डिजिटल समाचार स्रोत

...

नीमच के सुवाखेड़ा में परिवार पर जानलेवा हमला:महिलाओं समेत 11 लोग घायल; ट्रैक्टर विवाद में पूर्व सरपंच पर मारपीट कराने का आरोप

नीमच जिले के ग्राम सुवाखेड़ा में 2 जुलाई की रात एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। लाठी, डंडों और हॉकी से किए गए इस हमले में महिलाओं सहित एक ही परिवार के 11 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने गांव के पूर्व सरपंच राधेश्याम और उसके साथियों पर बाहर से गुंडे बुलाकर हमला कराने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक गंभीर घायल युवक को जिला अस्पताल नीमच रेफर किया गया है। 25 जून को ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुआ था विवाद पीड़ित परिवार ने शुक्रवार शाम को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों ने बताया कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 25 जून को ट्रैक्टर चलाने की बात को लेकर हुई थी। आरोप है कि इस मामूली विवाद के बाद से ही आरोपी पक्ष उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा था, जिसकी लिखित शिकायत 30 जून को पुलिस से भी की गई थी। रात में घर पर पथराव के बाद लाठी-डंडों से पीटा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, 2 जुलाई की रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच पूर्व सरपंच के इशारे पर बड़ी संख्या में हमलावर कैलाश नामक व्यक्ति के घर पहुंचे। आरोपियों ने पहले घर पर पथराव किया और जब परिवार के लोग बाहर निकले, तो उन पर लाठी, डंडे, पत्थरों और हॉकी से हमला कर दिया। इस मारपीट में दीपक, पूजा, कैलाश, नंदू, घीसाबाई, सुगनाबाई, पिंटू, सुशीला, विकास और रवीना सहित कुल 11 लोग घायल हुए हैं। गंभीर घायल पिंटू की हालत नाजुक, एसपी से सुरक्षा की मांग हमले में घायल पिंटू के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे जावद अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल नीमच रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने एसपी को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज करने, उनकी तुरंत गिरफ्तारी करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 8:20 pm

सोनभद्र के तियरा स्टेडियम का होगा जीर्णोद्धार:खिलाड़ियों की सुविधाओं पर 6.73 करोड़ रुपये खर्च, प्रस्ताव निदेशालय को भेजा

सोनभद्र के तियरा स्टेडियम के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर 6.73 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा है। धनराशि आवंटित होते ही स्टेडियम के कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से तियरा स्टेडियम में सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और उत्तर प्रदेश को खेल क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। शासन द्वारा तियरा स्टेडियम में सुविधाओं के विकास के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था, जिसके बाद 6.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया है। इस जीर्णोद्धार से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं प्राप्त होंगी। योजना के तहत पवेलियन बिल्डिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा और क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत होगी। वॉलीबॉल कोर्ट की फेंसिंग दुरुस्त की जाएगी और सिंथेटिक फ्लोरिंग लगाई जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर कटीले तारों की फेंसिंग भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दर्शक दीर्घा का सुदृढ़ीकरण और छात्रावासों व दर्शक दीर्घा का रंगरोगन कराया जाएगा। हॉकी के लिए विश्वस्तरीय टर्फ का निर्माण होगा। समुचित जल निकासी के लिए नाली का निर्माण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक फर्नीचर की खरीद भी इस बजट से की जाएगी।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 5:21 pm

