300 में से 292 अंक के साथ नंबर-1 रेफरी बने बाबूलाल
एमेच्योर सॉफ्ट हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया ने जयपुर में दो दिवसीय रेफरी रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किया। इसमें बाबूलाल बिश्नोई टॉप पर रहे। उन्होंने 300 में से 292 अंक के साथ ए ग्रेड हासिल किया। कुल 8 को ए ग्रेड मिला। 6 ने बी और 1 ने सी ग्रेड के साथ परीक्षा पास की। परीक्षा 300 अंक की थी। इसमें 150 अंक थ्योरी और 150 अंक प्रैक्टिस के थे। 25 ने इस कोर्स में हिस्सा लिया लेकिन 15 ही परीक्षा पास करने में सफल रहे। इस दौरान सॉफ्ट हॉकी के नवीनतम नियम, रेफरी के संकेत, निर्णय लेने की प्रक्रिया, मैदानी अनुशासन, मैच नियंत्रण और निष्पक्ष रेफरिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। कोर्स में खेल मनोविज्ञान पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसमें रेफरी मानसिक संतुलन, एकाग्रता, दबाव में निर्णय क्षमता और तनाव प्रबंधन के महत्व को भी समझाया गया। यह जानकारी फेडरेशन के महासचिव रमेश सिंह ने दी। इस अवसर पर फेडरेशन अध्यक्ष आशुतोष पंत उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता डॉ. आशुतोष नाग ने की। विशिष्ट अतिथि गजेन्द्र सिंह थे। रेफरी कोर्स में पास होने वाले 15 खिलाड़ी क्र. नाम थ्योरी प्रैक्टिकल कुल ग्रेड 1 बाबूलाल विश्नोई 147 145 292 A 2 मोहित शर्मा 140 142 282 A 3 राहुल जाटावत 139 141 280 A 4 हितेश शर्मा 138 140 278 A 5 गौतम कुमार 136 138 274 A 6 रामूराम चौधरी 135 137 272 A 7 किरण प्रजापति 134 136 270 A 8 दीपचंद 132 135 267 A 9 करनप्रीत कौर 128 130 258 B 10 दिव्यांशी बघेल 126 129 255 B 11 जोसेफ डी. 125 127 252 B 12 कुमार 124 126 250 B 13 सुमित 123 125 248 B 14 पूजा कुमारी 122 124 246 B 15 अंजलि 118 120 238 C
मेजबान राजस्थान ने नॉकआउट में गुजरात को हराया, अब क्वार्टर फाइनल में पिछले साल की चैंपियन से भिड़ंत
खेलगांव में चल रही 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी अंडर-19 हॉकी प्रतियोगिता में मेजबान राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट मुकाबले में गुजरात को 5-2 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब राजस्थान का मुकाबला शुक्रवार सुबह 8 बजे गत वर्ष की चैंपियन टीम झारखंड से होगा। राजस्थान ने लीग चरण में लगातार तीन जीत दर्ज करने के बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में भी दमदार खेल दिखाया। गुरुवार को खेले गए मुकाबले में राजस्थान ने आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले क्वार्टर में 3 और दूसरे क्वार्टर में 1 गोल दागकर हाफ टाइम तक 4-0 की बढ़त बना ली। हाफ टाइम के बाद गुजरात ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो गोल दागे, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया। हालांकि, राजस्थान के खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और एक और गोल कर स्कोर 5-2 कर जीत सुनिश्चित की। मैच के दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुरलीधर चौबीसा, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) लक्ष्मण सालवी, केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत सहित अनेक शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। प्री-क्वार्टर के बाद राजस्थान, पंजाब, उड़ीसा, दिल्ली, सीबीएसई, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और झारखंड ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। ये दो टीमें पहुंची सेमीफाइनल में: प्रतियोगिता में शाम को उड़ीसा व हिमाचल प्रदेश ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। पहले क्वार्टर में उड़ीसा ने मध्य प्रदेश को 2-1 से तथा दूसरे में हिमाचल प्रदेश ने सीबीएसई को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। 2010 में कोटा भेजा जा रहा था हॉकी सेंटर, भास्कर की पहल से उदयपुर में ही चल रहा पीएम श्री फतह स्कूल में संचालित सत्र पर्यंत हॉकी सेंटर को वर्ष 2010 में जावर माइंस से कोटा स्थानांतरित किया जा रहा था। इस पर खिलाड़ियों, हॉकी संघ उदयपुर, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर दैनिक भास्कर ने विशेष अभियान चलाया। इसके बाद सरकार ने इस सेंटर को जावर माइंस में ही रखने का निर्णय लिया। वर्ष 2014 से यह सेंटर पीएम श्री फतह स्कूल में संचालित हो रहा है। प्रशिक्षक घनश्याम खटीक ने बताया कि वर्तमान राजस्थान टीम में इस सेंटर के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। टीम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में खासा उत्साह है।
बालाघाट में 51वें स्व. नारायणसिंह मेमोरियल ऑल इंडिया गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच 16 जनवरी को खेले जाएंगे। शहीद चंद्रशेखर आजाद एस्ट्रोटर्फ मैदान में आयोजित इस टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल दोपहर 1 बजे से कैनरा बैंक बेंगलुरु बनाम एसईआर कोलकाता के बीच होगा। दूसरा मैच बीएसएफ जालंधर बनाम सदर्न कमांडेंट बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 17 जनवरी शनिवार को होगा। चार क्वार्टर मैच हुए गुरुवार को खेले गए चार क्वार्टर फाइनल मैचों में इन चारों टीमों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। सभी मैच रोमांचक रहे और टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले क्वार्टर फाइनल मैच में बीएसएफ जालंधर ने एससीआर बिलासपुर को हराया। यह मैच निर्धारित समय में 3-3 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में जालंधर ने 3-2 से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में साउथ ईस्टर्न रेलवे (एसईआर) कोलकाता ने इम्फाल को 3-1 गोल से पराजित किया। तीसरे क्वार्टर फाइनल में कैनरा बैंक बेंगलुरु ने लखनऊ को 4-2 से हराया। चौथे क्वार्टर फाइनल में सदर्न कमांडेंट बेंगलुरु और आरडब्ल्यूएफ बेंगलुरु के बीच मुकाबला निर्धारित समय तक 1-1 की बराबरी पर छूटा। पेनल्टी शूटआउट में सदर्न कमांडेंट बेंगलुरु ने 6-5 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
प्रयागराज ने जीता खरगोन में आयोजित महिला हॉकी टूर्नामेंट:रोमांचक फाइनल में नागपुर को 3-2 से हराया
खरगोन में आयोजित अखिल भारतीय महिला हॉकी स्पर्धा का खिताब प्रयागराज ने जीत लिया है। गुरुवार शाम उत्कृष्ट स्कूल मैदान में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में प्रयागराज ने नागपुर को 3-2 से शिकस्त दी। समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। फाइनल मैच के पहले हाफ में नागपुर की मिड फील्डर शबिनाज शेख ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में प्रयागराज की स्ट्राइकर शोभा कुमारी ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, शबिनाज ने नागपुर के लिए एक और गोल दागकर टीम को फिर से आगे कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में प्रयागराज की लक्की कुमारी ने तुरंत एक गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर किया। इसके बाद शोभा कुमारी ने निर्णायक गोल दागकर प्रयागराज को 3-2 की विजयी बढ़त दिलाई। अंततः प्रयागराज ने यह मुकाबला 3-2 से अपने नाम कर लिया। नागपुर ने सेमीफाइनल में हिसार को हराया थाइससे पहले सुबह पहला सेमीफाइनल मुकाबला नागपुर और हिसार के बीच खेला गया, जिसमें नागपुर की पूजा कुशवाह के एकमात्र गोल की बदौलत नागपुर ने जीत हासिल की। दूसरा सेमीफाइनल इलाहाबाद और मंदसौर के बीच हुआ। इसमें इलाहाबाद की रांची, विभा, मीनाक्षी और साक्षी ने एक-एक गोल कर अपनी टीम को विजयी बनाया, जबकि मंदसौर की भाग्यश्री ने एक गोल किया। समापन समारोह में भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी, पूर्व विधायक रवि जोशी, मंजीतसिंह चावला, नगरपालिका उपाध्यक्ष भोलू कर्मा, पद्मश्री जगदीश जोशीला, बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन बिल्लौरे और कल्याण अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और विजेता व उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मने, भावना जोशी, समाजसेवी नरेंद्रसिंह चावला, इंद्रजीतसिंह चावला, संजीव भटोरे और गुरुसिंह सभा अध्यक्ष कमलजीत सिंह गांधी सहित कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
आगरा एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी प्रतियोगिता आयोजित हुई। जहां पर हॉकी टीम के वर्ष 1975 की विश्व कप विजेता मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद शामिल हुए। उन्होंने कहा-भारतीय हॉकी टीम के हालिया प्रदर्शन ने देश के हॉकी प्रेमियों के दिलों में भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगा दी है। टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि भारतीय सीनियर टीम का एशिया कप विजेता होना और जूनियर भारतीय टीम का वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतना अच्छी उपलब्धि है, लेकिन भारतीय हॉकी का स्तर इससे कहीं ऊपर है। पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने साफ तौर पर कहा कि भारतीय हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए अब अपने कोचों पर भरोसा दिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विदेशी कोचों की जगह भारतीय कोचों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, ताकि देश की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की मानसिकता को बेहतर ढंग से समझते हुए टीम को तैयार किया जा सके। हॉकी इंडिया लीग को लेकर अशोक ध्यानचंद ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी काफी काम किया जाना बाकी है। लीग अच्छी शुरुआत है, लेकिन स्टेडियम में दर्शक कम आ रहे हैं। इसका कारण हॉकी में पुराने जमाने की कला का कम होना है। अशोक ध्यानचंद ने कहा कि हॉकी को फिर से लोकप्रिय बनाने के लिए हमें नए और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि हॉकी के लिए सरकार और हॉकी इंडिया को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस खेल को फिर से देश में एक नई ऊंचाई पर ले जाया जा सके।
उदयपुर में राजकीय फतह स्कूल की मेजबानी में चल रही नेशनल स्कूल हॉकी प्रतियोगिता(19वर्ष) में राजस्थान की टीम ने रोमांचक मुकाबले में गुजरात को करारी शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। खेलगांव के एस्ट्रोटार्फ मैदान पर गुरुवार सुबह खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान ने गुजरात को 5-2 हराकर प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीता। मैच के शुरुआत से ही राजस्थान टीम हावी रही। मध्यांतर से पहले राजस्थान ने 4-0 से बढ़त बनाई हुई थी। मध्यांतर बाद गुजरात ने दो गोल करते हुए स्कोर 4-2 तक पहुंचाया। फिर लास्ट समय में राजस्थान ने एक गोल करते हुए 5-2 से मुकाबला जीत लिया। इस दौरान मैदान पर मेजबान फतह स्कूल प्रिंसिपल गजेन्द्र आवोत, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुरली चौबीसा, डिप्टी डीईओ लक्ष्मण सालवी आदि अधिकारी मौजूद थे। राजस्थान की टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखी उदयपुर में खेली जा रही नेशनल स्कूल हॉकी प्रतियोगिता (19 वर्ष) में मेजबान राजस्थान की टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए गुजरात को रोमांचक मुकाबले में शिकस्त दी है। सरकारी फतह स्कूल की मेजबानी में खेलगांव के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर गुरुवार सुबह खेले गए इस प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में राजस्थान ने गुजरात को 5-2 से हराकर शान से क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मैच की शुरुआत से ही राजस्थान के खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया और गुजरात की रक्षापंक्ति को पूरी तरह दबाव में रखा। राजस्थान के शानदार खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मध्यांतर होने तक टीम ने 4-0 की विशाल बढ़त बना ली थी। हालांकि, मध्यांतर के बाद गुजरात की टीम ने वापसी की कोशिश की और दो गोल दागकर स्कोर को 4-2 तक पहुंचाया। इससे मैच में रोमांच बढ़ गया। लेकिन अंतिम समय में राजस्थान ने एक और गोल करते हुए मुकाबला 5-2 से अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने राजस्थान की टीम को इस शानदार जीत की बधाई दी और अगले दौर के लिए शुभकामनाएं दीं।
सिगरेट खरीदने से बचा पैसा नहीं लौटाने पर पीटा तो छात्र की हत्या
महज कुछ रुपए के विवाद में छात्र गौरव कुमार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इससे पहले उसे लाठी-रॉड से भी पीटा। घटना कंकड़बाग के एमआईजी पार्क के पास मंगलवार की रात घटी। 20 साल के गौरव को पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां बुधवार को मौत हो गई। वह लखीसराय के बड़हिया रामनगर हृदय बिगहा का रहने वाला था। बाढ़ स्थित आरआर कॉलज में बीए पार्ट वन का छात्र था। उसके पिता की एमआईजी पार्क से कुछ दूरी पर शटर बनाने की दुकान है। परिजनों के बयान पर 8 नामजद और अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया। सदर एएसपी अभिनव ने बताया कि छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी की उम्र 14 से 16 साल के बीच है। तीन-चार फरार हैं। गौरव के भाई सौरव ने बताया कि घटना के दौरान ही डायल 112 को फोन किया गया, पर नहीं पहुंची। पुलिस समय से पहुंच जाती तो गौरव की जान बच जाती। तीन बार मारपीट, पुलिस को भनक तक नहीं लगी 15 दिन के बाद गौरव गांव से आया था। उसके पिता गांव गए थे। मंगलवार की शाम अपने से छोटे एक पड़ोसी नाबालिग को सिगरेट के लिए 200 रुपए दिए थे। वह सिगरेट लेकर आया पर शेष रकम नहीं दी। उसके बाद गौरव ने उस पड़ोसी के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने अपने दोस्तों को यह बात कह दी। फिर वह दोस्तों के साथ गौरव के पास पहुंच गया। वहां भी मारपीट हुई। उसके बाद गौरव के करीबी लोग भी जुट गए। करीब आधे घंटे तक दोनों गुटों में लाठी-डंडे और रॉड चलने लगे। इतने में एक ने चाकू से गर्दन पर हमला कर दिया। यही उसकी मौत की वजह बनी। ढाई-तीन घंटे के दौरान दोनों गुटों के बीच तीन राउंड मारपीट हुई, पर पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सभी एक-दूसरे के परिचित हैं। गौरव के भाई सौरव ने बताया कि मंगलवार की शाम एमआईजी पार्क में गौरव ने एक लड़के को सिगरेट लाने के लिए 200 रुपए दिए थे। उसने सिगरेट लाई, पर शेष रकम नहीं लौटाई। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया। दुकान के गेट पर ही गौरव को घेर कर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जख्मी कर दिया। बीच-बचाव में घर के अन्य लोग भी घायल हो गए। सौरव का कहना है कि बुधवार की सुबह भी हमलावर लाठी-रॉड, हॉकी स्टिक लेकर दुकान के पास रेकी करने आए थे।
राजस्थान लगातार तीसरी जीत के साथ प्री-क्वार्टर फाइनल में, आज गुजरात से टक्कर
शहर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (19 वर्ष छात्र वर्ग) में मेजबान राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरा मुकाबला जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। गुरुवार से प्रतियोगिता के नॉकआउट चरण की शुरुआत होगी, जिसमें 16 टीमें आमने-सामने होंगी। प्री-क्वार्टर फाइनल में राजस्थान का मुकाबला गुरुवार सुबह खेलगांव मैदान पर गुजरात से होगा। इससे पहले बुधवार को अपने अंतिम लीग मुकाबले में राजस्थान ने उड़ीसा को कड़े संघर्ष में 3-2 से पराजित किया। बुधवार को प्रतियोगिता स्थल खेलगांव में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी खिलाड़ियों से मिले। इस दौरान राजस्थान हॉकी टीम व सत्र पर्यंत हॉकी एकेडमी के कोच दिग्विजय सिंह राणावत ने विभिन्न मैदानों पर खेले जा रहे मुकाबलों की जानकारी दी। वहीं शारीरिक शिक्षक घनश्याम खटीक एवं महेश्वर पाल सिंह सोढा के नेतृत्व में गांव के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर रात्रिकालीन अभ्यास व मैचों के लिए फ्लड लाइट लगाने की मांग रखी गई, जिस पर मंत्री खराड़ी ने पूर्ण प्रयास कर फ्लड लाइट लगवाने का आश्वासन दिया। लीग चरण के अंतिम मुकाबलों के परिणाम मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतिम लीग मुकाबलों के सुबह के सत्र में आंध्र प्रदेश ने बिहार को 6-0 से, हरियाणा ने तमिलनाडु को 5-1 से, दिल्ली ने उत्तराखंड को 4-0 से, विद्या भारती ने पुडुचेरी को 3-0 से, कर्नाटक ने जम्मू-कश्मीर को 4-3 से, पंजाब ने सीबीएसई वेलफेयर को 3-0 से, सीबीएसई ने तेलंगाना को 1-0 से, गुजरात ने डीएवी को 4-1 से, राजस्थान ने उड़ीसा को 3-2 से हराया। शाम के सत्र में बिहार ने विद्या भारती को 11-1 से, हरियाणा ने केरल को 5-3 से, सीआईएससीई ने तेलंगाना को 13-0 से तथा मध्य प्रदेश ने छत्तीसगढ़ को 5-0 से पराजित किया। ये टीमें नॉकआउट दौर में पहुंची: ग्रुप ए से झारखंड व मध्य प्रदेश, ग्रुप बी से चंडीगढ़ व दिल्ली, ग्रुप सी से उत्तर प्रदेश व गुजरात, ग्रुप डी से हिमाचल प्रदेश व पंजाब, ग्रुप ई से राजस्थान व उड़ीसा, ग्रुप एफ से हरियाणा व केरल, ग्रुप जी से सीआईएससीई व सीबीएसई तथा ग्रुप एच से आंध्र प्रदेश व बिहार ने प्री क्वार्टर में प्रवेश किया।
लद्दाख में खेलो इंडिया विंटर गेम्स आइस हॉकी में खेलेंगी राजस्थान टीमें
खेलो इंडिया विंटर गेम्स की आइस हॉकी स्पर्धा लेह लद्दाख में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में राजस्थान की पुरुष और महिला टीमें भी हिस्सा लेंगी। राजस्थान की महिला टीम पहली बार इसमें हिस्सा लेगी। राजस्थान की टीमों के लिए सलेक्शन ट्रायल 16 जनवरी को देहरादून में होगा। टॉप-8 टीमें लेती हैं हिस्सा राजस्थान आइस हॉकी एसोसिएशन के सदस्य विष्णु नारायण के अनुसार विंटर गेम्स में नेशनल आइस हॉकी चैंपियनशिप की टॉप 8 टीमें हिस्सा लेती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल देहरादून में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में राजस्थान की पुरुष टीम ने 7वें और महिला टीम ने 5वें स्थान पर रहते हुए विंटर गेम्स के लिए क्वालीफाई किया था। काउंसिल ने बनाई चयन समिति राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार पवन ने राजस्थान की टीमों के सलेक्शन के लिए एक सलेक्शन कमेटी का भी गठन किया है। हिमाद्री आइस हॉकी एरिना में आयोजित चयन स्पर्धा में खेल परिषद के हॉकी कोच हर्षवर्धन सिंह और आइस हॉकी एसोसिएशन की ओर से रविन्द्र काला के अलावा आइस हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि भी मौजूद रहेगा। देहरादून में चल रहा है राजस्थान का कैंप; विंटर गेम्स की तैयारी के लिए राजस्थान के आइस हॉकी खिलाड़ियों का कैंप 10 जनवरी से देहरादून में चल रहा है। कैंप में पुरुष और महिला वर्ग के करीब 35 सीनियर खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन्हें कोच आशु सिंह रावत कोचिंग दे रहे हैं। इसके साथ ही आइस हॉकी लीग भी देहरादून में खेली जा रही है। राजस्थान के दो खिलाड़ी पर्व शर्मा और रश्मि बिश्नोई हिमाचल की टीम में खेल रहे हैं। पुरुष वर्ग की टीमें : लद्दाख, आईटीबीपी, आर्मी, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर।महिला वर्ग की टीमें : आईटीबीपी, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान।
खरगोन में अखिल भारतीय महिला हॉकी टूर्नामेंट जारी है। बुधवार को प्रतियोगिता के चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। इन मैचों के बाद हिसार, मंदसौर, नागपुर और प्रयागराज की टीमों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मेजबान खरगोन की टीम क्वार्टर फाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। कोच इकबाल खान ने बताया कि हिसार और खेल युवक कल्याण विभाग फीडर सेंटर खरगोन के बीच हुए मुकाबले में हिसार की प्रिया ने दो और दीपा ने एक गोल किया। वहीं, खरगोन की आशी ने एक गोल दागा। हिसार ने यह मैच 3-1 से जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मंदसौर और नागपुर की टीमों ने भी जीते क्वार्टर फाइनल मुकाबले दूसरा मैच इलाहाबाद (प्रयागराज) और कोलारस शिवपुरी के बीच खेला गया। इसमें इलाहाबाद की अक्षया और रांची ने एक-एक गोल कर अपनी टीम को 2-0 से जीत दिलाई। इससे पहले मंदसौर और नागपुर की महिला टीमों ने भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। स्पर्धा में हॉकी एमपी के रेफरी जावेद खान, सौरभ राजपूत, साहिल यादव और शिव प्रकाश मौजूद रहे। इस दौरान महिला हॉकी अकादमी के अध्यक्ष मंजीतसिंह चावला, अशोक दीक्षित, सीए अनिल रघुवंशी, प्रकाश चंदानी, कोच काकासिंह छाबड़ा और निरंजन पाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। स्पर्धा से जुड़े सचिन मोरे ने जानकारी दी कि गुरुवार को सुबह के सत्र में पहला सेमीफाइनल हिसार बनाम नागपुर और दूसरा सेमीफाइनल इलाहाबाद बनाम मंदसौर के बीच खेला जाएगा। शाम को इन दोनों मुकाबलों की विजेता टीमों के बीच फाइनल मैच होगा।
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज से आज राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ओलंपियन नवनीत कौर ने चंडीगढ़ में उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान विज ने रांची में हीरो हॉकी इंडिया लीग चैंपियंस एसजी पाइपर्स की कप्तान और चैंपियनशिप की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ओलंपियन नवनीत कौर पर गौरवान्वित होते हुए अपना आशीर्वाद दिया। विज ने कहा कि हरियाणा के गौरव ओलंपियन नवनीत कौर ने हीरो हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह आने वाले टूर्नामेंट्स में भी देश का नाम रोशन करती रहेगी। विज ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। हरियाणा के शाहाबाद की रहने वाली हैं गौरतलब है कि भारतीय महिला हॉकी टीम की उप-कप्तान नवनीत कौर (शाहबाद की रहने वाली है) ने एसजी पाइपर्स की कप्तानी करते हुए अपनी टीम को फाइनल में विजयी नेतृत्व प्रदान किया। टीम ने रांची में आयोजित चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता, जबकि नवनीत कौर को न केवल कप्तान के रूप में सम्मानित किया गया, बल्कि उन्हें 'चैंपियनशिप की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी' का खिताब भी प्रदान किया गया। नवनीत कौर का यह प्रदर्शन हरियाणा के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ओलिंपिक स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं नवनीत ने अपनी कड़ी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और खेल कौशल से साबित कर दिया कि हरियाणा का खेल क्षेत्र विश्व पटल पर अव्वल है।
1980 में मास्को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड आईजी दविंदर सिंह गरचा का शनिवार को निधन हो गया था। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किशनपुरा श्मशान घाट में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में शहर के प्रसिद्ध खिलाड़ी राज नेता पहुंचे। बता दें कि, रिटायर्ड आईजी दविंदर सिंह गरचा को जालंधर स्थित घर में सुबह हार्ट अटैक आया था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उन्हें स्टेंट डाले गए थे और उनकी तबीयत स्थिर थी। 1980 में हुए ओलिंपिक में उन्होंने 6 मुकाबलों में आठ गोल कर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। इंटरनेशनल स्तर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। वह फेमस मोहित सिंह मुंशी हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष रहे। उनके निधन पर सुरजीत हॉकी कमेटी सहित कई खेल संस्थाओं और ओलिंपियनों ने दुख जताया है। इस अवसर जालंधर के सुरजीत हॉकी के आईपीएस इकबाल सिंह, सुरिंदर भापा, ओलिंपियन अनिल कुमार के अलावा शहर नेता भी पहुंचे और शोक जताया और परिजनों को सांत्वना दी। गरचा ने 30 से अधिक इंटरनेशनल मैच खेले इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में कर चुके भारत का प्रतिनिधित्वगरचा का जन्म 7 दिसंबर 1952 को हुआ। वह 3 इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। अपने करियर में 30 से अधिक इंटरनेशनल मैच खेले। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 19 गोल किए।
राजगीर में बुधवार से मकर मेला 2026 की शुरुआत हो गई। मेला का उद्देश्य पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार और विधान पार्षद रीना यादव ने दीप जलाकर कर राजकीय मकर मेला का उद्घाटन किया। इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने राजगीर के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि कभी यह मेला 10-10 किलो की मूली और कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राजगीर अंतरराष्ट्रीय खेलों और आधुनिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। 'संस्कृति को बचाते हुए सरकार ने विकास की नई लकीर खींची है' श्रवण कुमार ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि बचपन में हम कुंड स्नान के बाद मेले में डेढ़-दो हाथ लंबी और 10 किलो वजनी मूली देखने आते थे। आज सरकार ने संस्कृति को बचाते हुए विकास की नई लकीर खींची है। अब राजगीर में अंतरराष्ट्रीय हॉकी और रग्बी के मैच हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2008 में जहां सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में लड़कियों की संख्या मात्र 1.70 लाख थी, वह आज बढ़कर 9 लाख हो गई है। बिहार देश का पहला राज्य है जहां एक महीने में 1.20 लाख शिक्षकों की बहाली हुई और 44 हजार से ज्यादा बेटियां पुलिस विभाग में सेवा दे रही हैं। पर्यटकों को अपना परिवार समझें नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपने परिवार का सदस्य समझें। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति मेले में भीड़ होती है, ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी पर्यटक को कोई कष्ट न हो और कोई अप्रिय घटना न घटे। राजगीर का सम्मान देश-दुनिया में बढ़ा है, उसे बरकरार रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। सत्तारूढ़ दल की सचेतक और विधान पार्षद रीना यादव ने मंच से छात्राओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, साइकिल, पोशाक और कन्या उत्थान योजना (मैट्रिक में 10 हजार, इंटर में 25 हजार और स्नातक में 50 हजार) चला रही है। उन्होंने बच्चियों से आह्वान किया कि वे पढ़-लिखकर सीओ और बीडीओ बनें और इस मंच को साझा करें। समारोह में 'उल्टी गंगा' बहने के मुहावरे को सच करने का भी जिक्र हुआ। मंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार की नदियों का पानी अब राजगीर, गया और नवादा के हर घर में नल के जरिए पहुंच रहा है। मौके पर डीएम, एसपी समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बेटियों को हॉकी के प्रति उत्साहित करने के लिए सिक्स-ए-साइड टूर्नामेंट करवाएंगे
जालंधर | रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिष्ठित बिल्डर सुखदेव सिंह और बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट एवं इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप के डॉ. अनूप बौरी को खेल प्रमोटर सुरिंदर सिंह भापा द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर खेल प्रमोटर सुरिंदर सिंह भापा ने कहा कि बिल्डर सुखदेव सिंह द्वारा खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर सहयोग किया है। इस मौके पर बिल्डर स. सुखदेव सिंह ने कहा कि पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वे हमेशा प्रयत्नशील हैं। उन्होंने घोषणा की कि महिला हॉकी के विकास के लिए वे बहुत जल्द 'सिक्स-ए-साइड हॉकी टूर्नामेंट' आयोजित करवाएंगे, ताकि पंजाब की बेटियों में हॉकी के प्रति उत्साह पैदा हो सके। डॉ. अनूप बौरी ने कहा कि सुरजीत हॉकी सोसायटी द्वारा हॉकी के विकास के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने अकादमी में बच्चों को शुरुआत से ही हॉकी से जोड़ने और खेल विकास के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने ऐलान किया कि इनोसेंट हार्ट्स स्कूल अगले सत्र से 'जूनियर महिला हॉकी टीम' बनाएगा, ताकि लड़कियों को हॉकी खेलने के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। इस मौके पर खेल प्रमोटर सुरिंदर सिंह भापा ने बिल्डर सुखदेव सिंह और डॉ. अनूप बौरी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
डिफेंडिंग चैंपियन श्राची बंगाल टाइगर्स ने तमिलनाडु ड्रैगन्स को 5-3 से दी शिकस्त
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे मेंस हॉकी इंडिया लीग 2026 के मुकाबले में मंगलवार को डिफेंडिंग चैंपियन श्राची बंगाल टाइगर्स ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगन्स को 5-3 से शिकस्त दी। कप्तान जुगराज सिंह की हैट्रिक की बदौलत टाइगर्स ने न सिर्फ अहम जीत दर्ज की, बल्कि अंक तालिका में सातवें स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंचते हुए प्लेऑफ की उम्मीदें भी जिंदा रखीं। टाइगर्स की जीत के नायक कप्तान जुगराज सिंह रहे, जिन्होंने 11वें, 43वें और 45वें मिनट में गोल कर हैट्रिक पूरी की। इस लीग में जुगराज हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले एचआईएल जीसी के केन रसेल तीन बार हैट्रिक कर चुके हैं। जुगराज के अलावा सुखजीत सिंह (33’) और अभिषेक (55’) ने भी गोल कर टाइगर्स की जीत पक्की की। वहीं ड्रैगन्स के लिए अद्रोहित एक्का (36’), थॉमस सॉर्सबी (48’) और ब्लेक गोवर्स (51’) ने गोल दागे, लेकिन टीम जीत से दूर रह गई। तमिलनाडु ड्रैगन्स के कप्तान अमित रोहिदास ने कहा कि पहले हाफ में टीम को कई मौके मिले, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदला जा सका। वहीं बंगाल टाइगर्स ने मिले अवसरों का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम लगातार दो मैच हार चुकी है, लेकिन अगला मुकाबला भुवनेश्वर में पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ खेलेगी। चौथे क्वार्टर में तमिलनाडु ड्रैगन्स ने जोरदार वापसी की। 48वें मिनट में थॉमस सॉर्सबी और 51वें मिनट में ब्लेक गोवर्स ने गोल कर स्कोर 4-3 कर दिया, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मैच के अंतिम चरण में मिले पेनाल्टी कॉर्नर पर अभिषेक ने 55वें मिनट में शानदार डिफ्लेक्शन से गोल कर स्कोर 5-3 कर दिया। यही गोल टाइगर्स की जीत पर मुहर साबित हुआ। जीत से लौटा टीम का आत्मविश्वास : जुगराज सिंह श्राची बंगाल टाइगर्स के कप्तान जुगराज सिंह ने कहा कि बैक-टू-बैक हार के बाद टीम पर दबाव था, लेकिन आज शानदार प्रदर्शन से आत्मविश्वास लौटा है। उन्होंने कहा कि पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना जीत की कुंजी है। अब टीम का पूरा फोकस आने वाले मैचों में केवल जीत पर रहेगा। पहले क्वार्टर से ही आक्रामक रुख, पेनाल्टी स्ट्रोक से बढ़त मैच की शुरुआत से ही टाइगर्स ने आक्रामक रुख अपनाया। 11वें मिनट में ड्रैगन्स की डिफेंस से हुई चूक पर टाइगर्स को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे जुगराज सिंह ने गोल में तब्दील कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दिग्गज गोलकीपर डेविड हार्टे के सामने जुगराज का लो और पावरफुल शॉट पूरी तरह सटीक रहा। तीसरे क्वार्टर में बदला मैच का रुख पहला हाफ भले ही ज्यादा गोलरहित रहा, लेकिन तीसरे क्वार्टर में टाइगर्स ने खेल का पूरा रुख पलट दिया। 33वें मिनट में टॉमी विलेम्स और अभिषेक के शानदार मूव को सुखजीत सिंह ने गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। हालांकि 36वें मिनट में अद्रोहित एक्का ने पेनाल्टी कॉर्नर से ड्रैगन्स के लिए गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन इसके बाद जुगराज सिंह ने लगातार दो गोल (43’ और 45’) दागकर स्कोर 4-1 कर दिया और अपनी हैट्रिक पूरी की।
राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता में मेजबान राजस्थान की डबल जीत
शहर में जारी 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र वर्ग) में मंगलवार को लीग मुकाबलों में राजस्थान टीम ने शानदार प्रदर्शन कर अपने दोनों मैच जीत लिए। राजस्थान ने पहले कर्नाटक को 4-1 से पराजित किया। फिर जम्मू-कश्मीर को 4-2 से शिकस्त दी। टीम की जीत में चेस्ट नंबर 17 अमित सिंह सहित सत्र पर्यंत हॉकी अकादमी, फतह राउमावि सूरजपोल (उदयपुर) के तीन खिलाड़ियों- अमित पांडे, आशीष डामोर (धोल की पाटी) और कृष्णा गमेती का ऑलराउंड प्रदर्शन निर्णायक रहा। इन खिलाड़ियों ने दबावपूर्ण परिस्थितियों में मैच का रुख पलटते हुए टीम को जीत दिलाई। राजस्थान हॉकी टीम के प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत और टीम मैनेजर बलवंत चौधरी के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और रणनीतिक समझ का परिचय दिया। आयोजकों ने बुधवार के मुकाबलों का शिड्यूल भी जारी कर दिया है। राजस्थान का अगला लीग मुकाबला ओडिशा के खिलाफ खेलगांव एस्ट्रो टर्फ मैदान पर सुबह 7:30 बजे होगा। अन्य मुकाबलों में आंध्र प्रदेश बनाम बिहार, तमिलनाडु बनाम हरियाणा, उत्तराखंड बनाम दिल्ली सहित कई रोमांचक मैच होंगे। दूसरे दिन 12 मुकाबले, इन टीमों ने दर्ज कराई जीत: खेलगांव एस्ट्रो टर्फ मैदान पर राजस्थान ने जम्मू-कश्मीर को 4-2 से हराया, झारखंड ने छत्तीसगढ़ को 18-1 से हराया, केरल ने तमिलनाडु को 6-1 से हराया, राजस्थान ने कर्नाटक को 4-1 से हराया, आईपीएससी ने तेलंगाना को 5-4 से हराया। दूसरी ओर बीएन कॉलेज ग्राउंड (ए) पर केरल ने महाराष्ट्र को 4-1 से हराया, सीआईएससीई ने आईपीएससी को 5-1 से हराया, उत्तर प्रदेश ने डीएवी को 7-0 से हराया। बीएन कॉलेज ग्राउंड (बी) पर चंडीगढ़ ने उत्तराखंड को 5-2 से हराया। एमबी कॉलेज ग्राउंड: हिमाचल ने सीबीएसई वेलफेयर को 25-0 से हराया, पंजाब ने हिमाचल को 5-1 से हराया, बिहार ने पुदुचेरी को 10-1 से हराया।
शहर में जारी 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र वर्ग) में हिस्सा लेने आए नेशनल स्तर के खिलाड़ी बदहाल व्यवस्थाओं से जूझने को मजबूर हैं। खिलाड़ियों को धर्मशालाओं और छात्रावासों में बेहद असुविधाजनक हालात में ठहराया गया है, जहां ठंड से बचाव, स्नान और आराम जैसी मूलभूत सुविधाएं तक पर्याप्त नहीं हैं। मंगलवार को भास्कर टीम ने पड़ताल की। सामने आया कि कड़ाके की सर्दी में खिलाड़ियों को नहाने के लिए चूल्हे पर पानी गर्म करवाकर 20 रुपए में खरीदना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, यह पानी दो या तीन मंजिल ऊपर सीढ़ियां चढ़कर कमरों तक ले जाना पड़ रहा है। बता दें, पिछले साल 24 नवंबर से 4 दिसंबर तक खेलो इंडिया टूर्नामेंट हुआ था। तब नेशनल खिलाड़ियों को बड़े होटलों में ठहराने के साथ खाने-पीने की भरपूर व्यवस्थाएं दी गई थीं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पलंग तो दूर, दरी-चादर तक नहीं फतह स्कूल रोड स्थित चंपालाल धर्मशाला में खिलाड़ियों को बिना पलंग के फर्श पर पुराने और बदबूदार गद्दों पर सोने के लिए मजबूर किया गया है। नीचे दरी तक नहीं बिछाई गई। बदबू से बचने के लिए अधिकांश खिलाड़ियों ने अपनी निजी चादरें बिछा रखी हैं। यहां दिल्ली और महाराष्ट्र की टीमें ठहरी हुई हैं। कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि खाने की व्यवस्था भी अपने स्तर पर करनी पड़ रही है। इन टीमों को भोजन के लिए प्रति खिलाड़ी 300 रुपए प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। कुछ खिलाड़ी पैदल ही बीएन कॉलेज मैदान तक जाते नजर आए। इस पर आयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने दावा किया कि मैदान तक ले जाने के लिए बस की व्यवस्था है, लेकिन भास्कर टीम को मौके पर कोई बस नजर नहीं आई। धर्मशाला: नहाने को गर्म पानी चाहिए तो बाल्टी लेकर दो-तीन माले चढ़ो, हर बाल्टी के 20 रु. दो चित्रकूट नगर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (जनजाति बालिका छात्रावास) में भी अधिकांश टीमों को ठहराया गया है। यहां अलग-अलग मंजिलों पर टीमें रखी गई हैं। आंध्रप्रदेश की टीम जिस कमरे में ठहरी थी, वहां भी बिना चादर, बिना दरी और बिना पलंग के गद्दे फर्श पर बिछे मिले। ग्राउंड फ्लोर पर भोजन के पैकेट तैयार हो रहे थे और यहीं से खिलाड़ियों को मैदान तक ले जाने के लिए बस आती-जाती दिखी। वीआईपी व्यवस्था अलग : जहां खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम सुविधाएं भी नाकाफी हैं, वहीं आयोजन से जुड़े अधिकारियों और ऑफिशियल्स के लिए वीआईपी व्यवस्थाएं की गई हैं। खिलाड़ियों के साथ आए ऑफिशियल्स को अलग-अलग समाजों के बेहतर भवनों में ठहराया गया है। प्रतियोगिता में 400 से अधिक शारीरिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन जिम्मेदारी किसकी है और निगरानी कौन कर रहा है-इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
दुर्गा सिंह फुटबॉल ट्रॉफी में खेले गए दो मैच:अजेक्स 1-0 से जीता, स्पार्टन ने 4-0 से दर्ज की बड़ी जीत
मेरठ फुटबॉल संघ की ओर से तोपखाना फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित दुर्गा सिंह ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के सातवें दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता लीग आधार पर खेली जा रही है, जिसमें जीत पर 3 अंक, ड्रॉ पर 1-1 अंक और हार पर शून्य अंक दिए जा रहे हैं। दिन का पहला मुकाबला अजेक्स एफसी और जैनेक्स एफसी के बीच खेला गया। मैच का पहला हाफ गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दूसरे हाफ के 20वें मिनट में अजेक्स एफसी के अन्वेषण ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 से जीत दिलाई। निर्णायक गोल के साथ बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अन्वेषण को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच के मुख्य अतिथि मेरठ फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गौरव सिंह रहे। मुकाबले के निर्णायक गुरदेव सिंह तथा सह-निर्णायक आकाश भटनागर और दानिश अहमद रहे। दूसरा मुकाबला एबीसीडी एफसी और स्पार्टन एफसी के बीच खेला गया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सकीं। दूसरे हाफ में स्पार्टन एफसी ने शानदार खेल दिखाते हुए 15वें मिनट में कृष्णा, 25वें मिनट में अमित, 28वें मिनट में फिर कृष्णा और अंतिम क्षणों में पेनल्टी पर निश्चय के गोल से 4-0 की बड़ी जीत दर्ज की। इस मैच में स्पार्टन एफसी के कृष्णा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। दूसरे मैच के मुख्य अतिथि वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी वेद प्रकाश शर्मा और सेवानिवृत्त मेरठ विकास प्राधिकरण अधिकारी दिलीप गुप्ता रहे। निर्णायक की भूमिका विक्रांत राजपूत ने निभाई, जबकि सह-निर्णायक दानिश अहमद और अर्पण रहे। प्रतियोगिता के दौरान वरिष्ठ फुटबॉल खिलाड़ी अमरजीत सिंह बाबू, सुधीर भटनागर, आकाश भटनागर सहित निर्णायक पैनल का सहयोग रहा। दोनों मैचों के दौरान सचिव ललित पंत, सह सचिव हरीश ठाकुर सहित कई वरिष्ठ खिलाड़ी और कोच उपस्थित रहे। आयोजन सचिव हरीश ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता के तहत कल दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच एमवाईएफए एफसी बनाम चंदा एफसी और दूसरा मुकाबला ई-लाइट एफसी बनाम मेरठ स्पोर्टिंग के बीच होगा।
उदयपुर के सरकारी फतह स्कूल की मेजबानी में चल रही नेशनल लेवल स्कूली हॉकी प्रतियोगिता (19वर्ष) में दूसरे दिन राजस्थान की टीम ने दो लीग मुकाबले जीते। पहले मुकाबले में जम्मू कश्मीर को टीम को 4-2 से शिकस्त दी। खेलगांव के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर यह मुकाबला हुआ। जिसमें से शुरू से राजस्थान की टीम हावी रही। खेल के मध्य में जम्मू ने दो गोल दागते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुई। वहीं, दूसरा मुकाबला कनार्टक की टीम को 4-1 से हराकर जीता। इसमें राजस्थान के खिलाड़ी अमित पांडे, आशीष डामोर, कृष्णा गमेती ने शानदार प्रदर्शन किया। ये हैं आज के रिजल्टखेलगांव मैदान पर अन्य मुकाबले में झारखंड ने छत्तीसगढ़ को 18-1 से हराया, केरल ने तमिलनाडु को 6-1 से, आईपीएससी ने तेलंगाना को 5-4 से शिकस्त दी। वहीं, बीएन कॉलेज मैदान पर हुए मुकाबलों में केरल ने महाराष्ट्र को 4-1 से, सीआईएसई ने आईपीएससी को 5-1 से और उत्तर प्रदेश ने डीएवी को एकतरफा 7-0 से मात दी। इसी तरह तीसरे एमबी मैदान पर हुए मुकाबलों में हिमाचल प्रदेश ने सीबीएसई वेलफेयर को 2-0 से करारी शिकस्त दी। पंजाब ने हिमाचल को 5-1 से और बिहार ने पुड्डुचेरी को 10-1 से हराया। खिलाड़ियों को समय पर भोजन-पानी की व्यवस्था के निर्देशपानी, भोजन और नाश्ता सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मीडिया समिति प्रभारी गोपालसिंह आसोलिया ने केन्द्रीय खेल कक्ष में बैठक ली। जिसमें संबंधित प्रभारियों को कहा कि खिलाड़ियों और स्टाफ को समय पर भोजन-पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी तरह अव्यवस्था की शिकायत पर तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
खेलो एमपी यूथ गेम्स का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन:वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर शो के साथ होगी शुरुआत
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े खेल आयोजन खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरुआत 13 जनवरी की शाम 6 बजे राजधानी भोपाल के बोट क्लब, बड़े तालाब पर होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर शो, भव्य आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच यूथ गेम्स का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन समारोह में गायिका शेफाली अल्वारेस और दिव्या कुमार अपनी प्रस्तुति देंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और आयोजन प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। देश में पहली बार संयुक्त समन्वय से आयोजन मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित किए जा रहे हैं। झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के इस खेल महाकुंभ की शुरुआत होगी, जहां उद्घाटन समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। चार चरणों में प्रतियोगिता, 1.50 लाख खिलाड़ी होंगे शामिल खेलो एमपी यूथ गेम्स की प्रतियोगिताएं 31 जनवरी तक चलेंगी। आयोजन चार चरणों विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर से करीब डेढ़ लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता मिलेगी। 28 से 31 जनवरी तक राज्य स्तरीय मुकाबले राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को करीब 4 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रथम पुरस्कार 31 हजार, द्वितीय 21 हजार और तृतीय 11 हजार रुपए का होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से शुरू होगी। 28 खेलों में होंगे मुकाबले खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी। बेहतर समन्वय के लिए विभाग ने खेल संघों के साथ समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की है। उद्घाटन और समापन समारोह में खेल प्रेमियों के साथ राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिन क्षेत्रों में जिस खेल की परंपरा और लोकप्रियता है, वहीं उन खेलों का आयोजन किया जाएगा। 313 विकासखंडों की सहभागिता ब्लॉक स्तर से शुरू होने वाली चयन प्रक्रिया में प्रदेश के 313 विकासखंड शामिल होंगे। राज्य स्तर पर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम और शहडोल संभागों की टीमें भाग लेंगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। अलग-अलग चरणों में खेलों का आयोजन तीन चरणों में 11 खेल- हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखंब, कुश्ती, जूडो, शतरंज और वेटलिफ्टिंग—आयोजित होंगे।चार चरणों में 10 खेल—फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकस्सी और कबड्डी—खेले जाएंगे।आर्चरी, ताइक्वांडो, क्याकिंग-कैनोइंग, रोइंग, फेंसिंग, शूटिंग और थ्रो-बॉल की प्रतियोगिताएं सीधे राज्य स्तर पर होंगी। प्रदेश भर में अलग-अलग खेल स्थल भोपाल में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, क्रिकेट (पुरुष), रोइंग, क्याकिंग-कैनोइंग, स्विमिंग, शूटिंग और हॉकी (पुरुष) होंगे। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस और टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में हॉकी (महिला) और बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखंब और योगासन, जबलपुर में खो-खो और आर्चरी, रीवा में फुटबॉल, नर्मदापुरम में शतरंज और सागर में जूडो प्रतियोगिताएं होंगी। अन्य जिलों में होने वाले खेल
एसजी पाइपर्स को मिली पहली जीत, हैदराबाद को 2-1 हराया
रांची | मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में चल रही मेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग में सोमवार को दो अहम मुकाबले हुए। इसमें एक ओर एसजी पाइपर्स ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर एचआईएल जीसी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगन्स को 4-2 से पराजित कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। टीम का तालमेल बेहतर रहा : हार्दिक एचआईएल जेसी के कप्तान हार्दिक ने कहा कि खिलाड़ियों के बीच तालमेल लगातार बेहतर हो रहा है। मजबूत कंबीनेशन और स्पष्ट भूमिका के कारण टीम आत्मविश्वास के साथ खेल रही है, जिसका असर मैदान पर दिख रहा है। वहीं, तमिलनाडु के कप्तान अमित रोहिदास ने हार के बाद कहा कि टीम की धीमी शुरुआत महंगी साबित हुई। फिनिशिंग की कमी के कारण जीत से चूक गए। एसजी पाइपर्स के टोमस ने दो गोल दागे एचआईएल की जीत के नायक रहे केन दूसरे मुकाबले में एचआईएल जीसी ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए अकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगन्स को 4-2 से शिकस्त दी। इस जीत के नायक रहे केन रसेल, जिन्होंने टूर्नामेंट की अपनी तीसरी हैट्रिक जमाई। मैच की शुरुआत भले ही ड्रैगन्स ने आक्रामक अंदाज में की, लेकिन गोलकीपर जेम्स मज़ारेलो ने शुरुआती हमलों को नाकाम कर दिया। 14वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर केन रसेल ने ड्रैग फ्लिक से गोल कर बढ़त दिलाई। इसके बाद 23वें मिनट में ललित के शानदार पास पर सैम वॉर्ड ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में ब्लेक गोवर्स ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर ड्रैगन्स को 2-1 से करीब लाया, लेकिन अगले ही मिनट केन रसेल ने दूसरा गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। चौथे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर पर केन रसेल ने तीसरा गोल दागकर हैट्रिक पूरी की। अंत में 56वें मिनट में उत्तम सिंह ने ड्रैगन्स के लिए एक गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मुकाबला एचआईएल जीसी के पक्ष में जा चुका था। एसजी पाइपर्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए हैदराबाद तूफान्स को 2-1 से मात देकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। मुकाबले में टोमस डोमेन ने दो गोल दागे, जबकि गोलकीपर टोमस सैंटियागो की बेहतरीन बचाव क्षमता ने टीम को यादगार जीत दिलाई। मैच की शुरुआत से ही एसजी पाइपर्स ने आक्रामक खेल अपनाया। 8वें मिनट में टोमस डोमेन ने शानदार ड्रैग फ्लिक से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में हैदराबाद तूफान्स ने दबाव बनाने की कोशिश की। 29वें मिनट में रोमन डुवेकोट के शानदार मूव के बाद टोमस डोमेन ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में हैदराबाद ने वापसी की कोशिश तेज की और 41वें मिनट में अमनदीप लाकड़ा ने ड्रैग फ्लिक से गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। अंतिम क्वार्टर में तूफान्स को पेनल्टी स्ट्रोक का सुनहरा मौका मिला, लेकिन गोलकीपर टोमस ने जैकरी वालेस का स्ट्रोक रोक दिया। अंतिम मिनटों में उनके लगातार दो शानदार सेव ने पाइपर्स की जीत सुनिश्चित कर दी।
रात में डाले ड्रॉ सुबह होते ही बदले, अब आयोजक, एसजीएफआई और शिक्षा विभाग के अलग बयान
अब जानिए तीनों पक्षों ने क्या जवाब दिया {एसजीएफआई फील्ड ऑफिसर कपिलकान्त ने कहा कि रात को ड्रॉ डाला गया था, लेकिन उसमें कुछ तकनीकी और डाटा संबंधी कमियां थीं। एसजीएफआई के नियमों के अनुरूप न होने के कारण इसे ठीक करवाया गया। लखनऊ मुख्यालय से संशोधित ड्रॉ की सूचना ई-मेल से भेजी है, ताकि लापरवाही न रहे। {जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती ने बताया कि ड्रॉ पर उनके हस्ताक्षर करवाए गए थे और एक टीम की ओर से आपत्ति भी जताई गई थी। तकनीकी कारणों से ड्रॉ को एसजीएफआई भेजा गया, इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं थी। {फतह स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने कहा कि रात में किसी तरह का कोई ड्रॉ नहीं डाला गया था। एसजीएफआई के नियमों के अनुसार ही ड्रॉ तैयार हुआ है और उसी के आधार पर मुकाबले कराए जा रहे हैं। नतीजा : देरी से शुरू हुए मुकाबले, टीमें और ऑफिशियल हैरान सुबह उद्घाटन के बाद जब ड्रॉ बदले जाने की जानकारी दी गई तो कई टीमों और अधिकारियों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि रात में ड्रॉ के समय एसजीएफआई के फील्ड ऑफिसर भी मौजूद थे और उस पर उनके हस्ताक्षर भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रात में डाले गए ड्रॉ और लखनऊ से संशोधित होकर आए ड्रॉ में कुछ मुकाबलों की टीमें बदल दी गई थीं। इसी कारण पहले दिन के मुकाबले तय समय पर शुरू नहीं हो सके और शाम तक टलते रहे। पहले दिन शाम को खेलगांव मैदान पर कर्नाटक बनाम ओडिशा, एमबी मैदान पर आंध्र प्रदेश बनाम पुदुचेरी तथा बीएन मैदान पर आईपीएससी बनाम सीबीएसई और तमिलनाडु बनाम महाराष्ट्र के मुकाबले खेले गए। उदयपुर | शहर में सोमवार से शुरू हुई 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी हॉकी (अंडर-19) प्रतियोगिता के पहले ही दिन ड्रॉ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पीएमश्री राजकीय फतह सीनियर सेकंडरी स्कूल की मेजबानी में शुरू हुई इस प्रतियोगिता में रविवार रात को ड्रॉ डाला गया था, ताकि यह तय हो सके कि कौन-सी टीम किससे और कब मुकाबला करेगी। बताया गया कि यह ड्रॉ स्कूल प्रशासन, एसजीएफआई फील्ड ऑफिसर और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया तथा उस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी करवाए गए। हालांकि सोमवार सुबह यह ड्रॉ बदल दिए जाने से स्थिति उलझ गई। एसजीएफआई के फील्ड ऑफिसर कपिलकान्त ने ड्रॉ में खामियां बताते हुए इसे एसजीएफआई मुख्यालय, लखनऊ भेजकर संशोधित करवाया। ड्रॉ रात में डालने और सुबह बदलने को लेकर सवाल उठे तो आयोजक फतह स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने रात में ड्रॉ डाले जाने से ही इनकार कर दिया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) लोकेश भारती ने भी तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया।
राज्य में मार्च तक 54 एकलव्य सेंटर खुल जाएंगे
आज 9 केंद्र शुरू होंगे राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए मार्च तक 54 एकलव्य सेंटर खोले जाएंगे। योजना 68 केंद्र खोलने की है, जिनमें से 54 को चिह्नित किया गया है। इनमें पहले से चल रहे 23 केंद्र भी शामिल हैं। इन केंद्रों को पिछले साल जनवरी में रिनोवेशन के लिए बंद किया गया था। अब नई सुविधाओं के साथ इन्हें शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा 31 नए एकलव्य सेंटर शुरू होंगे। इनमें खिलाड़ियों को खेल के प्रशिक्षण के साथ पढ़ाई और रहने की सुविधा होगी। इस महीने 17 केंद्र खोलने की तैयारी है। मंगलवार को 9 सेंटर, जबकि 15 जनवरी को 8 केंद्र शुरू होंगे। जिनमें 23 खेल विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने समीक्षा बैठक भी की। पहले चरण में ये केंद्र एकलव्य सेंटर में दाखिले के लिए पात्रता व सुविधाएं आयुवर्ग : 12-14 वर्ष, एथलीट्स की संख्या- 30, फैसिलिटीज : आवासन, भोजन, ट्रेनिंग फैसिलिटीज व एजुकेशन भी। हर महीने 1000 तक स्कॉलरशिप सपोर्ट, 20 हजार तक कॉम्पिटिशन एक्सपोजर, इंश्योरेंस सपोर्ट स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, एकेडमिक सपोर्ट, कोच की सैलरी बढ़ाने के साथ रिवॉर्ड दिए जाएंगे। दो लेवल का मॉनिटरिंग सिस्टम : स्टेट लेवल पर एसीएस स्पोर्ट्स और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर डीएम एकलव्य सेंटरों की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए eEklavya पोर्टल बनाया गया है, जिसके जरिए कहीं से भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकती है। पटना : रेसलिंग (बालक) नालंदा : हॉकी (बालक-बालिका) सीवान : हैंडबॉल (बालिका) बक्सर : कबड्डी (बालक) सीतामढ़ी : कबड्डी (बालिका) बेगूसराय : ताइक्वांडो (बालक) नालंदा : शूटिंग (बालक) रोहतास : बास्केटबॉल (बालक) कैमूर : वॉलीबॉल (बालक) कैमूर : रेसलिंग (बालक) औरंगाबाद : बैडमिंटन (बालक) कैमूर : एथलेटिक्स (बालक) सीवान : वॉलीबॉल (बालक) मुंगेर : फुटबॉल (बालक)
उदयपुर के सरकारी फतह स्कूल की मेजबानी में नेशनल लेवल स्कूली हॉकी प्रतियोगिता (19वर्षीय) का सोमवार को आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह के बाद प्रतियोगिता में टीमों के पूल को लेकर विवाद हो गया। महाराष्ट्र की टीम ने पूल में अपने स्थान को लेकर आपत्ति जताई। इसे लेकर उन्होंने खेलने से मना कर दिया। इसके बाद आयोजनकर्ता ने स्कूल फेडरेशन और शिक्षा निदेशालय को पूरा मामला बताया। इसके बाद नियमानुसार 28 टीमों के 8 पूल निर्धारित किए गए। इस कारण से खेलगांव मैदान पर मैच देरी से शुरू हो सका। जनजाति मंत्री बोले- खेलों को बढ़ावा देने का प्रयासइधर, मैच से पहले MB कॉलेज ग्राउंड पर उद्घाटन समारोह हुआ। इसमें मुख्य अतिथि जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत और शहर विधायक ताराचंद जैन थे। जनजाति मंत्री ने कहा- सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों में पढ़ाई के साथ खेलों के प्रति जागरूकता बढ़नी चाहिए, ताकि बच्चे का सर्वांगीण विकास हो। सांसद रावत और विधायक जैन ने भी खेलों को बढ़ावा देने की बात कहते हुए सहयोग करने का आश्वासन दिया।
मऊगंज जिले में बीती रात कुछ लोगों ने जमीनी विवाद के चलते मां-बेटे पर हमला कर दिया। उनके साथ मारपीट की। तलवार जैसे धारदार हथियार चलाए। बचने के लिए महिला पुलिस थाने पहुंची तो वहां मौजूद एसआई ने भौजाई कहकर उसका मजाक उड़ाया। केस को आपसी समझौते से रफा-दफा करने की बात कही। मामला रविवार रात को बनपाडर गांव का है। घायल सरिता शर्मा और उसके बेटे आकाश को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जान से मारने की धमकी देकर भागेसरिता शर्मा ने कहा- परिवार के ही प्रमोद पांडे, ऋषभ पांडे, श्रद्धा पांडे, राम गणेश शर्मा और रमाकांत शर्मा रविवार रात घर में घुस आए। जमीन विवाद को लेकर गालीगलौज करने लगे। बेटे आकाश ने आपत्ति जताई तो तलवार और टांगी से हमला कर दिया। मैंने बचाने की कोशिश की तो राम गणेश ने टांगी मार दी। वो लोग धमकी दे रहे थे कि सबको जान से मार देंगे। शासन-प्रशासन कोई कुछ नहीं कर पाएगा। शोर सुनकर आसपड़ोस के लोग आए तो सभी आरोपी भाग गए। इसके बाद मैं थाने पहुंची तो वहां मेरी सुनवाई नहीं हुई। मौके पर मौजूद एसआई ज्ञानेंद्र पटेल ने 'भौजाई' कहकर मेरा मजाक उड़ाया। थाने से भगा दिया। तहसील में पेशी के दौरान भी की थी मारपीटसरिता ने कहा- हमारा आरोपियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनके पिता अपने हिस्से की जमीन बेच चुके हैं। अब वे हमारी जमीन से हिस्से की मांग कर रहे हैं। तहसील में पेशियां होती हैं। कुछ दिन पहले पेशी के दौरान आरोपियों ने मेरे जेठ को बल्ला और हॉकी से मारा था। मेरे पति और बेटे ने विरोध किया। जेठ को बचाया। तब से ही वे मौका ढूंढ रहे थे। कल मेरे घर में घुसकर हमला किया। कलेक्टर-एसपी भी नहीं सुन रहे शिकायतसरिता ने बताया कि उन्होंने कई बार मऊगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे उनके हौसले बुलंद हैं। न कलेक्टर सुन रहे हैं, न एसपी। टीआई बोले- किसने भौजाई कहा, पता नहींमऊगंज थाने के टीआई संदीप भारतीय ने कहा- बीट प्रभारी एसआई ज्ञानेंद्र पटेल, बनपाडर गांव में विवेचना करने पहुंचे थे। लेकिन महिला को किसने 'भौजाई' कहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। वहीं, एएसपी विक्रम सिंह ने कहा- बनपाडर गांव में दो पक्षों के बीच जमीन का मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है। सरिता शर्मा के बयान के आधार पर प्रमोद पांडे, ऋषभ पांडे, राम गणेश शर्मा और रमाकांत शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआई ने कहा- महिला के आरोप निराधारवहीं, एसआई ज्ञानेंद्र पटेल ने बताया कि वे तहसील में मारपीट की घटना की जांच करने रविवार दोपहर को बनपाडर गांव गए थे। यहां आरोपी पक्ष के बयान दर्ज कर नक्शा-मौका बनाया जा रहा था। इसी दौरान सरिता और उनके पति वहां पहुंच गए और शोर-शराबा करने लगे। एसआई पटेल ने कहा था कि पहले यहां की विवेचना पूरी कर ली जाए, उसके बाद सरिता के घर जाकर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वे जैसे ही सरिता के घर पहुंचे, उन्हें ढेरा गांव में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के दौरे की सूचना मिली। उन्हें विवेचना अधूरी छोड़कर जाना पड़ा। पटेल ने कहा- महिला द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। मैं अपनी भाभी को भी कभी भौजाई कहकर संबोधित नहीं करता, तो किसी अन्य महिला के साथ इस प्रकार की टिप्पणी करने का सवाल ही नहीं उठता। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं... ये खबर भी पढ़ें... पुलिसकर्मी पर आरोप लगाकर खुदकुशी की, VIDEO मैहर के अमरपाटन थाना इलाके में पुलिसकर्मी की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर अनंतराम पटेल नाम के युवक ने गुरुवार देर रात फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में अनंतराम ने चार लोगों पर झूठे आपराधिक केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। इनमें अमरपाटन थाने के हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मी रावत का नाम भी शामिल है। पढ़ें पूरी खबर...
जबलपुर में हॉस्टल में हंगामा...वकीलों से हुई मारपीट:छात्रों से हुआ था विवाद, पुलिस जांच कर रही
जबलपुर में रानीताल स्टेडियम परिसर में स्थित साईं हॉस्टल के छात्रों और क्रिकेट खेलने आए वकीलों के बीच जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और सैकड़ों की संख्या में लड़के यूथ हॉस्टल में घुस गए, जहां जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना में कुछ अधिवक्ताओं और अन्य खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। रविवार देर रात हुए इस झगड़े की सूचना मिलते ही लार्डगंज और ओमती थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। “सामने कोई आता तो मार डालते” यूथ हॉस्टल के मैनेजर आर.के. परिहार ने बताया कि रविवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच अचानक 100 से अधिक लड़के बेसबॉल और हॉकी लेकर हॉस्टल में घुस आए। सबसे पहले उन्होंने मेन गेट का ताला तोड़ा और फिर अंदर घुसकर जमकर उत्पात मचाया। करीब दो घंटे तक हाथों में हॉकी लेकर हॉस्टल के हर कमरे में घुसकर मारपीट की गई और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई। मैनेजर का कहना है कि जो भी उनके सामने आया, उस पर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि यदि वे सामने आते तो उनकी जान भी जा सकती थी, क्योंकि सभी युवक गुस्से में थे। मैनेजर के अनुसार, लड़कों के साथ कुछ वकीलों का एक समूह भी था, जिन्होंने तोड़फोड़ में हिस्सा लिया। अधिवक्ताओं का पक्ष अधिवक्ता सम्पूर्ण तिवारी ने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में रानीताल मैदान में क्रिकेट लीग मैच आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार रात जब अधिवक्ता अंशुल पटेल स्टेडियम से बाहर आ रहे थे, तब साईं हॉस्टल में मौजूद कुछ लड़के, जो कथित रूप से शराब पी रहे थे, उनसे मारपीट करने लगे। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो अधिवक्ताओं को चोटें आई हैं। अंशुल पटेल से 2,000 रुपए भी छीने गए। आरोप है कि उनका सिर कार पर पटक कर मारा गया। अधिवक्ता तिवारी ने कहा कि बाहर के विद्यार्थियों को बुलाकर इस तरह की घटना कराना हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मारपीट करने वालों की पहचान कर ली गई है और पहचान संबंधी रिपोर्ट पुलिस को दी गई है। अधिवक्ताओं पर लगे मारपीट के आरोपों को लेकर उनका कहना है कि भीड़ में कौन घुसा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है, क्योंकि उस समय सभी वकील लार्डगंज थाने में मौजूद थे। मामले की जांच की जा रही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने बताया कि साईं हॉस्टल के कुछ छात्रों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
नशे में धुत होकर मरीज और परिजन को पीटने के आरोप में निलंबित ASI राजेश मीणा के मामले में सियासी बवाल मचा हुआ है। अपने निलंबन को लेकर ASI ने वीडियो जारी कर भाजपा विधायक पर अवैध बजरी खनन के गंभीर आरोप लगाए थे। दूसरी तरफ विपक्ष भी प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हमलावर है। भास्कर ने इस मामले में पड़ताल की। आखिर 5 जनवरी की सुबह अवैध बजरी खनन को लेकर क्या विवाद हुआ था? उसी रात हॉस्पिटल के बाहर मारपीट की घटना का पूरा सच क्या है? पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी में… पीड़ित की आपबीती, ASI राजेश मीणा ने की थी मारपीटकेकड़ी सदर थाने का एएसआई राजेश मीणा 5 जनवरी से चर्चा में है। आरोप है कि 5 जनवरी की रात हॉस्पिटल के बाहर वह पिस्तौल लेकर मारपीट कर रहा था। राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी के सदर थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसको निलंबित कर दिया गया था। होटल में चाय पीते समय हमला कियाASI के खिलाफ मामला दर्ज करवाने वाले ओमप्रकाश गुर्जर (पीड़ित) बताते हैं- 5 जनवरी की रात 12.30 बजे मैं केकड़ी हॉस्पिटल में अपने भाई मनीष गुर्जर के साथ दिखाने आया था। चेकअप के बाद बाहर आकर होटल पर चाय पीने बैठे थे। उसी समय एक सफेद कार में 3 लोग आए। एक पुलिस की वर्दी में था और दो सिविल ड्रेस में थे। वर्दी में ASI राजेश मीणा था। आते ही मीणा ने हमें पकड़ा। हॉकी व डंडे से पीटने लगा। हम भागने लगे तो तीनों ने हमारी कार में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद वहां सिटी थाने से पुलिस फोर्स आ गई। पुलिस हमें पकड़कर थाने ले गई। पिस्टल से जान से मारने की धमकी दीथोड़ी देर बाद राजेश मीणा व उनके वहीं के दोनों साथी लड़के भी थाने आ गए। उन्होंने थाने के अंदर ही मेरे व मेरे भाई मनीष के साथ बहुत बुरी तरीके से मारपीट की। राजेश मीणा के पास पिस्टल थी, जिससे उसने हम दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे तो हमें छोड़ा गया था। 2 सीसीटीवी फुटेज... मारपीट करता दिख रहा ASIओमप्रकाश गुर्जर (पीड़ित) ने अपने साथ हुई इस घटना से जुड़े दो सीसीटीवी वीडियो भी हमसे साझा किए। इनमें से एक वीडियो में ASI राजेश मीणा ओमप्रकाश की कार में तोड़फोड़ और कुछ लोगों के साथ मारपीट करता दिख रहा है। दूसरे वीडियो में वो अपने कथित साथियों के साथ हॉस्पिटल में भागता हुआ दिख रहा था। ओमप्रकाश ने दावा किया कि इस घटना से पहले वो राजेश मीणा से पहले कभी नहीं मिला था और न ही उसे जानता था। एडिशनल एसपी बोले- सरकारी पिस्टल लेकर लोगों से मारपीट, इसलिए किया सस्पेंडकेकड़ी के एडिशनल एसपी राजेश मील कहते हैं- अब तक की जांच में सामने आया है कि सदर थाने में पोस्टेड ASI राजेश मीणा ने सरकारी हॉस्पिटल के पास कुछ लोगों से मारपीट की। इसके बाद वापस थाने में भी कुछ नागरिकों से मारपीट की। मामले में FIR दर्ज हुई थी। उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी को देखते हुए फिलहाल ASI मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी वो फरार है। टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। निलंबित ASI बोला- अवैध खनन पर कार्रवाई रोकने का था दबावभास्कर ने इस मामले में निलंबित ASI राजेश मीणा का भी पक्ष जाना और आरोपों पर सवाल जवाब किए सवाल : अवैध खनन को लेकर क्या कार्रवाई थी, जिसको लेकर आपने गंभीर आरोप लगाए हैं?राजेश मीणा : 5 जनवरी को मैं केकड़ी सदर थाने में ड्यूटी ऑफिसर तैनात था। उस दिन टीम लेकर एक मुजरिम को एस्कॉर्ट कर सरवाड़ थाने के एएसआई के सुपुर्द करने गया था। लौटते समय हमारे थानाधिकारी जगदीश चौधरी ने कॉल कर देवपुरा गांव में विवाद की सूचना दी थी। मैं सीधा देवपुरा पहुंचा। शिकायतकर्ता से मिला और उसके बताए अनुसार विवाद वाली लोकेशन पर गया। मौके पर दो जेसीबी अवैध खनन करती मिली और 4 ट्रैक्टर भी खड़े थे। इनमें से दो भरे हुए थे और 2 ट्रैक्टर खाली था। शिकायतकर्ता पक्ष की पाइपलाइन ट्रैक्टर से टूट गई थी। इसी को लेकर ये विवाद हुआ था। मैंने फोर्स बुलवाकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। घटना के करीब 3.30 घंटे बाद सीआई जगदीश चौधरी मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता की पत्नी को कहा- हम इन ट्रैक्टरों और जेसीबी को नहीं पकड़ेंगे। आपको शिकायत करनी है तो माइनिंग डिपार्टमेंट में करो। सीआई ने मुझ पर काफी प्रेशर बनाया और मेरी शिकायत विधायक शत्रुघ्न गौतम से कर दी। इसके बाद विधायक गौतम का मेरे पास फोन आया और उन्होंने मुझे सभी वाहनों को छोड़ने और कार्रवाई नहीं करने को लेकर धमकाया। मैंने इनकार कर दिया और प्राइवेट ड्राइवरों को बुलाकर सभी गाड़ियों को जब्त करते हुए थाने पहुंचाया था। सवाल : हॉस्पिटल के बाहर विवाद और मारपीट का क्या मामला था?जवाब : उसी रात करीब 10 बजे मैं अपनी प्राइवेट कार से जा रहा था। हॉस्पिटल के पास एक शख्स ने रुकवाया और मुझसे मदद मांगी। उससे बात करने के बाद मैं अलाव के लिए बाहर बैठ गया। तभी वहां दो लड़कों ने सिगरेट के कश मुझ पर छोड़ दिया और हमला कर दिया। इसके बाद जवाब में मैंने भी अपनी कार से हॉकी निकालकर जवाबी हमला किया था। सवाल : आपने थाने में भी पीड़ितों से मारपीट की?जवाब : मैं रात को थाने जाकर सो गया था। अगली सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला था, तब सीओ हर्षित शर्मा कॉल कर मुझे मेडिकल के लिए थाने बुलाया। थाने पहुंचने पर सभी पुलिस अधिकारियों ने मुझे धमकाया। इसके बाद मैं घबराकर जैसे-तैसे वहां से बाहर निकल गया और अपने गांव की तरफ चला गया। पुलिस अधिकारी बोले- माइनिंग विभाग ने बताया सही जगह हो रहा था खननपुलिस अधिकारियों ने बताया कि माइनिंग टीम ने अपने वेरिफिकेशन में पाया कि पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी चार ट्रैक्टर और दो जेसीबी मशीन वैध खनन में लीजधारक के यहां पर काम कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को पत्र लिखकर इन सभी वाहनों को छोड़ने का लिखित अनुरोध भी किया था। इसके बाद वाहनों को रिलीज कर दिया गया था। थानाधिकारी बोले- ASI ने जो हरकतें की वो पुलिस में नहीं होतीसीआई जगदीश चौधरी ने बताया कि बजरी खनन पर कार्रवाई के दौरान मैंने जो भी किया वो कानून सम्मत था। हमने माइनिंग विभाग को जानकारी दी। मुझ पर किसी भी तरह का प्रेशर नहीं था। न ही मैंने किसी पर कोई प्रेशर बनाया। अगर ऐसा कुछ था तो वो (राजेश मीणा) पहले शाम को ही ये सब बता सकता था। अब जो सस्पेंशन का मामला है वो अलग है। रात में उसने जो हरकतें कीं, वो पुलिस में नहीं होती हैं। ऐसे में उसे उन्हीं हरकतों के लिए सस्पेंड किया गया है। मैंने जो भी कार्रवाई की है, वो कानून के तहत थी। ASI पहले भी हो चुका लाइनहाजिरनिलंबित ASI राजेश मीणा इससे पहले जनवरी 2025 में भी एक मामले में लाइनहाजिर हो चुका है। अजमेर जिले के सावर थाने में पोस्टिंग के दौरान अवैध ट्रैक्टरों को हनुमान नगर थाने से छुड़वाने को लेकर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा को भी कॉल कर धमकाया था। इस संबंध में विधायक की शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जहाजपुर सीओ नरेंद्र पारीक ने भीलवाड़ा एसपी को अजमेर जिले के सावर में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा के खिलाफ रिपोर्ट बना कर भेजी थी। इसके बाद भीलवाड़ा एसपी ने वो रिपोर्ट अजमेर एसपी को भेजी। अजमेर SP ने मीणा को लाइनहाजिर कर दिया था। हनुमान नगर थाने के एसएचओ गणेश मीणा ने बताया कि पूरा मामला तो अब मुझे याद नहीं है, लेकिन ये सही है कि जनवरी 2025 में तब हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने विधायक गोपीचंद मीणा से बदतमीजी की थी। इसके बाद मैंने भीलवाड़ा एसपी को उसकी रिपोर्ट भेजी थी। विपक्ष ने भी लगाए थे गंभीर आरोपइस मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक बोले- जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगाइस मामले में हमने विधायक शत्रुघ्न गौतम से मिले। उन्होंने ऑन कैमरा तो कोई बात नहीं की। लेकिन ये बताया कि उस दिन मेरे पास सूचना आई थी कि लीजधारक के यहां वैध कार्य कर रहे कुछ स्थानीय ग्रामीणों को हेड कॉन्स्टेबल (ASI प्रमोटेड) राजेश मीणा परेशान कर रहा है। इस पर मैंने पहले सीआई को कॉल किया और उसके बाद उसे भी कॉल कर निर्देश दिया था कि अगर कोई अवैध कार्य है तो आप कार्रवाई करो। वैध कार्य है तो ग्रामीणों पर पुलिसिया रौब मत दिखाना। वो बार-बार अवैध बजरी होने का दावा कर रहा था। मुझे राजस्थान की कानून-व्यवस्था में पूरा भरोसा है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। --- केकड़ी ASI की यह खबर भी पढ़िए.... केकड़ी सदर थाने का हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड:मारपीट कर पिस्टल से फैलाई दहशत, कार में तोड़फोड़ की; सिटी थाने में मामला दर्ज अजमेर जिले के केकड़ी के सदर थाने में पोस्टेड हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा को 5 दिन पहले सस्पेंड कर दिया गया था। आरोप है कि मीणा ने राजकीय हॉस्पिटल के सामने लोगों से मारपीट की और पिस्टल दिखाकर दहशत भी फैलाई थी। साथ ही कार में तोड़फोड़ कर थाने में भी मारपीट की थी। पढ़ें पूरी खबर...
मेंस हॉकी : वेदांता ने एचआईएल को शूटआउट में 3-1 से हराया
मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में रविवार को खेले गए मेंस हॉकी इंडिया लीग के मुकाबले खेलप्रेमियों के लिए यादगार बन गए। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि गांडेय विधायक कल्पना सोरेन विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। पहले मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स ने शूटआउट में जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं दूसरे मुकाबले में रांची रॉयल्स ने डिफेंडिंग चैंपियन श्राची बंगाल टाइगर्स के खिलाफ जबरदस्त वापसी करते हुए पहली जीत दर्ज की। पहला मुकाबला... शूटआउट में चमके जेड स्नोडेन पहले मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स ने एचआईएल जीसी को 1-1 की बराबरी के बाद शूटआउट में 3-1 से मात दी। तय समय में लांसर्स के लिए अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स (23वें मिनट) और एचआईएल जीसी के लिए अजीत यादव (19वें मिनट) ने गोल किए। लांसर्स ने पूरे मैच में एक भी पेनाल्टी कॉर्नर कंसीड नहीं किया। शुरुआत में एचआईएल ने पोजेशन पर नियंत्रण बनाए रखा और अधिकतर खेल लांसर्स के हाफ में खेला। दूसरे क्वार्टर में कप्तान हार्दिक सिंह की शानदार मूव पर अजीत ने गोल कर बढ़त दिलाई। इसके बाद लांसर्स ने लगातार दबाव बनाया और कई पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। आखिरकार अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स के ताकतवर ड्रैग फ्लिक ने स्कोर 1-1 कर दिया। िफर मैच शूटआउट तक पहुंचा। शूटआउट में लांसर्स के गोलकीपर जेड स्नोडेन हीरो बने। उन्होंने अहम बचाव किए, जबकि आर्थर व दिलप्रीत सिंह ने सटीक प्रयास कर लांसर्स को 3-1 से जीत दिला दी। दूसरा मुकाबला... रांची रॉयल्स की तूफानी वापसी दूसरे मुकाबले में रांची रॉयल्स ने श्राची बंगाल टाइगर्स को 4-1 से हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की। खास बात रही कि रॉयल्स ने अंतिम क्वार्टर के आखिरी छह मिनट में चार गोल दागकर मैच का रुख पलट दिया। मैच के शुरुआती तीन क्वार्टर तक श्राची बंगाल का दबदबा रहा। दूसरे क्वार्टर के 25वें मिनट में केतन कुशवाहा ने गोल कर टाइगर्स को 1-0 की बढ़त दिलाई। तीसरे क्वार्टर तक रांची रॉयल्स बराबरी के लिए संघर्ष करती रही। चौथे क्वार्टर में रांची रॉयल्स ने खेल की तस्वीर ही बदल दी। 54वें मिनट में कप्तान टॉम बून ने शानदार रिवर्स शॉट से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद 56वें मिनट में मंदीप सिंह ने गोल कर रॉयल्स को पहली बार बढ़त दिलाई। 58वें मिनट में लाकलन शार्प ने तीसरा गोल जड़ दिया। अंतिम मिनट में एक बार फिर टॉम बून ने गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया । मिडफील्ड में शानदार प्रदर्शन के लिए सैम लेन को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
38वीं मॉडर्न ग्रामीण मिनी ओलिंपिक खेल प्रतियोगिता 13 से 15 फरवरी तक
माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट, गांव जरखड़ की ओर से हर साल आयोजित की जाने वाली कोका-कोला, एवन साइकिल 38वीं मॉडर्न ग्रामीण मिनी ओलिंपिक जरखड़ खेल प्रतियोगिता आगामी 13, 14 और 15 फरवरी 2026 को जरखड़ खेल स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। इस संबंध में जरखड़ खेल स्टेडियम में आयोजित बैठक के बाद ट्रस्ट के चेयरमैन और पूर्व एआईजी नरिंदर पाल सिंह सिद्धू तथा मुख्य आयोजक जगरूप सिंह जरखड़ ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में महिंदर प्रताप सिंह ग्रेवाल हॉकी गोल्ड कप और नायब सिंह ग्रेवाल जोधां कबड्डी कप मुख्य आकर्षण होंगे। खेल प्रतियोगिताओं में लड़के और लड़कियों की हॉकी, अंडर-17 हॉकी (लड़के), कबड्डी ओपन, बुजुर्गों की कबड्डी, लड़कियों की कबड्डी, लड़के व लड़कियों की फुटबॉल, प्राइमरी स्कूल के बच्चों की विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, रस्साकशी, दौड़ें और प्राइमरी स्कूल कबड्डी के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता में सिर्फ आमंत्रण पत्र प्राप्त टीमों को ही प्रवेश दिया जाएगा। ट्रस्ट के प्रधान एडवोकेट हरकमल सिंह और मनमोहन ग्रेवाल मोहणा जोधां ने बताया कि जरखड़ खेलों का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना करना है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे से दूर रखना ही इस आयोजन की मूल भावना है। लोक गायक जसवंत संदीला का जरखड़ खेलों पर गीत प्रस्तुत किया जाएगा: आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह बेहद भव्य होगा। इस अवसर पर ड्रैगन अकादमी के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक नृत्य और कोरियोग्राफी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा लोक गायक जसवंत संदीला द्वारा जरखड़ खेलों पर तैयार किया गया विशेष गीत भी प्रस्तुत किया जाएगा, जो समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। इसके साथ ही जरखड़ खेलों के समापन समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी पांच नामी हस्तियों को अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। बैठक में गुरस्तिंदर सिंह प्रगट, कुलदीप सिंह घवड्डी, जीवन सिंह गिल, जस्मेल सिंह नोकवाल, शिंगारा सिंह जरखड़, सुखविंदर सिंह, परमजीत सिंह पम्मा ग्रेवाल, कोच हरमीत सिंह, पवनप्रीत सिंह डंगोरा सहित अन्य आयोजक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हॉकी का रोमांच आज से, देशभर से 26 टीमें पहुंची, बीएन के 2, एमबी कॉलेज ग्राउंड व खेलगांव तैयार
भास्कर नॉलेज झीलों की नगरी एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। पीएम श्री राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय (सूरजपोल) के तत्वावधान में 69वीं अंडर-19 राष्ट्रीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता 12 जनवरी, सोमवार को शुरू होगी। यह 17 जनवरी को संपन्न होगी। भाग लेने के लिए विभिन्न राज्यों से अब तक 26 टीमें पहुंच चुकी हैं। उद्घाटन सोमवार सुबह 10 बजे एमबी कॉलेज ग्राउंड पर होगा। मुख्य अतिथि जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे। सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी विशिष्ट और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बतौर अतिथि आएंगे। मैचों के लिए बीएन कॉलेज के 2, एमबी कॉलेज ग्राउंड और खेलगांव स्थित एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार हैं। तकनीकी टीम के निर्देशन में सभी मैदानों पर गोल पोस्ट स्थापित कर दिए गए हैं, वहीं दर्शकों के लिए विशेष गैलरी की व्यवस्था भी की गई है। मीडिया प्रभारी राव गोपाल सिंह आसोलिया ने बताया कि व्यवस्थापक टीम ने सभी खेल मैदानों का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। विद्यालय के खेल कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. लोकेश भारती ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। वहीं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने विभिन्न समितियों के प्रभारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपीं। परिवहन व्यवस्था के तहत परिवहन समिति के कर्मचारी सिटी रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं। आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों की टीमें पहुंच चुकी हैं। इन्हें सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन, चित्रकूट नगर में ठहराया है। मेजबान स्कूल के प्राचार्य एवं केंद्र अध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि खिलाड़ियों के आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। 5-5 शूटआउट के बाद भी टाई तो सडन डेथ का नियम हॉकी प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि यदि पैनल्टी शूटआउट के शुरुआती राउंड (अमूमन 5-5 शूटआउट) के बाद भी स्कोर बराबर रहता है, तो मैच का फैसला सडन डेथ नियम से करते हैं। दोनों टीमों को बारी-बारी से एक-एक शूटआउट का मौका मिलता है। एक टीम गोल कर दे और दूसरी चूक जाए तो मैच तुरंत समाप्त हो जाता है और गोल करने वाली टीम विजेता घोषित होती है। सडन डेथ में पहली बारी उस टीम को मिलती है, जिसने मुख्य शूटआउट में पहले शॉट नहीं लिया हो। इस चरण में टीमें पहले शूटआउट में शामिल 5 खिलाड़ियों में से किसी को दोबारा भेज सकती हैं या शेष खिलाड़ियों में से नए खिलाड़ी को चुन सकती हैं। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है, जब तक किसी एक टीम को निर्णायक बढ़त नहीं मिल जाती। महाराणा प्रताप खेल गांव स्थित एस्ट्रोटर्फ मैदान टूर्नामेंट के मैचों के लिए तैयार है।
मॉस्को ओलिंपिक्स में गरचा ने आठ गोल कर टीम को जिताया था गोल्ड
भास्कर न्यूज | जालंधर 1980 के मास्को ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड जिताने वाले दिग्गज खिलाड़ी दविंदर सिंह गरचा का शनिवार को निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक उन्हें सुबह हार्ट अटैक आया। 72 वर्ष की उम्र में गरचा ने आखिरी सांस ली। उनके निधन से खेल और पुलिस विभाग में शोक की लहर है। मॉस्को ओलिंपिक्स में गरचा ने आठ गोल किए थे और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। सात दिसंबर 1952 को जालंधर में जन्मे दविंदर सिंह गरचा अपने वक्त के भारतीय हॉकी टीम के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने पंजाब पुलिस में भी कई अहम पदों पर काम किया। साल 2012 में वे पंजाब पुलिस से एआईजी (आईपीएस) पद से सेवानिवृत्त हुए। गरचा को करीब से जानने वाले ओलिंपियन सुरिंदर सिंह सोढी ने उनके साथ बिताए पल साझा किए हैं। पढ़िए... स्मृति शेष साल 1975: पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती। पंजाब पुलिस लाइन में आयोजित परेड टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा, जहां उन्होंने हर मैच में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। साल 1976: नेहरू हॉकी टूर्नामेंट में पंजाब पुलिस टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। टीम ने हर मैच एक गोल से जीता। हर मुकाबले में गरचा ने गोल किया। इस उपलब्धि के बाद तत्कालीन कमांडेंट इंद्रजीत सिंह (7वीं बटालियन) ने उन्हें एसआई के पद पर पदोन्नति दी। साल 1980: ओलिंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें आईपीएस पद पर प्रमोट किया गया। ‘गरचा मेरे करीबी मित्र, रूममेट और लंबे समय तक हॉकी के खेल में साथी रहे। एक दिलखुश व्यक्ति। अभी शुक्रवार को ही करीब डेढ़ घंटे तक उनके साथ था। धूप सेंकते हुए उन्होंने कई पुराने किस्से साझा किए। हॉकी मैच से जुड़ी कई बातें बताईं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें छाती में संक्रमण है, लेकिन वे अब बेहतर महसूस कर रहे हैं। बीते दिन सुबह उनके निधन की खबर मिली तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मॉस्को ओलिंपिक्स में मैनें 15 गोल किए थे और गरचा ने आठ। हम दोनों की हिस्सेदारी ने टीम को जीत दिलाई। वो पल आज भी याद है, जब गरचा बेहद खुश थे। पंजाब पुलिस में भी महत्तवपूर्ण पदों पर रहते हुए खेल की सेवा करना नहीं छोड़ा। साल 1979 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गोल्फ चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड जीता। 2009 में बैंकॉक में चैंपियनशिप में दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए। दविंदर सिंह गरचा का जीवन खेल, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक रहा, जिसे हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा। उनके कोच गणेश ने पैनल्टी कार्नर पर उनकी टीम को खूब मेहनत करवाई। तब खिलाड़ी पांच सैकेंड में गेंद को गोल में भेजते थे लेकिन मेहनत के बाद गरचा महज चार सैकेंड में पैनल्टी कार्नर को गोल में बदलना शुरू किया। तब गोल सिर्फ गेंद फट्टे पर लगने पर ही मिलता था। 8 बार ऑल इंडिया पुलिस गोल्ड मेडल : 1980 मॉस्को ओलंपिक में दविंदर सिंह गरचा ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट में 8 गोल किए। पंजाब पुलिस की तरफ से 8 बार ऑल इंडिया पुलिस गोल्ड मेडल, ऑल इंडिया पुलिस टूर्नामेंट में 3 बार सिल्वर मेडल जीते।'
शूटआउट में बंगाल को 3-2 से हरा सीजन-2 की चैंपियन बनी दिल्ली
रांची में 28 दिसंबर से शुरू हुई वीमेंस हॉकी इंडिया लीग सीजन-2 का फाइनल मुकाबला शनिवार को काफी रोमांचक रहा। खिताबी मुकाबले में अंक तालिका में शीर्ष पर रही एसजी पाइपर्स दिल्ली ने श्राची बंगाल टाइगर्स को शूटआउट में 3-2 से पराजित िकया और चैंपियन बनी। । आक्रमण और रक्षा के शानदार प्रदर्शन के चलते तय समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा। इसके बाद विजेता का फैसला शूटआउट से हुआ, जहां दिल्ली की खिलाड़ियों ने बेहतर संयम और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए मुकाबला अपने नाम िकया। शूटआउट में दिल्ली की गोलकीपर और फॉरवर्ड खिलाड़ियों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ। -पेज 3 भी पढ़ें डेढ़ करोड़ की इनामी राशि के साथ ट्रॉफी पर कब्जा चैंपियन बनने पर एसजी पाइपर्स दिल्ली को डेढ़ करोड़ की इनामी राशि िमली। उपविजेता श्राची बंगाल टाइगर्स को एक करोड़ का पुरस्कार मिला। तीसरे स्थान पर रही रांची रॉयल्स को 50 लाख की इनामी राशि दी गई। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष दातो तैयब इकराम और आईएएस अधिकारी रवि कुमार ने विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किया। मौके पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप सिंह, महासचिव भोला नाथ सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी असुंता लकड़ा समेत अन्य मौजूद थे।
बंगाल को शूटआउट में हराकर एसजी पाइपर्स बनी चैंपियन
रांची में खेले गए वीमेंस हॉकी इंडिया लीग 2025-26 के फाइनल मुकाबले में दर्शकों को हाई-वोल्टेज मैच देखने को मिला। निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद शूटआउट में दिल्ली एसजी पाइपर्स ने श्राची बंगाल टाइगर्स को 3-2 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ एसजी पाइपर्स ने लीग का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। पहले क्वार्टर में मिडफील्ड में कड़ी जंग देखने को मिली। एसजी पाइपर्स ने कई बार सर्कल में एंट्री बनाकर मौके बनाए। 13वें मिनट में जुआना कास्टेलारो के शॉट को श्राची बंगाल की गोलकीपर जेनिफर रिजो ने शानदार तरीके से रोक लिया। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों को पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन कोई भी टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी। शूटआउट में तीन गोल रोक बंसारी बनीं मैन विनर शूटआउट में एसजी पाइपर्स की कप्तान नवनीत कौर, जुआना कास्टेलारो और लोलारिएरा ने गोल किए। एसजी पाइपर्स की गोलकीपर बंसारी सोलंकी ने तीन महत्वपूर्ण सेव कर टीम को खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने एक पेनल्टी स्ट्रोक भी रोककर मैच का पासा पलट दिया। रांची रॉयल्स को भी 50 लाख... हॉकी इंडिया लीग ने विजेता एसजी पाइपर्स को 1.5 करोड़ रु., उपविजेता श्राची बंगाल टाइगर्स को 1 करोड़ रुपये और तीसरे स्थान पर रही रांची रॉयल्स को 50 लाख रु. की इनामी राशि प्रदान की। इन्हें मिला पुरस्कार: - बेस्ट गोलकीपर : बंसारी सोलंकी(एसजी पाइपर्स) - 5 लाख टॉप स्कोरर : अगुस्टिना गोरजेलानी (श्राची बंगाल टाइगर्स) - 5 लाखप्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट : नवनीत कौर (एसजी पाइपर्स) - 20 लाखफेयरप्ले अवॉर्ड : रांची रॉयल्स। 53वें मिनट में गोल, मुकाबला बराबरी पर चौथे क्वार्टर में एसजी पाइपर्स ने वापसी की कोशिश तेज कर दी। 53वें मिनट में प्रीति दुबे ने बैकहैंड शॉट लगाया, जो गोलकीपर जेनिफर रिजो के स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चला गया। स्कोर 1-1 हो गया। अंतिम मिनटों में श्राची बंगाल को जीत का सुनहरा मौका मिला, लेकिन लोलारिएरा ने निर्णायक क्षण पर शानदार ब्लॉक कर मैच को शूटआउट तक पहुंचा दिया। तीसरे क्वार्टर में भी बंगाल का दबदबा तीसरे क्वार्टर में श्राची बंगाल टाइगर्स ने दबाव बनाए रखा। 35वें मिनट में अगुस्टिना गोरजेलानी के ड्रैग फ्लिक ने पोस्ट को जा टक्कर मारी, जिससे बंगाल दूसरे गोल के बेहद करीब पहुंच गया। कुछ ही देर बाद कप्तान वंदना कटारिया और विक्टोरिया मैनुएले के शॉट्स पर एसजी पाइपर्स की गोलकीपर क्रिस्टीना कोसेंटिनो ने लगातार दो शानदार सेव कर टीम को मैच में बनाए रखा। बंगाल ने पहले हाफ में ली थी बढ़त दूसरे क्वार्टर के पहले मिनट में श्राची बंगाल टाइगर्स ने बढ़त बना ली। सुषिला चानू के शानदार पास पर लालरेमसियामी (16वें मिनट) ने कंट्रोल के बाद शॉट लगाकर गोल किया। बंगाल को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, पर स्कोर 1-0 से आगे नहीं बढ़ सका। दूसरी ओर, एसजी पाइपर्स को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर लोलारिएरा का ड्रैग फ्लिक गोल में तब्दील नहीं हो पाया। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा। पुरुष एचआईएल आज से, पहले दिन दो मैच इधर, महिला एचआईएल के समापन के बाद पुरुषों के दूसरे चरण का मैच रांची में रविवार से शुरू होगा। पहले दिन दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच एचआईएल जीसी और वेदांता कलिंगा लांसर्स के बीच होगा। दूसरे मुकाबले में मेजबान रांची रॉयल्स का सामना श्राची बंगाल टाइगर्स से होगा। पहला मैच शाम 5 बजे से होगा। दूसरा मैच रात 7.30 बजे से होगा। रांची
विवि हॉकी टीम में खोखरा की छात्राओं का चयन
भास्कर न्यूज | जांजगीर शिक्षा के साथ-साथ खेल क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रही केशरी शिक्षण समिति, खोखरा (जांजगीर) ने एक बार फिर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। बीएड कॉलेज की छात्राओं ने विश्वविद्यालय स्तर पर चयन प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। राउरकेला में आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय हॉकी मुकाबले में इन छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय को सरगुजा विश्वविद्यालय के खिलाफ उल्लेखनीय विजय दिलाई। महाविद्यालय के संचालक डॉ. सुरेश यादव एवं प्राचार्य डॉ. रेखा तिवारी ने कहा कि “केशरी शिक्षण समिति केवल शिक्षक तैयार नहीं करती, बल्कि ऐसे सक्षम और आत्मनिर्भर व्यक्तित्वों का निर्माण करती है जो हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें। हमारी छात्राओं की यह सफलता इसी विचारधारा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”राउरकेला पहुँचने के पश्चात आयोजित अंतर- विश्वविद्यालय हॉकी प्रतियोगिता में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय की टीम ने कड़ा मुकाबला खेलते हुए सरगुजा विश्वविद्यालय को पराजित किया। यह विजय केवल अंकतालिका तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास, सामूहिक सहयोग और संघर्षशीलता का सशक्त उदाहरण बनी। इस ऐतिहासिक जीत में केशरी बीएड कॉलेज की छात्राओं का योगदान विशेष रूप से प्रशंसनीय रहा। खोखरा की दो खिलाड़ी विश्वविद्यालय की टीम में शामिल होकर खेलेंगी मैच। इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान देने वाली छात्राएं मधुलिका राठिया (बीएड द्वितीय वर्ष) और सलीना टोप्पो (बीएड प्रथम वर्ष) शामिल हैं। दोनों ने यह साबित कर दिया कि उचित अवसर, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएँ भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
