ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक महिला ने अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ आत्महत्या करने का प्रयास किया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से महिला और बच्चे की जान बचा ली गई। RPF की टीम स्टेशन यार्ड में गश्त कर रही थी, तभी उन्होंने एक महिला को अपने छोटे बच्चे के साथ रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा। महिला के असामान्य व्यवहार को देखते हुए RPF कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर महिला व बच्चे को ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से परेशान थी महिला पूछताछ में महिला ने बताया, कि वह बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सम्राटल रोड की निवासी है। उसने बताया कि वह लंबे समय से ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक प्रताड़ना से परेशान थी। इसी तनाव में उसने अपने मोबाइल से परिजनों को एक सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें लिखा था, मेरी सास नागिन है। इसके बाद वह अपने बेटे को लेकर आत्महत्या करने रेलवे स्टेशन पहुंची थी। महिला के परिजनों ने बताया कि सुसाइड नोट मिलने के बाद वे घबरा गए और उसकी तलाश शुरू कर दी थी। सूचना मिलने पर महिला के भाई और पति भी रेलवे स्टेशन पहुंचे। RPF अधिकारियों ने महिला और उसके परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद महिला को बच्चे सहित सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। RPF अधिकारियों ने बताया कि महिला ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ससुराल पक्ष को भी चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने महिला को जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
बदायूं। उझानी कस्बे के दिल्ली रोड पर स्थित एक मैंथा फैक्ट्री में रात के समय तीन सिक्योरिटी गार्ड संदिग्ध हालात में अचेत पाए गए। पुलिस के मुताबिक, गार्ड फैक्ट्री परिसर में बने कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे थे, इसी दौरान दम घुटने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। तीन गार्ड फैक्ट्री में ही अचेत अवस्था में मिले। जिनकी पहचान जुगेंद्र पुत्र रामबहादुर, ग्राम बसावनपुर, थाना मुजरिया और भानु पुत्र श्रीपाल, ग्राम मुड़सैना, थाना मूसाझाग विवेक यादव, निवासी पंसई शेखुपुर के रूप में हुई है। तीनों बेहोश हो गए। परिजन और पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री मालिक को बुलाने की मांग की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एसएसपी ने बताया कि परिजनों को समझाया जा रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। यह मैंथा फैक्ट्री पहले भी आग की घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। फिलहाल जांच जारी है और फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
धौलपुर में आज 3 घंटे बिजली बंद:220 केवी हिन्डौन जीएसएस पर मरम्मत के चलते रहे कटौती
धौलपुर जिले में आज मंगलवार को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती 220 केवी जीएसएस हिन्डौन पर मरम्मत और रखरखाव कार्य के कारण की जाएगी।सहायक अभियंता 132 केवी जीएसएस बसेड़ी, राकेश कुमार मीना ने बताया कि 13 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में 132 केवी जीएसएस बसेड़ी से निकलने वाले 33 केवी फीडर कंचनपुर और नादनपुर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 132 केवी जीएसएस बाड़ी से निकलने वाले 33 केवी फीडर कंचनपुर, रामसागर, मत्सुरा और सेवरपाली भी प्रभावित होंगे।इसी प्रकार, 132 केवी जीएसएस सरमथुरा से निकलने वाले 33 केवी फीडर बरौली, बड़ागांव और झिरी तथा इनसे जुड़े सभी गांवों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) की शुरुआत 15 जनवरी से होटल क्लार्क्स आमेर में होने वाली है। फेस्टिवल प्रोड्यूसर संजॉय के.रॉय ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फेस्टिवल की पूरी रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि युद्ध, टैरिफ वॉर, सत्ता परिवर्तन, ऊर्जा संकट और वैश्विक तनावों के बीच आज का युवा एक अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। इसे समझने के लिए किताबों के साथ-साथ विचारों की जरूरत है। 19 साल की यात्रा पूरी कर चुका जेएलएफ अब सिर्फ एक साहित्यिक उत्सव नहीं, बल्कि बदलती दुनिया को समझने का वैश्विक मंच बन चुका है। यहां दुनिया भर के मुद्दों पर चर्चा होगी, और ऐसे लेखक शामिल होंगे जिन्हें सुनना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। युवाओं के लिए खास सेशन और लेखकसंजॉय रॉय ने बताया कि युवाओं को टिम बर्नर ली का सेशन जरूर सुनना चाहिए, क्योंकि वे पहली बार आ रहे हैं और शायद आगे कभी न आएं। मैथेमेटिक्स प्रोफेसर मार्कस डू साउती की किताब 'ब्लू प्रिंट' पर सेशन बेहद खास है। साइंस, टेक्नोलॉजी और इकोनॉमिक्स के सेशन भी युवाओं के लिए उपयोगी हैं। अंतरराष्ट्रीय लेखकों की सूची में हिस्ट्री पर किम घटास, प्रोफेसर जोजफिन क्विन, पंपेई पर किताब लिखने वाले रूबिन शामिल हैं। इसके अलावा अमीश त्रिपाठी, अश्विन सांघी जैसे भारतीय लेखक, क्राइम फिक्शन के कई राइटर और पुराने जमाने की एक्ट्रेस जीनत अमान भी आ रही हैं। यहां ढेर सारे सेशन होंगे जो युवाओं को प्रेरित करेंगे। जेएलएफ को आपने ब्रांड बनाया, इस जर्नी के बारे में आप बताएं? संजॉय ने बताया कि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साथ हम 14-15 साल पहले जुड़े। तरुण खन्ना ने जेएलएफ पर विशेष स्टडी की। हर साल हमने ग्रोथ की और हार्वर्ड के विशेषज्ञों ने इसे देखा। हमारा एसोसिएशन आज भी जारी है। बांग्लादेश इस बार चर्चा में है, क्या वहां से भी राइटर आ रहे है? संजॉय ने कहा कि इस बार बांग्लादेश चर्चा में है, लेकिन हमारा कोई खास फोकस वाला देश नहीं है। हम हर वैश्विक संघर्ष पर बात करेंगे। दुनिया में क्या बदलाव आया है, इसे समझना जरूरी है। टैरिफ वॉर, देशों के बीच युद्ध, बॉर्डर विवाद और राष्ट्रपतियों को हटाने जैसे मुद्दे दिखाते हैं कि विश्व व्यवस्था बदल रही है। युवाओं को इसे समझना होगा, क्योंकि 10-20 साल बाद जब वे जॉब मार्केट में जाएंगे, तो असलियत सामने आएगी।अमरीकन टैरिफ को लेकर कोई सेशन है क्या?संजॉय ने कहा कि इकोनॉमिक्स पर कई सेशन हैं, जिसमें अरविंद सुब्रमण्यम, दिवेश कपूर, तरुण खन्ना और अरुण मायरा जैसे विशेषज्ञ शामिल होंगे। हम स्टेटिस्टिक्स के आधार पर भारत पर इसका असर देखेंगे,न सिर्फ आज, बल्कि भविष्य में क्या होगा। वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे देशों से तेल और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। हम हर पहलू को कवर करेंगे। म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर क्या तैयारी है, हेरिटेज नाइट कौन कर रहे हैं?संजॉय ने बताया कि हेरिटेज नाइट आमेर में होगी, जहां ग्रैमी अवॉर्ड विजेता त्रिलोक गुर्टू परफॉर्म करेंगे। वे दुनिया के मशहूर तबला वादक हैं और उनका संगीत जादुई होगा। म्यूजिक स्टेज पर हर दिन कुछ खास होगा—केरल बैंड से लेकर रघु दीक्षित प्रोजेक्ट तक। इसके अलावा ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा के नेतृत्व में कर्नाटक संगीत समूह, भोपा समुदाय की राजस्थानी लोकगायिका भंवरी देवी, नवाचारी समूह ताल फ्राई, नागालैंड की लोकधुनों वाला आओ नागा कॉयर, और कश्मीर की संगीत विरासत से प्रेरित नवाब खान व द मंत्रा बैंड शामिल होंगे। यह फेस्टिवल साहित्य, विचार और संगीत का अनोखा मेल होगा! ---- ये खबर भी पढ़ेंजेएलएफ में बांग्लादेश सहित कई-देशों के संघर्षों पर होगी चर्चा:संजॉय रॉय बोले- इस वर्ष हिंदी-राजस्थानी भाषा पर रहेगा फोकस, 15 जनवरी से होगी शुरुआत टीमवर्क आर्ट्स की ओर से जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के 19वें संस्करण की 15 जनवरी से शुरुआत होगी। होटल क्लार्क्स आमेर में सोमवार को जेएलएफ के प्रोड्यूसर संजॉय रॉय ने फेस्टिवल की जानकारी दी। (पूरी खबर पढ़ें)
बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र में दो मासूम बेटियों के साथ तालाब में कूदकर जान देने वाली आशा की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे घरेलू हिंसा की आशंका गहरा गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, आशा और उसकी दोनों बेटियों की मौत का कारण डूबना बताया गया है। हालांकि, डॉक्टरों ने आशा के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान दर्ज किए हैं। इन निशानों से यह आशंका जताई जा रही है कि तालाब में कूदने से पहले आशा के साथ मारपीट की गई थी। मृतका आशा के पिता रामचंदर ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही आशा को दहेज और बेटे की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। तीन बेटियों के जन्म के बाद यह उत्पीड़न और बढ़ गया था। रामचंदर के अनुसार, आशा को आए दिन अपमानित किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी होती थी। यह जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले चोटों के निशानों से मेल खाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी पति विष्णु कुमार गुप्ता को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में सास बसंती और ससुर पिंकी गुप्ता को भी पकड़ा गया। पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि यदि जांच में हत्या या आत्महत्या के लिए मजबूर करने के पुख्ता साक्ष्य मिलते हैं, तो आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को और सख्त किया जाएगा।
करनाल जिला के तरावड़ी नगरपालिका क्षेत्र में खादी आश्रम की जमीन पर बिना अनुमति दुकानों और शोरूम के निर्माण को नगरपालिका ने रूकवा दिया है। साथ ही निर्माण कर रहे लोगों को नोटिस देकर कागजात जमा कराने और नक्शा मंजूर होने के बाद ही आगे काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा। 10 से ज्यादा दुकानें और शोरूम पहले ही तैयार, कुछ अभी निर्माणाधीन नगरपालिका की अनुमति के बिना यहां 10 से अधिक दुकानें और शोरूम तैयार कर दिए गए थे, जबकि 4 से 5 दुकानें अभी निर्माणाधीन बताई गईं। इन शोरूम को बेचने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन जमीन पट्टे की होने के कारण दुकानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसके बावजूद लंबे समय तक मौके पर निर्माण गतिविधियां चलती रहीं। 1970 के दशक में खादी आश्रम को पट्टे पर मिली थी जमीन स्थानीय जानकारी के अनुसार 1970 के दशक में नगरपालिका ने करीब दो एकड़ जमीन खादी आश्रम के संचालन के लिए पट्टे पर दी थी। कुछ समय बाद खादी आश्रम बंद हो गया और जमीन कई वर्षों तक खाली पड़ी रही। इसके बाद इस जमीन के उपयोग को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रहीं। 2019 में भी हुआ था व्यावसायिक उपयोग का प्रयास, मामला आगे नहीं बढ़ा बताया गया है कि साल 2019 में इस जमीन को व्यावसायिक स्थल में बदलने के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन वह मामला किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ पाया। अब 2025 में एक बार फिर इसी जमीन पर दुकानों और शोरूम का निर्माण कर उसे बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। नोटिस के बाद भी चलता रहा काम, बाद में जाकर रुकवाया नगरपालिका की ओर से पहले भी निर्माण कर रहे पक्ष को नोटिस दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। मौके पर दुकानों की पंक्तियां और शोरूम के ढांचे खड़े मिले, जिससे साफ था कि काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। जेई अजय कुमार बोले, 10 लोगों को दिए नोटिस, तुरंत रुकवाया काम दुकानों की मार्केट बनने के सवाल पर जेई अजय कुमार ने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, सभी निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर दिए गए और मौके पर जाकर अवैध निर्माण रुकवाया गया। उन्होंने बताया कि नगरपालिका सचिव अजीत कुमार और एमई साहब के साथ स्थल का मुआयना किया गया, जहां एक-दो दुकानों का काम चलता मिला, जिसे तुरंत बंद कराया गया। पहले कागजात दिखाओ, फिर नक्शा अप्लाई करो: नगरपालिका जेई अजय कुमार ने कहा कि निर्माणकर्ताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पहले अपने कागजात नगरपालिका में जमा कराएं, उसके बाद नक्शा मंजूर कराएं और फिर ही किसी तरह का निर्माण शुरू करें। उन्होंने बताया कि आज कुल 10 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और नियमों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया होने दी जाएगी।
सिरसा जिले में आज मंगलवार को गुड़ियाखेड़ा माइनर अचानक टूट गई। माइनर टूटने से पानी आसपास के खेतों में आ गया। ऐसे में खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। कुछ देर बाद पानी साथ लगते गांव के मिडिल स्कूल में भी घुस गया। माइनर में करीब 20 फुट चौड़ी दरार आ गई है। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव निरबाण के पास गुड़िया खेड़ा माइनर नहर में रात से ही दरार आने से पानी रिसाव होने लगा। कुछ देर बाद माइनर में दरार ज्यादा हो गई। अल सुबह लोगों ने पानी आते देखा तो माइनर टूटने का पता चला। गांव के किसानों ने बताया कि माइनर में कई दिनों बाद कल सोमवार को ही पानी आया था और पानी आते ही यह टूट गई। किसान बोले कि माइनर टूटने से जहां एक ओर गेहूं और सरसों की फसलें जलमग्न हो गईं, वहीं जिन किसानों के खेतों की सिंचाई पानी की बारी या समय था, उनके खेत सूखे रह गए। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। फसल भी बिना सिंचाई के प्रभावित होगी। ग्रामीणों से मिली सूचना पर विभाग ने काम किया शुरू ग्रामीण बोले, माइनर का पानी राजकुमार सिंवर, लीलू कस्वां, चानन कस्वां, रोहतास जयदेव के खेतों और पंचायती भूमि में भर गया है। मिडिल स्कूल की 2-3 एकड़ खाली जमीन में भी पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग को दे दी है। विभाग द्वारा पीछे से नहर को बंद करवा कर दरार को पाटने का काम शुरू किया जाएगा। दो दिन बाद लगना है स्कूल माइनर का पानी मिडिल स्कूल में भी आ गया है। अभी स्कूल की छुट्टी है और दो दिन बाद स्कूल लगने हैं। ठंड अधिक होने व धूप न निकलने के कारण स्कूल परिसर में पानी सूख पाना मुश्किल है। ऐसे में बच्चे को स्कूल आने में दिक्कत होगी।
टीकमगढ़ में मंगलवार को लगातार चौथे दिन मौसम साफ रहा और अच्छी धूप खिली। सोमवार को भी दिनभर धूप निकलने से दिन का तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक मौसम साफ बना रहेगा। इस दौरान दिन का तापमान 24 डिग्री और रात का तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। शुक्रवार से हल्का कोहरा छा सकता है, हालांकि पूरे सप्ताह अधिकतम तापमान 24 डिग्री के आसपास ही रहेगा। मकर संक्रांति पर भी मौसम साफ रहने और दिनभर धूप खिलने का अनुमान है। इसके बाद, शनिवार से दिन और रात दोनों के तापमान में फिर से वृद्धि होगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। शनिवार से दिन का तापमान बढ़कर 26 डिग्री और रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
खेलो एमपी यूथ गेम्स का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन:वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर शो के साथ होगी शुरुआत
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े खेल आयोजन खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरुआत 13 जनवरी की शाम 6 बजे राजधानी भोपाल के बोट क्लब, बड़े तालाब पर होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर शो, भव्य आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच यूथ गेम्स का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन समारोह में गायिका शेफाली अल्वारेस और दिव्या कुमार अपनी प्रस्तुति देंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और आयोजन प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। देश में पहली बार संयुक्त समन्वय से आयोजन मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित किए जा रहे हैं। झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के इस खेल महाकुंभ की शुरुआत होगी, जहां उद्घाटन समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। चार चरणों में प्रतियोगिता, 1.50 लाख खिलाड़ी होंगे शामिल खेलो एमपी यूथ गेम्स की प्रतियोगिताएं 31 जनवरी तक चलेंगी। आयोजन चार चरणों विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर से करीब डेढ़ लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता मिलेगी। 28 से 31 जनवरी तक राज्य स्तरीय मुकाबले राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को करीब 4 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रथम पुरस्कार 31 हजार, द्वितीय 21 हजार और तृतीय 11 हजार रुपए का होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से शुरू होगी। 28 खेलों में होंगे मुकाबले खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी। बेहतर समन्वय के लिए विभाग ने खेल संघों के साथ समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की है। उद्घाटन और समापन समारोह में खेल प्रेमियों के साथ राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिन क्षेत्रों में जिस खेल की परंपरा और लोकप्रियता है, वहीं उन खेलों का आयोजन किया जाएगा। 313 विकासखंडों की सहभागिता ब्लॉक स्तर से शुरू होने वाली चयन प्रक्रिया में प्रदेश के 313 विकासखंड शामिल होंगे। राज्य स्तर पर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम और शहडोल संभागों की टीमें भाग लेंगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। अलग-अलग चरणों में खेलों का आयोजन तीन चरणों में 11 खेल- हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखंब, कुश्ती, जूडो, शतरंज और वेटलिफ्टिंग—आयोजित होंगे।चार चरणों में 10 खेल—फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकस्सी और कबड्डी—खेले जाएंगे।आर्चरी, ताइक्वांडो, क्याकिंग-कैनोइंग, रोइंग, फेंसिंग, शूटिंग और थ्रो-बॉल की प्रतियोगिताएं सीधे राज्य स्तर पर होंगी। प्रदेश भर में अलग-अलग खेल स्थल भोपाल में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, क्रिकेट (पुरुष), रोइंग, क्याकिंग-कैनोइंग, स्विमिंग, शूटिंग और हॉकी (पुरुष) होंगे। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस और टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में हॉकी (महिला) और बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखंब और योगासन, जबलपुर में खो-खो और आर्चरी, रीवा में फुटबॉल, नर्मदापुरम में शतरंज और सागर में जूडो प्रतियोगिताएं होंगी। अन्य जिलों में होने वाले खेल
सीहोर में कड़ाके की ठंड का असर जारी:मौसम विभाग ने मावठे गिरने की संभावना जताई, हल्का कोहरा भी छाया
सीहोर जिला मंगलवार को भी कड़ाके की ठंड की चपेट में रहा। सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मावठे यानी हल्की बारिश की संभावना जताई है, क्योंकि आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ रही है। नए साल के पहले महीने के दूसरे सप्ताह में ठंड ने और तीखे तेवर दिखाए हैं। उत्तर दिशा से चल रही ठंडी हवाओं के कारण जिले में पिछले डेढ़ महीने से ठंडी हवाओं का असर बना हुआ है। ठंड के कारण लोग दिनभर गर्म कपड़ों में नजर आए। हल्का कोहरा छायामंगलवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह करीब 8 बजे तक कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से सूरज देर से निकला और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी कम रही। ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार और सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार को इसमें 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और तापमान 10 डिग्री रहा। बीते दिनों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे कड़ाके की ठंड का एहसास लगातार बना हुआ है।
आगरा में तेज रफ्तार कार दुकान में घुसी:शटर-दीवार टूटी, छत भी गिरी, देर रात की घटना
आगरा के करकुंज इलाके में देर रात तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला। रात करीब दो बजे एक अनियंत्रित कार सड़क किनारे बनी नवी मोर्टस की दुकान में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकान का शटर और दीवारें टूट गईं, जबकि छत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से सीधे दुकान में जा घुसी। गनीमत रही कि घटना रात के समय हुई, जब दुकान बंद थी, वरना बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि दूर तक सुनाई दी।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार चालक शराब के नशे में था। उनका कहना है कि करकुंज क्षेत्र में देर रात शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का आतंक बढ़ता जा रहा है। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि पहले भी कई बार प्रशासन और पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से हालात जस के तस बने हुए हैं।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त दुकान का मुआयना किया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद करकुंज के लोगों में गुस्सा है। लोगों ने मांग की है कि इलाके में देर रात पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती हो और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
अनपरा थाना क्षेत्र के औडीमोड़ स्थित एक होटल में देर रात उस समय हंगामा हुआ, जब फैशन शो के नाम पर अश्लील डांस कराए जाने का आरोप लगा। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने होटल पहुंचकर बिना अनुमति ऑडिशन आयोजित करने और लड़कियों से अश्लील नृत्य कराने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि होटल में मॉडलिंग और फैशन शो के नाम पर स्थानीय हिंदू लड़कियों को बुलाया गया था, जहां उनसे अश्लील नृत्य कराया जा रहा था। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला गरमा गया। सूचना मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह परिवर्तन प्रमुख पवन सिंह, जिला प्रमुख धर्म प्रसार दीपक सिन्हा और जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से फैशन शो के बहाने लड़कियों को गुमराह कर रहे थे। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को समाज और संस्कृति के खिलाफ बताया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही ऑडिशन कराने वाले लोग मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने होटल के रजिस्टर की जांच की, जिसमें ठहरने वालों की जानकारी अधूरी पाई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो के आधार पर भी कार्रवाई की बात कह रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इस तरह की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में कोर्ट फीस घोटाले की शिकायत के बाद याचिकाओं की जांच शुरू कर दी गई है। जांच उन याचिकाओं की हो रही है, जिनमें कोर्ट फीस जमा नहीं हुई, लेकिन याचिका के साथ फीस की रसीद अटैच है। यह घोटाला हाईकोर्ट में 2020 में शुरू हुई ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं के मुंशियों ने इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया। उन्होंने अधिवक्ताओं के कार्यालय से मिली फीस की राशि जमा नहीं की, बल्कि प्रोविजनल नंबर जनरेट कर याचिकाएं दायर कर दीं। इस पूरे मामले की जांच एक विशेषज्ञ दल की ओर से की जा रही है। हालांकि, हाईकोर्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 2020 से 2025 के बीच कितनी कोर्ट फीस में गड़बड़ी हुई। पिछले पांच सालों में ऐसी कई याचिकाएं भी सामने आई हैं, जिनका निपटारा हो चुका है, लेकिन उनमें भी फीस जमा नहीं की गई थी। हाईकोर्ट में कोर्ट फीस जमा करने की दो व्यवस्थाएं फीस घोटाले को लेकर उठ रहे सवाल घोटाले में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं कि किस वकील के ऑफिस से कितनी फीस जमा नहीं हुई और जिम्मेदारी किसे दी जाए। हालांकि, याचिका दायर करने में वकील की आईडी का उपयोग हुआ। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि कोर्ट फीस का घोटाला लंबे समय से चल रहा था। इसमें कई नाम सामने आएंगे। जिन्होंने भी भ्रष्टाचार किया है, उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए और उन्हें जेल जाना चाहिए।
