Pinarayi Vijayan ने Mines Bill का विरोध किया, केरल सरकार से SC जाने की मांग की
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शुक्रवार को केंद्र के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान के संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और खनिज संसाधनों पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करता है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य सरकारों को खनन अधिकारों और खनिज संसाधनों वाली भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकना है। उन्होंने इसे राज्यों के हितों में ‘‘हस्तक्षेप’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भूमि और उसके संसाधन संविधान की सातवीं अनुसूची की प्रविष्टि 18 के तहत राज्य सूची के विषय हैं और आरोप लगाया कि उन पर केंद्र का नियंत्रण संविधान का उल्लंघन है। विजयन ने केरल की संयुक्त लेाकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार से कहा कि वह संशोधित प्रावधानों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करे, क्योंकि उनके अनुसार ये प्रावधान संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह है कि क्या केरल सरकार संघवाद और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र के खिलाफ रुख अख्तियार करने के लिए तैयार है?’’विजयन ने यह आरोप भी लगाया कि यह संशोधन केंद्र की उस ‘‘साजिश’’ का हिस्सा है, जिसके तहत देश के बहुमूल्य खनिज संसाधनों को निजी एकाधिकार वाली कंपनियों को सौंपा जाना है। उनके अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों के खनन को निजी क्षेत्र के लिए खोलना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करना और कॉरपोरेट कंपनियों को भारी मुनाफा कमाने में मदद करना है। उन्होंने विधेयक का जोरदार विरोध करने का आह्वान किया। विजयन ने केरल की यूडीएफ सरकार पर केंद्र की निजीकरण नीतियों का ‘‘समर्थन’’ करने का भी आरोप लगाया। विजयन ने कथित निजीकरण के एजेंडे को केरल के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड (केएमएमएल) को कमजोर करने की कोशिशों से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को निजी कंपनियों से अधिक कीमतों पर अपनी मासिक जरूरत से दोगुने से भी ज्यादा कच्चा माल खरीदने के लिए मजबूर करना संदिग्ध है। विजयन ने कहा, ‘‘जो संस्थान खुद खनन कर सकता है और मुनाफे में चल सकता है, उसका गला घोंटा जा रहा है ताकि निजी एकाधिकार वाली कंपनियों को भारी लाभ कमाने का मौका मिल सके।’’उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को धीरे-धीरे बंद करके उसकी जगह निजी कंपनियों को लाने की एक सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों का विरोध किया जाना चाहिए। हाल ही में, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा था कि राज्य सरकार संशोधन विधेयक का विरोध करेगी।
सतीशन सरकार के आश्वासनों के बाद केरल में 17 दिन का यूपीएसटी आंदोलन हुआ खत्म
सतीशन सरकार के आश्वासनों के बाद केरल में 17 दिन का यूपीएसटी आंदोलन हुआ खत्म
India ने FIFA ASEAN Cup से नाम वापस लिया, Brazil के खिलाफ खेलेगा मैच
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के उप महासचिव एम सत्यनारायणन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने अक्टूबर में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को प्राथमिकता देते हुए पहले फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है। भारत के आगामी टूर्नामेंट से हटने का मतलब यह भी है कि वह फीफा से मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्व एशिया की कुछ प्रमुख टीम के खिलाफ खेलने का मौका गंवा देगा। सत्यनारायणन ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है क्योंकि हम ब्राजील और फीफा आसियान कप दोनों में नहीं खेल सकते।’’ पहली बार आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता की परिकल्पना आसियान क्षेत्र की टीमों के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में की गई थी जिसमें भारत को गैर आसियान प्रतिभागियों में से एक के तौर पर आमंत्रित किया गया था। भारत ने शुरुआत में फीफा के इस नए टूर्नामेंट में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार किया था और बाद में उसे डिवीजन-एक के ग्रुप ए में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया था। यह प्रतियोगिता 21 सितंबर से छह अक्टूबर के बीच फीफा की अंतरराष्ट्रीय विंडो (अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन के लिए निश्चित समय) के दौरान होनी है। हालांकि तीन अक्टूबर को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के खिलाफ भारत के मैच की प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में टकराव पैदा हो गया। इसे भी पढ़ें: Lionel Messi को Kerala लाने के प्रयास में हुई अनियमितताओं की जांच कराएगी सरकार एआईएफएफ ने पहले आसियान कप में अलग या डेवलपमेंटल टीम उतारने की संभावना पर विचार किया था लेकिन अब पूरी तरह हटने और अंतरराष्ट्रीय विंडो का इस्तेमाल मैत्री मुकाबलों के लिए करने का फैसला किया है। ब्राजील के खिलाफ मुकाबले की आधिकारिक घोषणा पिछले महीने की गई थी। इस बीच बृहस्पतिवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक भारत 2026 फीफा विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ भी मैत्री मैच कराने की संभावना तलाश रहा है। इसे भी पढ़ें: Xavi Hernandez बने नीदरलैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच, 1978 के बाद पहले विदेशी केप वर्दे और ईरान के नामों पर चर्चा होने की खबर है। हालांकि एआईएफएफ ने अभी इन मुकाबलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एआईएफएफ का यह फैसला इस साल की शुरुआत में बनाई गई उसकी योजना से महत्वपूर्ण बदलाव है जब उसने फीफा का निमंत्रण स्वीकार करने के साथ ही प्रतियोगिता में भागीदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत 2027 एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहा है और हाल के वर्षों में उसे नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी हासिल करने में भी संघर्ष करना पड़ा है।
Lionel Messi को Kerala लाने के प्रयास में हुई अनियमितताओं की जांच कराएगी सरकार
