लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मतांतरण और उत्पीड़न के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है।
CJI सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट: केरल कांग्रेस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को निशाना बनाने वाली केरल कांग्रेस की विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है।
New Delhi, 31 अक्टूबर . इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026-27 में Saturday को चेन्नईयन एफसी ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (मरीना एरिना) में केरल ब्लास्टर्स एफसी के खिलाफ एक…
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026-27 में शनिवार को चेन्नईयन एफसी ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (मरीना एरिना) में केरल ब्लास्टर्स एफसी के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबला खेला, जो 0-0 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
INDIA गठबंधन के 'Chalo Delhi' प्रदर्शन में शामिल होंगे Kerala के मुख्यमंत्री VD Satheesan
केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन रविवार को नयी दिल्ली में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के ‘चलो दिल्ली’ प्रदर्शन में शामिल होंगे। सतीशन ने कहा कि इसका उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़ी चिंताओं को उठाना है। सतीशन ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह रामलीला मैदान में लाखों नागरिकों के साथ लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े होंगे। उन्होंने कहा,“यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इस बात की दृढ़ घोषणा है कि जब लोकतंत्र खतरे में होगा, तब हम चुप नहीं रहेंगे।”मुख्यमंत्री ने लोगों से एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले ‘चलो दिल्ली’ प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने हाल ही में लोगों से विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के एक नवंबर के ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल होने का आग्रह किया था। उन्होंने लोगों से पुलिस और उसकी लाठियों की चिंता नहीं करने को कहा था। राहुल ने कहा था कि रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का ‘चलो दिल्ली’ मार्च लोकतंत्र को बचाने, ‘‘वोट चोरी’’ को समाप्त करने और संविधान की रक्षा करने के लिए है।
दलित छात्रा पर जातिसूचक टिप्पणी के मामले में Kerala की मंत्री KA Thulasi ने की सख्त कार्रवाई की मांग
केरलम की मंत्री के. ए. तुलसी ने स्कूल कला महोत्सव के एक निर्णायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन पर 17 वर्षीय दलित छात्रा के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। साथ ही, मंत्री ने छात्रा का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उसे एक सरकारी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का अवसर भी दिया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने इस हालिया घटना के संबंध में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने सामान्य शिक्षा और गृह मामलों के मंत्रियों को भी पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। यहां कट्टक्कडा तालुक के वीरानाकावु की 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हाल ही में आयोजित स्कूल कला महोत्सव के दौरान एक निर्णायक ने कथित तौर पर जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां कीं। निर्णायक पर छात्रा की त्वचा के रंग और शारीरिक बनावट को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। बयान के अनुसार, छात्रा के माता-पिता ने मंत्री से मिलकर शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। मंत्री ने अधिकारियों को छात्रा को न्याय दिलाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। छात्रा का आत्मविश्वास बहाल करने के उद्देश्य से मंत्री तुलसी ने छह दिसंबर को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए आवास योजना के उद्घाटन समारोह में उसे नृत्य प्रस्तुति देने का अवसर दिलाने की व्यवस्था की है। बयान में कहा गया है कि तुलसी ने छात्रा को खुद फोन कर इस अवसर की जानकारी दी और उसे अपनी कलात्मक रुचियों को आगे बढ़ाने में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
OMG! केरल के इस शख्स ने अपने घर पर ही कर दी केसर की खेती, अब एक ग्राम की कीमत मिल रही 650 रूपए
केसर की खेती आमतौर पर कश्मीर के ठंडे इलाकों में होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि अब केरल में भी इसकी खेती की जा रही है। केरल के त्रिशूर में रहने वाले एक व्यक्ति ने खास तकनीक की मदद से अपने घर के अंदर ही केसर उगाना शुरू किया है। केशर उगाने के लिए वह AI की मदद से टेम्परेचर, ह्यूमिडिटी और लाइटिंग को कंट्रोल करते हैं, जिससे केसर के पौधों को सही माहौल मिल सके। कश्मीर घूमने के दौरान केरल के जेम्स कप्पानी को केसर की खेती करने का विचार आया था। शुरुआत में उसने इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे ये काम कारोबार में बदल गया। अब वह उगाए गए केसर को 650 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से बेच रहा है। आइए जानते हैं क्या है उनकी कहानीकैसे आया केसर की खेती करने का विचार30Stades की रिपोर्ट के अनुसार, जेम्स कप्पानी को केसर उगाने का विचार साल 2022 में आया था। उस समय वह काम के सिलसिले में कश्मीर के पंपोर गए थे। नवंबर के महीने में वहां बैंगनी फूलों से भरे खेत देखकर वह काफी प्रभावित हुए। जब उन्होंने स्थानीय लोगों से इन फूलों के बारे में पूछा, तो उन्हें पता चला कि ये केसर के फूल हैं। इन फूलों के अंदर मौजूद लाल रंग के रेशों से ही केसर तैयार किया जाता है। इसके बाद उनके मन में खुद केसर की खेती करने का विचार आया।