रायपुर में 17 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से राज्य स्तरीय AI कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। समग्र शिक्षा के तहत हुए इस आयोजन का फोकस स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के समग्र विकास पर रहा। विभाग के अनुसार, विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर AI के प्रभावी उपयोग की दिशा में पहल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। कॉन्क्लेव में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन किया। यह ऐप शाला त्यागी यानी ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयार किया है। ऐप के जरिए ऐसे बच्चों की जानकारी जुटाने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने की प्रक्रिया को तकनीक की मदद से बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षक की जगह नहीं लेगा AI, काम आसान करने में मदद करेगा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि तकनीक के मौजूदा दौर में लोग कई स्तरों पर अनजाने में भी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका उपयोग स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से किया जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि AI का उद्देश्य शिक्षकों का स्थान लेना नहीं है। इसे शिक्षक के सहायक साथी के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि शिक्षण कार्य को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। स्थानीय जरूरतों के साथ तकनीक और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तालमेल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्मार्ट क्लास और ICT लैब के इस्तेमाल को और प्रभावी बनाने पर जोर समग्र शिक्षा की आयुक्त डॉ. किरण कौशल ने कहा कि कॉन्क्लेव से प्रदेश में स्मार्ट क्लास और ICT लैब के उपयोग को AI की मदद से और प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से बच्चों तक सरल और सुगम शिक्षा पहुंचाना है। इसमें स्कूलों में पहले से मौजूद डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के साथ AI आधारित नए समाधान विकसित करने पर भी फोकस रहेगा। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ पहुंचे कॉन्क्लेव में देश-विदेश के तकनीकी संस्थानों, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। गूगल, वाधवानी एआई, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी और फिजिक्स वाला के विशेषज्ञों ने AI और शिक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार और प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा IIT भिलाई, IIM रायपुर, NIT रायपुर और छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी यानी CHiPS के विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अलग-अलग संस्थानों की ओर से शिक्षा में AI के संभावित इस्तेमाल और तकनीकी समाधानों की जानकारी साझा की गई। कॉन्क्लेव के निष्कर्ष से तैयार होगा AI रोडमैप कार्यक्रम का सबसे अहम अगला चरण कॉन्क्लेव में सामने आए सुझावों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन करना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग इन नवाचारों और समाधानों का आकलन कर छत्तीसगढ़ के लिए व्यापक AI रोडमैप तैयार करेगा। इस रोडमैप में शिक्षकों की मदद के लिए AI आधारित संसाधन विकसित करने, स्कूलों में उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करने और शिक्षा व्यवस्था को तकनीक के जरिए मजबूत बनाने की दिशा तय की जाएगी। यानी कॉन्क्लेव केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे मिलने वाले सुझावों को आगे की शिक्षा नीति और तकनीकी व्यवस्था में इस्तेमाल करने की तैयारी है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों के टीचरों और अधिकारियों के लिए बेंगलुरु स्थित 'द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' में 5-दिवसीय रेसिडेंशियल 'मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस' एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 15 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। इस विशेष एक्सपोजर विजिट में राज्य के 12 जिलों से चयनित कुल 144 प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें 138 टीचर (प्रति पीएम श्री स्कूल एक टीचर) शामिल हैं। विशेष विजिट को लेकर शिक्षा विभाग ने बताया है कि वे यहां पर अध्यापकों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद टीचर स्कूलों में बच्चों के लिए एक अधिक सकारात्मक, स्वास्थ्यप्रद और सहयोगी वातावरण तैयार कर सकेंगे। 5 दिनों के इस कार्यक्रम में मेंटल हेल्थ सेशंस, इंटरैक्टिव कैपेसिटी बिल्डिंग, आश्रम टूर और सिटी टूर शामिल रहेंगे। 12-13 को रवाना हुए, 20 -21 को वापसी शिक्षा विभाग ने इन टीचरों को 12-13 दिसंबर को नई दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना किया। पहले बैच में गुरुग्राम, करनाल, नुह, झज्जर, हिसार और हांसी से रवाना हुए। वहीं अगले दिन भिवानी, चरखी दादरी, अंबाला, जींद, कैथल और सिरसा के टीचर रवाना हुए। इसी प्रकार से वे बैंग्लोर से 20 व 21 सितंबर को वापसी करेंगे। अब जानिए, यात्रा को लेकर खास बातें…
जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18 से, शिक्षक शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर करेंगे मंथन
कार्यालय संवाददाता| करौली अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) करौली की ओर से 18 व 19 सितंबर को जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में जिलेभर के शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी शिक्षा, शिक्षक हित और विद्यालय शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन गणेश बैंक्विट हॉल, गणेश गेट, करौली में होगा। आयोजन की शुरुआत 18 सितंबर को सुबह 10 बजे से होगी। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सवाई माधोपुर विभाग के विभाग प्रचारक दीपक कुमार मुख्य वक्ता होंगे। वहीं प्रदेश महिला मंत्री एवं एबीआरएसएम (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान की गीता जैलिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एबीआरएसएम करौली के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मीना करेंगे, जबकि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में जिले की जिला, खंड और नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों सहित संगठन के सदस्य शामिल होंगे। सम्मेलन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संगठन की ओर से जिलेभर के शिक्षकों से सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
सरकारी संसाधन शिक्षा-स्वास्थ्य व रोजगार पर लगें : सिंह
अम्बाला| इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हरियाणा सरकार के आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को लेकर जारी बयान में कहा कि शुभकामनाएं देना नागरिकों का व्यक्तिगत अधिकार है, लेकिन सरकारी मशीनरी और कर्मचारियों को ऐसे आयोजनों में लगाने के बजाय जनहित के कामों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, ऐसे में शिक्षकों का समय विद्यार्थियों की पढ़ाई में लगना चाहिए। सरकारी संसाधनों का उपयोग अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कार्यक्रम पर होने वाले खर्च और अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी का विवरण सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना था कि दीया रोशनी का प्रतीक है, इसलिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी रोशनी लाने का संकल्प लिया जाए।
शिक्षा मंत्री दिलावर से मिले, रिक्त पद भरने की मांग
राजसमंद | कोटा प्रवास के दौरान राजस्थान के शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात कर जिले की शैक्षिक स्थिति पर चर्चा की गई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा राजसमन्द के जिला संगठन मंत्री सतीश आचार्य और घुमंतू काम के राजस्थान सरकार के ब्रांड एम्बेसेडर प्रभु लाल घुमंतू ने यह भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने जिले में लंबे समय से खाली चल रहे शिक्षा अधिकारियों, डाइट और समग्र शिक्षा में आरपी के पदों पर नियुक्ति देने की मांग की। इसके अलावा मॉडल स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के रिक्त पदों के परिणाम घोषित करने, कुंभलगढ़ और खमनोर ब्लॉक को टीएसपी घोषित करने, शिक्षक भवन के लिए जमीन देने, शैक्षिक सम्मेलनों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य करने, जिले से बाहर नियुक्त प्राध्यापकों को जिले में लगाने और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने पर चर्चा हुई। इस दौरान रोशन लाल कुमावत और लक्ष्मण घुमंतू भी मौजूद रहे।
शिक्षा विभाग : नई कार्यकारिणी में दीपक अध्यक्ष
उदयपुर | राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद (भामसं) की उदयपुर शाखा ने शिक्षा विभाग की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। जिलाध्यक्ष विजय शर्मा ने परिषद के विधान के तहत संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा उदयपुर संभाग कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक दीपक दवे को उदयपुर जिला शिक्षा विभाग का अध्यक्ष बनाया गया। वहीं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक पदम सिंह को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
संस्कृत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना जरूरी : प्रो. चंद्रकांता राय
It is essential to integrate Sanskrit's rich tradition of knowledge with modern education: Prof. Chandrakanta Rai
वृषभ राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, इस चीज का करें दान
Taurus Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, परिवार में शुभ काम की योजना बनेगी, घर में धन का आगमन होगा, आपका सम्मान और बढ़ेगा, सुख शांति के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे, व्यापार में कार्य बढ़ाने का समय है.
