विमेंस सब-जूनियर हॉकी: दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तराखंड ने पहले दिन जीते अपने मुकाबले
16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर विमेंस नेशनल चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन दिल्ली, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, चंडीगढ़, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की
Raj Angad Bawa: आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के विरुद्ध अपने पहले मैच के लिए, मुंबई इंडियंस ने 'इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट्स' (Impact Subs) के तौर जो नाम दिए थे वे सूर्यकुमार यादव, कॉर्बिन बॉश, रॉबिन मिन्ज़, राज बावा और अश्विनी कुमार के थे। ये राज बावा कौन है? राज अंगद बावा, चंडीगढ़ का एक युवा क्रिकेटर, जो 'सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर' है (खब्बू बल्लेबाज और दाएं हाथ से मीडियम-फास्ट गेंदबाजी)। भारत की 2022 आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप जीत के स्टार में से एक थे : युगांडा के विरुद्ध 162* रन (इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर) जो अंडर 19 वर्ल्ड कप में किसी भी भारतीय का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी थे (और 2004 में शिखर धवन के 155 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा)। इसके बाद, फाइनल में इंग्लैंड के विरुद्ध 5/31 का ऐतिहासिक और मैच जीतने वाला प्रदर्शन जो अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में किसी भी गेंदबाज का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। इसके बाद राज को अपना आईपीएल सफर शुरू करने में ज्यादा देर नहीं लगी और पंजाब किंग्स ने 2022 के ऑक्शन में कड़े मुकाबले के बाद 2 करोड़ रुपये में उसे अपनी टीम में शामिल कर लिया। ये बात अलग है कि पंजाब किंग्स के साथ न तो ज्यादा मौके मिले (2022 सीज़न के 2 मैच में सिर्फ 11 रन बनाए और उसे गेंदबाज के तौर तो पर इस्तेमाल ही नहीं किया) और उस पर ख़राब फिटनेस जिसका नतीजा ये रहा कि 2024 के ऑक्शन से पहले उसे टीम से रिलीज़ कर दिया। 2025 के 'मेगा ऑक्शन' से पहले, मुंबई इंडियंस ने राज को 30 लाख रुपये में खरीद लिया। यहां भी सिर्फ 3 मैच खेले (सिर्फ एक में बल्लेबाजी जिसमें 8* बनाए और गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल ही नहीं किया), तब भी टीम ने इस खब्बू बल्लेबाज पर अपना भरोसा बनाए रखा और आईपीएल 2026 के लिए रिटेन कर लिया। इस तरह उसे एक और मौका मिला है कुछ बेहतरीन टी20 क्रिकेटरों के साथ ड्रेसिंग रूम में समय बिताने और अपने खेल को और निखारने के लिए कुछ नया सीखने का। राज अंगद बावा का एक परिचय और भी है जो उनके गौरवशाली पारिवारिक इतिहास से जुड़ा है। वह ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता त्रिलोचन सिंह बावा (Trilochan Singh Bawa) के पोते (grandson) हैं। आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप और फिर आईपीएल में खेलने के साथ, राज ने इस गौरवशाली विरासत में एक नया चेप्टर जोड़ दिया है। उनके दादाजी की ओलंपिक में हासिल उपलब्धि ने जहां प्रेरणा दी, वहीं खेलों में शानदार योगदान की पारिवारिक परंपरा को भी राज ने आगे बढ़ाया। त्रिलोचन सिंह बावा उस भारतीय हॉकी टीम में थे जिसने 1948 के लंदन ओलंपिक में गोल्ड जीता था। यही नहीं, राज के पिता, सुखविंदर सिंह बावा, उन कुछ कोच में से एक थे जिन्होंने युवराज सिंह को कोचिंग दी। अक्सर उन्हें ही युवराज को पेसर के बजाय स्पिन गेंदबाजी की सलाह का श्रेय भी दिया जाता है। इस तरह, इस परिवार ने खेलों में बेहतर प्रदर्शन के जुनून को हमेशा बढ़ावा दिया। वैसे राज अपने ओलंपियन दादाजी के साथ ज्यादा रह नहीं पाए और जब 5 साल के थे तभी उनका निधन हो गया था। इसीलिए हर किसी को राज बावा से बहुत उम्मीदें हैं। त्रिलोचन सिंह बावा: लंदन 1948 ओलंपिक हॉकी फ़ाइनल में, भारत ने इंग्लैंड को 4-0 से हराकर गोल्ड जीता तो एक गोल उन्होंने भी किया था (इस ओलंपिक में उनका दूसरा गोल)। 1948 का ये हॉकी गोल्ड भारतीय खेलों की गौरवशाली शुरुआत माना जाता है, क्योंकि आजादी के बाद भारत को मिला ये पहला गोल्ड था। सुखविंदर बावा: वे एक जाने-माने क्रिकेट कोच थे, युवराज सिंह और वीआर सिंह जैसे इंटरनेशनल खिलाड़ियों को कोच किया। अपनी जवानी में हॉकी और क्रिकेट दोनों खेलते थे लेकिन 20 साल की उम्र के आस-पास रीढ़ की हड्डी में ऐसी चोट लगी कि अपना पूरा ध्यान सिर्फ कोचिंग पर ही लगाना पड़ा। राज बावा: आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2022 में भारत को रिकॉर्ड पांचवीं बार जीत दिलाने में ख़ास भूमिका निभाई। जन्म नाहन (हिमाचल प्रदेश) में लेकिन बड़े हुए चंडीगढ़ में। बचपन से ही अपनी दादी और पिता से, अपने दादाजी के बारे में बाते सुनते आए हैं और ये हमेशा के लिए उनके ज़हन में बसी हुई हैं। राज बावा याद करते हुए कहते हैं, 'जब भी मैं उस गोल्ड मेडल को देखता हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं बस अंदाजा ही लगा सकता हूं कि उस ज़माने में इसे जीतना कितनी बड़ी बात रही होगी।' ये मेडल हमेशा राज बावा को अपने परिवार की खेल विरासत को आगे बढ़ाने का जोश देता है। राज ने शुरुआत सुखविंदर की कोचिंग एकेडमी से की। वहां युवराज सिंह भी ट्रेनिंग करते थे और जल्दी ही राज के आयडल बन गए। ऐसा माना जाता है कि युवराज को देखकर ही राज ने बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना शुरू किया था। 2022 अंडर 19 वर्ल्ड कप, राज बावा के लिए एकदम कामयाबी लाया (6 मैच में 252 रन और 9 विकेट)। वह रणजी ट्रॉफी भी खेलते हैं। राज बावा को अहसास है कि अभी लंबा सफर तय करना है। ढेरों ऐसे खिलाड़ी है जो अपनी अंडर 19 क्रिकेट की कामयाबी को और आगे नहीं ले जा पाए लेकिन राज की रगों में एक ओलंपिक चैंपियन का खून है और इसलिए हर कोई उनकी कामयाबी की तो उम्मीद कर ही रहा है। वैसे आपको बता दें कि भारत के इंटरनेशनल क्रिकेटर रीतिंदर सिंह सोढ़ी (18 वनडे) राज के चचेरे भाई हैं। वे भी 2000 अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की श्रीलंका पर जीत के हीरो और 'मैन ऑफ द मैच' रहे थे। Also Read: LIVE Cricket Score चरनपाल सिंह सोबती
बेटियों के लिए 8 साल बाद हॉकी, बॉक्सिंग और एथलेिटक्स के स्पोर्ट्स विंग शुरू होंगे
