डिजिटल समाचार स्रोत

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प्रारंभिक शिक्षा में खेल अधिकारियों के पद सृजन हेतु बारां में सौंपा ज्ञापन

राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खेल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की मांग की।

प्रातःकाल 10 Apr 2026 4:18 pm

नोहर: शिक्षा निदेशालय बीकानेर की टीम ने असरजाना स्कूल में परखी प्रवेशोत्सव की प्रगति

सहायक निदेशक धर्मेंद्र दनेवा के नेतृत्व में अधिकारियों ने हाउस होल्ड सर्वे और नामांकन रिकॉर्ड की समीक्षा कर डिजिटल नवाचारों पर संतोष जताया।

प्रातःकाल 10 Apr 2026 3:05 pm

धार भोजशाला में 24 घंटे पूजा के अधिकार की मांग:सर्वे में बताया यहां संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी; हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के तर्क पूरे, आज फिर सुनवाई

धार स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखा और एएसआई सर्वे के आधार पर भोजशाला को सरस्वती मंदिर बताया। जैन ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1902 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए सर्वे में यह सिद्ध हो चुका है कि भोजशाला एक मंदिर है, जहां संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में भी यह स्थान भोजशाला के रूप में दर्ज है। करीब एक घंटे तक जैन ने एएसआई रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को यहां 24 घंटे पूजा करने का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष 2003 के आदेश में संशोधन जरूरी है। इसके साथ ही हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से तर्क पूरे हो गए। सर्वे में मिले धार्मिक चिन्हों का हवाला जैन ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में कोर्ट के आदेश पर 98 दिन तक चला सर्वे भी इस बात की पुष्टि करता है। सर्वे में दीवारों और खंभों पर भगवान गणेश, ब्रह्मा, नरसिंह सहित पशु आकृतियों के चित्र मिले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मस्जिदों में इस प्रकार के चिन्ह नहीं बनाए जाते। साथ ही त्रिशूल मिलने का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन डेटिंग से यह साबित होता है कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से पहले का है और मंदिर के पत्थरों का उपयोग बाद में मस्जिद निर्माण में किया गया। मेहराब बाद में बनाए जाने का दावा जैन के मुताबिक सर्वे में यह भी सामने आया कि मस्जिद में उपयोग किए गए खंभे मूल रूप से भोजशाला के ही हिस्से थे, जबकि दीवारों पर बने मेहराब बाद में जोड़े गए। आज फिर होगी सुनवाई गुरुवार को सुनवाई के दौरान दूसरे याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से वकील ने बताया कि वे हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के तर्कों का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ अतिरिक्त बिंदु भी रखना चाहते हैं। दस्तावेज स्कैन नहीं होने के कारण वे शुक्रवार को विस्तृत तर्क पेश करेंगे। कोर्ट अब इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 7:03 am

भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और शिक्षा नीति पर सीआईएसटी में बैठक

विदिशा| सीआईएसटी कॉलेज परिसर स्थित महावीर अध्ययन केंद्र में बैठक हुई। भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता, शिक्षा नीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता विनय दीक्षित रहे। धीरेन्द्र चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अध्यक्षता विभाग प्रमुख जनार्दन सिंह चौहान ने की। शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद संस्था प्रमुख, सेवा भारती के जिला प्रमुख आनंद शरण ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में महावीर अध्ययन मंडल प्रमुख राहुल विश्वकर्मा मौजूद रहे। छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। अध्ययन मंडल के सदस्यों ने पिछले चार माह की गतिविधियों की समीक्षा रखी। चर्चा में भारतीय संस्कृति के स्वरूप जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को भारत की संस्कृति, मूल्यों को समझना चाहिए। समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

आत्मानंद स्कूलों में अब लगेगी सालाना 1500 रुपए फीस:स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में सेजेस स्कूलों के प्राचार्यों को नए प्रस्ताव की दी गई जानकारी

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल (सेजेस) में अब पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने इन स्कूलों में शासकीय स्कूलों की तर्ज पर फीस लेने की तैयारी कर ली है। इसके तहत 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना करीब 1500 रुपए तक फीस देनी होगी। इसमें लगभग 450 रुपए स्कूल फीस और शेष राशि शाला विकास समिति के मद में ली जाएगी। राज्य में वर्ष 2020 से शुरू हुए आत्मानंद स्कूलों की संख्या बढ़कर अब 751 हो गई है। गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेशभर के प्राचार्यों की बैठक लेकर स्कूलों की समीक्षा की। इस दौरान शासन की ओर से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल के प्राचार्यों को छात्रों से फीस लेने संबंधी व्यवस्था की जानकारी दी गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों की जो सकारात्मक छवि बनी है, उसे बनाए रखना जरूरी है। इन बिंदुओं पर हुई समीक्षाबोर्ड रिजल्ट, प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षा के लिए लक्ष्य निर्धारण, एडमिशन, अंग्रेजी भाषा में विद्या​र्थियों की दक्षता पर विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, पीटीए आयोजन की सफलता की समीक्षा, पालक अधिकारी द्वारा किए गए प्रयास की समीक्षा, विद्यालय के वातावरण को आकर्षक बनाने में विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, स्मार्ट क्लास रूम व पुस्तकालय का उपयोग। अनुदान फिर से 5 लाख रुपएसरकार ने स्कूलों को मिलने वाले अनुदान को फिर से 5 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। पहले यह राशि घटाकर 2 लाख कर दी गई थी। प्राचार्यों ने बताया कि मौजूदा अनुदान से साफ-सफाई, स्टेशनरी, परीक्षा और रखरखाव जैसे जरूरी खर्च भी पूरे नहीं हो पाते हैं। माह में एक दिन इंग्लिश स्पीकिंग डेस्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्रों पर विशेष फोकस करें। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखा जाए। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर इंग्लिश स्पीकिंग डे मनाया जाएगा। एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा का द्वार : आज फिर घर-घर पहुंचेंगे शिक्षक, अब तक 10,841 बच्चों ने थामी सरकारी स्कूल की राह

उदयपुर| सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग का सघन प्रवेशोत्सव अभियान शुक्रवार को तीसरी बार आयोजित होने जा रहा है। इससे पहले 27 मार्च और 6 अप्रैल को भी यह अभियान चलाया जा चुका है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 10 अप्रैल को शिक्षक 'हाउस होल्ड सर्वे' के लिए घर-घर पहुंचेंगे और ड्रॉपआउट या शिक्षा से वंचित बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। अभियान के इस सघन चरण से ठीक पहले, प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अब तक के आंकड़े उत्साहजनक हैं। दोनों विभागों की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक कुल 10,841 बच्चों का सरकारी स्कूलों में नामांकन हो चुका है। इस चरण में शिक्षकों की टीमें विशेष रूप से उन घरों को लक्षित करेंगी, जहाँ बच्चे किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सर्वे के जरिए बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार उचित कक्षा में सीधे प्रवेश दिलाया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस तीसरे चरण के बाद नामांकन के आंकड़ों में बड़ा उछाल आएगा। जिला िशक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती ने बताया कि सभी शिक्षक पूरी मेहनत से नियमानुसार प्रवेशोत्सव का कार्य कर रहे हैं तो जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक चन्द्रशेखर जोशी का कहना है कि नव प्रवेश इतनी अच्छी संख्या में होना अच्छा संकेत है। अगले चरणों में भी इसका लाभ मिलेगा। नामांकन का गणित: अब तक कुल 10,841 प्रवेश कक्षा 1: 3,820 विद्यार्थी, कक्षा 2: 208 विद्यार्थी, कक्षा 3: 127 विद्यार्थी, कक्षा 4: 116 विद्यार्थी, कक्षा 5: 162 विद्यार्थी, कक्षा 6: 1,266 विद्यार्थी, कक्षा 7: 162 विद्यार्थी, कक्षा 8: 149 विद्यार्थी {प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8): जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) की 9 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 6,012 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इनमें 3,100 छात्र और 2,912 छात्राएं शामिल हैं। {माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 1 से 12): माध्यमिक शिक्षा के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अब तक कुल 4,829 बच्चों का दाखिला हुआ है। खेरवाड़ा ब्लॉक में सर्वाधिक 1,215 प्रवेश हुआ, भींडर ब्लॉक में 706 प्रवेश और वल्लभनगर ब्लॉक में 700 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों पर निर्णय लें:हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को दो माह का समय दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनूप कुमार सिंह व अन्य की याचिका सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से दलील दी गई कि सरकार के 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 के शासनादेशों के तहत पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र दिया गया है और याचियों का दावा संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा फैसला लें सरकारी वकील ने याचियों की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने तथ्यों और पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याचियों के दावे पर नियमानुसार विचार कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2005 तक चयनित ऐसे शिक्षा मित्र जो बाद की सीधी भर्तियों में अध्यापक बन गए हैं, उन्होंने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरा है जिस पर शासन को निर्णय लेना है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 12:55 am

शिक्षा मंत्री ने किए मां बगलामुखी के दर्शन:कहा- बच्चों को स्कूल पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य; टीईटी परीक्षा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह गुरुवार देर शाम नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन कर विशेष पूजन-अर्चना की। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत कर माता की तस्वीर भेंट की। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री ने नए शिक्षा सत्र की प्राथमिकताओं और शिक्षकों से जुड़े कानूनी मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए संसाधन जुटाएगी सरकार मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समय पर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में छात्रों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को देंगे बेहतर माहौल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का ध्यान केवल दाखिले पर ही नहीं, बल्कि बच्चों को मिलने वाली शिक्षा के स्तर को भी ऊंचा उठाने पर है। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। टीईटी परीक्षा को बताया सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस परीक्षा के लिए बाध्य नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की पहल नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है। यदि किसी को इस संबंध में आपत्ति या आग्रह है, तो उन्हें कोर्ट में अपनी बात रखनी होगी। विधायक और जिला पदाधिकारी रहे मौजूद मंदिर प्रवास के दौरान शाजापुर विधायक अरुण भीमावद और भाजपा के वरिष्ठ जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिलीप सकलेचा और जिला महामंत्री रामेश्वर तेजरा सहित अन्य नेताओं ने मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:23 pm

बुरहानपुर पॉलिटेक्निक में 2.23 करोड़ से बनेगा आधुनिक वर्कशॉप भवन:बढ़ेगी तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता, छात्रों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे

बुरहानपुर जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जीजा माता शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बुरहानपुर में कार्यशाला भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपए की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति न केवल संस्थान की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक, उन्नत और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। विधायक अर्चना चिटनिस के सतत प्रयासों से यह राशि स्वीकृत हुई है। उन्होंने इस विषय को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ उठाया और महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगाविधायक ने बताया कि प्रस्तावित कार्यशाला भवन में आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए उन्नत संसाधन स्थापित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:20 pm

गूंज संस्थान ने रा.प्रा.वि. बुझा को लेनोवो टैब दिया, डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

संस्थान की प्रतिनिधि सिंटू कंवर ने विद्यालय को तकनीकी संसाधन सौंपे, शिक्षक विवेक खत्री और रतनलाल मीणा ने जताया आभार।

प्रातःकाल 9 Apr 2026 8:32 pm

यूपी में शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी:एक अप्रैल से लागू; एक लाख 67 हजार कर्मियों को फायदा

योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश गुरुवार शाम जारी कर दिया है। शिक्षा मित्रों की सैलरी 10 हजार और अनुदेशकों की सैलरी 9 हजार रुपए बढ़ाई गई है। अब शिक्षा मित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षा मित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षा मित्र और 24,717 हजार अनुदेशक हैं। इस तरह एक लाख 67 हजार कर्मचारियों को फायदा मिला है। 9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ी है। बीते दिनों CM योगी ने कहा था, अब शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी होगा। शिक्षा मित्र और उनके परिवार को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। बीते मंगलवार को CM योगी ने कैबिनेट मीटिंग में सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया था। गुरुवार को शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को आदेश की कॉपी भेज दी है। सरकार का ऑर्डर पढ़िए… शिक्षा मित्रों के नाम अखिलेश ने लिखा लेटर कहा- हमारे समय में 40 हजार मिलता था यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाए जाने पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि हमारे समय में 40 हजार मिलता था, लेकिन 9 साल की प्रताड़ना और शिक्षा मित्रों की एकजुटता के बाद और चुनाव में हार के डर से एक हजार रुपए का एहसान किया है। उन्होंने अपील की कि आने वाले चुनाव में हर विधानसभा से शिक्षा मित्र परिवार 22000 वोट कटवाएं। अखिलेश ने शिक्षा मित्रों के नाम एक लेटर भी लिखा है। हूबहू पढ़िए... प्रिय शिक्षा मित्रों, हमारे समय में आपको 40,000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षा मित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18,000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे। भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षा मित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षा मित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के खिलाफ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे, क्योंकि सबसे ज्यादा ज्यादती शिक्षा मित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षा मित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं। हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षा मित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षा मित्र’ पढ़ा-समझा जाए। जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहां मुंह छिपाएगी? पीडीए सरकार आने पर शिक्षा मित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षा मित्र कोई उम्मीद न करें। शिक्षा मित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा! छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश! आपका अखिलेश अब 3 पॉइंट में जानिए शिक्षा मित्रों का अब तक का सफर… 2017 में दोगुना हुआ था अनुदेशकों का मानदेय, नहीं हुआ लागूअनुदेशकों का मानदेय वर्ष 2017 में करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस निर्णय को लागू नहीं किया गया। इसके विरोध में अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायर की थी। लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने अनुदेशकों को 17,000 रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए 17,000 रुपए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें यूपी सरकार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के खिलाफ थी। साथ ही यह आदेश दिया है कि अनुदेशकों की नौकरी खत्म न की जाए। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने साफ कहा कि संविदा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। 10 साल से लगातार काम करने की वजह से यह पद ऑटोमैटिक तरीके से सृजित है। अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय 2017 से लागू किया जाए। शिक्षा मित्रों का 25 जुलाई 2017 को हुआ था समायोजन रद्दयूपी में 2001 से शिक्षा मित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। सपा की सरकार ने 2013-14 में शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। जिनका समायोजन नहीं हुआ। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को इन शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द करने का आदेश दिया। सपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। सहायक अध्यापक से फिर शिक्षा मित्र बना दिए गएसुप्रीम कोर्ट के आदेश से एक साथ 1.78 लाख सहायक अध्यापक फिर शिक्षा मित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपए वेतन पाने वाले फिर 3500 रुपए महीने के मानदेय पर आ गए। इसके खिलाफ प्रदेश भर से आए शिक्षा मित्रों ने लखनऊ में गोमती के तट पर बड़ा आंदोलन किया। आंदोलन के बाद सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए महीने करने की घोषणा की। शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता देने के लिए 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा भी की। शिक्षा मित्रों को आयु सीमा के साथ 25 बोनस अंक भी दिए गए। उसके बाद 2019 में फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा की। इसमें भी शिक्षा मित्रों को आयु सीमा में छूट के साथ बोनस अंक दिए गए। दोनों भर्ती में करीब 13 हजार से अधिक शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने। --------------------- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे को मार डाला:पति के पास जाने की जिद कर रही थी; झांसी में गोली मारकर पुलिस ने पकड़ा झांसी में गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे की हत्या के आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। 40 साल के आरोपी चतुर्भुज पटेल उर्फ दीपक ने 2 अप्रैल की रात लिव-इन में रहने वाली नीलू देवी (30) और उसके बेटे कृष्णा को कुल्हाड़ी से काट डाला था। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:27 pm

शाजापुर में 58 करोड़ के स्कूल भवन का उद्घाटन:शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षक पात्रता पर विधि विभाग से ले रहे सलाह

शाजापुर में सरदार वल्लभभाई पटेल सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। 58 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस भवन का उद्घाटन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने बैंड और पुष्पवर्षा कर मंत्री का स्वागत किया। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति के महत्व पर भी बात की। कार्यक्रम में महेंद्र सिंह सोलंकी और अरुण भीमावद सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यालय के विकास के लिए पानी की टंकी, हॉल के आधुनिकीकरण और प्रतिमा स्थापना जैसे कई कार्यों की घोषणाएं की गईं। शाजापुर दौरे पर आए मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसे आधुनिक भवन उपलब्ध कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार कर रही है। सरकार ले रही विधि विभाग से सलाह शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा करवाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में विधि विभाग से सलाह ले रही है, ताकि शिक्षकों के हित में कोई समाधान निकाला जा सके। मंत्री ने तर्क दिया कि जो शिक्षक वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं और तत्कालीन भर्ती मापदंडों को पूरा कर नियुक्त हुए थे, उनके लिए इतने वर्षों बाद पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना अनुचित है। सांदीपनि विद्यालय के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री उदय प्रताप सिंह दोपहर 3 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां स्कूल और परिवहन विभाग की जिला स्तरीय बैठक में भाग लिया।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:18 pm

