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वर्ल्ड कप हमारे लिए अहम, उम्मीद है जीतेंगे: हरमनप्रीत सिंह

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप खिताब के लिए देश के 51 साल के इंतजार को खत्म करने की बात कही है।

समाचार नामा 15 Aug 2026 1:47 pm

यूपी की बड़ी खबरें:वाराणसी में वकीलों को पुल से लटकाकर हॉकी से पीटा, गालियां देकर नकदी-चेन लूटी

वाराणसी में कचहरी से लौट रहे अधिवक्ताओं पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोल दिया। अधिवक्ता को बेल्ट से पीटा और पुल पर लटकाते हुए जाने से मारने की धमकी दी। हमलावरों से गुहार लगाकर अधिवक्ताओं ने अपनी जान बचाई। वारदात के बाद हमलावर बाइक से हथियार लहराते हुए भाग निकले। पीड़ित अधिवक्ताओं ने कैंट थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी वारदात की जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर… कानपुर में बर्थडे से एक दिन पहले किशोर ने किया सुसाइड, मोबाइल लुटने से डिप्रेशन में था कानपुर के बर्रा में किशोर ने जन्मदिन से एक दिन पहले शुक्रवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वतंत्रता दिवस पर उसका जन्मदिन था। मां जब उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंची तो उसका शव पंखे के सहारे फंदे पर लटका मिला। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार को गोविंद नगर से लौटते समय नंदलाल चौराहे पर बाइक सवार लुटेरों ने उसका मोबाइल लूट लिया था। मोबाइल लुटने के बाद से वह परेशान था और पिता ने अगले महीने पेंशन आने पर नया मोबाइल दिलाने का आश्वासन दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी घटना के बाद अवसाद में आकर किशोर ने यह कदम उठाया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 12:50 pm

Pakistan Hockey ने घरेलू ढांचे पर नहीं दिया ध्यान: पूर्व कप्तान सलमान अकबर

(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप की सबसे कामयाब टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान में हॉकी के गिरते स्तर के लिये घरेलू ढांचे के अभाव को कसूरवार ठहराते हुए पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने कहा कि भारतीय हॉकी बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते चेत गई और नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदक के रूप में मिला। पाकिस्तान के लिये 230 मैच , 2004 और 2008 ओलंपिक खेल चुके दिग्गज गोलकीपर सलमान ने यहां को दिये खास इंटरव्यू में पाकिस्तान हॉकी के पतन के कारणों के बारे में पूछने पर कहा ,‘‘ यूं तो कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। आपके घर में खिलाड़ियों के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है। खिलाड़ी बस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौका मिलता है तो वहां या घरेलू शिविरों तक व्यस्त रहते हैं। घरेलू ढांचा नहीं के बराबर है जहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने चाहिये।’’पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है और प्रो लीग के पिछले सत्र में टीम आखिरी स्थान पर रही थी। अपने खेलने के दौर से आज की भारतीय टीम में आये बदलाव के बारे में पूछने पर नीदरलैंड में बसे 44 साल के इस पूर्व खिलाड़ी और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच ने कहा ,‘‘टीम को छोड़ें , हॉकी ही इतनी बदल गई है। मैने पैतीस मिनट के दो हाफ वाली हॉकी भी खेली है लेकिन अब चार क्वार्टर का खेल हो गया है। उस दौर की भारतीय टीम ने भी अलग हॉकी खेली और आज की टीम अलग खेल रही है तो कोई तुलना हो ही नहीं सकती।’’उन्होंने यह भी कहा कि तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने और पेरिस में उसे बरकरार रखने वाली भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत है कि वह ऐसे समय में खेल रही है जब भारतीय हॉकी प्रगति की राह पर है। सलमान ने कहा ,‘‘ यह पीढी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आये जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं करने के झटके बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है। उसका नतीजा भी मिला और वह भी एक दो साल में नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक तक इंतजार करना पड़ा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ उतार चढाव भी आये लेकिन भारत ने अपने कोचों तक को ट्रेनिंग दी और उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बना। अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरते हैं।’’सलमान ने यह भी कहा कि दोनों टीमों की परिस्थितियां चाहे जो हो लेकिन मैदानी प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आयेगी और पाकिस्तान पिछले दस साल में भारत से जीत नहीं पाने की कसक मिटाने की पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ हाल ही में प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा। लोगों को भारत पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिये यह मैच काफी अहम है।2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है।मैं दोनों टीमों को शुभकामना देता हूं और उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से ‘हैंडशेक’ भी करेंगे।’’उन्होंने भारत के युवा गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा के बारे में पूछने पर कहा कि पी आर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ उन्हें काफी सीखने का मौका मिला होगा जो अब काम आयेगा। यह पूछने पर कि क्या भारत को श्रीजेश की कमी खलेगी, उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके बारे में तो नहीं कह सकता लेकिन एक बेहतरीन कैरियर के बाद पूरी गरिमा के साथ वह रिटायर हुए हैं। अपने कैरियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।’’नीदरलैंड में अपना गोलकीपिंग स्कूल शुरू करने के बाद जापान की टीम से जुड़े सलमान ने कहा कि तेजी से बदलती हॉकी में कोचिंग आसान काम नहीं है और खुद को अपडेट रखना पड़ता है। उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग में मजा आ रहा है लेकिन यह काफी कठिन काम है। जब मैने शुरू किया तो पहला ख्याल आया कि खेलना ज्यादा आसान है। यह जरूरी नहीं है कि आप बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं तो बेहतरीन कोच भी होंगे। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नये नियम आ आते हैं जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:08 pm

Craig Fulton ने कहा- Wales के खिलाफ जीत से आगाज करने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम

भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि उनकी टीम शनिवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को हल्के में नहीं लेगी जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे मैच के चारों क्वार्टर में लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। इस मुकाबले में हालांकि भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन फुल्टोन ने खिलाड़ियों से प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करने और अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने की बात कही। फुल्टोन ने मैच से पहले से कहा, ‘‘वेल्स की टीम छुपीरूस्तम है, विश्व कप में कभी कभार ऐसे ही नतीजे देखने को मिलते हैं। आपको अपनी वरीयता के अनुरूप खेलना होता है और आपसे नीचे की हर टीम के खिलाफ पूरी एकाग्रता और पूरा प्रयास करना जरूरी है। हम किसी को भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनसे कड़ी टक्कर की उम्मीद है। साथ ही हमें अपनी रणनीति पर शत प्रतिशत फोकस रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि चारों क्वार्टर में हमारा एक समान फोकस रहे। ’’ विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पहले मैच की अहमियत को रेखांकित करते हुए फुल्टोन ने कहा कि भारत का लक्ष्य शानदार शुरुआत करना और पूरे तीन अंक हासिल करना है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पहला मैच बेहद अहम होता है। इसे भी पढ़ें: White House के $400 Million Ballroom प्रोजेक्ट पर रोक के खिलाफ US Supreme Court पहुंचे Donald Trump, सुरक्षा का दिया हवाला हमारा प्रयास रहेगा कि हम शुरुआत से ही आक्रामक खेलें और पूरे तीन अंक हासिल करें। ’’ भारत का पहला मुकाबला स्वतंत्रता दिवस के दिन हो रहा है जिससे यह टीम के लिए और भी खास मौका बन गया है। फुल्टोन ने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय गौरव का पल है। हम स्वतंत्रता दिवस पर देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं और टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं। इसे हम एक शुभ संकेत मानते हैं। ’’ कप्तान हरमनप्रीत ने कहा कि टीम ने विरोधी टीम का गहराई से विश्लेषण किया है और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत की है और सभी टीम का गहराई से आकलन किया है। वेल्स के खिलाफ हम काफी समय बाद खेल रहे हैं, लेकिन उनकी खेलने की शैली अब भी वैसी ही है। मैच से पहले हमारा अभ्यास सत्र शानदार रहा और टीम का माहौल काफी सकारात्मक है। इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार! ’’ हरमनप्रीत ने भी अपने कोच की तरह खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूल चरण का हर मुकाबला भारत के आगे बढ़ने के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। अच्छी शुरुआत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करती है। हमारे लिए पूल के तीनों मुकाबले महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यही आगे की राह आसान बनाएंगे। ’’ पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम की रणनीति एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान देने की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार में एक मैच पर ध्यान देंगे और हर मुकाबले में अपना शत प्रतिशत देंगे। ’’ भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद टीम ने अपने खेल में काफी सुधार किया है, विशेषकर रक्षा पंक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में। उन्होंने कहा, ‘‘पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हमने काफी प्रगति की है। हमारी रक्षा पंक्ति मजबूत हुई है और अब हम अधिक समझदारी से हॉकी खेल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं ’’ उन्होंने स्वीकार किया कि गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन टीम लगातार इस बात पर जोर देती है कि पूरे मैच में एक जैसी आक्रामकता और एकाग्रता बनाए रखी जाए। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘गलतियां होंगी, लेकिन हम लगातार यही बात करते हैं कि चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखनी है। ’’ उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध हॉकी विरासत टीम के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही है और खिलाड़ी विश्व कप में एक और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी हॉकी की विरासत हमेशा हमें प्रेरित करती है। जिस तरह हमने ओलंपिक पदक का लंबा इंतजार खत्म किया था, उसी तरह इस बार विश्व कप जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ’’ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। पदक जीतने के बाद हम सब मिलकर जश्न मनाएंगे।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 10:23 am

स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल

भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.

आज तक 15 Aug 2026 10:00 am

Hockey World Cup 2026: भारत करेगा अभियान का आगाज, पाकिस्तान से भी भिड़ेगा; जानें मैच की तारीख, समय और Live Streaming

Hockey World Cup 2026: भारत करेगा अभियान का आगाज, पाकिस्तान से भी भिड़ेगा; जानें मैच की तारीख, समय और Live Streaming

समाचार नामा 15 Aug 2026 9:55 am

Men's Hockey World Cup: 51 साल का सूखा खत्म करने उतरेगा भारत, वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत

भारतीय पुरुष हॉकी टीम वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी और 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लक्ष्य से उतरेगी।

अमर उजाला 15 Aug 2026 8:28 am

51 साल का सूखा खत्म करने उतरेगा भारत, आज से हॉकी वर्ल्ड कप का आगाज

भारत शन‍िवार (15 अगस्त) से शुरू होने वाले FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में 51 साल का खिताबी सूखा खत्म करने उतरेगा. हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम पूल D में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ है. टीम का अभियान 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ शुरू हो रहा है. जानिए पूरा शेड्यूल, फॉर्मेट, स्क्वॉड, लाइव टेलीकास्ट और भारत की ताकत-कमजोरी.

