गुरुग्राम में आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित इस मीटिंग के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी मंत्री मीटिंग में पहुंच रहे हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। खासकर गुरुग्राम और दक्षिण हरियाणा के कई बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है। इससे पहले मंगलवार को डीसी उत्तम सिंह ने बैठक की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह बैठक जिला प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। बैठक स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी योजना तैयार की गई, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वीआईपी मूवमेंट भी सुगमता से संपन्न हो सके। आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
चंडीगढ़ सिटी में आज सुबह हरियाणा के एक गैंगस्टर और चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल टीम के बीच एनकाउंटर हुआ। दोनों तरफ से करीब 5 राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद टीम ने गैंगस्टर को काबू कर लिया। बदमाश की पहचान मुकेश गोलू के रूप में हुई है, जो हरियाणा के गोहाना का रहने वाला है। उसके पैर में गोली लगी है। उसे घायल अवस्था में सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि आरोपी चंडीगढ़ में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस को गोलियों के 5 खोल भी बरामद हुए हैं। मौके के PHOTOS… सेक्टर-25 ग्राउंड के पास घेरा जानकारी के मुताबिक, आरोपी बदमाश चंडीगढ़ में अपनी बहन के घर आया हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे सेक्टर-25 में रैली ग्राउंड के पास घेर लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस से बचकर भागने की कोशिश की। आरोपी की तरफ से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी गई। इसके बाद पुलिस भी एक्शन में आ गई। पुलिस ने बचाव में फायरिंग की। दोनों तरफ से करीब 5 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें से 3 राउंड बदमाश ने और 2 राउंड पुलिस ने फायरिंग की। इस दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। इस दौरान पुलिस ने हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी हरियाणा का बदमाश है। वह चंडीगढ़ पुलिस का भी वांटेड था। अवैध हथियारों की सप्लाई करता था आरोपी मुकेश गोलू अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। वह मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर पंजाब और हरियाणा में सप्लाई देता था। चंडीगढ़ के थाना मलोया में उसके खिलाफ साल 2021 में हथियार तस्करी का एक मामला दर्ज हुआ था। इसके से चंडीगढ़ पुलिस को इसकी तलाश थी। पुलिस ने उसे अपराधी घोषित (पीओ) कर रखा था। आरोपी सेक्टर-25 में अपनी बहन के पास आया था। इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। पुलिस के अधिकारी अभी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं। डीएसपी दलबीर सिंह और ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह मौजूद रहे। यह एनकाउंटर सुबह करीब 6 बजे हुआ। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही पूरी जानकारी दी जाएगी।
सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड के बीडीपीओ डॉ. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में 279वीं रैंक हासिल की है। वे मूल रूप से राजस्थान के सूरतगढ़ के निवासी हैं। यह उनकी दूसरी सफलता है, इससे पहले उन्होंने 2023 में 352वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन तब कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। डॉ. सचदेवा हरियाणा में एचसीएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। नौकरी के साथ आरएएस की पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था : सिद्धार्थ डॉ. सचदेवा ने बताया कि हरियाणा में प्रशासनिक सेवा में होने के कारण आरएएस की पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था। कार्य की अधिकता के कारण उन्हें दिन में समय नहीं मिल पाता था। इसलिए, उन्होंने रात में दो से तीन घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान उनके दोस्त पुष्पेंद्र चाहर (अध्यापक) ने उन्हें पूरा सहयोग और हौसला दिया। डॉ. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा के पिता एसके सचदेवा इंजीनियर हैं, जबकि उनके बड़े भाई लेनिन सचदेवा आर्किटेक्ट हैं। उनकी माता पिंकी गृहिणी हैं। इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे क्षेत्र में गर्व महसूस किया जा रहा है। उनके चयन की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने परिवार को बधाई दी।
