फलौदी की बेटियां बनीं हॉकी में चैंपियन
16वीं जूनियर राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में फलोदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। आदर्श नगर स्थित सूरज मैदान में खेले गए फाइनल मुकाबले में फलोदी ने हनुमानगढ़ को 1-0 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने कड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन फलोदी की टीम निर्णायक गोल करने में सफल रही। हनुमानगढ़ की टीम ने भी जोरदार प्रयास किए, पर बराबरी नहीं कर सकी। प्रतियोगिता में सीकर ने तीसरा और नागौर ने चौथा स्थान प्राप्त किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह में राजस्थान हॉकी संघ के सचिव डॉ. पवित्र सिंह बिश्नोई ने विजेता और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं महिला हॉकी को नई दिशा देती हैं और प्रदेश में प्रतिभाओं को निखारने का मंच प्रदान करती हैं। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर की टीमों ने हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
सादुलपुर में पहली बार महिला हॉकी स्टेट टूर्नामेंट 23 से
भास्कर संवाददाता | चूरू राष्ट्रीय खेल हॉकी के शताब्दी वर्ष पर 16वीं राजस्थान सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता जिले के सादुलपुर में 23 से 26 मई तक होगा। सीनियर महिला हॉकी की ये प्रतियोगिता जिले में पहली बार हो रही है। इससे पहले जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता हो चुकी है। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी जिलों से करीब 600 खिलाड़ी भाग लेंगी। प्रतियोगिता के संचालन के लिए गालड़ गांव की ओलिंपियन सोनिका टांडी व भारतीय महिला हॉकी टीम कप्तान रानी रामपाल को बुलाया गया है। आयोजन सचिव नंदकुमार शर्मा ने बताया कि ये प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के नए नियमों नॉकआउट पद्धति के आधार पर होगी। महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राज्य सीनियर महिला हॉकी टीम का चयन होगा, जो राष्ट्रीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीन दिन तक प्रतियोगिता सादुलपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के मैदान पर होगी। बतादें कि पिछली बार राज्यस्तरीय सीनियर महिला हॉकी में चूरू की खेलो इंडिया केंद्र की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। आयोजन सचिव नंदकुमार ने बताया कि खिलाड़ियों के आवागमन, आवास एवं भोजन आदि की व्यवस्था भामाशाह के सहयोग से होगी। इसमें उड़ीसा ट्रांसपोर्टर गणेश कंदोई, राजगढ़ नागरिक परिषद बेंगलुरु के अध्यक्ष बिहारी लाल सरावगी एवं सांसद राहुल कस्वां, हॉकी के राष्ट्रीय खिलाड़ी सचिन पाडिया सहयोग करेंगे। जिले में महिला हॉकी की पहली एनआईएस कोच अंजना लबानिया का कहना है कि जिले में सीनियर महिला हॉकी की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता होने से महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा। वे हॉकी के नए गुर सीख सकेंगी, वहीं नई महिला खिलाड़ियों की इस खेल में रूचि बढ़ेगी। जिले के महिला हॉकी के खेलो इंडिया केंद्र से तैयार खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
हनुमानगढ़, फलोदी, सीकर और नागौर सेमीफाइनल में; कल होंगे मुकाबले
16वीं जूनियर राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता जयपुर } आदर्श नगर स्थित सूरज मैदान में 24 अप्रैल 2026 को 16वीं जूनियर राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। राजस्थान हॉकी एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के दूसरे दिन यानी 25 अप्रैल को खेले गए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। परिणाम इस प्रकार रहे : जैसलमेर ने दौसा को 1-0 से हराया। जयपुर ने बाड़मेर पर 3-0 से एकतरफा जीत दर्ज की। बीकानेर ने डीडवाना को 4-0 से मात दी। जोधपुर ने भीलवाड़ा को 1-0 से हराया। सीकर ने अजमेर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। फलोदी ने बीकानेर को 1-0 से हराकर सबको चौंकाया। हनुमानगढ़ ने जोधपुर के खिलाफ 7-0 की बड़ी जीत दर्ज की। सीकर ने जैसलमेर को 1-0 से हराकर जीत हासिल की, जबकि नागौर ने जयपुर को 1-0 से हराकर उलटफेर किया। प्रतियोगिता में कल सुबह सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि शाम को फाइनल मैच आयोजित होगा। इस प्रतियोगिता के माध्यम से राजस्थान की जूनियर महिला हॉकी टीम के लिए भविष्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन भी किया जाएगा।
