जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) के पद पर कार्यरत रहे मनोज कुमार ढाका के निलंबन आदेश को राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने निरस्त कर दिया है। प्रार्थी मनोज कुमार ढाका के वकील संदीप कलवानिया ने बताया कि प्रार्थी झुंझुनूं में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) के पद पर कार्यरत थे। शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने 19 मई 2025 को आदेश जारी कर प्रार्थी को बिना कारण निलंबित कर दिया और निलंबन काल के दौरान निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए। वकील कलवानिया ने दलील दी कि विभाग ने प्रार्थी को बिना किसी कारण के नियमों की अवहेलना करते हुए निलंबित किया है। प्रार्थी के विरुद्ध किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं थी, इसलिए निलंबन आदेश नियम विरुद्ध है। लिहाजा निलंबन आदेश को निरस्त किया जाए। इस पर अधिकरण की बेंच ने प्रार्थी के निलंबन आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर प्रार्थी को राहत दी।
संसद का शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है, जिसमें 18वीं लोकसभा का छठा और राज्यसभा का 269वां सत्र शामिल है। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी। सत्र में विधायी और वित्तीय कार्यों पर फोकस रहेगा। सरकार सुधारों को बढ़ावा देने के लिए 13 बिल पेश करेगी, जिनमें परमाणु ऊर्जा, वित्तीय बाजार, शिक्षा और कर सुधार जैसे क्षेत्र शामिल हैं
रामपुर के स्वार टांडा क्षेत्र में पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन की पत्नी हज्जन सकीना बेगम की 15वीं बरसी मनाई गई। गांव मीरापुर में उनकी कब्र पर फूल चढ़ाकर और दुआ-फातिहा पढ़कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके बेटे और जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने ग्रामीण क्षेत्र की मेधावी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली छात्राओं में गांव सारावा की नगमा व शाजिया, गांव दलेलनगर की नज़मीश व मेहरीन जहां, अंजू सिंह और रेखा शामिल थीं, जिन्हें विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं की शिक्षा की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गरीबी के कारण कई लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पाता है। मुस्तफा हुसैन ने गरीब बच्चियों को शिक्षा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जुल्फेकार हुसैन, पूर्व प्रधान रामचंद्र दिवाकर, मास्टर सजाबुल अली, मिक्की पाशा, अहसान अली, भूरा अली और अयूब अली सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
परंपरागत ज्ञान बनाम आधुनिक शिक्षा : टकराव या सह-अस्तित्व? – प्रोफेसर राम पुनियानी का विश्लेषण
परंपरागत और आधुनिक ज्ञान के टकराव, औपनिवेशिक शिक्षा, हिंदुत्व विचारधारा और भारतीय समाज में बदलाव पर प्रोफेसर राम पुनियानी का गहन विश्लेषण।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी चंडीगढ़ पीजी मेडिकल कोटा के लिए लागू 10वीं -12वीं की शर्त को खारिज कर दिया है। एमडी/एमएस प्रवेश से जुड़े प्रॉस्पेक्ट्स के क्लॉज-बी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने साफ कहा कि यूटी प्रशासन पीजी सीटें भरने के लिए कोई स्वीकार्य और वैध मानदंड कोर्ट के सामने रखने में विफल रहा है। इस मामले में डॉ. तन्वी ने याचिका लगाई थी जिसपर अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी। कोर्ट ने आदेश दिया कि 50% अखिल भारतीय कोटे की सीटों के बाद बची 50% संस्थागत सीटें केवल इंस्टीट्यूशनल प्रेफरेंस (संस्थागत वरीयता) के आधार पर ही भरी जाएंगी, क्योंकि यूटी चंडीगढ़ पूल सीटों को भरने के लिए प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही स्कूली शिक्षा आधारित पॉलिसी कानूनन सही नहीं है। स्कूल-आधारित मानदंड अस्वीकार्य हाईकोर्ट ने कहा कि 10वीं या 10वीं+12वीं कक्षा चंडीगढ़ से पास करने के आधार पर पीजी मेडिकल सीटें भरने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह मानदंड योग्यता से समझौता करता है, जबकि स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों के लिए योग्यता ही सर्वोपरि है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह पॉलिसी राष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। NEET-PG काउंसलिंग भी देशभर में इसी सिद्धांत पर की जाती है, जिसमें योग्यता को प्राथमिकता दी जाती है। यूटी मेडिकल कोटा की पहले की नीतियां भी हो चुकी हैं खारिज पहले भी कई बार यूटी मेडिकल कोटा से जुड़ी नीतियां अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। निवास आधारित मानदंड, 5 साल की स्कूली शिक्षा और 5 साल की संपत्ति के मालिकाना जैसे नियमों को भी अदालत ने पहले अस्वीकार्य बताया था। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन द्वारा पेश की गई वर्तमान शर्त भी इन्हीं खारिज किए जा चुके प्रयासों जैसी है, जिसे मान्यता नहीं दी जा सकती। तीनों को कोर्ट पहले ही बता चुके अवैध कोर्ट ने कहा कि वर्तमान शर्त भी पहले किए गए उन सभी अस्वीकार्य प्रयासों जैसी है जिन्हें पहले भी खारिज किया जा चुका है, इसलिए इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पिछली न्यायिक टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए, कानून के अनुरूप और योग्यता आधारित नई नीति तैयार करे। प्रशासन को अगली सुनवाई तक नई पॉलिसी बनाने की पूरी छूट दी गई है। नई पॉलिसी तैयार करे और अगली सुनवाई से पहले अपना हलफनामा दाखिल करे। याचिका पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी यह मामला डॉ. तन्वी द्वारा उठाया गया था, जिन्होंने चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। उन्होंने यूटी पूल सीटें भरने के नियमों को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा प्रस्ताव प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक नई और वैध नीति तैयार नहीं होती, तब तक सीटों का आवंटन ऐसी प्रक्रिया से किया जाए जो कानून के अनुरूप हो और जिसमें योग्यता से कोई समझौता न किया जाए।
नमस्कार राजसमंद में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अमरूद के ठेले पर गमछे की झोली बनाकर फैला दी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बेटे की शादी के महिला संगीत कार्यक्रम में देशभक्ति गीत गाए गए। उदयपुर में रील बनाने वाले डॉ. अशोक शर्मा को APO किया तो बच्चे गले लगकर रो पड़े। अलवर में दूसरी शादी करने जा रहे शादीशुदा कॉन्स्टेबल को पत्नी ने पकड़ लिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में... 1. शिक्षा मंत्री ने ठेले वाले के सामने फैला दी झोली झोली फैलाना कोई अच्छी बात नहीं है। लेकिन बड़े लोग झोली भी फैला दें तो चर्चा में आ जाते हैं। उनके झोली फैलाने को 'मांगने' के नजरिए से नहीं देखा जाता। बल्कि फैली हुई झोली उनके कद को फैला देती है। शिक्षा मंत्रीजी एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पूरा लवाजमा साथ था। रोड किनारे हरे-पीले ताजा अमरूद बिकते देखे तो मंत्रीजी का मन चल गया। सर्दी के मौसम में धूप में बैठकर पके अमरूद पर सेंधा नमक लगाकर खाने का आनंद ही अलग है। यही बात ध्यान में रख मंत्रीजी कार से उतरे। ठेलेवाले के पास पहुंचे। सारा लवाजमा ठेले के पास जमा हो गया। मंत्रीजी ने अमरूद छांटे। लवाजमा अच्छे अमरूद छांटने लगा। ठेलेवाला पॉलिथीन में अमरूद डालने लगा। मंत्रीजी पर्यावरण संरक्षण की शपथ को याद करते हुए पॉलिथीन को नकार दिया। ठेलेवाले के पास कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में मंत्रीजी ने गले में डाले गमछे की झोली बनाई और फैला दी। यह देख एक पुलिसवाला हरकत में आया और उसने भागकर ईको फ्रेंडली थैले का इंतजाम किया। मंत्रीजी की वाहवाही हो रही है। अमरूद का अमरूद..मैसेज का मैसेज। 2 शादी करते पकड़ा गया कॉन्स्टेबल जो लिखने में माहिर होता है, वह शब्दों से खेलता है। गणित का मास्टर अंकों से खेलता है। इसी तरह कानून की ड्यूटी करने वाला कभी-कभी कानून से खेलने लगता है। अलवर में एक थाने में तैनात कॉन्स्टेबल ने कानून को पोटली में बांधकर खूंटी पर टांगा और गर्लफ्रेंड के साथ शादी करने होटल में पहुंच गया। कॉन्स्टेबल पहले से शादीशुदा था। पत्नी 8 साल से पीहर में थी। प्राइवेट नौकरी कर दो बच्चों को पाल रही थी। उसे बिना तलाक दिए ही महाशय पर दूसरी शादी करने का जुनून सवार था। कॉन्स्टेबल की पत्नी शादी के बाद मुखबिरी का मतलब तो समझ ही गई थी। उस तक सूचना पहुंच गई कि पति फलां होटल में ब्याह रचाने जा रहा है। पत्नी को आया गुस्सा। बच्चों-रिश्तेदारों और पुलिस को लेकर वह होटल पहुंच गई। कॉन्स्टेबल दुल्हन को लेकर बाथरूम में घुस गया। पुलिस ने उसे निकाला और पाबंद किया। 3. रील वाले डॉक्टर साहब वे अगर डॉक्टर नहीं होते तो फिल्मों में दिखाई देते। कलाकार नहीं बन सके लेकिन कलाकारी में कोई कमी नहीं छोड़ी। उनकी पोस्टिंग उदयपुर के एक गांव में है। CMHO की शिकायत पर उन्हें एपीओ कर दिया गया। शिकायत में लिखा गया कि डॉक्टर का व्यवहार ठीक नहीं है। यह बात भी निकलकर आई कि हॉस्पिटल के सामने अवैध तरीके से मेडिकल की 2 दुकानें चल रही थीं। जिनके खिलाफ डॉक्टर साहब ने शिकायत नहीं की। उनकी ड्यूटी थी। शिकायत की जानी चाहिए थी। वजह जो भी हो, डॉक्टर बाबू एपीओ हो गए। कभी-कभी बदनामी के बाद ही नाम मिलता है। डॉक्टर साहब के साथ ऐसा ही हुआ। रील बनाने के शौकीन डॉक्टर साहब की रीलें मार्केट में घूमने लगी। रील ऐसी कि हर कोई मुरीद बन जाए। आदिवासी मरीजों को टोना-टोटका छोड़ सही इलाज कराने वाला वीडियो मिला। बीड़ी पीने वाले मरीज से उलझने और उसके तर्क पर हंसने का वीडियो मिला। रील ही नहीं, रियल लाइफ में भी दूर-दूर से आने वाले मरीज, बच्चे सब उन्हें चाहते हैं। साहब ने बताया कि एपीओ होकर जयपुर जाना पड़ेगा तो बच्चे उनके पास आकर बिलखने लगे। अटैंडेंट रोने लगे। स्टाफ के आंसू निकल पड़े। डॉक्टर बाबू ने एक ही बात कही- सोमवार तक हूं, इलाज के लिए संपर्क कर लो। इसके बाद पता नहीं जिंदगी कहां ले जाए। 4. चलते-चलते एक बड़ी पार्टी को बार-बार मिलने वाली हार का सही एनालिसिस करना चाहिए। उनका तर्क है कि वोटों की चोरी करके एक पार्टी जीत जाती है। अब जरा पाली चलिए। वहां भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बेटे की शादी का समारोह चल रहा है। आज ही शादी है। प्रदेशाध्यक्ष साहब ने शादी के लिए जो टैंट लगवाया उसमें भगवा रंग खूब नजर आ रहा है। लेडीज संगीत में भी जो गीत बजा वह था- हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए। विचारधारा की बात है। हर जगह नजर आनी चाहिए। हर काम में नजर आनी चाहिए। फिर चाहे कार्यक्रम पार्टी मुख्यालय पर हो या फिर घर में। समर्पित कार्यकर्ता ऐसे ही होते हैं। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी...
