चंडीगढ़ नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े लगभग 116.84 करोड़ रुपए के घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने विक्रम वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसकी तलाश हरियाणा पुलिस भी कर रही थी। वहां भी उसके खिलाफ 590 करोड़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में नाम है। हरियाणा पुलिस भी आरोपी वाधवा की तलाश कर रही थी, लेकिन उससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपी से पूछताछ में खुलासा होगा कि चंडीगढ़ के कौन-कौन से अफसर आरोपी के साथ मिलीभगत में थे, जिनके कारण वह इतनी बड़ी करोड़ों की ठगी को अंजाम दे सका। पुलिस की जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार निगम का सरकारी पैसा केवल फर्जी एफडी के जरिए ही नहीं हड़पा गया, बल्कि उसे ओपन मार्केट में बिल्डरों, होटलियर्स और ज्वैलर्स को मोटे ब्याज पर इस्तेमाल करने के लिए भी दिया गया। मामले में चंडीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा द्वारा नगर निगम में आउटसोर्स पर रखे गए अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा और आईडीएफसी सेक्टर-32 के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार यह पूरा खेल 20 मार्च 2025 के आसपास शुरू हुआ और करीब 10 महीनों तक पैसा ओपन मार्केट में चलता रहा। इस दौरान प्राइवेट खातों में लगातार बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन होते रहे। सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में जाता और कुछ समय बाद वही राशि दोबारा सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान मिलने वाला ब्याज कथित तौर पर कुछ बिचौलियों और अधिकारियों के बीच बांट लिया जाता था। निगम अधिकारियों को भनक तक नहीं मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि नगर निगम के सरकारी खाते से बड़ी रकम बार-बार प्राइवेट खातों में ट्रांसफर होती रही, लेकिन निगम के कई अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार सैकड़ों बार इस तरह पैसों का लेन-देन किया गया। पहले सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में भेजा जाता था और कुछ महीनों बाद वही रकम फिर से प्राइवेट खातों से वापस सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। यह प्रक्रिया एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार दोहराई गई। खुलासे से बचने के लिए बनाई गई एफडी जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि प्रोजेक्ट का पैसा नगर निगम के अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद यह राशि नगर निगम के खाते में भी ट्रांसफर कर दी गई। इसके बावजूद अकाउंट ब्रांच की ओर से 116.84 करोड़ की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) बनवा दी गई। जबकि यह रकम पहले से ही निगम के सुरक्षित खातों में मौजूद थी। नियमों के अनुसार इस राशि की केवल एक एफडी बननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय 11 एफडी बनाई गईं। हैरानी की बात यह है कि रिकॉर्ड में केवल एक ही एफडी की एंट्री दर्ज की गई, जिसे सही बताया जा रहा है। किसके संपर्क में था आरोपी चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उनके मोबाइल फोन की एक साल की कॉल डिटेल निकाली जानी चाहिए। इसके अलावा उनके व्हाट्सएप मैसेज की भी पूरी जांच होनी चाहिए। ताकि पता चल सके कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था। उनका कहना है कि इतना बड़ा घोटाला निचले स्तर का अधिकारी नहीं कर सकता, इसलिए इसमें जिन अधिकारियों की भूमिका है, उनके नाम भी सामने आने चाहिए। संबधित अधिकारियों के मांगे नाम मेयर सौरभ जोशी ने कहा जनता के पैसे से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, 116.84 करोड़ रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट मामले की तुरंत जांच के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम कमिशनर से पूरे मामले की विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी गई है। मार्च–अप्रैल 2025 के दौरान सीएससीएल के बैंक खातों की निगरानी करने वाले अधिकारियों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग इस मामले की जांच कर रही है और सभी संबंधित अधिकारियों को सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएससीएल के सभी बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है। किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त को 5 कार्य दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। कमिशनर बोले ब्याज समेत मिले पैसे नगर निगम कमिशनर अमित कुमार ने कहा निगम को ब्याज सहित 121 करोड़ रुपए वापस मिल चुके हैं। बैंकों में लेनदेन के पूरे रिकॉर्ड की जांच की गई है। इसके बाद कुछ खामियां भी सामने आईं। साथ ही अकाउंट ब्रांच के कर्मी की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पूरे मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है और पुलिस जांच में सब सामने आ जाएगा। विकास वधावा का नाम चर्चा में आया सूत्रों से पता चला है कि आईडीएफसी बैंक से जुड़े घोटाले में पहले भी चर्चा में रहे विकास वधावा का नाम इस मामले में भी सामने आया। बताया जाता है कि उसका सेक्टर-17 स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय और नगर निगम कार्यालय में अक्सर आना-जाना था और वह अधिकारियों से मुलाकात करता रहता था। पुलिस के पास इस संबंध में कुछ जानकारी होने की बात कही जा रही है और उससे पूछताछ की संभावना भी जताई जा रही है। आउटसोर्स कर्मचारी के गायब होने पर खुलासा बताया जा रहा है कि बैंक की नीति के तहत आईडीएफसी बैंक ने नगर निगम को इस राशि की भरपाई कर दी है। इससे पहले हरियाणा में सामने आए घोटाले के बाद भी बैंक ने ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए भुगतान किया था। हालांकि इस मामले में बैंक और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। हरियाणा में आईडीएफसी बैंक घोटाले का मामला सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मचारी अभिनव अचानक गायब हो गया। इसके बाद संदेह होने पर जांच शुरू की गई तो सामने आया कि 116.84 करोड़ रुपए की 11 एफडी फर्जी हैं। अब जांच में यह सवाल भी उठ रहा है कि नगर निगम के अकाउंट से जुड़ी जानकारी और पासवर्ड आउटसोर्स कर्मचारी तक कैसे पहुंचे।
ताइक्वांडो खेल के फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से नौकरी हासिल करने की कोशिश का राजस्थान एसओजी ने खुलासा किया है। इस मामले में एसओजी ने 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में 12 मार्च को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ रेड की गई। कार्रवाई के दौरान फर्जीवाड़े में शामिल 19 अभ्यर्थियों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ईमेल की स्पेलिंग की गलती से खुला फर्जीवाड़े का राज जांच के दौरान एसओजी को एक कर्मचारी के मोबाइल में ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला। इसमें 39 अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजे जाने का उल्लेख था। जब ईमेल की बारीकी से जांच की गई तो उसमें “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत पाई गई। इसी गलती से अधिकारियों को संदेह हुआ कि इतना बड़ा फेडरेशन आधिकारिक ईमेल में ऐसी गलती कैसे कर सकता है। दुबई से बनाई गई थी फर्जी ईमेल आईडी एसओजी ने ईमेल की तकनीकी जांच कर जीमेल से जानकारी मांगी। जांच में सामने आया कि संदिग्ध ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और इसका इस्तेमाल विमलेंदु कुमार झा नामक व्यक्ति कर रहा था। ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की सूची में इस नाम का कोई पदाधिकारी नहीं मिलने पर एसओजी ने विमलेंदु कुमार झा को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर सहयोगी रवि शर्मा को भी पकड़ा गया। साथ ही फर्जी ईमेल बनाने में उपयोग की गई मोबाइल सिम भी बरामद की गई। ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र जांच में सामने आया कि जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन को ईमेल भेजा, तब इसकी जानकारी आरोपियों को मिल गई। इसके बाद आरोपियों ने उसी ईमेल से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर ली और उसी के जरिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र रखने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में सत्यापन रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी। फर्जी और असली ईमेल आईडी फर्जी ईमेल आईडी:secreatarytaekwondoindia@gmail.com वास्तविक ईमेल आईडी:secretarytaekwondoindia@gmail.com इस मामले में एसओजी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में एसओजी