राजनांदगांव में शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए रविवार को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और कलेक्टर जितेंद्र यादव ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। निरीक्षण दल ने सबसे पहले शहर के ऐतिहासिक जलाशयों बूढ़ासागर और रानीसागर का अवलोकन किया। अधिकारियों को उपलब्ध बजट के अनुरूप इनके सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इन तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 2000 सीटों वाला ऑडिटोरियम होगा सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र इसके बाद, दल ने गौरव पथ पर निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। शहर में प्रस्तावित 2000 सीटों वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के लिए कुंज विहार कॉलोनी स्थित कृष्ण कुंज के पास चिन्हित स्थल का भी अवलोकन किया गया। यह ऑडिटोरियम सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए एक आधुनिक मंच प्रदान करेगा। हॉकी स्टेडियम में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों लिया जायज़ा दल ने अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों और टर्फ की स्थिति की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया और इसे जल्द से जल्द खिलाड़ियों के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर कोमल सिंह राजपूत, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सीहोर के चर्च ग्राउंड पर सोमवार को महिलाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 'अस्मिता लीग' का आयोजन किया गया। इस लीग में बालिकाओं और महिलाओं ने विभिन्न आयु वर्ग की दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में नेशनल हॉकी खिलाड़ी अरुणा पारे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस देते हैं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी बढ़ाते हैं। इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोच सौरभ यादव और एनआईएस (NIS) कोच मीना परमार ने भी उपस्थित खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया। अंडर-13 और 13-18 आयु वर्ग के विजेता लीग में आयोजित अंडर-13 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में नैंसी दांगी ने प्रथम, काजल मेवाड़ा ने द्वितीय और आरुषि लोधी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, 13-18 आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ में नंदिनी वर्मा प्रथम, सलोनी मेवाड़ा द्वितीय और नैंसी दांगी तृतीय स्थान पर रहीं। इसी आयु वर्ग (13-18 वर्ष) की 200 मीटर दौड़ में नंदिनी वर्मा ने पहला, सलोनी मेवाड़ा ने दूसरा और दीपिका नागर ने तीसरा स्थान हासिल किया। जबकि 13-18 आयु वर्ग की 400 मीटर दौड़ में ऋषिका यादव प्रथम, नंदिनी वर्मा द्वितीय और हिमांशी तृतीय रहीं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के परिणाम 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ में नंदिनी वर्मा प्रथम, सलोनी मेवाड़ा द्वितीय और दीपिका नागर तृतीय रहीं। इसी आयु वर्ग की 200 मीटर दौड़ में दीपिका कुशवाहा ने पहला, गिरिजा मौर्य ने दूसरा और कविता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, 18 वर्ष से अधिक की 400 मीटर दौड़ में कविता ओझा प्रथम, लक्ष्मी वर्मा द्वितीय और तबस्सुम तृतीय स्थान पर रहीं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने की रस्साकसी इस खेल आयोजन के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के दल ने रस्साकसी प्रतियोगिता में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला खेल अधिकारी रुबिका दीवान, पवन पंसारी, प्रमोद उईके, आनंद पंसोरिया, मनोज कन्नौजिया सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित थे।
पटना के पहले अंतरराष्ट्रीय हॉकी ग्राउंड का निर्माण अंतिम चरण में है। इसमें नीदरलैंड से मंगाई गई पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाई जाएगी। पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सबसे लेटेस्ट टर्फ है। राजगीर के बाद अब राजधानी के हॉकी ग्राउंड में भी एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा। इस पूरे ग्राउंड को 8.44 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। यह बिहार का दूसरा इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का हॉकी मैदान होगा। इसका काम मार्च अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मैदान में स्प्रिंकलर सिस्टम लगना बाकी इसका निर्माण राजेंद्र नगर फिजिकल कॉलेज की खाली जमीन पर हो रहा है। यह ग्राउंड 99 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी है। अभी स्प्रिंकलर सिस्टम लगना बाकी है। इसमें