कोच होंगे अपडेट, प्लेयर्स का प्रदर्शन होगा बेहतर

राजस्थान में खेलों के स्तर को नई ऊंचाई देने और प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजस्थान के खेल प्रशिक्षकों के लिए जुलाई या अगस्त में 14 दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (सीबीपी) का कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए राज्य के कोचों को आधुनिक कोचिंग पद्धति, स्पोर्ट्स साइंस और एथलीट प्रबंधन की उन्नत जानकारी मिलेगी। 14 दिन में 70 घंटे दी जाएगी ट्रेनिंग कार्यक्रम की अवधि 14 दिन होगी, जिसमें प्रतिदिन पांच घंटे के हिसाब से कुल 70 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 56 घंटे सैद्धांतिक और 14 घंटे प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल रहेगा। प्रस्तावित कार्यक्रम में राजस्थान के 63 खेल प्रशिक्षकों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार इन्हें दो बैचों या एक ही बैच में प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य के कोचों को आधुनिक खेल विज्ञान, बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, इंजरी प्रिवेंशन, परफॉर्मेंस एनालिसिस और खिलाड़ी विकास की वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराना है। साथ ही प्रतिभा पहचान, लॉन्ग टर्म एथलीट डेवलपमेंट, सुरक्षित खेल वातावरण, एंटी डोपिंग जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और संचार कौशल पर भी विशेष सत्र प्रस्तावित हैं। संविदा कोच भी होंगे शामिल राज्य, जिला, संविदा, अकादमी और शारीरिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षकों को शामिल करने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ व्याख्यान, इंटरएक्टिव क्लास, स्पोर्ट्स साइंस लैब का व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी एवं सामरिक सत्र, केस स्टडी, समूह गतिविधियां व एक्सपोजर विजिट भी कराए जाएंगे। 7 खेलों के कोचों के साथ होगी इसकी शुरुआत कॉन्सेप्ट नोट में एथलेटिक्स, शूटिंग, तीरंदाजी, साइक्लिंग, बास्केटबॉल, हैंडबॉल और बॉक्सिंग सहित कई खेलों के प्रशिक्षकों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। कार्यक्रम पूरा करने के बाद प्रशिक्षकों का मूल्यांकन भी किया जाएगा। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए इंटरनेशनल कोचों को आमंत्रित किया जाएगा। हॉकी के इंटरनेशनल कोच हरेन्द्र सिंह और बीसीसीआई से जुड़े रहे श्रीकांत अयंगर का नाम भी चल रहा है। प्रस्ताव के अनुसार इस पहल से राजस्थान में प्रशिक्षकों की दक्षता बढ़ेगी, कोचिंग की गुणवत्ता में एकरूपता आएगी और खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। इससे राज्य के खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन में सुधार होने के साथ राजस्थान की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 5:30 am

बिहार में गंगा किनारे 'बीच गेम्स कार्निवल' का होगा आयोजन:अक्टूबर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी मुकाबला, पटना में पहली बार बिहार पुरुष कबड्डी लीग होगी

बिहार में पूरे साल खेल आयोजनों से मैदान सजा रहेगा। प्रदेश में जुलाई 2026 से लेकर मार्च 2027 तक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होंगी। राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी और FIH हॉकी प्रो लीग तो पटना में निडजैम का आयोजन होगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार सत्र 2026-27 खेल गतिविधियों से भरा रहेगा। राजधानी में पहली बिहार पुरुष कबड्डी लीग का भी आयोजन होगा। 29 अगस्त को पटना में खेल सम्मान समारोह आयोजित होगा। बिहार में बीच गेम्स कार्निवल का होगा आयोजन बिहार में बीच गेम्स कार्निवल का भी आयोजन होगा। 16 से 18 जनवरी गंगा घाटों के किनारे इसका आयोजन किया जाएगा। वहीं, दंगल का रोमांच देखने को मिलेगा, जो कि 27 और 28 नवंबर को होगा। 24 से 31 अक्टूबर तक राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी (मैत्री शताब्दी) मुकाबला और पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में पहली बिहार पुरुष कबड्डी लीग (28 जनवरी-5 फरवरी) का आयोजन होगा। वहीं, मार्च में तीसरी महिला कबड्डी लीग खेली जाएगी।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 4:03 pm

हॉकी अकादमी में चयन के लिए हुआ टैलेंट सर्च, 53 खिलाड़ियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

