डिजिटल समाचार स्रोत

...

एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर CM भगवंत मान सख्त, विश्वस्तरीय तैयारियों के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में होगा, जबकि मैच 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक खेले जाएंगे. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तैयारियां समय से पहले पूरी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि चैंपियनशिप का आयोजन बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के नियमों और पेशेवर दृष्टिकोण के अनुरूप किया जाए.

NDTV इंडिया 10 Oct 2026 3:01 pm

ग्वालियर संभाग ने 70वीं शालेय हॉकी प्रतियोगिता जीती:फाइनल में उज्जैन को शूटआउट में 3-1 से हराया, सागर को कांस्य पदक मिला

मंदसौर में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय शालेय हॉकी प्रतियोगिता के 14 वर्ष बालक वर्ग का खिताब ग्वालियर संभाग ने जीत लिया। शनिवार को एमआईटी बायपास स्थित हॉकी टर्फ मैदान पर खेले गए फाइनल में ग्वालियर ने उज्जैन संभाग को शूटआउट में 3-1 से हराया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 गोल की बराबरी पर थीं, जिसके बाद शूटआउट से विजेता का फैसला हुआ। उज्जैन को रजत, सागर को कांस्य फाइनल जीतने के साथ ग्वालियर संभाग ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उज्जैन संभाग को रजत और सागर संभाग को कांस्य पदक मिला। सेमीफाइनल में ग्वालियर ने सागर को 4-0 से हराया था, जबकि उज्जैन ने शहडोल को 8-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। आयोजन में शिक्षकों और प्रशिक्षकों का सहयोग प्रतियोगिता के सफल आयोजन में ऑब्जर्वर देवेंद्र बाथम, जिला क्रीड़ा अधिकारी घीसालाल जोगचंद, संयोजक के.सी. सोलंकी, प्राचार्य सुदीप दास, डॉ. विजय सिंह पुरावत और उमाशंकर पांडे सहित शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने सहयोग किया।

दैनिक भास्कर 10 Oct 2026 1:20 pm

पंजाब कांग्रेस प्रधान ने की CM पद पर दावेदारी:बोले - पार्टी में इतने चेहरे कि हर कोई मुख्यमंत्री बन सकता; राहुल के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक सुखपाल सिंह खैरा का नाम भी लिया। परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस में इतने चेहरे हैं कि हर कोई मुख्यमंत्री बनने की क्षमता रखता है। हालांकि, उन्होंने किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया और कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। परगट सिंह की तीन बड़ी बातें… सीएम पद पर परगट सिंह की दावेदारी के 4 कारण 2 अक्टूबर को बने प्रदेश अध्यक्ष जालंधर कैंट से विधायक और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह को 2 अक्टूबर 2026 को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली। पार्टी में अंदरूनी गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चाओं के बीच कांग्रेस हाईकमान ने परगट सिंह पर भरोसा जताया। प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में विजय इंदर सिंगला का नाम भी चर्चा में था, लेकिन हाईकमान ने परगट सिंह को संगठन की कमान सौंपी। 2027 से पहले गुटबाजी खत्म करना चुनौती पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और सभी गुटों को एकजुट करने की चुनौती है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में परगट सिंह के सामने सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और पार्टी को चुनाव के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। हॉकी के मैदान में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके परगट सिंह के लिए राजनीतिक मैदान में भी टीम के सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना अहम होगा। विरोधियों का कहना है कि उनके लिए यह राह आसान नहीं होगी। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह का शक्ति प्रदर्शन: गोल्डन टेंपल-डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेका; सचिन पायलट ने कार ड्राइव कर मैसेज दिया कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 10 Oct 2026 7:23 am

दिग्विजय बोले; सिंधिया-कमलनाथ के ईगो के कारण गिरी सरकार:'सिलावट को पीसीसी चीफ, गोविंद राजपूत को डिप्टी सीएम बनाना चाहते थे ज्योतिरादित्य'

पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वर्ष 2020 में मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिरने के पीछे के असल कारणों से पर्दा उठाया है। उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही 'शिवधाम से रामधाम सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के दौरान दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के आपसी 'ईगो' (अहंकार) तथा अफसरशाही के टकराव के कारण गिरी। दिग्विजय सिंह के अनुसार, 2018 में सरकार बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। बाद में जब कमलनाथ ने उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का अध्यक्ष बनने का विकल्प दिया, तो सिंधिया ने इसे ठुकरा दिया। सिंधिया चाहते थे कि उनके समर्थक तुलसी सिलावट को पीसीसी चीफ और गोविंद सिंह राजपूत को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए। कमलनाथ इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तनाव बढ़ता गया। लुटियंस दिल्ली में 23 सफदरजंग रोड का सरकारी बंगला रिटेन करने की कोशिश और ग्वालियर-चंबल संभाग में कलेक्टर-एसपी के तबादलों को लेकर खींचतान ने आग में घी का काम किया, जिसके चलते आखिरकार कांग्रेस सरकार गिर गई। पढ़िए दिग्विजय सिंह से बातचीत के प्रमुख अंश- भास्कर: आपने अपनी इस यात्रा का नाम ही 'सनातन' रख दिया है, जबकि सनातन का पेटेंट तो आज भाजपा ले चुकी है? दिग्विजय: नाम 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' है। भाजपा का सनातन से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन हजारों साल पुराना है, जबकि आरएसएस और वीएचपी तो कल की पैदाइश हैं। इन्होंने 'सनातन' और 'सत्य सनातन' नाम से सोशल मीडिया हैंडल रजिस्टर्ड करा रखे हैं, जिन पर फॉलोअर्स नगण्य हैं। ये केवल प्रचार करते हैं, जबकि इनके कर्म सनातन के मूल विचारों के विपरीत हैं। भास्कर: आप 'जेन-ज़ी' (Gen Z), युवाओं और जंतर-मंतर के आंदोलनों से खुद को कैसे जोड़ते हैं? दिग्विजय: इंसान उतना ही जवान होता है, जितना वह महसूस करता है। मैं 11 से 30 साल के युवाओं से निरंतर संवाद रखता हूं। मेरे पिता कहते थे कि बेटा जब 16 का हो जाए, तो उससे छोटे दोस्त की तरह व्यवहार करना चाहिए। जब अभिजीत दिपके ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विचार रखा और कुछ ही घंटों में लाखों फॉलोअर्स जोड़ लिए, तो मुझे लगा कि यही युवाओं की ताकत है जो भाजपा की नफरत की राजनीति को हरा सकती है। भास्कर: भाजपा से आपका यह सीधा टकराव किस बात को लेकर है? दिग्विजय: मेरी लड़ाई व्यक्तियों से नहीं, भाजपा की विभाजनकारी विचारधारा से है। वे देश के सांप्रदायिक सौहार्द, संविधान और 'आइडिया ऑफ इंडिया' को खत्म कर रहे हैं। सनातन का मूल आधार है—'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो।' संघ इसका ठीक उल्टा करता है। जब मैं यह कहता हूं तो वे मुझे हिंदू-विरोधी या मुसलमान कह देते हैं। 'हिंदू' शब्द तो फारसी से आया है, हमारा मूल धर्म सनातन है। मैंने गीता (तिलक और गांधी जी दोनों के भाष्य), कुरान के दो तर्जुमे, बाइबिल और गुरु ग्रंथ साहिब पढ़े हैं; सबका सार सिर्फ इंसानियत है। भास्कर: खेल और इंजीनियरिंग से राजनीति में आपका पदार्पण कैसे हुआ? दिग्विजय: मेरी रुचि कभी राजनीति में नहीं थी। बोर्डिंग स्कूल डेली कॉलेज और फिर जीएसआईटीएस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। हमेशा प्रथम श्रेणी में पास हुआ। क्रिकेट (विकेटकीपर/ओपनर), फुटबॉल (डिफेंडर), हॉकी (सेंटर फॉरवर्ड) और स्क्वैश का चार-पांच साल सेंट्रल जोन चैंपियन रहा। इलिनोइ यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में मास्टर्स का बुलावा आ गया था, लेकिन 1967 में पिताजी के निधन के बाद मां के कहने पर मुझे राघोगढ़ रुकना पड़ा। 1969 में राघोगढ़ नगरपालिका चुनाव में 3 कांग्रेस, 3 जनसंघ और 2 मजदूर पार्टी के जीते। गतिरोध के बीच सबने कहा कि 'यह बाहर से पढ़ा राजा आया है, इसे बना दो।' और मैं निर्विरोध अध्यक्ष बन गया। भास्कर: सिंधिया राजघराने और आपके परिवार की पुरानी रंजिश कैसे खत्म हुई? दिग्विजय: 18वीं सदी में दौलतराव सिंधिया की अंग्रेजों से संधि के बाद सात-आठ पीढ़ियों तक हमारा टकराव चला। आजादी के बाद 1952 में जब मेरे पिता निर्दलीय विधायक बने और जीवाजीराव महाराज मध्य भारत के राजप्रमुख थे, तो जीवाजीराव जी ने पिताजी को डिनर पर बुलाकर कहा, राजपाट तो दोनों के चले गए, अब कड़वाहट छोड़कर मिला जाए। वहां से मित्रता शुरू हुई। राजमाता विजयाराजे सिंधिया मुझे दूसरे बेटे की तरह मानती थीं। 1977 की भीषण कांग्रेस विरोधी लहर में जब मैं राघोगढ़ से लड़ा, तो उन्होंने और माधवराव जी ने मेरे पूरे क्षेत्र में एक भी भाषण मेरे खिलाफ नहीं दिया। भास्कर: माधवराव सिंधिया को कांग्रेस में लाने वाले आप ही थे? दिग्विजय: हां, 1980 के चुनाव से पहले माधवराव जी जनता पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय थे। संजय गांधी जी ने मुझसे साफ कहा, दिग्विजय, यदि तुम माधवराव को कांग्रेस में नहीं लाए, तो समझ लेना। मैं अर्जुन सिंह जी की मदद से मुंबई गया, जहां सिंधिया जी 'उगता सूरज' चुनाव चिह्न के पोस्टर बनवा रहे थे। मैंने समझाया कि संघ की विचारधारा आपके स्वभाव के अनुकूल नहीं है और कांग्रेस में राजा-महाराजाओं की जगह है। वे तैयार हुए और संजय जी से मिलने के बाद दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। भास्कर: अयोध्या मामले में आपने नरसिम्हा राव सरकार के दौरान कोई गुप्त मिशन भी किया था? दिग्विजय: 1994-95 में, जब मैं मुख्यमंत्री था, प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद राम जन्मभूमि विवाद को गैर-राजनीतिक बनाकर धर्माचार्यों को सौंपना चाहते थे। इसके लिए 'रामालय ट्रस्ट' बना। शंकराचार्यों के हस्ताक्षर जरूरी थे। राव साहब के आदेश पर मैं और उनके विशेष सचिव मिस्टर प्रसाद गुप्त रूप से सरकारी चार्टर विमान से रात को वाराणसी पहुंचे। नाव के जरिए स्वामी रामनरेशाचार्य जी के श्रीमठ पहुंचे और उन्हें साथ लेकर रात 11 बजे अपने दीक्षा गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी को जगाया। लंबी चर्चा के बाद स्वामी स्वरूपानंद जी को रामालय ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाना तय हुआ। राव साहब ने खुद दोनों संतों के चरण स्पर्श किए और 67 एकड़ अधिग्रहीत भूमि ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन 1996 में सरकार जाने से वह काम अधूरा रह गया। भास्कर: नर्मदा परिक्रमा का संकल्प कैसे जागा और परिवार का इसमें क्या साथ रहा? दिग्विजय: 2001-02 में जब मैं मुख्यमंत्री था, मंडला सर्किट हाउस में भोर में तीन-चार बार मेरी नींद खुली और अंतर्मन में नर्मदा परिक्रमा का स्पष्ट संदेश गूंजा। मैंने गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद जी को बताया, तो उन्होंने पैदल परिक्रमा का आदेश दिया। राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते यह 2017 में संभव हुआ। इस बीच मेरी पहली पत्नी आशा (आशु) जी, जिनसे 1969 में विवाह हुआ था और जिन्होंने चार बेटियों व जयवर्धन के लालन-पालन से लेकर घर की पूरी जिम्मेदारी संभालकर मुझे राजनीति की खुली छूट दी थी, 2013 में शांत हो गईं। उनके जाने के बाद अमृता जी मेरे जीवन में आईं। 2017 में जब मैंने परिक्रमा की, तो अमृता ने मेरे साथ पूरी नर्मदा परिक्रमा पैदल की; वे एक दिन भी गाड़ी में नहीं बैठीं। इस यात्रा का मूल विचार भी अमृता का ही था और मेरी पत्नी अमृता ने इस साधना में मेरा पूरा साथ निभाया। भास्कर: 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गिरने की असल वजह क्या थी? दिग्विजय: 2018 में 114 में से 90 से अधिक विधायक कमलनाथ जी के साथ थे और 20-22 ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के साथ। सिंधिया जी मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन संख्याबल नहीं था। कमलनाथ जी ने उन्हें पीसीसी अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया, लेकिन वे नहीं माने। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव हारने के बाद सिंधिया जी लुटियंस दिल्ली का अपना 23 सफदरजंग रोड वाला सरकारी बंगला मध्य प्रदेश कोटे से रीटेन कराना चाहते थे, पर कमलनाथ जी इसके लिए तैयार नहीं हुए। विवाद सुलझाने के लिए मैंने शोभना भरतिया जी के घर पर सुनील मित्तल की मौजूदगी में डिनर रखवाया। वहां बातचीत के दौरान कमलनाथ जी सिंधिया जी पर बिफर पड़े और बोले, व्हाट डू यू थिंक ऑफ योरसेल्फ ज्योतिरादित्य? आई एम द चीफ मिनिस्टर! जब मैंने बीच-बचाव किया तो कमलनाथ जी ने मुझे भी चुप करा दिया। बाद में ग्वालियर संभाग के तबादलों को लेकर मैंने और ज्योतिरादित्य जी ने मिलकर एक सहमति सूची बनाई और दोनों के दस्तखत कराकर कमलनाथ जी को दी। लेकिन डेढ़ महीने तक आदेश जारी नहीं हुए। जब मैंने कमलनाथ जी से पूछा तो उन्होंने कहा, दिग्विजय, एम आई अ फूल? यदि तुम दोनों एक हो जाओगे तो मेरी क्या स्थिति रहेगी? इसी आपसी अविश्वास और प्रशासनिक अहंकार की वजह से सरकार चली गई। भास्कर: आप पर सुपर सीएम होने और उस सरकार को रिमोट से चलाने का आरोप भी लगा था? दिग्विजय: यह पूरी तरह गलतफहमी थी। उस सरकार के एक मंत्री ने तो सार्वजनिक रूप से कहा था कि दिग्विजय सिंह माफिया चला रहे हैं। सच यह है कि कमलनाथ जी को मुख्यमंत्री बनाने में मेरी बड़ी भूमिका थी और मैं अपनी निष्ठा के प्रति हमेशा अडिग रहा। यदि किसी ने मुझ पर एक प्रतिशत भी उपकार किया हो, तो वह भले मेरा साथ छोड़ दे, मैं उसका साथ कभी नहीं छोड़ता। मैं कबीर के दोहे पर चलता हूं—'कबीरा खड़ा बाज़ार में, सबकी माँगे ख़ैर। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर।' भास्कर: आपके किले पर भगवा ध्वज रहता है, आप एकादशी-गुरुवार का व्रत रखते हैं, फिर भी हिंदू-विरोधी की छवि क्यों? दिग्विजय: इसमें मीडिया का बड़ा हाथ है। मैं नित्य आधा घंटा पूजा के बाद ही अन्न ग्रहण करता हूं। चारों धाम कर चुका हूं। जब मैं यूपी का प्रभारी था, तो गोरखनाथ मठ के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ जी के सबके सामने पैर छूता था। आज भी योगी आदित्यनाथ मिलते हैं तो मैं उनके चरण स्पर्श करता हूं, क्योंकि यह सम्मान उस पवित्र नाथ पीठ का है। लेकिन मैं योगी आदित्यनाथ की राजनीति की निंदा करता हूं, क्योंकि वे गुरु गोरखनाथ के सर्वसमावेशी आदर्शों के खिलाफ काम करते हैं। गोरखनाथ मठ के लिए ऐतिहासिक रूप से भूमि अवध के नवाब ने दी थी, क्योंकि तत्कालीन सूफी संत और मठ के महंत में गहरी मित्रता थी। भास्कर: आप जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलनों में जाने वाले थे, फिर क्यों रुके? दिग्विजय: जब संसद घेराव की तैयारी थी, मैंने कांग्रेस के युवा नेता सौरभ से बात कर सुबह 8 बजे जाने का तय किया था। लेकिन जयराम रमेश ने फोन पर साफ कहा, व्हाट ब्लडी नॉनसेंस दिग्विजय, तुम्हें वहां जाने की कोई जरूरत नहीं है। पार्टी के कहने पर मैं उस दिन रुका, लेकिन अब मैं निश्चित रूप से युवाओं के बीच जाऊंगा। सोशल मीडिया पर ध्रुव राठी जैसे स्वतंत्र आवाजों को मैं 2011 से समर्थन दे रहा हूं, जिनका एक वीडियो आधे घंटे में 10 लाख लोग देख लेते हैं। आज की राजनीति की चाबी इसी 'जेन-ज़ी' पीढ़ी के पास है। भास्कर: 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' (उज्जैन से अयोध्या) का वास्तविक मकसद क्या है? दिग्विजय: यह लगभग 950 से 1000 किलोमीटर की पदयात्रा है। हम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक डिजिटल याचिका जारी कर रहे हैं। हमारे सीधे सवाल हैं—क्या राजनीति में धर्म का हथियार की तरह इस्तेमाल सही है? क्या वोट चोरी और धार्मिक स्थलों के नाम पर चंदा वसूली की लूट पर निष्पक्ष जांच और सजा नहीं होनी चाहिए? यह यात्रा सनातन धर्म के मूल नैतिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का खुला शंखनाद है। ये खबर भी पढ़ें… दिग्विजय ने पूछा- संघ का आदमी खुदा हो गया क्या? पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। बुधवार को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि देश के संवैधानिक और शैक्षणिक संस्थानों पर संघ से जुड़े लोगों को बैठाया जा रहा है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 10 Oct 2026 5:00 am

