स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
स्वामी विवेकानंद राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा के साथ समानता को भी अहम मानते थे: पीएम मोदी
दत्तात्रेय होसबाले ने मुंबई में 'विकसित भारत हेतु शिक्षा' संगोष्ठी में कहा कि शिक्षा ज्ञान, कौशल और चरित्र का समन्वय है। उन्होंने संस्कारित, चरित्रवान नागरिकों के निर्माण पर जोर देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय की बात कही।
प्रयागराज में 8 अगस्त को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
नीट और सीबीएसई घटनाक्रम को लेकर फिर देशभर कि राजनीति गर्म होने वाली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
कानपुर में SFI का प्रदर्शन: शिक्षा बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
कानपुर में SFI का प्रदर्शन: शिक्षा बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
शारीरिक शिक्षा अध्यापक : 2000 पदों के लिए आवेदन आज से
जालंधर | पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कैडर में शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) के 2000 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। भर्ती के इच्छुक उम्मीदवार पहली से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल 2000 पदों में से 650 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें जनरल वर्ग के 780, अनुसूचित जाति के 200, अनुसूचित जाति के 200, पिछड़ा वर्ग के 200 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 200 पद शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व सैनिक, खेल कोटा, दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के लिए भी पद आरक्षित किए गए हैं।
Mohali News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सरकार से मांगे 450 करोड़ रुपये
Punjab School Education Board seeks 450 crore from the government
Palwal News: शिक्षा की डगर मुश्किल, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 4,684 पद खाली
4,684 teacher posts vacant in government schools.
Raebareli News: शिक्षा की डोर से बेटियों के सपनों के मिलेगी उड़ान
शिक्षा की डोर से बेटियों के सपनों के मिलेगी उड़ान
शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर संगठन लगातार संघर्ष करेगा : दलाल
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला कमेटी की ओर से अक्षर भवन स्थित जिला कार्यालय में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवाचार जरूरी : मुन्नी देवी
जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी ने राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बेलरखा का औचक निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों और विद्यार्थियों के
Jaunpur News: शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र सुरक्षा पर जोर उत्कृष्ट नामांकन वाले तीन विद्यालय सम्मानित
Three schools with outstanding enrollment honored for their emphasis on quality education and student safety.
Una News: शिक्षा विभाग के निरीक्षण में तय से अधिक मिला बच्चों के बस्ते का भार
जिला ऊना के सभी सरकारी और निजी वरिष्ठ माध्यमिक तथा उच्च विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्कूल बैग के वजन की निगरानी की जाएगी।
Farrukhabad News: शिक्षा मित्र ने शिक्षक की पत्नी से ठगे 1.10 लाख
कायमगंज। जमीन पर कब्जा दिलाने का झांसा देकर एक शिक्षा मित्र ने शिक्षक की पत्नी से 1.10 लाख रुपये ठग लिए। शिक्षक ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
'पंजाब में पेपर लीक नहीं...', शिक्षा मंत्री बोले- हाईटेक गैजेट से हुई नकल
पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक के आरोपों को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खारिज किया है. उन्होंने बताया कि यह मामला पेपर लीक का नहीं बल्कि हाईटेक उपकरणों के जरिए नकल का है.
प्रियंका गांधी के 'गोमूत्र विशेषज्ञ' बयान पर शिक्षाविद नाराज, बोले-संसद में ऐसी भाषा से वैज्ञानिकों का होता है अपमान
बिहार में 1.6 लाख शिक्षक 'सरप्लस', अब हर 5 साल में होगा ट्रांसफर; शिक्षा मंत्री ने दिया अपडेट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बिहार में 1.6 लाख से अधिक शिक्षक हैं, जिन्हें कमी वाले जिलों में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि स्थानांतरण ऐच्छिक होगा और हर पांच साल पर शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था और बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पंजाब सरकार की शिक्षा नीतियों, लगातार विवादों में घिर रही भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ अमृतसर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्र कार्यकर्ताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका और उनसे तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। फार्मेसी पेपर लीक ने खोली सरकारी दावों की पोल प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एबीवीपी के छात्र नेता सौरव राय और जय कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में सामने आए फार्मेसी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने राज्य की संपूर्ण शिक्षा और भर्ती प्रणाली की साख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का युवा सालों-साल दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरियों की तैयारी करता है, लेकिन परीक्षा वाले दिन पेपर लीक हो जाता है या फिर भर्ती प्रक्रिया अदालत और प्रशासनिक देरी के फेर में अटक जाती है। 'मानसिक तनाव में युवा, विदेश पलायन को मजबूर' छात्र नेताओं ने पंजाब सरकार की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि: बार-बार भर्तियों के लटकने और व्यवस्था की नाकामी से हजारों होनहार युवा भारी मानसिक तनाव झेल रहे हैं। सरकारी तंत्र से भरोसा उठने के कारण पंजाब की युवा प्रतिभाएं अपने ही राज्य में रोजगार न पाकर मजबूरन विदेश (ब्राउन ड्रेन) पलायन कर रही हैं। यदि केंद्र या अन्य राज्यों में ऐसे गंभीर मामलों पर मंत्रियों की जवाबदेही तय हो सकती है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस अपनी जिम्मेदारी से मुंह क्यों मोड़ रहे हैं? मांगें न मानीं तो उग्र होगा आंदोलन एबीवीपी नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सरकार पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पंजाब के हर योग्य और प्रतिभावान छात्र को उसकी योग्यता के आधार पर रोजगार मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार ने पारदर्शी नीतियां लागू नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे पंजाब स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने जालंधर और चंडीगढ़ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर बिना सरकारी अनुमति विदेश यात्रा करने, फर्जी ट्रैवल बिल क्लेम करने और अवैध माइनिंग के गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही फरीदकोट फार्मेसी पेपर लीक मामले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की और पंजाब में लगातार हो रहे पेपर लीक व पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर सरकार को घेरा। खैहरा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) का हवाला देते हुए खुलासा किया कि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जनवरी 2024 में बिना केंद्र, विदेश मंत्रालय या गृह मंत्रालय की अनुमति के चुपचाप कनाडा का दौरा किया था। वापसी के बाद उन्होंने 4.48 लाख रुपये का रिइम् क्लेम किया, जिसमें से 3 लाख रुपये पास भी हो गए। आरोप है कि जब मंत्री विदेश में थे, तब भी उनकी आधिकारिक सरकारी गाड़ियां पंजाब में चलती दिखाई गई और भारी-भरकम दूरी के बिल क्लेम किए गए। आप नेता कर रहे वसूली माइनिंग के मुद्दे पर बोलते हुए खैहरा ने आरोप लगाया कि आनंदपुर साहिब से लेकर पठानकोट तक आप नेताओं द्वारा क्रशर मालिकों से हर महीने 15 से 20 लाख रुपए की वसूली की जा रही है। इसके अलावा, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट के फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए खैहरा ने दावा किया कि ये पेपर 3 से 13 लाख रुपये तक में बेचे गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में NEET पेपर लीक पर हंगामा करने वाले अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पंजाब में अपनी नाकामी छिपा रहे हैं। खैहरा ने पंजाब को पुलिस स्टेट बताते हुए पटियाला में अप्रेंटिस यूनियन, सफाई कर्मचारियों और नरेगा मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों की आवाज को बुलडोजर और पुलिसिया दमन से दबाया जा रहा है। आप सरकार बेअदबी कानून से मुकर गई: खैहरा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का जिक्र करते हुए खैहरा ने कहा कि आप विधायकों ने बेअदबी कानून में संशोधन का वादा किया था, जिससे सरकार मुकर गई है। आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक इसके खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करेंगे। खैहरा ने चेताया कि 2027 के चुनावों में जनता इन सभी घोटालों का हिसाब लेगी और नई सरकार आने पर इनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर देशभर के शिक्षाविदों का विरोध, कहा-वैज्ञानिकों का सम्मान जरूरी
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर देशभर के शिक्षाविदों का विरोध, कहा-वैज्ञानिकों का सम्मान जरूरी
भाजपा के पूर्व विधायक की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने सीजेपी के छात्र आंदोलन का समर्थन किया। नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी उठाए सवाल।
एआई आधारित शिक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा बोर्ड ने किया जागरूक
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड मोहाली द्वारा बोर्ड के ऑडिटोरियम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर उच्च स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रबंधक और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए। रासा पंजाब (रिकॉग्नाइज्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन, पंजाब) की टीम ने भी भागीदारी कर शिक्षा में एआई की नई तकनीकों और उपयोगिता पर जानकारी ली। सेमिनार में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होगी। उन्होंने एआई आधारित लर्निंग टूल, स्मार्ट कक्षा, डिजिटल मूल्यांकन, व्यक्तिगत सीखने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, छात्रों की प्रगति के विश्लेषण और शिक्षकों के दैनिक कार्यों को सुचारू बनाने में एआई की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य शिक्षकों का स्थान लेना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना है। रासा पंजाब की ओर से अध्यक्ष जगतपाल महाजन, महासचिव सुजीत शर्मा (बबलू), सीनियर वाइस चेयरमैन सुखविंदर सिंह भल्ला, चीफ एडवाइजर जगजीत सिंह, एडिशनल जनरल सेक्रेटरी हर्षदीप सिंह रंधावा, एडवाइजर कुलबीर सिंह मान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बढ़ते मामलों को लेकर यूथ कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आवास के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और मंत्री के आवास के मुख्य द्वार तक पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उग्र हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा 'सूबी' ने शिक्षा मंत्री के फ्लेक्स बोर्ड पर कीचड़ फेंककर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा सूबी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकाल (2022 से 2026) के दौरान पंजाब में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे राज्य के लाखों योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के पुराने दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी पहले दावा करते थे कि राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यूथ कांग्रेस ने श्री आनंदपुर साहिब के तहसीलदार के माध्यम से एक मांग-पत्र सौंपकर शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि मंत्री ने नैतिक आधार पर पद नहीं छोड़ा, तो इस आंदोलन को पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। बरनाला में सफाई सेवकों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं ने बरनाला में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे सफाई सेवकों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में निंदा की। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मेहनतकश और अनुसूचित जाति (SC) समाज से आने वाले सफाई सेवकों पर इस तरह का अत्याचार बिल्कुल असहनीय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से काम पर वापस लिया जाए।
डिंपल यादव का सरकार पर हमला, बोलीं- छात्रों की आवाज दबाई गई, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय हो
डिंपल यादव ने लोकसभा में कहा कि सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से गैरकानूनी तरीके से हटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए घेरा और उसके बाद उनके खिलाफ बल प्रयोग किया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए के सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस ने निकाली विजय रैली
गरियाबंद| केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को विजय रैली निकाली। रैली जिला कांग्रेस भवन से शुरू हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तिरंगा चौक पहुंची। वहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठी। सुधार की मांग उठी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह छात्रों और अभिभावकों की जीत है। शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ लगातार उठी आवाज का नतीजा है। सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर छात्र हितों के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन बताया। रैली में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। रैली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर हुई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के मार्गदर्शन में आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी पहुंचे। महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। छात्र भी शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लाखों छात्र-छात्राओं के संघर्ष की जीत है। विपक्ष के लगातार सवालों की जीत है। नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और शिक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं पर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही। दबाव में सरकार को निर्णय लेना पड़ा। अनुसूचित जनजाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेश बघेल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं। न्याय मांग रहे छात्रों की जीत है। उनके अभिभावकों की जीत है। कमलेश यदु ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफल रही। छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में समय पर कदम नहीं उठाए।
योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, शिक्षक भर्ती, कौशल विकास और छात्र कल्याण योजनाओं को समझने के लिए हरियाणा विधानसभा की 30 सदस्यीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची। समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 11 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक लागू सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी ली। समिति ने उत्तर प्रदेश की कई पहलों को अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय बताया। विधानसभा सभागार में समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव की मौजूदगी में ये बैठक हुई। इसमें यूपी सरकार की ओर से विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी दी। 11 बिंदुओं पर अध्ययन करने पहुंची है समिति प्रदेश में 81 विवि हैं संचालित अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 24 राज्य, 56 निजी, एक डीम्ड और एक मुक्त विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा 216 राजकीय, 330 सहायता प्राप्त और 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं। सरकार ने 71 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए हैं। इसमें 1,349 पद सृजित किए गए हैं। इनमें से 46 कॉलेजों में 2025-26 सत्र से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। डिजिटल व्यवस्था ने खींचा ध्यान समिति को बताया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय में पूरा काम ई-ऑफिस के माध्यम से हो रहा है। सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में 'समर्थ' पोर्टल लागू हो चुका है। इसी के जरिए अब प्रवेश प्रक्रिया भी संचालित हो रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध है। रोजगार और शोध पर फोकस राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विश्वविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और रोजगारपरक पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं। शोध को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 में 5 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। शिक्षकों और छात्रों के लिए कई योजनाएं समिति को बताया गया कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 1.28 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों समेत करीब 7.5 लाख लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन और टैबलेट दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में पात्र छात्रों को हर माह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष की भी जानकारी दी गई। भर्ती प्रक्रिया में तेजी राजकीय महाविद्यालयों में 840 प्रवक्ताओं की ऑनलाइन तैनाती हो चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्या समीक्षा केंद्र तक की सराहना बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताए गए ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, शिक्षक प्रशिक्षण, डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विद्या समीक्षा केंद्र, मानव संपदा पोर्टल और निपुण भारत मिशन की जानकारी दी गई। हरियाणा समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, पारदर्शी निगरानी और छात्र-केंद्रित शिक्षा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
पश्चिम चम्पारण के नरकटियागंज अनुमंडल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। यह हंगामा एक शिक्षक और शिक्षिका पर आपत्तिजनक व्यवहार के आरोपों को लेकर हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि विद्यालय के कुछ छात्रों ने शिक्षक और शिक्षिका को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। बीईओ ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. संजय कुमार सिंह और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत किया और मामले की जांच शुरू की। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक तौर पर दोनों शिक्षकों को विद्यालय से हटाने की बात कही गई है। बीईओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश वहीं, आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अभिभावकों, ग्रामीणों और शिक्षा विभाग की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बिहार के 551 सरकारी स्कूलों के नाम के आगे सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल जोड़ने के फैसले का विरोध करने पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा दिए गए बयान को लेकर एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मधेपुरा में एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने छात्रों के साथ प्रेस वार्ता कर शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला। सरकार की धमकियों से हम डरने वाले नहीं उन्होंने कहा कि सरकार की धमकियों से हम डरने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो पूरे बिहार में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। दरअसल, रासबिहारी हाई स्कूल के नाम के आगे सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल जोड़े जाने पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने स्कूल के नाम के आगे लिखे सरस्वती विद्या निकेतन पर कालिख पोत दिया था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। निशांत यादव ने आरोप लगाया कि सरकार नए स्कूल खोलने के बजाय पहले से स्थापित स्कूलों के नाम और रंग बदलकर विकास का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को शिक्षा सुधार पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन वे शिक्षा से ज्यादा दूसरे मुद्दों पर चर्चा करते हैं। नागरिक को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को सरकार की नीतियों का विरोध करने और सवाल पूछने का अधिकार देता है। ऐसे में विरोध करने वालों को धमकी देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। निशांत ने शिक्षा मंत्री के उस कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें विरोध करने वालों का इलाज कर देने की बात कही गई थी। उन्होंने इसे सत्ता के दुरुपयोग की मानसिकता बताते हुए कहा कि जनता ही सत्ता देती है और वही उसे वापस भी ले सकती है। फैसला वापस नहीं लिया तो राज्यव्यापी आंदोलन एनएसयूआई नेता ने कहा कि जिन स्कूलों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नाम पर थे, उसके आगे नया नाम जोड़ना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे मुकदमे दर्ज कराए, जेल भेजे या किसी भी तरह का दबाव बनाए, लेकिन एनएसयूआई छात्र और जनहित के मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है।
जयपुर में कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- अपनी बात कहने का हर किसी को अधिकार है, लेकिन शब्दों का चयन संस्कारों के अनुरूप होना चाहिए। GenZ का अपना एक अलग तरीका है, उसके लिए तो मैं कुछ नहीं कह सकता। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान युवाओं की ओर से अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने जयपुर में सोमवार को यह कहा। उन्होंने कहा- डिजीटल का यूज सही तरीके से किया जाए। उसका मिस यूज नहीं किया जाए। कम्प्यूटर और मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों का शारीरिक और मेंटली विकास नहीं हो रहा। बच्चों की आंखें खराब हो रही हैं। वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- शिक्षा और चिकित्सा ऐसी सुविधाएं हैं, जो हर नागरिक को बिना भेदभाव के मिलनी चाहिए, जबकि बाकी मुफ्त योजनाओं की जरूरत नहीं है। SPL भारत कप सीजन-2 की घोषणा के लिए जयपुर आए पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस मौके पर जंतर-मंतर में प्रदर्शन, आरक्षण, NEET, मुफ्त योजनाओं और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर देवकीनंदन ठाकुर ने राय रखी। सवाल: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कई अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पर क्या कहना चाहेंगे? देवकीनंदन ठाकुर- इस विषय पर मैं तो क्या ही कहूं? इस पर मुझे कबीर की एक वाणी याद आती है- 'ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।' शायद इसी को संस्कार कहते हैं। आप कुछ भी कह सकते हो, लेकिन शब्द अलग-अलग ढूंढ सकते हो। शब्दों को ढूंढना चाहिए। सवाल: क्या NEET का एग्जाम रिजर्वेशन बेस्ड होना चाहिए? देवकीनंदन ठाकुर: आप विदेश की नकल कर रहे हो और विदेश की पूरी तरीके से नकल नहीं कर पा रहे हो। विदेश में आरक्षण कहां है। 12वीं तक के बच्चे सब बराबर पढ़ते हैं। हर एक आदमी का बच्चा 12वीं तक एक ही तरह की पढ़ाई करता है, एक ही स्कूल में पढ़ेगा। आप बच्चों को पढ़ाओ ना, उनकी नकल करना शुरू तो करो। शिक्षा और चिकित्सा में कोई भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह मेरा खुद का ओपिनियन है। सवाल: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने रोज लाखों रुपए का फूड बांटा। इस पर क्या कहना चाहेंगे? देवकीनंदन ठाकुर: उस पर कानूनी कार्रवाई होगी, उसका सामना वह करेगा। ना तो वह आपके पास आ रहा है, ना किसी और के पास। उसे किसने फंडिंग की, मुझे नहीं पता है। थोड़ी जांच पहले कमेटी कर ले, उसके बाद में हम और आप बात करेंगे। क्रिकेट नहीं, संस्कार और सेवा का माध्यम है SPL देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- क्रिकेट मेरा बचपन से पसंदीदा खेल रहा है। क्रिकेट बहुत जगह हो रहा है, लेकिन क्रिकेट को दायित्व, सेवा और संस्कारों से जोड़ना SPL का विशेष गुण है। हमारे बच्चों को यह सीख मिले कि जब उन्हें मुफ्त में मंच मिला है और वे आगे बढ़ेंगे तो समाज के लिए भी काम करें। यही संस्कार है। उन्होंने बताया- SPL भारत कप का दूसरा सीजन फरवरी-मार्च 2027 में राजस्थान में होगा। इस बार T10 की जगह टूर्नामेंट T12 फॉर्मेट में होगा। इसका उद्देश्य युवाओं को सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है। हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा में लगाए जाएंगे देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- मैंने आयोजकों से कह दिया है कि किसी खिलाड़ी से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। सभी खिलाड़ियों को निशुल्क मंच मिलेगा। जिन बच्चों के पास रुपए नहीं हैं, उन्हें भी मौका मिलेगा। पिछले सीजन में हमने हर रन पर 500 रुपए समाज सेवा के लिए दिए थे। यह राशि जरूरतमंद माताओं-बहनों की सहायता और अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों में लगाई गई। यह परंपरा जारी रहेगी। ठाकुर ने कहा- राजस्थान साधारण भूमि नहीं है। यहां गोविंददेवजी साक्षात विराजते हैं। यह भक्ति और शक्ति की भूमि है। जब तक बच्चों को संस्कारों और परोपकार से नहीं जोड़ेंगे, तब तक भारत का भविष्य मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं कहता हूं कि यह केवल खेल नहीं, साधना है। फरवरी-मार्च में होगा दूसरा सीजन SPL भारत कप 2027 में पहली बार ऑक्शन सिस्टम लागू होगा। 250 खिलाड़ियों में से 128 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। टूर्नामेंट में 31 लाख रुपए की प्राइज मनी, कार, बाइक, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द टूर्नामेंट सहित कई पुरस्कार दिए जाएंगे। खिलाड़ियों से किसी तरह की एंट्री फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही सभी मुकाबले इस बार टेनिस बॉल की जगह सिंथेटिक लेदर बॉल से खेले जाएंगे। इसमें 14 से 35 साल तक के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। देश के 8 राज्यों की टीमें इसमें हिस्सा लेंगी।
जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला द्वारा बार-बार बीजेपी नेताओं को कुर्सी से घसीटकर सत्ता से बाहर फेंक देने के विवादित बयान पर जजपा के यूथ प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने आज मीडिया को दिए बयान में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, संसद जो है, वो जनता की आवाज सुनने से मना कर दे तो फिर अराजकता फैलेगी। अराजकता जब देश में फैलेगी और लोग दिशाहीन हो जाएंगे। इस पर बार-बार बच्चे बात कर रहे थे कि हम अगला कदम क्या लें। मैंने उनको बार-बार ये कहा कि ये (बीजेपी) सिरों की गिनती से डरे हैं। इनकी गिनती इतनी ज्यादा थी कि इनको आना पड़ा। महल छोड़कर सड़कों पर आकर बात करनी पड़ी। डॉ. साहब (अजय सिंह चौटाला) का यहीं कहना है कि बात करे, संवाद रखे तो ठीक है। अगर अहंकार रखेंगे तो सड़कों से लोग आपको महलों से घसीट ले आएंगे। ऐसी नौबत लाने की आप कोशिश करेंगे तो फिर वो दिन भी दूर नहीं। मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत हूं, क्योंकि कल्पना कर रहे हैं, जिसमें शासक शहशाह हो गया। उसने ये सोच लिया कि जो मैं कर रहा हूं, वो सब ठीक है। जो बाकी सब लोग कर रहे हैं, वो गलत है। ऐसे में उनका (अजय सिंह चौटाला) वो बयान भविष्य का बयान कह रहा हूं। यह जानकारी सोमवार शाम करीब पांच बजे सिरसा में चौटाला हाउस में दी। बीजेपी अहंकारजनक पार्टी, हम प्रवृत्ति के नहीं : दिग्विजय दिग्विजय चौटाला बोले, सुप्रीम कोर्ट का छात्र हित में जो बयान कहा है वो संतोषजनक है। देश में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। पुलिस की प्रताड़ना पर सवाल खड़े किए। बीजेपी एक बड़ी गलतफहमी का शिकार थी। जब ये देश के चारों स्तंभ पर कंट्रोल करके राज करेगी तो चुनाव का अर्थ ही क्या रह जाएगा। 2029 में चुनाव क्यों होना चाहिए। फिर तो हम गुलाम प्रवृत्ति के हैं। चुनाव इसलिए होता है कि पिछले पांच साल का लेखा-जोखा लाया जाए। ये अहंकारजनक पार्टी है। इस छात्र आंदोलन में एके47 से गोलियां चली। बीजेपी अपनी आदतें सुधार ले, वरना जनता जल्द इनको सुधार देगी। जो कहते थे इस्तीफे नहीं होंगे, उनको घुटनों के बल इस्तीफे देने पड़े। बीजेपी के इंटेलिजेंस की रिपोर्ट थी और उनको पता चल गया कि जो उनका पक्का वोटर था, उनकी जड़ें हिल गई। शहर में बीजेपी का पक्का वोटर था, वो इस आंदोलन में शामिल था। कहीं ये वोटर हाथ से न चला जाए। इस डर के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। यहां तक कि मंत्रियों के बच्चों ने भी विरोध कर दिया। इनसो के स्थापना दिवस पर दिल्ली के संघर्ष के लोगों को निमंत्रण देंगे दिग्विजय बोले, हरियाणा पेपर लीक में अव्वल है। मैं स्वयं कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों से आह्वान करके आया हूं कि जब भी कोई आंदोलन करे तो हरियाणा को जोड़े। एचपीएससी में ज्यादा बाहर के लोग भर्ती हुए हैं। इनसो के 24वें स्थापना दिवस पर छात्र विजय दिवस के तौर पर मनाएंगे। इसका फैसला कल हिसार मीटिंग में लेंगे। इसके लिए हम दिल्ली के उस संघर्ष में जुड़े हुए लोगों को निमंत्रण देंगे। इसी के साथ छात्र संघ चुनाव बहाली का मुद्दा बनाएंगे। जब कॉलेज व यूनिवर्सिटी सूचारू हो जाएंगे तो संस्थानों में दौरा करेंगे और छात्रों को जागरूक करेंगे। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के समय में जो समझौता हुआ था, उस लेटर को मुद्दा बनाकर लड़ाई लड़ेंगे। आरोप शिक्षा बोर्ड में एचटेट की सीसीटीवी फुटेज डिलीट की दिग्विजय बोले, एचटेट में शिक्षा बोर्ड के अधिकारी मिल-जुलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इस पर तथ्यों के साथ चंडीगढ़ में पीसी करेंगे। शिक्षा बोर्ड में सीसीटीवी फुटेज गायब की गई है, जिसमें एक मैनेजर रैंक के अधिकारी की बोर्ड में ट्रांसफर कर दी गई। हाई कोर्ट का आदेश है कि जहां पेपर होते हैं, वहां की तीन माह की सीसीटीवी फुटेज रिकॉर्ड में रखनी जरूरी है। मगर शिक्षा बोर्ड के पास दो दिन की फुटेज है। शिक्षा मंत्री को जवाब देना चाहिए। शक है कि डीवीआर को भी रि-स्टोर कर दिया। एचटेट की सीसीटीवी फुटेज डिलिट खो जाने पर इंटरनल अफसरों में एक चिट्ठी भी शेयर हुई है। इस पर सीएम, मंत्री व बोर्ड के लोग स्पष्ट करे तो मैं माफी मांग लूंगा। एचटेट में टीचर ही पैसे देकर लगे होंगे तो फिर बच्चों को क्या पढाएंगे। आरोप-संस्थानों में संघ की क्लास लगा रहे सीईटी का मामला भी गंभीर है। गेस्ट टीचर को पक्का करने के बावजूद पूरा नहीं किया वादा, यूनिवर्सिटी का भगवाकरण हो रहा है, वो सहन नहीं होगा। आरोप लगाया कि सिरसा की यूनिवर्सिटी में ज्यादातर बड़े पदों पर आरएसएस के लोग बैठे हैं और संघ की क्लासें लगा रहे हैं। इसके लिए भी लड़ाई लड़ेंगे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सोमवार को अररिया में शिक्षा के निजीकरण और अन्य जनसरोकार से जुड़ी मांगों को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शहर के बस स्टैंड से शुरू होकर चांदनी चौक होते हुए समाहरणालय परिसर तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। समाहरणालय पहुंचने पर, CPI के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 15 सूत्री मांगपत्र जिला पदाधिकारी को सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि देश में शिक्षा का बढ़ता निजीकरण गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण से मुक्त कर सभी के लिए समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मांगपत्र में नई शिक्षा नीति की समीक्षा, सभी वर्गों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के बच्चों, दलित, आदिवासी तथा अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांगें प्रमुख थीं। आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पत्र में पार्टी ने मांगपत्र में आम जनता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी शामिल किया। नेताओं ने जोर दिया कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता बैनर और तख्तियां लेकर शामिल हुए। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आवश्यक इंतजाम किए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और जिला प्रशासन को मांगपत्र सौंपने के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।
रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने उत्तर- प्रदेश विधानसभा का दौरा किया। दोनों राज्यों ने अपने-अपने प्रदेश की शिक्षा और मेडिकल एजुकेशन को लेकर विचारों का आदान- प्रदान किया। जिसमें शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अच्छे मॉडल और अनुभवों का एक दूसरे के साथ आदान- प्रदान करने पर जोर दिया। कमेटी के चेयरमैन लक्ष्मण सिंह ने यह जानकारी दी। एक-दूसरे के बेहतर मॉडल अपनाने का आह्वान विधायक ने बताया कि बैठक में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी शिक्षा नीतियों, योजनाओं और नवाचारों को साझा। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या, विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों, शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षण प्रणाली तथा शिक्षा सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसका उद्देश्य दोनों राज्यों की शिक्षा प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन करना, एक-दूसरे के श्रेष्ठ अनुभवों से सीखना तथा विद्यार्थियों के हित में बेहतर नीतियों को बढ़ावा देना रहा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवाद से दोनों राज्यों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी। दोनों राज्यों की तरफ से दिया गया प्रस्तुतीकरण उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था के अध्ययन एवं अनुभव साझा करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में विधायक बलराम दांगी, विधायक शीशपाल सिंह, बिजेंद्र डहीना तथा विधानसभा के अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश सरकार एवं विधानसभा की ओर से मोहम्मद मसूद (एडवाइजर), पार्थ सारथी सेन (अपर मुख्य सचिव, शिक्षा), मोनिका रानी (निदेशक, स्कूल शिक्षा), कैप्टन मनीष रॉय, निधि श्रीवास्तव (स्पेशल सेक्रेटरी, शिक्षा) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एक साल के भीतर दो बार शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लिए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया था। इसके बाद से अब तक शिक्षा विभाग 31 दिसंबर के पहले होने वाली दो परीक्षाओं में से एक का भी शेड्यूल जारी नहीं कर सका है। उधर, जिस आरटीई में तय बिंदुओं के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 2028 तक हर साल दो-दो बार परीक्षा कराने का आदेश दिया है, आरटीई के उसी बिन्दु को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। यह चुनौती याचिका ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश (TWTA) द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 की धारा 23(2) के प्रथम एवं द्वितीय परंतुक (First Proviso एवं Second Proviso) को चुनौती देते हुए दायर की गई है। याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की डबल बेंच ने नोटिस जारी किया है। 29 मई 2026 को आया था आदेशएसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने बताया कि 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से पूर्व प्रदेश के सेवारत शिक्षक NCTE की वर्ष 2010 की अधिसूचना के अनुसार TET की अनिवार्यता से छूट प्राप्त होने का लाभ लेते रहे। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कहा कि NCTE की अधिसूचना RTE Act के वैधानिक प्रावधानों से ऊपर नहीं हो सकती। सिंगौर ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि अब तक किसी भी पक्ष द्वारा RTE Act की धारा 23(2) के दोनों परंतुकों को चुनौती नहीं दी गई थी। इसी पृष्ठभूमि में एसोसिएशन ने इन प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसी आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने 2028 तक हर साल दो बार परीक्षा कराने और इस अवधि में परीक्षा पास होने तक शिक्षकों को बार बार परीक्षा देने की छूट दी है। आरटीई के इन परंतुकों को दी गई चुनौतीयाचिका में कहा है कि जब तक NCTE की अधिसूचना प्रभावी थी, तब तक सेवारत शिक्षकों को TET से विधिसम्मत छूट प्राप्त थी। इसलिए उस अवधि में संबंधित वैधानिक प्रावधानों को चुनौती देने का कोई कारण उत्पन्न नहीं हुआ। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न नई कानूनी परिस्थिति में धारा 23(2) के दोनों परंतुकों को चुनौती देना आवश्यक हो गया है। सिंगौर ने बताया कि पहले परंतुक का मतलब है कि एनसीटीई ने जो योग्यता तय की है उसे शिक्षक को 5 साल में अर्जित करना होगा। वहीं दूसरे परंतुक का आशय यह है कि पूर्व से कार्यरत शिक्षक जो एनसीटीई की योग्यता अर्जित नहीं कर पाए हैं, उसके लिए चार साल का समय तय किया जाता है। सिंगौर के अनुसार याचिका में अंतरिम राहत की भी मांग की गई है। एसोसिएशन ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि अंतिम निर्णय होने तक ऐसे किसी भी सेवारत शिक्षक की सेवा समाप्त न की जाए, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है, ताकि उन्हें अपूरणीय क्षति से बचाया जा सके। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगीडीके सिंगौर ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की पीठ के समक्ष 14 जुलाई को सुनवाई हुई थी। एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल ने पक्ष प्रस्तुत किया जबकि केंद्र सरकार की ओर से ऑनलाइन माध्यम से सहायक सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन उपस्थित हुए। प्रकरण की अगली सुनवाई 31 अगस्त तय की गई है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश के सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सभी वैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रयास निरंतर जारी रखेगा।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने रविवार को पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष जताया, लेकिन सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को हर दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षकों से कहा- नए तरीकों से पढ़ाएं, बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाएं निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक, प्रभावी और रोचक शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाया जाए, ताकि उनमें सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित हो और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। खेलों में भागीदारी भी जरूरी, यहीं से निकलेंगे भविष्य के ओलंपियन महीपाल ढांडा ने कहा कि केवल किताबी शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को खेल गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल प्रतिभाओं की भूमि है और प्रदेश के स्कूलों से ही भविष्य के ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को 83 स्वर्ण पदक और 339 उपाधियां प्रदान की। समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम, कुलपति व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना होना चाहिए। डिग्री तभी सार्थक होगी, जब उससे अर्जित ज्ञान का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका और शोध सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि युवा ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेंगे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बेटियों का गोल्ड मेडल हासिल करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं, विशेष रूप से बेटियों की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास के लिए करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। 'ईमानदारी और अनुशासन सफलता की कुंजी' एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई शुरुआत है। अब छात्र-छात्राएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, ईमानदारी, सदाचार और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की अपील की। 'नशे की आदत विकसित भारत के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा' राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में जाने के दौरान उन्होंने कई छात्रावासों के पीछे शराब की बोतलों के ढेर देखे हैं और कई जगह छात्रों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती नजर आई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे की लत नहीं छोड़ेंगे तो स्वस्थ और विकसित समाज का निर्माण संभव नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे परिवार में पिछले चार दशक से चाय नहीं बनती। हमारे यहां कोई भी मेहमान आता है तो उसे नींबू पानी पिलाया जाता है।” मेस के भोजन की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की मेस व्यवस्था पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और कई बार एक्सपायरी सामग्री तक इस्तेमाल होने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कुलपति को निर्देश देते हुए कहा कि छात्रावास की मेस में बनने वाले भोजन की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए तथा विश्वसनीय विक्रेताओं से ही सामग्री खरीदी जाए। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर की कई कमियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में वॉशिंग मशीनों की संख्या पर्याप्त नहीं है, कपड़े सुखाने की उचित व्यवस्था नहीं है और सीवी रमन छात्रावास में पर्याप्त रोशनी का अभाव है। उन्होंने छात्रावासों की साफ-सफाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिसर में कई विकास कार्य बजट के अभाव में रुके हुए हैं। कारगिल विजय दिवस पर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कुलपति से इसका कारण पूछा। 'डिजिलॉकर से भ्रष्टाचार पर लगी रोक' राज्यपाल ने कहा कि पहले मार्कशीट या प्रमाणपत्रों में त्रुटियां ठीक कराने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और कई जगह भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि डिजिलॉकर व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या पर काफी हद तक रोक लगी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह गुजरात में शिक्षा मंत्री थीं, तब करीब 25 हजार फर्जी डिग्रियां निरस्त कराई गई थीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से फर्जी डिग्रियों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नोएडा में बच्चे की गड्ढे में डूबकर मौत, पिता वाइस-प्रिंसिपल ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे आव्यान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम वह घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। पढ़िए पूरी खबर…
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा ने कड़ा विरोध जताया है। अलीगढ़ के जिला मुख्यालय पर आज 27 जुलाई 2026 दिन सोमवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिला और महानगर पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें विश्वविद्यालय को बचाने की मांग की गई। सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और शिक्षा संस्थानों के प्रति नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाया। सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष सहजाद अल्वी ने बताया कि यह ज्ञापन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी के निर्देश पर सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। यदि इसमें कोई कमी या प्रशासनिक खामी है, तो संबंधित अधिकारियों को उसे दूर करना चाहिए, न कि संस्थान को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई करनी चाहिए। अल्वी ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के खिलाफ सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय के दस्तावेजों में ऐसी कोई कमी नहीं है जिसके आधार पर ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक आपत्ति है, तो उसका समाधान निकाला जाना चाहिए। सपा नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे शिक्षा विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश और देश के कई शैक्षणिक संस्थान बंद हुए हैं, और जौहर यूनिवर्सिटी पर यह कार्रवाई भी उसी सोच का हिस्सा प्रतीत होती है। नेताओं का कहना था कि शिक्षा के केंद्रों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। एडीए द्वारा निर्धारित समयसीमा और संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के संबंध में सहजाद अल्वी ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं रुकती है, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी को चेतावनी देते पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह वीडियो डीपफेक है
बूम ने पाया कि धर्मेंद्र प्रधान ने मूल वीडियो 18 जून को शेयर किया था, जिसमें वह ओड़िया में शीतल षष्ठी के त्यौहार पर बोल रहे हैं. कई AI डिटेक्शन टूल्स ने भी वायरल वीडियो के ऑडियो को एआई जनरेटेड बताया है.
