मॉस्को ओलिंपिक्स में गरचा ने आठ गोल कर टीम को जिताया था गोल्ड
भास्कर न्यूज | जालंधर 1980 के मास्को ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड जिताने वाले दिग्गज खिलाड़ी दविंदर सिंह गरचा का शनिवार को निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक उन्हें सुबह हार्ट अटैक आया। 72 वर्ष की उम्र में गरचा ने आखिरी सांस ली। उनके निधन से खेल और पुलिस विभाग में शोक की लहर है। मॉस्को ओलिंपिक्स में गरचा ने आठ गोल किए थे और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। सात दिसंबर 1952 को जालंधर में जन्मे दविंदर सिंह गरचा अपने वक्त के भारतीय हॉकी टीम के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने पंजाब पुलिस में भी कई अहम पदों पर काम किया। साल 2012 में वे पंजाब पुलिस से एआईजी (आईपीएस) पद से सेवानिवृत्त हुए। गरचा को करीब से जानने वाले ओलिंपियन सुरिंदर सिंह सोढी ने उनके साथ बिताए पल साझा किए हैं। पढ़िए... स्मृति शेष साल 1975: पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती। पंजाब पुलिस लाइन में आयोजित परेड टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा, जहां उन्होंने हर मैच में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। साल 1976: नेहरू हॉकी टूर्नामेंट में पंजाब पुलिस टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। टीम ने हर मैच एक गोल से जीता। हर मुकाबले में गरचा ने गोल किया। इस उपलब्धि के बाद तत्कालीन कमांडेंट इंद्रजीत सिंह (7वीं बटालियन) ने उन्हें एसआई के पद पर पदोन्नति दी। साल 1980: ओलिंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें आईपीएस पद पर प्रमोट किया गया। ‘गरचा मेरे करीबी मित्र, रूममेट और लंबे समय तक हॉकी के खेल में साथी रहे। एक दिलखुश व्यक्ति। अभी शुक्रवार को ही करीब डेढ़ घंटे तक उनके साथ था। धूप सेंकते हुए उन्होंने कई पुराने किस्से साझा किए। हॉकी मैच से जुड़ी कई बातें बताईं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें छाती में संक्रमण है, लेकिन वे अब बेहतर महसूस कर रहे हैं। बीते दिन सुबह उनके निधन की खबर मिली तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मॉस्को ओलिंपिक्स में मैनें 15 गोल किए थे और गरचा ने आठ। हम दोनों की हिस्सेदारी ने टीम को जीत दिलाई। वो पल आज भी याद है, जब गरचा बेहद खुश थे। पंजाब पुलिस में भी महत्तवपूर्ण पदों पर रहते हुए खेल की सेवा करना नहीं छोड़ा। साल 1979 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गोल्फ चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड जीता। 2009 में बैंकॉक में चैंपियनशिप में दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए। दविंदर सिंह गरचा का जीवन खेल, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक रहा, जिसे हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा। उनके कोच गणेश ने पैनल्टी कार्नर पर उनकी टीम को खूब मेहनत करवाई। तब खिलाड़ी पांच सैकेंड में गेंद को गोल में भेजते थे लेकिन मेहनत के बाद गरचा महज चार सैकेंड में पैनल्टी कार्नर को गोल में बदलना शुरू किया। तब गोल सिर्फ गेंद फट्टे पर लगने पर ही मिलता था। 8 बार ऑल इंडिया पुलिस गोल्ड मेडल : 1980 मॉस्को ओलंपिक में दविंदर सिंह गरचा ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट में 8 गोल किए। पंजाब पुलिस की तरफ से 8 बार ऑल इंडिया पुलिस गोल्ड मेडल, ऑल इंडिया पुलिस टूर्नामेंट में 3 बार सिल्वर मेडल जीते।'
शूटआउट में बंगाल को 3-2 से हरा सीजन-2 की चैंपियन बनी दिल्ली
रांची में 28 दिसंबर से शुरू हुई वीमेंस हॉकी इंडिया लीग सीजन-2 का फाइनल मुकाबला शनिवार को काफी रोमांचक रहा। खिताबी मुकाबले में अंक तालिका में शीर्ष पर रही एसजी पाइपर्स दिल्ली ने श्राची बंगाल टाइगर्स को शूटआउट में 3-2 से पराजित िकया और चैंपियन बनी। । आक्रमण और रक्षा के शानदार प्रदर्शन के चलते तय समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा। इसके बाद विजेता का फैसला शूटआउट से हुआ, जहां दिल्ली की खिलाड़ियों ने बेहतर संयम और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए मुकाबला अपने नाम िकया। शूटआउट में दिल्ली की गोलकीपर और फॉरवर्ड खिलाड़ियों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ। -पेज 3 भी पढ़ें डेढ़ करोड़ की इनामी राशि के साथ ट्रॉफी पर कब्जा चैंपियन बनने पर एसजी पाइपर्स दिल्ली को डेढ़ करोड़ की इनामी राशि िमली। उपविजेता श्राची बंगाल टाइगर्स को एक करोड़ का पुरस्कार मिला। तीसरे स्थान पर रही रांची रॉयल्स को 50 लाख की इनामी राशि दी गई। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष दातो तैयब इकराम और आईएएस अधिकारी रवि कुमार ने विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किया। मौके पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप सिंह, महासचिव भोला नाथ सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी असुंता लकड़ा समेत अन्य मौजूद थे।
बंगाल को शूटआउट में हराकर एसजी पाइपर्स बनी चैंपियन
रांची में खेले गए वीमेंस हॉकी इंडिया लीग 2025-26 के फाइनल मुकाबले में दर्शकों को हाई-वोल्टेज मैच देखने को मिला। निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद शूटआउट में दिल्ली एसजी पाइपर्स ने श्राची बंगाल टाइगर्स को 3-2 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ एसजी पाइपर्स ने लीग का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। पहले क्वार्टर में मिडफील्ड में कड़ी जंग देखने को मिली। एसजी पाइपर्स ने कई बार सर्कल में एंट्री बनाकर मौके बनाए। 13वें मिनट में जुआना कास्टेलारो के शॉट को श्राची बंगाल की गोलकीपर जेनिफर रिजो ने शानदार तरीके से रोक लिया। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों को पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन कोई भी टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी। शूटआउट में तीन गोल रोक बंसारी बनीं मैन विनर शूटआउट में एसजी पाइपर्स की कप्तान नवनीत कौर, जुआना कास्टेलारो और लोलारिएरा ने गोल किए। एसजी पाइपर्स की गोलकीपर बंसारी सोलंकी ने तीन महत्वपूर्ण सेव कर टीम को खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने एक पेनल्टी स्ट्रोक भी रोककर मैच का पासा पलट दिया। रांची रॉयल्स को भी 50 लाख... हॉकी इंडिया लीग ने विजेता एसजी पाइपर्स को 1.5 करोड़ रु., उपविजेता श्राची बंगाल टाइगर्स को 1 करोड़ रुपये और तीसरे स्थान पर रही रांची रॉयल्स को 50 लाख रु. की इनामी राशि प्रदान की। इन्हें मिला पुरस्कार: - बेस्ट गोलकीपर : बंसारी सोलंकी(एसजी पाइपर्स) - 5 लाख टॉप स्कोरर : अगुस्टिना गोरजेलानी (श्राची बंगाल टाइगर्स) - 5 लाखप्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट : नवनीत कौर (एसजी पाइपर्स) - 20 लाखफेयरप्ले अवॉर्ड : रांची रॉयल्स। 53वें मिनट में गोल, मुकाबला बराबरी पर चौथे क्वार्टर में एसजी पाइपर्स ने वापसी की कोशिश तेज कर दी। 53वें मिनट में प्रीति दुबे ने बैकहैंड शॉट लगाया, जो गोलकीपर जेनिफर रिजो के स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चला गया। स्कोर 1-1 हो गया। अंतिम मिनटों में श्राची बंगाल को जीत का सुनहरा मौका मिला, लेकिन लोलारिएरा ने निर्णायक क्षण पर शानदार ब्लॉक कर मैच को शूटआउट तक पहुंचा दिया। तीसरे क्वार्टर में भी बंगाल का दबदबा तीसरे क्वार्टर में श्राची बंगाल टाइगर्स ने दबाव बनाए रखा। 35वें मिनट में अगुस्टिना गोरजेलानी के ड्रैग फ्लिक ने पोस्ट को जा टक्कर मारी, जिससे बंगाल दूसरे गोल के बेहद करीब पहुंच गया। कुछ ही देर बाद कप्तान वंदना कटारिया और विक्टोरिया मैनुएले के शॉट्स पर एसजी पाइपर्स की गोलकीपर क्रिस्टीना कोसेंटिनो ने लगातार दो शानदार सेव कर टीम को मैच में बनाए रखा। बंगाल ने पहले हाफ में ली थी बढ़त दूसरे क्वार्टर के पहले मिनट में श्राची बंगाल टाइगर्स ने बढ़त बना ली। सुषिला चानू के शानदार पास पर लालरेमसियामी (16वें मिनट) ने कंट्रोल के बाद शॉट लगाकर गोल किया। बंगाल को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, पर स्कोर 1-0 से आगे नहीं बढ़ सका। दूसरी ओर, एसजी पाइपर्स को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर लोलारिएरा का ड्रैग फ्लिक गोल में तब्दील नहीं हो पाया। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा। पुरुष एचआईएल आज से, पहले दिन दो मैच इधर, महिला एचआईएल के समापन के बाद पुरुषों के दूसरे चरण का मैच रांची में रविवार से शुरू होगा। पहले दिन दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच एचआईएल जीसी और वेदांता कलिंगा लांसर्स के बीच होगा। दूसरे मुकाबले में मेजबान रांची रॉयल्स का सामना श्राची बंगाल टाइगर्स से होगा। पहला मैच शाम 5 बजे से होगा। दूसरा मैच रात 7.30 बजे से होगा। रांची
विवि हॉकी टीम में खोखरा की छात्राओं का चयन
