चेयरमैन रिंटू ने की छात्राओं की सराहना, बोले-सरकारी सुविधाओं से संवर रहा है छात्राओं का भविष्य
भास्कर न्यूज | अमृतसर शनिवार को जिले के स्कूल ऑफ एमिनेंस फॉर गर्ल्स, मॉल रोड में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में खेलों एवं परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली होनहार छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ सुहिंदर कौर, करमजीत सिंह रिंटू, गुरप्रीत कटारिया, राजेश कुमार शर्मा, राजेश खन्ना, कंवलजीत सिंह संधू, आशु विशाल, डॉली भाटिया और स्कूल एसएमसी सदस्य उपस्थित रहे। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि हरभजन सिंह कहा कि वे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और उन्हें मेहनत, आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प एवं समर्पण की भावना के साथ देश-विदेश में अपना नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही प्रगति संभव है तथा पंजाब में स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना के बाद शिक्षा के परिणाम पहले से कहीं अधिक बेहतर हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसे कोई भी आपसे छीन नहीं सकता। उन्होंने मॉल रोड स्कूल की प्रिंसिपल मनदीप कौर एवं समस्त स्टाफ की सराहना करते हुए स्कूल को हर क्षेत्र में और बेहतर बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल के स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया। इस मौके पर चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं और छात्राएं इन सुविधाओं का सही उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने व अपने परिवार के जीवन को बेहतर बना रही हैं तथा राज्य में शिक्षा क्रांति ला रही हैं। स्कूल की प्रिंसिपल मनदीप कौर ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया तथा स्कूल की उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक खिलाड़ी हरमनजीत कौर, राष्ट्रीय स्तर की जिम्नास्टिक खिलाड़ी हरकीरत कौर, इनायत, ज्योति कौर, पूनमप्रीत कौर सहित नेटबॉल, बॉक्सिंग, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, जूडो, बास्केटबॉल, जिम्नास्टिक, फेंसिंग, हॉकी की 24 जिला स्तरीय विजेता टीमों तथा कराटे, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकशी, गटका की 12 जोन स्तरीय टीमों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
युवक से मारपीट करने के 2 आरोपी गिरफ्तार:सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान, हथियार बरामद; अन्य की तलाश जारी
बारां शहर के अंबेडकर सर्किल पर एक युवक पर हुए हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए हैं। इस मामले में शामिल अन्य हमलावरों की तलाश जारी है। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि 23 नवंबर 2025 को शिवाजी नगर, बारां निवासी फरियादी कमल गहलोत ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान अपना बयान दर्ज कराया था। कमल ने बताया कि 22 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे वह अंबेडकर सर्किल स्थित हनुमान मंदिर के पास एक पान की दुकान पर खड़ा था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार पांच युवक लोहे के सरिये, स्टिक और धारदार हथियार लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने एकराय होकर कमल पर हमला कर दिया। जब कमल जान बचाकर भागने लगा, तो हमलावरों ने उसे पकड़ लिया और धारदार हथियार, स्टिक व लोहे के सरियों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हमलावर अपने चेहरे पर रुमाल बांधे हुए थे और मारपीट के बाद अपनी बाइकों से फरार हो गए। घायल अवस्था में कमल ने अपने बड़े भाई को सूचना दी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एएसपी राजेश चौधरी के सुपरविजन और डीएसपी हरिराम सोनी के निर्देशन में कोतवाली सीआई योगेश चौहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने मारपीट के आरोप में शाहाबाद दरवाजा निवासी भारत उर्फ बिट्टू प्रजापति (22) और शिवाजी कॉलोनी निवासी कुलदीप (19) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी और हॉकी स्टिक बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
खरगोन में 1 से 4 फरवरी तक अखिल भारतीय नवग्रह हॉकी ट्रॉफी स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। देवी अहिल्या उत्कृष्ट स्कूल मैदान पर होने वाली इस स्पर्धा में देश के 6 राज्यों की 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इसका उद्घाटन रविवार सुबह 11 बजे होगा। स्पर्धा अध्यक्ष मनोज रघुवंशी ने बताया कि प्रत्येक मुकाबला 60 मिनट का होगा, जिसमें 15-15 मिनट के चार हाफ खेले जाएंगे। स्पर्धा के प्रचार प्रभारी वीरेंद्र जोशी के अनुसार, उद्घाटन खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार और जिला हॉकी संघ अध्यक्ष विपिन गौर करेंगे। इस अखिल भारतीय नवग्रह हॉकी टूर्नामेंट में विभिन्न राज्यों से टीमें शामिल हो रही हैं। इनमें सोनीपत-11 (हरियाणा), केरल-11, ऑरेंज सिटी नागपुर, एसडी हॉकी एकेडमी हिसार (हरियाणा), गुजरात हॉकी एकेडमी (गुजरात), भीलवाड़ा हॉकी एकेडमी (राजस्थान), मिलक हॉकी रामपुर (उत्तर प्रदेश) और अमरावती-11 (महाराष्ट्र) प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, डीएचए खरगोन, डीएचए देवास, डीएचए उज्जैन, डीएचए नरसिंहपुर, ताहिर हॉकी सेंटर इंदौर और युवा हॉकी क्लब खरगोन की टीमें भी स्पर्धा में भाग लेंगी। मेजबान टीमें खरगोन पहुंच रही हैं।
अयोध्या में होटल निर्माण पर मारपीट, वीडियो वायरल:पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज किया, जांच जारी
जिले के रौनाही थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन होटल पर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो नामजद एक अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता विजय पटेल, शैलेंद्र वर्मा और राहुल वर्मा ने बताया कि वे ग्राम अरकुना पिलखांवा के निवासी हैं। उन्होंने अपनी गाटा संख्या 764 पर सहखातेदार के रूप में एक दीवार और सीमेंट के पिलर का निर्माण किया था। शिकायत के अनुसार, रामायना पैलेस के मालिक राकेश वर्मा, उनके साथी रवि और दस अज्ञात लोगों ने मिलकर उनकी दीवार और पिलर को तोड़ दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जबरन शिकायतकर्ताओं के खेत के सामने एक विद्युत ट्रांसफार्मर भी लगवा दिया। जब विजय पटेल ने इसका विरोध किया, तो राकेश वर्मा, रवि और दस अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उन्हें गाली दी और हमला कर दिया। विजय पटेल को बचाने पहुंचे लकी पटेल पर भी हमला किया गया। हमलावरों ने लोहे की रॉड, हॉकी और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे लकी पटेल का सिर फट गया और विजय पटेल को पेट, हाथ, पैर और पीठ में गंभीर चोटें आईं। थाना प्रभारी निरीक्षक लालचंद सरोज ने बताया कि तहरीर के आधार पर राकेश वर्मा पुत्र राम चंदर ,रवि और एक अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खेल दिवस . उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सम्मानित
