बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदोन्नति और मनमानी पदस्थापना का बड़ा खेल उजागर
बिलासपुर डीईओ कार्यालय में पदोन्नति और पदस्थापना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जेडी जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआई ने सहायक ग्रेड-3 लिपिक सुनील कुमार यादव के खिलाफ सात गंभीर आरोपों में 15 दिन के भीतर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
सहरसा के कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने और भोजन करने के बाद 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर रविवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, विद्यालय में भोजन बनाने वाले तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करें- मंत्री शिक्षा मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहरसा के जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात की। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच कर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए जिलाधिकारी को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच के आधार पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। 144 स्कूलों को भेजा गया था भोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी। इस आपूर्ति से संबंधित सभी 144 विद्यालयों के विपत्र की राशि में कटौती की गई है। मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी कार्रवाई मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच में आपूर्ति, भोजन की गुणवत्ता, निगरानी या फॉलो-अप में किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रसोई से लेकर आपूर्ति तक होगी निगरानी मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता और पूरी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सख्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को भी पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने को कहा है। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए विभागीय निगरानी जारी रहेगी।
विशेष टीईटी में शामिल नहीं किए जाने से प्रदेशभर के शिक्षामित्रों में नाराजगी है। रविवार को प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक हुई। इसमें प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया। बैठक में शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठाई गई। साथ ही टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में छूट देने और नियमित करने की मांग की गई। अनुभव को चयन प्रक्रिया में महत्व देने की मांग प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था संभाली है। इतने लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की स्थिति को समझे और उन्हें विशेष टीईटी में शामिल करे। टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में उचित छूट दी जाए। साथ ही नियमितीकरण पर भी सरकार को जल्द कोई ठोस फैसला लेना चाहिए। शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो संगठन उसका स्वागत करेगा। मांगों की अनदेखी होने पर शिक्षामित्र कोर्ट जाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाई जाएगी। विशेष टीईटी और नियमितीकरण सबसे बड़ा मुद्दा प्रदेश उपाध्यक्ष और वाराणसी जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि संगठन के संघर्षों से मानदेय बढ़ाने और चिकित्सा सुविधा जैसे मामलों में सफलता मिली है। अब विशेष टीईटी और नियमितीकरण शिक्षामित्रों के भविष्य से जुड़े सबसे अहम मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को टीईटी पास शिक्षामित्रों की योग्यता के साथ उनके लंबे अनुभव को भी महत्व देना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रयागराज जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी से अलग रखना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन पर नई व्यवस्था थोपना ठीक नहीं है। उन्होंने शासनादेश में तत्काल बदलाव करने, टीईटी पास शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी में अनुभव के आधार पर छूट देने और नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने कहा- यह भविष्य और सम्मान का सवाल कौशांबी जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि जब विशेष टीईटी में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों और स्पेशल एजुकेटर को मौका दिया जा रहा है, तो वर्षों से स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को केवल एक श्रेणी के रूप में नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक अनुभव और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों की मांग केवल एक परीक्षा में शामिल किए जाने तक सीमित नहीं है। यह उनके भविष्य, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जनार्दन तिवारी और विनय पटेल समेत कई शिक्षामित्रों ने विचार रखे और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग का समर्थन किया। चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर किया नमन बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर संतोष बाबू पाल, घनश्याम दत्त मिश्रा, जगदीश केसरी, प्रताप बहादुर सिंह, अमर बहादुर सिंह, वंदना श्रीवास्तव, नीलम गौतम, आयशा खान, अनामिका पांडेय, अनवर जहां, रीता शुक्ला, दशरथ भारती, सुमंत भार्गव, कमलेश यादव, आशीष जायसवाल, राकेश शुक्ला और कौशांबी से जितेंद्र कुमार, तिवारी, नितेंद्र मिश्रा, विजय बहादुर सरोज, तलत, प्रहलाद, बीरेंद्र कुमार समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।
लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय प्रजापति महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी की मासिक बैठक रविवार, 13 सितंबर को गोमती पल्ली, लखनऊ स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रीता प्रजापति ने की। बैठक में प्रजापति समाज के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उत्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समाज के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके साथ ही सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक विकास के लिए ठोस प्रयास करने पर चर्चा हुई। बैठक में पंचायत एवं विधानसभा चुनावों में समाज की भागीदारी बढ़ाने तथा राजनीतिक क्षेत्र में प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। पदाधिकारियों ने प्रदेश में महासभा के संगठन को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई। बैठक में कुलराम प्रजापति, बजरंग प्रजापति, सोमेश प्रजापति, जमाराम प्रजापति, कन्हैया प्रजापति, तल्ले राम प्रजापति, हरिश्चंद्र प्रजापति, नवलागढ़, विनोद प्रजापति, जीतेंद्र प्रजापति, अनमोल प्रजापति समेत अन्य पदाधिकारियों ने अपने सुझाव रखे। बैठक के अंत में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
माधोराजपुरा के गोपाल नगर स्थित घोसल्या की ढाणी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय माहौल में समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पं. रामस्वरूप शर्मा ‘लावा वाले’ ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन की कथा का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा पंडाल ‘राधे-राधे’ तथा ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक पं. रामस्वरूप शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक मार्ग भी है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती हमें सच्चे प्रेम, त्याग और नि:स्वार्थ भाव की सीख देती है। पं. शर्मा ने दत्तात्रेय महाराज के 24 गुरुओं से मिली शिक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये शिक्षाएं सिखाती हैं कि मनुष्य प्रकृति और अपने आसपास की हर चीज से कुछ न कुछ सीख सकता है। पूर्व सरपंच कालूराम घोसल्या ने कहा कि सात दिनों तक घोसल्या की ढाणी में कथा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कथा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। उन्होंने सुख-समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। इस कथा में पूर्व सरपंच कालूराम घोसल्या के साथ रामकरण, डालूराम, जगदीश, लालाराम, घासीराम, नारायणलाल, श्योचंद, रामगोपाल, श्रवणलाल, हनुमान, रामलाल, सीताराम, जयपाल, रामेश्वर, कैलाश, प्रभात, हरिओम, राजेश, गिर्राज, बाबूलाल और मुकेश सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखा। पूरा आयोजन भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।
चौमूं में रविवार को SET परीक्षा तय समय पर शुरू नहीं होने से परीक्षार्थियों में काफी गुस्सा दिखा। रेनवाल रोड पर बने एक परीक्षा केंद्र पर तय समय के बाद भी करीब 11:15 बजे तक प्रश्न पत्र नहीं पहुंचा, जिससे परीक्षार्थियों को गुस्सा आ गया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा समय पर शुरू नहीं होने से पूरी प्रक्रिया पर कई सवाल उठ गए हैं। मौके पर पेपर आउट होने की आशंका को लेकर भी बातें होने लगीं। हालांकि, इस बारे में अभी कोई सरकारी जानकारी सामने नहीं आई है।परीक्षार्थियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूरे मामले पर तुरंत ध्यान देने और सही जांच कराने की मांग की है। नाराज छात्रों ने वहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। पुलिस ने समझाइश कर शांत कराया मामलापरीक्षा केंद्र पर हंगामे की खबर मिलते ही चौमूं एसीपी कृष्णराज जांगिड़ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने हालात को संभाला और नाराज परीक्षार्थियों को समझाने की कोशिश की।प्रश्न पत्र समय पर परीक्षा केंद्र तक क्यों नहीं पहुंचा और परीक्षा में देरी की असली वजह क्या थी, इसे लेकर अब परीक्षार्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। पूरे मामले में सरकारी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के जवाब का इंतजार है। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रिसालू रोड पहुंचकर नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य शहर के हर कोने और वार्ड में विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। पीएम मोदी ने देश के लिए समर्पित किया जीवन का हर क्षण उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में लगा दिया है। आज देश के हर वर्ग और बच्चे-बच्चे की जुबान पर उनके जनकल्याणकारी कार्यों की चर्चा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पीएम मोदी ने विकास का जो अभूतपूर्व मॉडल स्थापित किया, उसी पर विश्वास जताते हुए देश की जनता ने उन्हें बागडोर सौंपी। आज भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से शामिल हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कर रही हैं। कार्यक्रम में मनाया गया युवा नेता का जन्मदिन, स्थानीय लोगों में खुशी विकास कार्यों की सौगात मिलने पर रिसालू रोड के स्थानीय निवासियों ने शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया और खुशी जताई। कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय युवा नेता का जन्मदिन भी मनाया गया। इस अवसर पर नगर निगम की मेयर कोमल सैनी, क्षेत्रीय वार्ड पार्षद बिट्टू प्रजापत, बीजेपी के स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में इलाके के लोग मौजूद रहे।
कौन हैं यश डबास? DUSU चुनाव से पहले मार्कशीट पर मचा बवाल
DUSU चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. लेकिन इससे पहले AVBP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास की मार्कशीट पर विवाद होता नजर आ रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मार्कशीट के ABVP ने साजिश बताई है.
