खिलाड़ी तरस रहे, विभाग सो रहा: लावारिस पड़ी एस्ट्रोटर्फ पर मौसम की मार
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के ओलंपियन पृथीपाल सिंह हॉकी स्टेडियम में जुलाई 2025 में जब नई एस्ट्रोटर्फ बिछाई गई। पुराने टर्फ को निकालकर फेंकने के बजाय उसे अन्य मैदानों में शिफ्ट किया जाना था, ताकि वहां के उभरते सितारों को भी आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिल सके। लेकिन हकीकत की जमीन उम्मीदों से कोसों दूर है। दस महीने बीत जाने के बाद भी यह टर्फ स्टेडियम के पीछे लावारिस हालत में पड़ा मौसम की मार झेल रहा है। लेकिन खेल विभाग की तरफ से शिफ्टिंग नहीं किया गया। क्या कहता है खेल विभाग? जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग के मुताबिक, शिफ्टिंग की योजना पर काम चल रहा है। दिल्ली की एक विशेष टीम ने 16 अप्रैल को साइट का निरीक्षण भी किया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसे मुंडिया गाँव, मालवा कॉलेज और दो अन्य जिलों में भेजा जाएगा। जुलाई 2024 में जब पीएयू स्टेडियम में नई टर्फ बिछाई गई, तो खेल प्रेमियों में खुशी थी कि पुरानी टर्फ को मालवा कॉलेज और मुंडिया गांव जैसे इलाकों में शिफ्ट किया जाएगा। मकसद था-गांव के उभरते सितारों को भी आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिले। लेकिन हकीकत यह है कि 10 महीने बीत जाने के बाद भी एक इंच टर्फ भी यहाँ से नहीं हिली। अब डर है कि अगर जल्द इसे नहीं संभाला गया, तो यह पूरी तरह गलकर बेकार हो जाएगी। अपग्रेडेशन: 2011-12 में इसे ओलंपिक स्तर की सुविधाओं से लैस किया गया था। {सुविधाएं: फ्लडलाइट्स और हाई-क्वालिटी टर्फ के कारण यहाँ रात में भी बड़े टूर्नामेंट होते थे। {ट्रेनिंग: आज भी यहाँ 100 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से पसीना बहा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के विस्तार की कमी उन्हें खल रही है। ^टर्फ को तुरंत शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसे टुकड़ों में निकालकर 'सिक्स-ए-साइड' मैदानों में इस्तेमाल किया जा सकता है। लुधियाना में कई जगह फ्लोर तैयार है, बस टर्फ की कमी है। अगर इसे समय पर नहीं लगाया गया, तो यह रखे-रखे मिट्टी हो जाएगी।- हरदीप ग्रेवाल, प्रेसिडेंट, लुधियाना हॉकी
मंदसौर जिले की हॉकी खिलाड़ी शालिनी सिंह का चयन सब जूनियर एशिया कप की तैयारी के लिए आयोजित इंडिया कैंप में हुआ है। शालिनी आगामी 7 मई को इस कैंप में शामिल होंगी। जिला खेल अधिकारी विजेंद्र देवड़ा ने बताया कि हाल ही में झारखंड में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश की टीम ने रजत पदक जीता था, जिसमें शालिनी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं ने उन्हें इस कैंप के लिए चुना है। शालिनी की इस उपलब्धि पर जिले के खेल विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा खुशी व्यक्त की जा रही है। 5वीं कक्षा से शुरू किया था खेलना, ग्वालियर अकादमी में हैं चयनित शालिनी सिंह ने कक्षा 5वीं से हॉकी खेलना शुरू किया था। वह मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित हॉकी फीडर सेंटर और केंद्र सरकार के खेलो इंडिया सेंटर मंदसौर की नियमित खिलाड़ी रही हैं। इन केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनके इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन मध्य प्रदेश शासन की हॉकी अकादमी, ग्वालियर में हुआ था। अपनी लगन और प्रतिभा के दम पर उन्होंने लगातार यह प्रगति की है। पिता स्वयं रहे हैं अच्छे खिलाड़ी, उन्हीं से मिली प्रेरणा शालिनी को हॉकी खेलने की प्रेरणा उनके पिता किशोर सिंह से मिली है। उनके पिता किशोर सिंह स्वयं भी एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। पिता से मिली इसी प्रेरणा और मार्गदर्शन के चलते शालिनी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और अब इंडिया कैंप में शामिल होने जा रही हैं।
झारखंड के 11 हॉकी खिलाड़ी भारतीय कैंप में
जापान के काकामीगाहारा में 29 मई से 6 जून तक होने वाले अंडर-18 एशिया कप के लिए झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं ने एक बार फिर दम दिखाया है। भारतीय सब-जूनियर महिला और पुरुष टीम के नेशनल कोचिंग कैंप के लिए राज्य के 11 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें 8 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। यह कैंप 19 से 25 अप्रैल तक भोपाल स्थित साई सेंटर में चलेगा। महिला टीम में सुगन सांगा, संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, अंकिता लकड़ा, श्रुति कुमारी, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और प्रीति बिलुंग शामिल हैं। जबकि पुरुष टीम में आशीष तानी पूर्ति, प्रेमचंद सोय और जयसन कांडूलना ने जगह बनाई है।
