Solan News: जलजनित रोगों को लेकर शिक्षा सख्त, स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण
बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है।
Faridabad News: विज्ञान शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों पर होगी ऑनलाइन बैठक
Online meeting to be held on science education and Sustainable Development Goals.
Sambhal News: बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से मांगा पांच बिंदुओं पर जवाब
ब्लॉक के गांव हेमदपुर स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में लगे पांच यूकेलिप्टस के पेड़ों को बिना नीलामी काटने का मामला तूल पकड़ गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का बेहतरीन मौका, इस तिथि तक करें आवेदन
देश के किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने...
सड़क पर रहने वाले बच्चों ने सीएम रेखा गुप्ता को बांधी राखी, दिल्ली सरकार ने लिया शिक्षा का संकल्प
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन का पर्व 'मुख्यमंत्री जन सेवा सदन' में सड़क पर रहने वाले बच्चों के साथ मनाया। इस दौरान बच्चों ने सीएम को राखी बांधी और मुख्यमंत्री ने उनके सपनों व शिक्षा के लिए सरकार के पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।
मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने विभाग से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामला झुंझुनूं के बनगोठड़ी गांव की दिवंगत शिक्षिका रोशन कुमारी के 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित पुत्र अजय कुमार ओला से जुड़ा है। दरअसल, रोशन कुमारी का वर्ष 2020 में निधन हुआ था। इसके बाद उनके पुत्र अजय कुमार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया कि परिवार का एक अन्य पुत्र पहले से ही सरकारी नौकरी में कार्यरत है। विभाग के फैसले को अजय कुमार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील संजीव महला और विजय पूनियां ने पक्ष रखते हुए बताया कि अजय कुमार 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं और अलग राशन कार्ड के साथ अपना परिवार चला रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि परिवार के दूसरे सदस्य की सरकारी नौकरी होने के बावजूद उसका लाभ अजय कुमार को वास्तविक रूप से नहीं मिल रहा है। ऐसे में केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करना उचित नहीं है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले के मानवीय और आर्थिक पहलुओं को देखते हुए शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। विभाग को चार सप्ताह में जवाब पेश करना होगा। इसके बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।
'नफरत भरी कार्रवाई', शिक्षकों को सस्पेंड करने पर कर्नाटक सरकार पर भड़के शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरएसएस मार्च में भाग लेने वाले दो सरकारी शिक्षकों के निलंबन पर कर्नाटक सरकार पर 'घृणा' से काम करने का आरोप लगाया और कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।
सीवान के कस्तूरबा विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर, छात्राओं को शिक्षा व व्यक्तित्व विकास की सीख
28 अगस्त, शुक्रवार: सीवान के महाराजगंज सिकटिया स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित हुआ। बीडीओ बिंदु कुमार ने छात्राओं से संवाद कर शिक्षा, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की जानकारी दी। उन्होंने नियमित पढ़ाई, प्रतिभा निखारने के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुरादाबाद में रक्षाबंधन के अवसर पर आज स्कूली बच्चों और ब्रह्माकुमारी संस्था की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम को राखी बांधी। उन्होंने जिलाधिकारी को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया और पर्व की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने बच्चों की राखियां स्वीकार कीं और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिलाधिकारी के समक्ष शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यालयों में पढ़ाई के माहौल को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया। छात्राओं ने कहा कि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर अपने भविष्य को बेहतर बनाएंगी और समाज के विकास में भी योगदान देंगी। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी महिलाओं ने भी जिलाधिकारी को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने सभी को पर्व की बधाई देते हुए आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन पर कई बार ऐसी दिल को छू लेने वाली तस्वीरें सामने आती हैं, जो समाज में उम्मीद और प्रेरणा की एक नई किरण जगा देती हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक ऐसा ही बेहद मार्मिक, अनोखा और दिल को झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय में उस वक्त एक बेहद भावुक माहौल बन गया जब एक जरूरतमंद मेधावी छात्रा ने पहुंचकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जब जिला प्रशासन के मुखिया को उस बेटी ने अपना भाई माना, तो डीएम साहब ने भी एक बड़े भाई का फर्ज निभाते हुए न केवल उसका रक्षा सूत्र स्वीकार किया, बल्कि उसकी आगे की पढ़ाई में आने वाली सभी आर्थिक और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का ऐतिहासिक ऐलान कर दिया। एक आईएएस अधिकारी द्वारा अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर एक साधारण परिवार की बेटी की शिक्षा की राह को आसान बनाने का यह वाकया इस समय सोशल मीडिया और पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।रक्षाबंधन पर डीएम कार्यालय में सजा अनोखा और भावुक दरबारसावन पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर देश भर में बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही थीं, लेकिन कानपुर के जिलाधिकारी कार्यालय में जो दृश्य देखने को मिला, वह आम परंपराओं से कहीं ज्यादा गहरा और प्रेरणादायक था। आर्थिक तंगी और विषम परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रही एक मेधावी छात्रा ने जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के कक्ष में प्रवेश किया, तो उनके मन में कई उम्मीदें थीं। छात्रा ने बिना किसी झिझक के अपनी राखी डीएम साहब की कलाई पर सजाई और उनके माथे पर तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अप्रत्याशित और स्नेह से भरे पल ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का दिल जीत लिया। एक प्रशासनिक अधिकारी के कड़े और व्यस्त चेहरे के पीछे छिपे एक संवेदनशील इंसान की यह झलक यह साबित करती है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मानवीय संवेदनाएं और आत्मीय रिश्ते हमेशा सबसे ऊपर होते हैं।जब अधिकारी ने निभाया भाई का फर्ज और दूर की पढ़ाई की मुश्किलेंराखी बंधवाने के बाद जब कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को उस छात्रा की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उसकी पढ़ाई में आ रही वित्तीय परेशानियों के बारे में पता चला, तो उन्होंने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने उस छात्रा को अपनी छोटी बहन मानते हुए यह भरोसा दिलाया कि अब उसकी शिक्षा के सफर में कोई भी रुकावट नहीं आएगी। डीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मेधावी बेटी की पढ़ाई-लिखाई, किताबों और स्कूल की फीस से जुड़ी हरसंभव मदद जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जाए। एक बड़े भाई की तरह प्रशासनिक मुखिया द्वारा उठाया गया यह कदम उस छात्रा के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, जिसकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। यह घटना इस बात की मिसाल है कि अगर अधिकारी संवेदनशील हों, तो वे अपनी कलम की ताकत से किसी भी जरूरतमंद की तकदीर और तस्वीर दोनों को बदल सकते हैं।शिक्षा के महत्व और प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा संगमआज के इस दौर में जहां कई बार सरकारी व्यवस्थाओं और नौकरशाही की संवेदनहीनता को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का यह रुख पूरी प्रशासनिक मशीनरी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करता है। शिक्षा किसी भी देश और समाज की रीढ़ होती है, और जब कोई प्रतिभावान छात्र या छात्रा केवल पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाती है, तो यह पूरे समाज की हार होती है। एक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए जब कोई अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर ऐसी बेटियों की जिम्मेदारी उठाता है, तो इससे समाज में यह सकारात्मक संदेश जाता है कि सरकार और प्रशासन आम जनता के वास्तविक सुख-दुख के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कानपुर के स्थानीय नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों ने डीएम साहब की इस दरियादिल और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।समाज के लिए एक बड़ा संदेश और बदलता प्रशासनिक दृष्टिकोणकानपुर की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि रक्षाबंधन का यह पर्व केवल खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर उस व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है जिसे सहारे की जरूरत है। एक तरफ जहां तमाम लोग इस त्योहार को केवल औपचारिकता मानकर मनाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं मानवीय रिश्तों की परिभाषा को और अधिक विस्तृत और मजबूत बनाती हैं। छात्रा और डीएम साहब के बीच की इस भावनात्मक और प्रशासनिक पहल ने यह दिखा दिया कि यदि प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग थोड़ी सी सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखाएं, तो समाज के कई अंधेरे कोनों में उम्मीद की रोशनी पहुंचाई जा सकती है। यह प्रेरणादायक वाकया आने वाले समय में अन्य अधिकारियों और सक्षम नागरिकों को भी आगे आने और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में मदद करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
एलन शिक्षा संबल में रक्षाबंधन का भावनात्मक आयोजन, स्टूडेंट्स ने फैकल्टीज को बांधी राखी
कोटा के एलन सुपथ कैम्पस में रक्षाबंधन पर स्टूडेंट्स ने फैकल्टीज को राखी बांधी। शिक्षा, सुरक्षा और कॅरियर को लेकर जिम्मेदारी का संकल्प लिया गया।
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।
संतकबीरनगर के मेंहदावल ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसौनां खुर्द के 58 वर्षीय शिक्षक अनिरुद्धलाल ने सेवानिवृत्ति की उम्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने वर्ष 2026 में बुधवार को देर रात आए परिणाम में यह परीक्षा पास की। अनिरुद्धलाल के अनुसार, यह उपलब्धि एक शिक्षा मित्र द्वारा दिए गए ताने का परिणाम है। शिक्षा मित्र ने उनसे कहा था कि पुराने शिक्षक टीईटी जैसी कठिन परीक्षा पास नहीं कर सकते, जिसके लिए दिन-रात एक करना पड़ता है। इस टिप्पणी से आहत होकर, अनिरुद्धलाल ने परीक्षा पास करने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने तुरंत टीईटी की तैयारी शुरू कर दी, क्योंकि इस परीक्षा के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है। उनका परीक्षा केंद्र गोरखपुर के एक विद्यालय में पड़ा था, जहाँ वे सबसे अधिक उम्र के परीक्षार्थी थे। कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, जबकि कई अन्य ने उनके प्रयास की सराहना की। टीईटी पास किए शिक्षक ने बताया कि उम्र की पढ़ाई की कोई सीमा नही होती है। अगर आपके अंदर किसी भी तरह का कुछ भी पाने का जुनून है तो वह कड़े परिश्रम व सफलता से पाया जा सकता है। 30 साल के बाद मैने पढ़ाई शुरू की, और दो महीने की कठिन परिश्रम के बाद यह सफलता प्राप्त की है। इस परीक्षा देने का उद्देश्य यह था कि अपने से जूनियर को यह दिखाना और एहसास कराना था कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। और ज्ञान हमेशा अधूरा रहता है।
राजस्थान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटा का सियासी दांव फेल? पड़ोसियों के बयान ने पलट दिया गेम
मदन दिलावर के बेटे पवन और बहू हेमलता ने बारां की अटरू नगर पालिका के वार्ड-21 में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का आवेदन दिया था. हालांकि, पड़ोसियों के बयान ने पूरा मामला बदल दिया.
