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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए नारेबाजी:मैहर में छात्र बोले- 'इस्तीफा तो तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा'

मैहर जिले के अमरपाटन में सोमवार को छात्र-छात्राओं और युवाओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। दो घंटे तक चला प्रदर्शन रामनगर रोड चौराहे स्थित संदीपनी विद्यालय के सामने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने इस्तीफा तो तुमको देना होगा, वरना रोज धरना होगा सहित अन्य नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन करीब दो घंटे तक चले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद छात्रों ने तहसीलदार आर.डी. साकेत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया गया। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम की निगरानी की।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:43 pm

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पुलिस ने हिरासत में लिया

राजधानी में सोमवार को शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के विरोध में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन उस समय तेज हो गया, जब छात्र परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक मार्च निकालने के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में रोक दिया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। इस दौरान परिवर्तन चौक और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हजरतगंज कूच से पहले ही पुलिस ने रोका मार्च प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में परिवर्तन चौक पर एकत्र हुए थे। यहां से हजरतगंज तक मार्च निकालने की घोषणा की गई थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने नहीं दिया। छात्रों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बसों में बैठाकर इको गार्डन भेजे गए छात्र हिरासत में लिए गए छात्रों को पुलिस ने बसों में बैठाकर इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे। राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि देश में लगातार पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सरकार से जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई। छात्रों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर नई पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग। नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग। पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग। सभी छात्रों के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग। सरकार पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा से जुड़े बुनियादी सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:42 pm

लखनऊ में AISA का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा:परिवर्तन चौक से जिला कार्यालय तक विरोध; पेपर लीक के खिलाफ उठाई आवाज

लखनऊ में सोमवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन ने परिवर्तन चौक से जिला कार्यालय तक मार्च निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग उठाई। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। दिल्ली आंदोलन के समर्थन में होगा प्रदर्शन AISA ने बताया कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर यह मार्च निकाला जा रहा है। इसके अलावा पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने और जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई का भी विरोध किया गया। 23 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के तीन कार्यकर्ताओं ने 23 दिनों से जारी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को समाप्त कर दी। विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से आंदोलन को संसद और जन अभियान के माध्यम से आगे बढ़ाने का आग्रह किया। विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद अमरा राम, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, शिक्षाविद् अतुल सूद तथा अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आजमी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। योगेंद्र यादव ने कहा कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत है, जबकि मनोज झा ने छात्रों के आंदोलन को सरकार की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। मौके से भास्कर रिपोर्टर विकास श्रीवास्तव ने अपडेट दिया

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:35 pm

सोनभद्र के बल्लही टोला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव:ग्रामीण पेयजल, बिजली और शिक्षा से वंचित; जिलाधिकारी से शिकायत

सोनभद्र के गुरमा स्थित ग्राम पंचायत मारकुंडी के टोला बल्लही के ग्रामीण आज भी पेयजल, विद्युत और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार की 'हर घर जल' योजना का लाभ उनके टोले को नहीं मिला है। उनके अनुसार, न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही नल कनेक्शन दिए गए। कार्यदायी संस्था और ठेकेदार से कई बार संपर्क करने पर आश्वासन मिला, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बिना कार्य पूरा किए ही योजना पूर्ण होने की रिपोर्ट ब्लॉक कार्यालय को भेज दी गई है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि टोला बल्लही एक पठारी क्षेत्र में स्थित है, जहां अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। 'सौभाग्य योजना' के तहत बिजली के खंभे लगाए जाने थे, लेकिन यह कार्य भी अधूरा रह गया। बिजली के अभाव में ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है। टोला बल्लही में कोई प्राथमिक विद्यालय नहीं है। छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे टोलों में स्थित विद्यालयों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बच्चों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि टोला बल्लही में 'हर घर जल' योजना का लाभ, विद्युतीकरण और एक प्राथमिक विद्यालय की स्थापना शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के निवासियों और बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:25 pm

आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एमजी रोड पर पैदल मार्च:DM ऑफिस का किया घेराव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आगरा शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सुभाष पार्क से पैदल मार्च निकालकर एमजी रोड पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने गेट बंद कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जनता दरबार है, किसी के घर का दरवाजा नहीं है जिसे बंद कर दिया जाए। करीब आधे घंटे की नोकझोंक के बाद कुछ प्रतिनिधियों को डीएम मनीष बंसल से मिलने की अनुमति दी गई। डीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौट गए। आगरा शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित सिंह ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। इससे लाखों छात्र और अभिभावक परेशान हैं। कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली, कई परिवारों के खेत तक बिक गए और लोग ब्याज पर कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अमित सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है, इसलिए देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे एक शिक्षक और साइंटिस्ट के साथ पुलिस ने बदतमीजी की और उन्हें गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया जा रहा है। अमित सिंह ने कहा कि अब हर जगह जनता में सरकार के खिलाफ गुस्सा है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:16 pm

किशनगंज में CJP कार्यकर्ताओं का प्रोटेस्ट:टाउन हॉल के पास जुटे 500 से अधिक समर्थक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

किशनगंज शहर के टाउन हॉल के पास रविवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा जमावड़ा हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुआ। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 500 से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। सुबह से ही लोगों का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था और दिन बढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई। कार्यक्रम स्थल टाउन हॉल के आसपास पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, जो पार्टी के पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग मौजूद थे। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए… विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भाग लिया। शहर के कई चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंच से अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन का समर्थन किया। वक्ताओं ने जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न वर्गों के एक मंच पर आने को सकारात्मक बताया। मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना - आयोजक आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को सरकार के सामने उठाना था। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी आम जनता के बढ़ते समर्थन को दर्शाती है। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन के विस्तार और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस तैनात कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:16 pm

नागौर में NEET-विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:बोले- राष्ट्रीय भाषा, शिक्षा सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाओ

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सोमवार को नागौर जिले के युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय भाषा के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग की गई। कलेक्टर को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अपील की। यह ज्ञापन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सौंपा गया। NEET परीक्षा को लेकर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया कि देश में लगातार NEET परीक्षा को लेकर सामने आ रही कथित गड़बड़ियों और विवादों से लाखों स्टूडेंट्स और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। प्रतिनिधियों ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। राष्ट्रीय भाषा और शिक्षा सुधार की मांग ज्ञापन में राष्ट्रीय भाषा को उचित सम्मान देने, शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और स्टूडेंट्स को समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही शिक्षा नीति में जरूरी सुधार करने की भी बात कही गई। युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग प्रतिनिधियों ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री तक मांग पहुंचाने की अपील ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी सभी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि स्टूडेंट्स, युवाओं और अभिभावकों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:12 pm

बड़वानी में नीट पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्टर को ज्ञापन देने गेट पर बैठे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बड़वानी जिला मुख्यालय पर सोमवार दोपहर नीट परीक्षा में कथित विसंगतियों और पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। कलेक्टर से ज्ञापन नहीं लेने पर छात्र कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठ गए। 3 तस्वीरें देखिए कलेक्टर से मिलने की मांग पर धरना प्रदर्शनकारी छात्र ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। नायब तहसीलदार सोनू गोयल ज्ञापन लेने बाहर आईं, लेकिन छात्रों ने कलेक्टर से ही ज्ञापन लेने की मांग की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो के नारे लगाए। करीब आधे घंटे बाद छात्रों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंप दिया। एनएसयूआई ने उठाए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल एनएसयूआई जिला अध्यक्ष बादल गिरासे ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में कथित पेपर लीक और परिणामों में विसंगतियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने की मांग की। छात्रा राधा सूर्यवंशी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग छात्र योगेश ने कहा कि यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर है। ज्ञापन में छात्रों ने भविष्य की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहेगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 1:10 pm

चंडीगढ़ के पूर्व मेयर के पिता का निधन:प्रिंसिपल पद से रिटायर्ड थे, अंतिम संस्कार आज; शिक्षा- समाज सेवा को समर्पित रहा जीवन

चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के पिता शांति नाथ सूद का रविवार देर रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और उनका पीजीआई में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और परिचितों ने गहरा दुख जताया। शांति नाथ सूद शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कई वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। वह अनुशासनप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होंगे परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार को सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में दोपहर 3 बजे किया जाएगा। अंतिम यात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होंगे। प्रशासन के अधिकारी भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। संभावना जताई जा रही है कि चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। शांति नाथ सूद के निधन पर भाजपा नेताओं और सामाजिक संगठनों ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि शांति नाथ सूद ने शिक्षा और समाज की सेवा में लंबा समय दिया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 12:18 pm

भिवानी में NEET पेपर लीक के विरोध में उपवास:सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र; बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

भिवानी में सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और उपवास रखा। उन्होंने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चले रहे धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाने का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन कर रहे ओमप्रकाश कामरेड, सीटू के जिला सचिव अनिल कुमार, किसान सभा की तहसील प्रधान संतोष देशवाल, सीटू के उप प्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर छात्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका समर्थन करते हुए वैज्ञानिक व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और जो बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, उस पर भी रोक लगाया जाए। आधे से ज्यादा पेपर रद्द किए उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में आधे से ज्यादा एग्जाम लीक होने व अन्य कारणों से रद्द करने पड़े हैं। जो छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ है। वहीं भविष्य भी अंधकार में आ गया है। सरकार को मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और आगे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कभी भी पेपर लीक ना हो। नीट पेपर लीक होने के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की है। वहीं पेपरों की तैयारी में युवाओं के लाखों रुपए व समय खर्च होता है। इसके बाद भी पेपर लीक हो जाते हैं और सरकार उन पेपर को रद्द करके छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करती है। लोकतंत्र का किया जा रहा हनन उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद कूच करने जा रहे लोगों को भी रोका जा रहा है। जो लोकतंत्र में गलत है अर्थात लोकतंत्र का हनन किया जा रहा है। लोकतंत्र में सभी का हक प्रदर्शन करने का होता है, लेकिन यह सरकार अघोषित आपातकाल लगाकर लोगों को प्रदर्शन करने से भी रोक रही है। अगर समय रहते केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो पीएम को इसका जवाब देना हो।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 12:09 pm

पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा पर सरकार सख्त कदम उठाए:मायावती बोलीं ज्वलंत मुद्दों को टकराव से नहीं सूझबूझ से टालें

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक हालात को लेकर सदन से लेकर सड़कों तक हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि इसे सूझबूझ से टाला जा सकता है। पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाओं से युवाओं में आक्रोश बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि मेडिकल (NEET) जैसी अखिल भारतीय परीक्षाओं से लेकर विभिन्न राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक के कारण युवा व बेरोजगार गंभीर तनाव में हैं। लगातार रद्द होती परीक्षाओं से परेशान युवा अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। यह सीधे तौर पर जनहित से जुड़ा अति-संवेदनशील मामला है। सरकार को स्थिति पर काबू पाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे। उच्च पदों पर बैठे अफसरों की तय हो जवाबदेही मायावती ने कहा कि देश की नींव युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में जाने से बचाने के लिए केवल छोटी मछलियों पर नहीं, बल्कि परीक्षा कराने वाली संस्थाओं के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए। गड़बड़ी में शामिल बड़े अफसरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। महंगाई के दौर में भी पेट काटकर पढ़ा रहे मां-बाप बसपा प्रमुख ने कहा कि यूपी, राजस्थान और दिल्ली समेत देशभर में अच्छे सरकारी स्कूलों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव के चलते प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों का जाल तेजी से फैला है। जबरदस्त महंगाई के बावजूद आम परिवार पेट काटकर अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। युवा आउटसोर्सिंग की शोषणकारी नौकरियों के बजाय सम्मानजनक और स्थायी रोजगार पाना चाहते हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कोचिंग सेंटरों पर निगरानी जरूरी मायावती ने कहा कि सरकारें कोचिंग संस्थानों पर कड़ी और पारदर्शी निगरानी रखें। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। केवल जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों से काम नहीं चलेगा; जब तक शिक्षा पर सही बजट और गुणवत्तापूर्ण दृष्टिकोण नहीं होगा, तब तक देश का भविष्य संवरना मुश्किल है। अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलकर ही निकल सकता है हल यूपी और पूरे देश का विकास संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच के अनुरूप 'शिक्षित, सुरक्षित और कल्याणकारी भारत' के आधार पर होना चाहिए। सरकारों को इन बुनियादी मुद्दों पर समय रहते ध्यान देना होगा। सरकार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं व संगठनों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर सही समाधान निकालना चाहिए। तभी जनता और युवा पीढ़ी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 11:47 am

कंबोडिया में नालंदा यूनिवर्सिटी एलुमनी मीट का हुआ आयोजन:कार्यक्रम में भारत के राजदूत हुए शामिल, शिक्षा और संवाद को साझा प्रगति का आधार बताया

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में एक विशेष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 'ग्लोबल फैमिली' को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। जिसमें संस्थान के पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। भारतीय राजदूत की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन की शोभा कंबोडिया में भारत के राजदूत महामहिम वनलालववना बविटलुंग ने बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और कंबोडिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करते हुए शिक्षा और संवाद को साझा प्रगति का आधार बताया। भारतीय दूतावास द्वारा इस कार्यक्रम को दिए गए सहयोग की विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष सराहना की। वैश्विक क्षितिज पर नालंदा की नई पहचान समारोह के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में हासिल की गई उपलब्धियों, नई शैक्षणिक पहलों और उभरते शोध अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे नालंदा अपनी गौरवशाली विरासत को आधुनिक युग के अनुरूप ढालकर वैश्विक पटल पर एक ज्ञान केंद्र के रूप में फिर से स्थापित हो रहा है। इस दौरान उपस्थित छात्रों और पूर्व विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया और पुरानी यादों को ताजा किया। भारत-कंबोडिया के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक मजबूती विद्यार्थियों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी ने इस मिलन समारोह को अत्यंत यादगार बना दिया। इस आयोजन ने न केवल भारत-कंबोडिया के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया है, बल्कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क को भी नई गति प्रदान की है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 10:16 am

सलूम्बर में श्री कल्लाजी विकास संस्था का प्रतिभावान सम्मान समारोह:321 विद्यार्थी सम्मानित, जयसमंद में शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति का दिया संदेश

सलूम्बर जिले के जयसमंद स्थित श्री कल्लाजी विकास संस्था ने रविवार को प्रतिभावान सम्मान समारोह आयोजित किया। समारोह में मेवल-छप्पन क्षेत्र सहित उदयपुर, अहमदाबाद और विभिन्न उपशाखाओं से हजारों समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांत धर्म जागरण संयोजक महिपाल सिंह राठौड़ रहे। विशिष्ट अतिथियों में लाल सिंह जावद, सभा अध्यक्ष भैरूसिंह राठौड़ (गुड़), संस्था अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ (पानी कोटड़ा) और युवा अध्यक्ष कूर सिंह बस्सी शामिल रहे। 321 विद्यार्थी हुए सम्मानित समारोह में शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाली 176 बालिकाओं और 145 बालकों सहित कुल 321 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 22 राजकीय सेवा में चयनित युवाओं, 12 बीएसटीसी उत्तीर्ण विद्यार्थियों और राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में चयनित 7 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। समाजसेवा के लिए भामाशाह तख्त सिंह, उदय सिंह, विजय सिंह सारण जावद और डूले सिंह गुड़ को भी सम्मानित किया गया। दसवीं कक्षा की 57 बालिकाओं और 45 बालकों तथा बारहवीं की 76 बालिकाओं और 54 बालकों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और उपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बारहवीं बोर्ड में 92.20 प्रतिशत अंक लाकर मेवल-छप्पन दोनों मंडलों में पहला स्थान पाने वाली मीनाक्षी सिसोदिया (सल्लाड़ा), दसवीं में 84.60 प्रतिशत अंक लाने वाली यशवंत कुंवर (बस्सी), बारहवीं में 89.41 प्रतिशत अंक लाने वाले कुलदीप सिंह (गुड़ेल) और दसवीं में 90.83 प्रतिशत अंक लाने वाले देवेंद्र सिंह (बामणिया) को विशेष सम्मान दिया गया। इंद्र हवन के साथ हुई शुरुआत समारोह की शुरुआत पंडित जयंतीलाल शर्मा के सानिध्य में इंद्र हवन के साथ हुई। विभिन्न यजमानों ने आहुतियां दीं। मुख्य अतिथि महिपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि शिक्षा और संस्कार व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हैं और समाज व राष्ट्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। संस्था अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ ने युवाओं और विद्यार्थियों से रोजाना हनुमान चालीसा और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने का संकल्प दिलाया। साथ ही उन्होंने माता-पिता की सहमति के बिना विवाह या रिश्ते तय न करने और नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील की। युवा अध्यक्ष कूर सिंह बस्सी ने युवाओं से समाज, संगठन और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। समारोह में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, मोबाइल फोन के सही इस्तेमाल, बच्चों को मोबाइल से दूर रखने, पौधरोपण, नशामुक्ति अभियान और वीरों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी तक पहुंचाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। संस्था सचिव लक्ष्मण सिंह जावद ने बताया कि कार्यक्रम में मेवल-छप्पन क्षेत्र की सभी उपशाखाओं सहित उदयपुर, अहमदाबाद और अन्य जगहों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन हड़मत सिंह भाणपुर ने किया।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 9:22 am