वारिस मलिक | जालंधर खेल सिटी जालंधर में 8 साल के लंबे इंतजार के बाद लड़कियों के लिए रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स विंग दोबारा शुरू होने जा रहा है। पंजाब खेल विभाग की पहल पर खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और हॉकी के विंग शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी बराबरी का मौका मिलेगा। इस पहल के तहत कुल 90 से 100 खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा, जिनमें करीब 50 लड़कियां होंगी। जालंधर में लंबे समय बाद लड़कियों के लिए रेजिडेंशियल सुविधा मिलने जा रही है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उनकी डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया है। विभाग ने खिलाड़ियों की डाइट राशि 250 रुपए से बढ़ाकर 480 रुपए प्रतिदिन कर दी है। इससे खिलाड़ियों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और उनकी फिटनेस में सुधार होगा। पंजाब खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुखचैन सिंह और शाश्वत राजदान ने बताया कि प्रोजेक्ट की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसी महीने स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जल्द ही खिलाड़ियों के एडमिशन शुरू कर दिए जाएंगे। यह पहल न केवल जालंधर बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। इससे प्रदेश की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। वह दिन दूर नहीं जब इस सेंटर के खिलाड़ी ओलिंपिक का सफर तय करेंगे।
प्रदेश में आज (1 अप्रैल) से स्कूलों का नया सेशन शुरू हो चुका है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस बार कैलेंडर में छुट्टियों और एग्जाम समेत कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नए कैलेंडर के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव सर्दी और गर्मी की छुट्टियों को लेकर किया गया है। स्कूलों में जयंती विशेष या स्पेशल डे पर होने वाले इवेंट जो चौथे पीरियड के बाद यानी हाफ डे में होते थे, वे अब प्रार्थना सभा या फर्स्ट पीरियड तक ही होंगे। बाकी पूरे दिन क्लास लगेगी। नवंबर में केवल 14 दिन ही स्कूल खुलेंगे। वहीं ईयरली एग्जाम मार्च में पूरे करवा कर 25 मार्च तक रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। इस बार के सत्र में पूरे साल 121 दिन की छुट्टियां रहेंगी। इसमें 52 रविवार हैं। जबकि 69 अन्य अवकाश, जिसमें सरकारी छुट्टियां भी शामिल हैं। 244 दिन स्कूल खुलेंगे। जुलाई में सबसे ज्यादा 27 दिन स्कूल चलेंगे। जून में सबसे कम 7 दिन ही स्कूल खुलेंगे। पिछले सेशन में 236 वर्किंग डे थे। 129 दिन छुट्टी थी। इस बार 8 सार्वजनिक छुट्टी कम कर दी गई है। गर्मी की छुटि्टयों के बाद 22 जून को खुलेंगे स्कूल गर्मी की छुटि्टयां 17 मई से शुरू होंगी, जो 20 जून तक हैं। 21 जून का रविवार है। ऐसे में स्कूल 22 जून से खुलेंगे। पहले स्कूल 1 जुलाई को खुलते थे। प्रिंसिपल पावर की छुट्टी को लेकर भी बदलाव किया गया है। पहले प्रिंसिपल को अपने स्तर पर दो छुट्टी करने का अधिकार था, उसे अब घटाकर एक दिन का ही कर दिया है। इधर, दीपावली की छुट्टियां 11 दिन की कर दी गई हैं। ये 4 से 15 नवंबर तक रहेंगी। सर्दी की छुटि्टयां 1 से 10 जनवरी 2026 तक होंगी। इस सत्र में डिजिटल एजुकेशन पर सबसे ज्यादा फोकस इस बार डिजिटल एजुकेशन पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। इसके तहत स्कूलों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही नो बैग डे, बालसभा और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग नियमित तौर पर होगी। सितंबर में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके साथ ही स्टूडेंट की हेल्थ को लेकर हर महीने ‘शक्ति दिवस’ के तहत आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी। अब पढ़ें हर महीने का कैलेंडर, कब क्या होगा और कितनी छुट्टी रहेंगी… अप्रैल में 23 दिन स्कूल खुलेंगे एग्जाम: 8 से 10 अप्रैल तक सप्लीमेंट्री एग्जाम होंगे। 15 अप्रैल तक रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। स्पेशल डे: विश्व स्वास्थ्य दिवस। मई में शुरू होंगी गर्मी की छुटि्टयां 17 मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू होंगी। 28 मई को वीर सावरकर जयंती और ईद का अवकाश है। लेकिन समर वेकेशन के चलते ये इनमें ही शामिल हैं। एग्जाम: 13 मई से स्कूलों में फर्स्ट टेस्ट शुरू हो जाएंगे। ये 15 मई तक चलेंगे। स्पेशल डे: 7 मई को रविंद्र नाथ टैगोर जयंती। मई में 14 दिन स्कूल चलेंगे। जून में खुलेंगे स्कूल अवकाश: 1 जून से 20 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। 21 जून को रविवार है। 22 जून को दोबारा स्कूल खुलेंगे। 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती का अवकाश है, लेकिन ये भी छुटि्टयों में निकल जाएगा। 26 जून को मोहर्रम का अवकाश रहेगा। जून में महज सात दिन स्कूल खुलेंगे। जुलाई में एक भी अवकाश नहीं जुलाई में रविवार के अलावा कोई दूसरी छुट्टी नहीं रहेगी। क्लास नौवीं से 12वीं तक के एडमिशन 11 जुलाई तक ही हो पाएंगे। अगस्त में होंगे सेकंड टेस्ट एग्जाम: 17 से 19 अगस्त तक सेकंड टेस्ट होंगे। स्पेशल डे: 29 अगस्त को खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद जयंती) स्पाेर्ट: 20-21 अगस्त को जिला स्तरीय और 27 से 29 अगस्त को राज्य स्तरीय सब जूनियर नेहरू हॉकी प्रतियोगिता। फॉर्म: अगस्त में ही माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षाओं के फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। सितंबर में जन्माष्टमी और श्रीरामदेव जयंती की छुट्टी (नोट: 20 सितंंबर को रविवार है। ऐसे में रविवार और सोमवार की लगातार दो दिन छुट्टी मिलेगी।) शिक्षक सम्मेलन: सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीचर्स के शिक्षक सम्मेलन 18 और 19 सितंबर को है। ऐसे में इन दो दिनों में सरकारी स्कूलों में अवकाश है। 20 को रविवार, 21 को सार्वजनिक अवकाश के कारण सरकारी स्कूल 17 के बाद सीधे 22 सितंबर को खुलेंगे। स्पेशल डे: 8 सितंबर को टीचर्स डे और विश्व साक्षरता दिवस। अक्टूबर में बदलेगा स्कूलों का समय समय बदलेगा: अक्टूबर में प्रदेश के स्कूलों का समय भी बदलेगा। एक पारी वाले स्कूलों का समय सुबह 10 से दोपहर 4 बजे तक रहेगा। दो पारी वाले स्कूल सुबह 7:30 से 5:30 बजे तक चलेंगे। इनमें प्रत्येक पारी पांच घंटे की होगी। एग्जाम: 15 से 29 अक्टूबर तक हाफ ईयरली एग्जाम होंगे। स्पेशल डे: : 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्यतिथि। नवंबर में दीपावली की छुट्टियां चार से 15 नवंबर तक दीपावली की छुट्टियां रहेंगी। 8 को दीपावली, 9 को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज की छुट्टी है। नवंबर में महज 14 दिन स्कूल खुलेंगे। छुट्टी: 24 नवंबर को गुरुनानक जयंती पर अवकाश रहेगा। 27 और 28 नवंबर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन होंगे। सरकारी स्कूलों में अवकाश रहेगा, जबकि प्राइवेट स्कूल खुले रहेंगे। 