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वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने कराया फोटोशूट:टेनिस की ‘शेरनी’ का ग्लैमरस अवतार, कहा- खिलाड़ी न होती तो मॉडल बनती

टेनिस कोर्ट पर अपनी चीखों और विरोधी को चीरते बेसलाइन शॉट्स के लिए मशहूर वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका इन दिनों एक अलग ही अवतार में नजर आ रही हैं। हाल ही में ‘एस्क्वायर’ मैगजीन की कवर स्टार बनीं बेलारूस की सबालेंका ने बेहद ग्लैमरस फोटोशूट कराया है। नीले रंग के विशालकाय फर कोट और हाई हील्स में उनकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। इस दौरान दिए इंटरव्यू में 27 साल की सबालेंका ने खुद को दोहरी शख्सियत वाली इंसान बताया। उन्होंने कहा, ‘कोर्ट पर मैं बहुत आक्रामक और भावुक होती हूं। यह मेरे खेल की जरूरत है, लेकिन कोर्ट से बाहर मैं बिल्कुल अलग इंसान हूं, जो शांत है, जिसे गले मिलना पसंद है और जो शांति की तलाश में है।’ जब उनसे पूछा गया कि अगर वह टेनिस खिलाड़ी नहीं होतीं तो क्या करतीं? इस पर सबालेंका कहा, ‘शायद बॉक्सिंग या फिर मॉडलिंग। शायद प्लस-साइज मॉडल! मैं उसमें बहुत अच्छी होती। मुझे अपनी आक्रामकता निकालने के लिए जीवन के अंत तक कुछ न कुछ ऐसा करना होगा जिसमें बहुत ऊर्जा लगे।’ फाइटिंग स्पिरिट पिता की देन सबालेंका की इस फाइटिंग स्पिरिट के पीछे पिता सर्गेई का हाथ है, जो खुद एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी थे। साल 2019 में मात्र 43 साल की उम्र में मेनिन्जाइटिस के कारण उनका अचानक निधन हो गया था। सबालेंका ने कहा, ‘मेरे पिता ने मुझे सिखाया कि चाहे कुछ भी हो जाए, मजबूत रहना है, सकारात्मक रहना है और जीवन में मस्ती करना नहीं छोड़ना है। जब मैंने उन्हें खोया, तब टेनिस ने ही मुझे बचाया। अगर टेनिस नहीं होता, तो पता नहीं आज मैं कहां होती।’ रोना-भावनाओं को बाहर निकालना जरूरी सबालेंका के अनुसार, दुख से उबरने का सबसे अच्छा तरीका है खुद को काम में झोंक देना, लेकिन साथ ही रोना और अपनी भावनाओं को बाहर निकालना भी जरूरी है। इंटरव्यू में सबालेंका ने 2022 के उस दौर का भी जिक्र किया, जब वे सर्विस करना भूल गई ​थी। उन्होंने इसे एक बुरा सपना बताया। उन्होंने कहा, ‘कल्पना कीजिए, आप जीवन भर एक ही काम कर रहे हैं और अचानक एक दिन आप गेंद को सही से फेंक भी नहीं पा रहे। वह समय इतना कठिन था कि मैं हार मानने वाली थी। लेकिन उस दौर ने मुझे इतना मजबूत बनाया कि अब मुझे भरोसा है कि अगर मेरी सर्विस खराब भी हो जाए, तब भी मैं मैच जीत सकती हूं।’

दैनिक भास्कर 19 Apr 2026 2:24 pm

पूर्व क्रिकेटर बोला- पंजाब में इन्वेस्टमेंट करना अपराध जैसा:जमीन की रजिस्ट्री को तहसीलदार समेत 28 लोगों को रिश्वत देनी पड़ी; सोशल मीडिया एकांउट सस्पेंड