महंगाई पर कांग्रेस की अनोखी बारात, शिक्षा व्यवस्था सुधारने बरसते पानी में उतरी एबीवीपी
भास्कर संवाददाता| विदिशा मध्य प्रदेश के विदिशा में गुरुवार को जनसमस्याओं, बढ़ती महंगाई और छात्र हितों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर जबरदस्त सियासी व सामाजिक गर्माहट देखने को मिली। जिला कांग्रेस कमेटी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अलग-अलग मांगों को लेकर एक ही दिन सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ पूरी ताकत से मोर्चा खोला, जिससे दिनभर शहर का राजनीतिक पारा चढ़ा रहा। एक तरफ जहां नगर कांग्रेस ने आसमान छूती महंगाई और लाड़ली बहना योजना की विसंगतियों के खिलाफ अनूठा, व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक प्रदर्शन आयोजित कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया, वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शासकीय महाविद्यालयों के जर्जर भवनों, खस्ताहाल इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं के गंभीर अभाव के विरोध में बरसते पानी के बीच कलेक्टोरेट का जोरदार घेराव किया। एबीवीपी के इस उग्र प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प तथा धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, जिसमें प्रदर्शनकारी पुलिस का पहला सुरक्षा घेरा और बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। एक ही दिन में हुए इन दो बड़े और आक्रामक अभियानों ने प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी । नगर कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ माधवगंज चौराहे से तिलक चौक तक व्यंग्यात्मक शैली में रैली निकाली। प्रदर्शन में एक व्यक्ति साड़ी पहनकर तेल की शीशी लिए तथा दूसरा प्याज की माला पहने नजर आया। शक्कर से भरे ठेले की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक की बंदूकें लिए लोग और दुल-दुल घोड़ी साथ चल रही थी, वहीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीतू राजपूत चुटकी भर शक्कर बांटती दिखीं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष रवि साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना के नाम पर जनता को लॉलीपॉप देकर बिजली बिल और दैनिक सामानों के जरिए भारी वसूली की जा रही है।
5 साल में बढ़ गए 4 गुना से अधिक कोर्स:MGUG का रोजगारपरक शिक्षा पर जोर; CM योगी हैं कुलाधिपति
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGUG) का शुक्रवार, 28 अगस्त को 5वां स्थापना दिवस है। 12 कोर्सेज के साथ 2021 में शुरू हुए इस विश्वविद्यालय में 5 साल के भीतर 4 गुना से अधिक कोर्स संचालित हो रहे हैं। इस समय यहां 53 विशिष्ट और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस विश्वविद्यालय ने उच्च, विशिष्ट, रोजगारपरक और चिकित्सा शिक्षा को नई राह दिखाई है। 5 साल में एमबीबीएस, बीएएमएस सहित 4 दर्जन से अधिक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शुरूआत हुई है। शोध अनुसंधान के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू कर इस विवि ने शैक्षिक प्रोद्योगिकी और गुणपत्ता पर विशेष जोर दिया है। तत्कालीन राष्ट्रपति के हाथों हुआ था लोकार्पण 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों लोकार्पित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय 5 वर्ष में ही शिक्षा के विशिष्ट व प्रमुख केंद्र के रूप में विख्यात हो चुका है। यहां भारतीय ज्ञान मूल्यों का संरक्षण व संवर्धन, वर्तमान और भावी समय को ध्यान में रखकर अनुसंधानिक तरीके से किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में यहां पाठ्यक्रम ऐसे हैं जो समाज के लिए लाभकारी, विद्यार्थी के लिए सहज रोजगारदायी हैं। इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ की मंशा 2032 तक गोरखपुर को 'नॉलेज सिटी' के रूप में ख्यातिलब्ध कराने की है। 10 दिसम्बर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में आए तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 तक गोरखपुर को नॉलेज सिटी बनाने का आह्वान किया था। MGUG के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि इस विश्वविद्यालय की नींव में युग पुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के विचार हैं। उनका जिनका मानना था कि दासता से मुक्ति, स्वावलंबन व सामाजिक विकास के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ इसी वैचारिक परंपरा के संवाहक हैं। उनके मार्गदर्शन में इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य भारतीय ज्ञान मनीषा के आलोक में मूल्य संवर्धित, रोजगारपरक उस शिक्षा को बढ़ावा देना है जो समग्र रूप में सामाजिक व राष्ट्रीय हितों का पोषण कर सके। बीएएमएस और एमबीबीएस के विद्यार्थियों को मिली विशेष उपलब्धि MGUG के बीएएमएस और एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उपलब्धि हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। बीएएमएस के विद्यार्थियों को प्रति वर्ष औसतन पांच विशिष्ट अनुसंधान के लिए चयनित किया जा रहा है तो एमबीबीएस के दो विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के शोध अनुसंधान के लिए चयनित किया गया। निजी विश्वविद्यालय के रूप में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला एमजीयूजी राज्य का पहला विश्वविद्यालय है। शोध, नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले एमओयूशिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में शोध-अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एमजीयूजी ने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी), लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय नेपाल, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, एम्स गोरखपुर, केजीएमयू लखनऊ, आरएमआरसी गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद, वैद्यनाथ आयुर्वेद, इंडो-यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, जुबिलेंट एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी, लॉजिस्टिक सेक्टर स्किल काउंसिल आदि के साथ एमओयू किया है। अत्याधुनिक और आयुर्वेद, दोनों पद्धतियों से उत्कृष्ट चिकित्सा का केंद्रएमजीयूजी शिक्षा के साथ ही परिसर में संचालित अस्पतालों के जरिये काफी किफायती दर पर मॉडर्न मेडिसिन और आयुर्वेद, दोनों की उत्कृष्ट चिकित्सा का केंद्र भी बन गया है। इसके मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में जटिल कैंसर तक की सर्जरी का सफलतापूर्वक इलाज हो रहा है। यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज कराने का रहे हैं। इसी तरह आयुर्वेद अस्पताल में भी उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा है। आयुर्वेद अस्पताल के विश्व स्तरीय 11 कॉटेज वाले पंचकर्म केंद्र ने कम समय में ही विश्वसनीय उपचार की ख्याति अर्जित की है। यहां कई दुर्लभ बीमारियों का सफल इलाज हो चुका है। 5 साल में हुआ दो राष्ट्रपति का आगमनएमजीयूजी निजी क्षेत्र का संभवतः प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जहां पांच साल के दौरान दो बार राष्ट्रपति का आगमन हुआ। 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसका लोकार्पण करने आए थे। जबकि एक जुलाई 2025 को वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु यहां अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम और पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण करने आईं थीं। पांचवां स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार कोमहायोयी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर में 28 अगस्त (शुक्रवार) को पांचवां स्थापना समारोह मनाया जाएगा। दोपहर बाद 3 बजे से होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री एवं इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ अपने आशीर्वचन से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इन कोर्सेज का होता है संचालन इस विश्वविद्यालय में श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एमबीबीएस और गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बीएएमएस की पढ़ाई का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की नर्सिंग फैकल्टी में दर्जनभर रोजगारदायी पाठ्यक्रम पूर्ण क्षमता से संचालित हैं। विश्वविद्यालय में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, एलॉयड हेल्थ साइंसेज और फार्मेसी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से संबंधित डिप्लोमा से लेकर मास्टर और पीएचडी तक के चार दर्जन से अधिक पाठ्यक्रम हैं। दो वर्षीय एएनएम, तीन वर्षीय जीएनएम, चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय एमएससी नर्सिंग, डिप्लोमा इन डायलिसिस, डिप्लोमा इन आप्टिमेट्री, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रामा केयर, डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन (सभी दो वर्षीय), चार वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी ऑनर्स बॉयोटेक्नालोजी, बीएससी आनर्स बॉयोकेमिस्ट्री, बीएससी आनर्स माइक्रोबॉयोलोजी, बीएससी फोरेंसिक साइंस, दो वर्षीय एमएससी बॉयोटेक्नालोजी। तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल बॉयोकेमिस्ट्री, तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलोजी, एमएससी फोरेंसिक साइंस, दो वर्षीय एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, एमएससी एग्रोनोमी, एमएससी हॉर्टिकल्चर, एमएससी प्लांट पैथालॉजी, एमएससी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, चार वर्षीय बी फार्मा, दो वर्षीय डी फार्मा, बीबीए लॉजिस्टिक, बीबीए ई कॉमर्स, एमबीए फार्मा मैनेजमेंट, एमबीए एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, एमबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग,एमबीए इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, और पीएचडी (बायो टेक्नोलॉजी, आयुर्वेद, मेडिकल बायोकेमिस्ट्री, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, एग्रीकल्चर, फोरेंसिक साइंस, फार्मेसी, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट), बीसीए और एमसीए आदि।