भास्कर न्यूज | जांजगीर शिक्षा के साथ-साथ खेल क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रही केशरी शिक्षण समिति, खोखरा (जांजगीर) ने एक बार फिर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। बीएड कॉलेज की छात्राओं ने विश्वविद्यालय स्तर पर चयन प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। राउरकेला में आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय हॉकी मुकाबले में इन छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय को सरगुजा विश्वविद्यालय के खिलाफ उल्लेखनीय विजय दिलाई। महाविद्यालय के संचालक डॉ. सुरेश यादव एवं प्राचार्य डॉ. रेखा तिवारी ने कहा कि “केशरी शिक्षण समिति केवल शिक्षक तैयार नहीं करती, बल्कि ऐसे सक्षम और आत्मनिर्भर व्यक्तित्वों का निर्माण करती है जो हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें। हमारी छात्राओं की यह सफलता इसी विचारधारा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”राउरकेला पहुँचने के पश्चात आयोजित अंतर- विश्वविद्यालय हॉकी प्रतियोगिता में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय की टीम ने कड़ा मुकाबला खेलते हुए सरगुजा विश्वविद्यालय को पराजित किया। यह विजय केवल अंकतालिका तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास, सामूहिक सहयोग और संघर्षशीलता का सशक्त उदाहरण बनी। इस ऐतिहासिक जीत में केशरी बीएड कॉलेज की छात्राओं का योगदान विशेष रूप से प्रशंसनीय रहा। खोखरा की दो खिलाड़ी विश्वविद्यालय की टीम में शामिल होकर खेलेंगी मैच। इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान देने वाली छात्राएं मधुलिका राठिया (बीएड द्वितीय वर्ष) और सलीना टोप्पो (बीएड प्रथम वर्ष) शामिल हैं। दोनों ने यह साबित कर दिया कि उचित अवसर, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएँ भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
अमरीक सिंह मिनहास को अध्यक्ष और जगरूप सिंह को जनरल सेक्रेटरी बनाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना खेल जगत में अहम भूमिका निभाने वाली संस्था लुधियाना स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन का नए सिरे से पुनर्गठन किया गया। गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना में द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में अमरीक सिंह मिनहास, पूर्व एआईजी पंजाब पुलिस को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। खेल प्रमोटर जगरूप सिंह जरखड़ को जनरल सेक्रेटरी और स्वास्थ्य विभाग के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सुखविंदर सिंह को चेयरमैन नियुक्त किया गया। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह को एसोसिएशन का मुख्य संरक्षक, जबकि विधायक अशोक पराशर पप्पी को संरक्षक बनाया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर हरदीप सिंह बीरमपुर और नरिंदर सिंह हैबोवाल को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। देविंदर सिंह घुम्मण, हुकम सिंह (गुरु नानक कार बाजार), सतनाम सिंह कैले, मीनााक्षी रंधावा (कोच, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला) और गुरदीप सिंह ग्रेवाल (जिला खेल अधिकारी) को वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। हॉकी ओलंपियन हरदीप सिंह ग्रेवाल को चीफ एडवाइजर और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी रछपाल सिंह नागी को वित्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। गुरसतिंदर सिंह प्रगट को टेक्निकल जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। वहीं पांच सदस्यीय टेक्निकल कमेटी में मनप्रीत सिंह मुंडियां, परमजीत सिंह पम्मा ग्रेवाल, गुरतेग सिंह लाडी, कुलविंदर सिंह बब्बू मल्ली और प्रेम सिंह रामपुर को शामिल किया गया है। नव-नियुक्त अध्यक्ष अमरीक सिंह मिनहास और मुख्य संरक्षक बलदेव सिंह ने बताया कि एसोसिएशन अब जूनियर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को लुधियाना के पुराने महान खिलाड़ियों के नाम पर सम्मानित करेगी। यह सम्मान समारोह मार्च में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही हर वर्ष अंडर-17 लड़कों और लड़कियों का गुरु गोबिंद सिंह हॉकी टूर्नामेंट राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।
आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित पांच राज्यों की टीमें पहुंची उदयपुर
पीएम श्री फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12 जनवरी से 69 वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी (19 वर्ष छात्र) प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शनिवार से टीमों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। शनिवार को सुबह से रात तक आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड की टीमे उदयपुर पहुंच गई हैं। परिवहन समिति के कार्मिकों ने टीमों के रेलवे स्टेशन से बस से उनके आवास स्थल सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन चित्रकूट नगर पहुंचाया। मुख्य नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण समितियों के प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। पीएमश्री फतह स्कूल के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि रविवार सुबह 4:00 बजे से टीमें उदयपुर पहुंचाना शुरू हो जाएगी। समीक्षा बैठक में आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ( विद्यालयी शिक्षा) उदयपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला,प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, गोवर्धनसिंह झाला, एसडीएमसी सचिव गोपाल सिंह आसोलिया,चुन्नीलाल चंदेरिया मौजूद रहे। ये जानकारी प्रतियोगिता की मीडिया समिति के प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने आने दी। भास्कर नॉलेज... राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है हॉकी के अन्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की होना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है। इसके साथ ही 5 मीटर का चारो ओर कवरिंग एरिया होता है। अभी उदयपुर में महाराणा प्रताप खेल गांव में एस्ट्रोटर्फ इन्हीं मापदंडों से बना हुआ है। इसमें दो रैफरी होते हैं। एक टाइम कीपर और एक स्कोरर और एक थर्ड अम्पायर होता है। पांच ऑफिशियल मिलकर यह खेल करवाते हैं। एक हॉकी मुकाबले में 15-15 मिनट के चार क्वार्टर होते है। हर क्वार्टर के बीच दो मिनट का ब्रेक रखा जाता है, ताकि खिलाड़ी रिकवर हो सके। प्रशिक्षक इसी दौरान उन्हें निर्देशित भी करता है। करीब पांच साल पहले 35-35 दो क्वार्टर होते थे, जो कुल 70 मिनट का मुकाबला होता था, जिसे अब बदल दिया गया है। इसे इसलिए बदला गया है, क्योंकि खिलाड़ी की स्पीड बनी रहे, इसलिए इसे चार हिस्सों में बांट दिया गया। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी की ओर से ये नए मापदंड तय किए गए है। 60 मिनट के बाद दोनो टीमें यदि बराबरी पर होती है तो उन्हें पांच-पांच मिनट अतिरिक्त दिए जाते हैं। इसके बाद भी परिणाम नहीं आने पर टाइब्रेकर से फैसला लेते हैं। इसमें पांच-पांच खिलाड़ी दोनो ओर से एक-एक चांस लेते हुए पैनल्टी शूट आउट लेते हैं।
दो साल पहले जब बिहार में अलग से खेल विभाग का गठन हुआ था, तब शायद कम ही लोगों ने सोचा होगा कि यह महज एक प्रशासनिक पुनर्गठन से कहीं आगे जाकर राज्य की पहचान बदलने वाला कदम साबित होगा। 9 जनवरी 2024 से शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां खेल महज प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बन गया है। राजगीर से शुरू हुई नई इबारत अगस्त 2024 में राजगीर खेल अकादमी की स्थापना ने बिहार के खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। यह महज एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं था, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ी तैयार करने की बिहार की पहली कोशिश थी। इसी वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर का उद्घाटन किया, जिसने खेल को शिक्षा और करियर से जोड़ने का स्थायी ढांचा खड़ा कर दिया। अब बिहार का युवा यह समझने लगा है कि खेल केवल शौक नहीं, भविष्य का विकल्प भी है। गांव-गांव तक पहुंची खेल की सुविधा खेल विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है, अवसंरचना को लोकतांत्रिक बनाना। शहरों से लेकर पंचायतों तक, प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियम, जिला खेल भवन सह जिमनैजियम और गांवों में विकसित खेल मैदानों ने खेल को हर वर्ग तक पहुंचाया है। 