सब्जियां विदेश भेजने की थी योजनाउन्होंने बताया, मैंने तुरंत सोचना शुरू कर दिया कि क्या मैं इसे केरल में अपने घर पर उगा सकता हूं। साल 2022 में सऊदी अरब से लौटने के बाद मैं अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहता था। इससे पहले मैंने वहां मिलिट्री विभाग में 20 साल तक काम किया था। केसर की खेती से पहले कप्पानी ने केरल से सब्जियां विदेश भेजने का कारोबार शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन स्थानीय बाजार में पर्याप्त सब्जियां नहीं मिलने के कारण उन्हें मुंबई और तमिलनाडु से सामान मंगवाना पड़ा। इससे उन्होंने अपनी योजना बदलने का फैसला किया।पहली बार में मिली असफलताकप्पानी ने कश्मीर से एक किलो केसर के कंद खरीदे और उनकी खेती शुरू की, लेकिन सही जानकारी नहीं होने की वजह से उनका पहला प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने केसर की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। रिसर्च के दौरान कप्पानी को पता चला कि केरल जैसे गर्म मौसम वाले इलाके में केसर उगाने के लिए घर के अंदर ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जहां तापमान, नमी और रोशनी को जरूरत के अनुसार कन्ट्रोल किया जा सके।कैसे शुरू की केसर की खेतीसाल 2025 में जेम्स ने त्रिशूर में अपने घर की छत पर 150 वर्ग फीट की जगह में केसर की खेती शुरू की। इसके लिए उन्होंने खास तरह का सेटअप तैयार किया, जिसमें तापमान और नमी को नियंत्रित करने के लिए चिलर, ह्यूमिडिफायर और डीह्यूमिडिफायर लगाए। पौधों को सही रोशनी देने के लिए ग्रो लाइट्स का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने खेती के लिए एरोपोनिक्स तकनीक अपनाई, जिसमें पौधों की जड़ों तक पानी और जरूरी पोषक तत्वों को हल्की फुहार के जरिए पहुंचाया जाता है।30Stades के मुताबिक, जेम्स के बेटों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा सिस्टम बनाया है, जो अपने आप रोशनी, तापमान और नमी को नियंत्रित करता है। इससे खेती में बार-बार हाथ से काम करने की जरूरत नहीं पड़ती। परिवार के लोग सिर्फ केसर की फसल काटने और उसे तैयार करने के लिए कमरे में जाते हैं।650 रुपये प्रति ग्राम बेचा केसरखेती की पूरी व्यवस्था तैयार होने के बाद कप्पानी ने कश्मीर के पंपोर से 150 किलो केसर के कंद खरीदे। इसके लिए उन्होंने प्रति किलो 2,500 से 3,000 रुपये खर्च किए और इन कंदों को 180 वर्टिकल ट्रे में लगाया। पहली बार में उन्हें करीब 400 ग्राम केसर मिला, जिसे उन्होंने अपने ब्रांड के नाम से 650 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर बेचा। अब 2026 में उन्होंने दोबारा केसर उगाने की प्रक्रिया शुरू की है और इस बार उन्हें करीब 500 ग्राम फसल मिलने की उम्मीद है।विदेश में भी बेचने का मिल सकता है मौकाकप्पानी ने अपना केसर फार्म तैयार करने के लिए पुणे, बेंगलुरु और कोच्चि से जरूरी सामान मंगवाया और स्थानीय चीजों का भी इस्तेमाल किया। वह केसर के फूलों से बची पंखुड़ियों को भी बेकार नहीं जाने देते, बल्कि उनसे बेबी ऑयल, नहाने का साबुन और केसर वाला शहद जैसे उत्पाद बनाते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त कमाई होती है। उनके मुताबिक इस तरीके से एक ही फसल से कई तरह के उत्पाद तैयार करके कमाई के अलग-अलग रास्ते बनाए जा सकते हैं। कप्पानी अपने बनाए उत्पादों को इंटरनेट के जरिए और दुकानों के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। इसके अलावा, उनके कारोबार ने रूस में अपने उत्पाद बेचने को लेकर एक समझौता भी किया है। इस पहल से उनके ब्रांड को भारत के बाहर भी पहचान मिलने और विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है।लोगों को दे रहें सलाहअब कप्पानी अपने केसर फार्म को बढ़ाने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी इस खेती से जोड़ना चाहते हैं। इसके लिए वह इच्छुक लोगों को केसर उगाने की ट्रेनिंग देते हैं और ऑटोमेटिक तरीके से चलने वाली यूनिट लगाने में उनकी मदद करते हैं। उनके मुताबिक, 250 वर्ग फुट जगह में ऐसी यूनिट तैयार करने पर करीब 15 लाख रुपये का खर्च आ सकता है। इसमें 240 से 300 तक वर्टिकल ट्रे लगाई जा सकती हैं और इस व्यवस्था से लगभग एक किलो केसर का उत्पादन किया जा सकता है।
नाबालिगों को शराब परोसने पर होगी कार्रवाई, उम्र जांचना बार मालिकों की जिम्मेदारी: केरल आबकारी मंत्री
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ममूटी से भी संपर्क करेगा माकपा, पार्टी केरल सचिव गोविंदन बोले- बातचीत से परहेज नहीं
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November Trip: केरल के Munnar में चाय बागानों और Tata Tea Museum से लेकर खूबसूरत झीलों तक घूमें