तकनीकी शिक्षा विभाग; प्रवेश प्रक्रियाओं की बैठक
जयपुर | राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग के सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स गवर्नेन्स (सीईजी), जयपुर में सत्र 2025-26 की विभिन्न केन्द्रीयकृत प्रवेश प्रक्रियाओं की समीक्षा बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप शंका की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में रीप-2025, आरमेप-2025, आरएमकेप-2025 और लीप-2025 के संचालन पर फीडबैक लिया गया तथा आगामी वर्षों के सुधारों पर चर्चा की गई। संयुक्त शासन सचिव महेंद्र शर्मा, विशेषाधिकारी कुंजी लाल स्वामी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के 38 अधिकारी ऑनलाइन व ऑफलाइन शामिल हुए। सीईजी निदेशक डॉ. अविनाश पंवार ने सांख्यिकी, नवाचार और आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण दिया।
आकांक्षी जिलों में कार्यक्रम: कृषि, स्वास्थ्य व शिक्षा पर फोकस
रांची|रांची जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत कृषि-पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन एवं बैंकिंग सेवा, कौशल विकास एवं स्वरोजगार, आधारभूत संरचना, पेयजल एवं स्वच्छता, खेलकूद सहित अन्य क्षेत्रों में काम करने पर जोर दिया जाएगा। आकांक्षी जिला कार्यक्रम की रांची जिला प्रभारी हिमानी पांडे की अध्यक्षता में शनिवार को बैठक हुई। उन्होंने सभी योजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रांची जिला आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले कई माह से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि सभी बिंदुओं पर लक्ष्य तय करके काम किया जाएगा।
विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर जोर
सिटी रिपोर्टर |अंबा कुटुंबा प्रखंड संसाधन केंद्र में शनिवार को पिरामल फाउंडेशन और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीपीएमयू की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार सिंह, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सौरभ वर्मा और प्रखंड के मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के विद्यालयों में शिक्षण–अधिगम की गुणवत्ता को मजबूत करना और बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के स्तर को ऊँचा उठाना था। बैठक में निर्णय लिया गया कि मास्टर ट्रेनर दिनेश राम, कुमार बिजेन्द्र, शंभू कुमार सिंह, राजीव रंजन सिंह, लक्ष्मी जायसवाल, दिव्या रश्मि, नवीन कुमार और हरिओम पांडेय तथा फील्ड टीम सप्ताह में दो दिन विद्यालयों का संयुक्त अनुवीक्षण और अनुसमर्थन करेंगे।विशेष रूप से कक्षा 1 से 3 के बच्चों में भाषा और गणित अधिगम से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 दिसंबर को प्रखंड स्तरीय सभी मास्टर ट्रेनर्स की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार सिंह, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सौरभ वर्मा, मास्टर ट्रेनर्स दिनेश राम, कुमार बिजेन्द्र, शंभू कुमार सिंह, राजीव रंजन सिंह, लक्ष्मी जायसवाल, दिव्या रश्मि, नवीन कुमार, हरिओम पांडेय समेत अन्य शिक्षक उपस्थित थे। बैठक में सभी ने बच्चों के शैक्षणिक विकास को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
हिसार के हांसी प्राइवेट स्कूल संघ ने हरियाणा के शिक्षामंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने राज्यभर के 1128 बंद पड़े प्राइवेट स्कूलों पर लगाए गए जुर्माने को तुरंत माफ करने और पिछले सात महीनों से बंद पड़े एमआईएस (MIS) पोर्टल को शीघ्र खोलने की मांग की है। संघ के प्रधान रविन्द्र अत्री ने बताया कि शिक्षा मौलिक निदेशालय पंचकुला ने उन 1128 प्राइवेट स्कूलों पर भी जुर्माना लगा दिया है, जिन्होंने समय पर आरटीई (RTE) सीटों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करा दी थी। उनका कहना है कि स्कूल संचालकों ने नियमानुसार सभी आवश्यक विवरण जमा करवाए थे, इसके बावजूद उन्हें दंडित किया जाना अनुचित है। स्कूल संघ के अनुसार, आरटीई सीटों से संबंधित आदेश निदेशालय द्वारा कई बार बदले गए, जिससे प्राइवेट स्कूल संचालकों में काफी असमंजस की स्थिति बनी रही। रविन्द्र अत्री ने कहा कि विभाग की ओर से समय पर स्पष्ट दिशानिर्देश न मिलने और बार-बार नए नोटिफिकेशन जारी होने के कारण स्कूलों को प्रक्रिया समझने में कठिनाई हुई। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि शिक्षा विभाग का एमआईएस पोर्टल पिछले सात महीनों से बंद है। इस वजह से स्कूल संचालक आरटीई सीटों, स्टाफ और बच्चों के डेटा सहित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल संघ का कहना है कि पोर्टल बंद होने का खामियाजा प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं, जबकि यह विभागीय तकनीकी खामी है। इसके बावजूद स्कूलों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, जिसे पूरी तरह अन्यायपूर्ण बताया गया है। संघ ने शिक्षामंत्री से 1128 स्कूलों पर लगे जुर्माने को वापस लेने, एमआईएस पोर्टल को तत्काल खोलने और आरटीई से संबंधित स्पष्ट व स्थायी दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा शनिवार शाम हांसी पहुंचे, जहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में शिरकत की और लोगों से संवाद कर उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया। शिक्षा मंत्री के दौरे को लेकर शहर में उत्साह का माहौल रहा। शिक्षा मंत्री का सबसे बड़ा कार्यक्रम हांसी की जाट धर्मशाला में आयोजित अभिनंदन समारोह रहा। जाट धर्मशाला के प्रधान रणधीर सिंह दलाल ने पगड़ी पहनाकर मंत्री का स्वागत किया। समारोह में संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि समाज से बुराइयों को मिटाने के लिए बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश बेहद जरूरी है। उन्होंने घोषणा की कि जाट धर्मशाला में सेंट्रल एयर कंडीशनर लगवाया जाएगा और विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपए दिए जाएंगे। उनकी इस घोषणा पर उपस्थित लोगों ने तालियों से स्वागत किया। शिक्षा नीति लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य : महिपाल मंत्री ढांडा ने बताया कि हरियाणा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह नीति बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशलयुक्त बनाकर उन्हें रोजगार देने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर है और हर 20 किलोमीटर की परिधि में महिला कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। हांसी क्षेत्र में महिला कॉलेज की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद कॉलेज अवश्य बनाया जाएगा। महिपाल कर्मठ और दूरदर्शी नेता : विनोद भयाना हांसी विधायक विनोद भयाना ने कहा कि महिपाल ढांडा एक कर्मठ और दूरदर्शी नेता हैं जिनके नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। विधायक रणधीर पनिहार ने भी उनका स्वागत किया और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कराने में ढांडा का बड़ा योगदान रहा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया सहित कई नेताओं ने भी मंत्री के प्रयासों की सराहना की। दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री विनोद भयाना के आवास पर भी चाय-पानी और जलपान के लिए रुके, जहां स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों से मुलाकात की। इसके अलावा शिक्षा मंत्री कुछ समय के लिए भाजपा जिला कार्यालय हांसी रुके।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्यारोली में अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने किया औचक निरीक्षण
गंगापुर सिटी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्यारोली में अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हनुमान प्रसाद गोयल ने औचक निरीक्षण कर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, पोषाहार और दक्षता आधारित परीक्षा का जायजा लिया। बालिका शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने अर्धवार्षिक परीक्षाओं का किया औचक निरीक्षण
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने आमेट के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर अर्धवार्षिक परीक्षा एवं दक्षता आधारित आकलन परीक्षाओं की बैठक व्यवस्था, रिकॉर्ड और संचालन का जायजा लिया। निरीक्षण से परीक्षा की निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
कुरुक्षेत्र में उपराष्ट्रपति का औपचारिक दौरा ; शिक्षा और सांस्कृतिक विकास को करेंगे समर्थन
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 30 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र, हरियाणा का दौरा करेंगे। दौरे में वे ऐतिहासिक स्थल, शैक्षिक संस्थान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरे से राज्य और केंद्रीय प्रशासन के सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सक्ती जिले में सरकारी स्कूलों के लिए स्वच्छता सामग्री की खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई है। जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने इस मामले की विस्तृत जांच की थी। जांच में पाया गया कि स्वच्छता सामग्री खरीदने में भंडार क्रय नियमों की गंभीर अवहेलना की गई। सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया और घटिया गुणवत्ता के सामान ज्यादा दर पर खरीदी गईं, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचा। बता दें कि इस गड़बड़ी की शिकायत भाजपा नेता ने की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। भाजपा नेता ने की थी शिकायत यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब सक्ती नगर मंडल के भाजपा महामंत्री अभिषेक शर्मा ने स्वच्छता सामग्री खरीद में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग ने विस्तृत जांच कराई। शासन ने आदेश जारी करते हुए बताया कि डभरा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्यामलाल वारे, जैजैपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी वी. के. सिदार और मालखरौदा के तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी टी. एस. जगत को निलंबित किया गया है। इन अधिकारियों पर गुणवत्ता मानकों का पालन न करने और खरीद प्रक्रिया को आवश्यक दस्तावेजी व भौतिक प्रक्रिया के अनुसार संपादित न करने का आरोप है। शासन ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सक्ती निर्धारित किया गया है। जनता के पैसे की बर्बादी- शिकायतकर्ता शिकायतकर्ता अभिषेक शर्मा ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग था। उन्होंने मांग की कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और सक्ती जिले में जहां-जहां भ्रष्टाचार हुआ है, वहां व्यापक जाँच होनी चाहिए, ताकि दोषियों को कड़ा दंड मिल सके। सप्लायरों, बिलिंग प्रक्रिया और भुगतान की भी हो सकती है जांच निलंबन आदेश जारी होते ही सक्ती जिले से लेकर बिलासपुर संभाग तक शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। कई शिक्षक और कर्मचारियों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि पहली बार तीन विकासखंडो पर एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। वहीं, जानकारी के अनुसार विभाग अब स्वच्छता सामग्री आपूर्ति से जुड़े सप्लायरों, बिलिंग प्रक्रिया और भुगतान चक्र की भी जांच करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आगे की कार्रवाई में और नाम भी सामने आ सकते हैं।
सूरजपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने लचर शिक्षा व्यवस्था के विरोध में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर लगा ग्रिल तोड़ दिया। ABVP कार्यकर्ता 14 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। इन मांगों में एक बच्चे को होमवर्क न करने पर पेड़ से लटकाने का मामला भी शामिल था। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को हटाने की मांग की, साथ ही उनके स्थानीय निवासी होने पर भी सवाल उठाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गेट से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे नारेबाजी करते रहे। आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म आंदोलन बढ़ता देख जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा कार्यालय से बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से मिले। उन्होंने उनकी मांगों को एक माह के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। दूसरी ओर, जिला प्रशासन अब तोड़फोड़ करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। ABVP कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे फिर से प्रदर्शन करेंगे।
बिहार में फॉर्मेसी शिक्षा का हो रहा लगातार विकास : सिकरिया
सिटी रिपोर्टर| मोतिहारी सिकरिया फार्मेसी कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए हाजीपुर के नाइपर फार्मेसी संस्थान भेजा गया। इस मौके पर भाजपा के युवा नेता यमुना सिकरिया, उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद एवं प्रिंसिपल प्रीति दुबे ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। यमुना सिकरिया ने कहा यह एक दिवसीय भ्रमण है, छात्रों के साथ सभी शिक्षक भी जा रहे हैं। शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों का मनोबल में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में फार्मेसी शिक्षा का लगातार बिहार में विकास हो रहा है। मोदी सरकार में शिक्षा भय मुक्त वातावरण में लगातार आगे बढ़ रही है। केंद्र की नई शिक्षा नीति छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद ने इस कार्य के लिए कॉलेज की प्रशंसा की और कहा बिहार और केंद्र सरकार युवा पीढ़ी के विकास शिक्षा के लिए कृत संकल्पित है। हर क्षेत्र में देश आगे बढ़ रहा है। शैक्षणिक वातावरण बिहार में लगातार बढ़ रहा है। सभी छात्र एवं शिक्षक काफी प्रसन्न नजर आ रहे थे।
बजट घोषणा के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा विशेष प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा
अजमेर। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत नई पीढ़ी के सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा ग्रीन ग्रोथ के सिद्धांतों को आत्मसात कर आवश्यक स्किल प्राप्त करने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सर्जनात्मक प्रतियोगिता की तर्ज पर एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर बेहद आकर्षक पुरस्कारों के साथ किया जा […] The post बजट घोषणा के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा विशेष प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष के तहत अनक्लेम्ड बैंक जमा, बीमा, शेयर और अन्य वित्तीय संपत्तियों को वापस दिलाने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव व आरबीआई अधिकारियों ने जागरूकता पर जोर देते हुए वित्तीय अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया।
ब्यावर में सोमवार को महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर माली समाज और माली सेना ब्यावर द्वारा ज्योतिबा फुले सर्किल, अजमेर रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। माली सेना ब्यावर शहर अध्यक्ष सुनील भाटी ने बताया कि समाज बंधुओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महान समाज सुधारक को नमन किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शिक्षा, स्त्री-पुरुष समानता और समाज सुधार के क्षेत्र में फुले जी द्वारा किए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले निर्धन, गरीब और वंचितों के सच्चे मसीहा और प्रेरणास्रोत रहे हैं। श्रद्धांजलि समारोह में मालियान पंचायत बड़ा बास अध्यक्ष मोहनलाल दगदी, शाहपुरा मोहल्ला अध्यक्ष हनुमान सिंगोदिया, छावनी अध्यक्ष करन सिंह गहलोत, फूलपुरा अध्यक्ष सत्यनारायण पालडिया, माली सेना प्रदेश अध्यक्ष श्रवण सांखला, प्रदेश संस्थापक दिनेश भाटी, माली समाज जिलाध्यक्ष कैलाश गहलोत, सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।वहीं पूर्व सभापति बबिता चौहान, शशि बाला सोलंकी, प्रमोद चौहान, नेनू राम देवड़ा, हंसराज सांखला, गणपत मारोठिया, जिला मंत्री लोकेश भाटी, जगदीश गहलोत, चंपालाल गहलोत (सरपंच), पिंटू काका, नरेन्द्र चौहान, प्रदेश मंत्री सुरेश चौहान, रमेश सैनी, सचिन चौहान, लोकेन्द्र गहलोत, मनोज महावर सहित बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया। समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें समाजजनों ने महात्मा फुले के आदर्शों पर चलने व समाज में समानता और शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
मधुबनी में विधायक माधव आनंद बोले:क्षेत्र में सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जाएगा
मधुबनी विधायक माधव आनंद ने जनसंपर्क अभियान के दौरान नगर निगम सभा में एक बैठक की। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि चुनाव प्रचार के समय की गई अपनी सभी घोषणाओं पर उन्होंने अमल किया है। विधायक आनंद ने कहा कि वे चीनी मिल और मधुबनी के समग्र विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मधुबनी के विकास के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे और वे जनता की सेवा में समर्पित रहेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे क्षेत्र की सड़क, शिक्षा और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कार्य करेंगे। विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी मंत्री बनने में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं है। उनका प्राथमिक कार्य मधुबनी को एक नई पहचान दिलाना है, जिसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं।
