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Udham Singh Nagar News: सीएम धामी ने शिक्षा-रोजगार और कौशल विकास पर खुलकर की चर्चा

सीएम धामी ने शिक्षा-रोजगार और कौशल विकास पर खुलकर की चर्चा

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:45 am

Mahendragarh-Narnaul News: रसायन पढ़ाते-पढ़ाते राकेश ने बदली शिक्षा की तस्वीर

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और बेहतर काम के लिए गांव पटीकरा निवासी राकेश कुमार को शिक्षक दिवस पर प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:44 am

Yamuna Nagar News: शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार ने दिलाया राज्य शिक्षक पुरस्कार

राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत जेबीटी शिक्षक पवन कुमार कश्यप को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है।

अमर उजाला 28 Aug 2026 1:37 am

सूडान: 2 लाख बच्चों की शिक्षा के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की पहल

संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शिक्षा कोषने सोमवार को सूडान में युद्ध से प्रभावित2लाख बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए2.2 करोड़ डॉलर की नई पहलकी घोषणा की. देश में जारी गृहयुद्ध के कारण लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित है और बड़ी संख्या में बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.

खास खबर 28 Aug 2026 12:00 am

बीपीएससी टीआरई-4: शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर संगीत शिक्षक पद के उम्मीदवारों ने किया विरोध प्रदर्शन

Patna, 27 अगस्त . बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (बीपीएससी टीआरई- 4) में वैकेंसी बढ़ाने की मांग कर रहे संगीत शिक्षक पद के उम्मीदवारों ने Thursday को Patna में राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान उम्मीदवारों ने और ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 9:43 pm

एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने ली शपथ:शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति का सभापति पद संभाला

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति के सभापति बनाए गए एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह ने गुरुवार को पदभार संभाल लिया। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। शपथ के बाद ऋषिपाल सिंह ने सभापति से शिष्टाचार भेंट की और समिति के आगामी कामकाज को लेकर चर्चा की। बोले- पारदर्शिता के साथ होगी जांच ऋषिपाल सिंह ने कहा कि समिति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से निर्वहन करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा समिति की प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को समिति की आगामी बैठकों और कार्ययोजना को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही शिक्षा के व्यवसायीकरण से जुड़े मामलों की जांच और समिति की आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। शिकायतों की समीक्षा कर देगी सुझाव समिति शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायीकरण से जुड़ी शिकायतों, व्यवस्थाओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार सरकार को सुझाव और संस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी। ऋषिपाल सिंह ने समिति के सदस्यों के साथ आगामी बैठकों के एजेंडे और कार्यप्रणाली पर भी विचार-विमर्श किया। ये हैं समिति के सदस्य समिति में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, विजय बहादुर पाठक, डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, सलिल विश्नोई, राम चंद्र प्रधान, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, रामतीर्थ सिंघल और डॉ. आकाश अग्रवाल सदस्य हैं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 9:28 pm

बेगूसराय से शुरू होगा स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ अभियान, AISF ने सरकार पर साधा निशाना

27 अगस्त, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में AISF के अंचल सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने स्कूल बचाओ-शिक्षा बचाओ-देश बचाओ अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर सवाल उठाए। सम्मेलन के दौरान सीएम सम्राट चौधरी का पुतला भी जलाया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 8:26 pm

साढ़े चार करोड़ का घोटाला बड़ा नहीं है, शिक्षा मंत्री के इस बयान पर मचा भारी सियासी घमासान

छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव से जुड़े लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का यह बयान सामने आया कि चार-पांच करोड़ का घोटाला कोई बड़ा घोटाला नहीं है, जिससे जांच की निष्पक्षता और गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

दैनिक जागरण 27 Aug 2026 6:23 pm

बीएमसी स्कूलों में कॉपी-किताबों के वितरण में देरी, शिक्षा समिति में हंगामा; शिवसेना का वॉकआउट

मुंबई के बीएमसी स्कूलों में 31 जुलाई की समय सीमा के बाद भी हजारों बच्चों को कॉपियां, बैग, छाते और रेनकोट नहीं मिले। शिक्षा समिति में हंगामा हुआ और शिवसेना नगरसेवकों ने वॉकआउट किया।

प्रातःकाल 27 Aug 2026 6:10 pm

How JEE Mains Previous Year Papers Help You Score 99+ Percentile?

All toppers stress the importance of solving previous years’ question papers to understand the pattern of questions and not just mug up.

खास खबर 27 Aug 2026 6:08 pm

गोवंडी के बीएमसी स्कूल में जबरन बांधे गए बकरे, शिक्षा समिति में हंगामा

मुंबई के गोवंडी स्थित संजय नगर बीएमसी स्कूल में जबरन बकरे बांधने का मामला शिक्षा समिति की बैठक में उठा। निखिल व्यास समेत सदस्यों ने जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद बीएमसी प्रशासन को निर्देश दिए गए।

प्रातःकाल 27 Aug 2026 5:58 pm

थारू छात्राओं ने बांधी राखी, मिला शिक्षा का उपहार:बलरामपुर फर्स्ट ने नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र की बेटियों को दीं पुस्तकें

बलरामपुर। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति की प्रतियोगी छात्राओं के लिए रक्षाबंधन का पर्व इस बार प्रेरणादायी अवसर बन गया। बिशुनपुर विश्राम क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं इन छात्राओं ने गुरुवार दोपहर बलरामपुर फर्स्ट टीम के सदस्यों को राखी बांधी। इसके जवाब में संगठन ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें भेंट कीं, जो शिक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के कोर्स कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह, शिक्षक रवि मिश्रा, शिक्षक राहुल कुमार और आदिति त्रिपाठी को छात्राओं ने राखी बांधी। राखी बांधते समय छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उम्मीद साफ झलक रही थी। पुस्तकें मिलने के बाद उनकी खुशी एक नए संकल्प में बदल गई, जिसमें उन्होंने मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने की बात कही। हेमा, अनीशा, चांदनी, रंजना, नीलू, कल्पना और संजना सहित अन्य छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद ये छात्राएं अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में बलरामपुर फर्स्ट द्वारा दी गईं ये पुस्तकें उनके लिए केवल उपहार नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा पर जताया गया भरोसा और उनके सपनों को मिला एक मजबूत सहारा हैं। संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, पर्याप्त संसाधन और उचित अवसरों की होती है। थारू समाज की बेटियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बलरामपुर फर्स्ट के संयोजक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य है कि थारू समाज की बेटियां शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करें, आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। सिंह ने जोर देकर कहा कि एक बेटी की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य को ही नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। इसलिए, प्रतिभाशाली थारू छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सक्षम लोगों और विभिन्न संगठनों को आगे आना चाहिए।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:32 pm

कबिरुद्दीनपुर स्कूल में रक्षाबंधन पर बच्चों ने बीएसए को बांधी-राखी:छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति सजग रहने और अनुशासन का पालन कर आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित

जौनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय कबिरुद्दीनपुर में गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर करीब 1 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर के विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने बीएसए की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत बीएसए समीर ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के प्रति सजग रहने, अनुशासन का पालन करने और मेहनत के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। देखिए 3 तस्वीरें… बीएसए ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके प्रेरणादायी संबोधन से बच्चों में उत्साह नजर आया। विद्यालय परिवार ने बीएसए के आगमन को प्रेरणादायी क्षण बताया। इस दौरान विंध्यवासिनी उपाध्याय, पूर्व ईआरपी महेंद्र यादव और प्रधानाध्यापक अचल हरिमूर्ति समेत विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और बच्चों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:14 pm

डिंडौरी के बजाग आकांक्षी ब्लॉक की समीक्षा बैठक:सीईओ ने 38 संकेतकों पर की चर्चा, शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर

डिंडौरी में गुरुवार को आकांक्षी विकासखंड बजाग में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने जनपद पंचायत सभाकक्ष में यह बैठक ली। सीईओ ने स्पष्ट किया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी योजना में लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों से जुड़े 38 प्रमुख संकेतकों की समीक्षा हुई। बेहतर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों और सुधार की आवश्यकता वाले संकेतकों पर चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। सीईओ ने स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित निगरानी, कम वजन वाले बच्चों की संख्या घटाने और टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं (रेमेडियल क्लास) संचालित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान 'हर घर नल-जल योजना', स्व-सहायता समूहों के विस्तार, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मलेरिया नियंत्रण और एफएमडी टीकाकरण की प्रगति भी जांची गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:03 pm

नौकरी या शिक्षा... Gen-Z के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या है? पढ़ें- देश का मिजाज

इंडिया टुडे के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे में जेन-जी के रुख और देश के बदलते मूड को समझने की कोशिश की गई है. जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सर्वे है. इसमें NEET संकट से 2029 के चुनाव तक के मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं. साथ ही यह जानने की कोशिश की गई कि एक इस्तीफे से जेन-जी संतुष्ट है या यह सिर्फ शुरुआत है.

आज तक 27 Aug 2026 5:02 pm

10वीं-12वीं में सीधे प्रवेश-विद्यालय परिवर्तन के दस्तावेज करें अपलोड:शिक्षा बोर्ड की हिदायत, विद्यालय एक माह में बोर्ड वेबसाइट पर 31 से करे अपडेट

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने जारी प्रेस वक्तव्य में बताया कि प्रदेश के सभी संबंधित विद्यालय शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं एवं 12वीं में सीधा प्रवेश लेने वाले अथवा विद्यालय परिवर्तन किए जाने वाले विद्यार्थियों के अनिवार्य दस्तावेज विद्यालय में प्रवेश दिए जाने की अंतिम तिथि से एक माह तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विद्यालय मुखिया 31 अगस्त से बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर कक्षा 10वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा 9वीं का रिपोर्ट कार्ड व 10वीं कक्षा की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। दस्तावेज अपलोड करने होंगेउन्होंने बताया कि इसी प्रकार कक्षा 12वीं में दाखिला लेने के लिए कक्षा दसवीं का प्रमाण पत्र, कक्षा 11वीं का रिपोर्ट कार्ड व 12वीं की अनुत्तीर्ण अंकतालिका, एसएलसी/टीसी की प्रमाणित प्रति एवं अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सक्षम अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित एसएलसी/टीसी अपलोड करें। इसके अतिरिक्त विद्यालय ऐसे सभी विद्यार्थियों के माता-पिता से नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र भी प्राप्त कर अपलोड करें। शपथ-पत्र का नमूना बोर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध है।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:47 pm

पेपर लीक पर हो कड़ी कार्रवाई, शिक्षा माफियाओं पर कसें शिकंजा : देवेंद्र नाथ महतो

गिरिडीह, 27 अगस्त . Jharkhand में भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से 24 संकल्प के साथ 24 जिलों के लिए निकाली जा रही ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गिरिडीह पहुंच गई है. इस यात्रा का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं. यात्रा का उद्देश्य जेपीएससी ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 4:38 pm

दो बार सड़क जाम के बाद पेंड्रावन पहुंचे शिक्षा मंत्री:छात्रों से की मुलाकात, सेल्फी लेकर बनाया वीडियो; स्टूडेंट्स बोले-पानी की समस्या भी दूर कराइए

शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार सड़क पर उतरकर धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग जाम करने वाले पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्रों से मिलने गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पहुंचे। प्रदर्शन खत्म होने के दो दिन बाद स्कूल पहुंचे मंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। मंत्री ने बताया कि छात्रों की मांग को देखते हुए उसी दिन जरूरी व्यवस्था करने के आदेश दे दिए गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। छात्रों ने वीडियो में मंत्री को धन्यवाद दिया। मंत्री ने छात्रों से कहा, आपने फोन पर बात करने की बात कही थी, लेकिन हम खुद आपसे मिलने आए हैं। उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। स्कूल में पहुंचे तीन नए शिक्षकों से भी मंत्री ने बात की और बेहतर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि एक और शिक्षक जल्द ही स्कूल में पदस्थ होगा। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्कूल की व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बोले- बच्चों की मांग पर उसी दिन निकाला आदेश पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब उन्हें छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिली, उसी समय विभागीय बैठक में निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पर तीन शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की गई और प्राचार्य का दूसरी जगह तबादला कर दिया गया। अंडा गांव से नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है। 400 बच्चों के लिए मांगे थे 17 शिक्षक, आंदोलन के बाद 3 पहुंचे पेंड्रावन स्कूल में करीब 400 से 500 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छात्रों का कहना था कि 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और उन्हें कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स विषयों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी मांग को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त और फिर 25 अगस्त को धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। 25 अगस्त का प्रदर्शन करीब 12 घंटे चला और रात 12 बजे छात्रों ने शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत और आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया था। इसके बाद विभाग ने प्राचार्य को हटाने, तीन नए शिक्षकों की व्यवस्था करने और एक अन्य शिक्षक की जल्द पदस्थापना का निर्णय लिया। गुरुवार को शिक्षा मंत्री खुद स्कूल पहुंचे और नई व्यवस्था का जायजा लिया। पानी की समस्या बताई तो दो दिन में व्यवस्था के निर्देश स्कूल में बातचीत के दौरान एक छात्रा ने मंत्री को शिक्षकों की समस्या के अलावा पानी की परेशानी भी बताई। छात्रा ने स्कूल में पर्याप्त पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं होने की बात कही। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दो दिनों के भीतर स्कूल में पानी और वाटर कूलर की व्यवस्था करने की बात कही। स्कूल पहुंचने के बाद मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल रहे छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली। इसके बाद बच्चों के साथ एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें छात्रों ने शिक्षा मंत्री को उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। गांव के बच्चों को ई-पोर्टल से JEE-NEET की तैयारी कराने की योजना मंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई नियमित कराने पर विभाग का फोकस है। उन्होंने बताया कि दुर्ग में JEE और NEET की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है। गांवों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ देने के लिए ई-पोर्टल के जरिए बड़े कोचिंग संस्थानों और उनके फैकल्टी की मदद से विशेष कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विषयवार विशेषज्ञों की मदद से पढ़ाई बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए गुरुवार शाम 5 बजे दुर्ग जिले के हायर सेकेंडरी स्कूलों को लेकर संयुक्त संचालकों की बैठक भी रखी गई थी। ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दुर्ग में स्कूली बच्चों का चक्काजाम, प्रिंसिपल हटाए गए:बोले- 400 स्टूडेंट्स को पढ़ाने सिर्फ 4 टीचर; 3 शिक्षकों की व्यवस्था की गई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल में 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ 3 टीचर और 1 प्रिंसिपल हैं। बच्चों का कहना है कि टीचरों की कमी के कारण उनका कोर्स पूरा नहीं हो पाता। कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:34 pm

job news 2026: केनरा बैंक में निकली हैं कई पदों के लिए वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन

इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी की तलाश हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां केनरा बैंक सिक्योरिटीज लिमिटेड ने मुंबई और बेंगलुरु में 10 पदों पर भर्ती निकाली है। ये भर्तियां डीपी बैक ऑफिस, रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस, इंस्टीट्यूशनल डीलर और रिसर्च विभाग में की जाएंगी। भर्ती संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर होगी। इच्छुक उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते है। कुल पद-10 योग्यता- पदों के अनुसार पदों का नाम-डीपी बैक ऑफिस, रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस, इंस्टीट्यूशनल डीलर आवेदन- ऑनलाइन आयु सीमा- उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट www.canmoney.in देख सकते हैं pc- economictimes.indiatimes.com

राजस्थान खबरे 27 Aug 2026 2:37 pm

India Post GDS recruitment 2026: 25,000 से ज़्यादा पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी, चेक करें डिटेल्स

pc: kalingatv डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स, मिनिस्ट्री ऑफ़ कम्युनिकेशंस ने इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक (GDS) ऑनलाइन एंगेजमेंट शेड्यूल-II, जुलाई 2026 के लिए ऑफिशियल रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। एडवर्टाइजमेंट नंबर 17-12/2026-GDS के तहत जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से पोस्टल सर्कल में ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक पोस्ट के लिए 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। जियोग्राफिक रेफरेंस वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 31 अगस्त, 2026 को शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन एप्लीकेशन और फीस पेमेंट विंडो 2 सितंबर को शाम 5 बजे खुलेगी। कैंडिडेट 21 सितंबर, 2026 को शाम 5 बजे तक एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से BPM, ABPM और डाक सेवक रोल सहित GDS पोस्ट पर 25,000 से ज़्यादा वैकेंसी भरी जाएंगी। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को मैथ और इंग्लिश के साथ क्लास 10 पास होना चाहिए और उन्हें संबंधित लोकल भाषा का ज्ञान होना चाहिए। बेसिक कंप्यूटर नॉलेज और साइकिलिंग स्किल्स भी ज़रूरी हैं। उम्र सीमा 18 से 40 साल है, जिसकी कैलकुलेशन 21 सितंबर, 2026 के हिसाब से की जाएगी। तय नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेशन फीस और सर्विस की शर्तें UR, OBC और EWS कैटेगरी के पुरुष कैंडिडेट को Rs. 100 एप्लीकेशन फीस देनी होगी। SC, ST, PwBD, महिला और ट्रांसवुमन कैंडिडेट को फीस में छूट है। BPM को Rs. 12,000 से Rs. 29,380 का टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) मिलेगा, जबकि ABPM और डाक सेवकों को Rs. 10,000 से Rs. 24,470 मिलेंगे। काम करने की ज़रूरत रोज़ाना कम से कम चार घंटे और ज़्यादा से ज़्यादा पाँच घंटे है। चुने गए BPM को अपने खर्चे पर ब्रांच पोस्ट ऑफिस के लिए रहने की जगह का इंतज़ाम करना होगा और पोस्ट विलेज में रहना होगा। ABPM और डाक सेवकों को संबंधित पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी जूरिस्डिक्शन में रहना होगा। इंडिया पोस्ट GDS सिलेक्शन प्रोसेस सिलेक्शन सिस्टम से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा, जो क्लास 10 के मार्क्स का इस्तेमाल करके चार डेसिमल प्लेस तक कैलकुलेट की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स का फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा, उसके बाद मेडिकल एग्जामिनेशन और प्री-एंगेजमेंट फॉर्मैलिटीज़ होंगी। इंडिया पोस्ट GDS रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट्स को ऑफिशियल इंडिया पोस्ट GDS ऑनलाइन एंगेजमेंट पोर्टल पर जाना चाहिए, अपने मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके OTR पूरा करना चाहिए, क्लास 10 की डिटेल्स डालनी चाहिए, पोस्टल डिवीजन और पोस्ट प्रेफरेंस चुननी चाहिए, ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने चाहिए, लागू फीस देनी चाहिए और डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन जमा करनी चाहिए।

राजस्थान खबरे 27 Aug 2026 2:28 pm

बेसिक विद्यालय पहाड़पुर में राखी-मेहंदी प्रतियोगिता:खंड शिक्षा अधिकारी के प्रोत्साहन से बच्चों ने उत्साहपूर्वक दिखाई अपनी कलात्मक प्रतिभा

बेसिक विद्यालय पहाड़पुर महमूदाबाद में राखी पर्व के अवसर पर राखी मेकिंग प्रतियोगिता एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी उदय मणि पटेल के प्रोत्साहन तथा प्रभारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीति रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए सुंदर-सुंदर राखियां बनाईं तथा मेहंदी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पर्व के महत्व के बारे में बताया। अमित दीक्षित, प्रियंका चौधरी, पूनम बंशवार एवं सायमा जोहरा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, आपसी प्रेम, भाईचारे एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का भाव विकसित हुआ। कार्यक्रम का वातावरण उल्लास और उमंग से भर गया तथा बच्चों ने राखी पर्व को यादगार बनाया।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:38 pm

जालंधर के सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास या कबाड़खाना? AAP सरकार के शिक्षा दावों की पोल खुली

आलमारी, लोहे के भारी ट्रंक, गंदे मंदे गद्दे, नीले ड्रम, गैस-बर्तन और पुराने झाड़ू। जी नहीं यह कबाडख़ाना नहीं, पंजाब के जालंधर महानगर में एक सरकारी स्कूल की स्मार्ट क्लास है। जी हां, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में चल रही पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग की स्मार्ट स्कूलों की झलक इसी स्कूल से मिल […]

पांचजन्य 27 Aug 2026 1:32 pm

'दलित हूं इसलिए 6 महीने के लिए रेस्टीकेट किया':लखनऊ में BBAU छात्र बोला- शिक्षा से वंचित किया जा रहा, डकैती जैसे आरोप लगाए गए

मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:31 pm

BBAU गेट के बाहर खड़े लॉ छात्र का वीडियो:बोला- शिक्षा से वंचित किया जा रहा, 6 महीने रेस्टीकेट कर 12 हजार का जुर्माना लगाया

मुझे 6 महीने के लिए कैंपस से रेस्टिकेट कर 12 हजार का फाइन लगा दिया गया है। डकैती जैसे आरोप लगाकर ये कार्रवाई की गई है, क्योंकि मैं एक दलित छात्र हूं। मेरे जैसे 16 छात्रों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा साहब के नाम पर ये विश्वविद्यालय है। यहां 50% सीट SC-ST वर्ग के लिए रिजर्व है। स्पेशल एक्ट के तहत इस यूनिवर्सिटी को बनाया गया है पर यहां मेरे साथ अन्याय हो रहा है। ये कहना है BBAU के LLB ऑनर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट पवन चौधरी का। छात्र ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसे 6 महीने के लिए रेस्टीकेट कर शिक्षा से वंचित कर दिया गया। फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुआ था हंगामा दरअसल, UG की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर से 28 अप्रैल को कैंपस में छात्र आक्रोशित हो गए थे। कुलपति आवास का घेराव किया। इस दौरान कुछ छात्रों द्वारा कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि, मौके पर कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब कही जाकर हालात काबू में आ पाए थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद और कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनका कहना था भीड़ में कुछ बाहरी छात्र घुस गए थे, और उनके द्वारा ही तोड़फोड़ की गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शामिल छात्रों की कैंपस में एंट्री बैन करा दी थी। बोर्ड की बैठक में होगा फैसला BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामचंद्र ने बताया कि करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिस घटना में इन छात्रों की संलिप्तता थी, वो माफी लायक नहीं था। पर छात्रों के भविष्य को देखते हुए, उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर पुनर्विचार करेगा। इसके लिए बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। 28 अगस्त को इस पर फैसला होगा। छात्रों की अपील पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जायेगा।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:31 pm

छात्रों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा में सुधार के सुझाव देने के लिए कैबिनेट की एक उप-समिति गठन: कर्नाटक सरकार

Bengaluru, 27 अगस्त . कर्नाटक Government ने Thursday को छात्रों की चिंताओं को सुनने और राज्य की शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों की सिफारिश करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाने का फैसला किया. Chief Minister डीके शिवकुमार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और हज व वक्फ मंत्री यूटी खादर की अध्यक्षता में ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 1:28 pm

इंडिया पोस्ट जीडीएस के 24000 से अधिक पदों के लिए 31 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

इस भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से 10th/ मैट्रिकुलेशन पास होना चाहिए। 10th में गणित एवं अंग्रेजी विषयों में में पासिंग मार्क्स प्राप्त किये हों। न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

खास खबर 27 Aug 2026 1:13 pm

शिरपुर: नवी बुडकी जि.प. स्कूल में भव्य पालक सम्मेलन संपन्न, शिक्षा और विकास पर हुई चर्चा

शिरपुर के नवी बुडकी जिला परिषद स्कूल में आयोजित भव्य पालक सम्मेलन में सरकारी योजनाओं और छात्र विकास पर हुई गहन चर्चा। जानिए स्कूल की इस नई पहल के बारे में।

प्रातःकाल 27 Aug 2026 1:08 pm

इंडिया पोस्ट: जीडीएस के 25000+ पदों निकली बंपर वैकेंसी, 31 अगस्त से करें आवेदन; क्या है योग्यता? जानें सबकुछ

इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक के 25,000 से अधिक पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 31 अगस्त से आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से जुड़ी योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी यहां देखें।