बेगूसराय सदर के अझौर पंचायत में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की नीमा चांदपुरा इकाई ने एक कार्यक्रम किया। इसमें दर्जनों जरूरतमंद बच्चों को कलम, कॉपी और किताब समेत पढ़ाई का सामान बांटा गया। सामान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने एबीवीपी के इस काम की तारीफ की। कार्यकर्ताओं ने बच्चों को नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करने को कहा। कार्यक्रम में इकाई मंत्री शशि राज भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक कामों में भी सक्रिय रहती है। परिषद का मकसद समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। इसी मकसद से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई का सामान बांटा गया है। ताकि आर्थिक दिक्कत के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई पर असर न पड़े। शशि राज ने बताया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। कई बार गरीब परिवारों के बच्चे जरूरी सामान न होने से पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऐसे बच्चों की मदद करना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिषद के मूल मंत्र 'ज्ञान, शील और एकता' का जिक्र किया। कहा कि संगठन इसी सोच के साथ समाज के हित में काम कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बढ़ावा देने और उनमें रुचि बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी किए जाएंगे।मौके पर रवि कुमार ने कहा कि परिषद का प्रयास केवल पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकते हैं। इस दिशा में संगठन की ओर से लगातार प्रयास जारी रहेगा।कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ मौजूद शिक्षकों और ग्रामीणों ने भी एबीवीपी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के बीच शिक्षा सामग्री का वितरण एक सराहनीय कदम है। इससे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनमें आगे बढ़ने की भावना मजबूत होगी। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई।मौके पर परिषद के कार्यकर्ता पिंटू कुमार, चीकू कुमार, रूपेश कुमार, दिव्यांशु कुमार, आदर्श कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया और शिक्षा के महत्व को समझाते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था, निजी शिक्षण संस्थानों, NEET पेपर लीक और RSS की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से रोजगार की कड़ी कमजोर हो रही है, ऐसे में इस मुद्दे पर देश में व्यापक चर्चा जरूरी है। पटवारी ने कहा कि निजी स्कूल और निजी कॉलेज भी देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अफोर्डेबल एजुकेशन की बात हो या शिक्षा नीति में बदलाव की, सभी पक्षों को साथ लेकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को छात्रों के बीच ले जा रहे हैं और इससे एक राजनीतिक मोमेंटम जरूर बना है। '10 लाख नहीं, 10 करोड़ भी मांगते तो देने को तैयार’ राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए स्थान को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपए की जगह 10 करोड़ रुपए भी मांगे जाते, तब भी हम देने को तैयार थे। मुद्दा पैसा नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने लाना है। RSS की भूमिका पर पटवारी ने उठाए सवाल पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े आंदोलनों और घटनाओं में RSS के लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां इस तरह की घटनाएं होती हैं, वहां यदि किसी संगठन के लोगों की भूमिका या मौजूदगी को लेकर सवाल उठते हैं तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। अगर इस तरह की स्थिति बनेगी तो व्यवस्था ठीक कैसे चलेगी, इस पर भी देश को विचार करना चाहिए। NEET और रोजगार को लेकर सरकार को घेरा पटवारी ने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों को रोजगार मिल रहा है या नहीं। NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों ने छात्रों और अभिभावकों के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व्यवस्था को पूरी तरह ठीक नहीं कर पा रही है तो उसे इस मुद्दे पर पहल करते हुए देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि देश को जाति, धर्म और ‘तेरा-मेरा’ की राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर शिक्षा नीति, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के सवालों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
10वीं, ITI और डिप्लोमा धारकों के लिए ISRO में नौकरी का मौका, 15 सितंबर से आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतर्गत नोदन कॉम्प्लेक्स में टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन...
मथुरा में 13 सितंबर को विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के संयुक्त तत्वावधान में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा व BHU वाराणसी के सहयोग से देशभर के विद्या भारती विद्यालयों में अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत विद्यालय दर्शन योजना चलाई जा रही है। इसी क्रम में मथुरा के कृष्णचन्द्र गांधी सरस्वती शिशु वाटिका, शिशु मंदिर चामुंडा मार्ग व विद्या मंदिर इंटर कॉलेज माधव कुंज में 06 से 10 सितंबर तक पंचदिवसीय विद्यालय दर्शन कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रधानाचार्य विनय कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से विद्वानों ने विद्यालय की शैक्षिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं, पंचपदीय अधिगम पद्धति, पंचकोशात्मक विकास व केंद्रीय आधारभूत विषयों का अवलोकन किया। इनमें सरदार भगत सिंह PG कॉलेज रुद्रपुर से श्रृंखला जोशी, VPS कॉलेज सोनीपत से वंदना, इंटरनल यूनिवर्सिटी हिमाचल से हर्षित अग्रवाल व बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ से प्रद्युम्न गौर शामिल रहे। समन्वयक डॉ. प्रहलाद सिंह रहे। 07 सितंबर को शिशु वाटिका में अतिथियों का तिलक से स्वागत, अग्निहोत्र, सरस्वती वंदना व बारह शैक्षिक व्यवस्थाओं व मातृ हस्तेन भोजनम् कार्यक्रम का अवलोकन हुआ। 08 सितंबर को शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य राजीव शर्मा के नेतृत्व में कक्षा 3 से 5 की वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान मॉडल व अभिनव प्रयोग देखे गए। 09 सितंबर को विद्या मंदिर में योग, संस्कृत, संगीत, शारीरिक व नैतिक विषयों के सत्र, छात्र-छात्राओं के योग-शारीरिक व सांस्कृतिक प्रदर्शन की सराहना की गई। कक्षा 6 से 8 में पंचपदीय पद्धति व LM प्रयोग देखे गए व प्रबंध समिति से चर्चा हुई। 10 सितंबर को कक्षा 9 से 12, कंप्यूटर व विज्ञान लैब, शिशु मंदिर योजना के जनक स्व. कृष्णचन्द्र गांधी जी की डायरी व व्यक्तिगत वस्तुओं का अवलोकन किया गया। छात्र संसद की कार्यप्रणाली भी समझी। कार्यक्रम के संयोजक उप प्रधानाचार्य राजीव पाठक, विनय कुमार, उमेश शर्मा, लोकेश अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, वाटिका प्रभारी रुचिरा वर्मा व चंद्रपाल सिंह रहे।
हिंदी पढ़ने वाले छात्रों के लिए करियर के कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। हिंदी में पढ़ाई करने के बाद छात्र अनुवाद, अध्यापन और पत्रकारिता के साथ-साथ कंटेंट राइटिंग, मीडिया, सरकारी नौकरी और प्रकाशन जैसे क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं।
मंडी: आर्थिक तंगी के बीच बच्चों के सपनों को पंख दे रही सुख शिक्षा योजना
मंडी: आर्थिक तंगी के बीच बच्चों के सपनों को पंख दे रही सुख शिक्षा योजना
झारखंड होमगार्ड के 772 पदों पर नई भर्ती निकली है। खास बात यह है कि इस भर्ती में 7वीं पास उम्मीदवार भी हिस्सा ले सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों का चयन शारीरिक दक्षता परीक्षा, हिंदी लेखन क्षमता परीक्षा और तकनीकी दक्षता परीक्षा के आधार पर होगा।
कैंडिडेट्स के लिए निकली 17 हजार पदों पर भर्ती, लाखों में मिलेगी सैलरी
क्या आप भी सरकारी नौकरी के लिए लंबे समय से आवेदन कर रहे हैं? लेकिन किसी न किसी वजह से चयन नहीं हो पा रहा है, तो हार मानने की जरूरत नहीं है. इस हफ्ते देश के अलग-अलग विभागों में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ऐसे में अगर आप भी इस पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, तो पहले पदों की डिटेल को सही तरह से पढ़ लें.