Jhansi News: राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप आज से, गुजरात-आंध्रप्रदेश में पहली भिड़ंत

झांसी। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में शनिवार को 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आगाज होगा। 21 अक्तूबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में देशभर की 29 टीमें हिस्सा लेंगी।

अमर उजाला 10 Oct 2026 3:13 am

Budaun News: जिला स्तरीय हॉकी ट्रायल संपन्न, 15 खिलाड़ी चयनित

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता के ट्रायल में जिले की 15 खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

अमर उजाला 10 Oct 2026 1:45 am

ओलंपिक से पहले भारतीय हॉकी टीम में होंगे बड़े बदलाव, चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने दिया हिंट

भारतीय हॉकी टीम की चयन समिति के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने कहा है कि ओलंपिक से पहले भारतीय हॉकी टीम में बड़े बदलाव होंगे। उन्होंने ये भी बताया कि ओलंपिक में खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 9:34 pm

44 साल बाद गोल्ड जीतकर अच्छा लग रहा है, बेटा या बेटी में फर्क करना ठीक नहीं: रुतुजा पिसल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद गोल्ड मेडल जीता। भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। विजेता टीम का हिस्सा रहीं रुतुजा ने कहा कि फाइनल में चीन के खिलाफ टीम की खिलाड़ी निडर होकर खेलीं और उन्होंने अपनी प्लानिंग पर अमल किया। रुतुजा पिसल ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, 44 साल बाद गोल्ड जीता, तो बहुत अच्छा लग रहा है। हॉकी महाराष्ट्र ने मुझे सपोर्ट किया इसलिए यह हो पाया। फाइनल मैच था, तो दबाव था ही, लेकिन हमने चीन के खिलाफ खेलने के लिए प्लानिंग की थी। मैच से पहले मैंने माता-पिता से बात की थी और उन्हें बताया था कि मेरा फाइनल मैच है, तो उन्होंने यही कहा कि दबाव मत लेना बेटा और अच्छे से खेलना। उन्होंने कहा कि जान लगा देना और भारत का नाम रोशन करना है। यही उम्मीद है तुमसे और इसी बात को दिमाग में रखना। भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ने आगे कहा, हमें पहले से अनुमान था कि फाइनल में चीन से हमारा सामना हो सकता है। हमने वर्ल्ड कप में उनके खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था, तो उन्हें खिताबी मुकाबले में देखकर हमें डर नहीं लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि वह हमसे डर रहे हैं, क्योंकि वर्ल्ड कप में हमने ड्रॉ रहे मुकाबले में पहले गोल हमने किया था। बस डर यह था कि हमने जो इतनी कड़ी मेहनत की है, तो फाइनल में भी हम वैसा ही प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं। रुतुजा ने बताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद उनके पास सबसे पहला कॉल पिता का आया था, जो काफी भावुक थे। रुतुजा के अनुसार, पिता का कहना था कि उन्होंने उनका नाम रोशन किया है और उन्हें रुतुजा पर गर्व है। लड़कियों के प्रति समाज को संदेश देते हुए रुतुजा ने कहा, लड़का या लड़की में फर्क नहीं करना चाहिए। लड़कियां जो चाहती हैं उन्हें वो करने की आजादी देनी चाहिए, चाहे फिर खेल हो या फिर कोई अन्य फील्ड। रुतुजा ने क्रिकेट से हॉकी की तुलना को लेकर कहा कि हर खेल को एक नजरिए से ही देखा जाना चाहिए। भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ने आगे कहा, हमें पहले से अनुमान था कि फाइनल में चीन से हमारा सामना हो सकता है। हमने वर्ल्ड कप में उनके खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था, तो उन्हें खिताबी मुकाबले में देखकर हमें डर नहीं लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि वह हमसे डर रहे हैं, क्योंकि वर्ल्ड कप में हमने ड्रॉ रहे मुकाबले में पहले गोल हमने किया था। बस डर यह था कि हमने जो इतनी कड़ी मेहनत की है, तो फाइनल में भी हम वैसा ही प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं। रुतुजा ने बताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद उनके पास सबसे पहला कॉल पिता का आया था, जो काफी भावुक थे। रुतुजा के अनुसार, पिता का कहना था कि उन्होंने उनका नाम रोशन किया है और उन्हें रुतुजा पर गर्व है। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 9 Oct 2026 9:26 pm

Asian Champions Trophy 2026 से हटा Pakistan, 1 नवंबर को Malaysia से भिड़ेगा India

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर अब हॉकी के मैदान पर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान ने भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से हटने का फैसला किया है। इस टूर्नामेंट में अब उसकी जगह बांग्लादेश की टीम हिस्सा लेगी। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में आयोजित होनी है। पाकिस्तान के हटने के बाद भारतीय टीम के मुकाबलों के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत को पहले 1 नवंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना था। अब इसी तारीख पर भारतीय टीम मलेशिया से भिड़ेगी। इस टूर्नामेंट में कुल 6 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं। पाकिस्तान के बाहर होने के बाद बांग्लादेश को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। हालांकि, इस बदलाव से टूर्नामेंट का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ने की उम्मीद है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने पहले ही संकेत दिया था कि भारत में खेलने का फैसला सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा था कि महासंघ सरकार के निर्देशों का पालन करेगा। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी घोषणा की थी कि पाकिस्तान सहित 6 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग लेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की उस नीति का हवाला दिया था, जिसके तहत पाकिस्तान को भारत की धरती पर बहु-देशीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने 16 सितंबर को एशियाई हॉकी महासंघ को पत्र लिखकर प्रतियोगिता के लिए किसी तटस्थ स्थान की मांग की थी। महासंघ का कहना था कि इससे टीम की बिना रुकावट और पूरी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वानी ने उस समय कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा संवेदनशील हालात और सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए यह मांग की गई है, ताकि खिलाड़ियों और अधिकारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। टूर्नामेंट की शुरुआत 27 अक्टूबर को जालंधर के सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में होगी। वहीं, फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी महाद्वीप की प्रमुख हॉकी प्रतियोगिताओं में शामिल है, जिसमें एशिया की मजबूत टीमें खिताब के लिए मुकाबला करती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की गैरमौजूदगी से भारत-पाकिस्तान मुकाबले का इंतजार कर रहे हॉकी प्रशंसकों को निराशा हो सकती है। गौरतलब है कि इसी सप्ताह पाकिस्तान ने भारत से जुड़े एक अन्य खेल आयोजन से भी दूरी बनाई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स प्रतियोगिता के लिए अपनी टीम को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान की टीम ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। पाकिस्तान ने प्रतियोगिता के आयोजकों पर दोहरे मापदंड और पक्षपात के आरोप भी लगाए थे और भविष्य में भी इसमें भाग नहीं लेने की बात कही थी। पिछले संस्करण में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 2 मुकाबलों में खेलने से इनकार किया था, जिनमें एक सेमीफाइनल भी शामिल था। उस सेमीफाइनल में पाकिस्तान को बिना खेले जीत मिली थी। वहीं, ग्रुप चरण के मुकाबले में भारत के हटने के बावजूद उसे अंक दिए जाने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नाराजगी जताई थी। बता दें कि खेलों में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा दर्शकों के बीच खास उत्साह पैदा करती है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव का असर कई बार खेल आयोजनों पर भी पड़ता रहा है। अब एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की भागीदारी और भारत के बदले हुए कार्यक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 9:11 pm

CM मान एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले जालंधर पहुंचे:सुरजीत हॉकी स्टेडियम में तैयारियों का जायजा लिया; 2 शहरों में होंगे मुकाबले

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के बर्ल्टन पार्क स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित सुरजीत हॉकी स्टेडियम का दौरा किया और आगामी एशियन हॉकी चैंपियनशिप से जुड़े नवीनीकरण कार्यों तथा तैयारियों का जायजा लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में आयोजित किए जाएंगे। खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्टेडियम को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के इस दौरे के दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष व जालंधर सेंट्रल हलके के इंचार्ज नितिन कोहली तथा मेयर वनीत धीर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पूरे स्टेडियम परिसर की व्यवस्थाओं की जांच की निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे स्टेडियम परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी तरह की कमी न रहे ताकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और यहां आने वाले दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री मान की अगुवाई में राज्य में पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप आयोजित होने जा रही है जो पंजाबियों के लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है। प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबले जालंधर और मोहाली में होंगे उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबले जालंधर और मोहाली दोनों शहरों में खेले जाएंगे। खेलों के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में खेलों और खिलाड़ियों के लिए फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और जायजा लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री वहां से रवाना हो गए। आगामी टूर्नामेंट की सफल मेजबानी के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 7:42 pm

पाकिस्तान हॉकी टीम नहीं लेगी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में हिस्सा, बांग्लादेश को मिली जगह

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान हॉकी टीम ने आधिकारिक तौर पर पंजाब में होने वाली पुरुषों की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है। जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की जगह अब बांग्लादेश खेलेगा।

समाचार नामा 9 Oct 2026 7:00 pm

ओलंपिक 2028 से पहले हॉकी टीम में होंगे बड़े बदलाव:इंडियन टीम के चीफ सेलेक्टर आरपी सिंह बोले- एशिया में हम चैंपियन

एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हॉकी इंडिया चयन समिति के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि ओलंपिक में यूरोपियन स्टाइल की हॉकी देखने को मिलेगी, जहां एक गलती भी भारी पड़ सकती है। यही वजह है कि टीम अब केवल नाम के आधार पर नहीं, बल्कि सख्त फिटनेस और प्रदर्शन के मानकों पर ही खिलाड़ियों को जगह मिलेगी। मानकों पर खरे न उतरने वाले खिलाड़ियों की जगह नए और युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा। हम एशिया में चैंपियन हैं। अब यूरोप की बारी है। ओलंपिक की तैयारी में हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चयन प्रक्रिया में नया नियम और निगरानी डॉ. आरपी सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद दैनिक भास्कर से बताया कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक आकलन करने के लिए चयन समिति का एक सदस्य अब भारतीय टीम के हर विदेशी या घरेलू दौरे पर साथ रहेगा। यह सदस्य मैदान पर खिलाड़ियों के खेल और फिटनेस पर नजर रखेगा और अपनी रिपोर्ट सीधे चयन समिति को सौंपेगा। इस नए प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे चयन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बनी टीम पंजाब में 27 अक्तूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस ट्रॉफी के लिए मुख्य टीम का कैंप 18 अक्तूबर से जालंधर में शुरू होगा। न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक अलग 'इंडिया-ए' टीम बनाई जा रही है। इसके लिए 11 अक्तूबर से बेंगलुरु में 33 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप कैंप आयोजित किया जाएगा। 11 अक्तूबर से झांसी में शुरू हो रही सीनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय कैंप में जगह बनाने का अवसर दिया जाएगा। हॉकी इंडिया के चुनाव और नई कार्यकारिणी हॉकी इंडिया की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्पोर्ट्स बिल के कारण चुनाव प्रक्रिया में कुछ समय लगा, लेकिन अब सभी राज्यों से 15 अक्तूबर तक पुरुष और महिला प्रतिनिधियों के नाम मांगे गए हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 दिसंबर तक हॉकी इंडिया की नई कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 6:13 pm

सीनियर मेन नेशनल हॉकी चैंपियनशिप 10 अक्टूबर से झांसी में शुरू होगी

झांसी, 9 अक्टूबर . हॉकी इंडिया सीनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026, 10 अक्टूबर को झांसी में शुरू होने वाली है, जिसमें तीन डिवीजनों में 29 टीमें मुकाबला करेंगी. टूर्नामेंट 21 अक्टूबर को खत्म होगा और डिवीजन ‘ए’ का फाइनल मुकाबला आखिरी दिन होगा. पिछले एडिशन में, हॉकी पंजाब ने डिवीजन ‘ए’ के फाइनल में हॉकी ... Read more

डेली किरण 9 Oct 2026 2:54 pm

Asian Games 2026: Indian Army के एथलीटों ने जीते रिकॉर्ड 20 मेडल, 6 Gold किए नाम

भारतीय सेना की स्पोर्ट्स टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड 20 मेडल (6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज़) जीते। एक रिलीज़ के अनुसार, 15 अलग-अलग खेलों में सेना के 62 एथलीटों के प्रदर्शन ने भारत के कुल मिलाकर चौथे स्थान पर रहने में अहम भूमिका निभाई और देश के खेल इतिहास में कई नए अध्याय जोड़े। ये छह गोल्ड मेडल, 2022 एशियन गेम्स में आर्मी के गोल्ड मेडल की संख्या से 100 प्रतिशत ज़्यादा हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Indian Army के एथलीटों का जलवा, जीते 6 स्वर्ण सहित कुल 20 पदक भारत के कुल पदकों में आर्मी के खिलाड़ियों का योगदान 23.52 प्रतिशत रहा; उन्होंने देश के कुल 85 पदकों में से 20 पदक जीते, जबकि उनके छह गोल्ड मेडल भारत के कुल 21 गोल्ड मेडल का 29 प्रतिशत थे। यह उपलब्धि उस स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को भी दिखाती है जिसे भारतीय सेना ने पिछले कुछ सालों में तैयार किया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत स्पोर्ट्स टैलेंट की पहचान करने और होनहार एथलीटों को एक व्यवस्थित माहौल में आगे बढ़ने का मौका देने से होती है। इसके बाद, अलग-अलग खेलों के लिए खास ट्रेनिंग सेंटर्स में एथलीटों को तैयार किया जाता है। उन्हें अत्याधुनिक सुविधाएं, खास कोचिंग, टेक्निकल और साइंटिफिक सपोर्ट, ज़रूरी उपकरण, कॉम्पिटिशन का अनुभव और लगातार मोटिवेशन मिलता है। इसका मकसद सिर्फ़ टैलेंट खोजना नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को ऐसा माहौल और सपोर्ट देना है जिससे वे अपनी काबिलियत को बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस में बदल सकें। यह इकोसिस्टम खिलाड़ियों को मकसद के साथ ट्रेनिंग करने, सबसे ऊंचे लेवल पर मुक़ाबला करने और संस्थान के सपोर्ट से कामयाबी की राह पर आगे बढ़ने का मौका देता है। खेलों में शानदार प्रदर्शन की आर्मी की एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। भारतीय हॉकी के इतिहास के सबसे बड़े नामों में से एक, मेजर ध्यानचंद, इस विरासत की एक अहम पहचान बने हुए हैं। हाल के समय में, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है, वे इंटरनेशनल एथलेटिक्स में सबसे ऊंचे मुकाम तक पहुंचे हैं और भारतीय खेलों को दुनिया भर में पहचान दिलाई है। इसे भी पढ़ें: Devendra Jhajharia ने Asian Para Games चयन को बताया पारदर्शी, कहा- सुलझाएंगे समस्याएं एशियन गेम्स 2026 में भारतीय सेना की सफलता, सेना प्रमुख के 'विजय' (VIJAY) विज़न को साकार करती है, जिसमें 'योद्धा' को बदलाव के केंद्र में रखा गया है। खेल के मैदान में उतरने वाला योद्धा उसी अनुशासन, सहनशक्ति, दृढ़ संकल्प और जीतने के जज़्बे का प्रतीक है जो एक सैनिक की पहचान होते हैं। ये उपलब्धियाँ प्रतिभा को निखारने और व्यक्तिगत क्षमता को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्टता में बदलने के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। पदकों से कहीं बढ़कर, खेल में हिस्सा लेने वाला हर योद्धा देश की उम्मीदों को साथ लेकर चलता है; यह साबित करते हुए कि भले ही मैदान बदल जाए, लेकिन योद्धा का जज़्बा हमेशा एक जैसा ही रहता है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 1:58 pm

शराब पीने से रोका तो संतों पर हमला, 3 घंटे हाईवे जाम: कार सवार 5-6 युवकों ने हॉकी और सरियों से पीटा, एक संत जोधपुर रेफर

शराब पीने से रोका तो संतों पर हमला, 3 घंटे हाईवे जाम: कार सवार 5-6 युवकों ने हॉकी और सरियों से पीटा, एक संत जोधपुर रेफर

समाचार नामा 9 Oct 2026 9:15 am

शराब-पीने से रोका तो संतों को पीटा, 3-घंटे हाईवे जाम:कार सवार 5-6 युवकों ने हॉकी-सरियों से हमला किया; एक संत जोधपुर रेफर, गिरफ्तारी की मांग

