मंदसौर जिले की हॉकी खिलाड़ी शालिनी सिंह का चयन सब जूनियर एशिया कप की तैयारी के लिए आयोजित इंडिया कैंप में हुआ है। शालिनी आगामी 7 मई को इस कैंप में शामिल होंगी। जिला खेल अधिकारी विजेंद्र देवड़ा ने बताया कि हाल ही में झारखंड में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश की टीम ने रजत पदक जीता था, जिसमें शालिनी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं ने उन्हें इस कैंप के लिए चुना है। शालिनी की इस उपलब्धि पर जिले के खेल विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा खुशी व्यक्त की जा रही है। 5वीं कक्षा से शुरू किया था खेलना, ग्वालियर अकादमी में हैं चयनित शालिनी सिंह ने कक्षा 5वीं से हॉकी खेलना शुरू किया था। वह मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित हॉकी फीडर सेंटर और केंद्र सरकार के खेलो इंडिया सेंटर मंदसौर की नियमित खिलाड़ी रही हैं। इन केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनके इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन मध्य प्रदेश शासन की हॉकी अकादमी, ग्वालियर में हुआ था। अपनी लगन और प्रतिभा के दम पर उन्होंने लगातार यह प्रगति की है। पिता स्वयं रहे हैं अच्छे खिलाड़ी, उन्हीं से मिली प्रेरणा शालिनी को हॉकी खेलने की प्रेरणा उनके पिता किशोर सिंह से मिली है। उनके पिता किशोर सिंह स्वयं भी एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। पिता से मिली इसी प्रेरणा और मार्गदर्शन के चलते शालिनी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और अब इंडिया कैंप में शामिल होने जा रही हैं।
झारखंड के 11 हॉकी खिलाड़ी भारतीय कैंप में
जापान के काकामीगाहारा में 29 मई से 6 जून तक होने वाले अंडर-18 एशिया कप के लिए झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं ने एक बार फिर दम दिखाया है। भारतीय सब-जूनियर महिला और पुरुष टीम के नेशनल कोचिंग कैंप के लिए राज्य के 11 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें 8 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। यह कैंप 19 से 25 अप्रैल तक भोपाल स्थित साई सेंटर में चलेगा। महिला टीम में सुगन सांगा, संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, अंकिता लकड़ा, श्रुति कुमारी, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और प्रीति बिलुंग शामिल हैं। जबकि पुरुष टीम में आशीष तानी पूर्ति, प्रेमचंद सोय और जयसन कांडूलना ने जगह बनाई है।
भूमिका खेलो इंडिया अस्मिता महिला हॉकी लीग में टेक्निकल ऑफिशियल
जिले के मावली ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) सांगवा की शारीरिक शिक्षिका भूमिका वसीटा को राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने उन्हें ‘खेलो इंडिया’ की 5वीं अस्मिता जूनियर और 4थी सब जूनियर महिला हॉकी लीग 2025-26 के लिए टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में नियुक्त किया है। हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली इस महत्वाकांक्षी खेल योजना ‘अस्मिता लीग’ का मुख्य उद्देश्य देश में महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करना है। इस वर्ष इस लीग का आयोजन मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एल.एन.आई.पी.ई. में 14 से 28 अप्रैल 26 तक किया जा रहा है। हॉकी इंडिया ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक से भूमिका वसीटा की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इस पर निदेशक ने आदेश जारी कर उन्हें टेक्निकल ऑफिशियल नियुक्त किया है और प्रतियोगिता के दौरान हॉकी इंडिया के मार्गदर्शन में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। भूमिका इससे पहले 38वें राष्ट्रीय खेल, हॉकी इंडिया महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप, खेलो इंडिया वुमेंस हॉकी लीग और सब जूनियर गर्ल्स एकेडमी नेशनल में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
राज्य स्तरीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में बाड़मेर टीम पहुंची फाइनल में, आज टोंक से होगा मुकाबला
भास्कर न्यूज | बाड़मेर हॉकी राजस्थान की ओर से चूली बाड़मेर में बालिका वर्ग की जूनियर स्टेट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे सोमवार को प्रातःकालीन सेशन में खेले गए सारे मैच रोमांचक रहे। क्वाटर फाइनल मुकाबले में बाड़मेर ने भीलवाड़ा को 3-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। क्वाटर फाइनल मुकाबलों में राजसमंद ने चूरू को शूट आउट में 1-0 से, सीकर ने जयपुर को 2-1 से हराया। वही टोंक ने नागौर को 2-1 से पराजित किया। शाम को सेमीफाइनल मैच खेले गए। जिसमे फर्स्ट सेमीफाइनल में टोंक ने सीकर को शूट आउट में भी बराबर रहने पर सडन डेथ में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल मैच में सेमीफाइनल मैच में अतिथि के रूप में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णसिंह रानीगांव, अतिरिक्त विकास अधिकारी ओंकार दान