युवाओं के भरोसे ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार होगा: टेलर
भास्कर संवाददाता | मुरैना भाजपा युवा मोर्चा का युवा संवाद कार्यक्रम गर्ग सेवा सदन में हुआ। मुख्य अतिथि युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर व विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह रहे। राष्ट्रीय हॉकी संघ के उपाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष व भाजपा जिला महामंत्री सोनू परमार ने की। सोनू परमार ने पट्टिका पहनाकर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट किया। स्वागत भाषण में सोनू परमार ने कहा, पोरसा से मुरैना तक युवाओं ने गर्मजोशी दिखाई। रात में भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। उन्होंने युवाओं का आभार जताया। प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर ने कहा, युवाओं के भरोसे ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार होगा। भाजपा 1 लाख युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने खुद को इसका उदाहरण बताया। जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने युवाओं से संगठन कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा, भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएं। राष्ट्रहित में काम करें। भारत माता को परम वैभव तक पहुंचाने का संकल्प लें। देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, यह वही चंबल है। यहां का युवा सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करता है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मुंशीलाल, पूर्व जिलाध्यक्ष केदार यादव, योगेश पाल गुप्ता, पूर्व विधायक राकेश मावई, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। संचालन जिला महामंत्री धीरज पचौरी ने किया। आभार जिला महामंत्री अजयवीर यादव ने जताया।
कांस्य पदक जीतने वाली स्नेहा का किया सम्मान
बड़वानी| जापान में आयोजित हॉकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश, प्रदेश व जिले का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी स्नेहा दावदे का सामाजिक चिंतन मंच ने सम्मान किया। मंच के सदस्यों ने स्नेहा का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत करते हुए उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। सदस्यों ने कहा स्नेहा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह साबित किया है कि बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं। उनकी उपलब्धि हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देती है कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इस अवसर पर कहा गया कि बेटियों की सफलता पूरे समाज का गौरव बढ़ाती है।
फुटबॉल वर्ल्ड कप में ब्राजील को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार फुटबॉलर नेमार दाहिनी पिंडली की चोट के कारण टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला भी नहीं खेल पाएंगे। ब्राजील फुटबॉल परिसंघ ने गुरुवार को बताया कि नेमार हैती के खिलाफ होने वाले मैच के लिए टीम के साथ फिलाडेल्फिया नहीं जाएंगे। 34 साल नेमार न्यू जर्सी में रहकर अपनी रिकवरी प्रक्रिया जारी रखेंगे। वह टीम होटल की सुविधाओं में उपचार और फिटनेस पर काम करेंगे। ताकि जल्द से जल्द मैदान पर वापसी कर सकें। नेमार अभी तक पूरी टीम के साथ ट्रेनिंग सेशन में शामिल नहीं हुए हैं। ब्राजीलियाई स्टार नेमार को 17 मई को सैंटोस के लिए खेलते समय दाहिनी पिंडली में चोट लगी थी। चोट की प्रगति का आकलन करने के लिए सोमवार को उनके मेडिकल परीक्षण भी किए गए थे। ब्राजील ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत मोरक्को के खिलाफ 1-1 ड्रॉ से की थी। उस मुकाबले में भी नेमार उपलब्ध नहीं थे। अब टीम ग्रुप-सी में अपना दूसरा मैच हैती के खिलाफ खेलेगी। स्पोर्ट्स की अन्य बड़ी खबरें भी पढ़िए… पिछला IPL सबसे ज्यादा देखा गया, फाइनल सबसे ज्यादा देखा गया मुंबई | IPL का 19वां सीजन लीग के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला सीजन बन गया है। इसकी कुल रीच 120 करोड़ के आंकड़े को पार गई। इस सीजन का फाइनल मुकाबला स्क्रीन पर अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच साबित हुआ। इस अकेले खिताबी मुकाबले ने टीवी और डिजिटल को मिलाकर 40 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड रीच हासिल की। इस साल दर्शकों के मैच देखने के तरीकों में बड़ा बदलाव आया और डिजिटल स्क्रीन्स पर ग्रोथ दर्ज की गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कुल वीडियो व्यूज 8% की सालाना बढ़त के साथ 25 अरब के पार पहुंच गए। डिजिटल माध्यमों पर क्षेत्रीय भाषाओं के वॉच-टाइम शेयर में 33% का भारी उछाल देखा गया। जियोस्टार के स्पोर्ट्स कंटेंट हेड सिद्धार्थ शर्मा के अनुसार, कंपनी की रणनीति खेल के दिग्गजों को एक साथ लाकर दर्शकों को मैच का एक अनोखा और इनसाइड अनुभव देने की थी। इस रणनीति के तहत भोजपुरी और हरियाणवी भाषाओं के फीड में असाधारण वृद्धि देखी गई। आखिरी 4 मिनट में 2 गोल खाकर हारी भारतीय हॉकी टीम रॉटरडैम | FIH प्रो लीग मुकाबले में भारत पुरुष हॉकी टीम को वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम एक समय जीत के करीब थी, लेकिन अंतिम चार मिनट में दो गोल खाकर मुकाबला गंवा बैठी। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हुआ। तीसरे क्वार्टर में जुगराज सिंह ने 38वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद भारत बढ़त बनाए रखने में सफल दिख रहा था, लेकिन जर्मनी ने शानदार वापसी की। 56वें मिनट में जस्टस वाइगैंड ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर बराबर किया। मैच समाप्त होने से कुछ सेकंड पहले याकॉब ब्रिला ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर जर्मनी को 2-1 की जीत दिला दी। मैच में भारत को तीन और जर्मनी को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले। भारतीय टीम अपने मौके भुनाने और बढ़त बचाने में नाकाम रही। एक दिन पहले भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराकर यादगार जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में मनप्रीत सिंह ने अपना 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया था। भारत का अगला मुकाबला 21 जून को ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स से होगा। --------------------------------------------
मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भारत के लिए सबसे ज्यादा हॉकी मैच खेलने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने पूर्व खिलाड़ी दिलीप टिर्की (412 मैच) को पीछे छोड़ा। 33 साल के मनप्रीत के नाम 413 मैच हो गए हैं। इस उपलब्धि के बाद हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भारत ने नीदरलैंड के रॉटरडैम में खेले गए FIH हॉकी प्रो लीग में वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराया। मैच के सातवें मिनट में मनदीप सिंह ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 13वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने बढ़त दोगुनी कर दी। 35वें मिनट में नीलकांता शर्मा ने तीसरा गोल दागा। जर्मनी के लिए 45वें मिनट में राफेल हार्टकोफ ने एकमात्र गोल किया। कोहली से सीखी फिटनेस मनप्रीत ने कहा कि इतने मैच खेलने के पीछे का राज फिटनेस है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को फिटनेस का आदर्श बताते हुए कहा कि हर खिलाड़ी उनसे सीखता है कि लंबे समय तक खुद को कैसे फिट रखा जाए। मनप्रीत ने कहा, विराट फिटनेस के मामले में सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। मैंने भी उनसे बहुत कुछ सीखा है। मैदान पर उनका आक्रामक रवैया, फोकस और 100 प्रतिशत देने की आदत इंस्पायर करती है। 41 साल बाद ओलिंपिक मेडल दिलाया मनप्रीत ने 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलिंपिक में कप्तानी करते हुए भारत को 41 साल बाद ओलिंपिक मेडल दिलाया था। इससे पहले भारत ने 1980 के मॉस्को ओलिंपिक में गोल्ड जीता था। मानप्रीत के करियर में 2014 और 2022 एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और टोक्यो 2020 तथा पेरिस 2024 ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर के रहने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया था। दुनिया के 5वें सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर 413 इंटरनेशनल मैचों के साथ मनप्रीत मेंस हॉकी में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर्स में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूयर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ऑकेन्डेन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। उन्होंने पाकिस्तान के वसीम अहमद (410) और नीदरलैंड्स के जेरोन डेल्मी (401) को भी पीछे छोड़ दिया है। 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में मनप्रीत इकलौते एक्टिव खिलाड़ी हैं। ओलिंपिक गोल्ड पर नजर मनप्रीत ने कहा कि दो ओलिंपिक ब्रॉन्ज जीतने के बावजूद उनका सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। उनका लक्ष्य हॉकी वर्ल्ड कप में मेडल और 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में गोल्ड जीतना है। मनप्रीत ने अपने करियर का सबसे बड़ा पल टोक्यो ओलिंपिक का ब्रॉन्ज बताया। वहीं 2012 लंदन ओलिंपिक को सबसे निराशाजनक अनुभव कहा, जहां भारत एक भी मैच नहीं जीत सका था और 12वें स्थान पर रहा था। भारत 8वें स्थान पर पहुंचा इस जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में 7 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर पहुंच गया। भारत और जर्मनी के बीच अगला मुकाबला आज रात 11 बजे से खेला जाएगा।
