गणेश शंकर विध्यार्थी मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग की ओर से 13 फरवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों से आए हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य औषधि विज्ञान, क्लीनिकल रिसर्च, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिक्स और औषधीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध कार्यों, उभरती तकनीकों, नैतिक शोध पद्धतियों तथा रोगी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही एकेडमिक, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण प्रो. अमिता तिलक ने दिया और कार्यक्रम का संचालन भी किया। GSVM के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों को शोध के नए आयामों से जोड़ते हैं और संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विधानसभा सत्र के कारण उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने संदेश भेजकर सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और औषधि शिक्षा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों में दिखा छात्रों का उत्साह सम्मेलन के दौरान शोधार्थियों ने नैनो-प्रौद्योगिकी, क्लीनिकल फार्मेसी, हर्बल दवाओं और दवा सुरक्षा से संबंधित शोध कार्य पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किए। विशेषज्ञ समिति द्वारा सभी शोध सारों का मूल्यांकन किया गया और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. सुधीर सिंह गंगवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। फार्मेसी के विभागाध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शोधोन्मुख और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और व्यावसायिक नैतिकता को बढ़ावा मिल सके।
बांका में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास निगम ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत चांदन प्रखंड के नावाडीह स्थित संगम जीविका महिला विकास स्वाबलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) के लैंगिक विशेषज्ञ और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महिलाओं को बेटियों के महत्व, समान अधिकार, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। DHEW के लैंगिक विशेषज्ञ मो.महबूब आलम ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ शेखर कुमार दास ने बचत, बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन, बाल विवाह रोकथाम और दहेज उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की। लैंगिक विशेषज्ञ श्रीकांत कुमार ने उपस्थित जीविका दीदियों को बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ समाज की शक्ति हैं और उनके संरक्षण, शिक्षा तथा सशक्तिकरण से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर जीविका समूह की अध्यक्ष सावित्री देवी, बुक कीपर श्रीमती मंजू पांडेय सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
बेतिया जिले के मैनाटांड प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बेलवाटोला में हाजिरी बनाकर घर जा रहे एक शिक्षक को ग्रामीणों ने रास्ते में रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान शिक्षक ने स्वीकार किया कि वे किसी जरूरी कार्य से घर जा रहे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, संबंधित शिक्षक प्रतिदिन सुबह हाजिरी बनाकर विद्यालय से चले जाते हैं और शाम में लौटकर चेक आउट करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शौचालय पर हमेशा लगा रहता है ताला ग्रामीणों ने अन्य शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का शौचालय हमेशा ताला बंद रहता है, जिससे बच्चों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा ग्रामीणों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों से ही उनकी थालियां साफ कराई जाती हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। अभिभावकों ने इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षा पदाधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन इस मामले में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
बिहार विधानसभा में बजट सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को संदीप सौरभ, अख्तरुल ईमान समेत 6 सदस्यों से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार का जवाब होगा। विधान मंडल के दोनों ही सदनों विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष सरकार को घेरेगा। विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े आलोक कुमार मेहता, भाई वीरेन्द्र और अन्य तीन सदस्यों से प्राप्त ध्यानाकर्षण पर सरकार का जवाब होगा। नगर आवास विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से राजू तिवारी, विनय कुमार और अन्य सात सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नोत्तर काल के तहत अल्प सूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर होंगे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार सरकारी सेवक संशोधन नियमावली 2025, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली 2024, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि संशोधन नियमावली 2025 और बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती और सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे। विधान परिषद में ध्यानाकर्षण बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में प्रश्न काल के अलावा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सदन की मेज पर रखी जानी है। ध्यानाकर्षण के तहत डॉ. मदन मोहन झा, वंशीधर ब्रजवासी, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, नवल किशोर यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह के सवाल हैं। कल सीएम और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक बजट सत्र के आठवें दिन गुरुवार को नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र में नोक-झोंक हुई थी। दरअसल, राजद विधायक पानी में आर्सेनिक का मुद्दा उठा रहे थे, इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनके स्वेटर को देख कर कहा- ‘इतने कपड़े क्यों पहने हो।’ इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘आपने ही तो दिया है, छोटे भाई को भूल जाते हैं। इसलिए कहते हैं समय पर दवा खाया कीजिए।’ जिसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम को डिफेंड करने उठे और कहा, ‘सीएम की चिंता है कि इतना कपड़ा क्यों पहने हैं, इतनी तो ठंढ नहीं है।’ काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘सरकार भी अपराध पर बोलने से ऐसे ही बच रही है।’ वहीं पोर्टिको में राजद विधायकों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था- ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ।’ ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन है।’
प्रदेश में करीब 3768 स्कूल जर्जर हैं। इनको जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया। इनमें से 2558 भवनों को औपचारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है और 1210 को प्रक्रिया में रखा गया है। वैसे असुरक्षित की श्रेणी में 5667 स्कूलों को रखा गया है। झालावाड़ घटना के बाद ठीक कराने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया, मगर बुधवार को बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए। हालांकि शिक्षा विभाग इसको लेकर वाहवाही बता रहा है, मगर कम राशि मिलने का मतलब साफ है कि आने वाले मानसून में मरम्मत से वंचित होने वाले जर्जर स्कूलों में बच्चों को बैठना होगा। दरअसल, झालावाड़ स्कूल की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया था। सामने आया कि प्रदेश में 5667 स्कूल पूरी तरह असुरक्षित हैं। एक प्रारंभिक सर्वे में पाया गया कि लगभग 5667 स्कूल इतने खराब हैं कि उन्हें पूरी तरह असुरक्षित माना गया, जहां पूरी तरह भवन का उपयोग करना खतरनाक है। 86,934 कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की कुल 63,018 स्कूलों में से लगभग 86,934 कक्षाएं पूरी तरह असुरक्षित और जर्जर हैं। 41,178 स्कूलों को छोटे से बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 41,178 स्कूलों में मरम्मत की आवश्यकता है, हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित तो नहीं, पर मरम्मत जरूरी है। प्रदेश के स्कूलों में 17,109 शौचालयों को जर्जर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 29,093 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत खुद शिक्षा विभाग ने माना है। अब सवाल ये है कि शिक्षा विभाग ने जो 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, उसमें से सिर्फ 500 करोड़ से क्या होगा। एक हजार करोड़ से तो शौचालयों की ही मरम्मत हो सकेगी, क्योंकि हाल ही में न्यायालय में सुनवाई हुई थी, जिसमें अधिकारियों से सवाल-जवाब हुए थे। “स्कूलों के लिए जो बजट आवंटित हुआ है, उसके अलावा विधायक निधि, डीएमएफटी, सांसद कोटा समेत भामाशाहों से भी मदद ली जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है और इसके लिए कदम उठाएगी।”-रामलाल शर्मा,भाजपा प्रवक्ता ने बजट पर सफाई दी
संभल जिले के चंदौसी स्थित अलावलपुर गांव के कंपोजिट विद्यालय के सामने कूड़े का ढेर लगा है। इस ढेर में अक्सर आग लगा दी जाती है, जिससे उठने वाला धुआं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और राहगीरों के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। यह समस्या शिक्षा के स्तर में सुधार और विद्यालयों के कायाकल्प के दावों के बावजूद बनी हुई है। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे, गांव से गुजरते समय कंपोजिट विद्यालय के ठीक सामने, एक 6 फीट की सड़क पार कर कूड़े का अंबार देखा गया। इस कूड़े में आग लगी हुई थी और उससे घना धुआं उठ रहा था, जो स्कूल के बच्चों के साथ-साथ वहां से गुजर रहे ग्रामीणों के लिए भी जोखिम भरा था। यह गांव यूपी सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में आता है, इतना ही नहीं उनकी बेटी डॉ. सुगंधा सिंह इसी क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख है। स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है। गांव की प्रधान मंगलवती और ग्राम सचिव ने पहले जेसीबी लगाकर स्कूल के सामने से गंदगी हटवाई थी। हालांकि, कुछ समय बाद गांव के लोगों ने फिर से स्कूल के सामने कूड़े का ढेर लगाना शुरू कर दिया। कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापक भावना सागर ने बताया कि विद्यालय के ठीक सामने कूड़े का ढेर लगा रहता है और अक्सर उसमें आग भी लगा दी जाती है। उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की है और बीडीओ को लिखित आवेदन भी दे चुकी हैं। उन्होंने गांव वालों को जागरूक करने की भी कोशिश की है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि मैंने बच्चों के साथ मिलकर हाथों में म्यूजिक सिस्टम लेकर प्रेरक गाने बजाए और बाकायदा अनाउंसमेंट भी किया कि 'स्कूल के सामने गंदगी न फैलाएं, इससे आपके अपने बच्चे ही बीमार होंगे।' स्कूल के सामने सफाई रखना ही बेहतर है। लेकिन इसके बावजूद गांव वाले मानने को तैयार नहीं हैं। अभी हाल ही में 8-10 लड़के मेरे पास आए थे और कहने लगे, 'मैम, कुछ भी कीजिये पर इस कूड़े को हटवाइये।' इसके बाद उन लोगों ने मीटिंग की और अपने स्तर पर पैसे इकट्ठे करके जेसीबी से कूड़ा साफ करवाया। लेकिन अफसोस, फिर से वही स्थिति बन गई है। गांव वाले समझने को तैयार ही नहीं हैं। अब मैं क्या करूँ? मेरी तरफ से कोशिशों में कोई कमी नहीं है। भावना सागर पिछले 12 वर्षों से अलावलपुर गांव के इस कंपोजिट विद्यालय में तैनात हैं। विद्यालय में कुल 176 बच्चे पढ़ने आते हैं। गांव की आबादी लगभग 3500 है। राहुल कुमार, दीप्ति शर्मा, विपिन कुमार, रीना कुमारी, शाहना परवीन और धर्मेंद्र कुमार यहां बच्चों को पढ़ाते हैं।
गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, ... Read more
उच्च शिक्षा विभाग ने दोनों पक्षों को तलब किया
लुधियाना| श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज से कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से निकाले गए कर्मचारी कुलभूषण शर्मा का दिन-रात का धरना 25वें दिन भी जारी है। कुलभूषण शर्मा ने बताया कि उनकी शिकायत पर उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) के डायरेक्टर ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया है। शर्मा ने कहा कि एयूसीटी जत्थेबंदी के प्रधान प्रो. घई और उनके सहयोगियों की मेहनत से अब मामले की सुनवाई शुरू हो गई है और उन्हें जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर द्वारा भी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। धरने के साथ-साथ कुलभूषण शर्मा और उनके परिवार का भूख हड़ताल भी जारी है, जो 9वें दिन में प्रवेश कर गई। धरने में संजय किमोठी, वेद प्रकाश, गुरदेव सिंह, दिनेश गौड़, राहुल गौड़, परवीन, वोहरा, जगत सिंह, हेमराज सैनी, अजीत, राकेश तिवारी, मनी वर्मा, गुरमीत सिंह और विनीत सहित कई समर्थक शामिल हुए।
प्रॉक्सी शिक्षकों पर सख्ती के निर्देश, शिक्षा विभाग ने गठित की जांच समितियां और फ्लाइंग स्क्वॉड