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना की टीम को राज्य में लाने की कोशिशों के बारे में खेल विभाग की रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा कि ‘‘हर चीज की जांच की जाएगी’’। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस रिपोर्ट की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें बहुत गंभीर आरोप हैं। सरकार इसपर विचार कर रही है। जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’’मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किसी निजी संस्था को अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) के साथ समझौता करने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी? क्या अनुमति देने के लिए अभिरुचि पत्र जारी किया गया था? ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। इसे बस एक कंपनी को दे दिया गया, बिना उसकी बाज़ार कीमत, वित्तीय क्षमता या कोष के स्रोत पर विचार किए। इनमें से किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात पर भी संदेह है कि राज्य सरकार को प्रस्ताव के सभी पहलुओं की जानकारी थी, क्योंकि अलग-अलग जगहों से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं। सतीशन ने कहा कि सरकार इस मामले को देख रही है, लेकिन उससे पहले ही, जब उन्हें इस बारे में शिकायत मिली थी, तो ऐसे आरोप लगे थे कि मुख्यमंत्री एक संस्थान को बंद कराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे मामले का अध्ययन कर रहे हैं’’। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले की जांच करेगी और अगर मामला इतना गंभीर पाया जाता है कि केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराई जानी चाहिए, तो उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन हुआ है। हमारा मानना है कि इसकी उचित जांच होनी चाहिए। जांच का स्वरूप आने वाले दिनों में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पिछली सरकार की भूमिका की भी जांच की जाएगी और यह देखा जाएगा कि क्या उन्होंने राज्य के हितों की रक्षा करने की कोशिश की थी। राज्य के खेल मंत्री ओ. जे. जनीश ने भी मुख्यमंत्री जैसी ही बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और सरकार के पास प्रायोजक और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ के बीच हुए अनुबंध की कॉपी तक नहीं थी। उन्होंने कहा, सरकार के पास इस घटना से जुड़ा कोई रिकॉर्ड या फाइल नहीं है। इसलिए, पूरे मामले की विस्तार से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, जब सरकार के पास कोई रिकॉर्ड या फाइल नहीं थी, तो सरकार के लिए दो निजी पक्षों के बीच अनुबंध की शर्तों को सुविधाजनक बनाने की कोई जरूरत नहीं थी। सतीशन ने अपने संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस सवाल के जवाब में हां कहा कि क्या प्रायोजन राशि के भुगतान से जुड़े मामले में जीएसटी संबंधी कोई अनियमितताएं थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, उस मामले में गंभीर अनियमितताएं हैं। जीएसटी की चोरी हुई है और इसकी जानकारी पूर्ववर्ती सरकार के समय सामने आ गई थी और उसने मामले में नोटिस भी जारी किया था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। जांच ठप पड़ गई। इन सभी मामलों की जांच की जाएगी, सरकार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाए जाएंगे और अधिकारियों की कथित लापरवाही की जांच वित्त विभाग करेगा।’’सतीशन ने कहा, ‘‘हर चीज की जांच की जाएगी और उचित फ़ैसला लिया जाएगा।’’इससे पहले दिन में केरल के पर्यटन और संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा था कि मेस्सी और अर्जेंटीना की टीम को राज्य में लाने का वादा करके लोगों को ‘‘धोखा दिया गया और गुमराह किया गया’’ और इस मामले की जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जांच खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि केरल के लोगों के साथ धोखा हुआ है। लोगों को यह कहकर गुमराह किया गया कि मेस्सी आएंगे। खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी।’’जनीश ने इस मामले में पूर्व मंत्री वी. अब्दुरहमान के दावों को भी खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया था। अब्दुरहमान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अर्जेंटीना की टीम को दोस्ताना मैच के लिए केरल लाने की कोशिश के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-नीत पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी तय प्रक्रियाओं का पालन किया था।
कन्नूर, 13 अगस्त . कन्नूर में सीपीआई(एम) नेताओं द्वारा शुरू की गई शरिया-अनुकूल सहकारी समिति के जमाकर्ताओं के लिए आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है. ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि जमाकर्ता अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं. Chief Minister वीडी सतीशन ने भरोसा दिलाया है कि इन शिकायतों की जांच की जाएगी. ... Read more
सामान्य शिक्षा मंत्री एन. समसुद्दीन ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम के परीक्षा भवन का अचानक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण SSLC सर्टिफिकेट में सुधार और डुप्लीकेट सर्टिफिकेट जारी करने में हो रही देरी की कई शिकायतों के बाद किया गया। मंत्री ने परीक्षा भवन आए आवेदकों की शिकायतें सीधे सुनीं और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान, मंत्री ने पाया कि आवेदकों को सही किए गए और डुप्लीकेट SSLC सर्टिफिकेट पाने में दो से तीन महीने की देरी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अधिकारियों को इस देरी को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। परीक्षा भवन के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि देरी का मुख्य कारण सर्टिफिकेट में सुधार के लिए उन्हें स्कूलों में भेजने और वापस मंगाने की मौजूदा प्रक्रिया थी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रक्रिया को खत्म करने और सर्विस डिलीवरी में तेज़ी लाने के लिए ज़रूरी बदलाव करें। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप मंत्री ने कहा कि इस काम के लिए परीक्षा भवन को तुरंत 60 लैपटॉप दिए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर सर्टिफिकेट जारी किए जाने चाहिए। मंत्री ने खुद भी उन शिकायतों को सही पाया कि परीक्षा भवन के रिसेप्शन पर आने वाली कॉल्स का जवाब नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने परीक्षा भवन के सेक्रेटरी को निर्देश दिया कि रिसेप्शन और सुपरिटेंडेंट के लिए मोबाइल फ़ोन की सुविधा सुनिश्चित की जाए ताकि आवेदकों को समय पर जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवेदकों के इंतज़ार और लंबी लाइनों को कम करने के लिए काउंटरों पर अतिरिक्त स्टाफ़ तैनात किया जाए।
UP में BJP का 'बिहार मॉडल' वाला दांव, 50 हजार की घोषणा से साधेगी महिला वोट?