पंजाब में जमीनों के रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन होते हैं। सरकार का दावा है कि रजिस्ट्री ऑनलाइन अपलोड की जाती है और वेरिफिकेशन के बाद खरीदार किसी सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवा सकता है। सरकार के इस दावे की पोल पुलकित नाम के एक पूर्व क्रिकेटर ने खोली है। पुलकित ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट (X) पर लिखा कि पंजाब में एक जमीन खरीदी और उसकी रजिस्ट्री करवाई। रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसीलदार समेत 28 लोगों को रिश्वत देनी पड़ी। पोस्ट के आखिर में उसने शेमफुल लिखा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि पंजाब में उन्होंने कहां और कब जमीन खरीदी। पुलकित शर्मा ने पोस्ट में सुखबीर बादल, हरसिमरत बादल, आम आदमी पार्टी (AAP) और सीएम भगवंत मान को टैग किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर बादल ने पुलकित शर्मा की पोस्ट को रीट्वीट भी किया और सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। पुलकित की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने शेयर किया है। जब पोस्ट वायरल होने लगी तो 18 अप्रैल को पुलकित शर्मा का X एकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। पुलकित ने जिस अकाउंट से पोस्ट की थी, वह ब्लूटिक एकाउंट था। हालांकि, अभी इस पर सरकार की ओर से कोई रिएक्शन नहीं दिया गया है। वकील ने कहा चूक हुई तो फाइल अटक जाएगी पुलकित शर्मा ने पंजाब के सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में चले नेक्सेस का पर्दाफाश किया है। उनका कहना है कि वकील ने रजिस्ट्री करवाने से पहले ही कह दिया था कि यहां अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग रेट हैं। सभी को देना पड़ेगा। अगर न दें तो वे फाइल अटका देंगे और आपकी रजिस्ट्री लेट होती जाएगी। फिर उन्हें सभी के हिस्से की रिश्वत तय फीस के साथ देनी पड़ी। पुलकित शर्मा ने खुद को बताया फॉर्मर नेशनल क्रिकेटर पुलकित शर्मा का X पर @Pulkits77 के नाम से एकाउंट था। एकाउंट की प्रोफाइल में उन्होंने खुद को फॉर्मर नेशनल क्रिक्रेटर लिखा। इनलाइन हॉकी के स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट के अलावा खुद को विदेशी यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट बताया था। इसके अलावा उन्होंने खुद को फिटनेस, आईआर एंड टेक एक्सपर्ट लिखा है। पुलकित शर्मा कहां से क्रिकेट खेलते रहे, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलकित ने ये 2 बातें लिखीं… सुखबीर बादल ने रीट्वीट किया अकाली दल के नेता वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया पर पुलकित का पोस्ट रीट्वीट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा- मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके भ्रष्ट सहयोगियों पर लानत है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पुलकित शर्मा को भी पंजाब में एक साफ-सुथरी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए तहसीलदार और 28 अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने लिखा- AAP के मंच पर किए जाने वाले ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के ड्रामे अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। तय रेट, जानबूझकर देरी, फाइलों को जानबूझकर अटकाना, यही AAP का असली काम करने का तरीका है। यह गहराई तक फैली लूट निवेशकों को दूर भगा रही है और पंजाब के भविष्य को बर्बाद कर रही है। इसे तुरंत ठीक करें, वरना अपनी विफलता स्वीकार करें और इस्तीफा दें। पंजाब में रजिस्ट्री करवाने की यह प्रकिया पंजाब में जमीन खरीदने वाले को रेवेन्यू डिपार्टमेंट के पोर्टल पर पुरानी रजिस्ट्री, फर्द, बेचने वाले का आधार कार्ड, खरीदने वाले का आधार कार्ड, दो गवाहों के आधार कार्ड अपलोड करने होते हैं। इसके साथ एनआरसी भी अपलोड करनी होती है। दस्तावेज अपलोड होने के बाद सब-रजिस्ट्रार यानी तहसीलदार या नायब तहसीलदार के पास जाते हैं। वे दस्तावेजों की जांच करते हैं। अगर दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो वह अप्रूवल दे देते हैं। उसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले को मैसेज जाता है। रजिस्ट्री करवाने वाला फिर अपॉइंटमेंट लेकर किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवाकर रजिस्ट्री करवा सकता है। अगर तहसीलदार या नायब तहसीलदार दस्तावेजों पर ऑब्जेक्शन लगाता है तो उस ऑब्जेक्शन को दूर कर पूरी प्रक्रिया दोबारा अपनानी पड़ती है।