फ्लडलाइट्स, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, चेंजिंग रूम, वार्म-अप क्षेत्र, और दर्शकों के बैठने के लिए स्टैंड होंगे। इसके बनने से खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास शुरू हो सकेगा। हालांकि, अभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। इस ग्राउंड तक पहुंचने के लिए फिलहाल सीधी सड़क नहीं है। दलदली जमीन पर बनाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय हॉकी ग्राउंड जिस जमीन पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी ग्राउंड बवननाया जा रहा है, पहले दलदली जमीन हुआ करती थी। यह लगभग 2 मीटर तक पानी में डूबा दलदली एरिया हुआ करता था। चारों ओर से लगातार पानी रिसाव, 3 मीटर तक ऊंची घास और दलदल की कई परतों के कारण यह मैदान वर्षों तक किसी भी खेल गतिविधि के लायक नहीं था। मैदान को खेलने योग्य बनाने के लिए हजारों ट्रॉली विशेष मिट्टी मंगाई गई है। दलदली पॉकेट्स को हटाने के लिए मशीनों से खुदाई कर रबल भरकर मैदान को स्थिर किया गया है।
महिलाओं की अस्मिता और सम्मान की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मेयर
एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा-आज ऐसा कोई फील्ड नहीं है जहां महिलाओं की सशक्त भागीदारी न हो। महिला में निर्णय लेने की अद्भुत शक्ति है। मुझे उड़ान भरने में मां की सीख ने मदद की। आज मैं जो भी हूं,उसमें उनका सबसे बड़ा योगदान है। जिला पुलिस आपलोगों के सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सहायक निदेशक आदिल इमाम ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए मिल्लिया परिवार हमेशा साथ खड़ा है। मौके पर फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी में स्थित रेणु जी की आदमकद प्रतिमा पर एसपी व अन्य अतिथियों ने माल्यार्पण किया। एसपी सहित अन्य अतिथियों ने पिंक गुब्बारे उड़ा व हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। प्राचार्य विनय कुमार के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण पर आधारित झांकी भी निकाली गई। सहायक प्राध्यापक डॉ अक्षय शर्मा के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के पास छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। मेयर विभा कुमारी ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता और सम्मान की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करते हैं। डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता ने कहा-महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का आधार है। लड़कियों को शिक्षा और अवसर देना सबसे जरूरी है। एडीएम राज कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर हमेशा गंभीर है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। प्रसिद्ध सर्जन डॉ ए.के. गुप्ता ने कहा कि आज महिलाएं चिकित्सा सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। समाज को उनके सम्मान और अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। एमआईटी के लीगल एडवाइजर कैसर इमाम ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उड़ान भर रही हैं। थाना प्रभारी राजनंदनी सिन्हा ने कहा-महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून भी मजबूत हैं,जरूरत है उन्हें लेकर जागरूकता बढ़ाने की। सीडीपीओ ने कहा-महिलाएं प्रतिभा की धनी होती हैं, उन्हें केवल अपनी शक्ति को पहचानने की जरूरत है। इसमें सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। ग्रीन पूर्णिया के प्रेसिडेंट डा.ए.के गुप्ता,पिंकी गुप्ता,रविन्द्र साह व टीम, रोटरी क्लब के प्रेसिडेंट अनिल लोहिया व टीम,लायंस क्लब,आम्रपाली महिला यूनिट की प्रेसिडेंट मीना सिंह,चेयरमैन डा.रेणु झा व टीम,आईएमए प्रेसीडेंट डॉ आलोक,आनंद फाउंडेशन टीम,वॉमेंस हॉकी एसोसिएशन,डा.आभा प्रसाद,ब्रांच मैनेजर नीलम शर्मा,डा. सुधांशु कुमार,डा.अंगद चौधरी,डा.अनुज कुमार,हीना सहीद,आरती जायसवाल,विनीता सिन्हा,उमा केजरीवाल,सुनीता कुमारी,अपर्णा कुमारी,रवि रंजन,आलोक लोहिया,अभिनव विशाल,अमित साह,रवि सुधा चौधरी, सेनू साह, सुजाता रॉय, रिचा रानी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। भास्कर न्यूज। पूर्णिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में मिल्लिया कनीज फातमा वुमेन्स टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज,रामबाग की ओर से वॉक फॉर अस्मिता रैली निकाली गई। इसमें सैकड़ों छात्राएं,महिला डॉक्टर्स,सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महिला सम्मान,स्वाभिमान और सशक्तिकरण का संदेश दिया। मुख्य अतिथि एसपी स्वीटी सहरावत के अलावा विशिष्ट अतिथि मेयर विभा कुमारी,डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता,एडीएम राज कुमार गुप्ता,प्रसिद्ध सर्जन डा.