रामपुर में नशा तस्कर गिरफ्तार:हेरोइन बरामद, हरियाणा का रहने वाला, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
शिमला जिले के रामपुर में पुलिस टीम ने मंगलवार को भराखड़, निराथ के समीप एक नशा तस्कर को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई नियमित गश्त के दौरान की। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम गश्त पर थी जब उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को जांच के लिए रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से हेरोइन बरामद गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरजीत सिंह (24) पुत्र बग्गा सिंह के रूप में हुई है। वह महादेव कॉलोनी, डाकघर सूरजपुर, रायपुर सियूड़ी, तहसील कालका, जिला पंचकूला (हरियाणा) का निवासी है। जिसके पास से 9.31 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत अभियोग संख्या 41/26 दर्ज किया है। उसे नियमानुसार गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है ताकि इस नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र के रहने वाले अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार बोदलिया को अखिल भारतीय साइबर सुरक्षा संगठन में हरियाणा प्रदेश का लीगल एडवाइजर नियुक्त किया गया है। क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण नियुक्ति मानी जा रही है। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी उनकी यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। वर्तमान में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे मामलों में तेजी आई है, जिन पर नियंत्रण के लिए कानूनी विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण है। धर्मेंद्र कुमार बोदलिया लंबे समय से न्यायिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न सामाजिक व कानूनी मामलों में सेवाएं दे चुके हैं। अखिल भारतीय साइबर सुरक्षा संगठन ने उनके अनुभव, कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। बोदलिया बोले- उचित कानूनी सहायता देंगे अपनी नियुक्ति पर एडवोकेट बोदलिया ने कहा कि वे साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और पीड़ितों को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई। बोदलिया की आमजन से अपील उन्होंने आमजन से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहने की अपील की। बोदलिया ने युवाओं और नागरिकों को संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, अनजान लिंक या कॉल से सावधान रहने तथा तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेशभर में साइबर जागरूकता अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। कई लोगों ने दी बधाई इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं और क्षेत्रवासियों ने धर्मेंद्र कुमार बोदलिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बोदलिया हरियाणा में साइबर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली 2 बहनों को एक व्यक्ति ने लुधियाना के प्रेम नगर में लाकर अवैध हिरासत में रखा। हरियाणा पुलिस ने 17 अप्रैल की देर रात उस पर रेड की और दोनों बहनों को बरामद किया। इसके बाद पुलिस लड़कियों व आरोपी को लुधियाना से पानीपत ले गई। सोनीपत में लड़कियों का मेडिकल करवाने के बाद डॉक्टर ने उनसे कई बार रेप होने की पुष्टि की। सोमवार (20 अप्रैल) को हरियाणा पुलिस आरोपी, दोनों बहनों और उनकी मां को लेकर क्राइम स्पॉट पर आई और पब्लिक से पूछताछ की। पुलिस जब लड़कियों व आरोपी को वापस ले जाने लगी तो स्थानीय लोगों ने हरियाणा पुलिस को घेर लिया। लोगों की डिमांड थी कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए, ताकि लोग ही उसे सजा दे सकें। लोगों का कहना था कि आरोपी ने बच्चियों को अपनी बहन बताकर साथ रखा था। उसने मुंहबोली बहनों के