स्कूल वाहन पोर्टल पर अपलोड न करने पर:अम्बेडकरनगर में मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र
अम्बेडकरनगर जिले में 870 स्कूली वाहनों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जांच प्रक्रिया पूरी होने और सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के बाद इन वाहनों को स्कूलों में संचालन के लिए हरी झंडी दी जा रही है। शासन स्तर से यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल उपलब्ध कराया गया है। सभी स्कूल प्रबंधकों को अपने वाहनों से संबंधित पूरा विवरण इस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई भी विवरण अपलोड नहीं किया जाता है, तो ऐसे वाहनों को अनफिट मानकर स्कूलों में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। जिले में कुल 1265 स्कूली वाहन संचालित हैं। इनमें से अब तक लगभग 870 वाहनों को ही पोर्टल पर अपलोड किया जा सका है। यह प्रक्रिया अभी जारी है। पोर्टल पर प्रत्येक वाहन का पंजीकरण, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र अपलोड करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और उनके चरित्र प्रमाणपत्र भी अपलोड किए जाने हैं। उपसंभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सभी स्कूली वाहनों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल वाहन मैनेजमेंट पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो स्कूल अपने वाहनों का विवरण उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
धोबी महासंघ की बैठक में सामाजिक सुधार और शिक्षा पर जोर, शिक्षा रत्न सम्मान समारोह 5 को
भास्कर न्यूज | झुमरी तिलैया बजरंग नगर में अखिल भारतीय धोबी महासंघ, कोडरमा इकाई की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मनिंदर राम ने किया। जिसमें समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के मार्गदर्शन और समाज में एकता व समरसता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। जिला परिषद सदस्य महादेव राम ने अंधविश्वास और पाखंड पर चिंता जताते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच अपनाकर ही समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने युवाओं से जागरूकता फैलाने की अपील की। जिला सचिव प्रकाश रजक ने संगठन की मजबूती और एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता में निहित है। उन्होंने संगठन से जुड़े लोगों को पुनः सक्रिय करने और युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता बताई। अध्यक्ष मनिंदर राम ने समाज के समग्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, जागरूकता और संगठनात्मक एकता के माध्यम से ही सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। बैठक में सुशील कुमार और एम. चंद्रा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सहायता योजना बनाने का सुझाव दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 5 जुलाई को जयनगर में शिक्षा रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। मौके पर महेश रजक, विजय रजक, मिथलेश रजक, दुर्गा प्रसाद राम, प्रदीप राम, पवन रजक, विनोद बिहारी रजक, सहित अन्य मौजूद थे। इटखोरी | झारखंड अधिविद परिषद द्वारा आयोजित मैट्रिक दसवीं की परीक्षा 2026 के मेधावी तीन छात्र-छात्राओं को जिप सदस्या सरिता देवी, प्रतिनिधि भरत साव एवं मुखिया रंजय भारती आदि ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेधावी विद्यार्थियों के बेहतर रिजल्ट से क्षेत्र के अन्य बच्चों में भी एक प्रेरणा जगती है। इन प्रतिनिधियों ने सोनिया गांव के टॉपर प्रेम कुमार राणा के पुत्र अक्षय कुमार, शहरजाम के सुशील कुमार वर्मा की पुत्री सुप्रिया कुमारी एवं इसी गांव के दिलीप कुमार वर्मा की बेटी साधना कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला अफजाई करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
शिक्षा विभाग : पदोन्नत हुए 11881 व्याख्याताओं को काउंसलिंग का इंतजार
उदयपुर| शिक्षा विभाग में पिछले तीन साल की डीपीसी में पदोन्नत हुए 11881 व्याख्याताओं को काउंसलिंग कैलेंडर का इंतजार है। शिक्षा विभाग में 13 अप्रैल को हुई डीपीसी में 11881 सेकंड ग्रेड शिक्षकों का व्याख्याता पदों पर प्रमोशन हुआ है। लेकिन वर्तमान में शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल तक इनके यथास्थान कार्यग्रहण के आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के उच्च माध्यमिक स्कूलों में व्याख्याता के 20 हजार से अधिक पद रिक्त है। नया शिक्षा सत्र इस बार 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। ऐसे में पदोन्नत व्याख्याता जल्द से जल्द काउंसलिंग का कैलेंडर जारी कर पोस्टिंग की मांग कर रहे हैं। उधर, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेज कर एक से अधिक विषयों में चयनित शिक्षकों को पिछले साल की तरह सभी विषयों में काउंसलिंग का मौका देने की मांग की है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के लोकसभा में पास न होने पर भाजपा महिला जन आक्रोश कार्यक्रम चला रही है। इसी कार्यक्रम के तहत रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री और मथुरा के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने विपक्ष को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि आगामी चुनावों में इनको महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। परिसीमन से नहीं होना था किसी राज्य को नुकसान प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाली है, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के झूठ को बेनकाब करते हुए स्पष्ट किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। विपक्षी दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर प्रक्रिया को टालने की कोशिश कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक तकनीकी बहाना है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने हेतु इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ दृढ़ता से लड़ाई लड़ेगी। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कहा 16 और 17 अप्रैल 2026 को संसद में संविधान (131 वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही सदन में नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी पार्टियां देश की आधी आबादी की नजरों में हमेशा के लिए गिर गए। भाजपा विपक्ष के महिला विरोधी आचरण की निंदा करती है केंद्र और प्रदेश सरकार 16 और 17 अप्रैल 2026 को संसद में पूरे देश ने जो शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण विपक्षी गठबंधन का देखा, उसकी कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल संवैधानिक संशोधन या परिसीमन से जुड़े विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि भारत की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है। विपक्ष राजनीतिक बहानों और देरी की खड़ी करता है दीवार मंत्री ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि जब भी निर्णय-निर्माण में महिलाओं को समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी की दीवारें खड़ी कर देते हैं। विपक्षियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की साजिश, एक बार फिर उजागर हो गई। ये सभी दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। जन आक्रोश महिला पदयात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन पहुंचे। जहां उन्होंने महिला जन आक्रोश कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को संबोधित किया। इसके बाद स्मारक भवन से रंगजी चौराहा तक जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली गई। पार्टी की महिला पदाधिकारियों के साथ निकाली गई इस पदयात्रा में विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अखिलेश यादव और राहुल गांधी का फूंका पुतला महिला जन आक्रोश पदयात्रा के रंग जी चौराहा पहुंचने पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री और मथुरा के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने पुतला पर जमकर चप्पल भी बरसाते हुए अपने आक्रोश का इजहार किया। यह रहे मौजूद इस दौरान राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, MLC ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव,महामंत्री कुंजबिहारी चतुर्वेदी ,विनीत शर्मा, महानगर मंत्री कल्पना गर्ग,पूजा चौधरी,वृंदावन अध्यक्ष जितेंद्र वार्ष्णेय रोनू आदि मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा एक अभिनंदन समारोह में दिए गए “कांग्रेस महिलाओं से चिढ़ती है” बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे मिथ्या और जनता को गुमराह करने वाला बताया है। राखी गौतम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का बयान हास्यास्पद, और तथ्यों से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदन दिलावर झूठे भाषणों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करती आई है। इसके उलट उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां महिलाओं के अधिकारों को लेकर केवल खोखले दावे किए जाते हैं। गौतम ने कहा कि जिस पार्टी में महिला नेताओं के कद लगातार घटाए जा रहे हो,उसी पार्टी के मंत्री द्वारा कांग्रेस पर आरोप लगाना विडंबना है। दिलावर के कांग्रेस को दलित और महिला विरोधी बताने वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस ने महिला विधायकों को अवसर दिया है। साथ ही जिला स्तर पर भी महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें दलित वर्ग की महिलाएं भी शामिल रही हैं। राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सशक्त किया है। पंचायती राज में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण इसका उदाहरण है। इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तक, कांग्रेस ने महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में स्थान दिया है। राखी गौतम ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी जैसी नेताओं की राजनीतिक स्थिति किसने कमजोर की, महिला आरक्षण बिल को परिसीमन के नाम पर कौन टाल रहा है? कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के प्रति वास्तविक उदासीनता भाजपा में है, जहां महिला आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा, महिला नेताओं का अपमान हो रहा है और महिला अपराधों पर चुप्पी साधी जा रही है। अंत में राखी गौतम ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से अपने बयान के लिए देश की महिलाओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न से जिले के 7 शिक्षक सम्मानित