बड़वानी| खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संचालित टैलेंट सर्च 2026-27 के प्रथम चरण के तहत मंगलवार को कॉलेज के हॉकी ग्राउंड में बालिका हॉकी चयन ट्रायल हुआ। ट्रायल में खरगोन जिले की 10, अंजड़ की 18 और बड़वानी की 25 सहित 53 खिलाड़ी छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। हॉकी कोच मुकेश राठौर ने बताया कि चयन प्रक्रिया जिला क्रीड़ा अधिकारी संतरा निनामा व राज्य महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर की कोच आकांक्षा परमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। खिलाड़ियों का मूल्यांकन स्किल टेस्ट, बैटरी टेस्ट और मैच टेंपरामेंट के आधार पर किया गया। चयनित खिलाड़ी आगामी दिनों में ग्वालियर में आयोजित होने वाले फाइनल ट्रायल्स में हिस्सा लेंगे। अंतिम चयन के बाद उन्हें राज्य महिला हॉकी अकादमी में प्रवेश मिलेगा, जहां राज्य शासन की ओर से निशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल सामग्री व शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। टैलेंट सर्च आयोजन को सफल बनाने में राकेश पाटीदार, मोनिका राठौड़, रामजय चौहान, अन्नपूर्णा सोलंकी, भूमिका यादव, सनी सिंह और स्नेह मोहनिया का विशेष योगदान रहा।

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 5:30 am

संगरूर को मिला ओलंपिक स्तर का स्विमिंग पूल, सीएम मान बोले- यहां से निकलेंगे भविष्य के चैंपियन

Punjab CM Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को संगरूर में 9.50 करोड़ रुपए की लागत से बने ओलंपिक मानकों वाले स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह जिला भविष्य में एशियाई, विश्व और ओलंपिक स्तर के चैंपियन खिलाड़ियों की नर्सरी बनने जा रहा है। आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा खेल बुनियादी ढांचे में किए जा रहे निवेश का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय खेल बजट 200 करोड़ रुपए से भी कम था, जिसे बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी का अवसर मिला है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए क्रिकेट और हॉकी प्रीमियर लीग शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन संगरूर के लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। यह स्विमिंग पूल हमारे भविष्य के ओलंपियन खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल ढांचे को मजबूत बनाने पर उनकी सरकार विशेष ध्यान दे रही है और यह विश्वस्तरीय स्विमिंग पूल पंजाब को देश का नंबर-1 खेल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि यह स्विमिंग पूल 9.50 करोड़ रुपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय मानकों और ओलंपिक विनिर्देशों के अनुसार बनाया गया है। इसकी लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई 21 मीटर है, जबकि इसकी गहराई 4.5 फीट से 7.5 फीट तक है। इसमें 2.5 लाख लीटर पानी संग्रहित किया जा सकता है। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए यहां आधुनिक शॉवर, चेंजिंग रूम, प्रशिक्षकों के लिए अलग कमरे और स्टोर रूम की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने और फिटनेस के लिए यहां एक आधुनिक जिम भी बनाया गया है। उन्होंने कहा, सात वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एक अलग मिनी स्विमिंग पूल भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस स्विमिंग पूल का निर्माण दुनिया की बेहतरीन मिर्था रेनोवएक्शन और क्लासिक मॉड्यूलर सिस्टम तकनीक से किया गया है। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए यहां आधुनिक शॉवर, चेंजिंग रूम, प्रशिक्षकों के लिए अलग कमरे और स्टोर रूम की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने और फिटनेस के लिए यहां एक आधुनिक जिम भी बनाया गया है। Also Read: LIVE Cricket Score मुख्यमंत्री ने संगरूर और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाओं और धन की कभी कमी नहीं होने देगी। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 30 Jun 2026 7:02 pm

मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में प्रतिभा खोज चयन ट्रायल हुआ