अमर उजाला 27 Aug 2026 10:53 am

सीबीएसएल वैकेंसी 2026: केनरा बैंक में चल रही है कई पदों पर भर्ती, इस तारीख से पहले जमा करें फॉर्म; जानें सबकुछ

केनरा बैंक की सहयोगी कंपनी सीबीएसएल ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 27 Aug 2026 7:00 am

क्यों छात्रों ने शिक्षा मंत्री को मिस्टेक मिनिस्टर कहा:पहले फैसला, फिर बदलाव; जानिए मिथिलेश तिवारी के 5 बड़े ‘करेक्शन’

“शिक्षा विभाग लेटर-पर-लेटर जारी करता है। अधिकारियों को सुझाव दिया जाएगा कि विभाग में बिना जरूरत पत्र जारी करना रोकें। विभाग का उद्देश्य काम में पारदर्शिता लाना है। बार-बार नए निर्देश जारी करने की जगह जमीनी स्तर पर सुधार करना है।” शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 8 मई 2026 को मंत्री पद संभालने के तुरंत बाद ये बातें कहीं। इससे शिक्षकों को उम्मीद जगी कि शिक्षा विभाग में अब बार-बार आदेश और निर्देश जारी करने के बजाय स्पष्ट नीति के तहत काम होगा। लेकिन 42 दिनों में ही तस्वीर कुछ अलग दिखाई देने लगी है। भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, शिक्षा मंत्री ने पद संभालने के बाद कौन से बड़े फैसले लिए। उनमें क्या बदलाव करना पड़ा? पहले जानिए… शिक्षा मंत्री को छात्रों ने कौन सा नया नाम दिया मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री बनने के बाद से अपने फैसलों के चलते चर्चा में हैं। 6 लाख से अधिक शिक्षक-कर्मी और करोड़ों छात्रों से जुड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद मंत्री ने कई मुद्दों पर तेजी से निर्णय लेने की कोशिश की। करेक्शन 1: पांच साल की शर्त में राहत ट्रांसफर पॉलिसी में सेवा अवधि को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया था। 5 साल की सेवा पूरी करने वालों का तबादला किया जाना था। पहली बार ट्रांसफर प्रोसेस में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए इस शर्त में राहत दी गई। करेक्शन 2: प्रोबेशन वाले शिक्षकों को भी ट्रांसफर का मौका नियमावली की मूल व्यवस्था में प्रोबेशन अवधि के शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में शामिल होना मुश्किल था। शिक्षकों ने इसका विरोध किया। लगातार मांग उठी कि पहली स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रोबेशन पर काम कर रहे शिक्षकों को भी मौका दिया जाए। इसके बाद विभाग ने इस मामले में राहत दी। 28 जुलाई को इससे संबंधित आदेश जारी किया गया। इसके बाद पहली स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रोबेशन अवधि वाले शिक्षक भी शामिल हो सके। इसका सीधा फायदा टीआरई-3 से नियुक्त शिक्षकों को हुआ। यानी नई नियमावली लागू होने के बाद दूसरा बड़ा बदलाव भी करना पड़ा। करेक्शन 3: सरप्लस शिक्षक का तबादला सरप्लस का मतलब ऐसे स्कूल से है जहां छात्रों की संख्या के मुकाबले जरूरत से ज्यादा शिक्षक उपलब्ध हैं। नई नीति में स्कूलों में शिक्षकों की संख्या तय करने के लिए छात्र नामांकन को आधार बनाया गया। करेक्शन 4: गृह पंचायत और गृह प्रखंड पर भी फंसा पेंच स्थानांतरण नीति में एक अहम व्यवस्था उन शिक्षकों से जुड़ी थी जो अपने गृह पंचायत या गृह प्रखंड में तैनात हैं। सरकार का तर्क था कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात शिक्षकों का संतुलित तरीके से स्थानांतरण किया जाए। इससे एक इलाके में शिक्षकों की अधिकता और दूसरे इलाके में कमी को दूर करने में मदद मिल सकती थी। इस प्रावधान को लेकर भी शिक्षकों की ओर से आपत्ति सामने आई। मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। करेक्शन 5: टीआरई-4 की अधियाचना शिक्षा मंत्री के स्तर से टीआरई-4 के तहत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन भर्ती की अधियाचना को लेकर सवाल उठे। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री जल्द से जल्द बड़े फैसले लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी जल्दबाजी में कुछ मामलों में बाद में सुधार की जरूरत पड़ रही है। अधियाचना दो बार भेजना पड़ा। पहली बार में कई विषय छूट गए थे। टीआरई-4 में दो परीक्षा लेने की घोषणा की गई है। छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। मंत्री को खुला हाथ या अनुभव की कमी? शिक्षा विभाग बिहार सरकार के सबसे बड़े और संवेदनशील विभागों में से एक है। इस विभाग का सीधा संबंध लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों और करोड़ों विद्यार्थियों से है। मंत्री के सामने चुनौती सिर्फ आदेश जारी करने की नहीं है। उन्हें यह तय करना है कि कोई नियम लागू होने के बाद स्कूलों में उसका असर क्या होगा। शिक्षा मंत्री को सरकार की ओर से काम करने की पर्याप्त स्वतंत्रता मिलने की भी चर्चा रही है। शिक्षा विभाग में सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी की तैनाती है। इससे यह संदेश जाता है कि मंत्री को प्रशासनिक स्तर पर काम करने की पर्याप्त गुंजाइश दी गई है। इतनी बड़ी स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी बड़ी होती है। किसी भी फैसले का असर सीधे शिक्षकों और विद्यार्थियों पर पड़ता है। इसलिए विभाग के हर फैसले पर अब ज्यादा नजर है। एक तरफ सुधार का दावा, दूसरी तरफ लगातार बदलाव शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सामने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदलने की बड़ी चुनौती है। शिक्षकों की कमी, अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन, स्थानांतरण, भर्ती, स्कूलों में स्टाफ का संतुलन और शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगें। इन सभी पर एक साथ काम करना आसान नहीं है। मंत्री ने कई मुद्दों पर तेजी दिखाई है। लेकिन तेजी के साथ एक और चीज जुड़ गई है-फैसलों में बदलाव। किसी नीति में जरूरत के मुताबिक सुधार होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। लेकिन जब एक के बाद एक फैसलों में बदलाव होता है तो विपक्ष और कर्मचारी संगठन सवाल उठाते हैं कि क्या सरकार ने फैसला लेने से पहले सभी पक्षों का पर्याप्त आकलन किया था? यही सवाल अब शिक्षा मंत्री के सामने भी है।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:55 am

Bhiwani News: नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना

नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा, पुलिस और पंचायत विभाग बनाएंगे कार्ययोजना

अमर उजाला 27 Aug 2026 1:47 am

Panchkula News: निपुण मिशन में स्कूल विजिट को लेकर शिक्षा विभाग सख्त

Education Department strict regarding school visits under Nipun Mission.

अमर उजाला 27 Aug 2026 1:11 am

बेगूसराय में हिन्दुस्तान ओलंपियाड स्कूल संवाद, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर हुई चर्चा

26 अगस्त, बुधवार: बेगूसराय के एमआरजेडी कॉलेज विष्णुपुर में हिन्दुस्तान ओलंपियाड के तहत स्कूल संवाद कार्यक्रम हुआ। शिक्षाविदों और वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा की। देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठी।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 7:13 pm

स्पीकर संधवां ने बेंच पर बैठ विद्यार्थियों से किया संवाद:फरीदकोट के सरकारी स्कूल का लिया जायजा; कहा-शिक्षा समाज की तरक्की की बुनियाद

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बुधवार को हलका कोटकपूरा के गांव खारा स्थित सरकारी स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों और अध्यापकों से बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई, खेल गतिविधियों और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें मेहनत और लगन के साथ शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया। स्पीकर संधवां ने अध्यापकों से बातचीत के दौरान स्कूल की आवश्यकताओं और विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद है और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों और अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्पीकर ने विकास परियोजनाओं की करवाई शुरुआत इससे पहले गांव खारा में स्पीकर संधवां ने लोगों को साफ पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए आरओ प्लांट तथा गलियों-नालियों के विकास कार्यों की शुरुआत करवाई। इसके अलावा 21 लाख 28 हजार रुपये की लागत से 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत बिछाई जाने वाली पाइपलाइन के कार्य का भी नींव पत्थर रखा।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:49 pm

पंजाब के सरकारी स्कूलों का वीडियो साझा कर सुखबीर ने सरकार को घेरा, बोले- यह क्रांति नहीं ‘'शिक्षा घोटाला’ है

सुखबीर बादल ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को ‘सिखिया घोटाला’ बताते हुए चार महीने बाद आप के गायब होने का दावा किया।

जागरण 26 Aug 2026 4:34 pm

झारखंड में निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी मिलेगी स्टूडेंट डायरी, शिक्षा और छात्रवृत्ति में सुधार

झारखंड कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट डायरी शुरू करने और चिकित्सकों की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसके साथ ही गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को आसान बनाने और ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप का विस्तार करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

जागरण 26 Aug 2026 2:36 pm

'बार-बार क्‍यों लग रहे अवैध वसूली के आरोप', इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार मामले में अपना सख्त रुख

इला‍हाबाद हाई कोर्ट ने एक शिक्षक द्वारा छह वर्षों से लंबित याचिका को अचानक वापस लेने की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह सख्त रुख अपनाया है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 2:28 pm

श्योपुर में शिक्षा व्यवस्था शर्मसार: स्कूल में शराब पीते दिखे शिक्षक, वीडियो वायरल

26 अगस्त, बुधवार: श्योपुर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सुठारा से शिक्षक का वीडियो वायरल हुआ। आरोप है कि शिक्षक श्रीपाल जाटव बच्चों की मौजूदगी में शराब की बोतल लेकर नशे में दिखे। परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 1:40 pm

शिक्षा, कौशल और रोजगार से बाहर 8.7 करोड़ युवा गंभीर चिंता का विषय : कुमारी सैलजा

कुमारी सैलजा ने कहा कि नीति आयोग की अगस्त 2026 में जारी रिमेनिंग स्किलिंग फाॅर विकसित भारत ‘@2047’ रिपोर्ट में देश के करीब 8.7 करोड़ युवाओं को एनईईटी यानी शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर बताया गया है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, हुनर और रोजगार होना चाहिए, उस समय इतनी बड़ी युवा आबादी का इन तीनों व्यवस्थाओं से बाहर होना गंभीर चेतावनी है।

खास खबर 26 Aug 2026 1:16 pm

एचपीपीएससी एचपीएएस 2026: हिमाचल ने पांच विभागों में निकाली विभिन्न पदों पर वैकेंसी, क्या है आवेदन की शर्तें?

