छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक ने हत्या का प्रयास करते हुए दो लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घर जाते समय आरोपी ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे 7 साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला छाल थाना क्षेत्र का है। दरअसल 4 अगस्त 2019 को शैलेष यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात करीब साढ़े 9 बजे वह घर जा रहा था। इसी दौरान मेन रोड स्थित विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के पास नवापारा निवासी घनाराम और परसराम बाइक से आ रहे थे। तभी प्लासीदियुस बरवा का 28 वर्षीय बेटा प्रताप बरवा अपने घर के सामने हॉकी स्टिक लेकर खड़ा था। पुरानी रंजिश के चलते उसने घनाराम और परसराम का रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। हॉकी स्टिक किया हमला इसके बाद आरोपी ने अपने हाथ में रखी हॉकी स्टिक से हत्या की नीयत से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में घनाराम के गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि परसराम के कमर, दाहिने हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंची। घटना को देखकर आसपास के रहने वाले विमल राठिया और स्वपनील सारथी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर दोनों को बचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए SECL अस्पताल, नवापारा में भर्ती कराया। इसके बाद शैलेष यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। अर्थदंड से भी दंडित किया जहां मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 4,500 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
भोपाल को कभी ‘हॉकी की नर्सरी’ कहा जाता था। इस शहर ने 8 ओलिंपियन समेत 39 अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिए। 120 साल के ओलिंपिक इतिहास में भोपाल के खिलाड़ियों ने 4 गोल्ड समेत कुल 6 मेडल दिलाए और ये सभी 20वीं सदी में जीते गए। तब यहां खेल सुविधाओं के नाम पर सिर्फ ऐशबाग का घास का मैदान था। न बजट था, न संसाधन। आज भोपाल में 7 एस्ट्रो टर्फ के अलावा 1000 करोड़ का मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है। लेकिन, नई सदी के 26 साल में भोपाल से एक भी हॉकी खिलाड़ी ओलिंपिक तक नहीं पहुंच सका। भारतीय टीम में मप्र से सिर्फ विवेक प्रसाद हैं, जो होशंगाबाद से हैं। विशेषज्ञों की राय... औबेदुल्ला कप फिर शुरू करें, टैलेंट सर्च चलाएं, इंटरनेशनल एक्सपोजर वाले कोच लाएं एक समय सक्रिय थे 79 क्लब1970–90 के दौर में भोपाल में 79 हॉकी क्लब सक्रिय थे। आज एक भी क्लब प्रभावी रूप से संचालित नहीं है। जो रजिस्टर्ड हैं भी, वे निष्क्रिय हैं। जमीनी स्तर पर प्रतिभा का प्रवाह थम गया है। समस्याएं और समाधान जाने-माने हॉकी खिलाड़ी और कोच मीर रंजन नेगी से बातचीत के आधार पर। अकादमी मॉडल से शूटिंग, एथलेटिक्स में कुछ सुधारहालांकि शूटिंग और एथलेटिक्स में कुछ सुधार जरूर हुआ। अकादमी मॉडल का लाभ मिला है। नेशनल गेम्स में मप्र दो बार टॉप-5 में रहा और अब चौथे स्थान तक पहुंच गया है। पहले रैंकिंग 12-17 के बीच रहती थी। खेल विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर बालूसिंह यादव का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर का असर दिख रहा है। हॉकी सहित अन्य खेलों में भी सुधार होगा।
यूपी, एमपी और महाराष्ट्र जीते, आज मेजबान झारखंड का मुकाबला
