प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद राजकुमार रोत ने राज्य सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, समान नागरिक संहिता (UCC) और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। आसपुर विधायक उमेश मीणा, जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत सहित पार्टी के अन्य नेताओं की मौजदूगी में सांसद रोत ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक हालिया बयान पर तंज कसते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का एक बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अगर केंद्र के शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देंगे, तो मैं भी दे दूंगा।' मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप अपना इस्तीफा कब दे रहे हैं? राजस्थान के युवाओं और शिक्षकों को केंद्र से ज़्यादा आपके इस्तीफे की ज़रूरत है, क्योंकि आपने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। यूएन में आदिवासियों की स्थिति और राष्ट्रीय पार्टियों की नीतिसंयुक्त राष्ट्र संघ में देश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करने के बाद डूंगरपुर लौटने पर सांसद रोत ने आदिवासियों के अधिकारों की पैरवी का जिक्र करते हुए रोत ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्रीय पार्टियां आदिवासियों को केवल वोट बैंक समझती हैं। मानगढ़ धाम पर आकर कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता कहते हैं कि आदिवासी यहां के मूल निवासी हैं, लेकिन विश्व पटल (UN) पर भारत सरकार 1982 से लगातार यह बयान देती आ रही है कि भारत में कोई विशेष आदिवासी समुदाय नहीं रहता। यह आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठन पूरे देश के आदिवासी इलाकों में जन-जागरण अभियान चलाएंगे और राष्ट्रीय पार्टियों के इस दोहरे रवैये का पर्दाफाश करेंगे। यूसीसी के नाम पर धार्मिक राजनीति का आरोपयूसीसी (Uniform Civil Code) के मुद्दे पर बोलते हुए रोत ने उदयपुर से बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर कड़ा विरोध जताया।रोत ने कहा कि बीजेपी राजस्थान में यूसीसी के नाम पर धर्म का कार्ड खेल रही है और आदिवासियों को आपस में लड़ाने की साजिश रच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी और धर्म दोनों अलग विषय हैं और इस तरह की भेदभावपूर्ण नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।
शिक्षा मंत्रालय संभालते ही फुल एक्शन में प्रह्लाद जोशी! संडे को भी अफसरों की बुलाई हाई-लेवल बैठक
देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद, यानी रविवार को भी उन्होंने मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की एक इमरजेंसी हाई-लेवल बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही पूरे देश के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने दिखाए कड़े तेवरकेंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और नई जिम्मेदारियों के मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने बिना एक भी दिन गंवाए अपने मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनका यह तेवर साफ संकेत दे रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित पड़ी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। रविवार के दिन बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शिक्षा नीति, परीक्षाओं की पारदर्शिता और पिछले समय में उठे सवालों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।क्या NEET परीक्षा पैटर्न में होगा बड़ा बदलाव?देशभर के लाखों मेडिकल Aspirants के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि क्या सरकार NEET परीक्षा प्रणाली, इसके आयोजन के तरीके या काउंसलिंग प्रक्रिया में कोई क्रांतिकारी बदलाव करने वाली है। पिछले कुछ सत्रों में NEET परीक्षा को लेकर हुई विभिन्न गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी द्वारा अचानक बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल किया जा सके।छात्रों और अभिभावकों को है सख्त और पारदर्शी फैसलों का इंतजारएजुकेशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि नए मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा जीतना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फूल-प्रूफ बनाना है। इस संडे मीटिंग में अधिकारियों के साथ मंथन के बाद जल्द ही कुछ बड़े दिशा-निर्देश या नए सुधार सामने आ सकते हैं। देश के करोड़ों छात्र अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीतिगत फैसला लेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो सके।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा संघर्ष खत्म हो गया। लेकिन अब इसी मुद्दे पर पंजाब की राजनीति भी गर्मा गई है। बॉलीवुड कलाकार श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दीपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? अब शिक्षामंत्री ने क्या कहा 6 प्वाइंट में जानिए देश का युवा जागरूक हैआप सभी को बहुत मुबारकबाद। बिग कांग्रेचुलेशंस और सेल्यूट है। यह धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की बात नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि इस देश का युवा आज भी जागरूक है। क्योंकि पिछले कुछ सालों में जिस तरीके की प्रोपोगेंडा मूवीस आ रही थी। अगर कोई भी आवाज उठाए अगर वो पंजाब से उसको खालिस्तानी बोल दो। अगर वो लेह लदाख से उसको चाइनीज़ एजेंट बोल दो या अगर आप इनके खिलाफ बोलेंगे तो आपको देशद्रोही आपको एंटीनेशनल आपको फॉरेन फंडेड बता दिया जाएगा। लेकिन इस संघर्ष ने कॉन्फिडेंस दिया।आवर कंट्रीज इन सेफ एंड इंडिया है। पंजाब में नकल का केस, पेपर लीक नहीं दूसरी चीज अंध भगत गलत जानकारी दे रहे हैं। इन लोगों की अपनी एल्गोरिदम होती है और उसी दुनिया में ये लोग जीते हैं। मेरा आईटी सेल नहीं। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, मेरी अपनी आवाज है। अब यह कह रहे है पंजाब में भी एक पेपर लीक हुआ है। फर्स्ट थिंग फार्मेसी पेपर लीक नहीं था। वह नकल का मामला था। जो लोग बच्चे चीटिंग कर रहे थे उनको मौके पर पकड़ लिया। दूसरा ये है कि यह डिपार्टमेंट मेरा नहीं है। वो मेरे फेलो कलीग का डिपार्टमेंट है। पर कैबिनेट की कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। इसलिए भाग नहीं सकते है। ये लोग बोलेंगे पूरा अब मैं मैं देख रहा हूं । कुछ अंध भक्त मुझे टैग कर कर के कि अच्छा जी अच्छा ये फार्मेसी। यह मेरा डिपार्टमेंट नहीं है। सेकंड थिंग एंड इट वाज़ नॉट अ पेपर लीक। संघर्ष मैं अकेला शिक्षामंत्री शामिल हुआ तीसरी चीज है जी के पूरे देश में बहुत सारे नेता इस संघर्ष में शामिल हुए। मैं पूरे देश अकेला वर्किंग एजुकेशन मिनिस्टर हूं, जो धरने में शामिल हुआ। मैं स्टेज पे नहीं गया। मैं बच्चों के बीच रहा । शाम को बच्चे वायलेंस रिसोर्ट करने लगे। उन्हें समझाया इस मूवमेंट न खत्म नहीं करना। इस मूवमेंट जीना है। दो तीन दिन पहले से इस्तीफे बारे में पूछा गया। । मैंने कहा कि अगर मेरे इस्तीफे से एजुकेशन सिस्टम ठीक होता है तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। जो कहूंगा गूगन पर चैक कर लेना अंधभक्त झूठे दावे कर रहे हैं। पंजाब को बदनाम नहीं करना है। पिछली सरकारों में यह उड़ता पंजाब रहा होगा, अब यह पढ़ता पंजाब है। अगले एक मिनट जो कह रहे त फैक्ट्स है उसे आप गूगल चैट जीपीटी क्लॉड ग्रॉक चैक कर लेना। अकेले एक मिनट में जो कहना है, वह फैक्ट आप गूगल, चैटजीपीटी या ग्रोक कहीं पर भी चेक कर लेना। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार साल में पंजाब नंबर एक है। पहले 27वें नंबर पर था। 2500 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। पूरे स्कूल वाई फाई किए हैमैं पूरे देश में सबसे ज्यादा स्कूल इंस्पेक्शन करने वाला मंत्री हूं। कोई भी शिक्षा मंत्री बनने के लिए तैयार नहीं होता। पंजाब में इसे धरने वाला महकमा कहते हैं। कांटों का ताज माना जाता है, लेकिन मैंने इसे चुना। हमने पूरे पंजाब को वाई-फाई किया। सुरक्षा का इंतजाम किया। बस सर्विस शुरू की। पंजाब ने दो दिन पहले एआई को मेनस्ट्रीम बना दिया। नीट देने वाले 881 बच्चों से मिलेंगे। कोई और राज्य यह डेटा नहीं दे सकता। पंजाब को बदनाम नहीं होने दूंगा। नीट टॉपर पंजाब से है। मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आए आप हरजोत बैंस को गाली दे दो, लेकिन पंजाब को गाली नहीं देने दूंगा। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे तैयार हों। पंजाब इस देश को राह दिखा रहा है। हम चाहते हैं कि पूरे देश के शिक्षा मंत्री यहां आएं। हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि पेपर लीक न हो। एजुकेशन मेरा पैशन है। मैं मंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आया था। राजनीति में बदलाव लाने के लएि आए थे। पिछले चार में काफी कुद किया ळै।
मथुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 136वें 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने के लिए उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रविवार को मथुरा पहुंचे। वृंदावन मंडल के विद्यापीठ शक्ति केंद्र पर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। करीब आधे घंटे तक मौजूद रहने के बाद उन्होंने कहा कि 'मन की बात' अब केवल किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है। भाजपा नेताओं ने किया स्वागत वृंदावन पहुंचने पर महानगर अध्यक्ष हरीशंकर यादव 'राजू', महामंत्री विनीत शर्मा और वृंदावन मंडल अध्यक्ष जितेंद्र वार्ष्णेय 'रोनू' ने जल शक्ति मंत्री का पटका और माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण सुना। कारगिल के वीरों को किया नमन, युवाओं की सराहना कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख करते हुए देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा लगातार दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। 'अनसुने लोगों को पहचान दिलाता है मन की बात' कार्यक्रम के बाद स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि 'मन की बात' दुनिया के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में शामिल है। इसके माध्यम से ऐसे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिनकी प्रतिभा, ईमानदारी और समाज के लिए किए गए कार्यों पर सामान्यतः ध्यान नहीं जाता। उन्होंने कहा कि खादी, पारंपरिक शिल्प, संगीत और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का उल्लेख होने से उन्हें नई पहचान मिलती है और उनके काम को भी बढ़ावा मिलता है। धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का हर निर्णय राष्ट्रहित और गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, शिक्षा और विकास की सुविधाएं पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश में नकल पर रोक लगने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब मेहनत और योग्यता के आधार पर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उनके अनुसार सरकार के सभी निर्णय राष्ट्र और समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
CJP ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को दी चेतावनी; कहा- युवाओं की नजरें आप पर हैं
सीजेपी ने सरकार से अपने पांच सूत्रीय शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना अब नई शिक्षा नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छात्रों को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस ने रविवार सुबह शिक्षा मंत्री के आवास तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता अर्द्धनग्न होकर अपने हाथों में गुलाब के फूल लेकर मंत्री के घर की ओर बढ़े। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मदन दिलावर के आवास से कुछ दूरी पर पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। छात्रों को गुंडा बताने को बर्दाश्त नहीं करेंगे कांग्रेस नेता पवन मीणा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य और हमारे छात्र जब जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे, तो मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें गुंडे कह दिया। देश के भविष्य को इस तरह गुंडा बताना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज हम सभी कांग्रेसी गुलाब का फूल लेकर आए हैं ताकि मंत्री जी इस फूल की खुशबू को सूंघें और उनके दिमाग में छात्रों के प्रति भरी नकारात्मकता और बदबू दूर हो सके। आतंकी हमलों पर दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती पवन मीणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राज्य के शिक्षा मंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देश के सैनिकों पर आतंकी हमले होते हैं, तब मदन दिलावर की चुप्पी नहीं टूटती। लेकिन अपने हक की बात करने वाले छात्रों को वे अपशब्द कहते हैं। अब मदन दिलावर के इस्तीफे की बारी उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह देश भर के विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठी, ठीक उसी प्रकार अब मदन दिलावर के इस्तीफे और बर्खास्तगी की बारी है। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते और अपना पद नहीं छोड़ते, यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। अब प्रदेश में शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चूरू में जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार देर शाम विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर व देहात ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मंडेलिया हाउस से शुरू होकर वीरगति स्मारक तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज मेघवाल के नेतृत्व में निकले इस जुलूस के समापन पर वीरगति स्मारक पर नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले युवाओं को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलनसुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल और तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया ने इस अवसर पर कहा कि यह लड़ाई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशानुसार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए यह आंदोलन बड़े स्तर पर जारी रहेगा। नेताओं ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह यह भ्रम न पाले कि यह अभियान थम गया है। उन्होंने इस जीत को देश के युवाओं और विपक्षी दलों की एकजुटता का परिणाम बताया। इस कार्यक्रम में केशरीचंद शर्मा, पीसीसी सचिव रियाजत खान, संजय कस्वां, दिनेश कस्वां, जमील चौहान सहित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, पार्षद और जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीतामढ़ी में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। डुमरा प्रखंड के पड़री में करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने संयुक्त रूप से रिमोट का बटन दबाकर भवन का उद्घाटन किया। नवनिर्मित भवन के शुरू होने से जिले में पारा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने में मदद मिलेगी। सांसद और जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारी रहे मौजूद लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सांसद देवेशचंद्र ठाकुर, एमएलसी रेखा कुमारी, वरिष्ठ नेता वंशीधर ब्रजवासी और प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। भवन के लोकार्पण को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान पारा मेडिकल शिक्षा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। छात्रों को पढ़ाई के साथ रहने की भी सुविधा पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन शुरू होने से छात्र-छात्राओं को एक ही परिसर में पढ़ाई और रहने की सुविधा मिल सकेगी। आवासीय व्यवस्था होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अभी कई विद्यार्थियों को पारा मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में जिले में बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने जिले में ही प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन का उद्देश्य पारा मेडिकल शिक्षा को बेहतर आधार देना है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार होने की उम्मीद है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में डॉक्टरों के साथ-साथ प्रशिक्षित पारा मेडिकल कर्मियों की भी अहम भूमिका होती है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल, जांच और अन्य चिकित्सा सेवाओं में पारा मेडिकल कर्मी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में जिले में पारा मेडिकल शिक्षा का विस्तार होने से भविष्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ सकती है। इसका सीधा फायदा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलने की उम्मीद है। नए भवन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलने की संभावना है। सांसद बोले- युवाओं के लिए बड़ी सौगात कार्यक्रम के दौरान सांसद देवेशचंद्र ठाकुर ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने पारा मेडिकल सह छात्रावास भवन को सीतामढ़ी के युवाओं के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि इस भवन से जिले के विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण और रहने की सुविधा मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे खासकर ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। सांसद ने उम्मीद जताई कि यह संस्थान जिले में दक्ष स्वास्थ्यकर्मियों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आधुनिक संस्थानों और प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत है। पारा मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलने से इस दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले को मिलेगी मजबूती पारा मेडिकल सह छात्रावास के निर्माण को जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। भवन के शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ रहने की सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नए भवन के संचालन से आने वाले समय में जिले में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। अतिथियों ने भवन का किया अवलोकन वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने नवनिर्मित भवन का अवलोकन किया। उन्होंने भवन में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने भवन से संबंधित जानकारी जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को दी। अतिथियों ने इसे सीतामढ़ी में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह भवन आने वाले समय में पारा मेडिकल शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ पारा मेडिकल सह छात्रावास के शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को सबसे बड़ा फायदा स्थानीय स्तर पर मिलने वाले अवसर के रूप में होगा। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी। साथ ही रहने की सुविधा उपलब्ध होने से दूर-दराज के विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई करना आसान होगा। भवन के संचालन के साथ जिले में पारा मेडिकल शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे प्रशिक्षित युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी कुशल मानव संसाधन तैयार होगा। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसे सीतामढ़ी के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उम्मीद जताई गई कि आने वाले समय में इस संस्थान से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थी जिले और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देंगे।
सलूंबर जिले के हजारों अभ्यर्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 27 जुलाई से 30 जुलाई तक जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, सलूम्बर कार्यालय में चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि, समय और आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने की अपील की है। जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने बताया- काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, आरक्षण संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ लाने का आग्रह किया। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले काउंसलिंग स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। जारी कार्यक्रम के अनुसार, 27 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 1 से 100 तक के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसके बाद 28 जुलाई को वरिष्ठता क्रम 101 से 225 तक और 29 जुलाई को 226 से 313 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। प्रत्येक दिन प्रातः 9:30 बजे पंजीकरण शुरू होगा और 11:00 बजे से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि और समय का पालन करना सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें काउंसलिंग प्रक्रिया के सफल आयोजन और आगामी नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। विभाग ने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल विभाग द्वारा जारी अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार ही काउंसलिंग में शामिल होने की अपील की है।
नीट परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन की सफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद डीडवाना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय एवं शांति मार्च निकाला। इस दौरान जश्न मनाया गया। पूर्व विधायक चेतन डूडी के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र शामिल हुए। यह विजय मार्च पूर्व विधायक चेतन डूडी के आवास से शुरू हुआ। यह शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए पुरानी पंचायत समिति परिसर पहुंचा। मार्च में शामिल लोग हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर छात्र एकता के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलिमार्च का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हुआ। यहां कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाकर नीट परीक्षा में कथित धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना भी की गई। इस कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि, पार्षद और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस विजय मार्च के दौरान युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग दोहराई।
धौलपुर में शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर विजय मार्च निकाला। इस मार्च को कांग्रेस नेताओं ने देश के लाखों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए संघर्ष का परिणाम भी बताया। विजय मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और धौलपुर विधायक संजय कुमार जाटव तथा धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाहा ने किया। यह मार्च शाम 7 बजे जगन चौराहे से शुरू हुआ। गांधी पार्क में हुआ समापनमार्च सराय गजरा रोड, सेठ प्रताप सिंह मार्ग, पुराना डाकखाना चौराहा, लाल बाजार, हनुमान तिराहा और पुरानी सब्जी मंडी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसका समापन गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार जाटव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लाखों विद्यार्थियों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं की आवाज शुरू से उठाई है। देश तानाशाही से नहीं, लोकतंत्र से चलता हैजाटव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए लगातार संघर्ष के कारण केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भविष्य में भी छात्रों और युवाओं के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी। विधायक शोभारानी कुशवाहा ने कहा कि यह देश तानाशाही से नहीं, बल्कि लोकतंत्र से चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस सड़क से संसद तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की। विजय मार्च में बाड़ी विधानसभा प्रत्याशी प्रशांत परमार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित साकेत बिहारी शर्मा, पूर्व प्रधान रामलखन मीणा, मोनू जादौन, लाखन सिंह खिड़ोरा सहित कई जिला कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.... प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वाराणसी में युवा कांग्रेस और युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि हर जनप्रतिनिधि को जनता के विश्वास और संविधान के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उनके मुताबिक हालिया घटनाक्रम ने दिखाया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनमत सबसे ज्यादा मायने रखता है। 'युवा तय करेंगे कौन कैसा काम कर रहा' युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ओम शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है। यह जनता की भागीदारी और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में देश का युवा तय करेगा कि कौन नेता कैसा काम कर रहा है। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और लोकतंत्र जीता, तानाशाही सोच हारी के नारे लगाए। इस मौके पर रोहित चौरसिया, जमाल अहमद, एजाज अहमद, अंजनी सिंह, दिनेश पटेल, बजरंगी विश्वकर्मा, भरत मौर्या, गुड्डू यादव, रितेश यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोटपूतली में शनिवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विशाल मशाल और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विजय जुलूस निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में यह प्रदर्शन पंचायत समिति परिसर के पास से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मुख्य चौराहे तक पहुंचा। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, प्रदेश महासचिव देव कसाना, डॉ. आरसी यादव, ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश सैनी और महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष मंजू रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता हाथों में मशालें लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्य चौराहे पर आयोजित सभा को जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं और सरकार को युवाओं का विश्वास बहाल करना चाहिए। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित व्यवहार की निंदा की। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 36 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जालोर में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला, जबकि दोनों संगठनों ने अलग-अलग जगह आतिशबाजी की और मिठाई बांटी। नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की जीत बताया। कांग्रेस ने कैंडल लेकर निकाला विजय मार्च जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार शाम संजय नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन से कैंडल लेकर विजय मार्च निकाला गया। रैली अस्पताल चौराहे पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि सबसे पहले देश के छात्रों को बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो महीने से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के सामने सरकार को झुकना पड़ा और छात्रों की मांगें मानी गईं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के सहयोग से छात्रों की जीत हुई है। इस दौरान आहोर प्रत्याशी सरोज चौधरी, योगेंद्र सिंह कुम्पावत, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल, सवाराम चौधरी, सुरेश मेघवाल, बसंत सुथार, जुल्फिकार अली भुट्टो, लक्ष्मण सांखला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। शिवसेना ने भी पटाखे फोड़कर मनाई खुशी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद शिवसेना (यूबीटी) के जालोर जिला कार्यालय धवला रोड पर भी कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और पटाखे फोड़े। शिवसेना (यूबीटी) के जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र 36 दिनों तक आंदोलन करते रहे और यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद कई छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को शिवसेना (यूबीटी) का पूर्ण समर्थन था। इस दौरान शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, उप शहर प्रमुख रामसिंह राव, सूरज बामणिया, दिनेश राणा, योगी शेषनाथ, मेवनाथ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के NEET विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भीलवाड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) ने विजय मार्च निकाला। पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में मार्च सूचना केंद्र से शुरू हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और छात्र संगठन तिरंगा और तख्तियां लेकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचे। यहां बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च का समापन किया गया। इस दौरान युवाओं ने पटाखे भी चलाए और नारेबाजी की। सूचना केंद्र से शुरू हुआ विजय मार्च विजय मार्च के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा सूचना केंद्र पर एकत्रित हुए। इसके बाद रामलाल जाट के नेतृत्व में सभी लोग शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल की ओर रवाना हुए। मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्र संगठनों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां ले रखी थीं। इस दौरान लगातार नारेबाजी की गई। छात्र-युवा एकता के समर्थन में नारे लगाए विजय मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल गांधी के संघर्ष के समर्थन में नारे लगाए। इसके साथ ही छात्र-युवा एकता के समर्थन में भी नारेबाजी की गई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने उत्साह के साथ पटाखे चलाए। मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। रामलाल जाट बोले- छात्रों के संघर्ष की सफलता पूर्व मंत्री और देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और देश के युवाओं व छात्रों के लगातार संघर्ष की ऐतिहासिक सफलता के मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) की ओर से विजय मार्च निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के धैर्य और जननायक राहुल गांधी के लगातार संघर्ष की जीत है। कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और छात्रों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। अंबेडकर सर्कल पर किया माल्यार्पण विजय मार्च सूचना केंद्र से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही विजय मार्च का समापन हुआ।
अररिया में नीट पेपर लीक प्रकरण में कथित रूप से जान गंवाने वाले 22 छात्रों की स्मृति में शनिवार को अररिया जिला कांग्रेस कमेटी ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च जिला अध्यक्ष मासूम रेजा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के लिए न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। मार्च नेताजी सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर चांदनी चौक होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल पर शाम करीब 7:45 बजे पहुंचा। यहां उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई श्रद्धांजलि सभा के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के उपलक्ष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चांदनी चौक पर विजयी जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मासूम रेज़ा ने इस अवसर पर कहा कि यह संघर्ष केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की लड़ाई बताया। परिजन को एक-एक करोड़ देने का मांग रेजा ने मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित 22 छात्रों के प्रत्येक परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन ने सत्ता को झुकने पर मजबूर किया है, जिसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया गया। मासूम रेज़ा ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाया और छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा। अपने संबोधन में, मासूम रेज़ा ने अररिया की बेटी ज्याश्री का भी उल्लेख किया, जो कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्याश्री की हत्या के मामले में अब तक परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
मऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार शाम NEET पेपर लीक मामले के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। शाम करीब 7:30 बजे जिला कार्यालय हकीकतपुरा से शुरू हुआ यह मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मृत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। मार्च के बाद अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर सभा का आयोजन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि ऐसे मामलों से लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे। मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने न्यायपूर्ण, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।
NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा ...
देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्तिराष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:इस्तीफा मंजूर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है।अतिरिक्त प्रभार: प्रधानमंत्री के परामर्श पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।प्रह्लाद जोशी कौन हैं? जानें उनके पास कौन-कौन से मंत्रालय हैं64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।संसदीय क्षेत्र: वे साल 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा सीट से सांसद हैं।मौजूदा पोर्टफोलियो: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय के जुड़ने से उनके पास महत्वपूर्ण विभागों की कमान आ गई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रह्लाद जोशी की प्रतिक्रियाप्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए लिखा:धर्मेंद्र प्रधान जी का दशकों लंबा और गौरवशाली राजनीतिक करियर रहा है। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल कार्यान्वयन के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 100 से अधिक सुधार हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय देश के विकास में उनके योगदान को कम नहीं करता।जंतर-मंतर से खत्म हुआ छात्रों का आंदोलननीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों का विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगों पर सहमति की प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है और जंतर-मंतर का स्थल पूरी तरह खाली कर दिया गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बरेली में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देर से लिया गया, लेकिन यह सही फैसला है। उनका आरोप है कि यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई की होती तो कई छात्रों की जान बचाई जा सकती थी। 'सरकार को दबाव में लेना पड़ा फैसला' शमीम खान सुल्तानी ने कहा कि वह पहले से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, देशभर में छात्रों का आंदोलन लगातार मजबूत होता गया और आखिरकार सरकार को दबाव में आकर यह निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने इसे छात्रों के संघर्ष का परिणाम बताया। पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की मांग सपा नेता ने कहा कि अब तक सामने आए पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और नए कानून के तहत उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घायल छात्रों और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग शमीम खान सुल्तानी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने मांग की कि घायल छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जिन परिवारों ने पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम में अपने बच्चों को खोया है, उन्हें सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। कानून के सख्ती से पालन की जरूरत उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून बनाया है, लेकिन केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए और दोषियों को समयबद्ध तरीके से सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग सपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो और छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
नमस्कार, NEET पेपर लीक को लेकर जारी विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ। जंतर-मंतर खाली किया गया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि मानसून के असर के चलते गुजरात-असम में बाढ़ के हालात हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी के मन की बात का 136वां एपिसोड, कारगिल दिवस पर चर्चा कर सकते हैं। 2. कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्रास में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 12 साल में विरोध के चलते इस्तीफा देने वाले पहले मंत्री; प्रह्लाद जोशी को चार्ज शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार दोपहर पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की। 2 पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे (सरकार) कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। इधर, सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। उनके पास पहले से खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों की जिम्मेदारी है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। 12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में 'मी टू' आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। पूरी खबर पढ़ें... 2. कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म: प्रवक्ता बोले- हमारी तीनों मांगें पूरी; जंतर-मंतर खाली होना शुरू कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को आंदोलन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह के साथ प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। रांका ने कहा कि सरकार से 3 बार बातचीत हुई। हमारी तीनों मांगें मान ली गईं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर लगे सभी केस वापस लिए जाने और NEET पीड़ितों को ₹1 करोड़ का मुआवजा शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से खाली किया: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे खबर मिलते ही जंतर-मंतर CJP समर्थकों ने जश्न मनाया। छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए, राष्ट्रगान भी गाया। NEET पेपर लीक के बाद जान गंवाने स्टूडेंट्स के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। यूपी में भी हजारों छात्रों ने सड़कों पर बारिश में डांस किया। पूरी खबर पढ़ें... 3. राहुल बोले- प्रधान करप्शन का सिंबल, उन्हें जाना ही था, एजुकेशन सिस्टम खोखला कर दिया, सरकार इसे बदले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, 'अच्छा है चला गया। वो भ्रष्टाचार का सिंबल है। उसने देश के एजुकेशन सिस्टम को खोखला किया। मेरी तरफ से छात्रों को जो सपोर्ट चाहिए हम तैयार हैं। हम छात्रों और उनके भविष्य को बचाने के लिए खड़े हैं।' राहुल ने कहा कि हमारा शिक्षा सिस्टम, जिसे कभी दुनिया भर में अच्छा माना जाता था, उस पर हमले हो रहे हैं, उस पर कब्जा किया जा रहा है। उसका निजीकरण किया जा रहा है। इसमें जितनी गलती पीएम की है। उतनी ही RSS की है। राहुल बोले- हिंसा के लिए शाह जिम्मेदार: 20 जुलाई की हिंसा के लिए राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे जिम्मेदार ठहराया। छात्रों पर चलाई गई पैलेट गन के लिए भी जिम्मेदार बताया। पूरी खबर पढ़ें... 4. यूपी में रंगदारी मांगने वाला शार्प शूटर एनकाउंटर में ढेर, जिसके भाई की हत्या की, उसी से मुकदमे का खर्च मांग रहा था मेरठ STF और बागपत की पुलिस ने शनिवार को शार्प शूटर विपुल उर्फ खूनी को मुठभेड़ में मार गिराया। वह हत्या और रंगदारी के केस में फरार चल रहा था। मुठभेड़ शाम 6 बजे सिंघावली अहीर इलाके में हुई। पुलिस और विपुल के बीच करीब 12 राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान उसे चार गोलियां लगी और गिर पड़ा। पुलिस के मुताबिक, विपुल ने 12 साल पहले पवन नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी। फिलहाल वह जमानत पर था, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी थे। रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी दी थी: विपुल अब पवन के भाई से मुकदमा लड़ने का खर्च मांग रहा था। रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी भी दी थी। इस मामले में पुलिस ने विपुल पर केस दर्ज करते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पूरी खबर पढ़ें… 5. दावा- हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमला; ट्रम्प की रूस-चीन को ईरान युद्ध में दखल ने देने की धमकी ईरान-अमेरिका जंग के बीच हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उसे सऊदी अरब के जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। जजान रिफाइनरी को सऊदी अरब की पांचवीं सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी माना जाता है। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर रूस-चीन ने ईरान युद्ध में दखल दिया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे और यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। होर्मुज में 28 क्रू मेंबर्स वाले LPG टैंकर पर हमला: ईरान के जलक्षेत्र में एक LPG टैंकर पर हमला हुआ। मोजाम्बिक के झंडे वाला यह टैंकर दिशा 28 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा था। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. गुजरात में भारी बारिश से 5 की मौत, असम में बाढ़ से 24 घंटे में 14 लोगों की जान गई; 6 दिन बार अमरनाथ यात्रा फिर शुरू गुजरात में भारी बारिश जारी है। कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 40 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। बारिश से जुड़े हादसों में 5 लोगों की मौत हुई। अहमदाबाद में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे। असम में बाढ़ से पिछले 24 घंटे में 14 लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हुई। 12 जिलों में बाढ़ से 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। इधर, नागालैंड से बाढ़ बहा एक पालतू हाथी नदी में बहकर असम पहुंच गया। इधर, जम्मू-कश्मीर में 6 दिन बाद अमरनाथ यात्रा शुरू हुई। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और बाढ़ से चलते 134 सड़कें बंद रहीं। मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का स्ट्रॉग सिस्टम एक्टिव है। उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया: BBC बोला- छात्रों के आगे झुकी मोदी सरकार: गार्डियन ने लिखा- जनता के दबाव में 12 साल में पहला इस्तीफा (पूरी खबर पढ़ें) 2. किक्रेट: भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के बाद पहली सीरीज जीती:जिम्बाब्वे को 90 रन से हराया; ईशान-तिलक की फिफ्टी, अभिषेक को 3 विकेट (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: महाराष्ट्र TET पेपर लीक- मास्टरमाइंड बिहार से गिरफ्तार: आगरा प्रिंटिंग प्रेस से उड़ाया था प्रश्नपत्र, पटना के फ्लैट में की थी प्लानिंग (पूरी खबर पढ़ें) 4. एंटरटेंमेंट: सलमान खान की देर रात क्रिप्टिक पोस्ट:शर्टलेस तस्वीर के साथ लिखा, सलमान डर गया, जो डर गया वो मर गया; स्टूडेंट प्रोटेस्ट का किया था सपोर्ट (पूरी खबर पढ़ें) 5. स्पोर्ट्स: नाम झुन्नू था, दिव्यांगता के कारण लोग झंडू कहने लगे: अब भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टिंग का ब्रॉन्ज जीता (पूरी खबर पढ़ें) 6. एंटरटेंमेंट: प्रोटेस्ट पर सवाल पूछे जाने पर भड़के राघव जुयाल:कहा- ये पूछने की हिम्मत वहां करो जहां वाकई पूछना चाहिए, बॉयकॉट की मांग पर दिया रिएक्शन (पूरी खबर पढ़ें) 7. राजस्थान: ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रैक्टर दुकान में घुसा, VIDEO: सामान खरीदने आई 2 बच्चियां घायल; लोग बोले- नाबालिग चला रहा था ट्रैक्टर (पूरी खबर पढ़ें) 8. राजस्थान: किसान ने सांवलियाजी के नाम की 1.50 करोड़ की जमीन: बोले- 10 साल तक चक्कर काटे, अब मकान भी भगवान को भेंट करूंगा (पूरी खबर पढ़ें) 9. बिहार: मॉल घूमने गए तेजप्रताप को पकड़कर ले गई पुलिस, पटना में प्रदर्शन में शामिल थे; 10 जिलों में हिंसक झड़प, 423 पकड़ाए (पूरी खबर पढ़ें) 10.. उत्तर प्रदेश: योगी बोले- नकल माफिया को मिट्टी में मिला देंगे:इनकी दो ही जगह- जेल या जहन्नुम; अब कोई नहीं बचा सकता (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... जिसपर लगाया था रेप केस, उसी से की शादी छत्तीसगढ़ में एक युवती ने उसी युवक से जेल में शादी की, जिसपर खुद रेप का केस दर्ज कराया था। जगदलपुर सेंट्रल जेल में दोनों ने सात फेरे लिए। एक कॉन्स्टेबल ने युवती का कन्यादान किया। हालांकि, शादी के बाद युवक को दोबारा जेल भेजा गया। पूरी खबर पढ़ें... भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. भास्कर एक्सक्लूसिव: RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल 2. आज का एक्सप्लेनर: इन 5 वजहों से घबराई सरकार, तब हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; नहीं झुकते तो क्या हो जाता, क्या अब आंदोलन खत्म 3. ग्राउंड रिपोर्ट: जंतर-मंतर पर घायल हुई साक्षी पर पुलिस का पहरा क्यों: ICU, लिफ्ट, कॉरिडोर में जवान तैनात; रिपोर्टर को रोका, परिवार खामोश 4. ग्राउंड रिपोर्ट: सिर फूटा, पैर टूटा...अस्पताल से लौटे, फिर जंतर-मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारी:फूल लेकर खड़े थे, लाठियां मिलीं, पूछा- घर क्यों नहीं गए, जवाब सुनिए 5. स्पाई फाइल्स‘: डार्लिंग शुरू करो’ कहकर लड़की ने विमान हाईजैक किया:पीरियड का खून दिखाकर भागी महिला, 'कसाई' के जाल में फंसे थे 245 लोग ; पार्ट-1 6. जरूरत की खबर: 13 सवालों में समझें आंसू-गैस का साइंस: अगर एक्सपोजर हो तो ऐसे करें बचाव, न करें ये 7 गलतियां, बता रहे हैं डॉक्टर 7. आपका पैसा: 35 की उम्र में 1 करोड़ का फंड: समझें कंपाउंडिंग का गणित और SIP के फायदे, फाइनेंस एक्सपर्ट की 10 जरूरी सलाह 8. भास्कर एक्सप्लेनर: BSP से 114 करोड़ की लोहा चोरी:लेबर ID से एंट्री, ट्रकों में सीक्रेट चेंबर, GPS-नंबर प्लेट बदलते, 14 स्टेप में समझिए पूरा नेटवर्क 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: अंधविश्वास में 5 साल में 83 हत्याएं:जादू-टोना के मामलों में छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर, रातों-रात अमीर बनने के लालच में गईं जानें 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: राजस्थान में सबसे सख्त पेपरलीक कानून, सजा एक भी नहीं:उम्रकैद के साथ लग सकता है 10 करोड़ का जुर्माना, प्रॉपर्टी भी सील हो सकती है 11. ग्राउंड रिपोर्ट: बांग्लादेश बॉर्डर पर कांग्रेस सांसद ने क्यों खरीदी जमीन: इमरान प्रतापगढ़ी समेत 7 के नाम 95 एकड़ रजिस्ट्री ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कुंभ राशि वालों के लिए जॉब से जुड़ी खबर मिल सकती है। मकर राशि वालों को प्रॉपर्टी में फायदे की डील मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र संघर्ष की ऐतिहासिक जीत : निशांत चतुर्वेदी
भास्कर न्यूज |गढ़वा जेसीएम के जिला अध्यक्ष निशान्त चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों छात्रों के संघर्ष, धैर्य और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर कई सप्ताह से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। यह इस्तीफा लोकतांत्रिक तरीके से लड़े गए छात्र आंदोलन की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्र-छात्राओं की नैतिक जीत है, जिन्होंने अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। शिक्षा मंत्री को इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही पद छोड़ देना चाहिए था। हालांकि देर से लिया गया यह फैसला भी छात्र आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि जेसीएम ने शुरुआत से ही जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छात्रों की आवाज उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद जिले में संगठन के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और इसे छात्र एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने केंद्र सरकार से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा संबंधी तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को उचित वित्तीय मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी मुकदमे अविलंब वापस लेने की भी मांग की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस ने निकाला विजय मशाल जुलूस, छात्रों की जीत बताया
भास्कर न्यूज | बारां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम बारां शहर में विजय मशाल जुलूस निकाला। अंता विधायक व पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया की अगुवाई में जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रताप चौक तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि छात्रों के आत्मसम्मान, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत का प्रतीक है। पूर्व मंत्री व विधायक भाया ने कहा कि देशभर में लाखों छात्रों ने अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया। इस संघर्ष में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया। जिसके परिणामस्वरूप सरकार पर दबाव बना और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। जुलूस में कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, निर्मला सहरिया, पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा सहित कई नेता शामिल हुए।
शिक्षा पर जागरूक करने के लिए रेणुका एशियन बुक में
भास्कर न्यूज | भाटापारा ग्राम कड़ार निवासी 8 वर्षीय रेणुका भारती हीरा ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपना नाम एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। रेणुका पिछले दो वर्षों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक संस्था सुर गंगा मानस परिवार एवं साहित्यिक, सांस्कृतिक लोकमंच से जुड़कर सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मात्र छह वर्ष की आयु से ही वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और मतदान जागरूकता जैसे विषयों पर गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। इसके अलावा विभिन्न मानस मंचों पर रामकथा गायन भी करती हैं। उनकी प्रतिभा और सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें पहले भी कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें राम राज्य गौरव सम्मान-2026, राष्ट्रीय गौरव रत्न सम्मान-2026, भारत गौरव अवार्ड, अपराजिता सम्मान-2025, बाल कल्याण गौरव सम्मान, नशामुक्ति अभियान में विशेष सम्मान तथा लोककला मंच भाटापारा का प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। रेणुका, राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता, गीतकार, डॉ. जगदीश हीरा साहू की भतीजी हैं। उनके पिता केशव राम साहू कलाकार एवं सुर गंगा साहित्यिक, सांस्कृतिक लोकमंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस ने मनाया जश्न, पदाधिकारी बोले- यह तो शुरुआत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उदयपुर में कांग्रेस ने शनिवार शाम को जश्न मनाया। उदयपुर शहर और देहात जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में हिरणमगरी सेक्टर-4 चौराहे पर आतिशबाजी की गई और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इसे केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता की जीत बताया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और भाजपा नेताओं के मामले जनता के सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के कारण जनता का भाजपा से मोहभंग हो चुका है और अब सरकार के पतन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता और कांग्रेस के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में बैठी भाजपा सरकार को अब जनता के सवालों का जवाब देना होगा और उसकी हर नाकामी का हिसाब लिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि वह छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व देहात अध्यक्ष लाल सिंह झाला, विवेक कटारा, जगदीश राज श्रीमाली, कचरूलाल चौधरी, लक्ष्मीनारायण पंड्या, डॉ. कल्याण सिंह राव, डॉ. कौशल नागदा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रहलाद जोशी संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं देश के नए शिक्षा मंत्री?