2025 में ही 257 प्रखंड स्तरीय स्टेडियम पूर्ण हो गए, जो इस बात का प्रमाण है कि योजनाएं कागजों से उतरकर जमीन पर उतर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार की धाक बीते दो वर्षों में बिहार ने खुद को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के भरोसेमंद मेजबान के रूप में स्थापित किया है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, सेपक टाकरा वर्ल्ड कप, एशियन रग्बी सेवन्स, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, हीरो एशिया कप हॉकी और ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि बिहार वैश्विक मानकों पर खरा उतरने की पूरी क्षमता रखता है। यह वही राज्य है जिसे कभी खेल अवसंरचना के मामले में पिछड़ा माना जाता था। आज विदेशी टीमें यहां आकर बिहार की मेजबानी की तारीफ कर रही हैं। प्रतिभा खोज से लेकर प्रशिक्षण तक 'मशाल' जैसी व्यापक प्रतिभा खोज पहल ने लाखों बच्चों को खेल से जोड़ा है। एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूलों और खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, राजगीर जैसे प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अब प्रतिभाओं को निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। पहले बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं पा रहे हैं। खिलाड़ियों को मिला सम्मान और सुरक्षा खेल विभाग ने प्रशासन को खिलाड़ी-केंद्रित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पंचायत स्तर तक गठित खेल क्लबों ने स्थानीय नेतृत्व को मजबूत किया है। छात्रवृत्ति, सरकारी नियुक्ति, प्रोत्साहन राशि और कल्याणकारी योजनाओं ने बिहार के खिलाड़ियों को यह भरोसा दिया है कि उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा और उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। पदक विजेता अब केवल तालियां नहीं, बल्कि स्थायी अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं। 2026: विस्तार और आत्मविश्वास का वर्ष नया साल बिहार खेल विभाग के लिए और भी महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ शुरू हो रहा है। सात निश्चय योजना (03) के तहत पटना में प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी, जिला-विशेष खेल उत्कृष्टता केंद्र, एकलव्य खेल केंद्रों का संचालन, नई छात्रवृत्ति प्रक्रियाएं और खेल प्रशासन में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां, ये सभी बिहार को खेल-आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से ले जाएंगी।
गोरखपुर महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के तहत 9 जनवरी को बीर बहादुर स्पोर्ट्स कॉलेज में हॉकी और फुटबॉल के शानदार मुकाबले हुए। जबकि बॉक्सिंग की प्रतियोगिता रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेली गई। हर गेम के खिलाड़ियों ने जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उनके जोश और उत्साह ने प्रतियोगिता में रोमांच भर दिया। जहां हॉकी में रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम की टीम तो वहीं फुटबॉल में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज चैंपियन की ट्रॉफी अपने नाम की। जबकि बॉक्सिंग के दौरान खिलाड़ियों का प्रदर्शन ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। हॉकी प्रतियोगिता का फाइनल मैच रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर बनाम एफ.सी.आई गोरखपुर के बीच खेला गया। जिसमें रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर ने एक तरफे मुकाबले में एफ.सी.आई. को 03-0 गोल के अन्तर से हरा कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। जबकि एम.एस.आई. गोरखपुर ने मौलाना आजाद सिंह हायर सेकेण्ड्री स्कूल को 03-0 गोल के अन्तर से हरा कर तीसरे स्थान पर बनी रही। बाक्सिंग में 78 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिला स्तरीय जूनियर बालक बाक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में किया गया, जिसमें 78 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें आदर्श कुमार (44-46 किग्रा), मनुज कुमार (46-48 किग्रा), अमन राव (48-50 किग्रा), अरमान अंसारी (50-52 किग्रा), शिवम कुमार (52-54 किग्रा), सुमन महेश (54-57 किग्रा), अंकित आनंद (57-60 किग्रा), विक्कु शर्मा (60-63 किग्रा), ओमप्रकाश पियूष (66-70 किग्रा) और कृष्णा निषाद (+80 किग्रा) में बाजी मारी और पहला स्थान हासिल किया। फुटबाल में MP इंटर कॉलेज ने मारी बाजी जूनियर बालक फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन बीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज गोरखपुर में किया गया। जिसमें कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मैच महाराणा प्रताप इण्टर कालेज गोरखपुर बनाम रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर के बीच खेला गया। जिसमें महाराणा प्रताप इण्टर कालेज गोरखपुर ने रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम को 01-0 गोल के अन्तर से पराजित कर चैम्पियन बनी।
स्पोर्ट्स रिपोर्टर | उदयपुर पीएम श्री राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपोल में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र वर्ग) 12 से 17 जनवरी तक होगी। आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मुख्यालय लोकेश भारती के निर्देशन में किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां तय की गई हैं और सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी देशपाल सिंह शेखावत ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 12 जनवरी को एमबी कॉलेज खेल मैदान में होगा। प्रधानाचार्य गजेंद्र आवोत के अनुसार उद्घाटन समारोह सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। एसजीएफआई के नियमों के अनुसार ओपनिंग मैच भी एमबी कॉलेज के हॉकी मैदान पर ही खेला जाएगा। मुकाबले शहर के 4 मैदानों पर होंगे। इनमें एमबी कॉलेज का हॉकी मैदान, बीएन कॉलेज के दो खेल मैदान और खेलगांव स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रोटर्फ मैदान शामिल हैं। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें लगभग 580 खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता सचिव डॉ. धर्मेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया कि आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उद्घाटन एवं समापन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल मैदान, वाहन व्यवस्था, आवास, टीम लाइजनिंग, प्रमाण पत्र व पुरस्कार, मीडिया कवरेज, सुरक्षा, चिकित्सा, भोजन एवं अल्पाहार सहित कई समितियों का गठन किया गया है। आयोजन में राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड मुख्य प्रायोजक है। प्रबंध निदेशक प्रज्ञा केवल रमानी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कीर्ति राठौर और पूरी टीम का आभार जताया गया। प्रतियोगिता को लेकर विद्यालय के केंद्रीय खेल कक्ष में मीडिया ब्रीफ के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी गोपाल सिंह आसोलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सालवी, हॉकी प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, भैरू सिंह राठौड़ आदि उपस्थित रहे।
ड्रैगन्स का धमाका: शूटआउट में पाइपर्स ढेर
अकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगन्स ने पुरुष हीरो हॉकी इंडिया लीग मुकाबले में एसजी पाइपर्स को शूटआउट में हराकर एक महत्वपूर्ण बोनस अंक हासिल किया
पश्चिम मध्य रेलवे की स्पोर्ट्स कोटे की 5 महिला कर्मचारियों की बड़ी अनियमितता सामने आई है। महिला कर्मचारियों को बालाघाट में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट खेलने के लिए एक महीने की छुट्टी मिली थी लेकिन महिला कर्मचारी चोरी छिपे जबलपुर आकर क्लब क्रिकेट खेल रही हैं। जबलपुर के रेलवे स्टेडियम में वियाना वूमेन प्रीमियर लीग चल रही है। इसी क्रिकेट लीग को खेलने के लिए 5 महिला कर्मचारी विभाग को बिना जानकारी दिए जबलपुर आती थीं। प्रैक्टिस करने की बजाय भागकर क्लब क्रिकेट खेलने के चलते महिला कर्मचारियों की टीम हॉकी टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं कर पाईं। विभाग द्वारा महिला कर्मचारियों को हॉकी टूर्नामेंट में खेलने के लिए बालाघाट भेजा गया था लेकिन वे महिला कर्मचारी हॉकी खेलने में मन लगाने की बजाय क्लब क्रिकेट खेलने में ध्यान लगा रही हैं, और विभाग में बिना किसी जानकारी के महिला कर्मचारी बालाघाट से जबलपुर आकर क्लब क्रिकेट खेल रही हैं। लाइव स्ट्रीमिंग में क्रिकेट खेलते नजर आईं जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों को इस क्लब क्रिकेट में खेलने के लिए रुपए भी दिए जाते हैं जिसकी वजह से वे हॉकी में कम और क्रिकेट में ज्यादा ध्यान दे रही हैं। यही वजह है कि विभाग को बिना बताए बालाघाट से भागकर जबलपुर आती और क्रिकेट खेलती हैं। महिला कर्मचारियों में हॉकी प्लेयर रैना यादव, मौली यादव, मरियम अटैया, खुशबू पटेल समेत कुछ अन्य प्लेयर शामिल हैं। वियाना वूमेन प्रीमियर लीग द्वारा की जाने वाली लाइव स्ट्रीमिंग में ये सभी महिला खिलाड़ी क्रिकेट खेलते हुए नजर आ रही हैं। हॉकी खेलने के लिए चयनित महिला कर्मचारियों द्वारा क्रिकेट खेलने में दिलचस्पी दिखाने का एक यह भी नतीजा रहा कि महिला कर्मचारियों ने हॉकी टूर्नामेंट में कुछ खास अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। सीनियर DCM डॉ मधुर वर्मा ने मामले की जानकारी लगते ही स्पोर्ट्स कोटे के अधिकारियों से तत्काल बात की। मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की बात कही है। सीनियर DCM डॉ मधुर वर्मा का कहना है कि जिन महिला कर्मचारियों को हॉकी टूर्नामेंट खेलने के लिए छुट्टी दी गई है उनका विभाग को बिना बताए किसी अन्य प्रतियोगिता में शामिल होना निश्चित तौर पर गलत है, वहीं महिला कर्मचारियों को क्लब क्रिकेट खेलने के लिए रुपए मिलने की बात पर भी सीनियर DCM ने जांच की बात कही है।