उदयपुर| अब यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति (प्रॉक्सी) को स्कूल में पढ़ाने के लिए भेजता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार ऐसे शिक्षकों को सीधे सेवा से अलग कर सकती है। दरअसल, कई जिलों में जनप्रतिनिधियों से लेकर आमजन तक की ओर से प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करें। इसके साथ ही संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की भी गहन जांच की जाएगी। निदेशालय ने इस प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय को भेजी जाए। जांच रिपोर्ट ईमेल आईडी samparkpor tal.ele@gm ail.com पर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी इन आदेशों का उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा फर्जी तरीके से कार्यरत शिक्षकों पर रोक लगाना है। उच्चाधिकारियों ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यालयों पर फोकस किया जाए। उच्च न्यायालय द्वारा मंजू गर्ग बनाम राजस्थान राज्य याचिका में दिए गए आदेशों की पालना में निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा ने राज्य के सभी जिलों में जांच समितियों और फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने 31 जुलाई 2024 और 28 अक्टूबर 2025 की सुनवाई के दौरान स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षकों की उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में निदेशालय ने जिला स्तर पर विशेष निगरानी टीमें तैनात करने का निर्णय लिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति का स्वरूप : प्रॉक्सी शिक्षकों की पहचान और जांच के लिए प्रत्येक जिले में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष: मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ), सदस्य: जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय, प्रारंभिक शिक्षा) और सदस्य के रूप में संबंधित ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को शामिल करना है।
शिक्षा सेवकों की मांगों के लिए केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को सौंपा जाएगा ज्ञापन
सिटी रिपोर्टर|रजौली रजौली प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दायित्वों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विद्यालय के एकमात्र विज्ञान शिक्षक शन्नी कुमार को मतदान केंद्र संख्या-360 बलिया पश्चिम भाग के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त किए जाने के बाद पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। प्रधानाध्यापक सतीश कुमार ने बताया कि शन्नी कुमार कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की पढ़ाई कराते हैं। ऐसे में उनकी बीएलओ ड्यूटी लगने से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाध्यापक ने सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक को चुनावी कार्य से मुक्त करने की मांग की है। नवादा|बिहार मुसहर भुईंया शिक्षा सेवक महासंघ के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष मुकेश मांझी ने बताया कि सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी एक दिवसीय दौरे पर जिले के कौआकोल प्रखंड के महुडर गांव पहुंचेंगे। इस दौरान उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री संतोष मांझी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के भी आने की संभावना है। कार्यक्रम के क्रम में वे हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के जिला अध्यक्ष अशोक मांझी की माता के श्राद्धकर्म में शामिल होंगे। इस अवसर पर शिक्षा सेवक महासंघ का एक शिष्टमंडल अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपेगा। पठन-पाठन पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव प्रधानाध्यापक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विद्यालय में विज्ञान विषय के लिए शन्नी कुमार ही एकमात्र शिक्षक हैं। वे न केवल उच्च कक्षाओं की नियमित पढ़ाई संचालित करते हैं, बल्कि विज्ञान प्रयोगशाला (लैब) से संबंधित सभी कार्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। यदि वे बीएलओ कार्य में व्यस्त रहते हैं, तो कक्षा 9 से 12 तक की विज्ञान कक्षाएं बाधित हो जाएंगी। इससे विशेषकर बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है, जो छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है। इस संबंध में बीडीओ संजीव झा ने बताया कि वे फिलहाल इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) के चेयरमैन की गाड़ी एवं गनमैन को लेकर विवादास्पद टिप्पणी के साथ एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें डॉ. पवन कुमार शर्मा पर पद छोड़ने के बाद सरकारी गाड़ी और गनमैन रखने के आरोप लगे हैं। जबकि डॉ. पवन कुमार ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि अब उनके पास बोर्ड चेयरमैन का एडिशनल चार्ज है। वायरल हो रहा लेटर 2 फरवरी को जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार द्वारा आदेश क्रमांक KW/5/6-2010 सै०शि० (5) दिनांक 6 जनवरी की अनुपालना में 31 जनवरी (अपराह) से बोर्ड कार्यालय के अध्यक्ष पद का कार्यभार छोड़ दिया गया है। अतः सभी शाखाध्यक्षों से अनुरोध है कि इसके संबंध में अपनी-अपनी शाखा से संबंधित लेय/देय राशि बारे बे-बाकी प्रमाण-पत्र इस परिपत्र के जारी होने की तिथि से तीन दिनों के अंदर-2 प्रशासन शाखा को भिजवाना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित अवधि तक किसी शाखा से वांछित प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि उस शाखा का उनसे कुछ भी लेय/देय नहीं है। आरोपों को बताया निराधार डॉ. पवन कुमार शर्मा का कहना है कि उनके पास 28 फरवरी तक अध्यक्ष एडिशनल चार्ज है। जब 31 जनवरी को पद छोड़ा तो उन्होंने किसी भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया था। वे खुद की गाड़ी में ही आए थे। लेकिन 6 फरवरी से उन्हें एडिशनल चार्ज दिया है। इसके बाद में गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं।
लसाड़िया में बच्चों की शिक्षा के लिए मदर्स वर्कशॉप और लर्निंग कैंप शुरू
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और बासुदेव कनोरिया संस्थान के सहयोग से देवलिया, धौलिया और अंग्गड़ पंचायतों में माताओं को शिक्षण गतिविधियों से जोड़ा गया।
सहरसा के नवहट्टा प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के बरामदे पर सोते हुए का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने इस मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटना नवहट्टा प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय महुआ से संबंधित है। बताया जा रहा है कि बीते शनिवार, 7 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे विद्यालय के सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद एक शिक्षक, अब्दुल गफ्फार, स्कूल के बरामदे पर चटाई बिछाकर मोबाइल देखते-देखते सो गए। 6 शिक्षकों में से 2 ही थे मौजूद विद्यालय में कुल छह शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन घटना वाले दिन केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे। उर्दू प्राथमिक विद्यालय महुआ की प्रधानाध्यापक रहमत जहां ने बताया कि तीन शिक्षक - शबनम कुमारी, संजू और हयात अली - अक्सर छुट्टी से पहले ही 'घर देर हो जाएगी' कहकर चले जाते हैं। इसी विद्यालय के साथ नवसृजित प्राथमिक विद्यालय शाहपुर चाही भी टैग है। वायरल वीडियो के अनुसार, इस टैग किए गए स्कूल में न तो कोई शिक्षक और न ही प्रधानाध्यापक मौजूद थे, और न ही कोई बच्चा दिख रहा था। स्कूल के 'आउट एरिया' में होने के कारण अधिकारियों को यहां तक पहुंचने में कठिनाई होती है। प्रधानाध्यापक की गैर मौजूदगी में सो रहे थे शिक्षक स्कूल के एक अन्य शिक्षक राजेंद्र राम ने पुष्टि की कि अब्दुल गफ्फार नामक शिक्षक सो रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक शायद कहीं नीचे गए हुए थे। वीडियो में जब सो रहे शिक्षक से बच्चों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बच्चे अभी स्कूल में ही थे और अब घर चले गए हैं। उन्होंने अपना नाम मो. अब्दुल गफ्फार रहमानी बताया। सहरसा के जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूल के शिक्षक के सोने का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पाकिस्तान के स्वात ज़िले में बाढ़ से 120 बालिका स्कूल क्षतिग्रस्त। यूनेस्को ने 12,000 लड़कियों की शिक्षा बचाने के लिए जलवायु-अनुकूल पुनर्निर्माण की मांग की...
हाई कोर्ट ने पूछा:शिक्षा उपकर लिया तो निगम के 184 स्कूलों में सुविधा क्यों नहीं दी
जनता से शिक्षा उपकर के रूप में टैक्स लेने के बावजूद नगर निगम के अधीन संचालित 184 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं हैं? इस सवाल पर नगर निगम हाई कोर्ट में कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। जवाब के लिए समय मांगने पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक स्पष्ट जवाब पेश किया जाए, अन्यथा निगमायुक्त को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। प्रशासनिक जज विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने निगम से पूछा है कि अब तक शिक्षा उपकर के रूप में कुल कितनी राशि वसूली गई है और वह राशि किन-किन मदों में खर्च की गई। साथ ही यह भी पूछा कि सभी स्कूलों में वॉशरूम, पीने का पानी, बेहतर क्लासरूम, खेल मैदान सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं क्यों विकसित नहीं की गईं? याचिका में गंभीर आरोप: याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष विजयवर्गीय ने पैरवी करते हुए कहा कि नगर निगम शिक्षा उपकर के नाम पर जनता से राशि वसूल रहा है, लेकिन यह पैसा स्कूलों पर खर्च नहीं किया जा रहा। स्कूलों की इमारतें तो बनी हैं, पर उनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि कई स्कूलों में बेंच, ब्लैकबोर्ड, पानी की टंकी जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सामाजिक क्लबों और संगठनों के दान से कराई जा रही हैं। जबकि उपकर की राशि से ग्राउंड, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, पर्याप्त बेंच और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए। कई स्कूलों में न तो लाइब्रेरी है और न ही लैब की सुविधा उपलब्ध है। 25 स्कूलों की जांच, 10 का निरीक्षण पूराहाई कोर्ट ने तीन वकीलों की कमेटी गठित कर 25 स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। कमेटी अब तक 10 स्कूलों का निरीक्षण कर चुकी है। कोर्ट ने शेष 15 स्कूलों का निरीक्षण कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बेटियों की शिक्षा समाज व देश की प्रगति का मार्ग: शिवरतन
भास्कर न्यूज | भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रिय नेता शिवरतन शर्मा ने सोमवार को दत्तरेंगी एवं कोटमी में आयोजित साईकिल वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दत्तरेंगी व कोटमी में निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि बेटियों की शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की सच्ची प्रगति का मार्ग है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिवरतन शर्मा ने कहा बेटियों को शिक्षित करना समाज को नई दिशा देना है, और हम इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं। शिवरतन शर्मा ने कहा कि साइकिल मिलने से अब छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आसानी होगी।
दिल्ली के शिक्षा अधिकारियों ने किया पीएम श्री स्कूल सुखेर का भ्रमण; नवाचारों को सराहा
उदयपुर | स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को दिल्ली के 25 सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों के दल ने बड़गांव ब्लॉक स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुखेर का ‘एक्सपोजर विजिट’ किया। इस दल का नेतृत्व समग्र शिक्षा उदयपुर की कार्यक्रम अधिकारी विमलेश यादव एवं नई दिल्ली की जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंजु गौड़ ने किया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय की बाल वाटिका, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने विद्यालय के सुव्यवस्थित खेल मैदान, स्वच्छता प्रबंधन (शौचालय) और मिड-डे मील की गुणवत्ता के साथ-साथ एसएमसी व एसडीएमसी के दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य माया जाटव और डॉ. अंजु गौड़ के बीच शैक्षिक उन्नयन और नए नवाचारों को लागू करने पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सैकड़ों शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के विरोध में किया गया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 ब्लॉकों के शिक्षक इसमें शामिल हुए। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक विरोधी बयान दिया था, जिससे पूरे देश के शिक्षक नाराज हैं। महामंत्री विजय त्रिपाठी ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना अनैतिक है। उन्होंने तर्क दिया कि इन शिक्षकों की भर्ती उस समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। शिक्षकों ने कहा कि नई शिक्षक प्रणाली केवल नए शिक्षकों पर लागू होनी चाहिए, न कि उन शिक्षकों पर जो दशकों से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में पूरे देश में शिक्षक एक बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान राजेंद्र सिंह, विजय त्रिपाठी, अनिल वर्मा, लाल देवेंद्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र उमराव, आकाश कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना 10वां बजट सदन में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट में प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जनपद को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें बाढ़ नियंत्रण, प्रशासनिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में श्रावस्ती में बाढ़ शमन योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से राहत दिलाना है। इसके अलावा, बलरामपुर-श्रावस्ती को बौद्ध सर्किट से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रशासनिक भवन एवं अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का कार्य भी प्रगति पर है। परिवहन पर विशेष जोरइस वर्ष प्रस्तुत 53.47 लाख करोड़ रुपये का यह बजट 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं को गति देने की महत्वाकांक्षी रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क एवं राजमार्ग, गृह तथा रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकताएं तय की गई हैं। श्रावस्ती को रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में भी बजट में ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्टल स्थापित करने तथा प्रमुख एवं छोटे तीर्थ स्थलों के विकास की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं। कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के लिए भी प्रावधान किए गएबजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को वैश्विक केंद्र बनाने, कैंसर की दवाओं को सस्ता करने, बायो-फार्मा योजना की शुरुआत, उद्योगों को प्रोत्साहन, पूंजीगत व्यय में वृद्धि, 'लखपति दीदी' और 'गांव की दीदी' जैसी योजनाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, गरीबी उन्मूलन, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर, यह बजट प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जैसे पिछड़े जनपदों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव और जीपीएम जिले के प्रभारी सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने आज कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के साथ विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और उनकी उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, स्टाफ की कमी और अधोसंरचना से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों को तत्काल अपने स्तर पर निपटाने और यदि संभव न हो तो वरिष्ठ कार्यालय से समाधान कराने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने शिक्षा, टीकाकरण और जल संरक्षण पर दिया जोर प्रभारी सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता, टीकाकरण और पानी बचाने पर खास ध्यान दिया। उन्होंने जिले के स्कूलों और वहां पढ़ रहे बच्चों की संख्या की जानकारी ली। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति और माता-पिता-शिक्षक की नियमित बैठकों पर जोर दिया। साथ ही, महतारी वंदन योजना में एक ही नाम के दोहराव की समस्या को सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, पशु पालन, जल और परिवहन सहित कई मुद्दों पर चर्चा बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं, पशु संगणना, पशु टीकाकरण, भू-जल संवर्धन, वाटर रिचार्ज, पेयजल योजनाओं, खनिजों-खदानों और परिवहन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने का आश्वासन दिया। इस बैठक में डीएफओ ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर संभाग अध्यक्ष सूरज वर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर अपनी कई मांगों को रखा। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों के नियमितीकरण और वार्षिक वेतन वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ की ओर से बताया गया कि शिक्षा मंत्री ने उनकी प्रमुख मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार संविदा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रुख अपनाएगी। आंदोलन की चेतावनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि, यदि सरकार ने मांगों को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संघ आगामी शिक्षा सत्र से ‘कलम बंद, काम बंद’ हड़ताल और आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
राजस्थान विधानसभा में आज पेश होने वाले बजट को लेकर झुंझुनूं जिले की जनता में भारी उत्साह और उम्मीदें हैं। शेखावाटी का हृदय कहे जाने वाले इस जिले को इस बार आधारभूत ढांचे, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और वर्षों से लंबित 'यमुना जल समझौते' के क्रियान्वयन को लेकर बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा है। प्रमुख मुद्दे जो बजट के केंद्र में रह सकते हैं यमुना जल समझौता: जिले की प्यास बुझाने के लिए यमुना के पानी को लेकर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के बजट आवंटन पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह मुद्दा जिले की राजनीति और कृषि दोनों के लिए जीवन रेखा समान है। शिक्षा और खेल: 'सैनिकों की खान' कहे जाने वाले इस जिले में खेल यूनिवर्सिटी की सुविधाओं के विस्तार और नए स्किल सेंटर की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठ रही है।
हलेश्वर स्थान महोत्सव की तैयारियों में जुटा शिक्षा विभाग, मांगी गई सूची
भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी धार्मिक आस्था, लोक-संस्कृति और पारंपरिक विरासत का प्रतीक श्री हलेश्वर स्थान महोत्सव इस वर्ष 13 फरवरी 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को यादगार बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन में जिले के छात्रों और शिक्षकों की अहम भूमिका सुनिश्चित की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा डुमरा प्रखंड के निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि वे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए अपने-अपने विद्यालय से एक दल का गठन करें। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि छात्रों एवं शिक्षकों की सूची 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे तक डीपीओ माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता कार्यालय में उपलब्ध कराएं। प्राप्त सूचियों के आधार पर आयोजन समिति द्वारा विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जिसकी सूचना संबंधित विद्यालयों को दी जाएगी। डीपीओ आयुष कुमार ने बताया कि हलेश्वर स्थान महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जिले की लोक-संस्कृति, भक्ति संगीत और पारंपरिक कलाओं को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की सहभागिता से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी।
शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल-मुख्याध्यापक मजबूत कड़ी: खन्ना
भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों एवं हाई स्कूलों के मुख्याध्यापकों की मिशन समर्थ 4.0 एवं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माधव विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रणजीत एवेन्यू ए-ब्लॉक में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 15 ब्लॉकों से आए 226 प्रिंसिपल व मुख्याध्यापक शामिल हुए। इस सत्र में मिशन समर्थ को स्कूलों में प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना ने कहा कि शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक एक मजबूत कड़ी हैं, जो विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (डीआरसी) डॉ. राजन ने मिशन समर्थ 4.0 को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर स्कूल प्रमुखों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक समझ को मजबूत करना है, ताकि वे पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षक मैनुअल, खेल पिटारा आधारित गतिविधियों, मिशन समर्थ की समय-सारिणी तथा गतिविधियों के रिकॉर्ड को सही तरीके से संधारित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और योजनाबद्ध शिक्षण से ही मिशन समर्थ के लक्ष्य पूरे किए जा सकते हैं।
शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति से ही समाज का उत्थान : विधायक साहू
भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम सोनकर समाज के अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक इंद्र कुमार साहू ने कहा कि समाज का एक अलग महत्व है। यदि शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखा जाए, तो समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। समाज के समग्र विकास के लिए इन तीनों मूल्यों पर चिंतन और अमल आवश्यक है। विधायक साहू ने कहा कि सोनकर समाज मेहनतकश समाज है जो परिश्रम के बल पर निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने समाज में बिन्नी बाई को दानदाता के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि ऐसी महान विभूतियां पूरे समाज के लिए गौरव का विषय हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। विधायक साहू ने कहा कि बेटियां आज शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। कहा कि समाज को हम क्या दे रहे हैं? इस पर भी चिंता करें। समाज संगठित रहेगा तो सारे काम संभव होगा। साहू ने समाज के लोगों से नशापान का त्याग करने की अपील करते हुए कहा कि नशा समाज की जड़ों को कमजोर करता है। स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक समाज ही विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के हर सुख-दुख में वे सदैव साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर विधायक इंद्रकुमार साहू एवं विधायक रोहित साहू ने 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले सामाजिक भवन का भूमिपूजन किया। नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में अर्जुन्दा के प्रभा सोनकर, कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप टेन प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली भावना सोनकर, समाज के एमबीबीएस, एमडी डॉ रेशमा सोनकर, डॉ टिकेन्द्र सोनकर, डॉ बलराम सोनकर, डॉ मयंक सोनकर, डॉ प्रियंका सोनकर, डॉ आकाश सोनकर एवं समाज के एएसआई सोनकर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन चेतन सोनकर ने किया। श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सोनकर समाज के अधिवेशन में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक रोहित साहू ने समाज की एकता, आस्था और सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि समाज है तभी हमारी पहचान है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर समाज के प्रति विश्वास और निष्ठा होना आवश्यक है। समाज के लिए समय निकालना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। जब भी समाज का कोई आयोजन, उत्सव या कार्यक्रम हो, उसमें पूरे परिवार के साथ अनिवार्य रूप से सहभागिता करनी चाहिए। इससे सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है।
शिक्षा कोर्स तक सीमित न रहे: डॉ. राठौर
भास्कर न्यूज | जांजगीर डीबीएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक उत्सव आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संचालक और कलेश्वर नाथ पब्लिक ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश कुमार राठौर ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट की सचिव और राठौर क्षत्रीय समाज महिला सभा की प्रांतीय अध्यक्ष ममता राठौर ने की। मुख्य अतिथि रमेश कुमार राठौर ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसका उद्देश्य समाज, राष्ट्र और मानवता के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिभा को सामने लाने का मंच है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ममता राठौर ने कहा कि यह आयोजन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है, जहां प्रतिभा और आत्मविश्वास एक मंच पर दिखाई देता है। कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। रमेश कुमार राठौर ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। फार्मेसी जैसे जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पढ़ रहे विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य सेवा के मजबूत स्तंभ बनेंगे। कॉलेज में वर्षभर आयोजित गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में मनोज सिंह, संजय राठौर, राजेश क्षत्रीय और अमरिस राठौर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वसुधा सिंह, रोहित कोरी, ऋतु सूर्यवंशी, टिकेश्वरी पटेल, रिशि नायक, हिमानी विश्वकर्मा, कल्पना, विकास, अकील, कृष्णा, विमला और उमा मौजूद रहे। संचालन हिमानी, नुती और नागेश सर ने किया।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं क्लास की परीक्षा के साथ 12 फरवरी से परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा। इस बार सभी कक्षाओं की परीक्षा मार्च माह में पूरी हो जाएगी। उधर, शिक्षा विभाग ने भी परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। बीकानेर जिले से 42553 अभ्यर्थी 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में कुल 215 परीक्षा केंद्र गठित किए गए हैं, जहां सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक परीक्षा होगी। बोर्ड के दिशा निर्देशानुसार बिना प्रवेश पत्र किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रवेश पत्र के साथ ही अभ्यर्थियों को स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा। 10वीं कक्षा की परीक्षा की शुरुआत अंग्रेजी के पेपर से होगी। 12 फरवरी को पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा होगी। उधर, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए डीईओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी गठित कर दिया गया है। बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर लें। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। अन्य कक्षाओं की परीक्षा 8वीं बोर्ड 19 फरवरी से 5वीं कक्षा 20 फरवरी से 9वीं -11वी 7 मार्च से जिले में मनोविज्ञान विषय नहीं, 12वीं की परीक्षा 13 से 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा भी 12 फरवरी से ही शुरू होगी। पहले दिन मनोविज्ञान विषय का पेपर होगा। लेकिन बीकानेर जिले के स्कूलों में मनोविज्ञान विषय नहीं होने के कारण 13 फरवरी को अनिवार्य अंग्रेजी विषय के साथ परीक्षा की शुरुआत होगी। 12वीं कक्षा में जिले से 35209 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। “12 फरवरी को पहले दिन 10वीं की बोर्ड परीक्षा के तहत अंग्रेजी विषय का पेपर होगा। बीकानेर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 42553 पंजीकृत हैं। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा।”-किशन दान चारण, डीईओ, माध्यमिक
