शिक्षा का महाउत्सव: CM भूपेंद्र पटेल ने PM मोदी के वडनगर स्कूल से किया शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ
गुजरात में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और बच्चों का स्वागत करने के लिए 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव' के 24वें संस्करण का आज (23 जून) से उत्साहपूर्वक शुभारंभ हो गया है। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र ...
सहरसा विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने सोमवार देर शाम वीडियो जारी कर बताया कि उन्होंने बिहार विधानसभा की याचिका समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में पांच महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा की गई, जिसमें सहरसा जिले के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया। विधायक ने बताया कि बैठक में उठाए गए मामलों पर विभागीय स्तर से सकारात्मक पहल का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि सहरसा के विकास को लेकर विभिन्न योजनाओं और लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के साथ रखा गया। हर पंचायत में खेल मैदान निर्माण की पहल विधायक ने बताया कि खेल विभाग की समीक्षा प्रधान सचिव की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी। इसके बावजूद सहरसा जिले की प्रत्येक पंचायत में खेल मैदान निर्माण की दिशा में पहल की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाएं विकसित होने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। सहरसा को परिवहन प्रमंडल बनाने की मांग परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान विधायक ने सहरसा को पूर्णिया के स्थान पर अलग परिवहन प्रमंडल बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सहरसा को परिवहन प्रमंडल का दर्जा मिलने से कोसी क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा होगी। समिति के माध्यम से इस प्रस्ताव को विभाग को भेजने पर सहमति बनी है। इसके अलावा वर्तमान बस अड्डे के स्थानांतरण और आधुनिक बस टर्मिनल निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने की मांग की गई। पीएम आवास योजना की राशि जल्द मिलने का दावा नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा में विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहरसा के लिए राशि आवंटन को लेकर आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच दिनों में राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। वहीं बुडको और नगर निगम में एक-एक सहायक अभियंता की तैनाती एक से दो माह के अंदर किए जाने की बात कही गई। वेंडिंग जोन के लिए भी जल्द राशि आवंटित करने का आश्वासन मिला है। स्टॉर्म ड्रेनेज परियोजना और सैटेलाइट टाउनशिप पर चर्चा विधायक ने बताया कि 137 करोड़ रुपये की लागत वाली स्टॉर्म ड्रेनेज परियोजना से जुड़े मामले में कोर्ट से एक से दो माह के अंदर टेंडर निरस्तीकरण संबंधी आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सैटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इससे प्रभावित किसान अपनी जमीन केवल बिहार राज्य आवास बोर्ड को ही बेच सकेंगे। कृषि क्षेत्र में बाजार समिति और ग्रामीण हाट की मांग कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान विधायक ने सहरसा को बाजार समिति निर्माण योजना में शामिल करने की मांग उठाई। इस पर विभाग की ओर से सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया। उन्होंने मुंडन भारती कृषि महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने और जिले में ग्रामीण हाट विकसित करने की बात भी रखी। शिक्षा व्यवस्था सुधार को लेकर रखे प्रस्ताव शिक्षा विभाग की बैठक में विधायक ने बस्ती स्थित उर्दू मध्य विद्यालय को पीएम श्री योजना के तहत अपग्रेड करने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा नीट और जेईई मेन्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा केंद्र पूर्णिया के बजाय सहरसा में स्थापित करने की मांग भी रखी गई। विधायक ने कहा कि समिति की बैठक में सहरसा के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से रखा गया है और आने वाले समय में इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
दरभंगा में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि पीएम रेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत शिक्षा, अधोसंरचना, डिजिटल परिवर्तन और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है और भारत वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया। दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। सांसद ने प्रधानमंत्री जनधन योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचा है। ये बातें मंत्री और सांसद ने मिथिला विश्वविद्यालय स्थित जुबली हॉल में जिला स्तरीय संगोष्ठी में कही। विकसित भारत का सपना साकार होगा सांसद ने दरभंगा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और एम्स से संबंधित पहलों को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध समाज विकसित भारत अभियान का सबसे मजबूत आधार है और युवाओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। विकसित भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील कीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएमसीएच की पूर्व अधीक्षक डॉ. शीला साहु ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं, शिक्षाविदों और प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नागरिकों से विकसित भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की।पूर्व विधायक अमरनाथ गामी ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनभागीदारी में है। विकसित भारत के निर्माण में समाज के सभी वर्गों को अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में ये रहे शामिल कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुजीत मल्लिक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पूर्व जिला अध्यक्ष जीवछ सहनी ने किया।इस अवसर पर ज्योतिषाचार्य रामनिहोरा राय, उमेश झा, प्रदेश मंत्री अंजनी निषाद, प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष अंकुर गुप्ता, पूर्व महापौर गौड़ी पासवान, जिला प्रभारी उमेश चंद्र कुशवाहा, अभयानंद झा, राजेश रंजन, श्रवण मिश्र, संगीता साह, विकास चौधरी, संतोष पोद्दार, विजय चौधरी, रिंकी देवी, मीरा मेहता, जिला मीडिया प्रभारी मुकुंद चौधरी, साक्षी तिवारी, अमरनाथ सिंह, मुकेश महासेठ, वीरेंद्र पासवान, गुलशन चौधरी, सुमित मंडल, अवधेश झा, दीपक पंजियार सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
सीटी यूनिवर्सिटी में 30 से अधिक देशों के छात्रों व विशेषज्ञों ने साझा किए वैश्विक शिक्षा के अनुभव
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना सीटी यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के विभाग ने प्रथम यूनाइटेड वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्क्लेव (UWEC) 2026 का सफल आयोजन किया। इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और सरकारी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और वैश्विक कार्यबल की तैयारी को लेकर सहयोग, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में 30 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों, उभरते औद्योगिक रुझानों, करियर अवसरों और वैश्विक शिक्षण अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। कॉन्क्लेव में जिम्बाब्वे उच्चायोग की मंत्री काउंसलर सोफिया होप तफाद्जवा चिम्बा, तृतीय सचिव निक्सन चिरेका, लेसोथो उच्चायोग के प्रथम सचिव बोहलोएकी त्लहाकु मोरोजेले, सिग्नेट इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया की सीईओ नवदीप कौर रूपन, प्रबंध निदेशक पुष्पिंदर सिंह, बोर्ड निदेशक माइकल कैर तथा उद्योग विशेषज्ञ स्टीफन होहमैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत सीटी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नितिन टंडन के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने छात्रों को वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अंतरराष्ट्रीय अनुभव, उद्योग-अकादमिक सहयोग और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, कुलपति डॉ. नितिन टंडन, रजिस्ट्रार संजय खंडूरी और डीएसडब्ल्यू निदेशक इंजीनियर दविंदर सिंह भी उपस्थित रहे। चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यूनाइटेड वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्क्लेव, सीटी यूनिवर्सिटी की वैश्विक स्तर पर जुड़े शिक्षण वातावरण के निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा कि आज शिक्षा राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ चुकी है और ऐसे मंच छात्रों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं तथा उद्योग जगत को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं।
जिले के 86 निजी स्कूलों पर शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त दाखिला नहीं देने पर बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के अति-आवश्यक आदेश के बाद पूरे जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। दरअसल, इन स्कूलों ने चालाकी दिखाते हुए अपने यहां शुरुआती कक्षाओं में आरटीई के तहत होने वाले दाखिलों को शून्य (0) दिखाया था। इन्हें लगा था कि सरकार से फीस का पैसा (पुनर्भरण राशि) मिलने में देरी होती है। जांच में सामने आया कि इन्हीं स्कूलों ने उसी दौरान मोटी फीस लेकर दूसरे बच्चों को धड़ल्ले से एडमिशन दिए। यानी पैसे वाले बच्चों के लिए सीटें थीं, लेकिन गरीबों के लिए दाखिला बंद कर दिया गया। पूरा मामला हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (उज्ज्वल शर्मा बनाम राजस्थान राज्य) के बाद सामने आया। कोर्ट ने गत 27 मई को आदेश दिया कि आरटीई पोर्टल पर शून्य सीटें दिखाने वाले स्कूलों के पिछले दो सालों के रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए। अब जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर टीमें इन स्कूलों में जाकर छात्र उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा परिणाम, फीस रिकॉर्ड और एस.आर. (स्कॉलर रजिस्टर) की आमने-सामने जाकर भौतिक जांच करेंगी। सभी चिन्हित स्कूलों को 7 दिन के भीतर अपनी सही रिपोर्ट विभाग को ईमेल के जरिए भेजने का सख्त निर्देश दिया गया है। शहरी क्षेत्र के सर्वाधिक 53 स्कूलों में गड़बड़ी नियम : गरीब बच्चों की सीटें शून्य नहीं रख सकतेआरटीई-2009 के नियम के तहत हर प्राइवेट स्कूल को अपनी शुरुआती कक्षा (जैसे नर्सरी या क्लास 1) में 25% सीटें गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होती हैं। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। नियम यह है कि अगर स्कूल में फीस देकर पढ़ने वाले बच्चों की सीटें भरी हैं तो गरीब बच्चों की सीटें शून्य नहीं रखी जा सकतीं। ऐसा करना सीधे तौर पर बच्चों के अधिकारों का हनन और धोखाधड़ी है। सामान्य बच्चों की फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा वसूलेंगे जिन स्कूलों ने यह गड़बड़ी की है, उनसे आरटीई नियमों के तहत भारी जुर्माना वसूला जाएगा। इन स्कूलों ने गरीब बच्चों की जो सीटें छिपाई हैं, उन सीटों पर सामान्य बच्चों से ली जाने वाली फीस का 25% हिस्सा जुर्माने के रूप में वसूला जाएगा। विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है और जल्द ही निदेशालय के निर्देशानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), उदयपुर
हनुमान सिंह राठौड़ बने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष
अजमेर। शिक्षाविद् हनुमान सिंह राठौड़ ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करना बोर्ड की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा और इसके लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा जगत के […] The post हनुमान सिंह राठौड़ बने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के 41वें अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
सम्भल में बालश्रम के खिलाफ अभियान:9 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा
सम्भल में सोमवार को बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों पर 'बालश्रम, भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत थाना AHT टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र में यह कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के आदेश पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत और क्षेत्राधिकारी बहजोई स्तुति सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। थाना AHT प्रभारी निरीक्षक पवनवीर सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. आजम और प्रयत्न संस्था (जस्ट राइट एनजीओ) के गौरी शंकर चौधरी की टीम के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र के भीड़-भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौराहों और 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान भिक्षावृत्ति का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन विभिन्न स्थानों से 9 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। इन बच्चों को काउंसलिंग दी गई और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्हें बाल अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों के प्रति भी जागरूक किया गया।इस अभियान के तहत आमजन को भी बालश्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। आपातकालीन सहायता के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 108, 1076 और 181 की जानकारी भी साझा की गई।अधिकारियों ने बताया कि जिले को बालश्रम और बाल शोषण से पूरी तरह मुक्त करने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