चारण, हॉकी राजस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्रसिंह शेखावत, महिपाल सिंह राजपुरोहित, प्रिंसिपल ईश्वरदान देथा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर हौंसला अफजाई की। प्रतियोगिता का फाइनल मैच मंगलवार को सुबह 9 बजे खेला जाएगा। फाइनल मैच के तुरंत बाद विजेता, उपविजेता व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को ट्राफी एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। मदनसिंह चूली ने बताया कि समापन समारोह में हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत एवं हॉकी बाड़मेर के संरक्षक भामाशाह जोगेंद्रसिंह चौहान, वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रेरक दिलीप कुमार सिंह उपस्थित रहेंगे। सेमीफाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 2100 रुपए के नकद पुरस्कार हॉकी पाली की ओर से वितरित किए गए। बाड़मेर की खिलाड़ी गरिमा ने विजयी गोल कर टीम को फाइनल में प्रवेश करवाया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर हॉकी बाड़मेर की खिलाड़ी जयश्री कंवर को मेन ऑफ द प्लेयर का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर हॉकी बाड़मेर की टीम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए राजस्थान विजय की शुभकामनाएं दी। बाड़मेर. चूली में आयोजित हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेती टीमें व मौजूद अतिथि।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत से मिली जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश हॉकी में नई ताकत बनकर उभर रहा है। रांची में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 में प्रदेश की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किए। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित रणनीति, आक्रामक खेल और बेहतरीन टीमवर्क का प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया। फाइनल में महिला टीम ने झारखंड को हरायामध्यप्रदेश महिला हॉकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय बनाए रखी। फाइनल में मेजबान झारखंड के खिलाफ टीम ने 2–1 के करीबी मुकाबले में अंत तक संघर्ष किया। गीताश्री ने शुरुआती गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई और मैच के दौरान दबाव बनाए रखा।सेमीफाइनल में ओडिशा जैसी मजबूत टीम को हराकर फाइनल तक पहुंचना टीम की तैयारी और संयम का बड़ा प्रमाण रहा। युवा जोश और प्रतिभा से भरी महिला टीमटीम में महक परिहार, साजेदा बेगम, शालिनी सिंह, स्नेहा दवाड़े, मानसी, प्रियंशी केश्त्रे, सुदीप्ता, नौसीन नाज़, गीता श्री, भाविका, जागृति, आक्शा खान, सादफ खान और मुस्कान रघुवंशी सहित कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। यह टीम भविष्य की बड़ी उम्मीद के रूप में उभर रही है। पुरुष टीम ने भी दिखाया दम, आक्रामक खेल से जीता दिलमध्यप्रदेश पुरुष हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। फाइनल में उत्तर प्रदेश के खिलाफ टीम ने 5–2 का स्कोर खड़ा कर दमदार खेल दिखाया।गाजी खान ने शुरुआती गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, इसके बाद करण गौतम ने बढ़त को मजबूत किया। पूरी टीम ने सटीक पासिंग, तेज अटैक और शानदार तालमेल का प्रदर्शन किया।पुरुष टीम में युवा प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शनराजक आयुष, अंश बहुतरा (कप्तान), अवि माणिकपुरी, अली गुफरान, करण गौतम, गाजी खान, हर्षित धोते (गोलकीपर) सहित टीम के सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर खेला और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने दी बधाईप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों टीमों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन और राज्य में विकसित खेल सुविधाओं का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे।
दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के मनिहास गांव में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। इस हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि बस्तवाड़ा गांव के करीब दस की संख्या में आए हमलावर हथियारों से लैस होकर जहांगीर आलम (27) के घर पहुंच गए।हमलावरों के पास हॉकी स्टिक, डंडे और बांस थे। विरोध करने पर हमलावरों ने जहांगीर आलम पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बचाने आए परिजनों पर भी हमला घटना के दौरान मृतक के भाई फरमूद आलम और चचेरे भाई दस्तगीर आलम जब बचाव के लिए आगे आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचीं मां कौशर खातून को भी धक्का देकर गिरा दिया गया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सिंहवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस्तवाड़ा निवासी मो. आदिल को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना स्थल पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर साक्ष्य भी जुटाए हैं। मृतक के चचेरे भाई मुस्ताक ने बताया कि आरोपी आदिल पहले से ही जहांगीर आलम को लगातार प्रताड़ित करता था और उसके साथ मारपीट करता रहता था। इसी की शिकायत करने जहांगीर उसके मोहल्ले गया था। मुस्ताक के अनुसार, इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने घर पर पहुंचकर जहांगीर पर चाकू से तीन जगह वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी नशे का आदी है और परिवार ने प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि हत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है। मृतक जहांगीर आलम पेशे से टेलर मास्टर था और करीब नौ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी।