बारां जिले के बटावदा और बटावदी गांव का औचक निरीक्षण करते हुए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों से सफाई व्यवस्था की स्थिति जानी। निरीक्षण में मुख्य मार्ग पर गंदगी और पॉलिथीन कचरे की शिकायत सामने आई। मंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, शिक्षक भर्ती व खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड देने की मांग को लेकर संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को ज्ञापन सौंपा। शिक्षामंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर संज्ञान लेते हुए समीक्षा की जाएगी। छात्र संगठनों ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को यूनिवर्सिटी के अंदर रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों की ओर ध्यान दिलवाते हुए मांग की कि यूनिवर्सिटी के अंदर शिक्षक भर्तियां पारदर्शिता,समयबद्ध तथा संवैधानिक तरीके से करवाई जाए। यूनिवर्सिटी के अंदर लंबे समय से शिक्षक भर्तियां नहीं हो पाई है जिसका सीधा-सीधा असर विद्यार्थी और शोधार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रहा प्रदेशइनसो छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि प्रदेश के अंदर शिक्षण संस्थानों को लगातार शिक्षक तथा गैर शिक्षक पदों के खाली होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन प्रतिदिन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश पीछे जा रहा है। इसके ऊपर विशेष ध्यान देते हुए यूनिवर्सिटी व कॉलेज के अंदर शिक्षा संबंधी सभी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। एमडीयू के कई विभागों में शिक्षक नहीं एसएफआई राज्य उपाध्यक्ष अमित पिलाना ने कहा कि एमडीयू के कई विभागों में स्थायी शिक्षक नहीं है जिसके कारण विभागों में सुचारू रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों तथा शोधार्थियों को प्राप्त नहीं हो रही। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी की रैंकिंग लगातार घटते हुए यहां पर दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट हो रही है। खिलाड़ियों को नहीं मिली खेल किट छात्र नेता जोगिंद्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अंदर 2018 से लेकर 2022 तक के छात्रों का खेल क्षेत्र में जुड़े कैश अवॉर्ड व उनकी स्पोर्ट्स किट नहीं दी गई है, जो उन खिलाड़ियों के साथ भेदभाव है। शिक्षा मंत्री के माध्यम से कहना चाहते हैं कि इस समय अंतराल के सभी खिलाड़ियों को उनकी सम्मानित राशि तथा अवॉर्ड दिए जाएं। प्रदेश स्तर पर फीस रेगुलेटरी बोर्ड का करें निर्माण आईएनएलडी यूथ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी ने कहा कि प्रदेश भर के अंदर लगातार बढ़ रही फीस के ऊपर रोक लगाते हुए प्रदेश स्तर पर फीस रेगुलेटरी बोर्ड का निर्माण करवाया जाना चाहिए, ताकि लगातार बढ़ रही फीस पर अंकुश लगाते हुए ग्रामीण परिवेश से आने वाले मजदूर किसान परिवार वर्ग के छात्र इसका लाभ उठा सके। विभागीय स्तर पर करवाई जाएंगी समीक्षाशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने छात्रों की मांग को सुनते हुए आश्वासन दिया कि ज्ञापन के प्रत्येक बिंदु को प्राथमिकता के साथ कंसिडर किया जाएगा। विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी और उचित समय सीमा में समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भावा का औचक निरीक्षण: शिक्षा मंत्री ने कार्यशैली की सराहना की
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भावा में 27 नवंबर 2025 को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने प्रधानाचार्य सीमा गहलोत व जिला कलेक्टर की कार्यशैली की सराहना की और प्रार्थना हॉल निर्माण के लिए DMFT फंड से समर्थन दिए जाने के निर्देश दिए।
रोहतक में निपुण वाटिका का निरीक्षण करने के लिए शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा सरकारी स्कूल में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने राजीव गांधी के नाम से खेल स्टेडियम तो दुनियाभर के बना दिए, लेकिन अव्यवस्थित ढंग से अधूरा छोड़कर सरकार को दिए, जो आज नासूर बने हुए है। शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि खेल मंत्री गौरव गौतम ने अपना स्टेटमेंट दिया है। स्टेडियम की जर्जर हालत किसके कारण हुई, यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जांच होने के बाद सारी चीजें साफ हो जाएंगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। घटना होने के बाद ही कार्रवाई होगी, पहले कैसे करें शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि घटना जब घटती है तो उसके बाद ही बात होगी। पहले से घटना के बारे में कैसे पता होगा। आपको थोड़ी पता है कि क्या होने वाला है। स्टेडियम की जो जर्जर हालत है, उसकी रिपोर्ट बनकर जाती है। जिन पर काम किया जाता है। उसके हिसाब से ही काम शुरू किए जाते है। सैकड़ों स्टेडियम का मुझे पता है कि उनके लिए फंड्स जारी किए गए है। अधूरी बिल्डिंग कांग्रेस ने बनाकर छोड़ी शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश में बनाए गए राजीव गांधी खेल स्टेडियम कांग्रेस ने अधूरी बिल्डिंग बनाकर छोड़े थे, जिनमें दरवाजे और शीशे तक नहीं लगे थे। कांग्रेस ने बहुत सारी अव्यवस्था तैयार की गई। ऐसी बिल्डिंग कांग्रेस ने बनाई, जिनका न बनना ही अच्छा था। उन व्यवस्थाओं को ठीक करने का काम सरकार ने किया है। राहुल गांधी को कांग्रेस संभाल नहीं पाई महिपाल ढांडा ने स्टेडियमों को संभालने के एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस क्या आज तक राहुल गांधी को संभाल पाई है। सरकार अपने हिसाब से काम कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जो खामियां रही, उनके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की है। बीएलओ की ड्यूटी पहली बार नहीं लगाई महिपाल ढांडा ने कहा कि वोटर लिस्ट के लिए बीएलओ की ड्यूटी कोई पहली बार नहीं लगाई गई। हर सरकार में बीएलओ की ड्यूटी लगती है। इसको लेकर भी कुछ न कुछ रास्ता निकाल रहे है। अभी हाल ही में मीटिंग की है और जब तक चीजें सिरे नहीं चढ़ती, तब तक बताना जरूरी नहीं है। छाछ तो बोले ही बोले, छलनी भी क्या बोले महिपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर विपक्ष भी क्या बोलने लायक है। यह तो वही बात है कि छाछ तो बोले ही बोले, छलनी भी बोले, जिसके एक हजार छेद। डूब के मरे ऐसे बोलने वाले। कांग्रेस 31 प्रतिशत सरकारी स्कूलों का रिजल्ट छोड़कर गई थी, आज 95 प्रतिशत स्कूलों का रिजल्ट है।
जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और विद्यालयों की आधारभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना था। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी पी.एन. पांडेय, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा अमन कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुंदन कुमार सहित जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विद्यालयों के निरीक्षण पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने विद्यालयों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) शत-प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखने चाहिए। छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे विद्यालयों में छात्रों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें। साथ ही, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। अनुपस्थित शिक्षकों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान शौचालय की स्थिति, पोशाक/छात्रवृत्ति वितरण, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और पठन-पाठन के स्तर सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाओं का अनुश्रवण करने को कहा गया। आधारभूत व्यवस्थाओं में कमी पर होगी जवाबदेही तय जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा कोष में पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद विद्यालयों में आधारभूत व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साप्ताहिक बैठक के निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी पी.एन. पांडेय को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक सप्ताह सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक करें। इसका उद्देश्य जिला स्तरीय मासिक बैठक में प्रगति को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना है। इसके अतिरिक्त, डीपीओ स्थापना को शिक्षकों के स्थापना संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
झालावाड़ के सरकारी स्कूल में हुए हादसे और जयपुर के प्राइवेट स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत के बाद, राज्य सरकार स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त हो गई है। शिक्षा विभाग ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की निगरानी के लिए 'स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी' (State School Standard Authority) बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह अथॉरिटी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं और छात्र सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं पर नजर रखेगी। स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी राज्य के एक लाख से अधिक सरकारी, निजी और प्राथमिक स्कूलों की निगरानी करेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और स्कूलों में बुनियादी मानकों का पालन करवाना है। कई पहलुओं पर होगी नियमित जांचसूत्रों ने बताया कि स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की योग्यता, सुरक्षा प्रोटोकॉल, छात्र-शिक्षक अनुपात और शैक्षणिक गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की नियमित जांच करेगा। स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के दिशानिर्देशों के आधार पर गठित किया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाया जा सके। शिक्षा विभाग ने हाल ही किया 27 सदस्यीय समिति का गठनराजस्थान में शिक्षा विभाग ने 27 सदस्यीय समिति का हाल ही में गठन किया था। समिति ने अन्य राज्यों में स्थापित स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी का अध्ययन किया। समिति ने राजस्थान के लिए विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है। इस पर अंतिम निर्णय आगामी बैठकों में लिया जाएगा। ड्राफ्ट में दिए ये सुझावड्राफ्ट में यह सुझाव दिया गया है कि राज्य में सुरक्षा मानकों के अनुपालन, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे की स्थिति और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र प्राधिकरण की आवश्यकता है। प्रस्तावित स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी इन सभी मुद्दों पर व्यवस्थित रूप से काम करेगा और स्कूल संचालन को पारदर्शी बनाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से राजस्थान की शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी और स्कूलों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा का वातावरण तैयार होगा। -------- यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल बिल्डिंग गिरी,7 बच्चों की मौत राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, वहीं 9 गंभीर घायल हो गए। मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल की क्लास में शुक्रवार सुबह बच्चे बैठे थे, तभी कमरे की छत ढह गई। हादसे में 35 बच्चे दब गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के रायपुर दौरे से एक दिन पहले छत्तीसगढ़ शासन ने 13 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया है। कई IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सचिव, आयुक्त, संचालक और प्रबंध संचालक लेवल के पदों में फेरबदल हुआ है। IAS शिखा राजपूत तिवारी (IAS 2008) को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा से ट्रांसफर करते हुए सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व सौंपा गया है। वहीं डॉ. प्रियंका शुक्ला (IAS 2009) को स्वास्थ्य विभाग से ट्रांसफर करते हुए आयुक्त, समग्र शिक्षा बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें पाठ्यपुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा किरण कौशल (IAS 2009) को प्रबंध संचालक, मार्कफेड से ट्रांसफर कर मंत्रालय में सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। पदुम सिंह एल्मा को बेवरेजेस कॉर्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार पदुम सिंह एल्मा (IAS 2010) को MD, CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करते ही इस पद को भी प्रवर श्रेणी वेतनमान के समकक्ष घोषित किया गया है। वहीं 2011 बैच के IAS संजीव कुमार झा को संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं बनाया गया है और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 2012 बैच के IAS जितेन्द्र कुमार शुक्ला को मार्कफेड का MD बनाया गया है। रितेश अग्रवाल को चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार रितेश अग्रवाल (IAS 2012) को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा इफ्फत आरा, संतन देवी जांगड़े, सुखनाथ अहिरवार, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, रीता यादव और लोकेश कुमार भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
शिक्षा का मूल उद्देश्य छात्रों का चरित्र निर्माण करना: भगवान
भास्कर न्यूज | कोरबा नैतिक शिक्षा से जीवन की तमाम बुराइयों पर नियंत्रण पाया जा सकता है और समाज को अपराधमुक्त बनाया जा सकता है। शिक्षा का मूल उद्देश्य छात्रों को चरित्रवान बनाना और बुराइयों से मुक्त करना होना चाहिए। जब तक हम अपने जीवन में परोपकार, त्याग, उदारता, नम्रता और सहनशीलता जैसे अच्छे गुण नहीं अपनाएंगे शिक्षा अधूरी ही रहेगी। यह बात प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वविद्यालय कोरबा द्वारा आयोजित नैतिक शिक्षा का जीवन में महत्व विषय पर परिचर्चा में ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने छात्रों को बतायी। वे डीएवी व इंडस स्कूल के छात्रों के साथ अपराधमुक्त समाज के लिए नैतिक शिक्षा पर अपने विचार साझा किए। ज्ञात हो कि भगवान भाई माउंट आबू, राजस्थान से हैं। वे वर्ष 2010 तक 5 हजार स्कूलों में और 800 जेलों में नतिकता का पाठ पढ़ा चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि आज का युवा यहां तक कि बच्चे भी मोबाइल, फैशन, सिनेमा व गलत संगत के कारण जीवन के उद्देश्य से भटक रहे हैं। जिसके कारण समाज में अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और नफरत जैसे मनोविकारों को अपराध का मुख्य कारण बताया।
छात्रवृत्ति से वंचित... शिक्षा के लिए भिक्षा मार्च, पुलिस और छात्रों के बीच नोंकझोंक
रांची| झारखंड में एसटी, एससी, ओबीसी छात्रों की लंबित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर गुरुवार को राजधानी का माहौल उबल पड़ा। आजसू छात्र संघ के बैनर तले शिक्षा के लिए भिक्षा : जनाक्रोश मार्च मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से निकला, जिसमें विभिन्न जिलों के काफी संख्या में स्टूडेंट्स शामिल हुए। डिमांड के समर्थन में नारेबाजी करते जा रहे छात्रों को मछलीघर, कांके रोड और रातू रोड फ्लाईओवर पर रोकने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा के नेतृत्व में छात्र सड़क पर बैठ गए और छात्रवृत्ति दो-शिक्षा बचाओ के नारे लगाने लगे। तभी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को बुलाया, जहां राज्यपाल के नाम मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए छात्र लगातार सरकार की लापरवाही’ और ई कल्याण पोर्टल पर महीनों से लंबित छात्रवृत्ति फाइलों के खिलाफ नारे लगा रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष ओम ने कहा कि जनाक्रोश मार्च उन विद्यार्थियों की आवाज है जो अपने अधिकार, अपनी छात्रवृत्ति के लिए लड़ रहे हैं। कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि छात्रवृत्ति दया नहीं, हमारा अधिकार है। उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने भी विचार रखे। केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि छात्रवृत्ति लंबित रखना छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने जैसा है। मार्च में मुख्य रूप से देवा महतो, प्रताप सिंह, सत्यम सिंह, शुभम राणा, अमित सोनी, सक्षम झा, अमन साहू, मोहन रविदास, रवि रोशन, सौरभ यादव, कार्तिक गुप्ता, विक्की हरिवंश, राजकिशोर महतो, जमाल गद्दी, अमित, दीपक, प्रशांत व अन्य शामिल थे।
पिता की मौत के बाद बच्चे की मुफ्त शिक्षा का प्रबंध करे केंद्र व राज्य सरकार: डंग
