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एनएसयूआई ने सीट वृद्धि के लिए किया प्रदर्शन:बालाघाट कॉलेज में प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, बोले- छात्र उच्च शिक्षा से वंचित

बालाघाट। जिले के शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर एनएसयूआई ने दोपहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा और सीट वृद्धि के समर्थन में नारेबाजी भी की। एनएसयूआई के अनुसार, बालाघाट एक पिछड़ा जिला है जहां अधिकांश युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। हालांकि, महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में सीटों की कमी के कारण कई छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है। इससे उन्हें महंगी शिक्षा के लिए निजी विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रबंधन से विभिन्न संकायों में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि प्रवेश से वंचित हो रहे विद्यार्थियों को अवसर मिल सके। एनएसयूआई प्रतिनिधि ऋषभ सहारे ने बताया कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के छात्र पहले बड़े कॉलेजों में प्रवेश का इंतजार करते हैं। वहां प्रवेश न मिलने पर वे प्रतिशत के आधार पर बालाघाट के महाविद्यालय में प्रवेश ले लेते हैं। इससे उन स्थानीय छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है जिनके लिए आर्थिक समस्याओं या कम अंकों के कारण बाहर जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं होता है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 8:40 pm

मुख्यमंत्री ने की उच्च-तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा:15 दिनों में झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों औी घोषणाओं की कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) स्कीम के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अब तक 2888 पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है, जिसमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपए राशि का ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत अधिक से अधिक पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा द्वारा संचालित विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना', मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना सहित स्कॉलरशिप स्कीम से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं तक तेजी से पहुंचाने पर जोर दिया। शीघ्र झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस संबंध में विभाग द्वारा तैयारी की गई है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एवं बीबीएमके धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है, इसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है। कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को सक्रिय करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने हायर एजुकेशन एवं रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिन के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बीआईटी सिंदरी बनेगी नई Unitary University मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के उपरांत बी.आई.टी. सिंदरी को Unitary University के रूप में अपग्रेड के लिए सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बी.आई.टी. सिंदरी की संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। तकनीकी शिक्षा क्लस्टर होगी तैयार बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं, विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की राज्य के 9 जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा एवं साहिबगंज में तकनीकी कलेक्टर बनाए जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जल्द इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स का संचालन करना आवश्यक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित कर वहां एनआईआईटी एवं आईआईटी के तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करें ताकि आने वाले समय में इन कोर्स माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। बीआईटी एवं जेआईटी को चलाने के किए बनेगी नई सरकारी सोसाइटी मुख्यमंत्री ने राज्य में काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करते हुए आईआईटी के तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल, रीजनल कलेक्टर एवं इंडस्ट्रियल गवर्निंग बॉडी गठित किए जाने का निर्देश दिया। राज्य में रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। इसका उद्देश्य युवाओं को एआई और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस तरह स्कीमों के सभी पहलुओं पर गंभीरता से अध्यन कर योजनाओं का मूल्यांकन करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 8:30 pm

सरकारी पैसे से काटी कॉलोनी,ED ने 56 प्लॉट कुर्क किए:आलीराजपुर शिक्षा विभाग से पैसे कमाकर आरोपी ने धार में बनाई कॉलोनी, चार्जशीट पेश हुई

आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय (बीईओ) में हुए 20.47 करोड़ रुपए के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने घोटाले की रकम से धार जिले में अवैध कॉलोनी विकसित की थी। ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय प्लॉट कुर्क कर लिए हैं, जिनकी बाजार कीमत 6 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ईडी के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने मामले में कमल राठौर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल की है। अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। फर्जी बिलों से निकाले गए थे 20.47 करोड़ रुपए ईडी के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के बीच कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय और आलीराजपुर कोषागार में मिलीभगत कर फर्जी बिलों के जरिए 20.47 करोड़ रुपए के सरकारी धन का गबन किया गया था। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने इस रकम को छिपाने के लिए अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। बाद में खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकालकर धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदी गई। 'श्री बालाजी धाम' नाम से बसाई कॉलोनी ईडी के मुताबिक अवैध रूप से अर्जित धन को वैध दिखाने के उद्देश्य से खरीदी गई कृषि भूमि पर 'श्री बालाजी धाम' नाम से आवासीय प्लॉटिंग परियोजना विकसित की गई। अब ईडी ने इस कॉलोनी के 56 आवासीय भूखंडों को कुर्क कर लिया है। कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल ईडी ने 9 जुलाई 2026 को विशेष पीएमएलए न्यायालय इंदौर में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की। कोर्ट ने शिकायत स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिए हैं। पहले भी 4.43 करोड़ रुपए की संपत्ति हो चुकी है कुर्क यह मामला कट्ठीवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी की जांच में सामने आया था। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए और बैंक खाते फ्रीज किए थे। इससे पहले भी ईडी आरोपियों की 4.43 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है, जिसकी पुष्टि 10 मार्च 2026 को पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण ने कर दी थी। ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए… BEO ऑफिस से 20 करोड़ गबन मामले में आरोपी गिरफ्तार करीब 11 महीने पहले अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को 20.47 करोड़ रुपए के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। इंदौर ED के सब जोनल ऑफिस ने मुख्य आरोपी कमल राठौर को इंदौर से गिरफ्तार किया था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:58 pm

भिलाई के सेजेस खम्हरिया में रहस्यमयी घटनाओं से मचा हड़कंप:छात्राएं चीखीं, बेहोश हुईं, हाथ-पैर अकड़े; जांच में नहीं मिली शारीरिक बीमारी, 3 दिन में 8 केस, शिक्षा विभाग ने बनाई जांच टीम

भिलाई के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) में छात्राओं द्वारा अजीब हरकत करने, चीखने-चिल्लाने के साथ ही तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पिछले तीन दिनों में 9वीं-ए की 8 छात्राएं अचानक असामान्य व्यवहार करने लगीं। कुछ छात्राएं चीखने-चिल्लाने लगीं, कुछ बेहोश हो गईं, जबकि कुछ के हाथ-पैर अकड़ गए और आंखों से लगातार पानी निकलने लगा। घटना के बाद छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच में किसी तरह की शारीरिक बीमारी सामने नहीं आई। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही छात्राओं की काउंसलिंग कराने के लिए साइकोलॉजिकल टीम भी बुलाई गई है। 9 जुलाई से चल रहा पूरा मामलास्कूल की प्रिंसिपल सुनीता दीवान ने बताया कि पहली घटना 9 जुलाई को शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। एक छात्रा को अचानक चक्कर आया, जिसके बाद उसे स्टाफ रूम ले जाया गया। कुछ ही देर बाद दूसरी छात्रा जोर-जोर से चीखने लगी। दोनों के परिजनों को बुलाकर उन्हें घर भेज दिया गया। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि किसी भी छात्रा को पेट या दूसरी शारीरिक शिकायत नहीं हुई। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच और विशेषज्ञों की काउंसलिंग के बाद ही पूरे मामले की असली वजह सामने आ सकेगी। हाथ पैर अकड़ गया, ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी छात्राएंउन्होंने बताया कि इसके बाद उसी दिन तीन और छात्राएं क्लास में बेहोश हो गईं। उनके हाथ-पैर अकड़ गए, आंखों से पानी निकलने लगा और वे ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पहले 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन समय लगने की बात कहने पर छात्राओं को ऑटो से शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां करीब डेढ़ घंटे बाद सभी छात्राएं सामान्य हो गईं। डॉक्टरों की जांच में कोई गंभीर शारीरिक समस्या नहीं मिली। पहले दिन सबसे ज्यादा पांच छात्राएं हुई प्रभावित प्रिंसिपल के मुताबिक 9 जुलाई को पांच छात्राएं प्रभावित हुई थीं। इसके बाद 11 जुलाई को दो और छात्राओं की तबीयत इसी तरह बिगड़ी। इनमें से एक को अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरी कुछ देर बाद स्कूल में ही सामान्य हो गई। इसके बाद फिर एक और छात्रा के साथ ऐसी ही घटना हुई, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां भी वह थोड़ी देर में सामान्य हो गई। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अब तक यह स्थिति सिर्फ डे-शिफ्ट में पढ़ने वाली 9वीं-ए की छात्राओं के साथ ही सामने आई है। सुबह की शिफ्ट में पढ़ने वाले बच्चों या स्कूल के किसी शिक्षक को ऐसी कोई परेशानी नहीं हुई है। सभी की मेडिकल रिपोर्ट सामान्यप्रिंसिपल ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आने के बाद शुरुआती तौर पर मामला मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा लग रहा है। हालांकि अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। जिला शिक्षा अधिकारी को पूरी जानकारी दे दी गई है और उनकी ओर से छात्राओं की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर स्कूल ने 9वीं-ए का क्लासरूम भी बदल दिया है। शनिवार को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक में छात्राओं के अभिभावकों से भी चर्चा की गई। परिजनों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:26 pm

एमडीयू शिक्षा विभाग के HOD ऑफिस से 36830 रुपए बरामद:रोहतक में यूनिवर्सिटी ने बनाई कमेटी, छात्रों से अवैध वसूली करने के लगे थे आरोप

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD भगत सिंह राठी के ऑफिस में नए HOD डॉ. जितेंद्र ने चार्ज संभालते ही कार्रवाई कर दी। यूनिवर्सिटी की तरफ से बनाई जांच कमेटी ने ऑफिस का ताला खोलकर अंदर से 36830 रुपए बरामद किए, जिन्हें यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व HOD डॉ. भगत सिंह राठी पर छात्रों से फेयरवेल पार्टी के नाम से अवैध वसूली की गई थी, जिसकी शिकायत विभाग के ही प्रोफेसरों ने वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया से की। वीसी ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्यकारी परिषद की मीटिंग में भगत सिंह राठी को सस्पेंड करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह को नया HOD बनाया था। चार्ज संभालते ही HOD ने की कार्रवाई शारीरिक शिक्षा विभाग के HOD डॉ. जितेंद्र सिंह ने कमेटी के साथ मिलकर पहले दिन ही कार्रवाई कर दी। डॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने ऑफिस का दरवाजा खोला और अंदर अलमारी से पैसों का एक पैकेट बरामद किया, जिसमें 36830 रुपए मिले। इस पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाई राशिडॉ. जितेंद्र ने कमेटी के सामने पैसों की गिनती करवाई और रिपोर्ट तैयार करके कमेटी के साइन करवाए। साथ ही बरामद की गई राशि को यूनिवर्सिटी के अकाउंट में जमा करवा दिया। रुपयों के बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन ही कोई फैसला लेगा। ऑफिस से फाइल लेकर गया भगत सिंह राठी एमडीयू के शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने HOD रहे भगत सिंह राठी की एक वीडियो बनाई, जिसमें भगत सिंह राठी शनिवार को अपने साथ ऑफिस से फाइल लेकर गाड़ी में रख रहे है। भगत सिंह राठी दोबारा वापस आते, उससे पहले ही अन्य प्रोफेसर एकत्रित हो गए, जिसके बाद ऑफिस पर नए HOD ने अपना ताला लगा दिया था। वीसी ने संज्ञान लेते हुए की कार्रवाई छात्र नेता प्रदीप मोटा ने बताया कि छात्रों ने डॉ. भगत सिंह राठी के खिलाफ कई बार शिकायत दी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। वीसी प्रो. मिलाप सिंह पूनिया ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और भगत सिंह राठी को सस्पेंड करके एक जांच कमेटी बनाई, जिसने आज ऑफिस खोलकर रुपए बरामद किए है। कमेटी ने ऑफिस से बरामद की राशिकमेटी के सदस्य कुलताज ने बताया कि पूर्व एचओडी भगत सिंह राठी पर छात्रों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे है, जिस मामले में कमेटी ने ऑफिस का दरवाजा खोलकर 36830 रुपए बरामद कर लिए है। इसकी रिपोर्ट वीसी को भेज दी है। साथ ही बरामद रुपयों को यूनिवर्सिटी अकाउंट में जमा करवाया गया है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:52 pm

राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे सुधारने की जरूरत बताई। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों पर बढ़ते दबाव और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।

देशबन्धु 13 Jul 2026 4:38 pm

बलवीर सिंह सिसोदिया ने समग्र शिक्षा सिरोही में पदभार संभाला:रिक्त पदों से मजबूत होगी निरीक्षण व्यवस्था, सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता

समग्र शिक्षा कार्यालय, सीडीईओ कार्यालय सिरोही में बलवीर सिंह सिसोदिया ने सहायक निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने बताया कि सिरोही शिक्षा विभाग में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण पद रिक्त थे, जिससे प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। राज्य सरकार द्वारा इन रिक्त पदों पर नियुक्तियां किए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी। इससे स्कूलों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं शैक्षिक गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिलेगा, जिससे जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। बलवीर सिंह सिसोदिया के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) ईश्वर लाल पुरोहित, भंवर लाल पुरोहित, प्रिंसिपल नरेश परमार, तरुण बैरवा, रूपाराम चौहान, दुर्गेश गर्ग, त्रिभुवन सिंह देवड़ा, भंवर सिंह राव, सुरेन्द्र सिंह, ईश्वर सिंह और महेंद्र सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उपस्थित अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि बलवीर सिंह सिसोदिया के अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता से समग्र शिक्षा की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा। इससे स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग और जिले के शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 4:23 pm

आचार्यश्री बोले- सिर्फ पढ़ा-लिखा बनाना शिक्षा का उद्देश्य नहीं:बच्चों में नैतिकता-संस्कार जगाएं शिक्षक; टीचर्स ने आचार्यश्री महाश्रमण से की मुलाकात

