मेजर ध्यानचंद की जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और लोगों तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं दीं। योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “हॉकी के जादूगर, ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद …
डीडवाना के राजकीय बांगड़ कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। यह आयोजन हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर हुआ। इस दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। महिला वर्ग की 200 मीटर दौड़ में कंचन ने प्रथम, उषा ने द्वितीय और कृष्णा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर दौड़ में प्रीति प्रथम, उषा द्वितीय और मोनिका तृतीय रहीं। पुरुष वर्ग की 200 मीटर दौड़ में नारायण प्रथम, गणेश गुर्जर द्वितीय और नवीन रामावत तृतीय स्थान पर रहे, जबकि 400 मीटर दौड़ में लक्ष्मण ने पहला, गणेश ने दूसरा और नेमाराम ने तीसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक प्रतियोगिता में गणेश स्वामी ने प्रथम और गणेश गुर्जर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ऊंची कूद में कुलदीप शर्मा प्रथम, विकास मेघवाल द्वितीय और मोहित सिंह तृतीय रहे। रस्साकशी के महिला वर्ग में लक्ष्मीबाई दल और पुरुष वर्ग में भगत सिंह दल विजेता घोषित किए गए। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने विद्यार्थियों को आगामी सत्र में विश्वविद्यालय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। खेल अधिकारी छोटाराम मेघवाल ने विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर और आगामी टूर्नामेंट में भाग लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। सीटीओ जेठाराम चौधरी ने विद्यार्थियों को जीवन में खेलों के महत्व और खेल जागरूकता पर संबोधित किया।
विश्वकप में 5वें स्थान रहने परे चक दे गर्ल्स को मिले 50 लाख रुपए
हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। टीम ने पांच दशकों के बाद वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान हासिल किया है। सलीमा टेटे की टीम ने गुरुवार को एमस्टेलवीन में 5वें/6वें स्थान के लिए हुए क्लासिफिकेशन मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। यह टूर्नामेंट में भारत का अब तक का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है; इससे पहले 1974 में हुए पहले टूर्नामेंट में टीम चौथे स्थान पर रही थी। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। आखिर में, मुख्य कोच शुअर्ड मरिने के मार्गदर्शन में जर्मनी के खिलाफ जीत के साथ उन्होंने अपना अभियान पूरा किया। Hockey India announces a cash prize of ₹50 lakh for the Indian Women’s Hockey Team in recognition of their historic 5th-place finish at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026. The team has scripted India’s… pic.twitter.com/sAzKQuENda — Hockey India (@TheHockeyIndia) August 28, 2026 इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, “यह भारतीय महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक नतीजा है। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवां स्थान हासिल करना इस टीम की कड़ी मेहनत, हिम्मत और लड़ने के जज्बे का सबूत है, जो उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दिखाया। हॉकी इंडिया की ओर से, मैं टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा करते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं। यह हमारी तरफ से उनकी सराहना का एक छोटा सा तोहफा है, और मुझे उम्मीद है कि इससे खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।” इसी भावना को दोहराते हुए हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “सलीमा और उनकी टीम ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों का मुकाबला किया और उनके सामने डटकर खेलीं। यह घोषणा उनके समर्पण और कड़ी मेहनत को सम्मान देने का हमारा तरीका है। हमें उम्मीद है कि इससे टीम को और प्रेरणा मिलेगी क्योंकि अब वे एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
अंबाला: हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में निकली साइकिल रैली
अंबाला: हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में निकली साइकिल रैली
बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से खड़े किए जा रहे सवालों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी को गंगा किनारे जाकर प्रायश्चित करना चाहिए। ममता बनर्जी जाएं, सन्यास लें और गंगा के किनारे बालू और गंगाजल से अपने आप को शुद्ध करें। SIR को लेकर वह बेवजह का बखेड़ा खड़ा कर रही हैं। अवैध बांग्लादेशियों को भारत का वोटर बनाना चाहती थी। जिसका जवाब जनता ने उन्हें दिया है। 'जो भारत के नागरिक नहीं थे, वैसे लोगों का नाम काटा गया है' चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि SIR के जरिए केवल उन्हीं लोगों के नाम हटाए गए हैं जो भारत के वैध नागरिक नहीं थे। SIR ने तो वही काम किया है कि बांग्लादेशियों को निकाला है। जो भारत के नागरिक नहीं थे, उन्हीं को हटाया गया है। अगर चुनाव आयोग SIR नहीं करता तो बांग्लादेशी वोटर बने रह जाते। ममता बनर्जी को तो चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहिए। यह सीधी-सीधी 'उल्टे चोर कोतवाल को डांटे' वाली बात है। ममता बनर्जी को अब अपनी राजनीति और फैसलों पर प्रायश्चित करना चाहिए। राजनीति छोड़कर गंगा किनारे जाएं और प्रायश्चित करें। मेजर ध्यानचंद को नमन इस दौरान गिरिराज सिंह ने मेजर ध्यानचंद को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद जी का जन्म दिवस है और भारत की सरकार खेल दिवस के रूप में मना रही है। ध्यानचंद आज के टेक्नोलॉजी के साथ हॉकी को नहीं, परंपरागत हॉकी को अर्जुन की तरह देखा। द्रोणाचार्य के शिष्यों में सिर्फ अर्जुन थे जो केवल मछली की आंख को देख रहे थे। उसी तरह से ध्यानचंद ने अपने हॉकी स्टिक और अपने मेहनत के बल पर कितनी ऊंचाई तक जाने का काम किया। आज उन्हीं के जन्म दिवस पर हम आज खेल दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने ध्यानचंद को सम्मानित करने का काम किया है। आज खेल पर 40 हजार करोड़ रुपया खर्च हो रहा है। खेल का बजट 270 गुना बढ़ गया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सत्तारूढ़ TMC और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां TMC पर वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है, वहीं TMC इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
मेरठ: क्वांटम इंटरनेशनल स्कूल और स्टेडियम बी टीम के हॉकी मैच का आयोजन
मेरठ: क्वांटम इंटरनेशनल स्कूल और स्टेडियम बी टीम के हॉकी मैच का आयोजन
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। दिग्गज हॉकी की खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है। खेल मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर देशवासियों से खुद को फिट रखने के लिए सप्ताह में कम से कम एक घंटा किसी खेल को देने की अपील की।
LIVE: पीएम मोदी उज्बेकिस्तान हुए रवाना, मोहन भागवत अमेरिका में एक कार्यक्रम को करेंगे संबोधित
LIVE: हॉकी दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती 29 अगस्त को देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है. इस अवसर पर पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति समेत तमाम दिग्गजों ने खेल दिवस की बधाई दी.
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026: जब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के खेल से हैरान रह गया था दुनिया, हिटलर ने भी दिया था ऑफर
FIH World Cup: शूटआउट में Belgium से 3-4 से हारा भारत, 8वें स्थान पर रहा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया। शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। इससे पहले निर्धारित समय में भारत के लिए अभिषेक ने शुरुआती गोल किया, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। बेल्जियम की ओर से रोमन डुवेकोट, ह्यूगो लाबूशे और निकोलस डी केरपेल ने गोल किए। शूटआउट में बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर ली।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। हॉकी दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है और मेजर ध्यानचंद को याद किया है।
Major Dhyan Chand की जयंती पर Yogi Adityanath ने दी श्रद्धांजलि, खेल दिवस की दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और लोगों तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं दीं। योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “हॉकी के जादूगर, ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि तथा ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की सभी खिलाड़ियों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।”मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वे खेल को जीवन का संस्कार, अनुशासन को अपनी पहचान और तिरंगे की आन-बान-शान को अपना सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि यही मेजर ध्यानचंद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और ‘विकसित भारत’ की सशक्त, स्वस्थ एवं आत्मविश्वासी युवा शक्ति का आधार बनेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर कहा, “हॉकी के जादूगर पद्म भूषण मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी प्रतिभा ने विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ाया और खेल प्रतिभाओं को नई प्रेरणा दी।”प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “‘पद्म भूषण’ से सम्मानित, हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन!”उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें खेल भावना, निरंतर परिश्रम और उत्कृष्टता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का विश्व कप अभियान निराशाजनक अंदाज में खत्म हुआ। आठवें स्थान के मुकाबले में भारत ने सह-मेजबान बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने आखिरी 26 सेकंड में गोल कर मुकाबला 3-3 से बराबर किया।
मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि भारतीय हॉकी को वैश्विक पटल पर स्वर्णिम पहचान दिलाने वाले मेजर ध्यानचंद की अद्भुत खेल प्रतिभा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण आज भी देश के युवाओं को खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
हॉकी विश्व कप: भारतीय पुरुष टीम का सफर हार के साथ समाप्त, टूर्नामेंट में 8वें स्थान पर रही
वावरे, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सफर एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हुआ। खिताब की दौर से पहले ही बाहर हो चुकी भारतीय टीम शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में बेल्जियम से हारकर टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। भारतीय टीम को शूटआउट में बेल्जियम से 4-3 से हारकर आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
New Delhi, 29 अगस्त . हॉकी के जादूगर ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की जयंती पर Saturday को उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम योगी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “हॉकी के जादूगर, ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि ... Read more
काशी केवल मंदिरों, घाटों और संस्कृति की नगरी नहीं है। यह खेल प्रतिभाओं की भी ऐसी धरती रही है, जहां अखाड़ों की मिट्टी से लेकर हॉकी के मैदान और दौड़ की पटरियों तक, खिलाड़ियों ने अपने सपनों को आकार दिया।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। हॉकी के जादूगर 'पद्म भूषण' मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।
वर्ल्ड कप मेडल की रेस से बाहर होने के बाद, इंडियन मेंस हॉकी टीम अपने अंतिम मैच में बेल्जियम से भिड़ी। बेलफियस हॉकी एरिना में खेला गया यह रोमांचक मुकाबला निर्धारित समय तक 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ।
29 August Birthday: आपको 29 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
29 August Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 29 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : आपका जन्मदिन: 29 अगस्त दिनांक 29 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। 2 और 9 आपस में मिलकर 11 होते हैं। 11 की संख्या आपस में मिलकर 2 होती है इस तरह आपका मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29 शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65 शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036 ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से संभलकर चलने का वक्त होगा। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। परिवार: पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। किसी की दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी। करियर: लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। सलाह: बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर न करें। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति मेजर ध्यानचंद (Major Dhyan Chand): भारत के महानतम हॉकी खिलाड़ी। जिन्हें 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है। माइकल जैक्सन (Michael Jackson): लोकप्रिय पॉप गायक और डांसर। जॉन लॉक (John Locke): इंग्लैंड के महान दार्शनिक और विचारक। लियाम पेन (Liam Payne): प्रसिद्ध ब्रिटिश गायक और संगीतकार। जीएस अमूर (GS Amur): प्रसिद्ध कन्नड़ और अंग्रेजी साहित्यकार। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं!
भारत मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में शुक्रवार को बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट में हार गया। इसके साथ ही टीम टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। बेल्जियम मैच के आखिरी मिनट तक 3-2 से आगे थी। मैच खत्म होने में 26 सेंकंड बाकी थे, तभी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलकर मैच को शूटआउट में पहुंचाया, जहां टीम 3-4 से मुकाबला हार गई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मैच में 2 गोल किए। वे टूर्नामेंट में 8 गोल के साथ भारत के टॉप स्कोरर रहे। भारत का पहला गोल, फिर बेल्जियम की वापसी अभिषेक ने छठे मिनट में गोल कर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, बेल्जियम ने शानदार वापसी करते हुए 22वें और 23वें मिनट में दो गोल दागकर 2-1 की बढ़त बना ली। हाफ टाइम के तुरंत बाद 31वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में बेल्जियम के डी केरपेल ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। शूटआउट में हरमनप्रीत गोल नहीं कर सके शूटआउट में भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने पहले 3 शॉट पर गोल किए। हालांकि भारत के लिए आखिरी 2 शॉट पर हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह गोल नहीं कर सके। वहीं बेल्जियम के लिए टॉम बून, आर्थर डी स्लोवर, अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल किए। विक्टर फोरबर्ट अपना प्रयास गोल में नहीं बदल सके। मनप्रीत सिंह के आंख पर गेंद लगी अंतिम क्वार्टर में बेल्जियम के लाबुशेयर का तेज शॉट मैनप्रीत सिंह के चेहरे पर आंख के ऊपर लगा। वे गंभीर रूप से चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। हालांकि पेनल्टी शूटआउट के दौरान वे मैदान पर वापस लौटे, लेकिन शॉट नहीं लिया। भारत दूसरे राउंड में एक भी अंक हासिल नहीं कर सका भारतीय टीम 51 साल बाद वर्ल्डकप मेडल जीतने का सपना लेकर टूर्नामेंट में उतरी थी। भारत के लिए शुरुआत अच्छी रही। टीम ने पहले राउंड में वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे राउंड में भारतीय टीम एक भी अंक हासिल नहीं कर सकी। टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी 19 मिनट में तीन गोल खाए और 1-3 से मुकाबला हार गई। इसके बाद अर्जेंटीना से मिली 3-5 से हार ने उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म कर दी। -------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस हॉकी वर्ल्डकप- भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराया:टूर्नामेंट में पांचवा स्थान हासिल किया; 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
570 गोल, 3 ओलंपिक गोल्ड... फिर भी भारत रत्न से दूर हॉकी के जादूगर
जिस खिलाड़ी के नाम पर देश का सर्वोच्च खेल सम्मान रखा गया, जिसकी उपलब्धियों ने भारतीय हॉकी को दुनिया में पहचान दिलाई और जिसका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस बन गया, उसके लिए भारत रत्न का इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है. यही मेजर ध्यानचंद की कहानी का सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल है.