जायल क्षेत्र की पिण्डिया ग्राम पंचायत स्थित घड़वानाडा आश्रम के बाहर गुरुवार रात शराब पीने से रोकने पर कार सवार 5-6 युवकों ने संतों पर हॉकी और सरियों से हमला कर दिया। हमले में संत रजनीत दास का सिर फट गया, जबकि संत रामकुमार दास भी घायल हो गए। गंभीर घायल संत को जोधपुर रेफर किया गया। घटना के विरोध में पिण्डिया सहित आसपास के सात गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने घड़वानाडा के पास NH-458 खाटू-सांजू हाईवे पर रात 8 से 11 बजे तक जाम लगाया। इससे हाईवे के दोनों ओर करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। शराब पीने से रोका तो गाली-गलौज कर हमला किया संत रजनीत दास ने बताया- गुरुवार शाम करीब 7 बजे कुछ युवक आश्रम के बाहर शराब पी रहे थे। संतों ने उन्हें रोककर समझाइश दी। आरोप है कि इससे नाराज युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद कार में सवार होकर आए 5-6 युवकों ने हॉकी और सरियों से संतों पर हमला कर दिया। हमले में संत रजनीत दास के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि संत रामकुमार दास भी घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत के चलते एक संत को जोधपुर रेफर किया गया। ग्रामीण ने हाईवे पर लगाया जाम घटना की जानकारी मिलते ही पिण्डिया पंचायत क्षेत्र सहित आसपास के सात गांवों के ग्रामीण एकत्रित हो गए। उन्होंने घड़वानाडा के पास NH-458 खाटू-सांजू हाईवे पर जाम लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण यातायात बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर सीओ संजीव कुमार चौहान और खाटू बड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आंदोलन तेज करने की चेतावनी ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि संतों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। करीब 3 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रात 11 बजे जाम हटाया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 8:54 am

एशियन गेम्स में यूपी के 11 धुरंधर:किसी ने डंडे से भाला फेंकना सीखा, कोई रातभर कैब चलाता रहा; एक ने बिना खेले ₹3 करोड़ जीते

जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स में भारत के हिस्से में 85 मेडल आए। इनमें 16 मेडल यूपी के खिलाड़ियों ने हासिल किए। इनमें 5 गोल्ड, 3 सिल्वर और 8 कांस्य हैं। ये सिर्फ मेडल नहीं हैं, बल्कि मुश्किल हालात में कामयाबी हासिल करने वाले 11 खिलाड़ियों के संघर्ष का नतीजा है। किसी प्लेयर को प्रैक्टिस के लिए जैवलिन नहीं मिला, तो उसने बांस को छीलकर भाला तैयार कर लिया। किसी ने पिता को खोकर दिल्ली में कैब चलाई, घर संभाला और मुश्किल हालात में भी देश का नाम रोशन कर दिया। आपको ऐसे ही खिलाड़ियों की कहानियां पढ़वाते हैं… पहली कहानी जौनपुर के रोहित यादव की है। जैवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीतने वाले रोहित की प्रैक्टिस किसी स्पोर्ट्स एकेडमी में नहीं, गांव के खेतों से शुरू हुई। वह अपने पिता के साथ काम में हाथ बंटाते और अक्सर डंडे फेंककर उसकी दूरी नापते थे। रोहित के पिता सभाजीत यादव खुद एक एथलीट थे। उन्होंने रोहित के इस हुनर को पहचान तो लिया, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि बेटे के लिए असली जैवलिन (भाला) नहीं खरीद पा रहे थे। रोहित की बढ़ती ललक को देखकर 2013 में पिता ने घर के पास उगे बांस को काटकर और छीलकर भाले तैयार किए। फिर क्या था, 14 साल की उम्र में रोहित ने बांस के डंडे से ही थ्रो करने का अभ्यास शुरू कर दिया। बाद में पैसे जुटाकर जैवलिन खरीद लिया। फिर हर दिन भाला फेंकने की प्रैक्टिस करने लगे। 13 साल की मेहनत के बाद आखिरकार वो एशियन गेम्स तक पहुंचे। जैवलिन थ्रो के फाइनल में 84.35 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। अब उन्हें सरकार 75 लाख रुपए और सरकारी नौकरी देगी। अमेठी के सलमान खान ने रोइंग (नौकायन) में कांस्य पदक जीता है। सलमान 4 भाइयों और 2 बहनों में सबसे बड़े हैं। वे इंडियन आर्मी में भर्ती होना चाहते थे। इसके लिए 15 साल की उम्र से ही तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन, जब वे 18 के हुए, तब सिर से पिता का साया उठ गया। अब परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। सलमान को मजबूरी में कमाने के लिए दिल्ली जाना पड़ा। शुरुआत में छोटे-मोटे काम किए, फिर कैब चलाने लगे। रात में जब बिस्तर पर लेटते, तब उन्हें इंडियन आर्मी जॉइन करने का अपना सपना याद आता। सलमान हार मानने वालों में से नहीं थे। वह सुबह 5 बजे उठने लगे और पार्क में 1600 मीटर दौड़ की प्रैक्टिस करने लगे। कभी-कभी 4-5 किलोमीटर की दौड़ भी लगा देते। लगातार कोशिश के बाद सलमान आखिरकार 2018 में खेल कोटे से सेना में भर्ती हो गए। यहीं उन्हें रोइंग की प्रैक्टिस करने का मौका मिला। सलमान ने खुद को इतना तपाया कि आज देश के लिए कांस्य पदक जीता। नोएडा के जय कुमार नागर ने 4x400 मीटर रिले दौड़ में कांस्य पदक जीता है। वह 2019 तक जिला स्तरीय कबड्डी खेलते थे। जय के पिता दादरी में छोटी-सी किराना की दुकान चलाते हैं। अपने बेटे का खेल के प्रति लगाव देखकर उनका एडमिशन स्पोर्ट्स स्टेडियम में करा दिया। पिता का सपोर्ट मिला तो जय ने कबड्डी छोड़कर एथलेटिक्स ट्रैक पर दौड़ना शुरू कर दिया। हर दिन 400 मीटर रेस की तैयारी करते रहे। 7 साल की कठिन ट्रेनिंग के दम पर उन्होंने एशियन गेम्स में मेडल जीता। अब जय को यूपी सरकार की ओर से 75 लाख रुपए मिलेंगे। बुलंदशहर के मेराज अहमद खान ने 50 की उम्र में शूटिंग में कांस्य पदक जीता है। मेराज 90 के दशक में वीरेंद्र सहवाग के साथ क्रिकेट खेला करते थे। दोनों दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। 28 साल की उम्र तक मेराज अंडर-19 की कप्तानी कर चुके थे। मेराज का सपना था कि वे जब भी खेलें, उनकी जर्सी पर देश का नाम 'INDIA' लिखा हो। लेकिन, उन्हें रणजी या नेशनल टीम में जगह नहीं मिल पा रही थी। मेराज जमींदार खानदान से आते हैं। उनके पिता इलियास अहमद खान, भाई और चाचा सभी स्टेट-लेवल के ट्रैप शूटर थे। 2003 के आसपास क्रिकेट करियर में ठहराव आने पर वे अपने चचेरे भाई के साथ दिल्ली की कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पहुंचे। वहां उन्होंने राजा रणधीर सिंह और मानशेर सिंह जैसे दिग्गज निशानेबाजों को देखा, जिनकी जर्सी पर भारतीय तिरंगा लगा था। बस यहीं से उन्हें अपना सपना पूरा करने का रास्ता दिख गया। फिर उन्होंने अपने पहले प्यार क्रिकेट को अलविदा कहकर शूटिंग को करियर बना लिया। गाजीपुर के रहने वाले राजकुमार ने एशियन गेम्स में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, बांग्लादेश के खिलाफ मैच के दौरान उनके बाएं हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया था। वे सेमीफाइनल और फाइनल नहीं खेल पाए। लेकिन, उनकी टीम ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड जीता। 2028 के लॉस एंजिल्स ओलिंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया। राजकुमार पाल 3 भाइयों में सबसे छोटे हैं। बड़े भाई जोखन पाल और राहुल पाल नेशनल लेवल के हॉकी खिलाड़ी थे। उन्हीं को देखकर छोटे भाई राजकुमार के मन में भी हॉकी थामने का जुनून पैदा हुआ। राजकुमार बचपन में बांस के डंडे से हॉकी खेलते और बड़े भाई से गोल दागने का हुनर सीखते। जब वे 10 साल के थे, तभी उनके पिता कालिका पाल का अचानक निधन हो गया। बड़े भाई जोखन अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेलना चाहते थे, लेकिन अब उनके कंधों पर घर की जिम्मेदारी आ गई थी। इसलिए जोखन ने अपनी हॉकी स्टिक राजकुमार के हाथ पकड़ा दी। उन्हें पहले गाजीपुर के करमपुर स्टेडियम, फिर मेघबरन सिंह हॉकी स्टेडियम ले गए। जहां राजकुमार ने हॉकी की बारीकियां सीखीं। 2012 में राजकुमार का सिलेक्शन लखनऊ के साईं स्पोर्ट्स हॉस्टल में हो गया। इसके बाद 2018 में राजकुमार के ऊपर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़े भाई जोखन पाल का बीमारी से निधन हो गया। हालांकि, राजकुमार के दूसरे नंबर के भाई राहुल और उनकी मां मनराजी देवी ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया। मां और भाई ने मजदूरी करके उनके लिए पैसे जुटाए, जिससे राजकुमार ने मेहनत जारी रखी। आगे बढ़ते हुए भारतीय हॉकी टीम में अपनी जगह बनाई। विप्रज को बिना खेले मिलेंगे ₹3 करोड़, गुलवीर को सबसे ज्यादा इनाम बाराबंकी के विप्रज निगम भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हैं। वह एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम में शामिल थे। हालांकि, टूर्नामेंट के किसी भी मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया था। फाइनल में भारत का मुकाबला अफगानिस्तान से होना था, लेकिन बारिश के कारण मैच नहीं हो सका। इसके बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर भारत को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह टीम इंडिया ने गोल्ड मेडल जीत लिया। नियम के मुताबिक, टीम के हर सदस्य को इस जीत का हिस्सा माना जाता है। इसलिए बिना एक भी गेंद खेले विप्रज निगम को यूपी सरकार की ओर से 3 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके साथ ही उन्हें क्लास-1 अफसर की नौकरी का ऑफर भी मिलेगा। अलीगढ़ के सिरसा गांव के रहने वाले गुलवीर सिंह इस बार यूपी के सबसे सफल एथलीट रहे हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गुलवीर ने 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज अपने नाम किया था। दोनों बड़े टूर्नामेंट के 5 पदकों को मिलाकर देखें, तो गुलवीर को यूपी सरकार की ओर से सबसे ज्यादा 5 करोड़ रुपए की सम्मान राशि मिलेगी। कभी एथलेटिक्स किट और जूते खरीदने के लिए पैसे जुटाना मुश्किल था। लेकिन, आज गुलवीर यूपी के सबसे ज्यादा सम्मान राशि पाने वाले एथलीटों में शामिल हैं। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- 45 लाख गांठ वाली कालीन, डिजाइन में 50 जानवर छिपे, दावा- साड़ी के वेस्ट से बनी जयपुरी कालीन भदोही के कार्पेट एक्सपो मार्ट में हस्तकला का अनोखा संगम दिखा। इस साल 45 लाख गांठों से बुना गया कश्मीरी ‘हैप्पी ट्री ऑफ लाइफ’ कालीन और साड़ी के कचरे से बनी जयपुरी कालीन लोगों की पसंद बनीं। एक्सपो में 4 राज्यों के 300 निर्यातकों और बुनकरों के स्टॉल लगे। रिपोर्ट में पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:40 am

मेस में खाया खाना, बोले- डाइट में कमी नहीं आएगी

भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब खेल डायरेक्टर अभिजीत कपलिश बर्ल्टन पार्क पहुंचे और एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले स्टेडियम की रेनोवेशन की तैयारियों का जायजा लिया। सरकार की तरफ से ओलिंपियन बलबीर सिंह स्टेडियम मोहाली और सुरजीत हॉकी स्टेडियम बर्ल्टन पार्क को करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से रेनोवेट किया जा रहा है। चैंपियनशिप की ओपनिंग 27 अक्टूबर को होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और हॉकी इंडिया के सभी दिग्गज पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हॉकी स्टेडियम और स्पोर्ट्स हब प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी को हिदायतें दी गई हैं। इसके बाद डायरेक्टर खिलाड़ियों के बोधी होस्टल में पहुंचे जहां मेस में उन्होंने खिलाड़ियों के साथ ही खाना खाया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की डाइट के साथ किसी भी तरह का कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा। उनके साथ जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह बाजवा भी मौजूद रहे, जिन्होंने जिले को कोचों के साथ भी डायरेक्टर की मुलाकात करवाई। उन्होंने कोचों की समस्याओं को सुना और कहा कि कोचों का मुख्य फोकस पंजाब के टेलेंट को ढूंढकर उसे मंच प्रदान करना है। इसके लिए किसी भी तरह से खेल सामान या अन्य परेशानियों को पेश नहीं आने दिया जाएगा। वहीं कोचों की जो समस्याएं है उन्हें भी विभाग दूर करेगा, कोचों को कैश अवॉर्ड से लेकर हर तरह की सुविधा मिलेगी लेकिन उनका मुख्य फोकस खिलाड़ियों पर होना चाहिए। इस मौके पर नगर निगम के कमिश्नर सुरिंदर सिंह, एडीसी अमरजीत बैंस व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। खेल डायरेक्टर मेस में खिलाड़ियों के साथ खाना खाते हुए। क्या-क्या नया होगा स्टेडियम में हॉकी इंडिया, एशियन हॉकी फेडरेशन और हॉकी पंजाब के लिए भी ऑफिस तैयार किया गया है। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए नया डग आउट, खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम, वॉशरूम, नया दर्शकदीर्घा, नई एलईडी फ्लड लाइटिंग, स्कोरिंग बोर्ड और लाइव प्रसारण के लिए भी जगह तैयार की गई है।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:35 am

विजय जुलूस और स्वागत समारोह कल

10 अक्टूबर को विजय जुलूस और स्वागत समारोह आयोजित होगा। यह आयोजन एशियन गेम्स 2026, नागोया में भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली सिमडेगा की खिलाड़ियों सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग के आगमन पर रखा गया है। जुलूस सुबह 11 बजे परिसदन भवन से शुरू होगा। यह झुलन सिंह चौक और महावीर चौक होते हुए वापस झुलन सिंह चौक से एसएस बालिका उच्च विद्यालय तक जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी जिला खेल पदाधिकारी ने दी।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:30 am

जूनिया के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिताओं में लहराया परचम

भास्कर न्यूज| जूनिया 70वीं राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता बूंदी में हुई। अजमेर जिले की टीम ने फाइनल में भीलवाड़ा को 4-3 से हराया। टीम ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता टीम में जूनिया के जीवनराम खटीक, दिनेश प्रजापत, विशाल पांचाल, शिवम नावरिया शामिल रहे। 19 वर्ष छात्रा वर्ग की राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता सिवाना-बालोतरा में हुई। जूनिया की तनवी धाकड़ ने बेहतरीन खेल दिखाया। 14 वर्ष छात्र वर्ग की राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में अजमेर जिले की टीम चौथे स्थान पर रही। टीम में जूनिया के रवि खटीक, लक्की गुर्जर, अर्श गौरी शामिल रहे। गोलकीपर अजय रेगर रहे। गांव लौटने पर ग्रामीणों ने खिलाड़ियों का स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:30 am

सीनियर महिला हॉकी टीम का चयन 15 को राजगढ़ में

सादुलपुर | जिले की सीनियर महिला हॉकी टीम के चयन के लिए 15 अक्टूबर को राउमावि के मैदान में सुबह नौ बजे से ट्रायल होगा। ट्रायल में जिले की महिला हॉकी खिलाड़ी भाग ले सकेंगी। हॉकी चूरू अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ चौहान ने बताया कि चयन ट्रायल में शामिल होने वाली खिलाड़ियों को अपना मूल आधार कार्ड तथा फोटो सहित आवेदन फॉर्म की दो प्रतियां साथ लाना अनिवार्य है। चयन स्पर्धा संयोजक पूर्व हॉकी कोच नंद कुमार रहेंगे। चयन प्रक्रिया में अंजना लवानी, शारीरिक शिक्षक जमील हुसैन, हॉकी कोच उर्मिला पारीक, कोच इरफान, फारूक और इस्ताक खिलाड़ियों के खेल कौशल के आधार पर टीम का चयन करेंगे। चयनित खिलाड़ी 25 अक्टूबर से राजगढ़ में होने वाली राज्य स्तरीय सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:30 am

हरियाणा- लेडी कोच बोलीं-पूर्व मंत्री के गुर्गों से धमकियां मिलीं:कहा- खट्टर ने संदीप सिंह को संरक्षण दिया, चालान पेश हुआ तो इस्तीफा लेना पड़ा

हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाली जूनियर महिला कोच ने फिर नया वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा सरकार पर संदीप सिंह को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। लेडी कोच ने कहा- संदीप सिंह के स्टाफ से कोर्ट कैंपस में धमकी मिल रही है। मनोहर लाल खट्टर जी ने कहा था कि 'आरोप लगाने से सिद्ध नहीं होते'। पूरी भाजपा सरकार, DGP और मंत्रियों ने संदीप सिंह को प्रोटेक्शन दिया। चंडीगढ़ पुलिस की एक साल की जांच के बाद गैर-जमानती धाराओं में चालान पेश हुआ, तब जाकर मामला साफ हुआ। आप कहते रहे कि इस्तीफा नहीं लेंगे, लेकिन आखिर में आपको संदीप सिंह का टिकट तक काटना पड़ा। बता दें कि 2022 में महिला कोच ने संदीप सिंह पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। अब मामले में दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने की मांग पर सुनवाई होनी है। अब जानिए, VIDEO में क्या आरोप लगाए… कोर्ट परिसर में धमकियां मिलने का आरोप: महिला कोच ने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है। आरोप लगाया कि संदीप सिंह के स्टाफ और उनके तथाकथित ‘गैंग’ की तरफ से कोर्ट परिसर और सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं। 3 साल में नहीं हुए बयान: कोच ने आरोप लगाया कि 3 साल बीतने के बाद भी उनके उचित बयान और क्रॉस-एग्जामिनेशन नहीं होने दिए गए। उन पर दबाव बनाकर बयान दर्ज कराए गए और संदीप सिंह के वकीलों को अपनी मर्जी के मुताबिक समय दिया गया। विदेश जाने की अनुमति पर सवाल: लेडी कोच ने कहा कि आरोपी मंत्री को विदेश जाने की अनुमति मिल रही है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें या उनके वकीलों को नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिलना उनका अधिकार है। कहा- देश का सिस्टम देख चुकी: कोच ने कहा, “मैंने 3-4 साल तक चुप्पी साधे रखी और हर तरीके से सिस्टम पर भरोसा किया। लेकिन अब मैं वो पहले वाली लड़की नहीं हूं। मैंने देख लिया है कि इस देश का सिस्टम, पुलिस-प्रशासन, संविधान, सरकार और विपक्ष कैसे काम करता है।” न्यायपालिका पर भरोसा था: महिला कोच ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। इसलिए उन्होंने पहलवानों की तरह पहले दिन से वीडियो जारी नहीं किए। उन्होंने कहा, “एक साधारण परिवार की लड़की ऐसे ही कोई कदम नहीं उठाती। मैं जो भी बोलती हूं, सबूतों और तथ्यों के आधार पर ही बोलती हूं। अब लोग सच जानें, यह मेरा अधिकार है।” आस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे संदीप सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह इंटरनेशनल हॉकी कप मेलबर्न 2026 में शामिल हुए थे। वे इस टूर्नामेंट में 4 अक्टूबर को स्पेशल गेस्ट के रूप में गए थे। यहां पर एक विशेष टॉक-शो भी आयोजित किया गया था, जहां उन्होंने अपनी कमबैक स्टोरी और जीवन के संघर्षों को साझा किया। अब समझिए, क्या है पूरा विवाद... -------------- यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा-लेडी कोच बोलीं-पूर्व मंत्री धमकियां दिलवा रहा:मैं 2 साल रोईं थी, अब तुझे नजारे दिखाउंगी; रेप के प्रयास की धारा जोड़ने की मांग हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाने वाली लेडी कोच ने बड़ा दावा किया। सोशल मीडिया पर लाइव होकर लेडी कोच ने कहा- मुझे धमकियां दिलवाई जा रही हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 5:00 am

अंडर-14 में स्मार्ट इंडियन मॉडल स्कूल की टीम ने जीता मुकाबला, सीबीएसई राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप का शुभारंभ

अंडर-14 में स्मार्ट इंडियन मॉडल स्कूल की टीम ने जीता मुकाबला, सीबीएसई राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप का शुभारंभ

अमर उजाला 9 Oct 2026 1:52 am

Budaun News: सब जूनियर बालक हॉकी के जिला स्तरीय ट्रायल हुए

सब जूनियर बालक हॉकी के जिला स्तरीय ट्रायल हुए

अमर उजाला 9 Oct 2026 1:40 am

हॉकी इंडिया ने ओडिशा हॉकी संघ को भेजा कारण बताओ नोटिस: स्थायी सदस्यता छीनने की चेतावनी, जानिए क्या है पूरा विवाद?

भारतीय हॉकी की नर्सरी और मुख्य प्रायोजक राज्य रहे ओडिशा के खेल प्रशासन में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय खेल महासंघ 'हॉकी इंडिया' (Hockey India) ने हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा (HAO) को एक गंभीर कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) जारी किया है। इस नोटिस में राष्ट्रीय संस्था के उप-नियमों (बाय-लॉज) के घोर उल्लंघन, पारदर्शिता की कमी और राज्य के भीतर चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए पूछा गया है कि क्यों न ओडिशा संघ की 'स्थायी सदस्यता' (Permanent Membership) छीनकर उसे केवल 'एसोसिएट सदस्य' (Associate Member) में बदल दिया जाए। यदि सदस्यता डिमोट होती है, तो ओडिशा संघ राष्ट्रीय महासंघ की मुख्य निर्णयों और मतदान प्रक्रिया में अपना स्थायी अधिकार खो सकता है।3 अक्टूबर को होने वाले चुनाव रद्द होने के बाद शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद उस समय सार्वजनिक हुआ जब 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के बहुप्रतीक्षित चुनाव निर्वाचन अधिकारी (Electoral Officer) की प्रतिकूल और असंतोषजनक रिपोर्ट के बाद अचानक रोक दिए गए। इसके तुरंत बाद हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति (Executive Committee) की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें चुनावी प्रक्रिया में नियमों की खुली अनदेखी को लेकर कड़ा ऐतराज जताया गया और औपचारिक कारण बताओ नोटिस भेजने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।नोटिस जारी करने के पीछे की 4 मुख्य वजहें30 जिला इकाइयों के गठन की वैधता पर सवाल: हॉकी इंडिया ने अपनी जांच में पाया कि ओडिशा के 30 जिलों में से किसी भी जिला इकाई ने अपने स्थानीय चुनावों का नोटिस, आधिकारिक बैठक की कार्यवाही (Proceedings) या नतीजों से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं कराए थे। ऐसे में यह साबित नहीं हो सका कि जिला स्तरीय समितियों का गठन वैध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुआ था या वे केवल कागजों पर बनाई गई थीं।अंतिम मतदाता सूची (Electoral Roll) तैयार न होना: जिला संघों के प्रमाणित रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण राज्य चुनाव के लिए वैध वोटर्स की अंतिम मतदाता सूची तय समय सीमा तक तैयार ही नहीं हो सकी। बिना सत्यापित मतदाता सूची के चुनाव कराने की कोशिश को महासंघ ने नियमों का खुला उल्लंघन माना।हॉकी इंडिया के बाय-लॉज और खेल संहिता की अनदेखी: राष्ट्रीय महासंघ के संविधान और राष्ट्रीय खेल विकास संहिता (National Sports Development Code) के तहत राज्य संघों को अपने सभी स्तरों पर पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और समय पर ऑडिटेड दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है, जिसमें ओडिशा संघ विफल साबित हुआ।कुल 8 प्रमुख बिंदुओं पर जवाब तलब: हॉकी इंडिया ने अपने विस्तृत नोटिस में ओडिशा संघ की कार्यप्रणाली को लेकर कुल 8 मुख्य बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं और विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।दो हफ्तों का अल्टीमेटम, आगे क्या हो सकती है कार्रवाई?हॉकी इंडिया ने हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को इन सभी आपत्तियों का तथ्यात्मक जवाब देने और जरूरी वैधानिक मंजूरियों व जिला इकाइयों के चुनाव प्रमाण पेश करने के लिए दो सप्ताह (14 दिन) का समय दिया है। यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं, तो यह मामला हॉकी इंडिया की 'संबद्धता समिति' (Affiliation Committee) को भेजा जाएगा। इसके बाद महासंघ की आम सभा (General Body) में औपचारिक प्रस्ताव लाकर ओडिशा को स्थायी सदस्यता से हटाकर एसोसिएट मेंबर बना दिया जाएगा।इस बीच, हॉकी ओडिशा के महासचिव प्रताप सत्पथी ने हॉकी इंडिया के इस सख्त कदम का स्वागत किया है और राज्य में हॉकी के पारदर्शी व निष्पक्ष प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से भी इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 12:03 am

दिल्ली: उपराज्यपाल ने डीडीए स्पोर्ट्स कप हॉकी टूर्नामेंट का उद्घाटन किया

New Delhi, 8 अक्टूबर . दिल्ली के उपGovernor टीएस संधू ने Thursday को यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में डीडीए स्पोर्ट्स कप (हॉकी) के उद्घाटन समारोह का शुभारंभ किया. यह टूर्नामेंट Prime Minister के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के विजन के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसे साल 2019 में शुरू किया गया था ताकि लोग खेल ... Read more

डेली किरण 8 Oct 2026 9:23 pm

यूपी पुलिस में शामिल 470 कुशल खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, Keshav Prasad Maurya ने सराहा

लखनऊ, आठ अक्टूबर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब पदक जीतकर कोई खिलाड़ी भारत का तिरंगा लहराता है तो छाती चौड़ी हो जाती है। मौर्य यहां लोकभवन में उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की मौजूदगी में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत पुलिस सेवा के लिए चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने समारोह को संबोधित कर रहे थे। मौर्य ने अपने संबोधन में नियुक्ति पत्र पाने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ‘‘जब अवसर मिलता है तो आप लोगों को खेलते हुए देखते हैं और जब पदक जीतकर कोई खिलाड़ी भारत का तिरंगा लहराता है तो छाती चौड़ी हो जाती है।’’उन्‍होंने कहा कि आज आपको खेल के क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने के कारण सरकारी सेवा (पुलिस सेवा) में आने का अवसर मिला है और आपके पास अब और अच्‍छे परिणाम लाने के मौके हैं। मौर्य ने कहा, आपको जहां उप्र की जनता की सेवा और सुरक्षा का अवसर मिला है, वहीं आपका खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। आप जब अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर का कोई पदक प्रदेश व देश के लिए जीतते हैं तो पदोन्‍नति के और भी बेहतर मौके मिल सकते हैं। उन्‍होंने हाल में जापान में संपन्न हुए एशियाई खेलों की चर्चा करते हुए कहा कि जब देश में सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट का स्वर्ण पदक आप लोगों (खिलाड़ियों) ने जीता और उसमें उप्र के खिलाड़ी भी सहभागी थे, तो उसके लिए बधाई देता हूं। मौर्य ने कबड्डी टीम, हॉकी और अन्य खेलों में भी पदक पाने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। उपमुख्यमंत्री ने उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व में राज्य की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के पहले यहां की कानून व्यवस्था ध्वस्त रहती थी, लेकिन आज पूरा देश इस बात की चर्चा करता है कि उप्र की कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त है।

प्रभासाक्षी 8 Oct 2026 9:03 pm

फाइव-स्टार होटल की पार्किंग में हंगामा, अभी जारी है पुलिस की जांच

चाणक्यपुरी के फाइव-स्टार होटल की पार्किंग में नागालैंड की युवती ने बदसलूकी और दोस्तों पर हॉकी स्टिक से हमले का आरोप लगाया है. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. लेकिन अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 8 Oct 2026 8:36 pm

Asian Games में निराशाजनक प्रदर्शन पर Sports Ministry सख्त, 13 अक्टूबर को होगी समीक्षा बैठक

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर खेल मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासंघों के साथ एक दिवसीय बैठक में हाल में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा जिसमें फोकस बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स में कुछ ‘अनुभवी’ खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन पर रहेगा। इसके साथ ही ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) के जरिए धनराशि जारी करने की भी फिर से समीक्षा की जाएगी। भारत ने आइची-नागोया खेलों में 21 स्वर्ण सहित 85 पदक जीते जो हांग्झोउ में पिछले चरण में हासिल किए गए 106 पदकों से काफी कम था। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘हमें कम से कम 150 पदक जीतने चाहिये थे और हम जीत भी सकते थे। कुछ अनुभवी खिलाड़ी स्पष्ट रूप से ‘कम्फर्ट जोन’ में थे और इसका असर उनके प्रदर्शन में दिखा। मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ बैठक में इसकी समीक्षा करेगा।’’भारत को 2026 एशियाई खेलों में बैडमिंटन में सिर्फ एक टीम कांस्य पदक मिला जबकि पिछले खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और कांस्य पदक जीता था। निशानेबाजों (विशेषकर पिस्टल में) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत खराब रहा जबकि दोनों खेलों के भारतीय दल में ओलंपिक पदक विजेता शामिल थे। सूत्र ने कहा ,‘‘ यह ताज्जुब की बात है कि ओलंपिक पदक विजेता एशियाड में पदक नहीं जीत पाये जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण करने वाले भारत के 310 खिलाड़ियों में से 106 ने पदक जीते। 23 स्पर्धाओं में करीब 89 अनुभवी खिलाड़ी नाकाम रहे। बैठक में समीक्षा की जायेगी कि नीति में क्या बदलाव करने की जरूरत है। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी कुछ खेलों में अपेक्षित परिणाम क्यो नहीं मिले।’’एथलेटिक्स में भारत को पिछले एशियाई खेलों में छह स्वर्ण पदक मिले थे जबकि इस बार सिर्फ एक पदक महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम हासिल कर सकी। खेलों के दौरान खिलाड़ियों के चोटिल होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। एथलेटिक्स में ज्योति याराजी ने चोट के कारण महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में हिस्सा ही नहीं लिया और त्रिकूद में प्रवीण चित्रावेल पहले प्रयास में ही चोटिल हो गए। वहीं 400 मीटर बाधादौड़ में यशस पलाक्षा अपनी हीट के बीच से हट गए थे। इसके अलावा एमएमए में वरूण सान्याल स्पर्धा से पहले अनफिट हो गए। सूत्र ने कहा, ‘‘ कुछ खिलाड़ी खेलों में पहुंचने के बाद चोटों की घोषणा कर रहे थे। अगर एथलीट चोटिल थे तो वे गए कैसे। उन्हें तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। ’’टॉप्स के जरिये खिलाड़ियों को मनचाही धनराशि आवंटित करने की भी समीक्षा का जिक्र करते हुए सूत्र ने कहा ,‘‘ टॉप्स फंडिंग की समीक्षा निश्चित तौर पर होगी। टॉप्स के खिलाड़ियों को मनचाहे कोचों, विदेश में अभ्यास और हर सुविधा के लिये सरकार ने भारी खर्च किया लेकिन नतीजे अपेक्षित नहीं मिले।’’उन्होंने आगे कहा ,‘‘ टॉप्स के तहत नौ स्पर्धाओं के 34 खिलाड़ियों पर 27 करोड़ रूपये से अधिक खर्च हुए लेकिन प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिनमें बैडमिंटन और निशानेबाजी के प्रमुख खिलाड़ी हैं।’’खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों से पहले कहा था कि तीन साल के चक्र में खिलाड़ियों को तैयार करने में 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। भारत ने 14 खेलों में पहली बार पदक जीते जिनमें साफ्ट टेनिस, एमएमए, रिकर्व तीरंदाजी शामिल है जबकि क्रिकेट , कबड्डी और हॉकी जैसे टीम खेलों में महिला और पुरूष दोनों वर्गों में भारत को स्वर्ण पदक मिले। महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता। पहली बार भारत की महिला और पुरूष दोनों हॉकी टीमों ने एक साथ स्वर्ण जीता और ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया।

प्रभासाक्षी 8 Oct 2026 6:33 pm

एशियन गेम्स में सक्सेस की कहानी, आजतक पर नीरू ढांडा और हार्द‍िक स‍िंह की जुबानी

'पंचायत आजतक हर‍ियाणा' में गुरुवार को भारतीय शूटर नीरू ढांडा और पुरुष हॉकी खिलाड़ी सिंह ने शिरकत की. इस दौरान 'जब खेले हम जी जान से' सेशन में दोनों एथलीटों ने एशियन गेम्स में अपनी सफलता की जर्नी और चैलेंज पर खुलकर बात की. नीरू ने जापान में हुए एशियन गेम्स में शूटिंग में 3 मेडल जीते, जबकि हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता. देखें वीडियो.

आज तक 8 Oct 2026 5:28 pm

जैतारण: नायरा का जिला हॉकी टीम में चयन, बनीं राज्य उपविजेता

भामाशाह नृसिंह व्यास द्वारा भेंट की गई हॉकी स्टिक से निमाज विद्यालय की छात्राओं को मिला बढ़ावा, संस्था प्रधान ने किया सम्मानित।

प्रातःकाल 8 Oct 2026 3:23 pm

10 खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान को कैसे हराया? हार्दिक ने खोला राज

'हर‍ियाणा पंचायत आजतक' के 'जब खेले हम जी जान से' सेशन में हॉकी ख‍िलाड़ी हार्द‍िक स‍िंह और और न‍िशानेबाज नीरू ढांडा भी पहुंची. इस दौरान उन्होंने एश‍ियन गेम्स के अपने अनुभवों पर बात की. वहीं पाकिस्तान संग मैच में कैसे भारत ने जीत दर्ज की, इस बारे में भी हार्द‍िक ने टीम की रणनीत‍ि भी शेयर की.