लाडनूं में शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल (लाडनूं) और महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल (जयपुर) के शिक्षक और स्टाफ ने जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने आचार्यश्री और अन्य संतों से मिलकर उनका मंगल आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य से दोनों स्कूलों के स्टाफ में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। शिक्षक ही समाज को सही दिशा देता है: आचार्यश्री शिक्षकों को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा- शिक्षा का असली मकसद सिर्फ बच्चों को साक्षर (पढ़ा-लिखा) बनाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिकता, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं जगाना है। शिक्षक उस मूर्तिकार की तरह है जो विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण कर पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देता है। इस दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी, मुनिश्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी और मुनिश्री कीर्ति कुमार जी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। संतों ने कहा- स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला हैं, जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रेम और आत्मीयता के माहौल में होना चाहिए। प्रिंसिपल्स ने लिया बच्चों में संस्कार डालने का संकल्प दोनों स्कूलों की प्राचार्याओं (प्रिंसिपल्स) ने भी संतों के सामने अपने विचार रखे। लाडनूं स्कूल की प्रिंसिपल नीलिमा सिंह ने कहा- गुरुदेव से मिली यह आध्यात्मिक ऊर्जा बच्चों को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, जयपुर स्कूल की प्रिंसिपल मधु शेखावत ने कहा- जयपुर से लाडनूं तक की यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। वे अब स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों को भी जोड़ेंगी। प्रबंधन ने जताया आभारकार्यक्रम में मौजूद एजुकेशनल कन्वीनर गौरव जैन मांडोत, प्रवीण बराड़िया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ और सचिव सलिल लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से शिक्षकों में सकारात्मकता आई है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आएगी। अंत में सभी शिक्षकों ने संतों के आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक अच्छे समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 1:41 pm

आचार्यश्री बोले- सिर्फ पढ़ा-लिखा बनाना शिक्षा का उद्देश्य नहीं:बच्चों में नैतिकता और अच्छे संस्कार जगाएं शिक्षक; शिक्षकों ने आचार्यश्री महाश्रमण से की मुलाकात

लाडनूं में शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल (लाडनूं) और महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल (जयपुर) के शिक्षक और स्टाफ ने जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने आचार्यश्री और अन्य संतों से मिलकर उनका मंगल आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य से दोनों स्कूलों के स्टाफ में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। शिक्षक ही समाज को सही दिशा देता है: आचार्यश्री शिक्षकों को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा- शिक्षा का असली मकसद सिर्फ बच्चों को साक्षर (पढ़ा-लिखा) बनाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिकता, अहिंसा और मानवीय संवेदनाएं जगाना है। शिक्षक उस मूर्तिकार की तरह है जो विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण कर पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देता है। इस दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभा जी, मुनिश्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी और मुनिश्री कीर्ति कुमार जी ने भी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। संतों ने कहा- स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला हैं, जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रेम और आत्मीयता के माहौल में होना चाहिए। प्रिंसिपल्स ने लिया बच्चों में संस्कार डालने का संकल्प दोनों स्कूलों की प्राचार्याओं (प्रिंसिपल्स) ने भी संतों के सामने अपने विचार रखे। लाडनूं स्कूल की प्रिंसिपल नीलिमा सिंह ने कहा- गुरुदेव से मिली यह आध्यात्मिक ऊर्जा बच्चों को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, जयपुर स्कूल की प्रिंसिपल मधु शेखावत ने कहा- जयपुर से लाडनूं तक की यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही। वे अब स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों को भी जोड़ेंगी। प्रबंधन ने जताया आभारकार्यक्रम में मौजूद एजुकेशनल कन्वीनर गौरव जैन मांडोत, प्रवीण बराड़िया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ और सचिव सलिल लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से शिक्षकों में सकारात्मकता आई है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आएगी। अंत में सभी शिक्षकों ने संतों के आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक अच्छे समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 1:41 pm

जबलपुर में क्षमता से अधिक छात्रों से भरी स्कूल बस:वीडियो हुआ वायरल; जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

जबलपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत में बताया कि यह वीडियो सुंदरपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल की बस (क्रमांक एमपी-20 डीए-1365) का है। आरोप है कि बस चालक राजेश ठाकुर प्रतिदिन क्षमता से अधिक बच्चों को बस में ठूंस-ठूंसकर स्कूल लाता और छोड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस बस में 20 से 25 बच्चों के बैठने की क्षमता है, उसमें उससे कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यदि ऐसी लापरवाही के दौरान कोई हादसा होता है, तो बड़ी जनहानि हो सकती है। वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखने की बात कही है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 12:51 pm

वल्लभनगर के 14 सरकारी स्कूलों में कम नामांकन:25 से भी कम स्टूडेंट्स; शिक्षा विभाग कर सकता है समायोजन

वल्लभनगर ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन निर्धारित सीमा से काफी कम पाया गया है। शिक्षा विभाग की साल 2026 की नामांकन रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इन स्कूलों में अधिकतर सरकारी प्राथमिक स्कूल शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा विभाग ने यह सूची उन स्कूलों की पहचान के लिए तैयार की है जहां छात्र संख्या बहुत कम है। भविष्य में इन स्कूलों के संबंध में विभाग स्तर पर समायोजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। कम नामांकन वाले स्कूलों की सूची सामने आने के बाद क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:56 am

राजस्थान में शिक्षा विभाग के 1.20 लाख पद खाली:टोंक में 3588 मंजूर पदों में से 1041 पद रिक्त, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

सरकार शिक्षा में सुधार, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के दावे कर रही है, लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। शाला दर्पण पोर्टल के 1 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में शिक्षा विभाग के मंजूर 4 लाख 13 हजार 910 पदों में से 2 लाख 93 हजार 760 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 20 हजार 150 पद खाली पड़े हैं। टोंक जिले में भी 3588 मंजूर पदों में से 2547 पद भरे हुए हैं, जबकि 1041 पद खाली हैं। स्कूलों में शिक्षक, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता, नामांकन और बच्चों के स्कूल में बने रहने पर असर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। एक शिक्षक को पढ़ानी पड़ रही कई कक्षाएं राज्य के सरकारी स्कूलों में मानव संसाधनों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में शिक्षक कम होने के कारण एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं कई जगहों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर है। कई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाएंगी। भर्ती के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुश्किल शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही बकाया वरिष्ठ अध्यापक और लेक्चरर पदोन्नति, स्टाफिंग पैटर्न, पदोन्नत प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर खाली पद भरने चाहिए। नामांकन और ठहराव पर भी पड़ रहा असर सरकार की ओर से नामांकन बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और गतिविधियां नहीं होने के कारण बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है। जहां शिक्षक कम होते हैं वहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती। गतिविधियां सीमित रह जाती हैं और बच्चों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। राजस्थान में शिक्षा विभाग में पदों की स्थिति टोंक जिले में पदों की स्थिति सहायक कर्मचारियों की कमी भी बनी परेशानी स्कूलों में केवल शिक्षकों की ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की कमी भी कामकाज को प्रभावित कर रही है। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला परिचारक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। इसके कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को ही कार्यालय और प्रबंधन से जुड़े काम भी संभालने पड़ते हैं। इससे पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 11:38 am

शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास:कटनीकोल में 14.99 लाख से बनेगा, विधायक-पार्षद भी रहे मौजूद; सांसद बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ेगा क्षेत्र का भविष्य

शेखपुरा के नगर परिषद क्षेत्र के कटनीकोल (वार्ड संख्या-15) में रविवार को केंद्रीय विद्यालय निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई। जमुई लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण भारती ने दीप प्रज्वलित कर और शिलापट्ट का अनावरण करते हुए परियोजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। यह निर्माण कार्य सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कराया जा रहा है। पहले चरण में विद्यालय परिसर तक पक्के पहुंच पथ का निर्माण, परिसर का सौंदर्यीकरण, बाउंड्री वॉल और बुनियादी सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा। इस चरण के लिए करीब 14.99 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। आधुनिक सुविधाओं से विकसित होगा परिसर परियोजना के तहत केंद्रीय विद्यालय के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाई जाएगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को आने-जाने में सुविधा होगी। इसके साथ ही परिसर का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 'बच्चों के भविष्य के लिए मील का पत्थर' शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अरुण भारती ने कहा कि शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। कटनीकोल में बनने वाला यह विद्यालय केवल शेखपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में स्वीकृत 14.99 लाख रुपये से पहुंच पथ और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, ताकि विद्यालय शुरू होने से पहले छात्रों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों ने सराहा प्रयास कार्यक्रम में विधायक रणधीर कुमार सोनी, विधान पार्षद ललन महतो, एडीएम (विभागीय जांच), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, एसडीओ प्रियंका कुमारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक भी समारोह में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी। उनका कहना था कि बेहतर शैक्षणिक संस्थान बनने से रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से सांसद अरुण भारती सहित अन्य अतिथियों का बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। समारोह के दौरान लोगों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से शेखपुरा के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 6:18 am

उरांव समाज के लोगों के बीच शिक्षा और नशामुक्ति का दिया संदेश

भास्कर न्यूज | सतबरवा नारायण सेवा समिति ट्रस्ट, सतबरवा की ओर से रविवार को हरातू पंचायत के रमनदाग गांव में सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उरांव समाज के सैकड़ों जरूरतमंद लोगों के बीच साड़ी, धोती और अन्य वस्त्रों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष निर्दोष कुमार उर्फ अकलू बाबा ने लोगों को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। साथ ही उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है। उन्होंने सभी से स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की। भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के पैक्सों के माध्यम से किसानों के लिए धान, अरहर, तिल, मक्का, उड़द एवं मूंगफली (बदाम) के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि इन फसलों की बुआई के लिए आवश्यक डीएपी खाद समय पर उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कृषि विभाग की ओर से पैक्सों में डीएपी के बजाय यूरिया और नैनो यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इस समय किसानों को सबसे अधिक जरूरत डीएपी खाद की है। पैक्स की इस व्यवस्था पर किसानों ने नाराजगी जताई है। किसानों का आरोप है कि डीएपी खाद की आपूर्ति में अनियमितता बरती जा रही है। इससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में पाटन पैक्स अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में धान समेत अधिकांश खरीफ फसलों की बुआई चल रही है। इसमें डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। लेकिन विभाग ने पैक्सों में डीएपी की जगह यूरिया उपलब्ध कराया है। किसान इस समय इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

परीक्षा आयोजित करेगा शिक्षा विभाग:आत्मानंद स्कूलों में शिक्षक भर्ती डीपीआई ने रद्द कर दी, रायपुर के 33 स्कूलों में 152 पद खाली

राजधानी के 33 आत्मानंद स्कूलों में संविदा के 152 पद अब भी खाली हैं। कुछ महीने पहले इन पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके लिए 26 मई को पात्र-अपात्र सूची भी जारी कर दी गई थी। अभ्यर्थी मेरिट सूची का इंतजार कर ही रहे थे कि 30 मई को डीपीआई ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी जिलों में आत्मानंद स्कूलों की चल रही संविदा भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी। पत्र में कहा गया कि अब भर्ती प्रक्रिया डीपीआई स्तर से कराई जाएगी। हालांकि भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी, जबकि 16 जून से प्रदेश के सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। स्कूल खुलने के लगभग एक माह होने वाला है, लेकिन डीपीआई की ओर से भर्ती को लेकर कोई नई जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में आत्मानंद स्कूलों का संचालन आधे-अधूरे स्टाफ के भरोसे हो रहा है। कई स्कूलों में आधे से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है और कुछ अभिभावक बच्चों का दूसरे स्कूलों में प्रवेश कराने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में भास्कर की पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए। इधर... भनपुरी और गुढ़ियारी स्कूल में 11-11 पद भी खालीशहर में 33 आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं। वर्ष 2023 से शशिबाला स्कूल गुढ़ियारी, सप्रे स्कूल बूढ़ापारा, काशीराम स्कूल भनपुरी, गवर्नमेंट स्कूल रायपुरा और गवर्नमेंट स्कूल त्रिमूर्ति नगर को आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के रूप में संचालित किया जा रहा है। इनमें भनपुरी और शशिबाला स्कूल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दोनों स्कूलों में 11-11 पद खाली हैं। इनमें हिंदी, संस्कृत, कॉमर्स, बायोलॉजी, आर्ट्स और फिजिक्स के व्याख्याता, हिंदी और अंग्रेजी शिक्षक, सहायक शिक्षक, लैब अटेंडेंट तथा पीटीआई के पद शामिल हैं। सप्रे स्कूल में हुआ था विवाद...छात्र-पैरेंट्स नाराजपिछले महीने बूढ़ापारा स्थित आत्मानंद (सप्रे) स्कूल में 12वीं कॉमर्स और आर्ट्स के छात्रों को शिक्षक नहीं होने के कारण दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दी गई थी। इससे छात्र और अभिभावक नाराज हो गए थे। पहले यहां डीएमएफ फंड से शिक्षकों की भर्ती की गई थी। कार्यकाल समाप्त होने पर वे चले गए। पद खाली होने के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दी थी। विरोध के बाद डीईओ ने फिर डीएमएफ फंड से शिक्षकों की नियुक्ति कराई। ऐसी तैयारी...अब तक मेरिट से भर्ती, आगे हो सकती है परीक्षाअब तक आत्मानंद स्कूलों में संविदा भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बिना होती थी। स्नातक और स्नातकोत्तर के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती थी। इसके बाद प्रत्येक पद के लिए 10-10 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाकर अंतिम सूची जारी की जाती थी। सूत्रों के अनुसार अब डीपीआई भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित कर सकता है। हालांकि इसे लेकर अभी तक किसी तरह के निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में डीपीआई रितुराज रघुवंशी से कई बार मोबाइल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उनकी तरफ से मैसेज का भी ​रिप्लाई नहीं किया गया।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:30 am

लखनऊ में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती सुधार की मांग की:इको गार्डन में इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0 का समापन, छात्रों ने उठाई आवाज

लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को शिक्षा सुधार, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर 'इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0' के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह पदयात्रा लखनऊ में समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र,युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सत्याग्रही मनीष मौर्या और लकी मौर्या ने लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें उन्होंने पांच जिलों की सीमाएं पार कीं।इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर छात्रों,युवाओं और आम लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।आंदोलनकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। शिक्षा व्यवस्था को छात्र हितैषी बनाया जाए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से परीक्षा,परिणाम और भर्तियों में देरी के साथ-साथ पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाए।यूथ इंकलाब टीम उत्तर प्रदेश ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। टीम के प्रमुख श्रेयांश यशस्वी ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि युवाओं के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एक जनआंदोलन है,जिसे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारीयों ने प्रमुख मांगे रखी आंदोलन के दौरान कई विशिष्ट मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षा पर कुल बजट का 10 प्रतिशत खर्च करना, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक स्वतंत्र संवैधानिक परीक्षा आयोग का गठन, अनुभवी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति,टीजीटी-पीजीटी सहित शिक्षक भर्तियों को प्रतिवर्ष आयोजित करना,कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना और पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह शाक्य और उनकी टीम ने आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान की,जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (एआईएसए) ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने शिक्षा सुधार और निष्पक्ष भर्ती के मुद्दे को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 10:26 pm

