कोटा नगर निगम चुनाव के नतीजों में भाजपा को अपने ही दिग्गजों के वार्डों में बड़ा झटका लगा है। शिक्षा मंत्री और भाजपा शहर अध्यक्ष के वार्ड में BJP प्रत्याशी हार गए। वहीं कांग्रेस 9 वार्डों में तीसरे नंबर पर रही है, जबकि 3 वार्डों में भाजपा तीसरे नंबर पर रही है। हालांकि, ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के वार्ड 87 का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे यहां मुकाबले की तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। दरअसल, कोटा नगर निगम चुनाव में 100 में से 97 वार्डों का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है। इनमें भाजपा ने 55 और कांग्रेस ने 38 सीटें जीती हैं, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी। तीन वार्ड (11,44 और 87) में मशीन नहीं खुलने से परिणाम होल्ड पर रखा है। कोटा नगर निगम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी के 6 वार्ड आते हैं। इनमें तीन वार्ड (वार्ड 2, 23, 24) में भाजपा को जीत मिली है। जबकि तीन (3,:22, 52) में कांग्रेस जीती है। इन नेताओं के वार्ड में पार्टी प्रत्याशी को हार मिली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के वार्ड 52 से कांग्रेस प्रत्याशी रोहित महावर ने जीत हासिल की है। रोहित महावर ने बीजेपी की एकता वर्मा को 149 वोटों से हराया। भाजपा विधायक कल्पना के वार्ड 41 से भाजपा की हार हुई है। यहां से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। भाजपा प्रत्याशी राकेश 617 वोटों से हार गए। वहीं भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन के वार्ड 55 से कांग्रेस के मनीष ने जीत हासिल की है। मनीष ने बीजेपी के मिलाप जैन को 44 वोट से हराया। कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू के वार्ड 68 से बीजेपी के सुरेश सिंह जीते हैं। सुरेश सिंह ने कांग्रेस के राजेश दयानी को 1330 वोट से हराया। इन नेताओं के वार्ड से पार्टी प्रत्याशी जीते कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल के वार्ड 41 से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। मंगल ने भाजपा प्रत्याशी राकेश को 617 वोटों से हराया है। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड 27 में बीजेपी ने जीत हासिल की है। बीजेपी के लोकेश गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को 624 वोट से हराया। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम के वार्ड से कांग्रेस के योगेश कुमार विजय ने जीत हासिल की है। योगेश ने बीजेपी के देवेंद्र शर्मा को 732 वोट से हराया। लोक सभा स्पीकर ओम बिरला के वार्ड 83 से भाजपा की सीमा चौधरी जीती हैं। सीमा चौधरी ने कांग्रेस की सुनीता शर्मा को 1746 वोटों से हराया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के वार्ड 94 से बीजेपी की दीपिका शर्मा जीती हैं। दीपिका ने कांग्रेस की दीपा मंगल को 1005 वोटों से हराया। मंत्री-विधायक के वार्ड में हार जीत प्रमुख नेताओं के वार्ड में पार्टी को मिले वोट इनकी बड़ी जीत भाजपा के गोपाल राम मंडा पांचवीं बार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। गोपाल ने पहला चुनाव निर्दलीय जीता था। जिसके बाद लगातार भाजपा के टिकट पर जीतते आए है। लॉटरी के चलते इस बार उन्होंने दूसरे वार्ड (वार्ड 91) से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। भाजपा के विवेक राजवंशी लगातार चौथा चुनाव जीते हैं, विवेक ने भी लॉटरी के चलते वार्ड बदला और गोपाल मंडा के वार्ड से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। सबसे बड़ी जीत कांग्रेस के वार्ड 13 से प्रत्याशी फैजल बैग को सबसे ज्यादा वोटों से जीत मिली है। फैसल ने भाजपा के दिनेश सरसिया को 3860 वोटों से हराया है। सबसे कम अंतर से जीत सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया। इन वार्डों में भाजपा कांग्रेस तीसरे चौथे नंबर पर रही 7 वार्ड में 50 से कम अंतर से हार जीत 100 में से 7 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें हार जीत का अंतर 50 से कम रहा है। इनमें तीन में भाजपा, तीन कांग्रेस और एक में निर्दलीय को जीत मिली। सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया।
मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना
New Delhi, 14 सितंबर . BJP MP गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किए जाने, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), वंदे मातरम्, महिला एशिया कप, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और राहुल गांधी के बयानों समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मदरसों में समय-समय पर कई सुधार किए ... Read more
महराजगंज को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सदर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, स्वच्छता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से पाठ्यक्रम और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछकर उनके पढ़ाई के स्तर को जांचा। ज्यादातर छात्राओं द्वारा संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर उन्होंने शिक्षकों की तारीफ की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और छात्राओं को नियमित पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विद्यालय के किचन और डाइनिंग हॉल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं के साथ शाम का नाश्ता भी किया और भोजन की गुणवत्ता जांची। व्यवस्थाएं ठीक पाए जाने पर उन्होंने स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के मानकों को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए। छात्रावास के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बालिकाओं के रहने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों में पर्याप्त हवा और साफ-सुथरा माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। विद्यालय परिसर में बन रहे कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने काम की प्रगति और गुणवत्ता देखी। उन्होंने ठेकेदार को तय मानकों और गुणवत्ता के हिसाब से निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा
बीजापुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने अवकाश के दिन उसूर विकासखंड के विभिन्न पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तीन संस्थाओं में 10 अनुदेशकों के अनुपस्थित मिलने पर उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार, जनता को चाहिए रोजगार और शिक्षा: यासूब अब्बास
Lucknow, 14 सितंबर . ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने के फैसले, 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की योजना और India की महिला क्रिकेट टीम से जुड़े ट्रॉफी विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मदरसों को बंद ... Read more
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है, जिन्होंने अब तक हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एक नोटिस जारी किया है। इसके तहत बिना HTET पास किए सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब भिवानी बोर्ड (BSEH) को साल में दो बार HTET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पर्याप्त मौका मिल सके। अब जानिए विभाग के आदेश में क्या.. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत जारी हुआ नोटिस शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 (अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में 1 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश और रिव्यू पिटीशन में 29 मई 2026 को पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षकों तक यह सूचना तुरंत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बरेली में दो माह से लंबित मानदेय, टेंडर प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को आउटसोर्स कर्मचारियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों ने संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल, बरेली के कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने लंबित मानदेय का भुगतान, टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि वे विद्यालयों में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन दो माह का मानदेय लंबित होने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के सामने रोजगार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। परिषद ने मांग की कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब समाप्त कर उसे शीघ्र पूरा कराया जाए। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामज्ञा कुमार ने सभी आउटसोर्स कर्मियों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर सभी का मानदेय निर्गत कराया जाएगा। परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी विद्यालय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनसे नियमित रूप से काम लिया जा रहा है, लेकिन उनके मानदेय और भविष्य की सुरक्षा के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश सचिव शैलेश सिंह ने कहा कि दो माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी किया जाए, टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। मंडल अध्यक्ष हरिओम शर्मा और मंडल संयोजक सागर सर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो परिषद आंदोलन को और व्यापक रूप देने से पीछे नहीं हटेगी।
बदायूं में उत्तर प्रदेश माहौर वैश्य महासभा की बैठक हुई। इसमें समाज के अधिक से अधिक परिवारों को संगठन से जोड़ने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता शिवलाल गुप्ता ने की, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। एकजुटता को बताया समाज की ताकत प्रदेश अध्यक्ष अजय के. गुप्ता ने कहा कि किसी भी समाज की ताकत उसकी एकजुटता होती है। समाज के हर परिवार को संगठन से जोड़कर आपसी सहयोग की भावना मजबूत करने की जरूरत है। मजबूत संगठन के जरिए समाज से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है। प्रदेश महामंत्री अरविंद गुप्ता ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, अच्छे संस्कार और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने तथा जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। जिले में परिवारों को एक मंच पर लाने की तैयारी जिला अध्यक्ष संतोष मोहन गुप्ता ने कहा कि जिला स्तर पर समाज के परिवारों को एक मंच पर लाया जाएगा। उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। सामाजिक और रचनात्मक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। संरक्षक राजीव गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को साथ लेकर समाज को मजबूत किया जा सकता है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना समय की जरूरत है। इस बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने, मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने, जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक बुराइयों को दूर करने और महासभा के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इस दौरान डॉ. संजीव गुप्ता, एडवोकेट संजीव गुप्ता, अवधेश गुप्ता, नरेश पाल गुप्ता, विनय गुप्ता, केएल गुप्ता, वेद भानु आर्य, देवेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, दीपक गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता, रजत कुमार गुप्ता, अंश गुप्ता, डॉ. सुशील गुप्ता, मनीष गुप्ता, मुकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, केबी गुप्ता, शशिकांत गुप्ता, अमित कुमार गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, अमित महाजन, जितेंद्र महाजन, मयंक गुप्ता, डॉ. वैभव गुप्ता और डॉ. कौशल गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता : राजेश यादव
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने सोमवार को शासन सचिवालय में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल योजना सहित विभिन्न आवासीय विद्यालयों...
UP की उच्च शिक्षा में AI क्रांति, स्टेट पॉलिसी की कमान संभालेंगे ये कुलपति
उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI नीति लागू की जाएगी. नीति तैयार करने और इसे जमीन पर लागू कराने के लिए दो कमेटियां बनाई गई हैं. AI पॉलिसी एडवाइजरी कमेटी में CSJMU कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को सदस्य बनाया गया है. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने AI के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया.
सीजीपीएससी भर्ती 2026: माइक्रोबायोलॉजिस्ट के पदों पर नौकरी का मौका, 9 अक्टूबर तक करें आवेदन
नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने माइक्रोबायोलॉजिस्ट के विभिन्न पदों पर रिक्तियों की घोषणा अपनी...