आज तक 8 Oct 2026 1:54 pm

15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री एशियन गेम्स के मेडलिस्ट से मिलेंगे:भारत ने जीते 85 पदक, 21 गोल्ड; 5 इवेंट में पहली बार गोल्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को एशियन गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात करेंगे। आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारत के लिए यह अभियान कई मायनों में खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने 20 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चले खेलों में अलग-अलग खेलों में लगातार पदक जीते। अभियान के दौरान 2 अक्टूबर भारत के लिए सबसे सफल दिनों में रहा, जब एक ही दिन 10 पदक आए। आखिरी दिन 3 अक्टूबर को भी भारतीय खिलाड़ियों ने 9 पदक जीते। 21 गोल्ड समेत 85 पदक जीते भारत के 85 पदकों में 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज रहे। भारत ने तीरंदाजी, बॉक्सिंग, शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, कबड्डी, एथलेटिक्स और गोल्फ समेत कई खेलों में पदक जीते। तीरंदाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने कई गोल्ड सहित बड़ी संख्या में पदक जीते। बॉक्सिंग में भी भारत का प्रदर्शन खास रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत 6 पदक जीते। क्रिकेट में भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमों ने गोल्ड जीता। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया। हॉकी में भी भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। 5 भारतीय खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की पुरुष-महिला टीमों ने गोल्ड जीते। भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में जीते। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। 2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे। भारत को पहली बार 5 इवेंट में गोल्ड भारत ने 5 इवेंट में पहली बार गोल्ड जीता। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कई इवेंट में नया इतिहास बनाया। शूटिंग, तीरंदाजी और बॉक्सिंग में भारत ने 5 इवेंट में पहली बार गोल्ड मेडल जीता। वहीं MMA, सॉफ्ट टेनिस और सेपकटकरा में भारत ने पहली बार एशियन गेम्स मेडल हासिल किया। इस तरह इन खेलों में भारत का प्रदर्शन नए इवेंट और नए खेलों में पदक जीतने के लिहाज से खास रहा।

दैनिक भास्कर 8 Oct 2026 1:53 pm

CM नायब सैनी के हेलिकॉप्टर की वजह से 4 दिन तक ठप रही खिलाड़ियों की प्रैक्टिस

हरियाणा की खेल राजधानी कहे जाने वाले पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम से एक बेहद चौंकाने वाली और खेल जगत को निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हेलिकॉप्टर के लैंडिंग और पार्किंग व्यवस्था के चलते इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में अभ्यास करने वाले सैकड़ों उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को पिछले चार दिनों तक अपनी प्रैक्टिस से महरूम रहना पड़ा। स्टेडियम के मुख्य मैदान पर ही हेलिकॉप्टर खड़ा किए जाने और सुरक्षा कारणों से एथलीटों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने के कारण खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। देश और दुनिया के मंच पर देश का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले ये युवा एथलीट जब पिछले चार दिनों से मैदान के बाहर हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहे, तो प्रशासनिक व्यवस्था और खेल के प्रति प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खेल गतिविधियों की जगह कैसे बनी हेलिकॉप्टर की पार्किंग और क्यों भड़के खिलाड़ीपंचकूला स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम देश के चुनिंदा विश्वस्तरीय खेल परिसरों में गिना जाता है, जहां एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट और हॉकी समेत कई खेलों के प्रशिक्षण केंद्र चलते हैं और रोजाना हजारों की संख्या में खिलाड़ी पसीना बहाते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से जब सीएम नायब सैनी के दौरे और कार्यक्रमों के सिलसिले में इस खेल परिसर को वीआईपी मूवमेंट के लिए चुना गया, तो खेल के मैदान को ही सीधे तौर पर अस्थायी हेलीपैड में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए खेल प्रशासकों ने चार दिनों तक मुख्य ट्रैक और मैदान पर खिलाड़ियों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि नेशनल और स्टेट लेवल की तैयारी कर रहे एथलीटों का कीमती अभ्यास समय बर्बाद हो गया। खिलाड़ियों का कहना है कि जब शहर में अन्य खुली जगहें या हेलीपैड मौजूद थे, तो उनकी प्रैक्टिस के मैदान को इस तरह बाधित करना खेल और खिलाड़ियों के साथ सरासर अन्याय है।खेल और खिलाड़ियों के अधिकारों पर वीआईपी कल्चर का भारी पड़ना, खेल प्रेमियों और अभिभावकों की तीखी प्रतिक्रियाइस घटना के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय खेल हलकों तक तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और अभिभावक व खेल संगठन प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। खेल जानकारों का मानना है कि हरियाणा को देश की खेल नर्सरी कहा जाता है, जहां के खिलाड़ी ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं, ऐसे में यदि खिलाड़ियों को उनके अपने अभ्यास स्थल से चार दिनों तक दूर रखा जाएगा, तो उनके मनोबल पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। प्रैक्टिस के सुचारू रूप से न चल पाने के कारण युवा एथलीटों का रूटीन टूट गया है और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए उनकी तैयारी को बड़ा झटका लगा है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने प्रशासन से यह मांग की है कि भविष्य में इस तरह के वीआईपी दौरों के लिए खेल परिसरों का इस्तेमाल करने से बचा जाए ताकि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।प्रशासनिक सफाई और भविष्य के लिए सबक: क्या खेल के मैदानों को वीआईपी मूवमेंट से रखा जाएगा पूरी तरह सुरक्षितविवाद बढ़ने और मीडिया में खबरें आने के बाद स्थानीय प्रशासन और खेल विभाग के अधिकारियों की तरफ से सफाई पेश की गई है, जिसमें सुरक्षा कारणों और अनिवार्य प्रोटोकॉल का हवाला दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होती है, हालांकि उन्होंने भविष्य में इस बात का ध्यान रखने का भरोसा दिलाया है कि खिलाड़ियों के अभ्यास को कम से कम नुकसान पहुंचे। लेकिन यह घटना एक बार फिर से इस बड़ी बहस को जन्म दे चुकी है कि क्या देश में वीआईपी संस्कृति खेल और शिक्षा के मंदिरों पर भारी पड़ती रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस मामले पर संज्ञान लेने और भविष्य के लिए दिशानिर्देश जारी करने की उम्मीद की जा रही है, ताकि देश का भविष्य संवारने वाले ये युवा खिलाड़ी बिना किसी बाधा के अपनी मेहनत जारी रख सकें और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Oct 2026 1:35 pm

बहादुरगढ़ में भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ज्योति रमावत का जोरदार स्वागत

बहादुरगढ़ में भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ज्योति रमावत का जोरदार स्वागत

अमर उजाला 8 Oct 2026 12:16 pm

शराब की दुकान के सामने बाइक हटाने को लेकर मारपीट:गोंडा में हॉकी-लाठी से युवक पर हमला, सिर फटने से घायल मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा के छपिया थाना के तेंदुआ रानी गांव निवासी रामबचन पासवान के साथ टैरवा बाजार स्थित देशी शराब की दुकान के सामने मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब की दुकान के सामने मोटरसाइकिल खड़ी करने को लेकर पहले गाली-गलौज हुई, इसके बाद हॉकी और लाठी-डंडों से रामबचन के साथ मारपीट की गई। घटना में उनके सिर में गंभीर चोट आई है। परिवार के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां पिछले पांच दिनों से उनका इलाज चल रहा है। मारपीट और घायल होने का वीडियो गुरुवार सुबह करीब 8 बजे सामने आया। घटना 3 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित की तहरीर पर तीन नामजद, दो अज्ञात पर केस रामबचन पासवान ने छपिया थाने में तहरीर देकर सतीश, सत्यम और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के मुताबिक, वह सब्जी खरीदने के लिए टैरवा बाजार गए थे। वहां देशी शराब की दुकान के सामने उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और एक शीशी शराब ली। इसी दौरान मारुति कंपनी की एक कार वहां पहुंची। आरोप है कि कार से सतीश और सत्यम समेत दो अज्ञात लोग नीचे उतरे। उन्होंने रामबचन से मोटरसाइकिल हटाने को कहा। बाइक हटाने की वजह पूछने पर कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और हॉकी व लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे। सिर फटने के बाद स्थानीय लोगों ने कराया बीच-बचाव पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ इस तरह मारपीट की कि सिर फट गया और खून निकलने लगा। शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप किया। इसके बाद मारपीट करने वाले लोग वहां से चले गए। घटना के बाद परिवार के लोग रामबचन को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच सीओ को सौंपी छपिया थाना अध्यक्ष उमेश कुमार ने बताया कि मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर घायल का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पूरे मामले की जांच सीओ मनकापुर उदित नारायण पालीवाल को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Oct 2026 9:16 am

कांग्रेस प्रधान बनने के बाद पहली बार पंजाब पहुंचे परगट:सचिन पायलट कार ड्राइव करते दिखे; गोल्डन टेंपल में होंगे नतमस्तक, मंदिर-चर्ज में जाएंगे

कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह पहली बार पंजाब पहुंचे। 3 अक्टूबर को उन्हें राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई थी। परगट सिंह सचिन पायल के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से परगट सिंह कार में सवार होकर गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के लिए रवाना हुए। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी। 3 पाइंट में जानें कांग्रेस के कार्यक्रम के राजनीतिक मायने AAP ने पंजाब आने से पहले परगट को घेरना शुरू कियापंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने प्रदेश पहुंचने से पहले ही नवनियुक्त कांग्रेस सूबा प्रधान परगट सिंह को घेरना शुरू कर दिया है। नए प्रधान की घोषणा होते ही सबसे पहले AAP प्रधान अमन अरोड़ा ने लाइव आकर परगट सिंह और कांग्रेस को घेरा। इसके बाद CM भगवंत मान ने भी तंज कसा। कांग्रेस की गुटबाजी में घिरे हुए परगट सिंह को दिखाया CM ने कहा कि परगट सिंह हॉकी के कैप्टन रहे हैं, लेकिन गोल तो तभी कर पाएंगे, जब कांग्रेस के खिलाड़ी उन्हें पास देंगे। CM के इस तंज पर AAP के आईटी सेल ने कार्टून वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें कांग्रेस की गुटबाजी में घिरे हुए परगट सिंह को दिखाया गया है।

दैनिक भास्कर 8 Oct 2026 8:37 am

Sirmour News: छह दशक पुराना कन्या हॉकी छात्रावास, जर्जर भवन में रह रही 30 खिलाड़ी बेटियां

माजरा स्थित कन्या हॉकी छात्रावास की करीब छह दशक पुरानी जर्जर इमारत में प्रदेश की हॉकी टीम से जुड़ी करीब 30 छात्राएं रह रही हैं।

अमर उजाला 8 Oct 2026 1:45 am

Hockey India League के भविष्य पर Sports Ministry ने बनाई 7 सदस्यीय कमेटी

हॉकी इंडिया लीग को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश अब तेज होती दिख रही है। खेल मंत्रालय ने संकट से जूझ रही इस लीग के भविष्य पर काम करने के लिए 7 सदस्यीय समिति का औपचारिक गठन कर दिया है। समिति में खेल मंत्रालय, हॉकी इंडिया और लीग की फ्रेंचाइजी टीमों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह कदम खेल मंत्री मनसुख मांडविया की सितंबर में हुई बैठक के बाद उठाया गया है। इस बैठक में हॉकी इंडिया के अधिकारियों और हॉकी इंडिया लीग की फ्रेंचाइजी से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतियोगिता के सामने आ रही आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी मंत्री को दी थी। इसके बाद मंत्री ने लीग के संचालन ढांचे, आर्थिक व्यवस्था और भविष्य की योजना पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए थे। नई समिति में खेल मंत्रालय के खेलो इंडिया से जुड़े संयुक्त सचिव विनी​ल कृष्ण, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह और कोषाध्यक्ष सेकर जे. मनोहरन शामिल हैं। इसके अलावा 3 फ्रेंचाइजी प्रतिनिधियों को भी समिति में जगह दी गई है। इनमें आलोक सांघी, महेश भूपति और दिव्यांशु सिंह के नाम शामिल हैं। बता दें कि सितंबर की बैठक के बाद भी ऐसी ही एक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें हॉकी इंडिया, फ्रेंचाइजी और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने थे। अब सरकार ने इस व्यवस्था को औपचारिक रूप देते हुए 7 सदस्यीय समिति बना दी है। समिति को तय समय के भीतर अपनी रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंपनी होगी। समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती लीग की आर्थिक स्थिति और उसके संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है। फ्रेंचाइजी लंबे समय से लीग के प्रशासन और आर्थिक ढांचे को लेकर ज्यादा स्पष्टता चाहती हैं। बढ़ती लागत और टीमों की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता ने लीग की अगली पारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि महिला हॉकी इंडिया लीग को बंद किए जाने की आशंका के बीच भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे और सविता पूनिया समेत कई खिलाड़ियों ने अगस्त में विश्व कप के दौरान भावुक अपील की थी। खिलाड़ियों ने आर्थिक संकट से जूझ रही महिला लीग को बचाने की मांग की थी। विश्व कप में भारतीय टीम 5वें स्थान पर रही थी, जो 1974 के बाद उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन था। हॉकी इंडिया लीग की शुरुआत के बाद इसे भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर मजबूत मुकाबले और विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव देने वाला अहम मंच माना गया है। बता दें कि 7 साल के अंतराल के बाद 2024 में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इसके बाद लीग ने भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों को एक साथ खेलने का अवसर दिया, लेकिन अब इसकी आर्थिक स्थिरता सबसे बड़ी चिंता बन गई है। इस पूरे मामले में हॉकी इंडिया के भीतर चल रहा प्रशासनिक मतभेद भी महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष दिलीप तिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह के बीच हाल के हफ्तों में कई मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग राय सामने आई है। विश्व कप से पहले जर्सी विवाद को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद चर्चा में रहा था। ऐसे में नई समिति के सामने केवल आर्थिक मॉडल तैयार करने की चुनौती नहीं है, बल्कि लीग के संचालन को लेकर सभी पक्षों के बीच भरोसा और स्पष्टता कायम करना भी जरूरी है। अब उसकी रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि हॉकी इंडिया लीग को किस तरह लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत और खिलाड़ियों के लिए उपयोगी प्रतियोगिता बनाया जा सकता हैं।

प्रभासाक्षी 7 Oct 2026 9:27 pm

20वें एशियन गेम्स 2026: पश्चिम रेलवे की महिला खिलाड़ियों ने जीते 6 पदक

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद स्वर्ण जीतकर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट कटाया, जबकि कबड्डी टीम ने भी जीता गोल्ड।

प्रातःकाल 7 Oct 2026 8:41 pm

एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट पहुंची पैतृक गांव:ईशिका पर बरसाए फूल, हॉकी प्लेयर बोली- इससे मिलता है मोटिवेशन, ओलिंपिक में अच्छा करुंगी

जापान में आयोजित एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी ईशिका सम्भरवाल बुधवार को अपने पैतृक गांव बापोड़ा पहुंची। जहां पर उनका खेल ग्राउंड में स्वागत किया गया और उनके स्वागत में खिलाड़ियों व ग्रामीणों ने फूल बरसाएं। पुष्पवर्षा के बीच अपना स्वागत देखकर ईशिका सम्भरवाल बोली कि इस तरह के सम्मान समारोह से हौसला बढ़ता है। अब उनका लक्ष्य ओलिंपिक है। जिसके लिए वे कड़ी मेहनत करेंगी। गांव बापोड़ा पहुंची ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं इस गांव की बेटी हूं। इतने लोगों को यहां और हॉकी के लिए प्रेम देखकर यह लग रहा है कि हॉकी का भविष्य उज्ज्वल है। यहां के बच्चे काफी होनहार हैं जो मेरे से भी आगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी बेटियों व प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों को कहना चाहूंगी कि कड़ी मेहनत करते रहें और उन्हें जरूर सफलता मिलेगी। ईशिका ने कहा कि गांव में जो सम्मान किया गया है, उससे काफी खुश हूं। ऐसे ही हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए हमें सभी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह प्रेरणा पिता से मिली। जो उनके हॉकी कोच भी रहे हैं। शुरूआत से ही उनके साथ प्रैक्टिस की है और पिछले करीब 8 वर्षों से हॉकी खेल रही हैं। सम्मान समारोह से मिलता है मोटिवेशनईशिका सम्भरवाल ने कहा कि ने कहा कि बिना परिवार के सहयोग के कोई भी बच्चा आगे तक नहीं जा सकता है। इसलिए मैं अपने मेडल अपने परिवार व कोच को समर्पित करना चाहूंगी। ओलिंपिक के लिए क्वालिफिकेशन हो चुकी है। इससे पहले एशियन चैंपियनशिप ट्राफी है। उसकी तैयारी में बैंगलोर प्रैक्टिस करेंगे। ओलिंपिक सभी प्लेयर का सपना होता है, हम उसमें क्वालीफाई कर चुके हैं। अब हमें अपनी ही टीम पर फोकस करना है। इस तरह के सम्मान समारोह से बहुत ज्यादा मोटिवेशन मिलता है। साथ ही जिम्मेवारी भी होती है कि इतने लोगों को हमसे उम्मीद है। इसलिए और भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

दैनिक भास्कर 7 Oct 2026 7:24 pm

एशियन गेम्स में चमके सोनीपत के 3 हॉकी खिलाड़ी:अभिषेक, ज्योति और यशदीप को दी बधाई, समीक्षा और ललित पंवार ने घर पहुंचकर किया सम्मान

एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर शानदार प्रदर्शन करने वाले सोनीपत के हॉकी खिलाड़ियों ज्योति रुमावत, अभिषेक नैन और यशदीप सिवाच का सम्मान किया गया। समाज सेविका समीक्षा पंवार और पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ललित पंवार ने खिलाड़ियों के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और उपलब्धि पर बधाई दी। इस दौरान खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की गई। समीक्षा पंवार और ललित पंवार ने ज्योति रुमावत, अभिषेक नैन और यशदीप सिवाच के निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही हॉकी खिलाड़ी सुमित, साक्षी, शिल्पी डबास और नेहा गोयल को भी जीत की बधाई दी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्षेत्र का नाम रोशन समीक्षा पंवार और ललित पंवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन से देश के साथ-साथ परिवार और क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण रहा है। खिलाड़ियों की खेल यात्रा पर की चर्चा सम्मान के दौरान खिलाड़ियों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी खेल यात्रा के बारे में चर्चा की गई। समीक्षा पंवार ने कहा कि ग्रामीण और छोटे शहरों से निकलकर खिलाड़ी जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं तो इससे दूसरे युवाओं को भी खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलती है। सोनीपत की हॉकी प्रतिभाओं की सराहना समीक्षा पंवार ने कहा कि हॉकी में सोनीपत क्षेत्र की प्रतिभाओं ने समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने हमेशा खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन दिया है। ऐसे खिलाड़ियों का सम्मान नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। अनुशासन और अभ्यास से मिलती है सफलता ललित पंवार ने कहा कि खेलों में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी है। उन्होंने तीनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों के परिवारजनों में भी उत्साह का माहौल रहा। सम्मानित खिलाड़ियों ने समीक्षा पंवार और ललित पंवार का आभार जताया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी एशियन गेम्स में खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।

दैनिक भास्कर 7 Oct 2026 7:14 pm

चंडीगढ़ में सीएम मान के कैंप ऑफ‍िस पर CBI रेड, देखें पंजाब आजतक

पंजाब आजतक के स्पेशल बुलेट‍िन में आज द‍िखाएंगे द‍िल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक सड़कों पर क्यों उतर आया विपक्ष, एक सुर में क‍िसके ख‍िलाफ आवाज की गई है बुलंद, साथ ही द‍िखाएंगे अमृतसर में कैसे हुआ हॉकी ख‍िलाड़‍ियों का स्वागत और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने क्या बड़ा ऐलान कर द‍िया है. लुध‍ियाना में सड़क हादसे में क‍िस ख‍िलाड़ी की जान गई है. लेक‍िन उससे पहले नजर हेडलाइंस पर.

आज तक 7 Oct 2026 5:44 pm

टोंक: 70वीं राज्य स्तरीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता संपन्न, श्रीगंगानगर बना विजेता

मदरलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित अंडर-17 मुकाबले के फाइनल में श्रीगंगानगर ने भीलवाड़ा को 1-0 से हराकर ट्रॉफी जीती।

प्रातःकाल 7 Oct 2026 5:31 pm

नाभा में कांग्रेस नेता यादविंदर पाल सिंह ने ठोकी दावेदारी:नशे-OSD विवाद पर CM पर साधा निशाना; कहा-AAP जुमलों की सरकार

पटियाला जिले के नाभा हलके से कांग्रेस नेता एडवोकेट यादविंदर पाल सिंह ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। जनसंपर्क अभियान के तहत उन्होंने दर्जनों गांवों का दौरा किया और मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले किए। एडवोकेट यादविंदर पाल सिंह ने बताया कि उनका टकसाली कांग्रेसी परिवार 1967 से पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है। नाभा हलका उनके लिए नया नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही इसी तहसील का हिस्सा रहे हैं। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्होंने रामगढ़, थूही, डहेड़ा कलां, डहेड़ा खुर्द, अगेता, अगेती, निरमाणा, गुणीके, कनौड़की, बीनाहेड़ी, छज्जू भट्ट, ककराला, बौड़ा कलां, बौड़ा खुर्द, कलियाणा और कालेमाजरा सहित कई गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं और नाभा शहर के लोगों से भी रूबरू हुए। कांग्रेस एक अनुशासित और सेक्युलर पार्टी यादविंदर पाल सिंह ने कांग्रेस को एक अनुशासित और सेक्युलर पार्टी बताया, जहां सभी धर्मों और जातियों का पूरा मान-सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी अहम फैसले हाईकमान द्वारा लिए जाते हैं। उन्होंने पंजाब प्रभारी सचिन पायलट की दूरंदेशी और नवनियुक्त पंजाब प्रधान (ओलिंपियन) परगट सिंह के तजुर्बे की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे परगट सिंह को टीम को एकजुट रखने का अनुभव है, जिससे 2027 में कांग्रेस पूरी एकजुटता के साथ सत्ता में वापसी करेगी। ओएसडी मामले में सीएम से मांगा इस्तीफा सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री के ओएसडी और डीजीपी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में दो महीने के भीतर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। आप सरकार को बताया जुमलों और फ्लैक्स बोर्ड वाली सरकार मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल फ्लैक्स बोर्ड और 'जुमलों' वाली सरकार है, जिसने विकास के नाम पर लोगों को सिर्फ गुमराह किया है। इसके विपरीत, उन्होंने कांग्रेस को देशभक्तों और गरीबों की सच्ची हितैषी पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीबों के लिए योजनाएं बनाई हैं, लेकिन कई बार इन योजनाओं का फायदा जरूरतमंदों की बजाय पूंजीपति उठा ले जाते हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए और लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। नाभा में सीवरेज की समस्या का होगा स्थायी हल 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर अपने विजन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों का विकास उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने नाभा शहर की मुख्य समस्या 'सीवरेज' का जिक्र करते हुए वादा किया कि इसे पहल के आधार पर हल करवाया जाएगा। पंजाब में बढ़ता नशा और कानून व्यवस्था बेहद चिंताजनक पंजाब में बढ़ते नशे, विशेषकर 'चिट्टे' की आसान उपलब्धता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की इस पवित्र धरती पर नशा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण अपराधी चोरी और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं हिचकते। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर सख्ती से नहीं निपटा गया, तो पिछले साढ़े चार साल से चला आ रहा यह गंभीर मसला कभी हल नहीं होगा।

दैनिक भास्कर 7 Oct 2026 2:16 pm

गाजीपुर: एशियन गेम्स का स्वर्ण लेकर घर लौटे राजकुमार, स्वागत में गूंजे ढोल-नगाड़े; अब ओलंपिक गोल्ड पर नजर

एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के बाद गाजीपुर के खिलाड़ी राजकुमार पाल मंगलवार को घर लौटे। उनके स्वागत के लिए औड़िहार से करमपुर तक बड़ी संख्या में लोग जुटे।

अमर उजाला 7 Oct 2026 12:58 pm

स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक में खेल कैलेंडर जारी, चयनित खिलाड़ियों का बीमा कराएगा विश्वविद्यालय

रांची यूनिवर्सिटी अब गांव-कस्बों में खेल प्रतिभाओं की तलाश करेगा और मंच देकर प्रतिभा तराशेगा। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर देने के साथ उनका बीमा कराने की भी तैयारी है। मंगलवार को स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक में 2026-27 के लिए खेल रणनीति तय की गई। खेल गतिविधियों के लिए 1.88 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। वीसी प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि आरयू खेल प्रतिभाओं का धनी रहा है। एशियाड स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम की सदस्य सलीमा टेटे और निक्की प्रधान आरयू की छात्राएं रही हैं। जूनियर हॉकी चैंपियनशिप में चीन को हराने वाली टीम की सदस्य पार्वती कुमारी और विनीमा धान भी विश्वविद्यालय की छात्राएं हैं। नई प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें हर सुविधा देना विवि का दायित्व है। बैठक में वीसी के अलावा डॉ. राजकुमार शर्मा, डॉ. सुदेश कुमार साहु, डॉ. दिलीप प्रसाद, सुमराय टेटे, डॉ. अबरार अहमद, राजेश कुमार सिंह, शिवेंद्र कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, डॉ. राम मुर्मू, सैमी कुमार सिंह, चंचल भट्टाचार्य समेत अन्य मौजूद थे। यही बैठक यदि पहले हो गई होती तो महिला कबड्डी टीम आज ईस्ट जोन खेल रही होती। इस मुद्दे को लेकर दैनिक भास्कर ने लगातार खबर प्रकाशित िकया था। 3 अक्टूबर 2026 4 अक्टूबर 2026 6 अक्टूबर 2026 फुटबॉल-हॉकी से क्रिकेट और वुशु तक उपलब्धियां खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशक डॉ. अनिल बीरेंद्र कुल्लू ने 2025-26 की खेल रिपोर्ट प्रस्तुत की । पुरुष फुटबॉल टीम ईस्ट जोन चैंपियन बनकर खेलो इंडिया के लिए क्वालिफाई हुई। महिला फुटबॉल टीम दूसरे स्थान पर रही। महिला हॉकी टीम ईस्ट जोन में तीसरे और ऑल इंडिया में चौथे स्थान पर रहने के साथ खेलो इंडिया के लिए क्वालिफाई किया। वुशु में पुरुष-महिला टीमों ने 5 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक जीते। महिला क्रिकेट टीम पहली बार ईस्ट जोन में चौथे स्थान पर रहकर ऑल इंडिया के लिए क्वालिफाई हुई। महिला तीरंदाजी टीम भी खेलो इंडिया के लिए क्वालिफाई किया। स्पोटर्स कंट्रोल बोर्ड ने सभी कॉलेजों को पांच इवेंट की तैयारी कराने के लिए कहा है। इसमें एथलेटिक्स अनिवार्य होना चाहिए। 2026-27 के इंटर कॉलेज खेलों के लिए चयन समितियों की सूची जारी की गई। वॉलीबॉल और क्रिकेट बॉल खरीदने पर सहमति बनी।

दैनिक भास्कर 7 Oct 2026 5:30 am

80 लाख का खेल स्टेडियम बना मवेशियों की चारागाह

एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश को गौरवान्वित कर रही हैं, लेकिन रायसेन जिले में खेल प्रतिभाओं के लिए जमीनी सुविधाओं की तस्वीर निराश करने वाली है। सांची से करीब 5 किमी दूर आमखेड़ा गांव में लगभग 80 लाख की लागत से 9 साल पहले बनाया गया स्टेडियम बदहाली का शिकार है। उद्घाटन के बाद से स्टेडियम का मुख्य गेट बंद है और परिसर में मवेशी चरते हैं। मैदान तक समतल नहीं है और जगह-जगह पत्थर व घास उगी है। रात में परिसर असामाजिक तत्वों और शराबियों का अड्डा बनने की बात ग्रामीण कहते हैं। खेल सुविधाओं के अभाव में आसपास के युवा गांव की गलियों और खेतों में अभ्यास करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्टेडियम से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को मंच मिलने की उम्मीद थी, वह अब सरकारी उपेक्षा का उदाहरण बन गया है। उद्घाटन के बाद चारदीवारी के अलावा कोई काम नहीं स्टेडियम का उद्घाटन तत्कालीन मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने किया था। ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने इसे आमखेड़ा में बनवाने के लिए लंबे समय तक प्रयास किया था। बावजूद इसके चारदीवारी के अलावा यहां कोई अन्य निर्माण नहीं हुआ। मैदान समतल नहीं है और पत्थर व बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। बनने के बाद से मुख्य द्वार बंद रहने से खिलाड़ी परिसर में प्रवेश तक नहीं कर पाते। 2017 में 500 खिलाड़ी करते थे अभ्यास स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2017 के आसपास सलामतपुर, सांची और आसपास के क्षेत्रों के करीब 500 खिलाड़ी यहां अभ्यास करते थे। इनमें लगभग 150 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया। सुविधाओं के अभाव में कई खिलाड़ी अब मजदूरी या निजी नौकरी कर रहे हैं। शासन ने करीब एक दशक पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने के लिए एक-एक लाख रुपए स्वीकृत किए थे, लेकिन कई जगह मैदानों पर अतिक्रमण हो गया। प्रतिभाएं आज भी तलाश रही हैं मैदान रायसेन जिले से मंडीदीप के करीब 50 हॉकी खिलाड़ी, सांची के 12 ताइक्वांडो खिलाड़ी, बरेली के 2 हैंडबॉल, उदयपुरा के 2 कबड्डी, रायसेन के 10 फुटबॉल और सिलवानी के 2 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। बावजूद इसके सांची और सलामतपुर क्षेत्र के बच्चे ताइक्वांडो सहित अन्य खेलों का अभ्यास गलियों और खेतों में कर रहे हैं। संघर्ष के बाद मिला था स्टेडियम, अब जंगल बना समाजसेवी आशीष राजपूत ढकना ने कहा कि पहले स्टेडियम दीवानगंज में बनाया जा रहा था। इसे आमखेड़ा में बनवाने के लिए काफी संघर्ष किया गया था, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी से परिसर जंगल में बदल गया है। खिलाड़ियों को सही मंच मिले तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। स्थानीय खिलाड़ी प्रदीप ठाकुर ने कहा कि 80 लाख रुपए का स्टेडियम सिर्फ नाम का रह गया है। नौ साल में यहां एक भी टूर्नामेंट नहीं हुआ और खिलाड़ियों की जगह मवेशी चरते हैं। स्थानीय खिलाड़ी राहुल लोधी ने कहा कि स्टेडियम बनने पर लगा था कि युवाओं को अच्छा प्लेटफॉर्म मिलेगा, लेकिन गेट हमेशा बंद रहता है। दिन में मवेशी चरते हैं और रात में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शराब पीते हैं।

दैनिक भास्कर 7 Oct 2026 5:30 am

स्टेट हॉकी में श्रीगंगानगर ने भीलवाड़ा को 1-0 से हराया:चौथे क्वार्टर में गोल कर ट्रॉफी अपने नाम की

टोंक में चल रही हॉकी की अंडर 17 स्टेट प्रतियोगिता में श्रीगंगानगर टीम ने खिताब जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में श्रीगंगानगर की टीम ने भीलवाड़ा की टीम को 1-0 से हराया है। खिताबी मुकाबले में 15-15 मिनट के तीन क्वार्टर में दोनों टीमें 0-0 से बराबर थीं, चौथे क्वार्टर में श्रीगंगानगर की टीम के खिलाड़ियों की ओर से दागे गए एक गोल ने उसे विजेता बना दिया। आयोजन से जुड़े सुरेश बुन्देल ने बताया कि शहर में मदरलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रोमांचक फाइनल मुकाबले में श्रीगंगानगर ने भीलवाड़ा को 1-0 से शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। श्रीगंगानगर ने चौथे क्वार्टर में निर्णायक गोल दागते हुए विजेता बनी। मदरलैंड के निदेशक कमलेश सिंगोदिया ने बताया कि मंगलवार को पहले सेमीफाइनल मैच में श्रीगंगानगर ने अलवर को 4-0 से रौंदा। भीलवाड़ा ने हनुमानगढ़ पर 4-3 से जीत दर्ज की। श्रीगंगानगर की जीत के साथ ही प्रतियोगिता का रोमांचक समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 6 Oct 2026 8:16 pm

एशियन गेम्स के चैंपियनों से मिले मंत्री सारंग:विवेक सागर और जय मीणा को दी बधाई, बोले- देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाया

एशियन गेम्स-2026 में देश और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल में मुलाकात की। उन्होंने हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाले विवेक सागर और सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक हासिल करने वाले जय मीणा को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस दौरान एशियन गेम्स में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी योगेश चौधरी भी मौजूद रहे। मंत्री सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है। ‘खेल के क्षेत्र में देश लगातार आगे बढ़ रहा’ सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। खेल के क्षेत्र में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खेलों के उन्नयन के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विवेक सागर हॉकी में स्वर्ण पदक और जय मीणा सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक लेकर आए हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। एशियन गेम्स के पदक विजेताओं का होगा सम्मान मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एशियन गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि एशियन गेम्स और ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाए। इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जाएगा। सारंग ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें आने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 6 Oct 2026 6:22 pm

'गेंद मिलते ही पास करूंगा', पंजाब कांग्रेस की एकजुटता के लिए लागू होगा हॉकी फॉर्मूला; परगट सिंह ने बताया प्लान

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह ने पार्टी में एकजुटता का संदेश देते हुए कहा है कि सभी नेताओं का एक ही उद्देश्य पंजाब की बेहतरी है।

जागरण 6 Oct 2026 2:24 pm

गोल्ड लेकर लौटे पंजाब के हॉकी सितारे: परिवारों में जश्न का माहौल, दिलप्रीत के घर राजमा-चावल और खीर तैयार

जापान की धरती पर तिरंगा लहराने और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद विजेता भारतीय हॉकी टीम मंगलवार को पंजाब पहुंची।

अमर उजाला 6 Oct 2026 10:31 am

एशियन गेम्स का गोल्ड जीतकर पंजाब पहुंची विजेता भारतीय हॉकी टीम

एशियन गेम्स का गोल्ड जीतकर पंजाब पहुंची विजेता भारतीय हॉकी टीम

अमर उजाला 6 Oct 2026 10:29 am

श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़ अलवर के बीच सेमीफाइनल आज

सआदत पैवेलियन ग्राउंड में चल रही 70 वीं राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-17) के सुपर लीग मुकाबलों में सोमवार को खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर रहा। मंगलवार को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। इस दौरान मैदान के चारों ओर मौजूद खेल प्रेमी भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। मैच शुरू होने से पहले अतिथियों ने लाइन में खड़े खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। जैसे- जैसे प्रतियोगिता निर्णायक दौर की ओर बढ़ रही है, वैसे- वैसे मैदान पर रोमांच भी बढ़ता जा रहा है। अब सभी की निगाहें उन टीमों पर टिकी हैं, जो खिताब की दौड़ में अपना दमखम दिखाते हुए अंतिम मुकाबले तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। प्रतियोगिता में अब सेमीफाइनल की जंग कांटे के टक्कर वाली हो गई है। कुल मिलाकर राजस्थान में हॉकी की नई पौध पूरे उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ तैयार हो रही है। सोमवार को सम्पन्न क्वार्टर फाइनल मुकाबले काफी दिलचस्प रहे। प्रतियोगिता संयोजक कमलेश सिंगोदिया ने बताया कि श्रीगंगानगर ने शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल- बीकानेर को 6-1 से हराया। हॉकी एकेडमी- जयपुर बनाम हनुमानगढ़ का मैच 3-3 से बराबर रहा। टोंक ने नागौर को 3-0 से हराया। भीलवाड़ा ने अलवर को 4-0 से शिकस्त दी। श्रीगंगानगर वर्सेज हनुमानगढ़ के बीच खेला गया मैच 0-0 से बराबर रहा। हॉकी एकेडमी- जयपुर ने शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल- बीकानेर को 8-0 से रौंदा। अलवर ने नागौर पर 4-1 से जीत दर्ज की तथा भीलवाड़ा ने टोंक को 4-1 से हराया। मंगलवार को सआदत पैवेलियन ग्राउंड पर श्रीगंगानगर और अलवर के बीच पहला सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल मैच मैच में भीलवाड़ा और हनुमानगढ़ के बीच टक्कर होगी। फाइनल मैच इसी मैदान पर सांयकालीन सत्र में खेला जाएगा।