तमिलनाडु दौरे पर राहुल गांधी, डीएमके से नहीं होगी मीटिंग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आज चुनावी राज्य तमिलनाडु का दौरा एक निजी मामला होगा और सहयोगी डीएमके के साथ उनकी कोई मीटिंग तय नहीं है
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में होटल में छोड़ी गई संदिग्ध मिठाई खाने से हुई फूड प्वाइजनिंग के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। मंगलवार (13 जनवरी) को इलाज के दौरान सुंदर लाल कथूरिया (72) की मौत हो गई। इससे पहले पीएचई विभाग में पदस्थ एक गार्ड की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। वहीं, अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों का उपचार जारी है। बीते शुक्रवार 9 जनवरी को पीएचई विभाग के पास स्थित एक होटल में कोई अज्ञात व्यक्ति मिठाई से भरी थैली छोड़ गया था। काफी देर तक जब थैली का कोई दावेदार सामने नहीं आया, तो वहां मौजूद लोगों ने उसमें रखी मिठाई निकालकर खा ली। मिठाई खाते ही बिगड़ने लगी तबीयत बताया जा रहा है कि तीन से चार लोगों ने यह मिठाई खाई थी। खाने के कुछ समय बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। रविवार को इलाज के दौरान पहले गार्ड की मौत हुई और अब मंगलवार को बुजुर्ग सुंदर लाल ने भी दम तोड़ दिया। प्रशासन ने कराया पोस्टमार्टम मामले में पहली मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद से प्रशासन लगातार मामले की निगरानी कर रहा था। आज सुंदर लाल की मौत के बाद प्रशासन द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आशंका है कि मिठाई में कोई जहरीला पदार्थ मिला हो सकता है। अधिकारी बोले- मामला गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सालोडे ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दो मरीजों का इलाज अभी जारी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए लावारिस मिठाई खाने से PHE गार्ड की मौत, दो गंभीर छिंदवाड़ा जिले में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। पीएचई विभाग के पास स्थित एक होटल में लावारिस हालत में पड़ी मिठाई खाने से पीएचई विभाग में पदस्थ एक गार्ड की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मिठाई खाने वाले दो अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है... पूरी खबर पढ़िए
ठंड से बुजुर्ग की अस्पताल में मौत:पहचान न होने पर समाजसेवियों ने कराया सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार
गाजीपुर में ठंड से गंभीर रूप से बीमार मिले एक अज्ञात वृद्ध व्यक्ति की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें 3 जनवरी को थाना गहमर क्षेत्र के भदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 108 एंबुलेंस द्वारा गाजीपुर जिला अस्पताल लाया गया था। 7 जनवरी की रात करीब 10:40 बजे उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन 72 घंटे बीतने के बाद भी उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक अजीत सिंह ने वृद्ध को प्राथमिक उपचार, दवाइयां और इंजेक्शन दिए, जिसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया था। मृत्यु के उपरांत अस्पताल कर्मचारियों ने शव को मर्चरी रूम में सुरक्षित रखवाकर पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शिनाख्त न होने की स्थिति में, सोमवार देर रात समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र सिंह के सहयोग से सेवराई चौकी प्रभारी विपिन सिंह, कांस्टेबल सुशील कुमार और कांस्टेबल रामू कुशवाहा ने शव को मर्चरी रूम से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद, अति प्राचीन श्मशान घाट पर शुद्ध लकड़ी से विधि-विधान के साथ अज्ञात वृद्ध का अंतिम संस्कार किया गया। इस मानवीय कार्य में कृष्ण कुमार बॉसफोर, जमुना राजभर, भोलेनाथ, रविंद्र यादव और जितेंद्र राजभर उर्फ रामू ने भी सहयोग प्रदान किया।
यूपी के बरेली में दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की नृशंस हत्या कर दी। रात को सोते वक्त पत्नी ने प्रेमी की मदद से अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। पत्नी ने हाथ पकड़े और प्रेमी ने सिर पर हथौड़े से कई वार किए। जिससे पति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर घटना का खुलासा कर कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध संबंधों के कांटों को हटाने के लिए रची गई खौफनाक साजिशएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सिरौली थाना क्षेत्र के ग्राम भूड़ा में सुरेशपाल सिंह नाम के व्यक्ति की उसके ही घर में हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी ममता उर्फ खुशबू पर शक हुआ। जब कड़ाई से पूछताछ की गई और साक्ष्य जुटाए गए, तो जो कहानी सामने आई उसने रूह कंपा दी। ममता और उसके पड़ोसी होतम सिंह उर्फ होते के बीच पिछले तीन वर्षों से अवैध प्रेम संबंध चल रहे थे। मृतक सुरेशपाल अपनी पत्नी से उम्र में करीब 18 साल बड़ा था और उसे अपनी पत्नी के इन संबंधों की भनक लग चुकी थी। अवैध संबंधों की जानकारी होने पर पति करता था पत्नी से मारपीटसुरेशपाल अक्सर अवैध संबंधों को लेकर अपनी पत्नी ममता के साथ मारपीट करता था और उसे प्रताड़ित करता था। इसी बात से परेशान होकर ममता और उसके प्रेमी होतम सिंह ने 50 साल के सुरेशपाल को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 10 जनवरी 2026 की रात, ममता ने अपने प्रेमी को फोन करके घर बुलाया। जब सुरेशपाल गहरी नींद में सो रहा था, तब ममता ने मजबूती से उसके हाथ पकड़ लिए ताकि वह संघर्ष न कर सके, और होतम सिंह ने पास रखे भारी हथौड़े से सुरेशपाल के सिर और चेहरे पर तब तक वार किए जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई। 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचे हत्यारेहत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी होतम सिंह मौके से आला-ए-कत्ल (हथौड़ा) लेकर फरार हो गया, जबकि ममता ने सबूत मिटाने की नियत से अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर उसे मुंह से चबाकर फेंक दिया ताकि कॉल रिकॉर्ड्स न मिल सकें। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई। एसपी साउथ ने बताया कि मृतक के भाई चंद्रपाल सिंह की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों को दबोच लिया। दोनों ने स्वीकार किया जुर्मथाना सिरौली पुलिस ने सोमवार, 12 जनवरी को अभियुक्ता ममता को उसके घर से महिला सिपाहियों की मदद से गिरफ्तार किया, वहीं मुख्य आरोपी होतम सिंह को शिवपुरी तिराहे से मीरगंज जाने वाले रास्ते से घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी होतम सिंह की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना हथौड़ा भी बरामद कर लिया है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विनोद सिंह, हेड कांस्टेबल वेदराम, कांस्टेबल निशांत और महिला कांस्टेबल प्रिया व मोनिका शामिल रहे, जिन्होंने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। एसपी साउथ अंशिका वर्मा का बयानएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, सिरौली के ग्राम भूड़ा में हुए इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए हमने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। अवैध संबंधों के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हथौड़े से वार कर सुरेशपाल की हत्या की थी। पुलिस ने आला-कत्ल बरामद कर दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बाड़मेर में कड़ाके की ठंड में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। शीतलहर के चलते लोगों की दिनचर्या बदल गई है। मंगलवार को सुबह के समय खुले इलाकों में ओस की बूंदें गिरी है। मंगलवार को रात का तापमान 6.9 से बढ़कर 9.2 डिग्री पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी बढ़ोत्तरी हो रही है। लेकिन सर्दी का असर कम नहीं हाे रहा है। मंगलवार को 8वीं तक स्कूलों को भी खोल दिया गया है। मंगलवार को ठंड में नन्हे बच्चे ठिठुरते नजर आए। मौसम विभाग ने 25 जनवरी से मौसम बदलने के साथ कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। दरअसल, बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में सर्दी ने इस बार रिकॉर्ड सख्ती दिखाई है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 9.2 डिग्री तक पहुंच गया है। रात के समय खुले इलाकों में ओस जमने से कई जगह हल्की बर्फ जैसी परत नजर आई, जबकि सुबह खेतों और छतों पर जमी नमी ने कड़ाके की ठंड का एहसास और बढ़ा दिया। दिनभर शीतलहर चलती रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी रही। रात में ठंडी हवाएं शूल की तरह चुभती महसूस हुईं। जिससे बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। बाड़मेर जिले के रामसर, गडरारोड, शिव, चौहटन इलाके के कई गांव में बर्फ जमी नजर आई। सेड़वा के भाडा गांव में एक कार पर ओस की बूंदें बर्फ में बदल गई। ठंड के चलते सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। ग्रामीण इलाकों में किसान अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते दिखे। बाड़मेर में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आज स्कूल पहुंचे 8वीं तक स्टूडेंट नए साल के साथ ही कड़ाके की ठंड का शुरू हुआ दौर करीब दो सप्ताह पूरे होने तक जारी है। प्रशासन की ओर से शीत लहर और कड़ाके की ठंड के कारण 12 जनवरी तक छुट्टी कर रखी थी। मंगलवार को फर्स्ट से लेकर आठवी तक के स्टूडेंट स्कूल पहुंचे। सेहत विशेषज्ञों ने ठंड में सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों को खुले में देर तक न रखने की सलाह दी है। 25 जनवरी से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2–3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट या स्थिरता बनी रह सकती है। उत्तरी-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण सुबह-शाम ठिठुरन जारी रहेगी और शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हालांकि दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। अगले सप्ताह के मध्य से ठंड की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने और रात के तापमान में 1–2 डिग्री की बढ़ोतरी के संकेत हैं। 25 जनवरी से मौसम में बदलाव के साथ ही जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है।
प्रयागराज के संगम की रेती पर तंबुओं के शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ अब बढ़ने लगी है। आज मंगलवार को माघ मेले का 11वां दिन है। 14 और 15 को मकर संक्रांति का स्नान पर्व है। इसके लिए श्रद्धालुओं को आना तेज हो गया है। वहीं, माघ मेले में चाय की दुकान चला रहीं पूनम अपने पति की मौत के तीन महीने बाद ही यहां खुद को आत्मनिर्भर बनने के लिए पहुंची हैं। वह चाय की दुकान चला रही हैं जिसका नाम रखा है ‘ग्रेजुएट चाय वाली’। दरअसल, वह खुद ग्रेजुएशन कर चुकी हैं। पति की एक सड़क दुर्घटना में तीन महीने पहले ही मौत हो गई। पति के जाने के बाद खुद के साथ साथ 2 बच्चों की जिम्मेदारी पूनम पर आ गई। इसलिए वह अब खुद चाय की दुकान चला रही हैं। वहीं, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का गहन जायजा लिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु बनी रहें। भ्रमण के दौरान मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न जनपदों एवं प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। मेला क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों से भी बातचीत की और उनके रहने, खाने एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में पूछा।
धार जिले की सरदारपुर तहसील में बरमंडल से नागदा तक करीब 35 किलोमीटर लंबा टू-लेन सड़क मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही के चलते हालात इतने खराब हो गए हैं कि रोजाना हादसों का खतरा बना हुआ है। चिराखान से बरमंडल तक का हिस्सा करीब दो महीने पहले उखाड़ दिया गया था, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं किया गया। इस वजह से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और गिट्टी बिखरी पड़ी है। तेज रफ्तार वाहनों से उड़ती गिट्टी पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बन रही है। नागदा–चिराखान मार्ग पर काम अधूरा नागदा से चिराखान तक फिलहाल अर्थवर्क और कंक्रीट का काम चल रहा है। अधूरे काम के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल पाइपलाइन टूटी, गांव में पानी का संकट नागदा के पास भोपालवाली (अंबिका नगर) क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन टूट गई थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इसे ठीक नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों को पानी की भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्राम खुटपला गौशाला के पास बन रही बड़ी पुलिया के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में जंग लगे सरिए और खराब सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पुलिया की मजबूती पर संदेह है। किसान कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप जिला किसान कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश रघुवंशी ने कहा कि बरमंडल–नागदा सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल कागजी निगरानी कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पीडब्ल्यूडी ने दिया सुधार का आश्वासन पीडब्ल्यूडी बदनावर के एसडीओ संजय जैन ने बताया कि चिराखान से बरमंडल तक सड़क को समतल कर बारीक मुरम डालकर जल्द सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पुलिया निर्माण में जंग लगे सरिए पाए गए तो उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। देखिए बदहाली की तस्वीरें
ऑडी मामले में कॉन्स्टेबल सहित 7 अरेस्ट:5 ने भागने में मदद की; फरार ड्राइवर दिनेश के खाते सीज
मानसरोवर के खरबास चौराहे पर ओवर स्पीड ऑडी कार द्वारा 16 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने मुख्य दो आरोपियों सहित 7 को गिरफ्तार किया है। इनके साथ 5 लोगों को मदद करने के आरोप है। पकड़े गए सभी आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले में अहम सबूतों के साथ नया खुलासा हो सकता है। थाना पत्रकार कॉलोनी एसएचओ मदन कड़वासरा ने बताया- मामले में डिटेन किए कॉन्स्टेबल मुकेश और पप्पू को आपराधिक गतिविधि में मानते हुए अरेस्ट किया गया है, दोनों ऑडी गाडी में सवार थे। इसके अलावा अशोक मीणा, सुमित कुमार, भागचंद, शिवराज और नितिन को सहयोगी के तौर पर पकड़ा गया है। इन्होंने ऑडी कार चला रहे दिनेश रणवां को भगाने में सहयोग किया था। अग्रिम अनुसंधान के साथ ही कार्रवाई की जा रही है, जिसमें पकड़े गए 5 आरोपी सहयोगी पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद इन आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और आरोपी को बचाने के उद्देश्य से उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। मुकेश और पप्पू ने फोन करके नितिन को बुलाया। सुमित और नितिन मौके पर आए। फिर उसके गाड़ी में घर ले गया और वहां से रुपए लिए। फिर दिनेश को भागचंद के पास छोड़कर आए। भागचंद के पास रातभर रुकने के बाद भागचंद के भाई ने दिनेश को आर्थिक सहायता और जरूरत का सामान इसको फरार करवाया। पुलिस जांच के बाद कार्रवाई को बढ़ाते हुए दिनेश रणवां के बैंक खाते सहित तमाम कंपनी खाते सीज किए गए है। पुलिस दिनेश रणवां को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। बता दे कि कॉन्स्टेबल मुकेश जाट (30) और पप्पू जाट, सुमति चौधरी और डॉक्टर अशोक मीणा को हादसे के अगले दिन शनिवार को डिटेन किया था। जबकि अन्य तीन आरोपी भागचंद, शिवराज और नितिन को सोमवार को डिटेन कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अलग-अलग स्थानों से पकड़ा है। डीसीपी साउथ ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया गया था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 9 जनवरी को हुआ था हादसा जयपुर में 9 जनवरी की रात रेसिंग कर रहे एक ऑडी कार ने कहर मचा दिया था। मानसरोवर के भीड़भाड़ वाले इलाके में 120 की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी कार पहले बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई। फिर सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में घुस गई। इस दौरान वहां 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कार 16 लोगों को रौंदते हुए एक पेड़ से टकराकर रुकी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर घायल हैं।
जौनपुर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) का उद्देश्य आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि, विभागीय खामियों के कारण यह योजना प्रभावित हो रही है। जिले के अधिकांश अस्पतालों में दस माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जन औषधि केंद्र नहीं खुल पाए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर जन औषधि केंद्र खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक एजेंसी भी नामित की गई थी। केंद्रों के न खुलने के कारण गरीब मरीजों को अभी भी महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जौनपुर जिले में जन औषधि केंद्र खोलने का जिम्मा गुंजन इंटरप्राइजेज नामक संस्था को सौंपा गया था। संस्था ने कार्य शुरू किया, लेकिन दस माह से अधिक समय बीतने के बाद भी केवल मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और कुछ अधिक ओपीडी वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही ये केंद्र खुल पाए हैं। इस योजना की धीमी प्रगति का मुख्य कारण अधिकृत एजेंसी द्वारा जन औषधि केंद्र खोलने के लिए तीन से 18 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी राशि और प्रति माह 10 से 25 हजार रुपये तक का किराया मांगा जाना बताया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि गरीबों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र न खुल पाने के कारणों के बारे में संबंधित संस्था को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
गोंडा के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजा जोत गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट ने 70 वर्षीय ध्रुव नारायन की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों रजनेश कुमार और संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, रविवार 11 जनवरी की रात को विवाद के बाद आरोपी पहले महिलाओं के साथ मारपीट की और फिर मृतक ध्रुव नारायन और उनके परिवार के घर में घुसकर जमकर मारपीट की। मारपीट के दौरान गंभीर चोट, मौके पर मौत ध्रुव नारायन मारपीट के दौरान जमीन पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ध्रुव नारायन के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार, संतोष कुमार, अर्जुन, रजनेश कुमार और उमाशंकर ने घर में घुसकर मारपीट की, जिससे उनके ससुर की मौत हुई पुलिस की बड़ी कार्रवाई खरगूपुर थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, मारपीट और गाली गलौज समेत 7 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी फिलहाल फरार चल रहे थे, लेकिन आज सुबह पुलिस ने रजनेश कुमार और संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। थाना अध्यक्ष शेषमणि पांडे ने बताया कि पूरे मामले में पांच लोग आरोपी हैं, जिनमें तीन अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीम सक्रिय हैं।
बलरामपुर में रिजर्व पुलिस लाइन में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक परेड का अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और जवानों की शारीरिक व मानसिक दक्षता का आकलन किया। अनुशासन एवं एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से टोलीवार ड्रिल कराई गई, वहीं फिटनेस को सुदृढ़ रखने के लिए जवानों से दौड़ भी लगवाई गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने किसी भी विषम परिस्थिति एवं आपराधिक तत्वों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु शस्त्राभ्यास कराया तथा जवानों को विभिन्न प्रकार के शस्त्रों की जानकारी दी। उन्होंने परेड की गुणवत्ता, अनुशासन और समन्वय पर विशेष ध्यान देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने स्टोर रूम, क्वार्टर गार्ड, जीडी कार्यालय, कैंटीन, परिवहन शाखा, आदर्श आरक्षी बैरक और आवासीय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और मेस की साफ-सफाई की जांच की गई। संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, पुलिस आवासीय परिसर में नवनिर्मित पुलिस बैरक एवं रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए बैरक, जेटीसी/आरटीसी सेंटर सहित समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। आदेश कक्ष में गार्द रजिस्टरों की जांच करते हुए क्वार्टर गार्द की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गार्द कमांडर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक बिहारी सिंह यादव, प्रभारी जेटीसी/आरटीसी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
सतना जिले के मझगवां तहसील में सरभंगा के पास स्थित पौराणिक महत्व वाले सिद्धा पर्वत में अवैध खनन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि करीब चार दिन पहले यहां अवैध रूप से खनन किया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को खनिज और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। खनिज निरीक्षक राकेश देशमुख, राजस्व निरीक्षक रामकुमार रावत और पटवारी उमेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि करीब 650 टन यानी लगभग 478 घन मीटर खनिज अवैध रूप से निकाला गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। ग्रामीणों ने अवैध खनन में शामिल कुछ लोगों के नाम बताए हैं। प्रशासन अब इन लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। पहले भी हो चुका है अवैध खनन बताया गया है कि पिछले साल 10 दिसंबर को भी इसी सिद्धा पर्वत में अवैध खनन हुआ था। उस समय राजस्व विभाग ने इसकी रिपोर्ट तहसील कार्यालय को सौंपी थी। इसके बावजूद दोबारा खनन की घटना सामने आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। धार्मिक महत्व के कारण खनन पर है रोक सिद्धा पर्वत का धार्मिक और पौराणिक महत्व है। इस कारण यहां खनन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। बावजूद इसके, क्षेत्र में बॉक्साइट और लेटेराइट खनिज होने के कारण अवैध खनन माफिया सक्रिय बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने अवैध खनन का पूरा प्रकरण तैयार कर कलेक्टर कोर्ट में भेजने का फैसला किया है। साथ ही क्षेत्र में गोपनीय निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। वैध दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया जानकारी के अनुसार, अवैध रूप से निकाले गए खनिज को वैध खदानों के ईटीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) का उपयोग कर सप्लाई किया जाता है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
ट्रक–जेसीबी भिड़ंत में ड्राइवर की मौत:हरियाणा की तरफ ट्रक खाल कर लौटते समय जेसीबी ने सामने टक्कर दी