प्रकाश जायसवाल बोले- शिक्षा ही सर्वांगीण विकास का एकमात्र सशक्त माध्यम

बंबोरी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ब्लॉक स्तरीय प्रवेशोत्सव आयोजित, स्काउट-गाइड और शिक्षा सहकारी सभा ने रैली निकालकर ग्रामीणों को किया जागरूक।

प्रातःकाल 9 Apr 2026 8:12 pm

माधव विश्वविद्यालय सिरोही में खेल और शिक्षा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के 78 शिक्षाविद और शोधार्थी सतत विकास व तकनीकी नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं।

प्रातःकाल 9 Apr 2026 6:36 pm

कोडरमा में सरकारी CBSE स्कूल बना मॉडल:अब 1-12वीं तक होगी पढ़ाई, नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से अभिभावकों को राहत

कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित सीडी गर्ल्स मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अब पूरी तरह से सीबीएसई आधारित विद्यालय बन गया है। यह जिले का पहला सरकारी स्कूल है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राओं को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जा रही है। इस पहल से उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। पहले इस विद्यालय में केवल कक्षा 9वीं से 12वीं तक सीबीएसई के तहत पढ़ाई होती थी, लेकिन अब शिक्षा विभाग के निर्णय के बाद इसे प्राथमिक स्तर तक विस्तारित कर दिया गया है। इससे छात्राओं को शुरुआती कक्षाओं से ही बेहतर और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल, अंग्रेजी माध्यम पर जोर राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत इस विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब, बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब जैसी उन्नत शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही इंडोर स्पोर्ट्स रूम और तीन आईसीटी रूम भी बनाए गए हैं। अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। विद्यालय के प्राचार्य शशि कुमार ने बताया कि सीबीएसई मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल छोटे बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकें। नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से राहत इस सरकारी स्कूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क है और एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। वर्तमान में निजी सीबीएसई स्कूलों की बढ़ती फीस और महंगी किताबों के कारण अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह स्कूल एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है। विद्यालय में कुल 42 शिक्षक कार्यरत हैं, जो विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित हैं। नामांकन के लिए भी पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 1 से 7 तक प्रत्येक वर्ग में 40-40 सीटें निर्धारित हैं, जबकि 11वीं में आर्ट्स में 120, साइंस और कॉमर्स में 60-60 सीटें हैं। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 10:49 am

पंजाब के स्कूलों में ऑनलाइन ट्रैकर सिस्टम शुरू:बच्चों की गैरहाजिरी पर पेरेंट्स को आएगा मैसेज, शिक्षा मंत्री ने समर्थ प्रोजेक्ट किया लॉन्च

पंजाब सरकार की तरफ से आज से राज्य के 18,000 सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर सिस्टम लागू किया गया है। जिससे अब बच्चों के स्कूल से गैरहाजिर रहने पर उनके पेरेंट्स के पास मैसेज जाएगा। अगर बच्चा तीन दिन से ज्यादा गैरहाजिर रहता है, तो स्कूल की तरफ से पेरेंट्स को कॉल की जाएगी। यदि यह सिलसिला बढ़ता है तो 15 दिन के बाद जिला व फिर मुख्यालय के अधिकारी बात करेंगे। यह दावा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया। उन्होंने बताया कि आज यह सिस्टम लॉन्च कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों की सिक्योरिटी भी मजबूत होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सारे स्टूडेंट्स कवर होंगे। सरकारी स्कूलों में 30 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। वहीं, समर्थ प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबें मुहैया करवाईं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 2022 में जब वह मंत्री बने थे तो उन्हें पता चला था कि सितंबर-अक्टूबर तक किताबें स्कूलों में नहीं पहुंचती थीं और फोटोस्टेट से बच्चों को पढ़ाया जाता था। लेकिन आप सरकार के आते ही सिस्टम में सुधार किया गया। इसके लिए स्ट्रेटजी बनाकर काम किया गया है। इस बार फरवरी में किताबें स्कूलों तक पहुंचाई गईं। इसके बाद अब प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबों के बंडल बनाकर एक अप्रैल को बच्चों को सौंपा गया है, जिससे अब पढ़ाई शुरू हो गई है। शिक्षा क्षेत्र में नंबर एक पर शिक्षा विभाग का दावा है कि PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक स्थान पर रहा है। पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ के अगले चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, चार वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और स्कूलों में कई नई पहल शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने यह काम भी किया पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर 19,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत 118 आधुनिक स्कूल स्थापित किए हैं। इसके अलावा, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड तथा IIM अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की है। NAS 2024 की रैंकिंग में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:56 am

'दरभंगा को शिक्षा का हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध':जिले में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी; सांसद बोले- छात्रों के लिए वरदान साबित होगा

केंद्र सरकार से दरभंगा में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी मिल गई है। इस पर स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने खुशी जताई है। इसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। सांसद ने कहा कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी, जिसमें दरभंगा का केंद्रीय विद्यालय-3 (एम्स) भी शामिल है। अब इस विद्यालय को शुरू करने की स्वीकृति मिलना केंद्र की मोदी सरकार की दूरदर्शी पहल का प्रमाण है। प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई हनुमाननगर प्रखंड स्थित +2 उच्च विद्यालय, कोलहंटा पटोरी में संचालित की जाएगी। साथ ही सभी आवश्यक औपचारिकताओं को एक माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार दरभंगा को शैक्षणिक गरिमा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों के लिए वरदान साबित होगा गोपालजी ठाकुर ने आगे कहा कि एम्स के पास गोढ़इला मौजा के पटोरी में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण में तेजी लाने और शिक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने को लेकर लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री से संपर्क में रहे हैं। उनके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। जब तक विद्यालय का स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाई शुरू करने का केंद्र सरकार का निर्णय क्षेत्र के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा। मिथिला क्षेत्र में शिक्षा, ज्ञान परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:34 am

नूंह DEEO को हरियाणा शिक्षा निदेशालय की फटकार:प्रमोशन केस भेजने में देरी, कल तक नहीं भेजने पर होगी कार्रवाई

हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने मेवात (नूंह) जिले में टीजीटी/सीएंडवी से पीजीटी पदों पर पदोन्नति मामलों में देरी को गंभीरता से लिया है। विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नूंह को कड़े निर्देश जारी करते हुए 10 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के पत्र अनुसार, विभाग ने पहले भी 30 दिसंबर 2025 और 11 मार्च 2026 को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 24 मार्च 2026 तक मांगी गई जानकारी विभाग को प्राप्त नहीं हुई, जिससे आदेशों की अनदेखी सामने आई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित पदोन्नति केस नहीं भेजे गए, तो इसे जान-बूझकर देरी मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए निर्देशों में क्या कहा गया…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 7:51 am

पात्रता परीक्षा रोकने सरकार सुप्रीम कोर्ट में रखेगी पक्ष:कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया आश्वस्त; कहा- अहित नहीं होने देंगे

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य कर्मचारी संघ और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में शिक्षकों की विपरीत कोई भी निर्णय नहीं करेगी। शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप से मुलाकात कर समस्याएं बताईं। प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप शिक्षा मंत्री से पात्रता परीक्षा को लेकर प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखा तथा सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट मे पक्ष रखने का आग्रह किया। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षकों के साथ है, हम शिक्षकों के पक्ष में पूरी तरह से खड़े हुए हैं। सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करेगी राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनिल भार्गव वायु ने जानकारी दी है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में कोई भी शिक्षकों की विपरीत निर्णय नहीं करेगी। प्रतिनिधि मंडल मे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव एवं प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि “प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। हमें विश्वास है कि सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए न्याय दिलाएगी।” शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखेंगे मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़ ने भी कहा कि “शिक्षकों का पक्ष पूरी मजबूती से रखा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि “सरकार के सकारात्मक रुख से प्रदेश के शिक्षकों में विश्वास मजबूत हुआ है। हम सभी शिक्षक एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं और न्याय मिलने की पूरी आशा है।”

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 5:30 am

वार्षिक बैठक में शिक्षा, रोजगार व सामाजिक चेतना पर जोर दिया गया

भास्कर न्यूज | पाण्डुका अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा/हल्बी समाज गड़ बिंद्रा नवागढ़ परिक्षेत्र की वार्षिक बैठक पोंड पाण्डुका में आयोजित की गई। बैठक में जिले के लगभग 25 गांवों के सभी सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति/पितृशक्ति, कर्मचारी प्रकोष्ठ, युवा और युवती प्रभाग की उपस्थिति रही। बैठक की शुरुआत आराध्य देवी माई दंतेश्वरी, महात्मा सावित्री ज्योतिबा फूले, भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर, शहीद गैंदसिंह नायक और सुखदेव (पातर) हल्बा के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण पूजा अर्चना से हुई। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पीला चावल का टीका और गुलाल लगाकर किया गया। नन्हीं बच्चियों ने आदिवासी संस्कृति से जुड़ी गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभा को मनमोहक बनाया और उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बैठक का उद्देश्य सालभर का आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना, समाज को संगठित करना, स्वतंत्रता, समानता, मानवता, एकता और भाईचारे की भावना जागृत करना था। साथ ही समाज में शिक्षा, रोजगार के अवसर प्रदान करना, मोबाइल फोन का सदुपयोग, नशा निवारण और सामाजिक प्रकरणों पर चर्चा की गई। मातृशक्ति ने आगामी जाति जनगणना पर ध्यान देने और शिक्षा, रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने समाज में दुर्व्यसन की ओर बढ़ते कदम पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रत्येक गांव में कार्यशाला आयोजित कर इसके दुष्परिणाम रोकने और आदिवासी रीति-नीति, संस्कृति एवं परंपराओं को संजोकर रखने पर जोर दिया। बैठक में गढ़ अध्यक्ष जैतराम नाग ने समाज को संगठित करने पर अपने विचार रखे। गढ़ सचिव पोखराज चिंडा द्वारा सामाजिक विकास उत्थान पर चर्चा की गई। सलाहकार बोधन कांशी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सिहावा संभाग उपाध्यक्ष लीलाम्बर सोम ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अपनी चिंता जाहिर किये। कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रोहित बोर्झा ने महिलाओ को रोजगार सृजन कर शसक्त समाज निर्माण पर अपनी बाते रखी। बैठक में सभी ने समाज को संगठित करने, सामाजिक विकास को बढ़ावा देने और परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 5:30 am

आगरा कैंट-असारवा सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी:हफ्ते 5 दिन चलेगी, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आगरा रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए आगरा कैंट-असारवा सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया है। इस ट्रेन को केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने हरी झंडी दिखाकर असारवा की ओर रवाना किया। इस ट्रेन के नियमित संचालन से आगरा और अहमदाबाद के बीच सीधी कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को बिना बदलकर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। ट्रेन का शुभारंभ करते हुए बघेल ने कहा-प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का धन्यवाद देना चाहुंगा, आगरा के जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर आगरा से असारवा अहमदाबाद से आगरा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। आगरा से अब ये ट्रेन हफ्ते में 5 दिन चलेगी। शाम 6:45 बजे हरी झंडी दिखाई गई है, ये सुबह अहमदाबाद पहुंचेगी। आगरा के पर्यटन को अहमदाबाद की औद्योगिक से जोड़ेगी। हमारे इलाके के बच्चे और लोग बड़ी संख्या में लोग अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे लोगों को यात्रा करने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यहां के जो कपड़ा व्यापारी हैं वे अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस व अन्य छोटे जिले जो भी हैं उन व्यापारियों को गुजरात जाने के लिए काफी लाभ मिलेगा। मंगलवार और बुधवार को छोड़ कर ये ट्रेन चलेगी। एजुकेशन का हब अहमदाबाद बहुत बड़ा है तो आगरा के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। इस ट्रेन के शुभारंभ से आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अहमदाबाद और सुरत जाने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेन का समय गाड़ी सं.- 20178 आगरा कैंट - असारवा: आगरा कैंट से 18:45 बजे प्रस्थान करेगी, असारवा पर 11:00 आगमनगाड़ी सं.- 20177 असारवा- आगरा कैंट: असारवा से 15:00 प्रस्थान, आगरा कैंट स्टेशन पर 07:15 आगमन

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 12:31 am

सोनभद्र में शिक्षामित्र के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:आदिवासी महिला को भगाने और अपने पास रखने का आरोप

सोनभद्र में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश एक आदिवासी महिला को कथित तौर पर भगाकर अपने पास रखने के मामले में दिया गया है। अदालत ने प्रभारी निरीक्षक मांची को एफआईआर दर्ज करने और सीओ से मामले की विवेचना कराने का निर्देश दिया है।साथ ही, न्यायालय को परिणाम से अवगत कराने को भी कहा है। यह आदेश मांची थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आदिवासी व्यक्ति द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से दाखिल 173 (4) बीएनएसएस प्रार्थना पत्र पर दिया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी 4 नवंबर 2025 को अचानक गायब हो गई थी। कई जगह तलाश करने के बाद भी जब पत्नी का पता नहीं चला, तो 20 नवंबर 2025 को मांची थाना क्षेत्र के पल्हारी गांव निवासी शिक्षामित्र संतोष यादव की पत्नी और गांव के लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी को शिक्षामित्र संतोष यादव भगाकर ले गया है। संतोष यादव पनौरा में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत है। इस जानकारी के बाद, पीड़ित 21 नवंबर 2025 को पनौरा विद्यालय में शिक्षामित्र संतोष यादव से मिला। जब उसने अपनी पत्नी के बारे में पूछताछ की,तो संतोष यादव ने उसका हाथ पकड़कर उसे विद्यालय के बाहर खींच लिया। आरोप है कि संतोष यादव ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे पटक दिया,जिससे उसे चोटें आईं। पीड़ित के अनुसार, संतोष यादव ने उसे जान से मारने और उसकी पत्नी को राजस्थान में बेचने की धमकी भी दी। राहगीरों ने इस घटना को देखा और बीच-बचाव किया। पीड़ित ने उसी दिन पनौरा चौकी पर सूचना दी,लेकिन उसे मांची थाने जाने को कहा गया। मांची थाने के दीवान ने कोर्ट से आदेश लाने पर ही कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद, 24 नवंबर 2025 को पीड़ित ने एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से घटना की सूचना भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।अदालत ने अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस द्वारा विवेचना कराया जाना आवश्यक समझा और प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही प्रभारी निरीक्षक मांची को पनौरा के शिक्षामित्र संतोष यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सीओ से विवेचना कराने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 8:49 pm

चाइल्ड–केयर संस्थाओं में रह रहे बच्चें भी स्कूल जाएंगे:हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग का फैसला, हर जिले में बनेगी विशेष समिति

उत्तर प्रदेश सरकार ने चाइल्ड केयर (सीसीआई) संस्थाओं में रह रहे बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने का निर्णय लिया है। उम्र के अनुसार इन बच्चों को उचित कक्षा में दाखिला दिलाना अनिवार्य कर दिया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की जुवेनाइल जस्टिस कमिटी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। सीडीओ की अध्यक्षता में हर जिले में बनेगी समिति अपर मुख्य सचिव पाथ सारथी सेन शर्मा ने 8 अप्रैल को सभी डीएम को जारी पत्र में कहा है कि सीसीआई में रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें नियमित स्कूलों में भर्ती किया जाए। इसके लिए हर जिले में जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) करेंगे। समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला परीक्षा अधिकारी शामिल होंगे। 8वीं तक बीएसए तो 9वीं से ऊपर के लिए डीआईओएस जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव ने कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और कक्षा 9वीं से ऊपर के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक जिम्मेदार होंगे। हर नए बच्चे के आने पर तुरंत स्कूल एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे बच्चों की पढ़ाई में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए व्यापक एजुकेशनल मैपिंग कराई जाएगी। बच्चे की उम्र के अनुसार उन्हें कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में आया विभाग मामला उच्च न्यायालय की जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के 13 फरवरी 2026 के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने साफ कहा था कि चाइल्ड केयर संस्थाओं में रह रहे बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें। सरकार ने कोर्ट के आदेश को गंभीरता से लेते हुए यह पत्र जारी किया है। अपर मुख्य सचिव पाथ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों को स्कूल भेजने में कोई लापरवाही न बरती जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से भी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाते थे ऐसे बच्चे चाइल्ड केयर संस्थाओं में अनाथ, असहाय, परित्यक्त और जरूरतमंद बच्चे रहते हैं। पहले इन बच्चों की पढ़ाई संस्था के अंदर ही कराई जाती थी। अब सरकार का प्रयास है कि ये बच्चे सामान्य स्कूली बच्चों की तरह नियमित स्कूल जाएं, दोस्त बनाएं और मुख्यधारा में शामिल हों।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 8:25 pm