लखनऊ में आज यानी 13 सितंबर को पारस महा संघ की ओर से आत्म सम्मान रैली निकाली जाएगी। रैली में समान शिक्षा, नशामुक्त समाज, अपराधमुक्त माहौल और रोजगार से जुड़ी शिक्षा जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। इसमें संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की अपील की गई है। आत्म सम्मान रैली सुबह 10 बजे राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल से शुरू होगी। आयोजकों की ओर से लोगों से सुबह समय पर पहुंचकर रैली में शामिल होने की अपील की गई है। रैली के जरिए सामाजिक और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। 2 तस्वीरें देखिए… कौशल किशोर होंगे मुख्य अतिथि रैली में पारस महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा मलिहाबाद की विधायक जयदेवी कौशल, मोहनलालगंज विधायक राजेश्वर सिंह समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी रैली में शामिल होंगे। संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों से भी शामिल होने की अपील आयोजकों ने सभी संविदा कर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से भी रैली में पहुंचने की अपील की है। रैली में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज रखने की बात कही गई है। लखनऊ समेत 5 विधानसभा सीटों में कौशल किशोर का प्रभाव कौशल किशोर का मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और सिधौली तक राजनीतिक पकड़; पत्नी जयदेवी कौशल मलिहाबाद से विधायक हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 13 सितंबर की ‘आत्म सम्मान रैली’ कौशल किशोर के लिए सिर्फ सामाजिक मुद्दों का मंच नहीं, बल्कि 2027 से पहले अपनी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार को परखने का मौका भी है। 2024 लोकसभा चुनाव में मोहनलालगंज सीट हारने के बाद यह रैली उनके लिए समर्थकों को फिर से लामबंद करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि अगर रैली में संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, युवाओं और सामाजिक वर्गों की बड़ी भागीदारी होती है, तो कौशल किशोर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता का संदेश दे सकते हैं। हालांकि रैली की भीड़ को सीधे चुनावी वोट में बदलना अलग चुनौती होगी।
कर्नल बैंसला की जयंती पर बालिका शिक्षा पर दिया जोर
युसुफपुरा (चराई) स्थित देवनारायण राजकीय बालिका आवासीय स्कूल में शनिवार को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की जयंती मनाई गई। जिसमें वक्ताओं ने बैंसला के संघर्ष और समाजहित के कार्यों को याद करते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय सवाई माधोपुर के प्राचार्य डॉ. विजय सिंह मावई ने कहा कि बैंसला की हिम्मत, मेहनत और नीयत से प्रेरणा लेकर समाजहित में काम करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। भूमि विकास बैंक सवाई माधोपुर के पूर्व चेयरमैन कमल सिंह मीणा ने बैंसला के योगदान को याद किया। खिरनी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन रूपसिंह ढोई ने उन्हें एमबीसी समाज का पुरोधा बताया। कमलेश हरिपुरा ने बैंसला से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कस्तूरचंद देवपुरा ने उन्हें 21वीं सदी का महानायक बताया। व्याख्याता धारासिंह गुर्जर ने बालिकाओं से संस्कारयुक्त शिक्षा लेकर आगे बढ़ने की अपील की। लक्ष्मीनारायण गुर्जर ने बालिका शिक्षा से जुड़े बैंसला के संदेश बताए, जबकि अध्यापक प्रेमलाल फागना ने सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर जोर दिया। देवनारायण आवासीय स्कूल में कर्नल बैंसला के जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों व भामाशाहों ने स्कूल विकास के लिए कुल 51,600 रुपए की राशि दी। डॉ. विजय सिंह मावई, कमल सिंह मीणा और रूपसिंह ढोई, कमलेश हरिपुरा व कस्तूरचंद देवपुरा, कमलेश लहन, धारासिंह गुर्जर, लक्ष्मीनारायण गुर्जर, सत्यनारायण गुर्जर और प्रेमलाल फागना ने सहयोग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य घासीलाल गुर्जर ने की।
पटना हाईकोर्ट के आदेश का समय पर अनुपालन नहीं करने के मामले में नालंदा जिला शिक्षा कार्यालय की लापरवाही सामने आई है। मामले में तत्कालीन प्रभारी लिपिक फणि मोहन को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। फणि मोहन वर्तमान में पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित हैं। मामला यतीश उपाध्याय समेत 10 शिक्षकों और कर्मियों की याचिका से जुड़ा है, जिस पर हाईकोर्ट ने 13 नवंबर 2024 को आदेश दिया था। आदेश का पालन नहीं हुआ तो दाखिल हुआ अवमाननावाद हाईकोर्ट के निर्धारित समय में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में अवमाननावाद दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को नालंदा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को 19 अगस्त को सशरीर अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। निर्धारित तारीख पर अधिकारी के पेश होने के बाद कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए अंतिम रूप से दो सप्ताह का समय दिया। साथ ही कहा कि आदेश का क्रियान्वयन नहीं होने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। कोर्ट की सख्ती के बाद मांगी गई संचिका की जानकारी हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नालंदा के स्थापना डीपीओ प्रभात कुमार ने 5 सितंबर को पटना प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को पत्र भेजा। इसमें पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया गया कि संबंधित संचिका का हस्तांतरण तत्कालीन प्रभारी लिपिक फणि मोहन ने नए कर्मी को नहीं किया था। पत्र के अनुसार, फणि मोहन से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने संबंधित संचिका का मेंटेनेंस नहीं किए जाने की बात स्वीकार की। वरीय अधिकारियों को भी समय पर नहीं दी गई जानकारी स्थापना डीपीओ की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले की गंभीरता से वरीय पदाधिकारियों को समय रहते अवगत नहीं कराया गया। संचिका का संधारण और हस्तांतरण नहीं किए जाने को कर्तव्य में लापरवाही और हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बाधा के रूप में देखा गया है। इसी आधार पर स्थापना डीपीओ प्रभात कुमार ने फणि मोहन के खिलाफ आवश्यक अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा उच्चाधिकारियों से की है।
Mohali News: पेंशनरों ने किया शिक्षा मंत्री के घेराव का फैसला, सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए
Pensioners decide to gherao the Education Minister; accuse the government of neglect
Baghpat News: बजट का ग्रहण हटते ही खुले शिक्षा के मंदिर के कपाट
school news
Basti News: अभिभावकों से लिया जा रहा शिक्षा गुणवत्ता का फीडबैक
Feedback on the quality of education is being collected from parents.
बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 98 प्रतिशत नामांकन, तकनीकी शिक्षा को नई रफ्तार : शीला कुमारी
नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला
अजमेर। आदर्श नगर स्थित नंदिनी शिक्षा निकेतन स्कूल में छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला आयोजित की गई। विविधा-कला एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अजमेर कथक कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं ने कथक की विभिन्न बारीकियों को समझा […] The post नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों (Fake Documents) के सहारे नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक का सबसे कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शासन और विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों ने फर्जी शैक्षिक योग्यता, जाली टीईटी (TET) प्रमाण पत्र या अनामिका शुक्ला जैसे बहुचर्चित मामलों की तर्ज पर किसी अन्य के अभिलेखों पर नौकरी हासिल की थी, उन्हें न केवल तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जा रहा है, बल्कि सेवा अवधि के दौरान ली गई पूरी तनख्वाह (Salary Recovery) ब्याज सहित वापस वसूलने का आदेश जारी कर दिया गया है। 10 से 15 साल से अधिक समय तक सेवा दे चुके फर्जी शिक्षकों की भी अब कोई दलील काम नहीं आ रही है।15 साल की नौकरी भी नहीं आई काम: बेसिक शिक्षा विभाग का दो टूक आदेशविभागीय जांच और विजिलेंस पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों (जैसे गोंडा, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, प्रयागराज, अलीगढ़ आदि) में कई शिक्षक पिछले 10 से 15 वर्षों से फर्जी डिग्रियों के सहारे आराम से पढ़ा रहे थे और पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक तक बन चुके थे। जब मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन और विश्वविद्यालयों (जैसे डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय) से रिकॉर्ड का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया गया, तो इन डिग्रियों की पोल खुल गई। कई शिक्षकों ने यह तर्क देकर राहत पाने की कोशिश की कि वे लंबे समय से सेवा में हैं और उन्होंने नियमित रूप से अध्यापन कार्य किया है, लेकिन उच्च न्यायालय और बेसिक शिक्षा परिषद के स्पष्ट आदेशों के तहत फर्जीवाड़े के आधार पर की गई किसी भी नियुक्ति को 'शून्य' (Void-ab-initio) माना गया है।पूरी सैलरी की होगी रिकवरी: पाई-पाई वसूलेगा विभागजारी आदेश के मुताबिक फर्जी पाए गए शिक्षकों से रिकवरी की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रूपरेखा तय की गई है:वेतन और भत्तों की पूरी वसूली: शिक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर बर्खास्तगी के दिन तक सरकार के खजाने से जितना भी वेतन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और बोनस दिया गया है, उन सभी की वसूली की जाएगी।भू-राजस्व बकाए (Land Revenue) की तरह वसूली: यदि बर्खास्त शिक्षक स्वेच्छा से सरकारी धन वापस जमा नहीं करते हैं, तो जिला प्रशासन (जिलाधिकारी कार्यालय) के माध्यम से 'राजस्व वसूली प्रमाण पत्र' (R.C.) जारी किया जाएगा। इसके तहत आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क करके रकम वसूली जाएगी।पीएफ और ग्रेच्युटी के लाभ भी समाप्त: फर्जी पाए जाने पर प्रोविडेंट फंड (PF) पर सरकारी अंशदान और ग्रेच्युटी समेत किसी भी प्रकार के पेंशनरी लाभ का कोई अधिकार नहीं रहेगा।सेवा समाप्ति के साथ आपराधिक मुकदमे (FIR) के निर्देशबेसिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक और सचिव द्वारा सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित किया गया है कि वे केवल सेवा समाप्ति तक सीमित न रहें। फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं—जैसे धोखाधड़ी (Cheating), जाली दस्तावेज तैयार करना (Forgery) और सरकारी धन का गबन—के तहत संबंधित थानों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएं। इसके साथ ही, इस पूरे सिंडिकेट में शामिल दलालों और फर्जी अंकतालिकाएं जारी करने वाले गिरोहों की जड़ों तक पहुंचने के लिए एसटीएफ (STF) को भी जांच से जोड़ा जा रहा है।डिजिटल वेरिफिकेशन से बेनकाब हो रहा फर्जीवाड़ाविभाग में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किए गए डिजिटल सिस्टम ने फर्जी शिक्षकों की पहचान को आसान बना दिया है:मानव संपदा पोर्टल पर पैन और आधार सीडिंग: शिक्षकों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और सर्विस बुक के डेटा का जब केंद्रीय स्तर पर मिलान हुआ, तो एक ही नाम, रोल नंबर या पैन पर कई-कई जिलों में नौकरी करने के चौंकाने वाले मामले पकड़े गए।यूनिवर्सिटी डेटाबेस से ऑटो-वेरिफिकेशन: राज्य विश्वविद्यालयों के डिजिटल अभिलेखों से सीधे 10वीं, 12वीं, स्नातक और बीएड/बीटीसी प्रमाण पत्रों का मिलान कराया गया, जिससे हाथ से बनी या प्रिंट की गई जाली मार्कशीट का भेद तुरंत खुल गया।शिक्षा व्यवस्था में शुचिता की ओर बड़ा कदमसरकार के इस कड़े कदम से उन लाखों योग्य और वास्तविक अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है जो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं लेकिन फर्जीवाड़े के कारण वंचित रह जाते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का यह स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा के मंदिर में धोखेबाजी के जरिए प्रवेश करने वालों को चाहे जितने वर्ष बीत चुके हों, कानून के शिकंजे और सरकारी वसूली से बच पाना अब पूरी तरह नामुमकिन है।
'शिक्षा सिर्फ रोजी-रोटी कमाने के लिए नहीं...', बोले मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने जीवन में केवल सफलता पाने से अधिक महत्वपूर्ण सार्थक इंसान बनने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज समाज को ऐसे लोगों की जरूरत है जो अपने व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज और धर्म की विजय के लिए काम करें.
