मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को सरगुजा में 260 और सूरजपुर में 250 जोड़े परिणय बंधन में बंधे। अंबिकापुर के पीजी कॉलेज हॉकी मैदान में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। प्रदेशभर में हुए कन्या विवाह के आयोजन में 6421 जोड़ों का विवाह हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, महापौर मंजूषा भगत सहित अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ऑनलाइन जुड़कर नव दंपतियों को बधाई दी। विधि विधान से कराया गया सामूहिक विवाह सामूहिक विवाह समारोह में 192 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न कराया गया। वहीं, 68 जोड़ों का विवाह ईसाई परंपरा के अनुसार कराया गया। इसके लिए अलग व्यवस्थाएं की गई थी। सूरजपुर में 250 जोड़ों का विवाह सूरजपुर में पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा के मुख्य आतिथ्य में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समाज के 250 जोड़ों का सामूहिक विवाह किया गया। कार्यक्रम में अतिथि विधायक भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा सहित अन्य अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उनके उज्ज्वल, सुखमय और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि, शासन राज्य के कमजोर परिवारों की बेटियों की जिम्मेदारी उठा रहा है। जिससे उनके माता पिता को उनकी शादी को लेकर कोई चिंता न रहे। मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा और विधायक भूलन सिंह मरावी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आयोजन में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई रीति रिवाज से जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया। आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
जगदलपुर क्षेत्र बना विद्युत फुटबॉल का नया चैम्पियन:कोरबा पश्चिम का 10 साल का वर्चस्व टूटा
राजनांदगांव में आयोजित 'पॉवर कंपनीज अंतरक्षेत्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026' का समापन सोमवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के मैदान में हुआ। इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में जगदलपुर क्षेत्र ने 10 वर्षों से लगातार खिताब जीत रही कोरबा पश्चिम की टीम को 2-1 से हराकर चैम्पियन का गौरव हासिल किया। मैच के शुरुआती हाफ से ही दोनों टीमें आक्रामक दिखीं। जगदलपुर ने पहले हाफ में गोल दागकर कोरबा पश्चिम पर दबाव बनाया। हालांकि, गत विजेता कोरबा पश्चिम ने वापसी करते हुए एक गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। मैच के अंतिम पलों में जगदलपुर के खिलाड़ियों ने निर्णायक गोल कर इतिहास रच दिया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबलों में कोरबा पश्चिम ने अंबिकापुर क्षेत्र को पेनाल्टी शूटआउट में 5-4 से हराया था। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में जगदलपुर क्षेत्र ने रायपुर क्षेत्र को 1-0 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। क्षेत्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद राजनांदगांव के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने विजेता व उपविजेता टीमों को शील्ड और ट्रॉफी प्रदान की। सेलट ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राजनांदगांव की खेलधानी की परंपरा को इन खिलाड़ियों ने अपने कौशल से और समृद्ध किया है। इस दौरान अंतरक्षेत्रीय हॉकी प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया, जिसमें कोरबा की टीम विजेता और राजनांदगांव की टीम उपविजेता रही। इस प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों (कोरबा पूर्व, पश्चिम, मड़वा, बिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, दुर्ग और अंबिकापुर) से 33 बेहतरीन खिलाड़ियों का चयन अखिल भारतीय विद्युत मंडल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त मुख्य अभियंता मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता एस. कंवर, के.सी. खोटे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल के सदस्यों को भी उनकी निष्पक्ष भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।
हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और हॉकी प्लेयर रह चुके संदीप सिंह से जुड़े छेड़छाड़ और रेप के प्रयास करने के मामले में बड़ा अपडेट आया है। पीड़ित जूनियर महिला कोच की याचिका पर चंडीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल ने इस मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को ट्रांसफर करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि न्यायाधीश उसके प्रति पक्षपाती थे। अपनी याचिका में पीड़िता ने कहा था कि जज ने उसे केस की फाइल देखने नहीं दी। उसे CRPC की धारा 164 के तहत दिए गए अपने बयान की कॉपी या जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा जज खुद इस केस की सुनवाई कर रहे थे, जबकि वे खुद एक गवाह की सूची में शामिल थे। ऐसे में मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है। बता दें कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसमें छेड़छाड़, गलत तरीके से कैद करने, आपराधिक धमकी देने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य का इस्तेमाल करने के आरोप थे। पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत में बताया था कि मंत्री ने उसे कहा था कि तुम मुझे खुश रखों, मैं तुम्हे खुख रखूंगा। बात न मानने पर ट्रांसफर करा दिया था। हालांकि, संदीप सिंह ने इस आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था। यहां पढ़िए किन वजहों से केस हुआ ट्रांसफर... 1. गवाह की लिस्ट में एसीजेएम का नामइससे पहले, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) राहुल गर्ग इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जो पीड़िता के बयान दर्ज करने के चरण तक पहुंच चुका था। हालांकि, सुनवाई से एक दिन पहले 30 जनवरी को जूनियर महिला कोच ने अपने वकील समीर सेठी के माध्यम से एक आवेदन दायर किया। इसमें बताया गया कि एसीजेएम का नाम स्वयं अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में गवाह संख्या 19 के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि इससे उनकी अदालत के लिए मुकदमे को आगे बढ़ाने में एक मूलभूत कानूनी बाधा उत्पन्न होती है। 2. चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने पर एसीजेएम ने की सुनवाईजूनियर महिला कोच ने कहा कि हालांकि अदालत के समक्ष मौखिक रूप से और निचली अदालत में आवेदन के माध्यम से भी यही आपत्तियां उठाई गई थीं, फिर भी पीठासीन अधिकारी ने स्वयं को इस मामले से अलग नहीं किया और स्पष्ट पूर्वाग्रह के साथ सुनवाई जारी रखी। बताया कि एसीजेएम गर्ग ने पहले संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने के आवेदन पर सुनवाई की थी, जिसे उन्होंने करने से इनकार कर दिया था और उस संबंध में उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश किया गया था। 3. बयानों की प्रति कोर्ट ने देने से इंकार कियाजूनियर महिला कोच ने आगे बताया कि अदालत ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज उनके बयान की प्रति उन्हें लगातार देने से इनकार कर दिया है। “इसके अलावा, याचिकाकर्ता को उक्त बयान की जांच करने और मामले के रिकॉर्ड से उसकी संगति सुनिश्चित करने का उचित अवसर भी नहीं दिया गया है, जो कि शिकायतकर्ता का अधिकार है। उनके वकील ने कहा, अदालत के पीठासीन अधिकारी ने शिकायतकर्ता को उनके पूर्व न्यायिक बयान को सत्यापित करने की अनुमति दिए बिना मामले में गवाही देने का निर्देश दिया है, जो 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों' का घोर उल्लंघन है। ऐसी प्रक्रिया शिकायतकर्ता के हितों के लिए अत्यंत हानिकारक है। जूनियर महिला कोच के संदीप पर 3 गंभीर आरोप... 1. मंत्री ने स्नैपचैट व इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजेजूनियर महिला कोच ने आरोप लगाया था कि 2016 रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने के बाद वह खेल विभाग में जूनियर कोच के तौर पर भर्ती हुई थी। इसके बाद खेल मंत्री संदीप सिंह ने इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर उसको मैसेज भेजे। फिर मुझे चंडीगढ सेक्टर 7 लेक साइड मिलने के लिए बुलाया। मैं नहीं गई तो वे मुझे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक और अनब्लॉक करते रहे। महिला कोच के आरोपों के मुताबिक 1 जुलाई को मंत्री ने उसे स्नैपचैट कॉल किया। जिसमें डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन के लिए मुझे सेक्टर 7, चंडीगढ़ में अपने आवास पर आने के लिए कहा। 