बैतूल| खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मप्र के तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में जिला स्तरीय हॉकी प्रतिभा खोज चयन ट्रायल हुआ। ट्रायल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बालक और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चयन प्रक्रिया का उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। चयन प्रक्रिया के दौरान संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग से आए प्रतिनिधि देवकीनंदन कुशवाह ने खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, स्टेमिना, फिटनेस और हॉकी के तकनीकी कौशल का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के प्रति अनुशासन, नियमित अभ्यास और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी गति, फिटनेस और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जागेंद्र तोमर, देवेंद्र पाटिल, विभाषवर्धन पांडे तथा जिला खेल अधिकारी पूजा कुरील सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा खेलों में निरंतर मेहनत और अनुशासन से ही सफलता हासिल की जा सकती है। विभाग ने बताया चयनित खिलाड़ियों को आगे विशेष प्रशिक्षण देकर राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। ट्रायल को सफल बनाने में जिले के समन्वयक प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 5:30 am

राजस्थान में आज से फिर खुले स्कूल:अब जुलाई सिर्फ रविवार की छुट्‌टी, 17 अगस्त से शुरू होंगे सेकंड टेस्ट

राजस्थान में 43 दिन की लंबी गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल फिर से खुल गए हैं। सरकार ने छुटि्टयां कम करने का प्रयास किया लेकिन सरकारी स्कूल टीचर्स के दबाव में सिर्फ दो दिन की छुट्टी कम हो सकी। भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में 7 दिन की बढ़ोतरी की थी। पहले स्कूल 22 जून से खुलने थे, लेकिन अवकाश बढ़ाकर 28 जून तक कर दिया गया। अब 29 जून से नए शैक्षणिक सत्र की नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है। इस बार शिक्षा विभाग ने पूरे शैक्षणिक सत्र का विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया है, जिसमें छुट्टियों के साथ-साथ टेस्ट, अर्द्धवार्षिक परीक्षा और वार्षिक परीक्षा की तिथियां भी तय कर दी गई हैं। प्रदेश में इतने स्कूल संचालित राजस्थान में विभिन्न विभागों के तहत हजारों सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान संचालित हैं। प्रमुख श्रेणियों में स्कूलों की संख्या इस प्रकार है शिक्षा विभाग : 21,358 पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय : 43,194 जनजाति एवं सामाजिक न्याय विभाग : 3,087 मान्यता प्राप्त मदरसे : 2,845 संस्कृत शिक्षा विभाग : 1,839 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल : 134 केजीबीवी एवं छात्रावास : 178 अल्पसंख्यक कार्य विभाग : 32 मेवात क्षेत्र के स्कूल : 10 आवासीय विद्यालय : 7 इस तरह रहेगा ये सत्र जुलाई: लगातार पढ़ाई, एक भी सार्वजनिक अवकाश नहीं जुलाई में रविवार के अलावा कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं रहेगा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। अगस्त: सेकंड टेस्ट और बोर्ड फॉर्म 17 से 19 अगस्त: सेकंड टेस्ट। अगस्त में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन भरेंगे। 20-21 अगस्त: जिला स्तरीय एवं 27 से 29 अगस्त: राज्य स्तरीय सब जूनियर नेहरू हॉकी प्रतियोगिता। 29 अगस्त: राष्ट्रीय खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद जयंती)। सितंबर: लगातार पांच दिन सरकारी स्कूल बंद 4 सितंबर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का अवकाश। 5 सितंबर: शिक्षक दिवस। 8 सितंबर: विश्व साक्षरता दिवस। 18-19 सितंबर: शिक्षक सम्मेलन के कारण सरकारी स्कूलों में अवकाश। 20 सितंबर: रविवार। 21 सितंबर: श्रीरामदेव जयंती, तेजा दशमी और खेजड़ली शहीद दिवस का अवकाश। इस तरह सरकारी स्कूलों में 17 सितंबर के बाद सीधे 22 सितंबर को कक्षाएं लगेंगी। अक्टूबर: बदलेगा स्कूलों का समय, होंगे हाफ ईयरली एग्जाम अक्टूबर से स्कूलों का समय बदल जाएगा। एक पारी वाले स्कूल: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दो पारी वाले स्कूल: सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक (प्रत्येक पारी 5 घंटे) 15 से 29 अक्टूबर: अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं। 31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती एवं इंदिरा गांधी पुण्यतिथि। 18 से 20 अक्टूबर: लगातार तीन दिन अवकाश (रविवार सहित)। नवंबर: दीपावली के कारण आधा महीना बंद रहेंगे स्कूल 4 से 15 नवंबर: दीपावली अवकाश। 24 नवंबर: गुरु नानक जयंती। 27-28 नवंबर: राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन (सरकारी स्कूलों में अवकाश)। 29 नवंबर: रविवार। नवंबर में स्कूल केवल करीब 14 दिन ही संचालित होंगे। इसके अलावा 18 से 21 नवंबर तक राज्य स्तरीय विज्ञान मेला तथा 21 नवंबर को पीटीएम और कालिदास दिवस मनाया जाएगा। दिसंबर: 17 से 19 तक थर्ड टेस्ट इस बार दिसंबर में 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश नहीं होगा। 17 से 19 दिसंबर: थर्ड टेस्ट। 25 दिसंबर: क्रिसमस अवकाश। 26 दिसंबर: वीर बाल दिवस। जनवरी: 10 दिन की सर्दियों की छुट्टियां 1 से 10 जनवरी: शीतकालीन अवकाश। 15 जनवरी: गुरु गोविंद सिंह जयंती का अवकाश। 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस। 30 जनवरी: शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन। जनवरी में अवकाश के कारण स्कूल लगभग 14 दिन ही खुलेंगे। फरवरी: बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत रविवार के अलावा देवनारायण जयंती का एक सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसी महीने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। मार्च: 8 से 20 तक फाइनल एग्जाम 8 से 20 मार्च: वार्षिक (फाइनल) परीक्षाएं। 25 मार्च: परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे। 43 दिन का रहा ग्रीष्मकालीन अवकाश इस वर्ष राजस्थान के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश कुल 43 दिन का रहा। भीषण गर्मी और लू के चलते शिक्षा विभाग ने पहले घोषित अवकाश में 7 दिन की बढ़ोतरी की थी। अब सोमवार से प्रदेशभर के लाखों विद्यार्थी नए सत्र की नियमित पढ़ाई शुरू करेंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 9:07 am

अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन आसानी से होगा, दिन के अलावा रात में भी खेलने की सुविधाएं रहेंगी

भास्कर न्यूज|गुमला गुमला के चंदाली में 22 करोड़ रुपए से 7 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। खेलो इंडिया योजना के तहत सात एकड़ के बड़े भू-भाग में निर्मित होने वाला यह स्टेडियम पूरे राज्य में संभवत : सबसे बड़ा होगा। इस ग्राउंड में अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण रांची की एमसी जैन कंपनी कर रही है। अभी तक 75 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण होने का दावा कंपनी ने किया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि इस साल के आखिरी समय तक स्टेडियम पूर्ण हो जाएगा। जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार के अनुसार निर्माण के साथ ही गुमला में अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन आसानी से किया जा सकेगा। दिन के अलावा रात में भी खेलने की सुविधाएं रहेंगी। स्टेडियम आर्कषक और अनूठा होगा ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी गुमला कर सके। स्टेडियम के निर्माण से जिले के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारतीय हॉकी में गुमला का योगदान शायद अपेक्षित सुर्खियां नहीं बटोर पाया है। लेकिन आदिवासी बहुल यह जिला हॉकी प्रतिभाओं का धनी रहा है। एक दशक पहले हॉकी के क्षेत्र में गुमला अपना परचम लहरा चुका है। यहां के हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। बाद में धीरे-धीरे हॉकी की यह नर्सरी मुरझाने लगी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण होने से खिलाड़ी प्रोत्साहित होंगे। यहां खेलने के लिए देश और विदेश के खिलाड़ी पहुंचेंगे। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि स्टेडियम सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। इसमें चेंजिंग रूम, सेंटर, हॉस्टल, प्रैक्टिस ग्राउंड, विशाल मंच, जीम, स्कोर बोर्ड, डिस्पले जैसी कई आधुनिक सुविधाओं के साथ पांच हजार दर्शकों के एक साथ बैठने की क्षमता होगी। नाइट मैच के आयोजन में परेशानी नहीं हो। इसे ध्यान में रखते हुए पांच करोड़ रुपए लाइटिंग पर खर्च किए जाएंगे। शेष 17 करोड़ की लागत स्टेडियम निर्माण में आएगी।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:38 am

