चंडीगढ़ के मनीमाजरा खेल परिसर में ढेलपुर की तर्ज पर नया स्केटिंग रिंग बनाया जाएगा। खेल विभाग ने इसके लिए करीब 50 लाख रुपए का प्रपोजल तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 3 तरह के स्केटिंग रिंग बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह रिंग स्केटिंग एसोसिएशन, इंजीनियरिंग टीम और एक्सपर्ट्स की सलाह से तैयार किया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 साल पहले सेक्टर-10 में बना स्केटिंग रिंग असमतल होने के कारण अब उपयोग के लायक नहीं है। वहां न तो खिलाड़ी अभ्यास कर पा रहे हैं और न ही किसी चैंपियनशिप का आयोजन संभव हो पा रहा है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए विभाग इस बार कोई चूक नहीं करना चाहता। स्पोर्ट्स डायरेक्टर यूटी सौरभ अरोड़ा ने बताया कि मनीमाजरा खेल परिसर में स्केटिंग रिंग बनाने की योजना को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार सभी तकनीकी मानकों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही निर्माण किया जाएगा। मनीमाजरा में बनेंगे 3 तरह के स्केटिंग रिंग खेल विभाग मनीमाजरा खेल परिसर में 3 प्रकार के स्केटिंग रिंग बनाएगा। स्केटिंग एसोसिएशन के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-17 में स्केटिंग खिलाड़ियों के लिए बेहतर ग्राउंड तैयार होने के बाद रोलर हॉकी, इनलाइन हॉकी और स्पीड स्केटिंग रिंग की मांग रखी गई थी, जिसे विभाग ने मंजूरी दे दी है। GMSSS-28 और सारंगपुर का प्रपोजल रद्द खेल विभाग ने पहले स्केटिंग रिंग बनाने का प्रपोजल जीएमएसएसएस-28 और बाद में सारंगपुर खेल परिसर के लिए भी तैयार किया था, लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर जाकर लंबाई और चौड़ाई की माप ली तो वह मानकों से कम पाई गई। इसके चलते दोनों स्थानों के प्रपोजल रद्द कर दिए गए और मनीमाजरा खेल परिसर को अंतिम रूप से चुना गया। खेल विभाग ने वर्ष 2016 में सेक्टर-10 में स्केटिंग रिंग का निर्माण कराया था, लेकिन उस समय एसोसिएशन की सलाह नहीं ली गई। गलत डिजाइन और असमतल ट्रैक के कारण यह रिंग न तो अभ्यास के लिए उपयोग हो पा रहा है और न ही प्रतियोगिताओं के लिए।
पंजाब में लुधियाना के किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में एक बार फिर से बैलगाड़ी दौड़ की वापसी होने जा रही है। अगर खेल शुरू होने तक दोबारा कोई कानूनी अड़चन न आई तो 11 साल बाद यह ऐतिहासिक खेल दोबारा शुरू होगी। जिला प्रशासन, आयोजक और ग्रामीणों में इसे लेकर उत्साह है। 30 जनवरी से एक फरवरी तक ये गेम्स करवाई जानी हैं। डीसी हिमांशु जैन इस संबंध में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2014 में किला रायपुर गेम्स में बैलगाड़ी की दौड़ बंद करवा दी थी। पंजाब सरकार ने 11 जुलाई को विधानसभा में बिल पास करके बैल गाड़ियों की दौड़ फिर से करवाने का रास्ता साफ कर दिया। सरकार के इस फैसले से इस बैलगाड़ी दौड़ शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। पिछले कुछ सालों से पंजाब सरकार इन खेलों का आयोजन कर रही है। किला रायपुर खेलों की रौनक हो गई थी खत्म बैल गाड़ियों की दौड़ शुरू से किला रायपुर खेलों में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही हैं। जब किला रायपुर में बैलगाड़ियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा तो खेलों की रौनक ही खत्म हो गई। देश विदेश से पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। इन शर्तों पर शुरू करवाई जाएगी बैलगाड़ियों की दौड़ दौड़ से पहले सभी बैलों की वेटरनरी डॉक्टर करेंगे जांच दौड़ के दौरान और बाद में भी वेटरनरी टीम मौजूद रहेगी किसी भी तरह की मारपीट, नुकीले औजार या क्रूरता पूरी तरह प्रतिबंधित होगी अत्यधिक गर्मी या खराब मौसम में दौड़ नहीं करवाई जाएगी सभी प्रतिभागियों और बैलों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई और प्रतिबंध लगाया जाएगा कैसे ग्रामीण ओलिंपिक बनीं किला रायपुर की खेलें, जानिए 1933 में इंदर ग्रेवाल ने शुरू किया: किला रायपुर की ग्रामीण खेलों की शुरुआत साल1933 में हुई। इनको शुरू करने का श्रेय लुधियाना के किला रायपुर के इंदर सिंह ग्रेवाल को जाता है। इन खेलों को शुरू करने के पीछे उद्देश्य पंजाब के किसानों को एक प्लेटफार्म पर एकत्रित करना था। इनके मनोरंजन के लिए खेलें शुरू की गईं जो आगे चलकर पूरे पंजाब में फेमस हो गईं और इन्हें पंजाब का मिनी ओलिंपिक कहा जाने लगा। रायपुर के हॉकी में सिल्वर कप जीतने से हुई शुरुआात: साल 1933 में पहली बार रायपुर की हॉकी टीम ने जालंधर में सिल्वर कप जीता। इसी जीत से प्रेरित होकर ग्रेवाल जट्ट समुदाय ने गांवों के बीच वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स की शुरुआत हुई और उसी साल ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई गई। 1944 में पहली बार हुई बैल दौड़: साल 1940 में 440 गज का ट्रैक बनाकर एथलेटिक्स के मुकाबले शुरू हुए और साल 1944 में बाबा बक्शी के प्रयासों से बैलगाड़ी दौड़ शामिल की गई। साल 1950 में महिलाओं के लिए खेल आयोजनों की शुरुआत हुई, जो साल 1953 में औपचारिक रूप से शामिल किए गए। दुनियाभर को दिखाई जाती है पंजाब की विरासत: इंदर सिंह ग्रेवाल के प्रयासों के कारण, यह खेलें त्योहार की तरह बन गईं और हर साल आयोजित होने लगीं। अब ये खेलें दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करती हैं। यह न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है जो पंजाब की समृद्ध विरासत को दुनियाभर में दिखाता है। बैलों को पिलाते हैं देसी घी, खिलाते हैं ड्राई फ्रूट्स: बैलगाड़ी दौड़ में हिस्सा लेने वाले बैलों की कीमत लाखों रुपए तक होती है और उनकी देखभाल बच्चों की तरह की जाती है। पंजाब के पशुपालक बताते हैं कि वे अपने बैलों को देसी घी, ड्राई फ्रूट्स, चुनिंदा अनाज और पोषक आहार खिलाकर उन्हें ताकतवर बनाते हैं। अब जानें क्यों लगा बैलों की दौड़ पर प्रतिबंध जीत के लिए बैलों को नशे की गोलियां खिलाने के लगे आरोप: इन खेलों में बैल दौड़ पर सवाल उठने शुरू हो गए। कुई पशु प्रेमियों ने पशु क्रूरता को लेकर कोर्ट का रुख किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कुछ मालिक अपने बैलों को दौड़ के दौरान तेज भगाने के लिए नशे की गोलियां खिलाते हैं और लोहे की नुकीली 'क्रिच' से मारते हैं, जिससे बैल दर्द से भागने लगता है। बैलों पर क्रूरता का हवाला देकर लगी थी रोक: साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किला रायपुर समेत देशभर में बैलगाड़ी दौड़ों पर रोक लग गई थी। अदालत ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह की दौड़ों में जानवरों के साथ क्रूरता की आशंका रहती है। इसके बाद किला रायपुर रूरल ओलंपिक में यह प्रतियोगिता बंद कर दी गई। 