हरियाणा के झज्जर थाना क्षेत्र में ट्रक व जेसीबी की टक्कर में ट्रक ड्राइवर तिजारा के अहमलाका गांव निवासी 44 वर्षीय अमीन खान पुत्र रुस्तम खान की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि हरियाणा में झज्जर के बादली दुर्रानी गांव के समीप ट्रक और जेसीबी की आमने-सामने से भिड़ंत हो गई। हादसे में ट्रक चालक अमीन खान गंभीर घायल हो गया। जो हरियाणा के चरखी दादरी से भिवाड़ी ट्रक खाली कर लौट रहा था। दुर्घटना के बाद उसे गंभीर हालत में पहले झज्जर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे रोहतक रेफर किया गया।रोहतक अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर ले जाते समय सोमवार रात करीब 10 बजे अलवर के समीप आमीन खान ने दम तोड़ दिया।मृतक के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। अचानक हुई इस मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पाली में एक गर्भवती ऊंटनी का शिकार करने का मामला सामने आया है। ऊंटनी के पैरों में तीन जगह छर्रे लगे मिले। जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने पीड़ित पशुपालक की रिपोर्ट पर अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू की। सदर थाने के ASI राजेन्द्र सीरवी ने बताया कि पाली के सदर थाने में 65 साल के घेवरराम पुत्र घीसाराम देवासी निवासी देवासियों का बास भाम्बोलाई ने 11 जनवरी को रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि उसकी ऊंटनी (ऊंट) जिसकी उम्र 08 साल थी। 9 जनवरी की सुबह करीब नौ बजे पास मे ही सरकारी जमीन मे चरने के लिए छोड़ा था। लेकिन ऊंटनी रात में भी वापस नहीं आई। ऐसे में 10 जनवरी की सुबह ऊंटनी की तलाश में निकले। इस दौरान भाम्बलिया व सोवनिया के बीच ऊंटनी जो बैठी मिली। जिसको उठाने का प्रयास किया लेकिन ऊंटनी उठ नहीं पा रही थी। ऐसे में मोहन देवासी, हरजी खेतावास को मौके पर बुलाया लेकिन काफी कोशिश के बाद भी ऊंटनी उठ नहीं पाई। ऐसे में एनिमल डॉक्टर को हरिराम को बुलाया। लेकिन उनके आने पहले ऊंटनी की मौत हो गई। पैरे में तीन जगह लगे मिले छर्रेरिपोर्ट में बताया कि सभी ने ऊंटनी की जांच की तो उसके पैर में तीन जगह बन्दूक के छर्रे लगे हुए मिले। जिससे ऊंटनी की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया कि ऊंटनी 11 माह की गर्भवती थी। अज्ञात शिकारियों ने शिकार करने की मंशा से ऊंटनी पर गोलियां चलाई। जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे 11 माह के बच्चे की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया ऊंटनी की कीमत करीब एक लाख रुपए थी। उन्होंने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा जांच की मांग की। पाली में पशु क्रूरता और अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। एक गर्भवती ऊंटनी को गोली मारकर घायल कर दिया गया, जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। ऊंटनी के पैरों में तीन जगह बंदूक के छर्रे लगे मिले हैं। सदर थाने के ASI राजेन्द्र सीरवी ने बताया कि इस संबंध में 65 वर्षीय घेवरराम पुत्र घीसाराम देवासी निवासी देवासियों का बास, भाम्बोलाई ने 11 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया गया कि उसने करीब 8 साल की ऊंटनी को 9 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे पास की सरकारी जमीन पर चरने के लिए छोड़ा गया था, लेकिन वह रात तक वापस नहीं लौटी। जंगल में घायल हालत में मिलीअगले दिन 10 जनवरी की सुबह ऊटनी की तलाश की गई। इस दौरान भाम्बलिया और सोवनिया गांव के बीच ऊंटनी बैठी हुई हालत में मिली। उसे उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उठ नहीं सकी। इसके बाद मोहन देवासी और हरजी देवासी (निवासी खेतावास) को मौके पर बुलाया गया। काफी प्रयासों के बावजूद ऊंटनी खड़ी नहीं हो पाई। इसके बाद पशु चिकित्सक हरिराम को बुलाया गया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ऊंटनी की मौत हो गई। तीन जगह लगे मिले बंदूक के छर्रेऊंटनी की जांच करने पर उसके पैरों में तीन जगह पर बंदूक के छर्रे लगे हुए पाए गए। ऊंटनी 11 माह की गर्भवती थी। अज्ञात शिकारियों ने शिकार करने की नीयत से ऊंटनी पर गोली चलाई, जिससे ऊंटनी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। पीड़ित पशुपालक ने बताया कि ऊंटनी की कीमत करीब एक लाख रुपए थी। पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
'मैं बाहर से घर आया। मैंने पत्नी रूबी से खाना मांगा। मगर उसने कहा कि तुम शराब पी सकते हो तो खाना भी खुद ही बनाकर खा लो। सब्जी लाए नहीं हो। मैंने खुद आटा गूंथा और खाना बनाने लगा। तभी पत्नी शराब को लेकर मुझसे लड़ने लगी। मुझे भद्दी-भद्दी गालियां देने लगी। मुझे ये बात बर्दाश्त नहीं हुई। मुझे गुस्सा आ गया। मैंने बांके से रूबी को काट डाला। तभी मेरा बेटा रोने लगा। पकड़े जाने के डर से मैंने उसे भी मार डाला।' ये कबूलनामा पत्नी और मासूम बेटे को काटकर मार डालने के आरोपी सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी का है। उसने बताया कि मर्डर करने के बाद मुझे बहुत पछतावा हुआ। मैं शव के पास कुछ देर बैठकर रोता रहा। मगर गांव वालों को आता देख मैं भाग गया और खेतों में छिप गया। सोमवार शाम घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट रेलवे का गार्ड बनकर उसकी तलाश कर रहे थे। तभी आरोपी खेतों से निकल कर रेलवे ट्रैक पर आ गया। इंस्पेक्टर ने उसे आवाज दी तो वह भागने लगा। करीब एक किमी पीछा कर उसे अरेस्ट कर लिया। विस्तार से पढ़िए पूरी घटना- घाटमपुर इंस्पेक्टर रेलवे गार्ड की वर्दी, हरी झंडी, हेलमेट लगाकर ढूंढने निकलेघाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र की लोकेशन गांव के पास थी। इसके बाद फोन बंद हो गया था। मैंने गांव से हाईवे की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर गश्त बढ़ा दी थी। मैं गोपालपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचा। मैंने यहां पर गेट मैन से रेलवे गार्ड की ड्रेस और हेलमेट लिया। हाथ में हरी झंडी ली और पीला हेलमेट लगाकर रेलवे ट्रैक किनारे ढूंढने लगे। इसके बाद पुलिस की एक टीम को गांव और खेतों की ओर भेजी। इसी बीच आरोपी खेतों से निकल कर बाहर आ गया। गार्ड बने पुलिस इंस्पेक्टर ने आरोपी को आवाज दी तो वह भागने लगा। एक किमी पीछा कर आरोपी को पकड़ा करीब एक किलोमीटर तक घाटमपुर इंस्पेक्टर ने हत्यारोपी का पीछा किया और पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस की टीमों को बुलाया। अब आज मंगलवार को आरोपी सुरेंद्र यादव को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। अब पढ़िए पूरा घटनाक्रम... 5 साल पहले हुई थी शादीसर्देपुर निवासी सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी (35) ट्रक में खलासी का काम करता था। सुरेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। सुरेंद्र की शादी 2021 में फतेहपुर के गौरा चुरियारा निवासी रूबी (32) से हुई थी। भाई पप्पू ने बताया- शराब की लत और रोज-रोज के झगड़े के चलते उसका परिवार बिखर गया। भाइयों में बंटवारा हो गया। DCP दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया है कि रविवार रात करीब 9 बजे वह शराब पीकर घर पहुंचा। इस पर पत्नी रूबी ने विरोध किया तो दोनों में झगड़ा हो गया। गुस्साए सुरेंद्र ने बांके से पत्नी के गले पर और ढाई साल के बेटे लवांश के सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद मौके से भाग निकला। देर रात भाई पप्पू घर पहुंचा तो दोनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले। फिर पप्पू ने ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो मां-बेटे के शव अगल बगल पड़े थे। कमरे में खून बिखरा था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफDCP ने बताया- हत्या में इस्तेमाल बांका बरामद कर लिया गया है। आसपास के गांवों में लगे CCTV की फुटेज भी खंगाली गई। JCP लॉ एंड ऑर्डर आशुतोष कुमार ने बताया- आरोपी सुरेंद्र का मोबाइल स्विच ऑफ था। नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो गांव के आसपास की लोकेशन मिली। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई। भाई बोला- जीजा ने फोन कर कहा मैंने तुम्हारी बहन को मार डाला रूबी की मां दुर्गा देवी ने बताया कि बेटी रूबी से मेरी एक जनवरी और उसके बाद तीन जनवरी को बात हुई थी। अगर बेटी ने मुझे कुछ बताया होता तो मैं उसे अपने पास बुला लेती। आज मुझे यह दिन देखना नहीं पड़ता। रूबी के भाई दिलीप ने बताया कि रविवार देर रात मेरे पास जीजा ने फोन किया। कहा कि तुम्हारी बहन ने मुझे मार डाला है। इसके बाद फोन काट दिया, फिर जब मैंने फोन किया तो जीजा ने कहा कि मैं अगर तुम्हारी बहन को नहीं मारता तो वह मुझे मार डालती। इसके बाद से जीजा का फोन स्विच ऑफ हो गया। पिता मनोज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज किया। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि हत्यारोपी सुरेन्द्र उर्फ स्वामी को गोपालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- गांव में शौचालय नहीं, नाबालिग बाहर गई तो गैंगरेप हुआ: कानपुर में पीड़िता के गांव नहीं पहुंचा स्वच्छ भारत मिशन, महिलाओं में दहशत कानपुर के संचेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 14 साल की नाबालिग के साथ 6 जनवरी की रात करीब 10 बजे को गैंगरेप हुआ। पुलिस ने आरोपी यूट्यूबर को अरेस्ट कर लिया। जबकि दरोगा फरार है। आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्य पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। पढ़ें पूरी खबर...
भिंड जिले के लहार क्षेत्र स्थित आरुसी गांव में बीएससी के एक छात्र ने कोबरा सांप को अपना 'मित्र' बना लिया। 12 जनवरी की दोपहर छात्र गिरजा शंकर शर्मा बिना किसी सुरक्षा उपकरण के करीब एक घंटे तक काले सांप के साथ खेलता रहा। उसने सांप को गोद में बैठाया और बाद में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान उसने सांप के साथ खतरनाक स्टंट भी किए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना दोपहर की है। गांव में एक पड़ोसी के घर काला सांप निकलने की सूचना मिली थी, जिस पर गिरजा शंकर मौके पर पहुंचा। उसने ग्रामीणों के सामने सांप को काबू में किया और उसके फन व शरीर पर हाथ फेरता रहा। करीब एक घंटे तक चले इस दृश्य को ग्रामीणों ने देखा और वीडियो बनाया। बाद में युवक ने सांप को पास के जंगली क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया। इन तस्वीरों में देखें कोबरा का स्टंट सर्दी में सांप को अलाव तपाया था यह पहला मौका नहीं है जब गिरजा शंकर चर्चा में आया हो। इससे पहले 31 दिसंबर को कड़ाके की सर्दी में उसने एक सांप को अलाव के पास बैठाकर 'तपाते' हुए उससे बातचीत का वीडियो बनाया था, जो काफी वायरल हुआ था। 31 दिसंबर से 12 जनवरी के बीच वह अब तक तीन सांपों का रेस्क्यू कर चुका है और सभी को सुरक्षित जंगल में छोड़ा है। 'सांपों से प्रेम करने पर वे नुकसान नहीं पहुंचाते' दैनिक भास्कर से बातचीत में गिरजा शंकर शर्मा ने बताया कि यह वीडियो पड़ोस के घर से निकले सांप के रेस्क्यू का है। उसका कहना है, सांपों से प्रेम करने पर वे नुकसान नहीं पहुंचाते, हालांकि आम लोगों के लिए सांप बेहद खतरनाक होते हैं और उनसे दूरी रखना जरूरी है। उसने इसे अपने परिवार पर दैविक कृपा बताया, जिसके कारण सांप उसे हानि नहीं पहुंचाते। युवक एग्रीकल्चर बीएससी सेकंड ईयर का छात्र है।
बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल सोमवार को दरभंगा पहुंचे। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले। मुख्यमंत्री की आगामी समृद्धि यात्रा, राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश, भूमि अधिग्रहण और युवाओं के रोजगार से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से लगातार जनता के सुख-दुख को समझने और शासन तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों का दौरा करते रहे हैं। अब 'विकसित बिहार' के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री एक बार फिर यात्रा पर निकल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी प्रगति यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने प्रत्येक जिले की जरूरतों को अपनी आंखों से देखा और जनता की समस्याओं को अपने कानों से सुना। प्रगति यात्रा के दौरान जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, लैंड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां योजनाएं तय की गईं। इसके बाद महज 15 दिनों के भीतर कैबिनेट की बैठक बुलाकर वित्तीय स्वीकृति दी गई। सभी योजनाओं के टेंडर पूरे किए गए और आज वे योजनाएं धरातल पर उतरती दिख रही हैं। प्रगति यात्रा के दौरान किए गए लगभग सभी वादे अब पूरे होने की कगार पर हैं। 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस शासन व्यवस्था को और मजबूत करने पर है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को हर जिले की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आती है। लगभग 26 हजार करोड़ रुपए की लागत से राज्य में भूमि अधिग्रहण कर लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। कई जिलों में जमीन खरीदी जा चुकी है। बिहार में करीब 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अडानी समूह की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री लगभग तैयार है। इसके अलावा जेके सीमेंट, कोका-कोला और अशोक लेलैंड जैसी कंपनियां भी बिहार में निवेश कर रही हैं। इससे राज्य में औद्योगिक माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। युवाओं को दी जा रही है ट्रेनिंग मंत्री दिलीप जायसवाल ने युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े उद्योगों को ही नहीं, बल्कि लघु, कुटीर और घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। पहले स्टार्टअप के लिए युवाओं को 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती थी, जिसे अब और बढ़ाने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बने। 21 जिलों में यह तय किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कौन सा उद्योग लगाया जा सकता है, उसका मार्केटिंग कैसे होगा और कच्चा माल कहां से आएगा। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों और सबौर कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जहां युवाओं को उद्योग लगाने से जुड़ी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग दी जा रही है। रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों में जितने उद्योग बिहार में नहीं लगे, उससे कहीं ज्यादा उद्योग आने वाले पांच वर्षों में लगने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में छोटा उद्योग पहुंचे, जिससे आत्मनिर्भर बिहार का सपना साकार हो सके। बिहार में एनडीए सरकार भारी बहुमत से बनी है। देश और दुनिया को यह संदेश गया है कि बिहार की जनता 'जंगल राज' नहीं, बल्कि कानून के राज और सुशासन को पसंद करती है। एनडीए सरकार की दो प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं, कानून का राज और युवाओं को रोजगार। इसी कारण निवेशकों के बीच बिहार को लेकर विश्वास बढ़ा है और वे यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। 14 जनवरी के बाद खेल होगा, इस सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि वे किसी खेल को नहीं जानते। सिर्फ काम करना जानते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना जानते हैं। सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में जो 78 सालों मे नही हुआ वो बिहार औद्योगिक विकास, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
गाजियाबाद में ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने सोमवार देर रात 2 बदमाशों को एनकाउंटर में अरेस्ट किया है। पुलिस ने दोनों के पैर में गोली मारी है। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों ने 6 जनवरी को दिल्ली निवासी सूफियान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद किया है। चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायर झोंका ACP लाेनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि हत्या में शामिल दोनों बदमाश जैन कॉलोनी हरमपुर वाले जंगल में हैं। जैसे ही पुलिस पहुंची तमंचे से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर करने लगे तो पुलिस द्वारा की फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। जिन्हें घायल अवस्था में मौके पर गिरफ्तार किया। दोनों घायलों ने बताया कि 6 जनवरी को सूफियान पुत्र जहांगीर निवासी वजीराबाद दिल्ली की गोली मारकर हत्या कर दी। अभियुक्त गण के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दोनों अस्पताल में भर्ती कराए एसीपी ने बताया कि घायल बदमाश संदीप बसोया पुत्र धर्मवीर निवासी हनुमान चौक जगतपुर थाना वजीराबाद दिल्ली मूल पता ग्राम खड़खड़ी थाना लोनी गाजियाबाद है। दूसरा आरोपी दिव्यांशु उर्फ रॉकी पुत्र मनोज कुमार निवासी राज कॉलोनी चमन विहार विजय विहार थाना अंकुर विहार गाजियाबाद है। संदीप पूर्व में भी हत्या के प्रयास में जेल जा चुका है।
अररिया जिला 14 जनवरी 2026 को अपना 36वां स्थापना दिवस मनाएगा। यह उत्सव मकर संक्रांति महोत्सव के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम हाई स्कूल अररिया परिसर में होगा। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे प्रभातफेरी सह मैराथन से होगी। यह मैराथन अररिया कॉलेज स्टेडियम से शुरू होकर बस स्टैंड और गोढी चौक होते हुए हाई स्कूल अररिया में समाप्त होगी। इस आयोजन का उद्देश्य जिले के युवाओं और नागरिकों में स्वास्थ्य तथा एकजुटता का संदेश देना है। स्टॉल प्रदर्शनी का किया जाएगा उद्घाटन सुबह 11 बजे मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। इन स्टॉलों पर केंद्र व राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी, जिसमें पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे से रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें स्कूली छात्र-छात्राएं अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इन प्रतियोगिताओं का लक्ष्य युवा पीढ़ी में कलात्मक कौशल को प्रोत्साहित करना है। अपराह्न 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें स्थानीय कलाकार मधेपुरा-मिथिला अंचल की समृद्ध परंपरा को लोकगीत, झूमर, जट-जटिन, बिदेसिया और अन्य पारंपरिक लोकनृत्यों के माध्यम से जीवंत करेंगे। छात्र-छात्राओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और छात्र-छात्राओं से इस भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। यह महोत्सव जिले की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को जनभागीदारी के साथ नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ नई ऊर्जा और एकता का संदेश भी देगा।
शाजापुर में तीन वाहनों की टक्कर:आयशर चालक घायल; स्कॉर्पियो सवार यात्री सुरक्षित
शाजापुर जिले के उकावता चौकी क्षेत्र अंतर्गत कबूलपुर–कारदीपुर जोड़ पर सोमवार रात करीब 11 बजे सड़क दुर्घटना हुई। इसमें तीन वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें आयशर वाहन का चालक घायल हो गया, जबकि स्कॉर्पियो में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शाजापुर की ओर आ रहे एक ट्रैक्टर को पीछे से तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। इसी दौरान पीछे चल रही उत्तर प्रदेश पासिंग स्कॉर्पियो भी आयशर में जा घुसी। स्कॉर्पियो में सवार यात्री उत्तर प्रदेश से उज्जैन दर्शन के लिए जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में स्कॉर्पियो में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। आयशर वाहन का चालक घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही उकावता चौकी स्टाफ मौके पर पहुंचा। चौकी स्टाफ के महेश मालवीय, पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, अरुण चौधरी और मनीष यादव ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। ट्रैक्टर चालक की तलाश में पुलिस उकावता चौकी प्रभारी रमेश यादव ने बताया कि इस दुर्घटना में तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आगे चल रहे ट्रैक्टर में आयशर ने पीछे से टक्कर मारी, जिसके बाद स्कॉर्पियो से टकरा गई। दुर्घटना के बाद अज्ञात ट्रैक्टर की तलाश की जा रही है। घायलों के उपचार के बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
बलरामपुर में विशाल हिन्दू सम्मेलन आयोजित:सनातन संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर दिया गया जोर
बलरामपुर जनपद के राजकीय पॉलीटेक्निक घुघुलपुर मैदान में एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि गेल्हापुर महंत बृजानंद ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। महंत बृजानंद ने सनातन मूल्यों को अपनाने और राष्ट्र के समग्र विकास में योगदान देने पर बल दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल जी कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे। उन्होंने समाज को जागरूक, संगठित और संस्कारित बनाने पर जोर दिया। कौशल जी ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक बोध के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कौशल जी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपनाने की बात भी कही। सम्मेलन के बाद प्रांत प्रचारक कौशल जी ने साहित्य प्रसार से जुड़े स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिक से अधिक सनातन साहित्य को प्रत्येक हिन्दू परिवार तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक जितेंद्र, जिला कार्यवाह क्रीट मणि, विभाग प्रचार प्रमुख मनीष, जिला प्रचार प्रमुख मोहनीश, ओम प्रकाश मिश्र सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
एटा के निधौली कलाँ स्थित नगला भूड़ निवासी आयुष्मान यादव का चयन उत्तर प्रदेश की अंडर-14 क्रिकेट टीम में हुआ है। सतीश यादव के पुत्र आयुष्मान की इस उपलब्धि से उनके क्षेत्र और परिवार में हर्ष का माहौल है। आयुष्मान की क्रिकेट प्रतिभा को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह के कोच मसूदज्जफर अमीनी ने निखारा है। दिलचस्प बात यह है कि आयुष्मान भी रिंकू सिंह की तरह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उन्होंने रिंकू सिंह पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म में उनके बचपन का किरदार भी निभाया था। महज 5 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले आयुष्मान ने अब तक 439 मैचों में कुल 17,051 रन बनाए हैं। उनके नाम तीन दोहरे शतक दर्ज हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 251 रन है। कुल मिलाकर, उन्होंने 42 शतक और 92 अर्धशतक लगाए हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले आयुष्मान ने अब तक 2,339 चौके और 403 छक्के जड़े हैं। आयुष्मान के पिता सतीश यादव स्वयं एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसी मलाल के चलते उन्होंने अपने बेटे आयुष्मान को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा और इसके लिए अथक प्रयास किए। उनके दादाजी गंगा सिंह यादव पीएसी से सेवानिवृत्त दरोगा हैं। यूपी अंडर-14 क्रिकेट टीम में चयन होने के बाद सतीश यादव ने कहा कि उनका देखा हुआ ख्वाब अब हकीकत में बदलता दिख रहा है। चौदह वर्षीय क्रिकेटर आयुष्मान इन दिनों इंदौर में एक क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं।
