न्यू जर्सी में शनिवार के फील्ड हॉकी मुकाबले, नतीजों और टीमों के प्रदर्शन पर नजर
न्यू जर्सी के हाई स्कूल फील्ड हॉकी मुकाबलों के परिणाम और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें टीमों के प्रदर्शन को दर्शाया गया है।
एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली हॉकी खिलाड़ी लालरेम्सियामी और ललथांतलुआंगी का RCF में भव्य सम्मान
एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली लालरेम्सियामी और ललथांतलुआंगी का कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में भव्य स्वागत हुआ। महाप्रबंधक अजय नंदन ने सम्मानित किया, रोड शो में उमड़े खेल प्रेमी।
गुरजीत कौर: भारतीय महिला हॉकी टीम को पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचाने वाली खिलाड़ी
New Delhi, 24 अक्टूबर . भारतीय महिला हॉकी टीम लगातार वैश्विक मंचों पर अपना दबदबा साबित कर रही है. इसमें गुरजीत कौर जैसी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अहम…
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी लालरेम्सियामी और ललथांतलुआंगी का स्वागत किया गया। इन खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। दोनों खिलाड़ियों के RCF पहुंचने पर महाराजा रणजीत सिंह स्टेडियम में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रोड शो RCF टाउनशिप से गुजरा। एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में सम्मान समारोह के दौरान RCF के महाप्रबंधक अजय नंदन ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मिजोरम से पंजाब तक का सफर, राष्ट्रीय एकता की मिसाल दोनों खिलाड़ी पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम राज्य से संबंध रखती हैं। मिजोरम से पंजाब तक उनकी यात्रा भारत की सांस्कृतिक विविधता और विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है। उनकी उपलब्धि ने यह साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के बल पर देश के किसी भी कोने से आने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। आरसीएफ कपूरथला के लिए दोनों खिलाड़ियों की यह उपलब्धि गर्व और गौरव का विषय है। उनकी सफलता विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों और महिला खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।
प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शनिवार को अजमेर में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा सियासी हमला बोला। पंचायती चुनावों को लेकर उन्होंने दावा किया कि हर सीट पर भाजपा की जीत होगी और पार्टी को बहुत अच्छे वोट मिलेंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- “इलेक्शन तो जीत सकते नहीं, बातें और नाटक बहुत करते हैं।” राहुल गांधी को लेकर उन्होंने तंज कसा कि उन्हें बार-बार लॉन्च करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन उनका लॉन्च हमेशा फेल हो जाता है। उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह भी दी। दीया कुमारी अजमेर के चंद्रवरदाई स्टेडियम में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित 37वीं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता का उद्घाटन करने पहुंची थीं। समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने चुनाव, कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना और अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। हर सीट पर भाजपा की जीत पक्की पंचायती चुनावों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा- बहुत अच्छा माहौल है और भारतीय जनता पार्टी की जीत पक्की है। ना केवल जीत होगी, पर बहुत अच्छे वोटों से हर सीट पर हमारी जीत होगी। लोकप्रियता साबित करने में कांग्रेस चूक जाती है कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए दीया कुमारी ने कहा- कांग्रेस की तो बात छोड़ दीजिए, कांग्रेस तो यही करती रहती है। उनको बोलिए कि आप इलेक्शन तो जीत सकते नहीं, अब आप बातें बहुत करते हो, नाटक बहुत करते हो। लेकिन सचमुच में जब समय आता है प्रूव करने का कि जनता में आप लोकप्रिय हो या नहीं, तब आप चूक जाते हो। इसलिए यह लोग तो बस नाटक ही करते रहते हैं, झूठ बोलते रहते हैं। इनकी बातों में कोई दम नहीं है। राहुल गांधी को बार-बार लॉन्च करने का प्रयास, लेकिन हमेशा फेल हो जाता है’ राहुल गांधी और कांग्रेस में परिवारवाद के मुद्दे पर भी उपमुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा- इनके नेता को बार-बार लॉन्च करने का प्रयास किया जाता है। बार-बार यह कोशिश करते हैं कि राहुल गांधी लॉन्च हो जाए, इस बार उसकी हो जाए किसी ना किसी तरह से... लेकिन वह हमेशा फेलियर हो जाता है। उनका लॉन्च हमेशा फेल हो जाता है। उन्होंने आगे कहा- तो उनको अब घर बैठ जाना चाहिए और अपने जो यह एक नेता को बहुत आगे बढ़ा रहे हैं और परिवारवाद में लिप्त पार्टी है, इनको भी सोचना चाहिए, आत्ममंथन करना चाहिए। खेल सुविधाओं और स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर भी रखी बात राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता के उद्घाटन के दौरान दीया कुमारी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता के माध्यम से खेलों को बढ़ावा दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा- हमारी सरकार भी स्टेडियमों के आधुनिकीकरण, बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप व प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम कर रही है। प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।” कार्यक्रम के दौरान दीया कुमारी मंच से उतरकर हॉकी मैदान में भी पहुंचीं। यहां उन्होंने खिलाड़ियों के साथ हॉकी स्टिक थामकर खेल में हिस्सा लिया और उनका उत्साह बढ़ाया।
दूसरे क्वार्टर में चक्रधर चैंपियंस को अपना तीसरा गोल करने में ज़्यादा समय नहीं लगा। इस बार यह एक पेनाल्टी कार्नर कन्वर्ज़न था।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि यह लीग प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है। लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। इसमें हर टीम के साथ ओलंपियन और अनुभवी खिलाड़ी जुड़े हैं, जिनसे युवा खिलाड़ी मैदान के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीख सकते हैं। सरदार सिंह खुद भी लीग के मुकाबले देख रहे हैं, ताकि अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें नेशनल कैंप तक पहुंचाने का रास्ता बनाया जा सके। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में उन्होंने हॉकी के भविष्य, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, अपनी फिटनेस और दर्शकों की भागीदारी पर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए हॉकी लीग कितना फायदेमंद हैं? सरदार सिंह: मैं छत्तीसगढ़ गवर्नमेंट और छत्तीसगढ़ हॉकी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने बच्चों को इतना अच्छा प्लेटफॉर्म दिया है। काफी समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि इस लीग में हमें अच्छा टैलेंट देखने को मिलेगा। यहां से निकलने वाले युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। सवाल: हर टीम में ओलंपियन खिलाड़ियों को रखा गया है। इस कॉन्सेप्ट को कैसे देखते हैं? सरदार सिंह: हॉकी इंडिया लीग के बाद किसी स्टेट में इस तरह का प्रोफेशनल टूर्नामेंट मैं पहली बार देख रहा हूं। पूरी टीम को इसके लिए बधाई देना चाहता हूं। छत्तीसगढ़ के जूनियर खिलाड़ियों के लिए यह बहुत अच्छा मौका है। वे सीनियर खिलाड़ियों से सीख सकते हैं कि मैदान पर कैसे खेलना है, मैच के बाद रिकवरी कैसे करनी है और अगले मैच के लिए खुद को कैसे तैयार करना है। सुरेंद्र कुमार और ललित उपाध्याय जैसे खिलाड़ी उनके बीच मौजूद हैं। इनके पास ओलिंपिक का अनुभव है। युवा खिलाड़ियों को इनके साथ खेलने और इनसे सीखने का मौका मिल रहा है। सवाल: यहां से अच्छे खिलाड़ियों को चुनकर नेशनल कैंप तक पहुंचाने की योजना है क्या? सरदार सिंह: बिल्कुल। हमारा प्रयास रहता है कि किसी भी टूर्नामेंट में अच्छा टैलेंट दिखे तो उसे पहचाना जाए। इससे खिलाड़ियों को नेशनल टीम, नेशनल कैंप और दूसरे प्रोग्राम में मौका देने की दिशा में काम किया जा सकता है। इसी वजह से मैं यहां मैच देख रहा हूं। कोशिश है कि पूरे 60 मिनट का खेल देखा जाए और जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें आगे मौका मिल सके। सवाल: मैचों का लाइव प्रसारण भी हो रहा है। क्या इससे खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा? सरदार सिंह: यह अच्छी बात है। जब मैच लाइव दिखाए जाते हैं, तो खिलाड़ियों का प्रदर्शन ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। ऐसे में जो भी खिलाड़ी अच्छा खेलेगा, उसके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका होगा। इससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। सवाल: रायपुर के मैदान और टर्फ को देखकर कैसा लगा? सरदार सिंह: मैं पहले भी यहां खेल चुका हूं। यहां हमने अपना पहला गोल्ड जीता था। हॉलैंड के खिलाफ वो मैच था। वापस आकर खुशी हुई, मैदान अच्छा है। और पूरी उम्मीद है कि हम अच्छे खिलाड़ी भी निकालेंगे इस लीग से। सवाल: हॉकी को दोबारा लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए क्या करना होगा? सरदार सिंह: सबसे जरूरी है कि हम अंडर-12, अंडर-13 और अंडर-14 के बच्चों पर निवेश करें। उन्हें अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक हॉकी के हिसाब से ट्रेनिंग और मजबूत बेसिक स्किल्स देनी होंगी। पिछले दस साल में केंद्र और राज्य सरकारों ने खेलों के लिए कई अच्छी योजनाएं शुरू की हैं। खेलो इंडिया जैसे टूर्नामेंट हो रहे हैं और अलग-अलग जगह लीग भी शुरू हुई हैं। इन प्रयासों का असर दिख रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं और इससे हॉकी को भी फायदा हो रहा है। बस प्रयास लगातार चलने चाहिए। सवाल: आप करीब 40 साल के हैं, खेल से दूर रहने के बाद भी फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? सरदार सिंह: फिटनेस मेरी पहचान है। मैं करीब 12-13 साल भारतीय टीम के लिए खेला हूं। उससे पहले अकादमी में कई साल तक संघर्ष किया। इस तरह 25-30 साल तक मैंने अपनी बॉडी से काफी मेहनत कराई है। अब फिटनेस मेरी आदत बन गई है। अगर किसी दिन वर्कआउट नहीं कर पाता हूं, तो दिन खाली-खाली लगता है। मैं कहीं भी ट्रैवल करूं, कोशिश करता हूं कि थोड़ा-बहुत वर्कआउट जरूर करूं। इसके साथ खाने-पीने का ध्यान रखना भी जरूरी है। सवाल: छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे? सरदार सिंह: बिल्कुल। मैं सभी खेल प्रेमियों से अपील करूंगा कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्टेडियम पहुंचें। टीवी पर मैच देखने का अनुभव अलग होता है, लेकिन मैदान पर आकर खिलाड़ियों को खेलते हुए देखना बिल्कुल अलग अनुभव है। दर्शकों के आने से खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ता है। इसलिए सभी लोग स्टेडियम आएं और हॉकी का आनंद लें। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… भास्कर इंटरव्यू: अनिमेष बोले- फास्टेस्ट मैन बनने वाले दिन तबीयत खराब थी: एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता, दोस्तों के कहने पर एथलेटिक्स में आए थे छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर इस साल विदेश में भारत के सबसे तेज रनर बने हैं। खास बात यह है कि जिस दिन उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया, उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वे रेस में उतरे और अपना बेस्ट दिया। जर्मनी में उन्होंने 100 मीटर की रेस 10.14 सेकंड में पूरी की। पढ़ें पूरी खबर…