खेल और युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की टीम के चयन को लेकर प्रदेशभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तीन दिन तक चले राज्य स्तरीय चयन ट्रायल में एक हजार से अधिक जनजातीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। ये ट्रायल 6 से 8 जनवरी के बीच रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए गए। इन दो दिनों में 7 खेलों के लिए हुआ चयन ट्रायल हुए। रायपुर में कुश्ती, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और हॉकी का ट्रायल हुआ। वहीं बिलासपुर में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के लिए ट्रायल लिया गया। रायपुर में 558 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा में कुश्ती, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के ट्रायल हुए, जबकि सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी के ट्रायल आयोजित किए गए। इनमें रायपुर से कुल 558 खिलाड़ी चयन ट्रायल में शामिल हुए। जिनमें 355 पुरुष और 203 महिला खिलाड़ी शामिल रहीं। जिलेवार बड़ी भागीदारी राज्य के लगभग सभी जिलों से अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ियों ने ट्रायल में हिस्सा लिया। जशपुर से सबसे ज्यादा 92 खिलाड़ी, बालोद से 55, कांकेर से 51, कबीरधाम से 36, बस्तर और सुकमा से 31-31, नारायणपुर से 27, सरगुजा और कोंडागांव से 23-23 खिलाड़ी शामिल हुए। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, कोरिया, सूरजपुर समेत अन्य जिलों से भी खिलाड़ियों की भागीदारी रही। रायपुर में फुटबॉल का रहा दबदबा रायपुर में खेलवार भागीदारी की बात करें तो सबसे ज्यादा फुटबॉल में 333 खिलाड़ियों ने, हॉकी में 148 खिलाड़ियों ने, वेटलिफ्टिंग में 40 खिलाड़ियों और कुश्ती में 37 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बिलासपुर में 470 खिलाड़ियों ने आजमाया दम बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई में तीरंदाजी और एथलेटिक्स, जबकि सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में तैराकी के ट्रायल आयोजित किए गए। यहां कुल 470 खिलाड़ियों ने राज्य टीम में जगह बनाने के लिए दावेदारी पेश की। अधिकारियों और खेल संघों की रही सक्रिय भूमिका चयन ट्रायल के दौरान विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। चयनित खिलाड़ी आगामी खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
करोड़ों खर्च कर बनाया था बसंती सरोवर, बदहाली का लगा ग्रहण
भास्कर न्यूज | राउरकेला राउरकेला स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित किया गया बसंती सरोवर धीरे-धीरे अपना आकर्षण खो रहा है। डीएवी तालाब के पुनरुद्धार के लिए राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए थे। 2023 पुरुष हॉकी विश्व कप के अवसर पर शहर को सुंदर बनाने की पहल के तहत इस तालाब का सौंदर्यीकरण कर 25 मार्च 2023 को उद्घाटन किया गया और इसका नाम बदलकर बसंती सरोवर रखा गया। शुरुआती दिनों में यह स्थान शहरवासियों के लिए प्रमुख मनोरंजन केंद्र बन गया था। सरोवर परिसर में बच्चों के लिए झूले, युवाओं के लिए बैठने की व्यवस्था, रंगीन वाटर फाउंटेन और आकर्षक रोशनी लोगों को खूब लुभाती थी। 15 अगस्त 2023 से यहां बोटिंग की सुविधा शुरू होने के बाद दिनभर कॉलेज छात्रों की भीड़ रहती थी, जबकि शाम को परिवार नाव विहार का आनंद लेने आते थे। लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। पार्क में लगे अधिकांश उपकरण टूट-फूट का शिकार हो चुके हैं। बोटिंग के लिए बनाया गया तैरता पुल (फ्लोटिंग ब्रिज) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल में लगे हाई डेंसिटी पॉलीथीन ब्रिक्स कई जगहों से टूट या गायब हो गए हैं, जिससे बच्चों के गिरने और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरोवर ले जाने से बच रहे हैं और नाव विहार लगभग बंद हो चुका है।
धौलपुर में गुरुवार को छठी बटालियन आरएसी में 45वीं अन्तर बटालियन (रेंज स्तरीय) पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में रेंज की विभिन्न बटालियनों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान कुश्ती में छठी बटालियन, जूडो में चतुर्थ बटालियन और योगा में बारहवीं बटालियन ने बेहतर प्रदर्शन किया। एथलेटिक्स स्पर्धाओं में रिले 4100 मीटर और 4400 मीटर में छठी बटालियन और 10,000 मीटर दौड़ में महाराणा प्रताप बटालियन ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हॉकी के फाइनल मुकाबले में छठी बटालियन ने जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। आयोजित प्रतियोगिताओं में कबड्डी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती और जूडो (महिला एवं पुरुष वर्ग) के मुकाबले बटालियन परिसर, ब्रज अकादमी और रिजर्व पुलिस लाइन में संपन्न हुए। इसमें द्वितीय, चतुर्थ, छठी, आठवीं, दसवीं, बारहवीं, चौदहवीं बटालियन आरएसी, हाड़ी रानी महिला बटालियन और महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी की टीमों ने हिस्सा लिया। विजयी खिलाड़ियों को डिप्टी कमाण्डेन्ट सुरेश सांखला, चिकित्साधिकारी परमेश चंद पाठक और अन्य अधिकारियों द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। महिला वर्ग के परिणामों में हाड़ी रानी महिला बटालियन ने हैंडबॉल सेमीफाइनल और वॉलीबॉल फाइनल में जीत हासिल की। खो-खो सेमीफाइनल और फाइनल में चतुर्थ बटालियन विजयी रही। पुरुष वर्ग में द्वितीय बटालियन ने कबड्डी जीती, जबकि छठी बटालियन ने हैंडबॉल सेमीफाइनल और कबड्डी सेमीफाइनल में विजय प्राप्त की। खो-खो फाइनल चौदहवीं बटालियन ने जीता और वॉलीबॉल में आठवीं बटालियन विजयी रही। हैंडबॉल सेमीफाइनल में द्वितीय बटालियन ने जीत दर्ज की।
हॉकी खिलाड़ियों को ओलिंपियन सुरजीत सिंह के बारे में बताया
भास्कर न्यूज | जालंधर हॉकी के दिग्गज और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ओलिंपियन सुरजीत सिंह की 42वीं पुण्यतिथि के मौके पर हॉकी स्टेडियम बर्ल्टन पार्क में कार्यक्रम करवाया गया। इसमें सैकड़ों खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों ने ओलिंपियन सुरजीत सिंह को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी खेल विरासत को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सुरजीत सिंह के अद्वितीय खेल कौशल और अनुशासन को याद किया। सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इकबाल सिंह संधु ने कहा कि सोसाइटी का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि सुरजीत सिंह की प्रेरणा खिलाड़ियों में कभी फीकी न पड़े। कार्यक्रम के दौरान मौजूद खिलाड़ियों और अधिकारियों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और भारतीय हॉकी की शान को वापस लाने की प्रतिबद्धता के साथ उनकी विरासत को जारी रखने की सामूहिक शपथ ली। इस मौके पर ओलिंपियन राजिंदर सिंह (द्रोणाचार्य अवॉर्डी), गौरव अग्रवाल, प्रो. बलविंदर सिंह कोच, प्रदीप कौर कोच, सीता देवी कोच, नरेश कुमार नांगल कोच, कुलदीप सिंह उपस्थित थे।
सूरमा हॉकी क्लब ने फाइनलिस्ट बंगाल टाइगर्स को 3-2 से हराया