बिलासपुर में डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव बुधवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों पर भड़क गए। इंस्पेक्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, काम करना है या नहीं? पहले जांच क्यों नहीं हुई? 2017 से काम अधूरा पड़ा है। यह कोई काम करने का तरीका है क्या? मजाक कर रहे हैं या नौकरी? दरअसल, अरुण साव ने बहतराई स्थित स्वर्गीय बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का सरप्राइज इंस्पेक्शन करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने हॉकी स्टेडियम की अधूरी गैलरी, फंड मिलने के बाद भी मैपलवुड लगाने में देरी और मरम्मत कार्यों में लापरवाही देखी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा, ईई साहब, आपका सुपरविजन कैसा है? इतने साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अगर समय पर निगरानी होती तो यह स्थिति नहीं बनती। करीब 10 साल पहले बने इस खेल प्रशिक्षण केंद्र में अब भी कई काम अधूरे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छी खेल सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देखिए पहले ये तस्वीरें- डिप्टी सीएम बोले- दोबारा आऊंगा, दिक्कत में पड़ेंगे आप लोग डिप्टी सीएम अरुण साव ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता बीबीएस गौतम को सभी लंबित काम जल्द पूरा करने के लिए संयुक्त बैठक बुलाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर काम की खुद जांच कीजिए और 15 दिन में रिपोर्ट दीजिए। मैं दोबारा निरीक्षण के लिए आऊंगा। अगर काम में लापरवाही मिली तो आप लोगों दिक्कत में पडेंगे। सिर झुकाए रहे अफसर अरुण साव ने हॉस्टल की स्थिति की जानकारी लेने के बाद नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से पैसा मिलने के बावजूद जरूरी मरम्मत और रखरखाव के काम समय पर नहीं हो रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का काम साल 2017 में शुरू होने के बाद भी पूरा नहीं होने पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई। डिप्टी सीएम ने कहा कि इतने सालों तक काम अधूरा रहना गंभीर लापरवाही है। अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य तय समय में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही कामों की नियमित निगरानी भी की जाए। तीरंदाजी मैदान जुलाई तक पूरा करने के निर्देश डिप्टी सीएम ने एसईसीएल की ओर से करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग के सहायक संचालक ए. एक्का को जुलाई तक मैदान का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में लगी हाईमास्ट लाइट को जल्द ठीक कराने के लिए कहा। डिप्टी सीएम ने पीडब्ल्यूडी और खेल विभाग के अधिकारियों को पूरे स्टेडियम का संयुक्त निरीक्षण करने और जरूरी कामों का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए शौचालय बनाने और दर्शकों के लिए शौचालयों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने खामियां दूर करने दी चेतावनी डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव के साथ विभागीय सचिव मुकेश बंसल भी बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने जिले में बन रही सड़कों का निरीक्षण कर काम की गति और गुणवत्ता की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर निर्माण कार्य में खामियां मिलने पर सचिव बंसल ने संबंधित ठेकेदार को जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि तय मानकों के अनुसार काम नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। सचिव बंसल ने रतनपुर से कबीर चौरा तक बन रही सड़क का भी निरीक्षण किया। करीब 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 97 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना का काम जारी है। उन्होंने इस परियोजना के तहत बन रही करीब 7 किलोमीटर लंबी रतनपुर बाइपास सड़क का भी जायजा लिया। मानकों के अनुसार काम नहीं होने पर भुगतान रोकने के निर्देश सचिव ने स्पष्ट कहा कि जब तक काम निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भुगतान रोककर रखा जाए। वहीं, निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर सचिव ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा सके। ……………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… राजस्व मंत्री बोले- सांप की तरह बैठकर कुर्सियां मत तोड़ो,VIDEO:रायपुर तहसील के अधिकारियों को लगाई फटकार, भूपेश बोले- पूरा मंत्रिमंडल नाटक कर रहा छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रायपुर तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिकायत मिलने पर राजस्व मंत्री भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘जनता की सेवा के लिए बैठे हो, कुर्सियां तोड़ने के लिए नहीं।’ पढ़ें पूरी खबर…