भूमिका खेलो इंडिया अस्मिता महिला हॉकी लीग में टेक्निकल ऑफिशियल
जिले के मावली ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) सांगवा की शारीरिक शिक्षिका भूमिका वसीटा को राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने उन्हें ‘खेलो इंडिया’ की 5वीं अस्मिता जूनियर और 4थी सब जूनियर महिला हॉकी लीग 2025-26 के लिए टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में नियुक्त किया है। हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली इस महत्वाकांक्षी खेल योजना ‘अस्मिता लीग’ का मुख्य उद्देश्य देश में महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करना है। इस वर्ष इस लीग का आयोजन मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एल.एन.आई.पी.ई. में 14 से 28 अप्रैल 26 तक किया जा रहा है। हॉकी इंडिया ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक से भूमिका वसीटा की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इस पर निदेशक ने आदेश जारी कर उन्हें टेक्निकल ऑफिशियल नियुक्त किया है और प्रतियोगिता के दौरान हॉकी इंडिया के मार्गदर्शन में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। भूमिका इससे पहले 38वें राष्ट्रीय खेल, हॉकी इंडिया महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप, खेलो इंडिया वुमेंस हॉकी लीग और सब जूनियर गर्ल्स एकेडमी नेशनल में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
राज्य स्तरीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में बाड़मेर टीम पहुंची फाइनल में, आज टोंक से होगा मुकाबला
भास्कर न्यूज | बाड़मेर हॉकी राजस्थान की ओर से चूली बाड़मेर में बालिका वर्ग की जूनियर स्टेट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे सोमवार को प्रातःकालीन सेशन में खेले गए सारे मैच रोमांचक रहे। क्वाटर फाइनल मुकाबले में बाड़मेर ने भीलवाड़ा को 3-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। क्वाटर फाइनल मुकाबलों में राजसमंद ने चूरू को शूट आउट में 1-0 से, सीकर ने जयपुर को 2-1 से हराया। वही टोंक ने नागौर को 2-1 से पराजित किया। शाम को सेमीफाइनल मैच खेले गए। जिसमे फर्स्ट सेमीफाइनल में टोंक ने सीकर को शूट आउट में भी बराबर रहने पर सडन डेथ में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल मैच में सेमीफाइनल मैच में अतिथि के रूप में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णसिंह रानीगांव, अतिरिक्त विकास अधिकारी ओंकार दान चारण, हॉकी राजस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्रसिंह शेखावत, महिपाल सिंह राजपुरोहित, प्रिंसिपल ईश्वरदान देथा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर हौंसला अफजाई की। प्रतियोगिता का फाइनल मैच मंगलवार को सुबह 9 बजे खेला जाएगा। फाइनल मैच के तुरंत बाद विजेता, उपविजेता व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को ट्राफी एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। मदनसिंह चूली ने बताया कि समापन समारोह में हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत एवं हॉकी बाड़मेर के संरक्षक भामाशाह जोगेंद्रसिंह चौहान, वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रेरक दिलीप कुमार सिंह उपस्थित रहेंगे। सेमीफाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 2100 रुपए के नकद पुरस्कार हॉकी पाली की ओर से वितरित किए गए। बाड़मेर की खिलाड़ी गरिमा ने विजयी गोल कर टीम को फाइनल में प्रवेश करवाया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर हॉकी बाड़मेर की खिलाड़ी जयश्री कंवर को मेन ऑफ द प्लेयर का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर हॉकी बाड़मेर की टीम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए राजस्थान विजय की शुभकामनाएं दी। बाड़मेर. चूली में आयोजित हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेती टीमें व मौजूद अतिथि।