Congress नेता चेंथी अनी गिरफ्तार, Kerala CM का काफिला रोकने पर कार्रवाई
केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। काफिला रोकने के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी के नेता अनिल कुमार उर्फ चेंथी अनी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार शाम समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के जयंती कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे सतीशन का काफिला रोक दिया। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कांग्रेस ने अनी को पार्टी से निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, अनी के खिलाफ स्थानीय थाने में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि रास्ते में, चेंथी में श्री नारायण गुरु का एक अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रहे लोगों के एक समूह ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को रुकने का इशारा किया। सतीशन उनके आग्रह पर गाड़ी से बाहर निकले और टेलीविजन फुटेज में कांग्रेस नेता अनी के साथ कथित तौर पर बहस करते दिखे। पुलिस ने बताया कि उस जगह कुछ मिनट बिताने के बाद सतीशन अपनी गाड़ी में लौटे और चले गए। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चेंथी में किसी भी कार्यक्रम का उल्लेख नहीं था। इस घटना के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत आयोजकों ने अपनी एक तस्वीर जारी की, जिसमें वे कुछ महीने पहले सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें चेंथी में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रण देते नजर आते हैं। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि पुलिस बृहस्पतिवार को कार्यक्रम स्थल पर गई थी और मंच पर बैठने की अनुमति वाले लोगों की संख्या के बारे में सुझाव दिया था। शुक्रवार देर रात अनी को हिरासत में लेकर श्रीकार्यम थाने ले जाया गया, जहां मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उनकी गिरफ़्तारी दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 126(2), 351(2) और 132 के तहत दर्ज किया गया था, जो क्रमशः गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और किसी सरकारी कर्मी को दायित्व निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित हैं। प्राथमिकी के मुताबिक, शाम लगभग 5.55 बजे मुख्यमंत्री की गाड़ी तब रुकी जब उन्होंने चेंथी में जुटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को देखा और उनसे बातचीत की। इसमें कहा गया है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री से कथित तौर पर आक्रामक शैली में बात की और उनसे चिल्लाकर पूछा कि तय कार्यक्रम होने के बावजूद वह इसमें क्यों शामिल नहीं हो रहे। प्राथमिकी के अनुसार, जब आरोपी से आक्रामक न होने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे गुस्सा आ गया तो आप क्या करोगे?’’ इस तरह उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री का अपमान किया और काफिले के साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन में बाधा डाली। मामला एक अधिकारी के बयान के आधार पर दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, जब अनी को चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी कांग्रेस के अंदर गुटीय राजनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पार्टी में गुटबाजी की वजह से है। गुटबाजी ही समस्या है।’’हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। बाद में अनी को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि इस घटना के बाद अनी को पार्टी से निकाल दिया गया है। जोसेफ ने कहा, ‘‘सरकारी स्तर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पार्टी स्तर पर भी अनी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।’’जोसेफ ने बताया कि उन्होंने सतीशन से बात की थी, जिन्होंने उन्हें बताया कि चेंथी कार्यक्रम के आयोजकों को पहले ही बता दिया गया था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। जोसेफ ने कहा, ‘‘अनी की तरफ से यह गलत कदम था, जिसके कारण पुलिस ने मामला दर्ज किया और पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। उनकी कमी सामने आने के बाद पार्टी ने कार्रवाई की।’’अनी की गिरफ़्तारी पर जिला स्तर के कुछ कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई है। जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुहैल शाहजहां ने श्रीकार्यम थाने में अनी से मुलाकात की और उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘चाहे वे किसी भी गुट या धड़े से जुड़े हों, एक व्यक्ति के तौर पर मुझे इस बात का दुख है कि अनी जैसे कांग्रेस कार्यकर्ता को, जिसने पार्टी के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और उसके लिए दिन-रात काम किया, इस तरह गिरफ्तार किया गया।
Kerala CM का काफिला रोकने पर Congress नेता Anil Kumar गिरफ्तार, पार्टी से निकाला
केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। काफिला रोकने के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी के नेता अनिल कुमार उर्फ चेंथी अनी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार शाम समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के जयंती कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे सतीशन का काफिला रोक दिया। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कांग्रेस ने अनी को पार्टी से निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, अनी के खिलाफ स्थानीय थाने में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि रास्ते में, चेंथी में श्री नारायण गुरु का एक अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रहे लोगों के एक समूह ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को रुकने का इशारा किया। सतीशन उनके आग्रह पर गाड़ी से बाहर निकले और टेलीविजन फुटेज में कांग्रेस नेता अनी के साथ कथित तौर पर बहस करते दिखे। इसे भी पढ़ें: Congress नेता चेंथी अनी गिरफ्तार, Kerala CM का काफिला रोकने पर कार्रवाई पुलिस ने बताया कि उस जगह कुछ मिनट बिताने के बाद सतीशन अपनी गाड़ी में लौटे और चले गए। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चेंथी में किसी भी कार्यक्रम का उल्लेख नहीं था। इस घटना के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत आयोजकों ने अपनी एक तस्वीर जारी की, जिसमें वे कुछ महीने पहले सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें चेंथी में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रण देते नजर आते हैं। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि पुलिस बृहस्पतिवार को कार्यक्रम स्थल पर गई थी और मंच पर बैठने की अनुमति वाले लोगों की संख्या के बारे में सुझाव दिया था। शुक्रवार देर रात अनी को हिरासत में लेकर श्रीकार्यम थाने ले जाया गया, जहां मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उनकी गिरफ़्तारी दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 126(2), 351(2) और 132 के तहत दर्ज किया गया था, जो क्रमशः गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और किसी सरकारी कर्मी को दायित्व निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित हैं। प्राथमिकी के मुताबिक, शाम लगभग 5.55 बजे मुख्यमंत्री की गाड़ी तब रुकी जब उन्होंने चेंथी में जुटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को देखा और उनसे बातचीत की। इसमें कहा गया है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री से कथित तौर पर आक्रामक शैली में बात की और उनसे चिल्लाकर पूछा कि तय कार्यक्रम होने के बावजूद वह इसमें क्यों शामिल नहीं हो रहे। इसे भी पढ़ें: Congress ने Arunachal सीमा पर सुरक्षा व विकास की मांग की, सैनिकों के लिए सुविधाएं जरूरी प्राथमिकी के अनुसार, जब आरोपी से आक्रामक न होने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे गुस्सा आ गया तो आप क्या करोगे?’’ इस तरह उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री का अपमान किया और काफिले के साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन में बाधा डाली। मामला एक अधिकारी के बयान के आधार पर दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, जब अनी को चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी कांग्रेस के अंदर गुटीय राजनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पार्टी में गुटबाजी की वजह से है। गुटबाजी ही समस्या है।’’ हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। इसे भी पढ़ें: Congress Leader चेंथी अनी गिरफ्तार, तिरुवनंतपुरम में रोका था CM का काफिला बाद में अनी को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि इस घटना के बाद अनी को पार्टी से निकाल दिया गया है। जोसेफ ने कहा, ‘‘सरकारी स्तर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पार्टी स्तर पर भी अनी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।’’ जोसेफ ने बताया कि उन्होंने सतीशन से बात की थी, जिन्होंने उन्हें बताया कि चेंथी कार्यक्रम के आयोजकों को पहले ही बता दिया गया था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। जोसेफ ने कहा, ‘‘अनी की तरफ से यह गलत कदम था, जिसके कारण पुलिस ने मामला दर्ज किया और पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। उनकी कमी सामने आने के बाद पार्टी ने कार्रवाई की।’’ अनी की गिरफ़्तारी पर जिला स्तर के कुछ कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई है। जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुहैल शाहजहां ने श्रीकार्यम थाने में अनी से मुलाकात की और उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘चाहे वे किसी भी गुट या धड़े से जुड़े हों, एक व्यक्ति के तौर पर मुझे इस बात का दुख है कि अनी जैसे कांग्रेस कार्यकर्ता को, जिसने पार्टी के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और उसके लिए दिन-रात काम किया, इस तरह गिरफ्तार किया गया।
Congress ने Arunachal सीमा पर सुरक्षा व विकास की मांग की, सैनिकों के लिए सुविधाएं जरूरी
कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने शनिवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में सीमावर्ती समुदायों और सुरक्षा बलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोसीराम सिराम ने उपरी सुबनसिरी के टक्सिंग सेक्टर के चार दिन के दौरे के बाद ये बातें कही हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने और पार्टी के अन्य नेताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों एवं सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की। इसे भी पढ़ें: Congress नेता चेंथी अनी गिरफ्तार, Kerala CM का काफिला रोकने पर कार्रवाई सिराम ने एक बयान में कहा, ‘‘जो लोग सीमावर्ती इलाकों की बात करते हैं, उनमें वहां तक पहुंचने, लोगों से मिलने और जमीनी हकीकत को समझने का साहस भी होना चाहिए। टक्सिंग भारत का कोई दूर-दराज का कोना नहीं है, बल्कि यह भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) है।’’ सिराम ने केंद्र सरकार से यह भी अपील की कि वह टक्सिंग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य सीमावर्ती इलाकों का दौरा करने के लिए बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजे। उन्होंने कहा कि इस तरह के दौरों से लोकतांत्रिक निगरानी मज़बूत होगी और निर्वाचित जन प्रतिनिधि जमीनी हालात का सीधे जायजा ले सकेंगे तथा सीमावर्ती समुदायों, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत कर सकेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुश्किल सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए बिना रुकावट आपूर्ति, उपकरण, संचार सुविधाएं, रहने की जगह, मेडिकल सहायता और पर्याप्त संख्या में जवानों की व्यवस्था करने की भी मांग की। सिराम ने ‘अरुणाचल रेजीमेंट’ बनाने की भी वकालत करते हुए कहा कि उसमें राज्य के स्थानीय आदिवासी युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘टक्सिंग के लोग भारत के किनारे पर नहीं रह रहे हैं। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने अरुणाचल प्रदेश की वायरल बच्ची Tinkle से वीडियो कॉल पर की बात वे भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) पर रह रहे हैं। अगर देश उनसे सीमा पर डटे रहने की उम्मीद करता है, तो उसे भी उनके साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
दक्षिण भारत पर मानसून का फिर दिखा असर, केरल से कर्नाटक तक बारिश और तेज हवाओं की दस्तक|
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
दिल्ली से केरल जा रही मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन में सफर कर रहे 15 से 20 स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना लिया था। खाना खाने के बाद कई बच्चों को उल्टी, जी मिचलाने और बेचैनी की शिकायत होने लगी। फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना रेलवे विभाग को मिली तो खंडवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर बच्चों का इलाज कराया गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, सीएसपी अभिनव बारंगे, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सहित रेलवे और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने ट्रेन में ही बच्चों की जांच कर उन्हें प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां दीं। रात 9.05 बजे खंडवा पहुंची ट्रेन, करीब 40 मिनट रुकीस्टेशन मास्टर जीएल मीणा के मुताबिक, मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस रात करीब 9 बजकर 5 मिनट पर खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंची। बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, इसलिए स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम को तैयार रखा गया था। ट्रेन रुकते ही मेडिकल टीम ने प्रभावित बच्चों की जांच शुरू की। करीब 40 मिनट तक ट्रेन खंडवा स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान बच्चों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी गईं। इसके बाद रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर ट्रेन को भुसावल की ओर रवाना किया गया। स्कूली टूर के बाद दिल्ली से केरल लौट रहे थे बच्चेबताया गया कि बीमार हुए सभी बच्चे केरल के रहने वाले हैं और एक क्रिश्चियन स्कूल से संबंधित हैं। बच्चों की उम्र करीब 15 से 18 वर्ष बताई जा रही है। वे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक टूर पर दिल्ली गए थे और टूर खत्म होने के बाद ट्रेन से वापस केरल लौट रहे थे। स्टेशन मास्टर के अनुसार, इटारसी स्टेशन के बाद बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना लिया था। खाना खाने के कुछ समय बाद एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई बच्चों ने अस्वस्थ महसूस होने की शिकायत की। इसके बाद ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। डॉक्टरों की टीम ट्रेन में बच्चों के साथ रवानाखंडवा स्टेशन पर प्राथमिक उपचार के बाद रेलवे के डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक टीम को बच्चों के साथ ट्रेन में रवाना किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की तबीयत पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि रास्ते में किसी बच्चे की हालत में सुधार नहीं होता है या तबीयत ज्यादा बिगड़ती है, तो उन्हें भुसावल रेलवे स्टेशन पर उतारकर अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पेंट्री के खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका बच्चों के बीमार होने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हालांकि, बच्चों द्वारा पेंट्री कार का खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने के कारण फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर रख रही है। बच्चों की हालत फिलहाल प्राथमिक उपचार के बाद नियंत्रण में बताई जा रही है।
क्या केरल के मुख्यमंत्री सतीशन आरटीओ के एजेंट राज के पुराने अभिशाप को तोड़ पाएंगे?