'छात्रों की गूंज' में शिक्षा व्यवस्था पर गरजे कवि:पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल, कविताओं के जरिए बुलंद हुई आवाज

ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी अभियान छात्रों की गूंज के तहत रविवार शाम ग्वालियर के 15 विधानसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, व्यंग्यात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देशभर में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों का विश्वास तोड़ा है। वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले छात्र जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगते हैं तो उनके भविष्य और मनोबल दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के एटा से आईं कवयित्री योगिता चौहान ने अपनी कविता के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा— देश में ये कैसा मातम छा रहा है। किस दिशा से ये अंधेरा आ रहा है। क्यों घिनौने खेल सत्ता खेलती है। साजिशें तो सिर्फ जनता झेलती है। कितने छात्रों का जनाजा जा रहा है। किस दिशा में देश जा रहा है। वहीं रीवा के कवि अमित शुक्ला ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को अपनी कविता में प्रमुखता से उठाते हुए कहा— नीट परीक्षा लीक होने से जो बच्चे फांसी पर झूल गए,तुम ही बताओ उन बच्चों का हत्यारा कौन है? कार्यक्रम में कवि अजय अंजाम (औरैया), अर्जुन अल्लड़ (कोटा, राजस्थान), अरविंद पोटा (मुरैना) और हेमंत शर्मा ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कई कविताओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई। अभियान का उद्देश्य छात्रों तक आवाज पहुंचना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्रों की गूंज अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को समाज और सरकार तक पहुंचाना तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक व्यापक जनजागरण अभियान है। भारतीय युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने छात्रों और युवाओं से इस अभियान से जुड़ने तथा अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्रों और युवाओं ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कविता के माध्यम से अपनी बात रखने वाले कवियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 9:11 pm

वाराणसी में जूना अखाड़े की बैठक:शिक्षा-कुंभ की तैयारियों पर मंथन, 5 साल बाद विद्यालय प्रबंधन का चुनाव होगा

वाराणसी के कमच्छा स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के परिसर में रविवार शाम 7:30 बजे आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में देशभर से आए नागा साधु, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और अखाड़े के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आगामी अर्धकुंभ, सिंहस्थ कुंभ, आषाढ़ शिवरात्रि, गुप्त नवरात्र और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में अखाड़े द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के विकास, विद्यालय प्रबंधन समिति के चुनाव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। संतों ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और समाज सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पहले बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के किए दर्शन बैठक में शामिल होने से पहले आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बाबा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक किया। दर्शन के बाद वे कमच्छा स्थित सभा स्थल पहुंचे, जहां संत-महात्माओं ने उनका स्वागत किया। शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर बैठक में जूना अखाड़े द्वारा संचालित भारती कॉलेज और भारतीय विद्यालय की शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। संतों ने ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की। शिक्षा के विस्तार को अखाड़े की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया। हरि गिरि महाराज ने बताया बैठक का उद्देश्य जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने कहा कि आषाढ़ मास की शिवरात्रि और गुप्त नवरात्र साधु-संतों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन भी है। उन्होंने कहा कि संत समाज बाबा विश्वनाथ और बाबा काल भैरव से समाज में न्याय, निर्भयता और सद्बुद्धि की कामना करता है। धर्म और सत्य की स्थापना के लिए सभी संत मिलकर कार्य कर रहे हैं। पांच साल बाद होगा विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव बैठक में भारतीय विद्यालय की प्रबंधन समिति के चुनाव पर भी चर्चा हुई। हरि गिरि महाराज ने बताया कि पांच साल बाद यह चुनाव कराया जा रहा है। चुनाव शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा। सोमवार सुबह 11 बजे तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्त चुनाव प्रभारी की निगरानी में कराया जाएगा। अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां शुरू बैठक में मोहन भारती ने आगामी अर्धकुंभ और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर तक टेंट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में अर्धकुंभ और नासिक में सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देशभर से पहुंचे संत-महात्मा बैठक में अखाड़ा परिषद के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरि महाराज, प्रेम गिरि महाराज, उमाशंकर भारती सहित कई महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, नागा साधु और अखाड़े के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार और कुंभ की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए। जूना अखाड़े का ऐतिहासिक महत्व श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा देश के सबसे बड़े और प्राचीन अखाड़ों में से एक माना जाता है। इसका मुख्य मठ वाराणसी के हनुमान घाट पर स्थित है। परंपरा के अनुसार इसकी स्थापना 13वीं शताब्दी के आसपास मानी जाती है, जबकि सरकारी अभिलेखों में इसका पंजीकरण वर्ष 1860 में दर्ज है। वर्ष 1954 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का गठन किया गया था, जिसके बाद विभिन्न अखाड़ों के बीच समन्वय की व्यवस्था बनाई गई।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:57 pm

सेवा भारती समिति ने दो बाल संस्कार केंद्र शुरू किए:बोले- शिक्षा और संस्कार पर दिया जाए जोर

सेवा भारती समिति जालोर द्वारा रविवार को शहर की विभिन्न बस्तियों में दो नए बाल संस्कार केंद्रों का शुभारंभ किया गया। शांति नगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख नटवरराज नागौर ने दीप प्रज्वलित कर केंद्रों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेवा भारती देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में शिक्षा केंद्र, छात्रावास, एम्बुलेंस, चल चिकित्सा केंद्र तथा सिलाई केंद्र जैसे अनेक सेवा प्रकल्प संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षित, स्वावलंबी, स्वाभिमानी और स्वस्थ बनाना ही सेवा भारती का उद्देश्य है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि नव प्रारंभ हुए बाल संस्कार केंद्र बस्ती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में विभाग सेवा प्रमुख भूपेंद्र, जिला सेवा प्रमुख मीठालाल, नगर सेवा प्रमुख जितेश, सेवा भारती जालोर के कोषाध्यक्ष जीतू भाई सोनी, केंद्र संचालिका रिंकू और बस्ती के अनेक लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 8:05 pm

कपिल सिब्बल, आप किस दुनिया में रह रहे हैं? शिक्षा सुधार, संविधान और व्यवस्था पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का बड़ा सवाल

जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कपिल सिब्बल के शिक्षा सुधार संबंधी विचारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचा गहरे संरचनात्मक संकट से गुजर रहे हैं

हस्तक्षेप 12 Jul 2026 6:14 pm

थाली बजाकर सपा महिला सभा का प्रदर्शन:शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा

बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) महिला सभा ने रविवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष स्मिता यादव के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय से अयूब खां चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा गया। प्रदर्शन से पहले, सपा कार्यालय में एक मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार पर चर्चा हुई। कई महिलाओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और उन्हें संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसके बाद, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़क पर उतरीं और नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष स्मिता यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने थाली बजाओ, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार लाओ के नारे के माध्यम से जनसमस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। स्मिता यादव ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। सरकार पर निशाना साधा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्मिता यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अपराध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्मिता यादव ने महंगाई, राशन वितरण और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का फैसला करेगी और समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा। इस कार्यक्रम में जिला महासचिव मिथलेश कुमारी, जिला उपाध्यक्ष हूरिया रहमान, शशि चंद्रा, ममता सागर, ऊषा यादव, नीलम वर्मा, आसमां पाशा, सीमा यादव, निष्ठा पटेल, शबाना, रेशमा, सीमा परवीन, कविता, दुर्गा, पूनम, समर खान, रुबीना खान, शबीना खान, आलिया, अर्शमान, आइज़ा, रेखा, शिफा और रीना सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:03 pm

आयरन लेडी फाउंडेशन ने संभाली स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी:उदयपुर के रामपुरिया गांव में शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उदयपुर के पलाना खुर्द स्थित रामपुरिया गाँव में बुनियादी शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता ने गाँव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक नए स्कूल भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, फाउंडेशन द्वारा स्कूल परिसर में एक आधुनिक पानी की टंकी और शौचालय का निर्माण भी करवाया गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम का सफल संचालन स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह ने किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और 'आयरन लेडी फाउंडेशन' की प्रमुख राशी मेहता का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना को साकार करने में 'मंत्रा फॉर चेंज फाउंडेशन' की संतोष जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर गाँव की जागरूक शिक्षिका आरती बेनीवाल और मधु लता शर्मा भी उपस्थित रहीं। रामपुरिया गाँव में इस नई शुरुआत को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ-साथ मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से इन्द्रा भील, प्रभु लाल खटीक, कनक खटीक और सविना बाई मौजूद रहे। समारोह में उपस्थित अतिथियों और फाउंडेशन की प्रमुख राशी मेहता ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए एक विशेष अपील की। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान देने का आग्रह किया। मेहता ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजकर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं, ताकि वे अपने गाँव और समाज का नाम रोशन कर सकें।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 4:16 pm

ट्रांसफर बेन के बाद शिक्षा विभाग में 2 हजार तबादले:10 जुलाई तक ई-हस्ताक्षर से जारी हुई लिस्ट, अब डायरेक्टर ने हाथ से किए हस्ताक्षर

राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई से तबादलों पर रोक लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग में इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर जारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 1 हजार 987 प्रिंसिपल, लेक्चरर, ग्रेड सेकंड टीचर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के तबादलों की नई सूची जारी की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई तक जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-हस्ताक्षर थे, जबकि रविवार को सामने आई सूची में उनके हाथ से किए गए हस्ताक्षर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी शिक्षा विभाग में तबादले जारी रह सकते हैं। 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के हुए ट्रांसफर शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई ट्रांसफर सूची में 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब डेढ़ हजार ट्रांसफर भी किए गए हैं। बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी हुए तबादले नई सूची में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। एक ही सूची में लाइब्रेरियन और बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के 278 ट्रांसफर शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों की अलग-अलग सूचियों में 408 और 237 ट्रांसफर किए गए हैं। पहले जारी तबादलों में भी किया बदलाव शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई से पहले जिन प्रिंसिपल और लेक्चरर के ट्रांसफर किए थे, उनमें भी बदलाव किया है। सात प्रिंसिपल से जुड़ी नई सूची जारी की गई है। इसमें छह प्रिंसिपल का तबादला किया गया है, जबकि एक प्रिंसिपल के मामले में केवल स्कूल बदला गया है। आने वाले दिनों में और सूची आने की संभावना माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेश भी हाथ से हस्ताक्षर करके जारी किए जाने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इन सूचियों के जारी होने की चर्चा भी चल रही है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 9:24 am

व्यावहारिक शिक्षा से संवर रहा भविष्य

भास्कर न्यूज | जालंधर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में टूरिज्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ शानदार व्यावहारिक अनुभव दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी छात्रों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, सिमुलेशन और यूनि होटल में वास्तविक मेहमानों की सेवा के जरिए नौकरी के लिए तैयार कर रही है। एलपीयू में बीबीए (टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी एंड इवेंट मैनेजमेंट), बीएससी (एयरलाइंस, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी) और बैचलर इन होटल मैनेजमेंट जैसे कई कोर्स संचालित हैं। छात्रों को आधुनिक तकनीकों जैसे एआई-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म, अमेडस, गैलिलियो और ओपेरा सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाता है। वैश्विक स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने 80 से अधिक देशों की 550 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज के साथ समझौता किया है, जिससे छात्रों को सेमेस्टर एक्सचेंज और इंटरनेशनल क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधाएं मिलती हैं। बेहतरीन ट्रेनिंग के बूते यहां के छात्रों को एयर इंडिया, इंडिगो, कतर एयरवेज, द ओबेरॉय और आईटीसी जैसी नामी कंपनियों में नियुक्तियां मिली हैं। छात्रों को अधिकतम 37 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज और अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप के दौरान 3.4 लाख रुपये तक का मासिक स्टाइपेंड मिला है। साथ ही, 'अर्न योर फीस बैक' योजना से छात्र पढ़ाई के साथ कमाई भी कर रहे हैं। हाल ही में यहाँ के होटल मैनेजमेंट विभाग ने 10,829 तिरंगे मैकरॉन बनाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' में भी अपना नाम दर्ज कराया है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:37 am

शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अफसरों की विदाई, सम्मानित भी किया गया

भास्कर न्यूज | जांजगीर केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में बलौदा विकासखंड के शिक्षा विभाग द्वारा विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा संभाग बिलासपुर के सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक आरपी आदित्य और राजीव गांधी शिक्षा मिशन जांजगीर के पूर्व जिला परियोजना समन्वयक हरिराम जायसवाल के सम्मान में रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वर्तमान संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित थे। अपने प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए आर. पी. आदित्य ने कहा कि यदि आप अनुशासन का पालन करते हैं और दैनिक कार्यों की योजना बनाकर चलते हैं, तो कोई भी काम समय पर पूरा करना कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे सेवाकाल में विभिन्न उच्च पदों पर रहने के बावजूद उन्हें कभी किसी बड़ी समस्या या शिकायत का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, हरिराम जायसवाल ने अपने 43 वर्षों के दीर्घकालिक और बेदाग शिक्षक जीवन के अनुभव साझा करते हुए सेवामुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। वर्तमान संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज ने जांजगीर को अपना प्रिय जिला बताते हुए यहां के अधिकारियों और शिक्षकों के आपसी तालमेल की प्रशंसा की। बलौदा बीईओ रवि गौतम ने स्वागत भाषण में कहा कि विभागीय दायित्वों से मुक्त होते समय शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना ही दोनों अधिकारियों के समर्पण को दर्शाता है।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

कौशल शिक्षा और बालिका शिक्षा पर सबसे ज्यादा निवेश:एनईपी - 1404 करोड़ खर्च, टीचर ट्रेनिंग, बच्चों की शिक्षा कमजोर