Raebareli News: सर्वांगीण विकास के लिए पोषण और शिक्षा जरूरी
सर्वांगीण विकास के लिए पोषण और शिक्षा जरूरी
Jaunpur News: प्राथमिकी वापस नहीं लेने पर माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष को पीटा
Former chairman of the Secondary Education Selection Commission beaten for not returning the first copy
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक शिक्षा सर्टिफिकेट कोर्स किया लॉन्च
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छह माह का प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (पीटीई) सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स शुरू किया है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ करियर, रोजगार और कौशल से जुड़े व्यावहारिक अनुभव देने की कवायद सरकार ने तेज की है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश (MPBSE) और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के बीच गुरुवार को एक एमओयू हुआ है। इसमें विद्यार्थियों को किसी एक कौशल तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न व्यवसायों, स्थानीय अवसरों और नए क्षेत्रों से परिचित कराया जाएगा। उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) के अवसर दिए जाएंगे। यह एमओयू माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य तथा उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के श्याम सूर्यनारायण सहित मंडल एवं फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ। बताया गया कि इससे विद्यार्थियों को ‘लर्निंग बाय डूइंग’ का अवसर मिलेगा। इस साझेदारी का उद्देश्य ‘Future-Ready Madhya Pradesh’ की दिशा में आगे बढ़ना है। इसके माध्यम से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और आकांक्षाओं के अनुरूप भविष्य के अवसरों को समझने तथा आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। कौशल विकसित करने का प्रयास इस पहल के जरिये विद्यार्थियों को सीखने, करने, समस्या हल करने, कौशल विकसित करने और अवसर पहचानने की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और तकनीक एवं AI के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को केवल किसी एक कौशल का प्रशिक्षण देने के बजाय उन्हें काम की दुनिया, विभिन्न व्यवसायों, स्थानीय अवसरों और उभरते हुए नए क्षेत्रों से परिचित कराया जाएगा।
शिक्षा पर खर्च घटाने को लेकर सौरव दास का दावा, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
शिक्षा पर खर्च घटाने को लेकर सौरव दास का दावा, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में सतत पोषण शिक्षा सत्र आयोजित
17 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंस विभाग द्वारा सतत पोषण शिक्षा सत्र...
रोहतास में 213 शिक्षकों का तीन दिवसीय AI प्रशिक्षण संपन्न, डिजिटल शिक्षा पर जोर
17 सितंबर, गुरुवार: सासाराम में मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय AI प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में सासाराम, नोखा और शिवसागर के कुल 213 शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों को लेसन प्लान, PPT, Excel, MS Word और डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तैयार करने में AI के उपयोग की जानकारी दी गई।
महोबा में शिक्षक पात्रता एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों की मुख्य मांग है कि TET और CTET पास शिक्षामित्रों को उत्तराखंड मॉडल की तर्ज पर सहायक अध्यापक के पद पर नियमित किया जाए। साथ ही, नॉन-TET शिक्षामित्रों के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए। शिक्षा मित्र शिक्षक पात्रता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पांच सूत्रीय ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने बताया कि वे पिछले 22 सालों से बेसिक शिक्षा विभाग में कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। उन्होंने RTE एक्ट 2009 और एनसीटीई के मानकों के तहत TET और CTET की परीक्षा भी पास कर ली है, जो सहायक अध्यापक पद के लिए जरूरी योग्यता है। शिक्षामित्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और उत्तराखंड मॉडल की तरह उत्तर प्रदेश में भी पात्रता पूरी कर चुके शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति मिलनी चाहिए। TET परीक्षा आयोजित की जाए उन्होंने यह भी मांग की कि जो शिक्षामित्र TET पास नहीं हैं, उनके लिए विशेष विभागीय TET परीक्षा आयोजित की जाए। इससे उन्हें भी नियमित होने का मौका मिल सकेगा। इस दौरान जिले के TET/CTET पास शिक्षामित्र मौजूद थे। शिक्षामित्रों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को संकुल स्थित सभागार में समग्र शिक्षा के विभिन्न कार्यक्रमों, व्यावसायिक एवं गुणवत्ता शिक्षा,पीएम...
राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता की तैयारियों पर मंथन, जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए निर्देश
सवाई माधोपुर में 70वीं राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा हुई। जिला शिक्षा अधिकारी ने व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
हरदा में गुरुवार को श्री विश्वकर्मा समाज सेवा समिति ने विश्वकर्मा पूजन दिवस मनाया। इस मौके पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई और कई धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। समाज के अध्यक्ष बसंत विश्वकर्मा ने बताया कि हमने समाज के लोगों ने एकजुटता और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा से हुई। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने समाज के लोगों को भगवान विश्वकर्मा के जीवन, उनके योगदान और उनके आदर्शों के बारे में बताया। इसके बाद शहर के मुख्य रास्तों से भगवान विश्वकर्मा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों सदस्य, महिलाएं और बच्चे उत्साह के साथ शामिल हुए। जगह-जगह समाज के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। मुख्य अतिथि ने मंच से समाज के लोगों को संबोधित करते हुए भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में एकता व सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। विश्वकर्मा पूजन दिवस पर हुए इस कार्यक्रम में समाज के लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। आखिर में भगवान विश्वकर्मा की प्रसादी बांटी गई। कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के माहौल में हुआ। अध्यक्ष बसंत विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए समाज को आगे आने को कहा गया।
15 बार फेल, नेवी में जॉब और एक जिद, ऐसे क्रैक किया UPSC CAPF
कानपुर के पूर्व नेवी सेलर मयंक सचान ने 15 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में UPSC CAPF 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 343 हासिल की. इनकी कहानी जिद और हौसले की मिसाल बन चुकी है. आइए जानते हैं कि कैसे की तैयारी और कैसा रहा पूरा सफर...
job news 2026: पर्सनल असिस्टेंट सहित कई पदों पर निकली हैं भर्ती, आप भी करें आवेदन
इंटरनेट डेस्क। एक अच्छी नौकरी की तलाश में हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से पर्सनल असिस्टेंट और स्टेनोग्राफर ग्रेड-2 भर्ती के लिए भर्ती निकाली गई है। अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 14 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। 12वीं या इसके समकक्ष अन्य निर्धारित पात्रताएं पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने का अच्छा मौका है। पदों के नाम- पर्सनल असिस्टेंट और स्टेनोग्राफर ग्रेड-2 पदों की संख्या- आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 14 अक्टूबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट sssc.uk.gov.in देख सकते हैं pc- ecolleague.in
UPESSC recruitment 2026: 2,607 ग्रेजुएट टीचर पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
pc; the indian express उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) ने 2,607 पोस्ट ग्रेजुएट टीचरों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। नौकरी के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू हो चुका है और 17 अक्टूबर तक अवेलेबल रहेगा। जो कैंडिडेट फॉर्म भरेंगे, उन्हें ध्यान रखना होगा कि पोस्ट के लिए फाइनल सिलेक्शन के लिए उन्हें एक एग्जाम देना होगा। एग्जाम 15 और 16 दिसंबर को होने वाला है। इस भर्ती का मकसद पूरे उत्तर प्रदेश के नॉन-गवर्नमेंट एडेड सेकेंडरी स्कूलों में खाली पोस्ट भरना है। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 17 अक्टूबर एग्जाम की तारीख: 15 और 16 दिसंबर वेबसाइट: upessc.up.gov.in. वैकेंसी : हिंदी, हिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, मिलिट्री साइंस, म्यूजिक, जैसे कई सब्जेक्ट के टीचरों के लिए वैकेंसी हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: एजुकेशन: हिंदी: हिंदी में मास्टर डिग्री, साथ ही तय संस्कृत क्वालिफिकेशन और B.Ed. हिस्ट्री: प्राचीन, मध्यकालीन या मॉडर्न हिस्ट्री में मास्टर डिग्री और B.Ed. बायोलॉजी: बॉटनी या ज़ूलॉजी में मास्टर डिग्री और B.Ed. फिजिकल एजुकेशन: बैचलर डिग्री और M.P.Ed. मिलिट्री साइंस: मिलिट्री साइंस, डिफेंस स्टडीज़ या मिलिट्री स्टडीज़ में मास्टर डिग्री और B.Ed. म्यूज़िक: म्यूज़िक में स्पेशलाइज़्ड पोस्टग्रेजुएट या बैचलर डिग्री के साथ B.ED. अन्य: संबंधित सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री के साथ B.ED. अप्लाई कैसे करें: UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं। ज़रूरी वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस पूरा करें। OTR क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें और एडवरटाइज़मेंट नंबर 06/2026 चुनें। ज़रूरी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स डालें। सब्जेक्ट और इंस्टिट्यूशन कैटेगरी चुनें और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें और सभी डिटेल्स को ध्यान से वेरिफाई करें। एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए एक कॉपी सेव कर लें। कैंडिडेट्स को 17 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले रजिस्ट्रेशन पूरा कर लेना चाहिए और एग्जाम अपडेट्स के लिए ऑफिशियल UPESSC वेबसाइट देखते रहना चाहिए।
हापुड़: TET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों ने उठाई नियमित नियुक्ति की मांग
उत्तराखंड मॉडल की तर्ज पर सहायक अध्यापक बनाने और गैर-TET शिक्षामित्रों के लिए विभागीय परीक्षा कराने हेतु डीएम को सौंपा ज्ञापन।
कोरबा में आम आदमी पार्टी (AAP) ने छत्तीसगढ़ की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ 7 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। यह आवेदन कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम दिया गया। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया। यह आवेदन 16 सितंबर 2026 को दिया गया। इसमें छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी, लचर शिक्षा व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, खराब सड़कें, बिजली बिल से परेशान जनता, बढ़ता अवैध नशे का कारोबार और सड़क पर घूम रहे मवेशियों के इंतजाम सहित 7 सूत्रीय मांगें शामिल हैं। AAP महंगी यूरिया का उठाया मुद्दा पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और कोरबा विधानसभा प्रभारी आनंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसान परेशान हैं। उन्हें इस साल भी महंगी यूरिया खाद लेनी पड़ी। एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर धोखाधड़ी बंद की जाए, ताकि पिछले साल की तरह इस साल भी किसानों को आत्महत्या न करनी पड़े। ऐसा होने पर इसकी जिम्मेदारी तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर की होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब बच्चों के लिए सरकारी शिक्षा पूरी तरह बर्बाद कर दी है। प्रदेश शिक्षा के मामले में 34वें नंबर पर है, जो शर्मनाक है। सरकार पेपर लीक रोक नहीं पा रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है।हर तरफ जर्जर सड़कें हैं, जिन पर बैठे मवेशियों की जान जा रही है। बढ़े बिजली बिल से जनता परेशान है। आम आदमी पार्टी की मुख्य 7 सूत्रीय मांगें… 1. किसानों के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन को सरल किया जाए और रकबा समर्पण के नाम पर धोखाधड़ी बंद हो। 2. सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की कमी और गिरते शैक्षणिक स्तर में तुरंत सुधार किया जाए। 3. अस्पतालों में डॉक्टरों, आवश्यक दवाइयों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर किया जाए। 4. गौधाम योजना के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच हो और आवारा मवेशियों के उचित रखरखाव का तुरंत बंदोबस्त किया जाए। 5. राज्य की जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत और दोबारा निर्माण किया जाए। 6. बिजली के बढ़े हुए दामों और अनाप-शनाप बिलों को वापस लेकर जनता को राहत दी जाए। 7. बढ़ते नशे के कारोबार और मिलावटी शराब पर नियंत्रण किया जाए।
अमरोहा में TET/CTET पास शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक के पद पर स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई है। शिक्षामित्र शिक्षक पात्रता (TET/CTET) एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि RTE एक्ट-2009 और NCTE के नियमों के तहत TET/CTET पास शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर स्थायी नियुक्ति दी जाए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि RTE एक्ट-2009 की धारा 23(1) और NCTE की अधिसूचना के अनुसार सहायक अध्यापक पद के लिए TET/CTET उत्तीर्ण होना जरूरी है। उनके मुताबिक अमरोहा के शिक्षामित्र यह पात्रता पूरी कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला शिक्षामित्रों ने ज्ञापन में दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में TET/CTET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में स्थायी किए जाने का रास्ता बताया गया है। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां TET पास शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया जा चुका है। एसोसिएशन ने इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की मांग की है। 20-22 साल से काम करने की बात कही एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षामित्र पिछले 20 से 22 वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। अब TET/CTET पास कर उन्होंने सहायक अध्यापक पद के लिए जरूरी पात्रता पूरी कर ली है। ऐसे में RTE नियमों, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उत्तराखंड मॉडल के आधार पर उन्हें स्थायी नियुक्ति देने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष हेमलता सैनी, जिला उपाध्यक्ष पूनम अग्रवाल, जिला महामंत्री मनफूल सिंह और जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी रीना गुप्ता शामिल रहीं। इनके अलावा देवेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, चंचल, आदेश देवी, अंजू रानी, सुनील कुमार, अरुण कुमार, रामपाल सिंह, ज्योति शर्मा और फरहाना राहत समेत TET/CTET पास शिक्षामित्र मौजूद रहे।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने 43 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 1.69 लाख रुपये तक वेतन मिल सकता है। भर्ती 11 विषयों में होगी, जिसमें अलग-अलग पदों के लिए अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है।
मुरगूड कॉलेज में महिला सबलीकरण पर भित्तिपत्रक, शिक्षा-समानता पर जोर
मुरगूड के सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में महिला सबलीकरण पर भित्तिपत्रक का उद्घाटन, शिक्षा, समानता और अधिकारों पर जोर दिया गया।
भारतीय स्टेट बैंक ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, फैकल्टी, डीन और आईटी रिस्क से जुड़े पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार 6 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
NTA ने जारी किया दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक की परीक्षाओं का कैलेंडर
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक आयोजित होने वाली विभिन्न प्रमुख परीक्षाओं का प्रस्तावित कैलेंडर जारी किया है।
बच्चों के अधिकार, संरक्षण और कल्याण को लेकर जनप्रतिनिधियों की बैठक, सुरक्षा और शिक्षा पर हुई चर्चा
17 सितंबर, गुरुवार: बच्चों के अधिकार, संरक्षण और कल्याण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने बैठक कर चर्चा की, सुरक्षा और विकास के उपायों पर मंथन हुआ।
बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए NIOS ब्रिज कोर्स लांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ
बीएड के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में चयनित सहायक अध्यापकों के लिए छह माह के अनिवार्य ब्रिज कोर्स का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुधवार को नई दिल्ली में किया।
यूपी की 11508 प्राइमरी शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को नहीं मिलेगा वेटेज
UPESSC UP Primary Teacher Recruitment 2026: यूपी की 11508 प्राइमरी शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को वेटेज नहीं मिलेगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती में वेटेज देने का आदेश दिया था। राम शरण मौर्य के केस में नवंबर 2020 में आदेश आया था।
कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत (कॉन्सुल जनरल) बर्नाड लिंच ने बुधवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। इन मुलाकातों में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत करने और झारखंड के विकास में पारस्परिक सहयोग पर गहन चर्चा हुई। राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान राज्य में पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और कौशल विकास के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, वनों, झरनों और समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग से राज्य के इन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं, कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी। इस दौरान शिक्षा, मिनरल्स (खनिज), स्किल डेवलपमेंट, निवेश, खेल और पर्यटन में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुल-जनरल की वरिष्ठ अधिकारी एंजेलीना नायर भी मौजूद थीं।
पितृ विहीन बेटी को मिला शिक्षा सम्बल
सवाईमाधोपुर| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन के तहत चकचैनपुरा में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत पितृ विहिन बेटी किरण बैरवा के घर जाकर कार्यक्रम संयोजक बाबूलाल बैरवा ने बैग, शिक्षण सामग्री, जूते-मौजे, पैन, छतरी व आर्थिक सहयोग प्रदान कर आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए मिशन की ओर से सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान मुकेश वर्मा, किशोरीलाल मीना, मिशन संचालक बाबूलाल बेरवा सेवानिवृत प्रधानाध्यापक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
श्रमिकों को शिक्षा-सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना जरूरी
श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस पर बुधवार को राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति सचिवालय सभागार में ‘श्रमिक शिक्षा 2.0- विकसित भारत 2047 के लिए कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने में श्रमिक शिक्षा की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी हुई। दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने कहा कि श्रमिकों को शिक्षा के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना जरूरी है।
Lucknow News: शिक्षा में नवाचार बढ़ाएगा डायट का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
शिक्षा में नवाचार बढ़ाएगा डायट का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
Agra News: शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण की सीख
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण की सीख
Shravasti News: बुद्ध की शिक्षाएं दिखाती हैं सही मार्ग
बुद्ध की शिक्षाएं दिखाती हैं सही मार्ग
Fatehpur News: शिक्षामित्र के घर ताला तोड़कर 10 लाख के जेवर और नकदी चोरी
सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास इलाके में शिक्षामित्र के घर का ताला तोड़कर चोर करीब 10 लाख रुपये के जेवर और 10 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए।
फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर याकूतगंज चौकी के पास बुधवार शाम चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार शिक्षा विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी राहुल चौहान (38) की मौत हो गई। पुलिस उन्हें गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के समय उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में जेब से मिले मोबाइल और कागजात की मदद से परिजनों को सूचना दी गई। सिर में गंभीर चोट, हाथ-पैर में फ्रैक्चर राहुल चौहान कादरी गेट थाना क्षेत्र के मसेनी के रहने वाले थे। वह मैनपुरी के बेवर में शिक्षा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। बुधवार शाम याकूतगंज चौकी से कुछ दूरी पर एक चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया गया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और हाथ-पैर में भी फ्रैक्चर हुआ था। चर्चा है कि बाइक को पिकअप वाहन ने टक्कर मारी थी, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल से परिजनों को दी सूचना याकूतगंज चौकी पुलिस राहुल को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर दीपक तिवारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहचान न होने पर पुलिस ने तलाशी ली तो जेब से मोबाइल और कुछ कागजात मिले। मोबाइल से संपर्क करने पर उनकी बहन से बात हुई और परिवार को हादसे की जानकारी दी गई। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। कुछ समय पहले हुआ था बेटा परिजनों के मुताबिक, राहुल दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। कुछ समय पहले ही उनके यहां बेटा हुआ था। उनकी पत्नी बेटे के साथ इन दिनों मायके गई हुई थीं। राहुल की ससुराल कमालगंज में है। उनकी मौत से परिवार सदमे में है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विभाग से पूछा है कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति क्यों दी गई, जबकि बाकी याचियों को अब तक समान लाभ क्यों नहीं मिला। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। याचियों ने न्यायालय को बताया कि एक अंक के विवाद से प्रभावित 2249 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होना था। इसके बावजूद 7 मई 2026 को सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति मिली। याचियों का कहना था कि जब एक अभ्यर्थी को समान विवाद में नियुक्ति का लाभ मिला है, तो बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखने का कारण साफ किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जवाब मांगा है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल करियर निर्माण नहीं है, बल्कि मनुष्य निर्माण है : मोहन भागवत
New Delhi, 16 सितंबर . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आईआईएलएम विश्वविद्यालय एवं बनयान ट्री विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने कक्षा 10 से स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तक के छात्रों से संवाद करके उनके प्रश्नों के उत्तर दिए. शिक्षकों व छात्रों को ... Read more
भोपाल में अतिथि विद्वानों ने शिवराज सिंह चौहान के सामने 11 सितंबर 2023 की महापंचायत में किए गए आश्वासन की याद दिलाते हुए फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग रखी।
बिहार में बाढ़ ने रोके टीचर ट्रांसफर, शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादलों के आवेदन की तारीख आगे बढ़ाई
बिहार में शिक्षकों के सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया में देरी होगी। शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादलों के लिए रिक्तियों के प्रकाशन और शिक्षकों के आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। इसकी वजह बाढ़ को बताया गया है।
शिक्षक संघ का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18-19 सितंबर को नोहर में, शिक्षा पर होगा संवाद
नोहर में 18-19 सितंबर को राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन होगा। बदलते सामाजिक परिवेश, शिक्षक की भूमिका, शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक चुनौतियों और शिक्षक हितों पर चर्चा होगी।
दंगल: जंतर-मंतर आंदोलन के बाद शिक्षा पर चर्चा गंभीर या सिर्फ सियासत?
आज का दंगल देश में शिक्षा को लेकर हुए सियासी जागरण पर है...जब से दिल्ली में जंतर मंतर का आंदोलन हुआ है. जेन-जी और जेन-अल्फा के मुद्दों की चर्चा होने लगी है...कॉकरोच जनता पार्टी वाले चुनिंदा स्कूलों का ऑडिट करने लगे हैं...राहुल गांधी छात्रों की गूंज करते चल ही रहे हैं...बीजेपी सरकारें स्कूलों पर ध्यान देने लगी है...आज खबर आई कि अब यूपी के 14 हजार से अधिक बेसिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा. 300 करोड का फंड भी दे दिया गया....कॉकरोच जनता पार्टी इसे अपनी कामयाबी बताती है कि 15 सितंबर से यूपी के नोएडा में स्कूल ठीक करो अभियान क्या शुरू किया, सरकार स्कूलों को स्मार्ट बनाने की बातें करने लगी है. देखें...
कानोड़ के डॉ. ललित कुमार चौधरी शिक्षा, स्वास्थ्य, योग और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। वे बच्चों और युवाओं के विकास, व्यक्तित्व बनाने और उनके अच्छे भविष्य के लिए मार्गदर्शन करते हैं। डॉ. चौधरी आज कई छात्रों और परिवारों के लिए प्रेरणा हैं। वे एक करियर काउंसलर और योग ट्रेनर हैं। वे बच्चों को उनकी काबिलियत और रुचि के हिसाब से सही रास्ता दिखाते हैं। साथ ही, वे उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति, आत्मविश्वास और अच्छे व्यक्तित्व को बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। डॉ. चौधरी शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं मानते। वे इसे स्वास्थ्य, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल से जोड़ते हैं।
खगड़िया के इंटर स्कूल महसौड़ी में बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक हुई। इसमें सदर विधायक बबलू कुमार मंडल शामिल हुए। बैठक में स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था, अनुशासन, साफ-सफाई, सुविधाओं और छात्रों की जरूरतों पर विस्तार से बात की गई। विधायक ने स्कूल की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीत नारायण सिंह से स्कूल की समस्याएं और जरूरतें पूछीं। विधायक ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने और छात्रों को अच्छा पढ़ाई का माहौल देने पर जोर दिया। परिसर सुरक्षित रखने चाहरदीवारी जरूरी - विधायक विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि शिक्षा समाज और इलाके के विकास की मजबूत नींव है। बच्चों को अच्छी शिक्षा और जरूरी चीजें देना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों की पढ़ाई के साथ उनके पूरे विकास पर भी ध्यान दें। बैठक में स्कूल की चाहरदीवारी बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने चाहरदीवारी बनाने समेत अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चाहरदीवारी जरूरी है। इसके लिए संबंधित स्तर पर पहल की जाएगी। विकास कार्यों को लेकर रखीं अपनी बातें उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं होने से ही बच्चों को बेहतर माहौल मिल पाएगा। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षक, अभिभावक, स्कूल प्रबंधन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोगों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी स्कूल से जुड़ी समस्याएं और विकास कार्यों को लेकर अपनी बातें रखीं। विधायक ने इन समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने का भरोसा दिया। इस मौके पर गौड़ा शक्ति पंचायत के मुखिया राजेश कुमार सिंह, सरपंच अर्जुन महतो, पंचायत समिति सदस्य उषा देवी, प्रोफेसर रतन कुमार, विंदेश्वरी महतो, विपुल कुमार, मनोज कुमार चौधरी, ललित चौधरी, अनिल प्रसाद सिंह, सुशील प्रसाद सिंह समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
यूसीसी का विरोध करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी इस्लाम की शिक्षा पढ़े : आचार्य प्रमोद कृष्णम
गाजियाबाद, 16 सितंबर . यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है. उन्होंने यूसीसी को समानता और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि इसका विरोध करने से पहले ओवैसी को इस्लाम की शिक्षाओं और समानता के सिद्धांत को ... Read more
यूसीसी का विरोध करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी इस्लाम की शिक्षा पढ़े - आचार्य प्रमोद कृष्णम
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बुधवार को खैरवाड़ा के महुवाल पंचायत मुख्यालय पर सरकारी सीनियर सैकंडरी स्कूल महुवाल में तीन नए क्लासरूम का उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री खराड़ी ने कहा कि गांवों का विकास राज्य और केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सबसे ज्यादा बजट खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा आदिवासी इलाकों की अनदेखी की। वहीं, भाजपा सरकार गांव, गरीब, किसान और आदिवासियों समेत समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस समारोह को पूर्व विधायक नानालाल अहारी, पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, जनजाति मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता शंकर लाल खराड़ी, भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन, भाजपा देहात जिला मंत्री अमित कलाल और नयागांव मंडल अध्यक्ष दुर्गा भगोरा ने भी संबोधित किया। शुरुआत में महुवाल प्रशासक नारायण परमार ने मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर कनबयी मंडल अध्यक्ष नवीन रावल, पूर्व मंडल अध्यक्ष धुलेश्वर वसोहर, मंडल महामंत्री मुकेश गामोट, पूर्व मंडल महामंत्री साकरचंद लबाना, एसडीएम शिवन्या गुप्ता और विकास अधिकारी डुगरलाल प्रजापत मौजूद रहे। इसी के साथ भाजपा नेता जीवालाल गरासिया, बलदेव खराड़ी, धर्मेंद्र कलाल, गटुलाल बारोठ, बच्चुलाल खराड़ी और स्कूल के प्रिंसिपल मोहन लाल परमार समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन साकरचंद बोडात ने किया।
भिवानी में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के आगे बुधवार को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) को लेकर परीक्षार्थियों ने धरना दिया। परीक्षार्थियों का कहना था कि बार-बार तारीख पर तारीख लगा दी जा रही है, लेकिन रिजल्ट रिवाइज नहीं किया जा रहा है। जिसकी वजह से उनके काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब होगा कि वर्ष 2025 का हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा जो की जुलाई में हुई थी। परीक्षा के बाद से ही परीक्षार्थी मांग उठा रहे थे कि परीक्षा में काफी खामिया है, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड ने रिजल्ट भी निकाला तो उसमें भी परीक्षार्थियों ने एतराज जताया और बार-बार इसे ठीक करने को कहा। रिजल्ट रिवाइज किया जाएपरीक्षार्थी कृष्णा व संदीप आदि ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व भी परीक्षार्थी बोर्ड में पहुंचे थे। उन्होंने बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की और कहा था कि रिजल्ट को रिवाइज किया जाए। जिस पर बोर्ड सचिव ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनका रिजल्ट रिवाइज कर दिया जाएगा। लेकिन समय सीमा पूरी होने के बावजूद भी रिजल्ट रिवाइज ना होने पर आज फिर से परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय के सामने पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया। उन्होंने मांग है कि बोर्ड प्रशासन इस मामले में उचित कारवाही करे।
हरियाणा के नारनौल में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश की स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था, किसान और सड़क व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनावों में बारां नगर परिषद के परिणाम का भी जिक्र किया। बारां में आप ने 60 में से 31 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इसे काम और विकास की राजनीति के प्रति लोगों के समर्थन के रूप में देखती है। स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल डॉ. गुप्ता ने रोहतक पीजीआई के जच्चा-बच्चा वार्ड की छत गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी एमआरआई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के विलय और विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट की स्थिति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। पार्टी की नीतियां बताई उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब में आप सरकारों ने सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने हरियाणा में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को लेकर पार्टी की नीतियों का उल्लेख किया। नशे और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया आप प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश में नशे और अपराध को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नारनौल और महेंद्रगढ़ में भी नशे की बिक्री से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से नशे की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। किसानों और सड़कों का मुद्दा उठाया डॉ. गुप्ता ने दक्षिण हरियाणा में फसल खराबे और मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी आवाज उठाती रहेगी। ये रहे मौजूद इस दौरान आप के जिला प्रधान गिरीश खेड़ा, ज्योति सैनी, करण सिंह, जोगिंदर खन्ना, सोमदत्त, मनीष खन्ना, विवेक भटनागर, राजेश कुमार, संजय सैनी, रमेश अग्रवाल कांटीवाल, रामदेव, आत्माराम सैनी और ललित शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सासाराम में जनजातीय महिलाओं-बच्चों की शिक्षा-स्वास्थ्य पर सेमिनार, कार्ययोजना पर हुई चर्चा
16 सितंबर, बुधवार: सासाराम में जनजातीय महिलाओं व बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और संरक्षण को लेकर सेमिनार आयोजित हुआ, जिसमें समस्याओं के आकलन और जिला कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
यूपी में 15000 से अधिक शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने की घोषणा
यूपी में 15000 से अधिक शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने की घोषणा
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’
New Delhi, 16 सितंबर . राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने विषय विशेषज्ञों (एसएमई) के पैनल में शामिल होने के लिए अनुभवी शिक्षकों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया है. इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करना, अकादमिक ईमानदारी बनाए रखना ... Read more
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट'
एनटीए ने विषय विशेषज्ञ पैनल के लिए शिक्षकों, शिक्षाविदों से मांगा 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट'
शेखपुरा में संगीन मामलों के आरोपी किशोरों से मिले DM:रहन-सहन और शिक्षा-स्वास्थ्य की ली जानकारी
शेखपुरा में बुधवार को डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों के साथ मटोखर स्थित सुरक्षित स्थान (सेफ्टी प्लेस) का औचक निरीक्षण किया। यह सेफ्टी प्लेस संगीन मामलों के आरोपी किशोरों को रखने के लिए बनाया गया है। डीएम ने यहां की व्यवस्थाओं का घंटों तक जायजा लिया। किशोरों से की बातचीत, शिक्षा की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान डीएम ने सेफ्टी प्लेस में रह रहे किशोरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी शिक्षा, रहन-सहन और वहां मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने किशोरों को रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने की सलाह दी। स्वच्छ और सरल जीवन जीने का दिया संदेश डीएम ने किशोरों को शांतिपूर्ण और स्वच्छ जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरल और अनुशासित जीवन से आत्मसंतुष्टि मिलती है। साथ ही किशोरों को भविष्य में देश के सम्मानित नागरिक बनने के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था भी जांची डीएम ने किशोरों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ सेफ्टी प्लेस की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा में तैनात कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक श्वेता कौर, जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. तनवीर आलम और बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में स्कूल का बीम गिरने से जान गंवाने वाले शिक्षामित्र का शव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। दोपहर करीब एक बजे परिजनों ने रामगंगा नदी किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया। गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धुबला करीमनगर निवासी सुखपाल कश्यप कुबेर गौटिया प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। विद्यालय का एक हिस्सा काफी पुराना और जर्जर हालत में था, जिसे तोड़ने का ठेका भी उन्होंने लिया था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह भवन तोड़ने का काम देखने पहुंचे थे। बताया गया कि स्कूल के इंटरवल के दौरान बच्चों को पढ़ाने के बाद वह टूट रहे हिस्से का निरीक्षण करने गए थे। वहां बैठी एक रसोईया को उन्होंने दूसरी जगह जाने के लिए कहा। करीब पांच मिनट बाद उसी स्थान पर एक बड़ा बीम गिर गया और सुखपाल उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद उन्हें चारपाई पर लिटाकर वाहन तक पहुंचाया गया। गंभीर हालत में उन्हें बरेली के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी, चार बेटे और तीन बेटियां सुखपाल कश्यप के परिवार में पत्नी शीला देवी, चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उनके एक बेटे और एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी की शादी कुछ दिन पहले ही तय हुई थी। बुधवार को शव घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। ग्रामीणों ने बताया मददगार थे सुखपाल ग्रामीणों ने बताया कि सुखपाल कश्यप सभी से घुल-मिलकर रहते थे और जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद करते थे। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि भवन तोड़ने के दौरान उन्हें उस स्थान पर सावधानी बरतनी चाहिए थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने भी शिक्षामित्र की मौत पर दुख जताया है। शिक्षामित्र की मौत मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को फेसबुक पर दैनिक भास्कर की खबर साझा करते हुए मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने लिखा, “यह बेहद दुखद समाचार है कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक जर्जर स्कूल की बीम गिरने से शिक्षामित्र की मृत्यु हो गई। शिक्षामित्र के परिजनों के जीवनयापन के लिए सरकार समुचित मुआवजा दे। हर शिक्षामित्र का बीमा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
job news 2026: पर्सनल असिस्टेंट सहित कई पदों के लिए निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए काम की खबर है। जी हां हाई कोर्ट ऑफ दिल्ली की ओर से पर्सनल असिस्टेंट और सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के रिक्त पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इसके लिए 5 अक्टूबर 2026 रात्रि 11 बजे तक आवेदन किया जा सकता है। पदों के नाम- पर्सनल असिस्टेंट और सीनियर पर्सनल असिस्टेंट पदों की संख्या- आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- अभ्यर्थी की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 32 साल से ज्यादा न हो। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 5 अक्टूबर 2026 सैलरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटdelhihighcourt.nic.in देख सकते हैं pc- economictimes.com
आरटीई की बकाया पुनर्भरण राशि को लेकर शिक्षा विभाग को ज्ञापन, भुगतान जल्द करने की मांग
भीलवाड़ा में आरटीई सत्र 2025-26 की बकाया पुनर्भरण राशि को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रारंभिक शिक्षा के विद्यालयों का भुगतान लंबित होने से वित्तीय और प्रशासनिक कठिनाइयों का मुद्दा उठाया गया।
जारी आदेश के तहत मनीष मिश्रा, भगवत जायसवाल और गुड़ लाल जगत को उनके वर्तमान विभागों से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
गांवों में सड़क, शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता : खराड़ी
खैरवाड़ा के महुवाल में मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने राजकीय विद्यालय के नवनिर्मित तीन कक्षों का उद्घाटन किया। उन्होंने गांवों में सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और चिकित्सा सुविधाओं को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
यूपी में 12405 प्राइमरी टीचर के पदों पर निकली भर्ती, आज से करें आवेदन
pc: abplive उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) ने राज्य में 12,405 असिस्टेंट टीचर पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस आज, 16 सितंबर, 2026 से शुरू हो रहा है और एलिजिबल कैंडिडेट कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए अप्लाई कर सकते हैं। यह रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नंबर 05/2026 के तहत बेसिक और सेकेंडरी एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चलने वाले एडेड स्कूलों में खाली टीचिंग पोस्ट को भरने के लिए की जा रही है। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे एप्लीकेशन जमा करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। कैटेगरी के हिसाब से वैकेंसी डिटेल्स इस रिक्रूटमेंट में दो कैटेगरी के तहत असिस्टेंट टीचर की वैकेंसी शामिल हैं। असिस्टेंट टीचर अर्बन: बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत 11,508 पोस्ट असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी: सेकेंडरी एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत एडेड प्राइमरी स्कूलों के लिए 897 पोस्ट 11,508 अर्बन असिस्टेंट टीचर पोस्ट में से, 4,746 जनरल कैंडिडेट्स के लिए, 3,069 OBC के लिए, 1,116 EWS के लिए, 2,379 SC के लिए और 198 ST कैंडिडेट्स के लिए हैं। 897 अटैच्ड प्राइमरी वैकेंसी में से, 378 पोस्ट जनरल कैंडिडेट्स के लिए, 164 OBC के लिए, 7 EWS के लिए और 348 SC कैंडिडेट्स के लिए हैं। एप्लिकेशन की तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो 16 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। एप्लीकेशन फीस के पेमेंट की आखिरी तारीख भी 15 अक्टूबर है। कैंडिडेट्स 19 अक्टूबर, 2026 तक अपने एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। एप्लिकेंट्स को अप्लाई करने से पहले वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस पूरा करना होगा। कमीशन ने कैंडिडेट्स को सलाह दी है कि फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन में बताई गई सभी एलिजिबिलिटी की शर्तें और निर्देश देख लें। कौन अप्लाई कर सकता है? असिस्टेंट टीचर अर्बन पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ तय टीचर-ट्रेनिंग क्वालिफिकेशन, जैसे BTC, दो साल का BTC उर्दू, स्पेशल BTC, D.El.Ed., चार साल का B.Ed. या कोई दूसरी मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। कैंडिडेट्स ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) भी पास किया हो। असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी पोस्ट के लिए, एप्लीकेंट्स के पास ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से मान्यता प्राप्त BTC या D.El.Ed. होना चाहिए। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार या भारत सरकार द्वारा क्लास 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए आयोजित TET भी क्वालिफाई करना होगा। उम्र सीमा और एप्लीकेशन फीस अर्बन असिस्टेंट टीचर पोस्ट के लिए, कैंडिडेट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 को कम से कम 21 साल और 40 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। एलिजिबल कैंडिडेट्स को लागू नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी। OBC, EWS और दूसरी खास कैटेगरी के कैंडिडेट के लिए एप्लीकेशन फीस ₹1,000 है। SC और ST कैंडिडेट को ₹500 देने होंगे, जबकि दिव्यांग कैंडिडेट के लिए फीस ₹300 है। अप्लाई कैसे करें कैंडिडेट अपनी एप्लीकेशन जमा करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं: UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। UP Super TET 2026 ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें और दिए गए क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। ज़रूरी एजुकेशनल और पर्सनल डिटेल्स डालें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। मौजूद ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन से एप्लीकेशन फीस भरें। एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें और भविष्य के लिए एक कॉपी डाउनलोड करें।
RRB recruitment 2026: 590 पैरामेडिकल पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: kalingatv रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने 590 पैरामेडिकल पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। भर्ती का विज्ञापन CEN 05/2026 के तहत है। भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस 15 सितंबर से शुरू हुआ था और 14 अक्टूबर को खत्म होगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार भर्ती के लिए अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन को ठीक से पढ़ लें। योग्यता हर पोस्ट के लिए अलग-अलग है। भर्ती में 590 पोस्ट हैं जिनमें कई हेल्थकेयर और पैरामेडिकल पोस्ट शामिल हैं, जिनमें नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, फार्मासिस्ट और दूसरी स्पेशल कैटेगरी शामिल हैं। ज़रूरी तारीखें: एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 15 सितंबर एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 14 अक्टूबर एप्लीकेशन फीस भरने की आखिरी तारीख: 16 अक्टूबर एप्लीकेशन करेक्शन विंडो बंद होने की तारीख: 17 से 26 अक्टूबर स्क्राइब डिटेल्स जमा करने की तारीख: 27 से 31 अक्टूबर वैकेंसी की जानकारी: नर्सिंग सुपरिटेंडेंट फार्मासिस्ट डायलिसिस टेक्नीशियन ECG टेक्नीशियन लैबोरेटरी असिस्टेंट ग्रेड II रेडियोग्राफर/एक्स-रे टेक्नीशियन हेल्थ और मलेरिया इंस्पेक्टर ग्रेड II ऑप्टोमेट्रिस्ट ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: वैकेंसी के लिए एप्लीकेशन हर पोस्ट के लिए अलग-अलग होता है। कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन को ठीक से पढ़ना चाहिए। सिलेक्शन प्रोसेस: कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मेडिकल एग्जामिनेशन एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC और EWS: Rs 500 SC, ST, एक्स-सर्विसमैन, PwBD, महिला, ट्रांसजेंडर, माइनॉरिटी और EBC: Rs 250 अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल RRB एप्लीकेशन पोर्टल पर जाएं। ज़रूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें। लॉग इन करें और CEN 05/2026 के तहत RRB पैरामेडिकल रिक्रूटमेंट 2026 चुनें। पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी ज़रूरी जानकारी भरें। एलिजिबल पैरामेडिकल पोस्ट और पसंदीदा ऑप्शन चुनें, जैसा लागू हो। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से देख लें। कन्फर्मेशन पेज या सबमिट किया गया एप्लीकेशन फॉर्म भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।
job news 2026: इसरो में निकली हैं कई पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरेनट डेस्क। आप भी अगर नौकरी सर्च कर रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स महेंद्रगिरि में नौकरी का शानदार अवसर है. आईपीआसी में टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए के 22 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। आवेदन की लास्ट डेट-5 अक्टूबर 2026 पदों के नाम-टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए कुल पद- 22 योग्यता- पदों के अनुसार आयु सीमा -उम्मीदवार की उम्र 5 अक्टूबर 2026 को 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट iprc.gov.in देख सकते हैं pc- shutterstock.com
शिक्षिका से दुर्व्यवहार-अश्लील हरकत के आरोप में प्रधान शिक्षक निलंबित, SC/ST एक्ट में FIR, दरभंगा में शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में नौकरी पाने का मौका है। High Court of Delhi की ओर से पर्सनल असिस्टेंट और सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के रिक्त पदों...
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायक शिक्षक के 12,405 पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 16 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती के लिए स्नातक, शिक्षक प्रशिक्षण और टीईटी समेत निर्धारित योग्यता जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को आयुष विश्वविद्यालय के नियंत्रण से हटाकर निजी विश्वविद्यालयों को सौंपने की चल रही प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। महंत का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, फीस और डिग्री की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है। आयुष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद पहले ही चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को निजी विश्वविद्यालयों को सौंपने के प्रस्ताव पर अपनी असहमति जता चुकी है। इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई है। निजीकरण से फीस बढ़ने की आशंका महंत के मुताबिक, चिकित्सा और पैरामेडिकल शिक्षा निजी हाथों में जाने से उच्च शिक्षा महंगी हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ने का दावा उन्होंने किया है। उन्होंने कहा कि सीमित आर्थिक संसाधनों वाले छात्रों के लिए इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई मुश्किल हो सकती है। दो अलग व्यवस्था से डिग्री की साख पर सवाल नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर दोहरी व्यवस्था लागू करने से परीक्षा प्रणाली और डिग्री की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। उनका तर्क है कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को बदलने से पहले इसके शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रभावों का स्पष्ट आकलन होना चाहिए। महंत ने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरकार को प्रक्रिया रोकने और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने के निर्देश देने का आग्रह किया है। आयुष विश्वविद्यालय में अभी भी चल रही प्रवेश प्रक्रिया इधर, छत्तीसगढ़ में आयुष पाठ्यक्रमों के लिए 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आधिकारिक पोर्टल पर बीएएमएस, बीएचएमएस और बीएनवाईएस की काउंसलिंग से जुड़ी सूचनाएं जारी की गई हैं।
मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वान मंगलवार से उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित बंगले के बाहर धरने पर बैठे हैं। बुधवार सुबह करीब 200 अतिथि विद्वानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजरते वक्त रोक लिया। उन्होंने शिवराज को अपनी मांगें बताईं और 11 सितंबर 2023 के उनके आश्वासन याद दिलाए। इससे पहले बुधवार सुबह मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों के चार प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। हालांकि, उन्होंने फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने से इनकार कर दिया। अतिथि विद्वानों का कहना है कि जब तक नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर ठोस नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया बंद की जाए। अतिथि विद्वानों ने शिवराज को बताया कि उनके सामने सबसे बड़ा मुद्दा फॉलन आउट प्रक्रिया है। उन्होंने मांग पत्र भी सौंपा। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि विद्वानों के भविष्य की सुरक्षा के लिए नीति बनने तक उन्हें व्यवस्था में बनाए रखा जाए। 10 जुलाई के सम्मेलन में मिला था आश्वासन अतिथि विद्वानों के मांग पत्र के मुताबिक 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के सामने उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई थी। उस दौरान नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने का आश्वासन दिया गया था। सरकार की ओर से अतिथि विद्वानों के लिए हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति जल्द बनाने और लागू करने की बात भी कही गई थी। इस आश्वासन के बाद वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि विद्वानों में भविष्य को लेकर उम्मीद जगी थी। शिवराज ने 2023 में कहा था- फॉलन आउट नहीं होने देंगे अतिथि विद्वानों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 11 सितंबर 2023 के आश्वासन का भी उल्लेख पत्र में किया है। उनके मुताबिक भोपाल में अतिथि विद्वानों की महापंचायत में शिवराज ने फॉलन आउट की प्रक्रिया रोकने और अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करने की बात कही थी। रक्षाबंधन पर सीएम को बांधी थी राखी मांग पत्र में 28 अगस्त 2026 के रक्षाबंधन का भी जिक्र है। अतिथि विद्वानों के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई अतिथि विद्वान बहनों ने उज्जैन में मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षा सूत्र बांधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि जब तक उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकी जाए। उन्हें ये प्रक्रिया रोकने का आश्वासन दिया था। मांग पत्र में सिर्फ दो प्रमुख मांगें अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार से मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की निश्चित समयावधि तय की जाए। दूसरी, जब तक यह नीति लागू नहीं होती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया बंद की जाए। उन्होंने कहा कि वे केवल नौकरी की सुरक्षा नहीं, बल्कि अपने अनुभव, योग्यता, वर्षों की सेवा और शैक्षणिक योगदान के सम्मान के साथ भविष्य की सुरक्षा चाहते हैं। फॉलन आउट क्या है? नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर संबंधित कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वान की सेवा समाप्त हो जाने को अतिथि विद्वान ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया कहते हैं। इसी व्यवस्था को रोकने की मांग को लेकर मंगलवार से मंत्री के बंगले के बाहर धरना चल रहा है। पहले भी रोका गया शिवराज का काफिला 4 सितंबर 2026: शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग की मांग शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग की मांग को लेकर नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे वर्ग-1 अभ्यर्थियों ने शिवराज का काफिला रोका था। अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा था- यह भर्ती आपके समय की है, आपको आना होगा। वहीं, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर भी पदवृद्धि की मांग उठाई। 5 जुलाई 2026 : आठ साल बाद भी कॉलोनी में सुविधाएं नहीं रायसेन जिला स्थित विश्व पर्यटन स्थल सांची में वार्ड 14 स्थित बांके बिहारी कॉलोनी के रहवासियों ने शिवराज का काफिला रोका। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने ज्ञापन देते हुए बताया कि उनकी कॉलोनी को बसे करीब आठ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कॉलोनाइजर ने सुनहरे सपने दिखाकर प्लॉट बेचे थे, लेकिन सुविधाओं का वादा पूरा नहीं किया। 21 जून 2026 : कांग्रेस नेता और किसानों ने रोका सीहोर में कांग्रेस नेताओं और किसानों ने शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक लिया था। उन्होंने कहा- भले ही हम कांग्रेस पार्टी से हैं, लेकिन आप हमारे प्रतिनिधि हैं। इस पर शिवराज ने जवाब दिया- मैं जनता का प्रतिनिधि हूं तो सबका प्रतिनिधि हूं। आपका भी प्रतिनिधि हूं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने शिवराज से कहा- पिछले 15 दिन से किसान खाद और दूसरे कृषि संबंधी कामों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल का सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा। इस पर शिवराज ने कहा था- जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
दरभंगा के हनुमाननगर प्रखंड के मोरो थाना क्षेत्र स्थित खपड़पुरा प्राइमरी स्कूल के प्रधान शिक्षक कुमार गौरव पर शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत और जातिसूचक उत्पीड़न के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने प्रधान शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें घनश्यामपुर बीआरसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।स्कूल की शिक्षिका ने पिछले सप्ताह प्रधान शिक्षक के खिलाफ मोरो थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में अश्लील टिप्पणी करने, अश्लील वीडियो दिखाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं। स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर निलंबन की अनुशंसामामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से प्रधान शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया था। बताया गया कि उनके जवाब से बीईओ मणिशंकर सिंह संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बीईओ ने प्रधान शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी से की। अनुशंसा के आधार पर डीईओ विद्यानंद ठाकुर ने निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन के दौरान प्रधान शिक्षक को घनश्यामपुर बीआरसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मंगलवार को उन्होंने संबंधित बीईओ के समक्ष योगदान भी कर दिया। विभाग की ओर से मामले की विभागीय जांच की जिम्मेदारी पीओ रंजना कुमारी को दी गई है। उन्हें 45 दिनों के अंदर विभागीय कार्यवाही पूरी कर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। एफआईआर के बाद विभागीय कार्रवाईशिक्षिका की शिकायत पर मोरो थाना में दर्ज प्राथमिकी में एससी/एसटी एक्ट के अलावा अश्लील टिप्पणी, अश्लील वीडियो दिखाने और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया प्रधान शिक्षक के आचरण को सरकारी कर्मी के अनुरूप नहीं मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी के आधार पर जांच की जा रही है।