साथ रेप किया। इसे जीने का कोई हक नहीं है। हालांकि, थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसकी मदद से हरियाणा पुलिस आरोपी व दोनों बहनों को लेकर वहां से निकली। दोनों बहनें 20 जनवरी को हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली से लापता हुई थीं। एक बहन की उम्र 11 साल है, जबकि दूसरी की 8 साल है। मां ने बताई किडनैपिंग की कहानी… तकनीकी जांच से खुला राज हरियाणा पुलिस लगातार आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने लुधियाना में छापे मारे और दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद किया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कई बार हुआ बच्चियों से रेप सोनीपत ले जाकर जब बच्चियों का मेडिकल करवाया गया तो डॉक्टरों ने उनके साथ कई बार रेप होने की पुष्टि की। सोमवार रात पुलिस टीम आरोपी बच्चियों और उनकी मां को साथ लेकर लुधियाना आई थी, ताकि वह जगह दिखाई जा सके जहां 3 महीने तक बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया था। आरोपी को खुद सजा देना चाहती थी पब्लिक सोमवार देर रात हरियाणा पुलिस जब आरोपी व बच्चियों को लेकर प्रेमनगर गली नंबर 9 में पहुंची तो लोग वहां जमा हो गए। पुलिस ने लोगों को बताया कि आरोपी जोगिंदर दोनों बहनों को हरियाणा से लेकर आया है और वह उनके साथ दरिंदगी करता था। उसके बाद पब्लिक ने हरियाणा पुलिस को कहा कि आरोपी उनके हवाले कर दे, इसे पब्लिक सजा देगी। पब्लिक का कहना है कि यह मोहल्ले में कहता था कि ये दोनों उसकी बहनें हैं। हालात ये थे कि पब्लिक ने हरियाणा पुलिस का रास्ता रोक दिया और आरोपी को बाहर खींचने लगे। सूचना मिलते ही डिवीजन नंबर-2 की पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी और पीड़ित बच्चियों को सुरक्षित वहां से निकालकर थाने पहुंचाया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी जोगिंदर के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट समेत रेप की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हरियाणा पुलिस ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में कोई और तो शामिल नहीं था। फिलहाल दोनों बच्चियां अपनी मां के पास सुरक्षित हैं।
लुधियाना की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर अब ट्रैफिक पुलिस की तीसरी आंख (सोशल मीडिया) का पहरा है। दुगरी रोड पर शॉर्टकट के चक्कर में रॉन्ग साइड बस दौड़ाने वाले एक ड्राइवर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें हरियाणा नंबर की एक बस दुगरी रोड पर ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर रॉन्ग साइड चलती दिखाई दे रही थी। चंद मिनट बचाने के चक्कर में ड्राइवर न सिर्फ अपनी बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहा था। जैसे ही यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया विभाग हरकत में आ गया। बस मालिक और ड्राइवर को सख्त हिदायत ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह वीडियो उनके पास सोशल मीडिया के जरिए पहुंचा था। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने वीडियो की पड़ताल की और बस के नंबर के आधार पर उसकी पहचान की गई। सोमवार को पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली इस बस का भारी-भरकम चालान काट कर बस मालिक और ड्राइवर को सख्त हिदायत दी है। शॉर्टकट' के चक्कर में कटा चालान पुलिस की जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने ट्रैफिक जाम से बचने या जल्दी पहुंचने के लिए दुगरी रोड पर शॉर्टकट लिया और गलत दिशा में बस घुसा दी। ट्रैफिक पुलिस की चेतावनी ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि हमारी सोशल मीडिया टीम हर प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। अगर आप सड़क पर नियम तोड़ रहे हैं और कोई वीडियो बना लेता है, तो यह मत सोचिए कि आप बच जाएंगे। नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोनीपत शहर में रहने वाले एक व्यक्ति साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जीवन भर की कमाई गंवा बैठे। नगर निगम का वाटर बिल अपडेट करने का झांसा देकर ठगों ने एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई और देखते ही देखते पीड़ित के बैंक खाते से 2,97,000 रुपए