ने 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण 1. बबीता जाखड़ पुत्री हरकाराम, उम्र 32 वर्ष, निवासी सुजानगढ़, जिला चूरू 2. ज्योतिरादित्य पुत्र नरपत सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी जहाजपुर, जिला भीलवाड़ा 3. सीमा पत्नी अनिल कुमार, निवासी झुंझुनूं 4. कविता भींचर, निवासी सीकर 5. बसंती कुम्हार, निवासी खोराबिसल, जिला जयपुर 6. ममता कुमारी, निवासी सवाई माधोपुर 7. नरेंद्र बिदियासर, निवासी नागौर 8. मुमताज, निवासी नागौर 9. भंवरलाल, निवासी जालोर 10. कवित्ता, निवासी जोधपुर 11. एकता धालोर, निवासी चूरू 12. योगेन्द्र कुमार, निवासी हनुमानगढ़ 13. शिवकरण, निवासी श्रीगंगानगर 14. मांगीलाल, निवासी बीकानेर 15. भलाराम, निवासी बालोतरा 16. भजनलाल, निवासी जालोर 17. सुनील पालीवाल, निवासी फलौदी 18. महेन्द्र पालीवाल, निवासी फलौदी 19. दुर्गाप्रसाद, निवासी फलौदी 20. गजानंद प्रजापत, निवासी जयपुर अभियुक्त गजानंद प्रजापत द्वारा अपनी पत्नी बसंती उर्फ बंटी प्रजापत के लिए दलाल को रुपये देकर फर्जी खेल प्रमाण पत्र प्राप्म कर खेल कोटे से ऑनलाइन आवेदन करवाया गया था। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच डीएसपी बाबूलाल मुरारिया कर रहे हैं। एसओजी ने जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बालोतरा और फलौदी समेत कई जिलों में कार्रवाई कर आरोपियों को हिरासत में लेकर जयपुर लाया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। दलालों की भूमिका भी आई सामने प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों को दलालों ने मोटी रकम लेकर फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे। इसमें कुछ दलालों की भूमिका भी सामने आई है। एसओजी अब यह भी जांच कर रही है कि अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली गई और यह पैसा किस-किस तक पहुंचा।
विजय यादव: विकेटकीपिंग के दम पर हरियाणा को बनाया रणजी चैंपियन, टीम इंडिया के लिए खेले 20 मुकाबले
मौजूदा समय में किसी विकेटकीपर के लिए विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में दक्ष होना जरूरी है। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के आधार पर ही उसे भारतीय टीम में या फिर आईपीएल में मौका मिलता है। एमएस धोनी के आने के बाद विकेटकीपर के लिए बेहतर बल्लेबाज होना आवश्यक हो गया है। एक दौर था जब विकेटकीपिंग के दम पर कई खिलाड़ी भारत के लिए खेले। विजय यादव का नाम इसमें प्रमुखता से लिया जाता है। अपनी विकेटकीपिंग के दम पर उन्होंने हरियाणा को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाया था। विजय यादव का जन्म 14 मार्च 1967 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह हरियाणा की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेला करते थे। हरियाणा के लिए उन्होंने 1987-88 सत्र में डेब्यू किया था। 1990-91 में हरियाणा ने मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। उस सीजन एक विकेटकीपर के तौर पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने 24 कैच पकड़े और 6 बल्लेबाजों को स्टंप किया था। उसके अगले सीजन विकेट के पीछे उन्होंने 25 शिकार किए। इसका इनाम उन्हें मिला और 1992-93 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मौका मिला। विकेटकीपिंग के अलावा निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले विजय का अंतरराष्ट्रीय करियर संक्षिप्त (1992-94) रहा। दो साल के करियर में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1 टेस्ट और 19 वनडे खेले। टेस्ट की 1 पारी में 30 रन बनाने वाले विजय ने वनडे की 12 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 118 रन बनाए थे। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 34 रन है। विजय ने टेस्ट में 1 कैच पकड़ा है और 1 स्टंप किया है। वहीं वनडे में 12 कैच और 7 स्टंपिंग उनके नाम हैं। विजय यादव ने दिसंबर 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था, वहीं मार्च 1993 में अपना एकमात्र टेस्ट खेला था। अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उन्होंने 5 नवंबर 1994 को खेला था। विकेटकीपिंग के अलावा निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले विजय का अंतरराष्ट्रीय करियर संक्षिप्त (1992-94) रहा। दो साल के करियर में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1 टेस्ट और 19 वनडे खेले। टेस्ट की 1 पारी में 30 रन बनाने वाले विजय ने वनडे की 12 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 118 रन बनाए थे। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 34 रन है। विजय ने टेस्ट में 1 कैच पकड़ा है और 1 स्टंप किया है। वहीं वनडे में 12 कैच और 7 स्टंपिंग उनके नाम हैं। Also Read: LIVE Cricket Score 2006 में वह एक कार दुर्घटना का शिकार हुए थे। इसमें उनके 11 साल के बेटे की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद विजय यादव अक्सर अस्वस्थ रहते हैं। Article Source: IANS