JJP युवा प्रदेशाध्यक्ष का दावा-शिक्षा का भगवाकरण कर रही सरकार:दिग्विजय बोले- इसलिए तो कांग्रेस से पीछा छुड़वाया, इसके खिलाफ हम लड़ेंगे जरूर

जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने प्रदर्शन को लेकर कहा कि सरकार घबराई हुई है। सरकार डरी हुई है, इस पूरे मामले से। इसलिए पुलिस को भेजकर सोनम वांगचुक को उठाया गया। अब और संगठित होने की आवश्यकता है। अगर देश के अंदर शिक्षा व्यवस्था का भगवाकरण होने से रोकना है, जो 21 बच्चों ने आत्महत्या करके जान दी, कल यह आंच आपके घरों तक ना आए, इसलिए समय निकालकर वहां पहुंचे। देश की सरकार में बैठे लोगों को महसूस होना चाहिए कि जनता जागी हुई सोई हुई नहीं है। सोनम वांगचुक को वहां से उठाना गलत है। मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। जबरन ले जाया गया और परिवार को मिलने नहीं दिया जा रहा तथा फोन पर बात नहीं करने दी जा रही। इन्हीं हरकतों के कारण कांग्रेस से पीछा छुड़ावाया, वही सरकार कर रहीदिग्विजय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह हमारा कैसा देश हो गया। इसी से तो हमने कांग्रेस पीछा छुड़वाया था। इन्हीं व्यवस्थाओं से तो हम कांग्रेस से तंग थे, आपमें और कांग्रेस में क्या फर्क रह गया। यह सवाल है सरकार से। आज जो सोमन वांगचुक के साथ वह बहुत गलत है। इसलिए जेजेपी पार्टी के नेता खुद जंतर मंतर पर जाकर आए थे। सरकार शिक्षा व्यवस्था अपने हिसाब से बदलना चाहती है- दिग्विजयदिग्विजय चौटाला ने पेपर लीक को लेकर कहा कि एजुकेशन व्यवस्था को ये अपने हिसाब से बदलना चाहते हैं। ये चाहते हैं कि इनकी भगवाकरण की जो नीति है उसके तहत पूरी व्यवस्था को अपने हिसाब से करें। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम उसके लिए कम से कम लड़ेंगे तो जरूर। जेजेपी नीट परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में है। आगे का फैसला तो आंदोलन को लीड करने वाले लोगों को लेना है।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 7:21 am

पूर्णिया में कांग्रेस का मशाल जुलूस:NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (नीट) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर पूर्णिया में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने संयुक्त रूप से एक मशाल जुलूस निकाला। जुलूस तीनों संगठनों की देखरेख में निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। मशाल जुलूस छात्रों की गूंज अभियान के तहत गिरजा चौक से शुरू होकर आरएन साह चौक तक निकाला गया। युवा कांग्रेस के पूर्णिया जिला अध्यक्ष शेख सद्दाम ने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे भारत के 28 चुनिंदा जिलों में छात्रों की गूंज अभियान चलाया जा रहा है। बिहार से इस अभियान के लिए केवल दो जिलों का चयन हुआ है, जिसमें पूर्णिया और पटना शामिल है। 10,000 से अधिक छात्र इस अभियान से जुड़े युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शेख सद्दाम ने कहा कि पिछले 10 दिनों से हम पूर्णिया में छात्रों का लगातार रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं और अब तक 10,000 से अधिक छात्र इस अभियान से जुड़ चुके हैं। यह मशाल जुलूस पूरी तरह से गैर-राजनीतिक था, जिसमें किसी बड़े नेता या पार्टी के बजाय सिर्फ और सिर्फ आम छात्रों और पीड़ित युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की। पेपर लीक पर पूर्ण रोक की मांगमशाल जुलूस के माध्यम से प्रदर्शकारियों ने मांग रखते हुए कहा कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर तुरंत कड़ा नियंत्रण लगाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। इसके अलावा बार-बार हो रही गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखते हुए कहा कि सभी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक पारदर्शी वार्षिक कैलेंडर (Annual Examination Calendar) जारी किया जाए, ताकि छात्रों को समय पर परीक्षा और परिणाम की सही जानकारी मिल सके। पैसा ऐंठने का जरिया बनी व्यवस्था, छात्र कर रहे आत्महत्याप्रदर्शन में शामिल कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष (ग्रामीण) अफरोज आलम ने कहा कि सरकार बार-बार फॉर्म भरवाकर छात्रों से मोटी रकम वसूलती है, लेकिन बाद में पेपर लीक हो जाता है। NEET परीक्षा के विवादित नतीजों के बाद से देश भर में कई मासूम छात्रों ने मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली है। एक बार फॉर्म भरने की व्यवस्था हो और उसी के तहत बिना किसी धांधली के निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं आयोजित की जाएं। धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन यहीं थमने वाला नहीं है। पूर्णिया और देश के अन्य हिस्सों में इस अभियान को 9 अगस्त तक पूरी ताकत के साथ चलाया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त को देश भर से छात्र और युवा दिल्ली कूच करेंगे, जहाँ एक बड़े विरोध प्रदर्शन के साथ इस देशव्यापी आंदोलन का समापन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 10:16 pm

Jauhar University Row: 'शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाना बंद करे BJP', अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए लिखा भावुक पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी (सपा) और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। इस बार टकराव का मुख्य केंद्र रामपुर की बहुचर्चित जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) बनी है। सपा प्रमुख और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूनिवर्सिटी के वर्तमान हालातों, प्रशासनिक कार्रवाइयों और छात्रों के अधर में लटके भविष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के हजारों विद्यार्थियों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से आक्रामक 'खुला पत्र' (Open Letter) लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि सपा हर स्तर पर इस उच्च शिक्षण संस्थान को बचाने की लड़ाई में छात्रों के साथ खड़ी है।'एक्स' (X) पर फूटा गुस्सा: सपनों पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिशअखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पत्र को साझा करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा, इस दुर्भावनापूर्ण और पक्षपाती फैसले के खिलाफ हमारे साथ हमारा छोटे से छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े से बड़ा नेता और वे सब हजारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं, जिनके सपनों पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।सपा प्रमुख ने देश भर के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षाविदों से अपील की है कि वे शिक्षा के इस मंदिर को राजनीतिक प्रतिशोध से बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस विश्वविद्यालय में हर वर्ग और समाज के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, तो क्या भाजपा अब पूरे समाज के युवाओं के भविष्य के विरुद्ध खड़ी हो गई है?कागजी कमी है तो उसे पूरा करें, यूनिवर्सिटी बंद करना समाधान नहींअपने खुले पत्र में अखिलेश यादव ने सरकार के रवैये को अहंकारी बताते हुए एक व्यावहारिक विकल्प भी सुझाया। उन्होंने कहा:कागजी कार्रवाई पूरी हो: यदि तकनीकी या कानूनी तौर पर यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों में कोई कमी (Paperwork Deficiencies) है भी, तो सरकार को उसे पूरा कराने का समय देना चाहिए, न कि सीधे संस्थान को बंद करने या ढहाने की कार्रवाई करनी चाहिए।गरीबों के बच्चों का हवाला: अखिलेश ने भावुक रुख अपनाते हुए कहा कि इस यूनिवर्सिटी में मध्यमवर्ग और बेहद गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उनके माता-पिता के पास इतना पैसा नहीं होता कि वे अपने बच्चों को भाजपा नेताओं की तरह महंगे प्राइवेट विश्वविद्यालयों या विदेशों में पढ़ा सकें।बिना परिवार वाले क्या जानें दर्द: उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधा तंज कसते हुए कहा कि जिनके न परिवार हैं और न बच्चे, वे भला एक आम परिवार के बच्चों के भविष्य के उजड़ने का दर्द और माता-पिता की तड़प क्या समझेंगे।भाजपा की 'भूमिगत योजना' पर अखिलेश का बड़ा दावा: शिक्षा के ही खिलाफ है सत्तासपा प्रमुख ने अपने पत्र में भाजपा और उसके वैचारिक संगठनों पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मूल रूप से शिक्षा और जागरूकता के ही खिलाफ है। अखिलेश यादव के मुताबिक, शिक्षित युवा जागरूक और प्रगतिशील होते हैं, जो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और रोजगार पर सवाल पूछते हैं, जो दमनकारी सोच वाली सत्ता को रास नहीं आता।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई अंदरूनी तौर पर गांवों के प्राथमिक विद्यालयों (Primary Schools) से लेकर बड़े विश्वविद्यालयों को बंद करवाने की एक 'भूमिगत योजना' पर काम कर रहे हैं, ताकि युवाओं को नौकरी-रोजगार न देना पड़े, क्योंकि भर्ती करना भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।'PDA पाठशाला' की तर्ज पर लड़ेंगे जौहर यूनिवर्सिटी की लड़ाईअखिलेश यादव ने अपने शुभचिंतकों को याद दिलाते हुए कहा कि जब इससे पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की साजिश रची गई थी, तब समाज के जागरूक लोगों ने 'पीडीए (PDA) पाठशाला' खोलकर सरकार के मंसूबों को नाकाम कर दिया था। अब वही साजिश यूनिवर्सिटी स्तर पर दोहराई जा रही है। उन्होंने अखाड़े के दूसरे पक्षों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ अपंजीकृत लोगों के अपने स्कूल-संस्थान धड़ल्ले से चल रहे हैं, लेकिन विपक्ष से जुड़े संस्थानों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफा षड्यंत्र रचा जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है। सपा प्रमुख के इस पत्र के बाद रामपुर से लेकर लखनऊ तक की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:00 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का मशाल जुलूस:पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों में आक्रोश

सतना में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में रविवार देर शाम युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली में वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया था। युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित नीट परीक्षा लीक और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग की। जुलूस के दौरान छात्र-छात्राओं ने सरकार से छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की, आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। शाम करीब 6:30 बजे सिविल लाइन चौपाटी से शुरू हुआ यह मशाल जुलूस सर्किट हाउस, मुख्य बाजार और सिटी कोतवाली रोड होते हुए संपन्न हुआ। रैली में शामिल युवाओं के हाथों में सोनम वांगचुक के पोस्टर और मशालें थीं। पूरे मार्ग में इंकलाब जिंदाबाद, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे गूंजते रहे। युवाओं ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक रोकने और छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:45 pm

बांका के 11 प्रखंडों में खुले आदर्श विद्यालय:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, स्मार्ट क्लास-आधुनिक लैब की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया।इसी क्रम में बांका जिले के सभी 11 प्रखंडों में एक-एक आदर्श विद्यालय का उद्घाटन किया गया। जिले के चयनित विद्यालयों में एमडीएन उच्च विद्यालय डुमरामा (अमरपुर),आरएमके उच्च विद्यालय बांका,एसएनएस उच्च विद्यालय मोहनपुर (बाराहाट),उच्च माध्यमिक विद्यालय टेंगरा (बेलहर), श्री दुर्गा उच्च विद्यालय शक्तिनगर (बौंसी),प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय भैरोगंज(चान्दन), एसएलजीपीए उच्च विद्यालय पटवा श्रीपाथर (धोरैया),राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी(रजौन),उच्च विद्यालय कटोरिया और उच्च विद्यालय कुर्माडीह (शंभुगंज)शामिल हैं।इन सभी विद्यालयों में राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया,जिसमें जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लियाआरएमके उच्च विद्यालय,बांका में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल,उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। आदर्श विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।विज्ञान,गणित और कंप्यूटर सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ किया गया है।विद्यालय भवनों का रंग-रोगन कर उन्हें आकर्षक स्वरूप दिया गया है,तथा प्रत्येक विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल कक्षा विकसित की गई है। इन मॉडल कक्षाओं में राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) के तहत और पोषक क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों का मेरिट के आधार पर चयन किया गया है।प्रत्येक विद्यालय में 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है। विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी सरस्वती विद्या निकेतन राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी (मॉडल स्कूल)का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर बीडीओ अंतिमा कुमारी,बीईओ स्वयं चक्रपाणि कनिष्क,प्रधानाध्यापक राकेश रंजन, मुखिया प्रतिनिधि टिंकू सिंह सहित शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग के अनुसार आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा तथा जिले के अन्य विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:07 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का प्रदर्शन:मैहर में पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम मैहर के घंटाघर चौराहे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के मामलों को लेकर उठाई गई। इस प्रदर्शन की अगुवाई प्रदेश सह-सचिव उमेश चौधरी ने की। इसमें महेंद्र सनाढ्य, राजेश शुक्ला, एडवोकेट आनंद श्रीवास्तव समेत पार्टी के दूसरे पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता (साफ-सुथरे तरीके) के लिए लंबे समय से शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने हाल ही में वांगचुक को आंदोलन वाली जगह से अस्पताल ले जाने की घटना पर चिंता जताई, जिससे देश भर के छात्रों और युवाओं के बीच फिक्र का माहौल है। 'पेपर लीक बंद करो' के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे लगाए। उन्होंने परीक्षा के पूरे सिस्टम को साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाने की मांग की। यह प्रदर्शन शांति से खत्म हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की कि वे छात्रों के भले के लिए ठोस कदम उठाएं।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:51 pm

खगड़िया में AISF का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, पेपर लीक पर सरकार को घेरा, पारदर्शी परीक्षा की मांग

खगड़िया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की परबत्ता अंचल इकाई ने रविवार को शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। यह मार्च तोरण द्वार गेट से शुरू होकर बाजार और थाना चौक होते हुए प्रखंड कार्यालय के सामने तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान AISF नेताओं ने शिक्षा के निजीकरण, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए संगठन ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। अंचल सह सचिव नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वालों के साथ दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। अंचल सचिव ऋषि कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगीअंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और वैज्ञानिकों के धरने को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन AISF का आंदोलन जारी रहेगा। अंचल उपाध्यक्ष रितेश शर्मा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा। इस कार्यक्रम में संजय कुमार, अमृत कुमार, प्रकाश कुमार, राहुल कुमार, कृष्णा, अंकित, मोहित, प्रिंस, संदीप, सुंदर शर्मा सहित बड़ी संख्या में AISF कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:47 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में 'आप' ने काली पट्टी बांधी:मंदसौर में प्रदर्शन, जंतर-मंतर कार्रवाई पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

मंदसौर में आम आदमी पार्टी (आप) की जिला इकाई ने रविवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। विरोध मार्च गांधी चौराहे से शुरू होकर बस स्टैंड और घंटाघर होते हुए वापस गांधी चौराहे पर समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। आप पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को बलपूर्वक हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई का विरोध करती रहेगी। इस प्रदर्शन में प्रदेश संगठन मंत्री यशवंत धाकड़, जिला अध्यक्ष गंगाराम पाटीदार, मीडिया प्रभारी प्रकाश दोसावत, संगठन सचिव जितेंद्र कारपेंटर, मजदूर यूनियन अध्यक्ष असलम शेख, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनगरा, अल्पसंख्यक मोर्चा शहर अध्यक्ष कमरुद्दीन नियारगर और मयंक परमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:29 pm

शेखपुरा के 6 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल शुभारंभ, स्मार्ट क्लास-आधुनिक लैब की सुविधा, शिक्षा पलायन रोकने पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के मॉडल विद्यालयों का उद्घाटन किया। इसी क्रम में शेखपुरा जिले के छह मॉडल विद्यालयों का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। शेखपुरा जिले में जिन विद्यालयों का उद्घाटन हुआ, उनमें उच्च माध्यमिक विद्यालय ऐझी मुरारपुर, श्री जगदम्बा +2 उच्च विद्यालय बरबीघा, नव उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय करकी (अरियरी), राजकीय एम०एम० उच्च माध्यमिक विद्यालय एकाढ़ा (चेवाड़ा), उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय गगौर (घाटकुसुम्भा) और उच्च माध्यमिक विद्यालय निमी (शेखोपुरसराय) शामिल हैं। इन मॉडल विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें आईसीटी लैब, आईएसएम लैब, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर और स्मार्ट कक्षाएँ शामिल हैं। अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गयाउच्च माध्यमिक विद्यालय ऐझी मुरारपुर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, बरबीघा विधायक कुमार पुष्पंजय, एडीएम लखींद्र पासवान, कटारी पंचायत की मुखिया रिंकी कुमारी, डीईओ तनवीर आलम, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएँ और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले के छह प्रखंडों के विभिन्न विद्यालयों में एक साथ उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय खोले जा रहे वहीं, बरबीघा विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय खोले जा रहे हैं। कटारी पंचायत की मुखिया रिंकी कुमारी ने इस उद्घाटन को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐझी मुरारपुर में इस प्रकार के आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन हुआ है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपने बच्चों को शिक्षित करने की अपील की। जिले के सभी चयनित मॉडल विद्यालयों में वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिनकी उपस्थिति में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:25 pm

अररिया के 9 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन:मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शुभारंभ किया, आधुनिक शिक्षा की शुरुआत, 3 स्कूल जल्द होंगे शुरू

