पंजाब के सीएम भगवंत मान ने दावा किया है कि हरियाणा ने इस बार भाखड़ा डैम से मिलने वाले पानी का सही तरीके से प्रयोग किया है। अब तक हरियाणा ने 70 फीसदी पानी ही प्रयोग किया है। हरियाणा अपना पानी सही तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। उन्हें 21 मई तक पानी मिलेगा। हरियाणा ने एक भी बूंद ज्यादा प्रयोग नहीं किया है। हम लगातार उन्हें पत्र लिखकर इस बारे में आगाह करते रहे हैं। वहीं, इस बार एक मई से नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। 25 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही पंजाब में धान की सीधी बिजाई 15 मई से 31 मई तक चलेगी। किसानों को इस दौरान नहरों से पानी भी मिलेगा और आठ घंटे बिजली सप्लाई भी दी जाएगी। जाखड़ साहिब को कहा कि वह मोदी वाली गारंटियां तो पूरी करवा दें। रोजाना 290 ट्रेनें चल रही हैं सीएम ने बताया कि इस बार धान को रखने के लिए जगह की कमी नहीं आएगी। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से वह मुलाकात कर आए हैं। उन्होंने कहा है कि 290 स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। ऐसे में धान के लिए जगह की कमी नहीं है। ऐसे में जगह की कमी को आसानी से दूर कर दिया जाएगा। पहले मोदी वाली गांरटियां पूरी करवा दें जाखड़ साहब पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाख्ड़ ने कहा था कि 1 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना ही काफी नहीं है। अगर आप सचमुच गंभीर हैं, तो मजदूर दिवस की वास्तविक भावना और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार पंजाब के कर्मचारियों की डीए की किश्तों और बकाया राशि के भुगतान के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का ऐलान करें, 30 जून तक भुगतान की गारंटी दें। जब यह सवाल पत्रकारों ने सीएम से पूछा तो उन्होंने कहा कि जाखड़ साहिब पहले मोदी वाली गारंटी पूरी करवा दें। जुमलों को गारंटी में बदल दो पहले कैप्टन वाली तो पूरी नहीं करवा पाए। 15 लाख वाली, दो करोड़ नौकरियों वाली गारंटी पूरी करवा दो। जुमलों को गारंटी में बदल दो, ताकि इलाके के लोगों का भला हो सके। दल बदलने को रिवाज कहने पर सीएम ने कहा कि अश्वनी का इरादा इधर-उधर होने का तो नहीं है। जिसने लोगों के मेंडेट को तोड़ दिया, उसे गद्दार कहते हैं।
'ड्राइवर मेरा ट्रक लेकर ग्वालियर (मध्यप्रदेश) गया हुआ था....अचानक मोबाइल पर 500 रुपए का चालान कटने का मैसेज आया कि आपने गाजियाबाद में लेन का नियम तोड़ा है...जबकि मेरा ट्रक तो एमपी में था।' ‘मैं जयपुर से अजमेर अपनी कार से आना-जाना करता हूं....रविवार को छुट्टी के दिन मेरी कार घर पर ही थी। लेकिन नई दिल्ली के कुछ टोल प्लाजा पर टोल कटने के मैसेज मिले।’ राजस्थान में वाहन मालिकों को बिना किसी गलती के चालान-टोल कटने के मैसेज इसी तरह हैरान कर रहे हैं। गाड़ी राजस्थान होती है। लेकिन चालान-टोल एमपी-यूपी-गुजरात में कट रहे हैं। ये कोई स्कैम नहीं। , दरअसल, ये कुछ वाहन मालिकों का कारनामा है, जो दूसरों की नंबर प्लेट का क्लोन (डुप्लिकेट नंबर प्लेट) तैयार कर अपने वाहनों में इस्तेमाल करते हैं। गलती करने या ट्रैफिक रूल तोड़ने पर पैनल्टी (चालान) असली मालिक को भरनी पड़ती है। टोल प्लाजा पर चालाकी से निकल जाते हैं और उसका पूरा पैसा असली के फास्टैग खाते से कटता रहता है। जयपुर में बीते दिनों कई ट्रक-ट्रेलर ड्राइवर, ट्रांसपोर्ट कंपनियों के मालिक पुलिस शिकायत लेकर पहुंचे तो ऐसे मामले सामने आए। परेशानी की बात ये है कि पुलिस और प्रशासन के पास भी इसका कोई हल नहीं मिल पा रहा। भास्कर ने पड़ताल कर जाना कि आखिर कौनसी कमियों का फायदा उठाया जा रहा है और असली मालिक बिना गलती के कैसे इनका शिकार बन रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.... सबसे पहले हाल ही में सामने आए ये दो मामले पढ़िए.... केस-1 : ट्रेलर खड़ा वापी गुजरात में, चालान कट रहा कोटपूतली में 18 अप्रैल 2026 को RJ-32GD 6450 नंबर के ट्रेलर मालिक सुगराम के पास मैसेज आया कि उनके वाहन का कोटपूतली में लेन तोड़ने का चालान हुआ है। इस पर सुगराम ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि उनका ट्रेलर तो वापी गुजरात में खड़ा है, कोटपूतली में चालान कैसे हुआ? जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि सुगराम के ट्रेलर की नंबर प्लेट किसी ने अपनी लोडिंग कैंपर पर लगा रखी थी। कैंपर ड्राइवर जयपुर-दिल्ली रोड से निकल रहा था, तभी ये चालान कटा। सुगराम की शिकायत दर्ज कर ली गई। कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया। लेकिन चालान और टोल का पूरा पैसा सुगराम को ही चुकाना पड़ा। जिला एसपी और आईजी जयपुर रेंज को भी शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। केस-2 : कंपनी के बाहर खड़ा था ट्रक, हरियाणा पुलिस ने काटा चालान ट्रेलर नंबर RJ-32GE 0183 कोटपूतली की महेश ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है। 