नमस्कार, कल की बड़ी खबर राहुल गांधी की पीएम से मांग को लेकर है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। दूसरी खबर यूएई के न्यूक्लियर प्लांट में ड्रोन अटैक की है। हम आपको यह भी बताएंगे कि यूपी में कैबिनेट विस्तार के 7वें दिन 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों क्या-क्या विभाग मिले। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन अटैक: ईरान पर हमले का शक UAE के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमला हुआ। एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा और रेडिएशन स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा। किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, ईरान पर शक: न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की सभी जरूरी मशीनें और सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। जंग के दौरान पहली बार हमला: बराकाह परमाणु संयंत्र UAE और पूरे अरब रीजन का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर प्लांट है। इसे दक्षिण कोरिया की मदद से करीब 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था और यह साल 2020 में शुरू हुआ था। यह प्लांट UAE की लगभग एक चौथाई बिजली जरूरत पूरी करता है। यह पहली बार है जब ईरान युद्ध के दौरान बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 2. राहुल बोले-PM ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया: बार-बार NEET पेपर कराने में फेल राहुल गांधी ने रविवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई, CBI ने जांच बिठाई। बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को पीएम मोदी बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।’ राहुल ने NEET के साथ CBSE का भी मुद्दा उठाया: राहुल गांधी ने एक्स में लिखा कि CBSE ने अब 9वीं क्लास के लाखों छात्रों को 1 जुलाई से नई भाषा सीखने का कहा है। न कोई शिक्षक है, न कोई बुक और 14 साल के बच्चों को काम चलाऊ उपाय के तौर पर 6वीं कक्षा की किताबें थमा दी गई हैं। पेपर लीक में 9वीं आरोपी कोर्ट में पेश: इधर, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 9वीं आरोपी को CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा को दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी में भूपेंद्र चौधरी को MSME मंत्रालय मिला, शपथ के 7वें दिन 8 नए मंत्रियों को विभाग बांटे गए यूपी में रविवार रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों को विभाग सौंप दिए हैं। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग यानी MSME मंत्रालय दिया गया है। दूसरे कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। जानिए किस मंत्री से कौन सा विभाग छिना? 10 मई को योगी कैबिनेट का विस्तार हुआ था: यूपी में विभागों के आवंटन में पूरे 8 दिनों का वक्त लगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीते शुक्रवार को X पोस्ट कर तंज कसा। कहा था- मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ यह है कि ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे को लेकर डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 4. केरलम में CM समेत 21 मंत्री बनेंगे, सभी नाम फाइनल: आज सतीशन सरकार की शपथ केरलम में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले रविवार को 20 मंत्रियों की पूरी कैबिनेट फाइनल हुई। CM के अलावा 11 और मंत्री कांग्रेस से हैं। बाकी सहयोगी दलों से हैं। सीएम और मंत्री आज शपथ लेंगे: कांग्रेस ने केरलम के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद 14 मई को ऐलान किया था कि 61 साल के वीडी सतीशन राज्य के नए सीएम होंगे। वह पारावूर सीट से विधायक हैं। आज तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होगा। केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं: केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था। लेकिन सीएम पर मुहर सतीशन के नाम पर लगी। पूरी खबर पढ़ें... 5. अरशद मदनी बोले- मुसलमान न झुका है और न झुकेगा, इस्लाम को मिटाने वाले खुद मिट गए जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को कहा- देश में मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है। इस्लाम को निशाना बनाया जा रहा है। डराया-धमकाया जा रहा है। लेकिन, मुसलमान न कभी झुका है और न कभी झुकेगा। इस्लाम को मिटाने वाले खुद मिट गए। संगठन ने घोषणा पत्र जारी किया: अधिवेशन में देश के मौजूदा हालात, सांप्रदायिकता और मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को लेकर घोषणापत्र जारी किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति अब धमकी की राजनीति में बदल चुकी है और मुसलमानों को डराकर अपनी शर्तों पर जीने के लिए मजबूर करने की कोशिश हो रही है। पूरी खबर पढ़ें… 6. IPL-2026: बेंगलुरु प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम: पंजाब लगातार छठा मैच हारी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रविवार को पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ बेंगलुरु के 18 पॉइंट्स हो गए और टीम इस सीजन में प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। वहीं, पंजाब की यह लगातार छठी हार रही। मैच के हाइलाइट्स: धर्मशाला में बेंगलुरु ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 222 रन बनाए। जवाब में पंजाब 8 विकेट खोकर 199 रन ही बना सकी। शशांक ने 27 गेंदों पर 56 रन की पारी खेली। इससे पहले, बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने 37 गेंदों में 58 रन की पारी खेली। पंजाब के लिए हरप्रीत बरार ने 4 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट लिए। पूरी खबर पढ़ें... 7. PM मोदी 8 साल बाद स्वीडन दौरे पर: फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 साल बाद स्वीडन पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में स्वीडन का दौरा किया था। PM मोदी का विमान जैसे ही स्वीडन की सीमा में पहुंचा, स्वीडिश फाइटर जेट्स ने उसे सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया। मोदी 9 साल बाद नीदरलैंड भी गए थे: पीएम मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहे। वे 9 साल बाद नीदरलैंड दौरे पर आए। यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से काफी अहम रहा। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वाटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। पूरी खबर पढ़ें… 8. CBSE ने 12वीं की रीवैल्यूएशन फीस ₹700 से ₹100 की, छात्रों के OSM विरोध के बाद फैसला शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं के छात्रों के विरोध के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। प्रति सवाल दोबारा जंचवाने के लिए अब 100 की जगह 25 रुपए ही लगेंगे। 26-29 मई के बीच रीवैल्यूएशन: 19 मई से 22 मई के बीच छात्र अपनी स्कैन आंशर शीट हासिल कर सकते हैं। यदि वे अपनी कॉपी को वेरिफाई या री-इवैल्युएट कराना चाहें तो अगले एक हफ्ते में 26-29 मई के बीच ऐसा कर सकेंगे। स्टूडेंट्स की शिकायत- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’: CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: महाराष्ट्र का अमरावती-वर्धा देश में सबसे गर्म, तापमान 46C: 8 राज्यों में पारा 40 पार; गुजरात की जंगल सफारी में जानवरों के लिए AC-स्प्रिंकलर लगाए (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: तमिलनाडु CM विजय से मिले कमल हासन, 6 मांगें रखीं: कहा- सरकारी OTT प्लेटफॉर्म लॉन्च करें, पायरेसी रोकने वाला स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनाएं (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के 2 कोच में आग लगी: गार्ड ने लोको पायलट को सूचना दी, 15 मिनट में 68 यात्री बाहर निकाले; सभी सुरक्षित (पढ़ें पूरी खबर) 4. नेशनल: किराएदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया: छह महीने से बेरोजगार, ₹2000 किराया नहीं दे पा रहा था; 2 आरोपी गिरफ्तार (पढ़ें पूरी खबर) 5. इंटरनेशनल: यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला: सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत (पढ़ें पूरी खबर) 6. इंटरनेशनल: ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा: सरकार ने जंग के लिए तैयार रहने को कहा, लोगों को गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे (पढ़ें पूरी खबर) 7. क्रिकेट: IPL- राजस्थान की लगातार तीसरी हार: दिल्ली 5 विकेट से जीती, केएल राहुल-अभिषेक के अर्धशतक, स्टार्क को 4 विकेट (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... बिहार में बच्चों का गुल्लक बैंक, एक रुपए से खाता खुलता बिहार की राजधानी पटना में बच्चों का अनोखा बैंक चल रहा है। यहां मैनेजर से लेकर ग्राहक तक सभी बच्चे हैं। ‘गुल्लक बच्चा बैंक’ में 1 रुपये से खाता खुलता है। इसका मकसद बच्चों को छोटी उम्र से पैसे बचाना सिखाना है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर 2. संडे जज्बात- सगे भाई को काटकर नहर में फेंका: मैंने नारियल समझकर पानी से निकाला, पॉलिथीन खोली तो सड़े हुए दो हाथ मिले 3. डेथ एनिवर्सरी, प्रकाश मेहरा ने गहने गिरवी रखकर जंजीर बनाई: अमिताभ को लिया तो डिस्ट्रीब्यूटर बोले- ये लंबा-बेवकूफ कौन, नशे में कहा- मैंने तुम्हें स्टार बनाया 4. जरूरत की खबर- गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बढ़ता मसल्स पेन: इन 10 संकेतों को इग्नोर न करें, लाइफस्टाइल में करें ये 9 जरूरी बदलाव 5. साइबर लिटरेसी- आपकी आइडेंटिटी चुरा रहे स्कैमर्स: आपके नाम से फर्जी सिमकार्ड तो नहीं, जानें कैसे पता लगाएं, कैसे करें डिएक्टिवेट करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
अब शिक्षा व रोजगार के साथ सांस्कृतिक संरक्षण की मांग
भास्कर न्यूज| सरायकेला 18 मई। सरायकेला के इतिहास का वह दिन है, जिसे यहां के उड़िया भाषी आज भी अपनी सांस्कृतिक पहचान और अस्तित्व से जोड़कर देखते हैं। यह वही दिन है जब 1948 में सरायकेला-खरसावां गढ़जात को अस्थायी तौर पर बिहार में शामिल किया गया था। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि एक वर्ष बाद इसे पुनः ओडिशा में मिला दिया जाएगा, लेकिन 77 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह क्षेत्र आज झारखंड का हिस्सा बना हुआ है। इसके बावजूद यहां की भाषा, संस्कृति, पर्व-परंपरा और सामाजिक जीवन आज भी ओडिशा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इतिहास के अनुसार, आजादी के समय देश में 562 गढ़जात राज्य थे, जिनमें सरायकेला-खरसावां भी शामिल था। 14 और 15 दिसंबर 1947 को कटक टाउन हॉल में केंद्रीय गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओडिशा के 25 गढ़जातों को ओडिशा में शामिल किया गया था। इसी दौरान सरायकेला-खरसावां को भी ओडिशा का स्वतंत्र जिला बनाया गया था। हालांकि एक जनवरी 1948 के खरसावां गोलीकांड के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से बिहार में रखा गया। बाद में मयूरभंज तो ओडिशा में शामिल हो गया, लेकिन सरायकेला-खरसावां आज भी झारखंड में है। सरायकेला खरसावां में निवास करने वाले उड़िया भाषियों का कहना है कि जिले में भाषा और संस्कृति के संरक्षण को लेकर लगातार उपेक्षा हो रही है। कभी यहां की रियासती दिनों से लेकर देश की आजादी तक में 100 से अधिक उड़िया स्कूल संचालित होते थे, जो अब बंद हो चुके हैं। उड़िया शिक्षकों की बहाली नहीं होने से नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है। रोजगार के क्षेत्र में भी उड़िया भाषियों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहा है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने ज्ञान पथ और सरस्वती मुक्ताकाश मंच सौंपा गया
भास्कर न्यूज | कुकदूर बैगा जनजाति बाहुल्य वनवासी क्षेत्र में स्थित शासकीय नवीन कॉलेज ग्राम कुई-कुकदूर ने शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। कॉलेज में शनिवार को ज्ञान-पथ व सरस्वती मुक्ताकाश मंच का उद्घाटन हुआ,जहां भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को व्यवहारिक रूप में उतारने का अनूठा प्रयास देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विवि दुर्ग के कुलपति प्रो. संजय तिवारी व विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा शामिल हुए। कॉलेज परिसर में निर्मित ज्ञान-पथ इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यहां नालंदा, तक्षशिला व विक्रमशिला जैसे प्राचीन भारतीय विवि की जानकारी, भारतीय ज्ञानार्थियों के विचार, पंचकोश की अवधारणा, प्राचीन और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समन्वय तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मूल सिद्धांतों को दीवारों पर प्रदर्शित किया गया है। अतिथियों ने इसे भारतीय शिक्षा दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।कॉलेज परिसर में वृक्षों की छांव के नीचे सरस्वती मुक्ताकाश मंच का उद्घाटन भी किया गया। यह मंच गुरुकुल परंपरा की तर्ज पर तैयार किया गया है, जहां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, मूल्यपरक शिक्षा, कौशल विकास और समस्याओं के समाधान पर खुली चर्चा होगी। बताया गया कि छत्तीसगढ़ के 650 से अधिक कॉलेजों और 25 विवि में यह अपनी तरह की पहली पहल है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारा गया है। औषधीय पौधों पर पुस्तक का विमोचन भी किया गया कार्यक्रम के दौरान कुई-कुकदूर क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय पौधों, उनके गुणों और उपयोग पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। इसमें कॉलेज के स्टाफ व विद्यार्थियों के लेख भी शामिल हैं। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्रशेखर राजपूत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित पुस्तक का भी लोकार्पण हुआ। अतिथियों ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। खास बात यह रही कि पौधों पर अतिथियों के नाम के साथ क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर संबंधित पौधों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अतिथियों ने इसे राष्ट्र निर्माण का आधार बताया मुख्य अतिथि प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और नवाचार से जीवन को समृद्ध करने का अवसर है। टोपलाल वर्मा ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को संस्कृति, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए इस पहल को अनुकरणीय बताया। प्राचार्य जीए घनश्याम ने कहा कि नवाचार की बयार केवल कॉलेज का कर्मवाक्य नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारने की सतत प्रक्रिया है। कार्यक्रम में प्राध्यापकों, कर्मचारियों व बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।
शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का संभाग स्तरीय सम्मेलन आज
उदयपुर | राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के तत्वावधान में उदयपुर संभाग स्तरीय स्नेह मिलन सम्मेलन सोमवार को मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ धाम में होगा। सम्मेलन का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे होगा। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष हापुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री डॉ. भेरू सिंह राठौड़ सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, विभिन्न जिलों के उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) और संगठन पदाधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, संगठनात्मक मजबूती और शिक्षकों के आपसी समन्वय पर मंथन होगा।
लखीमपुर में रविवार को अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 826 अनुदेशकों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय अंतरित किया गया। कार्यक्रम में कारागार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शहर के रॉयल पैराडाइज में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय संबोधन की लाइव स्ट्रीमिंग भी दिखाई गई, जिसका उपस्थित अनुदेशकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण तिवारी ने किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में रुचि वर्मा, शैलप्रिया, मंजू मिश्रा, कामता प्रसाद, परमजीत सिंह, रविंद्र सिंह राना, कन्हैयालाल राजवंशी, करन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह और नीरज कुमार शामिल थे। शिक्षामित्रों को भी बढ़े हुए 17 हजार रुपये मानदेय के चेक वितरित किए गए। राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के सम्मान को नई पहचान दी है। उन्होंने अनुदेशकों को शिक्षा व्यवस्था का प्रहरी बताया और कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बेसिक शिक्षा को मजबूत कर रहे हैं। मंत्री ने अनुदेशकों से बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास करने का भी आग्रह किया। राठौर ने कहा कि बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों के परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अनुदेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर रविवार शाम दतिया में कांग्रेस ने मशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में निकली रैली दारूगर पुलिया से शुरू होकर तिगलिया, टाउनहॉल, पटवा तिराहा होते हुए किला चौक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर जमकर नारेबाजी की। “पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूट रहा” प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक को छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की रैली के दौरान नेताओं ने नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई। किला चौक पर सभा में दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी किला चौक पर हुई सभा में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शाजापुर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के विरोध में रविवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद चौक पर प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम अपने तय समय से करीब एक घंटा देरी से शुरू हुआ और कार्यकर्ताओं की संख्या भी कम ही नजर आई। शाम साढ़े सात बजे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बैनर जलाकर अपना विरोध जताया, हालांकि बैनर जलाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। शहर के कई कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गैर-मौजूदगी के चलते यह विरोध प्रदर्शन छोटे स्तर पर ही सिमटा रहा। पटाखा फैक्ट्री हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि विरोध प्रदर्शन के साथ ही कार्यकर्ताओं ने देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कार्यकर्ता ओम शांति बोलकर मौन समाप्त कर आगे बढ़ गए। नेताओं ने सरकार को घेरा जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप ने कहा कि पिछले 9 सालों में यह चौथी बार है जब पेपर लीक हुआ है। इससे 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रही है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि पेपर लीक होना युवाओं की मेहनत और उनके सपनों पर बड़ा प्रहार है। छात्र सालों तक तैयारी करते हैं और ऐसी घटनाएं उन्हें तोड़ देती हैं। सीताराम पवैया ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस देश के प्रधानमंत्री की डिग्री पर ही सवाल हों, वहां शिक्षा व्यवस्था से क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल नीट के पेपर बाजार में लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों को नुकसान हो रहा है।