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है। इसके चलते उसने ओडिशा और हरियाणा में अपने सभी विधायकों को बचाने के लिए रिजॉर्ट में रखने का फैसला किया है। ओडिशा कांग्रेस के 8 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया है। जो दक्षिण बेंगलुरु के वंडरला रिजॉर्ट में ठहरे हैं। 4 विधायक विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर में ही मौजूद हैं। शनिवार सुबह तक चार और MLA बेंगलुरु पहुंच सकते हैं। राज्य में कांग्रेस के 12 विधायक हैं। इससे पहले चीफ व्हिप राजेन एक्का समेत 6 विधायक गुरुवार रात परिवार समेत बेंगलुरु पहुंच गए हैं। उधर, हरियाणा में 2 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायकों को लंच पर बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों को 5 जोड़ी कपड़े साथ लाने कहा गया। 10 राज्यों की 37 सीटों को भरने के लिए 'काउंसिल ऑफ स्टेट्स' (राज्यसभा) के हर 2 साल में होने वाले चुनावों के लिए वोटिंग 16 मार्च को होनी है। वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। हरियाणा के विधायकों को हिमाचल भेज रही कांग्रेस हरियाणा में हो रही हलचल के बीच दोपहर 1 बजे तक कांग्रेस के सभी 37 विधायक पहुंच गए, हालांकि कुछ ही देर बाद पंचकूला विधायक चंद्रमोहन बैठक से बाहर निकल गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वहीं, लंबे समय से अस्पताल में भर्ती पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास बैठक छोड़कर अस्पताल चले गए। फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान नमाज पढ़ने के लिए बैठक से निकले। सूत्रों की मानें तो सभी विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश की सरकार को प्रदेश में एक गोपनीय और सुरक्षित स्थान ढूंढने को कहा है। हुड्डा आवास के अंदर 2 लग्जरी बसें भी खड़ी हैं। विधायकों को बस में बिठा दिया गया है। बादली विधायक कुलदीप वत्स ने हुड्डा आवास से निकलकर कहा- “मैं हिमाचल नहीं जाऊंगा। घर में शादी का कार्यक्रम है।” राज्यसभा की 2 सीट पर जीत के लिए 31 कोटा वोट जरूरी है। भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के 37 विधायक हैं। इस गणित से दोनों दलों के खाते में एक-एक सीट जानी थी। भाजपा ने सांसद संजय भाटिया तो कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को प्रत्याशी बनाया। भाजपा नेता सतीश नांदल निर्दलीय मैदान में उतरे। पहले चर्चा थी कि वो नाम वापस लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस को डर है कि कुछ वोट इधर-उधर हो सकते हैं। निर्दलीय नांदल तभी जीत सकते हैं यदि कांग्रेस के 9 विधायक क्रॉस वोट करें। पढ़ें पूरी खबर… ओडिशा में 4 सीटें खाली होंगी, 5 उम्मीदवार मैदान में रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले 6 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया था, इसके बाद 2 और विधायक शुक्रवार दोपहर तक बेंगलुरु पहुंच गए। अब ओडिशा के PCC अध्यक्ष समेत 8 विधायक, उनके निजी सचिव और परिवार के सदस्य यहां मौजूद हैं। इनके लिए 20 कमरे बुक किए गए हैं। इन कांग्रेस विधायकों में अशोक कुमार दास, प्रफुल्ल चंद्र प्रधान, पवित्र सांता, कद्रका अप्पाला स्वामी, सी.