भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास में 17 जुलाई 2026 का दिन एक बड़े और क्रांतिकारी युग की शुरुआत करने जा रहा है। देश की पहली 100 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से निर्मित हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन (Hydrogen-Powered Train) हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह अभूतपूर्व कदम न केवल भारतीय रेल का कायाकल्प करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शून्य-कार्बन उत्सर्जन (Net-Zero Carbon Emission) के क्षेत्र में भारत को सबसे अगली कतार में लाकर खड़ा कर देगा।ट्रेन की मुख्य विशेषताएं और बेजोड़ क्षमता: ICF चेन्नई का एक और नायाब शाहकारपूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' (Make in India) मिशन के तहत तैयार की गई इस ग्रीन ट्रेन को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के इंजीनियरों ने विकसित किया है। यह ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर संचालित होने वाली दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इस आधुनिक ट्रेन की तकनीकी क्षमताएं इस प्रकार हैं:विशाल यात्री क्षमता: यह 10 कोच वाली एक डेमू (DEMU) स्टाइल ट्रेन है, जिसमें 682 बैठने की सीटों सहित एक बार में लगभग 2,600 यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।पावरफुल इंजन ग्रिड: इस ट्रेन में 1200 kW की दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) लगाई गई हैं, जो संयुक्त रूप से इसे 2400 kW की बेजोड़ शक्ति प्रदान करती हैं।रफ्तार की सीमा: हालांकि बेहद जटिल और सफल सुरक्षा ट्रायल्स के दौरान इस ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार दर्ज की थी, लेकिन नियमित वाणिज्यिक संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा हेतु इसे 75 किमी प्रति घंटा की नियंत्रित गति से ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा।जींद-सोनीपत रूट और टाइम टेबल: मात्र 5 रुपये में शुरू होगा देश का सबसे हाई-टेक सफरउत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत रेलवे सेक्शन को इस ऐतिहासिक पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। स्थानीय यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इसका किराया और समय सारणी बेहद आकर्षक रखी गई है:यात्रा का विवरणआधिकारिक जानकारी एवं शेड्यूलट्रेन नंबर (अप / डाउन)74010 (जींद से सोनीपत) / 74009 (सोनीपत से जींद)प्रस्थान का समयप्रतिदिन सुबह 07:40 बजे (जींद रेलवे स्टेशन से)आगमन का समयप्रतिदिन सुबह 09:40 बजे (सोनीपत रेलवे स्टेशन)प्रमुख ठहराव (स्टॉपेज)रास्ते में पांडू पिंडारा और गोहाना सहित 12-13 छोटे स्टेशनों पर हॉल्टटिकट की दरें (किराया)आम पैसेंजर ट्रेनों के बराबर (न्यूनतम ₹5 से अधिकतम ₹25 के बीच)कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन? प्रदूषण की जगह साइलेंसर से निकलेगा शुद्ध पानी और भापपारंपरिक डीजल इंजन जहां भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और पीएम 2.5 जैसे जहरीले कण वातावरण में छोड़ते हैं, वहीं यह नई ट्रेन 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल' (Hydrogen Fuel Cell Technology) नामक अत्याधुनिक तकनीक पर काम करती है। ट्रेन की छत पर लगे विशेष फ्यूल सेल के भीतर स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस और वायुमंडल की ऑक्सीजन के बीच एक नियंत्रित रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कराई जाती है। इस प्रक्रिया से सीधे हाई-वोल्टेज बिजली (Electricity) पैदा होती है, जिससे ट्रेन की हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक मोटरें काम करती हैं। इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे जादुई और शानदार पहलू यह है कि इसमें प्रदूषण के नाम पर धुआं नहीं, बल्कि केवल शुद्ध जल वाष्प (Water Vapor) और हल्की गर्मी ही बाहर निकलती है, जिसे आम भाषा में 'पानी से चलने वाली ट्रेन' कहा जा रहा है। ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जींद स्टेशन पर एक स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और हाई-प्रेशर रिफ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है, जिसे भारत सरकार के पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से सुरक्षा अनापत्ति और संचालन की मंजूरी मिल चुकी है।वैश्विक एलीट क्लब में भारत की एंट्री: जर्मनी, जापान और चीन को मिलेगी सीधी टक्करइस बेहद जटिल, महंगी और संवेदनशील तकनीक को सफलतापूर्वक ट्रैक पर उतारते ही भारत ने वैश्विक पटल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अब भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों के सबसे एलीट क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी सक्रिय हाइड्रोजन रेल तकनीक है:जर्मनी: दुनिया की पहली वाणिज्यिक और कमर्शियल हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन लॉन्च करने का गौरव इसके नाम है।चीन: एशिया महाद्वीप की पहली शहरी हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने का दावा कर चुका है।भारत: ब्रॉड गेज (Broad Gauge) रेल लाइनों के लिए दुनिया की सबसे शक्तिशाली 2400 kW क्षमता की स्वदेशी ट्रेन बनाकर भारत ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है।भविष्य का मेगा प्लान: 2030 तक सभी गैर-विद्युतीकृत रूट्स से हटेंगे पुराने डीजल इंजनभारतीय रेलवे ने साल 2030 तक खुद को पूर्ण रूप से 'नेट-जीरो कार्बन एमीटर' (Net-Zero Carbon Emitter) बनाने का एक बड़ा राष्ट्रीय संकल्प लिया है। जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हो रहा यह ऑपरेशन एक शुरुआती टेस्ट बेड है। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही देश के उन सभी ऐतिहासिक, पहाड़ी और दूरदराज के गैर-विद्युतीकृत रेलवे रूट्स (जैसे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला टॉय ट्रेन, नीलगिरि माउंटेन रेलवे) पर चल रहे पुराने डीजल इंजनों को हमेशा के लिए सेवा से हटा दिया जाएगा। इस मास्टर प्लान से न केवल विदेशों से आने वाले महंगे कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर पटरियों के ऊपर लाखों-करोड़ों की लागत से बिछने वाले बिजली के भारी-भरकम तारों (OHE Lines) का खर्च भी पूरी तरह बच जाएगा।