मोरहाबादी के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में चल रही 16वीं सब जूनियर महिला नेशनल हॉकी चैंपियनशिप के पांचवें दिन रविवार को छह मैच खेले गए। ए-डिवीजन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र ने अपने-अपने मैच जीते, वहीं बी-डिवीजन में उत्तराखंड और असम की टीमें हावी रहीं। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाले झारखंड के पहले मैच पर टिकी हैं। यूपी ने छत्तीसगढ़ को 5-1 से एकतरफा मात दी। ए-डिवीजन के तहत एमपी ने मणिपुर को 6-3 से हराया। पंजाब ने आंध्र प्रदेश को 2-0 से शिकस्त दी। महाराष्ट्र बनाम बिहार में महाराष्ट्र ने बिहार को 3-0 से हराकर पूरे अंक बटोरे। वहीं बी-डिवीजन के तहत उत्तराखंड की मीनाक्षी ने 5 गोल दागकर गुजरात को 9-2 के भारी अंतर से रौंद दिया। वहीं असम ने बंगाल को 3-2 से हराया। चैंपियनशिप में मेजबान झारखंड का पहला मुकाबला शाम 4:30 बजे महाराष्ट्र के खिलाफ होगा।
सब जूनियर हॉकी: तीसरे दिन गोवा की धमाकेदार जीत
बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर मेंस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के के तीसरे दिन शुक्रवार को गोवा, उत्तराखंड और अरुणाचल ने अपने-अपने मैच जीते
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने नौ हॉकी खिलाड़ियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने 24 मार्च के अंतरिम आदेश में अहम संशोधन किया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने 1 अप्रैल को दिए आदेश में हॉकी इंडिया को आधिकारिक पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम प्रदर्शित करने के पूर्व निर्देश को वापस (withdraw) ले लिया है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता खिलाड़ियों को निर्धारित पात्रता पूरी करने पर राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति रहेगी। 2009 में ही रद्द हो चुकी थी मान्यता हॉकी इंडिया (प्रतिवादी नंबर 3) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि 24 मार्च का आदेश एक अहम तथ्य की अनदेखी में पारित हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन 19 जून 2009 को ही राजस्थान हॉकी एसोसिएशन को डी-रिकग्नाइज और डी-एफिलिएट कर चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई को जयपुर पीठ में चुनौती दी गई थी। जयपुर पीठ ने 2010 में हटा लिया था स्टे हॉकी इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट के संज्ञान में लाया कि जयपुर पीठ ने शुरुआत में 22 जनवरी 2010 को इस डी-रिकग्निशन पर अंतरिम रोक लगाई थी। लेकिन बाद में, सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात 2 अप्रैल 2010 को एक विस्तृत आदेश पारित कर उस अंतरिम रोक को हटा दिया गया था। इसके साथ ही ऑर्डर के अनुसार, प्रतिवादी क्रमांक 6 और 7 के रूप में अरुण सारस्वत और मित्रानंद पूनिया 'हॉकी राजस्थान (अन-रजिस्टर्ड)' का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो एक अलग इकाई है। 'दावा' करने वाले खिलाड़ियों के खेलने पर आपत्ति नहीं वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि यदि मेधावी होने का दावा करने वाले ये याचिकाकर्ता खिलाड़ी हॉकी इंडिया के टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके लिए उन्हें आयु और सर्टिफिकेशन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। उन्होंने केवल पोर्टल पर नाम दर्शाने के निर्देश को संशोधित करने की मांग की। दूसरी तरफ, याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव रांका ने सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन जयपुर पीठ के 2010 के आदेश को देखते हुए कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया। कोर्ट: 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस इन तथ्यों के आधार पर जस्टिस माथुर ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए आधिकारिक प्लेयर रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस ले लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता लक्ष्मी और 8 अन्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट्स में भाग लेने की छूट बरकरार रखी है। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय आयु, मेडिकल परीक्षण और अन्य सभी आवश्यक पात्रता मापदंडों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल और तमिलनाडु ने दर्ज की जीत
