बगहा के असैनिक निर्माण कार्यों से जुड़े डीसी (डिमांड-कलेक्शन) विपत्र समय पर जमा नहीं करने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रविंद्र कुमार ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए दो प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब और सभी लंबित डीसी विपत्र जमा नहीं करने की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है। किन विद्यालयों पर गिरी गाज डीईओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह कार्रवाई के प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध की गई है। इन विद्यालयों में असैनिक निर्माण एवं विभिन्न मदों के तहत कराए गए कार्यों से संबंधित डीसी विपत्र तय समय सीमा के भीतर जमा नहीं किए गए हैं, जबकि इसको लेकर पूर्व में कई बार निर्देश जारी किए जा चुके थे। कई मदों के डीसी विपत्र अब तक लंबित शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित विद्यालयों में जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े डीसी विपत्र अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। गबन और वित्तीय अनियमितता की आशंका डीईओ रविंद्र कुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस प्रकार की लापरवाही से गबन की मंशा और वित्तीय अनियमितता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकारी राशि से कराए गए कार्यों का समय पर लेखा-जोखा नहीं देना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विभागीय विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण के साथ सभी लंबित डीसी विपत्र जमा नहीं किए गए, तो संबंधित प्रधानाध्यापकों के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भी अपने-अपने अभिलेखों और डीसी विपत्रों की जांच में जुट गए हैं, ताकि किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। विभागीय सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में असैनिक निर्माण कार्यों और स्कूलों में विकास योजनाओं को लेकर विभागीय स्तर पर विशेष निगरानी की जा रही है। किसी भी तरह की ढिलाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही प्राथमिकता : डीईओ डीईओ रविंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यों और खर्च की पूरी जानकारी समय पर विभाग को देना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगे अन्य विद्यालयों के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी और जहां कहीं अनियमितता या लापरवाही पाई जाएगी, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्पष्ट संदेश: लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर डीसी विपत्र जमा नहीं करना अब सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव से मिला
जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शासन सचिव (स्कूल शिक्षा) कृष्ण कुणाल से शिक्षा संकुल स्थित कार्यालय में वार्ता की। महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि संगठन ने शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियों विशेष रूप से तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की तथा द्वितीय वेतन श्रंखला, […] The post राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव से मिला appeared first on Sabguru News .
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र के कई प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापकों को मंजीरा, फ्लूट, घुंघरू और ढोलक जैसे वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन वाद्य यंत्रों का उपयोग विद्यालयों में प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत शिक्षण और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा। इससे बच्चों में कला एवं संगीत के प्रति रुचि विकसित हो सकेगी। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संगीत और कला से बच्चों की रचनात्मक क्षमता बढ़ती है, साथ ही पढ़ाई के साथ-साथ उनका मानसिक विकास भी होता है। बीआरसी परिसर में वाद्य यंत्रों के वितरण का कार्य मंगलवार की शाम 4:00 बजे तक जारी रहा। इस दौरान शिक्षा विभाग के कर्मी भी मौजूद रहे और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। प्रधानाध्यापकों ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में बच्चों को संगीत से जोड़ने में आसानी होगी और शैक्षणिक वातावरण अधिक जीवंत बनेगा।
बेतिया जिले के चनपटिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने मंगलवार को जिलाधिकारी तरणजोत सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। विधायक अभिषेक रंजन ने चनपटिया में जर्जर सड़कों के निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों व दवाओं की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान आकर्षित कराया। इसके अतिरिक्त, विधायक ने पेयजल संकट, नालियों की सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देकर कार्यों में तेजी लाने की मांग की, ताकि जनता को जल्द राहत मिल सके। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने विधायक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और खामियां पाए जाने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने पर सहमति बनी। इस मुलाकात को क्षेत्रीय विकास के लिए एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे चनपटिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने और जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान की उम्मीद है।
शिवगंज के अग्रवाल महिला मंडल ने मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर मोहिला भाकरी स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में बच्चों को उपहार वितरित किए। इस दौरान बच्चों को शिक्षा संबंधी सामग्री, नाश्ता और पतंग-धागे बांटे गए। मंडल की अध्यक्ष उषा अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में बच्चों को पेंसिल, पेन, रबर, स्केल और नोटबुक जैसी शिक्षा संबंधी सामग्री दी गई। इसके साथ ही उन्हें नाश्ता भी करवाया गया और पतंग-धागे भी वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी छा गई। कार्यक्रम के दौरान, मंडल के सदस्यों ने बच्चों को चीनी मांझे का उपयोग न करने की सलाह दी। उन्हें चीनी मांझे से होने वाले संभावित खतरों और नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह वितरण कार्यक्रम स्कूल की संस्था प्रधान कविता की उपस्थिति में संपन्न हुआ। प्रधान कविता ने अग्रवाल महिला मंडल के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंडल की उपाध्यक्ष वंदना अग्रवाल, सचिव दीपिका अग्रवाल सहित निशि अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, मंदा अग्रवाल, मीना अग्रवाल और रानू अग्रवाल उपस्थित रहीं।
राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने डीडवाना के श्री बांगड़ महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में शिरकत की। उन्होंने शिक्षा को जीवन परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए बालिकाओं को तकनीकी शिक्षा अपनाने और पंडित बच्छराज व्यास के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने भी नारी शक्ति के बढ़ते कदमों की सराहना की। जानिए इस गरिमामयी आयोजन की पूरी रिपोर्ट।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (एआईयू) के अध्यक्ष व छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के वीसी प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय भारतीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो विश्वविद्यालय (UTokyo) का दौरा किया। प्रो. पाठक ने बताया कि आने वाले समय में स्टूडेंट, रिसर्चर और टीचर्स को शार्ट टर्म व लांग टर्म रिसर्च के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), क्वांटम तकनीक, एनर्जी, बायोटेक और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय छात्रों को संख्या दोगुनी करेगा जापान UTokyo के अधिकारियों ने स्टडी इन जापान फ्रॉम साउथ एशिया परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। परियोजना का लक्ष्य आगामी पांच वर्षों में जापान में अध्ययन करने वाले दक्षिण एशियाई छात्रों की संख्या को दोगुना करना है। आंकड़ों के अनुसार, जापान में भारतीय छात्रों की संख्या 2024 में 1,685 से बढ़कर 2028 तक लगभग 3,000 होने का अनुमान है। प्रतिनिधिमंडल को जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (JST) के तहत संचालित ‘सकुरा साइंस प्रोग्राम’ और भारत–जापान संयुक्त ‘लोटस प्रोग्राम’ की जानकारी भी दी गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से एआईयू ने टोक्यो विवि को दिए प्रस्ताव प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि भारत–जापान के विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत साझेदारी, संयुक्त शोध और छात्र–शिक्षक आदान–प्रदान से वैश्विक स्तर पर ज्ञान सहयोग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने भारतीय विश्वविद्यालयों की ओर से सहयोग के ठोस प्रस्ताव भी रखे, जिनका टोक्यो विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्वागत किया।यह दौरा भारत–जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भूपालसागर में शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय डेमोंस्ट्रेशन सेमिनार में 70 शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण लिया। 'खिलखिलाती कविताएँ' और 'कहानी की जादूगरी' जैसे सत्रों के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया गया। सीबीईओ रमेश मीणा सहित आला अधिकारियों ने शिक्षकों के इस प्रयास की सराहना की।
सवाई माधोपुर: शिक्षा के मंदिर में जाम छलकाना पड़ा भारी, शराबी प्रधानाध्यापक निलंबित
सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में शिक्षा की गरिमा से खिलवाड़ का बड़ा मामला। राजकीय प्राथमिक विद्यालय तालाब की ढाणी में शराब पीने के आरोप में प्रधानाध्यापक अमरसिंह मीना निलंबित। जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और विभागीय जांच के आदेश। शिक्षा जगत में अनुशासन और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रशासन का कड़ा रुख। पूरी खबर पढ़ें।
विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में शिक्षा के प्रति समर्पण और जज्बे की एक प्रेरक मिसाल सामने आई, जब स्मिता अपनी 6 वर्षीय बेटी के साथ मंच पर डिग्री लेने पहुंचीं। इस भावुक क्षण ने उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया। स्मिता ने कहा- पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और न ही जिम्मेदारियां शिक्षा की राह में बाधा बननी चाहिए। उन्होंने यह संदेश विशेष रूप से महिलाओं के लिए दिया, जो विभिन्न कारणों से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ देती हैं। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा- शिक्षा केवल डिग्री पाने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रनिर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, आत्मनिर्भरता और ईमानदारी के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कठिनाइयों को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी। समारोह में 1983 डिग्रियों का वितरण यह दीक्षांत समारोह इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इसी अवसर पर सेंटर फॉर डिस्टेंस एजुकेशन और ऑनलाइन विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय का पहला संयुक्त दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के 1,942 स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा विद्यार्थियों और 41 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विद्यार्थियों के चेहरों पर वर्षों की मेहनत की संतुष्टि और उपलब्धि की खुशी स्पष्ट झलक रही थी। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विश्वविद्यालय द्वारा कुल 109 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए। इनमें 47 स्वर्ण, 32 रजत और 30 कांस्य पदक शामिल रहे। कुलसचिव डॉ. प्रवीण चौधरी ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने ईमानदारी, मानवीय मूल्यों के सम्मान और समाज-राष्ट्र की सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग का संकल्प लिया। कुलसचिव ने कहा कि डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है और विद्यार्थियों से अपेक्षा है कि वे अपने आचरण से विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखें। आगे पढ़ें जयपुर की प्रमुख खबरें...
गयाजी में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शिक्षा विभाग में कार्रवाई की है। आज उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के लिपिक अंगिरा को निलंबित करने का आदेश जारी किया। साथ ही, लापरवाही बरतने के आरोप में स्थापना अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीईओ कार्यालय में लंबे समय से काम के निष्पादन में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं। इनमें फाइलों का लंबित रहना, समय पर काम पूरा न होना और नियमों की अनदेखी शामिल थी। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया। लिपिक अंगिरा की भूमिका संदिग्ध जांच के दौरान लिपिक अंगिरा की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद डीएम ने निलंबन का आदेश जारी किया। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्पष्ट किया कि सरकारी काम में लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इसमें बाधा डालने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थापना अधिकारी को भी मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच में अन्य कर्मियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को जिला प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश मिला है कि काम में लापरवाही बरतने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबन आदेश के बाद आगे की विभागीय जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक में पहुंचे इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व वित्तमंत्री प्रो. संपत सिंह ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि हरियाणा में सरकार ने शिक्षा को बिकाऊ बना दिया है। आज प्रदेश की जनता को सेव एजुकेशन का नारा देने की जरूरत है, ताकि शिक्षा के ढांचे को बचाया जा सके। संपत सिंह ने कहा कि 2004 में प्रदेश में केवल 4 यूनिवर्सिटी थी और एमडीयू तीसरी सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है। 2004 के बाद 18 राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने यूनिवर्सिटी बनाई, जिससे आज के समय में 23 यूनिवर्सिटी प्रदेश में है। लेकिन सरकार उनके लिए बजट जारी नहीं कर रही, जिससे यूनिवर्सिटियों शिक्षा का स्तर गिर रहा है। यूनिवर्सिटियों में शुरू हुआ छुआछुत पूर्व मंत्री संपत सिंह ने कहा कि छुआछुत को संविधान में तो खत्म कर दिया, लेकिन अब यूनिवर्सिटी में छुआछुत शुरू हो गया है। एक तरफ तो रेगुलर स्टाफ चाहिए, लेकिन यूनिवर्सिटी में एचकेआरएन, एडहॉक, कांट्रेक्ट और पार्ट टाइम प्रोफेसर लगाए जा रहे है। अगर स्टाफ ही नहीं होगा तो बच्चों को शिक्षा कैसे मिलेगी। यूनिवर्सिटियों का नाश करने पर तुली सरकार पूर्व मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार यूनिवर्सिटियों का नाश करने पर तुली हुई है। जब वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार आरएसएस के बैकग्राउंड लेकर आएंगे या अपनी पहुंच से लगाए जाएंगे तो यूनिवर्सिटी का भला कैसे करेंगे। इसी का नतीजा है कि हरियाणा के बच्चे टेस्ट पास नहीं कर पा रहे। HPSC को भर्ती नहीं करने के दे रखे निर्देश पूर्व मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने HPSC को निर्देश दे रखे है कि भर्ती निकाल दो, लेकिन भर्ती मत करो। जब बाहर से HPSC के चेयरमैन और वाइस चांसलर लगाए जाएंगे तो हरियाणा के युवाओं को नौकरी कैसे मिलेगी। हरियाणा के गोल्ड मेडलिस्ट युवा भी क्यों परीक्षा पास नहीं कर पा रहे, क्योंकि सरकार भर्ती करना ही नहीं चाहती। विपक्ष तो भाजपा सरकार में बैठा पूर्व मंत्री संपत सिंह ने कहा कि विपक्ष तो होना नहीं था। क्योंकि विपक्ष तो सरकार में बैठा है। कांग्रेस ने सरेंडर करके ही भाजपा की सरकार बनाई है तो वह विधानसभा में भाजपा को कैसे घेरेंगे। इनेलो के दो एमएलए है, उनसे जितना हो पाता है उससे ज्यादा ही करते है। आज जनता को जागरूक होने की जरूरत है। एमडीयू में स्वीकृत पोस्ट भी नहीं भर रहे पूर्व मंत्री ने कहा कि एमडीयू में घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। एमडीयू में 205 गेजेटिड पोस्ट और 133 सेल्फ फाइनेंस पोस्ट खाली पड़ी हुई है, यानि पिछले 5 साल से कोई भर्ती नहीं हुई। 31 मार्च तक एमडीयू में 269 करोड़ रुपए का घाटा हो जाएगा, जो यूनिवर्सिटी कैसे वहन करेगी।