करनाल में अवैध कॉलोनियों का खेल जारी:हॉकी स्टेडियम की दीवार से लगती जमीन पर काटी कॉलोनी,हाईटेंशन लाइन के नीचे भी काटे जा रहे प्लॉट

करनाल शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध कॉलोनियां काटने का खेल बे-रोकटोक जारी है। न तो कॉलोनाइजरों में कानून का डर दिख रहा है और न ही लोगों की सुरक्षा की चिंता। गांव कैलाश के पास स्थित हॉकी स्टेडियम की दीवार के साथ लगती करीब 6 से 7 एकड़ जमीन में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है, जहां कच्ची सड़कें बनाकर रोड़ा बिछा दिया गया है और कई जगह निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इतना ही नहीं इस कॉलोनी में डीटीपी विभाग द्वारा लगाए गए नोटिस बॉर्ड को भी पॉलोथीन से ढक दिया गया ताकि डीटीपी द्वारा जो निर्देश जारी किए है उन्हें लोग न पढ़ सके। नाम न छापने की शर्त पर कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वाले खरीददारों ने बताया कि उन्हें यहां पर प्लॉट 25 हजार रुपए गज के हिसाब से दिया गया है और ये कह कर दिया गया है हमारे पास इस कॉलोनी सीएलयू है। यानी यह कॉलोनी प्रशासन की और मंजूर की गई है। कैलाश गांव के पास 6-7 एकड़ में फैलाया जालगांव कैलाश के आसपास जिस जगह कॉलोनी काटी जा रही है, वहां हालात यह हैं कि सड़क बनाने के नाम पर रोड़ा बिछाकर उसे विकसित क्षेत्र जैसा दिखाने की कोशिश की जा रही है। लोगों को यह आभास कराया जा रहा है कि यह वैध कॉलोनी है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। यहां तक कि डीटीपी विभाग द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड, जिन पर साफ लिखा था कि यह कॉलोनी अवैध है और यहां प्लॉट न खरीदें, उन्हें भी ढक दिया गया है ताकि खरीदारों को सच्चाई का पता न चले। हाईटेंशन लाइन के नीचे भी काटे जा रहे प्लॉटसबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कॉलोनी में उन जगहों पर भी प्लॉट काटे जा रहे हैं, जहां से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। यह लाइन इतनी खतरनाक है कि घर की छत तक पहुंचने पर भी करंट का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद लोगों की जान जोखिम में डालकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद फिर शुरू हो जाता कामअवैध कॉलोनाइजरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि प्रशासन की कार्रवाई भी इन्हें रोक नहीं पा रही। कई बार बुलडोजर चलाया जाता है, सड़कों को तोड़ा जाता है और चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही समय बाद दोबारा सड़कें ठीक कर दी जाती हैं और निर्माण कार्य शुरू हो जाता है। इससे साफ है कि कॉलोनाइजरों को न तो बुलडोजर का डर है और न ही किसी कानूनी कार्रवाई का। 130 अवैध कॉलोनियां चिन्हित, फिर भी जारी धंधानगर योजनाकार विभाग के अनुसार करनाल जिले में करीब 130 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की जा चुकी हैं। विभाग इन पर कार्रवाई भी करता है और कई जगह कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बावजूद अवैध कॉलोनियों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थिति यह है कि विभाग एक दिन कार्रवाई करता है और अगले ही दिन उसी जगह पर फिर से काम शुरू हो जाता है। फुल पेमेंट एग्रीमेंट से बेचे जा रहे प्लॉटविभाग का दावा है कि अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री नहीं होती, लेकिन इस कॉलोनी में 30 प्रतिशत से ज्यादा प्लॉट 25 हजार रुपए गज के हिसाब से बिक चुके है। हकीकत यह है कि यहां पर फुल पेमेंट एग्रीमेंट के जरिए प्लॉट बेचे जा रहे हैं। कॉलोनाइजर पहले जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेच देता है और फिर मौके से गायब हो जाता है। बाद में जब प्रशासन कार्रवाई करता है तो नुकसान सीधे उन लोगों को उठाना पड़ता है जिन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे होते हैं। लोगों को सस्ती जमीन का लालचइन कॉलोनियों में सबसे बड़ा खतरा आम लोगों के लिए है। सस्ती जमीन के लालच में लोग बिना जांच-पड़ताल के प्लॉट खरीद लेते हैं। उन्हें यह नहीं बताया जाता कि कॉलोनी अवैध है और यहां कोई मूलभूत सुविधा नहीं मिलेगी। बाद में जब प्रशासन कार्रवाई करता है तो उनके निर्माण पर बुलडोजर चल जाता है और उनकी मेहनत की कमाई बर्बाद हो जाती है। प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत में फर्कप्रशासन की ओर से लगातार यह दावा किया जाता है कि अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसा जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। चोरी-छिपे कॉलोनियां काटी जा रही हैं और प्लॉट बेचे जा रहे हैं। यह मामला केवल एक कॉलोनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में इसी तरह का खेल चल रहा है। कॉलोनी की करेंगे जांचवहीं इस मामले को लेकर जब डीटीपी विभाग के एटीपी मोहित से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है कि अवैध कॉलोनी में उनके चेतावनी बोर्ड को ढककर लोगों को प्लॉट बेचे जा रहे है। इस कॉलोनी पर कार्रवाई की जाएगी। जिस किसनी ने भी ये कॉलोनी काटी है और नियमों की अवहेलना की है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:30 am