RRB JE recruitment 2026: 3,993 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) का 3,993 जूनियर इंजीनियर (JE) की भर्ती के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस आज खत्म होने वाला है, जितनी जल्दी हो सके अप्लाई करें। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में जूनियर इंजीनियर और डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट जैसे कई पोस्ट शामिल हैं। यह उन लोगों के लिए एक शानदार मौका है जिन्होंने संबंधित फील्ड में तीन साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा किया है। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 14 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 13 सितंबर करेक्शन विंडो खुलने की तारीख: 16 सितंबर करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 25 सितंबर एप्लीकेशन फीस भरने की आखिरी तारीख: 15 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: बाद में बताया जाएगा उम्र सीमा: 1 जनवरी को 18 साल से 33 साल की उम्र वाले कैंडिडेट इस नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के नियमों के अनुसार उम्र में छूट भी मिलेगी। वैकेंसी डिटेल्स: अहमदाबाद: 143 अजमेर: 252 बेंगलुरु: 298 भोपाल: 113 भुवनेश्वर: 86 बिलासपुर: 124 चंडीगढ़: 183 चेन्नई: 362 गोरखपुर: 198 गुवाहाटी: 329 जम्मू-श्रीनगर: 152 कोलकाता: 457 मालदा: 30 मुंबई: 411 पटना: 17 प्रयागराज: 73 रांची: 340 सिकंदराबाद: 122 सिलीगुड़ी: 110 तिरुवनंतपुरम: 92 एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC और EWS: Rs 500 SC, ST, PwD और महिला: Rs 250 जो भी स्टेज 1 एग्जाम देगा लागू शर्तों के तहत, एप्लीकेशन जमा करते समय उन्होंने जो भी रकम दी होगी, वह रिफंड हो जाएगी। अप्लाई कैसे करें: रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन पढ़ें डॉक्यूमेंट्स तय फॉर्मेट में रखें एप्लीकेशन फॉर्म भरें फॉर्म जमा करने से पहले चेक करें एप्लीकेशन फीस भरें आगे के रेफरेंस के लिए एप्लीकेशन फीस की एक कॉपी रखें
India post recruitment 2026: 23,757 पदों पर निकली भर्ती, दसवीं पास करें आवेदन
pc: kalinga tv इंडिया पोस्ट ने ब्रांच पोस्टमास्टर, असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर और डाक सेवक समेत 23,757 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती अभियान ग्रामीण डाक सेवक (GDS) शेड्यूल-II के तहत है। इंटरैक्टिव मैप्स डाउनलोड करें इस भर्ती के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है और अप्लाई करने की आखिरी तारीख 21 सितंबर शाम 5 बजे तक है। इस भर्ती का मकसद बिना किसी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के बड़ी संख्या में 10वीं पास उम्मीदवारों को आकर्षित करना है। सिलेक्शन पूरी तरह से क्लास 10 में मिले मार्क्स के आधार पर होगा। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 21 सितंबर एप्लीकेशन करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 23-24 सितंबर एप्लीकेशन का तरीका: ऑनलाइन वैकेंसी: 23,757 पोस्ट वैकेंसी: महाराष्ट्र: 2,297 तमिलनाडु: 2,118 उत्तर प्रदेश: 1,691 पश्चिम बंगाल: 1,619 मध्य प्रदेश: 1,450 झारखंड: 1,379 केरल: 1,373 ओडिशा: 1,353 कर्नाटक: 1,116 बिहार: 1,098 नॉर्थ-ईस्टर्न रीजन: 1,354 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से क्लास 10 पास होना चाहिए। कैंडिडेट ने स्कूल में मैथ और इंग्लिश सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ा हो। कैंडिडेट्स को अपनी लोकल भाषा, बेसिक कंप्यूटर स्किल्स और साइकिल चलाना आना चाहिए। एज लिमिट: उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। रिजर्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी। एप्लीकेशन फीस: फीस 100 रुपये है। महिला कैंडिडेट्स, SC, ST, PwBD और ट्रांसजेंडर महिलाएं: कोई फीस नहीं अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट्स वेबसाइट पर जाएं अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें एप्लीकेशन के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें एप्लीकेशन फीस पे करें फॉर्म सबमिट करें यह रिक्रूटमेंट ड्राइव उन लोगों के लिए एक अच्छी पहल है जो एंट्री-लेवल पोस्ट्स के साथ पोस्टल डिपार्टमेंट में जाने का मौका ढूंढ रहे हैं।
मध्य प्रदेश के 4500 अतिथि विद्वानों ने उच्च शिक्षा विभाग की फॉलेन आउट प्रक्रिया रोकने के लिए राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। इसको लेकर प्रदेश के अतिथि विद्वानों का एक प्रतिनिधिमंडल उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन सौंपेगा। इस मुलाकात में यह मांग की जाएगी कि अतिथि विद्वानों के भविष्य की सुरक्षा के लिए नीति बनने और उसके लागू होने तक फॉलेन आउट प्रक्रिया बंद रखी जाए। नियमितीकरण, स्थायित्व का दिया था आश्वासनमंत्री परमार से मंगलवार को होने वाली मुलाकात के लिए तय डिमांड लेटर में अतिथि विद्वानों ने कहा है कि 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन, भोपाल में हुए सम्मेलन में अतिथि विद्वानों की समस्याओं को गंभीरता से स्वीकार करते हुए मंत्री ने नियमितीकरण, स्थायित्व के संबंध में नीति बनाने का आश्वासन दिया था। इस दौरान हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति बनाने की बात भी कही गई थी। ज्ञापन में 11 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भोपाल में अतिथि विद्वानों की महापंचायत के दौरान दिए गए आश्वासन का भी उल्लेख किया गया है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि उस समय फॉलेन आउट प्रक्रिया बंद कर भविष्य सुरक्षित करने का भरोसा दिया गया था। मुख्यमंत्री यादव ने भी राखी के मौके पर दिया है आश्वासनवहीं, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर उज्जैन में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भी अतिथि विद्वान बहनों ने मांग रखी कि जब तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनती, तब तक फॉलेन आउट प्रक्रिया रोकी जाए। मुख्यमंत्री ने भी जल्द फॉलेन आउट प्रक्रिया रोकने का आश्वासन दिया था। अतिथि विद्वान संघ के डॉ राकेश सिंह ने कहा है कि अगर मंत्री परमार उनकी मांगों को स्वीकार करते हैं तो उनका अभिनंदन, धन्यवाद किया जाएगा वहीं मांगें नहीं माने जाने पर शांतिपूर्वक, संवैधानिक तरीके से मौन प्रदर्शन किया जाएगा।
job news 2026: इस जॉब के लिए कर सकते हैं 30 सितंबर तक आवेदन, मिलेगी इतनी सैलेरी
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सज में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,871 पद भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है और इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर तक का आवेदन कर सकते हैं। कुल पद- 1,871 पदों का नाम- सब इंस्पेक्टर सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन की लास्ट डेट- 30 सितंबर 2026 आवेदन- ऑनलाइन आयु सीमा- 20 से 25 वर्ष योग्यता- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट ssc.gov.in देख सकते हैं pc- shutterstock.com
हिंदी में MBBS और BTech: तकनीकी शिक्षा में भाषा परिवर्तन का महत्व
हाल के वर्षों में, MBBS और BTech जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों को हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाने की पहल ने छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। यह बदलाव न केवल भाषा की बाधाओं को समाप्त करता है, बल्कि छात्रों को अपनी मातृ भाषा में अध्ययन करने का अवसर भी प्रदान करता है। AICTE और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा विकसित पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से, छात्रों को अवधारणाओं को समझने में आसानी हो रही है। यह पहल न केवल ड्रॉपआउट दर को कम कर रही है, बल्कि हिंदी भाषी छात्रों के लिए सफलता के नए रास्ते भी खोल रही है।
UPSSSC Senior Instructor Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ प्रशिक्षक के 132 पदों पर भर्ती निकली है। आवेदन 14 सितंबर से शुरू होंगे। खास बात यह है कि मुख्य परीक्षा के लिए पीईटी-2025 के स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 121 खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ सहायकों के तबादले किए हैं। यह कार्रवाई 2026-27 की वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत हुई है।
हरियाणा: एसएसएससी क्लर्क की उत्तर कुंजी पर आज से दर्ज करें आपत्ति, 16 सितंबर तक मौका; फीस कितनी?
Haryana SSSC Clerk Answer Key 2026: हरियाणा एसएसएससी क्लर्क भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी हो गई है। अब अभ्यर्थी 16 सितंबर तक किसी उत्तर पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। हर आपत्ति के लिए 25 रुपये शुल्क देना होगा।
डॉक्टरों की नई पौध तैयार कर रहा यूपी, योगी सरकार में मेडिकल शिक्षा ने पकड़ी रफ्तार
Chief Minister Yogi Adityanath : डॉक्टर बनने का सपना देख रहे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए योगी सरकार ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों का पिटारा खोल दिया है। प्रदेश में नीट यूजी-2026 की दूसरी काउंसलिंग 14 सितंबर से शुरू होने जा रही है। इसी बीच ...