2014 के बाद से फीका पड़ा खेल उत्सव: साल 2014 के आदेश और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कानूनी रूप से बैल दौड़ पर बैन लगने के बाद किला रायपुर में खलों का आकर्षण फीका पड़ने लगा। धीरे-धीरे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी कम होने लगी। विवादों से भी जुड़ा किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के आदेश को 11 साल बीत चुके हैं और कभी भी यहां बैल दौड़ देखने को नहीं मिली। बैल दौड़ के जाने के बाद यहां और भी विवाद पैदा हुए और ये खेल आयोजन कुछ सालों में ही बंद हो गया। विवाद उस समय और गहरा गया जब आयोजन स्थल की जमीन को लेकर कानूनी मसला खड़ा हो गया, जिससे साल 2018 के बाद खेल आयोजन पूरी तरह रुक गया। साल 2023 में गांव के पट्टी सुहाविया गुट के पक्ष में फैसला आने के बाद आयोजन को दोबारा शुरू करने की राह साफ हुई। साल 2024 से पंजाब सरकार ने खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। पहले भी इसे शुरू करने के दो प्रयास हो चुके: पंजाब सरकार ने 2019 में विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पारित किया था, जिससे बैल दौड़ को कानूनी मान्यता मिल सके। इसके तहत पशुओं की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रावधानों के साथ पारंपरिक खेल को संरक्षित करने की बात कही गई थी। 2024 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात कर इस खेल को दोबारा शुरू कराने की मांग भी की थी। अब 2025 में राज्य सरकार ने इस दिशा में अंतिम कदम बढ़ा दिया है। पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक को पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही बैल दौड़ को कानूनी दर्जा मिल जाएगा। बैल दौड़ के अलावा ये मुकाबले भी फेमस: बैल दौड़ के अलावा इस आयोजन में पुरुष और महिला हॉकी, अंडर-14 और अंडर-17 बालिकाओं के लिए कबड्डी, 60 मीटर तथा 100 मीटर दौड़, 1500 मीटर महिला-पुरुष रेस, 400 मीटर की हीट और फाइनल, खो-खो, पुरुष वॉलीबॉल, शूटिंग और पारंपरिक ग्रामीण खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। ट्रैक्टर दौड़, कुत्तों की रेस, खच्चर रेस, निहंग सिंहों के घोड़ों पर करतब, करतब बाजों के करतब विशेष आकर्षण के केंद्र रहते हैं। रात को बड़े सिंगरों के अखाड़े लगते रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस बार किस तरह की तैयारियां करता है। हॉकी में जीत की हैट्रिक वाली टीम को मिलती है 1 किलो सोने की ट्रॉफी: बात साल 1956 की है, पाकिस्तान की टीम ने पहली बार किला रायपुर की खेलों में कबड्डी कर में भाग लिया। ग्रामीण खेलों में भाग लेने के वाली ये पहली विदेश की टीम बनी। इसके बाद नारंगवाल के प्रह्लाद सिंह गरेवाल ने अपने बेटे की भगवंत सिंह की याद में 100 तोले (1 किलो) सोने का कप दिया। तब से भगवंत गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट शुरू हुआ। खेलों के वक्त ही बैंक लॉकर से निकाली जाती है ट्रॉफी: ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पास दो बेशकीमती ट्रॉफी हैं, एक 100 तोले शुद्ध सोने का कप और दूसरा 50 तोले चांदी का कप। इन दोनों ट्राफियों को वर्षभर बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है और केवल पुरस्कार वितरण के दिन ही इन्हें बाहर निकाला जाता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने वीरवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में साढ़े 5 करोड़ रुपए से बने एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। इसके बाद सीएम नायब सैनी और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने एस्ट्रोटर्फ पर स्टिक थामी और दोनों ने हॉकी में हाथ अजमाए। सीएम ने खेलो इंडिया योजना के तहत 8 करोड़ की लागत से बनने वाले ऑल वेदर स्विमिंग पूल के प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया। यहां मल्टीपर्पज इंडोर खेल हॉल का निर्माण किया जाएगा। उधर, बजट को लेकर भी सीएम ने मीटिंग की। खिलाड़ियों को मिल रहा हाई इन्फ्रास्ट्रक्चर- सीएम सीएम नायब सैनी ने कहा कि ओलिंपिक में पदक जीतने के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रदेश में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार की तरफ से खेल नर्सरियों के साथ-साथ खेल केन्द्र भी बनाए गए हैं। बनेगा मल्टीपर्पज इंडोर हॉल कुरुक्षेत्र यूनिवसिर्टी में एस्ट्रोटर्फ बनाने के लिए भारत सरकार के खेल मंत्रालय की तरफ से 10 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध दिया गया था। इस बजट से 5.50 करोड़ रुपए हॉकी के मैदान पर खर्च किए गए। बकाया 4.50 करोड़ रुपए से मल्टीपर्पज इंडोर खेल हॉल का निर्माण किया जाएगा। जन भागीदारी से बनाएंगे बजट सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनभागीदारी से प्रदेश के आम नागरिक के लिए बजट बनाया जाएगा। इसमें आमजन की राय को शामिल करने के लिए समाज के हर वर्ग से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों पर सभी अधिकारी और विशेषज्ञ मंथन करेंगे। फिर आमजन के हित को देखते हुए बजट को तैयार किया जाएगा। बैठक में संस्थाओं से चर्चा बजट को लेकर केयू के सीनेट हॉल में परामर्श बैठक हुई। इसमें भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से सुझाव लिए गए। नौकरी के नाम पर होता था अपमान- सीएम मीडिया से बातचीत में सीएम नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस के टाइम में नौकरी के नाम पर गरीब आदमी को अपमान सहना पड़ता था। गरीब आदमी को बाहर बैठा दिया जाता था। उनके चेले-चपाटे अंदर चले जाते थे। गरीब आदमी को पानी तक नहीं पूछा जाता था। मोदी से सीखे राहुल गांधी देश चलाना राहुल गांधी के कुरुक्षेत्र में जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के सवाल पर सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं तो हैरान हूं, 10 दिन तक मंथन चला और राहुल गांधी एक दिन भी नहीं रुके। क्या मार्गदर्शन हुआ होगा। देश कैसे आगे बढ़ेगा, ये सीखना है तो नरेंद्र मोदी से सीखें और उनके जीवन से सीखें और प्रेरणा लें। किसी को भड़काना ट्रेनिंग नहीं सीएम ने कहा कि किसी को भड़काकर सड़क पर खड़ा कर देना, यह कोई ट्रेनिंग नहीं है। BJP भी लंबे समय तक विपक्ष में रहीं, लेकिन किसी को कोई दिक्कत नहीं आने दी। आज बिना खर्ची-पर्ची प्रदेश के युवा नौकरी लग रहे हैं। इस कारण ही कांग्रेस का पेट खराब हो जाता है। जूता ना चलाने की ट्रेनिंग देने आए नायब सैनी ने कहा कि सबको पता है राहुल गांधी और हुड्डा की ऐज बराबर हो चुकी हैं। दोनों फ्री है और फिर इधर-उधर की बातें करते हैं। कुरुक्षेत्र में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग का तो सिर्फ नाम था। असल में तो राहुल गांधी यहां जूता ना चलाओ, यही कहने आए थे। लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी इतनी है कि राहुल गांधी एक घंटे में ही निकल गए। और क्या पता जुता चला भी गेट भी बंद था।