2. मंत्री ने कहा- तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगाजूनियर महिला कोच ने कहा कि इसके बाद वह मंत्री के सरकारी घर पर पहुंची। वहां वे कैमरे वाले ऑफिस में नहीं बैठना चाहते थे। वह मुझे अलग केबिन में लेकर गए। वहां मेरे पैर पर हाथ रखा। मंत्री ने कहा कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगा। मेरी बात मानने पर आपको सभी सुविधाएं और मनचाही जगह पोस्टिंग मिलेगी। महिला कोच ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि शाम करीब 6.50 बजे मंत्री संदीप सिंह ने उससे छेड़छाड़ की। इस दौरान महिला कोच की टी-शर्ट फट गई। किसी तरह वह उनके चंगुल से छूटकर बाहर आ गई। 3. बात नहीं मानी तो ट्रांसफर कर दियापीड़िता ने आरोप लगाया कि जब मैंने मंत्री की बात नहीं मानी तो मेरा ट्रांसफर कर दिया गया। मेरी ट्रेंनिग तक रोक दी गई। मैंने घटना की शिकायत के लिए DGP कार्यालय, CM हाउस और तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज समेत हर स्तर पर प्रयास किया, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने रेप की कोशिश के भी लगाए थे आरोपइसके बाद महिला कोच ने दावा किया था कि संदीप सिंह ने उसे डॉक्यूमेंट चेक करने के लिए चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास बुलाकर रेप करने की कोशिश की थी। वह उनके घर पहुंची और स्टाफ से वॉशरूम पूछा।स्टाफ ने उसे बैडरुम के वॉशरूम में भेज दिया। जब वह बाहर आई तो मंत्री उसके सामने खड़ा हुआ था। उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ कर सामने पड़े बेड पर पुश कर दिया। इसके बाद मैं बेड पर गिर गई और वह भी इस दौरान बेड पर आ गया। कोच ने दावा किया कि उसने उसकी टी-शर्ट पकड़कर ऊपर करने की कोशिश की। इसके बाद मेरे नजदीक आने और मुझे किस करने की कोशिश की।उसने यह भी दावा किया था कि उसके द्वारा मंत्री से छोड़ने की काफी रिक्वेस्ट की गई, लेकिन मंत्री उसे जबरन बाथरुम में लेकर गया, जहां उसने अपना लोअर भी उतार दिया। साथ ही मुझे काफी फोर्स से अपनी ओर खींचा।इस दौरान मंत्री ने बाथरुम की कुंडी भी लगा दी। जब मैंने इसका विरोध किया गया तो वह मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा। जब मंत्री नहीं माना तो मैंने उनको थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मंत्री ने भी मुझे भी थप्पड़ मारा। इस पर मैं रोने लगी। तब मंत्री कहने लगा कि स्पोर्ट्स वाली लड़कियां वर्जिन नहीं होती हैं। मंत्री संदीप ने कहा था- आरोप गलत, ट्रांसफर किया तो साजिशखेल मंत्री रहते संदीप ने इन सब आरोपों को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है, जिसमें उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला कोच पंचकूला में रहने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने महिला कोच का ट्रांसफर झज्जर कर दिया और वह पंचकूला रहना चाहती थी, इसलिए ऐसे आरोप लगा रही है। -------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में पूर्व खेल मंत्री की मुश्किलें बढ़ीं:यौन शोषण के आरोप लगाने वाली कोच ने SIT जांच रिपोर्ट मांगी; चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हरियाणा की जूनियर महिला कोच यौन शोषण केस में पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह की और मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। चंडीगढ़ कोर्ट में चल रहे इस केस में जूनियर महिला कोच की ओर से हरियाणा सरकार की ओर से गठित की गई SIT की रिपोर्ट के लिए एप्लिकेशन दी है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के चर्चित महिला एथलीट और पूर्व खेल मंत्री हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह के रेप केस में एक बड़ा अपडेट आया है। महिला एथलीट की याचिका पर चंडीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एचएस ग्रेवाल ने हरियाणा के पूर्व मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय हॉकी कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को ट्रांसफर करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। महिला एथलीट की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ छेड़छाड़, गलत तरीके से कैद करने, आपराधिक धमकी देने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य का इस्तेमाल करने का केस दर्ज किया था। यहां पढ़िए किन वजहों से केस हुआ ट्रांसफर... 1. गवाह की लिस्ट में एसीजेएम का नाम इससे पहले, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) राहुल गर्ग इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जो पीड़िता के बयान दर्ज करने के चरण तक पहुंच चुका था। हालांकि, सुनवाई से एक दिन पहले, 30 जनवरी को, एथलीट ने अपने वकील समीर सेठी के माध्यम से एक आवेदन दायर किया, जिसमें बताया गया कि एसीजेएम का नाम स्वयं अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में गवाह संख्या 19 के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि इससे उनकी अदालत के लिए मुकदमे को आगे बढ़ाने में एक मूलभूत कानूनी बाधा उत्पन्न होती है।2. चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने पर एसीजेएम ने की सुनवाईउन्होंने कहा कि हालांकि अदालत के समक्ष मौखिक रूप से और निचली अदालत में आवेदन के माध्यम से भी यही आपत्तियां उठाई गई थीं, फिर भी पीठासीन अधिकारी ने स्वयं को इस मामले से अलग नहीं किया और स्पष्ट पूर्वाग्रह के साथ सुनवाई जारी रखी। महिला एथलीट ने बताया कि एसीजेएम गर्ग ने पहले संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने के आवेदन पर सुनवाई की थी, जिसे उन्होंने करने से इनकार कर दिया था, और उस संबंध में उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश किया गया था।3. बयानों की प्रति कोर्ट ने देने से इंकार कियाउन्होंने आगे बताया कि अदालत ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज उनके बयान की प्रति उन्हें लगातार देने से इनकार कर दिया है। “इसके अलावा, याचिकाकर्ता को उक्त बयान की जांच करने और मामले के रिकॉर्ड से उसकी संगति सुनिश्चित करने का उचित अवसर भी नहीं दिया गया है, जो कि शिकायतकर्ता का अधिकार है। यह निवेदन किया जाता है कि अदालत के पीठासीन अधिकारी ने शिकायतकर्ता को उनके पूर्व न्यायिक बयान को सत्यापित करने की अनुमति दिए बिना मामले में गवाही देने का निर्देश दिया है, जो 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों' का घोर उल्लंघन है। ऐसी प्रक्रिया शिकायतकर्ता के हितों के लिए अत्यंत हानिकारक है,” उनके वकील ने कहा।महिला एथलीट ने न्यायाधीश पर लगाए पक्षपात के आरोपपीड़िता ने आरोप लगाया कि न्यायाधीश उसके प्रति पक्षपाती थे, और कहा, मामले की फाइल तक पहुंच से इनकार करने, 164 बयान (सीआरपीसी की धारा 164) से वंचित करने और ऐसे मामले की अध्यक्षता करने का संचयी प्रभाव, जिसमें वह एक सूचीबद्ध गवाह है, ने मामले के निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय में बाधा उत्पन्न की है। महिला कोच के संदीप पर 5 गंभीर आरोप...1. मंत्री ने स्नैपचैट व इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजेजूनियर महिला कोच ने आरोप लगाया था कि 2016 रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने के बाद वह खेल विभाग में जूनियर कोच के तौर पर भर्ती हुई थी। जिसके बाद खेल मंत्री संदीप सिंह ने इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर उसको मैसेज भेजे। फिर मुझे चंडीगढ सेक्टर 7 लेक साइड मिलने के लिए बुलाया।