आज तक 15 Aug 2026 7:46 am

हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मुकाबला आज:वेल्स के खिलाफ कभी नहीं हारा; 220 गोल कर चुके कप्तान हरमनप्रीत पर नजरें

आज से हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो रही है। पुरुषों क पहला ही मैच भारत और वेल्स के बीच खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीम वेल्स के खिलाफ अब तक कोई मुकाबला नहीं हारी है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह 220 इंटरनेशनल गोल कर चुके हैं। इस मैच से पहले वर्ल्ड कप में महिला टीम के 2 मुकाबले होंगे। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान, दूसरा मुकाबला जर्मनी और स्कॉटलैंड के बीच खेला जाएगा। वेल्स कभी भारत को हरा नहीं पाया भारत और वेल्स के बीच अब तक 4 मुकाबले खेले गए हैं। भारत को हर बार जीत मिली। टीम ने 2014 में 3-1 और 2018 में 4-3 से जीत दर्ज की थी। फिर 2022 में 4-1 और 2023 में 4-2 से वेल्स को हराया। हरमनप्रीत भारत के लिए 220 गोल कर चुके भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर के रोल में खेलते हैं। वे टीम के टॉप गोल स्कोरर हैं। उन्होंने 264 मैचों सबसे ज्यादा 220 गोल किए हैं। उनके अलावा मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और फॉर्वर्ड अभिषेक पर भी निगाहें होंगी। वेल्स की टीम काफी हद तक अपने को-कप्तान गैरेथ फर्लोंग पर निर्भर है। वे पेनल्टी कॉर्नर स्पेस्लिस्ट और बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हैं। उनके नाम 166 मैचों में 113 गोल हैं। 8 भारतीय पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगेभारत 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड के साथ टूर्नामेंट में उतरा है। टीम में 8 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे। इसके अलावा डिफेंडर यशदीप सिवाच के लिए यह वर्ल्ड कप और खास है। वे अपना पहला वर्ल्ड कप उस देश में खेलने जा रहे हैं, जहां उनकी मां प्रीतम सिवाच ने भारत के लिए वर्ल्ड कप खेला था। वहीं भारत पहली बार टूर्नामेंट में दिग्गज गोलकीपर पी श्रीजेस के बिना उतरेगा। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के बाद संन्यास ले लिया था। टीम के दोनों गोलकीपर सूरज करकेरा और मोहित एचएस पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। दोनों टीमों का स्क्वाॅड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), मोहित एच.एस, सूरज करकेरा, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा।वेल्स: गैरेथ फर्लोंग (कप्तान), टोबी रेनॉल्ड्स-कॉटेरिल (गोलकीपर), राइस पेन (गोलकीपर), डेनियल किरियाकिडिस, ह्वेल जोन्स, अल्फ डिनी, जैकब ड्रेपर, रोडरी फर्लोंग, डेल हचिंसन, राइस ब्रैडशॉ, फ्रेड न्यूबोल्ड, गैरेथ ग्रिफिथ्स, बेन फ्रांसिस, निक मॉर्गन, जैक प्रिचर्ड, जोलियॉन मॉर्गन, सैम वेल्श, जॉनी फ्लेक, जेम्स टायसन, लियाम बार्कर। आज खेले जाने वाले सभी मुकाबलें… ----------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्डकप पहली बार एक साथ होंगे; 32 टीमों में 50 मुकाबले 15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 4:30 am

Jind News: नैंसी ने चंडीगढ़ की जूनियर हॉकी टीम में बनाई जगह

नैंसी पिछले तीन वर्षों से चंडीगढ़ हॉकी अकादमी में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं।

अमर उजाला 15 Aug 2026 2:01 am

Rampur News: हॉकी में रामपुर का दबदबा, सनवे और स्मार्ट इंडियन मॉडल स्कूल बने विजेता

हॉकी में रामपुर का दबदबा, सनवे और स्मार्ट इंडियन मॉडल स्कूल बने विजेता

अमर उजाला 15 Aug 2026 1:43 am

वाराणसी में वकीलों को पुल से लटकाकर हॉकी से पीटा:कचहरी से लौटते वकीलों को पुल पर दबोचा, गालियां देकर नगदी-चेन लूटी

वाराणसी में शुक्रवार की रात कचहरी से लौट रहे अधिवक्ताओं पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोल दिया। अधिवक्ता को बेल्ट से पीटा और पुल पर लटकाते हुए जाने से मारने की धमकी दी। हमलावरों से गुहार लगाकर अधिवक्ताओं ने अपनी जान बचाई। वारदात के बाद हमलावर बाइक से हथियार लहराते हुए भाग निकले। पीड़ित अधिवक्ताओं ने कैंट थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी वारदात की जानकारी दी। वकील नौशाल अली ने बताया कि वे शुक्रवार शाम 4 बजे कोर्ट से अपने घर की ओर आ रहे थे। उनके साथ जूनियर अधिवक्ता रमाशंकर गुप्ता थे। कचहरी से वापस आते समय वरुणा पुल पर उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया और धमकाते हुए पकड़ लिया। दोनों वकीलों पर गाली गलौज करते हुए हाकी से हमला कर दिया। गर्दन दबाकर जान से करने के नियत से हम दोनों अधिवक्ता को लातघूसों से मारा पीटा। इसके बाद दोनों को पुल के नीचे लटका दिया और मारने की धमकी थी। इसके बाद दोनों ने अपनी जान की भीख मांगी तो छोड़कर फरार हो गए। आरोप है कि दोनों अधिवक्ताओं से सोने की चेन और 4700 रुपये लूट ले गए। जाते समय वकीलों ने गाड़ी का नंबर नोट कर लिया, जिसका नंबर UP65EX7706 बताया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 12:59 am

‘1975 वर्ल्ड कप की जीत से प्रेरणा लेगी भारतीय हॉकी टीम’, वेल्स के खिलाफ मैच से पहले बोले कोच फुल्टन

एम्स्टर्डम, 15 अगस्त . बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में Saturday से एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने जा रहा है. टूर्नामेंट में India के ओपनिंग मुकाबले से पहले हेड कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि उनकी टीम 1975 में देश की वर्ल्ड कप जीत से प्रेरणा लेते हुए शानदार प्रदर्शन ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 12:21 am

'1975 वर्ल्ड कप की जीत से प्रेरणा लेगी भारतीय हॉकी टीम', वेल्स के खिलाफ मैच से पहले बोले कोच फुल्टन

'1975 वर्ल्ड कप की जीत से प्रेरणा लेगी भारतीय हॉकी टीम', वेल्स के खिलाफ मैच से पहले बोले कोच फुल्टन

समाचार नामा 15 Aug 2026 12:06 am

Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं

अपने संभावत: आखिरी हॉकी विश्व कप अभियान की तैयारी कर रहे अनुभवी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि वह इसे यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारत को 51 साल बाद पहली बार विश्व कप खिताब दिलाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। दो बार ओलंपिक पदक विजेता टीम के सदस्य रहे मनप्रीत चौथे विश्व कप में खेलेंगे। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत 1975 की अपनी एकमात्र खिताबी सफलता में एक और विश्व कप जीत जोड़ने की कोशिश कर रहा है। मनप्रीत ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ‘‘यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं लेकिन विश्व कप का पदक अब भी नहीं है। हर खिलाड़ी दोनों पदक जीतने का सपना देखता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह आखिरी विश्व कप हो सकता है इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसमें उतर रहा हूं। मैं वह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं जो हम अब तक नहीं कर सके हैं। हमें भावनात्मक रूप से संतुलित रहना होगा, अपनी भूमिकाओं पर कायम रहना होगा और अनुशासन के साथ खेलना होगा। यही हमें जीत का सबसे अच्छा मौका देगा।’’बेल्जियम और नीदरलैंड 15 से 30 अगस्त तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। मनप्रीत ने कहा, “टीम में खिताब जीतने के लिए अनुभव और प्रतिभा दोनों हैं। हमने अच्छी तैयारी की है और हमारा आत्मविश्वास ऊंचा है। हमने ओलंपिक पदक जीते हैं और अब विश्व कप में भी खिताब जीतने का समय है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि हम विश्व कप के फाइनल में पहुंचेंगे। टीम पूरे विश्वास के साथ खेल रही है और हर प्रशिक्षण सत्र में शत प्रतिशत दे रही है।’’भारत को पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। वह शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। मनप्रीत ने यह भी कहा कि भारत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान सहित अपने प्रतिद्वंद्वियों की प्रतिष्ठा से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहे पाकिस्तान के खिलाफ खेलें या किसी अन्य टीम के, हम अपनी रणनीति पर कायम रहते हैं। हम प्रतिद्वंद्वी के नाम या उसकी प्रतिष्ठा में नहीं उलझते।’’मनप्रीत ने कहा, ‘‘हॉकी टीम खेल है और अगर कोई एक खिलाड़ी अकेले सब कुछ करने की कोशिश करता है तो इससे टीम को नुकसान हो सकता है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना होगा और एक इकाई के रूप में खेलना होगा।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 3:37 pm

हॉकी विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने उतरेगा भारत

लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करना होगा।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 3:28 pm

FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार!

भारत FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में हिस्सा लेगा और 1975 में अपनी एकमात्र खिताबी जीत के 51 साल बाद एक नई विरासत बनाने की कोशिश करेगा। कुआलालंपुर में कप्तान अजीत पाल सिंह की अगुवाई में खेला गया वह टूर्नामेंट भारतीय खेल इतिहास का एक यादगार हिस्सा है और उस दौर को दर्शाता है जब हॉकी देश की खेल पहचान का मुख्य हिस्सा थी। बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाला 2026 विश्व कप 15 अगस्त से शुरू हो रहा है। भारत इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वापसी कर रहा है, लेकिन उसका ध्यान मौजूदा लक्ष्यों पर है। इसे भी पढ़ें: 1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम पुरानी यादों को प्रेरणा में और अपनी प्रतिष्ठा को ठोस नतीजों में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि सिर्फ़ इतिहास के दम पर जीत हासिल नहीं की जा सकती। मौजूदा टीम और 1975 की चैंपियन टीम के बीच एक दिलचस्प समानता देखने को मिलती है। 1975 में जब भारत चैंपियन बना था, तब अजीत पाल सिंह ने अपने दूसरे वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी की थी; इससे पहले उन्होंने 1971 में भी टीम की कमान संभाली थी। इसी तरह, हरमनप्रीत भी दूसरी बार वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करेंगे (उन्होंने पहली बार 2023 में ऐसा किया था)। इस तरह, अजीत पाल सिंह के बाद वे दो वर्ल्ड कप में कप्तानी करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत की हालिया तैयारियों से उम्मीदें जगी हैं। टीम ने FIH प्रो लीग के आखिरी चरण में बेहतर खेल दिखाया, जिसमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड पर जीत शामिल है। इसके अलावा, भारत ने अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को दो बार हराया और शूटआउट में इंग्लैंड को मात दी। पाकिस्तान और इंग्लैंड, दोनों ही भारत के वर्ल्ड कप पूल में शामिल हैं, जिससे इन नतीजों का महत्व और बढ़ जाता है। भारत को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना टूर्नामेंट की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ़ मैच से होगी, इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच खेले जाएंगे। पूल स्टेज का छोटा फ़ॉर्मेट होने के कारण गलती की गुंजाइश बहुत कम है, क्योंकि हर मैच टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की राह पर असर डाल सकता है। 2026 टूर्नामेंट के फ़ॉर्मेट में एक नई चुनौती भी है। इस इवेंट में पारंपरिक क्वार्टर-फ़ाइनल स्टेज नहीं होगा। इसके बजाय, शुरुआती पूल की टॉप दो टीमें दूसरे चरण में पूल E और F में जाएंगी, जबकि बाकी टीमें क्लासिफ़िकेशन पूल G और H में जाएंगी। पूल E और F की टॉप दो टीमें सीधे सेमी-फ़ाइनल में पहुंचेंगी। शुरुआती पूल में क्वालिफ़ाई करने वाली दूसरी टीमों के खिलाफ़ मिले नतीजे आगे भी गिने जाएंगे, जिससे पहले चरण का हर मैच बहुत अहम हो जाता है। For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 2:52 pm

पहली बार एक साथ होंगे महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप

नई दिल्ली, हॉकी प्रेमियों के लिए 2026 का वर्ल्ड कप बेहद खास होने जा रहा है। महिला और पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप पहली बार एक साथ और एक ही मेजबानी में आयोजित किए जा रहे हैं। दोनों टूर्नामेंट 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में शुरू होंगे। मुकाबले दो देशों के प्रमुख हॉकी स्टेडियमों में […] The post पहली बार एक साथ होंगे महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 14 Aug 2026 1:34 pm

मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, पदक का सूखा खत्म करने का इरादा: मनप्रीत सिंह

भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह विश्व कप को जीतकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।