उड़ा लिए। सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। APK फाइल से मिनटों में खाली हुआ बैंक खाता बत्रा कॉलोनी में रहने वाले दिनेश कुमार कटारिया ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि ठगी की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 की सुबह एक टेक्स्ट मैसेज से हुई। मैसेज में लिखा था कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का वाटर बिल अपडेट न होने के कारण उनकी कंज्यूमर आईडी बंद कर दी गई है। इसे चालू कराने के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करने को कहा गया। दिनेश कुमार के अनुसार… सुबह 11:22 बजे मेरे पास सौरव नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने मुझसे करीब 20 मिनट बात की और विश्वास में लेकर 'DULB HARYANA CITIZEN SERVICE' नाम की एक APK फाइल (एप्लीकेशन) डाउनलोड करवाई। ऐप में अपनी निजी जानकारी भरने के बाद उसने मुझसे 13 रुपए की मामूली फीस भरने को कहा। जैसे ही मैंने अपना इंडियन बैंक खाता नंबर उसमें दर्ज किया, मेरे मोबाइल पर 99 हजार रुपए कटने का मैसेज आ गया। मैं घबराकर तुरंत बैंक की तरफ भागा, लेकिन जब तक बैंक पहुंचता, ठगों ने 1,98,000 रुपए की एक और बड़ी ट्रांजैक्शन कर दी। इस प्रकार 2 लाख 97 हजार रुपए उड़ा लिए दो बार में उड़ाए करीब 3 लाख रुपए ठगों ने इतनी शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पीड़ित का आरोप है कि ठगों ने फर्जी दस्तावेजों और आधार कार्ड के आधार पर बैंक खाते खुलवाए हुए हैं, जिनका इस्तेमाल वे लोगों को लूटने के लिए कर रहे हैं। दिनेश कुमार ने तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340 और 61 के तहत दर्ज कर लिया गया है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की टीमें फोन नंबर और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर ठगों की लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। नागरिकों से अपील है कि किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत ऐप को डाउनलोड न करें।
भंवरकुआं पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उसने एक नंबर की जानकारी मिली है। ये नंबर उनका एक साथ ऑपरेट करता है। ये नंबर हरियाणा का होना पता चला है। इस नंबर के आधार पर पुलिस इनके साथी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। संभवना है कि जल्द ही टीम इसके लिए हरियाणा भी जाएगी। वहीं पुलिस को कुछ बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिनकी डिटेल निकाली जा रही है। दरअसल, 28 जनवरी को सचिन गुप्ता नामक एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आशीष पवार, गणेश, वैवेध्य सिरोंजा, रश्मि रंजन और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया था। सचिन ने पुलिस को बताया था कि उसने फेसबुक पर इन्वेंस्टमेंट टिप्स का एड देखा था। लिंक ओपन करने पर उसे वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया। बदमाशों ने उसे झांसा देकर एक एप्लिकेशन भी डाउनलोड करा दी। बदमाशों ने सचिन से बड़ी कंपनी के नामसे लाट बुक करवाए और लाखों रुपए इन्वेंस्ट करा दिए। इधर, सचिन को एप पर उसके एन्वेस्टमेंट का प्रॉफीट 4 करोड़ रुपए नजर आने लगा। जब उन्होंने पैसे विड्राल करने की कोशिश की तो पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है। पूछताछ में सामने आया नंबर और नाम भंवरकुआं टीआई संतोष दूधी ने बताया कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों से एक नंबर की जानकारी मिली है। ये नंबर हरियाणा का है जो वेदांत का होना बताया जा रहा है। इसी नंबर से आरोपियों को सभी डायरेक्शन दिए जाते थे। ये नंबर केवल डायरेक्शन देने के ही इस्तेमाल किया जाता था। नंबर के आधार पर वेदांत की जानकारी जुटाई जा रही है। संभवत: अगले एक-दो दिन में टीम हरियाणा भी जा सकती है। वहीं आरोपियों से फेसबुक के 6-7 अकाउंट के बारे में भी पता चला है। जिन पर नजर रखी जा रही है। बैंक खातों की भी जानकारी मिली है डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपियों से बैंक खातों की भी जानकारी मिली है। हालांकि शिकायत के बाद पुलिस एक बैंक खाते को फ्रीज कर दिया था, जिसके चलते फरियादी को 10 लाख रुपए वापस मिल गए। बाकी राशि की जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस के रडार पर कई खाते है, जिनकी जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर कंबोडिया से ऑपरेट किया जा रहा था। इसी ग्रुप में लोगों को ठगी के तरीके और निवेश के झूठे टिप्स दिए जाते थे।