शहीद अशफाक उल्लाह खान देश के सच्चे सिपाही : महेश सिंह
भास्कर न्यूज|सिमडेगा जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त कंचन सिंह ने विभिन्न छात्रावासों और जिला पुस्तकालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आवासन, खानपान, स्वच्छता, सुरक्षा, खेल प्रशिक्षण और पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने हॉकी बालिका खेल छात्रावास, आदिवासी बालक छात्रावास, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (बॉयज) तथा इंटरनेशनल स्टेडियम के पास स्थित हॉकी बालक खेल छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से संवाद कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता भी परखी। उपायुक्त ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मैदान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ी कड़ी मेहनत और लगन से खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। लोहरदगा| बूचन गली अमला टोली में शहीद अशफाक उल्लाह खान की जयंती के मौके पर एक सभा की गई। मौके परमहेश सिंह ने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत में ऐसे महान सपूतों के बदौलत ही आजादी की सांस ले रहे हैं। उन्हें याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब अंग्रेजी हुकूमत भारतीयों पर दमन करती थी और आजादी के परवानों पर जुल्म की सारी हदें पार कर रही थी। उस समय अशफाक उल्लाह खान, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद जैसे वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दीं। उन्होंने काकोरी में ट्रेन लूटकर देश की आजादी का बिगुल फूंका। नतीजतन उन्हें फांसी दी गई। देश की खातिर उन्होंने हंसते हुए फांसी का फंदा चूम लिया। मौके पर मुमताज अहमद ने कहा कि अशफाक उल्लाह खान ने अंग्रेजों का जुल्म और बर्बरता अपनी आंखों से देखे। उन्होंने नौजवानी में साथियों के साथ मिलकर मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने की योजना बनाई। काकोरी कांड में ट्रेन लूटकर असलहा और बारूद जुटाया गया। देश की स्वतंत्रता के लिए बिगुल फूंका गया। आज हमें ऐसे सपूतों को याद करने की जरूरत है। शिक्षक नेता शैलेन्द्र सुमन ने कहा कि ऐसे महान योद्धा को याद करने की जरूरत है। अंग्रेजों ने छल से उन्हें फांसी के फंदे में लटकाया। आज वे जैसे महान क्रांतिकारी हमेशा यादों में बसे रहेंगे। अंजुमन इस्लामिया के पूर्व सचिव फिरोज राही ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे महान सपूतों के कृतित्व को याद करने की जरूरत है। एकता की ज्योति को बरकरार रखना भी जरूरी है। मौके पर अब्दुल मन्नान खान, एहसान खान, हाजी तौहीद, इनामुल हक, मो जफर, कृष्णा साहू, मन्नू ठाकुर, मोइन अंसारी, मो इजहार, हाजी झुन्नू, रिजवान अंसारी, गुफरान खान, शाहजहां खान, बाबू खान, एस मीर जूली, असगर खान, इम्तियाज खान, अकबर अंसारी, मो मनिउरूर रहमान, शमी अख्तर, तारिक ओबैद, रिजवान जाहिद, जावेद अंसारी, अशरफ अंसारी, मो जन, मो खलील, मो सलाम सहित अन्य मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन शुक्रवार को मैनपाट टाइटंस और बैलाडीला बुल्स के बीच रोमांचक मुकाबला 3-3 से ड्रॉ रहा। मैच के पहले हाफ में ओलंपियन प्रदीप मोर की टीम मैनपाट टाइटंस ने 2 गोल कर बढ़त बना ली थी। लेकिन दूसरे हाफ में ओलंपियन चिंगलेनसाना सिंह की टीम बैलाडीला बुल्स ने वापसी की और आखिरी समय में गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। मैनपाट के प्रहलाद को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और करण धनुक को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। पहले हाफ में मैनपाट ने बनाए 2 गोल मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने गोल करने के मौके तलाशे। सातवें मिनट में मैनपाट के प्रहलाद टांडी के पास गोल करने का अच्छा मौका था, लेकिन बैलाडीला के गोलकीपर ने उनके प्रयास को रोक दिया। इसके बाद बैलाडीला को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर संदीप ठाकुर ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में मैनपाट ने वापसी की। हाफ टाइम से कुछ मिनट पहले प्रहलाद ने सर्कल के अंदर शानदार मूव बनाया और प्रवीण यादव ने उनकी गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके साथ ही मैनपाट ने स्कोर 2-0 कर लिया। दूसरे हाफ में बैलाडीला ने की वापसी दो गोल से पिछड़ने के बाद बैलाडीला बुल्स ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने मैनपाट के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। जसकरण सिंह ने सर्कल के अंदर से गेंद राहुल यादव की ओर बढ़ाई, जिस पर राहुल ने गोल कर दिया। इसके बाद चौथे क्वार्टर की शुरुआत में जसकरण ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 2-2 कर दिया। मैनपाट ने भी जवाबी हमला किया। प्रहलाद को सर्कल के अंदर जगह मिली और उन्होंने रिवर्स फ्लिक से गोल कर टीम को 3-2 से आगे कर दिया। मुकाबले के आखिरी हिस्से में बैलाडीला को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इसके रिबाउंड पर निहाल हुसैन अंसारी ने गोल कर स्कोर 3-3 कर दिया। इसके बाद कोई और गोल नहीं हुआ और मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ।
सिरसा के गांव जोधकां में अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और अर्जुन अवॉर्डी सविता पूनिया के नाम से देश-प्रदेश का गौरव बढ़ा है, लेकिन गांव के युवा खिलाड़ी बुनियादी खेल सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के स्टेडियम में न पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार व्यवस्था। यहां 300 से ज्यादा युवा कबड्डी, कुश्ती, फुटबॉल और रनिंग की प्रैक्टिस करने आते हैं। ग्रामीणों ने खेल विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर स्टेडियम विकसित करने और सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। ग्रामीण सुरेंद्र के अनुसार, गांव में खेल सुविधाओं की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन किसी सरकार ने इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ग्रामीण खेल मंत्री गौरव गौतम से मिले थे और सविता पूनिया की उपलब्धियों का हवाला देते हुए स्टेडियम की जरूरत बताई थी। सुरेंद्र का दावा है कि मंत्री ने फाइल पर हस्ताक्षर कर उसे मुख्यमंत्री के पास ले जाने की बात कही थी, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हुई। गांव वालों ने कहा- स्टेडियम के लिए जमीन देने को तैयार ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्टेडियम के लिए जमीन देने को तैयार है। जनसंवाद कार्यक्रम में भी यह मुद्दा उठाया गया था। स्टेडियम में शौचालय, चेंजिंग रूम और ट्रैक जैसी सुविधाओं के लिए बजट मिलने का इंतजार है। उनका आरोप है कि घोषणाओं के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा। ट्रैक पर अंधेरा, बारिश में भर जाता है पानी कबड्डी कोच रितू ने बताया कि उनके पास 60 से 70 बच्चे नियमित अभ्यास के लिए आते हैं। दूसरे गांवों के खिलाड़ी भी यहां पहुंचते हैं। मैदान में पंचायत की ओर से लाइट लगवाई गई है, लेकिन रनिंग ट्रैक पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में दौड़ते समय खिलाड़ियों को एक-दूसरे का पता नहीं चलता और कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। रितू के अनुसार, बारिश के दिनों में मैदान में पानी भर जाता है और निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। आसपास कचरा डाले जाने और सफाई की कमी से भी खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यहां कबड्डी और कुश्ती के अलावा फुटबॉल खेलने वाले युवा तथा सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी अभ्यास करते हैं। सविता की उपलब्धियों से प्रेरित हैं गांव के युवा ग्रामीणों का कहना है कि सविता पूनिया की उपलब्धियां गांव के बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। गांव के युवा राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल में भी खेल चुके हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही मैदान, ट्रैक, लाइट और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलें तो वे आगे बढ़ सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार से पांच एकड़ में बने स्टेडियम में खेल कार्यक्रम कराने के लिए कई बार स्कूल से अनुमति लेनी पड़ती है। DSO बोलीं- विभाग ने सरकार तक पहुंचाई मांग जिला खेल अधिकारी सीमा चोखर ने बताया कि सविता पूनिया के सम्मान में स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव में स्टेडियम और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग रखी थी। ग्रामीण अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी के अनुसार, मांग सरकार तक पहुंचाई गई है और खेल विभाग को आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को अब स्टेडियम की सुविधाएं बढ़ने का इंतजार है।