अनगड़ा | 26वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अनगड़ा के कमांडेंट शाश्वत कुमार (आईपीएस) ने गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के ए-कंपनी जांब्रो का निरीक्षण किया। इस दौरान कमांडेंट ने आसपास के ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। फुटबॉल व हॉकी टीमों के खिलाड़ियों से मिले। हॉकी खेल के प्रति इनके उत्साह, प्रतिभा व संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। खिलाड़ियों व ग्रामीणों ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों के बीच एक हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का सुझाव दिया। कमांडेंट शाश्वत कुमार ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है।
बुलंदशहर में एक अदालत ने 2016 के हमले के मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना कोतवाली देहात क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 3 मई 2016 को हुई थी। गांव निवासी महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि शीशपाल, सतपाल, रेशम पाल, दिनेश, रवि सागर, प्रवीण और प्रकाश पुरानी रंजिश के कारण शाम को उनके घर में घुस आए थे। आरोपियों के पास सरिया, हॉकी और अवैध हथियार थे। उन्होंने महेंद्र सिंह के पिता जयचंद और चाचा उदय सिंह पर जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2013 में भी मारपीट की एक घटना हुई थी, जिसका मुकदमा भी दर्ज था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-5 मोहम्मद नसीम की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 16-16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित16वीं पुरुष सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप निर्णायक और रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में देश की आठ दिग्गज टीमें सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। खिताबी दौड़ में चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश और हरियाणा की टीमें आमने-सामने होंगी। नॉकआउट चरण के इन मुकाबलों में हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा, इसलिए सभी टीमों के बीच आर-पार की जंग देखने को मिलेगी। दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे से चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव के बीच होने वाले पहले क्वार्टर फाइनल से होगी। दोनों ही टीमों ने लीग चरण में अपने आक्रामक खेल से सबको प्रभावित किया है, जिससे इस मुकाबले के बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। दूसरा मैच सुबह आठ बजे झारखंड और पंजाब के बीच खेला जाएगा। आंकड़ों के लिहाज से इस मैच में झारखंड का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, क्योंकि लीग मैचों में उनके फॉरवर्ड्स ने विपक्षी खेमों में जमकर तबाही मचाई है, हालांकि पंजाब का सुदृढ़ डिफेंस इस आंधी को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। मध्य प्रदेश और हरियाणा के बीच टक्कर तीसरे मुकाबले में सुबह 10 बजे उत्तर प्रदेश का सामना ओडिशा से होगा। इस मैच में यूपी की टीम स्पष्ट रूप से हावी दिख रही है, जिसका मुख्य कारण उनके स्टार स्ट्राइकर शाहरुख अली हैं, जो अब तक टूर्नामेंट में 12 गोल दाग चुके हैं। शाहरुख के साथ नीतीश यादव की जोड़ी ओडिशा के रक्षापंक्ति के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगी। दिन के अंतिम मुकाबले में मध्य प्रदेश और हरियाणा की भिड़ंत होगी। मध्य प्रदेश की टीम अपने कप्तान अंश बहुत्रा और रैयन उल हक के शानदार फॉर्म के भरोसे जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अब तक खेले गए कुल 41 मैचों में कुल 82 गोल दागे जा चुके हैं, जिनमें 51 फील्ड गोल, 28 पेनल्टी कॉर्नर और 3 पेनल्टी स्ट्रोक शामिल हैं। अनुशासन के लिहाज से भी यह आयोजन मिसाल बना हुआ है, जहां अब तक केवल 18 ग्रीन और 5 येलो कार्ड ही दिखाए गए हैं और किसी भी खिलाड़ी को रेड कार्ड का सामना नहीं करना पड़ा है। अन्य श्रेणियों में दिल्ली, अरुणाचल और मिजोरम जैसी टीमों ने भी अपने-अपने डिवीजन में शीर्ष स्थान हासिल कर प्रभावित किया है। अब खेल प्रेमियों की नजरें आज होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों पर टिकी हैं।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