महावीर इंटरनेशनल पद्मिनी ग्रुप ने निंबाहेड़ा में छात्र की शिक्षा का खर्च उठाया

ग्रुप सदस्य वीरा कल्पना चपलोत ने छात्र भविष्य प्रकाश की वार्षिक फीस और शैक्षणिक सामग्री का वहन कर पढ़ाई जारी रखने में सहयोग किया।

प्रातःकाल 8 Apr 2026 8:03 pm

यमुनानगर में 2 सांसदों ने ली अधिकारियों की बैठक:बाढ़ रोकथाम-सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, शिक्षा व्यवस्था में मिली खामियां

यमुनानगर में आज जिला सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल और अंबाला के सांसद वरुण चौधरी ने की। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि जिले को विकसित बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मॉनसून को देखते हुए बाढ़ की संभावित स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। हर साल स्टोन पिचिंग जैसे अस्थायी उपायों के बावजूद बाढ़ की समस्या बने रहने पर सवाल उठाए गए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नदियों और नालों की डी-सिल्टिंग प्रभावी और स्थायी तरीके से कराई जाए, ताकि भविष्य में इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, शिक्षकों की भारी कमी शिक्षा विभाग की समीक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आईं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत ऑनलाइन डेटा सबमिट करने में अधिकारी आवश्यक आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाए। 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों के सर्वे की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पर्याप्त बजट दे रही है, लेकिन उसका सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। रादौर क्षेत्र की लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन न होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अक्टूबर 2025 के सर्वे के अनुसार कक्षा पहली के छात्रों का शैक्षणिक स्तर केवल 31 प्रतिशत पाया गया। जिले में 38 स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जबकि 90 स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रशिक्षण लेने बाद नौकरी जॉइन न करने वाले का भत्ता बंद बैठक में बेरोजगारी भत्ता लेने वाले युवाओं के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि जो युवा प्रशिक्षण लेने के बाद भी नौकरी जॉइन नहीं कर रहे हैं, उनका भत्ता बंद किया जाए। साथ ही सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत उद्योगों से सहयोग लेने का सुझाव दिया गया। उद्योगों को स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा आईटीआई संस्थानों में प्लाईवुड इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया गया, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया और किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की सलाह दी गई। सफाई व्यवस्था और अवैध खनन पर सख्ती बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया। सांसदों ने कहा कि यमुनानगर आने वाले लोगों को स्वच्छ शहर का अनुभव होना चाहिए। कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा अवैध खनन पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने को कहा। बैठक में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, उपायुक्त प्रीति, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद, एडीसी नवीन आहूजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:56 pm

टीएससीटी की प्रेरणा से स्कूल को मिला इन्वर्टर:बीएसए मनीष कुमार सिंह ने किया उद्घाटन, बोले- शिक्षा होगी मजबूत

बलिया के बेरुआरबारी ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा नंबर एक में बुधवार को बच्चों की सुविधा के लिए एक इन्वर्टर लगाया गया। यह इन्वर्टर दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह की पुण्य स्मृति में उनकी पत्नी अनिता सिंह द्वारा दान किया गया है। इस नेक कार्य के लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने प्रेरणा दी थी। स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने फीता काटकर और बटन दबाकर इन्वर्टर का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह के परिवार द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा देगी। उन्होंने टीचर्स सेल्फ केयर टीम के कार्यों और उनके पदाधिकारियों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि टीएससीटी ने कुछ समय पहले दिवंगत शिक्षक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। कार्यक्रम से पहले, टीएससीटी के जिला संयोजक सतीश सिंह, प्रवक्ता चंद्रशेखर पासवान, मीडिया प्रभारी सतीश मेहता, मंडल पासवर्ड रीसेट प्रभारी संजय कन्नौजिया और कन्यादान प्रभारी अब्दुल अंसारी ने बीएसए मनीष कुमार सिंह और बीईओ वीरेंद्र कुमार का अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और फूलमालाओं से स्वागत किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के नेतृत्व में सभी स्टाफ सदस्यों ने भी मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, दिवंगत शिक्षक के परिवार की ओर से स्कूल के बच्चों को कॉपी, पेन, कलर और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। बीएसए ने स्कूल के मेधावी बच्चों को बैग देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अफरोज आरा, प्रियंका यादव, मीरा देवी, शांति गोंड, वंदना सिंह, सीमा सिंह, प्रियंका सिंह, धन्नू यादव, सुरेश कुमार, उमेश कुमार, अरुण सिंह, अमरेश कुमार, सीमा वर्मा, विपुल सिंह, उमेश सिंह और जितेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:11 pm

शिक्षक संघ ने की गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग:शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 4 लाख शिक्षकों और 1 करोड़ छात्र होंगे प्रभावित

बूंदी के नैनवां में राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में बदलाव की मांग की है। संघ ने इस संबंध में शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। संघ का तर्क है कि वर्तमान में निर्धारित अवकाश अवधि राज्य की भीषण गर्मी और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं है। ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई 2026 से 20 जून 2026 तक निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त संस्था प्रधानों को केवल एक दिन का अतिरिक्त अवकाश देने का अधिकार दिया गया है। संघ ने मांग की है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि 17 मई से बढ़ाकर 30 जून तक की जाए। साथ ही संस्था प्रधानों द्वारा घोषित अतिरिक्त अवकाश को पूर्व की भांति दो दिन रखा जाए। इसके अलावा संघ ने शीतकालीन अवकाश को भी 26 दिसंबर से 10 जनवरी तक करने की मांग रखी है। संघ के अनुसार राजस्थान की गर्म जलवायु को देखते हुए यह निर्णय लगभग 4 लाख शिक्षकों और 1 करोड़ विद्यार्थियों के हित में होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के जिला अध्यक्ष बूंदी बाबू लाल नागर, सूरज मल नागर, रामलक्ष्मण, हरजी लाल, सीता राम, चेतन प्रकाश, बंटी कुमार और पुरुषोत्तम मीणा शामिल थे। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 4:31 pm

राज्यपाल ने समस्तीपुर एएनडी कॉलेज में सेमिनार का उद्घाटन किया:'विकसित भारत 2047-नई शिक्षा नीति पर चर्चा, कहा- शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण

समस्तीपुर के आचार्य नरेंद्र देव महाविद्यालय, शाहपुर पटोरी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया गया, जिसके बाद सेमिनार विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। यह सेमिनार विकसित भारत 2047 और नई शिक्षा नीति विषय पर केंद्रित है। इसमें शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, नवाचार, गुणवत्ता सुधार और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास, नवाचार और अनुसंधान आधारित शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि शिक्षा और कृषि दोनों क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करके ही देश का समग्र विकास संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों और शोध आधारित अध्ययन की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। सभी अतिथियों का अभिनंदन किया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों के विचारों का आदान-प्रदान होगा, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को नई दिशा मिलेगी। सेमिनार के विभिन्न सत्रों में देश-विदेश के विद्वान अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। वे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की भूमिका पर गहन मंथन करेंगे। इस कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। महामहिम राज्यपाल के आगमन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस अवसर पर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, डीसी सूर्य प्रताप सिंह, एसपी अनिकेत कुमार द्विवेदी समेत कई वरीय अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 4:20 pm

आमेट में शिक्षा और स्वच्छता के लिए बड़ी पहल, मयंक जीनगर ने बनवाए शौचालय

समाजसेवी मयंक जीनगर के प्रयासों से आमेट और झोर के सरकारी स्कूलों में शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे विशेषकर छात्राओं को शिक्षा में सुविधा मिलेगी।

प्रातःकाल 8 Apr 2026 3:44 pm

बच्चों के लिए उच्च शिक्षा जागरूकता सेमिनार कराया

लुधियाना| पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के स्किल डेवलपमेंट सेंटर ने स्कूली बच्चों के लिए उच्च शिक्षा संबंधी जागरूकता विषय पर एकदिवसीय सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार में 69 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और विद्यार्थियों के अभिभावक शामिल रहे। डॉ. रुपिंदर कौर, एसोसिएट डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट) ने बताया कि पीएयू लुधियाना देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल है और यहां प्रवेश किसी भी छात्र के लिए उपलब्धि मानी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. गुलनीत चाहल ने प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फॉर्म भरने से लेकर डिग्री पूर्ण करने तक के चरणों पर मार्गदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 8 Apr 2026 5:30 am

एआई कैमरों से होगी नकल पर नकेल:उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में अत्याधुनिक ICCR सेंटर का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आयोग कार्यालय में अत्याधुनिक 'इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम' (ICCR) का उद्घाटन किया गया। इसका लोकार्पण आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने किया गया। ​एआई कैमरा निगरानी और ​रियल-टाइम कंट्रोल ​इस नए कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से अब आयोग द्वारा आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों के जरिए अभ्यर्थियों पर नजर रखी जाएगी। सेंटर के जरिए न केवल परीक्षा कक्ष, बल्कि केंद्रों के आसपास की गतिविधियों देखी जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन व ​त्वरित कार्रवाई अभ्यर्थियों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक सत्यापन का सीधा प्रसारण और रिकॉर्डिंग सीधे आयोग कार्यालय को प्राप्त होगी। यदि परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की कोई भी सूचना मिलती है, तो कंट्रोल रूम से तत्काल प्रभावी कदम और कड़े सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे। ​वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी उद्घाटन के समय संस्था के प्रबंध निदेशक समेत आयोग के सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव उपस्थित रहे। उपसचिव व जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस तकनीकी अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 10:48 pm

रिसाली निगम में 223 करोड़ का बजट पेश,जमकर हंगामा:शिक्षा उपकर, सफाई और कमीशन को लेकर सदन में विवाद, नेताप्रतिपक्ष बोले-विकास के नाम पर लॉलीपॉप

दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में महापौर शशि सिन्हा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना अंतिम बजट पेश किया। कुल 223 करोड़ 51 लाख रुपए के इस बजट में 223 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपए का अनुमानित व्यय रखा गया है। कागजों पर यह बजट 12 लाख 8 हजार रुपए के मामूली लाभ के साथ संतुलित दिख रहा है, लेकिन बजट पेश होते ही सदन में विवाद शुरू हो गया। बजट का सबसे बड़ा विवाद शिक्षा उपकर (एजुकेशन सेस) को लेकर उठा। महापौर शशि सिन्हा ने खुद इस मुद्दे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, जब निगम क्षेत्र में कोई शासकीय स्कूल नहीं है, तो शिक्षा उपकर वसूलना अन्यायपूर्ण है। महापौर ने यह भी बताया कि पार्षदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं को सम्मान राशि देने का प्रस्ताव महापौर ने अपने बजट को विकासोन्मुख बताया और पेयजल समस्या को प्राथमिकता दी। पाइपलाइन विस्तार के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला समूहों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1500 से 2000 रुपए की सम्मान राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी महापौर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। बजट में इस पर विरोध भी हुआ, लेकिन जनहित को देखते हुए सफाई कार्य के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई। कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय निगम ने सफाई का काम स्वयं संचालित करने और कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महापौर ने टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी चयन को लेकर निगम आयुक्त की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। विपक्ष ने इस बजट को लॉलीपॉप बजट और कमीशन का खेल बताते हुए हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने बजट को बताया बेहूदा नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू ने इस बजट को “बेहूदा” बताते हुए सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से जनता को सिर्फ विकास के नाम पर “लॉलीपॉप” दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा उपकर के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह राशि स्कूलों के लिए होती है, लेकिन इसे अन्य मदों में खर्च कर दिया गया। साथ ही सफाई टेंडर में देरी को “कमीशन का खेल” बताते हुए निगम में तीन गुटों की आपसी लड़ाई को जिम्मेदार ठहराया। गुटबाजी का आरोप: विकास या अंदरूनी जंग? विपक्ष ने दावा किया कि निगम में महापौर, सभापति और एमआईसी मेंबर्स के अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं। इस अंदरूनी खींचतान के कारण न तो ठोस निर्णय हो पा रहे हैं और न ही जनता को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। उपलब्धियों का दावा: योजनाएं बड़ी, भरोसा छोटा महापौर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए 182 निर्माण कार्यों के लिए 13 करोड़ 36 लाख की स्वीकृति, 15वें वित्त आयोग से 21 करोड़ 47 लाख के विकास कार्य, और नगरोत्थान योजना से 17 करोड़ 23 लाख के प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। लेकिन विपक्ष और हालात यह संकेत दे रहे हैं कि योजनाओं से ज्यादा चर्चा अब उनके क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर हो रही है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 10:25 pm

इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को सामने बैठाकर पेंटिग बनाई:एमएनआईटी में जुटे देशभर के 35 कलाकार, नई शिक्षा नीति के तहत हो रहा आयोजन

जयपुर में इन दिनों कला और रचनात्मकता की अलग तस्वीर नजर आ रही है। मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में मंगलवार से 6 दिवसीय नेशनल क्रिएटिव आर्ट फेस्ट कारि 2026 का आगाज हुआ। यह आयोजन एमआईटी-एडीटी यूनिवर्सिटी, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जेएलएन मार्ग स्थित एमएनआईटी के वीएलटीसी सभागार में शुरू हुए इस आर्ट फेस्ट में रंगों, रचनात्मकता और कल्पनाओं की अनोखी दुनिया देखने को मिली। कहीं कलाकार कैनवास पर प्रकृति के सुंदर दृश्य उकेर रहे हैं तो कहीं चित्रों के माध्यम से मानव मन की भावनाओं और पीड़ा को अभिव्यक्त किया जा रहा था। कुछ कलाकार आसमान की नीली छटा को रंगों में ढाल रहे हैं। कुछ नारी सौंदर्य की कलात्मक व्याख्या करते नजर आए। इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को सामने बैठाकर उनकी पेंटिंग बनाई। नई शिक्षा नीति के तहत आयोजित इस फेस्ट में राजस्थान और पुणे के 35 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं, जो तीन दिनों तक अलग-अलग थीम पर आधारित सजीव चित्रकारी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही अन्य कला विधाओं के कलाकार भी अपनी कला का लाइव डेमो दे रहे हैं। इन कलाकारों के साथ एमएनआईटी और एमआईटी-एडीटी के लगभग 60 छात्र भी कला की बारीकियां सीख रहे हैं। फेस्ट के दौरान पेंटिंग वर्कशॉप के साथ-साथ क्ले मॉडलिंग और स्कल्पचर की डेमो क्लास भी आयोजित की गई। प्रसिद्ध कलाकार हंसराज चित्र भूमि कुमावत ने क्ले मॉडलिंग का लाइव प्रदर्शन किया, जबकि प्रो. उत्तम जनवाड़े ने लाइव पोर्ट्रेट बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री कलाकार रहे मौजूद इससे पहले एमएनआईटी के प्रभा भवन स्थित दीक्षा सभागार में दीप प्रज्ज्वलन के साथ फेस्ट का औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध चित्रकार एस. शाकिर अली थे, जबकि अध्यक्षता एमएनआईटी के कार्यकारी निदेशक प्रो. ए.बी. गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथियों में कला मर्मज्ञ प्रो. चिन्मय मेहता, फड़ आर्टिस्ट कल्याण जी जोशी, संस्कार भारती के एसोसिएट हेड महावीर भारती और नेशनल अवॉर्ड विजेता कलाकार विजय धोरे शामिल रहे। इस अवसर पर एमएनआईटी के आर्किटेक्चर और प्लानिंग विभाग के प्रमुख प्रो. राजीव श्रृंगी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। फेस्ट में प्रो. तुषार पांखे, रघुनाथ शर्मा, युगल किशोर शर्मा, पुष्पा दुल्लार, मानक प्रजापत, दीपिका माली, रेखा अग्रवाल, अमन शर्मा और मेघा तिवारी सहित कई कलाकारों ने अपनी कला का सजीव प्रदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 8:19 pm

शैक्षिक महासंघ ने शिविरा पंचांग संशोधन का किया विरोध:शिक्षा मंत्री से मिलकर छुटि्टयों में कटौती वापस लेने की मांग की