नवंबर का महीना घूमने के लिए बेहद खास होता है। इस दौरान न तो अधिक गर्मी होती और न ही सर्दी। इस दौरान घूमने के लिए के लिए दक्षिण भारत के सबसे पसंदीदा टूरिस्ट स्पॉट्स में मुन्नार का नाम सबसे पहले आता है। केरल में स्थित मुन्नार अपने हरे-भरे चाय के बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है। यदि आप नवंबर में मुन्नार घूमने का प्लान बना रहे, तो यह लेख आपके लिए एकदम परफेक्ट होता है। असल में मानसून के बाद यहां का मौसम बहुत ही सुहाना हो जाता है। पहाड़ियां हरी-भरी नजर आती हैं और झरने भी काफी खूबसूरत दिखाई देते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे जगहों के बारे में जो आपकी मुन्नार की यात्रा को बेहद शानदार बना देगा। चाय के बागान और टाटा टी म्यूजियम गौरतलब है कि मुन्नार की पहचान उसके दूर-दूर तक फैले चाय के बागान हैं। मुन्नार की घुमावदार सड़कों से गुजरते हुए आप चाय की पत्तियां की महक को हवा में महसूस कर सकते हैं। वहीं, आप यहां पर टाटा टी म्यूजियम जाकर आप चाय बनाने की पूरी प्रक्रिया, उसके इतिहास और प्रोसेसिंग को काफी करीब से देख सकते हैं। इधर आप फ्रेश चाय का स्वाद ले सकते हैं। अट्टुकड़ वॉटरफॉल यहां पर ऊंची पहाड़ियां और घने जंगलों के बीच से गुजरता अट्टुकड़ झरना देखने में काफी खूबसूरत लगता है। मानसून के बाद झरने का पानी में उफान देखने को मिलता है। ट्रेकिंग और प्रकृति की खूबसूरती के बीच समय बिताने के लिए ये जगह काफी शानदार है। मट्टुपेट्टी बांध और झील मुन्नार से करीब 13 किमी की दूरी पर स्थित मुट्टुपेट्टी बांध एक मशहूर पिकनिक स्पॉट है। यहां की शांत झील में आप स्पीड बोटिंग या पैडल बोटिंग का मजा ले सकते हैं। इसके साथ ही झील के किनारे फैले टी गार्डन का नजारा और भी खूबसूरत लगते हैं। एरावीकुलम नेशनल पार्क यदि आपको वन्यजीव देखने काफी शौक है और आपको एडवेंचर काफी पसंद हैं, तो आप एरावीकुलम नेशनल पार्क आपके लिए सबसे परफेक्ट है। यहां पर आप पश्चिमी घाट के जंगली बकरे नीलगिरी तहर को देख सकते हैं, जो कि लुप्त होने की कगार पर हैं। इसके साथ ही, दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुडी भी इसी नेशनल पार्क में है। इको प्वॉइंट मट्टुोपेट्टी डैम से कुछ ही दूरी पर इको प्वाइंट हैं, जहां से जोर से बोलने पर आवाज गूंजती हुई सुनाई देती है। जब आप पहाड़ियों की ओर जोर से चिल्लाते हैं, तो आपकी आवाज वापिस गूंजकर आती है। खूबसूरत झील और चारों तरफ घने पेड़ों से घिरा ये पॉइंट घूमने की बेहतरीन जगह है।
Nipah मरीजों को एक्सपायरी Remdesivir देने के मामले में जांच के बाद कार्रवाई: Kerala स्वास्थ्य मंत्री
केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निपाह के मरीजों को रेमडेसिविर की ‘एक्सपायरी’ (इस्तेमाल की अवधि समाप्त हो चुकी) दवा दिए जाने के आरोपों की जांच कर रही विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। विधानसभा में कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया था कि 2021 में खरीदी गई रेमडेसिविर दवा की एक्सपायरी तारीख मई 2023 थी, लेकिन संभव है कि कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को यह दवा 2025 तक दी गई हो। यहां संवाददाताओं से बातचीत में मुरलीधरन ने कहा कि विधानसभा में दी गई जानकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट आने तक वह इस मामले में कोई और टिप्पणी नहीं करेंगे। मुरलीधरन ने कहा कि सरकार इस बात की जांच करेगी कि क्या निपाह के मरीजों की मौत का संबंध एक्सपायरी दवा दिए जाने से था और क्या यह दवा लेने वाले अन्य मरीजों पर भी इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेमडेसिविर की गुणवत्ता या उसकी प्रभावकारिता को लेकर कोई चिंता नहीं है। जांच का मुद्दा केवल यह है कि क्या मरीजों को इस दवा की एक्सपायरी खुराक दी गई थी। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को वैधता अवधि के भीतर यह दवा दी गई थी, वे ठीक हो गए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि विवाद दवा की प्रभावकारिता को लेकर नहीं, बल्कि उसकी एक्सपायरी तारीख को लेकर है। समिति इस बात की भी जांच करेगी कि दवा की खरीद और आपूर्ति कैसे की गई, इसमें बिचौलियों की क्या भूमिका रही और केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (केएमएससीएल) ने किस तरह काम किया।
रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में मुंबई और सौराष्ट्र ने बड़ी जीत दर्ज की। मुंबई के स्पिनर तनुष कोटियन ने दूसरी पारी में 8 विकेट लिए। इसकी बदौलत टीम ने फॉलोऑन देने के बाद हरियाणा की दूसरी पारी 256 रन पर समेट दी। फिर बिना विकेट गंवाए 97 रन का टारगेट हासिल कर लिया। वहीं सौराष्ट्र के लेफ्ट आर्म स्पिनर पार्थ भूट ने भी दूसरी पारी में 8 विकेट हासिल किए। इसकी बदौलत सौराष्ट्र ने असम को पारी और 12 रन से हरा दिया। वहीं बंगाल ने केरल को 287 रन से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। अंगकृष रघुवंशी ने 39 गेंद पर 67 रन की तेज पारी खेली बंगाल के प्रदीप्त प्रमाणिक ने 6 विकेट लिए बंगाल के प्रदीप्त प्रमाणिक ने केरल की दूसरी पारी में 51 रन देकर 6 विकेट लिए। उन्होंने तीसरे दिन दूसरी पारी में गिरे चारों विकेट लिए थे और चौथे दिन सुबह दो और विकेट हासिल किए। केरल की टीम दूसरी पारी में 120 रन पर सिमट गई। बंगाल ने यह मुकाबला 287 रन से जीता। विदर्भ ने गोवा को पारी और 27 रन से हराया विदर्भ के हर्ष दुबे ने गोवा की दूसरी पारी में 38 रन देकर 4 विकेट लिए। उन्होंने अर्धशतक बनाने वाले मंथन खुटकर (70) को आउट करने के बाद यश कसवांकर का विकेट लिया। इसके बाद निचले क्रम को समेटकर गोवा की दूसरी पारी 195 रन पर खत्म की। विदर्भ ने पारी और 27 रन से जीत दर्ज की। कर्नाटक की पारी और 116 रन से जीत कर्नाटक के कप्तान श्रेयस गोपाल ने त्रिपुरा की दूसरी पारी में 36 रन देकर 5 विकेट लिए। त्रिपुरा की टीम दूसरी पारी में 180 रन ही बना सकी। कर्नाटक ने यह मुकाबला पारी और 116 रन से जीता। रेलवे ने 128 रन का टारगेट दिया था रेलवे के गेंदबाज तौफिक उद्दीन मंडल ने तमिलनाडु की दूसरी पारी में 50 रन देकर 4 विकेट लिए। उन्होंने दूसरी पारी में गिरे पांच में से चार विकेट हासिल किए, लेकिन