भास्कर न्यूज |जालंधर पीसी एमएसडी कॉलेज फॉर विमेन ने कॉलेज के खेल मैदान में वार्षिक खेल दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हॉकी खिलाड़ी गुरजोत सिंह मौजूद थे। प्रोग्राम छात्रों और स्टाफ के बीच शारीरिक फिटनेस, टीम वर्क, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मौके छात्रों ने दौड़, रिले, लंबी कूद, शॉटपुट, खो-खो, रस्साकशी और विभिन्न मजेदार खेलों सहित कई तरह की ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों के लिए भी रस्साकशी और म्यूजिकल चेयर जैसे विशेष खेल आयोजित किए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके प्रबंधक समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद दादा, अध्यक्ष नरेश बुधिया, प्रिंसिपल डॉ. पूजा पराशर और बास्केटबॉल कोच अनूप कुमार ने चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास बढ़ाने और संतुलित, स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने में खेल के महत्व पर ज़ोर दिया।
झारखंड बालक व बालिका टीम सेमीफाइनल में पहुंची
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तहत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली हॉकी अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग प्रतियोगिता के पांचवें दिन मुकाबलों का आयोजन जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी, रेलवे एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम हटिया और खूंटी में किया गया। कड़े संघर्ष एवं जबरदस्त तालमेल के बल पर 4-4 राज्य एवं इकाइयों ने सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की। जिसमें बालिका वर्ग में एकतरफा मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने छत्तीसगढ़ को 11-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं मणिपुर की टीम ने पंजाब को शूटआउट में 3-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि उड़ीसा ने मिजोरम के खिलाफ शूटआउट में 5-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं उत्तर प्रदेश ने सीधे मुकाबले में हिमाचल प्रदेश को 3-1 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं बालक वर्ग में झारखंड ने मध्य प्रदेश को 5-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
हॉकी में पंजाब की टीम ने जीता कांस्य पदक
भास्कर न्यूज | जालंधर स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से राजस्थान के उदयपुर में आयोजित 69वें नेशनल स्कूल गेम्स हॉकी अंडर-19 प्रतियोगिता में पंजाब की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। प्रतियोगिता से लौटने पर पंजाब टीम के कोच व अंतरराष्ट्रीय अंपायर गुरिंदर सिंह संघा और टीम के तीन खिलाड़ी आकाशदीप सिंह, सूरज और सुमित राजा जो सभी ओलिंपियन मनप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मिट्ठापुर के स्टूडेंट हैं उनका स्कूल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल सीमा चोपड़ा व स्टाफ ने खिलाड़ियों और कोच को सम्मानित किया। प्रिंसिपल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और स्कूल भविष्य में भी खेल प्रतिभाओं को हर संभव सहयोग देता रहेगा। कोच संघा ने भी खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन की सराहना की। पंजाब टीम की इस सफलता पर स्कूल परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला। कोच गुरिंदर सिंह संघा व खिलाड़ियों के साथ प्रिंसिपल सीमा चोपड़ा व अन्य।
सॉफ्ट हॉकी नेशनल; उद्घाटनमैच में महाराष्ट्र ने दागे 9 गोल
एसएमएस स्टेडियम के एस्ट्रो टर्फ पर गुरुवार से 5वीं सॉफ्ट हॉकी नेशनल चैम्पियनशिप का आगाज हुआ। एकतरफा उद्घाटन मैच में महाराष्ट्र की टीम ने मध्य प्रदेश को 9-1 से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में पुड्डुचेरी ने हरियाणा को 7-0 से पराजित किया। मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के खेल राज्य मंत्री के. के. विश्नोई ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ. अशुतोष पंत भी उपस्थित थे। विश्नोई ने सॉफ्ट हॉकी खेलकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पुडुचेरी, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों की टीमों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
टीम इंडिया के फैंस के लिए आई बुरी खबर... दिग्गज कोच का अचानक निधन, सदमे में खेल जगत
Michael Nobbs Dies:भारतीय खेल जगत के लिए गुरुवार (29 जनवरी) को एक बुरी खबर आई. भारतीय हॉकी को नई दिशा देने वाले दिग्गज कोच माइकल नोब्स का 72 साल की निधन हो गया. वह 1979 से 1985 तक एक खिलाड़ी के रूप में सक्रिय थे और इसके बाद उन्होंने कोचिंग करियर में अपना नाम बनाया.
अलवर यूआईटी प्रशासन ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में कबाड़ से बड़े खिलाड़ियों के पुतले बनाए हैं। क्रिकेट, टेनिस, हॉकी और जैवलिन थ्रो के खिलाड़ी शामिल है। इससे पहले शहर के कंपनी बाग व नेहरू गार्डन में भी कई तरह की पुतले लग चुके हैं। कहीं योग क्रिया करते हुए हैं। कहीं रेगिस्तान के जहाज ऊंट का आकर्षक पुतला लगा है। लोहे की वेस्ट से तैयार किए पुतलेअलवर शहर में नगर निगम की ओर से अनूठी पहल है। से पुतले लोहे की वेस्ट से तैयार किए गए हैं। इन पुतलों को बाइक की चेन, जालियों वाले तार, पुराने लोहे के उपकरण और कबाड़ में जाने वाली अन्य वेस्ट सामग्री से बनाया गया है। नगर निगम की इस रचनात्मक सोच ने न सिर्फ स्टेडियम की शोभा बढ़ाई है, बल्कि स्वच्छता और पुनः उपयोग का संदेश भी दिया है। अलवर शहर के कई गार्डन में लगाए गए पुतलेइंदिरा गांधी स्टेडियम के अलावा कंपनी बाग, नेहरू गार्डन सहित शहर के कई उद्यानों में भी इसी तरह के खिलाड़ी पुतले लगाए गए हैं। खेलों से जुड़े इन पुतलों को देखकर स्थानीय लोग और खिलाड़ी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। स्टेडियम में तैनात सुरक्षा कर्मी गोपाल प्रसाद और वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों ने नगर निगम कीपहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की कलाकृतियां शहर में आने वाले बाहर के लोगों को आकर्षित करेंगी। इससे अलवर की एक सकारात्मक पहचान बनेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर निगम की यह पहल स्वच्छ भारत और सृजनात्मक सोच का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।
गुरुग्राम जिले में बजघेड़ा के एक व्यस्त इलाके में स्थित ‘टाइम फॉर वाइन’ शराब ठेके पर बुधवार रात ग्राहकों के साथ हिंसक झड़प हो गई। जिसमें लाठियां, डंडे और पिस्टल तक निकल आई। ठेके के कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच लंबी तकरार चली और हॉकी की स्टिक से मारपीट की गई। जानकारी के अनुसार छावला रोड स्थित इस शराब के ठेके पर रात को करीब 11:30 बजे नशे में धुत कस्टमर पहुंचे और शराब खरीदते वक्त कर्मचारियों से बहस करने लगे। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ऊंची आवाज में गंदी गंदी गालियां निकालने लगे तो एक कर्मचारी ने उसे बाहर जाने को बोल दिया। जिस पर वह हाथापाई पर उतर आया। उन्हें शीशे के दरवाजे से बाहर निकाल दिया। कार से निकाल कर लाया पिस्तोल इसी बीच एक युवक अपनी सफेद रंग की कार में गया और वहां से पिस्टल निकाल कर लाया। उसने अपनी पेंट में पीछे की तरफ पिस्टल टांग ली। जिससे दहशत फैल गई। ठेके के कारिंदों ने भी देख लिया कि वह कुछ हथियार निकाल कर लाया। यह लाइसेंसी पिस्टल था या अवैध, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। फायर नहीं होने से बचाव पिस्टल का पता लगने के बाद भी ठेके के कर्मचारियों ने बचाव में हॉकी स्टिक और अन्य डंडों से ग्राहकों पर हमला जारी रखा। कई वार करने के बाद उन्होंने झगड़ा करने वाले ग्राहकों को दुकान से बाहर धकेल दिया। बाहर निकलने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और नोंकझोंक जारी रही। हालांकि इस दौरान फायर नहीं किया गया। जिससे एक बड़ी घटना होने से टल गई। कार में बैठे कस्टमर ने बनाई वीडियो यह पूरा वाकया ठेके के ठीक बाहर खड़ी एक कार में बैठे कुछ युवकों ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे नशेड़ी ग्राहक पिस्टल लहराता है और कर्मचारी हॉकी स्टिक से उसे पीटते हुए बाहर फेंकते हैं। पुलिस के पास नहीं पहुंची शिकायत आस-पास खड़े लोग भी इस दौरान दहशत में दिख रहे हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। घटना के बाद पुलिस को इसकी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। न तो ठेके के मालिक या कर्मचारियों ने शिकायत दी और न ही ग्राहक ने कोई रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो देखकर वे घटना की पड़ताल शुरू कर सकते हैं, क्योंकि इसमें हथियारों का इस्तेमाल दिख रहा है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में शराब ठेकों पर ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां नशे की वजह से छोटी-मोटी बातें हिंसक झड़प में बदल जाती हैं। शाम के समय ठेकों पर रहती है भीड़ स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय ठेकों पर भीड़ बढ़ने से ऐसी घटनाओं का खतरा रहता है। कई बार ग्राहक नशे में असभ्य व्यवहार करते हैं, जबकि दुकानदार भी सुरक्षा के लिए हथियारबंद रहते हैं। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
नालंदा में खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में विभाग ने तेजी पकड़ ली है। राज्य खेल सचिव महेंद्र कुमार के सख्त निर्देशों के बाद जिला खेल प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बिंद में प्रस्तावित एथलेटिक्स और फुटबॉल के एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण काम जल्द पूरा करने के साथ ही जिले भर के खेल मैदानों और स्टेडियमों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला खेल पदाधिकारी शालिनी प्रकाश ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता एकलव्य प्रशिक्षण केंद्रों को चालू करना और मौजूदा खेल मैदानों को सुचारू रूप से संचालित करना है। उन्होंने कहा कि हरनौत में निशानेबाजी का प्रशिक्षण और राजगीर स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहा है। अब बिंद के एकलव्य केंद्र में एथलेटिक्स और फुटबॉल के होनहार खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने पर जोर डीएसओ ने बताया कि गांव स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से बनाए गए खेल क्लबों को अब सक्रिय किया जा रहा है। इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए अब हर सप्ताह विभिन्न प्रखंडों का दौरा किया जाएगा। स्थानीय खेल समितियों के साथ बैठकें कर वहां की सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर खेलों का माहौल तैयार हो सके। साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य, ऑनलाइन देनी होगी रिपोर्ट खेल सचिव महेंद्र कुमार ने सभी जिला खेल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के प्रखंड स्तरीय स्टेडियमों और पंचायत खेल मैदानों का नियमित क्षेत्र भ्रमण करें। इसकी विस्तृत रिपोर्ट साप्ताहिक आधार पर ऑनलाइन सिस्टम पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था खेल सुविधाओं की निगरानी और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। शो-पीस नहीं, उपयोग में लाएं खेल भवन खेल सचिव ने यह भी साफ किया है कि खेल भवनों और स्टेडियमों को केवल शो-पीस बनाकर नहीं रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि स्थानीय खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर नाममात्र शुल्क पर खिलाड़ियों को अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल संसाधनों का सही उपयोग होगा, बल्कि इन सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी संभव हो सकेगा।
13 से 15 फरवरी तक आयोजित होंगे रुरल मिनी ओलंपिक्स
लुधियाना| माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट गांव जरखड़ की तरफ से आयोजित 40वें मॉडर्न रूरल मिनी ओलंपिक्स जरखड़ गेम्स 13, 14 और 15 फरवरी को आयोजित किए जा रहे हैं। जरखड़ स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई मीटिंग के बाद चेयरमैन नरिंदर पाल सिंह सिद्धू, पूर्व एआईजी, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जगरूप सिंह जरखड़ ने बताया कि इन गेम्स का मुख्य आकर्षण महेंद्र प्रताप सिंह ग्रेवाल हॉकी गोल्ड कप और नायब सिंह ग्रेवाल जोधा कबड्डी कप गेम्स होंगे। उन्होंने बताया कि लड़के-लड़कियों की हॉकी, 17 साल से कम उम्र के लड़कों की हॉकी, कबड्डी ओपन, बुजुर्गों की कबड्डी, अमरजीत ग्रेवाल की याद में राज्य स्तरीय वॉलीबाल चैंपियनशिप होगी। जिसमें 23 जिलों से लड़के-लड़कियों की टीमें, फुटबॉल 60 किलो लड़कों और 19 साल से कम उम्र की लड़कियों के मुकाबले, प्राइमरी स्कूल के बच्चों के अलग-अलग खेल, रस्साकशी, दौड़, प्राइमरी स्कूल की कबड्डी आदि करवाए जाएंगे। जरखड़ खेलों का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज बनाना होगा। उन्होंने बताया कि इस मौके पर टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह बहुत भव्य होगा।
झारखंड की बालक टीम ने चंडीगढ़ व बालिका ने गुजरात को 3-0 से हराया
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की पहल पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली अंडर-17 बालक व बालिका हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन बुधवार को लीग मैच हुए। देश के विभिन्न राज्यों व इकाइयों की कुल 63 टीमों ने भाग लिया। मेजबान झारखंड की बालक टीम ने चंडीगढ़ को 3-0 से हराया, बालिका वर्ग में झारखंड ने गुजरात को 3-0 से हराकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 31 जनवरी तक होगी। मुकाबला जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी, बरियातू, रेलवे एस्ट्रो टर्फ हटिया व एस्ट्रो टर्फ खूंटी में हो रहा है। बालिका वर्ग के परिणाम : बालिका वर्ग में झारखंड ने गुजरात को 3-0 से हराकर अच्छी शुरुआत की। हरियाणा ने दिल्ली को 5-0 से, हिमाचल प्रदेश ने केरल को 5-0 से और पंजाब ने चंडीगढ़ को 2-0 से हराया। नवोदय विद्यालय समिति ने त्रिपुरा को 1-0 से पछाड़ा। छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु को 4-2 से हराया, जबकि महाराष्ट्र ने जम्मू-कश्मीर को 7-0 से शिकस्त दी। अन्य मुकाबलों में उत्तर प्रदेश ने केवीएस को 7-0 से, ओडिशा ने राजस्थान को 7-0 से, सीआईएससीई ने पश्चिम बंगाल को 1-0 से, कर्नाटक ने आईपीएससी को 15-0 से, पुडुचेरी ने तेलंगाना को 3-0 से हराया। बालक वर्ग के परिणाम : ओडिशा ने जम्मू-कश्मीर को 13-0 से हरा कर बड़ी जीत दर्ज की। हरियाणा ने पश्चिम बंगाल को 3-1 से, उत्तर प्रदेश ने छत्तीसगढ़ को 5-0 से, झारखंड ने चंडीगढ़ को 3-0 से, दिल्ली ने पुडुचेरी को 4-0 से तथा मणिपुर ने बिहार को 4-1 से हराया। विद्या भारती ने तेलंगाना को 7-0 से हराया, जबकि केरल ने आईपीएससी को 5-2 से पछाड़ा। अन्य मुकाबलों में पंजाब ने उत्तराखंड को 2-0 से, मध्य प्रदेश ने केवीएस को 4-2 से, कर्नाटक ने सीबीएसई वेलफेयर को 16-0 से, राजस्थान ने सीआईएससीई को 6-1 से तथा हिमाचल प्रदेश ने महाराष्ट्र को 4-1 से हराया।