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) राजस्थान ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में किए गए संशोधनों का कड़ा विरोध किया है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से मुलाकात कर पंचांग में तत्काल संशोधन की मांग की। जिला मंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा और उदयपुर संभाग के उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ भी शामिल थे। महासंघ का आरोप है कि शिविरा पंचांग में किए गए बदलावों से शिक्षकों के अवकाश में कटौती हुई है, जो उनके हितों पर सीधा प्रहार है। प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि शिक्षकों को पहले से ही अन्य विभागों की तुलना में कम अवकाश मिलते हैं। नए संशोधनों से स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संस्था प्रधान के अधिकार क्षेत्र के अवकाश में भी कमी की गई है, जिससे शिक्षकों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने शिक्षा मंत्री से अवकाश कटौती को वापस लेने और संशोधित पंचांग जारी करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अवकाश में कटौती की जाती है, तो शिक्षकों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह 30 पीएल (प्रिविलेज लीव) प्रदान की जानी चाहिए। इस पर शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर ने मामले का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। महासंघ ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 9 अप्रैल को स्थायी कार्यसमिति की आपात वर्चुअल बैठक बुलाई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस दौरान प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, महिला उपाध्यक्ष सुषमा विश्नोई, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, महिला मंत्री गीता जैलिया, अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल और कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 7:05 pm

किशनगंज शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षक को भेजा नोटिस:ई-शिक्षाकोष पोर्टल में नाम रहने से हुई चूक, 2025 में ही हो चुकी है मृत्यु

किशनगंज के बहादुरगंज शिक्षा विभाग ने एक मृत शिक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजकर अपनी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह नोटिस लोहागाढ़ा मिडिल स्कूल के मरहूम शिक्षक फैयाज आलम को भेजा गया है। दरअसल, शिक्षक फैयाज आलम की जुलाई 2025 में एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद उनके साथी शिक्षकों में विभाग की इस चूक को लेकर गहरा दुख और नाराजगी है। BEO बोले- नाम रह जाने से हुई गलती मामले पर जानकारी देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मृणाल सेन ने बताया कि यह गलती ई-शिक्षाकोष पोर्टल में फैयाज आलम का नाम रह जाने के कारण हुई। प्रखंड शिक्षा विभाग के कर्मियों ने स्वीकार किया कि यह मानवीय भूल थी और उन्हें फैयाज आलम की मृत्यु याद नहीं रही। BEO मृणाल सेन ने आगे बताया कि इस गलती को सुधारने के लिए जिला टीम को पोर्टल से नाम संशोधित करने के लिए भेज दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो। इस घटना के बाद जिले भर में विभाग की कार्यप्रणाली पर व्यापक चर्चा हो रही है। “ई-शिक्षाकोष पोर्टल” एकीकृत डिजिटल मंच उल्लेखनीय है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल बिहार सरकार का एक एकीकृत डिजिटल मंच है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, वेतन, छुट्टी और मिड-डे मील की वास्तविक समय में निगरानी करना है। यह पोर्टल आधार-प्रमाणीकृत है और शिक्षकों के स्थानांतरण-पदस्थापन तथा डिजिटल सर्विस बुक के लिए अनिवार्य है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 6:29 pm

कौशांबी डीएम ने अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको का वेतन रोका:शिक्षा विभाग की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर दिए निर्देश

कौशांबी डीएम डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को उदयन सभागार में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए पाया कि अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर, सी. एंड डीएस को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण जुलाई 2026 तक पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता, यूपीसीडको को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। राजकीय महिला महाविद्यालय, मूरतगंज के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए, डॉ. पाल ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:10 pm

शिक्षामित्रों का मानदेय 8 हजार रुपये बढ़ा:देवरिया में खुशी की लहर, यूपी सरकार का जताया आभार

देवरिया में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से जिले भर के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंगलवार को शिक्षामित्रों ने सदर क्षेत्र में एकत्र होकर अपनी खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। शिक्षामित्रों ने बताया कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है। उन्होंने 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। शिक्षामित्रों के अनुसार, इस वृद्धि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार का भरण-पोषण आसान हो जाएगा। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर अप्रैल माह से बढ़ा हुआ मानदेय देने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने इस निर्णय को शिक्षामित्रों के लिए 'संजीवनी' के समान बताया। अनिल यादव ने यह भी बताया कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित और निराश थे, लेकिन मानदेय वृद्धि के इस फैसले से उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों से किया गया वादा निभाया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और सरकार के समर्थन में नारे भी लगाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार उनके हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे ही सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। जिले के शिक्षामित्रों का मानना है कि यह फैसला न केवल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:07 pm

यूपी में छात्रों को लैपटॉप-टैबलेट, शिक्षामित्रों को 18000 मानदेय, योगी कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर

योगी कैबिनेट ने आज सभी 22 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़कर 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार 40 लाख छात्रों को टैबलेट और 1.5 लाख को लैपटॉप बांटेगी।

देशबन्धु 7 Apr 2026 1:21 pm

IGNOU का आज 39वां दीक्षांत समारोह:20,608 शिक्षार्थियों को डिग्री मिली; स्नातक के 11918 स्टूडेंट्स को मिला सर्टिफिकेट

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) का 39वां दीक्षांत समारोह आज मनाया गया। इसे लेकर रवीन्द्र भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां विशिष्ट अतिथि के रूप में चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति फैजान मुस्तफा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर कुल 20,608 शिक्षार्थियों को डिग्री दी गई। इनमें पीजी के 7606, स्नातक के 11,918, डिप्लोमा के 935 और सर्टिफिकेट के 149 विद्यार्थी शामिल हैं। देशभर में इग्नू के 60 क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से लगभग 2,99,092 छात्रों को डिग्री दी गई। मुकेश कुमार ने BAKSH कार्यक्रम में स्वर्ण पदक हासिल किया 610 (स्नातकोत्तर कार्यक्रम), 85 (BCA) और 25 शिक्षार्थियों (BEd) को उनकी उपाधियां समारोह में व्यक्तिगत रूप से दी गई, जबकि शेष शिक्षार्थियों को कार्यक्रम में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से दी गई। इस अवसर पर इग्नू क्षेत्रीय केंद्र पटना के शिक्षार्थी मुकेश कुमार ने BAKSH कार्यक्रम में स्वर्ण पदक प्राप्त कर क्षेत्रीय केंद्र का नाम रोशन किया। देशभर के क्षेत्रीय केंद्रों में इसे लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, मुख्य समारोह नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में हुआ, जहां देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसका लाइव प्रसारण पटना क्षेत्रीय केंद्र के समारोह रवीन्द्र भवन में किया गया। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णा राव ने इग्नू की प्रगति, विस्तार और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘अप्राप्य तक पहुंच’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि इग्नू शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, विशेषकर बिहार जैसे राज्य में। मुख्य अतिथि प्रो. फैजान मुस्तफा ने अपने संबोधन में इग्नू की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 1:20 pm

शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे:मदरसा शिक्षकों की भर्ती आयोग करेगा, परीक्षा देनी होगी; कैबिनेट में 22 प्रस्ताव पास

योगी कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। उन्होंने कहा- यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षामित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशक हैं। इसके अलावा, अब सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों की भर्ती शिक्षा सेवा चयन आयोग से होगी। यानी अब मदरसा शिक्षक बनने के लिए परीक्षा देनी पड़ेगी, जबकि अभी तक मदरसा स्तर पर ही भर्ती होती थी। यही नहीं, मदरसों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन तैयार की जाएगी। इसमें मदरसों में भी स्कूलों की तरह 8 घंटे पढ़ाई अनिवार्य होगी। मदरसा प्रिंसिपल, शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। बच्चों का पूरा डेटा रखा जाएगा। चलिए सबसे पहले अहम प्रस्तावों को पढ़ते हैं- 1- प्रदेशभर में महापुरुषों की मूर्तियां का सौंदर्यीकरण होगामंत्री असीम अरुण ने कहा- ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत समाज सुधार में योगदान देने वाले महापुरुषों की सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का विकास किया जाएगा। ऐसे सभी स्थलों पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य समाज सुधारकों की मूर्तियों के आसपास छतरी, बाउंड्री और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। एक मूर्ति पर लगभग 10 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। इस योजना की डिलेट जानकारी 14 अप्रैल को दी जाएगी। योजना के तहत नई मूर्तियां स्थापित नहीं की जाएंगी, बल्कि 31 दिसंबर 2025 तक पहले से स्थापित मूर्तियों का ही विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें संत रविदास, कबीरदास, ज्योतिबा फुले जैसे सामाजिक न्याय के प्रवर्तकों सहित सभी समाजों के महापुरुषों की मूर्तियां शामिल की जाएंगी। समाजवादी पार्टी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों का अपमान किया था। उनके नाम पर बने स्मारकों और संस्थानों पर कालिख पोती गई थी। 2- पाकिस्तान से आए 12000 परिवारों को भूमि का अधिकार मिलावित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आजादी के समय पाकिस्तान से आए 12 हजार परिवारों को भूमि का अधिकार दिया गया है। पीलीभीत में 4000, लखीमपुर खीरी में 2350, बिजनौर में 3856 और रामपुर में 2170 परिवारों को भूमि अधिकार मिला है। ये परिवार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। ये लोग पिछले 50 से 70 सालों से इन जिलों में रह रहे थे, लेकिन जमीन अपने नाम न होने के कारण उन्हें कई दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। वे न तो खेती के लिए बैंक से लोन ले पाते थे। न ही सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेच पाते थे। अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में बदलाव कर इन परिवारों को उनकी जमीन पर भूमिधर अधिकार दे दिए गए हैं। यानी अब वे जमीन के कानूनी मालिक होंगे। इससे उन्हें बैंक से लोन लेने में आसानी होगी। वे अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे। 3- 25 लाख टैबलेट बांटेगी सरकारस्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के टेंडर को मंजूरी मिल गई है। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया- इस पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ये टैबलेट प्रदेश के स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास और अन्य शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े युवाओं को मुफ्त दिए जाएंगे, ताकि वे पढ़ाई और रोजगार की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें। अब तक इस योजना के तहत 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन युवाओं को बांटे जा चुके हैं। कैबिनेट बैठक में विभाग के कुल 8 प्रस्ताव पास हुए हैं, जिनमें निवेशकों को सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। 4- 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी सरकार परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के तीन प्रस्ताव पास किए गए हैं। सरकार अब 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी। इससे पहले 23 बस स्टैंड को इसी मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। अब योजना है कि हर जिले में कम से कम एक बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए। इससे करीब 4000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन बनाने के लिए रतनपुर हुसैनपुर गांव की जमीन परिवहन विभाग को मुफ्त में देने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन और डिपो कार्यशाला बनाने के लिए सिंचाई विभाग की जमीन और बलरामपुर की तुलसीपुर तहसील में बस स्टैंड के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन भी मुफ्त में उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है। 5- गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बनेगावन मंत्री ने कहा- गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण पर 491.0777 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैम्पियरगंज क्षेत्र में 50 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा। इसमें बीएससी, एमएससी, पीएचडी के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के बारे में भी पढ़िए खबर लगातार अपडेट की जा रही है….

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 11:38 am

सीडीईओ की नियुक्ति पर विवाद:शिक्षा विभाग में जूनियर के अधीन सीनियर, वरिष्ठता ताक पर, अफसरों ने खोला मोर्चा

जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति और पदानुक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद गहराया है। कुछ वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि वरिष्ठता नियमों की खुली अनदेखी कर एक कनिष्ठ अधिकारी को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) जैसा रसूखदार पद सौंप दिया गया है। इस प्रोटोकॉल वॉर से नाराज वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त शासन सचिव (जयपुर) को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पूछा भी है- जब हम सीनियर हैं तो जूनियर के अधीन काम कैसे करें? अतिरिक्त शासन सचिव को भेजी गई शिकायत के अनुसार प्रतिभा गुप्ता को प्रिंसिपल पद से सीधे सीडीईओ के पद पर पद विरुद्ध नियुक्त किया गया है। वरिष्ठता का गणित˘... कौन कितना सीनियर? अफसरों के दावों और दलीलों की जंग प्रशासनिक मर्यादा जरूरी सीडीईओ हमसे जूनियर हैं। उनके अधीन कार्य करना बेहद मुश्किल और गरिमा के खिलाफ है। हमने सरकार का ध्यान इस विसंगति की ओर खींचा है। -ननिहाल सिंह चौहान, एडीपीसी मुझे सरकार ने दी है जिम्मेदारी“मुझे सरकार ने इस जिम्मेदारी पर बैठाया है। ये सभी अधिकारी मेरे बैचमेट हैं। मेरा ध्यान केवल जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने पर है। मुझ पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।”-प्रतिभा गुप्ता, सीडीईओ, उदयपुर

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:44 am

अपने पंचायत क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता : डीडीसी

लोहरदगा| उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को पंचाइत कर गोइठ कार्यक्रम (29वां) आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीडीसी ने कहा कि सभी मुखिया अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। अगर कोई बच्चा विद्यालय नहीं जा रहा है तो उसका नामांकन विद्यालय में कराएं। स्कूल रूआर-2026 अंतर्गत छूटे हुए बच्चों का नामांकन अवश्य कराएं। शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद है जिसके बाद कोई भी सही या गलत पर निर्णय ले सकता है। आंगनवाड़ी केंद्रों व अपने पंचायत क्षेत्र में विद्यालयों का निरीक्षण अवश्य करें। सेविका-सहायिका से आंगनवाड़ी केंद्र की रिपोर्ट अवश्य लें। विद्यालयों का निरीक्षण करें। शिक्षक समय से आ रहे हैं या नहीं, बच्चों का मध्याह्न भोजन मैन्यू के अनुसार मिल रहा है या नहीं। मौके पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारीगण व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मुखियागण उपस्थित थे। डीडीसी ने कहा कि सभी का टीकाकरण समय से हो। कोई भी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बचें। स्वस्थ रहने के लिए सचेत रहें। किसी बीमारी के कारण एक परिवार आर्थिक, मानसिक व शारीरिक रूप से टूट जाता है। ऐसे में टीकाकरण अवश्य कराएं। जिन लड़कियों की उम्र 14 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो और 15 वर्ष की उम्र पूरी नहीं हुई हो उन्हें बच्चेदानी का कैंसर से बचाने के लिए जिला सदर अस्पताल और सभी चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिरक्षक टीका लगाया जाएगा। सभी योग्य इसका लाभ उठाएं। डीडीसी ने कहा कि सभी मुखिया/वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को कृतसंकल्प रहें।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के गांव-गांव में बजेगी स्कूल की घंटी:नक्सली जहां सरकार विरोधी शिक्षा देते थे, वहां खोले जाएंगे 22 सरकारी स्कूल

बस्तर के सुदूर वनांचलों में अब बदलाव की एक नई इबारत लिखी जा रही है। जिन गांवों में कभी बच्चों को जनताना स्कूलों के जरिए मार्क्सवादी-लेनिनवादी और माओवादी विचारधारा की शिक्षा दी जाती थी, वहां अब भारतीय संविधान और औपचारिक शिक्षा की गूंज सुनाई दे रही है। सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में शिक्षा विभाग ने 22 नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जिन्होंने अब तक स्कूल की दहलीज नहीं देखी थी। दरअसल, बीजापुर और सुकमा जिले के कई नक्सल प्रभावित गांव वर्षों तक पहुंच से बाहर रहे। यहां शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप थी। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में 10 साल तक के बच्चों को अब नर्सरी में दाखिला देना पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने कभी स्कूल का माहौल देखा ही नहीं। कोंटा ब्लॉक की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही है। हिड़मा के गांव पूवर्ती में सीआरपीएफ द्वारा गुरुकुल शुरू किए जाने के बाद बदलाव की शुरुआत हुई। करीब 20 साल बाद यहां बच्चों को पहली बार बताया गया कि स्कूल क्या होता है, ब्लैकबोर्ड कैसे काम करता है और पढ़ाई कैसे की जाती है। आज पूवर्ती गुरुकुल में 30 बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के स्कूल में भी 20 से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है। टेकलागुड़ा सहित अन्य गांवों में भी कैंप खुलने के बाद स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। बारसा देवा का भाई अब अतिथि शिक्षक बन गांव में दे रहा शिक्षा इस बदलाव की बयार अब कभी नक्सलियों के मिलिट्री दलम के कमांडर रहे आत्मसमर्पित नक्सली बारसा देवा के गांव तक पहुंच रही है। सुकमा जिले के ओयोपारा जैसे गांव, जहां अब तक केवल जनताना स्कूल संचालित होते थे, वहां शिक्षा विभाग की टीम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क कर रही है। इस गांव में देवा के बेटे और भाई को छोड़कर कोई भी बच्चा स्कूल नहीं गया था। अब देवा का बेटा 12वीं की परीक्षा दे चुका है और बाकी बच्चों को भी स्कूल से जोड़ने की तैयारी है। बदलते बस्तर की सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि पूर्व नक्सली बारसा देवा का भाई बुधरा बारसा अब सिलगेर में अतिथि शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ा रहा है। वह खुद गांव में शिक्षा की अलख जगा रहा है। बुधरा का कहना है कि भाई के आत्मसमर्पण के बाद हालात बदले हैं और अब वे ओयोपारा में भी स्कूल खोलने की मांग कर रहे हैं। पहले इन जनताना स्कूलों में बच्चों को माओवादी विचारधारा, चारु मजूमदार के सिद्धांत और पार्टी के दस्तावेज पढ़ाए जाते थे। अब इनकी जगह लोकतंत्र, संविधान और सामान्य शिक्षा ले रही है। 22 नए स्कूलों का प्रस्ताव भेजा हैकोंटा ब्लॉक में 22 नए स्कूलों का प्रस्ताव भेजा गया है और जरूरत के अनुसार आगे भी स्कूल खोले जाएंगे। बस्तर अब बंदूक से किताब की ओर बढ़ रहा है, जहां शिक्षा ही भविष्य की नई राह तय कर रही है।- जीआर मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा सुधार पर चर्चा, सदस्यता अभियान पर जोर