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह ने अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नीदरलैंड के खिलाफ रॉटरडैम में खेले गए मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया के वर्तमान अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही मनप्रीत भारत की ओर से सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले संयुक्त रूप से पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वह वर्तमान में 400 से अधिक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले एकमात्र सक्रिय भारतीय खिलाड़ी हैं। अब उनके पास अगले मुकाबले में दिलीप टिर्की को पीछे छोड़कर नया इतिहास रचने का अवसर है। भारतीय हॉकी को मिला नया लीजेंड: - अगले मैच में टूटेगा सबसे बड़ा रिकॉर्ड मनप्रीत सिंह के शानदार करियर में अब एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय टीम जब अपने अगले मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेगी, तो उनके पास दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का अवसर होगा। 413वां मैच खेलते ही वह भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले अकेले खिलाड़ी बन जाएंगे। खेल के प्रति उनका समर्पण और निरंतर निरंतर प्रदर्शन देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
14.25 करोड़ से संवरेंगे शहर के स्टेडियम और खेल मैदान
भास्कर न्यूज | बाड़मेर शहर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर है। शहर के प्रमुख खेल मैदानों और स्टेडियम की तस्वीर जल्द ही पूरी तरह से बदलने वाली है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत बाड़मेर में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने और इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं विकसित करने के लिए 14.25 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की है। नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार ने बताया कि जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल की अध्यक्षता में इस वर्ष 2026-27 के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। जिला स्तरीय कमेटी से इस 14.25 करोड़ के प्रोजेक्ट का अनुमोदन होने के बाद, अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं। इस बजट से शहर के तीन प्रमुख केंद्र आदर्श स्टेडियम, पीजी कॉलेज और हाई स्कूल में बड़े स्तर पर विकास कार्य होंगे। पीजी कॉलेज: 3 करोड़ रुपए से इंडोर स्टेडियम का निर्माण होगा। इसमें बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कबड्डी कोर्ट और जूडो, कराटे व ताइक्वांडो के लिए मैट की सुविधा होगी। 30 लाख से 400 मीटर के 6-लेन ट्रैक बनेंगे । हाई स्कूल बाड़मेर: फुटबॉल और हॉकी मैदान को अपग्रेड करने के लिए 25 लाख रुपए खर्च होंगे। हाई स्कूल मैदान में कई बार नेशनल स्तर की टूर्नामेंट होती है। आदर्श स्टेडियम: 5 करोड़ रुपए से इनडोर स्टेडियम का निर्माण होगा। इसके अलावा 2.50 करोड़ से स्टेडियम के पार्क में सिंथेटिक ट्रैक बनेगा। पेवेलियन मय टीन शेड के विस्तार को 1.48 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नए हैंडबॉल एवं नेटबॉल कोर्ट के निर्माण के लिए 60 लाख रुपए, कंक्रीट सरफेस लॉन टेनिस कोर्ट बनाने के लिए 50 लाख, रनिंग ट्रैक और खेल मैदान के अपग्रेडेशन के लिए 38 लाख रुपए खर्च होंगे।
कोलकाता: कैब ने राज्य के खेल मंत्री को लिखा पत्र, अभिषेक डालमिया की मंशा पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल के युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. इंद्रनिल खान (स्वतंत्र प्रभार) को द क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) की तरफ से एक पत्र लिखा गया है, जिसमें कैब में मजबूत शिकायत निवारण सिस्टम, न्यायिक जांच और संतुलन की फिर से पुष्टि की बात कही गई है। कैब के आधिकारिक लेटरहेड पर लिखा गया, हम, द क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के पदाधिकारी, पश्चिम बंगाल में क्रिकेट के पूरी तरह से पारदर्शिता, जवाबदेही और पूरे विकास के लिए अपनी पक्की प्रतिबद्धता को फिर से पुष्टि करने के लिए यह औपचारिक पत्र लिख रहे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य आपके कार्यालय को यह भरोसा दिलाना है कि हमारे राज्य के युवाओं के सपने और उम्मीदें एक मजबूत, स्वतंत्र और कानूनी रूप से जरूरी प्रशासनिक फ्रेमवर्क द्वारा सुरक्षित हैं। पत्र में आगे लिखा गया, हमारा ध्यान 13 जून, 2026 के एक हालिया खुले पत्र की ओर गया है, जिसे कैब के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक डालमिया ने अपने फेसबुक पेज के जरिए सार्वजनिक किया था। बाद में कई मीडिया हाउस ने इसे उठाया था। इसमें भ्रष्टाचार, गड़बड़ी और चयन प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली निष्पक्षता के बारे में कुछ आशंकाएं जताई गई थीं। हालांकि फुटबॉल और हॉकी समेत पूरे मैदान से जुड़े