समाज सुधार, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के महान प्रेरणास्रोत स्वामी ब्रह्मानंद जी
(42वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर 2026 पर विशेष) स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। उन्होंने समाज सुधार के लिए काफी कार्य किए। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं को समर्पित कर कई आंदोलनों में जेल काटी। आजादी के बाद देश की राजनीति में भी उनका भावी योगदान रहा है। स्वामी जी ने शिक्षा के ... Read more
शिक्षा में AI के सुरक्षित उपयोग पर BRICS देशों में बनी सहमति
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती हुई तकनीकों के मानव-केंद्रित इस्तेमाल पर शनिवार को सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने ‘ब्रिक्स यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली’ को विकसित करने की दिशा में आगे की संभावनाओं पर भी चर्चा की। नेताओं ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सहित मौजूदा ब्रिक्स शिक्षा तंत्रों के माध्यम से सहयोग जारी रखने के लिए अपना समर्थन दिया। एक घोषणा-पत्र में, नेताओं ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांतों’ को प्रसारित करने की भारत की पहल की सराहना की, और ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय को एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) के रूप में पारंपरिक, स्वदेशी और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। घोषणा-पत्र में कहा गया, ‘‘हम भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत करते हैं और सतत विकास, समावेशी विकास तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख कारक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।’’नेताओं ने सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने, प्रारंभिक बाल देखरेख और शिक्षा (ईसीसीई) तथा बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (एफएलएन) में सहयोग, योग्यताओं की परस्पर मान्यता, अकादमिक एवं पेशेवर गतिशीलता, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, नैतिक व मानव-केंद्रित उपयोग और मजबूत संस्थागत साझेदारियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसमें कहा गया, ‘‘हम ब्रिक्स रेक्टर फोरम के निरंतर आयोजन और ब्रिक्स शिक्षा ओलंपियाड पर चर्चा जारी रखने के साथ-साथ ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली के विकास के लिए आगे की संभावनाओं की तलाश को प्रोत्साहित करते हैं।
लखनऊ। दिनांक 12.09.2026, आज गाँधी भवन सभागार, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने उ०प्र० प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेशीय सम्मेलन एवं शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, संस्कार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने में प्रधानाचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्य विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था के केंद्र में होते हैं और उनके नेतृत्व में विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभक्ति एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित एवं रोजगारपरक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और उसे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।श्री मौर्य जी ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, तकनीकी संसाधनों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा विद्यालयों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के विद्यालयों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मिशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर, भवनों के रखरखाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया गया है। इससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार हुआ है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार मानती है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मकता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक एवं नवाचार को अपनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना मजबूत एवं विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।श्री मौर्य जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा एवं विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना और उन्हें विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी, पूर्व कुलपति ने की। इस अवसर पर श्री देव कृष्ण शर्मा जी, मुख्य संरक्षक, प्रधानाचार्य परिषद; डा० हरेन्द्र कुमार राय, प्रदेश अध्यक्ष; डा० वीरेन्द्र प्रताप सिंह, संरक्षक; डा० सुखपाल सिंह तोमर, प्रदेश महामंत्री; डा० राजेश त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष; डा० महेन्द्र नाथ राय, कार्यक्रम संयोजक; श्री धर्मेन्द्र मिश्रा, पूर्व कोषाध्यक्ष; श्री उमेश द्विवेदी, MLC; श्री बृजेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्री राघवेन्द्र पाण्डेय जी, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्रीमती मधुबाला, प्रदेश उपाध्यक्ष; डा० मदन मोहन शंखधर, महामंत्री संगठन; श्री सतीश कठेरिया; श्री बृजेश कुमार तिवारी, मण्डल अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिष्ठितजन एवं प्रधानाचार्यगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बलिया की दिव्यांग बेटी रागिनी से मिले अखिलेश; 2 लाख की मदद, बोले- KG से PG तक फ्री शिक्षा
अखिलेश यादव ने बलिया की दिव्यांग छात्रा रागिनी राजभर से मुलाकात कर उसके पैर के इलाज के लिए चिकित्सकीय मदद और 2 लाख रुपये दिए। उसकी पढ़ाई बीएन इंटरनेशनल स्कूल में होगी। अखिलेश ने कहा कि सपा केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा को घोषणापत्र में शामिल करेगी।
ड्रॉपआउट बच्चों को फिर शिक्षा से जोड़ने पर जोर, बेगूं में प्रधानाध्यापकों को किया जागरूक
बेगूं में विधिक साक्षरता शिविर के दौरान ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, नालसा शिक्षा योजना 2026, बाल अधिकार, साइबर अपराध और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रधानाध्यापकों व विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा का हमला, आरपी सिंह बोले-70 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा का हमला, आरपी सिंह बोले-70 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी
जबलपुर के स्कूल-कालेजों में विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाएगा शिक्षा विभाग
यह व्यवस्था विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से लागू की गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिले के स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं।
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, ‘शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?’, सुझाव भी मांगा
New Delhi, 12 सितंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों से अनुरोध किया है कि वे वेबसाइट पर जाकर यह बताएं कि क्या देश की शिक्षा व्यवस्था ने उन्हें वह भविष्य दिया, जिसका वादा किया था? राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म पर लिखा है, “क्या ... Read more
जन्मतिथि में एक वर्ष के अंतर को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों से अनुरोध किया है कि वे वेबसाइट पर जाकर यह बताएं कि क्या देश की शिक्षा व्यवस्था ने उन्हें वह भविष्य दिया, जिसका वादा किया था?