किशनगंज में डीपीएस किशनगंज के निदेशक आसिफ इकबाल को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान पटना में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) के 15वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस समारोह में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद और PSACWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। विभिन्न जिलों से आए शिक्षाविदों, विद्यालय संचालकों और प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। समाज में शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुईकार्यक्रम के दौरान निजी विद्यालयों की बदलती भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज में शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। आसिफ इकबाल को उनके विशिष्ट योगदान के लिए इसी अवसर पर सम्मानित किया गया। डीपीएस किशनगंज विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह सम्मान केवल निदेशक का नहीं, बल्कि विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सभी सहयोगियों की कड़ी मेहनत और विश्वास का प्रतीक है। प्रबंधन ने यह भी दोहराया कि डीपीएस किशनगंज भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। समारोह के अंत में, विद्यालय परिवार ने आयोजकों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प भी दोहराया। यह सम्मान क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई दिशा देने वाले प्रयासों को रेखांकित करता है।
शिवहर के पूरनहिया प्रखंड स्थित श्री राम जानकी बड़ी मठ को उत्तर बिहार में श्रीराम कथा एवं संस्कार शिक्षा का मुख्य प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और एकल अभियान के संस्थापक श्याम जी गुप्त ने रविवार को मठ में पूजा-अर्चना के बाद इसकी घोषणा की। श्याम जी गुप्त ने बताया कि पूरनहिया बाजार स्थित इस मठ में प्रतिवर्ष लगभग 6 हजार स्वयंसेवकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को बाद में गांवों में स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र उत्तर बिहार में संस्कार, नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक प्रमुख माध्यम बनेगा। 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित मठ के महंत प्रभु शरण दास और एकल अभियान बिहार प्रभारी तथा विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक राकेश तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, अयोध्या और वृंदावन सहित देशभर में 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित हैं। अब जून माह से शिवहर के पूरनहिया में भी स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। इस संस्कार साधक प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, ध्यान और जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण देना है। यहां 25 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं को सत्यनिष्ठा, सेवा भाव, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और भारतीय परंपराओं की शिक्षा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, योगासन और प्राणायाम के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 'हनुमान परिवार' बनाने का चलेगा अभियान एकल अभियान के मीडिया प्रभारी अगिनेत्र कुमार ने इस पहल को शिवहर जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत गांव-गांव में 'हनुमान परिवार' बनाने का अभियान भी चलाया जाएगा। अगिनेत्र कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख एकल विद्यालय संचालित हैं, जिनका लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर विनोद कुमार शर्मा, राधेश्याम शर्मा, अशोक उपाध्याय, संजय सिंह, कमलाकांत झा, राकेश सिंह और सुरेश प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
टीकमगढ़ में रविवार शाम एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीन लिया, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप एनएसयूआई अध्यक्ष अंकित कश्यप ने कहा कि नीट जैसी परीक्षा का पेपर लीक होना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को लेकर एनएसयूआई लगातार आवाज उठाती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने निकाला जुलूस इससे पहले यादवेंद्र सिंह बुंदेला और नवीन साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शन में प्रभु सिंह ठाकुर, गौरव शर्मा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, अवनीश सिंह बुंदेला, भईयन यादव, सुनील यादव और पूनम जायसवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भील समाज के 27 गांवों की बैठक:समाज सुधार और शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा
क्षेत्र में रविवार को भील समाज के 27 गांवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लगभग छह माह पूर्व आयोजित गवरी कार्यक्रम के समापन समारोह के उपलक्ष्य में बुलाई गई थी। इसमें आसपास के 27 गांवों से भील समाज के पंच, पटेल और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। बैठक में समाज सुधार और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समाज के पंचों ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने पर विशेष जोर दिया। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पुष्कर लाल डांगी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता पैमा राम भील ने की। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। ग्रामीण हिरालाल ने बताया कि इस तरह की बैठकों से समाज में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे अभी तक स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा, जिससे भविष्य में समाज में जागरूकता और विकास बढ़ेगा। बैठक के अंत में समाज की एकता बनाए रखने और नई पीढ़ी को शिक्षा एवं अच्छे संस्कार देने का संदेश दिया गया।
मथुरा में धनगर समाज के मेधावियों का सम्मान:'शिक्षा है अनमोल रतन' अभियान को बढ़ावा देने का उद्देश्य
मथुरा में मिशन परिवर्तन धनगर समाज के तत्वावधान में एक जिला स्तरीय मेधावी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का सब करो जतन अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक स्थानीय होटल में हुआ। इसमें समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शिक्षा, संस्कार और समाजहित में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उत्तराखंड के रुद्रपुर से आए उद्योगपति तेजू बघेल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और मातेश्वरी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश चन्द धनगर ने अपने संबोधन में कहा कि मेधावियों का सम्मान समाज को नई दिशा देता है और युवाओं में आगे बढ़ने का उत्साह भरता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाकर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। डॉ. धनगर ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी भगवान सिंह धनगर ने की, जबकि संचालन डॉ. रमेश चन्द धनगर ने किया। अन्य वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शिक्षित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। समारोह के अंत में, समाज के सदस्यों ने शिक्षा जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मांग पत्र भेजा है। यह मांग पत्र उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री को संबोधित किया गया है। संघ ने मांग की है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में लिपिक पदों का सृजन किया जाए। इसके साथ ही, मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति देकर इन लिपिक पदों पर समायोजित किया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त अधिकांश कर्मचारियों के पास लिपिकीय योग्यता होती है। हालांकि, परिषद में लिपिक पद रिक्त न होने के कारण उन्हें मजबूरीवश चतुर्थ श्रेणी पद स्वीकार करना पड़ता है। संघ ने अपने मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पांच वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद लिपिक पद पर पदोन्नति का प्रावधान है, जबकि बेसिक शिक्षा परिषद में ऐसी कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है। पदाधिकारियों का तर्क है कि विद्यालयों में लिपिक पद सृजित होने से शिक्षकों को कार्यालयी कार्यों से मुक्ति मिलेगी। इससे वे छात्रों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जिससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्र संख्या में भी वृद्धि होगी। इस मांग पत्र पर जिला मीडिया प्रभारी अजय कुमार, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रानी सिंह, जिला उपाध्यक्ष विशाल मिश्रा और आलोक नारायण मिश्रा के हस्ताक्षर हैं।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पर जनता का अपमान करने का आरोप लगाया है। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने हाल में ही हुए निकाय चुनाव में भाजपा पर भरोसा जताया, लेकिन कांग्रेस हार स्वीकार करने की बजाय जनता को ही गलत ठहराने की कोशिश कर रही है। शिक्षा मंत्री रविवार दोपहर को शाहाबाद रेस्ट हाउस पहुंचे थे। यहां उन्होंने चुनावी नतीजों से लेकर कॉलोनियों, विकास कार्यों और हरियाणा बोर्ड के रिजल्ट तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उन समस्याओं को हल किया, जिन्हें पिछली सरकारों ने सालों तक नजरअंदाज किया। बुलडोजर भेजते थे कांग्रेस के लोग- ढांडा ढांडा ने कहा कि शहरों में बनी ज्यादातर कॉलोनियां पहले अवैध घोषित कर दी गई थीं। वहां न सड़कें थीं, न पानी, न बिजली और न ही सीवर की व्यवस्था। जब कोई कांग्रेस की सरकार में इसकी बात करता था, तो उनको सिर्फ नोटिस और बुलडोजर भेजने का डर दिखाया जाता था। भाजपा सरकार ने इन कॉलोनियों को वैध करने का काम किया और वहां मूलभूत सुविधाएं पहुंचाईं। कांग्रेस को कौन देगा आशीर्वाद उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिलता था। जब लोग मांग लेकर जाते थे तो उन्हें सुविधाएं देने की बजाय कॉलोनी तोड़ने की धमकी दी जाती थी। ऐसी सोच रखने वाले लोग जनता का आशीर्वाद कैसे उम्मीद कर सकते हैं। जनता ने प्रधानमंत्री के विकास मॉडल और हरियाणा सरकार के कामों पर भरोसा जताया है। हम भी चुनाव हार चुके उन्होंने कहा कि हमने भी कई चुनाव हार चुके हैं, लेकिन हमने कभी हार के बाद जनता या ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए। जनता का फैसला सर्वोपरि है। अगर जनता हमें सत्ता से बाहर करती है तो हम उसका सम्मान करते हैं। कांग्रेस को भी जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। हमारा रिजल्ट CBSE के बराबर शिक्षा मंत्री ने हरियाणा बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले प्रदेश का रिजल्ट करीब 53 प्रतिशत के आसपास रहता था, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार सुधार हुआ है। इसका श्रेय शिक्षकों और छात्रों की मेहनत को जाता है। आज हमारा रिजल्ट CBSE के बराबर पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर व्यवस्था नहीं बनती ढांडा ने कहा कि टीचर और बच्चों की मेहनत का नतीजा है कि हर साल रिजल्ट बेहतर हो रहा है। सिर्फ सोशल मीडिया पर बैठकर स्कूलों और शिक्षकों को कोसने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती। जो लोग आज शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने समय की स्थिति भी याद करनी चाहिए।
13000 कॉपियों की होगी फिर से जांच, CBSE 12वीं रिजल्ट के बाद शिक्षा मंत्रालय का बड़ा ऐलान
छात्रों का आरोप था कि इस बार लागू किए गए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) की वजह से उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं। कई विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी मार्कशीट साझा करते हुए दावा किया कि परिणाम उम्मीद से काफी कम रहा।
मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के नॉर्थ कैंपस में रविवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा ने पुष्पगुच्छ, मोमेंटो और प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति हो या जीवन का कोई अन्य क्षेत्र, आगे बढ़ने के लिए शिक्षा के साथ संस्कार और भाषा का ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र बाबू के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है और यह पूरे कोसी क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। नई पीढ़ी को सीखने की जरूरतउन्होंने कहा कि भूपेंद्र बाबू सच्चे समाजवादी नेता थे और उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। बड़े लोगों से अच्छी बातें सीखकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने नेताओं के अनुभव और आचरण से नई पीढ़ी को सीखने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता का कारण उनका काम है। उन्होंने कहा कि वह हर घर जाकर वोट नहीं मांगते, बल्कि 4-6 पंचायत मिलाकर एक बैठक कर लोगों के बीच 5 मिनट अपनी बात रखते हैं और कहते हैं कि यदि काम किया है तो वोट दीजिए, नहीं किया है तो मत दीजिए। उन्होंने कहा कि कर्म ही पूजा है और जिस दायित्व का निर्वहन मिले, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए। बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआकुलपति प्रो. बीएस झा ने कहा कि बिजेंद्र यादव ने समाजवाद को व्यवहार में उतारा है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और आज गांव-गांव तक बिजली पहुंची है। पहले कई-कई दिनों तक बिजली नहीं रहती थी, जबकि आज बिहार में बिजली व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। उन्होंने 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को साहसिक कदम बताया और कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उपमुख्यमंत्री का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीएनएमयू पर उनका विशेष सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। इलाके में विकास की नई धारा बहने लगीटीपी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. कैलाश प्रसाद ने कहा कि बिजेंद्र प्रसाद यादव कोसी क्षेत्र के विश्वकर्मा हैं। उनके प्रयासों से पिछड़े इलाके में विकास की नई धारा बहने लगी है। विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय को भी काफी लाभ मिला है। उन्होंने बिजेंद्र यादव को विकास, सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया। एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाईमधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने अपने संबोधन में मधेपुरा में एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हवाई सेवा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। समारोह में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, सिंहेश्वर विधायक रमेश ऋषिदेव, कुलसचिव डॉ. अशोक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने किया।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने एनईईटी परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक और अव्यवस्थाओं को देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार ने मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को तोड़ दिया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने कठिन मेहनत के साथ परीक्षा दी, लेकिन लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और गड़बड़ियों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास का प्रश्न है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय की जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित छात्रों को उचित न्याय और मुआवजा दिया जाए। प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर देश के युवाओं के सामने स्पष्ट जवाब रखें। पहले भी विवादों में रही है नीट परीक्षा सांसद सैलजा ने कहा कि नीट यूजी 2024 भी देशभर में भारी विवादों में रहा। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने जांच के दौरान जली हुई कॉपियों से 68 सवाल रिकवर किए थे, जो असली प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए थे। सवालों के क्रमांक तक एक जैसे थे। जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित स्कूल का नाम सामने आया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रश्न पत्र वाले एक पैकेट को निर्धारित जगह से अलग तरीके से खोला गया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं दाखिल हुई थी। कुछ छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी तो कुछ ने दोबारा परीक्षा करवाने का विरोध किया था। 2021 में सॉल्वर गैंग का हुआ था खुलासा सांसद ने कहा कि वर्ष 2021 में नीट यूजी परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था। सीबीआई ने नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि कुछ छात्रों के परिवारों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया। जांच में दिल्ली और रांची के परीक्षा केंद्रों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। सीबीआई ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। 17 जुलाई 2022 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के बाद सीबीआई ने एक सॉल्वर गैंग के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज के जरिए असली छात्रों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाई गई। दिल्ली और हरियाणा के परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की गतिविधियों का खुलासा हुआ था। बाद में सीबीआई ने कई शहरों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की। साल 2018 में दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर स्थित एजुकेशन सेंटर पर नीट परीक्षा में धांधली करने के आरोप लगे थे। आरोप था कि संस्थान छात्रों को परीक्षा पास करने का झांसा देता था और इसके बदले बड़ी रकम वसूलता था। मामले की शिकायत के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की थी।
रीवा में NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 19 मई को डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI के रीवा जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के विरोध में कार्यकर्ता घंटी और शंख बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। NSUI की प्रमुख मांगेंसंगठन ने “NEET 2026 न्याय अभियान” के तहत निम्नलिखित मांगें रखी हैं… परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठाए सवालप्रेस वार्ता में NSUI नेताओं ने कहा कि 2015 के AIPMT, 2024 और अब 2026 के NEET पेपर लीक मामलों ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने कोटा, सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब की भूमिका की जांच और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल दोबारा परीक्षा कराना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूसNSUI के ऐलान से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रीवा में NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। शहर में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए।