Pralhad Joshi : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। धर्मेंद्र प्रधान के स्थान पर अब प्रहलाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रहलाद जोशी अभी अपने पहले से संभाल रहे विभागों ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार रात 8 बजे विजय मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में कैंडल लेकर गांधी चौक से रवाना हुए और अहिंसा सर्किल पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान और कांग्रेस पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि आज देश के संविधान की जीत हुई है। यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है। अहंकार हारा और संविधान जीता है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो अभी शुरुआत है। आगे सरकार का अहंकार लगातार टूटता जाएगा। यह देश की छात्रशक्ति के आक्रोश और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष का परिणाम है। शनिवार को बाड़मेर में जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विजय मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के नेतृत्व में गांधी चौक से शुरू हुआ मार्च स्टेशन रोड होते हुए अहिंसा सर्किल पहुंचा। रैली में युवा, छात्र, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता तिरंगे, पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ और छात्रों के समर्थन में नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों की जीत बताया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि युवाओं की आवाज के सामने सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। जो लोग अहंकार में कहते थे कि हमारे सिलेबस में इस्तीफा है ही नहीं, हमने इस्तीफा देना सीखा ही नहीं, उन्हें देश के युवाओं ने लोकतंत्र की ताकत का एहसास करा दिया। सरकार को युवाओं के सामने झुककर उनकी मांगें माननी पड़ीं। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर गांधी स्मारक तक मार्च निकाला और संविधान की रक्षा के लिए प्रार्थना की। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शुरुआत है। देश में शिक्षा प्रणाली में सुधार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना युवाओं की मांग है। उन्होंने कहा कि युवाओं पर लाठीचार्ज करना देश के भविष्य को कुचलने और रौंदने की कोशिश थी, लेकिन युवाओं की एकता ने इसका जवाब दिया है। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के बाद लगातार युवाओं की आवाज उठाई। कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करती रही। कांग्रेस नेता ठाकराराम माली ने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं के साथ खड़ी रही है और लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करती रही। उन्होंने इसे युवाओं की जीत बताया।
बरेली में महानगर कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम नई दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ कथित घटनाओं, NEET और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में सत्याग्रह और कैंडल मार्च निकाला। कमिश्नरी से अंबेडकर पार्क तक निकाले गए मार्च में कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। छात्रों के समर्थन में निकला कैंडल मार्च महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नेतृत्व में आयोजित कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के जरिए आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई। नेताओं ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। एफआईआर वापसी और कार्रवाई की मांग दिनेश दद्दा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री से देशवासियों से माफी मांगने की मांग की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल गंगवार और वरिष्ठ नेता नवाब मुजाहिद हसन ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने कहा कि छात्र-छात्राओं के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शनिवार शाम खैरथल शहर में विजय मशाल जुलूस निकाला गया। शनि मंदिर फाटक से शुरू होकर अंबेडकर सर्किल तक पहुंचे इस जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें और तख्तियां लेकर भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा जुलूस के समापन पर अंबेडकर सर्किल में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के आंदोलन और देशभर में बने जनदबाव के कारण केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर झुकना पड़ा। पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित करने का आरोप बलराम यादव ने कहा कि लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य पर गंभीर असर डाला है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। इमरान खान बोले- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी तिजारा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का सरकार और भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना देश के करोड़ों युवाओं की जीत है और इसी के प्रतीक के रूप में विजय मशाल जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशालें लहराकर युवाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। पूरे जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी, जय प्रकाश हड़ाउ, जसवंत यादव, दयाराम चावड़ा, तेजपाल शर्मा, स्माइल खान, पंकज रोघा, सरजीत मेघवाल, बक्सनंद भारती, शकील अहमद, फतेह मोहम्मद, उस्मान खान, प्रेम प्रकाश, महेश गुर्जर, हरिओम यादव, अजीज एडवोकेट, एडवोकेट मुकेश सैनी, भारत सिंह, हर्षवर्धन खेरिया, रूपेश यादव, अनीश खान एडवोकेट, खुर्शीद खान, डॉ. असदुद्दीन, मेहरदीन, वीरपाल, रामचंद्र, कामरेड महेश वासु, पवन वासु, मनोज बरडिया, मनोज बुराडिया, राहुल पार्षद, अभिषेक हड़ाऊ, राजेंद्र चौधरी, मुशर्रफ एडवोकेट, तैयब, अब्बास खान, अय्यूब, आसम खान, रवि, गुलशन, मुनमुन चौधरी, बबला यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सहरसा जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताई। शनिवार शाम 6:30 बजे पार्टी ने इसे छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि देशभर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन और विद्यार्थियों के लगातार संघर्ष के दबाव में केंद्र सरकार को अंततः झुकना पड़ा। जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सत्ता की जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम है। मुकेश झा ने आरोप लगाया कि जिस मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, उसे बचाने के लिए केंद्र सरकार ने हरसंभव प्रयास किया। एआईसीसी सदस्य केसर कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने हमारे यहां इस्तीफे नहीं होते जैसी अहंकारी सोच का प्रदर्शन किया। सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि 20 जुलाई को आंदोलनरत छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने, पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि देने और प्रधानमंत्री से छात्रों व अभिभावकों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। पेपर लीक की घटनाएं बंद नहीं होंगीबिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रंजन यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री के हटने भर से पेपर लीक की घटनाएं बंद नहीं होंगी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नीतिगत सुधारों को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नीरज कुमार निराला, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष नीतीश कुमार, इंटक जिला अध्यक्ष सत्यनारायण चौपाल, पंकज सिंह, महेश यादव, मोहम्मद नईमुद्दीन, मृत्युंजय सिंह, अविनाश यादव, भरत झा, आलोक ठाकुर, रोशन यदुवंशी, विपिन यादव, शंकर मंडल, नीतीश पासवान, वीरेंद्र पासवान, अजय यादव, अशोक राम, रतन यादव, प्रमोद राम, मंगल झा, वेदनाथ झा, सोनू सिंह, हिमांशु कश्यप, गुड्डू यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बालाघाट में विजय मार्च निकाला। यह मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से रात 8 बजे बाइक्स पर शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हनुमान चौक स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर समाप्त हुआ। यहां कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दिवंगत नीट परीक्षार्थियों को मोमबत्ती जलाकर तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मार्च के दौरान ढोल-नगाड़े बजाए गए और कार्यकर्ताओं ने जयकारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षामंत्री के इस्तीफे को भाजपा के पतन की शुरुआत बताया और इस पर संतोष व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े गंभीर मामलों और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के कारण देश भर में व्यापक असंतोष था। उन्होंने शिक्षामंत्री के इस्तीफे को जनभावनाओं की जीत बताया। ये तो सिर्फ झांकी है शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन और राहुल गांधी द्वारा संसद के अंदर व बाहर मुखर होकर आवाज उठाने के कारण सरकार को झुकना पड़ा। इसी के परिणामस्वरूप शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। पंजवानी ने आगे कहा, ‘यह तो झांकी है, नरेंद्र मोदी का इस्तीफा अभी बाकी है।’ उन्होंने सरकार से दिवंगत विद्यार्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, युवाओं पर दर्ज मामले वापस लेने और संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सरगुजा में इंजीनियरिंग और मेडिकल (नीट) की तैयारी के लिए सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जाएंगी। शनिवार को कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए प्रारंभ से ही सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और परीक्षा परिणाम बेहतर हों। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेसकलेक्टर अजीत वसंत ने निर्देशित किया जिले के छात्र-छात्राएं मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें अब जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में ग्यारहवीं के छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी, पृथक कक्ष, बड़ी स्क्रीन सहित सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करें। उन्होंने रायपुर में नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे जिले के विद्यार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बार-बार प्रश्नों का अभ्यास कराया जाए। शिक्षकों की होगी नियुक्ति, स्कूलों में सैनिटरी पैड प्रदाय के निर्देशकलेक्टर अजीत वसंत ने 15वें वित्त की स्वच्छता मद से जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को सेनेटरी पैड प्रदान कराने की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने स्कूलों में पुस्तकों और ड्रेस की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में डीएमएफ मद से 26 अतिथि व्याख्याताओं की स्वीकृति दी है, उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने शाला विकास समिति के माध्यम से अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराने कहा। पीवीटीजी बच्चों के प्रवेश एवं शिक्षा पर विशेष फोकसबैठक में कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाए, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं, आठवीं, नवमीं एवं ग्यारहवीं में प्रवेश लेने वाले हैं। ऐसे सभी बच्चों का अगली कक्षाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं समय पर हो पूर्ण कलेक्टर ने भवन विहीन एवं विद्युत विहीन विद्यालयों की जानकारी लेते हुए उनकी सूची उपलब्ध कराने कहा, ताकि भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा सके। कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन हायर सेकेंडरी विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हैं तथा अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त कक्ष निर्माण कराने कहा। वीबी जी राम जी योजना के तहत 300 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय एवं नगरीय क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी जा रही है। कलेक्टर वसंत ने कि विद्यार्थियों को साइकिल वितरित करने से पहले उसकी गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देश दिया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन चुका है, उनका आधार कार्ड शीघ्र बनवाया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि पूर्ण हो रही है, उन्हें सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ, जीपीओ प्राधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
कटनी में शनिवार देर शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने एक विजय मार्च का आयोजन किया। यह विद्यार्थियों और युवाओं के संघर्ष की सफलता के उपलक्ष्य में निकाला गया। मार्च सुभाष चौक से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरा, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता, छात्र और आम नागरिक तख्तियां व तिरंगा थामे शामिल हुए। विजय मार्च के दौरान कांग्रेसजनों और युवाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। युवाओं के धैर्य की जीत जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि यह सफलता किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं के अनवरत लोकतांत्रिक संघर्ष, उनके धैर्य और न्याय की पुकार की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों की आवाज उठाई है और भविष्य में भी युवाओं के अधिकारों तथा पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। नौजवानों ने लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों ने जिस लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ी है, उसने संपूर्ण राष्ट्र को एक नई दिशा दिखाई है। यह जीत युवाओं के अटूट आत्मविश्वास, एकजुटता और लोकतंत्र की वास्तविक ताकत का प्रमाण है। संविधान की जीत हुई युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इजराइल ने इस जीत को संविधान और युवा शक्ति की विजय बताया। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की जीत है। इजराइल ने आश्वासन दिया कि युवा कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी छात्रों के हितों पर आंच नहीं आने देगी और युवाओं के बेहतर भविष्य तथा शिक्षा में सुधार के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रखेगी।
धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे की खबर आते ही जैसलमेर में सियासी माहौल गरमा गया। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में बड़ा विजय मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में निकला यह मार्च अंबेडकर पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य रास्तों से गुजरता हुआ हनुमान चौराहा पहुंचा। रैली में बड़ी संख्या में युवा, छात्र, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तिरंगे, झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ और छात्रों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने इसे देश भर के लाखों छात्रों के लंबे संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों की बड़ी जीत बताया। लाखों छात्रों के संघर्ष की जीत- जिलाध्यक्ष रैली के बाद हनुमान चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि देश भर के लाखों छात्र और युवा काफी समय से पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी जैसी समस्याओं से परेशान थे। वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार आवाज उठा रहे थे। कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के हक की बात प्रमुखता से रखी। जनदबाव के कारण ही आखिरकार केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह जीत देश के हर उस छात्र की है जिसने अपने हक के लिए ईमानदारी से लड़ाई लड़ी। जनता की आवाज दबाना मुमकिन नहीं- पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की ताकत ही सबसे बड़ी होती है। सरकार चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह युवाओं की वाजिब मांग को ज्यादा दिन तक नहीं अनदेखा कर सकती। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को आज देश की जनता ने जवाब दे दिया है। पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने कहा कि पेपर लीक की वजह से लाखों परिवारों और युवाओं के सपने टूटते रहे हैं। युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन के सामने सरकार को हार माननी पड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी। एकजुटता से मिली बड़ी सफलता पूर्व जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर ने कहा कि जब छात्र और युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, तो सत्ता को उनकी बात माननी ही पड़ती है। यह विजय मार्च युवाओं के भरोसे और लोकतांत्रिक ताकत का प्रतीक है। कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, सुमार खान, अशोक तंवर, गोविन्द भार्गव, प्रेमलता चौहान, खटन खान, लख सिंह भाटी सहित एनएसयूआई, सेवादल, ब्लॉक अध्यक्ष और भारी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फलोदी जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम को विजय मार्च निकाला। ये मार्च बिजली घर चौराहे से शुरू होकर अंबेडकर पार्क तक गया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर 'छात्र एकता जिंदाबाद' और 'सत्य की जीत हुई' जैसे नारे लगाए गए। जिला प्रवक्ता सतीश विश्नोई ने बताया कि इस विजय मार्च में जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, पूर्व विधायक किसना राम विश्नोई और हाजी उमरदीन सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी ने इस मौके पर कहा कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय मिलने की मांग की।