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव है। भाजपा सरकार विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं के वोट बैंक को पक्का करने के लिए एक बड़ी योजना लागू कर सकती है। इसके तहत महिलाओं को 50-50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। चुनाव से पहले 20,000 की पहली किस्त दी जाएगी। चुनाव के बाद, अगर BJP की सरकार बनती है, तो 10-10,000 की 3 किस्तें दी जाएंगी। सरकार में इस योजना पर बातचीत शुरू हो गई है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को BJP की चुनौती: JPSC Scam पर ट्वीट नहीं, CM हाउस के बाहर धरना दो योगी सरकार ने विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। 'जेन-ज़ी' (Gen-Z) मूवमेंट के बीच, सरकार महिलाओं के वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी योजना पर विचार कर रही है। महिलाओं की मदद, स्वरोज़गार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए एक योजना पर विचार किया जा रहा है। जो योजना तैयार की जा रही है, उसमें सीधी मदद के साथ-साथ स्वरोज़गार और आर्थिक आज़ादी के लिए भी सहयोग शामिल है, और उम्मीद है कि इसे महिला कल्याण विभाग के ज़रिए लागू किया जाएगा। रिपोर्ट्स में उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित योजना की तुलना दूसरे राज्यों में लागू महिलाओं पर केंद्रित आर्थिक सहायता योजनाओं से की गई है। बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने चुनाव के समय महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं शुरू की थीं। UP के प्रस्तावित प्रस्ताव पर भी इसी तरह चर्चा हो रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के लिए योजना का सटीक स्वरूप, पात्रता के नियम, भुगतान का शेड्यूल और इसे लागू करने का तरीका क्या होगा, इस पर अभी सरकार का आधिकारिक फैसला आना बाकी है। इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है। वो भी भाजपा की पाप की कमाई है, जिसे उप्र की धार्मिक महिलाएँ कभी नहीं लेंगी। उप्र की जागरूक महिलाएं पूछ रही हैं जिन दूसरे राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणा करके चुनाव जीता था, वहाँ एक तरफ़ तो देने से आनाकानी कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ पैसे वापस माँग रहे हैं, और जो लौटा नहीं पा रही हैं, उन महिलाओं पर भाजपा थाने-कचहरी, पुलिस-मुक़दमे की निंदनीय कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि देखा जाए तो आज जिस 50000 रुपये सालाना पैसे देने की बात भाजपा सरकार कर रही है वो पैसे पिछले 10 साल में भी दे सकती थी, पर दिया नहीं। मुख्यमंत्री जी ने उप्र की महिलाओं के हक़-अधिकार के हजारों करोड़ रुपये अपने प्रचार पर ख़र्च करके सबको ठेंगा दिखा दिया। 50 हज़ार रुपये हर साल के हिसाब से भाजपा की भ्रष्ट सरकार पिछले 10 साल में महिलाओं के हिस्से का 5 लाख रुपया खा गई और अब केवल 20 हज़ार देने का जुमला परोस रही है। 20 हज़ार रुपया तो 5 लाख रुपये का केवल 4% हुआ, इसका मतलब ये भाजपाई महिलाओं के हक़ का 96% डकार गये। 80:20 की बात करनेवालों ने तो 96:4 करके भ्रष्टाचार का सुपर रिकॉर्ड बना दिया। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप यादव ने कहा कि अगर जुमले वाले 15 लाख रुपये छोड़ भी दें और भाजपा चुनाव में लड़ता दिखने के लिए 20 हज़ार दे भी दे, तो भी जनता का भाजपा सरकार पर 4,80,000 रुपये का बकाया निकलता है। जनाक्रोश के डर से आज भाजपा के नेता, संगी-साथी, कार्यकर्ता, समर्थक, झंडे-बैनर सब डर के मारे भूमिगत हो गये हैं। यहाँ तक कि भाजपा से अब कोई टिकट भी नहीं लेना चाहता है। मंदिर में चोरी और बच्चों पर हमले के बाद भाजपा के पास न तो नैतिकता बची, न साहस इसीलिए वो पैसे का सहारा ले रहे हैं। हम 40000 से करेंगे शुरुआत, जिसमें ‘बढ़ोतरी’ होगी हर साल! देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) के साथ हुए विवादास्पद समझौते की गहन जांच की जा रही है। यह समझौता 2025 में लियोनेल मेसी के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ा था। शुरुआती रिपोर्ट में इसमें गंभीर खामियां और संभावित जीएसटी उल्लंघन सामने आए हैं।
खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' पर बवाल: Priyanka Gandhi ने पूछा - यह कैसी Politics?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 13 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद BJP और RSS द्वारा किए गए 'शुद्धिकरण' हवन की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस कार्यक्रम की निंदा करने और माफ़ी मांगने की मांग की। खरगे ने 8 अगस्त को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत कांग्रेस की रैली में भाषण दिया। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सोच साफ तौर पर बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा को दिखाती है। इसे खारिज किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री को इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भी BJP और RSS की आलोचना की और सत्ताधारी पार्टी पर ऐसी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जो समानता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि BJP-RSS सरकार और उनकी विचारधारा के लिए यह शर्म की बात है कि एक तरफ तो वे 'तिरंगा यात्रा' निकालने और ऐसी पब्लिसिटी करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे नेता और विपक्ष के नेता के मामले में समानता के उस सिद्धांत का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिसकी गारंटी हमारे संविधान ने दी है और जिसे देश और दुनिया मानती है। शैलजा ने इस घटना पर कोई कार्रवाई न करने के लिए उत्तराखंड राज्य सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देखिए, यह बीजेपी शासित राज्य है जहाँ वे बड़े-बड़े दावे करते हैं; ज़रा उस जगह के बारे में सोचिए जहाँ खड़गे जी और हम सबने रैली की थी; वे वहाँ 'शुद्धिकरण' कर रहे हैं। यह किस तरह का 'शुद्धिकरण' है? असल में उत्तराखंड को शुद्धिकरण की ज़रूरत है - ऐसी विचारधारा, ऐसी सोच और ऐसी घटिया मानसिकता से शुद्धिकरण। उत्तराखंड को इस बात से मुक्त करने की ज़रूरत है कि ऐसे लोग सत्ता में हैं, फिर भी ऐसी घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करते। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी इस बीच, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कथित घटना की निंदा की और कहा कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा, Lok Sabha और Rajya Sabha अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
गुरुवार 13 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही मॉनसून सत्र समाप्त हो गया, जिसमें कामकाज बहुत कम हुआ। सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं हुआ और कई बिल बिना बहस के ही पास कर दिए गए। विपक्ष ने NEET पेपर 'लीक', राम मंदिर चंदे की 'चोरी' और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान जैसे मुद्दों पर बार-बार हंगामा किया। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप आखिरी दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजने के कुछ ही देर बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों मौजूद थे। वहीं, राज्यसभा ने चर्चा के बाद 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' पास कर दिया। उच्च सदन की कार्यवाही कुल 37 घंटे 49 मिनट तक चली और 12 बिलों पर पास करने या लौटाने के लिए विचार किया गया। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने समापन भाषण में इस सत्र के दौरान लगातार हंगामे पर अफसोस जताया। बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले राज्यसभा में भी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का मुद्दा उठाया। यह घटना 8 अगस्त, 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष की रैली के बाद हुई थी। खड़गे ने कहा कि छुआछूत की इस हरकत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। यही मेरी मांग है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में बीजेपी का हाथ था। इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इस मामले को गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने को कहा। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी सभापति राधाकृष्णन ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पार्टी या विचारधारा से परे हम सभी इसकी निंदा करते हैं। हम सभी पवित्र हैं और हमें शुद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह इस मामले की जांच कराए और दोषियों को सजा दे। इसमें कोई दो राय नहीं है। मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में मकर द्वार पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच विरोध-प्रदर्शन को लेकर आमना-सामना हुआ। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने गुरुवार को रांची के सदर अस्पताल में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात की। महतो पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद वहां इलाज करा रहे हैं। महतो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में 11 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। 10 अगस्त को पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने के बाद महतो का अभी इलाज चल रहा है। उन्होंने सिविल सर्जन को एक औपचारिक आवेदन देकर बताया कि अपने साथी प्रदर्शनकारियों से अलग होने से उन्हें शारीरिक चोटों की तुलना में ज़्यादा तकलीफ़ हुई है। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप उन्होंने पहले अस्पताल प्रशासन से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे विरोध-प्रदर्शन की जगह पर लौटने की इजाज़त मांगी थी। महतो ने लिखा कि मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर पर इलाज करवा रहा है, लेकिन मेरी आत्मा और मेरा संकल्प उस सत्याग्रह स्थल पर है, जहां छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए एक जायज़ संघर्ष कर रहे हैं। सदर अस्पताल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 11वां दिन है। मेडिकल अधिकारियों को लिखे एक हाथ से लिखे पत्र में, महतो ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे हज़ारों छात्रों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उनकी मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में ज़्यादा पारदर्शिता हो, कई परीक्षाएं रद्द की जाएं और CBI या झारखंड के बाहर के रिटायर्ड जजों के पैनल से मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर एक हफ़्ते के अंदर CBI जांच की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने 2024 में एक्साइज़ कॉन्स्टेबल की शारीरिक परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले 19 लोगों में से हर एक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े की भी मांग की। ABVP ने इस मुद्दे पर 1,200 से ज़्यादा यूनिवर्सिटीज़ में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जबकि इसके नेताओं ने राज्य सरकार की बनाई SIT की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं और इसके गठन में बार-बार किए गए बदलावों का ज़िक्र किया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
