फाजिल्का जिले के अबोहर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक युवक ने वीरवार रात अबोहर के सीतो रोड रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान डबवाली, सिरसा हरियाणा निवासी विक्रम उर्फ विक्की पुत्र कृष्ण के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विक्रम मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। पिछले लंबे समय से उसे नियमित काम नहीं मिल रहा था, जिस कारण वह गंभीर आर्थिक परेशानियों से घिरा हुआ था। मानसिक तनाव में था युवक परिजनों और परिचितों ने बताया कि खराब आर्थिक हालात के चलते विक्रम मानसिक तनाव में रहने लगा था। वह वीरवार शाम से ही घर से लापता था और परिवार के सदस्य उसकी तलाश कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, विक्रम साइकिल पर डबवाली से अबोहर पहुंचा। देर रात उसने सीतो रोड रेलवे फाटक के पास एक रेलगाड़ी के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सोशल मीडिया के माध्यम से हुई पहचान घटना की सूचना रेलवे स्टेशन अधिकारियों ने जीआरपी पुलिस को दी। थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके चलते पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक की पहचान करवाने का प्रयास किया। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचना देखने के बाद मृतक के परिजन डबवाली से अबोहर के सरकारी अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान विक्रम उर्फ विक्की के रूप में की। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है।
चंडीगढ़ नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपए के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में आरोपी पूर्व अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा ने कोर्ट में लगाई गई अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि यह याचिका उन्होंने केस सीबीआई को ट्रांसफर होने से पहले लगाई थी। जैसे ही मामला सीबीआई को ट्रांसफर हुआ, आरोपी अनुभव मिश्रा ने अपनी याचिका कोर्ट से वापस ले ली। घोटाला सामने आने के बाद से वह फरार हैं। वहीं, चंडीगढ़ नगर निगम ने उन्हें नौकरी से हटा दिया है। पुलिस के अनुसार, उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर 11 फर्जी एफडीआर तैयार किए, जिनकी कीमत 116.84 करोड़ रुपए से अधिक थी। उन पर सरकारी पैसे को फर्जी कंपनियों में भेजने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने नकली एफडी के बदले अन्य आरोपियों से करोड़ों रुपए लिए थे। जांच में सामने आया कि उनके पास बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर की पहुंच थी और संदिग्ध लेनदेन करवाने में उनकी अहम भूमिका रही। अब सीबीआई कर रही जांच चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों में अब अफसरों का बचकर निकलना आसान नहीं होगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट में फंड गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जांच CBI को सौंप दी गई है और सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक कई मामलों में देखा गया कि भ्रष्टाचार या रिश्वत के आरोपों में गिरफ्तारी के बावजूद अधिकारी बच जाते थे। इसकी वजह थी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A, जिसके तहत केस चलाने के लिए संबंधित राज्य सरकार से अनुमति जरूरी होती है। कई बार हरियाणा या पंजाब सरकार से यह मंजूरी नहीं मिलती थी या जवाब ही नहीं दिया जाता था, जिसके चलते अदालत में केस कमजोर पड़ जाता था और आरोपी बरी हो जाते थे। स्मार्ट सिटी फंड में गड़बड़ी चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में आईडीएफसी बैंक में जमा करीब 116 करोड़ रुपए बिना अनुमति निकाले जाने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि यह रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। इसी तरह क्रेस्ट में भी फंड गड़बड़ी के आरोप लगे। इस मामले में पुलिस को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए आरोपियों पर केस चलाने की अनुमति चाहिए थी। स्मार्ट सिटी की CFO नलिनी मलिक और आउटसोर्स कर्मचारी अनुभव मिश्रा के खिलाफ तो प्रशासन ने मंजूरी दे दी, लेकिन एनपी शर्मा (जो पंजाब कैडर के अधिकारी हैं और चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर थे) के खिलाफ पंजाब सरकार से मांगी गई अनुमति का कोई जवाब नहीं मिला। हरियाणा से भी नहीं मिले सबूत इस मामले में हरियाणा पुलिस ने आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान उसके पास से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे, जो पूरे फंड ट्रांजैक्शन और पैसों के ट्रेल को समझने में महत्वपूर्ण थे। माना जा रहा था कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकता है कि रकम कहां से निकाली गई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। चंडीगढ़ पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा पुलिस से कई बार सबूत मांगे, ताकि दोनों राज्यों की जांच में तालमेल बैठ सके। इसके लिए आधिकारिक पत्र भी भेजे गए, लेकिन जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिले। सबूतों की कमी के कारण चंडीगढ़ पुलिस की जांच प्रभावित हो रही थी और केस की कड़ियां जोड़ने में दिक्कत आ रही थी। यही वजह रही कि मामले को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अंततः इसे CBI को सौंपने का फैसला लिया गया। CBI जांच से खुलेंगे बड़े राज इन सभी अड़चनों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि जब अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी, जरूरी अनुमति न मिलना और अहम सबूतों की उपलब्धता में दिक्कतें आ रही हों, तो एक केंद्रीय एजेंसी के जरिए जांच ज्यादा प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है। कई नामों का हो सकता है खुलासा सूत्रों के अनुसार, इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और ऐसे कई नाम सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर थे। साथ ही, यह भी संभावना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। इससे पहले मामले की जांच के लिए एसपी सिटी मंजीत श्योराण की अगुवाई में SIT बनाई गई थी, जिसमें डीएसपी वेंकटेश सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान CFO नलिनी मलिक और ब्रोकर विक्रम वाधवा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई नियमित रेल सेवा शुरू करने का फैसला किया है, जिससे चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलने जा रहा है। काकिनाडा टाउन-हिसार-काकिनाडा टाउन स्पेशल ट्रेन को अब नए नंबरों के साथ नियमित ट्रेन के रूप में संचालित किया जाएगा। इस ट्रेन का ठहराव चित्तौड़गढ़ जंक्शन पर भी रहेगा, जिससे यहां से दक्षिण भारत और हरियाणा तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी। यह ट्रेन राजस्थान सहित कुल 7 राज्यों को आपस में जोड़ेगी, जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा शामिल हैं। इस नई सेवा से चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, रोजगार और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। चित्तौड़गढ़ से दक्षिण भारत, हरियाणा तक सीधी कनेक्टिविटी अब तक चित्तौड़गढ़ से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस नई नियमित रेल सेवा के शुरू होने से चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को सीधे दक्षिण भारत और हरियाणा तक पहुंचने का आसान विकल्प मिलेगा। खासकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में कामकाज, पढ़ाई और इलाज के लिए जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं हरियाणा और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी यह ट्रेन बेहद उपयोगी साबित होगी। इससे चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को बिना ज्यादा परेशानी के लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी। चित्तौड़गढ़ में होगा ठहराव, सप्ताह में एक दिन चलेगी ट्रेन उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 17295 काकिनाडा टाउन-हिसार साप्ताहिक रेल सेवा 12 मई से शुरू होगी। यह ट्रेन हर मंगलवार सुबह 5:40 बजे काकिनाडा टाउन से रवाना होकर गुरुवार दोपहर 1:35 बजे हिसार पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 17296 हिसार-काकिनाडा टाउन साप्ताहिक रेल सेवा 15 मई से शुरू होगी। यह ट्रेन हर शुक्रवार दोपहर 2:10 बजे हिसार से रवाना होकर रविवार रात 9:35 बजे काकिनाडा टाउन पहुंचेगी। यह ट्रेन मार्ग में सामलकोट, राजमुद्री, विजयवाड़ा, गुंटूर, निजामाबाद, नांदेड़, भुसावल, वडोदरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, सीकर, नवलगढ़, झुंझुनूं, चिड़ावा, लोहारू और सादुलपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। 