10 जनवरी को एसजी पाइपर्स दिल्ली और श्राची बंगाल टाइगर्स के बीच खिताबी मुकाबला मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गए वीमेंस हॉकी इंडिया लीग 2025-26 के मुकाबले में जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने फाइनल में पहुंच चुकी श्राची बंगाल टाइगर्स को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराकर अपने अभियान का सकारात्मक अंत किया। भले ही यह मुकाबला अंक तालिका के लिहाज से औपचारिक था, लेकिन दोनों टीमों ने प्रतिस्पर्धा के साथ खेल दिखाया। शानदार प्रदर्शन के लिए सूरमा की सोनम को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच की शुरुआत से ही सूरमा हॉकी क्लब ने आक्रामक तेवर दिखाए। हाई प्रेस और तेज मूवमेंट के जरिए सूरमा ने बंगाल टाइगर्स को बैकफुट पर धकेल दिया। ओलिविया शैनन शुरुआत से ही अटैक की धुरी रहीं। लगातार दबाव का फायदा 10वें मिनट में मिला, जब सोनम ने गोलपोस्ट के सामने मिले मौके को भुनाते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहला क्वार्टर पूरी तरह सूरमा के नियंत्रण में रहा। दूसरे क्वार्टर के 26वें मिनट में सूरमा को लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टाइगर्स के डिफेंस ने इन खतरों को टाल दिया। तीसरे क्वार्टर के 37वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर लीग की टॉप स्कोरर अगुस्तिना गोर्जेलानी ने हिट लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। चौथे क्वार्टर के 49वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर वैष्णवी की सटीक स्टॉप और पेनी स्क्विब की हिट ने सूरमा को 2-1 की बढ़त दिलाई। 53वें मिनट में एक और पेनाल्टी कॉर्नर से मारिया ग्रेनाटो ने फील्ड गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। टाइगर्स ने अंतिम मिनटों में जोरदार वापसी की और लालरेमसियामी ने पेनाल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर गोल कर अंतर 3-2 कर दिया, लेकिन सूरमा ने आखिरी सेकेंड्स में डिफेंस को मजबूत रखते हुए जीत सुनिश्चित की। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और एचआईएल गवर्निंग कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी हॉकी इंडिया के लिए गर्व का विषय है। यह सरकार के खेलों के प्रति समर्थन और लीग को मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है। वहीं, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि विमेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग महिला खिलाड़ियों को बड़ा मंच प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है। फाइनल में शामिल होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन रांची वीमेंस हॉकी इंडिया लीग का फाइनल मुकाबला 10 जनवरी को मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में एसजी पाइपर्स और श्राची बंगाल टाइगर्स के बीच खेला जाएगा। फाइनल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हॉकी इंडिया ने बुधवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। मौके पर खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष दातो तैयब इकराम विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे। वहीं, विधायक कल्पना सोरेन को भी विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
ग्रामीण पेंशनर समाज जूनिया को मिला उप शाखा का दर्जा
जूनिया| ग्रामीण पेंशनर समाज जूनिया क्षेत्र विकास समिति ने स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया। अध्यक्षता वरिष्ठ पेंशनर सत्यनारायण शर्मा ने की। ग्रामीण पेंशनर समाज जूनिया के सचिव हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि अजमेर जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष कश्मीर सिंह मुख्य अतिथि रहे और केकड़ी अध्यक्ष कैलाश जैन, सरवाड़ अध्यक्ष रूपचंद पांडे, कादेड़ा अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जांगिड़, सांवर अध्यक्ष महेंद्र सिंह, भीनाय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, कोषाधिकारी केकड़ी, बैंक मैनेजर जूनिया मौजूद रहे। मुख्य संबोधन जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह ने दिया। स्थापना दिवस के अवसर पर क्षेत्र की प्रतिभाओं गुंजन भारद्वाज नेशनल हॉकी खिलाड़ी गोल्ड मेडल प्राप्त, कोशिकी सेनी, अनुष्का पवार स्टेट हॉकी खिलाड़ी, करण मेघवंशी आरएस अधिकारी, नगेंद्र तोलम्बिया अधिकारी महिला बाल विकास भीलवाड़ा को सम्मानित किया। 75 वर्ष से अधिक के पेंशनधारियों को भी सम्मानित किया। ग्रामीण पेंशन समाज जूनिया की स्थापना दिवस के मौके पर अजमेर जिला कार्यकारिणी की ओर से जूनिया समिति को उपशाखा का दर्जा दिया गया। जूनिया उप शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर मोहन सिंह राव को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। संचालन सरवाड़ अध्यक्ष रूपचंद पांडे ने किया।
मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में मंगलवार से प्रदेश स्तरीय सबजूनियर बालिका हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश, खेल भवन लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में शुरू हुई इस प्रतियोगिता का उद्घाटन सिवालखास विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद ने किया। प्रदेश स्तरीय इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के 17 मंडलों के साथ स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर को मिलाकर कुल 18 टीमें भाग ले रही हैं। बस्ती मंडल और स्पोर्ट्स हॉस्टल अयोध्या की टीमें प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकीं। इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 12 जनवरी को खेला जाएगा। देश का नाम रोशन करेंगे ये खिलाड़ीक्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी जितेंद्र यादव ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि यह प्रतियोगिता का आयोजन मेरठ में हो रहा है। यही खिलाड़ी आगे जाकर अपने परिवार के साथ साथ देश का नाम भी रोशन करेंगे। इनकी मेहनत ही अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में साबित होती है। पहले दिन के मुकाबलों के परिणाम
ग्वालियर में 69वीं राष्ट्रीय शालेय बालिका हॉकी प्रतियोगिता का समापन बुधवार को हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में झारखंड की बालिका टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 वर्ष और 19 वर्ष आयु वर्ग के दोनों खिताब अपने नाम किए। उन्होंने फाइनल मुकाबलों में मध्यप्रदेश की टीमों को पराजित किया। कम्पू स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर के मैदान पर फाइनल मुकाबले खेले गए। 14 वर्ष आयु वर्ग के फाइनल में झारखंड ने मध्यप्रदेश को 2-1 से हराया। इसी तरह, 19 वर्ष आयु वर्ग के फाइनल में भी झारखंड की टीम ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 3-2 से पराजित कर दूसरी ट्रॉफी जीती। इन रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, प्रतियोगिता के ऑब्जर्वर पदम सिंह और नितेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 27 टीमों ने भाग लिया। समापन समारोह के दौरान स्कूली छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्होंने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही तकनीकी अधिकारियों, कोचों और अन्य सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, डीपीसी रविंद्र सिंह तोमर, शालेय जिला क्रीड़ा अधिकारी आरके सिंह और पंकज शर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस आरक्षक ने डॉगी के पिल्ले को हॉकी स्टिक से बुरी तरह पीटा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद गुस्साए पशु प्रेमियों और आम नागरिकों ने आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है। यह मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का मामला है। डॉगी के पिल्ले की पिटाई का वीडियो वहां मौजूद एक युवक ने बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक पिल्ले को बेरहमी से पीट रहा है। देखिए घटना की तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, ममता नगर कॉलोनी के रहने वाले आरक्षक डीपी लातुरे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा आरक्षक राजनांदगांव पुलिस के साइबर विभाग में पदस्थ है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक हाथ में हॉकी स्टिक लिए हुए है और एक छोटे पिल्ले पर लगातार वार कर रहा है। पिल्ला दर्द से कराह रहा है, लेकिन आरक्षक इसके बाद भी उसे बार-बार मार रहा है। आरक्षक के घर बाहर जमा हुई पशु प्रेमियों की भीड़ वहीं इस घटना का वीडियो वहां मौजूद एक युवक ने बना लिया और वायरल कर दिया। यह वीडियो इंटरनेट पर अपलोड होते ही तेजी से फैल गया। नेटिज़न्स ने इस कृत्य को 'अमानवीय' और 'सत्ता का दुरुपयोग' बताया है। इधर, वीडियो के वायरल होने के बाद आरक्षक के घर बाहर पशु प्रेमियों और आम नागरिकों की भीड़ जमा हो गई। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही बसंतपुर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस से आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरक्षक के खिलाफ निलंबित करने की मांग वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर (X) और फेसबुक पर 'Justice for Animal' जैसे अभियान शुरू हो गए हैं। कई पशु अधिकार संगठनों और नेटिज़न्स ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ पुलिस को टैग करते हुए आरोपी आरक्षक के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने और उसे सेवा से निलंबित करने की मांग की है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कृत्य पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत एक गंभीर अपराध है। एक स्थानीय पशु प्रेमी ने कहा, वर्दी पहनकर रक्षक ही जब भक्षक बन जाए, तो समाज में क्या संदेश जाएगा? बेजुबान जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता बर्दाश्त के बाहर है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंच चुकी है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और संबंधित आरक्षक की पहचान की जा रही है।