दैनिक भास्कर 19 Apr 2026 5:20 am

खिलाड़ी तरस रहे, विभाग सो रहा: लावारिस पड़ी एस्ट्रोटर्फ पर मौसम की मार

भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के ओलंपियन पृथीपाल सिंह हॉकी स्टेडियम में जुलाई 2025 में जब नई एस्ट्रोटर्फ बिछाई गई। पुराने टर्फ को निकालकर फेंकने के बजाय उसे अन्य मैदानों में शिफ्ट किया जाना था, ताकि वहां के उभरते सितारों को भी आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिल सके। लेकिन हकीकत की जमीन उम्मीदों से कोसों दूर है। दस महीने बीत जाने के बाद भी यह टर्फ स्टेडियम के पीछे लावारिस हालत में पड़ा मौसम की मार झेल रहा है। लेकिन खेल विभाग की तरफ से शिफ्टिंग नहीं किया गया। क्या कहता है खेल विभाग? जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग के मुताबिक, शिफ्टिंग की योजना पर काम चल रहा है। दिल्ली की एक विशेष टीम ने 16 अप्रैल को साइट का निरीक्षण भी किया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसे मुंडिया गाँव, मालवा कॉलेज और दो अन्य जिलों में भेजा जाएगा। जुलाई 2024 में जब पीएयू स्टेडियम में नई टर्फ बिछाई गई, तो खेल प्रेमियों में खुशी थी कि पुरानी टर्फ को मालवा कॉलेज और मुंडिया गांव जैसे इलाकों में शिफ्ट किया जाएगा। मकसद था-गांव के उभरते सितारों को भी आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिले। लेकिन हकीकत यह है कि 10 महीने बीत जाने के बाद भी एक इंच टर्फ भी यहाँ से नहीं हिली। अब डर है कि अगर जल्द इसे नहीं संभाला गया, तो यह पूरी तरह गलकर बेकार हो जाएगी। अपग्रेडेशन: 2011-12 में इसे ओलंपिक स्तर की सुविधाओं से लैस किया गया था। {सुविधाएं: फ्लडलाइट्स और हाई-क्वालिटी टर्फ के कारण यहाँ रात में भी बड़े टूर्नामेंट होते थे। {ट्रेनिंग: आज भी यहाँ 100 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से पसीना बहा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के विस्तार की कमी उन्हें खल रही है। ^टर्फ को तुरंत शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसे टुकड़ों में निकालकर 'सिक्स-ए-साइड' मैदानों में इस्तेमाल किया जा सकता है। लुधियाना में कई जगह फ्लोर तैयार है, बस टर्फ की कमी है। अगर इसे समय पर नहीं लगाया गया, तो यह रखे-रखे मिट्टी हो जाएगी।- हरदीप ग्रेवाल, प्रेसिडेंट, लुधियाना हॉकी

दैनिक भास्कर 18 Apr 2026 5:30 am

मंदसौर की शालिनी का इंडिया कैंप में चयन:सब जूनियर एशिया कप की तैयारी करेंगी; राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला मौका

