंड मददगार साबित होगा। दैनिक भास्कर ने नए डीईओ सैनी से िशक्षकों के खाली पदों सहित कई मुद्दों को लेकर बातचीत की तो वे बोले मैं खुद साइंस बैकग्राउंड से हूं, इसलिए चूरू के सरकारी स्कूलों के बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के प्रयास करेंगे। विज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं, प्रैक्टिकल में है। मेरा प्रयास रहेगा कि जिले की हर सीनियर सैकंडरी स्कूल की लैब एक्टिव हो। बच्चों को रटने के बजाय कर सीखने पर जोर दिया जाएगा। हम स्कूल स्तर पर साइंस मॉडल और नवाचारों को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर खुद चूरू में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल नवाचार कर रहे हैं, उनके इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए हर ग्रामीण स्कूल और आखिरी छात्र तक पहुंचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:30 am

खेल-शिक्षा दोनों से खिलवाड़, प्रवेश नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित:फरवरी में 816 खिलाड़ियों का चयन; अप्रैल से खुलनी थीं 25 एकेडमियां, अब तक लगे हैं ताले

राजस्थान में खिलाड़ियों के खेल के साथ शिक्षा से भी खिलवाड़ हो रहा है। राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रदेश की 25 रेजिडेंशियल खेल एकेडमियों के लिए 816 खिलाड़ियों का चयन 9 से 17 फरवरी के बीच कर लिया, लेकिन एकेडमियां अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इन्हें 1 अप्रैल से खोलने की योजना थी, ताकि खिलाड़ियों का स्कूलों में प्रवेश हो सके और गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप में अनुभवी कोचों से प्रशिक्षण लें। लेकिन अधिकारी तीन माह से फूड टेंडर की प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं। टेंडर नहीं होने से एकेडमियों पर ताले लगे हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल अब पुराने ठेकेदार को ही भोजन व्यवस्था का काम देकर एकेडमियां जल्द शुरू कराने की तैयारी में है। लेकिन उसने बकाया भुगतान के बाद ही काम करने की बात कही है। 25 रेजिडेंशियल एकेडमियां चल रही, इनमें से 10 जयपुर में पहला यूनिट टेस्ट हो चुका, बोर्ड फॉर्म की तारीख भी नजदीक एक कोच ने बताया, ‘एकेडमियां शुरू नहीं हुई हैं। पहला यूनिट टेस्ट हो चुका है और दूसरा इसी माह है। 10 अगस्त से पहले बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म भरे जाने हैं। अगर 20 जुलाई तारीख से भी एकेडमियां शुरू होती हैं तो खिलाड़ी न खेल में आगे बढ़ पाएंगे और न ही शिक्षा में।’ एकेडमियों में चयन को लेकर भी शिकायतें हैं। एक ही क्षेत्र और जाति के खिलाडि़यों का चयन किया। कई एकेडमियां ऐसी हैं, जिनमें उस खेल के कोच ही नहीं हैं। इस सप्ताह एकेडमियां शुरू कर देंगे : मीणा टेंडर प्रक्रिया में अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि एक सप्ताह में एकेडमियां शुरू कर देंगे। फिलहाल पुराने ठेकेदार को ही भोजन व्यवस्था का काम देने की योजना है, ताकि एकेडमियां जल्द शुरू हो सकें। -राजकेश मीणा, सचिव, राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:30 am

जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल का समर्थन:बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