धौलपुर की छठी बटालियन आरएसी में बुधवार को 45वीं अंतर बटालियन (रेंज स्तरीय) पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न बटालियनों के खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में खेल प्रेमी भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक एवं कमाण्डेन्ट छठी बटालियन आरएसी, विकास सांगवान (IPS) ने बताया कि यह प्रतियोगिता बटालियन परिसर, ब्रज अकादमी और रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित हुई। इसमें कबड्डी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती और जूडो (महिला/पुरुष वर्ग) के मुकाबले शामिल थे। प्रतियोगिता में द्वितीय, चतुर्थ, छठी, आठवीं, दसवीं, बारहवीं, चौदहवीं बटालियन आरएसी के साथ-साथ हाड़ी रानी महिला बटालियन और महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी की टीमों ने हिस्सा लिया। डिप्टी कमाण्डेन्ट सुरेश सांखला ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मौके पर उपस्थित रहकर मैचों का संचालन सुनिश्चित किया। महिला वर्ग के मुकाबलों में चतुर्थ बटालियन ने कबड्डी फाइनल में हाड़ी रानी महिला बटालियन को हराकर जीत हासिल की। बैडमिंटन में द्वितीय बटालियन और चौदहवीं बटालियन ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जिसमें द्वितीय बटालियन ने छठी और बारहवीं बटालियन को हराया, जबकि चौदहवीं बटालियन ने हाड़ी रानी और चतुर्थ बटालियन पर जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग में छठी बटालियन ने वॉलीबॉल में चतुर्थ बटालियन को हराया। हॉकी में महाराणा प्रताप बटालियन ने दसवीं और द्वितीय बटालियन को पराजित किया। कबड्डी में छठी बटालियन आरएसी ने आठवीं बटालियन को हराकर जीत हासिल की। विजेता खिलाड़ियों को डिप्टी कमाण्डेन्ट सुरेश सांखला, चिकित्साधिकारी परमेशचंद पाठक (यूनिट डिस्पेंसरी छठी बटालियन आरएसी) और अन्य अधिकारियों द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस जवानों में खेल भावना, टीमवर्क और शारीरिक-मानसिक फिटनेस को बढ़ावा देना था।
केकड़ी सदर थाने के हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड करने के मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अवैध खनन भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहा है। वहीं केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि यह उनकी छवि खराब करने का प्रयास है। डोटासरा ने X पर लिखा-पुलिस थाना केकड़ी सदर (अजमेर) में तैनात ये ASI राजेश मीणा हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने पर बुरी तरह पीटा गया, इनाम के तौर पर उन्हें विभाग से सस्पेंशन मिला, क्योंकि इन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन पर हाथ डालने की हिम्मत की है। ये सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, कानून के राज पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एवं सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है और कर्त्तव्य का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। पुलिस की वर्दी रौंदी जा रही है, और सरकार मौन दर्शक बनकर बैठी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है? बजरी डंपरों का आतंक और भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर-जूली प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा-खारी नदी (केकड़ी) में बजरी से भरे डंपर से हुए दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत ने झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के संरक्षण में पनप रहे बजरी माफिया द्वारा किया गया खुला कत्ल है। शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। और इससे भी अधिक शर्मनाक व चिंताजनक तथ्य यह है कि पुलिस थाना केकड़ी में तैनात पुलिसकर्मी राजेश मीणा पर स्थानीय विधायक तथा अवैध खनन में लिप्त अधिकारियों द्वारा किस प्रकार दबाव, धमकी और तानाशाही की जा रही है, यह इस वीडियो में साफ़ सुना और देखा जा सकता है। भाजपा राज में पुलिसकर्मियों को डराया जा रहा है और माफिया को खुली छूट दी जा रही है। प्रदेश में बजरी माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। ओवरलोड डंपर मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, दिन-दहाड़े जानें जा रही हैं और भाजपा सरकार मूकदर्शक नहीं, बल्कि इस पूरे अवैध कारोबार की साझेदार और संरक्षक बनकर खड़ी है l मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लें, दोषी माफियाओं, संरक्षण देने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करें l विधायक बोले- छवि धूमिल करने का प्रयास वहीं, इस सम्बन्ध में बात करने के लिए केकड़ी एमएलए शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि उनका किसी से कोई लेना देना नहीं, विरोधी लोग उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। जो ट्रैक्टर, डंपर पकड़े गए, खनिज विभाग ने जांच की और सही पाए गए। सही के साथ सही होगा, गलत के साथ कभी सही नहीं होगा। वे सभी प्रकार की जांच में सहयोग करेंगे और गलत के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जहां तक हेड कॉन्स्टेबल की बात है तो उसने गलत किया। वैध काम करने वालों को भी हेड कॉन्स्टेबल परेशान कर रहा था। केकड़ी सिटी थाने में मामला दर्ज सीओ हर्षित शर्मा ने बताया-पीड़ित ओमप्रकाश गुर्जर की रिपोर्ट पर आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर मारपीट करना, वाहन में तोड़फोड़ करना, सरकारी पिस्टल दिखाकर डराने के आरोप हैं। मामले की जांच सीआई कुसुमलता कर रही हैं। बता दें कि मामले की जानकारी मिलने पर अजमेर एसपी वंदिता राणा ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को मंगलवार शाम को सस्पेंड कर दिया। यह था मामला सापंदा निवासी ओमप्रकाश गुर्जर पुत्र मेवाराम गुर्जर ने केकड़ी सिटी थाने में रिपोर्ट दी कि सोमवार रात 12.30 बजे केकड़ी अस्पताल में दिखाने आया था। बाहर आकर होटल पर चाय पीने गया, तब भाई मनीष गुर्जर पुत्र देवीलाल गुर्जर भी था। उसी समय दो से तीन लोग अज्ञात सफेद गाड़ी में आए। उनमें से एक वर्दी में था, व दो लोग सिविल ड्रेस में थे। वर्दी में राजेश मीणा (एचसी) थे। आते ही उन्होंने हमारे को पकड़ा और हमारे साथ हॉकी व लकड़ी से मारपीट की। हम भागने लगे तो हमें रोक लिया। हम चिल्लाए तो इन्होंने हमारी कार में तोड़फोड़ कर दी। फिर सिटी थाने से और पुलिस वाले आ गए, जिन्होंने हमें समझाइश कर सिटी थाने छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद राजेश मीणा (एचसी) व दोनों साथी लड़के थाने आ गए और हमारे साथ थाने के अंदर ही मारपीट की। राजेश के पास पिस्टल थी, जिससे हमारे को धमकी दी कि जान से मार दूंगा। इन लोगों ने बेवजह हमारे साथ मारपीट की। हेड कॉन्स्टेबल ने ये आरोप लगाए थे हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने बताया- कल मुल्जिम के एस्कॉर्ट के लिए गुलगांव बॉर्डर तक गया और सावर पुलिस को सुपुर्द किया। इसी दौरान एसएचओ जगदीश प्रसाद चौधरी का फोन आया कि तुरन्त देवपुरा पहुंचे। देवपुरा पहुंचा और साथ में कॉन्स्टेबल कैलाश व ड्राइवर छोटू था। एक तरफ साठ सत्तर आदमी व दूसरी तरफ परिवादी के साथ पच्चीस तीस आदमी थे। परिवादी व उसकी पत्नी के साथ मारपीट हुई। एसएचओ व सीओ को जानकारी दी। सावर से एएसआई दायमा आता है। उसके बाद एसएचओ जगदीश प्रसाद चौधरी आया। एसएचओ ने कहा कि एमएलए का फोन आ गया कि तुरन्त छोड़ दो। एमएलए ने भी धमकी दी। आज सस्पेंड कर दिया। चार डंपर, चार ट्रैक्टर व दो जेसीबी लेकर थाने आया। थाने से छोड़ने का प्रयास कर रहे थे। छोड़ने नहीं दिया। इसी से नाराज होकर एमएलए ने दबाव डाला और सस्पेंड कराया। मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें मेरी कोई गलती नहीं। केकड़ी सदर सीआई ने कहा-आरोप निराधार केकड़ी सदर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद चौधरी ने कहा- न तो दबाव बनाया गया और न डंपर, ट्रैक्टर व जेसीबी छोड़ने के लिए कहा और न ही कोई एमएलए का नाम लिया। पकड़े गए वाहनों को लेकर खनिज विभाग को सूचना दी और नियमानुसार कार्रवाई की गई। जहां तक हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड की बात है, तो ये कल रात को जो घटनाक्रम हुआ, उसे लेकर किया है। आरोप निराधार हैं। पढें ये खबर भी....