पंजाब के रूरल ओलंपिक गेम्स किला रायपुर में एक बार फिर बैलगाड़ियों की दौड़ देखने को मिलेगी। जिला प्रशासन ने किला रायपुर गेम्स का शेड्यूल जारी कर दिया। डीसी ने गेम्स का संचालन करने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। तीनों दिन बैलगाड़ियों की दौड़ करवाई जाएगी। इसके अलावा देश के अलग-अलग कोनों से करतब बाज इस दौरान पहुंचेंगे और अपने करतब दिखाएंगे। डीसी ने कहा कि गेम्स पारंपरिक तरीके से की जाएंगी। डीसी ने साफ कर दिया कि बैलगाड़ी दौड़ में हिस्सा लेने के लिए बैल मालिकों को पहले रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी बैलगाड़ी दौड़ में शामिल नहीं की जाएगी। डीसी ने कहा कि बैलगाड़ियों की रजिस्ट्रेशन फ्री रहेगी। इन खेलों पर पूरा खर्च पंजाब सरकार कर रही है। एनिमल वेलफेयर बोर्ड व सरकार के आदेशों की होगी पालना डीसी ने बताया कि बैलगाड़ियों की दौड़ करवाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी बैलगाड़ियों की दौड़ एनिमल वेलफेयर बोर्ड, पंजाब सरकार व कोर्ट के आदेशों के अनुसार करवाएगी। उन्होंने बताया कि अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 30 जनवरी से 1 फरवरी तक गेम्स का शेड्यूल बैलगाड़ियों की दौड़ 30, 31 जनवरी व एक फरवरी को तीनों दिन होगी। रात को पंजाबी सिंगर अखाड़े लगाएंगे। 30 जनवरी: हॉकी मैच (लड़के ओपन), हॉकी मैच (लड़कियां ओपन),1500 मीटर फाइनल (लड़के व लड़कियां), 400 मीटर हीट्स/फाइनल (लड़के व लड़कियां),60 मीटर दौड़ (प्राथमिक स्कूल लड़के व लड़कियां), बैलगाड़ी दौड़ (दोपहर 12:15 बजे से शाम तक) आयोजित होंगी।उद्घाटन समारोह में गिद्दा, भांगड़ा और निहंग सिंहों के करतब भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 31 जनवरी: हॉकी सेमीफाइनल (लड़के व लड़कियां),कबड्डी सर्कल स्टाइल (लड़के व लड़कियां), कबड्डी नेशनल स्टाइल अंडर-17 (लड़कियां), शॉटपुट, लॉन्ग जंप, 100 मीटर दौड़, रस्साकशी और बैलगाड़ी दौड़ (दोपहर व शाम) आयोजित होंगी। 1 फरवरी : कबड्डी नेशनल स्टाइल अंडर-17 (लड़कियां), 200 व 800 मीटर दौड़, ऊंची कूद, शॉटपुट फाइनल,साइकिल दौड़, 65+, 75+, 80+ आयु वर्ग दौड़,ट्रॉली लोडिंग-अनलोडिंग, ट्राई साइकिल दौड़ और बैलगाड़ी दौड़ आयोजित की जाएंगी। बैलगाड़ियों की रजिस्ट्रेशन लिए कमेटी से करें संपर्क डॉ. हरजिंदर सिंह, सहायक निदेशक पशुपालन विभाग, लुधियाना (91151-15153) गुरिंदर सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच (94176-54688) कंवलजीत सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच (83606-03295) दिलजोत सिंह (97811-22303) गुरदीप सिंह (77102-75748) हरजीत सिंह (98725-26000) गुरविंदर सिंह (98556-39080) रजिंदर सिंह (98761-04195) जगदीप सिंह(98789-66894) मनजिंदर सिंह (98140-76143) गुरिंदर सिंह (94177-78016)
टीचर की पिटाई से बचने को हॉकी पकड़ी, कभी अवॉर्ड के पीछे नहीं भागा
स्थानीय रमन इनक्लेव में रहने वाले बलदेव सिंह को केंद्र सरकार ने पद्म श्री अवॉर्ड देने का ऐलान किया गया है। वह शहर के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें द्रोणाचार्य और पद्म श्री अवॉर्ड दोनों मिले हैं। उनके चयन पर लुधियाना स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने खुशी जताई। कोच बलदेव सिंह ने बताया, ऐलान होने से पहले सुबह मेरे पास मिनिस्ट्री से फोन आया और मेरा नाम, पता पूछा गया था। जब मैने उसने पूछा, नाम और पता क्यों ले रहे हैं तो बताया, शाम को पता चल जाएगा। शाम को टीवी और सोशल मीडिया पर पता चला कि उन्हें अवॉर्ड मिला है। उन्होंने कहा, सोचा नहीं था कि अवॉर्ड ऐसे मिल जाते हैं। मैने कोई आवेदन नहीं किया था। बता दें बलदेव सिंह लुधियाना स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के चीफ पैट्रन भी हैं। एसोसिएशन के प्रधान अमरीक सिंह मिन्हास, चेयरमैन सुखविंदर सिंह, जनरल सेक्रेटरी जगरूप सिंह, ओलिंपियन हरदीप सिंह ग्रेवाल ने उन्हें बधाई दी। टीचर ने पुरानी टूटी हुई हॉकी खेलने को दी, उसी से खेलना शुरू किया “1969 में मैं मालवा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ रहा था। स्कूल में एक दौड़ प्रतियोगिता में 100 स्टूडेंट्स के बीच मैं फर्स्ट आया। स्कूल की हॉकी टीम बनी तो टीचर ने मुझे पूछा, हॉकी खेलनी है। मैने भी सहमति दे दी। लेकिन दो दिन बाद ही छोड़ दी। ट्रेनिंग पर नहीं गया तो टीचर ने एक महीने बाद पूछा, हॉकी क्यों छोड़ी। मैंने कहा, मेरे पास हॉकी ही नहीं है। टीचर ने मुझे पुरानी हॉकी दी, वह भी टूटी थी। उसी से खेलना शुरू कर दिया। मेरा स्कूल हॉकी को लेकर प्रसिद्ध था। हॉकी में जाने का एक कारण यह भी था। सुबह स्कूल में दो पीरियड जो होते थे। उसमें टीचर पीटते बहुत थे। उनसे बचने के लिए हॉकी शुरू की। स्कूल टूर्नामेंट जीता। हमारी टीम ने पंजाब के स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट जालंधर की टीम को हराया। पंजाब में नंबर वन आ गए। मैंने कई टूर्नामेंट खेले और हॉकी को लेकर सीरियस हो गया। एक-दो साल फेल भी हुआ। पीयू में ग्रेजुएशन की। ओपन हॉकी टूर्नामेंट देशभर में खेलता रहा। मेरे दोस्त सुरजीत सिंह के कहने पर एनआईएस में 1979-80 में हॉकी कोच का कोर्स किया। फिर मैं नामधारी हॉकी टीम भैणी साहिब का कोच बना। पहले साल ही टीम ऑल इंडिया नेहरु हॉकी जूनियर कप जीत गई। बेस्ट कोच का अवॉर्ड मिला। जुलाई 1981 में हरियाणा स्पोर्ट्स में कोच पद ज्वाइन किया। 1982 जनवरी में शाहबाद में सवा चार साल कोच के तौर पर काम किया। नए मैदान बनाए। संदीप कौर, गगनदीप समेत कई खिलाड़ी इंटरनेशनल खेले। 1986 में फिर नामधारी से जुड़े जो सिरसा में ले गए। फिर वह इंडिया की टॉप टीम बन गई। 1992 तक काम कर फिर शाहबाद लौटा। एक एसजीएनपी स्कूल मिला और ग्राउंड बनाकर काम शुरू किया। हरियाणा की टीम अच्छी तैयार हो गई। 2000 में मुझे डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स बनाया। हरियाणा की स्पोर्ट्स पॉलिसी बनी। तो कमेटी में मुझे रखा। 2008 में रिटायर हुआ, दो साल की की एक्सटेंशन मिली। 2009 में द्रौणाचार्य अवॉर्ड दिया। लगातार 8 साल एक्सटेंशन मिला। 1992-2004 में इंडिया हॉकी टीम पुरुष के कभी चीफ तो कभी असिस्टेंट कोच रहा। मैं कभी टीम में नहीं खेला। पंजाब में सरहिंद और अमृतसर में चार साल कोच रहा। मैने हरियाणा में ज्यादा कैरियर रहा और उसी को क्रेडिट जाता है। पंजाब को भी हरियाणा स्पोर्ट्स पॉलिसी को अपना चाहिए।” -जैसा कोच बलदेव सिंह ने भास्कर को बताया