बक्सर में आइसा, इनौस और आरवाईए के बैनर तले छात्र-युवाओं ने शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, पेपर लीक की घटनाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध मार्च अंबेडकर चौक से ज्योति चौक तक निकाला गया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने किया, जबकि आरवाईए के जिला संयोजक राजदेव सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लें कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डुमरांव के पूर्व विधायक और इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा रहे। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 दिनों से जारी भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट, यूजीसी-नेट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और NTA की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा नेताओं ने कहा कि शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा है, जिससे गरीब, दलित, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार संबंधी परीक्षाओं में नियमों में बार-बार बदलाव कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐपवा नेता संध्या पाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फंड में कटौती, छात्रावासों की बदहाल स्थिति और लगातार हो रहे पेपर लीक को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। प्रदर्शन और सभा में आरवाईए के राज्य नेता बीरन यादव, जिला नेता रवि मौर्या, रविशंकर राम, बलीराम पासवान, कृष्णा यादव, दीपू कुमार, सर्वेश पांडेय, बब्लू कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 8:52 pm

KGMU कुलपति को लेकर विधायक रागिनी ने लिखा लेटर:राष्ट्रपति-पीएम भेजा, कहा- एससी-एसटी या OBC वर्ग के शिक्षाविद् को मौका मिले

जौनपुर के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के अगले कुलपति की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने कुलपति पद पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य और अनुभवी शिक्षाविद की नियुक्ति किए जाने की मांग की है। 10 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में डॉ. सोनकर ने कहा कि वर्तमान कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त हो रहा है और नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप नियुक्ति की जानी चाहिए। पत्र लिखकर दिए ये तर्क पत्र में उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में आरक्षित वर्ग के 108 शिक्षकीय पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 78 पदों को नॉट फाउंड सूटेबल बताकर रिक्त छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्य परिषद से स्वीकृत लगभग 100 शिक्षकीय पदों का अब तक विज्ञापन नहीं किया गया और कई अवसरों पर संविदा के माध्यम से नियुक्तियां की गईं। इसलिए की मांग डॉ. रागिनी सोनकर ने पत्र में कहा कि KGMU के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में अब तक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसी शिक्षाविद को कुलपति बनने का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने इसे केवल प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक भागीदारी का विषय बताया। विधायक ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि KGMU के अगले कुलपति के चयन में सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और समावेशी प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य, अनुभवी और उत्कृष्ट शिक्षाविद को कुलपति नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:11 pm

वल्लभनगर में शिक्षक संघ ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया:सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और तबादलों की मांग उठाई, बोले- राहत दी जाए

वल्लभनगर में राजस्थान पंचायतीराज और माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेश के राजकीय स्कूलों के सुदृढ़ीकरण और टीचर्स की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया है। टीचर्स ने बताया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श स्कूल की संकल्पना को पूरा करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। बोले- 48 हजार से अधिक पद खाली ज्ञापन में तृतीय श्रेणी टीचर्स के तबादलों को लेकर प्रमुख मांग उठाई गई है, जो सत्र 2018 के बाद से नहीं हुए हैं। संगठन ने इनके शीघ्र ट्रांसफर और टीएसपी से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में टीचर्स के समायोजन की मांग की। पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी टीचर्स की वरिष्ठ टीचर पद पर पदोन्नति नहीं हुई है, जिससे प्रदेश में 48 हजार से अधिक पद खाली हैं। एडिशनल विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में सरकार से प्रभावी पैरवी कर डीपीसी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह भी किया गया है। शिक्षकों ने वित्त विभाग ने 2 जून को जारी सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है। इससे तृतीय श्रेणी टीचर्स को उच्च पद पर जाने पर आरएसआर नियम 24 और 26 के तहत 100 प्रतिशत वेतन संरक्षण का लाभ मिल सकेगा। साल 2010 से पूर्व नियुक्त तृतीय श्रेणी टीचर्स के लिए रीट उत्तीर्ण करने की बाध्यता को हटाने की भी मांग की गई है, ताकि उन्हें सेवा अनुभव के मूल्यांकन, विशेष प्रशिक्षण और अतिरिक्त अवसर देकर व्यावहारिक राहत मिल सके। झालावाड़ के पिपलोद में हुई घटना के बाद जमींदोज किए गए जर्जर कक्षा-कक्षों, शौचालयों और रसोईघरों के पुनर्निर्माण के लिए जल्द से जल्द बजट जारी करने की मांग की गई है, ताकि बाधित हो रहा शैक्षणिक कार्य सुचारू हो सके। कर्मचारियों और शिक्षकों के पेंशन प्रकरण, सरेंडर लीव, जीपीएफ और राज्य बीमा राशि के भुगतान पर लगी अघोषित आर्थिक नाकेबंदी को खत्म कर तुरंत भुगतान व्यवस्था शुरू करने की भी अपील की गई है। संघ ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साल 2015 में बनी स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था को लागू करने की मांग की। इसके तहत नवक्रमोन्नत और अतिरिक्त संकाय वाले सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। संगठन ने आशा व्यक्त की है की छात्र हित और टीचर हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द ही उचित निर्णय लेगी। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री तुलसीराम सुथार, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल लक्षकार, जिला उपाध्यक्ष पुष्कर लोहार, संघर्ष समिति प्रभारी दशरथ सिंह, नरेंद्र अवाना, उदय सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:09 pm