पैलेस में जा रहे ठेकेदार व उसके कारिंदों पर हमला
अम्बाला | लालडू पैलेस जा रहे वेटरों के ठेकेदार और उसके साथियों पर रास्ते में 6-7 युवकों ने हमला कर दिया। मारपीट में ऑटो चालक एवं वेटरों के ठेकेदार निर्मल सिंह (37) निवासी गांव बम्बा, उसके भाई गुरुमुख और गुलशन घायल हो गए। निर्मल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पैलेस में वेटरों के ठेके का काम करता है। 27 अगस्त सुबह करीब 7:30 बजे वह अपनी ऑटो में गुरुमुख, गुलशन, रमेश कुमार, अमरीक सिंह और सरजीक सिंह को लेकर लालड़ू पैलेस जा रहा था। गांव नडियाली से थोड़ा आगे पहुंचने पर रास्ते में एक गाड़ी खड़ी थी, जिसके आगे के नंबर पर मिट्टी लगी हुई थी। गाड़ी से 6-7 युवक लोहे की रॉड, लाठी, डंडे और हॉकी लेकर बाहर निकले। उन्होंने ऑटो के अगले शीशे पर ईंट मारी। शीशा टूटने के बाद ईंट निर्मल के मुंह पर लगी। इसके बाद युवकों ने ऑटो को चारों तरफ से घेर लिया। निर्मल ने ऑटो रोक दिया तो सभी ने उसके और साथ बैठे लोगों पर लाठी-डंडों, हॉकी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में निर्मल के हाथ, अंगुलियों और कंधे पर चोटें आईं। उसके भाई गुरुमुख और गुलशन को भी चोटें लगीं, जबकि बाकी लोग अपनी जान बचाकर खेतों की तरफ भाग गए। राहगीरों ने किसी तरह हमलावरों से उन्हें छुड़ाया और सरकारी अस्पताल चौड़मस्तपुर पहुंचाया। निर्मल ने पुलिस को बताया कि हमलावरों में हैप्पी और गोल्डी निवासी गांव बम्बा-मियांमाजरा भी शामिल थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनुशासित और विकसित भारत के निर्माण का लिया संकल्प
मेरा युवा भारत (माय भारत), सिमडेगा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत युवा कनेक्ट - खेल संस्करण का आयोजन सिमडेगा कॉलेज तथा संत जेवियर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेलों के महत्व के प्रति जागरूक करना था। खेलों के माध्यम से स्वस्थ, अनुशासित और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को प्रोत्साहित करना था। दोनों महाविद्यालयों में फुटबॉल, हॉकी एवं एथलेटिक्स के सात खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स आइकन के रूप में भाग लिया। सिमडेगा कॉलेज में रेणुका सोरेंग, नेहा कुमारी, पिंकी कुमारी, सीता कुमारी, सुशीला कुमारी, अमृता मिंज उपस्थित थीं। ये सभी राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं। संत जेवियर कॉलेज, सिमडेगा में संजीत एक्का, अनमोल टोप्पो उपस्थित थे। ये भी राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं। स्पोर्ट्स आइकन ने अपने खेल अनुभव, संघर्ष, उपलब्धियां तथा युवाओं के लिए खेलों के महत्व को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का संदेश भी युवाओं तक पहुंचाया गया। प्रधानमंत्री ने दैनिक जीवन में खेलों और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं। वे अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। वहीं दोनों महाविद्यालयों में उपस्थित युवाओं ने खेल प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त की। कार्यक्रम में स्पोर्ट्स आइकन का लेखा अधिकारी सोरिना टेटे, माई भारत सिमडेगा, एनएसएस के अधिकारियों एवं महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर युवाओं को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। फिटनेस को दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाविद्यालय के युवा, एन एस एस स्वयंसेवक, एन सी सी कैडर, माय भारत के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
हॉकी चैंपियनशिप आज से, 58 टीमों के बीच होंगे 128 मुकाबले
राष्ट्रीय खेल दिवस सह हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हॉकी सिमडेगा एवं खेल विभाग, सिमडेगा के संयुक्त तत्वावधान में भव्य हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर सिमडेगा जिला महिला एवं पुरुष हॉकी चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 18 और पुरुष वर्ग की 40 टीमों सहित कुल 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों के बीच कुल 128 मैच खेले जाएंगे, जो सिमडेगा में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और भागीदारी का नया रिकॉर्ड है।प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, सिमडेगा में किया जाएगा। प्रतियोगिता के पहले दो दिन 29 एवं 30 अगस्त को महिला वर्ग के मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद पुरुष वर्ग के मैच आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन के दिन कुल 9 मुकाबले खेले जाएंगे। महिला वर्ग की 18 टीमें : लोम्बोई, आरसी एम/एस करंगागुड़ी, पकड़टार, सेंट जेवियर बारवाडीह, सेंट एन्स सामटोली, सेंट एन्स तैंसेर, यूसी रेंगारीह, डे बोर्डिंग बानो, बांसजोर, पीएम श्री बासेन, मिनी नारी शक्ति सिमडेगा, टाटा सिनी जलडेगा, आरसी कोचेडेगा, केवीएस सिमडेगा, सीओई सिमडेगा ए, सीओई सिमडेगा बी, एसटीसी सिमडेगा एवं एसटीसी लचरागढ़।पुरुष वर्ग की 40 टीमें सीओई सिमडेगा, बनाबीरा, मुरिया, ताराबोगा, केवीएस सिमडेगा-बी, लिटिल टाइगर, आदिवासी हॉस्टल बी, मांझी क्लब असनबेरा, सी.डी.जे ब्रदर, मिनी ब्रदर, सेंट एन्स समतोली ए, श्री माधवहरि छात्रावास, रेंगारबहार पिडियार्श, पुलिस केंद्र सिमडेगा, तैंसेर ग्रामीण, गोंडवाना ब्रदर्स, आदिवासी हॉस्टल ए, रेंगारीह, सेंट एन्स समतोली बी, सुरिन ब्रदर, लोम्बोई, कोचेडेगा ग्रामीण, ए.बी. ब्रदर्स असनबेरा, सेंट जॉन स्कूल कुरडेग, जिलिंगा ताराबोगा, मास्टर ब्रदर्स, फरसापानी, गोंडवाना क्लब सलडेगा, हेथमा पंचायत, कुरपानी ए, डे बोर्डिंग तैंसेर, पीएम श्री बासेन, के.वी.एस. सिमडेगा ए, क्रुशकेला, बिंधैन टोली, सेंट मैरी हाई स्कूल सामटोली, ढिंगुर पानी, टाटा सिनी जलडेगा, कुरपानी बी एवं आरसी कोचेडेगा। हॉकी सिमडेगा के महासचिव मनोज कोनबेगी ने कहा कि हॉकी सिमडेगा का इस तरह प्रतियोगिता कराने का मुख्य उद्देश्य जिले में हॉकी को और अधिक बढ़ावा देना, ग्रामीण एवं उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा मेजर ध्यानचंद की खेल भावना और विरासत को आगे बढ़ाना है।
करोड़ों रुपए खर्च कर दिए इन खेल मैदानों पर, खिलाड़ी पूछ रहे-कैसे खेलें यहां जिले में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सेना-पुलिस भर्ती के लिए खेल मैदान विकसित किए गए थे, लेकिन अब ये बदहाल पड़े हैं। क्योंकि ग्राम पंचायतों ने इनकी देखरेख और रखरखाव नहीं किया। मनरेगा के तहत पिछले 2022 से 2026 तक खेल मैदानों के नाम पर 18 करोड़ 79 लाख रुपए का बजट खर्च कर दिया गया। धरातल पर उखड़े हुए रनिंग ट्रैक, बिना गेट के कमरे और तालों में बंद टॉयलेट ही नजर आ रहे हैं। मैदान की जगह कंटीली झाड़ियां उगी हुई हैं। बता दें कि वर्ष 2022-23 में कुल स्वीकृत 276 खेल मैदानों में से 268 मैदानों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण, साल 2024-25 में कुल स्वीकृत 299 मैदानों में से 284 मैदानों का निर्माण कार्य फाइलों में शत-प्रतिशत पूरा दर्ज है। भास्कर टीम ने जब जिले के राणा, डिगराना, जोड़किया और रूपावास चारणा खेल मैदानों का रियलिटी चैक किया। नियमों के मुताबिक ग्राम पंचायत को लगातार मॉनिटरिंग करनी थी और खिलाड़ियों को सुविधाएं देनी थीं।बांसोर ग्राम पंचायत के जोड़किया गांव में साल 2025 में खेल मैदान का काम शुरू किया गया, जो अधूरा है। 4 प्रमुख मैदान, चारों में पानी, बारिश के बाद खिलाड़ियों के अभ्यास की बनी समस्या भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। ऐसे में देश खेलों के बड़े मंचों की तैयारी कर रहा है, लेकिन भरतपुर संभाग में प्रतिभाओं के सामने अब भी मैदान, कोच और प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती है। जिले में खिलाड़ियों के लिए फिलहाल प्रमुख खेल मैदानों में लोहागढ़ स्टेडियम, कॉलेज ग्राउंड, मल्टीपर्पज स्कूल का खेल मैदान और रेलवे स्कूल का खेल मैदान हैं। बरसात के बाद इन चारों मैदानों में पानी भरा है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने नियमित अभ्यास की समस्या खड़ी हो गई है। लोहागढ़ स्टेडियम में जलभराव के कारण करीब दो महीने तक खेल गतिविधियां प्रभावित रहने की स्थिति है। इसके बावजूद जिले में खेलवार अलग और आधुनिक मैदानों की व्यवस्था नहीं है। फुटबॉल में 40 से ज्यादा बेटियां नेशनल तक पहुंचीं, लेकिन अपना मैदान नहीं। कबड्डी में राज्य स्तर पर गोल्ड और प्रो-कबड्डी तक खिलाड़ी पहुंचे, लेकिन स्थायी मैदान नहीं। तीरंदाजी में प्राची एशियन गेम्स तक पहुंचीं, फिर भी आर्चरी रेंज नहीं। सॉफ्टबॉल, शूटिंग और हॉकी में भी स्थायी मैदान व प्रशिक्षण सुविधाओं का अभाव है।
Hockey World Cup में Belgium से पेनल्टी शूटआउट में हारा भारत, 8वें स्थान पर रहा सफर
(मोना पार्थसारथी)वॉवरे (बेल्जियम), 28 अगस्त आखिरी सीटी बजने से 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के गोल के दम पर भारत ने स्कोर 3 -3 से बराबर करके शुक्रवार को सह मेजबान बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के मुकाबले को शूटआउट में खींच दिया जिसमें बेल्जियम के 4 -3 से जीतने के बाद भारत आठवें स्थान पर रहा। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम ने आखिरी मिनट तक 3 -2 से बढत बना ली थी लेकिन 26 सेकंड बाकी रहते भारत को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर गोल करने में हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल था। पेनल्टी शूटआउट में भारत के लिये शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किये जबकि हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह के निशाने चूके। वहीं बेल्जियम के लिये टॉम बून, आर्थर डि स्लूवेर, अलेक्जेंडर हेंडरिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल दागे जबकि विक्टर फूबर्ट का निशाना नहीं लगा। अपने सारे मैच नीदरलैंड में खेलने वाली भारतीय टीम ने ठंडी हवाओं के बीच अच्छी खासी तादाद में यहां बेल्फियस हॉकी एरेना में जमा घरेलू समर्थकों के सामने पहले बढत बनाई लेकिन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम के सामने उस लय को कायम नहीं रख सकी। एम्सटेलवीन में बृहस्पतिवार को भारतीय महिला टीम के जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल करने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम से भी जीत के साथ विदाई की उम्मीद थी लेकिन एक बार फिर लचर डिफेंस का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इससे पहले शुरूआती क्वार्टर के आखिर में मैदान पर गोलकीपर के अलावा 11 खिलाड़ियों के होने से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिला जिससे उन्हें पांच मिनट बाहर बैठना पड़ा। भारत के लिये छठे मिनट में अभिषेक ने फील्ड गोल किया जबकि हरमनप्रीत ने 31वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील किया। बेल्जियम के लिये रोमन डुवेकोट (22वां), हुगो लाबूशेरे (23वां) , निकोलस डि करपल (47वां) ने गोल किये। आखिरी क्ववार्टर में भारत को एक और झटका लगा जब मनप्रीत सिंह को लाबूशेरे के शॉट पर गेंद चेहरे पर लगी और वह कराहते हुए गिर गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ा चूंकि गेंद इतनी तेजी से उनके चेहरे पर आई कि लग रहा था कि आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है लेकिन शूटआउट के दौरान पर मैदान पर लौटे। 51 साल बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना लेकर आई भारतीय टीम ने पहले दौर में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5 -3 से हराया लेकिन इंग्लैंड से 2 -4 से हार गई। दूसरे दौर में हरमनप्रीत सिंह की टीम एक भी अंक नहीं बना सकी और नीदरलैंड के खिलाफ आखिरी 19 मिनट में तीन गोल गंवाकर 1 -3 से हार गई जबकि अर्जेंटीना ने उसे 5 -3 से हराकर सेमीफाइनल की रही सही उम्मीदें भी खत्म कर दी थी। बेल्जियम ने भारत को इस साल प्रो लीग में दोनों मैचों में हराया था। पेरिस ओलंपिक के पहले ही मैच में भारत को बेल्जियम के हाथों 1 -2 से पराजय मिली थी जबकि तोक्यो ओलंपिक सेमीफाइनल में बेल्जियम टीम ने ही भारत का खिताब जीतने का सपना तोड़कर सेमीफाइनल में 5 -2 से मात दी थी। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम का विश्व कप अभियान भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था और आस्ट्रेलिया तथा स्पेन से दूसरे दौर में 1 -1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी। भारत ने तीसरे मिनट में पहला हमला बोला जब बायें फ्लैंक से मनप्रीत से गेंद पर कब्जा किया लेकिन डी के भीतर उसे फिनिश तक नहीं ले जा सके। भारत को छठे मिनट में आसान गोल मिला जब सर्कल के भीतर अभिषेक के शॉट पर गेंद गोलकीपर के पैड से टकराई और हेंडरिक्स की स्टिक से टकराकर डिफ्लैक्शन से गोल के भीतर चली गई। बेल्जियम को जवाबी हमले में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स की ड्रैग फ्लिक सीधे भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा के पास गई जिन्होंने आसान बचाव किया। आठवें मिनट में थिबू स्टॉकब्रोक्स को सर्कल के भीतर गेंद मिली और उन्होंने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की लेकिन जुगराज सिंह ने स्टिक आगे की ओर लगाकर बेहतरीन बचाव किया। इसके अगले मिनट बेल्जियम के स्ट्राइकरों की एक और कोशिश को करकेरा ने नाकाम किया। भारत को 11वें मिनट में करारा झटका लगा जब कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिलने के कारण पांच मिनट के लिये बाहर बैठना पड़ा। मैदान पर भारत के बारह खिलाड़ियों के होने का खामियाजा कप्तान को भुगतना पड़ा। बेल्जियम को 12वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से पहले दो पर करकेरा ने अच्छा बचाव किया और तीसरे में ट्रैपिंग कमजोर रही जिस पर कमजोर शॉट को गोलकीपर ने बचाया। पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले टॉम बून ने सर्कल के भीतर गेंद लपकी लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। भारत को 20वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक पर गेंद बेल्जियम के डिफेंडर के पैर से टकराने के कारण फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया लेकिन भारतीय कप्तान की कमजोर फ्लिक को बेल्जियम के पहले रशर ने रोक दिया। बेल्जियम ने 22वें मिनट में बराबरी का गोल दागा जब डी के भीतर रोमन को गेंद गोल के सामने मिली और उन्होंने हल्का सा डिफ्लैक्ट करके गोल के भीतर डाल दिया। भारतीय गोलकीपर मोहित पहले ही आगे निकल आये थे जिससे रोक पाने की कोई गुंजाइश नहीं रही। इसके अगले ही मिनट बेल्जियम ने पेनल्टी कॉर्नर पर हुगो की तूफानी ड्रैग फ्लिक के जरिये गोल करके बढत दुगुनी कर ली। मोहित को संभलने का भी मौका नहीं मिला और गोल हो गया। बेल्जियम को 27वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को भारतीय गोलकीपर ने बचाया जबकि तीन मिनट बाद मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर मेजबान टीम ने वैरिएशन आजमाया और बून का शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। पहले हाफ में बेल्जियम ने भारतीय गोल पर 15 बार हमले बोले जबकि भारतीय टीम तीन बार ही हमले कर सकी। बेल्जियम को सात और भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। ब्रेक के बाद पहले ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने मजबूत ड्रैग फ्लिक को गोल में बदला। बेल्जियम ने रेफरल लिया लेकिन गोल बरकरार रहा और भारत ने बराबरी की। बेल्जियम को दो मिनट बाद मिले मैच के आठवें पेनल्टी कॉर्नर पर अमित रोहिदास ने आगे बढकर बचाव किया। रोहिदास का यह 250वां मैच भी है। अगले ही मिनट बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स ने गोल कर दिया लेकिन भारत ने ड्रैग फ्लिक के हवा में होने से रेफरल लिया और इस गोल को अमान्य करार दिया गया। भारतीय टीम 40वें मिनट में बढत बनाने के करीब पहुंची जब जरमनप्रीत सिंह बायें फ्लैंक से गेंद लेकर आगे बढे और डी के भीतर अभिषेक को सौंपा लेकिन उनके शॉट पर गेंद डिफेंडर की स्टिक से टकराकर गोलपोस्ट के बाहर से निकल गई। तीसरे क्वार्टर के आखिरी दो मिनट में हरमनप्रीत ग्रीन कार्ड मिलने से दो मिनट फिर बाहर रहे। आखिरी क्वार्टर में मनप्रीत के चोट के कारण बाहर होने के अगले मिनट बेल्जियम के लिये निकोलस ने तीसरा गोल कर दिया। अंपायर ने यह जानने के लिये वीडियो अंपायर की मदद ली कि कहीं गेंद के रास्ते में निकोलस का शरीर तो नहीं आया था लेकिन वीडियो अंपायर ने गोल को सही ठहराया। भारतीय कप्तान इससे अधिक खुश नहीं दिखे। भारत ने आखिरी तीन मिनट में गोलकीपर को हटाकर पूरे आक्रमण पर फोकस किया। भारत को हूटर से 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे हरमनप्रीत ने गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया।
खेलों की उड़ान, विकसित भारत की पहचान
राष्ट्रीय खेल दिवस-29 अगस्त, 2026 पर राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की खेल-चेतना को जगाने एवं खेल आयामों को नये शिखर देने का दिन है। 29 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद की जयंती से जुड़ा है। ... Read more
Hathras News: स्टेडियम में गुरुओं का अकाल, फिर भी खेल में झंडे गाड़ रहे लाल
देश भर में 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर के नाम से मशहूर मेजर ध्यानचंद की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
Pilibhit News: खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी एस्ट्रोटर्फ की सौगात, मंत्री ने परखी निर्माण की गुणवत्ता
निर्माण कार्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश, तय समय सीमा में काम पूरा कराने को कहा, एस्ट्रोटर्फ मैदान से जिले की हॉकी प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर अभ्यास का मौका
राष्ट्रीय खेल दिवस : आज हॉकी के खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
National Sports Day: Hockey players to showcase their prowess today.