पचपेड़वा में लाइनमैन पर हुआ था हमला:बिजली बिल वसूली के दौरान की पिटाई, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बलरामपुर के पचपेड़वा में बिजली बिल राहत योजना 2025-26 के तहत राजस्व वसूली में जुटे बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमले थम नहीं रहे हैं। 15 जनवरी 2026 को 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र पचपेड़वा (आईपीडीएस) में तैनात संविदा लाइनमैन रवि सिंह के साथ बर्बर मारपीट की गई। इस मामले में अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से विभागीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। 24 दिसंबर 2025 को पुरानी बाजार पचपेड़वा क्षेत्र में बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत डोर-टू-डोर राजस्व वसूली अभियान चलाया गया था। इस दौरान बकायेदार उपभोक्ताओं की बिजली लाइनें काटी गई थीं। इसी रंजिश में 15 जनवरी की शाम करीब 8:30 बजे, जब लाइनमैन रवि सिंह पंप नंबर-03 का फ्यूज जोड़कर शटडाउन लेकर वापस लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि नसीम शब्बीर (रिक्शा चालक), सलमान, असलम कुरैशी, उसमान, रेहान, असलम सहित कई अन्य लोगों ने बैट और हॉकी से लैस होकर रवि सिंह को घेर लिया और बेरहमी से पीटा। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे रवि सिंह को गंभीर चोटें आईं। घटना की एफआईआर थाना पचपेड़वा में दर्ज कराई गई है, लेकिन आरोप है कि केवल दो लोगों को औपचारिक गिरफ्तारी के बाद छोड़ दिया गया। हमलावरों ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर स्टेटस भी लगाया है। इतना ही नहीं, अब यही लोग कर्मचारियों को खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यदि किसी बकायेदार की लाइन काटी गई तो “रवि सिंह जैसा हाल किया जाएगा।” प्रभावी कार्रवाई न होने से बिजली विभाग के कर्मचारी भयभीत हैं और राजस्व वसूली सहित अन्य कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसी के विरोध में बुधवार को विद्युत वितरण उपखण्ड पचपेड़वा पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने जिलाधिकारी बलरामपुर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बहाल होगा और सरकारी योजनाओं का निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।
69वीं राष्ट्रीय स्कूल हॉकी प्रतियोगिता (19 वर्ष) का आयोजन उदयपुर में 12 से 17 जनवरी तक किया गया। इस प्रतियोगिता में राजस्थान की हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में ओडिशा को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। धौलपुर के खिलाड़ी उबेद खान भी राजस्थान की विजेता टीम का हिस्सा थे। स्वर्ण पदक विजेता उबेद खान के धौलपुर पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। धौलपुर के हॉकी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और परिवारजनों ने उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बोहरा, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक अजय बघेल, पार्षद अकील अहमद, जिला हॉकी संघ के उपाध्यक्ष रंजीत दिवाकर, आदित्य शर्मा, अंकित त्यागी, रोहित बंसल, मोहम्मद मजीद, एडवोकेट हामिद खान, असलम खान, योगेश थापा, हीरा बहादुर, आजाद खान, सफीकुद्दीन, पप्पू, हनीफ खान, वसीम खान सहित उनके परिवारजन और कई हॉकी खेल प्रेमी मौजूद रहे।
ईटीपीएल: यूरोप में शुरू हो रही नई टी20 लीग, अभिषेक बच्चन और स्टीव वॉ जैसे बड़े नाम जुड़े
T20I Match: यूरोप में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) का ऐलान किया गया है। 6 टीमों के बीच खेली जाने वाली इस लीग में ऑनर के तौर पर क्रिकेट और मनोरंजन जगत की हस्तियां जुड़ी हुई हैं। प्रमुख नामों में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी काइल मिल्स और नाथन मैकुलम भी एक फ्रेंचाइजी के मालिक हैं, और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल भी एक फ्रेंचाइजी के मालिक हैं। स्टीव स्मिथ और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी लीग में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। बुधवार को आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की गई कि स्टीव वॉ और ग्लेन मैक्सवेल ईटीपीएल की फ्रेंचाइजी ओनरशिप का हिस्सा होंगे। यह लीग आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स में खेली जाएगी। इसका उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट के स्तर को ऊपर उठाना है। लीग पिछली गर्मियों में लॉन्च होनी थी, लेकिन अब इसे 2026 में शुरू करने की तैयारी है। लीग की तीन फ्रेंचाइजियों में एम्स्टर्डम, बेलफास्ट और एडिनबर्ग हैं। अन्य तीन टीमें अभी बिकनी बाकी हैं। भविष्य में बिकने वाली टीमों के बेस डबलिन, रॉटरडैम और ग्लासगो में होंगे। लीग का पहला सीजन 26 अगस्त से 20 सितंबर के बीच खेला जाना है। यह आईसीसी से मान्यता प्राप्त पहली ऐसी टी20 लीग होगी, जो एक से ज्यादा देशों में आयोजित की जाएगी। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक, यह इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग के फाइनल के करीब 10 दिन बाद शुरू होगी, हालांकि इसके कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) से टकराने की संभावना बनी हुई है। स्टीव वॉ एम्स्टर्डम फ्लेम्स फ्रेंचाइजी के मालिक निवेशक समूह का हिस्सा हैं। इस समूह में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व फील्ड हॉकी महान खिलाड़ी जेमी ड्वायर भी शामिल हैं। वहीं, ग्लेन मैक्सवेल आयरिश वुल्व्स फ्रेंचाइजी के को-ओनर हैं और उनके साथ ऑस्ट्रेलिया की इंश्योरेंस कंपनी एनआरएमए के पूर्व ग्रुप सीईओ रोहन लुंड जुड़े हुए हैं। नाथन मैकुलम और काइल मिल्स ने एडिनबर्ग फ्रेंचाइजी खरीदी है। ईटीपीएल, क्रिकेट आयरलैंड और भारत की रूल्स ग्लोबल का एक संयुक्त उद्यम है, जबकि क्रिकेट स्कॉटलैंड और नीदरलैंड क्रिकेट बोर्ड इसके रणनीतिक साझेदार हैं। अभिषेक बच्चन इस लीग के को-फाउंडर हैं, और उनके साथ तीन अन्य भारतीय निवेशक भी जुड़े हैं, जिनमें आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व सीईओ धीरज मल्होत्रा का नाम भी शामिल है। स्टीव वॉ ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया कि स्टीवन स्मिथ और मिचेल मार्श ने एम्स्टर्डम फ्लेम्स के साथ करार किया है। नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स