स्पोर्ट्स रिपोर्टर|रांची हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 के तीसरे दिन सोमवार को चार मुकाबले खेले गए, जिसमें जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल प्रदेश और हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु की टीमों ने शानदार जीत दर्ज की। प्रतियोगिता का आयोजन मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में किया जा रहा है। दिन के पहले मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने राजस्थान को 14-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की और अपने पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम की ओर से कोमल ने 3 गोल, जबकि आकांक्षा, अवनी, संजना, मौकी और अक्षरा दत्ता ने 2-2 गोल किए। दूसरे मैच में गोवा ने केरल को 2-0 से हराकर अपने पूल में बढ़त बनाई। बेरतीला केरकेट्टा ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए एक गोल किया, जबकि भूमिका भीमा ने दूसरा गोल दागा। हिमाचल प्रदेश की गुजरात पर 11-0 से जीत : तीसरे मुकाबले में हिमाचल प्रदेश ने गुजरात को 11-0 के बड़े अंतर से हराया। आयुषी ने 4 गोल किए, जबकि शानवी शर्मा और अर्चना कुमारी ने 2-2 गोल दागे। वहीं, चौथे मैच में हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु ने दिल्ली को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। कप्तान एसएस कनिष्का और जी स्वाति ने एक-एक गोल किया। तीसरे दिन के परिणामों के बाद कई टीमों ने अपने-अपने पूल में मजबूत स्थिति बना ली है। टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा और कड़ा होने की उम्मीद है।
स्पोर्ट्स में नाम चमकाना है तो हो जाओ तैयार, खिलाड़ियों के ट्रायल आज से
पंजाब खेल विभाग की तरफ से युवाओं के लिए स्पोर्ट्स विंग स्कूलों के ट्रायल 4 अप्रैल से होंगे। यह ट्रायल अंडर-14, 17, 19 में लड़के और लड़कियों के डे-स्कॉलर खिलाड़ियों के लिए होंगे। जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि एथलेटिक्स के ट्रायल 4 से 5 अप्रैल, रेस्लिंग के 4 व 6, जिम्नास्टिक, बॉक्सिंग और वॉलीबॉल के खेल ट्रायल 6 अप्रैल को स्पोर्ट्स स्कूल में होंगे। बास्केटबॉल के ट्रायल 4 व 6 अप्रैल को हंसराज स्टेडियम, हॉकी ट्रायल 4 को सुरजीत हॉकी स्टेडियम, फुटबॉल के ट्रायल 4 से 6 अप्रैल को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल सोफी पिंड व वाईएफसी रुड़का कलां में 6 से 7, संत बाबा भाग सिंह स्कूल जालंधर में होंगे। हैंडबॉल के ट्रायल 4 अप्रैल को हैंडबॉल कोचिंग सेंटर दोसांझ कलां, वेटलिफ्टिंग के 4 व 6 अप्रैल को वेट लिफ्टिंग कोचिंग सेंटर गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम, क्रिकेट के 5 व 6 अप्रैल को सरकारी मॉडल स्कूल ऑफ एमिनेंस लाडोवाली रोड, बैडमिंटन के 4 से 6 अप्रैल को वाईएफसी अकादमी रुड़का कलां में होंगे। जूडो के ट्रायल 4 व 5 अप्रैल को सरकारी मॉडल स्कूल ऑफ एमिनेंस लाडोवाली रोड 4 से 6 अप्रैल को सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नेहरू गार्डन में होंगे। स्पोर्ट्स विंगों के लिए खिलाड़ियों का जन्म अंडर-14 के लिए 1-1-2013, अंडर-17 के लिए 1-1-2010 और अंडर-19 के लिए 1-1-2008 या इसके बाद का होना चाहिए। जिलास्तरीय मुकाबलों में पहली तीन स्थानों में से कोई एक पोजीशन प्राप्त की हो या उसने राज्य स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लिया हो। इसके अलावा ट्रायल के आधार पर नए खिलाड़ियों को भी विचार किया जा सकता है। खिलाड़ी ट्रायलों के लिए सुबह 8 बजे रजिस्ट्रेशन के लिए रिपोर्ट कर सकते है। ट्रायलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अपना जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और खेल उपलब्धियों के मूल प्रमाणपत्र सहित फोटो कापी तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य है। डे-स्कॉलर खिलाड़ी वे खिलाड़ी होते हैं जो किसी स्पोर्ट्स एकेडमी, आवासीय स्कूल या खेल संस्थान में ट्रेनिंग तो लेते हैं, लेकिन वहां के हॉस्टल में नहीं रहते। वे अपनी ट्रेनिंग और पढ़ाई के लिए निश्चित समय पर संस्थान आते हैं और अभ्यास खत्म होने के बाद वापस अपने घर चले जाते हैं। आमतौर पर ये खिलाड़ी उसी शहर या क्षेत्र के होते हैं जहां खेल परिसर स्थित होता है।
जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब सरकार की चार साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार ने चार साल में सरकार द्वारा किए गए जमीनी विकास कार्यों, जैसे मुफ़्त बिजली, शिक्षा में सुधार, मोहल्ला क्लीनिक, और खेल मैदानों के निर्माण की जानकारी देना था। इस सभा को संबोधित करते हुए जालंधर वेस्ट विधायक औ मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि यह कोई चुनावी रैली नहीं है, बल्कि जनता की अदालत में सरकार के कार्यों का हिसाब देने का एक प्रयास है। उन्होंने जालंधर वेस्ट के पार्षद कुमुद जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक साल में शहर की कायाकल्प हो चुकी है। शहर के हर चौराहे की खूबसूरती और हर कोने में चल रहे सफाई अभियान इस बात का प्रमाण हैं कि एक ईमानदार मेयर शहर की सूरत बदल सकता है। खेलों से नशा मुक्ति का मार्गपंजाब के युवाओं को नशे के जाल से निकालने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है।मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि पूरे पंजाब के गांवों में 9,000 खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। इन मैदानों में कबड्डी, क्रिकेट, टेनिस, बैडमिंटन और हॉकी के लिए आधुनिक सुविधाएं और सामान सरकार की ओर से मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जो बच्चा खेल के मैदान से जुड़ेगा, वह नशे से दूर रहेगा। शिक्षा और रोजगार पर जोरशिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए पंजाब सरकार 5-5 एकड़ में आधुनिक स्कूलों का निर्माण कर रही है, जो निजी स्कूलों को भी टक्कर देंगे। यहां शिक्षा पूरी तरह मुफ्त होगी ताकि गरीब से गरीब बच्चा भी डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सके। इसके साथ ही, पारदर्शी तरीके से बिना किसी सिफारिश के 65,000 सरकारी नौकरियां पंजाब के नौजवानों को दी जा चुकी हैं, जिसका रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल पर मौजूद है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आगे बढ़ी सरकार मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि 10 लाख रुपये तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा की जानकारी दी। अब परिवार का कोई भी सदस्य बीमार होने पर बड़े निजी अस्पतालों जैसे फोर्टिस या मैक्स में कार्ड दिखाकर मुफ्त इलाज करा सकता है। उन्होंने आगे कहा की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने पेंशन और आर्थिक मदद की योजनाओं में विस्तार किया है। बुढ़ापा और विधवा पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। साथ ही, परिवार की महिलाओं के लिए प्रति माह सम्मान राशि की योजना लागू की जा रही है, जिससे एक ही परिवार में कई महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
बेटियों के लिए 8 साल बाद हॉकी, बॉक्सिंग और एथलेिटक्स के स्पोर्ट्स विंग शुरू होंगे