3 दिसंबर 2025 को ट्रेलर कंपनी के दफ्तर के बाहर ही खड़ा था। लेकिन अचानक हरियाणा में उसका चालान कटने का मैसेज आया। जब चालान लिंक पर क्लिक करके चेक किया गया तो पता चला कि उनके ट्रेलर की नंबर प्लेट एक पिकअप पर लगी थी। चालान तो हजार रुपए का था। लेकिन बिना किसी गलती के बावजूद ट्रांसपोर्ट कंपनी को उसका चालान भरना पड़ा। हर दिन मिल रही 20-30 शिकायतें ट्रांसपोर्ट संगठन राजस्थान के अध्यक्ष मुकेश बड़बड़वाल ने बताया कि उनके पास हर दिन 20 से 30 शिकायतें आ रही हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि उनका ट्रक हरियाणा में है और ट्रक का टोल और लेन सिस्टम का चालान कुछ देर पहले अजमेर रोड पर कट गया। ट्रक मालिकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी है यह है कि चालान या टोल कटने के बाद उनके पास कोई विकल्प नहीं है। चालान कटा है तो खुद को ब्लैकलिस्ट से बचाने के लिए उन्हें भरना ही पड़ता है। कैसे करते हैं नंबर की अदला-बदली जयपुर में एक ट्रक ऑपरेटर राहुल ने बताया कि इसमें कोई गैंग शामिल हो सकती है। ये सड़क पर खड़ी गाड़ियों, पार्किंग या सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों से वैध नंबर निकाल लेते हैं। कई बार कुछ लोग निजी हित के लिए ट्रक मालिक और ट्रक ड्राइवर के संपर्क में रहते हैं। पता लगाते हैं कि उस गाड़ी का नंबर ऑनलाइन जुड़ा है या नहीं, जिससे टोल या चालान कटेगा। कन्फर्म होने पर उस ट्रक का नंबर नोट कर लिया जाता है। फिर उस नंबर प्लेट का क्लोन तैयार किया जाता है। यानी फर्जी नंबर प्लेट बनाकर रख लेते हैं। इन्हें पता होता है कि इस नंबर के ट्रक में सामान दो दिन बाद भरना है या यह ट्रक कुछ दिनों बाद निकलेगा। उस समय फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अपने वाहन को रवाना कर देते हैं। जिससे रास्ते में आने वाले किसी भी प्रकार के चालान या टोल से बच जाते हैं। इसके बाद जब वाहन ट्रैफिक नियम तोड़ता है या टोल प्लाजा से गुजरता है, तो चालान और टोल असली वाहन मालिक के नाम चला जाता है। जबकि अपराधी आराम से बिना टोल और चालान दिए हाईवे पर वाहन दौड़ाता रहता है। यह समस्या खासतौर पर उन जगहों पर ज्यादा आती है, जहां ई-चालान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम का उपयोग हो रहा है। जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे, जयपुर-दिल्ली हाईवे। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सबसे ज्यादा चालान लेन सिस्टम के होते हैं, जो ई-चालान होते हैं। यानी कोई ट्रक लेन तोड़ रहा है तो उसे रुकवाया नहीं जाता, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरों से तस्वीर खिंचती है और चालान उन नंबरों पर रजिस्टर्ड मोबाइल पर भेज दिया जाता है। इसी तरह फास्टैग ज्यादातर वाहन के नंबर पर ही रजिस्टर्ड होते हैं। हाईवे के टोल प्लाजा पर वाहनों के नंबरों को ही स्कैन किया जाता है, जिससे टोल असली मालिक का कटता है। पुलिस भी पता लगाने में जुटी आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश ने बताया कि सड़क सुरक्षा के संबंध में जयपुर रेंज कार्यालय में ट्रक ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट यूनियन की एक मीटिंग हुई थी। इस दौरान यह बिंदु सामने आया था कि हमारे बहुत सारे ऐसे ट्रक-ट्रोले का टोल दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस हाईवे या दिल्ली मुंबई हाईवे पर कट जा रहा है, जबकि हमारी गाड़ी उस लोकेशन पर नहीं है। ऑपरेटरों का कहना था कि उनकी गाड़ी के नंबर प्लेट लगा कर टोल या चालान हो रहे हैं। ये लोग हमारी गाड़ियों के नंबर प्लेट यूज कर रहे हैं। राहुल प्रकाश ने बताया अब तक इस तरह की धोखाधड़ी में गैंग को लेकर तो कोई क्लेरिटी नहीं है। लेकिन ऐसा बार-बार होना बताया जा रहा है। कहीं न कहीं लोगों को पता है कि इस प्रकार से नंबर प्लेट बदलें तो टोल उससे लिंक मोबाइल से कट जाएगा। अगर नंबर प्लेट के साथ फास्टैग को नहीं देखा जाए तो। हमारे स्तर हमने परिहन विभाग को एक पत्र लिखा है। जांच के बाद सभी जिला एसपी को इस विषय को लेकर कार्रवाई के आदेश दिए जाएंगे। ब्लैक लिस्ट हो जाती है गाड़ी, मजबूरी में जमा कराना होता है चालान पुलिस या परिवहन विभाग के अधिकारी कितने भी चालान पर गाड़ी को ब्लैक लिस्ट कर सकते हैं। इसे लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। अधिकारी चाहें तो केवल पहले ओवर स्पीड चालन पर भी ब्लैक लिस्ट कर सकता है। ऐसे में असली वाहन मालिकों को इस बात का डर रहता है कि कहीं उनका ट्रक-ट्रेलर ब्लैक लिस्ट नहीं हो जाए। इससे बचने के लिए बिना गलती के बावजूद उन्हें चालान भरना पड़ता है। सरकार यह करे तो हो सकता है समाधान ट्रांसपोर्ट संगठन राजस्थान के अध्यक्ष मुकेश बड़बड़वाल ने बताया टोल पर टोल काटने के दौरान और चालान के दौरान फास्टैग और गाड़ी नंबर को मैच किया जाना चाहिए, जिससे ऐसी धांधली को रोका जा सकता है। ऐसा करने से अगर कोई फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चला भी रहा है तो उसे पकड़ा भी जा सकेगा। वहीं, ट्रक मालिक को चालान के बाद सुनवाई का समय दिया जाना चाहिए, ताकि एविडेंस देकर ऐसे जुर्माने को हटाया जा सके। इससे बेगुनाहों को राहत मिल सकेगी। बिना हाई सिक्योरिटी प्लेट में ही ऐसी परेशानी- एक्सपर्ट विरेन्द्र सिंह राठौड़ (आरटीओ सड़क सुरक्षा) ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति आपकी गाड़ी का नंबर लेकर खुद की गाड़ी में गलत उपयोग कर रहा है तो आप को सबसे पहले उस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जरूरी की हुई है। अगर किसी ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई तो उस पर पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर कार्रवाई करें। ये शिकायत कई बार सामने आती है। अधिकांश गड़बड़ी उन वाहनों में होती है जिनमें हाई सिक्योरिटी प्लेट नहीं होती।