भास्कर न्यूज | जांजगीर राजधानी रायपुर में शिक्षा जगत का एक बड़ा और गौरवशाली समागम संपन्न हुआ। नवाचारी गतिविधियां समूह भारत की छत्तीसगढ़ टीम द्वारा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह शैक्षिक संप्रवाह 2025-26 का भव्य आयोजन ऐतिहासिक स्वामी आत्मानंद प्रो. जेएन. पांडेय शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। इस समारोह में पूरे प्रदेश से चयनित 160 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें जांजगीर-चांपा जिले के 7 शिक्षकों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण अन्य राज्यों के नवाचारी शिक्षकों की लाइव प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर अतिथि के रूप में एके शास्वत (उप संचालक समग्र शिक्षा, रायपुर), डॉ. बी. रघु (उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल) और हिमांशु भारती (डीईओ, रायपुर) उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में समूह प्रमुख संजीव कुमार सूर्यवंशी के साथ जांजगीर-चांपा जिला टीम के शरद चतुर्वेदी, शीला शर्मा, पुष्पलता कृष्णा, जीवन राठौर सहित देशभर की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जांजगीर-चांपा के इन नवाचारी शिक्षकों का हुआ सम्मान: जिले के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय रहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले 7 शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर स्थान मिला। सम्मानित होने वालों में शांमिल हैं सैय्यद रफ़ीक़ अली व्याख्याता, सेजेस क्रमांक 02, जांजगीर-नवागढ़, नीलिमा सिंह पामगढ़, फागुलाल राठौर बम्हनीडीह, ऋतंभरा कश्यप बलौदा, ज्योति सराफ बलौदा, अनुराधा मधुकर अकलतरा, शीला शर्मा बम्हनीडीह। विशेष रूप से सैय्यद रफीक अली ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने मिशन पर एक प्रभावशाली पीपीटी प्रस्तुति दी, जिसे आयोजन समिति और उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा खूब सराहा गया। देश का सबसे बड़ा स्व-प्रेरित शिक्षक समूह: नवाचारी गतिविधियां समूह भारत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ा एकमात्र और सबसे बड़ा स्व-प्रेरित नवाचारी शिक्षक समूह है। इस समूह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे जुड़े सभी सदस्य शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक हैं। ये शिक्षक वर्ष 2017 से लगातार अपनी स्व-प्रेरणा से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों से यह समूह लगातार इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का सफल आयोजन कर रहा है, जिसकी पूरी योजना और क्रियान्वयन स्वयं शिक्षकों द्वारा ही किया जाता है।
शनिवार को जीएसटी और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अनुसार रोड स्थित रस्तोगी बुकमार्ट पर छापा मारा। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई यह जांच देर शाम तक जारी रही। अभिभावकों और कुछ स्कूल संचालकों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि कोर्स की किताबें खरीदने के लिए छात्रों पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। उनका दावा था कि इसमें कमीशनखोरी का खेल चलता है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बाजार में सस्ती उपलब्ध किताबें भी इसी दुकान से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती थीं। एक अभिभावक के अनुसार, हमें स्कूल से साफ कहा जाता था कि किताबें सिर्फ इसी बुकमार्ट से लें, वरना पूरी लिस्ट नहीं मिलेगी। नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व कर्मचारी ने खुलासा किया कि दुकान में कई बार बिलिंग और स्टॉक में अंतर रखा जाता था। कुछ बिक्री दूसरे नामों से दर्ज की जाती थी, जिससे टैक्स चोरी की आशंका बढ़ जाती है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक पंजीकृत फर्म के माध्यम से किताबों की बिक्री के दस्तावेज मिले हैं। इससे टैक्स चोरी और लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। टीम ने मौके से खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड, स्टॉक विवरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में कुछ संदिग्ध लेन-देन और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया है। सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कोर्स के नाम पर कमीशनखोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। एक अधिकारी ने कहा कि यदि स्कूल और दुकान के बीच किसी अवैध गठजोड़ का सबूत मिलता है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अधिकारियों की टीम सभी जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
एनआईटी जालंधर में दो दिवसीय अकादमिक समीक्षा बैठक शुरू, शिक्षा-शोध व प्रदर्शन पर मंथन किया
जालंधर | डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जालंधर में 24-25 अप्रैल को दो दिवसीय अकादमिक समीक्षा बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक का उद्देश्य संस्थान की शिक्षण-प्रणाली, शोध गतिविधियों और समग्र प्रदर्शन की समीक्षा कर सुधार की दिशा तय करना है। निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनौजिया, रजिस्ट्रार प्रो. अजय बंसल, डीन और विभागाध्यक्षों ने उपस्थित विशेषज्ञों का स्वागत किया। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) जे. एस. यादव भी मौजूद रहे। डीन (अकादमिक प्रशासन) प्रो. रमन बेदी ने स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। पहले दिन विभागीय प्रस्तुतियों के बाद पाठ्यक्रम, अध्यापन विधियां, लैब सुविधाएं, शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्लेसमेंट और भावी योजनाओं पर चर्चा हुई। दूसरे दिन केंद्रीय सुविधाओं की समीक्षा, शोध एवं नवाचार सम्मेलन, डिजाइन थिंकिंग लैब का उद्घाटन तथा समापन सत्र होगा। प्रमुख विशेषज्ञों में प्रो. जयंत मोरेश्वर मोडक, प्रो. एसके खरे, प्रो. केके शुक्ला, प्रो. तलारी त्यागराज, प्रो. दीपक बी. फाटक, प्रो. सुकुमार नंदी, प्रो. यूबी देसाई, प्रो. मोहम्मद अख्तर, प्रो. जे. रामकुमार और प्रो. के. मुरलीधर शामिल हैं।
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर राज्य सरकार और प्राइवेट स्कूलों के बीच चल रहे टकराव के बीच, सरकार ने निजी स्कूलों पर सख्ती शुरू कर दी है। एक ही दिन में दो आदेश जारी किए गए हैं। इसमें पहला आदेश मनमानी फीस वृद्धि रोकने और दूसरा दूसरा कॉपी-किताबों व यूनिफॉर्म के नाम पर चल रही कमीशनखोरी पर रोक लगाने से संबंधित है। हालांकि यह आदेश तब जारी हुआ है जबकि ज्यादातर अभिभावकों ने कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म खरीदी कर ली है। क्योंकि एक अप्रैल से ही सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में फीस समिति बनानी होगी और 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से अनुमति लेनी होगी। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी निजी स्कूल इन नियमों को तोड़ता है या तय सीमा से अधिक फीस वसूलता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ानी होंगी। साथ ही 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म और कॉपी किताब खरीदने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। मुख्य सचिव ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा है। दरअसल, नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही शिकायतें आ रही थीं कि निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहे हैं। साथ ही चुनिंदा दुकानों से ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें व स्टेशनरी खरीदने का दबाव बना रहे हैं। शेष|पेज 11 निजी स्कूलों को अपने यहां विद्यालय फीस समिति बनाना अनिवार्य नियमों के तहत हर निजी स्कूल को अपने यहां अनिवार्य रूप से एक विद्यालय फीस समिति बनानी होगी। यह समिति पिछले साल की फीस के मुकाबले एक साल में अधिकतम 8 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकेगी। अगर कोई स्कूल 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे जिला फीस समिति से विशेष अप्रूवल (अनुमोदन) लेना अनिवार्य होगा। निजी स्कूल हर साल 10%- 20% तक बढ़ा रहे फीस इस तरह का आदेश सरकार हर साल जारी करती है, इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल हर साल 10% से 20% तक फीस बढ़ा रहे हैं। मनमानी फीस वृद्धि को इस तरह समझा जा सकता है कि कई स्कूलों में फीस समिति तो बनी है लेकिन बैठकें ही नहीं होती हैं। जबकि कई स्कूल कुछ अभिभावकों को बुलाकर फीस वृद्धि के लिए पहले से तय फार्मेट पर हस्ताक्षर करवा लेते हैं। संसाधनों के नाम पर फीस बढ़ा दिया जाता है।
उदयपुर | जाने माने समाज शास्त्रीय एवं शिक्षाविद् डॉ. मोहन लाल चौबीसा का 88 वर्ष की उम्र में 23 अप्रैल को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। विद्या भवन रुलर इंस्टीट्यूट में समाज शास्त्र प्रोफेसर के रूप में 38 वर्ष तक सेवाएं दी। 28 वर्ष तक राजस्थान बाल कल्याण समिति में संयुक्त निदेशक तथा व्यवस्थापक के पद पर सेवा दी। वे सिंघानिया युनिवर्सिटी में प्रथम रजिस्ट्रार भी रहे। राजस्थान बाल कल्याण समिति (जेआर ग्रुप ऑफ कॉलेज) के विस्तार में जनजाति बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए 12 महाविद्यालय की स्थापना एवं संचालन में अहम योगदान रहा। संस्था के संयुक्त निदेशक के पद पर कार्य किया।
मप्र पुलिस ने लोगों से जुड़ाव के लिए एक पहल की है। भर्ती होकर आए नए आरक्षकों को गांवों में सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस की ट्रेनिंग शाखा ने पहली बार ‘विलेज कनेक्ट’ प्रयोग के तहत प्रदेश के 8 ट्रेनिंग सेंटरों के आसपास 64 गांव गोद लेकर 27 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कराई है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, अपराध की स्थिति, स्वच्छता, आंगनबाड़ी, खेल मैदान और पशुपालन आदि शामिल हैं। यह जानकारी संबंधित विभागों से साझा की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक कई गांवों में आज भी बेटियों को कई किमी दूर स्कूल जाना पड़ता है, आधे से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं, मोबाइल नेटवर्क नहीं है। कई जगह अवैध शराब व नशा सामाजिक संकट बन चुका है। शराब की वजह से पारिवारिक झगड़े बढ़े इंदौर के मोरौद गांव से हायर सेकंडरी स्कूल 10-12 किमी दूर है। परिवहन साधन न होने से बेटियां स्कूल नहीं जा पा रही हैं। सागर के भोलगढ़, गोडहर, लोही, खजुवा गांवों में अवैध शराब की बिक्री और नशा एक गंभीर मुद्दा है। उज्जैन के करोंदिया में शराब से पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे हैं। गांवों में 40-50% युवा बेरोजगार उमरिया के अंचला गांव में 1215 तो महरोई में 807 युवा बेरोजगार हैं। सागर के डूडर बनहोरी (50%), लिधोराखुर्द (45%) और पिपरिया (40%) में बेरोजगारी की दर बहुत ऊंची है। पचमढ़ी के राईखेड़ा में 39% युवाओं को काम की तलाश है। ग्वालियर के तालपुरा में भी ऐसी ही स्थिति है। पानी नहीं, पशु फसल उजाड़ रहे ट्रेनिंग का स्तर सुधारेगा विलेज कनेक्ट प्रोग्राम… अभी तक आरक्षकों को 9 महीने की ट्रेनिंग के दौरान इनडोर-आउटडोर ट्रेनिंग ही दी जाती रही है। विलेज कनेक्ट से नवआरक्षकों में आमजन से बात करने का सलीका आएगा, फील्ड पोस्टिंग की कठिनाइयों का भी अंदाजा होगा। - राजाबाबू सिंह, एडीजी ट्रेनिंग