Asian Para Games में Himanshu Nandal ने जीता तीसरा कांस्य, पदकों की लगाई हैट्रिक
भारतीय पैरा तैराक हिमांशु नंदल ने शुक्रवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की। यह इन खेलों में उनका तीसरा कांस्य पदक है। ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने यह स्पर्धा एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी की। जापान के उचु तोमिता ने 58.22 सेकंड के समय के साथ खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चुआनझेन सुन ने 58.70 सेकंड में रजत पदक हासिल किया। हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए, जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते हैं। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में पांच मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर अपने पदकों का खाता खोला था। चार तैराकों के बीच हुए मुकाबले में वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य जीता और शुक्रवार को तीसरा पदक हासिल कर अपनी हैट्रिक पूरी की। एस11 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें वे खिलाड़ी शामिल हैं जिनकी दृष्टि क्षमता बेहद कम है या जिन्हें प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं होता। हिमांशु की एशियाई पैरा खेलों तक की यात्रा बचपन से ही खेलों से जुड़ी रही है। हरियाणा के रोहतक में खेलों के माहौल वाले परिवार में पले-बढ़े हिमांशु के पिता राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके हैं। चार वर्ष की उम्र में वह दिल्ली आ गए और राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ से जुड़े और ब्रेल लिपि सीखी। शुरुआत में उन्होंने जूडो में अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीते। उन्होंने वर्ष 2021 में तैराकी को अपना नया लक्ष्य बनाया। तैराकी में उनका सफर तेजी से आगे बढ़ा। वर्ष 2024 में हिमांशु पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम योग्यता मानक हासिल करने वाले भारत के पहले दृष्टिहीन तैराक बने। दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक हिमांशु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार प्रगति की है। वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित विश्व पैरा तैराकी चैंपियनशिप में उन्होंने दो स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
जालंधर में आजादी के बाद पहली बार हो रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भाग लेने के लिए दूसरे देशों की टीमें पहुंचना शुरू हो गई हैं। 27 अक्टूबर को CM भगवंत मान ट्राफी का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले गुरुवार को जापान की टीम ने बल्टर्न पार्क स्थित स्टेडियम में प्रैक्टिस की। प्लेयर्स ने दौड़ लगाई और फुटबॉल खेला। जापानी हॉकी टीम का इससे पहले ढोल के साथ स्वागत किया गया। टीम के कैप्टन फूजी मोटो ने पंजाब के लोगों के सत्कार की खुलकर तारीफ की। कोच योशीहिरो अनाई ने कहा कि एयरपोर्ट पर जिस तरह ढोल-नगाड़ों और भांगड़े के साथ उनका स्वागत हुआ, उसने पूरी टीम का दिल जीत लिया। पंजाबी खाने के सवाल पर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि अभी तक उन्हें इसे चखने का मौका नहीं मिला है, लेकिन उन्हें पूरा यकीन है कि पंजाबी खाना स्वादिष्ट होगा और वे इसे जरूर पसंद करेंगे। पंजाब में पहली बार हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन के लिए CM भगवंत मान और पंजाब सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि कप्तान फूजी मोटो की अगुवाई में जापानी टीम मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। हॉकी पंजाब के जनरल सेक्रेटरी अमरीक सिंह पंवार ने की मुलाकातहॉकी पंजाब के जनरल सेक्रेटरी अमरीक सिंह पंवार ने बताया कि यह आयोजन हमारी आने वाली पीढ़ी और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अलग-अलग देशों की टीमों का आगमन शुरू हो चुका है। वियतनाम (जापान/अन्य) की टीम पहुंचकर अभ्यास शुरू कर रही है, जबकि मलेशिया की टीम देर रात तक पहुंच जाएगी। बाकी टीमें भी धीरे-धीरे जालंधर पहुंच रही हैं। खुद हॉकी खिलाड़ी रहे अमरीक सिंह पंवार ने कहा कि पंजाब की धरती पर ऐसा बड़ा टूर्नामेंट होना हर पंजाबी और हॉकी खिलाड़ी का सपना था। उन्होंने कहा कि हमारे 8 से 10 खिलाड़ी हॉकी इंडिया और ओलंपिक स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। जालंधर में होने वाले हॉकी मैचों का शेड्यूलचैंपियन ट्राफी की शुरूआत मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे मलेशिया और चीन के बीच मैच से होगी। इसके बाद दोपहर 3:15 बजे जापान और कोरिया के बीच मुकाबलाखेला जाएगा। शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे तक उद्घाटन समारोह होगा, जिसके तुरंत बाद शाम 7 बजे भारत का सामना बांग्लादेश से होगा। 28 अक्टूबर को कोई मैच नहीं होगा।
कार से टक्कर, फिर रॉड से अटैक... छत्रपति संभाजीनगर में दिनदहाड़े मर्डर
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दिनदहाड़े एक शख्स की हत्या कर दी गई. उसका नाम देवेश उर्फ बंटी दीक्षित था. वह जिम से लौट रहा था. रास्ते में एक कार आई और स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी. बंटी सड़क पर गिरा, तो उस पर हॉकी स्टिक और लोहे की रॉड से हमला किया गया. हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए जापान की पुरुष हॉकी टीम पंजाब पहुंची, जहां उनका पारंपरिक पंजाबी ढंग से स्वागत किया गया। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होगी, जिसमें भारत सहित छह देशों की टीमें हिस्सा लेंगी।
जापान पुरुष हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मोहाली पहुंची, एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत
मोहाली, 23 अक्टूबर . जापान की 18 सदस्यीय पुरुष फील्ड हॉकी टीम 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होने वाली एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में…
इसी स्टेडियम में 23 अक्टूबर को दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मुकाबला शाम 5:30 बजे मैनपाट टाइटंस और बैलाडीला बुल्स के बीच होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे चक्रधर चैंपियंस और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की टीमें आमने-सामने होंगी।
सोनीपत में पुलिस जांच अधिकारी (IO) द्वारा चालान पेश करने के दौरान की गई एक गलती के कारण मारपीट के एक साधारण मामले में कानूनी पेंच फंस गया। पुलिस ने केस के चालान में BNS की धारा 238(a) लगा दी। इसकी वजह से इलाका मजिस्ट्रेट को केस को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर मानते हुए सुनवाई के लिए सत्र अदालत (सेशन कोर्ट) को ट्रांसफर (Commit) करना पड़ा था। हालांकि, सोनीपत के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेशन) जगजीत सिंह की कोर्ट ने मामले की गहन समीक्षा के दौरान पुलिस से हुई इस कानूनी गलती को पकड़ लिया। कोर्ट ने माना कि इसमें धारा 238(a) नहीं बल्कि धारा 238(C) लागू होती है। इसके बाद केस को सुनवाई के लिए वापस इलाका मजिस्ट्रेट की कोर्ट में भेज दिया है। मामले में तीनों आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं। क्या था पूरा मामला और जानें पुलिस से कहां हुई चूक? यह पूरा मामला 30 जनवरी 2025 को सोनीपत के थाना कुंडली क्षेत्र के अंतर्गत हुई मारपीट की घटना से जुड़ा हुआ है। 22 फरवरी, 2025 को दर्ज हुई FIR नंबर 135 में दिल्ली की रहने वाली शिकायतकर्ता पूजा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के पति इकबाल, ससुर बलवान, देवर शमशेर और उनके साथी ने उन पर डंडों व हॉकी स्टिक से बर्बर हमला किया था। इस हमले में उसके दोनों हाथों की हड्डियां टूट गई थीं (फ़्रैक्चर) और परिजनों को गंभीर चोटें आई थीं। उनकी बेटी ने उनको फोन किया था कि उसके ससुराल वाले उसे जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद वे दिल्ली से कुंडली क्षेत्र में स्थित बेटी के मायके आए थे। वहां उ पर हमला किया गया। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों इकबाल, शमशेर, बलवान व नितिन के खिलाफ BNS की धारा 115(2) (चोट पहुंचाना), 117(2) (गंभीर चोट/हड्डी तोड़ना), 351(3) (जान से मारने की धमकी) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। जांच अधिकारी (IO) की गलती: जांच पूरी करने के बाद जब पुलिस IO ने कोर्ट में चार्जशीट/चालान पेश किया, तो उसमें BNS की धारा 238(a) भी शामिल कर दी गई। चूंकि कानून के मुताबिक BNS की धारा 238(a) केवल सत्र न्यायालय (Court of Sessions) द्वारा विचारणीय (Triable) होती है। इलाका मजिस्ट्रेट ने 19 सितंबर 2026 को इस केस को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर मानते हुए आगे की सुनवाई के लिए सत्र अदालत को ट्रांसफर कर दिया था। जब केस फाइल सोनीपत के जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह के समक्ष आई, तो उन्होंने चालान और दस्तावेजों का बारीक कानूनी अध्ययन किया और गलती पकड़ ली। सेशन कोर्ट में सुनवाई: धारा 238(a) नहीं, 238(c) होती है लागू सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने पाया कि पुलिस द्वारा लगाई गई धारा 238(a) इस मामले पर लागू ही नहीं होती है। कोर्ट के अनुसार BNS की धारा 238(a) (अपराधी को बचाने या साक्ष्य मिटाने) केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां मुख्य अपराध में मृत्युदंड (Death Penalty) की सजा का प्रावधान हो। मारपीट के इस मामले में आरोपियों पर दर्ज मुख्य अपराधों में अधिकतम सजा 10 वर्ष से कम की कैद है। ऐसे मामलों में साक्ष्य मिटाने या आरोपी को बचाने पर धारा 238(c) लागू होती है, न कि 238(a)। केस में अन्य सभी धाराएं पूरी तरह से इलाका मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीयहैं। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि चालान में केवल गलत धारा लिख देने मात्र ये केस सेशन कोर्ट का क्षेत्राधिकार नहीं बन जाता। 22 अक्टूबर को केस वापस इलाका मजिस्ट्रेट को ट्रांसफर सत्र अदालत ने माना कि इलाका मजिस्ट्रेट द्वारा इस केस को सेशन कोर्ट में कमिट किया जाना कानूनी रूप से गलत था। 22 अक्टूबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने केस की मूल फाइल और पूरा रिकॉर्ड तुरंत संबंधित इलाका मजिस्ट्रेट को वापस ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए। 30 अक्टूबर को इलाका मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई इस मामले में नामजद आरोपी इकबाल, शमशेर, बलवान व नितिन फिलहाल जमानत पर हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों और उनके वकीलों को आगे की कानूनी सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 को इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