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
योगी सरकार का बड़ा कदम, बेसिक शिक्षा के लिए 6.55 करोड़ रुपये मंजूर, अपार आईडी से जुड़ेगा हर बच्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
SSC SI recruitment 2026: दिल्ली पुलिस, CAPF में 1,871 पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें डिटेल्स
pc: kalingatv स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPFs) में सब-इंस्पेक्टर (SIs) की भर्ती के लिए नौकरी के लिए एप्लीकेशन मंगाए हैं। ऑफिशियल साइट पर पब्लिश ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए सब-इंस्पेक्टर के पदों के लिए कुल 1871 वैकेंसी भरी जाएंगी। CAPFs में SI के पदों पर नियुक्ति के लिए चुने गए कैंडिडेट को भारत में कहीं भी सेवा देनी होगी। एप्लीकेशन जमा करने की तारीखें इच्छुक और योग्य एप्लीकेंट ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in के ज़रिए ऑनलाइन मोड से अपना एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो आज से 30 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो 8 से 10 अक्टूबर तक खुलेगी। कंप्यूटर-बेस्ड परीक्षा का शेड्यूल बाद में बताया जाएगा। वैकेंसी डिटेल्स जैसा कि ऊपर बताया गया है, कुल 1,871 वैकेंसी भरी जाएंगी। इनमें से 205 पोस्ट पुरुष कैंडिडेट्स के लिए और 112 दिल्ली पुलिस में महिला कैंडिडेट्स के लिए हैं। बाकी 1,320 वैकेंसी CAPFs में सब-इंस्पेक्टर के लिए हैं। और CISF में पुरुष कैंडिडेट्स के लिए सब-इंस्पेक्टर (फायर) के लिए 234 वैकेंसी हैं। दिल्ली पुलिस, CAPF SI रिक्रूटमेंट 2026: सैलरी डिटेल्स CAPFs में सब-इंस्पेक्टर (GD): इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे ग्रुप ‘B’ (नॉन-गजटेड), नॉन-मिनिस्ट्रियल के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (एग्जीक्यूटिव) – पुरुष/महिला: इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे दिल्ली पुलिस ने ग्रुप ‘C’ के तौर पर क्लासिफाई किया है। सब-इंस्पेक्टर (फायर) – CISF में पुरुष: इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे ग्रुप ‘B’ (नॉन-गजटेड), नॉन-मिनिस्ट्रियल के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। कमीशन इस एग्जाम के लिए न तो वैकेंसी इकट्ठा करता है और न ही कैंडिडेट्स को स्टेट-वाइज़, रीजन-वाइज़, ज़ोन-वाइज़, सिटी-वाइज़ बांटता है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्वीपर भर्ती 2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्वीपर के 96 पदों के लिए भर्ती की अधिसूचना जारी की है। आवेदन प्रक्रिया 08 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 है। सभी इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी और योग्यता की जांच करनी चाहिए। इस भर्ती से संबंधित सभी विवरण और आवेदन प्रक्रिया के लिए आवश्यक लिंक नीचे दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा की डिजिटल व्यवस्था में UP सबसे आगे, समर्थ पोर्टल पर 56 लाख विद्यार्थी
उत्तर प्रदेश ने समर्थ पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा के डिजिटलीकरण में देश में बड़ी बढ़त हासिल की है, जहां 56 लाख सक्रिय विद्यार्थी जुड़े हैं। यह पोर्टल प्रवेश, परीक्षा, परिणाम और शिक्षकों की पदोन्नति सहित विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर ला रहा है।
भदोही में उत्तर प्रदेश राज्य पुरस्कार-2025 से सम्मानित उच्च प्राथमिक विद्यालय खेम्हईपुर की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी का शनिवार को अभिनंदन किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर-भदोही में आयोजित समारोह में बेसिक शिक्षा परिवार ने उन्हें सम्मान मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि किसी शिक्षक को मिला सम्मान सिर्फ उसका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा, शिक्षक समुदाय और विद्यालय परिवार की उपलब्धि है। समारोह के मुख्य अतिथि उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य अनुराग श्रीवास्तव रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय और उप प्राचार्य सुरेश पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता और रामलाल सिंह के साथ राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अखिलेश कुमार यादव, अरविंद पाल, धीरज सिंह और ज्योति कुमारी भी समारोह में शामिल हुए। वक्ताओं ने उर्मिला देवी की उपलब्धि को जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत, नवाचार और लगन से ही विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार होता है। राज्य स्तर पर सम्मान मिलना उर्मिला देवी की कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को दर्शाता है। शिक्षक का सम्मान पूरे शिक्षा परिवार की उपलब्धि समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक को मिलने वाला सम्मान केवल उस शिक्षक तक सीमित नहीं रहता। इससे शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक समुदाय और संबंधित विद्यालय परिवार का भी गौरव बढ़ता है। उर्मिला देवी की उपलब्धि से जिले के दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। मेहनत और नए तरीकों से बनता है बेहतर शिक्षा माहौल मुख्य अतिथि अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों की मेहनत, नए तरीके और लगन से स्कूलों में अच्छी शिक्षा का माहौल बनता है। राज्य स्तर पर सम्मान मिलना उर्मिला देवी की कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का प्रमाण है। उन्होंने शिक्षकों को लगातार सीखते हुए विद्यार्थियों के विकास के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय ने सम्मानित प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों के पूरे विकास के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन बीएल पाल ने किया। समारोह में बेसिक शिक्षा परिवार, भदोही से जुड़े मानिक चंद यादव, तेज बहादुर पाल, आरएन पाल, हरिओम, विनोद बिंद, प्रतिभा मिश्रा, रेखा तिवारी, कृष्णा सिंह, रीना यादव, कुसुमलता गुप्ता, डॉ. पूजा मिश्रा, ममता सिंह, पल्लवी जायसवाल, अनुराधा जायसवाल, अंजली जायसवाल, चंद्रकांत पटवा, विनोद कुमार, राजेश कुमार, डॉ. गोपेश मिश्रा, मनोज दुबे, अजीत यादव, शोभ नाथ, सरिता, महेश यादव, प्रविंद यादव, दिनेश मौर्या, श्यामलाल पाल, आनंद राजभर, भाई लाल, विजय पाल, मंगला प्रसाद और बिंदु तिवारी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
गोरखपुर के सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में मौजूदा दौर के चैलेंज और नौजवानों को पेश आने वाली विभिन्न चुनौतियों को लेकर दीनी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बदलते सामाजिक माहौल, आधुनिक दौर की चुनौतियों और नौजवानों की जिम्मेदारियों पर चर्चा करते हुए उन्हें कुरआन और सुन्नत की शिक्षाओं से जुड़कर जिंदगी बेहतर बनाने की अपील की गई। मुख्य वक्ता मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि इस्लाम इंसान को हर दौर की परिस्थितियों में संतुलित और जिम्मेदार जिंदगी जीने की शिक्षा देता है। नौजवान अगर कुरआन-ए-पाक की शिक्षाओं, पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और नेक लोगों की जिंदगी को अपना मार्गदर्शक बनाएं तो वे कठिन से कठिन परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नौजवानों के सामने शिक्षा, रोजगार, सोशल मीडिया, बदलती जीवनशैली और सामाजिक दबाव जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे माहौल में आधुनिक जानकारी के साथ सही सोच, मजबूत किरदार और नैतिक मूल्यों का होना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों से नौजवानों की सही रहनुमाई करने की अपील की। कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर नौजवानों की बेहतर तरबियत में अहम भूमिका निभा सकते हैं। नौजवानों में आत्मविश्वास, अनुशासन, जिम्मेदारी और इंसानियत की भावना पैदा करना समय की जरूरत है। उन्हें नशे, बुरी संगत, गलत सामग्री और निराशाजनक सोच से बचाने के साथ शिक्षा, सकारात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जोड़ना चाहिए। मुफ्ती अख्तर हुसैन ने सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में सावधानी बरतने पर भी जोर दिया। संगोष्ठी की शुरुआत हाफिज रहमत अली निजामी ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से की। इस अवसर पर हाजी फैज खान, मो. जीशान, मो. जैद, हाजी बदरुल हसन, सैयद जव्वाद अली, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ, मो. आरिफ, मो. हसन, रोशन, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, अफसर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में देश और समाज में अमन, भाईचारे, खुशहाली तथा नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की गई।
स्थिति यह है कि कहीं ड्यूटी के समय शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल का माहौल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं शिक्षिका ड्यूटी के नाम पर मोबाइल पर टाइमपास करती नजर आ रही हैं।
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए अलग-अलग ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और 5 साल का संबंधित अनुभव जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए नई नियमावली लागू हुई है। इसमें मजदूर परिवार की भोजन, कपड़ा, आवास, ईंधन-बिजली, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरतों को आधार बनाया गया है।
राहुल ने शिक्षा सुधार के लिए सुझाव मांगे
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव मांगे हैं।
प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत करेगा ECCE कोर ग्रुप, आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों में किया जाएगा शिफ्ट
रेवाड़ी जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों के लिए अब जिले के लोगों और शिक्षकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रेवाड़ी के सेक्टर-4 में नया ‘शिक्षा सदन’ शुरू किया गया है। यहां जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों को एक ही परिसर में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले शिक्षा विभाग के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे। बड़ा तालाब स्थित कार्यालय का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था और इसके बाहर डंपिंग यार्ड होने के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं सेक्टर-4 स्थित एक स्कूल की इमारत भी लंबे समय से खाली पड़ी थी। भवन परिसर में गंदगी और झाड़ियां होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो रहा था। विधायक के प्रयासों से बदली तस्वीर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी से बातचीत कर सेक्टर-4 की खाली पड़ी इमारत को शिक्षा सदन के रूप में विकसित करने की मंजूरी दिलाई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर पर आर्थिक सहयोग करते हुए कई दिनों तक जेसीबी की मदद से परिसर की सफाई कराई और भवन को उपयोग के योग्य बनाया। अधिकारियों की सराहना, स्वच्छता पर जोर शिक्षा सदन के शुभारंभ अवसर पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने परिसर की सफाई और जीर्णोद्धार में योगदान देने वाले अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर सभी कार्यालय आने से आमजन और शिक्षकों को सुविधा मिलेगी। बेहतर कार्य वातावरण से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। विधायक ने शिक्षा सदन परिसर में अधिक से अधिक पौधारोपण करने और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। शिक्षक संगठनों ने जताया आभार शिक्षा सदन की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा और स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खुशी जताई। संघ के अध्यक्ष महावीर यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने सीएम नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया का आभार व्यक्त किया। नए शिक्षा सदन के शुरू होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्याप्त स्थान, बेहतर बैठने की सुविधा और स्वच्छ वातावरण मिला है। वहीं जिले के शिक्षकों और आमजन को भी शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों के लिए एक ही परिसर में सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