भास्कर न्यूज | लुधियाना जाग्रति सेना ने मांग की है कि पिता की मृत्यु के बाद किसी भी बच्चे की पूरी शिक्षा का खर्च केंद्र और राज्य सरकारें उठाएं। संगठन के अध्यक्ष प्रवीण डंग ने कहा कि संविधान के 86वें संशोधन के खंड 21-ए के तहत 4 से 14 वर्ष तक हर बच्चे को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है, लेकिन यह अधिकार व्यवहार में पूरी तरह लागू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि पिता न रहने पर परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है और ऐसे में बच्चे की स्कूल से लेकर कॉलेज और हायर एजुकेशन तक की जिम्मेदारी सरकार को संभालनी चाहिए। प्रवीण डंग ने कहा कि माता-पिता के मतभेद से टूटते परिवारों में भी कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। जिन बच्चों की कस्टडी मां केपास हो, उनकी पढ़ाई का जिम्माभी सरकार को लेना चाहिए,ताकि बच्चे आत्मनिर्भर बनसकें। उन्होंने बताया कि वर्ष2010 में लागू सोशलरिस्पॉन्सिबिलिटी ऑफ स्कूलएंड कॉलेज (एसआरएससी)नियम के तहत स्कूलों कोआर्थिक रूप से कमजोर बच्चोंको निर्धारित प्रतिशत में मुफ्तशिक्षा देनी होती है, लेकिन कईस्कूल प्रबंधक इसे लागू नहीं कररहे हैं, जबकि मान्यता लेतेसमय वे इसका शपथ पत्र देतेहैं। 3 चरण में चलेगा आंदोल: नजाग्रति सेना ने पंजाब सरकार से मांग की है कि स्कूलों की तरह कॉलेज स्तर की शिक्षा को भी ‘शिक्षा के अधिकार’ के दायरे में लाया जाए, ताकि बिना पिता के साए वाले बच्चे भी उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। संगठन ने चेतावनी दी कि सरकारें इस मामले में कुंभकर्णी नींद में हैं और उन्हें जगाने के लिए तीन चरणों में आंदोलन चलाया जाएगा। पहले चरण में सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को ज्ञापन दिया जाएगा। दूसरे चरण में सभी विधायकों के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन होंगे। तीसरे चरण में स्कूल-कॉलेजों के बाहर रोष प्रदर्शन कर अभिभावकों को बच्चों के शिक्षा अधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर राजेश शर्मा, अशोक विरमानी, सतीश कवातड़ा, योगेश धीमान और विक्की सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के रायपुर दौरे से पहले छत्तीसगढ़ शासन ने गुरुवार को 13 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया है। कई IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सचिव, आयुक्त, संचालक और प्रबंध संचालक लेवल के पदों में फेरबदल हुआ है। IAS शिखा राजपूत तिवारी (IAS 2008) को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा से ट्रांसफर करते हुए सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व सौंपा गया है। वहीं डॉ. प्रियंका शुक्ला (IAS 2009) को स्वास्थ्य विभाग से ट्रांसफर करते हुए आयुक्त, समग्र शिक्षा बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें पाठ्यपुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा किरण कौशल (IAS 2009) को प्रबंध संचालक, मार्कफेड से ट्रांसफर कर मंत्रालय में सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। पदुम सिंह एल्मा को बेवरेजेस कॉर्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार पदुम सिंह एल्मा (IAS 2010) को MD, CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करते ही इस पद को भी प्रवर श्रेणी वेतनमान के समकक्ष घोषित किया गया है। वहीं 2011 बैच के IAS संजीव कुमार झा को संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं बनाया गया है और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 2012 बैच के IAS जितेन्द्र कुमार शुक्ला को मार्कफेड का MD बनाया गया है। रितेश अग्रवाल को चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार रितेश अग्रवाल (IAS 2012) को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा इफ्फत आरा, संतन देवी जांगड़े, सुखनाथ अहिरवार, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, रीता यादव और लोकेश कुमार भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जानिए अब कौन किस पद की संभालेगा जिम्मेदारी-
राजसमंद के कुरज गांव में आज खटीक समाज के चतुर्थ सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें तुलसी विवाह सहित 30 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। समारोह में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन लाल दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नवविवाहित वर वधु जोड़ों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। मुख्य मार्गों से बिंदोली निकाली आयोजन समिति के अध्यक्ष भेरूलाल टेपन के अनुसार सभी वैवाहिक जोड़े पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे कुरज पहुंचे, जहां से कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए बिंदोली निकाली गई। बिंदोली के बाद कार्यक्रम गांव के खेल मैदान में पहुंचा, जहां सामूहिक विवाह की रस्में विधि-विधान से सम्पन्न हुईं। समाज के भामाशाहों ने नवदंपतियों को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। स्टूडेंट्स को किया सम्मानित इस अवसर पर खटीक समाज के जिला अध्यक्ष एवं खमनोर प्रधान भेरूलाल चावला ने शिक्षा मंत्री सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजजन तथा दसवीं और बारहवीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम का संचालन ज्योति खटीक, चित्तौड़गढ़ द्वारा किया गया। पूरे समारोह में समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी आज गुरुवार को प्रयागराज पहुंची थीं। यहां पर आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, मुट्ठीगंज में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। यहां पर उन्होंने कहा, एसआईआर अभियान लोकतंत्र की पवित्रता का अभियान है। इस अभियान से देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठिए के अंदर भय व्याप्त है और देश छोड़कर भाग रहे हैं। इस अभियान से लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखते हुए देश की जनता जागरुक है और उत्साहित है। यह अभियान वास्तव में देश की लोकतंत्र प्रणाली को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की उड़ान भरते हुए विकास गौरव गाथा लिखी है। देश विकासशील से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है और मोदी के नेतृत्व में देश के अंदर रामराज की स्थापना हो रही है और देश के युवाओं को महिलाओं को किसानों को आगे बढ़ाने में मोदी सरकार ने हर क्षेत्र में अवसर प्रदान किया है। कहा कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार में अंत्योदय सिद्धांत को धरातल उतारा गया। कोई भूखा न सोए यह सरकार की प्राथमिकताराज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा, सरकार की प्राथमिकता है कि देश के अंदर कोई भूखा ना रहे और चिकित्सा और शिक्षा से वंचित न रहे और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य है वो जब तक पूरा नहीं होगा तब तक हम चैन से बैठने वाले नहीं हैं। पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा प्रवक्ता राजेश केसरवानी, पार्षद रुद्रसेन जायसवाल, राकेश जायसवाल, किशोरी लाल जायसवाल, सत्या जायसवाल, आयुष अग्रहरि, हिमालय सोनकर, नीरज केसरवानी, कमलेश केसरवानी, विजय पुर्शवानी आदि रहे।
बूंदी की नैनवां पंचायत समिति के प्रधान पदम कुमार नागर ने नगरफोर्ट कस्बे में दिवंगत सुरक्षा गार्ड ओम प्रकाश शर्मा के परिवार से मुलाकात की। प्रधान नागर ने 27 नवंबर 2025 को उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और आर्थिक सहायता प्रदान की। ओम प्रकाश शर्मा पिछले 15 वर्षों से नैनवां पंचायत समिति में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत थे। वे अपने परिवार के एकमात्र पालनकर्ता थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, नैनवां पंचायत समिति की ओर से 1 लाख 31 हजार 700 रुपए की सहयोग राशि का चेक उनकी बेटी और अन्य परिजनों को सौंपा गया। यह सहायता विशेष रूप से उनकी बेटी की शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए, इस उद्देश्य से दी गई है। इस अवसर पर विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह झाला, सहायक अभियंता चंपा लाल सहित पंचायत समिति विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
बिलासपुर में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के मद्देनजर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय टांडे ने यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, जिले में अत्यधिक ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है। बिलासपुर जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित विद्यालयों पर यह आदेश लागू होगा। दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूलों में प्रथम पाली सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:00 बजे से 11:45 बजे तक चलेगी। शनिवार को यह पाली दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होगी। वहीं, द्वितीय पाली सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक और शनिवार को सुबह 8:00 बजे से 11:45 बजे तक लगेगी। एक पाली में संचालित होने वाले स्कूलों का समय सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। शनिवार को ये स्कूल सुबह 8:00 बजे से 11:45 बजे तक संचालित होंगे।नगर निगम ने ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। शहर में अलाव जलाने के निर्देश और अपील अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि जोन कमिश्नरों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने को कहा गया है। उन्होंने यह भी अपील की कि यदि किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर अलाव की आवश्यकता हो, तो वहां भी व्यवस्था की जा सकती है। चिह्नित स्थानों पर शुक्रवार से अलाव की व्यवस्था जोन कमिश्नर प्रवीण शुक्ला ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात से नेहरू चौक, राजीव गांधी चौक, देवकीनंदन चौक, महाराणा प्रताप चौक सहित शहर के अलग-अलग चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। ढ़ती शीतलहर पर एनडीएमए और IMD की एडवाइजरी इस बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक बढ़ती शीतलहर के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) नई दिल्ली और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसमें व्यापक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। ठंड से बचने की अपील राज्य में तापमान में अचानक गिरावट और बर्फीली हवाओं के चलते ठंड का असर गहरा हो गया है। यह मौसम बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम लेकर आता है। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग विभागों को एडवाइजरी जारी कर आमलोगों को शीतलहर से बचाव, जागरूकता, आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित किया गया है। अनावश्यक घर से बाहर न निकलें जारी एडवाइजरी के अनुसार शीतलहर के दौरान अनावश्यक घर से बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने, शरीर को गर्म तरल पदार्थ देते रहने, गर्म कपड़ों का नियमित उपयोग करने, सिर, कान, हाथ, पैर को ढंकने की सलाह दी गई है। यदि किसी में अत्यधिक कंपकंपी, उंगलियों में पीलापन या सफेद पन, सुन्नता, बोलने में कठिनाई, सांस लेने में भारीपन हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने कहा गया है। ये संकेत हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसी जानलेवा स्थितियों की ओर इशारा कर सकते हैं। बंद कमरे में कोयला जलाना घातक हो सकता है ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में कोयला जलाना घातक हो सकता है। हाइपोथर्मिया में शरीर का तापमान गिरने पर खतरा कई गुना बढ़ जाता हैं। यदि किसी व्यक्ति का शरीर तापमान बहुत कम हो जाए, तो तत्काल कदम उठाना आवश्यक है। व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर लिटाकर कंबल, जैकेट या गर्म कपड़ों से ढंकें, शरीर को सामान्य तापमान देने की कोशिश करें, मांसपेशियों में जकड़न या बोलने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से तत्काल संपर्क करें। हाइपोथर्मिया अचेतन अवस्था या जानलेवा हो सकता है। एडवाइजरी के अनुसार ठंड में सावधानी बरतें, मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, आग जलाते समय कमरे को हवादार रखें, किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें और बच्चों-बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।
पानीपत के अनाज मंडी परिसर में गुरुवार को मार्किट कमेटी पानीपत की नवनियुक्त कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, भाजपा प्रदेश महामंत्री अर्चना गुप्ता, नगर निगम मेयर कोमल सैनी, उपायुक्त वीरेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसान, आढ़तियां और कमेटी के सदस्य रहे। समारोह के दौरान उपायुक्त वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अनाज मंडी में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को मंडी में फसल तौल, बिक्री, भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो। उन्होंने नवनियुक्त कार्यकारिणी से कहा कि मार्किट कमेटी को किसानों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करना चाहिए ताकि खरीद सीजन में किसी तरह की अव्यवस्था न बने। भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही किसान हितैषी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेतों तक पहुंचने वाले कच्चे रास्तों को पक्का करवाने के लिए बड़ी संख्या में सड़कें बनवा रहे हैं। जिससे किसानों को परिवहन और फसल ढुलाई में काफी सुविधा मिलेगी। किसानों से नहीं होगी अवैध वसूली मंत्री ढांडा ने नवगठित कार्यकारिणी के चेयरमैन अवतार सिंह को बधाई दी और कहा कि मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि मंडी प्रशासन और मार्किट कमेटी को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखना होगा। कार्यक्रम में कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि वे किसानों की सुविधा और मंडी की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मिलकर काम करेंगे। इन्होंने ली शपथ मार्किट कमेटी शपथ ग्रहण समारोह में चेयरमैन अवतार सिंह, वाईस चेयरमैन बलवान शर्मा और सदस्य सुखबीर सिंह, धर्मवीर, बलजीत, राम सिंह सैनी, सतीश, राम सिंह, पंजाब सिंह, नरेश कुमार, सोमदत्त, नरेश कुमार, राज कुमार मलिक, मनोज सिंह, श्रीचंद्र, हरीश कुमार, विनोद कुमार, जितेंद्र सिंह आदि ने शपथ ली।
डीडवाना-कुचामन जिला प्रशासन ने 13 राजकीय विद्यालयों और खेल मैदानों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के निर्देश पर लिया गया यह निर्णय शिक्षा और खेल अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहन लाल खटनावलिया ने बताया कि विभागीय प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीडवाना, छोटी खाटू और मकराना तहसीलों में भूमि आवंटन आदेश जारी किए गए हैं। डीडवाना तहसील में दूदौली, बेगाना तालाब, अंबापा, कोलिया, खोखरों का बास, चांदबासनी और चौलूखां में आठ विद्यालयों एवं खेल मैदानों को भूमि मिली है। छोटी खाटू के खरवालिया गांव में शहीद लांस नायक लिखमाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को भूमि आवंटित की गई है। मकराना तहसील के डेर की ढाणी जूसरी, बोरावड़, दाबड़िया और धानक्यानाड़ा जूसरी में भी विद्यालय निर्माण हेतु भूमि स्वीकृत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से भवन निर्माण, खेल मैदान विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक प्राइवेट स्कूल के 5 साल के छात्र को क्रूरतापूर्वक पेड़ पर लटकाने को लेकर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह बहुत गलत है, मजाक बनाकर रखा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि एक मासूम बच्चे के साथ इस तरह की ज्यादती कैसे की जा सकती है। मामले में स्कूल शिक्षा सचिव से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। बता दें कि होम वर्क नहीं करने पर टीचर ने बच्चे को घंटों पेड़ पर लटकाए रखा था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। होमवर्क नहीं करने पर टीचर ने दी सजा दरअसल, यह मामला नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर का है। इस स्कूल में नर्सरी से आठवीं तक के छात्र पढ़ते हैं। 24 नवंबर को यहां नर्सरी क्लास की टीचर काजल साहू ने बच्चों का होमवर्क चेक किया। इस दौरान एक छात्र अपना होमवर्क नहीं किया था, जिस पर टीचर काजल साहू भड़क गई। उन्होंने सजा के तौर पर बच्चे को क्लास से बाहर निकाल दिया। जिसके बाद स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी के सहारे बच्चे को लटका दिया। रस्सी के सहारे बच्चा घंटों लटकता रहा। मीडिया रिपोर्ट्स पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान बच्चे के साथ की गई क्रूरता का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वहीं, इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट भी आई है, जिसे संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। स्कूल को नोटिस, टीचर को स्कूल से हटाया इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि मामले को जिला प्रशासन और शासन ने संज्ञान में लिया है। स्कूल पहुंचकर अधिकारियों ने जांच की, जिसके बाद टीचर को तुरंत स्कूल से हटा दिया गया है। वहीं, इस मामले में प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। चीफ जस्टिस बोले-मजाक बनाकर रखा है चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं नहीं होता। ये बहुत गलत हुआ है, मजाक बनाकर रखा है। शासन की तरफ से पक्ष रखने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि एक मासूम बच्चे के साथ इस तरह की ज्यादती कैसे की जा सकती है। इतने बड़े स्कूल में किसी का ध्यान कैसे नहीं गया। डिवीजन बेंच ने मामले में स्कूल शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है। जिसमें 9 दिसंबर तक यह बताना होगा कि, निजी स्कूल के दोषी शिक्षकों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में कहीं और ऐसी घटना न हो इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा जिस समय बच्चे को पेड़ से लटकाया गया था, उसी दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल के बाहर इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन भी किया। ........................ इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... होमवर्क नहीं करने पर स्टूडेंट को पेड़ से लटकाया...VIDEO: परिजनों का हंगामा, संचालक बोला-सिर्फ डराने के लिए सजा दी, टीचर रोते हुए बोली-गलती हो गई छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक प्राइवेट स्कूल में केजी-टू के छात्र (5 वर्ष) को होमवर्क न करने पर टीचर ने घंटों पेड़ से लटकाए रखा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पेरेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में परिजनों ने स्कूल के बाहर हंगामा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...