भी इसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा होंगे। टिम डेविड के साथ भी बातचीत चल रही है। वॉ का मानना है कि यह लीग यूरोपियन और कॉन्टिनेंटल खिलाड़ियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों के साथ चार-पांच हफ्ते खेलने का मौका स्थानीय खिलाड़ियों की प्रगति को तेज करेगा। स्टीव वॉ ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया कि स्टीवन स्मिथ और मिचेल मार्श ने एम्स्टर्डम फ्लेम्स के साथ करार किया है। नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स भी इसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा होंगे। टिम डेविड के साथ भी बातचीत चल रही है। Also Read: LIVE Cricket Score लीग के को-फाउंडर अभिषेक बच्चन ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया कि ईटीपीएल जल्द ही एक भारतीय ब्रॉडकास्टर के साथ करार करने वाली है। पहले सीजन के मुकाबले आयरलैंड और नीदरलैंड्स में खेले जाएंगे, जबकि फाइनल वेन्यू अभी तय किए जा रहे हैं। इस लीग का मकसद सिर्फ क्रिकेट कराना नहीं, बल्कि यूरोप में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और फैंस को एक यादगार टी20 अनुभव देना है। Article Source: IANS
सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सदर मैदान पर चल रही चार दिवसीय स्वर्गीय चौधरी रणबीर सिंह मेमोरियल सेवेन-ए-साइड हॉकी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला आज खेला गया। फाइनल में एसडी सदर टीम ने सीएबी कॉलेज टीम को 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के निर्धारित समय तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं, जिसके बाद परिणाम पेनल्टी शूटआउट से तय हुआ। शूटआउट में एसडी सदर की ओर से राघव प्रजापति और अमन शर्मा ने गोल दागे, जबकि सीएबी कॉलेज कोई भी प्रयास गोल में नहीं बदल सका। मुख्य अतिथि के रूप में विजन विद्यापीठ सिवाया के अध्यक्ष रविंद्र पाल विहान ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, सभी खिलाड़ियों को मेडल और उपहार देकर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर विजन डेंटल मेरठ के निदेशक व प्रसिद्ध दन्त चिकित्सक डॉ. अर्जित विहान उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण गर्ग व हॉकी प्रशिक्षक जोगिंदर सिंह ने अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण व स्मृति चिह्न प्रदान कर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने स्वर्गीय रणबीर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रतियोगिता के आयोजक हॉकी प्रशिक्षक जोगिंदर सिंह ने बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियाँ और कठिन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देना है, ताकि वे भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकें। प्रतियोगिता में जनपद की आठ टीमों ने निशुल्क सहभाग किया। मैन ऑफ द मैच अनुराग ठाकुर और मैन ऑफ द टूर्नामेंट अर्पित शर्मा चुने गए। निर्णायक की भूमिका कौशल चौधरी व जोगिंदर सिंह ने निभाई। वहीं सब-जूनियर कैटेगरी का फाइनल व पुरस्कार वितरण 24 जनवरी शनिवार को किया जाएगा।
राजगीर में अंडर-16 हॉकी: झारखंड ने पश्चिम बंगाल को 8-0 से हराया
राजगीर खेल परिसर स्थित हॉकी मैदान में सोमवार से शुरू हुए तीन दिवसीय अंडर-16 महामना हॉकी गोल्ड कप के पहले मुकाबले में झारखंड ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पश्चिम बंगाल को एकतरफा मुकाबले में 8-0 से करारी शिकस्त दी। मैच की शुरुआत से ही झारखंड के खिलाड़ी पूरी तरह आक्रामक नजर आए और पूरे मुकाबले में विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया। झारखंड ने मुकाबले की शुरुआत तेज़ रफ्तार से की। सुखू ने शुरुआती मिनटों में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 26वें मिनट में अफरीदी ने दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। महज एक मिनट बाद 27वें मिनट में संजीत व्यगरा ने तीसरा गोल किया। इसके बाद भी झारखंड का आक्रमण जारी रहा और 24वें मिनट में अनीष डुंडुग ने चौथा गोल दागा। वहीं 29वें मिनट में सुमरै सुरंग ने पांचवां गोल कर झारखंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले हाफ के अंत तक स्कोर 5-0 रहा। 47वें मिनट में सुमरै सुरंग ने अपना दूसरा और टीम का छठा गोल किया। मुकाबले के अंतिम क्षणों में यीशु मुंडा ने शानदार गोल दागकर स्कोर 8-0 कर दिया।
बधाई दी, खेलगांव में शुल्क को लेकर ज्ञापन
उदयपुर | 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय (अंडर-19) हॉकी प्रतियोगिता में राजस्थान के गोल्ड जीतने पर हॉकी प्रेमियों व खिलाड़ियों ने विधायक उदयपुर ग्रामीण फूलसिंह मीणा के नेतृत्व में कलेक्टर नमित मेहता को बधाई दी। ज्ञापन देकर महाराणा प्रताप खेलगांव के हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान पर प्रैक्टिस के लिए प्रति माह 800 रुपये शुल्क लेने का विरोध किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व कलेक्टर आनंदी के कार्यकाल में राज्य, राष्ट्रीय और अंतर-महाविद्यालय स्तर के खिलाड़ियों को यह सुविधा निशुल्क थी, लेकिन अब शुल्क लागू होने से कई प्रतिभाशाली व जनजाति विभाग के खिलाड़ी प्रैक्टिस से वंचित हो रहे हैं। विधायक ने कहा कि बेहतर सुविधाओं के बिना अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। कलेक्टर ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। गजेंद्र आवोत, गोपाल सिंह आसोलिया, धर्मेंद्र सिंह, महेश्वर पाल सिंह, दिग्विजय सिंह, ऐजाज अली, चन्द्रसिंह पंवार, इन्द्रसिंह राणावत, आदि मौजूद थे।
सोमवार को राजगीर परिसदन (सर्किट हाउस) में क्रीड़ा भारती दक्षिण बिहार की परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के विस्तार और खेलों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अर्जुन अवार्डी भानु सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर राज उपस्थित रहे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानु सचदेवा (अर्जुन अवार्डी-1998) ने कहा कि राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ और मैच का आयोजन देखना सुखद आश्चर्य है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि बिहार में ऐसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। जिस रफ्तार से यहां इम्प्रूवमेंट हो रहा है, आने वाले समय में बिहार खेलों का बहुत बड़ा हब बन जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रीड़ा भारती का उद्देश्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को खेल के मैदान तक लाना है। जब हजारों बच्चे