वारिस मलिक | जालंधर खेल सिटी जालंधर में 8 साल के लंबे इंतजार के बाद लड़कियों के लिए रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स विंग दोबारा शुरू होने जा रहा है। पंजाब खेल विभाग की पहल पर खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और हॉकी के विंग शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी बराबरी का मौका मिलेगा। इस पहल के तहत कुल 90 से 100 खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा, जिनमें करीब 50 लड़कियां होंगी। जालंधर में लंबे समय बाद लड़कियों के लिए रेजिडेंशियल सुविधा मिलने जा रही है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उनकी डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया है। विभाग ने खिलाड़ियों की डाइट राशि 250 रुपए से बढ़ाकर 480 रुपए प्रतिदिन कर दी है। इससे खिलाड़ियों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और उनकी फिटनेस में सुधार होगा। पंजाब खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुखचैन सिंह और शाश्वत राजदान ने बताया कि प्रोजेक्ट की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसी महीने स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जल्द ही खिलाड़ियों के एडमिशन शुरू कर दिए जाएंगे। यह पहल न केवल जालंधर बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। इससे प्रदेश की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। वह दिन दूर नहीं जब इस सेंटर के खिलाड़ी ओलिंपिक का सफर तय करेंगे।
प्रदेश में आज (1 अप्रैल) से स्कूलों का नया सेशन शुरू हो चुका है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस बार कैलेंडर में छुट्टियों और एग्जाम समेत कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नए कैलेंडर के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव सर्दी और गर्मी की छुट्टियों को लेकर किया गया है। स्कूलों में जयंती विशेष या स्पेशल डे पर होने वाले इवेंट जो चौथे पीरियड के बाद यानी हाफ डे में होते थे, वे अब प्रार्थना सभा या फर्स्ट पीरियड तक ही होंगे। बाकी पूरे दिन क्लास लगेगी। नवंबर में केवल 14 दिन ही स्कूल खुलेंगे। वहीं ईयरली एग्जाम मार्च में पूरे करवा कर 25 मार्च तक रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। इस बार के सत्र में पूरे साल 121 दिन की छुट्टियां रहेंगी। इसमें 52 रविवार हैं। जबकि 69 अन्य अवकाश, जिसमें सरकारी छुट्टियां भी शामिल हैं। 244 दिन स्कूल खुलेंगे। जुलाई में सबसे ज्यादा 27 दिन स्कूल चलेंगे। जून में सबसे कम 7 दिन ही स्कूल खुलेंगे। पिछले सेशन में 236 वर्किंग डे थे। 129 दिन छुट्टी थी। इस बार 8 सार्वजनिक छुट्टी कम कर दी गई है। गर्मी की छुटि्टयों के बाद 22 जून को खुलेंगे स्कूल गर्मी की छुटि्टयां 17 मई से शुरू होंगी, जो 20 जून तक हैं। 21 जून का रविवार है। ऐसे में स्कूल 22 जून से खुलेंगे। पहले स्कूल 1 जुलाई को खुलते थे। प्रिंसिपल पावर की छुट्टी को लेकर भी बदलाव किया गया है। पहले प्रिंसिपल को अपने स्तर पर दो छुट्टी करने का अधिकार था, उसे अब घटाकर एक दिन का ही कर दिया है। इधर, दीपावली की छुट्टियां 11 दिन की कर दी गई हैं। ये 4 से 15 नवंबर तक रहेंगी। सर्दी की छुटि्टयां 1 से 10 जनवरी 2026 तक होंगी। इस सत्र में डिजिटल एजुकेशन पर सबसे ज्यादा फोकस इस बार डिजिटल एजुकेशन पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। इसके तहत स्कूलों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही नो बैग डे, बालसभा और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग नियमित तौर पर होगी। सितंबर में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके साथ ही स्टूडेंट की हेल्थ को लेकर हर महीने ‘शक्ति दिवस’ के तहत आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी। अब पढ़ें हर महीने का कैलेंडर, कब क्या होगा और कितनी छुट्टी रहेंगी… अप्रैल में 23 दिन स्कूल खुलेंगे एग्जाम: 8 से 10 अप्रैल तक सप्लीमेंट्री एग्जाम होंगे। 