तिरुवनंतपुरम, 28 अगस्त . मलप्पुरम में 35 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक की दुखद आत्महत्या ने केरल के मोटर वाहन विभाग में लंबे समय से चली आ रही एजेंट संस्कृति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. मृतक ने स्वयं इस व्यवस्था को अपने उत्पीड़न और कथित भ्रष्टाचार का प्रमुख कारण बताया है. अब ... Read more
मेसी केरल प्रोजेक्ट की ईडी ने शुरू की जांच, फेमा के तहत मामला दर्ज
कोच्चि, 28 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की टीम के केरल दौरे के सिलसिले में विदेश में 126 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर की जांच शुरू कर दी है. इससे पिछली पिनाराई विजयन Government के समय घोषित इस बड़े प्रोजेक्ट पर फिर से सवालिया निशान लग गया है. ... Read more
Sabarimala विवाद: Sunny M Kapikkad पर केस दर्ज, Kerala गृह मंत्री ने दी जानकारी
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को कहा कि शबरिमला के भगवान अयप्पा और देवी मलिकप्पुरथम्मा के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दलित कार्यकर्ता सनी एम. कपिक्कड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कपिक्कड़ के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने संबंधी सवाल पर चेन्निथला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है।’’कपिक्कड़ ने हाल में एक शिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवान अयप्पा और देवी मलिकप्पुरथम्मा का जिक्र करते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक का इस्तेमाल किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं, शबरिमला से जुड़े स्वयंसेवी संगठनों और कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने बृहस्पतिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कर कपिक्कड़ के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से कथित टिप्पणी के पूरे वीडियो और उसके संदर्भ की जांच करने तथा कानूनी कार्रवाई शुरू करने का भी आग्रह किया था।
छुट्टियों पर जा रहे हैं... केरल पुलिस की 'लॉक्ड हाउस' सर्विस रखेगी आपके बंद घर पर पैनी नजर
केरलम पुलिस ने घर से बाहर यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे पुलिस के आधिकारिक पोल-एप पर ‘लॉक्ड हाउस’ फीचर के जरिये पुलिस को इसकी जानकारी दें।
दूध से लेकर शराब तक, केरल ओणम की भावना में डूबा
तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त . यदि ओणम प्रकृति की उदारता का उत्सव है, तो केरल ने इस बात को अक्षरशः अपनाया है, क्योंकि यहां दूध की भरपूर मात्रा बह रही है और शराब भी कम नहीं है. मिल्मा ने 20 अगस्त से 25 अगस्त को उथरादम (पहला ओणम) तक 1.46 करोड़ लीटर दूध बेचकर दूध की ... Read more
तिब्बत में ईशा फ़ाउंडेशन कैंप में मातम छा गया, जब भावुक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई भयानक बाढ़ में उनके 80 सदस्य लापता हो गए हैं। तिब्बत के सागा में कैंप का माहौल गमगीन था; बैकग्राउंड में सद्गुरु के अनुयायियों के रोने-बिलखने की आवाज़ें इस दुखद माहौल को और भी भारी बना रही थीं। आँसू रोकने की कोशिश करते हुए सद्गुरु के हाथ काँप रहे थे। उन्होंने भारतीय और चीनी दूतावासों से भावुक अपील की कि उन्हें तिब्बत के ग्यारोंग जाने की इजाज़त दी जाए, जहाँ बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, ताकि वे बचाव कार्यों में मदद कर सकें और तीर्थयात्रियों के अवशेषों की तलाश कर सकें। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में फंसे Kerala के 53 नागरिक, NORKA Roots ने दी जानकारी हाथ कांप रहे थे, सद्गुरु भावुक हो गए आमतौर पर शांत रहने वाले आध्यात्मिक गुरु, जो अभी सागा में हैं, काफी परेशान दिखे। उन्होंने बताया कि कैसे कैलाश यात्रा से लौटते समय 80 लोगों की टीम पर यह दुखद घटना गुज़री। सद्गुरु ने कहा तबाही का पैमाना देखकर स्थिति बहुत खराब लग रही है। यह एक भयानक और असाधारण घटना है। तिब्बत से सटे नेपाल के ज़िलों में अचानक आई बाढ़ की वजह से लगभग 300 लोगों की मौत हो गई है और 1,500 लोग लापता हैं। बाढ़ के पानी ने घरों, गाड़ियों और पुलों को बहा दिया और पूरे इलाके में संचार व्यवस्था ठप हो गई है। नेपाल के विदेश मंत्री के अनुसार, लगभग 300 भारतीय भी लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: 288 भारतीय नागरिक फंसे, MEA ने संपर्क न होने की पुष्टि की, Modi सरकार सक्रिय अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए सद्गुरु ने कहा कि उन्होंने गुरुवार सुबह प्रभावित इलाके में खुद जाने की कोशिश की थी, लेकिन आपदा के कारण वहां पहुंचने के लगभग सभी रास्ते बंद हो गए थे। उन्होंने कहा हमें अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है... लेकिन तबाही के पैमाने को देखते हुए स्थिति अच्छी नहीं लग रही है।
Nepal Floods में फंसे Kerala के 53 नागरिक, NORKA Roots ने दी जानकारी