‘गोल्डी के पिता ने उससे कहा था- तू वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, लेकिन वो आने को राजी नहीं था। उसने कहा- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा।’ ये किस्सा पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में रह रहे गोल्डी बराड़ के पुराने पड़ोसी बताते हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 28 सितंबर 2026 को कनाडा बेस्ड भारतीय गैंगस्टर गोल्डी को 10 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने या जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी 9.4 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। भारत सरकार पहले ही गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा, कनाडा के टॉप 25 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भी उसका नाम शामिल है। दैनिक भास्कर की टीम श्री मुक्तसर साहिब में गोल्डी के घर और उसके गांव बुर्ज हरिका पहुंची। उसके परिवार के लोगों ने बातचीत में क्या बताया, पढ़िए पूरी खबर… गोल्डी का नाम लेते ही चुप हो गए लोग दिल्ली से ट्रेन के जरिए हम मुक्तसर साहिब के लिए निकले। आसपास बैठे लोगों से बातचीत में गोल्डी बराड़ का जिक्र हुआ। तभी एक यात्री बोला, ‘गोल्डी के पिता का घर मुक्तसर में है, लेकिन वो यहां का रहने वाला नहीं है। वो फरीदकोट में कोटकपुरा के पास एक गांव का रहने वाला है।‘ हमने कुछ और जानकारी चाही, तो उसने बातचीत बंद कर दी। भटिंडा में ट्रेन से उतरने के बाद हम ट्रैक्सी से मुक्तसर के लिए निकले। ड्राइवर ने कहा- आप पंजाब के नहीं लग रहे। मुक्तसर क्यों जा रहे हैं? हमने बताया कि गुरुद्वारा देखने जा रहे हैं। फिर गोल्डी बराड़ का नाम लेते ही उसका लहजा बदल गया। उसने कहा, ‘भाई, गोल्डी के चक्कर में मत पड़ो। उसका नेटवर्क बहुत बड़ा है।' ड्राइवर ने बताया कि पहले यहां लोग गोल्डी के बारे में जानते भी नहीं थे। सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर के बाद वो चर्चा में आया। इसके बाद ड्राइवर ने गोल्डी के बारे बात नहीं की। उसने कहा कि वो मुश्किल में नहीं पड़ना चाहता। रात करीब 9:30 बजे हम मुक्तसर पहुंचे। 5 हजार वर्गफुट में बना मकान, आसपास CCTV कैमरे अगले दिन सुबह हम मुक्तसर के आदेश नगर पहुंचे। यहां गोल्डी का बचपन बीता है। करीब आधे घंटे भटकने के बाद एक डिलीवरी बॉय ने हमें गोल्डी का घर दिखाया। 5 हजार स्क्वायर फीट के प्लॉट में उसका दो मंजिला मकान है। गेट पर ताला नहीं लगा, लेकिन वहां जमी धूल देखकर लग रहा था कि लंबे वक्त से घर पर कोई नहीं आया। गोल्डी के मकान से लेकर आसपास के सभी घरों में CCTV कैमरे लगे हैं। हर घर में चार-पांच कैमरे हैं। यहीं मिले एक शख्स ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले वो गोल्डी को जानता भी नहीं था। इसके बाद ही उसका नाम चर्चा में आया। तभी पता चला कि उसका घर यहां है। तब से बाहरी लोगों का आना-जाना कम हो गया। पहले तो घर के सामने हमेशा पुलिस लगी रहती थी। पिता ने कहा- वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, गोल्डी बोला- घर गिरा दो हमने गोल्डी और उसके परिवार के बारे में जानने के लिए पड़ोसियों के घरों के दरवाजे खटखटाए। बात करने के लिए सिर्फ एक पड़ोसी राजी हुए। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर उन्होंने बताया, ‘गोल्डी पास के भाई मस्ताना सिंह स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में अच्छा था। कबड्डी और हॉकी भी खेलता था। दसवीं में अच्छे नंबरों से पास हुआ था। फिर आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया।‘ ‘गोल्डी के चंडीगढ़ जाने के बाद उसके पिता शमशेर सिंह हमारे घर आया करते थे। बताते थे कि गोल्डी के बिना घर में मन नहीं लगता। वे भी पत्नी के साथ चंडीगढ़ शिफ्ट होने की तैयारी में थे। कहते थे- इससे गोल्डी पढ़ भी लेगा और हमारा मन भी लगा रहेगा।’ पड़ोसी पुरानी बातें याद करते हुए कहते हैं कि अगर शमशेर ने तब मन की सुन ली होती और चंडीगढ़ शिफ्ट हो जाते, तो शायद आज हालात अलग होते। शमशेर पुलिस की नौकरी में थे। 55 की उम्र में ही उन्हें जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया। हमने पूछा कि चंडीगढ़ जाने के बाद गोल्डी की जिंदगी में क्या बदला। इस पर उन्होंने छात्र राजनीति और लॉरेंस बिश्नोई से उसके संपर्क का जिक्र किया। वे बताते हैं, 'कॉलेज में छोटी-मोटी लड़ाइयों से उसकी दबंगई का दौर शुरू हुआ। इसके बाद छात्र राजनीति में आया। शमशेर ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन गोल्डी ने बात नहीं सुनी।‘ ‘एक बार शमशेर ने मेरे सामने गोल्डी से वापस आने को कहा था। बोले- तू वापस आ जा। जेल भी होगी, तो जमानत ले लेंगे। घर खाली रहता है, यहां भला कौन रहेगा, लेकिन गोल्डी ने लौटने से इनकार कर दिया।‘ पड़ोसी का दावा- गोल्डी कनाडा जाने के बाद कभी नहीं लौटा पड़ोसी ये भी दावा करते हैं कि कनाडा जाने के बाद गोल्डी कभी नहीं लौटा, न ही माता-पिता से संपर्क रखा। पिता शमशेर इससे दुखी रहते थे। हमने पड़ोसी से पूछा कि उसके घर पर और आसपास कई CCTV कैमरे लगे हैं। क्या गोल्डी विदेश से घर की निगरानी करता है? जवाब मिला, ‘जो लड़का मां-बाप से बात तक नहीं करता, कहता है कि उसे घर से कोई मतलब नहीं है। वो भला घर की देखभाल क्या करेगा। कैमरे इलाके के लोगों ने घर की सुरक्षा के लिए लगवाए हैं।‘ पड़ोसी बताते हैं कि इलाके में पुलिस भी आती-जाती रहती है। हालांकि, पुलिस इन कैमरों के जरिए निगरानी करती है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। गोल्डी की मां कभी-कभी यहां आती हैं। पिछले काफी दिनों से उन्हें भी नहीं देखा। पड़ोसी ने बताया कि वो मुक्तसर से करीब 40 किमी दूर पुश्तैनी गांव में रहती होंगी। इसके बाद गोल्डी के परिवार से मिलने हम उसके पुश्तैनी गांव बुर्ज हरिका के लिए निकले। गोल्डी के गांव में चाचा का परिवार, चाची सरपंच रास्ते में कोई भी गोल्डी के गांव का रास्ता बताने को तैयार नहीं हुआ। आखिर एक कैब ड्राइवर ने गांव तक पहुंचाया। श्मशान घाट की देखरेख में लगे व्यक्ति ने गोल्डी का घर दिखाया। गेट पर लाल रंग की नेमप्लेट लगी थी। उस पर गांव के नाम के साथ गोल्डी के चाचा सतपाल और चाची मंजीत कौर का नाम लिखा था। चाची गांव की सरपंच हैं। मकान तीन हिस्सों में बंटा है। एक गेट के ठीक सामने, दूसरा कोठीनुमा मकान और उसके बगल में एक पुराना घर है, जो अब खंडहर हो चुका है। एक बुजुर्ग खाट पर बैठे मिले। हमने पूछा क्या गोल्डी बराड़ का घर यही है। उन्होंने हामी भरी। ये गोल्डी के चाचा सतपाल सिंह थे। बातचीत शुरू हुई तो गोल्डी के बचपन से लेकर अब तक के किस्से सामने आने लगे। सतपाल ने बताया कि बड़े भाई शमशेर ने अपने हिस्से की जमीन बेचकर मुक्तसर में घर बनवाया था। गोल्डी का बचपन भी वहीं बीता। स्कूल की छुट्टियां होने पर गांव आया करता था। सतपाल के बेटे गुरलाल की चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान पर लगा। सतपाल और उनकी पत्नी मंजीत बेटे गुरलाल की हत्या का जिक्र करते हुए कहते हैं, ‘गोल्डी पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। उसी के करीब 6 महीने बाद गुरलाल की हत्या का बदला लिया। यहीं से गोल्डी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा।‘ सतपाल बताते हैं, ‘गोल्डी बचपन में शांत स्वभाव का था। पढ़ने-लिखने में भी अच्छा था। अपराध की दुनिया में जाने के बाद उसने मां-बाप से नाता तोड़ लिया। उसके पिता शमशेर सिंह कपूरथला जेल में हैं। मां भी अभी जमानत पर बाहर हैं।‘ गोल्डी के पिता शमशेर को फिल्लौर के एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में मई 2026 में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी गोल्डी के पिता शमशेर और मां प्रीतपाल पर श्री मुक्तसर साहिब के एक सरकारी टीचर की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। उन पर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत करने वाले के मुताबिक, उन्हें विदेशी मोबाइल नंबर से वॉट्सएप कॉल कर फिरौती मांगी गई थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जनवरी 2026 में पहली बार शमशेर सिंह का नाम आया।पुलिस ने शमशेर और उनकी पत्नी प्रीतपाल को 26 जनवरी, 2026 को अमृतसर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। मार्च 2026 में प्रीतपाल को जमानत मिल गई। चाची के मुताबिक, गोल्डी की मां कभी-कभी गांव आती हैं। पिछले दो महीने से नहीं आईं। अभी कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है। तीन भाइयों का परिवार बिखरा, जमीन का भी बंटवारा हुआ सतपाल सिंह ने परिवार के बारे में बताया। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनका बेटा गांव में खेती करता है। उसके पास करीब दो किले (दो एकड़) जमीन है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। सतपाल दूसरे नंबर पर हैं। उनके पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उनकी बेटी की शादी हो गई है। सतपाल की पत्नी मंजीत कौर 7 साल से गांव की सरपंच हैं। शमशेर तीसरे नंबर के भाई हैं। उनका एक ही बेटा गोल्डी बराड़ है। सतपाल के मुताबिक, पहले तीनों भाइयों के पास करीब 5-5 एकड़ जमीन थी। सतपाल के अलावा बाकी दो भाइयों ने तीन-तीन एकड़ जमीन बेच दी। परिवार के बारे में बताते हुए सतपाल भावुक हो गए। तब पत्नी मंजीत ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। अब पूरा परिवार बिखर चुका है। कभी यहां पंजाब पुलिस आती है, तो कभी दिल्ली पुलिस। गोल्डी बराड़ का नेटवर्क भारत से लेकर कनाडा तक फैला है, ग्राफिक्स में देखिए उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं… …………………………………………… ये खबर भी पढ़ें… साबरमती की '10-खोली' में लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी 10-12 फीट की कोठरी, सामने छोटा सा गार्डन, दीवार पर हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें और आसपास तैनात गार्ड। हाई-सिक्योरिटी वाली साबरमती जेल में यही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की दुनिया है। दावा किया जाता है कि यहीं से लॉरेंस अपनी ‘L-कंपनी’ चला रहा है। खुद कंपनी का CEO, यानी गैंग का सरगना है। उसके नीचे 3-4 भरोसेमंद कमांडर और पूरा नेटवर्क काम करता है। पढ़िए पूरी खबर…