ग्वालियर की डबरा पुलिस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। 27 अप्रैल को मुरैना जिले के बानमोर से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 3 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। आरोपी उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। आरोपी बावरिया समुदाय से जुड़े हैं। ‘बावरिया’ कोई गैंग नहीं, बल्कि एक समुदाय का नाम है, जिसकी छवि अपराधों के कारण खराब हुई है। आरोपी बावरिया गैंग से जुड़े हैं। दरअसल, 'बावरिया' कोई गैंग नहीं एक समुदाय का नाम है। ये समुदाय राजपूत वंश से ताल्लुक रखता है। लेकिन, इनके कंपा देने वाली अपराध करने की प्रवृत्ति ने अनूसचित जाति की कैटेगरी में डाल दिया गया। दैनिक भास्कर ने डबरा थाने के एसआई से बात कर गिरोह के बारे में जाना। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस स्टोरी के दो पार्ट हैं। पहले पार्ट में आप पढ़ेंगे डबरा में एक ई-रिक्शा में हुई चोरी के बारे में। जिसके खुलासे ने पुलिस को कुख्यात गिरोह तक पहुंचा दिया। दूसरे में गैंग की पूरी कहानी बताएंगे। पार्ट-1: ई-रिक्शा में चोरी से खुला मामला 24 अप्रैल 2026 की शाम करीब साढ़े चार बजे, डबरा थाने में सब-इंस्पेक्टर संजय शर्मा गश्त से लौटे ही थे कि राधा कोरी नाम की महिला रोते हुए पहुंची। पानी पिलाने के बाद उसने बताया कि वह ई-रिक्शा से अपने मायके जा रही थी। रिक्शा में पहले से बैठी दो महिलाओं ने उससे बातचीत शुरू की। स्टॉप पर उतरने के बाद जब उसने बैग चेक किया, तो उसमें रखी चांदी की करधोनी और 2 हजार रुपए गायब थे। पुलिस ने तुरंत टीम सक्रिय की। कुछ देर बाद सूचना मिली कि संदिग्ध महिलाएं पिछोर चौराहे पर हैं। करीब एक घंटे में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम पूनम आदिवासी और शांति आदिवासी, निवासी मुरैना बताए। उनके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ। बानमोर में मिला गिरोह का ठिकाना शुरुआत में दोनों टालमटोल करती रहीं, लेकिन लेडी कॉन्स्टेबल की सख्ती के बाद उन्होंने गिरोह के बारे में जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि वे बावरिया गिरोह की सदस्य हैं। उनका ठिकाना मुरैना के बानमोर में है, जहां गिरोह के अन्य सदस्य रहते हैं। इसके बाद एसआई ने एसपी धर्मवीर सिंह यादव को जानकारी दी। निर्देश मिलने पर पुलिस टीम बानमोर पहुंची और 27 अप्रैल की रात 9 और सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें 3 पुरुष और 6 महिलाएं थीं। जांच में सामने आया कि गिरोह के तार मध्यप्रदेश के कई जिलों और राजस्थान से जुड़े हैं। कॉल डिटेल और लोकेशन से भी पुष्टि हुई कि वारदात के समय गिरोह के सदस्य आसपास मौजूद रहते थे। पुरुष और महिलाओं के अलग-अलग लीडर पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य आपस में रिश्तेदार होते हैं, जिससे भरोसा बना रहता है। पुरुष और महिलाओं के अलग-अलग लीडर हैं। पुरुष गिरोह का नेतृत्व वकीला उर्फ सोनू आदिवासी करता है, जिसने बानमोर में सभी के रहने की व्यवस्था की है। महिला गिरोह की लीडर शांतिदेवी, निवासी आगरा है। गिरोह छोटे-छोटे समूहों में बंटकर काम करता है। महिलाएं रेकी और चोरी करती हैं, जबकि पुरुष भागने में मदद करते हैं। रिश्तेदार होने से आपसी विवाद कम होते हैं गिरोह में पति-पत्नी, भाई-भाभी, बहू, मौसी और भतीजे-भतीजी शामिल हैं। रिश्तेदार होने से आपसी विवाद कम होते हैं और सदस्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रह सकते हैं। पुलिस के अनुसार, ग्वालियर जिले में ई-रिक्शा में हो रही चोरियों के पीछे यही गिरोह था। पार्ट-2: देशभर में वारदात, हत्या और डकैती यह गिरोह उत्तरप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान से लेकर तमिलनाडु तक सक्रिय है। ये अजीब आवाजें निकालकर या दरवाजा तोड़कर घर में घुसते हैं और कीमती सामान लूट लेते हैं। विरोध करने पर हत्या भी कर देते हैं। 7 जून 1995 को तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक मामले में गिरोह ने 50 हजार रुपए के जेवर और नकदी लूटकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। जनगणना में बावरिया समुदाय को हंटिंग कम्युनिटी बताया साल 1881 में भारत की जनगणना में बावरिया समुदाय को हंटिंग कम्युनिटी बताया गया है। जंगली जानवरों का फंदे से शिकार करने के इनके तरीके को देखकर इन्हें इस श्रेणी में रखा गया। लेखक बी दत्त अपनी किताब 'लाइवलीहुड स्ट्रटेजीज ऑफ ए नोमेडिक हंटिंग कम्युनिटी ऑफ ईस्टर्न राजस्थान' में लिखते हैं कि ब्रिटिश काल में 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट में 200 से ज्यादा समुदायों को अपराधी घोषित किया गया, जिनमें बावरिया समुदाय भी एक है। राजपूत वंश से निकले अनुसूचित जाति के हो गए किताब में यह भी लिखा गया कि इन समुदायों के साथ यह कलंक तब से जुड़ा है, जब इनको अपराधी करार दिया गया। इसके बाद इन्हें अनुसूचित जाति की श्रेणी में डाल दिया गया। राजपूत वंश से निकली इस जाति की आबादी 2021 में 2.35 लाख थी। इनकी उत्पत्ति हरियाणा और राजस्थान से हुई है। बकरे से तय होता है, अपराध करें या न करें गिरोह के सदस्य वारदात से पहले कुलदेवी की पूजा करते हैं। बकरे के व्यवहार से तय किया जाता है कि वारदात करनी है या नहीं। अगर बकरा देवी की ओर बढ़ता है तो इसे शुभ माना जाता है, अन्यथा वे योजना टाल देते हैं। ये खबर भी पढ़ें… सड़क के गड्ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी यदि आप ग्वालियर में स्टेशन या रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास से ई-रिक्शा (टमटम) में सवार हो रहे हैं। आगे रास्ता खराब है और आपके बैग में गहने या नकदी है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर…