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन, बच्चों को सड़क सुरक्षा की दी महत्वपूर्ण शिक्षा
उदयपुर| नीलिमा ज्वेल्स सुखाड़िया सर्कल में 11, 12 और 13 फरवरी को तीन दिवसीय आभूषण प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी में प्राकृतिक हीरों से बनी एक्सक्लूसिव और डिज़ाइनर ज्वेलरी का शानदार संग्रह प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रदर्शनी परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन मिश्रण होगी। इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता आयोजित उदयपुर| द विजन एकेडमी स्कूल में इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रतिमा सामर और उप प्राचार्य श्रीमती मानसी टिक्कू के निर्देशन में हुआ। युवाओं को लोकतंत्र की ताकत पहचानने का दिया संदेश उदयपुर| सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू भूपालपुरा में इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. देवीलाल गर्ग , डॉ. अक्षय राज और विद्यालय की चेयरपर्सन अलका शर्मा ने कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लिया। मुख्य अतिथियों ने अपने अभिभाषणों में वोट की अहमियत पर जोर दिया और युवाओं को लोकतंत्र की ताकत को पहचानने का संदेश दिया। उदयपुर| गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के सक्रिय सहयोग में मंगलवार को स्व. नर्मदा देवी ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञान देव विश्वकर्मा थे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मार्केटिंग हेड कल्पेश चन्द रजबार और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीईओ ऋषि कपूर ने अपने संबोधन में कहा बच्चों को सड़क सुरक्षा और सिविक सेंस के प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। समारोह के दौरान मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ (महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर), मायरा राज्यलक्ष्मी चन्द (रॉकवुड्स स्कूल), ज्यांशु जाट (सीपीएस स्कूल) को रोड सेफ्टी ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया, जो पूरे वर्ष भर अपने-अपने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के महत्व को फैलाएंगे।
लोगों को क्रिया योग के माध्यम से देंगे योग साधना की मूल शिक्षा; 15 को होगा क्रिया दीक्षा समारोह
योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया (YSS) की ओर से शुक्रवार से जयपुर में तीन दिवसीय संन्यासी कार्यक्रम एवं सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए सोसायटी के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी अच्युतानंद जयपुर आए हैं। वे यहां 13 से 15 फरवरी तक लोगों को क्रिया योग के माध्यम से योग साधना की मूल शिक्षा देंगे। यह कार्यक्रम गोपालपुरा हिम्मत नगर ईस्ट लेन-1 के प्लाट नंबर-4 स्थित योगदा सत्संग ध्यान केंद्र में रखा गया है। कार्यक्रम में सत्संग, ध्यान सत्र और आध्यात्मिक प्रवचन होंगे। इस दौरान 15 फरवरी को क्रिया दीक्षा समारोह रखा गया है, जिसमें साधकों को क्रिया योग की दीक्षा प्रदान की जाएगी। स्वामी अच्युतानंद आधुनिक जीवन में ध्यान की प्रासंगिकता, परमहंस योगानंद की सार्वभौमिक शिक्षाओं और आंतरिक शांति प्राप्त करने के व्यावहारिक मार्गों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। गौरतलब है कि योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया की स्थापना 1917 में परमहंस योगानंद ने की थी। सोसायटी का मुख्यालय रांची में है। परमहंस योगानंद ने अपने जीवन को आत्म-साक्षात्कार करते हुए क्रिया योग ध्यान के प्राचीन विज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित किया। सोसायटी का उद्देश्य क्रिया योग के माध्यम से सभी धर्मों के लोगों को योग की मूल शिक्षा प्रदान करना है। क्रिया योग आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान क्रिया योग एक प्राचीन ध्यान तकनीक है जो आत्मिक विकास को तीव्र करती है और साधक को ईश्वर की गहरी जागरूकता की ओर ले जाती है। श्रीमद् भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने इसे एक आध्यात्मिक मार्ग के लिए चुना था। भगवद्गीता के अध्याय 4, श्लोक 29 में कहा गया है: “अपाने जुह्वति प्राणं प्राणेऽपानं तथापरे। प्राणापानगती रुद्ध्वा प्राणायामपरायणाः॥ यह श्लोक क्रिया योग की श्वास नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीक का संकेत देता है, जो चेतना को ऊपर उठाने और आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करने में सहायता करती है।
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार 2.0 का 5वां बजट पेश करेंगे। अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जनवरी- 2027 के पहले सप्ताह तक आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में यह बजट योगी सरकार का चुनावी बजट माना जा रहा। इसमें सरकार अपने वोटबैंक को साधने के लिए महिला, युवा, किसान, मजदूर और कर्मचारी वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी। बजट का आकार 9 लाख 20 हजार करोड़ से ज्यादा तक हो सकता है। पढ़िए यूपी बजट पर खास रिपोर्ट… वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार बजट को अंतिम रूप दे चुके हैं। इसको सीएम योगी ने भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, बुधवार सुबह सीएम योगी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे वित्तमंत्री विधानसभा में और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य विधान परिषद में बजट पेश करेंगे। 9 लाख करोड़ से ज्यादा का होगा बजटसरकार ने पिछले साल 20250-26 के लिए 8.7 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया था। उसके बाद 2 बार अनुपूरक बजट पेश किए। जानकार मानते हैं कि सरकार हर साल बजट में करीब 20 फीसदी की वृद्धि करती है। अगले साल चुनाव भी हैं। इस लिहाज से सरकार बजट में कोई कमी नहीं रखेगी। बजट का आकार 9.20 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है। जानिए बजट में क्या मिल सकता है आउटसोर्सिंग कर्मचारी भर्तीसरकार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारी सेवा निगम का गठन किया है। माना जा रहा है कि सरकार बजट में निगम के जरिए होने वाली भर्तियों की बात कर सकती है। चुनाव से पहले निगम के जरिए 50 हजार से ज्यादा पदों पर आउटसोर्सिंग भर्ती कराने की योजना है। आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने के लिए बजट प्रावधान भी हो सकता है। पेंशन बढ़ सकती हैसरकार विधवा, निराश्रित, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसको 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए महीने किया जा सकता है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ सकता हैसरकार 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 27 हजार से अधिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी बजट में कर सकती है। मानदेय में दो-दो हजार रुपए की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 8वें वेतनमान को लागू करने की होगी घोषणासरकार बजट में एक अप्रैल, 2026 से यूपी में 8वां वेतनमान लागू करने की घोषणा कर सकती है। इसका सीधा फायदा 15 लाख से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ 11 लाख से अधिक पेंशनर्स को होगा। महिलाओं-युवाओं पर रहेगा फोकससरकार महिला वोटबैंक के लिए 60 साल से ज्यादा आयु की महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त यात्रा की घोषणा कर सकती है। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी बजट में बड़ी घोषणा हो सकती है। सरकार युवाओं के लिए सरकारी विभागों में नौकरी का प्रस्ताव ला सकती है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी योजना लागू हो सकती है। लखनऊ में मेट्रो विस्तार के लिए बजटलखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार के लिए सरकार बजट प्रावधान करेगी। वहीं, कुछ शहरों में मेट्रो रेल परियोजना स्थापित करने की घोषणा भी हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकसवित्त विभाग के एक अफसर बताते हैं कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा। विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 10-10 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की जा सकती है। संकल्प पत्र के वादों पर होगी बातभाजपा ने विधानसभा चुनाव- 2022 से पहले संकल्प पत्र जारी किया था। इसमें जनता से 131 वादे किए गए थे। योगी सरकार ने भाजपा के संकत्प पत्र के ज्यादातर बड़े वादे या तो पूरे कर दिए हैं या पूरा करने की कवायद शुरू हो चुकी है। 8-9 वादे ऐसे हैं, जिन्हें पूरा किया जाना है। जानकार मानते हैं कि चुनावी बजट होने के कारण सरकार संकल्प पत्र के बाकी वादों को पूरा करने की घोषणा भी कर सकती है। बजट पर देशभर की निगाह रहेगीप्रदेश सरकार के बजट पर यूपी की नहीं, देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों, आर्थिक मामलों के जानकारों की नजर रहेगी। प्रदेश की जनता की भी टकटकी लगाकर देखेगी कि सरकार ने चुनाव में जाने से पहले क्या-क्या वादे पूरे किए? कौन-सी बड़ी योजना लेकर आ रही? अनुपूरक बजट पेश करना भी एक विकल्पराजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा मौके पर चौका लगाने में माहिर है। यह भी संभव है कि बुधवार को बजट में ज्यादा बड़ी घोषणाएं न की जाएं। विधानसभा चुनाव का माहौल देखा जाए। इसके बाद विधानसभा के मानसून सत्र या शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर कोई बड़ी घोषणा करे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… UP सरकार पिछले बजट का आधा ही खर्च कर पाई, पेंशन-भत्तों के लिए 100% रकम दी, हेल्थ-इंफ्रा में कटौती वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करियर की संभावनाओं से छात्रों और अभिभावकों को रूबरू कराने के उद्देश्य से 11 फरवरी को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) भोपाल में टूरिज्म एजुकेशन एक्सपो और ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर मेकिंग प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन आईएचएम भोपाल और इंडियाटूरिज्म मुंबई (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार) के संयुक्त सहयोग से सुबह 11 बजे से अरेरा कॉलोनी स्थित आईएचएम परिसर में होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. इलैयाराजा टी , आईएएस, सचिव, पर्यटन विभाग, मध्यप्रदेश सरकार; मुख्यमंत्री के सचिव; प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, आईएचएम भोपाल के अध्यक्ष शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अभय अरविंद बेडकर, आईएएस, अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और परमवीर सिंह, जनरल मैनेजर, ताज लेकफ्रंट भोपाल की उपस्थिति रहेगी। छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन का केंद्र बनेगा एक्सपोटूरिज्म एजुकेशन एक्सपो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे विशेष रूप से स्कूल छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए तैयार किया गया है। एक्सपो में हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, क्यूलिनरी आर्ट्स, ट्रैवल और संबंधित क्षेत्रों में करियर अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इंटरैक्टिव करियर डिस्प्ले, छात्रों द्वारा किए जाने वाले लाइव डेमो और फैकल्टी व इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से संवाद की सुविधा भी रहेगी। आईएचएम छात्रों का लाइव फूड प्रोडक्शन और सर्विस डेमोकार्यक्रम में आईएचएम भोपाल के छात्र लाइव फूड प्रोडक्शन और हॉस्पिटैलिटी सर्विस डिस्प्ले के जरिए अपनी प्रोफेशनल स्किल्स का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तुति भारतीय आतिथ्य परंपरा और संस्थान में दी जा रही व्यावहारिक ट्रेनिंग की झलक पेश करेगी। इसके अलावा ‘देखो अपना देश’ अभियान की भावना के अनुरूप स्कूली छात्रों के लिए क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे भारत की पर्यटन, संस्कृति और विरासत के प्रति जागरूकता और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार की कालीबाई भील स्कूटी योजना के तहत निजी स्कूल की 12वीं कृषि संकाय की छात्रा शेफाली शर्मा (पुत्री अशोक शर्मा) को निशुल्क स्कूटी प्रदान की गई है। इस उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने छात्रा की मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। शेफाली शर्मा वर्तमान में बीए की छात्रा हैं और उच्च शिक्षा की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश जाट, सूरजमल शर्मा, मुकेश सेन, अशोक शर्मा, अशोक कुमार बासनीवाल और रोहित यादव सहित विद्यालय एवं महाविद्यालय का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और राज्य सरकार की इस योजना को बालिकाओं की शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मधुबनी जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी 75 इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्रों पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के प्रति जागरूक करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी दी वितरित किए गए पंपलेटों के माध्यम से छात्रों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण सरल प्रक्रिया और आसान किश्तों पर उपलब्ध कराया जाता है। छात्र इस योजना का लाभ उठाकर विभिन्न व्यावसायिक, तकनीकी और सामान्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। जिला प्रशासन का यह प्रयास छात्रों को समय पर योजना की जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे वे इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद बिना किसी देरी के अपनी आगे की पढ़ाई की योजना बना सकेंगे और उच्च शिक्षा के अपने सपनों को साकार कर पाएंगे। अधिक से अधिक छात्रों को योजना के प्रति जागरूक करने के निर्देश जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक छात्रों को इस योजना के प्रति जागरूक करें। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आवेदन प्रक्रिया में भी सहयोग प्रदान किया जाए। मधुबनी जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भीलवाड़ा के एक सरकारी स्कूल के एनुअल फंक्शन में स्टूडेंट्स के अमर्यादित गानों पर डांस का मामला सामने आया है। स्कूल में डीजे लगाया गया था, जिसकी धुनों पर स्कूली बच्चियां भी डांस कर रही थी। इसी बीच छत पर गुपचुप-गुपचुप... सोया था बहनोई और 3 पैग जैसे गाने बजाए गए। स्टूडेंट्स इन गानों पर डांस करने लगी। हालांकि डांस का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी किया। ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी शिखा राणा का कहना है कि स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस कर 3 दिन मे जवाब मांगा है। 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया है. विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 3 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी जानकारी के अनुसार- शक्करगढ की सरकारी स्कूल में 9 फरवरी को एनुअल फंक्शन का आयोजन किया गया था। इसमें स्टूडेंट्स और स्कूल स्टाफ के साथ सभी टीचर्स भी मौजूद थे। इस दौरान फिल्मी गानों पर स्टूडेंट्स ने डांस किया। इसी बीच डीजे ने अमर्यादित और फूहड़ गाने बजाना शुरू कर दिया, जिन पर स्कूली बच्चियां भी डांस करने लगी। स्कूल परिसर में अमर्यादित गानों पर डांस का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाया और कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हरियाणा शिक्षा विभाग में तैनात 85 जेबीटी को प्रमोट कर टीजीटी पंजाबी बनाया गया है। अब इन टीचरों को नए सेंटर पर भेजा जाएगा। जिसके लिए विभाग ने ऑनलाइन चॉइस सेंटर मांगे हैं। 11 फरवरी रात 12 बजे तक इसके लिए इन टीचरों को आवेदन करना होगा। शिक्षा विभाग में TGT प्रमोट हुए टीचरों के लिए हरियाणा के 269 स्कूलों में पोस्ट खाली हैं, जहां के लिए ये अब अप्लाई कर सकेंगे। टीजीटी पंजाबी सर्वाधिक वैकेंसी अंबाला जिले में खाली हैं, जहां पर 102 स्कूलों में टीचर नहीं है। वहीं, इसके साथ-साथ भिवानी, गुरुग्राम, हिसार व जींद में एक-एक, फतेहाबाद में 7, कैथल में 14, करनाल में 16, कुरूक्षेत्र में 12, यमुनानगर में 6 , पंचकूला में 14, पानीपत में 6, रोहतक में 1, सिरसा में 21, सोनीपत में 1 वैकेंसी खाली है। पदोन्नति प्रक्रिया और आवश्यकताएं…
चित्रकूट के रामनगर विकासखंड में दिव्यांग श्रेणी के बच्चों को सुविधाजनक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 79 परिषदीय विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी रामनगर में 10 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता और सीखने की क्षमता के आधार पर पहचानना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। खंड शिक्षा अधिकारी एन.पी. सिंह ने बताया कि समावेशी शिक्षा के तहत सभी बच्चों को एक साथ बैठकर समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय से एक-एक नोडल शिक्षक को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित नोडल शिक्षक अपने कैचमेंट एरिया में ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे जिनकी सीखने की क्षमता कम है या जो किसी भी प्रकार की दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। इन बच्चों को चिन्हित कर नामांकित किया जाएगा और शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। समर्थ ऐप के माध्यम से ऐसे बच्चों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को शासन से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और उनके अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। स्पेशल एजुकेटर संजय कुमार पांडेय और गुड़िया त्रिपाठी द्वारा यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग ने साल 2026 की जिला एकेडमिक रैंकिंग जारी कर दी है। इस लिस्ट में झुंझुनूं को पहला स्थान मिला है। वहीं हनुमानगढ़ को दूसरा, चूरू को तीसरा और सीकर को चौथा स्थान मिला है। विभाग ने 100 में से जिलों को नंबर दिए थे। चौंकाने वाली बात ये है कि सबसे पहले नंबर पर आए झुंझुनूं को 100 में से 34 मार्क्स मिले हैं। ये नंबर ग्राउंड मॉनिटरिंग, हाजिरी और गवर्नेंस के आधार पर दी गई है। बांसवाड़ा और जैसलमेर जैसे जिले रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रहे हैं। जनवरी 2026 की रैंकिंग: कम मार्क्स के पीछे सख्त मूल्यांकन जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मील बताया कि विभाग ने इस साल Learning Outcomes (सीखने के प्रतिफल) को निर्णायक महत्व दिया है। रैंकिंग कम होने के पीछे मुख्य रूप से सख्त मूल्यांकन मानक माने जा रहे हैं। DEO मील ने बताया और अधिक बेहतर करने की गुंजाइश है। नंबर तो कम ही है, इस बार और बेहतर करेंगे। हम पूरे राजस्थान में अव्वल है। इस आधार पर हुई रैंकिंग डेटा-आधारित समीक्षा से सुधरेगी सूरत शिक्षा विभाग अब इसे एक 'वेक-अप कॉल' की तरह देख रहा है। विभाग के अनुसार, हर महीने होने वाली इस रैंकिंग का उद्देश्य जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना है। सीएसई सचिव की अध्यक्षता में होने वाली नियमित बैठकों में अब उन कमजोर कड़ियों की पहचान की जाएगी, जिनके कारण स्कोर इतना कम रहा है।
कासगंज जनपद के प्राथमिक विद्यालय तिलसई खुर्द के प्रधानाध्यापक चैतन्य कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय पर एरियर भुगतान में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। प्रधानाध्यापक चैतन्य कुमार के अनुसार, उनका एरियर भुगतान लंबे समय से कासगंज स्थित वित्त एवं लेखा अधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यालय में बिना रिश्वत लिए एरियर का भुगतान नहीं किया जाता है। चैतन्य कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि यदि रिश्वत दी जाए तो भुगतान एक सप्ताह के भीतर हो जाता है, जबकि रिश्वत न देने पर अनावश्यक अड़चनें पैदा की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रिश्वत नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उनके एरियर का भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। चैतन्य कुमार ने पिछले एक वर्ष में हुए सभी एरियर भुगतानों की भी जांच की मांग की है, ताकि भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने बिना रिश्वत लिए उनके एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने और रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
समस्तीपर जिले के अलग-अलग प्रखंडों से स्कॉलरशिप के लिए कुल 90,688 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 41 हजार 834 आवेदन समीक्षा के दौरान त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं। हालांकि जो आवेदन त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं। उसे शिक्षण संस्थानों में 14-16 फरवरी के बीच लगने वाले विशेष कैंप में ठीक कराया जा सकेगा। डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से समीक्षा की गई है। जिसमें स्कॉलरशिप को लेकर प्राप्त हुए आवेदन की जांच की गई। 7637 आवेदन को जांच के दौरान सही पाया गया। जिसके बाद भुगतान के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है। छात्रों को इन योजनाओं के तहत 10 हजार से एक लाख रुपए तक राशि दी जाती है। विशेष कैंप ठीक करा सकेंगे आवेदन डीडीसी ने बताया कि जिन-जिन छात्रों के आवेदन में गड़बड़ी पाई गई है। वैसे छात्रों के लिए अगामी 14-16 फरवरी तक स्कूल और कॉलेजों को विशेष कैंप लगाकर गड़बड़ी को ठीक किया जाएगा। सभी स्कूल और कॉलेज को इसके लिए जानकारी दी गई है। गड़बड़ी ठीक होने के बाद फिर से आवेदन की समीक्षा कर भुगतान के लिए सरकार को भेजा जाएगा। 7837 आवेदन किए गए स्वीकृत डीडीसी ने बताया कि समीक्षा के दौरान 7837 आवेदन को स्वीकृत किया गया है। गत समीक्षा में 34229 आवेदन को स्वीकृत किया गया था। जिस कारण अबतक कुल 42066 आवेदन को स्वीकृत कर पटना भेजा जा चुका है। अब प्रत्येक सप्ताह स्कॉलरशिप से संबंधित आवेदन की जांच के लिए समीक्षा की जाएगी।
सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में हो रही अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना निदेशक विनायक मिश्र ने हाल ही में उठाए गए कदम से साफ संकेत दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला तब सामने आया जब कई स्कूलों की ओर से रात 12 बजे के बाद भी एमडीएम से लाभान्वित विद्यार्थियों का विवरण ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा था। यह व्यवस्था तब और संदिग्ध हो जाती है। जबकि बच्चों को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच ही भोजन परोसा जाता है। डीपीओ का सख्त निर्देश इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए योजना निदेशक ने एमडीएम डीपीओ को पत्र भेजकर सभी प्राचार्यों को सख्त हिदायत दी है। एमडीएम डीपीओ अंशु कुमारी ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में शाम 4 बजे तक ही आंकड़े पोर्टल पर दर्ज करें। एमडीएम बीआरपी को इसकी नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राचार्य और बीआरपी दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भारत सरकार करती है आंकड़े निरस्त डीपीएम जीतेंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि रात 12 बजे के बाद दर्ज किए गए आंकड़ों को भारत सरकार निरस्त कर देती है। ऐसे में प्राचार्यों की यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि योजना के क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने प्राचार्यों से अपील करते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो तुरंत जिला कार्यालय को सूचित करें ताकि समाधान किया जा सके। टैबलेट से उपस्थिति, फोटो अपलोड अनिवार्य योजना में पारदर्शिता लाने के लिए अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों की तस्वीर, नामांकन और उपस्थिति अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले के सरकारी स्कूलों में टैबलेट के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है। यह डिजिटल पहल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में कारगर साबित हो रही है। इस कड़े रुख का परिणाम भी सामने आया है। फर्जी नामांकन पर काफी हद तक रोक लगी है और पिछले एक साल में एमडीएम से लाभान्वित होने वाले वास्तविक बच्चों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ी है। बच्चों के हक पर कोई समझौता नहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने कड़े शब्दों में कहा कि विद्यालयों में बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित करने वाले चाहे कोई भी हो, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा जारी रहेगी और गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति: बालवाड़ी शिक्षकों की 5 दिवसीय ट्रेनिंग, 97 ने भाग लिया
बालोद. एनईपी के तहत प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षक। भास्कर न्यूज | बालोद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत फाउंडेशनल स्तर पर बालवाड़ी शिक्षकों के लिए दो दिवसीय ऑनलाइन एवं तीन दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण का आयोजन डायट अछोटी द्वारा जमरुवा में किया गया। प्रशिक्षण सत्रों में एनईपी 2020, ईसीसीई का परिचय एवं अवधारणा, खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की अधिगम शैली, थीम आधारित पाठ्यक्रम, दैनिक कार्य योजना, लैंगिक भेदभाव तथा बच्चों के आकलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागी शिक्षकों से संबंधित व्यावहारिक गतिविधियां भी कराई गईं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने गतिविधियों पर समूह चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण भी किया। इस प्रशिक्षण में 97 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आह्वान ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा, जिसकी डीएमसी एवं डायट प्राचार्य द्वारा सराहना की गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर/जिला संसाधन समूह के रूप में खिलानंद साहू, ठाकुरराम सिन्हा, जय कुमार साहू, मीनू ठाकुर उपस्थित रहे। वहीं आह्वान ट्रस्ट से प्रेम नारायण वर्मा एवं तुकाराम टेखरे ने भी प्रशिक्षण सत्रों में योगदान दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने गंदगी का अंबार