भीलवाड़ा में मकर संक्रांति के पर्व पर श्री पंचमुखी दरबार सेवा समिति ने एक किट, एक मुस्कान अभियान के तहत नेत्रहीन एवं मूक-बधिर बच्चों को निःशुल्क शिक्षण सामग्री वितरित कर शिक्षा की सौगात दी। अध्यक्ष लक्ष्मण दास त्यागी और संतों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वंचित बच्चों को सशक्त बनाना और समाज में दान एवं सेवा की सच्ची भावना को जागृत करना रहा।
आमेट के 'सृजन' कार्यक्रम में आरएसएस क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण का मंत्र दिया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने पन्नाधाय और वीर पत्ता के त्याग को याद किया। 242 मेधावी छात्रों ने भाग लिया, जहाँ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प पर जोर दिया गया।
13 जनवरी 2026 को संसद सत्र में शिक्षा और कृषि सुधारों पर नई योजनाओं पर बहस हुई। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रस्तावित नीतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। विपक्ष और विशेषज्ञों ने योजना के प्रभाव और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
संसद में पेश किया गया नया उच्च शिक्षा विधेयक भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें नियामक सुधार, गुणवत्ता नियंत्रण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और छात्रों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। यह पहल भारत को विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
भारत सरकार ने 'समग्र शिक्षा 3.0' के तहत स्कूली पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य हिस्सा बनाने का क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किया है। शिक्षा सचिव संजय मूर्ति और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में तैयार इस योजना का उद्देश्य भारतीय छात्रों को वैश्विक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है। दिनेश प्रसाद सकलानी और योगेश सिंह जैसे विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पाठ्यपुस्तकों और शिक्षक प्रशिक्षण में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। जानिए कैसे एआई अब भारत की कक्षाओं में ब्लैकबोर्ड की जगह लेगा।
वित्त रहित शिक्षा : चार स्तर की जांच का जताया विरोध, शिक्षक बोले- 16 जनवरी के बाद होगा जोरदार आंदोलन
राज्य के अनुदानित स्कूल और कॉलेज इन दिनों पढ़ाई नहीं, जांच में फंसे हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में अनुदानित संस्थानों की जांच व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां केवल एक स्तर पर जांच होती थी, अब इसे चार स्तरों में बांट दिया गया है। इसके कारण हर संस्थान को बार-बार जांच का सामना करना पड़ रहा है। यह कहना है वित्त रहित संघर्ष मोर्चा का। सोमवार को बैठक के बाद मोर्चा के कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, फजलुल कादरी अहमद, गणेश महतो, अरविंद सिंह, मनोज तिर्की, देवनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, संजय कुमार, बिरसो उरांव, विनय उरांव, रघु विश्वकर्मा, रेशमा बेक, नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि स्कूल-कॉलेजों में जटिल निरीक्षण के कारण पढ़ाई भी प्रभावित है। पलामू के शाहिद भगत सिंह इंटर कॉलेज के एक कर्मचारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसे मोर्चा ने सिस्टम की संवेदनहीनता का नतीजा बताया है। जांच के नाम पर उत्पीड़न नहीं रुका तो 16 जनवरी के बाद राज्यव्यापी आंदोलन होगा। 12, 13 और 14 जनवरी को पर्व-त्योहार के कारण स्कूल-कॉलेज बंद हैं, फिर भी जांच जारी है, जबकि अनुदान अनुशंसा की अंतिम तिथि 15 जनवरी तय है। मोर्चा ने कहा कि जब 2006-07 से 2024-25 तक भूमि, भवन और आधारभूत संरचना की जांच हो चुकी है। इसके बाद भी बार-बार जांच क्यों? जब जियो टैग से सत्यापन हो चुका है तो फिर स्थलीय जांच का क्या औचित्य है? 16 जनवरी को मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद सभी प्राचार्य और प्रधानाचार्य की बैठक होगी। बजट सत्र के दौरान विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। राजभवन के सामने एकदिवसीय महाधरना भी होगा। पहले चरण में जैक संस्थानों की जांच करता है। दूसरे में जियो टैग आधारित रिपोर्ट मांगी जाती है। तीसरे में जैक सभी दस्तावेजों का वीडियो बनाकर डीईओ को भेजता है। चौथे चरण में डीईओ संस्थानों की स्थलीय जांच करते हैं और वीडियो रिपोर्ट के साथ उसे जैक को भेजते हैं। इसके बाद जैक दोबारा सत्यापन कर अनुदान की अनुशंसा करता है। संस्थानों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में समय, ऊर्जा और पैसा तीनों खर्च हो रहे हैं।
छात्राओं को गुरु साहिब की शिक्षाओं से प्रेरित किया
लुधियाना| मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वुमेन में दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश उत्सव मनाया गया। यह कार्यक्रम खालसा दीवान लुधियाना के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जो पंजाब राज्य के इस क्षेत्र में सेवा प्रदान करने वाला शैक्षणिक संगठन है। कार्यक्रम कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. त्रिप्ता के गतिशील नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग से हुई, जिसके बाद शबद कीर्तन हुआ। श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई जसपिंदर सिंह ने कीर्तन के माध्यम से संगत को मंत्रमुग्ध किया ।
भगवान शिव की लीलाएं शिक्षाप्रद: पं. राजेन्द्र शास्त्री
भास्कर न्यूज | भाटापारा लिमतरा-अड़बंधा साहू परिवार द्वारा आयोजित पितृमोक्षार्थ श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के कथा में शुकदेव जन्म की कथा सुनाते हुए पूरी पीठाधीश्वर जगदुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती महाराज के कृपा पत्र शिष्य आचार्य पं. श्री राजेंद्र शास्त्री ने शिव चरित्र के प्रसंग में कहा कि प्रत्येक लीला में मनुष्य के जीवन का रहस्य छुपा है। उनकी सारी लीलाएं शिक्षा से भरी हैं। सती मोह प्रसंग से कथा प्रारंभ करते हुए शास्त्री ने बताया कि सती के मन में शंका हो गई कि राम जी ब्रह्म है कि नहीं तब शिव ने सती से राम की परीक्षा लेने को कहा। साथ ही सती को सावधान भी कर दिया। सती शिव की पत्नी भी है तो पति होने के नाते शिव ने सती को बहुत समझाया। समझाने से भी सती को विश्वास नहीं हुआ और परीक्षा लेने के बाद भगवान शिव से उन्होंने झूठ बोली एक अपराध को छुपाने के लिए अपराध पर अपराध करती गई। फिर तो शिव के मन में सती के प्रति पत्नी भाव खत्म हो गया। इसलिए उन्होंने सती का परित्याग करना उचित समझा। लेकिन सती से उन्होंने कोई बात प्रकट नहीं की। सती उनकी पत्नी है यह अपनापन उन्होंने अपने मन से निकाल दिया। इस लीला से हमें जीवन को बेहतर ढंग से जीने की शिक्षा मिलती है।
रात में डाले ड्रॉ सुबह होते ही बदले, अब आयोजक, एसजीएफआई और शिक्षा विभाग के अलग बयान
अब जानिए तीनों पक्षों ने क्या जवाब दिया {एसजीएफआई फील्ड ऑफिसर कपिलकान्त ने कहा कि रात को ड्रॉ डाला गया था, लेकिन उसमें कुछ तकनीकी और डाटा संबंधी कमियां थीं। एसजीएफआई के नियमों के अनुरूप न होने के कारण इसे ठीक करवाया गया। लखनऊ मुख्यालय से संशोधित ड्रॉ की सूचना ई-मेल से भेजी है, ताकि लापरवाही न रहे। {जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती ने बताया कि ड्रॉ पर उनके हस्ताक्षर करवाए गए थे और एक टीम की ओर से आपत्ति भी जताई गई थी। तकनीकी कारणों से ड्रॉ को एसजीएफआई भेजा गया, इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं थी। {फतह स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने कहा कि रात में किसी तरह का कोई ड्रॉ नहीं डाला गया था। एसजीएफआई के नियमों के अनुसार ही ड्रॉ तैयार हुआ है और उसी के आधार पर मुकाबले कराए जा रहे हैं। नतीजा : देरी से शुरू हुए मुकाबले, टीमें और ऑफिशियल हैरान सुबह उद्घाटन के बाद जब ड्रॉ बदले जाने की जानकारी दी गई तो कई टीमों और अधिकारियों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि रात में ड्रॉ के समय एसजीएफआई के फील्ड ऑफिसर भी मौजूद थे और उस पर उनके हस्ताक्षर भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रात में डाले गए ड्रॉ और लखनऊ से संशोधित होकर आए ड्रॉ में कुछ मुकाबलों की टीमें बदल दी गई थीं। इसी कारण पहले दिन के मुकाबले तय समय पर शुरू नहीं हो सके और शाम तक टलते रहे। पहले दिन शाम को खेलगांव मैदान पर कर्नाटक बनाम ओडिशा, एमबी मैदान पर आंध्र प्रदेश बनाम पुदुचेरी तथा बीएन मैदान पर आईपीएससी बनाम सीबीएसई और तमिलनाडु बनाम महाराष्ट्र के मुकाबले खेले गए। उदयपुर | शहर में सोमवार से शुरू हुई 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी हॉकी (अंडर-19) प्रतियोगिता के पहले ही दिन ड्रॉ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पीएमश्री राजकीय फतह सीनियर सेकंडरी स्कूल की मेजबानी में शुरू हुई इस प्रतियोगिता में रविवार रात को ड्रॉ डाला गया था, ताकि यह तय हो सके कि कौन-सी टीम किससे और कब मुकाबला करेगी। बताया गया कि यह ड्रॉ स्कूल प्रशासन, एसजीएफआई फील्ड ऑफिसर और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया तथा उस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी करवाए गए। हालांकि सोमवार सुबह यह ड्रॉ बदल दिए जाने से स्थिति उलझ गई। एसजीएफआई के फील्ड ऑफिसर कपिलकान्त ने ड्रॉ में खामियां बताते हुए इसे एसजीएफआई मुख्यालय, लखनऊ भेजकर संशोधित करवाया। ड्रॉ रात में डालने और सुबह बदलने को लेकर सवाल उठे तो आयोजक फतह स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने रात में ड्रॉ डाले जाने से ही इनकार कर दिया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) लोकेश भारती ने भी तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया।
फिरोजाबाद में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (जी-राम-जी) को ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सोमवार शाम फिरोजाबाद पहुंचे मंत्री ने कहा कि यह नया कानून रोजगार की गारंटी के साथ-साथ पारदर्शिता और विकास भी सुनिश्चित करेगा। मंत्री ने विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध को तथ्यहीन और बेबुनियाद करार दिया। मंत्री उपाध्याय ने मनरेगा योजना की तुलना जी-राम-जी से करते हुए कहा कि पूर्व में मनरेगा केवल गड्ढे खोदने और भरने तक सीमित थी, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले होते थे। इसके विपरीत, जी-राम-जी योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, जो मनरेगा के 100 दिन के प्रावधान से बेहतर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव हर अच्छे काम पर आरोप लगाते हैं और उनके आरोप हमेशा तथ्यहीन होते हैं। इटावा में केदारेश्वर मंदिर निर्माण को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर मंत्री उपाध्याय ने कहा कि मंदिर बनना एक अच्छी पहल है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तक तो कब्रिस्तान और मजार बनवाने की बातें होती थीं। शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने के सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रों को उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों से जुड़े सभी शैक्षणिक कार्य, दस्तावेज और डिग्रियां अब डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से प्रदान की जाएंगी। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। उन्होंने कहा कि जी-राम-जी जैसी योजनाएं विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगी।
सिरोही: समावेशी शिक्षा की मशाल जलाकर माधव विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ दो दिवसीय जोनल सम्मेलन
सिरोही के माधव विश्वविद्यालय में समावेशी कक्षा में शिक्षण पर आयोजित दो दिवसीय जोनल स्तरीय सीआरई सम्मेलन का सफल समापन हुआ। आरसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा की। जानिए कैसे डॉ. राजीव माथुर और अन्य दिग्गजों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस आयोजन ने शिक्षा जगत में समावेशिता के नए द्वार खोले हैं।
भिवानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने सोमवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को लेकर विवादित बयान दिया। साथ ही शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को घेरने का काम किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने कहा कि सारे हरियाणा के नेता अंगूठा छाप हैं। मेरे ख्याल से, हम जो चार-पांच बड़े नेता यहां बैठे हैं, हममें से कोई भी अपने बच्चों को हरियाणा में नहीं पढ़ाएगा। क्योंकि यहां का शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा है। जिस प्रदेश का शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा हो, तो वह खुद डरेगा कि इस प्रदेश में बच्चे कैसे बढ़ाऊं। महिपाल ढांडा को हो सकता है एजुकेशन की पूरी स्पेलिंग नहीं आती हो। जिस प्रदेश का शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा होगा, उस प्रदेश में कैसे पढ़ पाएंगेप्रदीप नरवाल ने कहा कि इससे पहले कंवरपाल थे। एक 10 क्लास की बच्ची ने तो कहने लगे बेटी समझ नहीं आया क्या कह रही हो। राजनीति में पहले भी नेता हुए हैं, वे अनुभवी थे और उनमें संजिदगी होती थी। कम से कम एजुकेशन मिनिस्टर तो ऐसा बना दें, जो एजुकेशन के प्रति संजीदा हो। उन्हें कुछ आता हो। महिपाल ढांडा को बनाना था तो उसे खाद्य मंत्री बना देते। उसको कुछ बना देते। एजुकेशन से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिस प्रदेश का शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा होगा, उस प्रदेश में कैसे पढ़ पाएंगे। उसे तो कुछ आता ही नहीं। कागजों में बची साक्षरताउन्होंने कहा कि हरियाणा में साक्षरता कागजों में बची हुई है। शिक्षा तो बची नहीं हुई। शिक्षित होने व साक्षर होने में अंतर है। शिक्षा वह जगह है जहां गरीब-मजदूर का बच्चा पढ़-लिखकर एसपी-डीसी बनता है। अब इन्होंने ऐसे नेता बना दिए हैं, जिनको खुद को शिक्षा का अता-न-पता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय ऐसे मंत्री नहीं बन सकते थे। महिपाल ढांडा जैसे कांग्रेस के समय यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेते तो उनका नहीं होता। अब ऐसे लोगों का एडमिशन होने लगा है और महिपाल ढांडा जैसे प्रोफेसर भी बने हैं। मेरे तो बच्चे नहींप्रदीप नरवाल ने कहा कि पहले यूनिवर्सिटी का वीसी खुद को सीएम से बड़ा मनता था, लेकिन आज कोई विधायक के पीछे घूम रहा है, तो कोई किसी के पीछे घूम रहा है। एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मेरे तो बच्चे ही नहीं हैं। मेरी तो शादी भी नहीं हो रही। लेकिन मैं आपके बच्चों के लिए चिंतित हूं। इसलिए हम सभी इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया व अन्य नेता मौजूद रहे।
हरियाणा के पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए प्रदेश भर से मिड-डे मील वर्कर सेक्टर-5 धरना ग्राउंड में पहुंची हैं। जहां पर शिक्षा विभाग के खिलाफ मिड-डे मील वर्कर ने नारेबाजी की। घेराव कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष राजरानी के नेतृत्व में चल रहा है। मिड-डे मील वर्कर की अध्यक्ष राजरानी ने बताया कि प्रदेश भर से मिड-डे मील कार्यकर्ता यहां पर पहुंची हैं। उनकी 13 मांगें हैं, जिनको लेकर शिक्षा विभाग अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। विभाग के अधिकारी स्कूल मर्जर के समय वर्कर को हटा देते हैं। जिससे मिड-डे मील वर्कर के तौर पर काम करने वाली महिलाओं को बड़ी दिक्कत होती है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात मिड-डे मील वर्कर के धरने और प्रदर्शन काे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से तैनात पुलिस को स्पष्ट निर्देश है कि मिड-डे मील वर्करों को शिक्षा सदन की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। जिसके लिए वर्करों को बातचीत का प्रस्ताव भी प्रशासन की ओर से दिया गया है। मिड-डे मील वर्करों की मुख्य मांगें..
भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा की लागत 11 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। X-Ray, ECG जैसी मेडिकल जांचों से लेकर स्कूल और उच्च शिक्षा के खर्चों में तेज़ बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर भारी दबाव डाल दिया है। यह स्थिति आर्थिक ही नहीं, सामाजिक और नीतिगत चुनौतियां भी खड़ी कर रही है।
young leaders dialogue 2026: प्रधानमंत्री मोदी आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें देशभर के 3,000 युवा प्रतिभागी अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करेंगे.