हरियाणा सरकार की 28 जुलाई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित प्रस्तावों और हालिया प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए उद्योग, कर्मचारियों, कृषि, शहरी विकास और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों को अंतिम मंजूरी देने के साथ-साथ कई नीतिगत फैसलों पर भी कैबिनेट की सहमति ली जाएगी। सरकार आगामी विधानसभा सत्र में कई संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में संबंधित विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इनमें प्रशासनिक सुधार, विभागीय नियमों में संशोधन और जनहित से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विभिन्न विभागों में पद सृजन या भर्ती संबंधी प्रस्तावों पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है। दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा ई-वाहन (EV) नीति हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने चंडीगढ़ में हरियाणा ई-वाहन (EV) नीति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। जिसमें उन्होंनें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और खरीदारों को राहत देने को लेकर चर्चा की थी। मंत्री ने कहा था कि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और कारों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में दी जाए, ताकि ग्राहकों को वाहन खरीदते समय ही इसका लाभ मिल सके। मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिल्ली की तर्ज पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा ई-वाहन नीति-2022 में दिल्ली की तर्ज पर संशोधन करने को लेकर चर्चा की। ऐसे में संभव है कि कैबिनेट की बैठक में नई ईवी पॉलिसी पर मुहर लग जाए।
हरिद्वार में हरियाणा से आए दो युवकों पर महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों के कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने भी युवकों को थप्पड़ मारे। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल अधिकांश लोग हरिद्वार के बाहर के रहने वाले थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग हरियाणा के युवकों को बचाने के लिए आगे आए, लेकिन भीड़ ने उन्हें भी वहां से भगा दिया। विवाद बढ़ने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ ले गई। पुलिस ने अभी तक युवकों की पहचान या वे हरियाणा के किस जिले से आए थे, इसकी जानकारी नहीं दी है। घटना मंगलवार देर रात हरिद्वार के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित खड़खड़ी की बताई जा रही है। तस्वीरें देखिए- महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप के बाद बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, देर रात खड़खड़ी क्षेत्र में हरियाणा से आए कुछ यात्रियों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि दो युवकों ने महिलाओं से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को घेर लिया। भीड़ दोनों युवकों को बुरी तरह पीट रही है, जबकि कुछ लोग बीच-बचाव करने का असफल प्रयास भी कर रहे हैं। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिलाओं ने युवकों को थप्पड़ मारे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कुछ महिलाओं ने भी युवकों को थप्पड़ मारे, जबकि भीड़ ने उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई लोग दोनों युवकों को घेरकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद महिलाएं भी उनके खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप लगाती नजर आ रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल अधिकांश लोग हरिद्वार के बाहर के रहने वाले थे। विवाद बढ़ने पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ ले गई सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ थाने ले गई। फिलहाल पुलिस ने युवकों की पहचान या वे हरियाणा के किस जिले से आए थे, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बद्रीनाथ के बाद मनसा देवी मंदिर में चढ़ावा चोरी; VIDEO:नोट जेब में रखता दिखा कर्मचारी, शक्तिपीठ में बिना जेब वाला कुर्ता बना नया ड्रेस कोड बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी के बाद उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मनसा देवी मंदिर से भी दान चोरी करने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखता है कि मंदिर कर्मचारी नोट को फोल्ड कर इधर-उधर लोगों को देखता है। इसके बाद वह फोल्ड किए गए नोट को पूजा की थाली के पास ले जाकर अपने कुर्ते की जेब में रख लेता है। (पढ़ें पूरी खबर)
रोहतक के गांव खिड़वाली निवासी व जाट आरक्षण आंदोलन में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन फिटनेस को खुली धमकी देते हुए कहा कि जिस दिन हरियाणा में आएगा, उसी दिन जितनी गालियां दी हैं, उतने ही छेद कर दूंगा। धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा डांसर सपना चौधरी के बारे में वीडियो डालने के बाद करन फिटनेस ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र हु्ड्डा की तुलना गैंगस्टरों के साथ कर दी। करन ने अपनी वीडियो में कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा क्या अब दाउद, लारेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, संपत नेहरा व रोहित गोदारा बन गया, जो छलनी करवा देगा। करन ने अपनी वीडियो में कहा कि सभी गैंगस्टरों का हाथ धर्मेंद्र हु्ड्डा के ऊपर है। जब 36 घंटे हो जाएंगे, तो वह अपनी लोकेशन भेज देगा और हरियाणा में ही रहकर वीडियो भी बनाएगा। अगर गंदगी की सफाई करनी है, तो सच्चाई के साथ करे, किसी को धमकी देकर नहीं। कम्युनिटी गाइडलाइन बताकर हटाई 7 वीडियो धर्मेंद्र हु्ड्डा ने सोशल मीडिया पर कहा कि सपना चौधरी की वीडियो बनाने के बाद अकाउंट से 7 वीडियो कम्युनिटी गाइडलाइन दिखाकर हटा दी। करन फिटनेस ने उसके ऊपर वीडियो बनाई, जिसका नाम लेना भी उचित नहीं है। उसके पीछे पहले ही कई भाई लगे हुए है। सोशल मीडिया पर मैं नहीं देता गाली धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर गाली नहीं देते, लेकिन स्टेज पर डांस करने वाली व अश्लीलता परोसने वाली महिलाओं को रोकने के लिए गलत शब्दों का प्रयोग करना पड़ा। जो जैसा होगा, उसे वैसा ही कहा जाएगा। ऐसे लोगों को रोकने के लिए उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। हरियाणा में नहीं मिलेगा स्टेज पर नाचने वाला धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन को सीधा चैलेंज दिया कि अगर दम है, तो हरियाणा में किसी एक को यह कह दो कि मैं सट्टे का प्रमोशन करूंगा, मुझे रोक कर दिखाओ। जितनी स्टेज पर नाचने वाली है, उन्हें रोक कर दिखाओ। एक सप्ताह के अंदर पूरे हरियाणा में कोई स्टेज पर नाचने वाला या सट्टे का प्रमोशन करने वाला नहीं मिलेगा। जिन गैंगस्टरों के नाम लिए, वो खुद लेंगे जिम्मेदारी धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन के लिए कहा कि तू मेरे स्टेट्स का नहीं है। या तो तू अपनी बात पर गलती मान लेगा, नहीं तो मैंने भी जाटनी का दूध पिया है। जितनी गाली तूने मुझे दी, उतने छेद तेरे में नहीं करवा दिए तो मैं भी असली नहीं। जिस दिन तू हरियाणा में आकर अपनी लोकेशन बता देगा, उसी दिन छेद कर दूंगा और जिन गैंगस्टर का नाम ले रहा है, वो खुद उसकी जिम्मेदारी लेंगे।