‘अगर एक रुपए की भी गड़बड़ी साबित हुई तो मैं राजनीति छोड़कर मंदिर चला जाउंगा।’ यह कहना है सम्राट सरकार में शिक्षा मंत्री बने मिथिलेश तिवारी का। 7 मई को मंत्री बने तिवारी लाखों रुपए के पुराने घोटाले के आरोपों में घीर गए हैं। भास्कर ने उनसे घोटाले के आरोपों से लेकर बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर बातचीत की। पढ़िए, उनका पूरा जवाब…। सवाल: नई सरकार बनते ही TRE-4 की तैयारी कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज कर दिया गया? जवाब: यह मेरे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि वे उस दिन प्रदर्शन करने वाले थे। मैं अपने कार्यालय कक्ष में काम संभाल रहा था, तभी मीडिया के जरिए पता चला कि TRE-4 के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ है। मैंने तुरंत पुलिस के सीनियर अफसरों से बात की। सवाल: टीचर बहाली के लिए कब से आवेदन लिए जाएंगे? कई युवाओं को जेल भी जाना पड़ा है? जवाब: इसकी पूरी तैयारी विभाग में चल रही है। बहुत जल्द इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने मुझे और ACS को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हम तेजी से वर्कआउट कर रहे हैं। आप देखेंगे, जल्द अच्छे परिणाम सामने आएंगे। सवाल: शिक्षा मंत्री बनते ही पुराने मामले में घिर गए। 50 लाख रुपए के गबन का आरोप है। निगरानी में सुनवाई चल रही है? जवाब: 2014 का मामला है। अब तक निगरानी ने हमसे पूछताछ तक नहीं की, एक नोटिस भी नहीं भेजा। हम एक कॉलेज के चेयरमैन थे। जांच हुई और कोई अनियमितता नहीं पाई गई। पैसा शिक्षकों के खाते में जाता था, प्रिंसिपल और सेक्रेटरी के दस्तखत होते थे। चेयरमैन की भूमिका कहां आ गई? मैं सिर्फ एक बैठक में गया था। सवाल: लेकिन केस में तारीख दर तारीख चल रही है? जवाब: निचली अदालत में तारीख चल रही थी। जब मैं लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ रहा था, तब इसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया। चुनाव जीतने के बाद मैं कोर्ट गया हूं। सवाल: लोग मेवालाल चौधरी को याद कर रहे हैं कि उन्हें कैसे शिक्षा मंत्री पद छोड़ना पड़ा? जवाब: मैं मेवालाल चौधरी नहीं, मिथिलेश तिवारी हूं। जिस दिन मिथिलेश तिवारी पर एक रुपए की अनियमितता भी साबित हो जाएगी, उसी दिन मैं राजनीति छोड़कर मंदिर चला जाऊंगा। मेरे विरोधी अगर मुझे दोषी ठहराना चाहते हैं तो कोर्ट-कचहरी में लड़ें। झूठी खबरें फैलाकर इमेज खराब करने वाले लोग ऐसा कर रहे हैं। जिसने 2014 में यह केस करवाया, वह 2025 में मेरे खिलाफ 15 हजार वोट से हार गया। जनता सब जानती है। झूठ की खेती ज्यादा दिन नहीं चलती। सवाल: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आप पर हमलावर हैं? जवाब: मैंने ‘एजिटेशन’ कहा और तेजस्वी यादव ने उसे ‘एजुकेशन’ समझ लिया। मैं शिक्षा मंत्री हूं, तो उनकी मैट्रिक तक की पढ़ाई सुनिश्चित कराने की जवाबदेही भी मेरी है। सवाल: आप खुद पढ़ाएंगे तेजस्वी यादव को? जवाब: तेजस्वी जी, आप बिहार सरकार के किसी भी विद्यालय में एडमिशन ले लीजिए। एक साल तक मैं खुद टीचर बनकर आपको पढ़ाऊंगा, ताकि ‘एजिटेशन’ और ‘एजुकेशन’ में फर्क साफ समझ आ जाए और बिहार बदनाम होने से बच जाए। सवाल: बिहार में स्कूली शिक्षा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसको लेकर आपके पास क्या ठोस रोडमैप है? जवाब: रोडमैप तो बहुत सारे हैं। आप जानते हैं लालू प्रसाद के समय बिहार की शिक्षा की क्या हालत थी। नीतीश कुमार जी ने शिक्षा की गुणवत्ता को काफी आगे बढ़ाया। आज बिहार में IIM, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई हर तरह के संस्थान खुल गए हैं। अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इसे और आगे ले जाना है। मुख्यमंत्री ने हमें स्पष्ट टास्क दिया है और हम उसे पूरा करने में जुटे हुए हैं। सवाल: शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा अन्य कार्यों में भी लगा दिया जाता है। अभी जनगणना का काम सौंपा गया है। दोनों काम कैसे संभव हैं? जवाब: हां, मुझे भी यह सही नहीं लग रहा है। स्कूल की टाइमिंग सुबह 6:30 बजे से है, उससे पहले जनगणना का काम नहीं हो सकता। इसमें निर्देश जारी करते समय सावधानी बरतनी चाहिए थी। जिस ACS (बी. राजेन्दर) ने चिट्ठी निकाली थी, वे अब दूसरे विभाग में चले गए हैं। अब हम नए ACS से बात करके जल्द समाधान निकालेंगे। सवाल: शिक्षा विभाग के पत्रों की भाषा अक्सर अजीब होती है। एक ही काम पर ACS का अलग पत्र और डीईओ का अलग। ऐसी स्थिति खत्म होगी? जवाब: इस बार पूरी तरह से लगाम लगेगी। मेरा मकसद शिक्षा विभाग को सहज, सुलभ और फास्ट रिजल्ट देने वाला विभाग बनाना है। गांव में भुंजा बेच रहा आम आदमी अगर सर्टिफिकेट नहीं पा रहा तो जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है। 2017-18 के पास आउट स्टूडेंट्स का प्रमाणपत्र अभी तक लंबित है। मैंने बिहार विद्यालय शिक्षा समिति के चेयरमैन आनंद किशोर को बुलाकर साफ कहा है- ग्रिवांस जीरो होना चाहिए। 25 मई से पहले हम ऐसा ऑनलाइन सिस्टम लागू करेंगे जिसमें गांव से ही अप्लाई करने पर यूनिक आईडी मिले और प्रमाणपत्र आसानी से मिल हो सके। सवाल: कई शिक्षकों का आवेदन विभाग में पड़ा है। जरूरतमंद शिक्षिकाओं के ट्रांसफर अटके हुए हैं? जवाब: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नारी शक्ति वंदन अभियान है। अगर महिला शिक्षिकाएं परेशान रहेंगी तो बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे दे पाएंगी? हम जल्द प्रभावी नीति ला रहे हैं ताकि उन्हें सबसे नजदीकी विद्यालय में पोस्टिंग मिल सके। सवाल: पटना के स्कूलों में भी नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन कई बच्चों को किताबें अभी तक नहीं मिली हैं? जवाब: मैंने बिहार स्टेट टेक्स बुक कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को बुलाया था। हमें बताया गया कि सारी किताबें ग्राउंड जीरो तक पहुंचा दी गई हैं। फिर भी शिकायतें आ रही हैं। मैंने कंप्लायंस रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कहां-कहां किताबें नहीं पहुंचीं और तुरंत एक्शन लेंगे। सवाल: विशिष्ट शिक्षकों का एरियर बकाया है? जवाब: सब देखा जाएगा। एरियर एक नियमित प्रक्रिया है। हम इसके लिए नीति बनाकर अधिकारियों को जिम्मेदारी देंगे। इस महीने सचिवालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर रहे हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, इंटर काउंसिल और पूरे विभाग में इसे लागू करेंगे। हमारी कोशिश है कि शिक्षा विभाग बिहार के हर घर में खुशहाली लाए। सवाल: मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकारी स्कूल ऐसे बनाएंगे कि नेताओं-अफसरों के बच्चे एडमिशन के लिए तरसें। यह कैसे होगा? जवाब: मुख्यमंत्री ने बहुत बड़ी पहल की है। उन्होंने संकल्प लिया है। अब इसे सिद्धि तक पहुंचाना है। जब स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन होगा, क्वालिटी टीचर्स होंगे और माहौल अनुकूल होगा, तभी यह संभव होगा। मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल बनाने का निर्देश दिया है। अगले कुछ महीनों में इसे धरातल पर उतारेंगे। लोग अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में एडमिशन दिलाने के लिए लालायित रहेंगे। सवाल: छुट्टियों में एकरूपता नहीं है। कहीं रविवार छुट्टी, कहीं शुक्रवार। शनिवार को हाफ डे को फुल डे बना दिया गया। जवाब: इस पर चर्चा चल रही है। कैबिनेट बैठक में भी बात हुई है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को लेना है। सम्राट सरकार की स्पष्ट नीति जल्द आपके सामने होगी। सवाल: सिलेबस को अपग्रेड करेंगे? जवाब: जो करेंगे, वह आपको जरूर बताएंगे। लेकिन पहले कर तो लें। सवाल: बच्चों के स्कूल बैग का वजन बढ़ रहा है? जवाब: अब स्मार्ट वर्किंग का जमाना है, हार्ड वर्किंग का नहीं। मुगल का जमाना नहीं, गूगल का जमाना है। हम मुगल की जगह गूगल पर भी पूरा ध्यान देंगे।
NEET Paper Leak Case : राहुल गांधी ने NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक वीडियो शेयर किया और नीट पेपर लीक ...
पंजाब के 72 शिक्षक फिनलैंड रवाना, सीएम मान बोले- शिक्षा में नई क्रांति लाएंगे
पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के 72 सरकारी स्कूल शिक्षकों का चौथा प्रतिनिधिमंडल फिनलैंड के लिए रवाना हो गया। ये शिक्षक वहां आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नए शैक्षिक उपकरणों और बेहतर शिक्षा पर प्रशिक्षण लेंगे।
भोपाल में NEET पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम प्रदेश कांग्रेस ने टीन शेड से रोशनपुरा चौराहे तक मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस के दौरान “मोदी सरकार मुर्दाबाद”, “बच्चों के भविष्य के साथ खेलना बंद करो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में पेपर लीक हो रहा है। उसके पीछे मोदी सरकार जिम्मेदार है। मशाल जूलूस की 3 तस्वीरें… पटवारी बोले- पेपर लीक, मोदी वीक पटवारी ने कहा कि महंगाई बढ़ी, रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था कमजोर हुई, बेरोजगारी बढ़ी और किसान कर्ज में डूबे तो इसकी जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है। मैं फिर कहता हूं- पेपर लीक, मोदी वीक। कांग्रेस नेता बोलीं- आत्महत्या नहीं, बच्चों की हत्या हुई कांग्रेस नेता दीप्ति सिंह ने कहा कि अगर देश का मुखिया पढ़ा-लिखा होता, तो उसे यह अहसास होता कि जिन बच्चों ने दो-दो साल मेहनत कर तैयारी की, उनका पेपर रद्द होने का क्या असर पड़ता है उन्होंने कहा कि कई राज्यों में छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। मैं इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या मानती हूं। यह शर्म की बात है कि न तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जा रहा है और न ही NTA पर कोई कार्रवाई हो रही है। 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा, 12 मई को हुई रद्द NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया। -------------
नीमच में नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। शनिवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन की शुरुआत में सभी कार्यकर्ता भारत माता चौराहा पर इकट्ठा हुए, जहां से मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से होता हुआ शहर के मुख्य रास्तों और विजय टॉकीज चौराहा से गुजरा और वापस भारत माता चौराहा पर आकर खत्म हुआ। जुलूस के दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका मशाल जुलूस के आखिर में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में नीट जैसी बड़ी और प्रतिष्ठित परीक्षा में भारी घोटाला हुआ है, जिससे देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल हुए कई नेता और कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई बड़े चेहरे नजर आए। इनमें जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती, ब्लॉक अध्यक्ष ओम दीवान, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मनमोहन सिंह, मोनू लोकस, अनिल चौरसिया, गजेंद्र यादव, योगेश प्रजापति और पृथ्वीसिंह वर्मा शामिल थे। साथ ही महिला मोर्चा की तरफ से आशा सांभर, बेबी मेहरा, मधु बंसल सहित मनीष पोरवाल और विमल शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और छात्रों के हक में आवाज उठाई।
श्योपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार शाम नीट पेपर लीक मामले के विरोध में शहर में मशाल जुलूस निकाला। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंबेडकर पार्क से प्रमुख मार्गों तक निकाला जुलूस कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मशाल जुलूस अंबेडकर पार्क से प्रारंभ होकर पटेल चौक, जय स्तंभ और गोलंबर होते हुए वापस जय स्तंभ पर खत्म हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें लेकर केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणाली और अनियमितताओं पर आक्रोश व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफा और रासुका की मांग जिलाध्यक्ष मांगीलाल फौजी ने कहा कि व्यापमं के बाद अब नीट पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक के दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परीक्षा प्रणाली और भेदभाव पर उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर साधारण छात्रों की सघन तलाशी ली जाती है, जबकि प्रभावशालियों तक पेपर पहले ही पहुंच जाते हैं। उन्होंने इसे भाजपा सरकार का डबल खेल बताते हुए युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक बाबू जंडेल समेत कई पदाधिकारी रहे शामिल प्रदर्शन के दौरान श्योपुर विधायक बाबू जंडेल, पूर्व नपाध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, संगठन महासचिव संजीव कुशवाह और युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभरत मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उज्जैन में नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में टावर चौक से मशाल रैली निकाली गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह मशाल रैली टावर चौक से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं, पुरुष और नीट परीक्षा दे चुकी छात्राएं व उनके परिजन शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है जैसे नारे लिखे थे। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। रैली देर शाम टावर चौक से शुरू होकर इंदिरा गांधी चौक होते हुए शहीद पार्क पहुंची और फिर वापस टावर चौक लौटी। इस दौरान सभी ने बारी-बारी से मशाल थामी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे प्रमुख थे। टावर चौक पर रैली के समापन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, और इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
हरदा में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में दोनों संगठनों ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर घंटाघर चौक पर पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। ‘मुन्नाभाई जैसे डॉक्टर तैयार कर रही सरकार’ एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ विश्नोई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली डॉक्टर नहीं, बल्कि ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसे डॉक्टर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई में लगाते हैं और छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन मेडिकल सीटें लाखों रुपये लेकर बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सालभर तैयारी करने वाले छात्र मानसिक तनाव में हैं और कई छात्र आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं। ‘व्यापम से लेकर NEET तक भरोसा टूटा’ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि पहले व्यापम और अब नीट पेपर लीक ने परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जागने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो देश की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। व्यास ने सरकार को छात्र और किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हित में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA भंग करने की मांग पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने कहा कि व्यापम और नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता खत्म कर दी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दोषियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की भी मांग उठाई। टाले ने आरोप लगाया कि परीक्षा के समय छात्रों की कड़ी तलाशी ली जाती है, लेकिन पेपर बड़े लोगों तक पहले ही पहुंच जाता है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
सुपौल जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शिक्षकों पर कार्रवाई की है। विभागीय जांच में बिहार से बाहर रहकर पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का मामला सामने आने के बाद दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक नियोजित शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत वारंटपुर विद्यालय की शिक्षिका मोनिका मिश्रा ने 5 और 6 मई 2026 को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर “मार्क ऑन ड्यूटी” दर्ज किया था। विभागीय समीक्षा में उनकी भौगोलिक लोकेशन उत्तर प्रदेश के मझवारा क्षेत्र में पाई गई, जो संबंधित प्रखंड मुख्यालय से करीब 490 किलोमीटर दूर है। जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने सक्षम पदाधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराए बिना ही दूरस्थ स्थान से उपस्थिति दर्ज की। बिहार से बाहर रहते हुए पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का आरोप मामले में विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार और नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों पर बिहार से बाहर रहते हुए पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का आरोप है। डीपीओ स्थापना आलोक शेखर ने बताया कि नियोजित शिक्षक फूलदेव कुमार के निलंबन के लिए संबंधित प्रखंड नियोजन इकाई को अनुशंसा भेजी गई है, जबकि अन्य दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने बताया कि कार्रवाई से पूर्व संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने इसे सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। मामले के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राज्य शिक्षा व्यवस्था रोजगार देने के साथ-साथ संस्कार देने वाली भी हो। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास जताते हुए शिक्षा जैसे मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। बिहार के सभी घरों से लोग शिक्षा के मंदिर पहुंचते हैं, ऐसे में मेरी जिम्मेदारी बड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई थी। इसे और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए मैं अलग-अलग जिलों का दौरा कर शिक्षा से जुड़े अधिकारियों से संवाद कर रहा हूं ताकि जो कमियां हैं, उसे दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारियों के भरोसे बेहतर शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसमें आम लोगों के सहयोग की जरूरत है। ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ कार्यक्रम होगा शुरू शिक्षा मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों का आंकड़ा उपलब्ध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता कर रहे हैं कि किसी सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाला छात्र किसी ऊंचे पद पर है या फिर बेहतर स्थिति में है, अगर ऐसा है तो ऐसे लोगों को जिस स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की है, उस विद्यालय को उन्हें गोद लेने के लिए कहा जाएगा। उन्हें ये भी कहा जाएगा कि आप जिस समय स्कूल में पढ़ाई करते थे, उस वक्त स्कूल की जो स्थिति थी, वर्तमान में जो स्थिति है, उसे देखते हुए आगे का प्लान बनाकर सरकार से शेयर करें। सरकार आपके साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। टीआरई-4 के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर मुख्यमंत्री ने बयान दिया है। एनओसी देने की जो प्रक्रिया थी, उसे बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपको सुखद परिणाम बहुत जल्द मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जो भी रुकावटें थी, उनका समाधान किया जा रहा है। टीआरई-4 के जितने भी अभ्यर्थी हैं, वे आंदोलन या फिर किसी के बहकावे में ना आएं। सरकार से आकर सीधी बात करें, उनकी बात सुनी जाएगी।
NEET-UG की परीक्षा लीक होने के बाद रद्द होने से पूरे देश में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। MHRD डिपार्टमेंट ने भी इसे फेलियोर बताया है और जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद CBI जांच कर रही है। NTA का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने NTA का पुतला फूंका और जमकर विरोध किया। इस दौरान उन्होंने NTA को शिक्षा का राक्षस बताया। इस दौरान MHRD मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। देखिये तस्वीरें… मुख्य द्वार पर फूंका पुतला हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने तय कार्यक्रम के अनुसार NTA का विरोध किया। NTA का पुतला बनाकर पहले कैंपस में लेकर घूमे और उसे गेट से बाहर ले जाने की कोशिश की पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें गेट के अंदर ही रोक लिया। जहां छात्रों और पुलिसकर्मियों में नोकझोक भी हुई। इसके बाद गेट के अंदर ही छात्रों ने पुतले को आग लगाईं और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बनता जा रहा है। शिक्षा का राक्षस है NTA छात्र नेता अभय यादव ने कहा - NTA के द्वारा कराए जा रहे एग्जाम लगातार लीक हो रहे हैं। छात्रों का इससे भविष्य खराब हो रहा है। एक ही परीक्षा उन्हें दो दो बार देनी पड़ रही है। जिससे उनका कंसन्ट्रेशन खराब हो रहा है। और पास होने वाले छात्र भी फेल हो जा रहे हैं। हाल ही में हुई NEET की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और उसे रद्द करना पड़ा। ऐसे में यह प्रतीत होता है की NTA शिक्षा का राक्षस है और यह शिक्षा को धीरे-धीरे ख़त्म कर रहा है क्योंकि परीक्षाएं लीक होंगीं तो अभ्यर्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। नॉन ट्रस्ट एजेंसी बन गयी है NTA, सरकार खत्म करे छात्र नेता अभिषेक यादव ने कहा - NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बन गयी है। इसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार को चाहिए की इसे खत्म कर दे। छात्र लाखों रुपए लगाकर तैयारी करते हैं। फिर परेशान होकर अपने घरों से कई 100 किलोमीटर दू धक्के खाकर परीक्षाएं देने जाते हैं और परीक्षा के 10 दिन बाद कहा जाता है कि परीक्षा रद्द कर दी जा रही क्योंकि पेपर लिक हो गया। ऐसे में NTA की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