जेल में बंद आजम खान से मिले शिवपाल यादव, कहा- सपा सरकार बनी तो उन्हें बनाएंगे गृहमंत्री
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने बुधवार को कहा कि अगर 2027 में राज्य में SP की सरकार बनती है, तो जेल में बंद पार्टी नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आज़म खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सरकार पर आज़म खान के साथ अन्याय करने का आरोप भी लगाया। यादव ने रामपुर ज़िला जेल में खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म से मुलाक़ात के बाद ये बातें कहीं; वहाँ उन्होंने उनके साथ लगभग एक घंटा बिताया। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि अगर SP सत्ता में आती है, तो वह कथित अन्याय के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि खान ने जेल से एक संदेश भेजा है जिसमें SP नेताओं से पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा करने और 2027 में सरकार बनाने की दिशा में काम करने को कहा गया है। यादव ने कहा कि आज़म खान के साथ बहुत अन्याय हुआ है। जब हमारी सरकार बनेगी, तो हम उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे जिन्होंने यह अन्याय किया है। हम आज़म खान के साथ हुए अन्याय का बदला लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर 2027 में SP की सरकार बनती है, तो खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। यादव ने दावा किया कि खान जेल में बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और आरोप लगाया कि उन्हें ज़मीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन्हें दवाइयाँ और कपड़े भी नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान ने जेल से संदेश भेजा है कि हमें पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा करना चाहिए और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनानी चाहिए। हमें दौरे करने चाहिए और अखिलेश यादव से भी पूरे राज्य का दौरा करने के लिए कहना चाहिए। सरकार बनाना ही मुख्य मकसद है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी यादव की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दिन में सपने देख रहे हैं। सिंह ने कहा कि सबसे पहले, आज़म खान को अपने खिलाफ दर्ज बड़ी संख्या में मामलों और कानूनी लड़ाई का सामना करना होगा। उसके बाद ही वे किसी और मुद्दे के बारे में सोच सकते हैं। खान अभी कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में हैं। मई 2026 में, एक MP-MLA कोर्ट ने अलग-अलग जन्म तारीख वाले दो पैन कार्ड से जुड़ी कथित आपराधिक साज़िश के मामले में उनकी सज़ा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी और जुर्माना भी बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Cauvery, Mekedatu प्रोजेक्ट्स पर Karnataka में आज बंद, संगठनों ने दिया नैतिक समर्थन
कन्नड़ समर्थक संगठन 'कन्नड़ ओक्कूटा' ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने और सिंचाई से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के विरोध में बुधवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, प्रवीण शेट्टी और टी.ए. नारायण गौड़ा के नेतृत्व वाले 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' समेत कई संगठनों और संघों ने इस बंद को केवल नैतिक समर्थन दिया है। 'कन्नड़ ओक्कूटा' के अध्यक्ष वताल नागराज ने कहा कि कावेरी मुद्दे और लंबे समय से लंबित मेकेदातु, महादायी और कलसा-बंदूरी प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पूरे राज्य में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रखा जाएगा। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, सरकारी दफ़्तर और स्कूल खुले रहेंगे। ओला-ऊबर ड्राइवर और मालिक संघ, कर्नाटक राज्य ऑटो और टैक्सी फ़ेडरेशन, आदर्श ऑटो यूनियन, रोड ट्रांसपोर्टेशन कॉर्पोरेशन की यूनियन और होटल एसोसिएशन ने भी इस बंद को नैतिक समर्थन दिया है। कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ़ स्कूल्स ने, जिसने पहले बंद का समर्थन किया था, अब सिर्फ़ नैतिक समर्थन देने का फ़ैसला किया है। इसकी वजह यह है कि शिक्षकों को SIR के काम में लगाए जाने के कारण पढ़ाई-लिखाई के काम में रुकावट आ रही है। कई संगठनों के सदस्यों और अध्यक्षों ने कहा कि वे बंद में शामिल नहीं होंगे। कुछ लोगों ने लगातार हो रही बारिश का ज़िक्र किया। कुछ ने कन्नड़ संगठनों के बीच एकता की कमी पर भी चिंता जताई। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने बंद से पहले राज्य की राजधानी में सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं और नागरिकों से बिना किसी डर के अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ जारी रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि स्कूल-कॉलेज, दफ़्तर, दुकानें, कमर्शियल प्रतिष्ठान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी पुलिस ने संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि बंद शांतिपूर्ण रहे। साथ ही, पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए मजबूर न किया जाए, न ही दुकानें या प्रतिष्ठान जबरन बंद कराए जाएं, सड़कें रोकी जाएं या ज़रूरी सेवाओं में बाधा डाली जाए। पुलिस ने कहा कि हिंसा, धमकी, संपत्ति को नुकसान और ट्रैफिक में रुकावट डालने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, कुछ किसान संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Air India Phuket-Delhi Flight: ऑटोपायलट से पहले 3 Hydraulic अलर्ट, क्यों झूले 300 फीट नीचे यात्री?