सरस्वती शिशु मंदिर में दी जाती है संस्कार युक्त शिक्षा : प्रदेश सचिव
भास्कर न्यूज | बक्सर शहर के नया बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के परिसर में शिक्षकों एवं स्थानीय प्रबंधन कारिणी समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष अनंत सिंह ने की, जबकि संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार ने किया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भारती शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश सचिव को अंग-वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश सचिव ने कहा कि विद्यालय में संस्कार युक्त शिक्षा दी जाती है, जिसे बालक अपने जीवन में उसका उपयोग कर आगे बढ़ते हैं। विद्यालय के गुणात्मक एवं संख्यात्मक विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं संगठनात्मक योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने, नामांकन तथा अनुशासनात्मक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस मौके पर जगदीश पांडेय, डॉ हनुमान प्रसाद अग्रवाल, श्वेत प्रकाश, लालबाबू प्रसाद यादव समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे।
ब्रिजफोर्ड स्कूल में ‘सिल्वर स्पेक्टेकल’: शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का संगम
ब्रिजफोर्ड स्कूल, तुपुदाना ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह ‘सिल्वर स्पेक्टेकल’ का आयोजन किया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश थे। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक नवीन जायसवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने गीता श्लोक वाचन किया और गणेश वंदना पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। समारोह में स्कूल के चेयरमैन नारायण जालान, वाइस चेयरपर्सन प्रियंका जालान, प्रिंसिपल मुनीष दुबे, प्रबंधन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्कूल की 2001 से अब तक की प्रेरक यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। साथ ही वार्षिक बुलेटिन ‘स्पेक्ट्रम 2025–26’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 325 से अधिक विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामायण पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ‘धर्म–द अनब्रोकन लाइन’ रही, जिसने मर्यादा, त्याग, सत्य और मानवता के शाश्वत मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत किया। समारोह का संचालन प्रखर तिवारी और अद्याशा ने किया। भगवान श्रीराम के गुणों को जीवन में अपनाएं : हरिवंश मुख्य अतिथि हरिवंश ने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए स्कूल के योगदान की सराहना की। उन्होंने भगवान श्रीराम के गुणों को अपने जीवन में अपनाने पर बल दिया। साथ ही सभी छात्रों को शिक्षकों का सम्मान करने की बात कही। मंत्री संजय सेठ ने छात्रों को विकसित भारत 2047 का ब्रांड एंबेसडर कहते हुए समाज निर्माण में योगदान देने की बात कही। वाइस चेयरपर्सन प्रियंका जालान ने कहा कि ब्रिजफोर्ड स्कूल केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है, जहां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। चेयरमैन नारायण जालान ने कहा कि यह स्कूल शिक्षा विरासत और भविष्य के बीच सेतु है। उन्होंने बताया कि विद्यालय आज एक लाख से अधिक पूर्व छात्रों, पांच शाखाओं और 300 से ज्यादा शिक्षकों के साथ अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
भास्कर संवाददाता | टोंक राज्य सरकार ने कृषि विषय लेकर अध्ययन करने वाली छात्राओं को 11वीं से लेकर पीएचडी करने तक प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किया है। ग्रामीण एवं शहरी अंचल की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की ऐसी छात्राएं जो दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 11वीं में कृषि विषय लेना चाहती हैं और कृषि विषय में ही उच्च अध्ययन करना चाहती हैं, उन्हें यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी है। कृषि विभाग द्वारा संचालित इस योजना में पात्र छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्राओं को राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से समय रहते आवेदन करना होगा। कृषि विभाग संयुक्त निदेशक वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई है, जो कृषि विषय को लेकर सीनियर सैकंडरी से उसी कक्षा में फिर से प्रवेश नहीं लिया है तथा वह अनुत्तीर्ण नहीं हुई है। यह प्रमाण-पत्र संस्था की ओर से ऑनलाइन ही जारी किया जाएगा, जिसे आवेदन के साथ संलग्न किया जाना आवश्यक है। विभाग के अनुसार, कृषि विषय लेकर सीनियर सैकंडरी में अध्ययनरत छात्राओं को 15 हजार रुपए प्रतिवर्ष, 11वीं एवं 12वीं कक्षा में उद्यानिकी, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रसंस्करण में कृषि स्नातक में अध्ययनरत छात्राओं को 25 हजार रुपए मिलेंगे। श्री कर्ण नरेंद्र व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय, जोबनेर में बीएससी कृषि एवं एग्री बिजनेस में अध्ययनरत छात्राओं को 25 हजार या 5 वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए। इसी प्रकार एमएससी कृषि में अध्ययनरत छात्राओं को 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष 2 साल के लिए दिए जाने है। कृषि विषय में पीएचडी में अध्ययनरत छात्राओं को 40 हजार रुपये प्रतिवर्ष अधिकतम 3 वर्ष के लिए मिलेंगे। राजस्थान की मूल निवासी ऐसी छात्राएं जो राजकीय एवं राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत हैं। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में मूल निवास प्रमाण पत्र, गत वर्ष की अंकतालिका प्रस्तुत करनी होगी। संबंधित कृषि अधिकारी की ओर से ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की जांच कर ई-साइन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए संबंधित स्कूल, कॉलेज अथवा यूनिवर्सिटी के संस्था प्रधान को अग्रेषित किया जाएगा। संयुक्त निदेशक कृषि वीरेंद्र सिंह सोलंकी के अनुसार कृषि में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहित करने को लेकर इस साल में 765 छात्राओं को एक करोड़ 18 लाख 60 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी है। कृषि में अध्ययनरत जिन छात्राओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वह 31 जनवरी तक आवेदन कर सकती हैं। साथ ही जिनके आवेदन विद्यालय या महाविद्यालय में लंबित हैं उन्हें भी योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
शिक्षा का बिगुल बजाने एकत्र हुआ समाज, लाइब्रेरी के लिए 51 हजार दिए
14 अप्रैल को अम्बेडकर सर्किल पर एकत्र होंगे जयपुर | जमवारामगढ़ स्थित गंगा माता मंदिर में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा में मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. बीआर अम्बेडकर जयन्ती समारोह समिति के अध्यक्ष पूर्व आईएएस एल.सी. असवाल ने शिरकत की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जमवारामगढ़ के मुंडला गांव में स्थित ‘डॉ. अम्बेडकर पीठ’ को विकसित और पुनः संचालन के साथ ‘डॉ. अम्बेडकर विश्वविद्यालय’ के रूप में स्थापित करना है। बैठक के दौरान बलाई समाज के प्रदेशाध्यक्ष डीआर राठौड़ ने सभी का अभिनंदन किया। सभा में शिक्षा पर जोर देते हुए असवाल ने ‘डॉ. अम्बेडकर पीठ विश्वविद्यालय’ की मांग को प्रमुखता के साथ रखा है। साथ ही जमवारामगढ़ में प्रांतीय बलाई समाज के तत्वावधान में भव्य लाइब्रेरी का निर्माण और उद्घाटन करने की रूपरेखा भी तय की गई। सभा में अखिल भारतीय बलाई समाज द्वारा छात्र हेमराज बुनकर को शिक्षा क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए 11 हजार रुपए का पुरस्कार स्वरूप चेक दिया गया। साथ ही 51 हजार का चेक लाइब्रेरी निर्माण के लिए मुख्य अतिथि एलसी असवाल ने सौंपा। इस दौरान जयन्ती समारोह समिति की महिला अध्यक्षा संतोष बिलोनिया की अगुवाई में सैकड़ों महिला मौजूद रहीं। सभा में 14 अप्रैल में आयोजित होने वाले ‘डॉ. बी.आर. अम्बेडकर जयन्ती समारोह’ के आयोजन में महिलाओं की अधिक से अधिक उपस्थिति होने का विश्वास दिलाया। बैठक में ताराचंद मीणा, गोपाल मीणा, महेंद्र कुमार रैगर, लक्ष्मीनारायण मोहनपुरिया व छोटूराम नैनावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भागवत कथा; तृष्णा और बिहारीजी की शिक्षाएं समझाईं
जयपुर | श्री गिर्राज संघ परिवार विश्वकर्मा, जयपुर के 27वें वार्षिकोत्सव पर विद्याधर नगर,सेक्टर-7 स्थित अग्रसेन हॉस्पिटल के पीछे चल रहे 108 श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह में रविवार को कथा व्यास आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने तृष्णा को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि तृष्णा 3 प्रकार की होती है। प्रथम प्रकार की तृष्णा- लोकेषणा होती है। जो यह चाहती है कि सदैव हमारी जय-जयकार हो। द्वितीय प्रकार की तृष्णा- पुत्रेष्णा होती है। इसमें पुत्र प्राप्ति की कामना होती है। तृतीय प्रकार की तृष्णा- वित्तेष्णा होती है। जिसमें व्यक्ति को सदैव धन की कामना बनी रहती है। महाराज श्री ने बिहारी जी महाराज के श्याम वर्ण के बारे में बताया कि प्रभु बिहारी जी महाराज कहते हैं कि जब भक्त मेरे मंदिर में मेरे दर्शन के लिए आते हैं तो मैं जीवों के अर्जित पापों का समूल नाश करता हूं, इसलिए मेरा रंग काला दिखता है। कथा के प्रारंभ में कथा की पूजन व आरती संयोजक विनोद गोयल व श्री गिर्राज संघ परिवार के पदाधिकारियों ने की।
राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान
Madhya Pradesh News : प्रदेश में राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षार्थियों के अभिभावकों से साइबर ठगों द्वारा ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। ठगों द्वारा स्वयं को बोर्ड से संबंधित बताकर परीक्षार्थियों को पास कराने के नाम पर धनराशि मांगी जा ...
जालोर में क्लास 5वीं तक 3 दिन रहेगी छुट्टी:अब 14 जनवरी तक रहेगा अवकाश, शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
जालोर में शीतलहर को देखते हुए समग्र शिक्षा जालोर कार्यालय की ओर से जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से क्लास 5वीं तक के स्टूडेंट्स की 12 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक छुट्टियां घोषित कर दी है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में समस्त सीबीईओ, पीईईईओ, संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि उक्त आदेश की पालना सुनिश्चित करें। आदेश अवधि में विद्यालय का शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक समस्त स्टाफ विद्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय कार्य सम्पन्न करेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिले में लगातार गिरते तापमान के मद्देनजर छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले भी 7 जनवरी से 10 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था।
दौसा जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिले में संचालित राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी क्लास से कक्षा 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों का सोमवार 12 जनवरी को छुट्टी रहेगी। सीडीईओ ने आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी सीबीईओ, पीईईओ और यूसीईईओ को निर्देश दिए है। इस दौरान शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्कूल स्टाफ यथावत उपस्थित रहकर विभागीय कार्य सम्पादित करेंगे। बता दें कि कड़ाके की ठंड के चलते जिले में प्राइमरी से क्लास 8वीं तक 6 जनवरी से लगातार छुट्टी चल रही हैं। यहां कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो गया है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर बना हुआ है।
रोहतक जिले के कलानौर स्थित टिकाणा सति भाई सांई दास प्रांगण में सति भाई सांई दास स्कूल का वार्षिक उत्सव कार्यक्रम बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर टिकाणा सति भाई सांई दास के गद्दी नशीन महंत रामसुखदास महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महंत रामसुखदास जी ने विशिष्ट अतिथियों महाराज रघुनाथ दास, शिव रामदास, रघुनंदन दास और शिवांश जी के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां विद्यार्थियों ने हरियाणवी, पंजाबी और राजस्थानी लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक झूम उठे। साथ ही देशभक्ति गीतों और सामाजिक कुरीतियों पर आधारित लघु नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों को अतिथियों और अभिभावकों ने खूब सराहा। मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित विद्यालय के प्रधानाचार्य ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए पिछले वर्ष की शैक्षणिक, खेलकूद और सांस्कृतिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। महंत रामसुखदास जी का प्रेरक संबोधन मुख्य अतिथि महंत रामसुखदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सति भाई सांई दास स्कूल क्षेत्र में शिक्षा के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों में भागीदारी आवश्यक है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के अंत में टिकाणा सति भाई दास प्रबंधन समिति की ओर से सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर स्कूल प्राचार्य शीतल कवातड़ा, राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ जिला प्रधान विनोद बंटी बठला, पवन आनंद, डॉ. गौरव कवातड़ा, सचिन बहल, डॉ. निश्चल डागर, मनजीत, स्कूल स्टाफ सदस्य और क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वामी विवेकानंद: एक दूरदर्शी मानवतावादी | दर्शन, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन
स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन, शिक्षा और सामाजिक विचारों का गहन विश्लेषण—मानवतावाद, अद्वैत वेदांत और आधुनिक भारत की नींव।
शिक्षा विभाग ने जोधपुर के ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द की
जोधपुर। राजस्थान में शिक्षा विभाग ने धार्मिक आधार पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर स्कूल, मदरसा और छात्रावास संचालित करने वाली गैर सरकारी विद्यालय ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। विभाग के शासन उपसचिव राजेश दत्त माथुर ने राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 एवं संशोधित नियम […] The post शिक्षा विभाग ने जोधपुर के ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द की appeared first on Sabguru News .
सोनीपत के गोहाना में पहुंचे हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मनरेगा और प्रस्तावित GRAM-G (ग्रामीण रोजगार गारंटी) बिल को लेकर कांग्रेस के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कांग्रेस को गरीब, मजदूर और किसान विरोधी बताया। मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस नाम बदलने पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम और व्यवस्था बदलने पर है। गोहाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस का राजनीतिक पतन हो चुका है और यही कारण है कि उसे भाजपा सरकार की जनहितैषी नीतियां रास नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों और किसानों के हित में ठोस कदम उठा रही है, जबकि कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति कर रही है। मनरेगा और GRAM-G बिल पर सियासी टकराव ढांडा ने कहा कि कांग्रेस मनरेगा और GRAM-G बिल का विरोध कर रही है, जबकि भाजपा सरकार मजदूरों को 100 की बजाय 125 दिन का रोजगार देने जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि गरीब मजदूरों को ज्यादा काम और ज्यादा मजदूरी मिलने से कांग्रेस को आखिर परेशानी क्यों हो रही है। कांग्रेस शासन में रिश्वत, भाजपा में पारदर्शिता शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में मजदूरों को अपनी ही मजदूरी पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और मजदूरी की राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। किसान और मजदूर एक ही सिक्के के दो पहलू ढांडा ने कहा कि किसान और मजदूर एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन कांग्रेस दोनों के खिलाफ राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले किसानों को फसल कटाई के बाद केवल 60 दिन का रोजगार मिलता था, जिसे भाजपा सरकार बढ़ाकर 125 दिन करने जा रही है। गांधी के नाम पर राजनीति का आरोप महिपाल ढांडा ने महात्मा गांधी के नाम को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गांधी के नाम का इस्तेमाल केवल चुनावी फायदे के लिए किया। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह की सरकारों में योजनाओं के नाम बदले गए, लेकिन जमीन पर कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार का ताला ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार से जुड़ी योजनाओं पर मोटा ताला लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, बल्कि सिस्टम और काम बदलने में विश्वास रखती है। GRAM-G बिल से मजदूरों को राहत शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि GRAM-G बिल लागू होने के बाद मजदूरों को 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी। उनकी मेहनत का एक-एक रुपया सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत के निर्माण में मजदूरों की अहम भूमिका सुनिश्चित होगी। ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप पर भी महिपाल ढांडा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में हिंदू समाज पर अत्याचार हो रहे हैं, जिसे सनातन धर्म के लोग कभी नहीं भूलेंगे। डायरी सार्वजनिक करने की चुनौती महिपाल ढांडा ने कहा कि जिस ड्राइव और डायरी का जिक्र ममता बनर्जी कर रही हैं, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी डायरी में उनके काले कारनामे दर्ज हैं, इसलिए वे डर के कारण भाग रही हैं।
जोधपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष के सामने कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए। इसका वीडियो सामने आया है। यह वीडियो जोधपुर सर्किट हाउस में रविवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच का है। जिला प्रभारी मदन दिलावर जोधपुर दौरे पर आए थे। पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर पालीवाल ब्लू हेवन स्कूल की मान्यता बहाल करने की सिफारिश लेकर रविवार सुबह सर्किट हाउस में शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे। यह स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर बना था। उसकी मान्यता रद्द हो चुकी है। शिक्षा मंत्री दिलावर ने उन्हें साफ कहा कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। नियम तोड़ना संभव नहीं। इसी दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान भी पकड़े। देखें PHOTOS... दिलावर बोले- पूर्व जिलाध्यक्ष मेरे मित्र, उनसे माफी मांग सकता हूं इस वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा- पूर्व जिलाध्यक्ष मेरे मित्र हैं। मैं उनसे माफी मांग सकता हूं। हम उनके साथ बातचीत कर रहे थे। उनसे पर्सनल बातचीत चल रही थी, जिसका वीडियो बनाकर किसी ने रिकॉर्ड कर लिया। मनोहर पालीवाल ने भी कहा कि यह निजी मुलाकात थी। इसे वायरल करना गलत है। कोई भी स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर मिला तो होगी मान्यता रद्द शिक्षा मंत्री ने कहा कि यहां ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल है। जिसकी मान्यता को हमने वापस ले लिया था। इस स्कूल को अतिक्रमण की जमीन पर बनाया गया था। गलत तथ्य पेश कर मान्यता ली गई थी। इसकी जांच के बाद हमने मान्यता रद्द कर दी थी। आगे भी ऐसा कोई स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर पाया जाएगा तो उसकी भी मान्यता रद्द की जाएगी। 'कांग्रेस राज में मिड-डे मील में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी'उधर, मिड-डे मिल पर दिलावर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मिड-डे मील में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी। ऊपर से नीचे तक सब मिलकर खा रहे थे, जिसकी अब ACB जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से ACB चालान पेश करेगी। कोर्ट आगे नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
छात्र की मौत के बाद भी शिक्षा विभाग लापरवाह:बलरामपुर स्कूल में जर्जर शौचालय और खुला सेफ्टी टैंक खतरा
बलरामपुर जिले के शारदापुर स्थित एक स्कूल में छज्जा गिरने से छात्र की मौत के बाद भी शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। स्कूल परिसर में बने 5 शौचालय पूरी तरह जर्जर अवस्था में हैं और उनका खुला सेफ्टी टैंक बच्चों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। हादसे के तुरंत बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में शौचालयों को तो खोल दिया, लेकिन उनकी मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। सबसे गंभीर बात यह है कि शौचालय का सेफ्टी टैंक अभी भी खुला हुआ है, जिससे बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। अधिकारियों व शिक्षकों को लगाई फटकार घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते पीड़ित परिवार से मिलने उनके गृह ग्राम शारदापुर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से संवेदना व्यक्त की और मौके पर मौजूद अधिकारियों व शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा जांच करने के दिए निर्देश इस संबंध में विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लापरवाही का मामला है। एक बच्चे की जान जाने के बाद भी अगर स्कूल परिसर में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं, तो यह गंभीर अपराध है। मैंने अधिकारियों को तत्काल शौचालयों की मरम्मत करने, सेफ्टी टैंक को सुरक्षित ढंग से ढकने और पूरे स्कूल की सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर लापरवाही का आरोप स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद भी खतरे बने रहना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने जर्जर शौचालयों की तत्काल मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।
पंजाब के कांग्रेस के प्रभारी व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज प्रदेश की आम आदमी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार जमकर निशाना साधा। उन्होंने मान सरकार पर झूठे वादे करने और विज्ञापनों पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। इसके साथ केंद्र की भाजपा सरकार को गरीब और विकास विरोधी बताया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने बठिंडा में भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर किया। मनरेगा और केंद्र की नीतियों पर घेरा: कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार को 'मजदूर विरोधी' बताते हुए कहा कि मनरेगा के फंड ढांचे में बदलाव कर राज्यों पर 40% भुगतान का बोझ डाल दिया गया है, जिससे योजनाएं ठप हो रही हैं। पहले इसमें 90 फीसदी पैसा केंद्र सरकार देती थी। 10 फीसदी हिस्सा ही राज्य सरकार को देना था। कांग्रेस ने दावा किया कि कई राज्यों के पास यह 40% हिस्सा देने के लिए फंड नहीं है, जिससे योजनाएं लागू नहीं हो पा रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार अपना 10% हिस्सा भी नहीं दे रही है। बघेल ने कहा कि मोदी सरकार केवल व्यापारिक घरानों को लाभ पहुँचा रही है, जबकि गरीब और मजदूर पिस रहे हैं। कृषि मंत्री पर हमला बघेल ने कृषि मंत्री किसानों और मजदूरों के हित में योजना बताने और उनके अन्य बयान पर कहा कि शिवराज सिंह की मानसिक हालत तब से ठीक नहीं है जब से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया है। उनका कहना है कि किसानों और मजदूरों के हित में केंद्र सरकार की नीतियां नहीं हैं कानून-व्यवस्था और शिक्षा का मुद्दा राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कांग्रेस ने कहा कि नए साल की शुरुआत में ही नौ हत्याएं हो चुकी हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक सरपंच को शादी समारोह में खुलेआम गोली मार दी गई और नए साल में अब तक नौ लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि AAP सरकार ने चार साल में एक भी नया स्कूल नहीं खोला, केवल पुराने स्कूलों पर रंग-रोगन कर 'शिक्षा क्रांति' का झूठा प्रचार किया जा रहा है। जबकि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है। दिल्ली में इसी तरह से झूठे प्रचार किए थे। प्रताप सिंह बाजवा का मुख्यमंत्री पर निजी प्रहार: नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली और भाषा पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ जंग की बात करते हैं, जबकि वे स्वयं इससे मुक्त नहीं हो पाए हैं। बाजवा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से अपील की कि मुख्यमंत्री जब अकाल तख्त साहिब आएं, तो उनका 'अल्कोहल टेस्ट' किया जाना चाहिए। उन्होंने AAP को धर्म के प्रति असंवेदनशील बताया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने अपने 70 साल के जीवन में ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा जो विपक्ष के नेताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करता हो। उन्होंने AAP को धर्म विरोधी करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। विज्ञापनों और आर्थिक स्थिति पर हमला: कांग्रेस ने दावा किया कि पंजाब कर्ज में डूबा है, अस्पतालों में दवाएं नहीं हैं और स्वास्थ्य विभाग में 50% पद खाली हैं, लेकिन सरकार विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च कर रही है। राजा वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से 'कमर कसने' की अपील करते हुए कहा कि अब पंजाब से 'झाड़ू' को साफ करने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बठिंडा निगम चुनाव में दलबदलुओं को टिकट नहीं दिया जाएगा। कर्ज में डूबी है पंजाब सरकार कांग्रेस ने पंजाब सरकार पर लगातार कर्ज बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब को कर्ज-मुक्त करने का वादा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद राज्य में न तो कोई नया कॉलेज है, न कोई नया अस्पताल और न ही कर्मचारियों को भत्ते मिल रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब विकास कार्य नहीं हो रहे हैं, तो यह पैसा कहां जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार केवल विज्ञापनों के सहारे चल रही है। राजा वड़िंग का 'झाड़ू' साफ करने का आह्वान: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगामी चुनावों के लिए 'कमर कसने' की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। वड़िंग ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब उनके बहकावे में नहीं आएगी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के संदर्भ में कहा कि उन्हें धार्मिक सजा को सहर्ष स्वीकार करना चाहिए। वड़िंग ने स्पष्ट किया कि बठिंडा निगम चुनाव में किसी भी दलबदलू को कांग्रेस का टिकट नहीं दिया जाएगा।
अजीब सिस्टम:4 नवंबर से SIR ड्यूटी; कोर्स अधूरा, अब शिक्षकों को भेजा शिक्षा नीति की ट्रेनिंग पर
मोहम्मद निजाम की रिपोर्ट राज्य में 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू हुई और उसी दिन से ज्यादातर प्रायमरी स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई। प्रधान पाठक को छोड़कर सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। 12 दिसंबर से मिडिल और हाई स्कूल के दो-दो, तीन-तीन शिक्षकों को अभिहित अधिकारी का जिम्मा सौंप दिया। इससे मिडिल और हाई स्कूल की पढ़ाई का सिस्टम गड़बड़ाया। ये काम पूरा नहीं हुआ था कि बचे हुए शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के तहत ट्रेनिंग में भेज दिया। हर ब्लॉक में 150 शिक्षकों को एक-एक हफ्ते की ट्रेनिंग दी जा रही है। यही नहीं हायर सेकेंडरी स्कूल के बचे हुए लेक्चरों में हर किसी की 5 से 9 जनवरी तक ओपन स्कूल परीक्षा की ट्रेनिंग में लगा दिया। उसके बाद भी जो बचे उन्हें 7 से 12 जनवरी को बोर्ड का ब्लू प्रिंट के प्रशिक्षण के लिए बुला लिया। कोई पूरा हुआ नहीं और 19 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षा फिर 20 फरवरी से मुख्य परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। टीचरों पर एक ओर एसआईआर की जिम्मेदारी सौंपी गई है दूसरी ओर अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इससे पढ़ाई की स्थिति क्या है? ये पता लगाने भास्कर ने पड़ताल की। खुलासा हुआ कि प्रायमरी स्कूल जिससे बच्चों की पढ़ाई का आधार तैयार होता है उसमें सबसे बुरी स्थिति है। आया की निगरानी में परीक्षा स्वामी आत्मानंद अंगेजी स्कूल शहीद स्मारक। दोपहर 12.45 बजे। क्लास-3। बच्चे छमाही परीक्षाएं दे रहे हैं। सामने कुर्सी पर आया मदर बैठी हैं, उन्हीं की निगरानी में परीक्षा हो रही है क्योंकि प्रायमरी के 7 में छह टीचर एसआईआर ड्यूटी में हैं। एक मेडिकल लीव पर हैं। यहां कम से कम आया मदर परीक्षा की निगरानी कर रही हैं, राजधानी के संजय नगर, लाखेनगर, बीरगांव में एकाध परीक्षा हॉल में टीचर है। बाकी कमरों में कोई देखने वाला नहीं है। स्कूलों में शिक्षक नहीं और शिक्षा विभाग का शेड्यूल एसआईआर के साथ ये करवा रहे
स्थाई प्रोफेसर-प्रिंसिपल नहीं लेते क्लास, एडहॉक शिक्षकों के ही भरोसे उच्च शिक्षा
3 लाख सैलरी वाले नहीं पढ़ाते, 57 हजार वाले पर जिम्माराज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसका खुलासा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक सुधीर बाड़ा की ओर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को भेजे गए पत्र से हुआ है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि स्थाई यूनिवर्सिटी शिक्षक और प्रिंसिपल नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ले रहे हैं। पढ़ाई का पूरा भार नीड बेस्ड (एडहॉक) असिस्टेंट प्रोफेसरों पर डाल दिया गया है। निदेशक ने इसे अकादमिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताते हुए सभी विश्वविद्यालयों से स्थाई शिक्षकों, नीड बेस्ड शिक्षकों और प्रिंसिपलों द्वारा प्रतिदिन ली जा रही कक्षाओं की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है साथ ही इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने का निर्देश दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग को मिली शिकायत के अनुसार अंगीभूत महाविद्यालयों और पीजी विभागों में नियमित शिक्षण कार्य नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर ही कर रहे हैं। ये प्रतिमाह औसतन 64 से अधिक कक्षाएं लेते हैं और इन्हें प्रतिमाह 57,700 रुपए का मानदेय मिलता है। इसके विपरीत स्थाई शिक्षक प्रतिमाह 1 से 3 लाख रुपए तक वेतन उठा रहे हैं, लेकिन न्यूनतम निर्धारित कक्षाएं भी नहीं ले रहे। कई कॉलेजों में प्रिंसिपल तो कक्षा लेना भूल चुके हैं। निदेशक का पत्र मिलते ही एक्शन में विवि प्रशासन उच्च शिक्षा निदेशक का पत्र मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। सभी विभागों से शिक्षकों द्वारा ली गई कक्षाओं की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र भेजने को कहा गया है। मामले में एक वरीय शिक्षक ने बताया कि स्थाई शिक्षकों की कक्षा रिपोर्ट तैयार करना आसान नहीं होगा, क्योंकि कई प्रोफेसर व एचओडी ऐसे हैं जो महीने में दो–चार कक्षाएं ही लेते हैं।
आरटीई पर कोर्ट के निर्णय को लेकर शिक्षा संकुल पर कल जुटेंगे अभिभावक
संयुक्त अभिभावक संघ से जुड़े अभिभावक 12 जनवरी को दोपहर 11:30 बजे शिक्षा संकुल के बाहर एकत्रित होंगे। इस दौरान वे आरटीई को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करेंगे। संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश से निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगा है और आरटीई के अंतर्गत वंचित वर्ग के बच्चों के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यह आदेश शिक्षा के अधिकार की दिशा में एक मील का पत्थर है। अभिभावक इस आदेश पर सोमवार को खुशी मनाएंगे और सत्र 2025-26 के पेडिंग आरटीई प्रवेश को दिलाने की मांग को लेकर शिक्षा सचिव और निदेशक को ज्ञापन सौपेंगे।
शिक्षा विभाग की 8 करोड़ की 590 मशीनें बेकार, 70 लाख स्कूली बच्चों का आधार अपडेटशन अटका
प्रदेश में शिक्षा विभाग 8 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी चार साल से बच्चों का आधार अपडेट नहीं करा पाया है। नतीजा यह कि 1.56 करोड़ विद्यार्थियों में से 70 लाख बच्चों का आधार आज भी अधर में लटका है। आधार अपडेट नहीं होने से छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यूनिफॉर्म, साइकिल, लैपटॉप और टैबलेट जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जयपुर समेत प्रदेश में आधार अपडेशन की मशीनें सीबीईओ दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आधार अपडेट के लिए लाई गईं 100 से ज्यादा मशीनें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भेज दी गईं, जिन्हें विभाग दो साल बाद भी रिकवर नहीं कर पाया। जबकि नियम है कि 5 साल की उम्र के बाद बच्चे का आधार अपडेट कराना अनिवार्य है। चार साल पहले शिक्षा विभाग ने बच्चों के आधार बनाने और अपडेट करने का ठेका एक निजी एजेंसी को दिया। केंद्र सरकार से मिले 8 करोड़ रुपए के फंड से करीब 590 मशीनें (लैपटॉप, थंब स्कैनर आदि) खरीदी गईं। काम शुरू होते ही खुलासा हुआ कि इन्हीं मशीनों से बिहार, एमपी और अन्य राज्यों में आधार बनाए जा रहे हैं। इसके बाद मशीनें बंद कर दी गईं और एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। हालात यह हैं कि आज भी 100 से ज्यादा मशीनें विभाग के पास वापस नहीं आईं, और जो मशीनें बची हैं, उन्हें चलाने की व्यवस्था ही नहीं बन पाई। प्राइमरी से 12वीं तक 1.56 करोड़ बच्चे, 84% के पास ही आधार
आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में मासूम बच्चों को मजहबी शिक्षा दिए जाने को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के साथ-साथ सपा के विधान परिषद सदस्य शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली पर जमकर हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि समाजवादी पार्टी PDA पाठशाला चलाकर बच्चों के भीतर जातीय जहर घोलने की कोशिश कर रही है। सपा के नेता गुड्डू जमाली अपने स्कूल में जिस तरह से मजहबी तराने छेड़ने का काम कर रहे हैं। लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं और लगातार बच्चों को हथियार बना रहे हैं। यह बहुत ही शर्मनाक है। बताते चले कि आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में मासूम बच्चों को धार्मिक कट्टरता की शिक्षा देने का मामला सामने आया था। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सपा को करनी चाहिए करवाई भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि समाजवादी पार्टी को गुड्डू जमाली के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही जिला प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा विभाग को इस मामले का संज्ञान लेकर गुड्डू जमाली के स्कूल की मान्यता के संदर्भ में भी कठोर निर्णय लेने चाहिए। क्योंकि ऐसे विद्यालय समाज में अच्छे नागरिकों का निर्माण नहीं करेंगे। बल्कि कट्टर और धर्मांध लोगों को पैदा करने का काम करेंगे। ठाकुर सौरभ सिंह ने शेयर की है पोस्ट आजमगढ़ जिले के आजमगढ़ पब्लिक स्कूल का वीडियो शेयर करते हुए ठाकुर सौरभ सिंह परमार ने जिले के भाजपा पदाधिकारी के साथ सामाजिक संगठन के कई पदाधिकारियों को भी टैग करते हुए वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ ही वीडियो के नीचे भी लिखा है कि जिस तरह से आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में नर्सरी क्लास के मुस्लिम बच्चों को खड़ा करके शिक्षा द्वारा कट्टरपंथी सोच का बीजारोपण किया जा रहा है। इस विद्यालय में शिक्षा लेने के लिए विगत कई वर्षों से आसपास के गांव से स्थानिक कस्बे से न जाने कितने हिंदू परिवारों के भी बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए जा रहे हैं। इसलिए सभी माता-पिता अभिभावक बंधुओ से निवेदन है कि इस वीडियो को देखने के बाद अपने बच्चों को तुरंत विद्यालय से नाम कटवाकर अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलवाएं। जिससे कि इस विद्यालय की मान्यता रद्द हो सके। इस पोस्ट के माध्यम से यूपी पुलिस आजमगढ़ पुलिस मुख्यमंत्री ऑफिस को भी टैग किया गया है। सौरभ सिंह के साथ दीपक जायसवाल नाम की आईडी से भी इस मामले की पोस्ट की गई थी। हालांकि किन्हीं कारणों से अब डिलीट कर दी गई है। हालांकि इस मामले में ना तो कोई पदाधिकारी बोलने को तैयार है और ना ही सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी। प्रबंधक बोले शिक्षिका से मांगा गया है स्पष्टीकरण दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मोहम्मद नोमान का कहना है विद्यालय में एक विषय उर्दू है। उसी से संबंधित चीजे पढ़ाई जा रही थी। संबंधित शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने गठित की कमेटीइस बारे में आजमगढ़ के डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद आजमगढ़ पब्लिक स्कूल के वायरल हो रहे वीडियो के मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर में एक प्राथमिक शिक्षक पुष्पेंद्र अहिरवार को सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के लिए शनिवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छतरपुर द्वारा की गई है, जिसमें शिक्षक पर शासकीय निर्देशों की अवहेलना का आरोप है। नोटिस में बताया गया है कि कलेक्टर छतरपुर के निर्देश पर शीतकालीन शीतलहर के कारण नर्सरी से कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए 6 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया था। इस अवधि में शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, डडिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बछौन के प्राथमिक शिक्षक पुष्पेंद्र अहिरवार ने फेसबुक पर एक टिप्पणी की। इस टिप्पणी को वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के प्रति असहमति और शासन के निर्देशों की अवहेलना माना गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और वर्गीकृत नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के प्रावधानों का उल्लंघन है। शिक्षक से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