खेलना शुरू करेंगे, तो उन्हीं में से देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी निकलेंगे। खेल को मिले 'राइट टू स्पोर्ट्स' का दर्जा बिहार प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि क्रीड़ा भारती का मूल मंत्र है- 'खेल से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण'। उन्होंने मांग की कि जैसे देश में 'राइट टू एजुकेशन' और 'राइट टू फूड' है, वैसे ही भारत सरकार खेल को भी 'मौलिक अधिकार' का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि मौलिक अधिकार का दर्जा मिलते ही सरकार हर गांव में खेल के लिए मूलभूत सुविधाएं (मैदान और संसाधन) उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय की सोच थी कि खेल में प्रतिस्पर्धा हो, लेकिन प्रतिद्वंद्विता नहीं। इसी उद्देश्य के साथ हम चाहते हैं कि देश का हर नागरिक प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताए, तभी 'स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत' का सपना पूरा होगा। ये रहे मौजूद इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष रविरंजन कुमार, प्रांत मंत्री डॉ. रमेश कुमार, संगठन मंत्री उमेश कुमार, प्रांत उपाध्यक्ष उदय कुमार, प्रांत कोषाध्यक्ष अमित कुमार, आईटी प्रमुख सुमन कुमार, पटना महानगर अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव, सह मंत्री साधना, प्रचार प्रमुख दिनेश सिंह, रेंसी राकेश राज, लक्ष्मी भारती, रिंटू कुमार और संजीव कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।
बिहार स्पोर्ट्स एकेडमी एंड कॉम्प्लेक्स परिसर में आज से तीन दिवसीय बालक-बालिका वर्ग महामना हॉकी गोल्ड कप चैंपियनशिप का शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्य एस्ट्रो टर्फ हॉकी ग्राउंड और प्रैक्टिस ग्राउंड पर आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का उद्घाटन ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री और बिहार हॉकी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार करेंगे। इस मौके पर स्थानीय सांसद कौशलेंद्र कुमार भी मौजूद रहेंगे सात राज्यों की टीमों के बीच होगा मुकाबला इस चैंपियनशिप में सात राज्यों से अंडर-16 वर्ग की टीमें भाग ले रही हैं। झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम और बंगाल से प्रत्येक राज्य की दो टीमें, बालक और बालिका वर्ग शामिल हो रही हैं। मेजबान बिहार से चार टीमें, यानी दो बालक और दो बालिका वर्ग की टीमें प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले रही हैं। महामना हॉकी गोल्ड कप के अध्यक्ष एवं आयोजन सचिव विपिन कुमार सिंह और बिहार हॉकी संघ के सचिव राणा प्रताप सिंह ने बताया कि यह चैंपियनशिप 19 से 21 जनवरी तक होगा। विजेताओं को मिलेगा आकर्षक पुरस्कार टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीमों को आकर्षक पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। विजेता टीम को एक लाख रुपए, उपविजेता को 50 हजार और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 25 हजार रुपए की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को पांच हजार रुपए का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। युवा प्रतिभा के लिए अहम मंच आयोजन सचिव विपिन कुमार ने कहा कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन का मौका देता है। यह टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा। बिहार हॉकी संघ के सचिव राणा प्रताप सिंह ने बताया कि यह लीग प्रारूप में आयोजित टूर्नामेंट है, जिसमें कुल 30 मैच खेले जाएंगे। यह टूर्नामेंट बिहार के उभरते हॉकी खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित होगा और राज्य में हॉकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केवि-2 बालिका टीम ने जीता रनर-अप खिताब
अजमेर| मेयो कॉलेज में आयोजित प्रथम यूमास-टीएससी आमंत्रण हॉकी प्रतियोगिता में पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 की बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन कर उपविजेता का खिताब जीता। इस सफलता के पीछे कोच योगेश कुमार का मार्गदर्शन रहा। कप्तान राशिका कांवत ने नेतृत्व करते हुए टीम को एकजुट रखा और विपक्षी टीमों को कड़ी चुनौती दी। प्राचार्य देवेंद्र कुमार देरान ने कहा कि खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है।
गांव फूलियाकला में भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा ने जिस स्कूल में पढ़ाई की, उसकी खराब स्थिति देखी ताे इसकी ‘सूरत’ बदलने की ठान ली। जयपुर स्थित फैक्ट्री और बंगला बेच दिया। इसके बाद 8 बीघा में 21 करोड़ से भव्य स्कूल का निर्माण करा दिया। इतना ही नहीं, हॉकी के लिए बच्चों का जुनून देखा तो सेंड सिंथेटिक टर्फ का ग्राउंड बनवा डाला। ऐसा ग्राउंड राजस्थान में कहीं और नहीं है। यह विद्यालय सेंटर फॉर एकेडमिक एंड स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का रोल मॉडल है। इस बारे में सत्यनारायण लड्ढा बताते हैं...मैंनें कभी इसी स्कूल में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई की थी। आईआईएम कोलकाता से डिग्री लेने के बाद कारोबार शुरू किया। स्कूल की हालत देखकर साल 2023 में इसे गोद लिया। सरकार से मिले अनुदान के 1.79 करोड़ रुपए भी लौटा दिए। अमेरिका में नौकरी कर रहे दो बेटियों और बेटे की मदद ली। उनकी सहायता से अब स्कूल का निर्माण पूरा हो चुका है। दस साल तक लड्ढा स्कूल की देखरेख करेगा। स्कूल में 2000 बच्चे पढ़ सकेंगे। इसमें रोबोटिक स्टीम एजुकेशन और एआई प्लेटफार्म उपलब्ध करहाया जाएगा। स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। अभी 48 कमरे बने हुए हैं। इसमें 16 स्मार्ट पैनल हैं। 48 कमरे हैं, 2000 बच्चे एआई से पढ़ाई कर सकेंगे ये उत्तर भारत का एकमात्र टर्फ है जिसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) से मान्यता मिली है। इस मान्यता के बाद यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी के मैच हो सकते हैं। अभी तक बनने वाले टर्फ पर बार-बार पानी का छिड़काव किया जाता था। सेंड टर्फ राजस्थान के साथ तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उड़ीसा स्थानों पर एक-एक है।
अंडर-17 में धन्नोवाली ने लसाड़ा को 5-2 से हराया