गयाजी में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने के साथ ही पितृपक्ष मेले की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस मेले में पहुंचते हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिला अतिथि गृह सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की। जिला प्रशासन ने पितृपक्ष मेले के लिए 44 आवास स्थलों पर करीब 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की है। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सरकारी स्कूलों, छात्रों के दाखिले, शिक्षकों की संख्या और आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गयाजी जिले में 24 प्रखंड हैं और साक्षरता दर 63.67 प्रतिशत है। जिले में 332 पंचायत और 2,889 राजस्व ग्राम हैं। गयाजी में कुल 3,449 सरकारी स्कूल चल रहे हैं, जिनमें करीब 6.61 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों में 24,386 शिक्षक हैं और छात्र-शिक्षक अनुपात 27:1 है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर लगातार काम हो रहा है। स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि BPSC TRE 1, 2 और 3 के जरिए करीब 10,211 शिक्षकों की भर्ती हुई है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त शिक्षक होने से स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और छात्रों को विषय के हिसाब से पढ़ाई कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, टेक्नोलॉजी आधारित और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गयाजी में 33 पीएम श्री स्कूल चुने गए हैं, जिनमें 31 हाई स्कूल और 2 मिडिल स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाओं और छात्रों के पूरे विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। 29 आदर्श विद्यालयों में स्मार्ट क्लास से प्रतियोगी परीक्षा तक तैयारीगयाजी जिले में 29 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) भी संचालित हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आदर्श विद्यालयों में आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष लाइव कक्षाएं, 247 विद्या साथी लाइव क्लास और डाउट सॉल्विंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट टीवी, हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल उपकरण, विज्ञान की आधुनिक प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, शारीरिक गतिविधियों, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। पितृपक्ष में 44 आवासन स्थल, 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थापितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले में कुल 44 आवासन स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां करीब 12,070 तीर्थयात्रियों के ठहरने की क्षमता विकसित की गई है। आवासन स्थलों पर पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे और जरूरी दूरभाष नंबरों की जानकारी वाले साइनेज लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने आवासन स्थलों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। निगमा मोनास्ट्री में सबसे अधिक 2,400 श्रद्धालुओं की क्षमताप्रमुख आवासन स्थलों में निगमा मोनास्ट्री में 2,400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1,200 और मानवीकी भवन गयाजी कॉलेज में 800 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, टी मॉडल इंटर विद्यालय और हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400-400 श्रद्धालुओं के आवासन की व्यवस्था की गई है।प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिले।
जोधपुरिया धाम में शिक्षा-खेल सहित 550 प्रतिभाएं होंगी सम्मानित, समारोह 15 को
श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया और गुर्जर प्रतिभा विकास समिति मिलकर 14वां राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर रहे हैं। यह समारोह 15 सितंबर मंगलवार को दोपहर 12 बजे से देवधाम जोधपुरिया में होगा। समारोह के लिए प्रतिभाओं की अंतिम सूची शुक्रवार को जारी कर दी गई है। इसमें करीब 550 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। समारोह के संयोजकों ने बताया कि- कक्षा 10 में 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक लाने वाली 76 और 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक पाने वाली 112 प्रतिभाओं का सम्मान होगा। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर सामान्य वर्ग में 73 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाली 18 प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोफेशनल श्रेणी से चुनी गई 29 प्रतिभाओं को भी सम्मान मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि खेल-कूद में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली 38 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी प्रशासनिक क्षेत्र में चयनित प्रतिभाओं को गुर्जर गौरव के रूप में सम्मान दिया जाएगा।
धनु राशिवाले हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 12 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित बड़े फैसले आज ना करें, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, विदेश से संबंधित कार्य सफल होंगे.
Ambala News: मांगों के लिए शिक्षकों ने बराड़ा शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मांगों के लिए शिक्षकों ने बराड़ा शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गुणात्मक शिक्षा के सजग प्रहरी बनें स्कूल : विधायक
Schools should become alert sentinels of qualitative education: MLA
Mau News: पीडीए चौपाल में महंगाई, शिक्षा, किसान और आरक्षण के मुद्दे पर हुई चर्चा
Issues of inflation, education, farmers and reservation were discussed in PDA Chaupal
Unnao News: 25 साल के सेवा का हवाला देकर शिक्षामित्रों ने मांगा विशेष टीईटी में मौका
25 साल के सेवा का हवाला देकरशिक्षामित्रोंने मांगा विशेष टीईटी में मौका
Jind News: सीआरएसयू में नए विद्यार्थियों को दिखाई उच्च शिक्षा की राह
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) में शुक्रवार को राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन एवं समाजशास्त्र विभागों की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए संयुक्त रूप से इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बच्चों को आधुनिक तकनीक के साथ संस्कार, शिष्टाचार और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देना जरूरी है। आज कई घरों में अतिथि आने पर बच्चे उनसे अभिवादन या बातचीत करने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। यह स्थिति बताती है कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने की जरूरत है। यह बात माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने शुक्रवार को कही। वे सुल्तानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन ट्रेनिंग सेंटर में ब्रह्माकुमारीज एजुकेशन विंग की ओर से तीन दिवसीय मीटिंग एंड ट्रेनिंग प्रोग्राम के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव धीरे-धीरे भारतीय संस्कृति पर बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों को अपनी प्राचीन संस्कृति, संस्कारों और गौरव से परिचित कराना जरूरी है। शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी ध्यान देना होगा गुलाब देवी ने कहा कि बच्चों को श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के लिए शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी ध्यान देना होगा। आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है, लेकिन इसके साथ शिष्टाचार, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों की समझ भी बच्चों को दी जानी चाहिए। शिक्षा के मूल्यों पर चर्चा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। ममता दीदी, सुमन दीदी और राजयोगिनी राधा दीदी ने संबोधित किया। ब्रह्माकुमारीज शिक्षा प्रभाग की नेशनल कोऑर्डिनेटर सुमन दीदी और वरिष्ठ राजयोगिनी शिक्षिकाएं ममता दीदी व राधा दीदी ने शिक्षा में मूल्यों, संस्कारों, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के महत्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख प्रो. पी.के गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राजयोगिनी स्वर्णलता दीदी ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में शिक्षा के साथ मूल्य आधारित जीवन, आत्मचिंतन, नैतिक सशक्तिकरण और आध्यात्मिक विकास पर चर्चा होगी।
लखनऊ क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज के फेयर फील्ड सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानंद युवा तकनीकी सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट वितरण किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लखनऊ उत्तर विधायक डॉ. नीरज बोरा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. नौमिता गवन की ईश्वरीय वंदना और डॉ. विवेक जोज़फ़ के बाइबिल पाठ से हुई। नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा प्रसाद और प्राचार्या डॉ. ईशा वी. लाल ने योजना के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का मकसद विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ना और उनकी शैक्षणिक व तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है। मुख्य अतिथि डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों को टैबलेट का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों के लिए करना चाहिए। टैबलेट मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। कॉलेज के प्रबंधक/अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
2025 में जलवायु आपदाओं से लाखों बच्चों की शिक्षा बाधित
पापुआ न्यू गिनी में ताउदीबुरा गारो के स्कूल के पास बहने वाली धारा में बाढ़ आने पर पानी स्कूल के भीतर तक पहुँच जाता है और शौचालय भी भर जाते हैं. इससे स्कूल असुरक्षित हो जाता है और16 वर्षीय ताउदीबुरा व उसके सहपाठियों को पढ़ाई बीच में छोड़कर घर लौटना पड़ता है.
सिलवासा/दमन, 11 सितंबर . उपPresident सी. पी. राधाकृष्णन इन दिनों केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के दौरे पर हैं. यह उनकी उपPresident बनने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश की पहली आधिकारिक यात्रा है. अपने दौरे के दौरान उन्होंने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी कई परियोजनाओं का ... Read more
New Delhi, 11 सितंबर . नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद झाखड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव पर बात की. जबकि, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और कुमारी सैलजा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई मुद्दों पर अपने-अपने विचार साझा किए. एनएसयूआई के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद झाखड़ ... Read more
गुना में 17 वर्षीय नाबालिग ने पिता को शिक्षा विभाग में नौकरी लगने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी आई-कार्ड बनाया और खुद को डिप्टी एज्युकेशन ऑफिसर बताया।
सड़क और चौराहों पर भटकने वाले बच्चों को शिक्षा और रोजगार से जोड़ेंगे: सीएम रेखा गुप्ता
New Delhi, 11 सितंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Friday को कहा कि Government बच्चों को सड़क और चौराहों पर भीख मांगने से बाहर निकालने और उन्हें शिक्षा, हुनर और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की बैठक की अध्यक्षता ... Read more
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करना जरूरी है। बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालकर शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अभियान से इच्छुक गैर-सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आरडब्ल्यूए को जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर बच्चों तक पहुंच बढ़ाई जा सके। बैठक में डीसीपीसीआर अध्यक्ष डॉ. ओपी व्यास, आयोग के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्कूल स्टाफ का पुलिस सत्यापन जरूरीमुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पॉस्को कानून के प्रति जागरूकता अभियान को लगातार चलाने की सलाह दी। उन्होंने स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ स्कूल बस और वैन चालकों, अटेंडेंट व सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी स्तर पर लापरवाही न हो। मिड-डे मील और आंगनवाड़ी की जांचराष्ट्रीय पोषण माह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाली रसोइयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कमी मिलने पर तत्काल रिपोर्ट देने को कहा गया। बैठक में आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों की सुविधाओं तथा बच्चों के साथ कार्यकर्ताओं के व्यवहार की समीक्षा के लिए इंटर्न के माध्यम से रिपोर्ट तैयार कराने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सरकारी और निगम स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस की व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी।
सीखते कदम, बढ़ती दक्षता: मिशन कर्मयोगी से संवरेगा शिक्षा विभाग का कार्यबल
उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था के साथ उसे गति देने वाले मानव संसाधन को भी दक्ष और सक्षम बनाने की नीति पर आगे बढ़ रही है...