भास्कर न्यूज | बाड़मेर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा की खंड शाखा बाड़मेर शहर की ओर से सोमवार को स्थानीय राबाउमावि मालगोदाम रोड में कार्यकर्ता प्रशिक्षण हुआ । शिक्षकों ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती देने का संकल्प लिया। इस दौरान अर्जुन सांझीरा ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संगठन की स्थापना, उद्देश्य एवं अब तक किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रशिक्षण सत्र के मुख्य वक्ता संभाग संगठन मंत्री मुकेश लखारा रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संगठन में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। लखारा ने कहा कि यदि संगठन मजबूत होगा तो शिक्षकों की आवाज भी मजबूती से उठेगी और समस्याओं का समाधान शीघ्र संभव होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएं और संगठन की नीतियों को आम शिक्षकों तक पहुंचाएं। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार सोनी ने किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव साझा किए और संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विचार रखे। खेतसिंह, दिलीप कुमार लोढ़ा, अनिल कुमार जैन, गणपतसिंह, लीलाधर, पंकज गुप्ता, नवीन कुमार, खुमाणसिंह, श्रवणसिंह, हिमांशु एन गौतम, रमेश कुमार खत्री सहित मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को सशक्त बनाने और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

मानसरोवर फैमिली क्लब का ईद मिलन समारोह: बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान

जयपुर | मानसरोवर फैमिली क्लब की ओर से सी-स्कीम में ईद मिलन समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 100 से अधिक परिवारों ने भाग लिया। असगर अली खान ने समाजबंधुओं से बेटों के साथ बेटियों को उच्च शिक्षित करने का आह्वान किया। बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह में रफत कुरैशी, लियाकत अली, महजबी, अर्शी शिक्षा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर:भोपाल संभाग में 41.9 प्रतिशत विद्यार्थी फेल, विशेषज्ञ बोले- इतना कम प्रतिशत 10वीं बोर्ड के लिए खतरे की घंटी

कक्षा 9वीं के नतीजों ने भोपाल संभाग की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। कुल 70,789 विद्यार्थियों में से 29,688 (41.9%) छात्र फेल हो गए। हर 10 में से 4 से ज्यादा बच्चे अगली कक्षा तक नहीं पहुंच पाए। पास प्रतिशत सिर्फ 51.4% विद्यार्थी की पास हो सके। संभाग जिलों के बीच प्रदर्शन में बड़ा अंतर सामने आया। सबसे चिंताजनक स्थिति विदिशा की रही। जहां फेल (8,153) पास (7,820) से ज्यादा हैं। राजधानी औसत से बेहतर रही, फिर भी सीहोर से पिछड़ पीछे गई। भोपाल में 53.3% रिजल्ट रहा। संभाग के औसत से बेहतर, लेकिन सीहोर से पीछे। संसाधन और स्कूल बेहतर होने के बावजूद टॉप पर नहीं पहुंचना बड़ा सवाल है। 5,127 छात्रों का फेल होना संकेत देता है कि बेसिक लर्निंग गैप अभी भी बड़ा है। शैक्षणिक मामलों के जानकार परेश पाठक के मुताबिक 9वीं में ही इतना बड़ा फेल प्रतिशत आगे 10वीं बोर्ड के लिए खतरे की घंटी है। राजधानी भोपाल भी लीड रोल नहीं निभा पा रही है। स्कूल स्तर पर कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और प्रैक्टिस की कमी साफ दिख रही है। हर दूसरा छात्र फेल के करीब 11वीं में भोपाल तीसरे नंबर पर, 79 फीसदी रिजल्ट भोपाल संभाग के 11वीं के नतीजों में राजधानी तीसरे स्थान पर रही। जिले में 7,918 में से 6,282 छात्र पास हुए, यानी करीब 79% रिजल्ट रहा, जबकि 1,591 फेल हुए। संभाग में सीहोर पहले और रायसेन दूसरे स्थान पर रहे। सीहोर में फेल सबसे कम (862) रहे। कुल 47,405 छात्रों में से 35,575 पास और 8,843 फेल हुए, पास प्रतिशत करीब 75% रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक भोपाल का टॉप पर न पहुंचना चिंता का विषय है।

दैनिक भास्कर 7 Apr 2026 5:30 am

ड्रोन, डिफेंस और स्किल पर फोकस, तकनीकी शिक्षा को पूरी तरह अपग्रेड करें: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बड़ा खाका खींचा है

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:00 am

शिक्षामित्रों मामले में यूपी सरकार दो माह में फैसला ले:शिक्षामित्रों को नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतन देने का मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के मार्फत उ प्र राज्य को प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों का नियमितीकरण कर सहायक अध्यापक का वेतन भुगतान करने की मांग पर विचार कर दो माह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार मंत्रालय के निर्देशानुसार निर्णय लेकोर्ट ने याचियों से कहा है कि तीन हफ्ते के भीतर दस्तावेज सहित विस्तृत प्रत्यावेदन राज्य सरकार को भेजे और सरकार सुनवाई का मौका देकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार निर्णय ले। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने देवरिया की निघत फ़िरदौस की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। सुप्रीम कोर्ट का हवाला दियायाची का कहना था वह लंबे समय से शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जग्गो बनाम भारत संघ केस व श्रीपाल व अन्य केस एवं 11जून 25के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार याची को नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतन दे। कोर्ट ने कहा तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य के केस में यही मुद्दा था जिसमें कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसी फैसले के आलोक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा लखनऊ के मार्फत राज्य सरकार निर्णय लें।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 11:09 pm

योगी सरकार शिक्षामित्रों का मानदेय कल बढ़ा सकती है:कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्ताव पारित होंगे, 40 लाख युवाओं को मिलेंगे टैबलेट

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 10.30 बजे लोक भवन में कैबिनेट बैठक होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। बैठक में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18,000 रुपए और अनुदेशकों को 9000 से बढ़ाकर 17000 रुपए महीने करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अप्रैल माह का मानदेय बढ़ी हुई दर से मिलेगा। कैबिनेट में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के 40 लाख विद्यार्थियों को टेबलेट देने, पीपीपी मोड पर बस अड्‌डों के विकास के लिए स्वीकृति, औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर 1. सावर्जनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) पद्धति पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों को सेकेंड फेज में विकसित करने के लिए बोली को मंजूरी मिल सकती है। 2. हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन के निर्माण के लिए रतनपुर हुसैनपुर गांव की भूमि परिवहन विभाग को निशुल्क हस्तांतिरत कराने पर सहमति। 3. बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन एवं डिपो कार्यशाला बनाने के लिए सिंचाई विभाग और बलरामपुर जिले की तुलसीपुर तहसील में बस स्टैंड बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव। 4. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके लिए अंतिम टेंडर दस्तावेज को कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। 5. उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत उच्च स्तरीय प्राधिकार समिति की संस्तुति के तहत निवेशकों को सब्सिडी मिल सकती है। 6. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 80 में संशोधन के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी मिल सकती है। 7. पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए और नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के तहत पात्र परिवारों, अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवारों को उप निवेशन योजना और कॉलोनाइजेशन के तहत बसाए गए परिवारों को भूमिधर के अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। 8. कन्नौज में विधानसभा क्षेत्र छिबरामऊ के विकासखंड गुगरापुर के गांव चियॉसर के पास च्यवन ऋषि आश्रम के पास चियॉसर घार पर गंगा नदी पर बिज्र, पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी मिल सकती है। 9. कुशीनगर में विधानसभा क्षेत्र खड्‌डा के तहत नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर दीर्घ सेतु, पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति। 10. शाहजहांपुर के लिपलेक भिंड मार्ग के चैनेज 468.750 से चैनेज 497.050 तक 28.300 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढीकरण करने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति। 11. उत्तर प्रदेश मदरसा (अध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान) विधेयक 2016 को भारत सरकार से वापस लिए जाने की वांछनीयता पर राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा यशोचित समय पर पुनर्विचार किए जाने के संबध में। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… योगी कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष को याद कर भावुक हुए, बोले- हर अंबेडकर प्रतिमा पर छत्र लगेगा गोरखपुर में सीएम योगी ने सोमवार को कहा- प्रदेशभर में जहां कहीं भी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा होगी, उसके ऊपर छत्र लगाया जाएगा। साथ ही सदगुरु रविदास जी और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योगी ने ये बातें रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 10:15 pm

दैनिक भास्कर एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स:एजुकेशन सेक्टर से जुडें 23 शिक्षाविदों को डिप्टी सीएम ने किया सम्मानित

जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में सोमवार को दैनिक भास्कर एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग शहरों से जुड़े शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और शिक्षकों की मौजूदगी रही, जहां शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा शामिल हुए। मंच से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, बेहतर परफॉर्मेंस और संस्थागत विकास पर जोर दिया गया। असली शिक्षक वही जो हमारे सपनों को पहचानता हैउपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया - मैं यहां खड़ा होकर बेहद सम्मान की भावना के साथ आपसे बात कर रहा हूं। आज का दिन केवल पुरस्कार देने का दिन नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार, नेतृत्व और प्रतिबद्धता के उत्सव का दिन है। आज हम उन सभी वीरांगनाओं और वीरों को सम्मानित कर रहे हैं जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। मैं दैनिक भास्कर परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और मान्यता देने वाला यह कार्यक्रम आयोजित किया है। असली शिक्षक वही है जो हमारे सपनों को पहचानता है और हमारी प्रतिभा को उभारता है। 23 हस्तियों को किया गया सम्मानितइस दौरान कुल 23 शिक्षाविदों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इनमें अर्थ ग्रुप के सीएमडी व सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह, न्यूरॉन्स एजुकेशनल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल कुमार मित्तल, जे.बी. पूर्वांचल बोर्डिंग स्कूल के चेयरमैन बिरम सिंह तंवर, यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (यूईएम) के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. बिस्व रॉय चटर्जी, एसकेडी यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन दिनेश जुनेजा, सीडलिंग ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन हरदीप बख्शी, श्रीबापूजी ग्रुप्स ऑफ कॉलेजेस व अखिल विश्व गायत्री परिवार की चेयरपर्सन व कॉर्डिनेटर डॉ. ईशा गुर्जर, नामदेव फिनवेस्ट प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर जीतेंद्र तंवर, लव कुश शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर डॉ. लव व्यास, इमेनुअल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर एम. ए. राजू, गोरख टीला प्रन्यास गोगाना के प्रेसीडेंट महंत रूपनाथ, लॉर्ड्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मनोज चाचान, सिंथेसिस के डायरेक्टर मनोज के. बजाज, पदम ग्रुप ऑफ कंपनीज के डायरेक्टर पुखराज कुलारिया, विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर पूरण गिरि गोस्वामी, मोदी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप डायरेक्टर राघव मोदी, सिंघानिया यूनिवर्सिटी के चेयरमैन रविंद्र सिंघानिया, जाखड़ पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर डॉ. श्योधान जाखड़, निरवान यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. एस.एल. सिहाग, बी.एन. संस्थान के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एस.एस. सारंगदेवोत, सिल्वर ओक स्कूल के प्रिंसिपल सुरेंद्र यादव, डी.एस. साइंस एकेडमी के डायरेक्टर उमेश शर्मा और कृष्णा केशव कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल व मैनेजिंग डायरेक्टर महेंद्र सिंह चौहान शामिल रहे।कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह से नेशनल एडिटर एल. पी. पंत, स्टेट एडिटर (इमर्जिंग मार्केट) मुकेश माथुर, बिजनेस हेड (राजस्थान-1) बी. एस. शेखावत, बिजनेस हेड (राजस्थान-2) नरेश प्रताप सिंह मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 8:58 pm

शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी बर्दाश्त नहीं-विधायक:विद्यालय समिति की बैठक में बोले- न्यू क्लासेस का निर्माण जल्द कराया जाएगा

खगड़िया के मानसी प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय पश्चिमी ठाठा में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विद्यालय में कक्षाओं की कमी सहित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रधान शिक्षिका संगीता देवी ने पर्याप्त वर्ग कक्ष न होने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अन्य वक्ताओं ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा कि विद्यालय के पास भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। विधायक बबलू कुमार मंडल ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर उनका अवलोकन भी किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विद्यालय के विकास के लिए सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे। विधायक ने कहा कि उनका प्रयास है कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास का एकमात्र माध्यम है। माताएं बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहें उन्होंने अभिभावकों, विशेषकर माताओं से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहें। विधायक ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के भटकाव की संभावना अधिक होती है, इसलिए उन्हें सही दिशा में रखने के लिए नियमित निगरानी और मार्गदर्शन आवश्यक है। विधायक ने सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि मेहनत और शिक्षा से व्यक्ति अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि आज उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है और खगड़िया से जोड़ा जाता है, जो दर्शाता है कि शिक्षा ही व्यक्ति और समाज की असली ताकत है। योजनाओं का लाभ उठाने की अपील उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय में नए कक्षों का निर्माण जल्द कराया जाएगा और सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।बैठक के दौरान विद्यालय के भू-दाता महंत देवदत्त महाराज भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक ने उनका सम्मान कर आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके योगदान से ही इस विद्यालय की स्थापना संभव हो सकी है।कार्यक्रम का संचालन बबलू कुमार ने किया। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में विधायक ने सभी को भरोसा दिलाया कि विद्यालय को एक आदर्श शिक्षण संस्थान बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 8:57 pm

शिक्षा विभाग के शिक्षक-कर्मचारी सीखेंगे AI:8 अप्रैल तक चलेगा मिशन कर्मयोगी, चार घंटे प्रशिक्षण जरूरी

मिशन कर्मयोगी के तहत प्रदेश में 8 अप्रैल तक ‘साधना सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए न्यूनतम चार घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इस प्रशिक्षण में एक घंटा AI आधारित पाठ्यक्रम को समर्पित रहेगा। साथ ही, AI से जुड़े उपलब्ध छह पाठ्यक्रमों में से किसी भी तीन को पूरा करना जरूरी होगा, जिसके बाद संबंधित कर्मियों को ‘AI दक्ष’ का खिताब और प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। AI ट्रेनिंग से बढ़ेगी एक्सपर्टाइज साधना सप्ताह का मुख्य उद्देश्य शिक्षा विभाग में डिजिटल दक्षता और कार्यकुशलता को मजबूत करना है। AI फॉर एजुकेशन, इंट्रोडक्शन टू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई एप्लिकेशन इन गवर्नमेंट जैसे कोर्स के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। आईगॉट प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य कोर्स और प्रोफाइल अपडेट विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल अनिवार्य रूप से अपडेट करें, जिसमें विभाग, जनपद और मानव संपदा कोड अंकित हो। साथ ही आईगॉट मार्केटप्लेस के एक कोर्स को पूरा करने पर ‘कर्मयोगी उत्कृष्ट’ खिताब भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनपद और विकासखंड स्तर पर वेबिनार, पैनल चर्चा और सामूहिक संवाद के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि सभी जनपदीय नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करें और प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी से निर्धारित समय में प्रशिक्षण पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि साधना सप्ताह के माध्यम से एक सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष और जवाबदेह कार्यसंस्कृति विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे शिक्षा विभाग को नई दिशा मिल सके।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 8:08 pm

इम्पैक्ट फीचर:जीआईटी जयपुर को बना रहा स्टार्टअप शिक्षा और लाइफलॉन्ग लर्नर का अनोखा हब