रेलवे को जीत नहीं दिला सके। तमिलनाडु ने 128 रन का लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम किया। गुजरात ने 446/5 पर पारी घोषित की, मैच ड्रॉ गुजरात ने महाराष्ट्र के खिलाफ दूसरी पारी में 446/5 रन बनाकर पारी घोषित की। आर्या देसाई ने नाबाद 151 रन बनाए, जबकि जयमीत पटेल 119 रन बनाकर नाबाद रहे। उर्विल पटेल ने 96 रन बनाए। महाराष्ट्र ने मुकाबला ड्रॉ करा लिया। जम्मू-कश्मीर के अब्दुल समद ने शतक लगाया जम्मू-कश्मीर के अब्दुल समद ने 152 गेंद पर 143 रन बनाए, जबकि साहिल लोत्रा 96 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 225 रन की साझेदारी की। इससे टीम 53/4 के स्कोर से उबरकर बड़ौदा के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रही। आकाश वशिष्ठ का नाबाद शतक हिमाचल प्रदेश के आकाश वशिष्ठ ने चंडीगढ़ के खिलाफ नाबाद 126 रन बनाए। उनकी पारी की मदद से हिमाचल ने 559/6 रन बनाए। चंडीगढ़ ने पहली पारी में 685/5 रन बनाकर पारी घोषित की थी। यह मुकाबला ड्रॉ रहा। उत्तर प्रदेश-पुडुचेरी मुकाबला ड्रॉ उत्तर प्रदेश के कार्तिक यादव ने 42 रन देकर 6 विकेट लिए, लेकिन पुडुचेरी को बढ़त लेने से नहीं रोक सके। पुडुचेरी ने मुकाबले में बढ़त हासिल कर ड्रॉ सुनिश्चित किया।
प्रवासी मलयालियों के लिए नए विकल्प की तैयारी, केरल सरकार ने खत्म की लोक केरल सभा
तिरुवनंतपुरम, 29 अक्टूबर . दुनिया भर में रहने और काम करने वाले लाखों प्रवासी मलयालियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बनाई गई लोक केरल सभा को…
वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar
केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की चुनावी हार का कारण 'वोट चोरी' के उनके दावे नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और उनका शासन रिकॉर्ड है। ANI से बात करते हुए, चंद्रशेखर ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कई राष्ट्रीय और विधानसभा चुनाव हार चुकी है, हालांकि हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल जैसे कुछ राज्यों में इसके अपवाद रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि इससे किसी को हैरानी हुई है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के कुछ चुनावों को छोड़कर, हर चुनाव हारी है। वे हर राष्ट्रीय चुनाव और हर विधानसभा चुनाव हारे हैं - 2014, 2019, 2024। और यह सिलसिला दशकों तक जारी रहेगा, जिसकी वजह एक सीधा-सा सच है। इसे भी पढ़ें: Kerala Model का काला सच! 115 दिनों से प्रोटेस्ट, सिर मुंडवाया लेकिन कांग्रेस चुप क्यों? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस अपने वादों को पूरा करने में विफल रही। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर 2004-2014 के अपने कार्यकाल के दौरान अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और लोगों का शोषण करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस देश और कई राज्यों की जनता ने कांग्रेस पार्टी को शासन करने और अपने जीवन में बदलाव लाने का मौका दिया था। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने क्या किया? 2004 से 2014 का ही उदाहरण ले लीजिए। कांग्रेस पार्टी जहां भी जाती है, वहां अर्थव्यवस्था को बर्बाद करती है, भ्रष्टाचार फैलाती है और लोगों का शोषण करती है। फिर वे वापस आते हैं और झूठ बोलकर वोट मांगते हैं। जनता यह बात जानती है। यह 'वोट चोरी' का मुद्दा नहीं है, बल्कि जनता का यह फैसला है कि अब 'चोरों' को वोट नहीं देना है। और हर चुनाव में यही देखने को मिल रहा है। भाजपा नेता ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी आरोप लगाया कि वे चुनावी धांधली के आरोप लगाकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करके अपनी हताशा जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी और खड़गे की हताशा उनके झूठ, उनकी धोखाधड़ी वाली राजनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों और अपशब्दों में साफ झलकती है। चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि लोग मोदी का समर्थन करना जारी रखेंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री लोगों के जीवन और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के काम करने के तरीकों की तुलना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जनहित के बजाय अपने परिवार के सदस्यों के हितों को प्राथमिकता दी है। इसे भी पढ़ें: Kochi Car Accident केस में चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, Commissioner बदलने के बाद जज को राहत उन्होंने कहा भारत का भविष्य 'विकसित भारत' है। भारत की जनता नरेंद्र मोदी जी का समर्थन करती रहेगी, क्योंकि वे हाल के इतिहास के इकलौते ऐसे नेता हैं जो लोगों के जीवन और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। वे सिर्फ अपने दामाद, साले, बहू या पोते-पोतियों को फायदा पहुंचाने का काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस चुनाव हारती रहेगी क्योंकि वह अपनी हार के असली कारणों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, इसीलिए वे चुनाव हारेंगे, लेकिन चूंकि वे इस सच्चाई का सामना नहीं कर सकते, इसलिए वे लगातार धोखाधड़ी और झूठ की कहानियां गढ़ते रहेंगे। इस बीच, बुधवार को प्रधानमंत्री... नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए MLC चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि 4 बड़े राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए। ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?