गोरखपुर में इस्लामी बहनों की संगोष्ठी:हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी की शिक्षाओं पर हुआ मंथन
गोरखपुर में मकतब इस्लामियात, चिंगी शहीद इमाम चौक, तुर्कमानपुर में इस्लामी बहनों की विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी की इल्मी खिदमात, नेक जिंदगी, रूहानी खूबियों और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य विषय “हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी की इल्मी खिदमात व नेक बंदे और उनका तरीका” रहा। इल्म, अमल और अच्छे अखलाक पर जोर मुफ्तिया कहकशां फिरदौस ने कहा कि बुजुर्गाने दीन की इल्मी विरासत को समझना और उनके नेक किरदार को जीवन में अपनाना ही सच्ची पैरवी है। केवल नाम लेना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं पर अमल करना जरूरी है। आलिमा अरबिया इस्माईली, सादिया नूर और रहनुमा कुरैशी ने भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी की जिंदगी इल्म, इबादत, सच्चाई, परहेजगारी और इंसानियत की खिदमत का उदाहरण है। बच्चों की तर्बियत में महिलाओं की भूमिका वक्ताओं ने महिलाओं की दीनी और नैतिक जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला। कहा कि मां की अच्छी तर्बियत और दीनी समझ का असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। इस दौरान सना खान, सना फातिमा और सुमैया कुरैशी ने नातिया कलाम पेश किए। संचालन मुबश्शिरा कुरैशी ने किया। अंत में मुल्क, समाज और पूरी इंसानियत की अमन व सलामती के लिए दुआ की गई।
मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए APAAR ID की शुरुआत: शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन
मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए APAAR ID की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना है। यह पहल NEP 2020 के तहत वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्यक्रम का हिस्सा है। APAAR ID छात्रों को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान करेगी, जिससे उनकी पढ़ाई से जुड़ी जानकारियाँ एकत्रित की जा सकेंगी। वर्तमान में, लगभग 1 करोड़ छात्रों की ID तैयार की जा चुकी है। इस ID के माध्यम से छात्रों को स्कूल बदलने और स्कॉलरशिप जैसी योजनाओं में मदद मिलेगी। जानें इस नई पहल के बारे में अधिक जानकारी।
कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का दो दिवसीय जिलास्तरीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। दूसरे दिन पार्टी के केंद्रीय सचिव मंडल सदस्य डॉ. बिक्रम सिंह ने ‘आज की राजनीतिक परिस्थिति और हमारी जिम्मेदारी’ विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की वर्षों पुरानी गंगा-जमुनी संस्कृति को लगातार कमजोर किया जा रहा है। केंद्र और अधिकांश राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें हैं और इन सरकारों पर लगातार सांप्रदायिक एजेंडे के आधार पर आगे बढ़ने का आरोप लग रहा है। नौजवानों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित नहीं किए जा रहे हैं और बंद पड़े उद्योग-धंधों को भी चालू नहीं किया जा रहा है। डॉ. बिक्रम सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा के बड़े पैमाने पर निजीकरण, व्यावसायीकरण और सांप्रदायीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जो देश के लिए खतरनाक संकेत है। परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया। आदिवासियों पर हमले बढ़ रहे कहा कि अल्पसंख्यकों, महिलाओं, दलितों और आदिवासियों पर हमले बढ़ रहे हैं। धर्मनिरपेक्षता पर आधारित भारतीय संविधान की भावना को कमजोर किया जा रहा है और सरकार की ओर से धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डॉ. बिक्रम सिंह ने कहा कि देश की सभी वामपंथी, जनवादी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों की व्यापक एकता से ही सांप्रदायिक ताकतों को परास्त किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि छात्रों, नौजवानों, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के सवालों को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू करें और उसे कामयाबी की मंजिल तक पहुंचाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के वरीय नेता शाह जफर इमाम और सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा के अध्यक्ष मंडल ने की। जिला सचिव रामाश्रय महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया। 2 मिनट का मौन रखा प्रशिक्षण शिविर में पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य विधायक अजय कुमार, राज्य कमेटी सदस्य मनोज प्रसाद, सुनील एवं राम दयाल भारती, जिला सचिव मंडल सदस्य सत्य नारायण सिंह, उपेंद्र राय, महेश कुमार, राम सागर पासवान एवं विधानचंद्र, जिला कमेटी सदस्य रघुनाथ राय, दिनेश पासवान, शांति देवी, भोला राय, श्याम किशोर कमल, सिया प्रसाद यादव, लाला प्रसाद, अवधेश मिश्र एवं प्रेमानंद सिंह सहित करीब डेढ़ सौ चयनित प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पार्टी के जिला कमेटी सदस्य शशिकांत झा की स्मृति में दो मिनट का मौन रखने के साथ प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ।
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU), चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट (MA) इतिहास सिलेबस से सिख इतिहास को अनिवार्य विषय की सूची से हटाकर वैकल्पिक श्रेणी में डाल दिया गया है। इस फैसले के सामने आते ही पंजाब की राजनीति गरमा गई है। बठिंडा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस कदम के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर कड़ा रोष व्यक्त किया है। सांसद बादल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी का यह फैसला पूरी तरह से पंजाब विरोधी है, जिसने पंजाबियों और सिख समुदाय के मन में भारी गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत किया गया है, लेकिन हरसिमरत कौर बादल का कहना है कि यह पंजाब की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने मांग की है कि एमए इतिहास के नए सिलेबस को तुरंत रद्द कर पुराना सिलेबस बहाल किया जाए। सिलेबस में क्या बदलाव हुआ जानिए… हरसिमरत कौर बादल ने पत्र में क्या लिखा: सिलसिलेवार जानिए… यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने रखी गईं 5 प्रमुख मांगें…
शिक्षा से जोड़ने की पहल, मेढ़ना खुर्द में ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए साप्ताहिक कंप्यूटर केंद्र शुरू
भास्कर न्यूज | गढ़वा डिजिटल और ऑनलाइन दौर में कंप्यूटर शिक्षा अब जरूरत बन चुकी है। इसी जरूरत को देखते हुए गढ़वा प्रखंड के मेढ़ना खुर्द गांव में ग्रामीण युवक-युवतियों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मेढ़ना खुर्द में रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने साप्ताहिक कंप्यूटर शिक्षा केंद्र की शुरुआत की। मौके पर लोगों ने कहा कि केंद्र के माध्यम से गांव के बच्चों और युवक-युवतियों को नियमित रूप से कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए शुरुआती चरण में दो लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र की शुरुआत करते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर का ज्ञान हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियां अभी भी इस जरूरी हुनर से काफी हद तक दूर हैं। खासकर गांव की बेटियों को कंप्यूटर शिक्षा हासिल करने में अधिक परेशानी होती है। आर्थिक और आवागमन संबंधी कारणों से वे शहर जाकर प्रशिक्षण नहीं ले पाती हैं। ऐसे में गांव में ही कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंकज पिछले पांच सालों में 300 बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार को केंद्र पर कंप्यूटर और लैपटॉप उपलब्ध रहेंगे। ताकि ग्रामीण बच्चे-बच्चियां नियमित रूप से प्रशिक्षण ले सकें। फिलहाल दो लैपटॉप से केंद्र की शुरुआत की गई है। बच्चों की संख्या और जरूरत के अनुसार भविष्य में और लैपटॉप व कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र शुरू करने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। ग्रामीण बच्चों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर : मौके पर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी की ओर से चलाया जा रहा कंप्यूटर शिक्षा अभियान सराहनीय है। इस तरह की पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेढ़ना खुर्द में प्रशिक्षण केंद्र खुलने से गांव के बच्चों और युवक-युवतियों को कंप्यूटर सीखने के लिए शहर का रुख नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पासवान, गुंजन पासवान, बबलू पासवान, शैलेश पासवान, निखिल उपाध्याय, जय हिंद पासवान सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे। कंप्यूटर कक्षा में उपस्थित बच्चे और प्रशिक्षक पंकज। कोरोना काल से गांवों में जारी है अभियान पंकज कुमार तिवारी ने बताया कि बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने का यह अभियान कोरोना काल से लगातार चल रहा है। इसके तहत बौलिया, डुमरिया, डटमा, अशया, रंका, बरदागा, गिजना समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा केंद्र शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों पर लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब मेढ़ना खुर्द के बच्चों को भी गांव में ही कंप्यूटर सीखने का अवसर मिलेगा।
राजगढ़ में 18-19 को जुटेंगे शिक्षक, शिक्षा की चुनौतियों व समस्याओं को लेकर करेंगे मंथन
शिक्षकों की समस्याओं से लेकर शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों तक विभिन्न मुद्दों पर मंथन के लिए जिलेभर के शिक्षक राजगढ़ में जुटेंगे। राजस्थान शिक्षक संघ जिला शाखा का 64वां जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18 व 19 सितंबर को जाट भवन राजगढ़ में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान सभा राज्य महासचिव गुरुचरण सिंह मोड़ मुख्य वक्ता होंगे। शिक्षाविद नरेंद्र दूत तथा भादरा पूर्व विधायक कामरेड बलवान पूनिया भी शिक्षक समुदाय को संबोधित करेंगे। सम्मेलन को लेकर राजगढ़ उपशाखा की बैठक आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप देने को लेकर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़ व जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि शैक्षिक सम्मेलन केवल शिक्षकों की समस्याओं को उठाने का मंच नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की दिशा और वर्तमान चुनौतियों पर सामूहिक चिंतन का अवसर भी है। उन्होंने जिलेभर के शिक्षकों से सम्मेलन में अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया। उपशाखा अध्यक्ष संजय खीचड़ व मंत्री सतीश जांगिड़ ने बताया कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक साथियों से संपर्क कर रहे हैं। बैठक को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रतनसिंह पूनिया व महेंद्र सिंह पूनिया ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी पदाधिकारी और शिक्षक सदस्य मौजूद रहे। बैठक में सम्मेलन के प्रचार तथा अधिकाधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में जिला कार्यकारिणी के राजेंद्र सामरिया, रामचंद्र प्रजापत, हवासिंह पूनिया तथा ब्लॉक कार्यकारिणी के सुखवीर पूनिया, दरिया सिंह प्रजापत, पवन पूनिया, सुरेश नायक, सत्यवीर धानिया, बलवान कड़वासरा, मुकेश कालीरावणा, ओमप्रकाश मुहाल सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
सवाईमाधोपुर में सिम्पोजियम, चुनौतियों पर पैगम्बर की शिक्षाओं की गहन चर्चा
जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द सवाईमाधोपुर ने आलनपुर सर्किल स्थित एक होटल में वर्तमान समय की चुनौतियां और पैगम्बर मुहम्मद की शिक्षाएं विषय पर सिम्पोजियम किया। इसमें अलग-अलग धर्मों और सामाजिक क्षेत्रों के प्रबुद्धजन शामिल हुए। वक्ताओं ने मौजूदा सामाजिक, नैतिक, मानवीय चुनौतियों पर बात रखी। उनके समाधान पर विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने की। उन्होंने कहा कि समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। समाधान सिर्फ कानून से संभव नहीं। समाधान सिर्फ भौतिक प्रगति से भी नहीं। मानवीय मूल्य मजबूत करने होंगे। नैतिकता जरूरी है। न्याय जरूरी है। करुणा जरूरी है। आपसी सम्मान जरूरी है। जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद नाज़िमुद्दीन ने कहा कि समाज में धार्मिक और सामाजिक विभाजन की प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। इन्हें कम करने के लिए संवाद जरूरी है। एक-दूसरे को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आस्था और विचार के बावजूद मानवता, इंसाफ, सद्भाव, सेवा, नैतिक जीवन ऐसे मूल्य हैं, जो सभी को जोड़ते हैं। मानव धर्म आश्रम के महात्मा धनी आनंद ने कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य इंसान को बेहतर बनाना है। समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि लोग अपने-अपने धर्म की श्रेष्ठ शिक्षाओं को जीवन में उतारें। एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करें। वक्ताओं ने कहा कि चुनौतियों का सामना टकराव से नहीं होगा। संवाद से होगा। शिक्षा से होगा। सामाजिक जिम्मेदारी से होगा। सिम्पोजियम में विभिन्न धर्मों और सामाजिक वर्गों के लोगों ने सहभागिता की। उद्देश्य समुदायों के बीच संवाद बढ़ाना रहा। पैगम्बर मुहम्मद की शिक्षाओं के मानवीय और सामाजिक पक्ष पर चर्चा रही।
दिव्यांग आरक्षण का दायरा बढ़ेगा:शिक्षा से आईटी-कृषि तक नए पद पहली बार कोटे में
छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया है। राज्य सरकार ने पहली बार कई ऐसे पदों को दिव्यांग आरक्षण के दायरे में शामिल किया है, जो अब तक चिह्नित नहीं थे। इनमें शिक्षा, आईटी, जनसंपर्क, रोजगार, कृषि, तकनीकी शिक्षा, हथकरघा और पर्यावरण क्षेत्र शामिल हैं। नई सूची में स्कूल शिक्षा विभाग के उप संचालक, प्राचार्य, स्पेशल एजुकेटर, आईटी/कंप्यूटर साइंस के उप अभियंता, जीआईएस मैनेजर जैसे पद हैं। नियुक्ति से पहले राज्य मेडिकल बोर्ड से शारीरिक दक्षता परीक्षण और दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच अनिवार्य होगी। उप संचालक से मैनेजर तक दिव्यांग आरक्षण सूची की प्रथम श्रेणी में स्कूल शिक्षा विभाग का उप संचालक के पद शामिल हैं। द्वितीय श्रेणी में तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के प्राचार्य वर्ग-2, प्लेसमेंट अधिकारी, सहायक संचालक (तकनीकी), स्कूल शिक्षा के प्राचार्य/सहायक संचालक और माध्यमिक स्तर के स्पेशल एजुकेटर शामिल हैं। आवास व पर्यावरण और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े सहायक संचालक (सर्वे/शोध) और जीआईएस मैनेजर भी सूची में हैं। इनमें भी नए अवसर तृतीय श्रेणी में आईटी/कंप्यूटर साइंस के उप अभियंता, कंप्यूटर ऑपरेटर कम प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, सूचना सहायक ग्रेड-1 व 2, प्रचार सहायक, कॉपी राइटर, कनिष्ठ रोजगार अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, सहायक पशुचिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, बीज विश्लेषक और बीज रोग विशेषज्ञ जैसे पद चिन्हांकित किए गए हैं। हथकरघा, रेशम, उद्योग व पर्यावरण से जुड़े कई तकनीकी और प्रशासनिक पद भी इसमें शामिल हैं। पुलिस, होमगार्ड में कोटा नहीं नई अधिसूचना में जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्यों वाले कुछ पदों को आरक्षण से छूट दी गई है। पुलिस विभाग के सभी श्रेणी के पदों के साथ नगर सेना (होमगार्ड), अग्निशमन सेवा और एसडीआरएफ के सभी पद दिव्यांगता आरक्षण से बाहर हैं। इसके अलावा वन, आबकारी, परिवहन, जेल, राजस्व, ऊर्जा और कुछ मैदानी पदों को भी छूट वाली सूची में रखा गया है। हालांकि, पहले भी इनमें दिव्यांगों को आरक्षण नहीं था। स्थायी प्रमाण पत्र जरूरीसीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ केवल सक्षम प्राधिकारी से जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र रखने वाले बेंचमार्क दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा। चिह्नांकित पद पर नियुक्ति से पहले मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र की सत्यता और शारीरिक दक्षता की जांच करेगा। अगर किसी पद का पोषक संवर्ग (फीडर कैडर) दिव्यांगों के लिए चिह्नांकित है तो उससे संबंधित पदोन्नति वाला पद भी खुद ही चिह्नांकित माना जाएगा। इन्हें मिलेगा फायदा ?नई सूची के अनुसार विभिन्न दिव्यांगता श्रेणियों को पात्रता दी गई है। इसमें एसिड अटैक पीड़ित, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग से मुक्त, कम दृष्टि, सुनने में कठिनाई और बौनापन सहित अन्य श्रेणियां शामिल हैं। हाथ-पैर संबंधी दिव्यांगता, दृष्टिबाधित दिव्यांगता जैसी श्रेणियां भी अलग-अलग पदों के लिए चिह्नांकित की गई हैं। हर पद पर सभी श्रेणियों को लाभ नहीं मिलेगा।
19 सितंबर को इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी हलचल के बीच अब छात्रों के अपने मुद्दे भी सामने आने लगे हैं। कार्यक्रम के लिए लाखों में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, लेकिन कितने हुए हैं इसे लेकर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। इस मामले में भाजपा-कांग्रेस के बीच कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी जारी है, लेकिन छात्रों का कहना है कि मंच केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यहां शिक्षा व्यवस्था, AI, खेल, शिक्षक प्रशिक्षण और कॉलेजों में अनुशासन जैसे उनके वास्तविक मुद्दों पर भी बात होनी चाहिए। छात्रों के मुताबिक किसी भी बड़े आयोजन की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसमें छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं और भविष्य से जुड़े सवालों की आवाज सत्ता और व्यवस्था तक पहुंचे। उनका कहना है कि राजनीतिक मंच से ज्यादा जरूरी समस्याओं के समाधान का मंच तैयार करना है। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहती है इंदौर के जेन जी…
Rohtak News: शिक्षा मंत्री के समर्थन में निंदाना में पंचायत, अभय चौटाला से माफी मांगने की मांग
Panchayat held in Nindana in support of the Education Minister; demand raised for an apology
Palwal News: शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी पर जोर
शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी पर जोर
Bhiwani News: अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में लंबित नहीं रहेंगी फाइलें
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में लंबित फाइलों को लेकर नवनियुक्त बोर्ड सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
Basti News: दिव्यांगों को घर पर मिल रही शिक्षा, सुनहरे भविष्य का बुन रहे सपना
Differently-abled individuals are receiving education at home and weaving dreams of a bright future.
सरकारी स्कूल बंद कर शिक्षा के निजीकरण को दिया जा रहा बढ़ावा: नेहा
Privatization of education is being promoted by shutting down government schools: Neha
Sitapur News: लोक शिक्षा केंद्रों पर 20 को होगी साक्षरता परीक्षा
लोक शिक्षा केंद्रों पर 20 को होगी साक्षरता परीक्षा
यूपी सरकार ने रविवार आधी रात 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों के तबादले कर दिए। सहारनपुर, लखीमपुर खीरी और अंबेडकरनगर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को बदल दिया गया है। बिरहा लोकगीत गाने वाले विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त डॉ. विश्राम को राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी दी गई है। विश्राम 2010 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। इसी साल जनवरी में उन्हें यूपी सरकार ने आईएएस पद पर प्रमोट किया था। वहीं, चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक और सचिव नेहा शर्मा को सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद से हटा दिया गया है। सहारनपुर के CDO सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया CDO बनाया गया है। राहुल सिंह को लोक निर्माण विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। इससे पहले वह आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव थे। लखीमपुर खीरी के CDO अभिषेक कुमार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। अयोध्या के अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पांडेय को लखीमपुर खीरी का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है। राजस्व परिषद के सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है। रेशम विभाग के विशेष सचिव और निदेशक देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को भी राजस्व परिषद का सदस्य (न्यायिक) बनाया गया है। पहले IAS की ट्रांसफर लिस्ट देखिए… अंबेडकरनगर के सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला को रेशम विभाग का विशेष सचिव और निदेशक बनाया गया है। कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा को अंबेडकरनगर का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है। युवा कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार कनौजिया को माध्यमिक शिक्षा विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त अरुण कुमार को ग्राम्य विकास विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। नगर निगम सहारनपुर के अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव को अलीगढ़ मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। गाजियाबाद, वाराणसी और मथुरा को मिले नए अपर नगर आयुक्त पीसीएस अधिकारियों के तबादलों में गौतमबुद्धनगर, प्रयागराज, बहराइच, देवरिया, कासगंज, एटा, मिर्जापुर, बागपत, जालौन और आगरा समेत कई जिलों के अपर जिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कई उपजिलाधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। गाजियाबाद, वाराणसी और मथुरा नगर निगमों में भी नए अपर नगर आयुक्त तैनात किए गए हैं। अब PCS की ट्रांसफर लिस्ट देखिए… ------------------- ये खबर भी पढ़ें- मायावती भतीजी दीपिका को सौंप सकती हैं पार्टी:कहा- आकाश-ईशान को कोई पद नहीं दूंगी; मैं अविवाहित, मजबूरी में भाई को साथ रखा बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी की कमान सौंप सकती हैं। शनिवार को उन्होंने इसका संकेत दिया। कहा- अगर भाई आनंद कुमार को मदद के लिए किसी सदस्य की जरूरत पड़ती है, तो वह अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है। 19 साल की दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर
अशोक सिंघल जी की अंतिम इच्छा घर घर हो वैदिक शिक्षा, श्री मौर्य
अशोक सिंघल जी की अंतिम इच्छा घर-घर हो वैदिक शिक्षाउपमुख्यमंत्री ने कहा की मैं हमेशा कहता हूँ की अशोक सिंघल जी की अंतिम इच्छा घर घर हो वैदिक शिक्षा, वैदिक शिक्षा और संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाना हमारा संकल्प, डबल इंजन की भाजपा सरकार वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश अपनी गौरवशाली विरासत के साथ आधुनिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से भी परिचित हो और उसे आगे बढ़ाने का कार्य करे।
एसबीआई भर्ती 2026: स्पेशलिस्ट कैडर अधिकारियों के 207 पदों पर भर्ती, 25 सितंबर तक करें आवेदन
देश की सबसे बड़ी और पुरानी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने...