मानसा में भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों की जीत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विजय रैली निकाली। यह रैली मानसा के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर आयोजित की गई। संगठन ने पहले 27 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में दिल्ली जाने की घोषणा की थी। नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने दिल्ली में लंबा संघर्ष किया था। इस दौरान उन पर कथित तौर पर लाठीचार्ज और अत्याचार की खबरें भी सामने आई थीं। छात्रों के आंदोलन को तब बड़ी सफलता मिली, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यूनियन नेता बोले- संगठन ने पहले दिल्ली जाने की घोषणा की थी भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, जगसीर सिंह जवाहरके और इंद्रजीत सिंह ने विजय रैली के दौरान बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने पहले छात्रों के समर्थन में दिल्ली जाने की घोषणा की थी, लेकिन छात्रों की जीत और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उन्होंने मानसा के डीसी कार्यालय के बाहर ही विजय रैली आयोजित कर छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया। किसान नेताओं ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि भविष्य में ऐसी कोई भी पेपर लीक घटना दोबारा न हो। नेताओं ने जोर दिया कि कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा फल मिलना चाहिए।
समग्र शिक्षा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में साल 2014-15 से व्यावसायिक शिक्षा का संचालन हो रहा है। इसमें काम कर रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों का कहना है कि, नए सत्र में री-टेंडरिंग की प्रक्रिया के कारण उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। शिक्षकों ने बताया कि, अगर प्रशिक्षण प्रदाता (वीटीपी) बदलता है तो वर्षों से काम कर रहे प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इतना ही नहीं उनकी पिछले सत्र की दो महीने की सैलरी भी नहीं दी गई। गवर्नमेंट और अधिकारियों से फरियाद लगाने के बाद शिक्षकों ने PCC प्रेसिडेंट दीपक बैज से मुलाकात कर पूरे मामले पर आवाज उठाने की मांग रखे। शिक्षकों का आरोप: एक्सटेंशन देने की बात हुई थी, अब नौकरी से निकाला ये शिक्षक कई बार अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि, निजी कंपनी की ओर उन्हें दो महीने का वेतन भी अब तक नहीं मिला है। शिक्षकों का आरोप है कि पहले मौखिक रूप से बताया गया था कि उनकी नौकरी आगे बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें लगातार पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि, एजेंसी ने उन्हें कहा है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी अपनी इच्छा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं, कई बार समग्र शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। प्रशिक्षकों की प्रमुख समस्याएं प्रशिक्षकों की मांग दीपक बैज बोले- आवाज उठाएंगे व्यावसायिक प्रशिक्षकों की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज से ने कहा- सरकार रोजगार नहीं दे रही है। और जिनके पास नौकरी है, उन्हें नौकरी से निकालने का काम हो रहा है। पूरे मामले को लेकर वो शिक्षकों का पक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया NSUI ने पूरे मामले पर समग्र शिक्षा कार्यालय का घेराव किया। लेकिन मांग सुनी गई। हमारी टीम बातचीत करेगी, चीजें सुधरी नहीं तो शिक्षकों और छात्रों के हित में आंदोलन किया जाएगा। समग्र शिक्षा का जवाब- एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही की गई थी भर्ती इस पूरे मामले पर समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि ये शिक्षक सीधे तौर पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। जो केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही थी और यह बात पहले से स्पष्ट की गई। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी शिक्षक का वेतन रोका गया है, तो उसका समाधान किया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन को लेकर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।
फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ द्वारा एक सप्ताह पहले आयोजित फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए नकल मामले को लेकर सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) और यूथ अकाली दल ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे और पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन में यूथ अकाली दल के पंजाब प्रधान सरबजीत सिंह झिंझर, अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लगातार पेपर लीक और नकल के मामले सामने आने से युवाओं का सरकारी भर्तियों पर भरोसा टूट रहा है। एक सप्ताह पहले रविवार को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ द्वारा आयोजित फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के दौरान एक नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने 26 लोगों को अरेस्ट किया पुलिस ने इस मामले में करीब 26 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के साथ बाहर बैठकर नकल करवाने वाले लोग भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने पहले अकाली दल को यूनिवर्सिटी गेट के समक्ष धरना देने से रोकना चाहा लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध पर प्रशासन पीछे हट गया। इस मौके पर बातचीत करते हुए सरबजीत सिंह झिंझर और परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि इस गंभीर मामले में सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस जवाबदेही तय नहीं की गई है। साथ ही पेपर लीक के उक्त मामले में सिर्फ नकल का मामला बताकर गोरखधंधे से जुड़े बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो शिरोमणि अकाली दल राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेगा।
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता व हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक एजेंसी की व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किया जाता, तब तक NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ लंबे समय से खाली पड़े विभागीय पदों को भरने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएंगे। झज्जर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गीता भुक्कल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस के संयुक्त संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री से अपील की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने और धरना देने के लिए मजबूर न होना पड़े। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देने की जरूरत पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने परिवार और देश से दूर होकर अवैध रास्तों से विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए देश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। भुक्कल ने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक माहौल मिलेगा तो वे नशे और अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां लागू करने की मांग की। रमेश जाखड़ बने कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष उधर, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष के रूप में रमेश जाखड़ को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस दौरान नवगठित जिला कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। विधायक गीता भुक्कल ने नई कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल पार्टी का सेवा संगठन है, जिसने हमेशा संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि झज्जर जिला कांग्रेस सेवा दल आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष रमेश जाखड़ ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन पर विश्वास जताकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, यह उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल सेवा भाव को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आमजन तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का काम करेगा। कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 4 राज्यों के शिक्षामंत्रियों का इस्तीफा मांगा जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि जहां भी गैर-एनडीए सरकारें हैं, उन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। वहां के शिक्षामंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्ष के नेता पंजाब, कर्नाटक, केरल और झारखंड में पेपर लीक पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। केरल में कांग्रेस की सरकार है, झारखंड में इंडी गठबंधन, पंजाब में AAP की सरकार है। इन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। इन नेताओं को अपनी पार्टी या गठबंधन के शिक्षामंत्रियों से इस्तीफा मांगना चाहिए। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र जुटे और पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे छात्रों कोगेट से बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रों ने गेट के पास ही बैठकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। 5 तस्वीरें देखिए- प्रदर्शन के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
भारत में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। सामाजिक विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (IASSI) की भूमिका विषय पर आधारित इस सम्मेलन की संयुक्त मेजबानी नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की ओर से की गई। नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों का जमावड़ा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ प्रोफेसरों, नीति निर्माताओं और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के दिग्गजों ने एक मंच पर आकर हिस्सा लिया। इस दौरान विदेश मंत्रालय भारत सरकार, और नालन्दा विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति सचिन चतुर्वेदी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। दिग्गजों ने देश में सामाजिक विज्ञान के वर्तमान स्वरूप और इसके भविष्य को लेकर गहन मंथन किया। रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई सम्मेलन में चर्चा के मुख्य बिंदु सामाजिक विज्ञान के समग्र विकास में शैक्षणिक और शोध संस्थानों की सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, थिंक-टैंक और शोध केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय व साझेदारी स्थापित करने के रणनीतिक उपायों पर चर्चा हुई। भारत में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान और शिक्षा के स्तर को उन्नत कर वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षाविदों का मानना है कि नालंदा विश्वविद्यालय और IASSI की यह संयुक्त पहल भारत में सामाजिक विज्ञान के परिदृश्य को आधुनिक बनाने और शोधकर्ताओं के लिए एक अधिक सहयोगी और मजबूत ढांचा तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
संसद के मानसून सत्र में आज यानी सोमवार को सपा और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा- सरकार छात्र-नौजवानों पर मुकदमे कर रही है। युवा चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, क्योंकि अब सरकार के लिए यही चेतना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले अखिलेश यादव ने कहा- विपक्ष एकजुट है। INDIA गठबंधन के सभी नेताओं एकजुट हैं। यह संघर्ष काफी बड़ा है। बीजेपी जब से सत्ता में आई है, उसने देश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। मैं युवाओं के मनोबल और उनकी चेतना की सराहना करता हूं। सरकार ने जो टास्क फोर्स अब बनाई है, उसका गठन तो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। 2014 से लेकर अब तक सरकार आखिर क्या कर रही थी? वहीं, सरकार लोकसभा में पेपर लीक पर सख्ती को लेकर 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इस पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- मुद्दा सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सरकार की नीति और नीयत का है। इस धांधली के असली दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उधर, सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा- पेपर लीक केवल सख्त कानून बनाने से नहीं रुक सकता। यह सारा घपला तब से बढ़ा है, जब से पूरी प्रक्रिया डिजिटल हुई है। जब व्यवस्था डिजिटल नहीं थी, तब इस तरह की बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां देखने को नहीं मिलती थीं। संसद में यूपी के सांसदों की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