सहरसा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त कार्रवाई में 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। यह गांजा नई दिल्ली जा रही ट्रेन से जब्त किया गया। मामले में हरियाणा निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 7.50 लाख रुपये बताई जा रही है। गुप्त सूचना पर चलाया गया अभियान आरपीएफ पोस्ट सहरसा के निरीक्षक धनंजय कुमार को मंगलवार को सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 04071 के एक कोच में जितेंद्र नामक व्यक्ति सुपौल से नई दिल्ली की ओर मादक पदार्थ लेकर यात्रा कर रहा है। सूचना के आधार पर आरपीएफ ने जीआरपी सहरसा के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया और प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर खड़ी ट्रेन की तलाशी शुरू की। टीटीई की जानकारी से यात्री तक पहुंची टीम तलाशी के दौरान शुरुआती जांच में संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद टीम ने ऑन ड्यूटी टीटीई से यात्रियों की जानकारी ली। टीटीई ने बताया कि जितेंद्र नाम का यात्री कोच बी-2 की सीट संख्या 58 पर सुपौल से बनारस तक का आरक्षित टिकट लेकर सफर कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम उक्त सीट पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति चादर ओढ़कर सोया मिला। पूछताछ में खोला गांजा रखने का राज पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम जितेंद्र बताया, लेकिन अपने सामान के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसके ट्रॉली बैग, पिट्ठू बैग और हैंडबैग में गांजा रखा हुआ है। ट्रेन के प्रस्थान समय को देखते हुए आरोपी और उसके तीनों बैग को वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ आरपीएफ पोस्ट लाया गया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई जांच दंडाधिकारी ललन कुमार चौधरी (मार्केटिंग ऑफिसर, सत्तरकटैया) की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली गई। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर कुल 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र (39 वर्ष), पिता सुरेश कुमार, निवासी लक्ष्मीनगर, थाना एवं जिला भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला जीआरपी सहरसा ने आरोपी के खिलाफ रेल थाना कांड संख्या 30/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(b)(ii)(B) में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच अवर निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपी गई है। गांजे की खेप कहां से आई, जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ के अतिथि व्याख्याताओं ने मंगलवार को अपनी 10 मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के बंगले पर पहुंचे। व्याख्याताओं का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर से 250 से 300 अतिथि व्याख्याता मौजूद रहे। व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने एकमुश्त 57,700 रुपए मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा, 12 महीने का कार्यकाल, 13 वार्षिक सीएल, सम्मानजनक पदनाम और नीति-2024 में संशोधन समेत अपनी मांगें रखीं। लेकिन इन मांगों पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद व्याख्याता मंत्री बंगले के बाहर भी नारेबाजी करने लगे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन से नाराज मंत्री मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही बोलन से विधानसभा की ओर निकल गए। व्याख्याताओं का आरोप प्रतिनिधि मंडल का आरोप है कि मंत्री 2,000 रुपए प्रतिदिन मानदेय के प्रस्ताव पर ही कायम रहे। एकमुश्त मासिक मानदेय की मांग पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। व्याख्याताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पूरी बात सुने बिना मंत्री वहां से चले गए। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। अतिथि शिक्षकों की 10 मांगों को जानिए 1. सेवा सुरक्षा हरियाणा की तरह 3 साल सेवा पूरी करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाए। 2. एकमुश्त मासिक वेतन और PF कालखंड के हिसाब से भुगतान खत्म कर हर महीने 57,700 रुपए तय मानदेय दिया जाए। साथ ही PF और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ भी मिले। 3. छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता नई भर्ती में राज्य के मूल निवासियों को पहले अवसर मिले। समान अंक की शर्त हटाकर केवल राज्य के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग। 4. मेरिट सूची अलग बने नई भर्ती में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की मेरिट सूची अलग बनाई जाए और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले मौका मिले। 5. विस्थापन में भी स्थानीय को प्राथमिकता यदि किसी अतिथि व्याख्याता का विस्थापन होता है तो नई मेरिट में भी छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले अवसर दिया जाए। 6. सवैतनिक अवकाश संविदा कर्मचारियों की तरह हर सत्र में आकस्मिक (CL) और अन्य सवैतनिक छुट्टियों की सुविधा मिले। 7. एक समान सेवा अवधि सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति और सेवा समाप्ति का एक जैसा कैलेंडर हो। सेवा अवधि 1 जुलाई से 31 मई तक तय की जाए। 8. 25% आरक्षण सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी और ग्रंथपाल की भर्ती में अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं के लिए 25% क्षैतिज आरक्षण दिया जाए। 9. PSC भर्ती में आयु सीमा में छूट सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि व्याख्याताओं को उनके अध्यापन अनुभव के आधार पर अधिकतम 10 साल तक आयु सीमा में छूट मिले। 10. ऑनलाइन पोर्टल और एक जैसा प्रारूप भर्ती, चॉइस फिलिंग और रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए। साथ ही सभी कॉलेजों में जॉइनिंग लेटर और अनुभव प्रमाण पत्र का एक समान प्रारूप लागू किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर नियम बनाने की मांग हरियाणा सरकार ने हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एंड गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 लागू किया है। इसके प्रमुख प्रावधान हैं:1. 5 साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र गेस्ट/एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सेवानिवृत्ति (58 वर्ष) तक सेवा सुरक्षा। 2. यदि किसी 240 दिन काम किया है, तो उसे पूरे वर्ष की सेवा माना जाएगा। 