खास खबर 14 Aug 2026 12:58 pm

1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका

लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने के अभियान का शानदार आगाज करके देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा देने का होगा।आठ बार के ओलंपिक चैम्पियन भारत ने एकमात्र विश्व कप 1975 में कुआलालम्पुर में पाकिस्तान को हराकर जीता था। इससे पहले 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक अपने नाम किया था लेकिन पिछले 51 साल में पोडियम पर जगह बनाने में भारतीय टीम नाकाम रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार सबसे सुनहरा मौका है। पूल चरण में भारत (आठवीं रैंकिंग) के सामने जिन टीमों की चुनौती है, उनमें सिर्फ इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही उससे आगे है जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान परहै।टूर्नामेंट के नये प्रारूप में हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी जहां उन्हें चार चार टीमों के दो समूहों में बांटा जायेगा और दूसरे पूल की टीमों से इस दौर में सामना होगा। इसमें दूसरी क्वालीफाइड टीम के खिलाफ पिछले दौर के अपने पूल के अंक जोड़े जायेंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ उतरेगी जो पिछले दो ओलंपिक में थी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमें यकीन है कि जिस तरह से तोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था, इस बार विश्व कप में 51 साल की कमी पूरी कर देंगे। हम उसी जज्बे, उसी सोच और तैयारी के साथ यहां आये हैं। विश्व कप में पदक जीतने का दबाव नहीं है बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं। अच्छी बात यह भी है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने काफी फील्ड गोल किये है।’’भारत ने राजगीर में एशिया कप जीता लेकिन प्रो लीग के पिछले सत्र में नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान के ऊपर आठवें स्थान पर रही। विश्व कप से ठीक पहले हालांकि प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैम्पियन जर्मनी को हराया और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड को भी मात दी। कोच क्रेग फुल्टोन ने प्रो लीग 2025-26 में 33 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद विश्व कप टीम चुनी जिसमें भारत के लिये सर्वाधिक 417 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी हैं तो यशदीप सिवाच, मोहित एचएस, शिलानंद लाकड़ा समेत आठ खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा।विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में बूट कैंप में विषम परिस्थितियों का सामना करके मानसिक दृढता के साथ आई भारतीय टीम के मानसिक कोच पैडी अपटन का मानना है कि पदक के बारे में अभी से सोचने की बजाय मैच दर मैच रणनीति बनाई जायेगी। विश्व कप 2011 जीतने वाली क्रिकेट टीम और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के साथ काम कर चुके अपटन ने कहा ,‘‘ हमने इस टीम को हर हालात का सामना करने के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया है। पदक तक के सफर की चुनौतियों का सामना करने में यह टीम सक्षम है और मुझे यकीन है कि ओलंपिक के बाद विश्व कप का भी पदक जीत सकती है।’’पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है और युवा गोलकीपरों मोहित एचएस तथा सूरज करकेरा के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। वहीं डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव काम आयेगा जिनकी ड्रैग फ्लिक पर भी भारत के गोलों का दारोमदार रहेगा। मनप्रीत और हार्दिक सिंह जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी मिडफील्ड की कमान संभालने के लिये हैं तो फॉरवर्ड पंक्ति में अभिषेक और मनदीप पर नजरे रहेंगी जो 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों से सिर्फ 12 मैच दूर हैं।अपनी मेजबानी में हुए पिछले दो विश्व कप में छठे और आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन टॉनिक का काम करेगा जिसकी जरूरत उसे अगले महीने एशियाई खेलों में पड़ेगी जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना लक्ष्य है। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन टूर्नामेंट से ठीक पहले मैदान के बाहर हुए कई विवादों को हाशिये पर रखने के लिये भी जरूरी है।दूसरी ओर भारत में पिछले विश्व कप में पदार्पण के बाद लगातार दूसरा टूर्नामेंट खेल रही वेल्स टीम की नजरें उलटफेर करने पर लगी होंगी। विश्व हॉकी के मानचित्र पर खुद को स्थापित करने की कोशिश में जुटी वेल्स टीम ने इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ अभ्यास मैच खेलकर विश्व कप की तैयारी की है और उसे पिछले प्रदर्शन से बेहतर की उम्मीद है।पूल चरण में भारत को 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 12:43 pm

MS धोनी से प्रेरणा लेती हैं भारतीय गोलकीपर बिछू देवी, वर्ल्ड कप से पहले दिया ये बयान

विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये एमएस धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं ।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 12:36 pm

MS Dhoni से प्रेरणा लेकर मैदान पर शांत रहना चाहती हैं गोलकीपर Bichu Devi

(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 14 अगस्त विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं। दूसरा विश्व कप खेल रही बिछू ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ धोनी जिस तरह से दबाव में भी शांत रहते हैं, मैं भी वैसा ही करने की कोशिश करती हूं। यही सोचती हूं कि डर के आगे जीत है। कितना भी दबाव सामने आये, मैं शांत रहूंगी। जब उनकी फिल्म आई तो मैने बार बार देखी। उन्होंने जीवन में इतना संघर्ष किया और इतनी ऊंचाई तक पहुंचे , उनसे बहुत प्रेरणा मिलती है।’’भारतीय टीम को विश्व कप में पहला मुकाबला 16 जून को चीन से खेलना है और मणिपुर की 26 वर्ष की इस खिलाड़ी ने कहा कि वह सफलता के लिये बेसिक्स पर अमल करने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ अब कुछ ज्यादा सोचना नहीं है। जो अब तक तैयारी की है , उसी पर फोकस है। कुछ अतिरिक्त प्रयास नहीं करना है।’’पिछले विश्व कप से अब तक के सफर में बिछू की सोच में भी काफी बदलाव आया है और बड़े टूर्नामेंट या दिग्गज टीमों की ख्याति से वह डरती नहीं है।’’उन्होंने कहा ,‘‘मैं पिछले विश्व कप में बिल्कुल नयी थी और बहुत दबाव ले लिया था कि इतने बड़े टूर्नामेंट में कैसे खेलूंगी लेकिन अब परिपक्वता आई है और फोकस बस अच्छे प्रदर्शन पर है।’’बिछू ने कहा ,‘‘आक्रामक हॉकी के इस दौर में दुनिया की शीर्ष स्ट्राइकरों के सामने अब दिक्कत नहीं होती। हमने बड़ी टीमों के खिलाफ इतने मैच खेले हैं कि अब फर्क नहीं पड़ता। बस मैदान पर शांत रहकर फैसले लेने हैं जो मैं ले लूंगी।’’सविता पूनिया जैसी दिग्गज गोलकीपर के टीम में होने के बावजूद अपनी पहचान बनाने वाली बिछू दरअसल हॉकी नहीं, फुटबॉल खेलना चाहती थी लेकिन ट्रायल के लिये पहुंचने में देरी होने से उनकी किस्मत बदल गई। उन्होंने बताया ,‘‘ मैं गलती से हॉकी खिलाड़ी बनी हूं क्योंकि मैने फुटबॉलर बनने का सपना देखा था। इम्फाल साइ सेंटर पर ट्रायल देने गई थी लेकिन एक दिन देरी होने से वेकेंसी फुल हो गई थी। वहां साइ के निदेशक ने पापा से बोला कि इसको हॉकी खेलने दो, कुछ महीने बाद फुटबॉल टीम में ले लेंगे। मैने हॉकी के सारे ट्रायल पास कर लिये लेकिन दो महीने बाद फुटबॉल टीम के लिये पूछा तो उन्होंने कहा कि साइ में अब हॉकी खिलाड़ी के रूप में नाम दर्ज हैं तो फुटबॉल नहीं खेल सकती।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत रोई और पापा को बोला कि मुझे ले जाओ लेकिन उन्होंने समझाया। धीरे धीरे हॉकी में मन रमने लगा। लेकिन मैं शुरू में स्ट्राइकर थी और गोल करके जश्न मनाना मुझे अच्छा लगता था। फिर मणिपुर में नीलकमल सर साइ सेंटर आये थे जिन्होंने गोलकीपर बनाने की सलाह दी।’’मप्र अकादमी में कैरियर का आगाज करने वाली बिछू को गोलकीपर की किट भी काफी देर से मिली और मिली भी तो उनके साइज की नहीं थी। उन्होंने बताया ,‘‘मैं मप्र अकादमी में 2015 में चली गई थी जहां से शुरूआत हुई। मुझे छह महीने बाद गोलकीपर की किट मिली लेकिन लेगगार्ड इतने बड़े थे कि कटवाकर खेलना पड़ा।’’सविता के साथ अपने रिश्ते को प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि एक दूसरे से सीखने का मानने वाली बिछू ने कहा कि उनके अनुभव से काफी मदद मिलती है। बिछू ने कहा ,‘‘ सविता दी से बहुत कुछ सीखने को मिला। उनसे लगातार पूछती हूं कि दिमाग में उस समय क्या चल रहा था या फैसले कैसे लेने हैं तो वह बताती हैं कि बाहरी आवाजों पर ध्यान नहीं देना है और अपने खेल पर फोकस रखना है। एक बड़ी बहन की तरह सिखाया है और मेरे से भी सीखती हैं। मैच में गोल खाने के बाद एक दूसरे का मनोबल बढाते हैं।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 12:24 pm

लद्दाख में 42 करोड़ की लागत से खुला अत्याधुनिक आर्टिफिशियल आइस हॉकी रिंक, खिलाड़ियों को सालभर मिलेगी प्रैक्टिस की मदद

लद्दाख को लेह में पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का आर्टिफिशियल आइस हॉकी रिंक मिला, जिसका उद्घाटन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने किया।

जागरण 14 Aug 2026 8:30 am

पहली बार महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्डकप एक साथ होंगे:32 टीमों में 50 मुकाबले; भारत-पाकिस्तान मैच 19 अगस्त को; जानिए सब कुछ