महासमुंद में छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और गृह मंत्री को भेजा गया है। महासंघ ने ड्राइवरों के सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के हजारों वाहन चालक दिन-रात सड़क परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके हितों और सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं हैं। अपनी मांगों को लेकर ड्राइवरों ने पहले बस स्टैंड से पोस्टर-बैनर के साथ रैली निकाली। इसके बाद नारेबाजी करते हुए वे कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित मंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपा। महासंघ की प्रमुख मांगों में वाहन चालक की दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में 20 लाख रुपए का बीमा शामिल है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल होने पर 10 लाख रुपए तक की सहायता राशि मुहैया कराने की मांग की गई है, ताकि पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल मिल सके। सड़क सुरक्षा और विशेष कानून बनाने पर जोर ज्ञापन में सड़क सुरक्षा नियमों को हाईवे पर सख्ती से लागू करने, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने और नियमित सुरक्षा अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। महासंघ ने वाहन चालकों के लिए विशेष सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने की भी आवश्यकता बताई है, जिससे उनके अधिकारों और सुरक्षा को कानूनी संरक्षण मिल सके। वर्दी भत्ता और पेंशन सुविधा की मांग ड्राइवर महासंघ ने सभी वाहन चालकों के लिए वर्दी, भत्ता योजना लागू करने और 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन सुविधा देने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले चालकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। हाईवे पर विश्राम गृह और टॉयलेट की व्यवस्था महासंघ ने लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की सुविधा के लिए प्रत्येक 100 किलोमीटर पर विश्राम गृह, शेड और स्वच्छ टॉयलेट की व्यवस्था करने की मांग रखी है। इसके अलावा सार्वजनिक सड़कों पर चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किए जाने की मांग भी की गई है। आवास और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान की मांग ज्ञापन में प्रधानमंत्री आवास या अन्य आवासीय योजनाओं के तहत वाहन चालकों को घर निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की मांग की गई है। साथ ही ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की विशेष व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। लाइसेंस शुल्क में राहत और स्थानीय ड्राइवरों को प्राथमिकता महासंघ ने आर्थिक रूप से कमजोर चालकों को राहत देने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित निर्धारित 12 हजार रुपए की राशि समाप्त करने या उसका पुनर्मूल्यांकन करने की मांग की है। इसके अलावा प्रदेश के उद्योगों और संस्थानों में छत्तीसगढ़ के ड्राइवरों को 70 प्रतिशत प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई है। हर जिले में ट्रेनिंग और फिटनेस सेंटर खोलने की मांग ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में ड्राइविंग प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएं। साथ ही वाहनों की नियमित जांच के लिए फिटनेस सेंटर भी खोले जाएं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आपातकालीन सेवा और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग महासंघ ने सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले की पुलिस चौकियों में आपातकालीन सेवा वाहन अथवा फायर यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है। इसके अलावा हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि डीजल चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। 1 सितंबर को ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित करने की मांग महासंघ ने 1 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित करने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि देश की परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने के लिए यह पहल आवश्यक है। मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और गृह मंत्री से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि मांगें पूरी होने से प्रदेश के लाखों वाहन चालकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सड़क परिवहन व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सकेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के साथ दोहरा रवैया अपनाने का आरोप एक बार फिर लगा है। यह स्थिति लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए एक जुलाई से हमारे एप के माध्यम से ई अटेंडेंस लगाने की अनिवार्यता के चलते बनी है। इसे देखते हुए शिक्षकों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि ऐसी ही व्यवस्था शिक्षकों के मामले में भी लागू हो। शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के लिए विभाग ने जानबूझकर जनवरी से मार्च 2026 तक का टाइम 90 प्रतिशत तय किया है। जबकि इस अवधि में शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में परीक्षा लेने, मूल्यांकन करने, एसआईआर जैसी ड्यूटी की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त कार्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के लिए 1 जुलाई 2026 से हमारे शिक्षक एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य है। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि आदेश से स्पष्ट हो गया है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर समान रूप से लागू होगी। कौशल ने कहा कि जब ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता पूरे विभाग के लिए लागू की जा रही है, तब स्थानांतरण नीति में केवल शिक्षकों पर 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त लगाना न्यायसंगत नहीं है। जनवरी, फरवरी एवं मार्च माह 2026 के दौरान शिक्षक बोर्ड परीक्षा, मूल्यांकन कार्य, प्रशिक्षण, जनगणना एवं अन्य शासकीय दायित्वों में संलग्न रहे हैं, जिसके कारण तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं से उनकी ई-अटेंडेंस प्रभावित हुई है। 'तबादले में ई अटेंडेंस की अनिवार्यता की शर्त पर पुनर्विचार करे सरकार' उपेन्द्र कौशल ने कहा कि शासन से मांग की गई है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में ई-अटेंडेंस संबंधी कठोर एवं अव्यावहारिक शर्तों पर पुनर्विचार किया जाए और शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से वंचित न किया जाए। संगठन का मानना है कि स्थानांतरण नीति शिक्षक हितैषी, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण होनी चाहिए। शासकीय शिक्षक संगठन ने आशा व्यक्त की है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की समस्याओं एवं सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए स्थानांतरण नीति में आवश्यक संशोधन करेगी, जिससे हजारों शिक्षक अनावश्यक रूप से प्रभावित होने से बच सकें। इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री और विभाग के सीनियर अफसरों से पुनर्विचार करने को कहा गया है।
भिवानी में सोमवार को कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने पत्रकार वार्ता की। देश भर में नीट परीक्षा रविवार ही समाप्त हो चुकी है। वहीं इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा को घेरा। ग्रामीण प्रधान अनिरूद्ध चौधरी व शहरी प्रधान प्रदीप गुलिया ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर नीट परीक्षा लीक होने के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भिवानी के शहरी व ग्रामीण जिला प्रधानों ने आरोप लगाया कि नीट में जिस प्रकार से घोटाला हुआ है। उसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे। पूर्व में हुए इस पेपर के लीक होने के चलते देश के बहुत से प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सुसाइड करना पड़ा तथा बड़ी संख्या में छात्र दोबारा पेपर के तनाव में रहे, इसकी जिम्मेदार सरकार को लेना चाहिए। हालही में राहुल गांधी ने कोटा में कोचिंग ले रहे परीक्षार्थियों के बीच जाकर उनकी आवाज को उठाया तथा इस बात पर चिंता व्यक्त की कि देश में जितना शिक्षा का बजट है, उससे अधिक धन बच्चों के अभिभावकों को उनकी कोचिंग पर खर्च करना पड़ता है। यह देश की शिक्षा प्रणाली के लिए सोचने का विषय है। जिस प्रकार एयरफोर्स का प्रयोग नीट के दूसरी बार हुए पेपर को लाने-ले जाने में किया गया, यह दर्शाता है कि शिक्षा तंत्र फेल था, इसीलिए एयरफोर्स की मदद लेनी पड़ी। नई शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता ग्रामीण प्रधान अनिरूद्ध चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी देश में रोजगार व अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जता चुके है कि देश का पैसा ऐसी जगह निवेश किया जाता है, जहां लेबर आधारित उद्योग नहीं है। जिसके चलते बेरोजगारी बढ़ी है। हालांकि इस व्यवस्था से अल्पकालीन तौर पर अर्थव्यवस्था के आंकड़े भले ही दिखे, परन्तु दीर्घकालीन में इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। जो कि भविष्य के लिए चिंता की बात है। अनिरूद्ध चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में फिर से पुनर्विचार की आवश्यकता है। क्योंकि नई शिक्षा नीति में बच्चों में 8वीं से ही बोर्ड लाना शुरू किया गया है तथा परीक्षाओं का दबाव बढ़ने से उनका नैचुरल टैलेंट दब रहा है। बच्चे गलत कदम ना उठाएंजिला शहरी प्रधान प्रदीप गुलिया ने परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों से अपील की कि वे परीक्षाओं के लिए तैयारी भले ही करें, परन्तु इसके साथ चिंता ना ले। चिंता करना बात का हल नहीं है तथा सुसाइड जैसे कदम बच्चों के अभिभावकों सहित पूरे परिवार को पीड़ित करते है। ऐसे में बच्चों को ऐसे कदम उठाने से दूर रहना चाहिए तथा तनाव मुक्त तरीके से परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए तथा जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करना चाहिए।
बिहार सरकार ने 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सूबे के चिह्नित 24 हजार 471 बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार प्रशिक्षण देने के लिए विशेष केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें अकेले नालंदा जिले के 311 और शेखपुरा के 640 बच्चे शामिल हैं। शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार के अनुसार, इन सभी बच्चों को उम्र सापेक्ष प्रशिक्षण देने के बाद नजदीकी स्कूलों से जोड़ दिया जाएगा। ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आगामी 10 जुलाई तक हर हाल में विशेष केंद्र चालू करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है, जहां छह से नौ महीने के भीतर बच्चों को नई और रोचक विधियों से उनकी उम्र के अनुसार कक्षा के स्तर तक लाया जाएगा। मैपिंग का काम 30 जून को पूरा करना होगा नालंदा के डीईओ आनंद विजय ने बताया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए विद्यालय से बाहर के बच्चों के उपलब्ध आंकड़ों का सत्यापन कर उसे प्रबंध पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। बच्चों की संख्या के आधार पर केंद्रों की मैपिंग का कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाना है। इसके बाद प्रत्येक केंद्र के लिए एक नोडल शिक्षक का चयन होगा, जिन्हें कम समय में बच्चों को उम्र के अनुसार दक्ष बनाने के लिए एक से छह जुलाई तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन स्थानों पर ये केंद्र खुलेंगे, वहां केंद्र का नाम, नामांकित शिक्षक का नाम, संचालन की अवधि और बच्चों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। केंद्र शुरू होने से तीन दिन पहले बच्चों की दक्षता का बेसलाइन सर्वे होगा और उनके शैक्षणिक स्तर की प्रोफाइल केंद्र खुलने के सात दिनों के भीतर तैयार कर ली जाएगी। इसके साथ ही, यदि संबंधित क्षेत्र में इस श्रेणी का कोई अन्य बच्चा मिलता है, तो उसे भी इस केंद्र में शामिल कर लाभ दिया जाएगा। समस्तीपुर में सबसे अधिक बच्चे बिहार के विभिन्न जिलों में स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या में काफी अंतर है। सूबे में सबसे अधिक समस्तीपुर में 1560, कटिहार में 1454, जहानाबाद में 1296, सारण में 1279, पटना में 1275, वैशाली में 1083, सुपौल में 1082 और सीतामढ़ी में 1281 बच्चे स्कूल से बाहर हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर में सबसे कम 68, पूर्णिया में 70 और पूर्वी चंपारण में केवल 74 बच्चे इस श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बात की जाए तो पूरे देश में ऐसे बच्चों की संख्या 11 लाख 70 हजार 182 है, जिसमें सबसे बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश की है, जहां सर्वाधिक 7 लाख 73 हजार 835 बच्चे स्कूल से बाहर हैं। इसके विपरीत, देश में केरल, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप जैसे राज्य व केंद्र शासित प्रदेश भी हैं, जहां का एक भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं है।
हरियाणा के सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने टीचिंग और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के कैजुअल पेड लीव (CPL) से जुड़े एक विवादित आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी नए आदेश में 9 मार्च 2026 के निर्देशों को निरस्त कर दिया गया है। पहले जारी आदेश के तहत कर्मचारियों की CPL से संबंधित फाइलों को जिला उपायुक्त (DC) की अनुशंसा के बाद मुख्यालय भेजने की व्यवस्था की गई थी। विभाग ने अब इस शर्त को वापस लेते हुए पुराने आदेश को समाप्त कर दिया है। क्या था पुराने आदेश में 9 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया था कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के CPL से जुड़े मामलों को जिला स्तर पर उपायुक्त की अनुशंसा के बाद ही मुख्यालय भेजा जाएगा। इस व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और संगठनों में असंतोष था। उनका तर्क था कि इससे अवकाश संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी और अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रिया बढ़ रही है। अब क्या बदला 18 जून को महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, 09 मार्च 2026 के आदेश के तहत शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के CPL से संबंधित मामलों को जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद मुख्यालय भेजने संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं। यानी अब CPL मामलों में DC की अनुशंसा वाली बाध्यता समाप्त हो गई है। आदेश की कॉपी किन अधिकारियों को भेजी नए आदेश की प्रतियां राज्य के सभी उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों, एससीईआरटी निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशालय की विभिन्न शाखाओं को भेजी गई हैं, ताकि तत्काल प्रभाव से इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।
शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर राज्यव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस
सोनीपत | सुभाष चौक स्थित कांग्रेस भवन में शनिवार को प्रेस वार्ता हुई। अध्यक्षता ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने की। मुख्य वक्ता सांसद सतपाल ब्रह्मचारी रहे। ब्रह्मचारी ने कहा कि युवा शिक्षा और रोजगार के दोहरे संकट से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और एनटीए से जुड़े विवादों ने छात्रों व अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इन मुद्दों पर राज्यव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करेगी। अभियान में राहुल गांधी के कोटा फैक्ट्री कार्यक्रम के बिंदुओं को छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2015 में लागू किए गए स्टाफिंग पैटर्न की पिछले 11 वर्षों से समीक्षा नहीं होने का असर अब सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। नियमों के अनुसार हर दो वर्ष में समीक्षा होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने अब तक एक बार भी संशोधन नहीं किया। इसके चलते कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद शिक्षक नहीं हैं, जबकि कुछ स्कूलों में नामांकन घटने से शिक्षक अधिशेष हो गए हैं। राज्य में 2021-22 में 475 उच्च प्राथमिक स्कूलों को माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत किया गया। फिर बजट 2022-23 की घोषणा के तहत सभी 3833 माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत कर दिया गया। इससे पूर्व तथा इसके पश्चात सैकड़ों स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया, नए संकाय और नए विषय खोले गए। मगर इन स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न के मुताबिक आज तक सभी शैक्षिक पद स्वीकृत नहीं किए जा सके हैं। पिछले 5 साल से लगातार नामांकन में गिरावट आ रही है। साल-दर-साल सरकारी स्कूलों में घटता-बढ़ता नामांकन न्यू स्टाफिंग पैटर्न में पदों का प्रावधान स्टाफिंग पैटर्न 30 अप्रैल 2015 के तहत नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक स्कूलों में 1 प्रधानाचार्य, 3 व्याख्याता, 3 वरिष्ठ अध्यापक सहित 3 अध्यापक लेवल-द्वितीय, 1 शारीरिक शिक्षा अध्यापक, 2 अध्यापक लेवल प्रथम पद आवश्यक हैं। वहीं न्यू स्टाफिंग पैटर्न 2015 लागू करते समय यह प्रावधान किया गया था कि दो वर्ष बाद कक्षा 11 और 12 में निर्धारित छात्र संख्या होने पर अनिवार्य हिंदी तथा अनिवार्य अंग्रेजी के व्याख्याता पद स्वीकृत किए जाएंगे, लेकिन ये पद भी स्वीकृत नहीं किए जा सके हैं। पिछले साल सरकार को भेजे प्रस्ताव, मंजूरी नहीं शिक्षा विभाग ने वर्ष 2022-23 में क्रमोन्नत किए गए 3833 स्कूलों में 11,499 व्याख्याताओं सहित टीचिंग-नॉन टीचिंग के स्टाफ के 20,803 पदों के प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल राज्य सरकार को भिजवाए थे। लेकिन वित्त विभाग से अभी तक पदों की मंजूरी नहीं मिली है। 13 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हिंदी-अंग्रेजी व्याख्याता नहीं प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद क्रमोन्नत किए गए किसी भी विद्यालय में अनिवार्य विषय हिंदी और अंग्रेजी के व्याख्याता पद स्वीकृत नहीं किए गए। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 19 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 6 हजार विद्यालयों में ही इन विषयों के व्याख्याता पद स्वीकृत हैं। शेष 13 हजार विद्यालयों में केवल वैकल्पिक विषयों के व्याख्याता पद स्वीकृत हैं, जिससे भाषा विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 29 जून से स्कूल खुलेंगे। राज्य सरकार को चाहिए कि सभी स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न के मुताबिक शैक्षिक पद स्वीकृत किए जाएं। इस संबंध में राज्य सरकार को संगठन की ओर से ज्ञापन भेजा गया है। -महेंद्र पांडे, मुख्य महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
सोनीपत में कांग्रेस पार्टी ने देश में बढ़ते शिक्षा और रोजगार संकट को लेकर सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पार्टी जल्द ही युवाओं के समर्थन में यह अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत कांग्रेस राहुल गांधी के 'कोटा फैक्ट्री' कार्यक्रम के प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाकर लचर परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर छात्रों व अभिभावकों को एकजुट करेगी। युवाओं की आवाज को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए कांग्रेस की जिला इकाइयां जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेंगी। रविवार को सुभाष चौक स्थित कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में सांसद सतपाल ब्रह्मचारी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की और इसे युवा विरोधी करार दिया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि देश का युवा आज शिक्षा और रोजगार के दोहरे संकट का सामना कर रहा है। विभिन्न प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक होने तथा भर्ती प्रक्रियाओं में जानबूझकर की जा रही देरी के कारण युवाओं में भारी निराशा और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने विशेष रूप से नीट (NEET) परीक्षा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े हालिया विवादों और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घोटालों ने देश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की रात की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने जिला इकाइयों को आगामी अभियान से संबंधित सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों की रिपोर्ट संगठन के निर्धारित प्लेटफार्म पर नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रेस वार्ता में सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जयबीर बाल्मीकि, पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया, सुरेंद्र शर्मा, जयवीर अंतिल, जयभगवान आंतिल, प्रशांत शर्मा, मुकेश पन्नालाल, जयकवार खत्री, प्रेम नारायण गुप्ता, नीटू दहिया और सुनील दहिया सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार को शिवहर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शिवहर जीरोमाइल चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और प्रभावित छात्रों को न्याय व मुआवजा देने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अधिवक्ता मोहम्मद अफरोज आलम ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि नीट जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला : कांग्रेस कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मद अफरोज आलम ने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आए विवादों से छात्र और अभिभावक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सहित देश के कई राज्यों में छात्र और युवा इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों की समस्याओं को लेकर देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा में अगर पारदर्शिता नहीं रहेगी तो मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय होगा। “क्या अब बच्चों को परीक्षा देने विदेश जाना पड़ेगा?” कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने नीट री-एग्जाम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई छात्रों के परीक्षा केंद्र विदेशों तक में दिए गए हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “क्या अब देश के बच्चों को परीक्षा देने के लिए यूएई के अबू धाबी जाना पड़ेगा? यह छात्रों के साथ अन्याय है। सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे छात्रों को परेशानी न हो और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले। एनटीए को भंग करने की मांग प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जब लाखों छात्रों के करियर का सवाल हो तो सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। साथ ही परीक्षा संचालन करने वाली संस्था एनटीए की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नंदपुरी स्थित राजपुरोहित समाज भवन में रविवार को 1008 संत खेताराम महाराज मंदिर की स्थापना वर्षगांठ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर में नई ध्वजा चढ़ाई गई और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर संत खेताराम महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। समारोह में पूर्व कोषाध्यक्ष भागीरथ सिंह ने लगातार तीसरी बार मंदिर में नई ध्वजा चढ़ाकर परंपरा का निर्वहन किया। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद समाजबंधुओं ने दिव्य ज्योति के दर्शन किए और समाज में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। बताया गया कि इसी दिन नंदपुरी स्थित राजपुरोहित समाज भवन में मंदिर की स्थापना की गई थी। वर्षगांठ के अवसर पर ध्वजा परिवर्तन की परंपरा सालों से निभाई जा रही है। भागीरथ सिंह ने कहा कि समाज की ओर से उन्हें आजीवन मंदिर में वर्षगांठ के मौके पर नई ध्वजा चढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे पूरी श्रद्धा से निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके बाद उनके पुत्र और आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज और मंदिर के प्रति अपना दायित्व निभाएंगी। कार्यक्रम के दौरान समाजबंधुओं ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के प्रसार और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। समारोह में ओपी राजपुरोहित, बाबू सिंह, जालम सिंह, भंवर सिंह, दिलीप सिंह, अमर सिंह, गोपाल सिंह खेड़ी, रत्न सिंह रूपावास, लालसिंह मथानियां सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि भागीरथ सिंह का शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इससे पूर्व उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वणदार के विद्यार्थियों को वर्षभर की शिक्षण सामग्री वितरित की थी। उनके इस योगदान की विद्यालय प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने सराहना की थी। उन्होंने विद्यालय को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया था।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अंशकालिक अनुदेशक और शिक्षामित्रों को बड़ी राहत दी है। उन्हें जून महीने का मानदेय 15 दिन के बजाय पूरे महीने का मिलेगा। बलिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत अनुदेशक और शिक्षामित्रों के जून व जुलाई माह के मानदेय की लिमिट राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी कर दी गई है। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, अनुदेशक और शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय पूरे महीने का दिया जाएगा। 15 दिन की अतिरिक्त धनराशि जुलाई माह की जारी लिमिट से समायोजित की जाएगी। बीएसए ने यह भी बताया कि पूरे जून माह का मानदेय 25 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दिया जाएगा।
NEET पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर रविवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर रातभर जंतर-मंतर पर बैठे रहे। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके और उनके समर्थक शनिवार रात से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने शनिवार शाम 5 बजे के बाद प्रदर्शन की अनुमति खत्म होने की बात कहकर जगह खाली करने के लिए कहा था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी रातभर जंतर-मंतर पर बैठे रहे। दीपके ने लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों से भी परीक्षा के बाद प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इससे पहले शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 27 जून से अनशन शुरू करेंगे। CJP के प्रदर्शन की 5 तस्वीरें… पानी और लाइट को लेकर शिकायत अभिजीत ने आरोप लगाया कि शनिवार रात जंतर-मंतर पर टॉयलेट्स में पानी नहीं आ रहा था। उन्होंने X पर लिखा- अधिकारियों से अपील करता हूं कि जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के शौचालयों का पानी बंद न किया जाए। शनिवार रात से सार्वजनिक शौचालयों में पानी नहीं आ रहा है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि रात में कुछ समय के लिए लाइट बंद कर दी गई थी, जिसके चलते टॉयलेट तक पहुंचने में दिक्कत हुई। शनिवार को जंतर-मंतर पर पहुंचे सैकड़ों समर्थकों ने थाली और चम्मच बजाकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। दीपके ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। CJP का 15 दिनों में 8 शहरों में प्रदर्शन 39 दिनों में 15 छात्रों ने सुसाइड किया देश में पिछले 39 दिनों में NEET एग्जाम से जुड़े 15 छात्र-छात्राएं सुसाइड कर चुके। हैदराबाद में शनिवार को 19 साल की NEET अभ्यर्थी शेख सना ने आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस का मानना है कि वह परीक्षा के दबाव में थी। सना आज होने वाले NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाली थी। CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े रहे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रात को भी जारी: शाम तक की परमिशन थी; फाउंडर दीपके बोले- शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन कर रही है। CJP को शनिवार शाम 5 बजे तक ही प्रदर्शन की अनुमति थी लेकिन फाउंडर अभिजीत दीपके समेत प्रदर्शनकारी रातभर वहां मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…
जन्म से नहीं, शिक्षा के कर्म से पिता:1000 बच्चों का सहारा बने ‘बाबूजी’, सपनों को दे रहे हैं उड़ान
पिता सिर्फ वह नहीं होता, जो उंगली पकड़कर अपने बच्चे को चलना सिखाए। पिता वह भी होता है, जो उन बच्चों का हाथ थाम ले, जिनके पास सहारा देने वाला कोई नहीं होता। शहर की स्लम बस्तियों में रहने वाले एक हजार से अधिक बच्चों के लिए राकेश श्रीवास्तव ऐसे ही बाबूजी हैं। 67 वर्षीय बाबूजी कोरोना के समय अनाथ बच्चों का जीवन संवारने का संकल्प लिया। यही से शुरू हुआ उनका सफर। वह अभी तक एक हजार से ज्यादा बच्चों को पढ़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि साल 2021 में राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में मैनेजमेंट की नौकरी से रिटायर होने के बाद बेसहारा बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी कक्षाएं सिकंदर कंपू, कैंसर पहाड़िया, चंद्रवदनी का नाका सहित शहर में पांच स्थानों पर चलती हैं। उन्होंने स्लम बस्तियों में रहने वाली बेटियों का दाखिला कॉलेजों में अपने खर्चे से कराया। अब वे 8 बेटियां शहर के अलग-अलग स्थानों पर संचालित कक्षाओं में पढ़ाती हैं। बाबूजी ने जब इस काम की शुरुआत की तो उनके साथ 3 से 4 लोग थे। धीरे-धीरे उनके पढ़ाए बच्चे ही इस कार्य में जुड़ गए। जिसकी बदौलत करीब एक हजार से ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ा है। उनके गुरुकुल से निकलकर कई बच्चे कॉलेजों में पहुंच रहे हैं।
फोरम की बैठक में शिक्षा व लीज नीति पर चर्चा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो अनएडेड स्कूल्स मैनेजमेंट फोरम की जनरल बॉडी मीटिंग सेक्टर-1 स्थित एक होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रबंधकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में फोरम के अध्यक्ष एसपी सिंह, सचिव डॉ. डीएन प्रसाद, कोषाध्यक्ष अक्षत गुप्ता, समन्वयक महेश त्रिपाठी तथा अन्य सम्मानित सदस्यों की उपस्थिति रही। शुभारंभ अभिषेक कुमार प्राचार्य जीजीपीएस बोकारो ने अतिथियों के स्वागत के साथ किया। पिछली बैठक की समीक्षा की गई। इस दौरान शिक्षा संस्थानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से चल रहे न्यायालयीन मामलों तथा सेल नई लीज नवीनीकरण नीति पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार साझा किए तथा विद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए संभावित समाधान और रणनीतियों पर चर्चा की। इसके अलावा वार्षिक सदस्यता शुल्क, नए सदस्यों के स्वागत तथा शिक्षा एवं प्रशासन से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर भी सार्थक संवाद हुआ। अंत में सभी सदस्यों ने बोकारो के शैक्षिक विकास एवं अनएडेड विद्यालयों के हितों की सुरक्षा हेतु सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