मैं नहीं गई तो वे मुझे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक और अनब्लॉक करते रहे। महिला कोच के आरोपों के मुताबिक 1 जुलाई को मंत्री ने उसे स्नैपचैट कॉल किया। जिसमें डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन के लिए मुझे सेक्टर 7, चंडीगढ़ में अपने आवास पर आने के लिए कहा।2. मंत्री ने कहा- तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगामहिला कोच ने कहा कि इसके बाद वह मंत्री के सरकारी घर पर पहुंची। वहां वे कैमरा वाले ऑफिस में नहीं बैठना चाहते थे। वह मुझे अलग केबिन में लेकर गए। वहां मेरे पैर पर हाथ रखा। मंत्री ने कहा कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगा। मेरी बात मानने पर आपको सभी सुविधाएं और मनचाही जगह पोस्टिंग मिलेगी।3. मेरी टी-शर्ट फट गईमहिला कोच ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि शाम करीब 6.50 बजे मंत्री संदीप सिंह ने उससे छेड़छाड़ की। इस दौरान महिला कोच की टी-शर्ट फट गई। किसी तरह वह उनके चंगुल से छूटकर बाहर गई।4. बात नहीं मानी तो ट्रांसफर कर दियामहिला कोच ने आरोप लगाया कि जब मैंने मंत्री की बात नहीं मानी तो मेरी ट्रांसफर कर दी गई। मेरी ट्रेंनिग तक रोक दी गई। मैंने घटना की शिकायत के लिए DGP कार्यालय, CM हाउस और तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज समेत हर स्तर पर प्रयास किया, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।5. रेप की कोशिश के भी लगाए थे आरोपइसके बाद महिला कोच ने दावा किया था कि संदीप सिंह ने उसे डॉक्यूमेंट चेक करने के लिए चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास बुलाकर रेप करने की कोशिश की थी। वह उनके घर पहुंची और स्टाफ से वॉशरूम पूछा।स्टाफ ने उसे बैडरुम के वॉशरूम में भेज दिया। जब वह बाहर आई तो मंत्री उसके सामने खड़ा हुआ था। उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ कर सामने पड़े बेड पर पुश कर दिया। इसके बाद मैं बेड पर गिर गई और वह भी इस दौरान बेड पर आ गया।कोच ने दावा किया कि उसने उसकी टी-शर्ट पकड़कर ऊपर करने की कोशिश की। इसके बाद मेरे नजदीक आने और मुझे किस करने की कोशिश की।उसने यह भी दावा किया था कि उसके द्वारा मंत्री से छोड़ने की काफी रिक्वेस्ट की गई, लेकिन मंत्री उसे जबरन बाथरुम में लेकर गया, जहां उसने अपना लोअर भी उतार दिया। साथ ही मुझे काफी फोर्स से अपनी ओर खींचा।इस दौरान मंत्री ने बाथरुम की कुंडी भी लगा दी। जब मैंने इसका विरोध किया गया तो वह मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा। जब मंत्री नहीं माना तो मैंने उनको थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मंत्री ने भी मुझे भी थप्पड़ मारा। इस पर मैं रोने लगी। तब मंत्री कहने लगा कि स्पोर्ट्स वाली लड़कियां वर्जिन नहीं होती हैं।मंत्री संदीप ने कहा था- आरोप गलत, ट्रांसफर किया तो साजिशखेल मंत्री रहते संदीप ने इन सब आरोपों को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। जिसमें उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला कोच पंचकूला में रहने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने महिला कोच का ट्रांसफर झज्जर कर दिया और वह पंचकूला रहना चाहती थी, इसलिए ऐसे आरोप लगा रही है।
गुना नगरपालिका द्वारा आयोजित हॉकी टूर्नामेंट में गुना विधायक को न बुलाने पर राजनीति गरमा गई है। भाजपा के बजरंगगढ़ मंडल अध्यक्ष ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा कि विधायक का अपमान विधानसभा और सरकार का अपमान है। बता दें कि लगभग 9 साल बाद नगरपालिका द्वारा स्व लाल बहादुर शास्त्री स्मृति हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन 2 से 8 फरवरी तक किया गया था। 2 फरवरी को हुए उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पन्नालाल शाक्य शामिल हुए थे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को बुलाया8 फरवरी को हुए समापन में मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को बनाया गया था। वहीं समापन समारोह की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द गुप्ता को करनी थी। समापन कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र भी जारी किया गया। यह आमंत्रण पत्र नगरपालिका के समस्त पार्षदों की ओर से था। रविवार को आयोजित समापन समारोह में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हुए। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार मुख्य अतिथि और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। दोनों पदाधिकारियों ने अपनी बात भी रखी। विधायक को नहीं बुलाने पर उठे सवाल सोमवार को भाजपा बजरंगगढ़ मंडल अध्यक्ष मुनेश धाकड़ ने सोशल मीडिया के जरिए विधायक को न बुलाने पर सवाल उठाया। मंडल अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखा - मंजूषा खत्री मुख्य नगरपालिका अधिकारी गुना के द्वारा स्वर्ण कप हॉकी टूर्नामेंट कराया गया, जिसमे समापन समारोह रखा गया था। यह गुना विधायक पन्नालाल शाक्य की विधान सभा है। उन्हेोंने आगे लिखा - नगर पालिका में कोई कार्यक्रम होता है, जिसमें विधायक कोई सूचना नहीं दी जाती। नगर पालिका एक ईमानदार विधायक को दरकिनार कर रही है क्या उचित है। या नगरपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार पर विधायक के द्वारा नगरपालिका अधिकारी को बार बार समझाइश का नतीजा है। नगरपालिका अधिकारी आगे ध्यान रखें, यह गुना विधायक का अपमान नहीं विधान सभा का अपमान है, हमारी सरकार का अपमान है। जनप्रतिनिधियों का अपमान न गुना की जनता सहेगी न सरकार।
गाजीपुर के नेहरू स्टेडियम में स्वर्गीय गुलाब चंद्र राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 के तहत रविवार को दो मुकाबले खेले गए। इन मैचों में स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर और नॉर्थ ईस्ट रेलवे ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराया। यह प्रतियोगिता अंबुज हॉकी सोसाइटी द्वारा 8 से 12 फरवरी तक आयोजित की जा रही है। लीग कम नॉकआउट प्रणाली पर आधारित इस राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। दिन का पहला मुकाबला प्रयागराज और स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर के बीच खेला गया। इसमें स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर ने प्रयागराज को 6-1 से पराजित किया। गोरखपुर की ओर से दिव्या ने दो गोल (9वें और 37वें मिनट में) और आरिका ने हैट्रिक सहित तीन गोल (12वें, 29वें और 36वें मिनट में) किए। ममता ने 16वें मिनट में एक गोल दागा। प्रयागराज के लिए एकमात्र गोल पुष्पांजलि ने 5वें मिनट में किया। दूसरा मुकाबला नॉर्थ ईस्ट रेलवे और रामपुर के बीच हुआ, जिसमें नॉर्थ ईस्ट रेलवे ने 8-2 से जीत दर्ज की। रेलवे की ओर से काजल ने तीन गोल (7वें, 18वें और 33वें मिनट में), सुमिता ने दो गोल (16वें और 27वें मिनट में) और सिमरन ने दो गोल (29वें और 34वें मिनट में) किए। रमनप्रीत ने 35वें मिनट में एक गोल किया। रामपुर की तरफ से शोभा ने 5वें और प्रियांशी ने 39वें मिनट में गोल किए। पहले मैच की मुख्य अतिथि बीती सिंह और दूसरे मैच के मुख्य अतिथि कृष्णानंद सिंह रहे। बृजेश यादव, मोहम्मद सफी, रश्मि, करन आदित्य, नीरज और आसिफ इकबाल ने इन मुकाबलों में निर्णायक की भूमिका निभाई।