पूर्णिया में साहित्य, कला और संस्कृति का महाकुंभ कहे जा रहे ज्ञान संगम कार्यक्रम का आज भव्य आगाज़ हुआ। परोरा स्थित वीवीआरएस के रमेश चंद्र मिश्रा सभागार में तीन दिनों तक चलने वाले इस लिटरेरी और कल्चरल फेस्टिवल की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।सब-हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षाविद, साहित्यकार और कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान बनैली स्टेट के कुमार श्यामानन्द सिन्हा पर जारी डाक टिकट और स्मारिका का प्रदर्शन किया गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं सभागार परिसर में लगे पुस्तक स्टॉल इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण बने रहे, जहां राजकमल, वाणी, सेतु, प्रगतिशील समेत कई प्रकाशनों की हजारों किताबें प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा कला और शिल्प की विभिन्न प्रदर्शनी ने भी लोगों को खासा आकर्षित किया। मणिपुरी बैम्बू आर्किटेक्चर, टिंकी कुमारी की चित्रकला, किलकारी बाल भवन की प्रदर्शनी, टेक्सटाइल आर्ट, लिप्पन पेंटिंग और क्राफ्ट शो ने आयोजन को खास बना दिया। अतिथियों का स्वागत विद्या विहार समूह ने किया उद्घाटन सत्र में मृत्युंजय कुमार सिंह, प्रो. मणीन्द्रनाथ ठाकुर, प्रो. रत्नेश्वर मिश्र, डॉ. के. श्रीनिवास राव, प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे, संतोष सिंह, राजेश मिश्रा, गिरिन्द्रनाथ झा और रंजीत कुमार पॉल सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मदनेश्वर मिश्र और डॉ. श्यामानन्द सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिससे वातावरण श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत हो उठा। इसके बाद अतिथियों का स्वागत विद्या विहार समूह और आयोजन समिति की ओर से किया गया। विद्यालय के प्राचार्य निखिल रंजन ने स्वागत भाषण में कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। वहीं प्रो. मणीन्द्रनाथ ठाकुर ने पूर्णिया की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि इस मिट्टी से जुड़े लोग दुनिया में कहीं भी रहें, अपनी जड़ों को मजबूत करने का काम करते हैं। विशेष सत्र में साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में चर्चा हुई, जिसमें प्रो. रत्नेश्वर मिश्र ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सामान्य जीवन जीते हुए भी असाधारण बने रहना ही असली उपलब्धि है। बीज वक्ता प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे ने साहित्य की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लेखन समाज के बदलते सच का प्रतिबिंब होता है। उन्होंने महान साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का उल्लेख करते हुए आंचलिक साहित्य की ताकत को रेखांकित किया। डॉ. के. श्रीनिवास राव ने अपने संबोधन में सीमांचल और पूर्णिया को बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक साहित्यिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां हिंदी के साथ उर्दू और बंगला साहित्य की भी समृद्ध परंपरा रही है। संगीत संध्या कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दूसरे सत्र में आयोजित संगीत संध्या कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। पश्चिम बंगाल की शास्त्रीय गायिका महुआ चटर्जी, सनातन गोस्वामी और शोभीक सरकार ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से आए लेखक, कवि, शोधकर्ता और छात्र भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं को एक ऐसा मंच देना भी है, जहां वे अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखार सकें और विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पावरग्रिड, इंटैक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, वीवीआईटी, वीवीआरएस, कैरियर प्लस और जनमन फाउंडेशन समेत कई संस्थानों का सहयोग मिल रहा है। वहीं व्यक्तिगत स्तर पर गुलाब नारायण झा और प्रशांत कुमार झा का योगदान भी सराहनीय रहा। तीन दिनों तक चलने वाला यह साहित्यिक उत्सव 26 अप्रैल को समापन के साथ संपन्न होगा।
'सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट को पछाड़ा':शिक्षा मंत्री बोले- 12वीं कक्षा में 2.73% बेहतर परिणाम
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार देर शाम सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है। मंत्री ने शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। दिलावर ने बताया कि कुछ साल पहले राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में 14वें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस सुधार का श्रेय शिक्षकों की कड़ी मेहनत और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दिया। '10वीं, 12वीं कक्षा का रिजल्ट रहा बेहतर'शिक्षा मंत्री के अनुसार 12वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 12 लाख विद्यार्थियों में से लगभग 11,500 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। 12वीं कक्षा में सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से 2.73 प्रतिशत अधिक रहा है। इसी प्रकार 10वीं कक्षा में भी सरकारी स्कूलों के लगभग एक प्रतिशत अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। दिलावर ने उन छात्रों का विशेष उल्लेख किया जिन्होंने विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसाधनों की कमी सही मेहनत और मार्गदर्शन होने पर सफलता में बाधा नहीं बनती। 'शिक्षा के क्षेत्र में हर बार नए प्रयोग करना जरूरी नहीं'उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हर बार नए प्रयोग करना आवश्यक नहीं है, बल्कि वर्तमान योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना अधिक महत्वपूर्ण है।उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री गुरुवार को श्रीगंगानगर से पीलीबंगा जाते समय हनुमानगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई स्कूलों का निरीक्षण किया और अयालकी गांव में एक नए स्कूल भवन का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के बाद वे देर शाम जयपुर के लिए रवाना हो गए।
यूपी बोर्ड में फेल होकर भी पास हुए 2.51 लाख छात्र क्या है माध्यमिक शिक्षा परिषद का वो जादुई नियम?
पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच स्थापित शैक्षणिक सहयोग ने राज्य के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत कर दी है
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में आज दूसरे रिव्यू टीम अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। इस रिव्यू टीम की अगुआई नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे कर रहे हैं। हालांकि NIT में स्टूडेंट्स के सुसाइड मामले की जांच के लिए पहुंची केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की दूसरी टीम के चीफ भी प्रो. अनिल ही हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव वरिष्ठ IAS डॉ. विनित जोशी के NIT पहुंचने की संभावना है। इस तरह से केंद्रीय मंत्रालय की टीम और केंद्रीय सचिव के आगमन से साफ है कि NIT में हुई घटनाओं पर विभाग सख्त है। विभाग ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है। अधूरे फेक्ट और तथ्य की तलाश रिव्यू टीम ने कल अधूरे फैक्ट और तथ्य की जानकारी ली। टीम ने मामले से जुड़े कर्मियों के साथ भी बातचीत की। यह टीम NIT में हुई भर्ती, प्रमोशन, शिकायतें, रैंकिंग में आई गिरावट और वेकेंट पोस्ट को लेकर जांच कर रही है। डायरेक्टर पर अपने होम स्टेट तेलंगाना से ज्यादा स्टाफ भर्ती का आरोप भी है। टीम की दूसरी विजिट इस घटनाक्रम की शुरुआत 29 मार्च को हुई, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT कुरुक्षेत्र के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी। इस महीने 7 अप्रैल को टीम ने जांच के लिए NIT की पहली विजिट की थी। जांच के बीच एग्जाम का शेड्यूल उधर, जांच और स्टूडेंट्स की छुट्टियों के बीच NIT प्रशासन ने एग्जाम का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। 15 मई से NIT कुरुक्षेत्र में एग्जाम शुरू होंगे। हालांकि पहले री-अपीयर और उसी के बीच बीटेक लास्ट ईयर की परीक्षाएं होगी। इसके लिए NIT की ओर से शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। 15 से री-अपीयर की परीक्षाएं NIT कुरुक्षेत्र के प्रवक्ता प्रो. ज्ञान भूषण के बताया कि बीटेक लास्ट ईयर आठवें सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाएं 18 मई से 26 मई तक सुबह के समय होगी। री-अपीयर परीक्षाओं में सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 और 16 मई को आयोजित होंगी और कुछ एग्जाम आठवें सेमेस्टर की अंतिम परीक्षा के बाद भी लिए जाएंगे। जुलाई तक होगी परीक्षाएं इसके अलावा पांचवें सेमेस्टर की री-अपीयर परीक्षाएं 20 से 31 जुलाई तक सुबह के सेशन में, तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं इसी अवधि में इवनिंग सेशन में और पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं 20 से 31 जुलाई के बीच वैकल्पिक दिनों में सुबह के सेशन में आयोजित की जाएंगी।
बदलाव: शिक्षादूत बना नक्सली कमांडर का भाई
सुकमा| कोंटा ब्लाक के नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती के ओयापारा में बदलाव की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। जहां कभी बंदूक और भय का माहौल था, आज वहीं बच्चों की पढ़ाई की आवाज गूंज रही है। इस बदलाव की मिसाल बने हैं माओवादी बटालियन कमांडर बारसे देवा के छोटे भाई बारसे बुधरा, जो अब शिक्षादूत बनकर बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। बारसे बुधरा की कहानी शासन की पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाती है। अक्टूबर में कलेक्टर अमित कुमार द्वारा उन्हें सिलगेर प्राथमिक शाला में शिक्षादूत के रूप में नियुक्त किया गया। करीब 13 हजार रुपए मासिक मानदेय के साथ उन्हें एक नई पहचान मिली। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाले बुधरा ने माओवादी और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौर में मानसिक दबाव भी झेला, लेकिन हार नहीं मानी।