सद्गुरू ऋतेश्वर महाराज रविवार रात जबलपुर जाते समय कुछ देर के लिए ललितपुर पहुंचे। हाईवे स्थित चंदेरा तिराहे पर उनके अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने देश में 'फ्यूजन शिक्षा पद्धति' लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था मैकाले की सोच पर आधारित है, जिसके कारण समाज में भारतीय मूल्यों का क्षरण हुआ है। उनका दावा था कि यदि शिक्षा में आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति का समावेश किया जाए तो नशाखोरी, भ्रष्टाचार और हिंसक प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी और आर्थिक सफलता तक सीमित हो गया है, जबकि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जो चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दे। उन्होंने चीन की तकनीकी और कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए वहां अपेक्षाकृत कम भ्रष्टाचार होने की बात भी कही। सरकार सनातन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्य कर रही वर्तमान सरकार के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी पुलिस व्यवस्था में बदलाव के प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार की नीयसरकार सनातन मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्य कर रहीत तथा नीति सकारात्मक है। शिक्षा मंत्री के विरोध में हुए छात्र आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। उनका कहना था कि यदि छात्रों को परीक्षा या पेपर लीक को लेकर शिकायत है तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों की आड़ में देश को अस्थिर करने का प्रयास किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मामलों में गृह मंत्रालय आवश्यक कार्रवाई करेगा। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है। उनके अनुसार, उन्हें विक्रमादित्य जैसा आदर्श शासन स्वीकार्य है, चाहे उसे हिंदू राष्ट्र कहा जाए या सनातन राष्ट्र। उनका मानना है कि वैदिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र ही विश्व को दिशा दे सकता है। हनुमान जी की झांकी और रैलियों में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का इस प्रकार प्रदर्शन करना उचित नहीं है। इस अवसर पर अजय तिवारी नीलू, कल्पनीत सिंह, जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री लखन यादव एडवोकेट, शत्रुघ्न यादव सहित कई अनुयायी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राजस्थान के तीन बड़े संभागों में शिक्षा विभाग की व्यवस्था अब एक अधिकारी, दो जिम्मेदारी के भरोसे चलेगी। पहले से ही जिले की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों के निरीक्षण, बजट और शिक्षकों से जुड़े कामों का बोझ संभाल रहे अधिकारियों पर अब पूरे संभाग की जिम्मेदारी भी डाल दी गई है। संयुक्त निदेशक के पद रिक्त होने के कारण शिक्षा विभाग ने उदयपुर, जोधपुर और भरतपुर संभाग में जिले की शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों को ही संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। इससे अधिकारियों पर काम का बोझ और बढ़ेगा और जिले व संभाग दोनों स्तरों के काम प्रभावित होने की आशंका है। एक तरफ ये अधिकारी अपने जिले के स्कूलों, निरीक्षण, बजट और शिक्षकों से जुड़े काम देखेंगे, वहीं दूसरी तरफ पूरे संभाग की पदोन्नति, पेंशन, स्थानांतरण और विभागीय जांच जैसे महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। शिक्षा विभाग (ग्रुप-2) के संयुक्त शासन सचिव महेंद्र कुमार खींची के अनुसार, उदयपुर के सीडीईओ वीरेन्द्र सिंह यादव को उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जोधपुर के डीईओ प्रारंभिक शिक्षा हिमन्त सिंह तंवर जोधपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का काम देखेंगे। वहीं भरतपुर के डीईओ माध्यमिक शिक्षा सुरेन्द्र कुमार गणगौरिया को 1 अगस्त से भरतपुर संभाग के संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जिम्मेदारी मिलने से काम का दबाव बढ़ना तय जिले के साथ संभाग का काम भी सीडीईओ और डीईओ की जिम्मेदारी पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी की है। इसमें स्कूलों का निरीक्षण, बजट, ब्लॉक अधिकारियों की मॉनिटरिंग और शिक्षकों की समस्याओं का निपटारा शामिल है। वहीं संयुक्त निदेशक पूरे संभाग की शिक्षा व्यवस्था के प्रशासनिक काम देखते हैं। संभाग स्तर पर शिक्षकों की पदोन्नति, पेंशन प्रकरण, स्थानांतरण और बड़ी विभागीय जांचों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी इसी स्तर पर होते हैं। अब एक ही अधिकारी को जिले और संभाग दोनों की जिम्मेदारी मिलने से काम का दबाव बढ़ना तय है। अधिकारियों को जिला स्तर के नियमित काम के साथ संभाग के कई जिलों से जुड़े मामलों की निगरानी भी करनी होगी। सबसे बड़ी चुनौती : समय और प्राथमिकता... अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि अधिकारी एक साथ जिला और संभाग के कामों को कितना समय दे पाते हैं। जिला स्तर पर स्कूलों के निरीक्षण और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी को लगातार दौरे करने होते हैं। दूसरी ओर संभाग स्तर पर बड़ी संख्या में फाइलों और प्रशासनिक मामलों का निपटारा करना होता है। ऐसे में दोनों जिम्मेदारियों के बीच प्राथमिकता तय करना चुनौतीपूर्ण होगा।
राजस्थान संस्कृत अकादमी ने अभिनव नवाचार किया है। अब वेद विद्यालयों में वेद के साथ ज्योतिष शिक्षा भी मिलेगी। राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधीन कार्यरत राजस्थान संस्कृत अकादमी ने वैदिक शिक्षा को आधुनिक और बहुआयामी बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब अकादमी की ओर से संचालित वेद विद्यालयों में पारंपरिक वेदाध्ययन, पौरोहित्य एवं कर्मकांड के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र की भी सुदृढ़ शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए 37 वेद विद्यालयों में 37 ज्योतिष विशेषज्ञ लगाए जाएंगे। खासबात यह है कि ज्योतिष शिक्षा पढ़ाने के लिए पहली बार सरकारी स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में ज्योतिष विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुआयामों में दक्ष बनाना और वैदिक व ज्योतिषीय अध्ययन के प्रति युवा पीढ़ी की रुचि बढ़ाना है।
सोनम वांगचुक का अनशन और शिक्षा सुधार का एजेंडा
भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार पर निर्भर नहीं हो सकता; इसके लिए नवाचार, जवाबदेही और उद्यमशीलता को जोड़ना होगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जाने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तिफा दे पड़ा। इसके बाद से पीएम व भाजपा की पूरी सरकार दावा कर रही है कि बच्चों की भावनाओं को देखते हुए ही मंत्री द्वारा इस्तिफा दिया गया है। इसी के चलते दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट किया। अपने ट्वीट में सीएम ने कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके सपनों, परिश्रम तथा आकांक्षाओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई, सशक्त कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
करनाल के गवर्नमेंट कॉलेज में आयोजित सम्मान सम्मेलन में प्रदेशभर से पहुंचे लेक्चररों के बीच शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जहां उनकी मांगों और मुद्दों को विस्तार से सुना गया। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की परेशानियों को गंभीरता से ले रही है और जल्द समाधान की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके। हरियाणा लेक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने मंच से शिक्षकों को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। लेक्चररों की समस्याओं पर सरकार गंभीर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इस सम्मेलन में हरियाणा के हजारों लेक्चरर पहुंचे हैं और उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं से सरकार को अवगत कराया है। सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है और प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक बिना किसी बाधा के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है। युवा आंदोलन पर विपक्ष को घेरा युवा आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उठे सवालों पर महिपाल ढांडा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पूरे मामले को केवल राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं। आंदोलन का मकसद छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए था, न कि सरकार पर दबाव बनाना। उन्होंने कहा कि जब यह महसूस हुआ कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें इस आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं और युवाओं को गुमराह किया जा सकता है, तब बड़ा फैसला लिया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे राजनीतिक जीत या हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे गए पत्र और युवाओं पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोकतंत्र का गला घोंटा गया था और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया था। इसके अलावा नसबंदी अभियान का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। महिपाल ढांडा ने कहा कि भाजपा ने हमेशा जनसंख्या को देश की ताकत के रूप में देखा है, न कि बोझ के रूप में। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बदलाव पर टिप्पणी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार प्रहलाद जोशी को दिए जाने पर महिपाल ढांडा ने कहा कि वे एक अनुभवी मंत्री हैं और इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के अनुभव पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि परीक्षाएं किसी मंत्री द्वारा नहीं बल्कि संबंधित एजेंसियों द्वारा कराई जाती हैं, ऐसे में हर घटना के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। आंदोलन को भटकाने की कोशिश का आरोप शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों के आंदोलन की आड़ में देश का माहौल खराब करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने ऐसे लोगों की पहचान की है जो पेशेवर तरीके से आंदोलन को हिंसक दिशा देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी माना था कि आंदोलन गलत दिशा में जा रहा था और घटनाओं की निंदा की थी। एसआईआर से चुनाव प्रक्रिया होगी पारदर्शी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम उसमें शामिल न हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से फर्जी वोटों पर रोक लगेगी और चुनाव प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। नई शिक्षा नीति लागू, अब दिखेगा असर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक इसे पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब इसका असर धीरे-धीरे शिक्षा व्यवस्था में दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। शिक्षकों के सम्मान से बढ़ेगा मनोबल कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों ने भी सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं और उम्मीद जताई कि जल्द समाधान होगा। सम्मेलन में सम्मानित किए गए शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उनका मनोबल बढ़ता है और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। कुल मिलाकर यह सम्मेलन शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी का भी मंच बना, जहां एक ओर शिक्षकों को राहत का भरोसा मिला, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर नीमच में जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार शाम विजय मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लाखों युवाओं और छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। विजय मार्च का आरंभ कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। विजय टॉकीज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार आतिशबाजी की और पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी। रैली का समापन भारत माता चौराहे पर हुआ। यहां नीट धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों की याद में मोमबत्तियां जलाई गईं। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विजय मार्च में जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, गजेंद्र यादव, मधु बंसल, ओम दीवान, मोनू लोकस, राकेश अहीर, योगेश प्रजापति, जावेद दुर्रानी, इलियास कुरैशी, मुकेश कालरा, बृजेश सक्सेना, नाथू सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, भानु प्रताप सिंह राठौड़, इकबाल कुरैशी, शराफत अली और पृथ्वी सिंह वर्मा सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को उकलाना हलके के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यदि नीट पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के चेयरमैन आलोक वर्मा भी अपने कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। 'एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में सबसे अधिक पेपर लीक हुए' उन्होंने आरोप लगाया कि एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में प्रदेश में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि एचपीएससी कार्यालय से करोड़ों रुपए की बरामदगी हुई और एचपीएससी और एचएसएससी से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने कहा कि हरियाणा पेपर लीक के मामलों में पूरे देश में बदनाम हुआ है और भाजपा सरकार की कार्यशैली खर्चा करो, पर्चा आउट कराओ जैसी बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी लेने और एचपीएससी चेयरमैन से तत्काल इस्तीफा दिलाने की मांग की। 'समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं' दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल आधी जीत है। जब तक देश की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार नहीं किए जाते, तब तक कांग्रेस छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं। उन्होंने भाजपा सरकार से छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के लिए देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की। 'प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही' सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। रोजगार के अवसर लगातार कम हुए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनता के दबाव का परिणाम है और युवाओं की आवाज ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया। हरियाणा की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेश से जुड़े चैनत मुद्दे पर की गई घोषणा से यह संदेश गया कि मुख्यमंत्री की भूमिका कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और हत्या, अपहरण तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री पंजाब में जाकर प्रचार में लगे और हरियाणा के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। 'भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए' उन्होंने हिसार एयरपोर्ट और जींद में शुरू की गई हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। लेकिन कई परियोजनाएं धरातल पर अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सकीं। उन्होंने कहा कि हिसार में यदि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े संस्थान स्थापित किए जाते हैं तो इससे पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने गांव बिठमड़ा पहुंचकर राजेश धत्तरवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी। इस अवसर पर सांसद जयप्रकाश, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक नरेश सेलवाल, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा तथा नरेंद्र खैरी सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिवहर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता और शिवहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नवनीत कुमार झा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के अहिंसक प्रदर्शन और एकजुट संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह 37 दिनों से जारी संघर्ष के बाद देश के युवाओं की जीत है। राजद नेता नवनीत कुमार झा ने सरकार से मांग की है कि नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही, 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं। उन्होंने नीट विवाद के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को सम्मानजनक वित्तीय सहायता प्रदान करने की बात कही। झा ने बताया कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और तिथियों में बदलाव से छात्रों और उनके अभिभावकों पर भारी मानसिक एवं आर्थिक दबाव पड़ा है, जिससे विद्यार्थियों के समय और संसाधनों की भी बर्बादी हुई है। नवनीत कुमार झा ने कहा कि परीक्षाओं के बार-बार आयोजन से छात्रों का बहुमूल्य शैक्षणिक वर्ष और तैयारी का समय प्रभावित होता है। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा संस्थाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को लेकर लोगों के विश्वास में कमी आने पर चिंता व्यक्त की। झा ने जोर दिया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल करने की आवश्यकता है।