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एचपीएएस भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत पांच विभागों में 22 पद भरे जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार 22 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:59 pm

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में यूट्यूबरों की नो-एंट्री, पांच हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द, स्कूल शिक्षा विभाग का नया मास्टरप्लान

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण बढ़ाने और हर महीने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

दैनिक जागरण 26 Aug 2026 12:50 pm

CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP

CM Yogi ने श्रमिकों पर किया बड़ा एलान | Free Healthcare | Gratuity | UP Government | Workers in UP

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:49 pm

केवीएस-एनवीएस भर्ती: सीबीएसई ने दूसरे चरण के चार विषयों के परिणाम किए घोषित, जानें कैसा रहा आपका रिजल्ट

केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति ने पीजीटी गणित और टीजीटी गणित-संस्कृत के दूसरे चरण की भर्ती परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।

अमर उजाला 26 Aug 2026 12:14 pm

मिस यूनिवर्स इंडिया-2026: केजिया लिज मेजो का युवाओं को संदेश, शिक्षा से लोकतंत्र तक कही बड़ी बात

मिस यूनिवर्स इंडिया-2026 के खिताब के बाद केजिया लिज मेजो ने युवाओं, शिक्षा, लोकतांत्रिक भागीदारी और देश की एकता को लेकर अपनी सोच साझा की।

अमर उजाला 26 Aug 2026 11:47 am

एमपीएससी: ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया रद्द, पेपरलीक की शिकायतों के बाद लिया फैसला, आयोग ने क्या कहा? जानें

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पद की भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। 22 मार्च 2026 को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में पेपरलीक की शिकायतों के बाद आयोग ने यह फैसला लिया।

अमर उजाला 26 Aug 2026 11:39 am

बढ़ती महंगाई से बदहाल जनता, जूली ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

बढ़ती महंगाई से बदहाल जनता, जूली ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

अमर उजाला 26 Aug 2026 10:40 am

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- टीचर्स करा रहे आंदोलन:समीक्षा बैठक में कहा- प्राचार्यों का फोकस केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री बंद करें

पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में मंगलवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, अलग-अलग जिलों से पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा), जिला क्रीड़ा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने जब अपने-अपने हिस्से का ब्यौरा दे दिया, तो मंत्री गजेंद्र यादव अपनी कुर्सी छोड़कर माइक के पास आए। आते ही उन्होंने कहा, “मोबाइल से रिकॉर्डिंग करना बंद करिए, मैं भाषण देने थोड़ी आया हूं।” इसके बाद उन्होंने सवाल किया- स्कूलों की समस्याओं का मूल कारण क्या है? सवाल सुनते ही गोष्ठी में गर्दन ऊंची कर बैठे अधिकारी दुबकने लगे। जवाब नहीं मिला तो मंत्री यादव ने रैंडमली पूछा- “पेंड्रा के डीईओ आए हैं क्या? जवाब दीजिए।” दूसरी ओर से जवाब आया, “सर, लोकल लेवल पर एडमिनिस्ट्रेशन सही नहीं है।” इस जवाब से बाकी अधिकारियों के भीतर भी उत्साह जागा। सक्ती के डीईओ बोले, “मॉनिटरिंग और प्रबंधन की कमी है।” इसके बाद कांकेर डीईओ भी उठे और बोले, “शिक्षकों के बीच समन्वय ठीक हो जाए तो सब सही हो जाएगा।” रायगढ़ के डीईओ का जवाब आया, “सर... नैतिक शिक्षा और संस्कार की कमी ही सारी समस्याओं की जड़ है।” इन सभी जवाबों को मंत्री ने कंसीडर तो किया, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में गजेंद्र यादव ने खुद ही अपने सवाल का जवाब दिया। अपने जवाब के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग की खामियां गिनाईं और अपना प्लान बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ शिक्षक आंदोलन करा रहे हैं, वहीं कई प्राचार्यों का फोकस अपने केबिन की स्पेस पर है। मंत्री ने स्कूलों में यूट्यूबर्स और पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही यह भी बताया कि जब तक शिक्षक भर्ती नहीं हो जाती, तब तक यूट्यूब के जरिए पढ़ाई कैसे करानी है। एक-एक कर सभी पॉइंट्स को डिटेल में एक्सप्लेन करेंगे, लेकिन सबसे पहले स्कूलों की मूल समस्याओं पर शिक्षा मंत्री का जवाब जान लीजिए… स्कूलों को अपना नहीं मानते प्रिंसिपल, यही दिक्कत शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को बताया कि स्कूलों में समस्याओं का मूल कारण यह है कि शिक्षक और प्राचार्य स्कूलों को अपना मानते ही नहीं हैं। वे स्कूल में केवल सैलरी लेने आते हैं, ताकि उनका घर चल सके। उनके भीतर यह सोच ही नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर कैसे किया जाए। हमारे शिक्षक यह चिंतन ही नहीं कर रहे कि स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं आ रहे हैं, शौचालय क्यों खराब है और स्कूल की बिल्डिंग क्यों बिगड़ी हुई है। इतना कहकर मंत्री कुछ देर रुके और फिर सवाल किया- “बताइए, ईमानदारी से किसी ने सोचा है ये सब?” कुछ सेकेंड तक कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने फिर अपने ही सवाल का जवाब देते हुए कहा- “नहीं सोचे न... इसके चलते ही स्कूलों का सिस्टम बिगड़ा हुआ है।” अब समझिए, कैसे स्कूली रकबे का अधिकतर क्षेत्र प्रिंसिपल कब्जा रहे हैं अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए मंत्री ने दो उदाहरणों के जरिए समझाया कि कैसे स्कूली रकबे के बड़े और बेहतर हिस्से पर शिक्षक और प्रिंसिपल कब्जा कर रहे हैं। उदाहरण 1: मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले वे तीजन बाई के गांव गनियारी गए थे। यहां सरकारी स्कूल की बाउंड्रीवॉल ही 3 एकड़ में फैली हुई है। स्कूल में कम से कम 20 कक्षाएं हैं और पुरानी बिल्डिंग भी उसी तरह बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में ताला लगा हुआ है और वहां कचरा डाल दिया गया है। वहीं, नई बिल्डिंग के सबसे अच्छे कमरे को प्रिंसिपल ने अपना कमरा बना लिया है। इसके बाद के अच्छे कमरे शिक्षकों और दूसरे स्टाफ के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं। उदाहरण 2: मंत्री गजेंद्र यादव ने आगे बताया कि बीते सोमवार तरीघाट में उन्होंने सरकारी स्कूल के बाहर कुछ बच्चों को खड़े देखा। उन्होंने रुककर बच्चों से पूछा कि कोई समस्या है? बच्चों ने कहा, “नहीं-नहीं।” सामने खड़ी एक टीचर ने कहा, “बताओ-बताओ।” इसके बाद बच्चों ने बताया कि क्लास नहीं लगती। मंत्री यादव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पूरा स्कूल घूमा। प्रिंसिपल के कमरे में पहुंचे तो देखा कि कमरा किसी कलेक्टर के कमरे जितना बड़ा बनवाया गया है। उन्होंने प्रिंसिपल से पूछा- “इतना बड़ा कमरा क्यों रखा है?” इस पर जवाब मिला, “लोग आते हैं।” मंत्री यादव ने कहा, “ये तो स्थिति है। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ।” शिक्षक कराते हैं स्कूलों में आंदोलन बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री आंदोलन की बात पर आए। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों में जितने आंदोलन होते हैं, वे कराए जाते हैं। किसी शिक्षक को कोई अतिरिक्त विषय पढ़ाने के लिए कह दिया जाए तो बच्चों से आंदोलन करा दिया जाता है। इसके बीच ही उन्होंने बिना फ्लो तोड़े तपाक से एक सवाल और पूछा- “बताओ जरा, ऐसे ही होता है न? बताओ जरा?” लेकिन इस बार इंतजार किए बिना ही खुद जवाब देते हुए बोले- “सब प्लान्ड रहता है। पुराने मठाधीशों को हटाया तो आंदोलन कर रहे हैं।” आखिर में आग्रह करते हुए मंत्री यादव ने कहा कि अगर आप अपना और अपने परिवार का अच्छा चाहते हैं तो अपने स्कूल के बच्चों पर फोकस कीजिए। डीईओ सिर्फ कागजी काम न करें, बल्कि स्कूलों का दौरा करें। मीडिया पर बोले: लिखित में नहीं दे रहा, लेकिन पूरा स्कूल मत घुमाइए बोलते-बोलते मंत्री यादव स्कूलों के शौचालय के मुद्दे पर आए। उन्होंने कहा, “समग्र से पैसा बहुत आता है, आप उसका सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बच्चे पानी और वॉशरूम के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो यह बड़े दुर्भाग्य की बात है।” इसके बाद उन्होंने धीरे से कहा, “मीडिया वाले भी हैं। जरूरी नहीं है कि हम उनको पूरा स्कूल घुमाएं। हम लिखित में नहीं दे रहे हैं, लेकिन कोई मीडिया वाला फिजूल में स्कूल में न घुसे। ये किसी के नहीं हैं। किसी को पूछोगे कि कोई समस्या है क्या, तो आदमी हां ही बोलेगा कि समस्या है।” यह कहकर मंत्री यादव ने करीब 10 सेकेंड का पॉज लिया। बातचीत के दौरान यह उनकी ओर से लिया गया सबसे लंबा पॉज था। इसके बाद उन्होंने कहा, “इस पर भी आपको ध्यान देना है।” हालांकि, बातचीत के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा यूट्यूबर्स और पत्रकारों की ओर है। बैंड दल अनिवार्य करें, बच्चियों को सेल्फ डिफेंस सिखाएं मंत्री यादव यहां से वापस स्टूडेंट्स पर लौटे और बोले कि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बैंड दल अनिवार्य तौर पर बनाइए। इसके लिए जिला पुलिस बैंड से मदद ले सकते हैं। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स खरीदकर केवल रखने के लिए नहीं हैं। इसके अलावा गर्ल्स के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग अनिवार्य कीजिए। इस संबंध में आदेश भी जारी कर देंगे। यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र दिया मंत्री यादव ने विभाग के अधिकारियों को यूट्यूब से पढ़ाई का मंत्र भी दिया। लेकिन इसके एवज में फिर से एक सवाल कर लिया- “पीएम ई-विद्या सारे स्कूलों में चलता है या नहीं? इसके बारे में जानते हैं या नहीं? बताओ जरा।” उन्होंने बताया कि पांच चैनल हैं, लेकिन डीटीएच जरूरी है। इसी बीच मंच पर बैठे अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए। बताया गया कि पीएम ई-विद्या यूट्यूब पर भी चल सकता है। आखिर में तय हुआ कि जब तक शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक इसी के जरिए पढ़ाइए। मंत्री यादव ने इस मुद्दे पर आखिरी बात यह कही कि कोई भी बच्चा स्कूल आए तो फालतू न बैठे, उसे पढ़ाइए। सफलता भी बताई- पहली बार स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी मंत्री यादव ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार इन पांच सालों में सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। यह सुनकर सभी अधिकारियों ने तालियां बजाईं। इसके बाद गुजरात मॉडल का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि वहां बच्चे सरकारी स्कूलों की ओर लौट रहे हैं। वहां हो सकता है तो यहां भी हो सकता है। आखिर में उन्होंने कहा- “भोजन मंत्र जरूर कराइए, इससे बच्चे संस्कारित होंगे।” इसके बाद मंत्री सहित सभी अधिकारी लंच करने चले गए और समीक्षा बैठक समाप्त हुई। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सरकारी-स्कूलों के बच्चों को 25 तक पहाड़ा याद होना जरुरी: फ्लूएंट इंग्लिश आनी चाहिए, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिए निर्देश स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े याद होने चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी में फ्लूएंट रीडिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 10:36 am

पुरकाजी विधानसभा में 'सत्ता का संग्राम': जनता ने गिनाए विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे, देखें ये रिपोर्ट

अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत प्रदेश की विधानसभाओं में जनता का मूड जानते हुए मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र पहुंची।

अमर उजाला 26 Aug 2026 9:12 am

एनटीपीसी भर्ती 2026: डिप्टी मैनेजर के 135 पदों पर आवेदन की आज अंतिम तारीख, अनुभवी उम्मीदवार फटाफट भरें फॉर्म

एनटीपीसी आज डिप्टी मैनेजर के 135 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बिना देरी किए ऑनलाइन आवेदन कर दें। इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 10 साल का कार्य अनुभव होना जरूरी है।

अमर उजाला 26 Aug 2026 7:00 am

हिजाब विवाद से निकला सबक, शिक्षा को धर्म से दूर रखें

स्कूल की कक्षा शिक्षा, समानता और अनुशासन की जगह है, धार्मिक पहचान के प्रदर्शन का मंच नहीं. हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला इसी सिद्धांत को मजबूत करता है कि व्यक्तिगत आस्था से ऊपर संस्थान के समान और गैर-भेदभावपूर्ण नियम होने चाहिए.