Mahua Moitra को Supreme Court का सुझाव, Parliament में चर्चा की मांग करें
सुप्रीम कोर्ट ने वैकल्पिक निवेश कोषों के अंतिम लाभार्थी मालिकों और पोर्टफोलियो का सार्वजनिक खुलासा करने संबंधी सेबी को निर्देश देने के अनुरोध वाली महुआ मोइत्रा की याचिका का निपटारा किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी कानूनी ढांचे के अभाव में अदालत सेबी को अंतिम लाभार्थी मालिकों के बारे में इस तरह की सार्वजनिक जानकारी देने का निर्देश नहीं दे सकती। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी याचिका दायर करने के लिए तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा से सवाल किया और सुझाव दिया कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Women Health के लिए वरदान है Shatavari, Hormonal Balance और बेहतर नींद में मददगार याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि इन निवेश माध्यमों के 'अंतिम लाभार्थी मालिकों' (अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनर्स) का खुलासा न किए जाने से शेयर बाजार में अस्पष्टता पैदा हुई है और इससे हेरफेर (मैनिपुलेशन) की गुंजाइश बन गई है। भूषण ने कहा कि विदेशी इकाइयों के जरिए भारतीय कंपनियों में बड़ी रकम निवेश की जा रही है, लेकिन असल निवेशकों की पहचान का पता नहीं है। उन्होंने कहा, जो लोग विदेशी इकाइयों के जरिए हमारी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, हमें नहीं पता कि वे कौन हैं और क्या वे सेबी (SEBI) के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आज इस बात का काफी संदेह है कि भारी निवेश करने वाली इन कंपनियों के जरिए शेयर बाजार में हेरफेर की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि 'अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनर' (वास्तविक लाभार्थी मालिक) की जानकारी देने की जो अनिवार्यता पहले थी, उसे 2018 में खत्म कर दिया गया। इसके बाद, इकाइयों (entities) के लिए केवल 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) का पालन करना ही जरूरी रह गया। अडानी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति की टिप्पणियों का हवाला देते हुए, भूषण ने दलील दी कि जानकारी देने की इस अनिवार्यता को हटाने से नियामक ढांचा कमजोर हो गया है। इसे भी पढ़ें: नाबालिग बेटे के Kochi Mercedes हादसे में फंसे Judge को अग्रिम जमानत, Kerala High Court का आदेश उन्होंने कहा: “मान लीजिए कि किसी कंपनी के शेयर बहुत तेज़ी से और बहुत ज़्यादा ऊपर जा रहे हैं। तब कोई स्टॉक ब्रोकर किसी रिटेल निवेशक से कहता है कि शेयर की कीमत बढ़ रही है, तो क्यों न आप भी इसमें पैसा लगा दें... लेकिन उस निवेशक को यह नहीं पता होता कि शेयर की कीमत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि उसी कंपनी के प्रमोटर AIF या FPI के ज़रिए शेयर खरीद रहे हैं, जिससे शेयर की कीमत ऊपर जा रही है। अगर उसे यह पता चल जाए, तो वह शेयर नहीं खरीदेगा। भूषण ने इस बात पर जोर दिया कि सूचना का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और कई देशों में 'बेनिफिशियल ओनरशिप' (लाभकारी स्वामित्व) का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना अनिवार्य है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया, जिनमें ADR और PUCL मामले शामिल हैं। इन मामलों में, कोर्ट ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, देनदारियों, आपराधिक रिकॉर्ड और शैक्षणिक योग्यताओं का खुलासा करने का निर्देश दिया था, भले ही उस समय इसके लिए कोई कानूनी ढांचा मौजूद नहीं था।
रेस कोर्स मस्जिद में अभी नहीं पढ़ी जा सकेगी नमाज, दिल्ली HC का फैसला, केंद्र ने भी दिया ये आश्वासन
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक नमाज़ी को राहत देने से इनकार कर दिया, जिसने रेस कोर्स मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि जब तक मस्जिद से जुड़े मामले पर कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक इसे गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सैयद अहमद सऊद ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मस्जिद को गिराए जाने के डर और वहां जाने पर लगी कथित पाबंदियों के बीच मस्जिद की सुरक्षा की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान, लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने जस्टिस अनीश दयाल के सामने यह भरोसा दिलाया। केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से दी गई अर्जी पर जल्द से जल्द, यानी चार सप्ताह के भीतर फैसला ले लिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Instagram Account बंद होने पर High Court में रिट नहीं, Civil Suit ही उचित विकल्प उन्होंने कहा इस बीच, हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है। केंद्र ने नमाज़ पढ़ने वाले व्यक्ति के याचिका दायर करने के अधिकार पर सवाल उठाया। सुनवाई के दौरान, दीक्षित ने याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि सऊद के पास अदालत में जाने का कोई आधार (locus) नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर व्यक्तिगत नमाजियों को ऐसी याचिकाएं दायर करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे इस तरह के कई और मामलों के रास्ते खुल सकते हैं। सऊद की ओर से पेश