बड़े मामले हमारे अधिकार क्षेत्र से पूरी तरह बाहर हैं, हम आपका ध्यान लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए संवैधानिक आदेशों की ओर दिलाना चाहते हैं। यह सख्त आदेश बीसीसीआई और हर राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में लागू है। सुप्रीम कोर्ट के इन कानूनी रूप से बाध्यकारी आदेशों के तहत, हर राज्य एसोसिएशन एक स्वतंत्र लोकपाल और नीति अधिकारी के कार्यालय के साथ काम करता है, जिसके अध्यक्ष हाई कोर्ट के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज होने चाहिए। कैब को ठीक यही फ्रेमवर्क चलाता है, जहां पिछले दो सालों से, न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य, कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, लोकपाल के तौर पर काम कर रहे हैं और अभी नीति अधिकारी के तौर पर भी काम कर रहे हैं। हमें यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि यह ऊंची न्यायिक स्थिति यह पक्का करती है कि फोरम के सामने लाई गई किसी भी शिकायत पर कानूनी पवित्रता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाए, जो मौजूदा पदाधिकारियों के दखल से पूरी तरह मुक्त हो। 2019 से, कई जाने-माने लोकपाल और नीति अधिकारियों ने स्टेट एसोसिएशन में अपनी-अपनी कार्य अवधि पूरी की है। कोई भी स्टेकहोल्डर - चाहे वह एथलीट हो, कोच हो, माता-पिता हो, या प्रशासक हो—जिसके पास भरोसेमंद डॉक्यूमेंट्री, वित्तीय रिकॉर्ड, या गलत काम के सबूत हों, उसे ऐसे तथ्य सीधे लोकपाल के सामने रखने की पूरी छूट है। पत्र में आगे लिखा गया, पिछले 30 सालों में, बी.एन. दत्त, जगमोहन डालमिया, सौरव गांगुली, अभिषेक डालमिया और स्नेहाशीष गांगुली जैसे लोगों ने कैब अध्यक्ष और बबलू कोलाय, बिस्वरूप डे और बबलू गांगुली जैसे लोगों ने सचिव के तौर पर काम किया है। इस हालिया घटना तक खराबी के ऐसे कोई आरोप कभी नहीं लगे थे। हैरानी की बात है कि हालिया संवाद से ऐसा लगता है कि, उनके अपने कार्यकाल को छोड़कर, दूसरे प्रशासन में भी गड़बड़ियां रही हैं। कैब में कई प्रशासक हैं जिन्होंने बिना किसी शक के प्रतिबद्धता के साथ, हमारे खेल के इतिहास में क्रिकेट के खेल और क्रिकेट प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए अपनी मेहनत की कमाई लगाई है। गलत कामों को आम मानना या उनमें से ज्यादातर के बारे में कोई भी गलतफहमी रखना, तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना है और उनके सच्चे प्रयासों और इरादे की गहरी अनदेखी करना है। कैब के किसी भी पिछले अध्यक्ष या सचिव ने कभी भी इस तरह का कोई सार्वजनिक पत्र जारी नहीं किया है, और यह एसोसिएशन के अंदर सभी के लिए हैरानी की बात है। हम खेल मंत्री को कैब आने और हमारे 140 सदस्यों से मिलने के लिए बढ़ावा देते हैं। हमारे मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने देश का सबसे ऊंचे स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष, कैब अध्यक्ष और आईसीसी क्रिकेट कमिटी के अध्यक्ष रहे हैं। उनकी ईमानदारी पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। यही बेदाग रिकॉर्ड बी.एन. दत्त और जगमोहन डालमिया जैसे लोगों पर भी लागू होता है। पत्र में लिखा गया, यह देखते हुए कि हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश हमारे संविधान के तहत इस सबसे बड़े सिस्टम को ईमानदारी से हेड करते हैं। खुले सार्वजनिक पत्र के जरिए इस बने-बनाए न्यायिक फोरम को बायपास करना, सही कानूनी तरीकों से असली चिंताओं को दूर करने के बजाय खेल प्रशासन के मुद्दों को सार्वजनिक करने की कोशिश लगती है। यह खास तौर पर अजीब है जब ऐसे संवाद एक पिछले प्रशासक की तरफ से आया है, जो 2022 तक सचिव और अध्यक्ष के तौर पर अपने-अपने कार्यकाल के दौरान सिस्टम से अच्छी तरह वाकिफ रहे हैं। उस प्रशासक ने 2022 से आज तक कैब की किसी भी गड़बड़ी के बारे में कभी शिकायत नहीं की है। इसलिए, एक अलग एंटी-करप्शन (भ्रष्टाचार के खिलाफ) हेल्पलाइन की मांग पूरी तरह से कैब के साथ मेल खाती है, जहां लोकपाल को पहले से ही ऐसे मामलों को संभालने का संवैधानिक अधिकार है। हम खेल मंत्री को कैब आने और हमारे 140 सदस्यों से मिलने के लिए बढ़ावा देते हैं। हमारे मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने देश का सबसे ऊंचे स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष, कैब अध्यक्ष और आईसीसी क्रिकेट कमिटी के अध्यक्ष रहे हैं। उनकी ईमानदारी पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। यही बेदाग रिकॉर्ड बी.एन. दत्त और जगमोहन डालमिया जैसे लोगों पर भी लागू होता है। Also Read: LIVE Cricket Score पत्र पर कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली, उपाध्यक्ष नीतिश रंजन दत्ता, ट्रेजर संजय दास, सचिव बबलू कोलाय, पूर्व संयुक्त सचिव मदन मोहन घोष का हस्ताक्षर है। Article Source: IANS
फुटबॉल से क्रिकेट तक: वे खिलाड़ी जिन्होंने दोनों खेलों में बनाया इतिहास