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) लागू होने के छह वर्ष बाद छत्तीसगढ़ में इसके क्रियान्वयन की तस्वीर सामने आई है। इस अवधि में राज्य में करीब 1404 करोड़ रुपए खर्च किए गए। सबसे अधिक निवेश कौशल आधारित शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और बालिका शिक्षा पर हुआ, लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के विस्तार जैसे अहम क्षेत्रों में खर्च अपेक्षाकृत कम रहा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि हजारों बच्चे अब भी स्कूल से बाहर हैं और सीखने के स्तर में आई गिरावट दूर करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब निवेश का फोकस शिक्षक प्रशिक्षण और शुरुआती कक्षाओं पर बढ़ाना होगा। एनईपी के तहत कुल 32,767.34 लाख रुपए के बजट में केंद्र सरकार ने 19,660.43 लाख रुपए (करीब 60%) और राज्य सरकार ने 13,106.92 लाख रुपए (करीब 40%) का योगदान दिया। प्रदेश में ये बदलाव हुए शिक्षाविद की राय: एनईपी पर कई पुस्तकें लिख चुके दानीराम वर्मा के मुताबिक केवल पुरानी व्यवस्था में नए प्रावधान जोड़ने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। शिक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं। छत्तीसगढ़ की शुरुआती उपलब्धियां उत्साहजनक हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता और शिक्षक क्षमता निर्माण पर लंबा काम बाकी है। जहां सबसे ज्यादा निवेश हुआ जहां सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा का संकट:रोजगार की गारंटी वाले 32 कोर्स तीसरे साल फ्लॉप, दो कॉलेज बंद होने जा रहे

पहले विश्वविद्यालय छात्रों की मांग देखकर नए कोर्स शुरू करते थे, लेकिन अब कोर्स शुरू कर छात्रों का इंतजार कर रहे हैं। बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (एयू) की मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया ने उच्च शिक्षा की इस बड़ी विडंबना को उजागर कर दिया है। उद्योग और बाजार की जरूरतों का हवाला देकर तीन साल पहले शुरू किए गए विश्वविद्यालय के 32 डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स छात्रों को आकर्षित करने में नाकाम रहे हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों में महज दो से सात आवेदन ही आए हैं, जबकि कुछ में तो खाता तक नहीं खुला है। यह केवल एक विश्वविद्यालय का संकट नहीं है, बल्कि बदलती छात्र-मानसिकता और उच्च शिक्षा की योजनाओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत है। सरकार जहां एक ओर रोजगार आधारित शिक्षा पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र उन्हीं पाठ्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं जिन्हें ‘रोजगारपरक’ बताकर प्रचारित किया गया था। आधी सीटें भी नहीं भर सकीं, संस्थानों के अस्तित्व पर संकट एयू से संबद्ध 110 कॉलेजों में इस वर्ष कुल 35,255 सीटें उपलब्ध हैं। अब तक 16 हजार के आसपास ही आवेदन ही मिले हैं। यानी आधी सीटों के लिए भी छात्र नहीं जुट पाए हैं। इसके अलावा, यूजी और पीजी की कुल 55,180 सीटों पर पहली मेरिट सूची जारी होने के बाद अब तक सिर्फ 364 छात्रों (कुल सीटों का लगभग 1%) ने ही प्रवेश लिया है। छात्रों की इस घटती संख्या का सीधा असर अब शिक्षण संस्थानों के वजूद पर दिखने लगा है। ओरिएंटल कॉलेज और कोरबा कंप्यूटर कॉलेज ने विश्वविद्यालय से अपनी संबद्धता समाप्त करने (बंद होने) का आवेदन दे दिया है। सरकारी कॉलेजों और सीयू का भी यही हाल रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों के प्रति यह उदासीनता केवल एयू तक सीमित नहीं है। पिछले सत्र में बिलासा गर्ल्स कॉलेज में बीएससी क्लीनिकल न्यूट्रीशन की 140 सीटें, बीएससी फूड साइंस की 135 सीटें और फैशन डिजाइनिंग की 25 सीटें खाली रह गईं। बेसिक एंड एडवांस स्पोर्ट्स फिटनेस की 40 सीटों के लिए केवल 17 आवेदन आए। इसी तरह, केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) में भी एमएससी रूरल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, बीलिब, बीपीएड, एमसीए और फॉरेंसिक साइंस जैसे कोर्स अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर सके। इन प्रमुख कोर्सों से छात्रों ने बनाई दूरी विश्वविद्यालय ने तीन साल पहले साइबर सिक्योरिटी, होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, जीएसटी, ई-कॉमर्स, रिटेल मैनेजमेंट, टूरिज्म, बायोफ्यूल, फूड सेफ्टी और इंग्लिश कम्युनिकेशन जैसे 32 नए कोर्स इस उम्मीद के साथ शुरू किए थे कि हर साल प्रवेश बढ़ेंगे। लेकिन स्थिति साल-दर-साल खराब होती गई। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. सुधीर शर्मा, पूर्व कुलसचिव, एयू छात्रों ने विश्वविद्यालय से ज्यादा बाजार को पढ़ लिया छात्रों ने विश्वविद्यालय से ज्यादा बाजार को पढ़ लिया है। इस बार का सबसे बड़ा संदेश यह है कि छात्र विश्वविद्यालयों की योजना से नहीं, नौकरी के बाजार से अपना भविष्य तय कर रहे हैं। बीए में इसलिए भीड़ है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी है। लॉ इसलिए पसंद है, क्योंकि करियर स्पष्ट दिखता है। कंप्यूटर साइंस और बीसीए इसलिए क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर अभी भी अवसर दे रहा है। लेकिन जिन कोर्सों में नौकरी का रास्ता साफ नहीं है। उस दिशा में छात्र जाना ही नहीं चाहते।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

चावल और हल्दी से लिखा पहला अक्षर, रॉकवुड्स में नन्हों ने शिक्षा जगत में रखा कदम

उदयपुर | रॉकवुड्स हाई स्कूल में नर्सरी के विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक अध्याक्षरम् 2026-27 समारोह का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने भारतीय परंपरा के अनुसार पहले चावल पर और फिर हल्दी से कागज पर अपना पहला अक्षर लिखकर शिक्षा के क्षेत्र में शुभारंभ किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात ऑन्कोलोजिस्ट डॉ. मनोज महाजन रहे, जबकि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अंबिका सोलंकी और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राहुल चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 5:30 am

शिक्षकों को 5 साल से नहीं मिला प्रोन्नत वेतनमान:विधान परिषद की आश्वासन समिति सख्त; बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमोशन और प्रोन्नत वेतनमान (प्रमोटेड पे-स्केल) को लेकर विधान परिषद सचिवालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब–तलब किया है। प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों में पिछले 5 सालों से एक भी शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिला है। ये मामला विधान परिषद की आश्वासन समिति में उठाया गया था। विधान परिषद के संयुक्त सचिव मुनेश कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर इस मामले में एक महीने के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। क्या है पूरा मामला? विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा (वाराणसी खंड स्नातक) ने 13 फरवरी 2026 को सदन में तारांकित प्रश्न संख्या-12 के जरिए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से पूछा था कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान दिया जा रहा है या नहीं? उन्होंने पिछले 5 वर्षों में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर में लाभ पाने वाले और लंबित पड़े मामलों का पूरा विवरण मांगा था। सरकार ने कहा था, 5 साल में नहीं दिया प्रोन्नत वेतनमान बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सदन में जो लिखित उत्तर दिया, वह चौंकाने वाला था। उन्होंने जवाब में कहा था कि वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर जिलों में भी पिछले 5 वर्ष में किसी शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया। सरकार ने सदन को आश्वासन दिया था कि इन चारों जनपदों के लंबित मामलों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियम क्या कहता है?

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 8:29 pm

अयोध्या के 690 स्कूलों में 10 से कम नामांकन:बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी दी, 3 दिन का समय

अयोध्या जिले के परिषदीय विद्यालयों में नए छात्रों के नामांकन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रेरणा पोर्टल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 690 परिषदीय विद्यालयों में नए नामांकन 10 से भी कम हैं। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी जारी की है। बीएसए लालचंद ने 11 जुलाई 2026, शनिवार को यह चेतावनी जारी की। प्रेरणा पोर्टल की समीक्षा में सामने आया है कि इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और स्टाफ ने नामांकन बढ़ाने के लिए न तो कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई और न ही सार्थक प्रयास किए। विभाग ने इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना और कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। बीएसए लालचंद ने बताया कि कम नामांकन वाले विद्यालयों को नोटिस जारी किया जाएगा और संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों को प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यालय प्रबंध समिति और मातृ समूह के साथ बैठक कर तत्काल नामांकन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घर-घर संपर्क अभियान चलाकर नए बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा है। बीएसए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर नामांकन में संतोषजनक वृद्धि नहीं होती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित विद्यालय प्रमुख की होगी।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:22 pm

दिल्ली के 75 सीएम-श्री स्कूलों में लगेगा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम:IGL, शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच समझौता, CSR पहल के तहत होगा काम

दिल्ली को पानी के संकट से उबारने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के 75 सीएम श्री (CM SHRI) स्कूलों में वर्षा जल संचयन बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच हुआ है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल के तहत इस पूरी परियोजना को सपोर्ट कर रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से चुनिंदा स्कूलों में छतों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली बनाई जाएगी। इससे न केवल बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकेगा, बल्कि भूजल स्तर को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों में बढ़ेगी जागरूकता इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। इसके तहत स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों के बीच पानी बचाने और उसके सही उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। एक हरित और जल-सुरक्षित दिल्ली की ओर कदम यह एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक परियोजना) है। इस पहल की सफलता के बाद आने वाले समय में दिल्ली के अन्य सभी सरकारी और नगर निगम (MCD) के स्कूलों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जो दिल्ली को अधिक हरित और जल-सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 4:34 pm

एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों पर भर्ती:उच्च शिक्षा निदेशालय प्रयागराज ने चयन आयोग को भेजा अधियाचन

उत्तर प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2,107 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। प्रयागराज स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन पदों का ऑनलाइन अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को भेज दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि एडेड महाविद्यालयों के रिक्त पदों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अब भर्ती का विज्ञापन जारी करने और आवेदन लेने की प्रक्रिया आयोग द्वारा संचालित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा जा चुका है, जिसका विज्ञापन 15 जुलाई के आसपास जारी होने की संभावना है। वर्तमान में, वर्ष 2022 में जारी विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 34 विषयों के लिए 1017 पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसकी परीक्षा के परिणाम हाल ही में जारी किए थे। सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 जुलाई से शुरू होंगे, जिसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना जरूरी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, नेट (NET) उत्तीर्ण होना भी आवश्यक है। यदि कोई अभ्यर्थी नेट उत्तीर्ण नहीं है, तो यूजीसी के नियमानुसार उसके पास पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री होनी चाहिए। प्रदेश में बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक में शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2023 में गठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब चयन प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। आयोग वर्तमान में लंबित भर्तियों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके बाद नई भर्तियों के विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 1:07 pm

बिना NOC असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त:उच्च शिक्षा सचिव और पीएससी को जांच करने दिए निर्देश, कहा-120 दिन में जांच कर लें निर्णय

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में की गई गड़बड़ी पर सख्ती दिखाई है। राजनीति शास्त्र के उम्मीदवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा सचिव और पीएससी को जांच कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 120 दिन का समय दिया गया है। याचिका के अनुसार बिना एनओसी के राजनीति शास्त्र के एक असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति दे दी गई है। रायगढ़ जिले के अली हसन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2019 में सहायक प्राध्यापक (राजनीति शास्त्र) के 59 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। वर्ष 2021 में जारी अंतिम चयन परिणाम में रायगढ़ के अली हसन को अनारक्षित वर्ग की प्रतीक्षा सूची में पहला स्थान मिला। बगैर एनओसी हरियाणा के असिस्टेंट प्रोफेसर को दी नियुक्ति याचिकाकर्ता ने बताया कि, चयन सूची का बारीकी से अध्ययन करने पर हसन को पता चला कि मुख्य सूची में चयनित रंजन तिवारी पहले से ही हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा निदेशालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। जिस पर याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत हरियाणा सरकार से जानकारी मांगी। इसमें पता चला कि रंजन तिवारी 13 फरवरी 2020 से हरियाणा के महेंद्रगढ़ शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने सीजीपीएससी की परीक्षा में शामिल होने या कार्यभार ग्रहण करने के लिए अपने नियोक्ता से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया था। इसके बावजूद, 29 अप्रैल 2022 को रंजन तिवारी की नियुक्ति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा, जिला बलौदाबाजार में कर दी गई। नियमों की अनदेखी का आरोप जस्टिस राकेश मोहन पांडे की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट ने तर्क दिया कि सरकारी या अर्ध-सरकारी विभागों में कार्यरत अभ्यर्थियों के लिए कार्यभार ग्रहण करते समय नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। नियमों के तहत यदि किसी अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र या जानकारियां गलत पाई जाती हैं, तो उन्हें बिना पूर्व सूचना के सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है और आईपीसी के के तहत कार्रवाई हो सकती है। कॉलेज के प्राचार्य ने माना- एनओसी नहीं मिला अली हसन द्वारा 18 मई 2022 को भाटापारा कॉलेज में लगाई गई सूचना के अधिकार के जवाब में प्राचार्य ने स्वीकार किया था कि रंजन तिवारी ने 23 मई 2022 को कार्यभार तो ग्रहण कर लिया, लेकिन कार्यालय में कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:58 pm

ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षाकर्मी अभी नहीं होंगे रिलीव:31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक तबादला पाए कार्मिक भी रुकेंगे

टोंक समेत प्रदेशभर में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) के तहत चल रहे ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सर्वे में नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशक, सभी संभाग और सभी जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को वर्तमान में कार्यमुक्त नहीं किया जाए। नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगी है ड्यूटी राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) की ओर से करवाए जा रहे सर्वे में शिक्षा विभाग के कार्मिकों को नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगाया गया है। ऐसे में उनके कार्यमुक्त होने से सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। हाल ही में हुए हैं शिक्षा विभाग में तबादले ज्ञात रहे कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश के बाद शिक्षा विभाग को 3 जुलाई को स्थानान्तरण में शिथिलता दी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के सैकड़ों अधिकारियों और कार्मिकों के तबादला आदेश जारी किए गए। इनमें कई ऐसे कार्मिक भी शामिल हैं जिनकी ड्यूटी वर्तमान में ओबीसी सर्वे में लगी हुई है। 31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक नहीं होगी कार्यमुक्ति इसको लेकर निदेशक सीताराम जाट ने शुक्रवार शाम को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओबीसी सर्वे कार्य में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने तक या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाए और आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। शिक्षक संघ ने आदेश का किया स्वागत शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है और जो वर्तमान में ओबीसी सर्वे में नियुक्त हैं, उन्हें निदेशक के आदेशानुसार सर्वे कार्य पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जिससे सर्वे का काम तय समय में पूरा हो सके।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:00 pm