बैठक में शिक्षा गुणवत्ता, एप पर हाजिरी व पौधरोपण पर हुई चर्चा
भास्कर न्यूज | कुकदूर नए शैक्षणिक सत्र को सुव्यवस्थित व गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से कुई संकुल में संचालित शासकीय, अशासकीय प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों की समीक्षा बैठक संकुल प्राचार्य ने ली। शिक्षक जितेंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि समीक्षा बैठक का उद्देश्य नए शिक्षा सत्र की तैयारी की समीक्षा करना तथा विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बैठक में शाला प्रवेश उत्सव व संकुल स्तरीय प्रवेश अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया गया। पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग, वितरण तथा शेष बची पुस्तकों के समुचित प्रबंधन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, सभी आवश्यक पंजी को अद्यतन रखने तथा यू-डाइस पोर्टल पर विद्यार्थियों के प्रोग्रेस की समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण, वाटर हार्वेस्टिंग एवं सोखता गड्ढों के निर्माण, न्योता भोजन कार्यक्रम व 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। वीएसके एप में उपस्थिति दर्ज करें: वीएसके एप के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की ऑनलाइन एंट्री नियमित रूप से करने तथा ऑनलाइन अवकाश प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर विद्यालय भवनों में शाला संचालन नहीं करने तथा भवन एवं किचन शेड के रंगरोगन कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। छात्रवृत्ति, आईपीआर अपलोड, शिक्षक दैनंदिनी का नियमित संधारण, पाठ्यक्रम विभाजन पंजी, जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र संबंधी कार्य पर चर्चा की।
किशनगंज में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमिटी ने महंगाई, बेरोजगारी और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर आयोजित इस विरोध मार्च में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहाबुल अख्तर ने की। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव आश्रम से गांधी चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। गांधी चौक पहुंचकर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया गया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद, विधायक कमरूल हुदा, बहादुरगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी प्रो. मोसब्बीर आलम, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. आजाद साहिल, पूर्व जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू तथा नगर अध्यक्ष सजल कुमार साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने जनहित के सवालों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखंड स्थित ग्राम सुजातनगर में नट समाज उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने नट समुदाय को शिक्षा के माध्यम से अपने कौशल को निखारने और उत्थान की ओर बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर श्री दादी रूपा सती के वार्षिक मेले में भी शिरकत की। कार्यक्रम में नट समाज उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कुशाल नट सहित समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का 51 किलो फूलों की माला, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल बागडे ने घुमंतू समुदायों के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि नट समाज ने महाराणा प्रताप के संघर्षों और स्वतंत्रता आंदोलन सहित विभिन्न ऐतिहासिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल ने नट समुदाय की पारंपरिक कला और कौशल को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया। युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की प्रशंसा राज्यपाल ने नट समाज के युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों और उनके एकाग्रता कौशल की प्रशंसा की, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह बौद्धिक क्षमता विकसित करने, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करने का माध्यम है। राज्यपाल ने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने और सरकारी स्कूलों व छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। युवाओं से सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का आह्वान उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया, साथ ही परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने को सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने नट समुदाय की विभिन्न मांगों को भी सुना। उन्होंने चिकित्सा, आवास और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
होशियारपुर की प्रसिद्ध लेखिका, अध्यापिका और समाज सेविका श्रीमती अंजू वी. रत्ती को कनाडा की धरती पर एक विशेष अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें कनाडा की सांसद रूबी सहोता द्वारा उनके ब्रैम्पटन स्थित कार्यालय में 'सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉग्निशन' (Certificate of Recognition) प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पंजाबी साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए उनके बहुमूल्य योगदान के लिए मिला है। सांसद रूबी सहोता द्वारा सौंपे गए सम्मान पत्र में अंजू वी. रत्ती की उत्कृष्ट सेवाओं की भरपूर सराहना की गई है। उन्हें एक समर्पित अध्यापिका, प्रतिभाशाली लेखिका और समाज के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्वकर्ता के रूप में मान्यता दी गई है, जिन्होंने अपने ज्ञान और रचनात्मकता से समाज को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। अंजू वी. रत्ती की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से उनके गृह जिले होशियारपुर, मित्रों और पूरे पंजाबी साहित्य व शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। इस विशेष मुलाकात के दौरान अंजू वी. रत्ती ने अपनी लिखी हुई पुस्तकें भी सांसद रूबी सहोता को भेंट कीं। सांसद ने विशेष रूप से उनके द्वारा बाल साहित्य और शिक्षा के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की तारीफ की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 25 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय हैं अंजू रत्ती उल्लेखनीय है कि अंजू वी. रत्ती पिछले करीब 25 वर्षों से साहित्य सृजन, अध्यापन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। इस लंबे सफर में उन्हें देश और विदेश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा पहले भी सम्मानित किया जा चुका है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी जताते हुए अंजू रत्ती ने कहा कि कनाडा की धरती पर सांसद के हाथों यह सम्मान पाना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। इस सम्मान ने साहित्य और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ा दिया है। उन्होंने अपनी इस सफलता के लिए अपने परिवार, मित्रों, पाठकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।
मोतिहारी में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में प्रदर्शन किया। कचहरी चौक पर आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय ने किया। धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में है, और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। ''देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा'' जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने बेरोजगारी के चरम पर होने और महंगाई से आम लोगों की कमर टूटने का जिक्र किया। राय ने शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, को युवाओं के विश्वास पर गहरा आघात बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेहनती छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी वर्षों की तैयारी व्यर्थ जा रही है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई धरना-प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दरभंगा में नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, बढ़ती बेरोजगारी और बेलगाम महंगाई के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी अर्बन के देखरेख में लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अर्बन जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने किया। धरना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लहेरियासराय टावर तक मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल धरना-प्रदर्शन में बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता डॉ. मदन मोहन झा, जिला कांग्रेस कमेटी रूरल के जिलाध्यक्ष मिथिलेश चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। धरना को संबोधित करते हुए डॉ. जमाल हसन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी से त्रस्त है और पढ़े-लिखे नौजवान रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा डॉ. झा ने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। अभिभावक जमीन बेचकर और कठिन परिश्रम कर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है और इस मामले में प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। रूरल जिलाध्यक्ष मिथिलेश चौधरी ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है। युवाओं के सपनों को लगातार कुचला जा रहा है, जबकि किसानों, मजदूरों और गरीबों की समस्याओं पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी और जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी। मिथिलेश चौधरी से कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। दोनों नेताओं ने कहा कि देश का छात्र न्याय मांग रहा है,युवा रोजगार मांग रहा है और जनता महंगाई से राहत मांग रही है,लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि युवाओं, छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
मुजफ्फरपुर में NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरैयागंज टावर पर शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने किया। प्रदर्शन से पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से सरैयागंज टावर तक विरोध मार्च निकाला। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि NEET समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि परीक्षा संचालन में गड़बड़ियां हुई हैं, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना चाहिए। कार्यक्रम में जूही प्रीतम समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कांग्रेस पार्टी ने आज गयाजी में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना के नेतृत्व में राजेंद्र आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा भगाओ, देश बचाओ, महंगाई पर लगाम लगाओ और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें विभिन्न जनसमस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। केंद्र सरकार पर हमला बोला सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन कर दिया है। खाद्य पदार्थों, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। झुना ने बेरोजगारी की समस्या को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार उनके लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक हो रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। देश के युवाओं का विश्वास तोड़ा उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने देश के युवाओं का विश्वास तोड़ा है। छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। झुना ने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए इस मामले में जवाबदेही तय करने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण आम लोगों का जीवन संकट में है। सरकार को जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पूरे बिहार में व्यापक जनआंदोलन चलाएगी। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के हितों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में राज्यभर में सड़क पर उतरकर चक्का जाम और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस भाई ओमकार, विद्या शर्मा, युगल किशोर सिंह, सुनील पासवान, नवाव अली, मोहम्मद समालदूण, अशोक प्रसाद भारती समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन छात्रों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जिनकी मौत की घटनाएं चर्चा में रही हैं। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) राजस्थान में विकास का अहम माध्यम बनकर उभर रही है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की ओर से जारी वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार राज्य की 1,851 कंपनियों ने सामाजिक और विकास परियोजनाओं पर 1,145.67 करोड़ रुपए खर्च किए। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और खेल सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की गई। राज्य के सभी 37 जिलों को सीएसआर गतिविधियों का लाभ मिला, लेकिन सबसे अधिक निवेश जयपुर और उदयपुर को प्राप्त हुआ। 248.24 करोड़ रुपए के सीएसआर निवेश के साथ जयपुर राज्य का सबसे बड़ा लाभार्थी जिला रहा, जबकि उदयपुर 97.57 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उदयपुर-जयपुर को 345.81 करोड़ रुपए का निवेश मिला। यानी कुल फंड का 30% हिस्सा इन दोनों जिलों में खर्च किया गया। अजमेर (87.26 करोड़), अलवर (68.54 करोड़) और भीलवाड़ा (49.71 करोड़) भी शीर्ष 5 जिलों में शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में ही राज्य में 2,268 करोड़ खर्च हुए। 10 साल में 300 करोड़ से 1,146 करोड़ पहुंचा
युवा महाधिवेशन आज, 3 सत्रों में 7 घंटे चर्चा; शिक्षा-रोजगार पर फोकस