पिछले एक दशक में जयपुर ने अपनी विरासत, स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज और शांत वातावरण को बनाए रखते हुए हायर एजुकेशन का मजबूत केंद्र बनाया है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की भागदौड़ से दूर छात्र यहां आकर सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि एक पूरी लाइफस्टाइल और भारतीय पहचान पा रहे हैं। यहां ट्रैफिक कम है, समय ज्यादा है और बच्चे शहर को अपना कैंपस मानते हैं। ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GIT) ने जयपुर को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस साल GIT को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यहां से 15,000 से ज्यादा ग्रेजुएट्स निकल चुके हैं जो 100 से अधिक देशों में काम कर रहे हैं। संस्था ने स्कूल स्तर पर भी प्रवेश किया। मेयो स्कूल के जरिए प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक की पूरी यात्रा तैयार की जा रही है। नमन कंदोई, डायरेक्टर, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मयूर स्कूल जयपुर ने बताया कि स्कूल इसलिए शुरू किया गया ताकि बच्चे कोचिंग कल्चर और डमी स्कूल की सोच से बचकर ओपन माइंड, लाइफलॉन्ग लर्नर और सच्चे इंजीनियर बन सकें। आज के AI युग में GIT ने छात्रों और फैकल्टी दोनों को तैयार किया। AI को सिर्फ कोर्स नहीं बल्कि डिसरप्टर मानते हुए बेसिक फ्रेमवर्क्स (न्यूरल नेटवर्क्स, डिसीजन ट्रीज, रिग्रेशन) सिखाए जा रहे हैं। हर छह महीने में बदलते AI ट्रेंड्स के साथ एडाप्टिविटी पर फोकस है। स्टार्टअप्स में GIT पायनियर रहा। 2010-12 से यहां कई सफल स्टार्टअप्स निकले जो आज सैकड़ों मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर पहुंच चुके हैं। इनक्यूबेशन सपोर्ट, सीड फंडिंग और इकोसिस्टम के जरिए छात्रों को उद्यमी बनाया जा रहा है। GIT स्कूल से शुरू होकर AI, स्टार्टअप्स और ग्लोबल सहयोग तक छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कर जयपुर को शिक्षा का सशक्त हब बना रहा है।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 6:56 pm

TET पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में दायर करेगी पुनर्विचार याचिका:बालाघाट में शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षक चिंता न करें; अटल उद्यान में किया प्रतिमा का अनावरण

मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है। सोमवार को बालाघाट दौरे पर पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर विधि विभाग याचिका की तैयारी कर रहा है। मंत्री ने कहा कि जो शिक्षक पुराने भर्ती नियमों के तहत नियुक्त हुए हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। विधि विभाग कर रहा याचिका की तैयारी शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने केवल सर्वोच्च न्यायालय के पुराने निर्देशों का पालन किया था, लेकिन अब सरकार वापस अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन इस विषय में निचले स्तर तक कर्मचारियों के बीच फैले संदेह को दूर करें। सरकार का तर्क है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक तय भर्ती नियमों का पालन कर सेवा में आए थे। अटल उद्यान में किया प्रतिमा का अनावरण प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बालाघाट स्थित अटल उद्यान में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। यह कार्यक्रम भाजपा स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान सांसद भारती पारधी, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हुए मंत्री ने मलाजखंड के बंजर टोला में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 'बेल तालाब' के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश का कर्मचारी और शिक्षक सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से उनके हितों की रक्षा का आग्रह करेगी।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 6:51 pm

यूपी विधान परिषद समिति की समीक्षा बैठक:सभापति अश्विनी त्यागी ने गन्ना, शिक्षा और बिजली विभागों की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘विनियमन’ समीक्षा समिति की बैठक सभापति अश्विनी त्यागी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस बैठक में विनियमन समिति के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न विभागों से संबंधित बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। गन्ना विभाग में पिछले तीन वर्षों में किसानों के लिए उन्नत किस्म के गन्ने के बीज की उपलब्धता सहित अन्य कार्यों की जानकारी ली गई। जिला गन्ना अधिकारी ने समिति को बताया कि किसानों को गन्ने की उत्तम किस्म की वैरायटी विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों के नामांकन के संबंध में जानकारी मांगने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 'स्कूल चलो अभियान' के तहत बच्चों का नामांकन स्कूलों में कराया जा रहा है। समिति ने बीएसए को निर्देश दिया कि जनपद के सभी जनप्रतिनिधियों को आरटीआई के तहत दाखिला लेने की पात्रता और स्कूल की दूरी संबंधी नियमानुसार प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए विद्युत विभाग के बिंदुओं की समीक्षा के दौरान मुख्य अभियंता ने विभाग के कार्यों की जानकारी दी। समिति के समक्ष बुकलेट में विभाग की ओर से एक ही सूचना अलग-अलग दिए जाने पर सभापति ने नाराजगी व्यक्त की और भविष्य में सही सूचनाएं प्रेषित करने के निर्देश दिए। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि सरकार की महत्वपूर्ण 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत सोलर पैनल लगाने वाले व्यक्तियों का विद्युत विभाग की ओर से रीडिंग जेनरेट करने का कनेक्शन अविलंब किया जाए। साथ ही, जर्जर लाइनों को भी ठीक कराया जाए। खुर्जा में फ्लैगशिप प्रोजेक्ट के तहत पॉटरी उद्योग से निकलने वाले वेस्ट से विकसित किए गए 'अनोखी दुनिया' नामक सिरेमिक पार्क की जानकारी भी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई। आबकारी विभाग के बिंदुओं की समीक्षा के दौरान जिला आबकारी अधिकारी द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने और जनपद के अधिकतर जनप्रतिनिधियों के फोन नंबर उपलब्ध न होने तथा उनसे वार्ता न करने पर सभापति ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रमुख सचिव आबकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 5:32 pm

शिक्षा विभाग का कर्मचारी 7 हजार रिश्वत लेते पकड़ाया:अनुकंपा नियुक्ति का जल्द वेतन दिलाने मांगे थे पैसे, बड़वानी में लोकायुक्त की कार्रवाई

बड़वानी में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक ग्रेड-3 और लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मंडलोई को 7,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए 6 अप्रैल को पकड़ा गया है। राजपुर में लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने कार्रवाई की है। यह पूरा मामला एक रिटायर्ड शिक्षक बाबूलाल नरगावे की शिकायत से जुड़ा है। उनके बेटे की मौत के बाद उनकी बहू को सरकारी स्कूल जुलवानिया में चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। रोपी प्रदीप मंडलोई बहू का 'प्रान नंबर' भोपाल से जल्दी मंगवाने और वेतन शुरू करवाने के बदले 8,000 रुपए की मांग कर रहा था। लोकायुक्त की जाल में फंसा आरोपी बाबूलाल नरगावे ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की। शिकायत की जांच सही पाए जाने के बाद आज एक टीम तैयार की गई। जैसे ही आरोपी प्रदीप मंडलोई ने अपने दफ्तर के स्थापना कक्ष में 7,000 रुपए की पहली किस्त ली, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपील लोकायुक्त विभाग ने साफ किया है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेंगे। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में फोन कर इसकी जानकारी दें।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 4:49 pm

21 टीचरों की ड्यूटी जनगणना में लगाने से पढ़ाई ठप:करनाल डीसी और शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे स्टूडेंट्स; बोले- कैसे चलेगा स्कूल

करनाल जिले के निसिंग के राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टीचरों की कमी को लेकर छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। स्कूल के 25 में से 21 अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना और अन्य कार्यों में लगाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ चार टीचर ही बच गए हैं। इस समस्या को लेकर छात्र जिला उपायुक्त और शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीचरों को वापस स्कूल में भेजने की मांग की। पढ़ाई पर पड़ा सीधा असर छात्रा रिशिका व अन्य ने बताया कि वे निसिंग के सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल में कुल 25 टीचर हैं, लेकिन 21 की ड्यूटी जनगणना और अन्य कार्यों में लगा दी गई है। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर टीचर ही नहीं रहेंगे, तो उन्हें पढ़ाएगा कौन। छात्रों का कहना है कि यह स्थिति उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसी है। स्कूल का प्रदर्शन रहा बेहतर छात्राओं ने बताया कि उनके स्कूल के टीचर उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करते हैं। इसी का नतीजा है कि स्कूल के बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में 73 मेडल हासिल किए हैं और राज्य स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अब जब अधिकतर टीचरों की ड्यूटी बाहर लगा दी गई है, तो पढ़ाई और अन्य गतिविधियां दोनों प्रभावित हो रही हैं। टीचरों की ड्यूटी लगाने पर सवाल छात्राओं ने कहा कि ड्यूटी लगाना गलत नहीं है, लेकिन एक साथ 90 प्रतिशत टीचरों को बाहर भेज देना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य होते हैं, लेकिन उन्हें ही शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। जब वे अधिकारियों के पास जाते हैं, तो जवाब मिलता है कि यह आदेश सरकार और उच्च अधिकारियों की तरफ से है। अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि वे भी इस समस्या को लेकर जिला उपायुक्त से मिले हैं। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से स्कूल खुले हैं और अब पता चला कि अधिकांश टीचरों की ड्यूटी कहीं और लगा दी गई है। इस बारे में वे पहले शिक्षा मंत्री से भी मिले थे, जिन्होंने डीसी से मिलने के लिए कहा था। लेकिन डीसी से मिलने के बाद भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। 4 टीचरों पर बढ़ा बोझ, एडमिशन में व्यस्त मौजूदा स्थिति में स्कूल में केवल चार टीचर ही मौजूद हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ एडमिशन प्रक्रिया में भी व्यस्त हैं। इतने कम स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में बच्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है। छात्र और अभिभावक अब प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 3:19 pm

कटनी के सरकारी स्कूल में लगाए भाजपा के झंडे:कांग्रेसी बोले- यह शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण; आपत्ति लेने पर DEO ने हटवाए

कटनी जिले के बरही नगर परिषद स्थित सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर सोमवार को भाजपा के झंडे लहराते पाए गए। शासकीय शिक्षण संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडे लगाए जाने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामला संज्ञान में आते ही जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह ने इसे 'शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण' बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है और स्कूल गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता है। सिंह ने मांग की है कि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित स्कूल के प्राचार्य को निर्देशित कर मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटवा दिए। डीईओ ने बताया कि किया कि शासकीय परिसर में इस तरह की गतिविधि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि सुरक्षा के बावजूद स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 1:04 pm

बक्सर में 520 छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय का उद्घाटन:मंत्री रामा निषाद बोलीं- बेटियों की शिक्षा से ही समाज का विकास, 35 प्रतिशत बेटियां कार्यरत

बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत हरनी चट्टी, अदफा में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रामा निषाद ने एक नए आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया। यह विद्यालय 520 छात्राओं के लिए बनाया गया है। इसे पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान करना है। विद्यालय में 520 बेड की व्यवस्था उद्घाटन समारोह में मंत्री रामा निषाद ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में बिहार के सभी जिलों में आवासीय प्लस टू विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरनी चट्टी स्थित इस विद्यालय में 520 बेड की व्यवस्था है, जिससे बड़ी संख्या में छात्राओं को लाभ मिलेगा। मंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब बेटियां पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी, तभी समाज का समग्र विकास संभव होगा।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व की सरकारों ने इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किया, लेकिन वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति हुई है। 35 प्रतिशत बेटियां विभिन्न विभागों में कार्यरत मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 35 प्रतिशत बेटियां विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में कार्यरत हैं, जो समाज में बढ़ते बदलाव का संकेत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस नए विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार 12वीं कक्षा के बाद भी छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने हाल ही में इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षाओं में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। पहले से अधिक सुरक्षित हैं बेटियां सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियां अब पहले से अधिक सुरक्षित हैं और वे हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं। खासकर पुलिस सेवाओं में भी उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखा गया और इस पहल को बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 11:03 am

सुरेश बने भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के मीडिया प्रभारी

खरोरा | खरोरा निवासी सुरेश कुमार साहू को भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर ग्रामीण का जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव एवं संगठन महामंत्री पवन साय के मार्गदर्शन में, शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कांतिलाल जैन के निर्देश तथा जिला अध्यक्ष श्याम कुमार नारंग की सहमति से की गई। सुरेश कुमार साहू की नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज तहसील इकाई खरोरा के शिक्षकगणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। बधाई देने वालों में अध्यक्ष गोपाल दास पड़वार, सचिव हरिश्चंद्र देवांगन, संयोजक सीताराम यादव, संरक्षक के.आर. वर्मा, सलाहकार भूपेंद्र कुमार नायक, आसाराम वर्मा, रमेश कुमार वर्मा, संतोष वर्मा, गणेशराम देवांगन व राम सिंह घिलहरे व अन्य मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 5:30 am

यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन:कहा- छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं, बिल वापस लेने की मांग उठाई

देवरिया जनपद के भाटपार रानी क्षेत्र में रविवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन फुलवरिया चौराहा पर आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व सवर्ण मोर्चा के संस्थापक सदस्य बसंत सिंह बघेल ने किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी बिल छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल से उच्च शिक्षा की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और शिक्षा का स्वरूप कमजोर होगा। वक्ताओं ने सरकार से ऐसे निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों से व्यापक चर्चा करने की मांग की। सवर्ण मोर्चा के संस्थापक सदस्य बसंत सिंह बघेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस बिल को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संगठन का नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का मुद्दा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिल को जनविरोधी बताया। इस दौरान ललित दीनानाथ सिंह, रणजीत सिंह, आंचल सिंह अमेठिया, रिपु दमन सिंह, शुभनजय सिंह और अखिलेश सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 8:51 pm

जमुई में मंत्री ने दो विद्यालयों का उद्घाटन किया:प्लस टू शिक्षा की सुविधा, कटौना हॉल्ट बहाली की मांग उठाई, वंदे भारत स्टॉपेज का मुद्दा रखा

जमुई जिले में रविवार को शिक्षा और विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल हुई। बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने बरहट प्रखंड के गढ़वा कटौना और बरुअटटा में नवनिर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय भवनों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में ट्रेनों के ठहराव बहाल करने और जमुई स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग भी प्रमुखता से उठाई। गढ़वा कटौना में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। ये विद्यालय भवन स्थानीय बच्चों को प्लस टू तक की शिक्षा प्रदान करेंगे, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सात किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगाअपने संबोधन में मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि वे कटौना हॉल्ट के पुनरुद्धार को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के संपर्क में हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोविड-पूर्व की तरह ट्रेनों का ठहराव और टिकट काउंटर की सुविधा बहाल होने तक उनके प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही, उन्होंने जमुई स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी केंद्र सरकार के समक्ष रखने की बात कही, जिससे जिले के विकास को गति मिल सके। बरुअटटा में उद्घाटन किए गए उत्क्रमित उच्च विद्यालय ने स्थानीय बच्चों के लिए शिक्षा की राह आसान कर दी है। अब छात्र-छात्राओं को प्लस टू की पढ़ाई के लिए सात किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। पहले इस क्षेत्र में केवल कक्षा एक से आठवीं तक की ही सुविधा थी, जिससे आगे की पढ़ाई कई छात्रों के लिए कठिन हो जाती थी। रखरखाव में सहयोग देने का आह्वान कियामंत्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब आम जनता उसके प्रति जागरूक और सजग हो। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि यह विद्यालय केवल सरकार की योजना नहीं, बल्कि हर ग्रामीण परिवार की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्कूल के विकास और रखरखाव में सहयोग देने का आह्वान किया। इन कार्यक्रमों में जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, भाजपा जिला अध्यक्ष दुर्गा केसरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 7:00 pm

बरबट्टा में नव निर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय भवन का उद्घाटन:विधायक श्रेयसी सिंह ने किया, शिक्षा सुधार पर जोर

जमुई सदर प्रखंड के बरबट्टा गांव में रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल हुई। विधायक श्रेयसी सिंह ने नव निर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, शिक्षक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रेयसी सिंह ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए विद्यालय भवनों का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में मिले समर्थन के कारण ही उन्हें दोबारा क्षेत्र की सेवा करने का मौका मिला है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में और भी विकास कार्य किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया। उनका मानना है कि नए विद्यालय भवन से बच्चों की शिक्षा में सुधार आएगा और क्षेत्र का शैक्षणिक स्तर मजबूत होगा। कार्यक्रम का समापन शिक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 3:13 pm

शिक्षा विभाग की नियमावली में ही लूट की राह:स्कूल अपने ‘विवेकानुसार’ सरकारी की बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने पर जोर दे रहे