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट के 'सेंट्रलाइज़्ड फ़ॉल्ट डिस्प्ले सिस्टम' के पोस्ट-फ़्लाइट लॉग से कई चेतावनियों का पता चला है। यह फ़्लाइट अचानक ऊंचाई से 300 फ़ीट नीचे गिर गई थी, जिससे 24 लोग घायल हो गए थे। ये चेतावनियां विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम, फ़्लाइट कंट्रोल और ऑटोपायलट से जुड़ी थीं। इंडिया टुडे के मुताबिक जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट में टर्बुलेंस (हवा के झटकों) की घटना की जांच का दायरा बढ़ गया है। फ़्लाइट के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट में दो-तीन मिनट के अंदर 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज किए गए, जिनमें तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर वॉर्निंग और उसके बाद ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल है। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप यह मेंटेनेंस रिपोर्ट एयरबस A320 एयरक्राफ्ट VT-EXO से जुड़ी है, जिसने फुकेत से दिल्ली के लिए एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 ऑपरेट की थी। रिपोर्ट से पता चलता है कि एयरक्राफ्ट में लगभग एक मिनट के भीतर तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर अलर्ट दर्ज किए गए, जो इसके ग्रीन, येलो और ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े थे। इसके बाद रिकॉर्ड में यह बात सामने आई कि तीन हाइड्रोलिक अलर्ट मिलने के कुछ ही समय बाद ऑटोपायलट बंद हो गया था। सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या हाइड्रोलिक चेतावनियों का ऑटोपायलट के बंद होने और बाद में विमान में टर्बुलेंस की वजह से ऊंचाई में आए बदलाव से कोई संबंध था। रिपोर्ट में उसी दौरान विमान के इमरजेंसी एग्जिट दरवाजों और दूसरे सिस्टम से जुड़ी चेतावनियों का भी ज़िक्र किया गया है। दिल्ली में विमान के उतरने से पहले, मेंटेनेंस रिकॉर्ड में 5:22 GMT पर 'ऑटोपायलट-ऑफ' की दूसरी एंट्री दिखाई देती है। सूत्रों के अनुसार, इस एंट्री से पता चलता है कि उड़ान के दौरान ऑटोपायलट के शुरुआती तौर पर बंद होने के बाद उसे किसी समय फिर से चालू या री-एंगेज किया गया था और बाद में लैंडिंग से पहले उसे फिर से बंद कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी कई अलर्ट मिलने के बावजूद, शुरुआती हाइड्रोलिक वॉर्निंग के बाद भी विमान लगभग 1 घंटे 20 मिनट तक हवा में रहा और फिर सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा। सूत्रों ने बताया कि उड़ान के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है, जो इस घटना की जांच कर रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप
केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने युवा कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और एर्नाकुलम निवासी वैशाख एस. दर्शन (35) को पूर्व भाजपा नेता एवं एरंजोली पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष रतीशन (59) की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उसी दिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि वैशाख ने रतीशन से रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर 25 लाख रुपये लिए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर रतीशन को यात्रा टिकट परीक्षक (टीटीई) पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। रतीशन को भरोसा दिलाया गया था कि इस महीने की शुरुआत में उनकी रकम लौटा दी जाएगी। पुलिस ने कहा कि ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, रतीशन की ओर से कथित रूप से छोड़े गए सुसाइड नोट में भी इन बातों का उल्लेख है। रतीशन का शव तीन अगस्त को थालास्सेरी के नए बस अड्डे स्थित कॉफी हाउस के ऊपर बने अपने कार्यालय कक्ष में फंदे से लटका मिला था। वह उस सुबह घर से निकलकर अपने कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर यह कदम उठाया।
The Kerala Bill 2026: Sanjay Singh ने केरल बिल पर सुनाया, बोले- नाम बदलने से कुछ नहीं होगा | Keralam
Keralam केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाले बिल पर राज्यसभा में चर्चा हुआ. आम आदमी पार्टी की ओर संजय सिंह ने बिल का समर्थन किया. लेकिन ताना मार गए. क्या कुछ बोले देखिए इस वीडियो में
'विरोध प्रदर्शनों को वित्तीय सहायता देना विदेशी फंड का दुरुपयोग नहीं', केरल हाई कोर्ट की टिप्पणी
केरल हाई कोर्ट ने दो एनजीओ के एफसीआरए नवीनीकरण को रद करने के केंद्र के फैसले को पलट दिया, जिन पर विझिंजम विरोध प्रदर्शनों को वित्तीय सहायता देने का आरोप था।
राज्यसभा से केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला विधेयक पारित
New Delhi, 12 अगस्त . राज्यसभा ने Wednesday को केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब दिया. इससे पहले Lok Sabha भी इस विधेयक को पारित कर चुकी है. नित्यानंद राय ने कहा कि 15वीं केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति ... Read more