होशियारपुर में सर्व धर्म खजा मंदिर द्वारा शहजादी सकीना जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर विशेष सेवा एवं सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान झुग्गी–झोपड़ी क्षेत्रों में जाकर जरूरतमंद बच्चों के साथ जन्मदिवस मनाया गया और उन्हें आवश्यक सामग्री वितरित की गई। यह आयोजन मंदिर परिसर तक सीमित न रहकर समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचने का संदेश देता है। मंदिर की ओर से स्लम क्षेत्रों में जाकर बच्चों के साथ आत्मीयता और हर्षोल्लास के साथ यह विशेष दिवस मनाया गया। जरूरतमंद बच्चों को बांटी राहत सामग्री सेवा अभियान के तहत बच्चों को शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और सर्व धर्म समभाव के मूल्यों के प्रति प्रेरित किया गया। बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें सकारात्मक संदेश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद बच्चों को खाने-पीने की सामग्री, गर्म कपड़े और जूते वितरित किए गए, जिससे सर्द मौसम में उन्हें राहत मिल सके। कार्यक्रम में मंदिर के अध्यक्ष रहे मौजूद यह सेवा कार्यक्रम मंदिर के अध्यक्ष डॉ. सूफी राज जैन गुरु जी एवं गुरु मां सूफी दिव्या जी की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके सान्निध्य में सेवा भाव और अधिक प्रेरणादायक बना। सेवा कार्य के उपरांत मंदिर परिसर में दरबार सजाया गया, जहां कव्वाली का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक संगीत के माध्यम से प्रेम, मानवता और भाईचारे के संदेश को आत्मसात किया। सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर के द्वारा किया गया आयोजन पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर परिवार द्वारा किया गया। उपस्थित भक्तों और आगंतुकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समानता, सद्भाव और मानव सेवा को सशक्त करने वाला प्रयास बताया।
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नाराजगी जताई है। संगठन ने 11 फरवरी 2026 को पंचकूला स्थित शिक्षा सदन (निदेशक सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा कार्यालय) का घेराव करने का ऐलान किया है। इस संबंध में हेमसा ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम सरोज कुमारी दहिया के माध्यम से निदेशक को नोटिस सौंपा। कर्मचारियों ने जताई विभागीय उदासीनता पर नाराजगीयह निर्णय गुरुग्राम के लघु सचिवालय परिसर में आयोजित हेमसा की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता हेमसा गुरुग्राम के जिला प्रधान उदयभान यादव ने की। कर्मचारियों ने विभागीय समस्याओं का समाधान न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिला प्रधान उदयभान यादव ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कई बार निदेशक स्तर पर अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। विभागीय स्तर पर रखी गई प्रमुख मांगेंसंगठन की प्रमुख विभागीय मांगों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा, तत्काल स्थानांतरण, वरिष्ठता सूची का अद्यतन, सीडी ब्लॉक के अनुसार कार्यालय व्यवस्था, निदेशालय की तर्ज पर समयबद्ध पदोन्नति नीति, पदोन्नति नियमों में ढील, सीधी भर्ती के आरक्षित पदों को पदोन्नति से भरना, वर्कलोड के अनुसार नए पद सृजित करना और कठिन क्षेत्र भत्ता दिए जाने की मांगें शामिल हैं। सरकार स्तर पर वेतनमान और भत्तों की मांगसरकार स्तर की मांगों में ग्रुप-डी कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे 26,000 रुपए, लिपिक व स्टेनो टाइपिस्ट का 35,400 रुपए तथा सहायक व आंकड़ा सहायक का 56,100 रुपए वेतनमान 1 जनवरी 2026 से 7वें वेतन आयोग के तहत लागू करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूदइस मौके पर राज्य कमेटी सदस्य अरविंद चौहान, खंड प्रधान फरुखनगर विजय कुमार, सुनील उप-अधीक्षक, अनीता उप-अधीक्षक, संदीप सहायक, राजीव श्योराण सहायक, दिनेश जून सहायक, गीता लिपिक, परविंद्र लिपिक, बलवान सिंह लिपिक, संजीव आंकड़ा सहायक, सुनील लिपिक, सचिन लिपिक, सतीश धनखड़, रवि लिपिक, सुधीर कुमार ग्रुप-डी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) भोपाल द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती अधिसूचना को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि यह अधिसूचना वर्ष 2024 की राजपत्र (गजट) अधिसूचना के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जारी की गई है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों के साथ अन्याय हुआ है। मामले की सुनवाई एकलपीठ न्यायमूर्ति विशाल धगत के समक्ष हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित भर्ती प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे चयन मंडल द्वारा की जा रही नर्सिंग फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया पर न्यायिक निगरानी स्थापित हो गई है। गजट अधिसूचना के उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और अंशुल तिवारी ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2024 की गजट अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने थे, लेकिन चयन मंडल ने 40 पदों को सीधी भर्ती के तहत विज्ञापित कर दिया। इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए तय 60 प्रतिशत पदोन्नति और 40 प्रतिशत सीधी भर्ती की व्यवस्था को भी दरकिनार करते हुए सभी पदों को सीधी भर्ती से भरने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया। फैकल्टी संकट में लिया गया काम, अब अनदेखी याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सीबीआई जांच के बाद विभाग में गंभीर फैकल्टी संकट उत्पन्न हो गया था। उस समय शासन ने इन्हीं योग्य और अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों को अस्थायी प्रभार देकर वर्षों तक असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर कार्य कराया। इसके बावजूद न तो उन्हें पदोन्नत किया गया और न ही नियमित किया गया। अब सीधी भर्ती निकालकर उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। 67 नर्सिंग ऑफिसरों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती यह याचिका मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की गई है, जिसमें 67 नर्सिंग ऑफिसर शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनके पास 10 से 25 वर्षों तक का अनुभव है और वे लंबे समय से संबंधित पदों पर अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के बीच भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान सामने आया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की नाराजगी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री यादव ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल उनके बड़े भाई समान हैं और वे स्वयं उनसे मुलाकात कर नाराजगी दूर करेंगे। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यदि भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर बृजमोहन अग्रवाल नाराज हैं, तो वे उनसे बैठकर बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्काउट-गाइड की अपनी अलग नियमावली और परंपरा है, जिसे ध्यान में रखकर ही निर्णय लिए जाने चाहिए। जंबूरी आयोजन में भ्रष्टाचार का आरोप बता दें कि कांग्रेस ने जंबूरी आयोजन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि विवाद के कारण जंबूरी के कुछ कार्यक्रमों को स्थगित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वैधानिक अध्यक्ष होते हुए भी उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है। इसी को लेकर उन्होंने न्यायालय का रुख किया है। शिक्षा मंत्री बोले- बृजमोहन अग्रवाल से मिलकर बात करेंगे इस पूरे मामले पर जंबूरी कार्यक्रम में बालोद पहुंचे मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल की बातों में तथ्य हैं और स्काउट-गाइड की कार्यप्रणाली सामान्य सरकारी संस्थाओं से अलग होती है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि देशभर से बच्चे जंबूरी में भाग लेने आए हैं। मंत्री यादव ने कहा, “बृजमोहन भैया हमारे परिवार के बड़े सदस्य जैसे हैं। जैसे पिता या बड़े भाई नाराज हो जाते हैं, वैसे ही यह स्वाभाविक है। मैं छोटा भाई हूं, उनसे जाकर मिलूंगा।” उन्होंने बताया कि बृजमोहन अग्रवाल फिलहाल दिल्ली में हैं और उनसे समय लिया गया है। उनके लौटने के बाद वे उनसे मुलाकात करेंगे और विवाद को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
फरीदाबाद में शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए सत्र 2025-26 की सालाना और पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) की डेट शीट जारी कर दी है। दोनों परीक्षा अलग-अलग समय पर कराई जाएगी। स्कूलों को विभाग की तरफ से स्टूडेंट की तैयारी कराने और दूसरे इंतजाम करने के आदेश जारी कर दिए गए है। सालाना परीक्षा 11 मार्च से क्लास 1 से 8 तक के स्टूडेंट की साला परीक्षा 11 मार्च से शुरू हो जाएगी। जिला में इस समय 378 सरकारी प्राइमरी स्कूल है। इसके अलावा अपर प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) स्कूल है। इन स्कूलों में 80 हजार स्टूडेंट्स 8वीं तक की क्लास में पढ़ाई कर रहे है। जबकि 12वीं क्लास तक 1.25 लाख स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। क्लास 1 से 5 तक के स्टूडेंट की सालाना परीक्षाएं 13 मार्च से 16 मार्च तक होंगी। क्लास 6 से 8 तक के स्टूडेंट्स की परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च तक होंगी। परीक्षाओं के प्रश्न पत्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा भेजे जाएंगे। 20 अप्रैल से पूरक परीक्षा होंगी सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरक परीक्षाएं (Supplementary Exam) 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक होंगी। बाल वाटिका से क्लास 5 तक के छात्रों की पूरक परीक्षाएं 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक होंगी। क्लास 6 से 8 तक के छात्रों की परीक्षाएं 20 अप्रैल से 1 मई तक होंगी। क्या है पूरक परीक्षा पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) छात्रों को मुख्य परीक्षा में असफल होने या अच्छे अंक न आने पर पास होने या अंक सुधारने का दूसरा मौका देती है, जो मुख्य परीक्षा के बाद आयोजित की जाती है और उन्हें अपना कोर्स पूरा करने या ग्रेड बेहतर बनाने का अवसर देती है। यह उन छात्रों के लिए मददगार होती है जिन्हें बीमारी या अन्य कारणों से परीक्षा में बाधा आई हो या वे किसी विषय में पासिंग मार्क्स से थोड़े कम रह गए हों स्कूलों को तैयारी करने के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों ने बताया कि डेट शीट जारी करने को लेकर सभी स्कूलों को जानकारी दी गई है। सभी को बच्चों की तैयारी कराने को लेकर भी आदेश जारी किए है ताकि सभी बच्चों की तैयारी पेपर से पहले अच्छे से हो जाए। इसके अलावा परीक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी करने को लेकर बोला गया है।
पीएयू में उच्च शिक्षा और शोध को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंथन
लुधियाना। खोज और उच्च शिक्षा के बीच सहयोग और साझेदारी के अवसर तलाशने के उद्देश्य से अमेरिका की फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अंतरप्रीत जुतला ने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू.) के कृषि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान डॉ. जुतला ने अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों से बातचीत कर उनकी रुचियों और आकांक्षाओं को जाना। उन्होंने छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों और चुनौतियों से परिचित कराते हुए शोध के लिए आवश्यक मानसिक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बी.टेक छात्रों को प्रोजेक्ट आधारित विभिन्न नवोन्मेषी विधियों के माध्यम से सेंसर तकनीकों के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित किया। कॉलेज के डीन डॉ. मनजीत सिंह ने डॉ. जुतला का स्वागत किया और कॉलेज की गतिविधियों से परिचित कराया। भूमि और जल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील गर्ग ने विभाग के कार्यों के बारे में बताया और डॉ. अंतरप्रीत जुतला की प्रशंसा की। डॉ. जुतला का स्वागत कॉलेज के प्रशिक्षण और प्लेसमेंट इंचार्ज डॉ. सतीश कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान डॉ. जुतला ने विभाग के विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए जल की गुणवत्ता, पर्यावरणीय अध्ययन और सतत कृषि के लिए तकनीकी शोध पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच शोध परियोजनाओं, कर्मचारियों और छात्रों के आदान-प्रदान के लिए आपसी सहमति और आशा व्यक्त की। डॉ. जुतला ने पी.ए.यू. के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल के साथ विशेष बैठक में द्विपक्षीय शोध साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद के शब्द डॉ. चेतन सिंगला ने कहे।
इंदौर में स्कूल शिक्षा विभाग के बीओ कार्यालय में 2 करोड़ 87 लाख रुपए के गबन मामले में कार्यालय के पांच कर्मचारियों को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है। इनके नाम अकाउंटेंट दिनेश पवार, मेघा चार्ल्स, भृत्य सिद्धार्थ जोशी, राहुल अहिरे और अतुल त्रिवेदी है। इस मामले में सरकारी खजाने से गबन कर अपने नजदीकी लोगों के बैंक खातों में पहुंचा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसकी जांच संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा, इंदौर को सौंपी थी। आयुक्त कोष एवं लेखा, भोपाल द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार गबन से जुड़े लगभग 150 खातों को फ्रीज किया जा चुका है। यह गड़बड़ी वर्ष 2018 से 2025 के बीच की बताई जा रही है। इंदौर विकासखंड कार्यालय से अनुदान, छात्रवृत्ति और जीपीएफ मद में प्राप्त होने वाली राशि का दुरुपयोग किया गया।
प्रदेश में शुक्रवार को मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल से तीन पत्र सामने आए हैं। MP में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए प्रदेश के साढ़े तीन लाख शिक्षकों पर एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है। इसके अलावा डीएलएड एग्जाम का रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया है। साथ ही बोर्ड ने स्टूडेंट्स को हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी विषय संशोधन का आखरी मौका दिया है। 30 अप्रैल तक लागू रहेगा एस्माएस्मा के तहत अब शिक्षक न तो छुट्टी ले सकेंगे और न ही किसी तरह का आंदोलन, धरना या प्रदर्शन कर सकेंगे। साथ ही परीक्षा संबंधी ड्यूटी से इनकार करना भी कानून के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा। यह व्यवस्था 1 फरवरी से 30 अप्रैल तक लागू रहेगी। राज्य में 7 फरवरी से 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिनमें करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इसी व्यवस्था के तहत माशिमं ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। डीएलएड परीक्षा परिणाम घोषित माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित डी.एल.एड. (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रथम और द्वितीय वर्ष परीक्षा 2025 (द्वितीय अवसर) का परिणाम 8 जनवरी 2026 को घोषित कर दिया गया है। परिणाम ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है ताकि अभ्यर्थी बिना किसी देरी और परेशानी के अपना रिजल्ट देख सकें। अभ्यर्थी अपना परीक्षा परिणाम www.mpbse.mponline.gov.in पोर्टल पर जाकर देख सकते हैं। परिणाम घोषित होने से उन छात्रों को बड़ा फायदा मिलेगा जो द्वितीय अवसर परीक्षा में शामिल हुए थे। हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी विषय संशोधन का मौका माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल ने सत्र 2025-26 में आयोजित होने वाली हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के लिए विषयों में संशोधन व सुधार की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है। पहले यह सुविधा 21 दिसंबर 2025 तक 500 रुपए प्रति विषय शुल्क के साथ उपलब्ध थी। अब स्टूडेंट्स की सुविधा को देखते हुए ऑनलाइन विषय सुधार के लिए अंतिम तिथि 10 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस तारीख तक बिना अतिरिक्त शुल्क के सुधार किया जा सकेगा। इसके बाद विषय संशोधन परीक्षा केंद्र अथवा मंडल स्तर पर किसी भी प्रकार से स्वीकार नहीं होगा। शिक्षकों पर लागू हुआ एस्मा मंडल ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि में शिक्षकों की छुट्टियां अनुमत नहीं होंगी। एस्मा लागू होने के बाद शिक्षक किसी भी रूप में प्रदर्शन, हड़ताल या सहयोग देने से भी प्रतिबंधित रहेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं के दौरान कार्य सुचारू रखना है। परीक्षा से जुड़ी ड्यूटी से इनकार करना अपराध की श्रेणी में आएगा। यह कदम परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की बाधा रोकने के लिए उठाया गया है। राज्य में 7 फरवरी से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। लगभग 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक और कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छोटी सी गलती भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती है, इसी कारण परीक्षा ड्यूटी से जुड़ी सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित किया गया है।