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल शहर में फटे हुए तिरंगे झंडे का मामला एक बार फिर सामने आया है। कुछ दिन पहले महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका में फटा हुआ तिरंगा झंडा लहराने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुराना झंडा उतरवाकर नया तिरंगा लगवाया था। अब शहर के सिंघाना रोड स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की छत पर फटा हुआ तिरंगा लहराने का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो मांदी के भालेंद्र यादव नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर सांझा किया है। वीडियो में बैंक भवन की छत पर लगा राष्ट्रीय ध्वज स्पष्ट रूप से फटा हुआ दिखाई दे रहा है। तिरंगे का अपमान भालेंद्र ने वीडियो के माध्यम से इसे तिरंगे का अपमान बताते हुए बैंक प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान और शान का प्रतीक है, ऐसे में इस प्रकार फटे हुए तिरंगे का सार्वजनिक स्थान पर लगे रहना गंभीर लापरवाही है। प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से फटे हुए तिरंगे को हटाकर नया झंडा लगाया जाए, ताकि राष्ट्रीय सम्मान बना रहे। वहीं इस फटे हुए तिरंगे को भी सम्मानपूर्वक उतारा जाना चाहिए। लगातार दूसरी बार शहर में फटे तिरंगे की घटना सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
झज्जर जिले के बादली हलके से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ ने हरियाणा के लोकप्रिय लोक कलाकार, गायक एवं अभिनेता मासूम शर्मा की फिल्म की तारीफ की। एक दिन पहले ओपी धनखड़ ने मासूम शर्मा के साथ बैठकर फिल्म देखी और उन्हें फिल्म के लिए शुभकामनाएं दी। प्रीमियर के दौरान ओपी धनखड़ ने कहा कि मासूम शर्मा ने अपनी आवाज, कला और मेहनत के दम पर हरियाणा की मिट्टी की खुशबू को देशभर में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणवी संगीत और सिनेमा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिसमें मासूम शर्मा जैसे कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। हरियाणा के युवाओं के लिए नई प्रेरणा प्रस्तुत उन्होंने कहा कि मासूम शर्मा ने लोक संस्कृति को आधुनिक मंच पर पहुंचाकर हरियाणा के युवाओं के लिए नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। उनकी मेहनत, प्रतिभा और लगन लगातार उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है ओपी धनखड़ ने फिल्म ‘लाइसेंस’ के शानदार प्रीमियर पर मासूम शर्मा को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आएगी और हरियाणवी सिनेमा जगत में नया रिकॉर्ड स्थापित करेगी। कलाकार अब केवल प्रदेश तक सीमित नहीं पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा के कलाकार अब केवल प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री का लगातार विस्तार होना प्रदेश की संस्कृति, भाषा और कला के लिए गर्व का विषय है। प्रीमियर के दौरान फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी मूवी कार्यक्रम में पहुंचे प्रशंसकों ने मासूम शर्मा के साथ फोटो खिंचवाईं और फिल्म को लेकर उत्साह जताया। पूरे कार्यक्रम में फिल्म को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिला। गौरतलब है कि लाइसेंस इन दिनों हरियाणवी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और फिल्म को लेकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
हरियाणा के मानेसर में मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार समस्तीपुर निवासी मोहम्मद शाहिद (23) को जेल से रिहा कराने का आश्वासन भाकपा माले ने दिया है। पार्टी की एक टीम ने समस्तीपुर के मोहनपुर स्थित उनके घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और कानूनी मदद का भरोसा दिलाया। खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान के नेतृत्व में भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह और खेग्रामस के जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय ने मोहनपुर, वार्ड 39 के ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत की। टीम ने दिल्ली में खेग्रामस-माले-ऐक्टू की टीम ने शाहिद की रिहाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मोहम्मद शाहिद को 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। शाहिद का परिवार गरीब है, और दिल्ली में मजदूर संगठन की अधिवक्ता रुचि तिवारी को उनकी कानूनी सहायता के लिए नियुक्त