प्रदेश में सरकारी शिक्षा का ‘सिस्टम’ फेल है। सैकड़ों स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो दूसरी ओर जहां बच्चे नहीं हैं, वहां भी शिक्षक बड़ी संख्या में पदस्थ हैं। इसका असर सीधे बोर्ड परीक्षाओं (हाईस्कूल, हायर सेकंडरी) के रिजल्ट पर हो रहा है। यह खुलासा मप्र को लेकर कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) ने अपनी रिपोर्ट में किया है। साल 2018 से 2023 के बीच 66814 स्कूलों के ऑडिट में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट में कैग ने पाया कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की कमी और छात्रों के बोर्ड रिजल्ट के बीच सीधा संबंध है। जहां शिक्षक कम हैं, वहां पास प्रतिशत लगातार गिरा है। सैंपल सर्वे में लिए गए स्कूलों में इंदौर के जिस स्कूल का हवाला दिया गया है, वहां भास्कर पड़ताल में भी सामने आया कि हाई स्कूल में 78 छात्रों पर 6 शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी कैग एनालिसिस, शिक्षक कम, रिजल्ट घटाशिक्षक कम इसलिए एमपी बोर्ड का रिजल्ट भी घटा है। हाई स्कूल 2018-19 में 67 प्रतिशत, फिर 50 और 38 प्रतिशत तक गया। ऑडिट ने कहा शिक्षक कमी कम होने के बाद भी पास प्रतिशत लगातार गिरता रहा, इसका मतलब है कि सिर्फ संख्या नहीं, विषय विशेषज्ञ शिक्षक भी जरूरी हैं। बोर्ड परीक्षा का औसत रिजल्ट (2018-23) में 10वीं का 52.91% तो कक्षा 12वीं का 65.03 प्रतिशत रहा। शिक्षक कमी सेकंडरी और हायर सेकंडरी स्तर पर छात्रों के परिणाम को प्रभावित कर रही है। शहरी क्षेत्रों में शिक्षक कमी केवल 3.46%, ग्रामीण क्षेत्रों में 28.32% तक है। इससे ग्रामीण छात्रों के रिजल्ट और शिक्षा की गुणवत्ता पर ज्यादा असर पड़ा। इंदौर सहित 10 जिलों में सैंपल जांचऑडिट में इंदौर को भी सैंपल जिलों में शामिल किया था। हायर सेकंडरी धरमपुरी और मगरखेड़ी को टीम ने देखा था। सैंपल जांच में पाया कि 12वीं के स्तर पर 60% से ज्यादा शिक्षक कम हैं। मंडला में 67.31%, टीकमगढ़ में 63.73%, अशोकनगर 61.83%, श्योपुर 60.85%, रतलाम में 56.56% की कमी सामने आई। कई जिलों में हर 10 में से 6 शिक्षक पद खाली हैं। टीकमगढ़ में 112 छात्रों पर 1, मंडल में 78 पर 1, अशोक नगर में 66 पर 1 शिक्षक हायर सेकंडरी स्तर पर है, जबकि 30 छात्रों पर 1 शिक्षक होना चाहिए। स्कूल जहां चार साल से छात्र नहीं, पर शिक्षक पदस्थ
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि बच्चे के भविष्य और समग्र विकास को सर्वोपरि माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की कस्टडी के मामलों में बच्चे का सर्वोत्तम हित सबसे महत्वपूर्ण होता है। केवल बच्चे की इच्छा ही निर्णायक नहीं होती बल्कि उसकी शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने डॉ भावना सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद नाबालिग बच्चे की कस्टडी मां (याची) को सौंपते हुए दिया है। जानिये क्या है पूरा मामला याचिका में कहा गया कि बच्चे के पिता शराब के आदी हैं और आर्थिक रूप से भी स्थिर नहीं हैं इसलिए बच्चे का सही पालन-पोषण उनके पास संभव नहीं है। मां ने बताया कि उन्होंने अपने 10 वर्षीय बेटे का दाखिला शिमला के प्रतिष्ठित स्कूल में करा दिया है और इसके लिए लगभग 17 लाख रुपये खर्च किए हैं। पिता की ओर से कहा गया कि बच्चा उनके साथ मेरठ में रह रहा है और वहीं पढ़ाई कर रहा है। साथ ही बच्चे ने खुद पिता के साथ रहने की इच्छा जताई है। कोर्ट ने बच्चे से बातचीत की तो पाया कि उसके बयान प्रभावित लग रहे थे इसलिए उन्हें पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना। साथ ही कहा कि मां योग्य डॉक्टर हैं और आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। बच्चे के लिए बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं। शिमला का स्कूल उच्च स्तर की शिक्षा और समग्र विकास के बेहतर अवसर प्रदान करता है। दूसरी ओर पिता को गंभीर शराब की लत है और उनका लीवर ट्रांसप्लांट हो चुका है। चिकित्सा खर्च भी उनके परिवार द्वारा उठाया गया जिससे उनकी आर्थिक निर्भरता सामने आई। इसी के साथ कोर्ट ने बच्चे की पढ़ाई शिमला के स्कूल में ही जारी रखने की अनुमति देते हुए माता-पिता को महीने में एक बार स्कूल में मिलने का अधिकार दिया। कोर्ट ने स्कूल के हेडमास्टर को मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सचिवालय में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय निष्पादन बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने जल कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की अद्यतन जानकारी जल्द से जल्द संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन रहित और निर्माणाधीन विद्यालयों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा के लिए समसा अभियंता को बैठक में बुलाने को कहा। स्कूल-आंगनवाड़ी तालमेल और फंड मैनेजमेंट पर चर्चा बैठक के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी एकत्रित कर ICDS विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विद्यालयों को मिलने वाले फंड की व्यवस्थित जानकारी संधारित कर कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्टाफ डिटेल का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार कार्मिकों की रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया, ताकि संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। शाला दर्पण पोर्टल अपडेट करने के लिए कहा अकादमिक स्तर पर कलेक्टर ने कक्षा 5 तक फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का मूल्यांकन कर सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही शाला दर्पण पोर्टल पर ब्लू और पिंक टैबलेट से संबंधित प्रविष्टियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। डाइट के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे पर भी हुई बात बैठक में डाइट खैरथल-तिजारा के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने नगर परिषद के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक/माध्यमिक) रमेश कुमार मेघ, सहायक अभियंता विद्युत विभाग दिनेश भड़ाना और विभिन्न ब्लॉकों के शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस को इंडिया टॉप स्कूल अवार्ड्स 2026 में सम्मान मिला है। यह सम्मान संस्थान के शिक्षा क्षेत्र में लगातार किए जा रहे नवाचार और योगदान का परिणाम माना जा रहा है। यह सम्मान लखनऊ के हॉलिडे इन में आयोजित 49वें एल्ड्रोक इंडिया के-12 समिट और इंडो टॉप स्कूल अवॉर्ड 2026 के मंच पर दिया गया। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविद, स्कूल डायरेक्टर और प्रिंसिपल शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा में बदलाव, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और छात्रों के समग्र विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया समारोह में एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन पियूष सिंह चौहान को संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान मिलने के बाद उन्होंने शिक्षा के बदलते स्वरूप और भविष्य की जरूरतों पर अपने विचार रखे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ अंक हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों को जीवन के लिए तैयार करना ज्यादा जरूरी है। अगर शिक्षा प्रणाली पुरानी पद्धतियों में ही अटकी रही, तो भविष्य की चुनौतियों का सामना करना मुश्किल होगा। जहां ज्ञान होता है, वहां समृद्धि अपने आप आती है उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि मूल्यों, कौशल और स्पष्ट सोच का भी उतना ही महत्व है। भारतीय परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां ज्ञान होता है, वहां समृद्धि अपने आप आती है, इसलिए छात्रों को सही दिशा देना बेहद जरूरी है।एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस लगातार नवाचार, कौशल विकास और चरित्र निर्माण के जरिए छात्रों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। यही प्रयास संस्थान को नई पहचान दिला रहे हैं।
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर के निजी स्कूल 1 मार्च से असहयोग आंदोलन पर हैं। 4 अप्रैल को संगठन ने निर्णय लिया कि RTE के तहत लॉटरी से आबंटित वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 17 अप्रैल को शिक्षकों और संचालकों ने काली पट्टी लगाकर विरोध किया, जबकि 18 अप्रैल को स्कूल बंद रखे गए। इस आंदोलन के तहत आज विभिन्न जिलों के निजी स्कूलों ने डाक के माध्यम से स्कूल शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। संगठन का आरोप है कि विभाग उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है और मांग की अनदेखी की जा रही है। संगठन ने बताया कि 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी समस्याएं रखी जाएंगी और स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही से अवगत कराया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर रणनीति तैयार कर ली गई है। सचिव स्तरीय वार्ता विफल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी23 अप्रैल को हुई सचिव स्तरीय वार्ता बेनतीजा रही। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा। प्रतिपूर्ति राशि तय करने की मांग, 2011 से नहीं हुआ पुनर्निर्धारणएसोसिएशन ने शासकीय स्कूलों में प्रति विद्यार्थी खर्च सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि तय हो सके। संगठन का कहना है कि 2011 से अब तक राशि का पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
सीहोर जिले में 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में ताले लटके मिले। इछावर तहसील के विभिन्न स्कूलों में न तो छात्र पहुंचे और न ही शिक्षक उपस्थित थे। यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत है। सुबह 10:40 बजे सोहनखेड़ा हाई स्कूल में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। मौके पर केवल एक भृत्य मिला, जिसके पास स्टाफ की अनुपस्थिति का कोई स्पष्टीकरण नहीं था। सोहनखेड़ा के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की स्थिति भी समान पाई गई, जहां परिसर में पढ़ाई के स्थान पर गंदगी फैली हुई थी। देरिया मुकाती में स्कूलों में लटके मिले ताले देरिया मुकाती के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में भी ताले लगे हुए थे। स्कूल भवनों के बाहर चार बच्चे इस उम्मीद में खेल रहे थे कि शायद स्कूल खुलेगा और उनकी पढ़ाई शुरू हो सकेगी। शिक्षा विभाग के नियमानुसार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिक्षण कार्य अनिवार्य है। हालांकि, इछावर में जमीनी हकीकत इसके विपरीत थी। नया सत्र शुरू होने के बावजूद कई शिक्षक अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। कायाकल्प के दावों के बीच गंदगी का अंबार स्कूलों के कायाकल्प के दावों के बावजूद, कई परिसरों में कचरा फैला हुआ मिला। अधिकारियों की निगरानी में कमी को भी इस स्थिति का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान पर उठे सवाल एक ओर सरकार 'स्कूल चलें हम' जैसे अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही है, वहीं इछावर में सामने आई यह स्थिति बच्चों को शिक्षा से दूर कर सकती है। ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सख्ती इधर जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में सीहोर जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं होने पर जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड स्रोत समन्वयकों को नोडल अधिकारी और संकुल प्राचार्य को सहायक नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विकासखंड के सभी शासकीय शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें और प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजें। इसके साथ ही सभी प्राचार्यों को भी निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षकों की उपस्थिति एवं अवकाश संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराएं। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्रगढ़ में उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस नारायण ने गुरुवार को राजकीय महाविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। बीएससी के विद्यार्थियों ने महानिदेशक से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी भौतिकी और एमएससी गणित पाठ्यक्रम शुरू करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। महानिदेशक के आगमन पर जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी प्रो. डॉ. अनिल कुमार, प्राचार्य प्रो. विजय यादव और अन्य स्टाफ सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. डॉ. अनिल कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कक्षा का दौरा कर छात्रों से किया संवाद निरीक्षण के दौरान महानिदेशक एस. नारायण ने विभिन्न कक्षाओं का दौरा किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और करियर को ध्यान में रखते हुए विषयों का चयन करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। महानिदेशक ने राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़, राजकीय महाविद्यालय सिहमा और राजकीय महाविद्यालय अटेली में निर्माणाधीन भवनों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भवन निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और आवश्यक बजट प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। हाउस कीपिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश उन्होंने महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, हाउस कीपिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और टेंडर प्रक्रिया को नियमानुसार लागू करने के निर्देश दिए। इसके बाद, उन्होंने स्टाफ सदस्यों के साथ बैठक की और शिक्षकों को समाज निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में महानिदेशक और जिला उच्च शिक्षा अधिकारी ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर प्रो. डॉ. लक्ष्मी नारायण,राजकीय महाविद्यालय सीहमा के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार, राजकीय महाविद्यालय अटेली के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार सैनी,राजकीय महिला महाविद्यालय महेंद्रगढ़ से डॉ. कविता रानी, उप-प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह,प्रो. (कैप्टन) शमशेर सिंह, प्रो. जितेंद्र कुमार वशिष्ठ,प्रो. डॉ. सोमवीर,शंकर सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की पहली बैठक ने युवाओं और फैशन जगत में करियर बनाने की चाहत रखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बेगूसराय में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित 20 एकड़ जमीन को उद्योग विभाग को नि:शुल्क और स्थायी रूप से हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी। गिरिराज सिंह इस पर कहा है कि नई ऊंचाइयों को छूने के लिए शहर तैयार है। शिक्षा से बिहार समृद्ध हो रहा है। होगा मुफ्त हस्तांतरण जारी आदेश के अनुसार बेगूसराय जिला के बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित खाता संख्या-261 और खेसरा संख्या-890 की जमीन को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। यह जमीन गैरमजरूआ खास श्रेणी की है। आमतौर पर ऐसी बेशकीमती जमीनों के हस्तांतरण में लंबी प्रक्रिया और भारी शुल्क शामिल होता है, लेकिन शिक्षा और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार ने इसके नि:शुल्क स्थायी हस्तांतरण की मंजूरी दी। स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार अब यह जमीन राजस्व विभाग से सीधे उद्योग विभाग बिहार के पास चली जाएगी, जो इस संस्थान के निर्माण की नोडल एजेंसी है। पटना के बाद बेगूसराय में NIFT का आना जिले की प्रोफाइल को पूरी तरह बदल देगा। यह न केवल बेगूसराय बल्कि उत्तर बिहार के फैशन डिजाइनर बनने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। कैंपस के निर्माण और उसके संचालन से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। बिहार का दूसरा NIFT होगा बिहार की सिल्क और टेक्सटाइल विरासत को इस संस्थान के माध्यम से नई पहचान मिलेगी। छात्र स्थानीय कला को वैश्विक मंच पर ले जा सकेंगे। फिलहाल बिहार में NIFT का एकमात्र कैंपस पटना के मीठापुर में स्थित है। बेगूसराय में इसकी स्थापना से राज्य में फैशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए सीटें बढ़ेंगी। बरौनी की भौगोलिक स्थिति रेलवे और रोड कनेक्टिविटी इसे इस संस्थान के लिए एक आदर्श जगह बनाती है। BIADA को मिल सकती है बनाने की जिम्मेदारी मल्हीपुर में प्रस्तावित 20 एकड़ की जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट कैंपस बनाने की तैयारी है। उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। शुरुआती बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी होगी। हॉस्टल, डिजाइन स्टूडियो, अत्याधुनिक लैब और एक विशाल ऑडिटोरियम इस कैंपस का मुख्य आकर्षण होंगे। सिल्क सिटी के रूप में उभरेगा बेगूसराय NIFT का यहां आना केवल एक संस्थान का खुलना नहीं है, बल्कि बेगूसराय को भागलपुर की तर्ज पर सिल्क सिटी के रूप में विकसित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। संस्थान का मुख्य ध्यान हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और एग सिल्क (Egg Silk) उद्योग पर होगा। इससे स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को वैश्विक डिजाइन के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। स्थानीय छात्रों के लिए अब दिल्ली या पटना जैसे शहरों का रुख करना अनिवार्य नहीं होगा। दो साल तक हर्ल टाउनशिप में होगा संचालन लक्ष्य है कि 2028 तक छात्र अपने स्थायी परिसर में शिफ्ट हो सके। जब तक मल्हीपुर में NIFT का अपना भव्य स्थायी कैंपस बनकर तैयार नहीं होता, तब तक इसकी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां HURL (हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड) टाउनशिप से संचालित की जाएगी। अगले दो साल के लिए यहीं से प्रशिक्षण और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करने की योजना है। इसके लिए करीब 90 हजार वर्ग फुट जगह चिन्हित किया गया है। गिरिराज सिंह ने कहा- साबित होगा विकास में मील का पत्थर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि मल्हीपुर में NIFT की स्थापना राज्य के शैक्षिक और औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर है। यह केंद्र और राज्य सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत समन्वय का परिणाम है। डबल इंजन की सरकार जनहित और समावेशी विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। प्रतिभाशाली बच्चों को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय कौशल निखारने और करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षा और नवाचार से समृद्ध होता बिहार, अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
National Conference at JDMC: भारतीय ज्ञान परंपरा ही नई शिक्षा नीति का मूल आधार है : प्रो. स्वाति पाल
सम्मेलन की शुरुआत एक मुख्य व्याख्यान सत्र से हुई, जिसकी अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या प्रो. स्वाति पाल ने की। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली को एक “घोषणापत्र” के रूप में प्रस्तुत किया और इसके गतिशील तथा विकसित होते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
श्रीगंगानगर में मदन दिलावर स्कूलों के दौरे पर हैं। इस दौरे पर मंत्री ने स्कूल की 7वीं क्लास की छात्रा से पूछा- संविधान किसने बनाया था। इस पर छात्रा ने कहा- पहली संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 थी और भारतीय संविधान का जनक डॉ. बीआर अंबेडकर को कहा जाता है। इसे सुनकर मंत्री ने छात्रा को शाबाशी दी। इसके बाद एक छात्र ने दिलावर ने कॉपी में 7 लिखवाया। इसके बाद बच्चों से बोले- जवाब आता है फिर घबराते क्यों हो ? स्कूल से निकलते ही दिलावर जैसे ही गांव में पहुंचे तो यहां गलियों में पानी भरा देख भड़क गए और अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा- सोख्ता पिट क्यों नहीं बनाया गया, ताकि पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो सके। मंत्री दिलावर गुरुवार को 12:30 बजे सादुलशहर ब्लॉक के मम्मड खेड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचे थे। पहले देखिए ये 2 तस्वीरें… बच्ची का जवाब सुन बोले- शाबाश यहां दिलावर सीधे बच्चों के पास गए उनसे सवाल पूछे। दिलावर ने 7वीं क्लास की छात्रा से संविधान को लेकर सवाल किया तो छात्रा ने इसका आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया। छात्रा ने बताया- पहली संविधान सभा में 299 सदस्य थे और इसके निर्माता बीआर अंबेडकर थे। ये सुनकर दिलावर ने कहा- तुमने सवाल का सही और उत्तम उत्तर दिया, शाबाश। वहीं दिलावर ने 7वीं के बच्चों से 7 लिखने को कहा। दिलावर ने कहा- 7 को इंग्लिश में क्या कहते हैं। बच्चों ने कहा- सेवन। इसके बाद दिलवर ने उन्हें 7 लिखने को कहा। साइड में रखी कॉपी उठाई और दी। आत्मविश्वास बढ़ाकर कहा- तुम्हे आता है, लिखो। बच्चे ने लिखकर दिखाया तो मंत्री ने कहा- आता है तो घबरा क्यों रहे थे। वहीं 5वीं क्लास की बच्ची से 5 लिखवाया। स्कूल के बाद गांव की सफाई व्यवस्था भी देखी स्कूल के निरीक्षण के बाद शिक्षा मंत्री ने मम्मड खेड़ा गांव की गलियों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह गलियों में पानी भरा हुआ मिला। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए पूछा कि सोख्ता पिट क्यों नहीं बनाया गया, ताकि पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो सके। निरीक्षण के दौरान जिला परिषद गंगानगर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिराम चौहान, एक्सईएन रमेश मैदान, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी अरविंदर सिंह सहित शिक्षा और पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दिलावर के दौरे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 8वीं का स्टूडेंट 49+2 नहीं जोड़ पाया:छात्रों के टॉयलेट के बाहर छात्रा लिखा था; 7वीं में 3 छात्र देख भड़के शिक्षा मंत्री दिलावर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर श्रीगंगानगर में सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। मंत्री ने 8वीं के छात्र से पूछा- 49 में 2 जोड़ने पर कितना आएगा। (पूरी खबर पढ़ें)
इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?
अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया ...
कुंदन विद्या मंदिरमें शिक्षा मेले में करियर चयन पर मार्गदर्शन दिया
लुधियाना| कुंदन विद्या मंदिर ने मंगलवार को छात्रों को शैक्षणिक धारा और करियर चयन में निर्णय लेने में सहायता देने के उद्देश्य से शिक्षा मेले का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि पाल सिंह, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू), लुधियाना के वर्तमान रजिस्ट्रार, तथा प्रमुख वक्ता आयुष जैन उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत स्वागत के साथ हुई, जिसमें विशिष्ट अतिथियों को पर्यावरण अनुकूल प्लांटर भेंट किए गए। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस चरण पर सोच-समझकर विकल्प चुनने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. ऋषि पाल सिंह और आयुष जैन ने भी छात्रों के साथ अपने विचार साझा करते हुए लक्ष्य निर्धारण और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ने की बात कही। मेले में अपनी भारत फाउंडेशन का परिचय भी कराया गया, जो छात्रों को उपयुक्त स्ट्रीम और कॉलेज चुनने में मार्गदर्शन देने पर केंद्रित है। स्कूल के अनुसार सत्र छात्रों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा।
भोपाल कलेक्टोरेट के मीटिंग हॉल में हुई शिक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन हुआ। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने जिले में जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, लेकिन जिम्मेदार अफसर लिस्ट नहीं दे सके। बैठक में जर्जर स्कूलों के साथ पानी की व्यवस्था, शौचालय, फंड आदि विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष जाट एवं समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के विकास कार्य में कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। जो कार्य बरसों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। भ्रमण में स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता कम मिलीसमिति अध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। समिति अध्यक्ष जाट ने सहायक यंत्री नरेश भटकारिया को विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं समय सीमा में न करने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मीटिंग में ही संबंधित इंजीनियर को हटाने पर सभी ने सहमति बनाई। वहीं, इंजीनियर भटकारिया जर्जर स्कूलों की लिस्ट भी नहीं दे सके। खितवास के हाईस्कूल को मुद्दा भी उठाअध्यक्ष जाट ने खितवास स्थित हाईस्कूल में जिम्मेदारों की लापरवाही और विकास कार्यों में रोड़ा बनने की बात कही। जाट ने नाराजगी भी जताई कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाना चाहिए। जाट ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मेंगराकलां के हाई स्कूल की जर्जर हालत देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था। इस बिल्डिंग की दीवारों से पानी रिसता है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार ने सरकार की राशि का दुरुपयोग किया है। निर्माण एजेंसी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कही। बैठक में समिति सदस्य विनय मेहर, विक्रम भलेश्वर, सदस्य प्रतिनिधि सुरेश राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय भी मौजूद थे।
लखनऊ में छात्रों ने निकाली शिक्षा जागरूकता रैली:तिलक शिशु निकेतन और ZTS फाउंडेशन ने मिलकर किया आयोजन
लखनऊ के कल्याणपुर स्थित तिलक शिशु निकेतन में बुधवार को शिक्षा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने 'ज़िंदगी तुझे सलाम फाउंडेशन' (ZTS) के सहयोग से यह रैली निकाली। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और हर बच्चे को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना था। रैली की शुरुआत स्कूल परिसर से हुई, जिसके बाद छात्र आसपास के इलाकों में पहुंचे और फिर विद्यालय लौटकर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिन पर 'रोज़ पढ़ो, रोज़ बढ़ो', 'ज्ञान का धन ही सबसे बड़ा धन है' और 'शिक्षित परिवार ही सुख का आधार है' जैसे संदेश लिखे थे। बच्चों ने पूरे जोश के साथ नारे लगाए, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना था। शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का मजबूत आधार राह चलते लोगों ने बच्चों के इस प्रयास को सराहा और कई लोगों ने उनकी सराहना की।इस आयोजन को 'ज़िंदगी तुझे सलाम फाउंडेशन' की निदेशक पूजा सिन्हा और विद्यालय के प्रबंधक तिलक राज मिश्रा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। दोनों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत आधार है। कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से सभी विद्यार्थियों को जलपान वितरित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक, फाउंडेशन के सदस्य और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के अनुशासन, ऊर्जा और इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। यह रैली समाज को यह संदेश देने का एक प्रयास थी कि हर बच्चे की शिक्षा से ही देश का विकास संभव है।
अशोकनगर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में बाउंड्रीवाल और स्टाफ क्वार्टर्स के निर्माण के लिए ₹2 करोड़ 23 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय अशोकनगर क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस स्वीकृति पर मध्य प्रदेश शासन और प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल संस्थान की आधारभूत संरचना को मजबूत करेगी और छात्रों के समग्र विकास तथा तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी। सिंधिया ने बताया कि बाउंड्रीवाल के निर्माण से कॉलेज परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। वहीं, स्टाफ क्वार्टर्स बनने से शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत होगी। शिक्षा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोरसिंधिया ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि अशोकनगर का यह पॉलिटेक्निक कॉलेज भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। सिंधिया ने विश्वास जताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद अशोकनगर के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह संस्थान क्षेत्र के विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बूंदी जिले के नैनवां स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में संस्था प्रधानों की दो दिवसीय वाकपीठ में शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश बुनकर थे, जबकि अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिल गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वाकपीठ में जयदयाल गोयल प्रिंसिपल, जरखौदा, मुकुट बिहारी जिंदल प्राचार्य, डोकुन, कुलदीप सुमन प्राचार्य, मोडसा, फरनाज सिद्दीकी प्राचार्य, बालिका नैनवां, शिवराज कहार प्राचार्य, पिपलिया और कमल कुमार मरमिट प्राचार्य, सुवान्या ने वार्ताकार के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर संस्था प्रधानों की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पिपलिया के प्राचार्य शिवराज कहार को अध्यक्ष चुना गया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कालानला के प्राचार्य गिर्राज मीणा उपाध्यक्ष बने। महिला प्रतिनिधि के रूप में गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बामनगांव की प्राचार्य दीपिका सागर को जिम्मेदारी दी गई। महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय नवीन देई के प्राचार्य शिवजी लाल मीणा सचिव और गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जरखोदा के प्राचार्य जयदयाल गोयल प्रवक्ता बनाए गए। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल सुवानिया के प्राचार्य कमल कुमार मरमिट को कार्यकारिणी का संरक्षक नियुक्त किया गया। कार्यक्रम का संयोजन स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल नैनवां के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुनवर हुसैन देशवाली ने किया। कंटेंट:अश्विनी शर्मा नैनवां
श्रीगंगानगर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अचानक सरकारी स्कूलों के दौरे पर पहुंच गए। 8वीं के छात्र से पूछा- 49 में 2 जोड़ने पर कितना आएगा। छात्र ने कहा- 60 आएगा। मंत्री ने इस जवाब पर टीचरों को फटकार लगाते हुए कहा- छात्र को साधारण जोड़ भी नहीं आता, तो पढ़ाई कैसे हो रही है। इसके बाद निरीक्षण के दौरान 7वीं क्लास में सिर्फ 3 छात्रों को बैठे देखा तो सीडीईओ से कहा- स्कूल देखने आते भी हो या नहीं। वहीं एक और स्कूल में दिलावर पहुंचे तो छात्र शौचालय के बाहर छात्रा और छात्राओं के शौचालय के बाहर छात्र देख भड़क गए। व्यवस्था सुधारने के आदेश दिए। मामला जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल (3 एचएच) और सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ स्थित 1 डीबीएनडी स्कूल का है। इसमें 3 HH की स्कूल के प्रिंसिपल गिरजा शंकर अनुपस्थित मिले। प्रिंसिपल ने अवकाश स्वीकृत भी नहीं कराया था। इसके साथ ही दो अन्य शिक्षक भी बिना स्वीकृत अवकाश के छुट्टी पर थे। अब पढ़िए शिक्षा मंत्री के दौरे की ये रिपोर्ट… शिक्षा मंत्री मदन दिलावर 2 दिन के श्रीगंगानगर दौरे पर हैं। आज सुबह वे राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल 3 एचएच पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कक्षा 1 से 8 तक के इस विद्यालय में कुल 32 छात्रों का नामांकन है। जबकि यहां 6 शिक्षक नियुक्त हैं। जब मंत्री ने स्टाफ से गांव की आबादी पूछी तो, उन्होंने बताया कि गांव 3 एचएच में करीब 700 लोग रहते हैं। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी आबादी वाले गांव में स्कूल में केवल 32 बच्चे होना गंभीर बात है। 32 बच्चों पर 6 शिक्षक होने के बावजूद पढ़ाई का स्तर बेहतर होना चाहिए था। बोले- जोड़ नहीं आता, पढ़ाई कैसे हो रही इसके बाद शिक्षा मंत्री स्टाफ रूम में बैठे और आठवीं के छात्र-छात्राओं को बुलाकर उनसे पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। दिलावर ने एक बच्चे से पूछा- 49 में 2 जोड़ने पर कितना होगा, तो बच्चे ने जवाब दिया 60। इसके बाद पीछे खड़े स्टाफ ने कहा- 51 आएगा। तब बच्चे ने कहा- 51 यह सुनकर मंत्री ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा- आठवीं कक्षा के छात्र को साधारण जोड़ भी नहीं आता, तो पढ़ाई कैसे हो रही है। 3 छात्र देख बोले- स्कूल देखने आते भी हो या नहीं इसके बाद मदन दिलावर ने कक्षा सातवीं का भी निरीक्षण किया। जहां कक्षा में केवल तीन छात्र मौजूद थे। नाराज शिक्षा मंत्री ने सीडीईओ (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) अरविंदर सिंह से कहा कि स्कूल देखने आते हो या नहीं। गौरतलब है कि प्रिंसिपल गिरजा शंकर पिछले 9 वर्षों से इसी स्कूल में पदस्थ हैं। एंट्री गेट पर पुराना बोर्ड इसके बाद शिक्षा मंत्री पंचायत समिति सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ स्थित 1 डीबीएनडी स्कूल का भी निरीक्षण किया। यह स्कूल 2021 में माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत हो चुका है। लेकिन, प्रवेश द्वार पर अब भी माध्यमिक विद्यालय का बोर्ड लगा हुआ मिला। छात्र शौचालय के बाहर छात्रा लिखा मिला निरीक्षण के दौरान स्कूल के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं थी। इतना ही नहीं, छात्रा शौचालय के बाहर छात्र और छात्र शौचालय के बाहर ‘छात्रा’ लिखा हुआ मिला। मंत्री ने इन व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। एडीईओ बोले- अनुपस्थित प्रिंसिपल पर कार्रवाई करेंगे श्रीगंगानगर एडीईओ (अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी), अशोक कुमार वधवा ने कहा- स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर जो भी टीचर या प्रिंसिपल गंभीर नहीं है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री के स्कूलों में औचक निरीक्षण के दौरान जो भी टीचर अनुपस्थित मिले हैं उनको नोटिस दिए जाएंगे और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