आज तक 26 Aug 2026 6:30 am

राज्यपाल का दौसा में ‘टीबी-नशा-शिक्षा’ पर फोकस, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम, शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने टीबी मरीजों को समय पर पूरा उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘नशा मुक्त दौसा’ के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने जिले में टीबी मरीजों की संख्या, उनकी औसत आयु, उपचार की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाए। प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नशे की रोकथाम को लेकर राज्यपाल ने कहा कि लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। युवाओं में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जाए। नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिह्नित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस को नशे के स्रोत तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग अपने कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति के लिए पहल करें। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्रवाई करें। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करे। पुलिस लगातार निगरानी और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। शिक्षा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता, विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यह आगे बढ़ने का भी माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना हमेशा मन में रखने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कोई बच्चा पढ़ाई बीच में न छोड़े। विद्यालयों में बच्चों के पढ़ाई छोड़ने की समस्या पर भी प्रभावी रूप से काम किया जाए। राज्यपाल ने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:30 am

सीटी-एआई कॉन्फ्रेंस में 350 से अधिक शिक्षाविद हुए शामिल

लुधियाना| बाल भारती पब्लिक स्कूल, लुधियाना में सीबीएसई की ओर से कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से 350 से अधिक शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिनमें 187 प्रिंसिपल शामिल रहे। सम्मेलन का मुख्य फोकस स्कूल शिक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण तथा भविष्य के लिए तैयार विद्यार्थियों के विकास पर रहा। कार्यक्रम में सीबीएसई की सहायक प्रोफेसर एवं संयुक्त निदेशक प्रो. नमिता बलोदी मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों में सीबीएसई के लुधियाना स्थित उत्कृष्टता केंद्र के उप सचिव संजीव शर्मा, सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी संजय कुमार बिष्ट और सीबीएसई के एसपीएस संजीप राजपाल शामिल रहे। बाल भारती पब्लिक स्कूल, लुधियाना के प्रिंसिपल आशीष सावनी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. ओम प्रकाश वर्मा, सहायक प्रोफेसर (ग्रेड-2), एनआईटी जालंधर एवं वरिष्ठ सदस्य, आईईईई ने कहा कि कम्प्यूटेशनल थिंकिंग केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में समस्या समाधान, पैटर्न पहचान, एब्स्ट्रैक्शन, तार्किक सोच और एल्गोरिदमिक सोच विकसित करती है। चंडीगढ़ बैपटिस्ट स्कूल के प्रिंसिपल एवं अकादमिक हेड अरुण जॉन मसीह और कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल, जालंधर की डायरेक्टर दीपा डोगरा ने कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई के समावेशन पर विषयगत सत्र आयोजित किए। सम्मेलन में चयनित 21 शिक्षकों ने गैलरी में अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:30 am

सरकारी स्कूलों के लिए जिम्मेदार अफसरों के बच्चे प्राइवेट में:सिर्फ एक शिक्षा अधिकारी का बेटा यूपी बोर्ड में, जानिए किसके बच्चे कहां पढ़ रहे

यूपी के सरकारी स्कूलों को संभालने वाले अफसर अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ने नहीं भेजते। यह सच्चाई दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आई। 75 जिलों में तैनात बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) का भरोसा यूपी बोर्ड के स्कूलों पर नहीं है। इनके बच्चे CBSE और ICSE स्कूलों में पढ़ रहे हैं। अकेले फर्रुखाबाद के DIOS ही अपने बच्चे को यूपी बोर्ड के स्कूल में भेज रहे हैं। यूपी में इस वक्त कुल 148 BSA और DIOS तैनात हैं। इन अफसरों पर सरकारी स्कूलों का रखरखाव और पढ़ाई का स्तर सुधारने की जिम्मेदारी रहती है। जानिए किस अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे… देहात में तैनात अफसर भी बच्चों को लखनऊ के कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ा रहे लखीमपुर खीरी के DIOS विनोद मिश्रा के 2 बेटे हैं। एक 11वीं और दूसरा 8वीं में लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। गोंडा के DIOS डॉ. रामचंद्र के 3 बेटों में 2 लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल में ICSE बोर्ड से पढ़े हैं, जबकि एक दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहा है। देवरिया के DIOS हरिश्चंद्र नाथ के 2 बेटे लखनऊ में CBSE बोर्ड से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। वाराणसी के DIOS भोलेंद्र कुमार के दोनों बेटे भी लखनऊ के कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं। आजमगढ़ के DIOS अजय कुमार गुप्ता की तीनों बच्चे लखनऊ में CBSE बोर्ड से पढ़ रहे हैं। इनमें बड़ी बेटी 7वीं, छोटी 4वीं और बेटा तीसरी कक्षा में है। प्रयागराज के DIOS संतोष कुमार के 2 बच्चे लखनऊ के प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। सिर्फ एक ने यूपी बोर्ड चुना, लेकिन स्कूल प्राइवेट फर्रुखाबाद के DIOS संजीव कुमार एकमात्र ऐसे अफसर हैं ,जिनके बच्चे यूपी बोर्ड के स्कूल में पढ़ते हैं। उनके बच्चे बाराबंकी में यूपी बोर्ड से संचालित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं। गोरखपुर के DIOS अजीत सिंह का बेटा-बेटी आईसीएसई बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ रहे हैं। हरदोई के DIOS अरविंद कुमार पाठक की दोनों बेटियां कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रही हैं। गाजीपुर की DIOS उपासना रानी वर्मा की एक बेटी और एक बेटा माउंट लिटेरा जी. स्कूल में पढ़ते हैं। बेटी 9वीं और बेटा 10वीं में है। सहारनपुर के DIOS जयकरण यादव के दोनों बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। BSA भी प्राइवेट स्कूलों की दौड़ में शामिल अमेठी के BSA संजय तिवारी के दोनों बेटे सम्राट और स्वराज CBSE बोर्ड से कक्षा- 4 और KG में पढ़ रहे हैं। सोनभद्र के BSA मुकुल आनंद पांडे का 10 साल का बेटा गाजीपुर के कॉन्वेंट स्कूल में चौथी कक्षा में है। गोरखपुर के BSA धीरेंद्र त्रिपाठी की तीन बेटियों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। प्रयागराज के BSA अनिल कुमार का बेटा महर्षि पतंजलि और बेटी सेंट मैरी कॉन्वेंट में पढ़ती है। दोनों छोटी कक्षाओं में हैं। नोएडा के BSA राहुल कंवर के बच्चे बागपत में CBSE बोर्ड से पढ़ रहे हैं। संभल की BSA अलका शर्मा की 10 साल की बेटी भी प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही है। कुछ अफसरों के बच्चे उच्च शिक्षा या पढ़ाई पूरी कर जॉब कर रहे कई अफसरों के बच्चे स्कूल की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। सीतापुर के BSA गोरखनाथ पटेल का बेटा MBBS कर रहा है। फतेहपुर के DIOS राकेश कुमार का एक बेटा नोएडा में सिविल सेवा की तैयारी कर रहा है। 2 बेटियों में एक BA प्रथम वर्ष में है, जबकि दूसरी लखनऊ से ग्रेजुएशन कर रही है। बलिया के DIOS मनोज कुमार मिश्र के 2 बच्चों में एक ग्रेजुएशन पूरा कर चुका है, जबकि दूसरा ग्रेजुएशन कर रहा है। बागपत के DIOS राजीव कुमार यादव के बेटे-बेटी दोनों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। दोनों नौकरी कर रहे हैं। कुछ अफसरों के बच्चे अभी छोटे प्रदेश के कई BSA-DIOS ऐसे भी हैं, जिनके बच्चे अभी स्कूल जाने की उम्र में नहीं हैं। आजमगढ़ के BSA राजीव पाठक का बेटा 3 साल का है। फतेहपुर की BSA प्रिंशी मौर्या की 2 साल की बेटी है। बहराइच के BSA आशीष सिंह का बेटा 2 साल का है। बस्ती के BSA अनूप कुमार और DIOS संजय सिंह के बेटे भी छोटे हैं। चंदौली के DIOS धर्मेंद्र कुमार का बेटा एक साल का है। बलिया के BSA मनीष कुमार सिंह की 3 महीने की बेटी है। भदोही के DIOS का बच्चा 8 महीने का और जौनपुर के BSA समीर कुमार का बच्चा 6 महीने का है। सुल्तानपुर के BSA उपेंद्र गुप्ता की 3 महीने की बेटी है। लखीमपुर खीरी के BSA प्रवीण कुमार के जुड़वां बच्चे छोटे हैं। पीलीभीत की BSA रोशनी सिंह, हरदोई के BSA प्रभाष मिश्रा, मेरठ की BSA आशा चौधरी, वाराणसी के BSA भूपेंद्र सिंह और मिर्जापुर के BSA अनिल वर्मा के बच्चे भी अभी छोटे हैं। --------------------------- ये एक्सप्लेनर पढ़ें - आन्जनेय के लिए केंद्र ने 7 बार नियम ढीले किए, क्या अब फिर मिलेगा एक्सटेंशन; सीनियर IAS को सरकार क्यों करती है इतना पसंद सपा के कद्दावर नेता आजम खान को अर्श से फर्श पर लाने वाले IAS आन्जनेय सिंह की यूपी में प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी हो चुकी है। वे मुरादाबाद मंडल कमिश्नर का चार्ज मुरादाबाद DM को सौंपकर छुट्टी पर चले गए हैं। मूल कैडर सिक्किम से यूपी आने के बाद 7 बार यह अवधि बढ़ाई जा चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:25 am

Allahabad High Court ने यूपी बेसिक शिक्षा विभाग पर जताई चिंता, BSA से मांगा हलफनामा

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में ‘‘चिंताजनक हालात’’ बने हुए हैं और भ्रष्टाचार तथा अवैध लाभ लेने के आरोप अक्सर उसके संज्ञान में लाए जाते हैं। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने करीब छह वर्षों से अदालत में लंबित एक रिट याचिका को वापस लेने की अनुमति संबंधी आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। उपहार कुशवाहा नाम के व्यक्ति ने प्रयागराज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा 2018 में पारित एक आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में सहायक अध्यापक के रूप में अपने काम में हस्तक्षेप से सुरक्षा और नियमित वेतन दिए जाने की मांग की गई थी। हालांकि, 20 अगस्त को याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी कि उसकी शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है। अदालत ने इस दावे को बिना जांच-पड़ताल के स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह दिखाने के लिए कोई आदेश या दस्तावेज पेश नहीं किया गया है कि शिकायत का निस्तारण किस तरह किया गया। मामले की 19 जुलाई, 2019 से कई बार सुनवाई हो चुकी है और 18 नवंबर, 2019 को बीएसए के आदेश पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश भी पारित किया गया था। पीठ ने कहा, ‘‘जो बात स्पष्ट रूप से नदारद है, वह यह है कि कथित शिकायत का किस तरह निस्तारण किया गया। यह दावा कि शिकायत का समाधान कर दिया गया है, बिना जांच-पड़ताल के स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब यह याचिका वर्षों से लंबित है।’’अदालत ने इस बात पर बल दिया कि जब किसी आदेश को चुनौती दी गई हो और सुनवाई के दौरान उसे निष्प्रभावी करने का प्रयास किया जाए तो सक्षम अधिकारी को उन परिस्थितियों का उल्लेख और स्पष्ट रूप से व्याख्या करनी होगी, जिनके तहत कथित तौर पर आदेश वापस लिया गया या शिकायत का समाधान किया गया। उच्च न्यायालय ने कहा कि बाद में की गई ऐसी प्रशासनिक कार्रवाई, जिसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया हो, अदालत की प्रक्रिया को विफल करने का माध्यम नहीं बन सकती। इसलिए अदालत ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की शिकायत का कथित तौर पर कब और किस तरह निस्तारण किया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर, 2026 की तारीख तय की है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 5:12 am

ई-अटेंडेंस पर जल्द आएगा स्कूल शिक्षा विभाग का नया सर्कुलर:संकुल प्राचार्यों को मिलेगा राहत देने का अधिकार, मनमानी पर लगेगी रोक

मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों के विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग अब इसके पॉवर डेलिगेट करने की तैयारी में है। जल्द ही जिलों में पदस्थ संकुल प्राचार्यों को इसके पॉवर दिए जाएंगे और उचित कारण होने की दशा में संकुल प्राचार्य अपने विद्यालय क्षेत्र में आने वाले शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाने के मामले में देरी पर राहत दे सकेंगे। जल्दी ही इसके आदेश विभाग जारी करने वाला है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब सामान्य स्थिति में आ गई है। रोज 97 से 98 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा ई अटेंडेंस लगाई जा रही है, इसलिए अब उचित कारण के साथ संकुल प्राचार्यों को इससे संबंधित पॉवर दिए जाएंगे। जल्दी ही इसको लेकर अगले 15 दिनों में सर्कुलर जारी कर दिया जाएगा। देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगे संकुल प्राचार्यों के लिए जारी किए जाने वाले मार्गदर्शी सिद्धांत में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किस तरह के मामलों में ई अटेंडेंस लगाने में देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए संकुल प्राचार्य अपने संकुल क्षेत्र के शिक्षकों को राहत दे सकेंगे। इस निर्देश में यह भी साफ रहेगा कि संकुल प्राचार्य मनमानी न कर सकें और ई अटेंडेंस में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने पाए। सिर्फ व्यवहारिक दिक्कतों को स्वीकार करेंगे आयुक्त सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को पीनलाइज या प्रताड़ित करना नहीं है बल्कि एक व्यवस्थित सिस्टम को प्रभावी करना है और शिक्षकों द्वारा इसका पालन भी किया जा रहा है। सिंह के अनुसार व्यवहारिक दिक्कतों को ई-अटेंडेंस में स्वीकार किया जाएगा लेकिन आदतन ई-अटेंडेंस नहीं लगाने और इसका दुरुपयोग करने की कोशिश पर एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा हमारे शिक्षक साफ्टवेयर में इससे संबंधित और भी जो दिक्कतें हैं, उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी इसको लेकर शिक्षकों के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया है। इसलिए वे उसमें सुधार कराएंगे। जून का ई-अटेंडेंस के कारण रोका वेतन मिलेगालोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने यह भी कहा कि जून माह का जिन शिक्षकों का ई अटेंडेंस के कारण वेतन रुका है या काटा गया है, उसे शिक्षकों को पे किया जाएगा। यह निर्णय उन शिक्षकों के मामले में लागू होगा जिनका जुलाई और अगस्त का ई अटेंडेंस प्रॉपर लग रहा है। आदतन देर से आने वाले या ई अटेंडेंस नहीं लगाने वालों के वेतन में कटौती जारी रहेगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा है कि वे व्यवहारिक दिक्कतें अपने संकुल प्राचार्यों के संज्ञान में अभी भी ला सकते हैं जिस पर सुनवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:05 am

विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल

भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक शिक्षक, टूटती दीवारें और घटते सरकारी स्कूल-क्या शिक्षा के बिना 2047 का सपना पूरा होगा? दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की प्रगति, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष उपलब्धियां, आधारभूत ढांचे का विस्तार और वैश्विक मंच पर ... Read more

अजमेरनामा 26 Aug 2026 4:05 am

Kurukshetra News: उच्च शिक्षा और शिक्षकों के हित में कुटा का बड़ा निर्णय, 31 अगस्त को होगी आम सभा

उच्च शिक्षा और शिक्षकों के हित में कुटा का बड़ा निर्णय, 31 अगस्त को होगी आम सभा

अमर उजाला 26 Aug 2026 1:48 am

Shahjahanpur News: बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए नवाचार पर मंथन

बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए नवाचार पर मंथन

अमर उजाला 26 Aug 2026 1:44 am

एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 4043 पदों पर भर्ती:उच्च शिक्षा निदेशक ने राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा अधियाचन

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 4043 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन पदों का ऑनलाइन अधियाचन राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को भेज दिया है। अधियाचन प्राप्त होने के बाद आयोग ने भर्ती की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह ने मंगलवार को 42 विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों का ऑनलाइन अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा। हालांकि, बीएड विषय से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण उसे इस ताजा अधियाचन से अलग रखा गया है। इससे पहले जुलाई माह में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 330 एडेड महाविद्यालयों के 2,107 पदों का ऑनलाइन अधियाचन भेजा गया था। इन दोनों चरणों के अधियाचनों को मिलाकर, अब उच्च शिक्षा निदेशालय से असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 4,043 पदों का प्रस्ताव राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राप्त हो चुका है। आने वाले दिनों में आयोग की ओर से इन सभी पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी किए जाने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से नई भर्तियों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में, वर्ष 2022 में जारी विज्ञापन संख्या 51 के तहत 34 विषयों के 1,017 पदों की पुरानी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसकी लिखित परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार पिछले महीने शुरू हुए थे, लेकिन एक अदालती मामले के लंबित होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। कौन कर सकता है आवेदन इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट (NET) उत्तीर्ण होना जरूरी है या फिर यूजीसी के तय मानकों के अनुसार पीएचडी की डिग्री धारक होना आवश्यक है। अब युवाओं की निगाहें राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के अगले आधिकारिक विज्ञापन पर टिकी हैं।

दैनिक भास्कर 25 Aug 2026 11:09 pm

शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मिले अनिल बलूनी, केंद्रीय विद्यालय खोलने की रखी मांग

New Delhi, 25 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने उत्तराखंड में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की. उन्होंने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण समेत तीन अन्य स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी. BJP MP अनिल ... Read more

डेली किरण 25 Aug 2026 10:53 pm

AISA President Neha Bora ने कहा, समाज के विकास के लिए शिक्षा तक सबकी पहुंच जरूरी

(फोटो के साथ)मुंबई, 25 अगस्त ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को कहा कि समाज और देशों की प्रगति में शिक्षा एक महत्वपूर्ण कारक है और आबादी के एक बड़े हिस्से को शिक्षा व्यवस्था से बाहर रखना उन्हें पिछड़ेपन की ओर धकेलने के समान है। नेटवर्क ऑफ वुमेन इन मीडिया, इंडिया (एनडब्ल्यूएमआई) की ओर से मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में बोरा ने कहा कि मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, साक्षरता, खुशहाली और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे मानकों पर समाजों और देशों की तुलना करने वाले कई अध्ययनों में शिक्षा को प्रगति को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण साझा कारक पाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एक साझा कारक शिक्षा है। अगर आप असमानताओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और समाज के एक बड़े हिस्से को शिक्षा से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आप पीछे ही बने रहें।’’बोरा ने दावा किया कि वामपंथी दलों को छोड़कर अन्य राजनीतिक दल शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देते। बोरा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जुलाई में दिल्ली में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ 23 दिन की भूख हड़ताल की थी। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पीएचडी कर रहीं बोरा ने कहा कि देश के पिछड़ने पर सवाल उठाने के साथ-साथ समाज के एक बड़े हिस्से को शिक्षा तक पहुंच से वंचित करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया जाना चाहिए। आइसा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध छात्र संगठन है। झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा ले चुकीं बोरा ने कहा कि असमानताओं को कम करने और व्यापक सामाजिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा तक समावेशी पहुंच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लोगों के कल्याण के लिए है और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बोरा ने कहा, ‘‘सपना एक ऐसे देश का निर्माण करना था जो समानता पर आधारित हो। लोकतंत्र मूल रूप से समानता के बारे में है। हमें उन पूर्वजों का सम्मान करना चाहिए जिन्होंने इस आदर्श के लिए संघर्ष किया और उनकी दृष्टि को आगे बढ़ाना चाहिए। समानता एक खूबसूरत चीज है और यह न्यायपूर्ण समाज की नींव है।’’आइसा अध्यक्ष ने कहा कि आज दिखाई देने वाली समस्याएं वर्षों से पैदा हो रही हैं और शिक्षा का स्थान धीरे-धीरे निजीकरण लेता गया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक समाधानों पर आधारित व्यापक बदलाव की जरूरत पर बल दिया। इस कार्यक्रम में मॉडल रिया अहीर ने भी अपने विचार रखे। रिया पिछले महीने छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस की एक वैन के सामने खड़े होने के बाद देशभर में चर्चा में आई थीं। अहीर ने कहा कि राजनीति हमेशा से उनके जीवन का हिस्सा रही है और वह सामाजिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखती रही हैं। अहीर ने कहा, ‘‘हमारे माता-पिता हमारी आलोचना इसलिए करते हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि हम बेहतर करें। वे हमारी आलोचना इसलिए करते हैं क्योंकि वे हमसे प्यार करते हैं। इसी तरह सरकार पर सवाल उठाने और उसकी आलोचना करने का यह मतलब नहीं है कि हम अपने देश से प्यार नहीं करते। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है और देश के भविष्य को लेकर हमारी चिंता से पैदा होता है।’’बोरा और अहीर दोनों ने कहा कि उनके परिवारों की सेना से जुड़ी पृष्ठभूमि ने उन्हें सामुदायिक जीवन के महत्व को समझना सिखाया है। कश्मीर में ‘‘आजादी’’ के नारों के समर्थन से जुड़े सवाल पर बोरा ने कहा, ‘‘मैं कश्मीरियों की आकांक्षाओं का समर्थन करती हूं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कहती है कि उसके शासन में कश्मीरी खुश हैं।’’ आइसा अध्यक्ष ने युवाओं की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सराहना की।

प्रभासाक्षी 25 Aug 2026 10:02 pm

सहायक कृषि अभियंता एवं कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि रसायन) भर्ती के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच व दस्तावेज सत्यापन का कार्यक्रम जारी

कृषि विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सहायक कृषि अभियंता एवं कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि रसायन) पदों के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच...

खास खबर 25 Aug 2026 8:49 pm

अमेरिका से भारतीय छात्रों का मोहभंग: नए वीज़ा नियमों और भारी शुल्कों का उच्च शिक्षा पर क्या पड़ रहा है असर

अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए राहें अब कठिन होती जा रही हैं। कड़े आव्रजन नियमों और वीजा नीतियों के चलते शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। 'कॉमन ऐप' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 1,100 से अधिक अमेरिकी संस्थानों के इस मंच पर अंतरराष्ट्रीय आवेदनकर्ताओं की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारत वर्तमान में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन अब अमेरिका की बदलती नीतियों के कारण छात्रों का रुझान अन्य देशों की ओर बढ़ रहा है।'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम की समाप्ति और भारी फीस का दबावइस गिरावट के पीछे अमेरिकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम मुख्य वजह माने जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने पारंपरिक 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत अब छात्रों के वहां रहने की अवधि को अधिकतम चार साल तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के अवसरों से जुड़े 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम का लाभ उठाने वाले विदेशी छात्रों पर एक लाख डॉलर तक का भारी शुल्क लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ फॉरेन स्टूडेंट एडवाइजर्स' और शोध फर्म 'जेबी इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, इन अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्र पंजीकरण में लाखों की कमी आने की आशंका है।अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी उठाना पड़ रहा है बड़ा आर्थिक नुकसानभारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के इस तरह मोहभंग होने का असर केवल विद्यार्थियों के करियर पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगभग 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया था, जो आने वाले समय में घटकर 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा नीतियां और अनुपालन नियम ऐसे ही सख्त बने रहे, तो अमेरिका वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी साख खो सकता है, क्योंकि अब भारतीय छात्र ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय देशों के विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Aug 2026 8:00 pm

धरातल पर स्कूल नहीं, फिर भी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर हो रहा संचालन, मध्य प्रदेश के अशोकनगर में आरटीई से हुआ खुलासा

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर चंदेरी में सामने आए एक मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दैनिक जागरण 25 Aug 2026 7:44 pm

सांसद बोले- विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न हो:शाजापुर में 'दिशा' बैठक में सख्त निर्देश; जल-सड़क और शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा

शाजापुर जिला मुख्यालय पर मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में 'जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति' (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी प्रोजेक्ट्स को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। जल और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान सांसद सोलंकी ने जल निगम के अधिकारियों से लखुंदर और चीलर डेम योजना के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के जरिए जिले के अधिक से अधिक गांवों को जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा 'जल जीवन मिशन' के तहत खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन समय पर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग को निर्देशित किया। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की समीक्षा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूलों और छात्रावासों में स्वच्छता, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को चिन्हित कर स्थानांतरित करने को कहा गया। वहीं कृषि विभाग को ग्राम चौपाल लगाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती और मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश मिले। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद बैठक में सांसद निधि, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना और पीडब्ल्यूडी के कार्यों का भी लेखा-जोखा लिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, विधायक अरुण भीमावद, कलेक्टर ऋजु बाफना और एसपी प्रियंका शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 25 Aug 2026 7:07 pm