शिक्षा के लिए संघर्ष करता समाज
शिक्षक केवल पाठ पूरा न करे, यह देखे कि बच्चा समझ भी रहा है या नहीं।
लंबित राज्य शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा, 78 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, शिक्षा मंत्री के जिले से सर्वाधिक 13 नाम
Karnal News: परिसर एक स्कूल चार, अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एकसाथ दी जा रही शिक्षा
परिसर एक स्कूल चार, अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एकसाथ दी जा रही शिक्षा
एफएलएन प्रशिक्षण : बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर
एफएलएन प्रशिक्षण : बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर
Mathura News: शिक्षा...आईटीआई में चार सितंबर तक लें प्रवेश
मथुरासमाचार
Mahendragarh-Narnaul News: रसायन पढ़ाते-पढ़ाते राकेश ने बदली शिक्षा की तस्वीर
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और बेहतर काम के लिए गांव पटीकरा निवासी राकेश कुमार को शिक्षक दिवस पर प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
Yamuna Nagar News: शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार ने दिलाया राज्य शिक्षक पुरस्कार
राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत जेबीटी शिक्षक पवन कुमार कश्यप को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है।
सूडान: 2 लाख बच्चों की शिक्षा के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की पहल
संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शिक्षा कोषने सोमवार को सूडान में युद्ध से प्रभावित2लाख बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए2.2 करोड़ डॉलर की नई पहलकी घोषणा की. देश में जारी गृहयुद्ध के कारण लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित है और बड़ी संख्या में बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में क्या चल रहा है, CM ने की समीक्षा
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महाराष्ट्र के हिंगोली में शिक्षा की बदहाल तस्वीर, स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करते बच्चे; देखें वीडियो
Patna, 27 अगस्त . बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (बीपीएससी टीआरई- 4) में वैकेंसी बढ़ाने की मांग कर रहे संगीत शिक्षक पद के उम्मीदवारों ने Thursday को Patna में राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान उम्मीदवारों ने और ... Read more
एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने ली शपथ:शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति का सभापति पद संभाला
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति के सभापति बनाए गए एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह ने गुरुवार को पदभार संभाल लिया। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। शपथ के बाद ऋषिपाल सिंह ने सभापति से शिष्टाचार भेंट की और समिति के आगामी कामकाज को लेकर चर्चा की। बोले- पारदर्शिता के साथ होगी जांच ऋषिपाल सिंह ने कहा कि समिति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से निर्वहन करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा समिति की प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को समिति की आगामी बैठकों और कार्ययोजना को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही शिक्षा के व्यवसायीकरण से जुड़े मामलों की जांच और समिति की आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। शिकायतों की समीक्षा कर देगी सुझाव समिति शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायीकरण से जुड़ी शिकायतों, व्यवस्थाओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार सरकार को सुझाव और संस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी। ऋषिपाल सिंह ने समिति के सदस्यों के साथ आगामी बैठकों के एजेंडे और कार्यप्रणाली पर भी विचार-विमर्श किया। ये हैं समिति के सदस्य समिति में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, विजय बहादुर पाठक, डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, सलिल विश्नोई, राम चंद्र प्रधान, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, रामतीर्थ सिंघल और डॉ. आकाश अग्रवाल सदस्य हैं।
बेगूसराय से शुरू होगा स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ अभियान, AISF ने सरकार पर साधा निशाना
27 अगस्त, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में AISF के अंचल सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ-देश बचाओ अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर सवाल उठाए। सम्मेलन के दौरान सीएम सम्राट चौधरी का पुतला भी जलाया गया।
साढ़े चार करोड़ का घोटाला बड़ा नहीं है, शिक्षा मंत्री के इस बयान पर मचा भारी सियासी घमासान
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव से जुड़े लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का यह बयान सामने आया कि चार-पांच करोड़ का घोटाला कोई बड़ा घोटाला नहीं है, जिससे जांच की निष्पक्षता और गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
बीएमसी स्कूलों में कॉपी-किताबों के वितरण में देरी, शिक्षा समिति में हंगामा; शिवसेना का वॉकआउट
मुंबई के बीएमसी स्कूलों में 31 जुलाई की समय सीमा के बाद भी हजारों बच्चों को कॉपियां, बैग, छाते और रेनकोट नहीं मिले। शिक्षा समिति में हंगामा हुआ और शिवसेना नगरसेवकों ने वॉकआउट किया।
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गोवंडी के बीएमसी स्कूल में जबरन बांधे गए बकरे, शिक्षा समिति में हंगामा
मुंबई के गोवंडी स्थित संजय नगर बीएमसी स्कूल में जबरन बकरे बांधने का मामला शिक्षा समिति की बैठक में उठा। निखिल व्यास समेत सदस्यों ने जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद बीएमसी प्रशासन को निर्देश दिए गए।
प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग पेपर लीक से नहीं, पेपर लीक के बाद पूरे प्रदेश में दोबारा परीक्षा कराने के खर्च से डरा हुआ है। इसकी वजह से सरकारी स्कूलों की कक्षा नौवीं से 12वीं तक होने वाली तिमाही परीक्षाओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है।
बलरामपुर। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति की प्रतियोगी छात्राओं के लिए रक्षाबंधन का पर्व इस बार प्रेरणादायी अवसर बन गया। बिशुनपुर विश्राम क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं इन छात्राओं ने गुरुवार दोपहर बलरामपुर फर्स्ट टीम के सदस्यों को राखी बांधी। इसके जवाब में संगठन ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें भेंट कीं, जो शिक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के कोर्स कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह, शिक्षक रवि मिश्रा, शिक्षक राहुल कुमार और आदिति त्रिपाठी को छात्राओं ने राखी बांधी। राखी बांधते समय छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उम्मीद साफ झलक रही थी। पुस्तकें मिलने के बाद उनकी खुशी एक नए संकल्प में बदल गई, जिसमें उन्होंने मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने की बात कही। हेमा, अनीशा, चांदनी, रंजना, नीलू, कल्पना और संजना सहित अन्य छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद ये छात्राएं अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में बलरामपुर फर्स्ट द्वारा दी गईं ये पुस्तकें उनके लिए केवल उपहार नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा पर जताया गया भरोसा और उनके सपनों को मिला एक मजबूत सहारा हैं। संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, पर्याप्त संसाधन और उचित अवसरों की होती है। थारू समाज की बेटियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बलरामपुर फर्स्ट के संयोजक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य है कि थारू समाज की बेटियां शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करें, आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। सिंह ने जोर देकर कहा कि एक बेटी की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य को ही नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। इसलिए, प्रतिभाशाली थारू छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सक्षम लोगों और विभिन्न संगठनों को आगे आना चाहिए।
जौनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय कबिरुद्दीनपुर में गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर करीब 1 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर के विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने बीएसए की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत बीएसए समीर ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के प्रति सजग रहने, अनुशासन का पालन करने और मेहनत के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। देखिए 3 तस्वीरें… बीएसए ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके प्रेरणादायी संबोधन से बच्चों में उत्साह नजर आया। विद्यालय परिवार ने बीएसए के आगमन को प्रेरणादायी क्षण बताया। इस दौरान विंध्यवासिनी उपाध्याय, पूर्व ईआरपी महेंद्र यादव और प्रधानाध्यापक अचल हरिमूर्ति समेत विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और बच्चों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।
नौकरी या शिक्षा... Gen-Z के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या है? पढ़ें- देश का मिजाज
इंडिया टुडे के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में जेन-जी के रुख और देश के बदलते मूड को समझने की कोशिश की गई है. जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वे है. इसमें NEET संकट से 2029 के चुनाव तक के मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं. साथ ही यह जानने की कोशिश की गई कि एक इस्तीफे से जेन-जी संतुष्ट है या यह सिर्फ शुरुआत है.