दमोह के तहसील ग्राउंड में बुंदेली गौरव न्यास की ओर से आयोजित 'बुंदेली दमोह महोत्सव' जारी है। 16 जनवरी से शुरू हुआ यह महोत्सव 1 फरवरी तक चलेगा। इसमें प्रतिदिन सुबह खेल प्रतियोगिताएं और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें देखने रोजाना हजारों दर्शक पहुंच रहे हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुति: 'नृत्यश्री' में सजी शाम महोत्सव के तहत मंगलवार रात 'नृत्यश्री' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने पारंपरिक और सांस्कृतिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान नागरिक सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों का सम्मान हुआ। मैदान पर बुंदेली खेल और उत्साह दोपहर के सत्र में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। हॉकी फीडर सेंटर दमोह के 60 बालक-बालिकाओं (राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खिलाड़ी) ने रस्साकशी और बोरा दौड़ जैसे खेलों में हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अन्य प्रतियोगिताएं और सम्मान महोत्सव में 'फायर लेस कुकिंग' (बिना आग के खाना बनाना) प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। साथ ही 'कौन है दमदार नारी', 'गौरव महान पुरुष' और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान स्थानीय कला और बुंदेली गौरव को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सहरसा जिले के चार खिलाड़ियों का 69वीं राष्ट्रस्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम में चयन किया गया है। इनमें तीन छात्राएं और एक छात्र शामिल हैं। चयनित खिलाड़ियों में अंडर-17 बालिका वर्ग में मध्य विद्यालय मोहनपुर, सिमरी बख्तियारपुर की स्टूडेंट बिंदु कुमारी और स्मृति कुमारी शामिल हैं। वहीं, अंडर-14 बालिका वर्ग में कोमल कुमारी तथा अंडर-14 बालक वर्ग में पदमपुर निवासी आयुष कुमार का चयन हुआ है। इन सभी खिलाड़ियों को मध्य विद्यालय मोहनपुर, सिमरी बख्तियारपुर के शारीरिक शिक्षक राज किशोर गुप्ता और मध्य विद्यालय झपड़ाटोला के शारीरिक शिक्षक प्रमोद कुमार झा ने प्रशिक्षित और निर्देशित किया है। ये चयनित खिलाड़ी 28 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के नांदेड़ में आयोजित होने वाली राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। सहरसा से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहेखिलाड़ियों के राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी वैभव कुमार ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सहरसा जिले में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उचित मार्गदर्शन से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। नेटबॉल के सचिव सह शारीरिक शिक्षक राज किशोर गुप्ता के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि प्रत्येक वर्ष सहरसा से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। संरक्षक प्रमोद कुमार झा के दिशा-निर्देशन में जिले में नेटबॉल खेल लगातार प्रगति कर रहा है। कोषाध्यक्ष का भी योगदान रहाखिलाड़ियों के चयन पर नेटबॉल संघ के जिला संयोजक सह मोहनपुर ग्राम पंचायत के मुखिया संजीव कुमार जायसवाल चौधरी ने खिलाड़ियों को समय-समय पर पुरस्कार देकर सम्मानित करने की बात कही। इस उपलब्धि में अध्यक्ष आनंद कुमार झा और कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार का भी योगदान रहा है। इस अवसर पर नेटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव संतोष कुमार, कोच कुश कुमार त्रिपाठी, कटिहार नेटबॉल एसोसिएशन के सचिव आनंद कुमार, बिहार टीम मैनेजर प्रधानाध्यापक राघव सिंह, हॉकी एसोसिएशन ऑफ सहरसा के अध्यक्ष सुनील कुमार झा सहित कई शिक्षाविदों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
बिहार में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्विमिंग अकादमी स्थापित होने जा रही है, जो विश्वस्तरीय तैराकों को तैयार करेगी। यह महत्वाकांक्षी योजना उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की वार्षिक महासभा के दौरान साकार हुई, जहां बिहार के खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और वर्ल्ड एक्वेटिक फेडरेशन (पूर्व में विश्व स्विमिंग फेडरेशन) के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन के बीच सैद्धांतिक सहमति बनी। जो बात इस पहल को और भी खास बनाती है, वह यह कि बिहार देश का पहला और एकमात्र राज्य है जिसने अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ताशकंद भेजा। यह कदम राज्य सरकार की खेल विकास के प्रति गंभीरता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। खेल मंत्री सिंह के नेतृत्व में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्र शंकर और खेल विभाग के सचिव महेंद्र कुमार ने इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। विशेष बात यह रही कि कैप्टन हुसैन न केवल वर्ल्ड एक्वेटिक फेडरेशन के अध्यक्ष हैं, बल्कि OCA के महानिदेशक भी हैं, जिससे इस समझौते की महत्ता और बढ़ जाती है। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन प्रमुख ने निभाई अहम भूमिका इस ऐतिहासिक बैठक को संभव बनाने में इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष तैयब इकराम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल नेतृत्व और बिहार प्रतिनिधिमंडल के बीच सेतु का काम किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच सार्थक और रचनात्मक संवाद स्थापित हो सका। क्या होगा समझौते का स्वरूप? बैठक में हुई विस्तृत चर्चा के बाद सभी पक्षों ने इस सहयोग को औपचारिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) में बदलने पर सहमति व्यक्त की है। इस समझौते में बिहार सरकार का खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, भारतीय स्विमिंग फेडरेशन, राष्ट्रीय स्विमिंग फेडरेशन और वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन शामिल होंगे। बैठक में राज्य में स्विमिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, एथलीट विकास के आधुनिक तरीकों और राष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग प्रतियोगिताओं के आयोजन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसका सभी हितधारकों द्वारा कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा। शिक्षा और खेल का समन्वय जरूरी वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर जोर दिया - शिक्षा और खेल का समन्वय। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक शिक्षा और खेल साथ-साथ नहीं चलेंगे, तब तक एथलीटों का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। उनकी सलाह पर, प्रस्तावित स्विमिंग डेवलपमेंट अकादमी और ग्रास-रूट स्विमिंग स्कूलों में हॉस्टल सुविधाओं के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच भी सुनिश्चित की जाएगी। OCA की महासभा में मिली आधिकारिक मान्यता इस सफल बैठक के परिणामस्वरूप OCA ने बिहार प्रतिनिधिमंडल के तीनों सदस्यों को आगामी OCA AGM में भाग लेने के लिए आधिकारिक मान्यता प्रदान की है। यह बिहार के खेल प्रशासन के लिए अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं, प्रशासनिक ढांचे और रणनीतिक योजना को समझने का एक सुनहरा अवसर होगा। अन्य खेल महासंघों से भी हुई चर्चा इस दौरे के दौरान बिहार प्रतिनिधिमंडल ने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट मोहम्मद जलूद, एशियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट मोहम्मद यूसुफ और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पी टी उषा के साथ भी महत्वपूर्ण और सकारात्मक चर्चा की। यह बातचीत बिहार में विभिन्न खेलों के विकास की संभावनाओं को खोलती है। माही श्वेत राज को मिलेगा विदेश में प्रशिक्षण इस समझौते का तत्काल लाभ बिहार की राष्ट्रीय चैंपियन तैराक माही श्वेत राज को मिलने वाला है। उन्हें वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के सहयोग से उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जाएगा। यह पहल राज्य के युवा खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से करोड़ों रुपए की स्वीकृति ली गई, योजनाएं बनाई गईं और कागजों पर सब कुछ सुदृढ़ दिखाया गया। लेकिन जमीनी स्तर पर एक भी बड़ा काम पूरा नहीं हुआ। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 7.77 करोड़ की स्वीकृति के बाद जहां एथलेटिक्स ट्रैक बनना था, वहां आज हेलीपैड हैं। विभाग में खेल सुविधाएं लगभग न के बराबर हैं, इसके बावजूद करीब 420 छात्रों से हर साल फिजिकल उपकरणों के नाम पर दो लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली की जा रही है। कई छात्रों ने विरोध किया, RTI डाली, ज्ञापन दिए, लेकिन अब तक न जवाब मिला, न काम हुआ। साल 2020 में होना था काम शुरूदस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 2019 में बीयू को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 7.77 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत टेनिस कोर्ट, आउटडोर स्टेडियम, 400 मीटर घास का एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं। वर्ष 2020 में इस प्रोजेक्ट की मार्किंग शुरू भी हुई और एथलेटिक्स ट्रैक बनाने के लिए खुदाई तक कर दी गई। लेकिन काम बीच में रोक दिया गया और उसी जमीन पर तीन हेलीपैड तैयार कर दिए गए। परिणाम यह हुआ कि जहां धावक दौड़ने वाले थे, वहां अब हेलीकॉप्टर उतरते हैं। खेल विभाग नहीं मेंटेन कर सका मैदानबीयू के फिजिकल एजुकेशन विभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है। विभागीय प्रोस्पेक्टस में दावा किया गया है कि 60 एकड़ परिसर में विभिन्न खेलों की सुविधाएं हैं। फुटबॉल के तीन मैदान, क्रिकेट के चार मैदान, हैंडबॉल के मैदान, वॉलीबॉल-कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट सहित बैडमिंटन और हॉकी मैदान होने की बात लिखी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि कई मैदान मौजूद नहीं हैं, जो हैं भी वे मेंटेन नहीं हैं। बैडमिंटन और हॉकी की सुविधाएं तो हैं ही नहीं, क्रिकेट के चार की जगह दो मैदान, फुटबॉल के दो मैदान ही मौजूद हैं। 420 छात्रों से हर साल वसूले जा रहे अतिरिक्त पैसेयूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के अनुसार, खेल सुविधाएं न होने के बावजूद फिजिकल शिक्षा विभाग के लगभग 420 छात्रों से हर वर्ष फिजिकल इक्यूपमेंट के नाम पर दो लाख रुपए अतिरिक्त वसूल किए जाते हैं। छात्र कहते हैं कि मैदान तक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिलती, गतिविधियां बंद हैं और फिर भी पैसे लिए जा रहे हैं। स्टूडेंट अमन सिंह चौहान बताते हैं कि उन्होंने कई बार RTI लगाई, ज्ञापन दिए, लेकिन प्रबंधन ने जवाब देना तो दूर, RTI तक रिजेक्ट कर दी। छात्रों में नाराजगी... जहां ट्रैक होना था वहां हेलिकॉप्टर उतर रहेपूर्व छात्र अमन चौहान का कहना है कि विश्वविद्यालय ने खेल सुविधाओं को सुधारने का वादा किया, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। “ना स्विमिंग पूल बना, ना सिंथेटिक ट्रैक, ना स्टेडियम। उल्टा जहां ट्रैक होना था वहां हेलिकॉप्टर उतर रहे हैं। या तो सुविधाएं विकसित की जाएं या फिर उनसे ली जा रही अतिरिक्त फीस रोकी जाए। फिलहाल खेल कॉम्प्लेक्स बनने की उम्मीद कागजों में है और मैदानों पर धूल उड़ रही है। विभाग में स्टाफ भी कमफिजिकल एजुकेशन विभाग में महिला-पुरुष वर्ग मिलाकर 72 टीमें हैं, लेकिन इनके लिए सिर्फ तीन शिक्षक और तीन प्रशिक्षक नियुक्त हैं। विभाग में दो साल से शारीरिक शिक्षा संचालक का पद भी खाली पड़ा है। ऐसे में प्रशिक्षण, टूर्नामेंट और व्यावहारिक शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है। प्रबंधन का जवाब- जल्द शुरू होगा कामयूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। बजट स्वीकृत होते ही काम शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का जिम्मा संभालने वाले एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें हेलीपैड बनने की जानकारी नहीं थी, वे इसकी जांच करेंगे।
खंडवा में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के विभाग की झांकी को ही प्रथम पुरस्कार मिला है। मंत्री ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी दी। पुरस्कार वितरण के दौरान मंच पर अव्यवस्था हुई और गलत नाम से सर्टिफिकेट बंटने पर मंत्री नाराज हो गए। इसके अलावा मंत्री ने स्टेडियम ग्राउंड को 5 करोड़ रुपए की लागत से हॉकी टर्फ बनाने का प्रस्ताव दिया और बैडियावं गांव में छात्रा के डांस पर 5 हजार रुपए इनाम की घोषणा की। गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी दी। समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां निकाली गईं। इनमें जनजातीय कार्य विभाग की झांकी को प्रथम पुरस्कार दिया गया। यानी मुख्य अतिथि मंत्री के विभाग की झांकी ही पहले नंबर पर रही। मंच पर गलत नाम पुकारे, मंत्री हुए नाराज मंत्री शाह ने जिला प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। पुरस्कार वितरण के दौरान मंच पर भीड़ बढ़ गई। अव्यवस्था तब हुई जब जिन्हें पुरस्कृत किया जा रहा था, उन्हें सर्टिफिकेट किसी और नाम से दिए जाने लगे। इस पर मंत्री शाह ने नाराजगी जताई। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने मोर्चा संभाला और लिस्ट की बजाय सीधे सर्टिफिकेट देखकर उद्घोषणा करवाई। स्टेडियम को हॉकी टर्फ बनाने का प्रस्ताव मंच पर विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर और महापौर भी मौजूद थीं। मंत्री विजय शाह ने कार्यक्रम स्थल (स्टेडियम ग्राउंड) को लेकर महापौर से कहा कि इसे हॉकी टर्फ बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका एस्टीमेट बनवाकर मुझे भिजवा दें। मंत्री ने बताया कि वे खालवा में हॉकी टर्फ बनवा रहे हैं, वहां की मशीनें यहां आ जाएंगी। महापौर ने खर्च पूछा तो मंत्री ने बताया कि करीब 5 करोड़ रुपए का बजट आएगा। छात्रा के डांस पर 5 हजार का इनाम कार्यक्रम के बाद मंत्री विजय शाह ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैडियावं गांव पहुंचकर स्कूली बच्चों के साथ भोजन किया। इस गांव को 'वृंदावन गांव' का दर्जा दिया गया है। यहां आयोजित कार्यक्रम में मंत्री को एक छात्रा का एकल नृत्य बहुत पसंद आया। उन्होंने छात्रा की सराहना करते हुए 5 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की। राशि को लेकर मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा- तुम 5 हजार रूपए दे देना, नहीं हो तो मेरे घर से ले जाना लेकिन देना।
