हॉकी के ड्रिब्लिंग के बादशाह कहे जाने वाले वाले वाराणसी के प्लेयर ओलिंपियन मोहम्मद शाहिद की याद में लालपुर स्टेडियम में संग्रहालय बनाया जा रहा है। हॉकी स्टेडियम के स्टेंड में बने संग्राहलय के हाल में इसका काम शुरू करा दिया गया है। आरएसओ विमला सिंह की पहल पर यह कवायद शुरू की गई है। इस संग्रहालय में भारत को साल 1980 में मास्को ओलिंपिक में मिले स्वर्ण पदक को भी रखा जाएगा। जो मोहम्मद शाहिद को मिला था। साथ ही उनके पद्मश्री सम्मान को भी संरक्षित किया जाएगा। आरएसओ की पहल पर यह कार्य वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा है। बता दें की मोहम्मद शाहिद की पत्नी परवीन शाहिद कई सालों से अपने पति के नाम पर संग्रहालय की मांग कर रही थीं। इस कार्य को लेकर उन्होंने भी खुशी जताई। जल्द ही मूर्त रूप ले लेगा संग्रहालय आरएसओ विमला सिंह ने बताया - वाराणसी और देश की हॉकी की शान रहे हॉकी के ड्रिब्लिंग मास्टर मोहम्मद शाहिद की याद में लालपुर स्टेडियम में संग्रहालय का काम शुरू हो गया है। जिसे जल्द ही पूरा करा लिया जाएगा। इस संग्रहालय में उनके द्वारा वर्ष 1980 मास्को ओलंपिक में हॉकी में जीता स्वर्ण पदक भी प्रदर्शित किया जाएगा। 1980 के बाद से भारत ने अभी तक हॉकी में स्वर्ण पदक नहीं जीता है। इसके अलावा मो शाहिद ने देश विदेश में विभिन्न हॉकी प्रतियोगिता में भी कई पदक, और ट्रॉफी जीती हैं। साथ ही यादगार चित्र भी होंगे। उनको भी प्रदर्शित किया जाएगा। उनके द्वारा पहनी गई जर्सी भी इस संग्रहालय में मौजूद रहेगी। पदक के साथ रखा जाएगा पद्मश्री सम्मान आरएसओ ने बताया - मोहम्मद शाहिद ने देश को कई बार गौरवान्वित होने का मौका दिया। ऐसे में उन्हें देश ने पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया। इस संग्राहलय में ये दोनों सम्मान भी रखे जाएंगे। इसके अलावा मोहम्मद शाहिद ने वर्ष 1979 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस में आयोजित जूनियर वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसी साल मलेशिया में आयोजित फोर नेशन हॉकी टूर्नामेंट में सीनियर भारतीय हॉकी के सदस्य के रूप में खेला। 1982 एशियन गेम्स में रजत पदक और 1986 एशियाड में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। ये सभी पदक यहां प्रदर्शित किए जाएंगे। पदकों को देखकर सीखे लेंगे उदयीमान खिलाड़ी हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ एके सिंह ने बताया - वाराणसी के लालपुर स्टेडियम में हॉकी का हॉस्टल है और अच्छा एस्ट्रो टर्फ है। जिसपर प्रैक्टिस करने के लिए इंटरनेशनल खिलाड़ी भी अक्सर आते हैं। जूनीयर खिलाड़ियों के यहां आने और संग्रहालय को देखने से उनके अंदर भी अच्छा खेलने की भावना जागेगी। सचिव केबी रावत ने बताया - मोहम्मद शाहिद ने 1980 मास्को, 1984 लास एंजेलिस और 1988 सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1979 से 1989 तक 167 अंतरराष्ट्रीय मैच में 66 गोल किया था। 1986 लंदन में आयोजित वर्ल्ड कप हॉकी में इनको सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया था। वर्ष 1985 से 1986 तक भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भी रहे थे। हॉकी से रिटायर होने के बाद बरेका में वरिष्ठ क्रीड़ा अधिकारी पद पर कार्यरत थे।
हॉकी मैदान में चेंजिंग भवन का भूमिपूजन किया गया
भास्कर न्यूज | जांजगीर नगर पालिका परिषद जांजगीर नैला के वार्ड नंबर 24 में स्थित मेजर ध्यानचंद हॉकी मैदान में खिलाड़ियों के लिए 5 लाख की लागत से चेंजिंग भवन निर्माण का भूमि पूजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नेता प्रतिपक्ष विधानसभा नारायण चंदेल उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद जांजगीर नैला की अध्यक्ष रेखा गढ़वाल और उपाध्यक्ष मोहन यादव रहे। भूमिपूजन कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद के पार्षद एवं सभापति गुड्डू कहरा, अजीत गढ़वाल, उमेश राठौर, अमित यादव, रघुनंदन कश्यप, सुनील कश्यप उपस्थित थे। इसके अलावा भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी, विवेका गोपाल, सुशील सिंह, सतीश शर्मा, युवा मोर्चा के गोलु दुबे, प्रदीप राठौर, पुष्पेंद्र निर्मलकर और जिला हॉकी संघ जांजगीर-चांपा के अध्यक्ष गोपेश्वर कहरा सहित उनके पदाधिकारी व समस्त खिलाड़ी मौजूद रहे। भूमिपूजन में वरिष्ठ नागरिक एसआर गढ़ेवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर पालिका परिषद के सब इंजीनियर मोनीका प्रसाद साहू और तारकेश्वर नायक ने भवन निर्माण कार्य को मूर्त रूप देने में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन जिला हॉकी संघ अध्यक्ष गोपेश्वर कहरा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन तारकेश्वर नायक ने किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से खेलों के प्रति शहर की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों के विकास के लिए स्थायी आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। आगामी निर्माण कार्य से युवा खिलाड़ी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे और हॉकी खेल को बढ़ावा मिलेगा।
‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ शुरू:30 राज्यों से ढाई हजार खिलाड़ी दिखाएंगे हुनर
छत्तीसगढ़ में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि अब हर साल यह आदिवासी खेल होंगे। इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ ही करेगा। उन्होंने कहा कि खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम न मानें, यह संतुलित जीवनशैली है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस आयोजन में 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग ढाई हजार खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक सरगुजा, बस्तर और रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू उपस्थिति थीं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील सहित अधिकारी उपस्थित थे। प्रभु श्रीराम के ननिहाल में ट्राइबल गेम्स का आयोजन सौभाग्य का विषय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगा खेल विश्वविद्यालय, साई सेंटर भीउप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंच से कहा कि नवरात्रि के अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री से छत्तीसगढ़ के लिए खेल विश्वविद्यालय, अंबिकापुर और बिलासपुर में सांई की मांग की। उनके इस मांग पर मनसुख ने कहा जो भी छत्तीसगढ़ मांगेगा वह दिया जाएगा।