एस. राजन एक्का और सत्यजीत गोमांगो शामिल हैं। कांग्रेस ने ओडिशा में अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी ने बीजू जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के साथ मिलकर एक संयुक्त उम्मीदवार दत्तेश्वर होता का समर्थन करने का फैसला किया है। अप्रैल में ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटें खाली हो जाएंगी। राज्य से कुल चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं, और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। विधायकों से मिलेंगे कर्नाटक के डिप्टी CM कांग्रेस नेता बट्टाप्पा ने बताया कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आज इन विधायकों से मिलेंगे। शिवकुमार दोपहर में यहां आएंगे। मौजूद लोगों के अलावा और भी विधायक यहां आ सकते हैं। कमरे 15 मार्च तक के लिए बुक किए गए हैं। हमें नहीं पता कि वे किस कारण से और क्यों यहां आए हैं। शनिवार सुबह तक चार और विधायकों के बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है। पार्टी के छह विधायक इस समय विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर में ही मौजूद हैं। BJP-BJD ने अपने कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए BJD ने संतृप्त मिश्रा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, और BJP ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए ओडिशा पार्टी प्रमुख मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के नाम का ऐलान किया है। बीजू जनता दल ने गुरुवार को पार्टी के सभी विधायकों के लिए 'थ्री-लाइन व्हिप' जारी किया। इसमें विधायकों को निर्देश दिया गया कि वे भुवनेश्वर में होने वाली पार्टी की बैठकों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। विधायकों से कहा गया है कि वे 13 और 14 मार्च को नवीन निवास पहुंच जाएं।
कैथल पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब सैनी:अमरनाथ भगत के निधन पर शोक प्रकट किया, परिवार से बातचीत की
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हैफेड के पूर्व चेयरमैन कैलाश भगत के पिता अमरनाथ भगत के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कैलाश भगत से बातचीत की और परिवार के प्रति सहानुभूति जताई। उनके साथ मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी कैथल आए। सीएम वीरवार को कैथल में कैलाश भगत के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिवार के सदस्यों से मिले अमरनाथ भगत का पांच दिन पहले निधन हो गया था। उनके निधन पर शोक प्रकट करने के लिए रोजाना राजनीति चेहरे पहुंचे रहे हैं। वीरवार को सीएम भी अपने काफिले के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान वे परिवार के सदस्यों से भी मिले और उनसे बातचीत की। अमरनाथ भगत की कैथल की राजनीति में सक्रिय भूमिका रही बता दें कि स्वर्गीय अमरनाथ भगत की कैथल की राजनीति में सक्रिय भूमिका रही है। वे अटल बिहारी वाजपेयी व लाल कृष्ण आडवाणी के साथ काम कर चुके हैं। अमरनाथ भगत का नाम कैथल की जानी मानी राजनीतिक हस्तियों में आता है। इसके अलावा अमरनाथ भगत कैथल में RSS के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे हैं। उन्होंने RSS के साथ काफी कार्यकर्ताओं को जोड़ा। जिस समय कैथल और कुरुक्षेत्र एक जिले में होते थे, उस समय अमरनाथ भगत भाजपा के जिलाध्यक्ष बने थे। उन्होंने लगातार चार बार इस पद पर अपनी जिम्मेवारी निभाई। उनका नाम भाजपा के समर्पित नेताओं में लिया जाता है।
स्काउट की नई शुरुआत, देश में पहली विशेषजनों की मिनी जंबूरी हरियाणा में
भारत स्काउट व गाइड के तत्वावधान में पहली बार देश में नई शुरुआत होने जा रही है। स्काउट गाइड पहली बार हरियाणा में ऐसी जम्बूरी आयोजित करने जा रही है, जिसमें देश भर से विशेष योग्यजन शामिल होंगे। खास बात ये है कि उदयपुर से भी इस जम्बूरी में 8 यानी चार स्काउट व 4 गाइड शामिल होंगे। प्रदेश के अन्य जिले पाली, कोटा व करौली से 8-8 स्काउट व दो-दो स्काउट प्रशिक्षक इसमें शामिल होंगे। इसका नाम नेशनल लेवल एगोरी कैंप रखा गया है। यह शिविर 27 से 31 मार्च तक नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स, गदपुरी (हरियाणा) में आयोजित किया जाएगा। राजस्थान राज्य मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार इस शिविर में विशेष योग्यजन (दिव्यांगजन) स्काउट, गाइड, रोवर और रेंजर शामिल होंगे। शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा की जाएगी, जबकि प्रत्येक प्रतिभागी के लिए 5500 रुपये की राशि राज्य मुख्यालय के माध्यम से तय की गई है। उदयपुर से ये स्काउट व गाइड होंगे शामिल: अभिलाषा विशेष विद्यालय, उदयपुर के विद्यार्थियों का चयन किया गया है। स्काउट विभाग से हेमंत भोई, महेंद्र सिंह, लोकेश पटेल और हितेश चन्दाना और गाइड विभाग से भूमिका मीणा, रमीला मीणा, गंगा मीणा और सोनू कुमारी का चयन किया गया है। इनके साथ लीडर के रूप में प्रशिक्षित स्काउटर-गाइडर भी शिविर में भाग लेंगे। इसमें स्काउटर अमित यादव व गाइडर चंदा सिसोदिया शामिल होंगे। उदयपुर स्काउट के सीआे सुरेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि इस राष्ट्रीय स्तर के शिविर में विशेष योग्यजन स्काउट-गाइड को नेतृत्व, अनुशासन, साहसिक गतिविधियों और सामूहिक जीवन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