लखीमपुर खीरी में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा से संबंधित तनाव और देशभर में छात्रों की आत्महत्याओं के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। शहर अध्यक्ष रियाज़ अहमद 'मोनू' के नेतृत्व में शनिवार शाम 8 बजे हुए इस मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। उन्होंने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मोनिस अली नक़वी ने कहा कि कांग्रेस की मांग केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और पारदर्शी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शहर अध्यक्ष रियाज़ अहमद 'मोनू' ने नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले 20 छात्रों के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और प्रत्येक मृतक छात्र के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की। कांग्रेस नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मारपीट में शामिल लोगों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मोनिस अली नक़वी, देवेंद्र सिंह, अजय मिश्रा, कैफ अंसारी, रवि गोस्वामी, शिवम राज, अशोक राजवंशी, अनिरुद्ध गोस्वामी, आयुष अरोड़ा, लकी गुलाटी सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के निर्देशों पर तरनतारन जिला कांग्रेस कमेटी ने विशाल कैंडल मार्च निकाला। जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हिस्सा लिया। तरनतारन स्थित कांग्रेस भवन से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। मार्च के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं और कांग्रेस पार्टी के निरंतर संघर्ष की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जीत करार दिया। जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने में जुटी थी। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के युवाओं के संघर्ष के आगे आखिरकार मोदी सरकार को घुटने टेकने ही पड़े। 'परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ देश के भविष्य के साथ खिलवाड़' जिला अध्यक्ष राजबीर सिंह भुल्लर ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपने हक और न्याय की मांग कर रहे शांतिप्रिय छात्रों पर पुलिस के जरिए कार्रवाई करवाना लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा की पवित्रता पर ही सवाल उठने लगें, तो रात-दिन मेहनत करने वाले छात्रों का आत्मविश्वास पूरी तरह टूट जाता है। परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए उठती रहेगी आवाज उन्होंने आरोप लगाया कि नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की भूमिका पर दुनिया भर में सवाल उठ रहे थे, फिर भी मोदी सरकार उन्हें बचाने में लगी रही। भुल्लर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। मार्च में सिटी अध्यक्ष लखविंदर सिंह लक्की पागल, पूर्व पार्षद राजा जोशी, हरप्रीत सिंह संधू पट्टी, युद्धवीर सिंह सरली, इंद्रजीत सिंह रटौल, बलजीत सिंह, जसवंत सिंह रटौल, ब्लॉक अध्यक्ष (कोट दसंदी मल) प्रदीप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (खडूर साहिब) गुरप्रीत सिंह काहलवां, भाग सिंह चकवालिया, अमरजीत सिंह उस्मा, चानन सिंह जौरा, सुखविंदर सिंह दरगा, सरपंच अवतार सिंह जौरा, मंदीप सिंह और प्रितपाल सिंह मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
प्रधानाचार्य परिषद सम्मेलन में शिक्षा गुणवत्ता पर मंथन:नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया
प्रयागराज में प्रधानाचार्य परिषद की ओर से शनिवार को केपी इंटर कॉलेज परिसर में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में माध्यमिक शिक्षा की दशा-दिशा और नई शिक्षा नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर गहन मंथन हुआ। प्रदेश भर से जुटे शिक्षाविदों ने शिक्षा जगत के कई ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामताराम पाल ने प्रधानाचार्यों को विद्यालय और समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्व की याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पहले के दौर में प्रधानाचार्य और अध्यापक प्रचुर मात्रा में शैक्षणिक पुस्तकें लिखते थे, लेकिन वर्तमान में इसमें भारी कमी आई है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत और शिक्षकों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश महामंत्री डॉ. सुखपाल सिंह तोमर ने प्रधानाचार्यों के संरक्षण और तदर्थ प्रधानाचार्यों के नियमितीकरण की मांग की, जिसे सभागार में मौजूद शिक्षकों का समर्थन मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) प्रयागराज डॉ. संतोष कुमार राय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव पर चर्चा की। उन्होंने तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक गुर भी सिखाए। समापन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (प्रयागराज) के सदस्य डॉ. हरेन्द्र राय थे। मुख्य संरक्षक डॉ. देव कृष्ण शर्मा, संरक्षक डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह और अन्य प्रादेशिक पदाधिकारियों ने भी शिक्षा सुधार पर अपने विचार साझा किए। संगठन की प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने के लिए नई प्रादेशिक कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इस दौरान डॉ. राजेश त्रिपाठी को प्रादेशिक कोषाध्यक्ष, मदन मोहन शंखधर को प्रादेशिक संगठन मंत्री और डॉ. योगेन्द्र सिंह को प्रादेशिक संयुक्त मंत्री चुना गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद, गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक मशाल जुलूस निकाला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उन्होंने विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने लाखों युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। यह प्रदर्शन गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर सोहना चौक तक पहुंचा। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा हाथों में जलती हुई मशालें लिए हुए थे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। प्रदर्शनकारियों ने की पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और युवाओं के धैर्य और संघर्ष की जीत बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि केवल इस्तीफे से बात नहीं बनेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ जनता का आक्रोश इस प्रदर्शन में दिखा। कांग्रेस कार्यालय से सोहना चौक तक निकाले गए इस जुलूस ने शहर का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस सोहना चौक पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां सभी प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का वादा किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बैतूल में छात्र आंदोलन से जुड़े सभी प्रमुख संगठनों ने शनिवार को अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त कर मिठाई बांटी। जिला कांग्रेस ने कैंडल मार्च की जगह विजय मार्च निकाला, जबकि एनएसयूआई ने खुशी जताई। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ऑडिटोरियम में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को अपने संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त कर मिठाई बांटी। देर शाम जयस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने नीट सहित विभिन्न परीक्षा घोटालों के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस अवसर पर विजय मार्च निकाला। कारगिल चौक से अंबेडकर चौक तक निकले इस मार्च में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष तथा लोकतांत्रिक जीत का प्रतीक बताया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर खुशी जताई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष नीलेश धुर्वे ने इसे छात्र आंदोलन की जीत करार दिया। इसी क्रम में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर सहित देशभर में आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई। साथ ही परीक्षा घोटालों से प्रभावित परिवारों को सहायता देने और आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई गई। छात्र संगठनों और कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
मऊ जिले में शनिवार शाम उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले दर्जनों शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा और शाम करीब 7 बजे कैंडल मार्च निकालकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। शिक्षामित्रों ने ज्ञापन में बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। संगठन ने शिक्षामित्रों के हित में समय-समय पर जारी शासनादेशों के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कुछ लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग भी दोहराई। उनकी प्रमुख मांगों में 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के पूर्ण क्रियान्वयन की बात शामिल थी। इसके तहत शेष शिक्षामित्रों की उनके मूल विद्यालयों में वापसी और महिला शिक्षामित्रों का उनके ससुराल जनपद में स्थानांतरण सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, आगामी स्पेशल टीईटी परीक्षा में शिक्षकों की तरह शिक्षामित्रों को भी विशेष अवसर प्रदान करने की अपील की गई। संगठन ने यह भी मांग की कि शिक्षामित्रों के लंबे अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। साथ ही, उन्हें वर्ष में 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय दिया जाए और शिक्षकों की भांति मेडिकल अवकाश की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि वे शिक्षामित्रों की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके। इस ज्ञापन और कैंडल मार्च के दौरान जेबी राणा, वेदप्रकाश आर्य, रामकवल यादव, चंदभान यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार शाम 6.30 छात्रों को मिठाई खिलाई और विजय मार्च निकाला। कानपुर में कांग्रेस ने जिला ग्रामीण और महानगर कमेटी ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। तिलक हाल मेस्टन रोड पर पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, जिससे कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर नगर ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि फूलबाग स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा से डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा तक विजय मार्च निकाला। कांग्रेस का पहले कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्रम था, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे विजय मार्च में बदल दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा है कि पुलिस ने जुलूस रोकने का प्रयास किया, हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। विजय मार्च जब आंबेडकर प्रतिमा पहुंचा तो गेट बंद मिला। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने बाहर ही नारेबाजी कर विरोध जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक लड़ाई की जीत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय मिलने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। कानपुर महानगर कांग्रेस ने तिलक हाल में युवाओं और छात्रों के बीच मिष्ठान वितरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए मिठाई बांटी गई। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में तिलक हाल से विजय मार्च निकालने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोक हुई कि पवन गुप्ता बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से पुलिस उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने का प्रयास कर रही थी। पवन गुप्ता ने कहा कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस आगे भी जारी रखेगी और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस संघर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अररिया समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद स्टूडेंट फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। संगठन के सदस्यों ने केक काटकर इस इस्तीफे को छात्रों के लंबे संघर्ष की जीत बताया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केक और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर भविष्य में भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहाइस अवसर पर स्टूडेंट फ्रंट के अध्यक्ष शाहजहां आलम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के लगातार आंदोलन और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संगठन पिछले कई महीनों से छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है। शाहजहां आलम ने कहा, आज छात्रों की जीत हुई है। इसी खुशी के अवसर पर हम सभी ने केक काटकर जश्न मनाया है। छात्र संगठन की महीनों की लड़ाई आज सफल हुई है। यह केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों की जीत है जिन्होंने शिक्षा और छात्र हितों के लिए लगातार संघर्ष किया। जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से छात्र हितों से जुड़े लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की मांग दोहराई। हर मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगीउन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की रक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल की स्थापना के लिए जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भी छात्र हितों से जुड़े हर मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगी। इस मौके पर शाहजहां आलम, शादिक आलम, सबा फैसल, फैसल यासीन सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट फ्रंट के युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
मोतिहारी में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में कांग्रेस पार्टी ने एक विजय मार्च निकालकर इस घटना का जश्न मनाया। यह विजय मार्च देर शाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष गप्पू राय (शशिभूषण राय) के नेतृत्व में निकाला गया। जुलूस शहर के महाराणा प्रताप चौक से शुरू होकर गांधी चौक तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्ता ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने नारेबाजी करते हुए इसे छात्रों और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रही। प्रशासन की मुस्तैदी और आयोजकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राहुल के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन का परिणाम जिला अध्यक्ष शशिभूषण राय ने इस अवसर पर कहा कि यह जीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए थी, लेकिन छात्रों और विपक्ष के दबाव के कारण शिक्षा मंत्री को अंततः इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने इसे युवाओं की आवाज की जीत करार दिया। पूरे बिहार में इस मुद्दे को लेकर कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाएं सामने आईं, लेकिन मोतिहारी में सुबह से लेकर देर शाम तक स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण बनी रही। एसडीओ बोले-स्थानीय लोगों का सहयोग मिला सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिला, जिससे जिले में कहीं भी तनाव की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी प्रकार की बंदी नहीं हुई और जनजीवन सामान्य रहा। मोतिहारी में कांग्रेस का यह विजय मार्च शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जो प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग का परिणाम रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद करौली में जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को 'विजय मार्च' निकाला। मार्च का समापन अंबेडकर पार्क में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। यह मार्च शनिवार शाम पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ। अंबेडकर पार्क तक चले इस आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। मार्च के समापन पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष और टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने कहा कि पार्टी लगातार नीट, सीबीएसई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की सफलता बताया, जिसके बाद सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। इस कार्यक्रम में हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पीसीसी सदस्य भूपेंद्र भारद्वाज, जिला प्रमुख प्रतिनिधि रक्खीलाल बैरवा, भगवान सहाय शर्मा, हुकुम बाई मीणा, रामविलास जाटव सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन में लगभग 40 से 50 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इससे पहले, पार्टी ने नई दिल्ली में छात्र आंदोलन और कांग्रेस सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में कैंडल मार्च की घोषणा की थी। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उस कैंडल मार्च को स्थगित कर 'विजय मार्च' का आयोजन किया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन से संगम चौक तक विजय रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और छात्र संगठन लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी के तहत कांग्रेस ने देशभर के जिला मुख्यालयों में मशाल रैली निकालने का निर्णय लिया था। हालांकि, रैली शुरू होने से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा हो गई, जिसके बाद कांग्रेस ने मशाल रैली को विजय रैली में बदल दिया। रैली में शामिल पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण देशभर में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन जनदबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा। भगत ने कहा कि यदि सरकार पहले ही इस्तीफे का फैसला कर लेती, तो उसकी छवि को कम नुकसान होता। कांग्रेस नेताओं बोले- बड़ी जीत, लेकिन शिक्षा सुधार की लड़ाई जारी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के रूप में आंदोलन को एक प्रतीकात्मक जीत मिली है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई अभी लंबी है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि देशभर के छात्रों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक आंदोलन किया, जिसके दबाव में सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए छात्र एकता और उनकी सफलता को सलाम किया। द्वितेंद्र मिश्रा बोले- इस्तीफा काफी नहीं, युवाओं की लड़ाई जारी रहेगी प्रदेश कांग्रेस महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह नहीं माना जा सकता कि सरकार शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक छोटा कदम है और कांग्रेस युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी। राकेश गुप्ता बोले- दबाव में लिया गया फैसला पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार का यह फैसला युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि सरकार ने जनदबाव में यह कदम उठाया है और उससे अधिक उम्मीद नहीं की जा सकती। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद विजय रैली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्यों, मंडल अध्यक्षों, विभिन्न मोर्चा संगठनों के प्रमुखों और उनके पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को भी 5 लाख रुपए तक मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। रविवार को आगरा में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत शिक्षकों और उनके परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। अभी तक विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कई शिक्षकों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था, क्योंकि उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा नहीं मिलती थी। नई योजना लागू होने के बाद इलाज का खर्च सीधे योजना के तहत वहन किया जाएगा। 5 लाख तक का मिलेगा स्वास्थ्य कवर योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा। कार्ड बनते ही लाभ शुरू हो जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना में शामिल रहेगा। 1900 से ज्यादा बीमारियां, पैकेज में शामिल इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियां पैकेज में शामिल है। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी और बड़ी सर्जरी समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। योजना का संचालन साचीज (SACHIS) के माध्यम से होगा और इलाज आयुष्मान भारत की तय दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। पीएनबी के साथ होगा समझौता कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एक समझौता (एमओयू) भी होगा। इसके तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक और कर्मचारियों को अपना बैंक खाता पीएनबी में खोलना होगा। एमओयू के तहत से सुविधाएं मिलेंगी-