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत से मिली जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आज 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 का शानदार समापन हो गया। खिताबी (फाइनल) महामुकाबले में उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम ने अपना आक्रामक मुजाहिरा पेश करते हुए मध्य प्रदेश (एमपी) को 5-2 से शिकस्त दी और चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। इस खिताबी जीत के साथ ही यूपी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत साबित कर दी। शुरुआत से ही यूपी ने दिखाया आक्रामक खेल शाम चार बजे शुरू हुए इस खिताबी मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम शुरू से ही हावी रही। मैच के चौथे मिनट में ही यूपी के कप्तान केतन कुशवाहा ने बेहतरीन फील्ड गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, मध्य प्रदेश ने तुरंत वापसी की कोशिश की और आठवें मिनट में गाजी खान ने शानदार फील्ड गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यूपी के खिलाड़ियों ने अपने अटैक को और तेज कर दिया। 13वें मिनट में नीतीश यादव ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इस शानदार प्रदर्शन के लिए नीतीश यादव को फाइनल मुकाबले का मैन ऑफ द मैच चुना गया। शाहरुख, प्रह्लाद और राघवेंद्र ने दागे गोल बढ़त मिलने के बाद यूपी के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने एमपी के डिफेंस को पूरी तरह भेद दिया। 28वें मिनट में स्टार खिलाड़ी अली शाहरुख, 35वें मिनट में प्रह्लाद राजभर और 40वें मिनट में राघवेंद्र सिंह चौहान ने एक-एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर यूपी को 5-1 की अजेय स्थिति में पहुंचा दिया। मैच के 43वें मिनट में मध्य प्रदेश के आयुष सिंह लोधी ने एक मैदानी गोल जरूर दागा, लेकिन वे टीम की हार (5-2) नहीं टाल सके। तीसरे स्थान की जंग में पंजाब ने जीता कांस्य पदक फाइनल मुकाबले से पहले रविवार सुबह तीसरे और चौथे स्थान के लिए रोमांचक जंग देखने को मिली। इस बेहद कड़े और संघर्षपूर्ण मुकाबले में हॉकी पंजाब ने दादरा और नगर हवेली-दमन और दीव हॉकी को 1-0 से मात देकर कांस्य पदक (तीसरा स्थान) अपने नाम किया। पंजाब की इस जीत के हीरो राजवीर सिंह रहे, जिन्होंने खेल के आठवें मिनट में मैच का इकलौता और निर्णायक मैदानी (फील्ड) गोल दागा। राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैन ऑफ द मैच बनकर बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत है यह जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने राजगीर की सुविधाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के मनिहास गांव में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। इस हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि बस्तवाड़ा गांव के करीब दस की संख्या में आए हमलावर हथियारों से लैस होकर जहांगीर आलम (27) के घर पहुंच गए।हमलावरों के पास हॉकी स्टिक, डंडे और बांस थे। विरोध करने पर हमलावरों ने जहांगीर आलम पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बचाने आए परिजनों पर भी हमला घटना के दौरान मृतक के भाई फरमूद आलम और चचेरे भाई दस्तगीर आलम जब बचाव के लिए आगे आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचीं मां कौशर खातून को भी धक्का देकर गिरा दिया गया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सिंहवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस्तवाड़ा निवासी मो. आदिल को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना स्थल पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर साक्ष्य भी जुटाए हैं। मृतक के चचेरे भाई मुस्ताक ने बताया कि आरोपी आदिल पहले से ही जहांगीर आलम को लगातार प्रताड़ित करता था और उसके साथ मारपीट करता रहता था। इसी की शिकायत करने जहांगीर उसके मोहल्ले गया था। मुस्ताक के अनुसार, इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने घर पर पहुंचकर जहांगीर पर चाकू से तीन जगह वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी नशे का आदी है और परिवार ने प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि हत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है। मृतक जहांगीर आलम पेशे से टेलर मास्टर था और करीब नौ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