Bageshwar News: घोषणा के नौ साल बाद भी अधर में खोली स्टेडियम
देश आज महान हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस मना रहा है लेकिन जिले के उदीयमान खिलाड़ियों के लिए यह दिन एक कड़वी हकीकत भी सामने लाता है।
Sonebhadra News: प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी महिला हॉकी टीम
Women's hockey team busy preparing for the competition.
Champawat News: हॉकी प्रतियोगिता में टनकपुर स्टेडियम ए ने बी को 5-3 गोल से हराया
हॉकी प्रतियोगिता मेंटनकपुरस्टेडियम ए ने बी को 5-3 गोल से हराया
हॉकी इंडिया ने विमेंस हॉकी टीम को ₹50 लाख का इनाम देने का ऐलान किया है। गुरुवार को भारत ने वर्ल्ड कप में 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई थी। टीम ने नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में जर्मनी को 3-1 से हराया था। इनाम की राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच बांटी जाएगी। टीम के हर खिलाड़ी को ₹2 लाख, जबकि सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹1 लाख मिलेंगे। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान पर रहना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। भारत ने दूसरे हाफ में 3 गोल किए कप्तान सलीमा टेटे की अगुआई में भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में वर्ल्ड नंबर-5 जर्मनी को 3-1 से हराया। पहले दो क्वार्टर गोलरहित रहे, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने तीन गोल दागकर मुकाबले पर पकड़ बना ली। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार दो गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी की लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन भारत ने 3-1 से मुकाबला जीत लिया। 1972 में चौथे स्थान पर रही थी वर्ल्ड कप में भारत का इससे पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में आया था। तब टीम चौथे स्थान पर रही थी। इसके बाद 2026 में पांचवें स्थान पर रहकर भारत ने 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक हार भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की। इसके बाद साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टीम टॉप-8 में पहुंची। टॉप-8 स्टेज में भारत को नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-0 से हार मिली। इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत जरूरी थी, लेकिन यह मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। 11 गोल किए, 6 गोल खाए भारत ने पूरे टूर्नामेंट में 11 गोल किए और 6 गोल खाए। टीम की ओर से 7 खिलाड़ियों ने गोल दागे। नवनीत कौर 4 गोल के साथ भारत की टॉप स्कोरर रहीं, जबकि दीपिका ने 2 गोल किए। हॉकी इंडिया बोला- प्रदर्शन टीम की मेहनत का नतीजा हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सलीमा टेटे और उनकी टीम ने दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खुद को साबित किया है।
हॉकी इंडिया ने महिला हॉकी टीम के लिए 50 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की
New Delhi, 28 अगस्त . हॉकी इंडिया ने Friday को बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित एफआईएच हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक पांचवें स्थान पर रहने के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम को 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की. सलिमा टेटे की टीम ने Thursday को एम्सटेलवीन में 5वें/6वें स्थान के ... Read more
हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में अब दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने की मांग की गई है। महिला कोच ने चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी दाखिल कर IPC की धारा 376 और 511 जोड़ने की मांग की है। अदालत इस अर्जी पर 4 नवंबर को सुनवाई करेगी। महिला कोच का कहना है कि उसके साथ केवल छेड़छाड़ नहीं हुई थी, बल्कि दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया था। इसलिए मामले में दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं भी लगनी चाहिए। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस भी ऐसी ही मांग को लेकर अदालत में अर्जी दे चुकी है, लेकिन निचली अदालत ने उसे खारिज कर दिया था। अब पीड़िता ने खुद अदालत का रुख किया है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला...
New Delhi, 28 अगस्त . मेजर ध्यानचंद, भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले चैंपियन खिलाड़ी थे. ध्यानचंद जब मैदान पर खेलते थे, तो ऐसा लगता था कि गेंद उनकी स्टिक से किसी चुंबक की तरह चिपक सी गई है. ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने उन्हें जर्मनी से खेलने तक ... Read more
योगी सरकार की योजनाओं ने बदली मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की किस्मत, देश-विदेश में बज रहा डंका
यूपी के मेरठ में खेल सामान उद्योग अब सिर्फ क्रिकेट बैट तक सीमित नहीं है. यहां हॉकी स्टिक, फुटबॉल, वॉलीबॉल और अन्य खेल उपकरण भी बनते हैं. ओडीओपी योजना और सरकारी सब्सिडी से छोटे कारोबारियों को मदद मिली है, जिससे लगभग 5 से 7 हजार स्पोर्ट्स यूनिट्स सक्रिय हैं. मेरठ से हर साल करीब 975 करोड़ रुपये के खेल सामान का निर्यात ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अमेरिका समेत कई देशों में होता है.
Savita Punia का खुलासा: कैसे Team Spirit ने Women’s World Cup में रचा 1974 के बाद सबसे बड़ा इतिहास
पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है।भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिये सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘कोच शोर्ड मारिन और सारे नये स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है।यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में , वर्कआउट में , अभ्यास में दिखता है।’’ पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया और एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड से हारी लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा ,‘‘ पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के खिलाफ जो हॉकी खेली , उसका पचास प्रतिशत भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आये कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी , यह किसी ने सोचा नहीं था।‘‘ तोक्यो ओलंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिये मुझे भी समय चाहिये था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हर फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिये कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है। ’’सविता ने कहा ,‘‘तोक्यो ओलंपिक में भी पदक हाथ से निकल गया और अब विश्व कप से भी। लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सही राह पर है और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।‘‘ उन्होंने कहा ,‘‘हमारी आक्रामक हॉकी बहुत अच्छी है और यही हमारी ताकत है। हम गर्व से सिर ऊंचा करके जाना चाहते हैं क्योंकि आगे एशियाई खेल में भाग लेना है और यहां से अच्छी फील लेकर जायेंगे।जो अच्छा है, उसे जारी रखेंगे और जो कमियां है उन पर काम करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी पर फोकस करने की बजाय अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रही है और आगे भी वही करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते मैने काफी उतार चढाव देखे हैं। अनुभव से पता चलता है कि मनोबल कैसे ऊपर लेकर जाना है और विषम परिस्थितियों से कैसे निकलना है। हमने फोकस नहीं गंवाया था और अनुशासित थे। हमने मैच दर मैच रणनीति बनाई और नतीजों के बारे में नहीं सोचा। हमने अपनी हॉकी पर फोकस रखा और आगे भी यही करेंगे।’ टीम की उपलब्धि का जहां पूरा देश जश्न मना रहा था, वहीं सविता सोशल मीडिया पर महिला हॉकी लीग को बचाने की अपील में जुटी थी क्योंकि उन्हें इन खिलाड़ियों में भविष्य की उम्मीद नजर आती है और वह चाहती है कि जीत का सिलसिला आगे भी बना रहे। उन्होंने कहा ,‘11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे लगता है कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है। दो दिन पहले जो हम बात कर रहे थे कि महिला हॉकी लीग क्यो जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं।अगर लीग मिलेगी तो इस तरह का प्रदर्शन लगातार करने में मदद मिलेगी।’’ वहीं जर्मनी के खिलाफ दो गोल करने वाली अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी उन्हें अच्छा खेलना ही था।उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपने लिये, परिवार के लिये और देश के लिये खेल रहे थे लेकिन हमें भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी अच्छा खेलना ही था ताकि भारत में और लड़कियां हॉकी खेले। ’’ दो दिन पहले से बातचीत में लीग को बचाने की अपील करने वाली नवनीत ने कहा ,‘‘ महिला हॉकी इंडिया लीग के लिये अब हमारी अपील को लोग समझेंगे कि हम सच में और अच्छा करना चाहते हैं और कर सकते हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं। इस विश्व कप में हमने जो किया है, अब हम में वह आत्मविश्वास आया है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
एम्स्टर्डम, 28 अगस्त . नीदरलैंड्स (डच) और अर्जेंटीना Saturday को एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में भिड़ेंगी. दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले के बाद जीत हासिल की है. यह 2022 के विश्व कप फाइनल का रीमैच होगा, जिसमें नीदरलैंड्स ने बाजी मारी थी. मेजबान नीदरलैंड्स ने पहले सेमीफाइनल में सह-मेजबान बेल्जियम ... Read more
देश की बेटियों ने जीता दिल, कर दिखाया वो कमाल जो अब तक नहीं हुआ
52 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप के शीर्ष पांच में पहुंची है. जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल करने वाली भारत की इस टीम में 11 खिलाड़ी विश्व कप डेब्यूटेंट थीं. पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ नीदरलैंड्स से हार और आखिरी 17 मिनट में जर्मनी के खिलाफ तीन गोल इस अभियान की बढ़ती ताकत और भविष्य की संभावनाओं का संकेत देते हैं.
Savita Punia बोलीं, सकारात्मक माहौल से Indian Hockey टीम में आया बड़ा बदलाव
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 28 अगस्त पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है। भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिये सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘कोच शोर्ड मारिन और सारे नये स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है।यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में , वर्कआउट में , अभ्यास में दिखता है।’’पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया और एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड से हारी लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा ,‘‘ पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के खिलाफ जो हॉकी खेली , उसका पचास प्रतिशत भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आये कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी , यह किसी ने सोचा नहीं था।‘‘तोक्यो ओलंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिये मुझे भी समय चाहिये था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हर फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिये कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है। ’’सविता ने कहा ,‘‘तोक्यो ओलंपिक में भी पदक हाथ से निकल गया और अब विश्व कप से भी। लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सही राह पर है और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।‘‘उन्होंने कहा ,‘‘हमारी आक्रामक हॉकी बहुत अच्छी है और यही हमारी ताकत है। हम गर्व से सिर ऊंचा करके जाना चाहते हैं क्योंकि आगे एशियाई खेल में भाग लेना है और यहां से अच्छी फील लेकर जायेंगे।जो अच्छा है, उसे जारी रखेंगे और जो कमियां है उन पर काम करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी पर फोकस करने की बजाय अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रही है और आगे भी वही करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते मैने काफी उतार चढाव देखे हैं। अनुभव से पता चलता है कि मनोबल कैसे ऊपर लेकर जाना है और विषम परिस्थितियों से कैसे निकलना है। हमने फोकस नहीं गंवाया था और अनुशासित थे। हमने मैच दर मैच रणनीति बनाई और नतीजों के बारे में नहीं सोचा। हमने अपनी हॉकी पर फोकस रखा और आगे भी यही करेंगे।’टीम की उपलब्धि का जहां पूरा देश जश्न मना रहा था, वहीं सविता सोशल मीडिया पर महिला हॉकी लीग को बचाने की अपील में जुटी थी क्योंकि उन्हें इन खिलाड़ियों में भविष्य की उम्मीद नजर आती है और वह चाहती है कि जीत का सिलसिला आगे भी बना रहे। उन्होंने कहा ,‘11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे लगता है कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है। दो दिन पहले जो हम बात कर रहे थे कि महिला हॉकी लीग क्यो जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं।अगर लीग मिलेगी तो इस तरह का प्रदर्शन लगातार करने में मदद मिलेगी।’’वहीं जर्मनी के खिलाफ दो गोल करने वाली अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी उन्हें अच्छा खेलना ही था। उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपने लिये, परिवार के लिये और देश के लिये खेल रहे थे लेकिन हमें भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी अच्छा खेलना ही था ताकि भारत में और लड़कियां हॉकी खेले। ’’दो दिन पहले से बातचीत में लीग को बचाने की अपील करने वाली नवनीत ने कहा ,‘‘ महिला हॉकी इंडिया लीग के लिये अब हमारी अपील को लोग समझेंगे कि हम सच में और अच्छा करना चाहते हैं और कर सकते हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं। इस विश्व कप में हमने जो किया है, अब हम में वह आत्मविश्वास आया है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
बुरहानपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर दो दिवसीय खेल कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देश, पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर के मार्गदर्शन में ये कार्यक्रम होंगे। नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह ने जिले के खिलाड़ियों और नागरिकों से इन आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। पहले दिन, 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन पुराना एसडीएम कार्यालय, मुख्य पोस्ट ऑफिस के पास, बुरहानपुर में किया जाएगा। शतरंज प्रतियोगिता में 18 वर्ष तक के बालक-बालिका तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के युवक-युवतियां भाग ले सकेंगे। इच्छुक खिलाड़ी गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। प्रतिभागियों को आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा। रविवार को साइकिल रैली निकलेगीइस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना, एकाग्रता, अनुशासन और मानसिक क्षमता को बढ़ावा देना है। दूसरे दिन, 30 अगस्त को जिले में साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली कमल चौक से शुरू होकर गांधी चौक, सुभाष चौक, जय स्तंभ, पुराना तहसील कार्यालय, शिवकुमार सिंह प्रतिमा होते हुए वापस कमल चौक पर समाप्त होगी। साइकिल रैली को नशा मुक्ति अभियान और संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इस रैली के माध्यम से नशे से दूरी, खेल से जुड़ाव और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया जाएगा। इसका लक्ष्य साइकिलिंग के जरिए स्वास्थ्य, फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाना है। प्रतिभागियों से अपनी साइकिल साथ लाने का आग्रह किया गया है।
Hockey World Cup: भारत ने 52 साल बाद रचा इतिहास, कोच Sjoerd Marijne बोले चक दे इंडिया