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना के तहत रविवार का दिन अररिया जिले के लिए महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से जिले के नौ प्रखंडों में विकसित किए गए मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इस पहल को जिले में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद जिले के विभिन्न मॉडल स्कूलों में समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने मॉडल स्कूलों की शुरुआत को क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील कीग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। समारोह में वक्ताओं ने शिक्षकों से निष्ठा और समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील की। विद्यार्थियों को भी मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और शिक्षा के माध्यम से क्षेत्र व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) एसएसए प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि अररिया जिले में कुल 12 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। इनमें से नौ मॉडल स्कूलों का उद्घाटन रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सकाडीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि शेष तीन मॉडल स्कूलों का चयन हाल ही में हुआ है। इन विद्यालयों में अभी कुछ आवश्यक कार्य और संसाधनों की पूर्ति की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण उनका औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाकी तीनों मॉडल स्कूलों में भी जल्द सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी और उन्हें नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। वर्तमान में उद्घाटन किए गए नौ मॉडल स्कूल जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में शुरू हो चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार की इस पहल से जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 8:17 pm

जंतर-मंतर पर गरजे AAP नेता मनीष सिसोदिया:बोले-प्रधानमंत्री जी, ‘सफेद चादर’ वाले सिपाही जंतर-मंतर तो भेज दिए, शिक्षा मंत्रालय में उन्हें कब भेजेंगे

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 20 दिनों तक सोनम वांगचुक के आंदोलन को नजरअंदाज करने के बाद, जब सरकार ने देखा कि आंदोलन में युवाओं और लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, तो प्रधानमंत्री ने कल एक 'जादूगर' की तरह खेल दिखाया। “सफेद चादर वाले गुंडे भेजकर किया गायब” मनीष सिसोदिया ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा- कल प्रधानमंत्री जी ने उसी स्टेट (धरना स्थल) पर अपने गुंडे भेजकर सफेद चादर वाला जादू दिखाया। जैसे हम बचपन में जादूगर का खेल देखते थे ना... कि जादूगर आता था, चादर दिखाता था और उसके पीछे से बंदा गायब हो जाता था! कल प्रधानमंत्री जी ने वही किया। सफेद चादर वाले गुंडे भेजे और जादू दिखाकर सोनम वांगचुक जी को वहां से गायब कर दिया, उन्हें छूमंतर करके अस्पताल भेज दिया। शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर भी तंज मनीष सिसोदिया ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और हालिया विवादों को लेकर भी प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह वीडियो देखते हुए बस यही सोच रहे थे कि, नरेंद्र मोदी जी, काश यह सफेद चादर वाला जादू आप देश के शिक्षा मंत्री की कुर्सी के सामने दिखा देते! ताकि उस कुर्सी से भी वो बंदा (शिक्षा मंत्री) गायब हो जाता। मनीष सिसोदिया के इस बयान के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ ने जोरदार नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि सरकार लद्दाख की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:28 pm

शिक्षा विभाग आदेश के खिलाफ प्राइवेट स्कूल बंद:हर महीने जांच के खिलाफ एक संगठन ने किया बंद का समर्थन तो दूसरे संघ ने किया किनारा

बीकानेर में शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की हर महीने अनिवार्य जांच के आदेश के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। वहीं सोमवार को निजी स्कूल बंद रखने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल, एक निजी स्कूल संगठन ने बंद का आह्वान किया है, जबकि दूसरे प्रमुख संगठन ने इससे दूरी बना ली है। ऐसे में शहर के स्कूल संचालक देर शाम तक स्कूल खोलने या बंद रखने को लेकर मंथन लगातार जारी है। हालांकि कुछ स्कूलों ने शाम होते-होते छुट्‌टी की घोषणा कर दी है। हर महीने निजी स्कूलों की जांच होगी माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने शिक्षा संबल योजना के तहत आदेश जारी कर शिक्षा अधिकारियों को हर महीने अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जांच में स्कूल की मान्यता सहित विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल होगी। इसके लिए विभाग ने एक ऐप भी तैयार किया है, जिसमें निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन निजी स्कूल संगठन पैपा ने बताया- इस मुद्दे पर उनकी निदेशक और अतिरिक्त शिक्षा सचिव से वार्ता हो चुकी है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारी गिरिराज खैरीवाल ने कहा कि सरकार ने 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है, इसलिए तब तक इंतजार किया जाना चाहिए। इसी कारण पैपा ने 20 जुलाई के बंद का समर्थन नहीं किया है। सेवा संगठन ने बंद का आह्वान किया वहीं सेवा संगठन ने 20 जुलाई को स्कूल बंद रखने और शिक्षा निदेशालय पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के कोडाराम भादू ने कहा कि निजी स्कूल संचालक सरकार के इस आदेश का विरोध करेंगे और आंदोलन के लिए तैयार हैं। कुछ स्कूलों ने की छुट्टी घोषित दोनों संगठनों के अलग-अलग रुख के चलते बीकानेर में निजी स्कूल संचालक असमंजस में रहे। हालांकि देर शाम कुछ स्कूलों ने सोमवार की छुट्टी घोषित करते हुए अभिभावकों को इसकी सूचना भेज दी, जबकि कई स्कूल अंतिम समय तक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करते रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:24 pm

नवादा में शिक्षा जागरूकता को लेकर निकली प्रभातफेरी:बुद्धिजीवी विचार मंच ने बच्चों को स्कूल भेजने का संदेश दिया

रविवार, 19 जुलाई 2026 को नवादा जिले के नरहट प्रखंड स्थित दरगाही बिगहा गांव में शिक्षा जागरूकता प्रभातफेरी का आयोजन किया गया। बुद्धिजीवी विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना था। यह इस गांव में मंच द्वारा चलाया गया तीसरा ऐसा अभियान था। प्रभातफेरी में चंदेश्वर यादव, रामबिलास प्रसाद, मथुरा पासवान, दिलीप पासवान, अजय कुमार और व्यास जी सहित बुद्धिजीवी विचार मंच के कई सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए शिक्षा-जागरण गीत प्रस्तुत किए और जोशीले नारों के साथ लोगों को बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आयोजकों ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा ही उनका सबसे बड़ा धन और सुरक्षित भविष्य है। प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, उन्हें विद्यालय भेजना चाहिए और सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। मंच के सदस्यों ने जोर दिया कि शिक्षित परिवार ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही अज्ञानता, गरीबी और सामाजिक बुराइयों के अंधकार को दूर करने का एकमात्र साधन है। कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो शिक्षा के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। ग्रामीणों के सहयोग और उत्साह ने आयोजकों को इस जन-जागरण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का समापन हर बच्चा विद्यालय जाए, शिक्षित होकर देश बनाए के संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:23 pm

जहानाबाद में सात आदर्श विद्यालयों का शुभारंभ:ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेंगी

जहानाबाद जिले में रविवार को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की शुरुआत हुई। सदर प्रखंड के केशरबाग-खैरा स्थित सरस्वती विद्या निकेतन परिसर में जिले के सातों आदर्श विद्यालयों का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया। केशरबाग-खैरा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया, उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिले के सातों आदर्श विद्यालयों के शिलापट्ट का अनावरण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि आदर्श विद्यालयों की स्थापना से ग्रामीण और प्रखंड स्तर के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगी और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगी। जिला पदाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आदर्श विद्यालयों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। जहानाबाद जिले में इन सात आदर्श विद्यालयों की शुरुआत से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अब इन विद्यालयों के प्रभावी संचालन पर सभी की नजर रहेगी।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 7:07 pm

रायपुर में सोनम वांगचुक के सपोर्ट में यूथ का पावर-शो:बारिश के बीच 500 से अधिक लोग सड़क पर उतरे, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर रविवार को स्टूडेंट्स, यूथ और अलग-अलग सामाजिक संगठनों के बैनर तले 500 से ज्यादा लोग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतरे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक पर सख्त रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल स्टूडेंट्स और यूथ ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उनका कहा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर सोनम वांगचुक के साथ देशभर का यूथ खड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध जताया और इसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार पर सवाल बताया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी हुई। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग दोहराई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और यूथ से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से गंभीर पहल करने की मांग की गई। यूथ ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के स्टूडेंट्स और यूथ की आवाज है। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं होते, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 6:52 pm

सोनम वांगचुक के समर्थन में हांसी में पैदल मार्च:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, पेपर लीक और हिरासत के विरोध में प्रदर्शन

हरियाणा के हांसी में रविवार को इनसो छात्र नेता हरिकेश ढांडा के नेतृत्व में युवाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक व जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक की हिरासत का विरोध किया। इस मार्च में रोहित बेरवाल, अमित सिवाच, दीपक ठाकुर, जीवन, राहुल, कामराज, निशा और वैशाली सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। पैदल मार्च जाट धर्मशाला से शुरू होकर पुरानी सब्जी मंडी, उमरा गेट, बड़सी गेट, पुराना बस स्टैंड और अंबेडकर चौक होते हुए पुनः जाट धर्मशाला पर समाप्त हुआ। 'शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही' छात्र नेता हरिकेश ढांडा और अमित सिवाच ने कहा कि वे सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों और छात्रों के हितों को लेकर सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। हालांकि, उन्हें सरकार के निर्देश पर पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। 'जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को दबाया' प्रदर्शनकारी दीपक ठाकुर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है, तो शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जाए जो छात्रों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, क्योंकि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को दबाया गया, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 5:33 pm

पाली में जरूरतमंद स्टूडेंट की संस्था ने फीस भरी:कहा- होनहार बच्चे आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे

सरगरा एज्युकेशन सोसायटी पाली की ओर से शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर रविवार को समाज की एक होनहार छात्रा को बीएसटीसी द्वितीय वर्ष की फीस के लिए रुपए का चेक दिया गया, जिससे वह अपनी फीस भरकर बीएसटीसी कर सके। सोसायटी के अध्यक्ष डीआर सागर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण समाज का कोई भी स्टूडेंट शिक्षा से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ सरगरा एज्युकेशन सोसायटी का गठन किया गया, जिसका संचालन सदस्यों के सहयोग से किया जाता है। संस्था जरूरतमंद और होनहार स्टूडेंट्स की फीस बिना ब्याज सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान के नाम जमा करवाती है। संस्था के कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार कच्छवाह और सोसायटी के सचिव कन्हैयालाल चौहान ने बताया कि संस्था अब तक अनेक स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को बिना ब्याज फीस सहायता उपलब्ध करा चुकी है। कई स्टूडेंट्स ने सहायता राशि समय पर संस्था के खाते में वापस जमा कराई है, जिससे अन्य जरूरतमंद स्टूडेंट्स की भी मदद की जा रही है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से शिक्षा कोष में सहयोग करने और सोसायटी से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष बद्रीलाल चौहान, बाबूलाल चौहान एवं जितेंद्र कच्छवाह सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 5:03 pm

भागलपुर के 17 मॉडल स्कूलों का वर्चुअल शुभारंभ:जिलाधिकारी बोले- आधुनिक संसाधन से छात्रों को मिलेगी बेहतर शिक्षा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से भागलपुर के सभी 17 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का शुभारंभ किया। जिला मुख्यालय सहित सभी चयनित स्कूलों में उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जिले में प्रत्येक प्रखंड से एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। इनमें जगदीशपुर, नाथनगर, सबौर, शाहकुंड, सुलतानगंज, गोराडीह, कहलगांव, पीरपैंती, सन्हौला, खरीक, बिहपुर, गोपालपुर, इस्माइलपुर, नारायणपुर, नवगछिया, रंगरा चौक और नगर निगम क्षेत्र के प्लस टू जिला स्कूल को शामिल किया गया है। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक संसाधन, तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगी मुख्य समारोह पी. झा उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। मॉडल स्कूलों में आधुनिक शिक्षण पद्धति, अनुशासित वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि विद्यार्थी समर्पण और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तो वे जीवन में हर लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। शिक्षकों से कहा कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में नैतिक, सामाजिक और मानवीय मूल्यों का भी विकास करें, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर अतिथियों का स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि जिले के सभी 17 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होंगे और नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 4:34 pm

अग्रवाल महासभा ने प्री-वेडिंग शूट पर लगाया बैन:मनेंद्रगढ़ में समाज सेवा, गौठान संचालन और शिक्षा ऋण पर भी निर्णय

मनेन्द्रगढ़ में छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन की महासभा संपन्न हुई। इस महासभा में शादियों में 'प्री-वेडिंग शूट' पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, आवारा पशुओं के लिए गौठान संचालन सहित समाज सेवा और संगठन विस्तार को लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के लोग शामिल हुए। महासभा का मूल उद्देश्य समाज सेवा ही हमारा संकल्प, अग्रवाल समाज का सर्वांगीण विकास हमारा लक्ष्य बताया गया। इसी के तहत 'प्री-वेडिंग शूट' पर प्रतिबंध और गौवंश के लिए गौठान संचालन जैसे निर्णय पारित किए गए। सामाजिक योजनाओं की दी जानकारी सामाजिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें मंगल परिणय योजना के तहत युवाओं के लिए वैवाहिक संपर्क मंच, विधवा-विधुर पुनर्विवाह योजना, श्री अग्रसेन कन्या विवाह योजना और श्री अग्रसेन सामूहिक कन्या विवाह योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उच्च शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजना शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। श्री अग्रसेन ब्याज मुक्त उच्च शिक्षा ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को दो लाख रुपS तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर प्रकाश डाला गया। यह योजना उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए सहायक होगी। महासभा में अग्र पंचायत समिति, अग्र अलंकरण योजना, रक्तदान, देहदान एवं नेत्रदान अभियान जैसे सेवा कार्यों में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया गया। इसके साथ ही गो सेवा और पशु-पक्षी सेवा जैसे परोपकारी कार्यों में भी समाज के लोगों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 4:30 pm

रायबरेली में शिक्षा सुधार, वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:सामाजिक कार्यकर्ताओं का पांचवें दिन भी विरोध जारी रहा

रायबरेली में शिक्षा प्रणाली में सुधार और पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। शहर के डिग्री कॉलेज चौराहे पर दोपहर 12:30 बजे यह विरोध प्रदर्शन हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता राम मोहन श्रीवास्तव रामू दादा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर लीक कराने वाले माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में हुई घटना की कड़ी निंदा की, जहाँ दिल्ली पुलिस ने 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन हटा दिया था। इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया गया। राम मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा न देना यह दर्शाता है कि वे बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप जनता प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर सकती है। श्रीवास्तव ने दोहराया कि यह उनका पांचवां दिन है और वे सोनम वांगचुक के समर्थन में बैठे हैं, जो भ्रष्टाचार और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और यदि सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आक्रोश बड़ा रूप ले सकता है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक यह विरोध जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 1:34 pm

कानपुर देहात डायट बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस:आधुनिक कंप्यूटर लैब का लोकार्पण; शिक्षा विभाग का ऐलान

कानपुर देहात में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पुखरायाँ में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने कानपुर देहात की डायट को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस कंप्यूटर लैब का उद्घाटन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने किया। इस लैब को ह्यूमना पीपल टू पीपल इंडिया और रिस्ट संस्था के सहयोग से तैयार किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पवन सचान ने कहा कि डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने डायट प्रशिक्षुओं के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की विशेष तैयारी कराने के निर्देश भी दिए, ताकि डीएलएड पूरा करते ही अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें। ह्यूमना पीपल टू पीपल इंडिया की सीईओ स्नोरा वेस्टगार्ड ने डिजिटल शिक्षा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि कानपुर देहात में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश के आठ अन्य जिलों में भी इसी मॉडल पर तकनीकी सशक्तिकरण का कार्य किया जाएगा। डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक ब्रजभूषण चौधरी और बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि नई कंप्यूटर लैब से शिक्षकों को डिजिटल टीचिंग, ई-कंटेंट तैयार करने और ऑनलाइन प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, डीएलएड प्रशिक्षुओं के साथ-साथ वंचित वर्ग के मेधावी छात्र भी इस आधुनिक लैब का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, रिस्ट हंस फाउंडेशन के प्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रवक्ता, डायट का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:00 am

नीट पेपर लीक मामला: अंकुर गुप्ता ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

अमृतसर| सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट अंकुर गुप्ता ने देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से आंदोलनरत छात्रों व कार्यकर्ताओं के साथ तत्काल संवाद शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नीट समेत सामने आए पेपर लीक मामलों ने करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। एडवोकेट अंकुर गुप्ता ने मांग की कि नीट व अन्य पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने 20 जुलाई के शांतिपूर्ण आंदोलन में अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं से शामिल होने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 6:04 am

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सोच अच्छी, लेकिन जमीनी अमल अभी बहुत धीमा : सुकृति सूरी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए दृष्टिबाधित छात्रा सुकृति सूरी ने कहा कि नीति की सोच और उद्देश्य सकारात्मक हैं, लेकिन इसका प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा

देशबन्धु 19 Jul 2026 6:00 am

टीईटी पर शिक्षा विभाग का इनकार, भड़के शिक्षक

भास्कर न्यूज | जांजगीर छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा सुरक्षा के तहत विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग को शिक्षा विभाग ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और उनके ओएसडी से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था। चर्चा के दौरान विभाग की ओर से साफ किया गया कि विभागीय टीईटी आयोजित करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। विभाग का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमानुसार केवल व्यापम के माध्यम से ही आयोजित की जाएगी और आवश्यकता होने पर इसे वर्ष में तीन बार भी कराया जा सकता है। शिक्षा विभाग के इस रुख के बाद कार्यरत शिक्षकों में असंतोष बढ़ गया है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने विभाग के इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कार्यरत शिक्षकों के हित में विभागीय टीईटी ही सबसे व्यावहारिक और न्यायसंगत समाधान है। यदि सरकार इस जायज मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के सभी प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षकों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से एक मजबूत और निर्णायक संघर्ष का रास्ता चुनना होगा। इस दौरान फेडरेशन के प्रदेश सचिव राजू टंडन, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख, संगठन मंत्री हेम साहू, पीताम्बर बंजारे, मनोज साहू, दीपक साहू, रमेश कोठारी, पुष्पेंद्र बनाफर, युवराज बेलचंदन, ओमप्रकाश साहू, लोकेश धृतलहरे और पारथ ध्रुव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा में एआई और तकनीक की भूमिका पर विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

लुधियाना| बीसीएम आर्य इंटरनेशनल स्कूल में क्रॉसबैंडिंग सीजन 8 का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षा नेतृत्व से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आरंभ में आर्य समाज ग्रुप ऑफ स्कूल्स की निदेशक डॉ. परमजीत कौर ने स्वागत संबोधन में अतिथियों का अभिनंदन किया और बदलते शैक्षिक परिदृश्य में सहयोगात्मक सीख तथा नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्पेनिश भाषा में समूह गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक रंग भरा और अपनी भाषाई व कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। मुख्य सत्र में ऑरिबाइसेस टेक्नोलॉजीज के निदेशक ईशांत कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रस्तुति दी। उन्होंने शिक्षा में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका, उत्पादकता बढ़ाने और शिक्षकों के कार्य में सहयोग पर अपने विचार रखे। समापन पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ. जसनीव सेठ ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। अंतिम चरण में विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 5:30 am

मंत्री मदन दिलावर कल आएंगे जोधपुर:मारुति सुजुकी 18 प्रशिक्षार्थियों को दिए लेटर ऑफ इंटेंट, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मोटर मैकेनिक व्हीकल (MMV) एवं मैकेनिक डीजल ट्रेड के 18 प्रशिक्षार्थियों का चयन कर उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एम्स जोधपुर के सहयोग से पाल लिंक रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 51 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर और जोगाराम कल जिले में विभिन्न इलाकों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें लाइव ब्लॉग में..