24 डिब्बों वाली ट्रेन से हर वर्ग को राहत इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 24 डिब्बे लगाए जाएंगे, जिनमें फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे। इससे हर वर्ग के यात्रियों को उनकी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा करने का अवसर मिलेगा। चित्तौड़गढ़ के लिए यह रेल सेवा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में यात्रा करते हैं। यह नई नियमित ट्रेन उनके समय और खर्च दोनों में बचत करेगी और लंबी दूरी की यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान बनाएगी।
करनाल जिले के इंद्री की नई अनाज मंडी और बियाना सब यार्ड में गेहूं खरीद के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि यूपी और बाहर राज्यों से गेहूं लाकर हरियाणा किसानों के नाम पर पोर्टल में चढ़ाया गया। इसके जरिए सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचाया गया। मामले में जांच के बाद 5 फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों में केस दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुटी है। इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव अजीत सिंह ने थाना इंद्री को 7 मई को लेटर के माध्यम से भेजी थी। शिकायत में बताया गया कि गेहूं खरीद सीजन 2026 के दौरान नई अनाज मंडी इंद्री और सब यार्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच, रिकॉर्ड की जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। यूपी से गेहूं लाकर हरियाणा के नाम पर दिखाया जांच में सामने आया कि कई कमीशन एजेंट उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से गेहूं लाकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज कर रहे थे। इससे उन्हें गलत तरीके से फायदा हुआ, जबकि सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचा। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ पाई गई। इन 5 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने नई अनाज मंडी और बस यार्ड बियाना की जिन फर्मों को जांच में दोषी पाया, उनके नाम इस प्रकार हैं। ड्राइवरों को पैसे देकर पहले उठवाया गेहूं जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आढ़तियों ने ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों को पैसे देकर गेहूं की बोरियों को प्राथमिकता से उठवाया। यह मंडी के तय नियमों और प्रक्रिया के खिलाफ था। खास तौर पर मैसर्स सरधा राम जय भगवान और मैसर्स राम सरूप रतन लाल पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनी के बयान से खुलासा ट्रांसपोर्टर फर्म मैसर्स नरवाल कंपनी के लिखित बयान में भी इस तरह के अवैध लेनदेन की पुष्टि हुई है। बयान में बताया गया कि कुछ ड्राइवरों और आढ़तियों के बीच पैसे के लेनदेन के बाद गेहूं की लिफ्टिंग में प्राथमिकता दी जाती थी। जांच में 4 बड़े खुलासे अधिकारियों द्वारा की गई जांच और मौके की जांच में 4 मुख्य बातें सामने आईं: उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से गेहूं लाकर इंद्री और बियाना मंडी में लाया गया। इस गेहूं को हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल में दर्ज किया गया। गेहूं की बोरियों को पहले उठाने के लिए अवैध रूप से पैसे दिए गए। पूरी प्रक्रिया में सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए धोखाधड़ी और रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। सरकार को हुआ नुकसान, पारदर्शिता पर सवालइस पूरे मामले से सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से सरकारी एजेंसियों को आर्थिक नुकसान हुआ है और सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। लाइसेंस नियमों का उल्लंघन भी पाया गयाजांच में यह भी पाया गया कि संबंधित फर्मों ने अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है। लाइसेंस की कई शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केसथाना इंद्री में पुलिस ने आज धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही मंडी सचिव द्वारा शिकायत के साथ भेजे गए नोटिस, सस्पेंशन ऑर्डर और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा के अहीरवाल में 2 राजनीतिक परिवारों के बीच अब रिश्तेदारी बन गई है। पूर्व मंत्री अभय सिंह की दोहती व RPS ग्रुप डिप्टी CEO का रिश्ता तय हो गया है। दोनों परिवारों ने वीरवार को महेंद्रगढ़ के कनीना में रोके की रस्म को पूरा किया। RPS ग्रुप की चेयरमैन पवित्रा राव के बेटे कुनाल ने DU से बीकॉम और MBA किया है। UPSC की तैयारी उन्होंने की है लेकिन जब उस दिशा में रिजल्ट अपेक्षानुसार नहीं मिला तो RPS ग्रुप के डिप्टे CEO के पद पर जॉइन कर लिया। वहीं उनकी होने वाली पत्नी आयुषी यादव ने पीयू चंडीगढ़ से LLB की पढ़ाई की है। आयुषी भी यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं, उनका प्री क्लियर भी हुआ लेकिन वे मेंस में चूक गई। दैनिक भास्कर ऐप से कुनाल के चाचा मनीष राव व आयुषी के मामा डॉ. यशपाल यादव IAS ने बताया कि नवंबर 2026 में दोनों परिवार शादी प्लान कर रहे हैं। एक माह के बाद रिंग सैरेमनी का कार्यक्रम होगा, जो गुरूग्राम में प्रस्तावित है। अब जानिए आयुषी यादव का परिवार……. चार पॉइंट में समझिए RPS डिप्टी CEO की फैमिली
फरीदाबाद में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को सातवें दिन भी जारी रही। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों के साथ हुई वादा खिलाफी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यालय से सड़कों तक विशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन की अगुवाई नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान दलीप बोहोत ने की, जबकि मंच का संचालन जिला सचिव अनिल चिंडालिया और महेंद्र कुड़िया ने संयुक्त रूप से किया। वहीं, आंदोलनकारी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को बढ़ाते हुए अब 11 मई सोमवार तक जारी रखने का ऐलान किया है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि 10 मई तक कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत नहीं की गई, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। निकाय और फायर कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही सरकार : राजेंद्र इस दौरान हरियाणा अग्निशमन विभाग के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पालिका परिषद, नगर निगम और फायर विभाग के कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि फायर विभाग के कर्मचारी पिछले 30 दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार शहीद भविचंद और रणबीर को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भी गंभीर नहीं है। चालक यूनियन ने भी दिया अपना समर्थन इस हड़ताल को नगर निगम चालक यूनियन ने भी समर्थन दिया। यूनियन के सदस्य जुलूस के रूप में प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा बादशाह खान अस्पताल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ हरियाणा के सदस्य तथा ओल्ड बल्लभगढ़ और एनआईटी जोन में रात्रि सफाई करने वाले कर्मचारियों ने भी हड़ताल के समर्थन में भाग लिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान दलीप बोहोत ने कहा कि हड़ताल का आज सातवां दिन है, लेकिन सरकार ने अब तक कर्मचारियों के नेताओं से बातचीत की कोई पहल नहीं की है। सरकार की इसी हठधर्मिता को देखते हुए संघ ने हड़ताल को 11 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हड़ताल के चलते शहर की सफाई और सीवर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के मुख्य बाजारों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जबकि कई कॉलोनियों और गलियों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बठिंडा पुलिस ने 98 किलोग्राम चूरा पोस्त के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 50,000 रुपए की ड्रग मनी और एक कार भी बरामद की है। यह कार्रवाई कोटफत्ता और सदर बठिंडा पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीम ने की। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि एक विशेष नाकाबंदी के दौरान, कोटफत्ता पुलिस स्टेशन और चौकी इंडस्ट्रियल एरिया, सदर बठिंडा की पुलिस टीमों को जस्सी चौक, बठिंडा पर सफलता मिली। पुलिस ने कार नंबर HR-25G-9720 में सवार लोगों को रोका। पुलिस ने ड्रग मनी बरामद की तलाशी के दौरान, कार से 98 किलोग्राम चूरा पोस्त के 7 बैग और 50,000 रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान हरचरण सिंह के बेटे बीला सरन और हरदेव सिंह के बेटे हरगोबिंद सिंह उर्फ घीला के रूप में हुई है। ये दोनों देसू योद्धा, सिरसा, हरियाणा के निवासी हैं। एसपी सिटी ने यह भी बताया कि आरोपी बीला सरन के खिलाफ पहले से ही कई ड्रग तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि चूरा पोस्त के स्रोत और इसकी आपूर्ति के गंतव्य का पता लगाया जा सके।
हरियाणा में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के एक बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है। राहुल के इस बयान को लेकर ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘हम अपनी विधानसभा में राहुल गांधी के इस ब्यान के विरूद्ध प्रस्ताव लाएंगें, क्योंकि राहुल गांधी ने चुने हुए सदस्यों व विधानसभा का अपना किया है। विज ने कहा कि ‘राहुल गांधी द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि कह देना या घुसपैठिया कह देना, अपमान है और अवमानना है। विज ने ये प्रतिक्रिया चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों के द्वारा राहुल गांधी द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि व घुसपैठिया कह देने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब के दौरान दी है। राहुल गांधी खो चुके अपना होश ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके है और अपना होश भी खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में नियमपूर्वक चुनाव होते हैं और चुनाव आयोग चुनाव कराता है तथा चुने हुए प्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि कह देना या घुसपैठिया कह देना, एक प्रकार से अपमान है और अवमानना है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर की पोस्ट... राहुल गांधी के बयान के 2 बड़े प्वाइंट... 1. वोट चोरी का मुद्दा उठाया पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के आए परिणाम के बाद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा है कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें। 2. हरियाणा की सरकार को घुसपैठिया बताया और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो खुद “रिमोट कंट्रोल्ड” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते। ममता बैनर्जी एक अडंगेबाज महिला- विज पश्चिम बंगाल में ममता बैनर्जी द्वारा मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा न देने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ममता बैनर्जी एक अडंगेबाज महिला है और वह हर मामले में कोई न कोई अडंगा डालकर रखती है, क्योंकि जब वह शासन करती थी, तब भी वह अंडगे करती आई है। विज ने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि ममता बैनर्जी के इस्तीफा न देने के कहने से क्या मतलब है, क्योंकि यहां पर राजशाही नहीं है, यहां लोकतंत्र है। संविधान बनाने वाले लोगों को पता था कि इस प्रकार के मुख्यमंत्री भी आ सकते हैं, तो उन्होंने संविधान में इस बात का प्रावधान रखा है।
कुरुक्षेत्र जिले में आज शाम रोहतक लोकसभा क्षेत्र से सांसद दीपेंद्र हुड्डा शाहाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने शाहाबाद के विधायक रामकरण काला को दादा बनने पर बधाई दी। मीडिया से बातचीत के दौरान दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा और चुनाव व्यवस्था को लेकर इलेक्शन कमीशन पर निशाना साधा। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उन्हें सुबह ही विधायक रामकरण काला के दादा बनने की जानकारी मिली थी। वे अंबाला में चुनावी सभा में जा रहे थे। इस दौरान शाहाबाद में विधायक रामकरण काला के साथ मुलाकात की। साथ ही उन्होंने केरल में कांग्रेस की सरकार बनने पर वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। अब 4 राज्य में कांग्रेस की सरकार सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केरल की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के बाद अब केरल कांग्रेस शासित राज्य बन गया है। अब देश में 4 राज्य में कांग्रेस की सरकार बन गई है। जल्द ही केरल के सीएम शपथ ग्रहण करेंगे। साथ ही दीपेंद्र ने पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव पर सवाल उठाए। इलेक्शन कमीशन के साथ मिली भाजपा दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन मिलीभगत कर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। भाजपा अलग-अलग तरीकों और व्यवस्थाओं के जरिए जनभावनाओं को दबाने का काम करती रही है। इस तरह के आरोप कोई नई बात नहीं है। हरियाणा में भी इसी तरह की बातें सामने आ चुकी हैं। पुराने बयान का जिक्र किया दीपेंद्र हुड्डा ने सीएम नायब सिंह सैनी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि खुद सीएम ने कहा था कि उनके पास सारी व्यवस्थाओं का इंतजाम है और उसी आधार पर सरकार बनाई। आरोप लगाया कि भाजपा हर चुनाव में अलग-अलग हथकंडे अपनाती है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा बात नहीं है। बंगाल के अंदर भी इसी तरह की साजिश रची गई।
सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मानेसर में 3 और 4 जुलाई 2025 को आयोजित देशभर के नगर निकाय अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें अपने विचार रखने का अवसर मिला था। इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा अध्यक्ष की पहल पर किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से शहरी निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। राघवेंद्र झा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान उन्होंने शहरी निकायों में महिलाओं की भागीदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां शहरी निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव यह हुआ है कि राज्य के सभी नगर निकायों में आधी भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित हुई है। बिहार मॉडल को देशभर में सराहना मिली उन्होंने कहा कि उनके इस वक्तव्य को सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने सराहा और बिहार मॉडल को देशभर में सराहना मिली। झा ने बताया कि उनके भाषण के अंश को लोकसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक में भी शामिल किया गया है। यह पुस्तक हाल ही में उन्हें प्राप्त हुई, जिसे वे सुपौल के लिए गर्व का विषय मानते हैं। नाम दर्ज होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मुख्य पार्षद ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशन में सुपौल नगर परिषद और उनका नाम दर्ज होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुपौल की जनता के सहयोग और समर्थन को दिया। झा ने कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे सुपौल के लिए गौरव की बात है, जो नगर निकायों में बेहतर कार्य और जनभागीदारी की पहचान को दर्शाता है। इधर, इस उपलब्धि पर भाजपा के पूर्व सुपौल जिला उपाध्यक्ष गौरव कुमार, नगर पंचायत निर्मली के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि जगरनाथ कामत सहित अन्य ने भी हर्ष जताया है।