कांग्रेस विधायक परगट सिंह समेत 15 नेताओं को राहत:चंडीगढ़ की अदालत ने 2 साल पुराना केस किया खारिज, पुलिस को नहीं मिले सबूत

जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह समेत 15 कांग्रेस नेताओं को चंडीगढ़ जिला अदालत से राहत मिली है। चंडीगढ़ अदालत ने दो साल पुराने आपराधिक मामले में पुलिस द्वारा दाखिल कैंसलेशन रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए केस खारिज कर दिया। पुलिस ने जांच में नेताओं के खिलाफ आरोप साबित करने लायक कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही थी। यह मामला 20 फरवरी 2024 का है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने परगट सिंह समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। उन पर पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जिला प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए थे। किसान आंदोलन के समर्थन में कर रहे थे प्रदर्शन एफआईआर के अनुसार, कांग्रेस नेता पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसानों के खिलाफ कथित बल प्रयोग के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी हाथों में पार्टी के झंडे लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में नहीं मिले आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मामले की जांच के दौरान पुलिस को परगट सिंह समेत अन्य आरोपित नेताओं के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़ जिला अदालत में कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद उसे स्वीकार कर लिया और एफआईआर को खारिज कर दिया। इस बीच, विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प के एक अन्य मामले में चंडीगढ़ प्रशासन आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। करीब 5 वर्ष पहले दर्ज एक मामले में मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान, मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा और अन्य नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प के आरोप में केस दर्ज किया गया था। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उस एफआईआर को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 9:51 pm

जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की

बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

प्रभासाक्षी 18 May 2024 4:50 pm