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 10:55 pm

जहानाबाद में 220 शिक्षकों को मिलेगा आवासीय प्रशिक्षण:प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम

जहानाबाद जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 20 से 24 जुलाई 2026 तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), जहानाबाद में होगा, जिसमें कक्षा 3 से 5 तक के कुल 220 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल होंगे। 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक रिपोर्ट करें शिक्षक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, सभी चयनित शिक्षकों को 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक डायट, जहानाबाद में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करना होगा। निर्धारित समय पर योगदान न देने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण के पहले दिन सभी प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट और अंतिम दिन पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा, जिसमें शामिल होना अनिवार्य है। शिक्षकों को यात्रा भत्ता (टीए) के भुगतान के लिए अपनी बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लाने का निर्देश दिया गया है। पीटी-योग सत्र को सफेद टी-शर्ट और नीले रंग की पैंट प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों के लिए औपचारिक परिधान निर्धारित किए गए हैं। पुरुष शिक्षकों को पैंट, शर्ट और टाई तथा महिला शिक्षकों को सलवार-कुर्ता या साड़ी जैसे सौम्य रंगों के परिधान पहनने होंगे। पीटी और योग सत्र के लिए सफेद टी-शर्ट और नीले रंग की पैंट अनिवार्य है। महिला शिक्षकों को योग एवं पीटी सत्र में साड़ी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक डीएलएड परीक्षा में प्रतिनियुक्त हैं, वे इस प्रशिक्षण में भाग नहीं लेंगे। उन्हें इसकी सूचना संबंधित कार्यालय को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाना, उन्हें नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना और कक्षा में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाना है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 10:00 pm

कोटा में ट्रांसफर कराने का झांसा देकर ऐंठे रुपए:शिक्षा मंत्री दिलावर को की गई शिकायत के बाद हुई कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का एक और मामला सामने आया है। कोटा में तबादलों के नाम पर पैसे वसूलने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला सांगोद पंचायत समिति से जुड़ा है, जहां पदस्थापित ग्राम विकास अधिकारी(VDO) मंजुला बैरागी ने मंत्री मदन दिलावर के आवास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि बारां निवासी नरोत्तम बड़ारिया ने उनका तबादला करवाने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की और राशि भी ली। शिक्षा मंत्री दिलावर ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री मदन दिलावर ने तत्काल महावीर नगर थाना प्रभारी को बुलाकर आरोपी के खिलाफ नामजद जीरो एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद महावीर नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे सांगोद पुलिस को भेजा गया। सांगोद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी नरोत्तम बड़ारिया को बारां से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने कितने लोगों से तबादलों के नाम पर ठगी की है। इस मामले में केवल मंजुला बैरागी ही नहीं, बल्कि दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों भूपेंद्र सिंह और संदीप सिंह चौहान ने भी आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी के नेटवर्क तथा उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 9:38 pm

भीम आर्मी का सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मैहर में सौंपा ज्ञापन

मैहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को शहर के घंटाघर चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भीम आर्मी ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की वकालत करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बुलंद की। साथ ही विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और घोटालों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधलियों की वजह से देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार को शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए। परीक्षा घोटालों से युवाओं का टूटा भरोसा, न्यायिक जांच की मांग धरने का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि परीक्षाओं में हो रही लगातार गड़बड़ियों के चलते युवाओं का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इन घोटालों से परेशान होकर कई होनहार छात्र आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। प्रदर्शन के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले में संज्ञान (सुओ मोटू) ले और NEET व SSC जैसी बड़ी भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों की जांच न्यायिक निगरानी में कराई जाए। सोनम वांगचुक की मांगों पर विचार करने की अपील ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने पूरी परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार करने, पेपर लीक रोकने के लिए फूलप्रूफ और सुरक्षित व्यवस्था बनाने, भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रभावित परीक्षाओं को एक तय समय के भीतर दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने लद्दाख और शिक्षा सुधारों को लेकर आवाज उठा रहे सोनम वांगचुक की मांगों पर भी केंद्र सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की। यह पूरा धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ और प्रशासन ने ज्ञापन को आगे भेजने का भरोसा दिया है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 8:21 pm

अपार आईडी निर्माण में यूपी नंबर-1, स्कूल और उच्च शिक्षा में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

UP ranks first in APAAR ID: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। डिजिटल इंडिया के तहत अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:15 pm

छतरपुर में स्कूल के बाहर जमीन पर लेटीं प्राचार्य:घंटों नहीं पहुंचे शिक्षा अधिकारी, नाराज स्टाफ ने SDM से निष्पक्ष जांच की मांग की

छतरपुर जिले के बड़ामलहरा विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल मुंगवारी में शनिवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। विद्यालय की प्राचार्य स्कूल परिसर के बाहर जमीन पर लेट गईं, जिससे परिसर में तनाव का माहौल बन गया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन उनके अनुसार कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की जानकारी एसडीएम अखिल राठौर को दी। एसडीएम ने तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुन्दरलाल प्रजापति को विद्यालय पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए, लेकिन शाम करीब 6 बजे तक भी वे मौके पर नहीं पहुंचे। अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से नाराज होकर विद्यालय का पूरा स्टाफ एसडीएम कार्यालय पहुंचा। कर्मचारियों ने प्राचार्य के व्यवहार, विद्यालय की कार्यप्रणाली और पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की। एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि विद्यालय की घटना की जानकारी मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 7:56 pm

पायलट बोले-सोनम वांगचुक से बात न कर जबरन उठाया:कहा- सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने की जगह दमन का रास्ता अपना रही है

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा- सरकार संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है। सरकार ने वांगचुक से गांधीवादी तरीके से बातचीत करने के बजाय जबरन उठाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। पायलट ने कहा- वांगचुक की मांगों पर विचार किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। पायलट ने आरोप लगाया कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले इस मुद्दे को दबाने के लिए यह कार्रवाई की गई। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का सीधा हनन है और देश का हर युवा इस घटनाक्रम से दुखी है। पायलट ने कहा- कांग्रेस लगातार छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही है। राहुल गांधी भी युवाओं से संवाद कर रहे हैं और देश का नौजवान सरकार से जवाब मांग रहा है। इसके बावजूद सरकार संवाद करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने में लगी हुई है। सचिन पायलट जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एनएसयूआई की ओर से आयोजित छात्र संविधान संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी मौजूद रहें। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर शिक्षा, पेपर लीक और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछे। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लेना चाहती सरकार पायलट ने कहा- पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश है। छात्र जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार इस्तीफा लेने के बजाय विरोध कर रहे लोगों को जबरन हटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार का कोई प्रतिनिधि सोनम वांगचुक से मिलकर बातचीत करता और उनकी मांगों पर चर्चा करता तो समाधान निकल सकता था लेकिन बातचीत करने के बजाय उन्हें जबरन उठाकर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। पायलट ने कहा कि सरकार को पहले उन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए थी, जिनको लेकर वांगचुक अनशन पर बैठे थे। अगर मांगें मान ली जातीं तो वे खुद अनशन समाप्त कर देते। शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना जरूरी सचिन पायलट ने कहा कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसे बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्र जवाबदेही चाहते हैं और सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस का रुख पूरी तरह साफ है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और सरकार को इसमें कोई संकोच नहीं करना चाहिए। पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर भी साधा निशाना पायलट ने राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव इसलिए नहीं करा रही क्योंकि उसे जनादेश अपने खिलाफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट भी इस मामले में पहले टिप्पणी कर चुका है, लेकिन सरकार हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टाल रही है। UPSC जैसा मॉडल अपनाने की सलाह कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पेपर लीक की घटनाओं पर सवाल पूछे। इस पर सचिन पायलट ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे पारदर्शी परीक्षाओं में शामिल है और आज तक उसके पेपर लीक होने की खबर नहीं आई। उन्होंने कहा कि जिस तरह यूपीएससी की कार्यप्रणाली और स्वायत्त व्यवस्था है। उसी तर्ज पर अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए भी स्वतंत्र और मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। अगर सरकार इच्छा शक्ति दिखाए तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कि पेपर लीक कर सके। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल में छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमों का भी मुद्दा उठाया। पायलट ने कहा कि जो मुकदमे प्रतिशोध या दुर्भावना से दर्ज किए गए हैं, कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें हटाया जाएगा। टीकाराम जूली ने संविधान और लोकतंत्र पर जताई चिंता नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की मजबूती का आधार संविधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने राजनीतिक दलों को तोड़ने, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, चुनाव आयोग और सूचना के अधिकार (RTI) जैसे कानूनों को कमजोर करने के आरोप लगाए। जूली ने कहा कि राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव टालना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक वहां कैसे पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने शहीदों के नाम पर राजनीति की है। 9 अगस्त को दिल्ली चलो अभियान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन देशभर में छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और छात्र सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री अभी भी पद पर बने हुए हैं, जबकि छात्र लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई छात्र या संगठन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करता है तो उसे जबरन हटाया जा रहा है, जैसा दिल्ली में देखने को मिला। जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई पहले देशभर में जिला कलेक्टरों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद 9 अगस्त को दिल्ली चलो अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 7:24 pm

पहले हाईस्कूल प्राचार्य हायर सेकेंडरी में हों पदोन्नत:स्कूल शिक्षा विभाग से शिक्षक संगठनों की मांग, चरणबद्ध प्रमोशन से सबको मिलेगा मौका

स्कूल शिक्षा विभाग में सचिवालय और उप संचालक, सहायक संचालक, संयुक्त संचालक स्तर पर पदोन्नति की कार्यवाही होने के बाद अब व्याख्याता, प्राचार्य और अध्यापकों के प्रमोशन की तैयारी है। इस बीच प्रमोशन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग अपने स्तर पर काम कर रहा है और शिक्षक संगठनों ने भी इसके लिए विभाग को सुझाव देकर कहा है कि सीनियर पदों पर प्रमोशन की कार्यवाही पहले की जाए ताकि सभी पात्र प्रमोशन का लाभ पा सकें। शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को न्यायसंगत, पारदर्शी एवं व्यावहारिक बनाने के लिए इसे शीर्ष स्तर से निचले स्तर तक चरणबद्ध क्रम में संचालित किया जाए। संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से हर स्तर पर रिक्त पदों का एक एक करके सृजन होगा, जिससे अधिक से अधिक पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। इसको लेकर संगठन ने विभाग को सुझाव भी दिए हैं। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग से इस पर ध्यान देेने का आग्रह किया है। सुझाव में यह कहा संगठन ने समानांतर प्रक्रिया अपनाई तो नहीं मिलेगा सबको मौका संगठन का कहना है कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया शीर्ष स्तर से प्रारंभ की जाती है, तो हर चरण में रिक्त पद स्वाभाविक रूप से निर्मित होते जाएंगे। इससे अधीनस्थ संवर्गों में पदों की संख्या बढ़ेगी तथा अधिकतम पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का अवसर मिलेगा। इसके विपरीत अव्यवस्थित या समानांतर प्रक्रिया अपनाने से अनेक पद रिक्त होने के बावजूद पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता। शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि पदोन्नति की संपूर्ण प्रक्रिया इसी चरणबद्ध क्रम में संचालित की जाए, ताकि सभी संवर्गों के हित सुरक्षित रहें, प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनी रहे तथा किसी भी वर्ग के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न न हो।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 6:52 pm

करौली जिला स्थापना दिवस पर विकास का रोडमैप:शिक्षा-रोजगार से रेल कनेक्टिविटी तक उठीं अहम मांगें

करौली के 29वें जिला स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में जिले के समग्र विकास का व्यापक खाका सामने आया। वक्ताओं ने उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी, स्थानीय रोजगार सृजन, रेल कनेक्टिविटी, कृषि, उद्योग, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं जैसे अहम मुद्दों पर ठोस सुझाव दिए। उन्होंने प्रशासन से इन सुझावों को योजनाओं में शामिल कर प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की गई। जिले के विकास पर व्यापक मंथन पंचायत समिति सभागार में आयोजित संगोष्ठी में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह सहित शहर के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने जिले के समग्र विकास को लेकर अपने सुझाव रखे। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ऐसे आयोजनों में आने वाले सुझाव केवल औपचारिकता बनकर न रह जाएं, बल्कि उन्हें योजनाओं का हिस्सा बनाकर जमीन पर उतारा जाए। उच्च शिक्षा के लिए मजबूत संस्थानों की जरूरत आशीष कांत शर्मा ने जिला मुख्यालय पर उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय में कई स्नातकोत्तर विषय उपलब्ध नहीं हैं। करौली का इंजीनियरिंग कॉलेज भी भरतपुर से संचालित हो रहा है, जबकि जिला गठन के 29 वर्ष बाद भी विधि महाविद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है। शर्मा ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर भूपेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि जिले के विकास के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने औषधीय गुणों वाली फसलों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। रेल कनेक्टिविटी में तेजी लाने की मांग वेणु गोपाल शर्मा ने करौली को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन परियोजना के कार्यों में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके। पर्यटन, उद्योग और कृषि में बड़ी संभावनाएं संगोष्ठी में जिले के सैंडस्टोन उद्योग, कृषि, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं को रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं का मानना था कि इन क्षेत्रों का सुनियोजित विकास करौली की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। प्रभावी क्रियान्वयन पर रही सबसे बड़ी अपेक्षा वक्ताओं ने प्रशासन से विकास कार्यों की नियमित निगरानी और सुझावों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार संगोष्ठी में आए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। संगोष्ठी में चंद्रेश गुप्ता, मदन मोहन स्वामी, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रफीक अहमद, अमित शर्मा, व्याख्याता राम अवतार मीणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 5:14 pm

खैरथल के कॉलेज में नए स्टूडेंट्स को दी जानकारी:शैक्षणिक व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में बताया, पढ़ाई के लिए किया प्रेरित

खैरथल-तिजारा के राजकीय कॉलेज में बी.ए. फर्स्ट ईयर के नए स्टूडेंट्स के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) और विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराना था। उज्जवल भविष्य बनाने का किया आह्लान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय जीवन व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण काल होता है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। निरंतर पढ़ाई के लिए किया प्रेरित डॉ. महेश गोठवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, क्रेडिट बैंक और रोजगारपरक शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। डॉ. जाकिर हुसैन ने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। शैक्षणिक अवसरों की जानकारी दी डॉ. सरस्वती मीणा ने अंग्रेजी विषय के महत्व और इसके अध्ययन से मिलने वाले शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी। डॉ. राहुल वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों का परिचय देते हुए विद्यार्थियों से समाजसेवा और व्यक्तित्व विकास के लिए इससे जुड़ने का आग्रह किया। अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया राजवीर सिंह मीणा ने विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक कुमार ने किया। अंत में, अंगदान और दहेज प्रथा उन्मूलन विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 4:51 pm