Italy's Cricket Revolution: एक आम सोच यही है कि इटली में बहुत से लोगों को तो ये भी पता नहीं होगा कि 9 फरवरी 2026 को, इटली टी20 वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू करेगा (इस इवेंट के लिए क्वालीफाई करने वाली 25वीं टीम)। इसी के साथ इटली के फुटबॉल मैप पर क्रिकेट का भी जिक्र आ जाएगा और ये किसी ऐतिहासिक घटना से कम नहीं। दो ख़ास फैक्ट जो शायद याद नहीं होंगे: * इटली के सबसे मशहूर और फुटबॉल क्लब में से एक, AC मिलान की स्थापना, लगभग 125 साल पहले, मिलान क्रिकेट एंड फुटबॉल क्लब के नाम से ही हुई थी। * इस वर्ल्ड कप में खेलने के लिए जिस यूरोप क्वालिफायर में खेले (द हेग में) वहां इटली ने ग्वेर्नसे और स्कॉटलैंड (ODI-स्टेटस वाली टीम के विरुद्ध पहली जीत) को हराया और टी20 वर्ल्ड कप के लिए पहली बार क्वालीफाई किया। फुटबॉल (वे 4 बार के FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन हैं) के साथ-साथ और कई खेलों के लिए मशहूर इस देश के लिए, टी20 वर्ल्ड कप में खेलना, वहां क्रिकेट में कम हुई दिलचस्पी को फिर से जगाने में एक टॉनिक का काम कर सकता है। हाल फिलहाल तो क्रिकेट को लगभग ज़ीरो बेस से आगे बढ़ाना था। पहली चुनौती थी आईसीसी 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन जो किसी प्रोजेक्ट से कम नहीं था। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से प्रोफेशनल क्रिकेटर लाए और टीम में शामिल किया। सबसे बड़ा नाम था ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेटर जो बर्न्स (23 टेस्ट: 2014 में भारत के विरुद्ध बॉक्सिंग डे टेस्ट में केएल राहुल के साथ डेब्यू किया था) का। उसके बाद मौजूदा कप्तान वेन मैडसेन आए। क्रिकेट को टीवी पर दिखाना शुरु किया। बर्न्स के लिए, टीम को क्वालीफाई कराना एक पेशेवर चुनौती से भी बड़ा लक्ष्य था और उन्होंने टीम को पूरी तरह से कंट्रोल में ले लिया। ऐसा नहीं कि सब कुछ अच्छा ही हुआ। बर्न्स (क्वालिफाइंग कैंपेन के दौरान कप्तान) के साथ कॉन्ट्रैक्ट का विवाद ऐसा उलझा कि बोर्ड ने तो हैरान करते हुए उन्हें टीम से ही निकाल दिया। अब मैडसेन को कप्तान बना दिया। वे फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में क्वाज़ुलु नटाल और डर्बीशायर के लिए खेले हैं और द हंड्रेड, BPL, PSL और SA20 में भी खेले हैं। और कुछ ख़ास फैक्ट नोट कीजिए: * 2001 में, एक बड़ा विवाद तब हुआ जब इटली ने ICC ट्रॉफी में खेलने से नाम वापस ले लिया। असल में, आईसीसी ने टीम के 4 खिलाड़ियों (डी वेनुटो, जो स्कुडेरी-ऑस्ट्रेलिया, बेनिटो गियोर्डानो - यूके और एंडी कॉर्बेलारी-दक्षिण अफ्रीका) को इटली के लिए खेलने से डिसक्वालिफाई कर दिया। इटली ने गुस्से में खिलाड़ियों को बदलने की जगह टीम ही वापस ही बुला ली। * ओलंपिक में क्रिकेट को फिर से शामिल किए जाने के बाद ही, इटेलियन नेशनल ओलंपिक कमेटी (CONI) ने क्रिकेट को अपना ग्राउंड, ड्रेसिंग रूम और ट्रेनिंग सुविधाएं दिलाईं, इस उम्मीद में कि एक दिन यह सच में एक बड़ा ओलंपिक खेल बन सकता है। * अब जो इटली के लिए खेल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर खिलाड़ियों का बैकग्राउंड काफी हद तक एक जैसा है- या तो वे वहां रहने लगे या उनके पारिवारिक संबंध वहीं के हैं। देखिए: बेन और हैरी मैनेंटी- वे क्रमशः सिडनी सिक्सर्स और एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ बिग बैश लीग में खेलने के बाद इटली आए। एमिलियो गे, थॉमस ड्रेका और ग्रांट स्टुअर्ट- इन सभी की मां इटेलियन हैं। एंथनी और जस्टिन मोस्का- दोनों माता-पिता इटली के हैं। वेन मैडसेन- जन्म डरबन में पर वंश इटेलियन और इसीलिए सिटीजन बन गए। जसप्रीत सिंह- वे 2006 में परिवार के साथ भारत से टेल्गेट (मिलान से 60 किमी उत्तर-पूर्व में एक शहर) चले आए थे। हेड कोच जॉन डेविसन- कनाडा के पूर्व कप्तान और 2003, 2007 और 2011 वर्ल्ड कप खेले हैं। असिस्टेंट कोच डॉगी ब्राउन- 2007 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड के लिए खेले थे। संयोग से, इन हेड कोच और असिस्टेंट कोच दोनों के नाम पर किसी समय पुरुषों के क्रिकेट वर्ल्ड कप में सबसे तेज 100 का रिकॉर्ड रहा। मजेदार बात ये कि जॉन डेविसन का रिकॉर्ड (2003 में वेस्टइंडीज के विरुद्ध), 2007 वर्ल्ड कप में हेडन ने तोड़ा और हेडन का रिकॉर्ड, केविन ओ'ब्रायन ने तोड़ा (सिर्फ 50 गेंद में 100, 2011 में इंग्लैंड के विरुद्ध)। कप्तान वेन मैडसेन- 2006 में जर्मनी में हॉकी वर्ल्ड कप और उसी साल मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में दक्षिण अफ्रीका की तरफ से खेले थे। श्रीलंकाई मूल के क्रिशन कालूगामेज- एक पूर्व ट्रैक-एंड-फील्ड एथलीट। जेजे स्मट्स- दक्षिण अफ्रीका के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी, 2007-08 में दक्षिण अफ्रीका के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में खेले थे। उनके साथ जुड़ा मजेदार फैक्ट ये कि शादी के ज़रिए इटेलियन पासपोर्ट तो मिल गया पर आज तक इटली गए ही नहीं हैं यानि कि जिस देश की टीम के लिए वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं, उस देश में कभी गए ही नहीं। * इटली टी20 इंटरनेशनल स्टैंडिंग में 28वें नंबर पर है। * इस टी20 वर्ल्ड कप में खेल रही 10 टीम अब तक 2026 FIFA वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन इटली उनमें से एक नहीं है। भारत आने से पहले इटली ने सीरीज के तीसरे टी20 इंटरनेशनल में आयरलैंड को हराकर आईसीसी टेस्ट देश के विरुद्ध अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे अब क्रिकेट जगत में हलचल हो रही है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में इटली की टीम, स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, नेपाल और वेस्टइंडीज के साथ ग्रुप C में है। एक जीत भी मिली तो उस दिन इटली में एक नई सुबह होगी। Also Read: LIVE Cricket Score चरनपाल सिंह सोबती
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज साइबर सिटी गुरुग्राम के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक सुधार और खेल प्रोत्साहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीएम सैनी ग्रीवांस कमेटी की बैठक में जनता की समस्याओं का निपटारा करेंगे और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ व खिलाड़ियों का सम्मान करेंगे। मुख्यमंत्री अपने दौरे की शुरुआत जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक से करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष सुनवाई के लिए कुल 17 परिवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा परिवादों पर विभागीय फीडबैक लेकर मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। खेलों के कार्यक्रमइसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर में ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में समर्थम ट्रस्ट फॉर द डिसेबल्ड एवं क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया द्वारा आयोजित इंडसइंड बैंक नागेश ट्रॉफी (8वां संस्करण) राष्ट्रीय पुरुष दृष्टिहीन क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। 38वें राष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं का सम्मान ताऊ देवीलाल खेल स्टेडियम के एथलेटिक ग्राउंड में आयोजित एक समारोह में भी मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। 689 खिलाड़ी एवं कोच सम्मानित होंगे सम्मान समारोह में राष्ट्रीय खेलों के 48 स्वर्ण, 47 रजत एवं 58 कांस्य पदक विजेताओं सहित खेलों में भाग लेने वाले कुल 689 खिलाड़ी एवं कोच सम्मानित किए जाएंगे। इस अवसर पर भारतीय हॉकी में उत्कृष्ट योगदान के लिए हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी सविता पूनिया को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। दोपहर बाद मुख्यमंत्री सीएम कप-2025 का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