होम्योपैथिक अस्पताल में डॉक्टर नदारद:रायबरेली में सीएम योगी के निर्देशों की अवहेलना, मरीज परेशान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी डॉक्टरों को सुबह 9 बजे ड्यूटी पर मौजूद रहने के सख्त निर्देशों के बावजूद, रायबरेली के मुंशीगंज स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में स्थिति भिन्न है। दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को अस्पताल का स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें डॉ. आशीष गिरी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। डॉ. आशीष गिरी की ड्यूटी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को निर्धारित है। सोमवार को सुबह 10:30 बजे जब टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, तब भी डॉ. गिरी अनुपस्थित थे। दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों ने बताया कि डॉक्टर अक्सर देर से आते हैं, जिसके कारण उन्हें बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है। पहले 2 तस्वीरें देखिए... एक वृद्ध मरीज ने बताया, हम सुबह से बैठे हैं, लेकिन डॉक्टर साहब का कोई पता नहीं है। यह हर बार की कहानी है। सुलखीयापुर से आए एक अन्य मरीज ने कहा कि डॉक्टर के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था की पड़ताल के दौरान, वहां मौजूद स्टाफ कैमरे के सामने बोलने से बचते रहे। डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर अस्पताल प्रशासन के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। यह स्थिति मुख्यमंत्री के समयबद्धता संबंधी आदेशों का सीधा उल्लंघन है। इस पूरे मामले को लेकर रायबरेली जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी नवीन चंद्र ने बताया कि मामले की जानकारी आपके माध्यम से हुई है इस पूरे मामले की जांच करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सोनीपत में खेत से सोलर पंप और मोटर चोरी:रोजाना की घटनाओं से किसान परेशान; तलाश में जुटी पुलिस
सोनीपत जिले में खेतों से मोटर चोरी की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सोलर पंप और ट्यूबवेल से जुड़ी कीमती मोटरों की चोरी से ग्रामीणों में आक्रोश है। पीड़ित किसानों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोहाना के गांव शामड़ी बुराण के रहने वाले नरेश ने पुलिस चौकी मुंडलाना में शिकायत दी, कि उन्होंने अपने खेत में सोलर पंप लगवा रखा है। सुबह जब वह खेत में पहुंचे, तो वहां लगी 7.5 हॉर्स पावर की मोटर गायब मिली। आसपास काफी तलाश की गई, लेकिन मोटर का कोई सुराग नहीं मिला। उसी रात गांव में दूसरी चोरी की वारदात पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसी रात गांव शामड़ी बुराण में अंकुश के खेत से भी चोरी हुई। अज्ञात चोर वहां से एक पंखा, ट्यूबवेल और 15 हॉर्स पावर की मोटर चोरी कर ले गए। लगातार हुई चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस चौकी में दी गई शिकायत 12 जनवरी 2026 को नरेश ने चौकी मुंडलाना पहुंचकर अपनी लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस दरखास्त की जांच के बाद पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध बनता पाया। इसके बाद सिपाही दीपक के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत थाना सदर गोहाना भेजी गई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम शिकायतकर्ता के साथ गांव शामड़ी बुराण में घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि अज्ञात चोरों की तलाश की जा रही है और जल्द ही चोरी गई मोटरों की बरामदगी के प्रयास तेज किए जाएंगे।
भारत से एसजीपीसी जत्थे के साथ पाकिस्तान गई कपूरथला की सरबजीत कौर की भारत वापसी फिलहाल टल गई है। पाकिस्तान सरकार ने उसे भारत भेजने के बजाय उसकी वीजा अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद सरबजीत कौर ने अपना नाम नूर फातिमा हुसैन रख लिया है। पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री मोहम्मद तलाल चौधरी ने सरबजीत को देश निकाला न देने और वीजा बढ़ाने की अपील को मंजूरी दे दी है। वहीं, लाहौर की एक अदालत में मामला विचाराधीन होने के कारण उसकी तत्काल भारत वापसी पर रोक लगी हुई है। क्या है सरबजीत कौर का पूरा मामला, सिलसिलेवार पढ़िए— 1. नवंबर में गई थी पाकिस्तान सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1923 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा और 13 नवंबर को भारत लौट आया।हालांकि, 1923 की जगह केवल 1922 श्रद्धालु ही वापस पहुंचे। जांच में सामने आया कि कपूरथला की रहने वाली सरबजीत कौर भारत नहीं लौटी। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में मिला और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में दर्ज था। 2.निकाहनामा और वीडियो वायरल हुआ सरबजीत की तलाश के दौरान अचानक उर्दू में लिखा उसका निकाहनामा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें दावा किया गया कि उसने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है और शेखूपुरा के नूर हुसैन नामक युवक से निकाह किया है।इसके बाद 15 नवंबर को उसका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह मौलवी से कहती दिखी कि वह मुस्लिम बनना चाहती है। वीडियो में उसने कहा कि वह नासिर से प्यार करती है और उसे पिछले 9 साल से जानती है। सरबजीत ने यह भी दावा किया कि उसका पहले ही तलाक हो चुका है। 3.पाक इमिग्रेशन फॉर्म में अधूरी जानकारी निकाह के बाद जब सरबजीत के वीजा दस्तावेजों की जांच की गई, तो सामने आया कि उसने पाकिस्तानी इमिग्रेशन फॉर्म में कई अहम जानकारियां नहीं भरी थीं।फॉर्म में उसकी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी, जिससे पाकिस्तान में उसे ट्रेस करना मुश्किल हो गया। बताया जा रहा है कि निकाह के बाद वह नासिर के साथ छिपकर रह रही थी। निकाह के बाद पति संग हुई फरार पाकिस्तान में पहुंचकर सरबजीत कौर ने निकाह कर लिया था। इसके बाद वह अपने घर से गायब हो गए थे। कई दिनों तक पुलिस उनकी तलाश में लगी रही। चार जनवरी को सरबजीत और उसके पति नासिर हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसकी पुलिस कस्टडी के दौरान की फोटो भी सामने आई थी। इसी बीच पता चला था कि सरबजीत और नासिर हुसैन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की पुलिस और अधिकारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। इस मामले में नवंबर में ही लाहौर हाईकोर्ट के जज फारुख हैदर ने फैसला दिया था कि अगर शादी और धर्म परिवर्तन सरबजीत की मर्जी से हुआ तो अधिकारी उन्हें परेशान न करें। सरबजीत कौर पर 10 से ज्यादा केस सरबजीत कौर भारत पंजाब कपूरथला जिले के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट आफिस टिब्बा का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। गांव के लोगों का कहना था कि महिला का अपने पति से तलाक हो चुका है। उसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें वेश्यावृत्ति का भी केस शामिल है। गांव अमानीपुर के अंदर सरबजीत की आलीशान कोठी है। उसका लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था। सरबजीत के विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना-जाना नहीं है।
अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र की चन्द्र छाया कॉलोनी में चोरों ने एक सुने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मकान से सोने की चैन, मंगलसूत्र, एक पायजेब और अलमारी में रखी करीब दो हजार रुपये की नगदी चोरी कर फरार हो गए। मकान रेलवे के ग्रुप डी पॉइंट्स कर्मचारी भोलाराम का है जिसकी भोपाल ड्यूटी है। चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मकान मालिक के रिश्तेदार महावीर गुर्जर ने बताया कि बच्चों की शीतकालीन स्कूल छुट्टियां होने के कारण परिवार ताला लगाकर गुर्जर बास गांव गया हुआ था। मकान में पीछे से कोई नहीं था। इसी दौरान सोमवार सुबह पड़ोसियों ने सूचना दी कि घर का मुख्य गेट बंद है और अंदर कमरे का ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलने के बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि कमरे में सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से सोने-चांदी के गहने व नकदी गायब थी। चोर मकान की दीवार कूदकर अंदर घुसे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
कासगंज जिले में मनरेगा योजना का नाम बदलकर 'जी राम जी' किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बूथ स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आंदोलन की रणनीति तैयार की है। यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा मजदूरों को कांग्रेस और भाजपा सरकारों के कार्यकाल में योजना के क्रियान्वयन के अंतर से अवगत कराएगा। इस रणनीति के तहत, कासगंज कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे और मनरेगा बचाओ आंदोलन के जिला समन्वयक मुनेन्द्र पाल सिंह ने कार्यकर्ताओं की टीमें गठित की हैं। ये टीमें बूथ स्तर से लेकर जिले की ग्राम पंचायतों तक जाएंगी और मनरेगा मजदूरों को कांग्रेस शासन में लागू की गई योजना की उपलब्धियों के बारे में बताएंगी। कांग्रेस कार्यकर्ता मजदूरों को भाजपा शासन में मिले रोजगार की जानकारी भी देंगे। कांग्रेस के मनरेगा बचाओ आंदोलन के जिला समन्वयक मुनेन्द्र सिंह ने बताया कि उनका लक्ष्य इस आंदोलन को ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाना है। वे मनरेगा कार्ड धारकों से पूछेंगे कि भाजपा सरकार आने के बाद उन्हें कितना रोजगार मिला है। सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा योजना लागू कर गरीब मजदूरों को रोजगार की गारंटी दी थी, जिसके तहत 100 दिन का रोजगार मिलता था और किसी को बेरोजगारी भत्ता नहीं देना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ऐसे किसानों के मनरेगा कार्ड बनाए हैं जिनके पास 35-40 बीघा जमीन है, जो काम पर नहीं जाते, फिर भी उन्हें भुगतान मिलता है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा मजदूरों को पूरा रोजगार नहीं दिया है और 125 दिन के रोजगार की नई योजना केवल एक दिखावा है। कांग्रेस कार्यकर्ता ग्राम पंचायत और बूथ स्तर पर जाकर मजदूरों के सामने दोनों सरकारों के कार्यकाल का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करेंगे। यह अभियान 29 जनवरी तक चलेगा, जिसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं।
सतना जिले के नागौद कस्बे में मेला प्रबंधन को लेकर सोमवार को नगर परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने मेला प्रबंधन के लिए टेंडर प्रक्रिया न अपनाने पर आपत्ति जताई। हंगामे के बीच नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिभा सिंह बैठक छोड़कर चली गईं। यह मामला रामना मैदान में बसंत पंचमी से महाशिवरात्रि तक लगने वाले 22 दिवसीय मेले से जुड़ा है। नगर परिषद की बैठक में मेला प्रबंधन और झूलों की व्यवस्था प्रमुख एजेंडा था। 11 पार्षदों ने जताया विरोध पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कामाख्या सिंह सहित 11 पार्षदों ने नियमों के अनुसार टेंडर जारी न किए जाने पर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि बिना टेंडर के मेला प्रबंधन नियमों के खिलाफ है। पिछले साल 5.20 लाख में मिला था झूले का टेंडर पार्षदों ने बताया कि पिछले साल झूले का टेंडर 2.20 लाख रुपये के आरक्षित मूल्य पर निकाला गया था, लेकिन बोली बढ़कर 5.20 लाख रुपये तक पहुंची थी। इसी राशि को इस साल आधार मूल्य मानकर नए सिरे से टेंडर जारी करने की मांग की गई। पूर्व ठेकेदार राहुल सोनी ने इस वर्ष 5.20 लाख रुपये में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ झूला लगाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन अधिकांश पार्षद इससे सहमत नहीं थे और नए टेंडर की मांग पर अड़े रहे। सहमति न बनने पर बैठक में बढ़ा हंगामा टेंडर को लेकर पार्षदों और अध्यक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसी बात पर बैठक में शोर-शराबा बढ़ गया, जिसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिभा सिंह बैठक छोड़कर चली गईं। इस पूरे मामले पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
लखनऊ के KGMU से जुड़े अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज की जांच अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह मामला संगठित अवैध धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसी कड़ी में STF अब यह पता लगाएगी कि डॉक्टर रमीज इस नेटवर्क से कैसे जुड़ा और उसकी भूमिका किस स्तर तक रही। STF करेगी नेटवर्क की गहन पड़ताल सूत्रों के अनुसार, STF अवैध धर्मांतरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि नेटवर्क की संरचना क्या है, इसके संचालन में कौन-कौन लोग शामिल हैं और डॉक्टर रमीज की भूमिका केवल एक आरोपी तक सीमित थी या वह सक्रिय कड़ी के रूप में काम कर रहा था। डॉक्टर रमीज की भूमिका पर फोकस STF की पूछताछ का मुख्य केंद्र यह होगा कि डॉक्टर रमीज अवैध धर्मांतरण के इस नेटवर्क के संपर्क में कैसे आया। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या रमीज को किसी संगठित समूह ने प्रभावित किया, उसे ट्रेनिंग या दिशा-निर्देश दिए गए, या फिर उसने स्वेच्छा से इस नेटवर्क में एंट्री की। संपर्कों और कनेक्शन की होगी जांच जांच के दौरान रमीज के संपर्कों, कॉल डिटेल, चैट और डिजिटल गतिविधियों की गहन पड़ताल की जाएगी। STF यह भी जांचेगी कि रमीज किन-किन लोगों के संपर्क में था और क्या इन संपर्कों के जरिए अन्य मामलों में भी अवैध धर्मांतरण की कोशिशें की गईं। आर्थिक और वैचारिक मदद की पड़ताल सूत्र बताते हैं कि STF इस बात की भी जांच करेगी कि डॉक्टर रमीज को अवैध धर्मांतरण से जुड़े किसी नेटवर्क से आर्थिक या वैचारिक मदद मिली थी या नहीं। फंडिंग, कानूनी सहायता और सुरक्षित ठिकानों जैसे पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच के बाद हो सकते हैं बड़े खुलासे डॉ. रमीज की STF जांच से आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क को लेकर बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध धर्मांतरण से जुड़े कई छिपे चेहरों और तरीकों का पर्दाफाश हो सकता है।
ड्यूटी के दौरान सब इंस्पेक्टर ने बचाई युवक की जान:भोपाल में सड़क पर गिरे व्यक्ति को दिया सीपीआर
भोपाल के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर ड्यूटी के दौरान हनुमानगंज थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने समय पर सूझबूझ दिखाते हुए एक युवक की जान बचा ली। चलते-चलते अचानक सड़क पर गिरे युवक को विवेक शर्मा ने मौके पर ही सीपीआर देकर दोबारा होश में लाया और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना सोमवार की बताई जा रही है। नादरा बस स्टैंड के पास ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे विवेक शर्मा की नजर उस समय एक युवक पर पड़ी, जो बैटरी रिक्शा से उतरते ही सड़क पर गिर पड़ा। युवक के साथ मौजूद उसके दोस्त के अनुसार वह पंजाब का रहने वाला है। सीपीआर देकर लौटाई सांसें सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने बताया कि युवक के गिरने के बाद उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्होंने बिना देर किए युवक के सीने पर सीपीआर देना शुरू किया। करीब 30 से 45 सेकेंड तक लगातार सीपीआर देने के बाद युवक के शरीर में हलचल शुरू हुई और उसे होश आने लगा। इसके बाद पानी के छींटे मारकर उसकी स्थिति को और बेहतर किया गया। इलाज के लिए अस्पताल भेजा होश में आने के बाद युवक को उसके दोस्त के साथ इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। विवेक शर्मा ने बताया कि उन्होंने युवक को हमीदिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। युवक की पहचान गुलाब सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के लुधियाना- जालंधर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। बाद में संपर्क करने पर जानकारी मिली कि युवक की हालत सामान्य है।
मोतिहारी पुलिस ने छपरा जिले के मसरख थाना क्षेत्र स्थित रामजानकी मंदिर में हुई चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार चोर के पास से मंदिर से चोरी किए गए जेवरात भी बरामद किए हैं। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया है। कल्याणपुर थानाध्यक्ष विनीत कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के खटोलवा गांव में एक संदिग्ध व्यक्ति छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर मुजफ्फरपुर जिले के देवरिया थाना क्षेत्र निवासी राजन कुमार को हिरासत में लिया। तलाशी में मिले चांदी के जेवर संदिग्ध की तलाशी लेने पर उसके पास से दो चांदी की पायल, दो चांदी की बिछिया, दो चांदी के हाथ के कंगन, एक सोने जैसी अंगूठी, एक जोड़ी कान की बाली और एक कीपैड मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद जेवरात देखकर पुलिस का शक गहरा गया कि यह मंदिर चोरी से संबंधित हो सकता है। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी राजन कुमार ने स्वीकार किया कि वह 5 जनवरी को मसरख थाना क्षेत्र के रामजानकी मंदिर में हुई चोरी की घटना में शामिल था। उसने बताया कि इस दौरान राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्तियों से जेवरात चुराए गए थे। आरोपी को मसरख पुलिस को सौंपने की तैयारी मोतिहारी पुलिस ने इस मामले की सूचना मसरख थाना पुलिस को दे दी है। अब आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस वारदात में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मसरख पुलिस को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
ग्वालियर में एक बाइक पर सात नाबालिगों द्वारा खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। 12 सेकंड के इस वीडियो में नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चला रहे हैं। घटना सोमवार रात की बताई जा रही है, जबकि इसका वीडियो मंगलवार सुबह सामने आया है। वीडियो ग्वालियर के मेला ग्राउंड के पास का बताया जा रहा है। जिसे एक राहगीर ने अपनी कार से गुजरते समय रिकॉर्ड किया और बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नाबालिग न तो हेलमेट पहने हुए हैं और न ही किसी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। एक ही बाइक पर सात नाबालिग सवार होकर तेज रफ्तार में स्टंट करते नजर आ रहे हैं, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। पुलिस तक पहुंचा वीडियो, तलाश शुरू वायरल वीडियो पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंच गया है। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो के आधार पर नाबालिगों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वीडियो के आधार पर नाबालिगों की तलाश की जा रही है। उन्हें चिन्हित कर मोटर व्हीकल एक्ट (यातायात अधिनियम) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बचपन में बकरियां चराने वाला आजाद खान देखते ही देखते सट्टा किंग बन गया। 23 साल पहले उसने IPL से ऐसे रुपए कमाने का जुगाड़ निकाला कि बहुत कम समय में गुना के साथ ही अशोकनगर में सटोरियों के बीच छा गया। शहर से निकलकर पूरे प्रदेश और फिर पड़ोसी राजस्थान तक सट्टे का जाल बिछाकर करोड़ों की कमाई की। परिवार को राजनीति में उतारा। होटल-फॉर्म हाउस के साथ ही जमीनों तक में बड़ा निवेश किया। अपराध में कदम रखने वाला आजाद तो सलाखों के पीछे गया ही लेकिन आजाद खान का होटल शहर के बीचोंबीच बना है। पुराने बस स्टैंड से कुछ दूर था। होटल की कीमत करीब 10 करोड़ रुपए के करीब था। यह कीमत जमीन सहित है। होटल में लाखों रुपए का तो इंटीरियर लगा हुआ था। हालांकि कुछ सजावटी सामान को निकाल लिया था। इसके अलावा फॉर्म हाउस की जिस बिल्डिंग को गिराई गई है उसकी 20 लाख रुपए कीमत थी।प्रशासन ने उसके अवैध साम्राज्य यानी करोड़ों के फॉर्म हाउस और होटल तक जमींदोज कर दिए। पिता की सट्टे की पर्ची काटने से शुरू हुआ आजाद का सफर, कब IPL सट्टे तक पहुंचा। कैसे वह करोड़ों का मालिक बन गया। पढ़िए, आजाद के सट्टा किंग बनने की कहानी... सबसे पहले आजाद के बारे में जानिए... अशोकनगर के आजाद मोहल्ले में रहने वाले गरीब परिवार में आजाद खान का जन्म हुआ। पिता अलीम खान उर्फ पप्पू टेलरिंग किया करते थे। वे इसके साथ सट्टे की पर्ची भी काटा करते थे। घर में बकरियां थी, तो आजाद इन्हें चराने का काम किया करता था। खाली समय में आजाद अपने पिता के साथ समय बिताया करता था। पिता को पर्ची काटते देख कम उम्र में ही उसने यह कलाकारी सीख ली। पिता की गैर मौजूदगी में वह यह काम संभालने लगा। यही सं उसने अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा। 2003 तक आजाद ऑफलाइन सट्टा ही खिलाया करता था। 2003 में पहली बार उस IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टे के बारे में पता चला। उसने परिचित सटोरियों के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वालों से संपर्क किया। उसे सट्टे का अच्छा नॉलेज था इसलिए, ऑनलाइन सट्टे में भी उसने अच्छा काम किया। अच्छा कमीशन तो मिला, लेकिन आईडी वाले सटोरियों को मोटा मुनाफा होता देख आजाद ने खुद इसमें हाथ आजमाने का सोचा। जानकारी जुटाने के बाद उसने सबसे पहले अपनी सट्टा आईडी VTX991 बनाई। यहीं से लोगों को मोटा मुनाफा देने का लालच देखकर काम शुरू किया। आईडी यूज करने वालों से सिर्फ वह दो परसेंट कमीशन लिया करता था। धीरे-धीरे उसने कमीशन एजेंट बनाने शुरू किया। अशोकनगर के बाद गुना और फिर पूरे प्रदेश में नेटवर्क बनाया। यहां से बाहर निकलकर राजस्थान में भी अपने सटोरिए परिचितों को जोड़ा और वहां नेटवर्क फैला लिया। कमाई बढ़ाने रियल एस्टेट में रखा कदम आजाद ने सट्टे के साथ ही दूसरे माध्यम से और रुपए कमाने का सोचा। जो रुपए उसने सट्टे से कमाए, उसे रियल स्टेट में खपाना शुरू किया। उसने जमीन खरीदने बेचने का काम भी शुरू कर दिया। अशोकनगर के कई लोगों के साथ वह जमीनों के खेल में पार्टनर बन गया। इसके अलावा अशोकनगर में ही एक होटल भी बना ली। उसका नाम रखा आजाद पैलेस। वहीं, अपने गांव में एक फॉर्म हाउस का निर्माण भी कर डाला। बेहद आलीशान फॉर्म हाउस में बड़ी पार्टियां भी आयोजित हुआ करती थीं। रुतबा बढ़ाने परिवार की पॉलिटिक्स में एंट्री करवाई पैसा और पावर के लिए आजाद ने अपने भाई को राजनीति में उतार दिया। वर्तमान में भाई अशोकनगर में पार्षद है और कई सामाजिक कार्यों में एक्टिव रहता है। आजाद ने खुद को पावरफुल दिखाने के लिए राजनेताओं से संबंध बनाने शुरू किए। कई विधायक, मंत्रियों से भी संबंध बनाए। कुछ न कुछ हद तक इसका उसे फायदा भी मिलता रहा। करीबी तो यहां तक बताते हैं कि आजाद ने कुछ नेताओं के लिए चुनाव में फंडिंग भी की है। इसके एवज में उसे प्रोटेक्शन देने का भी वादा किया गया। गुना में IPL सट्टे में आया नाम आजाद खान की मुश्किलें पिछले साल गुना के कैंट थाने में IPL सट्टे को लेकर एक केस दर्ज होने के बाद बढ़ी। अप्रैल महीने में IPL के दौरान गुना पुलिस ने 10 सटोरियों पर FIR दर्ज की। इनमें संदीप सोलंकी, सुखजीत सिंह बल, सूरज शर्मा, जावेद चिकना, रवि राठौर, रोनित राठौर, राकेश प्रजापति टेना, अजय कुशवाह के नाम शामिल थे। पूछताछ के बाद इसी मामले में आजाद खान को भी आरोपी बनाया गया। इसी मामले में आजाद खान ने गुना कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया, जहां से उसे जमानत मिल गई। सूत्रों की माने तो FIR से नाम हटवाने के लिए उसने पुलिस पर कई जगह से दबाव बनवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अशोक नगर में तोड़ा होटल, फॉर्म हाउस पिछले वर्ष ही अशोक नगर में भी उस पर सट्टे की FIR दर्ज हुई। इसके बाद से ही वह पुलिस के निशाने पर आ गया। अशोक नगर प्रशासन ने उसके निर्माणों की जानकारी जुटाई, जिसके बाद पता चला कि फार्म हाउस और होटल अतिक्रमण कर बनाया गया है। दिसंबर 2025 में प्रशासन ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू की और सबसे पहले फॉर्म हाउस को जमींदोज किया। यह फार्म हाउस आजाद खान की मां शहजाद बानो के नाम पर दर्ज है। प्रशासन के अनुसार पीडब्ल्यूडी सड़क से नियमानुसार 75 फीट दूरी छोड़ना अनिवार्य था, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किया गया था। करीब 1000 वर्ग फीट क्षेत्र में बने मकान का लगभग 12 फीट हिस्सा अवैध पाया गया, जिसे तोड़ा गया। पढ़े पूरी खबर... कार्रवाई के बाद कि और पहले की तस्वीरें देखें अशोकनगर में सट्टा किंग फार्म हाउस पर चला बुलडोजर कुछ दिन बाद ही अशोक नगर के मुख्य मार्केट में स्थित होटल के अवैध हिस्से पर भी बुलडोजर चला दिया। निर्माण के दौरान नियमों का पालन न करने के कारण इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जेसीबी चलाने से पहले प्रशासनिक अधिकारी होटल के अंदर गए। तीनों मंजिलों पर बने कमरों को चेक किया। आसपास की सभी दुकानों को बंद करवा दिया गया था। गलियों में बैरिकेड लगाकर आवाजाही रोक दी गई थी। पुराने बस स्टैंड के पास खाली परिसर में भी बैरिकेड लगाए गए थे, ताकि वहां भीड़ इकट्ठा न हो। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और नगर पालिका के अमले के साथ 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। पढ़े पूरी खबर... करोड़ों की प्रॉपर्टी की गई जमींदोज जिस आजाद खान के होटल पर प्रशासन ने जेसीबी चलाई वह शहर के बीचो-बीच बना है, जो पुराने बस स्टैंड से कुछ दूर पर है। प्रॉपर्टी कारोबारी की माने तो अनुमान के मुताबिक इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए के आसपास थी। होटल में लाखों रुपए का तो इंटीरियर लगा हुआ था। हालांकि कुछ सजावटी सामान को निकाल लिया गया था। इसके अलावा फार्म हाउस की जिस बिल्डिंग को गिराई गई है उसकी कीमत भी 20 लाख रुपए के आसपास आंकी गई है। लाइसेंस सस्पेंड, गिरफ्तारी भी हुई पिछले महीने ही अशोक नगर SP के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने उसका आर्म्स लाइसेंस निरस्त किया। इसके बाद उसे हथियार थाने में सरेंडर करने के निर्देश दिए गए। आजाद ने कुछ दिन बाद थाने पहुंचकर पिस्टल सरेंडर कर दी। इसके एक हफ्ते बाद ही अशोक नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। अंतर्राष्ट्रीय सिम भी मिली गुना में जब उस पर FIR हुई और पुलिस ने जांच शुरू की, तो उस पर एक इंटरनेशनल नंबर भी मिला, इसी से वह अपना सट्टा ऑपरेट करता था। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि उसने किस देश की सिम खरीदी और कैसे उसे सिम मिली। गुना में पकड़े गए एजाज खान के मोबाइल में भी उसकी आईडी मिली थी। एजाज खान गुना में उसके लिए काम करता था और उसका एकदम खास है। दो सराफा व्यापारियों की आत्महत्या के मामले में है आरोपी 15 मई 2025 में शहर के दो सगे सराफा व्यापारी भाई नंदकिशोर सोनी और रामेश्वर सोनी ने कर्ज से परेशान होकर एक दूसरे के गले में हाथ डालकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों भाइयों के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही थी। उन्होंने सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या की थी। इस मामले में पुलिस की जांच में आजाद का नाम सामने आया था। पढ़े पूरी खबर... दिसंबर 2025 में अशोक नगर में सटोरिया आजाद खान के भाई और पार्षद राशिद खान चिन्ना पर दो भाइयों की आत्महत्या से जुड़े मामले में दबाव बनाने का आरोप लगा है। कोतवाली पुलिस ने राशिद और उसके ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पढ़े पूरी खबर... 5 दिन पहले मिली जमानत गिरफ्तारी के बाद से ही वह अशोकनगर जेल में बंद था। पांच दिन पहले उसे अशोकनगर कोर्ट से जमानत मिल गई, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया है। फिलहाल प्रशासन उसके अवैध ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है।