सहरसा के कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने और भोजन करने के बाद 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर रविवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, विद्यालय में भोजन बनाने वाले तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करें- मंत्री शिक्षा मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहरसा के जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात की। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच कर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए जिलाधिकारी को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच के आधार पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। 144 स्कूलों को भेजा गया था भोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी। इस आपूर्ति से संबंधित सभी 144 विद्यालयों के विपत्र की राशि में कटौती की गई है। मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी कार्रवाई मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच में आपूर्ति, भोजन की गुणवत्ता, निगरानी या फॉलो-अप में किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रसोई से लेकर आपूर्ति तक होगी निगरानी मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता और पूरी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सख्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को भी पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने को कहा है। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए विभागीय निगरानी जारी रहेगी।
विशेष टीईटी में शामिल नहीं किए जाने से प्रदेशभर के शिक्षामित्रों में नाराजगी है। रविवार को प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक हुई। इसमें प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया। बैठक में शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठाई गई। साथ ही टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में छूट देने और नियमित करने की मांग की गई। अनुभव को चयन प्रक्रिया में महत्व देने की मांग प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था संभाली है। इतने लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की स्थिति को समझे और उन्हें विशेष टीईटी में शामिल करे। टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में उचित छूट दी जाए। साथ ही नियमितीकरण पर भी सरकार को जल्द कोई ठोस फैसला लेना चाहिए। शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो संगठन उसका स्वागत करेगा। मांगों की अनदेखी होने पर शिक्षामित्र कोर्ट जाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाई जाएगी। विशेष टीईटी और नियमितीकरण सबसे बड़ा मुद्दा प्रदेश उपाध्यक्ष और वाराणसी जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि संगठन के संघर्षों से मानदेय बढ़ाने और चिकित्सा सुविधा जैसे मामलों में सफलता मिली है। अब विशेष टीईटी और नियमितीकरण शिक्षामित्रों के भविष्य से जुड़े सबसे अहम मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को टीईटी पास शिक्षामित्रों की योग्यता के साथ उनके लंबे अनुभव को भी महत्व देना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रयागराज जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी से अलग रखना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन पर नई व्यवस्था थोपना ठीक नहीं है। उन्होंने शासनादेश में तत्काल बदलाव करने, टीईटी पास शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी में अनुभव के आधार पर छूट देने और नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने कहा- यह भविष्य और सम्मान का सवाल कौशांबी जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि जब विशेष टीईटी में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों और स्पेशल एजुकेटर को मौका दिया जा रहा है, तो वर्षों से स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को केवल एक श्रेणी के रूप में नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक अनुभव और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों की मांग केवल एक परीक्षा में शामिल किए जाने तक सीमित नहीं है। यह उनके भविष्य, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जनार्दन तिवारी और विनय पटेल समेत कई शिक्षामित्रों ने विचार रखे और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग का समर्थन किया। चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर किया नमन बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर संतोष बाबू पाल, घनश्याम दत्त मिश्रा, जगदीश केसरी, प्रताप बहादुर सिंह, अमर बहादुर सिंह, वंदना श्रीवास्तव, नीलम गौतम, आयशा खान, अनामिका पांडेय, अनवर जहां, रीता शुक्ला, दशरथ भारती, सुमंत भार्गव, कमलेश यादव, आशीष जायसवाल, राकेश शुक्ला और कौशांबी से जितेंद्र कुमार, तिवारी, नितेंद्र मिश्रा, विजय बहादुर सरोज, तलत, प्रहलाद, बीरेंद्र कुमार समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।
लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय प्रजापति महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी की मासिक बैठक रविवार, 13 सितंबर को गोमती पल्ली, लखनऊ स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रीता प्रजापति ने की। बैठक में प्रजापति समाज के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उत्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समाज के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके साथ ही सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक विकास के लिए ठोस प्रयास करने पर चर्चा हुई। बैठक में पंचायत एवं विधानसभा चुनावों में समाज की भागीदारी बढ़ाने तथा राजनीतिक क्षेत्र में प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। पदाधिकारियों ने प्रदेश में महासभा के संगठन को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई। बैठक में कुलराम प्रजापति, बजरंग प्रजापति, सोमेश प्रजापति, जमाराम प्रजापति, कन्हैया प्रजापति, तल्ले राम प्रजापति, हरिश्चंद्र प्रजापति, नवलागढ़, विनोद प्रजापति, जीतेंद्र प्रजापति, अनमोल प्रजापति समेत अन्य पदाधिकारियों ने अपने सुझाव रखे। बैठक के अंत में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
माधोराजपुरा के गोपाल नगर स्थित घोसल्या की ढाणी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय माहौल में समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पं. रामस्वरूप शर्मा ‘लावा वाले’ ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन की कथा का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा पंडाल ‘राधे-राधे’ तथा ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक पं. रामस्वरूप शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक मार्ग भी है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती हमें सच्चे प्रेम, त्याग और नि:स्वार्थ भाव की सीख देती है। पं. शर्मा ने दत्तात्रेय महाराज के 24 गुरुओं से मिली शिक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये शिक्षाएं सिखाती हैं कि मनुष्य प्रकृति और अपने आसपास की हर चीज से कुछ न कुछ सीख सकता है। पूर्व सरपंच कालूराम घोसल्या ने कहा कि सात दिनों तक घोसल्या की ढाणी में कथा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कथा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। उन्होंने सुख-समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। इस कथा में पूर्व सरपंच कालूराम घोसल्या के साथ रामकरण, डालूराम, जगदीश, लालाराम, घासीराम, नारायणलाल, श्योचंद, रामगोपाल, श्रवणलाल, हनुमान, रामलाल, सीताराम, जयपाल, रामेश्वर, कैलाश, प्रभात, हरिओम, राजेश, गिर्राज, बाबूलाल और मुकेश सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखा। पूरा आयोजन भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।
चौमूं में रविवार को SET परीक्षा तय समय पर शुरू नहीं होने से परीक्षार्थियों में काफी गुस्सा दिखा। रेनवाल रोड पर बने एक परीक्षा केंद्र पर तय समय के बाद भी करीब 11:15 बजे तक प्रश्न पत्र नहीं पहुंचा, जिससे परीक्षार्थियों को गुस्सा आ गया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा समय पर शुरू नहीं होने से पूरी प्रक्रिया पर कई सवाल उठ गए हैं। मौके पर पेपर आउट होने की आशंका को लेकर भी बातें होने लगीं। हालांकि, इस बारे में अभी कोई सरकारी जानकारी सामने नहीं आई है।परीक्षार्थियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूरे मामले पर तुरंत ध्यान देने और सही जांच कराने की मांग की है। नाराज छात्रों ने वहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। पुलिस ने समझाइश कर शांत कराया मामलापरीक्षा केंद्र पर हंगामे की खबर मिलते ही चौमूं एसीपी कृष्णराज जांगिड़ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने हालात को संभाला और नाराज परीक्षार्थियों को समझाने की कोशिश की।प्रश्न पत्र समय पर परीक्षा केंद्र तक क्यों नहीं पहुंचा और परीक्षा में देरी की असली वजह क्या थी, इसे लेकर अब परीक्षार्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। पूरे मामले में सरकारी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के जवाब का इंतजार है। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हरियाणा में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री के सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने रविवार को रेलवे रोड स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारवार्ता कर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्कूलों, आंगनवाड़ियों, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं, गांवों और प्रत्येक बूथ तक पहुंचेंगे। बूथ से हर घर तक पहुंचेगा सेवा संकल्प अभियान ढांडा ने कहा कि अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 25 वर्षों की सेवा यात्रा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास है। ‘आशीर्वाद का दिया’ में सड़क, हाईवे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य विकास कार्यों वाले स्थानों पर दीप जलाए जाएंगे। ‘सपनों का भारत’ में सरकारी व निजी स्कूलों में भाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी। नमो सेवा गाथा से योजनाओं की जानकारी ‘नमो सेवा गाथा’ में जनधन, महिला एवं मातृ स्वास्थ्य, कौशल विकास और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं की जानकारी बूथ स्तर तक दी जाएगी। ‘आंगन’ कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों और माताओं के लिए गतिविधियां होंगी। गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी। 25 साल के बदलाव को रचनात्मक तरीके से बताएंगे ‘कहानी बदलाव की’ में नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया के जरिए सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और तकनीक में हुए बदलाव बताए जाएंगे। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ से 2047 तक विकसित भारत का संदेश दिया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जाएगा, जबकि ‘सेवा मेरा योगदान’ से नागरिकों को स्वच्छता, रक्तदान सहित सेवा कार्यों के लिए प्रेरित किया जाएगा।108 मीटर की रंगोली में दिखेगा भारत ‘रंगोली राष्ट्र’ कार्यक्रम में 108 मीटर की परिधि में भारत के मानचित्र पर विशाल रंगोली बनाई जाएगी। इसमें राज्यों की संस्कृति, खान-पान और विविधता दिखाई जाएगी। प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल होगा। राष्ट्रीय नवाचार चुनौती और जनसेवा महाकुंभ सहित कुल 13 कार्यक्रम होंगे। शिक्षा का रिजल्ट 40-48 से बढ़कर 90-92 प्रतिशत शिक्षा व्यवस्था पर ढांडा ने कहा कि हरियाणा में रिजल्ट पहले 40 से 48 प्रतिशत के बीच अटका था, जो अब 90 से 92 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे बड़ा बदलाव बताया।जलभराव पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एक लाख एकड़ से अधिक जमीन को जलभराव से मुक्त कराया गया है। जहां अभी समस्या है, वहां चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा। DCRUST मामले में मांगी रिपोर्ट, सीएम से होगी बातचीत दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में सेक्सुअल हैरेसमेंट मामले पर ढांडा ने कहा कि बेटियों को डरने की जरूरत नहीं है। शिकायत मिली है और मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री से भी बातचीत कर कड़ा निर्णय लेने पर चर्चा की जाएगी। विदेश में बैठकर धमकी देने वाले गैंगस्टरों पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने कड़ा शिकंजा कसा है। विदेश में बैठे आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। देश में रहकर धमकी देकर अपराध करने की कोशिश करने वालों को पुलिस ने 24 घंटे में पकड़कर कार्रवाई की है। गुजरात मॉडल से विकसित भारत तक का जिक्र ढांडा ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने भुज भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और विकास को गति दी। बाद में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी, सुरक्षा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत जैसी पहलों से देश में बदलाव आया। उन्होंने कहा कि 2047 का विकसित भारत पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। इस दौरान सोनीपत विधायक निखिल मदान,राई विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा, मेयर राजीव जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, जिला परिषद चेयरपर्सन मोनिका दहिया, जिला मीडिया प्रभारी दिनेश अत्री, बबीता दहिया, नगर निगम पार्षद त्रिभुवन कौशिक सहित अन्य मौजूद रहे।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रिसालू रोड पहुंचकर नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य शहर के हर कोने और वार्ड में विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। पीएम मोदी ने देश के लिए समर्पित किया जीवन का हर क्षण उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में लगा दिया है। आज देश के हर वर्ग और बच्चे-बच्चे की जुबान पर उनके जनकल्याणकारी कार्यों की चर्चा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पीएम मोदी ने विकास का जो अभूतपूर्व मॉडल स्थापित किया, उसी पर विश्वास जताते हुए देश की जनता ने उन्हें बागडोर सौंपी। आज भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से शामिल हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कर रही हैं। कार्यक्रम में मनाया गया युवा नेता का जन्मदिन, स्थानीय लोगों में खुशी विकास कार्यों की सौगात मिलने पर रिसालू रोड के स्थानीय निवासियों ने शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया और खुशी जताई। कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय युवा नेता का जन्मदिन भी मनाया गया। इस अवसर पर नगर निगम की मेयर कोमल सैनी, क्षेत्रीय वार्ड पार्षद बिट्टू प्रजापत, बीजेपी के स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में इलाके के लोग मौजूद रहे।
कौन हैं यश डबास? DUSU चुनाव से पहले मार्कशीट पर मचा बवाल
DUSU चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. लेकिन इससे पहले AVBP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास की मार्कशीट पर विवाद होता नजर आ रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मार्कशीट के ABVP ने साजिश बताई है.