किया गया है। आंदोलन पर पुलिस ने कार्रवाई की थी नेताओं ने बताया कि मानेसर में एक निजी कंपनी ने 12 घंटे ओवरटाइम काम कराने और तय मजदूरी से कम भुगतान के विरोध में हाल ही में एक आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन पर पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें दर्जनों मजदूरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मोहम्मद शाहिद भी इन्हीं गिरफ्तार मजदूरों में से एक हैं। मोहनपुर के ग्रामीणों, जिनमें उपेंद्र कुशवाहा, मो० नूर और शाजिया खातून शामिल थे, ने बताया कि मोहम्मद शाहिद बड़ी बहन की शादी और मकान बनाने के उद्देश्य से मानेसर कमाने गए थे। वह स्पोर्ट्स कंपनी आईएमटी मानेसर (कंपनी कोड संख्या 407, गुरुग्राम-हरियाणा) में सिलाई का काम करते थे। ग्रामीणों ने उन्हें अच्छे स्वभाव का और किसी आपराधिक पृष्ठभूमि से रहित युवक बताया। शाहिद की गिरफ्तारी के बाद उनके वृद्ध माता-पिता, रिजवाना खातून और मोहम्मद यूसुफ, और उनकी दो बहनें और एक भाई आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शाहिद की कमाई पूरे परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन थी। टीम ने पीड़ित मजदूर के परिजनों को दिल्ली खेग्रामस-माले-ऐक्टू से पहल कराकर कानूनी एवं आर्थिक सहायता करने एवं पीड़ित मजदूर को जेल से रिहा कराकर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है ।साथ ही रिहाई के बाद मजदूर के समस्तीपुर आने पर मजदूरों के नेता मो० शाहीद को सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन, राजनीतिक संगठनों और दलों से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता करने की अपील की है।
पिकअप चोरी मामले में एक साल से फरार आरोपी गिरफ्तार:गौ तस्करी में जब्त मिली गाड़ी, हरियाणा से दबोचा
सवाई माधोपुर के सूरवाल थाना पुलिस ने पिकअप चोरी के मामले में एक साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हबीब पुत्र ईशाक निवासी मिर्जापुर थाना किशनगढ़बास जिला खैरथल तिजारा को उसके गांव से पकड़ा गया। यह मामला 15 जनवरी 2025 की रात चोरी हुई पिकअप से जुड़ा है, जो बाद में हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में गौ तस्करी में जब्त मिली थी। पुलिस ने जांच में मिले एवीडेंस के आधार पर कार्रवाई की। 15 जनवरी 2025 की रात घर के बाहर से चोरी हुई पिकअप मानटाउन थानाधिकारी बनी सिंह ने बताया कि 16 जनवरी 2025 को सफीक अली पुत्र सिददीक अली निवासी भगवतगढ़ रोड सुरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 15 जनवरी 2025 की रात करीब 03.30 बजे उसकी पिकअप नंबर RJ25GA1484 को घर के सामने से अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। हरियाणा में गौ तस्करी में जब्त मिली गाड़ी जांच के दौरान सामने आया कि चोरी हुई पिकअप हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में गौ तस्करी के मामले में जब्त की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। एवीडेंस के आधार पर आरोपी की पहचान जांच और पत्रावली में उपलब्ध एवीडेंस के आधार पर आरोपी हबीब के खिलाफ जुर्म प्रमाणित पाया गया। पुलिस ने आरोपी को कई बार जांच में शामिल होने के लिए तलब किया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। कोर्ट से वारंट के बाद गिरफ्तारी आरोपी के खिलाफ 37 पुलिस एक्ट के तहत एसीजेएम कोर्ट जिला सवाई माधोपुर से आदेश प्राप्त कर उसकी तलाश की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव मिर्जापुर थाना किशनगढ़बास जिला खैरथल तिजारा से गिरफ्तार कर लिया।
भिवानी के गांव झांझड़ा श्योराण के अंतर्राष्ट्रीय वेटलिफ्टर संदीप कुमार कड़वासरा का चयन ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में आयोजित होने वाली UMWF वर्ल्ड कप मास्टर्स वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए हुआ है। यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 9 जून से 14 जून 2026 तक एडिलेड में आयोजित होगी। संदीप 65 किलोग्राम पुरुष भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हरियाणा से तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है। भारतीय टीम में 19 खिलाड़ी, हरियाणा से तीन का चयन भारतीय टीम में कुल 19 महिला एवं पुरुष खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। हरियाणा से तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें संदीप कड़वासरा (65 Kg, भिवानी), ब्रह्मजीत (75 Kg, महम) तथा ज्योति प्रकाश (110+ Kg, हिसार) शामिल हैं। इसके अलावा 110 Kg पुरुष वर्ग में सूबेदार इकबाल सिंह आर्मी टीम के कोच के रूप में टीम के साथ रहेंगे। टीम में पंजाब से संतोष कुमारी, राजेश बत्रा, राजविंदर सिंह सहित अन्य खिलाड़ी भी शामिल हैं। 7 जून को दिल्ली से रवाना होगी टीम सभी खिलाड़ी 7 जून को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से टीम कोच संतोष कुमार (पंजाब) के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे। जर्मनी में जीत चुके हैं स्वर्ण, कई देशों में रोशन किया नाम संदीप कड़वासरा इससे पहले जर्मनी में आयोजित ओपन मास्टर्स वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने थाईलैंड, किर्गिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका, कजाकिस्तान और बहरीन सहित कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दर्जनों पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। लोहारू क्षेत्र में संदीप एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। पूर्व मंत्री एवं नारनौल से विधायक ओम प्रकाश यादव सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