हरदा में 26 जनवरी को खेलो मप्र यूथ गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए सोमवार को टॉर्च रिले निकाली गई। यह टॉर्च भोपाल स्थित खेल और युवा कल्याण संचनालय द्वारा मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजी गई है। ब्लॉक समन्वयक सलमा खान ने बताया कि टॉर्च का उद्घाटन नगरपालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल, क्रीड़ा अधिकारी रामनिवास जाट, ब्लॉक समन्वयक सलमा खान और हीना अली ने किया। टॉर्च रिले शहर के घंटाघर चौक से शुरू हुई और चंडक चौक, फरहत सराय, जिला न्यायालय, अंबेडकर चौक होते हुए अस्पताल चौक से उत्कृष्ट विद्यालय पर समाप्त हुई। इस टॉर्च को हरदा खेल विभाग भोपाल से राकेश भान्दे और धीरेन्द्र भेदे लेकर आए थे। 60 खिलाड़ी और खेल कोच शामिल हुएइस रैली में विभिन्न खेलों के 60 खिलाड़ी और खेल कोच शामिल हुए। बच्चों ने मध्यप्रदेश की जय हो, विजय हो, हम सब की विजय हो जैसे नारे लगाए। रैली में व्यायाम शिक्षक राजेश बिलिया, ब्लॉक समन्वयक संदीप जाट, हॉकी कोच संदीप सौदे, फुटबॉल कोच अजय पुरवइया, अकरम खान, प्रवीण बॉथम के साथ-साथ शहरवासी, व्यापारी वर्ग और समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने भी जगह-जगह टॉर्च को हाथों में लेकर उत्साह दिखाया। खेलो मप्र यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं कल (27 जनवरी) भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, रीवा और इंदौर में आयोजित होंगी। इन प्रतियोगिताओं में हरदा जिले से कुल 113 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें योग में 1 बालक; कुश्ती में 18 बालक और 3 बालिकाएं; मलखंभ में 10 बालक और 2 बालिकाएं; शतरंज में 4 बालक और 4 बालिकाएं; फुटबॉल और क्रिकेट में 1-1 बालक; तैराकी में 1 बालक; एथलेटिक्स में 11 बालक और 11 बालिकाएं; खो-खो में 15 बालक और 15 बालिकाएं; कबड्डी में 4 बालक और 4 बालिकाएं; राइफल शूटिंग में 1 बालक और हॉकी में 18 बालक शामिल हैं।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. धर्मेन्द्र को पद्म विभूषण, रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान;131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार का ऐलान केंद्र सरकार ने 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत नेता शिबू सोरेन और बॉलीवुड सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण दिया जाएगा। रोहित, हरमनप्रीत को पद्मश्री: क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी प्लेयर सविता पूनिया और एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पद्म पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएं: जिन 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा। उनमें 19 महिलाएं हैं। 6 विदेशी/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के लोग भी हैं। 16 हस्तियां ऐसी हैं, जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र: सेना के 3 अफसरों को कीर्ति चक्र, 13 को शौर्य चक्र गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सर्विस मेडल की घोषणा की। एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं तीन अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 को शौर्य चक्र दिया जाएगा। शुभांशु अंतरिक्ष में 18 दिन रहे थे: शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। उत्कृष्ट सेवा के लिए 982 मेडल: इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े 982 कर्मियों को बेहतरीन (उत्कृष्ट) सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल्स) भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा; डिप्टी CM प्रयागराज पहुंचे प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा। दो दिन पहले शिविर पर इकठ्ठे हुए लोग: दरअसल शनिवार को कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन के 10 युवकों ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में घुसने की कोशिश की थी। 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने इस घटना को अपने ऊपर हमला बताया। कहां से शुरू हुआ था विवाद: 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... यूपी में दो पत्नियों के बीच 'पति' का बंटवारा, एक दिन छुट्टी उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक शख्स की दो पत्नियां हैं। विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत ने पति का बंटवारा करने का फैसला सुनाया है। समझौते के तहत पति 3 दिन पहली और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि रविवार को उसे 'वीकली ऑफ' मिलेगा। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: चीन के सबसे ताकतवर जनरल झांग पद से क्यों हटाए गए; अबतक दो-तिहाई टॉप ऑफिसर्स गायब या बर्खास्त, क्या जिनपिंग का तख्तापलट होगा 2. नोएडा के युवराज को सिस्टम ने मारा, 7 जिम्मेदार: 16 जनवरी को नाले में डूब गए थे; SIT का सवाल- 2 घंटे तक क्यों नहीं निकाला 3. भास्कर एक्सप्लेनर- रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती:पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स' 4. 1857 के गुमनाम शहीद- 168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल: अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क 5. संडे जज्बात- लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे: 30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया 6. जरूरत की खबर- गले में दर्द हो सकता है टॉन्सिलाइटिस: डॉक्टर से जानें ये क्या है, क्यों होता है, लक्षण और बचाव की जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों के लिए नए काम की शुरुआत के लिहाज से सही समय है। तुला राशि वालों के रुके काम चल पड़ेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
पंजाब में गणतंत्र दिवस पर स्टेट लेवल प्रोग्राम इस बार पाकिस्तान से लगते जिले फाजिल्का में होगा। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया वहां तिरंगा फहराएंगे और लोगों को सम्मानित करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में तिरंगा फहराएंगे। वहीं, जिलों में मंत्री तिरंगा फहराएंगे। इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पंजाब की झांकी भी दिखाई जाएगी। यह झांकी गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व को समर्पित है। इस दौरान 24 पुलिस मुलाजिमों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब पुलिस के 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। जबकि, पंजाब-चंडीगढ़ की 4 बड़ी हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इनमें क्रिकेटर हरमनदीप कौर, संत निरंजन दास और हॉकी कोच बलदेव सिंह व चंडीगढ़ की सड़कों को साफ करने वाले पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह का नाम शामिल है। जिन्हें सम्मान मिल रहा उनके बारे में जानिए... महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री भारत की मशहूर महिला क्रिकेटर और टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री देने का ऐलान किया गया है। इन्होंने वल्र्ड कप जीतने वाली टीम की अगुवाई की थी। वे पंजाब के मोगा जिले की रहने वाली हैं।हरमनप्रीत कौर को खेल के क्षेत्र में उनके बेहतरीन योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें महिला क्रिकेट को नई पहचान देने, टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने और युवाओं के लिए प्रेरणा बनने के लिए दिया गया। पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिद्धू को पद्म श्री 88 साल के पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें पद्म पुरस्कार 2026 के तहत सामाजिक कार्य के क्षेत्र में दिया जाएगा। वे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हैं। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 (IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी) में रहते हैं। वहां पिछले 10 से ज्यादा वर्षों से वे सेनिटेशन कार्ट उधार लेकर हर दिन सुबह 6 बजे सड़कें और नालियां साफ करते हैं। उन्हें सामाजिक कार्य करने और कई लोगों को प्रेरित करने के लिए पद्म श्री अवॉर्ड मिल रहा है। उनकी यह मेहनत कई बार सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई है। संत निरंजन दास को धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री पंजाब के संत निरंजन दास जी को भी उनके धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री मिलेगा। वो एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता और धर्म गुरु हैं। वे डेरा सचखंड बल्लां (Dera Sachkhand Ballan) के प्रमुख संत हैं, जो सबसे बड़े रविदासिया धार्मिक समुदायों में से एक का नेतृत्व करता है। हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्म श्री भारतीय हॉकी को कई स्टार प्लेयर देने वाले हॉकी कोच बलदेव सिंह को इस बार पद्म श्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। शाहाबाद (हरियाणा) में उन्होंने लंबे समय तक हॉकी अकादमी चलाई, जो महिला हॉकी की नर्सरी के रूप में प्रसिद्ध हुई। रानी रामपाल जैसे प्लेयर उन्होंने दिए है। अब वह मोगा में अकाडमी चलाते है। बाद में उन्होंने खालसा कॉलेज हॉकी अकादमी, अमृतसर में भी भूमिका निभाई है, जहां युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलता रहा है। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों में रानी रामपाल-भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, नवजोत कौर, भूपिंदर कौर, सुरिंदर कौर, जितसीत कौर, राजविंदर कौर, रीतू रानी, ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सहित लगभग 16 खिलाड़ी शामिल हैं। हिमाचल कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल को भी पद्म श्री इस सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम का नाम भी शामिल है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। डॉ. प्रेम लाल गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज सोलन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र में देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और कूटू सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ के आईजी-इंस्पेक्टर को मिलेगा राष्ट्रपति पदक गणतंत्र दिवस 2026 पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (स्वर्ण, रजत और कांस्य) देने की घोषणा की गई है। आईजी पुष्पेंद्र कुमार, वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, जिन्होंने 11 फरवरी 1992 को एएसआई के रूप में सेवा शुरू की थी, वर्तमान में थाना मलोया में एसएचओ के रूप में कार्यरत हैं। दोनों को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल सुरिंदर पाल को भी राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी। 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पद पंजाब के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार के लिए एक पीपीएस अधिकारी डीएसपी सुनाम उधम सिंह वाला हरविंदर सिंह और चार पुलिस अधिकारियों के नामों की घोषणा की है, जिनमें इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सुखमनप्रीत सिंह, एएसआई बलबीर चंद तथा सीनियर कॉन्स्टेबल धर्मपाल सिंह शामिल हैं। इसी प्रकार एआईजी एसपी बलजीत सिंह, एसपी मुख्यालय फरीदकोट मनिंदर वीर सिंह, डीएसपी इन्वेस्टिगेशन दलजीत सिंह तथा एसपी दविंदर सहित चार पीपीएस अधिकारी उन 19 अधिकारियों/कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्हें ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक हेतु चुना गया है। शेष 15 अधिकारियों/कर्मचारियों में इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर रुशिका, इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, इंस्पेक्टर सुमित मोर, इंस्पेक्टर पुष्विंदर सिंह, एसआई गुरपाल सिंह, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई गुरजंट सिंह, एएसआई गुरवीर सिंह, एएसआई गुरप्रीत सिंह, एएसआई कुलजीत सिंह, एचसी मनदीप सिंह, एचसी सुखविंदर सिंह तथा सीनियर कॉन्स्टेबल अनु बाला शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान ने भी सभी को बधाई दी। यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची... चंडीगढ़ में ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा चंडीगढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड के आसपास 26 जनवरी को ट्रैफिक में बड़े बदलाव किए गए हैं। समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस एडवाइजरी जारी की है। सुबह साढ़े 6 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई सड़कों को बंद करने और डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इन सड़कों पर केवल आपातकालीन वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति होगी। इन सड़कों पर रहेगा ट्रैफिक बंद
राजधानी में गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मोरहाबादी मैदान में 26 जनवरी को सुबह राज्यपाल संतोष गंगवार गणतंत्र दिवस समारोह में झंडोत्तोलन करेंगे। मोरहाबादी मैदान से लेकर शहर के प्रमुख रूट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बड़े वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इसी संबंध में एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने शनिवार को आदेश जारी किया। समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए वाहन सुबह 15 मिनट पहले ही अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाएंगे। ड्रॉप गेट के पास किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है। बिना पास के किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधि-व्यवस्था और यातायात संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में जवान और अधिकारी तैनात किए गए हैं। इन मार्गों पर बंद रहेगा वाहनों का परिचालन इन जगहों तक ही आ सकेंगे बड़े वाहन यहां गाड़ी कर सकेंगे पार्क नारंगी पासधारी वाहन : मुख्य मंच के पश्चिम की पार्किंग स्थल मेंहरा पासधारी वाहन : बापू वाटिका के सामने बनी पार्किंग स्थल मेंमीडिया कर्मी के वाहन : हॉकी स्टेडियम के उत्तर बापू वाटिका के सामने आर्मी ग्राउंड के सटे पार्किंग मेंसामान्य वाहन - टीआरआई के सामने मैदान में 15 प्लाटून में छत्तीसगढ़ पुलिस पहली बार करेगी परेड मोरहाबादी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कुल 15 प्लाटून परेड निकालेगी। इसमें पहली बार छत्तीसगढ़ पुलिस की भी प्लाटून शामिल की जा रही है। राज्य पुलिस के साथ पहली बार महिला पुलिस की तीन टुकड़ियां भी शामिल होंगी। इसके अलावा झारखंड पुलिस की 10 महिला बटालियन, गृह रक्षक और एनसीसी की टुकड़ी भी परेड में भाग लेंगी। परेड में कुल 4 बैंड होंगे, जिसमें एक बैंड 10 महिला पुलिस की टीम शामिल रहेगी। आठ पुलिस अधिकारी, जवान को विशिष्ट सेवा पदक रांची गणतंत्र दिवस के मौके पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित झंडोत्तोलन समारोह में राज्यपाल झारखंड पुलिस के आठ अधिकारी और जवानों को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित करेंगे। यह पदक वर्ष 2022, 2023 और 2024 में सराहनीय सेवा के लिए दिया जाएगा।वर्ष 2022 के लिए वर्ष 2023 के लिए वर्ष 2024 के लिए
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