(मोना पार्थसारथी)एम्सेटलवीन, 27 अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने गुरुवार को टीम के यादगार विश्व कप अभियान में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद खुशी जताते हुए कहा, ‘चक दे इंडिया!’उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा और सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों से पहले उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में उससे ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारत का 52 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने 1974 में अजिंदर कौर की कप्तानी में चौथा स्थान हासिल किया था। मारिन ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन मैं ऐसा कोच हूं जो हमेशा इससे ज्यादा की मांग करता है। हालांकि, यह पल जश्न मनाने का है। लड़कियों ने जो हासिल किया है, उन्होंने इतिहास फिर से लिख दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक युवा टीम है और ये खिलाड़ी शानदार हैं, लेकिन अगली चुनौती पहले से ही सामने है। अब हमें आराम करना है और इस अच्छे अनुभव को अगले टूर्नामेंट, एशियाई खेलों में लेकर जाना है। ’’मारिन के मुताबिक इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर और अधिक भरोसा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। मैं खिलाड़ियों से लगातार कहता रहता हूं कि हम यह कर सकते हैं। लेकिन अंत में आपको इसका अनुभव खुद करना होता है और आज हमने वही किया। ’’डच कोच ने कहा कि एशियाई खेलों में भी भारत का मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा, न कि विपक्षी टीमों पर। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भी हमारा 90 प्रतिशत ध्यान खुद पर होगा। हम विरोधी टीमों पर ध्यान नहीं देंगे। हमने हर मैच में इसी तरह रणनीति अपनाई है। ’’मारिन ने भारत के प्रदर्शन का श्रेय पूरी टीम को दिया और किसी एक खिलाड़ी को अलग से श्रेय देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘कोई एक खिलाड़ी नहीं, यह एक टीम है। मैं किसी का नाम नहीं लेने वाला। ’’अंत में मारिन ने उत्साह के साथ कहा, ‘चक दे इंडिया!’इस तरह उन्होंने भारतीय महिला हॉकी के उस शानदार अभियान का जश्न मनाया जिसने टीम में नया विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है।
हॉकी वर्ल्ड कप (FIH) में भारतीय महिला हॉकी टीम के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम पर आखिरी उम्मीदें टिकी है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम का आज शुक्रवार को बेल्जियम की टीम के साथ मैच होना है। ये मैच 7वें ओर 8वें स्थान के लिए खेला जाएगा। यदि भारतीय टीम मैच जीतेगी तो 7वां स्थान पक्का होगा। वरना भारतीय टीम हारने पर 8वें स्थान पर पहुंच जाएगी। इस बार ये मैच बेलफियस हॉकी एरिना, बेल्जियम से शुक्रवार रात करीब 9.45 बजे से खेला जाएगा। ये मैच एक घंटे का रहेगा और 15-15 मिनट के चार क्वार्टर में खेला जाएगा। आधे घंटे में दूसरे क्वार्टर के बाद हाफ टाइम ब्रेक और बाकी क्वार्टर में कम समय मिलता है। इस बार दोनों टीमों भगवा रंग की नई ड्रेस पहनकर खेल में उतरी है। खास बात है कि भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सबसे बेस्ट एवं बेहतरीन पेनल्टी कॉर्नर स्पेशलिस्ट है और मिडफील्ड विपक्षी टीम के आक्रामक हमले रोकने में फुर्तीले हैं। टीम विपक्ष डी में गोल करने में चूक जाती है और मैच के आखिरी समय में दबाव या अन्य कारण बढ़त गंवाना व गलतियां करना कमजोरी है। दूसरी ओर, बेल्जियम की टीम काफी समय से साथ खेल रही और सूझबूझ है और पेनल्टी कॉर्नर रोकने एवं गोलकीपर सर्वश्रेष्ठ है। इनकी टीम में कई खिलाड़ी सीनियर होने के साथ-साथ उम्र में ज्यादा है और भारत की टीम युवा है और इनकी स्पीड ज्यादा है। सविता ने जर्मनी टीम के दो गोल रोके महिला टीम में जर्मनी के खिलाफ मैच में हॉकी प्लेयर इशिका ने 43वें मिनट में पहला गोल दागकर टीम के लिए खाता खोला और बाद में स्टार फॉरवर्ड नवनीत कौर ने लगातार दो शानदार गोल किए। इससे टीम को लीड मिली। सिरसा के जोधकां की सविता पूनिया ने विपक्षी टीम के लगातार दो गोल रोककर टीम को मजबूती दी। भारतीय महिला टीम लौटेगी देश वापस भारतीय महिला हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर अपना पांचवां स्थान हासिल किया है। अब जल्द ही उनकी टीम नीदरलैंड-बेल्जियम में आयोजित एफआईएच के खेल आयोजकों की ओर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द अपने देश भारत वापस लौटेगी। ऐसे में सभी की उम्मीदें हैं कि भारतीय टीम अपने इस मैच को जीतकर 7वां स्थान पाकर देश का नाम रोशन करे। अर्जेंटीना से हार का सामना करना पड़ा भारतीय पुरुष टीम को अर्जेंटीना के खिलाफ 5-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने दो और हार्दिक सिंह ने एक गोल किया। पुल-ई में इंग्लैंड, नीदरलैंड और अर्जेंटीना के खिलाफ हार के कारण भारत चौथे स्थान पर रहा और सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका। अब भारत 28 अगस्त को बेल्जियम के खिलाफ सातवें-आठवें स्थान के लिए मुकाबला खेला जाना है।
Kurukshetra News: दिसंबर में केयू में होगी नॉर्थ जोन और ऑल इंडिया हॉकी प्रतियोगिता
दिसंबर में केयू में होगी नॉर्थ जोन और ऑल इंडिया हॉकी प्रतियोगिता
Solan News: 100 मीटर दौड़ में शुभम व अंजली बने विजेता, नींबू चम्मच दौड़ में निशा अव्वल
राजकीय महाविद्यालय बरोटीवाला में महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया।
Basti News: हॉकी खिलाड़ी स्टेडियम में बहा रहे पसीना, टीम में जगह पाने की जद्दोजहद
Hockey players sweating it out in the stadium, battling to secure a spot in the team.
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आगरा रेल मंडल में खेल महोत्सव की धूम है। आगरा मंडल रेलवे के मार्गदर्शन में 25 से 29 अगस्त तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन हॉकी के जादूगर पद्मभूषण मेजर ध्यानचंद की याद में हो रहा है। महोत्सव में बैडमिंटन, शतरंज, टेबल टेनिस और ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताएं हो रही हैं। इसमें रेलकर्मी और उनके बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। एथलेटिक्स में जितेंद्र ने मारी बाजीबुधवार को हुई रनिंग प्रतियोगिता में कर्मचारी वर्ग की 100 मीटर और 400 मीटर दौड़ में जितेंद्र ने पहला स्थान हासिल किया। 100 मीटर में नीरज सिंह दूसरे और दिनेश मीना तीसरे स्थान पर रहे, जबकि 400 मीटर में सौनवीर दूसरे और दिनेश तीसरे स्थान पर रहे। बालक वर्ग की 100 मीटर दौड़ में अन्नया राज सिंह प्रथम, सिद्धार्थ द्वितीय और कव्यांश तृतीय रहे। बालिका वर्ग में सिद्धी भटनागर ने पहला, रिद्धी भटनागर ने दूसरा और अनवी गुर्जर ने तीसरा स्थान पाया। बैडमिंटन और शतरंज के परिणामआगरा में ऑफिसर किड्स (U13) बालक वर्ग में अर्श गुप्ता विजेता रहे, अक्षत वर्मा दूसरे और पार्थ त्रिपाठी तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में राशि बघेल पहले और अविशा गोयल दूसरे स्थान पर रहीं। कर्मचारी किड्स में कन्हैया यादव, असद अंसारी और आदित्य कुमार क्रमशः पहले तीन स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में चंद्रप्रभा और शांभवी झा विजेता रहीं। मथुरा में बैडमिंटन कर्मचारी वर्ग में अभिनव कोंकेरिया पहले, ललित कुमार दूसरे और प्रेम कुमार चौधरी तीसरे स्थान पर रहे। U14 बालक वर्ग में शाश्वत चौधरी, यश खत्री और ऋत्विक धांगर विजेता रहे। बालिका वर्ग में श्रेया गुप्ता, समाइरा खत्री और उर्वी फौजदार ने बाजी मारी। शतरंज में कर्मचारी वर्ग में आशीष कुमार पहले, भोमेश कटारिया दूसरे और शाश्वत चौधरी तीसरे स्थान पर रहे। U12 में आश्रिता कुशवाहा पहले और प्रिंस सोलंकी दूसरे स्थान पर रहे। टेबल टेनिस में शाबाज अंसारी, रमेश सिंह, सूर्यकांत और जितेंद्र सिंह सेमीफाइनल में पहुंचे। महिला वर्ग में तनु काला विजेता, परना पॉल उपविजेता और मनाली वाघेला तीसरे स्थान पर रहीं।
भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब नहीं हो सकी, लेकिन जर्मनी की टीम को 3-1 से मात देने के साथ वह 5वीं पोजीशन पर रहते हुए टूर्नामेंट से विदाई लेने में कामयाब रहीं।
FIH World Cup में भारतीय हॉकी टीम भिड़ेगी बेल्जियम से
भारतीय पुरुष टीम कल (शुक्रवार) 7वें-8वें स्थान के लिए प्ले-ऑफ मैच में सह-मेजबान बेल्जियम का सामना करते हुए अपने हॉकी वर्ल्ड कप अभियान का सकारात्मक अंत करने की कोशिश करेगी। नीदरलैंड (1-3) और अर्जेंटीना (3-5) से हारने के बाद भारतीय टीम दूसरे चरण में पूल ई में सबसे नीचे रही, जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी उम्मीदें खत्म हो गईं। इसलिए, यह क्लासिफिकेशन मैच भारत के लिए एक अच्छा प्रदर्शन करने और अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित करने से पहले अपनी लय वापस पाने का मौका है। वहीं, बेल्जियम भी अपने घरेलू वर्ल्ड कप अभियान का सुखद अंत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पूल ऍफ़ में सबसे नीचे रहने और सेमीफाइनल में जगह न बना पाने के कारण सह-मेजबान टीम निराश थी। वावरे में अपने घरेलू समर्थकों के सामने खेलने से ‘रेड लायंस’ (बेल्जियम टीम) का हौसला और बढ़ेगा, जिससे भारत के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। भारत के लिए प्राथमिकता अपनी लय और आत्मविश्वास को फिर से हासिल करना होगा। हालांकि टीम ने आक्रामक इरादे और मौके बनाने की क्षमता दिखाई है, लेकिन बेल्जियम की टीम के खिलाफ – जो जीत के साथ अपना अभियान खत्म करने के लिए उतनी ही दृढ़ होगी – खेल के चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। भारत के लिए ध्यान देने वाली एक मुख्य बात डिफेंस, मिडफील्ड और अटैक के बीच तालमेल होगी। बेल्जियम के खिलाफ, टीम को पीछे से अधिक उद्देश्यपूर्ण तरीके से गेंद को आगे बढ़ाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आक्रामक खिलाड़ियों को मिडफील्ड से अच्छी सप्लाई मिले, और फिर फिनिशिंग टच देना स्ट्राइकरों का काम होगा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में भारत की पेनल्टी-कॉर्नर बैटरी फिर से एक महत्वपूर्ण हथियार होगी; लेकिन टीम ओपन प्ले से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। बेल्जियम के सर्कल के अंदर लगातार दबाव बनाना और सर्कल में प्रवेश को गोल करने के मौकों में बदलना जरूरी होगा। बेल्जियम के पास ट्रांजिशन (खेल के दौरान स्थिति बदलने) के समय खाली जगहों का फायदा उठाने की क्षमता है, और भारत डिफेंसिव ढांचे में कोई चूक नहीं कर सकता या खतरनाक इलाकों में आसानी से गेंद नहीं गंवा सकता। खेल की गति को नियंत्रित करने और टीम के बीच तालमेल बनाए रखने में मिडफील्ड की अहम भूमिका होगी। जीत से भारत को सातवां स्थान मिलेगा और, इससे भी ज़रूरी बात यह है कि अगले बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, “टूर्नामेंट में जितना हो सके बेहतर स्थान पर रहने का यह एक शानदार मौका है। टूर्नामेंट में हमारा कुछ काम अभी बाकी है और हम ऐसा अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे जिस पर हमें गर्व हो सके।” उन्होंने आगे कहा, “बेल्जियम की टीम के खेलने का तरीका बहुत खास है। हमने उनके साथ काफी मैच खेले हैं। उनके पास कुछ अहम खिलाड़ी हैं जो उनकी टीम के ढांचे को सही ढंग से चलाते हैं, इसलिए हमें बहुत व्यवस्थित रहना होगा और बॉल पर अच्छी पकड़ बनाए रखनी होगी।” वर्ल्ड कप के तुरंत बाद जापान में एशियाई खेल होने हैं, और भारत बेल्जियम के खिलाफ़ खेले गए मैच से मिली सीख को आगे ले जाना चाहेगा, साथ ही उन कमियों को भी दूर करना चाहेगा जिनकी वजह से उन्हें दूसरे चरण में नुकसान उठाना पड़ा था।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एमस्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जर्मनी को 3-1 से करारी शिकस्त देकर 2026 महिला हॉकी विश्व कप का बेहद शानदार अंदाज में समापन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान हासिल कर लिया है, जो साल 1974 में हुए पहले विश्व कप के बाद से इस वैश्विक मंच पर भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का सफर बेहद शानदार रहा और उसे इस दौरान केवल एक ही मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।शुरुआती संघर्ष और जर्मनी का दबावमैच के पहले हाफ में यूरोपीय दिग्गज जर्मनी का दबदबा देखने को मिला। शुरुआती दो क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही। जर्मनी ने लगातार आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि, भारतीय गोलकीपर बिचु देवी और मजबूत रक्षात्मक पंक्ति ने जर्मन खिलाड़ियों के हर प्रयास को नाकाम कर दिया। हाफ टाइम तक स्कोर बराबर रहा, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मैदान पर जो वापसी की, उसने मैच का नक्शा ही बदल दिया।दूसरे हाफ में भारतीय शेरनियों का आक्रामक पलटवारमध्यांतर के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार जर्मन गोलपोस्ट पर हमले शुरू किए। कप्तान सलीमा टेटे और फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क की कड़ी परीक्षा ली। आखिरकार, मुकाबले के 43वें मिनट में इशिका चौधरी ने जादुई खेल दिखाते हुए खुद मौका बनाया और शानदार रिवर्स-लिफ्ट शॉट लगाकर भारत को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस गोल ने टीम में एक नया जोश भर दिया।नवनीत कौर का जलवा और ताबड़तोड़ गोलइशिका के गोल के ठीक एक मिनट बाद यानी 44वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। रीटेक के दौरान अनुभवी खिलाड़ी नवनीत कौर ने शानदार स्किल का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके तुरंत बाद, अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में ही नवनीत ने एक और बेहतरीन मैदानी गोल दागकर भारत की बढ़त को 3-0 कर दिया। जर्मनी ने मैच के अंतिम क्षणों यानी 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स के जरिए एक गोल जरूर वापस लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने अंत में शानदार बचाव करते हुए जर्मनी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और भारत ने 3-1 से मैच अपने नाम कर लिया।ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अब एशियाई खेलों पर नजरमैच के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्टार मिडफील्डर नेहा ने इस पांचवें स्थान की उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य भले ही पदक जीतना था, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर 52 साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है। नेहा ने यह भी स्पष्ट किया कि अब टीम का पूरा ध्यान आगामी एशियाई खेलों पर केंद्रित है, जो आगे चलकर ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाले हैं। एशिया में चीन, जापान और कोरिया जैसी मजबूत टीमों की चुनौती के बीच भारतीय टीम अपनी कमियों को दूर कर लगातार कड़ी मेहनत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप: नवनीत कौर का डबल धमाल, जर्मनी को 3-1 से रौंदकर भारत ने हासिल किया 5वां स्थान
एमस्टेलवीन, 27 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार को 5वें-6वें स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने जर्मनी को 3-1 से मात देकर अपने ऐतिहासिक अभियान का समापन किया।
जर्मनी को 3-1 से हराकर चक दे गर्ल्स का कमाल, पाया विश्वकप में पांचवा पायदान
अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत के साथ, भारतीय महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार समापन किया। टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। यह मैच गुरुवार शाम को खेला गया। इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। शुरुआती 30 मिनट तक कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया। नवनीत कौर ने दो और इशिका ने एक गोल करके यादगार जीत पक्की की। मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने सावधानी बरती, हालांकि शुरुआती दौर में जर्मनी का बॉल पर कब्ज़ा ज़्यादा रहा। धीरे-धीरे भारत ने अपनी लय पकड़ी; पांचवें मिनट में बलजीत कौर और साक्षी राणा ने दाहिने फ्लैंक से अच्छा तालमेल दिखाया। उनके मूव का अंत कप्तान सलीमा टेटे की ओर एक अच्छे पास के साथ हुआ, लेकिन जर्मन डिफेंस ने भारतीय कप्तान को गेंद को छूने का मौका नहीं दिया। दोनों टीमें सर्कल में तो पहुंचीं लेकिन साफ शॉट नहीं लगा पाईं। 11वें मिनट में जर्मनी गोल के करीब पहुंची जब जोहाना हैचेनबर्ग ने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की, लेकिन एक भारतीय डिफेंडर ने समय रहते अपनी स्टिक अड़ाकर उसे रोक दिया। भारत ने लालरेम्सियामी के ज़रिए जवाब दिया; उन्हें 13वें मिनट में शिल्पी डबास से एक हिट मिली और उन्होंने जर्मन 23-मीटर एरिया के अंदर नवनीत को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पास उनकी साथी खिलाड़ी तक नहीं पहुंच पाया। भारत के वीडियो रेफरल के बाद भी फैसला नहीं बदला और जर्मनी को 15वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। बिचू देवी ने शुरू में खतरा टाल दिया, लेकिन बाद में हुई गहमागहमी के दौरान गेंद एक भारतीय खिलाड़ी की स्टिक से ऊपर उठ गई, जिससे जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। जर्मनी ने एक वेरिएशन आज़माया लेकिन गलत तालमेल के कारण गेंद खेल के दायरे से बाहर चली गई। भारत ने दूसरे क्वार्टर में अपना सबसे अच्छा मौका बनाया जब दीपिका ने नवनीत को गेंद दी, जिन्होंने आगे लालरेम्सियामी को मौका दिया। हालांकि, उनका शॉट निशाने से चूक गया। इसके तुरंत बाद जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन बॉल ठीक से नहीं आई और भारत ने खतरा टाल दिया। जर्मनी की इनेस वानर का शॉट भी बाहर चला गया, जिसके बाद भारत ने लगातार कई हमले किए। नवनीत और सलीमा टेटे ने मिलकर जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क की परीक्षा ली, जिन्होंने लगातार तीन बचाव करके हाफ-टाइम तक स्कोर बराबर रखा। 52 years on, the Indian Women’s Team has delivered a World Cup campaign to remember, securing 5th place at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026, their best finish since 1974. A new chapter in Indian women’s hockey. A moment… pic.twitter.com/ExOrG3VRbr — Hockey India (@TheHockeyIndia) August 27, 2026 आखिरकार 43वें मिनट में भारत को सफलता मिली। नेहा ने बॉल पर कब्ज़ा किया और तेज़ी से इशिका को पास दिया; इशिका के पास दोनों तरफ़ विकल्प थे, लेकिन उन्होंने खुद जर्मन डिफेंस का सामना करने का फैसला किया। उनके मज़बूत रन का अंत एक शानदार फिनिश के साथ हुआ, जिससे भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई। इसके ठीक एक मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। लगातार दबाव बनाने के बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, और जब नवनीत का पहला सीधा शॉट एक जर्मन डिफेंडर को लगा, तो भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार, नवनीत ने ज़ोरदार शॉट मारकर गैप ढूंढा और स्कोर 2-0 कर दिया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी अपना मोमेंटम बनाए रखा और 47वें मिनट में फिर से गोल किया। सलीमा ने बेसलाइन के पास नवनीत को बॉल दी, और इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने शानदार तरीके से दो डिफेंडरों को छकाया और बॉल को नेट में डालकर अपना दूसरा गोल किया। जर्मनी ने वापसी की कोशिश की, और 50वें मिनट में लिन क्रिंग्स का डिफ्लेक्शन गोल करने से बस थोड़ा ही चूक गया। आखिरकार क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन यह सिर्फ़ हार के अंतर को कम करने वाला गोल साबित हुआ। खेल खत्म होने में 12 सेकंड बाकी रहते जर्मनी को एक आखिरी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत के डिफेंस ने मज़बूती से बचाव किया और 3-1 की यादगार जीत हासिल की। भारत ने टूर्नामेंट का समापन छह मैचों में दो जीत, तीन ड्रॉ और एक हार के साथ किया। उन्हें एकमात्र हार मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ़ मिली, जबकि उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। हालांकि वे बहुत कम अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए, लेकिन पांचवां स्थान हासिल करना एक बड़ी प्रगति है और इससे टीम को अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले काफी आत्मविश्वास मिला है।
भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में खेले मुकाबले में भारत ने तीनों गोल दूसरे हाफ में किए। नवनीत कौर ने 43वें और 46वें मिनट में गोल किए। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल दागा। जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में गोल किया। दूसरे हाफ में भारत ने बदला मैच पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। भारत ने तीसरे क्वार्टर में लगातार आक्रमण किया। भारत को पहली सफलता 42वें मिनट में मिली, जब इशिका ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार 2 गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल किया। भारत ने मैच जीते, 3 ड्रॉ रहे, सिर्फ 1 में हार मिली भारत ने ग्रुप स्टेज में चीन से 2-2 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। फिर दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से हराया। आखिरी मुकाबला इंग्लैंड से 0-0 से ड्रॉ रहा। टीम पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टॉप-8 में पहुंची। भारत को टॉप-8 में टूर्नामेंट की पहली हार मिली। टीम को पूल-E के मुकाबले में नीदरलैंड ने 2-0 से हराया। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराना था। हालांकि यह मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। अब भारत ने जर्मनी को पांचवा स्थान हासिल किया है। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलाना तय नहीं:हरमनप्रीत कौर ने नहीं दिया कोई जवाब, विमेंस एशिया कप कल से विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलना तय नहीं है। गुरुवार को कैप्टंस मीट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल गईं। पूरी खबर पढ़ें…
Indian Women Hockey Team ने Germany को 3-1 से हराया, 52 साल बाद विश्व कप में 5वां स्थान
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 27 अगस्त विश्व कप में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए नवनीत कौर के दो गोल की मदद से पांचवीं रैंकिंग वाली जर्मन टीम को 3 -1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया जो पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को इस टूर्नामेंट में एकमात्र पराजय का सामना ओलंपिक चैम्पियन सह मेजबान नीदरलैंड के हाथों (0-2) करना पड़ा था। दूसरे दौर के आखिरी मैच में आस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई कोच शोर्ड मारिन की टीम ने जर्मनी के खिलाफ सारी कसर निकालते हुए आखिरी 17 मिनट में तीन गोल दागे। भारत के लिये इशिका (43वां मिनट), नवनीत (44वां और 47वां) ने गोल दागे। जर्मनी के लिये लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल दागा। इसी जर्मन टीम ने टूर्नामेंट से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था। क्लासीफिकेशन मैच में पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों एक दूसरे को आजमाती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली और आखिरी सत्रह मिनट में भारत ने जबर्दस्त पासिंग, बेहतरीन फिनिशिंग और मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को संभलने का मौका ही नहीं दिया। जर्मनी को मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा। विश्व कप में पहली बार खेल रही 11 खिलाड़ियों के साथ उतरे कोच मारिन के साथ ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा और विश्लेषण कोच मथियास विला जीत के बाद उछलते नजर आये। यह 1974 में अजिंदर कौर की अगुवाई में पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले इस प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढा होगा। पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया था लेकिन फिर इंग्लैंड से ड्रॉ खेला था। एकमात्र पराजय दूसरे चरण में डच टीम के हाथों मिली लेकिन मेजबान ने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागे थे। पांचवें मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब नवनीत बायीं ओर से गेंद लेकर सर्कल के भीतर घुसी और दाहिनी ओर सलीमा को पास दिया लेकिन जर्मन गोलकीपर ने आगे की ओर बढकर रोक दिया। सलीमा ने पेनल्टी कॉर्नर की मांग की लेकिन अंपायर ने मना किया। नौवें मिनट में जर्मनी की एम्मा डेविडस्मेयेर गेंद लेकर दाहिने ओर से अकेले आगे बढी लेकिन गोल के सामने नियंत्रण नहीं रख सकी और शॉट लेने में नाकाम रही। पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले शिल्पी डबास ने मिडफील्ड में नेहा को गेंद सौंपी जो उस पर नियंत्रण नहीं रख सकी। जर्मनी को 15वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जब इशिका ने एम्मा को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचाई। भारत ने इस पर रेफरल लिया लेकिन वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रखा और भारत ने अपना रेफरल गंवा दिया। लिली स्टोफेलस्मा की ड्रैग फ्लिक को भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने बखूबी बचाया लेकिन रशर के पहले दौड़ने के कारण जर्मनी को लगातार दूसरा कॉर्नर मिला जिस पर वैरिएशन की कोशिश नाकाम रही। पहले पंद्रह मिनट में कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में चौथे मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब मैदान के बीच से दीपिका ने गेंद नवनीत को सौंपी जिसने सर्कल पर लालरेम्सियामी को पास दिया लेकिन उसका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। जर्मनी को इसी मिनट पलटवार में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पुश कमजोर होने से कामयाबी नहीं मिली। भारत के पास 22वें मिनट में फिर सुनहरा मौका था लेकिन दो कोशिशों के बावजूद उसे फिनिश तक नहीं ले जाया जा सका। पहले नवनीत ने बायीं ओर से सीधा शॉट लिया जिसे जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क ने बायां पैर आगे करके रोक लिया लेकिन गेंद अभी भी डी के भीतर थी और गोल के दाहिने ओर सलीमा के पास गई जिनका प्रयास भी जर्मन डिफेंस ने नाकाम कर दिया और गेंद बाहर निकाल दी। ब्रेक तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। ब्रेक के बाद भी दोनों टीमों में कोई तेजी नजर नहीं आई और मैच काफी धीमी रफ्तार से आगे बढा। इशिका 35वें मिनट में दाहिने फ्लैंक से अकेले गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल के पास पहुंचकर नियंत्रण खो दिया। इसके तीन मिनट बाद ज्योति को फिजियो की मदद से मैदान छोड़कर आना पड़ा जब उनका घुटना मुड़ गया। भारत को लगातार अच्छे प्रयासों का नतीजा 43वें मिनट में मिला जब नेहा से गेंद लेकर इशिका सर्कल के भीतर घुसी और रिवर्स हिट पर जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गेंद गोल के भीतर डाल दी। भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर अगले ही मिनट मिला जब नवनीत को सर्कल में बाधा पहुंची। नवनीत की स्लैप हिट रोके जाने से पहले गेंद डिफेंडर के पैर से टकराई जिससे भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर नवनीत ने गेंद को रोककर फिर उसी तकनीक से स्लैप लगाई और भारत के लिये दूसरा गोल दाग दिया। नवनीत की शानदार ड्रिबलिंग के दम पर भारत को तीसरा गोल मिला जब जर्मन डिफेंडरों से घिरने के बावजूद उन्होंने गेंद पर से कब्जा नहीं गंवाया और गोलकीपर के पास से गेंद ले जाते हुए सीधी हिट पर गोल किया। तीन गोल गंवाने के बाद जर्मन टीम ने पलटवार ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन गोल नहीं कर सकी।
हरदा के टिमरनी स्थित भाऊ साहब भुस्कुटे महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के साथ सीधा ऑनलाइन संवाद दिखाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, समेत कई अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी। 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करें। मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी उइके ने कहा कि युवा देश के भविष्य के साथ वर्तमान में भी राष्ट्र निर्माण में भागीदार हैं। कार्यक्रम में उइके के साथ युवाओं और विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने खुद नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में भूमिका निभाने का संकल्प लिया। छात्रों ने दिए कई सुझाव एनएसएस छात्रा कश्यपी शर्मा ने प्रतिभावान खिलाड़ियों की समय पर पहचान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को लगातार अवसर और मार्गदर्शन देने की बात कही। कृष्णिका अग्रवाल ने स्वयंसेवा को कौशल आधारित अवसरों से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवा सामाजिक सेवा के साथ उपयोगी कौशल भी सीख सकेंगे। एनएसएस छात्र आयुष बौरासी ने प्रशासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने प्रशासनिक इंटर्नशिप शुरू करने और ‘वन कॉलेज, वन विलेज’ जैसी पहल का सुझाव दिया। पीएम के संवाद की 6 बड़ी बातें… नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर- 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है। ओलंपिक में नए खेलों पर- देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं हैं। ओलिंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। लंबी समुद्री तटरेखा के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है। खेलो इंडिया संवाद पर- सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर- स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चैंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है। शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर- शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल ने जम्मू-कश्मीर और देश को गौरवान्वित किया। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की।
हॉकी वर्ल्ड कप (FIH) में भारतीय महिला हॉकी टीम का आज वीरवार को जर्मनी के टीम के साथ मैच होगा। अब सभी की इस मैच पर नजरें रहेंगी, क्योंकि भारतीय टीम 5वें और छठे स्थान के लिए खेलेगी। यदि भारतीय टीम मैच जीतेगी तो 5वें स्थान पर पहुंच जाएगी और मैच में हार मिली तो छठा स्थान मिलेगा। टीम में सिरसा की सविता पूनिया भी खेल रही है, जो बाकी खिलाड़ियों में सीनियर होने के साथ-साथ गोलकीपर की अहम भूमिका निभा रही है। सविता जर्मनी की टीम से होने वाले मैच के लिए अभ्यास में जुटी है। वीरवार शाम करीब साढ़े 6 बजे इस मैच का लाइव प्रसारण चलेगा। कप्तान सलीमा टेटे और गोलकीपर सविता पूरी टीम के साथ जीत के इरादे से उतरेगी। सविता पूनिया का कहना है कि उनकी टीम 5वें और छठे स्थान के लिए जर्मनी के खिलाफ खेलेगी और जीत के लिए फोकस रहेगा। चीन और ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच ड्रॉ होने के कारण उनकी टीम सेमी फाइनल से बाहर हो गई है। इससे टीम पर प्रेशर आ गया और खिलाड़ियों को जीत हासिल नहीं हो सकी। अभी भी टीम अपने अगले मैच की जीत के लिए खेलने को मैदान में उतरेगी। चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन था सविता का इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर सविता पूनिया ने चीन के खिलाफ इस मैच में उप कप्तान और एक सीनियर खिलाड़ी के रूप में भूमिका निभाई। भारत की 'ग्रेट वॉल' कही जाने वाली सविता पूनिया ने चीनी फॉरवर्ड्स के कई खतरनाक हमलों को नाकाम कर दिखाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच 0-0 से ड्रॉ हो गया था। टीम में ये खिलाड़ी शामिल भारत: सलीमा टेटे (कप्तान), इशिका चौधरी, निक्की प्रधान, बिचू देवी खरीबाम (गोलकीपर), सविता (गोलकीपर), शिल्पी डबास, लालरेमसियामी, दीपिका सोरेंग, बलजीत कौर, इशिका, ज्योति, नवनीत कौर, सुशीला चानू पुखरंबम, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, रुतुजा दादासो पिसल, लालथंतलुआंगी, साक्षी राणा, ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका।
Olympic Sports के आधे हिस्से से दूर क्यों है भारत? PM Modi ने National Sports Day पर दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है।शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए।मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।’’ उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया।उन्होंने कहा, ‘‘और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था।’’ मोदी ने कहा, ‘‘दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।’’ पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था।ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं।मोदी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’ मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।’’ युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।उन्होंने कहा, ‘‘खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना... खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।’’उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।’’प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है।उन्होंने कहा, ‘‘दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है... यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।’’मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है।उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।
पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद को किया याद
New Delhi, 27 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दिनों के सबसे चर्चित नाम रहे मेजर ध्यानचंद को याद किया. पीएम ने एक सदी पहले न्यूजीलैंड के India के हॉकी दौरे में मेजर ध्यानचंद की भूमिका को याद करते हुए कहा कि ... Read more
पीएम मोदी ने 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद को किया याद
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के दौरान भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दिनों के सबसे चर्चित नाम रहे मेजर ध्यानचंद को याद किया।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सामना शुक्रवार को बेल्जियम से होगा। भारतीय टीम का एफआईएच विश्व कप में यह आखिरी मुकाबला होगा। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम पहले ही खिताब की दौड़ से बाहर हो चुकी है।