ब्रिक्स भारत इनोवेट्स में पहुंचे शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी
New Delhi, 11 सितंबर . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Friday को India मंडपम में आयोजित ‘ब्रिक्स India इनोवेट्स’ का दौरा किया. यहां ‘ब्रिक्स India इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है. यह प्रदर्शनी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले और उसके साथ आयोजित की जा रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद ... Read more
श्रावस्ती में शिक्षामित्रों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, श्रावस्ती ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। शुक्रवार को 5:00 बजे शिक्षामित्र संगठन ने बताया कि यह ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के जरिए सौंपा गया, जिसमें जल्द से जल्द समस्याओं को सुलझाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में करीब 1.47 लाख शिक्षामित्र लंबे समय से पढ़ा रहे हैं। संगठन ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 25 सालों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसके बावजूद उनकी कई सेवा से जुड़ी समस्याएं अभी तक हल नहीं हुई हैं। संगठन की मुख्य मांगों में नवंबर 2026 में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शिक्षामित्रों को आवेदन करने का मौका देना शामिल है। इसके अलावा, शिक्षामित्रों की सेवा से जुड़ी समस्याओं के लिए सेवा नियमावली बनाने और उनकी सेवा अवधि 62 साल करने की मांग भी की गई है। संगठन ने जनपद और दूसरे जिलों में ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की मांग उठाई है। ज्ञापन में सरकार का धन्यवाद भी किया गया, क्योंकि इस वित्तीय वर्ष में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये हर महीने कर दिया गया है। साथ ही, कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए भी आभार जताया गया। संगठन ने कहा कि शिक्षामित्रों की सालों पुरानी सेवाओं और उनके काम को देखते हुए, उनकी बाकी मांगों पर भी अच्छा फैसला लेना जरूरी है। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे शिक्षामित्रों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें और जल्द से जल्द उनका समाधान कराएं, ताकि उन्हें नौकरी में स्थिरता और राहत मिल सके।
ललितपुर में शुक्रवार दोपहर आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैंस के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में शिक्षा मित्रों ने बताया कि उन्हें वर्तमान वित्तीय वर्ष से हर महीने 18,000 रुपये मानदेय मिल रहा है। साथ ही, कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिली है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने मांग की कि बेसिक शिक्षा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को देखते हुए, प्रदेश सरकार नवंबर 2026 में सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष TET आयोजित कर रही है। शिक्षा मित्र भी करीब 25 साल से विभाग में निष्ठा से पढ़ा रहे हैं, इसलिए उन्हें भी इस विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में आवेदन करने का मौका दिया जाए। इसके अलावा, शिक्षा मित्रों ने अपनी सेवा स्थायी करने के लिए नियमावली बनाने, सेवाकाल 62 साल करने और लंबित ट्रांसफर प्रक्रिया (जिले के अंदर और अंतरजनपदीय) जल्द पूरी करने के आदेश देने की भी मांग की। ये लोग रहे मौके पर मौजूद ज्ञापन देते समय कुलदीप गोस्वामी, ज्योति प्रकाश खरे, हाकिम पाल, अशोक परिहार, शेर सिंह यादव, बब्बू राजा यादव, सिकंदर सिंह यादव, बी एम दुबे, राजेश विश्वकर्मा, अनुराधा दुबे, रामकुमारी पटेरिया, रजनी नामदेव, सुमन देवी, हेमलता ठाकुर, अंजना नामदेव, ऊषा मालवीय, रहीशा, गणेश अहिरवार, सरोज देवी, सविता नायक, रीता देवी, अनुसूइया नायक, दयाचंद, वीरपाल सिंह बुंदेला, शकुन बाई, राजाबेटी, रामकुमारी, आलमचंद, सीमा खरे, आशीष दुबे, रामनिवास दुबे, विनोद नामदेव, श्रीकांत सेन, शिवशंकर, स्कूलाल, राय सिंह, हरपाल सिंह बुंदेला, शंकर सिंह, नंदकिशोर राजपूत, जयराम, विजय कुमार, चंद्रभान सिंह बुंदेला, धनीराम सिंह, रामदयाल अहिरवार, दयाचंद और गजराज प्रजापति समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
दरभंगा में दो बीडीओ पर शिकंजे के बाद शिक्षा भवन में कानाफूसी, रंग-रोगन और भुगतान पर उठे सवाल
दरभंगा में निगरानी की कार्रवाई के बाद शिक्षा भवन में हड़कंप मच गया है। रंग-रोगन के भुगतान और प्रधानाध्यापकों से राशि लेने जैसे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं, जिसकी जांच की तैयारी है।
इस एक तस्वीर में छिपी है 9 देशों के कलाकारों की मेहनत, जानिए थीम
दिल्ली में आयोजित BRICS समिट में 'संगम: ए कन्फ्लुएंस ऑफ कल्चर्स' नामक सार्वजनिक कला प्रोजेक्ट ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है. इस आर्टवर्क को BRICS के 9 सदस्य देशों के कलाकारों ने मिलकर बनाया है, जो सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है. जानिए क्यों खास है ये तस्वीर.
UPSC भर्ती 2026: असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 212 पदों पर वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी, आवेदन 12 सितंबर से
आज भी देश के ज्यादातर युवा प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं।
job news 2026: सब इंस्पेक्टर के पदों पर निकली हैं वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी इस तारीख तक आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां कर्मचारी चयन आयोग की ओर से दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाली गई है। 1871 पदों की इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पदों का नाम- सब इंस्पेक्टर पदों की संख्या-1871 आयु सीमा- उम्मीदवारों की आयु 18 से 30 वर्ष आवेदन करने की आखिरी तारीख-30 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc- thriveinspi.org
28 वर्ष वालों के लिए खुशखबरी: एनसीआरटीसी में सुपरवाइजर समेत 67 पदों पर भर्ती शुरू, 9 अक्टूबर तक मौका
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, एनसीआरटीसी ने सीधी भर्ती के आधार पर ऑपरेशन्स और मेंटेनेंस स्टाफ के विभिन्न 67 पदों पर रिक्तियों की घोषणा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर की है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सीनियर इंस्ट्रक्टर के 132 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। योग्य उम्मीदवार 14 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
संघ लोक सेवा आयोग ने 212 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इनमें विशेषज्ञ, सहायक प्रोफेसर समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 2 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ जनशिक्षकों, बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। करीब 1500 से 2000 कर्मचारियों के वेतन लंबित होने की बात सामने आई है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा जैसी जरूरतों को लेकर आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी के बीच प्रभारी के तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनके मूल विद्यालय से वेतन मिल रहा है। इसे लेकर शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को पत्र भेजकर लंबित वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की है। नियमित दायित्व निभाने के बावजूद वेतन अटका संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि जनशिक्षक, बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारी विभागीय दायित्वों का नियमित रूप से निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद लगातार दो माह से वेतन नहीं मिलना चिंताजनक है। कर्मचारियों को परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कौशल ने कहा कि रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और 15 अगस्त जैसे पर्वों के दौरान भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। इससे कर्मचारियों में निराशा और असंतोष की स्थिति है। नियमित शासकीय दायित्व निभाने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलना गंभीर प्रशासनिक विषय है। जिलों में वेतन की स्थिति की समीक्षा की मांग शिक्षक संगठन ने राज्य शिक्षा केंद्र से विभिन्न जिलों में लंबित वेतन भुगतान की तत्काल समीक्षा कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर जनशिक्षकों, बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारियों के दो माह के लंबित वेतन का अविलंब भुगतान कराया जाए। कौशल ने कहा कि समय पर वेतन मिलना कर्मचारियों का न्यायसंगत अधिकार है। विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे भविष्य में वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी न हो। भुगतान नहीं हुआ तो उच्च स्तर पर उठाएंगे मामला शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित वेतन का जल्द भुगतान नहीं किया गया तो संगठन इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएगा और कर्मचारियों के हित में आवश्यक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