समग्र शिक्षा अभियान 5 साल बढ़ाया:उज्जैन, चंदेरी समेत तीन सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन नए सिंचाई प्रोजेक्ट मंजूर को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इनमें उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846.05 करोड़, सिंगरौली की गौंड परियोजना के लिए 749.62 करोड़ और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 11.49 करोड़ रुपए कैबिनेट ने मंजूर किए गए हैं। तीनों योजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश में 1.27 लाख हेक्टेयर से अधिक भू-भाग में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। अकेली चितावद परियोजना से 65 हजार हेक्टेयर और गौंड परियोजना से 34.5 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचिंत होगी। तीनों प्रोजेक्ट पर कुल 2600 करोड़ से राशि खर्च होगी। कैबिनेट ने समग्र शिक्षा योजना के तहत 36,006 करोड़ रुपए मंजूर किए, जिससे 18 वर्ष तक के बच्चों का शैक्षणिक व व्यावसायिक विकास होगा। उद्यानिकी की आठ विकास योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में नए खनिज कार्यालयों के लिए 21 पद तथा अनूपपुर-शहडोल के स्कूलों के लिए 36 पद मंजूर हुए हैं। मार्कफेड को 2220 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए मार्कफेड को 2220.62 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया है। 30 सितंबर 2026 तक पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह राशि दी जाएगी। लाड़ली बहना को दिए 250 रुपए का अनुमोदन: कैबिनेट ने रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को अगस्त की नियमित सहायता के साथ दी गई 250 रुपए की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता के मुख्यमंत्री के आदेश का अनुमोदन कर दिया।
विधि-जगत में अपनी लेखनी और शोध के जरिए अलग पहचान बनाने वाले कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र निवासी प्रोफेसर अशोक कुमार राय ने एक और राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है।
Karnal News: महिलाओं ने उठाई शहर की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं की आवाज
महिलाओं ने उठाई शहर की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं की आवाज
अंक और डिग्री तक सीमित न रखें शिक्षा : प्रो. आरएस दुबे
अंक और डिग्री तक सीमित न रखें शिक्षा : प्रो. आरएस दुबे
Sultanpur News: शिक्षा और रोजगार पर युवाओं पर प्रदर्शन
शिक्षा और रोजगार पर युवाओं पर प्रदर्शन
Sports competitions begin simultaneously in three education blocks, 1198 players will showcase their strength
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई...
पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बेहतर शिक्षा के मुद्दे को लेकर आइसा की महाजुटान यात्रा मंगलवार को अयोध्या पहुंची। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का जेन जी राइजिंग महाजुटान सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में आयोजित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में निकली यात्रा प्रयागराज से शुरू होकर वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर होते हुए अयोध्या पहुंची। यहां वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। मीडिया से बातचीत में नेहा बोरा ने कहा कि देश और प्रदेश में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा के सवाल पर जगह-जगह आंदोलन चल रहे हैं। आइसा इन आंदोलनों के समर्थन में यात्रा निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलना जरूरी है। हालांकि, बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने लेफ्ट के लगातार सत्ता से बाहर रहने को लेकर सवाल किया तो नेहा बोरा नाराज हो गईं। उन्होंने पत्रकारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकारों को अनपढ़ होना शोभा नहीं देता। उनके इस बयान के बाद बातचीत का माहौल गरमा गया।
UP Cabinet: बेसिक शिक्षा के 14,429 प्राथमिक स्कूल बनेंगे Smart School
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा परिषद के तहत आने वाले 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। खन्ना ने कहा कि इस पहल के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय को 2,07,910 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ‘स्मार्ट स्कूल’ में इंटरनेट कनेक्टिविटी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खन्ना ने कहा, “शिक्षक इंटरनेट कनेक्टिविटी और आईसीटी सुविधाओं के जरिए बच्चों को पढ़ा सकेंगे।”उन्होंने कहा कि इस पहल से विशेष रूप से सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा बजट और स्कूल ग्रांट को लेकर एबीआरएसएम ने राज्य परियोजना निदेशक से की चर्चा
समय पर ग्रांट जारी करने, स्वच्छता बजट बढ़ाने और शिक्षा संकुल की व्यवस्थाएं सुधारने की उठी मांग जयपुर। विद्यालयों को मिलने वाली विभिन्न ग्रांट समय पर जारी करने, स्वच्छता मद का बजट बढ़ाने और शिक्षा संकुल भवन के रखरखाव समेत शिक्षा विभाग से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) […] The post शिक्षा बजट और स्कूल ग्रांट को लेकर एबीआरएसएम ने राज्य परियोजना निदेशक से की चर्चा appeared first on Sabguru News .
ग्रामीण शिक्षा का संबल: श्यामपुरा स्कूल में आधारभूत विकास के लिए मिले 1.05 लाख रुपए
सवाई माधोपुर के श्यामपुरा सरकारी स्कूल को जनसहयोग और राज्यांश मिलाकर मिले 1.05 लाख रुपए। जानिए किस तरह पूर्व छात्र और सेवानिवृत्त शिक्षक के योगदान से बदलेगी विद्यालय की तस्वीर।
लातूर: शिक्षाविद संजीव सोनवणे ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या
लातूर के प्रमुख संस्थाचालक संजीव सोनवणे ने अपने आवास पर खुद को गोली मारी; पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामले में अवमानना पर सुप्रीम कोर्ट का शिक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी किया
लखनऊ: ‘अपनी जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, ‘एक देश, एक शिक्षा’ व्यवस्था लागू करने की मांग
Lucknow, 15 सितंबर . Lucknow के परिवर्तन चौक पर Tuesday को अपनी जनता पार्टी (एजेपी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था, यूजीसी नियमावली और आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ‘एक देश, एक शिक्षा’ व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने समान शिक्षा प्रणाली, उच्च ... Read more
हिंदी दिवस पर हापुड़ में साहित्यकारों और शिक्षाविदों का हुआ सम्मान, भाषा के महत्व पर मंथन
हापुड़ में हिंदी दिवस पर साहित्यकारों और शिक्षाविदों का सम्मान हुआ। समारोह में हिंदी के महत्व, संरक्षण और दैनिक प्रयोग पर चर्चा हुई।
लखनऊ: 'अपनी जनता पार्टी' का प्रदर्शन, 'एक देश, एक शिक्षा' व्यवस्था लागू करने की मांग
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बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामले में अवमानना पर Supreme Court का शिक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस
New Delhi, 15 सितंबर . केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव के खिलाफ अवमानना मामले में Supreme Court ने Tuesday को नोटिस जारी किया. यह कार्रवाई उस आरोप पर की गई कि मंत्रालय ने अदालत के उस निर्देश का पालन नहीं किया, जिसमें 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को धर्मनिरपेक्ष या धार्मिक शिक्षा प्रदान ... Read more
मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र राजनीति को फिर से शुरू करने और छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार 15 सितंबर को प्रदर्शन किया। ABVP ने छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन पन्ना एसडीएम संजय नागवंशी को सौंपा। यह प्रदर्शन महाकौशल प्रांत के प्रांत महामंत्री सुव्रत भजल के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन सौंपते हुए ABVP ने मध्यप्रदेश सरकार की मौजूदा नीति पर सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि साल 2017 से प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव पूरी तरह बंद हैं। इसकी वजह से लाखों युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। भारतीय लोकतंत्र में छात्र राजनीति को नेतृत्व की पहली पाठशाला माना जाता है, लेकिन चुनाव न होने से यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी परिषद ने साफ किया कि छात्रसंघ चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है। यह छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और संगठन बनाने का कौशल विकसित करता है। यह छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत का एक मजबूत जरिया है। ABVP ने मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय के साफ निर्देशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन हो। प्रदेश में जल्द ही सीधे, पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय पर छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश सरकार से अपील की है कि वह छात्रों की इस लंबे समय से अटकी मांग पर गंभीरता से विचार करे। साथ ही, छात्रों के हित में चुनाव तुरंत बहाल करे। इस प्रदर्शन के दौरान ABVP पन्ना जिले के कई बड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