Hockey World Cup में सातवें स्थान के लिए Belgium से भिड़ेगी भारतीय टीम, जीत से विदाई का लक्ष्य
(मोना पार्थसारथी)वॉवरे (बेल्जियम), 27 अगस्त पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी लेकिन शुक्रवार को होने वाले इस मुकाबले में उसके सामने सह मेजबान और मौजूदा प्रो लीग चैम्पियन बेल्जियम को उसके मैदान पर हराने की कठिन चुनौती है। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में पहले और दूसरे चरण के मैच खेलने वाली भारतीय टीम पूल ई में चौथे स्थान पर रहने के बाद सातवें / आठवें स्थान का क्लासीफिकेशन मुकाबला खेलने यहां आई है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम की राह इतनी आसान नहीं है क्योंकि उसके सामने 2018 विश्व कप चैम्पियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। बेल्जियम भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के झटके से उबरकर आखिरी मैच जीतने का पूरा प्रयास करेगी। अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे दौर के आखिरी मैच में हारकर बाहर हुई भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में धीमी शुरूआत और 60 मिनट तक लय बरकरार नहीं रख पाने के लिये आलोचना झेल रही है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाये रखने के लिये अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना था लेकिन 39वें सेकंड में ही गोल गंवाने के बाद बने दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी। डिफेंस लगातार चरमराता रहा और फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा जबकि मिडफील्ड में गैप का पूरा फायदा उठाकर अर्जेंटीना ने 5 -3 से जीत दर्ज करके भारत को अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया था।भारत ने टूर्नामेंट में 14 गोल किये और 16 गंवाये। विश्व कप में सातवां स्थान हासिल करने के अलावा भारत को अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना खोया आत्मविश्वास भी हासिल करना होगा। विश्व कप में निराशा के बाद अब जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये सीधे क्वालीफाई करना ही पिछले दो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का लक्ष्य होगा। भारत को पेनल्टी कॉर्नर में भी विविधता लानी होगी चूंकि कप्तान हरमनप्रीत पर अत्यधिक निर्भरता भारी पड़ रही है। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा जो अभी तक नजर नहीं आया है। पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ भी 40 मिनट तक उम्दा खेल दिखाने के बाद भारत ने आखिरी बीस मिनट में तीन गोल गंवाये और 1 -3 से पराजय का सामना करना पड़ा। पूल चरण में भारत ने पाकिस्तान को 5 -3 से और वेल्स को 3 -1 से हराया था लेकिन इंग्लैंड से 4 -2 से हार गया था। बड़ी उम्मीदों और तैयारियों के साथ विश्व कप में उतरी भारतीय टीम से 1975 के बाद पहली बार पोडियम पर रहने की उम्मीद थी लेकिन अपनी गलतियों और खराब खेल से भारत का सपना टूटा। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन का मानना है कि बेल्जियम के खिलाफ गलतियों की गुंजाइश नहीं होगी और उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अपनी टीम की बात करूं तो हम जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने की कोशिश करेंगे। हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है और हमें अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा। ’’उन्होंने आगे कहा ,‘‘ बेल्जियम बेहतरीन टीम है और दुनिया की तीन शीर्ष टीमों में से है। वे भी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश नहीं होंगे। उनका खेलने का अलग तरीका है और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं। उनका पेनल्टी कॉर्नर अटैक और डिफेंस लाजवाब है और हमें अनुशासित प्रदर्शन करना होगा। हमें डिफेंस में सुधार की जरूरत है जिसके आधार पर आगे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।’’यह पूछने पर कि बेल्जियम ने अपने सारे मैच इसी मैदान पर खेले हैं जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट का एकमात्र मैच यहां खेल रही है तो इससे क्या असर पड़ेगा , फुल्टेान ने कहा ,‘‘ एम्सटर्डम में अलग माहौल था और मेजबान टीम के खिलाफ उसके मैदान पर खेलना काफी रोमांचक होता है। यह भारत के खिलाफ राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलने जैसा होगा और हम इस शानदार माहौल में खेलने को बेताब हैं।’’दूसरी ओर पहले चरण में दो मैच जीतने और एक हारने के बाद बेल्जियम ने दूसरे चरण में आस्ट्रेलिया और स्पेन से ड्रॉ खेले जिससे अपने देश में खिताब जीतने का उसका सपना टूट गया। बेल्जियम ने प्रो लीग के पिछले सत्र में भारत को फरवरी में राउरकेला में 4 -2 और 3 -1 से हराया था। बेल्जियम के टॉम बून 19 गोल करके प्रो लीग के इस सत्र में सर्वाधिक गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी रहे और इस विश्व कप में भी पांच गोल कर चुके हैं। वहीं उनके साथी पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने प्रो लीग में 15 गोल दागे थे।
Lalitpur News: मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 को स्टेडियम में होंगी खेलकूद प्रतियोगिताएं
ललितपुर। हॉकी के महानतम खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर के नाम से प्रसिद्ध स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त को स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताएं एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रथम विश्वयुद्ध के पहले से जारी है उमरिया हॉकी का स्वर्णिम सफर, अब एस्ट्रोटर्फ का इंतजार
यह वह दौर था जब मेजर ध्यानचंद की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। इसका असर उमरिया पर भी पड़ा और बच्चों के हाथों में हॉकी स्टिक आम दृश्य बन गई।
Women's Hockey World Cup: 5वें स्थान के लिए Germany से भिड़ेगी भारतीय टीम
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 26 अगस्त पूरे टूर्नामेट में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के गम को भुलाकर बृहस्पतिवार को यहां अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को हराते हुए विश्व कप में पांचवें स्थान के साथ विदा लेने के इरादे से उतरेगी और मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती। तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैम्पियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है। इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी। एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी। पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढा होगा जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका है। टूर्नामेंट की शुरूआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये। आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी। दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैम्पियन नीदरलैंड को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी। यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में आस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया। कोच मारिन ने कहा कि टीम अब तरोताजा होकर आखिरी मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले मैच में मिले झटके से उबरने के लिये यह विश्राम बहुत जरूरी था। अब नये जोश और ताजगी के साथ टीम जर्मनी के खिलाफ खेलेगी।’उन्होंने कहा ,‘‘ सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने की निराशा से टीम उबर चुकी है और अब पूरा फोकस जर्मनी को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने पर है। हम अपने खेल में सुधार और एशियाई खेलों के लिये बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।’’भारतीय डिफेंडरों खासकर गोलकीपर बिछू देवी और सविता ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करके कई गोल बचाये हैं। कप्तान सलीमा टेटे की रशिंग बेहतरीन रही है जबकि मिडफील्ड में अनुभवी नेहा के साथ सुनेलिटा टोप्पो और साक्षी ने अच्छा प्रदर्शन किया और फॉरवर्ड पंक्ति में नवनीत कौर, दीपिका और लालरेम्सियामी के साथ इशिका और बलजीत जैसी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया। जर्मनी जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ उन्हें हालांकि हर मौके को भुनाना होगा क्योंकि ऐसी टीमों से ज्यादा मौके नहीं मिलते। जर्मन टीम की कोच यानिके शॉपमैन हैं जो पहले भारतीय टीम की कोच रह चुकी हैं और इन खिलाड़ियों को बखूबी जानती हैं। तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर पहुंचने के भारतीय टीम के सफर में शॉपमैन मुख्य कोच मारिन की सहायक रह चुकी हैं। उनके इस्तीफे के बाद 2021 में वह भारतीय महिला टीम की मुख्य कोच बनी लेकिन पेरिस ओलंपिक के लिये टीम के क्वालीफाई नहीं कर पाने के बाद इस्तीफा दे दिया था। जर्मनी की टीम पूल एफ में अर्जेंटीना और सह मेजबान बेल्जियम के बाद तीसरे स्थान पर रही थी। पहले दौर के मुकाबले बेल्जियम के वॉवरे में खेलने वाली जर्मन टीम ने स्कॉटलैंड और अमेरिका को हराया लेकिन अर्जेंटीना से हार गई। दूसरे दौर में उसे सह मेजबान बेल्जियम ने हराया लेकिन आखिरी मैच में स्पेन को हराकर वह पूल एफ में तीसरे स्थान पर रही। भारतीय कोच मारिन ने जर्मनी को कठिन प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि उनके खिलाड़ियों का फोकस अपने प्रदर्शन पर रहेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ जर्मनी बहुत अच्छी टीम है और विश्व कप से पहले हम दो अभ्यास मैचों में उसे हरा नहीं सके थे। हमारा फोकस हालांकि अपने प्रदर्शन में सुधार पर रहेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन सी टीम है।
सरायपाली के दो कॉलेजों में युवा कनेक्ट कार्यक्रम 27 को
भास्कर न्यूज| महासमुंद महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हर साल 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में इस वर्ष 27 अगस्त को देशभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। युवा सहभागिता और खेल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महासमुंद जिले के स्व. जयदेव सत्पथी शासकीय महाविद्यालय और रामचंडी महाविद्यालय सरायपाली में खेलो इंडिया संवाद के तहत युवा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन रहेगा। 27 अगस्त को सुबह 10 बजे देश के लगभग 1600 स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं को प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे। इस माध्यम से देश के युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद आयोजित होगा। इसमें माय भारत वालंटियर्स और स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विशेष सत्र होगा। युवाओं को खेल और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अपने विचार, सुझाव और आकांक्षाएं साझा करने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में हॉकी को नया प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म देने की तैयारी शुरू हो गई है। अक्टूबर में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को केवल बड़े नामों और ओलिंपिक सितारों के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक नई चयन व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। लीग के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में करीब 400 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 108 खिलाड़ियों को छह टीमों के लिए चुना जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को ओलिंपिक मेडलिस्ट्स के साथ फील्ड टैक्टिक्स सीखने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों को लीग से पहले 9 दिन के विशेष कैंप से भी गुजरना होगा। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री-खेल मंत्री अरुण साव ने लीग के लोगो और मैस्कॉट का अनावरण किया। आयोजकों के अनुसार, यह हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त राज्य-संचालित प्रोफेशनल हॉकी लीग है। जिसका पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रस्तावित है। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। छह टीमों में बंटेगा प्रदेश का टैलेंट लीग में राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस हिस्सा लेंगी। इन टीमों के जरिए रायपुर, बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा अंचल की पहचान को लीग से जोड़ा गया है। इसके अलावा मैदान पर स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, ओलिंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंदर कुमार सहित भारतीय हॉकी से जुड़े अन्य खिलाड़ी लीग का हिस्सा होंगे। जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि के नाम भी घोषित किए गए हैं। असली सवाल: लोकल टैलेंट को क्या फायदा? लीग की घोषणा के साथ सबसे बड़ा आकर्षण बड़े खिलाड़ियों के नाम हैं, लेकिन स्पोर्ट्स एक्सपर्ट की नजर इस बात पर रहेगी कि टूर्नामेंट प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है। 108 स्थानीय खिलाड़ियों को चयनित कर उन्हें प्रोफेशनल माहौल, हाई-इंटेंसिटी मुकाबलों और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अवसर मिलेगा। यदि लीग नियमित रूप से आयोजित होती है और इसके जरिए खिलाड़ियों को आगे हॉकी इंडिया की नेशनल टूर्नामेंट और उच्च स्तरीय चयन शिविरों तक पहुंचने का रास्ता मिलता है, तो यह प्रदेश की हॉकी के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन बन सकती है।
SMS स्टेडियम में होंगे छह खेलों के फाइनल
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से 24 से 29 अगस्त तक एसएमएस स्टेडियम में बहु-खेल आयोजन हो रहा है। हैंडबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, बास्केटबॉल और रस्साकशी के मैच होंगे। 24 अगस्त को वॉलीबॉल में पुरुष वर्ग में आरवीए एकेडमी चैम्पियन और भवानी निकेतन स्कूल रनरअप रही। महिला वर्ग में महिला वॉलीबॉल एकेडमी चैम्पियन और आरवीए एकेडमी, जयपुर रनरअप रही। 27 अगस्त को हॉकी व रस्साकशी के मुकाबले होंगे। 29 अगस्त को हॉकी-बास्केटबॉल फाइनल, RSSC व युवा मामले एवं खेल विभाग कर्मचारियों का क्रिकेट मैच और पुरस्कार वितरण होगा। मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि और प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
Pilibhit News: जनपदीय हॉकी प्रतियोगिता में जीजीआईसी और चिरौंजी लाल बने विजेता
शहर के गांधी स्टेडियम में हुआ आयोजन, खिलाड़ियों ने किया उम्दा प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में हॉकी खिलाड़ियों को नया मंच देने के लिए राज्य स्तरीय हॉकी लीग शुरू होने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह देश में किसी राज्य की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग होगी। इसे हॉकी इंडिया लीग की तरह प्रोफेशनल तरीके से आयोजित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि लीग का मकसद छत्तीसगढ़ के युवा हॉकी खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना और उन्हें देश के बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव दिलाना है। 6 टीमें, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व लीग के पहले सीजन में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली 6 टीमें शामिल होंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों के जरिए प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और हॉकी प्रतिभाओं को एक मंच मिलेगा। टॉप-4 टीमें खेलेंगी सेमीफाइनल प्रतियोगिता में सभी 6 टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। मुकाबलों के बाद अंक तालिका में शीर्ष 4 स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद दोनों सेमीफाइनल के विजेता फाइनल में आमने-सामने होंगे। लीग के सभी मैचों में अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया की ओर से की जाएगी। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का अनुभव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की पुरानी और मजबूत परंपरा रही है। प्रदेश में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें बड़े स्तर की प्रतिस्पर्धा और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने के ज्यादा अवसर की जरूरत है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी माहौल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लोगो में छत्तीसगढ़ का नक्शा, टैगलाइन 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबो' लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के नक्शे पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेश के लगातार आगे बढ़ने और प्रगति का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसका अर्थ है- 'चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।' शुभंकर 'बघवा', मनोरंजन कार्यक्रम भी होंगे लीग का आधिकारिक शुभंकर ‘बघवा’ है, जो बाघ पर आधारित है। इसे छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव विरासत के साथ साहस, शक्ति और निडरता का प्रतीक बताया गया है। टूर्नामेंट के दौरान हॉकी मैचों के साथ रोजाना विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