ए.के गुप्ता, मिल्लिया के सहायक निदेशक आदिल इमाम,कानूनी सलाहकार कैसर इमाम,सीडीपीओ रूपम कुमारी व फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी की थाना प्रभारी राजनंदनी सिन्हा मौजूद थीं। कन्वेनर प्रिन्सिपल डा.कंचन गुप्ता ने कहा-यह आयोजन मिल्लिया के डायरेक्टर डा.असद इमाम के मार्गदर्शन व सहायक निदेशक आदिल इमाम के निर्देशन से आयोजित किया गया। नारी शक्ति के सम्मान,स्वाभिमान,सशक ्तिकरण और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना है। मंच संचालन डा.अक्षय शर्मा ने किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूर्णिया में 'वॉक फॉर अस्मिता' जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली कनीज फातिमा वुमेंस टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज द्वारा फणीश्वर नाथ रेणु थाना परिसर से निकाली गई। इस मौके पर पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक स्वीटी सेहरावत, मेयर विभा कुमारी और उपमेयर पल्लवी गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। रैली में विभिन्न संगठनों की महिलाएं, समाज सेवी और स्काउट एंड गाइड की छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। पुलिस अधीक्षक स्वीटी सेहरावत ने हरी झंडी दिखाकर और गुब्बारे उड़ाकर रैली को रवाना किया। छात्राओं ने हाथों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से संबंधित तख्तियां ले रखी थीं, और रैली में कई झांकियां भी प्रदर्शित की गईं। फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी थाना से मिलिया कॉन्वेंट स्कूल रामबाग तक यह जागरूकता रैली फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी थाना से शुरू होकर जीएमसीएच पूर्णिया, लाइन बाजार, बिहार टॉकीज रोड और रामबाग होते हुए मिलिया कॉन्वेंट स्कूल रामबाग पर समाप्त हुई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और पुरुष शामिल हुए, जिन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान के नारे लगाए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक स्वीटी सेहरावत ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एसपी ने एक ऐसे समाज के निर्माण की इच्छा व्यक्त की, जहाँ महिलाएं निडर होकर अपने सपने पूरे कर सकें और उन्हें समान अवसर तथा अधिकार मिलें। 'वॉक फॉर अस्मिता' रैली में सिविल एसोसिएशन पूर्णिया, विभिन्न एनजीओ, हॉकी एसोसिएशन, ग्रीन पूर्णिया जैसे संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। समाज सेवी हिना सईद, पिंकी गुप्ता, आरती जायसवाल, डॉ. रेणु, डॉ. राधिका, डॉ. बेबी, डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और डॉ. सुधांशु सहित कई छात्र-छात्राएं भी इस आयोजन का हिस्सा बने।
2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन...2024 में इंडिया को पहली बार उसी के घर में क्लीन स्वीप किया। फिर विमेंस टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप भी जीत लिया। ये न्यूजीलैंड के हालिया अचीवमेंट्स हैं। इसके अलावा कीवी टीम ने ओवरऑल 18 ICC टूर्नामेंट्स के सेमीफाइनल भी खेले हैं। न्यूजीलैंड को क्रिकेट की सबसे अनुशासित टीमों में भी गिना जाता है। यही वजह है कि टीम को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। लेकिन 50 लाख की आबादी वाला यह छोटा-सा देश क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे बन गया? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे। स्टोरी 3 पार्ट में पढ़िए... 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट इंग्लैंड पहुंचा 1832 में एंग्लिकन मिशनरी हेनरी विलियम्स ने नॉर्थलैंड में एक मैच आयोजित किया था। जोकि कीवियों के इतिहास का पहला मैच है। इसके 10 साल बाद दिसंबर 1842 में वेलिंगटन में एक मैच खेला गया, जिसका स्कोर दर्ज किया गया। यह क्रिकेट इतिहास का पहला ऐसा मैच, जिसमें स्कोर दर्ज किया गया। 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा, जब जॉर्ज पार की पेशेवर ऑल-इंग्लैंड इलेवन टीम यहां खेलने आई। इस अंग्रेजी टीम ने ओटागो और कैंटरबरी की 22 खिलाड़ियों वाली टीमों के खिलाफ चार मैच जीते। 1906 में गवर्नर लॉर्ड प्लंकेट ने प्लंकेट शील्ड ट्रॉफी शुरू की। पहली जीत के लिए 26 साल का इंतजार न्यूजीलैंड 1930 में टेस्ट खेलने वाला देश बना। टीम को अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 26 साल इंतजार करना पड़ा। कीवियों को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में दो दशक और लग गए। जब उसने ऑकलैंड के ईडन पार्क में वेस्टइंडीज को हराया। न्यूजीलैंड ने अपना पहला वनडे मैच 11 फरवरी 1973 को खेला और पाकिस्तान को 22 रन से हराया। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। पिछले 6 साल में 3 फाइनल खेले, एक जीता न्यूजीलैंड की टीम ने 2020 के बाद 3 बार ICC टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई, इसमें से उसे एक में जीत, जबकि 2 में हार का सामना करना पड़ा। साउथैम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में कीवियों ने जून 2021 में भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में 8 विकेट से हराया। उसी साल 14 नवंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में न्यूजीलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से हराया। कीवियों को पिछले साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत से फाइनल मैच खेला था। इसमें उसे 4 विकेट की पराजय झेलनी पड़ी थी। 2000 में पहला ICC टाइटल जीता न्यूजीलैंड की मेंस टीम 2000 में पहली बार किसी ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। टीम ने पहले ही मौके में टीम इंडिया को 4 विकेट से हराया था। उसके बाद कीवियों ने अगले 20 साल में 3 फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीत सकी। कीवियों को 2009 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 में वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल हराया। 2019 में न्यूजीलैंड की टीम फिर फाइनल में पहुंची, लेकिन इस बार इंग्लैंड के खिलाफ किस्मत और ICC के बाउंड्री के नियम की वजह से हार गई। 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए, 38% जीते न्यूजीलैंड, ऐसी टीम है, जो ज्यादा बयानबाजी नहीं करती है और न ही उसके खिलाड़ी अनुशासनहीनता करते हैं। प्लेयर्स का हाव-भाव जीत और हार में एक समान रहता है। न्यूजीलैंड की टीम शांतपूर्ण तरीके से अपना गेम खेलती है और सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। NZ की टीम ने 18 मौकों में ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसमें से 7 जीते, जबकि 11 मौकों पर कीवियों के हाथ निराशा हाथ लगी है। टीम ने 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए हैं और 38% मैच जीते हैं। न्यूजीलैंड को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत 26 साल बाद मिली। टीम पहले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। उसने 1979 और 1992 में भी टॉप-4 में जगह बनाई। लेकिन, टीम टाइटल नहीं जीत पार रही थी। इस कारण 1990 के दशक के बीच में न्यूजीलैंड क्रिकेट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया। नया गवर्नेंस स्ट्रक्चर बना। स्टेट के प्रतिनिधियों की जगह योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होने लगीं। इसका असर भी हुआ और टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। न्यूजीलैंड के सक्सेस मॉडल को 4 फैक्टर्स में समझिए... फैक्टर-1. कम आबादी, लिमिटे टैलेंट; ज्यादा फोकस न्यूजीलैंड के इतिहासकार डॉन नीली ने कहा था- ‘हम छोटे हैं, इसलिए पूरे देश को एक टारगेट के लिए साथ लाना आसान है। कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं, वहीं हम इसे अपनी ताकत मानते हैं।’ यही बात क्रिकेट पर लागू होती है, वहां एक लाख रजिस्टर्ड क्रिकेटर्स हैं। प्लेयर्स को कम उम्र में स्कूल और क्लब लेवल से स्काउट किया जाता है। फिर उनके स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाता है। संख्या कम होने के कारण कोचिंग और अन्य सुविधाओं के लिहाज से हर प्लेयर्स पर कोचेस और एडमिनिस्ट्रेटर का फोकस ज्यादा होता है। फैक्टर-2. मजबूत ग्रासरूट सिस्टम न्यूजीलैंड की असली ताकत उसका मजबूत ग्रासरूट सिस्टम है। उसके शहर छोटे जरूर हैं, लेकिन खेल सुविधाओं से भरपूर हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि टौरंगा के माउंट माउंगानुई में एक छोटा लेकिन शानदार क्रिकेट स्टेडियम, दो रग्बी मैदान, वाइकाटो हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ और एथलेटिक्स ट्रैक मौजूद है। पास में यॉटिंग और सेलिंग क्लब भी है। इससे वहां के रहवासियों की जीवनशैली में स्पोर्ट्स कल्चर बिल्ट होता है। न्यूजीलैंड की सफलता में आउटडोर जीवनशैली का बड़ा योगदान है। स्कूलों में दौड़ने, कूदने और थ्रो करने जैसी शारीरिक गतिविधियों पर खास जोर दिया जाता है। हर साल आधे से ज्यादा बच्चे कम से कम एक प्रतिस्पर्धी खेल में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्कूल और क्लब से प्लेयर्स को स्काउट करने के बाद उन्हें वहां के डोमेस्टिक और नेशनल टूर्नामेंट में मौका दिया गया है। इन टूर्नामेंट में स्टेज की 6 टीमें हिस्सा लेती है। विमेंस कैटेगरी में भी 6 टीमें खेलती हैं। टी-20 में सुपर स्मैश और मल्टी-डे क्रिकेटर्स के लिए प्लुनकेट शील्ड का आयोजन होता है। फैक्टर-3. हॉकस बे कैंप क्रिकेट की नर्सरी न्यूजीलैंड क्रिकेट के टैलेंज को तैयार करने में नॉर्थ आइलैंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित हॉकस बे के क्रिकेट कैंपों की अहम भूमिका है। इसे कीवी क्रिकेट की नर्सरी कहा जाता है। पिछले 30 साल में शायद ही कोई न्यूजीलैंड क्रिकेटर हो, जिसने इन कैंपों में हिस्सा न लिया हो। करीब 45 साल पहले यह कैंप 12 टीमों के साथ शुरू हुआ था। अब इसमें लगभग 150 टीमें और 2000 खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्ग में हिस्सा लेते हैं। नेपियर से हेस्टिंग्स तक 20 मैदानों पर लगभग 450 मैच खेले जाते हैं।