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को बीसीआई से विधि उपाधि मान्यता मिली:देवीपाटन मंडल में विधि शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से विधि उपाधि प्रदान करने की मान्यता मिल गई है। इस संबंध में शासनादेश 3 जुलाई को जारी हुआ था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन को शुक्रवार को प्राप्त हुआ। बीसीआई की विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय के निरीक्षण और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद यह स्वीकृति दी है। यह मान्यता अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 7(1)(i) और विधि शिक्षा नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत प्रदान की गई है। बीसीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय को निर्धारित मानकों और शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, छह माह के भीतर आवश्यक शपथपत्र और अन्य अभिलेख परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय विधि शिक्षा के क्षेत्र में नियमित रूप से पाठ्यक्रम संचालित कर सकेगा। कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने देवीपाटन मंडल के सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली यह मान्यता मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे बलरामपुर सहित देवीपाटन मंडल और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:34 pm

रोहतक में पूर्वमंत्री ने सरपंच को सुनाई खरी-खोटी:मंच से बोले ग्रोवर, कार्यक्रम में बुलाकर शिक्षामंत्री का किया अपमान, मंत्री रहे सावधान

रोहतक के गांव काहनौर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मंच से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरपंच निशा देवी व उसके पति नवीन को खूब खरी खोटी सुनाई। मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि सरपंच जो दिल से पार्टी के साथ नहीं, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि काहनौर गांव में 9 हजार लोग हैं और 6500 वोट है। दो दिन पहले ही सरपंच की तरफ से कार्यक्रम दिया गया, लेकिन आज कार्यक्रम में सरपंच का एक आदमी भी नहीं आया। सरपंच ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को बुलाकर उनका अपमान किया है। सरपंच केवल पैसा लेने के लिए आते है, ऐसे सरपंचों को पहचाने। पैसा लेने के लिए भाजपा, दिल से कांग्रेसीपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरपंच बेचारे से होकर नहीं आते। हमें पहचानना होगा कि किस सरपंच को किस मंत्री के पास लेकर जाना है। सरपंच जो दिल से भाजपा पार्टी के साथ नहीं है, उसके साथ वैसा व्यवहार करें। यह नहीं कि सिर्फ पैसे लेकर चले जाएं और दिल किसी ओर के पास हो। पैसे लेने के लिए भाजपा और दिल से कांग्रेसी बने रहे। भाजपा की विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति भविष्य में बनेगा सरपंचपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि आने वाले समय में सरपंच भाजपा का बनेगा। जो भाजपा पार्टी की विचारधारा से दिल से जुड़ेगा, सरकार भी दिल खोलकर पैसा देगी। यह नहीं चलेगा कि किसी मंत्री से रिबन कटवाकर बाद में पैसे ले ले और गुणगान दूसरी पार्टी का करे। जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका भी ऐसे लोगों से सावधान रहे। कांग्रेस से जुड़े होने का लगाया आरोपपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने गांव की सरपंच निशा देवी व उनके पति नवीन का कांग्रेस से जुड़ाव बताया। नवीन के पिता भूप सिंह कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। ऐसे में शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा का कार्यक्रम तो ले लिया, लोगों को कार्यक्रम में नहीं लेकर आए, जिससे मंत्री का भी अपमान किया है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:32 pm