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद केरलम के बच्चों समेत करीब 53 लोगों के नेपाल में फंसे होने का अनुमान है। ‘नोर्का रूट्स’ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नोर्का रूट्स केरल सरकार की वह एजेंसी है, जो विदेशों में रहने वाले केरल वासियों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है। नोर्का रूट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश माधवन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बाढ़ के कारण फंसे केरलम वासियों से संबंधित 17 सूचनाएं मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन सूचनाओं को बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे तक एकत्र कर उन पर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इन सूचनाओं के आधार पर हमने परिवार के सदस्यों, वयस्कों और बच्चों समेत करीब 53 केरलम वासियों की पहचान की है।’’माधवन ने बताया कि नोर्का रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के मोबाइल नंबर हैं, लेकिन फिलहाल नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। माधवन ने बताया कि 53 लोगों के अलावा कासरगोड के कन्हांगड से 36 लोगों का एक अन्य समूह और कोट्टायम से 16 लोगों का एक समूह सुरक्षित है। ये लोग नेपाल के दूसरे हिस्सों की यात्रा पर गए थे और इनसे संपर्क हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नोर्का रूट्स के विकास अधिकारी राहत एवं संपर्क प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं और उन्होंने रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के संपर्क में रहते हुए भारतीय दूतावास को सीधे जानकारी उपलब्ध कराई है। माधवन ने कहा कि अगला कदम फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थानों का पता लगाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन परिवार के सदस्यों से दोबारा संपर्क किया, जिन्होंने हमसे मदद के लिए संपर्क किया था, ताकि जानकारी की पुष्टि की जा सके। हमने उपलब्ध नवीनतम जानकारी जुटाई, जैसे कि उन्होंने हाल में फोन किया था या किसी खास जगह जाने की बात कही थी।’’उन्होंने बताया कि इन जानकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया गया है, ताकि फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थान का पता लगाया जा सके। माधवन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम उनसे सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे और पूरी जानकारी जुटा पाएंगे।’’उन्होंने बताया कि 53 लोगों की पहचान होने के बाद फंसे हुए केरलम वासियों के संबंध में कोई नयी सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी तक उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं कर पाए हैं, लेकिन सामान्य तौर पर हमें जानकारी है कि वे सुरक्षित हैं।’’माधवन ने बताया कि 53 लोग अलग-अलग माध्यमों से नेपाल गए थे। इनमें से कुछ लोग संगठित टूर समूहों के साथ गए थे, जबकि कुछ परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए नेपाल गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सभी लोगों का सटीक डेटाबेस नहीं है, क्योंकि कई लोगों ने हमारे पास अपना पंजीकरण नहीं कराया है। इसलिए केवल आधिकारिक रिकॉर्ड पर पूरी तरह निर्भर रहना मुश्किल है।’’उन्होंने बताया कि कई स्रोतों से मिली जानकारी का मिलान करने और एक ही व्यक्ति की दो बार दर्ज हुई जानकारी को हटाने के बाद 53 लोगों का आंकड़ा सामने आया है। माधवन ने कहा, ‘‘अब तक मिली जानकारी के आधार पर घबराने की कोई वजह नहीं है। हमें इनमें से किसी के हताहत होने या गंभीर परेशानी में होने की जानकारी नहीं मिली है, इसलिए हम मान रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं।’’उन्होंने बताया कि आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में सामान्य संचार व्यवस्था और अन्य सेवाएं बाधित हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय सेना को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मौके पर तैनात किया गया है और भारत सरकार की ओर से सहायता भी प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच रही है। माधवन ने कहा, ‘‘इसलिए हमारा मानना है कि कुल मिलाकर स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है।’’इस बीच, त्रिकरिपुर के विधायक संदीप जी. वारियर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि कासरगोड जिले में उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों समेत नेपाल गए पर्यटकों का एक समूह बृहस्पतिवार तड़के करीब ढाई बजे एक सुरक्षित आश्रय स्थल पहुंच गया। उन्होंने बताया कि इस समूह के पास 29 अगस्त की वापसी की टिकटें हैं और राज्य सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हर परिस्थिति में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों के लगातार संपर्क में है। वारियर ने कहा, ‘‘कल रात भी मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने मुझसे और नेपाल में फंसे लोगों से बात की थी।
Nepal Floods में फंसे केरल के 53 लोग, NORKA Roots ने भारतीय दूतावास से संपर्क साधा