राजनांदगांव के अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित 'अस्मिता वेस्ट जोन सब-जूनियर बालिका हॉकी लीग' का समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में हॉकी मध्य प्रदेश ने मेजबान छत्तीसगढ़ को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। छत्तीसगढ़ को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि हॉकी महाराष्ट्र ने कांस्य पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। खेल के 18वें मिनट में छत्तीसगढ़ की मनप्रीत कौर ने पहला गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, मध्य प्रदेश ने जल्द ही वापसी की। 23वें मिनट में शालिनी सिंह ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश की टीम ने मैच पर पूरी तरह से पकड़ बना ली। 25वें मिनट में रूली बाल्मीकि ने दूसरा गोल किया, जिसके बाद 34वें मिनट में सुदीप्त किंडो ने स्कोर 3-1 कर दिया। नौशीन नाज़ ने 40वें और 41वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर मध्य प्रदेश की जीत सुनिश्चित की। विजेता खिलाड़ियों को किया गया पुरस्कृत प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि भारती गवाते और विशिष्ट अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। टूर्नामेंट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 1,80,000 रुपए, द्वितीय को 1,44,000 रुपए और तीसरे व चौथे स्थान की टीमों को 90,000 रुपए के चेक प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रदेश की बेटियां भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो गौरव की बात है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी के प्रयासों की भी सराहना की। इस लीग में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और मेजबान छत्तीसगढ़ की टीमों ने भाग लिया था। इसका आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), हॉकी इंडिया और छत्तीसगढ़ हॉकी के संयुक्त प्रयास से किया गया था। कार्यक्रम में पार्षद अमृता मोहन सिन्हा, रेखा पदम, छोटे लाल रामटेके, फिरोज अंसारी, शिव नारायण धकेता, मृणाल चौबे सहित खेल जगत की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
ब्यावर में पंच गौरव योजना: 60 हॉकी खिलाड़ियों को मिली खेल किट और सामग्री
विधायक शंकर सिंह रावत और जिला कलेक्टर ने खिलाड़ियों को किट बांटी, जैतारण में हॉकी मैदान का काम जारी और अजमेर में होगा विशेष प्रशिक्षण।
भिवानी के भीम स्टेडियम में आने वाले कुछ ही दिनों में खिलाड़ियों को अत्याधुनिक बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने भीम स्टेडियम के खेल परिसरों को बेहतर बनाने के लिए करीब 4 करोड़ 54 लाख 43 हजार 908 रुपए की राशि मंजूर की है। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए आधुनिक व सुदृढ़ आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा। कुछ ही समय बाद भीम स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने व मरम्मत का कार्य शुरु हो जाएगा। जो साढे 4 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है, जो विभिन्न खेल मैदानों पर खर्च होगी। इसके अलावा स्टेडियम में शौचालय, वॉशरूम व चेंजिंग रूम की मरम्मत तथा बाउंड्री वॉल के सुधार के कार्य भी शामिल हैं। इसके साथ ही स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक की विशेष मरम्मत तथा हॉकी ग्राउंड की फेंसिंग को भी ठीक किया जाएगा। जिला खेल अधिकारी विद्यानंद यादव ने बताया कि पिछले दिनों यहां पर संपन्न हुए सांसद खेल महोत्सव के दौरान सांसद चौ. धर्मबीर सिंह के साथ-साथ डीसी साहिल गुप्ता ने भी खेल सुविधाओं का जायजा लिया था। खेल सुविधाओं के बारे में सांसद और डीसी के माध्यम से सरकार के पास प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनकी सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। हैंडबॉल व कबड्डी मैदानों की मरम्मत के पर करीब 10.13 लाख खर्च होंगेभीम स्टेडियम में हैंडबॉल और कबड्डी के मैदानों की विशेष मरम्मत पर करीब 10 लाख 13 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। जिससे यहां पर अभ्सास करने वाले खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं रहेगी। इसी प्रकार से एथलेटिक्स ट्रैक की मरम्मत के लिए 8 लाख 18 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। खेल सुविधाओं के साथ-साथ विभिन्न मैदानों में स्थित शौचालयों, वॉशरूम और चेंजिंग रूमों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य के लिए (प्रत्येक 11.85 लाख रुपए के 10 अनुमान) एक करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपए खर्च होंगे। बॉक्सिंग, रेसलिंग और जिम्नास्टिक हॉल की मरम्मत पर 4.21 लाख खर्च होंगेउन्होंने बताया कि बॉक्सिंग, रेसलिंग और जिम्नास्टिक हॉल की विशेष मरम्मत के लिए 4 लाख 21 हजार 509 रूपए, चारदीवारी की मरम्मत के लिए 11 लाख 80 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। हैंडबॉल मैदान के कमरे की विशेष मरम्मत और हॉकी मैदान की मरम्मत के लिए 6 लाख 38 हजार 399 रुपए मंजूर किए गए हैं। भीम स्टेडियम भिवानी में सिंथेटिक ट्रैक की विशेष मरम्मत पर दो करोड़ 95 लाख 23 हजार रुपए की राशि खर्च होगी। जल्द ही खेल सुविधाओं व मरम्मत कार्यों का नवनिर्माण शुरु होगा।
पंजाब करेगा एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी, पाक का आना तय नहीं
पंजाब फिर से हॉकी वर्ल्ड पर जगह बनाने को तैयार है। सीएम भगवंत मान ने बताया कि उन्हें एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी मिली है। फरवरी 2006 के बाद यह पहला मौका है जब पंजाब में कोई इंटरनेशनल हॉकी मैच खेला जाएगा। यह अब तक की पहली मल्टी नेशनल हॉकी चैम्पियनशिप भी है जो पंजाब में खेली जाएगी। यह अक्टूबर-नवंबर में होगी। इसमें मेजबान भारत के साथ पाकिस्तान, द.कोरिया, जापान, मलेशिया और चीन को खेलना है। पिछले कई इवेंट में पाकिस्तान ने भारत का दौरा नहीं किया है। इस बार भी पाक की टीम के भारत आने की संभावना नहीं है। ओपनिंग व क्लोजिंग सेरेमनी मोहाली में ही होगी। भारतीय टीम के पूर्व 3 कप्तान पंजाब से ही हैं। मनप्रीत सिंह ने टोक्यो में देश को कई सालों बाद पहला ओलिंपिक मेडल दिलाया और हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम ने पेरिस में ओलिंपिक मेडल जीता। अब हार्दिक सिंह भी भारतीय टीम को लीड कर रहे हैं। }मौजदा भारतीय मेंस टीम में 12 प्लेयर्स पंजाब से हैं, जिसमें कप्तान के साथ उप-कप्तान भी शामिल हैं। हरमनप्रीत और हार्दिक के अलावा मनप्रीत, मनदीप, जरमनप्रीत, जुगराज, सुखजीत, गुरजंट, शमशेर, कृष्ण बहादुर पाठक, मनमीत सिंह और अराइजीत सिंह लगातार भारत के लिए खेल रहे हैं। }भारत की मौजूदा महिला टीम की बात की जाए तो उसमें भी पंजाबी शामिल हैं। गुरजीत कौर के साथ बलजीत कौर भारत के लिए इंटरनेशनल सर्किट पर खेल रही हैं। }पेरिस ओलिंपिक में भारत की मेडलिस्ट टीम में 10 प्लेयर पंजाब से थे, जिसमें से 8 प्लेइंग टीम में शामिल थे, जबकि दो प्लेयर्स को रिजर्व के तौर पर टीम के साथ जोड़ा गया। }टोक्यो ओलिंपिक में भारत की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हॉकी टीम में 10 प्लेयर पंजाब से थे। विमन टीम में भी एक प्लेयर थी, जो चौथे स्थान पर रही थी। मान का ऐलान } 20 साल बाद पंजाब में इंटरनेशनल हॉकी मैच, मोहाली में होगी ओपनिंग व क्लोजिंग सेरेमनी, नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) भी होस्ट करेगा जेनरेशन में बदलाव आएगा...एक्सपर्ट की मानें तो उनका कहना है कि जब पंजाब के लोग अपने हीरो को खेलते देखेंगे तो वे भी उनकी तरह ही बनने का सपना देखेंगे। 