दुर्ग जिले में एक शिक्षिका के घर से 75 हजार की चोरी हुई है। ग्राम बठेना में 10 जनवरी को चोरों ने चंचल साहू के सूने मकान को निशाना बनाते हुए वारदात को अंजाम दिया। मामला पाटन थाना क्षेत्र का है। घर का ताला तोड़कर चोर न सिर्फ घर से सोना-चांदी और नकदी ले गए, बल्कि पहचान छिपाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया और डीवीआर साथ ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वारदात के समय घर में कोई नहीं था जानकारी के अनुसार, पीड़िता चंचल साहू ग्राम बठेना में अपने माता-पिता के साथ रहती हैं और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। चंचल साहू ने पाटन थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 10 जनवरी की शाम करीब 4 बजे वह अपने माता-पिता के साथ अपनी दीदी के घर धनोरा गई थीं। घर में ताला लगाकर सभी लोग बाहर गए थे, इसी दौरान चोरी हुई। 2 दिन बाद हुई चोरी की जानकारी 12 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे गांव के ही पोषण साहू ने शिक्षिका चंचल साहू को फोन कर सूचना दी कि उनके घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलते ही चंचल साहू अपने माता-पिता और जीजा अरुण कुमार साहू के साथ तुरंत ग्राम बठेना स्थित अपने घर पहुंचीं। वहां देखा गया कि मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी और घर के अंदर का पूरा सामान बिखरा पड़ा था। 50 हजार रुपए नगद भी चुराए पीड़िता के अनुसार आलमारियों के ताले तोड़े गए थे और ऊपर के कमरे में रखी अलमारी का सामान भी बाहर फैला दिया गया था। सामान का मिलान करने पर घर से एक नग सोने की चैन, एक नग सोने का झुमका, दो नग पुराने इस्तेमाल के चांदी के सिक्के और नकद 50 हजार रुपए गायब पाए गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और डीवीआर अपने साथ ले गए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके। पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है। पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।
रोहतक के गांव रूड़की में रंजिशन एक व्यक्ति के खेत में सरसों की पकी हुई फसल को आरोपियों ने ट्रैक्टर से जुताई कर नष्ट कर दिया। पीड़ित परिवार ने मामले में आरोपियों के खिलाफ आईएमटी थाना में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गांव रूड़की निवासी प्रियंका पत्नी समुंदर सिंह ने बताया कि सरकार की पीएम कुसुम योजना के तहत 3 किलोवाट का ट्यूबवेल कनेक्शन खेत में लगा रखा है और करीब सवा एकड़ में सरसों की फसल लगा रखी है, जो पकने के लिए तैयार थी। लेकिन गांव के ही रहने वाले रोहित पुत्र धर्मबीर व उसकी मां राजबाला ने रंजिशन सरसों की फसल पर ट्रैक्टर से जुताई करके फसल को नष्ट कर दिया। प्रियंका ने बताया कि आरोपी रोहित व उसकी मां राजबाला ने उनके साथ गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। जिसके कारण परिवार के लोग डरे हुए है। इस मामल में आईएमटी थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। पहले भी धान की फसल कर चुके नष्ट प्रियंका ने बताया कि आरोपी रोहित व राजबाला ने पहले भी धान की खेत में खड़ी फसल को नष्ट कर दिया था और उन्हें मारने की धमकी दी थी। कई बार परिवार के लोगों को खेत में जाने से रोककर गाली गलौच व धमकी दे चुके है। इस बारे में पहले भी पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। सिविल मामला कहकर पुलिस झाड़ लेती है पल्ला प्रियंका ने बताया कि खेत में खड़ी फसल को नष्ट करने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं, पुलिस इस मामले को सिविल मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। जबकि किसी की फसल नष्ट करना व रास्ता रोक कर धमकी देना व जान से मारने की बात करना कानूनी अपराध है। इस मामले में एसपी को भी शिकायत दी गई है। पुलिस पर लगाया आरोपियों से मिलीभगत का आरोपप्रियंका ने बताया कि आरोपी दो बार उनकी फसल को नष्ट कर चुके है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस व आरोपियों की मिलीभगत के कारण आरोपियों की हिम्मत बढ़ी हुई है। पुलिस उनकी बात भी नहीं सुन रही। ऐसे में आम आदमी अपनी शिकायत किससे करे। पुलिस मामले में कर रही जांच आईएमटी थाना एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने कहा कि गांव रूड़की निवासी प्रियंका की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मौके का निरीक्षण करेगी और जल्द ही आरोपियों को काबू करके पूछताछ की जाएगी। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
सावन के महीने में भारत के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले कांवर यात्रा खूब चर्चा में रहती है, लेकिन माघ महीने में बिहार से झारखंड तक की कांवर यात्रा भी कम चर्चित नहीं है। यह 200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा भारत की सबसे लंबी कांवर यात्रा मानी जाती है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से हाड़ कंपाने वाली ठंड में लोग परेशान हैं। लोगों का घर से निकलना मुश्किल है। ऐसे में भी मिथिलांचल से लेकर अंग क्षेत्र तक की सड़कों पर बोल बम का जयकारा गूंज उठा है। नंगे पांव, कंधे पर 20 से 25 किलो का कांवर उठाए यह शिवभक्त 20 दिनों की कठिन देवघर यात्रा पर निकले हुए हैं। जिनके बोल बम के जयकारा से पूरा वातावरण गूंजायमान हो गया है। बिहार के मिथिलांचल, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी समस्तीपुर से कांवरियों का जत्था चल पड़ा है। बेगूसराय से गुजर रहा जत्था अपनी मनोकामना को लेकर माघ माह में बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बोल बम के जयकारे के साथ निकल पड़े हैं। यह द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ के दरबार में मिथिलांचल के कोने कोने से श्रद्धालु 18 से 20 दिनों की पैदल यात्रा के बाद बसंत पंचमी को बाबा भोले पर जल अर्पित करेंगे। आस्था और हठयोग के साथ मिथिला के हजारों लोगों का जत्था दो दिनों से बेगूसराय के रास्ते गुजर रहा है। इस दौरान कंधे पर कांवर लेकर बोलबम के नारों के साथ कांवरियों नंगे पांव सड़कों पर यात्रा कर रहे हैं। सावन की कांवर यात्रा में कंधे पर सिर्फ कांवर होता है। लेकिन प्रत्येक वर्ष माध महीने में होने वाली इस यात्रा में इनके बांस से बने बॉक्स नुमा कांवर से 20 से 25 किलो तक का खाने का समान रहता है। टीम के कुछ सदस्य सामूहिक रूप से खाना बनाने के लिए बड़ा बर्तन साथ लेकर चलते हैं। स्नान कर सुबह 4 बजे यह चलना शुरू करते हैं। दोपहर में किसी सार्वजनिक जगह पर रुक जाते हैं। फिर स्थानीय लोगों से मिलकर जलावन की व्यवस्था करते हैं। सामूहिक रूप से भोजन बनाने और भजन-कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चलते रहता है। कांवर यात्रा में शामिल कांवरियों ने बताया कि बैद्यनाथ धाम में कांवर चढ़ाने का आरंभ मिथिला से ही हुआ है। बाबाधाम जाने की परंपरा शिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती का विवाहोत्सव मनाया जाता है। उससे पहले बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) को महादेव का तिलकोत्सव होता है। जिसमें मिथिलावासी ससुराल पक्ष की ओर से शामिल होते हैं। इसलिए हम सभी लोग कांवर लेकर देवघर के लिए निकल पड़े है। बाबाधाम देवघर जाने की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चल रही है। पूर्वजों के बताए धर्म की डगर पर सभी चल रहे हैं। उनका संकल्प बसंत पंचमी को यज्ञ समापन के साथ होगा। बसंत पंचमी के अगले दिन सामूहिक रूप से भैरव पूजा करेंगे और यहां से प्रस्थान कर जाएंगे। वहां से लौटने के दौरान सप्तमी तिथि को मिथिला के दक्षिणी छोर पर स्थित बेगूसराय के पावन गंगा धाम सिमरिया में गंगा स्नान करने के बाद जल लेकर अपने-अपने गांव लौट जाएंगे। माघ में कांवर यात्रा राधेकांत झा ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और देवों के देव महादेव की मिथिला में दामाद के रूप में प्रसिद्धि है। भगवान शिव एवं पार्वती के विवाह का उत्सव मिथिला वासी महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं। इससे पहले बसंत पंचमी को भगवान शिव का तिलकोत्सव के रूप में मनाए जाने कि यहां मान्यता रही है। इसी मान्यता के अनुरूप फसल कटनी के बाद हम मिथिलावासी देवघर की कांवर यात्रा पर माघ में निकलते हैं। सभी लोग मौनी अमावस्या के दिन सुल्तानगंज पहुंच जाते हैं। जहां स्नान-पूजन कर गंगा जल लेते हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक हमलोगों के खास आकर्षण का केंद्र है।
सरगुजा जिले के केरजू सहकारी समिति के किसान फर्जी लोन के कारण कर्जदार हो गए हैं। किसानों ने जितना कर्ज लिया, उससे काफी अधिक रकम उनके खाते में बतौर लोन दर्ज है। धान बेचने पहुंचने वाले किसानों की रकम लोन में समायोजित हो जा रही है। सोमवार को करीब 200 से अधिक किसान कलेक्टोरेट पहुंचे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी किसानों के साथ कलेक्टर से मिले और जांच की मांग रखी। पूर्व मंत्री ने कहा कि फर्जी लोन की रकम करोड़ों में है। करीब दो हजार से अधिक किसानों के नाम से फर्जी लोन निकाला गया है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। इसी समिति के प्रबंधक ने कुछ दिनों पूर्व घर में फांसी लगा ली थी। 5 गावों के लोगों के नाम निकला फर्जी लोन सीटापुर ब्लॉक की सहकारी समिति केरजू में 5 गांव केरजू, कुनमेरा, ढोढ़ागांव, बंशीपुर और हरदीडांड गांव आते हैं। फर्जी लोन की जानकारी किसानों को समर्थन मूल्य में धान बेचने के बाद मिली। जब किसानों ने धान बेचा और पैसे लेने सहकारी बैंक पेटला पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम पर लाखों का लोन है और धान बिक्री की राशि लोन में समायोजित हो गई है। किसानों के अनुसार, पांच गांवों के दो हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं। लगभग सभी के नाम पर फर्जी लोन निकाला गया है। कुछ हजार का लोन लाखों में बदला केरजू निवासी किसान नेतराम धुर्वे ने बताया कि उन्होंने खेती के लिए 55 हजार नगद, 25 बोरा यूरिया और तीन बोरी धान बीज लोन में लिया था। धान बेचने के बाद पता चला कि उनके नाम पर 2.65 लाख रुपए का लोन है और धान ब्रिकी की पूरी राशि समायोजित हो गई। केरजू के कमल कुजूर ने बताया कि जब उन्होंने धान बेचा और पैसे लेने बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम पर 3 लाख रुपये का लोन है। हमने 30 हजार रुपये का लोन लिया था। कई बार दौड़ने के बाद भी धान बिक्री की रकम नहीं मिली। धान बिक्री का पैसा नहीं मिलने का आरोप केरजू की कमला भोदरो ने बताया कि उन्होंने बैंक से कोई लोन नहीं लिया है, लेकिन धान बेचे तो पता चला कि उनके नाम पर दो लाख रुपये का लोन है। धान बिक्री का पैसा नहीं मिल रहा है। अन्य किसानों की भी यही समस्या है। उनके नाम पर लाखों का लोन खाते में दर्ज है। किसानों ने सहकारी बैंक से केरजू समिति के ऋण ले चुके किसानों की सूची भी मांगी, लेकिन बैंक ने लिस्ट नहीं दी है। पूर्व मंत्री बोले-करोड़ों का फर्जी लोन, कार्रवाई हो पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि फर्जी लोन से करीब दो हजार किसान परेशान हैं। साल भर की मेहनत के बाद धान बेचने पर उन्हें पैसे नहीं मिल रहे हैं। फर्जी लोन की रकम करोड़ों में हो सकती है। प्रशासन इसकी जांच कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे। किसानों को धान बिक्री की राशि का भुगतान किया जाए। ये फर्जी लोन 2024-25 में निकाले गए हैं। मृत किसानों के नाम पर भी फर्जी लोन निकाला गया है। कलेक्टर बोले-कराएंगे जांच कलेक्टर अजीत वसंत ने किसानों से चर्चा के बाद कहा कि मामले की समिति बनाकर जांच कराई जाएगी। किसानों ने बताया है कि उन्होंने लोन नहीं लिया है, फिर भी बैंक वाले उनके नाम पर लोन बता रहे हैं। इस कारण से जब वे धान बेचने जा रहे हैं तो उन्हें रकम नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने कहा कि कमेटी किसानों की सभी शिकायतों पर जांच करेगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति प्रबंधक ने लगा ली थी फांसी केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक दिनेश गुप्ता 25 दिसंबर की रात ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। देर रात वे सहकारी समिति से घर लौटे थे। रात में लोन राशि के समायोजन को लेकर किसानों से उनका विवाद भी हुआ था। माना जा रहा है कि दिनेश गुप्ता को करोड़ों रुपये के फर्जी लोन की जानकारी थी, संभवतः इसी कारण से उन्होंने आत्महत्या कर ली। ......................................... इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें सरगुजा में सहकारी समिति प्रबंधक ने लगाई फांसी:देर रात धान खरीदी केंद्र से लौटे थे, तनाव के चलते खुदकुशी की आशंका सरगुजा जिले के केरजू धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक दिनेश गुप्ता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात वे सहकारी समिति से घर लौटे थे। सुबह उनका शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में चार्ज करते समय अचानक ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में करीब 55 वर्षिय एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं घर में भी आग लग गई। जिससे काफी सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। गांव बड़कोदा का करीब 55 वर्षीय शिव कुमार नारनौल की रामनगर कॉलोनी में मकान बनाकर रहता था। उसके दो लड़की व एक लड़का है। तीनों शादीशुदा हैं। रात के समय वह अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी को चार्जिंग में लगाकर अपने घर पर एक कमरे में अकेला सो रहा था। एक लड़की ग्रुप डी में सरकारी जॉब लगी हुई है। रात को हुआ जोर से धमाका रात को करीब साढ़े नौ बजे चार्जिंग में लगी स्कूटी की बैटरी फट गई। इससे जोर के धमाके के साथ घर में आग लग गई। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोस के लोगों जाग गए तथा वहां पर जमा हो गए। पड़ोसियों ने इसकी सूचना तुरंत एम्बुलेंस, पुलिस व दमकल काे दी। दमकल कर्मियों ने निकाला सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। वहीं कमरे से शिव कुमार को निकाला। जिसके बाद पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से घायल को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। मजदूरी करता था मृतक मृतक शिव कुमार बावरिया समाज से था। वह गांव बड़कोदा से कई साल पूर्व नारनौल आ गया था तथा यहां पर मजदूरी करता था। रात को वह कमरे में अकेला ही सो रहा था। अन्य परिजन दूसरे कमरे में सो रहे थे। सोते समय वह रोजाना स्कूटी को चार्जिंग में लगाता था। बीती रात को अचानक धमाके के साथ बैटरी फटने से यह हादसा हो गया। टॉक्समो राइनो प्लस स्कूटी शिव कुमार ने यह स्कूटी करीब एक साल पहले नसीबपुर में बने एक शोरूम से खरीदी थी। स्कूटी लाल रंग की थी तथा उस पर टॉक्समो राइनो प्लस लिखा हुआ है। यानी कंपनी का नाम टॉक्समो है तथा उसका मॉडल राइनो प्लस था। इस स्कूटी की खासियत यह है कि इसके चलाने के लिए आरटीए से रजिस्ट्रेशन कराने तथा इसको चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती। यह 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज नहीं चल सकती। घर का सामान जला स्कूटी में ब्लास्ट हो जाने के बाद घर में लगी आग के कारण घर का भी काफी सामान जल गया। आग लगने से घर में लगा फर्नीचर किवाड़ व जंगलों के अलावा बैड, सोफे तथा अन्य सामान भी जल गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि उन्होंने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया तथा मृतक को कमरे से निकाला।
सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 13 स्थित नया बाजार के पोखर का कायाकल्प 20 फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। सहरसा नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने नगरवासियों को यह भरोसा दिलाया है। उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल को बताया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोखर और उसके आसपास का क्षेत्र पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे लोगों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिलेगा। नगर आयुक्त झा ने जानकारी दी कि यह पोखर काफी पुराना है और बीते वर्षों में इसे लेकर कई विवाद सामने आए थे। मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक भी पहुंचा था। इसके बावजूद, नगर निगम पोखर की स्थिति सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल छठ घाट के निर्माण और सफाई के दौरान लगभग पूरा कचरा हटाया गया था। हालांकि, इसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा गंदगी डालने के आरोप सामने आए हैं, जिस पर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 20 फरवरी तक पोखर को बनाया जाएगा आकर्षक नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम का लक्ष्य केवल पोखर की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। 20 फरवरी तक इस पोखर के चारों ओर लाइटिंग व्यवस्था, बेहतर बैठने की सुविधा और हरियाली विकसित की जाएगी। यह स्थान एक छोटे पार्क के रूप में भी उपयोगी होगा, जहां नगरवासी सुबह-शाम टहल सकेंगे। प्रभात कुमार झा ने कहा कि नगर निगम शहर के जलस्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर गंभीर है। पोखरों और तालाबों का कायाकल्प न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे शहर की सुंदरता भी बढ़ती है। उन्होंने विश्वास जताया कि तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा होगा और वार्ड नंबर 13 का यह पोखर सहरसा के लोगों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनेगा।
पंजाब के लुधियाना की एक अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर विशाल कपूर की गिरफ्तारी को 'पूरी तरह अवैध' करार दिया है। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी में कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की लगातार अनदेखी की गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता गर्ग की अदालत ने 7 जनवरी को यह आदेश दिया। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और अदालत की अवमानना की कार्यवाही चलाने का भी निर्देश दिया है। विशाल कपूर को पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 7, लुधियाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 308(2) और 351(2) के तहत गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में क्या हुआ?सुनवाई के दौरान, आरोपी विशाल कपूर को हिरासत में अदालत में पेश किया गया। सहायक लोक अभियोजक ने पूछताछ, कथित बरामदगी और सह-आरोपियों का पता लगाने के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगा। वहीं, बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देते हुए एक आवेदन दायर किया और आरोपी की तत्काल रिहाई के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवालदोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस रिकॉर्ड, गिरफ्तारी ज्ञापन, पुलिस जिमनी और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद, अदालत ने पुलिस की ओर से गंभीर प्रक्रियात्मक चूक पाईं। मजिस्ट्रेट ने कहा कि एफआईआर में लगाई गई धाराएं सात साल तक की कैद से दंडनीय हैं, जिसके लिए पुलिस को गिरफ्तारी करने से पहले आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए (अब बीएनएसएस की धारा 35(3)) के तहत उपस्थिति का नोटिस जारी करना अनिवार्य है, जब तक कि कोई असाधारण परिस्थिति न हो। अदालत ने कहा कि पुलिस तत्काल गिरफ्तारी को उचित ठहराने के लिए कोई भी तात्कालिकता या बाध्यकारी कारण प्रदर्शित करने में विफल रही। सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया गया, न ही गिरफ्तारी के कोई कारण दर्ज किए गए या आरोपी को मौखिक या लिखित रूप से बताए गए, जैसा कि कानून द्वारा आवश्यक है। 'गिरफ्तारी के लिखित कारण भी नहीं दिए गए'अदालत ने अभियोजन पक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि गिरफ्तारी के लिखित कारण आरोपी को दिए गए थे। पुलिस द्वारा पेश किया गया हस्तलिखित दस्तावेज त्रुटिपूर्ण पाया गया। अदालत ने कहा कि दस्तावेज में गिरफ्तारी का एक भी कारण नहीं बताया गया, उसमें तारीख और समय नहीं था, उस पर आरोपी के हस्ताक्षर नहीं थे और उसे भ्रामक रूप से शीर्षक दिया गया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दस्तावेज पुलिस हिरासत में रहा, जिससे इस बात पर गंभीर संदेह पैदा होता है कि क्या यह कभी आरोपी को दिया भी गया था। आरोपी को रिहा करने के आदेश मजिस्ट्रेट ने पुलिस के आचरण को गैरकानूनी और मनमाना बताते हुए विशाल कपूर की गिरफ्तारी को पूरी तरह से अवैध घोषित कर दिया और कहा कि यह बीएनएसएस के प्रावधानों या शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं है। नतीजतन, पुलिस रिमांड के आवेदन को खारिज कर दिया गया, जबकि बचाव पक्ष के आवेदन को स्वीकार कर लिया गया। आरोपी को तत्काल प्रभाव से हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया गया, साथ ही यह निर्देश दिया गया कि जब भी आवश्यक हो वह जांच में शामिल हों। अदालत ने एक दुर्लभ और कड़े कदम में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने और अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया। आदेश की एक प्रति सख्त अनुपालन के लिए पुलिस कमिश्नर को भेजी गई है। 21 दिसंबर को इंदी को किया था गिरफ्तार इस आदेश ने एक बार फिर गैरकानूनी गिरफ्तारियों और प्रक्रियात्मक मनमानी पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे पहले 21 दिसंबर, 2025 को एक स्थानीय अदालत ने कांग्रेस नेता इंदरजीत सिंह उर्फ इंदी, जो पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के करीबी सहयोगी हैं उसे गिरफ्तार करने के तरीके पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की थीं। अदालत ने रिमांड की पुलिस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इंदी को कथित तौर पर 20 दिसंबर, 2025 को सुबह लगभग 9.15 बजे उनके आवास से उठाया गया था, जबकि मामले में एफआईआर बाद में सुबह 10.08 बजे दर्ज की गई थी।