3. पात्र गेस्ट लेक्चरर्स को ₹57,700 प्रतिमाह समेकित (Consolidated) मानदेय देने का प्रावधान। बाद के संशोधन प्रस्ताव में DA के अनुसार बढ़ोतरी और वार्षिक इंक्रीमेंट का भी प्रावधान जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ में भी अतिथि व्याख्याता इसी तरह से नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने 13 CL मांग पूरी की प्रदेश में व्याख्याताओं की प्रमुख मांगों में से 13 CL की मांग है। व्याख्याताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। वहां मोहन यादव की सरकार ने अतिथि शिक्षकों की व्याख्याताओं को देखते हुए इन मांगों को पूरा किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और स्थानांतरण सुविधा अपने यहां के अतिथि व्याख्याताओं को दी है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। आंदोलन जारी रहेगा व्याख्याताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनका दावा है कि यह संघर्ष उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की सेवा शर्तों और मांगों को लेकर है। उनका कहना है कि मांगों पर निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि किसी हिंसक प्रदर्शन में शामिल होना, सरकार के खिलाफ नारे लगाना या असहमति व्यक्त करना अपने आप में राजद्रोह (देशद्रोह) का अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि हिंसक विरोध प्रदर्शन दंगा या अन्य आपराधिक अपराध की श्रेणी में आ सकता है, लेकिन केवल इसी आधार पर किसी व्यक्ति पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी हरियाणा सरकार की उस अपील को खारिज करते हुए की, जिसमें वर्ष 2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद कैथल के कलायत में हुई हिंसा के मामले में चार आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई थी। राजद्रोह के लिए सिर्फ नारेबाजी काफी नहीं हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करना या उसकी नीतियों का विरोध करना नागरिकों की असहमति व्यक्त करने का एक तरीका हो सकता है। इसे सरकार के प्रति घृणा, तिरस्कार या विद्रोह फैलाने के समान नहीं माना जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शन दंगे का रूप ले सकता है, लेकिन केवल हिंसा होने से यह नहीं माना जा सकता कि सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने या राजद्रोह का अपराध हुआ है। निर्वाचित लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ नारेबाजी मात्र से नागरिकों पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। हताशा-असंतोष को राजद्रोह नहीं माना जा सकता अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हताशा, नाराजगी या असंतोष को घृणा या देशद्रोह के बराबर नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में जब आरोप गंभीर हों और सजा भी कठोर हो, तब अदालत का यह दायित्व है कि वह उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी आधार की सख्ती से जांच करे। हाईकोर्ट ने कहा कि राजद्रोह जैसे गंभीर अपराध में केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि आरोपी की कार्रवाई का उद्देश्य सरकार के खिलाफ घृणा फैलाना, हिंसा के लिए उकसाना या राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालना था। 2017 की हिंसा से जुड़ा है मामला यह मामला अगस्त 2017 का है, जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। आरोप था कि कैथल के कलायत में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएन) के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ राजद्रोह, आगजनी और शरारत समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में चारों आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ हरियाणा सरकार हाईकोर्ट पहुंची थी। आरोपियों की पहचान-साक्ष्य साबित नहीं कर पाया सरकारी पक्ष हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में विफल रहा। अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ओर संकेत करते हैं, जो असहमति व्यक्त करने का माध्यम हो सकता है, लेकिन इसे सरकार के प्रति घृणा या तिरस्कार फैलाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए ठोस और स्पष्ट साक्ष्य आवश्यक हैं। केवल विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी के आधार पर इस गंभीर अपराध की धाराएं नहीं लगाई जा सकतीं।
समस्तीपुर में संदिग्ध हालत में एक महिला की मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुर और देवर पर गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान मिथिलेश कुमार राय की पत्नी सोनी कुमारी(28) के तौर पर हुई है। घटना हलई थाना क्षेत्र के दरबा गांव की है। 'बहनोई ने दूसरी शादी कर ली है' इद्रवारा गांव के रहने वाले मृतका के भाई सरोज कुमार ने बताया कि उनकी बहन की शादी 14 साल पहले हुई थी। 2 भांजा और एक भांजी है। बहनोई हरियाणा में राजमिस्त्री का काम करते हैं। वहीं पर उसने दूसरी शादी कर ली। घर खर्च के लिए बहन को पैसा नहीं देता था। कहता था जहां, जाना है जाओ। कई साल से घर नहीं आया है। फोन भी रिसीव नहीं करता है। 'साजिश करके मेरी बहन को मार डाला' सरोज कुमार ने आगे कहा कि मौत की जानकारी मिलने के बाद मैंने अपने छोटे भाई को मौके पर भेजा। बॉडी जमीन पड़ पड़ी थी। गले पर गहरा निशान था। ससुर और देवर ने रास्ते से हटाने के लिए गला घोंटकर मार डाला। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, हलई थानाध्यक्ष ने बताया कि विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत किस कारण से हुई है। अभी पीड़ित परिवार की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सरकारी भर्ती परीक्षा (SIR) का फॉर्म भरने और परीक्षा संबंधित काम से आई एक युवती को हवस का शिकार बनाया गया है। आरोप है कि ऑटो चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को सुनसान जगह ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने ऑटो चालक समेत कुल 4 आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है और इलाके में हड़कंप मच गया है।परीक्षा की उम्मीदें और दरिंदों का जालपीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह परीक्षा से संबंधित जरूरी कार्य के लिए नूंह पहुंची थी। वहां से उसने गंतव्य तक जाने के लिए एक ऑटो को रोका। ऑटो चालक ने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उसे सुरक्षित छोड़ देगा, लेकिन रास्ते में उसने गाड़ी को मुख्य मार्ग से हटाकर एक सुनसान इलाके की ओर मोड़ दिया। वहां पहले से ही उसके तीन अन्य साथी मौजूद थे। महिला के विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ बारी-बारी से दरिंदगी की।पुलिस की कार्रवाई और जांच पड़तालघटना की सूचना मिलते ही नूंह पुलिस सक्रिय हो गई है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले से ही इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने ऑटो चालक की पहचान कर ली है और उसके साथियों को पकड़ने के लिए तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।सुरक्षा पर उठे गंभीर सवालनूंह में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बाहर से परीक्षा देने आने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा अब एक बड़ा मुद्दा बन गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। इस जघन्य वारदात ने पूरे मेवात क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