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पहचान जैसी चुनौतियों से जूझ रहे घुमंतू समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को जयपुर में घुमंतू युवा महाधिवेशन-2026 आयोजित किया जाएगा। बदलते समय में शिक्षा और कौशल विकास को सामाजिक उन्नति का आधार मानते हुए यह पहल युवाओं को नई दिशा देने के लिए की जा रही है। घुमंतू जाति उत्थान न्यास एवं बड़ पीपली बालाजी धाम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सीकर रोड स्थित मौजमहल रिसोर्ट में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक महाधिवेशन होगा। इसमें तीन सत्रों में करीब सात घंटे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में मदद करेंगे वॉलंटियर्स महाधिवेशन में 500 वॉलंटियर्स तैयार किए जाएंगे, जिन्हें शहर के आसपास बसी घुमंतू समाज की बस्तियों में भेजा जाएगा। ये वॉलंटियर्स बच्चों और उनके परिजनों को शिक्षा, चिकित्सा, आध्यात्मिकता, योग और रोजगार से जोड़ने में मदद करेंगे। वॉलंटियर्स का चयन बस्तियों के युवाओं में से ही किया जाएगा। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी महानगर टोली के कार्यकर्ताओं को पंजीकरण, जल-विहार व्यवस्था, अल्पाहार, मंच संचालन, बैठक व्यवस्था, अतिथि सत्कार, मध्यान्ह भोजन और समापन की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शिक्षा, करियर, उद्यमिता और स्वास्थ्य पर होगा मंथन महाधिवेशन में शिक्षा, करियर, रोजगार, उद्यमिता, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। युवाओं को यह समझाने का प्रयास होगा कि बदलते दौर में केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि कौशल, स्वरोजगार और सामाजिक नेतृत्व भी सफलता के महत्वपूर्ण रास्ते हैं। अलग-अलग संवाद सत्र में मिलेगा मार्गदर्शन कार्यक्रम संयोजक सर्वेश्वर शर्मा के अनुसार युवक और युवतियों के लिए अलग-अलग संवाद सत्र आयोजित होंगे, जहां वे अपने सवाल रख सकेंगे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल तथा बड़ पीपली बालाजी धाम के महंत प्रमेन्द्र नाथ महाराज युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले अभिजीत ने 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था। CJP अब तक पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर में भी प्रदर्शन कर चुकी है। दीपके ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर सुसाइड करने वाले NEET स्टूडेंट्स के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने लिखा कि देश का माहौल युवाओं के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। रीएग्जाम होने के बावजूद स्टूडेंट्स के सुसाइ़ड नहीं रुके हैं और सरकार को असल समस्या पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर छात्रों और अभिभावकों में निराशा और बढ़ सकती है। दीपके ने राहुल गांधी से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील 36 दिनों में 12 छात्रों ने सुसाइड किया देश में पिछले 36 दिनों में NEET एग्जाम से जुड़े 12 छात्र-छात्राएं सुसाइड कर चुके। इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरी। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े रहे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दीपके बोले- जयपुर में RSS के लोगों ने हमला किया, जो उनके खिलाफ, उसका यही अंजाम; कॉकरोच पार्टी के 2 लाख फॉलोअर्स घटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जयपुर में उन पर हुए हमले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के लोगों का हाथ था। अभी दीपके नागपुर में है। यहां 4 बजे संविधान चौक पर पार्टी का प्रदर्शन है। पूरी खबर पढ़ें…
तेलंगाना को शिक्षा और खेलों का केंद्र बनाएंगे: सीएम रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने तेलंगाना को देश का शिक्षा और खेल केंद्र बनाने का संकल्प लिया है।
गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को समाजसेवी सतपाल सिंह ने दंडवत प्रणाम करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तपती धूप के बीच जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। विद्या ज्योति सेवा संस्थान से जुड़े सतपाल सिंह ने दोपहर की भीषण गर्मी और लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार से लेकर डीएम कार्यालय तक दंडवत प्रणाम किया। सतपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने यह तरीका देश और प्रदेश की आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तथा सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए अपनाया है। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना है। ज्ञापन में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आम लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग की, साथ ही युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की अपील की ताकि बेरोजगारी कम हो सके। समाजसेवी ने कहा कि दंडवत प्रणाम करते हुए ज्ञापन देने का उद्देश्य अपनी पीड़ा और जनता की भावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि जब तक आम लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। डीएम कार्यालय में एसडीएम अरुण दीक्षित ने सतपाल सिंह का ज्ञापन प्राप्त किया और इसे संबंधित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।
हरदोई में बेसिक शिक्षा विभाग में 29 हजार शिक्षक भर्ती से संबंधित 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां गायब मिली हैं। इस मामले में अब बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले बीएसए दफ्तार के बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। दरअसल, एजुकेटर भर्ती से जुड़ी एक संस्था की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने 2 लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह की तीन सदस्यीय समिति बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने घंटों तक भर्ती, नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की। जांच के दौरान कुछ जरूरी पत्रावलियां रिकॉर्ड से गायब मिलीं, जबकि कई दस्तावेजों में विसंगतियों की आशंका जताई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भर्ती संबंधी अभिलेख रखने वाली कई अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जांच में यह भी सामने आया कि 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया का दायित्व भी उनके पास था। एक ओर सरकारी रिकॉर्ड गायब होने का मामला है तो दूसरी ओर चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और धन उगाही के आरोप लगे हैं। ऐसे में पूरा शिक्षा विभाग जांच एजेंसियों के रडार पर है और सभी की नजर अब जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
अमृतसर में सिख रेजिमेंट ने अपने अग्निवीरों को उच्च शिक्षा और आधुनिक कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए देश की प्रतिष्ठित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्र-निर्माण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा यह एमओयू (MoU) 16 जून 2026 को रेजिमेंट की ओर से सिख रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। इस अनूठी साझेदारी के बाद अब सिख रेजिमेंट के अग्निवीर देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ अपनी उच्च शिक्षा के सपने को भी पूरा कर सकेंगे। स्नातक डिग्री और 6 महीने के डिप्लोमा कोर्स का मिलेगा विकल्प इस विशेष शैक्षणिक पहल के तहत, सेवारत अग्निवीरों को उनकी रुचि और करियर की योजनाओं के अनुसार कई तरह के कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे। तीन वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम: अग्निवीर अपनी सैन्य सेवा के दौरान ही बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) और बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) जैसे डिग्री कोर्सेज की पढ़ाई कर सकेंगे। शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा कोर्सेज: तकनीकी और व्यावसायिक कौशल को मजबूत करने के लिए छह महीने की अवधि वाले विभिन्न विशिष्ट डिप्लोमा कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। अग्निवीरों के सर्वांगीण विकास और दीर्घकालिक करियर पर फोकस सिख रेजिमेंट और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक क्षमता और भविष्य में उनके दीर्घकालिक करियर की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा एक बार फिर शिक्षकों की कमी को लेकर चर्चा में है। प्रदेश में स्वीकृत 1507 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के पदों में से 478 पद लंबे समय से खाली हैं। वहीं नीटकॉम कंपनी के तहत काम कर रहे 86 व्यावसायिक शिक्षकों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। इसे लेकर प्रभावित शिक्षकों ने समग्र शिक्षा कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की तस्वीरें… इस प्रदर्शन को NSUI ने लीड किया। करीब 3 घंटे का तक प्रदर्शन चला। इसके बाद तीन दिन का अल्टीमेटम देकर NSUI कार्यकर्ता और पीड़ित शिक्षक कार्यालय से रवाना हुए । शिक्षकों का आरोप: एक्सटेंशन देने की बात हुई थी, अब नौकरी से निकाला प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी की ओर उन्हें कुछ महीनों का वेतन भी अब तक नहीं मिला है। शिक्षकों का आरोप है कि पहले मौखिक रूप से बताया गया था कि उनकी नौकरी आगे बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें लगातार पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि एजेंसी ने उन्हें कहा है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी अपनी इच्छा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं कई बार समग्र शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। समग्र शिक्षा का जवाब: एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही की गई थी भर्ती इस पूरे मामले पर समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि ये शिक्षक सीधे तौर पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। जो केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही थी और यह बात पहले से स्पष्ट की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी शिक्षक का वेतन रोका गया है, तो उसका समाधान किया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन को लेकर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।
शेखपुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को NEET पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स में गड़बड़ी और महंगाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव और युवा नेता राहुल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। उन्होंने दोनों से इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय, आजाद हिंद आश्रम में एकत्र हुए। जिला अध्यक्ष आनंदी यादव ने कहा कि NEET में हुई धांधली से देश के 24 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा का निजीकरण कर रही है। NEET में घोटाला बंद करो के नारे इसके बाद, NEET में घोटाला बंद करो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और मोदी सरकार हाय-हाय जैसे नारे लगाते हुए मार्च आजाद हिंद आश्रम से शुरू होकर पटेल चौक तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। मार्च के दौरान दुकानदारों और राहगीरों ने भी छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। पटेल चौक पर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संयुक्त पुतला दहन किया। युवा नेता राहुल कुमार ने मशाल जलाकर पुतले में आग लगाई। पत्रकारों से बात करते हुए राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने शिक्षा माफिया को खुली छूट दे दी है। ''ग्रेस मार्क्स का खेल केंद्र सरकार की साजिश'' उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और ग्रेस मार्क्स का खेल केंद्र सरकार की साजिश है। उन्होंने आगे कहा कि इससे गरीब किसान के बेटे के डॉक्टर बनने का सपना टूट जाता है, जबकि अमीर छात्र पैसे देकर सीट खरीद लेते हैं। कांग्रेस ने NEET परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। शेखपुरा से हर साल सैकड़ों छात्र NEET की तैयारी करते हैं। उनके माता-पिता अक्सर फीस भरने के लिए अपनी जमीन तक बेच देते हैं। और इधर भाजपा के लोग पेपर बेच रहे हैं। राहुल गांधी जी ने कहा था नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलो। हम भी कह रहे हैं - शिक्षा के बाजार में दलाली बंद करो। शिक्षा बचाओ, देश बचाओ आंदोलन और होगा तेज जब तक न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। जिला अध्यक्ष आनंदी यादव ने ऐलान किया कि अगर 7 दिन में सरकार ने मांग नहीं मानी तो शेखपुरा में छात्रों के साथ मिलकर शिक्षा बचाओ, देश बचाओ आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष कुमार सत्यजीत, कार्यकारी जिला अध्यक्ष रौशन कुमार, राजेश रंजन उर्फ़ गुरु मुखिया,, महेंद्र कुशवाहा, पप्पू राज मंडल,गोरेलाल कुशवाहा,आमिर राज मंडल,विपिन चौरसिया, गोल्डन खान,शंकर प्रसाद भैया जी ,दानी प्रसाद,प्रेम गुप्ता सहित अन्य शामिल थे।
पलवल में मिड-डे मील वर्कर्स और किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। ताऊ देवीलाल पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। यूनियन नेताओं ने सरकार पर वायदाखिलाफी और गरीब वर्ग के शोषण का आरोप लगाया है। प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू की जिला प्रधान रामरती चौहान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बलजीत शास्त्री ने की। शिक्षा मंत्री की कार्यशैली से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मिड-डे मील वर्कर्स की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उनकी प्रमुख मांगों में वर्कर्स को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देना शामिल है। उन्होंने वर्तमान मानदेय को बहुत कम बताते हुए इसे बढ़ाकर 12 महीने का भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति पर उचित लाभ व सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं सीटू की प्रधान रामरती चौहान और सचिव उर्मिला रावत ने बताया कि जब मिड-डे मील वर्कर्स का मानदेय तय किया गया था, तब हरियाणा का न्यूनतम वेतन 9,000 रुपए था। अब यह बढ़कर 15,220 रुपए हो गया है, लेकिन इन वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और धर्मचंद ने सरकार की बिजली नीति की आलोचना की। सरकार बिजली का निजीकरण कर रही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है और 'एग्री डिस्काम' नाम से पांचवीं कंपनी बना रही है। इससे किसानों को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने स्मार्ट और प्रीपेड मीटरों को जबरन थोपे जाने का भी कड़ा विरोध किया। नेताओं ने तेल, गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे गरीब जनता के साथ अन्याय बताया। प्रदर्शन में ये रहे शामिल प्रदर्शन के दौरान सर्वसम्मति से भविष्य की रणनीति तय की गई। इसके तहत, 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव और पड़ाव किया जाएगा। दस अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में किसान नेता दरियाब सिंह, किशनचंद शर्मा, समयराम कुंडू, हरिचंद वर्मा, रमेशचंद, भागीरथ, कर्ण सिंह आर्य व नंद किशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग की ओर से खरीदी गई कुर्सियों को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदी गई। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि विभाग ने 200 रुपए वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 1500-1500 रुपए में 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं। वहीं, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपये से अधिक होती है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक दुर्ग शिक्षा विभाग ने अक्टूबर 2025 को कुर्सी खरीदी थी। इसके ठीक 9 महीने बाद यानी 16 जून 2026 को कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'दुर्ग शिक्षा विभाग में GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदने का मामला भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के पाल खोल रहा है। एक तरफ जनता महंगाई से पिस रही है। दूसरी तरफ पारदर्शिता के नाम पर बनाए गए GeM पोर्टल के जरिए सरकारी खजाने को खुलआम लूटने का काम चल रहा है'। DEO बोले- आरोप पूरी तरह गलत जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक है। विभाग ने 200 रुपये वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 27 जून 2025 को कलेक्टर और आयुक्त ने जिला ग्रंथालय का निरीक्षण किया था। उस समय बैठने की व्यवस्था अपर्याप्त पाई गई, जिसके बाद अतिरिक्त कुर्सियों की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया। स्टील कुशन चेयर खरीदी का दावा शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्रंथालय के लिए 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं। हर चेयर की कीमत 1500 रुपए तय की गई। पूरी खरीद GeM पोर्टल के जरिए नियमों के अनुसार की गई। विभाग ने कहा कि इस खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर इनका परीक्षण किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री बोले- बिना जांच आरोप लगाना गलत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपये से अधिक होती है। संबंधित कुर्सी स्टील फ्रेम और कुशन वाली है, जिसकी कीमत 1500 रुपये या उससे अधिक रहती है। मंत्री ने यह भी कहा कि मामले की जानकारी लेने के बाद उन्हें पूरा भरोसा है कि खरीद नियमों के अनुसार हुई है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि किसी भी आरोप से पहले तथ्य जांचे जाएं। …………….. यह खबर भी पढ़िए… बिना CGMC मंजूरी छत्तीसगढ़ में काम कर सकेंगे बाहरी डॉक्टर: जूडा बोला- फर्जीवाड़ा बढ़ेगा, लोकल्स की नौकरी खतरे में; स्वास्थ्य मंत्री बोले- व्यवस्था सुधरेगी छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल काउंसिल की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश में विवाद छिड़ गया है। दोनों नोटिफिकेशन 15 दिन के भीतर जारी किए हैं। पहला नोटिफिकेशन 27 मई को छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने जारी किया। पढ़ें पूरी खबर…