बिजनौर में पिंजरे में फंसा गुलदार:वन विभाग की टीम पहुंची, मेडिकल के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
बिजनौर के मंडावर क्षेत्र के तिमरपुर गांव में आज सुबह वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया। सुबह खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने पिंजरे से गुलदार की आवाज सुनी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई। बताया जा रहा है की गुलदार को अब रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा है, जहां उसका मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित आरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। लगातार जंगलों में दिखाई दे रहा थाबिजनौर जिले में पिछले काफी समय से गुलदार का दिखना आम हो गया है। गुलदार लगातार सड़कों और जंगल क्षेत्रों में दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण और किसान चिंतित थे। वन विभाग ने गुलदारों को पकड़ने के लिए जिले में कई पिंजरे लगाए हैं, जिनमें अक्सर गुलदार फंसते रहे हैं। ग्रामीणों को मिली राहतइस गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गुलदार की मौजूदगी से वे परेशान थे। क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि गुलदार के पिंजरे में फंसने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
अंबेडकरनगर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इन यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग 8 जनवरी से शुरू हो गई है, जिसके लिए किसान 21 जनवरी की मध्यरात्रि तक आवेदन कर सकते हैं। उपकृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों पर सीआरएम (CRM) योजना के तहत 50 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए यह अनुदान 80 प्रतिशत तक होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) के अंतर्गत भी विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध है। इनमें कस्टम हायरिंग सेंटर, कंबाइन हार्वेस्टर विद सुपर एसएमएस, पावर टिलर, पावर वीडर, आलू खुदाई मशीन, आलू बोने की मशीन, चैफ कटर (मानव रहित), स्ट्रा रीपर, मिनी राइस मिल, रोटावेटर, हैरो, कल्टीवेटर, ट्रैक्टर माउंटेड प्रेयर, पैडी/गल्टीकाप थ्रेशर और कृषि ड्रोन शामिल हैं। इन कृषि यंत्रों पर अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य वर्ग के किसानों को प्रति कृषि यंत्र 40 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, फार्म मशीनरी बैंक पर 80 प्रतिशत का अनुदान देय होगा।
हाईवों से अवैध-कटों को बंद करने का आदेश:डीएम ने कहा- अवैध कट सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है
गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जिला सड़क सुरक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और NHAI के अधिकारियों को राष्ट्रीय और प्रांतीय राजमार्गों पर मौजूद सभी अवैध कटों को तत्काल चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि ये अवैध कट सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण हैं। नियमों का उल्लंघन कर वाहन चालक गलत तरीके से यू-टर्न लेते हैं, जिससे सामने से आ रहे वाहनों को परेशानी होती है और हादसे होते हैं। बैठक में डीएम ने जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और परिवहन विभाग को ब्लैक स्पॉट्स पर तत्काल सुधारात्मक कार्य करने के निर्देश दिए। इन कार्यों में संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग की उचित व्यवस्था शामिल है, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। आवश्यकता पड़ने पर वहां पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में गोंडा में कमी हम लोग ला सकें। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा और रोड सेफ्टी के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया। डीएम ने जोर दिया कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग, जेब्रा क्रॉसिंग और सुरक्षित सड़क पार करने के तरीकों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें। सभी विभाग के अधिकारी लगातार यातायात नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करें और अधिक से अधिक बच्चे भी जागरूक रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को सघन चेकिंग अभियान चलाने, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक युवक ने अपनी सौतेली मां और सौतेले भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी राहुल गुप्ता अपने पिता प्रेमचंद गुप्ता की पहली पत्नी का बेटा है। प्रेमचंद गुप्ता ने करीब 35 वर्ष पहले उषा से दूसरी शादी की थी, जिससे आयुष नामक पुत्र और दो बेटियां थीं। पिता की मृत्यु करीब दो वर्ष पहले हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद राहुल अपनी सौतेली मां उषा गुप्ता और सौतेले भाई आयुष को संपत्ति में हिस्सा नहीं देना चाहता था। इसी विवाद के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। देखें 3 तस्वीरें... बीती रात राहुल ने पहले अपने सौतेले भाई आयुष की हत्या की। इसके बाद उसने अपनी सौतेली मां उषा गुप्ता की भी हत्या कर दी। पुलिस ने आयुष का शव मौके से बरामद कर लिया है। आरोपी ने सौतेली मां के शव को नहर में बहा देने की बात कही है, जिसकी तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही मड़िहान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। एसपी नक्सल मनीष मिश्रा ने बताया कि आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है और सौतेली मां के शव की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जालौन के कुठौंद थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में सिपाही मीनाक्षी शर्मा को सीजेएम अभिषेक खरे की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाएगा। यह मीनाक्षी की तीसरी पेशी होगी। इससे पहले 19 दिसंबर और 1 जनवरी को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी कराई जा चुकी है। मीनाक्षी बीते 38 दिनों से जिला कारागार उरई में बंद हैं। 5 दिसंबर 2025 की रात कुठौंद थाने के सरकारी आवास में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की सर्विस पिस्टल से गोली लगने से मौत हो गई थी। इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 7 दिसंबर को मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार उरई भेजा गया। घटना की जांच में सीसीटीवी साक्ष्य अहम पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय अपने सरकारी आवास में मौजूद थे और उसी समय मीनाक्षी शर्मा भी उनके कमरे में थी। अचानक गोली चलने की आवाज आई। गोली चलने के बाद मीनाक्षी शर्मा चिल्लाते हुए कमरे से बाहर निकली।उसकी गतिविधियां थाने और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं, जिन्हें जांच का अहम साक्ष्य माना जा रहा है। SIT कर रही है मामले की जांच इस मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की जा रही है। विवेचक एवं कुठौंद थाने के प्रभारी निरीक्षक अजय पाठक के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट जांच का आधार हैं।गन पाउडर की रिपोर्ट आना अभी बाकी है, जिसके बाद ही विवेचना को अंतिम रूप दिया जाएगा और आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। पिता जमानत के प्रयास में वहीं, जेल में बंद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के पिता विपिन कुमार शर्मा उरई में अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपनी बेटी की जमानत के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, चार्जशीट दाखिल न होने के कारण अब तक जमानत याचिका न्यायालय में दाखिल नहीं हो सकी।जांच पूरी होने के बाद ही इस बहुचर्चित मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुरहानपुर में अब हर मंगलवार को पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए 'जल सुनवाई' आयोजित की जाएगी। यह पहल कलेक्ट्रेट में होने वाली जन सुनवाई की तर्ज पर शुरू की गई है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में कुल आठ स्थानों पर जल सुनवाई का आयोजन होगा। इनमें छत्रपति शिवाजी मंगल कार्यालय लालबाग, परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम इंदिरा कॉलोनी, रैन बसेरा, जयस्तंभ पानी की टंकी, दुर्गा मैदान, तिलक हॉल, मरीचिका उद्यान और नगर निगम कार्यालय शामिल हैं। यह सुनवाई हर मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। यह महत्वपूर्ण कदम हाल ही में इंदौर में हुई एक घटना से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर उठाया गया है। इसका उद्देश्य जल संबंधी शिकायतों का त्वरित और प्रभावी ढंग से समाधान करना है। इसी बीच, शहर के कई वार्डों में पाइपलाइन दुरुस्तीकरण का कार्य जारी है। नगर निगम का जल विभाग शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुधार कार्य कर रहा है। विभाग हाई अलर्ट मोड पर है और नागरिकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 9630028148 भी जारी किया गया है।
औरैया की कोतवाली अजीतमल की महिला उप निरीक्षक सुनीता यादव और उनकी टीम ने ग्राम मुडैना रूप शाह में 'मिशन शक्ति 5.0' के तहत एक महिला जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। पहले 2 तस्वीरें देखिए... इनमें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930, स्वास्थ्य सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, तथा 1078, 181 और 112 शामिल हैं। पुलिस टीम ने महिलाओं को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर खतरों से सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए। चौपाल के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें महिला संबंधी अपराधों की जानकारी दी गई और विभिन्न जनकल्याणकारी सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने पुलिस द्वारा दी गई जानकारियों को अत्यंत उपयोगी और महत्वपूर्ण बताया।
प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव 15 जनवरी को नर्मदापुरम जिले के माखननगर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि ट्रांसफर करेंगे। मुख्य कार्यक्रम माखननगर स्थित सांदीपनि विद्यालय के पास खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा सीएम नवनिर्मित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे और कई विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगर में आयोजित होने वाली एक रैली में शामिल होकर सभा स्थल तक पहुंचेंगे। कार्यक्रम से पहले वे राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद सांदीपनि स्कूल ग्राउंड पर मुख्य आमसभा होगी। मंगलवार से ही कार्यक्रम स्थल पर डोम लगाने का काम शुरू हो गया है। कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों को देखते हुए रविवार को कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण थोटा और सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह राजपूत ने माखननगर पहुंचकर सभा स्थल का निरीक्षण किया। पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। हेलीपैड और सभा स्थल पर तैनात रहेंगे डॉक्टर कलेक्टर सोनिया मीना ने लोक निर्माण विभाग के ईई को हेलीपैड, मुख्य सभा स्थल, मंच और डोम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर पालिका सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड के पास फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम अनिवार्य रूप से तैनात रहे।
जयपुर में इन दिनों रोजमर्रा की समस्याओं ने आमजन को परेशान कर दिया है। कचरे की बदहाल व्यवस्था, पानी की मेन लाइन टूटने से जलभराव और पेयजल संकट, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, अव्यवस्थित स्पीड ब्रेकर और सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। हालात यह हैं कि लोग लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से समाधान होता नजर नहीं आ रहा। शहर के कई इलाकों में समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा। सड़कों और गलियों में लगे कचरे के ढेर से बदबू फैल रही है और मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, पानी की मेन लाइन टूटने से कहीं जलभराव की स्थिति बन रही है तो कहीं लोगों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सड़कों पर बने ऊंचे और अव्यवस्थित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। सड़कों पर बैठे आवारा पशु भी ट्रैफिक जाम और हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। ऐसी ही आमजन की रोजमर्रा की परेशानियों और शहर की जमीनी हकीकत को पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर के सिविक इश्यू सेगमेंट पर क्लिक करें निवरू रोड, वार्ड नंबर 14 से अंकित मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके इलाके की मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। इससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हीरापुरा, वार्ड नंबर 18 से हेमंत ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले छह महीनों से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद लाइट चालू नहीं की गई। रात के समय पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। साथ ही चोरी और असामाजिक गतिविधियों का डर भी बना रहता है। खातीपुरा, वार्ड नंबर 41 से राजेंद्र ने बताया कि हनुमान नगर क्षेत्र में उनके प्लॉट के पास पानी की मेन लाइन पिछले एक सप्ताह से टूटी हुई है। सुबह-शाम हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे जलभराव की स्थिति बन गई है और सड़क धंसने का खतरा भी बढ़ गया है। एक ओर शहर में पानी की किल्लत है, वहीं दूसरी ओर इस तरह पानी का बहना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। सूर्य नगर, वार्ड नंबर 79 से राजकुमार ने शिकायत की है कि उनके इलाके में हर समय कचरा पड़ा रहता है। नियमित सफाई नहीं होने से कचरे का ढेर जमा हो गया है। बदबू फैलने के साथ ही मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। शहरवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कचरा, पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। आप भी कर सकते हैं पोस्ट अब लोग अपनी बात सीधे दैनिक भास्कर ऐप पर रख रहे हैं। दैनिक भास्कर ऐप के 'सिविक इश्यू' सेक्शन में गली या मोहल्ले की समस्या लिखकर और फोटो लगाकर पोस्ट की जा सकती है। अगर आपने इस सेक्शन में किसी समस्या को लेकर पोस्ट किया और उसका समाधान हो गया है तो आप पोस्ट कर बता सकते हैं कि आपकी समस्या का समाधान हो गया है। यहां क्लिक करें। जयपुर में सिविक इश्यू से जुड़ी ये 10 खबरें भी पढ़िए... 1.जयपुर में जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही:कचरा, बंद स्ट्रीट लाइट और सड़कों पर बहता सीवर पानी बना परेशानी 2.टूटी सड़कें, बहता पानी और अंधेरे में पार्क:जयपुर के वार्डों में बदहाल हालात से लोग परेशान, दैनिक भास्कर एप पर आई समस्याएं 3.जयपुर में जानलेवा हो सकता है टूटे फेरोकवर:ट्रांसफॉर्मर के पास कचरा, कभी भी लग सकती है आग, 8 महीने से टूटी सड़क, प्रशासन मौन 4.जयपुर में तीन साल से नहीं भरे गड्ढे:वार्डों में खुले बिजली पैनल, बच्चों की जान खतरे में, शिकायत के बाद समस्या जस की तस 5.जयपुर में गंदगी और सीवरेज का संकट:जवाहर नगर से प्रताप नगर तक बिगड़े हालात, लोगों का निकलना हुआ मुश्किल 6.जयपुर में टूटे चेंबर, सड़कों पर कचरे से जनता परेशान:बिजली कटौती भी बनी समस्या, दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू पर आई शिकायतें 7.नगर निगम की अनदेखी से जयपुर शहर बन रहा डंपिंग-यार्ड:शिकायतों के बावजूद नहीं हो रहा समाधान, जनता बोली- मूक दर्शक बना प्रशासन 8.जयपुर में टूटी सड़क,गड्ढों और मनमानी वसूली से लोग परेशान:लोगों की जान पर खतरा बना हुआ, दैनिक भास्कर एप पर आई समस्याएं 9.जयपुर में टूटी सड़क,गड्ढों और मनमानी वसूली से लोग परेशान:लोगों की जान पर खतरा बना हुआ, दैनिक भास्कर एप पर आई समस्याएं 10.जयपुर में सीवर के बदबूदार पानी से लोग परेशान:बीमारियों का खतरा बढ़ रहा; जनता बोली- लंबे समय से समाधान का इंतजार
जिला मुख्यालय पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर सरकारी दफ्तरों के बाहर तक नो-पार्किंग जोन में खड़े बेतरतीब वाहनों ने आमजन का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। विडंबना यह है कि यातायात पुलिस की उदासीनता के चलते नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। सरकारी दफ्तरों के बाहर संकट: कलेक्ट्रेट और कोर्ट आने वाले परिवादी होते हैं परेशान सबसे विकट स्थिति जिला कलेक्ट्रेट, न्यायालय परिसर और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के बाहर देखने को मिल रही है। यहां आने वाले परिवादी, वकील और अन्य लोग अपने वाहन सड़कों के बीचों-बीच खड़े कर देते हैं, जिससे कार्यालय समय के दौरान बार-बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। वीआईपी मूवमेंट वाले इन क्षेत्रों में भी सुचारू यातायात के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नजर नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि अधिकारियों की गाड़ियों को भी कार्यालय में प्रवेश करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। दुकानों के बाहर खड़े वाहनों ने संकरी की सड़कें शहर के हृदय स्थल माने जाने वाले बाजारों और मुख्य चौराहों पर भी हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। गांधी चौक, निकास गेट और सदर बाजार जैसे संकरे इलाकों में दुकानों के बाहर खड़े दुपहिया और चौपहिया वाहनों के कारण एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को भी निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल रहा है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर ग्राहकों के साथ-साथ खुद दुकानदारों के वाहन घंटों खड़े रहने से सड़कें संकरी हो गई हैं। शाम के समय जब बाजारों में भीड़ बढ़ती है, तब स्थिति और भी अनियंत्रित हो जाती है। नियमों की उड़ी धज्जियां: नो-पार्किंग के बोर्ड के नीचे ही सज रही वाहनों की कतार हैरानी की बात यह है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए 'नो-पार्किंग' के बोर्ड केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गए हैं, जिनके ठीक नीचे खड़े वाहन व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। लोग बेखौफ होकर मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर वाहन पार्क कर रहे हैं। पुलिस की गश्ती टीमें इन क्षेत्रों में केवल खानापूर्ति करती दिखाई देती हैं, जिससे वाहन चालकों के मन से कार्रवाई का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। पुलिस की इस सुस्ती का खामियाजा शहर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को एक दिन के गैप के बाद फिर से घना कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय शहर और आसपास के इलाकों में कोहरे की चादर छाई रही, जिससे सड़कों पर चलने वाले गाड़ी चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवाओं के कारण लोगों की धूजणी छूट गई और सुबह-सुबह घर से निकलना मुश्किल हो गया। कई जगहों पर कोहरा इतना घना था कि सामने कुछ ही दूरी तक दिखाई दे रहा था। खासतौर पर हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर स्थिति ज्यादा खराब रही। विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर तक सिमट गई, जिससे गाड़ी चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने पड़े। सुबह के समय नौकरीपेशा लोगों और किसानों को भी कोहरे और ठंड का असर झेलना पड़ा। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई परेशानी कोहरे के साथ चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और ज्यादा ठंडा बना दिया। सुबह के समय हवा में तेज ठंडक महसूस की गई, जिससे लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सड़कों पर चाय की दुकानों पर भीड़ दिखी, जहां लोग गर्म चाय और अलाव का सहारा लेते नजर आए। ठंडी हवाओं के कारण खुले इलाकों में खड़ा होना मुश्किल हो गया। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर दिखाई दिया। पिछले 24 घंटे में तापमान में उतार-चढ़ाव पिछले 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को दोपहर के समय मौसम में हल्की गर्मी का एहसास हुआ था। उस दिन अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि मंगलवार को फिर से तापमान में गिरावट देखी जा रही है। सुबह के समय ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। आगे और बढ़ सकती है ठंड हालांकि शीत लहर और कोहरे को लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में किसी भी तरह का आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद घना कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे सुबह और देर रात ठंड ज्यादा महसूस होगी।
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जैसलमेर के रामगढ़ में प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद गैस थर्मल पावर प्लांट पर ड्रोन दिखाई दिया। सुरक्षा में सेंध लगाकर ड्रोन करीब 1 घंटे तक आसमान में मंडराता देखा गया। जिससे सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। रात 10 से 11 बजे तक मंडराता रहा ड्रोन रामगढ़ थाना प्रभारी भूटाराम विश्नोई ने बताया- मामले की गहनता से जांच की जा रही है। स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 10 बजे बिजलीघर के ऊपर चमकती हुई रोशनी दिखाई दी। यह ड्रोन करीब एक घंटे तक प्लांट और आसपास के आसमान में मंडराता रहा। 11 बजे के बाद यह अचानक गायब हो गया। प्रशासनिक प्रतिबंध की अनदेखी जैसलमेर जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और सीमावर्ती स्थिति के चलते जिले भर में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद थर्मल पावर प्लांट के ऊपर ड्रोन का उड़ना सुरक्षा में सेंध माना जा रहा है। थाना प्रभारी ने कहा कि यह पूरी तरह प्रतिबंधित है और मामला गंभीरता से लिया गया है। सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा चुनौती यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के साथ सीमा पर तनाव बना हुआ है। कश्मीर और पंजाब सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन्स की घुसपैठ और हथियार डिलीवरी की खबरें मिल चुकी हैं। पूर्व में जैसलमेर सेक्टर में भी पाकिस्तानी ड्रोन सीमा उल्लंघन कर चुके हैं, जिन्हें भारतीय सेना ने नष्ट किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पावर प्लांट जैसे 'सॉफ्ट टारगेट' पर ड्रोन का दिखना किसी बड़ी साजिश की तैयारी की ओर इशारा हो सकता है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय रामगढ़ पुलिस यह जांच कर रही है कि ड्रोन सीमा पार से आया या किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ाया गया। वायरल वीडियो के आधार पर लोकेशन और ड्रोन की ऊंचाई का आकलन किया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य खुफिया एजेंसियों को सूचित किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में दहशत, पुलिस ने दी अपील ड्रोन देख ग्रामीणों में चिंता और डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि अगर यह ड्रोन हमले या रेकी के उद्देश्य से आया था, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा है। बिजलीघर न केवल बिजली उत्पादन का केंद्र है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। यदि यह ड्रोन किसी स्थानीय या पर्यटक द्वारा अनजाने में उड़ाया गया पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ---- संबंधित ये खबर पढ़ें ... थर्मल पावर प्लांट के पास ड्रोन उड़ाने पर होगी कार्रवाई:भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर लिया गया निर्णय, बक्सर डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण बक्सर के चौसा में भारत रत्न कम्पनी एसजेवीएन द्वारा निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। डीएम अंशुल अग्रवाल और एसपी शुभम आर्य ने संयुक्त निरीक्षण किया। (पूरी खबर पढ़ें)