हुए वकील एम. सुफियान सिद्दीकी ने केंद्र के पक्ष पर आपत्ति जताई। याचिका में मस्जिद की सुरक्षा और नमाजियों के लिए वहां जाने की अनुमति मांगी गई है। सऊद का कहना है कि आने-जाने पर लगी पाबंदियों की वजह से नमाजी वहां पहुंचकर नमाज नहीं पढ़ पा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Kerala High Court ने कार हादसे के मामले में न्यायाधीश की गिरफ्तारी पर लगाई रोक याचिका क्या है? यह याचिका सैयद अहमद सऊद नाम के एक नमाज़ी ने दायर की है। उन्होंने मस्जिद की सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि मस्जिद में जाने पर लगी पाबंदियों, और साथ ही बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए जाने की वजह से, मस्जिद के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे पहले हुई एक सुनवाई के दौरान, सिद्दीकी ने दलील दी थी कि मस्जिद को तोड़े जाने का खतरा है। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड पर भी आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ज़रूरी कदम उठाने में नाकाम रहे हैं।
Instagram Account बंद होने पर High Court में रिट नहीं, Civil Suit ही उचित विकल्प
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि संचार और सामाजिक मेलजोल के लिए केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना, अपने आप में कोई सरकारी कार्य या सार्वजनिक कर्तव्य नहीं है। अदालत ने माना कि मेटा प्लेटफॉर्म्स इंडिया को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के रिट अधिकार क्षेत्र में नहीं लाया जा सकता, भले ही इसका प्लेटफॉर्म जानकारी फैलाने और जनमत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हो। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने सार्थक भगत द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। सार्थक भगत ने बिना किसी पूर्व सूचना या जवाब देने का मौका दिए अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को बंद किए जाने को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि हालांकि इंस्टाग्राम सार्वजनिक चर्चा में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसका मुख्य काम अभिव्यक्ति के लिए एक मंच प्रदान करना है; सार्वजनिक चर्चा तो इसके कामकाज का एक परिणाम है, न कि कोई सार्वजनिक कर्तव्य। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court ने Azam Khan और Abdullah Azam को दी जमानत, सजा पर लगाई रोक 27 अक्टूबर के अपने आदेश में अदालत ने कहा प्रतिवादी संख्या 3 न तो किसी सार्वजनिक कर्तव्य के तहत ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है और न ही अपनी सेवाएं देने के लिए कानूनी रूप से मजबूर है; ये सेवाएं स्वैच्छिक हैं और उपयोगकर्ताओं द्वारा संचालित होती हैं। अदालत ने आगे कहा कि मेटा का कामकाज निजी प्रकृति का है और सरकार का कोई भी आदेश कंपनी को राज्य का कोई पारंपरिक कार्य नहीं सौंपता है। अदालत ने माना कि 'मेटा प्लेटफॉर्म्स इंडिया' ऐसा कोई सार्वजनिक कार्य या कर्तव्य नहीं निभाती है, जिसके कारण वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत 'रिट अधिकार क्षेत्र' (writ jurisdiction) के दायरे में आ सके। अदालत ने कहा कि इस निजी इकाई के खिलाफ याचिकाकर्ता के लिए 'सिविल मुकदमा' (civil suit) दायर करना ज्यादा उचित होगा, जिसमें वह (यदि कोई नुकसान हुआ हो तो) मुआवजे की मांग कर सकता है। भगत ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट बिना किसी पूर्व सूचना या जवाब देने के मौके के बिना ही बंद (disable) कर दिए गए। उन्हें भेजे गए नोटिफिकेशन में कहा गया था कि इंस्टाग्राम के 'कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स' (community standards) का उल्लंघन करने के आरोप में अकाउंट बंद किए गए हैं और इसकी जानकारी हमेशा के लिए हटा दी जाएगी। इसमें यह भी कहा गया था कि वह इस फैसले की दोबारा समीक्षा (review) के लिए अनुरोध नहीं कर सकते। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि उसने इंस्टाग्राम के इन-ऐप मैकेनिज्म के जरिए समीक्षा की मांग की थी, लेकिन उसके अकाउंट बहाल नहीं किए गए और न ही उन्हें बंद करने का कोई ठोस कारण बताया गया। उसने अदालत को यह भी बताया कि उसने 11 सितंबर, 2026 को 'सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021' के नियम 3A के तहत 'शिकायत अपीलीय समिति' (Grievance Appellate Committee) के समक्ष अपील दायर की थी। उनके अनुसार, नियमों के तहत तय 30 दिन की अवधि बीत जाने के बावजूद उनकी अपील लंबित रही। इसे भी पढ़ें: नाबालिग बेटे के Kochi Mercedes हादसे में फंसे Judge को अग्रिम जमानत, Kerala High Court का आदेश अदालत ने 'भारत संघ' (Union of India) के खिलाफ भी कोई राहत देने से इनकार कर दिया, क्योंकि ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला कि सरकार ने अपने किसी कानूनी कर्तव्य (statutory duty) की अनदेखी की हो। अदालत ने कहा कि 'रिट ऑफ मैंडमस' (writ of mandamus) - जो एक विशेष न्यायिक उपाय है - तब जारी किया जा सकता है जब किसी सार्वजनिक प्राधिकरण को उसका कानूनी कर्तव्य निभाने के लिए बाध्य करना हो, जिसे निभाने में वह विफल रहा हो। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए तर्कों के आधार पर यह साबित नहीं होता कि सरकार ने अपने किसी कानूनी दायित्व को निभाने में कोई ठोस लापरवाही बरती है या वह इसमें विफल रही है। इसलिए, अदालत ने माना कि 'रिट ऑफ मैंडमस' जारी करने के लिए जरूरी आधार मौजूद नहीं हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता की इस शिकायत को देखते हुए कि 'ग्रिवेंस अपीलेट कमिटी' (शिकायत अपीलीय समिति) के समक्ष उसकी अपील पर निर्णय लेने में देरी हो रही है, अदालत ने समिति को निर्देश दिया कि वह इस अपील पर जल्द से जल्द फैसला ले। उच्च न्यायालय ने इन निर्देशों के साथ याचिका और उसमें लंबित आवेदनों का निपटारा कर दिया।