15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। भारतीय पुरुष टीम वेल्स के खिलाफ टूर्नामेंट का पहला मैच खेलेगी। यह मैच दोपहर 4:30 बजे शुरू होगा। इससे पहले महिलाओं का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच दोपहर 1:30 बजे से होगा। 16 दिन चलेंगे टूर्नामेंट, 2 वेन्यू पर मुकाबले शनिवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट 16 दिन तक चलेंगे। दोनों टूर्नामेंट में कुल 50 मैच खेले जाएंगे। इनका आयोजन 2 फेज में होगा। पहला ग्रुप स्टेज, क्रॉसओवर पूल। फिर सेमीफाइनल और फाइनल मैच होंगे। सभी मैच 2 वेन्यू पर आयोजित होंगे। कुल 32 टीमें हिस्सा ले रहीं मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें (कुल 32 टीमें) हिस्सा लेंगी। ग्रुप स्टेज में 16 टीमें 4 ग्रुप (ए, बी, सी, डी) में बंटेंगी और हर टीम 3 मैच खेलेगी। हर ग्रुप से टॉप-2 टीम क्रॉसओवर राउंड में जाएगी। इन 8 टीमों को 2 ग्रुपों में बांटा जाएगा। इस राउंड में हर टीम तीन और मैच खेलेगी। ये मुकाबले उन टीमों से होंगे, जिनसे उसका मैच नहीं हुआ है। यहां से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल पहुंचेंगी। 29-30 अगस्त को फाइनल होंगे फाइनल मैच 29 और 30 अगस्त को खेले जाएंगे। महिला वर्ल्ड कप का फाइनल 29 अगस्त को खेला जाएगा। जबकि, पुरुष वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला 30 अगस्त को रात 8:00 बजे से शुरू होगा। दोनों फाइनल के दिन ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होंगे। बेल्जियम में पहली बार वर्ल्ड कप हरमनप्रीत और सलीमा भारत के कप्तान पुरुष टीम : गोलकीपर्स: मोहित एच.एस., सूरज करकेरा। डिफेंडर्स: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच। मिडफील्डर्स: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे। फॉरवर्ड्स: मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा। महिला टीम: गोलकीपर्स: सविता पूनिया, बिशू देवी खरीबाम। डिफेंडर्स: ईशिका चौधरी, सुशीला चानु पुखरंबम, लालथंटलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास। मिडफील्डर्स: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, दीपिका सोरेंग। फॉरवर्ड्स: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, ईशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग। ईनामी राशि नहीं, ट्रॉफी और मेडल मिलेंगे हॉकी वर्ल्ड कप में ईनामी राशि नहीं है। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) वर्ल्ड कप या प्रो लीग जैसे वर्ल्ड लेवल टूर्नामेंट्स में ट्रॉफी और मेडल्स देते हैं। नीदरलैंड ने सभी वर्ल्ड कप खेले भारत, नीदरलैंड और स्पेन जैसी टीमों ने सभी पुरुष वर्ल्ड कप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अर्जेंटीना 15-15 बार यह ग्लोबल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। पाकिस्तान ने 14 और बेल्जियम ने 8 बार हिस्सा लिया है।वहीं, नीदरलैंड, अर्जेंटीना और जर्मनी ने विमेंस कैटेगरी के सभी वर्ल्डकप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया 14, इंग्लैंड-स्पेन 13-13, चीन 10 और भारत ने 9 बार यह टूर्नामेंट खेला है। भारत ने 1975 में पहला वर्ल्ड कप जीता था भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 1971 में शुरू हुए पहले हॉकी वर्ल्ड कप से ही इस टूर्नामेंट में खेलना शुरू कर दिया था। टीम ने अब तक 15 बार टूर्नामेंट में भाग लिया और केवल एक बार वर्ल्ड कप जीता है। भारतीय हॉकी टीम ने 1975 में कुआलालंपुर, मलेशिया में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था। भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक कोई वर्ल्ड कप नहीं जीता है। टीम ने 1974 में अपने पहले वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। जंग के कारण पाकिस्तान से छिनी पहले वर्ल्ड कप की मेजबानी हॉकी वर्ल्ड कप कराने का विचार सबसे पहले पाकिस्तान एयर मार्शल नूर खान के दिमाग में आया था। मार्च 1969 में FIH की बैठक में भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से टूर्नामेंट कराने का प्रस्ताव रखा। इसी बीच 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग शुरू हो गई। पाकिस्तान ने भारत को खेलने का न्योता तो दिया, लेकिन वहां के कुछ राजनेताओं और क्रिकेट खिलाड़ी अब्दुल हफीज कारदार के नेतृत्व में लोगों ने भारत की भागीदारी का हिंसक विरोध शुरू कर दिया। मैच शुरू होने से चंद महीने पहले मार्च 1971 में FIH ने सुरक्षा कारणों से इस मेगा इवेंट को पाकिस्तान से हटाकर एक न्यूट्रल यूरोपीय देश स्पेन (बार्सिलोना) में शिफ्ट कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने पहला टाइटल जीता था। --------------------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया बोले- विमेंस हॉकी में किसी को भी हरा सकता है भारत, मेडल जीतने की काबिलियत भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 5:18 am

Pratapgarh News: खेल में खानापूरी...मेडल से दूरी

एक ही घंटे में निपटा दी गईं कुश्ती, हॉकी और फुटबॉल की प्रतियोगिता

अमर उजाला 14 Aug 2026 1:40 am

जूनियर महिला हॉकी नेशनल्स: दूसरे दिन आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और कर्नाटक ने दर्ज की जीत

पुणे, 13 अगस्त (आईएएनएस)। 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप 2026 के दूसरे दिन पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने जीत दर्ज की, जबकि उत्तराखंड और बिहार के मुकाबले ड्रॉ रहे। पुणे में डिवीजन 'बी' और 'सी' में कड़े मुकाबले देखने को मिले। तीन मैच 'वॉकओवर' (प्रतिद्वंद्वी टीम का न खेलना) से तय हुए।

समाचार नामा 13 Aug 2026 11:46 pm

विमेंस हॉकी में किसी को भी हरा सकता है भारत:गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा- विमेंस टीम में वर्ल्ड कप मेडल जीतने की काबिलियत

विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। भारत पूल-डी में चीन, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ है। टीम चीन के खिलाफ 16 अगस्त को टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। नेशंस कप जीतने के बाद भारत का कॉन्फिडेंस बढ़ा इसस पहले विमेंस टीम ने नेशंस कप 2025-26 में गोल्ड मेडल जीता था। टीम ने ऑकलैंड में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। इसके बाद टीम से हॉकी वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। सविता बोलीं- लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलना गर्व की बात सवि‍ता पूनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। इस पर उन्होंने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलिंपिक और वर्ल्ड कप सबसे बड़े मंच होते हैं। देश के लिए खेलना हर एथलीट का सपना होता है। तीसरा वर्ल्ड कप खेलना बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने कहा- 'मेरे पास ज्यादा एक्सपीरियंस है। मेरी कोशिश प्रेसर सिचुएशन में शांत रहकर टीम को संभालना होगा। मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करुंगी।' खिलाड़ी फिटनेस और डाइट पर खुद ध्यान दे रहे सविता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारतीय हॉकी का अप्रोच बदल गया है। पहले खिलाड़ी केवल कोच की गाइडलाइंस मानते थे। अब हर खिलाड़ी अपनी फिटनेस, रिकवरी और डाइट का खुद ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोलकीपरों के लिए हफ्ते में 3 से 4 एक्स्ट्रा ट्रेनिंग सेशन होते हैं। सविता ने कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ की सविता ने टीम की कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ करते हुए कहा- वह न सिर्फ बेहतरीन कप्तान हैं, बल्कि शानदार और आक्रामक मिडफील्डर भी हैं।' उन्होंने कहा- सलीमा की स्पीड हमारी सबसे बड़ी ताकत है, खासकर पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में।' उन्होंने बताया कि सलीमा सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करती हैं और उनसे सलाह लेती हैं। उप-कप्तान नवनीत कौर और सलीमा मिलकर पूरी टीम को एकजुट रखती हैं।' ------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 8:11 pm

विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत मेडल जीत सकता है:गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा- हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं

विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। भारत पूल-डी में चीन, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ है। टीम चीन के खिलाफ 16 अगस्त को टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। नेशंस कप जीतने के बाद भारत का कॉन्फिडेंस बढ़ा इसस पहले विमेंस टीम ने नेशंस कप 2025-26 में गोल्ड मेडल जीता था। टीम ने ऑकलैंड में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। इसके बाद टीम से हॉकी वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। सविता बोलीं- लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलना गर्व की बात सवि‍ता पूनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। इस पर उन्होंने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलिंपिक और वर्ल्ड कप सबसे बड़े मंच होते हैं। देश के लिए खेलना हर एथलीट का सपना होता है। तीसरा वर्ल्ड कप खेलना बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने कहा- मेरे पास ज्यादा एक्सपीरियंस है। मेरी कोशिश प्रेसर सिचुएशन में शांत रहकर टीम को संभालना होगा। मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करुंगी।' खिलाड़ी फिटनेस और डाइट पर खुद ध्यान दे रहे सविता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारतीय हॉकी का अप्रोच बदल गया है। पहले खिलाड़ी केवल कोच की गाइडलाइंस मानते थे। अब हर खिलाड़ी अपनी फिटनेस, रिकवरी और डाइट का खुद ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोलकीपरों के लिए हफ्ते में 3 से 4 एक्स्ट्रा ट्रेनिंग सेशन होते हैं। सविता ने कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ की सविता ने टीम की कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ करते हुए कहा- वह न सिर्फ बेहतरीन कप्तान हैं, बल्कि शानदार और आक्रामक मिडफील्डर भी हैं।' उन्होंने कहा- सलीमा की स्पीड हमारी सबसे बड़ी ताकत है, खासकर पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में।' उन्होंने बताया कि सलीमा सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करती हैं और उनसे सलाह लेती हैं। उप-कप्तान नवनीत कौर और सलीमा मिलकर पूरी टीम को एकजुट रखती हैं।' ------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 8:11 pm

हमारे पास किसी भी टीम को चुनौती देने के लिए स्किल, फिटनेस और सही सोच : सविता पूनिया

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया का कहना है कि एफआईएच नेशंस कप जीतने के बाद भारत बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में उतरेगा। अनुभवी गोलकीपर लगातार तीसरे विश्व कप में शामिल होने जा रही हैं। सविता ने भरोसा जताया है कि टीम में टूर्नामेंट में हर प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करने की काबिलियत है।

समाचार नामा 13 Aug 2026 1:39 pm

खेल, न्याय, विज्ञान के मोर्चे पर अगुआई:भोपाल सिर्फ झीलों का शहर नहीं, देश की रणनीति और गौरव का केंद्र भी है...