बछवाड़ा में गोलीबारी मामले का नामजद अपराधी गिरफ्तार:एक देसी कट्टा, 5 कारतूस और कार बरामद
बेगूसराय के बछवाड़ा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 स्थित एक ढाबे पर मंसूरचक पुलिस और जिला सूचना इकाई ने छापेमारी कर सोमवार रात 11 बजे एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंसूरचक के गोसपुर में 29 दिसंबर को हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में हुई है, जिसमें आरोपी नामजद था। आरोपी के पास से क्या क्या बरामद हुई ? गिरफ्तार आरोपी की पहचान विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कमराईन निवासी स्वर्गीय योगेश्वर सिंह के पुत्र नवीन कुमार सिंह (37 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और नीले रंग की वैगनआर कार बरामद की है।नवीन सिंह को मंसूरचक थाना कांड संख्या 139/25, दिनांक 28/12/25, धारा 109 बीएनएस और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी में अभियुक्त बनाया गया था। आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज इसी मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार, नवीन कुमार सिंह का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ विभूतिपुर, दलसिंहसराय और मंसूरचक थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, शराबबंदी कानून, लूट और रंगदारी सहित कुल 10 मामले दर्ज हैं।
उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में यादव बेकरी एंड स्वीट हाउस पर सोमवार शाम मारपीट हुई। नशे में धुत कुछ युवकों ने गुझिया खाने के बाद पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने दुकानदारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, युवकों ने बेकरी पर गुझिया और अन्य मिठाइयां खाईं। जब दुकानदार सत्यम यादव ने पैसे मांगे, तो युवक भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि वे नशे की हालत में थे। विरोध करने पर युवकों ने सत्यम यादव, सुखबीर यादव और शिवम के साथ मारपीट की। इस मारपीट में सुखबीर यादव को गंभीर चोटें आई हैं। सत्यम और शिवम भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पर सोहरामऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सुखबीर यादव की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य घायलों का उपचार चल रहा है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह दुकानदारों को पीट रहे हैं। सोहरामऊ थाना प्रभारी अरविंद पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद जिले में सोमवार देर शाम एसजीएम नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित दशहरा मैदान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मैदान के ऊपर एक बड़ा ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया। ड्रोन उड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर तत्काल ड्रोन का ट्रायल रुकवा दिया। पुलिस ने ड्रोन उड़ा रहे युवकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। जानकारी के अनुसार, एक निजी कंपनी की ओर से ट्रायल के उद्देश्य से दशहरा मैदान में बड़े ड्रोन को उड़ाया जा रहा था। जैसे ही इसकी सूचना तीन नंबर पुलिस चौकी इंचार्ज और एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार को मिली, वे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अनुमति नहीं होने पर ड्रोन उतरवाया पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही आसमान में उड़ रहे ड्रोन को नीचे उतरवाया और ड्रोन उड़ा रहे युवकों से अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे। एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि जब मौके पर मौजूद लोगों से ड्रोन उड़ाने की अनुमति के बारे में पूछा गया, तो वे कोई स्पष्ट और सही जवाब नहीं दे सके। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ड्रोन को तुरंत बंद कराकर पैक कराया और उसे थाने भिजवा दिया। बिना अनुमति उड़ाया जा रहा था प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ड्रोन उड़ाने वाले लोग एक निजी कंपनी से जुड़े हुए हैं, जिन्हें एनडीआरएफ की टीम द्वारा ड्रोन उड़ाने के लिए हायर किया गया था। यह गतिविधि केवल ट्रायल के तौर पर की जा रही थी, लेकिन इसके लिए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या पुलिस अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना नियमों का उल्लंघन है और इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। दस्तावेज दिखाने तक ड्रोन पर रोक फिलहाल पुलिस ने ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। संबंधित सभी लोगों को ड्रोन, उससे जुड़े उपकरण और जरूरी कागजात के साथ थाने में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब तक ड्रोन से संबंधित सभी दस्तावेज और अनुमति पत्र नही दिखाया जाता है, तब तक ड्रोन वापस नहीं किया जाएगा, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भीलवाड़ा के नंदराय कस्बे के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत व्याख्याता शंकर लाल जाट के ट्रांसफर से नाराज छात्र-छात्राओं ने छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूल गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र अपने शिक्षक का तबादला निरस्त करवाने की मांग पर अड़ गए। धरने को स्थानीय ग्रामीणों ने भी समर्थन दिया। गांव वालों ने की खाने ओर बिस्तर की व्यवस्था शाम होते-होते कस्बे के लोगों ने धरना दे रहे विद्यार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की, वहीं रात में स्कूल गेट के बाहर सोने के लिए बिस्तर भी पहुंचाए गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद छात्र-छात्राएं धरना स्थल पर डटे रहे। आज भी धरना प्रदर्शन की चेतावनी छात्रों ने आज मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा है साथ ही चेतावनी दी है, जब तक व्याख्याता का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि आवश्यकता पड़ी तो वे आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। स्टूडेंट्स बोले टीचर नहीं पेरेंट्स धरने पर बैठे छात्र अनिल अहीर ने बताया कि व्याख्याता शंकर लाल जाट सिर्फ टीचर्स ही नहीं, बल्कि पेरेंट्स की तरह मार्गदर्शन करने वाले हैं। उन्होंने गत सत्र में बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अपने खर्चे पर हवाई यात्रा करवाई थी। साथ ही विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति सुधारने के लिए अपने स्तर पर भामाशाहों से संपर्क कर मरम्मत भी करवाई। ट्रांसफर नहीं होने तक धरना प्रदर्शन करेंगे छात्रों का कहना है कि ऐसे शिक्षक का ट्रांसफर विद्यालय और विद्यार्थियों के हित में नहीं है। इसी मांग को लेकर सभी छात्र-छात्राएं एकजुट होकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ओर ट्रांसफर कैंसल नहीं होने तक धरना प्रदर्शन करेंगे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 11 जनवरी को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट पदों के लिए भर्ती परीक्षा कराई थी। यह परीक्षा पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई। परीक्षा में कुल 255 उम्मीदवार शामिल हुए। इसके लिए 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 511 अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए। इनकी व्यवस्थाओं पर 20 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च आया। इस साल परीक्षा के लिए शुरुआत में 4,221 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बड़ी संख्या में कैंडिडेट गैरहाजिर रहे। आयोग के नियमों के अनुसार, 255 उम्मीदवारों के लिए सिर्फ एक केंद्र पर्याप्त होता, जहां केवल 36 कर्मचारियों की जरूरत पड़ती और खर्च मात्र 1.25 लाख रुपए होता। भर्ती परीक्षाओं में आवेदन फीस न होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे फॉर्म भर रहे हैं। इससे न सिर्फ पैसा बल्कि समय और मानव संसाधनों का भी दुरुपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए आरपीएससी ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन यह अभी पेंडिंग है। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था कैसी होती है? मार्च 2025 में निकाली वैकेंसीRPSC ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। वैकेंसी में आवेदन करने के लिए केवल सेना के कैप्टन स्तर के सेवानिवृत्त/त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी अथवा इमरजेंसी व शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे। बिना योग्यता वालों ने बड़ी संख्या में भरे फॉर्मबिना योग्यता वाले कई लोगों ने आवेदन किए। 10 हजार से ज्यादा आवेदन आए, जिनकी जांच में कई अयोग्य पाए गए। इन्हें फॉर्म वापस लेने का मौका दिया गया। आयोग ने फॉर्म विड्रो नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के अन्तर्गत कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विज्ञापन के अनुसार, योग्यताधारी अभ्यर्थियों को भी अपना सेवानिवृत्ति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन पत्र के साथ अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब छह हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म विड्रो कर लिए। सरकार को प्रस्ताव भेज चुकी RPSCआरपीएससी ने सरकार को सलाह दी है कि हर आवेदन पर शुल्क लिया जाए, लेकिन परीक्षा में उपस्थित होने वालों का शुल्क वापस कर दिया जाए। गैरहाजिर रहने वालों का शुल्क नहीं लौटाया जाएगा। यह प्रस्ताव अभी सरकार के पास विचाराधीन है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (IAS) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार पर औसतन 400-500 रुपए खर्च होते हैं। इसमें पेपर छपाई, वितरण, केंद्र व्यवस्था, पर्यवेक्षक और जांच शामिल हैं। अनुपस्थिति से यह सब व्यर्थ जाता है। राज्य सरकार की वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था में एक बार शुल्क देकर बार-बार आवेदन किए जा सकते हैं, जिससे बेवजह फॉर्म भरे जा रहे हैं। जांच में पाया गया कि बिना योग्यता वाले भी बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं। आरपीएससी की अन्य परीक्षाओं, जैसे आरएएस प्री में भी औसतन आधे उम्मीदवार गैरहाजिर रहते हैं, लेकिन सभी के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है। RAS-PRE परीक्षाओं में उपस्थितिराजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित किए जाने वाले भर्ती एग्जाम में आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स में से औसतन आधे एग्जाम में शामिल नहीं होते। बावजूद इसके आयोग को आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स के लिए व्यवस्थाएं करनी पड़ती है। राजस्थान के सबसे बडे़ पद के लिए होने वाले एग्जाम में भी यही हाल है। मॉडल आंसर की जारी, कल से दर्ज कराएं आपत्तिराजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से डिप्टी कमांडेंट परीक्षा-2025 की मॉडल आंसर-की जिस दिन एग्जाम (11 जनवरी) हुआ उसी दिन जारी कर दी गई थी। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यदि किसी भी अभ्यर्थी को इस मॉडल आंसर-की पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 14 से 16 जनवरी 2026 को रात 12 बजे तक ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। आयोग द्वारा प्रत्येक प्रश्न के लिए आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। इस साल होने वाले एग्जाम...(RPSC की ओर से जारी किया कैलेंडर) --- ये खबर भी पढ़ें RAS सिलेबस 25% बदला, नई भर्ती से लागू होगा:आरएएस प्री में खेल-योगा का 20 अंक मॉड्यूल और मेंस में 2-2 अंक के 25 प्रश्न हटाए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) परीक्षा के सिलेबस में कुछ बदलाव किए हैं। अब प्री में स्पोट्र्स एवं योगा का 20 नंबर मॉड्यूल हटा दिया गया है। मुख्य परीक्षा के चौथे पेपर में भी दो-दो नंबर के 25 सवाल हटाकर निबंध का एक नया सेक्शन जोड़ा गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
फतेहाबाद जिले के एडीसी और एसपी कंपकंपाती ठंड में रात के समय शिकायतें सुनेंगे। यह शिकायतें रात्रि प्रवास कार्यक्रम के दौरान सुनी जाएगी। इसके लिए 15 जनवरी को रतिया खंड के गांव कमाना में रात्रि प्रवास कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस दौरान दोनों अधिकारी ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी शिकायतें मौके पर ही सुनकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम से पहले ही जिला प्रशासन द्वारा गांव कमाना से संबंधित सभी लंबित शिकायतों का निपटान करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों को स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और तय समय सीमा में उसका समाधान किया जाए। हर महीने होता है रात्रि प्रवास बता दें कि, हरियाणा सरकार के आदेशों पर हर महीने रात्रि प्रवास कार्यक्रम होता है। जिसमें डीसी-एसपी सभी विभागों के अधिकारियों के साथ किसी एक गांव में रात को जाकर समस्याएं व शिकायतें सुनते हैं। इस बार फतेहाबाद के डीसी डॉ.विवेक भारती ट्रेनिंग पर गए हुए हैं, इसलिए एडीसी अनुराग ढालिया व एसपी सिद्धांत जैन मौजूद रहेंगे। इस दौरान गांव की मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं की भी समीक्षा की जाएगी। योजनाओं की दी जाएगी जानकारी रात्रि प्रवास कार्यक्रम के दौरान सभी सरकारी विभागों की ओर से अपने-अपने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर स्टालें भी लगाई जाएगी। इन स्टालों पर ग्रामीणों को आवश्यक जानकारियां दी जाएगी, ताकि वे फायदा उठा सकें। साथ ही हेल्थ डिपार्टमेंट और आयुष डिपार्टमेंट ग्रामीणों के हेल्थ की भी जांच करेंगे।
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री और झुंझुनूं जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत सोमवार को उदयपुरवाटी की ग्राम पंचायत केड में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बेहद तल्ख तेवर में नजर आए। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बामलास और गुढ़ा बावनी की पहाड़ियों में हो रहे अनियंत्रित खनन को लेकर ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर मंत्री ने अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी दी। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा, मुझे सात दिन के भीतर इस पूरे खनन मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट चाहिए। यदि काम में लापरवाही हुई, तो सीधे मुख्यमंत्री जी को अवगत करवाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण ठंड में धरने पर और आप मलाई खा रहे हो जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 15 दिनों से कड़कड़ाती ठंड में धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। इस पर मंत्री गहलोत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, ग्रामीण 15 दिन से ठंड में खुले में धरने पर बैठे हैं और आप लोग यहां मलाई खा रहे हो? यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने रखी गंभीर समस्याएं मरुसेना अध्यक्ष एडवोकेट जयन्त मूण्ड, पूर्व सरपंच दारासिंह मेघवंशी और जेपी महला ने पहाड़ियों में हो रहे खनन से हो रही परेशानियों को मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि लीज धारक आवंटित क्षेत्र से कहीं अधिक भूमि पर अवैध खनन कर रहे हैं। साथ ही गौचर भूमि, चारागाहों और जलाशयों पर खनन का कच्चा माल (वेस्ट) डालकर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस मौके पर जिला कलेक्टर अरुण गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिणी कुल्हरी, झुंझुनू विधायक राजेन्द्र भांबू, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, रणवीर गुढ़ा और वीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी के शुरुआत से धान गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अब पुलिस को माजदा वाहन में लोड 80 बोरी धान लावारिस हालत में मिली। जिसे जब्त करते हुए जांच की जा रही है। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक सोमवार (12 जनवरी) को पुलिस को सूचना मिली कि, ग्राम कुलबा सरवानी रास्ते पर तालाब किनारे एक सफेद रंग की माजदा वाहन संदिग्ध परिस्थिति में खड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस के जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। इस दौरान आसपास कोई नहीं था। जांच में गाड़ी से 80 बोरा धान मिला। जिसकी कीमत 99 हजार है। हर एक बोरी में 40-40 किलो धान भरा हुआ था। आसपास के लोगों से ड्राइवर व संबंधित वाहन मालिक के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। वाहन समेत धान को जब्त किया गया पुलिस की टीम ने तत्काल धान की बोरी जब्त करते हुए वाहन समेत थाने ले आए। संभावना जताई जा रही है कि धान का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। किसी कारणवश इसे वाहन समेत यहीं छोड़कर चालक फरार हो गया है। फिलहाल मामले में पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस का अपराध कायम कर आगे की जांच में जूट गई है।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी माह में प्रस्तावित हैं। इन परीक्षाओं के लिए विभाग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में ही आयोजित की जाएं। साथ ही, परीक्षा से संबंधित सभी दस्तावेज और उत्तर पुस्तिकाएं एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाएंगी। इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दूसरे चरण में 2 से 9 फरवरी के बीच आयोजित होंगी। बोर्ड ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन परीक्षाओं को सीसीटीवी की निगरानी में संपन्न कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मुख्य बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के लिए जिले में कुल 77 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,786 और इंटरमीडिएट के लगभग 23,646 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं से संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं सहित सभी आवश्यक अभिलेखों को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि अंक निर्धारण या परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी छात्र द्वारा आपत्ति दर्ज कराने पर इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा सके। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने और परीक्षार्थियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए कई बैठकें की हैं।
खैरथल में नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में दो गिरफ्तार:पीड़िता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज
खैरथल थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी से गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों में से एक युवक ने करीब एक माह पहले पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद दूसरे आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर बाइक पर बिठा ले गया और दुष्कर्म किया। वारदात के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया गया। थानाधिकारी राम किशन यादव ने बताया कि पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। घटना के तुरंत बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया।
कोटा में तापमान में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में न्यूमतम पारा 3 डिग्री गिरा है। जिसके चलते रात में गलन बढ़ गई है। मंगलवार सुबह शहर सहित ग्रामीण इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा। पार्क व हरियाली वाली जगहों पर ओंस की बूंदे देखने को मिली। हालांकि साढ़े 8 बजे करीब धूप निकली। लेकिन बादल छाए रहने से सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी से न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी।सक्रांति के बाद ठंड से थोड़ी राहत की संभावना जताई है। सोमवार को कोहरा कम रहने व आसमान साफ होने से दिन में धूप निकली। जिसके के चलते अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 22.9 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। बीते तीन दिन से अधिकतम पारा 20 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ है। धूप निकलने व पारा बढ़ने से दिन में सर्दी का असर कम रहा है।
सीतापुर में युवक ने की आत्महत्या:थानगांव इलाके में फांसी पर लटका मिला शव, पुलिस जांच जारी
सीतापुर जनपद के थानगांव थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवक का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मंगलवार सुबह ग्राम सभा गोलोक कोड़र के मजरे श्याम नगर में परिजनों ने शव देखा। मृतक की पहचान मन्नू के पुत्र गोपी राजभर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर थानगांव पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष विमल गौतम ने बताया कि घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे हैं।
बांदा जिले की अतर्रा पुलिस ने जुआ खेलते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 13,300 रुपये नकद, 52 ताश के पत्ते और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर की गई। थाना अतर्रा पुलिस को देर शाम गश्त और चेकिंग के दौरान सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, कस्बा अतर्रा स्थित धनीराम के बगीचे में कुछ व्यक्ति हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे थे।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर छापा मारा। इस दौरान छह अभियुक्तों को रंगे हाथों पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से मालफड़ के 11,800 रुपये और जामा तलाशी के 1,500 रुपये, कुल 13,300 रुपये बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, 52 ताश के पत्ते और तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सुरेश पुत्र नंद किशोर (सुभाष नगर, अतर्रा), चंचल पुत्र लल्लू (दिखितवारा, अतर्रा), पृथ्वीराज पुत्र केदार (दिखितवारा, अतर्रा), प्रेमलाल पुत्र बाला प्रसाद (सुभाष नगर, अतर्रा), प्रदीप पुत्र बृजलाल (कमला नर्सिंग होम के सामने, अतर्रा) और पंकज उर्फ पप्पू पुत्र विजयकांत (आजाद नगर, अतर्रा) के रूप में हुई है।
