आंकड़े बताते हैं कि सपा के शासन में मदरसा शिक्षा सबसे ज्यादा खराब हुई: दानिश अंसारी
New Delhi, 29 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को बेहतर बनाने की योजना की घोषणा के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने कहा कि अगर इसे लागू किया जाता है तो यह एक अच्छा कदम होगा, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि 2012-2017 के दौरान ... Read more
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में सुविधाओं की कमी के लिए BEO और BDO संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। BEO को दो दिन में स्कूलों की जरूरतें BDOs को बताने का निर्देश दिया गया। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अचानक निरीक्षण पर जोर दिया गया। कोई भी स्कूल तय समय से पहले बंद न हो। अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2025-26 के मॉडल स्कूलों में डिजिटल गेट, टाइलिंग, स्मार्ट क्लास, झूले, रसोईघर और लाइब्रेरी जैसे बचे काम 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे करने का निर्देश दिया गया। छात्रों के मानसिक विकास के लिए प्रार्थना सभा में सामान्य ज्ञान का अभ्यास कराया जाए। आदर्श विद्यालय बनाने में स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पीडीडीआरडीए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत मौजूद रहे।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना शासन ने बदल दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर उन्हें कुलसचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनकी जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव बनाया गया है। 3 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में BNS की धारा 316(4) के तहत FIR दर्ज हुई थी। विश्वविद्यालय में शिकायत मिलने के बाद गठित तथ्य-संग्रह समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। मामले में कुलदीप पर महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लेने और उसका एक हिस्सा उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने के आरोप लगाए गए थे। FIR के बाद वित्तीय अधिकार वापस लिए गए मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने भी कुलसचिव की वित्तीय भूमिका पर निर्णय लिया था। 29 अगस्त को भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय के भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी। कुलसचिव के हस्ताक्षर से वित्तीय लेन-देन नहीं करने की व्यवस्था की गई थी। कार्यपरिषद के फैसले में विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और कामकाज की निरंतरता को ध्यान में रखने की बात कही गई थी। इसी दौरान विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की मांग भी सामने आई थी।
कोटा में शिक्षा सहकारी-स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन, होगा पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में वाटिका की शुरुआत की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मदरसों की शिक्षा में लागू होगा उत्तराखंड मॉडल, एक हाथ में कुरआन दूसरे में कम्प्यूटर
छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड की तर्ज पर मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने साझा किया कि मदरसों में धार्मिक तालीम के साथ कंप्यूटर, विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को हुनरमंद बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
एमबीबीएस की सीट बढ़ने से छात्रों को मिलेंगे अधिक विकल्पः केंद्रीय शिक्षा मंत्री
वर्तमान में नीट यूजी की काउंसलिंग व एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में एमबीबीएस की अतिरिक्त सीटों के जुड़ने से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरणों में बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहे थे।
क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से देश की चुनावी व्यवस्था बदल जाएगी? क्या उनके पद से हटते ही मतदाता सूची की तमाम शिकायतें खत्म हो जाएंगी, क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा, क्या राजनीति के अपराधीकरण पर लगाम लग जाएगी और क्या लोकतंत्र पहले से ज्यादा पारदर्शी हो जाएगा? यह सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो रही है, उनके खिलाफ महाभियोग की तैयारी की बात सामने आ रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या समस्या सिर्फ एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त में है? सवाल उठता है कि अगर व्यवस्था की बुनियाद में ही खामियां हैं, तो फिर सिर्फ चेहरा बदलने से क्या बदलेगा? सवाल यह भी उठता है कि आखिर क्यों न बहस उस कानून पर हो, जो भारत की चुनावी व्यवस्था की रीढ़ है यानि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951? और क्यों न पूछा जाए कि इस कानून में ऐसी कौन-सी खामियां हैं, जिन्हें दूर किए बिना भ्रष्टाचार, अपराध और धनबल से मुक्त राजनीति की कल्पना अधूरी ही रहेगी? देखा जाये तो सवाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का नहीं, चुनावी व्यवस्था की बुनियाद का है। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्य निर्वाचन आयुक्त बदल जाएगा तो पूरी चुनाव व्यवस्था सुधर जाएगी? क्या एक व्यक्ति के पद से हट जाने भर से मतदाता सूची की सारी विसंगतियां खत्म हो जाएगी? क्या राजनीतिक दलों का टिकट बांटने का तरीका पारदर्शी हो जाएगा? क्या चुनाव में धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल रुक जाएगा? क्या आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवार चुनावी मैदान से बाहर हो जाएंगे? अगर इन सवालों का जवाब नहीं है तो फिर बहस केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे तक क्यों सीमित है? इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: Gyanesh Kumar के चलते बंपर वोटिंग के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं, फिर Vote Chori कैसे हो गयी? अभी हाल ही में सबने देखा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा क्षेत्र की कुव्यवस्थाओं के खिलाफ हुए छात्रों के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। लेकिन क्या इससे शिक्षा व्यवस्था सुधर गयी? किसी मंत्री के इस्तीफे से यदि व्यवस्था अपने आप सुधर जाती, तो भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किसी दूसरी नीति, कानून, जवाबदेही और संस्थागत परिवर्तन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। इसलिए चुनाव आयोग के मुखिया को बदलने की राजनीतिक मांग और चुनावी व्यवस्था में स्थायी सुधार, दोनों को एक ही चीज मानना गंभीर भूल होगी। असल बीमारी उस कानून में भी खोजनी होगी जो चुनाव लड़ने की पात्रता और अयोग्यता तय करता है। हम आपको बता दें कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनाव की योग्यता, अयोग्यता, नामांकन, मतदान, मतगणना, चुनाव अपराध, भ्रष्ट आचरण और चुनाव याचिकाओं जैसी पूरी व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। लेकिन जरा विडंबना देखिए। एक चपरासी की नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता चाहिए। सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा चाहिए। भर्ती परीक्षा होती है। चरित्र और दस्तावेजों की जांच होती है। नियुक्ति के बाद सेवा नियम लागू होते हैं। गलती होने पर कार्रवाई होती है। लेकिन जो व्यक्ति देश की संसद में कानून बनाएगा, करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में भाग लेगा, उसके लिए मूल संवैधानिक शर्तें क्या हैं? भारतीय नागरिक होना, निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करना और मतदाता होना जैसी आवश्यकताएं हैं। यहां सवाल उठता है कि क्या जनप्रतिनिधि बनने के लिए सार्वजनिक जीवन का कोई न्यूनतम मानक नहीं होना चाहिए? इसके अलावा एक और प्रश्न आपराधिक राजनीति का है। सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीति के अपराधीकरण को गंभीर समस्या मानते हुए राजनीतिक दलों को आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक करने और ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण बताने का निर्देश दे चुका है। लेकिन क्या केवल जानकारी सार्वजनिक कर देना पर्याप्त है? साथ ही यदि कोई दल बार-बार गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को टिकट देता है तो केवल उम्मीदवार से सवाल क्यों होना चाहिए? टिकट देने वाले दल से भी जवाब क्यों नहीं मांगा जाए? सर्वोच्च न्यायालय भी राजनीतिक दलों से ऐसे उम्मीदवारों के चयन का कारण बताने को कह चुका है लेकिन फिर भी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। देखा जाये तो चुनावी सुधार का मतलब केवल निर्वाचन आयुक्त बदलना नहीं हो सकता। इसका मतलब होना चाहिए, उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता, आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई, चुनावी चंदे की पारदर्शिता, झूठे हलफनामे पर कठोर कार्रवाई, चुनावी भ्रष्टाचार पर प्रभावी दंड और राजनीतिक दलों की जवाबदेही। यदि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है तो चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के लिए कानून में भी सर्वोच्च सार्वजनिक जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए? ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बुलंद कर रहे विपक्षी दलों को बताना चाहिए कि वह सिर्फ व्यक्ति बदलना चाहते हैं या व्यवस्था? जब तक कानून की खामियों को नहीं सुधारा जायेगा तब तक किसी एक पदाधिकारी का इस्तीफा केवल चेहरे को बदलेगा, चुनावी व्यवस्था की तस्वीर को नहीं। -नीरज कुमार दुबे
हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय शाक्य महासभा जिला इकाई के चुनाव मंगलवार को हुए। इसमें मुरारीलाल शाक्य को निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुना गया। चुनाव अधिकारी विद्याराम शाक्य ने यह प्रक्रिया पूरी करवाई।इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश शाक्य, राजस्थान प्रभारी अवधेश, राजस्थान कॉर्डिनेटर ग्याप्रसाद और दिल्ली प्रदेश सचिव राकेश बाबू समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष बनने के बाद मुरारीलाल शाक्य ने कहा कि वे समाज के बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देंगे। साथ ही, जरूरतमंद और असहाय परिवारों की मदद को प्राथमिकता देंगे।उन्होंने बताया कि समाज में मृत्यु भोज जैसी कई कुरीतियां हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े परिवारों को आगे लाने के लिए भी काम होगा। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में भी सहयोग किया जाएगा।
आईटीबीपी में स्पोर्ट्स कोटा के तहत 126 पदों पर निकली भर्ती, खिलाड़ी 3 अक्टूबर से करें आवेदन
खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) ग्रुप-'सी' (नॉन-गजेटेड और नॉन-मिनिस्टीरियल) के 126 पदों को भरने के लिए योग्य और इच्छुक नागरिकों (जिनमें नेपाल और भूटान के नागरिक भी शामिल हैं) से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
ITBP Head Constable Recruitment 2026: 12वीं पास युवाओं के लिए मौका, 27 अक्टूबर तक करें आवेदन
इंडो तिब्बती बॉर्डर पुलिस में हेड कान्स्टेबल (मोटर मैकेनिक) के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है जिसके लिए आवेदन स्टार्ट हो गए हैं। एप्लीकेशन प्रॉसेस 28 सितंबर से शुरू होकर 27 अक्टूबर....
