एशियन चैंपियनशिप के लिए रेनोवेशन के नाम पर पहले से स्वीकृत बजट को घटाया
वारिस मलिक | जालंधर हॉकी इंडिया की तरफ से आयोजित की जाने वाली एशियन चैंपियनशिप ट्राफी को लेकर सूबे के दो प्रमुख हॉकी स्टेडियमों की रिपेयर और अपग्रेडेशन के लिए पहले स्वीकृत बजट में बड़ी कटौती कर दी गई है। पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल की तरफ से जारी संशोधित प्रशासनिक मंजूरी के अनुसार दोनों परियोजनाओं का कुल बजट 41.66 करोड़ रुपए से घटाकर 25.07 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी सरकार ने 16.59 करोड़ रुपए कम कर दिए। जालंधर के ओलिंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम का बजट 18.41 करोड़ से घटाकर 14 करोड़ रुपये कर दिया गया। वहीं, ओलिंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम मोहाली की परियोजना में स्टेडियम की रिपेयर और अपग्रेडेशन के लिए 21.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, इसे घटाकर 8.96 करोड़ रुपए कर दिया गया। संशोधित मंजूरी के अनुसार निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी द्वारा काम किया जा रहा है। काम 31 मार्च 2027 तक पूरी करनी होगी। पंजाब स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के पास इन दिनों कोई भी एग्जिक्यूटिव इंजीनियर नहीं है। नॉन टेक्निकल स्टाफ के ऊपर ही काम निर्भर है, जिसके कारण इन दिनों सभी डेवलपमेंट के कार्यों में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेल विभाग मुख्यमंत्री भगवंत मान के अंडर है ऐसे में उनके विभाग में होने वाले खेल के डेवलपमेंट कार्यों में बड़े स्तर पर कमियां देखने को मिल रही है। यह दोनों बड़े स्टेडियम में करोड़ों रुपए का ज्यादा बजट बनाना भी इसी का हिस्सा है इसके अलावा मोहाली में ट्रैक बिछाने पर भी कई तरह की खामियां देखने को मिल रही है। एशियन चैंपियनशिप पंजाब के लिए बड़ा ईवेंट है, जिसकी ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी ओलिंपियन बलबीर सिंह हॉकी स्टेडियम में होगी। इस स्टेडियम के लिए पहले 21 करोड़ रुपए रेनोवेशन के रखे थे, लेकिन पिछले महीनों मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में यह सवाल खड़ा हुआ कि 21 करोड़ से नया स्टेडियम तैयार हो सकता है तो रेनोवेशन पर कैसे 21 करोड़ का बजट रखा जा सकता है। इसके बाद दोबारा से दोनों स्टेडियम की रेनोवेशन को लेकर उच्च स्तरीय मीटिंग ने मुआयना किया जिसके बाद प्रस्ताव बदला गया है। सुरजीत हॉकी स्टेडियम जालंधर का बजट 18.41 करोड़ से घटाकर 14 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें 4.41 करोड़ की कटौती हुई है। इसके विपरीत, बलबीर सिंह स्टेडियम मोहाली का बजट 21.14 करोड़ से घटा कर 8.96 करोड़ रुपये किया गया है, यानी इसमें 12.18 करोड़ रुपए कम हुआ है। फर्निशिंग व एस्टेब्लिशमेंट लैब के 2.10 करोड़ रुपये के बजट में कोई बदलाव नहीं है। कुल बजट 41.66 करोड़ था जो अब 25.07 करोड़ रुपये हो गया है। जिसमें अब 16.59 करोड़ रुपये की कटौती की गई है।
भिलाई के खुर्सीपार इलाके में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को रोककर उनसे मारपीट करने, गाली-गलौज करने और शराब पीने के लिए पैसे मांगने वाले 2 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि दो नाबालिग लड़कों को अभिरक्षा में लिया गया है। उनके पास से दो बाइक और एक लकड़ी का हॉकी स्टिक भी जब्त हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पूरा मामला थाना खुर्सीपार क्षेत्र का है। 13 जुलाई की रात करीब 8:40 बजे खुर्सीपार निवासी मोहम्मद शब्बीर ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इलाके के कुछ युवक स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को रास्ते में रोकते हैं। उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। इसके बाद शराब पीने के लिए पैसों की मांग करते हैं। अगर कोई छात्र पैसे देने से मना करता है तो उसे डराया-धमकाया जाता है और उसके साथ मारपीट की जाती है। पुलिस ने जांच शुरू की तो पकड़े गए आरोपी शिकायत मिलने के बाद खुर्सीपार थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने अगले ही दिन स्कूल समय में घटना स्थल और आसपास के इलाके में जांच की। इस दौरान शिकायतकर्ता और पीड़ित छात्रों से आरोपियों की पहचान कराई गई। जांच के दौरान युवराज साहू और शेखर गुप्ता की पहचान सामने आई। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय युवराज साहू निवासी डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर, खुर्सीपार और 21 वर्षीय शेखर गुप्ता निवासी एचसीएल कॉलोनी, तेलहा नाला के पास, नंबर-04, खुर्सीपार के रूप में हुई है। दो नाबालिग भी शामिल थे कृत्य में इसके बाद 14 जुलाई को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल दो नाबालिग लड़कों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को सुनसान जगह पर रोकते थे। वहां उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर शराब पीने के लिए पैसे मांगते थे। जो छात्र विरोध करता था या पैसे देने से मना करता था, उसे धमकाकर डराने की कोशिश की जाती थी। इस वजह से कई छात्र डरे हुए थे और स्कूल आने-जाने में भी डर महसूस कर रहे थे। मोटरसाइकिल और हॉकी स्टिक को किया जब्त यह घटना मदनी मस्जिद के पास, मदरसा जोन-02, खुर्सीपार क्षेत्र की है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो बाइक और एक लकड़ी का हॉकी स्टिक भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल छात्रों को डराने के लिए किए जाने की आशंका है।