15 अप्रैल तक रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। स्पेशल डे: विश्व स्वास्थ्य दिवस। मई में शुरू होंगी गर्मी की छुटि्टयां 17 मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू होंगी। 28 मई को वीर सावरकर जयंती और ईद का अवकाश है। लेकिन समर वेकेशन के चलते ये इनमें ही शामिल हैं। एग्जाम: 13 मई से स्कूलों में फर्स्ट टेस्ट शुरू हो जाएंगे। ये 15 मई तक चलेंगे। स्पेशल डे: 7 मई को रविंद्र नाथ टैगोर जयंती। मई में 14 दिन स्कूल चलेंगे। जून में खुलेंगे स्कूल अवकाश: 1 जून से 20 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। 21 जून को रविवार है। 22 जून को दोबारा स्कूल खुलेंगे। 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती का अवकाश है, लेकिन ये भी छुटि्टयों में निकल जाएगा। 26 जून को मोहर्रम का अवकाश रहेगा। जून में महज सात दिन स्कूल खुलेंगे। जुलाई में एक भी अवकाश नहीं जुलाई में रविवार के अलावा कोई दूसरी छुट्टी नहीं रहेगी। क्लास नौवीं से 12वीं तक के एडमिशन 11 जुलाई तक ही हो पाएंगे। अगस्त में होंगे सेकंड टेस्ट एग्जाम: 17 से 19 अगस्त तक सेकंड टेस्ट होंगे। स्पेशल डे: 29 अगस्त को खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद जयंती) स्पाेर्ट: 20-21 अगस्त को जिला स्तरीय और 27 से 29 अगस्त को राज्य स्तरीय सब जूनियर नेहरू हॉकी प्रतियोगिता। फॉर्म: अगस्त में ही माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षाओं के फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। सितंबर में जन्माष्टमी और श्रीरामदेव जयंती की छुट्टी (नोट: 20 सितंंबर को रविवार है। ऐसे में रविवार और सोमवार की लगातार दो दिन छुट्टी मिलेगी।) शिक्षक सम्मेलन: सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीचर्स के शिक्षक सम्मेलन 18 और 19 सितंबर को है। ऐसे में इन दो दिनों में सरकारी स्कूलों में अवकाश है। 20 को रविवार, 21 को सार्वजनिक अवकाश के कारण सरकारी स्कूल 17 के बाद सीधे 22 सितंबर को खुलेंगे। स्पेशल डे: 8 सितंबर को टीचर्स डे और विश्व साक्षरता दिवस। अक्टूबर में बदलेगा स्कूलों का समय समय बदलेगा: अक्टूबर में प्रदेश के स्कूलों का समय भी बदलेगा। एक पारी वाले स्कूलों का समय सुबह 10 से दोपहर 4 बजे तक रहेगा। दो पारी वाले स्कूल सुबह 7:30 से 5:30 बजे तक चलेंगे। इनमें प्रत्येक पारी पांच घंटे की होगी। एग्जाम: 15 से 29 अक्टूबर तक हाफ ईयरली एग्जाम होंगे। स्पेशल डे: : 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्यतिथि। नवंबर में दीपावली की छुट्टियां चार से 15 नवंबर तक दीपावली की छुट्टियां रहेंगी। 8 को दीपावली, 9 को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज की छुट्टी है। नवंबर में महज 14 दिन स्कूल खुलेंगे। छुट्टी: 24 नवंबर को गुरुनानक जयंती पर अवकाश रहेगा। 27 और 28 नवंबर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन होंगे। सरकारी स्कूलों में अवकाश रहेगा, जबकि प्राइवेट स्कूल खुले रहेंगे। 29 नवंबर को रविवार है यानी तीन दिन लगातार अवकाश। इवेंट: 18 से 21 नवंबर तक राज्य स्तरीय विज्ञान मेला होगा। स्पेशल डे: 21 नवंबर को कालीदास दिवस है। इसी दिन स्कूलों में पीटीएम भी होगी। दिसंबर में नहीं होगी सर्दियों की छुट्टी इस बार भी सरकार ने 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश घोषित नहीं किए हैं। दिसंबर में 25 दिन स्कूल चलेंगे। इस महीने रविवार के अलावा 25 दिसंबर की क्रिसमस की छुट्टी रहेगी। एग्जाम: 17 से 19 दिसंबर यानी तीन दिन तक थर्ड टेस्ट होंगे। स्पेशल डे: 26 दिसंबर को स्कूलों में वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। जनवरी में सर्दी की छुटि्टयां एक जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां होंगी। हालांकि इससे पहले 31 दिसंबर को रविवार है। विंटर वेकेशन 10 जनवरी तक चलेंगे। इन वेकेशन के चलते 14 दिन ही स्कूल खुले रहेंगे। 