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था, निजी शिक्षण संस्थानों, NEET पेपर लीक और RSS की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से रोजगार की कड़ी कमजोर हो रही है, ऐसे में इस मुद्दे पर देश में व्यापक चर्चा जरूरी है। पटवारी ने कहा कि निजी स्कूल और निजी कॉलेज भी देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अफोर्डेबल एजुकेशन की बात हो या शिक्षा नीति में बदलाव की, सभी पक्षों को साथ लेकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को छात्रों के बीच ले जा रहे हैं और इससे एक राजनीतिक मोमेंटम जरूर बना है। '10 लाख नहीं, 10 करोड़ भी मांगते तो देने को तैयार’ राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए स्थान को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपए की जगह 10 करोड़ रुपए भी मांगे जाते, तब भी हम देने को तैयार थे। मुद्दा पैसा नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने लाना है। RSS की भूमिका पर पटवारी ने उठाए सवाल पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े आंदोलनों और घटनाओं में RSS के लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां इस तरह की घटनाएं होती हैं, वहां यदि किसी संगठन के लोगों की भूमिका या मौजूदगी को लेकर सवाल उठते हैं तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। अगर इस तरह की स्थिति बनेगी तो व्यवस्था ठीक कैसे चलेगी, इस पर भी देश को विचार करना चाहिए। NEET और रोजगार को लेकर सरकार को घेरा पटवारी ने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों को रोजगार मिल रहा है या नहीं। NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों ने छात्रों और अभिभावकों के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व्यवस्था को पूरी तरह ठीक नहीं कर पा रही है तो उसे इस मुद्दे पर पहल करते हुए देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि देश को जाति, धर्म और ‘तेरा-मेरा’ की राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर शिक्षा नीति, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के सवालों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
10वीं, ITI और डिप्लोमा धारकों के लिए ISRO में नौकरी का मौका, 15 सितंबर से आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतर्गत नोदन कॉम्प्लेक्स में टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन...
मथुरा में 13 सितंबर को विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के संयुक्त तत्वावधान में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा व BHU वाराणसी के सहयोग से देशभर के विद्या भारती विद्यालयों में अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत विद्यालय दर्शन योजना चलाई जा रही है। इसी क्रम में मथुरा के कृष्णचन्द्र गांधी सरस्वती शिशु वाटिका, शिशु मंदिर चामुंडा मार्ग व विद्या मंदिर इंटर कॉलेज माधव कुंज में 06 से 10 सितंबर तक पंचदिवसीय विद्यालय दर्शन कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रधानाचार्य विनय कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से विद्वानों ने विद्यालय की शैक्षिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं, पंचपदीय अधिगम पद्धति, पंचकोशात्मक विकास व केंद्रीय आधारभूत विषयों का अवलोकन किया। इनमें सरदार भगत सिंह PG कॉलेज रुद्रपुर से श्रृंखला जोशी, VPS कॉलेज सोनीपत से वंदना, इंटरनल यूनिवर्सिटी हिमाचल से हर्षित अग्रवाल व बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ से प्रद्युम्न गौर शामिल रहे। समन्वयक डॉ. प्रहलाद सिंह रहे। 07 सितंबर को शिशु वाटिका में अतिथियों का तिलक से स्वागत, अग्निहोत्र, सरस्वती वंदना व बारह शैक्षिक व्यवस्थाओं व मातृ हस्तेन भोजनम् कार्यक्रम का अवलोकन हुआ। 08 सितंबर को शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य राजीव शर्मा के नेतृत्व में कक्षा 3 से 5 की वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान मॉडल व अभिनव प्रयोग देखे गए। 09 सितंबर को विद्या मंदिर में योग, संस्कृत, संगीत, शारीरिक व नैतिक विषयों के सत्र, छात्र-छात्राओं के योग-शारीरिक व सांस्कृतिक प्रदर्शन की सराहना की गई। कक्षा 6 से 8 में पंचपदीय पद्धति व LM प्रयोग देखे गए व प्रबंध समिति से चर्चा हुई। 10 सितंबर को कक्षा 9 से 12, कंप्यूटर व विज्ञान लैब, शिशु मंदिर योजना के जनक स्व. कृष्णचन्द्र गांधी जी की डायरी व व्यक्तिगत वस्तुओं का अवलोकन किया गया। छात्र संसद की कार्यप्रणाली भी समझी। कार्यक्रम के संयोजक उप प्रधानाचार्य राजीव पाठक, विनय कुमार, उमेश शर्मा, लोकेश अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, वाटिका प्रभारी रुचिरा वर्मा व चंद्रपाल सिंह रहे।
हिंदी पढ़ने वाले छात्रों के लिए करियर के कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। हिंदी में पढ़ाई करने के बाद छात्र अनुवाद, अध्यापन और पत्रकारिता के साथ-साथ कंटेंट राइटिंग, मीडिया, सरकारी नौकरी और प्रकाशन जैसे क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं।
मंडी: आर्थिक तंगी के बीच बच्चों के सपनों को पंख दे रही सुख शिक्षा योजना
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Meerut News: वैदिक शिक्षा पद्धति से ही संभव है मनुष्य का सर्वांगीण विकास
Arya Samaj Thapar Nagar
झारखंड होमगार्ड के 772 पदों पर नई भर्ती निकली है। खास बात यह है कि इस भर्ती में 7वीं पास उम्मीदवार भी हिस्सा ले सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों का चयन शारीरिक दक्षता परीक्षा, हिंदी लेखन क्षमता परीक्षा और तकनीकी दक्षता परीक्षा के आधार पर होगा।
कैंडिडेट्स के लिए निकली 17 हजार पदों पर भर्ती, लाखों में मिलेगी सैलरी
क्या आप भी सरकारी नौकरी के लिए लंबे समय से आवेदन कर रहे हैं? लेकिन किसी न किसी वजह से चयन नहीं हो पा रहा है, तो हार मानने की जरूरत नहीं है. इस हफ्ते देश के अलग-अलग विभागों में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ऐसे में अगर आप भी इस पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, तो पहले पदों की डिटेल को सही तरह से पढ़ लें.
कर्नल बैंसला की जयंती पर बालिका शिक्षा पर दिया जोर
युसुफपुरा (चराई) स्थित देवनारायण राजकीय बालिका आवासीय स्कूल में शनिवार को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की जयंती मनाई गई। जिसमें वक्ताओं ने बैंसला के संघर्ष और समाजहित के कार्यों को याद करते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय सवाई माधोपुर के प्राचार्य डॉ. विजय सिंह मावई ने कहा कि बैंसला की हिम्मत, मेहनत और नीयत से प्रेरणा लेकर समाजहित में काम करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। भूमि विकास बैंक सवाई माधोपुर के पूर्व चेयरमैन कमल सिंह मीणा ने बैंसला के योगदान को याद किया। खिरनी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन रूपसिंह ढोई ने उन्हें एमबीसी समाज का पुरोधा बताया। कमलेश हरिपुरा ने बैंसला से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कस्तूरचंद देवपुरा ने उन्हें 21वीं सदी का महानायक बताया। व्याख्याता धारासिंह गुर्जर ने बालिकाओं से संस्कारयुक्त शिक्षा लेकर आगे बढ़ने की अपील की। लक्ष्मीनारायण गुर्जर ने बालिका शिक्षा से जुड़े बैंसला के संदेश बताए, जबकि अध्यापक प्रेमलाल फागना ने सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर जोर दिया। देवनारायण आवासीय स्कूल में कर्नल बैंसला के जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों व भामाशाहों ने स्कूल विकास के लिए कुल 51,600 रुपए की राशि दी। डॉ. विजय सिंह मावई, कमल सिंह मीणा और रूपसिंह ढोई, कमलेश हरिपुरा व कस्तूरचंद देवपुरा, कमलेश लहन, धारासिंह गुर्जर, लक्ष्मीनारायण गुर्जर, सत्यनारायण गुर्जर और प्रेमलाल फागना ने सहयोग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य घासीलाल गुर्जर ने की।
पटना हाईकोर्ट के आदेश का समय पर अनुपालन नहीं करने के मामले में नालंदा जिला शिक्षा कार्यालय की लापरवाही सामने आई है। मामले में तत्कालीन प्रभारी लिपिक फणि मोहन को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। फणि मोहन वर्तमान में पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित हैं। मामला यतीश उपाध्याय समेत 10 शिक्षकों और कर्मियों की याचिका से जुड़ा है, जिस पर हाईकोर्ट ने 13 नवंबर 2024 को आदेश दिया था। आदेश का पालन नहीं हुआ तो दाखिल हुआ अवमाननावाद हाईकोर्ट के निर्धारित समय में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में अवमाननावाद दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को नालंदा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को 19 अगस्त को सशरीर अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। निर्धारित तारीख पर अधिकारी के पेश होने के बाद कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए अंतिम रूप से दो सप्ताह का समय दिया। साथ ही कहा कि आदेश का क्रियान्वयन नहीं होने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। कोर्ट की सख्ती के बाद मांगी गई संचिका की जानकारी हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नालंदा के स्थापना डीपीओ प्रभात कुमार ने 5 सितंबर को पटना प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को पत्र भेजा। इसमें पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया गया कि संबंधित संचिका का हस्तांतरण तत्कालीन प्रभारी लिपिक फणि मोहन ने नए कर्मी को नहीं किया था। पत्र के अनुसार, फणि मोहन से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने संबंधित संचिका का मेंटेनेंस नहीं किए जाने की बात स्वीकार की। वरीय अधिकारियों को भी समय पर नहीं दी गई जानकारी स्थापना डीपीओ की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले की गंभीरता से वरीय पदाधिकारियों को समय रहते अवगत नहीं कराया गया। संचिका का संधारण और हस्तांतरण नहीं किए जाने को कर्तव्य में लापरवाही और हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बाधा के रूप में देखा गया है। इसी आधार पर स्थापना डीपीओ प्रभात कुमार ने फणि मोहन के खिलाफ आवश्यक अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा उच्चाधिकारियों से की है।
Mohali News: पेंशनरों ने किया शिक्षा मंत्री के घेराव का फैसला, सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए
Pensioners decide to gherao the Education Minister; accuse the government of neglect
Baghpat News: बजट का ग्रहण हटते ही खुले शिक्षा के मंदिर के कपाट
school news
Basti News: अभिभावकों से लिया जा रहा शिक्षा गुणवत्ता का फीडबैक
Feedback on the quality of education is being collected from parents.
गुवाहाटी (असम)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को असम स्थित प्राग्ज्योतिषपुर विश्वविद्यालय का दौरा किया. विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए सरकार्यवाह जी ने समाज को नई दिशा और सकारात्मक आकार देने में शिक्षा, संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों की अपरिहार्य भूमिका पर अपने सारगर्भित विचार साझा […]
बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 98 प्रतिशत नामांकन, तकनीकी शिक्षा को नई रफ्तार : शीला कुमारी
नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला
अजमेर। आदर्श नगर स्थित नंदिनी शिक्षा निकेतन स्कूल में छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला आयोजित की गई। विविधा-कला एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अजमेर कथक कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं ने कथक की विभिन्न बारीकियों को समझा […] The post नंदिनी शिक्षा निकेतन में कथक की थाप पर सजी कला-संस्कृति की कार्यशाला appeared first on Sabguru News .