सच्ची बात, बेधड़क। दैनिक भास्कर भोपाल संस्करण के 68 वर्ष पूरे होने पर हम 11 दिन तक हर सुबह भोपाल की नई कहानी, अनदेखे पहलू की एक विशेष श्रृंखला लेकर आए हैं। हम आपको भोपाल के सबसे बड़े बदलावों, शहर को जीवन देने वाली धरोहरों पर विशेषज्ञों के मंथन, पुराने दस्तावेजों और दुर्लभ अभिलेखों की पड़ताल से निकले अनकहे सच, तथ्यों पर आधारित एक्सक्लूसिव खुलासों और दुर्लभ तस्वीरों के संग्रह से रूबरू कराएंगे। पढ़िए आज की कहानी… भोपाल को अक्सर झीलों, हरियाली और अपनी शांत रफ्तार के लिए जाना जाता है। लेकिन देश में बहुत कम शहर ऐसे हैं जहां न्यायपालिका, खेल, वैज्ञानिक अनुसंधान और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी संस्थाएं एक साथ इतनी मजबूती से मौजूद हों। भोपाल में देश-दुनिया के जज ट्रेनिंग लेते हैं, ओलिंपिक खिलाड़ी तैयार होते हैं, अंतरिक्ष के सैटेलाइट संभाले जाते हैं और राष्ट्रीय नीतियां लिखी जाती हैं। यानी भोपाल देश की ताकत का शहर है। स्पोर्ट्स हब : शूटिंग, हॉकी, एथलेटिक्स, रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग जैसे अनेक ओलिंपिक खेलों का गढ़ भारत के ओलिंपिक मेडल का रास्ता भोपाल से गुजरता है... बाय इन्विटेशन ऐश्वर्य प्रताप सिंह, ओलिंपियन खरगोन जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर मध्यप्रदेश में खेलते हुए मैंने यहां की खेल सुविधाओं को लगातार बेहतर होते देखा है। आज भोपाल में खिलाड़ियों के लिए कई ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर और अकादमियां हैं, जो देश के दूसरे राज्यों की सुविधाओं के मुकाबले काफी अच्छी हैं। आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर, बेहतर मैदान, सिंथेटिक ट्रैक और शूटिंग रेंज जैसी सुविधाओं से खिलाड़ियों को अपने खेल को निखारने का बेहतर अवसर मिल रहा है। मप्र की खेल अकादमियों ने भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अलग-अलग खेलों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण, कोचिंग और अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। पदक जीतने वालों को नौकरी और कॅरियर का भरोसा मिले खिलाड़ी के लिए बेहतर मैदान और ट्रेनिंग जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उसके भविष्य की सुरक्षा भी है। मेरा मानना है कि सरकार ने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में अच्छा काम किया है। अब पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की नौकरी और करियर पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है। एक खिलाड़ी अपने जीवन के कई साल खेल को देता है। लगातार मेहनत के बाद जब वह प्रदेश या देश के लिए पदक जीतता है तो उसके सामने आगे के जीवन और करियर का सवाल भी होता है। यदि पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानजनक नौकरी और भविष्य की सुरक्षा मिले तो वे करियर की चिंता किए बिना अपने खेल पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। बता दें कि पेरिस ओलिंपिक-2024 से पहले भारतीय शूटिंग टीम के चयन का अंतिम दौर भोपाल में हुआ। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, मनु भाकर, स्वप्निल कुसाले, विजयवीर सिद्धू और सिफ्ट कौर समरा समेत देश के शीर्ष निशानेबाजों ने यहां ट्रायल दिए थे। साई भोपाल : रोज 370 खिलाड़ियों की ट्रेनिंग बिशनखेड़ी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भोपाल की खेल ताकत का सबसे बड़ा आधार है। यहां एथलेटिक्स, हॉकी, बॉक्सिंग, जूडो, वुशु और कयाकिंग-कैनोइंग के खिलाड़ी आधुनिक खेल विज्ञान, फिटनेस, रिकवरी और तकनीकी विश्लेषण की सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण लेते हैं। मप्र शूटिंग एकेडमी : हर ओलिंपिक की तैयारी यहीं जनवरी 2007 में शुरू हुई मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी आज देश की सर्वश्रेष्ठ शूटिंग सुविधाओं में गिनी जाती है। राष्ट्रीय चयन ट्रायल, ओलिंपिक कैंप और बड़े टूर्नामेंट लगातार यहां आयोजित होते हैं। मनीषा कीर जैसे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और जयदीप कर्माकर जैसे ओलिंपियन कोच इस अकादमी से जुड़े रहे हैं। घुड़सवारी एकेडमी : 90 अस्तबल, ओलिंपिक तैयारी जनवरी 2007 में स्थापित राज्य घुड़सवारी अकादमी देश के चुनिंदा हाई-परफॉर्मेंस प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल है। यहां शो जंपिंग, ड्रेसेज और थ्री-डे इवेंटिंग जैसी ओलिंपिक स्पर्धाओं की तैयारी कराई जाती है। अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध है। हॉकी : 7 ओलिंपियन दिए, 4 ने मेडल जीते इस शहर ने देश को 7 ओलंपियन दिए हैं, जिनमें से 4 ने पदक जीते। आज भी यह विरासत जारी है। टोक्यो ओलिंपिक-2020 के कांस्य पदक विजेता विवेक सागर प्रसाद और नीलकंठ शर्मा ने भी भोपाल एकेडमी में प्रशिक्षण लिया है। पानी बना मैदान : पांच खेल, 97 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक देश के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्रों में। जनवरी 2007 में शुरू हुई मप्र राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी ने रोइंग, सेलिंग, कयाकिंग, कैनोइंग व कैनो स्लालम में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए। 2025 में खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स में पदक जीते। छाेटा तालाब स्थित पैरा कयाकिंग-कैनोइंग केंद्र की चर्चा कम होती है। सिर्फ तीन प्रशिक्षकों की टीम ने यहां 66 अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता तैयार किए हैं। खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक नावों में बदलाव से लेकर उच्चस्तरीय प्रशिक्षण तक की सुविधाएं। नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी यहां देश-दुनिया के जजों की पाठशाला बाय इन्विटेशन विश्वजीत पाण्डेय, रजिस्ट्रार (प्रशासन) अगर भारत में कोई नया कानून लागू होता है, न्यायिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आता है या अदालतों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होती हैं, तो उसकी तैयारी की एक अहम कड़ी भोपाल से जुड़ती है। यहां स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी अपने देश की सर्वोच्च न्यायिक प्रशिक्षण अकादमी ही नहीं अपितु विश्व की सबसे बड़ी न्यायिक प्रशिक्षण अकादमी है। यहां सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश सिर्फ कानून ही नहीं पढ़ते, बल्कि निर्णय लेखन, न्यायिक नैतिकता, संवैधानिक मूल्य, साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), न्यायालय प्रबंधन और नई न्यायिक चुनौतियों जैसे विषयों पर प्रशिक्षण लेते हैं। इसके अलावा आज के अन्य महत्वपूर्ण विषय जैसे पर्यावरण, जेंडर, आतंकवाद विरोधी कानून, नशीले पदार्थ, एडीआर, आईपीआर और समुद्री कानून पर भी अकादमी, न्यायिक अधिकारियों के क्षमता विकास का प्रशिक्षण भी देती है। यही वजह है कि भोपाल आज देश की न्यायिक प्रशिक्षण राजधानी बन चुका है। 51 हजार से ज्यादा भारतीय जज, 50 देशों के न्यायाधीश भी यहीं आए साल 1993 में स्थापित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी करीब 64 एकड़ क्षेत्र में फैली है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके पदेन अध्यक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश होते हैं। पिछले तीन दशकों में 51 हजार से अधिक भारतीय न्यायाधीश यहां प्रशिक्षण ले चुके हैं। नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 01 जुलाई 2024 को लागू होने के पश्चात् अब तक 6348 न्यायाधीशों को अकादमी में प्रशिक्षित किया गया। इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा न्यायिक प्रशिक्षण अभियान माना जाता है। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी की पहचान अब भारत तक ही सीमित नहीं है। विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत करीब 50 देशों के न्यायाधीश भी भोपाल में प्रशिक्षण ले चुके हैं। 2017 से 2026 के बीच 2103 विदेशी न्यायाधीश यहां आए। नेपाल, भूटान, मालदीव, म्यांमार, सिंगापुर, श्रीलंका, पेरू और अफ्रीकी देशों के न्यायाधीश भारतीय न्याय व्यवस्था को समझने और अपनी न्यायिक क्षमता बढ़ाने के लिए भोपाल आते हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार 2017 से 30 नवंबर 2025 तक अकादमी ने कुल 543 शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 20,899 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, ट्रिब्यूनल सदस्यों और विदेशी न्यायाधीशों ने हिस्सा लिया। यानी बीते नौ वर्षों में ही अकादमी की गतिविधि पहले से कहीं ज्यादा तेज हुई है। अकादमी भारत सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विधिक तौर पर प्रशासनिक मामलों को सक्षम ढंग से समाधान करने में क्षमता विकास का प्रशिक्षण भी देती है। यही है भोपाल की सबसे बड़ी ताकत: देश में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और न्यायिक प्रशिक्षण संस्थान अलग-अलग शहरों में मिलना सामान्य सी बात है, लेकिन भोपाल की पहचान इससे अलग है। यहां देश की सर्वोच्च न्यायिक प्रशिक्षण संस्था और शीर्ष राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एक ही शहर में हैं। एक ओर यहां कार्यरत न्यायाधीश बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करते हैं, तो दूसरी ओर भविष्य के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, कॉर्पोरेट विधि विशेषज्ञ और नीति निर्माता तैयार होते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो भारत की न्यायपालिका का वर्तमान भोपाल से जुड़ा है और भविष्य भी। हमारी 4 बड़ी खासियतें 1. निशाद : जिन 6 पशु लैब पर दुनिया को भरोसा, उनमें से एक यहां मुकुंदपुरा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (निशाद) है। यह देश की सबसे सुरक्षित पशु रोग प्रयोगशाला है। यहां बर्ड फ्लू, लम्पी, रिंडरपेस्ट जैसे बेहद खतरनाक पशु वायरस पर शोध होता है। निशाद देश की इकलौती संस्था है, जहां बीएसएल-3 और बीएसएल-4 दोनों स्तर की हाई-सिक्योरिटी लैब हैं। इन लैब में वैज्ञानिक विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच सबसे खतरनाक वायरस पर शोध करते हैं, ताकि उनका कोई नमूना बाहर न जा सके। मई 2025 में विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संस्था ने इसे दुनिया की उन 6 लैब में शामिल किया, जहां सबसे खतरनाक रिंडरपेस्ट वायरस के सुरक्षित नमूने रखे जा सकते हैं। चेचक के बाद यह दूसरी ऐसी बीमारी थी, जिसे मिटा दिया गया है। भविष्य में वैक्सीन व इमरजेंसी के लिए सुरक्षित नमूने दुनिया की 6 लैब में रखे गए हैं। 2. मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी : अंतरिक्ष में घूम रहे भारतीय सैटेलाइट, निगरानी यहां से भौंरी इलाके में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी (एमसीएफ) है। यहां अंतरिक्ष में पहुंच चुके भारतीय उपग्रहों की 24 घंटे निगरानी की जाती है। रॉकेट सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ देता है, पर उसे सही कक्षा में बनाए रखना, जरूरत पड़ने पर उसकी दिशा ठीक करना व तकनीकी सेहत पर लगातार नजर रखना इसी केंद्र की जिम्मेदारी है। देश में ऐसी सिर्फ दो एमसीएफ हैं- एक कर्नाटक के हासन में, दूसरी भोपाल में। दोनों केंद्र मिलकर अभी 32 भारतीय उपग्रहों व अंतरिक्ष यानों का संचालन कर रहे हैं। इनमें 20 संचार, 9 नेविगेशन और 3 मौसम उपग्रह शामिल हैं। मोबाइल नेटवर्क, डीटीएच, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और NavIC जैसी सेवाएं इन्हीं उपग्रहों पर निर्भर हैं। भोपाल और हासन की MCF मिलकर 150 डिग्री Geo-Arc को कवर करती हैं। यानी फारस की खाड़ी से ऑस्ट्रेलिया तक फैले अंतरिक्ष क्षेत्र में निगरानी। 3. सीएसआईआर-एमप्री :हम परमाणु बिजलीघरों की सुरक्षा तकनीक बना रहे... अरेरा कॉलोनी स्थित सीएसआईआर-एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमप्री) देश की उन चुनिंदा राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में है, जहां उद्योग, ऊर्जा, रेलवे, रक्षा और निर्माण क्षेत्र के लिए नई सामग्री और तकनीक विकसित की जाती हैं। संस्थान की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक है एल्युमिनियम उद्योग के कचरे ‘रेड मड’ से विकसित रेडिएशन-शील्डिंग सामग्री। यह सामान्य कंक्रीट की तुलना में गामा किरणों को 11% अधिक रोकने में सक्षम है। उपयोग परमाणु बिजलीघरों के साथ एक्स-रे रूम, रेडियोथेरेपी इकाइयों व अन्य रेडिएशन वाले क्षेत्रों में किया जा सकता है। इस तकनीक को अमेरिकी पेटेंट भी मिल चुका है। एमप्री ने बांस से ऐसी इंजीनियर्ड लकड़ी भी विकसित की है, जो सागौन जैसी मजबूत है। एमप्री 2023 और 2024 के दौरान रेडिएशन व शील्डिंग सामग्री, बांस कंपोजिट, बायो-बाइंडरसहित 9 तकनीकों का उद्योगों को ट्रांसफर भी कर चुका है। 4. डिजिटल शक्ति :देश का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर भी यहीं बन रहा... भोपाल के आईटी पार्क में नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) का नेशनल डेटा सेंटर बनाया जा रहा है। यह परियोजना 1,500 रैक क्षमता के साथ चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी। दिल्ली के नेशनल डेटा सेंटर की क्षमता 462 रैक, भुवनेश्वर की 271 रैक, पुणे की 171 रैक और हैदराबाद की 154 रैक है। यानी योजना पूरी होने पर भोपाल का डेटा सेंटर क्षमता के लिहाज से अब तक के सभी मौजूदा डेटा सेंटर से बड़ा होगा। यहीं से ई-ऑफिस, ई-कोर्ट्स, राष्ट्रीय क्लाउड, सरकारी वेबसाइट, डिजिटल रिकॉर्ड और हजारों ई-गवर्नेंस सेवाओं के लिए आधारभूत डिजिटल ढांचा तैयार होगा। आज एनआईसी के डेटा सेंटरों पर 10,000 सरकारी एप, 5,000 सर्वर, करीब 100 पेटाबाइट डेटा संचालित हो रहा है। परियोजना के लिए आईटी पार्क में 5 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है और इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ये भी हमारा गौरव आईआईएफएम भोपाल देश का सबसे बड़ा संस्थान, जो पर्यावरण-बिजनेस साथ पढ़ाता है... 1982 में स्थापित आईआईएफएम भोपाल (भारतीय वन प्रबंधन संस्थान) देश का सबसे बड़ा संस्थान है जो पर्यावरण-बिजनेस साथ पढ़ाता है। जब दुनिया में ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन-प्रणाली) और ‘ग्रीन जॉब्स’ जैसे शब्द भी नहीं थे, उससे दो दशक पहले से यह संस्थान वन प्रबंधन को आर्थिक और सामाजिक संतुलन से जोड़ रहा था। जिस भाषा को दुनिया ने बाद में ‘सस्टेनेबिलिटी’ का नाम दिया, भोपाल का यह संस्थान उसे बरसों पहले से जमीन पर उतार रहा था। एसपीए, भोपाल दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में 100 साल पुरानी इमारतों को सहेजेगा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) को केंद्र सरकार राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित कर चुकी है। यानी इसकी डिग्री आईआईटी व आईआईएम के बराबर होती है। देश में सिर्फ 3 एसपीए हैं- भोपाल, दिल्ली और विजयवाड़ा। दिल्ली के ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ में 100 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारतों (नॉर्थ व साउथ ब्लॉक) के हेरिटेज लुक और मूल मजबूती को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, उन्हें विश्वस्तरीय राष्ट्रीय संग्रहालयों में बदलने का काम एसपीए भोपाल करेगा। (कल पार्ट 8 में पढ़िए नई कहानी)

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 8:30 am

Ghazipur News: ट्रायल में 10 महिला हॉकी खिलाड़ियों का चयन

10 female hockey players selected in the trial.