चूरू में जिला स्पेशल टीम (DST) और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एनएच-52 पर नाकाबंदी के दौरान करीब 5 लाख रुपए की अफीम के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 1 किलो 558 ग्राम अवैध अफीम बरामद करने के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल कार भी जब्त की है। दोनों आरोपी अफीम को चित्तौड़गढ़ से हरियाणा ले जा रहे थे। नाकाबंदी में फंसी संदिग्ध कार कोतवाली थाना के एसआई फरमान खान ने बताया कि यह कार्रवाई एसपी निश्चय प्रसाद के एरिया डॉमिनेशन अभियान के तहत की गई। शनिवार को थानाधिकारी सुखराम चोटिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-52 राजगढ़ रोड स्थित झंकार होटल के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार पुलिस को देखकर थोड़ी दूरी पर रुक गई, जिससे टीम को शक हुआ। तलाशी में खुला बड़ा राज पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में सवार दोनों व्यक्ति घबराए हुए नजर आए। जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उनके पास से 1 किलो 558 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई है। हरियाणा के दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने हरियाणा के जाखल निवासी कृष्ण कुमार (48) और रामलाल (42) को मौके से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही हरियाणा नंबर की कार को भी जब्त कर लिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। चित्तौड़गढ़ से हरियाणा जा रही थी खेप प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अफीम की खेप चित्तौड़गढ़ से हरियाणा लेकर जा रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। टीम की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली थाना के कांस्टेबल विकास कुमार और डीएसटी टीम के पुष्पेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही। मामले की आगे की जांच सदर थाना प्रभारी मोटाराम को सौंपी गई है।
पंजाब के अमृतसर से आए व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर हरियाणा में व्यापार विस्तार को लेकर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर की प्रसिद्ध मजीठ मंडी के सूखे मेवे के थोक व्यापार को सोनीपत जिले में विस्तार देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए स्वीकृति पत्र भी जारी किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और प्रदेश में निवेश करने वाले व्यापारियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाना है। सीएम सैनी बोले- हरियाणा में स्वागत, हर सुविधा मिलेगी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अमृतसर से आए सभी व्यापारियों का हरियाणा में स्वागत है और सरकार हर कदम पर व्यापारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आसानी से अपना कारोबार बढ़ा सकें। दिल्ली के व्यापारी भी आएंगे उन्होंने यह भी बताया कि केवल अमृतसर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की प्रमुख थोक बाजार खारी बावली और भगीरथ पैलेस के व्यापार को भी सोनीपत के राई क्षेत्र में विस्तार देने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। इससे हरियाणा में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में व्यापारिक माहौल को और बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार नई नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है, ताकि देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारी हरियाणा को अपने कारोबार के लिए पसंदीदा स्थान बना सकें।
गुरुग्राम में सिलोखरा स्थित चर्चित धीरेंद्र शास्त्री के 'अपर्णा आश्रम' की जमीन और बाबा के नाम का सहारा लेकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निवेशकों को फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं का झांसा देकर और जाली दस्तावेजों के आधार पर भारी निवेश कराया था। आरोपियों की पहचान अशोक चौधरी (उम्र-60 वर्ष) निवासी गौतम नगर, दिल्ली व चंद्रकांत चौधरी (उम्र-40 वर्ष) निवासी बृज विहार जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई है। आर्थिक अपराध शाखा-2 ने इन्हें नोएडा से अरेस्ट किया है। 