Bahraich News: जिला हॉकी एसोसिएशन ने स्टेडियम टीम को हराया
जिला हॉकी एसोसिएशन ने स्टेडियम टीम को हराया
पंजाब में पहली बार आयोजित होने जा रही 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026' को लेकर राज्य भर में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में टूर्नामेंट के राज्यव्यापी 'ट्रॉफी टूर' का तरनतारन जिले में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। श्री गुरु अर्जन देव स्पोर्ट्स स्टेडियम, चोहला साहिब में डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर (DSO) सतवंत कौर की अगुवाई में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें खेल प्रेमियों और युवाओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रीनू अनंत और एथलीट नरिंदर कौर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक रोमांचक हॉकी एग्जीबिशन मैच भी आयोजित किया गया।डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर सतवंत कौर ने बताया कि इस ट्रॉफी टूर का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को हॉकी के प्रति जागरूक करना और खेल प्रेमियों में नया जोश भरना है। उन्होंने बताया कि यह राज्यव्यापी दौरा विभिन्न जिलों से गुजरता हुआ 26 अक्टूबर को जालंधर में समाप्त होगा। कई देशों की टीमें लेंगी भाग 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026' का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा बांग्लादेश, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीमें ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगी। मैच का शेड्यूल पंजाब के लिए गर्व का पल: रीनू अनंत और नरिंदर कौर कार्यक्रम में मौजूद हॉकी खिलाड़ी रीनू अनंत ने इसे पंजाब के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम अब तक चार बार इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम कर चुकी है और उम्मीद जताई कि इस बार भी भारतीय टीम घरेलू मैदान पर इतिहास रचते हुए जीत दर्ज करेगी। वहीं, एथलीट नरिंदर कौर ने कहा कि दुनिया की दिग्गज हॉकी टीमों की मेजबानी करना पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंटों के आयोजन के रास्ते भी खुलेंगे। कार्यक्रम के समापन पर स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की ओर से उपस्थित युवा खिलाड़ियों को रिफ्रेशमेंट वितरित की गई, जिसके बाद ट्रॉफी टूर अपने अगले पड़ाव अमृतसर जिले के लिए रवाना हो गया।
Asian Para Games 2026: यौन दुर्व्यवहार के आरोप में Para Swimmer शम्स आलम शेख जापान से वापस भेजे गए
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद जापान से भारत वापस भेज दिया गया है। उन पर नागोया के एक होटल में महिला कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय दल के अधिकारियों ने होटल प्रबंधन से माफी मांगी है। वहीं, भारतीय पैरालंपिक समिति ने खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह घटना उस होटल में हुई जहां भारतीय दल के सदस्य ठहरे हुए हैं। होटल में काम करने वाली नेपाली मूल की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद शम्स आलम शेख ने उनके साथ अनुचित तरीके से छूने और पकड़ने की कोशिश की। महिला के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहीं और उन्होंने तुरंत अपने प्रबंधक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में दखल दिया और भारतीय दल के अधिकारियों से भी पूछताछ की। घटना के बाद शेख को प्रतियोगिता से हटाकर भारत वापस भेज दिया गया। वह खेलों में अपना मुकाबला भी नहीं खेल सके। बता दें कि मोहम्मद शम्स आलम शेख पैरा तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई एस5 और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी4 स्पर्धाओं में दुनिया में पहले स्थान पर रह चुके हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले खिलाड़ी पर लगे इन आरोपों ने भारतीय दल के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। इस मामले पर भारतीय पैरालंपिक समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति के अधिकारियों ने एनडीटीवी को बताया कि शेख के भारत पहुंचने के बाद उनका पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने की घोषणा की जा सकती है। भारतीय दल के प्रमुख ने भी खिलाड़ी पर कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। जापान में होटल प्रबंधन और खेल आयोजन से जुड़े अधिकारी भी भारत की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी मांग रहे हैं। आगे का फैसला भारत में होने वाली कार्रवाई के आधार पर लिया जा सकता है। भारतीय पैरालंपिक समिति ने अपने बयान में साफ कहा कि यौन दुर्व्यवहार या किसी दूसरे व्यक्ति की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स से पहले खिलाड़ियों और भारतीय दल के सदस्यों के लिए ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में व्यवहार, अनुशासन, जिम्मेदारियों और तय नियमों का पालन करने की जानकारी दी गई थी। समिति ने यह भी कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी। साथ ही, खिलाड़ी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। समिति ने सरकार को भी इस मामले की जानकारी दे दी है। गौरतलब है कि नागोया में भारतीय दल से जुड़ा यह दूसरा अनुशासन संबंधी मामला बताया जा रहा है। इससे पहले भारतीय हॉकी महासंघ से जुड़े एक अधिकारी को भी कथित गलत व्यवहार के आरोपों के बाद वापस भेजे जाने की खबर आई थी। इन घटनाओं के बीच भारतीय पैरालंपिक समिति ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से सम्मान, ईमानदारी और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। समिति का कहना है कि वह खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन और देश के लिए पदक जीतने के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को भी उतना ही जरूरी मानती है।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के दो मुकाबले आज शाम को सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे। पहले महिला टीमों के बीच एग्जीबिशन मैच होगा। इसके बाद रात 7:30 बजे राजधानी रॉयल्स और न्यायधानी नाइट्स के बीच लीग का पहला मुकाबला खेला जाएगा। प्रदेश में पहली बार हो रही इस फ्रेंचाइजी आधारित हॉकी लीग में छह टीमें खिताब के लिए उतरेंगी। पहले मैच में राजधानी रॉयल्स और न्यायधानी नाइट्स की टक्कर लीग का पहला मुकाबला शाम 7:30 बजे राजधानी रॉयल्स और न्यायधानी नाइट्स के बीच होगा। दोनों टीमें जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करना चाहेंगी। इससे पहले शाम 5:30 बजे महिला टीमों के बीच एग्जीबिशन मैच खेला जाएगा। इसके जरिए दर्शकों को पुरुषों के लीग मुकाबले से पहले महिला हॉकी देखने का मौका मिलेगा। लीग में राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, बैलाडीला बुल्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं। सभी टीमों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के साथ दूसरे राज्यों के अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। छह टीमें, 132 खिलाड़ी मैदान पर दिखाएंगे दम छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग कर रहा है। टूर्नामेंट में छह टीमों के कुल 132 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। हर टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 18 खिलाड़ी और राज्य के बाहर के चार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं। लीग के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के जरिए किया गया है। इसका मकसद प्रदेश के उभरते हॉकी खिलाड़ियों को बेहतर मुकाबलों का अनुभव देना और उन्हें आगे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के मौके उपलब्ध कराना है। लीग में भारतीय हॉकी के कई अनुभवी खिलाड़ी भी खेलते नजर आएंगे। इनमें ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एसवी सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर और चिंग्लेनसाना सिंह कांगुजम जैसे नाम शामिल हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह को लीग का एंबेसडर बनाया गया है। 1 नवंबर को होगा फाइनल लीग के मुकाबले 22 से 29 अक्टूबर तक खेले जाएंगे। 30 अक्टूबर को रेस्ट डे रहेगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को सेमीफाइनल होंगे। पहले सेमीफाइनल में अंक तालिका में पहले और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें भिड़ेंगी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों के बीच मुकाबला होगा। फाइनल 1 नवंबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा। लीग की टैगलाइन ‘चलो रे संगी, हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसके जरिए प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देने और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच देने की कोशिश की जा रही है।
रायपुर में पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग शुरू
रायपुर। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेड
अमृतसर में हॉकी का महामुकाबला, 200 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
अमृतसर, 22 अक्टूबर 2026। पंजाब के अमृतसर में हॉकी प्रेमियों के लिए एक बड़े मुकाबले की खबर सामने आई है। 200 खिलाड़ियों की भागीदारी और ओलंपियन खिलाड़ियों की मौजूदगी इस आयोजन को खास बना सकती है। इस मुकाबले में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के प्रति अपने जुनून को मैदान पर उतारने का […] The post अमृतसर में हॉकी का महामुकाबला, 200 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम appeared first on Rashtriya Ujala .