बेमेतरा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बेमेतरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने विजय मार्च निकालकर खुशी जताई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में निकला जुलूस भारत माता चौक से शुरू होकर प्रताप चौक, सिग्नल चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। शहर में निकला विजय मार्च विजय मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए। पूरे मार्ग में उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इसे छात्रों के लंबे आंदोलन की सफलता बताया। छात्रों के संघर्ष की जीत पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के लाखों छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लंबे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और छात्रों के आंदोलन के कारण सरकार को आखिरकार निर्णय लेना पड़ा। राहुल गांधी का भी किया जिक्र आशीष छाबड़ा ने कहा कि छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। उनके अनुसार, पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा की जनता ने भी यह संदेश दिया है कि अन्याय के खिलाफ वह हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी। कांग्रेस का दावा कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को जवाब देना पड़ा। विजय मार्च के दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं के संघर्ष की सफलता बताया।
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के विज्ञापन में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि जुलाई 2026 के भीतर TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होता है तो शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार तारीखें बदली जा रही हैं और लाखों अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। ‘बदलते बयानों से 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी परेशान’ दिलीप कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री पहले कहते रहे कि जुलाई में किसी भी कीमत पर विज्ञापन जारी होगा, फिर कहा गया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक विज्ञापन आ जाएगा और बाद में बयान बदलकर यह कहा जाने लगा कि 25 जुलाई तक केवल अधियाचना आई। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने ही वादे पर कायम नहीं रह सकती तो शिक्षा मंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। दिलीप कुमार ने कहा, उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी महीनों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा बताने से बच रही है। 46 हजार पदों पर भर्ती का वादा निभाने की मांग छात्र नेता ने कहा, सरकार पहले करीब 46 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती निकालने की बात कह चुकी है। ऐसे में अब पदों की संख्या कम नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने वादे के अनुरूप सभी स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी करे, ताकि अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो सके। ‘विज्ञापन नहीं आया तो होगा लोकतांत्रिक आंदोलन’ दिलीप कुमार ने चेतावनी दी कि यदि जुलाई के भीतर TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग ने जुलाई में प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया था, इसलिए सरकार को अपने वादे पर अमल करना चाहिए। 25 जुलाई तक अधियाचना भेजने का दिया गया था निर्देश 7 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में TRE-4 की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। बैठक में अधिकारियों को 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेजने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल और तेज हो गया कि आखिर शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन कब जारी होगा, क्योंकि सरकार की ओर से अब तक इसकी कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने महम पहुंचकर दक्ष प्रजापति समाज के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का जिक्र किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी अपनी राय रखी। मंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने 136वें 'मन की बात' कार्यक्रम में देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में दक्ष प्रजापति समाज के योगदान का उल्लेख किया था। उन्होंने हाथ से बनी और मिट्टी से बनी वस्तुओं के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात दोहराई। शर्मा ने आगामी गणेश चतुर्थी पर मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियों का उपयोग करने का भी आह्वान किया। दक्ष प्रजापति कमेटी द्वारा सौंपी गई मांगों पर बात की अरविंद शर्मा ने दक्ष प्रजापति कमेटी द्वारा सौंपी गई मांगों पर भी बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और जल्द ही इन्हें पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। बोले- युवाओं के लिए बड़ी कुर्बानी दी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी मंत्री शर्मा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधान ने युवाओं के हित में एक 'बड़ी कुर्बानी' दी है। युवा गलत रास्ता ना अपनाएं शर्मा ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि युवाओं को किसी भी तरह का नुकसान न हो और वे गलत रास्ता न अपनाएं, साथ ही देश में अराजकता न फैले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है। प्रधानमंत्री ने भी युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है।
झालावाड़ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला। कांग्रेस कार्यालय से बस स्टैंड तक निकाली गई इस रैली में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन किया था। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के परिणामस्वरूप सरकार को झुकना पड़ा, जो छात्र और विपक्ष के एकजुट संघर्ष की सफलता का प्रमाण है। गुर्जर ने यह भी बताया कि राहुल गांधी हमेशा छात्रों के हितों के साथ खड़े रहे हैं। रैली में विधायक सुरेश गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा, कांग्रेस नेता नेमीचंद मीणा, पीसीसी सदस्य सिद्दीक गोरी, देवकीनंदन वर्मा, सैय्यद इमरान अली, ब्लॉक अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, फूल सिंह गुर्जर, संगठन महासचिव राजेश शर्मा, अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष जीएम सैयद, आमिर खान, फरीद चौधरी, एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष हेमंत बेरवा, चंद्रसिंह राणा, सेवादल जिलाध्यक्ष नंद सिंह राठौड़, प्रवक्ता ओम पाठक, ओमकारेश्वरम शर्मा एडवोकेट, कृष्णा राठौर, नगर अध्यक्ष मनोज राजपाल, अंबेश मीणा, नासिर पठान, विनय अस्तौलिया और पूर्व चेयरमैन बालकिशन बादल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जुलूस के दौरान एक साल पहले हुए पीपलोदी हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की स्मृति में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
जयपुर के हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र में शनिवार को 'अक्षय विद्यालय' की शुरुआत की गई। राजस्थान की बड़ी गौसेवा संस्थाओं में शामिल इस केंद्र ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते हुए स्कूल शुरू किया है। संस्थान का कहना है कि यहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी सीख दी जाएगी। विद्यालय का उद्घाटन राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुचरण गिल, गौ पुनर्वास केंद्र की हाईकोर्ट कमेटी के सदस्य विजय पूनिया और नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर ने किया। बच्चे राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन में अपनाएं उद्घाटन समारोह में गुरुचरण गिल ने बताया कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टर, इंजीनियर या अधिकारी बनाना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो ईमानदारी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना उद्देश्य उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार जुड़े हों तो समाज में नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व अपने आप विकसित होते हैं। विजय पूनिया और सौम्या गुर्जर ने विद्यालय की शुरुआत को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन, योग, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। संस्थान का उद्देश्य बच्चों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना है। बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत होगी गौ पुनर्वास केंद्र के ट्रस्टी रघुपति दास ने बताया कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह ज्ञान के साथ विवेक, करुणा, नैतिकता और सेवा का भाव भी विकसित करे। 'अक्षय विद्यालय' इसी सोच के साथ शुरू किया गया है, ताकि आने वाले समय में यह हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सके। कार्यक्रम में गौ पुनर्वास केंद्र के पदाधिकारी, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, गौसेवक, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का 28 जुलाई को प्रस्तावित रायपुर दौरा स्थगित कर दिया गया है। वे NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम और दिल्ली में लगातार बैठकों के कारण उनका दौरा टाल दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पायलट फिलहाल नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तय करने में व्यस्त हैं। इसी वजह से वे रायपुर नहीं आ सकेंगे। हालांकि, दौरा रद्द नहीं किया गया है और इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। रायपुर दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। बैठक में NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर चर्चा होनी थी। पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी प्रस्तावित थी। इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक घटनाक्रम NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी कारण सचिन पायलट का पूरा फोकस फिलहाल दिल्ली में चल रही बैठकों और आगे की रणनीति पर है। इसके चलते उनका रायपुर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 28 जुलाई को होना था रायपुर दौरा सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर आकर NEET मुद्दे पर आयोजित बैठक में शामिल होने वाले थे। इस दौरान वे कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों से चर्चा करने के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बने नए राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की व्यस्तता के चलते उनका दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, बल्कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद राजकुमार रोत ने राज्य सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, समान नागरिक संहिता (UCC) और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। आसपुर विधायक उमेश मीणा, जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत सहित पार्टी के अन्य नेताओं की मौजदूगी में सांसद रोत ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक हालिया बयान पर तंज कसते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का एक बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अगर केंद्र के शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देंगे, तो मैं भी दे दूंगा।' मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप अपना इस्तीफा कब दे रहे हैं? राजस्थान के युवाओं और शिक्षकों को केंद्र से ज़्यादा आपके इस्तीफे की ज़रूरत है, क्योंकि आपने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। यूएन में आदिवासियों की स्थिति और राष्ट्रीय पार्टियों की नीतिसंयुक्त राष्ट्र संघ में देश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करने के बाद डूंगरपुर लौटने पर सांसद रोत ने आदिवासियों के अधिकारों की पैरवी का जिक्र करते हुए रोत ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्रीय पार्टियां आदिवासियों को केवल वोट बैंक समझती हैं। मानगढ़ धाम पर आकर कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता कहते हैं कि आदिवासी यहां के मूल निवासी हैं, लेकिन विश्व पटल (UN) पर भारत सरकार 1982 से लगातार यह बयान देती आ रही है कि भारत में कोई विशेष आदिवासी समुदाय नहीं रहता। यह आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठन पूरे देश के आदिवासी इलाकों में जन-जागरण अभियान चलाएंगे और राष्ट्रीय पार्टियों के इस दोहरे रवैये का पर्दाफाश करेंगे। यूसीसी के नाम पर धार्मिक राजनीति का आरोपयूसीसी (Uniform Civil Code) के मुद्दे पर बोलते हुए रोत ने उदयपुर से बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर कड़ा विरोध जताया।रोत ने कहा कि बीजेपी राजस्थान में यूसीसी के नाम पर धर्म का कार्ड खेल रही है और आदिवासियों को आपस में लड़ाने की साजिश रच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी और धर्म दोनों अलग विषय हैं और इस तरह की भेदभावपूर्ण नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा संघर्ष खत्म हो गया। लेकिन अब इसी मुद्दे पर पंजाब की राजनीति भी गर्मा गई है। बॉलीवुड कलाकार श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दीपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? अब शिक्षामंत्री ने क्या कहा 6 प्वाइंट में जानिए देश का युवा जागरूक हैआप सभी को बहुत मुबारकबाद। बिग कांग्रेचुलेशंस और सेल्यूट है। यह धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की बात नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि इस देश का युवा आज भी जागरूक है। क्योंकि पिछले कुछ सालों में जिस तरीके की प्रोपोगेंडा मूवीस आ रही थी। अगर कोई भी आवाज उठाए अगर वो पंजाब से उसको खालिस्तानी बोल दो। अगर वो लेह लदाख से उसको चाइनीज़ एजेंट बोल दो या अगर आप इनके खिलाफ बोलेंगे तो आपको देशद्रोही आपको एंटीनेशनल आपको फॉरेन फंडेड बता दिया जाएगा। लेकिन इस संघर्ष ने कॉन्फिडेंस दिया।आवर कंट्रीज इन सेफ एंड इंडिया है। पंजाब में नकल का केस, पेपर लीक नहीं दूसरी चीज अंध भगत गलत जानकारी दे रहे हैं। इन लोगों की अपनी एल्गोरिदम होती है और उसी दुनिया में ये लोग जीते हैं। मेरा आईटी सेल नहीं। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, मेरी अपनी आवाज है। अब यह कह रहे है पंजाब में भी एक पेपर लीक हुआ है। फर्स्ट थिंग फार्मेसी पेपर लीक नहीं था। वह नकल का मामला था। जो लोग बच्चे चीटिंग कर रहे थे उनको मौके पर पकड़ लिया। दूसरा ये है कि यह डिपार्टमेंट मेरा नहीं है। वो मेरे फेलो कलीग का डिपार्टमेंट है। पर कैबिनेट की कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। इसलिए भाग नहीं सकते है। ये लोग बोलेंगे पूरा अब मैं मैं देख रहा हूं । कुछ अंध भक्त मुझे टैग कर कर के कि अच्छा जी अच्छा ये फार्मेसी। यह मेरा डिपार्टमेंट नहीं है। सेकंड थिंग एंड इट वाज़ नॉट अ पेपर लीक। संघर्ष मैं अकेला शिक्षामंत्री शामिल हुआ तीसरी चीज है जी के पूरे देश में बहुत सारे नेता इस संघर्ष में शामिल हुए। मैं पूरे देश अकेला वर्किंग एजुकेशन मिनिस्टर हूं, जो धरने में शामिल हुआ। मैं स्टेज पे नहीं गया। मैं बच्चों के बीच रहा । शाम को बच्चे वायलेंस रिसोर्ट करने लगे। उन्हें समझाया इस मूवमेंट न खत्म नहीं करना। इस मूवमेंट जीना है। दो तीन दिन पहले से इस्तीफे बारे में पूछा गया। । मैंने कहा कि अगर मेरे इस्तीफे से एजुकेशन सिस्टम ठीक होता है तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। जो कहूंगा गूगन पर चैक कर लेना अंधभक्त झूठे दावे कर रहे हैं। पंजाब को बदनाम नहीं करना है। पिछली सरकारों में यह उड़ता पंजाब रहा होगा, अब यह पढ़ता पंजाब है। अगले एक मिनट जो कह रहे त फैक्ट्स है उसे आप गूगल चैट जीपीटी क्लॉड ग्रॉक चैक कर लेना। अकेले एक मिनट में जो कहना है, वह फैक्ट आप गूगल, चैटजीपीटी या ग्रोक कहीं पर भी चेक कर लेना। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार साल में पंजाब नंबर एक है। पहले 27वें नंबर पर था। 2500 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। पूरे स्कूल वाई फाई किए हैमैं पूरे देश में सबसे ज्यादा स्कूल इंस्पेक्शन करने वाला मंत्री हूं। कोई भी शिक्षा मंत्री बनने के लिए तैयार नहीं होता। पंजाब में इसे धरने वाला महकमा कहते हैं। कांटों का ताज माना जाता है, लेकिन मैंने इसे चुना। हमने पूरे पंजाब को वाई-फाई किया। सुरक्षा का इंतजाम किया। बस सर्विस शुरू की। पंजाब ने दो दिन पहले एआई को मेनस्ट्रीम बना दिया। नीट देने वाले 881 बच्चों से मिलेंगे। कोई और राज्य यह डेटा नहीं दे सकता। पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा। नीट टॉपर पंजाब से है। मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आए आप हरजोत बैंस को गाली दे दो, लेकिन पंजाब को गाली नहीं देने दूंगा। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे तैयार हों। पंजाब इस देश को राह दिखा रहा है। हम चाहते हैं कि पूरे देश के शिक्षा मंत्री यहां आएं। हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि पेपर लीक न हो। एजुकेशन मेरा पैशन है। मैं मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आया था। राजनीति में बदलाव लाने के लएि आए थे। पिछले चार में काफी कुद किया ळै।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शनिवार शाम को बारां में जिला कांग्रेस कमेटी ने 'विजय मार्च' निकाला। यह मार्च छात्र-युवाओं के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए प्रताप चौक पहुंचा। इसमें कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-युवाओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान छात्रों-युवाओं के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने को लेकर नारे लगाए गए। सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्षजिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि इस 'विजय मार्च' का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने किया। भाया ने अपने संबोधन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, जिससे सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना है।उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस जनता के हितों के लिए सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा ने इस मार्च को देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा शिक्षा, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। देश का युवा चाहता है बदलाव जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने कहा कि देश का युवा बदलाव चाहता है और कांग्रेस उसकी आवाज बनकर लगातार संघर्ष कर रही है। पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को देश के भविष्य के लिए आवश्यक बताया, जबकि पूर्व विधायक निर्मला सहरिया ने युवाओं की उम्मीदों और विश्वास की रक्षा को सरकार की जिम्मेदारी ठहराया। कार्यक्रम का समापन प्रताप चौक पर हुआ, जहां कांग्रेस नेताओं ने छात्रों और युवाओं के हितों के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस दौरान जिला, ब्लॉक, नगर व मंडल कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और युवा मौजूद रहे।
CJP ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को दी चेतावनी; कहा- युवाओं की नजरें आप पर हैं
सीजेपी ने सरकार से अपने पांच सूत्रीय शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना अब नई शिक्षा नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छात्रों को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस ने रविवार सुबह शिक्षा मंत्री के आवास तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता अर्द्धनग्न होकर अपने हाथों में गुलाब के फूल लेकर मंत्री के घर की ओर बढ़े। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मदन दिलावर के आवास से कुछ दूरी पर पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। छात्रों को गुंडा बताने को बर्दाश्त नहीं करेंगे कांग्रेस नेता पवन मीणा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य और हमारे छात्र जब जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे, तो मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें गुंडे कह दिया। देश के भविष्य को इस तरह गुंडा बताना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज हम सभी कांग्रेसी गुलाब का फूल लेकर आए हैं ताकि मंत्री जी इस फूल की खुशबू को सूंघें और उनके दिमाग में छात्रों के प्रति भरी नकारात्मकता और बदबू दूर हो सके। आतंकी हमलों पर दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती पवन मीणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राज्य के शिक्षा मंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देश के सैनिकों पर आतंकी हमले होते हैं, तब मदन दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती। लेकिन अपने हक की बात करने वाले छात्रों को वे अपशब्द कहते हैं। अब मदन दिलावर के इस्तीफे की बारी उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह देश भर के विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठी, ठीक उसी प्रकार अब मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की बारी है। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते और अपना पद नहीं छोड़ते, यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। अब प्रदेश में शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चूरू में जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार देर शाम विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर व देहात ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मंडेलिया हाउस से शुरू होकर वीरगति स्मारक तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज मेघवाल के नेतृत्व में निकले इस जुलूस के समापन पर वीरगति स्मारक पर नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले युवाओं को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलनसुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल और तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया ने इस अवसर पर कहा कि यह लड़ाई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशानुसार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए यह आंदोलन बड़े स्तर पर जारी रहेगा। नेताओं ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह यह भ्रम न पाले कि यह अभियान थम गया है। उन्होंने इस जीत को देश के युवाओं और विपक्षी दलों की एकजुटता का परिणाम बताया। इस कार्यक्रम में केशरीचंद शर्मा, पीसीसी सचिव रियाजत खान, संजय कस्वां, दिनेश कस्वां, जमील चौहान सहित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, पार्षद और जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीतामढ़ी में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। डुमरा प्रखंड के पड़री में करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने संयुक्त रूप से रिमोट का बटन दबाकर भवन का उद्घाटन किया। नवनिर्मित भवन के शुरू होने से जिले में पारा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने में मदद मिलेगी। सांसद और जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारी रहे मौजूद लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सांसद देवेशचंद्र ठाकुर, एमएलसी रेखा कुमारी, वरिष्ठ नेता वंशीधर ब्रजवासी और प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। भवन के लोकार्पण को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान पारा मेडिकल शिक्षा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। छात्रों को पढ़ाई के साथ रहने की भी सुविधा पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन शुरू होने से छात्र-छात्राओं को एक ही परिसर में पढ़ाई और रहने की सुविधा मिल सकेगी। आवासीय व्यवस्था होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अभी कई विद्यार्थियों को पारा मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में जिले में बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने जिले में ही प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन का उद्देश्य पारा मेडिकल शिक्षा को बेहतर आधार देना है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार होने की उम्मीद है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में डॉक्टरों के साथ-साथ प्रशिक्षित पारा मेडिकल कर्मियों की भी अहम भूमिका होती है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल, जांच और अन्य चिकित्सा सेवाओं में पारा मेडिकल कर्मी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में जिले में पारा मेडिकल शिक्षा का विस्तार होने से भविष्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ सकती है। इसका सीधा फायदा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलने की उम्मीद है। नए भवन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलने की संभावना है। सांसद बोले- युवाओं के लिए बड़ी सौगात कार्यक्रम के दौरान सांसद देवेशचंद्र ठाकुर ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन को सीतामढ़ी के युवाओं के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि इस भवन से जिले के विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण और रहने की सुविधा मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे खासकर ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। सांसद ने उम्मीद जताई कि यह संस्थान जिले में दक्ष स्वास्थ्यकर्मियों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आधुनिक संस्थानों और प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत है। पारा मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलने से इस दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले को मिलेगी मजबूती पारा मेडिकल सह छात्रावास के निर्माण को जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। भवन के शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ रहने की सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नए भवन के संचालन से आने वाले समय में जिले में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। अतिथियों ने भवन का किया अवलोकन वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने नवनिर्मित भवन का अवलोकन किया। उन्होंने भवन में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने भवन से संबंधित जानकारी जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को दी। अतिथियों ने इसे सीतामढ़ी में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह भवन आने वाले समय में पारा मेडिकल शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ पारा मेडिकल सह छात्रावास के शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को सबसे बड़ा फायदा स्थानीय स्तर पर मिलने वाले अवसर के रूप में होगा। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी। साथ ही रहने की सुविधा उपलब्ध होने से दूर-दराज के विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई करना आसान होगा। भवन के संचालन के साथ जिले में पारा मेडिकल शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे प्रशिक्षित युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी कुशल मानव संसाधन तैयार होगा। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसे सीतामढ़ी के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उम्मीद जताई गई कि आने वाले समय में इस संस्थान से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थी जिले और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देंगे।
सलूंबर जिले के हजारों अभ्यर्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 27 जुलाई से 30 जुलाई तक जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, सलूम्बर कार्यालय में चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि, समय और आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने की अपील की है। जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने बताया- काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, आरक्षण संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ लाने का आग्रह किया। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले काउंसलिंग स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। जारी कार्यक्रम के अनुसार, 27 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 1 से 100 तक के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसके बाद 28 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 101 से 225 तक और 29 जुलाई को 226 से 313 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। प्रत्येक दिन प्रातः 9:30 बजे पंजीकरण शुरू होगा और 11:00 बजे से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि और समय का पालन करना सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें काउंसलिंग प्रक्रिया के सफल आयोजन और आगामी नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। विभाग ने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल विभाग द्वारा जारी अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार ही काउंसलिंग में शामिल होने की अपील की है।