हरियाणा के कापड़ीवास में सोमवार देर रात एक निर्माणाधीन सोसाइटी में बड़ा हादसा हो गया। 'ग्लोबल सिग्नेचर' नामक इस सोसाइटी में मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 9 बजे हुई। देर रात करीब 10 बजे मृतकों के शवों को भिवाड़ी जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी सात मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। भिवाड़ी पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गुरुग्राम जिले के बिलासपुर थाना के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया- पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही राहत-बचाव कर रही टीमें मिट्टी में और मजदूरों की भी तलाश कर रही हैं। सभी मृतक हेल्पर, फिटर और मशीन ऑपरेटर पुलिस ने मजदूरों के पहचान पत्रों के आधार पर उनकी शिनाख्त की है। मृतकों में इंद्रजी सादा (32 वर्ष), भागीरथ गोपी, छोटेलाल सादा (37 वर्ष), शिव शंकर (31 वर्ष), शिवकांत चौधरी (47 वर्ष) और मंगतराम (32 वर्ष) शामिल हैं। सभी मृतक मजदूरों के पहचान पत्रों पर मानेसर, हरियाणा का पता दर्ज है। वे हेल्पर, फिटर और ऑपरेटर जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। STP का काम चल रहा था जानकारी के मुताबिक, ग्लोबल सिग्नेचर सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का काम चल रहा था। रात 8 बजे अचानक बेसमेंट में मिट्टी की दीवार गिर गई। इसमें 10 मजदूर दब गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद दूसरे मजदूरों ने राहत बचाव का कार्य शुरू किया। सूचना पर पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मिट्टी और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
रेवाड़ी में स्थित आईटीआई में आम आदमी के लिए लाइब्रेरी और तकनीकी वर्कशॉप खोली गई है। कोई भी युवा 100 रुपए महीने देकर लाइब्रेरी और आजमन 300 रुपए प्रतिघंटा देकर तकनीकी वर्कशॉप में मौजूद इक्विपमेंट और टूल की सुविधाओं का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए https://itiharyana.gov.in/ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसका लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है। युवा सस्ते में कर सकेंगे तैयारी डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि सरकार ने युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं की सस्ते में तैयारी करने का मौका देने के लिए यह कदम उठाया है। आईटीआई की लाइब्रेरी में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। सरकार ने कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशायल को यह जिम्मेदारी सौंपी हैं। युवाओं को लाइब्रेरी का प्रयोग करने के लिए केवल 100 रुपए मासिक फीस देकर सुबह 10 से शाम चार बजे तक लाइब्रेरी का उपयोग कर सकेंगे। 300 रुपए प्रतिघंटा देना होगा डीसी ने बताया कि इसी प्रकार से आईटीआई की वर्कशॉप का प्रयोग आम आदमी कर सकेंगे। इसके लिए प्रतिघंटा 300 रुपए भुगतान करना होगा। जिससे संस्थान में कंप्यूटर साक्षरता, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, वेल्डिंग और मोटर मैकेनिक व्हीकल जैसी विभिन्न वर्कशॉप भी खोली गई हैं। वर्कशॉप का उपयोग करने के लिए समय और स्लॉट पहले से निर्धारित करने होंगे, जिनकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। 300 रुपए प्रतिघंटा भुगतान कर आम आदमी इक्विपमेंट और टूल की सुविधाओं का लाभ ले सकता है। इसका लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है।