नि:शक्तता दिवस पर समावेशी शिक्षा को बढ़ावा
सिटी रिपोर्टर|बैकुंठपुर प्रखंड संसाधन केंद्र में मंगलवार को समावेशी शिक्षा के तहत निशक्तता दिवस मनाया गया। प्रखंड स्तरीय इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशा कुमारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा परियोजना द्वारा सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत निशक्त छात्र-छात्राओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गई। कार्यक्रम के दौरान समन्वयक रविंद्र कुमार पाठक ने बताया कि नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका लाभ बिहार शिक्षा परियोजना के माध्यम से दिया जा रहा है। इसमें छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण, विशेष शिक्षण सुविधा सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशा कुमारी ने कहा कि समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है। लेकिन निशक्त बच्चों के लिए विशेष सुविधा और सहयोग की व्यवस्था की गई है, ताकि वे भी मुख्यधारा से जुड़कर शिक्षा के माध्यम से अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें। उन्होंने शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि दिव्यांग छात्रों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें पढ़ाई में हर संभव सहयोग दिया जाए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में दिव्यांगजनों के सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम में लेखपाल चंद्रभूषण प्रसाद, प्रभुनाथ गुप्ता, सचिन कुमार, शाहबाज आलम, प्रिंस कुमार सहित कई शिक्षकों और कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सरस्वती योजना शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संकल्प है : अमर
भास्कर न्यूज | जांजगीर नवागढ़ विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरखों तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी नैला में गत दिवस सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। दोनों विद्यालयों में छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा को नई गति व सुगमता मिली। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ साइकिल वितरित की। दोनों ही आयोजनों के मुख्य अतिथि जनसेवक एवं भाजपा नेता अमर सुल्तानिया रहे। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना केवल साइकिल प्रदान करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का सशक्त संकल्प है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को साइकिल मिलने से उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
बाल विकास पर संभाग स्तरीय संवाद कार्यक्रम, प्रारंभिक देखभाल-शिक्षा पर साझा किए अनुभव
उदयपुर| जतन संस्थान ने बाल विकास पर संभाग स्तरीय संवाद कनेर बाग में आयोजित किया। इसका उद्देश्य प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा से जुड़े फील्ड अनुभव साझा करना, चुनौतियों पर चर्चा करना और शिक्षकों के बीच तालमेल मजबूत करना रहा। संस्थान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कंगारू मदर केयर, सकारात्मक परवरिश और बाल संरक्षण पर प्रगति और आगामी योजनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में शिक्षा, ईसीसीई, बाल संरक्षण, पोषण और परवरिश पर विषयगत सत्र हुए। इन सत्रों की अध्यक्षता एडीपीसी समग्र शिक्षा विभाग घनश्याम गौड़, उप निदेशक बाल अधिकारिता विभाग के.के. चंद्रवंशी, सीडीपीओ बड़गांव गरिमा उपाध्याय, तथा प्रोफेसर गायत्री तिवारी ने की। साथ ही शिक्षा विभाग, बाल अधिकारिता विभाग और बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। निदेशक कैलाश बृजवासी ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए सरकारी तंत्र, विशेषज्ञों और समुदाय की संयुक्त पहल आवश्यक है। अंत में रणवीर सिंह शक्तावत ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
आगरा में बुधवार को आगरा पुलिस कमिश्नरेट का 26 नवंबर को तीसरा स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस की ओर से एक एग्जीबिशन लगाई गई, जिसमें पुलिस विभाग के उपयोग में आने वाले उपकरण और पुलिस कर्मियों की हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई। एग्जीबिशन में ट्रैफिक उपकरण से लेकर डॉग रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर शासन प्रशासन के अधिकारी और शहर के सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट की स्थापना दिवस पर एग्जीबिशन का आयोजन किया गया है, जिसमें कॉलेज स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया और तीन सालों में जिन्होंने अच्छे कार्य किए हैं उन्हें सम्मानित किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब से आगरा कमिश्नरेट हुआ है, पुलिस की व्यवस्थाएं चाक चौबंद हुई हैं और पुलिस की कार्यशैली में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने काफी अच्छे काम किए हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट का उद्देश्य है कि आगरा को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आगे भी किए जाएंगे।
देवरिया में एकौना थाना क्षेत्र के माझा नारायण गांव में शिक्षामित्र रंजू देवी (40) का बीएलओ ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। मंगलवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें लखनऊ ले जाते समय रास्ते में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, मनियापूरा टोला निवासी रंजू देवी देर शाम बीएलओ कार्यों से संबंधित एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में शामिल थीं। इस बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए थे। परिजनों ने बताया कि बैठक में उन्हें लगभग 50 एसआईआर फॉर्म शीघ्र भरकर जमा करने का निर्देश मिला था। इसके बाद वे मानसिक रूप से दबाव में दिख रही थीं और बैठक समाप्त होने के कुछ घंटे बाद से ही बेचैनी महसूस कर रही थीं। रात लगभग 11 बजे अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजन तत्काल उन्हें लेकर लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के लिए रवाना हुए। बस्ती जिले में फोरलेन के पास उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उन्हें नजदीकी जिला अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति जगदम्बा दुबे, जो किसान हैं, ने बताया कि रंजू देवी वर्ष 2006 से प्राथमिक विद्यालय, मठिया पांडेय में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत थीं। शिक्षण कार्य के साथ-साथ वह मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभाती थीं। उनके दो बच्चे हैं—बेटा हिमांशु (20) और बेटी दिव्यानी (17)।
स्कूल शिक्षा विभाग ने उज्जैन के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) आनंद शर्मा को राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में पदस्थ किया है। यह आदेश बुधवार को जारी किया गया, जिसमें उन्हें तत्काल प्रभाव से उज्जैन से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव कमल सोलंकी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा को समान सामर्थ्य एवं वेतनमान में आगामी आदेश तक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में पदस्थ किया है। हालांकि, उज्जैन जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर फिलहाल किसी नए अधिकारी की नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए हैं। आनंद शर्मा वर्ष 2021 में उज्जैन जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ हुए थे। उनके स्थानांतरण के बाद, संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग के सहायक संचालक महेंद्र खत्री को उज्जैन डीईओ का प्रभार मिल सकता है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड (Diploma in Elementary Education) परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार और उपाध्यक्ष सतीश शाहपुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी। यह परीक्षा सितंबर-अक्टूबर 2025 में हुई थी, जिसमें अलग-अलग बैच के छात्र शामिल हुए थे। नतीजे बोर्ड की वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध हैं। छात्र वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इस परीक्षा में 2022 से 2026 बैच तक के छात्र शामिल थे, जिनमें फ्रेश और री-अपीयर दोनों ही छात्र शामिल थे। इसके साथ ही, 2020-2022 और 2021-2023 बैच के छात्रों को भी मर्सी चांस दिया गया था। उन्होंने बताया कि डीएलएड परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 23 हजार 628 छात्र-अध्यापक शामिल हुए। उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रवेश वर्ष 2022-24 प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) में 457 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 296 उत्तीर्ण रहे। जिनकी पास प्रतिशतता 64.77 रही है। डीएलएड प्रवेश वर्ष 2022-24 द्वितीय वर्ष (रि-अपीयर) में 1102 छात्र-अध्यापक शामिल हुए। जिनमें से 879 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 79.76 रही है। डीएलएड 2023-25 में 65.45 पास प्रतिशतउन्होंने बताया कि डीएलएड प्रवेश वर्ष 2023-25 प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) में 385 छात्र-अध्यापक शामिल हुए। जिनमें से 252 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 65.45 रही है। डीएलएड प्रवेश वर्ष 2023-25 द्वितीय वर्ष (नियमित) में 1594 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 985 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 61.79 रही है। डीएलएड प्रवेश वर्ष 2024-26 प्रथम वर्ष (नियमित) में 19,993 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 13,214 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 66.09 रही है। उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रवेश वर्ष 2020-22 प्रथम वर्ष (मर्सी चांस) की पास प्रतिशतता 80 तथा द्वितीय वर्ष (मर्सी चांस) की पास प्रतिशतता 100 प्रतिशत रही है। इसके अतिरिक्त डीएलएड प्रवेश वर्ष 2021-23 प्रथम वर्ष (मर्सी चांस) की पास प्रतिशतता 71.43 तथा द्वितीय वर्ष (मर्सी चांस) की पास प्रतिशतता 88.89 प्रतिशत रही है। रि-अपीयर छात्र-अध्यापकों की फरवरी-मार्च में होगी परीक्षाउन्होंने बताया कि छात्र-अध्यापकों की परफॉर्मेंस शीट शिक्षण संस्थाओं की लॉगिन आईडी पर भेजी जाएगी। इस परीक्षा में रि-अपीयर रहें छात्र-अध्यापक आगामी परीक्षा के लिए 5 दिसंबर से संबंधित संस्था की लॉगिन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा परिणाम में रि-अपीयर रहें छात्र-अध्यापकों की परीक्षा फरवरी-मार्च-2026 में कराई जाएगी। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए तिथियां निर्धारित कर दी गई है। रि-अपीयर परीक्षा के लिए शुल्क 800 रुपए प्रति विषय है, एक से अधिक विषयों में रि-अपीयर है तो परीक्षा शुल्क प्रति विषय 200 रुपए अतिरिक्त देय होगा और अधिकतम परीक्षा शुल्क 2000 रुपए प्रति छात्र-अध्यापक होगा। संबंधित शिक्षण संस्थान बिना विलम्ब शुल्क 5 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें। 20 दिन तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदनइसके पश्चात 100 रुपए विलम्ब शुल्क सहित 20 दिसम्बर से 26 दिसम्बर, 300 रुपए विलम्ब शुल्क सहित 27 दिसम्बर से 2 जनवरी तथा 1000 रुपए विलम्ब शुल्क सहित 3 जनवरी से 9 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी सम्बन्धित संस्थाएं निर्धारित तिथियों में ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करना सुनिश्चित करें, इसके उपरान्त आवेदन का अवसर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा परिणाम के आधार पर जो छात्र-अध्यापक अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की पुन: जांच अथवा पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते हैं तो वे निर्धारित शुल्क सहित परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिन तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
एकल श्री हरि कथा प्रसार योजना संभाग मध्यभारत की एक दिवसीय समिति प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन गुना के सिंगवासा स्थित एक निजी गार्डन में किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने गांवों में सत्संग के माध्यम से धर्म की रक्षा और धर्मांतरण रोकने पर जोर दिया। उद्घाटन सत्र में एकल श्रीहरि कथा केंद्रीय समिति प्रशिक्षण प्रमुख संजय साहू और एकल अभियान पी 7 के जागरण शिक्षा प्रभारी विकास जैन नखराली सहित कई पदाधिकारी मंचासीन रहे। प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत उद्घाटन मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद गुना अंचल अध्यक्ष मनीष भार्गव ने उपस्थित मंचासीन अतिथियों का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। 'सत्संग के द्वारा धर्म की रक्षा करना उद्देश्य'उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रशिक्षण प्रमुख संजय साहू ने कहा, एकल श्री हरि प्रशिक्षण का उद्देश्य समितियों को मजबूत कर गांव गांव में सत्संग के द्वारा धर्म की रक्षा करना और ग्रामीणों को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्रपयोगी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज भी धर्मांतरण हो रहा है और एकल कार्यकर्ता अपनी महती भूमिका निभाते हुए धर्म परिवर्तन रोकने में सहायक बन रहे हैं। 'आजादी के बाद जहां स्कूल नहीं, वहां एकल सक्रिय'संजय साहू ने कहा कि धर्म की रक्षा करना प्रत्येक हिन्दू का धर्म है। एकल उन गांवों में शिक्षा का प्रचार प्रसार कर रहा है जहां आज भी आजादी के बाद शासकीय विद्यालय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एकल विद्यालय योजना समयबद्ध परिणामकारी योजना है, जो सतत 37 वर्षों से आज भी जारी है। 'पंचमुखी शिक्षा से कर रहे चहुंमुखी विकास'जागरण शिक्षा प्रभारी विकास जैन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एकल का उद्देश्य पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से गांव-गांव पहुंच लोगों को जागरूक करना और उन्हें संस्कार शिक्षा देकर ग्रामीणों का चहुंमुखी विकास करना है। उन्होंने कहा, एकल का कार्य ईश्वरी कार्य है और हम सभी यही भाव से सेवा कार्य करते रहे। जनजाति समाज को बना रहे आत्मनिर्भरविकास जैन ने कहा कि एकल कार्यकर्ता जनजाति समाज के बीच पहुंच पंचमुखी शिक्षा के द्वारा शिक्षित, स्वस्थ और स्वावलंबी राष्ट्र निर्माण में एकल अभियान के कार्यों को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मनिर्भर कर रहे हैं। संस्कार शिक्षा के माध्यम से सुदूर और जनजातीय क्षेत्रों में हिंदू धर्म का प्रचार कर सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक उत्थान को बढ़ावा देना है। ये अतिथि और कार्यकर्ता रहे मौजूदइस अवसर पर पी 7 और 8 के नगर संगठन प्रमुख रामेश्वर दयाल, एकल श्री हरि कथा प्रभाग व्यास अजय शरण, संभाग सचिव महेश सिंघल, संभाग व्यास संजय शरण, भाग महिला समिति अध्यक्ष आशा रघुवंशी, संभाग कार्यालय प्रमुख पप्पू सिंह नायक मंचासीन रहे। साथ ही मालवा भाग अभियान प्रमुख संतोष राठौर, चंबल भाग अभियान प्रमुख धर्मवीर गुर्जर सहित 7 अंचलों से सेवा व्रती कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
यूपी में SIR ड्यूटी में लगे अब तक 4 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इनमें लेखपाल और टीचर ने सुसाइड किया, जबकि एक शिक्षामित्र की ब्रेन हैमरेज से मौत हुई। आज बरेली में BLO सर्वेश कुमार गंगवार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आ गया। उनकी मौत हो गई है। इस्तीफे में लिखा- 20 सालों से मैं पढ़ा रही हूं, लेकिन पिछले कुछ समय से परिस्थितियां बेहद कठिन हो गई हैं। मुझे चुनाव अभियान के SIR कार्य में बीएलओ बनाया गया है, जिससे मैं मानसिक रूप से परेशान हूं। अधिकारी शिक्षकों पर दबाव बनाकर जबरन काम करवाने को मजबूर कर रहे हैं। फतेहपुर में लेखपाल का शव घरवालों ने 30 घंटे बाद घर से उठने दिया। दरअसल, बहन अमृता सिंह की मांग थी कि कानूनगो शिवराम पर मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके बाद आज सुबह बिंदकी थाने में पुलिस ने बहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। लेखपाल SIR ड्यूटी में लगे थे। उन्होंने शादी से एक दिन पहले सुसाइड किया था। बहन ने कानूनगो पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इधर, प्रयागराज DM मनीष वर्मा ने SIR में लापरवाही बरतने पर 40 BLO का वेतन रोक दिया है। वहीं, गोंडा में ज़हर खाकर जान देने वाले विपिन का शव घर पहुँच चुका है। सपा जिलाध्यक्ष ने टीचर की शव यात्रा में कंधा दिया। थोड़ी देर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2 तस्वीरें देखिए- SIR से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए...