एक खबर आई कि थ्री लायंस के कप्तान हैरी केन (Harry Kane) फ्लोरिडा में अपनी टीम के, फीफा वर्ल्ड कप ट्रेनिंग बेस पर, टीम के साथ क्रिकेट प्रैक्टिस में बड़े जोश से खेल रहे थे। इतना ही नहीं, एमसीसी ने भी फुटबॉल खिलाड़ियों की बैट और बॉल से प्रेक्टिस टेक्निक को सही बताया है और इसलिए ही तो क्रिकेट लॉ बनाने वालों ने भी. ये खबर आने पर, अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर इंग्लिश फुटबॉल खिलाड़ियों की क्रिकेट स्किल्स पर कमेंट किया, ‘ये सीधे उसी टेक्नीक से खेल रहे हैं जैसा एमसीसी मैनुअल में है'। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच पर प्री-टूर्नामेंट ट्रेनिंग कैंप में, हैरी केन ने न सिर्फ तेज गेंदबाजी की, बैटिंग भी की। अगर फुटबॉल खिलाड़ी क्रिकेट खेल सकते हैं, तो यकीन मानिए, कई क्रिकेटर टॉप लेवल पर फुटबॉल खेल चुके हैं, यहां तक कि फीफा वर्ल्ड कप में भी उनका जिक्र है। सभी की ऐसी लिस्ट में पहला और सबसे लोकप्रिय नाम ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी (Ellyse Perry) का होगा जो दो बार आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता हैं तो साथ में 2011 में फीफा वर्ल्ड कप में मटिल्डा (ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल टीम) के लिए भी खेली थीं। वह कई खेलों की माहिर हैं और अगर हम सिर्फ फुटबॉल की बात करें, तो अपने फुटबॉल करियर के दौरान सेंट्रल कोस्ट मरीनर्स, कैनबरा यूनाइटेड और सिडनी एफसी के लिए तो खेला ही, मटिल्डा के लिए 18 मैच खेले। 2011 फीफा महिला वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में स्वीडन के विरुद्ध 1-3 की हार वाले मैच में ऑस्ट्रेलिया का एकमात्र गोल भी किया था। फुटबॉल वर्ल्ड कप में गोल करना कोई साधारण रिकॉर्ड नहीं है। एलिस पेरी इतनी बेहतर खिलाड़ी हैं कि सिर्फ अपनी क्रिकेट की उपलब्धियों की बदौलत ही दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में शामिल हो सकती हैं। आमतौर पर ये मानते हैं कि वह आईसीसी और फीफा दोनों वर्ल्ड कप में खेलने वाली अकेली खिलाड़ी हैं, पर ये सही नहीं। क्लेयर टेलर (Clare Taylor) भी कुछ कम नहीं थीं। वह 1993 में लॉर्ड्स में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम में थीं और दो साल बाद, 1995 में, फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए खेलीं। टेलर यॉर्कशायर से हैं और ब्रोंटे तथा लिवरपूल लेडीज क्लब के लिए फुटबॉल खेला। क्लेयर, पुरुष और महिला दोनों में, अकेली ऐसी खिलाड़ी हैं जो क्रिकेट और फुटबॉल दोनों के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए खेलीं। स्वीडन में 1995 के फीफा महिला वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की टीम में थीं और ये टीम क्वार्टर फाइनल तक खेली। सच तो ये है कि टेलर को क्रिकेट से भी ज्यादा, फुटबॉल पसंद था। जब इंग्लैंड फुटबॉल टीम से बाहर कर दिया तो उसके बाद ही उन्होंने क्रिकेट पर सही से फोकस किया। जब एफए ने इंग्लैंड के पहले इंटरनेशनल मैच की 50वीं सालगिरह के मौके पर अपनी लीगेसी नंबर स्कीम शुरू की तो टेलर को 82वें नंबर पर रखा था। जब अक्टूबर 2008 में आईसीसी ने पहली बार महिला बैटिंग रैंकिंग घोषित की तो वे उसमें नंबर 1 थीं। 2000 के बर्थडे ऑनर्स में क्वीन ने उन्हें ‘क्रिकेट, एसोसिएशन फुटबॉल और हॉकी में उनके योगदान के लिए’ ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (MBE) का मेंबर बनाया था। सर विवियन रिचर्ड्स (Sir Vivian Richards) के पास सही मायने में फुटबॉल के लिए फुर्सत ही नहीं थी और इसलिए उन्हें क्रिकेट में, फुटबॉल पिच से ज्यादा चर्चा मिली। तब भी वेस्टइंडीज के ये दिग्गज जब भी मौका मिला एंटीगा की नेशनल फुटबॉल टीम के लिए खेले और 1974 के वर्ल्ड कप फाइनल्स के लिए उनके क्वालिफिकेशन कैंपेन में भी खेले थे। वहां एंटीगा अपने चारों मैच हार गया (त्रिनिदाद एंड टोबैगो से तो 11-0 से और सूरीनाम से 6-0 से)। विश्वास कीजिए जिन सर ज्योफ हर्स्ट (Sir Geoff Hurst) के नाम इंग्लिश फुटबॉल के इतिहास में सबसे मशहूर हैट्रिक (वर्ल्ड कप फाइनल में हैट्रिक स्कोर करने वाले अकेले) का रिकॉर्ड है और 1966 में वेम्बली में वर्ल्ड कप जीते, वे भी 1962 में एसेक्स के लिए (लेंकशायर के विरुद्ध) एक काउंटी चैंपियनशिप मैच खेले थे। वे एक बेहतरीन फील्डर थे और कभी-कभी विकेटकीपिंग भी करते थे लेकिन क्रिकेट के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक बॉबी मूर (Bobby Moore) भी बड़े अच्छे क्रिकेटर थे। संयोग देखिए इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीता 2010 में, ये दो इंग्लिश क्रिकेटर तो 44 साल पहले ही इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप ले आए थे। सीबी फ्राई और डेनिस कॉम्पटन बड़े अच्छे फुटबॉलर थे लेकिन उनका फुटबॉल वर्ल्ड कप से कोई ख़ास कनेक्शन नहीं बन पाया। वैसे 1953 की एशेज