पंजाब पुलिस की स्पेशल ब्रांच में एएसआई बलजिंदर सिंह न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, बल्कि 25 साल से बॉक्सिंग के जरिए युवाओं की जिंदगी भी संवार रहे हैं। अब तक बलजिंदर द्वारा प्रशिक्षित 136 से ज्यादा बॉक्सिंग खिलाड़ी सरकारी नौकरी हासिल कर चुके हैं। 48 साल के मुख्य कोच बलजिंदर सिंह ने देश को हजारों बॉक्सिंग खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से कई खिलाड़ी देश-विदेश में स्टूडेंट्स को कोचिंग दे रहे हैं, जबकि कई निजी संस्थानों में बतौर कोच सेवाएं दे रहे हैं। बलजिंदर सिंह बताते हैं कि साल 1991 में जब खालसा कॉलेज सीनियर सेकंडरी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते थे तब हॉकी खेलते थे। 14 साल की उम्र में एक घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। स्कूल ग्राउंड में 2 स्टूडेंट्स आपस में झगड़ रहे थे। उन्हें छुड़ाने के लिए बलजिंदर आगे बढ़े, लेकिन झगड़ा कर रहे छात्रों में से एक, जो बॉक्सिंग सीख रहा था, ने उनके चेहरे पर जोरदार पंच मार दिया। उसी दिन उन्होंने हॉकी छोड़कर बॉक्सिंग को अपना करिअर बनाने का फैसला कर लिया। 1999 में नौकरी मिलने के बाद उनके गुरु जोगिंदर सिंह मान ने बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने के लिए प्रेरित किया। तब से आज तक वह बिना किसी फीस के बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि अच्छे खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छे इंसान भी बन सकें। बलजिंदर सिंह बताते हैं कि आज उनके 35 से ज्यादा स्टूडेंट डॉक्टर, इंजीनियर और प्रिंसिपल बनकर समाज सेवा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ी बनना जरूरी नहीं, लेकिन अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी है। फिलहाल 5 से 25 साल तक के बच्चे उनसे बॉक्सिंग सीख रहे हैं। नियमों के मुताबिक 11 साल से कम उम्र के बच्चों को बॉक्सिंग की अनुमति नहीं है, लेकिन बच्चों के जुनून को देखते हुए वह उन्हें सीखने से मना नहीं करते। खास बात यह है कि बलजिंदर सिंह रोजाना सुबह 6.30 से 8.30 बजे और शाम 4.30 से 6.30 बजे तक खालसा कॉलेज स्कूल में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग की फ्री कोचिंग देते हैं। 4 घंटे की इस मेहनत के बदले वह बच्चों से एक पैसा भी नहीं लेते। इतना ही नहीं, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की मदद के लिए वह कई बार अपनी सैलरी से पैसे खर्च कर जरूरी खेल सामग्री भी खरीद कर देते हैं। उनका मकसद है कि कोई भी होनहार खिलाड़ी सिर्फ पैसों की कमी की वजह से पीछे न रह जाए। वर्तमान में करीब 80 स्टूडेंट्स बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
गुना शहर के संजय स्टेडियम में पिछले सात दिनों से चल रहे हॉकी के महाकुंभ का रविवार को समापन हो गया। 38वीं अखिल भारतीय स्व लाल बहादुर शास्त्री स्मृति स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ ने रेलवे बिलासपुर को कड़े संघर्ष में 1-0 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। आखिरी दो मिनिट में लखनऊ ने गोल कर मैच को अपने पक्ष में किया। प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह के अतिथियों के रूप में पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार रहे। वहीं अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द गुप्ता ने की। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए खिलाड़ियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दी। शुरुआत से ही दोनों टीमों का प्रदर्शन रोमांचक रहा खिताबी भिड़ंत स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ और साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे बिलासपुर के बीच हुआ। शुरुआत से ही दोनों टीमों का प्रदर्शन रोमांचक रहा। खिताबी भिड़ंत इतनी रोमांचक थी कि हाफ टाइम और तीसरे क्वार्टर तक दोनों ही टीमें एक-दूसरे के खिलाफ कोई गोल नहीं कर पाईं। बिलासपुर को पांच और लखनऊ को छह पेनाल्टी कॉर्नर मिले। हालांकि, दोनों में से ही कोई भी टीम इन्हें गोल में परिवर्तित नहीं कर पाई। मैच के अंतिम दो मिनटों में लखनऊ के खिलाड़ी ने शानदार फील्ड गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी। नपाध्यक्ष बोलीं- हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन करते रहेंगे नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे परिवार के मुखिया और गुना के विकास की सोच रखने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का खेलों के प्रति प्रेम और युवा पीढ़ी को खेलों में आगे लाने के उद्देश्य से एस्ट्रोटर्फ लगवाई गई। महाराज साहब (सिंधिया) के आशीर्वाद से एक और बहुउद्देशीय खेल मैदान बन रहा है, जिसमें सभी तरह के खेलों का आयोजन होगा, हम उनके तहे दिल से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि हम आगामी वर्षों में निरंतर हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन करते रहेंगे। हमारे गुना के नवोदित हॉकी खिलाड़ी जिन्होंने अपनी खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक गुना को पहुंचाया, यह हमारे लिए बहुत गौरव की बात है। हम आशा करते हैं कि हमारे गुना की टीम अगली बार फाइनल मुकाबला इसी टर्फ पर खेलेगी। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफीअतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को चमचमाती ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान अतिथियों ने कहा कि गुना की धरती पर हॉकी की यह गूंज आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगी। मैदान पर खिलाड़ियों के खेल कौशल ने हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया।
गुवाहाटी : 'संडे ऑन साइकिल' इवेंट में ओलंपियन और खिलाड़ी हुए शामिल, 'फिट इंडिया मिशन' का किया समर्थन
Fit India Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'फिट इंडिया' की अपील को रविवार को सरूसजाई स्टेडियम परिसर में आयोजित ‘संडेज ऑन साइकिल’ के दौरान जबरदस्त समर्थन मिला। इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध ओलंपियन और मशहूर खिलाड़ी शामिल हुए। कार्यक्रम में दो ओलंपियन, एक पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज, एक प्रसिद्ध भारतीय महिला फुटबॉलर और एक महिला बॉक्सिंग कोच ने हिस्सा लिया। सभी ने यह संदेश दिया कि शारीरिक और मानसिक फिटनेस का कोई विकल्प नहीं है। इस साइक्लिंग इवेंट को असम की खेल मंत्री नंदिता गारलोसा ने हरी झंडी दिखाई, जिसमें लगभग 400 प्रतिभागियों ने एनएच-27 और सरुसजाई स्टेडियम (अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) के आसपास छह किलोमीटर के रास्ते पर साइकिल चलाई। नंदिता गारलोसा ने कहा, पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा पूरे दिल से बढ़ावा दिए गए ऐसे (फिटनेस) इवेंट 2047 तक विकसित भारत के हमारे सपने को पूरा करने के लिए बिल्कुल सही हैं। यह देखकर अच्छा लगा कि असम के युवा रविवार की सुबह आगे आए और साइक्लिंग इवेंट में हिस्सा लिया। ये अच्छे संकेत हैं। रैली की अगुवाई 2012 लंदन ओलंपियन जयंत तालुकदार (तीरंदाजी) और भरत छेत्री (हॉकी) ने की। उनके साथ में पूर्व बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन सरिता देवी, भारतीय महिला फुटबॉल कप्तान आशालता देवी और द्रोणाचार्य बॉक्सिंग कोच संध्या गुरुंग भी थीं। फिट इंडिया ब्रांड एंबेसडर बिभु मोनी सिंघा, निशा कुमारी, दिव्या आहूजा और श्यामंतक गांगुली भी रैली में शामिल हुईं। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। योग और डांस परफॉर्मेंस ने सुबह को फेस्टिव माहौल दिया। आईटीबीपी, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने पार्टिसिपेंट्स का हौसला बढ़ाया। असम के शिवसागर जिले के 32 एथलीटों ने कूडो, एक जापानी मार्शल आर्ट, का एक खास प्रदर्शन भी किया, जिसने सेलिब्रेशन को खास बना दिया। छेत्री, जिन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक्स में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की थी, उन्होंने इस पहल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया में कौन सा प्लेटफॉर्म इस तरह से फिटनेस को बढ़ावा देता है? सरकार हर किसी के घर जाकर उन्हें फिजिकल फिटनेस के लिए बाहर नहीं ला सकती। यह सभी उम्र के लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक शानदार देशव्यापी प्लेटफॉर्म है। अब यह हम पर निर्भर है कि हम हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। सरकार निश्चित रूप से अपना काम कर रही है।” बॉक्सिंग कोच गुरुंग ने कहा, “फिटनेस और सफाई ऐसी आदतें हैं, जो लोग खुद अपनाते हैं। ‘संडेज ऑन साइकिल’ बेहतर जीवन और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का सिर्फ एक जरिया है। यह समाज की भलाई के लिए कई अन्य प्रोजेक्ट्स की तरह एक देशव्यापी अभियान है।” छेत्री, जिन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक्स में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की थी, उन्होंने इस पहल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया में कौन सा प्लेटफॉर्म इस तरह से फिटनेस को बढ़ावा देता है? सरकार हर किसी के घर जाकर उन्हें फिजिकल फिटनेस के लिए बाहर नहीं ला सकती। यह सभी उम्र के लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक शानदार देशव्यापी प्लेटफॉर्म है। अब यह हम पर निर्भर है कि हम हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। सरकार निश्चित रूप से अपना काम कर रही है।” Also Read: LIVE Cricket Score आशा लता ने कहा, यह देखकर अच्छा लगा कि इतने सारे युवा रविवार को समय निकालकर साइकिल चलाने आए। कम से कम माता-पिता यह समझ रहे हैं कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए ट्यूशन के अलावा भी जिंदगी है। Article Source: IANS