राज्यसभा से केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला विधेयक पारित
राज्यसभा से केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला विधेयक पारित
ईडी की टीम पर हमले का मामला: केरल पुलिस ने जांच टीम का विस्तार किया
ईडी की टीम पर हमले का मामला: केरल पुलिस ने जांच टीम का विस्तार किया
केरल में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। CPI(M) का दावा है कि कासरगोड में ड्रग्स के साथ पकड़े गए तीन लोगों में से एक, मुख्यमंत्री VD सतीसन की सोशल मीडिया टीम से जुड़ा था। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उस व्यक्ति का मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था। हाल ही में कासरगोड में PA अब्दुल सलाम, KH मुहम्मद हुसैन और PA अब्बास को गिरफ्तार किया गया था, जब पुलिस को एक कार में 130 ग्राम MDMA ले जाते हुए पाया गया। CPI(M) ने अब आरोप लगाया है कि हुसैन, सतीसन के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं। खबरों के मुताबिक, उनके सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल में उन्हें टीम VD सतीसन/सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर बताया गया है, जबकि उनके अकाउंट पर मौजूद पोस्ट में एक वीडियो भी है जिसमें मुख्यमंत्री उनके घर जाते हुए दिख रहे हैं, जब वे विपक्ष के नेता थे। इसे भी पढ़ें: केरल के Kasargod में Savarkar पर क्विज सवाल पूछने पर Teacher Suspended, BJP ने बोला तीखा हमला CPI(M) के राज्य सचिव MV गोविंदन ने इन आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और उनसे सफाई मांगी। गोविंदन ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैन, सतीसन से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुप्स को मैनेज करते थे और कांग्रेस नेता के पोस्टर और वीडियो शेयर करने में शामिल थे। गोविंदन ने कहा कि मुख्यमंत्री VD सतीसन को इस बात का जवाब देना होगा कि उनका अपना ऑफ़िस कथित तौर पर ड्रग नेटवर्क का अड्डा कैसे बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का ऑफ़िस इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को हटवाने के लिए दखल दे रहा है। इसे भी पढ़ें: Kerala High Court ने दो एनजीओ का FCRA नवीनीकरण रोकने का आदेश रद्द किया गोविंदन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी सरकार के ड्रग-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफ़ान' से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रहा था। उन्होंने दावा किया कि एक और आरोपी, अब्दुल सलाम, मुस्लिम लीग के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी के साथ केरल विधानसभा गया था। गोविंदन ने कहा कि गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को अपनी ही पार्टी में ऑपरेशन तूफ़ान चलाना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। राज्य के खेल मंत्री ओजे जनीश ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में दिख रही तस्वीरों में जो व्यक्ति है, वह यूथ कांग्रेस का कोई पदाधिकारी या नेता नहीं है, जैसा कि दावा किया जा रहा था।
टॉप करने के बाद भी नहीं मिली नौकरी! केरल में अभ्यर्थियों ने क्यों खाई घास-मिट्टी?
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए परीक्षा पास करना उनके वर्षों की मेहनत का नतीजा होता है। लेकिन जब परीक्षा में सफलता मिलने और रैंक लिस्ट में नाम आने के बाद भी नियुक्ति पत्र के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़े, तो यह स्थिति उनके लिए काफी परेशान करने वाली बन […]
मेसी केरल आते-आते रह गए, अब जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप
लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के प्रस्तावित केरल दौरे को लेकर खेल विभाग ने अपनी जांच पूरी कर ली है. विभाग ने रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है. इसमें मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के लिए स्पष्ट समझौता नहीं होने जैसे गंभीर सवाल उठने की बात कही गई है. सरकार अब आगे फैसला करेगी.
ओणम 2026: केरल में शुरू हुई तैयारियां, जानिए कब है यह पर्व और क्या है इसका धार्मिक महत्व
केरल का सबसे बड़ा और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण त्यौहार ओणम अब बस आने ही वाला है। मलयलम कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व 'चिंगम' माह में मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से नई फसल के आने की खुशी और राजा महाबली के स्वागत का उत्सव है। हालांकि इस पर्व की ...
चुनाव में हार के बाद केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के सामने मुश्किल चुनौती
सीपीआई(एम) को राज्य में भाजपा की बढ़ती ताकत का ज़ोरदार मुकाबला करना होगा।
मोनालिसा को पसंद आया साउथ इंडिया, फरमान खान संग शादी के बाद केरल में बसाएंगी नया आशियाना!