job news 2026: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सहित कई पदों पर निकली हैं वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां मध्य प्रदेश में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से 8 अक्टूबर तक आवदेन कर सकेंगे। मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी के पास आवेदन करने काम मौका होगा। पदों के नाम- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार पदों की संख्या- आधिकारिक बेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- अभ्यर्थी की अधिकतम आयु वर्ग के अनुसार 33/ 38 साल से ज्यादा न हो। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 8 अक्टूबर, 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट esb.mp.gov.in देख सकते हैं pc- news18
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
नवादा में डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा- शिक्षक समाज बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव
29 सितंबर, मंगलवार: नवादा में जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों को बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाने की बात कही।
आरटीई पुनर्भरण राशि और परीक्षा शुल्क में भेदभाव का आरोप, स्कूल शिक्षा परिवार ने सौंपा ज्ञापन
निजी स्कूल संचालकों ने आरटीई पुनर्भरण राशि के भुगतान में हो रही देरी तथा निजी और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से लिए जा रहे अलग-अलग शुल्क को लेकर नाराजगी जताई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा परिवार, राजस्थान, जिला भरतपुर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के करीब एक दशक के कामकाज का खुद आकलन किया है। एक टीवी इंटरव्यू में उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, यमुना की सफाई, प्रदूषण, महिला सुरक्षा और शराब नीति जैसे मुद्दों पर 1 से 10 के पैमाने पर नंबर देने […] The post केजरीवाल ने खुद को कहां दिए कितने नंबर? शराब नीति को 10, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी बहुत कुछ बाकी था appeared first on https://rajsattaexpress.com .
एआइएसएचई आंकड़ों की सटीकता पर योगी सरकार का जोर, यूपी में शिक्षा योजनाएं होंगी बेहतर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने एआइएसएचई (अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण) में सही और समय पर जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया है।
BPSC TRE-4 में शिक्षक भर्ती की सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। पहले 32,388 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी। अब इसे बढ़ाकर 33,320 कर दिया गया है। यानी कुल 932 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। उच्च माध्यमिक स्कूलों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। यहां 439 पद बढ़ाए गए हैं। जबकि माध्यमिक विद्यालयों में 493 पद शामिल किए गए हैं। TRE-4 के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 सितंबर से शुरू हो चुकी है। दूसरी तरफ पटना में मंगलवार को TRE-4 कैंडिडेट और ग्रुप ‘D’ कैंडिडेट का प्रदर्शन चल रहा है। TRE-4 कैंडिडेट अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास का घेराव करने पहुंचे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि CTET 2026 में अपीयर हुए अभ्यर्थियों को भी BPSC TRE-4 की परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए। इधर, ग्रुप ‘D’ के कैंडिडेट गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले हैं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया है। इसके बाद करीब 500 प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए हैं। तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी पोस्टर-बैनर के साथ जेपी गोलंबर पर धरने पर बैठे हैं। पोस्टर पर लिखा है, ‘चपरासी की परीक्षा ली तो नियुक्ति दो, नियुक्ति नहीं तो मृत्यु दो।’ कुछ प्रदर्शनकारी फोल्डिंग लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। ये प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे थे। पहले शिक्षा मंत्री के आवास के घेराव की तस्वीरें देखिए.. ग्रुप ‘D’ के कैंडिडेट के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… एग्जाम के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई दैनिक भास्कर से बात करते हुए ग्रुप-D के एक कैंडिडेट ने कहा, “2012 में फॉर्म भरा था। विज्ञापन में लिखा था- साइकिल चलाओ, नौकरी पाओ। इसके बाद परीक्षा ली गई। मैट्रिक और आठवीं स्तर की परीक्षा ली गई, लेकिन इसमें IAS स्तर के सवाल पूछे गए। हम सरकार से लड़ रहे हैं। सड़क पर बैठे हैं। सरकार हमारी बात सुने। हमसे मिलने के लिए सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आया है। भास्कर से बातचीत में प्रदर्शनकारी कैंडिडेट ने कहा, “हम लोग 9,720 कैंडिडेट हैं। 2023 में हम लोगों ने फॉर्म भरा था। 2024 में परीक्षा हुई, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। हम लोगों की मांग है कि या तो सरकार हमारी नियुक्ति करे या मृत्यु दे।” पुलिस ने की बैरिकेडिंग मार्च को देखते हुए पटना में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मौके पर वाटर कैनन और राइट कंट्रोल वाहन भी मौजूद हैं। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार नियंत्रित करने की तैयारी की गई है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
इंडियन ऑयल ने 58 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। इच्छुक उम्मीदवार 18 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्या Bankatira High School में शिक्षा का भविष्य खतरे में है? जानें पूरी कहानी!
Bankatira High School की स्थिति चिंताजनक है, जहां विकास कार्य अधूरे हैं और छात्रों को उचित शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल रहा है। स्कूल में कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल की कमी है, जिससे शिक्षा प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापक और प्रबंधन समिति ने कर्मचारियों की कमी और विकास कार्यों की विफलता पर चिंता जताई है। क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान करेगा? जानें पूरी कहानी!
दिल्ली के स्कूलों ने शिक्षा में शीर्ष रैंकिंग हासिल की
दिल्ली के स्कूलों ने EducationWorld इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026-27 में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्टता दिखाई है। सरकारी, केंद्रीय सरकारी, निजी, विशेष आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इस सर्वेक्षण में 18,000 उत्तरदाताओं ने भाग लिया, जिसमें स्कूल के माता-पिता, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल थे। जानें किस स्कूल ने क्या स्थान प्राप्त किया और रैंकिंग के मानदंड क्या थे।
जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी भी साल में 2 बार, शिक्षा मंत्रालय कई बड़े बदलाव लाने की तैयारी में
NEET UG , CUET UG Exam : शिक्षा मंत्रालय ने अपने मसौदे में जेईई मेन की तरह नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं को भी साल में कम से कम दो बार आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
बलरामपुर के 6984 शिक्षार्थियों में परीक्षा देने उत्साह
भास्कर न्यूज़| बलरामपुर उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा एफएलएनएटी हुई। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत सभी 6984 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 4339 महिलाएं रहीं। 2645 पुरुष रहे। परीक्षा शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की पहल पर हुई। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में व्यवस्था की गई। जिले में 480 परीक्षा केंद्र बनाए गए। विकासखंड बलरामपुर में 81 केंद्र रहे। कुसमी में 82 केंद्र रहे। राजपुर में 66 केंद्र रहे। रामचंद्रपुर में 116 केंद्र रहे। शंकरगढ़ में 75 केंद्र रहे। वाड्रफनगर में 60 केंद्र रहे।
Lucknow News: मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
मूल्यपरक शिक्षा को अपनाने पर जोर
Kurukshetra News: शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछे भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न
Bhadohi News: समायोजन को लेकर शिक्षामित्रों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Shiksha Mitras submitted a memorandum to the District Magistrate regarding their regularization.
मिथुन राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, जरूरी टिप- अहंकार से बचें
Gemini Daily Horoscope, 29 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में फायदा होगा, नए लोगों से संपर्क बनेगा, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा, किसी से झगड़ा करने से बचें, व्यापार में योजना बना कर काम करें.
Yamuna Nagar News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों की दी जानकारी
यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से मुकंदलाल नेशनल कॉलेज, यमुनानगर के सहयोग से यूजीसी प्रायोजित आठ दिवसीय ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Rewari News: वाल्मीकि समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने का लिया निर्णय
Decision taken to promote education within the Valmiki community.
Deoria News: शिक्षामित्रों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर दिया धरना
Shiksha Mitras staged a protest over their five-point demands.
Basti News: सुपर टेट में छूट देकर समायोजित करने की शिक्षामित्रों ने की मांग
Shiksha Mitras demand adjustment with an exemption from the Super TET.