बिलासपुर और लखनऊ के बीच हॉकी का फाइनल आज:पहला सेमीफाइनल शूटआउट तक खिंचा, दूसरे में गुना 4-1 से हारी
गुना नगरपालिका द्वारा आयोजित 38वीं स्व लाल बहादुर शास्त्री स्मृति हॉकी टूर्नामेंट का फाइनल मैच आज बिलासपुर रेलवे और लखनऊ के बीच खेला जाएगा। इससे पहले शनिवार को दूसरा सेमीफाइनल गुना और बिलासपुर रेलवे के बीच खेला गया। गुना की टीम के जीतने पर लगभग डेढ़ लाख के इनाम की घोषणा की गई थी। हालांकि, गुना की टीम 4- 1 से मैच हार गई। शहर के संजय स्टेडियम में खेली जा रही 38वीं अखिल भारतीय स्व लाल बहादुर शास्त्री स्मृति स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गई है। शनिवार को खेले गए कड़े और रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ और रेलवे बिलासपुर ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। मेजबान गुना की टीम दूसरे सेमीफाइनल में रेलवे बिलासपुर से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई, जिससे स्थानीय समर्थकों में मायूसी छा गई। शूटआउट तक खिंचा पहला सेमीफाइनल, लखनऊ जीता दिन का पहला सेमीफाइनल मुकाबला स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ और हॉकी हॉस्टल बिलासपुर के बीच खेला गया। यह मैच उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। खेल के शुरुआती दौर में लखनऊ ने 2-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन बिलासपुर ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर को 3-3 की बराबरी पर ला खड़ा किया। निर्धारित समय तक मैच बराबरी पर रहने के बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। दबाव भरे क्षणों में लखनऊ ने 3 गोल दागे, जबकि बिलासपुर की टीम केवल 2 गोल ही कर सकी। इस तरह रोमांचक जीत के साथ लखनऊ फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। बिलासपुर रेलवे ने मेजबान गुना का सपना तोड़ा प्रतियोगिता का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला मेजबान नपा गुना और रेलवे बिलासपुर के बीच हुआ। बिलासपुर की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पेनल्टी कॉर्नर व फील्ड गोल की मदद से 4-0 की मजबूत बढ़त बना ली। गुना की टीम को मैच के दौरान कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम उन्हें गोल में तब्दील करने में असफल रही। खेल के उत्तरार्ध में गुना ने एक गोल दागकर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन बिलासपुर के मजबूत रक्षापंक्ति को भेदना मुश्किल रहा। अंतत: बिलासपुर रेलवे ने 4-1 से मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। गुना तीन के जीतने पर अलग अलग नेताओं ने लगभग डेढ़ लाख रूपये इनाम की घोषणा की थी। हालांकि, गुना की टीम को हार का सामना करना पड़ा। भव्य समापन आज रविवार 8 फरवरी को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का समापन समारोह और फाइनल मुकाबला आयोजित किया जाएगा। खिताबी जंग के लिए स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ और रेलवे बिलासपुर की टीमें संजय स्टेडियम के मैदान पर दोपहर 2 बजे से आमने-सामने होंगी। शनिवार को हुए कड़ेे सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद इन दोनों ही दिग्गज टीमों ने फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की है, जिससे कल एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है। प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह रविवार दोपहर 2:15 बजे से भव्य स्तर पर संपन्न होगा। इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा होंगे।
झारासं असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित 339 पदाधिकारी का दो सप्ताह का प्रशिक्षण संपन्न
चरही | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित चार दिवसीय कोल इंडिया इंटर कंपनी हॉकी टूर्नामेंट में सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। कोल इंडिया की सभी आठ कंपनियों की टीमों के बीच खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सीसीएल हेडक्वार्टर, रांची की टीम ने लगातार जीत दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अब आज दोपहर 2 बजे से खिताबी मुकाबला एसईसीएल और सीसीएल के बीच खेला जाएगा। हजारीबाग एरिया से चयनित खेल मैनेजर त्रिवेणी महतो और कोच बिलिन तिर्की के नेतृत्व में 16 सदस्यीय सीसीएल टीम बिलासपुर पहुंची है। टीम में हजारीबाग के नौ खिलाड़ियों के साथ सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं, जो पूरे टूर्नामेंट में शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सीसीएल ने एमसीएल को कड़े संघर्ष में 4–2 से पराजित कर फाइनल का टिकट कटाया। इस मैच में सीसीएल के स्टार खिलाड़ी टूरा मांझी ने एक बार फिर उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। उनके तेज आक्रमण और सटीक फिनिश ने मैच की दिशा तय कर दी। भास्कर न्यूज | हजारीबाग झारखंड राज्य संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में चयनित 339 पदाधिकारियों का दो सप्ताह का कंबाइंड फाउंडेशन ट्रेंनिंग संपन्न हो गया। इसके लिए झारखण्ड पुलिस अकादमी, हजारीबाग के सभागार में समापन समारोह आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 339 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को नए आपराधिक कानून, भीड़ नियंत्रण, मेंटेनेंस ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर, ह्विप सिक्योरिटी ,हेल्थ मैनेजमेंट, साइबर क्राइम, डिजास्टर मैनेजमेंट रेवेन्यू लो नारकोटिक्स और एनडीपीएस एक्ट, फिजिकल ट्रेनिंग, आर्म्स ट्रेनिंग, मोटर ड्राइविंग, हॉर्स राइडिंग और योगा आदि का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार टोप्पो, सचिव, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार व राजभाषा विभाग, झारखण्ड ने अपने संबोधन में प्रशिक्षुओं का अनुशासन पूर्ण जीवनशैली अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अकादमी में दिया जा रहा प्रशिक्षण केवल सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने की सीख भी देता है। शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए नियमित पठन पाठन को आवश्य बताया। कह की पुस्तकों को पढ़ने से आत्मिक विकास होता है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को आत्म विकास के पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी। अखिलेश कुमार झा, निदेशक, झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग ने ऑन लाईन के माध्यम से अपने संबोधन में प्रशिक्षण को आयोजित करने में सहयोग हेतु कार्मिक सचिव को आभार व्यक्त किया तथा बहुत कम अवधि में तैयारी कर प्रशिक्षण को सफल बनाने में इस संस्थान के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को धन्यवाद दिया। प्रशिक्षु पदाधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। अजीत पीटर डुंगडुंग संयुक्त निदेशक, झारखण्ड पुलिस अकादमी हजारीबाग ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार राज्य स्तर के सभी सेवा के पदाधिकारियों का एक साथ संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सभी सेवा के पदाधिकारियों का आपस में समन्वय स्थापित करना है। समापन समारोह में संयुक्त निदेशक मंजरूल होदा, वरीय उप-निदेशक, विजय रंजन कुमार, सहायक निदेशक (अंतः), बसन्त कुमार, मुख्य विधि अनुदेशक, परिचारी प्रवर विकास कुमार सिंह, परिचारी प्रवर दीपक कुमार प्रसाद, पुलिस अवर निदेशक द्वारिका नाथ ठाकुर, अतिथि व्याख्याता व इस संस्थान के सभी पदाधिकारी, अंतः एवं वाह्य अनुदेशक उपस्थित थे। मौके पर उपस्थित प्रशिक्षु।