कैथल जिले के राजौंद में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को राजौंद नगर पालिका के कर्मचारियों ने हड़ताल कर नगर पालिका गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान संदीप कुमार ने की, जबकि संचालन ब्लॉक सचिव रोहतास ने किया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता और एसकेएस के जिला सचिव शिवचरण, एसकेएस ब्लॉक प्रधान राजकुमार कश्यप और ब्लॉक सचिव विनोद कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनाई जा रही है। सरकार ने नहीं की वेतन में बढ़ोत्तरी उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 को जींद में महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी और मंत्री कृष्ण बेदी ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26 हजार रुपए और शहरी सफाई कर्मचारियों को 27 हजार रुपए वेतन देने की घोषणा की थी। हालांकि, कर्मचारियों के वेतन में अब तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नेताओं ने यह भी कहा कि 8 फरवरी 2023 को सरकार ने आंदोलन के दबाव में पे-रोल पर कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने के लिए एक समिति बनाने का पत्र जारी किया था। लेकिन, भाजपा सरकार ने इसे आज तक पूरी तरह लागू नहीं होने दिया है और अपने 11 साल के कार्यकाल में एक भी सफाई या सीवर कर्मचारी को पक्का नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि सफाई और फायर विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
हरियाणा के पलवल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री करण दलाल ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा की तर्ज पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी धांधली कर जीत हासिल की है। पलवल स्थित अपने निवास पर मीडिया से बात करते हुए दलाल ने दावा किया कि वे जल्द ही तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे और हरियाणा में हुई कथित धांधली के सबूत पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में भी धांधली की थी, और इसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार तथा अब बंगाल में चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर वोटों की चोरी की है। साजिश के तहत अपनाई गई एसआईआर की प्रक्रिया दलाल के अनुसार, चुनाव आयोग ने एक साजिश के तहत मतदान से ठीक पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अपनाई और तृणमूल कांग्रेस व कांग्रेस समर्थकों के वोट काट दिए। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग कर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को तैनात करने का भी आरोप लगाया। पूर्व मंत्री ने चुनावी इतिहास में 92 प्रतिशत मतदान को असामान्य बताया, जिसे उन्होंने गड़बड़ी का स्पष्ट संकेत कहा। उन्होंने 2024 के हरियाणा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ईवीएम में छेड़छाड़ कर दो दिनों तक वोट प्रतिशत बढ़ाया गया था और मतगणना से पहले ईवीएम स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद कर दिए गए थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने बंगाल में भी चुनाव आयोग के साथ मिलकर यही तरीका अपनाया। सत्ता का दुरुपयोग कर रही भाजपा : दलाल दलाल ने जोर देकर कहा कि भाजपा अब देश की जनता के साथ नहीं है, बल्कि सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव जीत रही है। उन्होंने विपक्ष और देश की जनता से एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ने का आह्वान किया। पलवल में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए दलाल ने बताया कि वहां 60 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान नहीं हो रहा है। उन्होंने इस संबंध में जल्द ही विस्तार से खुलासा करने की बात कही।
राहुल गांधी का बड़ा हमला: 'भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोर', हरियाणा सरकार को बताया 'घुसपैठिया'
चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से ही पश्चिम बंगाल में बवाल मचा हु्आ है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हए कहा कि भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में ...
'भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, हरियाणा में पूरी सरकार ही घुसपैठिया', राहुल गांधी का हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय जनता पार्टी और पिछले दिनों हुए चुनावों को लेकर तथाकथित 'वोट चोरी' पर तीखा हमला किया है।
पति और ससुराल से रिश्ता तोड़ने के बाद नालंदा की 30 साल की धनवंती देवी उर्फ शोभा लड़कियों की तस्करी करने लगी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब राजस्थान के बीकानेर से चित्तौड़गढ़ के दंपती को गिरफ्तार किया गया। दंपती की निशानदेही पर राजगीर से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि युवक धनवंती देवी का कथित पति है। धनवंती देवी युवक को अपना पति बताती थी। फिलहाल, पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लड़कियों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से तीन लड़कियों का रेस्क्यू भी किया है। धनवंती देवी उर्फ शोभा नूरसराय थाना क्षेत्र के बालचन्द विगहा की रहने वाली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि धनवंती पटना के गोरिया मठ इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रही थी और वहीं से लड़कियों की तस्करी का नेटवर्क ऑपरेट कर रही थी। धनवंती देवी के साथ जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है, उसकी पहचान मानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले पुरुषोत्तम के रूप में की गई है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि धनवंती देवी और पुरुषोत्तम के बीच कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है और पुरुषोत्तम का अपना अलग परिवार है। धनवंती देवी कौन है? उसने कब और क्यों अपने पति और ससुरालवालों से रिश्ता तोड़ा? पुलिस ने धनवंती देवी के बारे में क्या बताया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला लड़कियों की तस्करी के मामले की तह तक जाने के लिए जब भास्कर टीम धनवंती के गांव पहुंची, तो उसकी सास रामपतिया देवी और देवरानी संध्या कुमारी ने बताया कि करीब पांच-छह साल पहले पति से झगड़ा करने के बाद धनवंती ने घर छोड़ दिया था और तब से उसका परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संपर्क नहीं है। उसका पति भी लंबे समय से बाहर रह रहा है और वह भी गांव नहीं आता है। परिजनों को उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चला कि वह मानव तस्करी जैसे घृणित कार्य में संलिप्त हो चुकी है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, पांच साल पहले घर छोड़ने के बाद उसने कभी पलटकर नहीं देखा और परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। थानाध्यक्ष बोले- महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी थानाध्यक्ष ललित विजय ने बताया कि ये महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि वो पुरुषोत्तम से महज कुछ महीने पहले ही मिली है, लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि इनका नेटवर्क काफी पुराना और गहरा है। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि धनवंती पूर्व में करीब 5-7 साल पंजाब में रह चुकी है, जहां से उसने इस तरह के नेटवर्क में काम करना सीखा होगा। राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लिंगानुपात की कमी का फायदा उठाकर यह गिरोह गरीब लड़कियों को शादी या काम दिलाने के बहाने फंसाता था और फिर उन्हें ऊंचे दामों में बेच दिया करता था। पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से कई लड़कियों की तस्वीरें और संदिग्ध एविडेंस मिले हैं, जिसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस अब उन लड़कियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्हें यह गिरोह अब तक अपना शिकार बना चुका है। रहुई की नाबालिगों का 3 लाख रुपए में धनवंती देवी ने किया था सौदा दरअसल, रहुई थाना क्षेत्र के बेसमक गांव की दो नाबालिग बहनें 9 अप्रैल को पंजाब जाने के लिए बिहारशरीफ स्टेशन पहुंची थीं। वहां नूरसराय की रहने वाली महिला तस्कर धनवंती देवी ने उन्हें माता-पिता के पास पहुंचाने का झांसा देकर अपने चंगुल में ले लिया। पंजाब भेजने के बजाय आरोपी महिला ने दोनों बच्चियों को राजस्थान के तस्करों के हाथों 3 लाख रुपये में बेच दिया। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस टीम ने बीकानेर में छापेमारी कर बच्चियों को बरामद किया। वहां से खरीदार दंपति राजेश कुमार और अंजलि कुमारी को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर राजगीर के ब्रह्मकुंड के पास से मुख्य सरगना धनवंती देवी और उसके सहयोगी पुरुषोत्तम को दबोचा गया। पुलिस ने राजगीर में छापेमारी के दौरान रायपुर (छत्तीसगढ़) की एक तीसरी नाबालिग लड़की को भी बरामद किया, जिसे तस्करी के लिए बंधक बनाकर रखा गया था। पूछताछ में सरगना ने कबूला कि वह गरीब बच्चियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचती थी।
सिरसा से भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने आज मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया, मनोहर लाल खट्टर प्रदेश में ‘पर्ची और खर्ची’ की व्यवस्था को समाप्त करने वाले पहले नेता है और बिना पर्ची युवाओं को नौकरियां दी। जो नौकरियां पहले सिर्फ पर्चियों पर मिलती थी, वो लोग आज तरस रहे हैं। जो परिवार मेहनत कर रहे हैं और गरीब से गरीब है, उनको नौकरियां मिल रही है। ये उनकी देन है। यह वहीं व्यवस्था थी, जिसके कारण योग्य युवाओं को नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गोबिंद कांडा बोले, मनोहर लाल का सिरसा से लगाव था और भाई गोपाल कांडा ने भी सेवा की है। मनोहर लाल ने हरियाणा प्रदेश में डिजिटल क्रांति लाने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज हरियाणा देशभर में डिजिटल कार्यों के मामले में अग्रणी राज्य बन चुका है। सरकारी योजनाओं को ऑनलाइन लागू करने और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में उनकी नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पहले जहां लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब डिजिटल सिस्टम के माध्यम से घर बैठे ही अधिकांश कार्य संभव हो गए हैं। यह बदलाव न केवल पारदर्शिता लाया है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाने में कारगर साबित हुआ है। यह बयान उन्होंने सिरसा के हिसारिया बाजार स्थित HLP, BJP, NDA कार्यालय में मनोहर लाल के जन्मदिन के उपलक्ष में हवन यज्ञ पर आयोजित कार्यक्रम में दिया। पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के संयोजन में यह कार्यक्रम हुए। गोबिंद कांडा ने समर्थकों सहित हवन में आहुति डाली। शिविर में 100 यूनिट रक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एकत्रित किया। बंगाल जीत पर कांडा बोले, कांग्रेस खत्म हो गई गोबिंद कांडा ने हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर भी अपनी प्रतिक्रिया देते कहा, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की विकासपरक नीतियों पर जनता ने अपनी मुहर लगाई है। तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनना इस बात का प्रमाण है कि जनता विकास चाहती है। कांग्रेस खत्म हो गई है और विपक्ष है ही नहीं। विपक्ष के पास मुद्दा ही नहीं है और कांग्रेस की दो सीटें आई है। इस दौरान हलोपा के जिलाध्यक्ष जयसिंह कुसुम्बी, नगर परिषद के अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप, भाजपा नेता एवं पार्षद राजन शर्मा, पार्षद हेमकांत शर्मा, मोहित जोशी, महाराजा अग्रसेन स्कूल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान अनिल गनेरीवाला, भाजपा नेता सुरेश पंवार, पहलवान राजकुमार, नवधीश गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे।
हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के घोटाले में हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन लिमिटेड (HPGCL) के अकाउंट ऑफिसर के सुसाइड के मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग के चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अमित दीवान की बर्खास्तगी के बाद बलवंत सिंह को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को अमित दीवान के बर्खास्तगी के आदेश का पता चलते ही बलवंत सिंह चंडीगढ़ में हरियाणा सचिवालय के लिए रवाना हो गए। पांचवीं मंजिल पर विजिटर पास लेने के बाद बलवंत सचिवालय में रैंप के रास्ते आठवीं मंजिल पर पहुंचे, जहां उन्होंने पहले अपना मोबाइल बाहर रखा और फिर छलांग लगा दी। बैंक घाेटाले के मामले की जांच अब CBI के पास है। यह भी सामने आया है कि CBI ने सोमवार सुबह 11 बजे बलवंत को पूछताछ के लिए बुलाया था। बलवंत ने अधिकारियों से अतिरक्त समय मांगते हुए दोपहर 3 बजे पहुंचने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने सुसाइड कर लिया। फिलहाल सेक्टर-3 पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शव को सेक्टर-16 के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जिसका आज पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। झज्जर के रहने वाले, 2007 में नौकरी लगे बलवंत सिंह (45) मूल रूप से झज्जर के मुंडाहेड़ा गांव के रहने वाले थे। वह बिजली निगम में 2007 में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनके दो भाई भी हैं- कृष्ण, वह आर्मी में कार्यरत हैं। दूसरे भाई अशोक हरियाणा रोडवेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बलवंत सिंह का परिवार काफी समय से पंचकूला के पास बलटाना के एकता विहार में रह रहा है। बलवंत सिंह के पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HPGCL दफ्तर में तैनात थे। सुबह 10.22 पर हुई सचिवालय में एंट्री बलवंत सिंह सोमवार को विजिटल पास बनवाकर चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में बने हरियाणा सचिवालय पहुंचे थे। यह पास सुबह 9:42 बजे जनरेट हुआ था। पास में उन्होंने पांचवीं मंजिल पर स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन के कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स से ऑफिशियल वर्क के तहत मिलने का कारण बताया था। सचिवालय में उनकी एंट्री 10:22 पर हुई थी। दोपहर 3 बजे आठवीं मंजिल से छलांग दोपहर 2:50 बजे तक 5वीं से 8वीं मंजिल के बीच घूमते रहे। 3 बजे उन्होंने आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही सचिवालय में तैनात पुलिस कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर व्यक्ति की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया है और अंतिम कॉल, मैसेज व अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है, जिससे कई अहम राज खुलने की उम्मीद है। CFO की बर्खास्तगी के बाद से हलचल CFO अमित दीवान और अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह, पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HPGCL में तैनात थे। वर्तमान में अमित दीवान अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसे 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। दीवान पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो बैंक खाते खुलवाए और मुख्य आरोपी रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले में भूमिका निभाई। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद ब्यूरोक्रेसी में हचलच है। रिश्वत के तौर पर 50 लाख लिए इनमें से एक खाते में 50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए, जबकि बाद में उसमें फर्जी एफडीआर और अनधिकृत ट्रांजेक्शन पाए गए। संबंधित बैंक उस समय सरकारी पैनल में शामिल नहीं था, फिर भी नियमों को नजरअंदाज कर खाता खोला गया। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों और अमित दीवान के बीच मिलीभगत की बात सामने आई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें रिश्वत के तौर पर करीब 50 लाख रुपए दिए गए।
राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवात बनने से देश के बड़े हिस्से में मौसम बदल चुका है। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बादलों का लंबा ट्रफ बना हुआ है, जिससे उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का असर है। पिछले 24 घंटे में भी बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में आंधी और तेज बारिश हुई है। सोमवार को राजस्थान में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण एक दिन में तापमान में 8C की गिरावट आई। जयपुर समेत कई शहरों को अधिकतम तापमान 35C से कम रहा। मध्य प्रदेश में मई महीने में तेज गर्मी की जगह बारिश और आंधी का असर है। सोमवार को 15 जिलों बारिश और ओलावृष्टि हुई। बिहार में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 6 जिलों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हरियाणा में तेज आंधी से 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। हिमाचल प्रदेश के सोलन का तापमान सोमवार को 4.8C रहा। यह मई महीने का अब तक का सबसे कम तापमान रहा है। इससे पहले 14 मई 2021 को 9.4C तापमान रहा था। ताबो का पारा 3.5C और कुकुमसैरी का 4.1C रहा। राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: राज्य में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत 39 जिलों में आज अलर्ट मध्य प्रदेश में मई महीने में तेज गर्मी की जगह बारिश और आंधी की स्थिति है। सोमवार को 15 जिलों बारिश और ओलावृष्टि का असर रहा। कई जगहों पर तेज आंधी भी चली। मौसम विभाग ने आज भोपाल समेत 39 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: राज्य में 8C तक गिरा पारा, आज भी आंधी-बारिश का अलर्ट; जैसलमेर में सबसे ज्यादा गर्मी राजस्थान में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण एक दिन में तापमान में 8C की गिरावट आई। जयपुर, अलवर, सीकर, पिलानी समेत कई शहरों का अधिकतम तापमान सोमवार को 35C से कम रहा। 5 और 6 मई को भी राज्य के 11 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: आंधी-बारिश और बिजली के कारण 14 लोगों की मौत, आज 18 जिलों में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट बिहार में सोमवार को आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 20 लोगों की मौत हो गई। 2 महिलाएं झुलस गईं। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 18 जिलों भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: राज्य के 5 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी, ओलावृष्टि की भी संभावना, केदारनाथ में स्नोफॉल उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश के साथ बर्फबारी को सकती है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: राज्य में गर्मी के सीजन में 'ठंड' का रिकॉर्ड, सोलन का पारा 4.8C पहुंचा हिमाचल प्रदेश के सोलन का तापमान सोमवार को 4.8C रहा। यह मई महीने का अब तक का सबसे कम तापमान रहा है। इससे पहले 14 मई 2021 को 9.4C तापमान रहा था। ताबो का पारा 3.5C और कुकुमसैरी का 4.1C रहा। पूरी खबर पढ़ें…
निवाड़ी पुलिस ने पत्रकार विवेक दांगी के परिवार के साथ हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। तीन महिलाओं और एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, इनके पास से 25 लाख रुपए के जेवर मिले हैं। यह घटना 23 अप्रैल की है, जब पत्रकार की पत्नी और बहू झांसी से निवाड़ी लौट रही थीं। बस स्टैंड क्षेत्र में टैक्सी में बैठते समय आरोपियों ने उनका ध्यान भटकाया और पर्स से सोने-चांदी के कीमती जेवर पार कर दिए। मामले की शिकायत के बाद एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया ने टीम का गठन किया था। राजस्थान और हरियाणा तक फैला था जाल जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले रेखा नामक महिला को निवाड़ी तिगैला से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी दो बहनें सरोज और मीना इस गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। यह गिरोह बच्चों को साथ रखकर यात्रियों का ध्यान भटकाता था। आरोपी राजस्थान, पलवल और फरीदाबाद (हरियाणा) में छिपे थे, जिन्हें पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। आर्थिक तंगी के कारण शुरू की चोरी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी अर्जुन कर्ज में डूबा हुआ था और गिरोह की दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी। आर्थिक हालात सुधारने के लालच में इन्होंने चोरी का रास्ता चुना। अपनी पहचान छिपाने के लिए वे अपने निवास क्षेत्र (पलवल-फरीदाबाद) से दूर अर्टिगा कार से निवाड़ी और आसपास के इलाकों में वारदात करने आते थे। पुलिस ने चोरी के माल के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
झुंझुनूं में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो हरियाणा के लोगों को रातों-रात यहां का किराएदार बना देता है और फिर परिवहन विभाग से उनके हैवी लाइसेंस जारी करवा देता है। उप पंजीयक कार्यालय में इन फर्जी किरायानामों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। परिवहन अधिकारी बिना जांच-पड़ताल किए हरियाणा के लोगों को इसी रजिस्टर्ड किरायानामे के आधार पर हैवी लाइसेंस बनाकर दे रहे हैं। ये सभी लोग हरियाणा के हैं। इनका झुंझुनूं में न कोई व्यापार है और न ही नौकरी। फिर भी इन्हें किराएदार बना झुंझुनूं में रहना दिखा दिया। यह सब फर्जीवाड़ा हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किया जा रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि हरियाणा में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के कड़े नियमों से बचने के लिए वहां के लोग झुंझुनूं में फर्जीवाड़ा कर लाइसेंस बनवा रहे हैं। इस किराएनामे में 40 लोगों को खाली खेत में किराएदार दिखा दिया। वजह यह सामने आई कि हरियाणा में हैवी लाइसेंस के लिए नियम सख्त हैं। ऐसे में यहां आकर ड्राइवर अपना पता बदल कर लाइसेंस बनवा रहे हैं। हरियाणा में सख्ती और वेटिंग ज्यादा हरियाणा में हैवी लाइसेंस के लिए वहां रोडवेज में ही 30 दिन की ट्रेनिंग करनी पड़ती है। हरियाणा में रोडवेज के डिपो व उप डिपो 39 हैं। एक डिपो में 30 सीटें हैं। ऐसे में वहां हर महीने 1170 को ही ट्रेनिंग मिलती है। जबकि राजस्थान में परिवहन विभाग ने ड्राइविंग स्कूलों को अधिकृत कर रखा है। राजस्थान में 60 परिवहन कार्यालयों से जुड़े 900 से अधिक ड्राइविंग स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल में 30 सीटें हैं। ऐसे में यहां हर महीने 27000 हजार को सर्टिफिकेट मिलता है। हरियाणा में ट्रेनिंग के लिए वेटिंग अधिक रहती है। यहां आते ही ट्रेनिंग मिल जाती है। 1 साल में 1800 लाइसेंस झुंझुनूं में एक माह पहले तक हर महीने हरियाणा के 150 से 200 हैवी लाइसेंस बनाए गए। यानी पूरे साल में 1800 से अधिक पिछले 6 माह में ही 1000 से अधिक बनाए गए। पिछले चार साल के आंकड़े खंगालने तो सामने आया कि हरियाणा के 7 हजार से अधिक लोगों को लाइसेंस जारी किए गए। 25 हजार में डॉक्युमेंट्स तैयार प्रदेश में हर महीने हरियाणा के लोगों को औसतन 3 हजार हैवी लाइसेंस बनाकर दिए जा रहे हैं। झुंझुनूं में हरियाणा के एक व्यक्ति से हैवी लाइसेंस के लिए 25 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। हर महीने के 150 के हिसाब से जोड़ें तो एक महीने में 37.50 लाख और एक साल में 4.5 करोड़ रुपए लिए जा रहे हैं। इसमें किरायानामा के 5 हजार रुपए, ड्राइविंग स्कूल सर्टिफिकेट के 5 हजार रुपए, लाइसेंस शुल्क के 1500 रुपए शामिल हैं। शेष रुपए एजेंट व सहयोगी व वकील लेते हैं। 2 पॉइंट्स में समझिए फर्जीवाड़े की पूरी कहानी खेत में कागजी कॉलोनी: परिवहन कार्यालय से 1 किमी दूर शहर के धनकड़ नगर के पास वारिसपुरा के एक खाली खेत (जहां कोई मकान नहीं है) के पते पर 24 मार्च को 40 लोगों का रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हुआ। 