29 नवंबर को रविवार है यानी तीन दिन लगातार अवकाश। इवेंट: 18 से 21 नवंबर तक राज्य स्तरीय विज्ञान मेला होगा। स्पेशल डे: 21 नवंबर को कालीदास दिवस है। इसी दिन स्कूलों में पीटीएम भी होगी। दिसंबर में नहीं होगी सर्दियों की छुट्टी इस बार भी सरकार ने 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश घोषित नहीं किए हैं। दिसंबर में 25 दिन स्कूल चलेंगे। इस महीने रविवार के अलावा 25 दिसंबर की क्रिसमस की छुट्टी रहेगी। एग्जाम: 17 से 19 दिसंबर यानी तीन दिन तक थर्ड टेस्ट होंगे। स्पेशल डे: 26 दिसंबर को स्कूलों में वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। जनवरी में सर्दी की छुटि्टयां एक जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां होंगी। हालांकि इससे पहले 31 दिसंबर को रविवार है। विंटर वेकेशन 10 जनवरी तक चलेंगे। इन वेकेशन के चलते 14 दिन ही स्कूल खुले रहेंगे। 15 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जयंती का अवकाश है। हालांकि कैलेंडर में इसको मेंशन नहीं किया गया है। इवेंट: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवकाश रहेगा। हालांकि सुबह स्कूल में आयोजन होंगे। स्पेशल डे: 30 जनवरी को शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखा जाएगा। फरवरी में केवल एक छुट्टी फरवरी सबसे छोटा महीना है, लेकिन स्कूल 23 दिन संचालित होंगे। रविवार के अवकाश के अलावा एक छुट्टी 13 जनवरी को देवनारायण जयंती की है। एग्जाम: फरवरी में बोर्ड के एग्जाम प्रस्तावित हैं। मार्च में होंगे फाइनल एग्जाम एग्जाम: 8 से 20 मार्च तक स्कूलों में फाइनल एग्जाम होंगे। रिजल्ट: 25 मार्च को स्कूलों में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
महिला हॉकी चैंपियनशिप का आज से रांची में आगाज
राजधानी के मोराबादी स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में बुधवार से 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का आगाज हो रहा है। 1 से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के लिए खेल विभाग और खेल प्राधिकरण ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टूर्नामेंट के मैच बुधवार सुबह से ही शुरू हो जाएंगे, लेकिन इसका औपचारिक उद्घाटन शाम 4:30 बजे होगा। खेल सचिव मुकेश कुमार और खेल निदेशक आशिफ एकराम खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। इस नेशनल चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों की सर्वश्रेष्ठ सब जूनियर टीमें खिताब के लिए दम खम दिखाएंगी।
बिहार में हॉकी का महाकुंभ लगेगा। 1 से 12 अप्रैल तक राजगीर खेल अकेडमी में 16वीं सब जूनियर मेन नेशनल चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होंगे। इस बात की जानकारी बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने दी। बिहार पुरुष टीम का पहला मुकाबला 1 अप्रैल को शाम 4 बजे छत्तीसगढ़ टीम के साथ खेला जाएगा। 30 मार्च को राजगीर में हुआ था सिलेक्शन ट्रायल उन्होंने बताया कि 16वीं सब जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 राजगीर में और 16वीं सब जूनियर वुमेन नेशनल चैम्पियनशिप 2026 रांची में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाली बिहार हॉकी टीम के खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी इस बार बिहार राज्य खेल प्राधिकरण को मिली है। 30 मार्च को राजगीर खेल अकादमी में बिहार टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल किया गया। बालक-बालिका दोनों टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन कर लिया गया। बिहार पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों के नाम सावन कुमार, विवेक विश्वकर्मा (गोलकीपर), अभय शाह, अमृतांशु पांडेय, विक्रम कुमार, सुमित कुमार, सूरज कुमार, सोनू अंसारी (डिफेंडर), सत्यम पांडे, अमीरचंद कुमार, योगेश कुमार, अजय कुशवाहा (मिड-फील्डर), छोटू कुमार, श्लोक वर्मा, आलोक कुमार सिंह, अर्पित यादव, रॉबिन्स राठौर, सुमन कुमार (फॉरवर्ड)। बिहार महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों के नाम सुनंदा कुमारी, आनंदी कुमारी (गोलकीपर), श्वेता कुमारी, शिवानी कुमारी, समीक्षा कुमारी, रूपम कुमारी, ऋतिका सिंह (डिफेंडर), सोनम यादव, मालती हांसदा, रागिनी कुमारी, अंजलि कुमारी, मनीषा कुमारी (मिड-फील्डर), सिद्धि विनायक, स्वीटी रॉय, पिंकी कुमारी, कृतिका कुमारी, रितम कुमारी, सीता कुमारी (फॉरवर्ड)।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नालंदा जिले के दौरे पर रहेंगी। जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। राष्ट्रपति के नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने और विश्व प्रसिद्ध नालंदा खंडहर के परिभ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र को 'Temporary Red Zone' घोषित कर दिया गया है। 'ब्लू-बुक' में निर्देश के तहत राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के सभी कार्यक्रम स्थलों को रेड जोन घोषित किया गया है। पूरे क्षेत्र में ड्रोन, हॉट एयर बैलून, पैरा-मोटर्स, पैरा-ग्लाइडर्स सहित किसी भी प्रकार के 'नॉन-कन्वेंशनल फ्लाइंग ऑब्जेक्ट' के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी गई है। यातायात में बड़ा बदलाव, कई मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित आम जनता को असुविधा न हो और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। राजगीर, नालंदा और सिलाव की ओर जाने वाले सभी प्रकार के व्यावसायिक और सवारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। मुख्य रूप से बिहारशरीफ के चौराबगीचा (कारगिल चौक) से राजगीर जाने वाले मार्ग, खुदागंज से राजगीर मार्ग, वनगंगा और गिरियक से राजगीर आने वाले सभी लिंक रोड पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वैकल्पिक रास्तों का करना होगा उपयोग प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। बिहारशरीफ से राजगीर होकर नवादा या गयाजी जाने वाले वाहन अब बख्तियारपुर-रजौली एनएच (NH) मार्ग का उपयोग करेंगे। इसी प्रकार, गयाजी से छबिलापुर आने वाले वाहनों को सरबहदा मोड़ से इस्लामपुर की ओर मोड़ दिया जाएगा। गयाजी और नवादा से आने वाली छोटी गाड़ियां नारदीगंज से ग्राम पकड़िया और खराट होते हुए बिहारशरीफ या पटना की ओर जा सकेंगी। जेठियन की ओर से आने वाले वाहनों को वनगंगा के बजाय नारदीगंज के रास्ते भेजा जाएगा। सुरक्षा घेरे के लिए ड्रॉप गेट और पार्किंग की व्यवस्था सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पिल्खी बायपास, नाहुब मोड़, पंडितपुर मोड़, सिलाव भुई मोड़, नालंदा खंडहर, हरियाली मोड़ और आयुध फैक्ट्री गेट सहित कुल 13 प्रमुख स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वाहनों के ठहराव के लिए रास बिहारी प्लस टू विद्यालय नालंदा, सरकारी बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स राजगीर, नालंदा विश्वविद्यालय परिसर और स्टेट गेस्ट हाउस हॉकी मैदान सहित कई पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं।
अंडर-14 में चचराड़ी, अंडर-17 में मिट्ठापुर चैंपियन