13 से ग्रामीण मिनी ओलिंपिक जरखड़, 15 को प्रतिष्ठित शख्सयित होंगी सम्मानित
भास्कर न्यूज|लुधियाना माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट गांव जरखड़ की तरफ से प्रतिवर्ष आयोजित जीएसटी ट्रक परमिट, एवन साइकिल, 38वीं आधुनिक ग्रामीण मिनी ओलिंपिक जरखड़ खेल 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे सात प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का विशेष सम्मान किया जाएगा। इनमें पंजाब के पूर्व डीजीपी एवं खेल प्रचारक चंद्रशेखर को ‘खेल प्रचारक अमरजीत ग्रेवाल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। पद्मश्री बलदेव सिंह को ‘भगत पूरण सिंह अवॉर्ड’ प्रदान किया जाएगा। प्रभदीप सिंह नाथोवाल उप निदेशक, सूचना एवं जन संपर्क विभाग को ‘पंजाब का मान अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। सिमरनजीत कौर गिल, प्रो वाइस चांसलर, सीटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना को ‘पंजाब की बेटियों का मान अवॉर्ड’ प्रदान किया जाएगा। दविंदरपाल सिंह चंडीगढ़ को सम्मानित किया जाएगा। साइकिलिस्ट हर्षवीर सिंह सेखों को ‘ओलिंपियन सुरजीत सिंह रंधावा अवॉर्ड’ दिया जाएगा। वेटरन हॉकी खिलाड़ी करमजीत सिंह ग्रेवाल (यूएसए) को ‘ओलिंपियन प्रिथीपाल सिंह अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय शुक्रवार को जरखड़ खेल ट्रस्ट की बैठक में लिया गया। जरखड़ खेल स्टेडियम में हुई बैठक के बाद चेयरमैन नरिंदर पाल सिंह सिद्धू पूर्व एआईजी और मुख्य आयोजक जगरूप सिंह जरखड़ ने बताया कि इन खेलों की मुख्य आकर्षण महिंदर प्रताप सिंह ग्रेवाल हॉकी गोल्ड कप और नायब सिंह ग्रेवाल जोधा कबड्डी कप होंगे। प्रतियोगिताओं में लड़के और लड़कियों की हॉकी, अंडर-17 लड़कों की हॉकी, ओपन कबड्डी, 50 से अधिक वर्ष के वरिष्ठों की कबड्डी धर्मा सिंह जरखड़ कबड्डी कप, अमरजीत ग्रेवाल की स्मृति में कबड्डी, फुटबॉल (60 किलो लड़के और अंडर-19 लड़कियां), बाबा सुरजन सिंह सरींह की स्मृति में सीनियर वर्ग की रस्साकशी प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए विभिन्न कार्यक्रम जैसे दौड़, प्राइमरी स्तर की कबड्डी, रस्साकशी आदि शामिल होंगी। प्रधान एडवोकेट हरकमल सिंह और मनमोहन ग्रेवाल मोहना जोधा ने बताया कि जरखड़ खेलों का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह भव्य होगा। जिसमें ड्रैगन एकेडमी के बच्चों की तरफ से सांस्कृतिक गीत और कोरियोग्राफी, लोक गायक जसवंत संदीला की तरफ से जरखड़ खेलों पर विशेष गीत तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी।
राजनांदगांव में बास्केटबॉल लीग शुरू:25 टीमें लेंगी हिस्सा, 8 फरवरी तक चलेगी प्रतियोगिता
राजनांदगांव के रेवाडिह वार्ड में 'राजनांदगांव बास्केटबॉल लीग' का शुभारंभ किया गया। सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी ने डी.पी.एस. और युगांतर स्कूल के सहयोग से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया है। यह लीग 6 फरवरी से शुरू होकर 8 फरवरी तक चलेगी। प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व पार्षद मुकेश ध्रुव और भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री उज्जवल कसेर की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र राजनांदगांव के प्रभारी के.सी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि लीग में 8, 10, 12 और 16 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की कुल 25 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव पूरे देश में बास्केटबॉल की नर्सरी के रूप में प्रसिद्ध है। इस लीग का उद्देश्य खेल को जमीनी स्तर पर लोकप्रिय बनाना है, ताकि यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उज्जवल कसेर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राजनांदगांव में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम और सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं इसका प्रमाण हैं। उन्होंने राजेश्वर राव और राधा राव के प्रयासों की सराहना की, जिनके कारण रेवाडिह वार्ड बास्केटबॉल के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वार्ड में जल्द ही मिनी स्टेडियम के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद संतोष पांडे के माध्यम से खेल सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए इंडोर हॉल का प्रस्ताव भी शासन और 'खेलो इंडिया' को भेजा जाएगा।
छत्रसाल स्टेडियम हिंसा से जुड़े सोनीपत के सागर धनखड़ हत्याकांड में दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हत्या, साजिश और हथियारों से दंगे जैसे गंभीर आरोपों में जेल में बंद सुशील कुमार को फिलहाल राहत नहीं मिली है। सागर धनखड़ के चाचा नरेंद्र सिंह ने बताया कि तारीख 31 दिसंबर को वर्चुअल माध्यम से सुनवाई होनी थी, लेकिन पिछली बार सुनवाई नहीं हुई थी और अगली तारीख 6 फरवरी निर्धारित की गई थी और उसी के तहत आज सुनवाई हुई थी। जिसे लेकर सुशील ने जमानत की अर्जी लगाई थी। वहीं पीड़ित परिवार ने सुशील कुमार की फांसी की मांग की है। दिल्ली कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज की दिल्ली रोहिणी की कोर्ट ने सागर धनखड़ हत्याकांड में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और आरोपों को देखते हुए यह फैसला सुनाया, जिससे सुशील कुमार को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। 2021 में हुआ था हमला सुशील कुमार पर आरोप है कि उसने 2021 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में सागर धनखड़ और उसके दो दोस्तों पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें सागर की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि यह हमला युवा पहलवानों में वर्चस्व और प्रॉपर्टी विवाद के कारण हुआ था। ब्लंट ऑब्जेक्ट से लगी चोट से हुई सागर की मौत परिजनों के मुताबिक, सागर धनखड़ को सिर पर किसी भारी और कुंद हथियार से चोट लगी थी, जिससे उसे गंभीर मस्तिष्क क्षति (सेरेब्रल डैमेज) हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि उसके दो दोस्तों को भी इस हमले में चोटें आई थीं। अपहरण कर स्टेडियम लाकर किया गया हमला ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार सागर धनखड़ का पहले अपहरण किया गया और फिर उसे छत्रसाल स्टेडियम लाया गया, जहां कई आरोपियों ने मिलकर उस पर बेसबॉल और हॉकी स्टिक से हमला किया। कोर्ट ने इस तथ्य को भी गंभीर माना। सर्जरी के लिए भी मिली थी अंतरिम जमानत जुलाई 2023 में सर्जरी के लिए भी सुशील को 7 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। रोहिणी कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस दौरान उसके साथ 24 घंटे 2 सुरक्षाकर्मी रहेंगे। यह जमानत 23 जुलाई से 30 जुलाई तक के लिए थी, जिसके लिए सुशील कुमार को 1 लाख का निजी बॉन्ड भी भरना पड़ा था। मामले में ट्रायल जारी फिलहाल सागर धनखड़ हत्याकांड में ट्रायल जारी है और सुशील कुमार न्यायिक हिरासत में हैं। जमानत खारिज होने के बावजूद उनके वकीलों की ओर से आगे कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा सकता। वहीं सागर धनखड़ के माता-पिता ने बताया कि उनके परिवार को लगातार प्रेशर और दबाव बनाया है। हर तारीख पर परिवार को खतरा रहता है। वहीं आज कोर्ट से जमानत न मिलने को लेकर सागर के परिवार ने कहा है कि कोर्ट की तरफ से जल्द से जल्द सुशील कुमार के खिलाफ कठोर निर्णय सामने आना चाहिए और सुशील कुमार को फांसी की सजा होनी चाहिए।