शिक्षा मंत्री बोले- डोटासरा झूठे और महाभ्रष्ट:मदन दिलावर ने कहा- मेरे विभाग पर भ्रष्टाचार साबित हो जाए तो राजनीति छोड़ दूंगा

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर कोटा में जमकर निशाना साधा। मंत्री दिलावर ने कहा-डोटासरा झूठा और महाभ्रष्ट आदमी है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के नाम पर प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और भ्रष्टाचार किया है। शिक्षा मंत्री शनिवार को कोटा जिले के अलग-अलग स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने का झूठा प्रचार किया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखावा में आयोजित नव-निर्मित क्लासरूम के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान भर में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने का झूठा प्रचार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा ने कोई नए अंग्रेजी स्कूल नहीं खोले, बल्कि चल रहे हिंदी माध्यम के स्कूलों पर जबरन अंग्रेजी के बोर्ड लगवा दिए। न तो वहां अंग्रेजी माध्यम के टीचर दिए गए, न ही कोई बुनियादी ढांचा या व्यवस्था की गई। दिलावर ने कहा- इस फैसले से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के बच्चों का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अंग्रेजी भाषा या किसी भी भाषा को सीखने के विरोधी नहीं हैं लेकिन इसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार किया जाना चाहिए था। भ्रष्टाचार साबित हो जाए तो राजनीति छोड़ दूंगा गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा वर्तमान सरकार और शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिलावर ने उन्हें खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि डोटासरा ने कहा था कि शिक्षा विभाग में ट्रांसफर के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। आप मदन दिलावर पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप साबित कर दें, तो मैं उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा। दिलावर ने कहा कि अगर उनके स्टाफ या विभाग में किसी अन्य के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का कोई सबूत सामने आता है, तो वे उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वे खुद भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करते। टीचर्स ने कहा था-डोटासरा ट्रांसफर के पैसे लेते हैं मदन दिलावर ने डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस राज में खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टीचरों के एक बड़े सम्मेलन में सरेआम मंच से पूछा था कि 'डोटासरा जी ट्रांसफर के पैसे तो नहीं लेते हैं। तब हॉल में मौजूद हजारों शिक्षकों ने एक सुर में कहा था हाँ, पैसे चलते हैं।' दिलावर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सामने जनता और टीचरों ने खुद माना था कि डोटासरा के कार्यकाल में किस तरह तबादला उद्योग फल-फूल रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिसके खुद के कार्यकाल पर उनके ही मुख्यमंत्री ने मुहर लगाई हो, वह आज दूसरों के चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 4:46 pm

सीएम बेगूसराय से करेंगे 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन:शिक्षा विभाग का अल्टीमेटम, आज ही पूरी करें सभी तैयारियां; स्टूडेंट्स के लिए हाईटेक व्यवस्था

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा का चेहरा पूरी तरह बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 19 जुलाई को राज्य भर में नवनिर्मित 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का एक साथ भव्य उद्घाटन करेंगे। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेगूसराय जिले से होगा। जहां से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ऑनलाइन(वर्चुअल मोड) माध्यम से इन सभी हाई-टेक स्कूलों का लोकार्पण करेंगे। उद्घाटन के तुरंत बाद ही इन स्कूलों में नियमित रूप से पठन-पाठन और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएगी। 9वीं से 12वीं के छात्रों को सीधा फायदा शिक्षा विभाग के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य 9वीं से 12वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समग्र शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन आदर्श विद्यालयों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सके। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की ओर से राज्य के सभी DM को निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए। डीएम को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा कोई काम लंबित नहीं रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 18 जुलाई की शाम तक सभी 551 विद्यालयों में आधारभूत संरचनात्मक और प्रशासनिक तैयारियां 100 प्रतिशत पूरी हो जानी चाहिए। अधिकारियों को आगाह किया गया है कि वे खुद जमीन पर उतरकर इसकी व्यवस्था देखें। जिससे 19 जुलाई को शैक्षणिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन में कोई बाधा न आए। इन 9 प्रमुख बिंदुओं पर नजर रखेंगे DM स्कूल का मुख्य भवन, पूरा परिसर और सभी कक्षाएं पूरी तरह तैयार हो। शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय, स्वच्छता और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था। कार्यालय की व्यवस्था, छात्रों के लिए बेंच-डेस्क और कक्षा संचालन के लिए आवश्यक सभी शिक्षण सामग्री। स्कूलों में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और अन्य जरूरी आईटी सुविधाओं की उपलब्धता हो। पूरे परिसर की सघन साफ-सफाई की व्यवस्था रहे। सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन (Fire Safety) उपकरण और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं रहे। सीएम के कार्यक्रम को लाइव देखने के लिए स्कूलों में बड़ी स्क्रीन और ऑडियो-विजुअल का प्रबंध। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति। लोकार्पण होते ही तत्काल कक्षाओं का संचालन करना है। समारोह को जन-उत्सव बनाने की तैयारी सरकार ने इस लोकार्पण कार्यक्रम को सिर्फ प्रशासनिक आयोजन न मानकर इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य आम जनमानस में उच्च माध्यमिक शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण का निर्माण करना है। संबंधित सांसद, विधायक, विधान पार्षद एक-एक आदर्श विद्यालय में उपस्थित होकर ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:24 pm

यूपीपीएससी ने जारी किया प्राविधिक शिक्षा प्रवक्ता भर्ती का परिणाम:26 पदों के लिए 67 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए सफल घोषित

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में विभिन्न विषयों के व्याख्याता पदों पर भर्ती का परिणाम शुक्रवार शाम को जारी कर दिया है। कुल 26 रिक्त पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 228 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है। इस भर्ती का विज्ञापन आयोग द्वारा 15 सितंबर 2021 को जारी किया गया था। इसमें व्याख्याता टेक्सटाइल केमिस्ट्री के तीन पद, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के छह पद, पेंट टेक्नोलॉजी के 11 पद और लेदर टेक्नोलॉजी के छह पद सहित कुल 26 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 26 नवंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम अब घोषित किए गए हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि 228 अभ्यर्थियों में से 67 को 26 पदों के सापेक्ष साक्षात्कार के लिए योग्य पाया गया है। साक्षात्कार कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:17 pm

डीडवाना-कुचामन में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ:प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार

डीडवाना-कुचामन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ, डीडवाना-कुचामन राजस्थान का 41वां जिला बन गया है, जहां प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) और प्री-प्राइमरी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में जिला उपनिदेशक गौरव चौधरी, जिले के सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मिशन बुनियाद के उद्देश्यों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के विभिन्न घटकों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी सेक्टरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मॉड्यूल और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। रॉकेट लर्निंग की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक धीरज जांगिड़, कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय शर्मा, हनुमानगढ़ जिला समन्वयक मीनाक्षी स्वामी और नागौर जिला समन्वयक आशीष सिन्हा ने कार्यक्रम के संचालन और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग का यह संयुक्त प्रयास जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 1:08 pm

दूधेश्वर वेद विद्यालय का रजत जयंती समारोह:25 सालों की यात्रा का सफर दिखाया; वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर परिसर में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल मुख्य अतिथि और भाजपा राजस्थान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने गुरुकुल शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बताया। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज ने की। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। विद्यालय के 25 सालों की यात्रा दिखाईकार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन, मंगलाचरण, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दूधेश्वर वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक परंपरा और भारतीय संस्कृति पर आधारित स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। एक चलचित्र के माध्यम से स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की 25 वर्षों की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। समारोह में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की रजत जयंती स्मारिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। स्मारिका में संस्थान की गौरवपूर्ण यात्रा, वैदिक शिक्षा के विविध आयाम, संतों के प्रेरक संदेश, छात्रों की उपलब्धियां और संस्थान के विकास का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा, वैदिक ज्ञान एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था में निहित है। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही श्रेष्ठ नागरिक, सुदृढ़ समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान छात्रों को वेद, शास्त्र एवं संस्कृत के अध्ययन के साथ धर्म, अनुशासन, चरित्र, सेवा, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति के संस्कार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अपने तप, त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत पुरुषार्थ से वैदिक शिक्षा के संरक्षण का जो महायज्ञ प्रारम्भ किया, वो आज विशाल स्वरूप प्राप्त कर चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी देश-विदेश में भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे गुरुकुल भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि वैदिक शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में विद्यार्थियों का शैक्षिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास किया जा रहा है। यहाँ प्राप्त ज्ञान और संस्कार विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे तपस्वी, दूरदर्शी एवं राष्ट्रचिंतक संतों के मार्गदर्शन से सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने वैदिक अध्ययन, संस्कृत संवर्धन, गुरुकुल परंपरा एवं भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण में अनुकरणीय स्थान स्थापित किया है। यह संस्थान आने वाले समय में भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक विस्तार का सशक्त माध्यम बनेगा। समारोह में आचार्य महामंडलेश्वर श्री विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज, महामंडलेश्वर चेतना माता, महामण्डलेश्वर स्वामी विद्याचैतन्य महाराज (अंतर्राष्ट्रीय सनातन धर्म संस्थान, नैमिषारण्य), महामंडलेश्वर श्रद्धा माता, जूना अखाड़ा के सचिव एवं दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय के संस्थापक महंत मुकेशानन्द गिरि महाराज तथा प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक गुरु पवन सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा, शिक्षाविद राम अवतार जिंदल एवं समाजसेवी नवरत्न सोनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए संतों एवं वक्ताओं ने कहा- परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, धर्म, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभावना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान, अनुशासन, आचरण एवं संस्कारों के माध्यम से भारतीय गुरुकुल परंपरा की श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। इस अवसर पर धर्म, शिक्षा, साहित्य, मीडिया एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया। इनमें श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपड़ा, श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी, मंदिर के सोशल मीडिया संयोजक सांवलाराम सुथार, अमित प्रकाश, मीडिया प्रभारी बी.के. शर्मा, अधिवक्ता हर्ष पाण्डेय, लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार तथा प्रख्यात कवि राज कौशिक शामिल रहे। समापन अवसर पर परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज ने देशभर से पधारे संत-महात्माओं, अतिथियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, सहयोगियों, आचार्यगण, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। रजत जयंती समारोह का समापन वैदिक मंगलकामनाओं, संतों के आशीर्वचनों तथा भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा एवं राष्ट्र की उन्नति के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 12:49 pm

बांग्लादेशी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?

भारत में नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच पड़ोसी बांग्लादेश में भी नाराज छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:37 am

शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी, नशे और मोबाइल पर रखें नजर

भास्कर न्यूज|ब्यावर राजस्थान पेंशन समाज, सेवा यतन ब्यावर मानवाधिकार समिति ब्यावर ने शुक्रवार को कार्यालय में बैठक की। बैठक में विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार विषय पर चर्चा हुई। सत्यनारायण सांखला ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना जरूरी है। छोटू लाल कुमावत, ओम सिंह रावत, सोहनलाल मेघवाल ने कहा कि बढ़ती नशा प्रवृत्ति के कारण बच्चे कई अनैतिक कामों की ओर जा रहे हैं। रोकथाम के लिए संस्कार जरूरी हैं। मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए पेरेंट्स सजग रहें। संस्कार को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया। ओमप्रकाश अग्रवाल ने धन्यवाद दिया। बैठक में सत्यनारायण सांखला, ओम सिंह रावत, ओम प्रकाश अग्रवाल, छोटू लाल कुमावत, सोहनलाल मेघवाल, के. एल. बागड़ी, राधेश्याम शर्मा सहित अनेक पेंशनरों ने भाग लिया।

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा मंत्री के महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर विवाद:कांग्रेस ने कहा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालिया; दिलावर बोले- फोन में विभागीय आदेश देखा

जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से एक स्कूल के निरीक्षण के दौरान महिला शिक्षक का मोबाइल देखने पर सियासी विवाद हो गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री पर महिला शिक्षक के मोबाइल देखने को निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सवाल उठाए हैं। उधर, कांग्रेस की आपत्ति पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए दावा किया कि महिला शिक्षक मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को मोबाइल चेक करना बताना विपक्ष का दिवालियापन है। बता दें कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जयपुर की तीन स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जेदिया कॉलोनी राज भवन में एक महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर यह विवाद हुआ। शिक्षा मंत्री अपनी नाकामियों की फाइल चैक करें कांग्रेस ने दिलावर पर सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। इसका एक और रूप देखिए। आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चैक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है। कांग्रेस ने आगे लिखा- शिक्षा मंत्री को शिक्षकों के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चैक करनी चाहिए। असली सच्चाई वहीं मिलेगी। दिलावर बोले- मोबाइल में विभागीय आदेश देख रहा था मदन दिलावर ने एक्स पर कांग्रेस को जवाब देते हुए पलटवार किया। दिलावर ने कांग्रेस के एक्स हैंडल पर जवाब में लिखा- शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को विपक्ष ने मोबाइल चेक करना बता दिया। यह विपक्ष की राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण है। सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते। महिला शिक्षक ने मोबाइल में विभागीय आदेश दिखाए थे दिलावर ने लिखा- विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों, एप और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी क्रम में शिक्षिका ने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे शिक्षिका का मोबाइल चेक करना बताकर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है। यह किसी भी प्रकार से निजी मोबाइल की जांच, निजता में हस्तक्षेप या सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं था। शिक्षा में सकारात्मक बदलाव विपक्ष को हजम नहीं हो रहा दिलावर ने लिखा- राजस्थान आज शिक्षा क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है। झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:28 pm

शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल संघ के पदाधिकारियों ने ली शपथ:विकास और कर्मचारी हितों पर दिया जोर

शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को प्रयागराज स्थित निदेशालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, फाफामऊ के विधायक गुरु प्रसाद मौर्य और फूलपुर के विधायक दीपक पटेल ने संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हित में कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह की अध्यक्षता निवर्तमान अध्यक्ष घनश्याम यादव ने की। शपथ ग्रहण के बाद आशुतोष शुक्ल ने अध्यक्ष और सुधीर सिंह यादव ने महामंत्री का पदभार संभाला। उपाध्यक्ष पद पर ध्रुपराज सिंह, दीपक कुमार श्रीवास्तव, अजीत कुमार सिंह (उच्च शिक्षा) और गुलशन सिंह (शिविर कार्यालय) ने शपथ ली। संयुक्त मंत्री पद पर सुल्तान सिंह, नरेन्द्र कुमार सिंह, सम्पूर्णानन्द त्रिपाठी और आशीष कुमार (उच्च शिक्षा) ने शपथ ग्रहण किया। कोषाध्यक्ष पद पर मो. शमसुद्दीन ने शपथ ली, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मंजीत कुशवाहा, दीपक कुमार, ऐश्वर्या गुप्ता, पल्लवी शर्मा, मनीष देव यादव, अजय कुमार सिंह, बसन्त सिंह, अवधेश कुमार त्रिपाठी और शिशिर श्रीवास्तव ने शपथ ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मनोज कुमार द्विवेदी और अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सीएल चौरसिया भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के भविष्य और कर्मचारियों की मांगों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारी संघ और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय ही शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करेगा। यह नई कार्यकारिणी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई है। संघ के चुनाव 3 जून को प्रयागराज और 4 जून को लखनऊ में मतदान के साथ संपन्न हुए थे। 5 जून को मतगणना के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी दीपक जायसवाल ने परिणामों की विधिवत घोषणा की थी। शुक्रवार के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही, इस नवनिर्वाचित टीम का विधिवत कार्यकाल प्रारंभ हो गया है, जिससे निदेशालय के कर्मचारियों में अपनी समस्याओं के समाधान के प्रति नई उम्मीदें जगी हैं।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:15 pm

केंद्रीय मंत्री से मिला शिक्षा संघ का प्रतिनिधि मंडल:टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग, सांसदों के घरों का घेराव करने की दी चेतावनी

समस्तीपुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा(टीईटी) से पूर्व बहाल शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर से मिला। इसके लिए सांसद को सवाल उठाने की मांग की। मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा। संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार राय एवं प्रधान सचिव अनिल कुमार ने कहा कि नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 एवं संशोधित अधिनियम,2017 की नियमावली में संशोधन कर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा)की अनिवार्यता को लागू किया गया है। संघ की ओर से राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को ज्ञापन सौंपा गया है। संघ ने माननीय मंत्री से मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को संसद में उठाकर केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का आग्रह किया है। संघ के अध्यक्ष एवं प्रधान सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के कारण शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009(संशोधित 2017) में संशोधन किए जाने से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक शिक्षिकाओं पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू होने की स्थिति बन गई है। संघ का कहना है कि यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय है जिनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकारी नियमों, विज्ञापनों और निर्धारित शर्तों के आधार पर हुई थी। अनेक शिक्षक तीन दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं और अब उन पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्याय के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत है। ऐसे शिक्षकों ने सालों तक विद्यालयों में अपनी सेवा दी है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने मंत्री से मांग की है कि संसद में इस विषय को प्रमुखता से उठाकर केन्द्र सरकार से आर टी ई नियमावली में आवश्यक संशोधन कराने और साल 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त अथवा शिथिलता प्रदान करने की दिशा में पहल की जाय। दिल्ली में सांसदों के घरों का होगा घेराव संघ के सचिव ने कहा कि अभी ज्ञापन सौंपा गया है कि सरकार इस नियम को बनाए इसके लिए दिल्ली में सभी संसदों के घरों पर घेरा डालो डेरा डालो कार्यकर्म की जल्द शुरूआत की जाएगी। सरकार को हम मजबूर करेंगे कि इसको लेकर सांसद नियम बनाया जाय। जरूर हुई जंतरमंतर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें पूरे देश के नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 के तहत बहाल शिक्षक शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 8:56 pm