Allahabad High Court ने Azam Khan और Abdullah Azam को दी जमानत, सजा पर लगाई रोक
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कथित दो पैन कार्ड धोखाधड़ी मामले में गुरुवार को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी है और उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद, दोनों नेता इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे थे। 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसे भी पढ़ें: Instagram Account बंद होने पर High Court में रिट नहीं, Civil Suit ही उचित विकल्प जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने उनकी उस अर्जी को मंजूर कर लिया, जिसमें सजा पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अब उनके जेल से बाहर आने की संभावना है। इससे पहले, 15 अक्टूबर को कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी, एन.आई. जाफरी और एडवोकेट शाश्वत आनंद की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट अनूप त्रिवेदी और एडवोकेट परितोष कुमार मालवीय पेश हुए थे। इसे भी पढ़ें: नाबालिग बेटे के Kochi Mercedes हादसे में फंसे Judge को अग्रिम जमानत, Kerala High Court का आदेश आज़म खान और अब्दुल्ला खान ने दो पैन कार्ड होने के कथित मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं (क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन) दायर की थी। पिछले साल नवंबर में, रामपुर कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभित बंसल ने उन्हें जालसाजी, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और आपराधिक साजिश रचने के अपराधों के लिए IPC की धाराओं 467, 468, 420, 471 और 120-B के तहत दोषी ठहराया था।
नाबालिग बेटे के Kochi Mercedes हादसे में फंसे Judge को अग्रिम जमानत, Kerala High Court का आदेश
केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी, जिनके बेटे का हाल ही में एक कार दुर्घटना में हाथ था, जिसमें एक स्कूटर सवार की मौत हो गई थी। जमानत के मामले में, जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया और कहा कि जज को जांच में सहयोग करना होगा। बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक पुलिस आवेदक को गिरफ्तार नहीं करेगी। हालांकि, उसे आज दोपहर 1:00 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा और जरूरत पड़ने पर, बुलाए जाने पर फिर से आना होगा। आवेदक से पूछताछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। आरोपी जज की ओर से पेश हुए सीनियर वकील पी विजय भानु ने हाई कोर्ट को बताया कि मर्सिडीज दुर्घटना के संबंध में पुलिस स्टेशन में जज से चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। अदालत ने कहा उसे 4 घंटे तक पूछताछ करने की क्या ज़रूरत थी, और अब फिर से पूछताछ क्यों? उसकी गिरफ़्तारी की क्या ज़रूरत है? वह एक न्यायिक अधिकारी हैं। वह जांच में सहयोग करेंगे। हादसे के पीड़ितों की ओर से पेश वकील ने इस फ़ैसले का विरोध किया। उन्होंने उस जज पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है, जो त्रिशूर ज़िले के इरानजालकुडा में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) में तैनात हैं। इसे भी पढ़ें: स्पोर्ट्स कॉलेज के शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं, High Court ने अधिकरण की कार्यवाही रद्द की मामले के बारे में त्रिशूर में MACT जज के 17 वर्षीय बेटे ने मर्सिडीज-बेंज चलाते हुए, इस हफ्ते की शुरुआत में कोच्चि में एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटर सवार की मौत हो गई। नाबालिग के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। कोच्चि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MVA) की धाराओं 181, 183, 199A(1) तथा 199A(2) के तहत एक FIR दर्ज की है। MVA की धारा 199A के तहत, यदि कोई नाबालिग मोटर वाहन से जुड़ा कोई अपराध करता है, तो उसके अभिभावक या वाहन मालिक पर मुकदमा चलाया जाता है और उन्हें ही इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है।
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पटना के गांधी मैदान में दीवाली और छठ की खरीदारी के लिए पटना एक्सपो 2026 शुरू हो गया है। यहां देश भर के उत्पाद, कपड़े, ज्वेलरी, फर्नीचर, ऑटोमोबाइल और खानपान सहित 500 से अधिक स्टॉल एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।
हिंदू वोटों पर CPM का कब्जा, केरल में BJP की राह कठिन: के. एस. राधाकृष्णन
केरल में बीजेपी के सीनियर नेता के.एस. राधाकृष्णन ने कहा कि हिंदुओं के बीच CPM का लंबे समय से चला आ रहा असर और मुसलमानों व ईसाइयों के बीच कांग्रेस का समर्थन होने की वजह से राज्य में बीजेपी के लिए राजनीतिक जगह सीमित हो गई है.