बेगूसराय- शिक्षक भर्ती एग्जाम के पैटर्न बदले जाने का विरोध:भाजपा की यूथ विंग के बैनर तले प्रदर्शन, अभ्यर्थियों ने एसडीओ को शिक्षा मंत्री के नाम खुला पत्र सौंपा

बीपीएससी TRE-4 में किए गए बदलाव को लेकर भाजपा की युवा इकाई ने विरोध शुरू कर दिया है। बखरी में शिक्षक अभ्यर्थियों की ओर से मंगलवार को भाजयुमो नगर अध्यक्ष प्रिंस सिंह परमार के नेतृत्व में विरोध मार्च निकला गया। भाजयुमो के बैनर तले अभ्यर्थियों ने बीपीएससी टीआरई-4 के तहत होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा के पैटर्न बदले जाने पर विरोध जताया। इन लोगों ने शिक्षा मंत्री से पहल करने की मांग की। अपनी मांगों को लेकर बीपीएससी अभ्यर्थियों ने अंबेडकर चौक से एकजुट होकर शांतिपूर्ण नारेबाजी करते हुए अनुमंडल कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। जहां शिक्षा मंत्री के नाम खुला पत्र एसडीओ सन्नी कुमार सौरभ को सौंपा गया। अभ्यर्थी बोले- पैटर्न बदले जाने से अभ्यर्थियों में रोष है प्रदीप कुमार ने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने लगभग 32 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती का ऐलान किया है। लेकिन इस परीक्षा के पैटर्न बदले जाने से शिक्षक अभ्यर्थियों में रोष है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से असमंजस बना हुआ था। कई बार तारीखों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनकी तैयारी प्रभावित हुई। अभ्यर्थी सुमनजीत सुमन ने कहा कि बिहार प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि TRE-4 की प्रक्रिया ऐसी हो जिसमें प्रश्नपत्र से लेकर परीक्षा, मूल्यांकन, रिजल्ट और नियुक्ति तक पूरी पारदर्शिता बरती जाए। अभ्यर्थियों के आंदोलन के पीछे यही डर भी है कि कहीं नई भर्ती भी पुरानी प्रक्रियाओं की तरह लंबी न खिंच जाए। शिक्षक अभ्यर्थियों ने पहले की तरह परीक्षा पैटर्न जारी रखने, डोमिसाइल नीति लागू करने, नेगेटिव मार्किंग पर रोक लगाने की मांग शिक्षा मंत्री से की। मौके पर अभाविप के जिला संयोजक अनुभव आनंद, नगर मंत्री सौरव, राजन, मनीष, गौरव, अरविंद, पप्पू, रविन्द्र, दिलखुश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी मौजूद थे। भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- भाजयुमो के बैनर तले प्रदर्शन करना गलत है भाजपा के जिला प्रवक्ता सिधेश आर्य ने कहा है कि भाजयुमो द्वारा अगर मोर्चाबंदी किया जा रहा है, तो यह अज्ञानता है। क्योंकि भाजपा सरकार में है और हमारी पार्टी के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में युवा मोर्चा द्वारा अगर मोर्चाबंदी की जाती है तो यह गलत है। ऐसे लोगों को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए। पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी का मानना है कि यह दल विरोधी आचरण है। ऐसे लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 25 Aug 2026 6:50 pm

सरकारी स्कूल में एडमिशन लें तेजस्वी फिर... नेता प्रतिपक्ष को सम्राट के शिक्षा मंत्री ने क्यों दी सलाह?

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि तेजस्वी यादव पहले किसी स्कूल में एडिमशन लेकर दसवीं पास कर लें उसके बाद परीक्षा पर अपना सुझाव पेश करें।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 6:43 pm

बिहार: नालंदा विश्वविद्यालय पहुंची संसदीय समिति, वैश्विक शिक्षा और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

राजगीर (नालंदा), 25 अगस्त . परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने Tuesday को बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया. नालंदा-राजगीर क्षेत्र के अध्ययन दौरे के क्रम में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का वैदिक मंत्रोच्चार के ... Read more

डेली किरण 25 Aug 2026 6:33 pm

शिक्षा में समस्या: दुर्ग में स्कूली स्टूडेंट तो खैरागढ़ में कॉलेज छात्राएं सड़क पर उतरीं, हरकत में आया प्रशासन

प्रदेश के दुर्ग और खैरागढ़ जिलों में शिक्षा व्यवस्था की लाचारी के खिलाफ विद्यार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुर्ग जिले के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। वहीं खैरागढ़ में बीएससी के परिणाम में देरी और विसंगतियों को लेकर कॉलेज के छात्र सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

दैनिक जागरण 25 Aug 2026 6:25 pm

विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल

विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था The post विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 25 Aug 2026 6:04 pm

झारखंड में 22 शिक्षा अधिकारियों को मिली प्रोन्नति, तीन प्रशासनिक अधिकारियों की सेवा संपुष्ट

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 22 शिक्षा सेवा पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी है, जिससे उनका वेतनमान लेवल-9 से बढ़कर लेवल-11 हो गया है। इसके अतिरिक्त, कार्मिक विभाग ने तीन प्रशासनिक अधिकारियों ज्योति वंदना कुजूर, अरुण कुमार मुंडा और विनय कुमार की सेवा संपुष्ट की है।

जागरण 25 Aug 2026 5:30 pm

उदयपुर के शिक्षाविद् व उद्योगपति ने बड़ीसादड़ी विवेकानंद मॉडल स्कूल का किया निरीक्षण

उदयपुर के शिक्षाविद् डॉ. एच. एस. कंठालिया और उद्योगपति पुष्पेंद्र परमार ने बड़ीसादड़ी मॉडल स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

प्रातःकाल 25 Aug 2026 5:05 pm

नालंदा पहुंची 19 सांसदों की टीम, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने पर हुआ मंथन

25 अगस्त, मंगलवार: नालंदा में 19 सांसदों वाली संयुक्त संसदीय स्थायी समिति की टीम ने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। समिति ने शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण और भविष्य की योजनाओं पर जानकारी ली। गया, राजगीर और नालंदा को जोड़कर पर्यटन गलियारा विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 5:03 pm

महिला शिक्षा ग्रामीण महिला विद्यापीठ में विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को गुड टच-बेड टच की दी जानकारी

सवाई माधोपुर के मैनपुरा में विधिक जागरूकता शिविर में बच्चों को गुड टच-बेड टच, लैंगिक अपराध और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

प्रातःकाल 25 Aug 2026 4:59 pm

VIDEO: पटना छात्र आंदोलन में पहुंचा 6 साल का आदित्य, सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री से की बड़ी मांग

पटना छात्र आंदोलन में पहली क्लास में पढ़ने वाला एक छह साल का बच्चा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़क पर दिखा। बच्चे ने सीएम सम्राट चौधरी से छात्रों के लिए नौकरी तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस्तीफे की मांग कर दी।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 4:22 pm

राज्यपाल ने ली अधिकारियों की बैठक, टीबी, नशा मुक्ति और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।

खास खबर 25 Aug 2026 3:57 pm

सवाई माधोपुर में शिक्षक समस्याओं पर मंथन, जिला शिक्षा अधिकारी से मिला शिक्षक संघ का शिष्टमंडल

सवाई माधोपुर में राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर वार्ता की। एसीपी प्रकरणों के समाधान के आग्रह पर अधिकारी ने समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया।

प्रातःकाल 25 Aug 2026 3:53 pm

सासाराम में शिक्षाविद डॉ. एसपी वर्मा बोले: बच्चों में प्रतिस्पर्धा के लिए ओलंपियाड जरूरी

25 अगस्त, मंगलवार: सासाराम में शिक्षाविद् डॉ. एसपी वर्मा ने कहा कि ओलंपियाड बच्चों की प्रतिभा निखारने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने नियमित आयोजन और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को जोड़ने पर जोर दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 3:34 pm

बिना टीईटी 3.28 लाख शिक्षकों के सामने नौकरी का संकट, शिक्षा मंत्री ने कैबिनेट में रखा परमानेंट छूट का ऐतिहासिक प्रस्ताव

प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से अध्यापन कार्य करा रहे 3.28 लाख शिक्षकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण न होने के कारण सेवा निरंतरता और पद पर मंडरा रहे खतरे के बीच शिक्षा विभाग ने निर्णायक पहल की है। शिक्षा मंत्री ने इस व्यापक वर्ग को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों में स्थायी छूट (Permanent Exemption) प्रदान करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर प्रस्तुत कर दिया है। इस कदम से लंबे समय से मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों में एक नई उम्मीद जगी है।टीईटी अनिवार्यता की पृष्ठभूमि और कानूनी जटिलताएंनिशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के तहत विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य योग्यता घोषित किया गया था। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद उन शिक्षकों के सामने विधिक संकट खड़ा हो गया जिनकी नियुक्तियां पूर्व के नियमों, विशेष प्रावधानों या नियोजन प्रक्रियाओं के तहत बिना टीईटी के हुई थीं।समय-समय पर विभिन्न न्यायालयों में यह मामला पहुंचा, जहां कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम शैक्षणिक और व्यावसायिक अर्हता पूरी करना अनिवार्य है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में ऐसे शिक्षकों को टीईटी पास करने के लिए अतिरिक्त अवसर दिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक आयु सीमा, सेवाकाल की अवधि या अन्य व्यावहारिक कारणों से इस परीक्षा को उत्तीर्ण नहीं कर सके। नतीजतन, विभागीय स्तर पर उनकी सेवा समाप्ति या वेतन वृद्धि रोकने जैसे प्रशासनिक कदमों की तलवार लटकने लगी थी।3.28 लाख परिवारों की आजीविका और जमीनी हकीकतबिना टीईटी वाले इन 3.28 लाख शिक्षकों में से अधिकांश वे हैं जो पिछले 10 से 20 वर्षों से दूरदराज के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई शिक्षकों का सेवाकाल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। शिक्षक संघों का तर्क रहा है कि जब इन शिक्षकों की भर्ती हुई थी, तब संबंधित सेवा नियमावली में टीईटी की अनिवार्यता शामिल नहीं थी। बाद में बनाए गए नियमों को पूर्वव्यापी प्रभाव (Retrospective Effect) से लागू कर शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है।शिक्षकों के कार्य अनुभव, वरिष्ठता और विद्यालयों के संचालन में उनके योगदान को देखते हुए यदि इन्हें सेवा से बाहर किया जाता है, तो इससे न केवल लाखों परिवार प्रभावित होंगे, बल्कि प्राथमिक शिक्षा का बुनियादी ढांचा भी चरमरा जाएगा। कई ग्रामीण विद्यालय ऐसे हैं जो पूरी तरह इन्हीं अनुभवी शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।शिक्षा मंत्री का प्रस्ताव: स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदमगंभीर होते जमीनी हालात और शिक्षक संगठनों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। इसके बाद एक संतुलित प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:सेवा अनुभव को मान्यता: वर्षों से नियमित अध्यापन करा रहे शिक्षकों के व्यावहारिक शिक्षण अनुभव को टीईटी के समकक्ष महत्व देने का सुझाव दिया गया है।विभागीय आंतरिक मूल्यांकन: पारंपरिक टीईटी परीक्षा के स्थान पर शिक्षकों के लिए इन-सर्विस ट्रेनिंग या विभागीय दक्षता प्रमाणीकरण की व्यवस्था बनाई जाए।वेतन और पदोन्नति सुरक्षा: स्थायी छूट मिलने पर शिक्षकों के नियमित वेतनमान, ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।विशेष श्रेणी का दर्जा: पूर्व नियमावली के तहत नियुक्त शिक्षकों को एक मुश्त विशेष छूट श्रेणी (One-Time Exemption Category) में रखकर सेवा सुरक्षित की जाएगी।शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य गुणवत्ता से समझौता किए बिना उन शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, जिन्होंने दशकों तक व्यवस्था को संभाला है। इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में अंतिम अनुमोदन के लिए रखा जा रहा है।शिक्षक संगठनों का रुख और प्रशासनिक चुनौतियांशिक्षा विभाग की इस पहल का प्राथमिक शिक्षक संघ और संयुक्त शिक्षक मंच ने स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग दोहराई है। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार आश्वासनों के बावजूद विधिक अड़चनों के कारण अधिसूचनाएं अटक जाती रही हैं। इसलिए सरकार को इस प्रस्ताव को मजबूत कानूनी आधार देना होगा ताकि न्यायालय में किसी भी संभावित चुनौती के समय यह टिक सके।प्रशासनिक स्तर पर मुख्य चुनौती एनसीटीई के राष्ट्रीय मानकों और राज्य के विशेष अधिकारों के बीच सामंजस्य बिठाने की है। संविधान के तहत शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, जिससे राज्यों को अपने स्थानीय संदर्भों में नियम बनाने की शक्तियां प्राप्त हैं। इसी संवैधानिक प्रावधान का उपयोग करते हुए राज्य सरकार यह छूट देने की योजना बना रही है।शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर संभावित प्रभावयदि 3.28 लाख शिक्षकों को स्थायी छूट देकर उनकी सेवाएं नियमित रखी जाती हैं, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों की दैनिक कार्यप्रणाली पर पड़ेगा। वर्तमान में शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन बिना किसी व्यवधान के जारी रह सकेगा। इसके साथ ही, लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक असमंजस की स्थिति समाप्त होने से शिक्षक पूर्ण मनोयोग से अध्यापन कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन शिक्षकों को सेवा से हटाने के बजाय उनके लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल शिक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे कक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सके।आगे की राह और आगामी प्रक्रियाकैबिनेट से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद विधि विभाग के परामर्श से संबंधित शिक्षक सेवा नियमावली में औपचारिक संशोधन किया जाएगा। इसके उपरांत राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) में इसकी अधिसूचना जारी होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को भी राज्य की विशेष परिस्थितियों से अवगत कराते हुए औपचारिक पत्र प्रेषित करेगा।प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नजरें अब आगामी कैबिनेट बैठक और सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो उनके सुरक्षित भविष्य और आजीविका की दिशा तय करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Aug 2026 3:25 pm