भास्कर न्यूज | जालंधर गोबिंद स्पोर्ट्स क्लब कुक्कड़ पिंड व पंचायत के सहयोग से जारी सिक्स ए साइड हॉकी लीग में अगले चरण के मुकाबले खेले गए। इस मौके पर मुख्यातिथि के रूप में ओलिंपियन संजीव कुमार ने हिस्सा लिया। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। इस बारे में जानकारी देते हुए परमजीत सिंह और बलविंदर बाहिया ने कहा कि अंडर-17 के मैच में सीचेवाल ने केवीएस को 5-2 से हराया, धन्नोवाली ने लसाड़ा को 5-2 से हराया। अंडर-14 के मैच में सीचेवाल ने सुरजीत सेंटर को 5-1 से हराया, लसाड़ा ने दोआबा खालसा टीम को 4-1 से हराया। धन्नोवाली ने लसाड़ा को 5-2 से हराया। इस मौके पर सूबेदार निरंजन सिंह, कुलविंदर सिंह, अवतार सिंह बोपाराय, बलविंदर सिंह, सुनील कुमार, हरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह पंच, सतनाम सिंह, गुरजीत सिंह, दविंदर गोल्डी, गुरजीत सिंह, परमजीत सिंह, अवतार सिंह मौजूद रहे।
ऑल इंडिया एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चमके शहर के खिलाड़ी, एक सिल्वर, तीन ब्रॉन्ज जीते
जालंधर| एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस बैंगलोर में जारी ऑल इंडिया एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जालंधर के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। जानकारी देते हुए हॉकी कोच सर्बजीत हैप्पी ने बताया कि राधा देवी ने 4*100 मीटर और 4*400 मीटर मिक्स्ड रिले में कांस्य, सुखवीर कौर ने 4*100 मीटर में कांस्य, कुलवीर राम ने 4*400 मिक्स्ड रिले में सिल्वर मेडल और 4*400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीत कर जालंधर का नाम रोशन किया है। यह सभी खिलाड़ी पंजाब इंस्ट्टियूट ऑफ स्पोर्ट्स के हैं।
फैक्ट्री-बंगला बेचा, 21 करोड़ में स्कूल व हॉकी का टर्फ ग्राउंड बनाया, ऐसा प्रदेश में कहीं नहीं
गांव फूलियाकला में भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा ने जिस स्कूल में पढ़ाई की, उसकी खराब स्थिति देखी तो इसकी ‘सूरत’ बदलने की ठान ली। जयपुर स्थित फैक्ट्री और बंगला बेच दिया। इसके बाद 8 बीघा में 21 करोड़ से भव्य स्कूल का निर्माण करा दिया। इतना ही नहीं, हॉकी के लिए बच्चों का जुनून देखा तो सेंड सिंथेटिक टर्फ का ग्राउंड बनवा डाला। ऐसा ग्राउंड राजस्थान में कहीं और नहीं है। यह विद्यालय सेंटर फॉर एकेडमिक एंड स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का रोल मॉडल है। इस बारे में सत्यनारायण लड्ढा बताते हैं...मैंनें कभी इसी स्कूल में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई की थी। आईआईएम कोलकाता से डिग्री लेने के बाद कारोबार शुरू किया। स्कूल की हालत देखकर साल 2023 में इसे गोद लिया। सरकार से मिले अनुदान के 1.79 करोड़ रुपए भी लौटा दिए। अमेरिका में नौकरी कर रहे दो बेटियों और बेटे की मदद ली। उनकी सहायता से अब स्कूल का निर्माण पूरा हो चुका है। दस साल तक लड्ढा स्कूल की देखरेख करेगा। स्कूल में 2000 बच्चे पढ़ सकेंगे। इसमें रोबोटिक स्टीम एजुकेशन और एआई प्लेटफार्म उपलब्ध करहाया जाएगा। स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। अभी 48 कमरे बने हुए हैं। इसमें 16 स्मार्ट पैनल हैं। 48 कमरे हैं, 2000 बच्चे एआई से पढ़ाई कर सकेंगे ये उत्तर भारत का एकमात्र टर्फ है जिसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) से मान्यता मिली है। इस मान्यता के बाद यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी के मैच हो सकते हैं। अभी तक बनने वाले टर्फ पर बार-बार पानी का छिड़काव किया जाता था। सेंड टर्फ राजस्थान के साथ तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उड़ीसा स्थानों पर एक-एक है।
एसजीएफआई व पीएम श्री फतह राउमावि सूरजपोल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र) में राजस्थान ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। स्कूली हॉकी के 69 साल के इतिहास में इस आयु वर्ग में यह राजस्थान का पहला स्वर्ण पदक है। शनिवार सुबह 10:30 बजे खेलगांव के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर खेले गए फाइनल में राजस्थान ने ओडिशा को 3-2 से हराया। ओडिशा को रजत और पंजाब को कांस्य पदक मिला। जीत के बाद दर्शकों ने खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, चीफ डे मिशन डॉ. गोविंद सिंह राठौड़, मैनेजर बलवंत चौधरी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इससे पहले तीसरे स्थान के मुकाबले में पंजाब ने हिमाचल को 6-0 से पराजित किया। पहले क्वार्टर तक स्कोर 0-0, पेनल्टी कॉर्नर से खुला खाता फाइनल में पहले क्वार्टर तक स्कोर 0-0 रहा। दूसरे में राजस्थान ने दो पेनल्टी कॉर्नर से 2-0 की बढ़त बनाई। तीसरे में राजस्थान ने तीसरा गोल किया। इसके बाद ओडिशा को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिनमें से 5वें पर गोल हुआ। चौथे क्वार्टर में ओडिशा ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। अंत में राजस्थान ने 3-2 से जीत दर्ज की। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद थे। अध्यक्षता जेडी प्रमोद कुमार सुथार ने की। विशिष्ट अतिथि डीईओ माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती रहे। प्रधानाचार्य गजेंद्र आवोत ने मेवाड़ी परंपरा से अतिथियों का स्वागत किया। विजेता-उप विजेता को मिला 43 हजार का कैश प्राइजविजेता राजस्थान टीम को अखिल कर्मचारी महासंघ (भा.म.स.) के अरविंद सिंह राव की ओर से 21,000 रु. और स्निग्धा भनात की ओर से 11,000 रु. नकद पुरस्कार दिया गया। उपविजेता ओडिशा टीम को क्वीना मेरी की ओर से 11,000 रु. मिले। इससे पहले फाइनल मुकाबले में ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीण, राजस्थान हॉकी संघ अध्यक्ष अरुण सारस्वत ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।
पेनल्टी शूटआउट में बाबा बकाला की टीम ने निक्के घुम्मन को 2-1 से हराया
भास्कर न्यूज | जालंधर सुरजीत हॉकी स्टेडियम में शनिवार को चौथी राउंडग्लास इंटर-डेवलपमेंट सेंटर हॉकी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए। जिसमें फाइनल के लिए राउंडग्लास बाबा बकाला और राउंडग्लास रूपनगर कि टीमों ने क्वालीफाई किया। यह दोनों टीमें रविवार को फाइनल मुकाबला खेलेंगी। पहले सेमीफाइनल में बाबा बकाला ने निक्के घुम्मन को हराया। बाबा बकाला के गुरिंदरजीत सिंह ने 17वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन महज दो मिनट बाद निक्के घुम्मन के कप्तान लवप्रीत ने बराबरी का गोल दाग दिया। 