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद केरलम के बच्चों समेत करीब 53 लोगों के नेपाल में फंसे होने का अनुमान है। ‘नोर्का रूट्स’ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नोर्का रूट्स केरल सरकार की वह एजेंसी है, जो विदेशों में रहने वाले केरल वासियों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है। नोर्का रूट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश माधवन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बाढ़ के कारण फंसे केरलमवासियों से संबंधित 17 सूचनाएं मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन सूचनाओं को बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे तक एकत्र कर उन पर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इन सूचनाओं के आधार पर हमने परिवार के सदस्यों, वयस्कों और बच्चों समेत करीब 53 केरलमवासियों की पहचान की है।’’माधवन ने बताया कि नोर्का रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के मोबाइल नंबर हैं, लेकिन फिलहाल नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नोर्का रूट्स के विकास अधिकारी राहत एवं संपर्क प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं और उन्होंने रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के संपर्क में रहते हुए भारतीय दूतावास को सीधे जानकारी उपलब्ध कराई है। माधवन ने कहा कि अगला कदम फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थानों का पता लगाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन परिवार के सदस्यों से दोबारा संपर्क किया, जिन्होंने हमसे मदद के लिए संपर्क किया था, ताकि जानकारी की पुष्टि की जा सके। हमने उपलब्ध नवीनतम जानकारी जुटाई, जैसे कि उन्होंने हाल में फोन किया था या किसी खास जगह जाने की बात कही थी।’’उन्होंने बताया कि इन जानकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया गया है, ताकि फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थान का पता लगाया जा सके। माधवन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम उनसे सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे और पूरी जानकारी जुटा पाएंगे।’’उन्होंने बताया कि 53 लोगों की पहचान होने के बाद फंसे हुए केरलमवासियों के संबंध में कोई नयी सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी तक उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं कर पाए हैं, लेकिन सामान्य तौर पर हमें जानकारी है कि वे सुरक्षित हैं।
IIT दिल्ली में 22 अगस्त को हुए दुखद हादसे के बाद संस्थान ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र द्वारा कैंपस की इमारत से कूदकर आत्महत्या किए जाने के मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसे 2 हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी में कौन-कौन शामिल है? जांच कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली HC की पूर्व जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी। इसमें AIIMS नई दिल्ली के साइकियाट्री डिपार्टमेंट के हेड प्रताप शरण, चार छात्र प्रतिनिधि और सेक्रेटरी व कन्वेनर के तौर पर रजिस्ट्रार शामिल होंगे। कमेटी से दो हफ़्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। संस्थान यह सुनिश्चित करेगा कि कमेटी को मामले की पूरी तरह से जांच करने और छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करने के लिए जरूरी उपाय सुझाने का अधिकार मिले। इसे भी पढ़ें: Stock Market Update 27 August 2026 | क्रूड ऑयल में नरमी से संभला शेयर बाज़ार, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त पर खुले, DIIs ने की ₹6,400 करोड़ से ज़्यादा की खरीदारी संस्थान ने MSc छात्र की दुखद मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह फैकल्टी, छात्रों और स्टाफ के योगदान से उसके परिवार को आर्थिक मदद दे रहा है। छात्र जुलाई 2025 में MSc प्रोग्राम में शामिल हुआ था। दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने IIT दिल्ली के MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, छात्र सुबह करीब 8:00 बजे IIT दिल्ली के मुख्य गेट से कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया और लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुंचा, जहां से उसने इमारत के सामने की तरफ छलांग लगा दी। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में फंसे Kerala के 37 पर्यटक सुरक्षित, रेस्क्यू के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी छात्रों के विरोध के बीच क्लासें सस्पेंड सोमवार को IIT-दिल्ली में क्लासें सस्पेंड कर दी गईं क्योंकि छात्र मौत से जुड़ी प्रशासनिक खामियों की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही की मांग कर रहे थे। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने छात्रों की परेशानी से जुड़े बड़े मुद्दों की जांच की भी मांग की, जिसमें एकेडमिक प्रोजेक्ट न मिलना, आवास से जुड़ी दिक्कतें और अपर्याप्त सहायता प्रणालियां शामिल हैं, साथ ही संस्थान के मानसिक-स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के बारे में अधिक पारदर्शिता की मांग भी की। घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसकी जांच प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। पुलिस IIT प्रशासन से छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और दूसरी ज़रूरी जानकारी भी ले रही है। पुलिस अभी घटना की वजह की जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संस्थान से काउंसलिंग रिकॉर्ड और दूसरी ज़रूरी जानकारी ली जा रही है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
100 दिन: क्या मुख्यमंत्री सतीशन ने केरल के कर्ज के चक्र को तोड़ा है?
वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उनकी सरकार के पहले प्रमुख कदमों में से एक पिनाराई विजयन सरकार द्वारा छोड़ी गई कठिन वित्तीय विरासत को सार्वजनिक करना था।
ईपीएफओ ने ओणम के अवसर पर केरल के 4.40 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को जारी की अगस्त की पेंशन
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Onam 2026: अवियल से पायसम, ओणम पर बनाएं ये 3 स्वादिष्ट केरल के पकवान
Onam Special Recipes: आप कुछ आसान और पारंपरिक व्यंजनों से घर पर ही ओणम सेलिब्रेशन को खास बना सकते हैं। नारियल, दही, सब्जियों और मसालों से तैयार होने वाले केरल के व्यंजनों का स्वाद बेहद अलग और खास होता है।
केरल: ओणम पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत, आज ही खाते में आएगी सैलरी
Central government employees and pensioners in Kerala are receiving early salary payments for Onam 2026.
The Kerala Bill 2026: Sanjay Singh ने केरल बिल पर सुनाया, बोले- नाम बदलने से कुछ नहीं होगा | Keralam
Keralam केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाले बिल पर राज्यसभा में चर्चा हुआ. आम आदमी पार्टी की ओर संजय सिंह ने बिल का समर्थन किया. लेकिन ताना मार गए. क्या कुछ बोले देखिए इस वीडियो में
ओणम 2026: केरल में शुरू हुई तैयारियां, जानिए कब है यह पर्व और क्या है इसका धार्मिक महत्व
केरल का सबसे बड़ा और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण त्यौहार ओणम अब बस आने ही वाला है। मलयलम कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व 'चिंगम' माह में मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से नई फसल के आने की खुशी और राजा महाबली के स्वागत का उत्सव है। हालांकि इस पर्व की ...
चुनाव में हार के बाद केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के सामने मुश्किल चुनौती
सीपीआई(एम) को राज्य में भाजपा की बढ़ती ताकत का ज़ोरदार मुकाबला करना होगा।
मोनालिसा को पसंद आया साउथ इंडिया, फरमान खान संग शादी के बाद केरल में बसाएंगी नया आशियाना!
प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बनीं मोनालिसा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। मोनालिसा ने परिवार के खिलाफ जाकर अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान संग शादी रचाकर सभी को चौंका दिया है।
द केरल स्टोरी 2: धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े मुद्दों को फिर किया हाईलाइट
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी 2026 को रिलीज होगी। उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा स्टारर इस फिल्म के कैरेक्टर पोस्टर्स ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। फिल्म को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस भी तेज है।
'द केरल स्टोरी 2' की रिलीज से पहले भावनात्मक प्रेस कॉन्फ्रेंस, 55 पीड़ितों ने सुनाई अपनी सच्ची कहानी
'द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड' की रिलीज से पहले, मेकर्स ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, जिसमें देशभर से आए पीड़ितों और उनके परिवारों को एक साथ लाया गया। यहां उन्होंने उन असल कहानियों को पेश किया, जो इस आने वाली फिल्म का आधार बताई जा रही हैं।
'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' को मिला UA सर्टिफिकेट, विपुल शाह ने सेंसर बोर्ड का जताया आभार
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोज बियॉन्ड' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मेकर्स ने एलान किया है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की तरफ से 'UA' सर्टिफिकेट मिल गया है। इसका मतलब है कि अब यह फिल्म पूरे भारत के सिनेमाघरों में बड़े ...