शिक्षा निदेशक जिन नियमों का हवाला देते हैं उन्हीं नियमों की शब्दावली में छिपा एक शब्द ‘विवेकानुसार’आज प्रदेश के लाखों अभिभावकों की जेब पर डकैती का कानूनी जरिया बन गया है। पाठ्यक्रम तो एनसीईआरटी का है, लेकिन किताबों के ब्रांड चुनने की इस ‘विवेकीय आजादी’ ने निजी स्कूलों को प्राइवेट प्रकाशकों का ‘एजेंट’ बना दिया है। नतीजा यह है कि 60 फीसदी तक के भारी-भरकम कमीशन के चक्कर में ₹200 का बुक-सेट ₹4000 में बेचा जा रहा है और विभाग स्पष्ट निर्देशों के अभाव में हाथ पर हाथ धरे बैठा है। भास्कर ने 4 अप्रैल के अंक में ‘पहली कक्षा में एनसीईआरटी का पूरा सेट रु 195 में, निजी स्कूलों का 3280 से 4500 रुपए तक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अभिभावकों की परेशानी को उजागर किया। उधर, अभिभावक संघ ने राज्य सरकार से पाठ्य पुस्तकों में एकरूपता की मांग की है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के माध्यम से सरकारी एवं निजी स्कूलों में एक समान यूनिफॉर्म लागू करने के प्रस्ताव पर संयुक्त अभिभावक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार शिक्षा में वास्तविक सुधार के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाकर ड्रेस कोड थोपने में लगी हुई है, जबकि प्रदेशभर के अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी पाठ्य पुस्तकों की खरीद-फरोख्त से त्रस्त हैं। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि आज प्रदेश में सबसे बड़ा आर्थिक बोझ यूनिफॉर्म नहीं, बल्कि निजी स्कूलों द्वारा अनिवार्य रूप से थोपी जा रही महंगी और अनावश्यक पाठ्य पुस्तकों का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग अभिभावकों के सब्र की परीक्षा बिल्कुल न लें। अभिभावक तब तक शांत हैं, जब तक वे बिखरे हुए हैं, लेकिन अब अभिभावक न केवल जागरूक हो रहे हैं बल्कि मुखर भी हो रहे हैं। सरकार और विभाग समय रहते चेत जाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यूं समझें क्या है नियम और कहां है खामी निजी स्कूलों को भी निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में किया जाए शामिल राज्य सरकार तथा शिक्षा विभाग को चाहिए कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में शामिल किया जाना चाहिए। गैर सरकारी स्कूलों में भी पाठ्यक्रम, कक्षा शिक्षण तथा बोर्ड परीक्षा व मूल्यांकन सरकारी स्कूलों के समान ही होता है। -भास्कर एक्सपर्ट- -महेंद्र पांडे, मुख्य महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ प्राथमिक एवं माध्यमिक “एक विद्यार्थी की वार्षिक पुस्तकों पर औसतन खर्च 4 हजार से 12 हजार तक आ रहा है, जो यूनिफॉर्म के खर्च से कई गुना अधिक है। शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री के संज्ञान में यह मामला हर वर्ष आता है, इसके बावजूद खुलेआम अभिभावकों की आर्थिक लूट जारी है। इस पर रोक लगाने के बजाय सरकार ड्रेस को एक समान करने जैसे सतही निर्णय लेकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।”-अभिषेक जैन बिट्‌टू, प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ पिछले साल तक मेरे दोनों बच्चे महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ रहे थे। इस साल पास के ही निजी स्कूल में प्रवेश दिलाया है। बेटी पांचवीं और बेटा नौवीं कक्षा में है। दोनों की किताबों का खर्च ही ₹3900 आया है, जो सरकारी स्कूलों की तुलना में बहुत अधिक है। राज्य सरकार को चाहिए कि निजी स्कूलों में भी सरकारी दरों पर एनसीईआरटी और आरबीएसई की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू करे, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।-दीपक पडिहार, निवासी, चौधरी कॉलोनी “निजी स्कूलों में एनसीईआरटी और राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल द्वारा स्वीकृत पाठ्यक्रम ही लागू करना अनिवार्य है। निजी स्कूल प्राइवेट प्रकाशन की बुक्स रख सकते हैं। हालांकि निजी स्कूलों में उपलब्ध किताबें कम से कम तीन स्थानीय दुकानों पर उपलब्ध होने का निर्देशों में प्रावधान है।”-सीताराम जाट, निदेशक, माध्यमिक

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 5:45 am

वित्तरहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा सचिव का फूंका पुतला

लोहरदगा|झारखंड में दो सौ से अधिक वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का अनुदान रोके जाने के विरोध में लोहरदगा में वित्तरहित शिक्षक-कर्मचारियों ने शनिवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव का पुतला दहन किया। झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर अपनी नाराजगी जताई। इस क्रम में एमएलए महिला कॉलेज में शिक्षा सचिव के पुतला दहन कार्यक्रम में शिक्षिका गीता कुमारी ने कहा कि सरकार ने राज्य के कुछ संस्थानों को अनुदान दिया और बाकियों को अन्यायपूर्ण तरीके से वंचित किया। जो 2004 के अधिनियम के खिलाफ है। सभी दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए गए थे। कहा कि सरकार वित्तरहित संस्थानों का अस्तित्व मिटाने की साजिश कर रही है। वहीं अनुदान चालू करने, बकाया राशि का भुगतान और शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही मांगे पूरी न होने तक चरणबद्ध आंदोलन और प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी विभाग और सरकार को दी गई है। मौके पर शिक्षक और कर्मी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा को बढ़ावा देने जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित

पाली | महिला जन सहयोग वेलफेयर सोसाइटी और मिलन फ्रेंड्स क्लब के सहयोग से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री दी गई। भामाशाह मुकेश रोनल लोढा के सहयोग से कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, सोपनर इत्यादि स्टेशनरी वितरित की गई। इस सामजिक कार्य में संस्था अध्यक्ष अंकिता बोहरा, सचिव अन्नु सोलंकी, उपाध्यक्ष प्रियंका व्यास व नरेन्द्र गुगलिया, नरेश पंवार आदि का सहयोग रहा।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 3030 बच्चों को अलॉटमेंट

खरगोन| शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किया। 2 अप्रैल को आयोजित ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में जिले के 487 निजी स्कूलों की कुल 3209 सीटों के मुकाबले 3030 सीटों पर विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित बच्चों को अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित स्कूलों में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) खेमराज सेन ने बताया कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को 15 अप्रैल तक संबंधित स्कूल में रिपोर्टिंग कर दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी तय तिथि तक प्रवेश नहीं लेता है, तो उसकी सीट स्वतः निरस्त कर दी जाएगी और उस सीट को अगली प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर स्कूल पहुंचें, ताकि बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित हो सके। साथ ही जिन सीटों पर अभी आवंटन नहीं हुआ है, उनके लिए विभाग द्वारा जल्द ही अगली लॉटरी या चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा का लाभ मिल सके।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 5:30 am

'पिंडरा में दूसरी काशी का 2027 में शिलान्यास करूंगा':विधायक अवधेश बोले- ITI और कॉलेजों पर फोकस, हाईक्लास इलाज और शिक्षा दिलाना लक्ष्य

लखनऊ से काशी का प्रवेशद्वार पिंडरा विधानसभा है, जहां इंटनेशनल एयरपोर्ट है और अब इसका विस्तार हो रहा है। देश में पहली बार ऐसा हाईटेक एयरपोर्ट बनेगा जिसके कई फिट नीचे वाहन दौड़ेंगे और ऊपर विमान। इस क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए तो सड़कों का जाल बिछाया गया। पिंडरा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह लगातार 9 वर्ष से क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं, पेशे से शिक्षक अवधेश सिंह ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम किया। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज और कई बड़े अस्पताल उनकी पहचान बन गए हैं। दैनिक भास्कर ने विधायक से पिंडरा के विकास कार्यों पर चर्चा की तो पता चला कि करोड़ों के प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं और कई पाइप लाइन में हैं। यह पीएम का संसदीय क्षेत्र नहीं है लेकिन पीएम अब तक सबसे ज्यादा इसी क्षेत्र से रूबरू हुए हैं यानि काशी आना है तो पिंडरा एक मात्र रास्ता है। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश- सवाल: पिंडरा विधानसभा में आपके द्वारा कौन-कौन से महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए? जवाब: अमूल की डेयर मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है, विधायक बनने के बाद सबसे पहले गुजराज गया और अमूल के डायरेक्टर से मिला। उन्हें जमीन उपलब्ध कराया और अमूल के आने के कारण हर घर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में है। घरों में गाय-भैंस रख करके लोग सुबह-शाम दूध अमूल के भंडारण में जाता है और सीधे खाते में पैसा आता है। पिंडरा 2017 के पहले उपेक्षा का शिकार था और अब तस्वीर ही बदल गई है। एजुकेशन के क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज, गर्थमा में बनकर तैयार हो गया और नई टेक्नोलॉजी को बढ़ा रहे हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज जो बेकार पड़ा था, उसके लिए धन आवंटित कराकर तैयार कराया। बसनी हॉस्पिटल, पिंडरा हॉस्पिटल गंगापुर हॉस्पिटल, धौकलगंज और गजोखर में हॉस्पिटल में हॉस्पिटल हैं, वहीं पीएससी और सीएससी शानदार बिल्डिंग में चल रहे हैं। करीब 6 करोड़ रुपए सीएसआर फंड से लेकर मैंने दो वेंटिलेटर और आठ आईसीयू बनाया। नदी के उस पार किसानों की सहूलियत के लिए पुलिया बनवाई। मंदिरों को करोड़ों रुपए देकर भव्य सौंदर्यीकरण कराया। विकास ने प्रगति और कीमत बढ़ाई। अब हमारे क्षेत्र की जमीनें इतनी महंगी हो गई हैं अगर एक बिस्वा भी जमीन गया तो 40 लाख 50 लाख रुपया मिलता है। गरीबी नहीं बल्कि उद्योग और व्यापार चलने लगता है। पांच बेरोजगारों को अपने स्थान पे छोटा व्यवसाय मिल रहा है, बिना गारंटी लोन मिल रहा है। सवाल: आगे क्या ऐसा कुछ काम विकास काम रह गए जो अभी तक आप पूरा नहीं करा पाए? जवाब: मैं समझता हूं कि उसको मैं बताना नहीं चाहता हूं। बहुत सारे ऐसे काम हैं जिसको करने से मेरा क्षेत्र बनारस की तुलना में सुदृढ होगा। बस मान लीजिए कि इस पिंडरा को सेकंड काशी बनाने का प्रयास है। पैरामीटर भी तय हैं कि उस मिनी काशी में हमारा हॉस्पिटल हो, ट्रामा सेंटर हो, हमारा एजुकेशन भी ए-क्लास का हो कि वहीं के हमारे क्षेत्र के बच्चे किसी दूसरे जगह नहीं जाए। हमारे क्षेत्र के मरीज कहीं दूसरे जगह नहीं जाएं और रेफर नहीं इलाज मिले। बहुत जल्दी ही देखिएगा 2027 में हो सकता है उसका भी ही शिलान्यास कर दूं। सवाल: वाराणसी में कई विधायक हैं लेकिन अक्सर आप चर्चाओं में रहते हैं। क्या इस बार टिकट पार्टी से मिल पाएगा? जवाब: मैं काम करता हूं, पार्टी ने टिकट दिया मैं चुनाव लड़ा जीता। अपने क्षेत्र के सभी मतदाताओं का आभार प्रकट करना चाहता हूं कि इतने अधिक वोट से जिताया। रात दिन सोता नहीं हूं, इसका काम पिंडरा में दिखाई दे रहा है। मैं फिर कह रहा हूँ यदि पार्टी इस योग्य समझेगी कि मुझको टिकट दिया जाए टिकट देंगे तो जरूर लड़ूंगा। सवाल: आप खुद अपने काम को 10 में से कितना नंबर देंगे? जवाब: 100 परसेंट यानि 10 में से 10 नंबर दूंगा।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 1:59 am

इम्पैक्ट फीचर:मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर को स्टार्टअप इनोवेशन और ग्लोबल लिगेसी से बना रही शिक्षा का टॉप हब

जयपुर में जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक विज्ञान केंद्रों से लेकर आजादी के बाद बने 30-35 से ज्यादा विश्वविद्यालयों तक, शिक्षा की परंपरा गहरी है। चार-पांच संस्थान NIRF टॉप 100 में हैं। UP, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार तक से लाखों छात्र यहां पढ़ने आ रहे हैं। वजह साफ है – बेहतर गुणवत्ता, सुरक्षित माहौल, अच्छा करियर और पेरेंट्स की पसंद। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रेसिडेंट डॉ. एनएन शर्मा, ने कहा कि 2011 में सिर्फ 250 छात्रों से शुरू हुई यात्रा आज 20,000 ऑन-कैंपस छात्रों तक पहुंच गई है। पूरे भारत से छात्र आते हैं। मणिपाल ब्रांड की 75 साल पुरानी लिगेसी यहां लाई गई है। संस्थापक डॉ. टीएमए पाई ने भारत का पहला प्राइवेट मेडिकल कॉलेज शुरू किया था। मुख्य मणिपाल यूनिवर्सिटी आज NIRF में तीसरे स्थान पर है। इसी बेस्ट प्रैक्टिस को जयपुर लाकर यहां देश के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक बनाया गया। यूनिवर्सिटी वर्तमान में NIRF रैंकिंग में 58वें स्थान पर है। आधुनिक टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और सहयोग पर मणिपाल का खास फोकस है। 2017-18 में राजस्थान के पहले अटल इनक्यूबेशन सेंटर में से एक यहां स्थापित हुआ। सरकार हर साल ₹1 करोड़ दे रही है। अब तक 75 स्टार्टअप्स इनक्यूबेट हो चुके हैं, जिनमें 15-20 ग्रेजुएट होकर सफल कंपनी बना चुके हैं। स्मार्ट इंडिया सीड फंड से 20-25 स्टार्टअप्स को फंडिंग भी मिल चुकी है। विचार से लेकर कंपनी बनाने तक की पूरी प्रक्रिया (आइडिएशन, न्यूक्लिएशन, स्टार्टअप) यहां सपोर्टेड है। मणिपाल की ग्लोबल लिगेसी और राजस्थान सरकार के साथ मजबूत सहयोग से छात्र सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि उद्यमी बन रहे हैं। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए छात्रों का उज्ज्वल भविष्य तैयार कर रही है।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 7:31 pm

इम्पैक्ट फीचर:जयपुर अब मेट्रो शहरों से बेहतर शिक्षा दे रहा, एसकेआईटी कॉलेज AI और प्लेसमेंट से छात्रों को तैयार कर रहा

जयपुर पर्यटन से आगे बढ़कर शिक्षा का पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। शांत वातावरण, कम खर्च, अच्छी इंडस्ट्री और सुरक्षित माहौल की वजह से UP, बिहार, MP समेत कई राज्यों के छात्र यहां आ रहे हैं। एसकेआईटी कॉलेज ने इस हब को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। यहां 100 प्रतिशत योग्य छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिलता है। इस साल 800-850 छात्र प्लेस हो चुके हैं। कॉलेज वर्ल्ड क्लास शिक्षा देता है ताकि कोई छात्र बाहर जाकर अपने आप को कम न महसूस करे। AI को लेकर कॉलेज ने एडवांस लैब्स बनाईं। इंटर्नशिप और इंटरडिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स के जरिए AI को टूल बनाकर सिखाया जा रहा है। स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सेंटर चल रहे हैं जो भविष्य में गूगल-अमेज़ॅन जैसी कंपनियां तैयार कर सकते हैं। एसकेआईटी के डायरेक्टर जयपाल मील ने कहा कि AI हर फील्ड में जरूरी है और हम छात्रों को डरने की बजाय इसका इस्तेमाल सिखाते हैं। एडवांस लैब्स, रोबोटिक्स, मेट्रो कनेक्टिविटी और किफायती को-वर्किंग स्पेस भी लगातार बढ़ रहे हैं। एसकेआईटी जैसे संस्थान प्रैक्टिकल एक्सपोजर और इंडस्ट्री टाई-अप से छात्रों को तैयार कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 7:30 pm

इम्पैक्ट फीचर:जयपुर बन रहा शिक्षा का नया हब, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी AI और स्टार्टअप्स से छात्रों का भविष्य कर रही उज्ज्वल

