छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग ने साल में कम से कम एक बार सामान्य TET परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें सेवारत शिक्षक और अन्य पात्र अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के फैसलों के मुताबिक कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले ऐसे सेवारत शिक्षकों, जिनकी नौकरी में 5 साल या उससे अधिक सेवा शेष है, उन्हें संबंधित स्तर की TET पास करना जरूरी है। इन शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए TET परीक्षा पास करनी होगी। पहले व्यापमं कराता था परीक्षा प्रदेश में अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की ओर से समय-समय पर किया जाता रहा है। अब सेवारत ऐसे नियमित शिक्षक, जिन्होंने TET पास नहीं की है, और अन्य गैर-सेवारत अभ्यर्थियों के लिए सामान्य TET आयोजित करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को दी गई है। साल में कम से कम एक बार होगी परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल के परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया है कि सामान्य TET परीक्षा साल में कम से कम एक बार आयोजित की जाए। इससे संबंधित शिक्षकों और अन्य पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग की बैठक में पहली कक्षा से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए।
गोपालगंज में बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। बुधवार को प्रचार के आखिरी दिन गोपालगंज में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जिले में अलग-अलग जगहों पर शिक्षक संवाद कार्यक्रम किए। शिक्षा मंत्री ने NDA प्रत्याशी के पक्ष में मांगे वोट शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थानीय मैरेज हॉल में आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षकों से NDA समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप NDA प्रत्याशी को अपना आशीर्वाद दीजिए, आपकी हर समस्या का समाधान सरकार पूरी ईमानदारी से करेगी।” बोले- विपक्ष के पास दावे, हमारे पास हर समस्या की दवा शिक्षा मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास सिर्फ दावे हैं, जबकि NDA के पास हर समस्या की सटीक दवा है। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम करेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी चेतावनी कार्यक्रम के दौरान मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने झोंकी ताकत MLC चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगाई। गोपालगंज में NDA नेताओं की सक्रियता और जन सुराज के शिक्षक संवाद कार्यक्रमों से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब सबकी नजर मतदान और चुनाव परिणाम पर है।
21 अक्टूबर, बुधवार, गोपालगंज: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रबुद्ध मतदाता संवाद में शिक्षक व स्नातक मतदाताओं से विधान परिषद चुनाव में एनडीए के सभी आठ प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। वित्तरहित शिक्षकों के लिए 195 करोड़ जारी हुए, नवंबर के दूसरे सप्ताह में ट्रांसफर पोर्टल खुलेगा।
योगी सरकार का शिक्षा पर जोर, शिक्षक संकुल बैठकों से परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार
योगी सरकार उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक संकुल बैठकों को प्रभावी बना रही है। इन बैठकों से शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी, नवाचार साझा होंगे और बच्चों में तार्किक सोच विकसित होगी, जिससे निपुण लक्ष्य प्राप्त होंगे।
Girl Student Education: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में खान एकेडमी के ...
हरदोई के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में बुधवार, 21 अक्टूबर को पूर्व विधायक स्वर्गीय उपेंद्र तिवारी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। अंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदू धर्म, भगवान राम, समाजवादी पार्टी की विचारधारा और विपक्ष के राजनीतिक आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। आरएसएस और महिलाओं की आस्था से जुड़े राहुल गांधी के बयान पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी हिंदू धर्म के बारे में कुछ नहीं जानते। उन्होंने राहुल गांधी के परिवार की धार्मिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनका उपनिषद, वेद-पुराण और हिंदू धर्म की बात करना हास्यास्पद है। यह टिप्पणी मंत्री ने राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर की। बोले- सपा अब भगवानों में भी विभाजन करने लगी सपा के राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार भाटी की ब्रह्मा, विष्णु और महेश को नहीं मानने संबंधी टिप्पणी पर मंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध भी विष्णु के अवतार हैं। उन्होंने मत्स्य, कच्छप, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, श्रीराम, कृष्ण और बुद्ध के अवतारों का उल्लेख किया। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पहले जनता में विभाजन करती थी और अब भगवानों में भी विभाजन करने लगी है। भगवान विष्णु और भगवान शंकर को मानने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सपा की सोच भगवान को मानने की नहीं है। रामराज्य के बयान पर अखिलेश यादव को घेरा अखिलेश यादव के समाजवादी विचारधारा को असली रामराज्य बताने वाले बयान पर योगेंद्र उपाध्याय ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलवाने की घटना का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। आगरा में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति को लेकर सपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर मंत्री ने कहा कि आरोप लगाने वाले नाम और तथ्य सामने रखें। विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने साक्ष्य देने की बात कही। एमएलसी चुनाव में भाजपा की जीत का दावा एमएलसी चुनाव को लेकर योगेंद्र उपाध्याय ने भाजपा प्रत्याशी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव कई जिलों में फैला है और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार जनता के संपर्क में रहते हैं। अखिलेश यादव के आगामी घोषणा पत्र पर मंत्री ने कहा कि घोषणाओं के साथ उनके क्रियान्वयन का ब्योरा भी जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने सैफई में कलाकारों के कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले और शिवपाल यादव पर बयानबाजी के संबंध में उपाध्याय ने कहा कि पुलिस की विवेचना के बाद तथ्य सामने आएंगे।
शिक्षा व्यक्तित्व को निखारती है, युवा देश का भविष्य और शक्ति का मुख्य केंद्र : अनिल विज
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारती है तथा हमें अपने संस्कारों को जीवंत रखते हुए नई तकनीक को साथ लेकर...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान में डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। इस पहल से 96% केजीबीवी पंजीकृत हुए हैं और हजारों छात्राएं मासिक लक्ष्य प्राप्त कर अपनी प्रतिभा निखार रही हैं, जिससे बालिका शिक्षा को नई गति मिली है।
टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को जल्द ही संशोधित प्रमाणपत्र मिलेंगे; पुराने गलत प्रमाणपत्रों से आवेदन न करने की सलाह दी गई है।
MPPSC भर्ती 2026: विधि अधिकारी के पदों पर मौका, 1.77 लाख रुपये तक मिलेगी सैलरी
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से विधि अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है जिसमें शामिल होने के लिए 5 नवंबर 2026 तक (बिना लेट फीस) आवेदन किया जा सकता है...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने ...
PC: JAGRAN राजस्थान के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन है जो शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। रिक्तियों का विवरण इस भर्ती अभियान के जरिए निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी: टीचिंग पद: टीजीटी मैथमेटिक्स, टीजीटी साइंस, टीजीटी इंग्लिश, टीजीटी कंप्यूटर साइंस। नॉन-टीचिंग पद: मेस मैनेजर। पात्रता एवं आयु सीमा टीचिंग पद (TGT): NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में 50% अंकों के साथ 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री या 50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन + B.Ed होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार का CTET Paper-2 क्वालीफाई होना आवश्यक है। आयु सीमा: 21 वर्ष से 35 वर्ष के बीच। नॉन-टीचिंग पद (मेस मैनेजर): न्यूनतम 10वीं कक्षा पास होने के साथ किसी कैटरिंग ऑर्गनाइजेशन में 5 साल का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा: 31 अक्टूबर 2026 को आधार मानकर न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष तय की गई है। कैसे और कहां करें आवेदन? आवेदन का माध्यम: फॉर्म केवल ऑफलाइन स्वीकार किया जाएगा। स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट sschittorgarh.edu.in पर जाकर आवेदन पत्र डाउनलोड करें। स्टेप 2: फॉर्म को पूरी तरह भरें और अपने सभी आवश्यक शैक्षणिक व अनुभव प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी अटैच करें। स्टेप 3: ₹500 का डिमांड ड्राफ्ट (DD) Sainik School Chittorgarh, payable at Chittorgarh के फेवर में बनवाकर फॉर्म के साथ संलग्न करें। फॉर्म भेजने का पता: To, The Principal, Sainik School Chittorgarh, Bhilwara Road, Rajasthan - 312021 अंतिम तिथि: भरा हुआ फॉर्म 7 नवंबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुँच जाना चाहिए। चयन प्रक्रिया प्राप्त आवेदनों के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया के अगले चरणों—लिखित परीक्षा (Written Test), क्लास डेमोंस्ट्रेशन, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा के एडमिट कार्ड उम्मीदवार की ईमेल आईडी और स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
PC: jagran सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में शानदार मौका सामने आया है। डीयू की ओर से प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक (Non-Teaching) पदों पर कुल 126 रिक्तियों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 23 अक्टूबर 2026 आवेदन करने की अंतिम तिथि: 9 नवंबर 2026 रिक्तियों का विवरण इस भर्ती अभियान के तहत कुल 126 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी: सीनियर असिस्टेंट: 46 पद असिस्टेंट: 80 पद भर्ती ओवरव्यू विवरण महत्वपूर्ण जानकारी भर्ती संगठन दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) पद का नाम असिस्टेंट (Assistant) एवं सीनियर असिस्टेंट (Senior Assistant) कुल पद 126 पद आवेदन की शुरुआती तिथि 23 अक्टूबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 9 नवंबर 2026 आवेदन का तरीका केवल ऑनलाइन (ऑफिशियल वेबसाइट: du.ac.in ) चयन प्रक्रिया भर्ती परीक्षा के आधार पर आवेदन शुल्क • जनरल / अनरिजर्व्ड: ₹1,000 • OBC (NCL) / EWS / महिला: ₹800 • SC / ST / PwBD: ₹600 शैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीमा असिस्टेंट पद के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, जूनियर असिस्टेंट या समकक्ष पद पर 2 साल का अनुभव, साथ ही हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट या अंग्रेजी में 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड अनिवार्य है। इस पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष तय की गई है। सीनियर असिस्टेंट पद के लिए: आवेदक के पास स्नातक की डिग्री और असिस्टेंट या समकक्ष पद पर 3 वर्ष कार्य करने का अनुभव होना चाहिए। साथ ही कंप्यूटर पर कार्य करने की बेसिक जानकारी जरूरी है। इस पद के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन शुल्क इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कैटेगरी के अनुसार निम्नलिखित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा: जनरल / अनारक्षित वर्ग: ₹1000/- ओबीसी (NCL) / ईडब्ल्यूएस / महिला वर्ग: ₹800/- एससी / एसटी / पीडब्ल्यूबीडी वर्ग: ₹600/- चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार किया जाएगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे डीयू की आधिकारिक वेबसाइट du.ac.in पर जाकर विस्तृत नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ लें।
उत्तर प्रदेश की अटल आवासीय विद्यालय योजना: आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा का नया अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत, छात्रों को निःशुल्क शिक्षा, हॉस्टल, भोजन, किताबें, और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिल सकता है। जानें इस योजना के लाभ, पात्रता, और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से।
UP News:बेटियों को कक्षा6से12वीं तक मुफ्त शिक्षा,हॉस्टल और भोजन;जानें अटल आवासीय विद्यालय योजना की पात्रता
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भागलपुर में प्रशांत किशोर पर सियासी हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। अगर चुनाव लड़ना है, तो चुपचाप मैदान में उतरें और जनता से वोट मांगें। दरअसल, मंगलवार को मिथिलेश तिवारी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर को लेकर ये बातें कही। मिथिलेश तिवारी ने साफ किया कि बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा और एनडीए के नेता हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री को लेकर लगातार बयानबाजी करने के बजाय जनता का समर्थन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि चुनाव केवल किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने या हटाने की लड़ाई नहीं है। यह मतदाताओं के बीच विचारों और राजनीतिक दृष्टिकोण की प्रतिस्पर्धा है। उनका संदेश था कि राजनीति में जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है। आठों सीटों पर जीत का दावा, एनडीए को बताया मजबूत कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी माहौल के बीच शिक्षा मंत्री ने बिहार की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि, कार्यक्रम का आयोजन एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में किया गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के साथ ही चुनावी जीत को लेकर भी बड़ा दावा कर दिया। अनंत सिंह प्रकरण पर बोले- पारिवारिक मामला, परिणाम पर असर नहीं अनंत सिंह से जुड़े मामले पर पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने इसे पारिवारिक मामला बताया। उनका कहना था कि इस प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं का चुनाव परिणाम पर असर नहीं पड़ेगा और परिवार के लोग इसे आपस में सुलझा लेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि नीरज जी की स्थिति को लेकर थोड़ी असमंजस की बात जरूर सामने आई है, लेकिन वह ठीक हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत परिस्थितियों को लेकर उन्होंने अलग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। TRE-4 पर शिक्षा मंत्री बोले- बीपीएससी को भेज दी गई अधियाचना सियासी हमलों के बीच शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी अहम जानकारी दी। उन्होंने TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर फैले असमंजस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिक्त पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी गई है। पिछले कुछ समय से शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। युवाओं को यह चिंता सता रही थी कि शिक्षक बहाली में देरी होगी या प्रक्रिया आगे बढ़ेगी भी अथवा नहीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, विभाग की ओर से अधियाचना भेजे जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इस घोषणा से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार पदों और परीक्षा की तारीख जैसी जानकारियों के लिए बीपीएससी की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा। हर साल 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य शिक्षा मंत्री ने राज्य में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल लगभग 20 हजार शिक्षकों की बहाली के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस लक्ष्य के अनुरूप नियमित रूप से बहाली होती है, तो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को हर साल अवसर मिल सकता है। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। TRE-4 की अधियाचना भेजे जाने का दावा ऐसे समय आया है, जब शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती की अगली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। अब उनकी नजर बीपीएससी की आधिकारिक घोषणा और भर्ती के अगले चरण पर रहेगी।
जहां से की पढ़ाई, वहां अपने बच्चों को नहीं भेजना चाहते IIT-IIM ग्रेजुएट
बड़े संस्थान से पढ़ाई करना जितना सम्मानजनक दिखता क्या वाकई उतना अच्छा है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसने IIT-IIM में एडमिशन और मौके को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. IIM अहमदाबाद से पढ़े एक शख्स ने बताया कि वह अपने बच्चों को कभी इन संस्थानों में नहीं भेजेगा.
भारतीय तटरक्षक बल भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख आज 21 अक्तूबर है। कुल 365 पदों पर नाविक, यांत्रिक और स्वच्छताकर्मी के पदों पर भर्ती होगी। इच्छुक अभ्यर्थी शाम 5:30 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आईआईटी में दाखिला दिलाने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में आने वाले वर्षों में अटेम्प्ट की सीमा दो से बढ़ाकर तीन की जा सकती है। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर ने इसके संकेत दिए हैं।
एनईपी-2020: 55 जिलों में सिर्फ बोर्ड बदले, न प्रोफेसर मिले न लैब; उच्च शिक्षा के छात्र YouTube के भरोसे
आज का राशिफल: मीन राशिवालों को करियर और उच्च शिक्षा में मिलेंगे नए अवसर, पढ़ें 21 अक्तूबर का राशिफल
बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें और सेहत को नजरअंदाज न करें। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अपनी गलतियों को स्वीकार कर समझदारी से आगे बढ़ें।
Scorpio Daily Horoscope, 21 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: मन को शांत रख कर काम करें, रुके हुए काम बनेंगे, करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, अपने खान-पान का ख्याल रखें.
नोएडा: सुपरटेक केपटाउन में डांडिया नाइट्स का आयोजन, मुकेश शर्मा ने दिया बेटियों की शिक्षा का संदेश
नोएडा के सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में डांडिया और गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक परिधानों में सजे निवासियों और बच्चों ने गरबा की धुनों पर जमकर डांडिया खेला।
विजयादशमी पर मंगलवार को शहर के नौरंगाबाद क्षेत्र के छावनी इलाके में बच्चों ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। यहां बच्चों ने करीब 4 फीट ऊंचा ‘शिक्षा माफिया’ का रावण बनाकर उसका दहन किया। बच्चों का कहना था कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। निजी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ने से गरीब और आम परिवारों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना मुश्किल होता जा रहा है।बच्चों ने रावण दहन के जरिए सरकार से शिक्षा को सस्ता और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त करने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षा के नाम पर मनमानी फीस वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। बच्चों का कहना था कि विजयादशमी पर रावण के पुतले का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी भावना के तहत उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त कथित अनियमितताओं और महंगाई को रावण के रूप में प्रदर्शित किया। ‘शिक्षा इतनी महंगी कि गरीबों के लिए पढ़ना मुश्किल’पुतला दहन में शामिल मेहुल ने कहा कि आज शिक्षा माफियाओं ने पढ़ाई का व्यापार बना दिया है। शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि आम और गरीब परिवारों के बच्चे आसानी से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन बढ़ते खर्च के कारण कई परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो जाता है। इसी मुद्दे को सामने लाने के लिए दशहरा पर शिक्षा माफिया का पुतला जलाया गया।‘मिलकर बनाया शिक्षा माफिया का पुतला’पुतला बनाने में शामिल अभिषेक ने बताया कि उसने अपने साथियों के सहयोग से शिक्षा माफिया का रावण तैयार किया। बच्चों ने मिलकर करीब चार फीट का पुतला बनाया और विजयादशमी के दिन उसका दहन किया। उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान शिक्षा के महंगे होने की समस्या की ओर खींचना है, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा हो और जिम्मेदार लोग कार्रवाई के लिए आगे आएं।चंचल ने भी उठाया पढ़ाई महंगी होने का मुद्दाचंचल ने भी शिक्षा के बढ़ते खर्च पर चिंता जताई। उसने कहा कि पढ़ाई महंगी होने का असर आम परिवारों पर पड़ता है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसे हर बच्चा हासिल कर सके। पैसे की कमी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। बच्चों ने सरकार से अपील की कि शिक्षा को सुलभ बनाया जाए और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।गांधी पार्क थाना क्षेत्र के छावनी, नौरंगाबाद इलाके में हुए इस प्रतीकात्मक पुतला दहन के जरिए बच्चों ने दशहरे पर सामाजिक बुराई के रूप में शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की।
Muzaffarpur Education Department : भागलपुर वेतन घोटाले के बाद मुजफ्फरपुर में शिक्षकों के वेतन डेटा की पड़ताल शुरू हुई है, लेकिन कुढ़नी को छोड़कर अन्य प्रखंडों से मास्टर डेटा मिलने में सुस्ती है।
‘बुराइयों और नशे की लत का करें दहन’, दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
भागलपुर, 20 अक्टूबर . बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरे के अवसर पर युवाओं से अपने अंदर की बुराइयों और नशे की लत को खत्म करने…
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
फ्रांस में भड़की हिंसा, शिक्षा में बदहाली से 2027 चुनाव तक; जानें मुख्य वजहें
फ्रांस में भड़की हिंसा के पीछे शिक्षा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की सियासी खींचतान मुख्य वजह है. 18 सितंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन बजट कटौती और शिक्षकों की कमी के खिलाफ था, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. राजनीतिक दल भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर अपने हित साध रहे हैं. जानिए क्यों भड़का फ्रांस में जनाक्रोश.
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इसरो-एसडीएससी शार भर्ती 2026: टेक्निकल असिस्टेंट सहित 97 पदों पर 9 नवंबर तक करें आवेदन
भारत सरकार के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र और स्पेसपोर्ट, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित है, ने टेक्निकल असिस्टेंट सहित विभिन्न 97 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
ताजिकिस्तान के स्टैटिस्टिकल कॉलेज ऑफ वंदत सिटी में प्रो. अनुकृति शर्मा ने सांख्यिकी छात्रों को पर्यटन और यात्रा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
उच्च शिक्षा की पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग 23 विषयों का ई-कंटेंट तैयार कर रहा है। इसमें वीडियो, टेक्स्ट, चार्ट और एनिमेशन के जरिए पढ़ाई में मदद मिलेगी। विषय विशेषज्ञ सामग्री की गुणवत्ता और तथ्यों की जांच करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सीनियर पर्सनल असिस्टेंट भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज 20 अक्तूबर से शुरू हो रही है। कुल 65 पदों पर भर्ती की जाएगी।
मैं डरी हुई हूं... HR ने छोड़ी नौकरी, दिल्ली से पहुंची गोवा, बताई वजह
MBA की पढ़ाई पूरी की, साढ़े चार साल नौकरी की और फिर जिंदगी को वापस से शुरू करने के लिए दिल्ली छोड़कर गोवा पहुंच गईं. पूर्व HR प्रोफेशनल अर्पिता साहू के लिए यह फैसला बाहर से भले ही सपने जैसा लगे, लेकिन नई जगह पर जिंदगी शुरू करना उनके लिए आसान नहीं रहा. इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने कई बातें बताई हैं.
कोरबा में कृष्ण पालनहार जन सेवा समिति ने वनांचल के गढ़-उपरोड़ा गांव में 151 कन्याओं का भोज कराया। यह गांव शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। कार्यक्रम में कन्याओं को भोजन कराने के साथ शैक्षणिक स्टेशनरी किट और श्रृंगार सामग्री भी उपहार में दी गई। समिति का उद्देश्य कन्याओं के प्रति सम्मान बढ़ाना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करना और समाज में सेवा-संस्कार की भावना मजबूत करना है। शैक्षणिक सामग्री देकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साह दिखाया और इस सेवा कार्य की सराहना की। सरपंच समेत कई ग्रामीण रहे मौजूद कार्यक्रम में गढ़-उपरोड़ा गांव के सरपंच अंशुमान बिंझवार, राजा राम राठिया और दिनेश देवांगन समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। कन्याओं ने खुशी-खुशी भोज में हिस्सा लिया। आगे भी जारी रहेंगे सामाजिक कार्य संस्था के भरत पटेल, शिवा प्रतीक, साकेत शर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और कन्याओं का सम्मान किया। समिति ने कहा कि आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य जारी रखे जाएंगे।
900+ सरकारी नौकरियां: इन पांच भर्तियों की अंतिम तिथि आज; जल्द भर दें अपनी पसंद की नौकरी का फॉर्म
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पांच भर्तियों में आवेदन का मौका है। सेल भिलाई में 710 प्रशिक्षु, अरुणाचल प्रदेश में 135 और एनआईटी अगरतला में 51 पदों पर भर्ती है। इग्नू और गुजरात उच्च न्यायालय में भी नियुक्तियां होंगी।
व्यापार बढ़ेगा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में होंगे फायदे
मंगलवार को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्रवासियों को रावघाट से रायपुर के बीच पहली बार 12 बोगी वाली नई मेमू ट्रेन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दोपहर 1:30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और रावघाट स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (दिल्ली से) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (रायपुर से) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नई रेल सेवा का शुभारंभ करेंगे। डीआरएम दयानंद ने बताया कि उद्घाटन के बाद यह स्पेशल ट्रेन रावघाट से रवाना होकर दल्लीराजहरा और बालोद होते हुए रायपुर पहुंचेगी। बुधवार से ट्रेन अपने निर्धारित समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से चलेगी। रेलवे द्वारा तय दरों के अनुसार रावघाट से रायपुर (219 किमी) का किराया 55 रूपए होगा। रायपुर से रावघाट: दोपहर 1.20 बजे रायपुर से चलेगी, शाम 4.06 बजे बालोद पहुंचेगी और मात्र 2 मिनट के ठहराव के बाद 4.40 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। वहां से यह ट्रेन 4.45 बजे छूटेगी और 7 बजे रावघाट पहुंचेगी। बालोद और दल्ली राहजरा के थोक व खुदरा व्यापारियों का सीधा संपर्क भानुप्रतापपुर और रावघाट क्षेत्र के हाट-बाजारों से जुड़ेगा। वनोपज और स्थानीय उत्पादों की आवाजाही आसान होगी, जिससे दोनों ओर के स्थानीय कारोबार को बड़ा सहारा मिलेगा। दुर्ग-भिलाई, रायपुर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशन हब माने जाते हैं। रावघाट व अंदरूनी इलाकों के साथ बालोद जिले के छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा और कोचिंग के लिए इन शहरों तक आसानी से आ-जा सकेंगे। साथ ही, भिलाई स्टील प्लांट और रावघाट माइंस प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों व तकनीशियनों के लिए सुरक्षित सफर का रास्ता साफ होगा। बालोद, बस्तर और कांकेर क्षेत्र की प्राकृतिक वादियों, जलप्रपातों और ऐतिहासिक धरोहरों तक रायपुर-दुर्ग-भिलाई के सैलानियों की पहुंच अब सीधी और सुरक्षित हो सकेगी। रावघाट से रायपुर: सुबह 6.30 बजे रावघाट से छूटेगी, और 8.02 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। यहां 5 िमनट के स्टॉपेज के बाद आगे 8.28 बजे बालोद पहुंचेगी। बालोद में मात्र 2 िमनट रूकने के बाद दुर्ग- भिलाई होते रायपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन दोपहर 1.05 बजे रायपुर पहुंचेगी।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय: हिमाचल में खुलेंगे नए निजी आईटीआई, एआई और ड्रोन तकनीक के होंगे कोर्स
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे।
Jammu News: अंतर-विभागीय क्रिकेट में जूलॉजी और शिक्षा विभाग जीते
अंतर-विभागीय क्रिकेट में जूलॉजी और शिक्षा विभाग जीते
Kaithal News: खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
Siddharthnagar News: कपिलवस्तु में सड़क, सिंचाई और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा
कपिलवस्तु। नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और सीमा पार व्यापार से जुड़ी विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
Rewari News: समग्र शिक्षा के बिलों का भुगतान एसएनए स्पर्श पोर्टल से होगा
Payments for Samagra Shiksha bills will be made through the SNA Sparsh portal.
संतों की शिक्षाएं समाज में समानता और सद्भाव का देती हैं संदेश : बेदी
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज को मानव सेवा और लोक कल्याण की प्रेरणा देती हैं। उनकी विचारधारा सर्वधर्म समभाव और समस्त मानव जाति के सम्मान पर आधारित है।
मेष राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति
Aries Daily Horoscope, 20 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: सकारात्मक सोच से लाभ होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, आपका उत्साह बढ़ेगा, घर में सुख-शांति रहेगी, घरवालों से मन की बात कह दें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
Budaun News: उच्च शिक्षा में स्वायत्तता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा कर लौटे मनोज
बिसौली। जकार्ता से भारत लौटे शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कांफ्रेंस में वैश्विक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
Azamgarh News: कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
नोएडा: एक्सपो सेंटर में 'जेन-जी डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि रहे शिक्षाविद मुकेश शर्मा
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सेक्टर-62 स्थित एक्सपो सेंटर में 'जेन-जी डांडिया नाइट' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी एवं शिक्षाविद मुकेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
400 से अधिक भारतीय मूल के शिक्षाविदों ने 'भारत को अराजकता से बचाएं' शीर्षक से एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक 25-30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।
कोरबा जिले में सिकल सेल के 550 से अधिक मरीज चिन्हित हैं, लेकिन पेंशन और शिक्षा सहायता का लाभ किसी को नहीं मिल रहा है। जानकारी के अभाव और दिव्यांगता प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण मरीज योजनाओं से वंचित हैं। बीमारी के कारण बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा।
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को मिली नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'प्रशस्त 2.0' कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत 9.20 लाख से अधिक शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
JNU में छात्रों की भूख हड़ताल: MP John Brittas ने राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री से की दखल की मांग
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश करने और इसमें शामिल छात्रों की सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से हस्तक्षेप का आग्रह किया है। ब्रिटास ने रविवार को राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन के आदेश वापस लेने, मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय (सीपीओ) नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को वापस लेने और छात्रों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जेएनयू के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 17वें दिन में प्रवेश कर गई है और इसमें शामिल छात्रों की बिगड़ती सेहत तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू का पूर्व छात्र होने के नाते मैं मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हूं। जिस विश्वविद्यालय ने बहस और असहमति को बढ़ावा दिया, उसे इसके लिए दंडित नहीं करना चाहिए। इसकी लोकतांत्रिक परंपराओं को संरक्षित किया जाना चाहिए और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए।’’ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि भूख हड़ताल तीन अक्टूबर को शुरू हुई थी और इसकी वजह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र समुदाय की ‘‘वास्तविक और लंबे समय से लंबित चिंताओं’’ का कथित तौर पर समाधान नहीं करना था। उन्होंने कहा कि छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन ने गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। ब्रिटास ने लिखा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय से बाहर करने का सीधा असर छात्र संघ के कामकाज पर पड़ता है और इससे उस व्यवस्था को कमजोर किया जाता है, जिसके जरिये छात्र सामूहिक रूप से अपनी शिकायतें सामने रखते हैं।’’उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अधिनियम, 1966 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक जीवन पद्धति को विश्वविद्यालय के बुनियादी सिद्धांतों में शामिल किया गया है। अधिनियम में राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय का ‘विजिटर’ नामित किया गया है। माकपा राष्ट्रपति मुर्मू से अधिनियम की धारा आठ के तहत हस्तक्षेप करने और निष्कासन के आदेश वापस लेने, सीपीओ नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने तथा छात्रों की लंबित शिकायतों का तत्काल समाधान करने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
शारदीय नवरात्र की महानवमी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को परिवार के साथ कन्या पूजन किया। उन्होंने माता दुर्गा की आराधना कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण को समाज के विकास का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां शक्ति का स्वरूप हैं। कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और समाज में बेटियों के महत्व को स्वीकार करने का प्रतीक है। इसकी वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हर बेटी को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और अपने सपने पूरे करने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। परिवार और समाज को भी उनकी शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हों, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य संवार सकें।
जयपुर: दशहरे पर बच्चों ने कार्डबोर्ड से बनाया रावण, सीखीं नैतिक शिक्षाएं
ब्राइट बिगिनिंग्स न्यू डॉन वेलफेयर फाउंडेशन की गतिविधि के जरिए बच्चों को रामायण के आदर्शों, सत्य और सदाचार के महत्व से परिचित कराया गया।
वाराणसी में कन्या पूजन आयोजित:भारत चेतना ट्रस्ट की पहल, बेटियों के शिक्षा सशक्तीकरण दिया संदेश
वाराणसी में भारत चेतना ट्रस्ट की ओर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ समाज में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। भारत चेतना ट्रस्ट शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि बेटियों का सम्मान केवल पूजा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिलने चाहिए।
भारत के रक्षा मंत्रालय की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी कि बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर-1 के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर निकाली गई है...
PC: KALINGA TV बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) जल्द ही 33,320 पोस्ट के लिए अपनी रिक्रूटमेंट प्रोसेस बंद करने वाला है, जो 26 अक्टूबर को खत्म होगी। यह रिक्रूटमेंट एजुकेशन डिपार्टमेंट, बिहार के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की वैकेंसी बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। एग्जाम के लिए रजिस्टर करने के लिए एप्लीकेंट्स को ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC, EWS, दूसरे राज्य के कैंडिडेट: Rs 750 SC, ST: Rs 200 बिहार के रहने वाले महिला कैंडिडेट और PwD: Rs 200 एग्जाम से जुड़ी डिटेल्स: MCQ बेस्ड 150 सवाल, हर सवाल एक नंबर का होगा एग्जाम टाइमिंग: 2 घंटे 30 मिनट इसमें नेगेटिव मार्किंग भी है अप्लाई कैसे करें: BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं अब होमपेज पर, “BPSC TRE 4.0 एप्लीकेशन फॉर्म” टाइटल वाले लिंक पर क्लिक करें वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद, ज़रूरी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। अब फॉर्म में पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स भरें। बताए गए फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें और फॉर्म सबमिट करें। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और इसे भविष्य के लिए सेव कर लें।
job news 2026: आरबीआई में निकली हैं इन पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां फार्मेसी की पढ़ाई की है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी पाने का मौका मिल रहा है। आरबीआई को अपनी डिस्पेंसरी के लिए फार्मासिस्ट की जरूरत है। इसके लिए बैंक ने आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। यह जॉइनिंग रिजर्व बैंक अपनी मुंबई और नवी मुंबई ब्रांच के लिए कर रहा है। कुल पद- 22 पदों का नाम- फार्मासिस्ट आवेदन- ऑफलाइन आवेदन की लास्ट डेट-3 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे योग्यता- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास की हो। फार्मेसी एक्ट 1948 से रजिस्टर्ड मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम फार्मेसी में डिप्लोमा किया हो। सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटopportunities.rbi.org.in देख सकते हैं pc- naukri.com
BREAKING : यूरोप के 6 देशों में बड़ा आंदोलन: शिक्षा और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, फ्रांस में हिंसा
चंदौली जिले के पड़या गांव में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का बारजा गिर गया। यह विद्यालय 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बन रहा है। रविवार को अचानक बिल्डिंग का 10 फीट लंबा बारजा नीचे आ गिरा। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने बारजा गिरने की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। इसमें लोक निर्माण विभाग से एक टेक्निकल इंजीनियर और दो प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी। बिल्डिंग मैटेरियल को लैब टेस्ट के लिए भी भेजा जाएगा। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्यदाई संस्था के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
जर्मनी में पढ़ाई: मुफ्त नहीं है शिक्षा, जानें खर्च और नियम
सरकारी यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस नहीं होने के बावजूद सेमेस्टर फीस और जीवनयापन के लिए छात्रों को करना होता है प्रबंध।
हिमाचल प्रदेश के नौ गांवों के 486 परिवारों पर हुए अध्ययन में रोजगार और शिक्षा को पलायन की प्रमुख वजह बताया गया। अध्ययन के अनुसार, लोग गांव लौटते रहे और परिवारों को पैसे भेजते रहे।
उत्तरी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश अल्जीरिया अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक उभरते हुए उच्च शिक्षा हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भूमध्यसागरीय आबोहवा और वैश्विक स्तर पर किफायती ट्यूशन फीस के चलते भारत सहित एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के छात्र अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, यहां दाखिला लेने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए सबसे अहम पड़ाव भाषा का नियम और माध्यम समझना होता है। अल्जीरिया की उच्च शिक्षा प्रणाली बहुभाषी ढांचे पर आधारित है, जहां अलग-अलग संकायों के अनुसार पढ़ाई का माध्यम तय किया जाता है। यदि आप भी अल्जीरिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन से पहले वहां के आधिकारिक भाषा नियमों और प्रोफिशिएंसी शर्तों को बारीकी से समझना अनिवार्य है।अल्जीरियाई उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय (Ministry of Higher Education and Scientific Research) ने विदेशी छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ('Study in Algeria') की शुरुआत की है। इस पोर्टल के जरिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम के अनुसार भाषा दक्षता साबित करनी होती है। देश में मुख्य रूप से तीन भाषाएं—अरबी, फ्रेंच और हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ रही अंग्रेजी—उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक पाठ्यक्रम का आधार हैं। विषय के चयन के आधार पर ही यह निर्धारित होता है कि छात्र को किस भाषा में परीक्षा देनी होगी या किस भाषा का प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।कोर्स और संकाय के आधार पर बंटा है माध्यम: अरबी, फ्रेंच और अंग्रेजी का त्रिकोणअल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में भाषाओं का वर्गीकरण संकाय के आधार पर काफी स्पष्ट रखा गया है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून, इस्लामी अध्ययन, राजनीति विज्ञान और साहित्य जैसे विषयों की पूरी पढ़ाई और परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर अरबी भाषा में आयोजित की जाती हैं। यदि कोई विदेशी छात्र इन विषयों में स्नातक (Licence), स्नातकोत्तर (Master) या डॉक्टरेट की डिग्री लेना चाहता है, तो उसके लिए आधुनिक मानक अरबी (Modern Standard Arabic) में मजबूत पकड़ होना पहली और अनिवार्य शर्त है। अरबी माध्यम के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को संबंधित भाषा में संवाद, लेखन और शोध का प्रमाण देना होता है।दूसरी ओर, चिकित्सा (Medicine), फार्मेसी, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर साइंस और प्राकृतिक विज्ञान जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में दशकों से फ्रेंच भाषा का प्रमुख प्रभाव रहा है। भले ही अल्जीरिया की राष्ट्रीय भाषा अरबी और तमाज़िट हैं, लेकिन अधिकांश तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों में आज भी व्याख्यान, रिसर्च पेपर और प्रैक्टिकल का माध्यम फ्रेंच बना हुआ है। इसके साथ ही, अल्जीरिया सरकार द्वारा अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली का तेजी से अंतरराष्ट्रीयकरण करने की नीति के तहत अब कई प्रमुख विश्वविद्यालयों, नेशनल पॉल ऑफ़ एक्सीलेंस और तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के कोर्सेज पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में संचालित किए जा रहे हैं।विदेशी छात्रों के लिए भाषा दक्षता प्रमाण पत्र (Language Proficiency Requirements)अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में सीधे डिग्री प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए विदेशी छात्रों को अपनी भाषा योग्यता का आधिकारिक प्रमाण देना होता है। यदि आप किसी ऐसे पाठ्यक्रम में आवेदन कर रहे हैं जिसका माध्यम फ्रेंच है, तो आपको DELF (Diplme d'Etudes en Langue Franaise) या DALF अथवा TCF (Test de Connaissance du Franais) का कम से कम B2 स्तर का स्कोरकार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक माना जाता है। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि छात्र क्लासरूम में होने वाले जटिल वैज्ञानिक विमर्श और थ्योरी को आसानी से समझ सके।अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले डिग्री प्रोग्राम्स के लिए छात्रों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य टेस्ट जैसे आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) स्कोर की मांग की जाती है। सामान्य तौर पर न्यूनतम 6.0 से 6.5 बैंड का स्कोर अधिकांश इंजीनियरिंग और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए मान्य होता है। वहीं, जिन छात्रों की पूर्व शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में पूरी हुई है, उन्हें संबंधित संस्थान द्वारा जारी 'मीडियम ऑफ इंस्ट्रक्शन' (MOI) सर्टिफिकेट के आधार पर सशर्त छूट भी मिल सकती है। अरबी भाषा के कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी का एडमिशन बोर्ड छात्र का प्रत्यक्ष ऑनलाइन इंटरव्यू या भाषा परीक्षण ले सकता है।प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर: भाषा में कमजोर छात्रों के लिए विशेष फाउंडेशन कोर्सकई बार ऐसा होता है कि भारत या गैर-अरबी/गैर-फ्रेंच भाषी देशों के प्रतिभाशाली छात्रों के पास उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड तो होता है, लेकिन वे अल्जीरिया की शिक्षण भाषाओं में दक्ष नहीं होते। ऐसे छात्रों के लिए अल्जीरियाई उच्च शिक्षा प्रणाली में 'प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर' (Preparatory / Intensive Language Year) का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके तहत छात्र को मुख्य डिग्री कोर्स शुरू करने से पहले एक साल का गहन भाषा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना होता है।इस एक वर्ष के दौरान छात्र को विश्वविद्यालय के इंटेंसिव लैंग्वेज टीचिंग सेंटर (CEIL) में नामांकित किया जाता है, जहां उन्हें प्रतिदिन कई घंटों तक अरबी या फ्रेंच की व्याकरण, शब्दावली और अकादमिक लेखन का गहन अभ्यास कराया जाता है। वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले मानकीकृत मूल्यांकन को उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को स्वतः उसके मुख्य डिग्री प्रोग्राम (जैसे मेडिसिन, इंजीनियरिंग या आर्ट्स) में नियमित कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी जाती है। यह व्यवस्था विदेशी छात्रों को स्थानीय संस्कृति में ढलने और भाषा के डर को पूरी तरह खत्म करने का बेहतरीन अवसर देती है।वीजा, स्कॉलरशिप और स्थानीय जीवन के लिए भाषा का व्यावहारिक महत्वअल्जीरिया के लिए स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान भी भाषा की तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दूतावास में वीजा साक्षात्कार के समय अधिकारियों द्वारा छात्र से अध्ययन के माध्यम और उनकी तैयारी को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। अल्जीरियाई सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न द्विपक्षीय छात्रवृत्तियों (Government Scholarships) में भी भाषा दक्षता को मेरिट का एक अहम पैमाना माना जाता है।कैंपस के बाहर रोजमर्रा की जिंदगी की बात करें तो अल्जीरिया में स्थानीय बोलचाल की भाषा 'दरिजा' (अल्जीरियाई अरबी) और फ्रेंच का व्यापक प्रभाव है। हॉस्टल, सुपरमार्केट, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बाजारों में बातचीत करने के लिए बेसिक फ्रेंच या अरबी के रोजमर्रा के वाक्यों की जानकारी होना विदेशी छात्रों के लिए जीवन को बेहद सहज बना देता है। इसलिए अल्जीरिया जाने का मन बना रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रस्थान से पहले ही बुनियादी भाषा प्रशिक्षण शुरू कर दें ताकि वे एक सुरक्षित, समृद्ध और तनाव-मुक्त अकादमिक यात्रा का आनंद ले सकें।
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भर्ती 2026 के तहत 60 पदों पर आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। मल्टी टास्किंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर समेत विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्तूबर को समाप्त हो रही है।
शिक्षा, आरक्षण और रोजगार... CM नायब सैनी ने OBC समाज को दी गारंटी; गिनाए हित में लिए गए कई फैसले
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की।
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
Deoria News: बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा का दिया संदेश
Conveyed a message regarding the education and safety of girls
Hisar News: खेलों के जरिये बच्चों को शिक्षा से जोड़ेगी विलेज चैंपियन लीग
ओआईटीएम रूट्स फाउंडेशन ने विलेज चैंपियन लीग (वीसीएल) के तहत कैमरी क्षेत्र के 10 गांवों में खेल जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को खेल गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ना और उनका सर्वांगीण विकास करना है।
Kannauj News: शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत
तालग्राम। ब्लॉक के पीएमश्री स्कूल में तैनात शिक्षामित्र स्कूल पहुंचने के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।
56 साल की उम्र में पीएचडी, प्ले स्कूल से सीबीएसई के कक्षा 12 तक के स्कूल का सफर और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे प्रयोगों से पहचान बनाने वालीं डॉ. आरती मित्तल अब भाजपा की राजनीति में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी के प्रदेश संगठन ने रविवार को उन्हें अलीगढ़ महानगर महिला मोर्चा का अध्यक्ष घोषित किया। यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है, क्योंकि आरती की पहचान अब तक मुख्य रूप से शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता की रही है। हालांकि, भाजपा से उनका पारिवारिक नाता पुराना है। उनके पिता और दादा संघ व भाजपा में सक्रिय रहे हैं।भाजपा ने इससे पहले जिला महिला मोर्चा अध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिसमें अलीगढ़ जिले की जिम्मेदारी सरिता माहेश्वरी को सौंपी गई थी। उस समय महानगर अध्यक्ष का नाम घोषित नहीं हुआ था। रविवार को प्रदेश संगठन ने आरती मित्तल के नाम पर मुहर लगाकर इस पद पर नियुक्ति कर दी। संगठन में उनकी तैनाती को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता के साथ पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। परिवार की विरासत, अब खुद संभालेंगी संगठनडॉ. आरती मित्तल ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से संघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता और दादा दोनों संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वह भी भाजपा की समर्थक रही हैं और समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी करती रही हैं। अब संगठन ने औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी है तो वह इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी। आरती के मुताबिक, प्रदेश में पिछले दस वर्षों के दौरान विकास, महिला उत्थान और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों से वह प्रभावित हैं। महिला मोर्चा के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को पार्टी से जोड़ना और सरकार व संगठन के कार्यों को उन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।शिक्षा से पर्यावरण तक बनाई पहचानआरती मित्तल ने वर्ष 2000 में मदर्स टच प्ले स्कूल की शुरुआत की थी। लगातार प्रयासों से यह संस्थान सीबीएसई से संबद्ध कक्षा 12 तक के मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में विकसित हुआ। शिक्षा के साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी अपने काम का हिस्सा बनाया। स्कूल में जीरो वेस्ट की पहल, कंपोस्टिंग और करीब चार हजार प्लास्टिक बोतलों से गार्ड रूम तैयार कराने जैसे प्रयोग किए। इन प्रयासों के चलते उन्हें नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया।सीखने की ललक ऐसी रही कि 56 वर्ष की उम्र में पर्यावरण शिक्षा में पीएचडी पूरी की। लेखन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। गीत-भजन लिखने के साथ उन्होंने पर्यावरण, भारतीय परंपरा और जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर पुस्तकें लिखीं।अब उनके सामने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में बनी पहचान को संगठनात्मक जिम्मेदारी में बदलने की चुनौती है। महिला मोर्चा के जरिए महिलाओं के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाना और उन्हें संगठन से जोड़ना उनके नए कार्यकाल की अहम कसौटी होगी।
चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को 154 नए जेबीटी मिलेंगे, जिससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को भी जल्द राहत मिलेगी। इसके बाद टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की नियुक्तियों और पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
शहर के कालीबाड़ी स्थित जय मां काली दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस वर्ष अपनी अनूठी थीम के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। समिति ने इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी की थीम पर पंडाल तैयार किया है। इसमें पुरातन शिक्षा व्यवस्था से लेकर आधुनिक शिक्षा प्रणाली तक के सफर को दर्शाया गया है। पंडाल के माध्यम से शिक्षा के बदलते स्वरूप, उसके महत्व और विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। पंडाल में अजंता शैली में निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के साथ पंडाल की कलात्मक सजावट और संदेशपरक प्रस्तुति को देख रहे हैं। हजारीबाग की महारानी के नाम से जुड़ी इस पूजा समिति में हर वर्ष अलग-अलग थीम के साथ मां दुर्गा का आगमन होता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति ने इस बार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को चुना है। शिक्षा व्यवस्था के बदलाव और विद्यार्थियों की चुनौतियों को किया प्रदर्शित समिति ने पंडाल की थीम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि शिक्षा सभी लोगों के लिए समान रूप से जरूरी है। पंडाल में मूर्तियों और विभिन्न प्रॉप्स के माध्यम से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई है। इसमें शिक्षकों, स्कूलों और विद्यार्थियों पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव को दिखाया गया है। साथ ही एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को भी प्रस्तुति का हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए लोगों का ध्यान विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और पढ़ाई के दौरान उनके सामने आने वाली परेशानियों की ओर खींचने का प्रयास किया गया है। पंडाल की थीम केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति का संदेश है कि पढ़ाई को केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति का समग्र विकास हो और वह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सके। सभी धर्मों और वर्गों के लिए समान शिक्षा पर जोर जय मां काली दुर्गा पूजा समिति के सदस्य इंद्रजीत अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा सभी धर्मों और सभी लोगों के लिए समान रूप से आवश्यक है। समिति ने इसी विचार को पंडाल के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। उनका उद्देश्य लोगों तक शिक्षा की समानता और उसके महत्व का संदेश पहुंचाना है। समिति हर वर्ष किसी अलग और संदेशपरक विषय पर पंडाल तैयार करती है, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके। इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी को केंद्र में रखकर तैयार की गई थीम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना और पढ़ाई के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े की थैलियों का उपयोग शिक्षा के संदेश के साथ समिति ने पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी पहल में शामिल किया है। पंडाल में भोग के लिए आने वाले सदस्यों को कपड़े की थैलियां दी जा रही हैं, ताकि प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जा सके। पूजा जैसे बड़े आयोजन में छोटे-छोटे बदलावों के जरिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह कालीबाड़ी का यह पंडाल आस्था, कला, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संगम बनकर सामने आया है। अजंता शैली की मां दुर्गा की प्रतिमा, शिक्षा व्यवस्था पर आधारित कलात्मक प्रस्तुति और पर्यावरण हितैषी पहल इसे इस वर्ष हजारीबाग के प्रमुख पूजा आकर्षणों में शामिल कर रही हैं।
बेगूसराय के सिंघौल स्थित हर्ष गार्डन में विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. घनश्याम राय के समर्थन में सभा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में इस समय लगभग 75 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिनका प्रशासनिक नियंत्रण अब तक पंचायती राज विभाग के अधीन रहा है। बिहार सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श किया है और यह निर्णय लिया गया है कि नियोजित शिक्षकों का पूरा नियंत्रण पंचायती राज विभाग से हटाकर शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह नियंत्रण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जैसे ही नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास आएगा, उसके तुरंत बाद सभी पात्र शिक्षकों के लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी व्यवस्थाएं खुद बन जाएगी। मांग, आवश्यकता के अनुसार बीपीएससी को रिक्तियां भेजी हैं- मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग और आवश्यकताओं के अनुसार ही बीपीएससी (BPSC) को रिक्तियां भेजी है। पूर्व में 20 हजार भर्तियों का इरादा था, लेकिन अब तक लगभग 34 हजार पदों के लिए अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में जारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही जहां भी नए पद रिक्त होंगे, उन सभी रिक्तियों को तुरंत बीपीएससी को भेजा जाएगा। जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं और अभ्यर्थियों को रोजगार के भरपूर अवसर मिल सके। पुस्तकालय व्यवस्था और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से बिहार में पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली नहीं हुई थी। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 19 साल के लंबे इंतजार के बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली की जाएगी। सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू, आवेदन प्राप्त किए जा रहे इसके लिए सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जब ट्रांसफर का सामान्य पोर्टल खुलेगा, तो उसमें पुस्तकालय अध्यक्षों, प्रधान शिक्षकों तथा मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण का भी स्पष्ट विकल्प उपलब्ध रहेगा। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के ट्रांसफर के लिए कोई बाधा या बैरियर नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शिक्षकों का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर वे स्वयं संज्ञान लेते हैं और देर रात तक सचिवालय में बैठकर फैसले लेते हैं।
Bhagalpur Education Department Show Cause To Dead Teachers: भागलपुर शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षकों को प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी कर दिया, जिससे विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सोनीपत के गोहाना में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे और कांग्रेस पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल, कल्याणकारी योजनाओं, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और रोजगारपरक शिक्षा को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए ठोस सबूत पेश करने की मांग की। इसके साथ ही पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति बताते हुए नशे पर रोक, किसानों की फसलों की एमएसपी पर खरीद और विकास को प्रमुख मुद्दा बताया। भाजपा ने घोषणा पत्र के वादे पूरे किए : महिपाल ढांडा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को लाभ देने के लिए आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये तक की गई है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनता का भरोसा बनाए रखना है। नई शिक्षा नीति लागू, रोजगारपरक शिक्षा पर जोर महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। सरकार का जोर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने पर है। उन्होंने बताया कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 509 एमओयू किए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने परीक्षा परिणामों में सुधार का दावा करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव आया है और आने वाले वर्षों में रोजगारपरक शिक्षा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस से मांगे सबूत कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को खुद पर भरोसा नहीं है और उसके पास आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का हवाला देते हुए कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए। ढांडा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने रखने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया का किया समर्थन महिपाल ढांडा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और स्थान बदल चुके लोगों के रिकॉर्ड दुरुस्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। पंजाब चुनाव में नशा, एमएसपी और विकास होंगे मुद्दे पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पंजाब में नशे की समस्या पर रोक लगाने, किसानों की फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और अपने वादों को पूरा करने के आधार पर जनता का विश्वास हासिल करना चाहती है।
जोमैटो में डिलीवरी पार्टनर कैसे बनें? होती है इतनी कमाई, करना होगा ये काम
आजकल के युवा केवल पढ़ाई या नौकरी ही नहीं करना चाहते हैं. उन्हें चाहिए कि सैलरी के साथ-साथ कुछ एक्स्ट्रा इनकम भी हो. इसके लिए वह पार्ट-टाइम नौकरी करते या फ्रीलांस से जुड़े काम करते हैं. उनके काम के इस लिस्ट में डिलीवरी का काम भी शामिल रहता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर , युवाओं को ये काम कैसे मिलता है, क्या इसके लिए भी पैसे देने होते है और चयन के बाद कितनी कमाई होती है.
बिलासपुर के सरकंडा स्थित श्री प्लाजा में नवरात्र के अवसर पर मां आदि शक्ति की प्रतीक कन्याओं का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान 5 हजार से ज्यादा कन्याओं के पैर पूजकर उन्हें उपहार के रूप में किताबें भेंट की गईं। श्री बुक डिपो और श्री प्रकाशन की ओर से कन्याओं को ये पुस्तकें दी गईं। आयोजन में कन्याओं को आध्यात्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई। कन्याओं के सम्मान और सेवा का संदेश कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही बालिकाओं के प्रति सम्मान और सेवा भाव को बढ़ावा देना था। शहर के लोगों ने उत्साह के साथ आयोजन में हिस्सा लिया और कन्याओं का पूजन कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर बिलासपुर के कमिश्नर सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक आरपी गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और डीआईजी रामकश्यप सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शहर के विधायक अमर अग्रवाल, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, गहोई समाज के संरक्षक मनोहरलाल बरंसइया और वरिष्ठ समाजसेवी अनिल टाह भी शामिल हुए। इसके अलावा साहित्यकार और समाजसेवियों ने भी आयोजन में भाग लिया। इनमें डॉ. मदन देशपांडे, मधुश्री देशपांडे, डॉ. ओम माखीजा और डॉ. समर शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। आयोजन में बसंत साड़ी सेंटर परिवार और लालाजी परिवार सहित कई लोगों ने सहयोग किया। गुप्ता परिवार के पीयूष गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, डॉ. पारस गुप्ता, अधिवक्ता पुष्प गुप्ता, आयुषी गुप्ता, पारुल गुप्ता और सियाश्री गुप्ता का विशेष योगदान रहा। इंडियन कॉफी हाउस परिवार ने भी सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पैरामेडिकल भर्ती 2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 23 और 25 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार परीक्षा शहर और तारीख की
रेलवे भर्ती बोर्ड ने आरआरबी जूनियर इंजीनियर सीबीटी-1 परीक्षा 2026 की परीक्षा शहर सूचना पर्ची जारी कर दी है। 27 अक्तूबर को परीक्षा देने वाले उम्मीदवार पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि की मदद से अपनी परीक्षा का
झारखंड शिक्षक भर्ती 2026: 7299 पदों पर आवेदन की आज आखिरी तारीख, मौका चूकने से पहले भरें फॉर्म
झारखंड में सहायक शिक्षक बनने का मौका तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज यानी 18 अक्तूबर है।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में सक्रिय तबादला सिंडिकेट के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। विभागीय लेटरहेड, मंत्रालय की जाली सील और अवर सचिव आरपी वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 19 शिक्षकों व कर्मचारियों के मनचाही जगहों पर ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए। हैरत की बात यह है कि इस जाली सूची में शामिल सहायक शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक और व्यायाम शिक्षक श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले की भनक 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) तक को नहीं लगी।मामला सामने आते ही लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में हड़कंप मच गया है। शासन को अंदेशा है कि इन कर्मचारियों ने सिंडिकेट से सांठगांठ कर या अनुचित माध्यमों से यह आदेश तैयार करवाया है। डीपीआई ने मामले की जांच बैठाते हुए सभी 15 डीईओ को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है और तीन प्रमुख बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर फर्जीवाड़े में संलिप्त सभी शासकीय सेवकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन बिंदुओं पर मांगा गया है जवाब : यह फर्जी आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से पहुंचा? इसके आधार पर कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति/ कार्यभार ग्रहण करने हेतु आवेदन दिया और कितनों को रिलीव/ जॉइन कराया गया? फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही जिला स्तर पर क्या कार्रवाई की गई? इन जिलों के डीईओ से मांगी गई रिपोर्ट: बलौदा बाजार, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, कांकेर, कबीरधाम, बालोद, धमतरी, सरगुजा, गौरेला- पेंड्रा- मरवाही, बलरामपुर- रामानुजगंज, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई। सवाल: बिना वेरिफिकेशन कैसे मिली रिलीविंग और जॉइनिंग?फर्जी आदेश जारी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी दफ्तरों के अफसरों ने बिना किसी मंत्रालयिक सत्यापन के फर्जी आदेशों को असली मानकर ज्वॉइनिंग या रिलीविंग कैसे दे दी? 2020 में भी हो चुका है ऐसा फर्जी ट्रांसफरस्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी ट्रांसफर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के फर्जी ट्रांसफर आदेश निकल चुके हैं। इससे पहले 30 मार्च 2020 को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार के नाम से 21 व्याख्याताओं, शिक्षकों व एक क्लर्क का तबादला कर दिया। इसमें व्याख्याता, शिक्षक एलबी और सहायक ग्रेड दो के नाम शामिल हैं। इस फर्जी आदेश में बस्तर के शिक्षक व महिला शिक्षक ज्यादा हैं। उन्हें बालोद, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग आदि स्थानों पर भेजा गया है। मामला उजागर होने के बाद अवर सचिव ने नवा रायपुर के राखी थाने में इसकी लिखित में शिकायत की थी। भास्कर एक्सपर्ट - मुकेश चौधरी, एक्सपर्ट, साइबर क्राइम AI के सुरक्षित इस्तेमाल की ट्रेनिंग जरूरीकिसी भी तरह के सरकारी आदेश को ई मेल के जरिए भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा सरकारी विभाग के वेबसाइट पर आदेश को अपलोड किया जाना चाहिए जारी आदेशों का जिला स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल से क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के बाद ही जॉइनिंग/ रिलीविंग दी जानी चाहिए। जरूरी बात कि सरकारी विभागों के अफसरों व कर्मियों को एआई एथिक्स की ट्रेनिंग देनी चाहिए।
Kanpur News: 23 बिंदुओं पर परखी गई शिक्षा विभाग की तैयारी
परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की शनिवार को समीक्षा हुई।
Aquarius Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का समय है, शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान देना होगा, जल्दबाजी में फैसला ना करें, करियर के मामले में सोच समझ कर निर्णय लें, अपने मन की बात सबसे ना कहें.
वृश्चिक राशि वालों के आज शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, शुभ रंग- हल्का पीला
Scorpio Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: करियर से संबंधित फैसला सोच समझ कर करें, अपने काम सावधानी से करें, शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, किसी बात को लेकर अड़े ना रहें, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में निवेश की स्थिति बनेगी.
Pilibhit News: डीएम ने स्कूलों में बच्चों से पढ़वाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता
अमरिया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को अमरिया तहसील क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बारातबोझ और राजकीय इंटर कॉलेज अमरिया का औचक निरीक्षण किया।
Azamgarh News: पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की घोषणा की है। उन्होंने स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का नया दौर, बढ़ीं 321 सीटें, तीन नए राजकीय कालेज खुले
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का व्यापक विस्तार हुआ है, जिसमें 321 नई सीटें जोड़ी गई हैं और तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित हुए हैं। इससे युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं, खासकर जापान और जर्मनी में।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी अब छह दिन की होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश में एक दिन की बढ़ोतरी करते हुए 6 से 11 नवंबर 2026 तक छुट्टी घोषित की है। पहले 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन का अवकाश तय किया गया था। संशोधित आदेश से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किया। इससे पहले 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दिवाली की छुट्टी पांच दिन निर्धारित की गई थी। अब इसमें आंशिक संशोधन कर अवकाश की अवधि 11 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। डीएड, बीएड कॉलेजों में भी अवकाश यह आदेश प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इसके साथ ही डीएड, बीएड और एमएड महाविद्यालयों में भी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दिवाली का अवकाश रहेगा। इस तरह स्कूलों और संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में छह दिन छुट्टी रहेगी। दिवाली के मौके पर छुट्टियों की अवधि बढ़ने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार की तैयारियों के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। अवकाश की तारीखों में बदलाव के बाद संस्थानों को संशोधित आदेश के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों की योजना बनानी होगी।