कवर्धा| जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने कचरा फेंका जा रहा है। कार्यालय के बाउंड्रीवॉल से सटे सार्वजनिक यूरिनल के आसपास कचरा डंप होने से अस्वच्छता फैल रही है। यहां नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कार्यालय जैसे संवेदनशील शासकीय परिसर के सामने गंदगी फैलने से आमजन को परेशानी हो रही है। -दिलीप श्रीवास्तव, कवर्धा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जागा शिक्षा विभाग, आठ मार्च तक सभी स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आखिरकार स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने 8 मार्च तक सभी जिलों में सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट की व्यवस्था करने का फरमान जारी कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस रिपोर्ट 2024-25 में प्रदेश के करीब 5500 स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं होने का खुलासा हुआ था। पिछले वर्ष युक्तियुक्तकरण में स्कूलों का मर्जर होने के बाद समस्या का कुछ समाधान तो हुआ लेकिन अभी भी एक हजार से अधिक स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट उपलब्ध नहीं हो पाया है। बीजापुर, सुकमा, कोरबा, बलरामपुर, बस्तर और जांजगीर-चांपा के स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट की सबसे अधिक कमी है। विभागीय निर्देशों के बाद जिन स्कूलों में टॉयलेट जर्जर या अनुपयोगी स्थिति में हैं, वहां मरम्मत शुरू कर दी गई है। वैसे स्कूल जहां लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं और वहां एक ही टॉयलेट उपलब्ध है तो उसे गर्ल्स टॉयलेट बना दिया गया है। इसके लिए इन स्कूलों ने विभाग के लगभग 10 साल पुराने आदेश का सहारा लिया है। युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में बढ़ी गर्ल्स टॉयलेट की संख्या अगर पिछले वर्ष स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के दौरान मर्जर से प्रदेश में गर्ल्स टॉयलेट स्कूलों की संख्या बढ़ गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 48757 सरकारी स्कूल संचालित थे। इनमें 37.64 लाख विद्यार्थी हैं। इनमें छात्राओं की संख्या 19.54 लाख है। युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों की संख्या घटकर 38 हजार हुई। लिहाजा बिना गर्ल्स टॉयलेट वाले 5500 स्कूलों में से अभी भी एक हजार से अधिक स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं है।
30 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे 15 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मियों को नहीं मिलेगी पेंशन
राज्य के सरकारी स्कूलों में 30-30 साल से सेवाएं दे रहे करीब पौने दो लाख शिक्षाकर्मियों को नियमित तो कर दिया गया है लेकिन 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि इन शिक्षकों के लिए पेंशन योजना की घोषणा 2018 में की गई और उसके बाद न्यूनतम 10 साल की नौकरी अनिवार्य की गई। यानी जो शिक्षक 2028 तक सेवा में रहेंगे उन्हीं को पेंशन की पात्रता मिलेगी। इस कड़े मापदंड के कारण पंद्रह हजार से ज्यादा शिक्षकों को पेंशन नहीं मिलेगी, क्योंकि वे 2028 के पहले ही रिटायर हो जाएंगे। हालांकि रिटायर होने वाले ज्यादातर शिक्षक 1995- 98 से सेवाएं दे रहे हैं। पड़ताल के दौरान पता चला है कि शिक्षा कर्मी से एलबी शिक्षक का दर्जा पाने वाले इन शिक्षकों का रिटायरमेंट करीब तीन-चार साल से सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक 4 हजार से ज्यादा शिक्षक रिटायर हो चुके हैं। हजारों रुपए वेतन के रूप में पाने वाले व्याख्याता वर्ग के शिक्षकों को 95 हजार से 65 हजार तक अंतिम वेतन मिला लेकिन पेंशन की पात्रता नहीं मिली। इस वजह से रिटायरमेंट के अगले महीने से शिक्षक पूरी तरह खाली हाथ हो रहे हैं। 2028 के बाद रहेंगे नौकरी में तभी पेंशन क्योंकि न्यूनतम 10 साल की सेवा जरुरी बरसों नौकरी के बाद हाथ खाली सभी को मिले पेंशन योजना का लाभ छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करने की मांग की है। इसके अलावा शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का लाभ मांगा गया है। यही नहीं सेवानिवृति के पश्चात मूल वेतन का 50% आजीवन पेंशन की मांग की गई है। एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, सचिव वित्त विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा में पेंशन के प्रावधान नियम में रिलेक्सेशन देते हुए 5 वर्ष की न्यूनतम सेवा में पेंशन का प्रावधान करने मांग की है। 92 हजार वेतन... जीरो पेंशन परचून की दुकान खोलनी पड़ी कांकेर के जैनुलाल राना व्याख्याता पद से रिटायर हुए। उन्हें अंतिम वेतन 92 हजार मिला। 1995 बैच के जैनुलाल को पेंशन नहीं मिल रही है। अब परिवार चलाने उन्हें परचून की दुकान खोलनी पड़ी है। उन्होंने कहा था कि पेंशन से ही शिक्षकों के सम्मान बचेगा। यही स्थिति गीता साहू की है। 18 अगस्त 1995 से प्राथमिक शाला देवक्ट्टा में पदस्थ गीता साहू को मजबूरी में कृषि कार्य करना पड़ रहा है। प्राथमिक शाला बछेराभाठा के प्रधान पाठक महेंद्र साहू को 30 साल की सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित होना पड़ गया है। भागवत राम वर्मा की व्याख्याता के तौर पर प्रथम नियुक्ति 1995 में हुई थी।
भोपाल में निजी स्कूलों द्वारा किताबों और यूनिफॉर्म की खरीद को लेकर की जा रही कथित मनमानी एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। अभिभावकों पर तय दुकानों से ही सामग्री खरीदने का दबाव बनाने के आरोपों को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से लेकर भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपें हैं। वहीं, सोमवार को 9 मसाला रेस्टोरेंट में एक प्रेस वार्ता भी की गई। जिसमें संगठन के देवेंद्र तिवारी ने कहा कि यह पुस्तक जिहाद है। देवेंद्र तिवारी के अनुसार, कई नामी निजी स्कूल शिक्षा को व्यापार बना चुके हैं। जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। वहीं, इस पूरे विवाद में जिन दुकानों पर आरोप लगे हैं, उनमें से एक गुडलक बुक स्टोर के संचालक ने भी सामने आकर अपना पक्ष रखा है। लवजिहाद की जताई गई अशंका देवेंद्र तिवारी ने कहा कि गुड लक बुक स्टोर के मालिक आरिफ खान के यहां काम करने वाले कर्मचारी 90 मुसलमान है। वहां पुस्तक खरीदने वाली ज्यादा तर हिंदू महिलाएं जाती हैं। जिनको एक दो किताब कम दी जाती है और बाद में फोन करके आने को कहा जाता है। जिससे दुकानदार के पास नंबर पहुंच जाता है। संगठन को आसंका है कि आगे चलकर इससे लवजिहाद फैलाया जा सकता है। विवाद के बाद दुकानदार ने तोड़ी चुप्पी विवाद के बीच गुडलक बुक स्टोर के संचालक आरिफ खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर टार्गेट किया जा रहा है और उनका किसी भी स्कूल से कोई टाई-अप नहीं है। आरिफ खान के अनुसार स्कूल अपनी किताबों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगाते हैं और उसी के आधार पर वे एजेंसियों से किताबें मंगवाते हैं। अभिभावक अपनी सुविधा से दुकान पर आते हैं, इसमें किसी तरह की जबरदस्ती नहीं होती। निजी स्कूलों पर जबरन खरीद के आरोप अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित दुबे द्वारा 10 जनवरी 2026 को शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा था कि भोपाल के कई निजी स्कूल अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें, यूनिफॉर्म, जूते और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। यदि कोई अभिभावक बाहर से सामान खरीदने की कोशिश करता है तो बच्चे को स्कूल में प्रताड़ित किया जाता है या उसे मानसिक दबाव में रखा जाता है। इसी बात को सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान फिर दोहराया गया। नियमों के खिलाफ सालों से चल रही व्यवस्था संगठन का आरोप है कि यह व्यवस्था वर्षों से चल रही है, जबकि शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार कोई भी स्कूल अभिभावकों को एक ही दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसके बावजूद स्कूलों से जुड़े दुकानदारों को फायदा पहुंचाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है और बाजार से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। इन स्कूलों के नाम भी आए सामने ज्ञापन में भोपाल के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, आईईएस स्कूल, बॉनिफाइड स्कूल, सेंट पी. जी. इंटरनेशनल स्कूल, कैंब्रिज स्कूल, ओरिएंटल स्कूल और मदर टेरेसा स्कूल प्रमुख हैं। संगठन का दावा है कि इन स्कूलों में तय दुकानों से ही किताब और यूनिफॉर्म खरीदने की परंपरा चल रही है। अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक बोझ अखिल भारत हिंदू महासभा का कहना है कि भोपाल में 100 से अधिक निजी स्कूल हैं, जहां किताबों के साथ-साथ यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री भी एक ही दुकान से खरीदने को कहा जाता है। इससे हर साल अभिभावकों को हजारों रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ‘100 स्कूलों की किताब बेचने का दावा गलत’ आरिफ खान ने यह भी कहा कि 100 से अधिक स्कूलों की किताबें बेचने का आरोप पूरी तरह अव्यवहारिक है। वे एक छोटे व्यापारी हैं और इतनी बड़ी सप्लाई करना उनके लिए संभव ही नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जांच के बाद खुद सामने आ जाएगी। कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे अखिल भारत हिंदू महासभा ने साफ कहा है कि यदि इस पूरे मामले में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन हाई कोर्ट में जाएंगे। इससे पहले वे मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में शामिल होने पहुंचेंगे। संगठन का कहना है कि शिक्षा को व्यापार बनने से रोकना जरूरी है और अभिभावकों के हितों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। विधान परिषद में आज नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कार्यवाही शुरू होते ही राजद एमएलसी ने लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर हंगामा किया। सुनील सिंह ने दभंगा में 6 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या का मुद्दा उठाया। जिसके बाद राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 15 खबरें… 01- राबड़ी ने मांगा इस्तीफ, CM बोले: ई लड़की को कुछ आता है बजट सत्र के 5वें दिन लंच ब्रेक के बाद सदन में थर्ड सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने 12, 165.3947 करोड़ का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट सदन के पटल पर रखा। सुबह विधान परिषद में नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कार्यवाही शुरू होते ही राजद एमएलसी ने लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर हंगामा किया। सुनील सिंह ने दभंगा में 6 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या का मुद्दा उठाया। जिसके बाद राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। पूरी खबर पढ़ें 02- अध्यक्ष बनने के बाद नितिन का पहला बिहार दौरा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन आज सोमवार को पहली बार पटना पहुंचे। पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया। जोड़ी नीतीश-मोदी के हिट हो गइल गाने के साथ स्वागत किया गया। राष्ट्र्रीय अध्यक्ष के स्वागत में बाइक रैली निकाली गई है। पटना में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 03- लालू यादव की अब राजद में कोई वैल्यू नहीं: तेजप्रताप लैंड फॉर जॉब केस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ रमीज नेमत भी मौजूद रहे। तेजप्रताप ने रविवार को पहली बार पांचों जयचंदों के नाम लिए थे, इसमें रमीज का भी नाम है। इधर, तेज प्रताप यादव ने सोमवार को दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की और RJD नेता और राबड़ी देवी के मुंह बोले भाई सुनील सिंह पर जोरदार हमला बोला। पूरी खबर पढ़ें 04- लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में तेजस्वी की पेशी लैंड फॉर जॉब केस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ रमीज नेमत भी मौजूद रहे। तेजप्रताप ने रविवार को पहली बार पांचों जयचंदों के नाम लिए थे, इसमें रमीज का भी नाम है। पूरी खबर पढ़ें 05- शिक्षा मंत्री के खिलाफ कैंडिडेट्स का हल्लाबोल पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत पटना कॉलेज से हुई, जो करीब दो घंटे बाद जेपी गोलंबर पर आकर खत्म हुई। अभ्यर्थी हाथों में ‘शिक्षा मंत्री झूठा है’ और ‘I LOVE TRE-4’ लिखे पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। पूरी खबर पढ़ें 06- पटना, भागलपुर, सिविल कोर्ट उड़ाने की धमकी पटना, पटना सिटी, औरंगाबाद और भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके साथ ही औरंगाबाद की दाउदनगर अनुमंडल कोर्ट को भी मेल भेजा गया है। सिविल कोर्ट पटना, भागलपुर, औरंगाबाद और जिला बार एसोसिएशन के नाम मेल पर लेटर भेजा गया है। इसमें लिखा है कि जज के चैंबर और वॉशरूम में 4RDX रखे हैं। रिमोट से ब्लास्ट करेंगे। धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। पूरी खबर पढ़ें 07- 2026 में डेढ़ लाख से ज्यादा नौकरी देगी सरकार बिहार सरकार इस साल 1.50 लाख नौकरियां देगी। इसके लिए अलग-अलग विभागों को वैकेंसी भेजी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के ACS डॉ. बी राजेंद्र ने भास्कर से बातचीत में ये जानकारी दी है। ACS ने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक 9 लाख 84 हजार 141 लोगो को नौकरी दी गई। इसमें से 7 लाख 95 हजार 832 लोगों को पक्की नौकरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें 08- जेल में ही रहेंगे पप्पू यादव, बेल पर सुनवाई टली पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज सुनवाई टल गई है। फिलहाल वे पटना की बेऊर जेल में ही रहेंगे। मेल से पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद MP-MLA कोर्ट को भी खाली कराया गया है। इसी वजह से आज बेल पर सुनवाई नहीं हो पाएगी। फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें 09- मामी को भगाकर घर लाया पति, पत्नी को घर से भगाया बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने तीन शादी की है। उसने यह भी बताया कि उसके पति ने दूसरी शादी अपनी मामी से भागकर की है। इस शादी से ससुरालवालों को भी कोई दिक्कत नहीं थी। महिला का कहना है कि वह अपना मन मारकर दूसरी पत्नी के साथ रहने के लिए तैयार हो गई, लेकिन अब उसे पता चला कि अब उसके पति ने तीसरी शादी कर ली है। पूरी खबर पढ़ें 10- इंटर बोर्ड की परीक्षा, छठे दिन पकड़े गए 13 नकलची बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का