मंदसौर जिले की हॉकी खिलाड़ी शालिनी सिंह का चयन सब जूनियर एशिया कप की तैयारी के लिए आयोजित इंडिया कैंप में हुआ है। शालिनी आगामी 7 मई को इस कैंप में शामिल होंगी। जिला खेल अधिकारी विजेंद्र देवड़ा ने बताया कि हाल ही में झारखंड में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश की टीम ने रजत पदक जीता था, जिसमें शालिनी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं ने उन्हें इस कैंप के लिए चुना है। शालिनी की इस उपलब्धि पर जिले के खेल विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा खुशी व्यक्त की जा रही है। 5वीं कक्षा से शुरू किया था खेलना, ग्वालियर अकादमी में हैं चयनित शालिनी सिंह ने कक्षा 5वीं से हॉकी खेलना शुरू किया था। वह मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित हॉकी फीडर सेंटर और केंद्र सरकार के खेलो इंडिया सेंटर मंदसौर की नियमित खिलाड़ी रही हैं। इन केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनके इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन मध्य प्रदेश शासन की हॉकी अकादमी, ग्वालियर में हुआ था। अपनी लगन और प्रतिभा के दम पर उन्होंने लगातार यह प्रगति की है। पिता स्वयं रहे हैं अच्छे खिलाड़ी, उन्हीं से मिली प्रेरणा शालिनी को हॉकी खेलने की प्रेरणा उनके पिता किशोर सिंह से मिली है। उनके पिता किशोर सिंह स्वयं भी एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। पिता से मिली इसी प्रेरणा और मार्गदर्शन के चलते शालिनी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और अब इंडिया कैंप में शामिल होने जा रही हैं।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 9:21 am

झारखंड के 11 हॉकी खिलाड़ी भारतीय कैंप में

जापान के काकामीगाहारा में 29 मई से 6 जून तक होने वाले अंडर-18 एशिया कप के लिए झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं ने एक बार फिर दम दिखाया है। भारतीय सब-जूनियर महिला और पुरुष टीम के नेशनल कोचिंग कैंप के लिए राज्य के 11 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें 8 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। यह कैंप 19 से 25 अप्रैल तक भोपाल स्थित साई सेंटर में चलेगा। महिला टीम में सुगन सांगा, संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, अंकिता लकड़ा, श्रुति कुमारी, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और प्रीति बिलुंग शामिल हैं। जबकि पुरुष टीम में आशीष तानी पूर्ति, प्रेमचंद सोय और जयसन कांडूलना ने जगह बनाई है।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

भूमिका खेलो इंडिया अस्मिता महिला हॉकी लीग में टेक्निकल ऑफिशियल

जिले के मावली ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) सांगवा की शारीरिक शिक्षिका भूमिका वसीटा को राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने उन्हें ‘खेलो इंडिया’ की 5वीं अस्मिता जूनियर और 4थी सब जूनियर महिला हॉकी लीग 2025-26 के लिए टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में नियुक्त किया है। हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली इस महत्वाकांक्षी खेल योजना ‘अस्मिता लीग’ का मुख्य उद्देश्य देश में महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करना है। इस वर्ष इस लीग का आयोजन मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एल.एन.आई.पी.ई. में 14 से 28 अप्रैल 26 तक किया जा रहा है। हॉकी इंडिया ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक से भूमिका वसीटा की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इस पर निदेशक ने आदेश जारी कर उन्हें टेक्निकल ऑफिशियल नियुक्त किया है और प्रतियोगिता के दौरान हॉकी इंडिया के मार्गदर्शन में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। भूमिका इससे पहले 38वें राष्ट्रीय खेल, हॉकी इंडिया महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप, खेलो इंडिया वुमेंस हॉकी लीग और सब जूनियर गर्ल्स एकेडमी नेशनल में भी हिस्सा ले चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:30 am

चैंपियन बनने के बाद यूपी के खिलाड़ियों का उत्साह:पिछली बार की गलती से लिया सबक, ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदला; फाइनल में एमपी को हराया

राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत से मिली जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 7:46 am

जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की

बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

प्रभासाक्षी 18 May 2024 4:50 pm