सीकर के उद्योग नगर इलाके में पिछले दिनों स्टूडेंट्स के बीच मारपीट का वीडियो शेयर हुआ। वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वाले चारों लड़कों को पकड़ा। लड़कों ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि हमने शिक्षा नगरी का नाम बदनाम किया था। लेकिन अब अच्छे नागरिक बनेंगे। दरअसल वायरल वीडियो पिपराली रोड का था। यहां शुक्रवार को धर्मकांटे के पास एक युवक के साथ मारपीट की जा रही थी। एक महिला बीच-बचाव करने के लिए आई थी इसके बावजूद भी मारपीट करने वाले नहीं माने। अब पुलिस के सामने चारों लड़कों ने कहा कि हम सीकर शहर में कोचिंग करने के लिए आए थे। कोचिंग के दौरान हमारा छोटा सा विवाद हुआ। इस वजह से हमने सरेआम मारपीट की,जिसकी वजह से शिक्षा नगरी सीकर का नाम बदनाम हुआ और कोचिंग संस्थान का भी। अब हम कभी लड़ाई नहीं करेंगे और अच्छे नागरिक बनेंगे। न ही किसी को लड़ाई-झगड़ा करना देंगे। हमारे बीच समझौता हो चुका है,इसके लिए उद्योग नगर पुलिस को धन्यवाद।
डीडवाना में जिला कलक्टर अवधेश मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने 'प्रवेशोत्सव' अभियान के तहत हुए नामांकन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे कर ड्रॉप-आउट बच्चों की पहचान की जाए और उन्हें वापस विद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही, सत्र शुरू होते ही सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देशकलेक्टर ने कहा कि पुस्तकों की कमी होने पर तुरंत नोडल केंद्रों से समन्वय कर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने और बच्चों को दिए जा रहे भोजन की पौष्टिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों की फीस पुनर्भरण और भौतिक सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, जनसुनवाई एवं संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निस्तारण पर भी जोर दिया गया। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अभियंता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आज का दिन बेहद अहम है। मामले के मुख्य आरोपी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर्फ रहमान शम्सी की अग्रिम जमानत याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आज, 22 अप्रैल 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इस सुनवाई का फैसला आरोपी के भविष्य को तय करेगा। यह घोटाला पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में सामने आया था। आरोप है कि ट्रेजरी के माध्यम से शिक्षकों के वेतन के नाम पर लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया गया। इस संबंध में सदर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें इल्हाम को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इससे पहले 20 मार्च को सुनवाई करते हुए इल्हाम को आज (22 अप्रैल) तक के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी। यह अंतरिम राहत आज समाप्त हो रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि उच्च न्यायालय आज जमानत याचिका खारिज कर देता है, तो आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। राहत न मिलने की स्थिति में इल्हाम का सीधे जेल जाना तय माना जा रहा है। सुनवाई के दौरान इल्हाम के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया है कि उनका मुवक्किल एक सामान्य कर्मचारी है और उसे इस बड़े प्रकरण में झूठा फंसाया गया है। आरोपी का दावा है कि करोड़ों की कुल राशि में से केवल एक करोड़ रुपये उसकी पत्नी के खाते में स्थानांतरित हुए थे, जिसमें से 36 लाख रुपये सरकारी राजकोष में पहले ही वापस जमा किए जा चुके हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि इल्हाम के पास न तो वित्तीय अधिकार थे और न ही वह इतने बड़े घोटाले को अंजाम देने में सक्षम है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अश्वनी सक्सेना की अदालत (कोर्ट संख्या 71) में इस मामले को फ्रेश सप्लीमेंट्री लिस्ट में क्रम संख्या 222 पर सूचीबद्ध किया गया है। यह मामला वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.) की धारा 336(3), 316(5), 338, 340(2) और 61(2) के तहत दर्ज है।
शिक्षाकर्मी भर्ती में गड़बड़ी के आरोप
भास्कर न्यूज | अमलीपदर जिले में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की नियुक्तियों में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोपों ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने वर्ष 2005 से 2007 के बीच हुई नियुक्तियों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। आदेश जारी होते ही 43 शिक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जारी आदेश के मुताबिक, जांच की जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी मैनपुर, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मैनपुर के प्राचार्य, जनपद पंचायत मैनपुर के विकास विस्तार अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को सौंपी गई है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के पूर्व निर्देशों और उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल 2007 के आदेश के संदर्भ में की जा रही है। आरोप है कि उस समय अनुभव के बोनस अंक जोड़कर कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई, जबकि अधिक अंक वाले अभ्यर्थी वंचित रह गए। यही बोनस अंक' अब जांच का मुख्य आधार बन गया है। उस दौरान यह मामला काफी चर्चा में रहा और फाइल लंबे समय तक लंबित भी रही थी। उस समय के कुछ जनपद सदस्यों के संदेहास्पद भूमिका के कारण उन शिक्षा कर्मियों के भविष्य अंधेरे की ओर चला गया है। पहले हो चुकी है मामले में विभागीय कार्रवाई इससे पहले विभाग 103 शिक्षाकर्मियों को सेवा से हटा चुका है। अब शेष 43 मामलों की जांच जारी है, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है। पहले तक की जांच में यह भी सामने आया है कि न्यायालय के आदेश का हवाला देकर कुछ मामलों में अनुचित लाभ लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की सही व्याख्या कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। आदेश की प्रति कलेक्ट और संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा को भेज दी गई है।
वित्त रहित शिक्षा: अनुदान से वंचित संस्थान 31 मई तक कर सकते हैं ऑनलाइन अपील
राज्य के जिन संस्थानों को किसी कारण से अनुदान रोक दिया गया था, ऐसे संस्थान (हाई स्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा व संस्कृत विद्यालय) के लिए 2025-26 के अनुदान मामलों में ऑनलाइन अपील जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई शाम 6 बजे तय की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुदान समिति के निर्णय के खिलाफ केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही अपील मान्य होगी। तय समय के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इधर संस्थानों का अनुदान रोके जाने का मामला सुर्खियों में है। राज्य के दर्जनभर मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 2025-26 में रोक लगे अनुदान को बहाल करने की मांग की है। वित्त रहित संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह, अरविंद सिंह, मनीष कुमार समेत ने पत्र लिखने वालों में संजय प्रसाद यादव (मंत्री), सुरेश पासवान (नेता विधायक दल, राजद), नागेंद्र महतो (सचेतक, विरोधी दल), निर्मल महतो, रोशन लाल चौधरी, नियल पूर्ति, आलोक कुमार सोरेन, रामचंद्र सिंह, अमित कुमार यादव, मंजू कुमारी, भूषण बाडा और रामचंद्र महतो शामिल हैं।
गयाजी में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की। जिला योजना पदाधिकारी ने बताया कि नीति आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गया जिले को आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत 3 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि आवंटित की है। इमामगंज, कोच प्रखंड को 1.5-1.5 करोड़, फतेहपुर के 2 करोड़ रुपए मिले इसके अतिरिक्त, आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत इमामगंज प्रखंड को 2024-25 में 1.5 करोड़ रुपए मिले हैं। वहीं, फतेहपुर और कोंच प्रखंडों को 2025-26 में क्रमशः 2 करोड़ और 1.5 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी से कार्ययोजना की जानकारी ली। कृषि पदाधिकारी ने मोटे अनाज (मिलेट्स) और दलहन की खेती को बढ़ावा देने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मिलेट्स के प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग यूनिट और उत्पादों की बिक्री के लिए आउटलेट स्थापित करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने दाल उत्पादन के साथ दाल मिल की स्थापना के लिए भी ठोस योजना बनाने को कहा। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की फतेहपुर और कोंच प्रखंडों में प्राप्त प्रोत्साहन राशि के उपयोग को लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर एएनसी (एंटीनैटल केयर) कियोस्क स्थापित करने की योजना है। इससे गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। जिला शिक्षाधिकारी ने जानकारी दी कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु खेलकूद सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों में आयरन स्लाइड, झूले, सी-सॉ और राउंड स्विंग जैसे उपकरण लगाए जाएंगे।
बेतिया जिले के लौरिया प्रखंड अंतर्गत कटैया पंचायत में कार्यरत विकास मित्र सुशीला कुमारी के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में उनका संस्कृत शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद लौरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार के आवेदन पर की गई है। नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल केस दर्ज कराया। जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सिकंदर राम नामक व्यक्ति ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संबंधित प्रमाण पत्र की जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कराई और आरोप सही पाए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी था। मंगलवार को पुलिस टीम लौरिया प्रखंड कल्याण कार्यालय पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र कैसे तैयार किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं। नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रशासन नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को स्वीकार नहीं करेगा।