ई-शिक्षाकोष पर शिक्षक ने 1000km दूर से लगाई हाजिरी:किशनगंज में ठाकुरगंज के 5 टीचर और एक प्रधानाध्यापक निलंबित, सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला

बिहार सरकार की ई-शिक्षाकोष आधारित ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में गंभीर अनियमितता सामने आई है। शिक्षा विभाग ने ठाकुरगंज प्रखंड के पांच शिक्षकों और एक प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि वे अपने विद्यालयों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नासिर हुसैन के निर्देश पर की गई समीक्षा में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) द्वारा 14 मई 2026 को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के आंकड़ों की विस्तृत जांच की गई थी। इस जांच में कई शिक्षकों की लोकेशन और उपस्थिति संदिग्ध पाई गई। 1097 किलोमीटर दूर रहकर लगाया अटेंडेंस सबसे गंभीर मामला मध्य विद्यालय भोगडाबर के विशिष्ट शिक्षक मो. नाहिद रजा का सामने आया। विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने विद्यालय से लगभग 1097 किलोमीटर दूर रहते हुए भी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज की थी। विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया फर्जी उपस्थिति मानते हुए मो. नाहिद रजा को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डांगीबस्ती की शिक्षिका सोनम राय, नया प्राथमिक विद्यालय गिधिन गोला पासवान टोला के विशिष्ट शिक्षक प्रवीण कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुराघाटी के प्रधानाध्यापक महबूब आलम और उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचोंदी के विद्यालय अध्यापक लोकेश कुमार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला माना है। विभाग के आदेश में कहा गया है कि विद्यालय से अत्यधिक दूरी पर रहते हुए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना बिहार सेवा नियमों और विभागीय अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है। इससे न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। आरोपित शिक्षकों के खिलाफ आरोप-पत्र गठित विभाग ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2024 के तहत सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ आरोप-पत्र गठित कर नियमित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापक का मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ई-शिक्षाकोष प्रणाली में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या फर्जी उपस्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 12:00 pm

दिव्यांग बालिका दीपिका को ट्राईसाइकिल मिली:स्कूल जाने के लिए औरैया DM से लगाई थी गुहार, बोले- कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने एक दिव्यांग बालिका दीपिका को ट्राईसाइकिल प्रदान की। अजीतमल ब्लॉक के नबले का पुर्वा गांव निवासी जितेंद्र कुमार की पुत्री दीपिका ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी से सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। दीपिका एक दिव्यांग बालिका है, जिसका विद्यालय उसके घर से लगभग दो किलोमीटर दूर है। विद्यालय आने-जाने में उसे काफी कठिनाई होती थी, लेकिन वह नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त करना चाहती है। उसकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मामले का परीक्षण कराया। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अपने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में दीपिका को यह सहायक उपकरण उपलब्ध कराया। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद दीपिका और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। दीपिका के माता-पिता ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब उनकी बेटी को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे वह अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी बच्चा आर्थिक, सामाजिक या शारीरिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन और जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और सहायक उपकरणों का लाभ समय पर मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि पात्र दिव्यांगजन विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें। साथ ही, किसी भी समस्या के समाधान के लिए जनता दर्शन और जनसुनवाई व्यवस्था का उपयोग करें।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 9:03 am

सड़क पर क्लास लगाने वाले दो शिक्षकों को नोटिस:वीडियो के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कलेक्टर ने भी बुलाया

सीधी जिले के मझौली जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी में सड़क पर कक्षा संचालित करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों ने छात्रों को सड़क पर बैठाकर पढ़ाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वायरल वीडियो और समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने शुक्रवार देर रात दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र सीधी द्वारा प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेश कुमार द्विवेदी और माध्यमिक शिक्षक रामदत्त पनिका को जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि शिक्षकों ने विद्यालय पहुंच मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में विभागीय या प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व सूचना दिए बिना बरसात के मौसम में विद्यार्थियों को खुले और असुरक्षित स्थान पर बैठाकर कक्षाएं संचालित कीं। विभाग ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत गंभीर लापरवाही माना है। कलेक्टर ने भी बुलाया दोनों शिक्षकों को 13 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने वाले दोनों रास्ते भूमि स्वामियों द्वारा बंद कर दिए गए थे। उनका कहना था कि बरसात के दौरान हर वर्ष यही स्थिति बनती है और विद्यालय तक पहुंचने का कोई स्थायी मार्ग नहीं है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण मजबूरी में सड़क पर कक्षा लगाकर विरोध दर्ज कराया गया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 8:51 am

शिक्षा रथ ने बढ़ाया विद्यार्थियों का नामांकन

पानीपत | शहर की शिवनगर कॉलोनी में शिक्षा विभाग के शिक्षा रथ ने घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से संवाद किया। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बारे में नागरिकों को जागरूक करना रहा। राकेश बूरा ने कहा कि हरियाणा के सरकारी विद्यालय शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल कराने की अपील करते हुए नारा दिया, ‘दो रोटी कम खाओ, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। जिला कल्चरल कोऑर्डिनेटर संदीप रत्तेवाल ने सरकारी विद्यालयों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, वर्दी और छात्रवृत्ति सहित उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख किया।

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 6:01 am

खेल-शिक्षा दोनों से खिलवाड़, प्रवेश नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित:फरवरी में 816 खिलाड़ियों का चयन; अप्रैल से खुलनी थीं 25 एकेडमियां, अब तक लगे हैं ताले

राजस्थान में खिलाड़ियों के खेल के साथ शिक्षा से भी खिलवाड़ हो रहा है। राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रदेश की 25 रेजिडेंशियल खेल एकेडमियों के लिए 816 खिलाड़ियों का चयन 9 से 17 फरवरी के बीच कर लिया, लेकिन एकेडमियां अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इन्हें 1 अप्रैल से खोलने की योजना थी, ताकि खिलाड़ियों का स्कूलों में प्रवेश हो सके और गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप में अनुभवी कोचों से प्रशिक्षण लें। लेकिन अधिकारी तीन माह से फूड टेंडर की प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं। टेंडर नहीं होने से एकेडमियों पर ताले लगे हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल अब पुराने ठेकेदार को ही भोजन व्यवस्था का काम देकर एकेडमियां जल्द शुरू कराने की तैयारी में है। लेकिन उसने बकाया भुगतान के बाद ही काम करने की बात कही है। 25 रेजिडेंशियल एकेडमियां चल रही, इनमें से 10 जयपुर में पहला यूनिट टेस्ट हो चुका, बोर्ड फॉर्म की तारीख भी नजदीक एक कोच ने बताया, ‘एकेडमियां शुरू नहीं हुई हैं। पहला यूनिट टेस्ट हो चुका है और दूसरा इसी माह है। 10 अगस्त से पहले बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म भरे जाने हैं। अगर 20 जुलाई तारीख से भी एकेडमियां शुरू होती हैं तो खिलाड़ी न खेल में आगे बढ़ पाएंगे और न ही शिक्षा में।’ एकेडमियों में चयन को लेकर भी शिकायतें हैं। एक ही क्षेत्र और जाति के खिलाडि़यों का चयन किया। कई एकेडमियां ऐसी हैं, जिनमें उस खेल के कोच ही नहीं हैं। इस सप्ताह एकेडमियां शुरू कर देंगे : मीणा टेंडर प्रक्रिया में अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि एक सप्ताह में एकेडमियां शुरू कर देंगे। फिलहाल पुराने ठेकेदार को ही भोजन व्यवस्था का काम देने की योजना है, ताकि एकेडमियां जल्द शुरू हो सकें। -राजकेश मीणा, सचिव, राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 5:30 am

प्रयागराज में पेपर लीक पर छात्रों का मशाल जुलूस:जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रयागराज में देर शाम छात्रों ने शुक्रवार को मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अंबेडकर छात्रावास में जातिगत उत्पीड़न के आरोपों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के विरोध में किया गया। छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक पर रोक, नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने की मांग की। यह जुलूस सलोरी स्थित अंबेडकर छात्रावास से बैंक रोड तक निकाला गया। जुलूस के बाद एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि यूपी लेखपाल, यूपीएसआई, टीजीटी, पीजीटी, नीट और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी कई भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि इन गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने अंबेडकर छात्रावास की अधीक्षिका पर जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने कहा कि प्रदेश में जातिगत घटनाएं और परीक्षा संबंधी अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई प्रमुख परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामलों पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है। शशांक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्रनेता श्रीकांत अंबेडकर ने उच्च शिक्षा संस्थानों और छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव तथा शिक्षा क्षेत्र में लगातार फंड कटौती पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। आइसा इलाहाबाद की अध्यक्ष सोनाली ने बताया कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में देशभर के छात्र एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। राजनीतिक विज्ञान के शोध छात्र बृजेश ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के नियमों में बार-बार बदलाव से अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और युवाओं के हितों की रक्षा करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 11:18 pm

जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल का समर्थन:बक्सर में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

बक्सर में आइसा, इनौस और आरवाईए के बैनर तले छात्र-युवाओं ने शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, पेपर लीक की घटनाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध मार्च अंबेडकर चौक से ज्योति चौक तक निकाला गया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने किया, जबकि आरवाईए के जिला संयोजक राजदेव सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लें कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डुमरांव के पूर्व विधायक और इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा रहे। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 दिनों से जारी भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट, यूजीसी-नेट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और NTA की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें समाप्त करने की मांग उठाई। शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा नेताओं ने कहा कि शिक्षा का लगातार निजीकरण हो रहा है, जिससे गरीब, दलित, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार संबंधी परीक्षाओं में नियमों में बार-बार बदलाव कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐपवा नेता संध्या पाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फंड में कटौती, छात्रावासों की बदहाल स्थिति और लगातार हो रहे पेपर लीक को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। प्रदर्शन और सभा में आरवाईए के राज्य नेता बीरन यादव, जिला नेता रवि मौर्या, रविशंकर राम, बलीराम पासवान, कृष्णा यादव, दीपू कुमार, सर्वेश पांडेय, बब्लू कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 8:52 pm

KGMU कुलपति को लेकर विधायक रागिनी ने लिखा लेटर:राष्ट्रपति-पीएम भेजा, कहा- एससी-एसटी या OBC वर्ग के शिक्षाविद् को मौका मिले

जौनपुर के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के अगले कुलपति की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने कुलपति पद पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य और अनुभवी शिक्षाविद की नियुक्ति किए जाने की मांग की है। 10 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में डॉ. सोनकर ने कहा कि वर्तमान कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त हो रहा है और नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप नियुक्ति की जानी चाहिए। पत्र लिखकर दिए ये तर्क पत्र में उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में आरक्षित वर्ग के 108 शिक्षकीय पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 78 पदों को नॉट फाउंड सूटेबल बताकर रिक्त छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्य परिषद से स्वीकृत लगभग 100 शिक्षकीय पदों का अब तक विज्ञापन नहीं किया गया और कई अवसरों पर संविदा के माध्यम से नियुक्तियां की गईं। इसलिए की मांग डॉ. रागिनी सोनकर ने पत्र में कहा कि KGMU के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में अब तक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसी शिक्षाविद को कुलपति बनने का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने इसे केवल प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक भागीदारी का विषय बताया। विधायक ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि KGMU के अगले कुलपति के चयन में सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और समावेशी प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के किसी योग्य, अनुभवी और उत्कृष्ट शिक्षाविद को कुलपति नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:11 pm

वल्लभनगर में शिक्षक संघ ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया:सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और तबादलों की मांग उठाई, बोले- राहत दी जाए

वल्लभनगर में राजस्थान पंचायतीराज और माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेश के राजकीय स्कूलों के सुदृढ़ीकरण और टीचर्स की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया है। टीचर्स ने बताया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श स्कूल की संकल्पना को पूरा करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। बोले- 48 हजार से अधिक पद खाली ज्ञापन में तृतीय श्रेणी टीचर्स के तबादलों को लेकर प्रमुख मांग उठाई गई है, जो सत्र 2018 के बाद से नहीं हुए हैं। संगठन ने इनके शीघ्र ट्रांसफर और टीएसपी से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में टीचर्स के समायोजन की मांग की। पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी टीचर्स की वरिष्ठ टीचर पद पर पदोन्नति नहीं हुई है, जिससे प्रदेश में 48 हजार से अधिक पद खाली हैं। एडिशनल विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में सरकार से प्रभावी पैरवी कर डीपीसी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह भी किया गया है। शिक्षकों ने वित्त विभाग ने 2 जून को जारी सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है। इससे तृतीय श्रेणी टीचर्स को उच्च पद पर जाने पर आरएसआर नियम 24 और 26 के तहत 100 प्रतिशत वेतन संरक्षण का लाभ मिल सकेगा। साल 2010 से पूर्व नियुक्त तृतीय श्रेणी टीचर्स के लिए रीट उत्तीर्ण करने की बाध्यता को हटाने की भी मांग की गई है, ताकि उन्हें सेवा अनुभव के मूल्यांकन, विशेष प्रशिक्षण और अतिरिक्त अवसर देकर व्यावहारिक राहत मिल सके। झालावाड़ के पिपलोद में हुई घटना के बाद जमींदोज किए गए जर्जर कक्षा-कक्षों, शौचालयों और रसोईघरों के पुनर्निर्माण के लिए जल्द से जल्द बजट जारी करने की मांग की गई है, ताकि बाधित हो रहा शैक्षणिक कार्य सुचारू हो सके। कर्मचारियों और शिक्षकों के पेंशन प्रकरण, सरेंडर लीव, जीपीएफ और राज्य बीमा राशि के भुगतान पर लगी अघोषित आर्थिक नाकेबंदी को खत्म कर तुरंत भुगतान व्यवस्था शुरू करने की भी अपील की गई है। संघ ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साल 2015 में बनी स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था को लागू करने की मांग की। इसके तहत नवक्रमोन्नत और अतिरिक्त संकाय वाले सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। संगठन ने आशा व्यक्त की है की छात्र हित और टीचर हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द ही उचित निर्णय लेगी। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री तुलसीराम सुथार, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल लक्षकार, जिला उपाध्यक्ष पुष्कर लोहार, संघर्ष समिति प्रभारी दशरथ सिंह, नरेंद्र अवाना, उदय सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 6:09 pm