Gorakhpur Panipat Expressway Route Update: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को हरियाणा (Haryana) से जोड़ने वाले बेहद महत्वाकांक्षी गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) परियोजना से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत संतकबीरनगर जिले की मेंहदावल तहसील के रूट में एक बड़ा बदलाव किया गया है.भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेसवे के दायरे को बढ़ाते हुए मेंहदावल तहसील के तीन नए गांवों— सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र और मईला को भी इस महा-परियोजना में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है. इस प्रशासनिक फैसले से पहले मेंहदावल तहसील के 29 गांव इस एक्सप्रेसवे के रूट में आ रहे थे, लेकिन अब इन 3 नए गांवों की एंट्री के बाद यहां एक्सप्रेसवे का हिस्सा बनने वाले गांवों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है.इंटर-सेक्शन बनने से 20 गांवों को मिलेगी शानदार कनेक्टिविटीइन तीन नए गांवों को एक्सप्रेसवे की जद में लाने के पीछे एनएचएआई (NHAI) की एक बड़ी रणनीतिक और व्यावहारिक सोच है:विशेष इंटर-सेक्शन का निर्माण: हाईवे अथॉरिटी ने निर्णय लिया है कि इन तीनों नए शामिल किए गए गांवों की सीमा में एक अत्याधुनिक इंटर-सेक्शन (Inter-Section) बनाया जाएगा, जो एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने का मुख्य पॉइंट होगा.आसपास के इलाकों को फायदा: इस इंटर-सेक्शन की सुविधा शुरू होने से न केवल इन 3 गांवों के निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा, बल्कि इनके पड़ोस में स्थित लगभग 15 से 20 अन्य ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.स्थानीय किसानों की चमकेगी किस्मत; कृषि और व्यापार को मिलेगी रफ्तारएक्सप्रेसवे पर बनने वाले इस नए इंटर-सेक्शन का सबसे बड़ा और सीधा लाभ स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को मिलने वाला है:मंडियों तक पहुंच होगी आसान: अब तक संकरे रास्तों के कारण किसानों को अपनी फसल और हरी सब्जियां बड़ी मंडियों तक ले जाने में काफी समय और भारी किराया गंवाना पड़ता था. एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद परिवहन की लागत (Transportation Cost) और समय दोनों में भारी कटौती होगी.फसल का मिलेगा बेहतर दाम: समय पर और सीधे तेज रफ्तार मार्ग से जुड़ने के कारण किसान अपने कृषि उत्पादों को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की बड़ी मार्केट में बहुत कम समय में बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी उपज का सटीक और अधिक मूल्य मिल सकेगा.भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रशासनिक तैयारीमेंहदावल तहसील प्रशासन इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है:गाटा सत्यापन का कार्य पूरा: इससे पहले शामिल किए गए 29 गांवों में राजस्व विभाग ने खेतों का चिह्नांकन (Marking), रकबे का सटीक मिलान और भूमि के मालिकाना हक (स्वामित्व) की जांच जैसी सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं.भौतिक सत्यापन और मुआवजा: प्रशासन अब इन सभी चिन्हित जमीनों का स्थलीय और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. जैसे ही यह जमीनी सर्वे पूरा होगा, प्रभावित किसानों की भूमि के अधिग्रहण और उन्हें उचित सरकारी मुआवजा वितरण की फाइल को तेजी से आगे बढ़ा दिया जाएगा.₹35,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे एक नजर मेंप्रोजेक्ट के मुख्य बिंदुआधिकारिक विवरणकुल लंबाई (Total Length)लगभग 747 किलोमीटर (ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड)अनुमानित लागत (Total Budget)₹35,000 करोड़रूट का दायराहरियाणा के पानीपत से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से गुजरेगागोरखपुर-बस्ती मंडल में लंबाईकुल प्रस्तावित लंबाई 86.24 किलोमीटरमेंहदावल तहसील में हिस्साअकेले इस तहसील से 22.5 किलोमीटर का पैच गुजरेगानिर्माण की समयावधिवर्ष 2026 में काम शुरू होने की उम्मीद, ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्यसिद्धार्थनगर से लखीमपुर तक खुलेगा औद्योगिक विकास का बंद द्वारयह एक्सप्रेसवे मेंहदावल तहसील की सीमाओं को पार करने के बाद सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे तराई के प्रमुख जिलों से होते हुए आगे बढ़ेगा. इस परियोजना का मुख्य एजेंडा पिछड़े माने जाने वाले पूर्वांचल (Eastern UP) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के औद्योगिक कॉरिडोर के साथ एक सीधी और निर्बाध हाई-स्पीड सड़क कनेक्टिविटी देना है.ढाई साल के भीतर पूरा होने वाले इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित किए जाने की योजना है, जिससे इस पूरे ग्रामीण बेल्ट में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र का आर्थिक कायाकल्प हो सकेगा.
नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपए के मोबाइल गायब करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अररिया पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में एसआईटी ने हरियाणा के नूंह जिले से गिरोह के एक और मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 620 महंगे मोबाइल, 6 लाख 97 हजार रुपये नकद और दो वाहन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है। रविवार को सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी नईम, अख्तर हुसैन का पुत्र है और नूंह थाना क्षेत्र का निवासी है। वह फरीदाबाद पुलिस का पांच हजार रुपये का इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ आंध्र प्रदेश के कनोल थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला दर्ज है, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। स्कॉर्पियो से मिले कंपनी के अहम दस्तावेज एसडीपीओ ने बताया कि नईम के घर से बरामद स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान मोबाइल कंपनियों से जुड़े कई मूल दस्तावेज भी मिले हैं। इससे आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था और पूरे नेटवर्क के साथ काम कर रहा था। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अररिया लाया गया है। उससे पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। क्या था पूरा मामला यह मामला 7-8 जून की रात का है। नोएडा से रियलमी, ओप्पो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल और उनके पार्ट्स लेकर गुवाहाटी जा रहा कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में मिला था। जांच में पता चला कि कंटेनर में लोड 1143 बॉक्स में से 612 बॉक्स गायब थे। ट्रक हरियाणा के पलवल के चालक और खलासी चला रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह ने गोरखपुर और लखनऊ के बीच दो टोल प्लाजा के पास कंटेनर रोककर मोबाइल के बॉक्स निकाल लिए और बाद में ट्रक को अररिया लाकर छोड़ दिया, ताकि पुलिस की जांच भटकाई जा सके। पहले चार आरोपी गिरफ्तार, अब मास्टरमाइंड भी दबोचा गया मामले के खुलासे के लिए गठित एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी की थी। पहले चरण में नूंह के अनवर उर्फ अनावरूल, दिल्ली के दीपक गुप्ता तथा मथुरा के शाहिल और कामिल उर्फ किम्मी को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 817 मोबाइल, एक थार, एक सियाज कार, लैपटॉप और डीवीआर बरामद किए गए थे। बरामद मोबाइलों में 489 रियलमी और 317 ओप्पो कंपनी के थे। इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या 314/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नई गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 1437 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइलों की कुल बाजार कीमत करीब 6 से 7 करोड़ रुपये है। मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है। मेवात में बेचे जा रहे थे चोरी के मोबाइल एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी नईम ने चोरी के मोबाइल मेवात क्षेत्र में दूसरे कंटेनर में शिफ्ट करवाए थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग लोगों को बेचने की तैयारी थी। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता था। मेवात पहले से ही साइबर ठगी के बड़े केंद्र के रूप में कुख्यात है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा के नूंह-पलवल और राजस्थान के अलवर-जयपुर तक फैला हुआ है। ग्राहक बनकर पहुंची थी एसआईटी एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह तक पहुंचने के लिए एसआईटी ने विशेष रणनीति अपनाई। पुलिस टीम पहले ग्राहक बनकर नूंह और पलवल पहुंची और सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदने का सौदा तय किया। इसी दौरान गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई और एक-एक कर पूरे नेटवर्क का खुलासा होता चला गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है।
एक शाम हरियाणा पुलिस के नाम’ कार्यक्रम में गीत-संगीत ने बांधा समा
भास्कर न्यूज | अम्बाला जिला पुलिस द्वारा पुलिस ऑडिटोरियम में एक शाम हरियाणा पुलिस के नाम’ शीर्षक से सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसपी अजीत सिंह शेखावत मुख्यातिथि रहे, जबकि राधिका चीमा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। डॉ. लव्या खन्ना ने गणेश वंदना पर नृत्य प्रस्तुत किया तथा पुलिस परिवार की बिटिया परमजोत ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों में दिन-रात जुटे पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव से राहत देना, उनका मनोरंजन करना तथा पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। संगीत कार्यक्रम में सत्यम लांबा ने हरियाणा पुलिस एंथम प्रस्तुत किया, जबकि एसआई सुशील चौहान ने सोलो सैक्सोफोन वादन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। परवीन राठी की टीम के लाइव बैंड के साथ एचसी मास्टर बाबी, एचसी दीपक, निधि नारंग, राहुल भूटानी, राधिका ग्रोवर, लक्की सिंह सहित कई कलाकारों ने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। एसए जैन मॉडल स्कूल और बाल भारती स्कूल के विद्यार्थियों ने हरियाणवी लोकनृत्य और पंजाबी भांगड़ा पेश कर खूब तालियां बटोरीं। कलाकारों को किया सम्मानितः कार्यक्रम के सफल आयोजन में एसआई अजय कुमार, एसपीसी सदस्य राकेश मक्कड़, फिल्म निर्देशक अंजय कुमार तथा उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राधिका चीमा, गुरविंदर चीमा, ऊषा जुनेजा, अनुभव अग्रवाल, दीपक आनंद, डॉ. विकास कोहली, बलबीर इंजीनियर, पवन चोपड़ा, अनुज एवं पूजा अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, चमन अग्रवाल, नवीन गुलाटी सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
फरीदाबाद में आगरा नहर में कूदने वाली महिला और युवक की तलाश दूसरे दिन भी जारी है। SDRF की टीमें नहर के पानी में दोनों की खोज कर रही है। लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। नहर में छलांग लगाने के कारणों का अभी तक साफ तौर से कोई खुलासा नहीं किया गया है। बता दें कि, 11 जुलाई की शाम करीब साढ़े 4 बजे एक महिला रश्मि और एक युवक बीपीटीपी थाना क्षेत्र में सेक्टर-75 स्थित आगरा नहर में कूद गए थे। दोनों को कूदते हुए राहगीरों ने देख लिया। जिसके बाद पास के पुलिस बूथ पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को मामले की सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची । महिला का पीछा करने का आरोप पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, युवक का नाम आकाश (23) है जो पल्ला थाना इलाके के सेहतपुर का रहने वाला है, जबकि महिला सेक्टर 31 की रहने वाली बताई जा रही है। महिला ब्यूटी पार्लर चलाती है। महिला जिस गाड़ी से मे युवक के साथ आगरा नहर के पास पहुंची थी, उस पर हरियाणा पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था। पुलिस की जांच मे सामने आया है कि महिला का भाई हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है। दोनों एक दूसरे को जानते थे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पहले से एक दूसरे को जानते थे। महिला के पति ने पुलिस को बताया कि बीते 7 जुलाई को युवक उनके घर पहुंच गया था, जहां पर पुलिस को बुलाया गया था। युवक महिला का लगातार पीछा करता था। इसे लेकर उनके द्वारा पहले भी पुलिस को शिकायत दी गई थी। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है। बीटीपी थाना इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि, दोनों की आगरा नहर में तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी निकलकर सामने आएगा उसकी के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र से 11 दिन पहले लापता हुए 15 साल के किशोर को पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया कि किशोर ऑनलाइन गेम फ्री फायर का आदी था और इसी वजह से बिना बताए घर छोड़कर चला गया था। थाटीपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे तलाशा। 30 जून को घर से हुआ था लापता पुलिस के मुताबिक, मेहरा कॉलोनी निवासी महिला ने 30 जून को थाटीपुर थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में केरला एक्सप्रेस में चढ़ता दिखा एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में पता चला कि किशोर ग्वालियर रेलवे स्टेशन से केरला एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली की ओर गया था। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ को भी अलर्ट किया गया। लोकेशन से जींद पहुंची पुलिस साइबर सेल ने किशोर की तकनीकी लोकेशन ट्रैक की, जो हरियाणा के जींद जिले में मिली। इसके बाद ग्वालियर पुलिस की टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अलेवा क्षेत्र से किशोर को सकुशल बरामद कर लिया। पहले काउंसलिंग, फिर परिजनों को सौंपेंगे थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किशोर को ग्वालियर लाया जा रहा है। उसे पहले बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया जाएगा, जहां उसकी काउंसलिंग होगी। इसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने दी सलाह पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मोबाइल गेमिंग पर नजर रखें। यदि बच्चे में गेमिंग की लत के संकेत दिखें तो समय रहते उनसे बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लें।