वीमेंस हॉकी इंडिया लीग के दूसरे सीजन में जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने लीग से बाहर होने के बाद अंतत: जीत का स्वाद चख लिया। सोमवार को मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सूरमा ने रांची रॉयल्स को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। सूरमा की ओर से पेनी स्क्विब और ओलिविया शैनन ने अहम गोल दागे, जबकि रांची रॉयल्स के लिए अगोस्तिना अलोंसो ने बराबरी का गोल किया। मैच की शुरुआत सूरमा हॉकी क्लब ने बेहद आक्रामकता से की। पहले ही मिनट में टीम ने लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। दूसरे प्रयास में ऑस्ट्रेलियाई ड्रैग फ्लिकर पेनी स्क्विब (1’) ने सटीक फ्लिक लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद सूरमा का आत्मविश्वास साफ नजर आया। चौथे मिनट में पेनी स्क्विब ने डिफेंस में भी योगदान देते हुए गोल लाइन क्लीयरेंस कर रांची को बराबरी से रोक दिया। सोमवार को मिली करारी हार के बाद रांची रॉयल्स की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मात्र 6 अंक के साथ रांची रॉयल्स तीसरे स्थान पर है। फाइनल में जगह बना पाना अब रॉयल्स के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है। चमत्कार तब ही संभव है, जब रांची रॉयल्स अपना बचा हुआ एक मैच जीतती है। लेकिन सिर्फ यह जीत काफी नहीं होगी, इसके बाद बंगाल टाइगर्स को अपने दोनों मुकाबले हारने होंगे। अगर बंगाल एक भी मैच जीत जाती है तो दिल्ली के साथ बंगाल का फाइनल खेलना पक्का हो जाएगा। इस मुकाबले का निर्णायक मोड़ तीसरे क्वार्टर के बीच देखने को मिला, जब रांची रॉयल्स ने लगातार दबाव के बाद 35वें मिनट में अगोस्तिना अलोंसो के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इस गोल के बाद लगा कि मैच का रुख रांची की ओर जा सकता है, क्योंकि घरेलू दर्शकों का समर्थन और मिड फील्ड कंट्रोल दोनों उनके पक्ष में आ रहे थे। लेकिन यहीं सूरमा हॉकी क्लब ने मैच्योरिटी दिखाई। बराबरी के महज चार मिनट बाद मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को ओलिविया शैनन ने आत्मविश्वास के साथ गोल में बदल कर रांची की लय तोड़ दी। यह गोल न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर बढ़त बना गया, बल्कि मानसिक बढ़त भी सूरमा के पक्ष में ले गया। इसके बाद सूरमा ने लो-ब्लॉक डिफेंस अपनाते हुए लाइनों के बीच की जगह बंद कर दी। वहीं रांची रॉयल्स को कई सर्कल एंट्री और मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में धार की कमी खली, जो अंततः हार की बड़ी वजह बनी। विजय शंकर सिंह, महासचिव, हॉकी झारखंड रांची रॉयल्स ने शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश की, लेकिन पहले क्वार्टर में टीम दो बार ही सर्कल में प्रवेश कर सकी। सूरमा का डिफेंस कॉम्पैक्ट रहा और मिड फील्ड में प्रेसिंग के जरिए रांची के अटैक को सीमित कर दिया। इस क्वार्टर में सूरमा ने टेम्पो कंट्रोल करते हुए बढ़त बनाए रखी। दूसरे क्वार्टर में रांची का दबाव, लेकिन नतीजा नहीं: दूसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स ने वापसी के संकेत दिए। टीम ने 11 सर्कल एंट्री और 3 पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। लगातार अटैक के बावजूद सूरमा की बैकलाइन संगठित रही। लो-ब्लॉक डिफेंस और सही पोजिशनिंग के चलते रांची के से सूरमा के पक्ष में रहा। फॉरवर्ड्स को क्लियर शॉट्स नहीं मिल सके। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 तीसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स का दबाव आखिरकार रंग लाया। हन्ना कॉटर ने शानदार ड्रिब्लिंग करते हुए सूरमा के डिफेंस को भेदा और अगोस्तिना अलोंसो (35’) को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। चार मिनट बाद ही सूरमा को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे ओलिविया शैनन (39’) ने गोल में बदलते हुए टीम को फिर से बढ़त दिला दी। अंतिम क्वार्टर में आखिरी 15 मिनट में रांची रॉयल्स ने मुकाबले में बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रांची ने सूरमा को अपने ही हाफ में कैद कर दिया और अंतिम क्वार्टर में 11 बार सर्कल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने वीमेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में अपना खाता खोला। वहीं इस परिणाम के बाद एसजी पाइपर्स ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सूरमा के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, जबकि रांची रॉयल्स को एक बार फिर बेहतर मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में चूक भारी पड़ी।
भास्कर एक्सक्लूिसव खेलो इंडिया गेम्स के सफल आयोजन के बाद उदयपुर एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। नए साल की शुरुआत में ही झीलों की नगरी 69वीं नेशनल स्कूल गेम्स हॉकी (अंडर-19 बॉयज) चैंपियनशिप की मेजबानी करेगी। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 12 से 17 जनवरी तक होगी। इसमें देशभर से 44 टीमें भाग लेंगी और करीब 1000 से अधिक खिलाड़ी व ऑफिशियल्स शामिल होंगे। प्रतियोगिता के मुकाबले शहर के खेलगांव एस्ट्रोटर्फ मैदान, बीएन कॉलेज और एमबी कॉलेज सहित कुल चार हॉकी मैदानों पर खेले जाएंगे। आयोजन की मेजबानी फतह स्कूल द्वारा की जा रही है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टीमें 11 जनवरी से उदयपुर पहुंचना शुरू करेंगी। 12 जनवरी सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा, जबकि 17 जनवरी को फाइनल मुकाबले और समापन समारोह के साथ चैंपियन का फैसला किया जाएगा। इस दौरान कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के उभरते खिलाड़ी मैदान में अपना कौशल दिखाते नजर आएंगे। राज्यों के साथ सीबीएसई और स्पोर्ट्स स्कूल की टीमें भी टूर्नामेंट में भाग लेंगी फतह स्कूल के प्रधानाचार्य गजेन्द्र आवोत ने बताया कि प्रतियोगिता में सभी राज्यों के साथ-साथ सीबीएसई और स्पोर्ट्स स्कूल की टीमें भी भाग लेंगी। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर ऑनलाइन एंट्री की अंतिम तिथि 6 जनवरी निर्धारित है। ऑफिशियल्स को कजरी होटल में ठहराया जाएगा, जबकि खिलाड़ी खेलगांव व विभिन्न स्कूलों के हॉस्टल में रुकेंगे। भोजन व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसमें खिलाड़ियों को सुबह नाश्ता तथा दो समय भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजन के संचालन के लिए पीएम श्री राजकीय फतह सीनियर सेकंडरी स्कूल को मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया है। आयोजन के लिए शिक्षा विभाग ने 15 लाख रुपए का बजट जारी किया है। एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर लगेंगे रिसेप्शन काउंटर खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर 247 रिसेप्शन काउंटर लगेंगे। यहां शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। खिलाड़ियों को बसों व अन्य वाहनों से आवास स्थल और खेल मैदान तक लाया-ले जाया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की निगरानी में डोप टेस्ट किए जा सकेंगे और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। एसजीएफआई के चैनल पर लाइव प्रसारण होगा। मुख्य मैदान पर बड़ी एलईडी स्क्रीन से लाइव स्कोरिंग की सुविधा रहेगी। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयु धोखाधड़ी रोकने के लिए आयु सत्यापन परीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा, जो भारतीय खेल प्राधिकरण के माध्यम से संपन्न होगा।
जांजगीर-चांपा: कोतवाली पुलिस ने शराब के लिए पैसे मांगने और मारपीट करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार भी जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान किशन चौरसिया (25 वर्ष) और करण कुमार चौरसिया (22 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों मुनुन्द, जांजगीर के निवासी हैं। मुनुन्द जांजगीर निवासी पीड़ित हरीश गड़ेवाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी को शाम लगभग 6 बजे जब वे नैला से अपने गांव जा रहे थे, तब आरोपियों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। आरोपियों ने बाइक रोक मांगे पैसे आरोपियों ने उनसे शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर, आरोपियों ने अपने पास रखी हॉकी स्टिक (बेसबॉल स्टिक) और लकड़ी के डंडे से हरीश के साथ मारपीट की। पीड़ित की शिकायत पर अपराध दर्ज रिपोर्ट मिलने के बाद, कोतवाली थाने में तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम गठित कर रवाना की गई। पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों से दोनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने शराब के लिए पैसे मांगने और मना करने पर पीड़ित के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से दो बेसबॉल/हॉकी स्टिक और एक लकड़ी का डंडा जब्त किया है।
सीधी के सेमरिया में हनुमानगढ़ तिराहे पर स्थित एक कियोस्क बैंक में संचालक पर सोमवार दोपहर करीब 3 बजे तीन नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। हॉकी और डंडों से लैस हमलावरों ने बैंक संचालक विनोद कुमार साकेत को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं संचालक का इलाज किया जा रहा है। अचानक बैंक में घुसे, हॉकी-डंडों से मारा स्थानीय लोगों ने बताया कि बाइक से आए 3 हमलावरों ने सड़क किनारे अपना वाहन खड़ा किया और अचानक बैंक में घुस गए। दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने संचालक विनोद कुमार साकेत पर हमला किया और बैंक में रखे लैपटॉप, प्रिंटर और नोट गिनने की मशीन को तोड़ दिया। इस दौरान बैंक में अफरा-तफरी मच गई। हमलावरों की आक्रामकता देखकर ग्राहकों में भगदड़ मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए बदमाशों को घेर लिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया इसके बाद सेमरिया पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घायल संचालक विनोद कुमार साकेत को प्राथमिक उपचार के बाद सेमरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संचालक ने सुरक्षा की मांग की विनोद कुमार साकेत ने बताया कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी और यह हमला सुनियोजित प्रतीत होता है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की है। थाना प्रभारी सेमरिया केदार परौहा ने बताया आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। मामले की गहनता से जांच कर रहे है, ताकि हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग सोमवार को जयपुर पहुंचे। सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन अपने क्रिकेट और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े किस्से बताए। उन्होंने कहा- मैच के दौरान एंपयार बॉस होते हैं। सहवाग ने कहा कि “बॉस बॉस होता है, लेकिन कठिन समय में यदि आप अपने बॉस का साथ देते हैं, तो समय आने पर वह भी आपकी मदद करता है। मुख्य हॉल में आयोजित फायरसाइड चैट के दौरान ‘नो फियर, नो लिमिट्स: लेसन्स फ्रॉम द वर्ल्ड्स मोस्ट एग्रेसिव ओपनर’ विषय पर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान सहवाग ने क्रिकेट के साथ-साथ स्टार्ट-अप, निवेश, नेतृत्व, टीमवर्क और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी कई बातें शेयर की। बातचीत की शुरुआत आईपीएल के प्रभाव और क्रिकेट की बदलती संस्कृति से हुई। आईपीएल के बाद बदला विदेशी खिलाड़ियों का नजरियाआईपीएल को लेकर सहवाग ने बताया कि इस लीग के बाद विदेशी खिलाड़ियों के नजरिये में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां स्लेजिंग जैसी चीजें ज्यादा देखने को मिलती थीं, अब उनमें कमी आई है। उन्होंने बताया कि भारत का समय आ चुका है, हालांकि टेस्ट और वनडे क्रिकेट हमेशा मजबूत आधार बने रहेंगे। भविष्य को लेकर उन्होंने संभावना जताई कि टी-20 के बाद टी-10 क्रिकेट का दौर भी देखने को मिल सकता है।जोखिम के बिना न खेल में आगे बढ़ा जा सकता है, न बिजनेस मेंस्टार्ट-अप और निवेश पर बोलते हुए सहवाग ने बताया कि जोखिम लिए बिना प्रगति संभव नहीं है, लेकिन यह जोखिम नपा-तुला और समझदारी से लिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि स्मार्ट बनें, सही निवेशक चुनें और सही घोड़े पर दांव लगाएं। उनके मुताबिक स्टार्ट-अप संस्कृति युवाओं को जोखिम लेना और नवाचार करना सिखाती है। टीमवर्क और नेतृत्व ही सफलता की असली कुंजीटाई ग्लोबल के कन्वीनर महावीर प्रताप शर्मा से बातचीत में सहवाग ने बताया कि किसी भी टीम या संगठन की सफलता का आधार आपसी भरोसा, सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व होता है। हर कंपनी को अपने कर्मचारियों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आलोचना से घबराने के बजाय अपने प्रदर्शन से जवाब देना ज्यादा जरूरी है।‘मैच में बॉस एंपायर होता है’-क्रिकेट से कार्यस्थल तक का सबकअपने क्रिकेट करियर के किस्से साझा करते हुए सहवाग ने बताया कि मैच के दौरान एंपायर बॉस होता है। अगर मुश्किल समय में आप अपने बॉस का साथ देते हैं, तो जरूरत पड़ने पर वही बॉस आपकी मदद भी करता है। उन्होंने समझाया कि छोटी-छोटी रणनीतियों और सही व्यवहार से बड़ी चुनौतियों को भी जीता जा सकता है। सहवाग ने कहा कि “बॉस बॉस होता है, लेकिन कठिन समय में यदि आप अपने बॉस का साथ देते हैं, तो समय आने पर वह भी आपकी मदद करता है।” साथ ही कई क्रिकेट मैच के उदाहरण भी दिए और बताया कि मैच के बॉस यानी एंपायर से यदि व्यवहार अच्छा होता है तो उसके कितने फायदे होते हैं। अन्य खेलों को भी चाहिए आर्थिक सुरक्षासहवाग ने बताया कि क्रिकेट के अलावा हॉकी सहित कई अन्य खेलों में खिलाड़ियों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती। हर खेल में निवेशकों का आना जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता मिल सके। उन्होंने बताया कि अच्छा प्रदर्शन सराहा जाता है और खराब प्रदर्शन पर आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन हर दिन एक जैसा नहीं होता। टीम-साथियों के अच्छे प्रदर्शन की भी कामना करनी चाहिए।ओलंपिक में ज्यादा पदक जीत सकता है भारतउन्होंने बताया कि अगर देशभर में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें सही संसाधन और मंच दिए जाएं, तो भारत ओलंपिक में ज्यादा पदक हासिल कर सकता है। भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
जालंधर की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नीति आयोग और पंजाब सरकार के बीच हुई अहम बैठक में जालंधर में मेरठ की तर्ज पर सिविल सेंटर बनाने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में एक निजी होटल में नीति आयोग की बैठक आयोजित की गई। इसमें कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और मोहिंदर भगत के साथ नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी, पंजाब के स्पोर्ट्स सेक्रेटरी संजीत सिंह, चीफ सेक्रेटरी एपी सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर मौजूद रहे। स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को और आगे बढ़ाने पर चर्चा बैठक में स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को और आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि जालंधर पहले से ही स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है और यहां से तैयार होने वाला खेल सामान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट और हॉकी वर्ल्ड कप में इस्तेमाल होता है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 18 दिसंबर को पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जालंधर में मेरठ की तर्ज पर सिविल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां स्पोर्ट्स से जुड़े उत्पादों की टेस्टिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से न सिर्फ इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बैठक में मौजूद नीति आयोग के अधिकारियों का आभार जताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह कदम पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स चयन ट्रायल 6 से रायपुर में
भास्कर न्यूज | बेमेतरा केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी खेलो इंडिया पहल अंतर्गत खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का प्रथम संस्करण 14 फरवरी से छत्तीसगढ़ में आयोजित होगा। इस आयोजन में प्रदेश सहित देशभर के आदिवासी प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में 9 खेल विधा को शामिल किया गया है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग लेने राज्य के प्रत्येक जिले से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ियों के चयन के लिए खेल विभाग छग द्वारा चयन ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर में 6 से 8 जनवरी तक चयन ट्रायल आयोजित होंगे, जिनमें वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल एवं हॉकी खेल विधाएं शामिल रहेंगी। बिलासपुर में 7 से 8 जनवरी तक एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी (स्विमिंग) खेलों के लिए चयन ट्रायल होंगे। ये है चयन पात्रता व आवश्यक दस्तावेज चयन ट्रायल में खिलाड़ी का छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी और एसटी वर्ग से होना आवश्यक है। चयन ट्रायल के समय जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। ट्रायल के लिए ऑनलाइन पंजीयन लिंक जारी कर दिया गया है। खिलाड़ी निर्धारित तारीख के पूर्व पंजीयन कर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए खेल खिलाड़ी संबंधित युवा कल्याण विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