28वें मिनट में गुरिंदरजीत ने एक बार फिर बाबा बकाला को बढ़त दिलाई, लेकिन इसके एक मिनट के भीतर ही जशनप्रीत सिंह ने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। मुकाबला बराबरी पर रहा। जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में बाबा बकाला ने 2-1 से जीत दर्ज की। बाबा बकाला के गोलकीपर कृष्णदीप सिंह ने चार अहम बचाव कर जीत सुनिश्चित की। शूटआउट में बाबा बकाला के लिए गगनदीप सिंह और शमशेर सिंह ने गोल किए, जबकि निक्के घुम्मन की ओर से जशनप्रीत सिंह एकमात्र गोल कर सके। मैच में बेहतरीन गोलकीपिंग के लिए कृष्णदीप सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। दूसरे सेमीफाइनल में राउंडग्लास रूपनगर ने हरचोवाल के खिलाफ 4-0 की जीत दर्ज करते हुए फाइनल में क्वालिफाई किया। रूपनगर की ओर से हरशजोत सिंह ने 10वें मिनट में गोल किया। इसके बाद टीम ने 45 मिनट तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी और अंतिम 15 मिनट में आक्रामक खेल दिखाते हुए तीन और गोल दागे। जगदीश ने 47वें और 48वें मिनट में दो गोल किए, जबकि प्रमवीर सिंह ने फुल टाइम से ठीक एक मिनट पहले चौथा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। इस मैच के दौरान रूपनगर के जोबनप्रीत सिंह को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर ओलंपियन कर्नल बलबीर सिंह, ओलंपियन सुरिंदर सिंह सोढी, अध्यक्ष नितिन कोहली, ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर, डॉ. बलजीत कौर, राजेंद्र सिंह सीनियर, अशफाक उल्ला खान, अंगद सिंह कपूर, संजीव कुमार, लक्ष्य रायकवार, बूटा सिंह जोहल, इकबाल सिंह संधू, अमित सिंह संधू, जसबीर सिंह चहल, रिपुदमन कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह पम्मी, मलकीत सिंह, परमिंदर कौर, अवतार सिंह, कुलदीप सिंह, बलजोत सिंह, रविंद्र सिंह लाली, कुलवंत सिंह, राजेंद्र कुमार शर्मा, करण सिंह, राहुल, यशपाल गोयल मौजूद रहे। रूपनगर के जोबनप्रीत सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया फाइनल मैच आज {निक्के घुम्मन और हरचोवाल में तीसरे/चौथे स्थान के लिए मैच सुबह 11 बजे। {बाबा बकाला और रूपनगर के बीच फाइनल मुकाबला दोपहर 1 बजे शुरू होगा।
निशांत-प्रिया करेंगे राजस्थान का नेतृत्व
जयपुर }लद्दाख में 20 जनवरी से शुरू हो रही खेलो इंडिया विंटर गेम्स की आइस हॉकी प्रतियोगिता में निशांत प्रताप सिंह और प्रिया भादू को क्रमश: राजस्थान की पुरुष और महिला टीमों का कप्तान बनाया गया है। राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार पवन की ओर से गठित चयन समिति ने शुक्रवार को देहरादून में चयन ट्रायल के बाद टीमों की घोषणा की। ट्रायल में 60 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन समिति में राजस्थान खेल परिषद के हॉकी कोच हर्षवर्धन सिंह, आइस हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया के अमित बेलवाल और आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के रविन्द्र काला शामिल थे। खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आइस हॉकी महिला वर्ग : प्रिया भादू (कप्तान), लक्ष्मी बेनीवाल, देवीश्री, पुष्पा, सरिता जाट, सुमन चौधरी, करिश्मा, रवीना जांगू, सुप्रीथा एसआर, विनम्रता सैन, रश्मि बेनीवाल, खुशबू, गंगा, बेंत कौर, कनिका, अमनदीप कौर, वैष्णवी कौशल। कोच-विष्णु नारायण, मैनेजर महिराम बेनीवाल, सपोर्ट स्टाफ- कबीर बरोटिया, प्रदीप बिश्नोई, भागीरथ एवं शंकर लाल। पुरुष टीम : निशांत प्रताप सिंह (कप्तान),पर्व शर्मा ,अजय डांगी, शिव नारायण, सुमित कच्छवा, विकास लखन, रौनक लखन, हार्दिक, अजय सिंह, तुषार, अंकित कुमार, भावेश सिंह, अहम सिंह, लक्ष्य भुंडेल, आदित्य अग्रवाल, राजेश कुमार, ओमप्रकाश, हर्षवर्धन सिंह, नमन, गोरांश सिंह।
सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर के मैदान पर चल रही चौधरी रणबीर सिंह मेमोरियल हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को दो रोमांचक मुकाबले खेले गए। पहले मैच में एसडी सदर टीम ने यंग्स जूनियर टीम पर 3-1 से जीत दर्ज की। मैच के 10वें मिनट में मनीष प्रजापति ने पहला गोल किया। 16वें मिनट में नितकर्ष ठाकुर ने बढ़त को दोगुना किया, जबकि 24वें मिनट में मयंक त्यागी ने तीसरा गोल कर जीत सुनिश्चित कर दी। यंग्स जूनियर की ओर से एकमात्र गोल अक्षित चौहान ने किया। दूसरे मुकाबले में सीएबी कॉलेज टीम और लिटिल स्टार टीम आमने-सामने हुईं। पूरे मैच में दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतिम क्षणों में सीएबी कॉलेज टीम के अनुराग चौहान ने निर्णायक गोल कर टीम को 1-0 से जीत दिलाई। मैच में आकाश चौहान और आर्यन निर्णायक रहे। वहीं विजन डेंटल के निदेशक डॉ. अर्जित विहान ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रशिक्षक जोगिंदर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मुकाबले रविवार दोपहर 1 बजे से खेले जाएंगे।
राजस्थान की स्कूल हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए स्कूल नेशनल हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में उड़ीसा को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राजस्थान ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि उड़ीसा को रजत (सिल्वर) और पंजाब को कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक से संतोष करना पड़ा। उदयपुर में स्कूल नेशनल हॉकी प्रतियोगिता चल रही है। मैच का रोमांच, पल-पल बदलती स्थितिफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। खेल के पहले क्वार्टर तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। दूसरे क्वार्टर में राजस्थान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और 1-0 की बढ़त बना ली। जल्द ही राजस्थान ने एक और शानदार फील्ड गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इंटरवल के बाद तीसरे क्वार्टर में राजस्थान ने तीसरा गोल कर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली। हालांकि, उड़ीसा ने वापसी की पूरी कोशिश की। राजस्थान के गोलकीपर ने अद्भुत खेल दिखाते हुए उड़ीसा के कई पेनल्टी कॉर्नर बेकार कर दिए। इसके बाद उड़ीसा ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 किया। चौथे क्वार्टर में मुकाबला और कड़ा हो गया। उड़ीसा ने एक और गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया, जिससे मैच में रोमांच चरम पर पहुँच गया। अंतिम मिनटों में दोनों टीमों ने जी-जान लगा दी, लेकिन राजस्थान ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और 3-2 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। जैसे ही फाइनल की सीटी बजी, मैदान में मौजूद सैकड़ों दर्शक खुशी से झूम उठे। उदयपुर के खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को कंधों पर उठा लिया। टीम के प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, मैनेजर बलवंत चौधरी और शिक्षा अधिकारियों का भी दर्शकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। खिलाड़ियों और कोचों के साथ दर्शक भी मैदान पर जमकर नाचे। हार्डलाइन मुकाबला- पंजाब तीसरे स्थान परस्वर्ण पदक के मुकाबले से पहले तीसरे स्थान (हार्डलाइन) के लिए पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच मैच हुआ। इस एकतरफा मुकाबले में पंजाब ने हिमाचल प्रदेश को 6-0 से करारी शिकस्त देकर कांस्य पदक जीता।