मोनालिसा को पसंद आया साउथ इंडिया, फरमान खान संग शादी के बाद केरल में बसाएंगी नया आशियाना!
प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बनीं मोनालिसा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। मोनालिसा ने परिवार के खिलाफ जाकर अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान संग शादी रचाकर सभी को चौंका दिया है।
The Kerala Story 2 की रिलीज से पहले विवाद गहरा गया है। केरल हाईकोर्ट ने मेकर्स को शुक्रवार से पहले फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कोर्ट में कराने का आदेश दिया है। जबरन धर्म परिवर्तन के कथित विषय पर बनी इस फिल्म के खिलाफ सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की ...
द केरल स्टोरी 2: धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े मुद्दों को फिर किया हाईलाइट
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी 2026 को रिलीज होगी। उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा स्टारर इस फिल्म के कैरेक्टर पोस्टर्स ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। फिल्म को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस भी तेज है।
'द केरल स्टोरी 2' की रिलीज से पहले भावनात्मक प्रेस कॉन्फ्रेंस, 55 पीड़ितों ने सुनाई अपनी सच्ची कहानी
'द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड' की रिलीज से पहले, मेकर्स ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, जिसमें देशभर से आए पीड़ितों और उनके परिवारों को एक साथ लाया गया। यहां उन्होंने उन असल कहानियों को पेश किया, जो इस आने वाली फिल्म का आधार बताई जा रही हैं।
'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' को मिला UA सर्टिफिकेट, विपुल शाह ने सेंसर बोर्ड का जताया आभार
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोज बियॉन्ड' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मेकर्स ने एलान किया है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की तरफ से 'UA' सर्टिफिकेट मिल गया है। इसका मतलब है कि अब यह फिल्म पूरे भारत के सिनेमाघरों में बड़े ...
'द केरल स्टोरी 2' में दिखेगी असली घटनाओं की झलक, विपुल शाह ने बताई फिल्म की तैयारी की पूरी कहानी
'द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड' साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म का आधिकारिक सीक्वल है। 6-7 महीनों की गहन रिसर्च, अदालती दस्तावेजों और असली पीड़ितों के बयानों पर आधारित यह फिल्म तीन युवतियों (सुरेखा, नेहा और दिव्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो धोखे और ...
साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी' के बाद, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एक बार फिर देश को हिला देने वाली कहानी लेकर वापस आ गए हैं। 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' का टीजर आज रिलीज कर दिया गया है, जो रिलीज होते ही इंटरनेट पर आग की ...
विपुल अमृतलाल शाह की 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' को मिली रिलीज डेट, इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक
विपुल अमृतलाल शाह और सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड ने अपनी सबसे ज्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी 2', जिसका आधिकारिक टाइटल 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' है, की रिलीज़ डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने ...
Singer Lucky Ali ने IAS अधिकारी और उनके परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया, शिकायत दर्ज कराई
बॉलीवुड गायक लकी अली ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रोहिणी सिंधुरी, उनके पति और उनके साले पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक लोकायुक्त से संपर्क किया है। इस जानकारी की पुष्टि गायक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की। अपने पोस्ट में गायक ने सभी कथित आरोपियों के नाम बताए। अली के अनुसार सिंधुरी, उनके पति और उनके 'राजनीतिक' साले ने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए सरकारी मशीनरी और पैसे का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार नहीं है जब अली ने कथित जमीन हड़पने का जिक्र किया है। इसे भी पढ़ें: Kerala Police ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया दिसंबर 2022 में, उन्होंने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को एक थ्रेड में टैग किया था और कहा था कि उनके खेत, जो एक ट्रस्ट की संपत्ति है, पर सिंधुरी की मदद से बैंगलोर के भू-माफिया सुधीर रेड्डी और मधु रेड्डी द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रोहिणी सिंधुरी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी डी रूपा मौदगिल के साथ एक और कानूनी लड़ाई में उलझी हुई हैं। पिछले साल 18 फरवरी को सिंधुरी को पता चला कि मौदगिल ने फेसबुक पोस्ट में उनके खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिसमें सिंधुरी पर साथी आईएएस अधिकारियों के साथ उनकी निजी तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया गया था। इससे दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद हुआ, जिसके बाद राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया। 21 फरवरी को सिंधुरी ने मौदगिल को एक कानूनी नोटिस भेजा और बिना शर्त माफी मांगने तथा अपनी प्रतिष्ठा और मानसिक पीड़ा के नुकसान के लिए 1 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा। 24 मार्च को सिंधुरी द्वारा दायर निजी मुकदमे की सुनवाई कर रही बेंगलुरु की एक अदालत ने रूपा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद मौदगिल ने इसे खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया। 21 अगस्त को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद मौदगिल ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जहां मामला लंबित है। pic.twitter.com/GeUF0N9Y4k — Lucky Ali (@luckyali) June 20, 2024
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के कुलपति डॉ. मोहनन कुन्नुमल ने कहा कि कैंपस के अंदर बाहरी बैंड या कलाकारों द्वारा किसी भी परफॉर्मेंस की अनुमति नहीं है.
सनी लियोनी केरल में कर रहीं अपनी मलयालम फिल्म की शूटिंग, सेट से लीक हुआ वीडियो
Sunny Leone: सनी लियोनी बॉलीवुड से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक अपनी एक्टिंग का जलवा दिखा चुकी हैं। अब वह एक नए प्रोजेक्ट के साथ मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सनी ने बीते दिनों अपने अनाम मलयालम प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू की ...