नीट परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन की सफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद डीडवाना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय एवं शांति मार्च निकाला। इस दौरान जश्न मनाया गया। पूर्व विधायक चेतन डूडी के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र शामिल हुए। यह विजय मार्च पूर्व विधायक चेतन डूडी के आवास से शुरू हुआ। यह शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए पुरानी पंचायत समिति परिसर पहुंचा। मार्च में शामिल लोग हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर छात्र एकता के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलिमार्च का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हुआ। यहां कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाकर नीट परीक्षा में कथित धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना भी की गई। इस कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि, पार्षद और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस विजय मार्च के दौरान युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग दोहराई।
धौलपुर में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर विजय मार्च निकाला। इस मार्च को कांग्रेस नेताओं ने देश के लाखों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए संघर्ष का परिणाम भी बताया। विजय मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और धौलपुर विधायक संजय कुमार जाटव तथा धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाहा ने किया। यह मार्च शाम 7 बजे जगन चौराहे से शुरू हुआ। गांधी पार्क में हुआ समापनमार्च सराय गजरा रोड, सेठ प्रताप सिंह मार्ग, पुराना डाकखाना चौराहा, लाल बाजार, हनुमान तिराहा और पुरानी सब्जी मंडी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसका समापन गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार जाटव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लाखों विद्यार्थियों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं की आवाज शुरू से उठाई है। देश तानाशाही से नहीं, लोकतंत्र से चलता हैजाटव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए लगातार संघर्ष के कारण केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भविष्य में भी छात्रों और युवाओं के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी। विधायक शोभारानी कुशवाहा ने कहा कि यह देश तानाशाही से नहीं, बल्कि लोकतंत्र से चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस सड़क से संसद तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की। विजय मार्च में बाड़ी विधानसभा प्रत्याशी प्रशांत परमार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित साकेत बिहारी शर्मा, पूर्व प्रधान रामलखन मीणा, मोनू जादौन, लाखन सिंह खिड़ोरा सहित कई जिला कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कोटपूतली में शनिवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विशाल मशाल और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विजय जुलूस निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में यह प्रदर्शन पंचायत समिति परिसर के पास से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मुख्य चौराहे तक पहुंचा। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, प्रदेश महासचिव देव कसाना, डॉ. आरसी यादव, ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश सैनी और महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष मंजू रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता हाथों में मशालें लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्य चौराहे पर आयोजित सभा को जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं और सरकार को युवाओं का विश्वास बहाल करना चाहिए। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित व्यवहार की निंदा की। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 36 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जालोर में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला, जबकि दोनों संगठनों ने अलग-अलग जगह आतिशबाजी की और मिठाई बांटी। नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की जीत बताया। कांग्रेस ने कैंडल लेकर निकाला विजय मार्च जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार शाम संजय नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन से कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला गया। रैली अस्पताल चौराहे पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि सबसे पहले देश के छात्रों को बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो महीने से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के सामने सरकार को झुकना पड़ा और छात्रों की मांगें मानी गईं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के सहयोग से छात्रों की जीत हुई है। इस दौरान आहोर प्रत्याशी सरोज चौधरी, योगेंद्र सिंह कुम्पावत, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल, सवाराम चौधरी, सुरेश मेघवाल, बसंत सुथार, जुल्फिकार अली भुट्टो, लक्ष्मण सांखला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। शिवसेना ने भी पटाखे फोड़कर मनाई खुशी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद शिवसेना (यूबीटी) के जालोर जिला कार्यालय धवला रोड पर भी कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और पटाखे फोड़े। शिवसेना (यूबीटी) के जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र 36 दिनों तक आंदोलन करते रहे और यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद कई छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को शिवसेना (यूबीटी) का पूर्ण समर्थन था। इस दौरान शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, उप शहर प्रमुख रामसिंह राव, सूरज बामणिया, दिनेश राणा, योगी शेषनाथ, मेवनाथ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भीलवाड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) ने विजय मार्च निकाला। पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में मार्च सूचना केंद्र से शुरू हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र संगठन तिरंगा और तख्तियां लेकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचे। यहां बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च का समापन किया गया। इस दौरान युवाओं ने पटाखे भी चलाए और नारेबाजी की। सूचना केंद्र से शुरू हुआ विजय मार्च विजय मार्च के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा सूचना केंद्र पर एकत्रित हुए। इसके बाद रामलाल जाट के नेतृत्व में सभी लोग शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल की ओर रवाना हुए। मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्र संगठनों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां ले रखी थीं। इस दौरान लगातार नारेबाजी की गई। छात्र-युवा एकता के समर्थन में नारे लगाए विजय मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल गांधी के संघर्ष के समर्थन में नारे लगाए। इसके साथ ही छात्र-युवा एकता के समर्थन में भी नारेबाजी की गई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने उत्साह के साथ पटाखे चलाए। मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। रामलाल जाट बोले- छात्रों के संघर्ष की सफलता पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और देश के युवाओं व छात्रों के लगातार संघर्ष की ऐतिहासिक सफलता के मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) की ओर से विजय मार्च निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के धैर्य और जननायक राहुल गांधी के लगातार संघर्ष की जीत है। कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और छात्रों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। अंबेडकर सर्कल पर किया माल्यार्पण विजय मार्च सूचना केंद्र से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही विजय मार्च का समापन हुआ।
अररिया में नीट पेपर लीक प्रकरण में कथित रूप से जान गंवाने वाले 22 छात्रों की स्मृति में शनिवार को अररिया जिला कांग्रेस कमेटी ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च जिला अध्यक्ष मासूम रेजा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के लिए न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। मार्च नेताजी सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर चांदनी चौक होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल पर शाम करीब 7:45 बजे पहुंचा। यहां उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई श्रद्धांजलि सभा के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के उपलक्ष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चांदनी चौक पर विजयी जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मासूम रेज़ा ने इस अवसर पर कहा कि यह संघर्ष केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की लड़ाई बताया। परिजन को एक-एक करोड़ देने का मांग रेजा ने मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित 22 छात्रों के प्रत्येक परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन ने सत्ता को झुकने पर मजबूर किया है, जिसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया गया। मासूम रेज़ा ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाया और छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा। अपने संबोधन में, मासूम रेज़ा ने अररिया की बेटी ज्याश्री का भी उल्लेख किया, जो कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्याश्री की हत्या के मामले में अब तक परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
मऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार शाम NEET पेपर लीक मामले के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। शाम करीब 7:30 बजे जिला कार्यालय हकीकतपुरा से शुरू हुआ यह मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मृत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। मार्च के बाद अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर सभा का आयोजन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि ऐसे मामलों से लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे। मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने न्यायपूर्ण, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।
गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिस्तर से विक्ट्री साइन दिखाते हुए पहला रिएक्शन दिया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और साफ किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए आगे के सुधारों की शुरुआत है। गुरुग्राम में मीडिया और अपने सहयोगियों से बातचीत करते हुए वांगचुक ने साफ किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की एक व्यापक शुरुआत है। अब देश को चलाने का तरीका पूरी तरह बदलेगा और अन्याय की जगह सत्य का शासन स्थापित होगा। एक इस्तीफे से राष्ट्र नहीं बनता सोनम वांगचुक ने कहा कि एक इस्तीफे से राष्ट्र नहीं बनता है। यह तो केवल व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का पहला कदम है। असली चुनौती तो इसके बाद शुरू होती है, जहां हमें जमीन पर उतरकर बुनियादी सुधार का काम करने की जरूरत है। किसी एक चेहरे के बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि नियमों और नीयत को बदलना जरूरी होता है। शिक्षा से लेकर शासन तक बदलाव वांगचुक ने कहा कि देश की शिक्षा में सुधार होना चाहिए। सुधार सिर्फ शिक्षा में नहीं, बल्कि शासन में भी होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही, नीतियों में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी को बढ़ाना उनके आगे के प्लान का मुख्य हिस्सा है। वांगचुक ने तीन प्वाइंट में बताया अपना प्लान भ्रष्टाचार को हटाने की बात कही उन्होंने कहा कि व्यवस्था में जहां कहीं भी, जिस रूप में भी भ्रष्टाचार है, उसे हटाया जाएगा। अब देश किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई या नीतिगत बेईमानी को बर्दाश्त नहीं करेगा। भ्रष्टाचार के हर छोटे-बड़े स्वरूप को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कड़े नियमों, पूर्ण पारदर्शिता और तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जनता के हक पर डाका डालने वाले हर रास्ते को बंद करके ही एक न्यायपूर्ण और पारदर्शी राष्ट्र का निर्माण संभव है। लद्दाख और जम्मू कश्मीर से किए वादों को याद दिलाया उन्होंने कहा कि लद्दाख के अनूठे पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण की रक्षा के लिए लद्दाख के पहाड़ों को संरक्षित करने की मांग पूरी की जाए। इन संवेदनशील ग्लेशियरों और पहाड़ों को औद्योगिक शोषण से बचाना देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, वहां के नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए जो प्रक्रिया चली है, उसे ईमानदारी से चलाया जाए। स्थानीय जनता को शासन में पूरी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कुछ कोशिशें हो रही हैं, उसे छोड़कर जनता के साथ प्यार-मोहब्बत से मिलकर हम सीमाओं को सुदृढ़ करें। जब तक सीमाओं पर रहने वाले नागरिक सुरक्षित और संतुष्ट महसूस नहीं करेंगे, तब तक देश की सुरक्षा अधूरी रहेगी। हमारे पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के लोगों से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा किया जाए। वहां के नागरिकों को पूर्ण राज्य का दर्जा और लोकतांत्रिक स्थिरता का जो भरोसा दिया गया था, उसे समय पर पूरा करना केंद्र सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। वादों को ईमानदारी से निभाने पर ही दोनों क्षेत्रों में शांति, विश्वास और भाईचारे का एक नया युग शुरू होगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन, प्रियंका चोपड़ा ने यूं जताई खुशी
देशभर में नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद अहम और ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर ...
नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सोच अच्छी, लेकिन जमीनी अमल अभी बहुत धीमा : सुकृति सूरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए दृष्टिबाधित छात्रा सुकृति सूरी ने कहा कि नीति की सोच और उद्देश्य सकारात्मक हैं, लेकिन इसका प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