हमारा बोर्ड बना तो हर माहेश्वरी परिवार को रोजगार, अपना घर और तीसरी संतान की शिक्षा का खर्च उठाएगी महासभा

अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सितंबर चुनाव से पहले त्रिभुवन काबरा और राजकुमार काल्या के पैनल ने भीलवाड़ा में विजन रखा। रोजगार, घर, तीसरी संतान की शिक्षा, यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल और एनबीएफसी की योजनाएं सामने आईं।

प्रातःकाल 25 Aug 2026 3:10 pm

job news 2026: इस जॉब के लिए करना हैं अप्लाई तो लास्ट डेट में बचे हैं 4 दिन, करें आज ही आवेदन

इंटरनेट डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में जाकर नौकरी करने की सोच रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन की ओर से क्लर्क के 11403 पदों पर निकली गई भर्ती के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट को बढ़ा दिया गया है। इस भर्ती के लिए अब 28 अगस्त तक अभ्यर्थी अप्लाई कर सकते हैं। पदों के नाम- क्लर्क पदों की संख्या- 11403 आयु सीमा- उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 28 अगस्त , 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन - ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटwww.ibps.in देख सकते हैं pc- natellaisazada.com

राजस्थान खबरे 25 Aug 2026 2:24 pm

पर्यावरण विभाग में इंजीनियर्स की निकली भर्ती, सैलरी 12 लाख तक

खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर रजिस्टर्ड पोस्ट, स्पीड पोस्ट या स्वयं जाकर आवेदन जमा करना होगा। वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर के चार पदों में यूआर के 3 और दिल्ली के ओबीसी (एनसीएल) का 1 पद है। पर्यावरण इंजीनियर के दो पदों में यूआर का 1 और दिल्ली के ओबीसी (एनसीएल) का 1 पद है।

खास खबर 25 Aug 2026 2:06 pm

Bank Security Guard Job 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक में निकली सिक्योरिटी गार्ड पदों पर भर्ती, इस तारीख तक करें आवेदन

pc: jagran इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने सिक्योरिटी गार्ड के खाली पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस आज, 25 अगस्त, 2026 से शुरू हो गया है। योग्य उम्मीदवार 14 सितंबर, 2026 तक अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन पूरा करने के बाद, उम्मीदवार 29 सितंबर, 2026 तक जमा किए गए फॉर्म का प्रिंटआउट ले सकेंगे। कौन अप्लाई कर सकता है? इन पदों के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवार आर्मी, नेवी या एयर फ़ोर्स के एक्स-सर्विसमैन या एक्स-अग्निवीर होने चाहिए। उम्र के हिसाब से, 1 अगस्त, 2026 को आवेदकों की उम्र 18 से 26 साल के बीच होनी चाहिए। एक्स-सर्विसमैन के लिए, तय नियमों के आधार पर ऊपरी उम्र सीमा में छूट दी जाएगी। उम्मीदवारों को 26 साल की उम्र के बाद सर्विस के समय का फ़ायदा मिलेगा, साथ ही तीन साल की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। हालांकि, ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 45 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। इसी तरह, एक्स-अग्निवीरों को 21 साल से ज़्यादा सर्विस के समय के आधार पर उम्र में छूट मिलेगी, साथ ही भर्ती नियमों के तहत तीन साल की एक्स्ट्रा छूट भी मिलेगी। कैंडिडेट्स का 10वीं क्लास या उसके बराबर का एग्जाम पास होना ज़रूरी है। जिन एप्लिकेंट्स ने ग्रेजुएशन या उसके बराबर की क्वालिफिकेशन पूरी कर ली है, वे इस भर्ती के लिए एलिजिबल नहीं हैं। एक और ज़रूरी शर्त यह है कि कैंडिडेट्स को तमिल बोलना, पढ़ना और लिखना आना चाहिए। ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें एलिजिबल कैंडिडेट्स ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल के ज़रिए खुद एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। एप्लीकेशन इन स्टेप्स को फॉलो करके सबमिट किया जा सकता है: रजिस्ट्रेशन पोर्टल ibpsreg.ibps.in/iobsgaug26/ पर जाएं। होमपेज पर, “Click here for New Registration” पर क्लिक करें। ज़रूरी डिटेल्स डालें और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें। एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गई बाकी जानकारी भरें। ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। डिटेल्स को ध्यान से देखें और एप्लीकेशन सबमिट करें। सबमिट करने के बाद, भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंटआउट लें और इसे भविष्य के लिए संभाल कर रखें। कोई एप्लीकेशन फीस नहीं कैंडिडेट ध्यान दें कि इस भर्ती के लिए कोई एप्लीकेशन फीस नहीं है। एलिजिबल एप्लिकेंट फॉर्म पूरी तरह से फ्री में जमा कर सकते हैं। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे अपनी एप्लीकेशन जमा करने से पहले सभी एलिजिबिलिटी कंडीशन और भर्ती से जुड़ी दूसरी ज़रूरतों को ध्यान से चेक कर लें।

राजस्थान खबरे 25 Aug 2026 2:03 pm

IOCL Apprentice Recruitment 2026: 433 पदों के लिए करें अप्लाई, देखें डिटेल्स

pc: kalingatv इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) अप्रेंटिस पोस्ट भरने के लिए योग्य कैंडिडेट्स से एप्लीकेशन ले रहा है। एप्लिकेंट IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट iocl.com के ज़रिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से कुल 433 पोस्ट भरी जाएंगी। साउथ एशियन्स एंड डायस्पोरा एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 6 सितंबर, 2026 है। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया कैंडिडेट्स ने NCVT/SCVT से मान्यता प्राप्त रेगुलर फुल-टाइम 2 (दो) साल का ITI कोर्स किया हो और मैट्रिक एग्जाम पास किया हो। संबंधित ट्रेड में ITI क्वालिफिकेशन के लिए, एलिजिबिलिटी पास मार्क होगी। 31 अगस्त, 2026 तक उम्र 18 साल से 24 साल के बीच होनी चाहिए। (SC/ST के लिए 5 साल की छूट, यानी ज़्यादा से ज़्यादा 29 साल तक, OBC-NCL के लिए 3 साल की छूट, यानी उनके लिए रिज़र्व पोस्ट के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 27 साल तक)। PwBD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र में 10 साल तक की छूट दी जाएगी (SC/ST के लिए 15 साल तक और OBC-NCL कैंडिडेट्स के लिए 13 साल तक)। सिलेक्शन प्रोसेस NAPS/NATS पोर्टल पर रजिस्टर्ड और नोटिफिकेशन के हिसाब से अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को सिलेक्शन के लिए माना जाएगा। कोई रिटन टेस्ट/इंटरव्यू नहीं होगा। पोर्टल पर संबंधित पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने वाले सभी कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट पोस्ट के लिए तय क्वालिफिकेशन में मिले मार्क्स के परसेंटेज के आधार पर तैयार की जाएगी। अगर दो कैंडिडेट के मार्क्स एक जैसे हों, तो पहले जन्म की तारीख वाले कैंडिडेट (उम्र में ज़्यादा) को चुना जाएगा। अगर जन्म की तारीख एक जैसी हो, तो मैट्रिक में ज़्यादा परसेंटेज मार्क्स वाले कैंडिडेट को चुना जाएगा।

राजस्थान खबरे 25 Aug 2026 1:59 pm

मध्यप्रदेश के स्कूलों में 3 दिन होंगे जन्माष्टमी के कार्यक्रम, स्कूल शिक्षा विभाग का फरमान, आयोजन के फोटो-वीडियो भेजने के निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूलों में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सरकारी स्तर पर विशेष आयोजन की तैयारी ने सियासी बहस छेड़ दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के जन्माष्टमी को लेकर जारी दिशा निर्देश के मुताबिक प्रदेश के स्कूलों में 1 से 3 सितंबर 2026 तक कृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृष्ण लीला का मंचन, गीता के संदेश पर नाटक-नृत्य और श्रीकृष्ण से जुड़े मिथकों की व्याख्या जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। स्कूलों से आयोजन की फोटो और रिपोर्ट भी मांगी गई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी प्रदेश के स्कूलों में जन्माष्टमी पर कार्यक्रम किए गए थे। इस वर्ष भी जन्माष्टमी से पहले लोक शिक्षण आयुक्त की ओर से जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक से तीन सितम्बर तक जन्माष्टमी मनाने के निर्देश दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर 1 से 3 सितंबर तक स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रम कराने को कहा गया है। स्कूलों में जन्माष्टमी मानने का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे की समझ विकसित करना हैष स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों से आयोजनों की जानकारी विभागीय ई-मेल पर भेजने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार के इस फैसले को भाजपा ने भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराने की पहल बताया है। भाजपा का कहना है कि श्रीकृष्ण की जीवन गाथा केवल धार्मिक संदर्भ तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें कर्तव्य, नेतृत्व, मित्रता और प्रबंधन जैसे विषय भी शामिल हैं। पार्टी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया है। वहीं कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक एजेंडे से जोड़ दिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की है। कांग्रेस का सवाल है कि सरकारी स्कूलों में किसी एक धार्मिक पर्व को लेकर इस तरह के निर्देश जारी करना क्या उचित है। विवाद केवल भाजपा और कांग्रेस तक सीमित नहीं है। मुस्लिम समाज से जुड़े कुछ लोगों ने भी आपत्ति जताई है। मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने कहा कि स्कूलों को किसी धर्म विशेष का आयोजन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए और यदि धार्मिक पर्वों के आयोजन की बात है तो सभी धर्मों के त्योहारों के प्रति समान दृष्टिकोण होना चाहिए। दूसरी ओर हिंदू धर्मगुरुओं ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी देना गलत नहीं है। सरकार समर्थक पक्ष इसे धार्मिक आयोजन के बजाय सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा से जोड़कर देख रहा है। जन्माष्टमी को लेकर शुरू हुई यह बहस दरअसल इस बड़े सवाल में बदल गई है कि सरकारी स्कूलों में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की सीमा क्या होनी चाहिए? सरकार इसे संस्कृति और मूल्य-शिक्षा का हिस्सा बता रही है, जबकि विरोध करने वाले इसे धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में देख रहे हैं।

वेब दुनिया 25 Aug 2026 1:24 pm