फरीदाबाद के बीपीटीपी थाना क्षेत्र में सेक्टर-75 स्थित आगरा नहर में शनिवार शाम एक युवक और एक युवती के नहर में कूदने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। जिस कार से दोनों मौके पर पहुंचे थे, उसके ऊपर हरियाणा पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फोरेंसिक टीम, क्राइम ब्रांच और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम करीब 4:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि एक युवक और युवती कार से नहर के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों के बीच कार के अंदर किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। पुलिस को कार के अंदर कुछ खून के निशान भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पहले युवती और फिर युवक ने लगाई नहर में छलांग प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद के बाद युवती नहर की ओर बढ़ी और उसमें छलांग लगा दी। इसके बाद युवक भी उसके पीछे नहर में कूद गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सबसे पहले नहर में किसने छलांग लगाई। घटना को देखकर राहगीरों ने तुरंत पास में मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सूचना दी। इसके बाद बीपीटीपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। सेंट्रल एसीपी राजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। व्यक्ति ने दी ट्रैफिक पुलिस को सूचना एसीपी राजीव कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति ने ट्रैफिक पुलिस को सूचना दी थी कि एक युवक और एक युवती नहर में कूद गए हैं। प्रारंभिक जांच में कार से मिले दस्तावेजों और अन्य जानकारी के आधार पर युवती का नाम रश्मि और युवक का नाम काकू सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती विवाहित है और प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक युवक उसका पति नहीं है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल उनके निवास स्थान और अन्य जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है। एसडीआरएफ टीम को नहर में सर्च अभियान के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और परिजनों की शिकायत तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यहां देखें फोटो…
पलामू पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पांकी और सदर थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 48.2 किलोग्राम डोडा और 954 ग्राम अफीम जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार तस्करों के पास से एक कार, एक बाइक, चार मोबाइल फोन और 15 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि शुक्रवार रात पांकी थाना क्षेत्र के झरहा पुल के पास एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान हरियाणा नंबर की टोयोटा इटियॉस कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार से चार बोरों में 48.2 किलोग्राम डोडा और 230 ग्राम अफीम बरामद हुई। मौके से कार चालक प्रगट सिंह (सिरसा, हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने तरहसी थाना क्षेत्र के डोडा और अफीम कारोबारी आसीम आलम उर्फ बिड्डू को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला है कि प्रगट सिंह हरियाणा और पंजाब में पहले भी एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है। फोरलेन पर वाहन जांच अभियान चलाया दूसरी कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सिगराखुर्द स्थित दरहा बाबा के पास फोरलेन पर वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक काले रंग की बाइक पर सवार तीन युवकों को रोका गया। उनकी तलाशी लेने पर पिट्ठू बैग से 724 ग्राम अफीम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेदिनीनगर और छतरपुर निवासी आदित्य कुमार (20), नितिश कुमार (20) और रौशन कुमार (22) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि इन युवकों को अफीम की डिलीवरी के लिए पांच-पांच हजार रुपये दिए गए थे। वे पैसे के लालच में पड़वा से अफीम की खेप लेकर शहर थाना क्षेत्र के सुदना में पहुंचाने आ रहे थे। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
करनाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक जुलाई को थाना सदर पेहवा क्षेत्र में 20 किलोग्राम अफीम पकड़े जाने के मामले सप्लाई चेन का खुलासा किया है। इस मामले में दो सप्लायर और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप मणिपुर, झारखंड और पश्चिम बंगाल से लाई जाती थी। टीम अब यह जांच की जा रही है कि यह अफीम पहले कितनी बार यहां पहुंच चुकी है और इससे कितनी संपत्ति बनाई गई है। ट्रक में लाए अफीम, पेहवा में पकड़ा गया ड्राइवर पुलिस के अनुसार, ड्राइवर मोहिबुर रहमान, जो असम का रहने वाला है, ट्रक में अफीम छिपाकर लाया था। वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से चला था और अंबाला की तरफ जा रहा था, लेकिन विश्वसनीय सूचना के आधार पर उसे पेहवा में ही काबू कर लिया गया। बरामद अफीम की कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपए आंकी गई है। अमृतसर की महिला करती थी डिस्ट्रीब्यूशन जांच में यह भी सामने आया है कि अमृतसर की रहने वाली एक महिला इस नेटवर्क में डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती थी। उसी ने ड्राइवर से यह खेप मंगवाई थी। पुलिस को संकेत मिले हैं कि वह पहले भी अफीम मंगवा चुकी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि उसने किन-किन लोगों को सप्लाई की और आगे यह नशा कहां-कहां पहुंचाया गया। संपत्ति जब्त करने की तैयारी, पुलिस जांच में जुटी एसटीएफ टीम आरोपियों की पूरी संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। कोशिश है कि अफीम के कारोबार से बनाई गई सभी संपत्तियों को जब्त कर सरकारी खाते में जमा कराया जाए। रिमांड पूरा, तीनों आरोपियों को भेजा जेल ड्राइवर मोहिबुर रहमान को 10 दिन के रिमांड पर लिया गया था, जो अब पूरा हो चुका है। मणिपुर के सप्लायर और महिला आरोपी का रिमांड भी खत्म हो गया है। 7 जुलाई को महिला से रिकवरी करवाई गई थी। इसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।