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग: पहला मुकाबला राजधानी रॉयल्स और न्यायधानी नाइट्स के बीच
ओलंपियन ललित उपाध्याय के नेतृत्व वाली राजधानी रॉयल्स का मुकाबला गुरुवार को पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) में ओलंपिक मेडलिस्ट सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली न्यायधानी नाइट्स से होगा।
पंजाब की खेल संस्कृति और महान हॉकी विरासत का गौरवशाली इतिहास
जब भी भारत में खेलकूद और विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल हॉकी का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले जुबान पर पंजाब की माटी का नाम आता है। पंजाब वह उर्वरा भूमि रही है जिसने इस देश को एक से बढ़कर एक महान हॉकी के जांबाज सितारे, कप्तान और ओलंपिक पदक विजेता (Olympic Medallists) दिए हैं, जिनके दम पर भारत ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया है। पंजाब के खेल प्रेम और इस खेल के प्रति दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ के हर गली-कूचे और खेल के मैदान से निकलकर खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस महान परंपरा को जीवित रखने और आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने के लिए पंजाब सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के भीतर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न स्तरों पर बड़े टूर्नामेंट्स का आयोजन करवा रही है, ताकि युवा पीढ़ी आधुनिक चकाचौंध से निकलकर मैदान की तरफ आकर्षित हो सके और अपने देश का नाम रोशन कर सके।खेल मंत्री मीत हेयर का प्रेरणादायक संदेश: बच्चों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच दिखाने जरूर लाएं माता-पिताइसी कड़ी में राज्य के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर (Gurmeet Singh Meet Hayer) ने प्रदेश के सभी अभिभावकों और खेल प्रेमियों से एक बेहद भावुक और प्रेरक अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब भी उनके शहर या आसपास के इलाकों में कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच या बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो, तो माता-पिता का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों को स्टेडियम में लेकर आएं और उन्हें इन बड़े मुकाबलों को लाइव खेलते हुए देखें। उनका मानना है कि जब छोटे बच्चे अपनी आंखों से दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को स्टिक और बॉल के साथ मैदान पर पसीना बहाते हुए देखेंगे, तो उनके भीतर भी खेल के प्रति एक अलग ही जुनून और प्रेरणा जागेगी। केवल टेलीविजन या मोबाइल स्क्रीन पर मैच देखने और हकीकत में स्टेडियम की दीर्घा में बैठकर देश-विदेश की टीमों का मुकाबला देखने के अनुभव में जमीन-आसमान का फर्क होता है। स्टेडियम का वह रोमांचक माहौल बच्चों के कोमल मन पर एक गहरी सकारात्मक छाप छोड़ता है, जो उन्हें भविष्य में एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करता है।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पंजाब में खेल के बुनियादी ढांचे का विकासआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Punjab sports history hockey' या 'Meet Hayer hockey promotion' जैसी जानकारियां तलाशते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और खेल जगत से जुड़ी सटीक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पंजाब की इस भौगोलिक (Geographical) और खेल-प्रेमी पहल को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि समाज के हर वर्ग तक यह सकारात्मक संदेश पहुंच सके। पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में आधुनिक एस्ट्रो टर्फ हॉकी ग्राउंड्स (Astro Turf Hockey Grounds) का निर्माण कराया जा रहा है, खिलाड़ियों को उच्च स्तर की कोचिंग दी जा रही है और विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है ताकि उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। खेल मंत्री मीत हेयर की यह अपील वास्तव में पंजाब को फिर से 'हॉकी की नर्सरी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बेहद ठोस और दूरदर्शी कदम है, जिससे आने वाले समय में देश को और भी कई नए ओलंपिक चैंपियंस मिलने की पूरी उम्मीद है।
एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026: अमृतसर में आज जुटेंगे 200 खिलाड़ी, स्कूल ऑफ एमिनेंस में होगा शो मैच
हीरो मेंस एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 को लेकर हॉकी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह बढ़ाने के लिए आज छेहरटा स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में शो मैच करवाया जाएगा।
अमृतसर में आज होगा हॉकी शो मैच:एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 के प्रचार के लिए जुटेंगे करीब 200 खिलाड़ी
अमृतसर में हीरो मेंस एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 के प्रचार के लिए आज 22 अक्टूबर को हॉकी का शो मैच आयोजित किया जाएगा। यह मैच दोपहर 3 बजे छेहरटा स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में खेला जाएगा। इसमें ओलंपियन, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों समेत करीब 200 खिलाड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। पंजाब में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ाने के लिए राज्य के सभी जिलों में ट्रॉफी टूर निकाला जा रहा है। तरनतारन से अमृतसर पहुंचेगी ट्रॉफी प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आज यानी 22 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे जिला तरनतारन के गांव चब्बा में बाबा नौध सिंह जी की समाधि से ट्रॉफी प्राप्त की जाएगी। इसके बाद ट्रॉफी को अमृतसर लाया जाएगा। यहां ट्रॉफी के स्वागत के मौके पर खेल विभाग की ओर से हॉकी का शो मैच करवाया जाएगा। 23 अक्टूबर को गुरदासपुर रवाना होगी ट्रॉफी 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे ट्रॉफी अमृतसर से गुरदासपुर जिले के लिए रवाना होगी। इसके लिए भी संबंधित विभागों को जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि ट्रॉफी टूर का मुख्य उद्देश्य एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 के प्रति लोगों में उत्साह पैदा करना और हॉकी को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शो मैच के जरिए खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
खिलाड़ी उज्ज्वल को मिला इमर्जिंग प्लेयर का खिताब
सिमडेगा | स्व. पीटर सोरेंग मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट के दौरान जिले के उभरते हॉकी खिलाड़ी को मोटरसाइकिल देकर सम्मानित किया गया। तामड़ा कोंगसेरा के उज्ज्वल एक्का को जिले का उभरता स्टार खिलाड़ी चुना गया। उन्हें बाइक प्रदान की गई। इस सम्मान से खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिला। टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता। जोलेन टोपनो बने टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर। टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जलडेगा के जोलेन टोपनो को बेस्ट प्लेयर का खिताब दिया गया। उन्हें एलईडी टीवी देकर सम्मानित किया गया। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों के लिए भी पुरस्कारों की व्यवस्था की गई थी। इसमें 21 भाग्यशाली दर्शकों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ मैच देखने पहुंचे दर्शकों में भी खासा उत्साह रहा।
Jhansi News: हरियाणा बना हॉकी का नेशनल चैंपियन
झांसी। मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि पर बुधवार को हरियाणा और मध्य प्रदेश के बीच 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर राष्ट्रीय पुरुष चैंपियनशिप का रोमांचक खिताबी मुकाबला हुआ। मध्य प्रदेश ने शुरुआती बढ़त बनाकर दबाव बनाया, लेकिन हरियाणा ने दमदार
पंजाब को मिली एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, 'आप' ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण
पंजाब को मिली एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, 'आप' ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण
सीनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप: मध्य प्रदेश को 2-1 से मात देकर हरियाणा ने जीता खिताब
झांसी, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के 'डिवीजन ए' फाइनल में हॉकी हरियाणा ने बुधवार को पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हॉकी मध्य प्रदेश को 2-1 से हराया और खिताब अपने नाम किया। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने पंजाब को 3-1 से हराया। फाइनल में हॉकी हरियाणा ने हॉकी मध्य प्रदेश को 2-1 से मात दी।
पंजाब में पहली बार होगी एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी, 4 और 5 नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल
पंजाब 2026 एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा, जिसमें मुफ्त स्टेडियम प्रवेश, 25 करोड़ रुपये का उन्नयन बजट और 40,000 खि
पंजाब में 2026 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: जालंधर हॉकी स्टेडियम में इतिहास रचेंगे भारतीय सितारे
आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 2026 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब लाने के लिए धन्यवाद दिया है। यह पहली बार है जब जालंधर का ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम आजादी के बाद किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा, जिससे राज्य की समृद्ध हॉकी विरासत का जश्न मनाया जाएगा।
दुर्ग में गरबा विवाद को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को महाराजा चौक पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल का पुतला दहन किया। उन्होंने 14 अक्टूबर की रात पद्मनाभपुर के हॉकी ग्राउंड में हुए विवाद में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। बजरंग दल के राकेश तिवारी ने एसएसपी को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले के गांवों और प्रखंडों में पुतला दहन किया जाएगा। मांग पूरी न होने पर पटेल चौक पर चक्काजाम और एसएसपी बंगले के सामने भी पुतला जलाने की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पांच पुतले लेकर पहुंचे थे, जिनमें से एक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। कार्यकर्ताओं ने एक सांकेतिक पुतले को माला पहनाकर और तिलक लगाकर एसएसपी को हिंदू समाज की आस्था की सुरक्षा का संदेश दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो गांवों तक होगा प्रदर्शन राकेश तिवारी ने आरोप लगाया कि 14 अक्टूबर की रात गरबा कार्यक्रम में हुए विवाद के मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। उनका कहना है कि घटना में शामिल दोनों पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिले के गांवों और प्रखंडों में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद पटेल चौक पर चक्काजाम और एसपी बंगले के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने जिले के बाहर भी आंदोलन करने की चेतावनी दी। गरबा आयोजन को लेकर पहले भी जताई थी आपत्ति राकेश तिवारी के मुताबिक, संगठन ने गरबा आयोजन को लेकर पहले ही आयोजक धीरज बाकलीवाल के सामने अपनी आपत्ति रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों को बुलाए जाने पर संगठन ने विरोध जताया था। तिवारी का दावा है कि कार्यक्रम शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले पुलिस को फोन कर स्थिति की जानकारी भी दी गई थी। उन्होंने गरबा कार्यक्रम में फिल्मी और कथित अश्लील गाने बजाने को लेकर भी आपत्ति जताई। तिवारी ने कहा कि संगठन महिलाओं की सुरक्षा और हिंदू समाज की आस्था से जुड़े मुद्दे उठा रहा है। ये सभी आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं। चोरी, सट्टा और धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई की मांग प्रदर्शन के दौरान राकेश तिवारी ने जिले में चोरी, कबाड़ के कारोबार, सट्टा और अन्य अपराधों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, जबकि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जल्दी एफआईआर दर्ज कर ली जाती है। उन्होंने मोबाइल पर कुछ लोगों की कथित सूची दिखाते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की। इसके अलावा धर्मांतरण से जुड़ी सभाओं के मामलों में अलग-अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान कोई स्वतंत्र दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की जानकारी नहीं मिली। तिवारी ने कहा कि संगठन की मुख्य मांग एसपी का तबादला कराना नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाना है। उन्होंने जमीन, तहसील, खाद्य, पुलिस और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाने की बात कही। 14 अक्टूबर की रात हॉकी ग्राउंड में हुआ था विवाद पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के हॉकी ग्राउंड में दुर्ग नव निर्माण समिति की ओर से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के पोस्टर और फ्री पास की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। 14 अक्टूबर की रात कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पहुंचे और मंच पर चढ़ गए। इस दौरान गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर भाषण दिया गया। इसी बीच कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और कुछ कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया। धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक युवक धीरज बाकलीवाल को धक्का देते नजर आया। इसके बाद समिति अध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पंजाब 2026 की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा जिसमें भारत सहित छह राष्ट्र शामिल होंगे; प्रशंसकों से जालंधर औ