Ghazipur News: शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देने और सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने की मांग
Demand to exempt Shiksha Mitras from the Super TET and raise the retirement age to 62 years.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात prahladjoshi,france,franceeducationministerकेंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से की मुलाकात केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने […]
मुंगेली जिले के लाखासार हाई स्कूल में पदस्थ रहे दिवंगत सहायक शिक्षक अंजनी त्रिपाठी की पत्नी राजेश्वरी त्रिपाठी की पारिवारिक पेंशन 4 साल तक रोके रखने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
संत कबीर नगर जिले में आज एक नया केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन किया गया। इस विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्वलन के साथ नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय इंटर कालेज, बनौली के प्राचार्य संतोष कुमार गोंड रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से स्थानीय बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताया। समारोह की अध्यक्षता पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, वायुसेना स्थल, गोरखपुर के प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय ने की। उन्होंने नए विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन अपने अनुशासन और उत्कृष्ट शिक्षा के लिए जाना जाता है। उन्होंने नए स्टाफ और छात्रों को इस नए परिसर में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्रीय विद्यालय संत कबीर नगर के प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव और प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रभारी प्राचार्य राहुल यादव ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रभारी मुख्याध्यापक गजेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। स्थायी भवन का निर्माण पूरा होने तक यह विद्यालय अस्थायी रूप से राजकीय इंटर कालेज, बनौली, संत कबीर नगर के परिसर में संचालित होगा।
पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का कोर्ट में सरेंडर, रामचरितमानस को बताया था नफरत फैलाने वाला ग्रंथ
बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने सोमवार को बेतिया कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई। चंद्रशेखर ने 2023 में रामचरितमानस पर विवादित बयान देते हुए इसे समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उन पर हिंदुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप है।
FTIR-IICT साझेदारी से राजस्थान में AVGC-XR शिक्षा और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को मिलेगा विस्तार
जयपुर के FTIR और मुंबई के IICT के बीच रणनीतिक साझेदारी हुई है। AVGC-XR शिक्षा के तहत विशेषीकृत पाठ्यक्रम, प्रमाणन, कार्यशाला, मास्टरक्लास, इंटर्नशिप और करियर कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर मिलेंगे।
डीईआरसी भर्ती 2026 - कार्यकारी निदेशक समेत कई पदों पर आवेदन जारी, 56 वर्ष वालों के लिए खास मौका
सरकारी नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने
समग्र शिक्षा की STARS योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित
स्कूल शिक्षा विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित STARS (Strengthening Teaching-Learning and Results for States)
रोटरी क्लब टोंक, डिस्ट्रिक्ट 3056 की सत्र 2026-27 की नई कार्यकारिणी एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को डाइट रोड स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित हुआ। समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ एजाजी सहित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं बोर्ड सदस्यों ने पद एवं सेवा की शपथ ली।
झालावाड़ के पीजी कॉलेज में 'नशा मुक्ति एवं युवाओं की भूमिका' विषय पर एक व्याख्यान हुआ। इसका आयोजन नई किरण नशा मुक्ति केंद्र ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर जी.के. मालवीय ने की, जबकि मुख्य वक्ता डॉ. अश्विनी कुमार पाटीदार और विशिष्ट अतिथि डॉ. मुनेश मीणा रहे। डॉ. पाटीदार ने छात्रों को तंबाकू, शराब और सिंथेटिक ड्रग्स से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने नशे से दूर रहने के लिए आत्मचिंतन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को जरूरी बताया। योग और आयुर्वेद की जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी। डॉ. मुनेश मीणा ने कहा कि नशा पूरे परिवार को प्रभावित करता है। प्रोफेसर जी.के. मालवीय ने विद्यार्थियों को पढ़ाई को जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाने और भविष्य निर्माण पर ध्यान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देती है। कार्यक्रम में पीजी कॉलेज के संकाय सदस्य, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। अंत में डॉ. रामकिशन माली ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं स्टूडेंट्स का आभार व्यक्त किया।बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया से बचाव का संदेशबेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं एवं महिलाओं में स्वास्थ्य, पोषण, संतुलित आहार तथा एनीमिया की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 28 से 30 सितम्बर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, असनावर में महिला अधिकारिता विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर सोनिया पाटीदार ने किशोरियों एवं बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करने की जानकारी दी। साथ ही एनीमिया की रोकथाम के लिए बालिकाओं को आयरन की गोलियां वितरित की गईं। कार्यक्रम में बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं एवं सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बालिकाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। पन्नाधाय सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के सलाहकारों तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहित किया।शिविर के दौरान बालिकाओं को सहजन, अर्जुन एवं आंवला जैसे उपयोगी एवं औषधीय पौधे भी भेंट किए गए। इसके माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से बालिकाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने, एनीमिया से बचाव के उपायों को अपनाने तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक और सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए केनरा बैंक ने एक वर्ष की अवधि के लिए विभिन्न राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और भाषा के आधार पर ग्रेजुएट अप्रेंटिस के कुल 3,500 पदों पर नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन मांगे हैं।
सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। केनरा बैंक ने देशभर में ग्रेजुएट अप्रेंटिस के 3500 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली है...
मध्य प्रदेश : सरकार ने राज्य शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के कल्याण के उपाय बढ़ाए
Bhopal , 28 सितंबर . Madhya Pradesh Government ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी उपाय बढ़ा दिए हैं. पिछले चार-पांच दिनों में मृत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति के 851 आदेश जारी किए गए हैं. Monday को जारी बयान में कहा गया कि लंबे समय से लंबित मामलों ... Read more
Lucknow, 28 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Monday को विधानसभा चुनाव को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की Government बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा और शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने के साथ ... Read more
job news 2026: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरेनट डेस्क। आप भी अगर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आप भी इसके लिए आवेदन कर सकते है। पदों का नाम-असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर योग्यता- स्नातक या परास्नातक पास, पत्रकारिता में डिग्री या हिंदी के अलावा किसी और भाषा का ज्ञान होने वाले अभ्यर्थियों को प्रिफरेंस दी जाएगी। आवेदन- ऑफलाइन आवेदन निर्धारित पते पर जमा कर सकते हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि- 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। आयु-न्यूनतम उम्र 20 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 30 साल सैलेरी- प्री रिवाइज्ड पे-बैंड 2 के अनुसार 9300-34,800 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देख सकते हैं आवेदन कहां कर सकते हैं जमा अभ्यर्थी एप्लीकेशन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट या इस पेज पर दिए लिंक से डाउनलोड कर लें। इसके बाद इसे पूर्ण रूप से भरकर साथ में सभी दस्तावेज और फीस डिमांड ड्राफ्ट अटैच करके The Under Secretary (Administration), Press Council of India, Room No. 346, 3rd Floor, Soochna Bhawan, 8 CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi-110 003 पर भेज दें। pc- ecolleague.in
देवरिया में अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह पर सोमवार को दिन में 11 बजे जिला पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। देवरिया एसोसिएशन वेलफेयर ऑफ द डेफ (DAWD) ने 'सभी के लिए सांकेतिक भाषा के अधिकार' विषय पर यह आयोजन किया। देखें, 3 तस्वीरें… इसमें बधिर समुदाय के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। अपर मुख्य अधिकारी प्रियंका चौधरी और अनुवादक शानवी मरोदिया मौजूद थीं। उन्होंने बधिर लोगों की समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। Our Sign Educognitify के निदेशक मोहम्मद फारुख और तबरेज आलम ने शिक्षा के महत्व और भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संस्था के अध्यक्ष जमील अहमद, महासचिव सलमान खान समेत पदाधिकारी और बधिर समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। समापन मुख्य जिला पंचायत अतिथि अर्जुन सिंह की मौजूदगी में हुआ।