'द केरल स्टोरी 2' में दिखेगी असली घटनाओं की झलक, विपुल शाह ने बताई फिल्म की तैयारी की पूरी कहानी
'द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड' साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म का आधिकारिक सीक्वल है। 6-7 महीनों की गहन रिसर्च, अदालती दस्तावेजों और असली पीड़ितों के बयानों पर आधारित यह फिल्म तीन युवतियों (सुरेखा, नेहा और दिव्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो धोखे और ...
साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी' के बाद, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह एक बार फिर देश को हिला देने वाली कहानी लेकर वापस आ गए हैं। 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' का टीजर आज रिलीज कर दिया गया है, जो रिलीज होते ही इंटरनेट पर आग की ...
विपुल अमृतलाल शाह की 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' को मिली रिलीज डेट, इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक
विपुल अमृतलाल शाह और सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड ने अपनी सबसे ज्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी 2', जिसका आधिकारिक टाइटल 'बियॉन्ड द केरल स्टोरी' है, की रिलीज़ डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने ...
विपुल अमृतलाल शाह की 'द केरल स्टोरी 2' की शूटिंग हुई पूरी, फिल्म की रिलीज डेट पर चर्चा हुई तेज
विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी' के रिलीज ने काफी हलचल मचा दी थी। अपनी प्रभावशाली कहानी के कारण फिल्म ने दर्शकों पर गहरा असर छोड़ा और बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीते। ताज़ा अपडेट में बताया गया है कि 'द ...
Singer Lucky Ali ने IAS अधिकारी और उनके परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया, शिकायत दर्ज कराई
बॉलीवुड गायक लकी अली ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रोहिणी सिंधुरी, उनके पति और उनके साले पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक लोकायुक्त से संपर्क किया है। इस जानकारी की पुष्टि गायक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर की। अपने पोस्ट में गायक ने सभी कथित आरोपियों के नाम बताए। अली के अनुसार सिंधुरी, उनके पति और उनके 'राजनीतिक' साले ने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए सरकारी मशीनरी और पैसे का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार नहीं है जब अली ने कथित जमीन हड़पने का जिक्र किया है। इसे भी पढ़ें: Kerala Police ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया दिसंबर 2022 में, उन्होंने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को एक थ्रेड में टैग किया था और कहा था कि उनके खेत, जो एक ट्रस्ट की संपत्ति है, पर सिंधुरी की मदद से बैंगलोर के भू-माफिया सुधीर रेड्डी और मधु रेड्डी द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रोहिणी सिंधुरी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी डी रूपा मौदगिल के साथ एक और कानूनी लड़ाई में उलझी हुई हैं। पिछले साल 18 फरवरी को सिंधुरी को पता चला कि मौदगिल ने फेसबुक पोस्ट में उनके खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिसमें सिंधुरी पर साथी आईएएस अधिकारियों के साथ उनकी निजी तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया गया था। इससे दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद हुआ, जिसके बाद राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया। 21 फरवरी को सिंधुरी ने मौदगिल को एक कानूनी नोटिस भेजा और बिना शर्त माफी मांगने तथा अपनी प्रतिष्ठा और मानसिक पीड़ा के नुकसान के लिए 1 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा। 24 मार्च को सिंधुरी द्वारा दायर निजी मुकदमे की सुनवाई कर रही बेंगलुरु की एक अदालत ने रूपा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद मौदगिल ने इसे खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया। 21 अगस्त को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद मौदगिल ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जहां मामला लंबित है। pic.twitter.com/GeUF0N9Y4k — Lucky Ali (@luckyali) June 20, 2024
सनी लियोनी केरल में कर रहीं अपनी मलयालम फिल्म की शूटिंग, सेट से लीक हुआ वीडियो
Sunny Leone: सनी लियोनी बॉलीवुड से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक अपनी एक्टिंग का जलवा दिखा चुकी हैं। अब वह एक नए प्रोजेक्ट के साथ मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सनी ने बीते दिनों अपने अनाम मलयालम प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू की ...