15 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जयंती का अवकाश है। हालांकि कैलेंडर में इसको मेंशन नहीं किया गया है। इवेंट: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवकाश रहेगा। हालांकि सुबह स्कूल में आयोजन होंगे। स्पेशल डे: 30 जनवरी को शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखा जाएगा। फरवरी में केवल एक छुट्टी फरवरी सबसे छोटा महीना है, लेकिन स्कूल 23 दिन संचालित होंगे। रविवार के अवकाश के अलावा एक छुट्टी 13 जनवरी को देवनारायण जयंती की है। एग्जाम: फरवरी में बोर्ड के एग्जाम प्रस्तावित हैं। मार्च में होंगे फाइनल एग्जाम एग्जाम: 8 से 20 मार्च तक स्कूलों में फाइनल एग्जाम होंगे। रिजल्ट: 25 मार्च को स्कूलों में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
महिला हॉकी चैंपियनशिप का आज से रांची में आगाज
राजधानी के मोराबादी स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में बुधवार से 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का आगाज हो रहा है। 1 से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के लिए खेल विभाग और खेल प्राधिकरण ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टूर्नामेंट के मैच बुधवार सुबह से ही शुरू हो जाएंगे, लेकिन इसका औपचारिक उद्घाटन शाम 4:30 बजे होगा। खेल सचिव मुकेश कुमार और खेल निदेशक आशिफ एकराम खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। इस नेशनल चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों की सर्वश्रेष्ठ सब जूनियर टीमें खिताब के लिए दम खम दिखाएंगी।
बिहार में हॉकी का महाकुंभ लगेगा। 1 से 12 अप्रैल तक राजगीर खेल अकेडमी में 16वीं सब जूनियर मेन नेशनल चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होंगे। इस बात की जानकारी बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने दी। बिहार पुरुष टीम का पहला मुकाबला 1 अप्रैल को शाम 4 बजे छत्तीसगढ़ टीम के साथ खेला जाएगा। 30 मार्च को राजगीर में हुआ था सिलेक्शन ट्रायल उन्होंने बताया कि 16वीं सब जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप 2026 राजगीर में और 16वीं सब जूनियर वुमेन नेशनल चैम्पियनशिप 2026 रांची में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाली बिहार हॉकी टीम के खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी इस बार बिहार राज्य खेल प्राधिकरण को मिली है। 30 मार्च को राजगीर खेल अकादमी में बिहार टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल किया गया। बालक-बालिका दोनों टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन कर लिया गया। बिहार पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों के नाम सावन कुमार, विवेक विश्वकर्मा (गोलकीपर), अभय शाह, अमृतांशु पांडेय, विक्रम कुमार, सुमित कुमार, सूरज कुमार, सोनू अंसारी (डिफेंडर), सत्यम पांडे, अमीरचंद कुमार, योगेश कुमार, अजय कुशवाहा (मिड-फील्डर), छोटू कुमार, श्लोक वर्मा, आलोक कुमार सिंह, अर्पित यादव, रॉबिन्स राठौर, सुमन कुमार (फॉरवर्ड)। बिहार महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों के नाम सुनंदा कुमारी, आनंदी कुमारी (गोलकीपर), श्वेता कुमारी, शिवानी कुमारी, समीक्षा कुमारी, रूपम कुमारी, ऋतिका सिंह (डिफेंडर), सोनम यादव, मालती हांसदा, रागिनी कुमारी, अंजलि कुमारी, मनीषा कुमारी (मिड-फील्डर), सिद्धि विनायक, स्वीटी रॉय, पिंकी कुमारी, कृतिका कुमारी, रितम कुमारी, सीता कुमारी (फॉरवर्ड)।