सलूबंर में 'हरियालो राजस्थान अभियान' की समीक्षा:लक्ष्य के हिसाब से पौधारोपण करने के लिए कहा, शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

सलूंबर जिले में 'हरियालो राजस्थान अभियान' के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में इसकी अध्यक्षता की। अधिकारी और कर्मचारी हुए शामिल इस बैठक में जिले के सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में अभियान की प्रगति, विभागवार पौधारोपण लक्ष्य, जियो-टैगिंग की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। पौधारोपण को लेकर दिए निर्देश डॉ. सापेला ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि उन्हें आवंटित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पौधारोपण कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण और नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान की पारदर्शी निगरानी और वास्तविक प्रगति का आकलन हो सके। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों और संबंधित विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। डॉ. सापेला ने जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करते हुए अभियान को जिले में प्रभावी बनाएं। शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी बैठक में शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर डॉ. सापेला ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करें। सभी सीबीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में पौधारोपण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए कहा गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी विभागों को आगामी पांच दिनों के भीतर पौधारोपण और जियो-टैगिंग की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया। यह रिपोर्ट अभियान की प्रभावी समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने में सहायक होगी। बैठक में 'हरियालो राजस्थान अभियान' को जनआंदोलन का रूप देने, पौधों के संरक्षण, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 8:16 pm

शेखावाटी यूनिवर्सिटी में कल आएंगे राज्यपाल- विधानसभा स्पीकर:18 जुलाई को शेखावाटी ज्ञान सभा, शिक्षा-संस्कार और विकसित भारत पर 3 सत्रों में होगा मंथन

सीकर जिले के कटराथल में स्थित शेखावाटी यूनिवर्सिटी में 18 जुलाई को आयोजित होने वाली शेखावाटी ज्ञान सभा में राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और विकसित भारत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 3 अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। ज्ञान सभा का उद्देश्य शिक्षा जगत, युवाओं और समाज के बीच राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान करना और भारतीय मूल्यों पर आधारित विकास की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाना है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शेखावाटी ज्ञान सभा आयोजित होगी। शेखावाटी ज्ञान सभा की अध्यक्षता करेंगे राज्यपाल यूनिवर्सिटी के VC डॉ. अनिल कुमार राय ने बताया कि 18 जुलाई को सुबह 10 बजे होने वाले उद्घाटन समारोह होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े करेंगे और मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी होंगे। सभा में होंगे कुल तीन सत्र, मुख्य वक्ता होंगे RSS के बाबूलाल VC प्रोफेसर अनिल राय ने बताया कि सभा में कुल 3 सत्र होंगे। मुख्य वक्ता RSS के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल होंगे। पहले सत्र में शेखावाटी की शिक्षा-संस्कृति का पुनरूत्थान, दूसरे सत्र में व्यापार में शेखावाटी का योगदान और आज के युवाओं की सहभागिता और तीसरे सत्र में शिक्षा के क्षेत्र में उभरता शेखावाटी: शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर मंथन होगा। सभी सत्र में भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राय मौजूद रहेंगे। शेखावाटी ज्ञान सभा को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. राजीव सक्सेना, संरक्षक दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, प्रांत सहसंयोजक धर्मवीर फौजदार व मनमोहन सिंह, नितिन कासलीवाल, ईश्वर सृष्टि, कमलेश पारीक और JNVU जोधपुर के पूर्व VC डॉ. लोकेश सिंह शेखावत संबोधित करेंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:53 pm

शिक्षक तबादलों के विरोध में निकली आक्रोश रैली:शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, 25 अगस्त को निदेशालय घेराव की चेतावनी

चूरू में राजस्थान शिक्षक संघ के बैनर तले शुक्रवार को शिक्षकों ने तबादलों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने संयुक्त निदेशक कार्यालय के सामने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी शिक्षक शहर के इंद्रमणि पार्क में एकत्रित हुए। वहां से उन्होंने संयुक्त निदेशक कार्यालय तक एक आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कार्यालय के मुख्य द्वार पर नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई है। उनका कहना था कि बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को भी दूर-दराज के क्षेत्रों में भेज दिया गया है, जिससे प्रदेश भर के स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगे हैं और उन्होंने आज तक शिक्षक संगठनों से कोई बातचीत नहीं की है। कई स्कूल अब केवल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। शिक्षकों ने मांग की है कि सभी विवादास्पद तबादला आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए। इसके साथ ही, सभी संवर्गों के लिए एक स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने और पिछले 8 वर्षों से लंबित तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले तुरंत करने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आगामी 25 अगस्त को बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:50 pm

पर्यटन-शिक्षा सहित व्यापार का हब बनेगा नालंदा:सरकार ने जारी किया मास्टर प्लान-2045, 200 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल बनेंगे

भगवान बुद्ध की तपोस्थली, भगवान महावीर की निर्वाण स्थली और विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार की धरती अब एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश करने को तैयार है। बिहार सरकार ने अगले बीस वर्षों के भीतर इस संपूर्ण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन, शिक्षा और ज्ञान केंद्र बनाने के लिए 'राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045' का विस्तृत मसौदा तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत नालंदा कलेक्ट्रेट स्थित हरदेव भवन सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने की। इस बैठक में जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नीति-निर्माताओं ने मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया, ताकि विकास की राह में आने वाली चुनौतियों का समय रहते समाधान निकाला जा सके। सुनियोजित विकास का रोडमैप इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता इसका विकेंद्रीकृत विकास मॉडल है, जिसके तहत पांच अलग-अलग नगरों को उनकी विशिष्टता के आधार पर विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार, राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और संस्थागत हब के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म के मुख्य केंद्र के रूप में संवारा जाएगा। सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार और थोक वाणिज्यिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, पावापुरी को शिक्षा और उच्च स्तरीय सेवाओं का हब बनाया जाएगा और गिरियक को इको-टूरिज्म के आकर्षण केंद्र के रूप में पहचान दी जाएगी। इस योजना में न केवल ये शहर, बल्कि इनके आसपास के सौ से अधिक गांवों को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरे क्षेत्र का समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतें आने वाले दो दशकों में आबादी के दोगुने होने के अनुमान को देखते हुए, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत खाका खींचा गया है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों को 45 मीटर तक चौड़ा करने के साथ ही राजगीर, सिलाव और नालंदा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। यातायात के दबाव को कम करने के लिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बाईपास के पास एक नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और सिलाव में ट्रांसपोर्ट नगर के साथ ट्रक टर्मिनल का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही, राजगीर और पावापुरी जैसे प्रमुख स्थलों पर मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-बस सेवा, गोल्फ कार्ट और डिजिटल गाइड सिस्टम जैसे नवाचारों को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर आर्थिक प्रगति के लिए इस मास्टर प्लान में पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। घोसरावां और सैदी जैसे क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और कोल्ड चेन हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 500 और 200 बेड वाले कई अत्याधुनिक अस्पतालों व ट्रॉमा सेंटरों के निर्माण का प्रस्ताव है। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अनुसंधान और नवाचार संस्थानों की स्थापना पर ध्यान दिया गया है, ताकि नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सके। पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों का संतुलन विकास की इस दौड़ में प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार ने विकास का आधार माना है। कुल भूमि का लगभग 46.7 प्रतिशत हिस्सा कृषि उपयोग के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है, ताकि अनियंत्रित शहरीकरण से खेती की जमीन को बचाया जा सके। आहर-पईन प्रणाली के पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के जरिए क्षेत्र को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी इस योजना में दिखाई गई है। राजगीर वन क्षेत्र और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण कार्यों को कड़े पर्यावरणीय नियमों के दायरे में रखा जाएगा। जनभागीदारी से तैयार होगा अंतिम खाका बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने स्पष्ट किया कि फंडिंग इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए अंतिम मसौदे को व्यावहारिक बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने मसौदे में हवाई अड्डे के प्रावधान पर जोर दिया, जबकि स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों की समस्याओं और पहाड़ों से पानी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित न करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव रखे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभी एक प्रारूप है और अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे, ताकि एक सर्वमान्य और प्रभावी मास्टर प्लान लागू किया जा सके। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 7:00 pm

मांगें पूरी न होने पर भड़के सफाई कर्मचारी:संगरूर में CM मान, शिक्षा मंत्री और विधायक का पुतला फूंका

पंजाब भर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच, संगरूर में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और स्थानीय विधायक नरिंदर कौर भराज का पुतला फूंका। वे अपनी मांगों को पूरा न किए जाने से नाराज हैं। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब शहर में सफाई कर्मचारियों की लगातार हड़ताल के कारण कचरे का ढेर लग गया था। शहर में बढ़ती गंदगी और बदबू के कारण लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया था। इसे देखते हुए, प्रशासन ने बीते दिन शहर से कचरा हटाने के लिए निजी कर्मचारियों को काम पर रखा था। इस दौरान सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई थी। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन का यह कदम गलत था। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग उनकी मुख्य मांगें कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना और महंगाई भत्ते (DA) की किश्तें जारी करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक नरिंदर कौर भराज पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि विधायक बनने से पहले नरिंदर कौर उनके धरनों में शामिल होती थीं और सरकार बनने पर उनकी मांगें पूरी करने का वादा करती थीं। हालांकि, अब वह उनसे मिलना भी पसंद नहीं करतीं और न ही उन्होंने उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान दिया है। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे सड़कों पर कचरा बिखेर देंगे। उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 3:14 pm

'पूर्णिया लाइव क्लासेस' बिहार में लागू करने का निर्देश:CM और शिक्षा मंत्री ने कार्यप्रणाली देखी, जिले में हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

शिक्षा के क्षेत्र में पूर्णिया जिले का नवाचार अब पूरे बिहार के लिए एक मॉडल बनने जा रहा है। 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' की सफलता को देखते हुए, इसे अब पूरे राज्य में 'बिहार लाइव क्लासेस' के रूप में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ‎सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश ‎तिवारी ने गुरुवार को पूर्णिया लाइव ‎क्लासेस का डेमो देखा। इससे प्रभावित‎ होकर मुख्यमंत्री ने इसे 15 अगस्त तक‎ सम्पूर्ण बिहार के सभी स्कूलों में लागू‎ करने का निर्देश दिया है।‎ पहले चरण में पूर्णिया स्थित ‎अत्याधुनिक हब स्टूडियो से लाइव‎ कक्षाओं का प्रसारण पटना जिले के 150 ‎सरकारी विद्यालयों में किया गया। आने‎ वाले समय में इसे राज्य के सभी जिलों‎के सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने की‎ योजना है। इसका उद्देश्य सरकारी‎विद्यालयों के विद्यार्थियों को विषय‎ विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से‎ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।‎ हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि वर्तमान में पूर्णिया के 265 विद्यालय इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षा 9, 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ आईआईटी (IIT) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। इस पहल का परिणाम वर्ष 2024 की परीक्षाओं में साफ दिखा है। पूर्णिया के छात्रों ने न केवल बोर्ड और इंटर की परीक्षाओं में बिहार टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया, बल्कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। जिला स्कूल परिसर में नए पुस्तकालय का निर्माण लाइव क्लासेस के निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने जिला स्कूल परिसर में निर्माणाधीन पुस्तकालय के कार्यों का जायजा लिया। काम की गति और गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए । पुस्तकालय का उद्घाटन आगामी 25 जुलाई 2026 को किया जाएगा । पुस्तकालय में छात्रों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 9:41 am

शुभारंभ:खानपुर में ‘शिक्षा सेतु’ निशुल्क कोचिंग शुरू

सामाजिक संस्था मातृ शक्ति की ओर से संचालित ‘शिक्षा सेतु’ निशुल्क कोचिंग का शुभारंभ गुरुवार शाम गोवर्धननाथ मंदिर हॉल में हुआ। मुख्य अतिथि एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा देने की पहल सराहनीय है। प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही गई। विशिष्ट अतिथि शकुंतला उपाध्याय ने संस्था के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कोचिंग के संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया। गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य ट्रस्टी हेमा गोयल ने कहा कि यह पहल जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मविश्वास देगी। संस्था के अनुसार कोचिंग शुक्रवार से नियमित रूप से चलेगी। अभी तक करीब 36 विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है। छह शिक्षित महिलाएं निशुल्क अध्यापन करेंगी। कार्यक्रम में विद्यार्थी, अभिभावक और नगर के नागरिक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:45 am

उच्च शिक्षा विभाग:यूजी-पीजी में प्रवेश 31 जुलाई तक ले सकेंगे

हरदा | उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए द्वितीय चरण की कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में 31 जुलाई तक प्रवेश ले सकेंगे। वहीं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित अन्य सभी नियम, शर्तें और दिशा-निर्देश पूर्ववत लागू रहेंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:30 am

पोस्टिंग के लिए नहीं काटने पड़ेंगे नेताओं के चक्कर:शिक्षा विभाग में 19395 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को मिलेगी मनचाही पोस्टिंग

शिक्षा विभाग में 19395 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मनचाहे स्थान पर पोस्टिंग मिलेगी। उन्हें पोस्टिंग के लिए नेताओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग की ओर से काउंसलिंग के जरिए इनको पोस्टिंग मिलेगी। काउंसलिंग के दौरान वे इच्छित स्कूल का चयन कर सकेंगे। विभाग उन्हें उसी स्कूल में पोस्टिंग देगा। अन्य विभागों में काउंसलिंग का सिस्टम नहीं है। इसलिए वहां मनचाही पोस्टिंग के लिए चयनितों को नेताओं के चक्कर काटने पड़ेंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती से विभाग को 19395 चयनित आवंटित हुए हैं। इनमें से 16411 नॉन टीएसपी के है और 2984 टीएसपी के हैं। काउंसलिंग से पहले विभाग इनको मेरिट के आधार पर जिला आवंटन करेगा। जिला आवंटन के लिए चयनितों से जिले का विकल्प मांगा गया है। चयनित अभ्यर्थी 17 से 21 जुलाई तक अॉनलाइन जिले का विकल्प भर सकेंगे। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला आवंटन के लिए शाला दर्पण पोर्टल के जरिए अॉनलाइन विकल्प भरा जा सकता है। अभ्यर्थी प्राथमिकता के आधार पर जिले का चयन कर सकेंगे। अगर कोई चयनित जिले का विकल्प नहीं भरता है तो विभाग उसको जिला आवंटन के लिए स्वतंत्र रहेगा। जिला विकल्प भरते समय चयनित के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। अगर ओटीपी नहीं जाता है तो अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को एक प्रार्थना पत्र व स्वहस्ताक्षरित आधार कार्ड का छाया प्रति विभाग की ओर से जारी की गई मेलआईडी पर भिजवानी पड़ेगी। विकल्प भरने की अंतिम तिथि के दो दिन के भीतर चयनितों को जिला आवंटन कर दिया जाएगा। आवंटित जिले में काउंसलिंग के जरिए पोस्टिंग दी जाएगी। निदेशक सीताराम जाट के अनुसार विभाग सभी जिलों में 31 जुलाई तक नियुक्ति आदेश जारी कर देगा। यह है टाइम फ्रेम यह होती है काउंसलिंग प्रक्रिया काउंसलिंग की प्रक्रिया में चयनितों को स्कूलों के खाली पद बताए जाते हैं। उन्हीं से पूछा जाता है कि इनमें से वे कहां पोस्टिंग चाहते हैं। वे जिस स्कूल का चयन करते हैं। उसी में उसको पोस्टिंग दी जाती है। काउंसलिंग में जितने चयनितों को पोस्टिंग दी जाएगी। उससे अधिक स्कूलों के खाली पद दर्शाए जाते हैं। मेरिट के आधार पर चयनितों को स्कूल चयन के लिए बुुलाया जाता है। सबसे पहले विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांगों को वरियता दी जाती है। फिर महिला अभ्यर्थी और अंत में पुरुष अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर बुलाया जाता है। इस व्यवस्था में चयनित खुद मेरिट के आधार पर स्कूल का चयन करते हैं। उन्हें किसी की सिफारिश कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:30 am

कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं से मजदूरी का आरोप:सिरसा शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, टीचर का दावा-रंगोली के लिए कराई सफाई