सुपौल सदर प्रखंड अंतर्गत बकौर पंचायत के हरिजन उच्च माध्यमिक विद्यालय सिहे परिसर में शनिवार को स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव ने फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया और स्व. मंडल के समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सिहे पहुंचे श्री यादव का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्व. लड्डूलाल मंडल के पुत्र एवं स्थानीय जिला परिषद सदस्य महेश्वरी प्रसाद यादव तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने उन्हें पाग, चादर और बुके भेंट कर सम्मानित किया। युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने की अपील की अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल ने समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और ऐसे व्यक्तित्वों की स्मृति को संरक्षित करना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और समाजहित में कार्य करने की अपील की। समारोह में सांसद दिलेश्वर कामैत, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, जदयू जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया। समारोह में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि स्व. लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, समाज सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी। समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
NEET-UG पेपर लीक होने के बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के सदस्यों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे NTA पर बैन लगाने की मांग कर रहे थे। हाथों में पोस्टर, बैनर और पार्टी के झंडे लिए IYC कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति सर्कल से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर विरोध मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। NSUI के कार्यकर्ता चेन-ताला लेकर पहुंचे थे। इन लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर भी हंगामा किया। जहां इन लोगों ने नकली नोट उड़ाए। पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को हिरासत में ले लिया है। इधर, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, एग्जाम कैंसिल होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल, 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा 21 जून को होगी। देखिए NTA के बाहर हंगामे की तस्वीरें… सुप्रीम कोर्ट से NTA की जगह नई संस्था बनाने की मांग एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितु रेनीवाल और एडवोकेट महेंद्र कुमावत ने याचिका दायर की है। इसमें एक रिट जारी करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA को भंग कर दे। उसकी जगह संसद द्वारा पारित कानून के माध्यम से नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए। यूथ कांग्रेस का आरोप- NDA सरकार में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार के शासन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 12 साल में 89 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और खुद NEET एग्जाम के पेपर भी चार बार लीक हो चुके थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। IYC के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि BJP ने एक ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था बना दी है कि अमीर परिवारों के बच्चों को ही सीटें और नौकरियां मिलेंगी, जबकि गरीब परिवारों के छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘रीएग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। छात्र रीएग्जाम में अपनी पसंद का सेंटर चुन पाएंगे।’ पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सीनियर सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी सह-उत्तर मध्यमा तथा सेकेंडरी/सेकेंडरी-सह-पूर्व मध्यमा वार्षिक परीक्षा-2026 का परीक्षा परिणाम 12 व 14 मई को घोषित किया जा चुका है। जो परीक्षार्थी सीनियर सेकेंडरी व सेकेंडरी की कंपार्टमेंट/EIOP (Eligible for Improvement for Performance) एवं अतिरिक्त श्रेणी की परीक्षा जुलाई-2026 में प्रविष्ठ होना चाहते हैं, ऐसे परीक्षार्थी 20 मई से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक) परीक्षा जुलाई-2026 के लिए परीक्षार्थी 1000 रुपए बिना विलंब शुल्क सहित 20 मई से 28 मई तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद परीक्षार्थी 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ 29 मई से 2 जून तथा 300 रुपए विलंब शुल्क सहित 3 जून से 7 जून एवं 1000 रुपए विलंब शुल्क सहित 8 से 11 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी उक्त परीक्षा के लिए समय रहते आवेदन करना सुनिश्चित करें। अंतिम तिथि उपरान्त किसी भी प्रकार के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड की वेबसाइट पर जारी हेल्पलाइन नंबर 01664-254300 एवं ई-मेल assec@bseh.org.in, assrs@bseh.org.in के माध्यम से संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को 72 शिक्षकों के बैच को शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ फिनलैंड में प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त प्रिंसिपल और शिक्षक शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाकर आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य में शिक्षा क्रांति के दूत के रूप में काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर शिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले उनसे बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संयुक्त प्रयासों के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य व बिजली के मुद्दे अन्य पार्टियों के राजनीतिक एजेंडों का केंद्र बन गए हैं। सीएम मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब ने अब तक 234 प्रिंसिपल, शिक्षा अधिकारियों को पांच दिनों के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए सिंगापुर भेजा है। इस बार 72 प्राथमिक स्तर के टीचरों को फिनलैंड के तुर्कू में भेजा है। पहले सिंगापुर भेजा गया था शिक्षकों का 7वां बैचइससे पहले 8 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 36 प्रिंसिपलों के 7वें बैच को सिंगापुर रवाना किया था। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि था कि यह दिन प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, क्योंकि यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद करेगी। बेहतर प्रशिक्षित स्टाफ ने सरकारी स्कूलों में दाखिले की दर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेश जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि प्रशिक्षित प्रिंसिपलों से विद्यार्थियों को नई शिक्षा तकनीकों का लाभ मिलेगा, जिससे वे कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों का भी मुकाबला कर सकेंगे। उन्होंने कहा था कि पंजाब देश में शिक्षा क्रांति का साक्षी बन रहा है, क्योंकि राज्य सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि इस बैच में विदेश जाने वाले प्रिंसिपलों में अधिकांश महिलाएं हैं। सैकड़ों शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षणपंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 300 से अधिक शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने वाला पहला राज्य बन चुका है। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से 306 प्रिंसिपलों और शिक्षकों को विदेश में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिलाकर नया मानक स्थापित किया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के वे स्टूडेंट जो अपने वार्षिक परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट हैं, अब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड ने इसके लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर विकल्प उपलब्ध कराया है। विद्यार्थी परिणाम घोषित होने के 60 दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा वर्तमान में हाल ही में घोषित हुए बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए उपलब्ध है। यदि उत्तर पुस्तिका में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो छात्र 15 दिनों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फॉर्म भरकर उसे ठीक करवा सकते हैं। आवेदन अंत्योदय सरल केंद्र के माध्यम से या सरल पोर्टल पर अपनी आईडी बनाकर घर बैठे भी किया जा सकता है। जमा करना होगा 500 रुपए का शुल्क उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए प्रति कॉपी 500 रुपए का शुल्क जमा करना होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी आरटीआई के माध्यम से नहीं ली जा सकती है। एक से अधिक विषयों के लिए भी एक ही फॉर्म भरकर शुल्क अदा किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पुनर्मूल्यांकन (री-एवैल्यूएशन) से अधिक सुविधाजनक मानी जा रही है। पुनर्मूल्यांकन में अक्सर विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होते हैं, जबकि फोटोकॉपी से छात्र स्वयं त्रुटियों की पहचान कर सकते हैं और उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ठीक करवा सकते हैं। ऐसे करे अप्लाई आंसर शीट की फोटोकॉपी निकलवाने के लिए विद्यार्थी सरल हरियाणा पोर्टल पर सामान्य जानकारी भरकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है। इसके अलावा विद्यार्थी को आधार कार्ड, फॅमिली आईडी, एप्लीकेशन फार्म सहित एक अन्य आईडी और देनी होगी। आधार के अलावा जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, रिहायसी प्रमाण पत्र या पैन कार्ड में से एक आईडी दी जा सकती है। ये छात्र ले पाएंगे लाभ दसवीं, बारहवीं कक्षा के नियमित छात्र, दसवीं बारहवीं कक्षा के हरियाणा ओपन के छात्र, अप्रैल चांस के विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका कॉपी निकला सकते है।
सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने शुक्रवार को जिले के अटल परिसर स्थित न्यू बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त भवन, खराब दुकानों और अव्यवस्थित व्यवस्था को देखकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओल्ड बस स्टैंड की चौपाटी का भी निरीक्षण किया। यहां नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। अग्रसेन चौक स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल और स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर में ओपीडी और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। आयुष वाटिका में गंदगी मिलने पर नगरपालिका सीएमओ को स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पताल भवन की मरम्मत के आदेश भी दिए गए। मीट मार्केट और सब्जी बाजार में गंदगी पर नाराजगी बड़कापारा स्थित मीट मार्केट और सब्जी बाजार में गंदगी देखकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण के साथ मीट मार्केट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की योजना पर चर्चा की। साथ ही गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अरुणोदय कोचिंग क्लास का निरीक्षण और छात्रों से संवाद कलेक्टर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित अरुणोदय कोचिंग क्लास का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और शिक्षकों को नियमित टेस्ट लेने के निर्देश दिए। छात्रों की मांग पर वाई-फाई और किताबें उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए। केतका रोड और नगर पालिका जिम में अव्यवस्था पर सख्ती केतका रोड स्थित राजस्व और पुलिस क्वार्टर्स के निरीक्षण में क्षतिग्रस्त भवनों को डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका जिम में अव्यवस्था पर सीएमओ को सुधार और बेहतर संचालन की योजना बनाने को कहा गया। निर्माणाधीन पॉलीटेक्निक भवन में देरी पर फटकार पर्री क्षेत्र में निर्माणाधीन पॉलीटेक्निक भवन के समय पर पूरा न होने पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल का निरीक्षण कलेक्टर ने जिला अस्पताल में हमर लैब, एनसीडी कियोस्क, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन और मातृत्व-शिशु अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। प्रसूति वार्ड में सिकल सेल पीड़ित गर्भवती महिला से मुलाकात कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पोषण, नवजात देखभाल और सिकल सेल पर जोर पोषण पुनर्वास केंद्र और एसएनसीयू में बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सिकल सेल रोग पर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। डॉक्टरों की उपस्थिति और रेडक्रॉस गतिविधियों पर सख्ती दौरे के अंत में कलेक्टर ने डॉक्टरों की उपस्थिति और रेडक्रॉस गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अस्पताल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित उपस्थिति अनिवार्य होगी। विद्यालय और बापू की कुटिया का निरीक्षण कलेक्टर ने शासकीय बालक प्राथमिक शाला सूरजपुर और बापू की कुटिया का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए।
जांजगीर-चांपा में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को NEET पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रदर्शनकारी नेताओं ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की भी मांग की। आंखों में गया फायर पाउडर कचहरी चौक पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प हुई। पुलिस ने पुतले में लगी आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान फायर ड्राई केमिकल पाउडर कुछ प्रदर्शनकारियों की आंखों में चला गया, जिससे वहां कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कार्यकर्ताओं ने इसे पुलिस की सख्ती बताया, जबकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने की बात कही।घटना के बाद चौक पर कुछ देर तक तनाव का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि NEET पेपर लीक मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रासा पंजाब का शिक्षा बोर्ड के खिलाफ मोर्चा: नीतियां न बदलीं तो होगा संघर्ष
भास्कर न्यूज | अमृतसर रासा पंजाब के सदस्यों की एक बैठक शुक्रवार को एक होटल में हुई। मीटिंग में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और राज्य सरकार की निजी स्कूलों के प्रति दमनकारी नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली गई। रासा पंजाब के अध्यक्ष जगतपाल महाजन और महासचिव सुजीत कुमार शर्मा की अगुवाई में सदस्यों ने दो-टूक कहा कि बोर्ड अपनी गैर-संवैधानिक नीतियों से प्राइवेट स्कूलों का गला घोंट रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड छात्रों और अभिभावकों से जन्म प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी मांग रहा है। शिक्षकों को 50 घंटे की ट्रेनिंग के लिए मोहाली बुलाया जा रहा है। स्कूलों का तर्क है कि यह ट्रेनिंग ऑनलाइन या जिला स्तर पर हो सकती है, तो शिक्षकों को इतनी दूर बुलाया जा रहा है। बोर्ड प्रिंसिपल्स से धारा 223, 318, 336, 339 और 340 के तहत घोषणा पत्र मांग रहा है। रासा सदस्यों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रिंसिपल शिक्षण संस्थान के मुखिया हैं, कोई अपराधी नहीं। रासा पंजाब ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन नीतियों में तुरंत सुधार नहीं किया तो पूरे पंजाब में राज्य स्तरीय संघर्ष शुरू होगा।
भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 ए हर बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है। लेकिन एक दिव्यांग नागरिक और अधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा अनुभव कहता है कि जब बात दिव्यांग विद्यार्थियों की आती है तो यह मौलिक अधिकार कई जगह केवल कागजों तक सिमट जाता है। स्कूलों में रैंप का अभाव, दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों की कमी, ब्रेल सामग्री की अनुपलब्धता और सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों का न होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अभी भी समावेशी नहीं हो पाई है। मैं स्वयं 50 प्रतिशत पोलियो जनित दिव्यांगता के साथ जीवन जीते हुए वर्षों से इस संघर्ष को महसूस कर रहा हूं। बचपन में जिन भौतिक और सामाजिक बाधाओं का सामना मैंने किया, वही मुझे दिव्यांग अधिकारों के संघर्ष की ओर ले गईं। मेरा मानना है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था द्वारा निर्मित बाधाओं का परिणाम है। इसी वास्तविकता को परखने के लिए मैंने 100 से अधिक आरटीआई आवेदन दायर किए। इनके जवाब चौंकाने वाले थे। प्रशासन ने स्वीकार किया कि बिना दिव्यांग अनुकूल पहुंच (एक्सेसिबिलिटी) मानकों के किसी भी निजी स्कूल को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आज भी अनगिनत स्कूल बिना रैंप, लिफ्ट या सुलभ शौचालयों के चल रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायपालिका दिखा चुकी मानवीय चेहरासुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समानता का अर्थ केवल एक समान नियम लागू करना नहीं, बल्कि उन बाधाओं को हटाना है जो किसी व्यक्ति को दौड़ में पीछे छोड़ देती हैं। डिसएबल्ड राइट्स ग्रुप केस में कोर्ट ने 5% आरक्षण के साथ-साथ भौतिक बुनियादी ढांचे को सुधारने पर जोर दिया। वहीं रवींद्र कुमार धारीवाल केस में कोर्ट ने माना कि यदि संस्थाएं पहुँच योग्य (एक्सिसिबल) हों तो दिव्यांगता की आधी बाधाएं अपने आप समाप्त हो सकती हैं। ये फैसले साबित करते हैं कि सुलभता ही वास्तविक लोकतंत्र की पहचान है। आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, बल्कि उसके कठोर क्रियान्वयन की है।
प्रो. राठौड़ बृज विवि के कुलगुरु बने, शहर के शिक्षाविदों ने व्यक्त की खुशी
उदयपुर | प्रो. मदन सिंह राठौड़ को महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का कुलगुरु मनोनीत किए जाने पर शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों ने खुशी जताई है। विभिन्न संगठनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए नियुक्ति का स्वागत किया। भाजपा उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान, राजस्थानी मोट्यार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिवदान सिंह जोलावास तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सचिव डॉ. बालूदान बारहठ ने कहा कि प्रो. राठौड़ का शैक्षिक और प्रशासनिक अनुभव विश्वविद्यालय को नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सुविवि और बृज विवि के बीच शैक्षिक संवाद, शोध सहयोग तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
नर्सिंग सेवा और शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. संदीप सम्मानित
उदयपुर | ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया राजस्थान शाखा के अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस-2026 कार्यक्रम में मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप गर्ग को सम्मानित किया गया। उन्हें नर्सिंग सेवा, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला। कार्यक्रम जयपुर के सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के आर.एल. स्वर्णकार ऑडिटोरियम में हुआ। सम्मान पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, जवाहर सिंह बेढ़म, डॉ. अरूण चतुर्वेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एनी कुमारी और राज्य अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा ने प्रदान किया।
संस्कृत शिक्षा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने का शक