धार्मिक व आधुनिक शिक्षा देने दारुल उलूम अनवारे मुस्तफा मदरसे की हुई शुरुआत
भास्कर संवाददाता| बड़वानी पाटी रोड स्थित ईदगाह भवन परिसर में दारुल उलूम अनवारे मुस्तफा मदरसे की शुरुआत समाजजनों, उलेमा-ए-किराम, प्रबुद्ध नागरिकों ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। जामा मस्जिद के खतीब व इाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी ने फातिहा ख्वानी कराई। मदरसा प्रबंधन ने बताया कि संस्थान में मुस्लिम बच्चों को दीनी शिक्षा के साथ हिन्दी, उर्दू, अरबी, अंग्रेजी, गणित जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी कराई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सहित रहने, भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। मदरसे के संचालन के लिए गठित नई कमेटी में हाजी सादिक मंसूरी को अध्यक्ष, हाजी फजलुर्रहमान शेख को सचिव बनाया गया है। दोनों पदाधिकारियों ने कहा। उद्देश्य बच्चों को धार्मिक व आधुनिक शिक्षा देकर उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर शहर के शायर व पूर्व राजपत्रित अधिकारी अब्दुल सादीक शेख बुंदेली की पुस्तक “बहत्तर कलाम: शहीदाने कर्बला” का विमोचन किया गया। लेखक ने बताया कि पुस्तक में हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इस्लामी मूल्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। मुख्य अतिथि पुलिस अधिकारी असद खान ने कहा कि यह संस्थान नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने, वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में हाजी जुबैर मंसूरी, डॉ. शोएब गौरी, अब्दुल कय्यूम सिद्दीक शेख सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
विद्यार्थियों को पुरस्कार, शिक्षा के लिए किया प्रोत्साहित
शहीदी दिवस के अवसर पर सिख समाज द्वारा विगत एक माह से बच्चों को गुरुवाणी का वचन एवं पाठ सिखाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण में 25 बच्चों ने भाग लिया। उन्होंने गुरुवाणी पढ़ना सीखा। उन्होंने उसका महत्व समझा। कार्यक्रम के दौरान इन सभी बच्चों को समाज की ओर से सम्मानित किया गया। समाजजनों ने इसे नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल बताया। गुरु नानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के सहयोग से सिख समाज ने 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को 3100 रुपये, द्वितीय को 2100 रुपये तथा तृतीय को 1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मानित विद्यार्थियों में अशनित कौर, अशमीत सिंह, प्रभाजोत सिंह, दलजीत प्रीत सिंह बख्शी, सिरत कौर, प्रेखेर रिया, सहजप्रीत सिंह और जपीत सिंह सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे। समाज ने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
महासमुंद के 4 शिक्षकों को सीएम शिक्षा गौरव अलंकरण से नवाजा
भास्कर न्यूज| महासमुंद शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और सराहनीय योगदान देने वाले महासमुंद जिले के दो व्याख्याताओं और दो प्राचार्यों को प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान से नवाजा गया है। रायपुर के प्रो. जेएन पांडेय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय गरिमामय समारोह में इन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा थीं। छत्तीसगढ़ शासन की इस योजना के तहत रायपुर संभाग के प्रत्येक जिले से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले एक-एक व्याख्याता को शिक्षा श्री और एक-एक प्राचार्य को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान के लिए चुना गया था। समारोह में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महासमुंद जिले के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल, श्रीफल और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। सत्र 2025-26 के लिए शासकीय हाई स्कूल रोहिना (बसना) में पदस्थ व्याख्याता कमलेश साहू को शिक्षा श्री सम्मान और शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद के प्राचार्य गोविंद राम सिन्हा को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान से विभूषित किया गया। सत्र 2024-25 के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बढ़ाईपाली (पिथौरा) में कार्यरत राजीव कुमार तिवारी को शिक्षा श्री और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केजुवां (सरायपाली) के प्राचार्य चुमनलाल पुहुप को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान प्रदान किया गया। संभाग स्तर पर हुई स्क्रूटनी: मां सरस्वती की वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में रायपुर संभाग के सहायक संचालक आलोक चांडक ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। संभागीय संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव ने चयन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके लिए शिक्षकों से प्रविष्टियां मंगवाई जाती हैं। इसके बाद संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए संभाग स्तर पर कड़ी स्क्रूटनी (जांच) के बाद ही सबसे श्रेष्ठ व्याख्याता और प्राचार्य का चयन किया जाता है।
गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाओं से स्टूडेंट्स को किया प्रेरित
भास्कर न्यूज | लुधियाना ग्रीन लैंड सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल ने गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस एक वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से मनाया। इस अवसर पर छात्रों को इस दिवस के महत्व से अवगत कराया गया और गुरु अर्जन देव जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके सर्वोच्च बलिदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। स्टूडेंट्स को बताया गया कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य, आस्था, विनम्रता और मानवता के मूल्यों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। साथ ही साहस, धैर्य और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। वीडियो के माध्यम से, छात्रों ने शांति, सार्वभौमिक भाईचारे और निस्वार्थ सेवा को बढ़ावा देने में गुरु जी के अमूल्य योगदान के बारे में जाना। शिक्षकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत सच्चाई और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है और यह लोगों को साहस और विश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है। ग्रीन लैंड स्कूलों की श्रृंखलाओं के चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका जीवन बलिदान, सहनशीलता और आध्यात्मिक शक्ति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आज आदर्श नागरिक बनाने वाली शिक्षा की जरूरत, तभी बेहतर समाज का निर्माण होगा : डॉ. अजय सिंह
स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करते हुए एडिशनल कमिश्नर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि आज ऐसे एजुकेशन सिस्टम की आवश्यकता है जिससे हमें आदर्श नागरिक मिलें, जो देश के विकास में सहयोग दे, न कि बाधा बनें। पुलिसिंग के नजरिए से हम समाज को देखते हैं, तो लगता है कि हमारी आज की शिक्षा प्रणाली वो एजुकेशन इंपोर्ट नहीं कर पा रही है। इसमें आवश्यक बदलावों के लिए एक मुहिम चलाई जानी चाहिए। साथ ही देखना चाहिए कि- पाठ्यक्रम आज की जरूरत के हिसाब से है या नहीं, क्या वह भारत के नागरिकता के मायनों पर खरा उतरा या नहीं? नैतिक मूल्य सिखाए जाने चाहिए कि- आप पढ़ने के बाद समाज के लिए संसाधन बन रहे हैं या खतरा। तभी आदर्श समाज और देश का निर्माण होगा। एडिशनल कमिश्नर गुरुवार को महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित वीजीयू प्रजेंट्स एंड को-पॉवर्ड बाय एमजेआरपी यूनिवर्सिटी दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेरेंट्स से कहा कि जब भी कोई व्यक्ति आपके सामने मदद मांगने आता है, तो उसकी जगह अपने आप को रखकर देखिए। अगर हम में यह समानुभूति आ जाए तो समाज बहुत सुंदर बन सकता है। 3 दिवसीय प्रतिभा सम्मान समारोह के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में सीबीएसई और आरबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि आईपीएस अजय सिंह, आईपीएस राजर्षि राज वर्मा, बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी की वाइस चांसलर डॉ. रश्मि जैन ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स को बेहतरीन कॅरियर के लिए टिप्स भी दिए। इस अवसर पर दैनिक भास्कर के जयपुर यूनिट हेड सुरेंद्र लालवानी भी मौजूद रहे। मार्क्स नहीं, सीखने पर दें ध्यान: डीसीपी साउथ राजर्षि कार्यक्रम में डीसीपी साउथ राजर्षि ने पेरेंट्स से कहा कि 10वीं और 12वीं जीवन में महत्वपूर्ण मील के पत्थर होते हैं। बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार फील्ड चुनने दें, वे स्वत: ही अच्छा परफॉर्म करेंगे। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि व स्टडी के दौरान ज्यादा टेंशन न लें और मार्क्स पर नहीं सीखने पर ध्यान दें। क्योंकि जीवन में आगे यही महत्वपूर्ण है कि आपने क्या सीखा। अपने पर्सनेलिटी डवलपमेंट पर फोकस करें। साथ ही सोशल और इमोशनल कोशंट कैसा है, इस पर ध्यान दें और अपनी क्षमता के अनुसार बेस्ट दें। प्रतिभा सम्मान समारोह का तीसरा दिन आज तीन दिवसीय प्रतिभा सम्मान समारोह के तहत शुक्रवार को भी प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ और आईजी कानून व्यवस्था डॉ. प्रीति चन्द्रा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण : बबलू
भास्कर न्यूज़ | अमृतसर मान्यता प्राप्त एवं एफीलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (रासा), पंजाब के महासचिव सुजीत शर्मा (बबलू) ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से ग्रीष्मकालीन अवकाश का सही उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छुट्टियों को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर बच्चों के बौद्धिक व शैक्षणिक विकास के लिए इस्तेमाल करें। लंबे अवकाश में पढ़ाई से दूरी बनाने पर स्कूल खुलने पर पाठ्यक्रम समझने में कठिनाई आती है। सुजीत शर्मा ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने को कहा, जिससे उनका आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों से खेल-कूद के साथ सामान्य ज्ञान, लेखन व पठन-पाठन की आदतें बनाए रखने को कहा।
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भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मामले पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई जरूरी भी थी, तो सीधे जान लेने की बजाय हाफ एनकाउंटर का विकल्प अपनाया जा सकता था। यह घटना 17 जून 2026 की सुबह भोजपुर के बिलौटी गांव में हुई थी। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि तिवारी ने टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं, उनका आरोप है कि भरत तिवारी ने पहले ही सरेंडर कर दिया था। कई आपत्तिजनक बातें कही थीं - शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी बक्सर दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस युवक का एनकाउंटर हुआ, उसका सोशल मीडिया पर व्यवहार ठीक नहीं था और उसने कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। लेकिन केवल सोशल मीडिया व्यवहार के आधार पर इतनी बड़ी कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस को पहले उसके आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी जुटानी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी भी थी, तो सीधे जान लेने वाली कार्रवाई की जगह दूसरे विकल्प अपनाए जा सकते थे। हाफ एनकाउंटर किया जा सकता था - मिथलेश तिवारी मिथलेश तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा, अगर एनकाउंटर जरूरी भी था, तो हाफ एनकाउंटर किया जा सकता था। इसका अर्थ है कि आरोपी को जिंदा पकड़कर कानून के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। उधर भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक तरफ लोग पुलिस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे सवालों के घेरे में रखकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ टोंक ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। जिसमें 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी अधिसूचना तथा सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान किए जाने की मांग की है। कहा- शिक्षा वर्ग पीड़ित ज्ञापन में लिखा है कि देशभर के लाखों शिक्षकों में वर्तमान समय में गहरी चिंता, पीड़ा की भावना व्याप्त है। इसका कारण 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा सबंधी अधिसूचना तथा उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों है, जिनके कारण वर्ष 2010 में नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। महासंघ ने कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा को न्यूनतम योग्यता के रूप में अधिसूचित किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंड एवं चयन प्रक्रियाओं के अनुमार विधिवत रूप से की जा चुकी थीं। इन शिक्षकों ने वर्षों से राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं चरित्र निर्माण के क्षेत्र में योगदान दिया है। पदोन्नति को लेकर मांगें महासंघ ने भारत सरकार से मांग कि है कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संबंध में विशेष प्रावधान करते हुए उनके सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा के लिए आवश्यक विधायी, नीतिगत अथवा प्रशासनिक कदम शीघ्र उठाए जाएं। साथ ही 23 अगस्त 2010 में पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता में स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए।आवश्यकता होने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर दौरे के दौरान शहर में जल संरक्षण, शिक्षा, आईटी विकास और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने खंडवा रोड स्थित लिंबोदी तालाब पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया, बड़ा गणपति स्थित शासकीय शारदा कन्या स्कूल में छात्राओं से संवाद कर खगोलीय प्रयोगशाला देखी, निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण कर प्रदेश को आईटी हब बनाने का रोडमैप साझा किया, वीरगढ़ी हनुमान मंदिर की प्राचीन बावड़ी के संरक्षण के निर्देश दिए और किला मैदान पहुंचकर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। लिंबोदी तालाब पर श्रमदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा रोड स्थित करीब 100 साल पुराने लिंबोदी तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि “जल है तो कल है, जल ही जीवन का आधार है।” उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता दोनों जरूरी हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेशभर में अब तक 2 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर में 10 से अधिक बड़े तालाबों और 250 से ज्यादा कुओं-बावड़ियों के संरक्षण का काम किया गया है। उन्होंने तालाबों और उनसे जुड़े जलमार्गों पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने श्रमदान भी किया और लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अमृत 2.0 योजना के तहत तालाबों में स्टोन बोल्डर पिचिंग, टो-वॉल, रैलिंग, इको-फ्रेंडली पाथवे और स्टोन बेंच जैसे विकास कार्य किए जा रहे हैं। स्कूल चले हम अभियान में छात्राओं से मिले मुख्यमंत्री बड़ा गणपति स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंचे। यहां उन्होंने ‘स्कूल चले हम’ अभियान के तहत छात्राओं से मुलाकात की और स्कूल में स्थापित अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। ‘स्पार्क एस्ट्रोनॉमी लैब’ में छात्राओं ने मुख्यमंत्री को टेलिस्कोप, ग्रह-नक्षत्र ट्रैकिंग सिस्टम, रॉकेट मॉडल, सैटेलाइट मॉडल, सौर मंडल, चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण से जुड़े मॉडल्स की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना की और कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत इस तरह की आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने स्मार्ट क्लास में जाकर छात्राओं से उनके भविष्य के सपनों और लक्ष्यों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। आईटी पार्क-3 का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का संकल्प है और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) इसका ग्रोथ इंजन बनेगा। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4, उज्जैन आईटी पार्क और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। 557 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह 22 मंजिला ग्रीन बिल्डिंग आईटी पार्क मध्य भारत का सबसे बड़ा आईटी पार्क बनने जा रहा है। वीरगढ़ी हनुमान मंदिर की बावड़ी का निरीक्षण मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर पहुंचकर वहां स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का मूल स्वरूप सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से उसका जीर्णोद्धार किया जाए। साथ ही सुरक्षा के लिए रैलिंग, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और आसपास सौंदर्यीकरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्राचीन जल संरचनाएं हमारी समृद्ध परंपरा और जल प्रबंधन की पहचान हैं। रानी लक्ष्मीबाई को दी श्रद्धांजलि इंदौर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री किला मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का साहस, शौर्य और राष्ट्रप्रेम देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की विरासत को सहेजने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। सीएम के इन कार्यक्रमों में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, मालिनी गौड़, मनोज पटेल, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
हरदोई में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हरदोई द्वारा निकाले गए जुलूस के बाद प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। शिक्षकों ने 2011 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान करने की मांग की। उनका कहना था कि वर्तमान में देश भर के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। जिला संयोजक शचींद्र मिश्र सचिन ने बताया कि कोई भी नियम, अधिसूचना या नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक चेतना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षकों ने तर्क दिया कि लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों को प्रभावित करेगा। उन्होंने एकजुट होकर संसद और केंद्र सरकार से आवश्यक विधायी या नीतिगत हस्तक्षेप कर इस वर्ग को उचित संरक्षण प्रदान करने की मांग की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और टेट से मुक्ति दिए जाने की अपील की। इस अवसर पर संजय शुक्ला, मुकेश मिश्रा, अमित शुक्ल, अखिलेश सिंह, अनिल दीक्षित, श्यामजी गुप्ता, अवनीश तिवारी, राम किंकर बाजपेयी, अजीत शुक्ल, नन्हे लाल राठौर, अवधेश सिंह, सौरभ सिंह, नीरज जायसवाल, विजय सिंह, आशुतोष द्विवेदी, संजय विक्रम सिंह, आशुतोष मिश्रा, खुशबु श्रीवास्तव, विभा अवस्थी, अनीता मिश्रा, इंदु, ममता, पुष्पांजलि, अमर ज्योति, सुधा हलवाई, सोमेंद्र, तपन अवस्थी, निधि चौरसिया, अमित शर्मा, शिवम शर्मा, संदीप सिंह, हर्षेंद्र, सत्येंद्र श्रीवास्तव, रामरक्ष पाल, विकास सिंह, गौरव गुप्ता, राजेश कुमार, रमेश कुमार, सुधाकर, सुनील अवस्थी सहित सभी ब्लॉक के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष समेत सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता गुरुवार को नूंह पहुंचीं। उनके आगमन पर संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। डॉ. गुप्ता ने समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और संगठन के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। अर्चना गुप्ता का नूंह आना बेहद महत्वपूर्ण : सुरेंद्र सिंह इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू ने कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता का नूंह आगमन संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और समाजहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। पिंटू ने यह भी कहा कि कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। आयोजकों ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इस प्रेस वार्ता में संगठन की आगामी रणनीति, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला शाखा अजमेर के तत्वावधान में गुरुवार को जिलेभर के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने परिसर का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ‘पुराने शिक्षकों को TET से मुक्ति दो’, ‘शिक्षकों पर अन्याय बंद करो’ और ‘शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के बारे में बताया। शिक्षकों ने केंद्र सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर पुराने शिक्षकों के हितों की रक्षा करने की मांग की। संसद में कानून बनाकर फैसला रद्द करने की मांग प्रदर्शन के दौरान महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा ने बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर पुराने शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हैं और सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही सेवा में आए हैं। ऐसे शिक्षकों को दोबारा TET परीक्षा की अनिवार्यता के दायरे में लाना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि संसद में विशेष कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को रदद् किया जाए और 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण दिया जाए। साथ ही शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखते हुए उन्हें सभी गैर-शैक्षणिक दायित्वों से मुक्त करने की भी मांग की। ज्ञापन में उठाई ये प्रमुख मांगें आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा के साथ जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नरूका, जिला मंत्री गुमान सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज करते हुए प्रदेशव्यापी स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
चुनौतियां से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा
भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भील समाज विकास समिति, भील समाज कर्मचारी अधिकारी संघ और भील समाज शैक्षणिक शोध व विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय भील समुदाय नवचयनित कर्मचारी-अधिकारी व प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों की ओर से महापुरुषों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद सभी आगंतुक मेहमानों का साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। संस्थान के जिलाध्यक्ष डॉ. खगेंद्र कुमार भील ने स्वागत भाषण दिया। बाड़मेर. कार्यक्रम में प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए। समारोह को संबोधित करते हुए दानदाता आजाद सिंह राठौड़ ने भील समुदाय की गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का सर्वश्रेष्ठ हथियार शिक्षा ही है। इस दौरान उन्होंने युवाओं के अध्ययन की सुविधा के लिए अपने निजी सहयोग से निर्मित 1.51 लाख रुपए की लाइब्रेरी समाज को समर्पित की। मुख्य अतिथि अयोध्या प्रसाद गौड़ ने शिक्षा के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन व पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर राजस्थानी में अपनी बात रखी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नखताराम भील ने विचार व्यक्त किए। समारोह में विशिष्ट अतिथि दिलीप कुमार सिंह ने बालिका शिक्षा और महापुरुषों के सपनों को साकार करने पर जोर दिया। प्रो. रमेश कुमार भील ने छात्रों को ऊंचे सपने देखने और उन्हें हासिल करने की राह सुझाई। पुलिस निरीक्षक किरण कुमार सोमाणी ने नवचयनित कार्मिकों से ईमानदारी से कर्तव्य निर्वहन करने व जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। प्रधानाचार्य नरेश कुमार भील ने नौकरीपेशा वर्ग को नैतिक उत्तरदायित्व और इंसानियत बनाए रखने तथा बिजली विभाग के पूनाराम ने परिवार में आपसी प्रेम की बात की। होनहार छात्रों के उच्च अध्ययन के लिए दानदाता वीरमाराम भील मायाणी ने 51 हजार रुपए व एएसआई मूलाराम सोमाणी ने पुस्तकालय में किताबों के लिए 11 हजार रुपए का नकद सहयोग दिया। समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों में नवचयनित 45 कर्मचारी-अधिकारियों, 12वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक लाने वाले 35 छात्र-छात्राओं और 10वीं बोर्ड में 80% से अधिक अंक अर्जित करने वाले 16 होनहारों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन फरसाराम व अमराराम ने किया। अध्यक्ष अर्जुन भवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0: शिक्षा व समाज के निर्माण पर मंथन
जयपुर | शहर में दो दिवसीय गुर्जर अकादमीकियन मीट 2.0 का आयोजन हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 125 प्रोफेसर, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और समाज चिंतकों ने भाग लिया। सम्मेलन का विषय ‘गुर्जर एथनिसिटी, पहचान, इतिहास, संस्कृति और भविष्य : बदलते भारत में सामुदायिक चेतना, सामाजिक न्याय, नेतृत्व और नई संभावनाएं’ रखा गया। वक्ताओं ने शिक्षा, शोध, सामाजिक उत्तरदायित्व और समावेशी विकास जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने शिक्षित वर्ग से अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से समाज को योगदान देने का आह्वान किया। पहले दिन तीन तकनीकी सत्र हुए। चयनित सहायक प्रोफेसरों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह सरधना, प्रो. पी.एस. वर्मा, प्रो. आर.के. गुर्जर, प्रो. एन.के. भड़ाना सहित कई शिक्षाविदों ने विचार व्यक्त किए। संचालन एवं संयोजन डॉ. बचन सिंह, डॉ. जगराम और महेश कुमार गुर्जर ने किया। सत्र में डॉ. प्रोमिला गुर्जर ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. देवराज भूमला के जीवन संघर्ष, वैज्ञानिक योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से की जा रही कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में अभी पदों को लेकर विवाद नहीं सुलझा है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 जून है, जो नजदीक आती जा रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की चिंता है कि पद नहीं बढ़ाए गए तो उनके सपनों का क्या होगा। इस भर्ती में बैकलॉग के पद अधिक होने के कारण सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी और एमबीसी के नए अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल रहा है। अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि नए अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती में मौका मिल सके। अभ्यर्थी अब अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि शिक्षा विभाग को इस भर्ती में पदों की समय रहते बढ़ोतरी करनी चाहिए। यह भर्ती 3951 पदों के लिए हो रही है। इसमें सामान्य शिक्षा के बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 3415 पद शामिल हैं। इन पदों में नॉन टीएसपी के 2736 पद है। इन पदों में अधिकतर पद पिछली भर्ती के एससी बैकलॉग, एसटी बैकलॉग और एक्स सर्विसमैन बैकलॉग के हैं। ऐसे में नए अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थियों ने अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग रखी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बुधवार को अभियान चलाया। उधर, चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक और वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती की ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 जून है। वर्तमान में जो नियम है उसके अनुसार किसी भर्ती में जो भी पद हैं वो 100% बढ़ सकते है। यानि दुगने हो सकते हैं। पद बढ़ने पर विभाग वर्गीकरण में भी करेक्शन कर सकता है, लेकिन यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए पदों की चिंता किए बिना आवेदन करना चाहिए और परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। 100 प्रतिशत अंक लाने पर भी चयन की संभावना नहीं राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि इस भर्ती में अगर पर्याप्त संख्या में एक्स सर्विसमैन आ गए तो ओबीसी, एमबीसी, सामान्य और ईडब्ल्यूएस के नए अभ्यर्थी 100 प्रतिशत अंक भी ले आएंगे तो चयन होने की संभावना नहीं है। क्योंकि नए अभ्यर्थियों के लिए पोस्ट ही नहीं है। शिक्षा विभाग को पदों की बढ़ोतरी कर अभ्यर्थियों को राहत देनी चाहिए।
सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) ने नीट पेपरलीक के विरोध में बुधवार को आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च डाक बंगला परिसर से शुरू होकर नवलगढ़ पुलिया होते हुए सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। आक्रोश मार्च के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा- जब से NTA का गठन हुआ है, तब से लेकर आज तक वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, बल्कि नेशनल टॉर्चर एजेंसी है। उन्होंने कहा- 10 साल में NTA के 89 पेपरलीक हुए हैं। 46 बार दोबारा एग्जाम हुई। उन्होंने कहा- SFI अब 19 जून को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेगी। वहीं जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक स्टूडेंट्स वहीं बैठे रहेंगे। जाखड़ ने कहा- नीट का पेपर रद्द होने के बाद सीकर में प्रदीप मेघवाल और उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। इन दोनों की मौत का जिम्मेदार देश की सरकार है, लेकिन शिक्षा मंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में बुधवार को प्रवक्ता संवर्ग (विज्ञापन संख्या 02/2022) के इंटरव्यू के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। रसायन विज्ञान विषय की एक महिला अभ्यर्थी ने दावा किया कि वह लिखित परीक्षा पास कर चुकी है लेकिन उसका इंटरव्यू लेटर डाउनलोड नहीं हो रहा। आयोग के अधिकारियों ने कार्यालयी अभिलेखों की जांच की तो खुलासा हुआ कि महिला ने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ करके किसी अन्य सफल अभ्यर्थी का रोल नंबर अंकित किया था। असल में वह लिखित परीक्षा में पास नहीं थी।आयोग ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप पर सख्ती दिखाते हुए उसी स्थान पर गिरफ्तार अभ्यर्थी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई । उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। उपसचिव ने जारी विज्ञप्ति में सभी अभ्यर्थियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज का प्रयोग न करें और किसी भी अवैध माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास न करें। आयोग ने कहा कि परीक्षाओं और साक्षात्कारों में पारदर्शिता, निष्पक्षता व शुचिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि पर 'उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता संवर्ग के इंटरव्यू 15 जून से चल रहे हैं और 27 जून तक दो पालियों में आयोजित किए जा रहे हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील की है और परीक्षा प्रक्रिया में मिली किसी भी अनियमितता की सूचना देने को कहा है।
लखीसराय जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कर्मचारी और शिक्षक के बीच हुई हाथापाई की घटना का बुधवार को सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। सभी शिक्षक संगठनों के संयुक्त प्रयास से दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा पत्र तैयार कराया गया और आपसी सहमति के बाद दोनों ने उस पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के बाद शिक्षा कार्यालय में चल रहा तनाव खत्म हुआ और अधिकारियों व शिक्षकों ने इसे सकारात्मक कदम बताया। 8 जून को विवाद के बाद हुई थी हाथापाई जानकारी के अनुसार, बीते 8 जून को जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा में कार्यरत कर्मचारी अमित रंजन और कैलाश कुमार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना के बाद शिक्षक समाज और कार्यालय कर्मियों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। लोगों का कहना था कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह की घटना से गलत संदेश जाता है। शिक्षक संगठनों ने पहल कर कराया समझौता मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने पहल की। जिला शिक्षा कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया और सुलहनामा पत्र पर हस्ताक्षर किए। बैठक में यह संदेश दिया गया कि विद्यालय और कार्यालय का शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी मतभेद को बातचीत और समझदारी से सुलझाना ही बेहतर रास्ता है। शिक्षक संगठनों ने कहा- मर्यादित आचरण जरूरी सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। संगठनों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटना दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन हमेशा आपसी सम्मान, अनुशासन और मर्यादित आचरण के पक्षधर रहे हैं। कार्यालय में बेहतर माहौल के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद सुलह प्रक्रिया के दौरान जिला अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ लखीसराय के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार, अराजपत्रित शिक्षक संघ मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय सचिव रामटहल पासवान, प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट लखीसराय के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ लखीसराय के जिला सचिव रामलोचन सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे। इसके अलावा प्रधान लिपिक संदीप पासवान, बीआरपीएसएस के जिलाध्यक्ष निराला कुमार, प्रधान शिक्षक संगठन लखीसराय के सुमन कुमार और प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के उपाध्यक्ष गीता पासवान भी बैठक में शामिल हुए। सभी शिक्षक नेताओं के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में सभी ने शिक्षा कार्यालय की गरिमा बनाए रखने और आपसी सहयोग से काम करने पर सहमति जताई।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बुधवार को पानीपत के सेक्टर 13-17 स्थित भाजपा कार्यालय श्याम कमल में एक जनता दरबार लगाया। इस जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मंत्री ढांडा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जनता दरबार के समापन के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए शिक्षा मंत्री ने पानीपत के लिए एक बड़ी घोषणा की और विभिन्न राजनीतिक व समसामयिक मुद्दों पर खुलकर बात की। पानीपत को जल्द मिलेगा गर्ल्स कॉलेज मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि पानीपत शहरी सीट से भाजपा विधायक प्रमोद विज उनके पास शहर में एक गर्ल्स कॉलेज (महिला महाविद्यालय) बनाने की मांग लेकर पहुंचे थे। विधायक विज ने तर्क दिया था कि शहर की बेटियों के लिए एक अलग और आधुनिक कॉलेज की बेहद सख्त जरूरत है। प्रमोद विज के इन प्रयासों और जनहित की मांग का संज्ञान लेते हुए मंत्री ढांडा ने प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने घोषणा की, कि सरकार ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और जल्द से जल्द पानीपत में गर्ल्स कॉलेज के निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा। NEET परीक्षा को लेकर सरकार सख्त आगामी 21 जून को होने जा रही नीट (NEET) परीक्षा के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से सभी कड़े इंतजाम पूरे कर लिए हैं। हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है और यदि किसी ने भी परीक्षा में गड़बड़ी करने का दुस्साहस किया, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस और दुष्यंत चौटाला पर साधा निशाना कांग्रेस पर तंज: उन्होंने कांग्रेस को धड़ा पार्टी (गुटों की पार्टी) बताते हुए कहा कि यह उनकी संगठनात्मक कमजोरी है कि यहां के नेता अपने हाईकमान तक की बात नहीं सुनते। कांग्रेसियों को आपस में बैठकर आत्ममंथन करना चाहिए कि उनमें इतनी फूट क्यों है। दुष्यंत चौटाला को नसीहत: पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन पर माफी मांगने के बयान पर ढांडा ने कहा कि दुष्यंत को अपनी कार्यशैली पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। जनता ने भाजपा को नहीं, बल्कि जेजेपी के व्यवहार और काम को नकारा है। अगर जनता भाजपा से नाराज होती, तो प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार कभी नहीं बनती।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) चुन्नीलाल दांगी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वे एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मंच से स्कूल की तारीफ करते हुए अभिभावकों से वहां बच्चों का एडमिशन कराने की अपील कर रहे हैं। खिलचीपुर के छापीहेड़ा नाके पर सोमवार रात एक नए निजी विद्यालय का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बीईओ चुन्नीलाल दांगी, पंडित रोहित नागर और अन्य जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच से संबोधित करते हुए बीईओ ने कहा कि विद्यालय का शुभारंभ हो रहा है, इसलिए क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों को यहां लाकर उनका प्रवेश कराएं और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालवीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना कमजोर हो गया है कि स्वयं विभागीय अधिकारी निजी स्कूलों को बेहतर बता रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की होती है। दैनिक भास्कर के सवालों पर BEO का जवाबइस मामले को लेकर 'दैनिक भास्कर' ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चुन्नीलाल दांगी से सीधी बातचीत की। बातचीत के मुख्य अंश इस प्रकार हैं… विभागीय कार्रवाई का इंतजारबीईओ का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका और आचार संहिता को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले को किस तरह लेते हैं और विभाग की ओर से इस पर क्या स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ में भी खंगाले जा रहे वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज जांच एजेंसी राजधानी लखनऊ के चिनहट में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर पहुंची है। सीबीआई की टीम बैंक खातों, दस्तावेजों और धन के प्रवाह से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की शुरुआती जांच में सामने आया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी करते हुए कई शिक्षकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की थी। मामले के उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
यूपी की बड़ी खबरें:₹7 करोड़ के शिक्षा घोटाले में लखनऊ पहुंची CBI, अयोध्या समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए सात करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में जांच की जा रही है। इसके लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। एक टीम अमेठी में डेरा डाले हुए है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पूरी खबर पढ़िए… चेन्नई से 20 टन माल लेकर नोएडा एयरपोर्ट पहुंची पहली कार्गो फ्लाइट, वाटर कैनन सलामी से स्वागत जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन हुआ। चेन्नई से करीब 20 टन मिश्रित कार्गो लेकर मालवाहक फ्लाइट एयरपोर्ट पहुंची। वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान वापस चेन्नई के लिए रवाना हो गया। अफकॉम होल्डिंग्स द्वारा संचालित बोइंग 737-800F मालवाहक विमान खाद्य पदार्थ, ऑटो कंपोनेंट्स, मोबाइल डिवाइस और अन्य कंसोलिडेटेड शिपमेंट लेकर नोएडा पहुंचा था। इस सफल संचालन ने साबित कर दिया कि एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल पूर्ण रूप से संचालन के लिए तैयार है। पढ़ें पूरी खबर… सोसाइटी की पार्किंग में कार ने मां-बेटी को रौंदा..VIDEO:नोएडा में 10 मीटर तक घसीटा नोएडा में एक कारोबारी ने कार से सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी 5 साल की बेटी को रौंद दिया। टक्कर लगने के बाद कार में फंसकर मां-बेटी करीब 10 मीटर तक घिसटती हुई चली गईं। साथ में चल रहे पति और बड़ी बेटी बाल-बाल बचे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से पति ने बेटी को कार के नीचे से निकाला। महिला कार के नीचे फंसी रही। आरोपी चालक और लोगों ने 4 मिनट के बाद कार उठाकर महिला को निकाला। इसके बाद मां और बेटी को अस्पताल पहुंचाया। पढ़ें पूरी खबर… निधिवन मंदिर का ठेका 13 करोड़ में उठा, बांके बिहारी के स्वर्ण-रजत झूले की होगी मरम्मत, हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में 11 मुद्दों पर चर्चा मथुरा में बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक सोमवार देर शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा और मंदिर संपत्तियों से जुड़े 11 मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सबसे पहले भगवान बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूले, सिंहासन, सीढ़ी सहित अन्य धातु निर्मित धार्मिक सामग्री की मरम्मत कराए जाने पर चर्चा हुई। करीब 200 किलो सोने चांदी से बने झूले के जीर्णोद्वार को लेकर कमेटी ने सहमति जताई। पढ़ें पूरी खबर…. गाजीपुर में पुलिस ने बदमाश के दोनों पैर में गोली मारकर दबोचा, पाक्सो एक्ट के आरोप में चल रहा था फरार गाजीपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह में मुठभेड़ के दौरान पाक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में वांछित के दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। घायल वांछित को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, दो खोखा, बाइक और 750 रुपए नकद बरामद किए है। पूरी खबर पढ़िए मेरठ में सोती रही पुलिस, क्राइम रजिस्टर ले गए SSP: फिल्टर टेस्ट में फेल महिला थाने के 19 कर्मियों का तबादला मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। ट्रैक सूट में पहुंचे एसएसपी को थाने के मुख्य गेट और परिसर में कोई पुलिसकर्मी नहीं मिला, जबकि कार्यालय में एक महिला सिपाही कुर्सी पर सोती मिली। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कार्यालय से क्राइम रजिस्टर भी अपने साथ ले गए, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में जब एसएसपी ने थाना प्रभारी से क्राइम रजिस्टर मांगा तो पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि रजिस्टर एसएसपी ही अपने साथ ले गए थे। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने महिला थाने में तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का तबादला कर कार्रवाई की। पढ़ें पूरी खबर….
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