दिल्ली में वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम में आरा शहर का नाम एक बार फिर गौरवान्वित हुआ। शहर के प्रतिष्ठित संगीत शिक्षक डॉ. वेद प्रकाश सागर को संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे, समर्पित और अतुलनीय योगदान के लिए 'भारतीय पद्म भूषण सम्मान' से सम्मानित किया गया। दिल्ली के प्रसिद्ध होटल द मैप्पल गोल्ड में आयोजित यह समारोह देशभर के कलाकारों, शिक्षकों, समाजसेवियों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े दिग्गजों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। बिहार के संगीत जगत में विशिष्ट पहचान समारोह की सबसे खास बात यह रही कि चर्चित टीवी सीरियल महाभारत में दुर्योधन का किरदार निभाकर देशभर में लोकप्रिय हुए पुनीत इस्सर और सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध जूनियर पुष्पा राज ने संयुक्त रूप से डॉ. सागर को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया। सम्मान ग्रहण करते समय सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। डॉ. वेद प्रकाश सागर पिछले कई दशकों से संगीत शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और आरा शहर में शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं प्रसार के लिए लगातार प्रयासरत हैं। कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थी उनके निर्देशन में निकले हैं। संगीत के विभिन्न रूपों पर उनकी पकड़ और विद्यार्थियों के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार ने उन्हें भोजपुर जिला ही नहीं बल्कि बिहार के संगीत जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। शहरवासियों ने दी बधाई सम्मानित किए जाने की खबर जैसे ही आरा पहुंची, शहर के संगीत प्रेमियों, कलाकारों और गणमान्य लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई। लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर निजी मुलाकातों के माध्यम से उन्हें बधाई दी और इसे आरा के लिए गर्व का क्षण बताया। आरा के संगीत से जुड़े लोगों ने कहा कि यह सम्मान केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शहर की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। कई लोग उनका सम्मान समारोह का वीडियो देखकर भावुक भी हुए। नगर के वरिष्ठ कलाकारों ने कहा कि डॉ. सागर हमेशा से युवा प्रतिभाओं को आगे लाने में जुटे रहे हैं। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम की पहचान है। राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. वेद प्रकाश सागर ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है। मैं अपनी अंतिम सांस तक संगीत की साधना और युवाओं को वास्तविक संगीत सीखाने के लिए काम करता रहूंगा। यह आरा की मिट्टी का आशीर्वाद है कि मुझे राष्ट्रीय मंच पर यह पहचान मिली है। वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन की ओर दिया गया 'भारतीय पद्म भूषण सम्मान' आरा के लिए गर्व का नया अध्याय जोड़ता है। इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रेरणा मिली है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि छोटे शहरों की महान प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर दमदार पहचान बना सकती हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 साल सेवा अवधि के बाद शिक्षकों की क्रमोन्नति की मांग वाली 1188 याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस एनके व्यास ने अपने फैसले में कहा है कि संविलयन से पहले शिक्षाकर्मी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन नहीं थे। इसलिए उन्हें क्रमोन्नति पाने की पात्रता नहीं है। दरअसल, पंचायत विभाग में नियुक्त शिक्षाकर्मी ग्रेड-3, 2 और 1 का शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। इसके बाद उन्हें सहायक शिक्षक (एलबी), शिक्षक (एलबी) और व्याख्याता (एलबी) पदनाम दिया गया। लेकिन, इन शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिया गया, जिस पर प्रदेश भर के 1188 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं लगाई। इसमें कहा गया कि वे 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद क्रमोन्नति के हकदार हैं। लेकिन विभाग ने 2017 का वह आदेश लागू नहीं किया, जिसमें 10 साल बाद वेतनवृद्धि (क्रमोन्नति) देने की बात कही गई थी। शिक्षकों ने सोना साहू के मामले में हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के फैसले के आधार पर क्रमोन्नति का लाभ देने की मांग की थी। संविलियन से पहले शासकीय सेवक नहीं थे इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया कि याचिकाकर्ता शिक्षाकर्मी ग्रेड-3/ सहायक शिक्षक (पंचायत) के रूप में पंचायत राज अधिनियम, 1993 के तहत नियुक्त हुए थे और उनकी सेवा व नियंत्रण जनपद पंचायत के अधीन था। ऐसे में उन्हें संविलियन से पहले राज्य शासन का नियमित सरकारी सेवक नहीं माना जा सकता। वे क्रमोन्नति देने के लिए 10 मार्च 2017 को जारी सर्कुलर के आवश्यक मानदंड पूरी नहीं करते, क्योंकि उनकी सेवा अवधि की गणना केवल 1 जुलाई 2018 यानी संविलियन की तारीख से ही की जा सकती है। इसी के चलते वे 10 वर्ष की अनिवार्य योग्यता पूरी ही नहीं करते। हाईकोर्ट ने शासन के इन तर्कों को सही माना है। संविलयन नीति में स्पष्ट है किसी भी लाभ का दावा नहीं किया जा सकता याचिकाकर्ताओं ने अपने पक्ष में सोना साहू मामले का हवाला दिया था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सोना साहू केस के तथ्य पूरी तरह अलग है, इसलिए समानता का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि संविलियन नीति 30 जून 2018 में स्पष्ट है कि पूर्व शिक्षाकर्मी केवल संविलियन की तारीख से ही शासकीय शिक्षक माने जाएंगे और उससे पहले के किसी भी लाभ, वेतन वृद्धि या क्रमोन्नति का दावा नहीं किया जा सकता।
नालंदा जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों के समग्र विकास को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। जिले के 2165 प्रारंभिक विद्यालयों में गठित शिक्षा समितियों को अब व्यापक प्रशिक्षण के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इस पहल के तहत प्रत्येक समिति के छह प्रमुख सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय शिक्षा समिति किसी भी स्कूल की रीढ़ होती है। विद्यालय के सर्वांगीण विकास में इन समितियों की भूमिका निर्णायक होती है। मध्याह्न भोजन के संचालन से लेकर बुनियादी ढांचे के विकास तक, इन समितियों का योगदान अपरिहार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इन्हें और प्रभावी बनाने का फैसला किया है। कौन-कौन होंगे प्रशिक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से छह श्रेणियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इनमें शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव और विद्यालय के प्राचार्य के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस तरह सामाजिक समावेशिता को भी सुनिश्चित किया जा रहा है। कैसे होगा प्रशिक्षण राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े ने जिला शिक्षा अधिकारी आनंद विजय और समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. शाहनवाज को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यह प्रशिक्षण किसी भी हालत में 5 मार्च तक पूरा किया जाना अनिवार्य है। प्रत्येक बैच में सात विद्यालयों की समितियों के 42 सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का दायित्व पूर्व प्रशिक्षित उत्प्रेरकों, आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों और अनुभवी सरकारी शिक्षकों को सौंपा गया है। प्रत्येक बैच में कम से कम एक सरकारी शिक्षक का प्रशिक्षक के रूप में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। कॉम्प्लेक्स केंद्र होंगे प्रशिक्षण स्थल प्रशिक्षण केंद्रों के चयन में कॉम्प्लेक्स सेंटर के आधार को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे विद्यालयों का चयन किया जाएगा जहां प्रशिक्षणार्थी आसानी से पहुंच सकें। चयनित सदस्यों को विद्यालय और पोषक क्षेत्र का व्यापक भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे विद्यालय की वास्तविक स्थिति से परिचित हो सकें। सख्त निगरानी की व्यवस्था प्रशिक्षण कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष अनुश्रवण दल का गठन किया जाएगा। यह दल जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निगरानी करेगा। प्रशिक्षण से संबंधित प्रमाणपत्रों की प्रविष्टि प्रबंध पोर्टल पर की जाएगी और राज्य स्तरीय कार्यालय को नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारी ने जताया विश्वास समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. शाहनवाज ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समय सीमा में सभी प्रारंभिक विद्यालयों की शिक्षा समितियों को प्रशिक्षित कर लिया जाएगा।
झीलों के शहर में मंगलवार को मंगल ही मंगल बरसा। धवल सेना के साथ निकले जैन श्वेतांबर तेरापंथ संप्रदाय के ग्यारहवें आचार्य महाश्रमण करीब 6 किलोमीटर तक सबको आशीष देते रहे। वे सेक्टर-4 से शोभागपुरा स्थित महाप्रज्ञ विहार पहुंचे। महाप्रज्ञ विहार में समाज और शहर को संयम की सबसे बड़ी सीख दी। बोले- विरोध को विनोद समझकर स्वीकारें। आत्मबल न छोड़ें। कुछ पाना है तो तुरंत आरंभ करें। विघ्न और दुख आएंगे। उनका भी स्वागत करें, क्योंकि यही परीक्षा मजबूत बनाती है। डर गए या आशंकित भी हुए तो कुछ नहीं कर पाएंगे। स्वागत में जुटा सर्व समाज... शीश नवाकर लिया आशीर्वाद इससे पहले आचार्य का विहार सेक्टर-4 स्थित तुलसी निकेतन स्कूल से शुरू हुआ और शोभागपुरा स्थित महाप्रज्ञ विहार पर जाकर थमा। श्रावक-श्राविकाओं के अलावा सर्व समाज के श्रद्धालुओं में आचार्य के दर्शन की जबर्दस्त उत्सुकता दिखली। ये लोग पूरे रास्ते दोनों तरफ हाथ जोड़े खड़े रहे। जैसे ही आचार्य दिखते, सभी नमोस्तु आचार्य भगवंत कहकर शीश नवाते रहे। महाप्रज्ञ विहार में भी लगभग सभी समाजों के प्रतिनिधि, संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी आचार्य का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे।
एमडीयू में शिक्षा नीति पर कराया ओरिएंटेशन प्रोग्राम
रोहतक | महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) द्वारा पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) पर जारी ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मंगलवार को दूसरे दिन विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के संकाय सदस्य प्रो. दीपक बिसला ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विषय पर व्याख्यान दिए। प्रो. बिसला ने शिक्षा में आईसीटी के बढ़ते महत्व, मूकस के विकास और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने प्रकाश डाला कि आईसीटी किस प्रकार एनईपी-2020 के ढांचे के साथ संरेखित है।
शिक्षा निदेशालय:नामांकन शून्य होने के कारण अगले सत्र से बंद होंगे प्रदेश के 230 स्कूल
राज्य के शून्य नामांकन वाले लगभग 230 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। अगले सत्र से ये स्कूल बंद होंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के 34 जिलों में संचालित लगभग 230 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का नामांकन शून्य है। इसमें बीकानेर जिले के करीब पांच स्कूल शामिल है। वहीं औसत हर जिले में ऐसे पांच से छह स्कूल है। इन स्कूलों को नजदीक के ही सरकारी स्कूलों में मर्ज किए जाने की संभावना है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से शून्य नामांकन वाले स्कूलों के पास में स्थित सरकारी स्कूल की जानकारी मांगी है। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को 26 नवंबर को इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में भिजवाने होंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शून्य नामांकन वाले विद्यालयों के पास में स्थित केवल एक ही सरकारी स्कूल का नाम अंकित किया जाए। यदि एक से अधिक विद्यालयों की दूरी समान है तो उच्चतम स्तर के विद्यालय का चयन किया जाएगा। यदि उच्चतम स्तर के भी दो विद्यालय एक समान है तो सह शिक्षा वाले विद्यालय का चयन होगा। समीक्षा के बाद शून्य नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी की जाएगी। पास के स्कूलों में संस्कृत शिक्षा, महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल, आवासीय स्कूल और निजी स्कूलों के प्रस्ताव नहीं भेजने है। 10 माह पहले 169 स्कूल बंद 10 माह पहले साल के इस साल जनवरी में प्रदेश के 169 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को शून्य नामांकन और एक ही बिल्डिंग में संचालित होने के कारण बंद किया गया था। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शून्य नामांकन वाले सामान्य शिक्षा के सरकारी स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज कर बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। निदेशालय की ओर 34 जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे गए प्रस्ताव में कहीं भी स्कूल बंद का जिक्र नहीं है। आदेश में शून्य नामांकन वाले सामान्य शिक्षा के सरकारी स्कूलों को सुव्यवस्थित किए जाने का उल्लेख किया गया है। लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि इन स्कूलों में पिछले डेढ़-दो साल से नए दाखिले नहीं हुए हैं।
नीरजा मोदी स्कूल को शिक्षा विभाग भी दे सकता है नोटिस