सिरसा जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं से मजदूरी कराने का आरोप लगा है। विद्यालय परिसर में छात्राओं से काम करवाते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। वीडियो में रात करीब 9 बजे छात्राओं को विद्यालय परिसर में काम करते हुए दिखाया गया है। इस घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्राओं का समय उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए होना चाहिए, न कि उनसे किसी प्रकार का श्रम कराया जाए। शिक्षिका बोलीं- रंगोली बनाने के लिए कराई सफाई विद्यालय की शिक्षिका अमनदीप ने आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि गांव की गोशाला में राम कथा कार्यक्रम चल रहा था। जिसके तहत प्रभात फेरी से पहले पूरे गांव में रंगोली सजाई जाती है। शिक्षिका के अनुसार, एक गोभक्त के अनुरोध पर हॉस्टल वार्डन रात करीब 9:30 बजे कुछ छात्राओं के साथ विद्यालय के मुख्य गेट पर थोड़ी घास साफ करवाकर रंगोली बनाने लगी थीं। 'घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे' अमनदीप ने आगे बताया कि इसी दौरान गांव के लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी वायरल वीडियो से ही मिली। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारी बोले- प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण मांगा खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र जाखड़ ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने विद्यालय के प्रिंसिपल से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। जाखड़ ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 10:01 pm

कटिहार में किशोर शिक्षा-स्वास्थ्य पर 1 दिवसीय प्रशिक्षण:130 शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित, समग्र विकास पर जोर

कटिहार के जिला अस्पताल स्थित सभागार में गुरुवार को किशोर शिक्षा एवं किशोर स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस सरकार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण का आयोजन डीपीएम-डीएपीसीयू, कटिहार के सहयोग से किया गया था। YRGCARE/बीएससी पटना के टेक्निकल एक्सपर्ट अजय कुमार बरनवाल ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम में दो बैचों में कुल 130 शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक बैच में 65 प्रतिभागी शामिल थे। प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किशोरों के समग्र विकास के लिए सही मार्गदर्शन, सकारात्मक संवाद और वैज्ञानिक एवं आयु-उपयुक्त जानकारी अत्यंत आवश्यक है। अजय कुमार बरनवाल ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालयों में शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि किशोरों के विश्वासपात्र मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि शिक्षक किशोर स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे, तो वे विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला स्वास्थ्य समिति ने जानकारी दी कि किशोरों को विद्यालय स्तर पर ही सही जानकारी और सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी आयोजित किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 9:18 pm

मदन राठौड़ बोले- डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं:जब खुद शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे; हमारे यहां ऐसा नहीं है

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा - गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं। मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 9:17 pm

वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग:कांग्रेस सेवा दल ने किया प्रदर्शन, राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने गुरुवार को कटिहार समाहरणालय के सामने वित्त रहित शिक्षा नीति के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वित्त रहित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग उठाई गई। कार्यक्रम का संचालन जुनैद खान ने किया। शिक्षकों के हितों की रक्षा की उठाई मांग धरने को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठन डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी वर्षों से आर्थिक उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, संस्थानों का समायोजन करने तथा शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं और शिक्षकों की रही मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष पुतुल सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रो. विनोद यादव, अफरोज खान, संजय कुमार, सुतापा भदुरी, लक्ष्मी कुमारी, अहमद राजा खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और समर्थक शामिल हुए। राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन तथा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की गई।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 7:40 pm

अंबिकापुर में थाने के सामने चैन स्नैचिंग,LIVE VIDEO:बाइक सवारों ने शिक्षा विभाग की सहायक संचालक को बनाया निशाना;3 तोला सोने की चैन लेकर भागे

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक पूनम तिवारी चैन स्नैचिंग का शिकार हो गईं। थाने के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके गले से करीब 3 तोला वजनी सोने की चैन झपट ली और फरार हो गए। चैन की कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें बदमाश वारदात को अंजाम देकर भागते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि सहायक संचालक पूनम तिवारी लंच के बाद घर से दफ्तर जा रही थीं, तभी वे चैन स्नैचिंग का शिकार हो गईं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। स्कूटी खड़ी करते ही बदमाशों ने झपटी चैन जानकारी के अनुसार, पूनम तिवारी गुरुवार दोपहर में लंच के लिए घर गई थीं। दोपहर करीब 2:45 से 3 बजे के बीच वे स्कूटी से वापस जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं। स्कूटी खड़ी करने के बाद जैसे ही वे पैदल कार्यालय की ओर बढ़ीं, तभी बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। बदमाशों ने बाइक की रफ्तार धीमी की और उनके गले से सोने की चैन झपटकर फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि पूनम तिवारी कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही दोनों आरोपी गुरुनानक चौक की ओर भाग निकले। थाने के सामने वारदात घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोतवाली थाना और सीएसपी कार्यालय के सामने स्थित है। ऐसे में थाने के सामने दिनदहाड़े हुई चैन स्नैचिंग की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। CCTV खंगाल रही पुलिस पुलिस ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में हेलमेट पहने बाइक सवार बदमाश चैन छीनकर फरार होते नजर आए। साइबर सेल की मदद से शहर के अन्य कैमरों की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर संदिग्ध नकाबपोश युवकों की तस्वीरें मिली हैं। पुलिस उनकी पहचान कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। कीमत करीब 4 लाख पूनम तिवारी के पति और शिक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने सोने की चैन का बिल पुलिस को सौंप दिया है और मामले की शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। उनके अनुसार, चैन करीब 3 तोले की थी, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 4 लाख रुपए है। पुलिस बोली- आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। …………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गोलबाजार में मासूम के गले से चेन चोरी... VIDEO: मां की गोद में थी बच्ची, CCTV में कैद हुई संदिग्ध महिला; तलाश में जुटी पुलिस राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल गोलबाजार में चेन स्नेचिंग की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। खरीदारी करने पहुंची एक महिला पत्रकार की मासूम बेटी के गले से एक अज्ञात महिला ने सोने की चेन चोरी कर ली। पूरी वारदात बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 7:11 pm

डिंडौरी कॉलेज में आत्मनिर्भर भारत पर संगोष्ठी:अतिरिक्त संचालक बोले- रोजगार देने वाले बनें युवा; नई शिक्षा नीति को बताया मजबूत नींव

डिंडौरी के चंद्र विजय कॉलेज में भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर 'आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को कौशल विकास और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अतिरिक्त संचालक बोले- रोजगार देने वाले बनें युवा मुख्य अतिथि और जबलपुर संभाग के उच्च शिक्षा अतिरिक्त संचालक डॉ. अल्केश चतुर्वेदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश के युवा नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बनेंगे। उन्होंने छात्रों से स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने की अपील की। नई शिक्षा नीति है मजबूत नींव मुख्य वक्ता डॉ. नीलेश पाण्डेय ने नई शिक्षा नीति को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति युवाओं को कौशल और उद्यमिता से जोड़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आग्रह किया। स्वावलंबी युवा तैयार करना लक्ष्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.एस. उददे ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो स्वावलंबी हों और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 6:54 pm

डोटासरा बोले-शिक्षा मंत्री के करीबी तबादलों में पैसा वसूल रहे:वसुंधरा दुखी आत्मा उन्होंने सही बातें कहीं, बेनीवाल समर्थकों पर मुकदमे करने का तरीका गलत

राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के करीबी तबादलों के नाम पर पैसे की वसूली कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जो बातें कही हैं, वे सही हैं। डोटासरा ने बेनीवाल समर्थकों पर मुकदमे दर्ज करने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया और सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। डोटासरा जयपुर में कांग्रेस ओबीसी विभाग के सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- तबादलों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शिक्षा ​विभाग का हाल सबसे खराब है, शिक्षा मंत्री के नजदीकी लोग तबादलों में जमकर वसूली में लगे हैं। शिक्षक तबादलों में जमकर पैसा लिया गया है। सरकार में हिम्मत है तो शिक्षा मंत्री के पीए, पीएसओ के नजदीक रहने वालों के फोन टैप करवाकर देख लीजिए पता लग जाएगा। डोटासरा ने कहा- शिक्षा मंत्री के दलाल बने हुए हैं, वे ट्रांसफर में लूट रहे हैं। स्कूल बर्बाद हो रही हैं। तबादला उद्योग में आरएसएस तांडव नृत्य कर रहा है। पैसे ले लेकर भ्रष्टाचार चल रहा है इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। समसा में इंटरव्यू की पोस्टों में पैसा लेकर पोस्टिंग दी जा रही है। मंत्री के इर्द गिर्द के लोग खुलेआम पैसे ले रहे हैं। भ्रष्टाचार का खुला नाच हो रहा है,कोई सुनने पूछने वाला नहीं है। बीजेपी के विधायक तक रो रहे हैं। वसुंधरा राजे दुखी आत्मा, उन्होंने ने कल अच्छी बातें कहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के राजनीति से सामाकि रिश्तों को अलग रखने के बयान पर डोटासरा ने कहा- वसुंधराजी दुखी आत्मा हैं, दुखी आत्मा से जो निकलता है, वो सच निकलता है। कल उन्होंने राजेंद्र राठौड़ और सीएम की तरफ देखा, उनकी क्या बात चुभ गई? उनके खिलाफ कौन षडयत्र कर रहा है, लेकिन वसुंधरा राजे ने कल जो कहा वे अच्छी बाते हैं। हमें राजनीति में इतना भी वैर भाव नहीं रखना चाहिए कि हम आंख भी नहीं मिला सकें। मेरे परिवार और रिश्तेदार कर्मचारियों का बांसवाड़ा-बाड़मेर किया ट्रांसफर डोटासरा ने कहा- पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा ने भी कल सही कहा कि पहले विरोध में बोलकर भी साथ बैठकर चाय पीते थे, लेकिन आजकल तो एक्सीडेंट करवा दें। आजकल तो मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ बोल दिया तो मेरे सभी पहचान वालों और रिश्तेदारों तक सबके ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तबादलों से मैं झुकने वाला नहीं हूं। 2028 में इनका नाम लेने वाला बच जाए तो मुझे बता देना। बेनीवाल के लोगों के खिलाफ रंजिश निकालने दर्ज किए जा रहे मुकदमे डोटासरा ने कहा- विपक्ष की आवाज को आप दबाना चाहते हैं। विपक्ष के लोगों को परेशान करो,उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दो, बताइए यह कौनसा तरीका है? आज हनुमान बेनीवाल और उनके लोगों पर कितने मुकदमे दर्ज करवा दिए? बेनीवाल मेरे लिए अच्छा बोले ना बोले कोई फर्क नहीं पड़ता। बेनीवाल ने दो साल पहले भी कहीं आंदोलन किया तो दो साल बाद भी आज उनके खिलाफ और उनके लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। अगर बेनीवान का नाम लिखा हुआ गाड़ी पर मिल गया तो उनको भी अंदर डाल दो, यह कौन सी राजनीति है ? इनको पता है कि कांग्रेस पार्टी बदले की राजनीति नहीं करती इसका ये नाजायज फायदा उठाते हैं।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 4:51 pm

सड़क बंद होने से शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित:लखीसराय में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, वैकल्पिक मार्ग की मांग

लखीसराय जिले के बरियारपुर से घोंघी-कोडाशी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बंद होने से क्षेत्र के कई गांवों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कजरा सोलर पावर प्लांट के निर्माण कार्य के दौरान यह मार्ग बंद किया गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और प्रशासन से सड़क को तत्काल चालू करने या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की। 2 दिन पहले डीएम को लिखित आवेदन दिया ग्रामीणों को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के क्षेत्र में आने की सूचना मिली, वे बंद सड़क पर एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले भी जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बंद होने से घोंघी-कोडाशी सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित हो गया है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है। सड़क बंद होने स्कूली बच्चों को दिक्कत ग्रामीण धेना सोरेन ने बताया कि यह मार्ग गांव तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता था। सड़क बंद होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है, जिससे आपात स्थिति में गंभीर परेशानी उत्पन्न होने की आशंका है। सोरेन ने यह भी कहा कि स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि विद्यालय तक पहुंचना कठिन हो गया है। स्थानीय महिला मतिया देवी ने बताया कि बरियारपुर स्थित विद्यालय जाने का यही मुख्य मार्ग था, और इसके बंद होने से छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। दैनिक आवागमन में लोगों को परेशानी मतिया देवी ने बताया कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी सेविका संजू कुमारी ने जानकारी दी कि सड़क बाधित होने के कारण सोमवार से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित है, जिससे बच्चों का पोषण और प्रारंभिक शिक्षा संबंधी गतिविधियां रुक गई हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि विकास परियोजनाओं के साथ आम लोगों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क चालू नहीं की गई या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 4:26 pm

भिवानी में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:NEET पेपर लीक पर भड़की CPIM; शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

भिवानी में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी ने प्रदर्शन करके राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सभी चौधरी सुरेंद्र सिंह पार्क में एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि देश में नीट यूजी के पेपर व अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक मामले गंभीर हैं। परीक्षाओं को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाने में विफल रही है। देश के नीट यूजी 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी बुरी तरह से प्रभावित हुए, उनमें अनेकों छात्र आत्महत्या के शिकार हो गए। 19 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर अनशन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान अपना दायित्व पूरा करने में विफल हुए हैं। फिर भी सरकार उनको पद से हटा नहीं रही। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को उनके पद से तुरन्त हटाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने, पेपर लीक पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने व दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने, भविष्य में निष्पक्ष पारदर्शी परीक्षा करवाने की व्यवस्था करने की मांग को लेकर प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक व पर्यावरण विद सोनम वांगचुक पिछले 19 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर प्रांगण में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका अभी तक 8.5 किलो वजन घट गया है तथा उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है। सोनम वांगचुक का जीवन बचाने की अपील भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले में केन्द्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की, कि मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए तथा सामाजिक गांधीवादी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगें मानी जाएं तथा उनका बहुमूल्य जीवन बचाया जाए। ये मांगे देश के तमाम छात्रो, नौजवानों व बहुमत जनता की हैं। हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप इसमें आवश्यक कार्रवाई करेगी।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 12:00 pm

पंजाब CM मान बोले-उनकी सियासत पंजाब की तरक्की के लिए:मुकेरियां रैली में कहा- शिक्षा, स्वास्थ्य व मुफ़्त बिजली में स्टेट बन रहा नंबर-1

पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर के मुकेरियां में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सीएम मान ने साफ शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता का सुख भोगना नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के जीवन में खुशहाली लाना है। जनता के भारी जनसमर्थन के बीच उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्र में किए गए हर वादे को ज़मीनी स्तर पर सच कर दिखाया है। विरोधी दलों पर बोला तीखा हमला मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए। उन्होंने विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह और उनके पिछले शासनकाल पर सवाल खड़े किए: कांग्रेस की अंतर्कलह पर तंज: कांग्रेस केवल सत्ता की मलाई चाटने के लिए लड़ रही है। इनके नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं क्योंकि हर किसी को सिर्फ सीएम की कुर्सी चाहिए। राहुल गांधी जिस बस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, उसमें सवार नेता आपस में ही लड़कर ज़ख्मी हो जाएंगे। सीएम मान ने यह भी दावा किया कि कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है। अकालियों को घेरा: अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के समझदार लोगों ने अकालियों को राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, माफियाओं और गैंगस्टरों को पनाह दी और युवाओं को नशे के दलदल में धकेला। उन्होंने संकल्प दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के ज़िम्मेदार लोगों को कभी माफ नहीं किया जाएगा और वे सलाखों के पीछे जाएंगे। नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला: शिक्षा में पंजाब देश में अव्वल मुख्यमंत्री ने शिक्षा को गरीबी और सामाजिक समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान बताते हुए कहा कि - नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह पिछले चार वर्षों में शिक्षकों के आधुनिक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए हमारे काम का नतीजा है। 'आप' सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं सीएम भगवंत मान ने मंच से अपनी सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को जनता के सामने रखा: 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' पर बड़ा अपडेट महिलाओं के सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि… जो महिलाएं जुलाई महीने में किसी कारणवश पंजीकरण (Registration) नहीं करा सकीं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगस्त में उन्हें तीन महीने की राशि एक साथ दी जाएगी। जब तक हमारी सरकार है, यह योजना कभी बंद नहीं होगी। 'एक्स' (Twitter) पर साझा किया जनता के प्रति आभार जनसभा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल, महिलाओं को वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं अब पंजाब की वास्तविकता बन चुके हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।”

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 11:19 am

150 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत:30 मिनट तक सम्राट स्टूडेंट्स से मिले-प्रजेंटेशन देखे, शिक्षा मंत्री ने एक सवाल नहीं किया, टाइम देखते रहे