15 अप्रैल को पीड़ित ने एक लिखित शिकायत देकर पुलिस को बताया था कि सीकेसी इंफ्रा कंपनी के डायरेक्टर अशोक चौधरी व चंद्रकांत चौधरी तथा इनके अन्य साथियों द्वारा अपर्णा आश्रम व वैशाली में कथित रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर झूठे दस्तावेज व सेलिंग राइट्स के झूठे आश्वासन देकर उसे विश्वास में लिया। उनसे अलग-अलग समय पर निवेश कराया गया। भुगतान के बावजूद न तो कोई वैध एग्रीमेंट किया गया, न परियोजना पर कोई कार्य शुरू किया गया और न ही समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए गए। बाद में शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि अपर्णा आश्रम की संबंधित भूमि विवादित है तथा हरियाणा सरकार कब्जे में है। विवादित भूमि को साफ बताकर ठगी कीपुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी सीकेसी इंफ्रा कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता को झांसा दिया तथा उससे निवेश के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त किए। आरोपियों द्वारा अपर्णा आश्रम की जमीन पर परियोजना के नाम पर लगभग 01 करोड़ रुपये तथा वैशाली (नोएडा) स्थित परियोजना में निवेश के नाम पर लगभग 04 करोड़ 50 लाख रुपये प्राप्त किए गए। उक्त राशि में से लगभग 01 करोड़ रुपये सीकेसी इंफ्रा कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए, जिसे बाद में आरोपियों द्वारा आपस में बांट लिया गया। आरोपियों ने इस राशि प्राप्त कर न तो समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए और न ही कोई वैध कार्यवाही की, बल्कि शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। फर्जी दस्तावेज और गुमराह करने की साजिशपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने निवेशकों को फंसाने के लिए बाकायदा फर्जी एग्रीमेंट और सरकारी विभागों के कूटरचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए थे। उन्होंने यह जानते हुए भी कि जमीन कानूनी विवादों में फंसी है और उस पर किसी भी प्रकार का निर्माण या बिक्री प्रतिबंधित है, शिकायतकर्ता को गुमराह किया। आरोपियों ने झूठे वादे किए कि इस परियोजना में निवेश करने से कुछ ही समय में करोड़ों का मुनाफा होगा। सावधान रहने की अपीलपुलिस पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों की जांच 'हरेरा' (HRERA) या संबंधित सरकारी कार्यालयों से जरूर कर लें। किसी भी धार्मिक नाम या बड़े चेहरे का इस्तेमाल करने वाले विज्ञापनों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई निवेश न करें। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि इस घोटाले की पूरी चेन और ठगी गई रकम की बरामदगी की जा सके।
सीएम सैनी ने हरियाणा को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की योजना की रूपरेखा पेश की
हरियाणा सरकार राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है
“मैं नोएडा सेक्टर-62 की रहने वाली संगीता से करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। संगीता ने मुझे कई बार अलग-अलग जगहों पर ऑर्केस्ट्रा में काम के लिए बुलाया। हर बार उसने तय मेहनताना भी दिया। हाल ही में उसने मुझे बिहार के बेगूसराय के नावकोठी में एक प्रोग्राम में डांस के लिए बुलाया था। मैं आई थी, लेकिन कुछ पैसे बकाया रह गए थे। मैंने बकाए पैसे की मांग की तो संगीता के साथ रहने वाले अमरजीत ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और जबरन देह व्यापार कराने की कोशिश की।” ये बातें हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली सोनल चौहान (काल्पनिक नाम) ने बेगूसराय पुलिस से कही। देश के अलग-अलग शहरों से लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा के नाम पर बेगूसराय बुलाकर जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। सोनल ने संगीता और ऑर्केस्ट्रा चलाने वाले अमरजीत के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अमरजीत और संगीता को गिरफ्तार किया है। साथ ही किराए के मकान से 6 लड़कियों को रेस्क्यू भी किया है। बेगूसराय का रहने वाला ऑर्केस्ट्रा संचालक कौन है? पुलिस को ऑर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार की सूचना किसने दी थी? रेस्क्यू की गई लड़कियों ने अपनी आपबीती में क्या बताया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले सोनल चौहान की 3 तस्वीरें देखिए…. अब जानिए सोनल ने बेगूसराय पुलिस को क्या बताया? 25 साल की सोनल ने बेगूसराय पुलिस को बताया, “हरियाणा के सोनीपत में मेरा पूरा परिवार रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए मुझे काम करना पड़ता है। शुरुआत में मैं इधर-उधर छोटे-मोटे काम करती थी। सोशल मीडिया के जरिए मेरी मुलाकात संगीता से हुई। मैंने उसे अपनी कहानी और परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया। संगीता ने मुझसे पूछा कि क्या तुम डांस कर सकती हो। मैंने कहा- हां। जब मैंने डांस के लिए हामी भरी, तो संगीता ने कहा कि उसके कुछ दोस्त और जानने वाले हैं, जो ऑर्केस्ट्रा चलाते हैं। इसके बाद उसने मुझे कई बार ऑर्केस्ट्रा में डांस के लिए भेजा। हर प्रोग्राम के खत्म होने के बाद मुझे पेमेंट मिल जाता था।” सोनल चौहान ने बताया, “कुछ महीने पहले संगीता ने मुझे बिहार के बेगूसराय के रहने वाले अमरजीत के बारे में बताया। उसने कहा, ‘वह मेरा दोस्त है और ऑर्केस्ट्रा चलाता है। अगर तुम तैयार हो, तो मैं तुम्हारे बारे में उससे बात करती हूं। वहां पैसे अच्छे मिल जाएंगे। मैंने संगीता से कहा कि मैं तैयार हूं। कुछ दिन पहले मुझे संगीता का कॉल आया। उसने कहा कि एक शादी का फंक्शन है, जहां डांस करना है और मुझे बेगूसराय आना होगा। 