मनोरमा यादव ने कोटपूतली-बहरोड़ में कार्यभार संभाला:स्काउट-गाइड संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी का स्वागत किया

कोटपूतली जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, कोटपूतली-बहरोड़ के पद पर मनोरमा यादव ने कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। स्थानीय संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंटकर मनोरमा यादव को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जिले में शिक्षा के साथ-साथ स्काउट-गाइड गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। पदाधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर मनोरमा यादव का अभिनंदन किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रशासन और स्काउट-गाइड जैसी संस्कारमूलक गतिविधियों के बेहतर समन्वय से छात्रों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिल सकती है। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि मनोरमा यादव के नेतृत्व में जिले में शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार और छात्र हित से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली के सहायक जिला कमिश्नर प्रशिक्षण हंसराज यादव, सचिव रामवीर यादव, सहायक सचिव प्रशिक्षण कमलेश कुम्हार, संदीप कुमार जांगिड़ और अतुल कुमार मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों में सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 3:55 pm

कलानौर में शिक्षा मंत्री ने किया स्कूल भवनों का लोकार्पण:7 करोड़ से हुए तैयार, ढांडा ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को किया सम्मानित

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शुक्रवार को रोहतक जिले के कलानौर क्षेत्र में दो नवनिर्मित स्कूल भवनों का लोकार्पण किया। इन स्कूल भवनों के निर्माण पर कुल 7 करोड़ 4 लाख रुपए की लागत आई है। मंत्री महिपाल ढांडा सबसे पहले गांव काहनौर पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 3 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद, उन्होंने कलानौर में लगभग 3 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया। सरकार बाधा रहित शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध : ढांडा इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि राज्य में लगभग 189 जर्जर स्कूलों का पुनर्निर्माण किया गया है, जिनमें कलानौर क्षेत्र के ये दोनों स्कूल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार विद्यार्थियों को बाधा रहित और बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ढांडा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से सरकारी स्कूलों को अपनी धरोहर मानकर उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया। कलानौर में महिला कॉलेज खोलने की मांग कार्यक्रम के दौरान, कलानौर नगर पालिका के चेयरमैन और पार्षदों ने शिक्षा मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें कलानौर में महिला कॉलेज खोलने की मांग की गई, क्योंकि वर्तमान में बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए रोहतक या भिवानी जैसे दूरस्थ शहरों में जाना पड़ता है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का स्कूल पहुंचने पर स्टाफ सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा गुलदस्ते, फूल मालाएं और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, रेनू डाबला, रमेश भाटिया, नगर पालिका चैयरमैन निर्मला देवी, पार्षद राजकुमार फौजी, अमित, सन्नी, प्रतुल आनंद, हरप्रीत सिंह, राजीव, संदीप बुधवार सुनारिया सहित स्कूल स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 3:43 pm

अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र:इच्छा मृत्यु मांगी, रोते हुए शिक्षक बोले- संविलियन नहीं तो मौत ही सही; आंदोलन के 9वें दिन भी कैबिनेट से नहीं हुआ फैसला

छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं। गुरुवार को आंदोलन के नौवें दिन कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई घोषणा नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके विरोध में आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की। इस दौरान कई शिक्षकों ने रोते हुए तहसीलदार से अपनी पीड़ा बयान की और कहा कि संविलियन नहीं दे सकते तो हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति ही दे दीजिए। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हैं। गुरुवार को रैली की शक्ल में सभी आंदोलनकारी शिक्षक कलेक्टोरेट पहुंचे और वहां पर तहसीलदार के सामने अपनी पूरी बात रखी। धरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 साल से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा मिली है और न ही सम्मानजनक वेतन। खून से लिखा पत्र, कहा- वादा पूरा नहीं कर सकते तो मरने की अनुमति दोआंदोलन के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर सरकार वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती और उनकी मेहनत का सम्मान नहीं कर सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए। शिक्षकों ने साफ किया कि यह किसी तरह की धमकी नहीं है, बल्कि उनकी मजबूरी और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की पीड़ा है। अतिथि शिक्षक बोले- शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिस बाहर निकालाइधर अतिथि शिक्षक विद्यामितान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज यादव ने कहा कि वे स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने गए थे। मुलाकात भी हुई। हमने पहल किया था कि 8 तारीख के कैबिनेट के लिए कि हमारे लिए कुछ पॉजिटिव आ जाए तो हम हड़ताल समाप्त कर देंगे। लेकिन शिक्षा मंत्री के द्वारा हमसे अच्छे से बात भी नहीं किया गया। उल्टा हमे उन्होंने अपने ऑफिस से बाहर भी निकाल दिया। हमें अधिकारा नहीं मिल रहे हैं, इसलिए हम दुर्ग में आकर अपनी मांग को रख रहे हैं। चुनाव के दौरान संविलियन का किया था वादाशिक्षकों ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने कई बार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिया था। चुनाव के दौरान भी संविलियन और समायोजन का वादा किया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस दिशा में कोई बड़ा फैसला होगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से हजारों अतिथि शिक्षकों की उम्मीद टूट गई। नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं कामधरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि वे नियमित शिक्षकों की तरह स्कूलों में पढ़ाने का काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें दूसरे शिक्षकों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है। इससे उनके परिवार आर्थिक तंगी, सामाजिक परेशानियों और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समान काम करने के बावजूद वेतन और सेवा शर्तों में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य अतिथि शिक्षकों का संविलियन या समायोजन किया जाए। साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जल्द फैसला लिया जाए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 10:41 am

हरियाणा के शिक्षामंत्री ढांडा का JJP जुबानी हमला:बोले- BJP एक यूनिवर्सिटी है, जजपा ने यहीं सरकार चलाना सीखा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रदेश के विकास और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ पानी के मुद्दे पर इनेलो और गठबंधन को लेकर जेजेपी (JJP) नेता अजय चौटाला के बयान पर तीखा पलटवार किया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही हरियाणा के दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पल न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गौरवशाली होगा, क्योंकि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षामंत्री की दो अहम बातें… जेजेपी नेता अजय चौटाला के बयान पर पलटवार- BJP एक विश्वविद्यालय है जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता अजय चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन करने को एक गलती बताने वाले बयान पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करना कोई गलती नहीं थी, बल्कि जेजेपी ने बीजेपी के साथ रहकर ही शासन चलाने और जनता की सेवा करने का सलीका सीखा है। भारतीय जनता पार्टी एक 'विश्वविद्यालय' की तरह है, जहां जो भी आता है, वह बहुत कुछ सीखकर ही जाता है। जेजेपी ने भी भाजपा के साथ सरकार में रहकर प्रशासन, संगठन और विकास की राजनीति का वास्तविक अनुभव हासिल किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी हमेशा अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता पाना नहीं बल्कि निस्वार्थ जनसेवा और प्रदेश का समान विकास करना है। शिक्षा मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की अनर्गल राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर केवल जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 7:24 am

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:12 pm

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am

सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य

शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:00 am

Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए

बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.

बूमलाइव 12 May 2026 6:20 pm

'सरके चुनर' गाना विवाद: संजय दत्त के बाद नोरा फतेही ने भी मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...

वेब दुनिया 7 May 2026 5:43 pm

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है

बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.

बूमलाइव 29 Apr 2026 11:12 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am