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने जारी प्रेस वक्तव्य में बताया कि प्रदेश के सभी संबंधित विद्यालय शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं एवं 12वीं में सीधा प्रवेश लेने वाले अथवा विद्यालय परिवर्तन किए जाने वाले विद्यार्थियों के अनिवार्य दस्तावेज विद्यालय में प्रवेश दिए जाने की अंतिम तिथि से एक माह तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विद्यालय मुखिया 31 अगस्त से बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर कक्षा 10वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा 9वीं का रिपोर्ट कार्ड व 10वीं कक्षा की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। दस्तावेज अपलोड करने होंगेउन्होंने बताया कि इसी प्रकार कक्षा 12वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा दसवीं का प्रमाण पत्र, कक्षा 11वीं का रिपोर्ट कार्ड व 12वीं की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करें। इसके अतिरिक्त विद्यालय ऐसे सभी विद्यार्थियों के माता-पिता से नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र भी प्राप्त कर अपलोड करें। शपथ-पत्र का नमूना बोर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध है।
पेपर लीक पर हो कड़ी कार्रवाई, शिक्षा माफियाओं पर कसें शिकंजा : देवेंद्र नाथ महतो
गिरिडीह, 27 अगस्त . Jharkhand में भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से 24 संकल्प के साथ 24 जिलों के लिए निकाली जा रही ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गिरिडीह पहुंच गई है. इस यात्रा का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं. यात्रा का उद्देश्य जेपीएससी ... Read more
शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार सड़क पर उतरकर धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग जाम करने वाले पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्रों से मिलने गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पहुंचे। प्रदर्शन खत्म होने के दो दिन बाद स्कूल पहुंचे मंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। मंत्री ने बताया कि छात्रों की मांग को देखते हुए उसी दिन जरूरी व्यवस्था करने के आदेश दे दिए गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। छात्रों ने वीडियो में मंत्री को धन्यवाद दिया। मंत्री ने छात्रों से कहा, आपने फोन पर बात करने की बात कही थी, लेकिन हम खुद आपसे मिलने आए हैं। उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। स्कूल में पहुंचे तीन नए शिक्षकों से भी मंत्री ने बात की और बेहतर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि एक और शिक्षक जल्द ही स्कूल में पदस्थ होगा। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्कूल की व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बोले- बच्चों की मांग पर उसी दिन निकाला आदेश पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब उन्हें छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिली, उसी समय विभागीय बैठक में निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पर तीन शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की गई और प्राचार्य का दूसरी जगह तबादला कर दिया गया। अंडा गांव से नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है। 400 बच्चों के लिए मांगे थे 17 शिक्षक, आंदोलन के बाद 3 पहुंचे पेंड्रावन स्कूल में करीब 400 से 500 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छात्रों का कहना था कि 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और उन्हें कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स विषयों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी मांग को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त और फिर 25 अगस्त को धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। 25 अगस्त का प्रदर्शन करीब 12 घंटे चला और रात 12 बजे छात्रों ने शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत और आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया था। इसके बाद विभाग ने प्राचार्य को हटाने, तीन नए शिक्षकों की व्यवस्था करने और एक अन्य शिक्षक की जल्द पदस्थापना का निर्णय लिया। गुरुवार को शिक्षा मंत्री खुद स्कूल पहुंचे और नई व्यवस्था का जायजा लिया। पानी की समस्या बताई तो दो दिन में व्यवस्था के निर्देश स्कूल में बातचीत के दौरान एक छात्रा ने मंत्री को शिक्षकों की समस्या के अलावा पानी की परेशानी भी बताई। छात्रा ने स्कूल में पर्याप्त पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं होने की बात कही। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दो दिनों के भीतर स्कूल में पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था करने की बात कही। स्कूल पहुंचने के बाद मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल रहे छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली। इसके बाद बच्चों के साथ एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें छात्रों ने शिक्षा मंत्री को उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। गांव के बच्चों को ई-पोर्टल से JEE-NEET की तैयारी कराने की योजना मंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई नियमित कराने पर विभाग का फोकस है। उन्होंने बताया कि दुर्ग में JEE और NEET की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है। गांवों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ देने के लिए ई-पोर्टल के जरिए बड़े कोचिंग संस्थानों और उनके फैकल्टी की मदद से विशेष कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विषयवार विशेषज्ञों की मदद से पढ़ाई बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए गुरुवार शाम 5 बजे दुर्ग जिले के हायर सेकेंडरी स्कूलों को लेकर संयुक्त संचालकों की बैठक भी रखी गई थी। ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दुर्ग में स्कूली बच्चों का चक्काजाम, प्रिंसिपल हटाए गए:बोले- 400 स्टूडेंट्स को पढ़ाने सिर्फ 4 टीचर; 3 शिक्षकों की व्यवस्था की गई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल में 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ 3 टीचर और 1 प्रिंसिपल हैं। बच्चों का कहना है कि टीचरों की कमी के कारण उनका कोर्स पूरा नहीं हो पाता। कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
job news 2026: केनरा बैंक में निकली हैं कई पदों के लिए वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी की तलाश हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां केनरा बैंक सिक्योरिटीज लिमिटेड ने मुंबई और बेंगलुरु में 10 पदों पर भर्ती निकाली है। ये भर्तियां डीपी बैक ऑफिस, रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस, इंस्टीट्यूशनल डीलर और रिसर्च विभाग में की जाएंगी। भर्ती संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर होगी। इच्छुक उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते है। कुल पद-10 योग्यता- पदों के अनुसार पदों का नाम-डीपी बैक ऑफिस, रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस, इंस्टीट्यूशनल डीलर आवेदन- ऑनलाइन आयु सीमा- उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट www.canmoney.in देख सकते हैं pc- economictimes.indiatimes.com
NFC Apprentice 2026: एनएफसी में ट्रेड अप्रेंटिसशिप के लिए नोटिफिकेशन जारी, जान लें डिटेल्स
pc: jagran न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) ने ITI ट्रेड अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए एक ऑफिशियल छोटा नोटिफिकेशन जारी किया है। NFC में अप्रेंटिस के तौर पर शामिल होने के इच्छुक कैंडिडेट जल्द ही अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए, NFC में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए 451 कैंडिडेट चुने जाएंगे। ऑर्गनाइज़ेशन ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर एक शुरुआती नोटिफिकेशन जारी किया है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, उम्र सीमा, स्टाइपेंड और दूसरी ज़रूरी शर्तों के बारे में डिटेल्ड नोटिफिकेशन में जानकारी दी जाएगी, जिसके जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। स्टाइपेंड डिटेल्स अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए चुने गए कैंडिडेट को उनकी ट्रेनिंग पीरियड के दौरान स्टाइपेंड मिलेगा। स्टाइपेंड की रकम उस ट्रेड के आधार पर अलग-अलग होने की उम्मीद है जिसमें कैंडिडेट चुना गया है। एप्लिकेंट को अपने संबंधित ट्रेड पर लागू सही स्टाइपेंड के लिए डिटेल्ड नोटिफिकेशन देखना चाहिए। NFC अप्रेंटिस भर्ती के लिए अप्लाई कैसे करें NFC ITI ट्रेड अप्रेंटिस भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस जल्द ही शुरू होगा। एप्लीकेशन विंडो खुलने के बाद, एलिजिबल कैंडिडेट अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं: NFC की ऑफिशियल वेबसाइट www.nfc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर मौजूद संबंधित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाएं। सभी ज़रूरी पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी डिटेल्स ध्यान से डालें। बताए गए फॉर्मेट में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें। एप्लीकेशन फॉर्म को रिव्यू करें और सबमिट करें। आगे के रेफरेंस के लिए भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म की एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें। कौन अप्लाई कर सकता है? अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट को भारत के किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से क्लास 10 पास होना चाहिए। इसके अलावा, एप्लीकेंट के पास संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है। NFC रिक्रूटमेंट का डिटेल्ड नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। इसलिए, कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे एप्लीकेशन की तारीखों, उम्र सीमा, ट्रेड के हिसाब से वैकेंसी, स्टाइपेंड, सिलेक्शन प्रोसेस और दूसरी एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के बारे में अपडेट के लिए रेगुलर तौर पर ऑफिशियल NFC वेबसाइट देखते रहें। एप्लीकेंट को डिटेल्ड नोटिफिकेशन उपलब्ध होने पर उसे ध्यान से पढ़ना चाहिए और अपना एप्लीकेशन सबमिट करने से पहले यह पक्का कर लेना चाहिए कि वे सभी बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं।
India Post GDS recruitment 2026: 25,000 से ज़्यादा पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी, चेक करें डिटेल्स