2006 में गगनप्रीत और राजपाल जैसे स्टार को लोगों ने खेलते देखा तो आज ये प्लेयर्स पंजाब को मिले हैं। उम्मीद है कि इन प्लेयर्स को देखकर हमें आने वाले स्टार मिलेंगे। ये हमारे लिए आईसीसी इवेंट की तरह है। {नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) लगभग 40 साल बाद, पंजाब (जालंधर) में होस्ट करेगा। {एशियन हॉकी फेडरेशन ने पंजाब में हर साल एक ‘फोर नेशन’ इनविटेशन टूर्नामेंट कराने का प्रस्ताव दिया है। {खेल बजट को 350 करोड़ (2023-24) से बढ़ाकर 1791 करोड़ (2026-27) कर दिया गया है। पंजाब पहला स्टेट जो ओलिंपिक तैयारी के लिए 15 लाख और एशियन गेम्स के लिए 8 लाख रुपए दे रहा। {खेड़ां वतन पंजाब दीयां में 3,100 खेल के मैदान (1350 करोड़ की लागत से) और 3,000 एडवांस जिम बनेंगे {कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। डाइट अलाउंस 240 से बढ़ाकर 480 कर दिया गया है। {14 साल के लंबे इंतजार के बाद, ‘मिनी ओलिंपिक’ के नाम से बैलगाड़ी की रेस को कानून बनाकर फिर से शुरू किया गया। {खेड़ां वतन पंजाब दीयां में खिलाड़ियों की भागीदारी 1.5 लाख से बढ़कर अब 5 लाख तक पहुंच गई है। सीएम भगवंत सिंह मान ने ये भी कहा... 2006 में भारतीय टीम अंतिम बार पंजाब में खेली थी। वह मैच जालंधर में पाकिस्तान के साथ हुआ था जो एक टेस्ट सीरीज का हिस्सा था। इसके बाद कभी भारतीय टीम पंजाब में नहीं खेली। }पंजाब के मौजूदा स्टार प्लेयर्स को जूनियर हॉकी प्लेयर्स और यहां के फैंस ने कभी भी अपने सामने खेलते हुए नहीं देखा है। अब मौका है, वे उन्हें लाइव खेलते देखकर रोलमॉडल सेट कर सकते हैं। }पिछले तीन भारतीय कप्तान पंजाब की देन हैं। मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने भारत को लंबे समय के बाद ओलिंपिक मेडल दिलाया। इसके अलावा हार्दिक सिंह भी पंजाब से ही हैं।
बोड़ला नपं को हॉकी स्टेडियम समेत 5 करोड़ के विकास कार्य की सौगात
भास्कर न्यूज|बोड़ला स्थानीय कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने नपं बोड़ला में 5 करोड़ 12 लख रुपए की विभिन्न विकास कार्य के लोकार्पण व भूमि पूजन किया। उन्होंने नगर के बहु प्रतीक्षित हॉकी स्टेडियम का भूमि पूजन किया। नपं अध्यक्ष विजय पाटिल व खिलाड़ियों के विशेष मांग पर डिप्टी सीएम ने 1 करोड़ 46 लाख 83 हजार की स्वीकृति प्रदान की, जिसकी निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होगी। सर्व सुविधा युक्त हॉकी स्टेडियम के निर्माण से ब्लॉक के हॉकी प्रेमियों व खिलाड़ियों ने इस शानदार पहल की प्रशंसा की है। 73 लाख रुपए से नवनिर्मित मंगल भवन, साहू सामाजिक भवन, यादव सामाजिक भवन व डॉक्टर स्टॉप क्वाटर का भी लोकार्पण किया गया। नगर वासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए क्षीरपानी जलावर्धन योजना से पाइपलाइन विस्तार का भी लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के तुरंत बाद नगर को क्षीरपानी जलाशय से पेयजल के लिए पानी सप्लाई शुरू की गई। मौके पर जिपं अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला भाजपा के महामंत्री नितेश अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष मोहन धुर्वे, विदेशी राम धुर्वे, लव निर्मलकर, विजय लक्ष्मी तिवारी, मोहन कश्यप समेत नपं के सभापति,पार्षद व बड़ी संख्या में नगर वासी उपस्थित रहे। हमारी सरकार जो कहती है वह करती है: सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा विष्णु देव साय की सरकार में विकास कार्य की गंगा बह रही है। हमारी सरकार जो कहती है वह करती है। उन्होंने कहा कि दो साल के कार्यकाल में नपं बोड़ला में 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्य हुए हैं। इस मौके पर नपं अध्यक्ष विजय पाटिल ने कहा कि नपं में अब तक 12 करोड रुपए से अधिक की विकास कार्य हो चुके है। आने वाले समय में भी हम तेजी से विकास करेंगे। डिप्टी सीएम के मार्गदर्शन में ये कार्य हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा की एंट्री अब भारतीय महिला टी-20 क्रिकेट टीम में हो गई है। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुनी गई हैं। अनुष्का पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल हुई हैं और पहली बार टीम के साथ विदेश दौरा भी करेंगी। अनुष्का फिलहाल इंडिया ए के लिए खेल रही हैं और महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी वह गुजरात जायंट्स के लिए चुनी जा चुकी हैं। ग्वालियर में मंगलवार को एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका सम्मान किया। इसके बाद वह भिंड में अपनी बुआ के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गईं। सीनियर टीम में चयन के बाद ग्वालियर में उनके परिवार और शहर में खुशी का माहौल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए ग्वालियर के पत्रकार बृजमोहन शर्मा की बेटी अनुष्का शर्मा का चयन हुआ है। अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके चयन से पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई मंगलवार को दतिया में कार्यक्रम के लिए सीएम ग्वालियर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर ही ग्वालियर की होनहार खिलाड़ी अनुष्का शर्मा से मुलाकात कर उनको बधाई देते हुए स्वागत किया। इस दौरान वहां अनुष्का के पिता बृजमोहन शर्मा अन्य परिजन मौजूद रहे। कलेक्टर ग्वालियर रूचिका चौहान ने भी अनुष्का से बातचीत कर उनकी तारीफ की है। वुमेन प्रीमियर लीग में गुजरात के लिए मचा चुकी धमाल WPL यानि वूमेन प्रीमियर लीग में ग्वालियर की अनुष्का शर्मा ने धमाल मचाया है। पहले वह मध्य प्रदेश सीनियर टीम के लिए खेल रही थीं, इसके बाद उनका चयन गुजरात जायंट्स (GG) ने 45 लाख रुपए में किया। अनुष्का गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। ग्वालियर की वह पहली खिलाड़ी हैं, जो WPL में खेल रही हैं। अब भारतीय राष्ट्रीय टीम में चयन के बाद उनके दोस्तों, परिवार और साथी खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। खुद अनुष्का का कहना है कि उन्हें इस चयन की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार मैदान पर मेहनत कर रही थीं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग पर काफी काम किया है। खुद को मानती हैं बेहतर ऑलराउंडरअनुष्का खुद को एक बेहतर ऑलराउंडर मानती हैं। उनका कहना है कि गुजरात जायंट्स की टीम में खेलने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय सीनियर महिला टीम में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन मध्य क्रम है और वह टीम को संतुलन देने में विश्वास रखती हैं। उनका लक्ष्य बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाना है। शुरुआत में घर की छत पर क्रिकेट खेलती थीं अनुष्का अनुष्का की इस उपलब्धि पर उनके भाई आयुष और पिता बृजमोहन शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सीनियर महिला टीम में चयन होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अनुष्का की इस सफलता में उनकी मां नीलम शर्मा और बड़े भाई आयुष शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिता बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सबसे पहले उनके बेटे आयुष ने ही अनुष्का की क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना था। आयुष को 2010 में क्रिकेट खेलते देखकर अनुष्का की भी इसमें रुचि बढ़ी और दोनों भाई-बहन घर की छत पर ही क्रिकेट खेला करते थे। पहले मैच में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता अनुष्का कंपू के मेला हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक कैंप में शामिल हुईं। उस कैंप में लड़कों की टीम थी, जिसमें अनुष्का एकमात्र लड़की थीं और उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रिकेट के कई गुर सीखे। इसके बाद अनुष्का का सफर नहीं रुका और उनकी सफलता का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2017 में अनुष्का मध्य प्रदेश की अंडर-16 टीम में शामिल हुईं और अपने पहले ही टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता। अनुष्का के बारे में अन्य जानकारीअनुष्का का जन्म 5 अप्रैल 2003 को ग्वालियर में हुआ था। अनुष्का ग्वालियर सिटी सेंटर एजी ऑफिस पुल के पास स्थित माधव नगर की रहने वाली हैं, अनुष्का का पहला स्कूल शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल था, इसके बाद अनुष्का ने अन्य स्कूलों में अपनी 10th और 102th की परीक्षा पास की थी।