PC: kalingatv ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (OPTCL) एक साल की अप्रेंटिसशिप के लिए 100 ग्रेजुएट, डिप्लोमा और ITI ट्रेड अप्रेंटिस की भर्ती के लिए सही कैंडिडेट की भर्ती के लिए नया रिक्रूटमेंट ड्राइव चला रहा है। यह रिक्रूटमेंट ड्राइव एडवर्टाइजमेंट नंबर OPTCL-14013/9/2026-T AND D – पार्ट (1) – 14389, तारीख 29 अगस्त 2026 के तहत चलाया जा रहा है। ओडिशा न्यूज़ अपडेट्स एलिजिबल एप्लीकेंट 1 अक्टूबर 2026 तक optcl.co.in पर ऑनलाइन मोड से अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 2 सितंबर 2026 से शुरू हुआ था। ध्यान दें कि एप्लीकेंट को पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। ज़रूरी तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 12:00 AM, 2 सितंबर 2026 (बुधवार) ऑनलाइन एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 11:59 PM, 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) वैकेंसी की जानकारी चार तरह की अप्रेंटिसशिप और ग्यारह सब्जेक्ट में कुल 100 अप्रेंटिस सीटें उपलब्ध हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन डिग्री इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री IT: कंप्यूटर साइंस / इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में BE/B.Tech या इसके बराबर डिग्री टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में BE/B.Tech या इसके बराबर डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा सिविल: सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर डिप्लोमा टेलीकॉम: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग / एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके बराबर ह्यूमन रिसोर्स (नॉन-इंजीनियरिंग): पर्सनल मैनेजमेंट / पर्सनल मैनेजमेंट और इंडस्ट्रियल रिलेशन में bMBA (HR) / MSW / PG डिग्री या इसके बराबर फाइनेंस (नॉन-इंजीनियरिंग): किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/इंस्टीट्यूशन से M.Com (फाइनेंस/अकाउंट्स), या ICAI से CMA में इंटरमीडिएट के साथ B.Com, या इसके बराबर लॉ (नॉन-इंजीनियरिंग): LLM / LLB या इसके बराबर ITI इलेक्ट्रीशियन: ITI इलेक्ट्रीशियन ट्रेड या उसके बराबर ITI इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक: इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में ITI या उसके बराबर उम्र सीमा कैंडिडेट की उम्र 1 अगस्त 2026 को 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। नोटिफिकेशन में कोई ज़्यादा से ज़्यादा उम्र सीमा नहीं बताई गई है। स्टाइपेंड की जानकारी डिग्री इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग अप्रेंटिस: Rs 12,300 डिप्लोमा टेक्नीशियन अप्रेंटिस: Rs 10,900 ITI ट्रेड अप्रेंटिस: Rs 9,600 सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट को इस पोस्ट के लिए एकेडमिक मेरिट, रिटन टेस्ट या इंटरव्यू के आधार पर चुना जाएगा, जैसा कि संबंधित डिसिप्लिन के लिए ज़रूरी है। OPTCL रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्टर करें: डिग्री इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल, IT, टेलीकॉम), डिप्लोमा (इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम, सिविल), और डिग्री नॉन-इंजीनियरिंग (HR, फाइनेंस, लॉ) के एप्लिकेंट को NATS 2.0 पोर्टल nats.education.gov.in पर रजिस्टर करना चाहिए। वहीं, ITI ट्रेड अप्रेंटिस NAPS पोर्टल apprenticeshipindia.gov.in पर रजिस्टर कर सकते हैं। www.optcl.co.in पर जाएं और फिर “HRD सेक्शन” पर क्लिक करें। ट्रेनिंग और डेवलपमेंट ऑप्शन पर जाएं। अपरेंटिस 2026 की एंगेजमेंट के लिए एडवर्टाइजमेंट और अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। निर्देशों के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें। एप्लीकेशन सबमिट करें।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इन दिनों रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत पदयात्रा कर ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं। सोमवार को गांव चौसला में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस की तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार कश्मीर के आतंकवादियों को पेंशन देती थी। कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनका आरोप गलत है तो कांग्रेस नेता उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और उन्हें जेल भेजें। दिलावर ने कांग्रेस को वोट न देने की अपील करते हुए कहा- 'मदन दिलावर से कोई नाराजगी हो तो मदन दिलावर को पत्थर मार देना, लेकिन वोट कमल के फूल पर ही देना।' शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना दिलावर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। दिलावर ने राहुल गांधी की धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा- 'मां ईसाई, पिता मुस्लिम और वे खुद (राहुल) को ब्राह्मण बताते हैं, दत्तात्रेय गोत्र का होने की बात कहते हैं। कमाल के हिंदू हैं राहुल गांधी, कोट के ऊपर जनेऊ पहनते हैं और चमड़े के जूते पहनकर यज्ञ करते हैं।' दिलावर ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'राहुल गजब के विद्वान हैं। ऐसी मशीन बना ली है कि एक तरफ से आलू डालो तो दूसरी तरफ से सोना बनकर निकलता है।' इसके बावजूद बावले कांग्रेसी उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं। हाड़ौती भाषा में ‘बावला’ शब्द का अर्थ बताते हुए उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस को वोट न देने की अपील शिक्षा मंत्री ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि 'भूलकर भी कांग्रेस को वोट मत देना।' उन्होंने कहा, 'मदन दिलावर से कोई नाराजगी हो तो मदन दिलावर को पत्थर मार देना, लेकिन वोट कमल के फूल पर ही देना।' दिलावर ने कहा कि कमल के फूल पर दिया गया वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाएगा और इससे देश मजबूत होगा तथा राष्ट्रभक्त सरकार बनेगी।
Canara Bank Recruitment 2026: केनरा बैंक ने 3,500 स्नातक अपरेंटिस पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 1 अक्तूबर से शुरू होंगे। चयन 12वीं या डिप्लोमा के अंकों के आधार पर मेरिट, स्थानीय भाषा परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के जरिए होगा।
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ लागू करने की अपील की
Bengaluru, 28 सितंबर . कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य बीएस शिवन्ना ने Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर अपील की है कि देशभर में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करें. उन्होंने कहा कि राज्य बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई जैसे अलग-अलग शिक्षा पाठ्यक्रमों की जगह ‘एक देश, एक शिक्षा प्रणाली’ अपनाई जानी चाहिए. एमएलसी शिवन्ना ... Read more
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
कर्नाटक के एमएलसी बीएस शिवन्ना ने पीएम मोदी से 'एक देश, एक शिक्षा प्रणाली' लागू करने की अपील की
ग्वालियर में पहली बार आयोजित हुई वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कांफ्रेंस में दो दिन न्यायिक शिक्षा पर मंथन पूरा हुआ।
झारखंड के करीब 1000 समग्र शिक्षा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, 40% वृद्धि का था प्रस्ताव
झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षा परियोजना कर्मियों के मानदेय वृद्धि के लिए एक समिति गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति ने यह निर्णय लिया है, जो अन्य विभागों के मानदेय का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
शिक्षा ही विकसित भारत 2047 की सबसे बड़ी ताकत : अनुराग
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री एवं लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में सेवा करने के लिए पैसों की नहीं, बल्कि अच्छी नीयत, सेवा भाव और समर्पण की जरूरत होती है।
करमडार-भोजली की परंपरा के बीच शिक्षा का संदेश, कलाकार सम्मानित
भास्कर न्यूज | महासमुंद सहीस सारथी समाज सेवा समिति बिलासपुर के तत्वावधान में ग्राम करमतला स्थित शिवमंगल भवन में दो दिवसीय कुलदेवी करमसेनी जयंती, करमडार एवं भोजली महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें रायगढ़, कोरबा, शक्ति, जांजगीर, महासमुंद और रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से हुई। शाम को झांझ-मंजीरे और कर्मा गीतों की गूंज के बीच करमडार और भोजली दाई को सम्मान के साथ सभागार में लाकर सामाजिक विधि-विधान से स्थापित किया गया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथियों का फूल-माला, गमछा और माता करमसेनी का छायाचित्र भेंट कर सम्मान किया गया। प्रांताध्यक्ष केआर सागर ने कहा कि महोत्सव समाज के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। करमसेनी दाई कर्म की देवी हैं। भादो में फसलों के लहलहाने पर किसान सुख-समृद्धि की कामना के साथ जंगल से करमडार यानी हल्दू की डाल ससम्मान लेकर आते हैं। उन्होंने समाज को शिक्षित बनने और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। प्रांतीय समिति ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले बाल कलाकारों को कॉपी-पेन देकर सम्मानित किया। महिला मंडल को माता करमसेनी की प्रतिमा भेंट की गई। दूसरे दिन करमडार और भोजली के भावभीने विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। संचालन सीताराम सागर ने किया। जिलाध्यक्ष रामनारायण साहनी, तुलेन्द्र सागर सहित प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारी, महिला ब्रिगेड और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। छालीवुड अभिनेता व निर्देशक सुनील सागर के निमंत्रण पर अभिनेता करण खान और अभिनेत्री काजल टीम के साथ महोत्सव में पहुंचे। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह बढ़ा। करण खान ने अपनी फिल्मों के शूटिंग दृश्यों का लाइव प्रदर्शन किया। समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सेक्सोफोन वादक लल्ला साहनी (आरंग) की धुनों ने माहौल को संगीतमय बनाया। शक्ति जिले की महिला कर्मा मंडली, केआर सागर, छलिया साहनी तथा महेंद्र पटेल एवं साथियों के लोक कला मंच ने कर्मा नृत्य-गायन की प्रस्तुतियां दीं। समाजजन रातभर कर्मा गीतों पर थिरकते रहे और जगराता किया।
घर-घर जलाई जाएगी योग शिक्षा की अलख : चरणदास गुप्ता
The flame of yoga education will be lit in every household: Charandas Gupta
शिक्षक वर्ग 2 और 3 के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन किया।
डीपीआई ने लंबित अनुकंपा नियुक्ति मामलों में तेजी दिखाते हुए 651 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों और 200 भृत्यों को नियुक्ति दी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रविवार को भी 25 नियुक्ति आदेश जारी किए गए।