400 वर्ग फीट में निर्माण दिखाकर 40 लोगों को किराएदार दिखाया गया। इन सभी के हैवी लाइसेंस जारी करा दिए गए। दो कमरों में 27 लोग: शहर के रीको एरिया से सटे धनकड़ नगर के मकान नंबर 6 (320 वर्ग फीट) में 27 लोग किराएदार दिखाए गए हैं। सभी हरियाणा के लोग हैं। मौके पर रहने वाली महिला का कहना है कि यहां कोई किराएदार नहीं रहता। यह किरायानामा 16 दिसंबर 2025 को बनाया गया। सभी के हैवी लाइसेंस जारी हो गए। रोजाना 2 किराएनामे आ रहे उपपंजीयक कार्यालय में औसतन रोजाना दो किरायानामा पंजीकृत हो रहे हैं। पिछले तीन महीने में जनवरी से मार्च के दौरान 95 से अधिक किरायानामा पंजीकरण कराए गए। एक किरायानामा में 25 से 40 लोगों को किराएदार बताया गया है। पिछले साल इसी अवधि में महज 32 किरायानामा पंजीकरण हुए थे। इस प्रक्रिया से लाइसेंस बनवाने का खर्च भी बढ़ा है। बिना ट्रेनिंग बंट रहे सर्टिफिकेट परिवहन विभाग से जुड़े ड्राइविंग स्कूलों में बिना वास्तविक ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। क्योंकि इनके पास न तो इतना बड़ा ट्रैक होता है और न ही इतनी गाड़ियां कि ये एक साथ इतने लोगों को ट्रेनिंग दे सकें। इसके बावजूद परिवहन विभाग इन पर नकेल नहीं कस रहा। दिल्ली पुलिस, बिहार पुलिस, राजस्थान पुलिस, सीआरपीएफ समेत अन्य में वाहन चालकों की भर्ती के लिए हैवी लाइसेंस मांगे जाते हैं। 2 पक्ष सहमत हैं तो किरायानामा बन सकता है मामले को लेकर सब रजिस्ट्रार कुलदीपसिंह ने कहा- कोई भी दो पक्ष आपस में सहमत होकर आते हैं, तो किरायानामा बन जाता है। नियमानुसार शुल्क जमा कराने पर किरायानामा पंजीकरण किया जाता है। अधिक प्रॉपर्टी होने पर ही फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाता है। अन्यथा रैंडम वेरिफिकेशन होता है।” बोले- सेक्शन 9 में प्रावधान कार्यवाहक डीटीओ झुंझुनूं रमेश कुमार यादव ने कहा- ग्रांट ऑफ लाइसेंस के सेक्शन 9 में यह प्रावधान है कि कोई व्यक्ति जहां रहता है या बिजनेस करता है वहां लाइसेंस बनवा सकता है। ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग ले चुका है या ले रहा है तो लाइसेंस बनाया जा सकता है।
हरियाणा में ₹590 करोड़ के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने अपने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अमित दीवान को बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि दीवान ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर खाते खोले और ₹50 करोड़ के फर्जी लेनदेन दिखाया। ऑफिस ऑर्डर के अनुसार, यह कार्रवाई हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के खातों में अनियमितताओं, फर्जी ट्रांजेक्शन और सरकारी धन की हेराफेरी के मामले में की गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने की। अब CBI जांच कर रही है। CFO अमित दीवान इस समय अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसे 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। दीवान पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो बैंक खाते खुलवाए और मुख्य आरोपित रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। पढ़िए ऑर्डर में क्या-क्या खुलासे हुए... 1. IDFC-AU स्मॉल बैंक के खातों से गड़बड़ी जांच में सामने आया कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में खोले गए खातों के जरिए करोड़ों रुपए के लेनदेन हुए। इनमें से एक खाते में 50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए, जबकि बाद में उसमें फर्जी एफडीआर और अनधिकृत ट्रांजेक्शन पाए गए। 2. 50 लाख रुपए दी गई रिश्वत दस्तावेज के मुताबिक, संबंधित बैंक उस समय सरकारी पैनल में शामिल नहीं था, फिर भी नियमों को नजरअंदाज कर खाता खोला गया। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों और अमित दीवान के बीच मिलीभगत की बात सामने आई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें रिश्वत के तौर पर करीब 50 लाख रुपए तक दिए गए। 3. ऑर्डर में बताई गई बर्खास्तगी की वजह आदेश में कहा गया है कि इतने गंभीर आरोपों और चल रही आपराधिक जांच के बीच विभागीय जांच करना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इससे सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा हो सकता है। इसलिए नियमों के तहत बिना नियमित विभागीय जांच के ही उन्हें बर्खास्त किया गया। बेटे की शादी के लिए मिली थी जमानत करीब 18 दिन पहले अमित दीवान को बेटे की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि आरोपी दीवान ने 19 दिन की अंतरिम बेल के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी।पंचकूला कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए आदेश दिए थे कि उसे पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा तथा 5 लाख के बेल बॉन्ड भी सबमिट करने होगी। 2 IAS अफसर सस्पेंड, 3 अधिकारी हो चुके बर्खास्त पढ़ें क्या है पूरा मामला… हरियाणा में हाल ही में 590 करोड़ के बैंक फ्रॉड का खुलासा हुआ। केस में ईडी की भी एंट्री हो चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केस से जुड़े लोगों के 19 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। दरअसल, हरियाणा सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगभग 590 करोड़ रुपए की राशि बैंक में जमा कराई गई थी। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश करने के लिए दी गई थी, लेकिन आरोप है कि बैंक के कुछ अधिकारियों और अन्य आरोपियों ने मिलकर इस रकम को एफडी में जमा करने के बजाय अपने निजी फायदे के लिए डायवर्ट कर दिया। अब जानिए फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका… बैंक मैनेजर रिभव ऋषि : ACB सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का मैनेजर रिभव ऋषि पूरी भी दोनों अफसरों के साथ घोटाले का सूत्रधार है। जिसने रिलेशनशिप मैनेजर के साथ मिलकर फ्रॉड किया। 6 महीने पहले आरोपी ने बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। अभय, रिलेशनशिप मैनेजर: चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर रहा, जिसने रिभव ऋषि की बनाई योजना पर काम करते हुए अपनी पत्नी स्वाति सिंगला और साले अभिषेक को भी शामिल कर लिया। अधिकारियों के पास जाकर अपनी ब्रांच में एफडी बनवाने के लिए लॉइजनिंग का काम करता था। स्वाति सिंगला, फर्जी कंपनी की मालकिन: स्वाति सिंगला ने एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के नाम से कंपनी बनाई। जिसमें वह 75 प्रतिशत की शेयर होल्डर है। पति अभय के कहने पर कंपनी बनाकर फंड को दूसरे अकाउंट में भेजा गया, जहां से प्रॉपर्टी और शेयर मार्केटिंग में हिस्सा लिया गया। अभिषेक सिंगला, स्वाति का भाई: स्वास्तिक देश कंपनी में अभिषेक सिंगला की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अभिषेक स्वाति सिंगला का भाई और अभय का साला है। फर्जी कंपनी में हिस्सेदारी के साथ-साथ फंड को रियल एस्टेट में लगाने और वहां से निकालने के जिम्मा अभिषेक संभालता था। पढ़ें बर्खास्त ऑर्डर …