राजस्थान नगर निकाय आम चुनाव-2026 के दूसरे और अंतिम चरण के तहत शुक्रवार सुबह 7 बजे से जयपुर समेत 6 नगर निगमों और 141 नगर परिषद व पालिकाओं (कुल 147 निकायों) में मतदान शुरू हो गया है। इस चरण में 87.60 लाख से अधिक मतदाता कुल 18,266 प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे।
शिक्षा से संबंधित कोई भी कार्य पेंडिंग नहीं रखें, दो दिन में पूरा करें : बीईओ
भास्कर न्यूज|लोहरदगा सदर प्रखंड के शिक्षकों की गोष्ठी पावरगंज मध्य विद्यालय सभागार में बीईईओ राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा की गई। मौके पर बीईईओ राजू रंजन ने कहा कि सभी विद्यालय प्रधान सीआरपी गण विद्यालय की किसी भी तरह के ऑनलाइन या ऑफलाइन कार्य को पेंडिंग नहीं रखेंगे दो दिनों के अंदर कर को पूर्ण करेंगे अन्यथा की स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में इको क्लब के तहत पौधारोपण, स्वच्छता, ई कल्याण में छात्रवृत्ति के िलए विद्यार्थियों का डाटा की प्रविष्टि, इस सत्र के यू डाइस में इंपोर्ट आधारित सत्यापन, आपार आइडी जेनरेट करने, ई विद्यावाहिनी में शिक्षक का उपस्थिति समय पर, छात्रों की ऑनलाइन अटेंडेस एप पर अनिवार्य रुप से करने का निर्देश दिया गया। साइकिल वितरण, सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना पर भी चर्चा की गई। सभी सीआरपी को ऑनलाइन कार्यों में शिकाकों को सहयोग करने को कहा गया।20 सितंबर को नव भारत साक्षरता आकलन परीक्षा में असाक्षरों को शामिल कराने की भी बात कही गईं। बैठक में शिक्षक शैलेंद्र कुमार सुमन, विजय कुमार दास, अरुण राम, अजय कुमार सिंह,सुजीत रजक, आसुतोष कुमार,सुबोध कुमार सेन गुप्ता, मीरा खलखो,रश्मि खेस, रूबी कुजुर,जयधर कुमार, रीता कुजूर, सावित्री मधुर, सुरेश साहु,आरिफ अंसारी,अकबर अंसारी, बुधराम उरांव, खदिया उरांव, जीवन किशोर केरकेट्टा,अब्बास अंसारी, बीआरपी नंदिता साहू, प्लास की कंचन भगत समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
सिर्फ डिग्री पाना ही शिक्षा नहीं, यह जीवन जीने की सही दिशा है: प्राचार्य
भास्कर न्यूज | अंबिकापुर समाज में शिक्षा की अलख जगाने और हर बच्चे तक ज्ञान का प्रकाश पहुंचाने के संकल्प के साथ मंगलवार को होली क्रॉस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के लोगों को साक्षरता के वास्तविक मायने समझाना और हर एक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एनएसएस के ऊर्जावान स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत की गई एक शानदार लघु नाटिका रही। इस नाटक के जरिए छात्रों ने बड़ी ही खूबसूरती से यह संदेश दिया कि केवल खुद पढ़ लेना ही काफी नहीं है, बल्कि हमारे आस-पड़ोस में रहने वाले जो भी बच्चे किन्हीं कारणों से शिक्षा से वंचित हैं, उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ने में हर संभव मदद करना हमारा सामाजिक दायित्व है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी निमेश केरकेट्टा, सहायक शिक्षिका नीलिमा तिर्की ने आयोजन में शामिल सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार माना। उन्होंने कहा कि छात्रों की भारी सहभागिता और उत्साह ने इस साक्षरता दिवस को सही मायनों में सफल और सार्थक बना दिया है। वरिष्ठ शिक्षक एके सिन्हा ने कहा साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों को पहचानना या पढ़ना-लिखना सीख लेना है, जबकि शिक्षा का दायरा इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति के ज्ञान और उसके व्यक्तित्व का निरंतर विकास करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिसे अक्षर ज्ञान मिल गया है, उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह खुद भी निरंतर सीखे और समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। अक्षर ज्ञान ही मंजिल नहीं, शिक्षा से व्यक्तित्व विकास
जनसमुदाय व स्कूल स्टाफ की भागीदारी से जुवाड़ स्कूल में शिक्षा को मिल रही मजबूती
जिले में शिक्षा क्षेत्र में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से संचालित अभिनव पहल भविष्य की उड़ान तथा मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। चौथ का बरवाड़ा ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुवाड़ के भौतिक विकास के लिए विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीणों ने आगे बढ़कर 42 हजार रुपए की राशि प्रदान की। विद्यालय विकास के लिए उपलब्ध कराई गई सहयोग राशि का चेक मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने के लिए प्रधानाचार्या चित्रा जैन द्वारा इस सहयोग राशि का चेक सीडीईओ देवी लाल मीणा एवं एडीपीसी समग्र शिक्षा हरकेश मीणा को सौंपा। एडीपीसी हरकेश मीणा ने कहा कि विद्यालय विकास में ग्रामीणों की यह सहभागिता न केवल विद्यालय की भौतिक सुविधाओं को मजबूत करेगी, बल्कि समुदाय और विद्यालय के बीच सहभागिता की भावना को भी और अधिक मजबूत करेगी। कार्यक्रम अधिकारी (नवाचार) हेमराज मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के प्रावधानों के अनुसार विद्यालय को प्राप्त 42 हजार की जनसहयोग राशि पर राज्य सरकार द्वारा लगभग 63 हजार अतिरिक्त राज्यांश सहित कुल लगभग 1.05 लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि उपलब्ध राशि का उपयोग विद्यालय में विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था तथा फर्नीचर क्रय करने सहित आवश्यक अन्य भौतिक संसाधनों के विकास में किया जाएगा। इन कार्यों से विद्यालय का आधारभूत ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। अध्यापक मंसाराम ने बताया कि विद्यालय में इससे पूर्व भी ग्रामीणों एवं विद्यालय स्टाफ के सहयोग से करीब 5 लाख रुपए की लागत से सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रिक घंटी, इन्वर्टर, समस्त कक्षा कक्षों में छत के पंखे, पानी की टंकी, वाटरकूलर, प्रिंटर, 12 कुर्सियां, टीचर डेस्क काउंटर, लैब के लिए टीचर काउंटर, स्मार्ट टीवी, म्यूजिक साउंड बक्सा, स्पीच स्टेंड, साइंस लेब सामग्री, संपूर्ण विद्यालय परिसर का रंग रोगन, जरूरतमंद समस्त विद्यार्थियों को जर्सियां, जूते-मौजे वितरण सहित विभिन्न विकास कार्य हो चुके है।
Bareilly News: दूरस्थ शिक्षा के तहत 15 सितंबर से शुरू हो सकते हैं आवेदन
दूरस्थ शिक्षा के तहत 15 सितंबर से शुरू हो सकते हैं आवेदन
शिक्षा का उद्देश्य जिम्मेदारी, मानवता विकसित करना : डॉ. जितेंद्र
शिक्षा का उद्देश्य जिम्मेदारी, मानवता विकसित करना : डॉ. जितेंद्र
Solan News: रामशहर में भाजपा का प्रदर्शन, सड़कों, स्वास्थ्य और शिक्षा पर उठाए सवाल
BJP protests in Ramshahr; raises questions regarding roads, health, and education.
Hisar News: जर्मनी में शिक्षा के अवसरों से रूबरू होंगे विद्यार्थी
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों को जर्मनी में उच्च शिक्षा एवं कॅरिअर के अवसरों की जानकारी देने के लिए 14 और 15 सितंबर को विशेष ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किए जाएंगे।
Farrukhabad News: डीसी निर्माण की सेवा समाप्त, छह खंड शिक्षा अधिकारी भी नपेंगे
फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। निर्माण में लापरवाही मिलने पर जिला समन्वयक निर्माण भारती मिश्रा की सेवा समाप्त करने के निर्देश बीएएस को दिए।
Bilaspur News: एक-एक शिक्षक के सहारे 65 फीसदी प्राथमिक स्कूल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले की प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षकों की कमी गंभीर होती जा रही है।
सीएसआर से संवरेंगी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं एंबुलेंस से लेकर मोबाइल केयर यूनिट पर जोर
न्यूज डायरी: SIR बाधित करने पर ओडिशा के शिक्षा अधिकारी निलंबित; असम में डायन बताकर हत्या, 31 साल बाद उम्रकैद
उच्च शिक्षा में नेतृत्व की कमी: यूजीसी-एआईसीटीई अध्यक्ष पद खाली, नीतिगत फैसले अटके
देश की उच्च शिक्षा में नेतृत्व का संकट गहरा गया है, जहां यूजीसी और एआईसीटीई जैसे प्रमुख नियामकों में अध्यक्ष पद एक साल से अधिक समय से खाली पड़े हैं।