अमर उजाला 13 Aug 2026 1:45 am

पीआर श्रीजेश ने विश्व कप को लेकर टीम को दी सलाह, बताया क्या होना चाहिए टारगेट

पीआर श्रीजेश ने खिलाड़ियों को हॉकी विश्व कप के दौरान शांत रहने, भूमिका पर ध्यान देने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने की सलाह दी है। उनको उम्मीद है कि टीम कम से कम से टॉप-4 में आएगी।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 11:06 pm

जूनियर विमेन नेशनल: राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड ने दर्ज की जीत

पुणे, 12 अगस्त . 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर विमेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत Wednesday से हुई. पुणे के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में प्रतियोगिता के पहले दिन Rajasthan , जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की टीमों ने अपने-अपने ग्रुप (डिविजन बी और सी) में जीत के साथ शानदार शुरुआत की. हॉकी Maharashtra की तरफ से आयोजित ... Read more

डेली किरण 12 Aug 2026 10:02 pm

भारतीय हॉकी टीम में टॉप फोर में जगह बनाने की काबिलियत, इससे कुछ भी बेहतर बोनस होगा: पीआर श्रीजेश

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज वेल्स के खिलाफ शनिवार को करेगी। भारत के पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश का मानना है कि भारत के पास टॉप 4 में जगह बनाने की काबिलियत है।

समाचार नामा 12 Aug 2026 7:58 pm

IND vs PAK: इस दिन आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान, जानें कहां देख पाएंगे हॉकी का ये मुकाबला

पुरुष और महिला FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी खेला जाएगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जाएगा। वहीं इस वर्ल्ड कप में फैंस की नजरें भारत-पाकिस्‍तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी है। दोनों देशों के बीच में हॉकी में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत और पाकिस्तान की टीम को एक ही ग्रुप में रखा गया है। फैंस इस मुकबाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी वर्ल्ड कप में कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला।16 टीमें लेंगी हिस्सापुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनके नाम A, B, C और D होंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे फेज में चार नए ग्रुप E, F, G और H बनाए जाएंगे। इस चरण में हर ग्रुप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं इस बार का बदले हुए फॉर्मेट में खेला जाएगा। खास बात ये है कि इस बार टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबलाभारतीय टीम को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। भारत का पहला मुकबाला 15 अगस्त को वेल्स से भारतीय समयानुसार दोपहर 16:30 IST से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला इंग्लैंड से शाम 18:30 IST बजे 17 अगस्त को होगा। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (18:30 IST) से होगा। दोनों टीमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ेंगी।कब खेला जाएगा बाकी मुकाबलाFIH हॉकी वर्ल्ड कप का दूसरा फेज 21 से 24 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पहले चरण में टीमों की रैंकिंग के आधार पर उन्हें चार नए ग्रुप में रखा जाएगा। वहीं टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी फेज 27 से 28 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पूल E, F, G और H के नतीजों के आधार पर टीमों की 5वीं से 16वीं तक की रैंकिंग तय होगी और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला भी होगा। पुरुष वर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।कहां पर देख पाएंगे मुकाबलाभारत में हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप के जरिए सभी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।फेज 1 में इंडिया के मैचइंडिया बनाम वेल्स, 16:30 IST (15 अगस्त)इंडिया बनाम इंग्लैंड, 18:30 IST (17 अगस्त)इंडिया बनाम पाकिस्तान, 18:30 IST (19 अगस्त)हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की पुरुष टीमगोलकीपर: मोहित HS, सूरज करकेराडिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (c), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाचमिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, विवेक सागर प्रसादफॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेकCristiano Ronaldo: कभी सेल्सगर्ल का करती थीं काम...आज हजारों करोड़ की मालकिन, कौन है क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जीना रोड्रिगेज?

ज़ी न्यूज़ 12 Aug 2026 6:26 pm

Women’s Hockey World Cup के लिए तैयार Young Brigade: Ishika और Sakshi का संघर्ष और बड़े सपने

पहली बार हॉकी स्टिक थामी थी तो देश के लिये विश्व कप खेलने का सपना देखा था और अब उसे पूरा होते देखने को बेताब भारतीय महिला हॉकी की युवा ब्रिगेड ‘नर्वस’ भी है तो रोमांचित भी।पहली बार विश्व कप खेलने जा रही इशिका, लालथांटलुआंगी, साक्षी राणा, शिल्पी डबास और सुनेलिटा टोप्पो जैसी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ियों के शानदार सफर के पीछे कई चुनौतियां और कुर्बानियां रही हैं।इशिका ने से कहा ,‘‘ विश्व कप में खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। सचमुच लग रहा है कि सपना सच होने जा रहा है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ बचपन से मेरे पिता ही मेरे कोच थे। मुझे परिवार से हमेशा सहयोग मिला लेकिन सबसे बड़ी चुनौती मानसिक रूप से मजबूत होने की थी। चोटों और कठिन दौर ने मेरा आत्मविश्वास पुख्ता किया और मुझे दृढता और आशावादिता का पाठ पढाया।’’21 वर्ष की इस खिलाड़ी की ख्वाहिश अब उस भरोसे पर खरे उतरकर मैदान पर गोल करने के मौके बनाने की है।वहीं 21 वर्ष की ही डिफेंडर लालथांटलुआंगी के लिये भारतीय विश्व कप टीम में पदार्पण का पल काफी जज्बाती रहा है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि कैसा महसूस कर रही हूं। यह मौका मेरा ही नहीं , मेरे पूरे परिवार का है। लेकिन असल काम अब शुरू होता है और मैं देश के लिये शत प्रतिशत देना चाहती हूं।’’स्कूल और हॉकी अभ्यास के बीच भाग दौड़ करने वाली इस खिलाड़ी ने जीवन में संतुलन बनाना काफी जल्दी सीख लिया था।अपने सीनियर्स की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे सीनियर शानदार है। उन्होंने मुझे दबाव का सामना करना सिखाया और रोज मैदान के भीतर और बाहर नयी सीख देते हैं।’’19 वर्ष की मिडफील्डर साक्षी ने कहा ,‘‘ मैं रोमांचित भी हूं और नर्वस भी क्योंकि यह मेरा पहला विश्व कप है। लेकिन मुझे लगता है कि नर्वस होना अच्छा है। मैं इस पल का पूरा मजा लेकर मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं।’’उनका लक्ष्य डिफेंस और फॉरवर्ड के बीच बेहतरीन सेतु का काम करने का है।डबास का सफर इसलिये भी खास रहा है क्योंकि उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।उन्होंने कहा,‘‘ मुझे बहुत बड़ा प्लेटफार्म मिला है। खुश भी हूं और नर्वस भी हूं।’’ अब तक के सफर के बारे में पूछने पर इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ सबसे बड़ा चैलेंज यही रहा था कि अभी तक शिविर में ही नहीं बुलाया गया था। हॉकी इंडिया लीग के दूसरे सत्र के बाद शिविर में चुना गया। आने वाले खिलाड़ियों को यही सलाह दूंगी कि हार मत मानो, मेहनत करते रहो , कभी तो मौका जरूर मिलेगा।’’विश्व कप की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे सीनियर्स और कोचों ने सलाह दी कि अपना स्वाभाविक खेल खेलो , हम मदद के लिये हमेशा हैं। वे अपना अनुभव साझा करते हैं और अच्छे प्रदर्शन के लिये पुश करते हैं।’’ छठी कक्षा से हॉकी खेल रही डबास को यह खेल विरासत में मिला है क्योंकि उनके मां , पिता , भाई सभी हॉकी खेलते थे।’’उन्नीस साल की टोप्पो ने कहा ,‘‘ मेरी ताकत स्पीड है और इसे टीम के फायदे के लिये इस्तेमाल करना है। मैं विंग खेलती हूं तो जितना जल्दी हो सके स्ट्राइकर को गेंद दूंगी ताकि वह गोल कर सके।मैने जो ट्रेनिंग की है, उसका पूरा उपयोग कर सकूं यही लक्ष्य है।’’उन्होंने अपनी तरह की उदीयमान खिलाड़ियों से कहा ,‘‘जीवन में बहुत चुनौतियां आयेंगी, हॉकी छोड़ने का भी मन करेगा लेकिन अपने पर भरोसा रखकर मेहनत करते रहो , मेहनत रंग जरूर लायेगी।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 6:03 pm

बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहे व्यक्ति पर हमला:गोरखपुर में पैसे के लेन-देन का विवाद, हॉकी से पीटने का आरोप

गोरखपुर में रुपए के लेन-देन में मारपीट का एक मामला सामने आया है। पीड़ित नंदलाल जायसवाल ने आरोप लगाते हुए बताया कि सुबह 8 : 30 के करीब अपने बेटे को स्कूल छोड़ कर लौट रहे थे। तभी घर से कुछ दूर पहले ही 5 से 6 लोगों ने उनपर हमला कर दिया। हॉकी डंडे और रॉड से बुरी तरह पीटा और भाग गए। इस हमले में उन्हें सिर, हाथ-पैर और अन्य जगहों पर गंभीर चोटें लगी। सूचना पर पहुंची रामगढ़ ताल थाने की पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। जानिए पूरा मामला… रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र के तारामंडल के रहने वाले कोयला व्यापारी नंदलाल जायसवाल ने बताया कि करीब 3 साल पहले उन्होंने एक व्यक्ति से रुपए उधार लिए थे। जिसमें से कुछ पैसे चुका भी दिए थे। बाकी पर हर महीने ब्याज दिया करते थे। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीने से वे ब्याज भी नहीं चुका पा रहे थे। हालांकि उसके लिए उन्होंने कुछ समय मांगा था, लेकिन आरोप है कि पैसे न चुका पाने के कारण व्यक्ति की ओर से लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही थी। जिसको लेकर कई बार थाने में शिकायत भी की गई लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। बुधवार की सुबह करीब 8: 30 बजे जब वे बेटे को स्कूल से छोड़कर लौट रहे थे। तभी घर से करिब 600 मीटर दूर 5 से 6 लोगों ने उनपर हमला कर दिया। जिसमें आरोपी व्यक्ति और उसके रिश्तेदार सहित कुछ अज्ञात शामिल थे। हॉकी, डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटने के बाद आरोपी फरार हो गए। घटना की जानकारी किसी ने पीड़ित के पत्नी को दी। पत्नी अंजलि ने बताया कि करीब आधे घंटे बाद वो अपने पति के पास पहुंची तो देखा कि उसके पति जमीन पर खून से लतफत पड़ें हुए हैं। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके से पहुंची रामगढ़ ताल थाने की पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज किया गया। इस मामले में पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 5:38 pm

Kaushambi News: टेनिस और हॉकी के ट्रायल 14 अगस्त से

कौशाम्बी और प्रयागराज में होंगे ट्रायल, चयनित खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम

अमर उजाला 12 Aug 2026 1:40 am

भोपाल की झीलों में देशभर के सेलर्स का ‘महामुकाबला:12 राज्यों के करीब 100 खिलाड़ी उतरे; 16 अगस्त तक चलेगी चैंपियनशिप

भोपाल का बड़ा तालाब अब सिर्फ पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि देश के नए वाटर स्पोर्ट्स चैंपियन तैयार करने की जमीन बन रहा है। अपर लेक स्थित बोट क्लब में मंगलवार से राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) 2026 शुरू हुई। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। 11 से 16 अगस्त तक चलने वाली इस राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में 12 राज्यों के करीब 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलर्स हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय होगी। यह रैंकिंग आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। 6 दिन तक चलने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों की रफ्तार, संतुलन, तकनीकी कौशल और रणनीति की परीक्षा होगी। YAI के 12 ज्यूरी मेंबर्स संभाल रहे तकनीकी जिम्मेदारी प्रतियोगिता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित करने के लिए याचिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YAI) का तकनीकी मार्गदर्शन मिल रहा है। YAI के 12 ज्यूरी मेंबर्स और पदाधिकारी भोपाल पहुंच चुके हैं। प्रतियोगिता के संचालन, तकनीकी व्यवस्थाओं और निर्णयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश याटिंग एसोसिएशन प्रतियोगिता के संचालन में समन्वय कर रहा है। इससे प्रदेश के स्थानीय खिलाड़ियों को देश के अनुभवी सेलर्स के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। बड़े तालाब की परिस्थितियां सेलिंग के लिए अनुकूल मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्य प्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी वर्ष 2007 से खिलाड़ियों को तैयार कर रही है। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीते हैं तथा 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते थे। विदेशी विशेषज्ञों से प्रशिक्षण, तैयार हो रहे इंटरनेशनल खिलाड़ी वाटर स्पोर्ट्स में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए विभाग विदेशी प्रशिक्षकों की सेवाएं भी ले रहा है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, रणनीति और प्रतियोगिता के दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता पर काम किया जा रहा है। सारंग ने कहा कि भोपाल में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ा एक्सपोजर हैं। यहां स्थानीय प्रतिभाओं को देश के शीर्ष सेलर्स के साथ प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। भोपाल में 1000 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर मंत्री ने कहा कि भोपाल में करीब 1000 करोड़ रुपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण का लोकार्पण जल्द होगा। नवंबर में इसी परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी भी भोपाल करेगा। 16 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे समापन राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा। विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 5:57 pm

लिवरपूल क्लब में हिस्सेदारी खरीद रहे लक्ष्मी मित्तल के दामाद:अमित भाटिया ने जेफ बेजोस के साथ मिलकर 17 हजार करोड़ की बोली लगाई

ब्रिटिश-भारतीय बिजनेसमैन अमित भाटिया इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल की टीम लिवरपूल में हिस्सेदारी खरीद रहे हैं। उन्होंने अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस के साथ मिलकर 30% हिस्सेदारी के लिए 17 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाई है। अभी लिवरपूल का मालिकाना हक फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप (FSG) के पास है। FSG के पास लिवरपूल की 97% हिस्सेदारी है। 3% हिस्सेदारी डायनेस्टी ग्रुप के पास है। डील फाइनल होने के बाद FSG के पास 67% हिस्सेदारी बचेगी। भाटिया और बेजोस के पास 30% हिस्सा आ जाएगा। डायनेस्टी ग्रुप के पास पहले की तरहल 3% हिस्सेदारी रहेगी। अमित भाटिया कौन हैं?46 साल के अमित भाटिया, भारतीय स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल के दामाद हैं। 2004 में लक्ष्मी मित्तल की बेटी वनिषा से उनकी शादी हुई थी। भाटिया इनवेस्टमेंट बैंकिंग बैकग्राउंड से आते हैं। अमित भाटिया पहले भी फुटबॉल से जुड़े रहेभाटिया 2007 में फुटबॉल क्लब से जुड़े। तब मित्तल फैमिली ने लंदन के क्लब QPR (क्वींस पार्क रेंजर्स) में 20% हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके वाइस चेयरमैन अमित भाटिया बने। फिर 2018 से 2023 तक वे QPR के चेयरमैन भी रहे। लिवरपूल डील पर फोकस करने के लिए उन्होंने 2026 में 19 साल बाद QPR डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपनी हिस्सेदारी मौजूदा मालिक रुबेन ग्नानालिंगम को ट्रांसफर कर दी। कंसोर्टियम में कौन-कौन शामिलजेफ बेजोस- अमेजन के फाउंडर, फोर्ब्स के मुताबिक करीब 245-281 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स (एलन मस्क और लैरी पेज के बाद)एडुआर्डो सेवरिन- फेसबुक के सह-संस्थापकलक्ष्मी मित्तल- भाटिया के ससुर, अनुमानित नेटवर्थ 23.2 अरब पाउंड, डील को फाइनेंशियल बैकिंग दे रहे हैं। लिवरपुल की वैल्यूएशन 16 साल में 15 गुना बढ़ी फुटबॉल क्लब्स की वैल्यू लगातार बढ़ रहीपिछले कुछ सालों में प्रीमियर लीग क्लब्स की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ी है। 2022 में चेल्सी 4.25 अरब पाउंड यानी करीब ₹54,949 करोड़ में बिका था। 2024 में जिम रैटक्लिफ ने मैनचेस्टर यूनाइटेड में 25% हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसमें क्लब की वैल्यू 4.3 अरब पाउंड यानी करीब ₹55,393 करोड़ आंकी गई थी। 2023 में ही डायनेस्टी इक्विटी ने लिवरपूल में एक छोटी हिस्सेदारी खरीदी थी, तब क्लब की वैल्यू 3.3 अरब पाउंड यानी करीब ₹42,511 करोड़ बताई गई। ---------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 3:57 pm

हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत

मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। भारत को पूल-D में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान से मुकाबला होगा। 16 टीमें 4 ग्रुप में बंटी वर्ल्ड कप में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन्हें चार पूल में बांटा गया है और हर पूल में चार-चार टीमें हैं। दूसरे स्टेज में 8 टीमें जाएंगी टूर्नामेंट के फॉर्मेट में सबसे बड़ा बदलाव क्वार्टर फाइनल को हटाना है। शुरुआती चारों पूल से टॉप-2 टीमें अगले ग्रुप स्टेज में जाएंगी। यानी कुल 8 टीमें दूसरे चरण में पहुंचेंगी। दूसरे चरण में इन टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। इसके बाद दोनों ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इस तरह सीधे दूसरे ग्रुप स्टेज से सेमीफाइनल का रास्ता खुलेगा। भारत के लिए शुरुआती मैच बेहद अहम नए फॉर्मेट में ग्रुप स्टेज का महत्व बढ़ गया है। भारत को अपने पूल में इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दूसरे चरण में पहुंचने के बाद शुरुआती ग्रुप के आपसी मुकाबलों का असर भी आगे पड़ेगा। भारतीय टीम के कोच क्रेग फुल्टन ने भी शुरुआती पूल मैचों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक, टॉप-2 में पहुंचना जरूरी है और आगे जाने वाली टीमों के बीच हुए मैच का नतीजा अगले चरण में भी अहम भूमिका निभाएगा। 15 अगस्त से शुरू, 30 को फाइनल वर्ल्ड कप 15 अगस्त से शुरू होगा और फाइनल 30 अगस्त को खेला जाएगा। सेमीफाइनल 28 और 29 अगस्त को होंगे। ब्रॉन्ज मेडल मैच 30 अगस्त को शाम 5:30 बजे और फाइनल रात 8 बजे खेला जाएगा। 1975 में हॉकी वर्ल्ड कप जीता भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 1971 में शुरू हुए पहले हॉकी वर्ल्ड कप से ही इस टूर्नामेंट में खेलना शुरू कर दिया था। टीम ने अब तक 15 बार टूर्नामेंट में भाग लिया और केवल एक बार वर्ल्ड कप जीता है। भारत ने 1975 में कुआलालंपुर, मलेशिया में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था। महिला वर्ल्ड कप भी इसी दौरान महिला हॉकी वर्ल्ड कप भी 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। इसमें भी 16 टीमें और चार पूल होंगे। भारतीय महिला टीम को पूल-D में चीन, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारत महिला टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी। इसके बाद 18 अगस्त को साउथ अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। महिला वर्ल्ड कप का फाइनल 29 अगस्त को शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक नहीं जीत सकी भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक कुल 9 बार (2026 वर्ल्ड कप सहित) वर्ल्ड कप में भाग लिया है। महिला टीम ने 1974 में अपने पहले वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था, लेकिन अब तक वे एक भी बार खिताब नहीं जीत सकी हैं। -------------------------हॉकी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जर्सी विवाद; अब हॉकी इंडिया अध्यक्ष बोले-बिना बताए कलर बदला, दो दिन पहले कहा था- मैदान और जर्सी के नीले रंग से खिलाड़ियों को परेशानी भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीला से नारंगी किए जाने पर विवाद गहरा गया है। अब हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने जर्सी का रंग बदलने पर फेडरेशन के अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 3:04 pm

Harmanpreet Singh विश्व कप में भारत के ट्रंपकार्ड होंगे, पूर्व दिग्गज Jugraj Singh का बयान