जयपुर | राजस्थान लोक सेवा आयोग की वर्ष 2022 की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में नकल और डमी कैंडिडेट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा विभाग) भर्ती-2022 की परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है। इस भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया है। इससे पहले स्कूल व्याख्याता (इतिहास) भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में आयोग के यूडीसी मानसिंह मीणा को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ से पूछताछ चल रही है।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और रद्द होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार शाम विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने माधवगंज चौराहे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की। शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता विदिशा के माधवगंज चौराहे पर इकट्ठा हुए। उन्होंने नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। पुलिस ने पुतले को आग लगने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते पुतला पूरी तरह जल गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। इससे देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नेताओं ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेता महेंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे छात्र और युवा वर्ग में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े कोचिंग संस्थान और प्रभावशाली लोग शामिल हैं, इसलिए छोटे लोगों के बजाय 'बड़े मगरमच्छों' पर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
नीट पेपर लीक पर माता प्रसाद पांडे बोले, अब तक शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था
नीट पेपर लीक होने और अब दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराए जाने की घोषणा पर विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि छात्रों की मेहनत बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार कौन है और उस पर कार्रवाई कब होगी? सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि अब तक तो शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था।
हांसी रेलवे स्टेशन से शुक्रवार देर शाम सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना हुई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और विधायक विनोद भयाना ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सिरसा से चलकर हांसी पहुंची थी। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत हांसी और जींद जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा पर गए हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखा गया। जयकारों और शबद कीर्तन के बीच श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ ट्रेन में सवार हुए। यात्रियों ने सरकार की इस योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सराहनीय पहल है। ढांडा बोले- सीएम तीर्थयात्रा योजना से लाखों श्रद्धालु हुए लाभान्वित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना से प्रदेश के लाखों श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत श्रद्धालु अयोध्या, प्रयागराज और श्री नांदेड़ साहिब सहित देश के कई धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की इस पहल की देशभर में सराहना हो रही है और अन्य राज्य भी इससे प्रेरणा ले रहे हैं। विधायक विनोद भयाना ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामना विधायक विनोद भयाना ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है। भयाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधायक ने तीर्थ यात्रियों से अनुशासन, स्वच्छता और भाईचारे का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे हांसी और हरियाणा की संस्कृति के प्रतिनिधि के रूप में यात्रा करें और लौटकर समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सकारात्मक ऊर्जा का संदेश फैलाएं।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार को गया जिला परिषद सभागार में जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाना था। डॉ. प्रेम कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बड़े बदलाव कर रही है। राज्य में विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षकों की नियुक्ति, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार में लगभग 71 हजार प्राथमिक, 31 हजार मध्य, 6400 माध्यमिक और 3800 उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जहाँ करोड़ों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत सरकार कर रही काम उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार 'निपुण भारत मिशन' के तहत काम कर रही है। खेल-आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों को पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है ताकि वे बेहतर ढंग से सीख सकें। छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पोशाक, पुस्तक, मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सरकार विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन निर्माण और खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जोर देकर कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा और स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हजारों विद्यालयों में कंप्यूटर लैब और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को मंजूरी दी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से गाँव के बच्चों को भी शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, साइंस लाइब्रेरी की स्थापना राज्य के कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला और आईसीटी लैब की स्थापना की जा रही है। लगभग 789 विद्यालयों में इन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने वर्ष 2026 के शिक्षा बजट में 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है, जो राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि अब शिक्षा को रोजगारोन्मुख, तकनीकी एवं व्यवहारिक बनाया जा रहा है ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार हो सकें। गयाजी जिले की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गया केवल धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी ही नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृति की धरती भी है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्रामीण विद्यालयों में हाई-स्पीड इंटरनेट एवं स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जाए, प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक पुस्तकालय एवं डिजिटल अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर खोले जाएं। इसके अलावा छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन और छात्रावास व्यवस्था तथा शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव का गरीब बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त नहीं करेगा, तब तक समाज में वास्तविक समानता स्थापित नहीं हो सकती। शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भर बिहार का सबसे प्रभावी माध्यम है। बैठक के अंत में उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के लोगों से मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया। प्रेम कुमार की अपील, पेट्रोल-डीजल बचाएं और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं प्रेम कुमार ने अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बन रहे युद्ध जैसे हालात का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में देश के नागरिकों को जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करने की जरूरत है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की जनता से अपील की है कि पेट्रोल और डीजल का कम उपयोग करें तथा जहां तक संभव हो इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है। यदि लोग अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग कम करेंगे तो इससे देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटेगा और ईंधन संकट से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है। ऐसे में आम लोगों को भी अपनी भूमिका समझनी होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ही निजी वाहनों का उपयोग करें और छोटी दूरी के लिए सार्वजनिक परिवहन या अन्य वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करें। ‘एक साल सोना नहीं खरीदें तो देश की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है’ विधानसभा अध्यक्ष ने सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर भी लोगों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि देश के लोग एक साल तक सोना नहीं खरीदें तो इससे देश की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। उनका कहना था कि भारत में बड़े पैमाने पर सोने का आयात होता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। यदि लोग कुछ समय तक सोने की खरीदारी से बचें तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्राओं को लेकर भी लोगों से संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल जरूरी कार्य होने पर ही विदेश यात्रा करें। बेवजह यात्रा करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में हर नागरिक का दायित्व है कि वह देशहित को प्राथमिकता दे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं देशहित और कूटनीतिक जरूरतों के तहत होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने केवल अनावश्यक यात्राओं से बचने की बात कही है। जरूरत हो तो यात्रा करें, लेकिन फिजूल खर्च और गैरजरूरी भ्रमण से बचना चाहिए।
शाजापुर के बस स्टैंड पर शुक्रवार शाम एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यह प्रदर्शन शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ और लगभग एक घंटे तक जारी रहा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में नारे लगाए और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यकर्ताओं ने लगभग 1 घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ एनएसयूआई कार्यकर्ता जय कराड़ा ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कराड़ा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश और देशभर में आंदोलन तेज करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने के दौरान बस स्टैंड पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुतला पूरी तरह जलने के बाद मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए रही। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
जोधपुर में जिला शिक्षा अधिकारी ( प्रारंभिक) कमलेश कुमार त्रिपाठी को एपीओ कर दिया गया है। इस दौरान उनका मुख्यालय बारां में रहेगा। शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मु.) प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर कमलेश कुमार त्रिपाठी को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से अगले आदेशों तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा जाता है। इस अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बारां रहेगा। शिक्षकों को नोटिस देने पर हुआ था विवाद गौरतलब है कि जोधपुर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE) के तहत हुए घोटाले को लेकर 100 शिक्षकों को त्रिपाठी ने नोटिस जारी किए थे। इसे लेकर शिक्षकों ने कहा था कि इस फर्जीवाड़ा में उनका कोई रोल नहीं है। वहीं इस खेल के मास्टरमाइंड एक बाबू को बाद में सस्पेंड कर दिया गया था। मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने कमलेश कुमार त्रिपाठी का घेराव भी किया था। शिक्षकों को गलत नोटिस देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राजस्थानी भाषा समर्थकों ने बांटी मिठाइयां सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही राजस्थान सरकार को सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को विषय के रूप में पढ़ाने के निर्देश देने के बाद जोधपुर में राजस्थानी भाषा समर्थकों ने खुशी जताई। इस ऐतिहासिक फैसले के स्वागत में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के मुख्य द्वार पर राजस्थानी भाषा समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। कार्यक्रम में राजस्थानी मोटियार परिषद जोधपुर के जिला अध्यक्ष डॉ. भीवसिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए आभार जताया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले प्रोफेसर डॉ. कल्याण सिंह शेखावत का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह साठीका ने कहा- यह फैसला संपूर्ण राजस्थानवासियों के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं प्रोफेसर डॉ. कल्याण सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार से मांग की कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक राजस्थानी भाषा को जल्द लागू किया जाए तथा राजस्थानी को प्रदेश की राजभाषा का दर्जा दिया जाए। युवाओं के रोजगार के खुलेंगे अवसर राजस्थानी मोटियार परिषद के जगदीश मेघवाल ने कहा- भाषा को मान्यता मिलने से राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। डॉ. सवाई सिंह राठौड़ ने बताया- यूपीएससी और आरपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी राजस्थानी भाषा का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इस अवसर पर एबीवीपी के विभाग संयोजक ललित दाधीच ने कहा- राजस्थानी हमारी मातृभाषा है और केंद्र सरकार को इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर डॉ. अमित गहलोत, हनुमान सिंह, जयपाल सिंह, युवराज सिंह, उम्मेद सिंह, स्वरूप सिंह, प्रकाश सिंह, जसवंत सिंह, महिपाल सिंह गौतम, सुरेंद्र सिंह आदि राजस्थानी भाषा समर्थक मौजूद रहे।
एटा में स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम का आयोजन:बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया
एटा के जैथरा ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर कला में स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में नामांकित बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार करना और सीखने के प्रति उनकी रुचि विकसित करना था। इस कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की फाइनेंशियल लिटरेसी स्पेशलिस्ट डॉ. सारिका पुंढीर, आईसीडीएस मंडल कोऑर्डिनेटर संदीप तिवारी, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के जनपद समन्वयक तपन वर्मा और जनपद नोडल सोबरन सिंह शाक्य शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर को सजाया गया। विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों, खेल-आधारित शिक्षण सामग्री और रचनात्मक प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के वातावरण को सीखने के अनुकूल और रुचिकर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. सारिका पुंढीर ने इस अवसर पर कहा कि स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम बच्चों के शैक्षिक विकास की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों को विषयों की समझ बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आंगनवाड़ी और शिक्षा विभाग के सहयोग से ऐसे कार्यक्रमों को नवाचार को बढ़ावा देने वाला बताया। मंडल कोऑर्डिनेटर संदीप तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम बच्चों के शैक्षिक, मानसिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव तैयार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और घर पर सकारात्मक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया। जनपद समन्वयक तपन वर्मा ने जानकारी दी कि स्कूल रेडिनेस फेज-2 के तहत बच्चों की भाषा, गणितीय क्षमता, रचनात्मकता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानाचार्य विपिन ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय और समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान एवं अन्य अतिथियों ने विद्यालय द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने एवं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। समन्वय से संचालित यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु सामूहिक सहयोग का आह्वान किया गया।इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमद पुर के प्रधानाचार्य विपिन, शिव नाडर एजुकेशन फाऊंडेशन ग्राम प्रधान युनुस खान सीडीपीओ, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर कमलेश ,सुशीला आंगनबाड़ी रीमा यादव ,ओमप्रभा, सीमा, वीर वाला सुनीता सहित ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, जनपद एवं मंडल कोऑर्डिनेटर, विद्यालय प्रबंधन समिति एसएमसी के सदस्य, अभिभावकगण, प्रधान अध्यापक,एसआरजी विपिन शाक्य,राजीव यादव,शिक्षक गण एवं स्थानीय नागरिक व सैकड़ो अभिभावक उपस्थित थे।
कौशांबी में 15 मई को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने शैक्षिक भ्रष्टाचार और निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कौशांबी को सौंपा। इस प्रदर्शन में जिले भर से कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महंगी फीस और किताबों को लेकर आंदोलन जिला संयोजक शिवांशु शुक्ला ने बताया कि पिछले महीने भी ABVP ने निजी स्कूलों द्वारा महंगी फीस और किताबों को लेकर आंदोलन किया था। एक महीने का समय बीतने के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाना और प्रवेश शुल्क केवल एक बार लेना शामिल है। ABVP ने मांग की कि LKG छात्रों से 13,000 रुपये से अधिक लिए गए प्रवेश शुल्क को वापस कराया जाए। फीस वृद्धि रोकने के लिए नियम बनाने की अपील परिषद ने प्रशासन से निजी स्कूलों के लिए शुल्क निर्धारित करने और फीस वृद्धि रोकने के लिए कठोर नियम बनाने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें चलाई जाएं, क्योंकि निजी स्कूल अक्सर अपनी प्रकाशन की महंगी किताबें चलाते हैं। इसके अतिरिक्त, राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब और वंचित बच्चों के लिए आरक्षित 25% सीटों की जांच की मांग की गई, ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके। एडेड इंटर कॉलेजों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा के प्रावधान के बावजूद अवैध वसूली के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि BSA द्वारा केवल दो-तीन स्कूलों की जांच करके खानापूर्ति की गई और स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई। ये रहे मौजूद इस दौरान जिला संगठन मंत्री अश्वनी सिंह, प्रांत सह मंत्री शिव बाबू चौधरी, प्रांत एसएफडी संयोजक सुशील सोनकर, सिराथू तहसील संयोजक आनंद सिंह पटेल, पवन भट्ट, मंझनपुर नगर मंत्री दीपक राजपूत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव मिश्रा, मंझनपुर तहसील संयोजक बंश केसरवानी, चायल तहसील संयोजक प्रशांत मणि पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धौलपुर में बुधवार को एनएसयूआई ने नीट परीक्षा पेपरलीक मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों में बढ़ते आक्रोश के बीच, एनएसयूआई के ज़िलाध्यक्ष सचिन कसाना और यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष उज्ज्वल शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकालकर उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपरलीक मामलों से देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में भूरा मानपुर, जितेंद्र सिंह, परमहंस, हेमंत शर्मा, अमित लोधा, देशराज कसाना, दीपक चंदेला, अजय परमार, शैलेंद्र परमार, सूरज परमार, शिवा सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।