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को बीसीआई से विधि उपाधि मान्यता मिली:देवीपाटन मंडल में विधि शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से विधि उपाधि प्रदान करने की मान्यता मिल गई है। इस संबंध में शासनादेश 3 जुलाई को जारी हुआ था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन को शुक्रवार को प्राप्त हुआ। बीसीआई की विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय के निरीक्षण और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद यह स्वीकृति दी है। यह मान्यता अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 7(1)(i) और विधि शिक्षा नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत प्रदान की गई है। बीसीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय को निर्धारित मानकों और शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, छह माह के भीतर आवश्यक शपथपत्र और अन्य अभिलेख परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय विधि शिक्षा के क्षेत्र में नियमित रूप से पाठ्यक्रम संचालित कर सकेगा। कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने देवीपाटन मंडल के सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली यह मान्यता मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे बलरामपुर सहित देवीपाटन मंडल और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:34 pm

रोहतक में पूर्वमंत्री ने सरपंच को सुनाई खरी-खोटी:मंच से बोले ग्रोवर, कार्यक्रम में बुलाकर शिक्षामंत्री का किया अपमान, मंत्री रहे सावधान

रोहतक के गांव काहनौर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मंच से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरपंच निशा देवी व उसके पति नवीन को खूब खरी खोटी सुनाई। मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि सरपंच जो दिल से पार्टी के साथ नहीं, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि काहनौर गांव में 9 हजार लोग हैं और 6500 वोट है। दो दिन पहले ही सरपंच की तरफ से कार्यक्रम दिया गया, लेकिन आज कार्यक्रम में सरपंच का एक आदमी भी नहीं आया। सरपंच ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को बुलाकर उनका अपमान किया है। सरपंच केवल पैसा लेने के लिए आते है, ऐसे सरपंचों को पहचाने। पैसा लेने के लिए भाजपा, दिल से कांग्रेसीपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरपंच बेचारे से होकर नहीं आते। हमें पहचानना होगा कि किस सरपंच को किस मंत्री के पास लेकर जाना है। सरपंच जो दिल से भाजपा पार्टी के साथ नहीं है, उसके साथ वैसा व्यवहार करें। यह नहीं कि सिर्फ पैसे लेकर चले जाएं और दिल किसी ओर के पास हो। पैसे लेने के लिए भाजपा और दिल से कांग्रेसी बने रहे। भाजपा की विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति भविष्य में बनेगा सरपंचपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि आने वाले समय में सरपंच भाजपा का बनेगा। जो भाजपा पार्टी की विचारधारा से दिल से जुड़ेगा, सरकार भी दिल खोलकर पैसा देगी। यह नहीं चलेगा कि किसी मंत्री से रिबन कटवाकर बाद में पैसे ले ले और गुणगान दूसरी पार्टी का करे। जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका भी ऐसे लोगों से सावधान रहे। कांग्रेस से जुड़े होने का लगाया आरोपपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने गांव की सरपंच निशा देवी व उनके पति नवीन का कांग्रेस से जुड़ाव बताया। नवीन के पिता भूप सिंह कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। ऐसे में शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा का कार्यक्रम तो ले लिया, लोगों को कार्यक्रम में नहीं लेकर आए, जिससे मंत्री का भी अपमान किया है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:32 pm

मनोरमा यादव ने कोटपूतली-बहरोड़ में कार्यभार संभाला:स्काउट-गाइड संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी का स्वागत किया

कोटपूतली जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, कोटपूतली-बहरोड़ के पद पर मनोरमा यादव ने कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। स्थानीय संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंटकर मनोरमा यादव को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जिले में शिक्षा के साथ-साथ स्काउट-गाइड गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। पदाधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर मनोरमा यादव का अभिनंदन किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रशासन और स्काउट-गाइड जैसी संस्कारमूलक गतिविधियों के बेहतर समन्वय से छात्रों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिल सकती है। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि मनोरमा यादव के नेतृत्व में जिले में शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार और छात्र हित से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ कोटपूतली के सहायक जिला कमिश्नर प्रशिक्षण हंसराज यादव, सचिव रामवीर यादव, सहायक सचिव प्रशिक्षण कमलेश कुम्हार, संदीप कुमार जांगिड़ और अतुल कुमार मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों में सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 3:55 pm

अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र:इच्छा मृत्यु मांगी, रोते हुए शिक्षक बोले- संविलियन नहीं तो मौत ही सही; आंदोलन के 9वें दिन भी कैबिनेट से नहीं हुआ फैसला

छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं। गुरुवार को आंदोलन के नौवें दिन कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई घोषणा नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके विरोध में आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की। इस दौरान कई शिक्षकों ने रोते हुए तहसीलदार से अपनी पीड़ा बयान की और कहा कि संविलियन नहीं दे सकते तो हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति ही दे दीजिए। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हैं। गुरुवार को रैली की शक्ल में सभी आंदोलनकारी शिक्षक कलेक्टोरेट पहुंचे और वहां पर तहसीलदार के सामने अपनी पूरी बात रखी। धरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 साल से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा मिली है और न ही सम्मानजनक वेतन। खून से लिखा पत्र, कहा- वादा पूरा नहीं कर सकते तो मरने की अनुमति दोआंदोलन के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर सरकार वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती और उनकी मेहनत का सम्मान नहीं कर सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए। शिक्षकों ने साफ किया कि यह किसी तरह की धमकी नहीं है, बल्कि उनकी मजबूरी और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की पीड़ा है। अतिथि शिक्षक बोले- शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिस बाहर निकालाइधर अतिथि शिक्षक विद्यामितान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज यादव ने कहा कि वे स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने गए थे। मुलाकात भी हुई। हमने पहल किया था कि 8 तारीख के कैबिनेट के लिए कि हमारे लिए कुछ पॉजिटिव आ जाए तो हम हड़ताल समाप्त कर देंगे। लेकिन शिक्षा मंत्री के द्वारा हमसे अच्छे से बात भी नहीं किया गया। उल्टा हमे उन्होंने अपने ऑफिस से बाहर भी निकाल दिया। हमें अधिकारा नहीं मिल रहे हैं, इसलिए हम दुर्ग में आकर अपनी मांग को रख रहे हैं। चुनाव के दौरान संविलियन का किया था वादाशिक्षकों ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने कई बार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिया था। चुनाव के दौरान भी संविलियन और समायोजन का वादा किया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस दिशा में कोई बड़ा फैसला होगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से हजारों अतिथि शिक्षकों की उम्मीद टूट गई। नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं कामधरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि वे नियमित शिक्षकों की तरह स्कूलों में पढ़ाने का काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें दूसरे शिक्षकों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है। इससे उनके परिवार आर्थिक तंगी, सामाजिक परेशानियों और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समान काम करने के बावजूद वेतन और सेवा शर्तों में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य अतिथि शिक्षकों का संविलियन या समायोजन किया जाए। साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जल्द फैसला लिया जाए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 10:41 am

खरगोन में बदहाल सड़क से शिक्षा प्रभावित:छात्राएं पैदल स्कूल जाने को मजबूर, 25 साल से सड़क का इंतजार

खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा के कुम्हारखेड़ा से कुकडोल तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है। बदहाल सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। 35 से अधिक विद्यार्थी रोज इसी मार्ग से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन कीचड़ और गड्ढों के कारण छात्राओं को सरकारी साइकिल होने के बावजूद पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग पिछले 25 वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। 35 से ज्यादा विद्यार्थी रोज झेल रहे परेशानी कुम्हारखेड़ा से कुकडोल स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए 35 से अधिक विद्यार्थियों को रोज इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है और पूरा रास्ता कीचड़ से ढका हुआ है। ऐसे में बच्चों के कपड़े और जूते रोज खराब हो जाते हैं। सरकारी साइकिल बेकार छात्राएं पैदल जाने को मजबूर कक्षा 11वीं की छात्राओं राजनंदिनी, खुशी, साक्षी, वैशाली, वंतराज और तरुण ने बताया कि रास्ता इतना खराब है कि साइकिल चलाना संभव नहीं है। मजबूरी में उन्हें रोज पैदल स्कूल जाना पड़ता है और समय पर पहुंचने के लिए एक घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्राओं वंशिका, खुशी और रानी ने बताया कि कई जगह घुटनों तक कीचड़ होने के कारण उन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर चलना पड़ता है। सरकार से मिली निशुल्क साइकिलें घर पर ही खड़ी रहती हैं। ग्रामीण बोले 25 साल से कर रहे मांग कुम्हारखेड़ा के पूर्व सैनिक कैप्टन सुरेश चौहान सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पिछले 25 वर्षों में जिला प्रशासन, विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक सैकड़ों आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन सड़क आज भी बदहाल है। कुकडोल और भसनेर के जनप्रतिनिधियों ने भी बताया कि कई बार लिखित मांग की गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। किसानों को भी हो रही भारी परेशानी खराब सड़क का असर केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं बल्कि किसानों पर भी पड़ रहा है। खेतों से उपज मंडी तक पहुंचाने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ग्राम पंचायतें समय-समय पर गड्ढों में मुरूम और पत्थर डलवाकर अस्थायी मरम्मत कराती हैं, लेकिन बारिश में सड़क फिर खराब हो जाती है। विधायक ने जल्द समाधान का दिया भरोसा भगवानपुरा विधायक केदारसिंह डाबर ने कहा कि किसानों और विद्यार्थियों की समस्या गंभीर है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 9:17 am

हरियाणा के शिक्षामंत्री ढांडा का JJP जुबानी हमला:बोले- BJP एक यूनिवर्सिटी है, जजपा ने यहीं सरकार चलाना सीखा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रदेश के विकास और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ पानी के मुद्दे पर इनेलो और गठबंधन को लेकर जेजेपी (JJP) नेता अजय चौटाला के बयान पर तीखा पलटवार किया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही हरियाणा के दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पल न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गौरवशाली होगा, क्योंकि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षामंत्री की दो अहम बातें… जेजेपी नेता अजय चौटाला के बयान पर पलटवार- BJP एक विश्वविद्यालय है जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता अजय चौटाला द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन करने को एक गलती बताने वाले बयान पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करना कोई गलती नहीं थी, बल्कि जेजेपी ने बीजेपी के साथ रहकर ही शासन चलाने और जनता की सेवा करने का सलीका सीखा है। भारतीय जनता पार्टी एक 'विश्वविद्यालय' की तरह है, जहां जो भी आता है, वह बहुत कुछ सीखकर ही जाता है। जेजेपी ने भी भाजपा के साथ सरकार में रहकर प्रशासन, संगठन और विकास की राजनीति का वास्तविक अनुभव हासिल किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी हमेशा अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता पाना नहीं बल्कि निस्वार्थ जनसेवा और प्रदेश का समान विकास करना है। शिक्षा मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की अनर्गल राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर केवल जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 7:24 am

ई-विद्या वाहिनी व एफएलएन पर आधारित प्रशिक्षण संपन्न, शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने पर दिया जोर

भास्कर न्यूज|​गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला के तत्वावधान में डायट परिसर में आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से ई-विद्या वाहिनी आधारित अनुश्रवण प्रणाली और आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान के प्रभावी मूल्यांकन पर केंद्रित था। 06 जुलाई से 09 जुलाई तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड साधन सेवियों और संकुल साधन सेवियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ​प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ज्योति खलखो ने संयुक्त रूप से किया। संबोधन में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में शिक्षा के डिजिटलीकरण और डेटा-आधारित निर्णयों का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने प्रतिभागियों को ई-विद्या वाहिनी के माध्यम से विद्यालयों में नियमित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ​प्रशिक्षण के दौरान डायट के संकाय सदस्य कुमार सुंदरम भारद्वाज और डॉ. रंजना सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर प्रकाश डाला। ​प्रशिक्षण का संचालन व तकनीकी मार्गदर्शन मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार और अनिमा रानी टोप्पो ने किया। इस दौरान ई-विद्या वाहिनी ऐप और पोर्टल के प्रभावी उपयोग के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य स्तरीय टीम से प्रियंका कुमारी और जिला टीम के सत्यजीत मंडल ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। सत्र के दौरान एफएलएन मूल्यांकन के तरीकों, सीखने के परिणामों का विश्लेषण और अनुश्रवण के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि कैसे मूल्यांकन के आंकड़ों का उपयोग करके विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक जीवंत और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकता है। ​इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के बीआरपी और सीआरपी में शैक्षणिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल अनुश्रवण प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा मुफ्त, किताब-यूनिफॉर्म की आड़ में वसूली

भास्कर न्यूज| झलप शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा देने का सरकारी दावा झलप में दम तोड़ता दिख रहा है। क्षेत्र के कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल (छिदौली) और सेंट थॉमस मिशन स्कूल (झलप) पर आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के पालकों से कॉपी, किताब और गणवेश के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। विडंबना यह है कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट दराजों में कैद है और पालकों का आर्थिक शोषण जारी है। जानकारी के अनुसार, सेंट थॉमस स्कूल में 69 और कार्मेल स्कूल में 133 सीटें आरटीई के अंतर्गत हैं। पालकों का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा प्रति बच्चा करीब 2,400 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। जो किताबें सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं, स्कूल प्रबंधन उन्हीं पाठ्यक्रमों की किताबें निजी दुकानों से 600 रुपये तक में खरीदने का दबाव बना रहा है। मजदूरी कर परिवार पालने वाले अभिभावकों के लिए यह खर्च उनके महीने भर के राशन के बराबर है। आरोपों के घेरे में आए दोनों स्कूलों के प्रिंसिपलों ने अपना बचाव करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कार्मेल स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि वे किसी से शुल्क नहीं ले रहे, जबकि सेंट थॉमस प्रबंधन का दावा है कि वे किसी पर दबाव नहीं बनाते। इस मामले में प्रशासनिक निष्क्रियता का आलम यह है कि शिकायतें सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस का खेल चल रहा है। महासमुंद बीईओ भोपाल सिंह बंजारा ने स्वीकार किया कि 3 जुलाई को जांच में शिकायत सही पाई गई थी और स्कूल प्रबंधन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। प्रबंधन के दावों और पालकों के पास मौजूद रसीदों के बीच का विरोधाभास सीधे तौर पर बड़ी धांधली की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह है कि यदि शिकायत सही साबित हो चुकी है, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या यह रसूखदारों का संरक्षण है या शिक्षा विभाग की मिलीभगत? अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन स्कूलों पर नकेल कसता है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों के मानदेय भुगतान की मांग