जयपुर अब केवल पिंक सिटी या पर्यटन नगरी नहीं रहा। यह देश का उभरता हुआ शिक्षा हब बन गया है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों को छोड़कर हजारों छात्र राजस्थान आ रहे हैं क्योंकि यहां कानून-व्यवस्था मजबूत है, परिवार जैसा माहौल है और बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने इस बदलाव में अहम योगदान दिया। 26 साल पहले 152 इंजीनियरिंग छात्रों से शुरू हुई यात्रा आज 4500 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग और कुल 21,000 छात्रों तक पहुंच गई है। इनमें 35 प्रतिशत छात्र देशभर से आते हैं। यूनिवर्सिटी ने AI को कोर्स में पूरी तरह एम्बेड किया है। टीचर्स को इंडस्ट्री और विदेशी संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाई गई। स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम बहुत मजबूत है जिसमें सरकार ने करोड़ों रुपये की मदद दी। जेईसीआरसी का फोकस अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पर बरकरार है लेकिन अब मैनेजमेंट, लॉ, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे वर्टिकल्स भी जोड़े गए हैं। AI के साथ स्टार्टअप और सहयोग पर भी जोर है। यूनिवर्सिटी में डेडिकेटेड एक्सपर्ट टीम इनक्यूबेशन चला रही है। जॉनस हॉपकिंस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सहयोग से छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर मिल रहा है। अमित अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन ने बताया कि राजस्थान सरकार की सक्रिय भूमिका से मेडिकल यूनिवर्सिटी का सपना भी साकार हो रहा है। 1200 बेड का हॉस्पिटल जल्द शुरू होगा। जयपुर को विश्व स्तर का शिक्षा हब बनाने के लिए संस्थान, छात्र और सरकार का यह त्रिकोण तेजी से काम कर रहा है। जेईसीआरसी जैसे संस्थान न सिर्फ डिग्री बल्कि सही करियर और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 7:30 pm

यूपी दिनभर, 15 बड़ी खबरें:शिक्षामित्रों को अप्रैल से मिलेंगे 18 हजार, रूस से 7 महीने बाद आई बेटे की लाश, मौलाना ने उल्टा लटकाकर 36 डंडे मारे

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर यूपी में शिक्षामित्रों के मानदेय से जुड़ी है। सीएम योगी ने इसे अप्रैल महीने से बढ़ाने का ऐलान किया। वहीं, दूसरी खबर कई जिलों में अचानक बदले मौसम को लेकर है। चलिए, सिलसिलेवार तरीके से पढ़ते हैं कि यूपी में दिनभर क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें… 1. यूपी में शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे, अनुदेशकों को भी बढ़ा मानदेय मिलेगा सीएम योगी ने वाराणसी में 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय मिलेगा। अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे। सीएम ने बजट सत्र के दौरान इनकी सैलरी बढ़ाने की बात कही थी। पूरी खबर पढ़ें… 2. टीजीटी और एलटी ग्रेड भर्ती के लिए TET अनिवार्य, हाईकोर्ट बोला- भर्ती 9वीं और 10वीं के टीचर्स के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी/एलटी ग्रेड की नई भर्तियों में TET परीक्षा को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने लोकसेवा आयोग को TGT अध्यापक भर्ती विज्ञापन में यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि यह भर्ती 9 और 10 में पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए निकाली गई है। यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने दिया। पूरी खबर पढ़ें… 3. मीरा कुमार बोलीं- मैंने भी छुआछूत की दिक्कत झेली, गड़बड़ी न होती तो अजय राय MP होते लखनऊ में मीरा कुमार ने कहा कि मैंने भी छुआछूत झेला है। पढ़ाई के दौरान मेरी मां ने भी इसे सहा। शीर्ष पद पर रहते हुए पिताजी भी इससे बच नहीं पाए। एक नेता ने मुझे नाश्ते पर बुलाया। अंदर से महिला ने कहा कि इन अछूत को खिलाएंगे तो प्लेट तोड़नी पड़ेगी। वह कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर बोल रही थीं। पूरी खबर पढ़ें… 4. साध्वी वेश में कोर्ट में पेश हुई गैंगस्टर पूजा तोमर, कन्नौज के चर्चित रेप केस में नवाब सिंह के साथ आरोपी कन्नौज के चर्चित नाबालिग रेप केस की आरोपी गैंगस्टर पूजा तोमर कोर्ट में साध्वी वेश में पेश हुई। लंबे समय से फरार चल रही पूजा को 27 मार्च को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल (अनौगी) भेज दिया गया। पूजा रेप केस में मुख्य आरोपी सपा नेता नवाब सिंह यादव के साथ सह-आरोपी है। पूरी खबर पढ़ें… 5. TET अनिवार्यता के खिलाफ लाखों टीचर्स का दिल्ली में प्रदर्शन, यूपी से 30 हजार शिक्षक शामिल हुए यूपी के 30 हजार टीचरों ने TET अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार को प्रदर्शन किया। इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक समेत 20 राज्यों के लाखों शिक्षक शामिल हुए। टीचरों ने “टीईटी हटाओ, शिक्षक बचाओ” जैसे नारे लगाए। शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर, 2025 के फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाया जाए। पूरी खबर पढ़ें… अब 8 अहम खबरें… 6. कानपुर-जालौन और ललितपुर में जमकर ओले गिरे, आंधी-बारिश से पेड़ उखड़े यूपी में शनिवार को एक बार फिर मौसम बिगड़ गया। कानपुर, ललितपुर, जालौन में जमकर ओले गिरे। कानपुर के गोविंद नगर में कई पेड़ उखड़ गए। उधर, जालौन की माधौगढ़ तहसील में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। जमकर ओले भी गिरे। सड़क और खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गईं। पूरी खबर पढ़ें… 7. सहारनपुर के मदरसे में बच्चे को 36 डंडे मारे, एक मौलाना उल्टा करके पैर पकड़े रहा सहारनपुर के एक मदरसे में दो मौलानाओं ने 10 साल के बच्चे की बेरहमी से पिटाई की। एक ने बच्चे को उल्टा करके पैर पकड़े, दूसरे ने 36 डंडे मारे। बच्चा चिल्लाते हुए छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी मौलाना उसे पीटता रहा। पुलिस के मुताबिक, तीसरे मौलाना का दोनों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उसने वीडियो वायरल किया। पूरी खबर पढ़ें… 8. MP के सीएम ने दुकानदार से कहा- क्या खिलाओगे, काशी में कचौड़ी-सब्जी और लस्सी मंगवाई वाराणसी में मध्य प्रदेश के CM दूसरे दिन भी रहे। शनिवार की सुबह CM मोहन यादव अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ शहर की प्रसिद्ध राम भंडार की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकानदार से पूछा- क्या खिलाओगे। फिर मध्य प्रदेश सीएम ने कचौड़ी और लस्सी का ऑर्डर दिया। आम लोगों के साथ ही बैठकर नाश्ता किया। इसके बाद खुद दुकानदार को बिल के पैसे दिए। पूरी खबर पढ़ें… 9. रूस से 7 महीने बाद रामपुर पहुंचा युवक का शव, नौकरी करने गया, सेना में भर्ती हुआ रामपुर के 22 साल के शावेद का शव मौत के 7 महीने बाद रूस से भारत लाया गया। शनिवार तड़के दिल्ली एयरपोर्ट पर शव पहुंचा, जहां से परिजन उसे रामपुर ले गए और सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।शावेद पिछले साल जून में रूस में एक फर्नीचर कंपनी में काम करने गया था। बाद में वह रूसी सेना में शामिल हो गया। उसने मां से आखिरी बार कहा था- हालात बहुत खराब हैं। पूरी खबर पढ़ें… 10. आगरा में चखने के कागज से खुला हत्या का राज, प्रेमी से पति को मरवाया था आगरा में चखने के कागज से 3 दिन पहले मिले अधजले शव और हत्या का राज खुल गया। अफेयर का विरोध करने पर पत्नी ने प्रेमी से पति की हत्या कराई थी। प्रेमी के एक दोस्त ने भी उसका साथ दिया था। प्रेमी ने खेत में ले जाकर उसे शराब पिलाई, गला दबाकर उसे मार दिया। फिर पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। अधजली लाश को वहीं छोड़कर भाग गए। पूरी खबर पढ़ें… 11. तलाक के बाद बैंड-बाजे के साथ घर लौटी बेटी, मेरठ में पिता बोले- 'आई लव माय डॉटर' मेरठ में एक पिता ने बेटी का तलाक होने पर घर में ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। जैसे किसी शादी या त्योहार का जश्न हो। तलाक के बाद पूरा परिवार खुशियों से झूम उठा। ढोल की थाप पर लोग नाचते-गाते नजर आए। मिठाइयां बांटी गईं। फूल-माला पहनाकर बेटी का स्वागत किया गया। परिवार के सभी सदस्यों की टी-शर्ट पर लिखा था- I Love My Daughter। पूरी खबर पढ़ें… 12. रील के बहाने लड़की का चाकू से गला रेता, बिहार के प्रेमी ने गोंडा आकर किया मर्डर गोंडा में बिहार के प्रेमी ने रील बनाने के बहाने प्रेमिका के हाथ-पैर बांधे और चाकू से उसका गला रेत दिया। दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। प्रेमिका उससे जरूरत के बहाने डेढ़ लाख रुपए ले चुकी थी। उसकी डिमांड बढ़ती ही जा रही थी, जिससे प्रेमी परेशान था। मना करने पर प्रेमिका दबाव बनाने लगी। प्रेमी को शक था कि उसका किसी और से अफेयर है। पूरी खबर पढ़ें… 13. 75 साल के बुजुर्ग ने 4 साल की बच्ची से रेप किया, संतकबीर नगर में बहाने से बुलाया संतकबीरनगर के दुधारा क्षेत्र के एक गांव में 75 साल के बुजुर्ग ने चार साल की बच्ची से रेप किया। घटना के बाद बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी गुरुवार शाम गांव की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी। पूरी खबर पढ़ें… खबर जो हटकर है… 14. मेरठ में 6 महीने बाद घर लौटा तोता', अब ज्यादा 'मम्मी' बोलता, पहले से ज्यादा सो रहा मेरठ में 6 महीने बाद घर लोटा तोता 'किट्टू' पहले के मुकाबले कुछ बदल गया है। वह पहले मम्मी नहीं बोलता था और ज्यादा गोलगप्पे और आलू के पराठे खाता था। लेकिन अब ज्यादा फल खाना पसंद कर रहा है। वह पहले से ज्यादा सो रहा है। तोते के लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। सभी ने उसकी वापसी पर केक काटा और रेस्टोरेंट में पार्टी की। पूरी खबर पढ़ें… कल क्या रहेगा खास… 15. मोदी-अखिलेश के बाद दम दिखाएंगे मंत्री निषाद, नोएडा में रैली करेंगे 5 अप्रैल को यूपी के मंत्री संजय निषाद नोएडा के इनडोर स्टेडियम में बड़ी रैली करने जा रहे हैं। निषाद पार्टी ने मेरठ मंडल समेत पूरे पश्चिमी यूपी से कार्यकर्ताओं को बुलाया है। इसमें निषाद समाज के साथ-साथ गुर्जर समाज को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। बीते दिनों पीएम मोदी और सपा प्रमुख अखिलेश भी नोएडा में रैली कर चुके हैं। कल शाम 7 बजे फिर होगी मुलाकात…

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 7:00 pm

सिद्धार्थनगर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक:डीएम ने गुणवत्ता सुधार और डिजिटल शिक्षा पर दिया जोर

सिद्धार्थनगर में 4 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में प्रशिक्षण संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन, सहायक निदेशक सुमन शा और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना था। संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षण पद्धति को रोचक बनाने और डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने शिक्षा विभाग के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में समय पर पढ़ाई सुनिश्चित की जाए और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, छात्रों के सीखने के स्तर का समय-समय पर मूल्यांकन करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में सारथी प्लेटफॉर्म के जरिए आईआईटी कानपुर द्वारा नीट और जेईई की तैयारी कराए जाने की जानकारी दी गई। सभी छात्रों का अपार आईडी बनवाने के भी निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक सुमन शा ने शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण सत्रों से शिक्षकों के कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु नवाचार अपनाने पर जोर दिया और शिक्षकों को आधुनिक तरीकों से पढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 5:41 pm

बागपत जिलाधिकारी ने बच्चों को बांटीं किताबें:शिक्षा के प्रति किया प्रेरित,शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की

बागपत कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल ने सीसाना पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय के बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। डीएम ने स्कूली बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किताबें बच्चों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं और वे ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। डीएम ने बच्चों से नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों को भी संबोधित किया। डीएम ने कहा कि बच्चों को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि बच्चों को बेहतर माहौल और पर्याप्त संसाधन मिलेंगे, तो वे निश्चित रूप से अपने सपनों को साकार कर पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नई किताबें मिलने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे उनकी पढ़ाई में रुचि और बढ़ेगी। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं। इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना था।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 1:33 pm

धमतरी कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में बच्चों को पढ़ाया:फलों, रंगों और जानवरों के नाम पूछे, प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान प्रभावित ग्राम उरपुटी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में प्रारंभिक शिक्षा, पूरक पोषण आहार, नाश्ता व्यवस्था और खेल आधारित शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, साफ-सफाई और अभिलेखों के संधारण की समीक्षा की और व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। आंगनबाड़ी पहुंचने पर बच्चों ने छत्तीसगढ़ का राजगीत आरपा पैरी के धार पेश कर कलेक्टर का स्वागत किया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर कलेक्टर ने उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों से फलों, रंगों और जानवरों के नाम पूछे, जिस पर बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए। पोषण स्तर की जानकारी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, नियमित वजन मापन और पोषण स्तर की जानकारी ली। उन्होंने कुपोषण मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। बच्चों को खिलौने और मिठाइयां दीं गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बच्चों को व्यक्तिगत पानी की बोतल रखने के लिए प्रेरित करने और हाथ धोने व स्वच्छता की आदत विकसित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को खिलौने और मिठाइयां भी दीं। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि डुबान प्रभावित क्षेत्र में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना प्रशंसनीय है। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य के लिए स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त पीढ़ी तैयार हो सके।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 10:08 am

विधायक वर्मा बोले- शिक्षा के बिना समाज का विकास असंभव:भामाशाहों ने लाखों रुपए सहयोग घोषित, शिक्षा और सामाजिक सुधार पर दिया जोर

टोंक के नगरफोर्ट क्षेत्र के मांडकला में अखिल भारतीय रैगर महासभा के तत्वावधान में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार की रूपरेखा बनाई गई। कार्यक्रम में भामाशाहों ने लाखों रुपए सहयोग की घोषणा की। समारोह में समाज के लोगों ने भाग लिया और वक्ताओं ने शिक्षा व सामाजिक सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में टोंक सहित बूंदी और सवाई माधोपुर के लोग शामिल हुए। मांडकला स्थित समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार के लिए भामाशाह गोपाल लाल दबकिया नासिरदा और कार्यवाहक विकास अधिकारी सावर चिरंजी लाल वर्मा ने एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। पलाई गांव के समाज ने एक लाख रुपए और बालापुरा गांव के समाज ने 51 हजार रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा अन्य भामाशाहों ने भी आर्थिक सहयोग दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निवाई विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की बात कही। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएल नवल ने अंधविश्वास से दूर रहने और उच्च शिक्षा पर जोर दिया। सामाजिक एकता पर चर्चा जिलाध्यक्ष शंकर लाल हाथीवाल ने समाज में कुरीतियां खत्म करने और सामाजिक व राजनीतिक एकता मजबूत करने की बात कही। समारोह में मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, राष्ट्रीय महासचिव बद्री नारायण झिंगोनिया, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष तारा बेनिवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू लाल खमोकरिया, पूर्व प्रधान देवली शंकुतला वर्मा, चिरोंज प्रशासक कमलेश वर्मा, प्रो. डॉ. राजेन्द्र वर्मा, डॉ. भूषण सालोदिया, रामभज वर्मा, भामाशाह अर्जुन लाल थलेटिया, शंकर लाल फूलेता आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र सालोदिया, महासभा के कोषाध्यक्ष महेन्द्र मंडरावलिया, महामंत्री रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल,मीडिया प्रभारी चेतन वर्मा, युवा अध्यक्ष अमित थलहेटिया सहित जिले के साथ ही बूंदी व सवाई माधोपुर जिले के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, बद्री नारायण झिंगोनिया, तारा बेनिवाल, बाबूलाल खमोकरिया, शंकुतला वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। साथ ही धर्मेंद्र सालोदिया, महेंद्र मंडरावलिया, रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल, चेतन वर्मा और अमित थलहेटिया सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 8:06 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm