अनगड़ा | 26वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अनगड़ा के कमांडेंट शाश्वत कुमार (आईपीएस) ने गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के ए-कंपनी जांब्रो का निरीक्षण किया। इस दौरान कमांडेंट ने आसपास के ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। फुटबॉल व हॉकी टीमों के खिलाड़ियों से मिले। हॉकी खेल के प्रति इनके उत्साह, प्रतिभा व संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। खिलाड़ियों व ग्रामीणों ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों के बीच एक हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का सुझाव दिया। कमांडेंट शाश्वत कुमार ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है।
बुलंदशहर में एक अदालत ने 2016 के हमले के मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना कोतवाली देहात क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 3 मई 2016 को हुई थी। गांव निवासी महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि शीशपाल, सतपाल, रेशम पाल, दिनेश, रवि सागर, प्रवीण और प्रकाश पुरानी रंजिश के कारण शाम को उनके घर में घुस आए थे। आरोपियों के पास सरिया, हॉकी और अवैध हथियार थे। उन्होंने महेंद्र सिंह के पिता जयचंद और चाचा उदय सिंह पर जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2013 में भी मारपीट की एक घटना हुई थी, जिसका मुकदमा भी दर्ज था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-5 मोहम्मद नसीम की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 16-16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित16वीं पुरुष सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप निर्णायक और रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में देश की आठ दिग्गज टीमें सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। खिताबी दौड़ में चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश और हरियाणा की टीमें आमने-सामने होंगी। नॉकआउट चरण के इन मुकाबलों में हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा, इसलिए सभी टीमों के बीच आर-पार की जंग देखने को मिलेगी। दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे से चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव के बीच होने वाले पहले क्वार्टर फाइनल से होगी। दोनों ही टीमों ने लीग चरण में अपने आक्रामक खेल से सबको प्रभावित किया है, जिससे इस मुकाबले के बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। दूसरा मैच सुबह आठ बजे झारखंड और पंजाब के बीच खेला जाएगा। आंकड़ों के लिहाज से इस मैच में झारखंड का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, क्योंकि लीग मैचों में उनके फॉरवर्ड्स ने विपक्षी खेमों में जमकर तबाही मचाई है, हालांकि पंजाब का सुदृढ़ डिफेंस इस आंधी को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। मध्य प्रदेश और हरियाणा के बीच टक्कर तीसरे मुकाबले में सुबह 10 बजे उत्तर प्रदेश का सामना ओडिशा से होगा। इस मैच में यूपी की टीम स्पष्ट रूप से हावी दिख रही है, जिसका मुख्य कारण उनके स्टार स्ट्राइकर शाहरुख अली हैं, जो अब तक टूर्नामेंट में 12 गोल दाग चुके हैं। शाहरुख के साथ नीतीश यादव की जोड़ी ओडिशा के रक्षापंक्ति के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगी। दिन के अंतिम मुकाबले में मध्य प्रदेश और हरियाणा की भिड़ंत होगी। मध्य प्रदेश की टीम अपने कप्तान अंश बहुत्रा और रैयन उल हक के शानदार फॉर्म के भरोसे जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अब तक खेले गए कुल 41 मैचों में कुल 82 गोल दागे जा चुके हैं, जिनमें 51 फील्ड गोल, 28 पेनल्टी कॉर्नर और 3 पेनल्टी स्ट्रोक शामिल हैं। अनुशासन के लिहाज से भी यह आयोजन मिसाल बना हुआ है, जहां अब तक केवल 18 ग्रीन और 5 येलो कार्ड ही दिखाए गए हैं और किसी भी खिलाड़ी को रेड कार्ड का सामना नहीं करना पड़ा है। अन्य श्रेणियों में दिल्ली, अरुणाचल और मिजोरम जैसी टीमों ने भी अपने-अपने डिवीजन में शीर्ष स्थान हासिल कर प्रभावित किया है। अब खेल प्रेमियों की नजरें आज होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों पर टिकी हैं।
जालंधर के खेल जगत की जानी-मानी शख्सियत और हॉकी प्रमोटर गुरविंदर सिंह बाठला, जिन्हें प्यार से 'गुल्लू' कहा जाता था, इनका 7 अप्रैल को निधन हो गया। पंजाब एंड सिंध बैंक से सेवानिवृत्त और सुरजीत हॉकी सोसाइटी के संस्थापक सदस्य रहे बाठला ने अपना पूरा जीवन खेलों के प्रचार-प्रसार और खिलाड़ियों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनका अंतिम संस्कार कल, 9 अप्रैल को दोपहर 12 बजे जीटीबी नगर (मॉडल टाउन) श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके निधन की खबर से खेल प्रेमियों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरविंदर सिंह बाठला खेल प्रशासन के एक स्तंभ माने जाते थे। वह पंजाब एंड सिंध बैंक में स्पोर्ट्स सचिव के पद पर सेवाएं निभा चुके थे। हॉकी के प्रति उनके जुनून का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह सुरजीत हॉकी सोसाइटी के फाउंडर सदस्य और लंबे समय तक चीफ पीआरओ रहे। उन्होंने जालंधर में हॉकी की नर्सरी को सींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 1990 से जिमखाना क्लब के सम्मानित सदस्य थे और 1995 से पंजाब स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ जुड़कर खिलाड़ियों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे। इसके अतिरिक्त, वह पिछले 20 वर्षों से 'बाठला मैरिज कंसलटेंट' का संचालन कर रहे थे, जिसके जरिए उन्होंने अनगिनत परिवारों को जोड़ने का काम किया। बाठला के आकस्मिक निधन पर खेल जगत की विभिन्न हस्तियों और राजनेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। खेल प्रेमियों का कहना है कि गुल्लू जी की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। वह अपने मिलनसार स्वभाव और मददगार व्यक्तित्व के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। वह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें उनकी पत्नी बलविंदर कौर बाठला (डॉली), बेटा सिमरदीप सिंह बाठला, पुत्रवधू सिफ़त कौर, बेटी तान्या (जो एक प्रख्यात एंटरटेनमेंट एंकर हैं), दामाद सोहिम टक्कर और दोहता ताहिमवीर सिंह शामिल हैं।
सब-जूनियर विमेंस नेशनल हॉकी: छठे दिन चंडीगढ़, कर्नाटक, मिजोरम, हरियाणा, ओडिशा ने जीते मुकाबले
16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर विमेंस नेशनल चैंपियनशिप 2026 के छठे दिन, डिवीजन 'बी' में दादरा नगर हवेली और दमन दीव, चंडीगढ़ और कर्नाटक की टीमों ने जीत हासिल की, जबकि डिवीजन 'ए' में मिजोरम, हरियाणा, ओडिशा और झारखंड की टीमों ने अपने-अपने मैच जीते
16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर मेंस नेशनल चैंपियनशिप 2026 के छठे दिन, डिवीजन 'ए' में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड की टीमों ने जीत हासिल की, जबकि डिवीजन 'बी' में दिल्ली, तेलंगाना, कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश ने अपने-अपने मुकाबले जीते
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक ने हत्या का प्रयास करते हुए दो लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घर जाते समय आरोपी ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे 7 साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला छाल थाना क्षेत्र का है। दरअसल 4 अगस्त 2019 को शैलेष यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात करीब साढ़े 9 बजे वह घर जा रहा था। इसी दौरान मेन रोड स्थित विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के पास नवापारा निवासी घनाराम और परसराम बाइक से आ रहे थे। तभी प्लासीदियुस बरवा का 28 वर्षीय बेटा प्रताप बरवा अपने घर के सामने हॉकी स्टिक लेकर खड़ा था। पुरानी रंजिश के चलते उसने घनाराम और परसराम का रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। हॉकी स्टिक किया हमला इसके बाद आरोपी ने अपने हाथ में रखी हॉकी स्टिक से हत्या की नीयत से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में घनाराम के गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि परसराम के कमर, दाहिने हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंची। घटना को देखकर आसपास के रहने वाले विमल राठिया और स्वपनील सारथी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर दोनों को बचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए SECL अस्पताल, नवापारा में भर्ती कराया। इसके बाद शैलेष यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। अर्थदंड से भी दंडित किया जहां मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 4,500 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
भोपाल को कभी ‘हॉकी की नर्सरी’ कहा जाता था। इस शहर ने 8 ओलिंपियन समेत 39 अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिए। 120 साल के ओलिंपिक इतिहास में भोपाल के खिलाड़ियों ने 4 गोल्ड समेत कुल 6 मेडल दिलाए और ये सभी 20वीं सदी में जीते गए। तब यहां खेल सुविधाओं के नाम पर सिर्फ ऐशबाग का घास का मैदान था। न बजट था, न संसाधन। आज भोपाल में 7 एस्ट्रो टर्फ के अलावा 1000 करोड़ का मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है। लेकिन, नई सदी के 26 साल में भोपाल से एक भी हॉकी खिलाड़ी ओलिंपिक तक नहीं पहुंच सका। भारतीय टीम में मप्र से सिर्फ विवेक प्रसाद हैं, जो होशंगाबाद से हैं। विशेषज्ञों की राय... औबेदुल्ला कप फिर शुरू करें, टैलेंट सर्च चलाएं, इंटरनेशनल एक्सपोजर वाले कोच लाएं एक समय सक्रिय थे 79 क्लब1970–90 के दौर में भोपाल में 79 हॉकी क्लब सक्रिय थे। आज एक भी क्लब प्रभावी रूप से संचालित नहीं है। जो रजिस्टर्ड हैं भी, वे निष्क्रिय हैं। जमीनी स्तर पर प्रतिभा का प्रवाह थम गया है। समस्याएं और समाधान जाने-माने हॉकी खिलाड़ी और कोच मीर रंजन नेगी से बातचीत के आधार पर। अकादमी मॉडल से शूटिंग, एथलेटिक्स में कुछ सुधारहालांकि शूटिंग और एथलेटिक्स में कुछ सुधार जरूर हुआ। अकादमी मॉडल का लाभ मिला है। नेशनल गेम्स में मप्र दो बार टॉप-5 में रहा और अब चौथे स्थान तक पहुंच गया है। पहले रैंकिंग 12-17 के बीच रहती थी। खेल विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर बालूसिंह यादव का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर का असर दिख रहा है। हॉकी सहित अन्य खेलों में भी सुधार होगा।
यूपी, एमपी और महाराष्ट्र जीते, आज मेजबान झारखंड का मुकाबला
मोरहाबादी के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में चल रही 16वीं सब जूनियर महिला नेशनल हॉकी चैंपियनशिप के पांचवें दिन रविवार को छह मैच खेले गए। ए-डिवीजन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र ने अपने-अपने मैच जीते, वहीं बी-डिवीजन में उत्तराखंड और असम की टीमें हावी रहीं। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाले झारखंड के पहले मैच पर टिकी हैं। यूपी ने छत्तीसगढ़ को 5-1 से एकतरफा मात दी। ए-डिवीजन के तहत एमपी ने मणिपुर को 6-3 से हराया। पंजाब ने आंध्र प्रदेश को 2-0 से शिकस्त दी। महाराष्ट्र बनाम बिहार में महाराष्ट्र ने बिहार को 3-0 से हराकर पूरे अंक बटोरे। वहीं बी-डिवीजन के तहत उत्तराखंड की मीनाक्षी ने 5 गोल दागकर गुजरात को 9-2 के भारी अंतर से रौंद दिया। वहीं असम ने बंगाल को 3-2 से हराया। चैंपियनशिप में मेजबान झारखंड का पहला मुकाबला शाम 4:30 बजे महाराष्ट्र के खिलाफ होगा।
सब जूनियर हॉकी: तीसरे दिन गोवा की धमाकेदार जीत
बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर मेंस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के के तीसरे दिन शुक्रवार को गोवा, उत्तराखंड और अरुणाचल ने अपने-अपने मैच जीते
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने नौ हॉकी खिलाड़ियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने 24 मार्च के अंतरिम आदेश में अहम संशोधन किया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने 1 अप्रैल को दिए आदेश में हॉकी इंडिया को आधिकारिक पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम प्रदर्शित करने के पूर्व निर्देश को वापस (withdraw) ले लिया है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता खिलाड़ियों को निर्धारित पात्रता पूरी करने पर राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति रहेगी। 2009 में ही रद्द हो चुकी थी मान्यता हॉकी इंडिया (प्रतिवादी नंबर 3) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि 24 मार्च का आदेश एक अहम तथ्य की अनदेखी में पारित हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन 19 जून 2009 को ही राजस्थान हॉकी एसोसिएशन को डी-रिकग्नाइज और डी-एफिलिएट कर चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई को जयपुर पीठ में चुनौती दी गई थी। जयपुर पीठ ने 2010 में हटा लिया था स्टे हॉकी इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट के संज्ञान में लाया कि जयपुर पीठ ने शुरुआत में 22 जनवरी 2010 को इस डी-रिकग्निशन पर अंतरिम रोक लगाई थी। लेकिन बाद में, सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात 2 अप्रैल 2010 को एक विस्तृत आदेश पारित कर उस अंतरिम रोक को हटा दिया गया था। इसके साथ ही ऑर्डर के अनुसार, प्रतिवादी क्रमांक 6 और 7 के रूप में अरुण सारस्वत और मित्रानंद पूनिया 'हॉकी राजस्थान (अन-रजिस्टर्ड)' का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो एक अलग इकाई है। 'दावा' करने वाले खिलाड़ियों के खेलने पर आपत्ति नहीं वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि यदि मेधावी होने का दावा करने वाले ये याचिकाकर्ता खिलाड़ी हॉकी इंडिया के टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके लिए उन्हें आयु और सर्टिफिकेशन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। उन्होंने केवल पोर्टल पर नाम दर्शाने के निर्देश को संशोधित करने की मांग की। दूसरी तरफ, याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव रांका ने सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन जयपुर पीठ के 2010 के आदेश को देखते हुए कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया। कोर्ट: 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस इन तथ्यों के आधार पर जस्टिस माथुर ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए आधिकारिक प्लेयर रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस ले लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता लक्ष्मी और 8 अन्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट्स में भाग लेने की छूट बरकरार रखी है। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय आयु, मेडिकल परीक्षण और अन्य सभी आवश्यक पात्रता मापदंडों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
स्पोर्ट्स में नाम चमकाना है तो हो जाओ तैयार, खिलाड़ियों के ट्रायल आज से
पंजाब खेल विभाग की तरफ से युवाओं के लिए स्पोर्ट्स विंग स्कूलों के ट्रायल 4 अप्रैल से होंगे। यह ट्रायल अंडर-14, 17, 19 में लड़के और लड़कियों के डे-स्कॉलर खिलाड़ियों के लिए होंगे। जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि एथलेटिक्स के ट्रायल 4 से 5 अप्रैल, रेस्लिंग के 4 व 6, जिम्नास्टिक, बॉक्सिंग और वॉलीबॉल के खेल ट्रायल 6 अप्रैल को स्पोर्ट्स स्कूल में होंगे। बास्केटबॉल के ट्रायल 4 व 6 अप्रैल को हंसराज स्टेडियम, हॉकी ट्रायल 4 को सुरजीत हॉकी स्टेडियम, फुटबॉल के ट्रायल 4 से 6 अप्रैल को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल सोफी पिंड व वाईएफसी रुड़का कलां में 6 से 7, संत बाबा भाग सिंह स्कूल जालंधर में होंगे। हैंडबॉल के ट्रायल 4 अप्रैल को हैंडबॉल कोचिंग सेंटर दोसांझ कलां, वेटलिफ्टिंग के 4 व 6 अप्रैल को वेट लिफ्टिंग कोचिंग सेंटर गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम, क्रिकेट