मिर्जापुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 7 जनवरी 2026 को जारी शिक्षक समायोजन आदेश को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपते हुए आदेश को विसंगतिपूर्ण बताया है और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि समायोजन प्रक्रिया में विभागीय नियमों और पूर्व में चली आ रही व्यवस्था की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि समायोजन से पहले किसी भी प्रकार की सरप्लस सूची जारी नहीं की गई, जबकि पूर्व की कार्यवाहियों में यह सूची सार्वजनिक की जाती रही है। इस बार बिना सूची जारी किए सीधे समायोजन कर दिया गया। वरिष्ठता क्रम प्रभावित होने का आरोप शिक्षकों के अनुसार, समायोजन के दौरान कहीं जूनियर तो कहीं सीनियर शिक्षकों को हटाकर स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे वरिष्ठता क्रम प्रभावित हुआ है। इससे न केवल शिक्षकों में असंतोष है, बल्कि विभागीय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ने की आशंका शिक्षकों ने बताया कि जिन विद्यालयों में समायोजन किया गया है, वहां छात्र संख्या शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानकों के अनुरूप नहीं है। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। ऑप्शन न लेने और सुरक्षा पर चिंता शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो समायोजनों की तरह इस बार भी विकल्प (ऑप्शन) नहीं लिए गए। विकल्प प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहती है। विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं को दुर्गम और साधनविहीन मार्गों वाले विद्यालयों में समायोजित किए जाने पर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। आदेश निरस्त करने की मांग, आंदोलन के संकेत शिक्षकों ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से आए शिक्षकों से एकल व बंद विद्यालयों की पूर्ति न किए जाने को भी बड़ी चूक बताया है। उन्होंने वर्तमान समायोजन आदेश को तत्काल निरस्त करने और भविष्य में सरप्लस सूची जारी कर विकल्प की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले को लेकर शिक्षा विभाग में चर्चाओं का दौर जारी है, वहीं शिक्षक संघों ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
हनुमना क्षेत्र में बेटियों के अधिकारों और सशक्तिकरण को लेकर ग्राम पंचायत पातीं मिश्रान और मलैगवा में 'नारी बेटी की चौपाल' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा। बाल विवाह और शिक्षा पर चर्चा सेक्टर घोंघम के अंतर्गत शुक्रवार को दोपहर 3 बजे आयोजित इस चौपाल में बाल विवाह उन्मूलन, बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह अभियान 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत चलाया जा रहा है। बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने का प्रयास परियोजना अधिकारी शंखधर त्रिपाठी ने बताया कि चौपाल का उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोड़ना और किशोरियों को करियर काउंसलिंग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक होगा, तो बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर स्वयं ही अंकुश लगेगा। विकासखंड समन्वयक सर्वेश सिंह गहरवार ने लोगों से अपील की कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा, बेटी है तो कल है की सोच अपनाकर उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और सपनों को साकार करना जरूरी है। सांस्कृतिक गतिविधियों से बढ़ा उत्साह कार्यक्रम को खास बनाने के लिए ग्रामीण महिलाओं ने बघेली सोहर गाकर 'बिटिया जन्मोत्सव' मनाया। इसमें पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, ग्रामीण महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चियां भी मौजूद थीं।
बक्सर जिले के डुमरांव स्थित डीके कॉलेज में 'लोकतंत्र, समाज और मीडिया की नैतिकता' विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में शिक्षा, राजनीति और प्रशासन से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की। बिहार राज्य सूचना आयोग के सदस्य प्रकाश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. नवल किशोर यादव ने मुख्य वक्ता के तौर पर अपने विचार रखे। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के कुल सचिव रामकृष्ण ठाकुर विशिष्ट अतिथि थे। इसके अतिरिक्त, कॉलेज की प्राचार्य प्रो. वीणा कुमारी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनवर इमाम और डॉ. राजू मोची सहित कई शिक्षाविद् मंच पर मौजूद थे। शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहींकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. वीणा कुमारी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए समाज और मीडिया में नैतिकता को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अच्छे नागरिक बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें नैतिक मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रत्येक पेशे की अपनी नैतिकतामुख्य वक्ता प्रो. नवल किशोर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक पेशे की अपनी नैतिकता होती है, जिसका पालन करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने शिक्षा को जीवन के लिए उतना ही आवश्यक बताया जितना कि ऑक्सीजन। प्रो. यादव ने चिंता व्यक्त की कि पहले नैतिकता शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा थी, लेकिन अब इसे लगभग हटा दिया गया है, जो समाज के लिए एक गंभीर संकेत है। निष्पक्षता ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करतीराज्य सूचना आयोग के सदस्य प्रकाश कुमार ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी निष्पक्षता व नैतिकता ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है। वहीं, रामकृष्ण ठाकुर ने जोर दिया कि नैतिक मूल्यों के बिना समाज का विकास अधूरा है और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों में नैतिक चेतना विकसित करें।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सहायक शिक्षकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया- 2023 को समाप्त करने का फैसला लिया है। भर्ती प्रक्रिया में आई दिक्कतों और कानूनी बाधाओं के कारण यह फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 4 मई 2023 को सहायक शिक्षक के 6285 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। ऐसे में व्यापम ने 1 जुलाई 2023 को परीक्षा का परिणाम जारी किया। जो एक साल तक मान्य था। भर्ती के दौरान बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक चयन प्रक्रिया से बाहर रखा गया। जिसे लेकर न तो सर्वोच्च न्यायालय और न ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोई आदेश दिया था। सीधी भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक पद के लिए नियुक्ति चार चरणों में की गई थी। विभाग ने कटऑफ में आए अभ्यर्थियों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर जारी की थी। पढ़ें आदेश की कॉपी... उच्च न्यायालय का आदेश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने याचिका पर 2 अप्रैल 2024 को आदेश दिया कि बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थी सहायक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश तक विभाग 5,301 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति कर चुका था, जिनमें 2621 बी.एड. डिग्रीधारी थे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सहायक शिक्षक भर्ती के अगले चरण को रोक दिया गया। सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणाम की वैधता 1 जुलाई 2024 को खत्म हो गई, जिससे आगे भर्ती करना संभव नहीं रहा। चयन सूची की वैधता बढ़ाई गई स्कूल शिक्षा विभाग ने 24 फरवरी 2025 को आदेश जारी कर हाईकोर्ट के फैसले के पालन में 2,621 पदों की चयन सूची की वैधता 1 जुलाई 2025 तक बढ़ा दी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मार्च-अप्रैल 2025 में भर्ती का पांचवां चरण किया गया। इसमें सेवा से हटाए गए 2621 अभ्यर्थियों के स्थान पर 2615 डी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। पांचवें चरण की कटऑफ रैंक पांचवें चरण में श्रेणीवार कटऑफ रैंक इस प्रकार रही— दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति पांचवें चरण में शामिल 2615 अभ्यर्थियों में से 1316 अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन में उपस्थित नहीं हुए या अपात्र पाए गए। बाकी 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए। भर्ती प्रक्रिया समाप्त करने का फैसला सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणाम की बढ़ाई गई वैधता 1 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है। छठवें चरण की मांग कर रहे अभ्यर्थी मेरिट सूची में काफी नीचे हैं, इसलिए उन्हें नियुक्ति का मौका नहीं मिल सका। विभाग का पक्ष विभाग का कहना है कि सभी श्रेणियों में कटऑफ रैंक पहले ही काफी नीचे जा चुकी है। भर्ती विज्ञापन को जारी हुए दो साल से अधिक हो चुके हैं और इस दौरान कई नए योग्य अभ्यर्थी नई शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन सभी कारणों को देखते हुए सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। ....................................... इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... D.Ed कैंडिडेट 6 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे:30 की तबियत बिगड़ी, 6 से ज्यादा एडमिट; बोले-अब तक कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर D.Ed कैंडिडेट्स में नाराजगी है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इसके विरोध में अभ्यर्थी 24 दिसंबर से रायपुर के तूता धरनास्थल पर आमरण अनशन पर बैठे। पढ़ें पूरी खबर...
कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन, मदन विलास पैलेस बनेगा शिक्षा संग्रहालय
जिले के कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन के रूप में विकसित होगा। वहीं झालरापाटन के मदन विलास पैलेस को शिक्षा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला स्तरीय पर्यटन विकास की बैठक में गुरुवार को यह निर्णय लिया गया। सूरश्याम मंदिर की प्राचीन मंदिर है। यहां के चारों तरफ के वातावरण को हरियाली से आच्छादित किया जाएगा। इसी तरह से यहां पर औषधीय पौधों की पूरी शृंखला विकसित की जाएगी। वहीं झालरापाटन के मदन विलास में इतिहास, संस्कृति सहित अन्य किताबों का संग्रह रखा जाएगा। डाइट में होने वाले शोध का भी यहां पर प्रजेंटेशन रहेगा। विभिन्न प्रसिद्ध किताबें और शिक्षा विभाग की उपलब्धियों, सफलताओं का भी यहां संग्रह होगा। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के संरक्षण, संवर्द्धन और उनके प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में प्रमुख स्थानों के रूप में मनोहरथाना में कोटड़ा का महल, झालरापाटन में गढ़ स्थित जनाना महल, डग में गंगधार का किला और खानपुर में मऊबोरदा को पहचान दिलाई जाएगी। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों की मरम्मत होगी मिश्रौली स्थित स्तंभाकार बैसाल्टिक चट्टानों को जियो साइट के रूप में विकसित करने के लिए इंटेक के संयोजक राज्यपाल शर्मा और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं गागरोन किले के परकोटे पर बने पुराने क्षतिग्रस्त शौचालयों को तुड़वाने और निमार्णाधीन रैन बसेरा के प्रगतिरत कार्यों पर भी कलेक्टर ने चर्चा की। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों और दीवारों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार करने के आदेश पीडब्ल्यूडी के एसई को दिए।
कनिष्ठ सहायकों की सूची का विरोध, शिक्षा अधिकारी के सामने प्रदर्शन
जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक उदयपुर के द्वारा कनिष्ठ सहायकों की जारी अस्थाई वरिष्ठता सूची को लेकर विरोध हो रहा है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक उदयपुर लोकेश भारती के समक्ष राजस्थान शिक्षा विभागीय सयुंक्त कर्मचारी संघ संभागीय अध्यक्ष अनिल पालीवाल व महामंत्री कमल प्रकाश बाबेल के नेतृत्व मे आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए समय मात्र तीन दिवस ही देने पर विरोध व्यक्त किया है । संभागीय महामंत्री कमल प्रकाश बाबेल ने बताया कि जारी कनिष्ठ सहायकों की जो अस्थाई वरिष्ठता सूची जारी की गई जिन पर आपत्तियों का समय है मात्र तीन दिन दिया गया जिनकी पूर्ति इतनी अल्प अवधि में होना सम्भव नही है, साथ ही स्थायीकरण एवं अन्य समस्याओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती के समक्ष विरोध व्यक्त किया । इस पर भारती ने तत्काल आपत्तियों का समय सात दिवस बढाने के लिए संबंधित को निर्देश दिए। वार्ता मे अश्विन पालीवाल, अनिल बारबर, पवन वैष्णव,त्रिलोक शर्मा,शुरवीर सिंह,रतन सिंह, सूर्यप्रकाश आचार्य आदि उपस्थित थे ।
भाजपा का ममता सरकार पर निशाना, अग्निमित्रा पॉल ने स्वास्थ्य और शिक्षा की गिनाईं नाकामियां
पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतर्जनपदीय तबादले में याची की ग़लती नही तो उसे किस तरह से समायोजित किया जाय। सचिव ने यह कहते हुए याची प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल नगला मुकुट फर्रुखाबाद की अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी अस्वीकार कर दी थी कि तकनीकी खामी के चलते उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जा सका था, और आफ लाइन विचार किए जाने का कानूनी उपबंध नहीं है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने असद उल्लाह खान की याचिका पर दिया है। याची के बी एस ए फर्रुखाबाद को अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी दी। जिस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका तो उसने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को अर्जी दी।जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कहा गया कि याची ने बी एस ए को दी गई अर्जी पर निर्णय का इंतजार करने के बजाय सचिव के पास चला गया। इसमें बी एस ए की कोई ग़लती नही है। दोनों अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी को कोर्ट ने उचित नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाजिर होने का आदेश दिया है।
गोपालगंज में एक साल में 64,501 पासपोर्ट बने:लोग शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जा रहे
गोपालगंज में पिछले एक साल में 64,501 पासपोर्ट जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले के लोग रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में विदेश का रुख कर रहे हैं। कभी मुख्य रूप से खेती पर निर्भर रहने वाला गोपालगंज अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। अधिकांश कामगार सऊदी अरब, कतर, ओमान और दुबई जैसे देशों में निर्माण, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल जैसे क्षेत्रों में काम करने जा रहे हैं। कनाडा, यूरोप और रूस जैसे देशों का रुख कर रहे केवल श्रमिक ही नहीं, बल्कि युवा छात्र भी बेहतर उच्च शिक्षा के लिए कनाडा, यूरोप और रूस जैसे देशों का रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति युवाओं में देश के बजाय विदेश में अवसर तलाशने की बढ़ती इच्छा को दर्शाती है। पासपोर्ट आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। पुलिस सत्यापन और अन्य कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय कम हुआ है, जिससे लोगों के लिए विदेश जाना आसान हो गया है। पासपोर्ट कार्यालय और स्थानीय पुलिस प्रशासन के प्रयासों से बड़ी संख्या में आवेदनों का निपटारा संभव हो सका है। बढ़ती प्रवृत्ति के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हालांकि, इस बढ़ती प्रवृत्ति के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। दलालों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे फर्जी दस्तावेजों और ठगी के मामले भी बढ़े हैं। कई लोग अधिक पैसे कमाने की चाहत में ऐसे दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं। बड़ी संख्या में युवाओं के पलायन से स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों की कमी महसूस की जा रही है। इसके बावजूद, विदेश से आने वाला धन जिले की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूत कर रहा है। 64,501 आवेदनों का निष्पादन पूरी तरह से समयबद्ध और नियामानुसार किया गया इस संदर्भ में एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2025 में कुल 64,501 आवेदनों का निष्पादन पूरी तरह से समयबद्ध और नियामानुसार किया गया। पुलिस सत्यापन की गति में सुधार और डिजिटल निगरानी के कारण आवेदकों का पासपोर्ट क्लियरेंस हुआ है।