छत्तीसगढ़ में दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। 95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन अब पूरी तरह तैयार है। इसमें 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट अंतिम रेलखंड का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इस रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी इलाकों को रेल नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी। दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री ट्रेनें चल रही हैं। अब यह रेल संपर्क रावघाट तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना से जुड़ा वीडियो साझा किया। रेल मंत्री बोले- रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेल मंत्री ने कहा कि 95 किमी लंबी नई रेल लाइन से लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होगी। रायपुर और भिलाई से संपर्क भी होगा मजबूत रेल लाइन से दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा। रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ व्यापार से जुड़े कामों के लिए लोगों की आवाजाही आसान होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड के पूरा होने को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में आवागमन बेहतर होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व व्यापार के अवसरों को गति मिलेगी। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन में अहम दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रेल लाइन के जरिए लौह अयस्क के परिवहन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने में भी रेल संपर्क उपयोगी होगा। पर्यटन और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने परियोजना को जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और व्यापार के अवसर आसान होंगे। रेल संपर्क बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। 95 किमी लंबी इस रेल परियोजना का पूरा होना दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों का बड़े शहरों से संपर्क बढ़ेगा और लोगों को आवागमन के साथ स्थानीय व्यापार व अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 'न्यायिक शिक्षा के क्षितिज का विस्तार' विषय पर आयोजित दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हो गया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 27 सितंबर को दो अलग-अलग सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने डिजिटल चुनौतियों और समावेशी न्याय प्रणाली पर अपनी बात रखी। पहला सत्र: तकनीक से न्याय में तेजी, पर चुनौतियां भी कम नहीं दिन के पहले सत्र 'न्यायिक शिक्षा का डिजिटल रूपांतरण: अवसर, चुनौतियां और आगे का रास्ता' में कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंद राज और मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सुधाकर कालगांवकर ने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बना रही है और इसके लिए न्यायिक अधिकारियों को किस प्रकार प्रशिक्षित करने की जरूरत है। दूसरा सत्र: संवेदनशील व समावेशी न्याय व्यवस्था पर जोर दूसरे सत्र 'संवेदनशील और समावेशी न्याय के लिए न्यायिक सक्षमताओं का निर्माण' विषय पर गुजरात हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी और उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुभाशीष तालपत्रा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समाज के हर वर्ग तक निष्पक्ष और संवेदनशील न्याय पहुंचाने के पहलुओं को रेखांकित किया। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने दिया धन्यवाद भाषण कार्यक्रम के अंत में मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति जी. एस. अहलूवालिया ने दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के सभी सत्रों के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया और ज्ञानार्जन के मुख्य पहलुओं को साझा करते हुए आभार व्यक्त किया। BSF के डॉग शो ने मोहा मन दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बीएसएफ टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा एक विशेष डॉग शो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित श्वानों के करतबों को सराहा गया।
मारवाड़ राजपूत सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत के रविवार को पाली आने पर राजपूत समाज की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत ने अपने संबोधन में EWS से संबंधित प्रावधानों के सरलीकरण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम तरीके से मिलना चाहिए। भामाशाह भंवर सिंह मंडली ने साफा पहनाकर माल्यार्पण किया। विमलेन्द्र सिंह राणावत ने शिक्षा के महत्व को बताया। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान पार्षद विक्रमपाल सिंह चौहान और मारवाड़ राजपूत सभा के उपाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान का भी साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंच संचालन बलवीर सिंह राणावत ने किया। श्री राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अजयपाल सिंह हेमावास ने बताया कि कार्यक्रम में गोपाल सिंह शेखावत, बाघ सिंह कुंपावत, महावीर सिंह कुंपावत, दलपत सिंह कुंपावत, वीरेन्द्र सिंह नरूका, छोटू सिंह उदावत, छैल सिंह कुंपावत, जितेंद्र सिंह भाटी, जवान सिंह मानी, दिलीप सिंह जोधा, चंद्रेशपाल सिंह, महेंद्र सिंह चांदावत, गुलाब सिंह गिरवर, पर्वत सिंह वेलार, उम्मेद सिंह टेवाली, प्रवीण सिंह भाटी, प्रताप सिंह कुंपावत एवं शक्ति सिंह हेमावास सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक हितों, समाज की एकता और संगठन की मजबूती को लेकर चर्चा की गई।
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव को तलब किया हैं। रेट ने यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। आदेश में कहा गया है कि संयुक्त शासन सचिव 7 दिन में रेट के पूर्व आदेश की पालना करें, वरना 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें। संयुक्त शासन सचिव ने प्रार्थी को कर दिया था निलंबित अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि संयुक्त शासन सचिव ने 15 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर प्रार्थी को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश के विरुद्ध प्रार्थी ने अधिकरण के समक्ष अपील प्रस्तुत कर चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने 17 अप्रैल को निलंबन आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया था। चार महीने में भी कार्यग्रहण नहीं करवाया रेट के आदेश के बाद प्रार्थी ने विभाग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कार्यग्रहण करवाने की गुहार लगाई। लेकिन विभाग ने अधिकरण के आदेश के चार महीने का समय गुजरने के बाद भी प्रार्थी को कार्यग्रहण नहीं करवाया। इसे लेकर प्रार्थी ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अवमानना याचिका दायर की। इस पर अधिकरण ने विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। लेकिन विभाग ने इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर अधिकरण की बेंच ने सुनवाई कर संयुक्त शासन सचिव को पालना करने के आदेश दिए है और आदेश की पालना नहीं करने पर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा जारी एक आदेश के 24 घंटे के भीतर रद होने का मामला गर्मा गया है।
प्रतिभाओं का सम्मान: 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 50 मेधावियों के साथ-साथ सरकारी सेवा में चयनित, डॉक्टरेट (Ph.D) उपाधि प्राप्त करने वाले और इंजीनियरिंग जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में सफलता पाने वाले युवाओं को 500-500 रुपये नकद व सम्मान पत्र दिए गए।
डीग में राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (प्राचार्य) रेसा-पी की नई जिला कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव हुआ। रविवार को हुए जिला स्तरीय सम्मेलन में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय डीग के प्रिंसिपल मुकेश शर्मा को अध्यक्ष चुना गया। प्राचार्य अरविंद कुमार कौशल जिला मंत्री और प्राचार्य भगवानदास गुप्ता कोषाध्यक्ष बने। कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह मुख्य अतिथि थे। निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र सिंह और जिले के कई प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में प्राचार्यों की सेवा और प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा हुई। साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 'समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम रेसा-पी'मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह ने रेसा-पी को समस्याओं के समाधान का अच्छा माध्यम बताया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि संगठन सिर्फ सेवा मामलों तक सीमित नहीं रहेगा। यह शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के विकास पर भी काम करेगा। प्राचार्यों के अनुभव साझा करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। जिला मंत्री अरविंद कुमार कौशल ने कहा कि सभी प्राचार्यों के सहयोग और मार्गदर्शन से संगठन को मजबूत बनाया जाएगा तथा सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला कोषाध्यक्ष भगवानदास गुप्ता ने सभी प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में नोडल प्राचार्य गोपाल प्रसाद, कन्हैयालाल शर्मा, शिवराम सिंह गुर्जर, नीरज शर्मा, ललितेश गुप्ता, रजनी शर्मा, सुमित्रा धंधेल, धर्मेंद्र शर्मा, चरण सिंह, विष्णु कुमार शर्मा सहित जिले के सैकड़ों प्राचार्यों ने सहभागिता की। प्रांतीय पर्यवेक्षक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य सुरेंद्र कुमार शर्मा 'सार्थक' ने निर्विरोध निर्वाचन को संगठन की एकजुटता, समरसता और सर्वसम्मति का संदेश बताया।
डिजिटल शिक्षा में भारतीय भाषाओं की बढ़ती भूमिका पर DU के DCAC में राष्ट्रीय सेमिनार
दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स (DCAC) में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें भारतीय भाषाओं, डिजिटल शिक्षा, AI, अनुवाद और नई तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल युग में भारतीय भाषाओं को शिक्षा, शोध और ज्ञान निर्माण से जोड़ना समय की जरूरत है.
आमली में ₹95 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन, शिक्षा और सड़क सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
बारां के अटरू क्षेत्र के आमली गांव में विधायक राधेश्याम बैरवा ने ₹95 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। इनमें विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष, बरामदा और महादेव मंदिर मार्ग का निर्माण शामिल है।
भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (RMPI) के जिला वित्त सचिव बलदेव सिंह पंडोरी ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि मौजूदा शासक वर्ग साजिश के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा इतनी महंगी कर दी गई है कि यह केवल अमीरों की जागीर बनकर रह गई है, जिसके चलते गरीब और मध्यम वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी का मुंह तक नहीं देख पा रहे हैं। नशे की दलदल में धकेले जा रहे युवा बलदेव सिंह पंडोरी ने तरनतारन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि देश और प्रदेश के गरीब बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों से लगातार वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार की रोजगार-विरोधी तथा निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। काम न मिलने और दर-दर भटकने की मजबूरी के कारण आज पंजाब का युवा भयंकर मानसिक तनाव में है और धीरे-धीरे नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। भगवंत मान सरकार पर दागे तीखे सवाल पंजाब की 'आप' सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए आरएमपीआई नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान युवाओं को घर-घर रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आए थे। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत है—जब युवा अपने हक का रोजगार मांगने सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर पुलिसिया लाठियां बरसाई जाती हैं और उन्हें जेलों में डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। जिन गिने-चुने पदों पर भर्ती की भी जा रही है, वे महज अस्थायी और अपर्याप्त हैं।
पीएम श्री विद्यालय आमेट का औचक निरीक्षण, उपनिदेशक ने परखी शिक्षा और व्यवस्थाएं
समग्र शिक्षा जयपुर के उपनिदेशक महेंद्र प्रताप गर्ग ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आमेट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, प्रयोगशाला, पीएम श्री गतिविधियों, अभिलेखों और विद्यालय व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने क्लर्क, ड्राइवर, फील्ड आर्टिस्ट और अनुवादक समेत 70 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवार भी कुछ पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
केस-1: सूर्यमणि कुमार पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में कर्मचारी हैं। इनकी पकड़ अधिक है। पिछले डेढ़ दशक से इसी ऑफिस में तैनात हैं। यहां का हर व्यक्ति और हर काम उनसे परिचित है। इस दफ्तर में पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों के नजदीकी बन जाते हैं। केस-2: कमलेश 10 साल से अधिक समय से पटना के RDEO ऑफिस में तैनात हैं। कार्यालय के लगभग हर काम में माहिर हैं। हर अधिकारी के पसंदीदा बनने में उन्हें अधिक समय नहीं लगता। दरअसल, बिहार के लगभग हर क्षेत्रीय कार्यालय की स्थिति ऐसी ही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के रिजनल ऑफिस में कई कर्मचारी नौकरी शुरू करने के बाद वहीं से रिटायर हो जाते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह तैनात रहने के कारण वे ऑफिस में प्रभावशाली स्थिति बना लेते हैं। स्पेशल रिपोर्ट में जानिए ऐसे करीब 10,000 कर्मचारियों के साथ क्या होने वाला है? राज्य सरकार की क्या तैयारी है? बदलेंगे कर्मचारियों के कैडर और ट्रांसफर-पोस्टिंग के नियम बिहार के शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों को लेकर सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। अभी कई स्तरों पर कर्मचारियों का कैडर जिला या प्रमंडल आधारित है। ऐसे में कर्मचारी उसी कैडर क्षेत्र में ट्रांसफर होते हैं, जिससे लंबे समय तक एक क्षेत्र में रहने की स्थिति बनती है। विभाग के स्तर पर अब इस व्यवस्था में बदलाव पर काम चल रहा है। क्षेत्रीय कार्यालयों में क्यों वर्षों से जमे हैं कर्मचारी? बिहार के सरकारी कार्यालयों में अलग-अलग पदों के लिए अलग कैडर व्यवस्था है। किसी कर्मचारी का कैडर राज्य स्तर का है तो किसी का प्रमंडल या जिला स्तर का। यही वजह है कि हर कर्मचारी का ट्रांसफर पूरे बिहार में नहीं हो सकता। संबंधित संवर्ग की नियमावली यह तय करती है कि कर्मचारी का तबादला किस क्षेत्र तक किया जा सकता है। बिहार में किस स्तर पर कैडर की व्यवस्था है? बिहार के सरकारी कार्यालयों में मोटे तौर पर अलग-अलग स्तरों पर संवर्ग बनाए गए हैं। इनमें राज्य स्तर, प्रमंडल स्तर और जिला स्तर की व्यवस्थाएं शामिल हैं। 1. राज्य स्तर का कैडर राज्य स्तर के कैडर में आने वाले कर्मचारियों की सेवा और तबादला व्यवस्था पूरे राज्य के दायरे में हो सकती है। ऐसे संवर्गों में संबंधित विभाग की जरूरत के अनुसार पोस्टिंग किया जाता है। इस स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में एसडीओ, डीएसपी, बीडीओ, कल्याण पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी जैसे पदों की अलग-अलग सेवा नियमावलियां हैं। वहीं, सचिवालय और विभागीय कार्यालयों में सहायक, यूडीसी और एलडीसी जैसे पद भी हैं। 2. प्रमंडलीय स्तर का कैडर दूसरा स्तर प्रमंडल का है। इस व्यवस्था में कर्मचारी एक प्रमंडल के भीतर अलग-अलग कार्यालयों में तैनात किए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग के कुछ अधीनस्थ कार्यालयों के लिपिकीय संवर्ग है। इसका असर यह होता है कि कर्मचारी का ट्रांसफर प्रमंडल के बाहर आसानी से नहीं हो पाता। यानी प्रमंडल के संवर्ग का कर्मचारी लंबे समय तक इसी प्रमंडल में अलग-अलग कार्यालयों में काम करता रहता है। 3. जिला स्तर का कैडर तीसरा स्तर जिला आधारित कैडर है। इस व्यवस्था में कर्मचारी का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से संबंधित जिले तक सीमित रहता है। जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के कार्यालयों में ऐसे कर्मचारियों की तैनाती होती है। इससे किसी जिले में लंबे समय से काम कर रहा कर्मचारी उसी जिले के अलग-अलग ऑफिस में घूमता रहता है। कैडर बदलने तक उसका कार्यक्षेत्र मूल रूप से उसी सीमा में रहता है। जमे-जमाए कर्मचारियों पर नई पॉलिसी से क्या असर होगा? शिक्षा विभाग के स्तर पर लंबे समय से एक ही कार्यालय या क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विभाग का मानना है कि किसी ऑफिस में कर्मचारी का लंबे समय तक बने रहना प्रशासनिक दृष्टि से हमेशा उचित नहीं है। खासकर उन कार्यालयों में जहां विभागीय काम से रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह रहने से कर्मचारी को कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी हो जाती है। जैसे, कौन सा काम किस स्तर पर होता है, कौन सी फाइल कहां जाती है और किस प्रक्रिया में कितना समय लगता है। यहीं से समानांतर व्यवस्था बनने की आशंका पैदा होती है। किसी अधिकारी का तबादला होने के बाद भी यदि कार्यालय का पुराना सिस्टम जस का तस बना रहता है तो अधिकारी के लिए व्यवस्था में बदलाव करना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से अब सिर्फ अधिकारियों के ट्रांसफर के बजाय कार्यालय के कर्मचारियों की तैनाती को भी व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारी बदलते हैं, लेकिन सिस्टम वही रहता है शिक्षा विभाग में अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादला होता रहता है, लेकिन ऑफिस में काम करने वाले कई कर्मचारी लंबे समय तक वहीं बने रहते हैं। ऐसे में नया अधिकारी जब कार्यालय संभालता है तो उसे कामकाज समझने के लिए उन्हीं पुराने कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है। यही निर्भरता विभाग के लिए चिंता का विषय है। ट्रांसफर सुधार पर जोर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के स्तर से शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था को लेकर लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षकों के लिए 2026 में नई ट्रांसफर व्यवस्था लागू की गई है। इसमें ऑनलाइन आवेदन और तय प्रक्रिया के माध्यम से स्थानांतरण की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने शिक्षकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर दिया है। अगस्त 2026 में भी विभाग की ओर से कहा गया था कि बिना ऑनलाइन आवेदन के शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। अब इसी तरह कर्मचारियों की तैनाती व्यवस्था को भी अधिक व्यापक और जरूरत आधारित बनाने की तैयारी की जा रही है। यहीं से रेशनलाइजेशन का आइडिया लिया गया है। किस स्तर पर बदलाव की तैयारी है? विभागीय सूत्रों के अनुसार नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसका पहला लक्ष्य कैडर की सीमा को लेकर है। अभी जहां संबंधित कर्मचारी का कैडर जिला या प्रमंडल स्तर तक सीमित है। नई व्यवस्था में इसे राज्य स्तर तक ले जाने का प्रस्ताव है। इसका मतलब यह होगा कि शिक्षा विभाग के संबंधित संवर्ग के कर्मचारी को जरूरत के अनुसार बिहार के किसी भी जिले में तैनात किया जा सकेगा। पांच साल का अंतराल तय होने के आसार प्रस्ताव में दूसरा अहम बिंदु कर्मचारियों के एक स्थान पर रहने की अवधि को लेकर है। सूत्रों के अनुसार पांच साल का अंतराल तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है। कर्मचारियों की संख्या के अनुसार होगा ट्रांसफर नई व्यवस्था का दूसरा बड़ा हिस्सा रेशनलाइजेशन होगा। सरल भाषा में इसका मतलब है, जहां जितने कर्मचारियों की जरूरत है, वहां उतने ही कर्मचारी रहें। अभी किसी ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो सकती है, जबकि दूसरे कार्यालय में काम के मुकाबले कर्मचारी कम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादा कर्मचारी वाले कार्यालय से कर्मचारियों को कम कर्मचारी वाले कार्यालय में भेजा जा सकता है। शिक्षा विभाग में यह मॉडल शिक्षकों की तैनाती में भी चर्चा में रहा है। विभाग ने जरूरत से अधिक शिक्षकों को कमी वाले जिलों में भेजने की योजना पर काम किया जा रहा है। 1 लाख 6 हजार से अधिक शिक्षक को रेसलाइजेंशन के जरिए ट्रांसफर किया जा रहा है। अब कर्मचारियों के मामले में भी इसी तरह की जरूरत आधारित तैनाती का प्रस्ताव सामने आ रहा है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों पर क्या असर होगा? रेशनलाइजेशन लागू होने की स्थिति में सबसे पहले कर्मचारियों की वास्तविक जरूरत का आकलन करना होगा। पटना, गया या मुजफ्फरपुर जैसे जिलों के जिला शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारी अधिक हैं। नियमावली में सिर्फ एक लाइन जोड़कर हो सकता है बदलाव सूत्रों के अनुसार मौजूदा नियमावली में संशोधन के लिए बड़े पैमाने पर नई नियमावली बनाने के बजाय मौजूदा प्रावधान में संशोधन किए जाने की तैयारी है। सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा?