अनुष्का का पहला कॉलेज झांसी हाईवे रोड पर स्थित आईटीएम कॉलेज है। आईटीएम कॉलेज से अनुष्का बैचलर फिजिकल एजुकेशन से कोर्स कर रही है और उसका यह लास्ट ईयर है। पनीर-दही और साउथ इंडियन खाना पसंद अनुष्का के बड़े भाई आयुष ने बताया कि अनुष्का को खाने में ज्यादा पनीर, दही, दाल और चावल पसंद हैं, इसके अलावा अनुष्का को बेनों डोसा व इडली भी पसंद है। अनुष्का को ज्यादा पंजाबी गाने और भजन सुनना पसंद हैं। आयुष ने बताया कि जब भी अनुष्का ग्वालियर आती है तो वह आधे घंटे का समय निकालकर फुलवा गुरुद्वारे के पास स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर जरूर जाती और वहां पर हनुमान चालीसा का पाठ करती हैं। भाई की शादी में शामिल होकर तुरंत लौटीं ट्रेनिंग पर भाई आयुष ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर को ग्वालियर से थी, जिसमें शामिल होने के लिए अनुष्का 21 नवंबर की सुबह ग्वालियर पहुंची थीं और 23 तारीख की सुबह ही वापस ट्रेनिंग करने के लिए चंडीगढ़ लौट गई थी।
अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी का फाइनल:छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच होगा खिताबी मुकाबला
राजनांदगांव में शहर का अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में ‘अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी लीग’ (सब-जूनियर बालिका वर्ग) का फाइनल खेला जाएगा। खिताब के लिए मेजबान छत्तीसगढ़ और हॉकी मध्यप्रदेश आमने-सामने होंगी। हॉकी इंडिया और खेलो इंडिया के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। लीग चरण में दोनों टीमों के बीच खेले गए मुकाबले ने फाइनल की रोमांचक झलक पहले ही दिखा दी थी। छत्तीसगढ़ की ओर से 41वें मिनट में रिया खलको ने शानदार गोल कर बढ़त दिलाई, लेकिन मध्यप्रदेश ने भी दमदार वापसी करते हुए 45वें मिनट में नौसीन नाज के गोल से मैच बराबरी पर ला दिया। अंततः यह मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, जिसने दोनों टीमों की ताकत और संतुलन को साफ कर दिया। मुख्य बातें: फाइनल मुकाबला मंगलवार सुबह 7:30 बजे स्थान: अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, राजनांदगांव खिताबी भिड़ंत: छत्तीसगढ़ vs हॉकी मध्यप्रदेश लीग मैच 1-1 से ड्रॉ, दोनों टीमों का प्रदर्शन दमदार अंक तालिका में मध्यप्रदेश पहले, छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र तीसरे और राजस्थान चौथे स्थान पर टीम को पुरस्कार राशि प्रतियोगिता के संयोजक मृणाल चौबे के अनुसार, विजेता टीम को ₹1,80,000, उपविजेता को ₹1,44,000, जबकि तीसरे और चौथे स्थान की टीमों को ₹90,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ हॉकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव और अध्यक्ष फिरोज़ अंसारी ने बताया कि फाइनल मुकाबले के साथ ही समापन समारोह भी आयोजित होगा। उन्होंने खेल प्रेमियों से अपील की है कि बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें। मैचों के दौरान कई गणमान्य अतिथि और खेल प्रेमी मौजूद रहे। प्रतियोगिता का संचालन तकनीकी टीम के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
कोटा के नांता थाना क्षेत्र के नया खेड़ा इलाके में रविवार को दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मामले में सोमवार शाम को दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। घटना का वीडियो आज सामने आया है। बाइक सवारों ने शुरू की तोड़फोड़ पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर को नया खेड़ा इलाके के शंकर ढाबे पर 4 से 5 लोगों ने ढाबे पर तोड़फोड़ की। वहां मौजूद लोगों ने उनका विरोध किया तो उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। झगड़े में दोनों पक्षों के करीब 5 से 6 लोग घायल हो गए। घायलों को एमबीएस हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। हॉस्पिटल में भी विवाद घटना के बाद जब दोनों पक्ष अस्पताल पहुंचे तो वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला। ढाबा मालिक घायल विष्णु ने आरोप लगाया है कि बदमाश लूटपाट के इरादे से ढाबे में घुसे थे और विरोध करने पर मारपीट की। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है। झगड़े में घायल अन्य लोगों की पहचान ब्रजमोहन, निर्मल, लोरीक गुर्जर, ओम के तौर पर हुई है। नांता थाना के एएसआई दुर्गालाल ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। देखिए मारपीट के PHOTOS- …. ये खबर भी पढ़ें कोटा में हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में 2 गुट भिड़े:पुलिस के सामने गेट तोड़ा, पार्षद पति पर हमला किया, VIDEO सामने आया कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में 2 गुटों के बीच झड़प हो गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। 6-7 युवकों के ग्रुप ने पहले इमरजेंसी वार्ड का गेट तोड़ दिया, और फिर हॉकी और डंडे लेकर अंदर घुस गए। इसके बाद दोनों गुटों के सदस्य आमने-सामने आ गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। (पूरी खबर पढ़ें)
भोलाथ हॉकी कप: आरजीएचए की गर्ल्स टीम ने जीएनडीयू को 5-1 से हराकर जीता खिताब
राउंडग्लास हॉकी एकेडमी (आरजीएचए) की गर्ल्स टीम ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) अमृतसर के खिलाफ 5-1 से जीत दर्ज की
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह को प्रदेश सरकार की तरफ से क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी (आरएसओ) बनाया गया है। ओलंपिक में हॉकी में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य राजकुमार पाल (गाजीपुर) को डीएसपी का पद मिला है। आज, मंगलवार को लोक भवन में सीएम योगी आदित्यनाथ कुल 6 खिलाड़ियों को अधिकारी के पद पर नियुक्ति का प्रमाण पत्र देंगे। रानी लक्ष्मी बाई और लक्ष्मण पुरस्कार का भी वितरण करेंगे। कुल 6 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बने अधिकारी खेल निदेशक आरपी सिंह ने बताया- झांग झोऊ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य अलीगढ़ के रिंकू सिंह, ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य राजकुमार पाल निवासी गाजीपुर को डीएसपी, पैरा एथलेटिक्स में ऊंची कूद में पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता गौतमबुद्ध नगर के प्रवीण कुमार, पेरिस पैरा ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक विजेता इटावा के अजीत सिंह को जिला पंचायती राज अधिकारी बनाया गया है। पैरा ओलंपिक में 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक विजेता सुमिरन निवासी गाजियाबाद को जिला पंचायती राज अधिकारी और मुजफ्फरनगर की रहने वाली पैरा एथलेटिक्स में 100 और 200 मीटर में कांस्य जीतने वाली कांस्य पदक विजेता प्रीतिपाल को खंड विकास अधिकारी के नियुक्त पत्र दिए जाएंगे। खिलाड़ियों को दी जाएगी आर्थिक मदद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले नौ खिलाड़ियों को वर्ष 2024-25 के लिए लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड दिया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों को तीन लाख 11 हजार रुपए की धनराशि और कांस्य प्रतिमा दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के 14 खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ 64 लाख की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। 