जालंधर| यूथ क्लब मिट्ठापुर की तरफ से आयोजित 48वें हॉकी टूर्नामेंट में रविवार को फाइनल मुकाबले खेले गए। अंडर-14 वर्ग में चचराड़ी ने रामपुर और अंडर-17 में मिट्ठापुर ने बुटाला को हराकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री परगट सिंह, उदिता दूहान, हरप्रीत सिंह मंडेर, संजीव कुमार, गुरबाज सिंह, गुनदीप कुमार, वरुण कुमार (सभी ओलिंपियन), अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुरसाहिबजीत सिंह, परविंदर सिंह, वरिंदर सिंह, तलविंदर सिंह शामिल हुए। जिन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात करते हुए उन्हें खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में बेस्ट फॉरवर्ड, बेस्ट मिडफील्डर, बेस्ट डिफेंडर और बेस्ट गोलकीपर को साइकिल, हॉकी स्टिक और कैश अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मैच का ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया। यहां पर भारतीय हॉकी स्टार मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, कृष्ण बहादुर पाठक और सुखजीत सिंह ने भी मैच देखा। उन्होंने टूर्नामेंट की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को नकद इनाम देकर उनका हौसला बढ़ाया। क्लब के प्रधान अमरीक सिंह पवार, एलपीएस खैहरा, रविंदर पवार, गुरइकबाल ढिल्लों, सुरिंदर सिंह लाली, तरसेम सिंह पवार, कर्नल सुखविंदर सिंह निज्जर, रविंदर सिंह मौजूद रहे।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 हॉकी के सेमीफाइनल मैच में छत्तीसगढ़ को बड़ी हार मिली है। ओडिशा ने छत्तीसगढ़ को 5-1 से हराया है। मुकाबला सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला गया। छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के मैच से पहले हुए एक अन्य सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने मध्य प्रदेश को 8-1 से करारी शिकस्त दी। इस तरह सेमीफाइनल में झारखंड और ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यानी जो टीम फाइनल में जीतेगी उसे गोल्ड और जो हारेगी उसे सिल्वर मेडल मिलेगा। वहीं ब्रॉन्ज मेडल के लिए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच मैच होगा। पहले सेमीफाइनल में झारखंड की टीम ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और बड़े अंतर से जीत दर्ज की। दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने आक्रामक हॉकी खेली, लेकिन ओडिशा ने बेहतर फिनिशिंग के दम पर 5-1 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया। मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शक जमकर मस्ती में शामिल हुए और पूरा माहौल उत्सव जैसा बन गया। इस मौके पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्मयंक श्रीवास्तव भी स्टेडियम पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
राजनांदगांव के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित 'अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी लीग' का रोमांचक समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने महाराष्ट्र को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उपविजेता महाराष्ट्र को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि मेजबान छत्तीसगढ़ ने तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। खिताबी मुकाबले में महाराष्ट्र की निकू ने खेल के 15वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, मध्य प्रदेश की काजल ने 19वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। 5-3 से जीत हासिल की इसके बाद, मध्य प्रदेश की सान्या सैयद और काजल के गोलों की मदद से टीम 3-1 से आगे हो गई। महाराष्ट्र की संजना ने हार नहीं मानी और 36वें व 37वें मिनट में लगातार दो गोल कर मुकाबला 3-3 की बराबरी पर ला खड़ा किया। अंत में, मध्य प्रदेश की काजल ने मैच के 50वें और 54वें मिनट में दो निर्णायक गोल किए, जिससे उनकी टीम ने 5-3 से जीत हासिल की। काजल ने इस मैच में हैट्रिक लगाई। बेटियों को खेलते देख उन्हें गर्व हो रहा- CSP प्रतियोगिता के समापन समारोह की मुख्य अतिथि वैशाली जैन (CSP) रहीं। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि मैदान में इन बेटियों को खेलते देख उन्हें गर्व हो रहा है। उन्होंने अनुशासन और समय के सही उपयोग को खिलाड़ी की सफलता की कुंजी बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने बताया कि भारत सरकार, साई (SAI) और हॉकी इंडिया के इस संयुक्त प्रयास से बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है। इनाम, ट्रॉफी और गोल्ड मेडल मिले प्रतियोगिता में शीर्ष चार स्थानों पर रहने वाली टीमों को कैश पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में मध्य प्रदेश को ₹1,80,000, ट्रॉफी और गोल्ड मेडल मिले। द्वितीय स्थान पर रही महाराष्ट्र को ₹1,44,000 और सिल्वर मेडल प्रदान किए गए। तृतीय और चतुर्थ स्थान पर रहने वाली टीमों को ₹90,000 का चेक और ब्रोंज मेडल दिया गया। समारोह में नीता नायर, आशा थॉमस, शबनम अंसारी, दिव्या, शिव नारायण धकेता और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मृणाल चौबे सहित खेल जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन मृणाल चौबे ने किया और आभार प्रदर्शन भूषण साव ने किया।
पंजाब के पटियाला जिले सनौर में पहुंचे सीएम भगवंत मान ने विरोधियों को जमकर घेरा है। उन्होंने कहा कि हमारी स्टेजों पर पंजाब के भविष्य को लेकर चर्चा होती है, जबकि इनकी स्टेजों पर कुर्सियां बचाने की बातें होती हैं। उन्होंने लोगों को कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं पर विश्वास मत करना, यह आपस में मिले हुए हैं। सीएम मान ने कहा कि मेरे खिलाफ रैली करने के लिए एक ही गाड़ी में बैठकर आ जाते हैं। कहते हैं कि हमारी कौन सी लड़ाई है। लड़ाई तो उससे होती है जो अपने भेद खोले। कांग्रेस और अकाली एक-दूसरे के खिलाफ बोलते कभी नहीं दिखते हैं। 2022 में अगर सत्ता न बदलते तो पंजाब रेगिस्तान बन जाता। उन्होंने साफ किया है कि हम हरियाणा को उसके हिस्से से ज्यादा एक बूंद नहीं देंगे। अब जानिए रैली में सीएम ने क्या कहा - हरियाणा को अपने हिस्से का पानी नहीं देंगे सीएम ने कहा कि हमने पानी की एक-एक बूंद का हिसाब रखा हुआ है। 21 मई को पंजाब और हरियाणा में हर साल पानी का बंटवारा होता है। हमने तो साफ कह दिया है कि भले ही हरियाणा अपना पानी 15 मई को खत्म करे या 15 मार्च को, हमसे उम्मीद न करे कि हम अपने हिस्से का पानी देंगे। पहले वाला समय चला गया, जब समझौते कर लिए जाते थे। अब हर चीज का हिसाब रखा जाता है। पहले नौकरियों के लिए नोटों के अटैची लगते थे सीएम ने कहा कि 2022 में आपने पंजाब में तख्त पलट दिया, वरना अभी तक पंजाब रेगिस्तान बन जाता। इन्हें कुछ पता नहीं है। सुखबीर बादल कहते हैं कि गांव में सीप खेलने वालों को मुआवजा दूंगा, कभी कहते हैं कि भैंसें दूंगा। हमें गोबर तक सीमित रखना है, कभी नौकरी देने पर विचार नहीं किया। हमने 65 हजार नौकरियां दीं। पहले नौकरियां देने के समय अटैची चलती थीं। पहले ही बता देते थे कि 5 लाख कम है, 50 लाख कहा जाता था, जबकि अब ऐसा नहीं है। लाल पीले कार्ड से गरीब दूर नहीं हो सकती लाल, पीले, हरे कार्ड से रोटी मिल सकती है, लेकिन अमीरी की सीढ़ी पढ़ाई है। आप बच्चों को पढ़ाने वाले बनें, हम आपके साथ हैं। 