पटना के रवीन्द्र भवन के सभागार में 17 मई को प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) के 15वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में शिक्षा मंत्री से उनके सरकारी कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह समारोह एसोसिएशन की स्थापना (2011–2026) के 15 वर्षों की उपलब्धियों को समर्पित होगा। इस अवसर पर बिहार बोर्ड, CBSE एवं ICSE के कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों से जुड़े लगभग 1500 चयनित विद्यालयों के संचालकों को भी मंच पर सम्मान प्रदान किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों और संस्थानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
डूंगरपुर में राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) की जिला कमेटी ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को तुरंत वापस लेने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत खराड़ी ने बताया कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जून माह में तापमान अक्सर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती और संस्था प्रधानों के विवेकाधीन अवकाश में कमी करना तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीने के पानी और गर्मी से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं, जिससे जून में स्कूल चलाना विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। ज्ञापन में संगठन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को निरस्त कर पूर्ववत व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, पोषाहार (MDM) और ट्रांसपोर्ट वाउचर का लंबे समय से रुका हुआ भुगतान तुरंत करने, सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ लगाने, बिजली-पानी और कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा शिक्षकों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने सहित अन्य मांगों को भी उठाया गया। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन एक बड़े और तीव्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। शिक्षक पिछले काफी समय से ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
झांसी में शुक्रवार को शादी की रस्में पूरी होने के अगले ही दिन एक नवविवाहिता दुल्हन लाल जोड़ा पहनकर राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा देने पहुंची। हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर और शादी का जोड़ा पहने दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देखकर छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उत्सुक नजर आए। खास बात यह रही कि दूल्हा खुद अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने कॉलेज लेकर पहुंचा और उसका उत्साह बढ़ाया। देखिए दो तस्वीरें… समथर कस्बे की नवविवाहिता लाली कुमारी की शादी 14 मई को थी। शादी के अगले ही दिन लाली कुमारी लाल जोड़ा पहनकर परीक्षा देने राजकीय महाविद्यालय पहुंचीं। हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर और विवाह का जोड़ा पहने दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देखकर छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उत्सुक नजर आए। सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा खुद चार पहिया वाहन चलाकर अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने लेकर पहुंचा। नवदंपति का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विदाई से पहले परीक्षा को दी प्राथमिकता समथर कस्बे के ग्राम छेंवटा निवासी लाली कुमारी बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। उनकी शादी मोठ तहसील के ग्राम सिमरिया निवासी रविंद्र कुमार के साथ 14 मई को संपन्न हुई। विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद अगले दिन छठवें सेमेस्टर के राजनीतिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी। ऐसे में लाली ने विदाई से पहले परीक्षा देने का निर्णय लिया। दूल्हा खुद लेकर पहुंचा परीक्षा केंद्र शुक्रवार सुबह रविंद्र कुमार स्वयं कार चलाकर अपनी नवविवाहिता पत्नी को परीक्षा केंद्र लेकर पहुंचे। कॉलेज परिसर में जब लाल जोड़े में दुल्हन पहुंची तो वहां मौजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी हैरान रह गए। लोगों ने शिक्षा के प्रति लाली के समर्पण और दूल्हे के सहयोगात्मक व्यवहार की सराहना की। दुल्हन लाली कुमारी ने कहा - शिक्षा उनके जीवन का अहम हिस्सा है और वह शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा छोड़ना उन्हें उचित नहीं लगा, इसलिए विवाह की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने पहले परीक्षा देने का फैसला किया। लाली ने कहा कि यदि परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां हर जिम्मेदारी के साथ अपनी शिक्षा भी पूरी कर सकती हैं। दूल्हे रविंद्र कुमार ने कहा - महिलाओं और बेटियों की शिक्षा समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी लड़कियों को अपने सपनों और पढ़ाई को जारी रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। रविंद्र ने बताया कि उन्होंने सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकनी चाहिए। नवदंपति की इस पहल की महाविद्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने सराहना की। क्षेत्र में यह घटना शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बिहार सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को 15 IAS अधिकारियों का तबादला और नई पदस्थापना का आदेश जारी किया। जारी अधिसूचना के तहत कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, सचिव और प्रमंडलीय आयुक्तों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। विनोद सिंह गुंजियल को शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। पंकज पाल को पथ निर्माण विभाग का सचिव बनाया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर और गुंजन सिंह को संयुक्त सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थापित किया है। इसके अलावा शुभम कुमार को नालंदा से ट्रांसफर कर पटना जिला परिषद का उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। सरकार ने कई प्रमंडलीय आयुक्तों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी है। विनोद सिंह गुंजियाल से जुड़े कुछ विवाद इसके पहले 16 IPS और 12 IAS का ट्रांसफर हुआ था 4 दिन पहले बिहार के 16 IPS और 12 IAS का ट्रांसफर हुआ था। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, कई IPS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सरकार ने कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, तकनीकी सेवाएं और विशेष शाखा जैसे अहम विभागों में बदलाव किए हैं। विकास वैभव इससे पहले बिहार राज्य योजना परिषद में सलाहकार के पद पर थे। नए तबादले में उन्हें पुलिसिंग की जिम्मेदारी दी गई है। विकास वैभव पहले भी काफी चर्चा में रहे हैं। 2023 में उनका तत्कालीन डीजी शोभा अहोटकर के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक वेटिंग में रखा गया था। बाद में उन्हें दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया था। पहले ट्रांसफर हुए IPS की सूची देखिए नीतीश के विश्वासी का निशांत के विभाग में तबादला 7 मई को सम्राट कैबिनेट का विस्तार हुआ और नीतीश कुमार के बेटे निशांत को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। अब निशांत कुमार के विभाग को चलाने के लिए सम्राट सरकार ने नीतीश कुमार के सबसे विश्वासी अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग में तैनात किया है। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं। उनके विभाग को चलाने के लिए बिहार के सीनियर IAS अधिकारी कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। अमित कुमार जैन को मिली आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जिम्मेदारी अमित कुमार जैन को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में नई जिम्मेदारी मिली है। 1994 बैच के IPS डॉ. परेश सक्सेना को महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा बनाया गया है। निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी दी गई है। 1996 बैच के प्रमांशु कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था बनाया गया है। पुलिस महानिदेशक बने नैयर हसनैन नैयर हसनैन खान को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। कमल किशोर सिंह को रेल विभाग का एडीजी बनाया गया है। 1997 बैच के अजीताभ कुमार को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, संजय सिंह को बजट, अपील एवं कल्याण विभाग का एडीजी बनाया गया है और उन्हें सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। संचार विभाग में गए अमित लोढ़ा 1998 बैच के अमित लोढ़ा को तकनीकी सेवाएं एवं संचार विभाग में भेजा गया है। अमृत राज को साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। इसके अलावा क्षत्रनील सिंह को गृह विभाग की विशेष शाखा में विशेष सचिव बनाया गया है। पी. कन्नन को आईजी प्रोविजनिंग और आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी दी गई है। रंजीत कुमार मिश्रा को अपराध अनुसंधान विभाग में पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं संजय कुमार को विशेष शाखा, बिहार पटना का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। सरकार का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। अब जानिए किस IAS का हुआ ट्रांसफर चंद्रशेखर को मिली जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सीएम सचिवालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग भेजा गया है। हालांकि, इनके पास IPRD का प्रभार बना रहेगा। स्वास्थ्य सचिव लोकेश सिंह की सीएम सचिवालय में एंट्री हुई है। वह सीएम सचिवालय के सचिव पद के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। उनके पास पर्यटन और विज्ञान प्रौद्योगिक एवं तकनीकी शिक्षा जिम्मेदारी भी रहेगी। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल को आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मल्ल को स्थानीय आयुक्त कार्यालय का ओसीडी का चार्ज दिया है। पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण के ACS एचआर श्रीनिवास को समाज कल्याण भेजा गया है। उद्योग विभाग सचिव कुंदन कुमार बिहार भवन के स्थानीय आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव को ऊर्जा सचिव बनाया गया है। कला संस्कृत विभाग के सचिव प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग का सचिव बनाया गया है। वे भवन निर्माण निगम के प्रभार में रहेंगे। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह को बिहार भवन के स्थानीय आयुक्त बनाया गया है।
देवघर में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और झारखंड छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के स्थानीय टावर चौक पर बड़ी संख्या में जुटे छात्रों और संगठन के सदस्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान पूरे इलाके में काफी देर तक राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज रहीं। इस प्रदर्शन में झारखंड छात्र मोर्चा के अलावा कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश शाह और छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजा कुमार सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजा कुमार ने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनके अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आती है तो छात्रों का मनोबल टूट जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के बजाय लगातार अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ सकता है। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
PM मोदी की अपील के बाद बिहार में आज सरकार नो व्हीकल डे मना रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी CM हाउस से 50 मीटर की दूरी तय कर सचिवालय तक पैदल गए। RLM सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश भी अपने सरकारी आवास से सचिवालय पैदल चले। उन्होंने लगभग 1 KM की दूरी तय की। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज ई रिक्शा से सचिवाल पहुंचे। उन्होंने इस दौरान अपने समर्थकों के साथ भारत माता जय के नारे भी लगाए। खगड़िया में DM-SP के साथ बाकी अधिकारी भी साइकिल से अपने दफ्तार पहुंचे। इनके साथ सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर ही दिखाई दिए। गयाजी रेलवे स्टेशन के बाहर RPF जवान भी साइकिल से गश्ती करते नजर आए। CM की पहल के बाद भी सचिवालय परिसर में 1700 बाइक और करीब 250 कार पार्क की गई हैं। सरकार के नो व्हीकल डे की तस्वीरें देखिए… मंत्रियों के बाद अफसर भी साइकिल पर उतरे CM बोले- प्राइवेट और सरकारी ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू हो गुरुवार को पटना से दरभंगा जाने के दौरान CM 3 गाड़ियों से एयरपोर्ट पहुंचे थे। इससे पहले उनके कारकेड में 19 गाड़ियां होती थीं। दरभंगा के कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से अपील की थी कि, लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। प्राइवेट और सरकारी ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाए। मंत्री और जनप्रतिनिधि अपनी गाड़ियों को कम करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे रखा जाए। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए… बिहार में 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल:अब पेट्रोल 108 रुपए, डीजल 94 रुपए हुआ, कारोबारी बोले- इतनी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं थी अमेरिका और ईरान की जंग के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई है। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। शुक्रवार 15 मई, 2026 को पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। बिहार में अब पेट्रोल की कीमत पटना में 108.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। गुरुवार तक पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपए प्रति लीटर थी। वहीं डीजल के दाम भी बढ़े हैं अब पटना में डीजल की कीमत 94.65 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि कल तक डीजल की कीमत 91.65 रुपए प्रति लीटर थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। पूरी खबर पढ़िए
नीट पेपर लीक : मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
महासमुंद| नीट पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। चंद्राकर ने कहा कि 23 लाख छात्रों का भविष्य राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत की भेंट चढ़ गया है। 2017 से 2026 तक बार-बार होते पेपर लीक तंत्र की नाकामी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि परीक्षा से 42 घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर बिक रहे थे, फिर भी सिस्टम सोया रहा। आप ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों को मुआवजे और तत्काल जेपीसी गठन की मांग की है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान स्कूल शिक्षा की ओर से शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेशभर के खंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षामंत्री मदन दिलावर के नाम ज्ञापन सौंपे गए। गिड़ा खंड में बड़ी संख्या में शिक्षक तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन गिड़ा खंड महामंत्री नरपतराम जांगिड़, कोषाध्यक्ष रामसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में हुआ। शिक्षक नेता प्रेमसिंह भाटी पांचला ने बताया कि कई बार वार्ता, निवेदन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। शिक्षकों में रोष है। ज्ञापन में ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखने की मांग रखी गई। सत्र 2026-27 के शिक्षण कैलेंडर में संशोधन की मांग उठाई गई। तृतीय वेतन श्रृंखला सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग रखी गई। तृतीय श्रेणी सहित सभी शिक्षकों के स्थानांतरण करने की मांग उठाई गई। वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करने की मांग रखी गई। ज्ञापन में वर्ष 2019 से उन्नयनित विद्यालयों में पद सृजित कर स्थानांतरण करने की मांग भी शामिल रही। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग रखी गई। ओल्ड पेंशन स्कीम संबंधी चुनावी वादा पूरा करने की मांग उठाई गई। संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान प्रधानाचार्य गुणेश कुमार हुड्डा, बलीराम मीणा, व्याख्याता अचलाराम, मूलाराम, अनवर खां, भूराराम, सोनाराम सारण, मनोहरसिंह, खुमाराम सारण, तेजाराम सारण, किशनपुरी गोस्वामी, पारसराम भील, जेठाराम गौड़, हनुमानराम सारण, ताराचंद मेघवाल, राजेंद्र मीणा आदि मौजूद रहे।
आज की शिक्षा पद्धति ढोंग, प्राचीन भारत का ज्ञान तंत्र समृद्ध : कृष्णचंद्र ठाकुर
उदयपुरकोटा | कॉमर्स कॉलेज में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन कृष्णचंद्र ठाकुर ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति केवल ढोंग बनकर रह गई है, जबकि प्राचीन भारत का ज्ञान तंत्र अत्यंत समृद्ध था। परमात्मा एक और सर्वव्यापक है। कथा में शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया गया। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कन्यादान और पाणिग्रहण संस्कार हुए। श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह की मनमोहक झांकी सजाई गई। मेवाड़ की वीरता का भी वर्णन हुआ। महंत अशोक तिवारी ने बताया कि आयोजन में पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह, पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, सुरेंद्र विजय आदि शामिल हुए। गोपी-उद्धव संवाद सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए और भजनों पर जमकर झूमे।
पिंजरापोल गोशाला सांगानेर में संचालित वेद विद्यालय के नए भवन निर्माण का गुरुवार को शिलान्यास हुआ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि महाराज के सान्निध्य में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिलान्यास कार्यक्रम किया गया। भवन निर्माण कार्य अगले 18 महीनों में पूरा कर दिया जाएगा, जिस पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्चे होंगे। विद्यालय भवन दो चरणों में तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग 200 विद्यार्थियों के अध्ययन और आवास की व्यवस्था होगी। पहले चरण में करीब 100 विद्यार्थियों के लिए भवन निर्माण किया जाएगा। विद्यालय में विद्यार्थियों को चारों वेदों का अध्ययन कराया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक विषयों में अंग्रेजी, कंप्यूटर, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और संस्कृत व्याकरण की शिक्षा भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता, भागवत पुराण सहित भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों का ज्ञान भी कराया जाएगा। इस दौरान पिंजरापोल गोशाला के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल, महामंत्री शिवरतन चितलांगिया, संयुक्त सचिव विवेक लड्ढा, भामाशाह कैलाश कानोडिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान पुणे के देशभर में 50 वेद विद्यालय संचालित, जयपुर में पहला होगा महर्षि वेद व्यास प्रतिष्ठान के तत्वावधान में देशभर में 50 वेद विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इस सहित राजस्थान में भी पांच विद्यालय संचालित हैं। पिंजरापोल गोशाला में पिछले दो साल से 20 विद्यार्थियों के साथ वेद विद्यालय संचालित किया जा रहा है। अब विद्यार्थियों की संख्या और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। 5 बीघा जमीन में बनेगा। 16 कमरें, रसोई, मंदिर, लाइब्रेरी। एक कमरें में 14 बच्चे रहेंगे। वेद विद्यालय में आमजनों के लिए भी गीता व श्रीमद भागवत कथा, रामायण व महाभारत का अध्ययन करवाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक 18 मई को स्पष्टीकरण सहित तलब:हाईकोर्ट आधी-अधूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर नाराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक उप्र लखनऊ को स्पष्टीकरण के साथ 18 मई को तलब किया है । यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुशील कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को बीएसए मऊ की तरफ से अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया। प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर सवाल उठा। हाईकोर्ट ने निदेशक से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज नहीं है जारी प्रमाणपत्र और बी एस ए का कहना है कि उनके हस्ताक्षर नहीं है। देखना चाहिये कि क्या उचित है कोर्ट ने इस जानकारी को बिना विवेक का इस्तेमाल किए दिया गया माना कहा स्थापित कानून हैं कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज न होने के आधार पर किसी के दावे को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के सुबोध कुमार प्रसाद केस का हवाला दिया।कहा निदेशक की दी गई जानकारी सही नहीं है। उस बी एस ए का नाम नहीं लिखा जिसने हस्ताक्षर किए थे और जिससे पूछताछ की गई थी। कोर्ट ने कहा निदेशक को जानकारी उपलब्ध कराने के पहले खुद देखना चाहिए कि जानकारी उचित है या नहीं। कोर्ट ने कहा ऐसे उच्च अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि वह तथ्यों की गहन जांच करके आगे बढाये ।जिस पर कोर्ट ने अपने आचरण के स्पष्टीकरण के साथ बेसिक शिक्षा निदेशक को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