19 अन्य खिलाड़ियों को एकलव्य क्रीड़ा कोष के तहत 8.75 लाख रुपए दिए जाएंगे। इन खिलाड़ियों को मिलेगा पुरस्कार लक्ष्मण अवॉर्ड (सामान्य वर्ग) खिलाड़ी - जनपद - खेल उत्तम सिंह - गाजीपुर - हॉकी अभिजीत कुमार -प्रयागराज - जिम्नास्टिक जोंटी कुमार - गौतमबुद्ध नगर - कुश्ती रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड (सामान्य वर्ग) खिलाड़ी - जनपद - खेल प्राची सहारनपुर एथलेटिक्स तान्या चौधरी बागपत एथलेटिक्स वंतिका अग्रवाल गौतमबुद्ध नगर शतरंज लक्ष्मण अवॉर्ड (पैरा वर्ग) खिलाड़ी - जनपद - खेल यश कुमार - आगरा - पैरा कनौइंग प्रवीण कुमार - गौतमबुद्ध नगर- पैरा एथलेटिक्स रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड (पैरा वर्ग) खिलाड़ी - जनपद - खेल प्रगति केसरवानी- लखनऊ- पैरा टेबल टेनिस पदक विजेता खिलाड़ी खिलाड़ी - जनपद - खेल - धनराशि विनय - गोरखपुर - पैरा पावरलिफ्टिंग - 40 लाख विक्रांत - बालियान - मेरठ वुशू - 15 लाख सागर दांगी - बागपत - शूटिंग - 15 लाख भानु पाठक - गोरखपुर - पर्वतारोही -15 लाख दीपक कुमार- गाजियाबाद - पर्वतारोही - 15 लाख तनुश्री पांडेय - लखनऊ - सॉफ्ट टेनिस - 14 लाख ओम यादव - लखनऊ - सॉफ्ट टेनिस - 12 लाख राजकुमार पाल - गाजीपुर - हॉकी - 10 लाख यश कुमार - आगरा - पैरा कैनोइंग - 10 लाख मुस्कान यादव - प्रयागराज - सॉफ्ट टेनिस - छह लाख अभय सिंह - वाराणसी - क्याकिंग व कनोइंग - पांच लाख श्रवण कुमार - बागपत - शूटिंग - तीन लाख यश तोमर - बागपत शूटिंग - दो लाख ईशान खान - बागपत - शूटिंग दो लाख ……………………………… यह खबर भी पढ़िए बंदर ने बच्ची को काटा-युवक डरकर दूसरी मंजिल से कूदा: लखनऊ में घरों में घुसकर कर रहे हमला, पीड़ितों की आपबीती पढ़िए लखनऊ के राजाजीपुरम की सपना कॉलोनी के लोग इन दिनों खौफ के साए में जी रहे हैं। यहां बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग सड़कों पर ही नहीं, अपने घरों के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। ड्राइंग रूम से लेकर किचन और बेडरूम तक में घुसकर बंदर हमला कर रहे हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
हॉकी लीग: मध्यप्रदेश व मेजबान छत्तीसगढ़ फाइनल में पहुंच गई
हॉकी इंडिया और खेलों इंडिया के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ हाकी द्वारा अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी लीग अंतर राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेली जा रही है। मध्यप्रदेश और मेजबान छत्तीसगढ़ फाइनल में पहुंच चुकी है। कल 24 मार्च को खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। स्पर्धा में तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र रही और हॉकी राजस्थान ने चौथा स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ हाकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि महिला हॉकी को प्रोत्साहन देने भारत में अस्मिता हाकी का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्तर की जोन से संबंधित कुल चार टीमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित मेजबान छत्तीसगढ़ की टीमों ने भाग लिया। स्पर्धा के संयोजक मृणाल चौबे ने बताया इस स्पर्धा में प्रथम चार स्थान तक आने वाली टीमों को नगद राशि से सम्मानित किया जाएगा। प्रथम 1 लाख 80 हजार, द्वितीय 1 लाख 44 हजार, तीसरा और चौथा पुरस्कार 90 हजार है। हॉकी मध्यप्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त करते हुए तथा मेजबान छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान प्राप्त करते हुए फाइनल में जगह बनाई। तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र रही वहीं हॉकी राजस्थान चौथा स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता का फाइनल मैच व समापन समारोह मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाक़ी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने दर्शकों से उपस्थिति का आग्रह किया है।
एड्रियन डिसूजा: भारतीय हॉकी का जुझारू गोलकीपर, अजलान कप में देश को दिलाया स्वर्ण पदक
एड्रियन डिसूजा की गिनती भारतीय हॉकी के जुझारू गोलकीपर में की जाती है। एड्रियन ने भारतीय टीम के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू साल 2004 में किया था। वह साल 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक और 2006 में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। एड्रियन डिसूजा ने भारत के लिए 100 से ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेले और अपनी शानदार गोलकीपिंग के दम पर भारत को कई मैचों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। एड्रियन का जन्म 24 मार्च 1984 को मुंबई के मलाड में हुआ। एड्रियन को शुरुआत से ही हॉकी के खेल में खास रुचि थी और उम्र बढ़ने के साथ-साथ इस खेल से उनका लगाव भी बढ़ता चल गया। हालांकि, एड्रियन के लिए राह आसान नहीं थी। इसका कारण था कि उस समय इस खेल में सुविधाएं काफी कम थीं। क्रिकेट के मुकाबले हॉकी को कम महत्व मिलता था, जिससे आगे बढ़ना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी और स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करके अपनी जगह बनाते चले गए। एड्रियन साल 2004 में खेले गए एथेंस ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। साल 2004 में एड्रियन को प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसके बाद साल 2006 में हुए विश्व कप में भी एड्रियन डिसूजा ने अपने खेल से काफी प्रभावित किया। एशिया कप 2007 में एड्रियन ने भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम किरदार निभाया। उन्होंने टूर्नामेंट में कई गोल का बचाव किया। एड्रियन डिसूजा ने भारत के लिए 100 से ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेले और अपनी शानदार गोलकीपिंग के दम पर भारत को कई मैचों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। एड्रियन का जन्म 24 मार्च 1984 को मुंबई के मलाड में हुआ। एड्रियन को शुरुआत से ही हॉकी के खेल में खास रुचि थी और उम्र बढ़ने के साथ-साथ इस खेल से उनका लगाव भी बढ़ता चल गया। हालांकि, एड्रियन के लिए राह आसान नहीं थी। इसका कारण था कि उस समय इस खेल में सुविधाएं काफी कम थीं। क्रिकेट के मुकाबले हॉकी को कम महत्व मिलता था, जिससे आगे बढ़ना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी और स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करके अपनी जगह बनाते चले गए। Also Read: LIVE Cricket Score हॉकी के खेल में एड्रियन डिसूजा को 'रशिंग तकनीक' को लोकप्रिय बनाने के लिए भी जाना जाता है। रशिंग तकनीक एक आक्रामक तकनीक है, जिसमें खिलाड़ी तेजी से रक्षात्मक क्षेत्र से निकलकर विरोधी के गोल क्षेत्र पर हमला करते हैं। हालांकि, साल 2012 में एड्रियन डोपिंग विवाद में भी फंसने के बाद एड्रियन डिसूजा की भारतीय टीम में दोबारा वापसी नहीं हो सकी। डोपिंग विवाद के चलते उन पर एक साल का बैन लगा दिया गया था। हालांकि, एड्रियन की अपील के बाद इस बैन को बाद में घटाकर तीन महीने का कर दिया गया था। Article Source: IANS