10 लाख रुपए तक का प्रत्येक परिवार का सेहत बीमा हो गया है। जहां उद्योगपतियों और मंत्रियों का इलाज होता है, वहां अब किसान के बेटे का भी इलाज होता है। यह लोगों को आपसे में लड़ाने की बात करते है उन्होंने कहा कि विरोधी अपनी दूसरी बारी की बात कर रहे हैं। इस स्टेज पर आपके बच्चों का भविष्य बनाने से लेकर आपसे जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन उनकी स्टेजों पर कुर्सियां बचाने की बात होती है। भगवंत मान के गले में रस्सा डालने की बातें होती हैं। कितने बड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। हम लोगों के लिए हैं। हम कहते हैं बच्चों को पढ़ाओ, यह कहते हैं लोगों को आपस में लड़ाओ। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए पंजाबी में सीएम मान ने कहा- हमने रजिस्ट्री पंजाबी में कर दी है, ताकि भ्रष्टाचार खत्म हो। तस्कर पकड़े जा रहे हैं। उनके लिए बैरक तैयार की जा रही हैं। अब सरेआम वाले धंधे बंद हो गए हैं। उन्होंने नशे के पैसे से महल और प्रॉपर्टी बनाई है। उस पर बुलडोजर चल रहा है। एशिया हॉकी कप के मुकाबले पंजाब में करवाए जा रहे हैं। इसमें आपको भी शामिल किया जाएगा। स्पेशल बसें लाई जाएंगी, जो आपको ग्राउंड तक लेकर जाएंगी।
झारखंड की गोल्डन हैट्रिक हॉकी के मंच पर सिमडेगा का बजा डंका, 10 लाख के इनाम के साथ मिला बड़ा सम्मान
मौजूदा दौर में जब लड़कियां टीवी पर महिला वर्ल्ड कप और यूरोपियन चैम्पियनशिप जैसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट देख रही हैं, तब एक पीढ़ी ऐसी भी है जिसके दिल में एक गहरी टीस है। यह उन महिलाओं की ‘खोई हुई’ पीढ़ी है जो 70, 80 और 90 के दशक में फुटबॉल के जुनून के साथ बड़ी तो हुईं, लेकिन उन्हें खेलने का कोई मंच नहीं मिला। अब जब यही महिलाएं 40 या 50 की उम्र पार कर चुकी हैं, तो वे अपने उस छूटे हुए ख्वाब को फिर से जी रही हैं। भावनाएं इस कदर जुड़ी हैं कि जब एक 46 साल की महिला ने जिंदगी में पहली बार पूरी किट (बूट्स, शिन पैड्स और जर्सी) पहनकर मैदान पर कदम रखा, तो आंखों से आंसू छलक पड़े। फीफा की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 के बाद से संगठित रूप से फुटबॉल खेलने वाली महिलाओं और लड़कियों की संख्या 24% बढ़कर 1.66 करोड़ के पार पहुंच गई है। 2027 तक इसे 6 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। लेकिन, ग्रासरूट लेवल पर उन महिलाओं की एक बड़ी तादाद है, जिन्हें उनके दौर में सुविधाओं और सामाजिक नजरिए के अभाव में पीछे छोड़ दिया गया था। करीब 40-50 साल पहले, लड़कियों के लिए शौक के तौर पर भी फुटबॉल खेलना एक बड़ा संघर्ष था। जो लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं, उन्हें अक्सर ‘टॉमबॉय’ कहकर चिढ़ाया जाता था। स्कूलों में भी खेल बंटे हुए थे। लड़कियों को नेटबॉल और हॉकी की तरफ भेज दिया जाता था, जबकि फुटबॉल और रग्बी लड़कों के लिए आरक्षित माने जाते थे। महिलाओं की कोई स्थानीय टीम या क्लब नहीं होते थे। ऐसे में लड़कियों को ऊबड़-खाबड़ मैदानों पर लड़कों की टीमों के बीच अपना खेल साबित करना पड़ता था। वर्षों बाद अब यह पीढ़ी अपने उस छूटे हुए खेल को दोबारा गले लगा रही है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ‘वेटरन विमंस क्लब’ बन रहे हैं, जहां उम्रदराज महिलाएं प्रतिस्पर्धी फुटबॉल खेल रही हैं। 2015 में कैरल बेट्स ने 25 से 80 साल की महिलाओं के लिए ‘क्रॉली ओल्ड गर्ल्स’ नाम से एक क्लब बनाया। बेट्स खुद उसी पीढ़ी से आती हैं, जिनसे उनका खेल छिन गया था। इसी तर्ज पर जो ट्रेहर्न ने उन महिलाओं के लिए ‘कैंटरबरी ओल्ड बैग्स’ की शुरुआत की, जो जिंदगी के इस पड़ाव पर खेल का हिस्सा बनना चाहती हैं। 35 से 50 साल की उम्र में मैदान पर लौट रहीं इन महिलाओं की कहानियां भावुक करने वाली हैं। इनमें से कई ने बचपन में बिना गोलपोस्ट या बुनियादी सुविधाओं के खेला था। अब जब ये महिलाएं पूरी किट पहनकर मैदान पर उतरती हैं, तो यह उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं रह जाता, बल्कि एक तरह का सशक्तिकरण बन जाता है। जो महिलाएं खेल नहीं पा रही हैं, वे अब लड़कियों की टीमों को कोचिंग देकर अपना सपना पूरा कर रही हैं। यह केवल फुटबॉल की वापसी नहीं है, बल्कि उस पीढ़ी की जीत है जिसने अपने खेल से कभी हार नहीं मानी।
अस्मिता खेलो इंडिया: वॉलीबॉल स्पर्धा का समापन, यंग स्पोर्ट्स क्लब शाहपुरा विजेता
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा पुलिस लाइन में चल रही राजस्थान पुलिस की अजमेर रेंज स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भीलवाड़ा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। शानदार प्रदर्शन के दम पर जिले की चैंपियनशिप लगभग तय मानी जा रही है। पुरुष वर्ग में भीलवाड़ा टीम ने वॉलीबॉल, हैंडबॉल, फुटबॉल और बास्केटबॉल में प्रथम स्थान हासिल कर शानदार खेल दिखाया। महिला वर्ग में भी भीलवाड़ा की खिलाड़ियों ने कमाल दिखाते हुए वॉलीबॉल, हैंडबॉल और बास्केटबॉल तीनों में जीत दर्ज की। पुरुष के वॉलीबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता पीटीएस सिलोरा, हैंडबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर, फुटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, हॉकी में विजेता अजमेर व उपविजेता टोंक, बॉस्केटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर की टीम रही। महिला वर्ग के हैंडबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, वॉलीबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, बॉस्केटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर की टीम रही। भीलवाड़ा | अस्मिता खेलो इंडिया के तहत आयोजित जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन रविवार को हुआ। फाइनल यंग स्पोर्ट्स क्लब शाहपुरा और ठाकुर बाबा क्लब शाहपुरा के बीच हुआ। टीम ने 3-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। जिला वॉलीबॉल संघ सचिव, शिवराम खटीक जीपी ने बताया कि जिले की 16 टीमों के 192 खिलाड़ियों ने भाग लिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि संजय पेड़ीवाल, अध्यक्षता गीता चौधरी, विशिष्ट अतिथि वैभव जोशी, जिला वॉलीबॉल संघ अध्यक्ष लक्ष्मी लाल सोनी, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं जिला संरक्षक ज्ञान मल खटीक, कोषाध्यक्ष रमेश खोईवाल रहे। { 1500 मीटर दौड़ : रामअवतार नागौर प्रथम, सम्पत भीलवाड़ा द्वितीय व सौपाल ब्यावर तृतीय रहे। { 800 मीटर : सीताराम पीटीएस सिलोरा प्रथम, बसन्त टोंक द्वितीय, व शिव किशोर पीटीएस सिलोरा तृतीय रहे। { तश्तरी फेंक : लक्ष्मीनारायण भीलवाड़ प्रथम, जयकिशन ब्यावर द्वितीय, तोगेश ब्यावर तृतीय रहे। { गोला फेंक : सुरेश ईनाणियां नागौर प्रथम, लक्ष्मीनारायण भीलवाड़ा द्वितीय, अजीत सिंह टोंक तृतीय रहे। { लम्बी कूद : विष्णु मेनारिया पीटीएस सिलोरा प्रथम, नरेन्द्र नागौर व हारुण भीलवाड़ा द्वितीय, मनीष पीटीएस सिलोरा तृतीय रहे त्रिकूद में नरेन्द्र नागौर प्रथम, भरत भीलवाड़ा द्वितीय व हरेन्द्र नागौर तृतीय रहे। { 100 मीटर: मंजू मेघवाल नागौर प्रथम, इन्द्रा राणावत भीलवाड़ा द्वितीय व प्रियंका जाट टोंक तृतीय रही। { 200 मीटर दौड़ : इन्द्रा भीलवाड़ा प्रथम, प्रियंका टोंक द्वितीय, सुगना टोंक तृतीय रही। { 800 मीटर : मीरा भीलवाड़ा प्रथम, अन्नु टोंक द्वितीय व सुमन मेघवाल अजमेर तृतीय रही। { 1500 मीटर : नीतू नागौर प्रथम, लीला नागौर द्वितीय व शिवानी अजमेर तृतीय रही। {गोला फेंक : मनीषा भीलवाड़ा प्रथम, कविता भीलवाड़ा द्वितीय, सुमन नागौर तृतीय रही। {लम्बी कूद : मंजू नागौर प्रथम, अन्नु टोंक द्वितीय, प्रियंका टोंक तृतीय रही। {तश्तरी फेंक : सुमन नागौर प्रथम, कविता भीलवाड़ा द्वितीय व सुशीला तृतीय रही। वॉलीबॉल मैच खेलते खिलाड़ी। पुरुष वर्ग: एथलेटिक्स में विजेता
बिहार में हॉकी के भविष्य को लेकर चल रही कानूनी उठापटक के बीच खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आगामी नेशनल चैंपियनशिप में बिहार की टीम की भागीदारी का रास्ता साफ कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद अब हॉकी बिहार के बजाय 'बिहार राज्य खेल प्राधिकरण' (BSSA) राज्य की टीमों का चयन और संचालन करेगा। यह निर्णय हॉकी बिहार के निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के रद्द होने और उससे जुड़ी कानूनी जटिलताओं को देखते हुए खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है। दरअसल, 25 फरवरी 2026 को बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अनिवार्य नियमों के उल्लंघन के कारण हॉकी बिहार के निबंधन को रद्द कर दिया था। निबंधन रद्द होने के बाद तकनीकी रूप से यह संस्था किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम भेजने के लिए पात्र नहीं रह गई थी। हॉकी इंडिया ने साकेत कोर्ट में दलील दी थी कि उनकी नियमावली के अनुसार केवल एक पंजीकृत संस्था ही स्थायी सदस्यता बनाए रख सकती है और चूंकि हॉकी बिहार अब एक वैध पंजीकृत इकाई नहीं है, इसलिए वह राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण टीम चुनने की जिम्मेदारी न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अतुल अहलावत ने खिलाड़ियों के भविष्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकप्रिय धारणा के विपरीत हॉकी भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय खेल नहीं है, फिर भी यह देश के सबसे गौरवशाली और प्रतिष्ठित खेलों में से एक है। जिसने ओलंपिक और विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक और कानूनी लड़ाइयों की सजा उन युवा खिलाड़ियों को नहीं मिलनी चाहिए जो देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं। इसी भावना को देखते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति से बिहार राज्य खेल प्राधिकरण को इन प्रतियोगिताओं के लिए टीम चुनने की जिम्मेदारी सौंपी है। बिहार के खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकेंगे अदालती आदेश के तुरंत बाद, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवींद्रन संकरण को पत्र लिखकर इस संबंध में आधिकारिक अनुरोध भी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर अप्रैल में होने वाली दो बड़ी प्रतियोगिताओं पर पड़ेगा। इसमें रांची में आयोजित होने वाली 16वीं सब जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप और बिहार के राजगीर में होने वाली 16वीं सब जूनियर पुरुष नेशनल चैंपियनशिप शामिल है। अब इन दोनों महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में बिहार के खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकेंगे। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी सख्त निर्देश दिया है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। चाहे खिलाड़ी पहले हॉकी बिहार से जुड़ा रहा हो या नहीं, प्रत्येक योग्य एथलीट को समान अवसर मिलना अनिवार्य है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से 30 मार्च को राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी में बिहार की सब-जूनियर बालक एवं बालिका हॉकी टीम के गठन के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया जाएगा। यह ट्रायल सुबह 7 बजे से राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी के हॉकी ग्राउंड में शुरू होगा। जिसके माध्यम से अप्रैल माह में आयोजित होने वाली 16वीं नेशनल चैंपियनशिप के लिए राज्य की टीम तैयार की जाएगी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि हॉकी इंडिया के तत्वावधान में 1 से 12 अप्रैल तक राजगीर में 16वीं सब-जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप और रांची में 16वीं सब-जूनियर वुमेन नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन होना है। इन दोनों बड़ी प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों का चयन इसी ट्रायल के माध्यम से किया जाएगा। ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों की आयु 16 वर्ष से कम होनी अनिवार्य है, जिसके लिए कट-ऑफ तिथि 1 जनवरी 2010 निर्धारित की गई है। जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएं ट्रायल प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इच्छुक खिलाड़ियों को अपने साथ आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और उम्र साबित करने के लिए मेडिकल टेस्ट (एज वेरिफिकेशन रिपोर्ट) लाना अनिवार्य होगा। हालांकि, जो खिलाड़ी पहले से हॉकी इंडिया के साथ पंजीकृत हैं, उन्हें मेडिकल टेस्ट की आवश्यकता नहीं होगी और वे केवल अपने पहचान पत्र के आधार पर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। सभी संबंधित खिलाड़ियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ 30 मार्च को सुबह 7 बजे तक हर हाल में राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी के हॉकी ग्राउंड पर पहुंच जाएं।