दैनिक भास्कर 6 Oct 2026 5:30 am

कुलदीप-हिमांशु और लोकेश्वरी निषाद-दिव्या ने जीते सिल्वर मेडल

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव के हॉकी खिलाड़ियों ने 26वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल हॉकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। राजनांदगांव में आयोजित प्रतियोगिता में बारगांव विद्यालय के खिलाड़ियों ने दुर्ग संभाग का प्रतिनिधित्व किया। बालक 17 वर्ष और बालिका 17 वर्ष वर्ग में टीम ने द्वितीय स्थान हासिल कर रजत पदक जीता। बालक वर्ग में कुलदीप कुमार और हिमांशु तथा बालिका वर्ग में लोकेश्वरी निषाद और दिव्या निषाद ने अपनी-अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। कोच तुलसी साहू ने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और हॉकी के प्रति समर्पण का परिणाम है। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतर तालमेल और अनुशासन का परिचय दिया। दुर्ग संभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य स्तर पर उपविजेता बनना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास के साथ खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होंगे। पूरे संकुल का मान बढ़ाया प्राचार्य श्याम सिंह ने कहा कि कोच तुलसी साहू के मार्गदर्शन और नेतृत्व में विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। संकुल समन्वयक सुरेन्द्र पटेल ने कहा कि बारगांव के ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य स्तर पर रजत पदक हासिल कर पूरे संकुल का मान बढ़ाया है।

दैनिक भास्कर 6 Oct 2026 5:30 am

Kurukshetra News: भारतीय हॉकी टीम की उप कप्तान को डॉ. गाबा ने दी बधाई

भारतीय हॉकी टीम की उप कप्तान को डॉ. गाबा ने दी बधाई

अमर उजाला 6 Oct 2026 1:38 am

Kurukshetra News: स्कूल गेम्स में केयू हॉकी सेंटर के खिलाड़ियों ने जीते पदक

स्कूल गेम्स में केयू हॉकी सेंटर के खिलाड़ियों ने जीते पदक

अमर उजाला 6 Oct 2026 1:33 am

Kangra News: जयसिंहपुर स्कूल की हाॅकी टीम ने लगाई जीत की हैट्रिक

राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जयसिंहपुर (सीबीएसई) की अंडर-19 हॉकी टीम ने लगातार तीसरी बार जिला स्तरीय ट्रॉफी पर कब्जा जमाकर खिताबी जीत की हैट्रिक लगाई है।

अमर उजाला 6 Oct 2026 1:32 am

Shahjahanpur News: सीनियर महिला हॉकी टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन

शाहजहांपुर। प्रदेशस्तरीय समन्वय बालक-बालिका जूनियर-सीनियर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रदेश स्तरीय सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता के लिए सोमवार को ट्रायल हुए। टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन किया गया।

अमर उजाला 6 Oct 2026 1:22 am

सांसद ने हॉकी टीम के स्वागत पर प्रशासन को घेरा:गुरजीत औजला बोले- अमृतसर एयरपोर्ट पर खास प्रबंध नहीं किए, एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय हॉकी टीम के आज अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने को लेकर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। औजला ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम देश के लिए जीत हासिल करने के बाद अमृतसर पहुंच रही है, लेकिन एयरपोर्ट पर टीम के स्वागत के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास प्रबंध नहीं किए गए हैं। गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं दी गई कि हॉकी टीम अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने वाली है। उन्होंने बताया कि वह खुद एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट के लिए पहुंचे थे और यहां आकर उन्हें पता चला कि भारतीय हॉकी टीम भी अमृतसर पहुंचने वाली है। सांसद औजला ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि प्रशासन या पंजाब सरकार की ओर से हॉकी टीम के स्वागत के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि टीम का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत होना चाहिए था और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मंत्री और विधायक भी जहा मौजूद होने चाहिए थे। औजला बोले- स्वागत के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहींऔजला ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से लगातार खेलों को बढ़ावा देने और लोगों को खेलों के प्रति जागरूक करने की बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी तस्वीर कुछ और ही दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय हॉकी टीम की जीत के बाद अमृतसर पहुंचने का मौका था, लेकिन एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि वह इस पूरे मामले की निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर को फोन कर उनसे टीम के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचने की अपील करेंगे, क्योंकि कुछ ही देर में हॉकी टीम यहां पहुंचने वाली है। प्रशासन से एयरपोर्ट पर पहुंचने की अपीलऔजला ने कहा कि उनकी खुद की फ्लाइट है और उन्हें जरूरी काम से जाना पड़ेगा, लेकिन वह मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द एयरपोर्ट पहुंचकर भारतीय हॉकी टीम का स्वागत किया जाए और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया जाए।

दैनिक भास्कर 5 Oct 2026 10:45 pm

स्टेटलेवल हॉकी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में हारी टोंक टीम:अलवर-श्रीगंगानगर और भीलवाड़ा-हनुमानगढ़ में होंगे सेमीफाइनल मुकाबले

टोंक के सआदत पैवेलियन ग्राउंड में चल रही 70वीं राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-17) के सुपर-लीग मुकाबलों में सोमवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। इनमें टोंक की टीम समेत चार टीमें मैच हार कर सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गईं। प्रतियोगिता संयोजक कमलेश सिंगोदिया ने बताया- श्रीगंगानगर ने शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल-बीकानेर को 6-1 से हराया। हॉकी एकेडमी- जयपुर बनाम हनुमानगढ़ का मैच 3-3 से बराबर रहा। टोंक ने नागौर को 3-0 से हराया। भीलवाड़ा ने अलवर को 4-0 से शिकस्त दी। श्रीगंगानगर वर्सेज हनुमानगढ़ के बीच खेला गया मैच 0-0 से बराबर रहा। हॉकी एकेडमी- जयपुर ने शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल- बीकानेर को 8-0 से रौंदा। अलवर ने नागौर पर 4-1 से जीत दर्ज की तथा भीलवाड़ा ने टोंक को 4-1 से हराया। टोंक की टीम प्रतियोगिता सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है। टोंक की टीम अंतिम आठ टीमों में शामिल है। मंगलवार को सआदत पैवेलियन ग्राउंड पर श्रीगंगानगर और अलवर के बीच पहला सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल मैच मैच में भीलवाड़ा और हनुमानगढ़ के बीच टक्कर होगी। फाइनल मैच इसी मैदान पर मंगलवार को ही शाम को होगा।

दैनिक भास्कर 5 Oct 2026 8:40 pm

ग्रीको-रोमन कुश्ती में वाराणसी के पहलवानों का दबदबा:सैफई में हुई 3 दिन की प्रतियोगिता में 400 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

इटावा के सैफई मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के अंतरराष्ट्रीय इनडोर स्टेडियम में चल रही प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक कुश्ती प्रतियोगिता का सोमवार शाम तीन बजे समापन हो गया। अंतिम दिन ग्रीको-रोमन के अलग-अलग भार वर्गों में प्रदेशभर से आए पहलवानों ने दमखम और कुश्ती की तकनीक का प्रदर्शन किया। तीन दिनों तक चली प्रतियोगिता में करीब 400 युवा पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबले खत्म होने के बाद विजेता, उपविजेता और तृतीय स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के साथ ऑफिशियल को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व भारतीय हॉकी टीम के प्रशिक्षक और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ओलंपियन मोहिंदर पाल सिंह रहे। क्रीड़ाधिकारी एवं मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य सर्वेंद्र सिंह ने उनका स्वागत किया और प्रतियोगिता के तीनों दिनों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को बधाई दी। अयोध्या के शनि यादव को तीसरा स्थान मिला 55 किलोग्राम भार वर्ग में गोरखपुर के हिमांशु मणि प्रथम, बरेली के विनय कुमार यादव द्वितीय रहे। मेरठ के वंश सैनी और अयोध्या के शनि यादव ने तीसरा स्थान हासिल किया। 60 किलोग्राम में अलीगढ़ के अतेंद्र प्रथम और मुरादाबाद के शिवम द्वितीय रहे। इस वर्ग में तृतीय स्थान अलीगढ़ के अतेंद्र और मुरादाबाद के शिवम ने हासिल किया। 63 किलोग्राम में वाराणसी के आकाश यादव प्रथम, बरेली के नीरज यादव द्वितीय तथा गोरखपुर के आकाश गिरी और बस्ती के ताहिर अली तृतीय रहे। 67 किलोग्राम में वाराणसी के विशाल यादव प्रथम, अलीगढ़ के सचिन द्वितीय तथा प्रयागराज के कुलदीप यादव और गोरखपुर के अस्मित तृतीय रहे। 72 किलोग्राम में वाराणसी के अनुकल्प यादव प्रथम, मुरादाबाद के नवीन यादव द्वितीय तथा अयोध्या के सर्वेश कुमार गौड़ और मेरठ के तरुण तोमर तृतीय रहे। 77 किलोग्राम में गोरखपुर के राजन यादव प्रथम, मिर्जापुर के राहुल यादव द्वितीय तथा वाराणसी के गोविंद और मुरादाबाद के आकाश यादव तृतीय रहे।

दैनिक भास्कर 5 Oct 2026 5:05 pm

हॉकी टूर्नामेंट में टोंक की टीम हारी:सुपर लीग में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर और भीलवाड़ा जीते; कल भी होंगे मुकाबले

टोंक शहर के मदरलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की मेजबानी में चल रही राज्य स्तरीय अंडर-17 हॉकी प्रतियोगिता अब खिताबी जंग की ओर बढ़ रही है। रविवार को सआदत पैवेलियन ग्राउंड पर खेले गए सुपर लीग मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया। श्रीगंगानगर ने जयपुर को 3-2 से शिकस्त दी। टोंक की टीम को अलवर की टीम ने हरा दिया। प्रतियोगिता संयोजक कमलेश सिंगोदिया ने बताया- सुपर लीग के पहले राउंड में श्रीगंगानगर और हॉकी एकेडमी जयपुर के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरकार श्रीगंगानगर ने 3-2 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। हनुमानगढ़ ने बीकानेर को 6-0 से हरा दिया।दूसरे मुकाबले में हनुमानगढ़ की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल बीकानेर को 6-0 से एकतरफा शिकस्त दी। हनुमानगढ़ के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाए रखा और लगातार गोल दागकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। अलवर ने टोंक को 1-0 से हराकर उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। भीलवाड़ा टीम भी अपना मैच जीत गई। कड़े मुकाबले में टोंक की टीम हारीमेजबान टोंक और अलवर के बीच आज कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों टीमों के खिलाडिय़ों ने गोल के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अलवर ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए टोंक को 1-0 से हरा दिया। वहीं भीलवाड़ा ने नागौर के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 1-0 से जीत दर्ज की। सोमवार को सुबह के सत्र में श्रीगंगानगर बनाम शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल बीकानेर, हॉकी एकेडमी जयपुर बनाम हनुमानगढ़, नागौर बनाम टोंक और अलवर बनाम भीलवाड़ा के बीच मुकाबले होंगे। वहीं शाम के सत्र में श्रीगंगानगर का सामना हनुमानगढ़, हॉकी एकेडमी जयपुर का शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल बीकानेर, अलवर का नागौर और टोंक का मुकाबला संबंधित टीम के साथ होगा।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 10:48 pm

सलीमा टेटे संग पहुंचीं भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार्स, CM हेमंत सोरेन ने बढ़ाया हौसला

एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंड की खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।

जागरण 4 Oct 2026 10:38 pm

गोल्डन गर्ल नवनीत का घर पहुंचने पर ग्रैंड वेलकम:रानी रामपाल पहुंचीं बधाई देने, कौर बोलीं- चीन के हर अटैक का बनाया था पहले से प्लान

एशियन गेम्स में चीन को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड दिलाने वाली ओलंपियन नवनीत कौर आज अपने घर पहुंचीं। यहां ढोल-नगाड़ों के बीच नवनीत का ग्रैंड वेलकम हुआ। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और एशियन गेम्स चैंपियन बनने पर बधाई दी। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल भी नवनीत से मिलने पहुंचीं। नवनीत के स्वागत के दौरान पूरा माहौल हॉकी और गोल्ड की खुशी में रंगा नजर आया। बचपन से जिस मैदान पर नवनीत ने हॉकी की शुरुआत की, उसी शाहाबाद में उनके लिए लोगों का यह स्वागत खास रहा। नवनीत ने भी कहा कि जब लोग स्वागत के लिए आते हैं और इतना सम्मान मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है। यह उनके लिए गर्व का पल है। नवनीत ने आते ही अपने पिता बूटा सिंह को अपना गोल्ड मेडल पहनाया। चीन के खिलाफ फाइनल में पहले से तैयार था प्लान नवनीत ने बताया कि चीन के खिलाफ फाइनल से पहले टीम ने उसकी पूरी स्टडी की थी। कोचों के साथ वीडियो मीटिंग हुई। चीन की खिलाड़ी किस जगह से अटैक करती हैं और किस एरिया से गोल का खतरा ज्यादा है, इसका एनालिसिस किया गया। टीम ने पहले ही तय कर लिया था कि उन एरिया को बंद रखना है। पेनल्टी कॉर्नर के दौरान भी इसी तैयारी का फायदा मिला। खोने के लिए कुछ नहीं, हमें सिर्फ गोल्ड चाहिए नवनीत ने कहा कि टीम का माइंडसेट बिल्कुल साफ था- फाइनल में खोने के लिए कुछ नहीं है, हमें सिर्फ गोल्ड चाहिए। अगर भारत पहले गोल करता है तो उसे आखिरी सेकेंड तक बचाना है। अगर मौका मिलता है तो दूसरा गोल करने की कोशिश भी करनी है। अपना डिफेंस नहीं छोड़ना है। चीन ने गोलकीपर हटाकर अटैक किया फाइनल में भारत की बढ़त के बाद चीन ने लगातार अटैक किया। एक समय चीन ने गोलकीपर को भी हटाकर एक अतिरिक्त खिलाड़ी के साथ हमला किया। यह दूसरी टीम की रणनीति होती है। वह सामने वाली टीम को डिफेंस छोड़कर अटैक करने के लिए स्पेस देने का लालच देती है। लेकिन भारतीय टीम ने जल्दबाजी नहीं की। खिलाड़ियों ने समझा कि हमारे पास गोल है और सबसे पहले उसे बचाना है। मौका मिलने पर गोल के लिए जाना है, लेकिन सिर्फ दूसरे गोल के चक्कर में डिफेंस को कमजोर नहीं करना है। इसी का फायदा पूरा हमने उठाया। सीनियर खिलाड़ी होने के नाते जिम्मेदारी थी नवनीत ने कहा कि सीनियर खिलाड़ी होने के नाते उनकी जिम्मेदारी ज्यादा थी। मैदान पर वह बाकी खिलाड़ियों को भी लगातार बताती थीं कि कब आगे जाना है और कब पीछे आकर डिफेंस करना है। कई साल का अनुभव और गेम रीडिंग फाइनल में काम आई। सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम की दूसरी खिलाड़ी भी उनकी बात को फॉलो कर रही थीं। पेरिस नहीं जा पाई थी टीम, अब ओलंपिक टिकट पक्का नवनीत ने कहा कि पिछली बार भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। इस बार एशियन गेम्स से ही ओलंपिक टिकट पक्का करना लक्ष्य था। टीम ने गोल्ड जीतने के साथ यह लक्ष्य भी हासिल कर लिया। अब नवनीत की नजर लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा कि टीम के पास तैयारी के लिए करीब दो साल हैं। इस दौरान नए खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, ज्यादा मैच खेलने को मिलेंगे और टीम अपनी तैयारी और मजबूत करेगी। उनका लक्ष्य सिर्फ ओलंपिक खेलना नहीं है। वह वहां भी भारत के लिए मेडल जीतना चाहती हैं। पुराने कोचों से मिलना भी रहा खास स्वागत के दौरान नवनीत अपने पुराने कोचों और उन लोगों से भी मिलीं, जिन्होंने बचपन में उन्हें हॉकी सिखाई। उनके शुरुआती कोच सरदार बुदेश सिंह भी वहां पहुंचे। नवनीत ने कहा कि अब उनसे कम मिलना हो पाता है, लेकिन आज सभी स्वागत के लिए पहुंचे तो उन्हें बहुत खुशी हुई। उनके लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि जिस खेल के मैदान और कोचों ने उन्हें तैयार किया, वहीं से निकलकर वह एशियन गेम्स की चैंपियन बनीं और अब ओलंपिक का टिकट लेकर शाहाबाद लौटी हैं। लड़की ने सारा गेम कंट्रोल में रखा, क्रेडिट गोज टू नवनीत- बलदेव सिंह नवनीत के कोच बलदेव सिंह ने कहा कि मैं कहूंगा कि ये जो जीत है, वो नवनीत की वजह से हुई है। क्योंकि वो फॉरवर्ड लाइन में अकेली थी, उसने डिपेंडेबल गेम खेली। उसकी वजह से ही सारा ये खासकर फाइनल मैच। वो पीछे भी आई और आगे भी। सारा गेम लड़की ने कंट्रोल कर रखा था। क्रेडिट गोज टू नवनीत। मुझे बहुत खुशी हुई है। इतने सालों के बाद हम इंडियन में जो हमारा सालों का था, आखिर वो फुलफिल हुआ। इस जीत के बाद उन्हें लगातार मैसेज भी आ रहे हैं। बढ़त बचाकर रखना मुश्किल था- रानी रामपाल भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल ने कहा एशियन गेम्स हॉकी के लिए बेहद मुश्किल टूर्नामेंट होता है, क्योंकि गोल्ड जीतने पर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है। फाइनल मैच में 1-0 की बढ़त को करीब 50 मिनट तक बचाए रखना आसान नहीं था। आखिरी 3 मिनट में टीम ने शानदार स्ट्रैटेजी अपनाई और गेंद अपने कब्जे में रखी। रानी ने पेनल्टी कॉर्नर बचाने और नवनीत कौर के दो गोल लाइन सेव को मैच का टर्निंग प्वाइंट बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मोमेंट्स ही टीम को गोल्ड मेडल तक पहुंचाते हैं।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 7:56 pm