झालावाड़ में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक पहल के तहत मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सरस्वती मूकबधिर आवासीय स्कूल और नवजीवन योजना के छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने मिनी सचिवालय में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कलेक्टर ने एक अनुवादक के माध्यम से छात्रों से बातचीत की और उनकी आगे की पढ़ाई, लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से विमुक्त समुदाय की छात्रा पूजा से मुलाकात की, जिसने पारिवारिक विरोध के बावजूद दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है। कलेक्टर ने पूजा की परिस्थितियों को देखते हुए उसकी पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पूजा को विभागीय आवासीय स्कूल में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि पूजा जैसी बेटियां समाज के लिए प्रेरणा हैं और भविष्य में अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बन सकती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से उसे हर संभव सहयोग मिलेगा। छात्रों द्वारा बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग पर, कलेक्टर ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को स्कूल में स्मार्ट बोर्ड और एलईडी स्क्रीन लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, स्कूल संचालक संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
सरकारी स्कूलों में अब पासबुक से पढ़ा सकेंगे टीचर:शिक्षा विभाग ने 9 साल बाद अपना आदेश वापस लिया
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब पासबुक से पढ़ाई करवा सकेंगे। सरकारी स्कूलों में पासबुक के उपयोग पर लगी रोक हटा दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने 9 साल पुराने आदेश में आगे अपील नहीं करने का फैसला लिया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने सोमवार (20 अप्रैल) को आदेश जारी किया, जिसमें पूर्व में जारी प्रतिबंध लगाने के 2 आदेशों को वापस(प्रत्याहरित) लेने का आदेश दिया गया। पहले देखिए- 20 अप्रैल को जारी शिक्षा विभाग का आदेश 9 साल पहले लगाई थी रोक13 मार्च 2018 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में पासबुक के उपयोग पर रोक लगा दी थी। आदेश में कहा गया था कि पासबुक के कारण छात्र मूल अध्ययन नहीं कर पाते और रटंत प्रणाली को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए थे कि यदि किसी छात्र या शिक्षक के पास पासबुक पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद 6 नवंबर 2023 को माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने इसी आदेश को दोबारा जारी करते हुए पासबुक के उपयोग पर प्रतिबंध को फिर से लागू कर दिया था। पासबुक पब्लिशर की अपील पर कोर्ट ने रोक लगाईशिक्षा विभाग के फैसले के खिलाफ प्राइवेट पब्लिशर ‘संजीव पासबुक’ ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और आदेश को गलत बताते हुए चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट जयपुर बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। सरकार ने आगे अपील नहीं करने का फैसला लियाहाईकोर्ट के स्टे के बाद शिक्षा विभाग के पास अपील करने का विकल्प था, लेकिन सरकार ने आगे अपील नहीं करने का निर्णय लिया। 17 मार्च 2026 को संयुक्त विधि परामर्शी ऋतु शर्मा ने आदेश जारी कर पासबुक पर लगे प्रतिबंध को वापस लेने के निर्देश दिए। स्कूलों में फिर से शुरू हो सकेगा पासबुक का उपयोगकोर्ट के फैसले के बाद स्कूलों में करीब 9 साल फिर से पासबुक का उपयोग हो सकेगा। छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान खत्म हो गया है। पूर्व के 2018 और 2023 के आदेश निरस्त हो गए हैं। इस फैसले के बाद अब सरकारी स्कूलों में पासबुक का उपयोग फिर से शुरू हो सकेगा।
राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा हल्का भोआ में लगभग 43 लाख रुपए की लागत से तीन नए स्कूल भवनों का निर्माण किया गया है। इन इमारतों का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने किया। यह पहल राज्य सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार के प्रयासों का हिस्सा है। इन नई इमारतों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और सुविधाजनक शैक्षिक वातावरण मिलेगा। कैबिनेट मंत्री बोले- राज्य सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही उद्घाटन के अवसर पर कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शिक्षकों को भी अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा। आने वाले समय में और भी स्कूलों की मरम्मत की जाएगी मंत्री ने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में और भी स्कूलों की मरम्मत की जाएगी। इस दौरान नई इमारतों का निर्माण होगा, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने और शिक्षा को महत्व देने की अपील की। स्थानीय लोगों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया इस मौके पर स्थानीय लोगों ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से स्कूलों की इमारतों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। लोगों ने सरकार के इस कदम को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
उत्तर प्रदेश: बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब ‘निपुण
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है
जींद जिले में उचाना नपा के वार्ड नंबर-1 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में स्कूल रेडीनेस मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करना, उनके सामाजिक एवं भाषा कौशल को मजबूत बनाना तथा उन्हें विद्यालयी वातावरण के लिए तैयार करना था। इस अवसर पर नगर पालिका की वाइस चेयरमैन सुमन देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अंजू के मार्गदर्शन में किया गया। मेले के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न खेल-आधारित शिक्षण गतिविधियां आयोजित की गईं। रेडीनेस मेले का आयोजन किया गया इनमें रंग एवं आकार पहचान, कहानी वाचन, चित्रकला, गीत-संगीत और व्यवहारिक शिक्षा से जुड़ी रोचक गतिविधियां शामिल थीं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित किया गया। अभिभावकों के लिए भी जागरूकता सत्र आयोजित इसके साथ ही, अभिभावकों के लिए भी जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में उन्हें बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और समग्र विकास के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अभिभावकों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सुपरवाइजर मनीषा, संतोष रानी, सुशीलवती, मधुबाला, नीलम देवी, मुकेश देवी, सीमा, ऊषा रानी, सुनीता, मिनाक्षी, सुमित्रा और शीला सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
धौलपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सागर पाड़ा स्थित अंबेडकर पार्क से एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसे राजाखेड़ा विधायक रोहित बौहरा और बसेड़ी विधायक संजय जाटव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अंबेडकर को दी गई श्रद्धांजलियह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिरौली फाटक स्थित अंबेडकर पार्क पर समाप्त हुई। मार्ग में विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कोतवाली थाने पर हुआ शोभायात्रा का स्वागत शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों का संदेश दिया। मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए, जहां पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। पेयजल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन में युवाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। कोतवाली थाने पर भी शोभायात्रा का स्वागत किया गया। विचार गोष्ठियों का हुआ आयोजनजयंती के अवसर पर सागर पाड़ा अंबेडकर पार्क में विचार गोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों को अपनाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया।पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा की शिक्षा-एकता पर चर्चा
भीलवाड़ा | अखिल भारतवर्षीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा की जिला इकाई की बैठक शनिवार को सुभाष नगर स्थित गौतम आश्रम में हुई। आगामी योजनाओं की रूपरेखा तय की गई। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद जोशी ने की। जिला महामंत्री राजमल शर्मा ने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने पर विचार हुआ। सामाजिक एकता मजबूत करने व बढ़ाने पर बात हुई। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया। एकजुटता का संकल्प लिया।
भिवानी के हांसी रोड स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में मंगलवार को प्राकृतिक खेती को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत पहुंचेंगे। इस दौरान शिक्षकों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाएंगे। शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा करेंगे। वहीं अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी व सांसद धर्मबीर सिंह पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, चरखी दादरी के विधायक सुनील सांगवान व बाढ़ड़ा के विधायक उमेद पातुवास भी शामिल होंगे। पूर्व सांसद के निधन पर भी जताएंगे शोकडीसी कार्यालय से प्राप्त दौरा कार्यक्रम अनुसार राज्यपाल आचार्य देवव्रत 21 अप्रैल को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेगे। जिसमें वे शिक्षकों को प्राकृतिक खेती करने व उसके फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। वहां कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात वे पूर्व सांसद चौ. जंगबीर सिंह के निधन पर शोक प्रकट करने के लिए स्थानीय वैश्य कॉलेज के पंघाल भवन जाएंगे। इसके पश्चात राज्यपाल स्थानीन बया पर्यटन केंद्र आएंगे, यहां पर वे भिवानी व दादरी के पत्रकारों से मिलेंगे। इस दौरान नगर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे। 250 परिवारों को देंगे गमलेराज्यपाल आचार्य देवव्रत शिक्षा बोर्ड में प्राकृतिक खेती पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस विशेष कार्यशाला में राज्यपाल द्वारा प्रदेशभर से शिक्षकों प्राकृतिक खेती के साथ-साथ संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बोर्ड परिसर में रह रहे करीब 250 परिवारों को दो-दो मिट्टी के गमले भी दिए जाएंगे, जिनमें वे प्राकृतिक खाद का प्रयोग कर दो-दो पौधे या किसी सब्जी की बेल लगा सकेंगे। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने के लिए कुरुक्षेत्र से एक विशेष टीम भी आएगी।
शिक्षाप्रद कहानी: बालक राम से 'परशुराम' बनने की गाथा
बहुत पुरानी बात है, महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के एक बहुत ही आज्ञाकारी पुत्र थे, जिनका नाम था 'राम'। राम बचपन से ही बहुत शांत, बुद्धिमान और बलवान थे। वे अपने माता-पिता की सेवा करना अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक
-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