नई दिल्ली में हॉकी इंडिया अवार्ड्स का आयोजन किया गया। इस वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के सह-सचिव फ़िरोज़ अंसारी भी मंच पर उपस्थित रहे। दोनों ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह में भारतीय हॉकी के दिग्गज जफर इक़बाल को खेल में उनके अतुलनीय योगदान के लिए 'लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से नवाजा गया। उन्हें इस सम्मान के साथ 25 लाख रुपए की राशि भी प्रदान की गई। स्टार खिलाड़ी सुमित कुमार को 'अजीत पाल सिंह मिडफील्डर अवार्ड' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें दिग्गज हॉकी खिलाड़ी अजीत पाल सिंह के हाथों प्रदान किया गया, जिनकी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि इसने देश में हॉकी के विकास के प्रति सरकार और हॉकी इंडिया की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। फ़िरोज़ अंसारी की उपस्थिति छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी के मजबूत समन्वय को दर्शाती है।
बिहार के राजगीर में 1 से 12 अप्रैल 2026 तक हॉकी इंडिया द्वारा 16वीं सब जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। रांची में 16वीं सब जूनियर वुमेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 आयोजित होगा। इन दोनों चैम्पियनशिप में शामिल होने के लिए बिहार मेन और वुमेन टीम के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल 30 मार्च को सुबह 7 बजे राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी में किया जाएगा। खिलाड़ियों की उम्र 16 वर्ष से कम होनी चाहिए यह चयन ट्रायल बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। इस बात की जानकारी देते हुए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि, ‘इस चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों की उम्र 16 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयु सीमा के लिए कट ऑफ डेट 1 जनवरी 2010 रखा गया है।’ चयन ट्रायल के लिए एज वेरिफ़िकेशन टेस्ट जरूरी इस चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को जरूरी डॉक्यूमेंट में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, उम्र साबित करने के लिए मेडिकल टेस्ट (एज वेरिफ़िकेशन टेस्ट) जरूरी है। अगर हॉकी इंडिया के साथ पहले से रजिस्टर्ड हैं तो एज वेरिफ़िकेशन टेस्ट ज़रूरी नहीं है, सिर्फ पहचान पत्र से काम हो जाएगा। इस चयन ट्रायल के लिए इच्छुक खिलाड़ियों को जरूरी दस्तावेज के साथ 30 मार्च को सुबह 7 बजे तक राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी के हॉकी ग्राउंड में पहुंचना अनिवार्य है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की भारतीय महिला हॉकी टीम की वाइस कैप्टन नवनीत कौर को हॉकी इंडिया की ओर से साल 2025 के लिए बलबीर सिंह सीनियर अवार्ड फॉर प्लेयर ऑफ द ईयर से नवाजा गया है। इस पुरस्कार के साथ उन्हें 20 लाख रुपए की राशि भी मिली। नवनीत को यह सम्मान उनके पूरे साल के शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया। खासकर विश्व कप क्वालीफायर में नवनीत कौर ने दमदार खेल दिखाया। इस अवार्ड को नवनीत कौर ने अपने एकेडमी कोच बलदेव सिंह को समर्पित किया। नवनीत कौर ने कहा कि, उनकी बदौलत ही मैं यहां तक पहुंच पाई हूं। उनके द्वारा सिखाए गए स्किल्स की वजह से ही मैं इतना अच्छा परफॉर्म कर पा रही हूं। प्लेयर ऑफ द ईयर बनना बड़ी बात: नवनीत कौर नवनीत ने बताया कि उनकी टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। एक अप्रैल से उनके कैंप शुरू हो जाएंगे। इस साल उनके और उनकी टीम के लिए सबसे बड़ा टूर्नामेंट वर्ल्ड कप ही है। एनुअल अवार्ड्स में प्लेयर ऑफ द ईयर चुनी गई हूं। मुझे बहुत खुशी हो रही है। प्लेयर ऑफ द ईयर बनना बहुत बड़ी बात है। टीम का पूरा सपोर्ट मुझे मिला उन्होंने कहा कि अवार्ड समारोह में हमारी सभी टीमें आई थीं। जब प्लेयर ऑफ द ईयर का अवार्ड मिलता है तो अच्छा लगता है। मुझे मेरी टीम का पूरा सपोर्ट रहा है। उनके सपोर्ट की वजह से ही यह अवार्ड मिल पाया। टीम के सपोर्ट के बिना उनको यह अवार्ड मिलना मुश्किल था। अब विश्व कप की तैयारी उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप अगस्त में शुरू होगा। यह नीदरलैंड और बेल्जियम में खेला जाएगा। उसकी तैयारी के लिए 1 अप्रैल से हमारा कैंप शुरू हो जाएगा। उसके बाद कुछ प्रैक्टिस मैच भी होंगे। इस साल मेजर टूर्नामेंट्स में वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स रहेंगे। हम अपने कमजोर प्वाइंट को दूर करेंगे और जो अच्छा कर रहे हैं, उसे और अच्छा बनाने की कोशिश करेंगे। मैं अपनी टीम में जिम्मेदारी के खेलती हूं : नवनीत नवनीत ने कहा कि, मैं अभी अपनी टीम की वाइस कैप्टन हूं। यह बड़ी जिम्मेदारी है। मैं हमेशा अपने टीम और देश के लिए जिम्मेदारी के साथ खेलती आई हूं। आगे भी उसी जिम्मेदारी के साथ खेलूंगी। जिम्मेदारी कोई भी मिले, खेलना तो अपने देश और टीम के लिए है। उनका और उनकी टीम का पूरा फोकस अभी वर्ल्ड कप पर है। विश्व कप क्वालीफायर में प्रदर्शन वर्ल्ड कप क्वालीफायर टूर्नामेंट में नवनीत ने 4 गोल किए थे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करना हमारे लिए बहुत जरूरी था। अभी कैंप शुरू होंगे तो टीम की कमियों पर ध्यान देंगे, ताकि वर्ल्ड कप में अच्छा रिजल्ट आए। टीम को हार्ड वर्क करना होगा। नवनीत कौर का सफर कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की रहने वालीं नवनीत ने पांचवीं क्लास में हॉकी खेलना शुरू किया था। उन्होंने कोच बलदेव सिंह के अंडर अपनी ट्रेनिंग को शुरू किया। वहीं से स्टेट और नेशनल के लिए उनकी सिलेक्शन हुई। साल 2011 में पहली बार जूनियर कैंप में आई थीं। जूनियर टीम के लिए खेलने के बाद सीनियर टीम में सिलेक्शन हुआ। नवनीत कौर की उपलब्धियां - साल 2013 में खेला जूनियर वर्ल्ड कप। - साल 2017 में एशिया कप में गोल्ड। - साल 2018 एशियन गेम्स में सिल्वर, कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान तथा वर्ल्ड कप खेला । - वर्ष 2019 में ओलंपिक क्वालीफाई और टोक्यो ओलंपिक खेला। - नवनीत कौर भारत के लिए 209 मैच खेल चुकी हैं।