पलवल जिले में सीआईए टीम ने मुंडकटी थाना क्षेत्र में दो भाइयों पर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दे कि यह घटना बंचारी गांव स्थित एक कंपनी परिसर के पास हुई थी। जहां डकौरा गांव निवासी भगत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 3 मार्च को वह अपने छोटे भाई मनोज कुमार के साथ बंचारी पंचायत भवन के पास अर्निका हेल्थटेक कंपनी के बाहर बैठे थे। तभी एक सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट वाली कार से 7 युवक उतरे। लोहे की रॉड से किया हमला आरोपियों के हाथ में तमंचा, तलवार, लोहे की रॉड और हॉकी जैसे हथियार थे। जब पीड़ितों ने शांति बनाए रखने की बात कही, तो हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए मनोज कंपनी परिसर के अंदर भागा, लेकिन हमलावर जबरन दरवाजा तोड़कर घुस गए। वारदात CCTV कैमरे में कैद अंदर उन्होंने मनोज को फावड़े और रॉड से पीटा। यह पूरी वारदात कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। हमले के बाद आरोपियों ने बाहर खड़ी मनोज की ग्रैंड विटारा कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वे धमकी देकर फरार हो गए। वारदात में प्रयुक्त कार और डंडे बरामद सीआईए पलवल के प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि एएसआई श्रीचंद की टीम ने जांच के बाद बंचारी गांव निवासी कृष्णा और प्रशांत को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के आधार पर गौरव, बबली, देवेंद्र और योगेश को भी पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त इनोवा गाड़ी और दो डंडे बरामद किए हैं।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नालंदा जिले के दौरे पर रहेंगी। जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। राष्ट्रपति के नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने और विश्व प्रसिद्ध नालंदा खंडहर के परिभ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र को 'Temporary Red Zone' घोषित कर दिया गया है। 'ब्लू-बुक' में निर्देश के तहत राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के सभी कार्यक्रम स्थलों को रेड जोन घोषित किया गया है। पूरे क्षेत्र में ड्रोन, हॉट एयर बैलून, पैरा-मोटर्स, पैरा-ग्लाइडर्स सहित किसी भी प्रकार के 'नॉन-कन्वेंशनल फ्लाइंग ऑब्जेक्ट' के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी गई है। यातायात में बड़ा बदलाव, कई मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित आम जनता को असुविधा न हो और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। राजगीर, नालंदा और सिलाव की ओर जाने वाले सभी प्रकार के व्यावसायिक और सवारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। मुख्य रूप से बिहारशरीफ के चौराबगीचा (कारगिल चौक) से राजगीर जाने वाले मार्ग, खुदागंज से राजगीर मार्ग, वनगंगा और गिरियक से राजगीर आने वाले सभी लिंक रोड पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वैकल्पिक रास्तों का करना होगा उपयोग प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। बिहारशरीफ से राजगीर होकर नवादा या गयाजी जाने वाले वाहन अब बख्तियारपुर-रजौली एनएच (NH) मार्ग का उपयोग करेंगे। इसी प्रकार, गयाजी से छबिलापुर आने वाले वाहनों को सरबहदा मोड़ से इस्लामपुर की ओर मोड़ दिया जाएगा। गयाजी और नवादा से आने वाली छोटी गाड़ियां नारदीगंज से ग्राम पकड़िया और खराट होते हुए बिहारशरीफ या पटना की ओर जा सकेंगी। जेठियन की ओर से आने वाले वाहनों को वनगंगा के बजाय नारदीगंज के रास्ते भेजा जाएगा। सुरक्षा घेरे के लिए ड्रॉप गेट और पार्किंग की व्यवस्था सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पिल्खी बायपास, नाहुब मोड़, पंडितपुर मोड़, सिलाव भुई मोड़, नालंदा खंडहर, हरियाली मोड़ और आयुध फैक्ट्री गेट सहित कुल 13 प्रमुख स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वाहनों के ठहराव के लिए रास बिहारी प्लस टू विद्यालय नालंदा, सरकारी बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स राजगीर, नालंदा विश्वविद्यालय परिसर और स्टेट गेस्ट हाउस हॉकी मैदान सहित कई पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