छत्तीसगढ़ देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। इन खेलों का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल के बीच राज्य के तीन शहरों रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। इन खेलों में कुल 7 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। जिनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा मल्लखंभ और कबड्डी को डेमो गेम के तौर पर रखा गया है। देशभर के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2000 से अधिक आदिवासी खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेंगे। स्पेसिफिक छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश से 200 से अधिक खिलाड़ी KITG में भाग लेंगे। गेम्स शुरू होने से पहले भास्कर ने पार्टिशिपेट करने वाले खिलाड़ियों और उन्हें तैयार करने वाले कोच से खास बातचीत की है। कोच और खिलाड़ियों दोनों को ही ट्राइबल गेम्स से बड़ी उम्मीद है।पहली उम्मीद बेहतर परफॉर्म करने यानी खुद से है और दूसरी सरकार से। खिलाड़ी कहते हैं कि हम अब भी दूसरे राज्यों की तुलना में पीछे हैं, ट्रेनिंग और सपोर्ट और बेहतर मिल सकता है। पढ़िए ये रिपोर्ट… अच्छा एक्सपोजर और खेल बेहतर होने की उम्मीद भास्कर ने वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और हॉकी के प्लेयर्स से बातचीत की है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रदेश में अभी खेल में बहुत काम होना बाकी है। सुधार की गुंजाइश है, ट्राइबल गेम्स इसमें पहला बड़ा स्टेप साबित हो सकता है। हमने अपनी ओर से तैयारी पूरी कर ली है, अब इंतजार गेम शुरू होने का है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी छत्तीसगढ़ के बेहतर गेम खेल पाएं और ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते। वहीं खिलाड़ियों का ये भी कहना है कि अगर सुविधाएं और बेहतर गाइडेंस सरकार की ओर से मिलना चाहिए। कोच बोले: सपोर्ट मिल रहा लेकिन मेडल लाने के लिए और जोर लगाना होगा भास्कर से बात करते हुए कोच बोले कि हमें सुविधाएं मिल रही हैं। बच्चों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। लेकिन इम्प्रूवमेंट का स्कोप बहुत ज्यादा है। साइंटिफिक ट्रेनिंग, फैकल्टी मेंबर्स और मेडिकल सपोर्ट ये तीन ऐसे वर्टिकल हैं। जहां हमें और जोर देना होगा। ट्रेनिंग कैम्प के लिए कुछ और वक्त मिलता तो ज्यादा बेहतर होता। हालांकि ट्राइबल गेम से मिलने वाला एक्सपोजर बहुत फायदेमंद रहेगा। ये बहुत बड़ी बात है कि छत्तीसगढ़ इसे होस्ट कर रहा है। हॉकी की सीनियर कोच रश्मि ने कहा, पूरी कोशिश रहेगी कि मेडल टेबल पर हमारा नाम दिखे। तैयारी तो काफी की है। अब खेल दिखाने का वक्त है। ये इवेंट बच्चों के करियर के लिए महत्वपूर्ण है। फुटबॉल की सीनियर कोच सरिता खुजूर टोप्पो ने कहा, आखिरी बार भी हमने ट्राइबल फुटबाल गेम्स भुवनेश्वर में गोल्ड जीता था। इस बार भी बहुत उम्मीदें हैं। टीम में जशपुर, सुकमा, बस्तर के बच्चे ज्यादा हैं। छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा खिलाड़ी लेंगे हिस्सा छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश के 201 से अधिक खिलाड़ी इस गेम में हिस्सा लेंगे। इनमें 111 पुरुष खिलाड़ी और 90 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। फुटबॉल में कुल 52 खिलाड़ी (26 पुरुष, 26 महिला) हैं।यह एकमात्र खेल है, जिसमें पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या बराबर है। इसके बाद हॉकी के 43 खिलाड़ी और एथलेटिक्स के 42 खिलाड़ी शामिल होंगे। तीरंदाजी में 11 खिलाड़ी, तैराकी में 17 खिलाड़ी, वेटलिफ्टिंग में 17 खिलाड़ी और कुश्ती में 19 खिलाड़ी शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए। 23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के दिवंगत बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) के लिए जारी किया गया लोगो और मैस्कॉट आदिवासी संस्कृति, परंपरा और खेल भावना का अनूठा संगम पेश करते हैं। यह डिजाइन भारत के आदिवासी समाज की ऊर्जा, विविधता और जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है। कई एजेंसियों के सहयोग से आयोजन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसमें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलिंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघ छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति का सहयोग है। इन खेलों के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप रखे जाएंगे।
गाजीपुर। पेरिस ओलंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन करने वाले हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल अब उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी का पद संभालेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 मार्च को लखनऊ में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसी समारोह में राजकुमार पाल और उनके गांव के ही एक अन्य हॉकी खिलाड़ी उत्तम सिंह को लक्ष्मण पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने 18 फरवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वर्ष 2024 की घोषणा को लागू करने का आग्रह किया था। सरकार ने अब इस घोषणा को पूरा कर दिया है। राजकुमार पाल और उत्तम सिंह दोनों सैदपुर तहसील के करमपुर गांव के निवासी हैं और एक ही प्रशिक्षण केंद्र से निकले हैं। करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्टेडियम वर्ष 1983 से ग्रामीण खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल सामग्री और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इस स्टेडियम को प्रतिभाओं की नर्सरी माना जाता है, जहां से अब तक 17 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। ओलंपियन राजकुमार पाल का सफर संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने बांस की हॉकी स्टिक से खेलना शुरू किया था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब वे अपनी खेल उपलब्धियों के आधार पर डीएसपी पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजकुमार पाल के ओलंपिक पदक और उत्तम सिंह की खेल उपलब्धियों ने गाजीपुर और पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। एक ही गांव और एक ही अकादमी से दो खिलाड़ियों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
100 मीटर दौड़ में जशपुर के गोविंद और सूरजपुर की अंजु ने मारी बाजी
संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के दूसरे दिन खेल मैदानों पर उत्साह और रोमांच का माहौल रहा। जिला स्तर की बाधाएं पार कर पहुंचे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन कर रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल मेडल की दौड़ में अपनी जगह बनाई है, बल्कि अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से खेल प्रेमियों का दिल भी जीत लिया है। बास्केटबॉल खेलने आई महिला खिलाड़ियों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शासन ने एक ऐसा मंच प्रदान किया है, जहां अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में गोविंद गुप्ता जशपुर प्रथम, सईल अंसारी सूरजपुर द्वितीय और अभिषेक कश्यप बलरामपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं 17 साल से अधिक आयु वर्ग में एमसीबी जिले के टीनाग. उमेश्वर राव प्रथम, जितेन्द्र चौधरी बलरामपुर द्वितीय और शेर सिंह सरगुजा तृतीय स्थान पर रहे। महिला वर्ग में 17 वर्ष से कम आयु में रिया तिर्की जशपुर प्रथम, संजना सिंह सूरजपुर द्वितीय और बबीता बलरामपुर तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में अंजु सिंह सूरजपुर प्रथम, एमसीबी जिले के अंकिता यादव द्वितीय और अनीषा पन्ना जशपुर तृतीय स्थान पर रहीं। संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का समापन समारोह गरिमामय होगा। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और खेल जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व बाईचुंग भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। 200 मीटर दौड़ में 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में अरुण कुमार अम्बिकापुर प्रथम, राकेश एक्का जशपुर द्वितीय और नीतिश कुमार सूरजपुर तृतीय स्थान पर रहे। 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में सिमरन सिंह कोरिया प्रथम, संगीता सूरजपुर द्वितीय और निर्मला बलरामपुर तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग महिला में स्नेहा कोरिया प्रथम, सुमन एमसीबी द्वितीय और मानती सूरजपुर तृतीय स्थान पर रहीं। हॉकी के मैदान में जशपुर की बेटियों का रहा जलवा महिला हॉकी के मुकाबलों में जशपुर जिले की टीम ने तकनीकी कौशल और सटीक तालमेल के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम की कप्तान सुप्रिया तिग्गा ने इस मंच के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल के ट्राइबल बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा निखारने के लिए यह एक शानदार मंच मिला है।
छत्तीसगढ़ देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। इन खेलों का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल के बीच राज्य के तीन शहरों – रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा – में किया जाएगा। इन खेलों में कुल 7 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। जिनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा मल्लखंभ और कबड्डी को डेमो गेम के तौर पर रखा गया है। देशभर के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2000 से अधिक आदिवासी खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेंगे। स्पेसिफिक छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश से 200 से अधिक खिलाड़ी KITG में भाग लेंगे। गेम्स शुरू होने से पहले भास्कर ने पार्टिशिपेट करने वाले खिलाड़ियों और उन्हें तैयार करने वाले कोच से खास बातचीत की है। कोच और खिलाड़ियों दोनों को ही ट्राइबल गेम्स से बड़ी उम्मीद है। पहली उम्मीद बेहतर परफॉर्म करने यानी खुद से है और दूसरी सरकार से। खिलाड़ी कहते हैं कि हम अब भी दूसरे राज्यों की तुलना में पीछे हैं, ट्रेनिंग और सपोर्ट और बेहतर मिल सकता है। पढ़िए ये रिपोर्ट… अच्छा एक्सपोजर और खेल बेहतर होने की उम्मीद भास्कर ने वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और हॉकी के प्लेयर्स से बातचीत की। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रदेश में अभी खेल में बहुत काम होना बाकी है। सुधार की गुंजाइश है, ट्राइबल गेम्स इसमें पहला बड़ा स्टेप साबित हो सकता है। हमने अपनी ओर से ट्राइबल पूरी कर ली है, अब इंतजार गेम शुरू होने का है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी छत्तीसगढ़ के बेहतर गेम खेल पाएं और ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते। वहीं खिलाड़ियों का ये भी कहना है कि अगर सुविधाएं और बेहतर गाइडेंस सरकार की ओर से मिलना चाहिए। कोच बोले: सपोर्ट मिल रहा लेकिन मेडल लाने के लिए और जोर लगाना होगा भास्कर से बात करते हुए कोच बोले कि हमें सुविधाएं मिल रही हैं। बच्चों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। लेकिन इम्प्रूवमेंट का स्कोप बहुत ज्यादा है। साइंटिफिक ट्रेनिंग, फैकल्टी मेंबर्स और मेडिकल सपोर्ट ये तीन ऐसे वर्टिकल हैं। जहां हमें और जोर देना होगा। ट्रेनिंग कैम्प के लिए कुछ और वक्त मिलता तो ज्यादा बेहतर होता। हालांकि ट्राइबल गेम से मिलने वाला एक्सपोजर बहुत फायदेमंद रहेगा। ये बहुत बड़ी बात है कि छत्तीसगढ़ इसे होस्ट कर रहा है। छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा खिलाड़ी लेंगे हिस्सा छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश के 201 से अधिक खिलाड़ी इस गेम में हिस्सा लेंगे। इनमें 111 पुरुष खिलाड़ी और 90 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। फुटबॉल में कुल 52 खिलाड़ी (26 पुरुष, 26 महिला) हैं।यह एकमात्र खेल है, जिसमें पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या बराबर है। इसके बाद हॉकी के 43 खिलाड़ी और एथलेटिक्स के 42 खिलाड़ी शामिल होंगे। तीरंदाजी में 11 खिलाड़ी, तैराकी में 17 खिलाड़ी, वेटलिफ्टिंग में 17 खिलाड़ी और कुश्ती में 19 खिलाड़ी शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए। 23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्व. बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) के लिए जारी किया गया लोगो और मैस्कॉट आदिवासी संस्कृति, परंपरा और खेल भावना का अनूठा संगम पेश करते हैं। यह डिजाइन भारत के आदिवासी समाज की ऊर्जा, विविधता और जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है। कई एजेंसियों के सहयोग से आयोजन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसमें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघ छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति का सहयोग है। इन खेलों के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप रखे जाएंगे।