पंजाब के खेल इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब जालंधर का प्रसिद्ध ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 को पंजाब लाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त किया है। जालंधर के ऐतिहासिक स्टेडियम में टूर्नामेंट की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मीत हेयर ने कहा कि यह पंजाब और इसकी समृद्ध खेल विरासत के लिए बेहद गर्व का पल है। संसारपुर ने दुनिया को दिए 7 ओलंपिक पदक- सांसद पंजाब के हॉकी में ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए सांसद मीत हेयर ने कहा कि राज्य की माटी ने देश को महान हॉकी सितारे और ओलंपिक पदक विजेता दिए हैं। अकेले जालंधर के संसारपुर गांव ने दुनिया को 14 अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से 9 खिलाड़ियों ने भारत, 4 ने केन्या और 1 ने कनाडा का प्रतिनिधित्व किया है। इस छोटे से गांव ने देश को 7 ओलंपिक पदक देने का गौरव हासिल किया है। इन दिग्गजों का होम ग्राउंड रहा है सुरजीत स्टेडियम मीत हेयर ने विशेष तौर पर भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों, हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सितारों ने इसी सुरजीत स्टेडियम से अपने हॉकी करियर की शुरुआत की थी। पेरिस ओलंपिक समेत दुनिया के बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन करने वाले ये खिलाड़ी अब एक बार फिर अपने घरेलू दर्शकों के सामने उसी मैदान पर खेलते नजर आएंगे, जहां से उन्होंने हॉकी की एबीसीडी सीखी थी। 6 देशों की टीमें दिखाएंगी दम, 4-5 नवंबर को मोहाली में फाइनल इस टूर्नामेंट में एशिया की छह दिग्गज टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें भारत, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती और लीग मुकाबले जालंधर में खेले जाएंगे। इसके बाद रोमांचक सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली में आयोजित होंगे। मीत हेयर की अपील- स्टेडियमों को खचाखच भर दो पंजाबियों सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पंजाब के सभी हॉकी प्रेमियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को साथ लेकर बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचें। उन्होंने कहा कि इस समय देश का प्रतिनिधित्व कर रहे भारतीय दल में पंजाब के 9 खिलाड़ी शामिल हैं। वे अपने गृह राज्य के समर्थन के हकदार हैं। आइए, 27 अक्टूबर से शुरू हो रहे इन मुकाबलों में स्टेडियमों को भरकर दुनिया को दिखा दें कि हॉकी आज भी पंजाबियों की रूह में बसती है।
झारखंड ने जीती 32वीं राष्ट्रीय नेहरू बालिका हॉकी प्रतियोगिता
सिमडेगा की टीम ने फाइनल में डीजी एनसीसी सोनीपत को 2-1 से हराकर अंडर-17 खिताब अपने नाम किया।
इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
एमपीपीजी कॉलेज चित्तौड़गढ़ की छात्राओं ने हॉकी टूर्नामेंट में लगातार दूसरे साल जीता खिताब
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की प्रतियोगिता के फाइनल में बी.एन. गर्ल्स कॉलेज राजसमंद को हराकर लगातार दूसरे साल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
Asian Para Games में Ravi Budigina ने जीता रजत, हिमांशु और रोहित को कांस्य
भारतीय तैराक रवि बुदिगिना ने एशियाई पैरा खेलों में बुधवार को पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 वर्ग में रजत पदक जीता जबकि हिमांशु नंदल और रोहित कुमार ने कांस्य पदक हासिल किये। रवि ने एक मिनट 10 . 10 सेकंड का समय निकालकर चार तैराकों में दूसरा स्थान हासिल किया। उजबेकिस्तान के इगोर बोलोतोव ने 58 . 43 सेकंड के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीनी ताइपै के फेंग युआन येह ने एक मिनट 12 . 05 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। एस 13 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता पात्र प्रतिभागियों में सबसे कम गंभीर है। रवि ने सोमवार को पुरूषों की 100 मीटर एस13 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 18 वर्ष के रवि दुबई में 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों में तीन स्वर्ण और तीन रजत जीत चुके हैं। इससे पहले नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता। हरियाणा के रोहतक के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने एक मिनट 20.72 सेकेंड का समय निकाला। ऑप्टिक नर्व में खराबी के कारण वह जन्म से ही पूरी तरह दृष्टिबाधित हैं। चीन के यांग बोझुन ने एक मिनट 12.69 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि जापान के केइची किमुरा ने एक मिनट 12.72 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच पांच मिनट 10.91 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया और अपना पहला पदक जीता। खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले हिमांशु को उनके पिता से प्रेरणा मिली जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली थी। वह चार साल की उम्र में दिल्ली आ गए थे और यहां ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड’ से जुड़े जहां उन्होंने ब्रेल लिपि सीखी। दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक हिमांशु ने शुरुआत में जूडो खेलना शुरू किया था। उन्होंने इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते लेकिन 2021 में तैराकी को अपना लिया। वर्ष 2024 में वह पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग मानक हासिल करने वाले भारत के पहले पूर्ण दृष्टिबाधित तैराक बने। पैरा तैराकी में एस11 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। इसमें बेहद कम दृष्टि वाले या प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं कर पाने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। पुरूषों के 100 मीटर ब्रीस्टस्ट्रोक एसबी4 वर्ग में रोहित ने एक मिनट 57 . 25 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। मलेशिया के मुहम्मद जुल्काफली बिन ने स्वर्ण और कजाखस्तान के अली तुरगानबेकोव ने रजत पदक जीता। एसबी4 श्रेणी उन ब्रीस्टस्ट्रोक तैराकों के लिए है जिन्हें शारीरिक अक्षमताएं हैं। इसमें कम कद के साथ अन्य अक्षमताओं का होना, या पूरे शरीर में समन्वय संबंधी दिक्कतें शामिल है।
पंजाब पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रयासों का परिणाम बताया गया है। मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने कहा कि यह आयोजन राज्य में खेलों को बढ़ावा देगा और युवाओं को प्रेरित करेगा, जिसमें 25 करोड़ रुपये का स्टेडियम अपग्रेडेशन भी शामिल है।
CM मान के प्रयासों से पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेज़बानी मिली: सरबजीत सिंह
सरबजीत सिंह ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना सिर्फ सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पंजाबियों से अपील की कि वे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम जाएं।
सीएचएल में छह फ्रेंचाइज़ी टीमें शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों, ओलंपियनों, स्थानीय प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्घाटन बुधवार, 21 अक्टूबर को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 5 बजे लीग की शुरुआत करेंगे। केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। लीग के मुकाबले 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेले जाएंगे। इस लीग में छह टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें ओलंपियन और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी खेलेंगे। प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का मौका मिलेगा। छह टीमों के बीच होंगे मुकाबले लीग में चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स, राजधानी रॉयल्स, मैनपाट टाइगर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और बैलाडीला बुल्स की टीमें उतरेंगी। इनकी फ्रेंचाइजी क्रमशः जिंदल स्टील, एसईसीएल, बजरंग पावर एंड इस्पात, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स और एनएमडीसी के पास है। रोज दो मैच, पहले दिन महिला टीमों का प्रदर्शनी मैच लीग के सभी मुकाबले रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होंगे। प्रतिदिन दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच शाम 5:30 बजे और दूसरा शाम 7:30 बजे शुरू होगा। पहले दिन महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शनी मैच भी आयोजित किया जाएगा। स्टेडियम में दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी शामिल होंगे।
जालंधर में दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाने को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार बल्टर्न पार्क का दशहरा इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 में होगा। बल्टर्न पार्क में हॉकी ग्राउंड बनने से 147 साल बाद इसका स्थान बदला गया है। इसी के साथ लोडोवाली रोड, आदर्श नगर, ढन्न मोहल्ला, साई दास स्कूल ग्राउंड और बस्ती में 5 जगह दशहरे के बड़े आयोजन होंगे। सबसे ऊंचा पुतला साई दास स्कूल ग्राउंड में जलाया जाएगा। यहां 100 फीट का रावण बनाया गया है, जबकि दूसरी जगहों पर 50 से 80 फीट तक के रावण के पुतले जलाए जाएंगे। दशहरे को लेकर बाजारों में भी सुबह से ही दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं। बाजार में रौनक है। बस्ती एरिया के बाजारों में पुतले बिक रहे हैं। यहां 500 से लेकर 5 हजार रुपए तक के पुतले उपलब्ध हैं। गली-मोहल्लों में मनाए जाने वाले दशहरे के लिए छोटी रामलीला कमेटियां यहां से पुतले लेकर जा रही हैं। शहर के आदर्श नगर में रावण को लाइटों से सजाया गया है, ताकि अंधेरे में भी लोगों को पुतले साफ नजर आ सकें। इसी के साथ कई जगहों पर पुतलों को खड़ा किया जा रहा है। दशहरा ग्राउंड के आसपास मेला सज रहा है, जहां बच्चों के खिलौनों से लेकर कई तरह के पकवान मिल रहे हैं। PHOTOS में जानिए शहर में कहां क्या तैयारी चल रही…
बर्ल्टन पार्क के हॉकी मैदान पर टीम इंडिया का कैंप शुरू, प्लेयर्स को सलामी दी
जालंधर | पीएपी परिसर में एशियन गेम्स में हॉकी मेडल जीतकर आए भारतीय हॉकी टीम के कप्तान ओलिंपियन हरमनप्रीत सिंह, ओलिंपियन मनप्रीत सिंह, ओलिंपियन मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह और शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर को एडीजीपी एमएफ फारूकी ने सम्मानित किया। यहां डीआईजी इंद्रबीर सिंह और असिस्टेंट सेक्रेटरी डीएसपी गुरकिरपाल सिंह भी उपस्थित रहे। जालंधर | पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी को लेकर जालंधर में खेल से माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है। मेजबान भारतीय हॉकी टीम ने अभ्यास सत्र के लिए मैदान संभाल लिया है। सोमवार को बर्ल्टन पार्क स्थित हॉकी ग्राउंड में अभ्यास करने उतरी भारतीय टीम का लोकल खिलाड़ियों को अपनी हॉकी स्टिक उठाकर सलामी दी। डीसी ने तैयारियां जांचीं... डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने टूर्नामेंट की प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की गहन समीक्षा की। उनके साथ नगर निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर अमरजीत बैंस और जॉइंट कमिश्नर मनदीप कौर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
Jhansi News: प्रताप की हैट्रिक से यूपी को हराकर फाइनल में एमपी
झांसी। प्रताप लाकड़ा की हैट्रिक से पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश ने मेजबान उत्तरा प्रदेश को 5-3 से हराकर यहां चल रही 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। खिताबी मुकाबले में बुधवार को मध्य प्रदेश का सामना