प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के अभियान को तेज करने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) ने बड़ा कदम उठाया है। पंचकूला में एनसीबी प्रमुख की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में नशे के नेटवर्क को तोड़ने, तस्करों की संपत्ति जब्त करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा संस्थानों में अभियान चलाने की बात कही गई। हरियाणा एनसीबी प्रमुख और अतिरिक्त महानिदेशक संजय कुमार की अध्यक्षता में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन, सेक्टर-6 पंचकूला में बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर के एनसीबी अधिकारियों और यूनिट इंचार्जों ने हिस्सा लिया। बैठक में “नशा मुक्त हरियाणा” मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। तस्करों पर कार्रवाई और प्रॉपर्टी अटैच करने के निर्देश बैठक में पीआईटी एनडीपीएस के तहत आदतन नशा तस्करों की नजरबंदी, एनडीपीएस मामलों में रिकवरी बढ़ाने और तस्करों की संपत्ति अटैच करने पर जोर दिया गया। कमर्शियल मात्रा के मामलों को बढ़ाने के लिए सभी जिलों के नोडल अधिकारियों, थाना प्रभारियों और एनसीबी इकाई प्रमुखों को सक्रिय रहने को कहा गया। जन आंदोलन बनाने की अपील एनसीबी प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए इसे जन आंदोलन बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समाज में अपनी पकड़ मजबूत करें और लोगों को इस अभियान से जोड़ें। लंबित मामलों और गिरफ्तारी पर फोकस बैठक में जनवरी से अप्रैल 2026 तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुराने मामलों में फरार तस्करों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अदालतों में लंबित मामलों में ज्यादा से ज्यादा दोषियों को सजा दिलाई जाए। तकनीक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर एनसीबी प्रमुख ने टीमों की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए साइबर तकनीक और आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों को इंटेलिजेंस के रूप में इस्तेमाल कर तस्करों तक पहुंच बनाई जाए। शिक्षण संस्थानों में चलेंगे जागरूकता अभियान उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। साथ ही अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाने और नशे से जुड़े डेटा का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
करनाल जिला की घरौंडा अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर गेहूं लाकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर एमएसपी पर बेचा जा रहा है। मामले ने तूल तब पकड़ा जब मंडी में आई दो ट्रालियों को रोककर जांच की गई और विवाद खड़ा हो गया। इस पूरे मामले में आढ़तियों और मार्केट कमेटी कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। आढ़ती और मंडी सुपरवाइजर के बीच तीखी बहस हो गई। आढ़ती ने सुपरवाइजर पर धान सीजन के दौरान बड़ी रकम लेने तक के आरोप लगा दिए। जिस पर मंडी सुपरवाइजर आरोपों को नकारते नजर आए। स्थानीय किसानों के नाम पर कट रहे गेटपासमंडी में चल रहे इस खेल का तरीका भी बेहद संगठित बताया जा रहा है। सूत्रों की माने ताे यूपी से आने वाले गेहूं को मंडी में एंट्री दिलाने के लिए स्थानीय किसानों के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पोर्टल पर गेटपास भी स्थानीय किसानों के नाम से काटे जा रहे हैं, जबकि असल में गेहूं बाहर से लाया जा रहा है। इससे सरकारी खरीद प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। दो ट्रालियां पकड़ी, मौके पर हुआ हंगामामामला तब सामने आया जब मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने अचानक कार्रवाई करते हुए दो ट्रालियों और एक पिकअप को रोक लिया। जांच के दौरान ट्रालियों के साथ आए लोग उत्तर प्रदेश के निवासी पाए गए। इसके बाद मौके पर ही विवाद शुरू हो गया और आढ़तियों व कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। ड्राइवर ने कबूला-कैराना से लाया