अमायरा सुसाइड मामला जयपुर | शिक्षा संकुल में मंगलवार को अमायरा मामले में शिक्षा विभाग की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने की। इस दौरान अमायरा के पिता ने पूरा घटनाक्रम बताया और स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाए। बैठक में सीबीएसई की जांच टीम के सदस्य और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। अब शिक्षा विभाग भी स्कूल को नोटिस जारी कर सकता है। इस मामले पर सीबीएसई पहले ही नीरजा मोदी स्कूल को नोटिस दे चुका है। जिसमें स्कूल प्रशासन से 30 दिन में जवाब मांगा गया है। बैठक के दौरान निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन बनाने पर भी मंथन हुआ। साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी चर्चा की ताकि बच्चों को अगर कोई समस्या है तो वे खुलकर बात कर सके। शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि बैठक में शिक्षा अधिकारी, पुलिस व अमायरा के पेरेंट्स से चर्चा की थी। बैठक में सभी ने अपनी अपनी बात रखी।
जैन दर्शन पाठशाला {संस्थान की ओर से कोर्स का सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाता है। {द्वादश वर्षीय कोर्स पूर्ण करने के बाद ये बच्चे धार्मिक क्रियाएं संपन्न करवा सकते हैं। {पाठशाला के शिखर चंद जैन ने समाज में पाठशाला की उपयोगिता व महत्व को समझाते हुए स्वाध्याय की सीख दी। इस दौरान लाड देवी, रमेश राज चौधरी, किरण, सोभाग पाटनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। {संयम भवन में तृतीय वार्षिक उत्सव मनाया गया। इसमें 91 विद्यार्थियों को पुरस्कृत िकया। 30 बच्चे बाल संस्कार और सिद्धांत प्रवेशिका कोर्स, 61 बच्चे सिद्धांत प्रभाकर पाठ्यक्रम के थे। जयपुर | जैन दर्शन के विदुषी-विद्वान तैयार करने के लिए टोंक रोड स्थित संयम भवन जनकपुरी जैन मंदिर में जैन पाठशाला चल रही है। छोटे बच्चों को पहले बाल संस्कार दिए जाते हैं। निपूर्ण होने के बाद जैन दर्शन का द्वादश वर्षीय पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। इसमें सिद्धांत प्रभाकर, तीन साल सिद्धांत विशारद व आचार्य की शिक्षा दी जाती हैं, ताकि वे विदुषी और विद्वान बन सकें। मुख्य संयोजक पदम जैन बिलाला ने बताया कि वर्तमान में 156 बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों की रेगुलर पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसलिए सप्ताह में दो दिन ही जैन दर्शन की निशुल्क कक्षाएं लगाते हैं। जैन दर्शन शिक्षण का कार्य पूर्व विद्यार्थी ही कर रहे हैं। पाठशाला श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर से जुड़ी है।
शिक्षा विभाग की ओर से हुए शिविरा पंचांग में बदलाव के बाद बच्चों की पढ़ाई के दिन घट गए हैं। पहले स्कूलों में जो पढ़ाई अप्रैल तक होती थी, अब फरवरी मध्य तक ही हो पाएगी। शैक्षिक सत्र में बचे हुए 4 महीनों में बच्चों को पढ़ाई के लिए महज 48 दिन मिल रहे हैं। इसमें दिसंबर में 17 दिन, जनवरी में 22 और फरवरी में 9 दिन ही बच्चों की पढ़ाई हो सकेगी। 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होगी, जो मार्च तक चलेगी। मार्च में वार्षिक परीक्षा और परिणाम जारी होगा। ऐसे में इस महीने पढ़ाई के कोई आसार नहीं है। अगर कड़ाके की सर्दी के चलते जिला प्रशासन ने अगर अवकाश घोषित कर दिया तो पढ़ाई के दिन और घट जाएंगे। अभी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रहीं, 48 दिन में कोर्स पूरा कराना भी चुनौती वर्तमान में स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही है, जो 2 दिसंबर तक है। इसके बाद 3 दिसंबर से पढ़ाई प्रारंभ होगी, जो 11 फरवरी तक चलेगी। क्योंकि 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षा है। बोर्ड परीक्षा के दौरान बोर्ड परीक्षा के केंद्र वाले स्कूलों में पढ़ाई ना के बराबर होती है, जहां बोर्ड परीक्षा नहीं होती, वहां के अधिकांश शिक्षक भी बोर्ड परीक्षा में वीक्षक के रूप में लग जाते हैं। ऐसे में वहां भी पढ़ाई ठप हो जाती है। स्कूलों में पहले से ही कोर्स अधूरा है। ऐसे में अब पढ़ाई के लिए बचे हुए महज 48 दिन में कोर्स पूरा कराना शिक्षकों के लिए चुनौती साबित होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण स्कूलों में केंद्र से पढ़ाई ठप अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाएं जयपुर में होती है। अगले माह 7 से 20 दिसंबर तक सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा होगी। 12 जनवरी को आयुष व्याख्याता, 17 से 21 जनवरी तक अध्यापक भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं होगी। स्कूलों में ऐसे गड़बड़ाया पढ़ाई का गणित
रोपड़ में खालसा फाउंडेशन ने गुरप्रीत सिंह नागरा को अपना स्टेट सचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में फाउंडेशन द्वारा किए गए उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के सम्मान में की गई है। फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि उनकी संस्था रूपनगर जिले में जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुफ्त कंप्यूटर और अंग्रेजी शिक्षा केंद्र चलाए जा रहे हैं। संस्था के प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का जताया आभार संस्था द्वारा संचालित इन केंद्रों में बिना किसी भेदभाव के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। साथ ही, जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए भी प्रेरित किया जाता है। स्टेट सचिव चुने जाने पर गुरप्रीत सिंह नागरा ने संस्था के प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे संस्था को पहले से बेहतर सेवाएं देने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर अध्यक्ष गुरविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, विक्रमजीत सिंह, जगतार सिंह, जसप्रीत सिंह, नानक पर, बलप्रीत सिंह, जसविंदर सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2021 में एकवर्षीय डिप्लोमा वालों के चयन पर रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने मोहन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने मामले में राज्य सरकार व प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा है। अदालत ने दो वर्षीय बीएसटीसी वालों को ही तृतीय श्रेणी शिक्षक नियुक्ति के लिए पात्र माना है। अब इस मामले पर दो दिसंबर को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2021 के विज्ञापन में दो साल का प्रारम्भिक शिक्षा का डिप्लोमा वालों को ही नियुक्ति का पात्र माना। इसके बावजूद 14 नवम्बर को एकवर्षीय डिप्लोमा वाले 158 अभ्यर्थियों को पात्र मानते हुए नियुक्ति के लिए जिला आवंटित कर दिया। इसे रद्द किया जाना चाहिए। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने एक मामले में आर्मी एज्युकेशन कार्पोरेशन ट्रेनिंग कॉलेज एवं सेंटर पंचमढ़ी, मध्यप्रदेश के एकवर्षीय डिप्लोमा को बीएसटीसी के समान नहीं माना, ऐसे में अपात्र को नियुक्ति नहीं दी जाए।
हरदोई के सेंट जेम्स स्कूल में 25 नवंबर को वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह के साथ हुआ। जिलाधिकारी अनुनय झा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास का माध्यम है। उन्होंने बच्चों को सीखने, निखारने और उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने भी अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों के पालन पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रस्तुतियाँ दीं। इनमें नृत्य, गायन, नाटक, चित्रकला और विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी शामिल थे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने इस अवसर पर कहा कि वार्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने अभिभावकों और अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। बच्चों की प्रतिभा देखने के लिए अभिभावक और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के सम्मान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस वार्षिक कार्यक्रम ने शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए केरल की स्कूल शिक्षा पर चिंता जताई। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शत प्रतिशत साक्षरता का दावा करने वाला राज्य अगर इस स्थिति में है
देवास में नर्सिंग ऑफिसर्स की उच्च शिक्षा अटकी, शिकायत की:सिविल सर्जन पर जानकारी रोकने का आरोप
देवास जिला चिकित्सालय की नर्सिंग ऑफिसर्स ने मंगलवार को कलेक्टर को शिकायत सौंपी है। उनका आरोप है कि पोस्ट बेसिक और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में चयन होने के बावजूद उनकी जानकारी संचालनालय को नहीं भेजी जा रही है। नर्सिंग अधिकारियों ने बताया कि वे देवास जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। उन्होंने हाल ही में पीबी बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। सफल होने के बाद महाविद्यालयों ने उनसे आवश्यक जानकारी भेजने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, भोपाल ने जिला अस्पताल को उनकी जानकारी भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने अब तक यह जानकारी अग्रेषित नहीं की। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जानकारी भेजने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2025 है। इस देरी के कारण उनके प्रवेश पर संकट खड़ा हो गया है। नर्सिंग अधिकारियों ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि वे इस मामले पर ध्यान दें और आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि उनके उच्च शिक्षा के अवसर प्रभावित न हों।
अमृतसर स्थित श्री दरबार साहिब में 350 साला शहीदी शताब्दी के उपलक्ष्य पर मुख्य ग्रंथी और पूर्व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस श्री गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत को स्मरण करने और उनकी मानवता, त्याग और धार्मिक स्वतंत्रता की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का दिन है। उन्होंने संगत को गुरु साहिब की शहादत के महत्व और उनके सार्वभौमिक संदेश के बारे में प्रेरणादायक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का दिन पूरी मानवता के लिए अत्यंत पवित्र है, क्योंकि लगभग 350 वर्ष पहले इसी दिन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धार्मिक स्वतंत्रता, मानव अधिकार और सत्य की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। 12 बजे सारी संगत एक बार जपुजी साहिब का पाठ जरूर करें उन्होंने बताया कि गुरु साहिब ने न केवल हिंदू धर्म की रक्षा की, बल्कि अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध एक अडिग खड़े होकर संसार को अद्वितीय साहस का संदेश दिया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने संगत को प्रेरित किया कि दोपहर लगभग 12 बजे सारी संगत एक बार जपुजी साहिब का पाठ जरूर करें। यह पाठ गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरणों में हमारी प्रणाम भेंट है। पवित्र शहर घोषित करने का प्रस्ताव पेश अपने संदेश में उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा श्री अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब वाले शहरों को पवित्र शहर घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह दर्जा दिया जाता है तो इन पवित्र स्थलों के आसपास अनुचित दुकानों और नशे से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगेगी और इन शहरों की गरिमा तथा पवित्रता बनी रहेगी। इस कदम के लिए उन्होंने पंजाब सरकार की खुले तौर पर सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय सिख पंथ की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला और अत्यंत स्वागतयोग्य पहल है। उन्होंने संगत से अपील की कि हम सभी गुरु साहिब की शिक्षाओं साहस, त्याग और मानवता को अपने जीवन में अपनाए और इन पवित्र स्थानों की मर्यादा बनाए रखने में अपना योगदान दें।
पटना साइंस कॉलेज अब मल्टीडिस्पिलनरी मॉडल की ओर बढ़ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने बीए (Arts) और बीकॉम (Commerce) कोर्स शुरू करने के लिए पटना विश्वविद्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृति मिलते ही प्रस्ताव राजभवन भेजा जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज ने 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स (BSc–BEd) शुरू करने का भी प्रस्ताव भेजा है। इस कोर्स को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) से मंजूरी ली जाएगी। सभी नए कोर्स सेल्फ फाइनेंस मोड में चलाए जाएंगे। एनईपी के तहत मल्टीडिस्पिलनरी शिक्षा की ओर कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) कॉलेजों को बहू-विषयक (Multidisciplinary) मॉडल अपनाने पर जोर देती है। अभी पटना साइंस कॉलेज सिर्फ साइंस का कॉलेज है, जिसकी वजह से NAAC में बेहतर ग्रेड हासिल करने में दिक्कतें आ रही है। अन्य कॉलेज छोटा है। इस के बावजूद आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों संकाय होने से उनका ग्रेड बेहतर आ रहा है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि नए संकायों की शुरुआत से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और कॉलेज की रैंकिंग भी सुधरेगी। पटना कॉलेज के बाद साइंस कॉलेज का प्रस्ताव इससे पहले पटना कॉलेज ने साइंस की पढ़ाई (BSc) शुरू करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल पास कर चुकी है। पटना कॉलेज की फाइल अभी सरकार के पास विचाराधीन है। उसी क्रम में अब साइंस कॉलेज ने भी अपने यहां आर्ट्स, कॉमर्स और इंटीग्रेटेड BEd कोर्स खोलने की पहल शुरू की है। कैंपस में मिलेगी नई जगह पटना साइंस कॉलेज परिसर में जल्द ही नया साइंस ब्लॉक तैयार होने वाला है। इसके बनते ही कॉलेज के सभी पीजी विभागों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। पीजी विभागों के पुराने खाली भवनों में ही नए आर्ट्स और कॉमर्स विभागों को शिफ्ट किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर मिल सके। एनसीटीई के नए नियमों के अनुसार सामान्य कॉलेज भी 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड (BSc–BEd/BA–BEd) कोर्स चला सकते हैं। इसी नियम के तहत साइंस कॉलेज ने BSc–BEd कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस कोर्स को शुरू करने से शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में छात्रों को एक ही छत के नीचे दोहरी डिग्री हासिल करने का मौका मिलेगा। बता दें कि साइंस कॉलेज को 2019 में बी ग्रेड मिला था। अब NAAC ग्रेड के नए दौर की तैयारी हो रही है। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नए संकाय खुलने से संस्थान की NAAC ग्रेड में सुधार होगा। प्राचार्या प्रो. अलका ने बताया कि “एनईपी के दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय के सुझाव के बाद कॉलेज में आर्ट्स, कॉमर्स और इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी।