लखनऊ में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने गुरुवार को NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU) के गेट नंबर-1 के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग की। SFI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि NTA राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने में लगातार विफल रही है। संगठन ने कहा कि 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने 'NTA भंग करो' और 'छात्र विरोधी नीतियां बंद करो' जैसे नारे लगाए। पेपर लीक होना यह पहली घटना नहीं है SFI बीबीएयू इकाई के सचिव सपन ने बताया कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक होना यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। सपन ने इन बार-बार होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। संयुक्त सचिव मंजेश ने आरोप लगाया कि 2021 और 2024 में भी NEET परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए थे, और UGC NET परीक्षा भी विवादों में रही। उन्होंने कहा कि सरकार NTA को बचाने का प्रयास कर रही है और एजेंसी में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है। मंजेश ने जांच के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा दी SFI के सचिव मंडल सदस्य अंकित ने बताया कि इस वर्ष 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की कड़ी मेहनत और मानसिक दबाव के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं। अंकित ने जोर दिया कि लगातार हो रहे पेपर लीक छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं।
किशनगंज जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अत्यधिक दूरी से उपस्थिति दर्ज करने के मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में 07 शिक्षकों और शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि 14 मई को ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ शिक्षकों द्वारा 100 किलोमीटर से अधिक दूरी से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। पोर्टल के आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षक और शिक्षिकाएं किशनगंज जिले से बाहर रहते हुए अपनी 'मार्क ऑन ड्यूटी' बना रहे थे। दो दिनों के भीतर मांगा जवाब इस प्रकार की गतिविधि को विभागीय नियमों के विरुद्ध बताते हुए, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे फर्जीवाड़ा, अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक करार दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सभी संबंधित शिक्षकों को दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जिन शिक्षकों और शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, पोठिया के विद्यालय अध्यापक सहादत हुसैन अंसारी; म०वि० भोगडाबर, ठाकुरगंज के विशिष्ट शिक्षक मो० नाहिद रजा; उ०म०वि० डांगीबस्ती, ठाकुरगंज की विद्यालय अध्यापिका सोनम राय; न०प्रा०वि० गिधिन गोला पासवान टोला, ठाकुरगंज के विशिष्ट शिक्षक प्रवीण कुमार; उ०म०वि० दुराघाटी, ठाकुरगंज के प्रधानाध्यापक महबूब आलम; उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचौंदी, ठाकुरगंज के विद्यालय अध्यापक लोकेश कुमार; और म०वि० बनगामा, बहादुरगंज, जिला-किशनगंज के प्रखंड शिक्षक असगर बेलाल शामिल हैं। शिक्षकों-शिक्षिकाओं को पत्र जारी कर निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय आरोप पत्र गठित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
नीट पेपर लीक पर NSUI ने सरकार को घेरा:जिलाध्यक्ष ने की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
झाबुआ में नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले पर एनएसयूआई ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने एक प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार और परीक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए 'नीट 2026 न्याय अभियान' शुरू करने की घोषणा की। अमलियार ने कहा कि लाखों छात्र सुनहरे भविष्य की उम्मीद में इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था ने उनकी मेहनत और आकांक्षाओं को प्रभावित किया है। उन्होंने सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से अब तक कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे छात्रों का विश्वास टूटा है। अमलियार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। एनएसयूआई ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की। इसके साथ ही, प्रभावित छात्रों को मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता, कानूनी सहायता और आर्थिक मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की गई ताकि वे तनाव से उबर सकें। अमलियार ने यह भी कहा कि नई परीक्षा के आयोजन की स्थिति में सरकार को छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन, ठहरने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित छात्रों से इस कथित भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया और कहा कि एनएसयूआई न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
NEET-2026 परीक्षा में पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार शाम दतिया में कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। जिला कांग्रेस कमेटी ने किला चौक पर प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र पर जमकर निशाना साधा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि NEET पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। जिलाध्यक्ष बोले- युवाओं का भरोसा कमजोर हुआजिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं और परिवार अपनी जमा पूंजी खर्च कर देता है, लेकिन परीक्षाओं की निष्पक्षता लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। किला चौक पर कुछ देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
जैसलमेर जिले के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्री परिसर में जुटे थे। शिक्षकों ने राजस्थान सरकार की नीतियों और नौकरशाही के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले की तरह 45 दिन का करने की मांग की। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग में ऑनलाइन काम का बोझ हटाने, संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित करने, RGHS (स्वास्थ्य सुविधा) में आ रही बाधाओं को दूर करने की भी मांग उठाई। मांगें नहीं मानने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट परिसर में की नारेबाजी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनोप सिंह सोनू ने कहा-हम लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संवाद कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और विभाग की ओर से केवल उदासीनता मिल रही है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इन मांगों पर अड़े शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश शिक्षकों का अधिकार है, जिसे 'शिविरा कैलेंडर' में बदलाव कर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण शिक्षकों का ध्यान मूल शिक्षण कार्य से हटकर केवल कागजी कार्रवाई में उलझ गया है। उग्र आंदोलन की चेतावनी दी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा न ले। वर्तमान में राजस्थान के लाखों शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने गुरुवार को विराटनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पीएम श्री राजकीय माध्यमिक स्कूल, उप जिला अस्पताल, मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया। शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर का जायजा लियास्कूल में कलेक्टर ने शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं प्रेरणादायी बनाए रखने के निर्देश दिए। हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कीउप जिला अस्पताल विराटनगर के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर चिकित्सा सुविधाओं पर प्रतिक्रिया ली। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने लू तापघात वार्ड, जनरल वार्ड सहित अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया। मरीजों को समय पर उपचार, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आमजन को त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। दौरे के दौरान, जिला कलेक्टर ने नगर पालिका द्वारा संचालित मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का निरीक्षण किया। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन और कचरे के पृथक्करण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वच्छता कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण कर उसके संचालन की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम कपिल कुमार उपाध्याय, तहसीलदार लालाराम यादव, अधिशासी अधिकारी फतेह सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रामानुजगंज में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन को लरंगसाय चौक पर हुआ। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देश और राष्ट्रीय सचिव प्रतीक सिंह के मार्गदर्शन में यह विरोध प्रदर्शन जिला उपाध्यक्ष निशांत चौबे के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में लगातार हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं जिला उपाध्यक्ष निशांत चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एनएसयूआई छात्रों की आवाज उठाती रहेगी। प्रदर्शन में एनएसयूआई के इंतखाब अंसारी, सन्नी सिंह, क्षितिज गुप्ता, हदीश अंसारी, अभिषेक केशरी, मुर्तुजा, आकाश तिवारी, अविनाश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
निदेशालय माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के सहायक निदेशक रामनिवास ने पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दुर्गापुरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण में स्कूल के 20 में से 18 लोक सेवक उपस्थित पाए गए, जबकि व्याख्याता प्रहलाद गौतम परिवर्तित अवकाश पर और वरिष्ठ सहायक जय कुमार राठौर आकस्मिक अवकाश पर थे। स्कूल में अध्ययनरत कुल 576 विद्यार्थियों में से 343 उपस्थित मिले। सहायक निदेशक ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अध्ययन व्यवस्था की समीक्षा की। कक्षा 2 में 13 में से 7, कक्षा 7 में 40 में से 20 तथा कक्षा 11 में 41 में से 28 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान स्कूल पुस्तकालय का भी अवलोकन किया गया। बताया गया कि इस माह लाइब्रेरी में उपलब्ध 2045 पुस्तकों में से 210 पुस्तकें विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए वितरित की गई हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से निर्धारित मीनू के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूल प्रशासन ने जानकारी दी कि अब तक 62 विद्यार्थियों का ऑनलाइन नवप्रवेश किया जा चुका है। प्रार्थना सभा में सहायक निदेशक ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नामांकन वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने संस्था प्रधान डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा को नियमानुसार समय विभाग चक्र तैयार करने, विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में गृहकार्य देने तथा विषयाध्यापकों को दिनांक सहित हस्ताक्षर कर सप्ताह में चार से पांच बार गृहकार्य जांचने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, संस्था प्रधान को भी सप्ताह में कम से कम एक बार गृहकार्य की जांच कर मुद्रा सहित हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए गए, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक बालचंद कारपेंटर भी मौजूद रहे।
बूंदी के नैनवां में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को नैनवा अध्यक्ष पंकज जैन और मंत्री देवराज गुर्जर के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था को बचाने और अधिकारियों के कथित भेदभावपूर्ण रवैए के विरोध में किया गया। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाशों को यथावत रखने और उनमें किसी प्रकार की कटौती न करने की बात कही गई। शिक्षकों ने सत्र 2026-27 के लिए जारी शिविरा कैलेण्डर में संशोधन की मांग भी की। इसके अतिरिक्त, आठ साल से बंद तृतीय वेतन श्रृंखला सहित शेष सभी संवर्गों के स्थानांतरण करने और तृतीय श्रेणी शिक्षकों की विगत वर्षों से लंबित पदोन्नतियों को पूरा करने की मांग भी शामिल थी। शिक्षकों ने यह भी मांग की कि 2019 से अब तक क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी की जाए। स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन किया जाए। साथ ही, शिक्षकों को सभी गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने और आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) को सुचारू रूप से जारी रखने की बात भी उठाई गई। अन्य मांगों में प्रबोधक एवं तृतीय वेतन श्रृंखला शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर करना, संविदा शिक्षकों को नियमित करना, संगठन के लंबित मांगपत्र के बिंदुओं पर चर्चा कर समाधान करना शामिल था। मॉडल स्कूल के शिक्षकों के लिए समय पर बजट उपलब्ध कराने और शारीरिक शिक्षकों का स्थायीकरण करने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। इस प्रदर्शन के दौरान जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुगन मीणा, जिला उप सभाअध्यक्ष ज्ञानचंद जैन, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम मीणा, नैनवा उपाध्यक्ष कालूलाल गुर्जर, महिला मंत्री निर्मला जायसवाल, मीडिया प्रभारी शान मीणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश मीणा, सभाअध्यक्ष कन्हैयालाल चौपदार, कोषाध्यक्ष धोलूलाल मीणा, उप सभाअध्यक्ष रामकेश और दुर्गाशंकर मीणा, राजाराम मीणा, रामपाल मीणा, मोहन जायसवाल, कृष्णगोपाल नोगिया, नाथूलाल बैरवा, रामधन चौधरी, बुद्धि प्रकाश चौधरी, मोहन प्रजापत, अरविंद वर्मा, महेशनारायण शर्मा, अक्षय जैन, ओमप्रकाश नागर, कैलाश गुर्जर, रविन्द्र गुर्जर, सोनू नामा, गायत्री सोनी, शबाना, प्रिया सहित कई अन्य पदाधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे। कंटेंट: अश्विनी शर्मा, नैनवां
शिक्षकों ने विभाग पर हठधर्मिता का लगाया आरोप:कहा- शिक्षा व्यवस्था और भविष्य प्रभावित हो रहा
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खंड जवाजा एवं ब्यावर नगर के शिक्षकों ने गुरुवार को ब्यावर में उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की मनमानी और उदासीन रवैये के खिलाफ अपनी लंबित मांगों को उठाया। कार्यक्रम का नेतृत्व खंड अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत एवं मुकेश प्रजापति ने किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभाग की हठधर्मिता के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि नवाचार के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। एसडीएम को सौंपा ज्ञापनमहासंघ के मंत्री हेमराज कोटड़ा ने बताया कि शिक्षक प्रशासनिक विसंगतियों और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सेवा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों के अवकाश में कटौती की जा रही है। इसके अलावा तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्षों से लंबित है और पिछले 8 सालों से तबादले नहीं किए गए हैं। ज्ञापन में 33 हजार संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण, पदोन्नत कार्मिकों की पारदर्शी काउंसलिंग, रिक्त पदों को उचित रूप से भरने, RGHS सुविधा पुनः बहाल करने, कंप्यूटर अनुदेशक कैडर में सुधार करने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों एवं अनावश्यक ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स से मुक्त करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह चौहान ने कहा कि संगठन द्वारा कई बार सरकार एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष मांगें रखी गईं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण शिक्षकों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
ब्यावर में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में गुरुवार को नीट-2026 परीक्षा के पेपर लीक और इसे रद्द करने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य राजमार्ग पर मानव शृंखला बनाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन पहले जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर होना था, लेकिन जिला कलेक्टर के पिता के आकस्मिक निधन के कारण कांग्रेस ने प्रदर्शन स्थल को मुख्य राजमार्ग पर स्थानांतरित कर दिया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के पिता के निधन पर दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजमार्ग पर मानव शृंखला बनाकर रास्ता जाम किया और भाजपा सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और आमजन भी शामिल हुए। जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी ने नीट परीक्षा के पेपर लीक को केंद्र सरकार की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की मिलीभगत से परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हुआ, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। चौधरी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पारस पंच ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की।
धौलपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार लंबे समय से लंबित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है, जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इन समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। महासंघ ने मांग की है कि शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखे जाएं और ग्रीष्मावकाश में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। इसके अतिरिक्त द्वितीय वेतन श्रृंखला सहित सभी वेतन विसंगतियों को दूर करने, शिक्षकों के बिना बाधा स्थानांतरण करने और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने, संविदा शिक्षकों को नियमित करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी और कई शिक्षक मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने गुरुवार को NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और उनके इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन गांधी मैदान में आयोजित किया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। NSUI ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में NEET पेपर लीक जैसी गंभीर घटना सामने आई है। उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। NSUI जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित NEET परीक्षा में यह 90वीं बार पेपर लीक का मामला सामने आया है। NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। देवांगन ने दावा किया कि पेपर लीक के तार अक्सर राजस्थान और भाजपा के केंद्रीय नेताओं से जुड़े होते हैं, लेकिन कोई प्रभावी जांच नहीं होती या उसके परिणाम सार्वजनिक नहीं किए जाते। उन्होंने सरकार पर छोटे लोगों पर कार्रवाई करने और 'बड़े मगरमच्छों' को बचाने का आरोप लगाया, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय सह-संयोजक ओमप्रकाश मानिकपुरी ने कहा कि नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भी बर्खास्त करने की मांग की।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 14 मई को रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसकी पुष्टि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए की। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड का पूरा स्टाफ लगा हुआ है। वहीं 14 मई तक रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। 12वीं कक्षा रिजल्ट पहले घोषित करने का कारण यही था कि 12वीं के बाद बच्चों को दूसरे कॉलेज, यूनिवर्सिटी आदि जगह एडमिशन लेकर अपने भविष्य के लिए फैसला करना होगा। इसलिए पहले 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। वहीं बाद में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। इस बार 10वीं कक्षा में 2 लाख 78 हजार 334 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। पिछली बार 92.49 फीसदी रहा था रिजल्टहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पिछली बार 17 मई 2025 को 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया था। उस दौरान सेकेंडरी (शैक्षिक) नियमित परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम 92.49 फीसदी तथा स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का परिणाम 73.08 फीसदी रहा है। 10वीं (शैक्षिक) नियमित परीक्षा में 271499 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हुए थे, जिनमें से 251110 उत्तीर्ण हुए तथा 5737 परीक्षार्थियों का परिणाम (E.R.) एसेंशियल रिपीट रहा था। 129249 प्रविष्ठ छात्राओं में से 121566 पास हुई, इनकी पास प्रतिशतता 94.06 रही, जबकि 142250 छात्रों में से 129544 पास हुए, इनकी पास प्रतिशतता 91.07 रही थी। राजकीय विद्यालयों की पास प्रतिशतता 89.30 तथा प्राईवेट विद्यालयों की पास प्रतिशतता 96.28 रही थी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 92.35, जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 92.83 रही थी। 12वीं का रिजल्ट 84.67% रहाहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने मंगलवार (12 मई) को 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। इस बार पास प्रतिशत 84.67% रहा। स्टेट टॉपर्स के पहले तीन स्थानों पर चार लड़कियों ने कब्जा जमाया। इस साल 12वीं की परीक्षा में कुल 2 लाख 42 हजार 856 छात्र बैठे। जिनमें से 2 लाख 5 हजार 618 पास हुए। 10 हजार 498 छात्र फेल हो गए। इस रिजल्ट में लड़कियों का पास % लड़कों से 6.52% अधिक रहा। लड़कियां का पास प्रतिशत 87.97% और लड़कों का पास प्रतिशत 81.45% रहा।
गोंडा में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय को गुरुवार को उनके इटियाथोक स्थित आवास पर नजरबंद कर लिया गया। वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ लखनऊ में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें लखनऊ जाने से रोका है। इसके विरोध में शिवम पांडेय अपने घर के पास ही 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' की तख्ती लेकर धरने पर बैठ गए हैं। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मौके पर इटियाथोक कोतवाल भी पहुंचे। पांडेय ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर NTA के खिलाफ लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। उनका आरोप है कि लगातार पेपर रद्द होने से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिवम पांडेय ने बताया कि उन्हें रात से ही पुलिस ने नजरबंद कर रखा है। उन्होंने कहा, NTA द्वारा बार-बार पेपर रद्द करके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मैं पुलिस प्रशासन से मांग करता हूं कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए मुझे इस प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उनके बच्चे भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, मैं उनकी लड़ाई लड़ने के लिए लखनऊ जा रहा हूं। उनके आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस को आगे करके मुझे लखनऊ जाने से रोका जा रहा है जबकि मैं बच्चों की आवाज उठाने के लिए जा रहा हूं कोई और काम करने के नहीं जा रहा हूं मैं लगातार प्रशासन के लोगों से मांग कर रहा हूं लेकिन कोई हमारी सुनने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने जलाया शिक्षा मंत्री का पुतला
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट 2026 पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला जलाया। प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेस ने कहा कि नीट का पेपर बार-बार लीक हो रहा है। इससे पहले ओएमआर शीट में धांधली भी सामने आई थी। इसे युवाओं के साथ खिलवाड़ बताया। गोदारा ने कहा कि नीट का पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के लिए परीक्षा दी थी। महंगाई के दौर में उन परिवारों के बच्चे भी शामिल थे, जिनके लिए पढ़ाई कराना मुश्किल होता है। घर वाले गहने बेचकर, जमीन बेचकर या गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ने बाहर भेजते हैं। परीक्षा के बाद पता चले कि पेपर लीक से परीक्षा रद्द हुई। ऐसे में परिवारों और परीक्षार्थियों पर क्या गुजरती होगी। गोदारा ने कहा कि हर मोर्चे पर बीजेपी सरकार विफल हो रही है। किसान, युवा, महिला, पेंशनधारी परेशान हैं। सरकार की ओर से आयोजित परीक्षा का इस तरह लीक होना सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द कार्रवाई करे। निष्पक्षता से दोषियों को सजा दे। इसमें लिप्त सभी लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। आगे कोई ऐसी करतूत करने की सोच भी न सके।
बड़वानी जिला मुख्यालय के कारंज चौराहे पर बुधवार शाम युवक कांग्रेस और एनएसयूआई ने नीट परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वयं परीक्षा में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है, इसलिए शिक्षा मंत्री को पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीबीआई जांच और महानिदेशक को हटाने पर सवाल सचिन यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने पहले नीट के महानिदेशक का बचाव किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश स्वयं इस बात का प्रमाण है कि धांधली बड़े स्तर पर हुई है। सचिन यादव ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करें। कारंज चौराहे पर जुटे कार्यकर्ता शाम 6:30 बजे हुए इस प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े, नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव और एनएसयूआई अध्यक्ष असरफ मंसूरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भीलवाड़ा में विद्या भारती शिक्षा संस्थान के लेखा सहायक (अकाउंट असिस्टेंट) को गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि अकाउंटेंट असिस्टेंट ने डिजिटल साइन का दुरुपयोग कर 12.81 लाख रुपए पर्सनल खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऑडिट के दौरान मामला खुल गया। बता दें कि शहर के शास्त्रीनगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में संस्थान संचालित होता है। लाखों का गबन सामने आने के बाद संस्थान के पदाधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। यह था मामला शहर कोतवाल हनुमान सिंह ने बताया- संस्थान के सचिव देवराज सिंह राणावत ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। इसमें बताया कि जनवरी 2019 में नया पटेलनगर निवासी विजय बहादुर सिंह पुत्र बोदू सिंह सोलंकी को अकाउंट्स के काम के लिए नियुक्त किया था। डिजिटल साइन का गलत इस्तेमाल किया अप्रैल 2022 से मार्च 2025 के बीच भविष्य निधि (PF) से संबंधित सभी लेन-देन की जिम्मेदारी विजय बहादुर सिंह पर ही थी। हाल ही में जब अधिकारियों ने ऑडिट किया तो पता चला कि विजय बहादुर सिंह ने अधिकारियों के विश्वास का फायदा उठाकर और डिजिटल हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया और संस्थान के पीडी खाते से राशि निकाल ली। अपने अकाउंट में ट्रांसफर किए रुपए आरोपी ने अलग-अलग फर्जी बिलों के कुल 12 लाख 81 हजार 591 रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (इंडस्ट्रियल स्टेट शाखा, भीलवाड़ा) स्थित अपने निजी अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने संस्थान की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जबलपुर लोकायुक्त टीम ने सिवनी जिले के धनौरा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को योगेश देशमुख के निर्देश और मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार सिरसाम (43) निवासी ग्राम छुई, जिला सिवनी, वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा, विकासखंड धनौरा में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़, विकासखंड छपारा में पदस्थ थे, जहां उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद उनकी पदस्थापना सुनवारा विद्यालय में हुई थी। देवेंद्र सिरसाम की 14 माह की निलंबन अवधि का लगभग 1 लाख 65 हजार रुपए का जीवन निर्वाह भत्ता लंबित था। इस राशि के भुगतान के लिए उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे से संपर्क किया। आरोप है कि कुमरे ने फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के एवज में 32 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। सिरसाम ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी कर्मचारी 25 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमत हो गया। तय योजना के तहत, बुधवार 13 मई 2026 को लोकायुक्त टीम ने धनौरा विकासखंड अधिकारी कार्यालय में कुमरे को आवेदक से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अरुण कुमार कुमरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ट्रैप दल में निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल थी।
युवा कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:नीट धांधली के विरोध में झाबुआ में प्रदर्शन
नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से झाबुआ के आदिवासी अंचल के छात्र और अभिभावक परेशान हैं। इसी के विरोध में आज झाबुआ जिला युवक कांग्रेस ने राजगढ़ नाके पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नटवर डोडियार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी प्रताप पटेल ने इस चूक के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की गलती ने हजारों परिवारों के बच्चों के भविष्य के सपनों को प्रभावित किया है, जिन्होंने अपने बच्चों के लिए काफी त्याग किया था। झाबुआ जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले में यह केवल एक परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि उन छात्रों के सपनों का टूटना है जिन्होंने गरीबी से बाहर निकलने के लिए डॉक्टर बनने का मार्ग चुना था। जिले के कई किसान और मजदूर परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई और जमीनें गिरवी रखकर या कर्ज लेकर अपने बच्चों को बड़े शहरों में कोचिंग के लिए भेजा था। विशेष रूप से उन मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों में भारी निराशा है, जिन्हें सरकारी स्तर पर पीएम श्री गर्ल्स स्कूल में विशेष कोचिंग दी गई थी। विज्ञान विषय की शिक्षक श्रद्धा परसाई के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल तक चली इस कोचिंग में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से कई छात्र अपनी मेहनत के दम पर सफलता के करीब थे, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्कूल से मिली पठन सामग्री और शिक्षकों के सहयोग से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये गरीब बच्चे अब व्यवस्था की खामियों के कारण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अररिया में जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने बुधवार को 'बराबरी का बसंत' अभियान शुरू किया। आर्थिक-सामाजिक बराबरी की मांग को लेकर युवाओं ने बस स्टैंड से समाहरणालय परिसर तक रैली निकाली, जो बाद में सभा में बदल गई। इस रैली में सैकड़ों युवा शामिल हुए। रैली के दौरान युवाओं ने बराबरी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाने की मांग को लेकर नारे लगाए। वक्ताओं ने देश में व्याप्त आर्थिक और सामाजिक असमानता पर चिंता व्यक्त की। संगठन के नेता सुनील कुमार ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब और शहीद भगत सिंह के सपनों वाले भारत में आर्थिक और सामाजिक बराबरी महत्वपूर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज मुट्ठी भर धन कुबेर देश के संसाधनों का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में रखे हुए हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने सरकार से अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाकर संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित करने की मांग की। भेदभाव रोकने को लेकर सरकार गंभीर नहीं युवा नेत्री जयमंती ने विश्वविद्यालयों में व्याप्त भेदभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों में भी जाति, वर्ग और लिंग के आधार पर गैर-बराबरी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के भेदभाव रोकने वाले नियमों को लागू करने में सरकार गंभीर नहीं है, क्योंकि उसने कोर्ट में कोई ठोस दलील पेश नहीं की। प्रियंका ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा एक बार फिर रद्द हो गई है, लेकिन इसकी कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर जन जागरण रैली को जन जागरण शक्ति संगठन के महासचिव जितेंद्र पासवान, सचिव आशीष रंजन, सब्यसाची सेन, सुलोचना और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। फुलेश्वर, दीपक, गोविंद, रंजय, प्रियंका और आरती सहित कई युवाओं ने रैली को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन के युवा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 'बराबरी का बसंत' अभियान पूरे जिले में चलाया जाएगा। इस दौरान शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लगातार जन जागरण किया जाएगा।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की प्रदेश सचिव राजबाला ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी वर्षों से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी सेवाएं ईमानदारी से दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित अधिकार नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल की तर्ज पर दी जा रही शिक्षा राजबाला ने मांग की कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, इसलिए वर्करों को अध्यापक का दर्जा भी मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सलूम्बर में बुधवार को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान पर सलूम्बर जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परमानंद मेहता ने किया। जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां से वे रैली के रूप में आशीर्वाद गार्डन प्लस चौराहे तक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। पेपर लीक को लेकर घेरा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। वहीं, जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती से किसान, व्यापारी और आमजन भीषण गर्मी में परेशान हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष परमानंद मेहता ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और आमजन के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
चित्तौड़गढ़ में बुधवार को NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग लिखी हुई थी। उन्होंने कहा कि धांधली से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ता ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मेहनती छात्रों के सपने टूटे, सरकार जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स मेहनत करके NEET परीक्षा की तैयारी की थी। कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी और गहने तक बेच दिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीसरी बार NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवाओं और छात्राओं ने भी जताई नाराजगी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं भी शामिल हुए। सेगवा निवासी कृष्णा जाट ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। छात्र महीनों और सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले स्टूडेंट्स को उनका हक मिल सके। प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं ने भी कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की खबरें आने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा कल (वीरवार) को ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। जिसके तहत कोई भी कर्मचारी और आधिकारी पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे। यह फैसला शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान एवं हरियाणा के साएम नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार लिया है। BSEH के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी और कर्मचारी कल (वीरवार) किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार और बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करें। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी और र्मचारी पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर साइकि या /इलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। उन्होंने बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करना सुनिश्चित करें।
हनुमानगढ़ में बुधवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा की तैयारी में लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित करने का आरोप लगाया। 'स्टूडेंट्स को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान'कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और इसके रद्द होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन मेहनती विद्यार्थियों को हुआ है, जिन्होंने लंबे समय से तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि कई छात्रों ने कोचिंग और पढ़ाई पर भारी खर्च किया, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। मक्कासर ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक पर शोर मचाने वाले लोग अब चुप बैठे हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा कायम रह सके। केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशानापीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवाद सामने आने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। गोठवाल ने केंद्र सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से आमजन परेशान है। परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांगप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
करौली में बुधवार को कांग्रेस ने NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET 2026 पेपर लीक प्रकरण ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और युवाओं में निराशा बढ़ रही है। विरोध प्रदर्शन के तहत, जिला कांग्रेस कार्यालय से एक रैली निकाली गई जो जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।इस प्रदर्शन में पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस जिला अध्यक्ष, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