'शिक्षा सिर्फ रोजी-रोटी कमाने के लिए नहीं...', बोले मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने जीवन में केवल सफलता पाने से अधिक महत्वपूर्ण सार्थक इंसान बनने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज समाज को ऐसे लोगों की जरूरत है जो अपने व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज और धर्म की विजय के लिए काम करें.
समाज सुधार, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के महान प्रेरणास्रोत स्वामी ब्रह्मानंद जी
(42वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर 2026 पर विशेष) स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। उन्होंने समाज सुधार के लिए काफी कार्य किए। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं को समर्पित कर कई आंदोलनों में जेल काटी। आजादी के बाद देश की राजनीति में भी उनका भावी योगदान रहा है। स्वामी जी ने शिक्षा के ... Read more
शिक्षा में AI के सुरक्षित उपयोग पर BRICS देशों में बनी सहमति
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती हुई तकनीकों के मानव-केंद्रित इस्तेमाल पर शनिवार को सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने ‘ब्रिक्स यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली’ को विकसित करने की दिशा में आगे की संभावनाओं पर भी चर्चा की। नेताओं ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सहित मौजूदा ब्रिक्स शिक्षा तंत्रों के माध्यम से सहयोग जारी रखने के लिए अपना समर्थन दिया। एक घोषणा-पत्र में, नेताओं ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांतों’ को प्रसारित करने की भारत की पहल की सराहना की, और ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय को एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) के रूप में पारंपरिक, स्वदेशी और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। घोषणा-पत्र में कहा गया, ‘‘हम भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत करते हैं और सतत विकास, समावेशी विकास तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख कारक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।’’नेताओं ने सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने, प्रारंभिक बाल देखरेख और शिक्षा (ईसीसीई) तथा बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (एफएलएन) में सहयोग, योग्यताओं की परस्पर मान्यता, अकादमिक एवं पेशेवर गतिशीलता, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, नैतिक व मानव-केंद्रित उपयोग और मजबूत संस्थागत साझेदारियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसमें कहा गया, ‘‘हम ब्रिक्स रेक्टर फोरम के निरंतर आयोजन और ब्रिक्स शिक्षा ओलंपियाड पर चर्चा जारी रखने के साथ-साथ ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली के विकास के लिए आगे की संभावनाओं की तलाश को प्रोत्साहित करते हैं।
लखनऊ। दिनांक 12.09.2026, आज गाँधी भवन सभागार, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने उ०प्र० प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेशीय सम्मेलन एवं शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, संस्कार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने में प्रधानाचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्य विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था के केंद्र में होते हैं और उनके नेतृत्व में विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभक्ति एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित एवं रोजगारपरक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और उसे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।श्री मौर्य जी ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, तकनीकी संसाधनों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा विद्यालयों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के विद्यालयों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मिशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर, भवनों के रखरखाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया गया है। इससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार हुआ है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार मानती है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मकता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक एवं नवाचार को अपनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना मजबूत एवं विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।श्री मौर्य जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा एवं विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना और उन्हें विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी, पूर्व कुलपति ने की। इस अवसर पर श्री देव कृष्ण शर्मा जी, मुख्य संरक्षक, प्रधानाचार्य परिषद; डा० हरेन्द्र कुमार राय, प्रदेश अध्यक्ष; डा० वीरेन्द्र प्रताप सिंह, संरक्षक; डा० सुखपाल सिंह तोमर, प्रदेश महामंत्री; डा० राजेश त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष; डा० महेन्द्र नाथ राय, कार्यक्रम संयोजक; श्री धर्मेन्द्र मिश्रा, पूर्व कोषाध्यक्ष; श्री उमेश द्विवेदी, MLC; श्री बृजेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्री राघवेन्द्र पाण्डेय जी, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्रीमती मधुबाला, प्रदेश उपाध्यक्ष; डा० मदन मोहन शंखधर, महामंत्री संगठन; श्री सतीश कठेरिया; श्री बृजेश कुमार तिवारी, मण्डल अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिष्ठितजन एवं प्रधानाचार्यगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बलिया की दिव्यांग बेटी रागिनी से मिले अखिलेश; 2 लाख की मदद, बोले- KG से PG तक फ्री शिक्षा
अखिलेश यादव ने बलिया की दिव्यांग छात्रा रागिनी राजभर से मुलाकात कर उसके पैर के इलाज के लिए चिकित्सकीय मदद और 2 लाख रुपये दिए। उसकी पढ़ाई बीएन इंटरनेशनल स्कूल में होगी। अखिलेश ने कहा कि सपा केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा को घोषणापत्र में शामिल करेगी।
बिहार शिक्षा विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह बनाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य वित्त, भवन निर्माण और भूमि संबंधी अंतर-विभागीय बाधाओं को दूर कर लंबित परियोजनाओं को गति देना है।
ड्रॉपआउट बच्चों को फिर शिक्षा से जोड़ने पर जोर, बेगूं में प्रधानाध्यापकों को किया जागरूक
बेगूं में विधिक साक्षरता शिविर के दौरान ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, नालसा शिक्षा योजना 2026, बाल अधिकार, साइबर अपराध और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रधानाध्यापकों व विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा का हमला, आरपी सिंह बोले-70 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा का हमला, आरपी सिंह बोले-70 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, ‘शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?’, सुझाव भी मांगा
New Delhi, 12 सितंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों से अनुरोध किया है कि वे वेबसाइट पर जाकर यह बताएं कि क्या देश की शिक्षा व्यवस्था ने उन्हें वह भविष्य दिया, जिसका वादा किया था? राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म पर लिखा है, “क्या ... Read more
जन्मतिथि में एक वर्ष के अंतर को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों से अनुरोध किया है कि वे वेबसाइट पर जाकर यह बताएं कि क्या देश की शिक्षा व्यवस्था ने उन्हें वह भविष्य दिया, जिसका वादा किया था?
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा, 'शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपनों को कैसे रोका?', सुझाव भी मांगा
योगी सरकार का बड़ा कदम, बेसिक शिक्षा के लिए 6.55 करोड़ रुपये मंजूर, अपार आईडी से जुड़ेगा हर बच्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय: शिक्षा में वैश्विक सहयोग का नया अध्याय
दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit 2026 के दौरान, BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय की पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को नया आयाम दिया है। यह नेटवर्क विभिन्न देशों के प्रमुख विश्वविद्यालयों को जोड़ता है, जिससे छात्रों को नए अवसर मिलते हैं। भारतीय छात्रों के लिए यह नेटवर्क एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान कर सकता है, खासकर जब पश्चिमी देशों में उच्च शिक्षा की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। जानें कैसे यह नेटवर्क भविष्य में भारतीय युवाओं के लिए शिक्षा और करियर के नए द्वार खोल सकता है।
SSC SI recruitment 2026: दिल्ली पुलिस, CAPF में 1,871 पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें डिटेल्स
pc: kalingatv स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPFs) में सब-इंस्पेक्टर (SIs) की भर्ती के लिए नौकरी के लिए एप्लीकेशन मंगाए हैं। ऑफिशियल साइट पर पब्लिश ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के ज़रिए सब-इंस्पेक्टर के पदों के लिए कुल 1871 वैकेंसी भरी जाएंगी। CAPFs में SI के पदों पर नियुक्ति के लिए चुने गए कैंडिडेट को भारत में कहीं भी सेवा देनी होगी। एप्लीकेशन जमा करने की तारीखें इच्छुक और योग्य एप्लीकेंट ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in के ज़रिए ऑनलाइन मोड से अपना एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो आज से 30 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो 8 से 10 अक्टूबर तक खुलेगी। कंप्यूटर-बेस्ड परीक्षा का शेड्यूल बाद में बताया जाएगा। वैकेंसी डिटेल्स जैसा कि ऊपर बताया गया है, कुल 1,871 वैकेंसी भरी जाएंगी। इनमें से 205 पोस्ट पुरुष कैंडिडेट्स के लिए और 112 दिल्ली पुलिस में महिला कैंडिडेट्स के लिए हैं। बाकी 1,320 वैकेंसी CAPFs में सब-इंस्पेक्टर के लिए हैं। और CISF में पुरुष कैंडिडेट्स के लिए सब-इंस्पेक्टर (फायर) के लिए 234 वैकेंसी हैं। दिल्ली पुलिस, CAPF SI रिक्रूटमेंट 2026: सैलरी डिटेल्स CAPFs में सब-इंस्पेक्टर (GD): इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे ग्रुप ‘B’ (नॉन-गजटेड), नॉन-मिनिस्ट्रियल के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (एग्जीक्यूटिव) – पुरुष/महिला: इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे दिल्ली पुलिस ने ग्रुप ‘C’ के तौर पर क्लासिफाई किया है। सब-इंस्पेक्टर (फायर) – CISF में पुरुष: इस पोस्ट का पे स्केल लेवल 6 (Rs 35,400-Rs 1,12,400) है और इसे ग्रुप ‘B’ (नॉन-गजटेड), नॉन-मिनिस्ट्रियल के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। कमीशन इस एग्जाम के लिए न तो वैकेंसी इकट्ठा करता है और न ही कैंडिडेट्स को स्टेट-वाइज़, रीजन-वाइज़, ज़ोन-वाइज़, सिटी-वाइज़ बांटता है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्वीपर भर्ती 2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्वीपर के 96 पदों के लिए भर्ती की अधिसूचना जारी की है। आवेदन प्रक्रिया 08 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 है। सभी इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी और योग्यता की जांच करनी चाहिए। इस भर्ती से संबंधित सभी विवरण और आवेदन प्रक्रिया के लिए आवश्यक लिंक नीचे दिए गए हैं।