कटिहार में खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम:DS कॉलेज में युवा करेंगे प्रधानमंत्री से खेल पर बात
कटिहार के युवाओं को राष्ट्रीय खेल आंदोलन से जोड़ने के लिए 'खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात PM के साथ' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 27 अगस्त को डी.एस. कॉलेज, कटिहार में होगा। इसका आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, डी.एस. कॉलेज, कटिहार और मेरा युवा भारत (MY Bharat), कटिहार के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। कटिहार में जिला स्तरीय युवा कार्यक्रम यह राष्ट्रव्यापी युवा जुड़ाव कार्यक्रम भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग के तहत 'मेरा युवा भारत' और राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल और राष्ट्र-निर्माण की यात्रा के केंद्र में लाना है। यह राष्ट्रीय खेल दिवस की भावना के अनुरूप है, जो महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन खेल, फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराता है। 27 अगस्त को प्रधानमंत्री युवाओं से खेल पर सीधा संवाद करेंगे यह एक राष्ट्रीय स्तर का मंच है जो युवाओं को खिलाड़ियों, जन-प्रतिनिधियों और व्यापक खेल इकोसिस्टम से जोड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर यह विशेष कार्यक्रम 27 अगस्त को होना है, जहाँ प्रधानमंत्री युवाओं से खेल पर सीधा संवाद करेंगे। कटिहार में 27 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम इसी संवाद के पूर्व अभ्यास और युवा जागरूकता के लिए है। इसमें बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक और 'मेरा युवा भारत' के युवा शामिल होंगे।
केंद्र सरकार ने 2026-31 के लिए नई खेलो इंडिया योजना में 36,441 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पिछली योजना की तुलना में करीब 8 गुना अधिक है। सरकार का दावा है कि यह आजादी के बाद खेलों के क्षेत्र में किया गया सबसे बड़ा निवेश है। नई योजना से करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) क्षेत्रीय केंद्र भोपाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से नई खेलो इंडिया योजना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और SAI CRC भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक सिंह चौहान मौजूद रहे। अभिषेक सिंह चौहान ने बताया कि नई योजना का फोकस केवल बड़े स्टेडियम या खेल सुविधाएं तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसमें जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान से लेकर खिलाड़ी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए तैयार करने तक पूरी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है। MP में 52 खेलो इंडिया सेंटर होंगे और मजबूत मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 52 खेलो इंडिया सेंटर संचालित हैं। नई योजना के तहत इन सेंटरों को और सशक्त किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद खेल प्रतिभाओं की पहचान कर स्थानीय जरूरत और खेल की संभावनाओं के हिसाब से सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि भोपाल को प्रदेश के बड़े हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। भोपाल में पहले से कई खेल सुविधाएं हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। इन्हें बेहतर तरीके से जोड़कर हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम तैयार किया जाएगा। ग्रासरूट से हाई-परफॉर्मेंस सेंटर तक बनेगी सीधी कड़ी नई खेलो इंडिया योजना का एक बड़ा उद्देश्य जिला और ग्रामीण स्तर पर मिलने वाली प्रतिभाओं को हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग से जोड़ना है। शुरुआती स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान के बाद उन्हें आगे की ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से निकलने वाले खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट रास्ता तैयार होगा। यानी खिलाड़ी को स्कूल और जिला स्तर से लेकर खेलो इंडिया, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और आगे ओलिंपिक स्तर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग चरणों में सहायता मिल सकेगी। जिस इलाके में जिस खेल की ताकत, उसी हिसाब से बनेगी रणनीति इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन स्तर पर काम 1. स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी ओलिंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जरूरी खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन खेलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें भारत पदक जीतने की क्षमता रखता है। 2. स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटेजिक स्पोर्ट्स एसेट्स पहले से मौजूद महत्वपूर्ण खेल परिसरों और सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। केवल नई बिल्डिंग बनाने के बजाय मौजूदा खेल परिसंपत्तियों को बेहतर और उपयोगी बनाने पर भी ध्यान रहेगा। 3. स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट राज्यों को अपनी जरूरत और खेल प्राथमिकताओं के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार करने में ज्यादा भूमिका दी जाएगी। मध्यप्रदेश भी अपनी खेल क्षमता और जरूरत के हिसाब से योजना तैयार कर सकेगा। MP में पहले होगी इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग मध्यप्रदेश में ओलिंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल खेलों से जुड़े मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग की जा सकेगी। इसके बाद गैप एनालिसिस के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कहां सुविधाएं पर्याप्त हैं और कहां अपग्रेडेशन या नई सुविधा की जरूरत है। इससे पैसा उन जगहों पर खर्च करने में मदद मिलेगी जहां वास्तव में खेलों और खिलाड़ियों को इसकी जरूरत है। केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च स्टेट एक्शन प्लान के तहत खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के कॉस्ट शेयरिंग मॉडल पर काम करेंगे। हालांकि योजना का फोकस केवल स्टेडियम या बिल्डिंग बनाने तक नहीं रहेगा। फंडिंग को खिलाड़ियों को खेल से जोड़े रखने, उनकी ट्रेनिंग बेहतर करने, ग्रासरूट से एलीट स्तर तक पहुंचाने और प्रदर्शन में सुधार से भी जोड़ा जाएगा। स्कूल से ही होगी वैज्ञानिक तरीके से टैलेंट की पहचान सिर्फ कोचिंग नहीं, डाइट और पढ़ाई तक की मदद स्कूल से यूनिवर्सिटी और नेशनल स्तर तक ज्यादा प्रतियोगिताएं कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी किया जाएगा अपग्रेड फिट इंडिया से तैयार होगा मजबूत ग्रासरूट बेस AI और टेक्नोलॉजी से ट्रैक होगी खिलाड़ी की पूरी जर्नी MP के लिए क्या बदलेगा? नई योजना मध्यप्रदेश को अपने मौजूदा खेल ढांचे को मजबूत करने का बड़ा अवसर देती है। प्रदेश में पहले से मौजूद 52 खेलो इंडिया सेंटर, नए टैलेंट क्लस्टर, जरूरत के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, वैज्ञानिक टैलेंट पहचान और ज्यादा प्रतियोगिताओं को एक सिस्टम में जोड़कर खिलाड़ियों की मजबूत पाइपलाइन तैयार की जा सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिले या छोटे शहर में प्रतिभा की पहचान होने के बाद खिलाड़ी के लिए आगे बढ़ने के रास्ते स्पष्ट होंगे। खेल और शिक्षा को भी जोड़ा जाएगा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि नई योजना को खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। खेलों को शिक्षा, फिटनेस, टेक्नोलॉजी और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग से जोड़ा जाएगा। स्कूलों में ही खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इससे पढ़ाई के साथ खेलों को आगे बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। ग्रासरूट से ओलिंपिक तक बनेगा संरचित रास्ता मंत्री सारंग ने कहा कि नई योजना में प्रतिभा पहचान से लेकर वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और ओलिंपिक तैयारी तक सभी स्तरों को जोड़ने की कोशिश की गई है। खिलाड़ियों की यात्रा जमीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरू होकर खेलो इंडिया कार्यक्रम और आगे टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) तक पहुंचाने की दिशा में होगी। यानी प्रतिभा की पहचान और बड़े स्तर की ट्रेनिंग के बीच जो गैप कई बार खिलाड़ियों के सामने आता है, उसे कम करने का प्रयास किया जाएगा। 8 गुना बढ़ा खेल बजट, 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी होंगे लाभान्वित मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर से लेकर ओलिंपिक स्तर तक खिलाड़ियों की पूरी विकास श्रृंखला तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार खेलों के लिए बजट में करीब 8 गुना वृद्धि हुई है और नई योजना से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उनके मुताबिक खेल को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे युवा विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सार्थक प्रयास करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी मौजूद रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में SAI CRC भोपाल के कोच और खिलाड़ी भी मौजूद रहे। इनमें अजय रुहिल, सीनियर जूडो कोच; शालिनी विश्वकर्मा, सीनियर हॉकी कोच; संजीब लाहकर, कयाकिंग एवं कैनोइंग कोच; अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी रितिका और अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी शिवानी वर्मा शामिल थीं। मंत्री सारंग ने कहा कि नई योजना का मूल उद्देश्य यही है कि देश के किसी भी हिस्से में मौजूद प्रतिभाशाली बच्चे को उसकी क्षमता के मुताबिक प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलें और वह आगे चलकर देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सके।
Indian Hockey Team का शर्मनाक प्रदर्शन, World Cup Selection पर दिग्गजों ने उठाए गंभीर सवाल
विश्व कप में 51 साल बाद पदक जीतने का सपना लेकर गई भारतीय पुरूष हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहने के बाद पूर्व दिग्गजों ने युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं देने और उसी कोर ग्रुप के साथ लगातार खेलने पर सवाल उठाये हैं।अर्जेंटीना से 3 -5 से हारने के बाद भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें भी खत्म हो गई और इससे वे कमजोरियां भी उजागर हुई जो पेरिस ओलंपिक के बाद से लगातार चली आ रही थी। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धीमी शुरूआत, मौके गंवाने और डिफेंस में चूक से आगे यह समस्या और बड़ी है और इसका हल काफी पहले निकाला जाना चाहिये था।भारतीय टीम विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में मानसिक दृढता बढाने के लिये बूट कैंप में गई लेकिन टूर्नामेंट में दबाव का सामना नहीं कर सकी। ड्रैग फ्लिकर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर अधिक निर्भरता का खामियाजा भुगतना पड़ा जबकि वह पूरी तरह फिट नहीं थे। मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे सीनियर अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद संन्यास लेने वाले गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने जूनियर खिलाड़ियों को समय पर मौके नहीं दिये जाने का हवाला देते हुए से कहा ,‘‘सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद उनकी जगह कौन लेगा। क्या हमने दूसरी जमात तैयार की है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो ही साल बचे हैं और उससे पहले करीब तीस अंतरराष्ट्रीय मैच ही होंगे। क्या ओलंपिक के लिये इससे खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। नहीं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ विश्व कप की टीम में भी भी वही कोर खिलाड़ी हैं जबकि मनमीत सिंह, आमिर अली, रोशन कुजूर, तालेम प्रियब्रत, रोहित, अर्शदीप जैसे कई प्रतिभाशाली जूनियर इंतजार ही कर रहे हैं।’’ पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह ने कहा कि चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे।उन्होंने कहा ,‘‘ जूनियर खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलने चाहिये और चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे। तैयारी ओलंपिक से ओलंपिक की होनी चाहिये। कोचिंग स्टाफ ने अनुभव को ही तरजीह दी जो काम नहीं आया। भारत के पास यह सर्वश्रेष्ठ मौका था लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी। हर दस मिनट में डिफेंस चरमरा रहा था।’’ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता कप्तान रहे वासुदेवन भास्करन ने कहा ,‘‘ मैने पिछले चार साल में किसी भारतीय फॉरवर्ड को अच्छा खेलते नहीं देखा। बैक पास कहां थे, गोल पर कितने हमले किये और फुल प्रेस जाने के समय मिडफील्ड पूरा खाली छोड़ दिया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने नये खिलाड़ियों को मौके ही नहीं दिये। नीदरलैंड की पेरिस ओलंपिक टीम के छह स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी विश्व कप टीम में नहीं थे। हम हमदर्दी, पिछले रिकॉर्ड और आंकड़ों पर ही टीम चुन लेते हैं। कम से कम छह जूनियर खिलाड़ियों को प्रो लीग में आजमाना चाहिये था।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जूनियर विश्व कप कांस्य पदक विजेता कोच श्रीजेश से सलाह क्यो नहीं ली गई जबकि दूसरे देशों में जूनियर कोच सबसे अहम होते हैं जो सीनियर कोचों को राय देते हैं।वहीं एक और दिग्गज परगट सिंह का मानना है कि भारतीय हॉकी का आंतरिक ढांचा इतना कमजोर है कि प्रतिभायें निकलती ही नहीं है।उन्होंने कहा ,‘‘ अच्छी घरेलू स्पर्धायें नहीं होने से हमारे पास अच्छी बेंच स्ट्रेंथ नहीं है। यूरोप में कई डिविजन की लीग होती है जो हमारे यहां नहीं है। पहले बेटन कप, आगा खान कप, बांबे गोल्ड कप, मुरूगप्पा कप, नेहरू हॉकी से अच्छी प्रतिभायें निकलती थी। सारा ढांचा ही खराब कर दिया है। इसके अलावा नये खिलाड़ियों को मौका देना था तो दो साल पहले ही बदलाव की शुरूआत कर देनी चाहिये थी।’’ एक अन्य ओलंपियन ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर सफलता मिलने के बाद बड़े टूर्नामेंटों की नाकामी भूल जाते हैं जो चिंता का सबब है।उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई स्तर पर ही खुद का आकलन हो जाता है कि एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीत ली और एशिया कप जीत लिया तो हो गया। यूरोपीय टीमों के सामने टायं टायं फिस्स। यही कहानी चली आ रही है। प्रो लीग में नौ टीमों में आठवें नंबर पर रहते हैं।