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए शनिवार शाम सोनीपत में विजय मार्च निकाला। आज पहले कैंडल मार्च आयोजित किया जाना था, लेकिन बदले हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने इसे विजय मार्च का स्वरूप दिया। गांधी चौक से शुरू होकर डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क तक पहुंचे इस मार्च में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों की आवाज और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनती और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन जारी रखेगी। कैंडल मार्च की जगह निकाला विजय मार्च भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कैंडल मार्च के स्थान पर विजय मार्च आयोजित किया। गांधी चौक से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड के निकट स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचकर संपन्न हुआ। कमल दिवान और संजीव दहिया ने किया नेतृत्व विजय मार्च का नेतृत्व शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान और ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने किया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, छात्रों को न्याय और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने नई दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग की भी निंदा की। ‘सिर्फ इस्तीफा नहीं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी’ शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत है, लेकिन केवल मंत्री बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। राहुल गांधी के अभियान का किया उल्लेख ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं युवाओं की मेहनत के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कांग्रेस युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। विजय मार्च का उद्देश्य छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाना और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूत करना था। आंबेडकर पार्क में दीप जलाकर छात्रों को किया नमन मार्च के समापन पर आंबेडकर पार्क में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को नमन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और न्याय की कामना की। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि न्याय, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, जिसे कांग्रेस आगे भी पूरी मजबूती से जारी रखेगी।
हरियाणा के नारनौल में नीट परीक्षा लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित कैंडल मार्च को कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर विजय जुलूस में बदल दिया गया। शनिवार शाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव झूकिया के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से विजय जुलूस निकाला गया, जो महावीर चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। 'युवाओं के संघर्ष की जीत' बताया जुलूस को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव झूकिया और महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती यादव ने कहा कि छात्रों के लंबे संघर्ष, लोकतांत्रिक आंदोलन और जनदबाव के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में युवाओं और जनता की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे छात्रों, युवाओं और सत्य की जीत बताया। संघर्ष जारी रखने का ऐलान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी। उनका आरोप था कि युवाओं की मांगों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया और उनके साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों पर कथित अत्याचार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद विजय जुलूस में राव होशियार सिंह, वेदप्रकाश आर्य, मंजीत यादव मांदी वालों, कुलदीप सिंह भरगड़, सुमेर चेयरमैन, मनपाल यादव, धीरज शर्मा, श्यामसुंदर सोनी, विक्रम अवाना, तुषार यादव, विक्रम यादव, रामकिशन यादव, सुधीर यादव, सुमेर सिंह, रामरूप चौधरी और तौताराम कोहली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, युवा और छात्र शामिल रहे।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पटियाला में आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा एक विशाल विजय एवं रोष मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा और मुख्य प्रवक्ता व जनरल सचिव बलदेव सिंह पन्नू ने संयुक्त रूप से किया। मार्च के दौरान जनसमूह को संबोधित करते हुए 'आप' के मुख्य प्रवक्ता बलदेव सिंह पन्नू ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देशभर के उन लाखों छात्रों के संघर्ष और मेहनत की ऐतिहासिक जीत है, जो अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार को छात्रों की बुलंद आवाज के आगे झुकना ही पड़ा। मुख्य प्रवक्ता व जनरल सचिव बलदेव सिंह पन्नू ने कहा कि जिस तरह पूरा देश कभी अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट हुआ था, ठीक उसी तरह नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी देशभर के छात्र, अभिभावक और नागरिक एक साथ खड़े हुए। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और हमारी पूरी पार्टी ने पहले दिन से छात्रों की इस लड़ाई का समर्थन किया और उनकी आवाज को मजबूती दी। सच और लोकतंत्र की जीत; आगे भी जारी रहेगा संघर्ष पार्टी नेताओं ने इस घटनाक्रम को केवल छात्रों की जीत नहीं, बल्कि सच और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया। पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा और बलदेव सिंह पन्नू ने स्पष्ट किया कि 'आप' भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी।
बिहार सरकार के 100 दिन पूरे:अररिया में डीएम ने गिनाईं स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास की उपलब्धियां
बिहार सरकार के सेवा, संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोमवार को अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी विनोद दूहन, जोकीहाट विधायक मोहम्मद मुर्शीद आलम, जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष आशीष कुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बताया कि बीते 100 दिनों में अररिया जिले ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने जिले की नवाचारी पहल 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का उल्लेख किया। इस अभियान के तहत अब तक 5.47 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इस दौरान 5,190 हाईपरटेंशन, 4,203 मधुमेह, 616 एनीमिया, 369 मोतियाबिंद और कैंसर के कई मरीजों की पहचान कर उनका इलाज शुरू कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 10,765 नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि नरपतगंज, फारबिसगंज, कुर्साकांटा और सिकटी प्रखंडों में सरकारी भूमि का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि रानीगंज में यह कार्य तेजी से जारी है। इससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और विवादों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में, जिले के 12 आदर्श विद्यालयों में 2,886 छात्र अध्ययनरत हैं। वहीं, पांच नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ 512 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत हजारों नए लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है। सहयोग शिविरों के माध्यम से कुल 8,315 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7,356 का निस्तारण किया जा चुका है। ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले 100 दिनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 14,275 आवास और 1,637 शौचालयों का निर्माण पूरा कराया है। वहीं, मुख्यमंत्री उद्यमी, लघु उद्यमी, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कुल 294 लाभार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि सुंदरनाथ धाम के सौंदर्यीकरण, अटल कला भवन निर्माण, सड़क निर्माण और पर्यटन स्थलों के विकास सहित कई अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। कार्यक्रम के अंत में 14 लाभुकों को बासगीत पर्चा वितरित किया गया तथा जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएचओ रविकांत कुमार और एएनएम रानी कुमारी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने अमृतसर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने भंडारी पुल से हॉल गेट तक एक मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मार्च के दौरान AAP नेताओं ने दावा किया कि देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष और जनदबाव के कारण केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी के परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। नेताओं ने इसे छात्रों की एकता और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। हल्का राजासांसी से AAP इंचार्ज सोनिया मान ने कहा कि देश का युवा ही भविष्य है। उन्होंने जोर दिया कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी रही है। मान ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों, किसानों और अन्य वर्गों के समर्थन ने इस आंदोलन को और मजबूत किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की मांग की। विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसे पूरे देश के छात्रों की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की थी और शिक्षा मंत्री को पहले ही पद से हटा देना चाहिए था। धालीवाल ने कहा कि लोकतंत्र की ताकत के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। लोकतंत्र की बड़ी जीत: ईटीओ मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया और अंततः उनकी आवाज को जीत मिली। ईटीओ ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए केंद्र सरकार ने लाठीचार्ज सहित कई कदम उठाए, लेकिन जनता की आवाज के आगे उसे झुकना पड़ा। फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा से जुड़े एक सवाल पर हरभजन सिंह ईटीओ ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार द्वारा दी गई सभी सरकारी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देशभर में छात्रों और युवाओं के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उचित कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और आंदोलन का राजनीतिकरण न करने की अपील की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर […] The post केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी appeared first on Sabguru News .
हरदोई में शनिवार को स्मार्ट क्लास और नए फर्नीचर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विधायक रानू ने फीता काटकर स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी विद्यालयों को गोद लेकर उनकी स्थिति सुधारने में लगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट क्लास और आधुनिक फर्नीचर जैसी सुविधाएं बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सांडी विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सनफरा में कार्यक्रम हुआ। विधायक और ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह राजपूत ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण किया। बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नाटक और लोकगीत प्रस्तुत किए। बाल वाटिका के बच्चों की भक्ति गीत पर प्रस्तुति और बाल बटालियन की पीटी का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा। अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया। विधायक रानू ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीक के उपयोग को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं से बच्चों की पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास करने की अपील भी की। कार्यक्रम का संचालन अजीत शुक्ल ने किया। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालय के विकास में सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित, विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी, जिला आपूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार, खंड विकास अधिकारी अस्मिता सेन, भाजपा नेता दीपांशु सिंह, प्रधान प्रतिनिधि जयराम राजपूत, एआरपी आदर्श अवस्थी, प्रभाकर मिश्र, शेरपाल, मोहम्मद इरफान, रामबरन वर्मा, शिक्षक पुष्पेंद्र शुक्ल, रसूल अहमद, रमेश कुमार, जावेद आलम, अनुराग तिवारी, नवनीत कुमार, संतोष, राखी श्रीवास्तव, शुभा वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित थे।
मऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने छात्रों और युवाओं के संघर्ष को लोकतंत्र की जीत बताते हुए आज शनिवार को 4:30 बजे मिठाई बांटी। यह आयोजन जेपी सिंह मार्केट, बकवल स्थित एसपी कार्यालय के पास जिला कैंप कार्यालय पर हुआ। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश के छात्रों और युवाओं ने अपने अधिकारों तथा निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ बल प्रयोग की निंदा की, इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। सिंह ने जोर दिया कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने मांग की कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर अनुचित कार्रवाई हुई है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। विक्रम जीत सिंह ने देश के गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। सिंह ने आगे कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद ही समस्याओं का स्थायी समाधान है। प्रेस वार्ता के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर छात्रों एवं युवाओं के संघर्ष को लोकतंत्र की जीत बताया और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संकल्प लिया कि जनहित और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रहेगी। इस अवसर पर हिमांशु सिंह, मनजीत यादव, अवधेश मौर्य, नरेंद्र कुमार, संजय राजभर, मोहम्मद आदिल सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
काशी नरेश विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शनिवार दोपहर 12 बजे महाविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया और उन पर हुए लाठीचार्ज तथा अभद्र व्यवहार का जोरदार विरोध जताया। इस दौरान छात्रों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक पर तत्काल रोक लगाना और इसके लिए कठोर कानून बनाना शामिल था। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से छात्रों की पिटाई की और बिना नेम प्लेट वाले पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित करने में पूरी तरह विफल रही है। छात्रों ने दावा किया कि पिछले 12 सालों में मोदी सरकार कोई भी परीक्षा सकुशल संपन्न नहीं करा पाई है, जो उसकी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से मृतक छात्रों की जिम्मेदारी लेने और उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी की। छात्र नेता मुलायम यादव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के सामने सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान ने अंततः इस्तीफा दे दिया, जिसे छात्रों की जीत बताया गया। इस अवसर पर बडेलाल बिना, धीरज दुबे, मुलायम यादव, लव कुश यादव सहित कई छात्र नेता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सोनभद्र में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रॉबर्ट्सगंज के चंडी तिराहे से लोढ़ी कलेक्ट्रेट तक लगभग छह किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा, जिसमें कई सूत्रीय मांगें शामिल थीं। प्रदर्शन के बीच ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई। यह सुनते ही कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने एक-दूसरे को बधाई दी। आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रविकांत ने बताया कि सुबह 11 बजे से भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए गए थे। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे छात्र हितों के मुद्दे पर सरकार का झुकना बताया, जिसकी तुलना उन्होंने किसान आंदोलन में सरकार के फैसले बदलने से की। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे भविष्य में किसी भी भर्ती या प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में पेपर लीक होता है, तो उसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को तत्काल और कठोर सजा दी जानी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। पार्टी ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके और भर्ती परीक्षाओं पर उनका विश्वास कायम रहे।
बलिया कलक्ट्रेट में शनिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 25 जुलाई को ही सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किया था। इस फैसले के कारण प्रदेश में लगभग 15 हजार शिक्षामित्रों की मृत्यु हो गई। इसलिए इस दिन को 'काला दिवस' के रूप में मनाया जाता है। शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और दोपहर 2 बजे बैठक कर दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी। संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं। पहली मांग यह है कि दिवंगत शिक्षामित्रों के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी और मुआवजा दिया जाए। दूसरी मांग के तहत शिक्षामित्रों की सेवा निवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की अपील की गई है। तीसरी मांग में कहा गया है कि जिस प्रकार शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से छूट दी गई है, उसी तरह शिक्षामित्रों को भी टीईटी से मुक्त किया जाए। इसके अतिरिक्त, संघ ने प्रदेश के 60 हजार टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग की है।
देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी बवाल और लगातार बढ़ते राजनीतिक व सामाजिक दबाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पहले दिन से ही इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ले रहे थे। आपको बता दें कि सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में छात्र पिछले एक महीने से भी अधिक समय से उनके इस्तीफे पर अड़े थे। यहां तक कि मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में लंबी भूख हड़ताल की थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, आइए एक नजर डालते हैं धर्मेंद्र प्रधान के बतौर शिक्षा मंत्री कार्यकाल की प्रमुख सफलताओं और विवादों पर।धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियांउनके कार्यकाल में भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई दूरगामी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिन्होंने एजुकेशन सिस्टम की दिशा बदल दी।CUET की शुरुआत: देश के सभी केंद्रीय और प्रमुख विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन को पारदर्शी और एक समान बनाने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) को सफलतापूर्वक लागू किया गया।सस्ती और सुलभ पाठ्यपुस्तकें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत NCERT की नई किताबें तैयार की गईं। इनकी छपाई क्षमता तीन गुना तक बढ़ाई गई, जिससे बाजार में किताबों के दाम कम हुए और अभिभावकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली।विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में एंट्री: उच्च शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए NEP 2020 के तहत 19 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई।हायर एजुकेशन और सिंगल रेगुलेटर: मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और 4 साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम (FYUP) पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा यूजीसी और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनाने के लिए ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पेश किया गया।कार्यकाल से जुड़े वो विवाद, जिन्होंने बढ़ाई सरकार की चिंताजहां एक ओर शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार हुए, वहीं कुछ बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई धांधली ने सरकार को बैकफुट पर भी धकेला।NEET-UG 2024 और 2026 का पेपर लीक: नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। देशभर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की चिंताएं काफी बढ़ा दीं।डिजिटल मूल्यांकन में तकनीकी खामी: सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में पहली बार इस्तेमाल हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली तकनीकी खराबी और धुंधली कॉपियों के कारण काफी विवादों में रही।त्रिभाषा फॉर्मूले और UGC नियमों पर तकरार: कक्षा 9 में त्रिभाषा नीति लागू करने पर तमिलनाडु समेत कई गैर-हिंदी भाषी राज्यों ने केंद्र पर 'हिंदी थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर भी शिक्षा जगत और सामाजिक हलकों में भारी विरोध देखा गया।इन तमाम महत्वपूर्ण उपलब्धियों और गंभीर विवादों के बीच धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिए जाने की खबर फैलते ही वहां डटे हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार जश्न मनाया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र और युवा शक्ति की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने इस सफलता को उन मासूम छात्रों को समर्पित किया, जिन्होंने नीट विवाद और पेपर लीक के भारी तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी थी।‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’जंतर-मंतर के मंच से उत्साहित समर्थकों को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि अगर झुकाने वाला हो तो दुनिया झुकती है और हमने यह कर दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम कॉकरोच हैं और इतनी जल्दी यहां से जाने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र में डरने के बजाय अपने हक के लिए बोलना सीखना सबसे जरूरी है। उनके इस जोशीले भाषण के बाद वहां मौजूद छात्रों का उत्साह और भी बढ़ गया।CJP ने दबाव बढ़ाते हुए रखीं 2 और बड़ी मांगेंशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी होने के बाद अब सीजेपी ने अपनी बाकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नीट विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले सभी मृतक छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा तुरंत दिया जाए। इसके साथ ही, देशभर में चल रहे इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं। सीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी यह ऐलान किया है कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष सड़कों पर इसी तरह जारी रहेगा।बिहार बंद का दिखा उग्र असरदिल्ली में जहां एक तरफ जश्न और दबाव की रणनीति चल रही है, वहीं दूसरी तरफ नीट धांधली के विरोध में बुलाए गए 'बिहार बंद' ने काफी उग्र रूप ले लिया है। पटना, भागलपुर से लेकर औरंगाबाद तक छात्रों का भारी गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।
देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी आक्रोश और छात्र आंदोलन ने आखिरकार एक नया मोड़ ले लिया है। एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर चले विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्रों की अहम मांग पूरी होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है और युवा इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बता रहे हैं।धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?सोशल मीडिया पर अपने विस्तृत पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले दिन से इस स्थिति की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या कानूनी पेचीदगियों में उलझे। देश में भ्रम का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि वे आगे भी देश और ओडिशा के युवाओं के लिए काम करते रहेंगे। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर से अचानक दिल्ली बुलाया गया है।विपक्ष और छात्र संगठनों ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सत्य की जीत और 'सत्ता के हठ की हार' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर लाठियां और पैलेट गन (Pellet Guns) चलाई गईं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे युवा शक्ति की जीत बताया। दिग्गज नेता शरद पवार ने भी छात्रों के लगातार 28 दिनों के अटूट संघर्ष की सराहना करते हुए इसे अन्याय के खिलाफ बड़ी सफलता माना है।सोनम वांगचुक और CJP की प्रतिक्रियासामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने इस मुद्दे पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश की 'जेन ज़ेड' (Gen Z) और शांतिपूर्ण आंदोलन की जीत बताया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। CJP ने अपनी मांगों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और पुलिस द्वारा सार्वजनिक माफी की मांगें अभी भी पेंडिंग हैं, जिन पर जंतर-मंतर और पूरा देश सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।
देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कतिपय पोस्ट्स और संदेशों में कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों, भूख हड़ताल और विभिन्न संगठनों की मांगों के दबाव में आकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।सरकार और PIB ने खारिज की इस्तीफे की अफवाहआधिकारिक सूत्रों और पीआईबी (PIB Fact Check) ने इस तरह के सभी बयानों और वायरल संदेशों का पूरी तरह खंडन किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से कोई इस्तीफा नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर चल रहे बयानों और टेक्स्ट मैसेजेस में कई मनगढ़ंत बातें, काल्पनिक संगठनों के नाम और असत्य दावे जोड़े गए हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।परीक्षा प्रणाली में सुधार और कड़े कानून पर सरकार का जोरकेंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि मंत्री के पद छोड़ने के बजाय प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की है। सरकार NTA के पुनर्गठन, पेपर लीक रोधी कड़े कानून (Public Examinations Bill) को लागू करने और धांधली में शामिल भू-माफिया व कोचिंग सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन, प्रियंका चोपड़ा ने यूं जताई खुशी
देशभर में नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद अहम और ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर ...
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही शिक्षा विभाग ने विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) के रिक्त पदों पर वर्षों से चल रही अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था समाप्त कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रजनीश तिवारी ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर स्थानीय स्तर पर दिए गए अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिए हैं। इस फैसले के बाद इन पदों पर राज्य शासन द्वारा नियमित पदस्थापना की उम्मीद बढ़ गई है। लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के पालन में आदेश क्रमांक 1970 और 1971 जारी किए गए। इन आदेशों के तहत पेंड्रा और मरवाही विकासखंड में BRC की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। पेंड्रा और मरवाही में बदला प्रभार पेंड्रा विकासखंड में BRC का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे रामकुमार बघेल से जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। अब यह प्रभार विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रविंद्र नाथ चंद्रा को सौंपा गया है। वहीं, मरवाही विकासखंड में प्रधान पाठक अजय राय को तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दिया गया BRC का अतिरिक्त प्रभार भी समाप्त कर दिया गया है। अब यह जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा संभालेंगे। नियमित नियुक्ति की बढ़ी उम्मीद शिक्षा विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय से रिक्त BRC पदों पर अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा था। अब दोनों विकासखंडों में यह जिम्मेदारी संबंधित BEO को सौंपे जाने से राज्य शासन द्वारा नियमित नियुक्ति का रास्ता साफ होता दिख रहा है। संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति 20 जुलाई को जारी दोनों आदेशों की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग और संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग के इस निर्णय के बाद जिले में वर्षों से चली आ रही वैकल्पिक प्रभार व्यवस्था समाप्त होने की चर्चा तेज हो गई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक बोले- यह लोकतंत्र की जीत, अब शिक्षा सुधारों की बारी
गुरुग्राम: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण जनभागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों की सफलता का प्रतीक है। मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आंदोलन में शामिल युवाओं, छात्रों और देशभर के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है, जब नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं और व्यवस्था उनकी आवाज सुनती है। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम जनता की एकजुटता और लोकतांत्रिक जवाबदेही का उदाहरण है। शांति, धैर्य और निरंतर संघर्ष की जीत अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा कि यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है, जो सड़कों से उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह शांति, धैर्य और लगातार किए गए संघर्ष की भी सफलता है। वांगचुक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सकारात्मक बदलाव तभी संभव होता है, जब नागरिक अहिंसक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने आंदोलन में भाग लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संयम बनाए रखा और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा। युवाओं और नागरिकों को दी बधाई वांगचुक ने अपने संदेश में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की जेन-ज़ेड पीढ़ी और उन सभी नागरिकों को बधाई दी, जिन्होंने आंदोलन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने बिना भय के अपनी आवाज उठाई और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग किया। उनके अनुसार, जनता की एकजुटता ने यह संदेश दिया है कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन भी जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। जवाबदेही के बाद अब सुधारों पर जोर सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा किसी आंदोलन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि अब जवाबदेही तय होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार लागू करने का समय है। उनके मुताबिक, यह अवसर केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों का विश्वास बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठाई मांग वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सुधारों का उद्देश्य विद्यार्थियों में भरोसा कायम करना और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना होना चाहिए। NEET-UG विवाद की पृष्ठभूमि में आया बयान धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्र आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों की ओर से परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग लगातार उठाई जाती रही है। इसी संदर्भ में सोनम वांगचुक का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। लोकतंत्र में संवाद और सुधार की आवश्यकता अपने संदेश के अंत में वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता की आवाज और व्यवस्था की जवाबदेही में निहित होती है। उन्होंने कहा कि अब समय विरोध और जवाबदेही से आगे बढ़कर सकारात्मक बदलाव लाने का है। उनके अनुसार, यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह छात्रों और देश दोनों के हित में होगा।
सोनीपत के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खेवड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए अत्याधुनिक फ्रेंच लैंग्वेज लैब का शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल लैब के माध्यम से अब सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी विदेशी भाषा सीखकर अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, करियर और रोजगार के नए अवसरों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने लैब का उद्घाटन करते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भविष्य की शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने फ्रेंच भाषा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। डीईओ ने फ्रेंच लैंग्वेज लैब का उद्घाटन किया गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खेवड़ा में स्थापित अत्याधुनिक फ्रेंच लैंग्वेज लैब का जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, उच्च शिक्षा और वैश्विक रोजगार के अवसरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बड़ी पहल जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों को बहुभाषी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर विशेष जोर देती है। ऐसे में आधुनिक लैंग्वेज लैब विद्यार्थियों को नई तकनीक के माध्यम से भाषा सीखने का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस पहल के लिए बधाई देते हुए विद्यार्थियों से इसका भरपूर लाभ उठाने की अपील की। आधुनिक डिजिटल संसाधनों के जरिए प्रशिक्षण मिलेगा विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि फ्रेंच लैंग्वेज लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की भाषा दक्षताओं का आधुनिक डिजिटल संसाधनों के जरिए प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। फ्रेंच को-ऑर्डिनेटर प्रीति के प्रयासों की सराहना प्राचार्य ने लैब की स्थापना में फ्रेंच लैंग्वेज कोऑर्डिनेटर प्रीति के समर्पित प्रयासों और योगदान की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यालय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भाषा शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनके भविष्य के अवसरों का दायरा बढ़ेगा। विद्यार्थियों ने फ्रेंच में दिया परिचय, अतिथियों ने सराहा कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने फ्रेंच भाषा में अपना परिचय और संक्षिप्त संवाद प्रस्तुत कर अपनी भाषा दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, उत्साह और प्रस्तुति की सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर उपप्राचार्य सुरेंद्र महला, समुद्र मलिक, सविता राठी, रेखा सहित विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मनेन्द्रगढ़ में शुक्रवार को छात्रों ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्र अधिकार बचाओ आंदोलन के तहत दीनदयाल चौक पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्र अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और छात्रों के अधिकारों की रक्षा से संबंधित नारे लिखे थे। छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की। छात्रों ने आरोप लगाया कि हाल ही में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है। पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे एक रैली निकालना चाहते थे, लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण उन्हें दीनदयाल चौक पर ही प्रदर्शन करना पड़ा। इस बात को लेकर छात्रों में नाराजगी भी दिखी। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सोनीपत जिले के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खेवड़ा में विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की भाषा शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक फ्रेंच लैंग्वेज लैब का उद्घाटन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलियां ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर इसका विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलियां ने कहा कि वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह आधुनिक लैंग्वेज लैब विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस पहल के लिए बधाई दी और विद्यार्थियों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य नरेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि फ्रेंच लैंग्वेज लैब की स्थापना से विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के माध्यम से सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की भाषा दक्षताओं का प्रभावी प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। प्राचार्य ने फ्रेंच लैंग्वेज को-ऑर्डिनेटर प्रीति के समर्पित प्रयासों एवं योगदान की भी सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और फ्रेंच भाषा में अपना परिचय एवं संक्षिप्त संवाद प्रस्तुत कर अपनी भाषा दक्षता का प्रदर्शन किया। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, उत्साह और विद्यालय की इस अभिनव पहल की प्रशंसा की। इस दौरान उप्राचार्य सुरेंद्र महला, समुद्र मलिक, सविता राठी, रेखा, विद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