पाली में 6 गाड़ियों में आए बदमाशों ने टोल कर्मियों से मारपीट की। टोल बूथ पर तोड़फोड़ की और कलेक्शन राशि उठा ले गए। बदमाशों ने टोल बूथ पर लगा बैरियर तोड़ दिया, केबिन में जमकर तोड़फोड़ की। मामला स्टेट हाईवे-62 पर स्थित आमलिया टोल नाके पर गुरुवार शाम करीब 6ः27 बजे का है। घटना को लेकर टोल मैनेजर राहुल सामोता ने नाना पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। पहले बैरियर तोड़ा, फिर मचाया उत्पातटोल मैनेजर राहुल सामोता ने बताया- गुरुवार शाम को आमलिया गांव की ओर से सफेद रंग की कैंपर गाड़ी आई। उसने सबसे पहले बैरियर तोड़ा। टोल स्टाफ ने उसका विरोध किया तो ड्राइवर नीचे उतरा और कर्मचारी पिंटूसिंह के सिर पर प्लास्टिक की कुर्सी से वार किया। 6 गाड़ियों में आए थे बदमाशइसी दौरान पीछे से दो थार, एक स्विफ्ट कार, एक फोर्ड फिगो और अन्य गाड़ी आई। सभी में बदमाश सवार थे। इन गाड़ियों में सवार युवक लाठियां, हॉकी स्टिक और सरिए लेकर उतरे। हथियारों से लैस युवकों को देखकर टोल स्टाफ में दहशत फैल गई और कुछ कर्मचारी जान बचाकर भाग गए। तोड़फोड़ कर कैश कलेक्शन भी ले गएहमलावरों ने टोल के सर्वर रूम में घुसकर तोड़फोड़ की। सर्वर ऑफिस में छिपे मैनेजर राहुल सामोता के साथ भी मारपीट की गई। बदमाशों ने मॉनिटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए। आरोप है कि हमलावर टोल का नकद कलेक्शन भी लूटकर ले गए। बीच-बचाव करने आए बाबूलाल और कार्तिक को भी लाठियों से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। राहगीर को भी चपेट में लियाहमलावरों ने टोल परिसर में खड़ी एक बाइक को कैंपर से टक्कर मारी और एक थार गाड़ी बाइक पर चढ़ा दी। इस दौरान पैदल गुजर रहे केसरसिंह भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद हमलावर टोल परिसर में तेज रफ्तार से वाहन घुमाते हुए दहशत फैलाते रहे और फिर नाना की ओर फरार हो गए। इस हमले में राहुल सामोता, बाबूलाल, कार्तिक और केसरसिंह घायल हुए थे। जिनका सिरोही और नाना अस्पताल में इलाज किया गया। टोल स्टाफ से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान यशपाल रावल (भंदर निवासी), भरत रावल (पिंडवाड़ा निवासी), कुलदीप सिंह राणावत (आसावा निवासी), कैलाश सिंह और 3-4 अन्य युवकों के रूप में की है। नाना थाना के एएसआई राजेन्द्र सिंह ने बताया- देर रात मामला दर्ज कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही हैं। बदमाशों की तलाश भी जारी है। फिलहाल, हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
एकेडमी ट्रायल : एथलीट्स ने दिखाया स्किल टेस्ट में दमखम
जयपुर | सवाई मानसिंह स्टेडियम पर स्पोर्ट्स काउंसिल की एकेडमियों के लिए चयन ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को एथलेटिक्स ट्रैक पर एथलीट्स और पैरा एथलीट्स ने स्किल टेस्ट में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। चयन समिति के सदस्यों ने प्रत्येक इवेंट पर बारीकी से नज़र रखी। स्पोर्ट्स काउंसिल सचिव नीतू बारूपाल ने बताया कि चयन ट्रायल के तीसरे दिन विभिन्न तीरंदाजी अकादमियों से 47 तीरंदाजों का रजिस्ट्रेशन और मेडिकल टेस्ट सफलतापूर्वक हुआ। इसके बाद बैटरी टेस्ट भी लिया गया। शुक्रवार को विभिन्न हॉकी और कबड्डी अकादमियों के खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन और मेडिकल टेस्ट होगा। इसके साथ ही तीरंदाजों का स्किल टेस्ट भी आयोजित किया जाएगा।
नपा हॉकी टीम ने 3 मैच जीतने पर नपा अध्यक्ष के पास पहुंची, जताया आभार
भास्कर संवाददाता| गुना नगर पालिका गुना की हॉकी टीम द्वारा लगातार तीसरी विजय प्राप्त होने पर नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता के घर पहुंच कर आशीर्वाद लिया एवं उनके पति अरविंद गुप्ता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। नगर पालिका हॉकी टीम ने घर पहुंच कर नपा अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता एवं उनके पति का का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपने लाल बहादुर शास्त्री कप टूर्नामेंट आयोजित कर गुना की टीम का मान रखा है, जिन्हें अपनी प्रतिभा को सबके समक्ष दिखाने का अवसर मिला है। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा प्रातः घोषणा की गई थी की टीम के सभी सदस्यों को ट्रैक सूट प्रदान करेंगे, इसके अलावा आज उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जीतने पर पूरी टीम को डिनर के लिए आमंत्रित किया है। यदि गुना टीम सेमी फाइनल जीतती है तो पूरी टीम को के प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक हॉकी दिलाने का आश्वासन दिया है। पूर्व पार्षद और अध्यक्ष पति अरविंद गुप्ता ने नगर पालिका टीम को जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।
बिस्टान रोड पर सड़क हादसे में युवक की मौत
खरगोन | बिस्टान रोड पर भोंगा नाले के पास मंगलवार रात हुए सड़क हादसे में 18 वर्षीय नूतन नगर निवासी युवक की मौत हो गई। जिला अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार हर्ष पिता मनोज बावीसकर को परिजन रात 10 बजे जिला अस्पताल मृत अवस्था में लेकर पहुंचे थे। बुधवार सुबह शव का पोस्ट मार्टम हुआ। हर्ष कक्षा 12वीं का विद्यार्थी था। साथ ही वह शानदार हॉकी खिलाड़ी भी था। हर्ष बाविसकर
स्टेट बास्केटबॉल: पुरुष वर्ग में फॉरेस्ट और महिला वर्ग में रेलवे टीम विजेता
भास्कर न्यूज | जांजगीर स्व. विनोद नेमी जी की स्मृति में आयोजित राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का समापन हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन खेले गए फाइनल मुकाबलों में पुरुष वर्ग में फॉरेस्ट टीम तथा महिला वर्ग में एसईसीआर रेलवे टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता ने न केवल खेल कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और स्मृतियों को जीवंत रखने का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 9 पुरुष एवं 8 महिला टीमों ने भाग लिया। कई दिनों तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जबरदस्त उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक खेल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला फॉरेस्ट और भिलाई टीम के बीच खेला गया। मुकाबला शुरू से ही बेहद रोचक रहा। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन फॉरेस्ट टीम ने बेहतर तालमेल, तेज पासिंग और सटीक शूटिंग के दम पर बढ़त बनाए रखी। अंततः फॉरेस्ट टीम ने भिलाई को 74-63 अंकों से पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में 11,000 रुपए व ट्रॉफी और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 7,100 रुपए व ट्रॉफी प्रदान की गई। बेस्ट खिलाड़ी ट्रॉफी चंद्रशेखर निर्मलकर व संदीप सिंह की स्मृति में प्रदान की गई, जबकि तृतीय पुरस्कार शशिभूषण सिंह की स्मृति में प्रदान किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक व्यास कश्यप रहे। उनके साथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, दिनेश शर्मा, अमर सुल्तानिया, मनोज पाण्डेय, जिला हॉकी संघ अध्यक्ष गोपेश्वर कहरा, पार्षद अरमान खान, अजीत गढ़वाल, डॉ. लोकेंद्र कश्यप, जितेंद्र तिवारी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। स्पर्धा में शामिल खिलाड़ियों के साथ अतिथि। राजनांदगांव रहा उपविजेता महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में एसईसीआर रेलवे और राजनांदगांव की टीम आमने-सामने थीं। मुकाबले में रेलवे टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। अनुशासित खेल, मजबूत डिफेंस और तेज आक्रमण के चलते रेलवे टीम ने राजनांदगांव को 55-35 अंकों से हराकर महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया। रेलवे टीम की एकजुटता और रणनीति ने उन्हें प्रतियोगिता की सबसे सशक्त टीम साबित किया।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