स्पोर्ट्स रिपोर्टर| रांची मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गए मेंस हॉकी इंडिया लीग 2025-26 के शुक्रवार के मुकाबले में रांची रॉयल्स ने दमदार प्रदर्शन करते हुए जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब को 4-1 से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ रॉयल्स ने रांची के अपने होम ग्राउंड में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। घरेलू मैदान पर आखिरी मुकाबले में मिली इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। रांची रॉयल्स की जीत के सबसे बड़े नायक बेल्जियम के स्टार खिलाड़ी टॉम बून रहे, जिन्होंने 20वें और 22वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। उनके अलावा मनमीत सिंह राय (14’), और मंदीप सिंह (47’) ने भी गोल कर टीम की मजबूत जीत सुनिश्चित की। जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब की ओर से जीतपाल (52’) ने एकमात्र गोल किया, लेकिन वह केवल सांत्वना गोल साबित हुआ। मैच की शुरुआत काफी रोमांचक रही। सूरमा हॉकी क्लब ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए पहले पांच मिनट में ही पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया और पहले क्वार्टर में कुल तीन पेनाल्टी कॉर्नर मिले। हालांकि रांची के गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करते हुए सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। दोनों टीमों ने पहले क्वार्टर में आठ-आठ बार सर्किल में एंट्री की, लेकिन गोल रॉयल्स ने किया। 14वें मिनट में सैम लेन के शानदार रिकोशे पास पर मनमीत सिंह राय ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और रॉयल्स को 1-0 की बढ़त दिला दी। बढ़त मिलने के बाद रांची रॉयल्स का आत्मविश्वास बढ़ गया। टीम ने तेज पासिंग गेम के जरिए सूरमा की डिफेंस को लगातार दबाव में रखा। 20वें मिनट में लैकलन शार्प के शॉट के बाद मिले रिबाउंड पर टॉम बून ने क्लोज रेंज से गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके महज दो मिनट बाद 22वें मिनट में रॉयल्स को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर टॉम बून ने बेहतरीन ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पहले हाफ के अंत तक मुकाबला पूरी तरह रांची रॉयल्स के पक्ष में झुक चुका था। तीसरे क्वार्टर में जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और वापसी की कोशिश की। एक मौके पर तो उनका शॉट लगभग गोल लाइन पार कर चुका था, लेकिन जोशुआ बेल्ट्ज ने शानदार गोल लाइन क्लीयरेंस कर रॉयल्स की बढ़त को बरकरार रखा। रांची की ओर से भी सैम लेन ने एक बेहतरीन शॉट ऑन टारगेट लगाया, लेकिन गोलकीपर ने बचाव कर लिया। इसके बावजूद मैच की रफ्तार और नियंत्रण रांची के हाथ में ही रहा। मंदीप सिंह का शानदार गोल, जीत पर मुहर चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही रांची रॉयल्स ने मुकाबले को पूरी तरह खत्म कर दिया। 47वें मिनट में अराइजित सिंह हुंडाल के शानदार पास पर मंदीप सिंह ने गोलकीपर को चकमा देते हुए गेंद को जाल में डाल दिया और स्कोर 4-0 कर दिया। इसके बाद सूरमा की टीम ने अंतिम प्रयास करते हुए 52वें मिनट में जीतपाल के जरिए गोल कर स्कोर 4-1 किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
डिफेंडिंग चैंपियन मिट्ठापुर को हरा सेमिफाइनल में पहुंचा निक्के घुम्मन
भास्कर न्यूज | जालंधर राउंड ग्लास हॉकी अकादमी की तरफ से जारी चैंपियनशिप में शुक्रवार को क्वाटर फाइनल मुकाबले खेले गए। 14 नवंबर से जारी इस लीग में पंजाब भर से 20 टीमें हिस्सा ले रही है। शुक्रवार को सुरजीत हॉकी स्टेडियम में 4 क्वाटर फाइनल मुकाबले खेले। पहले क्वाटर फाइनल में राउंड ग्लास निक्के घुम्मन ने डिफेंडिंग चैंपियन राउंड ग्लास मिट्ठापुर को 3-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस बार निक्के घुम्मन पूरी तरह हावी नजर आई। जसप्रीत सिंह ने 14वें और 28वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। जसप्रीत सिंह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दूसरे क्वार्टर फाइनल में राउंड ग्लास हरचोवाल और चहल कलां के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। चहल कलां की ओर से तरणवीर सिंह ने 29वें मिनट में बढ़त दिलाई, लेकिन हारचोवाल के राजविंदर सिंह ने जल्द ही बराबरी कर दी। इसके बाद खुशदीप ने चहल कलां को फिर बढ़त दिलाई, मगर हरचोवाल ने शानदार वापसी करते हुए कप्तान जतिन के 53वें और 55वें मिनट में किए गए दो गोलों से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जीत के नायक जतिन को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। राउंड ग्लास रूपनगर ने चचराड़ी की टीम को हराया तीसरे क्वार्टरफाइनल में राउंड ग्लास रूपनगर ने राउंड ग्लास चचराड़ी को 5-2 से हराया। मुकाबले की शुरुआत चचराड़ी के उधम सिंह के छठे मिनट में किए गोल से हुई, इसके बाद रूपनगर ने जोरदार पलटवार किया। अरुण, हर्शजोत सिंह और जगदीश ने लगातार तीन गोल कर मैच का रुख पलट दिया। चचराड़ी ने 36वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन रूपनगर ने दो और गोल दागकर जीत पक्की कर ली। हर्शजोत सिंह ने हैट्रिक पूरी की, जबकि दीपांशु को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। आखिरी क्वार्टरफाइनल में राउंड ग्लास धन्नोवाली और बाबा बकाला के बीच खेला गया। धन्नोवाली टीम ने दूसरे और तीसरे क्वार्टर में मजबूत खेल दिखाते हुए 3-1 की बढ़त बना ली, लेकिन बाबा बकाला ने जबरदस्त वापसी की। 45 मिनट के अंत तक स्कोर बराबर करने के बाद अंतिम क्वार्टर में तीन गोल दागकर बाबा बकाला ने 6-3 से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शमशेर सिंह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस मौके पर मुख्यातिथि के रूप में हॉकी पंजाब के महासचिव अमरीक सिंह पवार, सुरिंदर सिंह भापा, दलजीत सिंह व जगदीप सिंह गिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजिंदर सिंह सीनियर ओलिंपियन, अशफाक उल्लाह खान, संजीव कुमार, लक्ष्य रायेकवार, चरत सिंह, मलकीत सिंह अंपायर, परमिंदर कौर कोच, अवतार सिंह कोच, कुलदीप सिंह कोच, बलजोत सिंह अंपायर, विकास पाल, रविंदर सिंह लाली, मनीष पांडे, बलविंदर सिंह कोच, कुलवंत सिंह, राजिंदर कुमार शर्मा, करन सिंह अंपायर, सुखविंदर सिंह, राजबीर सिंह, हरप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह, हरजीत सिंह राहुल, यशदीप गोयल, बलजिंदर सिंह मौजूद रहे।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