राजनांदगांव में स्थानीय अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेली जा रही अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन मेजबान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की। जहाँ छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी, वहीं मध्य प्रदेश ने राजस्थान पर गोलों की बरसात कर एकतरफा जीत हासिल की। दिन का पहला मुकाबला मेजबान छत्तीसगढ़ और हॉकी महाराष्ट्र के बीच खेला गया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। खेल के 29वें मिनट में जर्सी नंबर 10 मधु सिंदर ने फील्ड गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। खिलाडियों का जबरदस्त प्रदर्शन रहा मैच के अंतिम क्वार्टर में दुबी रावत (51वें मिनट) और जिज्ञासा कश्यप (58वें मिनट) ने गोल दागकर छत्तीसगढ़ की 3-0 से जीत सुनिश्चित की। दूसरे मैच में हॉकी मध्य प्रदेश ने अपना दबदबा कायम रखते हुए राजस्थान को 20-0 के विशाल अंतर से पराजित किया। मध्य प्रदेश की ओर से नौशीन नाज़ ने सर्वाधिक 6 गोल किए। अन्य स्कोरर में नम्मी गीताश्री ने 4 गोल, भाविका और प्रियांशी भंवर ने 3-3 गोल किए। अक्सा खान, विभा सिंह, साजिदा बेगम और रोली बाल्मीकि ने 1-1 गोल का योगदान दिया। मैच शुरू होने से पहले अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुश्री अनिशा साहू ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी परमजीत सिंह, मृणाल चौबे (संयोजक), नीलम चंद जैन और भूषण साव सहित खेल जगत की अन्य हस्तियां मौजूद रहीं। मैच के सफल संचालन में तकनीकी डेलीगेट वंदन रघुवंशी, निर्णायक प्रिया दुबे, अनामिका शर्मा, राजवीर कौर, कुलदीप कौर और अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनांदगांव में अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में ‘अस्मिता वेस्ट जोन सब-जूनियर बालिका हॉकी प्रतियोगिता’ की शुरुआत हुई। पहले दिन छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ने शानदार जीत दर्ज की। यहाँ से भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकलेंगे प्रतियोगिता के उद्घाटन मैच में मेजबान छत्तीसगढ़ ने राजस्थान को 17-1 के बड़े अंतर से पराजित किया। जिसमें मधु सिदार ने 13 गोल किए। वहीं, मध्य प्रदेश ने महाराष्ट्र को 10-0 से मात दी, जिसमें नौशीन नाज़ ने 5 गोल दागे। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष किरण रविंद्र वैष्णव ने किया और कहा, राजनांदगांव को विश्व स्तर पर हॉकी की 'नर्सरी' के रूप में जाना जाता है। पिछले एक साल में यहाँ चार बड़े आयोजनों का होना गौरव की बात है। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकलेंगे। आयोजन में कई खेल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में विजेता टीम को ₹1.80 लाख, उपविजेता को ₹1.44 लाख और तीसरे-चौथे स्थान पर ₹90 हजार का पुरस्कार मिलेगा।
सरगुजा ओलंपिक-2026 के 3 दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन 21 से 23 मार्च तक किया जाएगा। इसका शुभारंभ सीएम विष्णुदेव साय पीजी कॉलेज मैदान में करेंगे। 12 खेल विधाओं में संभाग के सभी जिलों के करीब दो हजार से अधिक खिलाड़ी प्रतियोगी में हिस्सा लेंगे। अंबिकापुर के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सूरजपुर के कुदरगढ़ धाम जाएंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली है। खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउंड, पीजी कॉलेज के हॉकी स्टेडियम, सेंट जेवियर्स स्कूल, गांधी स्टेडियम, गांधी स्टेडियम के मल्टीपरपज हॉल में किया जाएगा। दो हजार से अधिक खिलाड़ी होंगे शामिल संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता 2026 में कुल 2190 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें 1044 महिला और 1146 पुरुष शामिल हैं। यह प्रतियोगिता दो आयु वर्गों 17 वर्ष से कम और 17 वर्ष से अधिक में होगी। सरगुजा ओलंपिक में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, दौड़, बैडमिंटन, रस्साकसी समेत 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता आयोजित होंगी। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ी अंबिकापुर पहुंच गए हैं। कुदरगढ़ भी जाएंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंबिकापुर में सरगुजा ओलंपिक के शुभारंभ समारोह के बाद कृषि विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेला 2026 में शामिल होंगे। अंबिकापुर के बाद मुख्यमंत्री सूरजपुर के कुदरगढ़ जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुदरगढ़ में 185 करोड़ और 10 लाख के विकास कार्यों की सौगात देंगे। वे मां कुदरगढ़ देवी मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन-अर्चन करेंगे। कुदरगढ़ में इस वर्ष कुदरगढ़ महोत्सव का आयोजन 23 मार्च से किया गया है। इसके पूर्व ही मुख्यमंत्री यहां पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम 12.00 बजे से 1.00 बजे- सरगुजा ओलंपिक 2026, अंबिकापुर 01.40 बजे से 2.30 बजे- राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेला 2026, अंबिकापुर 3.10 बजे से 4.10 बजे- कुदरगढ़ महोत्सव, 2026, कुदरगढ़ ओड़गी, सूरजपुर
सहरसा स्टेडियम को आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना में संभावित बदलावों का जिले के खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संघों ने विरोध किया है। शुक्रवार को इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्टेडियम में प्रस्तावित तीरंदाजी मैदान के स्थान पर पूर्व निर्धारित एथलेटिक्स ट्रैक और फुटबॉल मैदान के निर्माण की मांग की। स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की मांग खेल संघों के अनुसार, पहले की योजना में स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, मल्टीपरपस हॉल और प्रशासनिक भवन का निर्माण शामिल था। हालांकि, हाल ही में उन्हें जानकारी मिली है कि एथलेटिक्स और फुटबॉल सुविधाओं की जगह तीरंदाजी मैदान विकसित करने की तैयारी चल रही है। संघों ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि कोसी प्रमंडल में तीरंदाजी के लिए उपयुक्त माहौल विकसित नहीं है, जबकि एथलेटिक्स और फुटबॉल यहां पहले से ही काफी लोकप्रिय खेल हैं। उन्होंने बताया कि एथलेटिक्स ट्रैक बनने से उसके भीतर फुटबॉल मैदान भी तैयार हो सकेगा, जिससे एक साथ दो प्रमुख खेलों को बढ़ावा मिलेगा। नक्शे में कुछ व्यावहारिक बदलावों का सुझाव ज्ञापन में खेल प्रतिनिधियों ने स्टेडियम के नक्शे में कुछ व्यावहारिक बदलावों का भी सुझाव दिया। उन्होंने नए प्रशासनिक भवन की बजाय खिलाड़ियों के लिए छात्रावास निर्माण की मांग की। इसके अतिरिक्त, बाहरी परिसर में प्रस्तावित मल्टीपरपस हॉल का स्थान बदलकर इंडोर स्टेडियम के पूर्वी हिस्से में करने का सुझाव दिया गया, ताकि उत्तर बिहार क्रिकेट एकेडमी को बचाया जा सके। संघों ने अतिरिक्त शौचालयों के स्थान पर वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी और खो-खो के स्थायी कोर्ट बनाने की भी मांग की। उन्होंने स्टेडियम के पूर्वी हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कर खेल गतिविधियों के लिए विकसित करने का आग्रह किया। शहर के अन्य मैदानों, जैसे जिला स्कूल, केंद्रीय विद्यालय या पटेल मैदान में हॉकी या क्रिकेट के लिए टर्फ मैदान विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। बुनियादी खेल सुविधाओं का विकास आवश्यक प्रतिनिधियों ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद, सहरसा के लगभग 40 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और विभिन्न खेलों में पदक भी जीते हैं। ऐसे में, बुनियादी खेल सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने वालों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, साइक्लिंग, बैडमिंटन और कबड्डी सहित कई खेल संघों के पदाधिकारी शामिल थे।
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