आज छठा दिन है। आज पहले पाली में हिंदी की परीक्षा है। सेंटर पर छात्रों की एंट्री बंद हो गई है। चेकिंग के बाद ही एंट्री मिली। परीक्षार्थियों के जूते-बेल्ट उतरवाए गए हैं। बगहा में सोमवार सुबह घना कोहरा है, जिससे दूर से आने वाले स्टूडेंस को काफी परेशानी हुई। ठंड में जूते बैन होने से वो ज्यादा परेशान दिखें। पूरी खबर पढ़ें 11- 8 लाख की नकली दवाएं जब्त, रडार पर दवा कंपनियां पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने एक निजी मकान में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में लगभग आठ लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं, रैपर, नामी कंपनियों के लेबल और दवा बनाने वाली मशीनें बरामद की गईं। अधिकारियों के अनुसार, सुनील कुमार झा इस रैकेट का मुख्य आरोपी और फैक्ट्री का मालिक है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें 12- आरा में फंदे से लटका मिला आर्मी जवान का शव आरा में रविवार को फंदे से लटका हुआ आर्मी जवान का शव मिला है। शेयर बाजार में नुकसान से डिप्रेशन में था। जिसके चलते आत्महत्या की आशंका है। पत्नी ने भी आत्महत्या की बात कही है। मृतक की पहचान रोहतास जिले के नानो गांव निवासी गुरुचरण सिंह के पुत्र विजेंद्र कुमार(36) के तौर पर हुई। करीब 6 साल से नवादा थाना क्षेत्र के न्यू करमन टोला बस स्टैंड के पास किराए के घर में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। पूरी खबर पढ़ें 13- अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस पर पथराव, कई घायल पटना के कंकड़बाग इलाके के मेदांता अस्पताल के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसक झड़प हुई है। इसमें पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों को चोटें आईं हैं। शहर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसी के तहत आज मेदांता के पास से अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसके बाद हो मौके पर हल्ला होने लगा। इस दौरान पुलिस टीम पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14- पूर्णया में शराब के नशे में मारपीट करते पकड़े गए नेता जी पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव को शराब के नशे में पुलिस ने पकड़ा है। डगरूआ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने खुद इसकी पुष्टि की है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें प्रखंड प्रमुख कुछ युवकों के साथ हाथापाई करते हुए नजर आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें अब चलते-चलते एक नजर कल के मौसम पर 15- बिहार में कल सामान्य रहेगा मौसम, दिन में घूप सुबह कोहरा रहेगा मौसम विभाग के अनुसार बिहार में कल यानी मंगलवार को मौसम सामान्य बना रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा और दिन में धूप रहेगी। वहीं रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
सीएमएस छात्रों ने इस्कॉन मंदिर का भ्रमण किया:'संस्कार शाला' कार्यक्रम में मिली आध्यात्मिक शिक्षा
लखनऊ के श्री राधारमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में साप्ताहिक 'संस्कार शाला' कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) राजाजीपुरम कैंपस-2 के छात्रों ने इस कार्यक्रम के तहत मंदिर का विशेष भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की। यह कार्यक्रम मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम की धर्मपत्नी अचिन्त्य रूपिणी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में पहुंचने पर छात्रों ने हरिनाम संकीर्तन और तुलसी आरती में हिस्सा लिया।अचिन्त्य रूपिणी ने छात्रों को नैतिक मूल्यों, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर जानकारी दी। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।सीएमएस के छात्रों ने संस्कार शाला में उपस्थित अन्य बच्चों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। संस्कार शाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ना और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में करुणा, सेवा-भाव, अनुशासन और आत्मिक चेतना जैसे गुणों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार और सुसंस्कृत नागरिक बन सकें।कार्यक्रम के समापन पर सीएमएस के छात्रों और संस्कार शाला के अन्य बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सीकर जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्रा की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को बेड टच करता था। इतना ही नहीं वह लड़कियों को अश्लील इशारे भी करता था। जिसकी शिकायत प्रिंसिपल को की गई, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। हेडमास्टर ने किया बेड टच छात्रा ने प्रिंसिपल मैडम को शिकायत देकर बताया कि 4 फरवरी को छठे पीरियड में स्कूल हेडमास्टर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। सिर और गाल पकड़कर बेड टच किया। ऐसे में वह डर गई और फिर अगले 5 फरवरी को स्कूल की छुट्टी ले ली। छात्रा की शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल मैडम ने CBEO को मामले में कार्रवाई के लिए लेटर लिखा। ऐसे में तीन लोगों की कमेटी बनाई गई। जिन्होंने जांच शुरू की। इस दौरान अन्य छात्राओं ने भी अपने बयानों में हेडमास्टर की ओर से सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने की पुष्टि की। इसके अलावा दो अन्य छात्राओं ने आरोप लगाया कि वॉशरूम जाते वक्त आरोपी उन्हें गंदे इशारे करता है। ऐसे में जांच कमेटी ने यह रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी। अब शिक्षा विभाग ने आरोपी हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है।
शिक्षा समिति पर कब्जे का मुख्य आरोपी अभिमन्यु गिरफ्तार, चार दिन रिमांड पर
बैंक से 18 करोड़ रुपए का लोन उठाने के बाद शिक्षा समिति के प्रबंधन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध बदलाव करने के मामले में चित्रकूट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिमन्यु जाखड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। पुलिस रिमांड के दौरान लोन राशि के उपयोग, दस्तावेजों की कड़ियों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच में सामने आया कि समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी पुत्री को आवेदक व गारंटर बनाकर बैंक से करीब 18 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था। लोन जारी होने के बाद ही दोनों को पद से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार अध्यक्ष और उनकी पुत्री ने किसी प्रकार का इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि उनके नाम से तैयार इस्तीफों पर जाली हस्ताक्षर किए गए। चुनाव प्रक्रिया की पालना नहीं की, अध्यक्ष को हटाया: अध्यक्ष को हटाने के बाद आरोपी के मामा रणजीत गोदारा को समिति का अध्यक्ष बना दिया गया। जांच में इस बदलाव के लिए न तो वैध चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मिले और न ही समिति के सदस्यों की सहमति का कोई रिकॉर्ड सामने आया। फर्जी स्टांप पेपर और ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर की एसीपी आदर्श नगर लक्ष्मी सुथार की जांच में यह भी सामने आया कि इस्तीफा और समझौता पत्रों में इस्तेमाल किए गए स्टांप पेपर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं। इन फर्जी दस्तावेजों को आरोपी की लॉगिन आईडी से सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर रिकॉर्ड में अवैध बदलाव कराया गया। थानाधिकारी प्रभु सिंह ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान लोन राशि कहां खर्च की गई और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
नरहट में शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर BPMU बैठक:सीआरसी बैठकों और बाल मेला पर जोर
नवादा जिले के नरहट प्रखंड के प्रखंड संसाधन केंद्र में 8 फरवरी को BPMU (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना और आगामी फरवरी माह के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में नरहट प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण करने वाले मास्टर ट्रेनर्स और गांधी फैलो समीक्षा पाठक ने अपने अवलोकन साझा किए। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाने के समाधानों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता चैंपियन मास्टर ट्रेनर तबिश एजाज ने की। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अप्रत्यक्ष सहयोग भी इस आयोजन को प्राप्त हुआ। सीआरसी बैठकों और बाल मेला पर जोर बैठक में कई प्रमुख बिंदुओं पर एक्शन प्लान तैयार किया गया। इसमें स्पष्ट एजेंडा के साथ सीआरसी (CRC) बैठकों में सहभागिता सुनिश्चित करना शामिल है। इन बैठकों में पाठ योजना निर्माण, मूल्यांकन प्रक्रिया, पाठ टीका का प्रभावी उपयोग और एफएलएन (FLN) किट का नियमित प्रयोग जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन विद्यालयों में विशेष सुधारात्मक गतिविधियां निर्धारित की गई हैं, वहां जाकर एक्शन प्लान की समीक्षा की जाएगी। प्रधानाध्यापकों (HM) के साथ बैठक कर BPMU बैठक के निष्कर्षों की प्रस्तुति और उन्मुखीकरण भी किया जाएगा। विद्यालयों को बाल मेला के आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में मास्टर ट्रेनर्स अनिल कुमार पासवान, गोपाल कुमार, कामेश्वर प्रसाद, रविरंजन कुमार, सुमित कुमार, अदनान आतिफ और जहांगीर ख़ालिद उपस्थित रहे। पिरामल फाउंडेशन से प्रोग्राम मैनेजर सुजीत कुमार सुमन, प्रोग्राम लीडर दीपाली सिंह, प्रशांत कुमार, राहत हुसैन और फाउंडेशन के सदस्य सुलभ जी ने भी भाग लिया। सभी ने प्रखंड की शिक्षण गतिविधियों को समझा और गुणवत्ता सुधार के लिए अपने सुझाव दिए। यह बैठक नरहट प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे आने वाले समय में बच्चों के सीखने के स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
सुल्तानपुर में एक शिक्षा मित्र के साथ मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो सामने आया है। यह घटना एक प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री के बाहर हुई। वीडियो में एक युवक शिक्षा मित्र को गालियां देते हुए धक्का-मुक्की करता दिख रहा है। स्थानीय लोगों के रोकने के बावजूद युवक ने अपनी हरकतें जारी रखीं। पुलिस ने शिक्षा मित्र की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक विद्यालय बापूनगर (उघपुर भटपुरा), दोस्तपुर में कार्यरत शिक्षा मित्र शत्रुघ्न सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 5 फरवरी को दोपहर बाद रामसूरत पुत्र रामअवतार निवासी उघडपुर विद्यालय आया था। रामसूरत ने शिक्षामित्र के बच्चे की पढ़ाई को लेकर सवाल उठाए। इस पर शिक्षामित्र ने जवाब दिया कि विद्यालय में पढ़ाई होती है और अभिभावकों की भी कुछ जिम्मेदारी होती है। शिक्षामित्र के इस जवाब पर रामसूरत ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शत्रुघ्न सिंह को पटककर हाथ-पैर से पीटने लगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। आरोप है कि आरोपी ने एफआईआर दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शिक्षा मित्र की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने देवबंद के दारुल उलूम की जगह दारुल उसूल की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय यह इदारा बहुत अच्छा था। अब जो हो रहा है वह बहुत अफसोस की बात की है। इस तरह के संस्थान में दहशतगर्दी की दीक्षा नहीं, देशभक्ति की शिक्षा देनी चाहिए। असम के मुख्यमंत्री के मियां वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि हमारे देश में न कोई मियां खतरे में है न कोई बीवी। किसी को कंफ्यूजन की जरूरत नहीं है। हमारे देश की धर्म निरपेक्षता इसलिए सुरक्षित है कि जो बहुसंख्यक है, वह हिंदू समाज है। इस समाज ने पंथ निरपेक्षता का रास्ता चुना। जिन देशों ने इस्लामिक राष्ट्र का झंडा फहराया वह आज जल्लादी जुल्म और जुर्म के जानवर बने हुए हैं। इन दहशतगर्द दरिंदों का कुंबा इंसानियत और मानवता का दुश्मन बना हुआ है। इसके उलट हमारा देश तरक्की के रास्ते पर है। देश का हर हिस्सा इसका हिस्सेदार और भागीदार है। रविवार को देवबंद में भाजपा की ओर से हुए अल्पसंख्यक स्नेह संवाद में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व कंद्रीय मंत्री ने यह बातें कहीं। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि सामंती सुल्तान और समाजवादी टीपू पराजय के प्रमाण पत्र की पेटी लेकर घूम रहे हैं। बिना जनाधार के जागीरदारी नहीं होती, यह फेल हो जाएंगे। यह 2 तस्वीर देखिए… पश्चिम बंगाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश में है क्या…? भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से हुए कार्यक्रम में मुखतार अब्बास नकवी नेदारुल उलूम सहित सभी धार्मिक संस्थानों से अपील की कि वे मजहबी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में काम करें। कोई भी संस्थान अगर देशभक्ति की बजाय कट्टरता और नफरत की शिक्षा देगा, तो वह न देश के हित में होगा और न ही समाज के। पश्चिम बंगाल के मौलाना अजीज अंसारी के बयान पर भी तीखा हमला बोला। अंसारी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान असुरक्षित हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल शिफ्ट हो जाना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए नकवी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल कोई पाकिस्तान में है क्या? या बांग्लादेश में है क्या? वह भी भारत का ही हिस्सा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देकर कुछ लोग देश में सांप्रदायिक संक्रमण फैलाना चाहते हैं। जानबूझकर डर और भ्रम का माहौल बना रहे हैं। नकवी ने इसे एक 'सांप्रदायिक सिंडिकेट' की साजिश करार दिया, जो समाज को बांटने के एजेंडे पर काम कर रहा है। राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली पार्टी मोहल्ले की राजनीति तक सिमटीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और सपा पर भी तीखा प्रहार किया। कहा कि दशकों तक मुसलमानों को डराकर, भड़काकर और भ्रम में रखकर उनका राजनीतिक शोषण किया गया। मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया और उनके सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की कभी ईमानदार कोशिश नहीं की गई। तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टियां कभी खुद को राष्ट्रीय पार्टी कहा करती थीं, आज वे मोहल्ले की राजनीति तक सिमट कर रह गई हैं। बीजेपी पर मुसलमानों के खिलाफ होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत में कोई खतरे में नहीं है। उनके मुताबिक भारत का हर नागरिक 100 फीसदी सुरक्षित है। कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कभी भी विकास के मामले में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया, भले ही उसे मुस्लिम वोट कम मिले हों। नकवी का दावा था कि सरकार की योजनाएं बिना किसी धार्मिक भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। यूनिफाॅर्म सिविल कोड पर डर फैलाया गया यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को लेकर भी पूर्व कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष पर जानबूझकर डर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी से किसी भी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक या संवैधानिक अधिकारों को कोई नुकसान नहीं होगा। इससे सभी नागरिकों के अधिकारों की 100 फीसदी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नकवी ने कहा कि वर्षों से भय और भ्रम का जो 'गटर' बनाया गया था, उस पर अब भरोसे और विश्वास की परत डाली जा रही है। दारुल उलूम पर तीखा बयान मौलाना अरशद मदनी ने हाल ही में कहा था कि हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले लोग देश को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि इस तरह की भाषा देश को जोड़ने की बजाय तोड़ने का काम करती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दारुल उलूम जैसे संस्थानों में जो गतिविधियां हो रही हैं, वे चिंता पैदा करती हैं। नकवी ने कहा कि इसलिए देश को जमात-ए-इस्लामी की नहीं जमात-ए-इंसानियत की जरूरत है। ऐसे संस्थानों से आतंक और नफरत नहीं, बल्कि देशभक्ति, मानवता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश जाना चाहिए। नकवी के इस आक्रामक बयान के बाद सियासी गलियारों में बहस और तेज हो गई है और देवबंद एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ खड़ा हुआ है। केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम का प्रतिनिधित्व न होने पर कहा कि मैं हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई की बात नहीं कर रहा, लेकिन समाज के सभी वर्ग की भागीगदारी और हिस्सेदारी होनी चाहिए। यह सकारात्मक संदेश के लिए जरूरी है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं:महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे, गुड्डू की पीठ थपथपानी चाहिए महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का कहना है- सरकार की मंशा है कि पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों में शिक्षा की बाध्यता रखी जाए। वहीं दो से अधिक संतानों की बाध्यता नहीं होगी। राठौड़ रविवार को अपने पाली स्थित अपने आवास पर थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। दरअसल, इससे पहले कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा ने सदन में सवाल किया था कि क्या सरकार नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और संतान संबंधी प्रावधानों में संशोधन करने का विचार रखती है? इस पर 4 फरवरी को सरकार की तरफ से सदन में दिए जवाब में लिखा गया था कि सरकार का नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता के संबंध में वर्तमान में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में प्रावधान हैं, जिनमें शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कोई नियम नहीं है। ऐसे में शैक्षणिक योग्यता के लिए नियमों में संशोधन किए जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। राज्य बजट अच्छा रहेगा, पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन भी जल्दउन्होंने राज्य बजट को लेकर कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है। बजट भी अच्छा होगा। कांग्रेस के राज में किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलती थी, अब 24 घंटे बिजली मिल रही है। पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन भी जल्द शुरू होगी। 2004 के बाद पहली बार संसद में पीएम का भाषण नहीं हुआउन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हो पाया। यह विपक्ष के अर्मादित व्यवहार के कारण हुआ। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने बोलना शुरू किया। कांग्रेस ने अपनी महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की सीट तक भेजा दिया। इससे शोरगुल इतना हो गया कि प्रधानमंत्री बोल नहीं सके। यह कांग्रेस का अर्मादियत और असंसदीय व्यवहार था। इसके लिए उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी। भारत-अमेरिका डील से टैरिफ घटा, बढ़ेगा निर्यातभारत-अमेरिका की डील से भारत के किसानों को नुकसान होने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि यह कांग्रेस की ओर से फैलाया जा रहा झूठ है। इस डील से भारत का अमेरिका में निर्यात बढ़ेगा। वही अमेरिका से भारत वह उत्पाद ही आयात करेगा जो देश में नहीं है। फिर किसानों को नुकसान कैसा होगा। जो चीज हमारे पास है वह अमेरिका से थोड़ी आयात कर रहे हैं।…………………… ये खबर भी पढ़िए...राजस्थान- तीन बच्चों वाले भी बन सकेंगे सरपंच-प्रधान और मेयर:अनपढ़ों के निकाय-पंचायत चुनाव लड़ने पर नहीं लगेगी रोक, सरकार का विधानसभा में जवाब पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों में अनपढ़ों के चुनाव लड़ने पर सरकार रोक नहीं लगाएगी। निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने का प्रावधान लागू नहीं होगा। पूरी खबर पढ़िए
मंडला जिले की नैनपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे पर जबलपुर में जमीन घोटाले के आरोप में FIR दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने यह कार्रवाई जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमैन अखिलेश मेबन के साथ मिलकर की गई साजिश को लेकर की है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच का है। उस समय हरि सिंह धुर्वे जबलपुर जिले की अधारताल तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर नगर निगम की ओर से शैक्षणिक कार्य के लिए रियायती दर पर लीज पर दी गई करीब 7,500 वर्गफुट सरकारी जमीन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अपने नाम कर लिया। बिना अनुमति बनाया था अस्पताल जांच में सामने आया है कि इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए है। इतना ही नहीं, नियमों को दरकिनार करते हुए नगर निगम की अनुमति के बिना इसी भूमि पर अस्पताल का निर्माण भी करा दिया गया। ईओडब्ल्यू जांच में जुटी शिकायत की जांच के बाद ईओडब्ल्यू जबलपुर ने तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे और अखिलेश मेबन के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 408 (आपराधिक विश्वासघात), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7-सी के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
‘शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाना पंजाब सरकार की प्राथमिकता’
भास्कर न्यूज |अमृतसर अमृतसर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू ने गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस छेहर्टा और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल घनुपुर में आयोजित पेरेंट-टीचर मीट में विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुशासन और सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के साथ गहन चर्चा की। डॉ. संधू ने बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही शिक्षा क्रांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रही है। नए क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, बेहतरीन लाइब्रेरी और खेल के मैदानों का निर्माण इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके। विधायक ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें समाज की नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एमिनेंस की प्रिंसिपल मनमीत कौर और घनुपुर स्कूल के प्रिंसिपल प्रदीप आनंद ने स्कूल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर बीआरसी शिखा दुआ, चेयरमैन गुरदेव सिंह जज, पीए माधव शर्मा और बड़ी संख्या में अभिभावक व स्टाफ मौजूद था।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास
भास्कर न्यूज | लुधियाना सरकारी स्कूल जमालपुर अवाना में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार हर छात्र की भलाई और उज्ज्वल भविष्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बड़े प्राइवेट संस्थानों के बराबर लाने के लिए लगातार और केंद्रित प्रयास किए गए हैं। मंत्री ने कई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला जो पूरे पंजाब में स्कूली शिक्षा को नया रूप दे रहे हैं। जिसमें स्कूल्स ऑफ एमिनेंस शामिल हैं। इसमें विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, अच्छी तरह से सुसज्जित कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाएं, कई खेलों के लिए विशाल खेल के मैदान, उच्च गुणवत्ता वाली लाइब्रेरी, आधुनिक स्वच्छता सुविधाएं और सुरक्षित पीने के पानी की व्यवस्था, जैसी अन्य सुविधाएं हैं। छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए सरकार नियमित रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, विज्ञान केंद्रों और उद्योगों के शैक्षिक दौरे और एक्सपोजर विजिट आयोजित कर रही है। उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में सरकारी स्कूलों में दाखिलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकारी स्कूलों में प्रदान की जा रही बेहतर गुणवत्ता और सुविधाओं में माता-पिता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
गोवर्धन पूजा की महिमा और अहंकार त्याग की शिक्षा दी
भास्कर न्यूज | लुधियाना वेद निकेतन धाम पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन अनूठी गंगा बही। अनंत विभूति 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज के सान्निध्य में कथा व्यास रविनंदन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। कथा व्यास ने पूतना उद्धार और माखन चोरी के प्रसंगों के उपरांत गिरिराज गोवर्धन पूजा की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब इंद्र देव को अपनी शक्तियों पर अहंकार हो गया था, तब भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर न केवल ब्रजवासियों की रक्षा की, बल्कि इंद्र के अभिमान को भी चूर-चूर कर दिया। शास्त्री ने जोर देकर कहा कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवन में अहंकार के त्याग की सबसे बड़ी शिक्षा देती है। माखन चोरी के प्रसंग के दौरान जरा चल के वृंदावन वेख, श्याम माखन चुराते दिखेंगे... भजन से श्रद्धालु झूम उठे। समारोह का शुभारंभ मुख्य यजमानों द्वारा ध्वजारोहण और गुरु गद्दी पूजन के साथ हुआ। आरती में स्वामी प्रिया भारती, अमिता भारती सहित अन्य धार्मिक विभूतियां शामिल हुईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुंदर दास मोंगा, नरेश बांसल, पवन कत्याल, साहिल खुराना और अमित दुआ सहित ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
शिक्षक-पालक बैठक में नई शिक्षा नीति पर चर्चा
भाटापारा| मोपका महाविद्यालय में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अभिलाषा सैनी के निर्देश में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे। अध्यापक-अभिभावक समिति की संयोजक नेहा केरकेट्टा ने सेमेस्टर परीक्षा एवं एनईपी से संबंधित जानकारी अभिभावकों को दी,वरिष्ठ प्राध्यापक एनके धु्रव ने महाविद्यालय से संबंधित अन्य जानकारी अभिभावकों को दी। साथ ही सभी प्राध्यापकों ने अभिभावकों को उनके बच्चों का महाविद्यालय में होने वाली गतिविधियों में सहभागिता एवं विषय से संबंधित परीक्षा में प्रदर्शन के बारे में बताया। अभिभावकों ने भी महाविद्यालय के प्राध्यापकों की और महाविद्यालय के अच्छे वातावरण की प्रशंसा की, बैठक में सहायक प्राध्यापक रोहित लाल देवांगन, राजा राम धुर्वे, डॉ. प्रियंका पाटले,डॉ. अमित कुमार, युवराज दीक्षित, दुर्योधन निषाद, भारती साहू, रोशनी अग्रवाल, अभिभावक एवं छात्र -छात्राएं उपस्थित थे।
अवैध तरीके से शिक्षा समिति पर कब्जा कर 18 करोड़ का लोन लेने वाला गिरफ्तार
जयपुर | चित्रकूट इलाके में अवैध तरीके से शिक्षा समिति पर कब्जा करने के बाद 18 करोड़ रुपए लोन लेने के आरोपी को पुलिस ने शनिवार को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी अभिमन्यु जाखड़ क्वींस रोड का रहने वाला है। थानाधिकारी प्रभुसिंह ने बताया कि पंजीकृत शिक्षा समिति के चेयरमैन को षड्यंत्रपूर्वक पद से हटाने के बाद अवैध तरीके से 18 करोड़ रुपए का लोन उठाया। समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी बेटी को आवेदक/गारंटर बना दिया। उक्त मामले की जांच आदर्श नगर एसीपी ने की। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर शनिवार को आरोपी को चित्रकूट पुलिस ने पकड़ लिया।
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