हॉकी इंडिया का कैंप .36 सदस्यों के नाम घोषित
भास्कर न्यूज | जालंधर हॉकी इंडिया की तरफ से गत दिनों सीनियर पुरुष राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए 36 खिलाड़ियों के संभावित कोर ग्रुप की घोषणा की। यह कैंप 9 मई तक बेंगलुरु स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर में आयोजित किया जाएगा। यह कोचिंग कैंप टीम की रणनीतिक तालमेल, फिटनेस सत्रों पर केंद्रित होगा। टीम का लक्ष्य आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देना है, जिसमें एफआईएच प्रो लीग 2025-56 का यूरोपियन चरण, वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स शामिल हैं। जालंधर के मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह के साथ-साथ मनप्रीत सिंह को भी इस ग्रुप में शामिल किया गया है। मनप्रीत सिंह इस समय 410 इंटरनेशनल मैच के साथ देश में दूसरे नंबर पर मौजूद है, जबकि हॉकी इंडिया के प्रधान ओलिंपियन दिलीप टिर्की सबसे ज्यादा 411 इंटरनेशनल मैच 1995 से 2010 के बीच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। अगर मनप्रीत 2 मैच और खेल लेता है तो वह सर्वाधिक इंटरनेशनल हॉकी मैच खेलने वाला देश का खिलाड़ी बन जाएगा। वहीं मनप्रीत सिंह कुल 4 ओलिंपिक खेल चुका है जिसमें 2 ओलिंपिक में कांस्य पदक भी जीते है, एक ओलिंपिक में बतौर कप्तान टीम को कांस्य पदक दिलाया था। एचआईएल में प्रदर्शन कर खींचा ध्यान मनप्रीत ने पिछले महीनों एचआईएल में काफी बेहतर प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। भारतीय हॉकी टीम में वह मिड फील्डर की भूमिका में रहते है, हालांकि हार्दिक भी मिडफील्डर है लेकिन मनप्रीत के पास काफी अनुभव है।
टूट गई ओलिंपियन भाइयों की जोड़ी, गुरबक्श ने दुनिया छोड़ी
जयपुर }1968 ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाली दो भाइयों की जोड़ी टूट गई। बड़े भाई गुरबक्श सिंह ग्रेवाल शुक्रवार को दुनिया छोड़ गए। गुरबक्श सिंह और बलबीर सिंह ग्रेवाल दोनों ने 1968 मेक्सिको ओलिंपिक में हिस्सा लिया थे। ये सगे भाइयों की पहली जोड़ी थी जिसने भारत की ओर से हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इस ओलिंपिक में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। गुरबक्श सिंह ने शुक्रवार को जिरकपुर, चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। गुरबक्श सिंह ग्रेवाल वेस्टर्न रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी थे।
वाराणसी के उदय प्रताप कालेज में हॉकी एस्ट्रो टर्फ का प्रधानमंत्री अपने वाराणसी दौरे पर उद्घाटन कर सकते हैं।इसे देखते हुए कार्यदायी संस्था और कालेज प्रशासन के साथ ही साथ जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में सीडीओ और अन्य अधिकारियों ने टर्फ के निर्माण कार्य की प्रगति मौके पर पहुंचकर जानी थी। टर्फ के मुख्य द्वार का काम भी एक-दो दिन में समाप्त हो जाएगा। वाराणसी का तीसरा एस्ट्रो टर्फ वाराणसी में एम्फीथियेटर, बीएचयू, लालपुर स्टेडियम के बाद यूपी कालेज में शहर का तीसरा एस्ट्रो टर्फ बनकर तैयार है। अंतराष्ट्रीय मानकों पर बना यह टर्फ 8.73 करोड़ की लगता से तैयार हो रहा है। इसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ (FIH) ने टर्फ की मान्यता संबंधित सर्टिफिकेट भी दे दिया है। इस टर्फ के बाद वाराणसी हॉकी को नया प्लेटफार्म मिल जाएगा। प्रधानमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 अप्रैल को वाराणसी संभावित दौरे पर आ रहे हैं। जहां काशिवासयों और पूरे पूर्वांचल को 5 हजार करोड़ से अधिक की सौगात दे सकते हैं। इसमें यूपी कालेज परिसर में ओलिंपियन ललित उपाध्याय की मांग पर बन रहे हॉकी एस्ट्रो टर्फ का उद्घाटन भी शामिल हो सकता है। इसके निर्माण के बाद अब इसकी फिनिशिंग की तैयारियां अंतिम चरण में है। हो सकेंगे नेशनल-इंटरनेशनल मैच वाराणसी के वरुणा पार इलाका हॉकी की नर्सरी कहलाता है। यहां कई सारे ओलिंपियन जन्मे हैं। इसमें हॉकी के ड्रिब्लिंग के जादूगर मोहम्मद शाहिद, सहित कई ओलिंपियन ने काशी का नाम रौशन किया। हाल ही में ललित उपाध्याय ने लगातार दो ओलिंपिक में भारत और काशी का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ही इस एस्ट्रो टर्फ की मांग की थी ।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