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से संचालित स्वच्छ परियोजना के तहत कार्यरत मां बाड़ी के शिक्षा सहयोगियों को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। शिक्षा सहयोगियों ने जनजाति मंत्री से हस्तक्षेप कर बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने, तत्काल राहत दिलाने की मांग की है। साथ ही, लंबे समय से उठ रही मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों के लिए स्पष्ट कैडर निर्धारित किया जाए, ताकि नियुक्ति, दायित्व और भुगतान व्यवस्था पारदर्शी बने।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

'बिहार में विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे हैं':भास्कर एजुकेशन कॉन्क्लेव सीजन-2 में पहुंचे अशोक चौधरी, कहा- शिक्षा समाज की भी जवाबदेही

पटना में गुरुवार को एक ही मंच पर जाने माने एजुकेशनिस्ट और पॉलिसिमेकर्स जुटे। दरअसल, दैनिक भास्कर की ओर से एजुकेशन कॉन्क्लेव सीजन -2 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्लासरूम टू कैरियर, भविष्य के शिक्षा रोडमैप, स्टूडेंट मेंटल हेल्थ और स्ट्रेस मैनेजमेंट, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श हुआ। शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे बिहार सरकार के मंत्री प्रो. अशोक चौधरी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की जवाबदेही है। इसमें जितने लोग पार्टिसिपेट कर पाए उतना बेहतर है। दैनिक भास्कर ने इस सेंसटाइज मुद्दे को सबके सामने रखने की एक पहल की है, जो की बहुत ही सराहनीय है। बिहार में एजुकेशन की क्वालिटी भी बढ़ रही है। देखें आयोजन की कुछ तस्वीरें… हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे उन्होंने आगे कहा, बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में नीतीश कुमार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज हमारे यहां विदेश से बच्चे आकर पढ़ रहे हैं। नालंदा यूनिवर्सिटी में 2 साल पहले करीब 30-40 बच्चे पढ़ रहे थे। अब तो उनकी संख्या भी बढ़ी है। अब हमें विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को बनाना है। प्रधानमंत्री ने विक्रमशिला के लिए एक्स्ट्रा बजट की बात की है और जल्द ही हम इस पर काम शुरू करेंगे। हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसके लिए काफी प्रयत्नशील है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई यह काॅन्कलेव शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं के लिए चर्चा का एक सशक्त मंच साबित हुआ। पटना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो अजय कुमार सिंह, मशहूर एजुकेशनिस्ट केसी सिन्हा, NIFT पटना के डायरेक्टर राहुल शर्मा, CIMP के डायरेक्टर प्रो राणा सिंह, शिक्षा विभाग हायर एजुकेशन के डायरेक्टर प्रो एन के अग्रवाल सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। यह काॅन्कलेव बिहार की शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक पहल है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 10:43 pm

करनाल में लाठी- डंडे लेकर चलने पर प्रतिबंध:10 जुलाई से हरियाणा शिक्षा बोर्ड की कम्पार्टमेंट परीक्षा, फोटोस्टेट दुकानें बंद रहेंगी

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली सेकेंडरी और सीनियर सेकंडरी (कम्पार्टमेंट व अतिरिक्त) परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जारी आदेशों के अनुसार, जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही लाठी, तलवार, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासा, चाकू जैसे घातक हथियार और आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है। परीक्षा समय में फोटोस्टेट दुकानें रहेंगी बंद जिला प्रशासन ने परीक्षा के दौरान नकल पर रोक लगाने के लिए एक और अहम फैसला लिया है। आदेशों के अनुसार परीक्षा समय यानी दोपहर बाद डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री की कॉपी न कराई जा सके। इन पर नहीं होगा आदेश लागू यह आदेश पुलिस कर्मियों, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और धार्मिक प्रतीक के रूप में कृपाण धारण करने वालों पर लागू नहीं होंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को दिए गए सख्त निर्देश जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक को आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सेकेंडरी (कम्पार्टमेंट व अतिरिक्त) की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 7:49 pm

NEET पेपर लीक को लेकर अररिया में छात्रों का धरना-प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, भूख हड़ताल भी जारी

अररिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने एक दिवसीय धरना और सामूहिक भूख हड़ताल की। यह प्रदर्शन समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुबह बस स्टैंड से एक रैली शुरू हुई, जो चांदनी चौक होते हुए समाहरणालय पहुंची। यहां रैली एक सभा में बदल गई, जिसके बाद छात्र धरना स्थल पर बैठकर भूख हड़ताल पर चले गए। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौजवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल और धरने के प्रति एकजुटता व्यक्त की। पेपर लीक के बाद 22 छात्रों ने आत्महत्या की सभा को संबोधित करते हुए अररिया कॉलेज के छात्र सुनील कुमार पासवान ने कहा कि नौजवान कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सिस्टम में घोटाले हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट लीक के बाद अब तक 22 छात्रों ने आत्महत्या की है। पासवान ने सरकार से जवाबदेही तय करने और व्यवस्था सुधारने की मांग की। जन जागरण शक्ति संगठन के सचिव आशीष रंजन ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन की गूंज पूरे देश में है। उन्होंने कहा, 'आज हम अररिया से उनकी आवाज में अपनी आवाज जोड़ रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा, अन्यथा यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा।' उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में अररिया से भी एक बड़ा जत्था शामिल होगा। घोटाले में शामिल दोषियों पर कार्रवाई की मांग सभा में रंजीत पासवान, अभिषेक, सब्यसाची, मुनाजिर, मांडवी, कन्हैया, लक्ष्मी, ज्योति, पवन कुमार और नारद मुर्मू सहित कई छात्र-नौजवानों ने अपने विचार रखे। छात्रों का आरोप है कि नीट घोटाले में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है और दोषी अधिकारियों-नेताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील कुमार, रंजय पासवान, गोपाल, पवन कुमार राम, लक्ष्मी और ज्योति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों पर तुरंत कार्रवाई हो और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। यह धरना-भूख हड़ताल बिहार सहित पूरे देश में छात्र आंदोलन की बढ़ती लहर का हिस्सा है, जिसमें युवा सरकार से जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:06 pm

छत्तीसगढ़ में 5 IAS अधिकारियों का तबादला,GPM को मिला नया-कलेक्टर:विजय दयाराम को मिली जिम्मेदारी; संतोष देवांगन बने स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव

छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले को नया कलेक्टर मिला है। वहीं स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास और जिला पंचायत महासमुंद में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से यह आदेश जारी किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन (IAS-2013) को उनके वर्तमान पद से हटाकर विशेष सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है। जबकि विजय दयाराम के (IAS-2015) को जीपीएम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार-प्रशिक्षण और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। पढ़ें आदेश कॉपी- हेमंत नंदनवार को तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी हेमंत रमेश नंदनवार (IAS-2020) को संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सुमित अग्रवाल बने SUDA के CEO सुमित अग्रवाल (IAS-2021) को छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उनके कार्यभार संभालने के बाद रिमिजियुस एक्का को SUDA के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि वे संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पहले की तरह बने रहेंगे। अनुपमा आनंद को मिली नई जिम्मेदारी अनुपमा आनंद (IAS-2023), जो अभी सरायपाली (महासमुंद) में एसडीएम (राजस्व) हैं, उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत महासमुंद बनाया गया है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 2:48 pm

भाजपा ने शिक्षक शौर्य दिवस पर किया शिक्षकों का सम्मान:लखनऊ में शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधकों का सम्मान, बृजेश पाठक बोले - शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राजधानी के सहकारिता भवन में 'शिक्षक शौर्य दिवस' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक संगठन की ओर से किया गया, जिसमें शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शामिल हुए। उनके साथ भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग मंच पर मौजूद रहे। शिक्षकों के योगदान को किया गया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं गढ़ते, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। शिक्षा और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। समापन पर सभी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। साथ ही 'शिक्षक शौर्य दिवस' के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को समाज में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 12:49 pm

भिवानी में NSUI ने शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का फूंका पुतला:HTET एग्जाम की खामियों को लेकर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

भिवानी शहर के चिड़ियाघर रोड़ पर NSUI ने एचटेट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका और कहा कि एचटेट में खामियां करने के लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। NSUI जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यान ने कहा कि एचटेट पेपर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जो गलतियां की हुई थी। कुछ प्रश्न पत्रों में प्रिंटिंग गलती थी ओर कुछ पश्न गलत थे। उसके विरोध में व एग्जाम देने वाले अभ्यार्थियों के समर्थन में आज विरोध प्रदर्शनक या गया है। विरोध स्वरूप शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका गया है। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं उन्होंने कहा कि जब शंकर धूपड़ शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बने तो कह रहे थे कि शिक्षा बोर्ड का अच्छा वातावरण रखूंगा। कोई भी गलतियां नहीं होगी, जो पहले एचटेट में गलतियां हो चुकी है, वह नहीं होगी। लेकिन उन्होंने आते ही पहली ही एचटेट परीक्षा में खामियां दिखा दी कि वे शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं हैं। शिक्षा मंत्री व सीएम का पुतला फूकेंगे मंजीत लांग्यान ने कहा कि आज केवल शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का पुतला फूंका है, क्योंकि शिक्षा बोर्ड चेयरमैन के अंतर्गत आता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिनके द्वारा पेपर गलत किया गया है, उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अगर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हरियाणा के शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री का भी पुतला फूंका जाएगा।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 12:31 pm

मौत के बाद भी 81 देह बनीं मेडिकल शिक्षा की पाठशाला, देहदानी परिवारों का सम्मान

भास्कर न्यूज | झालावाड़ चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में अमूल्य योगदान देने वाले देहदानी परिवारों का बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में सम्मान किया गया। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजित इस आयोजन में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने देहदान करने वाले परिजनों और देहदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने वाले समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजक और मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि स्वर्गीय गिरधारी मोटवानी (भवानीमंडी), स्वर्गीय राजरानी अदलक्खा (छीपाबड़ौद), डॉ. जेएल लोढ़ा (झालावाड़) और मानव प्रभु के देहदान के लिए उनके परिजनों व संबंधित संस्थाओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. कुलवंत गौड़, कमलेश गुप्ता दलाल, अजय गोयल और नितिन कटारिया को भी देहदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शर्मा, प्रोफेसर डॉ. हेमलता शर्मा सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। इससे मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की जटिल संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने का अवसर मिलता है और बेहतर चिकित्सक तैयार होते हैं। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के देहदान कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एनाटॉमी विभाग में अब तक 129 लोगों ने देहदान का संकल्प पत्र भरकर अपनी सहमति दी है। इनमें से 81 लोगों के निधन के बाद उनकी देह अध्ययन के लिए मेडिकल कॉलेज को मिल चुकी है। कॉलेज सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, जिससे समाज में महादान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

विश्रामपुर में शुरू हुई स्मार्ट शिक्षा व्यवस्था

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विश्रामपुर में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। इस पहल से विद्यालय के छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा अधिक रोचक, प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अस्तित्व फाउंडेशन की संस्थापिका अनुपमा दीवान एवं विद्यालय के प्राचार्य एन.एन. देवांगन ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं छात्रा निशा राजपूत ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर उपस्थितजनों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि अनुपमा दीवान ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल शिक्षा समय की आवश्यकता है। स्मार्ट पैनल के माध्यम से विद्यार्थियों की विषयों में रुचि बढ़ेगी, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा तथा वे आधुनिक तकनीक से जुड़कर भविष्य के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे। विद्यालय के प्राचार्य एन.एन. देवांगन ने कहा कि स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ शिक्षण को सरल, रोचक एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से नई तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं नवाचार को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, एसएमसी सदस्यों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा विभाग:डॉ. लोकेश को एक दिन पहले जेडी का जिम्मा दिया, अब सलूंबर डीईओ बनाया

राज्य सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उदयपुर और नवगठित सलूंबर जिले में सीडीईओ, डीईओ और सीबीईओ स्तर के कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि उदयपुर के डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती को एक दिन पहले ही उदयपुर संभाग का संयुक्त निदेशक (जेडी) नियुक्त किया गया था, लेकिन अब नए आदेश में उन्हें सलूंबर का डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक लगाया गया है। डॉ. भारती के स्थान पर बड़गांव के सीबीईओ दीपक गौड़ को उदयपुर का डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक बनाया गया है। वहीं सिरोही के वीरेंद्र सिंह यादव को उदयपुर का नया मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) नियुक्त किया गया है। जिले में भी कई ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। उदयपुर में इन्हें मिली नई जिम्मेदारी वीरेंद्र सिंह यादव : सीडीईओ, सिरोही से सीडीईओ, उदयपुरदीपक गौड़ : सीबीईओ, बड़गांव से डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, उदयपुरदुर्गेश मेनारिया : सीबीईओ, गिर्वा से डीईओ (मुख्यालय) प्रारंभिक, उदयपुरकिरण कोटिया : सीबीईओ, वल्लभनगर से सीबीईओ, बड़गांव चंद्रशेखर जोशी : डीईओ (मुख्यालय) प्रारंभिक, उदयपुर से सीबीईओ, गिर्वाप्रीति शर्मा : सीबीईओ, जयसमंद (सलूंबर) से सीबीईओ, वल्लभनगरविजय लक्ष्मी सारस्वत : सीबीईओ, कोटड़ा से सीबीईओ, गोगुंदाकुंज बिहारी भारद्वाज : डीईओ कार्यालय (मुख्यालय) प्रारंभिक, बूंदी से एडीपीसी, उदयपुर सलूंबर समेत अन्य जिलों में ये बदलाव डॉ. लोकेश भारती : डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, उदयपुर से डीईओ (मुख्यालय) माध्यमिक, सलूंबर नानिहाल सिंह चौहान : एडीपीसी (समसा), उदयपुर से सीबीईओ, जयसमंद (सलूंबर)प्रतिभा गुप्ता : सीडीईओ, उदयपुर से आरएससीईआरटी, उदयपुरप्रेरणा नौसालिया : सीबीईओ, गोगुंदा से सीबीईओ, धरियावदनगेन्द्र कुमार मेहता : सीबीईओ, झल्लारा (सलूंबर) से सीबीईओ, बागीदौरा (बांसवाड़ा)

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

SGFI में फेंसिंग शामिल करने की मांग, खिलाड़ियों ने शिक्षा विभाग से लगाई गुहार

राजस्थान के फेंसिंग (तलवारबाजी) खिलाड़ियों ने शिक्षा विभाग से एसजीएफआई (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) की अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में फेंसिंग को शामिल करने की मांग की है। खिलाड़ियों ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर कहा कि ओलंपिक खेल होने के बावजूद राजस्थान बोर्ड की टीम राष्ट्रीय स्कूल खेलों में फेंसिंग प्रतियोगिता में भाग नहीं लेती, जिससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह जाते हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि फेंसिंग भारत सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से मान्यता प्राप्त ओलंपिक खेल है। राजस्थान का तलवारबाजी से ऐतिहासिक और गौरवशाली संबंध रहा है। महाराणा प्रताप सहित प्रदेश के अनेक वीरों ने तलवार के दम पर इतिहास रचा है, ऐसे में फेंसिंग जैसे आधुनिक खेल को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

शोभित विश्वविद्यालय ने प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक मानकों की दिशा में बढ़ाया एक परिवर्तनकारी कदम

प्रबंधन शिक्षा में अपने उत्कृष्टता के तीन दशक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वर्षव्यापी समारोहों के अंतर्गत शोभित विश्वविद्यालय के नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ ने 7 जुलाई 2026 को आयोजित एएसीएसबी सदस्यता ऑनबोर्डिंग समारोह के माध्यम से एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की

देशबन्धु 9 Jul 2026 12:54 am

डोटासरा बोले- शेखावाटी में राजनीतिक रंजिश निकालने तबादले किए:यह शिक्षा मंत्री की बेशर्मी, क्षेत्र-विशेष के लोगों को निशाना बनाने का अधिकार किसने दिया?