दशहरा पर्व पर 20 अक्टूबर को बैतूल शहर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में दशहरा आयोजन और सदर बाजार क्षेत्र में रावण दहन को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन, वाहन प्रतिबंध और पार्किंग की व्यवस्था तय की है। दोपहर 12 बजे से निर्धारित मार्गों पर भारी और मध्यम वाहनों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आयोजन के दौरान कुछ मार्ग नॉन-व्हीकल जोन भी रहेंगे। इन मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से कॉलेज चौक से अंबेडकर चौक सड़क मार्ग और गुप्ता मॉल, गंज से टर्फ हॉकी स्टेडियम (ईएम हुसैन) पेट्रोल पंप सड़क मार्ग पर भारी वाहन, मध्यम वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली प्रतिबंधित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से भारी और मध्यम वाहनों पर पहले से लागू प्रतिबंध भी प्रभावी रहेंगे। दशहरा आयोजन के दौरान अधिकृत वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का प्रवेश इन मार्गों पर प्रतिबंधित रहेगा: कोठी बाजार की ओर से गंज जाने वाले वाहन मुर्गी चौक से कॉलेज चौक होते हुए एलआईसी बिल्डिंग की ओर जा सकेंगे। दूसरा विकल्प मुल्ला पेट्रोल पंप से अंबेडकर चौक, चौपाटी और मैकेनिक चौक होते हुए गंज जाने का रहेगा। अंबेडकर चौक से आमला-हमलापुर जाने वाले वाहन सदर गेंदा चौक की ओर से पुलिस पेट्रोल पंप होकर आमला, हमलापुर चौक और विकास नगर जाने वाले वाहन अंबेडकर चौक से जिला अस्पताल के सामने, बस स्टैंड, कोठी बाजार, थाना चौक और कमानी गेट होते हुए कॉलेज चौक की ओर जा सकेंगे। गंज से कोठी बाजार जाने का रास्ता गंज क्षेत्र से कोठी बाजार जाने वाले वाहन ताहा फ्लेक्स से रेड रोज स्कूल होते हुए जेएच कॉलेज मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। तीन जगह पार्किंग की व्यवस्था दशहरा आयोजन में आने वाले नागरिकों के वाहनों के लिए तीन पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इनमें शनि मंदिर के सामने पुलिस लाइन, नगर पालिका बैडमिंटन हॉल एवं शहीद भवन और पुलिस पेट्रोल पंप के साइड में पुलिस लाइन शामिल हैं।
जूनियर ब्वॉयज ने ट्राई-ब्रेकर में शिवाजी स्पोर्ट्स को 3-2 से हराया
बारां| शहर के खेल संकुल में चल रही 7-ए साइड हॉकी प्रतियोगिता में रविवार को जूनियर ब्वॉयज ने रोमांचक मुकाबले में शिवाजी स्पोर्ट्स बारां को ट्राई-ब्रेकर में 3-2 से हराया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा, जिसके बाद मैच का फैसला ट्राय-ब्रेकर से हुआ। प्रतियोगिता का फाइनल सोमवार को बामला और मेजर ध्यानचंद हॉकी अकादमी के बीच खेला जाएगा। प्रतियोगिता संयोजक बालमुकुंद कलवार ने बताया कि रविवार को शिवाजी स्पोर्ट्स और जूनियर ब्वायज के बीच मुकाबला हुआ। दोनों टीमों ने बेहतर खेल दिखाया। जूनियर ब्वायज की ओर से युवराज ने गोल किया, जबकि शिवाजी स्पोर्ट्स की तरफ से राहुल सोन ने गोल दागा। निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के कारण ट्राय-ब्रेकर का सहारा लिया गया। इसमें जूनियर ब्वायज ने दो गोल कर जीत दर्ज की, जबकि शिवाजी स्पोर्ट्स की टीम गोल करने में पीछे रह गई। शिवाजी स्पोर्ट्स टीम में सत्येंद्र शर्मा, बालमुकुंद कलवार, हरिनारायण सिंह, आबिद त्यागी, नरेश नागर, राहुल सोन और गोलकीपर लोकेश नागर शामिल रहे। वहीं जूनियर ब्वायज टीम में युवराज, प्रेमांग, ईशान, जाकिर, अशोक, देवांश और सम्राट सहित अन्य खिलाड़ी खेले। मैच में देवेश सोनी और नरेंद्र बैरवा ने रेफरी की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता का फाइनल सोमवार, 19 अक्टूबर को बामला और मेजर ध्यानचंद हॉकी अकादमी के बीच खेला जाएगा। समापन समारोह में कोटा विश्वविद्यालय के खेल निदेशक विजय सिंह और राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विशेष रूप से शामिल होंगे।
Hisar News: चंडीगढ़ को 5-1 से हराकर हरियाणा की टीम ने सेमीफाइनल में बनाई जगह
उत्तर प्रदेश के झांसी में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में रविवार को हॉकी हरियाणा ने चंडीगढ़ को 5-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। हरियाणा के रमन को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा जालंधर के डीएवी यूनिवर्सिटी में 'संडे ऑन साइकिल' के 95वें संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। 'फिट इंडिया मूवमेंट' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर 'नशा मुक्त पंजाब' और तंदुरुस्ती का संदेश दिया। 'लुधियाना से 4 अक्टूबर को शुरू हुई 'नशा मुक्त यात्रा' भी इस आयोजन के साथ जालंधर पहुंची, जिसका समापन 1 नवंबर को एनआईएस (NIS) पटियाला में होगा। साइकिल रैली में युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस साइकिल रैली में स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रातःकालीन सत्र में साइकिल रैली के साथ-साथ योगाभ्यास, जुम्बा वर्कआउट और पंजाब के पारंपरिक भंगड़े का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे परिसर को भारी उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया और के. डी. भंडारी भी उपस्थित रहे। खेल जगत से जूडो ओलंपियन अवतार सिंह, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी राम लुभाया, टेबल टेनिस की पूर्व मुख्य कोच नरेंद्र कौर और हॉकी की पूर्व मुख्य कोच बलजीत कौर ने शिरकत कर युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान दिग्गजों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने और जीवन में अनुशासन लाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी युवा पीढ़ी मैदानों और ट्रैक की तरफ मुड़ेगी, तो एक स्वस्थ और नशा मुक्त समाज का निर्माण स्वतः ही संभव होगा।खेलों के महत्व के प्रति लोगों को किया गया जागरूक 4 अक्टूबर से शुरू हुई यह विशेष 'नशा मुक्त यात्रा' राज्य के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए आम नागरिकों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और खेलों के महत्व के प्रति जागरूक कर रही है। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।सभी से फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
पंजाब में हीरो एशियन हाॅकी चैंपियंस ट्राॅफी का सफर शुरू, मोहाली में होंगे सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले
पंजाब में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 का ट्रॉफी टूर मोहाली से शुरू हो गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को हॉकी से जोड़ना है। टूर्नामेंट के लीग मुकाबले जालंधर में होंगे। सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में खेले जाएंगे।
'आपकी कामयाबी देश की सफलता', एशियन गेम्स के मेडलिस्ट से मिलकर बोले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की और उनके अभूतपूर्व प्रदर्शन की जमकर सराहना की. पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए कहा कि यह सफलता नए भारत की खेल जगत में एक सशक्त तस्वीर पेश करती है. इस दौरान उन्होंने महिला और पुरुष हॉकी टीमों के स्वर्ण पदक जीतने पर खुशी जताई और विशेष रूप से महिला हॉकी टीम की सराहना की, जिसने 44 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया. क्रिकेट और कबड्डी में भारतीय टीमों के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपना ही रिकॉर्ड दोहराया है. इसके अलावा तीरंदाजी में 5 स्वर्ण पदक जीतने तथा शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती और एथलेटिक्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करने पर भी उन्होंने खिलाड़ियों की तारीफ की. पीएम मोदी ने मैराथन और वेटलिफ्टिंग में दशकों बाद मिली ऐतिहासिक सफलताओं को भी बेहद सुखद बताया.
10 खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान को कैसे हराया? हार्दिक ने खोला राज
'हरियाणा पंचायत आजतक' के 'जब खेले हम जी जान से' सेशन में हॉकी खिलाड़ी हार्दिक सिंह और और निशानेबाज नीरू ढांडा भी पहुंची. इस दौरान उन्होंने एशियन गेम्स के अपने अनुभवों पर बात की. वहीं पाकिस्तान संग मैच में कैसे भारत ने जीत दर्ज की, इस बारे में भी हार्दिक ने टीम की रणनीति भी शेयर की.
चंडीगढ़ में सीएम मान के कैंप ऑफिस पर CBI रेड, देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के स्पेशल बुलेटिन में आज दिखाएंगे दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक सड़कों पर क्यों उतर आया विपक्ष, एक सुर में किसके खिलाफ आवाज की गई है बुलंद, साथ ही दिखाएंगे अमृतसर में कैसे हुआ हॉकी खिलाड़ियों का स्वागत और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने क्या बड़ा ऐलान कर दिया है. लुधियाना में सड़क हादसे में किस खिलाड़ी की जान गई है. लेकिन उससे पहले नजर हेडलाइंस पर.
Pargat Singh Punjab Congress अध्यक्ष की कहानी | Raja Warring | Rahul Gandhi | Punjab Election
जिस शख्स ने हॉकी के मैदान पर भारत की कप्तानी की…ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया… और राजनीति में भी एक सीट से लगातार अपनी पकड़ बनाए रखी… अब उसी परगट सिंह के हाथ में पंजाब कांग्रेस की कमान है.
एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, चीन को हराकर 44 साल बाद जीता गोल्ड
एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मजबूत चीनी टीम को 1-0 से हराकर 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है और खिलाड़ियों के घरों पर दिवाली से पहले ही दिवाली जैसी रौनक देखने को मिल रही है. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सामना उस चीन से था जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है और मौजूदा एशियाई चैंपियन है.
दो राज्यों में कांग्रेस के बड़े फैसले, एशियाड में भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड, देखें हेडलाइंस
कांग्रेस पार्टी ने दो चुनावी राज्यों में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए हैं. उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है, वहीं पंजाब में पार्टी ने परगत सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का नया सरदार बनाया है. एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है. टीम ने चीन को हराकर 44 सालों के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर सुनील गावस्कर ने दिया बड़ा बयान
एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले को लेकर खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है. इस खास बातचीत में पूर्व महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने दोनों टीमों की तैयारियों और संभावनाओं पर खुलकर चर्चा की है. उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम को भी 40 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी और अन्य पदक विजेताओं की सराहना की. गावस्कर ने बताया कि चीनी धरती पर होने वाले क्रिकेट मैच में भारतीय टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी और बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का संतुलन है, जो किसी भी परिस्थिति में जीत दिलाने में सक्षम है.
हॉकी: 44 साल का इंतजार खत्म! भारत की बेटियों ने चीन को हरा जीता गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.
मुरैना में एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा का भव्य स्वागत, चंबल में निकली रैली
21 सितंबर, सोमवार: मुरैना में महिला जूनियर हॉकी एशिया कप 2026 विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी कृष्णा शर्मा का भव्य स्वागत हुआ। अम्बाह से उनके पैतृक गांव बरवाई तक स्वागत रैली निकली, जहां लोगों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से सम्मान किया।
खेलों की उड़ान, विकसित भारत की पहचान
राष्ट्रीय खेल दिवस-29 अगस्त, 2026 पर राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की खेल-चेतना को जगाने एवं खेल आयामों को नये शिखर देने का दिन है। 29 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद की जयंती से जुड़ा है। ... Read more
Live: भारत-पाकिस्तान टक्कर को तैयार, थोड़ी देर में शुरू होगा मैच
Ind Vs Pak Hockey World Cup 2026 Live Score: भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए ही हॉकी वर्ल्ड कप का यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है. आज हारने वाली टीम के लिए आगे के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे.
स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल
भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.
हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना गलत
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर विवाद गलत नहीं। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि टीम की पहचान और खेल परंपरा से जुड़ी गंभीर चिंताओं का संकेत है। जर्सी के रंग बदलने का विरोध वाजिब है और…
'भगवा' जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दो फाड़, तिर्की ने पूछे कड़े सवाल
हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