भागलपुर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में विभिन्न संगठनों द्वारा 'बिहार बंद' का आह्वान किए जाने के बाद कहलगांव में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बंद के मद्देनजर, स्थानीय पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, जबरन दुकानें बंद कराने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र में पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।
मुंगेर में वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर शनिवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना समाप्त होने के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई। इस धरने की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संरक्षक डॉ. संजय यादव ने की, जबकि चंदन सिंह ने इसका संचालन किया। कार्यक्रम में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और सेवा दल के कार्यकर्ता उपस्थित थे। सीमित संसाधनों के बावजूद लाखों छात्रों का भविष्य संवारा धरने को संबोधित करते हुए डॉ. संजय यादव ने बताया कि बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय हो गया है। इस अवधि में वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों और डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद लाखों छात्रों का भविष्य संवारा है। डॉ. यादव ने दुख व्यक्त किया कि इन शिक्षकों को आज तक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक जीवन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षक समुदाय एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज उठाए। पूरे बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन जारी उन्होंने बताया कि वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर पूरे बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन चल रहा है। इसकी शुरुआत 30 जून को अरवल से हुई थी और मुंगेर इस आंदोलन का 15वां पड़ाव है। आने वाले दिनों में राज्य के सभी 38 जिलों में इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त करने, वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने तथा शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा देने की मांग की। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन एवं अन्य सेवा निवृत्ति लाभ, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा और मानवीय सहायता, सभी वित्त रहित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई। धरना में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कांग्रेस सेवा दल के सदस्य उपस्थित रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में शनिवार दोपहर भीम आर्मी के करीब 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में किया गया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में भीम आर्मी के ओमप्रकाश, कुलदीप एडवोकेट, छात्रा अंजलि, दिव्यांग महिला गीत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अपनी बात रखने का सबको अधिकार भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। संगठन ने मांग की कि सरकार छात्रों की बात सुने और उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करे। छात्रा ने कहा- किसी को डंडे मारना सही नहीं प्रदर्शन में शामिल कॉलेज की छात्रा अंजलि ने कहा कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर किसी को डंडे नहीं मारने चाहिए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज बहुत गलत है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की वहीं, प्रदर्शन में शामिल दिव्यांग महिला गीत ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना सरकार का गलत कदम है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल नीट पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुखद है। प्रदर्शन के अंत में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
पंजाब के राज्यपाल एवं बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट के चांसलर गुलाब चंद कटारिया ने विश्वविद्यालय में नियमित वाइस चांसलर की नियुक्ति होने तक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था की है। विश्वविद्यालय अधिनियम, 1998 की धारा 14(6) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मनजीत सिंह बराड़, सचिव मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग, पंजाब को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के कार्यवाहक वाइस चांसलर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बिना किसी मानदेय के दी गई जिम्मेदारी राज्यपाल दफ्तर द्वारा आदेश के अनुसार, मनजीत सिंह बराड़ अपने वर्तमान पद की जिम्मेदारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर का कार्यभार भी संभालेंगे। यह अतिरिक्त जिम्मेदारी उन्हें बिना किसी मानदेय के दी गई है और यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक विश्वविद्यालय में नियमित वाइस चांसलर की नियुक्ति नहीं हो जाती। डॉ. राजीव सूद का कार्यकाल हो चुका पूरा बता दें कि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. राजीव सूद का हाल ही में 3 साल कार्यकाल पूरा हुआ है और पंजाब सरकार ने नए वाइस चांसलर की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की हुई है।
नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। ...
बुलंदशहर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बुलंदशहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मलका पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर विरोध जताया। पूरे मार्च के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय है। उनका आरोप था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग किया गया। उन्होंने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लगातार विवादों और हालिया घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। भारी पुलिस बल रहा तैनात कलेक्ट्रेट घेराव के आह्वान और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मलका पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से केंद्र सरकार को अवगत कराने की अपील की।
बेतिया में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शनिवार को विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शहर में मार्च निकाला। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने की आवाज उठाई। प्रदर्शन की शुरुआत एमजेके कॉलेज परिसर से हुई। छात्र हाथों में बैनर, तख्तियां और पोस्टर लेकर समाहरणालय गेट तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने नीट पेपर लीक के विरोध में नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मार्च का नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने किया। छात्रों ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। आइसा के प्रदर्शन के बाद महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय (एमजेके कॉलेज) के छात्र-छात्राओं ने भी अलग से मार्च निकाला। निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पूरे शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए है। छात्रों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने, पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
नीट धांधली: कटनी में छात्रों का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लाठीचार्ज की जांच की मांग
नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का असंतोष अब कटनी तक पहुंच गया है। शनिवार को जिले के फॉरेस्टर ग्राउंड में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक कथित घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। छात्रों ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने छात्रों की पिटाई करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने छतरपुर में 'चिता आंदोलन' को पुलिस बल द्वारा कुचले जाने की निंदा की। छात्रों ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के लिए लड़ रहे आदिवासियों के आंदोलन का दमन निंदनीय है और उन्हें तत्काल न्याय मिलना चाहिए। फॉरेस्टर ग्राउंड में एकत्र होने के बाद सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं सुभाष चौक होते हुए मशीन चौक तक एक विशाल मार्च निकालेंगे। मशीन चौक पहुंचकर छात्र एक शोक सभा का आयोजन करेंगे। इस दौरान नीट परीक्षा लीक होने के बाद निराशा और तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। छात्रों के इस प्रदर्शन और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फॉरेस्टर ग्राउंड सहित मार्च के निर्धारित मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मुजफ्फरपुर में पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। बिहार बंद के दौरान आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ‘इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए सड़कों पर घूमते देखे गए। शहर के प्रमुख बाजार, दुकानें, निजी स्कूल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। बंद समर्थकों ने ग्रामीण और हाईवे संपर्क मार्गों को भी प्रभावित करने का प्रयास किया। मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर कुढ़नी थाना क्षेत्र के पास कुछ युवकों ने सड़क अवरुद्ध करने का प्रयास किया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की विशेष टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात तुरंत सुचारु कर दिया गया। जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है। शहर के प्रमुख चौराहों और ग्रामीण इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की गश्ती गाड़ियां विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निगरानी कर रही हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित कराना प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे जिले में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है।
बालाघाट के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बैडमिंटन हॉल में शनिवार को खिलाड़ियों को गंदगी का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों ने शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी पर प्रतियोगिता के बाद हॉल की सफाई नहीं कराने का आरोप लगाया और इसकी शिकायत मीडिया से की। हॉल में फैला मिला कचरा बैडमिंटन कोर्ट के आसपास और मंच पर पानी की बोतलें, खाद्य सामग्री और अन्य कचरा बिखरा हुआ था। खिलाड़ियों ने इसका वीडियो बनाकर मीडिया को दिया। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा है। खेल विभाग ने शिक्षा विभाग पर डाली जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी राहुल बरेसा ने बताया कि शुक्रवार को शिक्षा विभाग की बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए हॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया था। उनके अनुसार, हॉल सौंपते समय पूरी तरह साफ था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के बाद सफाई की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि सफाई नहीं होती है, तो निजी सफाईकर्मी बुलाकर हॉल साफ कराया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी दीपक गिरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
देश में नीट-यूजी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपरलीक को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन पर बसपा प्रमुख मायावती ने पक्ष–विपक्ष दोनों को आड़े हाथों लिया। मायावती ने कहा कि शिक्षा सुधार के मुद्दे को छोड़कर दोनों पक्ष सिर्फ सियासत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की नाराजगी और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय व्यवस्था सुधार पर ध्यान देना चाहिए। मायावती ने कहा कि नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित पेपरलीक के बाद देशभर में छात्रों में भारी असंतोष है। कई परीक्षार्थियों के मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का शांतिपूर्ण धरना लोगों की सहानुभूति हासिल कर रहा है। राजनीतिक दलों में एक–दूसरे से आगे निकलने की होड़ मायावती ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। अब इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक राजनीतिक दलों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी है। इसका असर कई राज्यों में भी दिखाई दे रहा है, जहां प्रदर्शन और विरोध के कारण तनाव का माहौल बन रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे हालात में संयम और सतर्कता बनाए रखें। छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज से हालात बिगड़े बसपा प्रमुख ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। इससे युवाओं में असंतोष बढ़ा है और सरकार के प्रति सवाल भी खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन को संवाद के जरिए हल किया जाना चाहिए। संसद की कार्रवाई भी हंगामे की भेंट चढ़ रही मायावती ने संसद के मानसून सत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इससे जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और सरकार की जवाबदेही भी प्रभावित हो रही है। पेपरलीक भविष्य में न हो, इसकी व्यवस्था करनी चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल पेपरलीक होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कर रही है, लेकिन असली जरूरत ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है जिससे भविष्य में पेपरलीक जैसी घटनाएं ही न हों। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को दूर किए बिना केवल बाद की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। मायावती की कार्यकर्ताओं से अपइल वे उग्र ना हों मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे मौजूदा राजनीतिक माहौल में उग्र या निराश होने के बजाय सामाजिक न्याय, शिक्षा और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहें। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
महेंद्रगढ़ में शुक्रवार देर शाम दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया। महेंद्रगढ़ डॉक्टर एसोसिएशन, सिविल सोसाइटी और व्यापार मंडल महेंद्रगढ़ ने संयुक्त रूप से यह मार्च राव तुलाराम चौक से भगवान परशुराम चौक तक निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों और युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग की निंदा की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल से कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाने की मांग मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं का यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य से जुड़े व्यापक मुद्दों का प्रतीक बन गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। इस अवसर पर डॉ. वीपी यादव ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की। पेपर लिक पर बनाए कानून का किया स्वागत व्यापार मंडल महेंद्रगढ़ के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने कहा कि पेपर लीक देश का दुर्भाग्य है और भविष्य में छात्रों पर ऐसा अत्याचार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार द्वारा पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून, जिसमें दस साल की सजा और एक करोड़ रुपए के जुर्माने का प्रावधान है, का स्वागत किया है। पार्षद अश्विनी ने सरकार से पेपर लीक की घटनाओं को रोकने की मांग की। इस मौके पर डॉ. वी.पी. यादव, डॉ. नरेश यादव (सुखराम हॉस्पिटल), डॉ. प्रवीण मित्तल, व्यापार मंडल महेंद्रगढ़ के प्रधान सुरेंद्र बंटी, राजेश अग्रवाल, राहुल रोहिल्ला, ललित यादव, हरिकिशन रोहिल्ला, गिरधर शर्मा, सुधीर यादव, अरविंद यादव और पार्षद अश्विनी सहित कई डॉक्टर और व्यापारी मौजूद थे।
सहारनपुर में पेपर लीक के विरोध में शनिवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रामलीला मैदान पर ही ज्ञापन देने को कहा। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। उधर, संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत कई पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। वहीं, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रामलीला मैदान और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। 'पेपर लीक से युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद' प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राष्ट्रपति के नाम तैयार ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। साथ ही बल प्रयोग के आदेश देने वाले अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने, पिछले सात वर्षों में हुए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग भी शामिल की गई। कई पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट करने का आरोप भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही संगठन के कई नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत कई पदाधिकारियों को सुबह से ही हाउस अरेस्ट रखा गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। हालांकि प्रशासन की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
सहरसा में शनिवार को नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का मिलाजुला असर दिखा। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-युवा सड़कों पर उतरे और जिला परिषद प्रांगण से समाहरणालय तक विरोध मार्च निकाला। यह विरोध मार्च जिला परिषद प्रांगण से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में - छात्र छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने बल प्रयोग को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षाओं के आयोजन और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी दोहराई। छात्र नेता कुंदन यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सहरसा रेलवे स्टेशन पर भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवान मुस्तैद रहे। सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि पूरे प्रदर्शन के दौरान विधि-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था सुचारु रही और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित कर उनकी मांगों को शांतिपूर्वक सुना गया।