अमरीक सिंह मिनहास को अध्यक्ष और जगरूप सिंह को जनरल सेक्रेटरी बनाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना खेल जगत में अहम भूमिका निभाने वाली संस्था लुधियाना स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन का नए सिरे से पुनर्गठन किया गया। गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना में द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में अमरीक सिंह मिनहास, पूर्व एआईजी पंजाब पुलिस को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। खेल प्रमोटर जगरूप सिंह जरखड़ को जनरल सेक्रेटरी और स्वास्थ्य विभाग के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सुखविंदर सिंह को चेयरमैन नियुक्त किया गया। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह को एसोसिएशन का मुख्य संरक्षक, जबकि विधायक अशोक पराशर पप्पी को संरक्षक बनाया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर हरदीप सिंह बीरमपुर और नरिंदर सिंह हैबोवाल को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। देविंदर सिंह घुम्मण, हुकम सिंह (गुरु नानक कार बाजार), सतनाम सिंह कैले, मीनााक्षी रंधावा (कोच, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला) और गुरदीप सिंह ग्रेवाल (जिला खेल अधिकारी) को वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। हॉकी ओलंपियन हरदीप सिंह ग्रेवाल को चीफ एडवाइजर और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी रछपाल सिंह नागी को वित्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। गुरसतिंदर सिंह प्रगट को टेक्निकल जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। वहीं पांच सदस्यीय टेक्निकल कमेटी में मनप्रीत सिंह मुंडियां, परमजीत सिंह पम्मा ग्रेवाल, गुरतेग सिंह लाडी, कुलविंदर सिंह बब्बू मल्ली और प्रेम सिंह रामपुर को शामिल किया गया है। नव-नियुक्त अध्यक्ष अमरीक सिंह मिनहास और मुख्य संरक्षक बलदेव सिंह ने बताया कि एसोसिएशन अब जूनियर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को लुधियाना के पुराने महान खिलाड़ियों के नाम पर सम्मानित करेगी। यह सम्मान समारोह मार्च में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही हर वर्ष अंडर-17 लड़कों और लड़कियों का गुरु गोबिंद सिंह हॉकी टूर्नामेंट राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।
आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित पांच राज्यों की टीमें पहुंची उदयपुर
पीएम श्री फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12 जनवरी से 69 वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी (19 वर्ष छात्र) प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शनिवार से टीमों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। शनिवार को सुबह से रात तक आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड की टीमे उदयपुर पहुंच गई हैं। परिवहन समिति के कार्मिकों ने टीमों के रेलवे स्टेशन से बस से उनके आवास स्थल सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन चित्रकूट नगर पहुंचाया। मुख्य नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण समितियों के प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। पीएमश्री फतह स्कूल के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि रविवार सुबह 4:00 बजे से टीमें उदयपुर पहुंचाना शुरू हो जाएगी। समीक्षा बैठक में आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ( विद्यालयी शिक्षा) उदयपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला,प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, गोवर्धनसिंह झाला, एसडीएमसी सचिव गोपाल सिंह आसोलिया,चुन्नीलाल चंदेरिया मौजूद रहे। ये जानकारी प्रतियोगिता की मीडिया समिति के प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने आने दी। भास्कर नॉलेज... राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है हॉकी के अन्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की होना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है। इसके साथ ही 5 मीटर का चारो ओर कवरिंग एरिया होता है। अभी उदयपुर में महाराणा प्रताप खेल गांव में एस्ट्रोटर्फ इन्हीं मापदंडों से बना हुआ है। इसमें दो रैफरी होते हैं। एक टाइम कीपर और एक स्कोरर और एक थर्ड अम्पायर होता है। पांच ऑफिशियल मिलकर यह खेल करवाते हैं। एक हॉकी मुकाबले में 15-15 मिनट के चार क्वार्टर होते है। हर क्वार्टर के बीच दो मिनट का ब्रेक रखा जाता है, ताकि खिलाड़ी रिकवर हो सके। प्रशिक्षक इसी दौरान उन्हें निर्देशित भी करता है। करीब पांच साल पहले 35-35 दो क्वार्टर होते थे, जो कुल 70 मिनट का मुकाबला होता था, जिसे अब बदल दिया गया है। इसे इसलिए बदला गया है, क्योंकि खिलाड़ी की स्पीड बनी रहे, इसलिए इसे चार हिस्सों में बांट दिया गया। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी की ओर से ये नए मापदंड तय किए गए है। 60 मिनट के बाद दोनो टीमें यदि बराबरी पर होती है तो उन्हें पांच-पांच मिनट अतिरिक्त दिए जाते हैं। इसके बाद भी परिणाम नहीं आने पर टाइब्रेकर से फैसला लेते हैं। इसमें पांच-पांच खिलाड़ी दोनो ओर से एक-एक चांस लेते हुए पैनल्टी शूट आउट लेते हैं।
1980 मास्को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड आईजी दविंदर सिंह गरचा का शनिवार को निधन हो गया। उन्हें जालंधर स्थित घर में सुबह हार्ट अटैक आया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उन्हें स्टेंट डाले गए थे और उनकी तबीयत स्थिर थी। 1980 में हुए ओलिंपिक में उन्होंने 6 मुकाबलों में आठ गोल कर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। इंटरनेशनल स्तर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। वह फेमस मोहित सिंह मुंशी हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष रहे। उनके निधन पर सुरजीत हॉकी कमेटी सहित कई खेल संस्थाओं और ओलिंपियनों ने दुख जताया है। फिलहाल उनके अंतिम संस्कार की तिथि और समय की घोषणा नहीं हुई है। परिवार की ओर से बताया गया है कि इसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। गरचा ने 30 से अधिक इंटरनेशनल मैच खेलेगरचा का जन्म 7 दिसंबर 1952 को हुआ। वह 3 इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। अपने करियर में 30 से अधिक इंटरनेशनल मैच खेले। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 19 गोल किए।
दो साल पहले जब बिहार में अलग से खेल विभाग का गठन हुआ था, तब शायद कम ही लोगों ने सोचा होगा कि यह महज एक प्रशासनिक पुनर्गठन से कहीं आगे जाकर राज्य की पहचान बदलने वाला कदम साबित होगा। 9 जनवरी 2024 से शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां खेल महज प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बन गया है। राजगीर से शुरू हुई नई इबारत अगस्त 2024 में राजगीर खेल अकादमी की स्थापना ने बिहार के खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। यह महज एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं था, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ी तैयार करने की बिहार की पहली कोशिश थी। इसी वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर का उद्घाटन किया, जिसने खेल को शिक्षा और करियर से जोड़ने का स्थायी ढांचा खड़ा कर दिया। अब बिहार का युवा यह समझने लगा है कि खेल केवल शौक नहीं, भविष्य का विकल्प भी है। गांव-गांव तक पहुंची खेल की सुविधा खेल विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है, अवसंरचना को लोकतांत्रिक बनाना। शहरों से लेकर पंचायतों तक, प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियम, जिला खेल भवन सह जिमनैजियम और गांवों में विकसित खेल मैदानों ने खेल को हर वर्ग तक पहुंचाया है। 2025 में ही 257 प्रखंड स्तरीय स्टेडियम पूर्ण हो गए, जो इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं कागजों से उतरकर जमीन पर उतर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार की धाक बीते दो वर्षों में बिहार ने खुद को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के भरोसेमंद मेजबान के रूप में स्थापित किया है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, सेपक टाकरा वर्ल्ड कप, एशियन रग्बी सेवन्स, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, हीरो एशिया कप हॉकी और ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि बिहार वैश्विक मानकों पर खरा उतरने की पूरी क्षमता रखता है। यह वही राज्य है जिसे कभी खेल अवसंरचना के मामले में पिछड़ा माना जाता था। आज विदेशी टीमें यहां आकर बिहार की मेजबानी की तारीफ कर रही हैं। प्रतिभा खोज से लेकर प्रशिक्षण तक 'मशाल' जैसी व्यापक प्रतिभा खोज पहल ने लाखों बच्चों को खेल से जोड़ा है। एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूलों और खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, राजगीर जैसे प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अब प्रतिभाओं को निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। पहले बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं पा रहे हैं। खिलाड़ियों को मिला सम्मान और सुरक्षा खेल विभाग ने प्रशासन को खिलाड़ी-केंद्रित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पंचायत स्तर तक गठित खेल क्लबों ने स्थानीय नेतृत्व को मजबूत किया है। छात्रवृत्ति, सरकारी नियुक्ति, प्रोत्साहन राशि और कल्याणकारी योजनाओं ने बिहार के खिलाड़ियों को यह भरोसा दिया है कि उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा और उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। पदक विजेता अब केवल तालियां नहीं, बल्कि स्थायी अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं। 2026: विस्तार और आत्मविश्वास का वर्ष नया साल बिहार खेल विभाग के लिए और भी महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ शुरू हो रहा है। सात निश्चय योजना (03) के तहत पटना में प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी, जिला-विशेष खेल उत्कृष्टता केंद्र, एकलव्य खेल केंद्रों का संचालन, नई छात्रवृत्ति प्रक्रियाएं और खेल प्रशासन में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां, ये सभी बिहार को खेल-आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से ले जाएंगी।
स्पोर्ट्स रिपोर्टर | उदयपुर पीएम श्री राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपोल में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र वर्ग) 12 से 17 जनवरी तक होगी। आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मुख्यालय लोकेश भारती के निर्देशन में किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां तय की गई हैं और सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी देशपाल सिंह शेखावत ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 12 जनवरी को एमबी कॉलेज खेल मैदान में होगा। प्रधानाचार्य गजेंद्र आवोत के अनुसार उद्घाटन समारोह सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। एसजीएफआई के नियमों के अनुसार ओपनिंग मैच भी एमबी कॉलेज के हॉकी मैदान पर ही खेला जाएगा। मुकाबले शहर के 4 मैदानों पर होंगे। इनमें एमबी कॉलेज का हॉकी मैदान, बीएन कॉलेज के दो खेल मैदान और खेलगांव स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रोटर्फ मैदान शामिल हैं। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें लगभग 580 खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता सचिव डॉ. धर्मेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया कि आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उद्घाटन एवं समापन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल मैदान, वाहन व्यवस्था, आवास, टीम लाइजनिंग, प्रमाण पत्र व पुरस्कार, मीडिया कवरेज, सुरक्षा, चिकित्सा, भोजन एवं अल्पाहार सहित कई समितियों का गठन किया गया है। आयोजन में राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड मुख्य प्रायोजक है। प्रबंध निदेशक प्रज्ञा केवल रमानी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कीर्ति राठौर और पूरी टीम का आभार जताया गया। प्रतियोगिता को लेकर विद्यालय के केंद्रीय खेल कक्ष में मीडिया ब्रीफ के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी गोपाल सिंह आसोलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सालवी, हॉकी प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, भैरू सिंह राठौड़ आदि उपस्थित रहे।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