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में राजनीतिक रंजिश निकालने का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र (चिट्ठी) लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी तीखा निशाना साधा है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा- मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर राजनीतिक दुर्भावना से तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री जी, क्या शेखावाटी की जनता ने इसीलिए भाजपा को वोट दिए थे? भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना और तानाशाही रवैए से सीकर, चूरू और झुंझुनूं में शिक्षकों के जो तबादले किए हैं, वह शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता (बेशर्मी) को दर्शाता है। शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक डोटासरा ने लिखा- शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। शिक्षा विभाग में अब तक अकेले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 400 ट्रांसफर किए जा चुके हैं। ये केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनादेश, जनप्रतिनिधित्व और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र भी है। द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 ट्रांसफर प्रशासनिक (टीए/डीए) आधार पर किए गए हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में कुल 174 में से 147 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो कुल ट्रांसफर का करीब 84.48% है। शिक्षकों को तबादलों के जरिए डराने की रणनीति डोटासरा ने लिखा- इससे पहले व्याख्याता तबादला सूची में मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्‍मणगढ़ से कुल 143 में से 122 ( 85.31%) और प्रधानाचार्य सूची में 81 में से 71 ( 87.65%) ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर किए गए थे। क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के जरिए डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है? सिर्फ शेखावाटी ही नहीं पूरे प्रदेश का यही हाल जहां से कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। एक संभाग,एक विधानसभा क्षेत्र को निशाना बनाना सवालों के घेरे में डोटासरा ने लिखा- लगातार एक ही संभाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को इस प्रकार निशाना बनाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अगर सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कदम उठा रही है, तो ये लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इतिहास गवाह है कि जनता की आवाज़ को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए हैं। मैं अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज़ पहले भी उठाता रहा हूं, और आगे भी पूरी मजबूती से उठाता रहूंगा।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 9:47 pm

उच्च शिक्षा मंत्री बैरवा से मिले ABVP के पदाधिकारी:छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं

जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिनंडल ने उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलकर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा के नेतृत्व में परिषद के सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुताबिक सिलेबस बनाकर उसे लागू करने और मूल्यांकन में प्रभावी समन्वय स्थापित करने, प्रदेशभर में एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, राज्य शिक्षा आयोग के गठन, फीस स्ट्रक्चर, निजी विश्वविद्यालय निगरानी आयोग के गठन करने, अगले सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं। इसके अलावा हॉस्टल्स के जर्जर भवन के निर्माण और मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने कहा- परिषद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक और सकारात्मक समाधान भी कराना है। सरकार उनकी मांगें पूरी करे, जिससे राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विद्यार्थी केंद्रित बन सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेन्द्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग, चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा और जयपुर प्रांत सह मंत्री उमा सैनी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 8:43 pm

शिक्षा मंत्री का ऐलान-शिक्षक ट्रांसफर शेड्यूल जल्द:TRE-4 इसी महीने शुरू, पूरे बिहार में प्राइवेट कोचिंग-स्कूलों को एसओपी भेजी जाएगी

बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने थावे मंदिर में पूजा-अर्चना की, समाहरणालय परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए और भाजपा के जिला सम्मेलन को संबोधित किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक स्थानांतरण, निजी कोचिंग संस्थानों पर सख्त कानून बनाने और भाजपा उम्मीदवार की जीत के दावों सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य में नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत तबादले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग अगले कुछ दिनों में स्थानांतरण का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगीमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। जब तक सभी विद्यालयों में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। शेड्यूल जारी होने के बाद शिक्षक निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करेंगे और नियमों के अनुरूप उनका स्थानांतरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगी और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीमंत्री के अनुसार, 25 जुलाई तक विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लेगा और TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। गोपालगंज दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नई और प्रभावी कोचिंग नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम तय होंगे और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई नीति लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीउन्होंने कहा कि बिहार में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में विभाग ने अध्ययन शुरू कर दिया है और विभिन्न राज्यों की कोचिंग नीतियों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025 में लागू की गई कोचिंग नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उस नीति के बेहतर प्रावधानों को बिहार की जरूरतों के अनुसार शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुझाव और मसौदे तैयार किए हैं, जिन्हें नई नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगाउन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था लागू करना है जिससे छात्रों के हितों की रक्षा हो, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय हो और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आए। इसके लिए सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) लागू किया जाएगा, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। नई नीति में छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई का माहौल, संस्थानों की जवाबदेही और आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगाउन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही उनका संचालन होगा। सरकार की कोशिश है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई कोचिंग नीति लागू कर दी जाए। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार की जमकर सराहना की और कहा कि भाजपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है, जो पिछले करीब 16 वर्षों से युवा मोर्चा से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगामंत्री ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने एक जमीनी कार्यकर्ता पर विश्वास जताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में भी जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था और इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा बड़े बहुमत से जीत हासिल करेगी। निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित अवैध वसूली पर उन्होंने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सभी निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगीशिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अनुचित या अवैध वसूली सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दिशा में पहले से कार्रवाई की जा रही है और अब सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगी। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय तय नियमों का उल्लंघन करता है या अभिभावकों का आर्थिक शोषण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है और किसी भी स्थिति में उनका आर्थिक दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 7:16 pm

सुगौली में राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन:मोतिहारी में छात्रों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी उच्च शिक्षा

मोतिहारी के सुगौली प्रखंड की सुकुल पाकड़ पंचायत में बुधवार को राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुगौली का विधिवत उद्घाटन किया गया। सांसद डॉ. संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कॉलेज का शुभारंभ किया। इस उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है। फिलहाल यह महाविद्यालय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुकुल पाकड़ चिलझपटी के अस्थायी परिसर से संचालित होगा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं फूल-माला देकर स्वागत किया। इस अवसर पर बीडीओ नूतन किरण सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नई शिक्षा नीति के तहत भवनों का निर्माण उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बताया कि सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत जहां स्थायी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां आधुनिक स्कूल भवनों में ही डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सुगौली के धनही शिवालय स्थित ऐतिहासिक परिसर में इस कॉलेज का स्थायी भवन बनाया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है। कॉलेज क्षेत्र की सालों पुरानी मांग थी-विधायक वहीं, विधायक बबलू गुप्ता ने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थायी भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा और कॉलेज को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और संसाधनों की बचत होगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:03 pm

बीआरसी में स्कूली बच्चों से कराई गई किताबों की ढुलाई,VIDEO:कुशीनगर में खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए

कुशीनगर के दुदही ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में स्कूली बच्चों से नई पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वाहन में लोडिंग कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे नई किताबों के बंडल उठाकर वाहन तक ले जाते और उन्हें लोड करते दिखाई दे रहे हैं। जबकि नियमानुसार बीआरसी से परिषदीय विद्यालयों तक पाठ्यपुस्तकों की ढुलाई और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। इसके बावजूद विद्यालय में पढ़ने आए बच्चों से यह कार्य कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा ग्रहण करने आए बच्चों से इस प्रकार का श्रम कराना न केवल अनुचित है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों का समय पढ़ाई के लिए होना चाहिए, न कि किताबों की ढुलाई जैसे कार्यों में। मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि वह घटना के समय एक बैठक में थीं। उन्होंने कहा कि बीआरसी तक किताबें पहुंचाने और वहां से विद्यालयों तक वितरण कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होती है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की गहन जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित फर्म की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:32 pm

देवरिया में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू:शिक्षकों, शिक्षामित्रों को कैशलेस कार्ड और डीबीटी का मिलेगा लाभ

देवरिया में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और शैक्षिक सत्र की डीबीटी योजना का शुभारंभ किया गया। जनपद स्तरीय यह कार्यक्रम देवरिया क्लब में आयोजित हुआ, जिसका सीधा प्रसारण वाराणसी स्थित हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम थीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य सहित शिक्षा विभाग व प्रशासन के कई अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में परिषदीय विद्यालयों के भौतिक संसाधनों, शैक्षणिक गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इसी के साथ शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए डीबीटी योजना का भी शुभारंभ किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना की रूपरेखा और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े सभी पात्र कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की गई।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:32 pm

गोपालगंज में भाजपा का जिला सम्मेलन:डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, शिक्षा मंत्री हुए शामिल, कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प

गोपालगंज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक जिला सम्मेलन का आयोजन किया। शहर के एक निजी मैरेज हॉल में हुए इस सम्मेलन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष संदीप कुमार गिरि ने किया। इसमें कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहेइस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना जीवन भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित किया। उनका बलिदान भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय चेतना का एक अमिट अध्याय है। मंत्री तिवारी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार डॉ. मुखर्जी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों को डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाएँ और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। संगठन को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धगोपालगंज के भाजपा विधायक सुभाष सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरणास्रोत है। भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गिरि ने बताया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके आदर्शों को आत्मसात कर संगठन को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गिरि ने जोर दिया कि यह जिला सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का एक अभियान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार, जनसंपर्क और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुँचाने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, संगठन को मजबूत बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:13 pm

चंदौली में 20 शिक्षकों को कैशलेस ट्रीटमेंट कार्ड मिले:मंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रतीक भेंट किए, बोले- शिक्षा में आएगा बदलाव

चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात 20 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा के स्मार्ट कार्ड के प्रतीक भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ियों के हितों के लिए कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू की है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आगामी दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू होने के बाद शिक्षक समाज के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, क्योंकि अब उनके स्वास्थ्य की चिंता प्रदेश सरकार कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान परिवेश में बेसिक के अलावा माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में काफी बदलाव देखने को मिला है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली और संसाधन अब आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का परिणाम बताया। एक सवाल के जवाब में मंत्री जायसवाल ने राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी जामा मस्जिद और चर्च की चर्चा नहीं करते, क्योंकि वह 'लूंगी और टोपी वालों' को खुश रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के दौरान कब्रिस्तान की बाउंड्री करा रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, सैयदराजा विधायक प्रतिनिधि सुशील सिंह जनौली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 1:23 pm

आजमगढ़ में बोले सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान:शिक्षा के क्षेत्र में नित नए काम कर रही है सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी में 12 लाख शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आशिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 प्रति विद्यार्थी का अंतरण इसके साथ ही 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा हेतु स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ समझौता किया। इसके तहत यूपी में शिक्षकों को एक करोड रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। इस कार्यक्रम का आजमगढ़ में भी सजीव प्रसारण किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान उपस्थित रहे। जिले के डीएम रविंद्र कुमार और सीडीओ परीक्षित खटाना ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिक्षा के क्षेत्र में नया काम कर रही है सरकार प्रदेश सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैशलेस इलाज के लिए चर्चा की है इसके साथ ही 12 लाख शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू की है निश्चित रूप से बड़ी संख्या में शिक्षक इससे लाभान्वित होंगे। कैशलेस इलाज के लिए 4:30 सौ करोड रुपए सालाना खर्च होंगे जिसका भुगतान प्रदेश की सरकार करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से गुरुजनों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों से गुरु दक्षिणा के रूप में यही मांगते हैं कि आप बच्चों पर ध्यान दें। स्कूल का वातावरण स्कूल जैसा होना चाहिए। निश्चित रूप से पूरे प्रदेश के शिक्षकों शिक्षामित्र की तरफ से इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का मैं धन्यवाद ज्ञापित कर रहा हूं। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए काम हो रहे हैं। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में इसके परिणाम सभी को देखने को मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 1:11 pm

लखनऊ में भाषा विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह:सुधांशु त्रिवेदी बोले- शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं

लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देने के साथ विश्वविद्यालय को कई नई सौगातें भी मिलीं। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते हैं, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाओं, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए दो लिफ्ट और तीन विशेष शौचालय समेत कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। समारोह में 1246 विद्यार्थियों को डिग्री और 110 मेधावियों को 125 मेडल भी प्रदान गए। 5 तस्वीरें देखिए… ……….. 11वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 11:04 am

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

अब फेल होने पर भी नहीं छूटेगी पढ़ाई! दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग का ऐतिहासिक फैसला

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jun 2026 9:26 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:12 pm

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am

सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य

शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:00 am

Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए

बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.

बूमलाइव 12 May 2026 6:20 pm

'सरके चुनर' गाना विवाद: संजय दत्त के बाद नोरा फतेही ने भी मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...

वेब दुनिया 7 May 2026 5:43 pm

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है

बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.

बूमलाइव 29 Apr 2026 11:12 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am