झांसी में सर्दी और घने कोहरे के चलते झांसी रेल मंडल में ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है। झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में परेशानी आती है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। स्पीड कम किए जाने के कारण झांसी रेल मंडल से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रेल अधिकारियों के अनुसार मौसम में सुधार होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार को फिर से सामान्य किया जाएगा। मंडल में है 130KM प्रतिघंटा की रफ्तार रेलवे अधिकारियों के अनुसार झांसी रेल मंडल में धौलपुर से लेकर बीना तक ट्रेनों की अधिकतम अनुमत गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं दिल्ली से आगरा रेल मंडल के बीच कई ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से संचालित होती हैं। सर्दी और घने कोहरे के चलते फिलहाल झांसी रेल मंडल में ट्रेनों की गति घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। स्पीड कम होने से लेट हो रहीं ट्रेन ट्रेनों की रफ्तार कम किए जाने का सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा है। कई ट्रेनें देरी से झांसी पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को गलन भरी सर्दी में झांसी स्टेशन पर रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं स्टेशन परिसर के बाहर ठंड से बचने के लिए लोग अलाव के सहारे रात काटते नजर आ रहे हैं।
एएसपी ने किया परेड का निरीक्षण:रिजर्व पुलिस लाइन में जवानों की मुस्तैदी परखी, सुविधाओं का जायजा लिया
घने कोहरे और सर्द हवाओं के बावजूद पुलिस महकमे का अनुशासन और मुस्तैदी देखने को मिली। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनुराग सिंह ने रिजर्व पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण किया और जवानों तथा महिला प्रशिक्षुओं से सलामी ली। मंगलवार को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच रिजर्व पुलिस लाइन में अनुशासन और प्रशिक्षण का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ। एएसपी अनुराग सिंह ने सुबह परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला प्रशिक्षुओं और ईवीएम ड्यूटी से जुड़े कर्मचारियों के टर्नआउट, ड्रिल, अनुशासन तथा परेड की गुणवत्ता का गहन परीक्षण किया। सीमित दृश्यता के बावजूद जवानों की मुस्तैदी को एएसपी ने सराहा। पहले दो तस्वीरें देखिए... परेड निरीक्षण के बाद एएसपी ने रिजर्व पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने भोजनालय, रीडिंग रूम, लाइब्रेरी, कैंटीन, मनोरंजन कक्ष, जिम, आरटीसी कार्यालय, कैश कार्यालय और परिवहन शाखा सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एएसपी ने साफ-सफाई, रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया। जहां भी कमी पाई गई, संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। एएसपी अनुराग सिंह ने कहा कि पुलिस लाइन की बेहतर व्यवस्था जवानों के मनोबल और कार्यक्षमता से सीधे तौर पर जुड़ी होती है। उन्होंने सभी विभागों में स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं और तैनात कर्मियों को बेहतर वातावरण में ड्यूटी निभाने में सक्षम बनाना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ईवीएम ड्यूटी से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इस पूरे निरीक्षण को पुलिस लाइन में व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पावर ग्रिड महराजगंज एसपी कार्यालय में बनाएगा वेटिंग हॉल:CSR के तहत आगंतुकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और महराजगंज पुलिस प्रशासन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता 12 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ। इसके तहत महराजगंज में पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आगंतुकों और आमजन के लिए एक सुव्यवस्थित और आधुनिक वेटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा। यह पहल कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत की गई है। इसका उद्देश्य पुलिस कार्यालय आने वाले नागरिकों, शिकायतकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित वातावरण में अपने कार्य संपन्न करने में मदद मिलेगी। यह समझौता जनसेवा के प्रति पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महराजगंज पुलिस प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया है, जो जनहित को सर्वोपरि रखता है। इस कदम से बुनियादी ढांचे का विकास होगा और पुलिस-जन सहयोग भी मजबूत होगा।
मैरवा मेडिकल कॉलेज निर्माण में 18 माह की देरी:BMSICL ने मीडिया को कवरेज से रोका, बोले- ऊपर से रोक है
सीवान के मैरवा में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निर्माण में गंभीर देरी हो रही है। बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को जून 2021 में सौंपा गया था। 36 महीने की समयसीमा जून 2024 में समाप्त हो गई, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी निर्माण का बड़ा हिस्सा अधूरा है। इस परियोजना पर सरकार लगभग 494 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। हालांकि, मौके पर स्थिति यह दर्शाती है कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।हाल ही में सीवान जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। ओपीडी सेवा शुरू करने की तैयारी इसके बाद सदर विधायक, स्वास्थ्य मंत्री और विधि मंत्री मंगल पांडेय के बयान से यह चर्चा तेज हुई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में ओपीडी सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। दैनिक भास्कर संवाददाता जब स्थल पर ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे, तो हालात निराशाजनक पाए गए। भवनों का बाहरी ढांचा अधूरा था, प्रवेश मार्ग जर्जर था और निर्माण सामग्री यत्र-तत्र बिखरी हुई थी। ऐसे में ओपीडी सेवा शुरू करने की बात की व्यावहारिकता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। BMSICL कर्मियों ने कवरेज करने से रोका इससे भी अधिक चिंताजनक BMSICL कर्मियों का व्यवहार रहा। संवाददाता को परिसर में प्रवेश कर कवरेज करने से रोका गया। मौके पर मौजूद कर्मी ने एचआर मैनेजर पुष्कर का नंबर दिया। फोन पर पुष्कर ने न केवल गलत तरीके से बात की, बल्कि स्पष्ट शब्दों में कहा कि वीडियो और न्यूज कवरेज नहीं कर सकते, ऊपर से रोक है। जब ऊपर किस अधिकारी के निर्देश हैं, यह पूछा गया तो उन्होंने फोन काट दिया और बार-बार कॉल रिजेक्ट करते रहे। स्थानीय लोग का कहना हैं कि जब गेट, सड़कें और बुनियादी संरचना पूरी नहीं बनी, तब ओपीडी सेवा उद्घाटन जैसा निर्णय किस आधार पर हो रहा। क्या मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले खानापूर्ति कर किसी तरह फोटो सेशन कर कोरम पूरा करने की तैयारी है।
जालंधर CIA स्टाफ ने नशा तस्कर को पकड़ा:हेरोइन बरामद, कार जब्त; आरोपी पर NDPS एक्ट में केस दर्ज
जालंधर CIA स्टाफ टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर को कार समेत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 101 ग्राम हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान परवेज सिद्धू उर्फ घोड़ा पुत्र जोगिंदर मसीह, निवासी जलोवाल, थाना भोगपुर के रूप में हुई है। यह कार्रवाई SSP हरविंदर सिंह विर्क, SP डॉ. मुकेश कुमार DSP (इन्वेस्टिगेशन) इंद्रजीत सिंह जालंधर देहाती के निर्देशों पर CIA स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प बाली की टीम द्वारा की गई। पेट्रोलिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी SSP हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि ASI परविंदर सिंह की लीडरशिप में CIA स्टाफ की एक टीम को पुलिस स्टेशन आदमपुर/भोगपुर एरिया में पेट्रोलिंग के लिए भेजा गया था। पेट्रोलिंग के दौरान जब पुलिस पार्टी जंडू सिंघा से अलावलपुर होते हुए गांव ब्यांस पहुंची, तो गांव ब्यांस की लिंक रोड पर एक सफेद अर्टिगा कार (PB-01-G-0301) खड़ी दिखाई दी। कार में बैठा युवक पुलिस को देखकर घबरा गया और अचानक गाड़ी भगाने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सरकारी गाड़ी आगे लगाकर कार को रोक लिया। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो डैशबोर्ड से 101 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में थाना आदमपुर, जालंधर देहाती में आरोपी के खिलाफ धारा 21-B, 61-85 NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जल्दी अमीर बनने के लालच में बना तस्कर SSP ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का तस्कर है, जो जल्दी अमीर बनने के लालच में हेरोइन बेचने लगा था। वह कपूरथला जिले के हमीरा और सुभानपुर इलाकों से सस्ते दामों पर हेरोइन लाकर आदमपुर और भोगपुर क्षेत्रों में सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी से उसके चल रहे ड्रग नेटवर्क का भी भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि उससे यह पता लगाया जा सके कि वह हेरोइन कहां से लाता था, किन-किन को सप्लाई करता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस रिमांड के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
मुजफ्फरनगर में पारा 4 डिग्री सेल्सियस:इस सीजन का सबसे ठंडा दिन, विजिबिलिटी जीरो और AQI 228 पहुंचा
मुजफ्फरनगर जिले में मंगलवार की सुबह इस सर्दी के मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस वर्ष अब तक का सबसे कम तापमान है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटा रहने के बावजूद कोहरे की मोटी चादर ने सड़कों को पूरी तरह ढक लिया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और हाईवे तथा मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी देखी गई। स्कूल पूरी तरह बंद रहे, जबकि कार्यालय जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घर से निकलें और फॉग लाइट्स का उपयोग करें। कोहरे के साथ-साथ वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक बनी हुई है। आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 228 दर्ज किया गया, जो 'अस्वस्थ' श्रेणी में आता है। PM2.5 और PM10 के स्तर में वृद्धि से सांस लेने में तकलीफ हो रही है। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि ऐसे मौसम में बाहर निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य है और शरीर को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनने चाहिए। मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि हल्की बारिश या बादलों की आवाजाही से कुछ राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सड़क हादसों से बचने के लिए धीमी गति से वाहन चलाने, हॉर्न का ज्यादा इस्तेमाल न करने और इमरजेंसी में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ठंड से बचाव के लिए गरम चाय, सूप और पौष्टिक भोजन का सेवन करने की सिफारिश की जा रही है।लेकिन फिलहाल जनजीवन प्रभावित है। लोग घरों में अलाव जलाकर या हीटर चलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। बाजारों में गर्म कपड़ों, कंबलों और हीटर की मांग बढ़ गई है।प्रशासनिक अधिकारी देर रात सड़कों पर लगातार घूम कर रेन बसेरो का निरीक्षण अलाव पॉइंट को चेक किया जा रहा है प्रशासन की तरफ से गरीब व ऐसा है लोगों को कंबल वितरण किया जा रहे हैं वह सामाजिक संस्थाएं भी लगातार ठंड के बचाव हेतु कंबल वितरण कर रही है डीएम उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश हैं कोई भी खुले आसमान के नीचे सड़क में सोता ने पाया जाए रेन बसरों के जिले में व्यवस्था उनको वहां पर शिफ्ट किया जाए।
ऐतिहासिक राजगीर नगरी में 14 जनवरी से शुरू हो रहे मकर मेले में इस बार पशुपालकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। समापन दिवस पर 20 जनवरी को पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित की जा रही दुधारू पशु प्रदर्शनी न केवल मेले की शोभा बढ़ाएगी, बल्कि जिले के मेहनती पशुपालकों को प्रोत्साहन देने का एक सार्थक प्रयास भी साबित होगी। नकद पुरस्कार से होगा सम्मान जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य जिले में गुणवत्तापूर्ण पशुपालन को बढ़ावा देना और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों को सम्मानित करना है। तीन अलग-अलग श्रेणियों में दुधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित कर रहे हैं। इसमें क्रॉस ब्रीड गाय, देसी नस्ल की गाय और भैंस शामिल हैं। प्रथम स्थान पर आने वाले पशुपालक को 10 हजार, द्वितीय स्थान पर 6 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 3 हजार रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार राशि निश्चित रूप से पशुपालकों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगी। निष्पक्ष मूल्यांकन की व्यवस्था प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशुओं का मूल्यांकन विशेष रूप से गठित ज्यूरी टीम की ओर से किया जाएगा। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि विभिन्न मापदंडों के आधार पर पशुओं का चयन किया जाएगा, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। इन मापदंडों में पशु की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन क्षमता और नस्ल की शुद्धता जैसे कारक शामिल होंगे। पशुपालकों के लिए अपील जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। जो भी पशुपालक इस प्रदर्शनी में भाग लेना चाहते हैं, वे 20 जनवरी की सुबह अपने दुधारू पशुओं के साथ मकर मेला स्थल पर पहुंचे। पशुपालन विभाग के कर्मचारी वहां मौजूद रहेंगे और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी पात्र पशुपालकों को प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।
भरतपुर में आज बिजली कटौती:PWD विभाण्ग करेगा विकास कार्य, एक बजे तक कई क्षेत्र होंगे प्रभावित
भरतपुर में PWD विभाग द्वारा तिलक नगर और इंदिरा नगर इलाके में विकास कार्य किया जाएगा। इसलिए दोनों इलाकों में स्थित 11KV फीडर पर बिजली सप्लाई 3 घंटे तक बंद रहेगी। दोनों फीडर पर बिजली सप्लाई बंद होने के कारण करीब 15 इलाकों में बिजली नहीं आएगी। PWD विभाग करेगा विकास कार्य भरतपुर इलेक्ट्रिसिटी सर्विसेज लिमिटेड के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर सुधीर प्रताप ने बताया कि आज PWD विभाग द्वारा तिलक नगर और इंदिरा नगर फीडर पर विकास कार्य करेगा। इसलिए दोनों इलाकों में स्थित 11KV फीडर पर बिजली कटौती की जाएगी। दोनों फीडर पर 3 घंटे की बिजली कटौती रहेगी। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी होगी। 15 इलाकों में बंद रहेगी बिजली सप्लाई PWD विभाग ने सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर के 1 बजे तक विकास कार्य करेगा। जिसको लेकर इंदिरा नगर स्थित 11KV फीडर पर बिजली कटौती होने से इंदिरा नगर, हीरादास सर्किल, नेहरू नगर, हीरादास का नगला इलाके में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। वहीं तिलक नगर फीडर बंद होने से तिलक नगर, बरसो का नगला, ब्रह्मचारी बगीची, नीम दा गेट, आधार कोचिंग का इलाका, MC अग्रवाल के आसपास का इलाका, अहीर मोहल्ला इलाके में बिजली सप्लाई बंद रहेगी।
राजधानी रायपुर में जिला प्रशासन की टीम ने अनियमितता मिलने पर 200 क्विंटल धान से लोड ट्रक जब्त किया है। सर्तक ऐप से शिकायत के बाद 12 जनवरी को सेवा सहकारी समिति के सदस्य धरसीवां विकासखंड के ग्राम दोंदेकला पहुंचे थे। जहां जांच के बाद कार्रवाई की गई। प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी समिति में जांच के दौरान पीडी राइस मील से संबंधित 500 कट्टा धान और परिवहन में प्रयुक्त वाहन को जप्त कर राइस मील को सील किया गया। 3 दिन के अंदर समस्या का समाधान बता दें कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले में धान उपार्जन केंद्रों, राइस मिलों व समितियों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सर्तक ऐप से मिली शिकायतों का तीन दिनों के अंदर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस तकनीकी व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तुरंत कार्रवाई संभव हो पाई है। धान खरीदी और परिवहन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य शासन ने धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सर्तक ऐप लागू किया गया है। इसके माध्यम से धान खरीदी व परिवहन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। जीपीएस तकनीक से वाहनों की ट्रैकिंग और संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में कैमरों के जरिए सतत निगरानी रखी जा रही है। अनियमितता पर राइस मिलें होंगी ब्लैकलिस्ट अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि सर्तक ऐप से प्राप्त शिकायतों पर राजस्व, मंडी एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सघन जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित राइस मिलों को काली सूची में डालने एवं सील करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था को किसान हितैषी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सख्त कदम आगे भी जारी रहेंगे।
मैनपुरी पुलिस लाइन में मंगलवार परेड की सलामी ली गई:ASP ने फिटनेस, अनुशासन और स्वच्छता पर दिए निर्देश
मैनपुरी अपर पुलिस अधीक्षक नगर अरुण कुमार ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। परेड के दौरान पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए दौड़ लगवाई गई। अनुशासन और एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से टोलीवार ड्रिल का अभ्यास भी करवाया गया। परेड के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन मैनपुरी का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं का जायजा लिया और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुलिस लाइन आरटीसी (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) का भी निरीक्षण किया। इसमें आरटीसी बैरक, आरटीसी विद्यालय और आरटीसी भोजनालय शामिल थे। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सिटी एसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छता और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सुबह योगा करना सभी पुलिसकर्मियों के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने जोर दिया कि सुबह व्यायाम और योग पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा। परेड के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को अपने शरीर को फिट रखने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई।
जोधपुर शहर में आज मौसम साफ है। पिछले दो दिनों के मुकाबले हल्की सी तापमान में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि ठंड का असर बना हुआ है। आज जोधपुर में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेलियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा। इसके चलते तापमान में मामूली उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं बारिश जैसी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि रात के समय ठंड का असर आगामी दिनों में बढ़ने के आसार है। बता दें कि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शहर में सुबह ओर शाम के समय ठंड का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि दिन में हल्की धूप की वजह से ठंडक से कुछ राहत मिल रही है। किसान भाइयों को काजरी की ओर से सरसों की फसल को लेकर सुझाव दिए गए हैं। जिसमें फलियों में हरे बीज बनने पर सिंचाई करने की सलाह दी गई है। प्याज की फसल में 10 से 12 दिन में सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
मेरी पत्नी सामने खड़ी थी, लेकिन मशीन कह रही थी कि वो मर चुकी है। यह सुनकर मन को धक्का सा लगा। पंचायत सचिव ने भी हंसते हुए बेबसी का मजाक उड़ाया। बोले– सरकारी रिकॉर्ड गलत नहीं होता। अब पत्नी को जिंदा साबित करो। ये आपबीती है मंगलदीन रैकवार और उसकी पत्नी गीता रैकवार की। छतरपुर जिले में खजुराहो के इकलगांव के रहने वाले हैं। गीता को छह माह का गर्भ है। उसे इलाज भी कराना है। गीता को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बता दिया है यानी कागजों में वह इस दुनिया में नहीं है। ऐसे में न उनका इलाज हो पा रहा है, न दवाइयां मिल पा रही हैं और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उसने रविवार को बमीठा थाने में भी शिकायत की है। दैनिक भास्कर की टीम खजुराहो से करीब 30 किलोमीटर दूर इकलगांव पहुंची। यहां पीड़ित परिवार और परियोजना अधिकारी से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… ‘मौत' की खबर ने उजाड़ दी खुशियां भास्कर की टीम 35 साल की गीता के घर पहुंची। यहां छोटे से मकान में गीता अपने पति, सास-ससुर और चार देवरों के साथ रहती है। कुछ समय पहले तक घर में किलकारियां गूंजने की तैयारी थी। माली हालत बहुत खराब है। इसके बावजूद पति मंगलदीन रैकवार दिहाड़ी मजदूरी कर पाई-पाई जोड़ रहे हैं, ताकि आने वाले बच्चे का स्वागत कर सकें। मंगलदीन बताते हैं कि 28 दिसंबर की दोपहर पत्नी गीता को लेकर उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन लेने पहुंचे थे। ऑपरेटर ने जैसे ही अंगूठा लगवाया, कम्प्यूटर स्क्रीन पर लाल अक्षरों में मैसेज आया- Aadhaar Suspended: Person is Deceased (मृत)। बच्चे को कुछ हुआ, तो सिस्टम जिम्मेदारगीता ने सुबकते हुए बताया, मेरे पेट में 6 महीने का बच्चा पल रहा है। आधार बंद होने से न मेरा खाता खुल रहा है, न जांच हो रही है। सरकारी अस्पताल जाते हैं, तो डॉक्टर कहते हैं कि बिना आधार के इलाज नहीं होगा। मेरे बच्चे को इलाज के बिना कुछ हो गया, तो उसका जिम्मेदार यह सिस्टम होगा। हम रो रहे थे, सचिव हंस रहे थेमामले में सबसे शर्मनाक पहलू ग्राम पंचायत का रवैया है। गीता की सास रामप्यारी रैकवार ने रोते हुए बताया, जब हम पंचायत सचिव रमेश प्रजापति के पास मदद मांगने गए, तो उन्होंने हमारी बेबसी का मजाक उड़ाया। वे हंसते हुए बोले कि सरकारी रिकॉर्ड गलत नहीं होता। हम रोने लगे कि हमारी बहू जिंदा है, उसे मरा हुआ मत कहो। इतना ही नहीं, गांव के कुछ लोग भी अब इस परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। देवर कोमल ने बताया, राह चलते लोग मजाक उड़ाते हैं कि तुम्हारी बहू तो 'भूत' है, वो तो मर चुकी है। हमें घर से निकलने में शर्म आने लगी है। गर्भवती को कैसे दिल्ली-भोपाल तक लेकर जाएंमंगलदीन ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से जनसेवा केंद्र, ब्लॉक कार्यालय और आधार सेंटर के चक्कर काट रहे हैं। हर जगह से यही जवाब मिलता है कि मामला स्थानीय स्तर का नहीं है। इसे ठीक करवाने के लिए भोपाल या दिल्ली स्तर पर संपर्क करना होगा। अब सवाल है कि दिहाड़ी मजदूर गर्भवती को लेकर बड़े शहरों के चक्कर कैसे काटेगा? पुलिस और कानून से आखिरी उम्मीद पीड़ित दंपती ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि गीता को सरकारी तौर पर 'पुनर्जीवित' किया जाए, ताकि उसे मातृत्व लाभ और चिकित्सा मिल सके। परियोजना अधिकारी बोलीं- जांच करवाती हूं राजनगर परियोजना अधिकारी रजनी शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे। पीड़ित महिला को इलाज मिलेगा। आंगनवाड़ी केंद्र से जांच करवा कर उसके जीवित होने का प्रमाणीकरण में बनवा देती हूं। इसके बाद उसके इलाज में दिक्कत नहीं जाएगी। महिला की हर संभव मदद की जाएगी। अधिकारी से लिखित शिकायत करने की सलाहवकील अरुण उपाध्याय ने बताया कि कागजी गलती के कारण गीता रैकवार को गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनका आधार कार्ड सस्पेंड हो गया और उन्हें सरकारी योजनाओं व स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने समाधान के लिए छतरपुर कलेक्ट्रेट में स्थित ई-गवर्नेंस जिला अधिकारी से लिखित शिकायत करने की सलाह दी है, जिसके बाद मामला भोपाल स्थित UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा और आधार फिर से सक्रिय किया जाएगा। यह प्रक्रिया करीब 15 दिन में पूरी हो सकती है, क्योंकि ऐसी बड़ी त्रुटि स्थानीय आधार केंद्रों पर ठीक नहीं होती।