सीरीज़ में, विली वॉटसन (Willie Watson) नाम के एक खिलाड़ी भी कॉम्पटन के साथ खेले थे। वॉटसन (23 टेस्ट खेले, दो टेस्ट 100 बनाए और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 25000 से ज़्यादा रन उनके नाम हैं), उन बहुत कम खिलाड़ियों में से एक हैं जो क्रिकेट और फुटबॉल दोनों में इंग्लैंड के लिए खेले। वह 1950 में ब्राजील में हुए फुटबॉल वर्ल्ड कप में इंग्लिश टीम में थे लेकिन मैनेजर की स्कीम में फिट न बैठे और शायद इसलिए कोई मैच नहीं खेले। Also Read: LIVE Cricket Score ये चर्चा बेहद मशहूर स्टीव बकनर (Steve Bucknor) के ज़िक्र के बिना अधूरी रह जाएगी। इस मशहूर क्रिकेट अंपायर ने फीफा वर्ल्ड कप में तो अंपायरिंग नहीं की, लेकिन क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप दोनों इवेंट्स में अंपायरिंग की और ऐसा करने वाले पहले थे। वह फीफा के मान्यता प्राप्त फुटबॉल रेफरी थे और वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में रेफ़्री रहे।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने राजकुमार कॉलेज (आरकेसी) के प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह पर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कॉलेज परिसर में आयोजित एक हॉकी मैच के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा में बात की गई थी। नीता के मुताबिक, उन्हें आरकेसी की ओर से एक मैच में ऑब्जर्वर के रूप में बुलाया गया था। मैच के दौरान अंपायर के एक फैसले को लेकर कुछ देर के लिए खेल रुका, लेकिन बाद में दोबारा शुरू हो गया। इसी दौरान उन्हें प्रिंसिपल के पास बुलाया गया, जहां उनके अनुसार उनसे ऊंची आवाज में सवाल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उनसे घटना पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि हॉकी के नियमों के तहत इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। उनका कहना है कि घटना से आहत होकर उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। महिला आयोग में शिकायत नीता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग में की। उनका आरोप है कि आयोग की ओर से कई बार बुलाए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब आयोग की ओर से दोबारा सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। क्या कहा नीता डुमरे ने नीता का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से ऐसा व्यवहार किया गया, जो किसी महिला और खिलाड़ी की गरिमा के अनुरूप नहीं था। दूसरे पक्ष का इंतजार मामले में प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह और राजकुमार कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एफआईएच महिला नेशंस कप : भारत ने जापान को 2-1 से हराया, अंक तालिका में टॉप पर पहुंची टीम
भारत ने मंगलवार को एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप 2026 में पूल 'ए' के अपने दूसरे मुकाबले में जापान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। भारत ने अब तक अपने दोनों पूल मैच जीते हैं।
एस्ट्रोटर्फ पर निखर रहा हॉकी का हुनर
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित केंद्रीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा को निखारने का प्रभावी मंच बन गया है। प्रदेशभर से चयनित खिलाड़ी आधुनिक खेल सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। एस्ट्रोटर्फ पर नियमित अभ्यास से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। 14 खेलों के इस शिविर में हॉकी के 15-15 बालक और बालिका खिलाड़ियों को तकनीकी, सामरिक और शारीरिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हॉकी प्रशिक्षक विशाल सिंह ने बताया कि सुबह के सत्र में वार्म-अप, स्ट्रेचिंग, फिटनेस और तकनीकी ड्रिल्स कराई जाती हैं, जबकि शाम को अभ्यास मैचों के जरिए खिलाड़ियों की मैच परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जाती है। बालिका वर्ग की खिलाड़ी खुशी रावत ने कहा कि यह उनका पहला आवासीय शिविर है और यहां का प्रशिक्षण उनके खेल को नई दिशा दे रहा है। सात बार राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी चूरू की शालू ने बताया कि ऐसे शिविर खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं। प्रशिक्षक पल्लवी बर्वे के अनुसार बालिका खिलाड़ी अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं। वहीं बालक वर्ग के खिलाड़ियों ने बताया कि शिविर में उन्हें खेल की बारीक तकनीकों को समझने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद का यह शिविर प्रदेश की हॉकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रेगिस्तान के खिलाड़ियों का बर्फ पर कमाल, अंडर-12 में जीता नेशनल आईस हॉकी ब्रॉन्ज