रॉस टेलर, केन विलियम्सन, टिम साउदी और टॉम लैथम जैसे लगभग सभी बड़े इस कैंप में हिस्सा ले चुके हैं। यहां तक कि इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स भी इस कैंप का हिस्सा रहे हैं। फैक्टर-4. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर न्यूजीलैंड की आबादी करीब 50 लाख है, जोकि फाइनल मैच की मेजबानी कर रहे अहमदाबाद की आबादी का आधा है। इसका क्षेत्रफल लगभग उत्तर प्रदेश के बराबर है। वहां 16 इंटरनेशनल स्टेडियम हैं। इनमें से 10 स्टेडियम ऐसे हैं। जो रेग्युलर इंटरनेशनल मैचों की मेजबानी करते हैं। वहीं, 6 स्टेडियम ऐसे हैं, जहां पहले इंटरनेशनल मैच की मेजबानी कर चुके हैं। -------------------------------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें
पंच गौरव कार्यक्रम के तहत उदयपुर में चल रहे जिला स्तरीय पंच गौरव मेला एवं प्रदर्शनी के तहत शनिवार को फतहसागर की पाल पर मैराथन का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, वन विभाग और क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मैराथन को सांख्यिकी निदेशक सुधीर दवे, संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा, खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल, सहायक वन संरक्षक सुरेखा चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन मोतीमगरी से प्रारंभ होकर तय मार्ग से गुजरते हुए टाया पैलेस पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में नर्सिंग संस्थान, विद्याभवन, हिंदुस्तान स्काउट-गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न संस्थानों के युवाओं व खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को उदयपुर जिले के पंच गौरव के बारे में जानकारी देते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।नीचे ब्लॉग में अन्य खबरें भी पढ़े….
पीएससीबी इंटर-यूनिट हॉकी: ओएनजीसी पर बीपीसीएल की 4-3 से जीत, आईओसीएल ने ईआईएल को 2-0 से रौंदा
41वें पीएसपीबी इंटर-यूनिट हॉकी टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और रनर-अप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। पुणे के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में दूसरे दिन जीत के साथ टीम ने पूरे तीन-तीन प्वाइंट्स हासिल किए। इस जीत के साथ, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) छह प्वाइंट्स (2 जीत) के साथ स्टैंडिंग में अकेली लीड पर आ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) राउंड 2 मुकाबलों के बाद तीन प्वाइंट्स (1 जीत) के साथ ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के साथ दूसरे स्थान पर है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) लगातार अपना दूसरा मैच हार गई है। इस टीम ने खाता नहीं खोला है। शुक्रवार को, बीपीसीएल ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) पर 4-3 से जीत दर्ज की। बीपीसीएल ने गेम की शुरुआत एक गोल (0-1) से पीछे रहकर की, जब गुरजोत सिंह (17') ने ओएनजीसी के लिए एक फील्ड गोल किया। इसके बाद, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तीन गोल किए, जिसमें 2002 ओलंपिक मेडलिस्ट वरुण कुमार (22') का पेनाल्टी कॉर्नर पर किया गया बराबरी का गोल (1-1) शामिल था और इसके बाद 2012 ओलंपियन तुषार खांडेकर (37') और विश्वास जी (45') की कोशिशों से दो और फील्ड गोल करके अपनी टीम बीपीसीएल को 3-1 से लीड दिलाई। शुक्रवार को, बीपीसीएल ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) पर 4-3 से जीत दर्ज की। बीपीसीएल ने गेम की शुरुआत एक गोल (0-1) से पीछे रहकर की, जब गुरजोत सिंह (17') ने ओएनजीसी के लिए एक फील्ड गोल किया। Also Read: LIVE Cricket Score दिन के दूसरे मैच में, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) को 2-0 से हराया। रोशन मिंज (14') और सुनील यादव (54') के दोनों हाफ में किए गए एक-एक गोल की मदद से आईसीसीएल को पूरे प्वाइंट्स मिले। Article Source: IANS
सीएम डॉ मोहन यादव आज उज्जैन आएंगे:49 करोड़ रुपए से बनने वाले हॉकी टर्फ मैदान का करेंगे भूमि पूजन
मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार दोपहर उज्जैन आएंगे। वे यहां स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ शहर को 49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय टर्फ हॉकी मैदान की सौगात देंगे। इसके बाद शनिवार रात को उज्जैन में ही विश्राम करेंगे। सीएम करीब शाम 4 बजे उज्जैन हेलीपैड पहुंचेंगे, जहां अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद करीब 4:15 बजे नानाखेड़ा स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में हॉकी टर्फ मैदान का भूमि पूजन करेंगे। हॉकी टर्फ मैदान का होगा भूमि पूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिसंबर 2025 में नानाखेड़ा स्थित राजमाता स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान बनाने की घोषणा की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैच आयोजित किए जा सकेंगे। घोषणा के लगभग तीन महीने बाद अब सीएम हॉकी टर्फ मैदान के लिए भूमि पूजन करने उज्जैन पहुंच रहे हैं। इसके अलावा वे शहर में अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।
रायसेन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायसेन में 7 मार्च को जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। “अस्मिता” पहल के तहत होने वाले इस आयोजन में जिले की करीब 1000 बालिकाओं और महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। यह प्रतियोगिता मंडीदीप स्थित हॉकी फीडर सेंटर के शासकीय विद्यालय प्लेग्राउंड में सुबह 9 बजे से शुरू होगी। इसमें 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ सहित अन्य खेल गतिविधियां भी कराई जाएंगी। तीन कैटगरी में होंगे मुकावलेखेल प्रतियोगिता को तीन आयु वर्गों में आयोजित किया जाएगा। इसमें अंडर-13 वर्ष, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की बालिकाएं और महिलाएं भाग ले सकेंगी और अपनी खेल प्रतिभा दिखा सकेंगी। आयोजन को सफल बनाने और अधिक से अधिक छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। मेरा युवा भारत रायसेन की उपनिदेशक मोनिका चौधरी ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान मैदान पर सुरक्षा, चिकित्सा और तकनीकी व्यवस्था के लिए अनुभवी खिलाड़ियों और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।
पलवल में 2 भाइयों पर जानलेवा हमला:हमलावरों ने गाड़ी भी तोड़ी; 5 नामजदों समेत कई लोगों पर केस
पलवल जिले के बंचारी गांव के पास दो भाइयों पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। हथियारबंद युवकों ने पहले उन्हें कंपनी परिसर के बाहर पीटा और जब वे जान बचाने के लिए अंदर भागे, तो हमलावर जबरन घुसकर मारपीट करते रहे। इस दौरान उनकी गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह पूरी घटना कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें हमलावर तलवारें लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। कार पर लिखा था भारत सरकार मुंडकटी थाना इंचार्ज संजय कुमार के अनुसार, डकौरा गांव निवासी भगत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 मार्च को वह और उनका छोटा भाई मनोज कुमार बंचारी पंचायत भवन के पास स्थित अर्निका हेल्थटेक कंपनी के बाहर बैठे थे। तभी एक सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट वाली कार से सात-आठ युवक वहां पहुंचे। कार पर 'भारत सरकार' लिखा हुआ था। हमलावरों ने आते ही धावा बोला युवकों के हाथों में तमंचा, तलवार, लोहे की रॉड और हॉकी स्टिक जैसे घातक हथियार थे। उनके पास आते ही हमलावरों ने भगत सिंह और मनोज कुमार पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए मनोज कंपनी परिसर के अंदर भागा, लेकिन हमलावर जबरन दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। बीच-बचाव कर रहे सुरक्षा गार्ड की भी धमकी कंपनी के अंदर हमलावरों ने मनोज को फावड़े और रॉड से बेरहमी से पीटा। बीच-बचाव करने आए सुरक्षा गार्ड और उसकी पत्नी को भी जान से मारने की धमकी दी गई। हमले के बाद, आरोपियों ने बाहर खड़ी मनोज की ग्रैंड विटारा कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे करीब दो लाख रुपए का नुकसान हुआ। पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी हमलावर जाते समय पुलिस में रिपोर्ट करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल भाइयों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पांच नामजद सहित अन्य अज्ञात हमलावरों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में धुलण्डी (4 मार्च ) के दिन 6-7 युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। युवक हॉकी और डंडे लेकर इमरजेंसी वार्ड में घुस गए। उन्होंने इमरजेंसी का गेट तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से इमरजेंसी में मौजूद मरीज और स्टाफ में दहशत का माहौल हो गया। इमरजेंसी मे हुई इस घटना का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में इमरजेंसी के अंदर दो पक्ष आपस में मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद गार्ड और पुलिसकर्मी बीच बचाव की कोशिश में लगे हैं। उसके बावजूद दोनों पक्ष झगड़े पर उतारू नजर आ रहे हैं काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देखिए इमरजेंसी वार्ड में हंगामें की तस्वीर महावीर नगर थाना सीआई भूपेंद्र सिंह ने संतोषी नगर निवासी प्रद्युमन उर्फ भगत गोस्वामी की पत्नी रेखा गोस्वामी पार्षद है। मोहल्ले में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा था। इसी दौरान भगत के एक रिश्तेदार ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। जिससे पड़ोसी मनोज, भीम व अन्य लोग गुस्सा हो गए और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। झगड़े में भगत के भतीजे के सिर पर चोट लगी। जबकि अन्य लोग अन्य घायल हो गए। एक पक्ष थाने में रिपोर्ट दर्ज करने पहुंचा। जबकि दूसरा पक्ष इलाज के लिए हॉस्पिटल चला गया। कुछ देर बाद भगत के रिश्तेदार भी हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए। जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। पुलिस और सुरक्षा गार्ड्स ने रोकने की कोशिश। इसी दौरान भगत पर धारदार वस्तु से पांच से अधिक वार कर दिए। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। भगत के रिश्तेदार की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है। ये खबर भी पढ़े-कोटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हॉकी लेकर घुसे युवक:जमकर उत्पात मचाया, पुलिस की मौजूदगी में गेट तोड़ा, स्टाफ और मरीज दहशत में आ गए कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 6-7 युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। युवक हॉकी और डंडे लेकर इमरजेंसी में घुस गए। उन्होंने इमरजेंसी का गेट तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से इमरजेंसी में मौजूद मरीज और स्टाफ में दहशत का माहौल हो गया। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे युवकों को काबू में किया। घटना महावीर नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम की है। खबर पढ़े
चंडीगढ़ के सेक्टर-38 में स्टेट लेवल महिला हॉकी खिलाड़ी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछ पुश्तैनी मकान का विवाद है। बुआ के बेटे ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। सूचना पर पहुंची सेक्टर-39 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम को लिए भेजा। पिता की शिकायत पर बुआ के बेटे और परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी घर से फरार हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। खिलाड़ी की पहचान तानिया के रूप में हुई है। शुक्रवार को उसे स्टेट लेवल प्रतियोगिता में खेलने के लिए जाना था। अब पढ़िए तानिया के पिता की अहम बातें… कई बार स्टेट खेल चुकी थी तान्या, नेशनल की तैयारी थी चंडीगढ़ यूटी की हॉकी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि तान्या ग्रेजुएशन कर रही थी, उसका फाइनल ईयर था। यूटी की स्टेट टीम की सीनियर प्लेयर थी, फॉरवर्ड खेलती थी। अब नेशनल की तैयारी में लगी हुई थी। इसी सप्ताह कर्नाटक जाना था, लेकिन उससे पहले ही दुनिया को अलविदा करके चली गई। उसकी मौत की खबर सुनते ही उसके साथी व टीम सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। तान्या पंजाब यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में तैयारी करती थी और अकसर वहां जूनियर्स को भी हॉकी सिखाती थी। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारीघटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रवि की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी मौके से फरार हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। मामले की जांच जारी है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-38 में स्टेट लेवल महिला हॉकी खिलाड़ी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछ प्रॉपर्टी विवाद है। बुआ के बेटे ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। सूचना पर पहुंची सेक्टर-39 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम को लिए भेजा। पिता की शिकायत पर बुआ के बेटे और परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी घर से फरार हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। खिलाड़ी का पहचान तानिया के रूप में हुई है। शुक्रवार को उसे स्टेट लेवल प्रतियोगिता में खेलने के लिए जाना था। अब पढ़िए तानिया के पिता की अहम बातें… पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारीघटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रवि की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी मौके से फरार हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। मामले की जांच जारी है।
सिरसा की रहने वाली अर्जुन अवार्ड से सम्मानित सविता पूनिया इस बार हॉकी वर्ल्ड कप क्वालीफाई नहीं खेलेगी। वह इस वक्त कैंप में भी हिस्सा नहीं ले रही। इस वर्ल्ड कप क्वालीफाई के लिए टीम खिलाड़ियों का चयन हो चुका है और खिलाड़ी अपनी तैयारी में जुटी हैं। यह वर्ल्ड कप क्वालीफाई भारत में ही होगा। 8 मार्च से हैदराबाद में शुरू प्रतियोगिताएं शुरू होंगी, जो 14 मार्च तक चलेंगी। इसमें चार देशों की टीमें भाग लेंगी। जानकारी के अनुसार, हॉकी वर्ल्ड कप लेकर बैंग्लोर में कैंप चल रहा है, जहां पर खिलाड़ियों को तैयारी करवाई जा रही है। पूरी टीम पिछले लंबे समय से तैयारी कर रही है। सविता ने भी पहले यहां पर ट्रेनिंग ली, पर अब इसमें हिस्सा नहीं ले रही। सविता पूनिया के पिता महेंद्र सिंह ने इसकी वजह परिवारिक कारण बताया है। अब सविता पूनिया इस माह के अंत तक कैंप में वापसी करेगी और एशियन गेम्स ही उनका लक्ष्य है। ऐसे में एशियन गेम्स की तैयारी जल्द शुरू करेगी। हालांकि, सविता पूनिया का नाम पदमश्री अवार्ड की सूची में भी आ गया है। इसकी परिवार सहित गांव व पूरे जिले में खुशी मनाई गई। उनको राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा। हाल ही में सविता सिरसा के जोधकां गांव स्थित अपने घर आई थी और परिवार के साथ पदमश्री अवार्ड का जश्न मनाया। गांव वालों ने भी सविता व उनके माता-पिता को बधाई दी। अब वापस दिल्ली चली गई। ड्यूटी भी जरूरी, एशिशन गेम्स टारगेट : सविता के पिता इस बारे में सविता पूनिया के पिता महेंद्र सिंह ने भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, सविता पूनिया वर्ल्ड कप क्वालीफाई नहीं खेल रही। परिवारिक कारणों के चलते वह नहीं खेल रही और कुछ दिन के लिए आराम पर है। इस वक्त वह दिल्ली में अपनी ड्यूटी पर हैं और वहीं पर रहती है। ड्यूटी भी जरूरी है। सविता अब 22-23 मार्च के बाद कैंप में भाग लेगी और एशियन गेम्स 2026 की तैयारी शुरू करेगी। एशियन गेम्स ही अब उसका टारगेट है। यह एशियन गेम्स सितंबर में होने हैं। सविता पूनिया 18वें एशियन गेम्स में हॉकी में रजत पदक विजेता रही और बेस्ट गोलकीपर रह चुकी है। कुमारी सविता सिरसा जिले की बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही है। सविता को एशिया की ओर से बेस्ट गोलकीपर चुनी जा चुकी है। इसके अलावा टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भी बेहतरीन गोलकीपर में द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर हुई थीं। इससे पहले अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। हॉकी प्री लीग में रांची में पिछली बार सूरमा टीम की ओर से लीग खेली। उसमें उनकी टीम विजेता रही थी और सविता को बेस्ट गोल कीपर से सम्मानित किया था। इस बार भी रांची में उनकी टीम खेली थी, पर विनर नहीं रही। सविता के बारे में जानिएं, कौन क्या करता है पिता महेंद्र सिंह के अनुसार, कुमारी सविता पूनिया का जन्म 11 जून 1990 को सिरसा के जोधकां गांव में हुआ था। उनके पिता महेंद्र सिंह हेल्थ विभाग से फार्मासिस्ट के पद से रिटायर्ड है और डिंग में लंबे समय तक सेवाएं दी। उनकी माता लीलावती गृहिणी है। सविता का बड़ा भाई भविष्य आईटीआई में नॉन टीचिंग जॉब पर और भाभी एग्रीकल्चर विभाग सिरसा में कार्यरत है। सविता की शादी साल 2021 में हरियाणा के सोनीपत निवासी अंकित बल्हारा के साथ हुई है। उनके पति अंकित कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पूरी फैमिली कनाडा में ही रहती है। ससुराल जाने के लिए उनको कनाडा ही जाना पड़ता है और बाकी समय खेल, ट्रेनिंग कैंप या मायके में गुजरता है। दादा को मानती रोल मॉडल, 2003 में खेलना शुरू किया सविता की पढ़ाई के साथ-साथ खेल में रूचि थी। वह अपने दादा रणजीत सिंह को रोल मॉडल मानती है। उनके दादा रणजीत सिंह ने सविता को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया था। शुरू में साल 2003-2004 में सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में बाद में भारतीय हॉकी प्राधिकरण के हिसार साईं सेंटर में खेलना शुरू किया। कोच आजाद सिंह मलिक के नेतृत्व में खेली। साल 2007 में भारतीय सीनियर नेशनल हाकी कैंप के लिए सविता का चयन हुआ। इसके बाद साल 2011 में सविता की अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई। हाइट लंबी और फुर्ती होने के कारण कोच ने उनको गोलकीपर के चुना था। ग्रामीण आंचल से शहर पहुंची और जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
अब बेटी है बनी कलेक्टर, बनी पुलिस कप्तान। बड़े सूरमाओं तक के अब,बेटी काटे कान। बेटी, बेटे से कुछ कम है, सोच नहीं यह ठीक। बेटी के आगे पसरी है, जीत, जीत, बस जीत। कुश्ती भी लड़ती है, खेले, हॉकी जैसे खेल।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