भदोही में उत्तर प्रदेश राज्य पुरस्कार-2025 से सम्मानित उच्च प्राथमिक विद्यालय खेम्हईपुर की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी का शनिवार को अभिनंदन किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर-भदोही में आयोजित समारोह में बेसिक शिक्षा परिवार ने उन्हें सम्मान मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि किसी शिक्षक को मिला सम्मान सिर्फ उसका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा, शिक्षक समुदाय और विद्यालय परिवार की उपलब्धि है। समारोह के मुख्य अतिथि उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य अनुराग श्रीवास्तव रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय और उप प्राचार्य सुरेश पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता और रामलाल सिंह के साथ राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अखिलेश कुमार यादव, अरविंद पाल, धीरज सिंह और ज्योति कुमारी भी समारोह में शामिल हुए। वक्ताओं ने उर्मिला देवी की उपलब्धि को जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत, नवाचार और लगन से ही विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार होता है। राज्य स्तर पर सम्मान मिलना उर्मिला देवी की कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को दर्शाता है। शिक्षक का सम्मान पूरे शिक्षा परिवार की उपलब्धि समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक को मिलने वाला सम्मान केवल उस शिक्षक तक सीमित नहीं रहता। इससे शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक समुदाय और संबंधित विद्यालय परिवार का भी गौरव बढ़ता है। उर्मिला देवी की उपलब्धि से जिले के दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। मेहनत और नए तरीकों से बनता है बेहतर शिक्षा माहौल मुख्य अतिथि अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों की मेहनत, नए तरीके और लगन से स्कूलों में अच्छी शिक्षा का माहौल बनता है। राज्य स्तर पर सम्मान मिलना उर्मिला देवी की कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का प्रमाण है। उन्होंने शिक्षकों को लगातार सीखते हुए विद्यार्थियों के विकास के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय ने सम्मानित प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान दूसरे शिक्षकों को भी बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों के पूरे विकास के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन बीएल पाल ने किया। समारोह में बेसिक शिक्षा परिवार, भदोही से जुड़े मानिक चंद यादव, तेज बहादुर पाल, आरएन पाल, हरिओम, विनोद बिंद, प्रतिभा मिश्रा, रेखा तिवारी, कृष्णा सिंह, रीना यादव, कुसुमलता गुप्ता, डॉ. पूजा मिश्रा, ममता सिंह, पल्लवी जायसवाल, अनुराधा जायसवाल, अंजली जायसवाल, चंद्रकांत पटवा, विनोद कुमार, राजेश कुमार, डॉ. गोपेश मिश्रा, मनोज दुबे, अजीत यादव, शोभ नाथ, सरिता, महेश यादव, प्रविंद यादव, दिनेश मौर्या, श्यामलाल पाल, आनंद राजभर, भाई लाल, विजय पाल, मंगला प्रसाद और बिंदु तिवारी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
गोरखपुर के सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में मौजूदा दौर के चैलेंज और नौजवानों को पेश आने वाली विभिन्न चुनौतियों को लेकर दीनी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बदलते सामाजिक माहौल, आधुनिक दौर की चुनौतियों और नौजवानों की जिम्मेदारियों पर चर्चा करते हुए उन्हें कुरआन और सुन्नत की शिक्षाओं से जुड़कर जिंदगी बेहतर बनाने की अपील की गई। मुख्य वक्ता मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि इस्लाम इंसान को हर दौर की परिस्थितियों में संतुलित और जिम्मेदार जिंदगी जीने की शिक्षा देता है। नौजवान अगर कुरआन-ए-पाक की शिक्षाओं, पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और नेक लोगों की जिंदगी को अपना मार्गदर्शक बनाएं तो वे कठिन से कठिन परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नौजवानों के सामने शिक्षा, रोजगार, सोशल मीडिया, बदलती जीवनशैली और सामाजिक दबाव जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे माहौल में आधुनिक जानकारी के साथ सही सोच, मजबूत किरदार और नैतिक मूल्यों का होना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों से नौजवानों की सही रहनुमाई करने की अपील की। कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर नौजवानों की बेहतर तरबियत में अहम भूमिका निभा सकते हैं। नौजवानों में आत्मविश्वास, अनुशासन, जिम्मेदारी और इंसानियत की भावना पैदा करना समय की जरूरत है। उन्हें नशे, बुरी संगत, गलत सामग्री और निराशाजनक सोच से बचाने के साथ शिक्षा, सकारात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जोड़ना चाहिए। मुफ्ती अख्तर हुसैन ने सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में सावधानी बरतने पर भी जोर दिया। संगोष्ठी की शुरुआत हाफिज रहमत अली निजामी ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से की। इस अवसर पर हाजी फैज खान, मो. जीशान, मो. जैद, हाजी बदरुल हसन, सैयद जव्वाद अली, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ, मो. आरिफ, मो. हसन, रोशन, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, अफसर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में देश और समाज में अमन, भाईचारे, खुशहाली तथा नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की गई।
स्थिति यह है कि कहीं ड्यूटी के समय शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल का माहौल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं शिक्षिका ड्यूटी के नाम पर मोबाइल पर टाइमपास करती नजर आ रही हैं।
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए अलग-अलग ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और 5 साल का संबंधित अनुभव जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए नई नियमावली लागू हुई है। इसमें मजदूर परिवार की भोजन, कपड़ा, आवास, ईंधन-बिजली, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरतों को आधार बनाया गया है।
तेलंगाना में जल्द लागू होगा NEP, Gen Alpha- Gen Beta पर फोकस
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि उनका फोकस ‘Gen Alpha’ और ‘Gen Beta’ के बीच एजुकेशन अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने पर होगा. इसके लिए पहले से ही शिक्षा आयोग का गठन किया जा चुका है.
रेवाड़ी जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों के लिए अब जिले के लोगों और शिक्षकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रेवाड़ी के सेक्टर-4 में नया ‘शिक्षा सदन’ शुरू किया गया है। यहां जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों को एक ही परिसर में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले शिक्षा विभाग के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे। बड़ा तालाब स्थित कार्यालय का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था और इसके बाहर डंपिंग यार्ड होने के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं सेक्टर-4 स्थित एक स्कूल की इमारत भी लंबे समय से खाली पड़ी थी। भवन परिसर में गंदगी और झाड़ियां होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो रहा था। विधायक के प्रयासों से बदली तस्वीर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी से बातचीत कर सेक्टर-4 की खाली पड़ी इमारत को शिक्षा सदन के रूप में विकसित करने की मंजूरी दिलाई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर पर आर्थिक सहयोग करते हुए कई दिनों तक जेसीबी की मदद से परिसर की सफाई कराई और भवन को उपयोग के योग्य बनाया। अधिकारियों की सराहना, स्वच्छता पर जोर शिक्षा सदन के शुभारंभ अवसर पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने परिसर की सफाई और जीर्णोद्धार में योगदान देने वाले अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर सभी कार्यालय आने से आमजन और शिक्षकों को सुविधा मिलेगी। बेहतर कार्य वातावरण से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। विधायक ने शिक्षा सदन परिसर में अधिक से अधिक पौधारोपण करने और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। शिक्षक संगठनों ने जताया आभार शिक्षा सदन की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा और स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खुशी जताई। संघ के अध्यक्ष महावीर यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने सीएम नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया का आभार व्यक्त किया। नए शिक्षा सदन के शुरू होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्याप्त स्थान, बेहतर बैठने की सुविधा और स्वच्छ वातावरण मिला है। वहीं जिले के शिक्षकों और आमजन को भी शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों के लिए एक ही परिसर में सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
गयाजी में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने के साथ ही पितृपक्ष मेले की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस मेले में पहुंचते हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिला अतिथि गृह सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की। जिला प्रशासन ने पितृपक्ष मेले के लिए 44 आवास स्थलों पर करीब 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की है। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सरकारी स्कूलों, छात्रों के दाखिले, शिक्षकों की संख्या और आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गयाजी जिले में 24 प्रखंड हैं और साक्षरता दर 63.67 प्रतिशत है। जिले में 332 पंचायत और 2,889 राजस्व ग्राम हैं। गयाजी में कुल 3,449 सरकारी स्कूल चल रहे हैं, जिनमें करीब 6.61 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों में 24,386 शिक्षक हैं और छात्र-शिक्षक अनुपात 27:1 है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर लगातार काम हो रहा है। स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि BPSC TRE 1, 2 और 3 के जरिए करीब 10,211 शिक्षकों की भर्ती हुई है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त शिक्षक होने से स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और छात्रों को विषय के हिसाब से पढ़ाई कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, टेक्नोलॉजी आधारित और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गयाजी में 33 पीएम श्री स्कूल चुने गए हैं, जिनमें 31 हाई स्कूल और 2 मिडिल स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाओं और छात्रों के पूरे विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। 29 आदर्श विद्यालयों में स्मार्ट क्लास से प्रतियोगी परीक्षा तक तैयारीगयाजी जिले में 29 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) भी संचालित हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आदर्श विद्यालयों में आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष लाइव कक्षाएं, 247 विद्या साथी लाइव क्लास और डाउट सॉल्विंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट टीवी, हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल उपकरण, विज्ञान की आधुनिक प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, शारीरिक गतिविधियों, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। पितृपक्ष में 44 आवासन स्थल, 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थापितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले में कुल 44 आवासन स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां करीब 12,070 तीर्थयात्रियों के ठहरने की क्षमता विकसित की गई है। आवासन स्थलों पर पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे और जरूरी दूरभाष नंबरों की जानकारी वाले साइनेज लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने आवासन स्थलों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। निगमा मोनास्ट्री में सबसे अधिक 2,400 श्रद्धालुओं की क्षमताप्रमुख आवासन स्थलों में निगमा मोनास्ट्री में 2,400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1,200 और मानवीकी भवन गयाजी कॉलेज में 800 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, टी मॉडल इंटर विद्यालय और हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400-400 श्रद्धालुओं के आवासन की व्यवस्था की गई है।प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिले।
जोधपुरिया धाम में शिक्षा-खेल सहित 550 प्रतिभाएं होंगी सम्मानित, समारोह 15 को
श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया और गुर्जर प्रतिभा विकास समिति मिलकर 14वां राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर रहे हैं। यह समारोह 15 सितंबर मंगलवार को दोपहर 12 बजे से देवधाम जोधपुरिया में होगा। समारोह के लिए प्रतिभाओं की अंतिम सूची शुक्रवार को जारी कर दी गई है। इसमें करीब 550 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। समारोह के संयोजकों ने बताया कि- कक्षा 10 में 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक लाने वाली 76 और 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक पाने वाली 112 प्रतिभाओं का सम्मान होगा। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर सामान्य वर्ग में 73 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाली 18 प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोफेशनल श्रेणी से चुनी गई 29 प्रतिभाओं को भी सम्मान मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि खेल-कूद में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली 38 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी प्रशासनिक क्षेत्र में चयनित प्रतिभाओं को गुर्जर गौरव के रूप में सम्मान दिया जाएगा।
धनु राशिवाले हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 12 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित बड़े फैसले आज ना करें, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, विदेश से संबंधित कार्य सफल होंगे.
Ambala News: मांगों के लिए शिक्षकों ने बराड़ा शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मांगों के लिए शिक्षकों ने बराड़ा शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गुणात्मक शिक्षा के सजग प्रहरी बनें स्कूल : विधायक
Schools should become alert sentinels of qualitative education: MLA