जोधपुर जिले में शीतलहर और अत्यधिक ठंड को देखते हुए विद्यालयों के संचालन का समय सुबह 10 बजे से निर्धारित किए जाने के जिला कलक्टर के आदेशों की पालना नहीं होने के मामले सामने आए हैं। इस पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक शिक्षा विभाग जोधपुर ओम सिंह राजपुरोहित ने जिले के समस्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित कराएं। साथ ही, जो विद्यालय निर्धारित समय से पहले संचालन करते पाए जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के प्रस्ताव तत्काल इस कार्यालय को भिजवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्यधिक ठंड और शीतलहर की स्थिति के चलते अग्रिम आदेशों तक जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का संचालन सुबह 10 बजे से करने के आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अलीगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्राथमिक विद्यालयों में बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अलग-अलग विकास खंडों में तैनात 8 सहायक अध्यापकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इन शिक्षकों पर विभागीय आदेशों की अवहेलना, अध्यापक तैनाती नियमावली के उल्लंघन और वर्षों तक स्कूल न आने के आरोप हैं। अनुपस्थिति की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई बीएसए ने बताया कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक व कर्मचारियों की अनुपस्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद विभिन्न खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब BSA कार्यालय की ओर से संबंधित शिक्षकों को कई बार कारण बताओ नोटिस, अंतिम अवसर नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। इसके बावजूद किसी ने संतोषजनक स्पष्टीकरण या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इन शिक्षकों की सेवाएं की गईं समाप्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भी सेवा समाप्त विकास खंड बिजौली के उच्च प्राथमिक विद्यालय बडेसरा में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमित कुमार 23 फरवरी 2021 से बिना किसी सूचना के ही अनुपस्थित चल रहे थे। नोटिस भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। बाद में जांच आख्या के आधार पर सेवा समाप्ति का आदेश किया गया है।
सिरसा जिले के रानियां में श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और हरियाणा व्यापार मंडल के संयुक्त देखरेख में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शिक्षा खेल जगत से जुड़े 250 प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया। मंत्री ढांडा ने छात्रों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। सम्मानित होने वालों में सिरसा जिले के बड़गुढ़ा, सिरसा, ऐलनाबाद, ओढ़ां, रानियां, नाथूसरी चौपटा सहित सातों खंडों से दसवीं कक्षा में खंड स्तर पर टॉप करने वाले 25 विद्यार्थी शामिल थे। प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित इसके अतिरिक्त, जिन विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद सरकारी या निजी क्षेत्र में क्लास वन अधिकारी का पद प्राप्त किया है, उन्हें भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।रानियां खंड के सरकारी और निजी स्कूलों के उन विद्यार्थियों को भी मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने विज्ञान, खेल, चिकित्सा या किसी अन्य क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल किया है। सेवानिवृत्त लोगों को भी किया गया सम्मानित समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों और सरकारी और निजी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए लोगों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हीरा लाल शर्मा, श्री गौशाला कमेटी के प्रधान संदीप मित्तल और पूर्व विधायक रामचंद कंबोज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सोनू ग्रोवर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल, रानियां इकाई के प्रधान सोनू ग्रोवर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा को पगड़ी पहनाकर तथा अन्य अतिथियों का बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। बीएस स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत बता दे कि इससे पूर्व, शिक्षा मंत्री के रानियां पहुंचने पर श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और व्यापार मंडल के सदस्यों ने फूलमालाएं पहनाकर उनका जोरदार अभिनंदन किया। मंत्री ने रतन राइस मिल्स के संचालक संदीप मित्तल के निवास स्थान पर जलपान किया, जहां संदीप मित्तल ने उन्हें सम्मान स्वरूप शॉल भेंट की।
स्कूली बच्चों की पहचान से जुड़े अहम दस्तावेज अपार आईडी को लेकर नालंदा जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। एक साल से चल रही इस मुहिम में जिले के सवा दो लाख से अधिक बच्चे अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। विभाग की इस सुस्ती पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 25 जनवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का सख्त निर्देश जारी किया है। जमीनी हकीकत चौंकाने वाली विभाग के आधिकारिक आंकड़े स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हैं। नालंदा जिले में कुल 5,77,248 नामांकित छात्रों में से अब तक महज 3,52,314 का ही अपार कार्ड बन सका है। यानी पूरे 2,24,934 बच्चों का काम अभी भी लंबित पड़ा है। यह संख्या कुल नामांकन का करीब 39 फीसदी है, जो विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि 1,26,132 ऐसे छात्र हैं जिनके पास आधार कार्ड उपलब्ध होने के बावजूद उनकी अपार आईडी नहीं बनाई गई है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। इसके अलावा 98,802 बच्चों के पास तो आधार कार्ड ही नहीं है, जिससे समस्या और भी जटिल हो गई है। एक सप्ताह में शून्य प्रगति, विभाग में हड़कंप विभाग की ओर से जारी साप्ताहिक रिपोर्ट(30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026) ने कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 5 जनवरी को जिले में एक भी बच्चे का अपार कार्ड जनरेट नहीं किया गया। यह शून्य प्रगति विभाग के लिए शर्मनाक स्थिति है। राज्य स्तर पर भी पूरे एक सप्ताह में महज 11,410 कार्ड ही बन पाए, जिसे राज्य परियोजना निदेशक ने अत्यंत खेदजनक और निराशाजनक करार दिया है। दो चरणों में पूरा करना होगा लक्ष्य राज्य परियोजना निदेशक ने जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों के पास आधार कार्ड मौजूद है, उनका अपार कार्ड 15 जनवरी तक प्राथमिकता के आधार पर बना लिया जाए। वहीं, जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका पहले आधार बनवाकर फिर 25 जनवरी तक अपार आईडी की प्रक्रिया पूरी की जाए। यह समय सीमा बेहद कड़ी है और विभाग के सामने अब समय की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। राज्यभर में 85 लाख बच्चे वंचित यह समस्या केवल नालंदा तक सीमित नहीं है। जारी पत्र के मुताबिक, पूरे बिहार में अभी भी लगभग 85 लाख बच्चों का अपार आईडी बनना शेष है। हालांकि, नालंदा जिले की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है, जहां केवल 61.05 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। क्यों जरूरी है अपार आईडी अपार आईडी 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' की अवधारणा पर आधारित है। यह एक डिजिटल शैक्षणिक पहचान पत्र है जिसमें छात्र की पूरी शैक्षणिक कुंडली, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति और अन्य उपलब्धियों का संपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। इस आईडी के अभाव में भविष्य में छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कूल ट्रांसफर और छात्रवृत्ति आवेदन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा सरकार के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा आज सिरसा में आएंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा वीरवार प्रातः 11.50 बजे डबवाली स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ) के संबंध में योजना को लेकर पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा मनरेगा योजना के बदलाव पर जानकारी देंगे और कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा का नाम बदलाव पर जानकारी सांझा करेंगे। इसे लेकर आमजन भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचेंगे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे पहले कल बुधवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सिरसा आए थे और उन्होंने मनरेगा के वीबी-जी राम जी नाम बदलकर संशोधन पर जानकारी दी। मंत्री ढांडा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था कि कांग्रेस सिर्फ नाम के लिए राजनीति कर रही है।
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बेहाल है। सरकार ने तबादलों पर रोक लगा रखी है। अगले महीने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रारंभ होगी। संस्था प्रधानों पर परीक्षा की तैयारी का जिम्मा है। बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं प्रारंभ हो गई है। इसके बावजूद चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए ना तो बोर्ड परीक्षा की तैयारी आड़े आ रही है और ना ही तबादलों पर लगा प्रतिबंध। एक दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने चार अलग-अलग सूचियां जारी कर 412 प्रिंसिपल के तबादले कर दिए। इतना ही नहीं पिछले 3 महीनों में शिक्षा विभाग में 6 हजार से अधिक प्रिंसिपल इधर-उधर हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में 12982 प्रिंसिपल कार्यरत है। इसके हिसाब से देखे तो 3 महीने में कार्यरत प्रिंसिपल में करीब 50 फीसदी प्रिंसिपल का तबादला किया गया है। इसमें भी कई प्रिंसिपल ऐसे है जिनका दो से तीन बार तबादला हो चुका है। मंगलवार को जारी सूची में तो ऐसे प्रिंसिपल का भी तबादला कर दिया गया जिन्होंने कोर्ट से स्टे ले रखा था। सीमा चौधरी का तीन महीने में 3 बार तबादला हो चुका है। सीमा चौधरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दुर्जनियावास झोटवाड़ा जयपुर में कार्यरत थी। सबसे पहले यहां से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सावरदा मौजमाबाद जयपुर, फिर यहां से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल पवालिया सांगानेर जयपुर और अब एक दिन पहले जारी सूची में यहां से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल हनूतिया खुर्द माधोराजपुरा जयपुर में कर दिया गया। सीमा ने बताया मैं एक सैन्य अधिकारी की प|ी हूं। इसके बावजूद बार बार तबादला करके एक तरह से मुझे मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। एक महीना भी नहीं होता कि मेरा तबादला हो जाता है। ऐसे में मैं बच्चों के हित में कैसे काम कर पाऊंगी। मुझे दो बार तो तबादलों से मिलने वाला टीए-डीए भी नहीं दिया गया। प्रिंसिपल को यूं किया चक्कर घिरनी प्रिंसिपल तबादलों की शिकायत पीएम से करेगा शिक्षक संगठन प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रहे प्रिंसिपल तबादलों को लेकर अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) ने प्रधानमंत्री को शिकायत करने की घोषणा की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो गई। अगले महीने बोर्ड परीक्षा है और फिर स्थानीय परीक्षाएं। स्कूलों मे कोर्स अधूरा पड़ा है। सरकार ने तबादलों पर प्रतिबंध भी लगा रखा है। इसके बावजूद विभाग में इस तरह से तबादले होना समझ से परे हैं। इसलिए इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से की जाएगी और मांग रखी जाएगी कि तबादला नीति बनाकर तबादले ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही किए जाएं।
नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के इंटर विद्यालय में बुधवार को विधायक बिनीता मेहता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रखंड के सभी माध्यमिक और इंटर विद्यालयों की प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य तथा प्राचार्य शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाना था। विधायक बिनीता मेहता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी प्राचार्यों और प्रभारी प्राचार्यों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनकी समस्याओं को सुना। प्रभारी बीईओ सह बीसीओ अजित कुमार ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। बैठक में विधायक बिनीता मेहता ने स्पष्ट किया कि शिक्षा समाज की उन्नति का आधार है। उन्होंने कहा कि इसे बेहतर बनाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया। इस अवसर पर 20 सूत्री अध्यक्ष दिलीप कुशवाहा, उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा, इंटर विद्यालय कौआकोल के प्रभारी प्राचार्य श्याम कुमार वर्मा, बापू इंटर विद्यालय के अजय कुमार और गायत्री प्रोजेक्ट बालिका इंटर विद्यालय के संदीप कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति और शिक्षाविद उपस्थित थे।
दौसा जिले में कड़ाके की ठंड के चलते जिले में संचालित राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षा से कक्षा 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों का 8 और 9 जनवरी का अवकाश घोषित किया गया है। सीडीईओ द्वारा जारी आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी सीबीईओ, पीईईओ और यूसीईईओ को निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक विद्यालय स्टाफ यथावत विद्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय कार्य सम्पादित करेंगे। इससे पहले प्राइमरी से कक्षा 8 तक 6 और 7 जनवरी की भी छुट्टी घोषित की गई थी। बता दें कि जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर बना हुआ है।
नवादा के सरकारी विद्यालयों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने 539 शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय निर्देशों के गंभीर उल्लंघन पर डीईओ सख्त डीईओ नवादा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल से प्राप्त ऑनलाइन उपस्थिति रिपोर्ट में जिले के कुल 539 सरकारी शिक्षक/शिक्षिका, प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट एवं नियोजित शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। इसे विभागीय निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर समय पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी दीपक कुमार ने सभी संबंधित शिक्षकों और विद्यालय प्रधानों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर समय पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जारी आदेश में उल्लेख है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं किया जाना अत्यंत खेदजनक है। यह न केवल कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि विभागीय आदेशों की अवहेलना भी दर्शाता है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्पष्ट और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित शिक्षकों एवं विद्यालय प्रधानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसे सभी गंभीरता से लें और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करें। इस आदेश की प्रतिलिपि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों की निगरानी करें और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित कराएं। साथ ही विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दें। शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख से जिले के विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
लुधियाना के प्राइवेट स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आदेशों की परवाह नहीं है। DEO ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को आदेश दिए थे कि चार जनवरी तक सभी राइट टू एजुकेशन एक्ट(RTE) के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें। 6 जनवरी तक लुधियाना जिले में 395 प्राइवेट स्कूल संचालकों ने आरटीई के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने एनओसी अपलोड न करने वालों की सूची जारी की और उन्हें सख्त हिदायतें दी कि सात जनवरी तक अपलोड कर दें नहीं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग के पास नहीं है एनओसी का ऑनलाइन डेटा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विभाग की तरफ से प्राइवेट स्कूलों को जारी की एनओसी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। एक-एक स्कूल का डेटा वेबसाइट पर अपलोड करना विभाग के लिए अपने स्तर पर संभव नहीं है। ऐसे में विभाग ने स्कूल संचालकों को अपने स्तर पर एनओसी अपलोड करने का ऑप्शन दिया। विभाग उन्हें वेरिफाई फाइनल अप्रूवल देगा। क्या है आरटीई की एनओसी? प्राइवेट स्कूल खोलने या चलाने के लिए स्कूल संचालकों को शिक्षा विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेनी होती है। 2009 में आरटीई एक्ट लागू होने के बाद 2011 से एनओसी जारी करने का सिस्टम शुरू किया गया। 2011 से 2023 तक विभाग हर साल स्कूल संचालकों को टेंपरेरी एनओसी जारी करता था। 2024 में स्कूल संघ पंजाब ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और उसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को परमानेंट एनओसी जारी करने के आदेश दिए। विभाग ने उस दौरान स्कूल संचालकों को नई एनओसी देने के बाद एक कॉमन लेटर जारी कर दिया और कहा कि जिनके पास टेंपरेरी एनओसी है उसे अब परमानेंट एनओसी समझा जाए। उसके बाद विभाग के पास कोई डेटा उपलब्ध नहीं था कि कितने स्कूल संचालकों के पास परमानेंट एनओसी हे। विभाग ने इसीलिए गूगल फार्म जारी कर स्कूल संचालकों को एनओसी की कॉपी अपलोड करने को कहा। एनओसी अपलोड नहीं की तो होगी कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी का कहना स्कूल संचालकों को पर्याप्त समय दिया गया था। बड़ी संख्या में स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड कर दी है लेकिन 395 स्कूलों ने एनओसी अपलोड नहीं की। उन्होंने कहा कि आज स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड नहीं की तो उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद सख्त एक्शन लिया जाएगा।
10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड की परीक्षा आपके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही रणनीति और अनुशासन के साथ आप न केवल अच्छे अंक ला सकते हैं, बल्कि अपना आत्मविश्वास भी बढ़ा सकते हैं। यहीं से तय होता है छात्रों के करियर चुनने का रास्ता और ...
राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव महाराज एक दिवसीय प्रवास पर झालावाड़ पहुंचे। उन्होंने वैदिक ज्योतिष को शाश्वत सत्य बताते हुए मानव जीवन के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वेद मूर्ति गोविंद देव महाराज ने कहा कि वैदिक ज्योतिष वेदों का चक्षु है, जो मनुष्य को बेहतर और संतुलित जीवन शैली जीने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्ति के दैनिक जीवन के प्रत्येक कार्य ग्रहों को प्रभावित करते हैं, इसलिए जीवन में सत्कर्म, संयम और अनुशासन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने समझाया कि वैदिक ज्योतिष यह समझने में मदद करता है कि जीवन के किस समय विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही ग्रहों की स्थिति के अनुसार शिक्षा, नौकरी और व्यापार का कौन सा क्षेत्र व्यक्ति के लिए अनुकूल रहेगा, यह जानने में भी सहायक है। इससे व्यक्ति अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय विवेकपूर्ण ढंग से ले सकता है। समाज और परिवार पर बोलते हुए गोविंद देव महाराज ने बच्चों को केवल आर्थिक मूल्यों तक सीमित न रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा, संस्कृति, संस्कार, धार्मिक, सामाजिक और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। ऐसा न होने पर भविष्य में हर मोहल्ले में वृद्धाश्रम खुलते चले जाएंगे।उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं देखा है कि आज भी वृद्धाश्रमों में किसी आम आदमी के माता-पिता नहीं हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने समाज से कम उम्र में संतानों का विवाह करने तथा बहुओं को बेटी के समान सम्मान देते हुए ससुराल में उनकी शिक्षा पूर्ण करवाने का भी आह्वान किया। धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि समाज धन कमाने की अंधी दौड़ में इतना आगे बढ़ रहा है कि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कार नहीं दे पा रहा है। इसके कारण सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है, जिसे सुधारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को आगे आना होगा।कार्यक्रम के अंत में अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषाचार्य हेमंत कासट और उनके भाई बसंत कासट ने संत श्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गोविंद देव महाराज का मार्गदर्शन समाज के लिए प्रेरणादायी है।
नवादा के रजौली प्रखंड मुख्यालय से लगभग 8-10 किलोमीटर दूर चितरकोली पंचायत में मंगलवार को 'भारत पढ़ेगा' बैनर तले जन शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक की कमी और मनचलों से होने वाली परेशानियों को उजागर किया। यह अभियान पंचायत के छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मोबाइल के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यूनिवर्सिटी के छात्र रौशन कुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम होते हैं, इसलिए उन्होंने छुट्टी में अपने गांव आकर पंचायत के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए यह पहल की है। संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से कठिनाई छात्राओं ने शिकायत की कि चितरकोली विद्यालय में संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से उन्हें पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार ने बताया कि उन्होंने विभागीय पत्राचार किया है और जल्द ही संस्कृत शिक्षक की पदस्थापना होने की उम्मीद है। छात्राओं ने यह भी बताया कि गांव के मनचले बाइक से उनका पीछा करते हैं और उन पर भद्दी फब्तियां कसते हैं। सड़क किनारे स्थित यात्री शेड के पास भी मनचलों का जमावड़ा रहता है, जिसके कारण छात्राओं को अपने भविष्य संवारने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों से बच्चों की देखभाल करने की अपील अभियान में शामिल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ग्रामीणों से अपने बच्चों की देखभाल करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे स्थानीय चौकीदार और थाना को लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।
IIM इंदौर में विविधता से समृद्ध कक्षाओं के माध्यम से भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है। यह संस्थान आज समावेशी और आधुनिक प्रबंधन शिक्षा का सशक्त उदाहरण बन चुका है। दो वर्षीय MBA कार्यक्रम में इस वर्ष 54 प्रतिशत छात्राएं हैं, जबकि 55 प्रतिशत विद्यार्थी नॉन-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं। कभी इंजीनियरिंग और पुरुष छात्रों के वर्चस्व के लिए पहचाना जाने वाला ॥M इंदौर, अब अवसरों की समानता और विविधता को बढ़ावा देने वाला संस्थान बन गया है। यह कहना है आईआईएम के निदेशक प्रो हिमांशु राय का। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसे उभरते क्षेत्रों में नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। पाठ्यक्रमों का निर्माण रोजगार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में IIM इंदौर ने 40 से अधिक एमओयू किए हैं और शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार छह गुना तक हुआ है। दो वर्षीय और एक वर्षीय कार्यक्रमों के साथ-साथ कई सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल, डेंवर, ग्लासगो और एरिजोना जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग के माध्यम से लीडरशिप, एंटरप्रेन्योरशिप, हेल्थकेयर और एक्सपोर्ट से जुड़े कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। IIM इंदौर में शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां संवाद, तर्क और आलोचनात्मक सोच को विशेष महत्व दिया जाता है। युवाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखने और उद्योग की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है। राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए संस्थान आय असमानता, ग्रामीण-शहरी समस्याओं, पर्यावरण और उद्यमशीलता जैसे विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इन प्रयासों के माध्यम से IIM इंदौर समाज और देश के लिए जिम्मेदार नेतृत्व तैयार कर रहा है। राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हुए IIM इंदौर पांच प्रमुख समस्याओं पर कार्य कर रहा है, जिनमें आय असमानता, ग्रामीण समस्याएं, शहरी चुनौतियां, पर्यावरण और उद्यमशीलता की कमी शामिल हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) पर रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत हरदा में बांस उद्योग से जुड़े लोगों, लखनऊ में चिकन साडी कारीगरों तथा इंदौर में आलू आधारित गतिविधियों पर कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, लापता लोगों से संबंधित परियोजनाएं और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयास भी इसमें शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से संस्थान सामाजिक विकास और समावेशी प्रगति में अपना योगदान सुनिश्चित कर रहा है।
दतिया जिले के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर निजी संस्थाओं के विज्ञापन लिखे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में बिना अनुमति कोचिंग, प्राइवेट स्कूल और दुकानों के विज्ञापन पुतवा दिए गए हैं। विभाग ने इसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग माना है। अब जल्द ही सभी प्रधानाध्यापकों (HM) को निर्देश जारी कर ऐसे विज्ञापन लिखवाने वालों पर कार्रवाई करने को कहा जाएगा। शहरी क्षेत्र के शासकीय कन्या उमावि हाथीखाना, तलैया मोहल्ला और मुड़ियन का कुआं स्थित स्कूलों की दीवारों पर बड़े-बड़े विज्ञापन नजर आ रहे हैं। यही हाल सेंवढ़ा, भांडेर और इंदरगढ़ क्षेत्र के स्कूलों का भी है। कई जगह तो शिक्षाप्रद संदेशों और पाठ्य सामग्री की जगह इन विज्ञापनों ने ले ली है, जिससे विद्यालय का स्वरूप बिगड़ रहा है। BRCC बोले- दीवारों पर सिर्फ शिक्षा के संदेश होंगे बीआरसीसी अखिलेश राजपूत ने कहा कि स्कूल की दीवारें केवल शिक्षा और सामाजिक संदेशों के लिए होती हैं, न कि किसी निजी व्यापार के प्रचार के लिए। विभाग सभी प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर रहा है। निर्देश होंगे कि बिना अनुमति दीवार लेखन कराने वालों के खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जाए। भविष्य में शिकायत मिलने पर संबंधित हेडमास्टर से भी जवाब मांगा जाएगा। बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है गलत असर नियमानुसार सरकारी इमारतों पर बिना अनुमति निजी विज्ञापन लिखना पूरी तरह गलत है। जानकारों का मानना है कि स्कूल की दीवारों पर इस तरह के व्यापारिक विज्ञापन बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा आज सिरसा के रानियां पहुंचेंगे। वे यहां श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतिभाशाली छात्र सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम 7 जनवरी बुधवार को दोपहर 12:15 बजे शहर के दीप पैलेस में आयोजित किया जाएगा। समारोह में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा मुख्य अतिथि होंगे, जबकि श्री गौशाला कमेटी रानियां के प्रधान संदीप मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। रानियां के पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान सोनू ग्रोवर करेंगे। यह उनका नए साल का पहला दौरा है। श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी के कार्यकारी प्रधान अमित कुक्कड़, उपप्रधान संजय आहुजा और गुरमीत मान ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी और निजी विद्यालयों के उन होनहार छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने परिश्रम से मुकाम हासिल किया है, उनके नाम भी सम्मान सूची में शामिल हैं। इसके अलावा दसवीं कक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रधानाध्यापकों को शिक्षा को प्रभावी बनाने के दिए गए टिप्स
भास्कर न्यूज | प्रतापपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय के प्रांगण में मंगलवार को गुरुगोष्ठी का आयोजन किया गया ।जिसकी अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार तथा संचालन बीपीओ अजय दास के द्वारा किया गया। बैठक में सावित्री बाई फुले,डहर सर्वे,मुख्यमंत्री सामान्य जाति छात्रवृति,पी टी एम लिंक, ई- कल्याण छात्रवृति, शिक्षक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति , एमडीएम एसएमएस,छात्र - छात्राओं का आधार/ खाता,स्टेट रेल,विद्यालय भूमि प्रतिवेदन सहित कई मुख्य बिन्दुओं पर बारी- बारी से गहनता पूर्वक चर्चा किया गया ।वही उपर्युक्त विषयों पर कार्य को निष्ठा पूर्वक व जिम्मेवारी से कार्य को पुरा करते हुए विभाग को रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक/ प्रभारी प्रधानाध्यापक को दिया गया ।मौके पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार ने बताया कि गैर जिम्मेवारी लोगों के ऊपर कार्रवाई किया जाएगा । मौके पर सोनु कुमार, अनिल कुमार, हेमलता कुमारी, बीरेन्द्र कुमार,चितरंजन सिंह, मंजर हसन,रंजीत दास, रामफाल प्रसाद,शंकर प्रसाद, उमेश कुमार,तैयब खान, रियाज अंसारी, प्रमोद कुमार,अनिरूद्ध दांगी,अरूण कुमार, र णविजय सिंह, कुमार,रवि कुमार, रामप्रित साहु, अर्जुन यादव, मुकेश सिंह,परशराम महतो,मैनुअल टोप्पो,अरूण कुमार, संजय यादव, सुशील कुमार,सुबोध रमन,अनिल कुमार पांडेय,ए के पाठक,अजय कुमार, सुरेश यादव, जितेन्द्र वर्मा, गणेश यादव,संतोष कुमार, समेत सभी सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद थे।
चतरा महाविद्यालय की एनएसएस इकाई व शिक्षा शास्त्र विभाग ने चलाया स्वच्छता अभियान
भास्कर न्यूज | चतरा चतरा महाविद्यालय के एनएसएस इकाई व शिक्षा शास्त्र विभाग के द्वारा मंगलवार को सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान महाविद्यालय के खेल परिसर की साफ सफाई की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व कॉलेज के प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार झा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय समय पर एनएसएस स्वयंसेवकों के द्वारा विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाता रहा है। वृक्षारोपण, सामाजिक व शैक्षणिक जागरूकता, वस्त्र वितरण एवं विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। इस खेल परिसर का उपयोग, खेल-कूद कार्यक्रम विशेषकर स्थापना दिवस के अवसर पर खेल गतिविधि को आयोजित करने के लिए किया जाता रहा है। इस तरह के आयोजन में महाविद्यालय के सभी विभाग के छात्र-छात्राएं बढ़चढ़ कर भाग लेते है। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शोभा कुजूर ने नगरवासियों से अपील किया है कि वह इस खेल परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में कॉलेज प्रबंधन को मदद करें।
शिक्षा से ही समाप्त होंगी डायन कुप्रथा : डॉ. रामेश्वर उरांव
लोहरदगा|डायन कुप्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित हो जाए, तो ऐसी कुरीतियां स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उक्त बातें लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कही। वे महिला, बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से आयोजित अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशा ला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला नया नगर भवन, लोहरदगा में आयोजित की गई। विधायक डॉ. उरांव ने कहा कि आज भी बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयां समाज में मौजूद हैं और कई लोग इन्हें गलत नहीं मानते। उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने कहा कि समाज से कुरीतियों को खत्म करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा ‘पंचाइत कर गोइठ’ कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत स्तर पर मुखिया और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है और डायन कुप्रथा व बाल विवाह के उन्मूलन पर विशेष चर्चा की जाती है। कार्यशाला में डीडीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, डालसा सचिव राजेश कुमार, एसडीपीओ वेदांत शंकर, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग ने भी अपने विचार रखे।
क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं पर आज से बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव
रांची| क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने तथा राज्य की भाषा नीति तैयार करने को लेकर बुधवार और गुरुवार को राजधानी रांची में राष्ट्रीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। कॉन्क्लेव का उद्घाटन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। इसमें झारखंड, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, त्रिपुरा, हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से आए प्रमुख शिक्षाविद, शिक्षक और भाषा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद एक साथ मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रभावी भाषा नीति पर चर्चा करेंगे। कार्यशाला में जनजातीय और मातृभाषा आधारित शिक्षण से जुड़ी उपलब्धियों और चुनौतियों पर भी मंथन होगा। तकनीकी सत्रों में एनसीईआरटी की प्रो. उषा शर्मा, एलएलएफ के डॉ. धीर झिंगरन और यूनिसेफ की पारुल शर्मा शामिल होंगी। वहीं पैनल चर्चा में प्रो. रामानुजन मेघनाथन, अनुभव राजेश और डॉ. महेंद्र मिश्र तथा शिक्षक वक्ताओं में रमेनी मुंडा, दिलीप कुमार किस्कू और दमयंती बिरुआ अपने विचार रखेंगे। आयोजन में शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन समेत एनसीईआरटी, यूनिसेफ, लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विशेषज्ञ, प्रख्यात शिक्षाविद और विभिन्न राज्यों के शिक्षक शामिल होंगे।
जमीन का पूरा सिस्टम होगा डिजिटल उच्च शिक्षा का बजट 50 फीसदी बढ़ा
प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जमीन से जुड़े सभी सिस्टम का जल्द डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसके तहत भू-आधार कार्ड,ऑनलाइन नामांतरण आैर ड्रोन सर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वहीं उच्च शिक्षा विभाग का बजट 50 फीसदी तक बढ़ाया गया है। वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में अपने विभाग के दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए यह बातें कहीं। वर्मा ने कहा कि एग्रीस्टेक के तहत प्रदेश में जियो-रिफरेंसिंग, फार्मर रजिस्ट्रेशन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत अब हर खेत और हर भूखंड डिजिटल नक्शे से जुड़ेगा। पटवारी नक्शों के जियो-रिफरेंसिंग के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भू-नक्शों को डिजिटल आधार से जोड़ते हुए प्रत्येक भूमि को यूनिक यूएल-पिन दिया जाएगा और मालिक को भू-आधार कार्ड जारी किया जाएगा। इससे फर्जी रजिस्ट्री, दोहरी बिक्री और सीमाविवाद पर प्रभावी रोक लगेगी। सरकार ने जमीन से जुड़े कामों को सरल करने के लिए स्व-नामांतरण की सुविधा शुरू की है। अब वारिस या खरीदार खुद ऑनलाइन नाम चढ़ा सकेंगे। इसी तरह भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने के लिए 2 करोड़ रुपए रखे गए हैं। भू-अर्जन के मामलों में अब छोटे टुकड़े कर ज्यादा मुआवजा लेने पर रोक लगाई गई है। वर्मा ने बताया कि राजस्व मामलों के निराकरण के लिए रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में तहसीलदार व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त न्यायालय बनाए जाएंगे। भास्कर इनसाइट शहरी क्षेत्रों में 5 डिसमिल से कम जमीन की बिक्री पर रोक राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 5 डिसमिल से कम जमीनों की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के तहत 2 से 10 एकड़ तक भूमि का पंजीयन कर छोटे प्लॉट बेचने की अनुमति दी गई है जबकि कॉलोनियों और अपार्टमेंट की सड़क, गार्डन और सामुदायिक भवन की जमीन अब संयुक्त नाम से दर्ज होगी। वहीं जमीन से जुड़े काम को डिजिटल करने के लिए पटवारी नक्शा जियो-रिफरेंसिंग के लिए 25 करोड़, चांदा-मुनारा व शहरी सीमांकन के लिए 16 करोड़, ऑनलाइन भूमि व्यपवर्तन के लिए 2 करोड़, नई तहसील-उप तहसील भवन के लिए 10 करोड़, तहसीलों में कंप्यूटर-प्रिंटर के लिए 115 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के 80 हजार हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान किया जा चुका है। प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा निवेश और संरचनात्मक सुधार शुरू किया है। दो साल में उच्च शिक्षा का बजट करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। प्रदेश के 9 में से 7 राजकीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी गई है। इसके तहत गार्डनिंग, मल्टीमीडिया-एनिमेशन जैसे 42 स्किल एन्हांसमेंट, 108 जेनेरिक इलेक्टिव और एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स शुरू किए गए हैं। इंडस्ट्री से जुड़ाव बढ़ाने के लिए रिसर्च क्वालिटी इंडस्ट्री-एकेडमिया सेल का गठन किया गया है। 366 सहायक प्राध्यापक प्रोफेसर बने, जबकि 151 स्नातक और 7 स्नातकोत्तर प्राचार्यों को पदोन्नति दी गई।
स्वायत्त शिक्षा प्रणाली जरूरी : डोटासरा
जयपुर | पिसार संस्था की कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित सेमिनार में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बहुजन समावेशी नीतियों, स्वायत्त शिक्षा प्रणाली, सहिष्णुता व लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के माध्यम से ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता हैं। उन्होंने समाज और शासन को दिशा देने एवं परिवर्तन लाने में बुद्धिजीवियों की भूमिका को रेखांकित किया। पिसार अध्यक्ष प्रो. मंजू सिंह ने स्वागत किया। डॉ. लाधू राम चौधरी ने बौद्धिक विमर्श का सारांश प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता प्रो. एन. सुकुमार थे। डॉ राहुल चौधरी ने आभार जताया।
सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक
-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more
उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की कौन सा देश है पहली पसंद, नीति आयोग ने जारी की रिपोर्ट
नीति आयोग की उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में कनाडा 4,27,000 भारतीय छात्रों के साथ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा गंतव्य रहा।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