के 5 व 6 अप्रैल को सरकारी मॉडल स्कूल ऑफ एमिनेंस लाडोवाली रोड, बैडमिंटन के 4 से 6 अप्रैल को वाईएफसी अकादमी रुड़का कलां में होंगे। जूडो के ट्रायल 4 व 5 अप्रैल को सरकारी मॉडल स्कूल ऑफ एमिनेंस लाडोवाली रोड 4 से 6 अप्रैल को सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नेहरू गार्डन में होंगे। स्पोर्ट्स विंगों के लिए खिलाड़ियों का जन्म अंडर-14 के लिए 1-1-2013, अंडर-17 के लिए 1-1-2010 और अंडर-19 के लिए 1-1-2008 या इसके बाद का होना चाहिए। जिलास्तरीय मुकाबलों में पहली तीन स्थानों में से कोई एक पोजीशन प्राप्त की हो या उसने राज्य स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लिया हो। इसके अलावा ट्रायल के आधार पर नए खिलाड़ियों को भी विचार किया जा सकता है। खिलाड़ी ट्रायलों के लिए सुबह 8 बजे रजिस्ट्रेशन के लिए रिपोर्ट कर सकते है। ट्रायलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अपना जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और खेल उपलब्धियों के मूल प्रमाणपत्र सहित फोटो कापी तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य है। डे-स्कॉलर खिलाड़ी वे खिलाड़ी होते हैं जो किसी स्पोर्ट्स एकेडमी, आवासीय स्कूल या खेल संस्थान में ट्रेनिंग तो लेते हैं, लेकिन वहां के हॉस्टल में नहीं रहते। वे अपनी ट्रेनिंग और पढ़ाई के लिए निश्चित समय पर संस्थान आते हैं और अभ्यास खत्म होने के बाद वापस अपने घर चले जाते हैं। आमतौर पर ये खिलाड़ी उसी शहर या क्षेत्र के होते हैं जहां खेल परिसर स्थित होता है।
अस्मिता जूनियर महिला हॉकी लीग के लिए पंजाब टीम के ट्रायल 6 को
हॉकी इंडिया और साई की ओर से 14 से 20 अप्रैल तक मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 5वीं अस्मिता जूनियर महिला हॉकी लीग करवाई जा रही है, जिसमें पंजाब जूनियर महिला हॉकी टीम के चयन के लिए ट्रायल 6 अप्रैल को सुबह 9 बजे जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होंगे। हॉकी पंजाब के महासचिव अमरीक सिंह पवार ने बताया कि पंजाब की खिलाड़ी जिनका जन्म 1 मई 2006 के बाद हुआ है, वह इन ट्रायलों में भाग ले सकती हैं। खिलाड़ियों को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा। बिना आधार कार्ड के आने वाली खिलाड़ियों को चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल और तमिलनाडु ने दर्ज की जीत
स्पोर्ट्स रिपोर्टर|रांची हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 के तीसरे दिन सोमवार को चार मुकाबले खेले गए, जिसमें जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल प्रदेश और हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु की टीमों ने शानदार जीत दर्ज की। प्रतियोगिता का आयोजन मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में किया जा रहा है। दिन के पहले मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने राजस्थान को 14-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की और अपने पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम की ओर से कोमल ने 3 गोल, जबकि आकांक्षा, अवनी, संजना, मौकी और अक्षरा दत्ता ने 2-2 गोल किए। दूसरे मैच में गोवा ने केरल को 2-0 से हराकर अपने पूल में बढ़त बनाई। बेरतीला केरकेट्टा ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए एक गोल किया, जबकि भूमिका भीमा ने दूसरा गोल दागा। हिमाचल प्रदेश की गुजरात पर 11-0 से जीत : तीसरे मुकाबले में हिमाचल प्रदेश ने गुजरात को 11-0 के बड़े अंतर से हराया। आयुषी ने 4 गोल किए, जबकि शानवी शर्मा और अर्चना कुमारी ने 2-2 गोल दागे। वहीं, चौथे मैच में हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु ने दिल्ली को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। कप्तान एसएस कनिष्का और जी स्वाति ने एक-एक गोल किया। तीसरे दिन के परिणामों के बाद कई टीमों ने अपने-अपने पूल में मजबूत स्थिति बना ली है। टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा और कड़ा होने की उम्मीद है।