भिवानी के डीसी साहिल गुप्ता ने लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई हरियाणा स्टेट लिटिगेशन पॉलिसी-2025 को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अदालतों में चल रहे मामलों की समय-समय पर समीक्षा करें और जहां संभव हो, उन्हें सुलझाने के प्रयास करें। इसके अलावा सरकारी वकीलों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि मामलों की पैरवी प्रभावी ढंग से की जा सके। डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पॉलिसी के तहत सरकारी विभागों में मुकदमों की संख्या कम करने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान अदालत जाने से पहले ही विभागीय स्तर पर करना है, ताकि अनावश्यक मुकदमेबाजी को रोका जा सके। प्रत्येक विभाग और जिला स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाएगाउन्होंने बताया कि नीति के अनुसार प्रत्येक विभाग और जिला स्तर पर प्रभावी ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (शिकायत निवारण तंत्र) स्थापित किया जाएगा। कर्मचारियों और नागरिकों को अपनी शिकायत पहले इसी प्रणाली के माध्यम से दर्ज करनी होगी, जिससे विभाग स्तर पर ही उनका समाधान किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। पॉलिसी के तहत यह भी तय किया गया है कि सरकारी विभाग किसी भी मामले को अदालत में ले जाने से पहले उसका पूरा कानूनी परीक्षण करेंगे। यदि किसी मामले का समाधान बातचीत, समझौते या विभागीय स्तर पर संभव है, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए कि अनावश्यक अपीलें और मुकदमे दर्ज न किए जाएं तथा केवल महत्वपूर्ण मामलों में ही न्यायालय का रुख किया जाए। प्रत्येक विभाग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करेंउन्होंने बताया कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अदालतों में चल रहे मामलों की समय-समय पर समीक्षा करें और जहां संभव हो, उन्हें सुलझाने के प्रयास करें। सरकारी वकीलों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया, ताकि मामलों की पैरवी प्रभावी ढंग से की जा सके। सरकार का उद्देश्य इस नीति के माध्यम से उत्तरदायी प्रशासन, पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। इससे न केवल सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि नागरिकों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
रोहतक जिले की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) में अब हर साल हरियाणा फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसकी घोषणा हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के बजट में की है। इसके अनुसार प्रदेश का कला एवं संस्कृति विभाग फिल्म फेस्टिवल के आयोजन में सहयोग करेगा। फिल्म फेस्टिवल के आयोजन का प्रावधान प्रदेश में पहली बार किया गया है। इससे पहले आज तक सरकारी स्तर पर किसी भी तरह का फिल्म फेस्टिवल हरियाणा में आयोजित नहीं किया। जिस तरह से बजट में प्रावधान किया गया है, उससे साफ है कि राज्य सरकार प्रदेश की कला व संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की हर संभव कोशिश कर रही है। बजट में सीएम ने की फिल्म फेस्टिवल की घोषणा डीएलसी सुपवा के VC डॉ. अमित आर्य ने बताया कि सीएम नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री 2026-27 के लिए जो बजट विधानसभा में पेश किया, उसमें पेज नंबर 71 पर प्वाइंट नंबर 131 के तहत फिल्म फेस्टिवल के आयोजन की घोषणा की। सुपवा के सहयोग से प्रतिवर्ष हरियाणा फिल्म फेस्टिवल आयोजित होगा। यह क्षेत्रीय सिनेमा, स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं, छात्र रचनाकारों एवं डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को एक नया मंच प्रदान करेगा। कला एवं सस्कृति के मद में की घोषणा डॉ. अमित आर्य ने बताया कि सीएम ने इस प्रावधान की घोषणा कला एवं संस्कृति के मद में की है। देखा जाए तो इस समय हरियाणा के कलाकारों, गीत-संगीत, एल्बम आदि का देश भर में डंका बज रहा है। इसी तरह डीएलसी सुपवा अपनी तरह की देश की पहली यूनिवर्सिटी है, जिसमें एक्टिंग, डायरेक्शन, सिनेमेटोग्रॉफी, एडिटिंग, ऑडियोग्रॉफी में विभिन्न डिग्री कोर्स कराए जा रहे हैं। सुपवा के छात्रों की शॉर्ट फिल्म छा रही डॉ. अमित आर्य ने बताया कि सुपवा से पढ़े छात्र देश-विदेश की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सुपवा के छात्रों द्वारा तैयार शॉर्ट फिल्में व डॉक्यूमेंट्री देश-दुनिया के फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हो रही हैं, साथ ही अनेक अवार्ड भी जीत रही हैं। इससे पता चलता है कि डीएलसीसुपवा में छात्रों को फिल्म इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार तैयार कर रहा है।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.