पटना के 150 सरकारी स्कूलों में आज से स्मार्ट क्लास की शुरुआत हुई है। पटना के राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय शास्त्री नगर के स्कूल से CM सम्राट चौधरी ने इसकी शुरुआत की। मुख्यमंत्री स्टूडेंट्स के साथ क्लास में बैठे और कोशिका-सेल के फंक्शन को समझा। इसके बाद क्लास में मौजूद स्टूडेंट्स ने विषय से जुड़े सवाल किए। शिक्षकों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री स्कूल के अलग-अलग क्लासरूम में पहुंचे। यहां स्टूडेंट्स ने मुख्यमंत्री को अपने प्रजेंटेशन के बारे में जानकारी दी। CM ने भी छात्रों से सवाल किए। मुख्यमंत्री करीब 7 से 8 क्लासरूम में गए। 30 मिनट तक वे छात्रों से मिले। इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी CM के साथ रहे, लेकिन उन्होंने किसी छात्र से ना कोई सवाल किया ना किसी का प्रजेंटेशन देखा। वो। वो क्लासरूम में अपनी घड़ी में टाइम देखते नजर आए। कक्षा 9 से 12 के छात्रों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी प्राइवेट स्कूलों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से छात्रों को लाइव ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए लाइव और इंटरैक्टिव क्लासेज आयोजित की जाएंगी। छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे ऑनलाइन जुड़कर पढ़ाई कर सकेंगे और अपनी स्ट्रीम का समाधान भी कर पाएंगे। इसके अलावा डिजिटल स्टडी मैटेरियल, नोट्स, रिकॉर्डेड लेक्चर और नियमित मॉक टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रों की पढ़ाई अधिक आसान और प्रभावी होगी। JEE, NEET और CUET की तैयारी भी स्कूल से होगी बिहार स्कूल लाइव क्लासेज के जरिए केवल बोर्ड परीक्षा ही नहीं, बल्कि JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम, अभ्यास प्रश्न और टेस्ट उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, मेडिकल और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने में सफल हों। गरीब और ग्रामीण छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। पटना के 10 मॉडल स्कूलों में JEE और NEET की पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग शुरू की जा रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार राज्य के 146 मॉडल स्कूलों तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक गरीब छात्रों को इसका लाभ मिल सके। पटना के 150 सरकारी स्कूलों से शुरूआत वहीं, बिहार स्कूल लाइव क्लासेज योजना का पहला चरण फिलहाल पटना के 150 सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य जुलाई के अंत तक इसे पटना के सभी 422 हाई स्कूलों तक पहुंचाना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की योजना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिलेगा। -------------- ये खबर भी पढ़िए… बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की शुरुआत:अपराधियों को सम्राट की चेतावनी- बिहार छोड़ना होगा; 5 साल में 1 करोड़ राशन कार्ड बनेंगे भागलपुर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की शुरुआत की। काशील गांव में मंच से CM ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ये आजादी के बाद सबसे बड़ा कदम है। इन डिग्री कॉलेजों की लगातार मॉनिटरिंग होगी। अगले 1 साल में नई जगह पर विक्रमशिला यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। भागलपुर में AI और कंप्यूटर साइंड के लिए एक और कॉलेज खोलेंगे। मुख्यमंत्री ने बिहार से बाहर रह रहे लोगों से लौटने की अपील की। CM ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप लोगों के लिए एक ही ऑप्शन है भागलपुर जेल या बिहार छोड़कर चले जाइए। पूरी खबर पढ़िए

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 10:43 am

दौसा पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर, जर्जर-भवन गिराने के निर्देश:भंडाना और पालावास स्कूल का निरीक्षण, ACS बोले- बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:35 pm

शिक्षा निदेशालय के आदेश का विरोध, सौंपा ज्ञापन:निजी स्कूल संचालक बोले- इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा, भय का बनेगा वातावरण

जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल ऐप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले बुधवार शाम को निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में इकट्ठे हुए और आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी वि‌द्यालयों का निरीक्षण,अवलोकन एवं विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस एवं प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग ‌द्वारा सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदण्डों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण एवं जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे वि‌द्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी वि‌द्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी वि‌द्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 9:21 pm

बक्सर में 4 नए डिग्री कॉलेज शुरू:डीएम बोलीं- ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी

बक्सर में बुधवार, 15 जुलाई को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दिन रहा। चक्की, चौगाई, केसठ और ब्रह्मपुर प्रखंडों में चार नए डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन कॉलेजों से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य स्तर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के कुल 211 नए डिग्री कॉलेजों में एक साथ शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में बक्सर जिले के इन चारों नए महाविद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू हुई। जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह केसठ प्रखंड की रघुनाथपुर पंचायत स्थित केएचके प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी साहिला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि इन नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत से जिले में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को होने वाले लाभ पर जोर दिया। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी भी बढ़ेगी। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये चारों नए डिग्री महाविद्यालय भविष्य में बक्सर जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव और विशेष कार्य पदाधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। जिले के चारों प्रखंडों में भी स्थानीय स्तर पर उत्साह के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:35 pm

निजी स्कूलों की होने वाली जांच रोकने की मांग:शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:22 pm

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों में नए महाविद्यालय खुले:आज से पढ़ाई शुरू, उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा, छात्रों को दूर नहीं जाना होगा

समस्तीपुर के पांच प्रखंडों खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विथान और विद्यापतिनगर में बुधवार को नए महाविद्यालयों का विधिवत शुभारंभ हो गया। बिहार सरकार की पहल पर स्थापित इन महाविद्यालयों में आज से नियमित पठन-पाठन भी प्रारंभ हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को अब अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन नवस्थापित महाविद्यालयों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर भी उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए। पांचों महाविद्यालयों में भी समारोहपूर्वक कार्यक्रम हुए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल विद्यापतिनगर स्थित नवस्थापित महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और उसके बाद फीता काटकर महाविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर महाविद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को भी अब कम खर्च में अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा, छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और जिले का शैक्षणिक वातावरण और अधिक मजबूत होगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी नए महाविद्यालयों के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन प्रखंडों में महाविद्यालय की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने से अब युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 7:35 pm

पूर्णिया में वित्तरहित शिक्षा नीति का विरोध:कांग्रेस सेवादल के बैनर तले सड़कों पर उतरे टीचर, बारिश में निकाला पैदल मार्च

पूर्णिया में वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म करने और वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतनमान व अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एक विशाल राज्यव्यापी महाआंदोलन का आयोजन किया गया। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सीमांचल क्षेत्र के हजारों शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और शिक्षा प्रेमियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी भारी बारिश के बीच भी डटे रहे। वे भीगते हुए प्रशासन के सामने पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सदर एसडीएम दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी सालों पुरानी पीड़ा और मांगों को साझा किया। उनकी मुख्य मांगें वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और शिक्षकों को नियमित वेतनमान सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करना है। सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा उठाया वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त कर शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाने की मांग की गई है । साथ ही शिक्षकों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा सेवा सुरक्षा, पेंशन और भविष्य निधि का लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की मांग भी इनके मांग पत्र में शामिल है । शिक्षकों के साथ अब और अन्याय नहीं : डॉ. संजय यादवकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि, वर्षों से उच्च शिक्षा की रीढ़ रहे इन शिक्षकों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांगें पूर्णतः न्यायसंगत हैं। हम सरकार को यह याद दिलाने आए हैं कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन शिक्षकों के त्याग पर टिकी है, जिन्हें आज तक उनका हक नहीं मिला।वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह लड़ाई केवल शिक्षकों के वेतन की नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा और लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को बचाने की है।लगातार हो रही भारी बारिश भी शिक्षकों के संकल्प को नहीं डिगा सकी। भारी बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी। धरना-प्रदर्शन के बाद, हजारों की संख्या में शिक्षक और कांग्रेस कार्यकर्ता जोश के साथ पैदल मार्च करते हुए पूर्णिया सदर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 6:39 pm

संभल में राज्यकर विभाग के नए कार्यालय का भूमि पूजन:16 बीघा भूमि में ₹13.70 करोड़ से बनेगा, शिक्षामंत्री गुलाब देवी पहुंची

संभल में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय एवं आवासीय परिसर का मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी मुख्य अतिथि रहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जनपद की तहसील संभल के गांव किसौली में एक हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि पर बनने वाले इस कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण पर 13.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी, मुरादाबाद को पहली किस्त के रूप में 3.45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर लल्लन प्रसाद यादव ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री गुलाब देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष और मेंथा उद्योगपति फूल प्रकाश ने शिलान्यास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह, जिला कोषाध्यक्ष अंकित जैन, मंडल अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कार्यालय निर्माण के लिए भूमि की पैमाइश कराई थी। ग्राम समाज से भूमि हस्तांतरित होने के बाद कार्यालय और आवासीय भवन का नक्शा तैयार किया गया। वर्तमान में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय संभल और चंदौसी से संचालित हो रहे हैं। संभल कार्यालय किराए के भवन में संचालित है। नया परिसर बनने के बाद चंदौसी कार्यालय को यहां स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि संभल कार्यालय यथावत रहेगा। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि यह जिला स्तरीय राज्य कर कार्यालय जनपद के केंद्र बिंदु पर बन रहा है, जिससे सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह परिसर विभागीय कार्यों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:29 pm

शेखपुरा में 4 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ:मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और अधिकारी रहे मौजूद;कहा-'मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा'

शेखपुरा जिले में छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बुधवार को चार प्रखंडों में राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का समारोहपूर्वक शिलान्यास और शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार के इस कदम से स्थानीय युवाओं को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्य कार्यक्रम शेखोंपुरसराय प्रखंड की बेलाव पंचायत में आयोजित किया गया। यहां बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने राजकीय डिग्री महाविद्यालय का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने और इसे हर घर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री चौधरी ने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय में पठन-पाठन का कार्य यथाशीघ्र शुरू करा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय बच्चों का भविष्य संवरेगा। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने मंत्री को अंगवस्त्र और 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के प्रतीक चिन्ह के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए महाविद्यालय परिसर में एक पौधा भी लगाया। बेलाव के साथ-साथ जिले के तीन अन्य प्रखंडों में भी इन उच्च शिक्षा केंद्रों की आधारशिला रखी गई। घाटकुसुभा प्रखंड स्थित बाऊघाट में विधान पार्षद ललन महतो और एसडीओ प्रियंका कुमारी की मौजूदगी में महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ। वहीं, अरियरी प्रखंड की ससवहना पंचायत में शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सोनी और डीडीसी राकेश कुमार ने राजकीय डिग्री महाविद्यालय का शिलान्यास किया। चेवाड़ा में एडीएम लखींद्र पासवान और डीटीओ बेबी कुमार की उपस्थिति में नगर पंचायत के चेयरमैन लट्टू यादव ने इसका शुभारंभ किया। जिले के विभिन्न चार प्रखंडों में आयोजित इन शुभारंभ समारोहों में कई प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 4:53 pm

खगड़िया के मानसी, बेलदौर और चौथम में डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, छात्रों को मिलेगी उच्च शिक्षा की सुविधा

खगड़िया जिले के मानसी, बेलदौर और चौथम प्रखंडों को मंगलवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधा मिली। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से तीनों नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया। इससे अब हजारों छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। मानसी प्रखंड के घरारी स्थित नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन समारोह में खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मानसी में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया था, जिसे विधानसभा में लगातार उठाने और सरकार से आग्रह के बाद पूरा किया जा सका है। विधायक मंडल ने जोर दिया कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए खगड़िया या अन्य शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। बबलू मंडल ने अपनी प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करने की बात कही। कार्यक्रम के बाद विधायक ने मानसी में महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी विक्रम विरकर, उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, प्रखंड एवं अंचल प्रशासन के अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भगत, जदयू प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजनीति प्रसाद, भाजपा नेता जितेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में बेलदौर और चौथम प्रखंडों में भी राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ। बेलदौर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक पन्नालाल सिंह पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने इन कॉलेजों को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू होने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में खगड़िया को नई पहचान मिलेगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 4:04 pm

पूर्वी चंपारण को मिले 15 नए डिग्री कॉलेज:मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया उद्घाटन, उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने आज बिहार में 211 डिग्री कॉलेजों का एक साथ उद्घाटन किया। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले के 15 प्रखंडों में भी डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ हुआ है। इससे जिले में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। पूर्वी चंपारण में तुरकौलिया प्रखंड के जयसिंहपुर में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक कृष्णनंदन पासवान तथा जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सामूहिक उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कॉलेजों का सामूहिक उद्घाटन किया, जबकि स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। वक्ताओं ने इसे ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा कि 15 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा-DM जिला पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि इस पहल से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन कॉलेजों से स्थानीय युवाओं को अच्छी शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल पूर्वी चंपारण और पूरे बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:58 pm

शिक्षा संबलन योजना: निजी स्कूलों ने जांच का विरोध किया:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आदेश वापसी, RTE भुगतान की मांग

हनुमानगढ़ में शिक्षा संबलन योजना के तहत निजी स्कूलों की प्रस्तावित विशेष जांच के विरोध में बुधवार को जिले के अधिकांश निजी स्कूल बंद रहे। एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विशेष जांच के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए इसे स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बताया, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई। विशेष जांच पर जताई आपत्ति एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 3 जुलाई 2026 को राजएप के माध्यम से निजी शिक्षण संस्थानों की विशेष जांच के निर्देश जारी किए थे। संगठन का कहना है कि निजी स्कूल पहले से ही विभिन्न विभागीय नियमों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में बार-बार निरीक्षण और अतिरिक्त जांच से शिक्षण कार्य की बजाय समय कागजी औपचारिकताओं में अधिक खर्च होगा। आरटीई सत्यापन का दिया हवाला पदाधिकारियों ने कहा कि आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों का प्रतिवर्ष भौतिक सत्यापन पहले से किया जाता है। ऐसे में अलग से विशेष जांच की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को अनावश्यक प्रशासनिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। प्री-प्राइमरी भुगतान का मुद्दा भी उठाया एसोसिएशन ने ज्ञापन में आरटीई के अंतर्गत संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार इन कक्षाओं का भुगतान नियमित रूप से जारी रखा जाए, ताकि निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव न बढ़े और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलती रहें। सरकार से पुनर्विचार की मांग संगठन ने राज्य सरकार से शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच संबंधी आदेश पर पुनर्विचार कर उसे तत्काल वापस लेने का आग्रह किया। पदाधिकारियों ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए सरकार को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूलों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। ये रहे मौजूद इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल जूनेजा, जिला अध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा, जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक, अशोक सुथार, संगठन मंत्री राजेश मिढ्ढा सहित जिले की विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:46 pm

नालंदा में उच्च शिक्षा के नए अध्याय का शुभारंभ:आज से 9 राजकीय डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई; शिक्षकों की कमी बनी चुनौती

नालंदा के छात्रों के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में नवनिर्मित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आज से विधिवत शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ हो गया है। भागलपुर से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन कॉलेजों का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर जिले के सभी नौ डिग्री कॉलेजों में उद्घाटन समारोह का लाइव प्रसारण किया गया, जिससे ग्रामीण अंचल के छात्र भी इस महत्वपूर्ण क्षण के साक्षी बनें। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का सपना साकार लंबे समय से इन नौ प्रखंडों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय बिहारशरीफ या अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे। अब इन प्रखंडों—रहूई, नूरसराय, नगरनौसा, बिंद, कतरीसराय, थरथरी, करायपरसुराय, परवलपुर और सरमेरा—में राजकीय डिग्री कॉलेजों के खुलने से हजारों छात्रों को अपने घर के नजदीक ही स्नातक स्तर की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। पहले चरण में इन कॉलेजों में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना नामांकन भी करा लिया है, जो स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों के उत्साह को दर्शाता है। कॉलेजों में पढ़ाई को सुचारू बनाने के लिए बेंच-डेस्क और जरूरी फर्नीचर की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। मात्र तीन स्टाफ के भरोसे शुरू हुई व्यवस्था हालांकि, इन कॉलेजों की शुरुआत एक बड़े प्रशासनिक संकट के साथ हुई है। फिलहाल हर कॉलेज को चलाने के लिए मात्र एक हेड मास्टर, एक शिक्षक और एक क्लर्क की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह स्थिति तब है जब इन कॉलेजों में छह विषयों की पढ़ाई होनी है। इतने सीमित स्टाफ के साथ सभी विषयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं संचालित करना शिक्षा विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो रही है। जानिए कहां कौन प्रतिनिधि रहे मौजूद… नूरसराय और थरथरी डिग्री कॉलेज में सांसद कौशलेंद्र कुमार,नगरनौसा कॉलेज में विधायक हरिनारायण सिंह, रहुई कॉलेज में डॉक्टर सुनील कुमार और कतरीसराय, बिंद और सरमेरा राजकीय डिग्री कॉलेज में विधायक डॉक्टर जितेंद्र कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। नगरनौसा डिग्री कॉलेज में विधायक हरिनारायण रहे मौजूद राजकीय डिग्री महाविद्यालय नगरनौसा जो शुरू से हैं काफी विवादों में रहा आज उसका भी लोदीपुर में शुभारंभ हो गया। इस मौके पर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मनोज कुमार, हरनौत विधायक हरिनारायण सिंह, राजकीय डिग्री महाविद्यालय के प्रचार्य डॉक्टर संजय कुमार समेत कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक गण मौजूद रहे। हरनौत विधायक हरि नारायण सिंह ने बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज के उद्घाटन को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल अस्थाई व्यवस्था के तहत कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिन्हें भविष्य में भूमि उपलब्ध होने पर स्थायी भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षकों की कमी पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया तय कर ली है, और अगस्त महीने तक सभी नए कॉलेजों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 3:21 pm