(मोना पार्थसारथी)नयी दिल्ली, 11 अगस्त भारत के महानतम ड्रैग फ्लिकरों में शुमार जुगराज सिंह के सुनहरे सफर पर 2003 में एक कार दुर्घटना ने विराम लगा दिया था लेकिन उन्हें हरमनप्रीत सिंह में अपना अक्स नजर आता है और उनका मानना है कि भारतीय कप्तान इस सप्ताह शुरू हो रहे विश्व कप में टीम के ‘ट्रंपकार्ड’ साबित होंगे। जुगराज ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ इस समय विश्व के शीर्ष तीन ड्रैग फ्लिकर में से एक हरमनप्रीत हैं। वह तोक्यो ओलंपिक के समय से ही शानदार खेल रहा है। टीम की जरूरत के समय लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी ही ‘ट्रंपकार्ड’ होता है और मुझे लगता है कि वह हरमनप्रीत होगा। उसकी फिटनेस भी अच्छी है।’’होबर्ट में 2001 जूनियर विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के नायक रहे जुगराज उस दौर में पाकिस्तान के सोहेल अब्बास और जर्मनी के फ्लोरियन कुंज की टक्कर के ड्रैग फ्लिकर माने जाते थे। लेकिन जालंधर के पास 2003 में हुई कार दुर्घटना ने उनके सफर पर विराम लगा दिया था। हरमनप्रीत की ही तरह सुरजीत हॉकी अकादमी से ही निकले जुगराज ने कहा ,‘‘उसका स्टाइल हूबहू मेरे जैसा है। उसका खेलने का तरीका और आक्रामकता मुझे अपनी याद दिलाता है। उसमे मुझे अपना अक्स नजर आता है। मैं बोलता भी हूं कि खेल तू रहा होता है और मुझे लगता है कि मैं मैदान पर हूं।’’उन्होंने बताया कि हर टूर्नामेंट या शिविर के बाद हरमनप्रीत से उनकी बात या मुलाकात होती है और वे उसके खेल को बारीकी से देखकर सलाह भी देते हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ हम बाहर से बैठकर उसकी बहुत सारी चीजें नोट कर सकते हैं और उसे मार्गदर्शन दे सकते हैं। निश्चित तौर पर कोचिंग स्टाफ भी यह कर रहा होगा लेकिन मैने हरमन के साथ काफी लंबा समय काम किया है।’’गुरदासपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात 43 वर्ष के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा ,‘‘जब हम टीवी पर स्लो मोशन में देखते हैं तो रशर और गोलकीपर की मूवमेंट नजर आ जाती है। अगर ये सारी चीजें खिलाड़ी के साथ साझा करते हैं तो उसे फायदा मिलता है। वह हमेशा कहता भी है जो भी आपको कमी नजर आती है , मुझे बताया करो।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह भी उसकी खासियत है कि वह हमेशा सीखने को लालायित रहता है और मार्गदर्शन लेना चाहता है। ओलंपिक के दो पदक, उसकी कप्तानी में एक पदक जीतने के बाद भी उसके पैर जमीन पर हैं। उसके पास जो कौशल है, ऐसा खिलाड़ी बरसों में एक बार आता है।’जुगराज ने यह भी कहा कि सिर्फ ड्रैग फ्लिकर होना काफी नहीं है बल्कि आज की हॉकी में लगातार कुछ नया करते रहना और मैदान पर समग्र प्रदर्शन मायने रखता है। उन्होंने कहा ,‘‘आज की हॉकी में सिर्फ एक ड्रैग फ्लिकर होना अहम नहीं है। आपका कौशल, गोल करने में आप कितनी सहायता कर पा रहे हैं और बाकी खिलाड़ियों से तालमेल कैसा है , यह अहम है। हॉकी टीम का खेल है तो साथी खिलाड़ी भी उसका पूरा साथ देते हैं। टीम की बांडिंग इस बार जबर्दस्त दिख रही है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हॉकी में आधुनिक तकनीक इतनी आ गई है कि मार्गदर्शन बहुत जरूरी है। हर टीम का ध्यान हरमन पर रहेगा और उसके खेल का पूरा वीडियो विश्लेषण किया होगा। ऐसे में उसे कुछ नया करना होगा ताकि विरोधी टीमों को हैरान कर सके।’’यह पूछने पर कि विश्व कप के लिये क्या टिप्स दिये हैं, जुगराज ने कहा कि पुशर, स्टॉपर और फ्लिकर के तालमेल से ही गोल बनता है और इसी पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं तो हमेशा टिप्स देता रहता हूं। फ्लिकर के लिये बॉल पुशर सबसे अहम है। उसने अच्छा गेंद डाल दिया और स्टॉपर ने सही परफॉर्म कर दिया तो गोल को कोई नहीं रोक सकता। तीनों का अच्छा प्लान होना चाहिये। इसके अलावा दूसरे फ्लिकर्स की भी भूमिका अहम होगी क्योंकि सरप्राइज एलिमेंट भी जरूरी है।’’जुगराज को यकीन है कि यह टीम 51 साल बाद विश्व कप में पोडियम पर रहने में सक्षम है। उन्होंने कहा ,‘‘मेरी हरमन से यही बात हुई थी कि तुमने हमें ओलंपिक का पदक दिला दिया, राष्ट्रमंडल, एशियाड , एशिया कप सारे पदक हैं। सिर्फ विश्व कप का पदक नहीं है और हम यही उम्मीद करते हैं कि इस बार यह कमी पूरी हो जायेगी। इस टीम की तैयारी अच्छी है और बांडिंग दिख रही है लिहाजा यह टीम पूरी तरह से सक्षम है कि 50 साल का इंतजार खत्म कर दे।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 1:24 pm

Sports: खेल मैदान से कमाई करेगा बीएचयू, एक हजार से 7000 रुपये किराया तय; व्यावसायिक के लिए देने होंगे 50 हजार

एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर एक हॉकी मैच का 2000 रुपये और हर दिन का रेट 7000 रुपये रखा है जबकि 15000 रुपये में व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है।

अमर उजाला 11 Aug 2026 11:54 am

बठिंडा की सुखवीर का जूनियर महिला हॉकी एशिया कप के लिए भारतीय टीम में हुआ चयन

बठिंडा के लिए सोमवार को बड़ी खुशखबर आई। पीआईएस बठिंडा हॉकी एकेडमी की होनहार खिलाड़ी सुखवीर कौर का चयन चीन के मोकी में होने वाली जूनियर हॉकी महिला एशिया कप-2026 के लिए हुआ है। वह भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का हिस्सा होगी और टीम में बतौर फॉरवर्ड भूमिका निभाएगी। हॉकी इंडिया की ओर से भारतीय टीम की घोषणा होते ही यहां हॉकी एकेडमी में खिलाड़ियों ने जमकर जश्न मनाया। कोच राजवंत सिंह ने बताया कि सुखवीर ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अब वह अंतरराष्ट्रीय मैदान में भारत के लिए खेलेगी। जूनियर महिला एशिया कप का आयोजन 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चीन के मोकी में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में एशिया की मजबूत जूनियर टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम की कमान खैदेम शिलेम चानू को सौंपी गई है, जबकि सुखवीर कौर फॉरवर्ड लाइन में अपना दमखम दिखाएगी। पूल डी में भारतीय महिला हॉकी टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद 18 अगस्त को भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से तथा 20 अगस्त को इंग्लैंड से होगा।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 5:32 am

Sonipat News: एशिया कप जूनियर हॉकी भारतीय टीम में सोनीपत के चार हॉकी खिलाड़ी चयनित

Four hockey players from Sonipat selected for the Indian team for the Junior Asia Cup hockey tournament.

अमर उजाला 11 Aug 2026 2:25 am

Sirsa News: राष्ट्रीय हॉकी में पुनीता ने चमकाया बालासर का नाम

गांव बालासर की होनहार हॉकी खिलाड़ी पुनीता पुत्री शीशपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

अमर उजाला 11 Aug 2026 1:44 am

छत्तीसगढ़ में पहली बार होगी हॉकी लीग:रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में सितंबर के दूसरे सप्ताह में आयोजन, ऑक्शन से चुनेंगे 6 टीमों के खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को बड़ा मंच देने के लिए प्रदेश में पहली बार छत्तीसगढ़ हॉकी लीग आयोजित की जाएगी। यह लीग सितंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है। प्रदेशभर से उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चयन कर छह टीमें बनाई जाएंगी। खेल विभाग जल्द ही आयोजन की तारीख और टीमों के नाम घोषित करेगा। लीग के सभी मुकाबले रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में फ्लड लाइट में खेले जाएंगे। संभावित तारीख 10 से 12 सितंबर के बीच है। लीग में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़-जशपुर का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें होंगी। खिलाड़ियों का चयन आईपीएल की तर्ज पर ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। डिप्टी सीएम एवं खेल और युवा कल्याण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर खेल विभाग के अधिकारी और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के पदाधिकारी आयोजन का खाका तैयार कर रहे हैं। खिलाड़ियों के चयन के लिए सभी जिलों से प्रतिभावान खिलाड़ियों की जानकारी मंगाई जा रही है। प्रत्येक टीम में 18 खिलाड़ी होंगे, जिनमें 14 से 15 खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के होंगे। जूनियर वर्ग में खेल रहे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी लीग में अवसर दिया जाएगा। टूर्नामेंट में खेलने वाले खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के आधार पर निश्चित मैच फीस दी जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट जैसा अनुभव देने के लिए अभ्यास और मैच की अलग-अलग जर्सी के साथ दो बेहतर किट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए टीमों के नाम और आयोजन की तारीख जल्द घोषित करेंगे। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के सभी संभागों के उत्कृष्ट और प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इस टूर्नामेंट पर हॉकी इंडिया की भी नजर होगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह लीग छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच बनेगी। -अरुण साव, डिप्टी सीएम एवं खेल और युवा कल्याण मंत्री आईपीएल की तर्ज पर हर टीम में तीन से चार मेहमान खिलाड़ी होंगे प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव और एक्सपोजर देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके खिलाड़ियों से भी संपर्क किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रत्येक टीम में तीन से चार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया जाए। जिस तरह क्रिकेट में आईपीएल में दूसरे देशों के खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है, उसी तरह हॉकी लीग में बड़े खिलाड़ियों को शामिल करने का नियम बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से चर्चा चल रही है। उनके लीग में शामिल होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा और खेल की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 5:30 am

Basti News: स्टेडियम में टेनिस और हॉकी का ट्रायल आज

Tennis and hockey trials at the stadium today

अमर उजाला 10 Aug 2026 1:16 am

हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना गलत

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर विवाद गलत नहीं। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि टीम की पहचान और खेल परंपरा से जुड़ी गंभीर चिंताओं का संकेत है। जर्सी के रंग बदलने का विरोध वाजिब है और…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:54 pm

'भगवा' जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दो फाड़, तिर्की ने पूछे कड़े सवाल

हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.

आज तक 31 Jul 2026 2:26 pm

Kanwar Yatra 2026 Rules & Route Diversion: 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए UP-उत्तराखंड में कड़े नियम लागू

आगामी 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास की कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने जा रही है, जो 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। इस दौरान देश भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल या वाहनों के माध्यम से हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री धाम पहुंचकर पवित्र गंगाजल लाते हैं और अपने स्थानीय शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के सीमावर्ती जिलों की पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। तीर्थ मार्गों पर भारी-भरकम डीजे सेटअप, किसी भी तरह के हथियारों और मांसाहारी दुकानों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।यात्रा के दौरान क्या करें और क्या न करें?प्रशासन ने कांवड़ियों और शिविर आयोजकों की सुविधा व सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof) हमेशा साथ रखना अनिवार्य है। श्रद्धालुओं से केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित एवं सुरक्षित कांवड़ मार्ग का ही उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं, यात्रा के दौरान हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, लाठी-डंडे, तलवार या किसी भी प्रकार का हथियार ले जाना पूरी तरह वर्जित है। दोपहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज प्रेशर हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। मार्ग में लगे शिविर आयोजकों के लिए सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, ढाबों और होटलों में भोजन या पानी लेने से पहले तय रेट लिस्ट जरूर जांचने की सलाह दी गई है।डीजे और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर शहरों में तय नियमविभिन्न जिलों में कांवड़ और डीजे साउंड की सीमा तय कर दी गई है। बागपत पुलिस ने कांवड़ और डीजे सेटअप की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट तथा चौड़ाई 12 फीट तय की है। इसके साथ ही डीजे और साउंड सिस्टम का आवाज स्तर 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक में कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है और डीजे की आवाज तय मानकों के भीतर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास की सभी मीट-मांस की दुकानें यात्रा अवधि के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगी।मेरठ के NH-58 डायवर्जन से हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर भारी जामकांवड़ यात्रा के मद्देनजर 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच मेरठ के NH-58 पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके विकल्प के रूप में ट्रकों और भारी कॉमर्शियल वाहनों को हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के संकरे रास्ते से निकाला जा रहा है। इस नए डायवर्जन की वजह से हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति और भारी ट्रैफिक के कारण स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है।विभिन्न शहरों और हाईवे पर रूट डायवर्जन का पूरा प्लानमुजफ्फरनगर (NH-58): 29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि 4 अगस्त के बाद दोनों लेन केवल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।हरिद्वार: सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर की ओर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा।देहरादून-ऋषिकेश मार्ग: वाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू व लालजीवाला पार्किंग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।दिल्ली-एनसीआर सीमावर्ती जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस आपस में समन्वय बनाकर काम कर रही है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट देने के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं और अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की व्यवस्था की गई है।खान-पान की दुकानों और ढाबों के लिए सख्त गाइडलाइंसखाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने यात्रा मार्गों पर स्थित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स की सघन जांच शुरू कर दी है। अकेले हापुड़ जिले में लगभग 130 खान-पान प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। मुजफ्फरनगर में खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त अर्चना धीरन के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की छह टीमें बासी और मिलावटी खाने की जांच कर रही हैं। श्रद्धालुओं से ओवरचार्जिंग रोकने के लिए 21 आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम सरकारी स्तर पर तय किए गए हैं। सभी दुकानों पर प्रोपराइटर की जानकारी, लाइसेंस नंबर और फूड-सेफ्टी QR कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है। साथ ही खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों के लिए हैंड ग्लव्स पहनना अनिवार्य किया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Jul 2026 8:01 am

जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की

बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

प्रभासाक्षी 18 May 2024 4:50 pm