नई शिक्षा नीति के प्रति छात्रों के अभिभावकों को किया जागरूक
लुधियाना| इंटरनेशनल पब्लिक सी. सै. स्कूल, संधू नगर में शनिवार को शिक्षा के बारे में अभिभावकों को शिक्षित करना विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह आयोजन स्कूल डायरेक्टर बलजिंदर सिंह संधू, स्कूल अकादमिक डायरेक्टर हरमन संधू और स्कूल प्रधानाचार्य शीतल नथैनिएल की अध्यक्षता में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रेया सरकार और सुखविंदर कौर रही। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, नई शिक्षा नीति के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना, बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका को सशक्त बनाना था। कार्यक्रम में अनुभवी वक्ताओं द्वारा अभिभावक शिक्षक संवाद को मजबूत बनाना, बच्चों के सकारात्मक पालन-पोषण, विकास और शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रधानाचार्य ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया।
परियोजना बालिका स्कूल भवन का भूमिपूजन,बेटियों की शिक्षा को मिलेगा आधार
इटखोरी प्रखंड मुख्यालय स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, इटखोरी के नए भवन निर्माण कीशनिवार को विधिवत शुरुआत हुई।भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम वैदिकमंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ।भाजपा जिला महामंत्री मृत्युंजय सिंहने मुख्य अनुष्ठान कर शिलान्यासकिया। पंडित अमोद पांडेय नेविधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई।करीब 3 करोड़ रुपए की लागत सेविद्यालय का नया भवन बनायाजाएगा।इस मौके पर मृत्युंजय सिंह ने कहाकि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण औरसुरक्षित शिक्षा उपलब्ध करानासरकार की प्राथमिकता है। उन्होंनेकहा कि विद्यालय का पुराना भवनजर्जर हो चुका था, जिससे छात्राओंको पठन-पाठन में परेशानी होती थी।नए भवन के निर्माण से 500 सेअधिक छात्राओं को बेहतर शैक्षणिकवातावरण मिलेगा। उन्होंने निर्माणकार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यानरखने और निर्धारित समय पर भवनपूरा करने को कहा।प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारीकैलाशपति पातर ने बताया कि भवनका निर्माण शिक्षा विभाग की योजनाके तहत किया जा रहा है। नए भवनमें आधुनिक कक्षा-कक्ष, विज्ञानप्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष,पुस्तकालय, प्रधानाध्यापक कक्ष औरछात्राओं के लिए अलग शौचालयपरिसर सहित आवश्यक सुविधाएंउपलब्ध होंगी। विद्यालय प्रबंधनसमिति की अध्यक्ष प्रतिमा कुमारी नेकहा कि परियोजना बालिका उच्चविद्यालय क्षेत्र की बालिकाओं केलिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। नएभवन के निर्माण से छात्राओं कोबेहतर सुविधाएं मिलेंगी औरअभिभावकों में भी खुशी है। इससेविद्यालय में नामांकन बढ़ने कीउम्मीद है। प्रधानाध्यापक विनीतकुमार ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों,शिक्षकों, छात्राओं, एसएमसी सदस्योंऔर ग्रामीणों का आभार जताया। भूमिपूजन कार्यक्रम में विद्यालय केशिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्राओं, समितिके सदस्यों सहित बड़ी संख्या मेंग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंतमें श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों केबीच प्रसाद का वितरण किया गया।
शिक्षा विभाग: 2 नवाचारों को मिला ‘स्कॉच अवॉर्ड’
प्रदेश के शिक्षा विभाग के दो नवाचार ‘खुशीशाला खुद की खोज’ और ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच पुरस्कार मिला है। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड में स्कॉच समूह के 110वें शिखर सम्मेलन में दोनों पहलों को सम्मानित किया गया। राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि ‘खुशीशाला खुद की खोज’ विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण, करुणा और सकारात्मक कक्षा वातावरण को मजबूत करने पर केंद्रित है। ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक आधारित आकलन से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति समझने, आंकड़ों के आधार पर समीक्षा और आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रयास है। चार माह चली प्रक्रिया: स्कॉच पुरस्कार की करीब चार माह की प्रक्रिया 3 जून 2026 को पंजीकरण एवं नामांकन से शुरू हुई। अखिल भारतीय स्तर पर निर्णायक मंडल के समक्ष परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके बाद परियोजनाएं स्कॉच की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गईं, जहां निर्धारित मानकों पर अंक निर्धारण एवं मूल्यांकन हुआ। राजस्थान की ‘प्रखर राजस्थान’, ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ और ‘खुशीशाला खुद की खोज’ सेमीफाइनल के लिए चयनित हुईं। विभाग को सेमीफाइनल प्रमाण पत्र मिला। पुनः प्रस्तुतिकरण के बाद अंतिम चरण में ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ और ‘खुशीशाला खुद की खोज’ चयनित हुईं और दोनों को स्कॉच पुरस्कार मिला। समारोह में उपायुक्त सुनीता यादव, उपनिदेशक जयदयाल गोयल सहित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर के विभागीय अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रमुख शिक्षा सचिव के खिलाफ जमानती वारंट, हाईकोर्ट में तलब
अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने अदालती नोटिस तामील होने के बाद भी अदालत में खुद या अधिवक्ता के पेश नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव को 5 हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया है। जस्टिस अनुरूप सिंघी ने यह निर्देश प्रदीप व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि मामले में पक्षकार बनाए गए प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव की ओर से उपस्थित होने के लिए उन्हें कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर अदालत ने प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव को जमानती वारंट से तलब किया है। मामले से जुड़े अधिवक्ता आमिर खान ने बताया कि महात्मा गांधी व विवेकानंद मॉडल स्कूल में पूर्व शिक्षकों को चयन और साक्षात्कार के बाद भी नई जगह पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त नहीं किया था। जिस पर प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 8 सितंबर, 2025 को प्रार्थियों को राहत देते हुए विभाग को निर्देश दिए थे। इस आदेश की पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई। पिछली सुनवाई पर अदालत ने अवमानना नोटिस जारी कर संबंधित अफसरों को तलब किया, लेकिन नोटिस तामील होने के बावजूद प्रमुख शिक्षा सचिव की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।
लोक शिक्षण संचालनालय ने महज पांच दिन में 851 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति देकर आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें 651 को तृतीय श्रेणी कर्मचारी के पद पर और 200 को भृत्य के पद पर पोस्टिंग दी गई। इसका एक बड़ा फायदा जिलों और संभाग में हुआ। यहां औसतन हर संभाग और जिलों को लगभग 10 से 12 कर्मचारी मिल गए। यह पद लंबे समय रिक्त थे। रविवार को भी अनुकंपा के 25 मामलों के आदेश जारी होने की सूचना है। इसके बाद संचालनालय द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कर्मचारियों की पेंशन और दूसरे प्रकरण के मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आयुक्त कार्यालय की तरफ से एक गूगल लिंक जारी की गई है। यह लिंक सीधे सभी को भेजी गई, ताकि परेशान कर्मचारी अपनी जानकारी सीधे भर सके। इस जानकारी की समीक्षा आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा अपनी निगरानी में कराई जाएगी। जिलों में समाधान शिविर भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें क्रमोन्नति और समयमान, वेतनमान प्रकरणों के साथ विभागीय जांच के मामलों की समीक्षा की जाएगी। इन सभी मामलों की जानकारी भरकर सभी संयुक्त संचालकों को रविवार तक भेजना है। स्कूल शिक्षा की तर्ज पर होंगे अनुकंपा मामलों के निराकरण मप्र में करीब 23 हजार अनुकंपा नियुक्ति के मामले लगभग एक दशक से अटके हैं। इनका निराकरण करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से जानकारी मांगी है। इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले लोक शिक्षण संचालनालय ने 600 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति के मामलों की समीक्षा करके नियुक्ति आदेश भी कर दिया। अब जानकारी यह आ रही है कि इसी तर्ज पर बाकी विभागों को भी काम करने के लिए कहा गया है। जानकारी यह मिली है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने मातहतों को कहा है कि वे जिलों से पूरी जानकारी जुटाएं। कौन अधिकारी आदेश जारी करने के लिए सक्षम हैं, उनके पदनाम, सभी लंबित मामलों की सूची बनवाएं और इसे एक साथ करके फाइल बनाएं। यह काम अगले 15 से 20 दिन में करना है। इसके बाद जो अफसर अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए सक्षम हैं, उन्हें भोपाल बुलाकर तत्काल आदेश जारी कराया जाएगा। इस कवायद केवल अनुकंपा नियुक्ति ही नहीं, बल्कि पेंशन और चतुर्थ से तृतीय श्रेणी के सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्नति के और विभागीय लंबित प्रकरण शामिल है। इन सभी प्रकरणों का संभाग और जिलावार ब्यौरा तैयार करना है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में इन सभी मामलों को लेकर समीक्षा बैठक होगी।
Sonipat News: कार्यक्रम में पोषण-शिक्षा पर दिया जोर
Emphasis placed on nutrition education at the event.
Jind News: 423 स्कूलों में निपुण मिशन से 32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा
Foundational education of 32,852 children across 423 schools will be strengthened through the Nipun Mission.
Sirmour News: ददाहू स्कूल में सहशिक्षा की शुरुआत, 63 छात्राओं ने लिया प्रवेश
ददाहू स्कूल में सहशिक्षा की शुरुआत, 63 छात्राओं ने लिया प्रवेश
Mandi News: प्राथमिक शिक्षकों को एफएलएन और नई शिक्षा नीति का दिया प्रशिक्षण
गोहर खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय में प्राथमिक शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय हाइब्रिड क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
Chandauli News: 100 छात्राओं को आवासीय सुविधा के साथ मिलेगी शिक्षा
100 female students will receive education along with residential facilities.
स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग में चार दिन में रिकार्ड बनाया है। एक साथ इतनी अधिक अनुकम्पा नियुक्ति किसी दूसरे और विभाग ने नहीं दी है। चार दिन में विभाग ने 851 अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी कर भृत्य और सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। उधर स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यवाही के बाद दूसरे विभागों पर भी इसके लिए दबाव बना है और वहां भी इसकी तैयारी की जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के तत्काल निराकरण की दिशा में शनिवार को 251 और नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही पिछले 4 दिनों में कुल 851 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को सम्मानजनक जीवन का आधार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूसरी ओर आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने कहा कि अभी कुछ और अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी हो सकते हैं। बताया जाता है कि आयुक्त सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए संभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों से कैम्पेन के तौर पर कार्यवाही कराई और प्रमोशन से रिक्त पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कराकर वर्षों से पेंडिंग केस का निराकरण किया है। नगरीय विकास, पंचायत और आदिवासी विकास में भी पेंडेंसी प्रदेश में भारी भरकम अमले वाले विभागों में नगरीय विकास और आवास विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास, उच्च शिक्षा आदिवासी विकास विभाग समेत जल संसाधन और अन्य विभाग हैं। इन विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति के पेंडिंग मामलों की संख्या अधिक है। अब जबकि स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान चलाकर अनुकम्पा नियुक्ति दी है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसकी समीक्षा भी करने वाले हैं तो दूसरे विभागों पर भी नियुक्ति के लिए दबाव बना है। साथ ही सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर दूसरे विभागों में क्यों आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं जबकि वहां प्रमोशन की कार्यवाही पहले ही हो चुकी है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन से जुड़े 5 प्रभावशाली नेताओं के बेटों की एंट्री हुई है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद पर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी ने कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन भरा है। भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव ने सचिव और उपाध्यक्ष पद पर नामांकन दाखिल किया है। RCA चुनाव में 3 गुट आमने-सामनेRCA चुनाव में 3 गुट बन गए हैं। पहला गुट स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर का है। दूसरा गुट पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ का है। तीसरा गुट बृज किशोर उपाध्याय का है। तीसरे गुट के बृजकिशोर शर्मा ने अध्यक्ष पद पर, रतन सिंह उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) पद पर, पिंकेश पोरवाल सचिव (सेक्रेटरी, राजेश सारस्वत संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी), विष्णु अग्रवाल कोषाध्यक्ष, अरिष्ट सिंघवी ने कार्यकारी सदस्य (एग्जीक्यूटिव मेंबर) के पद पर नामांकन किया है। दूसरे गुट के लिए पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद पर मनोज शर्मा, कोषाध्यक्ष के पद पर सुशील जैन, जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर सुशील जैन और रतन सिंह, सदस्य के पद पर धर्मवीर सिंह ने नामांकन दाखिल किया। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर ने नामांकन दाखिल करने पहुंचकर चुनावी समीकरणों को और गरमा दिया। धनंजय सिंह ने कहा- हमारे पास सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं आई है, इसलिए हम नामांकन भरने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे पैनल को लेकर भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं भाजपा समर्थित जिला क्रिकेट संघों का कहना है कि सरकार और संगठन की ओर से जो निर्देश दिए जाएंगे, वे उसी के अनुसार आगे काम करेंगे। खबर के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….