20 अप्रैल को मैं बेगूसराय के एक मुंडन फंक्शन में गई, जहां मैंने डांस किया। प्रोग्राम खत्म होने के बाद मैंने पेमेंट की बात कही। इसके बाद संगीता ने मेरी मुलाकात अमरजीत से कराई। फिर पेमेंट देने के बहाने मुझे नागदह स्थित शंकर शाह के किराए के मकान में ले जाया गया।” ज्यादा पैसे चाहिए, तो हमारी बात माननी पड़ेगी सोनल ने बताया, “जब मैं किराए के मकान में पहुंची, तो अमरजीत ने मुझसे कहा कि अगर ज्यादा पैसे चाहिए, तो तुम्हें वह सब करना पड़ेगा जो हम चाहते हैं। यह सुनकर मैं चौंक गई और उसके इरादे समझ गई। फिर भी मैंने पूछा कि आखिर करना क्या है। इसके बाद मुझे एक दूसरे कमरे में ले जाया गया, जहां पहले से चार-पांच लड़कियां मौजूद थीं। अमरजीत और संगीता ने मुझे उन लड़कियों के साथ बैठने को कहा और कुछ देर के लिए बाहर चले गए। इस दौरान मैंने वहां मौजूद लड़कियों से बात की। उन्होंने बताया कि अमरजीत और संगीता उनसे जबरन देह व्यापार करा रहे हैं। यह सुनकर मुझे एहसास हुआ कि मैं फंस चुकी हूं। मैं किसी तरह वहां से निकलकर हरियाणा लौटने का प्लान बना ही रही थी कि तभी अमरजीत और संगीता वापस आ गए।” देहव्यापार के विरोध पर अमरजीत ने दुष्कर्म की कोशिश की कमरे में संगीता और अमरजीत ने मुझसे पूछा कि तुम्हें पता चल गया होगा कि ज्यादा पैसे के लिए तुम्हें क्या करना होगा। मैंने दोनों को बताया कि मुझे पता चल गया है, लेकिन पैसे के लिए मैं कुछ भी नहीं करूंगी, खासकर वो जो आप लोग मझसे चाहते हैं। सोनल के मुताबिक, जब मैंने देहव्यापार के लिए साफ इनकार कर दिया तो अमरजीत ने रेप की कोशिश की। मैंने पूरी ताकत से अमरजीत का विरोध किया। इस दौरान संगीता और अन्य लड़कियां चुपचाप सबकुछ देखती रही। अमरजीत और संगीता के जाने के बाद मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि इन दोनों के चंगुल से मैं कैसे बाहर निकलूं। मैं काफी देर तक रोती, चीखती और चिल्लाती रही, लेकिन न किसी ने मेरी आवाज सुनी, न किसी ने कोई मदद की। डायल 112 पर फोन पर पुलिस को दी घटना की जानकारी सोनल ने बताया कि मेरे बैग में एक कीपैड मोबाइल था। मैंने तुरंत डायल 112 को कॉल किया। पुलिस को मैंने सारी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मुझसे कहा कि आप चिंता मत कीजिए, हम आपको सुरक्षित निकाल लेंगे। मेरे कॉल करने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने उस मकान पर पहुंचकर छापेमारी की, जहां मुझे रखा गया था। सोनल ने बताया कि पुलिस ने मेरे साथ-साथ अंदर मौजूद पांच अन्य लड़कियों का रेस्क्यू किया और वीरपुर के बड़हरा गांव के रहने वाले अमरजीत और उसकी दोस्त संगीता को गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में सोनल के अलावा रेस्क्यू की गई लड़कियों ने पुलिस को बताया कि जबरन देहव्यापार कराया जा रहा था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। मजबूरी में हम लोग ऑर्केस्ट्रा के साथ-साथ गलत काम कर रहे थे। संगठित गिरोह की जांच कर रही पुलिस मामले की जानकारी और लड़कियों का रेस्क्यू करने वाली लोहियानगर थाना की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या यह संगठित गिरोह का हिस्सा है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पानीपत में कारोबारी बाप-बेटे ने किया मां-नाबालिग बेटी से गैंगरेप:शादी करने से मना करने पर उठा ले गए,12 दिन बंधक बनाए रखा; पिता पर भी FIR हरियाणा के पानीपत में रिश्तों को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की ने अपने पिता, उसके साथी कारोबारी बाप-बेटे सहित सात लोगों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। (पूरी खबर पढ़ें)
झुंझुनूं जेल में ड्रग सप्लाई करने वाला गिरफ्तार:बैग में छिपाकर लाया था चरस; हरियाणा से पकड़ा
जिला जेल में बंदियों तक नशा पहुंचाने के मंसूबों पर जेल कर्मियों की सतर्कता के कारण पानी फिर गया। हरियाणा से आकर जेल में बंद एक कैदी को चरस की सप्लाई देने पहुंचे शातिर युवक रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से बैग की सिलाई के भीतर नशीला पदार्थ छिपाया था, जिसे जेल सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता ने पकड़ लिया। जेल कर्मियों को दिया था बैग मामला 1 अप्रैल 2026 को उस वक्त सामने आया, जब हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला रोहित, झुंझुनूं जिला कारागृह में बंद कैदी विकास पुत्र ओमवीर से मिलने पहुंचा। मुलाकात के बाद रोहित ने विकास को देने के लिए एक बैग जेल कर्मियों को सौंपा। 14 ग्राम चरस मिला जेल प्रशासन को संदेह होने पर जब बैग की गहन तलाशी ली गई, तो सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए। बैग की अंदरूनी सिलाई के बीच काले रंग का पदार्थ छिपाया गया था, जो जांच में 14 ग्राम चरस पाया गया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यवाहक अधीक्षक गंगाराम की रिपोर्ट पर मादक पदार्थ जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। छापेमारी और गिरफ्तारी घटना के बाद से ही आरोपी रोहित फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थानाधिकारी मांगीलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और लगातार तकनीकी निगरानी रखी। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आज 23 अप्रैल 2026 को आरोपी के पैतृक गांव सेहर (भिवानी, हरियाणा) में घेराबंदी की।पुलिस ने आरोपी रोहित को दस्तयाब कर गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