हॉकी इंडिया ने ओमान के मस्कट में आयोजित होने वाली यूथ हॉकी 5ए-साइड एशियन चैंपियनशिप 2026 के लिए 10-10 सदस्यीय भारतीय महिला और पुरुष टीम की घोषणा कर दी है। इनमें झारखंड के छह खिलाड़ियों को जगह मिली है।महिला टीम में राज्य की पांच खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जबकि पुरुष टीम में एक खिलाड़ी को मौका मिला है। भारतीय महिला टीम में झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी, नीलम टोपनो और खिल्ली कुमारी का चयन किया गया है। वहीं आशीष तनी पूर्ति को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। महिला टीम का चयन मध्य प्रदेश के भोपाल में 4 से 18 जुलाई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। वहीं पुरुष टीम का चयन चंडीगढ़ में चल रहे राष्ट्रीय शिविर से किया गया। यूथ हॉकी 5ए-साइड एशियन चैंपियनशिप का आयोजन 20 से 25 जुलाई तक होगा। हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में झारखंड के छह खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि राज्य में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और हॉकी झारखंड द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयास सफल हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और राज्य का नाम रोशन करेंगे। बुलंदियों पर है झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी महिला हॉकी में झारखंड की यह पहली सफलता नहीं है। हाल ही में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के यूनाइटेड किंगडम एक्सपोजर दौरे के लिए भी झारखंड की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में भी राज्य की चार खिलाड़ी हैं। इस तरह वर्तमान में सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीमों में झारखंड की कुल 13 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जो राज्य की हॉकी परंपरा और प्रतिभा का बड़ा प्रमाण है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया मैनेजमेंट को भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है। लाकड़ा ने झारखंड के एक कोच पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके साथ ही लाकड़ा का आरोप है कि उन्हें फेडरेशन के सचिव ने डराया-धमकाया। मंत्रालय ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की से कहा है कि वे पूर्व भारतीय कप्तान के भेजे ई-मेल पर ध्यान दें और उसे फेडरेशन की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के सामने रखें। निर्देश में कहा गया है, अनुरोध है कि असुंता लाकड़ा के ई-मेल में उठाए गए मुद्दों को 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013' के प्रावधानों के तहत हॉकी इंडिया की तरफ से गठित इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के सामने विचार और उचित कार्रवाई के लिए रखा जाए। इसके नतीजे की जानकारी मंत्रालय को दी जाए। ऐसा लगता है कि मंत्रालय ने गेंद हॉकी इंडिया के पाले में डाल दी है क्योंकि असुंता लाकड़ा ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से झारखंड के कोच सुधीर गोला के खिलाफ एक स्वतंत्र जांच शुरू करने का आग्रह किया था। उन्होंने डराने-धमकाने और शिकायत करने वालों के साथ सूचना प्रदाता (व्हिसलब्लोअर) के खिलाफ बदले की कार्रवाई के आरोपों की भी जांच की मांग की थी, खासकर उन मामलों में जहां प्रशासकों ने शिकायत का सामना कर रहे लोगों को बढ़ावा दिया, बचाया या सुरक्षित रखा। असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया है कि राज्य एसोसिएशन ने एक कोच के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया और इसके बजाय उन लोगों को धमकाया, जिन्होंने महिला खिलाड़ियों की भलाई के बारे में चिंता जताई थी। पूर्व भारतीय स्टार का दावा है कि कथित गलत व्यवहार लंबे समय तक जारी रहने के बावजूद खिलाड़ी सामने आने से डरते थे। लाकड़ा ने कोच की पहचान सुधीर गोला के रूप में की। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया था और वे पिछले एक-दो साल से टीम को संभाल रहे थे। उस दौरान उनके पति साथ में ही काम करते थे। लाकड़ा ने बताया, इन आरोपों का सामना करने वाले व्यक्ति सुधीर गोला हैं, जो तेलंगाना के रहने वाले हैं। सरकार ने उन्हें झारखंड में ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया था। वह पिछले एक-दो साल से टीम को संभाल रहे थे। मैं और मेरे पति भी उनके साथ काम कर रहे थे। पहले भी कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर यकीन नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर विवाद थे और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें पता नहीं था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है। लाकड़ा ने कहा कि सच्चाई एक आंतरिक जांच के बाद ही सामने आने लगी। कुछ खिलाड़ियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, जबकि