pc: kalingatv डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स, मिनिस्ट्री ऑफ़ कम्युनिकेशंस ने इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक (GDS) ऑनलाइन एंगेजमेंट शेड्यूल-II, जुलाई 2026 के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। एडवर्टाइजमेंट नंबर 17-12/2026-GDS के तहत जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से पोस्टल सर्कल में ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक पोस्ट के लिए 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। जियोग्राफिक रेफरेंस वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 31 अगस्त, 2026 को शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन एप्लीकेशन और फीस पेमेंट विंडो 2 सितंबर को शाम 5 बजे खुलेगी। कैंडिडेट 21 सितंबर, 2026 को शाम 5 बजे तक एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से BPM, ABPM और डाक सेवक रोल सहित GDS पोस्ट पर 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को मैथ और इंग्लिश के साथ क्लास 10 पास होना चाहिए और उन्हें संबंधित लोकल भाषा का ज्ञान होना चाहिए। बेसिक कंप्यूटर नॉलेज और साइकिलिंग स्किल्स भी ज़रूरी हैं। उम्र सीमा 18 से 40 साल है, जिसकी कैलकुलेशन 21 सितंबर, 2026 के हिसाब से की जाएगी। तय नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेशन फीस और सर्विस की शर्तें UR, OBC और EWS कैटेगरी के पुरुष कैंडिडेट को Rs. 100 एप्लीकेशन फीस देनी होगी। SC, ST, PwBD, महिला और ट्रांसवुमन कैंडिडेट को फीस में छूट है। BPM को Rs. 12,000 से Rs. 29,380 का टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) मिलेगा, जबकि ABPM और डाक सेवकों को Rs. 10,000 से Rs. 24,470 मिलेंगे। काम करने की ज़रूरत रोज़ाना कम से कम चार घंटे और ज़्यादा से ज़्यादा पाँच घंटे है। चुने गए BPM को अपने खर्चे पर ब्रांच पोस्ट ऑफिस के लिए रहने की जगह का इंतज़ाम करना होगा और पोस्ट विलेज में रहना होगा। ABPM और डाक सेवकों को संबंधित पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी जूरिस्डिक्शन में रहना होगा। इंडिया पोस्ट GDS सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन सिस्टम से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा, जो क्लास 10 के मार्क्स का इस्तेमाल करके चार डेसिमल प्लेस तक कैलकुलेट की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स का फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा, उसके बाद मेडिकल एग्जामिनेशन और प्री-एंगेजमेंट फॉर्मैलिटीज़ होंगी। इंडिया पोस्ट GDS रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल इंडिया पोस्ट GDS ऑनलाइन एंगेजमेंट पोर्टल पर जाना चाहिए, अपने मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके OTR पूरा करना चाहिए, क्लास 10 की डिटेल्स डालनी चाहिए, पोस्टल डिवीजन और पोस्ट प्रेफरेंस चुननी चाहिए, ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने चाहिए, लागू फीस देनी चाहिए और डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन जमा करनी चाहिए।
बेसिक विद्यालय पहाड़पुर महमूदाबाद में राखी पर्व के अवसर पर राखी मेकिंग प्रतियोगिता एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी उदय मणि पटेल के प्रोत्साहन तथा प्रभारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीति रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए सुंदर-सुंदर राखियां बनाईं तथा मेहंदी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पर्व के महत्व के बारे में बताया। अमित दीक्षित, प्रियंका चौधरी, पूनम बंशवार एवं सायमा जोहरा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, आपसी प्रेम, भाईचारे एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का भाव विकसित हुआ। कार्यक्रम का वातावरण उल्लास और उमंग से भर गया तथा बच्चों ने राखी पर्व को यादगार बनाया।
मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।
मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।
Bengaluru, 27 अगस्त . कर्नाटक Government ने Thursday को छात्रों की चिंताओं को सुनने और राज्य की शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों की सिफारिश करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाने का फैसला किया. Chief Minister डीके शिवकुमार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और हज व वक्फ मंत्री यूटी खादर की अध्यक्षता में ... Read more
इंडिया पोस्ट जीडीएस के 24000 से अधिक पदों के लिए 31 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन
इस भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से 10th/ मैट्रिकुलेशन पास होना चाहिए। 10th में गणित एवं अंग्रेजी विषयों में में पासिंग मार्क्स प्राप्त किये हों। न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी।
शिरपुर: नवी बुडकी जि.प. स्कूल में भव्य पालक सम्मेलन संपन्न, शिक्षा और विकास पर हुई चर्चा
शिरपुर के नवी बुडकी जिला परिषद स्कूल में आयोजित भव्य पालक सम्मेलन में सरकारी योजनाओं और छात्र विकास पर हुई गहन चर्चा। जानिए स्कूल की इस नई पहल के बारे में।
दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। द ब्लेस्ड वन्स ने पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी में अपना नया सेंटर शुरू किया है। यह बिहार में संस्था का नौवां केंद्र है। सेंटर के शुरू होने से विशेष बच्चों को उनके शहर में ही थेरेपी, शिक्षा और कौशल विकास जैसी विशेषज्ञ सेवाएं मिलने की सुविधा होगी। ऑटिज्म से सेरेब्रल पाल्सी तक बच्चों को मिलेगी मदद नए सेंटर में ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम, एडीएचडी और सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञ बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझकर उनके व्यवहार, सीखने की क्षमता और रोजमर्रा के कौशल को बेहतर बनाने पर काम करेंगे। सेंटर में बच्चों के लिए थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और काउंसलिंग की सुविधा दी जाएगी। विशेषज्ञों की मदद से बच्चों की क्षमता, व्यवहार, सीखने की जरूरत और रोजमर्रा के कौशल पर काम किया जाएगा। परिवारों को भी मिलेगा मार्गदर्शन संस्था का फोकस सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहेगा। संस्था बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी आवश्यक मार्गदर्शन देने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी, जिन्हें अब तक विशेष बच्चों के लिए बेहतर सेवाओं की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर सेवाएं मिलने से परिवारों के समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही बच्चों को नियमित रूप से विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध हो सकेगी। पूर्व आईएएस अधिकारी अमिताभ वर्मा ने बिहार के परिवारों की जरूरतों को देखते हुए पटना में सेंटर की शुरुआत को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नौ केंद्रों तक पहुंचा नेटवर्क पटना सेंटर शुरू होने के साथ ‘द ब्लेस्ड वन्स’ के बिहार में केंद्रों की संख्या 9 हो गई है। यह पहल बिहार में विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पटना सेंटर के जरिए बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक सहयोग, शिक्षा, थेरेपी और कौशल विकास का अवसर देने पर जोर रहेगा। यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई राह खोल सकती है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार सुविधाओं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश में रहते हैं। शुभारंभ समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद नए सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और मेंटर अमिताभ वर्मा, डायरेक्टर क्षितिज साठे, एडवाइजरी बोर्ड सदस्य डॉ. मीनाक्षी वर्मा (पीएचडी), हर्षल सैजारे, डायरेक्टर मनोज प्रसाद तथा पटना ब्रांच हेड एवं ऑक्यूपेशनल थेरपिस्ट डॉ. आशीष राज समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक के 25,000 से अधिक पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 31 अगस्त से आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से जुड़ी योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी यहां देखें।
केनरा बैंक की सहयोगी कंपनी सीबीएसएल ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं।
Bhiwani News: नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना
नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना
Panchkula News: निपुण मिशन में स्कूल विजिट को लेकर शिक्षा विभाग सख्त
Education Department strict regarding school visits under Nipun Mission.
बेगूसराय में हिन्दुस्तान ओलंपियाड स्कूल संवाद, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर हुई चर्चा
26 अगस्त, बुधवार: बेगूसराय के एमआरजेडी कॉलेज विष्णुपुर में हिन्दुस्तान ओलंपियाड के तहत स्कूल संवाद कार्यक्रम हुआ। शिक्षाविदों और वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा की। देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठी।
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बुधवार को हलका कोटकपूरा के गांव खारा स्थित सरकारी स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों और अध्यापकों से बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई, खेल गतिविधियों और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें मेहनत और लगन के साथ शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया। स्पीकर संधवां ने अध्यापकों से बातचीत के दौरान स्कूल की आवश्यकताओं और विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों और अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्पीकर ने विकास परियोजनाओं की करवाई शुरुआत इससे पहले गांव खारा में स्पीकर संधवां ने लोगों को साफ पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए आरओ प्लांट तथा गलियों-नालियों के विकास कार्यों की शुरुआत करवाई। इसके अलावा 21 लाख 28 हजार रुपये की लागत से 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत बिछाई जाने वाली पाइपलाइन के कार्य का भी नींव पत्थर रखा।
सुखबीर बादल ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को ‘सिखिया घोटाला’ बताते हुए चार महीने बाद आप के गायब होने का दावा किया।
पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISU) ने बुधवार को मधेपुरा के भूपेंद्र चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी AISU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. मुरारी ने कहा कि पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज लोकतंत्र और छात्र अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता गौतम आनंद पर पुलिस ने हमला किया, जिससे उनके सिर में 13 टांके लगे हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मुरारी ने मांग की कि सरकार गौतम आनंद के बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाए, उन्हें न्याय दिलाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा संगठन प्रदेश अध्यक्ष ई. अंशु यादव ने सरकार से बीपीएससी, पीएचडी स्कॉलर और एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित है। यादव ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक संगठन सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। ''छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता'' उन्होंने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने और मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर सहित तमाम छात्रों की मांगों का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं मिलता, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
झारखंड कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट डायरी शुरू करने और चिकित्सकों की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसके साथ ही गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को आसान बनाने और ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप का विस्तार करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक शिक्षक द्वारा छह वर्षों से लंबित याचिका को अचानक वापस लेने की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह सख्त रुख अपनाया है.
शिक्षा, कौशल और रोजगार से बाहर 8.7 करोड़ युवा गंभीर चिंता का विषय : कुमारी सैलजा
कुमारी सैलजा ने कहा कि नीति आयोग की अगस्त 2026 में जारी रिमेनिंग स्किलिंग फाॅर विकसित भारत ‘@2047’ रिपोर्ट में देश के करीब 8.7 करोड़ युवाओं को एनईईटी यानी शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर बताया गया है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, हुनर और रोजगार होना चाहिए, उस समय इतनी बड़ी युवा आबादी का इन तीनों व्यवस्थाओं से बाहर होना गंभीर चेतावनी है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एचपीएएस भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत पांच विभागों में 22 पद भरे जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार 22 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण बढ़ाने और हर महीने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP
CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP
केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति ने पीजीटी गणित और टीजीटी गणित-संस्कृत के दूसरे चरण की भर्ती परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।
बोराडी केंद्र की शिक्षा परिषद में निपुण महाराष्ट्र पर जोर, जिले को निपुण बनाने का आह्वान
बोराडी केंद्र की शिक्षा परिषद में निपुण महाराष्ट्र, शैक्षणिक गुणवत्ता, डिजिटल बोर्ड और मासिक नियोजन पर चर्चा हुई। डॉ. वनमाला पवार ने प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के लिए शिक्षकों से प्रभावी कामकाज का आह्वान किया।
मिस यूनिवर्स इंडिया-2026: केजिया लिज मेजो का युवाओं को संदेश, शिक्षा से लोकतंत्र तक कही बड़ी बात
मिस यूनिवर्स इंडिया-2026 के खिताब के बाद केजिया लिज मेजो ने युवाओं, शिक्षा, लोकतांत्रिक भागीदारी और देश की एकता को लेकर अपनी सोच साझा की।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पद की भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। 22 मार्च 2026 को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में पेपरलीक की शिकायतों के बाद आयोग ने यह फैसला लिया।
पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में मंगलवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, अलग-अलग जिलों से पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा), जिला क्रीड़ा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने जब अपने-अपने हिस्से का ब्यौरा दे दिया, तो मंत्री गजेंद्र यादव अपनी कुर्सी छोड़कर माइक के पास आए। आते ही उन्होंने कहा, “मोबाइल से रिकॉर्डिंग करना बंद करिए, मैं भाषण देने थोड़ी आया हूं।” इसके बाद उन्होंने सवाल किया- स्कूलों की समस्याओं का मूल कारण क्या है? सवाल सुनते ही गोष्ठी में गर्दन ऊंची कर बैठे अधिकारी दुबकने लगे। जवाब नहीं मिला तो मंत्री यादव ने रैंडमली पूछा- “पेंड्रा के डीईओ आए हैं क्या? जवाब दीजिए।” दूसरी ओर से जवाब आया, “सर, लोकल लेवल पर एडमिनिस्ट्रेशन सही नहीं है।” इस जवाब से बाकी अधिकारियों के भीतर भी उत्साह जागा। सक्ती के डीईओ बोले, “मॉनिटरिंग और प्रबंधन की कमी है।” इसके बाद कांकेर डीईओ भी उठे और बोले, “शिक्षकों के बीच समन्वय ठीक हो जाए तो सब सही हो जाएगा।” रायगढ़ के डीईओ का जवाब आया, “सर... नैतिक शिक्षा और संस्कार की कमी ही सारी समस्याओं की जड़ है।” इन सभी जवाबों को मंत्री ने कंसीडर तो किया, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में गजेंद्र यादव ने खुद ही अपने सवाल का जवाब दिया। अपने जवाब के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग की खामियां गिनाईं और अपना प्लान बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ शिक्षक आंदोलन करा रहे हैं, वहीं कई प्राचार्यों का फोकस अपने केबिन की स्पेस पर है। मंत्री ने स्कूलों में यूट्यूबर्स और पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही यह भी बताया कि जब तक शिक्षक भर्ती नहीं हो जाती, तब तक यूट्यूब के जरिए पढ़ाई कैसे करानी है। एक-एक कर सभी पॉइंट्स को डिटेल में एक्सप्लेन करेंगे, लेकिन सबसे पहले स्कूलों की मूल समस्याओं पर शिक्षा मंत्री का जवाब जान लीजिए… स्कूलों को अपना नहीं मानते प्रिंसिपल, यही दिक्कत शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को बताया कि स्कूलों में समस्याओं का मूल कारण यह है कि शिक्षक और प्राचार्य स्कूलों को अपना मानते ही नहीं हैं। वे स्कूल में केवल सैलरी लेने आते हैं, ताकि उनका घर चल सके। उनके भीतर यह सोच ही नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर कैसे किया जाए। हमारे शिक्षक यह चिंतन ही नहीं कर रहे कि स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं आ रहे हैं, शौचालय क्यों खराब है और स्कूल की बिल्डिंग क्यों बिगड़ी हुई है। इतना कहकर मंत्री कुछ देर रुके और फिर सवाल किया- “बताइए, ईमानदारी से किसी ने सोचा है ये सब?” कुछ सेकेंड तक कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने फिर अपने ही सवाल का जवाब देते हुए कहा- “नहीं सोचे न... इसके चलते ही स्कूलों का सिस्टम बिगड़ा हुआ है।” अब समझिए, कैसे स्कूली रकबे का अधिकतर क्षेत्र प्रिंसिपल कब्जा रहे हैं अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए मंत्री ने दो उदाहरणों के जरिए समझाया कि कैसे स्कूली रकबे के बड़े और बेहतर हिस्से पर शिक्षक और प्रिंसिपल कब्जा कर रहे हैं। उदाहरण 1: मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले वे तीजन बाई के गांव गनियारी गए थे। यहां सरकारी स्कूल की बाउंड्रीवॉल ही 3 एकड़ में फैली हुई है। स्कूल में कम से कम 20 कक्षाएं हैं और पुरानी बिल्डिंग भी उसी तरह बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में ताला लगा हुआ है और वहां कचरा डाल दिया गया है। वहीं, नई बिल्डिंग के सबसे अच्छे कमरे को प्रिंसिपल ने अपना कमरा बना लिया है। इसके बाद के अच्छे कमरे शिक्षकों और दूसरे स्टाफ के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं। उदाहरण 2: मंत्री गजेंद्र यादव ने आगे बताया कि बीते सोमवार तरीघाट में उन्होंने सरकारी स्कूल के बाहर कुछ बच्चों को खड़े देखा। उन्होंने रुककर बच्चों से पूछा कि कोई समस्या है? बच्चों ने कहा, “नहीं-नहीं।” सामने खड़ी एक टीचर ने कहा, “बताओ-बताओ।” इसके बाद बच्चों ने बताया कि क्लास नहीं लगती। मंत्री यादव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पूरा स्कूल घूमा। प्रिंसिपल के कमरे में पहुंचे तो देखा कि कमरा किसी कलेक्टर के कमरे जितना बड़ा बनवाया गया है। उन्होंने प्रिंसिपल से पूछा- “इतना बड़ा कमरा क्यों रखा है?” इस पर जवाब मिला, “लोग आते हैं।” मंत्री यादव ने कहा, “ये तो स्थिति है। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ।” शिक्षक कराते हैं स्कूलों में आंदोलन बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री आंदोलन की बात पर आए। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों में जितने आंदोलन होते हैं, वे कराए जाते हैं। किसी शिक्षक को कोई अतिरिक्त विषय पढ़ाने के लिए कह दिया जाए तो बच्चों से आंदोलन करा दिया जाता है। इसके बीच ही उन्होंने बिना फ्लो तोड़े तपाक से एक सवाल और पूछा- “बताओ जरा, ऐसे ही होता है न? बताओ जरा?” लेकिन इस बार इंतजार किए बिना ही खुद जवाब देते हुए बोले- “सब प्लान्ड रहता है। पुराने मठाधीशों को हटाया तो आंदोलन कर रहे हैं।” आखिर में आग्रह करते हुए मंत्री यादव ने कहा कि अगर आप अपना और अपने परिवार का अच्छा चाहते हैं तो अपने स्कूल के बच्चों पर फोकस कीजिए। डीईओ सिर्फ कागजी काम न करें, बल्कि स्कूलों का दौरा करें। मीडिया पर बोले: लिखित में नहीं दे रहा, लेकिन पूरा स्कूल मत घुमाइए बोलते-बोलते मंत्री यादव स्कूलों के शौचालय के मुद्दे पर आए। उन्होंने कहा, “समग्र से पैसा बहुत आता है, आप उसका सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बच्चे पानी और वॉशरूम के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो यह बड़े दुर्भाग्य की बात है।” इसके बाद उन्होंने धीरे से कहा, “मीडिया वाले भी हैं। जरूरी नहीं है कि हम उनको पूरा स्कूल घुमाएं। हम लिखित में नहीं दे रहे हैं, लेकिन कोई मीडिया वाला फिजूल में स्कूल में न घुसे। ये किसी के नहीं हैं। किसी को पूछोगे कि कोई समस्या है क्या, तो आदमी हां ही बोलेगा कि समस्या है।” यह कहकर मंत्री यादव ने करीब 10 सेकेंड का पॉज लिया। बातचीत के दौरान यह उनकी ओर से लिया गया सबसे लंबा पॉज था। इसके बाद उन्होंने कहा, “इस पर भी आपको ध्यान देना है।” हालांकि, बातचीत के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा यूट्यूबर्स और पत्रकारों की ओर है। बैंड दल अनिवार्य करें, बच्चियों को सेल्फ डिफेंस सिखाएं मंत्री यादव यहां से वापस स्टूडेंट्स पर लौटे और बोले कि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बैंड दल अनिवार्य तौर पर बनाइए। इसके लिए जिला पुलिस बैंड से मदद ले सकते हैं। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स खरीदकर केवल रखने के लिए नहीं हैं। इसके अलावा गर्ल्स के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग अनिवार्य कीजिए। इस संबंध में आदेश भी जारी कर देंगे। यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र दिया मंत्री यादव ने विभाग के अधिकारियों को यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र भी दिया। लेकिन इसके एवज में फिर से एक सवाल कर लिया- “पीएम ई-विद्या सारे स्कूलों में चलता है या नहीं? इसके बारे में जानते हैं या नहीं? बताओ जरा।” उन्होंने बताया कि पांच चैनल हैं, लेकिन डीटीएच जरूरी है। इसी बीच मंच पर बैठे अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए। बताया गया कि पीएम ई-विद्या यूट्यूब पर भी चल सकता है। आखिर में तय हुआ कि जब तक शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक इसी के जरिए पढ़ाइए। मंत्री यादव ने इस मुद्दे पर आखिरी बात यह कही कि कोई भी बच्चा स्कूल आए तो फालतू न बैठे, उसे पढ़ाइए। सफलता भी बताई- पहली बार स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी मंत्री यादव ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार इन पांच सालों में सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। यह सुनकर सभी अधिकारियों ने तालियां बजाईं। इसके बाद गुजरात मॉडल का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि वहां बच्चे सरकारी स्कूलों की ओर लौट रहे हैं। वहां हो सकता है तो यहां भी हो सकता है। आखिर में उन्होंने कहा- “भोजन मंत्र जरूर कराइए, इससे बच्चे संस्कारित होंगे।” इसके बाद मंत्री सहित सभी अधिकारी लंच करने चले गए और समीक्षा बैठक समाप्त हुई। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सरकारी-स्कूलों के बच्चों को 25 तक पहाड़ा याद होना जरुरी: फ्लूएंट इंग्लिश आनी चाहिए, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिए निर्देश स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े याद होने चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी में फ्लूएंट रीडिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत प्रदेश की विधानसभाओं में जनता का मूड जानते हुए मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र पहुंची।
एनटीपीसी आज डिप्टी मैनेजर के 135 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बिना देरी किए ऑनलाइन आवेदन कर दें। इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 10 साल का कार्य अनुभव होना जरूरी है।
राज्यपाल का दौसा में ‘टीबी-नशा-शिक्षा’ पर फोकस, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम, शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने टीबी मरीजों को समय पर पूरा उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘नशा मुक्त दौसा’ के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने जिले में टीबी मरीजों की संख्या, उनकी औसत आयु, उपचार की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाए। प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नशे की रोकथाम को लेकर राज्यपाल ने कहा कि लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। युवाओं में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जाए। नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिह्नित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस को नशे के स्रोत तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग अपने कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति के लिए पहल करें। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्रवाई करें। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करे। पुलिस लगातार निगरानी और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। शिक्षा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता, विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यह आगे बढ़ने का भी माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना हमेशा मन में रखने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कोई बच्चा पढ़ाई बीच में न छोड़े। विद्यालयों में बच्चों के पढ़ाई छोड़ने की समस्या पर भी प्रभावी रूप से काम किया जाए। राज्यपाल ने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