गेहूंयूपी नंबर की पिकअप के चालक राजीव ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के कैराना से गेहूं लेकर घरौंडा मंडी में आया है। उसने बताया कि करीब 30 क्विंटल गेहूं लेकर आया है और एक आढ़ती के कहने पर यहां पहुंचा है। जब उससे पूछा गया कि किस फर्म पर माल उतारना है तो उसने कहा कि आढ़ती को बुलाने गया हुआ है। फर्म मालिक ने बताया स्थानीय फसल, लोगों ने उठाए सवालजिस फर्म के नाम पर गेहूं लाया गया था, उसके मालिक ने इसे स्थानीय किसान की फसल बताने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना था कि जब चालक खुद यूपी से आने की बात कह रहा है तो इसे स्थानीय फसल कैसे बताया जा सकता है। आढ़ती प्रवीण कुमार ने लगाए गंभीर आरोपआढ़ती प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि मंडी में रोजाना दर्जनों ट्रालियां यूपी से आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी पैसे लेकर इन ट्रालियों की एंट्री करवा रहे हैं। प्रवीण ने आरोप लगाया कि कर्मचारी नरेश व अन्य के सामने से ही कई ट्रालियां मंडी में दाखिल हो रही हैं और इसके लिए पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। नरेश पर सीधे आरोप, बहस हुई तेजप्रवीण कुमार ने साफ तौर पर कहा कि यह काम नरेश द्वारा करवाया जा रहा है और एंट्री के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। इस पर मंडी सुपरवाइजर नरेश कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि एक भी ऐसी फर्म दिखा दी जाए जहां उन्होंने यूपी की ट्राली उतरवाई हो। उन्होंने कहा कि कोई भी आढ़ती सामने आकर उनका नाम ले दे। धान सीजन में पैसों के लेन-देन के भी आरोपविवाद के दौरान प्रवीण कुमार ने नरेश पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धान के सीजन में 10 से 20 लाख रुपए तक का खेल चलता है और पैसे लेकर बिना गेटपास के माल निकलवाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद नरेश को पैसे दिए हैं और बिना गेटपास के धान निकलवाया गया था। सुपरवाइजर ने कहा-आरोप बेबुनियाद, सबूत दोनरेश कुमार ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरे सीजन में किसी गेट पर ड्यूटी नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर पैसे लिए गए थे तो पहले शिकायत क्यों नहीं की गई। उन्होंने प्रवीण से कहा कि अगर कोई सबूत है तो सामने लाएं। इस पर प्रवीण ने दावा किया कि उनके पास सभी सबूत मौजूद हैं और वह उन्हें पेश करेंगे। दो ड्राइवर फरार, एक का कटा प्राइवेट गेटपासमंडी सुपरवाइजर नरेश कुमार ने बताया कि पकड़ी गई ट्रालियों में से दो ड्राइवर मौके से फरार हो गए, जबकि एक ट्राली का प्राइवेट गेटपास काटा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मंडी प्रधान और सचिव ने साधी चुप्पीजब इस मामले को लेकर मंडी प्रधान जयभगवान गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वहीं मार्केट कमेटी के सचिव सरीन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले फोन नहीं उठाया। बाद में कॉल आने पर जैसे ही उनसे यूपी के गेहूं के बारे में सवाल पूछा गया, उन्होंने फोन काट दिया और फिर कॉल रिसीव नहीं किया। किसानों में नाराजगी, हक छिनने का डरइस पूरे मामले से स्थानीय किसानों में भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान अजय राणा ने कहा कि बाहर से लाई गई गेहूं उनके हक पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो असली किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानी होगी। प्रशासन पर मिलीभगत के आरोपअजय राणा ने आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी ट्रालियां पकड़ी गई थीं, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही घोटाले रोकने की बात करते हों, लेकिन अफसरशाही हावी है और जमीन पर हालात अलग हैं। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। प्रणाली पर उठे सवाल, पारदर्शिता की जरूरतइस मामले ने सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर बाहरी राज्यों का गेहूं स्थानीय किसानों के नाम पर बिक रहा है तो इससे न सिर्फ असली किसानों को नुकसान होगा, बल्कि सरकार की नीतियों पर भी असर पड़ेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
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