जयपुर | आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (आईएचएआर) की अंडर-12 टीम ने देहरादून स्थित हिमाद्रि आइस रिंक में आयोजित आईएचएआई नेशनल अंडर-12 आइस हॉकी चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। प्रतियोगिता में देशभर की 13 टीमों ने भाग लिया, जहां राजस्थान के खिलाड़ियों ने टीम वर्क और जुझारूपन का परिचय देते हुए पदक अपने नाम किया। रेगिस्तानी प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि राज्य में नियमित आइस रिंक उपलब्ध नहीं है। खिलाड़ियों ने इनलाइन स्केट्स और सामान्य मैदानों पर अभ्यास कर बर्फीले वातावरण में अपनी क्षमता साबित की। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का गौरव बढ़ाया। टीम की कप्तानी मोक्षित बिश्नोई ने की, जबकि घनश्याम थानवी कोच और निशांत प्रताप सिंह मैनेजर रहे। राजस्थान के लिए मानविंदर, कुनाल माहेश्वरी, प्रनीत सुथार, जिगवी शांखला, प्रांशु जोशी, रुद्रप्रताप सिंह, आरुष फोफलिया सहित अन्य खिलाड़ियों ने योगदान दिया। आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के कोषाध्यक्ष रविंदर काला ने कहा कि यह सफलता राज्य में आइस हॉकी की संभावनाओं को दर्शाती है और भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
भारत ने आज से 8 दिन पहले तीसरी बार अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीत लिया। टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को फाइनल में 4-1 से हरा दिया। इससे पहले भारत ने 2001 और 2016 में टाइटल अपने नाम किया था। इस टीम में वाराणसी के हॉकी प्लेयर राहुल यादव भी शामिल थे। राहुल यादव रविवार को वाराणसी पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने अपना यह गोल्ड मेडल अपने बाबा विश्वनाथ और अपने परिजनों के साथ ही साथ अपने कोच को समर्पित किया। उन्होंने कहा मेहनत की जाए तो इंसान सफलता प्राप्त कर सकता है। जो युवा खिलाड़ी हैं उन्हें मेहनत से पूछे नहीं भागना चाहिए। जापान की सरजमीं पर जापान को हराना बड़ी बात हॉकी प्लेयर राहुल यादव ने कहा - एशिया कप इस बार जापान में ही हुआ और जापान डिफेंडिंग चैंपियन था। सेमीफाइनल में हमने पाकिस्तान को 5-3 से शिकस्त दी थी। जिससे हमारा हौसला बढ़ा हुआ था। सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। खासकरके हमारे साथी अशिष तानी पुर्ती ने हैट्रिक लगाई। इससे हमारा मैच और गोल्ड मेडल पक्का हो गया। ये जीत मेरे करियर की सबसे शानदार जीत में से एक है। जापान को उसके घर में हमने हराया यह बड़ी बात है; जबकि वह डिफेंडिंग चैंपियन था। बाबा विश्वनाथ और परिजनों को किया समर्पित राहुल यादव ने अपना पदक बाबा विश्वनाथ और परिजनों को समर्पित किया। उन्होंने कहा - बाबा विश्वनाथ की कृपा से हमने अच्छे प्रदर्शन किया और भारत की जीत हुई। ऐसे में मेरा ये पदक बाबा विश्वनाथ और मेरे माता-पिता को समर्पित है। गोल्ड मेडल लेकर काशी पहुंचे राहुल का गाड़ियों के काफिले के साथ स्वागत हुआ। मेहनत करेंगे तो जा सकेंगे आगे राहुल ने खिलाड़ियों के लिए कहा - मेहनत करने से भागने की जरूरत नहीं है। हमारे कोच ने हमें यही सिखाया की कभी मेहनत करने से नहीं भागना है। जिसकी वजह से आज हम अच्छा खेले। लेकिन मेहनत आप की अच्छी और सच्ची होनी चाहिए। पिता साड़ी के कारखाने में करते हैं काम सीरगोवर्धनपुर के रहने वाले राहुल के पिता सुभाष यादव साड़ी कारखाने में दैनिक मजदूरी करते हैं। राहुल की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और हॉकी वाराणसी ने भव्य स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। राहुल ने बीएचयू के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर अखिल मल्होत्रा और डॉ. प्रदीप की निगरानी में हॉकी का ककहरा सीखा था। खेल के प्रति रुझान के बाद पांच साल पहले उनका चयन लखनऊ हॉकी छात्रावास में हुआ। हॉकी वाराणसी के सचिव केबी रावत ने बताया कि राहुल अन्य बच्चों की तरह बीएचयू परिसर के मैदान में अभ्यास करने जाते थे और आज उन्होंने देश के लिए पदक जीतकर साबित कर दिया कि मेहनत से सब कुछ संभव है। यहां से फाइनल मैच रिपोर्ट पहले 90 सेकंड के भीतर भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और अशिष ने उसे गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर में जापान ने दबाव बनाया और अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका। इसके बाद 28वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष ने स्कोर 2-0 कर दिया। भारत ने बढ़त को और मजबूत करते हुए हाफ टाइम से ठीक पहले तीसरा गोल किया। कप्तान केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। 34वें मिनट में आशीष ने हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। आखिरी क्वार्टर में जापान ने वापसी की कोशिश की। 52वें मिनट में नुमादा गाकु ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर अंतर 4-1 कर दिया। इसके बाद जापान को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई और गोल नहीं होने दिया और टीम ने खिताब अपने नाम कर लिया।