झज्जर जिले के जोंधी गांव में उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दलाल बहनों का जोरदार स्वागत किया गया। कमला दलाल, सुनीता दलाल और ज्योति दलाल—तीनों ही खिलाड़ियों ने अपने खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि हरियाणा का नाम रोशन किया है। जानकारी के अनुसार, तीनों खिलाड़ी हाल ही में मांडोठी गांव में एक पारिवारिक कार्यक्रम के चलते पहुंची थी। जिसके बाद कल देर शाम अपने जोंधी गांव में सम्मान में स्वागत किया गया। कमला दलाल और सुनीता दलाल पहले ही भीम अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी हैं, जो खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला हरियाणा का प्रतिष्ठित सम्मान है। लंबे समय से हॉकी में सक्रिय रही सुनीता दलाल वर्तमान में खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि कमला दलाल नॉर्दर्न रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर सेवाएं दे रही हैं। दोनों सगी बहनें मूल रूप से चिड़ी गांव की रहने वाली हैं और लंबे समय से हॉकी में सक्रिय रही हैं। वहीं ज्योति दलाल चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं और फिलहाल विजिलेंस विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना लक्ष्य दैनिक भास्कर ऐप से बात करते हुए खिलाड़ियों ने बताया कि उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से ही यह मुकाम हासिल हुआ है। आने वाले टूर्नामेंट में भी वे इसी जुनून के साथ मैदान में उतरेंगी और भारत का नाम रोशन करने का प्रयास करेगी। मास्टर कप में हरियाणा को दिलाया गोल्ड हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित मास्टर कप प्रतियोगिता में हरियाणा टीम ने गोल्ड मेडल जीता। इस जीत में ज्योति दलाल की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाई। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाएगी दम तीनों खिलाड़ियों का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मास्टर प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जहां भारतीय टीम कनाडा दौरे पर जाएगी। ज्योति दलाल, जिन्हें झज्जर की “गोल्डन गर्ल” भी कहा जाता है, अपने खेल के दम पर लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं। गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान छोटे-छोटे गांव से निकलकर इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी सफलता आज ग्रामीण युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है। 40 साल से अधिक उम्र में भी खिलाड़ी हॉकी टीम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह साबित करता है कि जुनून और मेहनत के दम पर उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
अंडर-14 में संसारपुर ने लसाड़ा और अंडर -17 में बाबा बकाला ने रामपुर को हराया
भास्कर न्यूज | जालंधर यूथ क्लब मिट्ठापुर की तरफ से गांव के हॉकी टर्फ मैदान पर आयोजित टूर्नामेंट के दूसरे दिन भी चार मैच खेले गए। चैंपियनशिप में सुबह अंडर-14 वर्ग में रामपुर ने मिट्ठापुर की भी टीम, जबकि संसारपुर ने लसाड़ा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसी तरह अंडर-17 वर्ग में बुटाला ने लसाड़ा को और बाबा बकाला ने रामपुर को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शुक्रवार को खिलाड़ियों से मुलाकात करने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में ओलिंपियन बलजीत सिंह ढिल्लों जो भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान भी रहे है। उनके साथ ओलिंपियन सिमरनजीत सिंह मौजूद रहे। उनके साथ ओलिंपियन वरुण कुमार और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तलविंदर सिंह भी मौजूद रहे। क्लब अध्यक्ष अमरीक सिंह पवार ने बताया कि कल अंडर-14 और अंडर-17 दोनों वर्गों के सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे और रविवार को फाइनल मुकाबला होगा। इस मौके पर रविंदर सिंह, बलविंदर सिंह भी मौजूद रहे।
बैतूल जिले के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में 26 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के लिए बैतूल के 5 खिलाड़ियों का चयन मध्यप्रदेश हॉकी टीम में हुआ है। पुरुष वर्ग में पिंटू उईके, पलास कावरे और रोहित कुमरे का चयन किया गया है। ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। महिला वर्ग में कुमारी भूमिका पांडरे और कुमारी देवश्री को टीम में जगह मिली है। दोनों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। बैतूल के दो खिलाड़ियों को ऑफिशियल जिम्मेदारी एक साथ पांच खिलाड़ियों का चयन जनजातीय क्षेत्र की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सीनियर हॉकी खिलाड़ी राकेश आथनकर और रंजीत यादव को हॉकी इंडिया द्वारा ऑफिशियल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों के चयन पर पूर्व खिलाड़ी प्रदीप खंडेलवाल, हॉकी संघ अध्यक्ष अक्षय वर्मा, सचिव जगेन्द्र सिंह तोमर सहित खेल से जुड़े कई लोगों ने बधाई दी है।
रमनदीप का मास्टर्स नेशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन
अमृतसर | चीफ खालसा दीवान की हैड कोच रमनदीप कौर ने हाल ही में चंडीगढ़ में हुए 5वें खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स-2026 में पंजाब हॉकी टीम की खिलाड़ी के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने अच्छा खेल दिखाते सिल्वर मेडल जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। रमनदीप कौर को चीफ खालसा दीवान हेड ऑफिस में दीवान के प्रधान डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, उपप्रधान संतोख सिंह सेठी ने विशेष तौर से सम्मानित किया। इस मौके पर तरलोचन सिंह, गुरभेज सिंह, डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स दीपिंदर सिंह आदि मौजूद थे।
जरखड़ हॉकी अकादमी के चयन ट्रायल 2 को
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना जरखड़ स्थित माता साहिब कौर खेल स्टेडियम में 2 अप्रैल, गुरुवार को जरखड़ हॉकी अकादमी के अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग के लड़कों के चयन ट्रायल होंगे। अकादमी निदेशक जगरूप सिंह जरखड़ के अनुसार अंडर-14 के लिए 1-1-2013 के बाद, अंडर-17 के लिए 1-1-2010 के बाद और अंडर-19 के लिए 1-1-2008 के बाद जन्मे खिलाड़ी पात्र होंगे। ट्रायल सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे। अभ्यर्थी आयु व खेल उपलब्धियों के प्रमाण लेकर 9 बजे से पहले रिपोर्ट करें। चयनित खिलाड़ियों को रहने-खाने की सुविधाएं मिलेंगी। जानकारी के लिए कोच गुरस्तिंदर सिंह परगट से संपर्क किया जा सकता है।
कर्नाटक 8 गोल्ड के साथ टेबल टॉपर, मेजबान छत्तीसगढ़ 6वें पायदान पर
छत्तीसगढ़ की मेजबानी में चल रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में कर्नाटक की टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 8 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में टॉप पर जगह बना ली है। वहीं, ओडिशा की टीम 5 गोल्ड, एक सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है। जबकि असम 2 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ तीसरे नंबर पर चल रही है। मेजबान छत्तीसगढ़ की बात कि जाए, तो टीम अब तक दो सिल्वर और ब्रॉन्ज लेकर 6वें नंबर पर चल रही है। गुरुवार को स्वीमिंग इवेंट में छत्तीसगढ़ की ओर से खेलते हुए अनुष्का भगत ने 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली में सिल्वर हासिल किया। इसके पहले अनुष्का ने 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में सिल्वर जीता था। वहीं, हॉकी में छत्तीसगढ़ को हार का सामना करना पड़ा। जबकि फुटबॉल का मैच ड्रॉ रहा। वेटलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल सके।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