प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बनीं मोनालिसा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। मोनालिसा ने परिवार के खिलाफ जाकर अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान संग शादी रचाकर सभी को चौंका दिया है।
The Kerala Story 2 की रिलीज से पहले विवाद गहरा गया है। केरल हाईकोर्ट ने मेकर्स को शुक्रवार से पहले फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कोर्ट में कराने का आदेश दिया है। जबरन धर्म परिवर्तन के कथित विषय पर बनी इस फिल्म के खिलाफ सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की ...
द केरल स्टोरी 2: धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े मुद्दों को फिर किया हाईलाइट
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी 2026 को रिलीज होगी। उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा स्टारर इस फिल्म के कैरेक्टर पोस्टर्स ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। फिल्म को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस भी तेज है।
'द केरल स्टोरी 2' की रिलीज से पहले भावनात्मक प्रेस कॉन्फ्रेंस, 55 पीड़ितों ने सुनाई अपनी सच्ची कहानी
'द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड' की रिलीज से पहले, मेकर्स ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, जिसमें देशभर से आए पीड़ितों और उनके परिवारों को एक साथ लाया गया। यहां उन्होंने उन असल कहानियों को पेश किया, जो इस आने वाली फिल्म का आधार बताई जा रही हैं।
'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' को मिला UA सर्टिफिकेट, विपुल शाह ने सेंसर बोर्ड का जताया आभार
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोज बियॉन्ड' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मेकर्स ने एलान किया है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की तरफ से 'UA' सर्टिफिकेट मिल गया है। इसका मतलब है कि अब यह फिल्म पूरे भारत के सिनेमाघरों में बड़े ...
साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी' के बाद, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एक बार फिर देश को हिला देने वाली कहानी लेकर वापस आ गए हैं। 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' का टीजर आज रिलीज कर दिया गया है, जो रिलीज होते ही इंटरनेट पर आग की ...
विपुल अमृतलाल शाह की 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' को मिली रिलीज डेट, इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक
विपुल अमृतलाल शाह और सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड ने अपनी सबसे ज्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी 2', जिसका आधिकारिक टाइटल 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' है, की रिलीज़ डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने ...
विपुल अमृतलाल शाह की 'द केरल स्टोरी 2' की शूटिंग हुई पूरी, फिल्म की रिलीज डेट पर चर्चा हुई तेज
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी' के रिलीज ने काफी हलचल मचा दी थी। अपनी प्रभावशाली कहानी के कारण फिल्म ने दर्शकों पर गहरा असर छोड़ा और बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीते। ताज़ा अपडेट में बताया गया है कि 'द ...
Singer Lucky Ali ने IAS अधिकारी और उनके परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया, शिकायत दर्ज कराई
बॉलीवुड गायक लकी अली ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रोहिणी सिंधुरी, उनके पति और उनके साले पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक लोकायुक्त से संपर्क किया है। इस जानकारी की पुष्टि गायक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की। अपने पोस्ट में गायक ने सभी कथित आरोपियों के नाम बताए। अली के अनुसार सिंधुरी, उनके पति और उनके 'राजनीतिक' साले ने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए सरकारी मशीनरी और पैसे का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार नहीं है जब अली ने कथित जमीन हड़पने का जिक्र किया है। इसे भी पढ़ें: Kerala Police ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया दिसंबर 2022 में, उन्होंने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को एक थ्रेड में टैग किया था और कहा था कि उनके खेत, जो एक ट्रस्ट की संपत्ति है, पर सिंधुरी की मदद से बैंगलोर के भू-माफिया सुधीर रेड्डी और मधु रेड्डी द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रोहिणी सिंधुरी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी डी रूपा मौदगिल के साथ एक और कानूनी लड़ाई में उलझी हुई हैं। पिछले साल 18 फरवरी को सिंधुरी को पता चला कि मौदगिल ने फेसबुक पोस्ट में उनके खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिसमें सिंधुरी पर साथी आईएएस अधिकारियों के साथ उनकी निजी तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया गया था। इससे दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद हुआ, जिसके बाद राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया। 21 फरवरी को सिंधुरी ने मौदगिल को एक कानूनी नोटिस भेजा और बिना शर्त माफी मांगने तथा अपनी प्रतिष्ठा और मानसिक पीड़ा के नुकसान के लिए 1 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा। 24 मार्च को सिंधुरी द्वारा दायर निजी मुकदमे की सुनवाई कर रही बेंगलुरु की एक अदालत ने रूपा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद मौदगिल ने इसे खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया। 21 अगस्त को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद मौदगिल ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जहां मामला लंबित है। pic.twitter.com/GeUF0N9Y4k — Lucky Ali (@luckyali) June 20, 2024
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के कुलपति डॉ. मोहनन कुन्नुमल ने कहा कि कैंपस के अंदर बाहरी बैंड या कलाकारों द्वारा किसी भी परफॉर्मेंस की अनुमति नहीं है.
सनी लियोनी केरल में कर रहीं अपनी मलयालम फिल्म की शूटिंग, सेट से लीक हुआ वीडियो
Sunny Leone: सनी लियोनी बॉलीवुड से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक अपनी एक्टिंग का जलवा दिखा चुकी हैं। अब वह एक नए प्रोजेक्ट के साथ मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सनी ने बीते दिनों अपने अनाम मलयालम प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू की ...