अन्य डर के कारण चुप रहे। उन्होंने कहा, जब आंतरिक समिति ने खिलाड़ियों से पूछताछ शुरू की, तो कुछ बोले और कुछ चुप रहे। कई खिलाड़ियों को गलत व्यवहार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे सामने आने को तैयार नहीं थे। जब एक-दो खिलाड़ियों ने आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, तो यह स्पष्ट हो गया कि आरोप सच थे। लाकड़ा ने बताया, इन आरोपों का सामना करने वाले व्यक्ति सुधीर गोला हैं, जो तेलंगाना के रहने वाले हैं। सरकार ने उन्हें झारखंड में ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया था। वह पिछले एक-दो साल से टीम को संभाल रहे थे। मैं और मेरे पति भी उनके साथ काम कर रहे थे। पहले भी कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर यकीन नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर विवाद थे और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें पता नहीं था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है। Also Read: LIVE Cricket Score झारखंड के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई लिखित शिकायतों में लाकड़ा ने आरोप लगाया कि कथित कदाचार के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे को उठाने वालों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। Article Source: IANS
मध्यप्रदेश की हॉकी प्रतिभा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना जलवा दिखाने जा रही है। मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी के चार खिलाड़ियों का चयन भारतीय टीम में यूथ हॉकी एशियन चैंपियनशिप-2026 के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता 20 से 25 जुलाई तक ओमान के मस्कट में आयोजित होगी। पुरुष वर्ग में गोलकीपर आयुष रजक और करण गौतम, जबकि महिला वर्ग में गोलकीपर महक परिहार और फॉरवर्ड नौशीन नाज़ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। चार खिलाड़ियों का एक साथ भारतीय टीम में चयन प्रदेश की हॉकी अकादमी की मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था और लगातार तैयार हो रही प्रतिभाओं का प्रमाण माना जा रहा है। खास बात यह है कि पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में मध्यप्रदेश की बराबर भागीदारी रही है। इन चारों खिलाड़ियों ने हाल ही में जापान के काकामिगाहारा में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। आयुष रजक और करण गौतम भारतीय पुरुष टीम का हिस्सा रहे, जिसने फाइनल जीतकर एशियाई खिताब अपने नाम किया। वहीं महक परिहार और नौशीन नाज़ ने भारतीय महिला टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। महिला टीम की स्टार फॉरवर्ड नौशीन नाज़ पूरे टूर्नामेंट में 12 गोल दागकर सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बनी थीं। अब वे हॉकी-5s के तेज और चुनौतीपूर्ण प्रारूप में भी भारत की बड़ी उम्मीदों में शामिल होंगी। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने चारों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां लगातार ऐसे खिलाड़ी तैयार कर रही हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मस्कट में होने वाली प्रतियोगिता में भी प्रदेश के खिलाड़ी भारत को पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हॉकी इंडिया ने यूथ हॉकी 5-एस एशियन चैंपियनशिप के लिए किया टीमों का ऐलान
नई दिल्ली, पहली यूथ हॉकी 5-एस एशियन चैंपियनशिप का आयोजन ओमान की राजधानी मस्कट में 20 से 25 जुलाई के बीच होगा।
राजधानी के नाथू बरखेड़ा में करीब 140 एकड़ में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मेजबानी के लिए लगभग तैयार है। इसका इंटरनेशनल डेब्यू यहां बने हॉकी स्टेडियम में अक्टूबर-नवंबर में होने जा रही वुमन एशियन हॉकी चैंपियनशिप से होगा। इसमें छह देशों की टीमें भाग लेंगी। 3500 दर्शक क्षमता वाले हॉकी स्टेडियम की लागत 100 करोड़ है। पूरा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स तीन चरण में बन रहा है। हॉकी इंडिया के अफसरों ने दी मेजबानी की मंजूरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का पहला चरण लगभग पूरा है, दूसरे का 75% काम हो चुका है। तीसरा चरण अभी शुरू होना है। पहले और दूसरे चरण की लागत करीब 800 करोड़ है। एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड की टीमें मुकाबला करेंगी। हाल ही में हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने स्टेडियम का निरीक्षण कर मेजबानी के लिए हरी झंडी दे दी। इस प्रतियोगिता से भोपाल की पहचान अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के शहर के रूप में मजबूत होगी। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। –विश्वास सारंग, खेल मंत्री, मप्र इसलिए हुआ चयन स्टेडियम में इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के मानकों के अनुरूप सिंथेटिक टर्फ, वार्मअप व प्रैक्टिस ग्राउंड, आधुनिक फ्लडलाइट, वीडियो विश्लेषण व तकनीकी संचालन कक्ष, मेडिकल-फिजियोथेरेपी रूम, आधुनिक चेंजिंग रूम, मीडिया एवं कमेंट्री बॉक्स, वीआईपी लाउंज, पार्किंग जैसी तमाम सुविधाएं हैं।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