अम्बाला पुलिस हिरासत में कथित थर्ड डिग्री मारपीट और गलत गिरफ्तारी के मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। याचिका में कहा गया है कि जिन अधिकारियों को विभागीय जांच में दोषी पाया गया, वही जांच टीम का हिस्सा बने हुए हैं। याचिका पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। वहीं याचिकाकर्ता के एडवोकेट रेणु व प्रदीप आर्य आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ करीबन एक करोड़ मुआवजे की भी याचिका हाईकोर्ट में दायर करेंगे। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामलागिरफ्तारी के बाद मारपीट के आरोपअंबाला निवासी साहिल मसीह को 23 सितंबर 2024 को मुकद्मा नंबर 300 में पोक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 24 सितंबर 2024 को उसके खिलाफ थाना पड़ाव में पोक्सो एक्ट के तहत एक केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि इसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर और महिला एएसआई ने साहिल मसीह को आरोपी बनाया और उसे हिरासत में लिया। साहिल ने आरोप लगाया कि उसे दो दिन से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखा गया और इस दौरान थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी अंबाला को केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। साहिल के मुताबिक, इस मुकद्में में वह बरी हो गया था, क्योंकि यह मुकद्मा ही जाली पाया गया था और सभी दस्तावेज जाली तैयार किए गए थे। इस मामले में साहिल ने आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उसके पैरों में सूजन आ गई और वह लंबे समय तक दर्द से परेशान रहा। अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ केससाहिल मसीह ने 25 अक्टूबर 2024 को कस्टडी में टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दी थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेकर पहले तो संबंधित एसपी से जांच करवाई फिर सभी अधिकारियों के एफिडेविट कोर्ट में पेश करवाए, उसके बावजूद कड़ा संज्ञान लेकर मुकद्मा दर्ज करने के निर्देश जारी किए, जिसके आधार पर 11 नवंबर 2024 को पड़ाव थाना में एफआईआर नंबर 343 दर्ज हुआ। वर्तमान में साहिल के स्वास्थ्य का हाल साहिल ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के कारण उसके निजी अंग में सूजन और पस बनने की समस्या हो गई। उसे पेशाब करने में दिक्कत आने लगी और वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रहा था। उसने अदालत से मेडिकल जांच कराने की मांग की, जिस पर अदालत ने सेंट्रल जेल अंबाला के सुपरिंटेंडेंट को जरूरी निर्देश दिए थे। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस11 नवंबर 2024 को थाना पड़ाव में तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार और महिला एएसआई रामभतेरी के खिलाफ अवैध हिरासत और टॉर्चर के आरोप में केस दर्ज किया गया। अदालत ने 60 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे। मामले की जांच पहले डीएसपी मुख्यालय अंबाला विजय ने की। इसके बाद जांच कुरुक्षेत्र ट्रांसफर कर दी गई। वहां डीएसपी रोहतास कुमार की अगुवाई में इंस्पेक्टर सुनील दत्त और तत्कालीन महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलबीर को शामिल कर एसआईटी गठित की गई। एसआईटी पर भी पक्षपात के आरोपशिकायतकर्ता साहिल मसीह और उनके वकील प्रदीप आर्य का आरोप है कि कुरुक्षेत्र की एसआईटी ने भी आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया। उनका दावा है कि मामले को दबाने के लिए एक पुलिसकर्मी ने 1.50 लाख रुपए देकर समझौता करने की कोशिश की गई। इसके अतिरिक्त हैरानी की बात तो यह है कि डेढ़ लाख वाली शिकायत की जांच मुख्य सचिव गृह विभाग हरियाणा ने अंबाला रेंज आईजी को 15 दिन में जांच पूरी करके विभाग को सौपने के आदेश दिए थे, लेकिन उसकी जांच भी डीएसपी रमेश ने आरोपी पक्ष के बिना ब्यान दर्ज किए ही पूर्ण कर दी।जिस बारे में साहिल मसीह के अधिवक्ता रेणु व प्रदीप आर्य ने संबंधित आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग से याचिका दायर कर दी है। विभागीय जांच में अधिकारी दोषी पाए गएयाचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट रेणु व प्रदीप आर्य ने अदालत को बताया कि विभागीय जांच में एएसआई राम भटेरी और इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को दोषी पाया गया है। इसके बावजूद इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को जांच टीम में शामिल रखा गया है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाईकोर्ट में याचिका, जांच बदलने की मांगआरोपी साहिल ने याचिका दायर कर 11 नवंबर 2024 को थाना पड़ाव, अंबाला छावनी में दर्ज एफआईआर नंबर-343 की जांच बदलने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा जांच निष्पक्ष नहीं है, इसलिए इसे हरियाणा पुलिस से हटाकर राज्य के बाहर के वरिष्ठ अधिकारियों की नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपा जाए। निष्पक्ष जांच पर सवाल, नई एसआईटी की मांगएडवोकेट रेणु प्रदीप आर्य के मुताबिक, जब जांच करने वाले अधिकारी पहले से ही दोषी पाए जा चुके हैं, तो उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने हरियाणा से बाहर के अधिकारियों की नई एसआईटी गठित करने की मांग रखी है। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमीश शर्मा पेश हुए और उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। 4 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई न्यायाधीश संजय वशिष्ठ की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 04 अगस्त 2026 तय की है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि अगली तारीख से पहले जवाब दाखिल किया जाए और उसकी प्रति याचिकाकर्ता के वकील को भी दी जाए। फिलहाल अदालत ने कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहेंमामले में लगातार जांच बदलने और आरोपों के बीच अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि अदालत सरकार के जवाब के बाद जांच को नई दिशा देती है या नहीं।
पंजाब में संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लुधियाना के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर को फिरोजपुर रोड स्थित शहंशाह पैलेस पहुंचेंगे जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे। पार्टी के आधार को मजबूत करने की कवायद सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में पार्टी के आधार को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सैनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं (वर्करों) से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का मंत्र देंगे। बैठक में जिला स्तर के बड़े नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फिरोजपुर रोड और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो। भाजपा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की हैं।
लुधियाना से चकमा देकर फरार हुआ आरोपी 24 घंटे में हरियाणा पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़ा
भास्कर न्यूज | लुधियाना हरियाणा पुलिस की मुस्तैदी से लुधियाना में हिरासत से फरार हुआ चोरी का आरोपी महज 24 घंटे के भीतर दोबारा दबोच लिया गया। हालांकि 30 अप्रैल की दोपहर रेलवे स्टेशन के नजदीक ग्यान ढाबा पर पुलिस टीम से चकमा देकर भागा आरोपी कुछ देर के लिए पुलिस के लिए सिरदर्द जरूर बना। लेकिन तकनीकी निगरानी और तेज कार्रवाई के दम पर 1 मई को उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, हरियाणा के जिला रेवाड़ी के थाना कोसली में तैनात तफ्तीशी अधिकारी विकास ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को दर्ज एक केस में आरोपी अर्जुन कुमार निवासी गांव जारोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। तफ्तीश के दौरान मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए उसे 30 अप्रैल को पुलिस टीम लुधियाना लेकर आई थी। इस दौरान टीम में दोपहर करीब पौने एक बजे पुलिस टीम ज्ञान ढाबे पर रुकी। जहां आरोपी लघुशंका के बहाने सिपाही रणदीप को धक्का देकर फरार हो गया। हरियाणा पुलिस ने थाना डिवीजन-1 लुधियाना को सूचना दी। थाना डिवीजन-1 के जांच अधिकारी बलदेव सिंह और थाना कोसली के पुलिसकर्मी विकास ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। एक तरफ हरियाणा पुलिस ने हिरासत से फरार आरोपी को महज 24 घंटे में ही 351 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी तरफ लुधियाना पुलिस की कार्यशैली भी कुछ कम नहीं है। जनवरी से अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार शहर में फरार होने वाले 7 हवालातियों में से 4 कुख्यात आरोपियों का आज तक कुछ पता नहीं चला है। सिरफ उन तीन मामलों में ही आरोपी पकड़े गए जिन्हें खुद लोगों ने मौके पर दबोच लिया। पकड़े गए मामलों में जिला कचहरी और सिविल अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि फरार आरोपियों में से एक ने भागने के बाद 9 साल के बच्चे की हत्या तक कर दी। लेकिन इसके बावजूद पुलिस अभी तक उसे पकड़ नहीं पाई है।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