55 बोर्डिंग स्कूलों के प्रिंसिपल उदयपुर में, शिक्षा पर मंथन
बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BSAI) का वार्षिक प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव और एजीएम-2026 का आयोजन उदयपुर में हुआ। कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल पब्लिक स्कूल, न्यू भूपालपुरा और हेरिटेज गर्ल्स स्कूल ने की। आयोजन का उद्देश्य देश के प्रमुख आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर शिक्षा के भविष्य, नेतृत्व और नवाचार पर विचार-विमर्श करना था। कॉन्क्लेव में देशभर के करीब 55 प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सीटी-एआई कॉन्फ्रेंस में 350 से अधिक शिक्षाविद हुए शामिल
लुधियाना| बाल भारती पब्लिक स्कूल, लुधियाना में सीबीएसई की ओर से कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से 350 से अधिक शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिनमें 187 प्रिंसिपल शामिल रहे। सम्मेलन का मुख्य फोकस स्कूल शिक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण तथा भविष्य के लिए तैयार विद्यार्थियों के विकास पर रहा। कार्यक्रम में सीबीएसई की सहायक प्रोफेसर एवं संयुक्त निदेशक प्रो. नमिता बलोदी मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों में सीबीएसई के लुधियाना स्थित उत्कृष्टता केंद्र के उप सचिव संजीव शर्मा, सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी संजय कुमार बिष्ट और सीबीएसई के एसपीएस संजीप राजपाल शामिल रहे। बाल भारती पब्लिक स्कूल, लुधियाना के प्रिंसिपल आशीष सावनी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. ओम प्रकाश वर्मा, सहायक प्रोफेसर (ग्रेड-2), एनआईटी जालंधर एवं वरिष्ठ सदस्य, आईईईई ने कहा कि कम्प्यूटेशनल थिंकिंग केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में समस्या समाधान, पैटर्न पहचान, एब्स्ट्रैक्शन, तार्किक सोच और एल्गोरिदमिक सोच विकसित करती है। चंडीगढ़ बैपटिस्ट स्कूल के प्रिंसिपल एवं अकादमिक हेड अरुण जॉन मसीह और कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल, जालंधर की डायरेक्टर दीपा डोगरा ने कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई के समावेशन पर विषयगत सत्र आयोजित किए। सम्मेलन में चयनित 21 शिक्षकों ने गैलरी में अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।
यूपी के सरकारी स्कूलों को संभालने वाले अफसर अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ने नहीं भेजते। यह सच्चाई दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आई। 75 जिलों में तैनात बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) का भरोसा यूपी बोर्ड के स्कूलों पर नहीं है। इनके बच्चे CBSE और ICSE स्कूलों में पढ़ रहे हैं। अकेले फर्रुखाबाद के DIOS ही अपने बच्चे को यूपी बोर्ड के स्कूल में भेज रहे हैं। यूपी में इस वक्त कुल 148 BSA और DIOS तैनात हैं। इन अफसरों पर सरकारी स्कूलों का रखरखाव और पढ़ाई का स्तर सुधारने की जिम्मेदारी रहती है। जानिए किस अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे… देहात में तैनात अफसर भी बच्चों को लखनऊ के कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ा रहे लखीमपुर खीरी के DIOS विनोद मिश्रा के 2 बेटे हैं। एक 11वीं और दूसरा 8वीं में लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। गोंडा के DIOS डॉ. रामचंद्र के 3 बेटों में 2 लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल में ICSE बोर्ड से पढ़े हैं, जबकि एक दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहा है। देवरिया के DIOS हरिश्चंद्र नाथ के 2 बेटे लखनऊ में CBSE बोर्ड से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। वाराणसी के DIOS भोलेंद्र कुमार के दोनों बेटे भी लखनऊ के कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं। आजमगढ़ के DIOS अजय कुमार गुप्ता की तीनों बच्चे लखनऊ में CBSE बोर्ड से पढ़ रहे हैं। इनमें बड़ी बेटी 7वीं, छोटी 4वीं और बेटा तीसरी कक्षा में है। प्रयागराज के DIOS संतोष कुमार के 2 बच्चे लखनऊ के प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। सिर्फ एक ने यूपी बोर्ड चुना, लेकिन स्कूल प्राइवेट फर्रुखाबाद के DIOS संजीव कुमार एकमात्र ऐसे अफसर हैं ,जिनके बच्चे यूपी बोर्ड के स्कूल में पढ़ते हैं। उनके बच्चे बाराबंकी में यूपी बोर्ड से संचालित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं। गोरखपुर के DIOS अजीत सिंह का बेटा-बेटी आईसीएसई बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ रहे हैं। हरदोई के DIOS अरविंद कुमार पाठक की दोनों बेटियां कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रही हैं। गाजीपुर की DIOS उपासना रानी वर्मा की एक बेटी और एक बेटा माउंट लिटेरा जी. स्कूल में पढ़ते हैं। बेटी 9वीं और बेटा 10वीं में है। सहारनपुर के DIOS जयकरण यादव के दोनों बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। BSA भी प्राइवेट स्कूलों की दौड़ में शामिल अमेठी के BSA संजय तिवारी के दोनों बेटे सम्राट और स्वराज CBSE बोर्ड से कक्षा- 4 और KG में पढ़ रहे हैं। सोनभद्र के BSA मुकुल आनंद पांडे का 10 साल का बेटा गाजीपुर के कॉन्वेंट स्कूल में चौथी कक्षा में है। गोरखपुर के BSA धीरेंद्र त्रिपाठी की तीन बेटियों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। प्रयागराज के BSA अनिल कुमार का बेटा महर्षि पतंजलि और बेटी सेंट मैरी कॉन्वेंट में पढ़ती है। दोनों छोटी कक्षाओं में हैं। नोएडा के BSA राहुल कंवर के बच्चे बागपत में CBSE बोर्ड से पढ़ रहे हैं। संभल की BSA अलका शर्मा की 10 साल की बेटी भी प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही है। कुछ अफसरों के बच्चे उच्च शिक्षा या पढ़ाई पूरी कर जॉब कर रहे कई अफसरों के बच्चे स्कूल की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। सीतापुर के BSA गोरखनाथ पटेल का बेटा MBBS कर रहा है। फतेहपुर के DIOS राकेश कुमार का एक बेटा नोएडा में सिविल सेवा की तैयारी कर रहा है। 2 बेटियों में एक BA प्रथम वर्ष में है, जबकि दूसरी लखनऊ से ग्रेजुएशन कर रही है। बलिया के DIOS मनोज कुमार मिश्र के 2 बच्चों में एक ग्रेजुएशन पूरा कर चुका है, जबकि दूसरा ग्रेजुएशन कर रहा है। बागपत के DIOS राजीव कुमार यादव के बेटे-बेटी दोनों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। दोनों नौकरी कर रहे हैं। कुछ अफसरों के बच्चे अभी छोटे प्रदेश के कई BSA-DIOS ऐसे भी हैं, जिनके बच्चे अभी स्कूल जाने की उम्र में नहीं हैं। आजमगढ़ के BSA राजीव पाठक का बेटा 3 साल का है। फतेहपुर की BSA प्रिंशी मौर्या की 2 साल की बेटी है। बहराइच के BSA आशीष सिंह का बेटा 2 साल का है। बस्ती के BSA अनूप कुमार और DIOS संजय सिंह के बेटे भी छोटे हैं। चंदौली के DIOS धर्मेंद्र कुमार का बेटा एक साल का है। बलिया के BSA मनीष कुमार सिंह की 3 महीने की बेटी है। भदोही के DIOS का बच्चा 8 महीने का और जौनपुर के BSA समीर कुमार का बच्चा 6 महीने का है। सुल्तानपुर के BSA उपेंद्र गुप्ता की 3 महीने की बेटी है। लखीमपुर खीरी के BSA प्रवीण कुमार के जुड़वां बच्चे छोटे हैं। पीलीभीत की BSA रोशनी सिंह, हरदोई के BSA प्रभाष मिश्रा, मेरठ की BSA आशा चौधरी, वाराणसी के BSA भूपेंद्र सिंह और मिर्जापुर के BSA अनिल वर्मा के बच्चे भी अभी छोटे हैं। --------------------------- ये एक्सप्लेनर पढ़ें - आन्जनेय के लिए केंद्र ने 7 बार नियम ढीले किए, क्या अब फिर मिलेगा एक्सटेंशन; सीनियर IAS को सरकार क्यों करती है इतना पसंद सपा के कद्दावर नेता आजम खान को अर्श से फर्श पर लाने वाले IAS आन्जनेय सिंह की यूपी में प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी हो चुकी है। वे मुरादाबाद मंडल कमिश्नर का चार्ज मुरादाबाद DM को सौंपकर छुट्टी पर चले गए हैं। मूल कैडर सिक्किम से यूपी आने के बाद 7 बार यह अवधि बढ़ाई जा चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…
मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों के विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग अब इसके पॉवर डेलिगेट करने की तैयारी में है। जल्द ही जिलों में पदस्थ संकुल प्राचार्यों को इसके पॉवर दिए जाएंगे और उचित कारण होने की दशा में संकुल प्राचार्य अपने विद्यालय क्षेत्र में आने वाले शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाने के मामले में देरी पर राहत दे सकेंगे। जल्दी ही इसके आदेश विभाग जारी करने वाला है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब सामान्य स्थिति में आ गई है। रोज 97 से 98 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा ई अटेंडेंस लगाई जा रही है, इसलिए अब उचित कारण के साथ संकुल प्राचार्यों को इससे संबंधित पॉवर दिए जाएंगे। जल्दी ही इसको लेकर अगले 15 दिनों में सर्कुलर जारी कर दिया जाएगा। देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगे संकुल प्राचार्यों के लिए जारी किए जाने वाले मार्गदर्शी सिद्धांत में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किस तरह के मामलों में ई अटेंडेंस लगाने में देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए संकुल प्राचार्य अपने संकुल क्षेत्र के शिक्षकों को राहत दे सकेंगे। इस निर्देश में यह भी साफ रहेगा कि संकुल प्राचार्य मनमानी न कर सकें और ई अटेंडेंस में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने पाए। सिर्फ व्यवहारिक दिक्कतों को स्वीकार करेंगे आयुक्त सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को पीनलाइज या प्रताड़ित करना नहीं है बल्कि एक व्यवस्थित सिस्टम को प्रभावी करना है और शिक्षकों द्वारा इसका पालन भी किया जा रहा है। सिंह के अनुसार व्यवहारिक दिक्कतों को ई-अटेंडेंस में स्वीकार किया जाएगा लेकिन आदतन ई-अटेंडेंस नहीं लगाने और इसका दुरुपयोग करने की कोशिश पर एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा हमारे शिक्षक साफ्टवेयर में इससे संबंधित और भी जो दिक्कतें हैं, उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी इसको लेकर शिक्षकों के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया है। इसलिए वे उसमें सुधार कराएंगे। जून का ई-अटेंडेंस के कारण रोका वेतन मिलेगालोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने यह भी कहा कि जून माह का जिन शिक्षकों का ई अटेंडेंस के कारण वेतन रुका है या काटा गया है, उसे शिक्षकों को पे किया जाएगा। यह निर्णय उन शिक्षकों के मामले में लागू होगा जिनका जुलाई और अगस्त का ई अटेंडेंस प्रॉपर लग रहा है। आदतन देर से आने वाले या ई अटेंडेंस नहीं लगाने वालों के वेतन में कटौती जारी रहेगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा है कि वे व्यवहारिक दिक्कतें अपने संकुल प्राचार्यों के संज्ञान में अभी भी ला सकते हैं जिस पर सुनवाई की जाएगी।
Kurukshetra News: उच्च शिक्षा और शिक्षकों के हित में कुटा का बड़ा निर्णय, 31 अगस्त को होगी आम सभा
उच्च शिक्षा और शिक्षकों के हित में कुटा का बड़ा निर्णय, 31 अगस्त को होगी आम सभा
Shahjahanpur News: बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए नवाचार पर मंथन
बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए नवाचार पर मंथन
Lalitpur News: युवाओं में बढ़ रहा तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षण
ललितपुर। केवल पढ़ाई पूरी कर लेना कई बार काफी नहीं होता है। कंपनियों और छोटे उद्यमियों को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जो मशीनों को समझें और औजार चला सकें।
Panchkula News: 60 दिन से अधिकारियों का दौरा नहीं, स्कूलों पर शिक्षा विभाग का फोकस
No official visits for 60 days; Education Department focuses on schools.