पूर्व वर्ल्ड स्नूकर चैंपियन ग्रेम डॉट को बच्चों के यौन शोषण के दो मामलों में दोषी पाया गया है। 49 साल के डॉट के खिलाफ ग्लासगो हाई कोर्ट में पांच दिन तक सुनवाई चली। ज्यूरी ने उन्हें 1993 से 1996 के बीच एक लड़की और 2006 से 2010 के बीच एक लड़के के साथ किए गए यौन दुर्व्यवहार से जुड़े दोनों मामलों में दोषी माना। अदालत ने डॉट की सजा पर फैसला अगली सुनवाई में करने का आदेश दिया है। यह सुनवाई 29 सितंबर 2026 को एडिनबर्ग में होगी। तब तक डॉट हिरासत में रहेंगे। लड़की ने 1990 के दशक के दुर्व्यवहार के बारे में बताया सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि डॉट ने 1990 के दशक में एक स्कूली लड़की के साथ कई बार अनुचित व्यवहार किया। अब 40 की उम्र में पहुंच चुकी महिला ने आरोप लगाया कि डॉट ने उसे गलत तरीके से छुआ और उसे यौन गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की। महिला ने अदालत में बताया कि इन घटनाओं से वह डर गई और सदमे में थी। डॉट ने उसे एक टेडी बियर भी दिया था। पुलिस ने 2001 में इन आरोपों को लेकर डॉट से संपर्क किया था, लेकिन उस समय कोई चार्ज नहीं लगाया गया। दूसरे मामले में करीब 8 साल के लड़के के साथ दुर्व्यवहार दूसरे मामले में एक लड़के ने अदालत को बताया कि डॉट ने 2006 के बाद उसका यौन शोषण किया। उस समय उसकी उम्र करीब 8 साल थी। उसने अदालत में डॉट पर बाथरूम, कार और अन्य जगहों पर अनुचित तरीके से छूने और यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। उसने यह भी बताया कि डॉट उसे चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक और एक बार 50 पाउंड देकर 'इनाम' देता था। डॉट ने सभी आरोपों को झूठा बताया था डॉट ने सुनवाई के दौरान आरोपों को गलत बताया था और कहा था कि उन्होंने कभी किसी के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया। इसके बावजूद ज्यूरी ने दोनों मामलों में उन्हें दोषी माना। पुलिस स्कॉटलैंड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर गैरी स्मिली ने डॉट को 'खतरनाक व्यक्ति' बताया। 2006 में वर्ल्ड चैंपियन बने थे डॉट ग्रेम डॉट ने 2006 में वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप का खिताब जीता था। वह 2004 और 2010 में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे। स्नूकर संस्था ने हमेशा के लिए सदस्यता खत्म की दोषी पाए जाने के बाद वर्ल्ड प्रोफेशनल बिलियर्ड्स एंड स्नूकर एसोसिएशन (WPBSA) ने डॉट की सदस्यता तत्काल प्रभाव से स्थायी रूप से रद्द कर दी। संस्था ने उन्हें खेल से पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है और वर्ल्ड स्नूकर से उन्हें हॉल ऑफ फेम से हटाने का अनुरोध भी किया है। डॉट को अप्रैल 2025 में ही प्रोफेशनल स्नूकर की सभी गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया था। 2025-26 सीजन खत्म होने के बाद उन्हें प्रोफेशनल रैंकिंग से भी हटा दिया गया था। भारत में भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले खेलों में बच्चों के यौन शोषण के मामले भारत में भी सामने आए हैं। इनमें कई मामलों में कोच या ट्रेनर पर नाबालिग खिलाड़ियों के शोषण के आरोप लगे और कुछ मामलों में अदालत ने दोषी ठहराकर सजा भी सुनाई। 1. आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की सजा 2026 में हरियाणा की फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने राष्ट्रीय स्तर के आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को नाबालिग महिला तीरंदाज से यौन दुर्व्यवहार के मामले में 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत उन्हें दोषी माना और 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामला 2023 की एक प्रतियोगिता के दौरान का था। 2. केरल के क्रिकेट कोच मनु एम के खिलाफ कई मामले केरल के तिरुवनंतपुरम में क्रिकेट कोच मनु एम के खिलाफ नाबालिग खिलाड़ियों के यौन शोषण के कई मामले सामने आए। 2024 में एक पूर्व प्रशिक्षु के शिकायत करने के बाद अन्य लड़कियां भी सामने आईं और कुल 6 मामले दर्ज हुए। अदालत ने 2026 में कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया। एक मामले में उन्हें 10 साल की कठोर कैद और 66 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। दूसरे मामले में उन्हें 48 साल की कठोर कैद सुनाई गई, जबकि जून 2026 में चौथे मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी कुल सजा 127 साल तक पहुंच गई; प्रभावी तौर पर उन्हें 42 साल जेल में रहना होगा। 3. शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर नाबालिग खिलाड़ी का आरोप 2026 में शूटिंग कोच और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता अंकुश भारद्वाज के खिलाफ एक नाबालिग शूटर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई। 4. हॉकी ट्रेनिंग के दौरान नाबालिग खिलाड़ी से यौन दुर्व्यवहार का मामला BSF की 'प्रहरी बाल विकास योजना' के तहत हॉकी ट्रेनिंग ले रही 12 साल की नाबालिग खिलाड़ी से कथित यौन दुर्व्यवहार का मामला भी अदालत तक पहुंचा। 2021 की घटना में हॉकी कोच पर POCSO के तहत गंभीर यौन हमले का आरोप लगाया गया था। दुनिया में खेलों से जुड़े बड़े मामले 1. लैरी नासर, जिम्नास्टिक्स का सबसे बड़ा मामला अमेरिका में जिम्नास्टिक्स के पूर्व टीम डॉक्टर लैरी नासर का मामला दुनिया के सबसे चर्चित खेल यौन शोषण मामलों में शामिल है। नासर पर युवा महिला जिम्नास्टों के लंबे समय तक यौन शोषण के आरोप लगे थे। 2018 में उन्हें 40 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई। 2. बैरी बेनेल, ब्रिटिश फुटबॉल का बड़ा मामला ब्रिटेन में पूर्व फुटबॉल कोच और स्काउट बैरी बेनेल पर बच्चों के यौन शोषण के कई मामले सामने आए। वह मैनचेस्टर सिटी से भी जुड़े रहे थे। 2018 में उन्हें 50 मामलों में दोषी ठहराकर 30 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत में बताया गया कि उन्होंने 1979 से 1990 के बीच 8 से 15 साल की उम्र के 11 लड़कों का शोषण किया था। 3. जेरी सैंडस्की, अमेरिकी कॉलेज फुटबॉल अमेरिका में पेन स्टेट के पूर्व असिस्टेंट फुटबॉल कोच जेरी सैंडस्की को 2012 में बच्चों के यौन शोषण के 45 मामलों में दोषी पाया गया। मामले में 10 लड़कों के साथ करीब 15 साल तक दुर्व्यवहार के आरोप साबित हुए। उन्हें 30 से 60 साल की जेल की सजा सुनाई गई। भारत और दुनिया के मामलों में एक पैटर्न इन मामलों को साथ रखने पर एक बात साफ दिखाई देती है। कई मामलों में आरोपी कोच, डॉक्टर या ट्रेनर जैसे भरोसे और अधिकार वाले पदों पर थे। यानी खिलाड़ी और खासकर नाबालिग खिलाड़ी अक्सर ऐसे लोगों पर निर्भर होते हैं, जिनके पास उनके करियर, ट्रेनिंग या टीम में जगह को लेकर प्रभाव होता है। इसी वजह से खेल संस्थाओं में सेफगार्डिंग, शिकायत की स्वतंत्र व्यवस्था, बैकग्राउंड चेक और नाबालिग खिलाड़ियों के साथ कोच-खिलाड़ी संबंधों के स्पष्ट नियम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। POCSO एक्ट क्या है, बच्चों को यौन अपराधों से बचाने वाला कानून, शिकायत से लेकर सजा तक समझें ग्रेम डॉट मामले जैसे मामलों में नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों की चर्चा के साथ यह समझना भी जरूरी है कि भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कानूनी व्यवस्था है। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रंस फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस यानी POCSO 2012 में लागू किया गया था। यह 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी से सुरक्षा देता है। कानून में बच्चे के लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। खेल अकादमी में बच्चे की सुरक्षा, दाखिला लेने से पहले इन 5 बातों की जांच करें खेलों में बच्चे लंबे समय तक कोच, ट्रेनर, फिजियो और दूसरे सपोर्ट स्टाफ के संपर्क में रहते हैं। इसलिए किसी अकादमी में दाखिला कराने से पहले सिर्फ उसकी ट्रेनिंग और सुविधाएं देखना काफी नहीं है। बच्चों की सेफगार्डिंग पॉलिसी के बारे में जानकारी लेना भी जरूरी है।
नंगे पैर और बांस की स्टिक से शुरुआत, आज विश्व पटल पर चमकीं ओडिशा की बेटी सुनेलिता टोप्पो
ओडिशा के सुंदरगढ़ की सुनेलिता टोप्पो ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपनी पहचान बनाई है। नंगे पैर और बांस की स्टिक से शुरुआत कर, उन्होंने हाल ही में हॉकी विश्व कप में भारत के लिए गोल दागकर देश को गौरवान्वित किया।
हॉकी विश्व कप: भारतीय पुरुष और महिला टीम बाहर, पीआर श्रीजेश ने कहा- मुश्किल सवाल कौन पूछेगा?
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम हॉकी विश्व कप 2026 से बाहर हो गई है। दोनों ही टीमें दूसरे राउंड से बाहर हुईं।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से भारत के बाहर होने पर पीआर श्रीजेश भड़क उठे हैं। पूर्व दिग्गज गोलकीपर श्रीजेश ने जवाबदेही की मांग की है। भारत की पुरुष और महिला टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची।
Pratapgarh News: हॉकी के ट्रायल में 35 खिलाड़ी का चयनित
सोमवार को मीराभवन स्थित स्टेडियम में हुआ ट्रायल
Basti News: रामपुर छात्रावास में गनेशपुर के हॉकी खिलाड़ी का हुआ चयन
Hockey player from Ganeshpur selected in Rampur hostel
Pilibhit News: मेजर ध्यानचंद की जयंती पर कराई जाएगी हॉकी खिलाड़ियों की प्रतियोगिता
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला खेल कार्यालय की ओर से हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की हॉकी प्रतियोगिता कराई जाएगी।
हरदा जिले के 16 बालक हॉकी खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तहत चयनित सभी खिलाड़ी हरदा के सनराइज इंग्लिश मीडियम स्कूल से हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 23 से 28 अगस्त तक सिवनी जिले में आयोजित होगी। पहली बार बालक वर्ग में हरदा के 16 खिलाड़ी एक साथ राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। सभी खिलाड़ी एक ही स्कूल से ब्लॉक समन्वयक सलमा खान के अनुसार, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हरदा के सभी 16 खिलाड़ी सनराइज इंग्लिश मीडियम स्कूल के हैं। इतनी बड़ी संख्या में बालक खिलाड़ियों का एक साथ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना जिले के लिए गौरव की बात है। सिवनी के लिए रवाना हुई टीम चयनित खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए सिवनी रवाना हो गए हैं। टीम के साथ दल मैनेजर इमरान खान और हॉकी कोच संदीप सौदे भी गए हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ी हरदा जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। अधिकारियों और अभिभावकों ने बढ़ाया हौसला टीम के रवाना होने के दौरान जिले के अधिकारियों, स्कूल प्रबंधन, खेल प्रशिक्षकों, वरिष्ठ खिलाड़ियों और अभिभावकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। सभी ने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। जिले का नाम रोशन करने की उम्मीद इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी, जिला खेल अधिकारी विकास खराड़कर, जिला क्रीड़ा अधिकारी रामनिवास जाट, ब्लॉक समन्वयक सलमा खान, व्यायाम शिक्षक राजेश बिलिया और वरिष्ठ फुटबॉल खिलाड़ी सुनील वर्मा सहित अभिभावकों ने टीम को शुभकामनाएं दीं। सभी ने विश्वास जताया कि हरदा के खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे।
Agra News: हॉकी में भारत की हार ने दी पूर्व कप्तान को टीस
हॉकी वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के हाथों भारत की 3-1 से हार ने आगरा निवासी पूर्व कप्तान और ओलिंपियन जगबीर सिंह को निराश किया।
Jhansi News: एथलेटिक्स में ‘लंबी छलांग’ लगाने काे तैयार झांसी
झांसी। हॉकी के जादूगर दद्दा मेजर ध्यानचंद की नगर झांसी एथलेटिक्स में छोटे-छोटे कदमों से लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह 6.76 मीटर की छलांग लगाकर देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट बन चुकी हैं।
Varanasi News: राष्ट्रीय हॉकी में बरेका केवी के 22 और प्रयागराज केवी मनौरी के छह खिलाड़ी
22 players from Bareka KV and six from Prayagraj KV Manauri in national hockey.
Live: भारत-पाकिस्तान टक्कर को तैयार, थोड़ी देर में शुरू होगा मैच
Ind Vs Pak Hockey World Cup 2026 Live Score: भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए ही हॉकी वर्ल्ड कप का यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है. आज हारने वाली टीम के लिए आगे के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे.
स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल
भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.
हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना गलत
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर विवाद गलत नहीं। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि टीम की पहचान और खेल परंपरा से जुड़ी गंभीर चिंताओं का संकेत है। जर्सी के रंग बदलने का विरोध वाजिब है और…
'भगवा' जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दो फाड़, तिर्की ने पूछे कड़े सवाल
हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.
आगामी 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास की कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने जा रही है, जो 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। इस दौरान देश भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल या वाहनों के माध्यम से हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री धाम पहुंचकर पवित्र गंगाजल लाते हैं और अपने स्थानीय शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के सीमावर्ती जिलों की पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। तीर्थ मार्गों पर भारी-भरकम डीजे सेटअप, किसी भी तरह के हथियारों और मांसाहारी दुकानों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।यात्रा के दौरान क्या करें और क्या न करें?प्रशासन ने कांवड़ियों और शिविर आयोजकों की सुविधा व सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof) हमेशा साथ रखना अनिवार्य है। श्रद्धालुओं से केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित एवं सुरक्षित कांवड़ मार्ग का ही उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं, यात्रा के दौरान हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, लाठी-डंडे, तलवार या किसी भी प्रकार का हथियार ले जाना पूरी तरह वर्जित है। दोपहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज प्रेशर हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। मार्ग में लगे शिविर आयोजकों के लिए सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, ढाबों और होटलों में भोजन या पानी लेने से पहले तय रेट लिस्ट जरूर जांचने की सलाह दी गई है।डीजे और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर शहरों में तय नियमविभिन्न जिलों में कांवड़ और डीजे साउंड की सीमा तय कर दी गई है। बागपत पुलिस ने कांवड़ और डीजे सेटअप की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट तथा चौड़ाई 12 फीट तय की है। इसके साथ ही डीजे और साउंड सिस्टम का आवाज स्तर 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक में कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है और डीजे की आवाज तय मानकों के भीतर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास की सभी मीट-मांस की दुकानें यात्रा अवधि के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगी।मेरठ के NH-58 डायवर्जन से हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर भारी जामकांवड़ यात्रा के मद्देनजर 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच मेरठ के NH-58 पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके विकल्प के रूप में ट्रकों और भारी कॉमर्शियल वाहनों को हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के संकरे रास्ते से निकाला जा रहा है। इस नए डायवर्जन की वजह से हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति और भारी ट्रैफिक के कारण स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है।विभिन्न शहरों और हाईवे पर रूट डायवर्जन का पूरा प्लानमुजफ्फरनगर (NH-58): 29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि 4 अगस्त के बाद दोनों लेन केवल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।हरिद्वार: सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर की ओर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा।देहरादून-ऋषिकेश मार्ग: वाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू व लालजीवाला पार्किंग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।दिल्ली-एनसीआर सीमावर्ती जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस आपस में समन्वय बनाकर काम कर रही है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट देने के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं और अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की व्यवस्था की गई है।खान-पान की दुकानों और ढाबों के लिए सख्त गाइडलाइंसखाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने यात्रा मार्गों पर स्थित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स की सघन जांच शुरू कर दी है। अकेले हापुड़ जिले में लगभग 130 खान-पान प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। मुजफ्फरनगर में खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त अर्चना धीरन के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की छह टीमें बासी और मिलावटी खाने की जांच कर रही हैं। श्रद्धालुओं से ओवरचार्जिंग रोकने के लिए 21 आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम सरकारी स्तर पर तय किए गए हैं। सभी दुकानों पर प्रोपराइटर की जानकारी, लाइसेंस नंबर और फूड-सेफ्टी QR कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है। साथ ही खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों के लिए हैंड ग्लव्स पहनना अनिवार्य किया गया है।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