गोल्ड जीतकर भिवानी लौटी हॉकी खिलाड़ी इशिका:बोली-पिता कोच, मां ने सब कुछ संभाला, दूसरों को देख 8 साल पहले थामी हॉकी

44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली हॉकी टीम की खिलाड़ी (स्ट्राइकर) भिवानी की बेटी इशिका सम्भरवाल मेडल जीतने के बाद भिवानी पहुंची। इस दौरान इशिका सम्भरवाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की और अपने हॉकी खेलने, एशियन गेम्स के अनुभव और आगे के लक्ष्यों को लेकर विचार सांझा किए। इशिका सम्भरवाल ने कहा कि 44 साल के बाद यह हमारा गोल्ड मेडल आया है, इसके लिए बहुत खुशी है। यह मेरा पहला एशियन गेम्स था। मेरे लिए गौरव का पहल है कि मुझे मेरे पहले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल मिला है। 44 साल बाद गोल्ड जीतने के बाद ओलिंपिक में भी क्वालीफाई कर लिया है। उन्होंने कहा कि उसके पिता विरेंद्र कोच रहे हैं। शुरूआत में जब छोटी थी तो उनके साथ जाती थी। तब बड़े प्लेयर को देखकर खेलने का मन बनाया और उसी समय हॉकी शुरू की। उन्होंने करीब 8 साल पहले हॉकी खेलना शुरू किया था। स्ट्राइकर के रूप में खेलकर जड़े गोल इशिका सम्भरवाल ने कहा कि किसी भी गेम में आगे बढ़ने के लिए नियमितता बहुत जरूरी होती है। नियमितता रखी जाएगी तो जीत जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेंगलुरु में तैयारी कर रहे हैं और आगे भी ओलिंपिक की वहां तैयारी करेंगे। उन्होंने बताया कि वे टीम के लिए स्ट्राइकर खेलती हैं। इस टूर्नामेंट में 6-7 गोल किए। प्रयास यही रहता है कि जितना अच्छा टीम के लिए प्रदर्शन कर सकूं व करूं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स के दौरान सेमीफाइनल मुकाबला सबसे अच्छा और रोचक रहा। जिसमें भारत की कोरिया के साथ भिड़ंत थी। सेमीफाइनल प्रेसर का मैच होता है और वह जीतना भी जरूरी होता है। उसमें पीसी में पहला गोल स्कोर किया था, वह गौरवशाली पल था। ओलिंपिक को लेकर वे अपनी टीम को बेहतर बनाने पर फोकस रहेगा। पिता ने ट्रेनिंग तो मां ने खाने-पीने का ध्यान रखा इशिका सम्भरवाल ने कहा कि परिवार का पूरा सहयोग रहा है, बिना परिवार के सहयोग के यहां तक नहीं पहुंचा जा सकता। पिता खुद कोच रहे हैं, वहीं मां ने घर पर रहकर उसे खेलने के लिए हर सुविधाएं दी और हर चीज का ध्यान रखा। शुरूआत में सुबह जल्दी उठाना मुश्किल होता है, वह सब मां ने संभाला और सुबह जल्दी उठाया। खाने-पीने का ध्यान मां ने ही विशेष रूप से रखा। उन्होंने कहा कि खेल के साथ पढ़ाई भी की। जिसके कारण शेड्यूल काफी व्यस्त रहती थी। दिन में पढ़ाई व सुबह-शाम प्रैक्टिस करती थी। इसके लिए मां का काफी सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि उनका सबसे अच्छा दौर वह था जब उनका सीनियर में चयन हुआ था। सबसे बुरा समय वह था जब सीनियर नेशनल के बाद उनको फ्रेक्चर हुआ था। जब वे जूनियर नेशनल की प्लेयर थी। जिसके कारण दो-तीन टूर्नामेंट मिस हो गए थे। आगे प्रयास रहेगा कि वे खेल के साथ-साथ पढ़ाई को लेकर भी चलें। उन्होंने बताया कि जब वे पिता के साथ जाती थी तो हॉकी खेलते हुए खिलाड़ियों को देखर उनमें स्पार्क आया और उन्होंने हॉकी थाम ली। गोल्ड मेडल जीतने पर उसके पिता व अन्य लोग सभी खुश हैं।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 7:41 pm

भोपाल पहुंची क्रिकेटर क्रांति गौड़, खेल मंत्री से मिलीं:एशियन गेम्स में गोल्ड जीता; सारंग से अनुभव साझा किए

एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने और गोल्ड मेडल जीतने के बाद क्रिकेटर क्रांति गौड़ रविवार को भोपाल पहुंचीं। यहां उन्होंने खेल मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात की और जीत के दौरान के अनुभव साझा किए। मंत्री सारंग ने क्रांति गौड़ की इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश की बेटी ने अपनी प्रतिभा-मेहनत से देश और मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है। क्रांति गौड़ की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। क्रांति प्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर आज महिला क्रिकेट टीम का प्रमुख हिस्सा है। एशियन गेम्स में अन्य खिलाड़ियों ने भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। मंत्री बोले- प्रदेश में सारी खेल सुविधाएंमंत्री सारंग ने बताया, प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एशियन गेम्स में एमपी के खिलाड़ियों की भी उपलब्धि रही है। मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांढा ने शूटिंग (शॉटगन) के वुमेंस ट्रैप इंडिविजुअल में स्वर्ण, ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण और वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक सहित नीरू ने 3 मेडल हासिल कर इतिहास रचा। मनीषा कीर ने शूटिंग (शॉटगन) वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक, ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने शूटिंग (राइफल) 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन मेन्स टीम में सिल्वर पदक, आशी चौकसे ने शूटिंग (राइफल) 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन वुमेंस टीम में सिल्वर पदक जीता। पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा रहे विवेक सागर ने स्वर्ण पदक, महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं इशिका चौधरी ने स्वर्ण पदक, क्रांति गौड़ ने क्रिकेट (टीम इवेंट) में स्वर्ण पदक, जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस (व्यक्तिगत स्पर्धा) में कांस्य पदक अर्जित कर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 6:01 pm

तरनतारन के राजमिस्त्री की बेटी ने देश को दिलाया गोल्ड:बलजीत कौर का गांव पहुंचने पर स्वागत, 44 साल बाद हॉकी में भारत एशियन चैंपियन

तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव कक्का कंडियाला की बेटी बलजीत कौर ने एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ गोल्ड मेडल जीतकर अपने गांव, परिवार, पंजाब और पूरे देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स के फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गोल्ड मेडल जीतने के बाद रविवार को जब बलजीत कौर अपने पैतृक गांव कक्का कंडियाला पहुंचीं, तो पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और मिठाई बांटकर अपनी होनहार बेटी का भव्य स्वागत किया। राज मिस्त्री की बेटी ने कड़ी मेहनत से तय किया मुकाम एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली बलजीत कौर के पिता लखविंदर सिंह राज मिस्त्री का काम करते हैं। बलजीत ने बचपन से ही अभावों के बीच मेहनत को अपनी ढाल बनाया। उन्होंने गांव के ही श्री गुरु अर्जन देव गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल में अपनी पढ़ाई पूरी की और हॉकी कोच शरणजीत सिंह के मार्गदर्शन में खेल की बारिकियां सीखीं। मैदान पर दिन-रात पसीना बहाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। CM भगवंत मान ने की ₹1 करोड़ इनाम की घोषणा बलजीत कौर के इस ऐतिहासिक योगदान पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार की नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत उन्हें 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पूरी भारतीय टीम की इस शानदार जीत पर गर्व व्यक्त किया। वहीं, शिरोमणि अकाली दल की हलका इंचार्ज बीबी कंचनप्रीत कौर सहित क्षेत्र के कई दिग्गज नेताओं ने भी बलजीत कौर और उनके परिवार को बधाई दी।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 5:50 pm

भिवानी लौटने पर ईशिका सम्भरवाल का स्वागत:हॉकी प्लेयर ने परिवार को समर्पित किया गोल्ड मेडल, बोले- पिता ने शुरू करवाया खेलना

भारतीय हाकी टीम की खिलाड़ी और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल के रविवार को भिवानी लौटने पर।जोरदार स्वागत किया गया। भिवानी पहुंचने पर सबसे पहले भगत सिंह चौक पर फूल-मालाओं से स्वागत किया और खुली गाड़ी में रोड शो निकाला गया। इस दौरान स्कूली छात्र, खेल प्रेमी व अन्य लोग शामिल हुए, जिन्होंने ईशिका सम्भरवाल का हौसला बढ़ाया। भिवानी पहुंचने पर ईशिका सम्भरवाल ने अपने सम्मान को देखकर कहा कि बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि आप सब ऐसे ही सहयोग करते रहे, मैं वायदा करती हूं कि आगे भी ऐसे ही कड़ी मेहनत करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही टीम ने ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। जिसके कारण उन्हें क्वालीफाई कर लिया है। अब पूरी टीम का फोकस ओलिंपिक पर रहेगा और इंडिया पक्का गोल्ड मेडल लेकर आएगी। परिवार को समर्पित किया मेडलईशिका सम्भरवाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने के सफल को लेकर कहा कि लगातार मेहनत करते रहें। उन्होंने अपने परिजनों को मेडल समर्पित किया। इसके साथ ही जितने भी लोग यहां पर स्पोर्ट करने आए हैं, उनको भी मेडल समर्पित करना चाहूंगी। अब खुद को और बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। ओलिंपिक के लिए 2 साल बाकी हैं, उसको लेकर हर छोटी-छोटी चीजों पर वर्क किया जाएगा। पिता ने करवाई शुरूआत ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि उनके पिता विरेंद्र सम्भरवाल होकी के ही कोच रहे हैं। शुरूआत से उनके पिता कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पापा की वजह से ही हो पाया है कि उन्होंने हॉकी की शुरूआत की। छोटे बच्चे भी हॉकी शुरू करें और उसके लिए अभ्यास करें। अगर लगातार प्रयास व अभ्यास करेंगे तो एक मंजिल पर जरूर पहुंचेंगे। सुबह-शाम को प्रैक्टिस की है। जब वे जूनियर में सिलेक्ट हुई तो बैंगलुरू में भी प्रैक्टिस की है। उसके बाद सीनियर में चयन हुआ तो उसके साथ प्रैक्टिस की। वे फिलहाल सीनियर टीम के साथ प्रैक्टिस कर रही है और ओलिंपिक के लिए भी वहां प्रैक्टस करती रहेंगी। पूरी टीम व कोच का सहयोग रहा, इसलिए आत्मविश्वास के साथ दिखा पाई हुनर ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि पूरी टीम का भी काफी सहयोग रहा। हमने पहले ही निश्चित किया हुआ था कि इस बार गोल्ड मेडल हमारा होगा, क्योंकि पिछले 44 साल से इंडिया गोल्ड मेडल नहीं लाया था। उन्होंने कहा उनका यह पहला एशियन गेम था, जो सबसे बड़ा टूर्नामेंट रहा। कोच व टीम का सहयोग रहा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने हुनर को दिखा पाई। उनके पूरे परिवार का इस उपलब्धि में सहयोग रहा। इस दौरान कमल प्रधान, रामौतार सम्भरवाल, एडवोकेट विजय दहिया, हॉकी कोच नीरज, शमशेर डीपी, सुरेन्द्र जांगड़ा पीटीआई, डीएसओ जय सिंह कालीरमण, राजू मेहरा, सुनील पीटीआई व टिंकू पीटीआई आदि अनेक खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Oct 2026 2:28 pm

नर्मदापुरम: हॉकी में गोल्ड जीतकर गांव लौटे बिना ही छा गए विवेक सागर, अब शादी पर पिता ने बताया परिवार का प्लान

एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद नर्मदापुरम के चांदोन गांव में जश्न मनाया गया। भारतीय टीम का हिस्सा रहे विवेक सागर प्रसाद से उनके परिवार ने वीडियो कॉल पर बात कर जीत की बधाई दी।

अमर उजाला 4 Oct 2026 10:38 am

Pargat Singh Punjab Congress अध्यक्ष की कहानी | Raja Warring | Rahul Gandhi | Punjab Election

जिस शख्स ने हॉकी के मैदान पर भारत की कप्तानी की…ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया… और राजनीति में भी एक सीट से लगातार अपनी पकड़ बनाए रखी… अब उसी परगट सिंह के हाथ में पंजाब कांग्रेस की कमान है.

लाइव हिन्दुस्तान 3 Oct 2026 8:37 pm

एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, चीन को हराकर 44 साल बाद जीता गोल्ड

एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मजबूत चीनी टीम को 1-0 से हराकर 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है और खिलाड़ियों के घरों पर दिवाली से पहले ही दिवाली जैसी रौनक देखने को मिल रही है. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सामना उस चीन से था जो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है और मौजूदा एशियाई चैंपियन है.

आज तक 3 Oct 2026 5:31 pm

दो राज्यों में कांग्रेस के बड़े फैसले, एशियाड में भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड, देखें हेडलाइंस

कांग्रेस पार्टी ने दो चुनावी राज्यों में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए हैं. उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है, वहीं पंजाब में पार्टी ने परगत सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का नया सरदार बनाया है. एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है. टीम ने चीन को हराकर 44 सालों के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

आज तक 3 Oct 2026 2:13 pm

एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर सुनील गावस्कर ने दिया बड़ा बयान

एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले को लेकर खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है. इस खास बातचीत में पूर्व महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने दोनों टीमों की तैयारियों और संभावनाओं पर खुलकर चर्चा की है. उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम को भी 40 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी और अन्य पदक विजेताओं की सराहना की. गावस्कर ने बताया कि चीनी धरती पर होने वाले क्रिकेट मैच में भारतीय टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी और बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का संतुलन है, जो किसी भी परिस्थिति में जीत दिलाने में सक्षम है.

आज तक 3 Oct 2026 1:23 pm

हॉकी: 44 साल का इंतजार खत्म! भारत की बेटियों ने चीन को हरा जीता गोल्ड

भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.

आज तक 2 Oct 2026 5:58 pm

29 गोल से मचाया कोहराम, अब कोरिया की बारी… भारत का असली इम्तिहान

एशियन गेम्स में खिताब बचाने उतरी भारतीय हॉकी टीम ने इंडोनेशिया और श्रीलंका को बड़े अंतर से हराकर धमाकेदार शुरुआत की है. अब गुरुवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत का पहला बड़ा टेस्ट होगा. भारत की नजर इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की राह मजबूत करने के साथ 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने की ओर एक और कदम बढ़ाने पर होगी.

आज तक 24 Sep 2026 6:00 am

मुरैना में एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा का भव्य स्वागत, चंबल में निकली रैली

21 सितंबर, सोमवार: मुरैना में महिला जूनियर हॉकी एशिया कप 2026 विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी कृष्णा शर्मा का भव्य स्वागत हुआ। अम्बाह से उनके पैतृक गांव बरवाई तक स्वागत रैली निकली, जहां लोगों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से सम्मान किया।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 5:17 pm

Live: भारत-पाकिस्तान टक्कर को तैयार, थोड़ी देर में शुरू होगा मैच

Ind Vs Pak Hockey World Cup 2026 Live Score: भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए ही हॉकी वर्ल्ड कप का यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है. आज हारने वाली टीम के लिए आगे के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे.

आज तक 19 Aug 2026 6:04 pm

स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल

भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.

आज तक 15 Aug 2026 10:00 am

हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना गलत

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर विवाद गलत नहीं। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि टीम की पहचान और खेल परंपरा से जुड़ी गंभीर चिंताओं का संकेत है। जर्सी के रंग बदलने का विरोध वाजिब है और…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:54 pm

'भगवा' जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दो फाड़, तिर्की ने पूछे कड़े सवाल

हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.

आज तक 31 Jul 2026 2:26 pm

जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की

बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

प्रभासाक्षी 18 May 2024 4:50 pm