प्रदेश के 639 पीएमश्री स्कूलों में बच्चों को संगीत शिक्षा को लेकर सरकार साढ़े चार महीने बाद जागी है। बजट मंजूर होने पर वाद्य यंत्र खरीदे जा रहे हैं। संगीत शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। वाद्य यंत्र खरीदने के लिए स्कूलों में 50-50 हजार रुपए का बजट स्वीकृत किया गया, जबकि स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुए करीब साढ़े चार महीने बीत गए हैं। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जून 2025 में पीएमश्री स्कूलों में संगीत शिक्षा के लिए आदेश जारी किए थे, लेकिन बजट नहीं मिलने से संगीत शिक्षा शुरू नहीं हो पाई। अब सरकार ने बजट जारी किया है। हर स्कूल में 45 हजार के 7 वाद्य यंत्र खरीदे जा रहे हैं, जबकि 5 हजार रुपए उनके रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। लोक कला को बढ़ावा देने के लिए लोक वाद्य यंत्र खरीदना भी जरूरी है। रखरखाव की जिम्मेदारी संस्था प्रधान को सौंपी गई है। ये स्कूल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में स्थापित किए जाएंगे। इनमें कक्षा 6 से 12वीं तक के वही विद्यार्थी शामिल होंगे, जो संगीत में रुचि रखते हैं। स्कूल स्तर पर अनुबंध वाले संगीत शिक्षक लगाए गए हैं। वे भारतीय और पश्चिमी वाद्य यंत्र बजाना सिखाएंगे। संगीत शिक्षा के लिए प्रदेश के जिलों में पीएमश्री स्कूल अजमेर में 19, बालोतरा में 11, बांसवाड़ा में 18, बारां में 16, बाड़मेर में 18, ब्यावर में 12, भरतपुर में 15, भीलवाड़ा में 23, बीकानेर में 17, बूंदी में 12, चित्तौड़गढ़ में 17, चूरू में 16, दौसा में 17, डीग में 7, धौलपुर में 17, डीडवाना-कुचामन में 15, डूंगरपुर में 14, गंगानगर में 20, हनुमानगढ़ में 16, जयपुर में 30, जैसलमेर में 9, जालोर में 18, झुंझुनूं में 21, जोधपुर में 20, करौली में 14, खैरथल-तिजारा में 10, कोटा में 14, कोटपूतली-बहरोड़ में 9, नागौर में 15, पाली में 18, फलोदी में 10, प्रतापगढ़ में 14, राजसमंद में 16, सलूंबर में 8, सवाईमाधोपुर में 10, सीकर में 28, सिरोही में 10, टोंक में 16 और उदयपुर में 22 पीएमश्री स्कूल शामिल हैं। संगीत शिक्षा के 6 उद्देश्य तय किए गए हैं। हर स्कूल में तीन वाद्य यंत्र अनिवार्य रहेंगे पीएमश्री स्कूलों में ये वाद्य यंत्र खरीदे जाएंगे - हारमोनियम/सिंथेसाइज़र, तबला, गिटार/वायलिन में से तीन अनिवार्य रहेंगे। जबकि ढोलक, सितार, वीणा, बांसुरी, ढपली, पियानो, की-बोर्ड, ड्रम्स आदि में से 3 ऐच्छिक रहेंगे। अलगोजा, खड़ताल, रावणहत्था, भपंग, सारंगी, नगाड़ा, चंग, डफ, ढोल, मंजीरा जैसे लोक वाद्य यंत्रों में से एक शामिल किया जाएगा। इनमें से कोई फंक्शनल वाद्य यंत्र स्कूल में पहले से उपलब्ध है, तो उसके अलावा दूसरे खरीदे जाएंगे।
एचएम के खिलाफ विद्यार्थियों की शिकायत पर जांच के लिए पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी
भास्कर न्यूज | तुपकाडीह पेटरवार प्रखंड अंगवाली पंचायत के उच्च विद्यालय अंगवाली की प्रभारी प्रधानाध्यापिका निभा आईंद के खिलाफ विद्यालय के छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों की शिकायत पर जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा सोमवार को जांच के लिए विद्यालय पहुंच कर बैठक किए। बैठक में शिक्षाविद पंचायत के मुखिया, शिक्षक व ग्रामीण शामिल थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष छात्र-छात्राएं व ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से चार मांगों पर चर्चा हुई। जिसमें प्रभारी एचएम निभा आईंद को हटा कर विद्यालय के शिक्षक अशोक कुमार को प्रभारी बनाया जाए। विद्यालय के शिक्षिका संगीता कुमारी को हटाया जाए। बैठक में सभी मांगों पर चर्चा कर प्रभारी एचएम व शिक्षिका को हटाने का निर्णय लिया गया। वहीं बैठक में एचएम प्रभारी निभा आईंद व शिक्षिका संगीता कुमारी ने अपना इस्तीफा जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रभार प्रभारी को निर्देश दिए कि बैठक करने के लिए बेरमो विधायक को पत्र देकर समय निर्धारित कर बैठक कर कमेटी का गठन करें। विदित हो की प्रभारी प्रधानाध्यापिका की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। यहां के मुखिया सहित करीब 92 ग्रामीणों की संयुक्त हस्ताक्षरित शिकायत पत्र मुख्यमंत्री के नाम रांची में सौंपा गया है। वहीं इस शिकायत पत्र के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा ने 20 नवंबर को अपने पत्रांक संख्या 1758 के हवाले से प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पत्र प्राप्ति के तीन दिन के भीतर अपना पक्ष कार्यालय में रखने को कहा था। बताया गया कि ग्रामीणों के आवेदन में प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ मानसिक उत्पीड़न, धमकी, भ्रष्टाचार व विद्यालय की व्यवस्था को ध्वस्त करने संबंधी अनेक् गंभीर आरोप लगाते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में कुत्तों की निगरानी से जुड़े आदेश पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर सरकार को शिक्षकों से इतनी जानकारी चाहिए, तो पहले उनके लिए डॉग ट्रेनिंग की कार्यशाला करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट ट्रेनर टीचरों को कुत्तों की पहचान, उनके व्यवहार और खतरे की स्थिति में खुद को कैसे सुरक्षित रखें यह सब सिखाएं। उपाध्याय ने आगे कहा कि अगर सरकार यह जिम्मेदारी नहीं निभाती, तो कांग्रेस खुद प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर शिक्षकों को इसके लिए तैयार करेगी। क्या है कुत्तों की निगरानी का आदेश प्रदेश में अब शिक्षक न सिर्फ बच्चों को पढ़ाएंगे, बल्कि उन्हें स्कूलों के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों की निगरानी भी करनी होगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों के जेडी और डीईओ को निर्देश देते हुए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत शिक्षकों को स्कूल परिसर या उसके आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की सूचना ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग कैचर को देनी होगी। इसके बाद, स्थानीय प्रशासन के सहयोग से स्कूल में कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग और राजमेस की टीम सोमवार को डूंगरपुर पहुंची। मेडिकल कॉलेज के हरिदेव जोशी जिला अस्पताल का विजिट किया। अस्पताल में लिफ्ट बंद मिली। एक वार्ड को छोड़कर पूरे अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम भी खराब था। गंदगी समेत 19 तरह की कमियां सामने आई। टीम ने इस पर नाराजगी जताते हुए कमियों को समय पर दूर करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहायक लेखाधिकारी प्रथम जयराम मीना, राजमेस के सहायक अभियंता रवि प्रकाश की टीम सोमवार को डूंगरपुर पहुंची। टीम ने हरिदेव जोशी जिला अस्पताल डूंगरपुर का विजिट किया। अस्पताल के कई वार्डों और सुविधाओं को देखा। वार्डों के टॉयलेट से आ रही बदबू निरीक्षण के दौरान टीम को अस्पताल के कई वार्डों में गंदगी के हालत मिले। सफाई न होने की वजह से वार्डों के टॉयलेट से बदबू आ रही थी। मरीजों के बेड पर लगी बेडशीट भी रोजाना नहीं बदली जा रही थी। कई जगहों पर बेड शीट गंदी हालत में मिली। अस्पताल की लिफ्ट सही तरह से नहीं चल रही थी। लिफ्ट का एलइडी सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। फायर फाइटिंग सिस्टम मिले बंद हॉस्पिटल में छत पर लगी पानी की टंकियों की लंबे समय से सफाई तक नहीं की गई थी। वहीं, कई टंकियों के ढक्कन तक नहीं मिले। सुरक्षा में सिर्फ 4 गार्ड लगे हुए थे। अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम केवल एक वार्ड में चालू मिला। बाकी सभी वार्डों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा हुआ था, लेकिन बंद हालत मिला। आग लगने जैसी घटना पर कोई भी बड़ी जनहानि होने की संभावना है। खिड़की, दरवाजे, टॉयलेट के दरवाजे टूटे कई जगहों पर बिजली के तार खुले मिले। पंखे और लाइटें भी कई जगह खराब थी। खिड़की, दरवाजे, टॉयलेट के दरवाजे टूटे और क्षतिग्रस्त हालत में थे। मेडिकल कॉलेज में बाउंड्री वाल भी कई जगह टूटी हुई मिली। लेक्चर हॉल में सिटिंग व्यवस्था सही नहीं थी। बायोकेमेस्ट्री और एनोटॉमी विभाग ने 150 सीट्स में विस्तार के काम की गति भी धीमी थी। टीम ने कुल 19 कमियां गिनाते हुए इन कमियां को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह मथुरा में:अधिकारियों संग की शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री संदीप सिंह एक दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान, उन्होंने पहले भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और संगठनात्मक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद, मंत्री पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस गए, जहाँ उन्होंने विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक की। बैठक में मंत्री ने जिले में चल रही विकास योजनाओं, शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यों और विद्यालयों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समय पर, पारदर्शी तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदीप सिंह ने विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, छात्र सुविधाओं को बढ़ाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके लिए विभागों के बीच समन्वय और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक के दौरान जिले में चल रहे निर्माण कार्यों, स्मार्ट क्लास की स्थापना, पुस्तक वितरण, मध्याह्न भोजन योजना और विभागीय निरीक्षणों की स्थिति पर भी गहन चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। मंत्री का यह दौरा जिले में शिक्षा संबंधी विकास कार्यों के निरीक्षण और समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उम्मीद है कि इस दौरे से जनपद में शिक्षा व्यवस्था को आगामी दिनों में और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
खगड़िया में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कामों के लिए जिले के अलौली प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय तिलकनगर के समर्पित शिक्षक संजय कुमार को निपुण शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पटना में आयोजित एक दिवसीय निपुण शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। मिशन निपुण बिहार के तहत शिक्षा सुधार में योगदान मिशन निपुण बिहार के अंतर्गत राज्यभर में बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। संजय कुमार के विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, छात्रों में भाषा और गणना कौशल को विकसित करने, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों के प्रभावी उपयोग तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण निर्माण जैसे नवाचारी प्रयासों को विशेष रूप से सराहा गया। अधिकारियों ने की प्रशंसा कार्यक्रम में निदेशक प्राथमिक शिक्षा, सह-निदेशक राज्य FLN साहिला (भा.प्र.से.) एवं अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग बिहार डॉ. बी. राजेन्द्र (भा.प्र.से.) ने संयुक्त रूप से संजय कुमार को सम्मान पत्र प्रदान किया। अधिकारियों ने उनकी प्रतिबद्धता और नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक ही राज्य में शिक्षा सुधार के वास्तविक परिवर्तनकारी वाहक हैं। जिम्मेदारियाँ और अपेक्षाएं संजय कुमार को मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, विद्यालय स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रगति को और सुदृढ़ करने तथा खगड़िया जिले को राज्य में अग्रणी बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उम्मीद जताई गई है कि वे अपने नेतृत्व और नवाचारी कार्यशैली के दम पर जिले को निपुणता लक्ष्य प्राप्ति में नई ऊँचाई तक पहुँचाएँगे। प्रेरणा स्रोत बनेंगे शिक्षक कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के विभिन्न पदाधिकारी भी उपस्थित थे। संजय कुमार को मिला यह सम्मान जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का नया मानक बन गया है। इससे न केवल शिक्षक समुदाय में नवाचार और समर्पण की भावना को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