प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 4043 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन पदों का ऑनलाइन अधियाचन राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को भेज दिया है। अधियाचन प्राप्त होने के बाद आयोग ने भर्ती की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह ने मंगलवार को 42 विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों का ऑनलाइन अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा। हालांकि, बीएड विषय से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण उसे इस ताजा अधियाचन से अलग रखा गया है। इससे पहले जुलाई माह में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 330 एडेड महाविद्यालयों के 2,107 पदों का ऑनलाइन अधियाचन भेजा गया था। इन दोनों चरणों के अधियाचनों को मिलाकर, अब उच्च शिक्षा निदेशालय से असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 4,043 पदों का प्रस्ताव राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राप्त हो चुका है। आने वाले दिनों में आयोग की ओर से इन सभी पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी किए जाने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से नई भर्तियों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में, वर्ष 2022 में जारी विज्ञापन संख्या 51 के तहत 34 विषयों के 1,017 पदों की पुरानी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसकी लिखित परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार पिछले महीने शुरू हुए थे, लेकिन एक अदालती मामले के लंबित होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। कौन कर सकता है आवेदन इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट (NET) उत्तीर्ण होना जरूरी है या फिर यूजीसी के तय मानकों के अनुसार पीएचडी की डिग्री धारक होना आवश्यक है। अब युवाओं की निगाहें राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के अगले आधिकारिक विज्ञापन पर टिकी हैं।
कृषि विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सहायक कृषि अभियंता एवं कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि रसायन) पदों के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच...
अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए राहें अब कठिन होती जा रही हैं। कड़े आव्रजन नियमों और वीजा नीतियों के चलते शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। 'कॉमन ऐप' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 1,100 से अधिक अमेरिकी संस्थानों के इस मंच पर अंतरराष्ट्रीय आवेदनकर्ताओं की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारत वर्तमान में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन अब अमेरिका की बदलती नीतियों के कारण छात्रों का रुझान अन्य देशों की ओर बढ़ रहा है।'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम की समाप्ति और भारी फीस का दबावइस गिरावट के पीछे अमेरिकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम मुख्य वजह माने जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने पारंपरिक 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत अब छात्रों के वहां रहने की अवधि को अधिकतम चार साल तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के अवसरों से जुड़े 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम का लाभ उठाने वाले विदेशी छात्रों पर एक लाख डॉलर तक का भारी शुल्क लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ फॉरेन स्टूडेंट एडवाइजर्स' और शोध फर्म 'जेबी इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, इन अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्र पंजीकरण में लाखों की कमी आने की आशंका है।अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी उठाना पड़ रहा है बड़ा आर्थिक नुकसानभारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के इस तरह मोहभंग होने का असर केवल विद्यार्थियों के करियर पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगभग 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया था, जो आने वाले समय में घटकर 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा नीतियां और अनुपालन नियम ऐसे ही सख्त बने रहे, तो अमेरिका वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी साख खो सकता है, क्योंकि अब भारतीय छात्र ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय देशों के विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शाजापुर जिला मुख्यालय पर मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में 'जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति' (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी प्रोजेक्ट्स को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। जल और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान सांसद सोलंकी ने जल निगम के अधिकारियों से लखुंदर और चीलर डेम योजना के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के जरिए जिले के अधिक से अधिक गांवों को जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा 'जल जीवन मिशन' के तहत खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन समय पर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग को निर्देशित किया। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की समीक्षा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूलों और छात्रावासों में स्वच्छता, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को चिन्हित कर स्थानांतरित करने को कहा गया। वहीं कृषि विभाग को ग्राम चौपाल लगाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती और मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश मिले। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद बैठक में सांसद निधि, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना और पीडब्ल्यूडी के कार्यों का भी लेखा-जोखा लिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, विधायक अरुण भीमावद, कलेक्टर ऋजु बाफना और एसपी प्रियंका शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बीपीएससी TRE-4 में किए गए बदलाव को लेकर भाजपा की युवा इकाई ने विरोध शुरू कर दिया है। बखरी में शिक्षक अभ्यर्थियों की ओर से मंगलवार को भाजयुमो नगर अध्यक्ष प्रिंस सिंह परमार के नेतृत्व में विरोध मार्च निकला गया। भाजयुमो के बैनर तले अभ्यर्थियों ने बीपीएससी टीआरई-4 के तहत होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा के पैटर्न बदले जाने पर विरोध जताया। इन लोगों ने शिक्षा मंत्री से पहल करने की मांग की। अपनी मांगों को लेकर बीपीएससी अभ्यर्थियों ने अंबेडकर चौक से एकजुट होकर शांतिपूर्ण नारेबाजी करते हुए अनुमंडल कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। जहां शिक्षा मंत्री के नाम खुला पत्र एसडीओ सन्नी कुमार सौरभ को सौंपा गया। अभ्यर्थी बोले- पैटर्न बदले जाने से अभ्यर्थियों में रोष है प्रदीप कुमार ने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने लगभग 32 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती का ऐलान किया है। लेकिन इस परीक्षा के पैटर्न बदले जाने से शिक्षक अभ्यर्थियों में रोष है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से असमंजस बना हुआ था। कई बार तारीखों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनकी तैयारी प्रभावित हुई। अभ्यर्थी सुमनजीत सुमन ने कहा कि बिहार प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि TRE-4 की प्रक्रिया ऐसी हो जिसमें प्रश्नपत्र से लेकर परीक्षा, मूल्यांकन, रिजल्ट और नियुक्ति तक पूरी पारदर्शिता बरती जाए। अभ्यर्थियों के आंदोलन के पीछे यही डर भी है कि कहीं नई भर्ती भी पुरानी प्रक्रियाओं की तरह लंबी न खिंच जाए। शिक्षक अभ्यर्थियों ने पहले की तरह परीक्षा पैटर्न जारी रखने, डोमिसाइल नीति लागू करने, नेगेटिव मार्किंग पर रोक लगाने की मांग शिक्षा मंत्री से की। मौके पर अभाविप के जिला संयोजक अनुभव आनंद, नगर मंत्री सौरव, राजन, मनीष, गौरव, अरविंद, पप्पू, रविन्द्र, दिलखुश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी मौजूद थे। भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- भाजयुमो के बैनर तले प्रदर्शन करना गलत है भाजपा के जिला प्रवक्ता सिधेश आर्य ने कहा है कि भाजयुमो द्वारा अगर मोर्चाबंदी किया जा रहा है, तो यह अज्ञानता है। क्योंकि भाजपा सरकार में है और हमारी पार्टी के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में युवा मोर्चा द्वारा अगर मोर्चाबंदी की जाती है तो यह गलत है। ऐसे लोगों को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए। पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी का मानना है कि यह दल विरोधी आचरण है। ऐसे लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि तेजस्वी यादव पहले किसी स्कूल में एडिमशन लेकर दसवीं पास कर लें उसके बाद परीक्षा पर अपना सुझाव पेश करें।
झारखंड में 22 शिक्षा अधिकारियों को मिली प्रोन्नति, तीन प्रशासनिक अधिकारियों की सेवा संपुष्ट
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 22 शिक्षा सेवा पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी है, जिससे उनका वेतनमान लेवल-9 से बढ़कर लेवल-11 हो गया है। इसके अतिरिक्त, कार्मिक विभाग ने तीन प्रशासनिक अधिकारियों ज्योति वंदना कुजूर, अरुण कुमार मुंडा और विनय कुमार की सेवा संपुष्ट की है।