एसबीआई में 207 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, 5 अक्टूबर तक करें अप्लाई
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, एसबीआई ने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर स्पेशलिस्ट कैडर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। कुल 207 पदों पर रिक्तियों की घोषणा की गई है।
लॉ ऑफिसर और जेटीओ सहित कई पदों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
वे यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आज यानी 26 सितंबर से इन पदों के लिए अप्लाई कर सकते है। इन पदों पर आवेदन करने की लास्ट डेट 16 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है।
परिषदीय विद्यालयों में बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों को पात्रता पूरी करने का अवसर देने के लिए पहली बार आयोजित की जा रही स्पेशल टीईटी में अब शिक्षामित्र भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए आवेदन पोर्टल खोल दिया गया है। शिक्षामित्र 4 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इससे प्रदेश में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों में से लगभग 73 हजार को टीईटी पास करने का अवसर मिलेगा। करीब 70 हजार शिक्षामित्र पहले ही यूपीटीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। शिक्षामित्रों ने स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उन्हें भी परीक्षा में शामिल करने की मांग उठाई थी। इसके बाद विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने का अनुरोध किया था। तर्क दिया था अन्य शिक्षकों को मौका तो शिक्षामित्रों को क्यों नहीं एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा था कि जब अन्य शिक्षकों, सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षक) और एजुकेटर्स को विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है तो लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षामित्रों को विभागीय स्तर पर स्पेशल टीईटी में शामिल करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर मिलने से वर्षों से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र अपनी पात्रता पूरी कर सकेंगे और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। 18 हजार रुपए मानदेय, टीईटी पास करने से पात्रता पूरी करने का मौका प्रदेश में शिक्षामित्रों को राज्य सरकार की ओर से वर्तमान में 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। स्पेशल टीईटी में शामिल होने का मौका मिलने से बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को निर्धारित पात्रता पूरी करने का अवसर मिलेगा। 5 सितंबर से शुरू है आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा विशेष टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो चुकी है। 4 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख है। परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। यह परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है। 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य सुप्रीम कोर्ट ने बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में विशेष टीईटी आयोजित की जा रही है। स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने से अब बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षामित्रों के लिए भी टीईटी पास करने का रास्ता खुल गया है, जो अभी तक इसकी पात्रता पूरी नहीं कर सके थे।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सत्ता से बाहर रहने को लेकर हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सत्ता पाने के लिए इतनी तड़प क्यों है और इसके लिए राजनीतिक मर्यादाओं की सीमाएं क्यों लांघी जा रही हैं। महिपाल ढांडा ने कहा कि जब कांग्रेस के पास सत्ता थी, तब उन्हें प्रदेश की सेवा करने का पूरा अवसर मिला था। अगर उस दौरान कांग्रेस ने जनता के हित में काम और अच्छे कर्म किए होते, तो आज उन्हें सत्ता से बाहर रहकर इस तरह उतावलापन नहीं दिखाना पड़ता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भी सालों तक विपक्ष में रही, लेकिन कभी इस तरह की उतावली राजनीति नहीं की। कांग्रेस ने सत्ता में रहकर केवल भ्रष्टाचार और लूट-खसोट की, यही वजह है कि अब सत्ता हाथ से निकलने पर उनकी बेचैनी साफ झलक रही है। सेवा संकल्प अभियान: अजीजुल्लापुर में पौधारोपण, सिविल अस्पताल में बांटे फल राजनीतिक हमले के साथ-साथ शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के तहत आयोजित कई सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अजीजुल्लापुर गांव के पास पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर नैनो वन के रूप में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद महिपाल ढांडा पानीपत के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से उनका हाल-चाल जाना और उन्हें फल व पौष्टिक आहार वितरित किए। कांग्रेस सत्ता के बिना रह नहीं पा रही है। जब जनता ने सेवा का मौका दिया था, तब भ्रष्टाचार किया। अब सत्ता जाने के बाद उनके नेता मर्यादाएं लांघ रहे हैं।
बिना लिखित परीक्षा पाएं सरकारी नौकरी! NHM में 4,724 स्टाफ नर्स पदों पर सीधी भर्ती, जानें आखिरी तारीख
pc: abplive नेशनल हेल्थ मिशन, तमिलनाडु (NHM-TN) ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में संविदा (Contractual) आधार पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें: कुल पद: 4,724 (स्टाफ नर्स) आवेदन की अंतिम तिथि: 25 सितंबर (शाम 5:00 बजे तक) आवेदन का तरीका: ऑफलाइन (जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करें) मासिक वेतन: ₹21,000 प्रति माह (संविदा आधार पर) चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा — शैक्षणिक अंक, अनुभव और मेरिट के आधार पर (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ)। शैक्षणिक योग्यता व पात्रता: डिग्री/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान (Indian Nursing Council से संबद्ध) से B.Sc Nursing या GNM होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का Tamil Nadu Nurses and Midwives Council में वैध रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। किन विभागों/संस्थानों में होगी नियुक्ति? जिला स्तर पर पदों का आवंटन निम्नलिखित विभागों के अधीन आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में होगा: डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nhm.tn.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म और जिलावार वैकेंसी डिटेल्स डाउनलोड करें। दस्तावेज़ संलग्न करें: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। इसके साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन, फोटो और पहचान पत्र की कॉपियां अटैच करें। फॉर्म जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म 25 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले संबंधित जिले के District Health Officer (DHO) या District Health Society (DHS) के कार्यालय में पहुँचाएँ।
रेलवे में 12वीं पास के लिए निकली 1688 नौकरियां, RRB NTPC का नोटिफिकेशन जारी
pc: abplive रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) अंडरग्रेजुएट पदों के लिए CEN 07/2026 के तहत शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न रेलवे जोन में कुल 1,688 रिक्त पदों को भरा जाएगा। महत्वपूर्ण तिथियां: विस्तृत नोटिफिकेशन: 14 अक्टूबर 2026 ऑनलाइन आवेदन शुरू: 15 अक्टूबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 13 नवंबर 2026 (रात 11:59 बजे तक) पद, संख्या और शुरुआती वेतन (7th CPC): कमर्शियल कम टिकट क्लर्क: 700 पद (शुरुआती वेतन: ₹21,700) जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 600 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट: 200 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) ट्रेन क्लर्क: 188 पद (शुरुआती वेतन: ₹19,900) योग्यता और आयु सीमा: शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) पास। टाइपिस्ट पदों के लिए हिंदी/अंग्रेजी में कंप्यूटर टाइपिंग अनिवार्य है। आयु सीमा: 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क और रिफंड : सामान्य/ओबीसी: ₹500 (CBT-1 परीक्षा में शामिल होने पर ₹400 रिफंड) SC/ST/महिला/दिव्यांग/अल्पसंख्यक/ईडब्ल्यूएस: ₹250 (CBT-1 में शामिल होने पर पूरा ₹250 रिफंड) चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न: चयन 4 चरणों में होगा: CBT-1, CBT-2, टाइपिंग स्किल टेस्ट (लागू पदों के लिए) और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन/मेडिकल जांच। दोनों परीक्षाओं में 1/3 नेगेटिव मार्किंग होगी। CBT-1 पैटर्न (90 मिनट, 100 प्रश्न): जनरल अवेयरनेस (40), मैथ्स (30), रीजनिंग (30)। CBT-2 पैटर्न (90 मिनट, 120 प्रश्न): जनरल अवेयरनेस (50), मैथ्स (35), रीजनिंग (35)। इच्छुक उम्मीदवार समय सीमा के भीतर आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान समग्र शिक्षक संघ ने प्रदेश में तेज गर्मी को देखते हुए स्कूलों में शीतकालीन समय सारणी 1 अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर से लागू करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक ज्ञापन भेजा है। संघ के जिला महामंत्री शोएब खान ने बताया कि मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज हो रहा है। ऐसे में अगर 1 अक्टूबर से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाता है, तो छात्रों और शिक्षकों को गर्मी और धूप से परेशानी हो सकती है। शिविरा पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक ग्रीष्मकालीन समय सारणी (सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे) लागू रहती है। वहीं, 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक शीतकालीन समय सारणी (सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे) का प्रावधान है। संघ ने मौजूदा मौसम को देखते हुए इसे 15 दिन आगे बढ़ाने की अपील की है।