रोहतक में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह शरण ने राम मंदिर चोरी मामले में कहा कि बृजभूषण किसी से डरने वाला नहीं है। पहले जो कहा था, वो व्यंग्य के तौर पर था। इस मामले में जांच चल रही है। एक बार जांच पूरी होने दीजिए। जांच सही होगी तो कोई बात नहीं, सही नहीं हुई तो फिर बोलेंगे। बृजभूषण बोलने से नहीं डरता। वहीं चंदा चोरी मामले में अखिलेश यादव के बयानों पर बृजभूषण शरण ने कहा कि अखिलेश यादव ने क्या कहा, उसे पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। वो विपक्ष में हैं तो आरोप लगाएंगे ही। आरोप सही हैं इसलिए ही तो जांच हो रही है। जांच किस बात की हो रही है। आरोप अगर सत्य ना होता तो जांच क्यों होती। जांच हो रही है, एफआईआर हो रही है और गिरफ्तारी हो रही है। अगर किसी को बचाया जाएगा तो उसके बारे में बोला जाएगा। देश में 3 जगह चल रहे कैंप पूर्व सांसद बृजभूषण शरण ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से अभी तीन जगह कैंप चल रहे हैं। इसमें ग्रीको व फ्री स्टाइल का कैंप लखनऊ में चल रहा है और लड़कियों के लिए दिल्ली में कैंप चल रहा है। वहां सबसे अधिक खिलाड़ी हरियाणा के ही हैं, किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। हरियाणा में चल रही अखाड़ा स्कीम बृजभूषण शरण ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। इतनी सुविधाएं देश के किसी प्रांत में नहीं है। हरियाणा सरकार ने अखाड़ा स्कीम चला रखी है, जिसमें रजिस्ट्रेशन होने पर पैसे दिए जाते है। हरियाणा से अधिक अकेडमी पूरे देश में कहीं नहीं है। अगर हरियाणा में सुविधा नहीं तो कहीं भी नहीं है। ओलिंपिक में आएंगे अधिक मेडल बृजभूषण शरण ने कहा कि उन्हें कुश्ती के साथ लगाव है और कुश्ती खेल को लेकर जो ख्वाब देखे थे, वो निश्चित तौर पर पूरे होंगे। आने वाले ओलिंपिक में पहले से अधिक मेडल आएंगे। हरियाणा रेसलिंग फेडरेशन की तरफ से जो अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप करवाई जा रही है, उसमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी गई हैं। आडवानी की यात्रा चंदा एकत्रित कर निकाली बृजभूषण शरण ने कहा कि लालकृष्ण अडवानी की राम मंदिर को लेकर निकाली यात्रा का कोई बजट नहीं था। आडवानी की यात्रा में रथ वह चला रहे थे और यात्रा चंदा एकत्रित करके निकाली थी। जो लोग बजट को हजम करने की बात कर रहे है, वह झूठ बोल रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को पहनाए मेडल अंडर-23 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में विजेता खिलाड़ियों को बृजभूषण शरण ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। बृजभूषण शरण ने कहा कि खिलाड़ी देश की शान है और नेशनल प्रतियोगिता में हारने वाले खिलाड़ियों को भी निराश न होकर दोबारा जीतने के लिए प्रयास करना चाहिए।
शाहजहांपुर में एक युवक पिछले 12 घंटे से अधिक समय से मोबाइल टावर पर चढ़ा हुआ है। यह घटना तिलहर थाना क्षेत्र के कछियानी खेड़ा के पास की है। पुलिस और प्रशासन उसे नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। युवक गुरूवार की रात करीब 10 बजे चढ़ा था। पुलिस के अनुसार, युवक का मोबाइल हरियाणा में किसी ने छीन लिया था, जो बाद में वापस मिल गया। हालांकि, इस मामले में हरियाणा में एक शिकायत दर्ज की गई थी। युवक इसी बात से नाराज होकर टावर पर चढ़ा है। युवक की पहचान कटरा थाना क्षेत्र के बंशसान मोहल्ले निवासी आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी पहचान कर उसके पिता गुड्डू यादव को मौके पर बुलाया है। पिता गुड्डू यादव ने बताया कि उन्हें टावर पर चढ़ने का पूरा कारण नहीं पता, लेकिन इतनी जानकारी है कि आकाश का हरियाणा में कुछ रुपये को लेकर विवाद हुआ था। वह 7 जुलाई को ही हरियाणा से वापस घर आया था। सीओ तिलहर इशिता सिंह ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, हरियाणा में उसके मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद एक शिकायत भी दर्ज हुई थी। युवक इसी से नाराज है। उन्होंने यह भी बताया कि युवक से ठीक से संपर्क नहीं हो पा रहा है, इसलिए सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
हिसार में सरकारी कार्यालयों में कागजी झंझट खत्म करने और डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अब जिला स्तर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश (लीव) की पूरी प्रक्रिया केवल 'इंट्रा हरियाणा' पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन होगी। इसके साथ ही दफ्तरों में फाइलों को आगे बढ़ाने (मूवमेंट) के लिए भी केवल 'ई-ऑफिस' प्रणाली का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में एचआरएमएस, ई-ऑफिस और इंट्रा हरियाणा पोर्टल को लेकर एक विशेष कार्यशाला हुई। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शालिनी चेतल ने की। कार्यशाला में जिला वन अधिकारी रोहताश बिरथल, डीडीपीओ नरेंद्र कुमार, सीएमजीजीए अमोल, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप कुमार और डीआईओ दीपक भारद्वाज सहित कई विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, समय पर निपटाएं आवेदन एडीसी शालिनी चेतल ने सभी विभागाध्यक्षों को दो-टूक निर्देश दिए कि वे अपने अधीन काम करने वाले स्टाफ के अवकाश संबंधी सभी आवेदन और उनकी मंजूरी की प्रक्रिया इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर ही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दे रही है। ऑनलाइन सिस्टम से न केवल रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, बल्कि बेवजह की कागजी औपचारिकता और समय की बर्बादी से भी राहत मिलेगी। एडीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि कर्मचारियों के छुट्टी के आवेदनों को बिना वजह लटकाया न जाए और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाया जाए। वर्कशॉप में दी गई तकनीकी ट्रेनिंग कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल पर लीव मैनेजमेंट की पूरी प्रक्रिया प्रैक्टिकल तरीके से समझाई गई। उन्हें पोर्टल पर लॉगिन करने, अवकाश का आवेदन करने, सीनियर अधिकारियों द्वारा उसे एप्रूव (स्वीकार) करने और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। जानिए, क्या है इंट्रा हरियाणा' पोर्टल? यह हरियाणा सरकार द्वारा विशेष रूप से अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया एक सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित किया गया है। पहले कर्मचारियों को सैलरी स्लिप, जीपीएफ (GPF), सर्विस बुक या छुट्टी की मंजूरी के लिए अपने विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे और फाइलों का इंतजार करना पड़ता था। इस पोर्टल का उद्देश्य इन सभी कामों को पूरी तरह से पेपरलेस, पारदर्शी और ऑनलाइन बनाना है। कर्मचारियों को इस पोर्टल से ये-ये सुविधाएं मिलेंगी लीव मैनेजमेंट : कर्मचारी किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और उनके उच्च अधिकारी ऑनलाइन ही इसे मंजूर या नामंजूर कर सकते हैं। ई-सैलरी स्लिप: कर्मचारी अपनी हर महीने की सैलरी स्लिप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। सर्विस बुक: कर्मचारी अपनी पूरी नौकरी का डिजिटल रिकॉर्ड (बायोडाटा, जॉइनिंग, ट्रांसफर, प्रमोशन) देख सकते हैं। जीपीएफ और पेंशन विवरण: भविष्य निधि (GPF) खाते की स्थिति, लोन स्टेटमेंट और पेंशन से जुड़ी जानकारियां यहां उपलब्ध होती हैं। ACR : कर्मचारी अपनी सालाना परफॉरमेंस रिपोर्ट भी इसी पोर्टल के जरिए देख और भर सकते हैं।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
चंडीगढ़, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा की देखरेख में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाया गया। इस मौके पर न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी और अन्य न्यायाधीश ने वकीलों के साथ योगाभ्यास किया।
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

